हरदोई में लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक सड़क हादसा हो गया। खेतुई स्थित बालाजी धाम जा रहे 55 साल के एक भक्त को पीछे से आ रही हाइड्रा क्रेन ने कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्रेन चालक वाहन छोड़कर भाग गया। पुलिस ने क्रेन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कोतवाली देहात क्षेत्र के भीठा महासिंह निवासी मुन्नीलाल (55) पुत्र धन्ना के रूप में हुई है। मुनीलाल के छोटे भाई लालाराम ने बताया कि मुन्नीलाल दो भाइयों में बड़े थे। वह एक ईंट भट्ठे पर चौकीदारी करते थे। उन्होंने शादी नहीं की थी और कुछ सालों से संत का जीवन जी रहे थे। उनकी बालाजी सरकार में बहुत आस्था थी। मुन्नीलाल हर मंगलवार को अपने गांव से करीब 7 किलोमीटर दूर खेतुई गांव स्थित बालाजी मंदिर के लिए दंडवत करते हुए जाते थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे भी वह इसी तरह गांव से निकले थे। यह हादसा लखनऊ-पलिया हाईवे की सर्विस लेन पर लालपालपुर चौराहे के पास हुआ। मुन्नीलाल सड़क पर दंडवत करने के लिए लेटे थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार हाइड्रा क्रेन ने उन्हें कुचल दिया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि मौके से क्रेन को कब्जे में लिया गया है। चालक की तलाश की जा रही है।
आगरा में पति ने पत्नी की हत्या की:एक महीने बाद घर आया था, पहले सिर पर वार किया फिर चाकू से गला काटा
आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र के गांव पीलीपोखर में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने पत्नी के सिर पर भारी वस्तु से प्रहार करने के बाद चाकू से गला काटकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। सुबह काफी देर तक घर से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोसियों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। पीलीपोखर निवासी राजकुमार सिकरवार के पुत्र विवेक की शादी करीब आठ वर्ष पहले एत्मादपुर क्षेत्र के गांव चली निवासी विजेंद्र सिंह की पुत्री किरण से हुई थी। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर किरण को परेशान किया जाता था। पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद और मारपीट हुई। इस संबंध में किरण के मायके वालों ने विवेक के परिजनों और पुलिस से भी शिकायत की थी। कई बार पंचायत के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार विवेक अक्सर शराब के नशे में रहता था। वह करीब एक माह से घर से बाहर था और सोमवार शाम को ही वापस लौटा था। आरोप है कि रात में घर पहुंचने के बाद उसने किरण के साथ मारपीट की और सिर पर भारी वस्तु से प्रहार करने के बाद चाकू से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह रात में ही घर से फरार हो गया। सुबह काफी देर तक किरण के घर से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम तथा डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतका के भाई ललित ने आरोप लगाया कि विवेक और उसके परिवार के लोग लगातार दहेज की मांग को लेकर किरण को प्रताड़ित करते थे। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन इसके बावजूद मारपीट का सिलसिला नहीं रुका। किरण के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा लक्ष्य करीब पांच वर्ष और छोटा बेटा चुन्नू करीब तीन वर्ष का है।इंस्पेक्टर खंदौली उपेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
फतेहाबाद में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की 34 दिन से हड़ताल जारी है। मंगलवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब प्रशासन पुलिस की मौजूदगी में हाईवे पर लगे कूड़े के ढेर साफ कराने पहुंचा। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक टीम का घेराव किया और नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया और मौके से हटा दिया। सफाई का विरोध करने पहुंचे थे कर्मचारी जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर नगर परिषद प्रशासन की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतपाल रोहज, सिटी एसएचओ संजय मोरवाल, नगर परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार की टीम के साथ हुडा सेक्टर के पास हाईवे पर बने डंपिंग पॉइंट पर सफाई शुरू कराने पहुंची थी। जैसे ही हड़ताली सफाई कर्मचारियों को इसकी खबर मिली, बड़ी संख्या में कर्मचारी विरोध करने मौके पर जमा हो गए। 40 हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लिया मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने सफाई का विरोध करते हुए प्रशासनिक टीम का घेराव किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने जल्दी कार्रवाई करते हुए लगभग 40 हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लिया और पुलिस गाड़ियों में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया। कर्मचारियों को मौके से हटाए जाने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने हाईवे के आसपास लगे कूड़े के ढेर साफ करने का काम शुरू किया। बाद में दूसरे बड़े डंपिंग पॉइंट भी साफ करवाए गए।
महेंद्रगढ़ में पुलिस ने एक शिकायतकर्ता को 46 लाख रुपए वापस कराए हैं। यह कार्रवाई जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े एक विवाद में की गई है। आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल ने इस मामले की गंभीरता से जांच की। पुलिस को मांडोला, सतनाली निवासी जयपाल ने 8 अक्टूबर 2025 को शिकायत दी थी। जयपाल ने आरोप लगाया था कि जमीन के सौदे के नाम पर उससे पैसे लिए गए। साथ ही, जमीन से जुड़े दस्तावेजों में भी कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया। शिकायतकर्ता का कहना था कि आरोपियों ने उससे पैसे लेने के बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम करवाई और न ही उसकी रकम लौटाई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल ने जांच शुरू की। बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे रुपए जांच में पता चला कि जयपाल ने जमीन खरीदने के लिए आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे। बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक, 15 अप्रैल 2025 को 39 लाख रुपए और 18 अप्रैल 2025 को 7 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। कुल 46 लाख रुपये की रकम दी गई थी। पुलिस ने नोटरी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और दूसरे सबूतों को जांच में शामिल किया। जांच के आधार पर थाना शहर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया। इस मामले में झोझू खुर्द, चरखी दादरी निवासी कबूल सिंह को 7 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर कानूनी कार्रवाई की गई और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 13 मुकदमे पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कबूल सिंह के खिलाफ पहले भी 13 अन्य मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, जालसाजी, लड़ाई-झगड़े और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। वहीं, मामले में नामजद आरोपी अभिषेक निवासी नन्दगांव, भिवानी के खिलाफ भी पूर्व में 3 अन्य मुकदमे दर्ज हैं,जो लड़ाई-झगड़े से संबंधित हैं। मामले में नामजद आरोपी अभिषेक ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत प्राप्त करने के बाद 7 सितंबर 2026 को जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज करवाए। पुलिस द्वारा मामले से संबंधित बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं तथा मामले की जांच जारी है। आर्थिक अपराध शाखा,नारनौल की प्रभावी जांच एवं कार्रवाई के परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता जयपाल को 46 लाख रुपए की राशि वापस मिली। पुलिस की इस कार्रवाई से जमीनी सौदे से जुड़े आर्थिक विवाद के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक में एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ मंजेश कुमार की अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सीमावर्ती बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरातरी जंगल से उसका शव बरामद किया। शव पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पीट-पीटकर और पत्थर से कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीते रविवार की शाम मंजेश कुमार निर्माण स्थल की ओर जा रहा था। मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास कियाइसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया और अपने साथ ले गए। बताया जाता है कि रास्ते में मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन अपराधियों ने उसे दोबारा पकड़ लिया। इसके बाद से ही वह लापता था। घटना की सूचना मिलने के बाद तिसरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गंभीरता को देखते हुए खोरीमहुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने खटपोंक निवासी पिंटू यादव को हिरासत में लिया। वहीं, उसकी निशानदेही पर मंगलवार को बिहार के पिपरातरी जंगल से मंजेश का शव बरामद किया गया। चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता थाबताया जाता है कि मृतक मंजेश कुमार बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला था और तिसरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता था। उसे करीब 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। परिजनों का कहना है कि मंजेश ईमानदार स्वभाव का था और काम में किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करता था। इसी वजह से कुछ लोगों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लियामृतक अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे, माता-पिता और भाई को छोड़ गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। वारदात में करीब आठ से नौ लोगों के शामिल होने की सूचना है, जिनमें कई लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव तिसरी थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कंपनी मालिक से फोन पर बात कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
सुल्तानपुर में 8 सितंबर को शाम 4 बजे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की भाईचारा बनाओ कमेटी ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम सुल्तानपुर की 188 विधानसभा के कस्बा पंचोपीरान में हुआ। इसमें भावी विधानसभा प्रत्याशी अनीश अहमद और भाईचारा के मंडल संयोजक सरताज खान मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे, जिनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान अनीश अहमद ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा के लोग मुसलमानों को सिर्फ चुनाव के समय इस्तेमाल करते हैं। अहमद ने आगे कहा कि अब मुसलमान पूरी तरह समझ गए हैं कि सभी पार्टियां उन्हें सिर्फ अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले 2027 के चुनाव में इसका बदला लिया जाएगा। कार्यक्रम में मंडल प्रभारी सरताज खान, जिला अध्यक्ष भाईचारा आदिल खान, वरिष्ठ नेता सेजल अम्बेडकर, सगीर अहमद, रईस अहमद, अनिल निषाद, भवानी निषाद, अरुण निषाद, शिवम् निषाद और चंद प्रकाश निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। भाईचारा बनाओ कमेटी ने इस मौके पर आजाद समाज पार्टी को हर बूथ पर मजबूत करने और 2027 में आजाद समाज पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लिया।
कन्नौज में स्कूल जाने वाले रास्ते पर जलभराव को लेकर दैनिक भास्कर की खबर का असर हुआ है। 5 सितंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर अधिकारी गांव पहुंचे। तालाब ओवरफ्लो होने से स्कूल का गेट बंद था। अफसरों ने सोमवार रात करीब 9 बजे तक मौके पर रहकर ट्रैक्टर से मिट्टी और मलबा डलवाया। मंगलवार सुबह पानी भरे रास्ते को किसी तरह चालू कराया गया। इसके बाद करीब 8 दिन बाद बच्चे स्कूल पहुंच सके और कक्षाएं संचालित हुईं। हालांकि स्कूल तक पहुंचने के लिए अब भी कोई अधिकृत रास्ता तय नहीं हुआ है। खबर के बाद अधिकारियों ने गांव में डाला डेरा सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामपुर के रास्ते लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। दैनिक भास्कर ने 5 सितंबर को इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भी दैनिक भास्कर से बात कर समस्या का समाधान कराने की बात कही थी। इसके बाद सोमवार सुबह डीएम के निर्देश पर बीएसए संदीप कुमार, तहसीलदार सदर, बीडीओ और खंड शिक्षा अधिकारी रामपुर गांव पहुंचे। जलभराव की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने पहले ग्राम प्रधान के घर पर बच्चों की कक्षाएं चलाने का निर्णय लिया। स्कूल के बाहर मिट्टी डालकर बनाया रास्ता सोमवार दोपहर बाद अधिकारी दोबारा गांव पहुंचे। निरीक्षण के बाद स्कूल तक बंद रास्ते को चालू कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद स्कूल की बाउंड्री के किनारे ट्रैक्टर से मिट्टी और मलबा डलवाने का काम शुरू कराया गया। अधिकारी रात करीब 9 बजे तक मौके पर डटे रहे। मंगलवार सुबह भी रास्ते में मिट्टी डलवाकर पानी के बीच से स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद बच्चे स्कूल पहुंच सके और करीब 8 दिन बाद स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं लग सकीं। 200 मीटर तक स्कूल का अधिकृत रास्ता नहीं ग्रामीणों के मुताबिक, प्राथमिक विद्यालय रामपुर मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर है, लेकिन स्कूल तक जाने के लिए कोई अधिकृत रास्ता नहीं है। सड़क किनारे प्लॉटिंग होने के साथ ही निहासें भरवा दी गई हैं। इससे स्कूल तक बच्चों और शिक्षकों के पहुंचने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल मिट्टी डालकर रास्ता बनाया गया है, लेकिन आसपास दुकानें और मकान बन गए तो यह रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। ऐसे में भविष्य में बच्चों और शिक्षकों के स्कूल पहुंचने की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। कीमती जमीन के बदले खेत में स्कूल बनाने का आरोप ग्रामीणों ने स्कूल की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल के लिए प्रस्तावित जमीन तत्कालीन ग्राम प्रधान ने अपने परिवार के सदस्यों को दे दी थी और इसके बदले खेत की जमीन पर स्कूल का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन और रास्ते की स्थिति की जांच सही तरीके से हो तो स्कूल के लिए स्थायी रास्ते की समस्या का समाधान हो सकता है।
विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को कैंसर मरीजों के इलाज के लिए कीमोथेरेपी डे-केयर सेंटर शुरू किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। सेंटर शुरू होने से विदिशा और आसपास के कैंसर मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम से पहले निकाला गया रोड शो कार्यक्रम से पहले केंद्रीय मंत्रियों का रोड शो भी निकाला गया। दोनों नेता एक रथ पर सवार थे। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। रोड शो में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। रेडियोथेरेपी समेत दूसरी सुविधाएं जोड़ने की तैयारी सेंटर के उद्घाटन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा को आज बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिली है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैंसर के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर काम हो रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह परमाणु ऊर्जा विभाग संभालते हैं। उनका विभाग और टाटा मेमोरियल संस्थान के सहयोग से कैंसर के इलाज की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी विदिशा में कीमोथेरेपी डे-केयर सेंटर शुरू हुआ है। आने वाले समय में यहां रेडियोथेरेपी समेत दूसरी जरूरी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। कैंसर मरीजों के लिए एक अलग कैंसर अस्पताल बनाने पर भी काम होगा। बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी विदिशा के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और दूसरे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। आने वाले समय में ये सुविधाएं विदिशा में ही उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों को लंबी यात्रा और ज्यादा खर्च से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विदिशा महानगर नहीं है, फिर भी यहां कैंसर मरीजों के लिए इतनी बड़ी स्वास्थ्य सुविधा शुरू होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कॉलेज में शुरू हुए डे-केयर सेंटर में तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार योग्य कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाएगी। इलाज के बाद घर जा सकेंगे मरीजडे-केयर मॉडल में इलाज के बाद मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद उसे घर जाने की सुविधा मिल सकेगी। इससे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत कम होगी।
सिरसा जिले में आज मंगलवार को स्वाइन फ्लू का एक और ताजा केस सामने आया है। मरीज की पहचान जगमालवाली निवासी के रूप में हुई है और वह बुजुर्ग महिला है। महिला का इलाज डीएमसी लुधियाना में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, आमजन कुछ समय के लिए भीड़-भाड़ वाली जगह और बाजार जाने से परहेज करे। अगर ऐसी जगह पर जाए तो मुंह पर मास्क अवश्य लगाए। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार पॉजिटिव केस आ चुके हैं, जिनमें एक 38 वर्षीय व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। जोकि शहर के चतरगढपट्टी एरिया का रहने वाला था और वह लीवर की बीमारी से ग्रस्त था। अभी दो और मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर है। इनमें एक महिला व बुजुर्ग शामिल है। बच्चा हाल ही में इलाज के बाद डिस्चार्ज हो चुका है। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के पास संदि विभाग ने सिविल अस्पताल में भी अलर्ट मैसेज जारी किया है और अस्पताल में अलग से स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना लिया है। अभी इनके अलावा कोई नया मरीज दाखिल नहीं है और न ही सैंपल आया है। यह मरीज बाहर के अस्पताल में दाखिल है और वहीं पर पॉजिटिव मिले हैं। स्क्रीनिंग करवाकर सैंपल जांच को भेजे स्वास्थ्य विभाग ने इन पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की भी स्क्रीनिंग करवाकर सैंपल जांच के लिए भिजवाए हैं। विभाग ने आमजन से भी संदिग्ध लक्षण मिलने पर डॉक्टर से जांच करवाने को कहा है, ताकि इस संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। ये हैं लक्षण: जैसे खांसी, जुकाम, बुखार या सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षण आदि, कोई भी इन संदिग्ध लक्षणों को नजरअंदाज न करें। अगर लापरवाही बरती तो संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। बच्चा हुआ डिस्चार्ज : सीएमओ स्वास्थ्य विभाग से सीएमओ डॉ. पवन कुमार के अनुसार, मंगलवार को एक महिला स्वाइन फ्लू से संक्रमित मिली है। उसका इलाज चल रहा है। अब 38 वर्षीय व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। राहत की बात है कि एक बच्चा डिस्चार्ज हुआ है। बाकी दो मरीजों का इलाज चल रहा है। हमने डॉक्टरों व नर्स स्टाफ की टीम बना दी है।
नगर निकाय आम चुनाव 2026 के प्रथम चरण के तहत झुंझुनूं जिले के नौ नगरीय निकायों में बुधवार को होने वाले मतदान के लिए मंगलवार को मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। जिलेभर में सुबह से ही मतदान सामग्री वितरण केंद्रों पर कर्मचारियों की चहल-पहल रही। सेठ मोती लाल कॉलेज परिसर में चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी और कर्मचारी ईवीएम, वीवीपैट तथा अन्य चुनाव सामग्री से भरे बैग हाथों में लेकर बसों और अन्य वाहनों के माध्यम से अपने निर्धारित मतदान केंद्रों की ओर रवाना होते दिखाई दिए। रवानगी से पहले सभी मतदान दलों को निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में ईवीएम, वीवीपैट और अन्य चुनाव सामग्री का मिलान एवं टेक्निकल जांच करवाई गई। प्रत्येक मतदान दल ने अपने रिकॉर्ड के अनुसार सामग्री का सत्यापन किया ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। दोपहर करीब 12 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान दलों को निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी रामकरण सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने वितरण केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मतदान दलों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 9 निकाय में होंगे चुनाव 9 सितंबर को जिले की नगर परिषद झुंझुनूं तथा नगर पालिका बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, मुकुंदगढ़, डूंडलोद, खेतड़ी और उदयपुरवाटी में सुबह से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। मतदान समाप्त होने तक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जाएगी। 2200 पुलिस के जवान होंगे तैनात प्रथम चरण के चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए 2200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील और महत्वपूर्ण मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है, जबकि सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। झुंझुनूं नगर परिषद में 94 मतदान केंद्र झुंझुनूं नगर परिषद क्षेत्र के 60 वार्डों के लिए कुल 94 मतदान बूथ बनाए गए हैं। इनमें 84 बूथ ऐसे हैं जहां 1400 तक मतदाता हैं, जबकि 10 बूथों पर 1400 से अधिक मतदाता होने के कारण अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं बगड़ नगर पालिका में 20 तथा सुल्ताना नगर पालिका में 25 मतदान बूथ बनाए गए हैं। इन दोनों निकायों में 1400 से अधिक मतदाताओं वाला कोई भी मतदान केंद्र नहीं है। यहां से रवाना हुए मतदान दल
