लखनऊ में लिफ्ट मांगकर बैठा युवक:शराब सेल्समैन के जेब से 39 हजार रुपये पार, साथी के साथ बाइक से फरार
लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र में लिफ्ट मांगने के बहाने एक युवक ने सेल्स मैनेजर की जेब से 39 हजार रुपए चोरी कर लिए। वारदात के बाद आरोपी अपने साथी के साथ पल्सर बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। प्रभातपुरम, सीतापुर रोड निवासी रामनरेश पुत्र रामस्वरूप के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह इस्माइलगंज से शराब बिक्री के 39 हजार रुपए लेकर छन्नीलाल स्थित कार्यालय में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान गोपालपुरवा निशातगंज चौकी के पास एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी। मानवता के नाते उन्होंने युवक को अपनी बाइक पर बैठा लिया। रामनरेश के अनुसार, गोल मार्केट चौराहे के पास युवक बाइक से उतर गया। कुछ दूरी आगे बढ़ने पर उन्होंने देखा कि उनकी जेब में रखे 39 हजार रुपए गायब हैं। तभी उन्होंने देखा कि वह युवक पहले से मौजूद एक अन्य व्यक्ति की पल्सर बाइक पर बैठकर तेजी से फरार हो गया। इसके बाद महानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
गोंडा के वजीरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार शाम गोंडा-अयोध्या मार्ग पर रोडवेज बस और बालू लदे ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। यह हादसा जमादार पुरवा के पास हुआ, जिसमें बस में सवार 13 यात्री घायल हो गए। यह भिड़ंत तब हुई जब गोंडा की ओर से आ रही रोडवेज बस सामने से बालू लादकर आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। घायलों में मधईपुरा बिहार के पवन कुमार, पल्लवी प्रिया, शिवांश और डाली कुमारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मालवीय नगर गोंडा के महिमा गौड़ और जितेंद्र कुमार, बीकापुर अयोध्या की दीप्ति पाण्डेय, कोतवाली देहात तुरकौलिया के मनु प्रताप, रसूलपुर सरैया बहराइच के गोलू, लाल जी और गीता, तथा डलई सुकुलपुरवा वजीरगंज के उमेश शुक्ल चोटिल हुए हैं। सभी चोटिल यात्रियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। थानाध्यक्ष विपुल पाण्डेय ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए हैं। अभी तक इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
भाई मैं जो यह कदम उठा रहा हूं, उसकी जिम्मेदार अंजू, उसका भाई राजेश और उसकी मम्मी हैं। यह मुझसे लगातार 5 लाख रुपयों की मांग कर रहे हैं। अब मैं इतने रुपए कहां से लाऊं...इंस्टाग्राम स्टेटस पर यह पोस्ट कर थाना शाहगंज के बारहखंबा क्षेत्र में एक युवक फंदे पर लटक गया। युवक ने 6 माह पूर्व ही दो बच्चों की मां से कोर्ट मैरिज की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंपा है। बारहखंबा निवासी रोहित ने बताया कि उनके बड़े भाई 27 वर्षीय गौरव जूता कारीगर थे। 6 माह पूर्व उन्होंने दौरेठा के जयनगर निवासी अंजू से कोर्ट मैरिज की थी। अंजू पहले से शादीशुदा थी। उसका पति से तलाक हो चुका था। उसके 2 बच्चे भी हैं। शादी के बाद अंजू ने घर में क्लेश करना शुरू कर दिया था। करीब एक माह पूर्व वह झगड़ा करके चली गई थी। इसके बाद भाई दौरेठा में ससुराल के पास ही किराए का कमरा लेकर अंजू के साथ रह रहे थे।आरोप है कि अंजू के भाई की पत्नी ने भी फांसी लगाई थी। उस पर मामला दर्ज है। मामला निपटाने के लिए भाई से अंजू, उसका भाई राजेश और अंजू की मां 5 लाख रुपए मांग रहे थे। 15 दिन पहले इसी बात पर झगड़ा करके भाई को किराए के कमरे से भगा दिया था। तब से भाई घर पर ही रह रहे थे। शुक्रवार रात पूरा परिवार एक दावत में गया हुआ था। अकेले अवसाद में आकर रात 11 बजे भाई ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। इंस्टाग्राम स्टेटस पर की पोस्टगौरव ने मरने से पहले अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर अपना सुसाइड नोट पोस्ट किया है। लिखा कि भाई, जो कदम मैं उठा रहा हूं, उसके जिम्मेदार अंजू, अंजली, उसका भाई राजा और उसकी मां हैं। ये लोग मुझसे पांच लाख रुपये मांग रहे हैं, मैं कहां से दूं। अंजू मेरे साथ रहती थी और वह हमेशा मुझसे पैसों के लिए कहती रहती थी। इसके भाई का केस चल रहा है। इसकी भाभी यमुना के चक्कर में मर गई। इनके पास एक फोन है, जिसमें उसकी भाभी की वीडियो क्लिप भी है। इसके साथ ही मृतक ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह अपनी पत्नी का वीडियो बनाते हुए पत्नी के द्वारा जान से मारने की धमकी देने की बात कह रहा है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि युवक के सुसाइड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
नर्मदापुरम में लाइफ स्टाइल कॉलोनी के पास रहने वाली एक महिला की चाकू मारकर हत्या करने वाले उसके लिव-इन पार्टनर को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बस में बैठकर शहर से भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने बस स्टैंड क्षेत्र से उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी गणपत चौरे और मृतका आशा यादव पिछले तीन साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से आशा अपने पति मांगीलाल यादव के संपर्क में थी और उससे बातचीत करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। झगड़े के बाद किया हमला 17 जून की दोपहर करीब 3 बजे नंद विहार कॉलोनी स्थित किराए के मकान में दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। गुस्से में आकर गणपत चौरे ने आशा यादव के पेट और गले के नीचे चाकू से हमला कर दिया। वारदात के बाद वह महिला को लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास की दो युवतियों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल रेफर किया गया, लेकिन साथ में कोई अटेंडर नहीं होने के कारण उसे जिला अस्पताल के आईसीयू में ही भर्ती रखा गया। उपचार के दौरान 18 जून की रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस हुई सक्रिय महिला पर हमले के बाद कोतवाली पुलिस ने पहले ही गणपत चौरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। जैसे ही उसकी मौत की सूचना मिली, पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। एसआई विशाल नागवे, वंशज श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक रितेश यदुवंशी, विनोद लिखितकर, आरक्षक पंकेश बघेला, गजेंद्र डडोरे और अविनाशी हारोड़े ने आरोपी और मृतका के ठिकाने के आसपास लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। कई जगह दबिश के बाद बस स्टैंड से गिरफ्तारी टीआई गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की तलाश में उसके पैतृक गांव रैसलपुर समेत पांजरा, इटारसी, ब्यावरा, आंचलखेड़ा और मनवाड़ा सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बस स्टैंड के आसपास छिपा है और शहर छोड़ने की कोशिश कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने परिवहन विभाग क्वार्टर के पास गुप्ता ग्राउंड से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने किराए के कमरे से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
बलरामपुर के रेहरा बाजार विकास खंड की ग्राम पंचायत सरायखास में शनिवार रात को 'जन कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान' के तहत रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शासन की जनहितकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। चौपाल में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई। इस चौपाल में उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार के प्रतिनिधि यूपी सिंह और ब्लॉक प्रमुख रेहरा बाजार पंकज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने ग्रामीणों को केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, आवास, विद्युत, स्वच्छता और पेंशन जैसी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इन समस्याओं के शीघ्र और प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है, और ऐसे कार्यक्रम जनभागीदारी बढ़ाने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और सरायखास ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। देर रात तक चली इस चौपाल के माध्यम से विकास, जनसेवा और जनजागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया।
मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र में जमीनी विवाद में हुए झगड़े में पिता पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पिता पुत्र को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। मृतक प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे थे। आजमपुर कॉलोनी में हुआ विवाद शनिवार को रिफाइनरी क्षेत्र स्थित आजमपुर आवासीय कॉलोनी के रहने सेनापति कुंतल बेटे सिद्धार्थ के साथ किसी काम से कचहरी आए हुए थे। सेनापति और सिद्धार्थ वापस जा रहे थे तभी उनको कॉलोनी में घेर लिया और लाठी डंडों से मारपीट शुरू कर दी। हमले में सेनापति और सिद्धार्थ गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में तोड़ा दम सेनापति और सिद्धार्थ को गंभीर घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शनिवार की देर शाम सेनापति कुंतल ने दम तोड़ दिया। सेनापति की मौत के बाद मौके पर कोहराम मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मुकद्दमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने सेनापति कुंतल के भाई मुरारीलाल कुंतल की तहरीर पर योगेंद्र उर्फ कन्हैया और समय सिंह के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है मृतक के भाई का आरोप है कि आरोपियों ने लोहे की सरिया और डंडों से हमला किया था। जिससे शरीर में कई जगह चोट आई थी। इस मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फर्रुखाबाद के नाला मछरट्टा स्थित सपा नेता पूर्व विधायक विजय सिंह का आवास शनिवार को पुलिस प्रशासन ने उनके परिवार को सौंप दिया। यह आवास 17 मार्च को हुए एक विस्फोट में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और तब से सील था। विस्फोट में पूर्व विधायक के दो बेटों सहित छह लोग घायल हुए थे। 17 मार्च की शाम को पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास के अंडरग्राउंड में यह विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि तीन मंजिला मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों में विजय सिंह के बड़े बेटे अविनाश उर्फ विक्की और अभिषेक उर्फ सिक्की भी शामिल थे। चार गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया था, जबकि दो का इलाज शहर में ही चला।घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए थे। मई में आई रिपोर्ट में विस्फोट का कारण गैस रिसाव बताया गया था। विस्फोट के बाद से पूर्व विधायक का परिवार लखनऊ में रह रहा था। आवास को पुलिस प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था और वहां होमगार्ड व पीआरडी के जवान लगातार ड्यूटी कर रहे थे। बताया गया है कि हाल ही में आवास को लेकर हाईकोर्ट में एक रिट दायर की गई थी, लेकिन सुनवाई से पहले ही पुलिस प्रशासन ने शनिवार को परिवार को आवास सौंप दिया। पूर्व विधायक के बड़े बेटे अविनाश उर्फ विक्की ने पुष्टि की कि पुलिस प्रशासन ने आवास सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि अब मकान की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। पूर्व विधायक के दोनों बेटों सहित अन्य घायलों का भी लंबे समय तक उपचार चला था। शहर कोतवाली के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत ने बताया पूर्व विधायक के आवास को रिपेयर करने के लिए हैंडओवर किया गया है। रिपेयर करा कर वह उसमें रह सकते हैं।
कार खाई में गिरी, एक परिवार के 5 लोग घायल:जीरन से राजस्थान कर लौटते समय हादसा, एक की हालत गंभीर
नीमच जिले के हर्कियाखाल के पास शनिवार शाम को एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक बेकाबू आई-20 कार सड़क किनारे पुलिया के पास गहरी खाई में पलट गई। इस एक्सीडेंट में एक ही परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की खबर मिलते ही सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल नीमच ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर के मुताबिक, घायलों में से एक की हालत काफी नाजुक है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम कस्बे के रहने वाले जैन परिवार के लोग नीमच के जीरन इलाके में एक पारिवारिक धार्मिक कार्यक्रम (रातिजगा) में आए थे। शनिवार को कार्यक्रम खत्म होने के बाद पूरा परिवार अपनी आई-20 कार (गाड़ी नंबर RJ01 CC 3825) से वापस राजस्थान लौट रहा था। हवा में लहराकर खाई में गिरी कार सफर के दौरान जैसे ही कार हर्कियाखाल पुलिया के पास पहुंची, अचानक ड्राइवर का गाड़ी पर से कंट्रोल छूट गया। कार हवा में लहराते हुए सीधे गहरी खाई में जा गिरी। कार पलटने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के खेतों और सड़क से लोग तुरंत मौके पर भागे और राहत का काम शुरू किया। पति-पत्नी और तीन बच्चे घायल, पिता की हालत नाजुक जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कार सवार पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे घायल हुए हैं। घायलों में पंकज जैन (40), उनकी पत्नी हेमा जैन (32), बेटी एंजल (12), बेटा आराध्य (9) और दो साल का मासूम विधान जैन शामिल हैं। डॉक्टर के अनुसार, पंकज जैन के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। चश्मदीदों ने बताया कि हादसा इतना खौफनाक था कि कार के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई थी। गनीमत रही कि एम्बुलेंस की मदद से घायलों को सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे बच्चों समेत पूरे परिवार को तुरंत इलाज मिल सका। फिलहाल पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना खन्ना के उत्तम नगर इलाके में एक 28 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव उसके ही एक दोस्त के घर से बरामद हुआ है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक की मौत नशे की ओवरडोज (Overdose) के कारण हुई है। उन्होंने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय शिव कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शुक्ववार रात शिव कुमार को उसका एक दोस्त अपने साथ घर से लेकर गया था। जब वह रातभर वापस नहीं लौटा, तो सुबह परिवार वाले उसकी तलाश करते हुए उसके दोस्त के घर पहुंचे। वहां एक कमरे में शिव कुमार का शव बेसूध पड़ा मिला। दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है। शिव कुमार शादीशुदा था और अपने पीछे पत्नी सहित दो छोटे बच्चों (डेढ़ साल का बेटा और ढाई साल की बेटी) को छोड़ गया है। इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल खन्ना भेज दिया है और मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है। सिटी थाना खन्ना के एसएचओ सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि युवक की मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
तरनतारन के सरहाली रोड स्थित गुरुद्वारा टक्कर साहिब के सामने 25 मरला जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि माननीय न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर जारी किए जाने के बावजूद शनिवार दोपहर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। खालसापुर रोड निवासी नरेश चावला ने बताया कि उनकी माता रचना रानी ने वर्ष 2009 में गुरप्रीत सिंह से 15 मरला तथा वर्ष 2011 में जत्थेदार राजेश वालिया पन्नू से 10 मरला जमीन खरीदी थी। उनके अनुसार इन दोनों खरीद के सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। नरेश चावला का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और इसके लिए राजस्व विभाग की मिलीभगत से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तथा पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया कि संभावित कब्जे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया था। कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी किया था इसके बाद करीब 15 दिन पहले अदालत ने संबंधित जमीन पर स्टे ऑर्डर जारी किया था। बावजूद इसके शनिवार को कुछ लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। नरेश चावला ने स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से नहीं निभाई। मामले को लेकर नरेश चावला ने एसएसपी सुरिंदर लांबा और डिप्टी कमिश्नर राहुल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों के साथ प्रशासन की भी होगी। वहीं दूसरी ओर गुरजीत सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास भी न्यायालय की अनुमति से संबंधित दस्तावेज हैं। उनका दावा है कि विवादित जमीन उनकी है और दूसरी पार्टी जिस जमीन का दावा कर रही है, उसका खसरा नंबर अलग है। थाना सिटी तरनतारन के हेड इंस्पेक्टर परमजीत सिंह विरदी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में विद्युत विभाग द्वारा आवश्यक रखरखाव एवं तकनीकी कार्य के चलते बनाड़ क्षेत्र के कई इलाकों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विभाग के अनुसार, रविवार सुबह 7 से 11 बजे तक बनाड़ मार्केट, डिफेंस कॉलोनी, अंबेडकर नगर, गुर्जरों का बास, गणेश नगर, मंडोला का बास, भेलों का बास, मोटो चौक, देवासियों का बास सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें तथा बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। बिजली आपूर्ति रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद पुनः बहाल कर दी जाएगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रायपुर रेल मंडल ने सरप्राइज चेकिंग की है। इस दौरान भाटापारा और रायपुर के बीच ट्रेन नंबर 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग का एक कर्मचारी एसी कोच की बर्थ पर नशे की हालत में सोता हुआ मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद ने पाया कि हाउसकीपिंग एजेंसी एपीकॉन इंडिया का कर्मचारी फूलन पासवान यात्रियों की सेवा करने के बजाय एसी कोच में बर्थ पर सो रहा था। जांच में वह नशे की हालत में पाया गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। आरपीएफ के हवाले कर्मचारी रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारी को तत्काल ट्रेन से उतारकर रायपुर स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही न केवल सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। छोटे पेपर कप भी मिले औचक निरीक्षण में केवल यही मामला सामने नहीं आया। कैटरिंग सेवाओं में भी कई अनियमितताएं मिलीं। ओम साईं राम एंटरप्राइजेज ने एक कोच के दरवाजे के पास कैटरिंग सामग्री रखकर यात्रियों का रास्ता बाधित किया जा रहा था, जबकि वेंडर मो. रफीक हुसैन के पास के पास मानक से छोटे पेपर कप और वेंडर ओम साईं राम एंटरप्राइजेज के पास बिना स्वीकृति वाली पैकेज्ड पानी की बोतलें भी पाई गईं। रेल प्रशासन ने इन सभी मामलों को अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित एजेंसियों और लाइसेंसधारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
अररिया में वाहन निबंधन, HSRP मामलों की समीक्षा:अनियमितताओं पर डीलरों को दिए गए सख्त निर्देश
अररिया जिला परिवहन कार्यालय के सभागार में जिला परिवहन पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं के साथ वाहन निबंधन, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) जारी करने और वाहन 4.0 प्रणाली से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर डीटीओ ने डीलरों को सख्त निर्देश दिए। समीक्षा में पाया गया कि कई डीलरों द्वारा वाहन निबंधन के लिए अपलोड किए जा रहे दस्तावेज या तो अपठनीय थे या केवल खाली पृष्ठ अपलोड किए जा रहे थे। इस कारण सत्यापन प्रक्रिया में बाधा आ रही थी। सीमांचल मोटर्स, भारत मोटर्स, शुभम ऑटोमोबाइल्स, डीएस. मोटर्स और जेएम. मोटर्स सहित कई प्रतिष्ठानों में यह समस्या विशेष रूप से देखी गई। HSRP मामलों की समीक्षा में जनवरी 2026 से अब तक बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए। अरुण मोटर्स में 462, डीएन. मंडल एंड संस में 171, प्रकाश ऑटोमोबाइल्स में 139 और सुनैना प्रा. लि. में 131 मामले लंबित थे। अन्य डीलरों में भी सैकड़ों मामले लंबित मिले। इसके अतिरिक्त, HSRP उपलब्ध कराने में 300 से अधिक दिनों की अत्यधिक देरी भी दर्ज की गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। शुल्क जमा होने के बावजूद दस्तावेज अपलोड नहीं निबंधन प्रक्रिया के दौरान यह भी सामने आया कि शुल्क जमा होने के बावजूद कई मामलों में दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए थे। कई डीलरों द्वारा कर एवं शुल्क भुगतान में भी विलंब किया जा रहा था, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। डीटीओ ने एक ही आईपी एड्रेस से कई डीलरों के लॉगिन संचालन को आईटी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताते हुए इसे अत्यंत गंभीर मामला करार दिया। लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी डीलरों को अपने अधिकृत डीलर पॉइंट से ही कार्य करने तथा प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बैठक में अनुपस्थित रहे डीलरों से स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश भी दिया गया। डीटीओ ने आम नागरिकों से अपील की कि वाहन खरीदने के बाद तब तक उसका उपयोग न करें जब तक उसका निबंधन ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण रूप से प्रदर्शित न हो जाए और HSRP की अद्यतन स्थिति सुनिश्चित न कर ली जाए।
चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार तहसील के जोजरों का खेड़ा गांव में खेत पर काम करने गए दादा और पोते की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों खेत की मेड साफ कर रहे थे, तभी वहां पहले से जमीन की ओर झुके पड़े 11 केवी बिजली लाइन के तारों की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में गुस्सा फैल गया और परिजनों के साथ ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक धरना दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली का पोल और तार दो-तीन दिन पहले आंधी के दौरान गिर गए थे और इसकी सूचना कई बार बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं करवाई गई। शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। खेत में जुताई के दौरान हुआ हादसा, मेड साफ करते समय करंट की चपेट में आए दोनों मामले में गंगरार थाने में रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट मृतक के परिजन नारूलाल पुत्र प्रताप अहीर की ओर से दी गई। इसमें बताया गया कि उनका छोटा भाई मोहनलाल और उसका पोता अर्पित खेत पर जुताई के काम के लिए गए थे। खेत पर काम के दौरान दोनों मेड की सफाई करने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रही 11 केवी लाइन के तारों के संपर्क में आ गए। बताया गया कि तार नीचे जमीन पर पड़े हुए थे। दोनों को करंट लगा और उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते बिजली लाइन को ठीक कर दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। इस घटना ने एक ही परिवार से दो पीढ़ियों को छीन लिया, जिससे गांव में शोक के साथ गुस्सा भी दिखाई दिया। परिजनों का आरोप- दो से तीन दिन पहले गिर गए थे पोल और तार, सूचना के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई रिपोर्ट में परिवार ने बिजली विभाग पर सीधे लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि खेत के पास से गुजर रही बिजली लाइन का पोल और तार करीब दो से तीन दिन पहले आई आंधी के दौरान गिर गए थे। इसके बाद आसपास के किसानों ने कई बार बिजली विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन विभाग की ओर से लाइन को ठीक नहीं कराया गया। आरोप है कि खुले और नीचे गिरे पड़े तारों को समय पर हटाया या ठीक किया जाता, तो मोहनलाल और अर्पित की जान बच सकती थी। यही बात ग्रामीणों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बनी। ग्रामीणों ने कहा कि पहले शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और अब उसी लापरवाही की वजह से दो लोगों की मौत हो गई। इसी को लेकर गांव के लोगों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई। कई घंटे तक चला धरना, समझाइश के बाद शांत हुआ मामला घटना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और विरोध शुरू कर दिया। कई घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। ग्रामीणों की मांग थी कि इस मामले में जिम्मेदार बिजली विभाग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की, उनकी बात सुनी और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद शाम को मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। अब पूरे मामले में परिवार की रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। यह हादसा एक बार फिर बता गया कि बिजली लाइन से जुड़ी शिकायतों को समय पर नहीं सुलझाया जाए तो छोटी लापरवाही भी बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है।
दुर्ग में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सब कुछ सामान्य है और ऑल इज वेल। मीडिया में चल रही चर्चाओं को उन्होंने केवल सनसनी फैलाने और व्यू बढ़ाने का प्रयास बताया। दुर्ग के बीआईटी कॉलेज में आयोजित बढ़ता भारत, बदलता भारत प्रबुद्धजन सम्मेलन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने 18 जून को हुई कैबिनेट बैठक के बाद उठे कयासों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यशैली अन्य राजनीतिक दलों से अलग है और पार्टी में सत्ता तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल है। अगर कुछ होता तो चेहरे पर दिखता मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लोग बेवजह अटकलें लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, सिर्फ न्यूज़ बनाने और व्यू बढ़ाने के लिए कई तरह की बातें कही जा रही हैं। यदि मंत्रिमंडल विस्तार जैसा कोई विषय होता, तो वह मेरे चेहरे पर भी नजर आता। अचानक कैबिनेट बैठक पर दी सफाई 18 जून की रात आयोजित कैबिनेट बैठक को लेकर उठे सवालों पर मंत्री ने कहा कि इसके पीछे पूरी तरह प्रशासनिक कारण थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी दिनों में प्रवास पर रहने वाले थे। इसके अलावा संगठन के वरिष्ठ नेताओं के दौरे और मंत्रियों के जिला स्तरीय कार्यक्रम भी निर्धारित थे। यादव ने कहा कि उस दिन सभी मंत्री उपलब्ध थे, इसलिए कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक को लेकर अनावश्यक राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस पर साधा निशाना सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता और संगठन में समन्वय की कमी कांग्रेस की संस्कृति हो सकती है, लेकिन भाजपा में ऐसा कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा, हम सरकार में भले मंत्री हों, लेकिन सबसे पहले भाजपा के कार्यकर्ता हैं। हम लगातार संगठन और वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में कार्य करते हैं। मोदी सरकार के 12 वर्ष पर हुआ सम्मेलन भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बढ़ता भारत, बदलता भारत अभियान के तहत प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उईके मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, विधायक ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, महापौर अलका बाघमार, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे। जनविश्वास और विकास की राजनीति के 12 वर्ष केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं संचालित की हैं। उईके ने कहा कि मोदी सरकार ने विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का विकास, बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे प्रयास इसके उदाहरण हैं।
बेगूसराय के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा घाट पर बुधवार को गंगा स्नान के दौरान तीन ममेरे-फुफेरे भाई डूब गए थे। घटना के चौथे दिन शनिवार को स्थानीय गोताखोर, SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों के शवों को बरामद कर लिया है। पानी में डूबे सबसे बड़े भाई की तलाश अभी भी जारी है। बुधवार को हुए इस हादसे के बाद से ही स्थानीय गोताखोर और SDRF की टीम पिछले तीन दिनों से शवों को ढूंढने का अथक प्रयास कर रही थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय जिला प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को पटना से NDRF की विशेष टीम को सिमरिया धाम बुलाया गया। शनिवार को NDRF, SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने सिमरिया गंगा नदी तट के पास संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सबसे पहले मुंगेर निवासी ममेरे भाई रिशांक कुमार उर्फ मयंक (13) का शव पानी से निकाला गया। बाइक से गंगा स्नान के लिए सिमरिया घाट आए थे इसके कुछ ही देर बाद बीहट मकससपुर निवासी उमाशंकर साव के बेटे अमन कुमार (18) का भी शव बरामद कर लिया गया। परिजनों के मुताबिक मलमास समाप्त होने के बाद तीनों युवक एक ही बाइक से गंगा स्नान के लिए सिमरिया घाट आए थे। इसी दौरान बीहट नगर परिषद वार्ड संख्या-28 निवासी उमाशंकर साह के दो पुत्र विशाल कुमार (26) एवं अमन कुमार (18) और उसके ममेरे भाई रिशांक कुमार गुप्ता (13) पिता रवि कुमार भारती इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, कासिम बाजार, मुंगेर) गहरे पानी में चले गए और तेज धारा में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन व पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। शवों को बरामद करने के बाद पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया है। वहीं, हादसे में डूबे विशाल कुमार (26) का शव अभी तक नहीं मिल पाया है। गोताखोरों और आपदा प्रबंधन की टीम नदी की लहरों में लगातार विशाल की तलाश कर रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को बीहट नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार भी सिमरिया गंगा नदी तट पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उप मुख्य पार्षद ने सिमरिया धाम को बिहार का हरिद्वार बताते हुए जिला प्रशासन से मांग की कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। जिससे भविष्य में गंगा स्नान के दौरान किसी भी श्रद्धालु को अपनी जान न गंवानी पड़े। DM का एक्शन- खतरनाक घाट पर लगेगा बैरिकेडिंग सिमरिया घाट के पुराने पुल के नीचे मुख्य सीढ़ी स्नान घाट पर लगातार हो रहे हादसों को बेगूसराय के DM श्रीकांत शास्त्री ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने बीहट नगर परिषद के अधिकारियों को अविलंब उस स्नान घाट की बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया है। इस घाट पर स्नान करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है और खतरनाक घाट का बोर्ड लगाकर लोगों को सचेत किया जाएगा।
गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र में शनिवार को तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने गई राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने टीम को गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया। इसके भाग टीम जान बचाकर भाग गई। इस मामले में हल्का लेखपाल रामेश्वर दत्त तिवारी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जानिए पूरा मामला… दरअसल, ढोढेपुर निवासी लेखपाल रामेश्वर दत्त तिवारी ने बताया कि जानकी प्रसाद, मुकेश और लालजी मौर्य निवासी टकटोन ने 8 जून को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि गांव के ही कुछ लोगों ने तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया है। इस शिकायत के बाद नायब तहसीलदार बेलसर अक्षय प्रताप सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल के साथ राजस्व टीम घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची। टीम ने पाया कि ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जब टीम ने सीमांकन का प्रयास किया, तो अवैध निर्माणकर्ता लालजीत, बलजीत, शिवजीत और अमन ने लाठी-डंडे लेकर सरकारी कार्य में बाधा डाली। उन्होंने टीम को गाली-गलौज करते हुए दौड़ा लिया। कोतवाल श्रीधर पाठक ने शनिवार दोपहर को बताया कि लेखपाल रामेश्वर तिवारी की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दो दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रदेशभर के 700 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजर्स से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में हाल में हुई SIR प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए फीडबैक लिया। साथ ही बीएलओ से फील्ड में आ रही परेशानियों और उनको सुधारने को लेकर सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची में ASD (एब्सेंट, शिफ्टेड, मृतक और डुप्लीकेट) मतदाताओं की कोई जगह नहीं है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके यूथ को मतदाता बनाने में अहम भूमिका बीएलओ की रहती है। उन्होंने बीएलओ से पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बीएलओ स्तर पर चुनौतियों, नए वोटर्स को आइडेंटिफाइ करने और मतदाता सूची अपडेशन को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन, जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक समेत अन्य लोग मौजूद रहे। एसआईआर पर की प्रशंसा संवाद कार्यक्रम के दौरान एसआईआर का कार्य तय समय से 7 दिन पूर्व संपन्न करने पर उन्होंने यहां के बीएलओ की तारीफ की और कहा कि 12 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में हुए एसआईआर में राजस्थान को प्रथम लाने में यहां के बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकतर काम ऑनलाइन प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। हमे भी भविष्य में सभी काम ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ही करने पर जोर देना चाहिए।
ललितपुर: सड़क हादसे में घायल किसान की मौत:भतीजे की शादी से लौटते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के तालगांव निवासी एक किसान की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। किसान का अंतिम संस्कार शनिवार शाम को किया गया। मृतक सोबरन सिंह (50) पुत्र शेर सिंह, अपनी पत्नी अशोक कुमारी के साथ 18 जून को मध्य प्रदेश के सागर जनपद स्थित ग्राम पिपरिया में भतीजे के विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। विवाह के बाद 19 जून को वह अकेले मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। शाम लगभग 5 बजे थाना मदनपुर क्षेत्र के ग्राम भौती और पहाड़ी के बीच एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर से सोबरन सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से उन्हें 108 एंबुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा पहुंचाया गया। मड़ावरा में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें महरौनी अस्पताल रेफर कर दिया। महरौनी अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के छोटे भाई रामसिंह ने बताया कि सोबरन सिंह अपने दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़े थे। उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वह खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को महोबा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे जिले को लगभग 697 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला देर शाम तक तैयारियों में जुटा रहा। सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हैं। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज खुद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी ड्यूटी का खाका खींच रही हैं। कार्यक्रम में जुटने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरेगा। इसके बाद सीएम योगी मोदी मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री महोबा में करीब 1 घंटा 50 मिनट का वक्त गुजारेंगे। अपने दौरे की शुरुआत में वे सबसे पहले ऐतिहासिक गोरखगिरी पर्वत की तलहटी में जाकर पूजा-अर्चना और दर्शन करेंगे। इसके बाद मोदी मैदान के मंच से महोबा के विकास को नई रफ्तार दी जाएगी। मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के इस जिले को 697 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 88 परियोजनाओं का तोहफा देने जा रहे हैं। इसमें 49 परियोजनाओं का लोकार्पण और 39 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। सदर और चरखारी दोनों विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार की गई ये योजनाएं महोबा के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मंच से मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और लाभ भी वितरित करेंगे। योग दिवस के इस खास मौके पर मुख्यमंत्री को सुनने के लिए न सिर्फ भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है, बल्कि भाजपा कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भी इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश अनुरागी ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम महोबा के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
हांसी पुलिस की किला बाजार चौकी टीम ने श्याम बाबा की झांकी के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के कानों से सोने के जेवर उड़ाने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई सोने की एक बाली बरामद कर ली है और उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाया जा सके, चोरी किए गए बाकी के जेवर बरामद किए जा सकें और इलाके में हुई अन्य चोरियों का पर्दाफाश हो सके। भीड़ का फायदा उठाकर तोड़ी थीं बालियां मामले के जांच अधिकारी मुनीश कुमार ने बताया कि हांसी की रहने वाली राजबाला नामक महिला ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 18 जून को वह अपने परिवार के साथ श्याम बाबा की झांकी में गई थीं। जब झांकी विश्वकर्मा चौक के पास पहुंची, तो अत्यधिक भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके कान से सोने की बाली तोड़ ली। ट पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी ने सिर्फ राजबाला ही नहीं, बल्कि उस झांकी में शामिल कई अन्य महिलाओं के कानों से भी सोने की बालियां और झुमके चोरी हुए थे। इस शिकायत के बाद थाना शहर हांसी में चोरी का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोच लिया। बठिंडा का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोनू उर्फ अजय (पुत्र कालीचरण, निवासी गांव गुनियाना, जिला बठिंडा, पंजाब) के रूप में हुई है।पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी मोनू ने झांकी में चोरी करने की बात स्वीकार कर ली है। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई एक सोने की बाली बरामद की जा चुकी है। पुलिस ने आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के सरायसुदनी गांव में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। 22 वर्षीय रौनक चौहान की मौत के बाद शनिवार शाम को जब उसका शव घर पहुंचा तो मां बेसुध हो गईं। दादी कस्तूरी देवी बार-बार यही कहती रहीं, अब हमार सहारा केहू ना रहल... घर के आंगन में हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा था। रौनक परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी कोई बहन या भाई नहीं है। वह नौवीं की पढ़ाई पूरी कर चुका था और इस बार दसवीं कक्षा में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा था। परिवार के लोग बताते हैं कि वह पढ़ाई के साथ पिता का सहारा बनना चाहता था। लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया। देखिए कुछ तस्वीरें… पिता सूरत से लौटे, बेटे का शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े रौनक के पिता अमरजीत चौहान एक पैर से दिव्यांग हैं। वह परिवार का खर्च चलाने के लिए सूरत में रहकर वेल्डिंग का काम करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। घर पहुंचते ही बेटे का शव देखकर वह खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े। परिवार के करीबी बताते हैं कि अमरजीत अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर बेहतर भविष्य देना चाहते थे। इकलौते बेटे की मौत के बाद अब परिवार के सामने भावनात्मक ही नहीं, आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही रौनक का शव घर पहुंचा, मां शव से लिपटकर बिलख पड़ीं। दादी कस्तूरी देवी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। आसपास की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उनका दर्द कम नहीं हो सका। घर के बाहर जुटे ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। गांव के बुजुर्गों का कहना था कि रौनक शांत स्वभाव का लड़का था और सभी से मिलजुलकर रहता था। नम आंखों से पिता ने दी इकलौते बेटे को मुखाग्नि शनिवार को दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम में रौनक का अंतिम संस्कार किया गया। पिता अमरजीत ने कांपते हाथों और नम आंखों से अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। पूर्व सांसद पहुंचे, दी आर्थिक मदद घटना की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद अतुल राय भी मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि युवा बेटे की असमय मौत बेहद दुखद है और परिवार को इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घोसी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र राय ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार के लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए दोहरीघाट स्थित श्मशान घाट ले गए, जहां पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
समस्तीपुर में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त रिलीज किए जाने के मौके पर डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यांनद राय के अलावा गिरीराज सिंह शामिल हुए। मौके पर दोनों केंद्रीय मंत्री ने डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मौके पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मंत्रियों को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की जा रही है। देश भर के किसानों के खाते में 18 हजार 880 करोंड रुपए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। कुछ लोग किसानों की ऋण माफी की बात कर रहे हैं। लेकिन लोन कौन लेते हैं बड़े-बड़ लोग, कंपनिया जिससे आम किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। यह बात समझने की जरूत है। अब किसानों के खाते सीधी राशि जा रही है। कोई बिचौलिया नहीं है। किसान अपने लिए प्राकृतिक खेती करें- गिरीराज सिंह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की चाहते हैं कि हर किसान कम से कम अपने लिए प्राकृतिक तरीके से खेती करें। उन्होंने कहा कि हर वर्ष किसानों को दो लाख करोड़ रुपए के खाद की सब्सिडी दी जाती है। ज्यादा खाद डालने से बचने की सलाह देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक शोध में यह बात सामने आयी है कि खाद युक्त भोजन के सेवन से मां के दूध में यूरिया की मात्रा पायी गई है। प्रधानमंत्री ने इससे बचने के लिए किसानों से एक चौथाई प्राकृतिक खेती करने का आह्वान किया है। सभी किसान इस पर अमल करते हुए प्राकृतिक खेती पर जो दें। यह सभी के हित में है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा ने पीएम किसान योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना है। उन्होंने बताया कि बिहार के 75 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं । अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विकसित नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को भी अपनाना होगा।
घर में अकेली महिला का गला रेता:खून से लथपथ हालत में मिली, पुलिस ने शुरू की जांच
रायपुर से लगे धरसीवां थाना क्षेत्र के मौहागांव में एक महिला पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घर में अकेली रह रही महिला का अज्ञात बदमाश ने धारदार हथियार से गला रेत दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला धरसीवां पुलिस के अनुसार, मौहागांव निवासी भागबती मन्नाडे अकेले रहकर मजदूरी करती हैं और इसी से अपना जीवनयापन करती हैं। शुक्रवार रात उनका रिश्तेदार चंद कुमार गिलहरे खाना देने उनके घर पहुंचा था। खाना देने के बाद वह वापस चला गया। देर रात जब वह तालाब की ओर से लौटकर दोबारा घर पहुंचा तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। चंद कुमार ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर वह घर के भीतर गया तो भागबती खाट पर खून से लथपथ हालत में पड़ी मिली। उनके गले पर किसी धारदार हथियार से किए गए वार के गहरे निशान थे। यह दृश्य देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धरसीवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल आंबेडकर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। हत्या की नियत से हमला: पुलिस प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि रात करीब 8.30 बजे से 11.50 बजे के बीच कोई अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और हत्या की नीयत से महिला पर हमला कर फरार हो गया। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। धरसीवां थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
