नीमच शहर के एक बड़े हिस्से में रविवार को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक यानी चार घंटे बिजली गुल रहेगी। यह कटौती 33 केवी बस स्टैंड फीडर पर जरूरी लाइन मेंटेनेंस (रखरखाव) के काम की वजह से की जाएगी। नीमच शहर के असिस्टेंट इंजीनियर के मुताबिक, इस मेंटेनेंस काम के कारण 33/11 केवी बस स्टैंड ग्रिड से जुड़े सभी मुख्य फीडर प्रभावित होंगे। इनमें कीर्ति नगर फीडर, मेशी शोरूम फीडर, महू रोड फीडर, वॉटर वर्क्स फीडर और सिटी फीडर शामिल हैं। इन फीडरों से जुड़े मुख्य इलाकों जैसे नीमच सिटी, इंदिरा नगर, महू रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, यादव मंडी, जिला अस्पताल और सिविल हॉस्पिटल जैसे हाई-वोल्टेज उपभोक्ता क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। बिजली कंपनी की उपभोक्ताओं से अपील बिजली कंपनी ने आम जनता और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सुबह के अपने जरूरी काम बिजली कटौती के समय से पहले ही निपटा लें। इसके साथ ही कंपनी ने साफ किया है कि काम की जरूरत को देखते हुए बिजली कटौती के इस समय को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।
राजस्थान जूनियर एक्वाटिक चैम्पियनशिप-2026 में उदयपुर के बालाजी तरणताल (बीटीएस स्विमिंग क्लब) के नौ तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीते। इनमें 4 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इसमें सबसे बेहतर प्रदर्शन संध्या ने किया। उन्होंने अकेले 4 पदक जीतकर क्लब की सबसे सफल तैराक बनने का गौरव हासिल किया। यह प्रतियोगिता उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में आयोजित हुई। इसमें व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाओं में उदयपुर के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। संध्या ने 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत पदक जीता। इसके अलावा 100 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) और 4100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक हासिल किए। मंथन कुमावत ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक जीता। वहीं 100 मीटर बटरफ्लाई और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक अपने नाम किए। हिमांश मालवीय ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीता। सुभाष भाकर ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किया। अमन वैष्णव ने 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 450 मीटर मेडले रिले में कांस्य पदक जीते। सौरभ कुमावत, संयम मीणा और नंदिनी सिंह बल्ला ने भी अपनी-अपनी रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दीपक गौड़, जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल और तैराकी प्रशिक्षक पियूष सुखवाल, संदीप सोनी और परेश पटेल ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी।
झांसी में यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 में अभ्यर्थी की जगह पेपर देते पकड़े गए सॉल्वर सुमित कुमार बघेल को जेल में ही रहना पड़ेगा। शुक्रवार को कृते सत्र न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने आरोपी सुमित की जमानत याचिका खारिज कर दी। वह 11 जून से जेल में बंद हैं। डीजीसी मृदुल श्रीवास्तव ने बताया- इंस्पेक्टर अतुल कुमार ने 10 जून 2026 को नवाबाद थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि वह बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के परीक्षा भवन का केंद्र प्रभारी था। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान कुलदीप पुत्र बालमुकुंद नाम के युवक की प्राथमिक जांच और बायोमेट्रिक जांच में एग्जाम के लिए पात्र पाए जाने पर परीक्षा रूम में बैठने दिया। मगर इनपुट मिला कि उक्त परीक्षार्थी को परीक्षा समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक टीम से फिर से eKYC किए जाने के लिए रोका जाए, क्योंकि इसके द्वारा विभिन्न नामों से पूर्व में परीक्षा दी गई है। परीक्षा खत्म होने पर बायोमेट्रिक टीम ने फिर से Iris ( रेटिना टेस्ट), FPS (फिंगर) एवं face captureing (फेस मैपिंग) कराया गया। जो वह मिस मैच पाया गया। पूछताछ में खुला था भेद पूछताछ करने पर परीक्षार्थी ने अपना नाम सुमित कुमार बघेल बताा। वह आगरा के पिडोरा थाना क्षेत्र के स्याहीपुरा का रहने वाला है। आरोपी कुलदीप के स्थान पर परीक्षा देने आया था। उसकी कुलदीप से दो लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की डील हुई थी। इससे पहले भी वह परीक्षाएं दे चुका था। 31 अगस्त 2024 को उसने खुद सिपाही परीक्षा दी थ्ज्ञी। इसके बाद दो लाख रुपए लेकर मनोज सलोत्री के स्थान पर होमगार्ड भर्ती परीक्षा अलीगढ़ में जाकर दी थी। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करके आरोपी को जेल भेद दिया था।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में दो से चार घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद उम्मेद हैरिटेज फीडर नं. 1, 2, 3, 4 से संबंधित सम्पूर्ण क्षेत्र और केवी उम्मेद हैरिटेज कॉलानी के आसपास का क्षेत्र और 33/11 केवी उम्मेद हैरिटेज सब-स्टेान से सम्बन्धित सम्पूर्ण क्षेत्र। सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक यहां रहेगा पावरकट आकाशवाणी 11 केवी फीडर से संबंधित हनवंत ए, हनवंत बी, पावटा सी रोड़, दुर्गादास कॉलोनी,आईसीआईसीआई बैंक के आस-पास का क्षेत्र, लक्ष्मी नगर पार्क नंबर 1 के पास और बी रोड़ का कुछ क्षेत्र।
देवा पहलवान पर मारपीट, चौथ वसूली का आरोप:VHP ने कोतवाली घेरी, ASP ने जांच के आदेश दिए
मथुरा के थाना कोतवाली क्षेत्र में भूतेश्वर अखाड़े से जुड़े पहलवान देवा पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यकर्ता के भाई से मारपीट और चौथ वसूली मांगने का आरोप लगा है। पुलिस की कथित लापरवाही से नाराज VHP कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे थाना कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। VHP नेताओं ने बताया की यह घटना 20 जून की बताई जा रही है। आरोप है कि पहलवान देवा ने VHP कार्यकर्ता दीपक के भाई शीतल से चौथ वसूली की मांग की थी। शीतल के इनकार करने पर देवा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अखाड़े परिसर में उसके साथ मारपीट की। इस हमले में शीतल गंभीर रूप से घायल हो गया। VHP नेता नितिन चौधरी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, पुलिस ने आरोपी देवा पहलवान को केवल चार घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया। साथ ही, मुकदमे में भी हल्की धाराएं लगाई गईं, जिससे संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। इसी विरोध के चलते VHP कार्यकर्ता थाना कोतवाली पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर ASP आशना चौधरी मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। ASP आशना चौधरी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके भरोसे के बाद VHP कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
नागौर में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (अविविनिल) की ओर से आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शनिवार को शहर के कई क्षेत्रों में 2 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। निगम ने उपभोक्ताओं से असुविधा से बचने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां करने की अपील की है। सहायक अभियंता कैलाश चंद जैन ने बताया- 33/11 केवी जीएसएस बंसीवाला से संचालित 11 केवी बंसीवाला फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 8 बजे से 10 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद रखरखाव कार्य के दौरान लोहरा का चौक, लोहियों का चौक, बंसीवाला मंदिर क्षेत्र, माही दरवाजा, भारत टॉकीज के पास, गांधी चौक, हीरावाड़ी सहित आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली निगम ने बताया कि निर्धारित समय में रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि कार्य की प्रगति के अनुसार समय में परिवर्तन भी संभव है। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
मऊगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन कर रहे 5 वाहनों को जब्त किया गया है। शुक्रवार को इन सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खनिज विभाग की टीम ने मऊगंज इलाके में चेकिंग के दौरान एक ट्रेलर (नंबर UP 63 BT 3408) को बिना किसी वैध दस्तावेज के गिट्टी ले जाते हुए पकड़ा और उसे मौके पर ही जब्त कर लिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों पर भी गिरी गाज इसके अलावा, टीम ने पिपराही क्षेत्र में छापा मारकर गिट्टी का अवैध परिवहन कर रही दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। वहीं खटखरी-मऊगंज हाईवे पर चेकिंग के दौरान दो ट्रक (नंबर MP 19 HA 6463 और MP 21 JG 9701) भी अवैध गिट्टी ले जाते हुए पकड़े गए। थानों की कस्टडी में भेजे गए वाहन जब्त किए गए इन सभी वाहनों को नियम के मुताबिक मऊगंज पुलिस थाने, पिपराही पुलिस चौकी और खटखरी पुलिस चौकी की कस्टडी में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया है। खनिज विभाग अब वाहन मालिकों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और स्टॉक जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
कानपुर में बिजली और नगर विकास से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे तक केस्को मुख्यालय में केस्को और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक हुई।बैठक में केस्को की बिजनेस प्लान और आरडीएसएस मॉडर्नाइजेशन योजना के साथ-साथ नगर निगम की सीएम ग्रिड योजना एवं अन्य विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों विभागों ने परियोजनाओं के दौरान आपसी समन्वय और सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। बैठक में तय किया गया कि विकास कार्यों के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या समन्वय संबंधी बाधा आती है तो उसका समाधान दोनों विभाग आपसी संवाद और सहमति से प्राथमिकता के आधार पर करेंगे। इसका उद्देश्य जनहित से जुड़े कार्यों को बिना किसी अनावश्यक देरी के निर्धारित समय में पूरा कराना है। बैठक की अध्यक्षता केस्को की प्रबंध निदेशक ने की। इसमें केस्को की ओर से निदेशक (तकनीकी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न विकास परियोजनाओं के बेहतर समन्वय पर अपने सुझाव दिए।
बेमेतरा के बेरला मंडी प्रांगण में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नए बच्चों का स्वागत किया, कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल बांटी और बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद विजय बघेल, विधायक दीपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। पौधरोपण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण से हुई। इसके बाद मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया गया। नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें मुफ्त किताबें और पढ़ाई की सामग्री भी दी गई। इस दौरान कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल बांटी गई। साथ ही जिले के होनहार विद्यार्थियों और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। स्टेडियम और गौरव पथ के लिए करोड़ों की घोषणा विधायक दीपेश साहू ने बेरला क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें उपमुख्यमंत्री के सामने रखीं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपए की लागत से स्टेडियम, 10 लाख रुपए से आहाता निर्माण और नगर पंचायत बेरला में 2 करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ बनाने की घोषणा की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री भीमभौरी पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय शिक्षक तुलाराम परगनिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसान सामुदायिक भवन और नए शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। भीमभौरी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने जल आवर्धन योजना के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए 4 करोड़ रुपए और अन्य विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। पीएम आवास की चाबी और सहायता राशि के चेक बांटे गए कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को घर की चाबी और राशन कार्ड दिए गए। नए विद्यार्थियों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र भी बांटे गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत एक महिला हितग्राही को 80 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक दिया गया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो सके।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी परांजपे राजवाड़े ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से प्रदेश के 22 जिलों में महिला मोर्चा जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। इसी क्रम में हरदा से योगमाया शर्मा को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। योगमाया शर्मा इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री के पद पर कार्य कर चुकी हैं। वह स्वदेशी जागरण मंच और नार्मदीय ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी रही हैं। योगमाया शर्मा लंबे समय से समाजसेवा और राजनीति में सक्रिय हैं। उनसे पहले अनिता अग्रवाल भाजपा महिला मोर्चा की हरदा जिलाध्यक्ष थीं।
कानपुर कचहरी के पास एक अधिवक्ता का पुलिस कांस्टेबल को पीटते हुए शुक्रवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही डीसीपी ईस्ट ने जांच का आदेश दिया। प्राथमिक जांच के बाद विवाद कर रहे कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। जांच के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दोनों कांस्टेबल हैं विवादित, एक पहले से चल रहा सस्पेंड और गैरहाजिर एसीपी लाइन आनंद ओझा ने बताया कि शुक्रवार शाम को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दो पुलिस कर्मी और एक अधिवक्ता के बीच मारपीट और विवाद हो रहा है। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहे दोनों कांस्टेबलों में से एक आरक्षी काफी समय से निलंबित एवं गैरहाजिर चल रहा है। वहीं, दूसरे कांस्टेबल को प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता एवं अशोभनीय आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक जांच में कांस्टेबल नशे में धुत लग रहा है। वहां मौजूद लोगों ने भी कांस्टेबल के नशे में होने के दौरान विवाद की बात कही है। इसे देखते हुए कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांसवाड़ा में घर से गुरुवार की सुबह निकले 16 साल के छात्र का शव एक दिन बाद शुक्रवार को नदी में मिला। परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताई है। हालांकि परिजनों ने इसे डूबने से मौत होना बताया है। कोतवाली थानाधिकारी बुद्धाराम बिशनोई ने बताया कि तिरुपति नगर, समिति कॉलोनी निवासी अमरदीप सिंह राठौड़ का बेटा देवराज राठौड़(16) गुरुवार सुबह घर से निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर पता चला कि देवराज अपने दो साथियों के साथ पीपलखूंट क्षेत्र की ओर गया था। पुलिस ने दोनों दोस्तों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि तीनों नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान तेज बहाव और गहरे पानी में देवराज डूब गया। रेस्क्यू अभियान चलाकर निकाला शवसूचना मिलते ही पुलिस ने SDRF टीम को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे देवराज का शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। इसे देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला नदी में डूबने का लग रहा है, लेकिन परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। छात्र के साथ गए दोनों दोस्तों से भी पूछताछ की गई है। मामले की जांच जारी है।
कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी को तोड़फोड़, मारपीट, धमकी और रंगदारी मांगने के मामले में जिला जज की अदालत से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। जिला जज अनमोल पाल ने सुनवाई करते हुए सशर्त अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। कोर्ट ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और इतनी ही राशि का निजी बंधपत्र देना होगा। झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी फजलगंज थाने में दर्ज एफआईआर में 22 सितंबर 2025 की सुबह करीब 11:30 बजे शरदपत सिंहानिया अपने घर के ऑफिस में मौजूद थे। तभी प्रणवपत सिंहानिया, सुयश अस्थाना, अनूप अस्थाना, बिजेंद्र नाथ मिश्रा और नरेश चंद्र त्रिपाठी अंदर घुस आए, वहां तोड़फोड़ की और विरोध करने पर मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने एक कीमती घड़ी छीन ली, संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत की मंजूर आरोपियों ने हर महीने एक लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। इसी मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए नरेश चंद्र त्रिपाठी ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
जबलपुर उच्च न्यायालय ने बालाघाट शहर के पावर हाउस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रभावितों की याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को आए इस फैसले से अतिक्रमणकारियों को बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को 13 जुलाई को बालाघाट तहसीलदार के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह याचिका उन लोगों ने दायर की थी जिन्होंने पावर हाउस क्षेत्र की सरकारी जमीन पर अस्थायी मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। प्रशासन इस जमीन पर तहसील भवन का निर्माण करना चाहता है, जिसके लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि तहसीलदार याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का मौका दें और एक महीने के भीतर उन्हें वैकल्पिक आवास (दूसरे घरों) में शिफ्ट करने पर निर्णय लें। इसी निर्देश के तहत याचिकाकर्ताओं को आने वाली 13 जुलाई को तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस और विरोध के बाद कोर्ट पहुंचे थे लोग दरअसल, पावर हाउस क्षेत्र की सरकारी जमीन पर रहने वाले लगभग 60 से 65 लोगों को बेदखली के लिए महीनों पहले नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा, तो वहां भारी विरोध हुआ। इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी मनोज पमनानी ने बरसात के मौसम तक अतिक्रमण न हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इसके बाद अतिक्रमणकारियों ने राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया। ठुकराया था पीएम आवास का प्रस्ताव इससे पहले, प्रशासन ने कब्जाधारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में शिफ्ट होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। न्यायालय ने अब साफ कर दिया है कि यदि याचिकाकर्ता तहसीलदार द्वारा तय किए गए वैकल्पिक आवास में जाने से मना करते हैं, तो तहसीलदार आदेश के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे।
किशोरी का अपहरण करने वाले को चार साल कैद:महाराजपुर में खरीदारी करने गई थी, पांच साल बाद आया फैसला
महाराजपुर में 14 साल की किशोरी को अगवा करने वाले युवक को एडीजे–13 रश्मि सिंह की कोर्ट ने चार साल कैद व 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुलाई 2020 में बाजार से सामान खरीदने गई किशोरी को युवक अगवा कर ले गया था, पीड़िता के नाना ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। महाराजपुर थानाक्षेत्र निवासी वादी ने बताया कि 24 जुलाई 2020 दोपहर 2 बजे उनकी 14 वर्षीय नातिन गृहस्थी का सामान लेने के लिए रामनगर बाजार गई थी। इस दौरान बेटी का अपहरण हो गया, जिसपर उन्होंने महाराजपुर निवासी अजय सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर आरोपी अजय सिंह यादव को अरेस्ट कर जेल भेजा था। मामला एडीजे–13 रश्मि सिंह की कोर्ट में ट्रायल पर था। विशेष लोक अभियोजक भावना गुप्ता ने बताया कि सबूतों के आधार पर आरोपी अजय सिंह को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है।
मडियादो में दो भालुओं की लड़ाई:वीडियो आया सामने, ग्रामीणों को देख जंगल की ओर भागे
दमोह जिले की हटा तहसील के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व के मडियादो बफर क्षेत्र में दो भालुओं की लड़ाई का एक वीडियो शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया। ग्रामीणों ने दूर से अजीब आवाजें सुनकर मौके पर पहुंचकर इस घटना को देखा। ग्रामीणों ने बताया कि जब वे जंगली इलाके से गुजर रहे थे, तब उन्हें भालुओं के लड़ने की आवाज सुनाई दी। वे खेतों की ओर पहुंचे, जहां दो भालू आपस में लड़ रहे थे। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया। जैसे ही ग्रामीण भालुओं के करीब गए, वे जंगल की ओर भाग गए। पहली बार कैमरे में कैद हुई लड़ाई मडियादो क्षेत्र को पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल किए जाने के बाद से यहां बड़ी संख्या में जंगली जानवर देखे जाते हैं। इस क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या सबसे ज्यादा है, और वे अक्सर ग्रामीणों को दिखाई देते हैं। भालू भी यहां देखे गए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब मडियादो बफर क्षेत्र में दो भालू एक साथ लड़ते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। जंगली जानवरों से समृद्ध है इलाका मडियादो का यह विशाल क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। यहां बाघों ने भी कई बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे यह इलाका बाघ, तेंदुआ, भालू और अन्य जंगली जानवरों से समृद्ध है।