मऊ में जमीन और जगह को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। घटना में कई महिला-पुरुषों के घायल होने की बात सामने आई है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव का है। जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना क्षेत्र निवासी तमन्ना खातून पत्नी फैयाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बहन अंजुम खातून पत्नी सरफराज के घर खालिसपुर गांव आई थीं। आरोप है कि 5 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे जमीन और जगह को लेकर उनकी बहन के पट्टीदारों से कहासुनी हो गई। तमन्ना के मुताबिक, देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलाम रसूल, आमीर, रियाज, सलीम, राबिया खातून, नाजिया, जैबुन नेशा और जुगनी समेत अन्य लोगों ने उनके साथ, उनकी बहन अंजुम खातून, जीजा सरफराज और बहन परमीन के साथ मारपीट की। लाठी-डंडों से मारपीट का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनके साथ लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट की गई, जिससे सभी को चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान किसी ने मारपीट का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पीड़िता की तहरीर के आधार पर सरायलखंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। सरायलखंसी थाना प्रभारी राकेश सिंह ने बताया कि जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैथल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिक्स भारतीय संवेदनशील जानकारियां चुराने के लिए डिजिटल पैंतरे अपना रही हैं। युवाओं को ठगने, अपने जाल में फंसाने का काम कर रही है। कैथल एसपी ने युवाओं को संदिग्ध तत्वों द्वारा अपनाए जा रहे डिजिटल हथकंडों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कहा कि सोशल मीडिया फर्जी कॉल, ऑनलाइन नौकरी, लॉटरी, फर्जी इनाम तथा भावनात्मक एवं धार्मिक बहकावे के माध्यम से युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे निजी अथवा संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है। धर्म और मजहब का सहारा लेकर युवाओं का माइंडवॉश एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने ने कहा कि पाकिस्तान के एजेंट अक्सर धर्म और मजहब का सहारा लेकर युवाओं का माइंडवॉश (ब्रेनवॉश) करते हैं। उन्हें धार्मिक रूप से भड़काकर, झूठी कट्टरपंथी बातों में उलझाकर और उकसाकर अपने ही देश के खिलाफ जासूसी करने के लिए तैयार किया जाता है। +92 कोड से फर्जी कॉल्स और मैसेज: +92 (पाकिस्तान का कंट्री कोड) या अन्य अंतरराष्ट्रीय नंबरों से युवाओं को कॉल्स और व्हाट्सप्प मैसेज आ रहे हैं। इनमें केबीसी, लॉटरी, कार जीतने या भारी कैश प्राइज का लालच दिया जाता है। इनाम की रकम क्लेम करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती है या फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर मोबाइल हैक कर लिया जाता है। संदिग्ध एजेंट फेक प्रोफाइल (खासकर महिलाओं के नाम से) बनाकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर दोस्ती करते हैं। धीरे-धीरे भावनात्मक या अश्लील बातचीत के जरिए युवाओं को ब्लैकमेल करने लायक सामग्री जुटा लेते हैं। पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन अर्निंग का लालच युवाओं को वर्क-फ्रॉम-होम, डेटा एंट्री, या टेलीग्राम टास्क के नाम पर पैसों का लालच दिया जाता है। बाद में उनसे छोटी-मोटी जासूसी, फोटो या लोकेशन शेयर करने को कहा जाता है। अवैध ऐप्स के जरिए युवाओं को कर्ज या सट्टेबाजी के जाल में फंसाया जाता है और बाद में ब्लैकमेल किया जाता है। देशविरोधी या जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कार्रवाई एसपी ने कहा कि देशविरोधी या जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत सख्त कार्रवाई होती है। जेल जाने के साथ ही सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और विदेश जाने के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। लॉटरी के लालच में युवा अपनी या परिवार की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। एक बार जाल में फंसने पर एजेंट निजी फोटो/वीडियो के दम पर लगातार ब्लैकमेल करते हैं। ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार होने के बाद युवा डिप्रेशन में चले जाते हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने युवाओं से अपील करते हुआ कहा की किसी भी व्यक्ति, संगठन या सोशल मीडिया ग्रुप के धार्मिक और उन्मादी भड़कावे में न आएं। +92 कोड से आने वाली किसी भी अनजानी कॉल, लॉटरी वाले मैसेज या व्हाट्सप्प लिंक को तुरंत इग्नोर, ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
उदयपुर के अरवाना मॉल के ट्रांसफॉर्मर पर ताला लगाने से एक महिला दुकानदार बिजली कनेक्शन के लिए परेशान है। इस मामले में बिजली विभाग ने हाथीपोल थाने में शिकायत दी है। विभाग के एक्सईएन संदीप कोठारी ने बताया- हम सीधे जाकर ताला नहीं खुलवा सकते। पुलिस की मदद से ही ताला खोला जाएगा। ट्रांसफॉर्मर का ताला खुलने पर ही महिला दुकानदार को बिजली कनेक्शन दे पाएंगे। इस संबंध में दुकानदार मदीना अली ने बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाने की शिकायत कलेक्टर और एसपी को करते हुए कार्रवाई की मांग की है। यहां से उन्हें आश्वासन दिया गया है। 8 महीने से कनेक्शन को भटक रही, CGRF के आदेशों की अवहेलना महिला दुकानदार मदीना अली ने बताया- मैंने मॉल में पहली मंजिल पर 101 नंबर की शॉप यूसुफ मोटागामवाला से किराए पर ली हुई है। कई महिनों से प्री-पेड बिजली कनेक्शन का भुगतान कर रही हूं, लेकिन मैंने अतिरिक्त डीजी चार्जेज पर आपत्ति की तो मॉल प्रबंधन ने 8 महीने पहले प्री-पेड कनेक्शन बंद कर दिया। इसके बाद मैंने स्वतंत्र बिजली कनेक्शन के लिए मधुबन एईएन आफिस में आवेदन किया तो उन्होंने भी कनेक्शन देने से मना कर दिया। इसके बाद मजबूरन उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम(CGRF) की शरण लेनी पड़ी। 13 अगस्त 2026 को मेरे पक्ष में निर्णय देते हुए बिजली कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद मॉल प्रबंधन ताला नहीं खोल रहा। वहीं, बिजली विभाग बेबस दिख रहा है। सिक्योरिटी पर्पज से लगाया हुआ है ताला: बिल्डर ताला नहीं खोलने के सवाल पर मॉल के बिल्डर हसन पालीवाला ने बताया- हमने सभी दुकानदारों को प्री-पेड मीटर इश्यू कर रखे हैं, लेकिन सिर्फ एक ही दुकानदार को आपत्ति हैं। ट्रांसफॉर्मर के नाम से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की बात गलत है। हमने सिक्योरिटी पर्पज से ट्रांसफार्मर पर ताला लगा रखा है। हम इसमें से बिजली कनेक्शन नहीं दे सकते। इस संबंध में हमें बिजली विभाग से अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। ताकि हम जबाव दे सकें।
संभल में शहर की पुरानी बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस बीच तंज़ीम उलमाए अहले सुन्नत, संभल के जनरल सेक्रेटरी मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने मंगलवार को कहा कि बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का शाही जामा मस्जिद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह मस्जिद 350 साल से अधिक पुरानी है और इसका अपना अलग धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है। दोनों मस्जिदों को जोड़कर दावे करने पर जताई चिंता मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने कहा कि कुछ लोग दोनों जगहों को आपस में जोड़कर अलग-अलग दावे और प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर और चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी मामले में दावे पुख्ता सबूत, ऐतिहासिक साक्ष्यों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर ही किए जाने चाहिए। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील मौलाना ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर या बयान जारी कर ऐतिहासिक स्थलों के बारे में गलत अथवा भ्रामक जानकारी फैलाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी पहचान बनाने के लिए इस तरह के दावे करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है। प्रशासन से रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने प्रशासन से बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद और शाही जामा मस्जिद से जुड़े ऐतिहासिक, जमीन और अन्य सरकारी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी, भ्रामक दावे या अफवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। 'गलत खबरों पर भरोसा न करें, सोशल मीडिया पर न फैलाएं' मौलाना ने संभल के लोगों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या दावे पर भरोसा न करें और ऐसी जानकारी को सोशल मीडिया पर आगे न बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि संभल की पुरानी धरोहर किसी व्यक्ति की निजी पहचान बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। इतिहास को प्रचार के बजाय तथ्यों, प्रमाणों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने रखा जाना चाहिए।
ब्यावर नगर परिषद के बुधवार (9 सितंबर) को होने वाले चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। ब्यावर नगर परिषद क्षेत्र के 60 वार्डों में मतदान के लिए कुल 138 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभापति पद सामान्य होने के कारण इस बार सभी वार्डों में चुनावी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। नगर परिषद के 60 वार्डों से कुल 217 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। निर्वाचन अधिकारी जयपालसिंह राठौड़ ने बताया कि ब्यावर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 1,47,127 मतदाता अपने वोट डालेंगे। इनमें 73,688 पुरुष और 73,434 महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के खास इंतजाम किए हैं। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार चुनाव को देखते हुए शहर में 14 संवेदनशील और 40 क्रिटिकल मतदान केंद्र पहचाने गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। चुनाव व्यवस्था को सही तरीके से चलाने के लिए ब्यावर नगर परिषद क्षेत्र को 15 जोन में बांटा गया है। हर जोन के लिए एक-एक जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। इसके अलावा किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए दो रिजर्व जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन मतदान केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहा है। संवेदनशील और क्रिटिकल केंद्रों पर खास निगरानी के साथ चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन और पुलिस भी तैयारियां पूरी कर रहे हैं।
हापुड़ के नोडल अधिकारी एवं पशुपालन विभाग मुख्यालय लखनऊ के उप निदेशक डॉ. बृजेश कुमार विश्वकर्मा ने मंगलवार को गो संरक्षण केंद्रों, अस्थायी गो आश्रय स्थलों और बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश के चारे, पानी और देखभाल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं परखीं नोडल अधिकारी ने नंदपुर और कुलपुर स्थित बड़े गो संरक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उपैड़ा, असौड़ा, दहपा की पुलिया और मुजफ्फराबागड़पुर स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थलों का भी जायजा लिया। उन्होंने गोवंश के लिए उपलब्ध चारा, पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोवंश के चारे और देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एफएमडी और एलएसडी टीकाकरण का सत्यापन नोडल अधिकारी ने नगला बड़, आलमगीरपुर गंगानगर, लठीरा, कुलपुर, सरावनी अट्टा, अचपलगढ़ी, रघुनाथपुर और अच्छेजा गांवों में पशुओं के एफएमडी (मुंहपका-खुरपका) और एलएसडी (लंपी स्किन डिजीज) टीकाकरण का सत्यापन किया। उन्होंने टीकाकरण की प्रगति के साथ पशुपालकों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी ली। बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं की स्थिति देखी नोडल अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर वहां पशुओं की स्थिति भी जानी। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और जरूरी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पशुओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं और टीकाकरण अभियान का सत्यापन किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की निगरानी बढ़ाने के साथ उनके लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन गौतम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
चित्रकूट में भारी बारिश और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, भोपाल के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह आगे आए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में दो ट्रक राहत सामग्री पहुंचाकर करीब 400 परिवारों की मदद की। बाढ़ के कारण कई परिवारों के सामने भोजन, पीने के पानी और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया था। प्रशासन की ओर से बचाव और राहत कार्य जारी हैं। वहीं, सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी भी जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। प्रशासन की सूची के आधार पर चिह्नित किए परिवार बताया गया कि जिन परिवारों तक अब तक राहत सामग्री नहीं पहुंच सकी थी, उनकी प्रशासन से मिली सूची के आधार पर पहचान की गई। इसके बाद सत्येंद्र भूषण सिंह ने इन परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की शुरुआत की। घाट किनारे की बस्तियों में बांटी राहत सामग्री राहत सामग्री टाठी घाट, चक्की घाट, पंच प्रयाग, जंगल क्षेत्र में रहने वाले संतों, आरोग्यधाम के पास की गलियों, सियाराम कुटीर के सामने, प्रमोदवन और रामायणी कुटी के आसपास के क्षेत्रों में वितरित की गई। इसके अलावा पार्षद रवि माला सिंह की गली, उतारा बाजार, नयागांव समेत घाट किनारे की कई बस्तियों में भी प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी गई। राशन से लेकर कपड़े और पन्नी तक बांटी बाढ़ प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, कपड़े, पन्नी, दरी और दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री दी गई। जन्माष्टमी व्रत से जुड़ी आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई। 'आपदा की घड़ी में लोगों के साथ खड़े हैं' सत्येंद्र भूषण सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में वह और मध्य प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संतों और सामाजिक संस्थाओं से ली प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी राहत वितरण से पहले सत्येंद्र भूषण सिंह ने रामायणी कुटी के पूज्य राम हृदय दास, टाठी घाट के पूज्य त्रिवेणी दास, चक्की घाट के पूज्य मोहन दास, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अभय महाजन और सह सचिव अनिल अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के हालात और जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान सतना सांसद गणेश सिंह, जनपद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र बराज, वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपर जिलाधिकारी विकास सिंह, लघु उद्योग निगम के अधिकारी और अन्य सहयोगी भी राहत वितरण अभियान में शामिल हुए।
इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ की ओर से आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, न्यू हैदराबाद में पर्यावरण संरक्षण एवं नशा मुक्ति जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पर्यावरण बचाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। स्पार्कलिव की राधिका ने वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरण संरक्षण पर वर्कशॉप कराई। क्विज और पोस्टर प्रदर्शन के जरिए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक किया गया। नशा-मुक्त समाज बनाने में योगदान देने की अपील डॉ. स्मिता गोविला ने नशे के दुष्प्रभाव और इससे बचाव की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और नशा-मुक्त समाज बनाने में योगदान देने की अपील की। छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। क्विज और पोस्टर के जरिए एंटी-ड्रग ड्राइव को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. ममता किरण राव और शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। प्राथमिक कक्षाओं की छात्राओं को स्टेशनरी सामग्री और माध्यमिक कक्षाओं की छात्राओं को स्वास्थ्यवर्धक जूस वितरित किए गए। क्लब अध्यक्ष कविता अग्रवाल के साथ जागृति जालान, पल्लवी अग्रवाल, पल्लवी रस्तोगी, मनीषा चोला, इन्दु अग्रवाल, पूजा सेठ और अंजली मल्होत्रा शामिल हुईं ।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश में कहा कि नाबालिग छात्र याचिकाकर्ताओं को अपने सहपाठियों के साथ मारपीट करने के कारण उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखने से रोका गया है।
औरैया में चंबल, क्वारी और पहुज नदियों में जलस्तर बढ़ने से लगातार बढ़ रही यमुना का पानी अब स्थिर होने लगा है। मंगलवार शाम 4 बजे शेरगढ़ घाट पर यमुना का जलस्तर 108.88 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर की रफ्तार कम होने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों और जिला प्रशासन ने राहत महसूस की है। सोमवार को हर घंटे बढ़ रहा था 3-4 सेंटीमीटर पानी शेरगढ़ घाट पर पिछले दो दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। सोमवार को नदी का पानी हर घंटे करीब 3 से 4 सेंटीमीटर बढ़ रहा था। इससे यमुना किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई थी। सदर एसडीएम ब्रह्मानंद सिंह ने सोमवार को सदर विकासखंड के अस्ता गांव पहुंचकर बढ़े जलस्तर का जायजा लिया था। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को बढ़ोतरी की रफ्तार हुई कम मंगलवार को यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार काफी कम हो गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जहां सोमवार को हर घंटे 3 से 4 सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा था, वहीं मंगलवार को करीब 3 घंटे में सिर्फ 1 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मंगलवार शाम 4 बजे जलस्तर 108.88 मीटर पर पहुंचने के बाद स्थिर होने लगा। जलस्तर की रफ्तार कम होने से अब इसके और तेजी से बढ़ने की संभावना कम मानी जा रही है। यमुना के जलस्तर पर प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की निगरानी बनी हुई है। फिलहाल पानी स्थिर होने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को कुछ राहत मिली है।
सरकारी योजनाओं का लाभ किन परिवारों को सबसे ज्यादा जरूरत है, अब इसकी पहचान के लिए हर घर जाकर सर्वे करने की जरूरत कम हो सकती है। आईआईटी कानपुर ने ऐसी AI आधारित फैमिली स्कोर सिस्टम विकसित किया है। यह सिस्टम सरकारी रिकॉर्ड में पहले से मौजूद आंकड़ों के आधार पर परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन कर सकता है। इससे कम समय और कम संसाधनों में बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जा सकेगी। आईआईटी कानपुर की टीम ने इसके नतीजे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी प्रस्तुत किए। आंध्र प्रदेश सरकार के साथ डेवलप किया आईआईटी कानपुर ने यह सिस्टम आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर विकसित किया है। प्रोजेक्ट के पहले चरण में यह जांच की गई कि क्या सरकारी रिकॉर्ड के आंकड़ों का इस्तेमाल कर पारंपरिक घर-घर सर्वे की तरह परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भरोसेमंद आकलन किया जा सकता है। शुरुआती नतीजों में AI के जरिए तैयार किया गया मॉडल पारंपरिक सर्वेक्षण की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया है। 15 सरकारी डेटासेट से तैयार होगा स्कोर फैमिली स्कोर के लिए करीब 15 सरकारी डेटासेट का इस्तेमाल किया गया है। इनमें परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े अलग-अलग आंकड़े शामिल हैं। इन्हीं आंकड़ों को AI मॉडल के जरिए मिलाकर प्रत्येक परिवार की स्थिति का आकलन किया जाता है और उसे तय श्रेणी में रखा जाता है। इस मॉडल को राज्यव्यापी सर्वे से तैयार किए गए सामाजिक और आर्थिक स्कोर के आधार पर प्रशिक्षित और जांचा गया है। सर्वे पर निर्भरता कम होगा आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि फैमिली स्कोर का उद्देश्य AI और उपलब्ध सरकारी आंकड़ों की मदद से परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन करना और उन्हें उचित सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। शुरुआती नतीजे उत्साहजनक हैं और इससे महंगे तथा ज्यादा समय लेने वाले सर्वेक्षणों पर निर्भरता कम हो सकती है। बताएगा खास स्कोर क्यों मिला आईआईटी कैंपस में बने वाधवानी स्कूल आफ एआई एंड इंटेलिजेंस सिस्टम डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने बताया कि इस प्रणाली की खासियत केवल इसकी सटीकता नहीं है। इसके जरिए यह भी समझा जा सकता है कि किसी परिवार को एक खास स्कोर क्यों मिला। इससे सरकारी अधिकारियों के पास अंतिम निर्णय लेने का नियंत्रण बना रहता है। पूरे आंध्र प्रदेश में किया जाएगा लागू परियोजना के तहत अब दूसरे चरण में ‘फैमिली स्कोर’ को आंध्र प्रदेश के पूरे राज्य में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसे AP SDC से भी जोड़ा जाएगा और बड़े स्तर पर इसकी जांच कर स्कोर को और बेहतर बनाया जाएगा। इस सिस्टम को आईआईटी कानपुर के वाधवानी सेंटर फॉर डेवलपिंग इंटेलिजेंट सिस्टम्स (WCDIS) और वाधवानी स्कूल ऑफ AI एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (WSAIS) ने एयरावत रिसर्च फाउंडेशन (ARF) के सहयोग से विकसित किया है।
स्वच्छ वायु रैंकिंग में प्रयागराज 6 पायदान नीचे खिसका:2025 में 7वें पर था, अब 13वें स्थान पर पहुंचा