जिला प्रभारी सचिव विश्व मोहन शर्मा शनिवार को टोंक के दौरे पर रहे। उन्होंने निवाई क्षेत्र की गुंसी में ग्रामीण सेवा शिविर और टोंक जिला मुख्यालय स्थित अग्निशमन केंद्र में शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। सचिव विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि हर मामले का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। उन्होंने सभागार में लगे शहरी सेवा शिविर का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभागवार स्टॉल भी देखीं और शिविर में आए आवेदनों व उनके निस्तारण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। शिविर के दौरान जिला प्रभारी सचिव और जिला कलेक्टर टीना डाबी ने लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत 8 स्ट्रीट वेंडर्स को 50 हजार, 11 को 25 हजार और 8 को 15 हजार रुपए के चेक वितरित किए। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 26 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए चेक सौंपे गए। कृषि भूमि में अकृषि आवासीय योजना में फ्री होल्ड पटटे दिए गए। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 3 बालिकाओं को 2 हजार 500 रुपए का चेक, बधाई कार्ड और बेबी किट देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नगर परिषद ने रवि शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा। जिला प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कलेक्टर टीना डाबी और नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट भी मौजूद रहें।
सहरसा जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एक विशाल रैली निकाली। यह रैली जिला परिषद मैदान से शंकर चौक तक निकाली गई, जिसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने किया। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई, भ्रष्टाचार, नीट परीक्षा में कथित धांधली, बेरोजगारी और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार वादों को पूरा करने में विफल रैली को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। झा ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में दोहरा रवैया अपना रही है और विपक्षी नेताओं के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ उन्होंने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। झा ने कहा कि इन धांधलियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस रैली में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता केशर कुमार सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि मो. नईम उद्दीन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, राम शरण कुमार, वीरेंद्र पासवान, प्रतिभा सिंह डोली, मृत्युञ्जय कुमार सिंह, आलोक कुमार ठाकुर, हासिम अंसारी, बिनोद शर्मा, मो. इस्माइल, मो. रुवान, बंटी झा, मो. मोईन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
मुजफ्फरपुर के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT 2023-24) की मेरिट लिस्ट को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। कथित अनियमितता और मेधावी छात्रों की उपेक्षा के आरोपों को लेकर शुक्रवार की शाम संयुक्त छात्र संगठनों के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में मशाल जुलूस निकाला गया। छात्रों ने एल.एस. कॉलेज गेट से कुलपति आवास तक मार्च कर प्रदर्शन किया और मेरिट लिस्ट की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल और तख्तियां लेकर निकले छात्रों ने आरोप लगाया कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है तथा योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया है। छात्र नेताओं का आरोप है कि इतिहास विभाग के गोल्ड मेडलिस्ट अभिषेक कुशवाहा और भूगोल विभाग के यूनिवर्सिटी टॉपर अविनाश तिवारी को इंटरव्यू में बेहद कम अंक देकर मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि दोनों छात्र लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद चयन से वंचित रह गए। इंटरव्यू प्रक्रिया में पक्षपात किया प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इंटरव्यू प्रक्रिया में पक्षपात किया गया और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए मेधावी छात्रों के अंकों में कटौती की गई। छात्र संगठनों ने यह भी दावा किया कि पूर्व में विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन करने वाले छात्रों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। मशाल जुलूस के दौरान आयोजित सभा में छात्र नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल दो छात्रों का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि PAT 2023-24 की पूरी मेरिट लिस्ट और इंटरव्यू प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक विरोध जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय के कामकाज को प्रभावित करने वाले आंदोलन भी किए जाएंगे। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्रों की मांगों और आरोपों को लेकर अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
भारत सरकार द्वारा शनिवार को 'पीएम-किसान उत्सव दिवस' के अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किश्त जारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से आयोजित कार्यक्रम के दौरान देशभर के किसानों के खातों में सम्मान निधि की राशि का वर्चुअल हस्तांतरण किया। इस अवसर पर देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई। इस किश्त का लाभ फलोदी जिले के 86 हजार से अधिक किसानों को भी मिला। किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि की राशि सीधे हस्तांतरित होने से लाभार्थियों में खुशी का माहौल देखा गया। फलोदी में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम पीएम-किसान उत्सव दिवस के अवसर पर फलोदी में जिला स्तरीय कार्यक्रम पंचायत समिति के वीसी कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन और निधि हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस मौके पर जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह, एसडीएम पूजा चौधरी, तहसीलदार विशन सिंह, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। उपस्थित किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना और योजना से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। विधायक ने जताया प्रधानमंत्री का आभार कार्यक्रम में विधायक पब्बाराम विश्नोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक संबल मिल रहा है और उनकी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में लगातार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। कृषि विभाग ने दी योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने तारबंदी, कृषि यंत्र अनुदान, फार्म पौंड, खेत तलाई सहित विभिन्न कृषि विकास योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं से जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
गोंडा रेलवे स्टेशन पर जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव होगा। रेल मंत्रालय ने गोंडा जिले के लोगों को यह सुविधा प्रदान की है। ट्रेन के उद्घाटन और नियमित संचालन का समय अलग-अलग है। उद्घाटन के लिए यह ट्रेन 21 जून को शाम 4 बजे चलकर खाटीपुरा से चलकर सोमवार, 22 जून को सुबह 6:37 बजे गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी, जहां इसका स्वागत किया जाएगा। यह समय केवल उद्घाटन के लिए है। 19725 खातीपुरा (जयपुर)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन 22 जून से शुरू होगा। यह ट्रेन शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह गाड़ी खातीपुरा से रात 10:30 बजे प्रस्थान कर दोपहर 12:35 बजे गोंडा पहुंचेगी और 12:37 बजे गोरखपुर के लिए रवाना होगी। इसी तरह 19726 दरभंगा-खातीपुरा (जयपुर) अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन 23 जून से शुरू होगा। यह ट्रेन रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह गाड़ी दरभंगा से सुबह 4:30 बजे प्रस्थान कर शाम 4:38 बजे गोंडा पहुंचेगी और 4:40 बजे बाराबंकी के लिए रवाना होगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शयनयान श्रेणी के 8, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 11, पेंट्रीकार का 1 और एल.एस.एल.आर.डी. के 2 कोच शामिल हैं। इस ट्रेन के संचालन को लेकर गोंडा के बीजेपी सांसद और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद दिया है। वही गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी अपने फेसबुक पेज पर गोंडा बीजेपी सांसद व विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया है। इस ट्रेन के संचालन से गोंडा से दरभंगा और जयपुर आने-जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से बालाजी मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। वैसे बालाजी की यात्रा करने के लिए यात्रियों को अयोध्या और लखनऊ से यात्रा करनी पड़ रही थी लेकिन अब इस ट्रेन के संचालन होने से उन्हें अयोध्या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा।
हत्या के दोषी को आजीवन कारावास:मधुबनी कोर्ट ने 22 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
मधुबनी न्यायालय ने हरलाखी थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने शनिवार शाम 6 बजे इस फैसले की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-III, मधुबनी के न्यायालय ने हरलाखी थाना कांड संख्या 222/24 में सुनवाई पूरी होने के बाद ललबाबू यादव को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। दोषी की पहचान हरलाखी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी हिताय यादव के पुत्र ललबाबू यादव के रूप में हुई है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अनुसंधान के दौरान प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की प्रभावी अनुसंधान कार्रवाई और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के कारण इस मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने जोर दिया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होता है। मामले की सुनवाई के दौरान, अपर लोक अभियोजक जगदीश प्रसाद यादव ने अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सजा का आदेश पारित किया। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि मधुबनी पुलिस अपराध नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह फैसला अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
लखनऊ की पांचों तहसीलों में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे । राजस्व, पुलिस, विकास और नगर निगम से जुड़े मामलों की शिकायतों के बीच कुल 677 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 119 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी शिकायतों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। तत्काल समाधान के निर्देश प्रशासन की ओर से आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान कराया। सबसे अधिक शिकायतें मोहनलालगंज तहसील में प्राप्त हुईं, जहां 269 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 77 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। वहीं बीकेटी तहसील में 154 शिकायतें आईं, जिनमें 20 का समाधान किया गया। सरोजनीनगर तहसील में 128 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन केवल 5 मामलों का निस्तारण हो सका। मलिहाबाद तहसील में 73 शिकायतों में से 7 का और सदर तहसील में 53 शिकायतों में से 10 का मौके पर समाधान किया गया। राजस्व विभाग की सबसे अधिक शिकायतें सम्पूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक 365 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं । इसके अलावा पुलिस विभाग से 104, राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त मामलों से 7, विकास विभाग से 48, शिक्षा विभाग से 6, स्वास्थ्य विभाग से 3, समाज कल्याण विभाग से 9 और नगर निगम से संबंधित 5 शिकायतें दर्ज की गईं। अन्य विभागों से जुड़े 130 प्रार्थना पत्र भी प्राप्त हुए। ‘फरियादियों को न लगाने पड़े चक्कर’ अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
गुरुग्राम पुलिस ने करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकडे़ गए आरोपी ने साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल ठगी गई रकम को ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए किया गया था। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाना, गुरुग्राम में एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने उससे करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपए की ठगी की है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। यूपी से पकड़ा गया आरोपी जांच के दौरान, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 18 जून को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के राजपुर सेमरा गांव निवासी जितेंद्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया, ताकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और ठगी की रकम का पता लगाया जा सके। पुलिस जांच में यह सामने आया कि ठगी गई रकम में से 38 लाख रुपए आरोपी जितेंद्र राय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने 10 हजार रुपए प्रतिमाह के बदले अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। साइबर ठग इसी खाते के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे। गिरोह के सदस्यों का पता लगाने में जुटी पुलिस गुरुग्राम पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
26 मई की रात सीकर के खाटूश्यामजी में युवक करण कुमावत पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सीकर की खाटूश्यामजी पुलिस ने करीब 3 सप्ताह से फरार चल रहे 10-10 हजार के 2 इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी को जयपुर से और दूसरे को अजीतगढ़ एरिया से गिरफ्तार किया। एक आरोपी ने पुलिस की गाड़ी से भागने की कोशिश की लेकिन वह गिर गया जिससे उसका पैर टूट गया। आज शाम को खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने आरोपियों को लेकर मौका तस्दीक की कार्रवाई की। SHO पवन कुमार चौबे और उनकी टीम ने 5 राज्यों के 22 जिलों में सर्च करने के बाद आरोपियों को दबोचा। पवन कुमार चौबे ने बताया कि आरोपी ललित उर्फ रुद्र(26) पुत्र बजरंगलाल निवासी मउ को अजीतगढ़ इलाके के सुराणी गांव से और धीरज जांगिड़(30) पुत्र रमेश जांगिड़ निवासी मउ को जयपुर के 14 नंबर पुलिया के पास से पकड़ा है। पुलिस ने जब आरोपी ललित को पकड़ लिया तो उसने पुलिस की गाड़ी से भागने की कोशिश की। ऐसे में वह गिर गया और उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। दोनों ही आरोपी हमले के मुख्य आरोपी हैं। इन पर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के द्वारा 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इस मामले में एक आरोपी राजपाल को पहले ही पकड़ा जा चुका है। फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। करण कुमावत खाटूश्यामजी में एक गेस्ट हाउस का कर्मचारी था। गेस्ट हाउस में गेस्ट ले जाने की बात पर ही रुद्र,धीरज और उसके अन्य साथियों ने मिलकर करण पर जानलेवा हमला किया था। इस संबंध में करण के पिता ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया था। बता दें कि इस घटना के बाद सीकर में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर 10 दिन तक अनिश्चितकालीन धरना भी चला था। 10 वें दिन प्रतिनिधि मंडल के द्वारा जयपुर में राजस्थान सरकार के कई मंत्रियों से वार्ता की गई। इसके बाद सीकर में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच के द्वारा 7 दिन में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ था। 7 दिन के भीतर ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। SHO पवन कुमार चौबे ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस थाने के कांस्टेबल गिरधारी लाल और राजेंद्र की विशेष भूमिका रही। दोनों ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सोर्सेज के आधार पर आरोपियों के हर मूवमेंट पर नजर रखी। आज आरोपियों को लेकर पुलिस ने मौका तस्दीक की कार्रवाई की। जहां आरोपी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कहां पर करण पर हमला किया और कहां से फरार हुए। आज जब आरोपियों को मौका तस्दीक के लिए ले जाया गया तो दोनों हाथ जोड़कर कहने लगे कि अपराध करना पाप है। हमसे जो गलती हुई उसके लिए हम पूरी जनता से माफी मांगते हैं।
मऊगंज जिले के हनुमना थाना इलाके के अगरही गांव में शनिवार शाम करीब 6:30 बजे सड़क हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी। बाजार जाते समय हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक, बरोही गांव के रहने वाले संजय कोल और नीरज कोल अपनी बाइक से हनुमना बाजार जा रहे थे। जैसे ही वे अगरही गांव के पास पहुंचे, तभी उनकी तेज रफ्तार बाइक अचानक बेकाबू होकर सड़क पर स्लिप हो गई। इस हादसे में दोनों युवकों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही बेहोश हो गए। डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत एक्सीडेंट की खबर डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची। गाड़ी में तैनात आरक्षक (कांस्टेबल) अशोक यादव और पायलट अतुल तिवारी ने एक पल की भी देरी न करते हुए दोनों बेहोश घायलों को गाड़ी में लिटाया और सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हनुमना ले गए, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने कहा- हालत अब स्थिर, पुलिस की अपील अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने की वजह से दोनों घायलों की हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद हनुमना थाना पुलिस ने भी मामले का ब्योरा लिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गाड़ी चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, रफ्तार पर काबू रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, क्योंकि सावधानी ही सड़क हादसों से बचने का एकमात्र तरीका है।
PM किसान की 23वीं इन्सटॉलमेंट जारी:सीतामढ़ी के 2.38 लाख किसानों को 47 करोड़ रुपए मिले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से आयोजित एक सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत सीतामढ़ी जिले के लगभग 2 लाख 38 हजार किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से करीब 47 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2-2 हजार रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसी क्रम में, 23वीं किस्त के रूप में किसानों को 2 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। सीधा प्रसारण देश के सभी जिलों के कृषि कार्यालयों में जिला कृषि कार्यालय के आत्मा सभागार में पात्र किसानों को बैठाकर एक साथ सम्मान कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि उन तक पहुंचाई गई। पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश के सभी जिलों के कृषि कार्यालयों में किया गया। लाखों किसान इस योजना का लाभ उठा रहे कृषि विभाग के अनुसार, जिले के लाखों किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। किस्त जारी होने के बाद किसानों के मोबाइल पर राशि जमा होने के संदेश भी आने लगे हैं। किसानों ने बताया कि खेती-किसानी के बढ़ते खर्च के बीच सरकार की यह सहायता बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों में काफी मददगार साबित होती है। सरकार का दावा है कि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से योजना की राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
किशनगंज में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमिटी ने महंगाई, बेरोजगारी और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर आयोजित इस विरोध मार्च में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहाबुल अख्तर ने की। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव आश्रम से गांधी चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। गांधी चौक पहुंचकर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया गया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद, विधायक कमरूल हुदा, बहादुरगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी प्रो. मोसब्बीर आलम, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. आजाद साहिल, पूर्व जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू तथा नगर अध्यक्ष सजल कुमार साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने जनहित के सवालों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
नालंदा के प्रतिष्ठित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स), पावापुरी से एक मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर के एक बाथरूम से महज दो दिन की नवजात बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे चिकित्सा संस्थान में हड़कंप मच गया। आरोप है कि किसी निर्दयी ने नवजात बच्ची का सिर ऐंठकर उसे बाथरूम की कमोड (सीट) में फेंक दिया। अस्पताल कर्मियों ने बाथरूम में शव देखे जाने के बाद तुरंत वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रबंधन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे अस्पताल के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए वार्ड और गलियारों में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को बाथरूम तक कौन ले गया था। पावापुरी के अधीक्षक डॉ. जकी जमाल ने कहा कि यह मानवता को पूरी तरह शर्मसार करने वाली घटना है। अस्पताल प्रशासन पुलिस को पूरा सहयोग कर रहा है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अपनों पर ही शक की सुई, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल आशंका जताई जा रही है कि नवजात बच्ची का जन्म हाल ही में इसी अस्पताल में हुआ था। इसके मद्देनजर पुलिस की शक की सुई अस्पताल के प्रसूति वार्ड (लेबर वार्ड) में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों की ओर घूम रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी या आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है। इस जघन्य घटना ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में, जहां हर वक्त सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, कोई कैसे एक नवजात बच्ची को लेकर बाथरूम तक चला गया और किसी को भनक तक नहीं लगी? जल्द होगा मामले का खुलासा- थाना अध्यक्ष मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पावापुरी थाना पुलिस हर पहलू और एंगल से जांच कर रही है। पावापुरी की कार्यवाहक थाना अध्यक्ष भावना कुमारी ने बताया कि पुलिस सबूत को जुटाने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल के रिकॉर्ड के मिलान के आधार पर जल्द ही आरोपी को चिन्हित कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