समस्तीपुर में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि वृंदावन से बहला-फुसलाकर समस्तीपुर लाई गई लड़की के साथ रेप किया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरपीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान समस्तीपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। जीआरपी थाना लाए जाने के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की गई और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पीड़िता को भी महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। रेप के आरोप में बदमाश अरेस्ट जीआरपी थाना अध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी और पीड़िता दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसका न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाएगा। न्यायालय के निर्देश के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित बच्ची से पूछताछ के क्रम में बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं है। वृंदावन स्टेशन पर तकरीबन 2 सालों से वह लोगों को चंदन टीका लगाकर अपने रिश्तेदार के यहां रहकर जीवन यापन कर रही थी । दो दिन पहले वृंदावन स्टेशन पर इस युवक से मुलाकात हुई युवक ने बच्ची को बहला फुसलाकर ज्यादा कमाई करने का लालच देकर समस्तीपुर ले आया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। रेलवे स्टेशन पर बच्ची के साथ युवक को घूमते हुए आरपीरफ ने देखा, तो आरोपी और बच्ची को ले जाकर पूछताछ की गई, उसके बाद मामले का खुलासा हुआ ।बच्ची ने बताया कि उसके साथ गलत किया गया है। निजी संस्था के कार्यकर्ता चंचल कुमारी ने बताया कि इस घटना को लेकर जीआरपी ने उनके संस्था को खबर दिया। उसके बाद में जीआरपी थाने पहुंचकर बच्ची के साथ मेडिकल परीक्षण कराने सदर अस्पताल पहुंची है। उन्होंने बताया कि बच्ची को फिलहाल निजी संस्था में रखा जाएगा। उसके बाद इसके परिजनों को जानकारी दी जाएगी।
कोटा सहित हाड़ौती के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक चम्बल गार्डन जल्द ही निखरे हुए स्वरूप में नजर आएगा। नगर निगम ने चम्बल गार्डन के पुनर्विकास के लिए 80 करोड़ से अधिक की कार्ययोजना तैयार की है। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को कामों का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा तथा कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा भी मौजूद रहेंगे। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि लोक सभा अध्यक्ष के निर्देश पर कोटा शहर के सौंदर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं की कई योजनाओं पर निगम काम कर रहा है। इसी दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में चम्बल गार्डन के पुनर्विकास काम शुरू किए जा रहे हैं। कोटा व हाड़ौती की पहचान और हर परिवार की पहली पसंद रहा ऐतिहासिक चम्बल गार्डन अब एक बार फिर अपनी खोई हुई रौनक वापस पाएगा। 1980 के दशक से लेकर नई सदी के शुरुआती सालों तक यह गार्डन बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और सैलानियों की सबसे पसंदीदा सैरगाह हुआ करता था। समय के साथ पर्याप्त रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं के अभाव में चंबल गार्डन की चमक फीकी पड़ गई और यहां आने वाले लोगों की संख्या लगातार कम होती चली गई। प्रकृति और पर्यटन का नया आकर्षण चंबल गार्डन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्रकृति और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। नदी से सटे क्षेत्र का भी नवीनीकरण किया जाएगा। प्रसिद्ध लक्ष्मण झूले को आधुनिक डिजाइन के साथ नए स्वरूप में तैयार किया जाएगा। बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, टॉय ट्रेन और आकर्षक कलात्मक मूर्तियां गार्डन की नई पहचान बनेंगी। भव्य प्रवेश द्वार, राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ और आकर्षक लैंडस्केपिंग से इसकी सुंदरता और बढ़ेगी। मनोरंजन के साथ सेहत भी स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए 1.7 किलोमीटर लंबा सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक तथा ट्रैफिक गार्डन की ओर 800 मीटर का ट्रैक बनाया जाएगा। ग्लास ब्रिज, नदी किनारे ओपन एयर थिएटर, फाउंटेन और लेजर शो इस क्षेत्र को दिन के साथ-साथ रात में भी आकर्षण का केंद्र बनाएंगे। नदी तट पर एक साथ 400 लोगों के योग करने की सुविधा वाला योग स्थल, ओपन जिम, टेनसाइल रूफ वाले बैडमिंटन कोर्ट और फूड कोर्ट भी विकसित किए जाएंगे। ट्रैफिक गार्डन को चंबल गार्डन से जोड़ने के लिए पैदल रैंप बनाया जाएगा, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को सुविधा मिलेगी। गार्डन में मियावाकी फॉरेस्ट और गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस विकसित किए जाएंगे, जो जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देंगे।
सरगुजा कांग्रेस ने कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को बदनाम करने के लिए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरगुजा कांग्रेस ने कांग्रेस कार्यालय से रैली निकाली और कलेक्टोरेट चौक पर प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार लगातार कांग्रेस के नेताओं के विरुद्ध झूठे मामलों को हवा दे रही है और इसकी आड़ में जांच एजेंसियों के माध्यम से उनके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस नेताओं को परेशान करने की कोशिश कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जांच एजेंसियों के माध्यम से लगातार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके परिवार के सदस्यों, पूर्व केबिनेट मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। रामगोपाल अग्रवाल कहीं फरार नहीं थे। उनर झूठे आरोप लगा उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा पूरे देश मे विपक्ष को समाप्त कर तानाशाही स्थापित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से वो पहले विपक्षी नेताओं पर झूठे आरोप लगाती है, फिर उनके पीछे जांच एजेंसियों को छोडती है। लेकिन भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार के मोबाईल ऑडियो वायरल हो जाने के बावजूद उनके खिलाफ अपराध तक दर्ज नहीं करती। भाजपा के इस दोहरे चरित्र को जनता देख रही है और उसे उसके इस करनी की सजा भी वही देगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में तेज बारिश के बीच रैली निकाल पुतला दहन किया गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन रोकने का भी प्रयास किया, किन्तु कार्यकर्ता पुतला दहन करने में कामयाब रहे। ये रहे उपस्थित पुतला दहन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी श्रीवास्तव, शफ़ी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, मो इस्लाम, रामविनय सिंह साथ ही प्रशांत सिंह, इंद्रजीत सिंह धंजल, दुर्गेश गुप्ता, संजय सिंह, अशफाक अली, मो हसन, कलीम खान, मो बाबर, जमील खान, विकल झा, जीवन यादव सहित युकां व महिला कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बांदा में पुरानी रंजिश में घर में घुसकर हमला:कुल्हाड़ी-सब्बल से मारपीट, दंपती समेत 3 घायल; 1 रेफर
बांदा के मरका थाना क्षेत्र के भभुआ गांव में पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में जय प्रकाश समेत उनके परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल जय प्रकाश को जिला अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घायल जय प्रकाश ने बताया कि घटना शुक्रवार दोपहर करीब 4:30 बजे की है। उनके अनुसार, गांव के कुछ लोग अचानक उनके घर में घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया और बीच-बचाव का प्रयास किया, तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी और सब्बल से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान उनका भतीजा भी घायल हो गया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में लाठी लगने से चोट आई। भतीजे को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि जय प्रकाश का इलाज जारी है। जय प्रकाश का आरोप है कि हमलावर तमंचा भी लेकर आए थे और उन्हें जान से मारने की नीयत से हमला किया। उनका कहना है कि आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था और उसी पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना की तहरीर पुलिस को देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शेखपुरा में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा:DDC ने बैंकों से कहा- ऋण आवेदनों का करें समय से निपटारा
शेखपुरा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापना की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार शाम एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के तहत प्राप्त सभी ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके। ऋण स्वीकृति में नहीं हो अनावश्यक देरी डीडीसी संजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर रूफटॉप लगाने के लिए आने वाले ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने बैंकों से पात्र लाभुकों के आवेदनों पर शीघ्र ऋण स्वीकृति देने को कहा, ताकि जिले में सोलर रूफटॉप स्थापना की गति तेज हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों से अनावश्यक दस्तावेजों की मांग नहीं की जाए और सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल बैठक में डीडीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इससे न केवल बिजली के खर्च में कमी आएगी, बल्कि अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंक, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश डीडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना से जुड़े लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। साथ ही नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले को मिले लक्ष्य समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। समन्वय से मिलेगी योजना को गति बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि लाभुकों को आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और सोलर रूफटॉप स्थापना तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के अलावा विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कदम समयबद्ध तरीके से उठाए जाएंगे।
अवैध पिस्टल लहराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार:वादी को धमकाकर मुकदमा वापस लेने की साजिश विफल
चंदौली के बलुआ थाना पुलिस ने मारपीट और लूट के एक मामले में वादी को धमकाकर मुकदमा वापस लेने की साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। वादी राहुल कुमार सोनी (राहुल सेठ) ने बलुआ थाना में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को शाम 4 बजकर 40 मिनट पर कुंदन मिश्रा ने उन्हें बकाया 77,000 रुपये देने के बहाने विकास मौरेज लॉन चहनिया बुलाया था। वहां पहुंचने पर नंदकिशोर सिंह और अन्य लोगों ने उन्हें धमकाकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और उनकी सोने की चेन छीन ली। पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने चहनिया चौराहे पर एक पिकअप चालक के साथ भी मारपीट की थी। उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर अवैध पिस्टल लहराकर भय का माहौल बनाने की कोशिश भी की थी। इस घटना के बाद, उन्हें पुलिस द्वारा पीछा किए जाने का संदेह हुआ। पकड़े जाने के डर से उन्होंने मोहरगंज बाजार से पहले सड़क किनारे झाड़ियों में अवैध पिस्टल और राहुल कुमार सोनी से छीनी गई सोने की चेन छिपा दी थी। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान शिवपाल सिंह (लगभग 30 वर्ष), नंदकिशोर सिंह (लगभग 25 वर्ष) और सुधांशु सिंह उर्फ छोटू (लगभग 28 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी चंदौली जनपद के धानापुर थाना क्षेत्र के ग्राम हिंगुत्तरगढ़ के निवासी हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक अवैध .32 बोर की पिस्टल, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, 13.945 ग्राम वजन की एक सोने की चेन (916 अंकित), तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन और 7,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। अभियुक्तों के खिलाफ बलुआ थाने में मु0अ0सं0 173/2026 धारा 115(2), 352, 351(3), 310(2), 317(2) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक सुरेश सिंह (चौकी प्रभारी मोहरगंज), वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनंत कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक अमित सिंह सहित कई कांस्टेबल और रिक्रूट कांस्टेबल शामिल थे।
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एजी ऑफिस पुल के नीचे सूदखोरों जीजा-साले के आतंक से परेशान होकर एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे आकर सुसाइड कर लिया। मृतक दो बच्चों का पिता था और लंबे समय से दो सूदखोरों के भारी ब्याज और धमकियों से मानसिक रूप से प्रताड़ित चल रहा था। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर सूदखोर जीजा-साले (जितेन्द्र-कल्ला) और सूदखोर के दोस्त गजेन्द्र को ठहराया है। घटना शुक्रवार को एजी ऑफिस पुल के नीचे की है। पुलिस ने सुसाइड नोट को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस सूदखोरों की तलाश कर रही है। परेशान होकर उठाया आत्मघाती कदम शहर के उपनगर मुरार त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा किसान हैं। वह मूल रूप से बघेल गांव के रहने वाले हैं, लेकिन अभी त्यागी नगर में बलि बाबा की पुलिया के पास रहते हैं। तिलक सिंह ने त्यागी नगर में रहने वाले जितेन्द्र ढमोले उर्फ जितेन्द्र शर्मा के साले कल्ला शर्मा से छह महीने पहले पांच लाख रुपए उधार लिए थे। हाल ही में 3 लाख रुपए तिलक ने कल्ला को वापस दे दिए थे, लेकिन वह बकाया दो लाख रुपए और मांग रहा था। जिस पर तिलक ने एक महीने में रुपए देने का वादा किया था, लेकिन जितेन्द्र और कल्ला उस पर दबाव डाल रहे थे कि उन्हें पैसा अभी चाहिए। गुरुवार को उसे धमकाया था और अपने ही एक मित्र गजेन्द्र पुरोहित को भी बीच में लिया। सूदखोरों ने मृतक को धमकाया कि वह उसे घर से घुसकर मारेंगे। इससे वह काफी घबरा गया था। जिस पर तिलक सिंह ने एजी ऑफिस पुल के नीचे ट्रैक पर आकर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही उनके बदहवास परिजन और विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। सुसाइड नोट में लिखा प्रताड़ना का दर्द पुलिस को मृतक तिलक सिंह के पास से जो सुसाइड नोट मिला है। नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने जितेन्द्र शर्मा और कल्ला शर्मा नाम के दो व्यक्तियों से 5 लाख रुपए ब्याज पर उधार लिए थे। तिलक सिंह इस कर्ज में से 3 लाख रुपये वापस भी कर चुके थे। बाकी बचे 2 लाख रुपए के लिए आरोपी जितेन्द्र और कल्ला उन पर दबाव बना रहे थे उनका कहना है था कि उनको दो लाख रुपए आज ही चाहिए वरना वह उसको घर में घुसकर मारेंगे। इससे तंग आकर तिलक ने लिखा कि सोचा घर में घुसकर यह मारेंगे उससे अच्छा है कि मैं खुद अपनी जान दे दूं। मेरी मौत की वजह जितेन्द्र और उसका साला कल्ला है। मांगा 20 टका ब्याज, घर से उठाकर की मारपीट जब तिलक ने इतना भारी और नाजायज ब्याज देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी दबंगई पर उतर आए। वे तिलक को उनके घर से जबरन उठाकर ले गए, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकियां दीं। इसी लगातार मिल रही प्रताड़ना और बदनामी से तंग आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। सूदखोरों ने जब कर्जा दिया था तो 3 टका ब्याज की बात की थी, लेकिन अब 20 टका ब्याज मांग रहे थे। परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, पुलिस ने शुरू की जांच घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। नोट में नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बेटा बोला- सूदखोर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे घटना के बाद मृतक के बेटे अजीत सिंह ने बताया कि मेरे पिता को आरोपी जितेन्द्र ढमोले और उसका साला कल्ला शर्मा बहुत ज्यादा परेशान कर रहे थे। हमने 5 लाख में से 3 लाख रुपए उन्होंने वापस भी कर दिए थे, लेकिन वे बचे हुए पैसों पर 20% का भारी ब्याज मांग रहे थे। पापा के साथ मारपीट की गई और लगातार धमकियां दी गईं। जिससे तंग आकर पिता ने यह कदम उठाया है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया तिलक सिंह राणा की सुसाइड के मामले में एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। नोट में जिन लोगों के नाम लिखे हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अभी सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। आगे जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में शुक्रवार को दिनभर बारिश हुई। इसके बाद शाम को शहर की कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया। सचिवालय से चारबाग तक जाम लगा रहा। पॉलीटेक्निक से कमता तक वाहन रेंगते रहे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सामने जाम लगा। शहीद पथ फ्लाईओवर की ओर से आने वाली सड़क पर भी कामता चौराहे तक लंबा जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए। राहगीरों का कहना है कि बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद शहर में अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है। शाम के समय दफ्तरों की छुट्टी होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जाम लग जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों का दबाव बढ़ने से हुई समस्या बारिश हल्की पड़ते ही बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यालयों और दफ्तरों से घर के लिए निकले। एक साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से कई जगह यातायात धीमा पड़ गया और लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। निशातगंज पुल से हनुमान सेतु मंदिर की ओर आने वाले मार्ग पर जाम लग गया। शाम करीब 6:40 बजे यहां लंबा जाम जैसी स्थिति बनी रही। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं ऑटो चालक सतीश ने बताया कि वह करीब पांच मिनट से जाम में फंसे हुए हैं। उनके आगे वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी और देखते ही देखते पीछे भी गाड़ियों की कतार बढ़ती चली गई। इससे यातायात पूरी तरह रेंगता नजर आया। शहीद पथ फ्लाईओवर की ओर से आने वाली सड़क पर भी कामता चौराहे तक लंबा जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए। राहगीरों का कहना है कि बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद शहर में अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है। शाम के समय दफ्तरों की छुट्टी होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जाम लग जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गोपालगंज में महिला विकास मित्र की मौत:ट्रक ने कुचला, पति गंभीर रूप से घायल; बैठक में जाते समय हादसा
गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र के रामपुर खरेया गांव के पास एक सड़क हादसे में महिला विकास मित्र कौशल्या देवी की मौत हो गई। उनके पति हरिचंद प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। मृतका की पहचान कटेया थाना क्षेत्र के भेड़िया गांव निवासी हरिचंद प्रसाद की पत्नी कौशल्या देवी के रूप में हुई है। वह कटेया प्रखंड की भेड़िया पंचायत में विकास मित्र के पद पर कार्यरत थीं। चालक ट्रक लेकर फरार यह घटना तब हुई जब कौशल्या देवी अपने पति हरिचंद प्रसाद के साथ बाइक पर सवार होकर जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रही थीं। कुचायकोट थाना क्षेत्र के रामपुर खरेया गांव के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण कौशल्या देवी ने दम तोड़ दिया। घायल पति की हालत गंभीर घायल पति हरिचंद प्रसाद की हालत चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद परिजनों में दुख का माहौल है। समाहरणालय की बैठक में शामिल होने आ रही सहकर्मी की मौत की सूचना से प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य विकास मित्रों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दी है।
