पाली में डॉग ने सात लोगों को काटा:मंदिर पूजा करने जा रही वृद्धा से लेकर सफाईकर्मी तक को काटा
पाली में इन दिनों गली-मोहल्लों में डॉग का आंतक है। कई बार शिकायत के बाद भी निगम हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर डॉग को नहीं पकड़ रहा है। इसका नुकसान आमजन को उठाना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह शहर के अम्बेडकर सर्किल के निकट एक डॉग ने छह-सात लोगों को काट कर घायल कर दिया। किसी का हाथ चाब दिया तो किसी का पैर। छुड़ाने आए लोगों पर भी डॉग ने हमला कर दिया। लोगों का आरोप है कि डॉग पागल हो रखा था। जो उधर से गुजर रहे हर व्यक्ति को काटने के लिए दौड़ रहा था। एक घंटे के भीतर डॉग के काटने से घायल हुए लोग हॉस्पिटल पहुंचे तो तुरंत उनका उपचार किया। मंदिर जा रही थी पूजने डॉग ने पैर पकड़ लियापाली शहर के सोमनाथ मंदिर रोड बड़ा बास निवासी 62 साल की सुखीदेवी पत्नी कानाराम पंवार मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर आदर्श नगर पूजा करने जा रही थी। अम्बेडकर सर्किल के निकट डॉग ने उनके पैर पर काट लिया। उनके चिल्लाने की आवाज सूनकर लोग बचाने दौड़े तो डॉग ने उन पर भी हमला दिया। काफी मुशिकल से डॉग क चंगुल से उन्हें बचाया गया। और इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचाया। दुकान का सामान लेकर पैदल जा रहा था, तभी डॉग ने हमला कियाबुधवार को आदर्श नगर में शीतला माता का मेला भरेगा। इसको लेकर मंगलवार सुबह पाली के हिम्मत नगर बी में रहने वाले 42 वर्षीय कानदास पुत्र मथुरादास अपनी अस्थाई शॉप लगाने के लिए सामान लेकर पैदल अम्बेडकर सर्किल से आदर्श नगर की तरफ जा रहे थे। इस दौरान डॉग ने उन पर हमला कर दिया और उनके हाथ पर काट लिया। उन्होंने काफी प्रयास किए लेकिन डॉग उन्हें छोड़ने का नाम तक नहीं ले रहा था। ऐसे में उधर से गुजर रहे लोगों ने उन्हे डॉग के चंगुल से छुड़ाया। सफाई करते समय डॉग ने काटापाली शहर के अम्बेडकर सर्किल के निकट मंगलवार सुबह सफाई कर रहे बापूनगर विस्तार निवासी अनिल पुत्र श्यामलाल वाल्मीकि, श्रवण सहित छह-सात लोगों को डॉग ने काटा। जो इलाज करवाने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे।
कोठीबाजार में 40 दुकानदारों पर कार्रवाई:बैतूल में सड़क घेरकर दुकान चलाने पर केस दर्ज
बैतूल शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोतवाली पुलिस ने सोमवार देर रात कोठी बाजार क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान सड़क पर दुकान का सामान फैलाकर रास्ता बाधित करने वाले करीब 40 दुकानदारों के खिलाफ मध्यप्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 34 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। थाना चौक से बस स्टैंड तक हुआ निरीक्षणपुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया ने पुलिस बल के साथ कोठी बाजार में थाना चौक से बस स्टैंड तक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानदार अपनी दुकानों का सामान सड़क तक फैलाकर रखते पाए गए, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दुकानदार अपना सामान दुकान की सीमा के भीतर ही रखें और सड़क पर सामान या बोर्ड रखकर रास्ता बाधित न करें। अतिक्रमण पर होगी कार्रवाईएसपी ने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी व्यक्ति सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात में बाधा उत्पन्न करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार ऊपर जा रहा है, जिससे दिन के समय तेज गर्मी महसूस होने लगी है। हालांकि पिछले 24 घंटे में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। दिन के समय धूप तेज रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क रहने की संभावना है और फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की कमी पिछले 24 घंटे के तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन न्यूनतम तापमान में करीब एक डिग्री की कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पूर्व 48 घंटे पहले अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यानी दिन का तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है, जबकि रात के तापमान में थोड़ी कमी आई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के महीने में तापमान का 40 डिग्री तक पहुंचना सामान्य बात नहीं है। अमूमन मार्च में तापमान में इतना उछाल नहीं होता हैं। एक हफ्ते तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। अगले करीब एक सप्ताह तक जिले में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। साफ मौसम और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मंगलवार को भी तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। मौसम साफ रहने के कारण सुबह से ही धूप तेज हो जाती है और दोपहर तक गर्मी का असर काफी बढ़ जाता है। खेतों में काम करने वाले किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। खासकर दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मिल सकती है हल्की राहत मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि 11 और 12 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इस सिस्टम का असर राजस्थान के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। इसके कारण तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में करीब दो से तीन डिग्री तक की कमी दर्ज हो सकती है। हालांकि इससे बहुत ज्यादा ठंडक तो नहीं आएगी, लेकिन लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है।
रबी-2026: सरसों और चना की एमएसपी खरीद 25 मार्च से:15 मार्च से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
रबी-2026 सीजन में किसानों से सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि भारत सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद राजफेड के माध्यम से प्रदेश में जल्द ही खरीद शुरू की जाएगी। मंत्री ने बताया कि कोटा, अजमेर, भरतपुर और श्रीगंगानगर क्षेत्रीय कार्यालयों में किसानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 15 मार्च से शुरू होगा, जबकि 25 मार्च से खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर क्षेत्रीय कार्यालयों में 20 मार्च से रजिस्ट्रेशन और 1 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। MSP दरें और खरीद लक्ष्य भारत सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल और चना का 5,875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन और चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है। एजेंसियां करेंगी खरीद प्रदेश के अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और कोटा क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ और जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर व भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नैफेड द्वारा खरीद करवाई जाएगी। ऐसे कर सकेंगे किसान पंजीकरण सरसों और चना बेचने के इच्छुक किसान क्यूआर कोड स्कैन कर या ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। खरीद के समय किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान अनिवार्य होगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ को 60 दिनों की अवधि में खरीद पूरी करनी होगी। किसानों को दी सलाह सहकारिता मंत्री ने राजफेड को खरीद केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे एफएक्यू गुणवत्ता मानकों के अनुरूप साफ और छनी हुई फसल ही खरीद केंद्रों पर लाएं, ताकि बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसानों की सहायता के लिए राजफेड कॉल सेंटर (18001806001) भी स्थापित किया गया है, जहां से खरीद से संबंधित जानकारी ली जा सकती है। क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत जिले जयपुर: जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, सीकर, टोंक, झुंझुनूं उदयपुर: उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ भरतपुर: भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर अजमेर: अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर, कुचामन-डीडवाना जोधपुर: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, जालोर, बालोतरा, फलौदी बीकानेर: बीकानेर, चूरू कोटा: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
गाजीपुर में खेत में गिरा 11 हजार वोल्ट का तार:मटर तोड़ रही महिलाओं और बच्चियों ने भागकर बचाई जान
गाजीपुर के सदर ब्लॉक स्थित तलवल ग्राम सभा में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। तलवल गांव निवासी फेकन बिंद के खेत में सुबह करीब 8 बजे 11 हजार वोल्ट का हाई वोल्टेज तार अचानक टूटकर गिर गया। उस समय खेत में कुछ महिलाएं और बच्चियां मटर तोड़ रही थीं। तार गिरने की तेज आवाज सुनकर वहां मौजूद महिलाएं और बच्चियां घबराकर दूर भागीं। गनीमत रही कि कोई भी तार की चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। बाद में विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर टूटे हुए तार को ठीक किया और बिजली आपूर्ति बहाल की। ग्रामीणों का कहना है कि यह 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन करीब 10 मकानों के ऊपर से गुजरती है, जिससे हमेशा खतरा बना रहता है। लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी बिजली विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द सुरक्षित व्यवस्था करने की मांग की है।
लुधियाना में 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी:बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड मौके पर
लुधियाना में 3 स्कूल को मिली आज सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली जिससे स्कूल प्रशासन और स्कूल स्टाफ में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार स्कूल प्रबंधन को यह धमकी आज सुबह ईमेल के जरिए प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही लुधियाना पुलिस बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड तुरंत मौके पर पहुंच गए एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर को खाली करवाया जा रहा है और पुलिस चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रही है। स्कूल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। जैसे ही खबर फैली, घबराए हुए माता-पिता अपने बच्चों को लेने स्कूल पहुँचने लगे। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। साइबर सेल की मदद से ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक किया जा रहा है ताकि शरारती तत्वों का पता लगाया जा सके। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। साइबर सेल की जांच जारी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश। पंजाब में पिछले कुछ समय में कई स्कूलों को इस तरह की फर्जी ईमेल के जरिए डराने की कोशिशें की गई हैं जिसे देखते हुए जांच को तेज कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ओर सरकार खुद को गंभीर बताती है, वहीं रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी दोषी कर्मचारियों को बचाने में लगे हुए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह विचार करने का विषय है कि क्या राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी दोषी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर निजी व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी राज्य के हितों की रक्षा करने के बजाय दोषी अधिकारियों को बचाने में अधिक रुचि ले रहे हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ में हुई। यह सुनवाई मध्य प्रदेश शासन बनाम अमर सिंह व अन्य प्रकरण में की गई। जांच के आदेश के बावजूद रिकॉर्ड पेश नहीं सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अधिकारी अजय देव शर्मा के खिलाफ 8 फरवरी 2026 को विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को जांच अधिकारी और प्रस्तुतिकरण अधिकारी की भी नियुक्ति कर दी गई थी। हालांकि कोर्ट ने पाया कि इन आदेशों के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन ने अपने शपथ पत्र के साथ इन आदेशों की प्रति पेश नहीं की। इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति चौंकाने वाली है और इस पर राज्य के मुख्य सचिव को विचार करना होगा। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि वे आदेश की प्रति के साथ अपना शपथ पत्र 10 मार्च तक कोर्ट में पेश करें। यह है पूरा मामला मामला दौनारपुर में उद्योग विभाग की जमीन से जुड़ा है। इस जमीन को लेकर डिक्री हो गई थी, जिसमें उद्योग विभाग केस हार गया था। बाद में विभाग ने डिक्री के खिलाफ अपील दायर की, लेकिन उसमें ऐसे व्यक्ति को प्रतिवादी बना दिया गया, जिनका पहले ही निधन हो चुका था। इसी मामले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
यूपी बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से:मोबाइल प्रतिबंधित, डिजिटल सूचना साझा करने पर होगी FIR
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से प्रारंभ होगा। जौनपुर में, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार ने मूल्यांकन केंद्रों के निर्धारण के साथ-साथ प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से केंद्रों पर विशेष डिजिटल प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इस वर्ष मूल्यांकन केंद्र के भीतर मोबाइल फोन या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने फोन मुख्य द्वार पर टोकन प्रणाली के तहत जमा कराने होंगे। यदि कोई शिक्षक मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित पाया जाता है या अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतता है, तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मूल्यांकन कार्य की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। किसी भी जानकारी को मौखिक, लिखित अथवा सोशल मीडिया (डिजिटल) प्लेटफॉर्म पर साझा करना अपराध माना जाएगा, और ऐसा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। डीआईओएस ने निर्देश दिए हैं कि गणित और विज्ञान जैसे विषयों में परीक्षार्थियों को 'स्टेप मार्किंग' का लाभ दिया जाए। इसका तात्पर्य है कि यदि पूरा प्रश्न सही नहीं है, तब भी सही किए गए चरणों के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार, भाषा संबंधी त्रुटियों पर केवल भाषा के विषयों में ही अंक काटे जाएंगे। अन्य विषयों में परीक्षकों को उदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए कहा गया है। मूल्यांकन कार्य में संलग्न शिक्षकों के लिए यह भी निर्देश दिया गया है कि उनका पारिश्रमिक कार्य संपन्न होने के 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अटेली थाना क्षेत्र के गांव बजाड़ से एक 19 वर्षीय युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में युवती के पिता की शिकायत पर अटेली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव बजाड़ निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री (उम्र 19 वर्ष) 9 मार्च 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई। काफी देर तक घर वापस न आने पर परिजनों ने उसकी आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लग पाया। एक युवक पर शक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें शक है कि गांव चन्दपुरा निवासी मनोज उनकी पुत्री को जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। उन्होंने पुलिस से अपनी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढने की गुहार लगाई है। तलाश शुरू की पुलिस को दी जानकारी के अनुसार लापता युवती का रंग गोरा, चेहरा लंबोतरा और कद करीब 5 फुट 5 इंच बताया गया है। शिकायत मिलने के बाद अटेली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी है।
साहिबगंज में पीपल के पेड़ से टकराई बाइक:दो युवकों की मौत; एक की बुधवार को थी सगाई, घर में पसरा मातम
साहिबगंज में सोमवार देर रात तेज रफ्तार का कहर दो युवकों की जिंदगी पर भारी पड़ गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शोभनपुर मठिया स्थित डेरा पीपल पेड़ के पास रात करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सीधे पीपल के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही महादेवगंज गश्ती दल मौके पर पहुंचा और दोनों घायलों को तत्काल उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दो परिवारों के चिराग बुझ गए, इलाके में पसरा सन्नाटा मृतकों की पहचान तालबन्ना निवासी सनोज कुमार यादव और शोभापुर भट्ठा निवासी बादल यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक मोटरसाइकिल से साहिबगंज से महादेवगंज की ओर जा रहे थे। इसी दौरान शोभनपुर मठिया के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पीपल के पेड़ से जा टकराई। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वहां से गुजर रही पुलिस गश्ती टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को अस्पताल पहुंचाया और उनके परिजनों को सूचना दी। मंगलवार सुबह पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया पूरी की। इस दर्दनाक हादसे ने दोनों परिवारों के चिराग एक साथ बुझा दिए, जिससे गांव और आसपास के इलाके में गहरा सन्नाटा छा गया। जिस घर में बजनी थी शहनाई, वहां पसरा मातम इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह है कि मृतक सनोज कुमार यादव के घर में खुशियों की तैयारियां चल रही थीं। परिजनों के अनुसार सनोज का बुधवार को छेका (सगाई) होने वाला था और घर में शादी की चर्चा व तैयारियों का माहौल था। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पिता राजकुमार यादव ने नम आंखों से बताया कि बेटे की सगाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शहनाई गूंजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। भोज से लौटते समय हुआ हादसा, पुलिस कर रही जांच परिजनों के अनुसार दोनों युवक किसी भोज से लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद से दोनों परिवारों के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हो गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पंजाब विधानसभा में बजट सत्र का आज चौथा दिन है। आज भी राज्यपाल के अभिभाषण व बजट पर चर्चा जारी रहेगी। बजट सत्र के पहले दिन से सत्ता पक्ष व विपक्ष में तनातनी चलती रही। चौथे दिन यानि आज भी सरकार व विपक्ष में हंगामा होने के आसार हैं। विधानसभा की कार्रवाई 10 बजे से शुरू होगी और पूरे दिन चलेगी। सोमवार को विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखा लेकिन जैसे ही मुख्यमत्री का भाषण शुरु हुआ तो विपक्ष ने वाॅकआउट कर दिया। विपक्ष के सदन से वाॅकआउट करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रसे व अकाली दल को जमकर लताड़ा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के चार साल का लेखा जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनकी सरकार ने महत्वपूर्ण काम किए और उसका रिजल्ट अब दिखने लगा है। सोमवार को विधानसभा में हुआ घटना क्रम, सिलसिलेवार जानिए… AAP विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी ने कहा कि विधायकों के पीए का वेतन बढ़ाया जाए। इन्हें 10 हजार रुपए मिलते हैं। सीएम ने कहा कि 20 मार्च को जमशेदपुर के बाद लुधियाना में दूसरी सबसे बड़ी TATA साइकिल वैली का उद्घाटन कर रहा हूं। इस पर 3200 करोड़ खर्च होंगे। जिसमें 2 हजार नौकियां सीधे मिलेंगी। CM मान ने कहा- 90% घरों को बिजली फ्री दे रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि 600 यूनिट बिजली फ्री है, खेतों वाली भी फ्री है। बिजली बोर्ड का कर्जा भी खत्म किया और अब 70 पैसे से डेढ़ रुपए तक बिजली सस्ती कर दी है। CM मान ने कहा कि AI भी इंसानी दिमाग से हार सकता है। मैंने भी खूब बहस की, बाद में AI ने कहा कि मैं मशीन हूं। मौजूदा वक्त कंप्यूटर से मुकाबले का है। BJP के विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा- मुकेरियां में अरोड़ा लड़का है, उसे नशे की आदत थी। 11 महीने बाद उसकी होशियारपुर से बेल हुई। वह घर आ गया लेकिन पुलिस को पता नहीं चला। एक महीने बाद होशियारपुर में वह तारीख भुगतने के लिए गया। जब वह घर वापस आ रहा था तो 2 घंटे बाद मुकेरियां पुलिस ने उसे फिर उठा लिया और 1 हजार गोलियां डालकर नया केस बना दिया। अकाली दल के MLA मनप्रीत अयाली ने कहा- हमारे सांसद भाई अमृतपाल सिंह पर अजनाला में केस दर्ज हुआ। उन पर कानून हाथ में लेने का पर्चा हो गया। 3 साल हो गए, उन पर NSA लग गई है। उनके साथियों से NSA हटा ली गई लेकिन जमानत का विरोध किया जा रहा है। जब वोट डालकर शपथ ले ली, तो फिर अमृतपाल को संसद में क्यों नहीं बोलने दिया जा रहा। आज भी सरकार द्वारा सिखों को गुलामी का अहसास कराया जा रहा है। 6 मार्च से 9 मार्च 2026 तक बजट सत्र के 10 अहम बिंदु - 6 मार्च को विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण दिया। - राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार ने औद्योगिक निवेश, रोजगार और शिक्षा सुधार को मुख्य प्राथमिकता बताया। - विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था और राज्य के बढ़ते कर्ज पर सरकार को घेरा। -8 मार्च: वित्त मंत्री हरपाल चीामा ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। - बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े प्रावधान घोषित किए गए। - सरकार ने पंजाब को निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजनाओं का जिक्र किया। - बजट पेश होने के बाद विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा शुरू हुई। -9 मार्च राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई। - बहस के दौरान विपक्ष ने नशा, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार पर सवाल उठाए। - मुख्यमंत्री भगवंत मान और सरकार के मंत्रियों ने सरकारी योजनाओं और बजट प्रावधानों का बचाव करते हुए जवाब दिया। 6 मार्च से 9 मार्च बजट सत्र में विपक्ष की 10 प्रमुख गतिविधियां - 6 मार्च को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर नारेबाजी की। - विपक्षी दलों ने पंजाब पर बढ़ते कर्ज और वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। - कई विपक्षी विधायकों ने किसानों की आय, फसल मुआवजा और मंडियों की व्यवस्था पर सरकार को घेरा। - विपक्ष ने विधानसभा के अंदर कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर गतिविधियों पर चर्चा की मांग की। विपक्षी नेताओं ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की। - कुछ विपक्षी विधायकों ने नशा तस्करी और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। -8 मार्च को वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने बजट को “दिशाहीन” और “घोषणाओं का बजट” बताया। - विपक्ष ने कहा कि बजट में किसानों, व्यापारियों और उद्योग के लिए पर्याप्त राहत नहीं है। - 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार के चार साल के कामकाज पर सवाल उठाए। - विपक्ष ने सरकार पर कर्ज बढ़ाने, कानून-व्यवस्था बिगड़ने और वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान वाॅकआउट कर दिया।