नूंह शहर में आवारा कुत्तों के हमलों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है। पिछले केवल तीन दिनों के भीतर ही दर्जनभर से अधिक लोग इन हमलों का शिकार हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नूंह में इसी अवधि के दौरान 28 मरीजों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। हाल ही में सब्जी मंडी के पास एक आवारा कुत्ते ने चार लोगों को अपना निशाना बनाया, जिसमें एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा लाखों रुपये खर्च करके चलाया गया कुत्ता पकड़ो अभियान जमीनी स्तर पर पूरी तरह बेअसर साबित हुआ है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित सीएचसी (CHC) से मिले आंकड़ों के अनुसार, 16 से 20 जून के बीच कुत्तों के हमले से घायल होने वाले प्रमुख लोगों में कासिम (44), अली (4), माधव शर्मा (5), तनमय (9), मोहम्मद अल्फेज (5), साहून खान (41), केशव (6), रेनू (41), तुषार (4) और हर्ष बघेल (17) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पूरे महीने में पीड़ित मरीजों का यह आंकड़ा सैकड़ों तक पहुंच चुका है, जिसके कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शिकायतें फाइलों में दफन शहरवासियों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार सूचित करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। निवासियों का कहना है कि वे डीसी दरबार, समाधान शिविर और नगर परिषद के चक्कर काट कर थक चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। पालतू कुत्तों से भी खतरा वार्ड-13 निवासी यश माथुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें पड़ोसी के पालतू विदेशी नस्ल के कुत्ते ने काट लिया, लेकिन उस पर भी कोई एक्शन नहीं हुआ। वार्ड-4 स्थित अस्लाम मस्जिद क्षेत्र में 15-20 आवारा कुत्तों का झुंड घूम रहा है, जिसकी शिकायत लंबे समय से लंबित पड़ी है। चेयरमैन बोले- समस्या का समाधान जल्द करेंगे इस गंभीर समस्या को लेकर जब नूंह नगर परिषद के चेयरमैन संजय मनोचा से बात की गई, तो उन्होंने माना कि आवारा कुत्तों के काटने की कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस समस्या से राहत दिलाने के लिए जल्द ही शहर में एक प्रभावी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कौशांबी के पहाड़पुर कोदन हाईवे पर शनिवार को एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार संविदा फार्मासिस्ट रमेश निषाद (30) और उनके दोस्त विवेक द्विवेदी (32) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। महेवाघाट थाना क्षेत्र के टिकरा निवासी रमेश निषाद प्रयागराज के सोरांव हाईवे एंबुलेंस में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। सैनी कोतवाली क्षेत्र के बक्तियारां गांव निवासी विवेक द्विवेदी के साथ वे प्रयागराज में एंबुलेंस टीम में नौकरी के लिए आयोजित साक्षात्कार में शामिल होने जा रहे थे। यह दुर्घटना सैनी क्षेत्र के पहाड़पुर कोदन गांव के पास हुई। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर कंटेनर के पहियों के नीचे आ गए, जिससे उनकी जान चली गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। पुलिस ने बाइक के पंजीकरण नंबर के आधार पर मृतकों की पहचान की। इसके बाद, पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए।
बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मधेपुरा दौरे के दौरान राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर कड़ा रुख अपनाया। शनिवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि परिमार्जन, जमाबंदी और म्यूटेशन के नाम पर जनता से उगाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री जायसवाल ने बताया कि विभाग संभालने के लगभग 30 दिनों के भीतर ही 60 से अधिक अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार करने वालों का बिना दर्द वाला ट्रीटमेंट शुरू हो चुका है। मंत्री ने संकेत दिया कि आगे भी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देश विकास और सुशासन की दिशा में बढ़ा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और सुशासन की दिशा में बढ़ने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराना है। जायसवाल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है कि आम नागरिकों को परिमार्जन, जमाबंदी, म्यूटेशन और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनका लक्ष्य है कि लोगों को बिना रिश्वत के समय पर सेवाएं मिलें। उन्होंने दोहराया कि जनता के साथ अन्याय करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
क्रिटिकल केयर सोसाइटी, मेरठ चैप्टर के वर्ष 2026-27 सत्र के पदाधिकारियों का चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ। शहर के जाने-माने छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्यागी को अध्यक्ष चुना गया। डॉ. मितुल जैन सचिव और नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एचएम रस्तोगी वित्त सचिव बने। चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी ने शपथ भी ली। नई कार्यकारिणी में डॉ. अमित अग्रवाल को प्रेसिडेंट इलेक्ट बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. अमित गर्ग, डॉ. अवनीत राणा, डॉ. मेधावी तोमर, डॉ. शिवकांत अग्रवाल, डॉ. नवीन रस्तोगी, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. गगनदीप सिंह, डॉ. अचल गर्ग और डॉ. प्रदीप बंसल को एग्जीक्यूटिव मेंबर चुना गया है। अध्यक्ष डॉ. वीएन त्यागी ने कहा कि सोसाइटी अपने अकादमिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। चिकित्सा विज्ञान में होने वाले नए शोध, नई तकनीकों और विभिन्न कोर्सों की जानकारी सदस्यों को मासिक बैठकों के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर से जुड़ी कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, ताकि डॉक्टरों को नई जानकारियों और तकनीकों से अपडेट रखा जा सके। सचिव डॉ. मितुल जैन ने बताया कि सोसाइटी केवल चिकित्सकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को भी बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) के बारे में जागरूक करेगी। लोगों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में मदद मिल सके। नई कार्यकारिणी ने चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया है।
पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम ललौरीखेड़ा में शनिवार को सैकड़ों महिलाओं ने शराब की एक दुकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों द्वारा शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज महिलाओं ने यह कदम उठाया। यह दुकान मंदिर और स्कूल के मुख्य रास्ते पर स्थित थी। गांव की ओर जाने वाले मुख्य हाईवे पर स्थित यह दुकान एक देव स्थल (मंदिर) के बिल्कुल पास संचालित हो रही थी। इसी रास्ते से रोजाना गांव की महिलाएं, बेटियां और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान के पास अक्सर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता था। शराबी रास्ते में ही खाली बोतलें, गिलास और अंडे के छिलके फेंकते थे। नशे में धुत असामाजिक तत्व आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करते थे, जिससे वहां से गुजरने वाली महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को लेकर परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) पीलीभीत को एक लिखित शिकायती पत्र भी भेजा था। उन्होंने पत्र में दुकान को तुरंत हटाने की मांग की थी, क्योंकि इससे गांव का माहौल दूषित हो रहा था। हालांकि, आरोप है कि प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। लिखित शिकायत के बाद भी जब अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो गांव की महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित महिलाओं ने एकजुट होकर शराब की दुकान पर धावा बोल दिया और उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जहानाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पुलिस अब जांच में जुट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह दुकान हमेशा के लिए यहां से नहीं हटाई जाएगी, उनका विरोध जारी रहेगा।
महोबा में मामूली विवाद पर चले लाठी-डंडे:महिलाओं की पिटाई का वीडियो सामने आया, एसपी से की शिकायत
महोबा के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के गोविंद नगर में मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं पर बेरहमी से हमला करते देखा जा रहा है। घटना के बाद पीड़िता सुनीता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है। यह घटना उस वक्त हुई जब गोविंद नगर मोहल्ले में एक ही परिवार के दो पक्ष किसी मामूली बात पर आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक पक्ष हाथ में डंडा लेकर महिलाओं पर लगातार हमला कर रहा है। मारपीट में घायल सुनीता अपने परिवार के साथ न्याय की मांग को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं। सुनीता ने बताया कि लखन लाल और उनके परिजनों ने उन्हें डंडों और पत्थरों से पीटा। जब उनकी बहन बचाने आई, तो उसे भी पीटकर बेहोश कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि दबंग पिछले तीन दिनों से विवाद कर रहे हैं और स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी, बल्कि उन्हें थाने से भगा दिया। पीड़ित महिला सुनीता ने दूसरे पक्ष पर घर में घुसकर गाली-गलौज करने, जानलेवा हमला करने और छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस से मदद न मिलने के कारण उन्हें डर के साए में जीना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कुलपहाड़ कोतवाली प्रभारी अवधेश मिश्रा के अनुसार, यह पूरा विवाद एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच मामूली बात पर हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और तीन आरोपियों का चालान कर कानूनी कार्रवाई की है। हालांकि, कोतवाली प्रभारी ने महिला द्वारा लगाए गए छेड़खानी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की राजनीति में वायरल ऑडियो चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। इन 2 ऑडियो में BJP के एक जिला लेवल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता के बीच बातचीत हो रही है। इसमें सीएम के साथ-साथ उनके OSD के नाम पर किसी काम को करवाने के बदले पैसों के लेनदेन की बात चल रही है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन मामले की सच्चाई जानने के लिए उस पदाधिकारी को Whatsapp समेत 2 बार कॉल गई, लेकिन उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं की गई। इसके बाद उनको Whatsapp पर मैसेज भेजकर भी उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन वहां भी उनकी तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया। कार्यकर्ता बोला- उनसे ही बात करो इस मामले को लेकर दूसरे पक्ष से बातचीत की गई। जिले गांव के रहने वाले उस कार्यकर्ता ने बातचीत की, लेकिन कुछ भी बताने से साफ मना कर दिया। नाम नहीं लिखने की बात पर सिर्फ इतना ही कहा कि मैं कुछ कहना नहीं चाहता हूं। आप उनसे ही बात कर लो, जिसने पैसे लिए और कॉल कट कर दी। पहली आडियो की जरूरी बातचीत (पहला कार्यकर्ता और दूसरा पदाधिकारी ) पहला : पाजी ओ कम्म होया या नहीं, कि करेया कम्म दा कल दूसरा : इस महीने होजेगा कम तेरा, ओएसडी नू दे आया सीएम साहब दे पहला : ओ तो पैसे मंगदे पये ने दूसरा: कम्म हो गया बस, कल मैं ओएसडी साहब नू दे आया, ओ देख रहे हैं ना अज कल पहला : हुण फेर इक महीने दा टाइम तो बहुत होग्या दूसरा: एस महीने दे विच होजूगा, हो गई गल मेरी पहला पाजी, नाल दी नाल फोन कराके कम्म करा देना सी दूसरा : होजेगा कम, नाल दी नाल ए होजेगा। कम्म कराके आया मैं पहला : मेरी विनती ए हथ जोड़ के, मेरे रिश्तेदारी ते रोज फोन करदे ने दूसरा : चिंता ना कर, तेरा कम्म हो गया पहला : रिश्तेदार कैदा पैसे दिलवादे जे कम्म नी होंदा दूसरा: थम तो अपने पैसे की तैयारी करो, कम्म तो हो गया समझ दूसरी ऑडियो में जरूरी बातचीत पहला : कम्म तो होया नी दूसरा : दो-तीन दिन रहगे नहीं होया ते अपना सामान लेजी पहलाः पा जी, हुण एक-दो दिन ते कि होणा दूसरा: भई उन्ने इस महीने दा मंग्या ना, इस महीने दे अंदर-अंदर तेरा कम्म कर दूंगा पहला : महीने च दो दिन रहगे पा जी दूसरा : दो दिन वेट करो नहीं ते अपना सामान ले जो पहला :पाजी कोई गल नहीं है, तुस्सी देख लो, जे अज बन जे तै, कसम नाल ओ बंदे अज मेरे घर आके बैठे ने दूसरा : अ दो दिन रहगे भई हुन, कोई ज्यादा बड़ा कम्म थोड़ी ए पहला : दो दिनाच्च ना बने तो पैसे दे दयो, हथ जोड़ के विनती है मेरी दूसरा: अगले ने टैम मंगया है, टैम ओदा पूरा होजण दो पहला अच्छा, ते हुण फिर मैं पहली तारीख नू करां गल बात जी दूसरा : हां...। होमगार्ड की नौकरी के लिए पैसे दिए सूत्रो के मुताबिक, कार्यकर्ता के बेटे के साढ़ू ने साल 2012 से 2016 तक होमगार्ड में ड्यूटी की थी। 2016 में उसे नई पॉलिसी आने पर उसे ड्यूटी से हटा दिया था। करीब डेढ़ वर्ष पहले उसने इस संबंध में पदाधिकारी से संपर्क किया था। उस नौकरी को पक्की करने के एवज में दो लाख रुपए की डिमांड पदाधिकारी की ओर रखी गई। आधी रकम पहले दी गई इसमें आधी रकम यानी एक लाख रुपए पहले और आधे बाद में देना तय हुआ। अब दावा यही किया जा रहा है कि रकम देने के बावजूद उसका काम नहीं हुआ। हालांकि दैनिक भास्कर रकम के लेनदेन की पुष्टि भी नहीं करता है। हालांकि ऑडियो वायरल होने के बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता चुप्पी साधकर बैठे हैं। प्रदेश संगठन तक बात पहुंचाने का दावा सूत्रों के मुताबिक, इस ऑडियो में बातचीत करीब दो महीने पुरानी बताई जा रही है। काम नहीं होने पर कार्यकर्ता ने ऑडियो को प्रदेश संगठन को पहुंचाया था। उसके बाद प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद मामला ठंडा पड़ गया। अब ऑडियो के वायरल होने पर मामला गर्म हो गया।
सहरसा के शंकर चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विशाल विरोध रैली का आयोजन किया। इस रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी, नीट परीक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और पेट्रोल में इथेनॉल के अनिवार्य मिश्रण जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। रैली को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर देश को गर्त में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि कमरतोड़ महंगाई ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। झा ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि कांग्रेस सरकार के समय मिलावट करने वालों पर कार्रवाई होती थी, जबकि मौजूदा सरकार जनता की कमाई लूटकर गाड़ियों को कबाड़ बनाने में लगी है। मुकेश कुमार झा ने आगे कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अपने मंत्रियों और नेताओं को लूटने की छूट दे रही है, जबकि विरोधियों को सरकारी एजेंसियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा में पेपर लीक होने की घटना को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि सरकार उनकी मेहनत का मजाक बनाने से भी नहीं चूक रही है। इस विशाल रैली में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरीय नेता केशर कुमार सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि मो नईम उद्दीन, वरीय उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, राम शरण कुमार, बद्री प्रसाद यादव, सत्य नारायण चौपाल, रंजन यादव, शोभा कांत झा, बैधनाथ झा, मंगल झा, मो खाजा, नितीश कुमार, राम कुमार पासवान, भरत नारायण झा, वीरेंदर पासवान, गबन कुमार सिंह, प्रतिभा सिंह डोली, मृतुन्जय कुमार सिंह भरत झा, बिंदेशवरी यादव, अबिनाश कुमार भोलू, आलोक कुमार ठाकुर, हासिम अंसारी, बिनोद शर्मा, मो इस्माइल मो रुवान, बंटी झा और मो मोईन सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा-2026 का आयोजन 21 जून को अररिया जिला मुख्यालय के सात परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। जिला प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने की व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। जिला पदाधिकारी ने बैठक की परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक बैठक हुई। इसमें सभी केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। परीक्षा केंद्रों के रूप में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, +2 हाई स्कूल चांदनी चौक, +2 लीडर हाई स्कूल, अररिया कॉलेज, +2 आजाद एकेडमी और +2 महात्मा गांधी स्मारक उच्च विद्यालय को चिन्हित किया गया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। मोबाइल और स्मार्ट वॉच बैन परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित सभी प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूर्ण रोक रहेगी। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार सिंह को सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए 65 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा। परीक्षा की निगरानी के लिए स्टैटिक दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा बल तैनात पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर महिला पुलिस बल सहित पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और निगरानी में एसएसबी जवानों को भी लगाया जाएगा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उद्योग भवन में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 06453-222309 है। परीक्षा अवधि में बीएनएसएस की धारा 163 लागू रहेगी और केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट दुकानें बंद रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराई जाएगी।
गोपालगंज जिले में न्यायपालिका ने 54 साल पुराने भूमि विवाद मामले में एक महीने के भीतर फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 की अदालत ने इस लंबित मामले का निपटारा करते हुए अपीलकर्ताओं की अपील खारिज कर दी। यह कानूनी विवाद लगभग छह दशक पुराना है, जो भूमि के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था। फुलवरिया थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी रामावतार रावत ने सबसे पहले वर्ष 1965 में छपरा के सब जज-2 की अदालत में 'टाइटल सूट संख्या 59/1965' दायर किया था। अदालत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई यह वाद वर्ष 1971 में सब जज की अदालत से खारिज हो गया था, जिसके बाद 'टाइटल अपील संख्या 230/1971' दायर की गई। यह अपील पिछले 54 वर्षों से कानूनी प्रक्रियाओं के कारण लंबित थी। अंततः यह मामला गोपालगंज के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 की अदालत के समक्ष पहुंचा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 की अदालत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। रामावतार रावत और अन्य अपीलकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बच्चा सिंह ने पैरवी की। प्रतिवादी पक्ष गेना राउत और अन्य की ओर से अधिवक्ता महानंद मिश्रा और शैलेंद्र बहादुर मिश्रा ने अपना पक्ष रखा। निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों को सुना और उपलब्ध साक्ष्यों, पुराने दस्तावेजों तथा निचली अदालत के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया। सभी तथ्यों की जांच के बाद, अदालत ने अपीलकर्ताओं की अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही, छपरा के सब जज की अदालत द्वारा दिए गए निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा गया। इस फैसले के साथ ही भूमि बंटवारे को लेकर चली आ रही आधी सदी से भी लंबी कानूनी जंग का हमेशा के लिए पटाक्षेप हो गया कानूनी विशेषज्ञों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि पांच दशक से अधिक समय से लंबित मामले का महज 30 दिनों में निस्तारण कर देना न्यायपालिका की कार्यक्षमता का एक सकारात्मक और अनुकरणीय उदाहरण है।
महिला रेलवे कर्मचारी से पति ने की मारपीट:बेटी पर बनाया हिजाब पहनने का दबाव, पत्नी के सिर पर बैट मारा
लखनऊ में महिला रेलवे कर्मचारी ने पति पर जानलेवा हमले और बच्चों को धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति लंबे समय से सनकी और हिंसक व्यवहार कर रहा है। वह लगातार धर्म बदलने का दबाव और बेटी को हिजाब पहनने के लिए कहता है। फैजुल्लागंज की गौरभीठ रोड निवासी मन्जू राठौर ने पुलिस को दी तहरीर ने बताया साल 2012 में उनकी शादी मशकगंज निवासी सुमित राठौर से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति का व्यवहार संदेहपूर्ण और अजीब हो गया। वह कभी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता था और खुद टीले वाली मस्जिद जाने की बात कहता था। मन्जू रेलवे में नौकरी करती हैं और परिवार का खर्च उठाती हैं। आरोप है कि पति कोई काम नहीं करता और ऑफिस जाने के समय घर का दरवाजा बंद कर देता है। इसी वजह से उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर अलग मकान खरीदा, जिसकी किस्तें वह खुद चुका रही हैं। महिला का आरोप है कि पति बच्चों को भी पढ़ने नहीं देना चाहता। 10 साल की बेटी अगम्या को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करता है, जबकि 12 साल के बेटे आराध्य के साथ मारपीट करता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने स्कूल को भी लिखित सूचना दे रखी है कि छुट्टी के बाद बच्चों को पिता के साथ न भेजा जाए। पीड़िता के अनुसार, दो जून को ऑफिस से लौटने पर पति ने गेट नहीं खोला। मजबूर होकर उन्होंने 1090 और 112 पर कॉल की। पुलिस के आने पर दरवाजा खोला गया, लेकिन पुलिस के जाते ही पति ने डंडे से हमला कर दिया और मुंह पर थूकते हुए धमकी दी। इसके बाद महिला ने भाई और बहन को बुलाया। सामान लेकर बच्चों के साथ मायके जाने की तैयारी कर रही थीं, तभी आरोपी ने बैट से सिर पर वार कर दिया। बीच-बचाव करने आई बहन के हाथ पर भी हमला कर दिया, जिससे उसकी हथेली फट गई। महिला के सिर में पांच और बहन के हाथ में आठ टांके लगे। इंस्पेक्टर मड़ियांव का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
