मां गंगा का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती अपने पारंपरिक स्थान पर संपन्न हुई। इस दौरान घंट-घड़ियाल की गूंज से पूरा घाट गुंजायमान हो उठा। आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और मां गंगा की आराधना की। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पिछले 64 दिनों से आरती गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर हो रही थी। मंगलवार, 20 अक्तूबर को आरती फिर अपने परंपरागत स्थान पर हुई।
एमपी सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट विमान मंगलवार को भोपाल के स्टेट हैंगर पहुंच गया। करीब ढाई साल पहले विमान खरीदने की मंजूरी मिलने के बाद अब यह सरकार के बेड़े में शामिल होने जा रहा है। हालांकि, विमान के पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी इसकी यात्रा तुरंत शुरू कर सकेंगे। नियमित उड़ान से पहले विमान के पंजीयन, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से संबंधित मंजूरियों, तकनीकी जांच और पायलटों की जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। इन प्रक्रियाओं में करीब 45 दिन लगने का अनुमान है। दैनिक भास्कर की 10 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के बीमा की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। बीमा में विमान के साथ यात्रियों और सामान को शामिल करने का प्रस्ताव है। 250 करोड़ से ज्यादा की लागत, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कनाडा की विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर का चैलेंजर 3500 आधुनिक बिजनेस जेट की श्रेणी में आता है। इसकी खरीद की लागत अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 230 से 250 करोड़ रुपए बताई गई है। कर और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल लागत के अनुमान भी अलग हैं। विमान के लिए करीब 268 करोड़ रुपए का बीमा प्रस्तावित किया गया है। जेट के लिए 1800 मीटर रनवे जरूरी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 के संचालन के लिए करीब 1800 मीटर या इससे अधिक लंबे रनवे की जरूरत बताई गई है। प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में से केवल 3 पर ही इतनी लंबाई का रनवे है। चार्टर्ड विमान का खर्च एक-तिहाई रह जाएगा सरकार के मुताबिक, नया शासकीय विमान आने के बाद हवाई यात्रा पर होने वाला मासिक खर्च मौजूदा खर्च का करीब एक-तिहाई रह जाएगा। कोविड के दौरान सरकारी विमान ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था, तभी से चार्टर्ड विमान इस्तेमाल किए जा रहे हैं। 5 नए एयरपोर्ट की मंजूरी जल्द केंद्र के स्तर पर पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी है। प्रदेश में हवाई सुविधाओं का विस्तार प्रदेश में अभी 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं। सरकार सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना पर काम कर रही है। उड़ान शुरू करने से पहले क्या-क्या होना बाकी? विमान भोपाल पहुंच गया है, लेकिन उसे नियमित सरकारी उड़ानों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया अभी बाकी है। इन प्रक्रियाओं में करीब 45 दिन लगने का अनुमान बताया जा रहा है। डीजीसीए की मंजूरी और पंजीयन: विमान के भारतीय पंजीयन, लागू विमानन नियमों के अनुपालन और उड़ान संचालन से जुड़ी जरूरी मंजूरियां पूरी करनी होंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए विमान की सीमा शुल्क संबंधी औपचारिकताएं भी आवश्यक होती हैं। तकनीकी और सुरक्षा जांच: विमान की तकनीकी स्थिति, उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों की जांच के बाद ही उसके संचालन को मंजूरी दी जा सकेगी। पायलटों की जांच और उड़ान परीक्षण: विमान उड़ाने के लिए पायलटों की आवश्यक योग्यता, प्राधिकरण और प्रशिक्षण संबंधी शर्तें पूरी होनी चाहिए। जरूरत के अनुसार परीक्षण उड़ान और अन्य परिचालन जांच भी होंगी। लंबी दूरी तक उड़ान विमान की प्रकाशित तकनीकी जानकारी के अनुसार, इसकी अधिकतम उड़ान दूरी करीब 6,297 किलोमीटर है। इससे लंबी दूरी की यात्राएं कम ठहराव में पूरी की जा सकती हैं। वास्तविक दूरी यात्रियों की संख्या, मौसम और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। 9 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था विमान के केबिन में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था बताई गई है। इसमें पायलटों के लिए अलग कॉकपिट है। विशेष डिजाइन वाली नुआज (Nuage) सीटें लंबी यात्रा के दौरान आराम को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। आवाज से नियंत्रित होंगी सुविधाएं केबिन की रोशनी, तापमान और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं को आवाज के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। विमान में वायरलेस चार्जिंग और 24 इंच की 4K स्क्रीन जैसी सुविधाएं भी हैं। पांच साल से अपने विमान का इंतजार कर रही थी सरकार मध्यप्रदेश सरकार का पिछला स्टेट प्लेन बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-250 मई 2021 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सरकार को आधिकारिक यात्राओं के लिए दूसरे विमानों पर निर्भर रहना पड़ा। नए चैलेंजर 3500 की खरीद को जुलाई 2024 में मंजूरी मिली थी। अब विमान भोपाल पहुंचने के बाद सरकार के बेड़े में शामिल होने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।