शहर को सुंदर बनाने और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए करोड़ों की लागत से डिवाइडर बनाए गए थे, लेकिन आज यही डिवाइडर शहरवासियों के लिए 'ब्लैक स्पॉट' बन चुके हैं। मुख्य सड़कों पर लगी लोहे की रेलिंग अब टूटकर बाहर की ओर निकल रही है, जो किसी भी समय किसी बाइक सवार या राहगीर के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। नगर परिषद और प्रशासन की अनदेखी का आलम यह है कि शिकायत के बावजूद समाधान के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। झुंझुनूं की मुख्य सड़कों पर लगी लोहे की रेलिंग जगह-जगह से टूटकर बाहर की ओर निकली हुई है, जो सड़कों पर चल रहे बाइक सवारों और राहगीरों के लिए किसी मौत से कम नहीं है। शहर में एक दर्जन से अधिक जगहों पर डिवाइडरों पर लगी रैलिंग टूट कर सड़क पर आ रही हैं। कहीं डिवाइडरों पर लगे पौधे बाहर आ रहे। यह लापरवाही किसी के घर का चिराग बुझा सकती है वाहन चालकों के लिए खतरा बनी रेलिंग रोड नंबर दो, चूरू बाइपास इलाका, मण्डावा मोड़ से केंद्रीय विद्यालय का इलाका, पुलिस कंट्रोल रूम के आसपास रेलिंग टूटकर सड़क पर आ गई है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व बाइक सवारों के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है। अचानक सामने आई रेलिंग से बचने के लिए जब चालक ब्रेक लगाता है या साइड बदलता है, तो पीछे से आ रहा वाहन उसे अपनी चपेट में ले लेता है। झाड़ियों ने घेरी आधी सड़क मण्डावा मोड़ से चूरू बाइपास सर्किल तक डिवाइडरों पर लगे पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पौधे अब झाड़ियों का रूप ले चुके हैं और सड़क की सीमा से बाहर निकल आए हैं। जरा सी नजर हटी और दुर्घटना घटी—यहां यही आलम है। हर मोड़ पर मौत का साया शहर की लगभग हर मुख्य सड़क पर हर थोड़ी दूर में रेलिंग या तो अंदर की तरफ गिरी है या सड़क पर मौत बनकर झूल रही है। टूटी हुई रेलिंग अचानक दिखने पर वाहन चालक अनियंत्रित हो रहे हैं। आए दिन वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और लोग घायल होकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।
सहारनपुर के थाना जनकपुरी क्षेत्र में बीती देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यह हादसा अंबेडकर चौक पर रात करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब दो तेज रफ्तार ट्रक आमने-सामने से आकर भीषण टक्कर का शिकार हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इलाके में तेज धमाके की आवाज गूंज उठी और आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। जानकारी के मुताबिक, एक ट्रक जिला अस्पताल की ओर से नवाबगंज चौक की तरफ जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक नवाबगंज चौक की ओर से आ रहा था। जैसे ही दोनों ट्रक अंबेडकर चौक के पास पहुंचे, अचानक आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नवाबगंज की ओर से आ रहा ट्रक नियंत्रण खो बैठा और घूमते हुए सड़क किनारे स्थित एक कार सेल-परचेस की दुकान में जा घुसा। ट्रक के दुकान में घुसने से वहां खड़ी तीन कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा दुकान के अंदर रखा काफी सामान भी टूटकर बिखर गया। हादसे के बाद दुकान में भारी नुकसान की बात सामने आ रही है। वहीं दोनों ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। नवाबगंज की ओर से आ रहे ट्रक में हार्डवेयर का सामान भरा हुआ था, जबकि दूसरी ओर से आ रहे ट्रक में तरबूज लदे हुए थे। टक्कर के बाद तरबूज से भरा ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक ट्रक के केबिन में ही फंस गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और चालक को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद चालक को ट्रक के अंदर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं दूसरे ट्रक का चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर जनकपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
गुरुग्राम जिले में आज एक बार फिर बड़े प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई, जिसमें स्कूल भवनों में बम लगाए जाने की चेतावनी दी गई है। सुबह स्कूल खुलते ही कई बड़े स्कूलों के प्रबंधन को एक साथ यह धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसके बाद तुरंत हड़कंप मच गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। प्रभावित स्कूलों में छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित निकाला जा रहा है, जबकि कई स्कूलों में कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं। पुलिस के मुताबिक धमकी की गंभीरता को देखते हुए सभी स्कूलों में गहन तलाशी अभियान शुरु किया जा रहा है। अब तक किसी संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। परिजनों से शांत रहने की अपील पिछले कुछ महीनों में गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में ऐसी धमकियां बार-बार मिल रही हैं, जिनमें से ज्यादातर बाद में hoax साबित हुईं। प्रशासन ने अभिभावकों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और साइबर टीम ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
अलवर के बड़ौदामेव कस्बे में बंदरों के हमले से घबराकर एक महिला को अपनी जान बचाने के लिए छत से कूद गई। जिससे उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम जोगी मोहल्ला निवासी मुकेश कुमार योगी की पत्नी धारा योगी घर की छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों का एक झुंड छत पर आ गया और महिला के पीछे पड़ गया। बंदरों से बचने के लिए महिला घबराकर छत से नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरने से महिला के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। बताया गया है कि 3 दिसंबर 2025 को कस्बे के निजी स्कूल संचालकों ने भी इस समस्या को लेकर बड़ौदामेव नगर पालिका के ईओ को ज्ञापन सौंपकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की थी। निजी शिक्षण संस्थान संघ बड़ौदामेव के अध्यक्ष नरेंद्र मीणा ने कहा कि कस्बे में बंदरों का आतंक अधिक है। बंदरों को पकड़वाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय निवासी रवि खान- ने कहा कि कस्बे में बंदरों के झुंड बाजार और रिहायशी इलाकों में लोगों पर हमला कर रहे हैं और अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं। नगर पालिका बड़ौदामेव की ईओ रेखा गुर्जर का कहना है कि बंदरों को पकड़वाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। वर्क ऑर्डर जारी कर टीम को काम सौंप दिया जाएगा और जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
लखनऊ में सुबह के समय आसमान में धूल और नमी के चलते धुंध छाई रही । इस बीच तेज चटक धूप भी निकली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री रहा। यह सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 7.6 डिग्री अधिक रहा। इसके चलते वार्म नाइट के हालात बने हुए हैं। अधिकतम आर्द्रता 87 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 42 फीसदी रही। अभी और बढ़ेगा पारा मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बिहार से मराठवाडा तक जा रही मौसम द्रोणी के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में सुबह हल्के कोहरे के साथ दिन में धुंध का असर रहेगा। 3-4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 2C की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। पूर्वांचल के कुछ भागों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश भाग में तापमान सामान्य से 4-8C अधिक बना रहने से मौसम अत्यधिक गर्म रहने की संभावना है। इसके बाद 14 मार्च से लखनऊ समेत प्रदेश के तापमान में गिरावट आने और 15 मार्च से प्रदेश के तराई इलाकों के साथ-साथ पूर्वांचल के कुछ भागों में इस सीजन में पहली बार बारिश वर्षा होने की संभावना बन रही है।
अशोकनगर जिले में किसानों की उपार्जित फसल के परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस परिवहन कंपनी के कामकाज पर पिछले साल सवाल उठे थे और जिसे ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई थी, उसी कंपनी को इस बार फिर फसल परिवहन का टेंडर दे दिया गया है। इस मामले में खाद्य विभाग ने भी आपत्ति जताई है। पिछले साल काम पर उठे थे सवालउपार्जन केंद्रों पर किसानों से खरीदी गई फसलों को गोदामों और अन्य निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए परिवहन कंपनियों की सेवाएं ली जाती हैं। पिछले वर्ष परिवहन व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की थी। अरुणा ट्रांसपोर्ट पर लगी थी आपत्तिजानकारी के अनुसार विदिशा की अरुणा ट्रांसपोर्ट कंपनी ने पिछले साल काम सही तरीके से नहीं किया था। इस वजह से संबंधित विभाग की ओर से कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए पत्र भी भेजा गया था। इसके बावजूद इस साल जारी किए गए नए टेंडर में उसी कंपनी को फसल परिवहन का काम दे दिया गया। खाद्य विभाग ने जताई आपत्तिखाद्य विभाग की अधिकारी प्राची शर्मा ने बताया कि पिछले साल अरुणा ट्रांसपोर्ट कंपनी का काम संतोषजनक नहीं था, इसलिए उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए लिखा गया था। उन्होंने बताया कि इस विषय को हाल ही में हुई एक बैठक में भी उठाया गया था। वहीं एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड के जिला अधिकारी अशोक सिंह राजपूत का कहना है कि विभाग ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की थी, जिसमें उक्त कंपनी का नाम सामने आया। उनका कहना है कि अगर कंपनी काम सही तरीके से नहीं करती है तो विभाग के पास अन्य कंपनियों के माध्यम से काम कराने का विकल्प मौजूद है। फिर क्यों दिया गया मौका?हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस कंपनी की कार्यप्रणाली पर पहले ही सवाल उठ चुके थे और जिसे एक साल पहले ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई थी, उसे दोबारा मौका क्यों दिया गया। आशंका यह भी जताई जा रही है कि अगर कंपनी ने इस बार भी ठीक से काम नहीं किया तो उपार्जन सीजन के बीच किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भारत मंडपम में आहार 2026 का करेंगे उद्घाटन
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मंगलवार को भारत मंडपम में खाद्य और आतिथ्य उद्योग के लिए दुनिया के प्रमुख बी2बी व्यापार मंचों में से एक, आहार 2026 के 40वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।
दुर्ग जिले के समोदा और झेनझरी गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत अफीम के पौधे उखाड़ लिए गए हैं। पुलिस ने 4 ट्रैक्टर फसल जब्त किया है। अब इसे नष्ट करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में पर्यावरण विभाग से अनुमति मांगी गई है, परमिशन मिलते ही अफीम के पौधे को नष्ट कर दिया जाएगा। मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का है। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर लगी अफीम की फसल को पूरी तरह उखाड़ दिया है, जिनका कुल वजन लगभग 62 हजार किलो है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ 88 लाख रुपए आंकी गई है। फसल को चार ट्रैक्टर में भरकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि अफीम के खेत की सुरक्षा के लिए शिवनाथ नदी की ओर लगी फेंसिंग में गेट के पास करंट वाले तार जोड़े गए थे। इसका मकसद खेत में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को रोकना था। खेत के बाहर सामने की ओर सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। कार्रवाई से जुड़ी ये 5 तस्वीरें देखिए- पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, पुलिस ने 6 मार्च को खेत में रेड मारकर कार्रवाई शुरू की। 10 मार्च तक सभी पौधों को उखाड़कर बोरी में भर लिया गया। बाद में इन्हें ट्रैक्टर में लोड कर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।शुरुआत में खेत की सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग में आए जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। फसल की मात्रा ज्यादा होने पर बुलडोजर लगाया गया। मनरेगा के मजदूरों को भी काम में लगाया गया। करीब 5 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में लगी पूरी अफीम फसल हटाई गई। अनुमति मिलने के बाद पैनल की मौजूदगी में पूरी फसल नष्ट की जाएगी। मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने से लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घर और गोदाम में छापे में अफीम, डोडा बरामद सोमवार को पुलिस ने विनायक ताम्रकार के घर और गोदाम में भी छापा मारा। तलाशी के दौरान 10 ग्राम अफीम, 200 ग्राम खसखस, अफीम के बीज, चीरा लगाने वाला औजार, 7 बोरी डोडा, एक ट्रैक्टर, एक जेसीबी जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि इनका इस्तेमाल अफीम की खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों में हो रहा था। जमीन मालिक महिलाओं के बयान दर्ज पुलिस जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, वह प्रीतिबाला और मधुमती ताम्रकार के नाम पर दर्ज है। दोनों महिलाएं रिश्ते में विनायक ताम्रकार की बहन बताई जा रही हैं। पुलिस ने दोनों के बयान भी दर्ज किए हैं। महिलाओं ने अफीम की खेती की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विनय ताम्रकार उन्हें खेत में जाने तक नहीं देता था। फिलहाल, पुलिस मामले में फरार आरोपियों तलाश में जुटी हुई है। ……………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 4 साल से 5 एकड़ में अफीम की खेती: दुर्ग फार्महाउस में तैनात रहते थे बाउंसर्स; भाजपा नेता ने डिजिटल सर्वे में गेहूं-मक्का दिखाया छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने अफीम की खेती करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
अमरोहा जनपद के पचोकरा मेहरबान अली गांव में रूबी हत्याकांड के आरोपी नीरज कुमार की जमानत याचिका जिला जज की अदालत ने खारिज कर दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी धीरज कुमार की जमानत के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। यह घटना चार फरवरी को हुई थी, जब रूबी गांव में गुड्डू सिंह के बेटे कोशिंदर के मढ़े की दावत से लौट रही थी। इसी दौरान पड़ोसी राशन डीलर बृजपाल के बेटे धीरज कुमार ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रूबी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था। आरोपी और पीड़ित पक्ष अलग-अलग जाति के होने के कारण दो वर्गों के बीच आक्रोश बढ़ गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को घेरकर हंगामा किया और आरोपी के घर पर तोड़फोड़ भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पांच थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाना पड़ा। एसपी अमित कुमार आनंद और एएसपी अखिलेश भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और हालात काबू में किए। गांव में दिनभर हंगामा जारी रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी धीरज ने रूबी के सीने पर चाकू से छह वार किए थे, और बचाव के दौरान रूबी के हाथों में भी कई घाव आए थे। मृतका के पति नरेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने धीरज कुमार, उसके भाई नीरज, पिता ब्रह्मपाल, माता अनीता और परिचित मनीराम सहित पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी धीरज और उसके भाई नीरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी धीरज और मृतका रूबी के बीच करीब तीन साल से अवैध संबंध थे। पिछले चार महीनों से रूबी उससे बात नहीं कर रही थी, जिससे नाराज होकर धीरज ने इस वारदात को अंजाम दिया। विवेचक इंस्पेक्टर शौकेंद्र बालियान ने बताया कि जिला जज की अदालत ने आरोपी नीरज की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरज की जमानत के लिए अभी तक कोई याचिका दायर नहीं की गई है।
पंजाब सरकार के नशों के खिलाफ अभियान युद्ध नशों के विरुद्ध के तहत, फरीदकोट पुलिस ने एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जिले में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर छापेमारी की। इस अभियान के तहत, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर जिले में चल रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर छापेमारी की। महिमूआणा गांव में अवैध केंद्र का भंडाफोड़ 9 मार्च को, पुलिस को सूचना मिली कि गांव महिमूआणा में एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। डीएसपी (सब-डिवीजन) फरीदकोट तरलोचन सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के लिए डॉ. विश्वदीप गोयल और डॉ. अरशदीप सिंह बराड़ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक टीम गठित की गई थी। 78 युवक बचाए गए, केंद्र सील डॉ. विश्वदीप गोयल ने बताया कि गांव महिमूआणा में अवैध केंद्र चलने की सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर जांच की। जांच के दौरान वहां करीब 78 युवक मौजूद पाए गए। सभी युवकों को वहां से लाकर मेडिकल कॉलेज फरीदकोट में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है और उक्त केंद्र को सील कर दिया गया है। अवैध केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि फरीदकोट पुलिस स्वास्थ्य विभाग और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर अवैध नशा छुड़ाऊ केंद्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों का इलाज केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों में ही करवाएं। पुलिस ने यह भी कहा कि अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सहारनपुर में पुलिस की गोकश बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने से 25 हजार का इनामी बदमाश घायल हो गया। एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा एक जिंदा व दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की है। मामला थाना देवबंद क्षेत्र के गांव मकबरा का है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया, देर रात थाना देवबंद पुलिस टीम गांव बीबीपुर रोड पर चांद कॉलोनी मोड़ के पास संदिग्ध व्यक्ति व वाहनों की चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक गांव मकबरा की ओर से आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें टॉर्च की रोशनी दिखाकर रुकने का इशारा किया। लेकिन पुलिस को देखकर दोनों बदमाश बाइक मोड़कर भागने लगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पढ़िए पूरी खबर अलीगढ़ में डकैती-गैंगरेप कांड में 14 साल बाद फैसला; बबलू मेवाती गैंग के 4 सदस्यों को उम्रकैद, लोकलाज के डर से चोरी में कराई थी FIR अलीगढ़ में 14 साल पहले हुए एक सनसनीखेज डकैती और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (SC-ST एक्ट) तोष कुमार शर्मा की अदालत ने कुख्यात बबलू मेवाती गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से आधी राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। मामला 23 नवंबर 2012 की सुबह करीब 4 बजे सासनी गेट इलाके में हुई थी। एक अनुसूचित जाति का परिवार अपने घर में सो रहा था, तभी बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर से कीमती जेवरात और नकदी लूट ली। वहीं, बदमाशों ने नवविवाहिता के साथ गैंगरेप भी किया। पढ़िए पूरी खबर रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताकर युवती से रिलेशन बनाए; अब वीडियो वायरल करने की दे रहा धमकी वाराणसी में मैट्रोमोनियल साइट पर रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताकर युवती से रिलेशन बनाए। शादी की बात पर युवक मुकर गया। बोला- अगर कोई कार्रवाई मेरे खिलाफ की तो वीडियो वायरल कर दूंगा। युवती ने तहरीर देकर आरोपी युवक प्रणव ठाकुर पर मुकदमा दर्ज कराया है। मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी खबर संभल में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद-दरगाह गिराई जाएगी, कोर्ट ने खाली कराने का आदेश दिया संभल में शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम और उनके भाई पर 2 बीघा सरकारी जमीन कब्जा कर उसपर मस्जिद-दरगाह और घर बनाने का आरोप है। कोर्ट ने जमीन को सरकारी घोषित करते हुए कब्जा हटाने का आदेश दिया है। इसका मतलब घर, मस्जिद-दरगाह तोड़ा जाएगा। शाही इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। इस जमीन की अनुमानित कीमत 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपए बताई जा रही है। आरोप है कि शाही इमाम आफताब हुसैन पुत्र खुर्शीद हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन ने इस जमीन पर पक्का घर, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराया। इस मामले में लेखपाल राहुल धारीवाल ने 24 जून 2025 को रिपोर्ट पेश किया था। जिसके बाद ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से केस कर नोटिस जारी किया गया था। मामला पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव का है। पढ़ें पूरी खबर… आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सपाइयों ने फैलाए आलू, पुलिस बोली- किसान फॉर्च्यूनर से नहीं चलता आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली टोल प्लाजा पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आलू के दामों को लेकर प्रदर्शन किया। गले में आलू की माला पहनकर प्रदर्शन करने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा की लाइन नंबर नौ पर आलू फैला दिए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस से तकरार भी हुई। पुलिस ने कहाकि किसान फॉर्च्यूनर में नहीं चलते हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रवल प्रताप सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता दोपहर करीब एक बजे यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने टोल की लाइन नंबर नौ से गुजर रहे वाहनों को रोक दिया और सड़क पर आलू के कट्टे फैला दिए। इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए। पढ़ें पूरी खबर… आगरा की दीवानी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस फोर्स और बम स्क्वायड मौके पर आगरा जिला कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल में लिखा था कि पूरे कोर्ट परिसर को लंच के बाद बम से उड़ा दिया जाएगा। धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एसएसएफ और बम निरोधक दस्ते ने सोमवार सुबह से ही कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पूरे कोर्ट परिसर की सघन चेकिंग की गई। उन्होंने बताया कि चेकिंग में कुछ नहीं मिला है। पढ़िए पूरी खबर
अजित पवार प्लेन क्रैश: पिंकी माली के परिजनों ने विमान कंपनी के मालिक पर धमकी देने का लगाया आरोप
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच अभी चल ही रही है। इसी बीच अजित पवार के साथ प्लेन क्रैश में मारी गई फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के परिजनों ने विमान कंपनी के मालिक पर गंभीर आरोप लगाया है।
भागलपुर में तेज रफ्तार हाइवा ने सड़क किनारे खड़ी मैजिक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी की मैजिक पलट गई। मौके पर ही ड्राइवर की मौत हो गई। मृतक दीपक कुमार(36) बेगूसराय का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक दीपक सुधा प्लांट से दूध लेकर समस्तीपुर जा रहा था। रास्ते में अचानक गाड़ी खराब हो गई। इस बीच बीच पीछे से आ रही हाइवा ने टक्कर मार दी। संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना नाथनगर थाना क्षेत्र के दोगच्छी बाइपास की है। पुलिस पर मजदूरों की पिटाई का आरोप हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हाइवा ड्राइवर को हिरासत में लिया। मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई। आरोप है कि घटनास्थल के पास से गुजर रहे एक वाहन के ऊपर बैठे मजदूरों की पुलिस ने पिटाई कर दी। जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने कुछ देर के लिए रोड जाम कर दिया। थानाध्यक्ष ने मामला शांत कराया हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। जाम हटाकार यातायात सामान्य कराया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सड़क हादसे में मैजिक चालक की मौत हो गई है। आरोपी ड्राइवर की हिरासत में लिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