बेगूसराय में मनरेगा योजना में चल रही अनियमितताओं और धांधली की खबर कवर करने गए दैनिक भास्कर डिजिटल के पत्रकार पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के रानी वार्ड नंबर- 13 की है। दबंगों के किए गए हमले में पत्रकार दीपक कुमार राय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें सिर में चोट लगी है। इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में दीपक कुमार राय ने बताया कि बछवाड़ा प्रखंड में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी, रोजगार सेवक और पंचायत समिति की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी का खेल चल रहा है। सरकारी योजनाओं में बंदरबांट की जा रही है। इसी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए रानी वार्ड-13 में चल रही एक सड़क योजना (पीसीसी सड़क से प्राथमिक सहकारी कृषि समिति तक ईंट सोलिंग और मिट्टी भराई काम) का कवरेज कर रहे थे। योजना स्थल पर कागजों में तो मजदूरों की हाजिरी दर्ज थी, लेकिन धरातल पर एक भी मजदूर काम करता हुआ नहीं मिला। इस योजना के नाम पर फर्जी हाजिरी दिखाकर करीब 1 से 1.5 लाख रुपये की अवैध निकासी की जा रही थी। हमने जैसे ही इस धांधली का वीडियो बनाने लगे, वहां मौजूद मनरेगा के बिचौलियों ने उन्हें रोक दिया। मनरेगा के काम की देखरेख करने वाले नीतीश कुमार और रॉबिन कुमार वहां पहुंचे। साथ ही वीडियो बनाने का विरोध करते हुए गाली-गलौज करने लगे। पत्रकार ने बताया कि हमने वीडियो बनाना जारी रखा, तो आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस बीच वार्ड सदस्य अशोक राय भी अपने बेटों के पक्ष में आ गए और उन्होंने भी जमकर मारपीट की। दबंगों ने बेरहमी से पीटते हुए कहा कि तुम्हें जहां जाना है जाओ, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैंने नीचे से लेकर ऊपर तक सबको पैसा देकर खरीद रखा है। मारपीट के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल पत्रकार को इलाज के बछवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के तुरंत बाद बछवाड़ा थाना अध्यक्ष को फोन कर मामले की जानकारी देने की कोशिश की। दो दिन पहले वार्ड सदस्य के साथ मारपीट लेकिन थाना अध्यक्ष ने कोर्ट में होने के बाद बात करने की बात कही। घायल दीपक कुमार राय ने मांग की है कि बछवाड़ा में मनरेगा के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े के इस बड़े खेल पर तुरंत अंकुश लगाया जाए। इस क्षेत्र में मनरेगा के तहत सक्रिय बिचौलियों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि जो भी योजनाओं की जानकारी मांगता है, उसके साथ मारपीट की जाती है। दो दिन पहले ही मनरेगा कार्यालय में एक अन्य वार्ड सदस्य के साथ भी इसी तरह की मारपीट की गई थी। इस घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश है। जिला पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष डब्लू कुमार ने बताया कि बछवाड़ा में मनरेगा में जमकर धांधली हो रही है। अब तो हमारे एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया गया। प्रशासन तुरंत आरोपियों पर कार्रवाई करे।
अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े प्रमुख मार्ग राम पथ का एक हिस्सा शुक्रवार को अमानीगंज स्थित जलकल विभाग के पास अचानक धंस गया। सड़क के बीच गहरा गड्ढा बनने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर मरम्मत कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से सीवर लाइन के ऊपर का हिस्सा कमजोर हो गया, जिसके चलते सड़क अचानक बैठ गई। घटना के समय मार्ग पर आवाजाही जारी थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई वाहन गड्ढे की चपेट में नहीं आया। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए राम पथ पर इससे पहले भी कई स्थानों पर सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप हुआ होता तो बार-बार सड़क धंसने जैसी घटनाएं सामने नहीं आतीं। लोगों ने पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच कराने और निर्माण से जुड़े अधिकारियों व ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। जांच के बाद होगी कार्रवाई प्रशासन का कहना है कि सड़क धंसने के कारणों की जांच कराई जा रही है। संबंधित विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राम पथ पर लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने न केवल निर्माण की गुणवत्ता बल्कि रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में ऐसी खामियां चिंता का विषय हैं और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
झांसी में फिर बदला मौसम, तेज हवाएं चल रहीं:दिन में 41℃ के बाद रात में 35 डिग्री सेल्सियस पर आया पारा
झांसी में शनिवार रात करीब 8 बजे के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली। शहर में तेज हवाएं चलने लगीं और आसमान में बिजली चमकने लगी। दिनभर की भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम में आए इस बदलाव से कुछ राहत मिली है। इससे पहले शनिवार को पूरे दिन तेज धूप और उमस का असर रहा। दोपहर के समय गर्मी के कारण लोग बेहाल नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को झांसी का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पहले ही शनिवार को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई थी। रात में मौसम बदलने के बाद लोगों को बारिश का इंतजार है। हालांकि अभी तक शहर के अधिकांश हिस्सों में केवल तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति बनी हुई है। वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार आगामी तीन दिनों तक झांसी और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी से बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। तापमान में अधिक गिरावट के संकेत नहीं हैं और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को अभी कुछ दिन और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
राजनांदगांव के लालबाग पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीसरे आरोपी जय उर्फ जया नेताम (23) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक निगरानी बदमाश और हिस्ट्रीशीटर है। जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस मामले के दो अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। मोबाइल पर बात कर रहे युवक से की थी मारपीट पुलिस के अनुसार, प्रार्थी युवराज साहू (38) निवासी अटल आवास, पेण्ड्री ने थाना लालबाग में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना 17 मई की रात करीब 8:45 बजे की है। युवराज अपने घर के पास मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी मोहल्ले के तीन भाई विजय नेताम, दीपक उर्फ टिकली नेताम और जय उर्फ जया नेताम वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने बिना किसी कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए युवराज के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए पिता पर फरसा से हमला मारपीट के दौरान युवराज के पिता गिरधारी साहू बीच-बचाव करने पहुंचे। इस पर आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसी दौरान आरोपी विजय नेताम ने अपने पास रखे फरसा (टंगिया) से गिरधारी साहू के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेण्ड्री में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। दो आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार प्रार्थी की शिकायत पर लालबाग पुलिस ने अपराध क्रमांक 207/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(2), 109(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन 18 मई को दो मुख्य आरोपियों दीपक उर्फ टिकली नेताम और विजय नेताम को गिरफ्तार कर लिया था। उनके कब्जे से हमले में प्रयुक्त फरसा भी बरामद किया गया था। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। मुखबिर की सूचना पर धराया फरार आरोपी घटना के बाद से तीसरा आरोपी जय उर्फ जया नेताम लगातार फरार था और पुलिस को चकमा दे रहा था। आरोपी के हिस्ट्रीशीटर होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। 20 जून को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर लालबाग पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
कासगंज में श्री रामलीला कमेटी (रजि.) के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में व्यापारी रोहतास यादव ने अपना आवेदन मुख्य चुनाव अधिकारी योगेश चंद्र गौड़ को सोरो गेट स्थित श्री परशुराम जी ज्वैलर्स पर सौंपा। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडे उनके प्रस्तावक और व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता अनुमोदक के रूप में उपस्थित रहे। चुनाव समिति के अनुसार, इच्छुक प्रत्याशी 23 जून तक अध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में सदस्यता रसीद, स्वहस्तलिखित आवेदन तथा प्रस्तावक एवं अनुमोदक के हस्ताक्षर सहित मोबाइल नंबर देना अनिवार्य किया गया है। चुनाव समिति में योगेश चंद्र गौड़ मुख्य चुनाव अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि गोपाल माहेश्वरी और अखिलेश अग्रवाल सर्राफ चुनाव अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह चुनाव केवल अध्यक्ष पद के लिए ही कराया जाएगा। प्रत्याशी की आयु 30 जून 2026 तक न्यूनतम 35 वर्ष होना आवश्यक है। चुनाव समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा और प्रत्याशियों की सूची 28 जून को प्रकाशित की जाएगी। अध्यक्ष पद के लिए मतदान 30 जून को शाम 4 बजे गंगा देवी भवन, रेलवे रोड, कासगंज में संपन्न होगा।
लुधियाना में एक पारिवारिक विवाद उस समय पुलिस केस में बदल गया, जब 6 वर्षीय बच्ची अचानक अपने दादा-दादी के घर के बाहर से लापता हो गई। बच्ची के गायब होने की सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया और परिजनों ने उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई। जांच के दौरान सामने आया कि बच्ची को उसकी मां अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया क्योंकि बच्ची के पिता की पिछले वर्ष संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है और उसके बाद से बच्ची अपने दादा-दादी के पास रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि मां ने अपनी एक सहयोगी के साथ मिलकर बच्ची को घर के बाहर खेलते समय अपने कब्जे में लिया। शिकायत मिलने के बाद थाना टिब्बा पुलिस ने महिला और उसकी सहयोगी के खिलाफ अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों आरोपी महिलाएं फरार बताई जा रही हैं, जबकि पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। दादा की शिकायत पर हरकत में आई पुलिसपुलिस के अनुसार आरोपी महिला की पहचान मान नगर, डाबा निवासी गुलसफा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने अपनी सहयोगी नुकानो की मदद से बच्ची को गुलाबी बाग स्थित उसके दादा-दादी के घर के बाहर से अपने साथ ले लिया। उस समय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। पिता की मौत के बाद दादा-दादी के पास रह रही थी बच्चीजानकारी के मुताबिक बच्ची के पिता इरफान की वर्ष 2025 में कथित रूप से आत्महत्या के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद से बच्ची अपने दादा-दादी के पास रह रही थी। परिवार ने उस समय गुलसफा पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी। बच्ची के लापता होने से मचा हड़कंप17 जून को बच्ची के दादा मोहम्मद यामीन ने थाना टिब्बा पुलिस को शिकायत दी कि उनकी पोती घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन कुछ देर बाद अचानक गायब हो गई। परिवार ने आसपास तलाश की तो पता चला कि गुलसफा अपनी एक महिला साथी के साथ बच्ची को अपने घर ले गई है। पुलिस ने घर से किया सुरक्षित बरामदपरिजनों की शिकायत के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुलसफा के घर पर दबिश दी। जांच के दौरान बच्ची घर के अंदर सुरक्षित मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर परिवार के हवाले कर दिया। मां और सहयोगी की तलाश जारीमामले की जांच कर रहे थाना टिब्बा के एएसआई कमलजीत सिंह ने बताया कि बच्ची की सुरक्षा को लेकर परिजनों ने गंभीर चिंता जताई थी। शिकायत और जांच के आधार पर पुलिस ने गुलसफा और उसकी सहयोगी नुकानो के खिलाफ बीएनएस की धारा 127(2), 137(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
हरदोई में 21 जून को नीट परीक्षा:2389 परीक्षार्थी 6 केंद्रों पर देंगे परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हरदोई में आगामी 21 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में 2,389 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से परीक्षा संपन्न कराने की करीब करीब सभी तैयारियां पूरी कर लीं हैं। जिलाधिकारी अनुनय झा ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी कर चुके हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 6 परीक्षा केंद्रों में आरआर इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, श्री वेणी माधव इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और सीएसएन पीजी कॉलेज शामिल है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली देहात और शहर क्षेत्र में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए यातायात प्रबंधन से लेकर केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान खलल डालने वाले या अनुचित साधनों का प्रयोग कराने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सतर्क नजर रहेगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा का घेरा कड़ा रहेगा और खुफिया विभाग को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मानकों के अनुरूप सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। प्रशासन का दावा है कि इन पुख्ता तैयारियों के चलते परीक्षा पूरी तरह सकुशल, शुचितापूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगी।
बागपत में युवक ने पत्नी की हत्या की:आठ साल पहले हरिद्वार में लव मैरिज की थी, आरोपी हिरासत में
बागपत जनपद के खैला गांव में एक युवक ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। घटना शनिवार दोपहर की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। खैला निवासी राहुल पुत्र भगवत ने आठ साल पहले हरिद्वार में मनीषा से प्रेम विवाह किया था। राहुल हरिद्वार में एक निजी कंपनी में काम करता था, जहां उनकी मुलाकात हुई थी। शादी के बाद वे खैला गांव आ गए थे। एक साल बाद यह दंपति दिल्ली चला गया, जहां राहुल ऑटो चलाने लगा और मनीषा एक कंपनी में नौकरी करने लगी। उनके दो बच्चे हैं - छह साल की बेटी किट्टो और चार साल का बेटा कविश। पिछले दो साल से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। इसी के चलते मनीषा बेंगलुरु में नौकरी करने चली गई थी और अपने बेटे कविश को भी साथ ले गई थी। बेटी किट्टो अपनी दादी शीला के साथ खैला गांव में रह रही थी। शनिवार को मनीषा पति राहुल के साथ खैला गांव आई थी। दोपहर में दोनों ने साथ खाना खाया। जानकारी के अनुसार, मनीषा वापस बेंगलुरु जाने वाली थी और बेटे को अपने साथ ले जाना चाहती थी। राहुल ने बेटे को ले जाने से मना कर दिया, जिससे वह आक्रोशित हो गया। गुस्से में आकर राहुल ने घर में रखे धारदार हथियार से मनीषा पर हमला कर दिया। हमले में मनीषा का गला कट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद राहुल ने खुद पुलिस को फोन कर सूचना दी। चांदीनगर थाना प्रभारी अतर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेज दिया है। थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि आरोपी पति से पूछताछ जारी है।
बाड़मेर पुलिस ने लाखों रुपए के सोने-चांदी आभूषण चोरी का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। चोर ने 5 दिन पहले रात में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी के खिलाफ मर्डर समेत 5 मामले पहले से दर्ज है। ताला तोड़कर ज्वेलरी और कैश चुराया थापुलिस के अनुसार, शिव नींबासर गांव निवासी तनसिंह पुत्र घुणसिंह ने 16 जून को पुलिस थाना शिव में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि 14 जून की रात को चोर घर में घुसे और बक्सों के ताले तोड़कर करीब 30-35 तोला सोना, 3 किलो चांदी के गहने और 46 हजार रुपए कैश चुरा ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू की गई। शिव थानाधिकारी मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचकर बारिकी से मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई। एसपी चूनाराम जाट ने चोरी की वारदात के खुलासे के लिए एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश के नेतृत्व में एएसआई वीरसिंह की टीम बनाई गई। टीम ने सूचना व तकनीकी मदद से संदिग्ध श्रवणसिंह पुत्र नारायणसिंह निवासी सिराणा पुलिस थाना सायला जिला जालोर को डिटेन किया गया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात करना कबूल किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चुराए सोने-चांदी के आभूषण और कैश रुपए बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मर्डर समेत 5 मामले पहले से हैं दर्जपुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से मर्डर, लूट और चोरी के 5 मामले दर्ज है। कार्रवाई में एएसआई वीरसिंह, हेड कॉन्स्टेबल कवेंद्र कुमार, कॉन्स्टेबल देराजराम, डालूराम, बिरबल मीणा, महिला कॉन्स्टेबल रवीना, डीसीआरबी कॉन्स्टेबल भूपेंद्र सिंह शामिल रहे।
ललितपुर में बवंडर से पति-पत्नी समेत तीन बेहोश:तेज हवा और बारिश के बीच पेड़ की डाल गिरी, आवागमन बाधित
ललितपुर जिले में शनिवार शाम तेज हवा और बारिश के दौरान दो अलग-अलग घटनाएं हुईं। मड़ावरा क्षेत्र में एक बवंडर की चपेट में आने से पति-पत्नी सहित तीन लोग बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, शहर के नेहरू नगर बाईपास रोड पर एक पेड़ की डाल टूटकर सड़क पर गिर गई, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा। मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम उल्दनाकलां में शनिवार को लगभग 40 फुट ऊंचा बवंडर उठा। इसकी चपेट में आने से घर के बाहर बैठे 60 वर्षीय उमराव लोधी, उनकी पत्नी प्रीमत बाई और बहू सविता बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में भर्ती कराया। गांव निवासी बबलू ने बताया कि अचानक आए बवंडर के कारण ये लोग बेहोश हुए। इसी शाम लगभग 6 बजे, नगर क्षेत्र के सिद्दन से नेहरू नगर की ओर जाने वाले बाईपास मार्ग पर तेज हवा के कारण एक विशालकाय पेड़ की डाल टूटकर सड़क पर आ गिरी। गनीमत रही कि विद्युत तार नहीं टूटे, जिससे बड़ी बिजली आपूर्ति बाधित होने से बच गई। सूचना मिलने पर बिजली आपूर्ति बंद की गई और विद्युतकर्मियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद डाल को काटकर सड़क साफ की, जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे मड़ावरा कस्बे में भी झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस से काफी राहत मिली।
समस्तीपुर में 4 महीने पहले ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी गांव के दरजानिया पुल के पास प्रॉपर्टी डीलर आदर्श कुमार उर्फ गणेश सहनी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने लाइनर की भूमिका निभाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार की पहचान हलई थाने के ददनपुर गांव निवासी सुरेश सहनी के बेटे राजीव सहनी के रूप में की गई है। अब उसे जेल भेजा जा रहा है। एएसपी संजय पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि गत 8 फरवरी को गणेश सहनी की पांच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में पूर्व में अंकित कुमार को गिरफ्तार किया था। अंकित कुमार ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा था कि इस घटना में उसने शूटर की भूमिका निभाई थी और जिस हथियार से गणेश सहनी की हत्या की गई थी ,उस हथियार को उसने हत्या के बाद राजीव सहनी को दे दिया था। राजीव इस घटना में लाइनर की भूमिका निभा रहा था । घटना के बाद से ही राजीव गांव से फरार हो गया था । इसी दौरान पुलिस को सूचना के आधार पर जानकारी मिली कि राजीव अपने घर पर आया हुआ है इसके बाद ताजपुर पुलिस व राज्य एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से गणेश सहनी की हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल ,एक मैगजीन और दो जिंदा गोली भी बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में फरार अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर अभी लगातार छापेमारी जारी है। 5 गोली मार कर हुा था मर्डर बता दें कि 8 फरवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी गांव के निवासी दरजानिया पुल के पास अपने निजी स्कूल से वापस लौट रहे थे. आदर्श कुमार उर्फ गणेश सहनी की बदमाशों ने पांच गोली मारकर हत्या कर दी थी। गणेश सहनी इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करता था। इस घटना के पीछे प्रॉपर्टी डीलिंग की ही बात सामने आई थी । इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद एएसपी संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस की टीम काम कर रही थी। पूर्व में इस मामले में अंकित कुमार नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया था ,जिसने सूटर की भूमिका निभाई थी। करीब तीन लाख रुपए की सुपारी लेकर गणेश सहनी की हत्या की गई थी। गणेश की हत्या इलाके में सक्रिय दूसरे प्रॉपर्टी डीलर ने कराई थी।
यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर तैनात श्रद्धा पांडे ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में टॉप किया है। शनिवार को BPSC ने लंबे इंतजार के बाद 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया। आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने रिजल्ट जारी करते हुए कहा कि आयोग के इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी थी। श्रद्धा पांडेय ने कुल 593 नंबर प्राप्त करके टॉप किया है। उन्हें SDM पद मिल सकता है। श्रद्धा पांडे प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र स्थित पचरास गांव की रहने वाली है। फिलहाल वह लखनऊ में पोस्टेड हैं। 2 तस्वीरें देखिए जानिए कौन हैं BPSC टॉपर श्रद्धा पांडेय? श्रद्धा पांडेय, प्रतापगढ़ में रहने वाले एक गरीब परिवार से आती हैं। BPSC में टॉप करने से पहले श्रद्धा पांडे उत्तर प्रदेश की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करके असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर काम कर रही हैं। उन्होंने UPPSC संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा- 2024 में EWS कैटेगरी से 153वीं रैंक हासिल की थी। श्रद्धा ने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया था। उन्होंने साल- 2021 में इतिहास और इंग्लिश लिटरेचर विषयों के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज से निकलते ही उन्होंने अपना पूरा फोकस सिविल सेवा की तैयारी में लगा दिया। उन्होंने अपने पहले ही अटेंप्ट में यूपी की पीसीएस परीक्षा क्वालीफाई की थी। अब जानिए किस विभाग में कितनी वैकेंसी थी अब जानिए परीक्षा में विवाद क्या रहे 1. 6 बार बदले पद, 3 बार बदली परीक्षा की तारीख BPSC 70वीं की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पदों की संख्या कई बार बढ़ाई गई। 18 सितंबर 2024 को 1,929 पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया था। इसके बाद 23 सितंबर को 1,957 पदों का विज्ञापन जारी हुआ। बाद में पदों की संख्या बढ़ाकर 1,964, फिर 2,031 और अंत में 2,035 कर दी गई। परीक्षा की संभावित तिथि भी कई बार बदली गई। पहले 30 सितंबर 2024, फिर 17 नवंबर और 13-14 दिसंबर की तारीख तय की गई। अंत में आयोग ने 13 दिसंबर को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया। 2. नॉर्मलाइजेशन पर बवाल, छात्रों पर किया गया था लाठीचार्ज परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन को लेकर छात्रों का विरोध शुरू हो गया था। पिछले साल 6 दिसंबर को हजारों अभ्यर्थी BPSC कार्यालय के बाहर जुटे और करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया था। पुलिस के समझाने के बावजूद छात्र नहीं हटे तो लाठीचार्ज किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र घायल हुए थे। एक छात्र का सिर फट गया था, जबकि दूसरे का पैर टूट गया था। छात्र नेता दिलीप को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी दौरान खान सर और गुरु रहमान भी छात्रों के समर्थन में मुसल्लहपुर हाट से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ गर्दनीबाग पहुंचे थे। दोनों शिक्षकों ने छात्रों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक हिरासत में रखा। देर रात तबीयत बिगड़ने पर खान सर को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 3. 13 दिसंबर की परीक्षा और बापू परीक्षा परिसर का विवाद 13 दिसंबर को बिहार के 912 परीक्षा केंद्रों पर BPSC 70वीं PT परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामला बढ़ने के बाद आयोग ने केवल बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द कर दी। हालांकि छात्र इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि यदि गड़बड़ी हुई है तो सिर्फ एक केंद्र की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया था। दो महीने तक गर्दनीबाग में चला था धरना बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे। छात्रों की मांग थी कि सभी 912 केंद्रों की परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराया जाए। यह आंदोलन करीब दो महीने तक चलता रहा, लेकिन आयोग अपने फैसले पर कायम रहा था। 18 जनवरी 2025 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने गर्दनीबाग पहुंचे थे। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं। आंदोलन को मिला था प्रशांत किशोर का समर्थन छात्रों की मांगों के समर्थन में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में उतर गए थे। उन्होंने री-एग्जाम की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया था। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा था। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… 'फिल्में देखकर लाश जलाई, सोचा था बच जाएंगे':यूपी में 2 हत्यारों को फांसी की सजा, कोर्ट बोला- जान लेने का हक सिर्फ भगवान को ‘आरोपी हिंसक मानसिकता के हैं, इसलिए हत्या करने के बाद लाश जलाई। जिंदगी भगवान की देन है। इसे खत्म करने का हक भी सिर्फ भगवान को है। अगर कोई इंसान किसी दूसरे की जान छीनता है, तो उसे जिंदा रहने का हक नहीं। ’ यह बात मुजफ्फरनगर में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने कही। उन्होंने चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में 8 साल बाद 2 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। पढ़ें पूरी खबर…
प्रयागराज में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी' की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता, सुरक्षा और परीक्षार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में 47 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 23 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो सभी गतिविधियों पर सीधी निगरानी रखेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई है। केंद्रों के भीतर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। प्रश्नपत्र केंद्रों पर पहुंचने के बाद मजिस्ट्रेट की सीधी निगरानी में रखे जाएंगे। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष रखने के लिए उड़न दस्तों (Flying Squad) को भी सक्रिय कर दिया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए, जिलाधिकारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को छात्रों के लिए पर्याप्त मात्रा में पीने के ठंडे पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षार्थियों को आवागमन में असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर भी अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि वे आसानी से अपने केंद्रों तक पहुंच सकें। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के लिए पूरी तत्परता दिखाई है।
जमुई के लक्ष्मीपुर इलाके के आनंदपुर गांव के एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवक पुलिस के बारे में आपत्तिजनक बातें कहते हुए गाली-गलौज कर रहा है। युवक की पहचान राजकुमार दास के रूप में हुई है, जो ITBP का जवान बताया जा रहा है और फिलहाल सिक्किम में तैनात है। जानकारी के अनुसार, राजकुमार दास के खिलाफ लक्ष्मीपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला भी दर्ज है। गलत के खिलाफ आवाज उठाऊंगा - जवान राजकुमार वायरल वीडियो में राजकुमार दास भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस को गालियां दे रहा है। वह लगातार कह रहा था कि वह गलत के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा और समाज के लिए लड़ने वाले व्यक्ति पर गोली चलाने को बर्दाश्त नहीं करेगा। युवक ने बिहार पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसी एक व्यक्ति के कहने पर गोली चलाई होगी। उसने कहा, मेरा आईडी डिलीट मार देना, मैं डरने वाला नहीं हूं। जय भीम, जय हिंद बोलूंगा और देश के लिए लड़ता रहूंगा। राजकुमार दास ने भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि वह सही काम कर रहे थे और सिस्टम के खिलाफ थे। महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें वीडियो में राजकुमार दास ने बिहार पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे पांच दिनों तक किसी थाने में केस दर्ज नहीं करते, बल्कि सेटलमेंट की बात करते हैं। उसने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसके एक रिश्तेदार का झगड़ा हुआ था, जिसमें उनका सिर फट गया था। 2 दिन बीत जाने के बाद भी जमुई के गिद्धौर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और सेटलमेंट के चक्कर में थी। युवक ने गिद्धौर थाने की महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं और उन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि, भरत तिवारी के एनकाउंटर करने वाले सावधान हो जाओ, इस तरह के एनकाउंटर से सम्राट चौधरी का तख्ता हिल जाएगा। जिस दिन बिहारवासी, भारतवासी जात-पात की लड़ाई को छोड़कर एक हो जाएगा तो आपकी सत्ता धूमिल हो जाएगा। कोई पुलिस वाले नहीं बचाएगा। सेना के जवान भी नेता को नहीं बचाएंगे, समझ जाओ, इज्जत करना सीखो, सम्मान करना सीखो, बहुत लोगों का खोपड़ी उल्टा होता है। जिस दिन ऐसा हुआ ना हम लोग अपनी बंदूक के नीचे कर देंगे। हम लोग जानते हैं कि सभी नेता भ्रष्ट है। जो भरत तिवारी के साथ एनकाउंटर किया गया है। वह पूरी तरह से गलत है। हम भीम आर्मी को सपोर्ट करते हैं, बुध को मानते है, हम मानवता के खिलाफ नहीं है। भीम आर्मी कभी गलत नहीं है, एक निहत्थे आदमी का एनकाउंटर किया है तुम लोगों ने, बिहार पुलिस मैं थूकता हूं। बिहार पुलिस अपनी वर्दी पर दाग लगा दिया है। जो शेर पुलिस वाले हैं, जो शेर फौजी है, उसकी इज्जत पर तुम लोगों ने कालिख पोत दी है। तुम्हारी वजह से पूरा वर्दी कलंकित हो गया है। हम लोग देश के लिए मरते हैं देश के लिए जीते हैं। इस मामले में जमुई SP विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जहां भी वह ड्यूटी कर रहा है इसे लेकर उनके सीनियर पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। उसके विरुद्ध जो केस है ,उस मामले में आगे कार्रवाई करेंगे।
हिसार जिले के गांव किरमारा में तूफान से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने को शनिवार को कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल का समर्थन मिला। विधायक धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनते हुए उनकी मांगों को पूरी तरह जायज बताया। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उचित मुआवजा देने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि 28 मई को आए भीषण तूफान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। तेज आंधी और तूफान के कारण किसानों के खेतों में लगी सोलर प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गईं, बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए तथा बिजली ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा। तूफान से हुआ था नुकसान उन्होंने बताया कि राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ से नुहियांवाली, सिरसा और फतेहाबाद की ओर जाने वाली 400 केवी विद्युत लाइन के कई पोल गांव किरमारा और कनोह क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त लाइन को बहाल करने के लिए खेतों के बीच अस्थायी रूप से नए पोल लगाए जा रहे हैं और नई लाइन बिछाई जा रही है। किसानों की चिंता है कि इन पोलों और उनके साथ लगाए जा रहे स्टे वायर के कारण उनकी कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा खेती के लिए अनुपयोगी हो जाएगा। वर्तमान में धान की बिजाई का समय है और ऐसे में किसानों को खेती संबंधी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नुकसान की भरपाई चाहते हैं किसान : सेलवाल सेलवाल ने कहा कि किसान बिजली व्यवस्था को बहाल करने के विरोध में नहीं हैं, बल्कि वे अपनी जमीन और फसल को होने वाले नुकसान की उचित भरपाई चाहते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि नई नीति के तहत प्रभावित किसानों को भूमि नुकसान का मुआवजा, खेतों की लेवलिंग का खर्च तथा कम से कम तीन वर्षों तक फसल नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए। विधायक ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी उनकी आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। इस अवसर पर सरपंच टेकराम, दलबीर किरमारा, धर्मपाल, कुलदीप, कलवन, झब्बर, जुगबीर, बांदर लितानी, मास्टर महेंद्र सिंह बिठमड़ा, मदन वर्मा, हवासिंह नैन सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण निषाद आज एकदिवसीय दौरे पर बेगूसराय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रेसवार्ता कर नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धि गिनाई। बेगूसराय में महिला के साथ हुए गैंगरेप और हैवानियत मामले पर उन्होंने कहा कि घटना पर कहा कि काफी दुखद है, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। जिस तरह का कुकृत्य कुछ लोगों ने किया वह दुखद है, हमारी संवेदनशील सरकार ने थानाध्यक्ष को सस्पेंड करने का काम किया है। जो भी पदाधिकारी और कितने भी बड़े अपराधी हो वह बख्से नहीं जाएंगे। उनको कड़ी सजा मिलेगी आने वाले दिनों में यह दिखेगा, जो अपराधी बिहार की छवि बदनाम करने की कोशिश करेगा, उस पर कड़ी करवाई होगी। आप सब देख रहे हैं कि कुछ छिटपुट घटना घट रही है, उनको भी हम नियंत्रण कर लेंगे। सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया से मीडिया का जमाना है, कहीं भी घटना होती है तो काफी उजागर हो जाता है। पहले जहानाबाद में घटना घटीट होता था तो लोकल पेपर में निकलता था, दूर तक नहीं पहुंच पाता था। अब कोई भी घटना होता है तो सोशल मीडिया से तुरंत सामने आ जाता है। पहले से अपराध का ग्राफ घटा है, मर्डर की बात बिहार में काफी हद तक कम हो गया है। अपहरण 99 प्रतिशत घट गए, परिवर्तन आया है, लॉ एंड आर्डर में सुधार हुआ है। पदाधिकारी ऐसा किया है सस्पेंड हुआ है और जिनकी भी लापरवाही होगा उन पर कड़ी करवाई होगी।पीड़िता से मिलने के सवाल पर कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि उनसे जल्दी मिलेंगे। आरा कि घटना पर कहा की उसकी जांच चल रही है, जो भी दोषी होंगे, उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। प्रधानमंत्री की ओर से तेल कम खाने की अपील पर उन्होंने बयान दिया। मंत्री ने कहा कि आज के युवा फैटी लीवर हो रहे हैं, इसलिए युवाओं के स्वस्थ रहने के लिए प्रधानमंत्री ने तेल कम खाने की अपील की है। अल्ट्रासाउंड में देखा जाता है कि फैटी लीवर से ग्रसित हैं। प्रधानमंत्री का विशेष प्रयास है जो हमारे देश के युवा हैं, उनको स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए प्रधानमंत्री ने कहा है तेल कम उपयोग करें, इससे बचें, हमारे देश के जो युवा हैं वह देश को आगे ले जा सकें। देश के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखी उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 12 साल में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ देश के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखी है। इस अवधि में देश ने आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा, जल प्रबंधन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल क्रांति के क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का काम किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है। किसान सम्मान निधि से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और सुशासन के बल पर भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रेसवार्ता का संचालन जिला मंत्री सह मीडिया प्रभारी शुभम कुमार ने किया। मौके पर जिला प्रभारी शशिभूषण उर्फ बबलू, जिला महामंत्री कुंदन भारती, जिला उपाध्यक्ष मृत्युंजय वीरेश और सुमित सन्नी सहित अन्य उपस्थित थे।
कोटपूतली में जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग की ओर से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजकीय पाना देवी कन्या महाविद्यालय, कोटपूतली के प्रांगण में सुबह 06 बजे से 08 बजे तक होगा। इसमें जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया है। आमजन को किया जागरूक योग दिवस समारोह के व्यापक प्रचार-प्रसार और आमजन में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एडीएम ओमप्रकाश सहारण और आयुर्वेद विभाग के सहायक निदेशक डॉ. मुकेश कुमार आर्य ने एक ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ई-रिक्शा नगर क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों को 21 जून के समारोह में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा और योग के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देगा। नियमित योग अभ्यास के बारे में बताया अधिकारियों ने बताया कि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और योग दिवस समारोह में उत्साहपूर्वक भाग लें। विभिन्न गतिविधियां आयोजित आयुर्वेद विभाग द्वारा जिला स्तरीय योग दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिलेभर में योग के महत्व और इसके लाभों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी विभागों, संस्थाओं और आम नागरिकों से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करने का आग्रह किया है।
संभल में पंखा ठीक करते मजदूर की मौत:करंट लगने से हादसा, युवक आज दिल्ली लौटने वाला था
संभल जिले में एक मजदूर की बिजली का पंखा ठीक करते समय करंट लगने से मौत हो गई। 19 वर्षीय युवक आज अपनी मजदूरी के लिए दिल्ली लौटने वाला था। घटना के बाद मृतक के परिजनों में दुख का माहौल है। यह घटना जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई गांव में हुई। मृतक मजदूर की पहचान नन्हे (19 वर्षीय) पुत्र सोहनपाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 बजे नन्हे बिजली के पंखे को ठीक कर रहा था। इसी दौरान पंखे में अचानक करंट उतर आया और वह उसकी चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर परिजन और मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। वे तुरंत युवक को कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेफर कर दिया। जब परिजन नन्हे को लेकर सीएचसी पहुंचे, तो वहां तैनात चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही घर में शोक छा गया। परिजनों की सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के चाचा चंद्रपाल ने बताया कि नन्हे पंद्रह दिन पहले ही दिल्ली से मजदूरी कर घर लौटा था और आज शनिवार को ही वापस दिल्ली जाने वाला था। नन्हे अविवाहित था। थाना प्रभारी धीरज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस गांव पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है।
शाजापुर जिले के मक्सी में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए शुक्रवार देर रात बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मक्सी थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक घर में 7 से 8 नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद महिला और उसके बच्चों को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर करीब 6 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लूट ली। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल है। शनिवार को मक्सी थाना पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खिड़की की जाली उखाड़कर घर में घुसे बदमाश फरियादी रुकसार (पति आजाद खान), निवासी वार्ड क्रमांक-1 नई आबादी मक्सी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात उनके पति किसी काम से आगर गए हुए थे। घर में वह अपने बच्चों के साथ अकेली थीं। रात करीब ढाई बजे खिड़की की लोहे की जाली उखाड़कर 3 से 4 बदमाश घर के अंदर घुस आए, जबकि उनके बाकी साथी बाहर पहरा दे रहे थे। सभी बदमाशों ने अपने चेहरे पर मास्क लगा रखा था और सिर पर साफा बांधा हुआ था। बदमाशों ने आते ही महिला और बच्चों पर चाकू अड़ा दिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर माल का पता पूछने लगे। अलमारी और बक्से खंगालकर जेवर-नगदी ले उड़े महिला और बच्चों को डराने-धमकाने के बाद बदमाशों ने पूरे घर का सामान बिखेर दिया। वे अलमारी और बक्से में रखी नगदी और सोने-चांदी के कीमती जेवर समेटकर रफूचक्कर हो गए। लूटे गए सामान में सोने की चेन, पेंडल, झुमके, नाक के कांटे, चांदी की बिछिया, पायजेब और करीब 30 हजार रुपए नगद शामिल हैं। जाते-जाते बदमाश महिला का मोबाइल भी छीन ले गए, जो बाद में बाहर टूटा हुआ पड़ा मिला। एक ही रात में कई जगहों पर धावे से गश्त पर सवाल बदमाशों का आतंक सिर्फ इसी घर तक सीमित नहीं रहा। उसी रात चोरों ने गोकुलधाम कॉलोनी के दो घरों और एबी रोड पर स्थित एक हार्डवेयर की दुकान के भी ताले तोड़ने की कोशिश की। इसके अलावा एक अन्य जगह पर भी चोरी की वारदात सामने आई है। थाने के इतने नजदीक और एक ही रात में लगातार हुई इन घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने संभाला मोर्चा घटना की गंभीरता को देखते हुए शनिवार सुबह पुलिस बल के साथ डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं और जल्द ही इस पूरी वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मेरठ में यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए शनिवार को यातायात पुलिस ने बेगम पुल से हापुड़ अड्डा तक विशेष चेकिंग और अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 2 बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया। वहीं ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालित होने पर 2 बसों को भी सीज कर दिया गया। वाहनों में मॉडिफाइड और अवैध परिवर्तन पाए जाने पर 2 वाहनों के चालान किए गए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 12 चालान काटे गए। इसके अलावा सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। इस दौरान 20 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटवाया गया। संबंधित दुकानदारों को धारा 168 बीएनएसएस के तहत विधिक नोटिस भी तामील कराए गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और सड़क मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
दूल्हे के पिता विदाई की गाड़ी से घायल:गाड़ी बैक करते समय हुआ हादसा, कायमगंज से आई थी बारात
फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान दूल्हे के पिता विदाई की गाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें लोहिया अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना शनिवार दोपहर को गांव भरखा पट्टी में हुई, जब कायमगंज के गांव ज्योनी से आई बारात की विदाई हो रही थी। जानकारी के अनुसार, कायमगंज के गांव ज्योनी निवासी संतराम के बेटे आदेश की बारात शुक्रवार को भरखा पट्टी गांव आई थी। रात में जयमाल सहित अन्य सभी वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। शनिवार दोपहर बाद दुल्हन की विदाई की तैयारी चल रही थी। दुल्हन के घर से कुछ दूरी पर विदाई वाली गाड़ी खड़ी थी। चालक विवेक गाड़ी को तेज रफ्तार में पीछे कर रहा था। इसी दौरान सड़क पार कर रहे दूल्हे के पिता संतराम गाड़ी की चपेट में आ गए। टक्कर लगने से वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लड़की पक्ष के लोग विदाई कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल की ओर दौड़े। दूल्हा आदेश भी मौके पर पहुंचा और गंभीर रूप से घायल पिता संतराम को निजी वाहन से लोहिया अस्पताल ले गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गाड़ी चालक विवेक ने बताया कि वह गाड़ी को बैक कर रहा था और दूल्हे के पिता उसके बराबर में चल रहे थे। अचानक उन्होंने सड़क पार करने की कोशिश की, जिससे वे गाड़ी की चपेट में आ गए। घटना के बाद आनन-फानन में दुल्हन की विदाई कराई गई।
गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत विशाखापट्टनम निवासी 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी राधा गायत्री की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में मृत मिली महिला के पिता परुपुदी सुधाकर ने बेटी का अंतिम संस्कार करने के बाद मसूरी पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने अपने दामाद सौम्या श्रीचरण पर बेटी की हत्या की साजिश रचने का शक जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। उनका कहना है कि दामाद पिछले कई महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था और अब घटना को शराब सेवन या दुर्घटना से जोड़कर मामले को भटकाने की कोशिश की जा रही है। पिता बोले- नशीला पदार्थ जबरन पिलाया पिता ने बताया कि उनकी बेटी की मौत 15 जून को मसूरी के एक होटल में हुई थी। उनका कहना है कि उनकी बेटी शराब नहीं पीती थी, इसलिए शराब सेवन की बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने आशंका जताई कि दामाद ने कोल्ड ड्रिंक या किसी अन्य पेय पदार्थ में शराब अथवा कोई नशीला पदार्थ मिलाकर बेटी को जबरन पिलाया हो सकता है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था। करीब सात महीने पहले दोनों की शादी हुई थी और परिवार की ओर से रिश्ते सुधारने की लगातार कोशिश की जा रही थी। घटना की जानकारी समय पर नहीं दी मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें समय पर पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने दामाद से घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो मांगे थे, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि परिवार आंध्र प्रदेश में रहता है, इसलिए उत्तराखंड पहुंचने में समय लगा। उनके अनुसार घटनास्थल की परिस्थितियां भी संदेह पैदा करती हैं। उनका कहना है कि यदि मौत अचानक या स्वाभाविक होती तो शव बिस्तर पर होना चाहिए था। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल पिता ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था और उन्हें केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा था। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दामाद से विस्तृत पूछताछ की मांग की है। अंतिम संस्कार के बाद लौटे मसूरी बेटी का अंतिम संस्कार विशाखापट्टनम में करने के बाद पिता दोबारा मसूरी पहुंचे और थाने में तहरीर देकर बेटी की मौत के लिए दामाद को जिम्मेदार ठहराया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने अब मामले की जांच नए सिरे से शुरू कर दी है। मसूरी क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फिलहाल कोई स्पष्ट संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया है, लेकिन मृतका का विसरा और हृदय जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट करीब एक महीने बाद मिलने की संभावना है। दवा के हैवी डोज से ब्रेन हैमरेज की आशंका डॉक्टरों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अत्यधिक शराब सेवन के साथ किसी दवा के अधिक मात्रा में सेवन से महिला का ब्लड प्रेशर अचानक काफी बढ़ गया होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण साइलेंट ब्रेन हैमरेज हुआ, जिसके चलते नाक और मुंह से रक्तस्राव हुआ और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, अभी तक पुलिस या चिकित्सकों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मृतका का विसरा और अन्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फोरेंसिक और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पिता के जन्मदिन पर घर आने वाली थी मृतका के पिता परुपुदी सुधाकर का 19 जून को 60वां जन्मदिन था। परिवार के अनुसार, गायत्री ने अपने पति के साथ 18 जून को विशाखापट्टनम पहुंचने की बात कही थी ताकि वह पिता का जन्मदिन परिवार के साथ मना सके। पी. सुधाकर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के पेंडुर्थी क्षेत्र स्थित चिन्नामुशिदिवाड़ा कॉलोनी में रहते हैं। परिवार के मुताबिक, गायत्री और उसके पति ने इसी कॉलोनी में एक नया फ्लैट भी खरीदा था। परिवार की योजना थी कि 19 जून को पिता का जन्मदिन मनाने के बाद नए घर में पूजा-पाठ और गृह प्रवेश से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई। ------------------ ये खबर भी पढ़ें : संदिग्ध दवा से लेडी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत: मसूरी घूमने आया था कपल, फर्श पर नग्न अवस्था में मिली मसूरी में एक दिन पहले महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला ने देर रात अपने पति के साथ पहले शराब पी और इसके बाद दोनों ने संदिग्ध दवा खाई। पढ़ें पूरी खबर…
जिले के चिखली पंचायत समिति क्षेत्र के ढेबरा गांव में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। दूषित भोजन के कारण एक ही परिवार के आठ सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिसमें एक किशोरी की मौत हो गई। परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ भोजन किया था। शनिवार को अचानक उन्हें तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसी दौरान 15 वर्षीय किशोरी की तबीयत ज्यादा बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के मुखिया रामा गुजरात के संतरामपुर से तुरंत गांव पहुंचे। वे आनन-फानन में बीमार सदस्यों को लेकर सागवाड़ा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचे। बीमार हुए सात सदस्यों को, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं, सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक ही परिवार के इतने सारे लोगों के गंभीर हालत में पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों की विशेष टीम ने उनका इलाज शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। खाद्य सुरक्षा और चिकित्सा अधिकारियों ने फूड पॉइजनिंग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के पीछे का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक प्रताप अजेय ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (यूजी) परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस बल को ब्रीफ किया। यह ब्रीफिंग पुलिस लाइन सभागार में आयोजित की गई। ब्रीफिंग के दौरान, एसपी सिटी ने ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुंचकर अपनी ड्यूटी संभालें। परीक्षा शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था का भलीभांति निरीक्षण करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि पर तत्काल कड़ी नजर रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर प्रखर पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी सिकंदराबाद दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किश्त जारी कर दी गई है। इसके तहत बुरहानपुर जिले के 59,546 किसानों के खातों में कुल 11 करोड़ 90 लाख 92 हजार रुपए की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के खातों में 18,880 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी की। इसी अवसर पर बुरहानपुर जिले में परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विधायक अर्चना चिटनिस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, बड़ी संख्या में किसानों और महिलाओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और सुना। इस दौरान विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के उत्थान और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास लाने वाली एक ऐतिहासिक योजना बताया। चिटनिस ने जोर देकर कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं के प्रति प्रधानमंत्री के सम्मान, विश्वास और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा, डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, रुद्रेश्वर एंडोले, ईश्वर चौहान, सुनील वाघे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और महिलाएं मौजूद थीं।
मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में भंडार की गिनती लगातार आगे बढ़ रही है और अब यह आंकड़ा 32 करोड़ 59 लाख 3 हजार 200 रुपए तक पहुंच गया है। शनिवार को हुई पांचवें राउंड की काउंटिंग में 1 करोड़ 46 लाख 75 हजार रुपए की गिनती की गई। इसके साथ ही इस बार मंदिर के भंडार से निकली कुल राशि 32.59 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, रविवार को गिनती नहीं होगी, क्योंकि उस दिन बैंक बंद रहेंगे और मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में अब अगली काउंटिंग सोमवार को होगी। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को भंडार गिनती का अंतिम चरण पूरा हो सकता है। पांचवें राउंड में 1.46 करोड़ से ज्यादा की गिनती, कुल रकम 32 करोड़ 59 लाख के पार पहुंची मंदिर के भंडार की गिनती शनिवार को पांचवें राउंड में पहुंची। इस दौर में 1 करोड़ 46 लाख 75 हजार रुपए की गिनती की गई। इससे पहले चार राउंड की गिनती पूरी हो चुकी थी और अब पांचवें राउंड के बाद कुल राशि 32 करोड़ 59 लाख 3 हजार 200 रुपए तक पहुंच गई है। शनिवार सुबह राजभोग आरती के बाद काउंटिंग शुरू हुई, जो शाम तक चली। कल नहीं होगी काउंटिंग, बैंक बंद और मंदिर में भीड़ को देखते हुए फैसला मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि रविवार को भंडार की गिनती नहीं की जाएगी। इसके दो मुख्य कारण हैं। पहली वजह बैंक बंद होना है और दूसरी वजह मंदिर में रविवार को रहने वाली भीड़ है। गिनती की प्रक्रिया में काउंटिंग बैंक कर्मी द्वारा भी की जाती है, इसलिए बैंक बंद होने पर काउंटिंग रोकने का फैसला लिया गया। इसके अलावा रविवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा रहती है, ऐसे में व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होता है। यही कारण है कि अब गिनती का अगला दौर सीधे सोमवार को रखा गया है। दान पात्र पिछले रविवार को खुला, लेकिन गिनती मंगलवार से शुरू हो पाई मंदिर का दान पात्र पिछले रविवार को खोला गया था, लेकिन उसी दिन बैंक बंद होने की वजह से गिनती शुरू नहीं की जा सकी। इसके बाद सोमवार को अमावस्या होने के कारण भी काउंटिंग नहीं हो पाई। इस तरह गिनती की प्रक्रिया एक दिन बाद नहीं, बल्कि मंगलवार से शुरू हुई। मंगलवार से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब पांच राउंड तक पहुंच चुकी है और कुल रकम 32 करोड़ 59 लाख 3 हजार 200 रुपए तक पहुंच गई है।
अनंतपुर में आंबेडकर प्रतिमा विवाद गहराया:एक पक्ष ने कार्रवाई की मांग की, दूसरे ने थाने पर दिया धरना
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के अनंतपुर गांव में शासकीय भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का विवाद शनिवार को और गहरा गया। शुक्रवार को प्रशासन ने मौके से प्रतिमा हटाकर शासकीय अभिरक्षा में ले ली थी। इस मामले में दिलीप और धर्मेंद्र नामक दो युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में शनिवार दोपहर बहुजन समाज के लोग कोलारस थाने पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तार युवकों को रिहा करने और प्रतिमा को पुनः स्थापित करने की मांग को लेकर दोपहर 2 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक धरना दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद धरना समाप्त हुआ और एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने दोनों युवकों को जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं, दूसरी ओर अनंतपुर और आसपास के गांवों के 200 से अधिक ग्रामीण कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने और गांव का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 18-19 जून की रात कुछ लोगों ने शासकीय भूमि पर प्रतिमा स्थापित की थी। इससे पहले 19 मई को भी ऐसी ही घटना हुई थी, तब भी प्रशासन ने प्रतिमा को अपनी अभिरक्षा में लिया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी लोग गांव में आकर गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणियां कर रहे हैं। इससे गांव का सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है और जातीय तनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों की पहचान कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जिस भूमि पर प्रतिमा स्थापित की गई थी, वह निजी नहीं बल्कि शासकीय भूमि है। नियमों के तहत किसी भी प्रतिमा की स्थापना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की है और दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नियम विरुद्ध किसी भी कार्य को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा।
पतारा ब्लॉक के ग्राम तिलसड़ा में स्वीकृत हेलीपैड के प्रस्तावित स्थल को बदलने की कवायद का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 16 मार्च 2024 को हेलीपैड निर्माण के लिए निविदा जारी की थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर हेलीपैड का स्थान परिवर्तन कराने का अनुरोध किया है। पत्र में प्रस्तावित भूमि को गांव के अंदर बताया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि चयनित भूमि पतारा-कानपुर नगर-जिठरौली मार्ग पर स्थित है और वहां तक पहुंचने के लिए लगभग साढ़े पांच मीटर चौड़ी डामर सड़क उपलब्ध है। साथ ही, प्रस्तावित स्थल के आसपास लगभग 100 बीघा ग्राम सभा की भूमि भी मौजूद है। ग्रामीणों ने बताया कि तिलसड़ा महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में ब्लॉक, तहसील, जनपद, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुका है। यह गांव विक्टोरिया क्रॉस सम्मान प्राप्त वीर सैनिक छत्ता सिंह की जन्मस्थली भी है। उनका कहना है कि प्रस्तावित हेलीपैड स्थल कानपुर-कबरई हाईवे से मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय विकास और आपातकालीन सेवाओं को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस मवई भच्छन गांव को नए हेलीपैड के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है, वहां की सड़क व्यवस्था तिलसड़ा की तुलना में अधिक खराब है। इसके अलावा, जूनियर हाईस्कूल घाटमपुर में पहले से एक हेलीपैड मौजूद है, जिसकी दूरी मवई भच्छन से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तिलसड़ा में स्वीकृत हेलीपैड का निर्माण यथास्थान कराने की मांग करते हुए दोनों गांवों के लिए समान मानक अपनाने की अपील की है।
इंदौर के एक बैग व्यापारी के साथ साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने व्यापारी के क्रेडिट कार्डों से लाखों रुपए निकाल लिए। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई, जब क्रेडिट कार्ड का बकाया जमा करने संबंधी मैसेज आया। इसके बाद व्यापारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। सराफा पुलिस के मुताबिक, राममार्ग कुंजरा बाखल निवासी मुफद्दल पिता असगर अली के साथ यह घटना हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे बैग का व्यवसाय करते हैं। उनके दोनों मोबाइल नंबर अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्डों से रजिस्टर्ड हैं। कुछ दिन पहले उनके पास एक क्रेडिट कार्ड का बिल जमा करने का मैसेज आया, जबकि उन्होंने उस कार्ड का इस्तेमाल ही नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने कस्टमर केयर से संपर्क किया। जांच में पता चला कि 27 अप्रैल से 7 मई के बीच उनके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 39 हजार रुपए मोबीक्विक ऐप के जरिए किसी अन्य खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। जब उन्होंने अपने अन्य क्रेडिट कार्डों की जानकारी निकाली तो उनसे भी ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई। इस तरह साइबर ठगों ने उनके मोबाइल नंबर हैक कर क्रेडिट कार्डों का दुरुपयोग करते हुए करीब 5 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए। मामले में व्यापारी ने शुक्रवार को केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।
पेंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम बंधी में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सवारियों से भरे ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो क्रमांक CG10BY7993 का चालक तेज गति से वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसने आगे चल रहे ऑटो क्रमांक CG31C5718 को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। ऑटो में सवार थे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हादसे के समय ऑटो में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सहित 8 यात्री सवार थे। दुर्घटना में 2 लोग गंभीर रूप घायल हैं। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पेंड्रा पहुंचाया। इलाज के दौरान बुजुर्ग ने तोड़ा दम अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं अन्य घायलों का इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की संभावना है। ड्राइवर की तलाश में पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का कारण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो को प्रद्युम्न तिवारी, जो जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं, चला रहे थे। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने वाहन जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा रही है।
बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर कस्टम मिलिंग राइस (CMR) का एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 10 ट्रकों को जब्त किया है। बालाघाट पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एफसीआई (FCI) गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया चावल कभी वहां पहुंचा ही नहीं, बल्कि उसे रास्ते में ही ठिकाने लगा दिया गया। 3 जून की रात को शुरू हुआ खेल यह पूरा मामला 3 जून की रात का है। छिंदवाड़ा के बोरगांव में स्थित एथेनॉल प्लांट के लिए एफसीआई गोदाम से तीन ट्रक सीएमआर चावल लेकर रवाना हुए थे। कलेक्टर के निर्देश पर मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने वारासिवनी स्थित 'संचेती राइस मिल' पर छापेमारी की। वहां से टीम ने एक ट्रक को रंगे हाथों जब्त किया, जिसमें 242 क्विंटल सीएमआर चावल लोड था। अन्य ट्रक सिवनी में मिले, चावल गायब जब जांच को आगे बढ़ाया गया, तो पता चला कि इसके साथ निकले बाकी के दो ट्रक भी एथेनॉल प्लांट नहीं पहुंचे थे। वारासिवनी पुलिस ने जब इन ट्रकों को ट्रेस किया, तो ये सिवनी के भोरकल खापा स्थित एक इंडस्ट्रीज में खड़े मिले। हैरानी की बात यह थी कि इन दोनों ट्रकों में वह सरकारी चावल गायब था, जो प्लांट के लिए भेजा गया था। पुलिस ने इन दोनों ट्रकों को भी तुरंत जब्त कर लिया। इसके बाद कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने 7 और ऐसे ट्रकों की पहचान की, जिनसे भेजा गया चावल कभी एथेनॉल प्लांट तक पहुंचा ही नहीं था। मिलिंग के नाम पर 'रीसाइकिल' की आशंका पुलिस को अंदेशा है कि एफसीआई गोदाम से एथेनॉल बनाने के लिए निकले इस सरकारी चावल को रास्ते में ही निजी राइस मिलों में उतार दिया गया और उसे मिलिंग के नाम पर दोबारा 'रीसाइकिल' (फेरबदल) कर सरकारी कोटे में खपाने की तैयारी थी। इस रैकेट का पता लगाने के लिए पुलिस सभी संबंधित वाहन मालिकों और ड्राइवरों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। दो मुख्य आरोपी अब भी फरार, जमानत याचिका खारिज इस 242 क्विंटल सीएमआर चावल की हेराफेरी और धोखाधड़ी के मामले में वारासिवनी पुलिस ने तीन मुख्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने संचेती राइस मिल के मालिक सौरभ संचेती, एव्हीजे एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड (एथेनॉल प्लांट, बोरगांव) के अधिकृत प्रतिनिधि राहुल प्रताप और ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेन्द्रे के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 316(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेन्द्रे को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मिल संचालक सौरभ संचेती और प्लांट प्रतिनिधि राहुल प्रताप अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। कोर्ट से इन दोनों की अग्रिम जमानत याचिका भी निरस्त (खारिज) हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम इनकी तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े चेहरों और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं।
गाजियाबाद में 37 जोड़े बने हमसफर:हिंदू रीति-रिवाज और निकाह से संपन्न हुए विवाह, सहायता राशि भी मिली
गाजियाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को विकास खंड मुरादनगर परिसर में भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के कुल 37 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। समारोह में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह और निकाह की रस्में संपन्न कराई गईं। आयोजित समारोह में अनुसूचित जाति वर्ग के 15, अन्य पिछड़ा वर्ग के 9, सामान्य वर्ग के 8 तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 5 जोड़ों का विवाह कराया गया। इनमें 32 हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया, जबकि मुस्लिम समुदाय के 5 जोड़ों का निकाह धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। नवदंपतियों को मिले उपहार और आर्थिक सहायता योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को करीब 21 हजार रुपये मूल्य की गृहस्थी उपयोगी सामग्री प्रदान की गई। उपहार में वर-वधु के वस्त्र, स्टील डिनर सेट, प्रेशर कुकर, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट और दीवार घड़ी समेत अन्य आवश्यक सामान शामिल रहे। इसके अलावा सरकार की ओर से प्रत्येक कन्या के बैंक खाते में 64 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित किए जाने का भी प्रावधान है। जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं समारोह में विधायक अजीतपाल त्यागी, प्रमुख क्षेत्र पंचायत राजीव त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, परियोजना निदेशक एवं खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी संदीप चौधरी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, सफल और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। समाज कल्याण विभाग ने निभाई अहम भूमिका समारोह के सफल आयोजन में समाज कल्याण विभाग और विकास खंड मुरादनगर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान परिजनों और मेहमानों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग में शनिवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला, जब भावी डॉक्टरों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक समझ का अनोखा संगम पेश किया। अवसर था ‘एनाटोमेनिया 2026’, जहां मेडिकल छात्रों ने मानव शरीर की जटिल संरचना को कला के जरिए बेहद सरल और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस आयोजन में एमबीबीएस प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला ने की। पूरे दिन कॉलेज परिसर में रचनात्मकता, सीख और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा। मिट्टी और कागज से बनी ‘जीवंत एनाटमी’ एनाटमी जैसे कठिन विषय को सरल बनाने के लिए छात्रों ने अपनी कल्पनाशक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। किसी ने क्ले मॉडलिंग के जरिए दिल और मस्तिष्क की संरचना को बारीकी से दर्शाया तो किसी ने क्विलिंग आर्ट से नसों और धमनियों के जटिल नेटवर्क को कागज पर जीवंत कर दिया। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग और मॉडल डिस्प्ले के माध्यम से मानव शरीर की विभिन्न प्रणालियों को प्रभावी ढंग से समझाया गया। क्विज और केस प्रेजेंटेशन में फर्स्ट ईयर का दबदबा कार्यक्रम में ‘एनाटमी क्विज’ और ‘क्लिनिकल केस प्रेजेंटेशन’ जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों से चिकित्सा विज्ञान से जुड़े जटिल प्रश्न पूछे गए। कड़े मुकाबले के बीच एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकतर प्रतियोगिताओं में बढ़त हासिल की और विजेता बने। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फैकल्टी का रहा अहम योगदान इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में एनाटमी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीति पांडेय के साथ डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. अलका नागर, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. आरती और श्रीमती पूजा गौतम सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सीहोर में चड्डीधारी चोर गिरोह ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे पटेल कॉलोनी, बढ़ियाखेड़ी और विजासन धाम कॉलोनी में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। चोरों ने दो मकानों से लाखों रुपए की चोरी की, जबकि कई अन्य घरों में सेंधमारी का प्रयास किया। इन घटनाओं ने शहर में पुलिस गश्त और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजासन धाम कॉलोनी में मेडिकल स्टोर संचालक अमित जायसवाल के मकान को चोरों ने निशाना बनाया। बदमाश खिड़की की ग्रिल उखाड़कर घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे, तभी आहट सुनकर अमित जायसवाल की नींद खुल गई। उनके द्वारा बाहर की लाइट चालू करते ही चोर मौके से फरार हो गए। पड़ोस के सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध भागते हुए दिखाई दिए हैं, जिनमें से दो ने अपने चेहरे नकाब से ढंके हुए थे। पूर्व नपाध्यक्ष के भाई के घर भी धावा बोलाइसी कॉलोनी में पूर्व नपाध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा के छोटे भाई सुरेंद्र सिंह अरोरा उर्फ अप्पी के मकान पर भी चोरों ने धावा बोला। यहां भी दो से तीन बदमाशों ने खिड़की की जाली उखाड़ने का प्रयास किया। मकान मालिक की नींद खुलने और लाइट जलाने पर बदमाश बाउंड्रीवाल फांदकर भाग गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहल्लों में लगे सीसीटीवी कैमरों में करीब पांच चोर दिखाई दिए हैं। सभी ने चड्डी-बनियान पहन रखी थी और उनके हाथों में धारदार हथियार भी नजर आ रहे थे। यह दर्शाता है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैंशहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैं। बीते एक पखवाड़े में आधा दर्जन से अधिक मकानों में चोरी हो चुकी है, जिसमें करौली माता मंदिर भी शामिल है। हालांकि, पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है और न ही किसी गिरोह की पहचान या किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है। इससे आम लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस की मौजूदगी केवल रिकॉर्ड और बैठकों तक सीमित रह गई है। दो लाख की नकदी और 24 लाख के जेवर ले गएबढ़ियाखेड़ी स्कूल के पीछे रहने वाले उमंग विनोदा आत्मज प्यारेलाल के सूने मकान में घुसे चोर लाखों रुपए का माल समेट ले गए। बताया जाता है कि वह अपने माता-पिता के साथ पुराना बस स्टैंड स्थिति पुराने मकान पर गुरुवार को रहने गए थे। जब वह घर पर पहुंचे तो देखा कि ताले टूटे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो पाया कि कमरों में रखी अलमारियों के ताले तोड़कर चोर लगभग दो लाख रुपए नकदी के अलावा 24 लाख रुपए कीमत के जेवरात ले जाने में कामयाब हुए थे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारियों ने मौका मुआयना करते हुए प्रकरण दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। एक कक्ष में 4 अतिथि शिक्षक 20 छात्रों को पढ़ा रहे थेइसी तरह बढ़ियाखेड़ी निवासी विकास राय आत्मज गौरीशंकर के मकान को भी निशाना बनाया गया, जहां से भी दो लाख रुपए की चोरी होना बताई जा रही है। विकास राय ने बताया कि वह ससुराल में शादी होने के कारण पत्नी के साथ इंदौर गए थे। शुक्रवार रात 9 बजे उनके पिताजी घर की बिजली चालू करके गए थे। आज (शनिवार) सुबह उन्हें पड़ोसियों ने फोन करते हुए चोरी की जानकारी दी। विकास का कहना है कि उनके घर से चोर लगभग दो लाख रुपए नकदी और चांदी की बिछिया, पायजेब आदि ले गए हैं। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
बूंदी के हिंडोली वन विभाग ने शनिवार को ग्राम अलोद में अवैध आरा मशीनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पांच अवैध आरा मशीनें सीज की गईं और बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी का स्टॉक जब्त किया गया। यह कार्रवाई डीएफओ डॉ. ए.एन. गुप्ता के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व एसीएफ सुनील धाबाई (नैनवां) और आरएफओ शिवप्रकाश चौधरी (हिंडोली) ने किया। इस संयुक्त टीम में हिंडोली, नैनवां और बूंदी रेंज के साथ-साथ गश्ती दल का स्टाफ भी शामिल था। पुलिस विभाग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग प्रदान किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम अलोद में पांच आरा मशीनें बिना लाइसेंस के संचालित पाई गईं। इन सभी मशीनों और संबंधित उपकरणों को जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया। जब्त किए गए अवैध लकड़ी के स्टॉक के साथ, संचालकों के खिलाफ राजस्थान वन उपज नियम 1983 और राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त एक लाइसेंसधारी आरा मशीन के निरीक्षण में स्टॉक रजिस्टर का उचित रखरखाव नहीं पाया गया। विभागीय नियमों के उल्लंघन के चलते उस पर जुर्माना लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन उपज के अवैध दोहन और अवैध आरा मशीनों के संचालन के खिलाफ भविष्य में भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
छतरपुर में नगर पालिका ने शनिवार को बस स्टैंड और महोबा रोड क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अभियान के तहत दुकानों के बाहर रखा सामान भी जब्त कर ट्रैक्टर में भरा गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में दिनभर गहमागहमी रही और बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। नगर पालिका के सहायक यंत्री देवेंद्र धाकड़ ने बताया कि बस स्टैंड और महोबा रोड पर अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा था, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती थी। इसी समस्या के समाधान के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बस स्टैंड क्षेत्र में सराय के बाहर बैठे 23 लोगों को पीछे शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। इसके अतिरिक्त, यहां प्रस्तावित सड़क और नाली निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्थान भी खाली कराया जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करने और शहर को व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। अतिक्रमण हटाने की मुहिम देर शाम तक चली।
मोतिहारी में NEET को लेकर प्रशासन अलर्ट:अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह, 13 केंद्रों पर होगी परीक्षा
पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन देशभर में आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में, सदर एसडीएम निशात सेहारा और सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम अधिकारियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के कोचिंग संस्थानों का दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि परीक्षा के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो। प्रत्येक केंद्र पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती सदर एसडीएम निशात सेहारा ने जानकारी दी कि जिले में कुल 13 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर बहु-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू रहेगी। प्रत्येक केंद्र पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सभी परीक्षार्थियों को शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना है। परीक्षा संबंधी नियमों का पालन करें सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से प्रशासन का सहयोग करने और परीक्षा संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की। नीट परीक्षा के लिए जिले में बाहर से आने वाले छात्रों का आगमन भी शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और कड़ी निगरानी में संपन्न कराई जाएगी, जिससे सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी टीम और मुरलीपुरा थाना पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए 500-500 रुपए के नकली नोटों की 14 गड्डियां बरामद की है। पुलिस को देखकर आरोपी बदमाश पीयूष चौधरी फिल्मी स्टाइल में बिना नंबर की कार को तेज रफ्तार में भगाने लगा। तभी पुलिस ने करीब 17-18 किलोमीटर पीछा किया और उसकी कार को साइड से टक्कर मारकर रुकवा लिया। तुरंत पुलिस ने आरोपी ड्राइवर पीयूष को हिरासत में लेकर गाड़ी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से नकली नोटों के अलावा फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली, वहीं सात अलग-अलग नंबर प्लेट भी बरामद की गईं। पुलिस अब आरोपी से नकली नोटों के स्रोत और उसके नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पीयूष चौधरी (21) निवासी झुंझुनूं हाल निवासी हरमाड़ा, जयपुर के रूप में हुई है। आरोपी पर पहले से दर्ज ठगी के मामले में 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मुख्य सड़क छोड़कर कॉलोनी की ओर भागने लगा आरोपी स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि मुरलीपुरा इलाके में सीकर रोड स्थित ढहर का बालाजी क्षेत्र में एक संदिग्ध कार की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान बिना नंबर की एक स्विफ्ट कार ड्राइवर पुलिस को देखकर मुख्य सड़क छोड़कर कॉलोनी की ओर भागने लगा। तभी पुलिस ने पीछा कर कार को टक्कर मारी, जिससे कार क्षतिग्रस्त भी हो गई। इस दौरान पुलिस ने कार को रुकवाकर ड्राइवर पीयूष चौधरी से पूछताछ करने लगी। तभी आरोपी हड़बड़ा गया, जिससे पुलिस को शक हुआ और उसे हिरासत में लेकर कार की तलाशी ली गई। 500-500 रुपए की 14 नकली नोटों की गड्डियां बरामद स्पेशल पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया कि तलाशी के दौरान कार से 500-500 रुपए की 14 नकली नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। आरोपी इन गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर पूरी गड्डी को असली बताता था। इसके बाद लोगों को ज्यादा रकम देने का लालच देकर असली नकदी ले लेता और बदले में नकली नोटों की गड्डियां थमाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट लगी कार भी जब्त की है। कार से 7 अलग-अलग नंबरों की नंबर प्लेटें भी बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। इस संबंध में मुरलीपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र में ठगी का मुकदमा दर्ज है, जिसमें उस पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने 50 से ज्यादा वारदाते करना स्वीकार किया है। ------------ नकली नोटों से संबंधित ये खबरें भी पढ़िए… हरियाणा में नकली नोट छापकर राजस्थान में चलाते थे:24.83 लाख नकली नोट बरामद, सरगना समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग डिटेन दौसा में पुलिस ने नकली नोट छापने और सप्लाई करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी है। आरोपियों के पास से 24 लाख 84 हजार रुपए के 500-500 के नकली नोट बरामद किए गए हैं। (पूरी खबर पढ़ें…) 35 हजार में बेचते थे एक लाख के नकली नोट:छापने के बाद सप्लाई की तैयारी थी; बरामद की थी 24.83 लाख की फेक करेंसी दौसा में नकली नोट छापने और सप्लाई करने वाले गिरोह के पकड़े गए 4 आरोपियों से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी 1 लाख के नकली नोट 35 हजार रुपए में बेच देते थे। फरीदाबाद (हरियाणा) में पुलिस ने दबिश दी तो आरोपी नोट छाप चुके थे। लेकिन उनकी कटिंग नहीं की थी। वे सप्लाई करने की तैयारी में थे। (पूरी खबर पढ़ें…)
पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने के लिए रची गई एक बड़ी साजिश अब पूरी तरह बेनकाब होती नजर आ रही है। जिस वीडियो को लेकर विपक्ष और कुछ राजनीतिक ताकतें लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही थीं, उसी मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले दिन से एक ही बात कहते रहे कि वीडियो पूरी तरह नकली है और इसकी जांच होनी चाहिए। अब खुद मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि उनके जैसा दिखने वाला एक एक्टर है। फॉरेंसिक जांच में 1191 फ्रेम की जांच की गई और एक भी फ्रेम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मेल नहीं खाता। यह केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि पंजाब के चुने हुए मुख्यमंत्री और पंजाब की जनता के जनादेश को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश थी। जांच से भागने की कोशिश नहीं की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कभी जांच से भागने की कोशिश नहीं की। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि वीडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच जनता के सामने आना चाहिए। यही एक ईमानदार और जिम्मेदार नेता की पहचान होती है। श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भी मुख्यमंत्री ने जत्थेदार गडगज के सामने भी अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन जब वह पूरे मामले को विस्तार से समझा रहे थे तो उन्हें अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं दिया गया। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने मर्यादा और सम्मान बनाए रखा। यह दिखाता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री सिख परंपराओं और धार्मिक संस्थाओं के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। पंजाब की जनता भी यह सवाल पूछ रही है कि अगर वीडियो को लेकर संदेह था तो फिर निष्पक्ष जांच से डर किस बात का था? जब मुख्यमंत्री स्वयं जांच की मांग कर रहे थे तो सच सामने आने का इंतजार क्यों नहीं किया गया? सीएम के खिलाफ साजिश का अंदेशा दरअसल बेअदबी के खिलाफ कानून बनाने के बाद भगवंत मान सरकार को लोगों का समर्थन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए कई जानकार पहले से ही मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी ऐसी साज़िश का अंदेशा जता रहे थे। भगवंत सिंह मान सरकार ने पिछले चार वर्षों में सिख धर्म और पंजाब की विरासत के सम्मान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। गुरुओं की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने, धार्मिक स्थलों के विकास और पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए फर्जी वीडियो का सहारा लेना राजनीतिक हताशा का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीजीपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस साजिश के पीछे शामिल लोगों की पहचान की जाए और दोषियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर कानून के सामने लाया जाए। यह संदेश साफ है कि पंजाब में झूठ, फर्जीवाड़े और साजिश की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए आज जब फॉरेंसिक जांच मुख्यमंत्री के दावे को सही साबित कर रही है, तब यह मामला केवल एक फर्जी वीडियो का नहीं रह जाता, बल्कि यह सच और झूठ की लड़ाई बन जाता है। पंजाब की जनता देख रही है कि एक तरफ साजिश रचने वाले लोग हैं और दूसरी तरफ एक ऐसा मुख्यमंत्री है जो जांच, पारदर्शिता और सच के साथ खड़ा है। फर्जी वीडियो की राजनीति भले कुछ समय के लिए भ्रम फैला सकती है, लेकिन सच को ज्यादा देर तक छिपाया नहीं जा सकता। भगवंत सिंह मान का रुख पहले दिन भी स्पष्ट था और आज भी स्पष्ट है, वीडियो नकली है, जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
शहर के हाउसिंग बोर्ड में रिया केटरिंग के गोदाम में शनिवार देर शाम के समय अचानक आग लग गई। गड्ढे, प्लास्टिक कैरेट ओर कैटरिंग के सामान ने आग जोर पकड़ ली। आग की लपटें गोदाम की जालियों ओर दरवाजों से बाहर निकलने लगी। इससे पूरे इलाके में काला धुंआ फैल गया। नगर परिषद की 2 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से करीब घंटेभर की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन सामान पूरा जलने से भारी नुकसान हुआ है। रिया केटरिंग के गोदाम में आग लगने की घटना हुई। गोदाम के अंदर से धुंआ उठता देख वहां काम करने वाले बाहर दौड़कर आ गए। वहीं, देखते ही देखते आग तेजी से भभकने लगी। गड्ढे, प्लास्टिक कैरेट ओर अन्य सामान में आग लगने से लपटें ओर काला धुंआ गोदाम के बाहर से दिखने लगा। धुएं का गुबार दूर तक ऊंच देखा गया। लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। नगर परिषद से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। गोदाम में पूरा काला धुंआ होने से अंदर जाने तक में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड से आग पर थोड़ा काबू करने के बाद फायरकर्मी अंदर घुसे ओर फिर पूरे गोदाम में फैली आग को कंट्रोल किया। फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियों से करीब घंटेभर में आग पर काबू पाया जा सका। गोदाम में सिलेंडर नहीं होने से बड़ा हादसा होने से भी टल गया, लेकिन गोदाम में रखा सामान पूरी तरह से जल गया हैं। वहीं, गोदाम की दीवारें भी पूरी तरह से काली पड़ चुकी हैं। फायरमैन अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने के अनुमान लगाया जा रहा है।
भिलाई में एक कॉलेज छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र का शव सेक्टर 4 में करीब 10 साल से बंद पड़े बीएसपी स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें लिखा है- इतनी नफ़रत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे शरीर को दफ़नाया नहीं जाना चाहिए, इसका अंतिम संस्कार (दाह-संस्कार) किया जाना चाहिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान दीपांशु वर्मा (22) के रूप में हुई है। वह कल्याण कॉलेज का छात्र था। दीपांशु के पिता बीएसपी कर्मचारी हैं। घरवालाें के मुताबिक, दीपांशु रोज की तरह घर से निकला था, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान जानकारी मिली कि बीएसपी सेक्टर-4 स्थित बंद पड़े स्कूल परिसर में एक युवक का शव लटका हुआ है। सूचना पर परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान दीपांशु के रूप में की गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में लिखा है- “मुझसे नफरत करने के लिए धन्यवाद। मेरे शरीर को दफ़नाया नहीं जाना चाहिए, इसका अंतिम संस्कार (दाह-संस्कार) किया जाना चाहिए।” हालांकि, नोट में किसी व्यक्ति का नाम या आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं लिखा गया है। शुरुआती जांच में पता चला कि छात्र ने बीएससी की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन नौकरी नहीं मिल रही थी, इसलिए वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह साइकिल से बीएसपी स्कूल बिल्डिंग आया था और खुद ही रस्सी खरीदकर लेकर आया था। घरवालाें ने बताया कि घर से निकलने से पहले दीपांशु ने अपनी मां से 100 रुपए मांगे थे। उस समय मां नींद में थीं और उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह घर से निकल गया। परिवार को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट समेत अन्य पहलुओं के आधार पर आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
फरीदाबाद के NIT-5 क्षेत्र में शुक्रवार रात गौ-तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि संदिग्ध तस्करों ने भागने के दौरान पुलिस वाहन को टक्कर मार दी और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गौ रक्षक सेवा दल के पदाधिकारी अरविंद ने पुलिस को सूचना दी थी कि NIT-5 के एक खाली प्लॉट में मौजूद गोवंश को कुछ लोग जबरन एक वाहन में भर रहे हैं। सूचना मिलने पर सीआईए सेक्टर-56 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही संदिग्ध लोग वाहन लेकर तेजी से भागने लगे। आरोपियों ने पुलिस वाहन को मारी टक्कर पुलिस टीम ने उनका पीछा किया, लेकिन आरोपियों ने बचने के प्रयास में सीआईए की गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा पीछा कर रही टीम पर पत्थर फेंके जाने का भी आरोप है। वाहन क्षतिग्रस्त होने के कारण पुलिस टीम आरोपियों का लंबे समय तक पीछा नहीं कर सकी और वे अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। नूंह पुलिस ने वाहन बरामद किया सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े एक संदिग्ध वाहन को नूंह पुलिस ने बरामद कर लिया है। वहीं फरीदाबाद के NIT थाना में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