प्रयागराज में वायु प्रदूषण कम करने और शहर की हवा सुधारने के लिए नगर निगम कई दावे कर रहा है। इन दावों के बावजूद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के नतीजे सवाल उठा रहे हैं। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में प्रयागराज को इस बार देश में 13वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि साल 2025 में प्रयागराज इसी कैटेगरी में 7वें स्थान पर था। यानी एक साल में शहर की रैंकिंग छह पायदान नीचे खिसक गई है। इतना ही नहीं, साल 2024 के मुकाबले भी 2026 की स्थिति अच्छी नहीं दिखती। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रयागराज 24वें स्थान पर था। वहीं, 2025 में सुधार कर शहर 7वें स्थान पर पहुंच गया था। लेकिन नगर निगम इस उपलब्धि को बरकरार नहीं रख पाया। 2026 में प्रयागराज फिर 13वें स्थान पर आ गया। एक तरफ राजधानी लखनऊ ने इसी सर्वेक्षण में देश में पहला स्थान पाया है। वहीं, प्रयागराज का 13वें स्थान पर रहना नगर निगम की वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़ी तैयारियों और स्थायी प्रयासों पर सवाल उठाता है। इस सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने प्रयागराज से अच्छा प्रदर्शन किया है। शहर में सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, ट्रैफिक का दबाव और खुले में कचरा जलाने जैसी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में सवाल यह है कि वायु प्रदूषण कंट्रोल के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा है। हालांकि, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की वार्ड लेवल रैंकिंग में प्रयागराज के वार्ड-31 ने देश में तीसरा स्थान पाया है। यह नगर निगम के लिए एक अच्छी उपलब्धि है। लेकिन पूरे शहर की रैंकिंग में आई गिरावट ने इस उपलब्धि की चमक थोड़ी कम कर दी है। साल 2025 में 7वें स्थान पर पहुंचने के बाद 2026 में 13वें स्थान पर खिसकना यह दिखाता है कि प्रयागराज को अपनी पिछली उपलब्धि बनाए रखने के लिए वायु गुणवत्ता सुधार की योजनाओं को और अच्छे से लागू करने की जरूरत है।
सतना के सिंहपुर थाना क्षेत्र के झरसी गांव में देर रात हिस्ट्रीशीटर राहुल सिंह टीकर (32) की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में चाचा-भतीजे सियाशरण दाहिया और अश्वनी दाहिया को गिरफ्तार किया है। घटना वाली रात राहुल ने सियाशरण को अहरी में बुलाया था। वहां दोनों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान सभी ने शराब भी पी। पुलिस का कहना है कि बातचीत के दौरान सियाशरण को राहुल की मंशा पर शक हुआ। इसके बाद उसने अपने भतीजे अश्वनी के साथ मिलकर राहुल पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले में गंभीर चोटें आने से राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार दोपहर ग्रामीणों ने अहरी में उसका शव देखा। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुराने विवाद की भी जांच जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हत्या की वजह, राहुल और सियाशरण के बीच चल रहे पुराने विवाद और हमले में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। कई आपराधिक मामलों में नाम आया था पुलिस के मुताबिक, राहुल सिंह का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आया था। वह पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज था। बताया गया है कि उसका नाम स्कूल में नाबालिग छात्र की गोली मारकर हत्या, पेट्रोल पंप डकैती और महतैन सरपंच की हत्या समेत अन्य मामलों में सामने आया था। पुलिस अब पुराने विवाद और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सहारनपुर नगर निगम ने मंगलवार दोपहर एक बजे जेजे पुरम कॉलोनी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान मकानों के बाहर नालियों पर बने चबूतरे और स्लैब जेसीबी से हटा दिए गए। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन निगम की टीम के सख्त रवैये के कारण अभियान नहीं रुका। नगर निगम का परिवर्तन दल जोनल अधिकारी विकास धर दुबे की अगुवाई में जेजे पुरम कॉलोनी पहुंचा था। टीम ने पहले मौके पर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद नालियों के ऊपर बने अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू किया गया। जेसीबी मशीन से मकानों के बाहर बने चबूतरे और स्लैब एक-एक करके तोड़े गए। कार्रवाई के दौरान कॉलोनी में कुछ देर के लिए गहमागहमी रही। जोनल अधिकारी विकास धर दुबे ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर लोगों को करीब दो महीने पहले नोटिस दिए गए थे। नगर निगम लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से खुद अतिक्रमण हटाने की अपील भी कर रहा था। लोगों ने मकानों के बाहर बने कुछ स्लैब हटा दिए थे, लेकिन नालियों के ऊपर बने चबूतरे और दूसरे स्लैब नहीं हटाए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश और शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई हुई है। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर ऐसे निर्माण हटाए, जिनसे नालियों की सफाई में दिक्कत आ रही थी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, मकानों के बाहर नालियों के ऊपर बने चबूतरे और स्लैब की वजह से सफाईकर्मियों को नालियों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही थी। इससे नालियां जाम होने लगी थीं और गंदे पानी की निकासी पर असर पड़ रहा था। बरसात में हालात और खराब होने की आशंका थी। निगम ने पहले लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया था। नोटिस और लगातार चेतावनी के बाद भी जिन निर्माणों को नहीं हटाया गया, उन्हें मंगलवार को जेसीबी से तोड़ दिया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि सार्वजनिक नालियों और रास्तों पर अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
झांसी के गरौठा में पत्नी से झगड़े के बाद एक युवक ने सल्फास की गोली निगल ली। हालत बिगड़ने पर पत्नी उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। गुरसराय थाना क्षेत्र के सिया गांव निवासी रामहेत राठौर के दो बेटे शिवम (35) और राजकुमार राठौर (31) हैं। रामहेत ने बताया कि शिवम की पहली शादी 2011 में हुई थी। करीब चार साल बाद पत्नी से उसका अलगाव हो गया था। इसके बाद 2017 में उन्होंने कानपुर निवासी शालिनी से शिवम की दूसरी शादी करा दी थी।शादी के बाद घरेलू विवाद होने लगे तो रामहेत ने साल 2020 में गरौठा के गायत्री नगर में बेटा-बहू के लिए अलग घर बनवा दिया। शिवम गरौठा मंडी में पल्लेदारी कर परिवार का खर्च चलाता था। पत्नी शालिनी के अनुसार, उसके पांच बच्चे हैं। इनमें पहले पति से एक बेटी और शिवम से चार बच्चे हैं। शराब पीकर घर आया, हालत बिगड़ीशालिनी ने बताया कि शिवम को शराब पीने की आदत थी और वह अक्सर शराब के नशे में घर पर झगड़ा करता था। सोमवार सुबह भी उसने शराब पी थी। इसके बाद वह घर लौटा तो उसकी हालत खराब थी और शरीर निढाल पड़ गया था। पत्नी ने जब उसकी हालत के बारे में पूछा तो शिवम ने बताया कि उसने सल्फास की गोली खा ली है। इसके बाद शालिनी उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान शिवम की मौत हो गई। पत्नी बोली- सिर दर्द से परेशान रहता था पतिशालिनी का कहना है कि शिवम अक्सर सिर में दर्द होने की शिकायत करता था। वह सिर दर्द को भी शराब पीने की वजह बताता था। सोमवार सुबह भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद शिवम शराब पीकर घर लौटा और कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।शालिनी के मुताबिक, सल्फास खाने की वजह पूछने पर शिवम ने कहा था कि उसका पूरा सिर फट रहा है और बहुत तेज दर्द हो रहा है, इसलिए उसने सल्फास निगल ली। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर के ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में मंगलवार सुबह कैंपियरगंज निवासी 38 वर्षीय आशुतोष मिश्रा की मौत हो गई। वह 3 सितंबर को पत्नी खुशबू मिश्रा की डिलीवरी के लिए अस्पताल आए थे। जन्माष्टमी के दिन बेटे का जन्म हुआ था। मां और नवजात दोनों स्वस्थ थे और अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार रात तक परिवार में सब कुछ सामान्य था, लेकिन मंगलवार सुबह अस्पताल के रैंप पर सोए आशुतोष नहीं उठे। सुबह काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर सास ने उन्हें जगाने की कोशिश की। परिवार ने अस्पताल के स्टाफ को सूचना दी। कर्मचारियों ने जांच की तो आशुतोष की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गुलरिहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण सामने आएगा। पत्नी की डिलीवरी के लिए 3 सितंबर को अस्पताल आए थे आशुतोष पत्नी खुशबू को डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आए थे। परिवार को बेटे के जन्म का लंबे समय से इंतजार था। जन्माष्टमी पर बेटे के जन्म के बाद घरवालों में खुशी का माहौल था। मां और नवजात की तबीयत ठीक होने के कारण सभी को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं था। सोमवार को आशुतोष ने दिनभर परिवार के साथ समय बिताया। बच्चों से बातचीत की और पत्नी का हाल जाना। रात में खाना खाने के बाद करीब 10:30 बजे अस्पताल के रैंप पर जाकर सो गए। आवाज देने पर भी नहीं उठे मंगलवार सुबह काफी देर तक आशुतोष के नहीं उठने पर उनकी सास को चिंता हुई। उन्होंने पहले आवाज देकर जगाने की कोशिश की। कोई जवाब नहीं मिलने पर वह उनके पास गईं और दोबारा उठाने का प्रयास किया। इसके बाद परिवार के दूसरे लोगों को भी इसकी जानकारी दी गई। अस्पताल के कर्मचारियों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो बेटियों और नवजात बेटे को छोड़ गए आशुतोष परिवार में कमाने वाले प्रमुख सदस्य थे। वह इन्वर्टर-बैटरी कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर काम करते थे। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके परिवार में पत्नी खुशबू के अलावा 12 वर्षीय बेटी आराध्या, 7 वर्षीय बेटी निम्मी और कुछ दिन पहले जन्मा बेटा है। अचानक हुई मौत से परिवार के सामने बच्चों की परवरिश और आर्थिक जिम्मेदारियों का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
देवरिया में 15 साल की लड़की से गैंगरेप के आरोप में पुलिस ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दो युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, घटना सोमवार देर शाम की है। लड़की अपने ननिहाल आई हुई थी। घर पहुंचने के बाद उसने परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मंगलवार सुबह खामपार थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। मामला खामपार थाना क्षेत्र का है। केस दर्ज होने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(2), 352 और 351(3) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5(g)/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई। नवादा मोड़ से दोनों आरोपियों को पकड़ा मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी नवादा मोड़ के पास मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे। मोहित और बसंत गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित कुमार यादव उर्फ घेवर (19) और बसंत चौहान (29) के रूप में हुई है। दोनों खामपार थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मेडिकल और अन्य कानूनी प्रक्रिया जारी पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच के दौरान घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस मेडिकल जांच समेत अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। सीओ ने कहा- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई सीओ मनोज कुमार ने बताया कि नाबालिग से जुड़े मामले में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर में पुलिस ने एक युवती पर चाकू से हमला करने के आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी राजकुमार उर्फ राजकमल अहारी को जेतलपुर से पकड़ा गया है। वह युवती से प्रेम-प्रसंग को लेकर नाराज था और बातचीत बंद करने पर उसने यह घटना की थी। रामसागड़ा थाना प्रभारी कैलाश पंचारिया ने बताया कि 3 सितंबर को युवती ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि उसकी राजकुमार उर्फ राजकमल (21) पुत्र अरविंद अहारी, निवासी कानपुर से काफी समय से जान-पहचान थी। वह उससे बातचीत करती थी। युवती ने बात करना कर दिया था बंदकुछ समय से दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था, जिसके बाद युवती ने राजकुमार से बात करना बंद कर दिया था। इसी बात से राजकुमार नाराज था।रिपोर्ट के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन युवती अपनी बहन के साथ किसी काम से सीमलवाड़ा गई थी। वहां राजकुमार बाइक लेकर बस स्टैंड पहुंचा और युवती को अपने साथ चलने के लिए कहने लगा। युवती के मना करने पर वह उसे और उसकी बहन को सीमलवाड़ा नदी की ओर ले गया। बाइक पर बैठाकर ले गया थाबातचीत के दौरान आरोपी ने युवती पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद इलाज कराने के बहाने उसे बाइक पर बैठाकर ले गया और बंधक बना लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी अहमदाबाद से आगे किसी फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा है। बाद में उसके गुजरात के जेतलपुर में होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने राजकुमार उर्फ राजकमल को जेतलपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेसियों को रोका:पुलिस से हुई नोकझोंक, SDM को सौंपा ज्ञापन
हापुड़ के बदनौली गांव में 4 सितंबर को हुए विवाद और फायरिंग में घायल दीपक कुमार की मौत के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बदनौली गांव जाने से रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम प्रेमपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। 26 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गांव जा रहा था कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि 4 सितंबर को बदनौली गांव में दो गुटों के बीच विवाद के दौरान दीपक को गोली लगी थी। मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर कांग्रेस का 26 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार और घायलों से मिलने बदनौली जा रहा था। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को गांव में जाने से रोक दिया। दानिश अली के पहुंचने के बाद फिर गांव जाने की कोशिश पूर्व अमरोहा सांसद कुंवर दानिश अली के जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने दोबारा बदनौली जाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने गांव में स्थिति संवेदनशील होने का हवाला देते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। दानिश अली ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। दिल्ली रोड पर लगा जाम, पुलिस ने खुलवाया कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के एकत्र होने से दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने काफी प्रयास के बाद यातायात सुचारु कराया। बाद में कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम प्रेमपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का आरोप- कई नेताओं को नजरबंद किया कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी अरविंद शर्मा, पूर्व प्रदेश महासचिव विजय गोयल, पिलखुआ नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी और जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर समेत कई नेताओं को नजरबंद किया गया। कांग्रेस ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संतकबीरनगर में लगातार बारिश के कारण होमगार्ड भर्ती के लिए होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब दौड़ परीक्षा 14 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर 2026 तक चलेगी। 22 सितंबर को रिजर्व डे रखा गया है। पहले दौड़ परीक्षा 8 सितंबर से शुरू होनी थी। उम्मीदवारों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता को देखते हुए तारीखों में बदलाव किया गया है। गोरखपुर जोन में सिर्फ संतकबीरनगर पुलिस लाइंस के ग्राउंड पर ही दौड़ परीक्षा होगी। 41,424 पदों पर हो रही भर्ती प्रदेश में कुल 41,424 होमगार्ड पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 13 जुलाई से 7 अगस्त तक कराया जा चुका है। अब चयन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की दौड़ परीक्षा होगी। पुरुष 28 और महिलाएं 16 मिनट में पूरी करेंगी दौड़ शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरुष उम्मीदवारों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 28 मिनट में पूरी करनी होगी। वहीं महिला उम्मीदवारों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 16 मिनट में पूरी करनी होगी। निर्धारित समय में दौड़ पूरी नहीं करने वाले उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं होंगे। 15 स्थानों पर होगी परीक्षा एसपी संदीप कुमार मीणा ने बताया कि लगातार बारिश के चलते दौड़ परीक्षा की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब 14 से 21 सितंबर तक प्रदेश के 15 अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि गोरखपुर जोन में संतकबीरनगर पुलिस लाइंस में ही होमगार्ड अभ्यर्थियों की दौड़ कराई जाएगी। परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए एएसपी और आरआई को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला:दतिया में 2 युवक गंभीर घायल, वाहन चालक मौके से फरार
दतिया में NH-44 हाईवे पर गर्ल्स हॉस्टल के सामने मंगलवार को अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। दोनों की पहचान में जुटी पुलिससूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर पुलिस को बाइक भी नहीं मिली है। दोनों मृतकों की पहचान भी अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के इलाके में लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है। इसके साथ ही मृतकों की पहचान और हादसे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।
पलवल जिले में अलग-अलग जगहों पर हुए 2 सड़क हादसों में एक पूर्व सैनिक और एक साइकिल सवार ग्रामीण की जान चली गई। दोनों को तेज रफ्तार अज्ञात वाहनों ने टक्कर मारी थी। हादसों के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पहला हादसा हुडा सेक्टर-दो चौक के पास हुआ। रसूलपुर गांव के रहने वाले सतीश कुमार पोसवाल सेना से रिटायर थे। वह अपनी बाइक से फरीदाबाद से पलवल लौट रहे थे। तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से भाग गया। गंभीर रूप से घायल सतीश कुमार को निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें बड़े अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके बेटे अनुराग पोसवाल ने पुलिस को शिकायत दी है। साइकिल सवार को कार ने मारी टक्कर दूसरी घटना मुंडकटी थाना क्षेत्र के सेवली गांव के मोड़ पर नेशनल हाईवे पर हुई। बहीन गांव के बुद्धीराम ने बताया कि उनका छोटा भाई कल्लू साइकिल से घर लौट रहा था। दिल्ली की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसकी साइकिल को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक होडल की तरफ भाग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से कल्लू को पलवल के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भीलवाड़ा नगर निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत भीलवाड़ा नगर निगम और बीगोद नगरपालिका में बुधवार को मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दल रवाना मंगलवार को अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दलों को आवश्यक सामग्री और ईवीएम देकर निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। सभी अधिकारियों की ट्रेनिंग हुई जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत सिंह संधू ने बताया- राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी रिटर्निंग अधिकारी, पोलिंग पार्टियां,सेक्टर मजिस्ट्रेट और एरिया मजिस्ट्रेट की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूर्ण करा ली गई है। चुनाव निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए गए हैं। निर्वाचन की तैयारियां पूरी प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की जा रही हैं और उन्हें आवश्यक चुनावी सामग्री और प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। समस्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्वाचन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अंतिम दिन घर-घर जाकर मनुहार इधर, चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद मंगलवार को अंतिम दिन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने घर-घर जाकर मतदाताओं को साधने में अपनी पूरी ताकत लगा दी। शहर की गलियों में दिनभर मतदाता से मनुहार का दौर चलता रहा। कहीं चाय-पानी की चुस्कियों के साथ वोटिंग के समीकरण बिठाए जा रहे हैं। प्रत्याशियों द्वारा अंतिम समय तक वोट अपने पक्ष में करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। 70 वार्डों में 277 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला भीलवाड़ा शहर में नगर निगम के 70 वार्डों में 277 प्रत्याशी मैदान में हैं। 265 बूथों पर 2 लाख 96 हजार 682 मतदाता मतदान करेंगे। जबकि बीगोद नगर पालिका के 25 वार्डों में 83 प्रत्याशी मैदान में हैं। 25 बूथों पर 13675 मतदाता मतदान करेंगे। मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया हैं।