ट्राइसिटी में बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक देसी पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान डडूमाजरा कॉलोनी के रहने वाले मोहित के रूप में हुई है। आरोपी को डीएसपी लक्ष्य पांडेय की सुपरविजन में क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिंदर पटियाल की अगुआई में टीम ने पकड़ा है। आरोपी चंडीगढ़ के नामी प्राइवेट कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में पढ़ रहा है। पुलिस ने कुछ दूरी पर दबोचा जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच की टीम गश्त कर रही थी कि जैसे ही टीम सारंगपुर से आईआरबी कॉम्प्लेक्स जाने वाली मुख्य सड़क पर पहुंची तो एक पैदल युवक आईआरबी कॉम्प्लेक्स की तरफ से सारंगपुर की ओर आता दिखाई दिया। जिस पर पुलिस को शक हुआ और उसे रोकने का इशारा किया गया, लेकिन वह पुलिस को देख कुछ दूरी से ही पीछे मुड़कर भागने लगा। उसे देख पुलिस को उस पर शक हुआ और उसे पकड़ने के लिए उसका पीछा किया और उसे कुछ ही दूरी पर जाकर पकड़ लिया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक देसी पिस्टल और मैगजीन मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पहले से दो आपराधिक केस दर्ज पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस स्टेशन 39 में बीएनएस की धाराओं 118(1), 126(2) और 351(2) और पुलिस स्टेशन मलोया में आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत एफआईआर दर्ज है। आखिर कहां देना था वारदात को अंजाम आरोपी चंडीगढ़ के एक नामी प्राइवेट कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। उसके साथ कॉलेज में कौन-कौन रहता है और कॉलेज के बाद आरोपी किस-किस के संपर्क में रहा, उनका भी पुलिस पता लगा रही है और कि कहीं वे भी इसके साथ आपराधिक वारदातों में शामिल हैं या नहीं। इसके अलावा आरोपी से देसी पिस्टल कहां से खरीदी, उसका पता लगाकर पुलिस वहां पर जल्द रेड करेगी। आरोपी ने पिस्टल के साथ किस वारदात को अंजाम देना था, इसका अभी खुलासा नहीं किया है।
भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। मामला भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन में कथित फर्जी सेल डीड से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को एफआईआर के दिए थे निर्देश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक को एसआईटी गठित करने का आदेश भी दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पर जताई आपत्ति सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार का जवाब आने से पहले इस तरह का अंतरिम आदेश आवश्यक नहीं था। कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए कड़े निर्देश पहली नजर में उचित नहीं लगते। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने रखा पक्ष सुप्रीम कोर्ट में आरिफ मसूद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने सरकार का पक्ष आए बिना ही एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने का आदेश दिया, जो उचित नहीं है। हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर मेरिट के आधार पर होगा फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए सभी पक्ष जल्द से जल्द अपनी दलीलें पूरी करें। इसके बाद हाईकोर्ट मामले में मेरिट के आधार पर निर्णय लेगा। कॉलेज की मान्यता निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचे थे मसूद दरअसल, मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने जांच के बाद 9 जून 2025 को भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया।
सीमावर्ती पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत एयर डिफेंस ब्रिगेड ने एक उच्च तीव्रता वाला 'फील्ड फायरिंग' युद्धाभ्यास संपन्न किया। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आयोजित इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए हवाई खतरों, विशेषकर स्वायत्त (Autonomous) और स्वार्म ड्रोन्स (झुंड में हमला करने वाले ड्रोन्स) के खिलाफ अपनी सटीक मारक क्षमता को परखना था। ड्रोन और स्वार्म हमलों पर विशेष प्रहार आज के दौर में युद्ध का तरीका बदल चुका है। अब आमने-सामने की जंग के बजाय 'ड्रोन' और 'स्वार्म ड्रोन' (दर्जनों ड्रोन्स का झुंड) के हमले बढ़ गए हैं। पोकरण में हुए इस युद्धाभ्यास में सेना ने विशेष रूप से इन्ही खतरों से निपटने की तैयारी की। अभ्यास के दौरान जब काल्पनिक दुश्मन के ड्रोन्स ने भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, तो एयर डिफेंस की यूनिट्स ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया और फिर अपनी तोपों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें मार गिराया। आधुनिक तकनीक का सफल समावेश युद्ध के मैदान में अब ड्रोन्स और रिमोट संचालित हथियारों का महत्व बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने इस युद्धाभ्यास में ‘त्वरित तकनीक समावेशन’ पर विशेष बल दिया। अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक रडार प्रणालियों और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स के बीच सटीक समन्वय का प्रदर्शन किया गया। सैनिकों ने बिजली की तेजी से कार्य करने वाली 'बैटल ड्रिल्स' के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी हवाई खतरे को पलक झपकते ही नष्ट किया जा सके। अभ्यास में शामिल आधुनिक हथियारों का जखीरा पोकरण की तपती रेत में आयोजित इस युद्धाभ्यास के दौरान कई घातक प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, जो 'आर्मी एयर डिफेंस' की रीढ़ मानी जाती हैं: स्वचालित विमान भेदी तोपें (Anti-Aircraft Guns): वीडियो और तस्वीरों में सेना की 'L-70' जैसी उन्नत गन प्रणालियों को तैनात देखा गया। ये तोपें न केवल लड़ाकू विमानों, बल्कि अब आधुनिक युग के सबसे बड़े खतरे यानी 'ड्रोन' को भी गिराने में सक्षम हैं। इनकी विशेषता यह है कि इन्हें रडार के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे ये रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाती हैं। रडार और सर्विलांस सिस्टम: अभ्यास के दौरान उन्नत रडार सिस्टम का उपयोग किया गया जो कई किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के विमान या छोटे से छोटे ड्रोन की लोकेशन ट्रैक कर लेते हैं। ये रडार 'थर्ड आई' (तीसरी आँख) की तरह काम करते हैं, जो एक साथ कई लक्ष्यों की निगरानी कर सकते हैं। कंट्रोल और मिसाइल कंसोल: सेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने हाई-टेक कंप्यूटर कंसोल के जरिए मिसाइल दागने और लक्ष्यों को भेदने की प्रक्रिया का सफल संचालन किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे स्क्रीन पर लक्ष्य की पहचान होते ही सटीक कमांड के जरिए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया जाता है। L-70 विमानभेदी (एंटी एयरक्राफ्ट) गन प्रणाली L-70 (एल-70) एक उन्नत विमानभेदी (Anti-Aircraft) गन प्रणाली है, जिसे भारतीय सेना ने आधुनिक हवाई खतरों, विशेषकर ड्रोन्स और मिसाइलों से निपटने के लिए व्यापक रूप से अपग्रेड किया है। मूल रूप से स्वीडिश कंपनी बोफोर्स द्वारा विकसित इस 40MM गन को भारत में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा आधुनिक बनाया गया है। L-70 गन की प्रमुख विशेषताएं: अचूक मारक क्षमता: यह गन प्रति मिनट लगभग 240 से 330 राउंड फायर करने में सक्षम है, जो इसे दुश्मन के हवाई हमलों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनाती है।प्रभावी रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 3.5 से 4 किलोमीटर तक है, जहाँ यह ड्रोन्स, हेलीकॉप्टरों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को सटीक निशाना बना सकती है।आधुनिक तकनीक: अपग्रेड के बाद इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, थर्मल इमेजर और लेजर रेंज फाइंडर जैसी तकनीकों को जोड़ा गया है। इससे यह रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट कर सकती है।ड्रोन किलर: हाल के ऑपरेशन्स (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में इसने दुश्मन के ड्रोन्स को गिराने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। इसमें अब ड्रोन जैमर जैसी सॉफ्ट-किल क्षमताएं भी एकीकृत की गई हैं।स्वचालित ट्रैकिंग: यह प्रणाली फ्लाई कैचर रडार और वीडियो ट्रेसिंग सिस्टम से लैस है, जिससे यह कई दिशाओं से आने वाले लक्ष्यों को पहचान कर निशाना साध सकती है। वर्तमान में, भारतीय सेना ने इन गनों को वास्तविक नियंत्रण रेखा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अग्रिम मोर्चों पर तैनात किया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ का माकूल जवाब दिया जा सके। मिशन रेडी रणनीति पर जोर सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि 'मिशन रेडी' (हमेशा तैयार) रहने की एक कड़ी है। जिस तरह से हाल के वैश्विक संघर्षों में हवाई युद्ध का स्वरूप बदला है, भारतीय सेना अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को और अधिक धार दे रही है ताकि देश की सीमाओं और आसमान पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित किया जा सके। इस युद्धाभ्यास ने सेना की उच्च परिचालन तत्परता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है।
दिल्ली के शाहबाद डेरी में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, दो आरोपी गिरफ्तार
राष्ट्रीय राजधानी के आउटर नॉर्थ दिल्ली के शाहबाद डेरी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। इस मुठभेड़ में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गोंडा जिले में आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल 7 वर्षीय दिवंशी का लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। दो दिन के इलाज के बाद उसकी सेहत में कुछ सुधार आया है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना के दो दिन बाद भी धानेपुर नगर पंचायत द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासियों में आवारा कुत्तों को लेकर दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि नगर पंचायत द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। यह घटना बीते 8 मार्च रविवार को हुई थी। धानेपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 गोरथानिया निवासी 7 वर्षीय दिवंशी अपनी दादी के साथ वार्ड में आयोजित एक शादी की पूजा में प्रसाद लेने जा रही थी। रास्ते में आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्ची के हाथ में प्रसाद लेने के लिए एक पन्नी थी, जिसके कारण कुत्तों ने हमला किया। दिवंशी, नान बाबू की बड़ी बेटी है; उनका एक 5 वर्षीय बेटा नितिन भी है। धानेपुर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मंसाराम वर्मा ने बताया कि घटना सामने आने के बाद उन्होंने तत्काल अधिकारियों और कर्मचारियों को आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इन कुत्तों को पकड़कर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। गौरतलब है कि बीते 14 फरवरी को धानेपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 कल्याण नगर निवासी विशुन लाल की 5 वर्षीय पुत्री मुस्कान पर भी आवारा कुत्तों ने हमला कर उसे मार डाला था। इस पिछली घटना के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
भीलवाड़ा के सरदार नगर में बीती रात एक रेडीमेड गारमेंट और टेलरिंग शॉप में अचानक आग लग गई, कुछ ही देर में आग से दुकान में रखा लाखों रुपए मूल्य का रेडीमेड गारमेंट और सिलाई मशीन जलकर राख हो गई।लोगों ने जब दुकान से धुंआ और आग की लपटे निकलते हुए देखी तो पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई,लोगों की ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की।सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब आधे से 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया । रेडीमेड गारमेंट और टेलरिंग शॉप में लगी आग मामला बनेड़ा थाना क्षेत्र के सरदार नगर चौराहे का है,यहां संपत्त कुमावत की प्रदीप टेलर के नाम से रेडीमेड गारमेंट और टेलरिंग की शॉप है,बीती रात करीब 9:45 बजे वो दुकान मंगल कर गांव के लिए रवाना हुआ था,इसी दौरान करीब आधे घंटे बाद उसे सूचना मिली कि उसकी दुकान में आग लग चुकी है,जब वो मौके पर पहुंचा तो आग ने बड़ा रूप ले लिया था। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई मौके पर मौजूद लोगो ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी ओर अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे।कुछ देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया तब तक दुकान में रखा माल ओर मशीन जल कर राख हो गई। दुकान में रखा माल ओर मशीन जली कुमावत ने बताया कि दुकान में जींस,शर्ट, टी शर्ट और रेडीमेड गारमेंट के अलावा टेलरिंग की मशीन ओर मैटेरियल रखा हुआ था जो जलकर राख हो गई।आग लगने से दुकान की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है।पीड़ित के मुताबिक दुकान में लाखों रुपए का माल था तो नष्ट हो गया।प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट आग लगने का कारण माना जा रहा है फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
रेवाड़ी में पिछले 24 घंटे के दौरान जेएनएल में दो युवकों के शव मिले। जिनमें से एक की पहचान प्रवासी श्रमिक के रूप में हुई है। जबकि दूसरे की पहचान क अभी इंतजार है। सदर पुलिस को रविवार को लिसाना के 30 वर्षीय और कसोला पुलिस को डवाना पंप के पास 28 वर्षीय युवक का शव मिला था। सोमवार को मिले शव की पहचान हो चुकी है और पुलिस को अब परिजनों के पहुंचने का इंतजार है। ज्यादा पुराने नहीं थे शव नहर में शव भले ही अलग अलग स्थानों पर मिले हो, परंतु परिस्थितियां लगभग एक समान थी। प्रथम दृष्यता पता चला था कि शव ज्यादा पुराने नहीं थे और करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र से ही बहकर लिसाना और डवाना पंप पर पहुंचे थे। जिससे पुलिस को जल्द पहचान की उम्मीद थी। लिसाना के पास रविवार को मिले शव की दो दिन बाद भी पहचान नहीं हो पाई है। डवाना पंप पर मिले शव के दाहिने हाथ पर रमेश लिखा हुआ था। परिजनों के पहुंचने का इंतजार जांच अधिकारी एसआई पंकज ने बताया कि डवाना पंप पर मिले शव की पहचान हो चुकी है। यूपी-बिहार का रहने वाला है और घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। अभी नहीं हुई पहचान सदर थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि शव मिलने के बाद आसपास के थानों और सरपंचों को फोटो भेज दी थी। अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। जिससे लग रहा है कि मृतक आसपास का रहने वाला नहीं है। अभी एक दिन का समय बचा है। तब तक पहचान का इंतजार करेंगे।
अमेठी में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड लखनऊ द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस की भर्ती परीक्षा 14 व 15 मार्च को जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर होगी। दोनों दिन दो-दो पालियों में कुल 14,400 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिसमें प्रत्येक पाली में 3600 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दोनों दिन दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। प्रत्येक पाली के लिए अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस व प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिले को दो जोन और पांच सेक्टरों में बांटा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ज्ञानेंद्र सिंह को संपूर्ण परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 10 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर, छह हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला सिपाही भी मौजूद रहेंगी। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच और आधार सत्यापन किया जाएगा। उन्हें अपने साथ नीला या काला पेन, पहचान पत्र, प्रवेश पत्र और आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में प्रतिबंधित रहेगा। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहेंगे। एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के पास पर्याप्त पुलिस बल, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद रहेंगी। बस व रेलवे स्टेशनों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी। अभ्यर्थियों के वाहनों की पार्किंग के लिए भी उचित इंतजाम किए गए हैं।
सिद्धार्थनगर के मोहाना चौराहे पर संचालित मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक, आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर दैनिक भास्कर में 26 और 27 फरवरी को प्रकाशित पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में तो आया, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी संस्थान पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दैनिक भास्कर की 26 फरवरी को प्रकाशित पड़ताल में सामने आया था कि मोहाना चौराहे पर संचालित मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में केवल 10 बेड का पंजीकरण है। जबकि वास्तविकता में अस्पताल तीन अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा था। हर इमारत में मरीजों के लिए बेड लगाए गए थे और मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पैथोलॉजी, एक्स-रे और सीआर मशीन से हो रही थी जांच पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया था कि अस्पताल परिसर में पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और सीआर मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है। इन सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति स्पष्ट नहीं थी। इस स्थिति ने अस्पताल के संचालन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए थे। बिना पंजीकरण चल रहे थे पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर इसके अगले दिन 27 फरवरी को दैनिक भास्कर ने मोहाना चौराहे पर संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर भी खुलासा किया था। जांच में सामने आया था कि इन दोनों जांच केंद्रों का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं है, इसके बावजूद यहां मरीजों की जांच और अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। निरीक्षण में दो इमारतों में मिला अस्पताल संचालन खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप जायसवाल, नौदानिक स्थापना के पटल सहायक अभिनव मणि त्रिपाठी, माधव शुक्ला सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अस्पताल वास्तव में दो इमारतों में संचालित हो रहा है और परिसर में एक्स-रे मशीन तथा सीआर मशीन भी संचालित अवस्था में मिली। इसके बाद अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया। नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस में यह स्पष्ट करने को कहा कि जब अस्पताल का पंजीकरण केवल 10 बेड का है तो दो इमारतों में इसका संचालन क्यों किया जा रहा है। साथ ही एक्स-रे और सीआर मशीन के संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब निरीक्षण के दौरान ही अनियमितताएं सामने आ गई थीं तो उसी समय अतिरिक्त भवन और मशीनों को सील क्यों नहीं किया गया। अवैध जांच केंद्रों पर भी नहीं हुई कार्रवाई सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि भास्कर की पड़ताल में सामने आए आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर का अब तक निरीक्षण तक नहीं किया गया। जबकि दोनों केंद्रों के बिना पंजीकरण संचालित होने की बात सामने आ चुकी है। मोहाना चौराहा जिले का बेहद व्यस्त स्थान है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज और लोग आते-जाते हैं। ऐसे इलाके में बिना पंजीकरण के पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। CMO बोले- मामले में होगी कार्रवाई इस पूरे मामले को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दोबारा बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं कर सके कि कार्रवाई कब होगी। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं तो कार्रवाई करने में देरी क्यों हो रही है और आखिर स्वास्थ्य विभाग किस बात का इंतजार कर रहा है।
सतना शहर के मुख्त्यारगंज इलाके में सोमवार रात एक युवक पर घर में घुसकर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर कर दिया गया है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। घर की तीसरी मंजिल पर सो रहा था युवकपुलिस के अनुसार डायवर्सन रोड-मुख्त्यारगंज निवासी 25 वर्षीय अमित सिंह उर्फ अंबू सोमवार रात करीब 8:30 बजे अपने घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में सो रहा था। इसी दौरान आरोपी ऋषभ अटरा, गौरव मिश्रा, विपिन गुप्ता और दो अन्य नकाबपोश युवक अचानक घर में घुस आए। चाकू से किए ताबड़तोड़ वारआरोपियों ने अमित पर चाकू से कई वार किए और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अमित ने किसी तरह अपने एक दोस्त को फोन कर घटना की जानकारी दी। दोस्त तुरंत मौके पर पहुंचा और निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल लेकर गया। गंभीर हालत में रीवा रेफरजिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद अमित की हालत गंभीर देखते हुए उसे रीवा रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर टीआई रवीन्द्र द्विवेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल युवक का बयान दर्ज किया। पुरानी रंजिश का मामलाबताया जा रहा है कि यह हमला 1 फरवरी 2025 को रीवा रोड पर हुए एक पुराने विवाद की रंजिश के चलते किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।
शामली में मंगलवार सुबह अचानक घना कोहरा छा गया। बेमौसम आए इस कोहरे के कारण सुबह से ही यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थिति दिसंबर और जनवरी माह के कोहरे जैसी थी, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। जहां बांदा, झांसी और आगरा जैसे जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं शामली से लेकर लखनऊ तक कई शहरों में धुंध और हल्का कोहरा दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही, 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। आने वाले दिनों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम में इन तेजी से हो रहे बदलावों से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है।