महराजगंज। नौतनवा कस्बे की मंडी में मंगलवार शाम करीब 7 बजे रावण दहन के दौरान हादसा हो गया। पुतले में लगे पटाखे अनियंत्रित होकर भीड़ की तरफ फटने लगे। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान मामा के साथ मेला देखने आया एक नाबालिग बच्चा घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। पटाखे और चिंगारियां भीड़ की तरफ गिरीं बच्चे के मामा के मुताबिक, रावण दहन के दौरान तेज धमाकों के साथ चिंगारियां और पटाखे भीड़ की तरफ आ गिरे। इसी दौरान जलते पटाखों और बारूद के अंश की चपेट में आने से बच्चा घायल हो गया। उसकी आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। आयोजन समिति पर लगाया लापरवाही का आरोप घटना के बाद परिजन बच्चे को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। बच्चे के मामा ने आयोजन समिति पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी वजह से उनके भांजे को चोटें आई हैं।
एटा के सैनिक पड़ाव स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। हजारों लोग यह कार्यक्रम देखने पहुंचे। रात 8 बजे प्रभु श्री राम और रावण की सेना के बीच भीषण युद्ध का मंचन हुआ। मनमोहक झांकियां निकाली गईं। 42 फीट ऊंचा रावण और 40-40 फीट के मेघनाद व कुंभकरण के पुतले भव्य आतिशबाजी के साथ धू-धू कर जल उठे। देखें, 4 तस्वीरें… आतिशबाजी का प्रदर्शन खास आकर्षण रहा। मेले में बच्चों के लिए झूले, खेल-खिलौनों और खाने-पीने की दुकानें भी लगाई गई थीं। पर्व पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया और पूरे जिले में बैरिकेडिंग की गई थी।
बालाघाट के 63 साल के दशहरा उत्सव के इतिहास में पहली बार एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। शहर के दशहरा मैदान में भगवान श्रीराम के पहुंचे बिना ही रावण का पुतला धू-धू कर जल गया। परंपरा टूटने और बिना श्रीराम के रावण दहन होने की इस घटना के बाद से ही शहर में तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रावण के पुतले में आग किसने और कैसे लगाई। आमतौर पर बालाघाट में पानीपत की तर्ज पर हनुमान जी का स्वरूप धारण करने वाले साधक 40 किलो का भारी-भरकम मुकुट पहनकर शोभायात्रा की अगुवाई करते हैं। वे भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर दशहरा मैदान पहुंचते हैं, जहां रावण की परिक्रमा के बाद श्रीराम के बाण से दहन होता है। लेकिन इस बार पुतला दहन से पहले मैदान में शानदार आतिशबाजी की जा रही थी। इसी आतिशबाजी की एक चिंगारी रावण के पुतले में लगे पैरे पर जा गिरी। देखते ही देखते पुतले में लगे पटाखे फटने लगे और श्रीराम के आने से पहले ही रावण का पुतला राख में तब्दील हो गया। समिति ने बताई दुर्घटनावश हुई चूक इस घटना को लेकर अब सियासत और प्रशासनिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उधर, एसडीएम गोपाल सोनी का कहना है कि यह आयोजन समिति का विषय है और वही बेहतर बता सकती हैं। वहीं महावीर सेवादल समिति के प्रतिनिधि अमन गांधी ने साफ किया कि यह कोई जानबूझकर की गई गलती नहीं बल्कि आतिशबाजी के दौरान हुआ एक हादसा था। उन्होंने माना कि यह व्यवस्था की बड़ी चूक है और भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मुजफ्फरनगर में दशहरा पर्व पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन मंगलवार शाम धूमधाम से किया गया। नुमाइश कैंप ग्राउंड में आयोजित दशहरा उत्सव में विधि-विधान के साथ रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन हुआ। इस बार रावण के साथ भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में तैयार किए गए 15 फीट ऊंचे पुतले को भी जलाया गया। भाजपा के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रिमोट का बटन दबाकर पुतला दहन किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। देखें, 5 तस्वीरें… पुतला दहन से पहले मैदान में जमकर आतिशबाजी हुई। साथ ही आकर्षक झांकियों और लेजर लाइट की मनमोहक प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद जैसे ही रिमोट का बटन दबाया गया, पुतलों में आग लग गई और कुछ ही देर में दशानन समेत चारों पुतले धू-धू कर जलने