हनुमानगढ़ के सदर थाना क्षेत्र में सैलून बंद कर घर लौट रहे दो भाइयों पर बाइक सवार युवकों ने लाठी-पाइप से हमला किया। इस हमले में एक भाई के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि दूसरे की पीठ और कंधे पर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावर मारपीट के दौरान उनसे करीब 3 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को गांव बनवाला के वार्ड नंबर 11 निवासी हरप्रीत सिंह (23) पुत्र गुरमीत सिंह ने रिपोर्ट दी है। हरप्रीत ने बताया कि वह और उसका भाई हरजीत सिंह पक्कासारणा में हेयर सैलून की दुकान चलाते हैं। 6 सितंबर की रात करीब 9.30 बजे दोनों भाई दुकान बंद कर पैदल घर लौट रहे थे। रात करीब 9.40 बजे मनीष कुमार, रामानंद, सुनील, मंगलचंद और एक अन्य व्यक्ति पांच मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचे। सभी के हाथों में डंडे और पाइप थे। आरोपियों ने पीछे से दोनों भाइयों को पकड़ा और लाठी-पाइप से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान हरजीत सिंह के सिर पर पाइप से वार किया गया, जिससे उसे गहरी चोट लगी। हरप्रीत सिंह की पीठ और कंधे पर भी चोटें आईं। मारपीट के दौरान हमलावर हरजीत सिंह की जेब से करीब 3 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीनकर भागने लगे। हरप्रीत सिंह ने एक आरोपी की मोटरसाइकिल को पीछे से पकड़कर रोकने की कोशिश की। इस दौरान मोटरसाइकिल सवार नीचे गिर गया और उसे भी चोटें आईं। घटना के बाद हरप्रीत ने अपने परिवार को जानकारी दी। परिवार के लोग दोनों घायलों को पक्कासारणा अस्पताल ले गए। हरजीत सिंह के सिर में ज्यादा चोट होने के कारण उसे हनुमानगढ़ टाउन के सरकारी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हरप्रीत ने आरोप लगाया कि हमलावर नशे में थे और उनमें से कुछ नशे के कारोबार में भी शामिल हैं। उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट और चोटों के निरीक्षण के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच सहायक उप निरीक्षक शैताराम को सौंपी गई है। पुलिस घटना के कारणों, आरोपियों की भूमिका और रुपए-मोबाइल फोन छीनने के आरोपों की जांच कर रही है।
हनुमानगढ़ में दहेज के लिए एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। महिला ने पति, सास, ससुर और देवर पर बड़ी कार और 5 लाख रुपए की मांग को लेकर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। भिरानी थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को गांधीबड़ी निवासी अंजू (27) पुत्री जयसिंह जाट ने रिपोर्ट दी है। अंजू की शादी 18 मई 2017 को सोनड़ी निवासी दिनेश पुत्र मांगेराम सहारण के साथ हुई थी। शादी के समय अंजू के पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर करीब 1.21 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान दहेज में दिया था। ससुराल में लगातार प्रताड़ित करने का आरोपअंजू के मुताबिक शादी के बाद जब वह पहली बार ससुराल गई तो पति, देवर, सास और ससुर दहेज से खुश नहीं थे। उन्होंने पति के पढ़े-लिखे होने का हवाला देते हुए अंजू के मायके से बड़ी कार और 5 लाख रुपए लाने की मांग की। अंजू ने मायके की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मांग पूरी करने में असमर्थता जताई। इसके बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। कमरे में बंद कर मारपीट कीअंजू ने परिवार बचाने के लिए लंबे समय तक यह सब सहन किया। करीब 5 महीने पहले पति दिनेश, देवर राजेन्द्र, ससुर मांगेराम और सास रूकमा ने उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की। आरोपियों ने कहा कि अगर घर में रहना है तो पिता से बड़ी कार और 5 लाख रुपए लेकर आए, नहीं तो घर में कोई जगह नहीं है। इसके अगले दिन पति और देवर ने अंजू के 7 वर्षीय बेटे जतिन को उससे अलग कर दिया। उसे जबरन एक वाहन में बैठाकर गांधीबड़ी छोड़ गए।इस मामले को लेकर 30 अगस्त 2026 को गांधीबड़ी में पंचायत बुलाई गई थी। इसमें गांव के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद थे। पुलिस मामले की जांच में जुटीविवाहिता के पिता ने ससुराल पक्ष से बेटी को सम्मानपूर्वक रखने और दहेज के लिए परेशान नहीं करने की गुहार लगाई, लेकिन ससुराल पक्ष ने कार और 5 लाख रुपए की मांग पूरी होने तक विवाहिता को साथ रखने से इनकार कर दिया। विवाहिता ने अपना स्त्रीधन वापस मांगा तो उसे लौटाने से भी इनकार किए जाने का आरोप है। भिरानी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थाना प्रभारी मदनलाल बिश्नोई की ओर से शुरू की गई है।
बाराबंकी में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रवीन्द्र जायसवाल मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे बाराबंकी पहुंचे। उन्होंने तहसील नवाबगंज सदर में बने नए उप निबंधक कार्यालय का उद्घाटन किया। नए कार्यालय से क्षेत्र के लोगों को जमीन-जायदाद और संपत्ति के दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। एक रुपया अतिरिक्त लेने पर भी कार्रवाई की चेतावनी उद्घाटन के बाद राज्यमंत्री ने निबंधन विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कोई कर्मचारी या अधिकारी निर्धारित शुल्क से एक रुपया भी अतिरिक्त लेता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा, “अगर एक रुपया कोई भी निबंधन विभाग में एक्स्ट्रा पैसा ले ले तो हम लोग उसको सस्पेंड कर देते हैं, टांग देते हैं।” उन्होंने अधिकारियों को आम लोगों को बेहतर, पारदर्शी और बिना परेशानी के सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 10 और 20 रुपए के स्टाम्प को लेकर भी बोले राज्यमंत्री ने शपथ पत्र में इस्तेमाल होने वाले 10 और 20 रुपए के स्टाम्प को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार इस व्यवस्था को आसान बनाने पर विचार कर रही है। मंत्री के मुताबिक, इस संबंध में कानूनी राय ली जा रही है कि क्या शपथ पत्र के लिए स्टाम्प की जगह सादे कागज का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक औपचारिकताओं और खर्च से राहत देना विभाग का उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सादे कागज पर शपथ पत्र की व्यवस्था लागू करने से पहले कानूनी राय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों से की मुलाकात नए कार्यालय के उद्घाटन के बाद रवीन्द्र जायसवाल ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने व्यापारियों से भी बातचीत कर स्थानीय स्तर पर निबंधन सेवाओं से जुड़ी समस्याओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद राज्यमंत्री रामसनेहीघाट के लिए रवाना हो गए। वहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले आंगनबाड़ी एवं महिला कल्याण सम्मान समारोह में वे ऑनलाइन शामिल होंगे।
बिजली चोरी की जांच करने गए जेई से मारपीट:जेई के हाथ में फ्रैक्चर, बाप-बेटे समेत 4 लोगों पर मुकदमा
फर्रुखाबाद में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे बिजली चोरी की जांच करने गई टीम से मारपीट की गई थी। जेई मुख्तार हुसैन का आरोप है कि बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद भवन मालिक सुभाष चंद्र अहीरवार और उनके बेटे रजत कुमार ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। मारपीट में जेई के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया। मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र समेत 4 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामला फतेहगढ़ के लोको रोड का है। बिजली मित्र की शिकायत पर पहुंची थी टीम जेई मुख्तार हुसैन के मुताबिक, सोमवार दोपहर वह उपखंड अधिकारी अजय कुमार और एक लाइनमैन के साथ लोको रोड स्थित सुभाष चंद्र अहीरवार के घर बिजली कनेक्शन की जांच करने पहुंचे थे। यह कार्रवाई बिजली मित्र की शिकायत के आधार पर की जा रही थी। जांच के दौरान परिसर में बिजली चोरी पकड़े जाने का दावा किया गया। जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद जेई के अनुसार, बिजली चोरी से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे थे और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान भवन मालिक सुभाष चंद्र अहीरवार और उनके बेटे रजत कुमार ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने जेई के साथ हाथापाई की और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। जेई ने सरकारी दस्तावेज छीनने का भी आरोप लगाया है। मारपीट में हाथ में फ्रैक्चर का आरोप मुख्तार हुसैन ने अपनी तहरीर में बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि वह दिल के मरीज हैं। जेई के मुताबिक, मारपीट में तीन से चार अज्ञात लोग भी शामिल थे। सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप जेई ने पुलिस से सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और जानलेवा हमला करने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर पिता-पुत्र समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिद्धार्थनगर में सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने की मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। CHC-PHC में 24 घंटे इलाज की मांग कांग्रेस के ज्ञापन में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और ग्रामीण अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने की मांग की गई। साथ ही सर्पदंश के मरीजों के लिए 24 घंटे इलाज की व्यवस्था करने को कहा गया। ज्ञापन में अस्पतालों में ऑक्सीजन, जीवनरक्षक दवाएं और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई। 'समय पर इलाज मिले तो बच सकती हैं जानें' धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्वांचल प्रभारी अभिषेक दत्त ने कहा कि सर्पदंश से होने वाली मौतें सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण और गरीब परिवारों के जीवन से जुड़ा गंभीर मामला हैं। उन्होंने कहा कि अगर सर्पदंश के बाद मरीज को समय पर एंटी-स्नेक वेनम और जरूरी इलाज मिल जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की मांग युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। 'एंटी-स्नेक वेनम की कमी से न हो किसी की मौत' जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि सिद्धार्थनगर का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। बरसात के दौरान सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी गरीब परिवार के सदस्य की मौत सिर्फ इसलिए नहीं होनी चाहिए कि नजदीकी सरकारी अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं था। उन्होंने सभी CHC, PHC और ग्रामीण अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश के मरीजों के इलाज का प्रशिक्षण देने की मांग की। अस्पतालों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग कांग्रेस ने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे इलाज की व्यवस्था के साथ ऑक्सीजन, जीवनरक्षक दवाएं और जरूरी उपकरण उपलब्ध रहें। गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। ये लोग रहे मौजूद धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक चौधरी रविंद्र प्रताप, बख्तियार उस्मानी, अभिनय राय, जावेद मोकीम, विश्वनाथ चौधरी, पंकज चतुर्वेदी, डॉ. नादिर सलाम, कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, असलम खुर्शीद, सतीश चंद्र त्रिपाठी, बदरे आलम, शाहिद प्रधान, रितेश त्रिपाठी, जिल्ले गालिब, डॉ. प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, राजेंद्र मिश्रा, अशोक गुप्ता, रंजना मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूर्वी सिंहभूम जिले की ग्रामीण पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान में एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के कलियाडिंगा चौक के पास पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को पकड़ा है। उसके पास से 113 किलो गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई टाटा कार जब्त की गई है। बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा से कार के जरिए गांजे की एक खेप पश्चिम बंगाल के खड़गपुर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने बहरागोड़ा के कलियाडिंगा चौक पर घेराबंदी की। वहां एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से 113 पैकेट में 113 किलो गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के पुरी जिले के निमापाड़ा थाना क्षेत्र निवासी पिनकन स्वाइं के रूप में हुई है। पुलिस ने गांजे के साथ कार को भी जब्त कर लिया है। ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने बताया कि पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की पूरी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गांजे की खेप ओडिशा में कहां से लाई गई थी और खड़गपुर में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सचिव मंगलवार को चार बड़े अधिकारियों के साथ चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रामघाट और बाढ़ से प्रभावित गांवों को देखा। नुकसान का जायजा लेने के बाद स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की। मंगलवार शाम करीब 5 बजे देवांगना एयरपोर्ट के पास सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें मुख्य सचिव ने बताया कि मंदाकिनी नदी में कम समय में अचानक जलस्तर बढ़ गया था। इससे रामघाट समेत कई गांवों में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के नुकसान का सही आकलन करने के लिए लखनऊ से एक बड़ी टीम चित्रकूट आई है। मुख्य सचिव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह साफ हुआ है कि लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी नदी के सीमांकन का काम जल्द शुरू किया जाएगा। साथ ही नदी में गिरने वाले गंदे नालों को रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे, ताकि नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। बाढ़ की वजह से जिले की कई सड़कें भी खराब हुई हैं। मुख्य सचिव के मुताबिक, अलग-अलग विभागों ने 58 खराब सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा है। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद सड़कों की मरम्मत और बनाने का काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने राजापुर तहसील इलाके में मंदाकिनी नदी के किनारों पर तेजी से हो रहे कटान पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कटान रोकने के लिए जरूरी काम अक्टूबर से शुरू कराया जाएगा। निरीक्षण और बैठक के दौरान अमृत अभिजात, मुकेश, अनिल गर्ग, अजय चौहान और ऋषिकेश समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। बैठक में लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग और आपदा विभाग के प्रमुख सचिवों ने भी बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कामों की समीक्षा की थी। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और खराब हुई सरकारी संपत्तियों की मरम्मत को जल्द से जल्द पूरा करने का भरोसा दिया।
श्रावस्ती में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 10 युवतियों के लिए आयोजित फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन किया। डी समवाय, सुइयां में कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के निर्देश पर नागरिक कल्याण कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के तहत यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। एसएसबी के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है। अचार, पापड़ और जैम बनाने की दी ट्रेनिंग समापन समारोह के मुख्य अतिथि कार्यवाहक कमांडेंट ललेंद्र रत्नाकर रहे। प्रेरणा फाउंडेशन के प्रशिक्षक ने युवतियों को अचार, पापड़ और जैम समेत विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ तैयार करने में साफ-सफाई, गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से संरक्षित करने के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रमाण-पत्र देकर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित समापन समारोह में कार्यवाहक कमांडेंट ने सभी प्रशिक्षित युवतियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने युवतियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रशिक्षण में सीखे हुनर का इस्तेमाल स्वरोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए करने की अपील की। ग्राम प्रधानों के साथ सीमा सुरक्षा पर हुई बैठक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण सुरक्षा समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। बैठक में सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी समय रहते सुरक्षा बलों तक पहुंचाने पर भी चर्चा की गई। 'सीमा सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका अहम' एसएसबी अधिकारियों ने ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से सीमावर्ती क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। एसएसबी के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक कल्याण कार्यक्रमों के जरिए युवाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों के साथ समन्वय बढ़ाकर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक विवाहिता से मिलने पहुंचे 25 साल के युवक को उसके परिजनों द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को घर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और रातभर बंधक बनाकर रखा गया। जानकारी मिलने पर विवाहिता युवक के घर पहुंची और उसके परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद वह युवक के परिजनों के साथ थाने पहुंची और पुलिस से उसे छुड़ाने की गुहार लगाई। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची तो युवक को थाने ले जाने का परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीण महिला को भी गांव में बुलाने और उसके सामने कार्रवाई करने की मांग करने लगे। पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनने पर सर्किल फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद पुलिस युवक को वहां से निकालकर थाने ले आई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शादी समारोह में हुई थी दोनों की मुलाकात बताया गया कि करीब 38 वर्षीय महिला तीन बच्चों की मां है। कुछ समय पहले एक शादी समारोह में उसकी मुलाकात 25 वर्षीय युवक से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां बढ़ गईं। सोमवार को महिला ने युवक को मिलने के लिए बुलाया था। शाम के समय वह घरवालों को बिना बताए निकल गई। युवक भी उससे मिलने के लिए ई-रिक्शा से रवाना हुआ। हालांकि रास्ते में किराये को लेकर उसका ई-रिक्शा चालक से विवाद हो गया। विवाद के कारण युवक महिला के बताए स्थान तक नहीं पहुंच सका। महिला को घर पर नहीं मिला तो परिजन तलाश में निकले उधर, महिला के घर पर नहीं मिलने के बाद उसके परिजन उसकी तलाश करने लगे। इसी दौरान उनकी नजर युवक पर पड़ गई। आरोप है कि परिजन उसे अपने घर ले गए और वहां रातभर बंधक बनाकर रखा। युवक के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस बीच महिला युवक के घर पहुंची। उसने युवक के परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह उनके साथ साढ़ थाने पहुंची और पुलिस से युवक को मुक्त कराने की मांग की। पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने किया विरोध महिला और युवक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस गांव पहुंची। पुलिस युवक को अपने साथ थाने ले जाने लगी तो ग्रामीण और उसके परिजन विरोध करने लगे। उनका कहना था कि महिला को भी गांव में बुलाया जाए और उसके सामने ही मामले में कार्रवाई की जाए। इसे लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने सर्किल फोर्स को मौके पर बुलाया। अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने के बाद स्थिति संभाली गई और युवक को पुलिस अपने साथ थाने ले आई। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है। अभी दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। तहरीर मिलने और बयान दर्ज होने के बाद आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सायबर सेल ने 54 गुम-चोरी मोबाइल बरामद:कीमत 8 लाख रुपए, मालिकों को लौटाए गए
श्योपुर पुलिस की सायबर सेल ने गुम और चोरी हुए 54 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम के दौरान ये मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देश पर सायबर सेल को गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन ढूंढने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया और डीएसपी मुख्यालय प्रेमनारायण गोयल के मार्गदर्शन में सायबर सेल ने जिले के सभी थानों से मिलकर मोबाइलों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बताया कि मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए CEIR पोर्टल और दूसरे तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए दूसरे राज्यों और जिलों की पुलिस टीमों से भी संपर्क किया गया। लगातार कोशिशों के बाद कुल 54 मोबाइल फोन बरामद हुए। 8 सितंबर को पुलिस कंट्रोल रूम में हुए कार्यक्रम में बाबूलाल मीणा, सिकंदर मीणा, विकास बैरवा, विष्णु कुमार नागर, धीरा सिंह, राम नरेश सुमन, राजेन्द्र आर्य, विक्की बाथम, कान्हाजी कुशवाह, राम सिंह, गिर्राज बैरवा, बृजेश दीक्षित, विमल कंबोज, आकाश सुमन, सत्यनारायण बैरवा, लेखराज बैरवा और दिनेश सुमन समेत कुल 54 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस के काम की तारीफ की। पुलिस ने यह भी बताया कि सायबर सेल को मिले दूसरे आवेदनों पर भी कार्रवाई चल रही है। गुम हुए बाकी मोबाइलों की तलाश के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में आवेदन दें। मोबाइल का बिल या बॉक्स, जिस पर IMEI नंबर साफ लिखा हो, और आधार कार्ड देकर CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी अपलोड करवाएं।