भिंड जिले के गोरमी थाना क्षेत्र के डिडौना गांव में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठग ने एक किसान के बैंक खाते से कुछ ही मिनटों में दो ट्रांजेक्शन कर 99 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि उसने किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते की कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, डिडौना गांव निवासी रामप्रकाश पुत्र बाबूराम शर्मा का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। 11 मई 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे उनके मोबाइल पर 39 हजार रुपये खाते से कटने का संदेश आया। वह इसे समझ पाते, इससे पहले ही 60 हजार रुपये का दूसरा ट्रांजेक्शन भी हो गया। कुछ ही मिनटों में खाते से कुल 99 हजार रुपये निकल गए। बिना ओटीपी दिए ही खाते से राशि कटीराशि कटने की जानकारी मिलते ही रामप्रकाश ने बैंक से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने गोरमी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं दी थी, फिर भी उनके खाते से रकम निकाल ली गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे साइबर धोखाधड़ी मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रेल के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 25 से 30 महिला मरीज भगंदर (फिस्टुला), पाइल्स (बवासीर) और गुदा से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर पहुंच रही हैं। गलत खान-पान और अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण महिलाओं में पेट व गुदा से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। संकोच छोड़ आगे आ रही हैं महिलाएंअस्पताल की वरिष्ठ सर्जन डॉ. अत्रेयी शाहा ने बताया कि पहले अस्पताल में इन बीमारियों के इलाज के लिए मुख्य रूप से पुरुष डॉक्टर ही उपलब्ध होते थे। इस वजह से महिला मरीज शर्म और संकोच के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती थीं और बीमारी को दबाए रखती थीं। लेकिन अब अस्पताल में महिला डॉक्टर की मौजूदगी के कारण महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी परेशानी साझा कर रही हैं, जिससे सही समय पर उनका इलाज संभव हो पा रहा है। ओपन सर्जरी के मुकाबले लेजर तकनीकभगंदर (फिस्टुला) का इलाज अब लेजर तकनीक से शत-प्रतिशत संभव है और यह तकनीक मरीजों के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित है। इस विधि में शरीर पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगता है। कट न लगने के कारण मरीज का घाव बहुत तेजी से भरता है। ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद ब्लीडिंग की समस्या नहीं होती। मरीज को अस्पताल में ज्यादा दिनों तक रुकना नहीं पड़ता और अमूमन दूसरे दिन ही छुट्टी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अभी लेजर विधि से ऑपरेशन की स्थायी व्यवस्था नहीं है और इसकी तैयारी जल्द ही शुरू होने वाली है, फिर भी मरीजों की सुविधा को देखते हुए वह अपने घर से लेजर ऑपरेशन मशीन अस्पताल लेकर आती हैं और महिलाओं की सर्जरी लेजर विधि से कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर पारंपरिक तरीके से भी ऑपरेशन किए जा रहे हैं। कब्ज है पाइल्स की मुख्य वजहडॉक्टर के अनुसार, पाइल्स (बवासीर) होने का मुख्य कारण कब्ज (Constipation) है। यदि समय रहते कब्ज को नियंत्रित न किया जाए, तो पाइल्स होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खान-पान में सुधार और नियमित दिनचर्या अपनाकर इस बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी है कि मलद्वार से खून या मवाद आने जैसी समस्याओं को अनदेखा न करें और शर्म छोड़कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बवासीर,फिशर और फिस्टुला में अंतर बवासीर (Piles): मलाशय या गुदा में सूजी हुई और उभरी हुई नसें यानी रक्त वाहिकाएं होती हैं। इनमें बिना दर्द के लाल खून आ सकता है, या बाहरी मस्सों में हल्के दर्द की समस्या हो सकती है। फिशर (Fissure): कठोर मल के कारण गुदा की परत या त्वचा पर एक छोटा सा कट या दरार पड़ जाती है। मल त्याग के दौरान या बाद में इसमें तेज और लंबे समय तक रहने वाला चुभने वाला दर्द होता है और चमकीला लाल खून आता है। फिस्टुला (Fistula): यह गुदा के अंदर एक संक्रमित ग्रंथि से त्वचा तक बनी एक असामान्य छोटी सुरंग होती है। इसमें लगातार सूजन और तेज दर्द के साथ गुदा के पास के किसी छिद्र से मवाद या रक्त का स्राव होता रहता है।
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज गुरुद्वारा खालसा दीवान, हांगकांग के विशेष निमंत्रण पर 3 दिवसीय ऐतिहासिक धार्मिक दौरे पर हांगकांग पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर गुरुद्वारा साहिब तक पहुंचने पर स्थानीय सिख संगत और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा उनका बेहद भावपूर्ण और भव्य स्वागत किया गया। कृपाणों की छत्रछाया और जयकारों के साथ अगवानी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज जैसे ही गुरुद्वारा खालसा दीवान (सिख टेंपल) पहुंचे, तो वहां का माहौल 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। गुरुद्वारा साहिब के सिख युवाओं ने पारंपरिक मर्यादा के अनुसार नंगी कृपाणों की छत्रछाया में पूरे सत्कार के साथ जत्थेदार साहिब की अगवानी की। इस दौरान संगत में जत्थेदार के के स्वागत के लिए भारी उत्साह देखा गया। 3 दिवसीय प्रवास: सिखी के प्रचार-प्रसार पर होगा मंथन 3 दिवसीय प्रवास के दौरान जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज गुरुद्वारा खालसा दीवान हांगकांग में आयोजित विशेष 'गुरमति समागम' में मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। इस धार्मिक समागम के दौरान वे हांगकांग में रह रही सिख संगत को गुरुबाणी और सिख इतिहास से जोड़ते हुए संबोधित करेंगे। इसके साथ ही, वे स्थानीय सिख समुदाय, प्रबंधन कमेटी और विशेषकर युवाओं के साथ बैठकें करेंगे, जिसमें विदेशों में सिखी के प्रचार-प्रसार और सिख मर्यादा को कायम रखने पर गंभीर विचार-विमर्श किया जाएगा। हांगकांग में सिखों का 125 वर्ष पुराना गौरवमयी इतिहास हांगकांग की धरती पर सिख समुदाय का इतिहास लगभग 125 वर्ष पुराना है। साल 1901 में यहां सबसे पहले 'श्री गुरु सिंह सभा' की स्थापना की गई थी। समय के साथ सिख समुदाय के बढ़ते स्वरूप के बाद, आज उसी ऐतिहासिक स्थान पर 'गुरुद्वारा खालसा दीवान सिख टेंपल' सुशोभित है, जो हांगकांग में सिख धर्म और सेवा का मुख्य केंद्र है। दौरे में मीडिया सलाहकार सहित कई प्रमुख गणमान्य रहे मौजूद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के साथ भारत से उनके मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह भी विशेष रूप से पहुंचे हैं। इस ऐतिहासिक आगमन पर गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसवंत सिंह, अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह पटियाला, उपाध्यक्ष सरदार जुगराज सिंह डुग्गरी, प्रबंधक कमेटी सदस्य सरदार महिंदर सिंह पक्की, पूर्व अध्यक्ष सरदार दलजीत सिंह जीरा, पूर्व बोर्ड सदस्य सरदार बलजिंदर सिंह दशमेश नगर, पूर्व बोर्ड सदस्य सरदार जुझार सिंह, पूर्व सचिव सरदार जसकरण सिंह वांदर, पूर्व सचिव सरदार बलजीत सिंह, सरदार सुखचैन सिंह, सरदार गगनप्रीत सिंह, सरदार जीवन सिंह, सरदार तेजपाल सिंह, और सरदार नवजीत सिंह सहित भारी संख्या में सिख हस्तियां और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
भारतमाला हाईवे पर पकड़ी स्विफ्ट कार, 425 ग्राम MD बरामद:तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, गाड़ी जब्त
जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने भारतमाला हाईवे पर हरियाली गांव की सरहद में एक स्विफ्ट कार से 425 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया। कार में सवार 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार- एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि दो-तीन व्यक्ति स्विफ्ट कार में डावल गांव की ओर से हरियाली क्षेत्र में किसी व्यक्ति को अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने आने वाले हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दो अलग-अलग दल बनाकर जोधपुर और सांचौर की ओर से निगरानी शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारतमाला हाईवे के पास हरियाली की सरहद में संदिग्ध स्विफ्ट कार दिखाई दी। कार में सवार तीनों युवक नीचे उतरकर किसी का इंतजार कर रहे थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई, जिसमें 425 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ स्विफ्ट कार को जब्त कर तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों में डावल निवासी सुरेश कुमार उर्फ लाखाराम, हिन्डवाड़ा निवासी श्रवण (21) और डावल निवासी अशोक (24) शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थ के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।
दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के निमैठी चौक के पास एयरटेल कर्मी संजीव कुमार सिंह को गोली मारने की घटना के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के करीब 18-20 घंटे बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज लोगों ने लहेरियासराय–बहेड़ी मुख्य मार्ग पर निमैठी चौक के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस बल्ला लगाकर आवागमन बाधित किया, टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब पांच घंटे तक चले जाम के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गुरुवार रात भी हुआ था विरोध बता दें कि गुरुवार देर शाम अपराधियों ने बाइक से घर लौट रहे एयरटेल कर्मी संजीव कुमार सिंह को गोली मार दी थी। घटना के बाद ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी, बेनीपुर एसडीपीओ वासुकीनाथ झा, बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता सहित करीब पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी रात भी लोगों ने सड़क जाम किया था, जिसे अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद समाप्त करा दिया गया था। गिरफ्तारी नहीं होने से बढ़ा आक्रोश शुक्रवार को जब घटना के कई घंटे बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो चार-पांच गांवों के हजारों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की मांग की। पुलिस के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम मौके पर पहुंचे बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिस स्थान पर गोलीबारी हुई, वहां रोजाना शाम 5:30 बजे से रात 11:00 बजे तक नियमित पुलिस गश्ती कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और गोली मारने वाले अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका। न्याय नहीं मिला तो फिर करेंगे चक्का जाम प्रदर्शन में शामिल कमलेश मंडल ने कहा कि यदि संजीव कुमार सिंह को गोली मारने वाले अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो ग्रामीण दोबारा चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि एक सम्मानित व्यक्ति को गोली मार देना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सड़क पर रोशनी और सीसीटीवी लगाने की मांग स्थानीय निवासी पुनीत कुमार ने कहा कि निमैठी से आसपास के इलाके तक सड़क काफी सुनसान रहती है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इस इलाके में पहले भी कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बदमाशों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
फलोदी नगर परिषद ऑफिस में 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' के तहत एक विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 76 लाभार्थियों ने योजना के लिए पंजीकरण करवाया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी का लाभ पहुंचाना था। बड़ी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर नगर परिषद कमिश्नर अनिल विश्नोई, एसडीएम पूजा चौधरी, डिस्काम XEN महेश दैया, AEN सहीराम विश्नोई और JEN अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। शिविर में कुल पांच अधिकृत डीलरों ने हिस्सा लिया। इनमें से महालक्ष्मी सौर ऊर्जा केंद्र ने सर्वाधिक 57 पंजीकरण किए। संस्था के डायरेक्टर आदित्य व्यास ने बताया कि पंजीकरण करवाने वाले सभी लाभार्थियों को प्रोत्साहन के तौर पर 5,000 रुपए का गिफ्ट वाउचर और एक गिफ्ट हैंपर दिया गया। योजना में लाभ उठाने की अपील डिस्काम XEN महेश दैया ने जानकारी दी कि जो उपभोक्ता शिविर में पंजीकरण नहीं करवा पाए, वे भविष्य में भी योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल, बैंक पासबुक और एक सक्रिय मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। प्रशासन ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ें और सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिलों में बचत करें।
मुंगेर। हथियार तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। व्यवहार न्यायालय के आदेश के आलोक में शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी के आवास पर इश्तिहार चस्पा किया। इस दौरान पुलिस टीम ढोल-नगाड़े के साथ आरोपी के घर पहुंची और न्यायालय के आदेश का सार्वजनिक उद्घोष करते हुए इश्तिहार चिपकाया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। लाल दरवाजा स्थित घर पर पहुंची पुलिस टीम जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र के लाल दरवाजा स्थित गीता बाबू रोड निवासी चंदन साहनी के घर पर की गई। चंदन साहनी हथियार तस्करी के एक मामले में नामजद आरोपी है और काफी समय से फरार चल रहा है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई बार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इसके बाद न्यायालय से इश्तिहार जारी कराया गया। ढोल-नगाड़े के साथ की गई मुनादी शुक्रवार को पुलिस टीम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ढोल-नगाड़े के साथ आरोपी के घर पहुंची। वहां न्यायालय के आदेश की सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई गई और आरोपी के घर पर इश्तिहार चस्पा किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी को कानूनी रूप से सूचित करना है कि वह निर्धारित अवधि के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर आत्मसमर्पण करे। आत्मसमर्पण नहीं करने पर होगी कुर्की-जब्ती कोतवाली थाना के सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि व्यवहार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इश्तिहार के माध्यम से आरोपी को तय समय सीमा के भीतर न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यदि वह निर्धारित अवधि में आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। इसमें न्यायालय से कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया जाएगा। फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि कानून से बचने की कोशिश कर रहे आरोपियों को जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया जा सके। पुलिस का कहना है कि किसी भी फरार आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से मांगी सहयोग की अपील पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपी चंदन साहनी के संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही आरोपी के बारे में प्राप्त हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में चोरों ने एटीएम मशीनों को निशाना बनाया है। बदमाशों ने एक ही रात में तीन एटीएम पर धावा बोल दिया। शातिर चोरों ने कटर का इस्तेमाल कर मशीनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन मजबूत लॉक के कारण तिजोरी नहीं खुल सकी और करोड़ों का कैश लूटने से बच गया। वारदात की शुरुआत बस स्टैंड के पास पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम से हुई। रात के अंधेरे में एक चोर एटीएम पर पहुंचा और भारी वस्तु से मशीन पर लगातार वार किए। मशीन का बाहरी हिस्सा और स्क्रीन टूट गई, लेकिन चोर नकदी निकालने में नाकाम रहा। इसके बाद बदमाशों ने पुरानी धानमंडी इलाके में SBI बैंक के दो एटीएम को निशाना बनाया। यहां चोरों ने कटर मशीन का सहारा लिया और मशीनों को तोड़ने की पूरी कोशिश की। बाहरी पैनल और स्क्रीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कैश ट्रे का लॉक टूटने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सभी एटीएम और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज में दिख रहे युवक की तलाश शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस गश्त की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कहा जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में रात के समय गश्त कमजोर रहने के कारण ऐसी वारदातें बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से श्रीगंगानगर जिले में एटीएम चोरी के प्रयास लगातार हो रहे हैं। चोरों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। आगे की जांच जारी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 जुलाई से बढ़ाकर 20 जुलाई कर दी है। छात्रों की मांग और वेबसाइट पर आई तकनीकी समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने यह आखरी मौका दिया है। शुक्रवार शाम तक यूजी और पीजी में कुल 1,40,261 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जबकि 1,15,111 छात्र-छात्राओं ने फीस जमा कर अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली। यूजी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 मई से और पीजी के लिए 17 जून से चल रहे हैं। अब दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए 20 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन में किसी प्रकार की गलती है, वे भी 20 जुलाई तक उसमें संशोधन करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रजिस्ट्रेशन का आखरी मौका होगा। छात्रों का कहना था कि गुरुवार और शुक्रवार को वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतों के कारण कई अभ्यर्थी आवेदन पूरा नहीं कर सके। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया। अब रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ने के कारण कॉलेजों और संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। 22 जुलाई को विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह प्रस्तावित है, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में PAT 2023-24 की मेरिट लिस्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भूगोल विषय के गोल्ड मेडलिस्ट छात्र अविनाश कुमार का विश्वविद्यालय परिसर स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर देर शाम सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच की, जिसमें उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल सामान्य से कम पाया गया। अनशन पर बैठे अविनाश ने कहा कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन और गोल्ड मेडलिस्ट होने के बावजूद उन्हें साजिश के तहत PAT की मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बात विश्वविद्यालय के कुलपति सहित कई अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। मानसिक रूप से काफी परेशान रहा और आत्महत्या तक का विचार आया, लेकिन अब अपने अधिकार के लिए शांतिपूर्ण तरीके से लड़ाई लड़ूंगा। मांगें पूरी होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा।” बातचीत का नहीं निकला सकारात्मक परिणाम दोपहर में विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी आंदोलनरत छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका। छात्र नेता डॉ. चंदन यादव ने कहा कि जब तक विज्ञापित सीटों पर आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए नई मेरिट लिस्ट प्रकाशित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, छात्र लोजपा के प्रदेश प्रधान महासचिव गोल्डेन सिंह ने मांग की कि इतिहास और भूगोल विभाग में डीन की अनुपस्थिति में कराए गए साक्षात्कार को रद्द कर फिर इंटरव्यू कराया जाए। अनशन स्थल पर इतिहास विषय के गोल्ड मेडलिस्ट अभिषेक कुमार भी मौजूद रहे। आंदोलन को वीआईपी सहित विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। वीआईपी के प्रदेश उपाध्यक्ष निलाभ कुमार ने कहा कि गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन को निष्पक्ष निर्णय लेते हुए उन्हें न्याय देना चाहिए। उधर, छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल PAT मेरिट लिस्ट को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का विरोध लगातार जारी है।