लगे। मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ दशहरा उत्सव देखा। आयोजन में करीब 3 से 4 हजार लोग पहुंचे। रावण दहन के साथ ही मैदान में बुराई पर अच्छाई की जीत का पारंपरिक संदेश गूंजा। इस बार उत्सव में रावण का 65 फीट, मेघनाथ का 55 फीट और कुंभकरण का 50 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया था। इनके साथ 15 फीट ऊंचे एक अन्य पुतले को लेकर भी आयोजन से पहले चर्चा हुई। शुरुआत में इसे कॉकरोच का पुतला बताया गया था, लेकिन दहन से कुछ घंटे पहले श्रीराम सेवा दल की कमेटी ने आपसी सहमति से इसका नाम बदलकर ‘भ्रष्टाचार’ रख दिया। आयोजकों ने इसे समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश बताया। श्रीराम सेवा दल पिछले 36 वर्षों से नुमाइश कैंप ग्राउंड में दशहरा दहन उत्सव आयोजित करता आ रहा है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार पुतलों के निर्माण पर करीब दो लाख रुपये खर्च हुए। कार्यक्रम में परंपरा के अनुसार पुतला दहन के जरिए बुराई का अंत और अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मैदान और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मी तैनात रहे। हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यवस्था संभाली। मौके पर एसपी सिटी अमृत जैन, एसपी देहात महादिक अक्षय संजय और एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा व्यवस्था संभाले रहे, जबकि एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे अपनी टीम के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। रावण दहन के साथ नुमाइश कैंप ग्राउंड में दशहरा उत्सव का मुख्य आयोजन संपन्न हुआ।
इंदौर के जूनी इंदौर इलाके में मंगलवार रात रावण दहन के दौरान उड़ी पटाखे की चिंगारी से एक बंद पड़ी बिल्डिंग की छत पर आग लग गई। रात करीब सवा 9 बजे हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर मोती तबेला फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। जूनी इंदौर टीआई अनिल गुप्ता के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर में सुयोंग अस्पताल के सामने स्थित एक बंद बिल्डिंग की छत पर वेस्ट मटेरियल पड़ा था। इसी दौरान वहां अचानक आग लग गई। छत पर रखे सामान के कारण आग तेजी से फैल गई। सूचना के बाद दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। रावण दहन के दौरान उड़ी चिंगारी रहवासियों के मुताबिक, पास की बिल्डिंग के नजदीक कुछ बच्चे रावण दहन कर रहे थे। इसी दौरान पटाखे की चिंगारी उड़कर बंद बिल्डिंग की छत पर पहुंच गई, जिससे वहां रखे वेस्ट मटेरियल में आग लग गई। आग बुझाने के दौरान एहतियात के तौर पर कुछ देर के लिए इलाके की बिजली भी बंद की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है और घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
होटल के बाहर महिला से मोबाइल छीना, VIDEO:पति का इंतजार कर रही थी, बाइक सवार दो युवकों की तलाश
फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित बिंदकी बस स्टॉप रोड पर मंगलवार शाम करीब 7 बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला का मोबाइल लूट लिया। महिला काके दी हट्टी होटल के सामने पति का इंतजार कर रही थी। आरोप है कि बदमाश मोबाइल के कवर में रखे 700 रुपए भी ले गए। घटना के बाद पुलिस और सर्विलांस टीम जांच में जुट गई है। 10 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के एक किलोमीटर के दायरे में लगे 10 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। फुटेज के आधार पर बाइक सवार बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। तहरीर के आधार पर दर्ज होगा मुकदमा कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से बाइक सवारों की पहचान की जा रही है। पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जल्द घटना का खुलासा करने की बात कही।
द्वारका के दशहरा महोत्सव में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, 221 फीट ऊंचे रावण का किया दहन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दशहरा के मौके पर द्वारका सेक्टर-10 में 15वें रामलीला महोत्सव के विजयादशमी समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया।
विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने मतदान के दिन 23 अक्टूबर को प्रयागराज में ड्राई डे घोषित किया है। इस दिन जिले की सभी शराब की दुकानों पर मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। जिला आबकारी अधिकारी को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी उपमा पांडेय की ओर से 20 अक्टूबर को जारी पत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों और शासन के आदेश का हवाला देते हुए मतदान दिवस पर शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। पत्र के मुताबिक, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को सकुशल संपन्न कराने के लिए 23 अक्टूबर को पूरे प्रयागराज जनपद में यह व्यवस्था लागू रहेगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मतदान के दिन जिले की समस्त आबकारी दुकानों से मादक पदार्थों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश शासन के आदेशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई कर प्रतिबंध का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। प्रशासन की ओर से यह कदम चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की तैयारियों का हिस्सा है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा है। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ निर्वाचन कार्य में लगाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
झाबुआ जिले के रानापुर क्षेत्र की जुनागांव पंचायत अंतर्गत देवल फलिया में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों ने झाड़ियों के पास अजगर देखा। कान्तु सिंगाड के बच्चे घर से कुछ दूरी पर मवेशियों को पानी पिलाने गए थे। बच्चे पास ही स्थित सीताफल के पेड़ से फल तोड़ने लगे, तभी उनकी नजर पेड़ के पास छिपे भारी-भरकम अजगर पर पड़ी। अजगर को देखते ही बच्चे डरकर भागे और तुरंत परिजन को पूरी बात बताई। बच्चों की बात सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अजगर को देखकर तुरंत वन विभाग को खबर दी। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना कोई वक्त गंवाए हरकत में आ गई और जरूरी संसाधनों के साथ देवल फलिया के लिए रवाना हुई। 8 फीट लंबा और 20 किलो वजनी अजगर पकड़ा गया मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया। शाम करीब साढ़े सात बजे लगभग 8 फीट लंबे और 20 किलो वजनी अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में वनपाल इरफान खान, वनरक्षक रंजन मेडा, सुनील सिंह, दीपक वसुनिया और वाहन चालक रेवन अजनार शामिल रहे।
अमरोहा में श्री धार्मिक रामलीला कमेटी ने विजयदशमी पर्व धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतलों का दहन किया गया। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। पुतला दहन देखने के लिए शहर और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। यह आयोजन श्री धार्मिक रामलीला कमेटी अमरोहा के आदर्श रामलीला महोत्सव के तहत हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदयगिरि गोस्वामी, जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़, पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष शशि जैन, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोला और मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कमेटी पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा और धर्म पर चलने की प्रेरणा देता है। विजयदशमी का यह पर्व हमें अहंकार और बुराइयों को त्यागने का संदेश देता है।
कौशांबी जिले में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में श्रद्धा और उत्साह दिखा। सराय अकिल थाना क्षेत्र के भकंदा गांव में प्रतिमाओं को विदाई देने के लिए भक्त इकट्ठा हुए थे। मां के जयकारों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और इलाके में शांति के लिए प्रार्थना की। नौ दिनों की पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन का पल भावुक करने वाला था। भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले साल फिर आने की कामना की। विसर्जन यात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह और आस्था दिखी। कौशांबी पुलिस ने शांतिपूर्ण विसर्जन के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए थे। विसर्जन मार्गों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर खास निगरानी रखी गई।
सूरजपुर जिले के कुबेरपुर में तीन दिन पूर्व ट्रैक्टर की टक्कर से महिला की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ था और ग्रामीणों ने क्रशर व ट्रैक्टर में आग लगा दी थी। मंगलवार को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पीड़ित परिवार के बीच पहुंची और पुलिस एवं प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने को लेकर तल्ख तेवर दिखते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इसमें पुलिस व प्रशासन की नाकामी है। दोषी वाहन चालक और अवैध गतिविधि में लिप्त ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में पुलिस द्वारा भाजपा व आरएसएस के नेताओं के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को चांदनी बिहारपुर के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार महिला चंद्रवती जायसवाल 28 वर्ष की मौत हो गई थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने शाम को ट्रैक्टर एवं क्रशर प्लांट में आग लगा दी थी। ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को घंटों बंधक बना लिया था। मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया है और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एकतरफा कार्रवाई पर मंत्री भड़की मंगलवार को कुबेरपुर पहुंचकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मंत्री ने पुलिस की दोहरी नीति पर उठाए तीखे सवाल किए। मंत्री ने पुलिस और ग्रामीणों को आमने-सामने बैठाकर सीधे बात की और एकतरफा कार्रवाई पर जताई सख्त नाराजगी जताई। मंत्री ने कहा कि दोपहर 12 बजे हादसा हुआ, शाम 7 बजे तक प्रशासन क्या कर रहा था? मंत्री ने बिना ठोस सबूत जेल भेजे गए निर्दाेष ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने और कस्टडी में मारपीट न करने की सख्त हिदायत दी। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने मामले में भाजपा व आरएसएस के नेताओं सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जबकि इनमें से कई घटनास्थल पर उपस्थित ही नहीं थे। पुलिस ने कांग्रेस के भी जिला सचिव व पूर्व पदाधिकारी सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रशासन को जमकर खरी खोटी सुनाई और तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश उच्च अधिकारियों को दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों में गुस्सा भरा हुआ है। इस तरह की एकतरफा और मनमानी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन ने अब तक अवैध क्रशर पर कार्रवाई क्यों नहीं की थी। 2
जेडीयू MLC कैंडिडेट नीरज से मिलने अस्पताल पहुंचे सम्राट चौधरी, चुनाव में बिगड़ गई तबीयत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल पहुंचे। यहां भर्ती पटना स्नातक सीट से जेडीयू के एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार का हाल जाना। चुनाव के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
काशी के बरेका में विजयादशमी पर पूर्वांचल के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। 70 फीट ऊंचे रावण को जलते देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। पुतला दहन से पहले परंपरा के अनुसार तीन घंटे तक रूपक रामलीला का मंचन हुआ। इसमें राम वनगमन से लेकर रावण वध तक की कथा दिखाई गई। इस दौरान रावण और सीता का किरदार निभाने वाले कलाकारों ने समाज में मौजूद बुराइयों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा महिलाएं अभी भी सुरक्षित नहीं है। रावण बोलें बुराई सोच में होती है। हमारी सोच ही सारी मुसीबतों की जड़ है: रावणपिछले पांच साल से रावण का किरदार निभा रहे प्रिंस श्रीवास्तव ने कहा कि रावण का पुतला जलाने से बुराई खत्म नहीं होती। इसके लिए लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा, हमारी सोच ही सारी मुसीबतों की जड़ है। इतना बड़ा युद्ध हुआ, फिर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं: सीतापिछले पांच साल से सीता का किरदार निभा रहीं उजाला ठाकुर ने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रामायण में इतना बड़ा युद्ध हुआ और इतने लोग मारे गए, लेकिन आज भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। पीढ़ियों से पुतला बना रहा एक परिवारबरेका में रावण का पुतला बनाने की परंपरा भी पीढ़ियों से चली आ रही है। पुतला बनाने वाले शमशेर के बेटे आर्यन खान ने बताया कि उनके परिवार में कई पीढ़ियों से रावण का पुतला बनाया जा रहा है। पहले उनके नाना और पिता इस काम को करते थे। अब परिवार की अगली पीढ़ी भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। वो अपने शौख से पुतला बनाते है। इस पुतले को बनाने में उन्हें दो महिने लगे लेकिन आज इसे जलता देखकर अच्छा लग रहा है कि बुराई पर अच्छाई की जीत हो रही है। तीन घंटे की रामलीला के बाद हुआ दहनरावण दहन से पहले बरेका में करीब तीन घंटे तक रूपक रामलीला का मंचन किया गया। इसमें राम वनगमन, सीता हरण और राम-रावण युद्ध सहित रावण वध तक की कथा प्रस्तुत की गई। रामलीला देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। विजयादशमी के इस आयोजन में धार्मिक परंपरा के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी दिया गया।