सहारनपुर के थाना क्षेत्र स्थित मोहल्ला शारदा नगर में गुरुद्वारा साहिब के पास हुए विवाद के बाद इलाके में चल रहे कथित अवैध हुक्का बार को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। सिख समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि रेस्टोरेंट में हुक्का पिलाने की वजह से यहां आए दिन विवाद की स्थिति बनती है और प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। बताया जा रहा है कि 8 मार्च 2026 की रात करीब 8:45 बजे गुरुद्वारा साहिब के पास गुरसेवक सिंह, संजू सिंह और जसवीर सिंह अपने बच्चों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। सिख समाज के लोगों का कहना है कि युवकों ने उनके धर्म के प्रति भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर विवाद हुआ वहां पास ही एक रेस्टोरेंट में अवैध रूप से हुक्का पिलाने का काम किया जाता है। लोगों का कहना है कि यही स्थान अक्सर असामाजिक तत्वों का अड्डा बना रहता है और यहां पहले भी गोलीकांड की घटना हो चुकी है, जिसमें एक युवक की हत्या हो गई थी। आरोप है कि विवाद के बाद भी आरोपी युवक करीब तीन घंटे तक वहीं बैठकर हुक्का पीते रहे, लेकिन नजदीकी पुलिस चौकी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे इलाके के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिख समाज के लोग मौके पर एकत्र हो गए और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही रेस्टोरेंट में चल रहे कथित अवैध हुक्का संचालन को तुरंत बंद कराने की भी मांग उठाई गई। इस दौरान गुरु प्रीत सिंह बग्गा, अभिजीत सिंह, सतवीर सिंह, प्रदीप सिंह और प्रताप सिंह सहित सिख समाज के कई लोग मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते हुक्का बार पर कार्रवाई नहीं की गई तो इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
केजरीवाल का गुजरात की जनता से अपील, जागो और झाड़ू चलाकर अपनी सरकार बनाओ
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सूरत में आयोजित ‘‘आप’’ के क्षेत्रीय बूथ सम्मेलन में गुजरात की जनता की आवाज़ को मज़बूती देने का लिया संकल्प
खैरथल थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और बिचौलिये पर धोखाधड़ी कर रकम और जेवरात हड़पने तथा बिना तलाक दूसरी शादी कराने का आरोप लगाया है। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) खैरथल के आदेश पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गिरवास निवासी रोशनलाल (31) ने न्यायालय में परिवाद पेश करते हुए बताया कि उसकी शादी 30 जनवरी 2023 को सीकर निवासी पूजा के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। उसकी बिरादरी में विवाह के समय लड़की पक्ष को राशि दी जाती है। इसी परंपरा के तहत उसने और उसके परिवार ने शादी के समय पूजा, उसकी मां संतोष, पिता बनवारी और बिचौलिये मुकेश को उनकी मांग के अनुसार करीब 6 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के आभूषण दिए थे। परिवादी का आरोप है कि विवाह के बाद पूजा उसके घर गांव गिरवास में रहने लगी, लेकिन कुछ समय बाद वह अक्सर झगड़ा करने लगी। परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि 25 सितंबर 2023 को पूजा के माता-पिता और अन्य लोग उसके घर आए। उस समय रोशनलाल मजदूरी के काम से घर से बाहर गया हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान पूजा अपने परिजनों के साथ घर से करीब एक लाख रुपए नकद और अन्य सामान लेकर चली गई। इसके बाद रोशनलाल ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पूजा वापस ससुराल नहीं लौटी। उसे जानकारी मिली कि पूजा के माता-पिता,बिचौलिये मुकेश और अन्य लोगों ने मिलकर बिना तलाक लिए ही उसका विवाह मकराना क्षेत्र के बड़ी सेपड़ निवासी महेंद्र उर्फ कालू के साथ करवा दिया। रोशनलाल ने आरोप लगाया कि यह सब उसके साथ धोखाधड़ी कर रकम और जेवरात हड़पने की नियत से किया गया। इसके बाद 8 फरवरी 2026 को खैरथल थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा। अब उसने न्यायालय में परिवाद दायर किया। जिस पर सीजेएम के आदेश के बाद खैरथल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उप निरीक्षक धर्मपाल को सौंपी गई है।
कन्नौज में अचानक कोहरा छाया:गर्मी के बीच एक महीने बाद दिखा ऐसा मौसम
कन्नौज में मंगलवार सुबह कोहरा नजर आया। हालांकि यहां होली के बाद से तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जिस कारण गर्मी से लोग परेशान नजर आने लगे। ऐसे में अचानक से मौसम का रूख देखकर लोग हैरान हो गए। जिले में सुबह तड़के घना कोहरा दिखाई दिया। ये नजारा करीब एक महीने बाद नजर आया। जबकि इन दिनों लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा। इससे पहले कन्नौज जिले का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री और अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि मंगलवार को कोहरे के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यहां मंगलवार सुबह तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सरायमीरा निवासी सचिन शर्मा ने बताया कि कन्नौज में इस बार समय से पहले ही गर्मी का अहसास होने लगा है। यहां बिना पंखा चलाए बैठो तो पसीना निकल आता। हालांकि मंगलवार सुबह मौसम का अलग ही रूख नजर आया। यहां 9 बजे तक धूप नहीं दिखी। इसके बाद भी मौसम साफ होगा या नहीं, ये भी नहीं पता।
देशभर की 25 महिला सुपर बाइकर्स शिवपुरी पहुंचीं:'क्वींस ऑन द व्हील्स' बाइक ट्रेल से पर्यटन को बढ़ावा
मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया में प्रचारित करने के उद्देश्य से निकाली गई 'क्वींस ऑन द व्हील्स' बाइक ट्रेल के तहत देशभर की 25 महिला सुपर बाइकर्स सोमवार को शिवपुरी पहुंचीं। इस यात्रा के दौरान महिला राइडर्स ने शिवपुरी के टूरिस्ट विलेज एमपीटी होटल में पड़ाव लिया और ऐतिहासिक सिंधिया छत्री का भ्रमण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से 'क्वींस ऑन द व्हील्स' के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता और प्रदेश की समृद्ध विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह लगभग 1400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल है। यह सात दिवसीय यात्रा भोपाल से शुरू होकर 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी। इस दौरान यह सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरेगी। शिवपुरी पहुंचने पर जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (DATCC) की टीम ने महिला बाइकर्स का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सहायक नोडल अधिकारी DATCC सौरभ गौड़, पर्यटन प्रबंधन के देव सोनी और कार्यालय प्रभारी रामपाल सिंह कुशवाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सहायक नोडल अधिकारी सौरभ गौड़ ने सभी बाइकर्स को परिषद द्वारा तैयार किया गया वार्षिक कैलेंडर भेंट किया। उन्होंने कैलेंडर में दर्शाए गए पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और शिवपुरी के ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के महत्व से भी अवगत कराया। सिंधिया छत्री के भ्रमण के बाद महिला बाइकर्स का दल शाम को श्योपुर जिले के लिए रवाना हो गया। उनका रात्रि विश्राम कूनो रिसोर्ट में हुआ। मंगलवार सुबह दल कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को देश-दुनिया में पहचान दिलाना है। साथ ही, यह मध्य प्रदेश को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का भी प्रयास है। महिला बाइकिंग टूर का नेतृत्व मुंबई की 62 वर्षीय डॉ. नीता कर रही हैं। राइडर्स समूह में भोपाल की 8, मुंबई और नागपुर की 5-5 तथा ग्वालियर, बैंगलोर, कोलकाता, पुणे और नोएडा की एक-एक महिला राइडर शामिल हैं। 13 मार्च को भोपाल में इस टूर का समापन होगा। देखें तस्वीरें
गंगा रिवरफ्रंट परियोजना के बाद अब कानपुर से कोलकाता के बीच राष्ट्रीय जलमार्ग यातायात परियोजना की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। अब इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।सरकार प्रदेश में जलमार्ग परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इस परियोजना के लिए सर्वे और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जाएगा। कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को यह प्रस्ताव भेजा था।कानपुर-वाराणसी जलमार्ग की दूरी 200 किमीप्रस्ताव के मुताबिक कानपुर से वाराणसी तक जलमार्ग की दूरी करीब 200 किलोमीटर होगी, जबकि सड़क मार्ग से यह दूरी लगभग 335 किलोमीटर है। जलमार्ग शुरू होने से माल ढुलाई आसान हो जाएगी और परिवहन लागत में भी भारी कमी आएगी।बताया जा रहा है कि जलमार्ग के जरिए कार्गो परिवहन रेल और सड़क मार्ग की तुलना में करीब 50 प्रतिशत तक सस्ता हो सकता है। इससे उत्पादों की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है और आम लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है।कारोबार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावाइस परियोजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार कारोबार के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए जलमार्ग से जुड़ी अन्य परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रही है।कानपुर में खुलेगा राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान का केंद्रपरियोजना के तहत कानपुर में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (NIINI) की एक शाखा भी स्थापित की जाएगी। इस केंद्र में हर साल करीब दो हजार लोगों को जलमार्ग से जुड़े विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण में इंजन ड्राइवर, जहाज निर्माण कारीगर और कार्गो हैंडलिंग विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे। यह संस्थान उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत के युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगा और जल परिवहन क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा।
शाहजहांपुर में डबल डेकर बस पलटी:पलिया से मुंबई जा रही बस के 15 ज्यादा यात्री घायल
शाहजहांपुर में एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में डेढ़ दर्जन से अधिक यात्री मामूली रूप से घायल हो गए। बस पलिया से मुंबई जा रही थी और अल्हागंज थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुई। यह घटना देर रात करीब दो बजे जलालाबाद-अल्हागंज हाईवे पर एक पेट्रोल पंप के पास हुई। गनीमत रही कि उस समय बस की गति अधिक नहीं थी, जिससे गंभीर चोटें लगने से बच गईं। बस पलटने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों और स्थानीय निवासियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। लगभग 15 से 16 यात्रियों को चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया। मामूली चोटें होने के कारण सभी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई और वे दूसरी बस से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। अल्हागंज थाना प्रभारी ने बताया कि चालक के अनुसार, अचानक सामने गाय आने के कारण बस अनियंत्रित हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, घायल हुए अधिकांश यात्री पलिया के रहने वाले हैं और काम के सिलसिले में मुंबई जा रहे थे। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है।
फर्रुखाबाद में मंगलवार को मौसम में अचानक बदलाव आया और घना कोहरा छा गया। इसके कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह 6 बजे विजिबिलिटी लगभग 40 मीटर थी, जो सुबह 8:30 बजे बढ़कर 80 मीटर तक पहुंच गई। इटावा-बरेली हाईवे, कानपुर-फर्रुखाबाद मार्ग, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मार्ग और फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। फरवरी के पहले सप्ताह तक हल्का कोहरा देखा गया था, लेकिन उसके बाद यह बंद हो गया था। 15 फरवरी के बाद लोगों को लगा था कि सर्दी खत्म हो गई है। होली के बाद अचानक मंगलवार को घना कोहरा छाना अप्रत्याशित रहा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के कारण हल्की ठंडक महसूस की गई और लोग गर्म कपड़े पहने नजर आए। गांव गांधिया निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि कोहरे के कारण हाईवे पर दूर का कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे उन्हें ड्यूटी पर जाने में परेशानी हुई।
हरियाणा की कविता विश्नोई नाम की यात्री ने जोधपुर से रणकपुर तक रोडवेज बस सफर किया। पाली और सांडेराव में टॉयलेट का उपयोग करना चाहा तो बदहाल देखकर दंग रह गई। उसने इन हालात का वीडियो बनाया। और सवाल खड़े किए कि ऐसे बदहाल टॉयलेट का आखिर महिलाएं कैसे उपयोग करे। उन्हें संक्रमण होने तक का डर रहता है। उनका जो वीडियो सामने आ रहा है। उसमें उन्होंने कहा कि राजस्थान में आपको सब कुछ मिल सकता है, लेकिन सार्वजनिक टॉयलेट नहीं मिल सकता है। मैं अभी पाली के बस स्टैंड पर थी। महिलाओं का टॉयलेट देखकर शर्म आ गई। टॉयलेट के हालात देखेंगे तो उपयोग करने के लायक नहीं हैं। मुझे नहीं लगता है कि कोई महिला इसको यूज करती होगी। सफर में महिलाओं को पीरिड्स आते हैं, आप ने सिर्फ पेशाब घर दिए हैं तो पानी की व्यवस्था तो कीजिए ना? सफर के दौरान पीरिड्स के दौरान महिला इसे यूज करना चाहता थी तो कैसे उपयोग कर पाएगी? सांडेराव में सिर्फ पुरुषों के लिए टॉयलेट बना दिखा। सांडेराव बस स्टैंड महिलाएं खुले में जाती हुई दिखीं सांडेराव बस स्टैंड पर करीब 6 महीने से निर्माण के काम चल रहे हैं। यहां पर आने वाली महिलाओं के लिए टॉयलेट की सुविधाएं नहीं हैं। क्योंकि टॉयलेट पर ताला लगा है। जिसके कारण यहां बसों में सफर करने वाली महिलाओं को टॉयलेट की सुविधा नहीं मिल पाती है। पाली. स्थानीय डिपो के दोनों गेटों पर बने टॉयलेट गंदे पड़े हैं। इनमें पानी के कनेक्शन तक नहीं हैं। गेट नंबर 1 पर स्थित टॉयलेट पर तो बोर्ड लगा दिया गया है कि महिला पेशाब घर गेट नंबर 2 पर है। दो नंबर पर पुलिस चौकी के पास बने टॉयलेट में न तो पानी की टंकी रखी गई है और न ही नल कनेक्शन है। गंदगी पड़ी है। एक साल पहले 2 लाख से इसका निर्माण कराया था। सुलभ शौचालय में भी अगर टॉयलेट यूज करना है यूरीन के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं। पाली डिपो पर रोजाना 70 से ज्यादा बसें आती हैं, जिनमें औसतन 6 हजार यात्री सफर करते हैं। इनमें करीब 2 हजार महिलाएं होती हैं। महिला दिवस पर रविवार को जब महिलाओं के लिए सफर मुफ्त था, तब रिकॉर्ड 9 हजार 925 महिलाओं ने बसों में यात्रा की। डिपो के चीफ मैनेजर मोहनलाल मीणा का कहना है कि रोडवेज मुख्यालय ने 2 लाख रुपए खर्च कर टायलेट तैयार करवाया था। पानी के कनेक्शन नहीं मिल सका है।
धनबाद के ढांगी पहाड़ी शूटिंग रेंज में रविवार को प्रिंस खान के गुर्गों के साथ हुई मुठभेड़ के समय फरार हो गया दूसरा अपराधी बारामुड़ी का दिलीप सिंह भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसकी गिरफ्तारी के बाद से एनकाउंटर कहानी और साफ हो गई। दरअसल घटना के वक्त स्कूटी से भागने वाला दूसरा अपराधी दिलीप सिंह की बेटी की शादी तय हो चुकी है। मई में बेटी की शादी है। शादी के खर्च के लिए उसे पैसे की व्यवस्था करनी थी, यह नहीं हो पा रहा था। दिलीप शहर के कुछ होटलों में मैनेजर का काम कर चुका है। इन दिनों बेरोजगार है। वह पैसे जुटाने के लिए सुधीश से जुड़ गया। दिलीप के पिता गोल्फ ग्राउंड रोड के पास चाय की दुकान चलाते हैं। गिरफ्तारी के बाद से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रिंस खान से सीधे संपर्क में था घायल सुधीश पूछताछ के क्रम में पुलिस को पता चला है कि मुठभेड़ में पुलिस की गोली से जख्मी हुआ सुधीश प्रिंस के सीधे संपर्क में था। वह रेलवे के ठेकेदारों से रंगदारी वसूलता था। रविवार को दोनों स्कूटी से रेल ठेके से जुड़ी कंपनी एआरएसएस के मैनेजर रजनीकांत तिवारी से रंगदारी वसूलने पहुंचे थे। लेकिन, पुलिस भी वहां पहुंच गई और मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली से सुधीश और अपराधियों की गोली से सरायढेला थाने के दारोगा बालमुकुंद सिंह जख्मी हो गए थे। दोनों का इलाज असर्फी अस्पताल में चल रहा है। इधर, पुलिस का कहना है कि सुधीश व दिलीप गैंग के लिए रंगदारी वसूली में सक्रिय हैं। गोविंदपुर थाने में दर्ज मुठभेड़ की एफआईआर में दोनों के साथ प्रिंस खान और गोपी खान को भी आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में जख्मी सुधीश पर प्रिंस-गोपी गैंग के सक्रिय सदस्य होने, रंगदारी के लिए धमकाने, वसूली व पुलिस बल पर जान मारने की नीयत से बम-गोली चलाने का आरोप लगाया है। पुलिस की डायरी में दर्ज मुठभेड़ की कहानी प्रिंस-गोपी गैंग के बदमाशों की ओर से ठेका कंपनी के मैनेजर रजनीकांत से रंगदारी वसूलने की सूचना मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया। रविवार की सुबह करीब 10 बजे डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर को सूचना मिली, जिसके बाद थाने में सनहा दर्ज कर तीन विशेष टीमें गठित की गईं। पहली टीम की कमान डीएसपी नौशाद आलम, दूसरी की सरायढेला थानेदार मंजीत कुमार और तीसरी की बरवाअड्डा थानेदार रवि कुमार को सौंपी गई। टीम में जोगता थानेदार पवन कुमार, भूली ओपी प्रभारी अभिनव कुमार, लोयाबाद थानेदार पिकू प्रसाद, भौंरा ओपी प्रभारी सुमन सौरभ के साथ दारोगा धीरज कुमार, बालमुकुंद सिंह, अभय कुमार और रिजर्व गार्ड भी शामिल थे। दोपहर 12:55 बजे तीनों टीमें सरायढेला थाना से ढांगी मोड़ पहुंचीं और अपराधियों के आने का इंतजार करने लगीं। शाम करीब 4 बजे गोल बिल्डिंग से बलियापुर जाने वाली सड़क पर नीली स्कूटी से दो संदिग्ध ढांगी मोड़ की ओर आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे स्कूटी घुमाकर उल्टी दिशा में भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू कर दिया। शूटिंग रेंज के पास बैरिकेडिंग के मुठभेड़ भागते हुए बदमाश भुईंफोड़ मंदिर के आगे धनबाद पब्लिक स्कूल वाली सड़क की ओर मुड़ गए। शूटिंग रेंज के पास बैरिकेडिंग के बगल से निकलने की कोशिश में संकरे रास्ते पर स्कूटी असंतुलित होकर गिर गई। पीछा करती पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को पास आते देख स्कूटी चला रहा बदमाश झोले से पिस्टल निकाल लिया, जिस पर दारोगा बालमुकुंद सिंह उससे भिड़ गए। हाथापाई के दौरान बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिससे गोली बालमुकुंद के बाएं हाथ में लग गई। वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। इसी बीच दूसरे बदमाश ने बम फोड़ दिया और धुएं का फायदा उठाकर झाड़ियों की ओर भाग निकला। पहले बदमाश ने भी एक बम फेंका, लेकिन वह फटा नहीं। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने फिर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मार दी, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। ------------------------------------------------------------------- इसे भी पढ़ें… धनबाद में पुलिस-अपराधियों के बीच मुठभेड़:प्रिंस गैंग का शूटर और एसआई घायल; बम भी बरामद, अस्पताल में दोनों इलाजरत धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में धनबाद पब्लिक स्कूल के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान कुख्यात प्रिंस गैंग का एक शूटर और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मी सरायढेला थाना के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बालमुकुंद हैं, जबकि घायल अपराधी की पहचान सुजीत ओझा के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए धनबाद के असरफी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर..
सतना के मझगवां थाना क्षेत्र के मोटवा जंगल में पेड़ से लटके मिले युवक के शव का रहस्य पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला था। युवक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी और बाद में शव को पेड़ पर लटका दिया था। पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पेड़ पर लटका मिला था शवमझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि 5 मार्च की सुबह मोटवा-बरहा के जंगल में महुए के पेड़ पर एक व्यक्ति का शव फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि युवक की मौत फंदे पर लटकने से पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। सोशल मीडिया से हुई पहचानमृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जैतवारा क्षेत्र के किटहा गांव के ग्रामीणों ने शव की पहचान राजाभइया डोहर (45) पुत्र भूरा डोहर के रूप में की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 2 मार्च को राजाभइया अपनी पत्नी रामबाई डोहर (35) के साथ मजदूरी के लिए घर से निकला था, लेकिन शाम को पत्नी अकेली लौट आई। पूछने पर वह सही जवाब नहीं दे रही थी। पत्नी और प्रेमी ने मिलकर रची साजिशजांच के दौरान पता चला कि रामबाई का बाबूलाल चौधरी (40) निवासी भैंसवार, थाना कोठी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। दोनों ने मिलकर राजाभइया की हत्या करने की बात कबूल कर ली। जंगल में शराब पिलाकर की हत्यापूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 2 मार्च को राजाभइया को मजदूरी के बहाने मोटवा-बरहा के जंगल में ले जाया गया। वहां उसे शराब पिलाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घटना को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ पर फंदे से लटका दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। साथ ही आरोपी की बाइक भी जब्त कर ली गई है।
बालोतरा में ट्रेलर की टककर से पटि्टयों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए। दबने से ड्राइवर की मौत हो गई। वहीं दूसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर जाम खुलवाया। हादसा बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-25 सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ। पत्थर पटि्टयों के नीचे दबने से युवक की मौत हुई है। हाईवे पर चढ़ते समय पीछे से मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, जोधपुर जिले के झंवर थाना क्षेत्र के सिनली गांव निवासी कालूराम पुत्र भैराराम भील और मोतीराम पुत्र कलाराम पटेल ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर की पट्टियां भरकर बालेसर से अपने गांव जा रहे थे। बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के डोली राजगुरा स्कूल के पास नेशनल हाईवे-25 पर चढ़ते समय पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए। एक युवक की मौके पर मौत हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत कल्याणपुर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कालूराम को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल मोतीराम को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर थानाधिकारी शिशपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। पुलिस ने मृतक के शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मामले में परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनपुट: गजेंद्र सिंह राजपुरोहित