कासगंज शहर में 6 जुलाई को हुई ऋषभ सक्सेना की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार रात मृतक के परिजनों और समर्थकों ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर गांधी मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मामले में न्याय की मांग की। मृतक के पिता प्रदीप कुमार ने कोतवाली कासगंज में तहरीर देकर कई लोगों पर बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रिश्तेदारी के माध्यम से ऋषभ की पहचान एक युवती से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। तहरीर के अनुसार, सोशल मीडिया पर मिले वीडियो और कथित सुसाइड नोट से पता चलता है कि दोनों शादी करना चाहते थे। आरोप है कि बीती 10 मई को युवती के परिजनों ने शादी का झांसा देकर ऋषभ को बुलाया, जहां उसे कथित रूप से बंधक बनाकर जबरन एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान युवक का मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। मृतक के पिता का कहना है कि इस घटना के बाद ऋषभ लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा और अंततः उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने युवती सुहानी सोलंकी, उसकी मां नीलम सोलंकी, भाई तथा अन्य नामजद लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जमुई के विट्ठलपुर रोड पर नाले के निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार को हुए विवाद में एक युवक पर लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक की पहचान विट्ठलपुर निवासी मो. आरिफ हुसैन के रूप में हुई है। उन्होंने गिरधारी सिंह और विकास यादव पर लोहे की रॉड से हमला कर मारपीट करने का आरोप लगाया है। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया है और फिलहाल उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, विट्ठलपुर रोड पर नाले का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण सामग्री के रूप में गिट्टी सड़क पर फैली होने से राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। आरोप है कि मो. आरिफ ने निर्माण कार्य में लगे लोगों से सड़क पर पड़ी गिट्टी हटाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। लोगों ने डायल 112 को सूचना दी आरोप है कि इसी दौरान गिरधारी सिंह और विकास यादव ने मो. आरिफ हुसैन पर लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने डायल 112 को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायल को अस्पताल भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर 15 जुलाई से लेकर एक साल तक अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। उलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समारोहों का उद्घाटन करेंगे। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में पहली विधानसभा से लेकर सभी पूर्व और मौजूदा विधायकों को बुलाया जाएगा। इस दिन सभी वरिष्ठ विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों का सम्मान किया जाएगा। सम्मेलन में लोकतंत्र की यात्रा, संसदीय अनुभवों, चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटलाइजेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साल भर चलेंगे अमृत महोत्सव के चार प्रमुख कार्यक्रम स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के 75 साल पूरे एक साल तक अमृत महोत्सव के तहत चार प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे। इन सत्रों में लोकतंत्र की मजबूती, विधायी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 23 ऐतिहासिक कानूनों पर वरिष्ठ नेता सुनाएंगे अनुभव, जागिरदारी प्रथा खत्म होने से लेकर किसानों को जमीन का मालिक बनाने तक पर चर्चा देवनानी ने कहा- अमृत महोत्सव के पहले कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में अब तक पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा कराई जाएगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में जागिरदारी प्रथा खत्म करने करने और किसानों को जमीन का मालिक बनाने के हलिए पारित राजस्थान भूमि सुधार जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952, राजस्थान जमींदारी बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959 पर वरिष्ठ नेता अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में पंचायतीराज लागू करने के लिए पारित कानून, राजस्थान प्राथमिक शिक्षा अधिनियम, 1964 सहित 23 कानूनों पर नेता अपने अनुभव सुनाएंगे।छह बार जीते पूर्व और मौजूदा विधायकों का सम्मान होगा देवनानी ने कहा कि समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, पूर्व उपाध्यक्षों, छह या उससे ज्यादा बार जीते हुए पूर्व विधायकों और वर्तमान विधायकों का सम्मान किया जाएगा। समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेन्द्र सिंह शेखावत, कैलाश मेघवाल, डॉ. सी.पी. जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष तारा भण्डारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त छह या उससे अधिक बार विधानसभा के सदस्य रहे वरिष्ठ नेताओं तथा वर्तमान में निर्वाचित वरिष्ठ विधायकों का भी सम्मान किया जाएगा।
गुरदासपुर में शुक्रवार सुबह मकौड़ा पत्तन पर रावी नदी में यात्रियों से भरी एक मशूआ (छोटी नाव) पलट गई। इस हादसे में सभी यात्री सुरक्षित बच गए और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह घटना तब हुई जब नाव नदी किनारे पहुंच रही थी। नाव में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, जिसके कारण वह असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटने से उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए। नदी में पानी का स्तर कम होने के कारण बचाव कार्य में आसानी हुई और सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। यह घटना दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के तहत रावी नदी पर बने मकोरा प्लाटून पुल के एक हिस्से के बह जाने के बाद हुई है। नाव चालक बोला- सभी यात्री सुरक्षित पुल पर यातायात पूरी तरह से बंद होने के कारण, प्रशासन ने शेष प्लाटून पुल को भी हटा लिया था। इसके बाद से स्थानीय लोग नदी पार करने के लिए बड़ी और छोटी नावों (मशुआ) का उपयोग कर रहे हैं। नाव चालक नछत्तर सिंह ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नाव अचानक पलट गई थी, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। सिंह ने यह भी बताया कि एक मशूआ में आमतौर पर पांच से सात लोग ही सवार हो सकते हैं, लेकिन नदी पार करने की जल्दबाजी में अक्सर एक दर्जन से अधिक लोग सवार हो जाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार देर शाम प्रोटोकॉल छोड़ हेलमेट पहनकर बाइक से उज्जैन शहर का निरीक्षण करने निकले। उन्होंने करीब 2 किमी पैदल घूमकर निर्माण कार्य देखे, अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिए और कंठाल चौराहे पर अपने पुराने परिचित की दुकान पर जलेबी भी बनाई। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर शाम नागदा से उज्जैन पहुंचे। सीएम हाउस से वे हेलमेट पहनकर बाइक पर निकले और टावर चौक, फ्रीगंज ब्रिज, मेडिसिटी, कोयला फाटक, कंठाल और तेलीवाड़ा चौराहा समेत कई इलाकों में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। रास्ते में लोगों से बातचीत भी फ्रीगंज ब्रिज और मेडिसिटी के निर्माण कार्य देखने के बाद मुख्यमंत्री कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक करीब दो किलोमीटर पैदल चले। इस दौरान उन्होंने सड़क चौड़ीकरण समेत सिंहस्थ-2028 से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी, अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और रास्ते में लोगों से बातचीत की। शहरवासियों ने जगह-जगह उनका स्वागत भी किया। परिचित की दुकान पर पहुंचे, चाय मंगवाई कंठाल चौराहे पर मुख्यमंत्री अपने पुराने परिचित की जलेबी की दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने खुद जलेबी बनाई, चाय मंगवाई और गर्म पानी पिया। उन्होंने बताया कि छात्र राजनीति के समय से उनका इस दुकान से जुड़ाव रहा है। भास्कर से कहा- खुद वस्तुस्थिति देखना था दैनिक भास्कर से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सड़क, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाइक और पैदल निरीक्षण का उद्देश्य विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को खुद देखना था। साथ ही उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नाबालिग बच्चों पर ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने रोब्लॉक्स और इसी तरह के अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सभी विपक्षी पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता रानी सिंह की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका में कहा गया है कि रोब्लॉक्स जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार और साइबर सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से नाबालिगों की ऐसे प्लेटफॉर्म तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की है। न्यायालय ने जिन प्रमुख पक्षकारों को नोटिस जारी किया है, उनमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारत ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और रोब्लॉक्स इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। याचिका में एक विशेषज्ञ समिति के गठन का भी आग्रह किया गया है। इस समिति में बाल मनोवैज्ञानिकों, साइबर सुरक्षा और एआई विशेषज्ञों, तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। समिति का कार्य ऑनलाइन गेमिंग के बच्चों पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सुरक्षा संबंधी प्रभावों का अध्ययन कर सरकार को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुझाना होगा। इसके अतिरिक्त, याचिका में स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित करने की मांग की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को ऑनलाइन गेमिंग के संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना है।
उदयपुर में एलीवेटेड रोड पर चल रहे पेचवर्क का नगर निगम के उपायुक्त डॉ. नरेश सोनी औचक निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा के साथ शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान सोनी ने सड़क मरम्मत की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, सड़क की लेवलिंग और काम की प्रगति देखी। मौके पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तय मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण काम करने के निर्देश दिए। साथ ही समय पर काम पूरा करने और यातायात प्रभावित नहीं होने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त डॉ. नरेश सोनी ने कहा- सड़क मरम्मत में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। पेचवर्क पूरी तकनीकी गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि बारिश के दौरान सड़कें सुरक्षित रहें और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। कलेक्टर ने किया था 8 जुलाई को दौरा डॉ. नरेश सोनी ने अधिकारियों से कहा- काम तय समय सीमा में पूरा किया जाए। मरम्मत के दौरान यातायात व्यवस्था भी सुचारू रखी जाए, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत नहीं हो। इससे पहले 8 जुलाई को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने भी एलीवेटेड रोड क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क मरम्मत का काम जल्द और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद निगम ने यहां पेचवर्क शुरू कराया था। उपायुक्त ने बताया- सड़क मरम्मत की शुरुआत उदियापोल क्षेत्र से की गई। फिलहाल एलीवेटेड रोड के आसपास के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर तेजी से पेचवर्क किया जा रहा है। बारिश के मौसम में सड़कें सही रखें डॉ. नरेश सोनी ने कहा- यह काम पूरा होने के बाद शहर के अन्य प्रमुख मार्गों और अलग-अलग क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से पेचवर्क कराया जाएगा। इससे बारिश के मौसम में सड़कें सुरक्षित रहेंगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही हर स्तर पर नियमित निरीक्षण कर काम की निगरानी करने को कहा। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल, सहायक अभियंता सुनील प्रजापत सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पूर्णिया के सरसी थाना क्षेत्र अंतर्गत मलनिया बथान टोला से 55 वर्षीय देबू रबानी का शव उनके घर के पीछे एक पेड़ से लटका हुआ मिला। देबू रबानी घर पर बिल्कुल अकेले रहते थे। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने उन्हें टॉयलेट के लिए जाते हुए देखा और उसके कुछ देर बाद ही उनका शव घर के पीछे पेड़ से लटका पाया। घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय ग्रामीण, सुधीर रबानी ने बताया कि जब सुबह ग्रामीणों ने शव देखा, तो तुरंत शोर मच गया और भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव घटना की सूचना मिलते ही सरसी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) भेज दिया। शव लेने तक नहीं पहुंचे बेटे स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देबू रबानी के तीन बेटे हैं, जो उनसे अलग रहते थे। बावजूद इसके कि उनके पिता की मौत की खबर उन तक पहुंचाई गई, कोई भी बेटा अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए या पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बेटों की इस असंवेदनशीलता को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। सरसी थाना पुलिस अब इस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य संदिग्ध कारण है। मजदूरी कर अकेले जी रहे थे देबू ग्रामीणों ने बताया कि मृतक मजदूरी का काम करते थे और अकेले जीवन व्यतीत कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस मामले के हर पहलू—पारिवारिक विवाद, अकेलेपन और मानसिक स्थिति की जांच कर रही है। थाना प्रभारी राहुल कुमार का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत:शेखपुरा में एनआई एक्ट के 157 लंबित मामलों के निपटारे की तैयारी तेज
शेखपुरा में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए 18 जुलाई को देशभर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। शेखपुरा जिले में भी इस विशेष लोक अदालत को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार बैठकें आयोजित कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा कराया जा सके। इसी कड़ी में शुक्रवार की शाम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने एडीआर भवन में जिले के अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिकों के साथ बैठक कर विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की। समझौते के जरिए मामलों के निपटारे पर जोर बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने अधिवक्ताओं से अपील की कि एनआई एक्ट से जुड़े सभी मामलों में दोनों पक्षों को समझौते के लिए प्रेरित करें, ताकि 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो सके। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता अपने-अपने पक्षकारों को लोक अदालत के लाभ के बारे में जागरूक करें और उन्हें समझाएं कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर समय और धन दोनों की बचत होती है। 157 लंबित मामलों की पहचान प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने बताया कि जिले में एनआई एक्ट के 157 लंबित मामलों की पहचान कर ली गई है। इन सभी मामलों के पक्षकारों को नोटिस जारी कर विशेष लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए सूचित किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिवक्ताओं के सहयोग से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा संभव हो सकेगा। अधिवक्ताओं की भूमिका पर दिया गया जोर बैठक के दौरान अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिकों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि वे पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करेंगे तो लंबित मामलों का जल्द समाधान हो सकेगा और न्यायालयों पर लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होगा। सचिव ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाता है। यहां दिए गए निर्णय अंतिम होते हैं और उनके खिलाफ सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता। न्यायालयों में लंबित मामलों का घटेगा बोझ जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मानना है कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में एनआई एक्ट के मामलों का निष्पादन होने से न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि चेक बाउंस जैसे मामलों में समझौते की पर्याप्त संभावना रहती है। इसलिए दोनों पक्ष यदि आपसी सहमति से विवाद समाप्त करते हैं तो इससे सभी को लाभ होगा। बैठक में मौजूद रहे अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सचिव विपिन कुमार, डिफेंस काउंसिल के चीफ वीरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अधिवक्ता लिपिक मौजूद रहे। सभी ने विशेष लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने उम्मीद जताई कि अधिवक्ताओं के सक्रिय सहयोग से 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में अधिकतम मामलों का सौहार्दपूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नर्मदापुरम में नर्मदा नदी किनारे कर्बला घाट पर अतिक्रमण कर बनाई गई दरगाह को शुक्रवार को नगर पालिका ने हटा दिया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम ने मलबा भी मौके से हटाया। वहीं, मजार पर चढ़ी चादर जलने का मामला सामने आने पर मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वैभव बैरागी ने बताया कि नर्मदा नदी किनारे कुछ समय पहले अतिक्रमण कर दरगाह का निर्माण किया गया था। शासन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नदी किनारे नया निर्माण नहीं किया जा सकता। इसी के चलते सरकारी भूमि पर बनी दरगाह को हटाने की कार्रवाई की गई। चादर जलाने के आरोप पर उठे सवाल कार्रवाई के बाद मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि दरगाह हटाने के दौरान मजार पर चढ़ी चादर भी जला दी गई। उन्होंने चादर जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीएमओ वैभव बैरागी ने कहा कि नगर पालिका ने केवल अतिक्रमण हटाया है। चादर नगर पालिका ने नहीं जलाई। उन्होंने कहा कि चादर किसने जलाई, यह जांच का विषय है। यदि किसी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भैंसड़ा खुर्द-कला मार्ग 7 दिन बंद:रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के कारण यातायात प्रभावित
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा उदयपुर में रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) संख्या 119B पर सीसी रोड निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस कार्य के कारण गुड़ली–चंदेसरा मार्ग से भैंसड़ा खुर्द और भैंसड़ा कला को जोड़ने वाला रास्ता 11 जुलाई से 18 जुलाई तक सात दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगा। वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य), राणा प्रताप नगर, उदयपुर ने डबोक थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में सहयोग का अनुरोध किया है। रेलवे विभाग के अनुसार, निर्माण के दौरान सीमेंट-कंक्रीट बिछाने और मशीनरी संचालन के कारण वाहनों का सुरक्षित आवागमन संभव नहीं होगा। मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि कार्य को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित ढंग से पूरा किया जा सके। यह कदम आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। रेलवे विभाग ने लोगों से इस अवधि में वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। आरयूबी संख्या 119A से मगरी रोड वाला मार्ग वैकल्पिक रूप से उपलब्ध रहेगा। हालांकि, इस वैकल्पिक मार्ग पर भारी और डंपर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों से सहयोग की अपील करते हुए यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग ने ग्राम पंचायत चंदेसरा, भैंसड़ा खुर्द और भैंसड़ा कला को भी इस संबंध में सूचना भेजी है, ताकि क्षेत्रवासियों को समय रहते जानकारी मिल सके और किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
बॉलीवुड की नेशनल अवॉर्ड-विनिंग एक्ट्रेस कृति सेनन इन दिनों अपनी बेहतरीन एक्टिंग और बदलती फिल्मोग्राफी से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही हैं। फिल्म 'कॉकटेल 2' में उनके 'एली' के किरदार को दर्शकों ने बेहद पसंद किया और उन्हें हर तरफ से जबरदस्त तारीफें मिलीं। लेकिन अब कृति सिर्फ कैमरे के सामने एक्टिंग करने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कैमरे के पीछे एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी एक नई पहचान बना रही हैं और सिनेमा में कहानी कहने के बिल्कुल नए अंदाज को अपना रही हैं।हाल ही में कृति सेनन ने एक बातचीत के दौरान एक एक्टर और एक प्रोड्यूसर होने के बीच के बड़े अंतर को समझाया। उन्होंने बताया कि दोनों ही किरदारों में जिम्मेदारियां पूरी तरह से बदल जाती हैं और दोनों को निभाने का तरीका बिल्कुल अलग होता है।एक एक्टर के तौर पर मुझ पर कम जिम्मेदारी होती है: कृति सेननकृति सेनन ने अपने एक्टिंग करियर और काम के दबाव पर बात करते हुए कहा, एक एक्टर के तौर पर काम करते समय मेरे ऊपर बहुत कम जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उस वक्त मेरा पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर होता है। मुझे स्क्रिप्ट के हिसाब से अपना काम पूरी ईमानदारी और अच्छे से करना होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक एक्टर होने के नाते फिल्म की सफलता या विफलता का पूरा दारोमदार सिर्फ मुझ पर निर्भर नहीं करता है।लंबे समय तक स्क्रीन पर राज करने के बाद कृति अब फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीख रही हैं और उन्होंने इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार किया है।प्रोड्यूसर बनना आसान नहीं, आइडिया से लेकर फाइनल एडिट तक की बड़ी टेंशनएक प्रोड्यूसर के रूप में अपने सफर और उसके पीछे की कड़ी मेहनत के बारे में खुलकर बात करते हुए कृति ने कहा, जब आप एक प्रोड्यूसर बनते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसकी शुरुआत एक छोटे से आइडिया से होती है, जिसे देखकर आपको लगता है कि इसमें एक शानदार कहानी बनने की ताकत है। इसके बाद स्क्रिप्ट तैयार करने, सही स्टारकास्ट चुनने से लेकर शूटिंग, म्यूजिक कंपोजिशन और फाइनल वीडियो एडिटिंग तक, आपको फिल्म मेकिंग के हर एक स्टेज में गहराई से शामिल होना पड़ता है।कृति ने आगे बताया, इतनी मेहनत के बाद जब फिल्म आखिरकार सिनेमाघरों या ओटीटी पर रिलीज होती है, तो दिल में इस बात को लेकर बहुत ज्यादा घबराहट और बेचैनी होती है कि ऑडियंस इस पर कैसा रिएक्शन देगी। लेकिन यह काम एक एक्टर के मुकाबले कहीं ज्यादा संतुष्टि देने वाला होता है, क्योंकि आपने फिल्म मेकिंग के सफर के हर एक छोटे-बड़े हिस्से में अपना योगदान दिया होता है।जैसे-जैसे कृति सेनन एक्टिंग और प्रोडक्शन के बीच एक बेहतरीन बैलेंस बना रही हैं, उनका यह नया रूप सिनेमा और मीनिंगफुल स्टोरीटेलिंग के प्रति उनके गहरे पैशन को साफ दिखाता है। 'कॉकटेल 2' की बड़ी सफलता और क्रिएटिव तरीके से कहानियों को एक नया आकार देने की उनकी बढ़ती दिलचस्पी के साथ, वे धीरे-धीरे भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) में एक वर्सेटिलिटी और मल्टीफेसटेड हस्ती के रूप में अपनी मजबूत जगह बना रही हैं।