जालौन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। अतिक्रमण और अवरोधक होर्डिंग हटाने के निर्देश डीएम ने अधिशासी अधिकारी को शहर में यातायात में बाधा बनने वाले अवरोधक होर्डिंग तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी और संबंधित अधिकारी संयुक्त रूप से शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जहां भी अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, वहां प्रभावी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। बारिश में रेन कट मिले तो तत्काल कराएं मरम्मत बारिश के मौसम को देखते हुए डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी सड़क पर रेन कट दिखाई दे तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी राहगीर या वाहन चालक को परेशानी अथवा हादसे का सामना न करना पड़े। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना हेलमेट और रॉन्ग साइड चलने वालों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, शराब के नशे में वाहन चलाने और रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमित रूप से कार्रवाई करने को कहा। स्कूलों में होंगी जागरूकता रैलियां डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ रैलियां भी आयोजित की जाएं। इनमें छात्र-छात्राओं के साथ आम लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर वाहन चालक और नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करके ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना, सुनील, महेंद्र सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्राधिकरण की टीम ने खुर्जा क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने 13 बीघा जमीन पर की जा रही दो अलग-अलग अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही दो व्यावसायिक अवैध निर्माणों को सील भी किया गया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफिया और अवैध कॉलोनाइजरों में खलबली मच गई है। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकारपुर रोड स्थित गांव बगराई में रिंकू शर्मा लगभग 8 बीघा जमीन पर बिना मंजूरी के अवैध कॉलोनी बना रहे थे। टीम ने इसे ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, रईस और शफीक द्वारा 5 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त किया गया। प्लॉटिंग ध्वस्त करने के साथ ही विकास प्राधिकरण की टीम ने क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए बनाए जा रहे दो अलग-अलग व्यावसायिक अवैध निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्लॉटिंग और बिना मंजूरी के हो रहे निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिना ले-आउट पास कराए कॉलोनी बनाने वाले कॉलोनाइजरों को छोड़ा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी मंजूरी की जांच जरूर कर लें।
सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में चल रहे धरने में परिवार के लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्हें भूख हड़ताल पर बैठे 30 घंटे से अधिक समय हो चुका है। वंश को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अब कई संगठन और समाजसेवी भी परिवार के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। वे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 22 नवंबर 2025 को स्कूल में हुई थी वंश की मौत वंश कश्यप की 22 नवंबर 2025 को सुदिति ग्लोबल एकेडमी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। स्कूल प्रबंधन ने उसकी मौत गिरने से होने की बात कही थी। वहीं, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था। परिवार का आरोप है कि घटना को नौ महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मां बोली- प्रशासन सुन नहीं रहा, धरने से उठाने की कोशिश दूसरे दिन भी धरने पर बैठीं वंश की मां ज्योति कश्यप ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी बात सुनने के लिए धरना स्थल पर नहीं आ रहा है। इसके बजाय उन्हें जबरन धरने से उठाने की कोशिश की जा रही है। ज्योति कश्यप ने लव मोहन की गिरफ्तारी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। उन्होंने क्लास टीचर अमित माथुर पर भी वंश को परेशान करने का आरोप लगाया। 'नौ महीने बाद भी नहीं मिला न्याय' ज्योति कश्यप का कहना है कि घटना को नौ महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि मामले में कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती की जा रही है। समाजसेवी किशन दुबे भी समर्थन में पहुंचे वंश के माता-पिता के समर्थन में समाजसेवी किशन दुबे भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि परिवार वंश का शव घर पहुंचने के बाद से ही अपने बेटे को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है। किशन दुबे ने कहा कि माता-पिता के लिए बेटे को खोने का दर्द बेहद कठिन है। उन्होंने परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए न्याय की लड़ाई में साथ देने की बात कही।
कायस्थ समाज का शपथ ग्रहण समारोह:113 लोग शामिल, पूर्व DIG बोले- समाज को नई दिशा देंगे युवा
कानपुर के गोविंदनगर स्थित चित्रगुप्त धर्मशाला में चित्रगुप्त पूजन समिति के तत्वावधान में युवा के युवा प्रकोष्ठ का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के युवाओं ने एकजुट होकर समाज के विकास और उत्थान के लिए काम करने का संकल्प लिया। समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित पूर्व डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव ने युवा प्रकोष्ठ के 113 नवनियुक्त सदस्यों को पद और समाज सेवा की शपथ दिलाई। युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही वह धुरी है जो समाज को एक नई दिशा देने और उसे निरंतर आगे बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सभी युवाओं से समाजहित के कार्यों में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने का जोरदार आह्वान किया। हर मोहल्ले और वार्ड तक पहुंचेगा संगठन इस अवसर पर युवा अध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव ने संगठन की भावी रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि शहर के सभी मोहल्लों और वार्डों से कायस्थ युवाओं को जोड़कर संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि आगामी चित्रगुप्त पूजन महोत्सव के दूसरे दिन एक विशाल 'कायस्थ परिवार समागम' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी होंगी। इन लोगों की रही उपस्थिति इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में समाज के कई वरिष्ठ और युवा सदस्यों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मुख्य रूप से सारभ श्रीवास्तव, महेंद्र निगम, प्रदीप निगम, राजीव श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, पीके श्रीवास्तव, आशीष, दीपक, अमित, डब्लू और विशाल निगम सहित बड़ी संख्या में समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
फतेहपुर में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जानवरों से लदे चार वाहनों को रोककर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वाहनों में क्षमता से अधिक भैंसों को ठूंस-ठूंसकर लादा गया था। उन्हें चोरी-छिपे स्लाटर हाउस ले जाया जा रहा था। सूचना पर पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने चारों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास का है। एक वाहन में 47 से 48 भैंसें मिलने का दावा बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को लखनऊ बाईपास से चार वाहनों में बड़ी संख्या में भैंसों को ले जाने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर वाहनों को रोककर जांच की गई। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, एक वाहन में करीब 47 से 48 भैंसें ठूंसकर लादी गई थीं। भीषण गर्मी में कम जगह में पशुओं को ले जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। वाहन रुकते ही मौके पर जुटी भीड़ चारों वाहनों को रोके जाने के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। इस दौरान हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने चारों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही उनमें लदे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की गई। धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत हिंदू नेता धर्मेंद्र सिंह ने मामले को लेकर पुलिस को तहरीर दी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि भैंसों को चोरी-छिपे स्लाटर हाउस ले जाया जा रहा था। पुलिस अब वाहनों के कागजात, पशुओं से संबंधित दस्तावेज और उनके परिवहन की अनुमति समेत अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित वाहन चालकों और पशु मालिकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चारों वाहनों को पुलिस ने कब्जे में रखा है और मामले की जांच जारी है।
अमृतसर के छेहरटा मेन बाजार में दुकान के बाहर रखा सामान हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ दुकानदार की तीखी बहस का वीडियो सामने आया है। बतादे कि दुकान के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान रखा गया था, जिसके चलते रास्ता प्रभावित हो रहा था। इसी सामान को हटाने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों की ओर से दुकानदार को सड़क और फुटपाथ खाली करने के लिए कहा गया। इसी दौरान दुकानदार और अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सामने आए वीडियो में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती दिखाई दे रही है। पहले पड़े सामने आए वीडियो में क्या बहस हो रही है--- वीडियो में निगम अधिकारी जब दुकान के बाहर रखा फ्रिज उठाने लगते हैं, तो दुकानदार और उसकी महिला साथी फ्रिज को पकड़कर सड़क पर खड़ी हो जाती हैं। दोनों का कहना है कि रसीद दिए बिना वे फ्रिज को नहीं ले जाने देंगे। दुकानदार लगातार कहता है कि फ्रिज करीब 20 हजार रुपये की कीमत की चीज है और अगर निगम इसे लेकर जाना चाहता है तो इसकी रसीद दी जाए। इस पर ADCP दुकानदार से सवाल करती हैं कि रसीद मांग रहे हो, लेकिन क्या सड़क पर सामान लगाने की आपके पास पावर है? इसी दौरान जब निगम अधिकारी सामान कब्जे में लेने की कोशिश करते हैं, तो वहां मौजूद महिला साथी खींचकर सामान वापस ले लेती है। इसके बाद दुकानदार लगातार निगम अधिकारियों से कहती है कि अगर सामान लेकर जाना है तो रसीद दो, वरना वह इसे नहीं जाने देगी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता जाता है और ADCP तथा महिला दुकानदार के बीच भी तीखी बहस शुरू हो जाती है। वीडियो में महिला दुकानदार ADCP से कहती हुई सुनाई देती है—मैडम, तू अपनी कुर्सी के कारण बोलती है। इस मामले में मीडिया से बात करते हुए ADCP ट्रैफिक अमनदीप कौर ने कहा कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़कों और फुटपाथों से कब्जे हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी दी कि दुकान के बाहर सड़क या फुटपाथ पर सामान रखकर रास्ता रोकने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कब्जे हटाने को लेकर ADCP की चेतावनी पुलिस के मुताबिक, छेहरटा मेन बाजार काफी व्यस्त है और यहां से कई गांवों की ओर जाने वाला ट्रैफिक गुजरता है। ऐसे में दुकानों के बाहर सामान रखे जाने से सड़क संकरी हो जाती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम और पुलिस की ओर से शहर में लगातार Clean Drive चलाई जा रही है, जिसके तहत सड़कों और फुटपाथों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है।
नगरीय निकाय चुनाव में सीकर जिले के 10 शहरों की सरकार के लिए कल यानि बुधवार को मतदान होगा। जिले में पहले चरण के तहत फतेहपुर नगर परिषद, लक्ष्मणगढ़, पलसाना, दांता, रींगस, श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़, खंडेला, नीमकाथाना और खाटूश्यामजी नगर पालिका में 9 सितंबर को वोटिंग होगी। इन निकायों में वोटर्स सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक अपने वार्ड के पार्षद पद के प्रत्याशी के लिए वोट डाल सकेंगे। जिले के बाकी 4 निकायों में 11 सितंबर को वोटिंग होगी। सभी निकायों के वोटों की काउंटिंग 14 सितंबर को होगी। 9 सितंबर को सीकर जिले में 10 नगर निकायों के चुनाव में कुल 3.06 लाख से ज्यादा वोटर हैं, जो 1230 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। सबसे ज्यादा प्रत्याशी फतेहपुर नगर परिषद में हैं, यहां 55 वार्डों में 188 प्रत्याशी हैं। फतेहपुर नगर परिषद कुल उम्मीदवार-188 भाजपा- 34 कांग्रेस- 43 फतेहपुर नगर परिषद के वार्ड नं-16 में सबसे ज्यादा 9 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, यहां 8 प्रत्याशी निर्दलीय और 1 कांग्रेस से हैं, भाजपा ने यहां किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया है। वहीं, वार्ड नं- 20, 22, 23, 45 और 47 में सबसे कम 2-2 प्रत्याशी ही मैदान में हैं, यहां सीधा मुकाबला है। सीकर के नगर निकायों में वोटर्स की संख्या- इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर… UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा झाबर सिंह खर्रा श्रीमाधोपुर से विधायक हैं। इनके विधानसभा क्षेत्र में श्रीमाधोपुर और अजीतगढ़ नगर पालिका है। अजीतगढ़ में पहली बार नगर पालिका का चुनाव हो रहा है। ऐसे में राज्यमंत्री खर्रा पर दोनों नगर पालिका में कमल खिलाने की चुनौती है। खंडेला विधायक सुभाष मील सुभाष मील कांग्रेस से भाजपा में आकर विधायक बने। इनके विधानसभा क्षेत्र में खंडेला और रींगस नगर पालिका हैं। सुभाष मील के विधानसभा क्षेत्र के जाजोद में करीब डेढ़ महीने पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने रात्रि विश्राम के दौरान किसानों और छात्रों से संवाद किया था। ऐसे में विधायक मील पर दोनों नगर पालिका में कमल खिलाने की चुनौती है। सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर प्रेमसिंह बाजौर ने नीमकाथाना से 2023 में भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। नीमकाथाना में अभी कांग्रेस के विधायक हैं और नीमकाथाना जिला कैंसिल होने के बाद ये पहला बड़ा चुनाव है। ऐसे में प्रेमसिंह बाजौर के लिए नीमकाथाना टेढ़ी खीर बना हुआ है। नीमकाथाना में हाल ही में रोड चौड़ीकरण के लिए चला अतिक्रमण हटाओ अभियान भी काफी चर्चा में रहा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा डोटासरा के गृह क्षेत्र की लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका अब नाक का सवाल बनी हुई है। डोटासरा भाजपा के खिलाफ पूरे प्रदेश में दौरे करके बयान दे रहे हैं। ऐसे में डोटासरा ने लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए पूरी मेड़बंदी की है। दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह कांग्रेसी विधायक वीरेंद्र सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में खाटूश्यामजी, पलसाना और दांता नगर पालिका हैं। दांता और पलसाना इस बार ही नगरपालिका बनी है। खाटूश्यामजी में पिछली बार भाजपा का बोर्ड बना था। ऐसे में वीरेंद्र सिंह के लिए तीनों नगर पालिकाओं में कांग्रेस का बोर्ड बनाना एक टफ टास्क है। फतेहपुर विधायक हाकम अली नगर पालिका चुनावों में फतेहपुर काफी हॉटस्पॉट रहा है। कांग्रेस विधायक हाकम अली की फतेहपुर नगर पालिका में बोर्ड बनाना चुनौती है। भाजपा यहां पूरा जोर लगा रही है। हाकम अली कांग्रेस आलाकमान के सामने मजबूती दिखाने के लिए यहां कांग्रेस का बोर्ड बरकरार रखने में जुटे हैं। सूखा दिवस और छुट्टी घोषित सीकर में नगर निकायों में वोटिंग के दिन निकाय क्षेत्र में अवकाश रहेगा। इसके अलावा कल यानी 9 सितंबर को सूखा दिवस भी रहेगा, अत: चुनाव वाले निकाय क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वोटर आईडी नहीं है तो भी डाल सकेंगे वोट, 11 दस्तावेज मान्य निकाय चुनाव में किसी वोटर के पास वोटर आईडी नहीं है या वोटिंग के समय प्रस्तुत करने में असमर्थ है, तो वे वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज से अपनी पहचान साबित कर सकेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने वोटर्स से मतदान के समय कोई एक ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट साथ लाने की अपील की है। वोटर आईडी के अलावा 11 फोटोयुक्त डॉक्यूमेंट वोटिंग के लिए वैलिड होंगे। इनमें आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, हैल्थ बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल है। इसी तरह फोटोयुक्त पेंशन डॉक्यूमेंट, केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों और विधायकों को जारी सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड भी मान्य होंगे।
नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में सवाई माधोपुर में भी मतदान होगा। मंगलवार को अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दल पोलिंग बूथों के लिए रवाना हो गए। सवाई माधोपुर के साहू नगर स्कूल में अंतिम प्रशिक्षण के बाद पोलिंग पार्टियों को अलॉट मेंट के हिसाब से ईवीएम मशीनों सहित मतदान से सम्बंधित अन्य सामान देकर रवाना किया गया। पहले चरण में तीन जगह चुनाव सवाई माधोपुर में 6 नगर निकाय है। जिनमें प्रथम चरण में सवाई माधोपुर नगर परिषद सहित बौंली और खंडार नगर पालिका के लिए मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में गंगापुर सिटी नगर परिषद व बामनवास व वजीरपुर नगर पालिका के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। प्रथम चरण में कल सवाई माधोपुर नगर परिषद और बौंली ओर खंडार नगर पालिका के लिए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगा। भाजपा और कांग्रेस सहित कुल 231 प्रत्याशी चुनावी मैदान में सवाई माधोपुर नगर परिषद में 60 वार्ड है। जिनमें भाजपा व कांग्रेस सहित कुल 231 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। वहीं खंडार नगर पालिका के 25 वार्डो के लिए 90 प्रत्याशी और बौंली के 25 वार्डो के लिए 101 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में है कुल 92713 मतदाता, जिनमे 47620 पुरुष और 45088 महिला मतदाता और 5 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल है। वहीं बौंली नगर पालिका क्षेत्र में है कुल 12066 मतदाता है। जिनमें 6227 पुरुष व 5839 महिला मतदाता शामिल है। इसी तरह खंडार नगर पालिका क्षेत्र में कुल 11708 मतदाता है। जिनमें 6152 पुरुष व 5556 है महिला मतदाता शामिल है। जिले में 35 संवेदनशील-अति संवेदनशील मतदान केंद्र सवाई माधोपुर नगर परिषद के 60 वार्डो के मतदान के लिए कुल 97 पोलिंग बूथ बनाएं गए हैं। वहीं बौंली में 25 और खंडार में 25 पोलिंग बूथ बनाएं गये है। सवाई माधोपुर में 24 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ है। वहीं बौंली में 5 ओर खंडार में है 6 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ है। मतदान के दौरान सुरक्षा के लिहाज़ से तीनों नगर निकायों के लिए पुलिस अधिकारियों सहित कुल 904 का पुलिस जाब्ता लगाया गया है। तीनों नगर निकायों के कुल 35 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ पर मय हथियार एक चार का पुलिस जाब्ता लगाया गया है। मतदान केंद्र पर होगी वीडियोग्राफी जिला निर्वाचन अधिकारी कानाराम ने बताया- नगर निकाय चुनावों को लेकर पोलिंग बूथों पर सभी व्यवस्थाएं माकूल की गई है। सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम किए गए है। संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथों पर हथियार बंद पुलिस जाब्ते सहित वीडियो ग्राफर की तैनाती रहेगी। वहीं मोबाइल पार्टियां ओर एरिया मजिस्ट्रेट लगातार फील्ड में रहेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कल सुबह मतदान शुरू होने से पूर्व मॉक पोल कराया जाएगा और फिर उसके बाद विधिवत मतदान शुरू किया जाएगा। मतदान के दौरान सुरक्षा को लेकर एसपी जैष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि भय मुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के लिए पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए है। सभी बूथों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता लगाया गया है। साथ ही रिजर्व जाब्ता भी रखा गया है। जिसे जरूरत काम लिया जाएगा।
अमरोहा के उझारी में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एक घायल कुत्ते को नगर पंचायत की ट्राली के पीछे रस्सी से बांधकर ले जाने का मामला सामने आया है। ट्राली के चलने के दौरान कुत्ता सड़क पर घिसटता हुआ दिखाई दिया। इसी बीच एक राहगीर की नजर उस पर पड़ी तो उसने ट्राली रुकवाई और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, कुत्ता पहले से जख्मी था और उसे नगर क्षेत्र से बाहर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसे ट्राली के पीछे रस्सी से बांध दिया गया। राहगीर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुत्ते को उझारी के पशु अस्पताल पहुंचाया। वहां उसके जख्मों की सफाई कर प्राथमिक उपचार किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देखिए 2 तस्वीरें… करीब 500 मीटर तक सड़क पर घिसटा कुत्ता कुत्ते को नगर पंचायत की ट्राली के पीछे रस्सी से बांधा गया था। ट्राली आगे बढ़ी तो कुत्ता भी उसके साथ सड़क पर घिसटता चला गया। बताया गया कि वह करीब 500 मीटर तक इसी तरह सड़क पर गया। इस दौरान कुत्ता घायल अवस्था में दिखाई दे रहा था। राहगीर ने स्थिति देखी तो ट्राली को रुकवाया। पहले से जख्मी था कुत्ता मिली जानकारी के अनुसार, कुत्ता पहले से जख्मी था। उसे नगर क्षेत्र से बाहर ले जाने के लिए ट्राली से बांधकर ले जाया जा रहा था। हालांकि, घायल कुत्ते को इस तरह ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं और उसे रस्सी से बांधकर ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी, पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। राहगीर की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस सड़क पर कुत्ते को घिसटते देखकर राहगीर ने ट्राली रुकवाई। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कुत्ते को उझारी के पशु अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की मौजूदगी में कुत्ते का उपचार कराया गया। जख्म में पड़े थे कीड़े, सफाई के बाद दवा लगाई पशु अस्पताल में कुत्ते के जख्मों की जांच की गई। पशु चिकित्सा कर्मी सुधीर कुमार के अनुसार, कुत्ते के जख्म में कीड़े पड़ गए थे। जख्म को साफ करने के बाद दवा लगाई गई और प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद कुत्ते की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घायल कुत्ते को उपचार के लिए ले जाने की बात नगर पंचायत उझारी में सफाई कर्मचारियों के सुपरवाइजर मुन्नालाल तिवारी ने बताया कि सफाई कर्मचारी घायल कुत्ते को उपचार के लिए पशु अस्पताल ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि कुत्ता पहले से ही घायल अवस्था में था और उसके शरीर पर बने जख्म में कीड़े पड़ गए थे। उपचार के लिए उसे अस्पताल ले जाने के दौरान सफाई कर्मचारियों ने कुत्ते को ट्राली के पीछे बांध दिया था। इसी दौरान उसे करीब 500 मीटर से अधिक दूरी तक ले जाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुटी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया। वीडियो में कुत्ते को ट्राली के पीछे बंधा हुआ देखा जा रहा है। सैदनगली थाना प्रभारी संजय प्रताप सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। पुलिस वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… करोड़पति दवा कारोबारी को नौकर ने गला काटकर मार डाला:बोला- बहू के कहने पर हत्या की; कानपुर पुलिस ने एनकाउंटर कर 2 को पकड़ा कानपुर में 63 साल के करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या उनके नौकर ने अपने साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने रविवार शाम 7:30 बजे दोनों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी विशाल गौतम (30) और राज किशोर (30) हैं। विशाल कारोबारी का नौकर है।पढ़ें पूरी खबर…