डिंडौरी में सोमवार शाम आनंदम धाम के संत रितेश्वर महाराज ने नर्मदा तट पर भक्तों के साथ महाआरती की। इस अवसर पर उन्होंने घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन दिया। संत ने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देने से ही एक बेहतर भारत की कल्पना की जा सकती है। अपने प्रवचन के दौरान संत रितेश्वर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में लोग 'उधार की जिंदगी' जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि न हमारी अपनी संस्कृति है, न हिंदी और न ही अंग्रेजी। अब 'हिंग्लिश' का जमाना आ गया है, जिससे लोग तनावग्रस्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े पढ़े-लिखे लोग आत्महत्याएं कर रहे हैं। पूरी दुनिया में 88 प्रतिशत लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। अमेरिका जैसे संपन्न देश में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत है, जबकि भारत में 74 प्रतिशत लोग तनाव से पीड़ित हैं। संत के अनुसार, तनाव उन्हें होता है जो हमेशा दो नावों की सवारी करते हैं। भक्त प्रहलाद का उदाहरण दिया संत ने भक्त प्रहलाद का उदाहरण देते हुए बताया कि रानी कयाधु और राजा हिरण्यकश्यप के असुर कुल में जन्म लेने के बावजूद प्रहलाद भगवान के 12 प्रिय भक्तों में पहले स्थान पर हैं। उन्हें समाप्त करने के कई प्रयास किए गए, जिसके बाद भगवान को स्वयं नरसिंह अवतार लेना पड़ा था। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति हमें सिखाती है कि दूसरों पर दोषारोपण करने की बजाय अपने अंदर झांक कर देखना चाहिए। अहंकार व्यक्ति को सरकार और बड़े करतार से दूर करता है। सफलता की परिभाषा आदिवासी समुदाय ने समझी सफलता की परिभाषा पर बोलते हुए संत ने कहा कि आज छोटे बच्चों से लेकर बड़े व्यापारी और अधिकारी सभी सफलता पाने की बात करते हैं। लेकिन इसकी सही परिभाषा आदिवासी समुदाय के लोगों ने समझी है, जो जल, जंगल और जमीन के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। संत रितेश्वर महाराज ने नर्मदा में प्लास्टिक के दीयों से दीपदान करने पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें मां नर्मदा में दीपदान के लिए प्लास्टिक के दीये का उपयोग करना पड़ा, जिससे उनका मन दुखी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हम प्रकृति की गोद में हैं और हमारे पास जंगल हैं, इसलिए हरी पत्तियों से दीये बनाए जाने चाहिए और उनका उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से मिलकर धीरे-धीरे प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने का आह्वान किया।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में कुछ दिन पहले एक हजार साल पुराने मंदिर के अवशेष मिले थे। खुदाई का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है यहां इतिहास की लाखों साल पुरानी परतें खुलने लगी हैं। पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण में अब यहां पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age) के औजार मिले हैं। यानी आदिमानव प्रारंभिक विकास के समय इस क्षेत्र में रहता था। ये औजार खेतड़ी कस्बे के त्योंदा गांव में रीढ़ का टीला नाम की जगह मिले हैं। यहां से बहने वाली दोहान नदी के किनारे भी अवशेष खुदाई में निकले हैं। यहां एक फैक्ट्री जैसी जगह भी मिली है। पुरापाषाण काल लगभग 5 लाख वर्ष पूर्व से लेकर 10,000 ईसा पूर्व तक माना जाता है। औजारों के लाखों साल पुराने होने का दावा कितना सही? पुरातत्व विभाग के अधीक्षक और खेतड़ी में सर्वे कर रहे डॉ. विनीत गोधल ने बताया- इससे पहले इस तरह के औजार राजस्थान के डीडवाना में मिल चुके हैं। वहां जमीन के जिस स्तर पर ये औजार मिले थे वहां कि डेटिंग तीन से पांच लाख वर्ष पूर्व आई है। इसी आधार पर कह सकते हैं कि खेतड़ी में मिले औजारों का निर्माण काल भी उसी समय का है। यह वह समय था जब मानव जंगलों और नदियों के किनारे गुफाओं में रहता था। वह भोजन के लिए शिकार करता था या फिर वनस्पतियों का उपयोग करता था। जीवन को सरल बनाने के लिए उसने पत्थरों को उपयोग करना बस सीखा ही था और धीरे-धीरे उनसे औजार बनाने लगा था। एक फैक्ट्री की भी पहचान की गई इनमें पेड़ों की छाल और जानवरों की खाल उतारने के लिए काम आने वाले औजार, पेड़ काटने के लिए उपयोगी हथियार और हैमर स्टोन भी शामिल हैं। गोधल ने बताया कि यहां औजारों से जुड़ा कच्चा माल भी मिला है। इसलिए अनुमान है कि ये औजार यहीं बनाए भी जाते थे, एक तरह से इनकी यहां फैक्ट़्री थी। विभाग के सर्वेक्षण के दौरान यहां एक औजार निर्माण स्थल (Factory Site) की पहचान की गई है। प्रारंभिक काल से झुंझुनूं में मानव का निवास पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धीरेंद्र ने बताया- मानव सभ्यता के विकास का सबसे प्राचीन चरण पाषाण काल माना जाता है। झुंझुनूं के त्योंदा गांव में इन औजारों का मिलना इस बात का सबूत है कि मानव यहां अपने प्रारंभिक काल से रह रहा था। भारत में पुरापाषाण काल के लोग शिकारी और क्लेक्शन करने वाले थे। ये पत्थर के मोटे और बड़े औजारों का उपयोग करते थे। खेतड़ी में क्यों मिले ये साक्ष्य? विनीत गोधल ने बताया- यहां हथियार बनाने क मुख्य कारण था खेतड़ी के पहाड़ों में क्वार्ट्जाइट पत्थर का होना और दूसरा नदी क्षेत्र का होना। ये औजार मुख्यतः क्वार्ट्जाइट, चर्ट और अन्य कठोर पत्थरों से बनाए जाते थे। क्वार्ट्जाइट कठोर होता है। इसे मनचाहे ढंग से तोड़कर मनचाहा आकार दिया जा सकता है। दूसरा कारण है यहां कभी दोहान नदी का होना। ऐसे में इंसानों को यहां रहने के लिए पहाड़ों में गुफाएं, जीवन के लिए पानी मिल जाता था। पहली भी इस तरह के औजार मिले हैं पुरातत्व विभाग के अनुसार राजस्थान में इससे पहले डीडवाना, लूणी नदी घाटी, चम्बल नदी घाटी और बनास नदी घाटी में पुरापाषाण काल के साक्ष्य मिले चुके हैं। भारतीय पुरातत्वविदों, जैसे वी.एन. मिश्र और कुछ अंतरराष्ट्रीय भू-वैज्ञानिकों ने भी यहां शोध किया था। उनके शोध के अनुसार राजस्थान में पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age) मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन चरण से बसावट है।। … खुदाई से संबंधित ये खबर भी पढ़ें- राजस्थान में मिले एक हजार साल पुराने मंदिर के अवशेष: यहां बसा था पाटन शहर, हमले और आगजनी से उजड़ने की आशंका राजस्थान के खेतड़ी (झुंझुनूं) में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को काफी पुरानी आबादी के अवशेष मिले हैं। ये खुदाई त्योंदा गांव में रीढ़ का टीला नामक जगह पर की जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
वाराणसी के भेलूपुर थानाक्षेत्र के बिरदोपुर गिरिनगर कालोनी में रहने वाली लकी चंदानी ने अपनी सोसाइटी में रहने वाले तीन लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा मारपीट से संबंधित है। जिसका 6 मिनट से अधिक का सीसीटवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लकी चंदानी ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया है कि पीड़ित बलराम दास अपने घर की सीढ़ियां चढ़ रहे थे कि उसे दुसरे फ्लोर पर रहने वाले लोगों ने खींचकर अपने कमरे में कर लिया और जमकर पिटाई की। जबकि पीड़ित हार्ट पेशेंट हैं और उनकी मौत हो सकती है। फिलहाल घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बालकराम दास हिन्दू धर्म गुरु माता गीताम्बा के शिष्य भी हैं। कुछ प्रॉपर्टी का विवाद भी बलराम का चल रहा है। अचानक हुआ हमला, संभलने का नहीं मिला मौका पुलिस को तहरीर दते हुए लकी चंदानी ने बताया - 9 मार्च की रात 8 बजे रोज की तरह पीड़ित बलराम दास सीढ़ियों से होकर अपने घर में जा रहे थे। इसी दौरान सीढ़ियों के पास स्थित फ्लोर पर रहने वाले लवीश चंदानी, काजल चंदानी और संजय चंदानी ने उन्हें सीढ़ियों से मारते हुए खींच लिया और अपने फ्लोर में ले जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कमरे में ले जाकर किया प्राणघातक हमला लकी चंदानी ने बताया - इसके बाद सभी उन्हें अपने कमरे में ले गए और जमकर उनकी पिटाई की। इस दौरान लविश और काजल ने उनका मुंह तकिये से दबाकर उनके सीने पर कई वार किए जबकि सबको पता है कि वो हार्ट पेशेंट हैं। उन्हें जमीन में लेटाकर लात घूसों से मारा गया। किसी तरह दरवाजा खोलकर वो वहां से भाग सके। यह उनके पर प्राणघातक हमला था क्योंकि सभी जानते हैं वो हार्ट पेशेंट हैं। इसकी तहरीर थाने में दी गई है। नामजद दर्ज हुई FIR इस संबंध में थाना प्रभारी भेलूपुर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया - महिला की तहरीर पर लवीश चंदानी, काजल चंदानी और संजय चंदानी पर बीएनएस की धरा 191 में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
उन्नाव में बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत:रघु खेड़ा गांव में हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
उन्नाव जिले के बारासगवर थाना क्षेत्र के रघु खेड़ा गांव में सोमवार को एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, रघु खेड़ा गांव निवासी कुणाल (19) सड़क किनारे खड़ा था। तभी नशे में धुत एक चालक की बोलेरो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुणाल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बारासगवर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और बोलेरो चालक की तलाश जारी है। इस घटना से मृतक के परिजनों में गहरा दुख है और गांव में भी गम का माहौल है।
रोहतक में आंध्र प्रदेश से आई एक दलित महिला ने तिलक नगर निवासी युवक पर झूठी शादी करके यौन शोषण करने का आरोप लगाया। साथ ही लाखों रुपए भी घर बनाने के नाम पर ऐंठ लिए। पीड़िता ने मामले में सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर युवक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित दलित महिला ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश के एक जिले में रहती है। एक मेट्रीमोनियल साइट पर उसने अपना प्रोफाइल डाला था। वहीं, उस साइट पर रोहतक के तिलक नगर में रहने वाले युवक ने भी अपना प्रोफाइल डाला हुआ था। 2022 में दोनों के बीच उसी साइट के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। करीब 6-7 महीने तक फोन पर ही बातचीत चली। पीड़ित महिला ने बताया कि 2023 में युवक आंध्र प्रदेश आया और उसके साथ बीच पर जल हाथ में लेकर उसे अपनी पत्नी मान लिया। जब युवक से पूरे रीति रिवाज से शादी करने के बारे में कहा तो युवक बोला कि वह आर्य समाजी है और उनके यहां ऐसे ही शादी होती है। युवक ने शादी को रजिस्टर्ड भी नहीं करने दिया। पैसे लेकर युवक रोहतक आया, वापस नहीं लौटापीड़ित महिला ने बताया कि युवक उससे घर बनाने के नाम पर करीब 40 लाख रुपए लेकर रोहतक आ गया और फिर वापस नहीं गया। जब उसने फोन किया तो नंबर भी बंद कर दिया। इसके बाद युवक के भाई को फोन किया, जो गुरुग्राम में ASI के पद पर तैनात है, उसने भी कोई जवाब नहीं दिया। आंध्र प्रदेश व रोहतक में किया यौन शोषणमहिला ने आरोप लगाया कि झूठी शादी करके पहले आरोपी युवक ने आंध्र प्रदेश में उसके साथ करीब 4 माह तक पति पत्नी की तरह रहते हुए यौन शोषण किया। उसके बाद जब वह युवक को खोजते हुए रोहतक आई तो यहां भी होटल में कई बार उसका यौन शोषण किया गया। थाने में युवक ने गलती मानी, फिर मुकर गयामहिला ने बताया कि युवक ने सिविल लाइन थाने में सामाजिक संगठनों के सामने अपनी गलती मानी और उसे अपनी पत्नी भी मान लिया। थाने में समझौता भी लिखा गया, जो अब गायब है। थाने से युवक उसे अपने साथ घर ले जाने की बजाय होटल ले गया और वहां से बस स्टैंड छोड़कर चला गया। आरोपी युवक के परिवार पर लगाया मिलीभगत का आरोपमहिला ने बताया कि आरोपी का पूरा परिवार मिला हुआ है। युवक का भाई ASI होने के कारण अपने पद का दुरुप्रयोग कर रहा है। उसी के चलते पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। सामाजिक संगठनों के दबाव में पुलिस ने एससी एसटी एक्ट में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक आरोपी युवक को गिरफ्तार नहीं किया है। डीएसपी व ASP को जानकारी, लेकिन कार्रवाई जीरोमहिला ने आरोप लगाया कि इस मामले में शिकायत दर्ज करवाने के बाद ASP व DSP को भी पूरी जानकारी है। DSP का रीडर आरोपी को लेकर होटलों का मुआयना कर चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे। उल्टा पुलिस ने उसकी FIR को आंध्र प्रदेश में भेज दिया, जबकि उसका यौन शोषण रोहतक के होटलों में भी किया गया है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे हर लड़ाई सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र पांचाल ने बताया कि पिछले ढाई महीने से पीड़िता को जिला प्रशासन दर दर भटकने पर मजबूर कर रहा है। बार बार SP से मिलने के बावजूद प्रशासन ढूल मुल रवैया अपनाए हुए है। प्रशासन पीड़िता को दिमागी रूप से परेशान कर केस को रफा दफा करने पर आमादा है। किसी भी SC ST एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी होती है। FIR को हुए करीब डेढ़ महीना हो गया, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। जातीय रंग दिया तो प्रशासन को होगी परेशानी भारत मुक्ति मोर्चा महिला संघ से मनीषा बिरला बोहत ने कहा कि दलित महिला के साथ अन्याय हुआ है। प्रशासन उसे न्याय नहीं दे रहा। अगर दलित समाज ने एकत्रित होकर इसे जातीय रंग देते हुए आंदोलन शुरू किया तो प्रशासन को परेशानी हो जाएगी। इसलिए समय रहते पीड़ित महिला को पुलिस प्रशासन न्याय देने का काम करे और आरोपी को तुरंत काबू करे।
सीहोर जिले के धरमपुरी गांव में 6 मार्च को भाई-बहन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि उनके ताऊ, ताई, चचेरे भाई-भाभी और अन्य लोगों ने मिलकर हंसिया, लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया। घटना उस समय हुई जब लड़का 10वीं की परीक्षा देने जा रहा था। शीतल (20) और कुलदीप मालवीय (19) जगदीश मालवीय के बेटे-बेटी थे। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी हरि सिंह मालवीय और उसका बेटा हेमंत उर्फ संजू मालवीय को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं सेवंता बाई और हेमलता बाई को भी पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक, कपड़े और लाठी-डंडे भी जब्त किए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब छह महीने से दहशत में जी रहे थे। उन्होंने कई बार पुलिस से सुरक्षा की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि वारदात के समय थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। दरअसल, ऐसी घटना की आशंका पिछले साल दीपावली से ही जताई जा रही थी। उस समय आरोपी हरि सिंह के बेटे रितेश मालवीय की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हरि सिंह को शक था कि यह हादसा उसके भाई जगदीश ने करवाया है। तभी से दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी। बताया जा रहा है कि वारदात से दो दिन पहले भी हरि सिंह ने गांव वालों से कहा था कि वह कुछ ऐसा करेगा जिसे पूरा गांव याद रखेगा। वारदात के बाद दैनिक भास्कर की टीम धरमपुरी गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… आष्टा से 40 किलोमीटर दूर है धरमपुरी गांव धरमपुरी गांव आष्टा तहसील मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सिद्दिकगंज मेन रोड से होकर एक ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। गांव की ओर जाते समय रास्ते के दोनों तरफ खेत नजर आते हैं। इन खेतों में गेहूं की फसल पककर कटने के लिए तैयार है। कुछ खेतों में आधी फसल काटी भी जा चुकी है, जबकि मजदूर कटी हुई फसल को खलिहान तक ले जाते दिखाई देते हैं। गांव के पास पहुंचने पर खेतों और कुछ पेड़ों के नीचे बने मकान नजर आने लगते हैं। धरमपुरी गांव की खास बात यह है कि यहां कोई भी मकान दूसरे से सटा हुआ नहीं है। करीब 20-25 घरों वाले इस गांव में हर मकान के बीच लगभग 100 से 200 फीट की दूरी है। पुलिस ने बताया- यह आरोपियों का घर है गांव में आगे बढ़ते हुए एक मकान नजर आया। घर के शेड में तीन-चार पुलिसकर्मी बैठे थे और उनकी रायफल दीवार के सहारे टिकी हुई थी। हमें देखते ही वे अपनी वर्दी ठीक करते हुए खड़े हो गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह जगदीश मालवीय का घर है, जिनके बेटे और बेटी की हत्या हुई है? इस पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि यह उनका घर नहीं है, बल्कि मुख्य आरोपी हरि सिंह मालवीय का घर है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। किसी तरह की तोड़फोड़ न हो, इसलिए यहां पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। अंतिम संस्कार के दिन घर में लगाई गई थी आग पुलिसकर्मियों ने बताया कि तीन दिन पहले जब दोनों बच्चों के शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे थे, उसी दौरान किसी ने इस घर के पीछे आग लगा दी थी। इसके बाद से ही यहां सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। जब पुलिस से जगदीश मालवीय के घर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इशारे से रास्ता बता दिया। खेत की मेड़ के सहारे चलते हुए कुछ ही देर में हम उनके घर पहुंच गए। घर के बाहर सामान बिखरा पड़ा था और चार-पांच खाटें डली हुई थीं। वहां मौजूद लोगों के चेहरे बदहवास नजर आ रहे थे। हर कोई गहरे गम में डूबा हुआ था। उनके चेहरों और बातचीत से पुलिस के खिलाफ गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों के मामा बोले- सब कुछ खत्म हो गया पेड़ के नीचे बिछी एक चारपाई पर एक शख्स अकेला बैठा था। हम उसके पास पहुंचे और अपना परिचय दिया। उसने बताया कि वह मृत बच्चों का मामा मुकेश चौहान है। मुकेश चौहान ने कहा कि सब कुछ खत्म हो गया। उन्होंने कहा- उनके जीजा पिछले छह महीने से इसी डर के कारण घर से बाहर नहीं निकल रहे थे। पुलिस को भी इस बात की जानकारी थी। कभी-कभी पुलिसकर्मी आकर परिवार के लिए राशन-पानी का इंतजाम कर देते थे। टीआई को फोन किया, लेकिन मदद नहीं मिली मुकेश के मुताबिक, जिस दिन आरोपियों ने उनके भांजे और भांजी पर हमला किया, उसी समय उन्होंने टीआई को फोन किया था। टीआई ने कहा कि मर जाओ, मरने के बाद सबको लेकर आ जाना, मामला अपने आप खत्म हो जाएगा। बेटे की मौत के बाद बढ़ी दोनों परिवारों में रंजिश दरअसल, पिछले साल दिवाली के दिन यहां से करीब 30-35 किलोमीटर दूर एक सड़क हादसे में हरि सिंह के बेटे रितेश की मौत हो गई थी। इसके बाद हरि सिंह ने अपने बेटे का अंतिम संस्कार श्मशान में करने की बजाय अपने घर के सामने ही किया। भाई जगदीश के परिवार पर लगाया था आरोप हरि सिंह को शक था कि उसके बेटे की मौत के पीछे उसके भाई जगदीश का हाथ है। जब जगदीश, पत्नी और बच्चे शोक जताने उसके घर गए थे, तब हरि सिंह ने गांव वालों के सामने ही उन्हें भगा दिया था। उसी दिन उसने धमकी भी दी थी। तभी से डर के कारण जगदीश और उनके बच्चों ने घर से निकलना लगभग बंद कर दिया था। भांजी का फोन आया था- मामा जल्दी आ जाओ मुकेश ने बताया कि जब भांजे कुलदीप को लाठियों से पीटा जा रहा था, तभी उनकी भांजी शीतल ने फोन किया था। उसने कहा था, “मामा जल्दी आ जाओ, ये लोग हमें जान से मार देंगे।” मुकेश के गांव से घटनास्थल की दूरी करीब 11 किलोमीटर थी, इसलिए उन्हें पहुंचने में थोड़ी देर हो गई। उन्होंने बताया कि जब तक वह वहां पहुंचे, तब तक कुलदीप की मौत हो चुकी थी। शीतल की थोड़ी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसने भी दम तोड़ दिया। पिता बोले- शिकायत की, लेकिन नहीं हुई सुनवाई बच्चों के पिता जगदीश मालवीय की आंखें रो-रोकर सूज गई हैं। उनके हाथ में करीब 40-50 कागज हैं। खटिया पर बैठते ही वे एक-एक कागज तारीख के साथ दिखाने लगते हैं। जगदीश बताते हैं कि ये सभी शिकायतें उन्होंने कलेक्टर, एसपी और थाने में कई बार की थीं। हर कागज पर अलग-अलग तारीख दर्ज है। उनका कहना है कि इतनी शिकायतों के बावजूद कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी ने तो यहां तक कह दिया था कि “मर जाओ।” बच्चे मेरी आंखों जैसे थे, पढ़ने में काफी होशियार थे जगदीश भावुक होकर कहते हैं कि उनके दोनों बच्चे उनकी आंखों की तरह थे। वे सोच रहे थे कि इस साल दोनों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरी जगह भेज देंगे। दोनों पढ़ाई में काफी होशियार थे। बच्चों की परीक्षा के दिनों में और बढ़ जाती थी चिंता जगदीश कहते हैं कि जिस दिन से बच्चों की परीक्षाएं शुरू हुईं, उनकी बेचैनी और बढ़ गई थी। जब तक बच्चे पेपर देकर घर नहीं लौटते थे, तब तक उन्हें चैन नहीं मिलता था। 6 मार्च को कुलदीप का हिंदी का आखिरी पेपर था। वह पेपर देकर जल्दी घर लौट आए, इसलिए बाइक से जा रहा था। उस दिन जगदीश को कुछ काम था, इसलिए शीतल अपने भाई के साथ परीक्षा दिलाने चली गई। बेटी ने बताया- ताऊ और ताई बाइक से पीछे आए जगदीश बताते हैं कि दोनों सुबह करीब 8 बजे घर से निकले थे। यह आखिरी बार था जब उन्होंने अपने बच्चों को देखा। रास्ते में करीब चार किलोमीटर का जंगल पड़ता है और रास्ता भी काफी सुनसान रहता है। वे कहते हैं कि बच्चे घर से निकले ही थे कि शीतल का फोन आया। उसने बताया कि ताऊ और ताई बाइक से पीछे आए और आगे निकल गए हैं। यह सुनकर वे घबरा गए। उन्होंने शीतल से कहा कि कुलदीप को बोलो बाइक धीरे चलाए और उन्हें आगे निकल जाने दे। फोन पर बेटी बोली- पिताजी हमें मार दिया जगदीश मालवीय बताते हैं कि बच्चों के निकलने के बाद उन्हें घबराहट होने लगी। दो-तीन मिनट बाद उन्होंने फिर से शीतल को फोन लगाया। फोन उठाते ही शीतल सिसकते हुए बोली- पिताजी, उन्होंने भैया और मुझे मार दिया। उसने बताया कि पुलिया के पास घाटी में ताऊ ने कुल्हाड़ी, हंसिया और लाठी से हमला कर दिया। यह सुनते ही जगदीश के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें। घबराहट में उनका सिर चकराने लगा। TI ने मदद भेजने की बजाय लाशें लाने को कहा जगदीश बताते हैं कि जब मुकेश ने टीआई को बच्चों पर हमले की जानकारी दी, तो मदद भेजने की बजाय उसने कहा- “मर जाएं तो लाशें लेकर आना।” जगदीश का कहना है कि उनके बच्चों की मौत के असली जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन हैं। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद उनके बच्चों की जान बच सकती थी। पिता का सिर भी फोड़ चुका है आरोपी पास ही बच्चों के दादा गंगाराम भी बैठे थे। सिर पर बंधा गमछा सरकाते हुए उन्होंने कहा- आरोपी हरि सिंह उनका बड़ा बेटा है। गंगाराम के मुताबिक, करीब 20 साल पहले हरि ने उनका सिर भी फोड़ दिया था। मैं उसका बाप हूं, फिर भी फांसी चाहता हूं गंगाराम दुख और गुस्से में बताते हैं कि दोनों भाई पहले सुशील नगर में रहते थे। वहां जगदीश को मकान का पट्टा मिला था, लेकिन हरि सिंह ने उस जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। वहीं पास में खड़े जगदीश के भतीजे अभिषेक कहते हैं कि कुलदीप और शीतल उनकी बुआ के बच्चे थे। अभिषेक का कहना है कि पुलिस को पूरे मामले की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल करते हैं कि आखिर उनके भाई-बहन की मौत का जिम्मेदार कौन है। SDOP बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा आष्टा एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने बताया कि इस मामले में हर पॉइंट पर जांच की जा रही है। परिवार ने कहां-कहां आवेदन दिए थे और कहां लापरवाही हुई, इसकी भी जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टीआई बोले- परिजन के आरोप सरासर गलत सिद्धिकगंज थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल ने बताया कि दो आरोपियों को कोर्ट रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया है। जहां तक फरियादी के आवेदन की बात है, तो उनके आवेदन पर पहले ही FIR दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। उनसे सभी आरोप सरासर गलत हैं। ये खबर भी पढ़ें… भतीजे-भतीजी को ताऊ ने पीट-पीटकर मार डाला आष्टा के धर्मपुरी में एक शख्स ने अपने छोटे भाई के दो बच्चों की हत्या कर दी। वारदात की वजह पारिवारिक जमीन को लेकर विवाद बताया जा रहा है। घटना से गुस्साए परिजन ने मॉर्चुरी के बाहर कॉन्स्टेबल को पीट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
सतना प्रयागराज-सतना रेलखंड पर बगहा बाइपास के पास सोमवार रात एक महिला और एक नाबालिग ने मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार घटना सोमवार रात करीब 9 बजे की है। प्रयागराज से सतना की ओर आ रही मालगाड़ी जब बगहा बाइपास पुल के पास पहुंची, तभी करीब 45 वर्षीय महिला और लगभग 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक इंजन के सामने कूद गए। टक्कर लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। लोको पायलट ने दी सूचनामालगाड़ी के लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर के जरिए घटना की जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। पायलट ने बताया कि महिला और नाबालिग पहले रेलवे ट्रैक से कुछ दूरी पर खड़े थे, लेकिन ट्रेन पास आते ही अचानक पटरी पर आ गए। फिलहाल दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। महिला ने गुलाबी रंग की फूल वाली साड़ी पहन रखी थी। जबकि नाबालिग ने ब्लैक जींस और सफेद रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। घटना वाली जगह सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है। सुबह होगी पहचान की कोशिशरात अधिक होने के कारण शवों को मौके से नहीं हटाया गया। पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा। साथ ही पहचान कराने की कोशिश की जाएगी।
धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के टीवी अभिनेत्री कनिका मान भस्म आरती में शामिल होने पहुंचीं। उन्होंने नंदी हॉल में करीब दो घंटे बैठकर भस्म आरती का दर्शन किया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। कनिका मान सुबह करीब चार बजे मंदिर पहुंचीं। भस्म आरती के दौरान वह नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं। आरती के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन कर उन्हें कान में अपनी इच्छा बताई। इसके बाद उन्होंने देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए। पहली बार महाकाल मंदिर पहुंचीं दर्शन के बाद कनिका ने मंदिर समिति की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि वह पहली बार महाकाल मंदिर आई हैं। उन्होंने बताया कि वह भगवान शिव की बड़ी भक्त हैं, लेकिन पहली बार भस्म आरती में शामिल होने का अनुभव उनके लिए बेहद खास और अलग रहा। कई चर्चित टीवी शोज में कर चुकी हैं काम कनिका मान कई लोकप्रिय टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं। उन्होंने गुड्डन तुमसे ना हो पाएगा, बढ़ो बहू, रूहानियत और खतरों के खिलाड़ी 12 जैसे कार्यक्रमों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
अलीगढ़ के बन्नादेवी क्षेत्र में मंगलवार सुबह परीक्षा देने जा रहे बाइक सवार छात्रों को डंपर ने टक्कर मार दी। इसमें से एक छात्र की सिर कुचलने से मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर को लेकर भागने लगा, लेकिन लोगों के घेराबंदी करने के कारण वह डंपर को छोड़कर भाग गया। थाना बन्नादेवी के रामनगर निवासी छात्र परीक्षा देने बाइक से जा रहे थे। जैसे ही वह खैर बाइपास रोड पर पहुंचे, डंपर ने उन्हें चपेट में ले लिया। इससे एक छात्र का सिर टायर के नीचे आने से बुरी तरह कुचल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों के घेराबंदी करने पर चालक डंपर छोड़कर भाग गया। वहीं, सूचना पर थाना बन्नादेवी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया है। लोगों ने डंपर में आग लगाने की कोशिश की हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने डंपर में तोड़फोड़ और आग लगाने की कोशिश की। वहीं, मौके पर भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गई है। लोगों ने आरटीओ और पुलिस के संरक्षण में मानकों की अनदेखी कर चल रहे वाहनों पर गुस्सा भी जाहिर किया। इधर लोगों के जाम लगाने की कोशिश पर पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गेहूं कटाई के दौरान बिजली बंद करने की मांग:मंदसौर विधायक ने लाइट का समय बदलने का रखा प्रस्ताव
मंदसौर विधायक विपिन जैन ने सिंचाई के लिए दी जा रही बिजली आपूर्ति के समय में बदलाव की मांग की है। उन्होंने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री को पत्र लिखकर किसानों की सुरक्षा और फसल संरक्षण का हवाला दिया है। बिजली कंपनी को लिखा पत्र विधायक विपिन जैन ने अपने पत्र में बताया कि वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कई स्थानों पर कटाई का काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में खेतों में लगातार मशीनें और मजदूर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति जारी रहने से खेतों में दुर्घटना होने और फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। कटाई के दौरान बढ़ता हादसों का खतरा विधायक जैन ने बताया कि खेतों में इस समय हार्वेस्टर और अन्य मशीनों से गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में यदि दिन के समय बिजली आपूर्ति चालू रहती है तो दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति के समय में बदलाव करना जरूरी है। गर्मी में आग लगने की घटनाओं का खतरा विधायक ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गर्मी के मौसम में दिन के समय बिजली के फाल्ट होने की स्थिति में खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यदि खेतों में खड़ी या कटी हुई फसल के पास बिजली लाइन में फाल्ट होता है तो आग लगने से पूरी फसल जलने का खतरा रहता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नीचे लटकते तारों से भी खतरा उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं। ऐसे में जब खेतों में हार्वेस्टर से फसल की कटाई होती है तो इन तारों से टकराने का खतरा बना रहता है। इस स्थिति में किसानों और मजदूरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। किसानों ने भी की समय बदलने की मांग क्षेत्र के कई किसानों ने भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिन के समय बिजली आपूर्ति बंद करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि कटाई के दौरान बिजली बंद रहने से किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है। सुबह 11 से शाम 7 बजे तक बिजली बंद करने का सुझाव विधायक विपिन जैन ने अधीक्षण यंत्री से अनुरोध किया है कि सिंचाई के लिए दी जा रही बिजली आपूर्ति का समय बदला जाए। उन्होंने विशेष रूप से सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखने के आदेश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं और फसल को होने वाले नुकसान से बचाव किया जा सके।
सीकर पुलिस ने 14 साल की नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग लड़की को भी पकड़ लिया है। आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर रेप किया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। SHO राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि पुलिस थाने पर 15 जनवरी 2026 को 14 साल की नाबालिग लड़की के पिता ने एक युवक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि उनका परिवार काम के सिलसिले में सीकर में रहता है। 13 जनवरी की सुबह आरोपी युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। नाबालिग लड़की की तलाश और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश दी। लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। हालांकि पुलिस ने टेक्निकल टीम लगातार इस मामले में लगाई हुई थी। इसी के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी युवक नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर गांव की तरफ आया हुआ है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने नाबालिग लड़की को डिटेन कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने नाबालिग लड़की को महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर ले जाकर रेप किया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में 32 साल की युवती से गैंगरेप:युवक ने नशीला पदार्थ देकर रेप किया, दोस्त ने अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया सीकर में 32 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ है। युवती ने 2 युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है। युवती का आरोप है कि एक युवक ने रेप किया। वहीं दूसरे युवक ने उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।(पूरी खबर पढ़ें)
कानपुर नगर निगम गेस्ट हाउस में सोमवार को रंग, उमंग और संगीत के साथ होली का उत्सव पूरे शबाब पर नजर आया। महापौर प्रमिला पांडेय के होली मिलन समारोह में अबीर-गुलाल, फूलों की होली और फिल्मी-लोकगीतों की धुनों ने माहौल को पूरी तरह रंगीन बना दिया। राधा-कृष्ण की झांकी, कलाकारों की प्रस्तुतियों और महिलाओं के उत्साह के बीच महापौर भी खुद को थिरकने से नहीं रोक सकीं। देखिए इस उत्सव की 10 तस्वीरें…
प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस होगी बंद:60% से अधिक सीटें खाली, रेलवे को हो रहा नुकसान
प्रयागराज से गोरखपुर के बीच दौड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को जल्द ही बंद करने की तैयारी हो रही है। पर्याप्त यात्री न मिलने और रेलवे को फायदा न होने से इसे बंद करने पर विचार चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज-लखनऊ खंड पर रोजाना औसतन 60 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह रही हैं, जिससे राजस्व में भारी गिरावट आ गई है। शुरुआत में यह ट्रेन केवल गोरखपुर-लखनऊ के बीच चलती थी। यात्रियों की मांग पर मार्च 2024 में इसका विस्तार प्रयागराज तक किया गया, लेकिन अब कम ऑक्यूपेंसी से रेलवे को घाटा हो रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने पहले ही आगरा-उदयपुर वंदे भारत को कम यात्रियों के कारण बंद कर दिया है। प्रयागराज जंक्शन स्टेशन सलाहकार समिति सदस्य रौनक गुप्ता ने कहा कि प्रयागराज से ट्रेन की रवानगी का समय यात्रियों को सुविधाजनक नहीं लग रहा। इसे बंद करने के बजाय सुबह चलाया जाए और शाम को वापसी होनी चाहिए। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वंदे भारत के लिए 40-50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी पर्याप्त नहीं। यात्री न बढ़ें तो रैक को व्यस्त रूट पर लगाना बेहतर होगा। एनसीआर सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसाार आगरा-उदयपुर वंदे भारत बंद हो चुका है। प्रयागराज-गोरखपुर अभी चल रही है, लेकिन अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड लेगा। कम यात्रा के कारण वंदे भारत ट्रेनों की समीक्षा तेज हो गई है। यात्रियों की सुविधा और रेलवे की आय के बीच संतुलन बनाना चुनौती बन गया है।
इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में कुत्ते के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर सामने आए एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो युवकों समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना रालामंडल ब्रिज के पास एबी रोड बायपास की बताई जा रही है। सोशल मीडिया स्टोरी से सामने आया मामला पुलिस के मुताबिक इंस्टाग्राम की एक आईडी पर स्टोरी अपलोड की गई थी। इसमें कुछ युवक रालामंडल ब्रिज के पास एक पालतू कुत्ते के साथ क्रूरता करते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वीडियो की जांच में सामने आया कि यह घटना 6 मार्च 2026 को दोपहर करीब 4 बजे की है। घटना एबी रोड बायपास स्थित रालामंडल ब्रिज के पास की बताई गई है। दो नामजद आरोपी, अन्य की पहचान जारी पुलिस ने धर्मेंद्र बारिया निवासी रालामंडल और विवेक ठेकेदार निवासी राम मंदिर के पास रालामंडल सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में नजर आ रहे अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पशु क्रूरता अधिनियम में केस दर्ज तेजाजी नगर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बांसवाड़ा में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ अश्लील हरकत करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पीड़िता का लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली है। तालाब किनारे ले जाकर की अश्लील हरकत पुलिस के अनुसार घटना 6 मार्च की शाम की है। आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और तालाब के पास ले जाकर अश्लील हरकत की। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल और अन्य सामान भी छीन लिया। पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची, जिसके बाद परिजनों की मौजूदगी में मामला दर्ज कराया गया। CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान मामले की गंभीरता को देखते हुए SP सुधीर जोशी और ASP नरपत सिंह भाटी के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में एक युवक नाबालिग को बाइक पर ले जाते हुए दिखाई दिया। घर से किया गिरफ्तार वारदात के बाद आरोपी अपने घर से फरार हो गया था। पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर 9 मार्च को उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़िता का मोबाइल बरामद किया और घटना में काम ली गई बाइक जब्त कर ली।
संभल में घना कोहरा, विजिबिलिटी 60 मीटर दर्ज:न्यूनतम तापमान 17 डिग्री, AQI 208; स्वास्थ्य पर असर
संभल में घना कोहरा छाने से दृश्यता 60 मीटर तक रह गई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 208 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में बदलाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, जिससे खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। मंगलवार सुबह 8 बजे संभल जिले का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गंगा किनारे स्थित गुन्नौर तहसील के बबराला कस्बे सहित लगभग 100 ग्रामीण क्षेत्रों और हाईवे पर कोहरे का असर रहा। चंदौसी और संभल शहर तथा आसपास के इलाकों में भी धुंध देखी गई। फरवरी का महीना सामान्य रहा था, लेकिन 4 मार्च को होली के दिन भी घना कोहरा छाया था। दिन में तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सुबह और रात में चल रही सर्द हवाओं से आम जनता परेशान है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और सुबह खेतों में जाने वाले किसानों को अधिक दिक्कत हो रही है। बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय संभल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है, जहां प्रतिदिन 600 से 700 नए मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। परिवहन व्यवस्था पर भी मौसम का असर दिख रहा है। चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली पांच ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। हातिम सराय संभल रेलवे स्टेशन से बिलारी होते हुए मुरादाबाद जाने वाली डेमो ट्रेन दिन में दो चक्कर लगा रही है, लेकिन इसमें यात्रियों की संख्या 100 से अधिक नहीं हो रही है। लोग सुबह और रात में रोडवेज बसों में सफर करने से बच रहे हैं। बबराला कस्बे के निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि लगभग एक महीने बाद आज कोहरा दिखा है, लेकिन मौसम सामान्य है और सर्द हवाओं के कारण हल्की ठिठुरन महसूस हो रही है। सभासद आसिफ कुरैशी के अनुसार, रमजान के महीने में मिला-जुला मौसम होने से रोजेदारों को कोई खास दिक्कत नहीं हो रही है, हालांकि दिन में धूप निकलने से गर्मी का एहसास होता है।
राजगढ़ के पिनान के पास सोमवार देर शाम अलवर-करौली नेशनल हाईवे 921 पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पिनान गैस एजेंसी के पास हुई इस दुर्घटना में मण्डावर निवासी ओमप्रकाश जांगिड(41) पुत्र मूलचंद जांगिड, और दिनेश जांगिड(28) पुत्र जगदीश जांगिड की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं टिंकू राम सैनी पुत्र मंगलराम सैनी और प्रभुदयाल सैनी पुत्र कालूराम सैनी, निवासी आमकीवाल राजगढ़, गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों के परिजन मोनू जांगिड ने बताया की ओमप्रकाश और दिनेश राजगढ़ किसी रिस्तेदारी में गए थे दोनों देर रात में वापस आ रहे थे। दोनों मृतक आपस में मामा बुआ के लड़के है जो दोनों एक साथ फर्नीचर का काम करते थे,और दोनों का परिवार मण्डावर में रहता है। देखे घटना से जुड़ी PHOTOS.. हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार घायल टिंकू और प्रभुदयाल एक ही बाइक पर सवार होकर मण्डावर में सेटरिंग का काम करने के बाद अपने घर राजगढ़ लौट रहे थे, जबकि दूसरी बाइक पर सवार दोनों युवक राजगढ़ की ओर से मण्डावर जा रहे थे। इसी दौरान गैस एजेंसी के पास दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस स्टाफ पदमचंद सैनी व जसराम मीणा की मदद से घायलों और मृतकों को पिनान के आदर्श सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। दोनों घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजगढ़ रेफर कर दिया गया। वहीं पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजगढ़ सीएचसी की मोर्चरी में रखवा दिया है।
हाथरस में बोर्ड की परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी हैं। जिले के 99 परीक्षा केंद्रों पर इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को सुबह की पाली में हाई स्कूल के परीक्षार्थियों ने चित्रकला विषय की परीक्षा दी, जबकि शाम की पाली में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी गृह विज्ञान और बिजनेस स्टडीज जैसे विषय की परीक्षा देंगे। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षाएं संपन्न हो रही हैं। सुबह कड़ी चेकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पूरे जिले को 4 जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हो रही परीक्षा जिले भर में कुल 44,370 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 22,162 हाई स्कूल के छात्र और 22,208 इंटरमीडिएट के छात्र शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर मंगलवार सुबह से ही छात्रों और उनके अभिभावकों की काफी भीड़ देखी गई। हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में यह परीक्षा हो रही है।
अंबिकापुर के रेलवे स्टेशन में दो नए प्लेटफार्म का काम शुरू हो करने का आदेश जारी कर दिया गया है। रेलवे ने गुड्स शेड का काम बंद करने का भी आदेश दिया है। गुड्स शेड के कारण ही नए प्लेटफार्म का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था, जिसकी स्वीकृति करीब एक साल पहले मिली थी। वर्तमान में अंबिकापुर में सिर्फ एक ही प्लेटफार्म है। अंबिकापुर में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए लंबे समय से अतिरिक्त प्लेटफार्म की मांग की जा रही थी। वर्तमान में अंबिकापुर में एकमात्र प्लेटफार्म है, जिसके कारण यात्री ट्रेनों के संचालन में दिक्कत हो रही थी। इसके अलावे प्लेटफार्म के अभाव में यात्री ट्रेनों को कमलपुर में रोकने के कारण यात्रियों का अतिरिक्त समय भी लग रहा था। सांसद चिंतामणि महाराज के प्रयासों से करीब एक साल पहले अतिरिक्त प्लेटफार्म की स्वीकृति मिली थी। गुड्स यार्ड के कारण लटका था काम अंबिकापुर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प भी किया गया है। 22 मई 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने नए स्वरूप में तैयार रेलवे स्टेशन का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया था। इसके बावजूद अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण करीब एक साल तक लटका रहा। ZRUCC मेंबर मुकेश तिवारी ने कई बार इस मुद्दे को बैठकों में उठाया। अंततः रेलवे ने 01 मार्च 2026 को अंबिकापुर के गुड्स शेड को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। गुड्स शेड के खाली हो जाने के बाद अतिरिक्त प्लेटफार्म के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुकेश तिवारी ने बताया कि अंबिकापुर में दो अतिरिक्त प्लेटफार्म निर्माण का कार्य शुुरू करने का आदेश अतिरिक्त सेक्शन इंजीनियर ने जारी कर दिया है। इसके साथ ही नई लूप लाइन, 6 मीटर चौड़ फुट ओवर ब्रीज एवं डिजिटल डिस्प्ले का कार्य भी शुरू हो रहा है। दो नए प्लेटफार्म बनने से यात्रियों को सुविधा होगी। वर्तमान में जिन ट्रेनों को स्टेशन में प्लेटफार्म के अभाव में कमलपुर में रोका जाता है, वे समय पर अंबिकापुर पहुंच सकेंगे। वाशिंग पिट भी हो रहा तैयार अंबिकापुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग पिट का निर्माण भी 32 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इसके बाद अंबिकापुर रेलवे स्टेशन में ट्रेनों की सफाई एवं मरम्मत का काम हो सकेगा। इसके बाद यात्री ट्रेनों का परिचालन आसान हो जाएगा। भविष्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार में यह सुविधा अधिक फायदेमंद होगी।
इनकम टैक्स विभाग ने देशभर में उन रेस्टोरेंट्स की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया, जिन पर बिक्री (टर्नओवर) कम दिखाने का संदेह है।
कुशीनगर में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होने के बाद की गई, जिसमें कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही थी। वायरल हुआ ऑडियो लगभग 1 मिनट 24 सेकंड का है। इसमें दो व्यक्तियों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसमें एक मामले की विवेचना और चार्जशीट दाखिल करने के लिए नकद पैसे मांगने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर थाना तरयासुजान में तैनात उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वायरल ऑडियो में उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह कथित तौर पर नियमों को दरकिनार कर पैसे लेकर चार्जशीट कोर्ट में भेजने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में सड़क हादसे में युवक की मौत:बारात से लौटते समय हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
उन्नाव के औरास थाना में सोमवार की रात सड़क हादसे में युवक की मौत हो गयी है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय इंद्रसेन रावत के तौर पर हुई है, जो देर रात बारात से लौट रहा था। हादसे की सूचना मिलने से घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से जुड़ी तस्वीरें… जानिए पूरा घटनाक्रम जानकारी के अनुसार ग्राम बयारी थाना के रहने वाले इंद्रसेन रावत पुत्र मुलहे सोमवार की रात अपने रिश्तेदार पृथ्वी पुत्र भोगई निवासी शाहपुर तोंदा की बेटी पुष्पा की बारात में शामिल होने के लिए घर से शाहपुर तोंदा गए थे। बारात का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वह अपने बहनोई राजू पुत्र लालचंद निवासी शाहपुर तोंदा थाना हसनगंज जनपद उन्नाव की मोटरसाइकिल से वापस अपने गांव बयारी लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि शाहपुर तोंदा से नरसा बयारी जाने वाले रास्ते पर घरघटा गांव के पास वीरेंद्र के अर्धनिर्मित मकान के सामने उनकी मोटरसाइकिल का एक्सीडेंट हो गया। दुर्घटना में इंद्रसेन रावत को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) औरास भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक के परिजनों की ओर से किसी भी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया गया है। प्राथमिक जांच में मौत का कारण सड़क दुर्घटना में आई गंभीर चोटें बताया गया है। मृतक इंद्रसेन रावत अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी माता का नाम फूलमती और पत्नी का नाम गुड़िया है। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें 15 वर्षीय राज, 12 वर्षीय ऋतिक और 10 वर्षीय रियांशू शामिल हैं। परिवार में तीन भाई थे, जिनमें एक भाई चंद्रसेन रावत की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य दो भाई नरेंद्र (30 वर्ष) और उदयराज (26 वर्ष) हैं।