प्रतापगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन ‘त्रिनेत्र’ के तहत एक ड्रग तस्कर घनश्याम कलाल की 1 करोड़ 4 लाख रुपए की चल और अचल संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत फ्रीज कर दिया गया है। मामला 22 दिसंबर 2023 का है। पुलिस को गांव संचई में एक पलटी हुई कार की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने कार से 492.850 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया था। इस संबंध में थाना प्रतापगढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी 8 साल की सजा काट रहा था जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में घनश्याम कलाल निवासी रिछा की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। घनश्याम कलाल पहले से ही थाना धमोतर में एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषसिद्ध होकर 8 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा काट रहा है। संपत्ति को किया फ्रीज वित्तीय जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से ग्राम रिछा में अपनी पत्नी मैनाबाई चौधरी के नाम पर करीब 60 लाख रुपए का आलीशान मकान, ग्राम पड़ुनी में अपने नाम पर 40 लाख रुपए का फार्म हाउस और लगभग 4 लाख रुपए की मारुति सुजुकी ऑल्टो कार खरीदी थी। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों को अवैध आय से अर्जित मानते हुए फ्रीज करने की कार्रवाई की है।
वाराणसी में बहन की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर भाई से धोखाधड़ी कर रुपए हड़पने और आईपीएल में सट्टेबाजी करने के मामले में दो आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल गई। इन सभी को पुलिस ने छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने कानपुर निवासी दीपक सिंह व नवनीत सिंह को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व नरेश यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव को साइबर क्राइम थाने में 24 जून 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत प्राप्त हुयी थी। आरोप था कि शिकायतकर्ता शरद शारदा की बहन की इंस्टाग्राम आईडी पर क्यूआरकोड भेजकर 2000 रूपये की मांग की गयी। जिस पर शिकायतकर्ता ने उक्त मांग को अपनी बहन द्वारा ही किया गया समझकर 2000 रूपये भेज दिया। इसके बाद पुनः 3000 रूपये की मांग किये जाने पर शिकायतकर्ता को संदेह हुआ जिस पर उसके द्वारा अपनी बहन को फोन कर जानकारी की गयी तो उनकी बहन द्वारा बताया गया कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी हैक हो गयी है। इसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा साइबर शिकायत दर्ज करायी गयी। उक्त शिकायत के आधार पर तथा मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मलदहिया स्थित दासनगर कालोनी में छापा मारा। मौके पर स्थित कमरे में दो व्यक्ति मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम दीपक सिंह व नवनीत सिंह बताया। उन्होंने बताया कि वे आनलाइन बेटिंग से संबंधित कार्य करते हैं और उनके साथ उनका दोस्त प्रवीण उर्फ अक्षय भी रहता है, जो उन लोगों का बॉस है। तलाशी में कमरे से कुल 9 मोबाइल, 12 सिम कार्ड, 1 एटीएम कार्ड बरामद किया गया। उन्होंने बताया के वे लोग वेबसाइट से ऑनलाइन बेटिंग कराते हैं और उक्त बरामद मोबाइल, सिमकार्ड से अपने वेबसाईट का प्रचार, लोगों को आईडी बेचने, लोगों के डिपाजिट तथा विथड्राल को मानिटर करने के लिए करते हैं। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोटपूतली में UCC पर जनसुनवाई:आमजन से मांगे सुझाव, ऑनलाइन 400 शब्द में दे सकेंगे
कोटपूतली में राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर संभाग स्तरीय और जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधिवेत्ताओं, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और आमजन ने VC के माध्यम से अपने सुझाव दिए। सभी लोगों से सुझाव मांगे समिति अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। सिंह ने यह भी बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और विचारों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा। गंभीरता से किया जाएगा विचार उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति समर्थन, संशोधन और असहमति सहित सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत करती है और उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यूसीसी पर अपने सुझाव दें, ताकि राज्य में एक मजबूत, न्यायसंगत और व्यावहारिक समान नागरिक संहिता कानून बनाया जा सके। समिति सदस्यों ने बताया कि विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए आमजन जनसुनवाई के अतिरिक्त वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। राजस्थान के सभी जनआधार कार्ड धारकों को इस संबंध में एसएमएस भी भेजे गए हैं। 400 शब्दों तक दे सकेंगे सुझाव वेबसाइट पर सुझाव देने के लिए मोबाइल नंबर या जनआधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद व्यक्तिगत या संस्थागत विकल्प चुनना होगा। इसके पश्चात एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें दिए गए प्रश्नों के लिए 'हां' या 'नहीं' का विकल्प चुना जा सकता है। नागरिक 400 शब्दों तक के सुझाव भी दे सकते हैं और सुझाव या ज्ञापन की पीडीएफ प्रति भी संलग्न की जा सकती है।
सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र के गौसपुर चौक पर गुरुवार को हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीआईयू और स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी कर घटना को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरबाजार थाना क्षेत्र के खैरा निवासी वंसराज यादव और हंसराज यादव के रूप में हुई है। पुलिस अन्य फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। फायरिंग में व्यवसायी घायल हो गए थे गौरतलब है कि गुरुवार को गौसपुर चौक के समीप दो बाइकों पर सवार होकर आए हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर गंज (वार्ड संख्या-20) निवासी मछली व्यवसायी राजा कुमार (26 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी गर्दन में गोली लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल सहरसा रेफर किया गया था, जहाँ वर्तमान में एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरी घटना जमीन विवाद से जुड़ी हुई है। गौसपुर निवासी रामसोगारथ यादव और खैरा निवासी अशोक यादव के बीच लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा है। लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज गुरुवार को रामसोगारथ यादव द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने के उद्देश्य से अपराधियों ने फायरिंग की थी, जिसमें राह चलते मछली व्यवसायी घायल हो गए थे। इस मामले में रामस्वार्थ यादव ने थाने में 9 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट पर शुक्रवार शाम नर्मदा में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान महू निवासी अंकित पिता कमल पटेल (24) के रूप में हुई है। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त को ओंकारेश्वर दर्शन कराने लेकर जा रहा था। घटना शाम करीब 5 बजे की है। रास्ते में दोनों मोरटक्का के खेड़ीघाट पर रुके और नर्मदा में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान अंकित गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गोताखोर अस्पताल लेकर गयासूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और मोरटक्का चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकित को तैरना नहीं आता था। स्नान के दौरान वह अनजाने में गहरे पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, अंकित महू के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में नर्मदा स्नान के दौरान यह हादसा हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब के नेतृत्व में शुक्रवार (9 जुलाई) से जन आंदोलन शुरू हो गया। पेंड्रा के दुर्गा चौक पर अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की गई। आंदोलनकारी काली पट्टी बांधकर 13 किलोमीटर लंबे स्वीकृत बाईपास का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के पहले दिन पत्रकारों के साथ नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान भी क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल हुए और अपना समर्थन दिया। इस दौरान शासन तक जनभावनाएं पहुंचाने के उद्देश्य से पोस्टकार्ड अभियान की भी शुरुआत की गई। पहले दिन पूरन छाबरिया, पवन केशरवानी और पारस चौधरी भी मौजूद रहे। 2018 में हुआ था शिलान्यास प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि पेंड्रा बाईपास का शिलान्यास वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। आठ वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। शहर से गुजर रहे भारी वाहन बाईपास नहीं बनने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन आज भी शहर के बीच से निकल रहे हैं। इससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। शासन से रखीं ये प्रमुख मांगें आंदोलनकारियों ने शासन से स्वीकृत बाईपास के लिए तत्काल बजट जारी करने, निर्माण कार्य शुरू करने की समय-सीमा तय करने और परियोजना की नियमित निगरानी की मांग की है। साथ ही बाईपास बनने तक नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। सभी संगठनों से समर्थन की अपील जिला प्रेस क्लब ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक, व्यापारिक, किसान, कर्मचारी, महिला एवं युवा संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। प्रेस क्लब का कहना है कि यह केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि पेंड्रा की जनसुरक्षा, सुगम यातायात और क्षेत्र के समग्र विकास का मुद्दा है।
प्रयागराज में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण अभियान आधिकारिक शुरुआत से पहले ही शुरू हो गया है। 12 जुलाई से प्रस्तावित इस अभियान के तहत शिक्षकों, स्कूली बच्चों और सरकारी कर्मचारियों ने कई स्थानों पर पौधे लगाए। इसी क्रम में शुक्रवार को खुशरोबाग में नगर निगम और अग्रसेन इंटर कॉलेज ने 'स्वच्छ भारत' और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया। अग्रसेन इंटर कॉलेज के शिक्षकों डॉ. अजय शंकर पांडेय, सतीश चंद पांडेय, अवधेश कुमार और प्रमोद कुमार राय के मार्गदर्शन में छात्रों ने पौधे लगाए और स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस दौरान नगर निगम की टीम ने छात्रों को कचरा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। एक नाटक के माध्यम से उन्हें नीले, लाल, हरे और काले डिब्बों में कचरा अलग-अलग डालने का तरीका समझाया गया। कार्यक्रम में अशोक कुमार त्रिपाठी, जय शंकर मिश्रा, प्रभा रानी और दिपाली गुप्ता भी उपस्थित रहे। उधर, प्रयागराज एयरपोर्ट परिसर में भी प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और विमानपत्तन निदेशक गणेश यादव ने पौधारोपण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल जुलाई में शुरू होने वाले आधिकारिक अभियान से पहले लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ गई है। सीबीआई (CBI) की स्पेशल कोर्ट ने भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्ण शारदा की डिस्चार्ज एप्लीकेशन (आरोपमुक्त करने की अर्जी) को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 8 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में चार्ज फ्रेम (आरोप तय) कर दिए हैं। अब इस केस में बाकायदा ट्रायल चलेगा, जिसके लिए कोर्ट ने 23 जुलाई की तारीख तय की है। अगली सुनवाई के लिए अभियोजन पक्ष के 2 गवाहों को समन भी जारी कर दिया गया है। सीबीआई ने मद्रास कोर्ट की रखी दलील सुनवाई के दौरान DIG भुल्लर के वकील ने सीबीआई के अधिकार क्षेत्र पर ही बड़े सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि भुल्लर पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए CBI उनके खिलाफ सीधे FIR दर्ज नहीं कर सकती थी। स्टेट कैडर के IPS अफसर केंद्र सरकार के अधीन नहीं आते। इस दलील के पक्ष में मद्रास हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला भी दिया गया। सीबीआई ने इस अर्जी का कड़ा विरोध किया। अदालत ने बचाव पक्ष की सभी दलीलों को अमान्य बताते हुए अर्जी को खारिज कर दिया। यह है मामला पिछले साल मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि एक क्रिमिनल केस में अरेस्ट करने का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर पिछले साल 16 अक्टूबर को DIG भुल्लर और बिचौलिए कृष्ण शारदा को गिरफ्तार किया था। तब से दोनों न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं और उनकी जमानत अर्जियां भी लगातार खारिज हो रही हैं।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने मीरी-पीरी संस्थान शाहाबाद में पिछले तीन महीने से रुकी डॉक्टरों और कर्मचारियों की सैलरी के विवाद को सुलझाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने 11 मेंबरी तालमेल कमेटी गठित की। यह कमेटी 17 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस कमेटी की रिपोर्ट पर अगला फैसला लिया जाएगा। इसी को लेकर शुक्रवार शाम को HSGMC के मुख्य दफ्तर में मीटिंग बुलाई गई। इसमें कमेटी 27 मेंबर्स शामिल हुए। इस मीटिंग में कमेटी के पूर्व प्रधान एवं नॉमिनेटेड मेंबर बलजीत सिंह दादूवाल गुट के ज्यादा मेंबर पहुंचे थे। यहां तक तालमेल कमेटी में भी दादूवाल गुट के मेंबर ज्यादा हैं। SGPC-स्टाफ और विपक्ष से बात करेगी कमेटी मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में झींडा ने कहा कि तालमेल कमेटी धरने पर बैठे मीरी-पीरी संस्थान के स्टाफ से बातचीत करेगी। साथ ही पंजाब की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से भी मुलाकात करेगी। विवाद के समाधान के लिए कमेटी पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल गुट से भी राय लेगी, ताकि संस्थान को चलाने का रास्ता साफ हो सके। 6 जुलाई के आदेश के बाद मीटिंग बुलाई असल में, 6 जुलाई को सिख ज्यूडिशरी कमीशन ने HSGMC को स्टाफ की सैलरी देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद HSGMC के मुख्य सचिव ने कमीशन को स्पष्ट किया कि HSGMC ने अभी तक संस्थान का टेकओवर नहीं किया है। संस्थान से कोई पैसा नहीं लिया गया और न ही खातों का कोई हिसाब-किताब उनको मिला। कमीशन दिया ने मीटिंग के लिए सप्ताह का टाइम इसी कारण पूरे मामले पर विचार करते हुए कमीशन ने HSGMC को एक सप्ताह का समय दिया। इसलिए झींडा ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। मीटिंग के बाद तालमेल कमेटी बनाई गई है। ये तालमेल कमेटी SGPC से मीरी-पीरी संस्थान के स्टाफ की सैलरी देने की मांग करेगी। स्टाफ का प्रदर्शन बना बड़ा मुद्दा मीरी-पीरी संस्थान में कार्यरत स्टाफ को पिछले तीन महीने की सैलरी नहीं मिली है। इससे नाराज होकर स्टाफ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिख ज्यूडिशिरी कमशीन को दखल देने की मांग थी। साथ ही HSGMC के मुख्य दफ्तर का घेराव कर स्टाफ ने नारेबाजी की थी। साथ ही मुख्य सचिव को सैलरी जारी करने के लिए ज्ञापन दिया था।
पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष डॉक्यूमेंट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में चौथे दिन मोगा जिले के विभिन्न गांवों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। रामा और हिम्मतपुरा गांवों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसे देखा। संत के विचारों का प्रचार है अभियान का उद्देश्य मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, दर्शन और उनके समानता, सामाजिक न्याय, ईश्वर भक्ति तथा सर्वजन भाईचारे के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांव में यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु साहिब की शिक्षाओं और आदर्शों से परिचित कराना है। संत के विचारों के माध्यम से भाई चारे का संदेश डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद ग्रामीणों ने पंजाब सरकार के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह श्री गुरु रविदास जी महाराज को सच्ची श्रद्धांजलि है। ग्रामीणों के अनुसार, गुरु साहिब का समानता, भाईचारे और भेदभाव रहित समाज का संदेश आज भी प्रासंगिक है। ऐसी पहल नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर गांवों के पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक हस्तियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
फलोदी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने न्यू स्टिंग एनर्जी की 6450 बोतलें सीज की हैं। इन बोतलों पर 'एनर्जी' शब्द का भ्रामक लेबलिंग किया गया था। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। 6450 बोतलें सीज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया- खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्मल कुमार महर्षि ने फलोदी स्थित एक बेवरेजेज गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कैफिनेटेड बेवरेज न्यू स्टिंग एनर्जी की 6450 बोतलें मिलीं, जिन पर भ्रामक रूप से 'एनर्जी' लिखा हुआ था। इन बोतलों को सीज कर उनके नमूने लिए गए। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड बेवरेजेस पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनरर्जाइज बॉडीज', 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे शब्दों का उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। जांच के लिए जोधपुर भेजा गया एफएसएसएआई ने इस संबंध में कई नामी बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह भी बताया गया है कि अधिक कैफीन वाली ये एनर्जी ड्रिंक गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। सीज की गई बोतलों से लिए गए नमूनों को जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जोधपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन शहर के नगर पालिका भवन के सामने संचालित एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) के संचालक गोपाल राजपूत के खिलाफ 11 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई ग्राहकों और बैंक प्रबंधन की शिकायत पर शुक्रवार शाम की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने बताया कि गोपाल राजपूत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बैंक ने भी 11 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई है। ग्राहकों ने फर्जी एफडी प्रमाण पत्र देने का लगाया आरोप ग्राहकों का आरोप है कि कियोस्क संचालक ने उनके खातों से रकम निकाल ली। इसके बाद उन्हें फर्जी एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) प्रमाण पत्र देकर गुमराह किया। मामला सामने आने के बाद से गोपाल राजपूत लापता है। परिजनों ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग शुक्रवार शाम गोपाल राजपूत के पिता, सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक सेवाराम राजपूत, भाई और पत्नी कीर्ति राजपूत ने पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता से मुलाकात की। उन्होंने लिखित आवेदन देकर बताया कि गोपाल लंबे समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन में था। वह 5 जुलाई को घर से निकला था और तब से उसका कोई पता नहीं है। परिजनों ने बताया कि उससे संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग रुपए की मांग को लेकर उनके घर पहुंच रहे हैं, जिससे परिवार डरा हुआ है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फरार कियोस्क संचालक की तलाश की जा रही है
सहारनपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सहारनपुर में गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के सैय्यद माजरा गांव में शुक्रवार दोपहर तेज जलप्रवाह और मिट्टी के कटाव से कब्रिस्तान का एक हिस्सा धंस गया। कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें दफन शव बाहर आ गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में भी हलचल मच गई। देहरादून-दिल्ली हाईवे से सटे सैय्यद माजरा गांव में लगातार बारिश के कारण हिंडन नदी और आसपास के जलस्रोत उफान पर हैं। पानी कब्रिस्तान में घुस गया, जिससे मिट्टी का कटाव हुआ और कई कब्रें धंस गईं। ग्रामीणों के अनुसार, दो शव बाहर आ गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने दोबारा कराया सुपुर्द-ए-खाक सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। समाजसेवी आशु और पाशा ने स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर आए शवों को पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दोबारा सुपुर्द-ए-खाक कराया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना रहा। वीडियो वायरल होने पर पहुंचे जनप्रतिनिधि वीडियो सामने आने के बाद सहारनपुर देहात से विधायक आशु मलिक, युवा कांग्रेस नेता हमजा मसूद, पूर्व मंत्री सरफराज खान और पूर्व विधायक मसूद अख्तर मौके पर पहुंचे। विधायक आशु मलिक ने प्रशासन से जल निकासी, राहत कार्य और कब्रिस्तान की सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली-देहरादून हाईवे निर्माण के दौरान जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बारिश का पानी गांव और कब्रिस्तान की ओर आ रहा है। पुलिस बोली- सभी शव सुरक्षित स्थान पर दोबारा दफनाए सीओ सदर विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सूचना मिलते ही गागलहेड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि अत्यधिक बारिश और जलभराव के कारण कब्रें क्षतिग्रस्त हुई थीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी शवों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान रखते हुए कब्रिस्तान के सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर दोबारा दफनवा दिया। पुलिस के अनुसार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। वहीं, लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है।