बूंदी में खाद बांटने में फार्मर आईडी जरूरी होने से किसानों को दिक्कत हो रही है। इस परेशानी को लेकर किसान नेताओं ने मंगलवार को कोटा कैंप ऑफिस में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री मुरली मनोहर नागर की अगुवाई में एक दल ने बताया कि फार्मर आईडी लागू होने के बाद किसानों को खाद लेने में परेशानी आ रही है। कई किसानों की आईडी बनी ही नहीं है, जिससे खाद बांटने में रुकावट आ रही है। किसान नेताओं ने मांग की कि इस नियम में ढील दी जाए और खाद की पूरी सप्लाई की जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से बात करके किसानों की समस्या को तुरंत हल करवाया जाएगा। इस दौरान तालेड़ा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, सुवांसा मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश मीणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप नरेड़ा, जसवीर सिंह, पप्पू खटाना और मनीष शर्मा समेत कई किसान नेता वहां मौजूद थे।
कानपुर में ब्रेकर पर उछली बाइक, डिवाइडर से टकराई:युवक की मौत, भाई का हुआ था स्टोन का ऑपरेशन
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में 25 साल के युवक की मौत हो गई। संजीव नगर स्थित लव पार्क के पास बाइक अचानक ब्रेकर पर उछल गई। संतुलन बिगड़ने के बाद बाइक करीब 10 मीटर तक सड़क पर घिसटती हुई डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार अमन यादव के सिर में गंभीर चोट आई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे कांशीराम अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया। अमन रावतपुर के गीतानगर का रहने वाला था और अपने बड़े भाई के कपड़े लेने हाथीपुर जा रहा था। उसके बड़े भाई रामनिवास हाथीपुर में किराए के कमरे में रहते हैं और ट्रेन गार्ड की नौकरी करते हैं। 3 सितंबर को उनका रीजेंसी अस्पताल में स्टोन का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट आए थे। मंगलवार को अमन उनके कपड़े लेकर जाने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया। लव पार्क के पास ब्रेकर पर उछली बाइक मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे अमन तिरंगा चौराहा स्थित 60 फीट रोड से हाथीपुर की ओर जा रहा था। वह जैसे ही संजीव नगर स्थित लव पार्क के पास पहुंचा, बाइक ब्रेकर पर अचानक उछल गई। अमन बाइक को संभाल पाता, इससे पहले ही उसका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बाइक करीब 10 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अमन के सिर में गंभीर चोट आई और वह सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों की भीड़ जुटी, अस्पताल में मौत हादसा देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अमन को कांशीराम अस्पताल लेकर गई।अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। भाई के कपड़े लेने निकला था अमन अमन के मौसा इंद्रजीत यादव ने बताया कि अमन अपने बड़े भाई रामनिवास के कपड़े लेने हाथीपुर जा रहा था। रामनिवास वहां किराए के कमरे में रहते हैं और ट्रेन गार्ड हैं। कुछ दिन पहले ही उनका रीजेंसी अस्पताल में स्टोन का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद वह घर लौट आए थे। परिवार को उम्मीद थी कि अमन भाई के कपड़े लेकर वापस लौट आएगा, लेकिन हादसे की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद के सूरजकुंड में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित ‘शी इज द चेंजमेकर’ दो दिवसीय कार्यशाला में हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि पहुंचे। इसमें देशभर के 22 से ज्यादा राज्यों की 100 से अधिक महिला विधायक शामिल हुईं। कार्यशाला में महिला विधायकों के विधायी दायित्वों के साथ समाज को मजबूत बनाने और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से उठाने और उनके समाधान के लिए काम करने के तरीकों की जानकारी दी गई। महिलाओं के लिए बने कानूनों का मिल रहा लाभराष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि देश में महिलाओं के हित में कई कानून बनाए गए हैं और इनका फायदा भी महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में पुरुषों का दबदबा अधिक था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को घेरानारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन से जोड़कर किए जा रहे विरोध पर विजया रहाटकर ने कहा कि यह कानून लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल महिलाओं से वोट मांगते हैं, लेकिन जब उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात आती है तो विरोध करते हैं। हालांकि, उन्होंने इसे राजनीतिक विषय बताते हुए इस पर ज्यादा विस्तार से बोलने से इनकार कर दिया। महिला जनप्रतिनिधि समाज को दिशा देती हैंमुख्यमंत्री ने कहा कि महिला विधायक उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं जो समाज को दिशा देने का काम करती है। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में महिला विधायकों ने नई योजनाओं और पहलों के साथ विधायी काम को ज्यादा प्रभावी बनाने के तरीके भी सीखे हैं। हरियाणा में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्वमुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने वर्ष 2020 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सिर्फ कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को नीतियों में बदलने का महत्वपूर्ण मंच है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदममुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ। उन्होंने इसे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशतमुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में 500 महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए हैं।
एटा जनपद के भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप जैन को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य नामित किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के बाद उनके परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। एटा के मोहल्ला कैलाश गंज चौक के रहने वाले संदीप जैन दोपहर बाद अपने घर पर आराम कर रहे थे। तभी सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी मिली और लोग फोन पर बधाई देने लगे। यूपी अल्पसंख्यक आयोग विभाग ने इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है। संदीप जैन लंबे समय से भाजपा से जुड़े हैं और एक कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी की सेवा कर रहे थे। उनके राजनीतिक सफर की बात करें तो, वह 1994 में युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष रहे। 1997 में भाजपा नगर अध्यक्ष, 2004 में विधि प्रकोष्ठ जिला संयोजक, 2009 में जिला कोषाध्यक्ष और 2012 में जिला महामंत्री बने। इसके बाद, वह 2019 से 2025 तक जिला अध्यक्ष के पद पर रहे। आयोग के सदस्य नामित किए गए संदीप जैन ने बताया कि उन्हें करीब एक घंटे पहले ही इस बारे में सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है और पार्टी का आदेश हम सभी कार्यकर्ताओं को मान्य होता है। उन्होंने इस पद को अच्छा बताया और कहा कि वे संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करेंगे। संदीप जैन ने आगे कहा कि चाहे मुस्लिम हों, जैन हों, सिख हों या ईसाई हों, सभी के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं और आदेशों का पालन किया जाएगा। वे पूरी निष्ठा और लगन से काम करेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पार्टी उन्हें इस लायक समझेगी। वे घर पर ही थे और कहीं गए भी नहीं थे जब उन्हें यह जानकारी मिली।
रोहतक जिले में महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल गांव में आपसी रंजिश के चलते 2 पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान सावन नाम का युवक घायल हो गया, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और इंसाफ की मांग की है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आपसी रंजिश के कारण उनके परिवार से झगड़ा किया गया, जिसमें सावन घायल हो गया। घायल युवक के परिवार ने महम थाना पुलिस को शिकायत दी। 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR थाना प्रभारी सत्यवान ने बताया कि भैणी चंद्रपाल गांव में 3 सितंबर को आपसी रंजिश के कारण झगड़ा हुआ था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महम थाना पुलिस ने इस मामले में गोपाल, आशीष, राहुल, साहिल, संजय, किशन और कार्तिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
कानपुर में कहासुनी में बीच सड़क पर भिड़े 2 पक्ष:लात-घूंसे और बेल्ट से मारपीट, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों के बीच बीच सड़क जमकर मारपीट हो गई। पनकी रोड स्थित सीएनजी पंप के पास दोनों गुट एक-दूसरे पर टूट पड़े। पहले धक्का-मुक्की हुई और देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे। आरोप है कि कुछ युवकों ने बेल्ट से भी दूसरे पक्ष पर हमला किया। सड़क पर खुलेआम मारपीट से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान किसी राहगीर ने मारपीट का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। सीएनजी पंप के पास शुरू हुई कहासुनी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कल्याणपुर-पनकी रोड पर सीएनजी पंप के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई थी। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों तरफ के लोग एक-दूसरे से भिड़ गए। आरोप है कि कुछ युवकों ने बेल्ट निकालकर दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी लात-घूंसों से जवाब दिया। बीच सड़क काफी देर तक चलता रहा हंगामा मारपीट के चलते सड़क पर हंगामे की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले दोनों पक्षों के बीच हाथापाई तेज हो गई। सड़क से गुजर रहे वाहन सवारों को भी परेशानी हुई। कुछ लोग घटना देखते रहे, जबकि कुछ ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने की कोशिश की। इसी दौरान एक राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में सड़क पर दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान में जुटी है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। तहरीर के आधार पर होगी कार्रवाई कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के लालकुर्ती-बेगमब्रिज के पास स्थित एसजीएम गार्डन में राष्ट्र रक्षा यज्ञ, संस्कार एवं परिवार मिलन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र, राकेश खीरी, रंजना, नीरज मित्तल और कविता गुप्ता समेत समाज के वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्र रक्षा और सामाजिक संस्कारों को मजबूत करने पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और परिवार व समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
और बढ़ गया ‘शुद्धिकरण’ मामला, कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता ने SC-ST एक्ट में दर्ज कराई नई FIR
इससे पहले इसी मामले को लेकर थाना हल्द्वानी में 30 अगस्त को अमित कुमार नाम के व्यक्ति की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया था।
देवास में अवंतिका फूड्स कंपनी से 9 टन आटे से भरे कंटेनर की चाकू की नोक पर लूट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कंटेनर में लगे GPS की लोकेशन, CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। पुलिस ने 50 लाख रुपए का माल बरामद करने की जानकारी दी है। घटना 5 सितंबर की रात करीब 8.30 बजे की है। इंदौर निवासी कंटेनर चालक संतोष मालवीय अवंतिका फूड्स कंपनी से 310 कट्टों में करीब 9 टन आटा लेकर निकले थे। रास्ते में एक व्यक्ति ने चालक की कमर पर चाकू रख दिया। उसके साथ मारपीट कर उसे नीचे गिरा दिया गया। इसके बाद चार अन्य आरोपी कंटेनर में चढ़े और आटे से भरा कंटेनर लेकर फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से चाकू दिखाने वाले एक व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। GPS से इंदौर तक पहुंची पुलिस पुलिस ने कंटेनर में लगे GPS की लोकेशन ट्रैक की। इसके साथ CCTV फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस का पीछा देवास से इंदौर तक चला। सेज यूनिवर्सिटी के पास नाकाबंदी देखकर आरोपियों ने कंटेनर को सर्विस रोड की ओर ले जाने की कोशिश की। ट्रांसफार्मर से टकराया कंटेनर सर्विस रोड पर कंटेनर बेकाबू होकर ट्रांसफार्मर से टकरा गया। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसके चार अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को SP ने किया खुलासा मंगलवार को SP पुनीत गेहलोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी और 50 लाख रुपए का माल बरामद करने की जानकारी दी है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल मंगलवार को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में मोहनजीत सिंह का हालचाल पूछा। मोहनजीत सिंह शेरों गांव में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। पीड़ित से मिलने के बाद ग्रेवाल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह लोकतंत्र और इंसानियत दोनों पर दाग है। मीडिया से बात करते हुए ग्रेवाल ने बताया कि मोहनजीत सिंह का बयान आयोग के पास दर्ज है। संबंधित अधिकारियों से भी बात हो चुकी है। अब आयोग पीड़ित के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और दूसरे तथ्यों का विश्लेषण करेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ कानून से बाहर जाकर मारपीट या अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि अगर किसी पुलिस अधिकारी ने मामले को दबाने या पीड़ित परिवार को डराने की कोशिश की है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारियों को निलंबित या ट्रांसफर कर देना काफी नहीं है। अगर जांच में दोष साबित होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज होना चाहिए। पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आयोग इस मामले की रिपोर्ट केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और दूसरी संबंधित संस्थाओं को भी भेजेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होना बहुत जरूरी है।
कोरबा के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में स्पोर्ट्स बाइक चोरी का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू (19) और उसके दो नाबालिग साथियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की पल्सर RS 200 और एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने महंगी बाइक चलाने के शौक में चोरी की योजना बनाई थी। दुकान के सामने से चोरी हुई थी पल्सर मामला 6 सितंबर का है। देव कुमार अहिरवार ने बांकीमोंगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने 5 सितंबर की रात करीब 10 बजे अपनी पल्सर RS 200 क्रमांक CG 12 BT 6722 दुकान के सामने लॉक करके खड़ी की थी। बाइक की कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई। सुबह करीब 7 बजे बाइक गायब मिली, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी के बाद डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे जांच के दौरान पुलिस को घटना का अहम सुराग टीपी नगर की एक चाबी दुकान से मिला। पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद आरोपी उसी बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने वहां पहुंचे थे। इत्तफाक से जिस बाइक की चाबी बनवाने आरोपी पहुंचे थे, उसी बाइक के मालिक का रिश्तेदार भी टीपी नगर में डुप्लीकेट चाबी बनाने का काम करता है। दुकानदार को आरोपियों पर शक हुआ तो उसने चुपचाप डायल 112 पर पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में दो बाइक चोरी की बात आई सामने पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, पिता विक्रमलाल निषाद, निवासी भिलाईबाजार, थाना हरदीबाजार को गवाहों की मौजूदगी में पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर पल्सर RS 200 को बांकीमोंगरा और एक्टिवा स्कूटी CG 12 BU 7208 को कुसमुंडा क्षेत्र से चोरी करने की बात बताई। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल और दोनों चोरी के वाहनों को जब्त कर लिया। बाइक के शौक ने बना दिया चोर पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें महंगी स्पोर्ट्स बाइक चलाने का शौक था, लेकिन उनके पास बाइक खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। मुख्य आरोपी जेल, नाबालिग किशोर न्याय बोर्ड भेजे जाएंगे पुलिस ने मोनेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। बांकीमोंगरा पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।
भोजपुर में आरा-पटना बाइपास जाम, जर्जर सड़क और पुल निर्माण की मांग पर सांसद सड़क पर उतरे
8 सितंबर, मंगलवार: भोजपुर में आरा-पटना बाइपास सड़क को प्राइवेट बस पड़ाव के पास भाकपा माले नेताओं ने जाम किया। सांसद सुदामा प्रसाद भी प्रदर्शन में शामिल हुए। जर्जर सड़क की मरम्मत और पुल निर्माण समेत कई मांगों को लेकर चक्का जाम किया गया।
मऊगंज में चोरी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित मंगलवार शाम एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम को आवेदन सौंपा। शिकायतकर्ताओं ने शाहपुर थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया जाता है, लेकिन बाद में छोड़ दिया जाता है। इसके बाद आरोपी उन्हें धमकाते और परेशान करते हैं। मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के छतैनी गांव के रामनरेश पाल भेड़ पालन करते हैं। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त और 1 सितंबर की रात करीब 150 भेड़ों को घर में बांधा था। रात 2 बजे आहट होने पर उनकी नींद खुली। बाहर जाकर देखा तो रेशम की जाली कटी हुई थी और 40 भेड़ें गायब थीं। रामनरेश ने 1 सितंबर को शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद चोरी के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरे मामले में बसिगड़ा निवासी शिवदयाल पाल ने एसपी कार्यालय में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि सीधी सायर चौराघाट से उनकी 30 भेड़ें चोरी हो गई थीं। शिवदयाल ने 5 सितंबर को शाहपुर थाने में इसकी शिकायत की थी। शिवदयाल का दावा है कि उन्होंने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उनके मोबाइल में आरोपियों की फोटो भी मौजूद हैं। इसके बावजूद आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दोनों शिकायतकर्ताओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम से मामले की निष्पक्ष जांच और चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं आया है।
मुरादाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पेशकार सुभाष को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई मंगलवार शाम करीब 4 बजे चकबंदी अधिकारी के कार्यालय में हुई। ACB अधिकारी ने बताया- कार्रवाई अधिवक्ता ठाकुर ओमवीर सिंह की शिकायत पर की गई। ओमवीर सिंह के गांव में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि चकबंदी से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार कर उन्हें देने के बदले पेशकार सुभाष 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। जून में आदेश के बाद भी कर रहा था टालमटोल शिकायतकर्ता ने बताया कि दस्तावेजों को लेकर जून में ही सक्षम स्तर से आदेश जारी हो चुके थे। इसके बावजूद पेशकार लगातार टालमटोल कर रहा था। आरोप है कि बिना रिश्वत लिए वह दस्तावेज देने को तैयार नहीं था। परेशान होकर ओमवीर सिंह ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ACB टीम ने पेशकार को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने पेशकार को 50 हजार रुपए के केमिकल लगे नोट दिए। जैसे ही पेशकार ने रकम ली, पहले से मौजूद ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी पेशकार को थाने ले गई। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र के जंडवाला सिखान गांव में मजदूरी कर घर लौट रहे एक व्यक्ति पर ईंट से हमला किया गया। इस हमले में व्यक्ति के सिर में चोट आई और चार टांके लगे। घायल ने अपने पड़ोसी पर पुरानी रंजिश के चलते हमला करने का आरोप लगाया है। संगरिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक जंडवाला सिखान के वार्ड नंबर 7 निवासी केसरसिंह (47) पुत्र देवसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। केसरसिंह मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका पड़ोसी छिंदा सिंह पुत्र दर्शन सिंह उनके परिवार से पुरानी रंजिश रखता है और अक्सर उनके घर में दखलंदाजी करता है। जब केसरसिंह ने इस पर आपत्ति जताई तो आरोपी ने उन्हें धमकी भी दी थी। केसरसिंह के अनुसार 1 सितंबर की रात करीब 9 बजे वह मजदूरी का काम खत्म कर घर लौट रहा था। रास्ते में छिंदा सिंह ने उनका रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करने लगा। आरोपी ने उन्हें जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर ईंट से हमला कर दिया। हमले से उनके सिर से खून बहने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर रास्ते से गुजर रहे लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों ने बीच-बचाव कर घायल केसरसिंह को बचाया। घायल केसरसिंह ने बताया कि सिर में चोट लगने के कारण उन्हें इलाज करवाना पड़ा और चार टांके आए। उनके बाएं हाथ की छोटी अंगुली पर भी चोट लगी है। पुलिस ने केसरसिंह की चोटों का निरीक्षण किया है। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप कालवी को सौंपी गई है। पुलिस घटना के कारणों और दोनों पक्षों के बीच चल रही रंजिश की भी जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रामेश्वर जायसवाल की नियुक्ति पर लगी रोक हटा दी है। इस आदेश के साथ ही जायसवाल DEO बने रहेंगे। हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की कोर्ट में कहा गया कि सिर्फ सीनियरिटी के आधार पर कोई अधिकारी ऊंचे पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। मामले की सुनवाई के दौरान याचिका खारिज होने से पहले ही याचिकाकर्ताओं ने केस वापस लेने का आग्रह किया। दरअसल, हाईकोर्ट ने गरियाबंद के प्रभारी DEO राजेश चंद्राकर की नियुक्ति पर कहा था कि जूनियर अधिकारी को प्रभारी DEO या BEO बनाना शासन का प्रशासनिक फैसला है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट सामान्य तौर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने गरियाबंद में जूनियर अधिकारी को प्रभारी डीईओ नियुक्त किए जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक बिलासपुर में पदस्थ प्राचार्य राघवेंद्र गौराहा और कामेश्वर बैरागी ने अधिवक्ता जितेंद्र पाली के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले में 100 से ज्यादा ऐसे प्राचार्य हैं, जो नियुक्त किए गए प्रभारी डीईओ से 18 साल या उससे अधिक सीनियर हैं। इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग ने कुछ महीने पहले पदोन्नत हुए प्राचार्य (एलबी) रामेश्वर जायसवाल को प्रभारी DEO के पद पर नियुक्त कर दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि राज्य सरकार के सर्कुलर के मुताबिक, किसी जूनियर अधिकारी को अपने से सीनियर अधिकारियों के ऊपर पदस्थ नहीं किया जा सकता। खासकर तब जब उसे अपने से सीनियर अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली (CR) लिखने की स्थिति में ला दिया जाए। इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डीईओ की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। याचिका खारिज करने से पहले वापस लीइस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के ध्यान में लाया गया कि प्रभार देना एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है। जब तक किसी नियम या कानून में यह अनिवार्य न हो कि सीनियर अधिकारी को ही प्रभार दिया जाएगा, तब तक केवल सीनियरिटी के आधार पर किसी पद का प्रभार पाने का कानूनी अधिकार नहीं बनता। यह फैसला हाईकोर्ट ने ही डीईओ की नियुक्ति पर दिया है। लिहाजा, आज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करने की बात कही, तब याचिकाकर्ताओं की तरफ से याचिका वापस लेने की छूट देने का आग्रह किया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। बिलासपुर DEO नियुक्ति का रास्ता साफहाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिलासपुर डीईओ रामेश्वर जायसवाल की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। वे यहां जिला शिक्षा अधिकारी बने रहेंगे। हालांकि, अभी हाईकोर्ट का आदेश जारी नहीं हुआ है। लिहाजा, रामेश्वर जायसवाल ने इस मामले में अभी कुछ भी कहने से इनकार किया है। संघ ने हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागतछत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और प्राचार्य संजय शर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा तय नियम के अनुसार प्रशासनिक पदों के लिए जूनियर-सीनियर का कोई विषेश महत्व नहीं है। हर विभाग में इस तरह से हर विभाग में प्रशासनिक पदों के लिए दक्ष और योग्यता के आधार पर पद दिया जाता है। हाईकोर्ट ने बिलासपुर डीईओ के केस में जो फैसला दिया है, वह स्वागतेय है।
दमोह शहर से सटे आमचौपरा गांव में एक निजी कंपनी मोबाइल टावर लगा रही है। इसके विरोध में मंगलवार दोपहर महिलाओं ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को आवेदन दिया। उन्होंने टावर न लगाने की मांग की है। महिलाओं ने अपने ज्ञापन में बताया कि आमचौपरा मोहल्ले में मुकेश जैन अपनी जमीन पर निजी मोबाइल कंपनी का टावर लगवा रहे हैं। मोहल्ले के सभी लोगों को इस पर आपत्ति है और वे टावर को अपने मोहल्ले के बीच नहीं लगने देना चाहते। महिलाओं का कहना है कि टावर लगने से मोहल्ले में शोर होगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आएगी। उन्हें बच्चों में बीमारी का खतरा बढ़ने और पूरे दिन मोबाइल चलाने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उनकी मांग है कि इस टावर को कहीं और लगाया जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो मोहल्ले के सभी लोग मजबूरी में आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने पहुंची महिलाओं में लता खरे, संध्या, यशोदा सिंह, सरोज रानी, कृष्ण राय, निर्मला दुबे और वर्षा खरे सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं।
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में मतदान कल:4.82 लाख मतदाता 373 प्रत्याशियों का तय करेंगे भविष्य
जिले में पहले चरण में नगर निगम के चुनाव 9 सितम्बर को होंगे। निगम के लिए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक अपने वार्ड के प्रत्याशी के लिए वोट डाल सकेंगे। जिले की छह नगर पालिकाओं के लिए 11 सितम्बर को मतदान होगा। सभी निकायों की मतगणना 14 सितम्बर को होगी। बीकानेर में नगर निगम में 4 लाख 82 हजार 229 मतदाता है, जो 373 प्रत्याशी की किस्मत तय करेंगे। बीकानेर नगर निगम में सबसे ज्यादा प्रत्याशी वार्ड संख्या में 2 में है। जहां पंद्रह प्रत्याशी मैदान में है। पांच वार्ड ऐसे हैं, जहां दो-दो उम्मीदवार ही आमने-सामने हैं।
बालाघाट में नर्सिंग छात्राएं अपनी समस्या बताने कलेक्ट्रेट पहुंचीं, लेकिन उन्हें कलेक्टर नहीं मिले। छात्राओं का कहना है कि एक महिला अधिकारी ने उनसे नर्सिंग की पढ़ाई छोड़ने की सलाह दे दी। इससे छात्राएं काफी नाराज हैं। असल में, आदिवासी क्षेत्र में संचालित भारत इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्राएं छात्रवृत्ति नहीं मिलने और परीक्षा की समस्या को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर से मिलना चाहती थीं। छात्राओं ने बताया कि उन्हें कलेक्टर तो नहीं मिले, बल्कि एक महिला अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर दौरे पर हैं। जब छात्राओं ने महिला अधिकारी से अपनी समस्या बताई, तो उन्होंने छात्राओं को नर्सिंग की पढ़ाई छोड़ने की सलाह दे दी। छात्राओं ने इस पर अपनी नाराजगी जताई है। छात्रा कल्पना उके ने बताया कि वे बीएससी नर्सिंग के 2021-22 बैच की छात्राएं हैं। उन्हें शुरुआत से ही छात्रवृत्ति नहीं मिली है। इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन उन पर परीक्षा फॉर्म भरने के लिए फीस जमा करने का दबाव बना रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें। उन्होंने बताया कि जबलपुर से लेकर भोपाल तक अपनी समस्याएं पहुंचाने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। इसी वजह से वे आज यहां अपनी समस्या बताने आई थीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कल्पना ने यह भी बताया कि अगर दो साल और ऐसे ही निकल गए, तो उन्हें डिफाल्टर कर दिया जाएगा। ऐसे में उनके भविष्य का क्या होगा और अगर कोई गलत कदम उठा ले तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। एक अन्य छात्रा दिव्या ने बताया कि वे कलेक्टर साहब से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहती थीं, लेकिन उनसे मिल नहीं पाईं। एक महिला अधिकारी ने उनकी समस्या सुनी और उन्हें बताया कि वे नर्सिंग छोड़कर कोई और पढ़ाई कर लें। दिव्या ने कहा कि उन्हें यहां आकर यह सुनने को मिल रहा है कि पढ़ाई छोड़ दो। आईडी पासवर्ड में आ रही समस्या इस मामले में भारत इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज के प्रबंधक सुनील तेकाम ने बताया कि बीएससी नर्सिंग की छात्राओं की छात्रवृत्ति को लेकर आईडी पासवर्ड जनरेट की समस्या आ रही है जिसको लेकर उन्होंने एसी ट्रायवल और भोपाल काउंसिल तक को पत्र लिख चुके है। जबकि जीएनएम के 11 छात्रो की छात्रवृत्ति के शीघ्र ही प्रदाय करने का उन्होंने भरोसा दिलाया है।
बांका जिले के धोरैया विधानसभा क्षेत्र स्थित अतिप्राचीन बाबा धनकुंड नाथ मंदिर के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ी पहल हुई है। धोरैया विधायक मनीष कुमार ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता से मुलाकात कर धनकुंड मंदिर को राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग रखी। विधायक ने मंदिर के विकास से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव मंत्री को सौंपा। प्रस्ताव पर पर्यटन मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए विभागीय सचिव को तत्काल डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने का निर्देश दिया है। सावन में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु विधायक मनीष कुमार ने पर्यटन मंत्री को बताया कि न्यास परिषद के अधीन पंजीकृत धनकुंड मंदिर धोरैया के साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रत्येक सोमवार और खासकर सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव-पार्वती का दर्शन और जलाभिषेक करते हैं। मंदिर के समीप स्थित प्राचीन और पवित्र धनकुंड इसकी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को और बढ़ाता है। सुविधाओं की कमी से श्रद्धालुओं को परेशानी विधायक ने कहा कि मंदिर परिसर के आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए कई जरूरी सुविधाओं का अभाव है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। विकास के लिए रखीं 10 प्रमुख मांगें विधायक ने मंदिर के समग्र विकास के लिए पर्यटन मंत्री के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मंदिर परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण, धनकुंड का जीर्णोद्धार, नियमित साफ-सफाई और आकर्षक घाट का निर्माण शामिल है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला, विश्राम गृह, कैफेटेरिया और प्रतीक्षालय बनाने का प्रस्ताव दिया गया। पेयजल, पार्किंग से लेकर CCTV तक की मांग मंदिर परिसर में स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय और स्नानागार, पार्किंग, यात्री शेड, बैठने की सुविधा और प्रसाद वितरण स्थल विकसित करने की मांग की गई है। मंदिर तक पहुंचने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के साथ हाई मास्ट लाइट, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने का भी प्रस्ताव दिया गया। दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए सुगम होगी राह मंदिर परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए उद्यान और स्थायी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की मांग भी रखी गई। साथ ही दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा धनकुंड मंदिर को राज्य के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन सर्किट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया। डीपीआर तैयार होने के बाद आगे बढ़ेगा काम विधायक के प्रस्ताव पर पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने विभागीय सचिव को डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है। डीपीआर तैयार होने और परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद मंदिर के समग्र विकास की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। विकास से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद विधायक मनीष कुमार ने कहा कि धनकुंड मंदिर का विकास होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धोरैया की धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने से यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सागर में जहरीली शराब से मौतों की घटना के बाद उमरिया में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को मानपुर और नौरोजाबाद आबकारी टीम ने आठ गांवों में 14 जगह दबिश दी। इस दौरान 25 लीटर हाथभट्टी शराब और 690 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त शराब की कीमत करीब 72 हजार 750 रुपए बताई गई है। आठ गांवों में पहुंची आबकारी टीम आबकारी विभाग की टीम ने ताला, चिल्हारी, महरोई, खेरवा, पलझा, देवगवां, बंधवाटोला और चंगेरा में कार्रवाई की। टीम ने अलग-अलग जगहों पर अवैध शराब बनाने और रखने की जानकारी के आधार पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मिला महुआ लाहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक कुछ जगह हाथभट्ठियां भी मिलीं, जिन्हें नष्ट किया गया। उमरिया में अलग कार्रवाई में 2500 किलो लाहन मिला अधिकारियों के मुताबिक उमरिया क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर की गई एक अलग कार्रवाई में 2500 किलो महुआ लाहन भी जब्त किया गया है। इसकी कीमत दो लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है। अब तक 2.70 लाख से ज्यादा की शराब जब्त सहायक आबकारी अधिकारी मोना दुबे ने बताया कि मानपुर, नौरोजाबाद, उमरिया समेत जिलेभर में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2.70 लाख रुपए से ज्यादा की शराब जब्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सागर की घटना के बाद जिले में हाथभट्ठियों और अवैध शराब के खिलाफ दबिश बढ़ाई गई है। अवैध शराब बनाने, बेचने और परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सोनीपत जिले के गन्नौर इलाके में एसडीएम प्रवेश कादियान ने शाहपुर तगा गांव के सरकारी स्कूल और पशु अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में मौजूद सुविधाओं और व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा और दूसरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रवेश कादियान ने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे मील के खाने की गुणवत्ता जांची। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए। 'हर बच्चे को उसकी क्षमता के हिसाब से अच्छी शिक्षा दी जाए' उन्होंने अध्यापकों से कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जाए। हर बच्चे को उसकी क्षमता के हिसाब से अच्छी शिक्षा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके पूरे विकास में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। इसलिए अध्यापक पूरी जिम्मेदारी और लगन से बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उनमें अनुशासन, संस्कार व सीखने की भावना जगाएं। सरकारी पशु अस्पताल का भी निरीक्षण किया एसडीएम ने स्कूल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्टाफ को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को साफ, सुरक्षित और अच्छा पढ़ाई का माहौल मिले। स्कूल में मौजूद सुविधाओं का सही रखरखाव हो, ताकि बच्चों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान स्कूल के अध्यापक और अन्य लोग मौजूद रहे। एसडीएम प्रवेश कादियान ने सरकारी स्कूल के अलावा सरकारी पशु अस्पताल का भी अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पशु अस्पताल पर ताला लगा मिला और सभी कर्मचारी गायब थे। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद एसडीएम ने गायब कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। वे समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग का जल्द भुगतान करने की मांग कर रहे थे। ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों और कार्यालय के सुरक्षाकर्मियों के बीच इस दौरान धक्का-मुक्की हो गई, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। धक्का-मुक्की के बाद किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच गरमागरम बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते किसान आक्रोशित हो गए और विवाद बढ़ गया। किसानों का कहना था कि समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के बावजूद उन्हें अभी तक भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द रुका हुआ भुगतान कराने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और माहौल को शांत कराया। करीब एक घंटे तक चली बहस और समझाइश के बाद किसान शांत हुए। किसान नेता प्रतीक शर्मा ने बताया कि यह सब भाजपा नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है जो आज किसानों को धक्का दे रहे हैं अहम में भूल गए हैं कि किसान अगर धक्का मारने पर आया तो प्रदेश से केंद्र तक कि सरकार बदल सकता है। इसके बाद किसानों ने अपर कलेक्टर अरविंद सिंह को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग का रुका हुआ भुगतान जल्द कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक दिक्कतें न हों।
रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सऐप नंबर से अधिकारियों को मैसेज भेजने का मामला सामने आया है। मंगलवार दोपहर महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी समेत कई अधिकारियों के मोबाइल पर विदेशी नंबर से मैसेज भेजे गए। मैसेज जिस नंबर +639615402077 से भेजे गए, उस पर कलेक्टर अजय कटेसरिया की रतलाम वाली फोटो लगी है। नंबर पर फिलीपिंस का नाम भी दिखाई दे रहा है। मैसेज की जानकारी कलेक्टर को दी गई तो पता चला कि यह उनका अधिकृत मोबाइल नंबर नहीं है। मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पैसों की मांग कर धोखाधड़ी की आशंका कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले के नागरिकों और अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की है कि कलेक्टर के नाम, फोटो या पद का इस्तेमाल कर किसी अनजान नंबर से मैसेज आए तो उस पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मैसेज के जरिए पैसों की मांग या किसी अन्य तरह की धोखाधड़ी की जा सकती है। बैंक और UPI की जानकारी न देंकलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि +639615402077 उनका अधिकृत नंबर नहीं है। इस नंबर से कोई मैसेज या कॉल आए या पैसों की मांग की जाए तो कोई प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने लोगों से बैंक खाते, UPI या किसी अन्य माध्यम से राशि का भुगतान नहीं करने की अपील की है।
डीडवाना-कुचामन जिले के 4 नगर निकायों में बुधवार को निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा। पुलिस और प्रशासन ने चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान दलों को ट्रेनिंग देने के बाद मंगलवार को उनके संबंधित मतदान केंद्रों पर भेज दिया गया। डीडवाना और कुचामन नगर परिषद के साथ-साथ लाडनूं और बोरावड़ नगर पालिका के कुल 155 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। जिले में कुल 182 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 48 केंद्र संवेदनशील या अति संवेदनशील कैटेगरी में हैं।इस चुनाव में जिले के 1 लाख 66 हजार 974 मतदाता अपने वोट डालेंगे। 1 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्थाशांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन ने एरिया मजिस्ट्रेट, सहायक मजिस्ट्रेट और 6 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं।कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट है। एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान की देखरेख में 5 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 6 वृत्ताधिकारी और 23 थानाधिकारी समेत 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को मतदान केंद्रों पर लगाया गया है। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर ज्यादा पुलिस बल रहेगा। अलग-अलग इलाकों में पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के सरकारी स्कूल में चाकू बाजी की घटना हुई जिसमें बाहरी युवकों ने नवमी के छात्र पर चाकू से हमला कर दिया जिससे वह घायल हो गया जहां इस मामले को लेकर ABVP ने इसमें नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन शॉप कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार की दोपहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ABVP के पदाधिकारियों ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का स्थान है। स्कूल परिसर में इस प्रकार की हिंसक घटना होना बहुत ही गंभीर और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से छात्र छात्राओं व उनके अभिभावकों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। ज्ञापन के माध्यम से ABVP ने मांग की कि घटना में संलिप्त सभी आरोपियों की शीघ्र पहचान कर निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में स्कूल व विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की मांग की गई। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले में पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने व ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की। जानिए कैसे हुई थी स्कूल में घटना सोमवार को चक्रधर नगर शासकीय स्कूल में लांच ब्रेक के समय स्कूल की बाउंड्रीवाल फांदकर 6-7 बाहरी लड़के अंदर प्रवेश किये और कक्षा 9वीं के 16 वर्षीय छात्र को कक्षा से बाहर बुलाया। दो लड़कों ने छात्र पर चाकू से हमला कर वहां से भाग निकले। घटना में छात्र के कमर से नीचे चोट आयी। इसके बाद स्कूल के अन्य छात्रों ने मामले की सूचना स्कूल प्रबंधन को दी। उन्होंने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी। तब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले में पतासाजी करते हुए छात्र पर हमला करने वाले दोनों लड़कों की पहचान स्पष्ट कर दोनों को पकड़ लिया। जिनसे पूछताछ में उनके साथ मारपीट के लिए साथ आये एक और लड़के को पकड़ा गया है। वहीं पुलिस के प्रारंभिक पूछताछ में घायल छात्र के साथ इनकी पूर्व मित्रता और कुछ दिन पहले झगड़ा विवाद को लेकर मारपीट की घटना सामने आयी है।