जम्मू कश्मीर की एक युवती से दो युवकों की प्रेम कहानी अधर में लटक गई। राजस्थान और जम्मू कश्मीर के दो युवकों ने युवती से शादी का दावा किया है। एक ने राजस्थान और दूसरे ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में युवती से शादी का दावा करते हुए याचिकाएं दायर की हैं। मामले के अनुसार जम्मू कश्मीर के अनंतनाग की युवती शकीला अख्तर की कुछ समय से राजस्थान पुलिस तलाश कर रही है। राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के बरड़वा थाना क्षेत्र के सुदरासन गांव निवासी जितेंद्र सिंह ने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर की है। जितेंद्र सिंह ने याचिका में दावा किया कि उसने शकीला से 16 फरवरी 2025 को पंजाब के फिरोजपुर में शादी की थी। उसने याचिका में शादी से जुड़े दस्तावेज और लिव-इन सर्टिफिकेट भी पेश किए। उसने शकीला को सौंपने की मांग की है। जितेंद्रसिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आज राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में शकीला और शब्बीर से जुड़े मामले की सुनवाई 13 मार्च को होगी। पुलिस को नहीं मिली शकीला जोधपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर बरड़वा थाना पुलिस ने सीआरपीएफ की मदद से जम्मू कश्मीर में शकीला की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अनंतनाग सहित कई स्थानों पर सर्च अभियान चलाए। लेकिन न तो शकीला मिली और न ही शब्बीर अहमद खान का कोई पता चल पाया। प्रेम कहानी में अजीब मोड़ आया जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर हाईकोर्ट में शब्बीर अहमद खान नामक युवक ने याचिका दायर की। उसने शकीला को अपनी पत्नी बताते हुए दोनों की सुरक्षा की मांग की है। उसने अदालत में निकाहनामा पेश किया जिसमें दावा किया कि 12 जून 2024 को दोनों का निकाह हुआ था। याचिका में कहा कि उनके परिजन इस निकाह को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षा दी जाए। श्रीनगर हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। जम्मू में शकीला से नजदीकियां बढ़ी जितेंद्र के अनुसार वह एक कंपनी के ठेके पर काम करने जम्मू गया था। वहां शकीला से नजदीकियां बढ़ीं। परिवार की सहमति से दोनों ने फिरोजपुर में शादी की और साथ रहने लगे। बाद में शकीला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। इसके बाद जम्मू पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और शकीला को जम्मू ले गई। वहां शकीला ने उसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। फिर भी उसे साथ नहीं भेजा गया। इसके बाद जितेंद्र ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पहली सुनवाई और नोटिस की तारीख मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पहली बार 30 अक्टूबर 2025 को सुनवाई की थी। इसी दिन कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अगली पेशी पर युवती को पेश करने का निर्देश दिया था। 30 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 के बीच इस मामले की सुनवाई 7 अलग-अलग तारीखों पर हुई है। सबसे ताजा आदेश 23 फरवरी 2026 का है, जिसमें सरकारी वकील ने युवती को खोजने के लिए कोर्ट से थोड़ा और समय मांगा, जिसके बाद जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 तय की। सीआरपीएफ को मदद का आदेश 29 जनवरी 2026 को जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया था कि वह उस इलाके में तैनात सीआरपीएफ और अन्य अर्द्धसैनिक बलों (पैरा मिलिट्री फोर्सेज) की मदद लेकर युवती को खोजें। --- ये खबर भी पढ़ें 0 नंबर लाने वाले को भी मिली सरकारी नौकरी:हाईकोर्ट ने पूछा- चपरासी भर्ती में न्यूनतम अंक निर्धारित क्यों नहीं किए राजस्थान में फोर्थ क्लास (चपरासी) भर्ती 2024 में जीरो नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति देने के मामले में हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जो व्यक्ति शून्य अथवा नेगेटिव अंक लाता है। उसे किसी भी पद के लिए उपयुक्त कैसे माना जा सकता है? सरकार को न्यूनतम मापदंडों की पालना तो करनी ही चाहिए। (पूरी खबर पढ़ें)
मोहाली की जीरकपुर पुलिस ने प्लॉट बेचने के नाम पर 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई मोहाली एसएसपी को मिली शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जीरकपुर के हेजलवुड सोसाइटी निवासी राकेश नंदा ने पुलिस में शिकायत दी है। नंदा ने पुलिस को बताया कि वे फ्लैट बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर विनय गर्ग से हुई, जिसने उन्हें अनिल कुमार से मिलवाया। अनिल कुमार ने उन्हें नाभा, जीरकपुर स्थित दशमेश नगर में प्लॉट नंबर 46 और 47 दिखाए। इन प्लॉटों का मालिकाना हक संजना शर्मा और रमन कुमार के नाम बताया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों प्लॉटों का सौदा लगभग 90 लाख रुपये में तय हुआ। उन्होंने संजना शर्मा के खाते में 15 लाख, रमन कुमार के खाते में 10 लाख और अनिल कुमार के खाते में 30 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों पर ट्रांसफर किए। इसके अतिरिक्त, लगभग 35 लाख रुपये नकद भी दिए गए। पैसे लिए पर रजिस्ट्री नहीं करवाई आरोप है कि आरोपियों ने रजिस्ट्री में देरी का बहाना बनाकर उन्हें लगातार टालते रहे। उन्होंने राकेश नंदा को पावर ऑफ अटॉर्नी देकर जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कहा। पीड़ित ने इस जमीन पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च कर निर्माण भी करवा लिया। आरोपियों ने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करवाई। पैसे वापस करने का आश्वासन दिया लेकिन किया नहीं बाद में आपसी समझौते के तहत कुछ रकम लौटाने और रजिस्ट्री करवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ये वादे पूरे नहीं किए गए। पुलिस जांच में पाया गया कि आरोपियों ने प्लॉट बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता से बड़ी रकम ली, लेकिन रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने संजना शर्मा और रमन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
हम दोनों शादी करने वाले हैं। तू उसका पीछा छोड़ दे। नहीं माना तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। तुझसे जो बन पड़े कर ले, वो मेरी है और मेरी ही रहेगी। मैं उससे शादी करूंगा। ये शब्द उस वारदात से पहले के हैं, जिसमें एक लड़की को पाने के लिए दो प्रेमी आपस में भिड़ गए। गुस्से में एक ने दूसरे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। दोस्त के साथ मिलकर पहले पीटा, फिर खींचकर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल ले गए और करीब 15 बार चाकू से गोदा। वारदात 4 मार्च को सागर के रहली थाना क्षेत्र की थी। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालते हुए लड़की तक पहुंची, जहां लव ट्राएंगल का मामला सामने आया। पहला प्रेमी समझाने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा था। उसे रास्ते से हटाने के लिए पोस्ट ऑफिस में काम करने वाली प्रेमिका ने पुलिस की तैयारी कर रहे नए प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दैनिक भास्कर ने इस लव ट्राएंगल को लेकर पुलिस से बात की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई। पढ़िए रिपोर्ट…. भाई पुलिस के पास पहुंचा, फिर मिली खून सनी लाश 4 मार्च को भगत सिंह वार्ड में रहने वाला अविनाश उर्फ आकाश ठाकुर (33) रहली थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई विकास ठाकुर (30) घर से होली खेलने का कहकर निकला था, लेकिन रात होने को आई, अब तक वापस नहीं लौटा। पुलिस ने तलाश शुरू की तो कुछ घंटों बाद उसकी लाश रहली-जबलपुर रोड स्थित मुहली के जंगल में मिली। लाश खून से सनी थी। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। कुछ दूर पर ही उसकी बाइक खड़ी थी। शुरुआती पड़ताल में धारदार हथियार से हत्या करने की आशंका जताई गई। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, जिस पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया। भाई बोला- न नशा करता था, न किसी से विवाद था पुलिस ने परिवार से पूछताछ की। भाई अविनाश ने बताया कि वह वारदात के दिन दोपहर करीब 1.30 बजे घर से निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा। इस बीच रात में ही उसकी लाश जंगल में मिली। पुलिस ने मृतक के भाई से पुराने विवाद और अन्य कोई कारण के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन भाई अविनाश ने कहा- विकास का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह नशा भी नहीं करता है। अपने काम से मतलब रखता था। उसकी हत्या कोई क्यों करेगा, यह सवाल तो हमारा पूरा परिवार खुद से कर रहा है। पुलिस ने परिवार के हर सदस्य से बात की, लेकिन ऐसा कोई पॉइंट नहीं पकड़ में आया कि हत्या की कड़ी जुड़ सके। आखिरी कॉल से प्रेमिका तक पहुंची पुलिस पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए दूसरे पॉइंट पर काम शुरू किया। मृतक 30 साल का था, इसलिए लड़की वाले एंगल पर ज्यादा फोकस किया। पुलिस ने विकास के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली, इसमें आखिरी कॉल मेघा नाम की एक लड़की को किया गया था। पुलिस ने लड़की का पता खोजा। पूछताछ के लिए थाने बुलाया। शुरुआत में तो वह विकास को दोस्त बताकर पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब सख्ती हुई तो टूट गई। नया आशिक मिला, पुराना पीछा नहीं छोड़ रहा था मेघा ने पुलिस को बताया कि वह विकास को करीब 5 साल से जानती है। दोनों की मुलाकात अगरबत्ती बनाने के काम करने के दौरान हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई। फिर प्यार हो गया। अगरबत्ती बनाने का काम करने के साथ ही उसने कॉलेज की पढ़ाई भी जारी रखी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान जैसीनगर निवासी अजय यादव से दोस्ती हुई। मेघा का झुकाव अजय की ओर हो गया। मेघा और अजय का मिलना-जुलना शुरू हो गया। पढ़ाई के दौरान ही पोस्ट ऑफिस में नौकरी लग गई। पहली पोस्टिंग दमोह जिले के रामगढ़ पोस्ट ऑफिस में मिली, जिसके बाद वह दमोह में रहने लगी। नए आशिक के मिलने के बाद मेघा पुराने प्रेमी विकास से पीछा छुड़ाना चाहती थी। मेघा ने विकास से बातचीत भी कम कर दी थी। कई बार उसने विकास को मना भी किया, लेकिन वह मेघा से शादी करना चाहता था। काफी कोशिश के बाद भी जब विकास से पीछा नहीं छूटा तो मेघा ने नए प्रेमी अजय के साथ उसे रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर डाली। नए प्रेमी को फोन पर लोकेशन देती रही प्रेमिका पुलिस के अनुसार, विकास धुलेंडी के दिन मेघा से मिलने दमोह रवाना हुआ था। निकलने के पहले उसने मेघा को कॉल किया। बताया कि वह आ रहा है। विकास से बात करने के बाद उसने तत्काल अजय को कॉल कर विकास के दमोह आने की जानकारी दी। इसी दौरान विकास को रास्ते से हटाने की प्लानिंग हुई। अजय अपने साथी लल्लू धानक के साथ जैसीनगर से निकला। रास्ते में मोबाइल पर बात कर मेघा विकास की लोकेशन लेती रही और अजय को बताती रही। जैसे ही विकास मुहली के पास जंगल के रास्ते पर पहुंचा। पहले से ताक लगाकर बैठे अजय और लल्लू धानक उसकी बाइक के सामने आ गए। उन्होंने उसे रोका। अजय और विकास एक-दूसरे को पहले से जानते थे, इसलिए वह भी आसानी से रुक गया। अजय ने विकास को मेघा से दूर रहने के लिए कहा। विकास मानने को तैयार नहीं था। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो दोनों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। अधमरा कर वे उसे जंगल में खींचकर ले गए। वहां चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपियों ने विकास को करीब 15 बार चाकू से गोदा। हत्या के बाद जैसीनगर में घूम रहे थे, पकड़े गए वारदात के बाद दोनों जैसीनगर लौट आए। मेघा के पुलिस गिरफ्त में आते ही अजय और लल्लू के नाम सामने आ गए। पुलिस ने घर में दबिश दी, लेकिन दोनों नहीं मिले। मुखबिर की सूचना पर दोनों जैसीनगर में घूमते हुए पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया। वारदात में उपयोग किए चाकू के बारे में भी जानकारी दी। अजय पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अजय और मेघा की दोस्ती हुई। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन विकास राह में रोड़ा बना हुआ था। अजय ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ पुलिस भर्ती की तैयारी भी कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि मेघा के बताने पर उसने पहले भी विकास को समझाया था। हम दोनों शादी करने वाले हैं, लेकिन विकास सुनने को तैयार नहीं था। प्रेमिका समेत तीनों आरोपी गिरफ्तार रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि हत्या की वारदात में जांच करते हुए आरोपी मेघा चढ़ार निवासी सागर और आरोपी अजय यादव, लल्लू धानक दोनों निवासी बांसा जैसीनगर को गिरफ्तार किया है। 7 फरवरी को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। अफेयर के चलते हत्या की गई एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि हत्या के मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि मृतक का युवती से प्रेम संबंध था। बाद में युवती का अफेयर आरोपी अजय के साथ हो गया। यह खबर भी पढ़ें सागर के टाइगर रिजर्व में युवक का शव मिला, भाई ने लगाया हत्या का आरोप सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिला है। मृतक की शिनाख्त सागर निवासी विकास राजपूत के रूप में हुई है। घटनास्थल पर युवक की बाइक मिली है, लेकिन उसकी चाबी गायब है। परिजनों ने इसे षड्यंत्र बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। पढ़ें पूरी खबर
देवरिया में रुद्रपुर मोड़ के पास झाड़ियों में लगी आग:तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
देवरिया जिला मुख्यालय के रुद्रपुर मोड़ स्थित अनुश्री मैरिज हॉल के पास सोमवार देर रात आग लग गई। आग तेजी से कूड़े, सूखी घास और झाड़ियों में फैल गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय मैरिज हॉल में शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। देर रात आग की लपटें उठती देख लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मैरिज हॉल में मौजूद बाराती और आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल रही थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। सड़क किनारे सूखी झाड़ियों और पेड़ों में आग लगने के कारण लपटें लगातार फैलती जा रही थीं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, फायर ब्रिगेड ने दो दमकल वाहनों की मदद ली। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझने के बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर ध्यान न दिया जाता और फायर ब्रिगेड को सूचना न मिलती, तो यह आग पास के दर्जनों घरों और दुकानों तक पहुंच सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। आग की घटना के कारण देवरिया-रुद्रपुर मार्ग पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन में बाधा हुई। हालांकि, आग पर काबू पाने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
लखनऊ हाईकोर्ट में आज 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई होगी। गोंडा जिले के मनकापुर के रहने वाले पूर्व विधायक राम विष्णु आजाद के पुत्र और हाईकोर्ट अधिवक्ता विजय कुमार आजाद ने यह याचिका शिवम यादव की तरफ से दाखिल की है। जस्टिस शेखर बी सराफ और मंजीव शुक्ला की डबल बेंच कोर्ट नंबर तीन में इस मामले की सुनवाई करेगी, जिसे 288 नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है। अधिवक्ता विजय कुमार आजाद ने कोर्ट से फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपनी रिट याचिका में कहा है कि फिल्म की विषय-वस्तु को लेकर समाज में काफी गंभीर तनाव का माहौल बना हुआ है। लगातार लोग इसका विरोध कर रहे हैं और प्रदर्शन करके फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। याचिका में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के साथ-साथ इस फिल्म के प्रोड्यूसर अंकित भड़ाना और संबंधित कंपनी को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता आजाद का तर्क है कि इससे समाज में तनाव की स्थिति पैदा न हो और किसी भी समाज के व्यक्ति को अपमानित होने का अवसर न मिले। इससे पहले, 27 फरवरी को भी लखनऊ हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह टल गई थी। आज इस याचिका पर सुनवाई निर्धारित है। शिवम यादव सुल्तानपुर के रहने वाले हैं जिन्होंने अपने अधिवक्ता विजय कुमार आजाद के माध्यम से याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता विजय कुमार आजाद ने कहा कि 27 फरवरी को हमारी याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी आज हमारी याचिका का सुनाने के लिए कोर्ट ने सूचीबद्ध किया है। हमने कोर्ट से मांग की है की सुनवाई करते हुए जल्द से जल्द रोक लगाई जाए ताकि समाज में जो तनाव फैला हुआ है। उसी को देखते हुए कोर्ट से सुनवाई की मांग की गई है मैं न्यायालय से अपील करता हूं कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द फैसला करें। हमें आज पूरा उम्मीद है कि न्यायालय द्वारा सुनवाई करके कुछ ना कुछ फैसला समाज को लेकर की जरूर लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिला ने बर्थडे पार्टी के बहाने युवक को घर बुलाया। इसके बाद अपनी परिचित की एक अन्य महिला को कमरे में भेजकर दोनों का अश्लील वीडियो बना लिया। अब महिला वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजकर युवक को ब्लैकमेल कर रही है और 1 लाख रुपए की डिमांड कर रही है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला पीड़ित युवक के पास के ही गांव में रहती है। उसने अपने बेटे के बर्थडे पार्टी के बहाने युवक को घर बुलाया, जहां पहले से ही एक अन्य महिला मौजूद थी। कमरे में दोनों ने संबंध बनाए। इस दौरान घर पर बुलाई महिला ने दोनों का वीडियो बना लिया। बाद में युवक को स्क्रीनशॉट भेजकर पैसों की डिमांड करने लगी और नहीं देने पर सोशल मीडिया पर वायरल करने धमकी दी। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कर लिया है। युवक का आरोप है कि फंसाने के लिए बर्थडे पार्टी का बहाना बनाकर पूरी योजना तैयार की गई थी। जानिए क्या है पूरा मामला ? पचपेड़ी थाने के टीआई राज सिंह ने बताया कि केंवतरा आवासपारा का रहने वाला नोहर कुमार सूर्यवंशी (33) प्राइवेट जॉब करता है। शिकायत में उसने बताया कि उसकी पहचान एक महिला से है, जो पास के गांव में रहती है। 1 फरवरी को महिला के बेटे का बर्थडे था। बर्थडे के बहाने महिला ने युवक को घर बुलाया। उस समय युवक की परिचित की दूसरी महिला भी वहां मौजूद थी। जो कि उसकी दोस्त थी। शाम को वह परिचित महिला के घर पहुंचा। वहां पहले से एक कमरा खाली रखा गया था। महिला ने युवक और उसकी महिला मित्र को उस कमरे में भेज दिया। युवक का कहना है कि महिला को पहले से उसकी दोस्ती और अंतरंग संबंध की जानकारी थी। कमरे में युवक ने अपनी महिला मित्र के साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि उसी दौरान महिला ने दोनों का वीडियो बना लिया। स्क्रीनशॉट भेजकर मांगे 1 लाख युवक का आरोप है कि कुछ दिन बाद महिला ने उसके मोबाइल पर अश्लील वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजा। साथ ही बताया कि उसके पास पूरा वीडियो मौजूद है। महिला ने युवक से 1 लाख रुपए की मांग की। रकम नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला मित्र की भूमिका पर भी संदेह घटना के तरीके को देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवक के साथ मौजूद महिला की भी इस साजिश में भूमिका हो सकती है। युवक का कहना है कि उसे फंसाने के लिए जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर पूरी योजना तैयार की गई थी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि युवक के साथ संबंध बनाने वाली महिला की ब्लैकमेलिंग में क्या भूमिका है। पूरे मामले का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि मामले जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कारोबारी युवक सगाई से 48 घंटे पहले हनी-ट्रैप में फंसा: युवती ने खेत में बुलाकर वीडियो बनाया, फिर पिता को कॉल कर 17 लाख मांगे जांजगीर चांपा जिले में एक व्यापारी अपनी सगाई के 2 दिन पहले हनी ट्रैप में फंस गया। बसंतपुर के रहने वाले किशन साहू (26 साल) की दोस्ती आयशा बेगम (26) से हुई। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए नंबर एक्सचेंज किया। युवती ने 12 जून की रात किशन को खेत में बुलाया था। पढ़ें पूरी खबर…
प्रतापगढ़ में 1 मई तक निषेधाज्ञा लागू:आगामी त्योहारों और परीक्षाओं को देखते हुए डीएम का आदेश
प्रतापगढ़ में आगामी त्योहारों और संभावित परीक्षाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने आदेश जारी कर बताया कि जिले में 1 मई तक धारा 144 प्रभावी रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि 21 मार्च को ईद, 26 मार्च को रामनवमी, 31 मार्च को महावीर जयंती, 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती और 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे। इन त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस अवधि में विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं, पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं भी संभावित हैं। प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति से बचने के लिए सतर्कता बरत रहा है। यह आदेश जनपद के संपूर्ण क्षेत्र में लागू रहेगा और जिले के सभी व्यक्तियों पर प्रभावी होगा। प्रशासन ने लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
बदायूं में बदला मौसम, आसमान में छाए बादल:हल्की धुंध से तापमान गिरा, लोगों को गर्मी से मिली राहत
बदायूं में मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में बादल छा गए और हल्की धुंध दिखाई दी, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस की गई। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज धूप और बढ़ते तापमान से परेशान लोगों को राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से जिले में गर्मी तेजी से बढ़ रही थी। दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। तापमान लगातार बढ़कर करीब 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, जिससे मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास हो रहा था। गर्मी बढ़ने के साथ बाजार में ठंडे पेय पदार्थों, शरबत और आइसक्रीम की बिक्री भी तेज हो गई थी। दुकानों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिल रही थी। बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सोमवार शाम को लोगों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी। इसमें दोपहर की तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई थी। मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाने और धुंध जैसी स्थिति बनने से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को कुछ राहत मिली है, वहीं किसान भी मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
दतिया श्री पीतांबरा पीठ स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में नई व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। मंदिर परिसर में बैठने पर लगी रोक और पटवारियों की ड्यूटी लगाकर कराई जा रही वीडियोग्राफी से नाराज कुछ लोग सोमवार को कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी आपत्ति जताई और चर्चा के दौरान मंदिर परिसर में लगे “दलालों से सावधान” वाले होर्डिंग हटाने की मांग भी उठाई। दरअसल हाल ही में दतिया एसडीएम संतोष तिवारी ने आदेश जारी कर मंदिर के गर्भगृह और आसपास बैठने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में पटवारियों की ड्यूटी लगाकर वहां की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज की जा सकती है। कलेक्टर बोले- मंदिर में कुछ न कुछ हो जरूर रहाइन व्यवस्थाओं से नाराज कुछ लोग सोमवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे। करीब एक घंटे तक चली बैठक में कई बार चर्चा मूल मुद्दे से हटकर मंदिर ट्रस्ट और परिसर में लगे दलाली से जुड़े पोस्टरों तक पहुंच गई। इस पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने इशारों में कहा कि यदि ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं तो निश्चित रूप से किसी कारण से ही लगाए गए होंगे। कलेक्टर ने साफ किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी की धार्मिक गतिविधियों में बाधा डालना नहीं है, बल्कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर और सुचारु व्यवस्था बनाना है। उन्होंने संबंधित लोगों को सलाह दी कि भीड़भाड़ वाले दिनों में मंदिर के भीतर बैठकर जप या अन्य गतिविधियां न करें, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो और व्यवस्था बनी रहे।