मऊगंज जिले की शाहपुर पुलिस ने 20 साल से फरार एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे मऊगंज उपजेल भेज दिया गया है। लंबे समय से पुलिस को छका रहा था आरोपी शाहपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक ऋषि कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए स्थायी वारंटी की पहचान रामहित पिता सीताराम साकेत, निवासी ग्राम बसिगड़ा पथरौही, थाना शाहपुर के रूप में हुई है। रामहित के खिलाफ अदालत ने काफी समय पहले स्थायी वारंट जारी किया था, लेकिन वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दो दशकों से लगातार फरार चल रहा था। 'ऑपरेशन कैच' के तहत की कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के तहत और मऊगंज SP सुरेंद्र कुमार जैन के निर्देशन में अंजाम दी गई। ASP शशिकांत सरयाम और एसडीओपी सची पाठक के मार्गदर्शन में शाहपुर पुलिस लगातार पुराने और फरार आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 'ऑपरेशन कैच' का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा करना और अपराधियों के भीतर कानून का डर पैदा करना है। इस अभियान के तहत जिलेभर में फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कामयाबी में उपनिरीक्षक राकेश मिश्रा, एएसआई यूबी सिंह और प्रधान आरक्षक जयप्रकाश रावत सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।
बंद मकान में चोरी का खुलासा:12 घंटे में दो चोर गिरफ्तार, चोरी का माल और ऑटो बरामद
ट्रांस यमुना पुलिस ने बंद मकान में हुई चोरी का 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी का सामान, वारदात में इस्तेमाल ऑटो और नकदी बरामद की गई है। श्याम विहार कॉलोनी निवासी राहुल कुमार 2 जुलाई को परिवार सहित रिश्तेदारी में गए थे। 3 जुलाई को घर लौटने पर उन्होंने मुख्य दरवाजे का ताला टूटा पाया। घर से कपड़े, आर्टिफिशियल चेन बनाने का तार, तैयार चेन के टुकड़े और सफेद रंग की आर्टिफिशियल चेन सहित अन्य सामान गायब था। राहुल कुमार ने पहले स्वयं चोरों को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर गुरुवार को अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले के खुलासे के लिए एक टीम का गठन किया गया। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर झरना नाले के पास से राकेश कुमार और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 20 जोड़ी सफेद धातु की पायल, एक पैकेट पीली धातु, 1,010 रुपये नकद और चोरी में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने साथी प्रभु उर्फ टंगा के साथ मिलकर बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी के बाद उन्होंने माल का कुछ हिस्सा रुकनता निवासी सफीम को बेच दिया था। गिरफ्तार आरोपी राकेश ने यह भी बताया कि बरामद ऑटो उसी का है और वह खाली समय में इसे चलाकर आजीविका कमाता है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, फरार आरोपी प्रभु उर्फ टंगा और सफीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बक्सर में आइसा, इनौस और आरवाईए के बैनर तले छात्र-युवाओं ने शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, पेपर लीक की घटनाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध मार्च अंबेडकर चौक से ज्योति चौक तक निकाला गया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने किया, जबकि आरवाईए के जिला संयोजक राजदेव सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लें कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डुमरांव के पूर्व विधायक और इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा रहे। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 दिनों से जारी भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट, यूजीसी-नेट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और NTA की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा नेताओं ने कहा कि शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा है, जिससे गरीब, दलित, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार संबंधी परीक्षाओं में नियमों में बार-बार बदलाव कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐपवा नेता संध्या पाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फंड में कटौती, छात्रावासों की बदहाल स्थिति और लगातार हो रहे पेपर लीक को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। प्रदर्शन और सभा में आरवाईए के राज्य नेता बीरन यादव, जिला नेता रवि मौर्या, रविशंकर राम, बलीराम पासवान, कृष्णा यादव, दीपू कुमार, सर्वेश पांडेय, बब्लू कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
नगर निगम लखनऊ के नगर स्वास्थ्य अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में जोनल सेनेटरी ऑफिसर (ZSO) और सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर (SFI) के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा अपने दायित्वों के प्रति पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, जलभराव, संचारी रोग नियंत्रण, फॉगिंग, नाला-नाली संबंधी समस्याओं और जन शिकायतों के निस्तारण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। जलभराव के चिन्हित स्थानों की ली जानकारी बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने शहर में जलभराव के चिन्हित स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा बारिश के दौरान किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों से कहा गया कि फील्ड स्तर पर स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक सूचनाएं समय से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएं। बिना ठोस कारण अनुपस्थित रहने वालों को जारी होगी चेतावनी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य के प्रति जवाबदेही पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना किसी ठोस और उचित कारण के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध चेतावनी जारी की जाए। साथ ही अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी जोनल सेनेटरी ऑफिसर एवं सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टरों को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन कार्यालय में बैठकर नहीं, बल्कि नियमित स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से किया जाए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कराया जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संचारी रोग अभियान में लाएं तेजी संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में प्रतिदिन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति एवं की गई कार्रवाई की रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि अभियान की प्रभावी निगरानी की जा सके। बैठक में बड़े नालों से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो नाले स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्षेत्र से संबंधित नहीं हैं, उनके संबंध में संबंधित विभाग को समय से पत्राचार किया जाए। यदि कहीं नाले खुले हैं अथवा उनसे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है तो उसकी सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों की समस्याएं सुनीं, समाधान का दिया भरोसा बैठक के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जोनल सेनेटरी ऑफिसर एवं सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टरों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने फील्ड स्तर पर कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की और संबंधित समस्याओं के उचित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के साथ आगामी एक सप्ताह के भीतर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी एवं जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय की जाएगी। सभी जोनों में नियमित फॉगिंग कराने के निर्देश नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने समस्त जोनों में आवश्यकता के अनुरूप नियमित रूप से फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फॉगिंग कार्य में यदि मशीन, ईंधन अथवा अन्य संसाधनों से संबंधित कोई समस्या आ रही है तो संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर उसका तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि अभियान प्रभावित न हो। बैठक में निर्देश दिए गए कि समस्त कार्यदायी संस्थाएं अपने स्तर से सफाई एवं अन्य संबंधित कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। संसाधनों की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने की स्थिति स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों से कहा गया कि इस संबंध में नियमित निगरानी रखते हुए कमियों को समय से दूर कराया जाए। शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण हो नगर स्वास्थ्य अधिकारी श्री आशीष कुमार सिंह जी ने निर्देश दिए कि किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाली सफाई, जलभराव, फॉगिंग अथवा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायत पर की गई कार्रवाई एवं निस्तारण की स्थिति से संबंधित वार रूम को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए।
भोजीपुरा पुलिस ने 24 घंटे में किया ट्रांसफार्मर चोरी का:दो आरोपी गिरफ्तार, तेल और बिजली के तार बरामद
भोजीपुरा पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र में हुए ट्रांसफार्मर चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का ट्रांसफार्मर तेल, बिजली के तार और अन्य पुर्जे बरामद किए हैं। यह घटना 7 और 8 जुलाई की रात भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में हुई थी। चोरों ने एक विद्युत ट्रांसफार्मर की प्लिंथ तोड़कर उसमें से तेल और अन्य सामान चुरा लिया था। अवर अभियंता बृजेश कुमार की शिकायत पर 9 जुलाई को भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मझौआ रोड स्थित पंचशील अस्पताल के पास से सुभाष (निवासी कंचनपुर) और रिंकू (निवासी पचदौरा दोहरिया) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ट्रांसफार्मर ऑयल, बिजली के तार और अन्य सामान बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने कमुआ मकरूका क्षेत्र में 33 हजार केवी बिजली लाइन के तार काटकर भी चोरी की थी। इस संबंध में भोजीपुरा थाने में पहले से एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उस चोरी के तार भी बरामद कर लिए हैं। इसके बाद दोनों मामलों में बरामदगी की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सुभाष का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामलों में भोजीपुरा थाने में मुकदमे दर्ज हैं।
कल्याणपुर में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी:मदद के बहाने खाते से 34,200 रुपए निकाले
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे एक व्यक्ति से दो शातिरों ने मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके बाद आरोपियों ने खाते से 34,200 रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मदद के बहाने बदल दिया एटीएम कार्ड आवास विकास-3 स्थित एलआईजी निवासी कृष्णस्वरूप सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता जगन्नाथ सिंह अस्वस्थ हैं। चार जुलाई की शाम वह उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एटीएम कार्ड से रुपये निकालने के लिए सराय मसवानपुर चौराहे स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम पहुंचे थे। उन्होंने 10 हजार रुपये निकाल लिए, लेकिन ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो रहा था। इसी दौरान दो युवक एटीएम कक्ष में आ गए। मना करने के बावजूद दोनों अंदर आ गए और मदद के बहाने दोबारा कार्ड मशीन में लगाने और पिन दर्ज करने के लिए कहा। शातिरों ने थमा दिया दूसरा कार्ड पुलिस के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों ने चालाकी से एसबीआई का असली एटीएम कार्ड बदलकर किसी दूसरे व्यक्ति का कार्ड थमा दिया और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद कृष्णस्वरूप सिंह को कार्ड बदलने का संदेह हुआ। उन्होंने बैंक कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी और घर लौट गए। चार ट्रांजेक्शन में निकाले 34,200 रुपये बाद में बैंक से पता चला कि उनके पिता का असली एटीएम कार्ड बदल दिया गया है। इसके बाद आरोपियों ने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 10-10 हजार रुपये और अंतिम बार 4,200 रुपये निकाल लिए। इस तरह खाते से कुल 34,200 रुपये की ठगी कर ली गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कल्याणपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस एटीएम कक्ष और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मथुरा के किरारही गांव में खूनी संघर्ष:बच्चों के विवाद में लाठी-डंडे चले, 8 लोग घायल
मथुरा के थाना फरह क्षेत्र के किरारही गांव में शुक्रवार दोपहर बाद करीब 4 बजे बच्चों के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिसमें कुल आठ लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी प्रेम सिंह और किशन सिंह के परिवारों के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। यह विवाद जल्द ही दोनों परिवारों के बड़ों तक पहुंच गया, जिसके बाद गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इस झड़प में प्रेम सिंह पक्ष से प्रेम सिंह, मुकेश, नेमबाती और हुकम सिंह घायल हुए। वहीं, दूसरे पक्ष से दुर्गेश, राजकुमारी और गोविंद सहित चार लोग चोटिल हुए। घटना की सूचना मिलते ही थाना फरह पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और सतर्कता बरती जा रही है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष का कहना है कि उनके साथ मारपीट के साथ लूटपाट भी की गई, जबकि दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष ने बाहरी लोगों को बुलाकर हमला किया और जान से मारने का प्रयास किया। थाना प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जलभराव की शिकायत के लिए 24×7 कंट्रोल रूम शुरू:अयोध्या में 1533 और 1800-313-1277 पर करें फोन
अयोध्या में जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने 24 घंटे संचालित होने वाले विशेष कंट्रोल रूम की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया। निगम का दावा है कि शिकायत मिलते ही संबंधित जोन की टीम मौके पर पहुंचकर तय समय के भीतर जलनिकासी की व्यवस्था करेगी। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा- बरसात के मौसम में शहर को जलभराव से मुक्त रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी जोनों में कर्मचारियों और संसाधनों की तैनाती कर दी गई है। जहां भी जलभराव की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल पंपिंग और जलनिकासी की व्यवस्था कर लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी, ताकि आवागमन और दैनिक जीवन प्रभावित न हो। 24 घंटे दर्ज होगी शिकायत नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम को तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा। प्रत्येक शिफ्ट में दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नागरिक 1533 और 1800-313-1277 पर फोन कर जलभराव संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडे ने बताया कि शिकायत मिलते ही संबंधित जोन की टीम को मौके पर भेजकर निर्धारित समय के भीतर समस्या का समाधान कराया जाएगा। कंट्रोल रूम के शुभारंभ के दौरान अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, वरिष्ठ पार्षद बृजेंद्र सिंह, चंदन सिंह, धर्मेंद्र मिश्र, सूर्यकुमार तिवारी 'सूर्या', सुनील यादव, जगत नारायण यादव, सहायक अभियंता (निर्माण) राजपति यादव सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र के ईटवा गांव में कथित धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला और गंभीर हो गया। गुरुवार को हिरासत में लिए गए छह आरोपियों से शुक्रवार को एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम ने गहन पूछताछ की। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्री भी बरामद करने का दावा किया है। सूचना मिलते ही घर पर पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, ईटवा गांव स्थित जिला पंचायत सदस्य के भाई कमलेश राम के घर में कथित धर्मांतरण गतिविधि होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सकलडीहा कोतवाली पुलिस और स्थानीय एलआईयू टीम ने मौके पर छापेमारी कर आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। धर्मांतरण कानून के तहत दर्ज हुआ मुकदमा जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी में धार्मिक साहित्य और उपकरण बरामद पुलिस ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान मौके से ईसाई धर्म से संबंधित सात बाइबिल, करीब 50 अन्य धार्मिक पुस्तकें, लगभग 200 पैम्फलेट, एक होम थिएटर, दो माइक, एक कार और दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। ATS और IB ने की गहन पूछताछ मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम भी सकलडीहा पहुंची। दोनों एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पांच अन्य लोगों को मुचलके पर किया गया पाबंद पुलिस के अनुसार, प्रार्थना सभा में मौजूद पांच अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। उन्हें एसडीएम न्यायालय से एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस बोली- जांच जारी, अन्य कड़ियों की तलाश कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि गिरफ्तार सभी छह आरोपियों से एटीएस और आईबी की टीम ने पूछताछ की है। न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
शाजापुर जिले की सुनेरा थाना पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से ट्रेस किए गए आठ मोबाइल फोन बरामद कर शुक्रवार शाम उनके असली मालिकों को लौटा दिए। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपए है। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर मोबाइल स्वामियों ने पुलिस का आभार जताया। CEIR पोर्टल से मिली सफलता सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती ने बताया कि पुलिस टीम ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद ली। इसके साथ ही तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के माध्यम से विभिन्न जिलों में चल रहे इन मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया। सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शुक्रवार शाम 7 बजे यह मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें शिकायत सुनेरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम होता है, तो वे तुरंत 'सीईआईआर' (CEIR) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि किसी भी ऑनलाइन ठगी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। पुलिस ने किसी भी संदिग्ध लिंक, अज्ञात कॉल, ओटीपी (OTP) या संदेश पर विश्वास न करने की सलाह दी है।
यूपी के गांवों में आएगी डिजिटल क्रांति, घर बैठे कमाएं ₹1 लाख महीना: योगी सरकार का 'प्रोजेक्ट गंगा'
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना 'प्रोजेक्ट गंगा' लेकर आई है। यह परियोजना यूपी के ग्रामीण डिजिटल भविष्य की नई आधारशिला बनेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की 57,000 ग्राम पंचायतों और दूर-दराज के क्षेत्रों तक हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड पहुंचाकर डिजिटल अंतर को हमेशा के लिए समाप्त करना है।शहरों जैसी सुविधाएं और युवाओं को बंपर रोजगारइस योजना के माध्यम से गांवों को शहरों की तरह आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेस, स्मार्ट कृषि और डिजिटल भुगतान के नए रास्ते खुलेंगे। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कामों, बैंकिंग या प्रमाण पत्रों के लिए शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी, जिनकी मासिक आमदनी ₹1 लाख तक हो सकती है।महिलाओं को 50% हिस्सेदारी और बिना ब्याज का लोनप्रोजेक्ट गंगा की सबसे अनूठी विशेषता महिला सशक्तीकरण है। इसके तहत डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं के लिए सुरक्षित की गई है। शुरुआत में इन युवाओं और महिलाओं की मासिक आय ₹20,000 होगी, जो ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ ₹1 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है। अपना उद्यम शुरू करने के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' के तहत ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त लोन भी दे रही है।पहले चरण में नेपाल सीमा से सटे जिलों को प्राथमिकतायह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू होगी। पहले चरण में यूपी के 21 जिलों को चुना गया है, जिसमें नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले 2 से 3 सालों में इसका विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में करके 57 हजार ग्राम पंचायतों के लगभग 20 लाख परिवारों को सीधे डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा।बड़े शहरों की तरफ होने वाला पलायन अब थमेगागांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और फ्री वाई-फाई मिलने से युवाओं को फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क, ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा घर पर ही मिल जाएगी। कोडिंग सीखने या टेक स्टार्टअप शुरू करने के लिए अब युवाओं को दिल्ली या नोएडा जैसे महानगरों में जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे गांवों से होने वाला पलायन रुकेगा। सरकार इसके लिए बेहद किफायती दरों पर इंटरनेट देगी।मजबूत साइबर सिक्योरिटी और दिग्गज हिंदुजा समूह का साथप्रोजेक्ट गंगा के तहत सिर्फ इंटरनेट ही नहीं, बल्कि गांवों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी समाधान और मजबूत साइबर सिक्योरिटी सेवाएं भी दी जाएंगी। इस विशाल डिजिटल क्रांति को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने दिग्गज हिंदुजा समूह की ब्रॉडबैंड इकाई 'वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड' (OneOTT Entertainment Limited) को अपना नॉलेज पार्टनर और इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर बनाया है।