भोजपुर में आरा-खैरा मुख्य सड़क पर दो ट्रेलरों की आमने-सामने टक्कर, चालक जख्मी; 4 घंटे लगा जाम
8 सितंबर, मंगलवार: भोजपुर के आरा-खैरा मुख्य सड़क पर दो ट्रेलरों की आमने-सामने टक्कर में चालक जख्मी हो गया। दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए और हादसे के बाद करीब चार घंटे तक सड़क जाम रही। हजारों वाहन जाम में फंसे रहे और कई ने रास्ता बदला।
पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के मामले में ट्रैफिक थाने में तैनात दारोगा उपेंद्र शाह को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा जहानाबाद में मनरेगा सदर प्रखंड के जेई अमन कुमार 20000 और DTO ऑफिस शेखपुरा में तैनात बड़ा बाबू कुणाल को 15000 रुपए लेते पकड़ा गया है। निगरानी की टीम ने उन्हें जेपी गंगा पथ से उस समय पकड़ा, जब वह एक मामले के पीड़ित से 10 हजार रुपए रिश्वत ले रहे थे। बताया जा रहा है कि किसी मामले में मदद करने के एवज में दारोगा द्वारा पीड़ित से रिश्वत की मांग की गई थी। इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो तक पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार को टीम ने जाल बिछाकर दारोगा उपेंद्र शाह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा उपेंद्र शाह पहले भी विवादों में रह चुके हैं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से दारोगा की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि दारोगा उपेंद्र शाह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। कुछ समय पहले लड़की की स्कूटी रोकने के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला काफी चर्चित हुआ था। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आज जहानाबाद, शेखपुरा और पटना में तीन अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई की है। पटना में हुई इस कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक थाने के दारोगा की गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल निगरानी की टीम मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
बुरहानपुर-अंकलेश्वर अंतरराज्यीय मार्ग पर सड़क निर्माण के चलते मंगलवार दोपहर करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सिंधी बस्ती से लोनी के बीच निर्माणाधीन सड़क के संकरे हिस्से में स्कूली बसें, एंबुलेंस, कार और बाइक सवार करीब 2 घंटे तक फंसे रहे। भारी वाहनों के लिए हतनूर मार्ग का डायवर्जन होने के बावजूद ट्रक और कंटेनर इसी रास्ते से गुजरते रहे। सिंधी बस्ती से लोनी तक 8.85 किलोमीटर लंबी सीमेंट-कंक्रीट सड़क का निर्माण चल रहा है। एक तरफ सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ से वाहनों की आवाजाही जारी है। भारी वाहनों को हतनूर मार्ग की ओर मोड़ने के लिए टेक्समो पाइप फैक्ट्री के पास बोर्ड लगाया गया है। इसके बावजूद ट्रक, कंटेनर और अन्य बड़े वाहन निर्माण वाले संकरे हिस्से से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसके चलते यहां रोज जाम की स्थिति बन रही है। 2 महीने पहले ट्रैफिक थाने के पास हादसा स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गति धीमी है। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं है। उनका कहना है कि करीब दो महीने पहले इसी मार्ग पर ट्रैफिक थाने के पास हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। यातायात थाना प्रभारी राजेश बारवाल ने कहा कि मार्ग पर यातायात जवान तैनात करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उनके मुताबिक, निर्माण कार्य निजी कंपनी करा रही है और यातायात व्यवस्था से जुड़ी यह जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की है। ₹54.13 करोड़ में बन रही सड़क इस सड़क को अक्टूबर 2024 में शुरुआती मंजूरी मिली थी। डीपीआर के बाद इसके लिए ₹54.13 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी जारी हुई। योजना के तहत सिंधी बस्ती से कलेक्टर कार्यालय तक 14 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। कलेक्टर कार्यालय से मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा लोनी तक 7 मीटर चौड़ी टू-लेन सड़क बनेगी। इसके अलावा 3 नई समेत कुल 11 पुलिया और 4 बॉक्स कल्वर्ट बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद बुरहानपुर और महाराष्ट्र के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। फिलहाल निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक टीआई बोले- हमारी जिम्मेदारी नहीं वहीं, ट्रैफिक टीआई राजेश बारवाल ने कहा कि उस मार्ग पर यातायात जवान तैनात करना हमारा काम नहीं है। निर्माण कार्य निजी कंपनी करा रही है। यह उसकी जिम्मेदारी है।
झाबुआ जिले के मेघनगर में औद्योगिक प्रदूषण से परेशान सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। सर्व समाज के बुलावे पर लोगों ने पूरे नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रैली में शामिल ग्रामीणों ने प्रदूषण के सबूत भी दिखाए। वे अपने हाथों में केमिकल से खराब हुई जली फसलें और बोरिंग से निकल रहे दूषित लाल पानी की बोतलें लेकर चल रहे थे। इस दौरान फैक्ट्री हटाओ, मेघनगर बचाओ के नारे गूंजते रहे। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। यह तीन किलोमीटर लंबी पैदल रैली फूट तलाव से शुरू होकर बीईओ कार्यालय तक निकाली गई। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कलेक्टर से मिले, समाधान का आश्वासन दिया रैली के बाद ग्रामीण बीईओ कार्यालय पहुंचे, जहां कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने उनसे बात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यान से सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि भूजल दूषित होने के कारण उन्हें पीने और घरेलू कामों के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे उन पर काफी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कलेक्टर ने सभी समस्याओं का जल्द और सही समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान एसपी देवेंद्र पाटीदार और एसडीएम अवनधती प्रधान भी मौजूद थे। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
नगरीय निकाय चुनाव में नागौर जिले के मतदाताओं की बारी कल यानी बुधवार को है। जिले में पहले चरण के तहत नागौर नगर परिषद, जायल, मुंडवा, बासनी और कुचेरा नगर पालिका में 9 सितंबर को मतदान होगा। इन निकायों में मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक अपने वार्ड के प्रत्याशी के लिए वोट डाल सकेंगे। जिले के बाकी 4 निकायों में 11 सितंबर को मतदान होगा। सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। नागौर के इन पांच निकायों में 1,60,950 लाख मतदाता हैं, सबसे ज्यादा प्रत्याशी नागौर नगर परिषद में हैं, यहां 241 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नागौर नगर निगम में सबसे ज्यादा प्रत्याशी वार्ड नंबर 13, 15, 16, 22, 25 और 57 में हैं, यहां 7-7 उम्मीदवार हैं। वहीं सबसे कम प्रत्याशी वार्ड नंबर 8, 9, 12, 28, 33, 34, 40, 44, 45, 49, 54, 59 में हैं, यहां 2-2 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। शहर के 3248 मतदाता पहली बार अपने वोट का प्रयोग करेंगे। वहीं मूंडवा में 61, कुचेरा में 78, जायल में 83 और बासनी में 143 प्रत्याशी मैदान में है। अब पढ़िए किस- किस रिश्तेदार में हो रही टक्कर वार्ड-22 में सास के सामने एक नहीं, दो बहुएं मैदान में तीनों प्रत्याशी एक ही परिवार से जुड़ीं, सास कांग्रेस से तो दोनों बहुएं निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं है और एक ही मोहल्ले में चुनाव से पहले चुनाव प्रचार का मुकाबला चल रहा है। नतीजा चाहे जो भी हो, लेकिन सास बनाम दो बहुओं की यह चुनावी जंग नागौर निकाय चुनाव की सबसे रोचक पारिवारिक टक्करों में शामिल हो गई है। वार्ड नंबर 10 में मामा और भांजे की टक्कर नागौर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 10 में मामा-भांजे की चुनावी टक्कर भी चर्चा में रही है। मामा भांजा दोनों कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे। लेकिन पार्टी ने भांजे को टिकट दे दिया था। मामा का टिकट कटने के बाद पार्टी से नाराज चल रहे मामा ने भाजपा के देवकिशन भाटी को वार्ड नंबर 10 में समर्थन दे दिया है, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया है।
‘बहू की इच्छा थी कि इस बार तीज मायके में करें। हमने कहा था कि यहीं तीज कर लो, फिर मायके चली जाना। लेकिन वह नहीं मानी। हमें क्या पता था कि मायके जाने की यह जिद हमारे घर की खुशियां छीन लेगी।’ यह कहते हुए सुशील कुमार बरनवाल की मां रेखा देवी की आंखें नम हो गईं। जमुई की रेखा देवी ने बताया कि उनकी बहू छाया कुमारी पिछले दो साल से ससुराल में ही तीज करती आ रही थी। इस बार उसने मायके में तीज करने की इच्छा जताई। परिवार ने उसे रोकने के बजाय समझाया था कि पहले ससुराल में तीज कर ले, फिर मायके चली जाना। लेकिन छाया मायके जाने की बात पर अड़ी रही। इसके बाद सुशील अपनी पत्नी छाया और तीन साल की बेटी प्रिया को बाइक से लेकर झारखंड के तीसरी स्थित ससुराल के लिए निकल गया। रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। पति और तीन साल की बेटी की मौत हादसे में सुशील कुमार और उनकी तीन साल की बेटी प्रिया की मौत हो गई। वहीं, छाया कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, छाया के सिर में गंभीर चोट लगी है और शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर हुआ है। पटना के एक अस्पताल के ICU में उनका इलाज चल रहा है। पत्नी को नहीं बताई पति-बेटी की मौत की खबर परिवार के लिए सबसे मुश्किल स्थिति यह है कि छाया को अभी तक पति सुशील और बेटी प्रिया की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। उन्हें यही बताया गया है कि सब कुछ ठीक है। परिजनों को चिंता है कि जब छाया को सच्चाई पता चलेगी तो वह इस बड़े सदमे को कैसे सह पाएंगी। गंभीर हालत में ICU में भर्ती छाया को फिलहाल परिवार के लोग यह दुखद खबर बताने से बच रहे हैं। ‘हम लोग उसी पर निर्भर थे’ सुशील के पिता ने बताया कि वह उनका बड़ा बेटा था और किराना दुकान चलाता था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उसका बड़ा योगदान था। उन्होंने कहा, ‘हम लोग उसी पर निर्भर थे। हम सिर्फ उसका सहयोग करते थे। मेरा पूरा संसार ही उजड़ गया।’ उन्होंने बताया कि सुशील की शादी को करीब चार साल ही हुए थे। उसकी तीन साल की इकलौती बेटी थी। हादसे में बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। छोटा भाई पटना में करता है प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी सुशील दो भाई और एक बहन था। उसका छोटा भाई पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, जबकि बहन दिल्ली में रहती है। घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों मंगलवार को जमुई पहुंचे। छोटे भाई के पहुंचने के बाद सुशील और प्रिया का अंतिम संस्कार किया गया। पिता-बेटी की एक साथ सजी अर्थी सोमवार रात पोस्टमार्टम के बाद सुशील और प्रिया के शव घर लाए गए। शव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मंगलवार सुबह दोनों की एक साथ अर्थी सजाई गई। पिता और बेटी को एक ही अर्थी पर लिटाकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। छोटे भाई ने दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रही मां परिवार के लिए सबसे दर्दनाक बात यह है कि जिस पत्नी और मां के साथ सुशील और प्रिया तीज मनाने के लिए मायके निकले थे, वही छाया अब अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। उन्हें अभी तक यह पता नहीं है कि जिस पति और बेटी के साथ वह मायके जाने के लिए निकली थीं, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
पलवल में मकान से लाखों की चोरी:कैश, चांदी के जेवर, 2 मोबाइल चुराए, 8 किलो देसी घी भी ले गए चोर
पलवल जिले के पावसर गांव में एक मकान से हजारों की नकदी, जेवरात और देसी घी चोरी होने का मामला सामने आया है। बहीन थाना पुलिस ने मकान मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पावसर गांव के मोहम्मद साजिद ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात के समय अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी से 25 हजार रुपए, चांदी का रानी हार, दो मोबाइल फोन और घड़ियां चुरा लीं। इसके साथ ही करीब आठ किलो देसी घी भी चोरी कर लिया गया। खेत में फेंक कर गए खाली डिब्बे सुबह जब परिवार के लोग जागे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। तलाश करने पर घर के पास एक खेत में चोरों द्वारा फेंके गए डिब्बे, पुराने कपड़े और पॉलिथीन मिले। हालांकि, कीमती सामान, नकदी और जेवरात गायब थे। पीड़ित मोहम्मद साजिद के अनुसार, इस चोरी में उनका करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बहीन थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि टीम चोरों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उनका पता लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झारखंड के धनबाद में फिर भू-धंसान से दहशत, कई घर जमींदोज, मासूम की मौत
झारखंड के जमशेदपुर में जमीन धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। धनबाद के जोगता में मंगलवार को फिर से जमीन धंसने का मामला सामने आया है। यहां जमीन धंसने से एक मासूम की मौत भी हो गई है।
झालावाड़ के जिला आयुर्वेद अस्पताल में मंगलवार को पुष्य नक्षत्र के मौके पर स्वर्णप्राशन संस्कार हुआ। इसका मकसद बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना था। इस दौरान कुल 125 बच्चों को आयुर्वेदिक तरीके से स्वर्णप्राशन कराया गया। अस्पताल में 5 साल तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन दिया गया। अभिभावकों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर माता-पिता को आयुर्वेद में बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के पारंपरिक तरीकों के बारे में बताया गया। आयुर्वेद के डॉक्टरों और स्टाफ की देखरेख में बच्चों को तय प्रक्रिया के हिसाब से स्वर्णप्राशन दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, आयुर्वेद की बाल स्वास्थ्य से जुड़ी पद्धतियों से आम लोगों को जोड़ना भी इसका उद्देश्य था।इस आयोजन के दौरान आयुर्वेद अस्पताल के प्रभारी डॉ. मृदुल किशोर टेलर, दूसरे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और बाकी कर्मचारी मौजूद थे। अस्पताल के स्टाफ ने बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए।आयुर्वेद में पुष्य नक्षत्र को स्वर्णप्राशन के लिए बहुत खास माना जाता है। यही वजह है कि तय मौकों पर बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है।
गणेशोत्सव से पहले खंडवा में 5 आरोपी जिलाबदर:सालभर जिले में नहीं आ सकेंगे, एक को 1 लाख की जमानत
गणेशोत्सव और अनंत चतुर्दशी को देखते हुए खंडवा में प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने 5 आरोपियों को जिलाबदर करने के आदेश दिए हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी से 1 लाख रुपए की जमानत लेने के आदेश दिए गए हैं। जिलाबदर किए गए आरोपी तय समय तक खंडवा जिले में नहीं आ सकेंगे। उन्हें बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बैतूल, हरदा और इंदौर जिले की सीमा में जाने पर भी रोक रहेगी। 4 आरोपियों को एक साल के लिए जिलाबदर कियाकल्लू उर्फ कलीम पिता गुलाम खां, निवासी ग्राम खिराला, थाना पंधाना; प्रफुल्ल उर्फ गज्जू पिता लखन केसनिया, निवासी आईटीआई के पीछे, थाना मोघट रोड; सद्दाम पिता हमीद शाह, निवासी ग्राम बड़खालिया, हाल ग्राम छनेरा, थाना हरसूद और लल्ला उर्फ दुर्गाप्रसाद पिता अशोक कनाड़े, निवासी छोटा अवार, थाना पदमनगर को एक-एक साल के लिए जिलाबदर किया गया है। वहीं, जाफर उर्फ झब्बु पिता रफीक टाउ, निवासी सलूजा कॉलोनी को 3 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है। इन सभी पर जिलाबदर की अवधि में खंडवा के अलावा बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बैतूल, हरदा और इंदौर की सीमा में जाने पर भी रोक रहेगी। एक आरोपी से 1 लाख रुपए की जमानत लीकलेक्टर ऋषव गुप्ता ने खालिक पिता रफीक टाउ, निवासी घासपुरा, थाना कोतवाली के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उसे 1 लाख रुपए की जमानत देने का आदेश दिया गया है। उसे अगले एक साल तक कोई अपराध नहीं करने की शर्त पर यह जमानत देनी होगी। साथ ही उसे हर महीने के पहले और आखिरी सोमवार को संबंधित थाने में जाकर अपनी हाजिरी भी लगानी होगी। त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्टगणेशोत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलते हैं और अलग-अलग जगह धार्मिक आयोजन होते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है। प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसका मकसद त्योहारों के दौरान किसी तरह की परेशानी को रोकना और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।
ग्वालियर में नगर निगम की जनसुनवाई में मंगलवार को एक अनोखा मामला सामने आया। एक युवक शहर की समस्याओं से जुड़ी तस्वीरें अपने शरीर पर लगाकर पहुंचा। उसने सड़क, सीवर और अतिक्रमण जैसी समस्याओं को उजागर किया। युवक का नाम विजय मेहर है। उसने अपने शरीर पर एक पोस्टर लगा रखा था। इस पोस्टर में उसके इलाके की खराब सड़कों, गंदगी वाले सीवर और अतिक्रमण की तस्वीरें थीं। उसे देखकर वहां मौजूद लोग चौंक गए। निगम कमिश्नर को भी अवगत कराया थाविजय ने बताया कि वह लगातार नगर निगम को इन समस्याओं के बारे में जानकारी देता रहा है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उसने पहले भी नगर निगम कमिश्नर संग प्रिय को इन मुद्दों से अवगत कराया था। अधिकारी बोले- जल्द समाधान करेंगे इस बार वह अभी के कमिश्नर को अपनी समस्याएं बताने आया था, लेकिन कमिश्नर नहीं मिले। इसके बाद उसने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारी को दी। जनसुनवाई में मौजूद अपर कमिश्नर प्रदीप तोमर ने कहा कि बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलभराव की शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच कर जल्द ही समाधान किया जाएगा। हालांकि, जनसुनवाई में लोग कई बार एक ही समस्या को लेकर पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई हल नहीं मिला है।
प्रयागराज के धरना स्थल पर टीजीटी पीजीटी अभ्यार्थियों का आमरण अनशन 72 घंटे से जारी है। पांच अभ्यर्थी अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जबतक पुरानी नियमावली को लेकर विज्ञापन जारी नहीं होता तबतक ऐसे ही भूखे प्यासे रहेंगे। पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 9 दिनों से धरना दे रहे हैं। उनकी मांग करीब 20 हजार रिक्त पदों पर पुराने नियमों के मुताबिक भर्ती विज्ञापन जारी करने की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमों में अचानक बदलाव से लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। अनशन पर शिमला पटेल, मीना देवी, रोशन सरोज, प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार चयन आयोग को पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी करने का निर्देश नहीं देती, तब तक वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर 16 सितंबर 2025 को जारी गजट और नई नियमावली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि नियमों में बदलाव का असर प्रदेश के 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों पर पड़ा है। 72 घंटे से अनशन पर बैठे अभ्यर्थी अनशन पर बैठे अभिषेक कुमार बोले कि अभी तक सरकार हम लोगों की कोई सुधि नहीं ली है, ना ही मेडिकल टीम अभी तक आई है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं करेंगे, तब तक हम यहां से नहीं उठेंगे। प्रदर्शन में शामिल अनीता ने कहा हमारे पांच भाई-बहन अनशन पर बैठे हैं। जल्द से जल्द कोई ऐसा नियम लें कि ये अनशन से उठ जाएं। 72 घंटे हो गए इनको बैठे। और हम लोग पुरानी नियमावली के लिए पहले से ही आंदोलन कर रहे है। हम लोगों की मुसीबत अगर हल कर दी होती, तो ये दिन नहीं देखना पड़ता । इसलिए जल्दी से जल्दी बहाल करें पुरानी नियमावली। नए नियमों से हुए प्रमुख बदलाव जिन पर विरोधPGT (प्रवक्ता) में B.Ed अनिवार्य: पुरानी नियमावली में प्रवक्ता पद के लिए B.Ed की बाध्यता नहीं थी। नई नियमावली में इसे अनिवार्य करने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन छात्रों को झटका लगा है जो सिर्फ पोस्ट ग्रेजुएशन के आधार पर तैयारी कर रहे थे। कला विषय से प्राविधिक कला बाहर: पिछले 105 वर्षों से प्राविधिक कला (Technical Art) के आधार पर कला शिक्षक बनने का अवसर मिलता था, जिसे हटाकर B.Ed अनिवार्य कर दिया गया है। हिंदी में संस्कृत की नई बाध्यता: नए नियमों में इंटरमीडिएट में संस्कृत अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पहले इंटर अथवा स्नातक में से किसी एक स्तर पर संस्कृत होने पर छात्र पात्र होते थे। संगीत व गृह विज्ञान: संगीत में 'प्रभाकर' के साथ B.Ed अनिवार्य किया गया है तथा गृह विज्ञान में भी B.Ed की अनिवार्यता थोप दी गई है। शारीरिक शिक्षा व सामाजिक विज्ञान: शारीरिक शिक्षा में C.P.Ed धारकों को बाहर कर दिया गया है। वहीं सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में 'एकल विषय' (Single Subject) से डिग्री लेकर तैयारी कर रहे छात्रों के अवसर भी छिन गए हैं।