सीतापुर में गौरक्षा और धार्मिक मुद्दों को लेकर निकाली जा रही गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा को लेकर सोमवार देर रात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नैमिषारण्य पहुंचे। मंगलवार सुबह यात्रा शुरू करने से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने उद्देश्य और यात्रा से जुड़े विवादों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य गौ माता की रक्षा करना है। अब जनता भी इस मुद्दे पर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि देश में अब लोग स्पष्ट रूप से यह तय कर चुके हैं कि किसी भी परिस्थिति में गौ हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और जगह-जगह लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नैमिषारण्य के संतों से बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने वहां के संतों से कोई संपर्क नहीं किया है, क्योंकि उनके अनुसार बहुत से संत भय के माहौल में हैं और वे उन्हें किसी विवाद या समस्या में नहीं डालना चाहते। उन्होंने कहा कि जो पहले से दबाव में हैं, उन्हें और परेशानी देना उचित नहीं है। शंकराचार्यों की संख्या को लेकर उठ रहे सवालों पर शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब असली शंकराचार्य उनके अनुसार राजनीतिक विचारों का समर्थन नहीं करते, तो “नकली शंकराचार्य” खड़े कर दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे असली शंकराचार्यों की गरिमा को जनता के बीच गिरा दिया जाए। आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों और यात्रा रोकने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनके विरोधी राजनीतिक लोगों द्वारा खड़े किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पहले ही गौ तस्करी के मामले में जेल जा चुके हैं तो वह क्यों गौ रक्षा की यात्रा को आगे बढ़ने देना चाहेंगे। शंकराचार्य ने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक दल चाहते हैं कि देश के चारों शंकराचार्य उनके सुर में सुर मिलाएं, लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश के तहत लोगों को आगे किया जा रहा है। देर रात नैमिषारण्य में सूर्यास्त के चलते शंकराचार्य ने मौन धारण किया था। इस दौरान उन्होंने ललिता देवी मंदिर और चक्रतीर्थ पर पूजन किया था। मंगलवार सुबह उनकी यात्रा फिर रवाना हो गई है। वही गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा को लेकर जहां समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह यात्रा राजनीतिक और धार्मिक बहस का विषय भी बनती जा रही है।
सतना पेट्रोल पंप पर टैंकर में लगी आग:कर्मचारियों ने काबू पाया, बाइक से निकली चिंगारी बनी वजह
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में जगतदेव तालाब के सामने स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार रात आग लग गई। यह घटना एक पेट्रोलियम टैंकर में हुई, जिसे अनलोड किया जा रहा था। एक बाइक स्टार्ट करने के दौरान निकली चिंगारी से आग भड़की, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारियों की तत्परता से उस पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे फ्यूल स्टेशन पर पेट्रोलियम टैंकर खाली किया जा रहा था। इसी दौरान एक युवक अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने के बाद टैंकर के पास ही उसे स्टार्ट करने लगा। बाइक से निकली चिंगारी टैंकर तक पहुंची और उसमें अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर मौजूद पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर केमिकल का छिड़काव किया और आग पर काबू पा लिया। यदि आग पर समय रहते नियंत्रण न पाया जाता तो व्यस्त बाजार क्षेत्र में एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। घटना के बाद पंप परिसर में धुआं फैल गया। पेट्रोल पंप में आगजनी की घटना के बाद आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आग लगने का कारण पूछते हुए पेट्रोल पंप को दोबारा न खुलने देने की धमकी दी। लोगों का कहना था कि शहर के बीचों-बीच पेट्रोल पंप में ऐसी घटनाएं बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा सोमवार देर शाम छतरपुर पहुंची। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में छत्रसाल चौराहा से मशाल जुलूस निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में नारे लगाए। भानू सहाय ने कहा कि महाराजा छत्रसाल की वीरभूमि छतरपुर में जन आक्रोश यात्रा का पहुंचना आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि छतरपुर की धरती शौर्य, स्वाभिमान और संघर्ष की गाथाओं से जुड़ी रही है। सहाय ने आगे कहा कि जिस तरह महाराजा छत्रसाल ने बुंदेलखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रेरणा से आज बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आंदोलन आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्रसाल की वीरता और बलिदान की यह भूमि पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के आंदोलन को और मजबूत करेगी। 13 मार्च को ओरछा धाम पहुंचेगी रैलीजन आक्रोश यात्रा 16 फरवरी को वनवासी राम की नगरी चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू हुई थी। यह यात्रा 13 मार्च को ओरछा धाम स्थित रामराजा सरकार के दरबार में पहुंचकर समाप्त होगी। यात्रा चित्रकूट से निकलकर बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, जालौन, हमीरपुर और महोबा होते हुए छतरपुर जिले में पहुंची। रास्ते में पड़ने वाले गांवों में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को समर्थन दिया। यात्रा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण का वादा तीन वर्षों में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी राज्य का गठन नहीं हो सका है। इसके विरोध में पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य एक लाख लोगों को आंदोलन से जोड़ना है। इस दौरान छतरपुर कचहरी में अधिवक्ताओं से भी जनसंपर्क किया गया। अधिवक्ताओं ने पृथक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में प्रधानमंत्री से जल्द राज्य गठन की मांग की।
हरियाणा के पूर्व DGP का व्हाट्सएप नंबर हैक कर उनके परिचितों को पैसे की डिमांड वाले मैसेज भेजे गए। अधिकांश परिचित तो लैंग्वेज देखकर समझ गए, लेकिन अंबाला एक हैड कांस्टेबल ट्रैप का शिकार हो गए। पूर्व DGP के द्वारा अब साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। हरियााणा के पूर्व डीजीपी निर्मल सिंह ने बताया कि 9 मार्च की शाम को करीब 4 बजे उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उसके बताया कि आप के पास एक पार्सल आया है, उसे रिसीव करने के लिए आप अपने फोन से कॉल करके अपने पार्सल के बारे पता कर सकते हैं। जिसके बाद कॉल करने वाले ने मेरे वॉटसएप का ओटीपी अपने नंबर रिसीव कर लिया और अपने फोन में मेरा व्हाट्सएप नंबर शुरू कर दिया। हैड कांस्टेबल बना ठगी का शिकार साइबर ठगों ने पूर्व डीजीपी के सभी परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगना शुरू कर दिया। अधिकांश परिचित तो मैसेज की लैंग्वेज देखकर समझ गए, लेकिन अंबाला के एक हैड कांस्टेबल ने 40 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पूर्व डीजीपी की शिकायत पर पंचकूला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2005 में बने हरियाणा डीजीपी आईपीएस अधिकारी निर्मल सिंह जुलाई 2005 में हरियाणा के DGP पद पर तैनात हुए थे, जो 31 अक्टूबर 2006 में रिटायर हो गए थे। डीजीपी पद पर रहते हुए वे अंबाला में रेड करने पहुंच गए थे। राजस्थानी वेशभूषा में उन्होंने एक एसएचओ को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
अलीगढ़ में 14 साल पहले हुए एक सनसनीखेज डकैती और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (SC-ST एक्ट) तोष कुमार शर्मा की अदालत ने कुख्यात बबलू मेवाती गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से आधी राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। तड़के 4 बजे घर में घुसे थे हथियारबंद बदमाश यह वारदात 23 नवंबर 2012 की सुबह करीब 4 बजे सासनी गेट इलाके में हुई थी। एक अनुसूचित जाति का परिवार अपने घर में सो रहा था, तभी बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर से कीमती जेवरात और नकदी लूट ली। वहीं, बदमाशों ने नवविवाहिता के साथ गैंगरेप भी किया। जाते समय लाइट की रोशनी में परिवार के सदस्यों ने बदमाशों के चेहरे देख लिए थे। हालांकि, समाज में बदनामी और लोकलाज के डर से पीड़ित परिवार ने शुरुआत में पुलिस को केवल चोरी की सूचना दी और उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मुठभेड़ के बाद बदमाशों ने खुद कबूला अपना गुनाह गैंगरेप की जानकारी पुलिस को 30 जनवरी 2013 को एसओजी टीम की मथुरा रोड पर बदमाशों से हुई मुठभेड़ के बाद पता चली। पुलिस ने इकरार उर्फ डांसर और शमीम नाम के दो लुटेरों को दबोचा। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने कबूल किया कि उन्होंने सासनी गेट स्थित उस घर में न सिर्फ डकैती डाली थी, बल्कि घर की नवविवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। जब पीड़ित परिवार को बदमाशों की शिनाख्त के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने दोनों को पहचान लिया और हिम्मत जुटाकर पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। कोर्ट ने इन आरोपियों को पाया दोषी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर न्यायालय ने इकरार उर्फ डांसर, शमीम, नकीम उर्फ नकीमा और गुलफाम उर्फ पहलवान को डकैती और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी माना। इन चारों को अब अपना बाकी जीवन जेल की सलाखों के पीछे गुजारना होगा। वहीं, इस गिरोह के एक सदस्य नाजिम की पहले ही गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग है जिसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। सरगना बबलू मेवाती पर फैसला आना अभी बाकी गैंग का मुख्य सरगना बबलू मेवाती घटना के बाद 50 हजार का इनामी बन गया था। पुलिस ने उसे करीब साढ़े तीन साल बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय तक गुजरात की जेल में भी बंद रहा। बबलू मेवाती की पत्रावली वर्तमान में अलग चल रही है क्योंकि उसके खिलाफ गवाही की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि जल्द ही उसके मामले में भी सख्त सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।
रणथंभौर के जंगल से निकलकर आबादी में पहुंचा लेपर्ड:शेरपुर पावर हाउस के पास 10 मिनट तक घूमता दिखा
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर जंगली जानवरों का आबादी वाले इलाकों में आने का सिलसिला लगातार जारी है। सवाई माधोपुर के शेरपुर गांव में सोमवार रात एक लेपर्ड दिखाया दिया। लेपर्ड करीब 10 मिनट तक शेरपुर पावर हाउस के आसपास घूमता रहा। पावर हाउस के पास चहलकदमी करता रहा लेपर्ड जानकारी के अनुसार रणथंभौर के जंगलों से निकलकर लेपर्ड शेरपुर गांव के पास स्थित पावर हाउस क्षेत्र में पहुंच गया। यहां वह करीब दस मिनट तक चहलकदमी करता रहा। थोड़ी देर बाद लेपर्ड शेरपुर की पहाड़ियों की ओर लौट गया। पुराने शहर में भी लगातार दिख रहा लेपर्ड बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से सवाई माधोपुर के पुराने शहर में भी लेपर्ड का मूवमेंट लगातार सामने आ रहा है। वन विभाग की टीम ने पहले भी पिंजरा लगाकर दो लेपर्ड को पकड़कर जंगल में छोड़ा था। दो दिन पहले टाइगर को किया ट्रेंकुलाइज वहीं दो दिन पहले रणथंभौर का टाइगर आरबीटी-2407 भी आबादी वाले इलाकों में घूमता हुआ दिखाई दिया था। वन विभाग की टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से वापस जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रणथंभौर के जंगलों के आसपास बसे गांवों में जंगली जानवरों का मूवमेंट बढ़ने के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मऊगंज जिले में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। वहीं वाहन चालक मौके से फरार हो गया। कटरा-मऊगंज मार्ग पर जोधपुर गांव के पास अज्ञात वाहन से बचने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। घायलों को डायल 112 पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीनों लोग बाइक से रीवा से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने अचानक उनकी ओर रुख कर लिया। टक्कर से बचने के लिए बाइक चालक ने वाहन को सड़क किनारे उतार दिया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से बाइक फिसल गई और सभी सवार सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में संदीप तिवारी पिता राजीव लोचन तिवारी (25), मंगलावती तिवारी पति राजीव लोचन तिवारी (60), सनी तिवारी पिता राजाराम तिवारी (25) वर्ष सभी अकौरी निवासी घायल हुए। इस घटना को अंजाम देने वाला वाहन चालक माैके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी ले जाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों में एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो का इलाज जारी है। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है।
मोहाली में सिक्योरिटी गार्ड बना करोड़पति:₹200 के टिकट पर निकला डेढ़ करोड़ का इनाम; पंचकूला का रहने वाला
मोहाली में सिक्योरिटी गार्ड ने डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम जीता है। उन्होंने पंजाब स्टेट डियर लॉटरी का 200 रुपए का टिकट खरीदा था और फिर रातों-रात उसकी किस्मत बदल गई। सिक्योरिटी गार्ड का कपिल है और वह हरियाणा के पंचकूला जिले के रायपुररानी के गांव मौली के रहने वाले हैं। लॉटरी जीतने के बाद परिवार भी काफी खुश है। वहीं, परिवार वालों को अब लोग बधाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे कपिल देव एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। उनके पिता पंजाब कृषि विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कपिल सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, पर वेतन ज्यादा नहीं था। लेकिन वह भी चाहता था कि उसका जीवन बदले। इसी सोच को लेकर कपिल देव ने मासिक पंजाब स्टेट डियर लॉटरी टिकट मोहाली के जीरकपुर स्थित लोकेश लॉटरी एजेंसी से खरीदी थी। इसमें घोषित हुए परिणामों में उनकी टिकट को पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ। 30वें करोड़पति बने है कपिल लॉटरी एजेंसी के संचालक लोकेश कुमार उर्फ लकी ने बताया कि कपिल देव उनकी एजेंसी से लॉटरी टिकट खरीदकर करोड़पति बनने वाले 30वें व्यक्ति हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनकी एजेंसी से 29 लोग करोड़पति बन चुके हैं। पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन है। पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग न तो ऑनलाइन टिकट बेचता है और न ही चलाता है, हमेशा असली टिकट ही खरीदें और वो भी सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से। फोटो या ऑनलाइन कॉपी वाला टिकट मान्य नहीं होता। विभाग कभी भी विजेताओं से ऑनलाइन पेमेंट या टैक्स के नाम पर पैसे नहीं मांगता। अगर, आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिले या ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
भागलपुर में सोमवार देर शाम अपराधियों ने एक प्रॉपर्टी डीलर को गोली मार दी। पेट में बुलेट लगते ही जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में सहयोगियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान शेरमारी निवासी दिलीप झा के पुत्र ऋषभ झा(35) के तौर पर हुई है। घटना पीरपैंती थाना क्षेत्र के मंजरोही गांव के पास की है। जानकारी के मुताबिक ऋषभ अपने दोस्त सौरभ उर्फ मयंक के साथ घूमने के लिए निकले थे। दोनों साथ में प्लाटिंग का काम करते हैं। रास्ते में बाइक सवार 2 बदमाशों ने रूकने का इशारा किया। नहीं रूकने पर बाइक के पीछे बैठे सौरभ को गोली मार दी। बुलेट लगते ही जमीन पर गिर पड़ा। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इसके बाद सौरभ ने अपने सहयोगियों को बुलाया। घायल को अस्पताल लेकर गए, लेकिन जान नहीं बची। फोन किया तो उसके दोस्त ने उठाया मां पूनम देवी ने बताया कि देर रात को मेरा बेटा घर नहीं लौटा। एक ही बेटा था। मोबाइल पर कॉल किया तो दोस्त ने उठाया। उसने बताया कि सौरभ की मां की तबीयत खराब है, उसको देखने के लिए मायागंज गए हैं, लेकिन मेरा मन नहीं माना। इधर-उधर पता करने पर मालूम चला कि मेरे बेटे को गोली लगी है। इसके बाद परिवार के सदस्यों के अस्पताल पहुंची। अब किससे क्या दुश्मनी है, मुझे कुछ पता नहीं है बाइक सवार बदमाशों ने रूकने का इशारा किया वहीं, दोस्त सौरभ ने बताया कि सोमवार को शाम 4 बजे के करीब ऋषभ ने मुझे फोन करके बुलाया। हमलोग शशि के दुकान पर पहुंचे। वहां से 3000 रुपए कैश लिया। बाजार में एक प्रॉपर्टी को लेकर बातचीत की। इसके बाद हमलोग घूमने के लिए त्रिमोहन चौकी की तरफ जा रहे थे। रास्ते में भागलपुर की ओर से आ रहे है बाइक सवार 2 लोगों ने रूकने का इशारा किया। नहीं रूकने पर बाइक के पीछे बैठे मेरे दोस्त को गोली मार दी। सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि कुछ समझ में ही नहीं आया। छानबीन में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद या जमीन से जुड़े विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दतिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एक नन्ही सी जिंदगी सांसों की लड़ाई लड़ रही है। वह अभी सिर्फ 13 दिन की है। मशीनों की आवाज और ऑक्सीजन के सहारे वह जिंदगी से जूझ रही है, लेकिन उसके अपने पिछले पांच दिनों से उसे देखने तक नहीं आए। निजी अस्पताल में उसकी मां संध्या पत्नी आशीष ने दतिया के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के समय बच्ची का वजन कम था। इतना कम की तुरंत एसएनसीयू में भर्ती कराना पड़ा। 4 मार्च को परिजन बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे। उन्होंने रजिस्टर में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और गायब हो गए। इसके बाद से वह मासूम अस्पताल के वार्ड में अकेली है। न पिता आशीष वापस लौटे, न ही कोई और परिजन उसे देखने आया। वार्ड में मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ही अब उसकी दुनिया बन गए हैं। वही उसे दवा दे रहे हैं, उसकी सांसों पर नजर रख रहे हैं और उसके ठीक होने की दुआ भी कर रहे हैं। ऑक्सीजन सपोर्ट पर है बच्चीमासूम फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने कई बार पिता और परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन तक नहीं उठाए गए। आखिरकार अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी। प्रभारी थाना प्रभारी अंशुल अरोरा के फोन करने के बाद देर शाम पिता आशीष अस्पताल पहुंचा। उसने डॉक्टरों से बच्ची की हालत के बारे में बात की, कुछ जरूरी कागजों पर साइन किए और फिर वापस चला गया। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. डीएस तोमर के अनुसार बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
दमोह-पन्ना मार्ग पर बाइक डिवाइडर से टकराई:एक युवक घायल, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में दमोह-पन्ना मार्ग पर सोमवार रात एक बाइक सवार डिवाइडर से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, नगर के सुभाष वार्ड निवासी 32 वर्षीय धर्मेंद्र सोनी अपनी बाइक (एमपी 34 ZD 9842) पर सवार होकर अंधियारा बगीचा की ओर से अपने घर जा रहे थे। यह घटना अंधियारा बगीचा से खचना नाका जाने वाले मार्ग पर हुई। कंदी लाल साहू पत्थर टाल के सामने सड़क पर बने एक गड्ढे में बाइक का अगला पहिया तेज गति से गिरने के कारण बाइक बेकाबू हो गई। इसके बाद बाइक सड़क पर बने डिवाइडर से टकरा गई, जिससे धर्मेंद्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में काफी चोट आई थी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें निजी वाहन से हटा सिविल अस्पताल भेजा। घटना की सूचना मिलने पर घायल युवक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। ड्यूटी डॉक्टर ने धर्मेंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में कभी तेजी पर रहा रियल एस्टेट बाजार अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। स्टाम्प और रजिस्ट्रार विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष अब तक संपत्ति रजिस्ट्रेशन (सेल डीड) में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कुल संपत्ति लेन-देन मूल्य में अनुमानित 4,000 करोड़ रुपए की कमी आई है। राजस्व विभाग के अनुसार अब तक 68,700 सेल डीड दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 78,500 रजिस्ट्रेशन हुए थे। यानी करीब 10,000 रजिस्ट्रेशन कम हुए, जिससे राज्य सरकार के राजस्व पर सीधा असर पड़ा है। बावजूद इसके जमीन के सरकारी मूल्यांकन में वृद्धि की तैयारी है। वृद्धि का दायरा 10% से 200% तक रहने का अनुमान है। 10,000 पंजीयन होने पर 400 करोड़ अतिरिक्त मिलते सीनियर रजिस्ट्रार अमरेश नायडू ने बताया कि यदि ये 10,000 पंजीयन पूरे होते तो लगभग 400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता। विभाग संपत्ति मूल्य पर औसतन 10 % (स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क सहित) वसूलता है। इस आधार पर करीब 4,000 करोड़ रुपए के संपत्ति सौदों में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रति रजिस्ट्रेशन औसत संपत्ति मूल्य करीब 50 लाख रुपए था, जो इस वर्ष घटकर लगभग 42 लाख रुपए रह गया है। महंगी दरें बनीं बड़ी वजह अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतें काफी हद तक पहुंच गई हैं। वर्तमान में दरें 5,000 रुपए प्रति वर्गफीट से शुरू होकर प्रीमियम इलाकों में 30,000 रुपए प्रति वर्गफीट तक जा रही हैं। कोविड-19 के बाद निवेश में आई तेजी अब कम हो गई है। ऊंची कीमतों के कारण खरीदारों और निवेशकों की रुचि कम हुई है। खास बात यह गिरावट के बावजूद विभाग अब तक 2,250 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर चुका है और 31 मार्च तक 2,700 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने बताए अन्य कारण इस वित्तीय वर्ष के लिए कलेक्टर गाइडलाइन काफी अधिक रखी गई है, जबकि स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क पहले से ही 10 प्रतिशत या उससे अधिक है, जिससे संपत्ति और महंगी हो रही है। इस वर्ष सोना और चांदी में बेहतर रिटर्न मिलने के कारण निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है, जिससे रियल एस्टेट बाजार में सुस्ती आई है। आने वाले वर्ष में गाइडलाइन दरों में बड़ी वृद्धि की तैयारी बिक्री में गिरावट के बावजूद जमीन के सरकारी मूल्यांकन में वृद्धि की तैयारी की जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कलेक्टर गाइडलाइन तैयार की जा रही है। संशोधन का दायरा करीब 50 प्राइम लोकेशन पर 200% तक वृद्धि संभव है, जबकि 170 स्थानों पर दरें दोगुनी हो सकती हैं। यह संशोधन बाजार विश्लेषण और उन मामलों के आधार पर प्रस्तावित हैं, जहां वास्तविक सौदे सरकारी दरों से अधिक पाए गए हैं।