मुरादाबाद बार एसोसिएशन शतरंज प्रतियोगिता:विजेता शाकिर अली, राजकुमार गौतम सहित सभी प्रतिभागी सम्मानित
मुरादाबाद में दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के सभागार में शुक्रवार को स्वर्गीय शिव नारायण गुप्ता एडवोकेट की स्मृति में आयोजित वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता-2026 का पुरस्कार वितरण समारोह देर शाम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विजेता, उपविजेता सहित सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता-2026 में शाकिर अली एडवोकेट ने विजेता ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया, जबकि राजकुमार गौतम एडवोकेट को उपविजेता ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी अधिवक्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता एडवोकेट ने की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह विशिष्ट अतिथि थे। समारोह का संचालन महासचिव कपिल गुप्ता एडवोकेट ने किया। अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि मानसिक क्षमता, धैर्य और निर्णय लेने की कला का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं अधिवक्ताओं के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं। मुख्य अतिथि एसएसपी सतपाल अंतिल ने शतरंज को एक उत्कृष्ट इंडोर गेम बताया, जो व्यक्ति में कठिन परिस्थितियों का सामना करने और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने भविष्य में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच भी ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन का सुझाव दिया और दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। विशिष्ट अतिथि एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं की व्यस्त दिनचर्या के बीच शतरंज जैसे खेल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।
जबलपुर के भेड़ाघाट क्षेत्र में पांच साल से लापता एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को शुक्रवार को समाजसेवियों और पुलिस की मदद से उसके परिजन से मिला दिया गया। युवक सरस्वती घाट पर दयनीय हालत में घूमता मिला था। समाजसेवी आशीष शुक्ला ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उन्हें सरस्वती घाट पर लगभग 20 वर्षीय युवक मिला था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपना नाम और पता नहीं बता पा रहा था। इसके बाद शुक्ला ने उसकी जिम्मेदारी उठाई और पिछले पांच वर्षों से उसके रहने, खाने-पीने और इलाज की व्यवस्था करते रहे। कुछ दिन पहले युवक की याददाश्त में सुधार हुआ। उसने बताया कि वह महंग गांव, गाजीपुर का रहने वाला है और घर जाना चाहता है। इसके बाद समाजसेवी सतीश सेन ने गूगल की मदद से गाजीपुर के संबंधित थाने का संपर्क नंबर प्राप्त किया और पुलिस से संपर्क किया। युवक की तस्वीर व्हाट्सएप पर भेजी गई। पुलिस ने रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि इसी गांव का एक युवक पांच साल पहले लापता हुआ था। जानकारी मिलते ही युवक का बड़ा भाई सरल राम और उसकी भाभी गाजीपुर से भेड़ाघाट पहुंचे। पांच साल बाद अपने भाई को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो गया। भेड़ाघाट में स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक को उसके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। समाजसेवियों, पुलिस और तकनीक के समन्वय से एक बिछड़ा परिवार पांच साल बाद फिर से मिल सका।
बांका के बेलहर थाना क्षेत्र के बेला गांव में जमीन विवाद को लेकर एक 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर देने का मामला शुक्रवार को सामने आया है। मृतक के गले पर रस्सी के फंदे के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के ही सात लोगों के खिलाफ बेलहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने शुक्रवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक की पहचान बेला गांव निवासी दिनेश यादव (40), पिता कागो यादव के रूप में हुई है। उनकी पत्नी बबीता देवी के आवेदन पर गांव के ही दामोदर यादव, सौदागर यादव, गाजो यादव, चंदू यादव, सनोज यादव, शंकर यादव और कामेश्वर यादव को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार दिनेश यादव घर से दक्षिण दिशा में शौच के लिए निकले थे। इसी दौरान पूर्व से चले आ रहे जमीन विवाद को लेकर घात लगाए बैठे आरोपितों ने उन्हें पकड़ लिया और बहियार की ओर ले जाने लगे। पत्नी ने बताया कि पति की चीख-पुकार सुनकर वह पीछे-पीछे दौड़ी, लेकिन तब तक कुछ लोगों को भागते हुए देखा। घटनास्थल पर पहुंचने पर दिनेश यादव जमीन पर पड़े मिले। जब उन्हें उठाने का प्रयास किया गया तो उनके गले पर रस्सी के फंदे का निशान दिखाई दिया और उनकी मौत हो चुकी थी। बबीता देवी का आरोप है कि सभी नामजद आरोपितों ने मिलकर उनके पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। शोर मचाने पर अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव को घर लाया।इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बेलहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रात में ही शव को कब्जे में लेकर थाना लाई। शुक्रवार को पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया,जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर विभिन्न साक्ष्य एकत्र किए।पुलिस मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच में जुटी है।पुलिस और बिंदु पर जांच पड़ताल कर रही है। घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा है।पत्नी बबीता देवी,मां सावित्री देवी, छोटे पुत्र राकेश कुमार और पुत्री सिंकु कुमारी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।परिजनों ने बताया कि दिनेश यादव खेती-बाड़ी के साथ-साथ मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनका बड़ा बेटा रूपेश कुमार कोलकाता में रहकर वाहन चलाने का प्रशिक्षण ले रहा है। पत्नी का कहना है कि अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा घटनाक्रम की जांच पड़ताल करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम मोरगा में रिश्तेदारी का विवाद हिंसक हो गया। शराब के नशे में एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही रिश्तेदार पर टूटी हुई शराब की बोतल से हमला कर दिया। हमले में घायल युवक की आंख के नीचे गंभीर चोट आई, जिसे जिला अस्पताल सूरजपुर में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम मोरगा निवासी प्रदीप (करीब 30-32 वर्ष), जो शराब का आदी बताया जा रहा है, का किसी बात को लेकर अपने रिश्तेदार से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर उसने टूटी हुई शराब की बोतल से हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। परिजनों ने तलाश कर पकड़ा हमले के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे सूरजपुर रेलवे ब्रिज के पास पकड़ लिया। इसके बाद उसे कार से जिला अस्पताल ले जाया गया। कार की डिक्की में बंधा मिला आरोपी अस्पताल परिसर में उस समय लोगों की भीड़ लग गई, जब कार की डिक्की में आरोपी युवक हाथ-पैर बंधी अवस्था में मिला। परिजनों ने बताया कि आरोपी लगातार आक्रामक व्यवहार कर रहा था और किसी अन्य पर हमला न कर दे, इसलिए एहतियात के तौर पर उसे बांधकर अस्पताल लाया गया। मानसिक स्थिति प्रभावित होने की आशंका परिजनों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अत्यधिक शराब का सेवन कर रहा है और हाल के दिनों में उसका व्यवहार असामान्य हो गया था। उनका अनुमान है कि नशे की वजह से उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई है। हालांकि, डॉक्टरों की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। आरोपी युवक को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रामानुजनगर पुलिस का कहना है कि अभी तक मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में सीएम योगी की बड़ी घोषणा: बदले गए दो नगरों के नाम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जिले को एक बार फिर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान लौटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को बिकापुर में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने जिले की दो प्रमुख नगर पंचायतों का नाम बदलने का ऐतिहासिक एलान किया। अब स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत को 'मां ज्वाला जी' और भदरसा नगर पंचायत को 'भरत नगर' के नाम से जाना जाएगा।विधायक की मांग पर 'मां ज्वाला जी' नाम को मंजूरीमुख्यमंत्री ने जनसभा के दौरान मंच से बताया कि खिलौनी-सुचिंतागंज का नाम बदलने का प्रस्ताव स्थानीय भाजपा विधायक अमित सिंह चौहान ने रखा था। उन्होंने जनता की आस्था का सम्मान करते हुए इस नगर पंचायत का नाम 'मां ज्वाला जी' करने का अनुरोध किया था, जिसे सरकार ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। अब आधिकारिक तौर पर यह क्षेत्र मां ज्वाला जी नगर पंचायत कहलाएगा।भदरसा अब कहलाएगा 'भरत नगर', राम के भाई को सम्मानसीएम योगी ने भदरसा का नाम बदलकर 'भरत नगर' करने के पीछे का गहरा सांस्कृतिक महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि भरत कुंड से जुड़ा यह पूरा इलाका अब भगवान राम के छोटे भाई भरत के त्याग और अटूट भक्ति के प्रतीक के रूप में पहचाना जाएगा। भरत ने भगवान राम के वनवास के दौरान उनकी 'पादुकाओं' को सिंहासन पर रखकर 14 वर्षों तक भरत कुंड में रहकर तपस्या की थी। दुनिया में उनके जैसा भाई मिलना असंभव है, इसलिए यह नया नाम उनकी मर्यादा को समर्पित है। इस नगर पंचायत को आगे और तेजी से विकसित किया जाएगा।अपराध और तुष्टिकरण पर सपा को घेरानाम बदलने की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भदरसा में हाल ही में हुई एक नाबालिग से दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सपा प्रतिनिधियों का व्यवहार उनका असली चरित्र उजागर करता है। जनता ने देखा है कि कैसे अपराधियों को संरक्षण दिया गया, हालांकि सरकार की सख्त कार्रवाई के तहत आरोपी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को पहले ही जमींदोज किया जा चुका है।यूपी में जारी है सांस्कृतिक पुनरुद्धार का दौरयोगी सरकार में शहरों और तहसीलों के पौराणिक नाम बहाल करने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या नाम दिया जा चुका है। हाल ही में 6 जुलाई को शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर 'भगवान परशुराम पुरी' करने की कैबिनेट मंजूरी मिली थी, जबकि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम 'पावागढ़' रखने की घोषणा भी की जा चुकी है।बिकापुर को मिली 432 करोड़ की सौगातमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के बिकापुर में विकास की नई इबारत लिखने पहुंचे थे। उन्होंने यहाँ 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके साथ ही सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद उमड़ी भारी भीड़ की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जनता का यह उत्साह अयोध्या की जीवंत भावना और विकास के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है। बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज समेत पूरे अयोध्या जिले में विकास की रफ्तार अब और तेज होगी।
मंदसौर जिले के सीतामऊ में शनिवार को चार घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली विभाग ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सीतामऊ से जुड़े सभी उपभोक्ताओं के लिए यह सूचना जारी की है। विभाग के अनुसार, सीतामऊ टाउन फीडर पर नए फीडर का निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसके चलते सुबह 7 बजे से 11 बजे तक पूरे सीतामऊ नगर की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली विभाग ने बताया कि कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव हो सकता है। जरूरत पड़ने पर समय कम या अधिक किया जा सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। साथ ही आवश्यक कार्य पहले ही पूरा करने का आग्रह किया है। अस्थायी बिजली कटौती से होने वाली असुविधा के लिए विभाग ने खेद भी जताया है।
मोगा जिले के कस्बा बाघापुराना से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल की शिक्षिका पिछले चार दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। 7 जुलाई (मंगलवार) को लापता हुई शिक्षिका का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे उनका परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। स्थानीय पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है। थाना बाघापुराना के प्रभारी (SHO) जनक राज ने बताया कि लापता शिक्षिका के पति चरणजीत सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर पिछले 16 वर्षों से नजदीकी गांव रजियाना के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में अध्यापिका (टीचर) के रूप में कार्यरत हैं। रोज की तरह वे 7 जुलाई को भी स्कूल गई थीं, लेकिन दोपहर के समय उन्होंने अपने पति चरणजीत सिंह को फोन कर बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वे स्कूल से हाफ-डे (छुट्टी) लेकर एक ऑटो-रिक्शा से वापस घर आ रही हैं। परिजनों ने हर जगह ढूंढा, पर नहीं मिला कोई सुराग पति चरणजीत सिंह ने बताया कि फोन पर बात होने के काफी समय बाद भी जब गुरप्रीत कौर घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने गुरप्रीत के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, सहेलियों और अस्पताल आदि में उनकी काफी तलाश की, लेकिन जब चार दिनों तक उनका कहीं कोई पता नहीं चला, तो थक-हारकर मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी गई। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगालने में जुटी पुलिस थाना प्रभारी जनक राज ने बताया कि मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें शिक्षिका की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस द्वारा स्कूल से लेकर बाघापुराना के रास्ते में आने वाले सभी मुख्य चौकों और बाजारों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस ऑटो में बैठी थीं। इसके साथ ही, साइबर सेल की मदद से लापता शिक्षिका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आखिरी मोबाइल टावर लोकेशन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
पैसों के विवाद में चले चाकू:हरदा में महिला समेत 3 लोग घायल, केस दर्ज
हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मानपुरा में शुक्रवार दोपहर दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान चाकू और अन्य हथियार चले। घटना में एक महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों में रज्जाक पहलवान भी शामिल हैं, जिनकी पीठ पर चाकू से हमला किया गया। उन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी आर.एस. तिवारी ने बताया कि विवाद सामाजिक विषय को लेकर हुआ है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर रही है। मामले की जांच जारी है। एक पक्ष ने पैसों के लेन-देन को बताया विवाद की वजह घायल रज्जाक पहलवान ने बताया कि उनके बेटे शालिम का शेख राशिद से पैसों का लेन-देन है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख ने अपने साथियों रेहान और राशिद के साथ मिलकर उन पर चाकू से हमला किया। रज्जाक के अनुसार, दो महीने पहले हुए एक विवाद के समझौते के लिए दूसरा पक्ष उन पर दबाव बना रहा था, जिससे मामला बढ़ गया। दूसरे पक्ष ने भी लगाए मारपीट के आरोप दूसरे पक्ष की घायल जुलेखा ने बताया कि वह अपनी बहू के साथ घर जा रही थीं। इसी दौरान रज्जाक पहलवान का बेटा शालिम उनके बेटों को जान से मारने की धमकी देते हुए टिप्पणी कर रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो शालिम के परिवार के लोगों ने धारदार हथियार से उन पर और उनके भतीजे पर हमला कर दिया। घायल शेख राशिद ने आरोप लगाया कि वह डेकोरेशन का काम करते हैं। जब भी उन्हें कोई काम मिलता है, शालिम उनसे पैसों की मांग करता है। उन्होंने इसी बात को विवाद की वजह बताया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में जमीन दिलाने और निवेश पर आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपित दो प्रॉपर्टी डीलरों को अदालत से राहत मिल गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) विकास श्रीवास्तव की अदालत ने शेरूका (चंदौली) निवासी मृत्युंजय सिंह तथा धरमपुर, बड़ागांव निवासी शिवकुमार भारद्वाज को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने आदेश दिया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में दोनों आरोपितों को एक-एक लाख रुपये के दो-दो जमानतदार और बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाएगा। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने पक्ष रखा। अभियोजन ने बताया कि वादी अशोक कुमार सिंह ने बड़ागांव थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया कि 5 मार्च 2023 को बाबतपुर में उनकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह और शिवकुमार भारद्वाज से हुई थी। दोनों ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए दावा किया कि वे जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड और शक्ति कैपिटल नामक कंपनियों का संचालन करते हैं, जिनका कार्यालय लखनऊ के गोमती नगर स्थित विभूति खंड में है। वादी का आरोप है कि दोनों ने खुद को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का करीबी बताते हुए बाबतपुर क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने और निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। उनके आश्वासन पर विश्वास करते हुए वादी ने 30 मार्च 2023 से 23 नवंबर 2023 के बीच चेक और ऑनलाइन माध्यम से कुल 9.50 लाख रुपये शक्ति कैपिटल के खाते में जमा किए। आरोप है कि वादी ने अपने कुछ रिश्तेदारों की धनराशि भी उसी कंपनी में निवेश कराई। एफआईआर के मुताबिक, निवेश के बाद न तो वादी को जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही उसकी जमा धनराशि वापस की गई। पूछताछ करने पर आरोपितों ने जमीन मिलने में समय लगने की बात कहते हुए मूलधन पर 10 प्रतिशत और लाभ के रूप में 5 प्रतिशत भुगतान का आश्वासन दिया। शुरुआती दो-तीन महीनों तक कुछ भुगतान किया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। वादी का आरोप है कि जब उसने अपनी पूरी रकम वापस मांगी तो दोनों आरोपितों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपित विभिन्न कंपनियों के नाम बदलकर अलग-अलग शहरों में जमीन और निवेश के नाम पर लोगों से धन जुटाते हैं तथा झूठे आश्वासन देकर कथित रूप से धोखाधड़ी करते रहे हैं। वादी ने आरोप लगाया कि आपसी मिलीभगत और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उससे धनराशि लेकर हड़प ली गई। डिप्टी सीएम का करीबी बताकर करते थे उगाहीवादी को पता चला कि वह लोग खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताकर यह लोग अपनी कंपनियो के नाम बदलकर विभिन्न शहरों में जमीन के नाम पर लोगों से धन उगाही करते हैं तथा झूठे आश्वासन देकर कई वर्षों से इस प्रकार की धोखाधड़ी कर रहे है। इसी के तहत यह लोग आपसी मिलीभगत एवं आपराधिक षडयंत्र के तहत वादी को धोखे में रखकर धनराशि प्राप्त की तथा बाद में उसे हड़प लिया। जिसके बाद बडगांव पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
बॉलीवुड और रंगमंच के अभिनेता कुमुद मिश्रा शुक्रवार को जयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उजागर ड्रामैटिक एसोसिएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनर्स (IIID) जयपुर चैप्टर के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कुमुद मिश्रा ने कैमरे से दूरी बनाए रखी और वीडियो बनाने से मना करते रहे। कुमुद मिश्रा 12 जुलाई को बिड़ला ऑडिटोरियम में देश के चर्चित हिंदी नाटकों में शामिल 'पुराने चावल' के मंचन में मुख्य भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर अभिनेता शुभ्रज्योति बराट भी उनके साथ मंच साझा करेंगे। नाटक के मंचन के बाद 'डिजाइन, स्टोरी, स्पेस और परफॉर्मेंस' विषय पर विशेष पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया जाएगा। 'पुराने चावल' प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक सुमीत व्यास की ओर से निर्देशित चर्चित हिंदी नाटक है। जो विश्वप्रसिद्ध नाटककार नील साइमन के क्लासिक नाटक 'द सनशाइन बॉयज' से प्रेरित है। नाटक में यह दिखेगी कहानी यह नाटक दो ऐसे पुराने दोस्तों और हास्य कलाकारों की कहानी है, जिन्होंने करीब 42 साल तक साथ काम किया। आपसी मतभेदों के चलते अलग हो गए। सालों बाद जब उन्हें फिर से एक साथ मंच पर आने का अवसर मिलता है तो उनके रिश्तों की खटास, पुरानी यादें, अहंकार, दोस्ती और भावनात्मक संघर्ष दर्शकों के सामने हास्य और संवेदनशीलता के साथ उभरकर आते हैं। यही वजह है कि यह नाटक केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दोस्ती, रिश्तों और जीवन के बदलते रंगों पर भी गहरा संदेश देता है। यह नाटक मुंबई की प्रतिष्ठित थिएटर संस्था डी फॉर ड्रामा द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे पहले भी इसका जयपुर में सफल मंचन हो चुका है और रंगमंच प्रेमियों ने इसे भरपूर सराहना दी थी। अभिनय के धुरंधर हैं कुमुद मिश्रा नाटक में मुख्य भूमिका निभा रहे कुमुद मिश्रा भारतीय रंगमंच और बॉलीवुड के सबसे सशक्त अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की और वर्षों तक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और देश के विभिन्न रंगमंच समूहों के साथ काम किया। उनकी अभिनय शैली की सबसे बड़ी विशेषता पात्रों को सहज और वास्तविक रूप में प्रस्तुत करना है। कुमुद मिश्रा ने रॉकस्टार, रांझणा, सुल्तान, एम.एस. धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी, ऐरलिफ्ट, मुल्क, आर्टिकल 15, थप्पड़, राम सिंह चार्ली, टाइगर जिंदा है, जॉली एलएलबी 2, भूल भुलैया 2, मिशन मजनू, मिशन रानीगंज जैसी अनेक चर्चित फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी वे आर्या, डॉ. अरोड़ा, आईसी 814: द कंधार हाइजैक जैसी चर्चित वेब सीरीज में अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। थिएटर में नियमित रूप से वे सक्रिय रहते हैं। शुभ्रज्योति बराट भी रंगमंच का बड़ा नाम नाटक के दूसरे प्रमुख कलाकार शुभ्रज्योति बराट भी भारतीय थिएटर और फिल्मों का जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने लंबे समय तक रंगमंच पर काम करने के बाद फिल्मों और वेब सीरीज में अलग पहचान बनाई। वे अपने प्रभावशाली संवाद, सहज अभिनय और मंच पर मजबूत उपस्थिति के लिए जाने जाते हैं। हिंदी फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ-साथ थिएटर में उनका योगदान लगातार सराहा जाता रहा है। 'पुराने चावल' में उनका अभिनय नाटक की भावनात्मक और हास्यपूर्ण प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।
बालाघाट के कलेक्टर मृणाल मीणा ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान बैहर विकासखंड में शैक्षणिक योजनाओं की बेहद कमजोर और धीमी प्रगति सामने आने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक महीने में अपार आईडी का काम पूरा करने का अल्टीमेटम कलेक्ट्रेट में हुई इस बैठक में समग्र आईडी, अपार (APAAR) आईडी, उमंग स्वैप प्रशिक्षण, लैपटॉप वितरण, छात्रवृत्ति, समेकित छात्रवृत्ति योजना, एमपीटीएएएस (MPTAAS) पोर्टल और छात्रावासों की व्यवस्थाओं जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। समीक्षा के बाद कलेक्टर ने सभी विकासखंडों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी एक महीने के भीतर छात्र-छात्राओं की अपार आईडी बनाने का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बैहर बीईओ को सभी लंबित योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। योजनाओं और निर्माण कार्यों का खुद निरीक्षण करें अधिकारी कलेटर मृणाल मीणा ने दो टूक कहा कि शिक्षा और छात्रों से जुड़े कार्यों में लापरवाही बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विकासखंड के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दफ्तरों से निकलकर छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण, समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का खुद मैदानी निरीक्षण करें। अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कामों की गुणवत्ता जांचने और उसकी रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया है। बीआरसी की तैनाती और समय पर डाटा अपडेट करने के सख्त निर्देश बैठक में कलेक्टर ने खैरलांजी सहित सभी विकासखंडों में बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) की अनिवार्य तैनाती पर जोर दिया और कहा कि कोई भी तहसील बिना बीआरसी के नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) स्टेटस को तय समय-सीमा में अपडेट करने में कोई कोताही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जनजातीय कार्य विभाग को पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
समय पर हुई मानसूनी बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। मेनार, रुंडेड़ा, नवानिया, तारावट, खरसान, वाना, इंटाली, शोपुरा सहित राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई के बाद अब किसान निराई-गुड़ाई के कार्यों में जुट गए हैं। पर्याप्त वर्षा के कारण खेतों में सोयाबीन, मक्का, ज्वार, ग्वार और मूंगफली की फसलें तेजी से अंकुरित हो रही हैं, और कई स्थानों पर उनकी बढ़वार भी अच्छी देखी जा रही है। इससे कृषि गतिविधियां बढ़ गई हैं। किसान सुबह से शाम तक अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेतों में काम कर रहे हैं। निराई-गुड़ाई का कार्य कहीं ट्रैक्टर से किया जा रहा है, तो कहीं सामद और अन्य कृषि उपकरणों की मदद से खरपतवार हटाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य फसलों का बेहतर विकास सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, किसान फसलों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए आवश्यक दवाइयों का छिड़काव भी कर रहे हैं।किसान पुष्कर कानावत, राजकुमार कलावत, ओंकारलाल, मदनलाल और प्रकाश जणवा ने बताया कि इस वर्ष मानसून ने समय पर दस्तक दी, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई समय पर पूरी हो सकी। लगातार हुई अच्छी बारिश के कारण फसलों का अंकुरण संतोषजनक रहा है। उनका कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी मानसून अनुकूल रहा, तो इस वर्ष खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की पूरी संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि शुरुआती बारिश के बाद समय पर निराई-गुड़ाई, आवश्यक पोषक तत्वों और दवाइयों का संतुलित उपयोग फसलों की बढ़वार के लिए महत्वपूर्ण है। किसान पूरी सावधानी के साथ खेती के कार्यों में जुटे हुए हैं और बेहतर पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं।
दान के नाम पर 4.93 करोड़ की साइबर ठगी:कानपुर में संगठित गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार
कानपुर के कल्याणपुर में दान और आर्थिक सहयोग दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये के अवैध बैंक लेनदेन कराने वाले संगठित साइबर गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। करीब 4.93 करोड़ रुपये के अवैध बैंक ट्रांजेक्शन के मामले में पुलिस ने एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार शाम करीब 4 बजे पुलिस ने आरोपी को आईआईटी कानपुर के मुख्य गेट से आगे कन्नौज रोड से गिरफ्तार किया। सीतापुर का रहने वाला है आरोपी पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय सौरभ वर्मा के रूप में हुई है। वह सीतापुर के महमूदाबाद का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के मड़ियाव क्षेत्र में रह रहा था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल कल्याणपुर पुलिस ने बताया कि इस मामले में शुभेंद्र प्रकाश मिश्र उर्फ शुभम मिश्रा, राज सिंह और राहुल चौधरी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन आरोपियों से पूछताछ में इमरान, सौरभ वर्मा और सौरभ पांडेय समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। दान दिलाने का झांसा देकर किया करोड़ों का ट्रांजेक्शन मामले की शुरुआत नवशील धाम फेज-2 निवासी आशीष कुमार सिंह की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरोह के सदस्यों ने संस्था के लिए दान और आर्थिक सहयोग दिलाने का भरोसा देकर उन्हें लखनऊ बुलाया। पीड़ित का आरोप है कि वहां उन्हें अवैध रूप से रोककर मानसिक दबाव बनाया गया। इसके बाद संस्था से जुड़े मोबाइल फोन और बैंक खातों पर कब्जा कर करीब 4.93 करोड़ रुपये का अवैध बैंक लेनदेन किया गया। संगठित साइबर नेटवर्क की जांच जारी पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला एक संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा है। गिरोह कथित तौर पर लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते और डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल करता था। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि गिरोह से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस को इस मामले में आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
राजस्थान सरकार द्वारा प्रचलित डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 40 प्रतिशत तक वृद्धि करने की प्रस्तावित योजना का क्रेडाई राजस्थान ने विरोध किया। संगठन ने कहा- यदि बिना विस्तृत सर्वे और वास्तविक बाजार दरों के आकलन के डीएलसी दरों में एक साथ इतनी वृद्धि की जाती है तो इसका सीधा असर आमजन, रियल एस्टेट उद्योग, निवेश और राज्य सरकार के राजस्व पर पड़ेगा। क्रेडाई राजस्थान के चेयरमैन अनुराग शर्मा ने कहा- समाचार पत्रों से जानकारी मिली कि राज्य सरकार डीएलसी दरों में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। जबकि सामान्यतः डीएलसी दरों का निर्धारण जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक बाजार कीमतों का अध्ययन कर किया जाता है। इस बार बिना गुण-दोषों का परीक्षण किए सभी आवासीय, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी की संपत्तियों की डीएलसी दरों में वृद्धि का प्रस्ताव असंगत और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। 2024 से लगातार बढ़ रही डीएलसी दरें अनुराग शर्मा ने बताया- राज्य सरकार ने वर्ष 2024 के बजट में डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि लागू की थी, जो 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी हुई। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को सड़क की चौड़ाई के आधार पर डीएलसी दरों में 10, 15 और 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त वृद्धि की गई। वहीं निर्माण दरों में भी 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा चुकी है। इससे स्टांप ड्यूटी का भार पहले ही काफी बढ़ चुका है। संगठन ने कहा- लगातार बढ़ती डीएलसी दरों का असर केवल रियल एस्टेट कारोबार पर ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। 'रियल एस्टेट उद्योग पर आएगी मंदी' चेयरमैन अनुराग शर्मा ने कहा- वर्तमान में वैश्विक परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण निर्माण लागत पहले से ही बढ़ी हुई है। ऐसे समय यदि बिना ठोस विश्लेषण के डीएलसी दरों में भारी वृद्धि की जाती है तो रियल एस्टेट उद्योग गंभीर मंदी का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा- कृषि के बाद रियल एस्टेट सबसे बड़ा रोजगार देने वाला उद्योग है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 381 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग जुड़े हुए हैं। उद्योग प्रभावित होने से रोजगार के अवसर घटेंगे और राज्य सरकार के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 15 हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य पर भी असर की आशंका अनुराग शर्मा ने बताया- वर्ष 2024-25 में राजस्थान सरकार को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से 10,542 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है। उनका कहना है कि यदि डीएलसी दरें अव्यावहारिक रूप से बढ़ाई गईं तो संपत्ति खरीद-बिक्री प्रभावित होगी और सरकार के लिए यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। शहरी सेवा शिविरों में पट्टे लेना भी होगा महंगा क्रेडाई ने कहा- राज्य सरकार आमजन को राहत देने के उद्देश्य से शहरी सेवा शिविर चला रही है, लेकिन यदि डीएलसी दरें बढ़ती हैं तो इन शिविरों के माध्यम से मिलने वाले पट्टों पर भी अधिक शुल्क देना पड़ेगा। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। 'डीएलसी बढ़ने से आमजन पर बढ़ेगा करों का भार' क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा- डीएलसी दरें अधिकांश करों और शुल्कों का आधार होती हैं। ऐसे में इनके बढ़ने से आमजन को विभिन्न विभागों में अधिक कर और शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि अन्य विकसित राज्यों की तर्ज पर कर व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए। 'जनप्रतिनिधियों की राय के बिना नहीं हो निर्णय' महासचिव आशीष अग्रवाल ने कहा- पूर्व में डीएलसी दरों में संशोधन से पहले क्रेडाई और जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाते थे, जिससे दरें व्यावहारिक रहती थीं। इस बार बिना व्यापक परामर्श के वृद्धि का प्रस्ताव स्थापित परंपराओं के विपरीत है। 'राइजिंग राजस्थान' और बढ़ती लागत में विरोधाभास कार्यकारी अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा- एक ओर राज्य सरकार 'राइजिंग राजस्थान' अभियान के जरिए निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर डीएलसी दरें बढ़ाकर परियोजनाओं की लागत बढ़ाई जा रही है। इससे नए निवेश और रियल एस्टेट परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। रजिस्ट्रेशन शुल्क में संशोधन की मांग वाइस चेयरमैन राजेंद्र सिंह पचार ने कहा- राजस्थान में पहले से ही स्टांप ड्यूटी अधिक है। इसके अलावा संपत्ति मूल्य का 1 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता है, जिसकी पहले अधिकतम सीमा दो लाख रुपए थी, लेकिन अब यह सीमा समाप्त हो चुकी है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में यह व्यवस्था अधिक महंगी है और इसे जनहित में संशोधित किया जाना चाहिए। इसका असर सरकार पर भी पड़ेगा, जहां सरकार का एक विभाग राजस्व करोड़ों में अर्जित करेगा। वहीं सरकार को जब नेशनल हाईवे या अन्य प्रोजक्ट के लिए जमीन लेनी होगी तो महंगी जमीन खरीदनी पड़ेगी। आयकर का भी बढ़ सकता अतिरिक्त बोझ क्रेडाई राजस्थान के प्रवक्ता मदन यादव ने कहा- डीएलसी दरों में वृद्धि होने से संपत्ति खरीदने वाले लोगों को अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी के साथ-साथ कई मामलों में आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी अतिरिक्त कर देना पड़ सकता है। सरकार से विस्तृत सर्वे कराने की मांग क्रेडाई राजस्थान के कोषाध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल ने राज्य सरकार से मांग की कि डीएलसी दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि से पहले सभी क्षेत्रों का वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर विस्तृत सर्वे कराया जाए। जनप्रतिनिधियों और संबंधित हितधारकों से सुझाव लेने के बाद ही नई डीएलसी दरें लागू की जाएं।
लखनऊ में हत्या के प्रयास के 2 मामलों में FIR:पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश में हुआ हमला
लखनऊ में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हत्या के प्रयास के मामले सामने आए हैं। एक मामले में ठाकुरगंज में कुत्ते के बच्चे को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जबकि निगोहां में पुरानी रंजिश के चलते युवक पर रॉड और सरिये से हमला करने का आरोप लगाया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुत्ते के बच्चे को लेकर विवाद, दुपट्टे से गला कसने का आरोप ठाकुरगंज के बरौरा हुसैनबाड़ी निवासी लल्ली मिश्रा ने अपनी जेठानी समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक, उनकी जेठानी सुभाषिनी ने कुत्ते का बच्चा पाल रखा है, जो अक्सर उनके घर के गेट के सामने गंदगी कर देता था। आरोप है कि 6 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे जब उन्होंने कुत्ते को बांधकर रखने की बात कही तो सुभाषिनी गाली-गलौज करने लगी। इसके बाद उसका बेटा सत्यम, पति सत्येंद्र, ससुर रामआसरे और सास सुमन भी मौके पर पहुंच गए और बाल पकड़कर उनकी पिटाई कर दी। पारिवारिक मामला होने के कारण उन्होंने उस समय पुलिस से शिकायत नहीं की। पीड़िता का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे फिर जानबूझकर कुत्ते को उनके गेट के सामने छोड़ दिया गया। शिकायत करने पर सभी आरोपियों ने दोबारा मारपीट की और दुपट्टे से गला कसकर जान से मारने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उनकी जान बच सकी। मारपीट में उन्हें चोटें आईं। सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमबीर चौहान ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुरानी रंजिश में युवक पर रॉड-सरिये से हमला दूसरा मामला निगोहां थाना क्षेत्र का है। गौसनगर निवासी अवधेश कुमार ने गांव के ही सरवन कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अवधेश के अनुसार, उनकी सरवन कुमार से पुरानी रंजिश चल रही है। आरोप है कि कुछ दिन पहले शाम करीब सात बजे वह घर लौट रहे थे। तभी घर के पास पहले से घात लगाए बैठे सरवन, अनिल कुमार, राजाराम लोधी और करन ने उन्हें रोक लिया। गाली-गलौज का विरोध करने पर आरोपियों ने रॉड और सरिये से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को राज्य के पेंशनभोगियों के खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1100 रुपये की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर महीने की 10 तारीख को पेंशन राशि अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों, वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पहल इन वर्गों को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस वर्चुअल कार्यक्रम में कैमूर जिले से जिला पदाधिकारी (डीएम), उप विकास आयुक्त, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) सहित अन्य अधिकारी और लाभार्थी ऑनलाइन जुड़े। कैमूर जिले में कुल 1,66,209 पेंशनभोगियों के खातों में यह राशि भेजी गई है। इनमें मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 93,943 और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के 35,268 लाभार्थी शामिल हैं। कैमूर के जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में विशेष अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए दोहराया कि हर पात्र व्यक्ति को समय पर सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
कैमूर के मोहनिया समेकित जांच चौकी (चेक पोस्ट) पर अवैध वसूली का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिन पहले ही पुलिस की बड़ी कार्रवाई में चार सैप (SAP) जवानों और पांच कथित एंट्री माफियाओं की गिरफ्तारी के बावजूद एक बार फिर ट्रक चालकों से अवैध उगाही का मामला सामने आया है। इस बार मोहनिया पुलिस ने चेक पोस्ट की दक्षिणी लेन से ट्रकों से अवैध वसूली करते एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से वसूली के 2,400 रुपये भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान दुर्गावती थाना क्षेत्र के धनेक्षा गांव निवासी राजवंश शाह के पुत्र राजकिशोर गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह अकेले इस काम में शामिल था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। ट्रक चालकों से कर रहा था अवैध उगाही पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि मोहनिया समेकित जांच चौकी की दक्षिणी लेन पर ट्रक चालकों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और राजकिशोर गुप्ता को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 2,400 रुपए नकद बरामद हुए, जिसे पुलिस अवैध वसूली की राशि मान रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। कुछ दिन पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में कैमूर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इसी समेकित जांच चौकी पर बड़े स्तर पर छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में चार सैप जवानों और पांच कथित एंट्री माफियाओं सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने उनके पास से 57,760 रुपये नकद भी बरामद किए थे। उस कार्रवाई को अवैध वसूली के खिलाफ बड़ी सफलता माना गया था। फिर कैसे शुरू हो गया उगाही का खेल? ताजा गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद चेक पोस्ट पर दोबारा अवैध वसूली कैसे शुरू हो गई। यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर किसके संरक्षण या इशारे पर ट्रक चालकों से फिर से उगाही की जा रही थी। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है और क्या इस अवैध वसूली में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। गिरोह की अन्य कड़ियों की तलाश में पुलिस मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने फोन पर गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल लगातार सामने आ रहे अवैध वसूली के मामलों ने समेकित जांच चौकी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल की बड़ी कार्रवाई के बाद भी उगाही का मामला सामने आने से यह स्पष्ट है कि इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चेक पोस्ट पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
विदिशा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर युवक से मारपीट के मामले में जीआरपी ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का स्टेशन परिसर में जुलूस भी निकाला गया। जीआरपी थाना प्रभारी महेंद्र शाक्य ने बताया कि फरियादी सौरभ तोमर शहर में एक शराब ठेकेदार के यहां काम करते हैं। 8 जुलाई को वह शेरपुरा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की सूचना पर कार्रवाई करने गए थे। इसके बाद कुछ लोगों ने उनसे रंजिश रख ली थी। प्लेटफॉर्म पर घेरकर की मारपीट पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई की रात सौरभ तोमर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मौजूद थे। इसी दौरान चार युवकों ने उन्हें घेरकर मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी के आधार पर हुई गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राकेश उर्फ पावर कुचबंदिया, शैलेन्द्र उर्फ चिंटू और फैसल उर्फ फैजल खान को गिरफ्तार किया। तीनों शेरपुरा के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों का रेलवे स्टेशन परिसर में जुलूस निकाला गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। मामले में शामिल एक नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत नोटिस देकर वैधानिक कार्रवाई की गई है। जीआरपी ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