फर्रुखाबाद में विजयदशमी पर मंगलवार शाम 7 बजे रावण दहन किया गया। भगवान श्रीराम के तीर लगते ही रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले धू-धू कर जल उठे। इस दौरान आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा। 1 घंटे तक आतिशबाजी चलती रही। यह आयोजन क्रिश्चियन कॉलेज ग्राउंड में हुआ। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने रावण के पुतले पर तीर चलाकर दहन की शुरुआत की। पुतलों में लगी आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से भर गया। मैदान 'जय श्रीराम' के जयकारों से गूंज उठा। रावण दहन देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विजयदशमी का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। फर्रुखाबाद में यह त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया। देखें, 8 तस्वीरें… एसपी ने कहा हम सभी लोग जानते हैं बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए हम लोग इसको मनाते हैं। त्योहारों का सिलसिला दिसंबर तक शुरू हो गया है प्रतिदिन कोई न कोई त्यौहार है। सभी जनपद वासियों से अपील की सुरक्षित होकर सभी त्योहार मनाए। 4 बजे रेलवे रोड से निकले थे भगवान शाम 4:00 बजे रेलवे रोड स्थित सरस्वती भवन से अलग-अलग रातों पर सवार होकर राम और रावण निकाले हुए थे। भगवान राम के रथ पर उनके भाई लक्ष्मण और हनुमान विराजमान थे, तो रावण के रथ पर सीता थी। सबसे आगे डीजे बज रहा था उसके पीछे राधा कृष्ण की झांकी थी वही कुछ लोग नृत्य भी करते हुए चल रहे थे। इस दौरान राम और रावण की सेना पैदल चल रही थी। शाम करीब 6:00 बजे यह लोग क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के मैदान में पहुंचे। यहां भी भीषण युद्ध हुआ। अंत में भगवान राम ने रावण के पुतले पर बाण। सुरक्षा को लगाए गए थे 200 पुलिसकर्मी क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। यहां बैरिकेडिंग की गई थी। इसके अलावा रूट का डायवर्जन भी था। मैदान के आसपास की छतों पर भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।
विजयादशमी के पावन पर्व पर जयपुर स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में भक्ति, आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान श्रीराम के हाथों रावण दहन होते ही पूरा धाम ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर परिसर में दशहरे का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री श्री कृष्ण-बलराम के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में विशेष रामलीला, पालकी उत्सव और हरिनाम संकीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। विजयादशमी के अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम में विशेष रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें रामायण के अरण्य कांड का मंचन हुआ। लगभग दो घंटे तक चले इस मंचन में भगवान श्रीराम के वनवास काल की महत्वपूर्ण घटनाओं को कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं और अभिनय के माध्यम से जीवंत किया। रामलीला के दौरान शूर्पणखा प्रसंग, खर-दूषण वध और त्रिशिरा वध के दृश्यों का मंचन किया गया। इसके बाद मारीच के स्वर्ण मृग का रूप धारण करने, रावण द्वारा साधु का वेश बनाकर माता सीता का हरण करने और माता सीता की रक्षा के लिए पक्षीराज जटायु के रावण से युद्ध करने के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इन दृश्यों के माध्यम से भगवान श्रीराम की वनवास यात्रा और रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया गया। मंदिर परिसर में रावण दहन मुख्य आकर्षण रहा। जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण दहन के लिए बाण चलाया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीराम’ के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विजयादशमी के इस आयोजन में बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रावण दहन के दौरान श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने धार्मिक आयोजन में भाग लिया और भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद किया। दशहरे के अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। मंदिर की सजावट ने पूरे परिसर को आकर्षक रूप दिया। दिनभर धार्मिक गतिविधियों के बीच श्रद्धालुओं ने पालकी उत्सव और हरिनाम संकीर्तन में भाग लिया। पूरे जयपुर से हजारों लोग इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे। पालकी उत्सव के दौरान भक्तिमय वातावरण रहा, वहीं हरिनाम संकीर्तन में श्रद्धालुओं ने भगवान के नाम का गुणगान किया। मंदिर में भगवान श्री श्री कृष्ण-बलराम के दर्शन के लिए भी भक्तों की आवाजाही रही।
लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी एक महिला से साइबर ठगों ने जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर ठगी कर ली। महिला ने फेसबुक पर एक लिंक देखकर क्लिक कर दिया। इसके बाद वॉट्सऐप वीडियो कॉल कर बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर और पिन हासिल कर लिया। ठगों ने महिला के मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराकर नेट बैंकिंग का पासवर्ड बनवाया और ओटीपी लेकर दो बैंक खातों से छह लाख रुपए निकाल लिए। राजाजीपुरम के डी-ब्लॉक आवास विकास कॉलोनी निवासी अल्का अग्रवाल पत्नी स्वर्गीय बिपिन गुप्ता ने शिकायत में बताया कि 19 अक्टूबर को उन्होंने फेसबुक पर जीवन प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित एक लिंक देखा था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने अपना नाम और बैंक खाता नंबर भर दिया। वीडियो कॉल पर पूछी बैंकिंग डिटेल इसके करीब एक घंटे बाद सुबह 11:47 बजे उनके मोबाइल पर कनिका वर्मन नाम से जुड़े नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर आने के लिए कहा। इसके बाद बैंक खातों के नंबर, व्यक्तिगत जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर और पिन पूछ लिया। महिला ने आरोपियों को ये जानकारियां दे दीं। इसके बाद ठगों ने उनके मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराई और नेट बैंकिंग का पासवर्ड बनवाकर ओटीपी भी हासिल करते रहे। दो खातों से निकाले छह लाख रुपए पीड़िता के अनुसार, साइबर ठगों ने उनके एक बैंक खाते से 3.50 लाख रुपए और दूसरे खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। दोनों लेनदेन 19 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:35 बजे तक हुए। रुपए अमेजन नेट बैंकिंग के माध्यम से निकाले गए। मामले में इंस्पेक्टर साइबर थाना आलोक राव ने बताया मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
कौशांबी में जिला मुख्यालय मंझनपुर में मंगलवार रात करीब आठ बजे विजयदशमी पर रावण दहन की लीला का मंचन किया गया। श्री दुर्गा मंदिर के बगल स्थित रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच करीब एक घंटे तक युद्ध हुआ। अंत में जैसे ही श्रीराम का तीर रावण की नाभि में लगा, उसका पुतला धू-धूकर जल उठा। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राम दल की शोभायात्रा ने कस्बे का किया भ्रमण नगर पालिका परिषद मंझनपुर में बीते दस दिनों से रामलीला का मंचन चल रहा था। विजयदशमी पर मंगलवार को गल्ला मंडी में आयोजित रामलीला मंच से राम दल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने पूरे मंझनपुर कस्बे का भ्रमण किया। इसके बाद राम और रावण की सेनाएं रामलीला मैदान पहुंचीं। युद्ध देखने के लिए मैदान के चारों ओर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। दर्शकों ने उत्साह के साथ राम-रावण युद्ध और रावण दहन का दृश्य देखा। डीएम-एसपी समेत कई नेता रहे मौजूद कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कौशांबी, स्थानीय क्षेत्राधिकारी (सीओ), रामलीला कमेटी के पदाधिकारी और भाजपा के कई नेता मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से इंतजाम किए गए थे। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंझनपुर, मेले में उमड़ी भीड़ विजयदशमी पर पूरे मंझनपुर कस्बे को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। जगह-जगह साउंड सिस्टम लगाए गए, जिससे पूरे नगर में उत्सव का माहौल बना रहा। रामलीला मैदान के आसपास देर रात तक मेला लगा रहा। आकर्षक रोशनी के बीच बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए थे। रावण दहन देखने पहुंचे लोगों ने मेले का आनंद लिया। इस तरह मंझनपुर में विजयदशमी का पर्व धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
मयूर विहार रामलीला में पहुंचे अरविंद केजरीवाल, भगवान श्रीराम के स्वरूप की आरती के बाद किया रावण दहन
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मयूर विहार फेज-3 में श्रीहनुमंत रामलीला कमेटी के दशहरे में रावण दहन किया। उन्होंने भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेने और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया, साथ ही सभी के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
पानीपत जिले के नौल्था गांव में दशहरे के मौके पर युवा क्लब ने खेल प्रतियोगिताएं करवाईं। डेरा बाबा लाठे वाला मंदिर के पास बने हाथियों वाले स्टेडियम में लड़के-लड़कियों की कबड्डी और रस्साकसी का आयोजन हुआ। युवा क्लब के मुखिया खिलार सिंह जागलान ने करीब 50 युवाओं को इकट्ठा किया। बाबा लाठे वाले संत नरेश पुरी जी महाराज ने हवन यज्ञ में आहुति डालकर खेलों की शुरुआत की। लड़कियों की 4 टीमें बनी थीं। इन टीमों ने जीत दर्ज की रस्साकसी के फाइनल में नौल्था डूंगरान ने नौल्था को हराया। लड़कियों की कबड्डी में गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की टीम पहले स्थान पर रही। लड़कों की कबड्डी में अस्पताल की टीम ने स्टेडियम की टीम को हराकर जीत हासिल की। खिलार सिंह जागलान ने कहा कि ये प्रतियोगिताएं युवाओं की खेलों में रुचि बढ़ाने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए हैं। उन्होंने नौल्था के अंकित जागलान के एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने का भी जिक्र किया, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिली।
कुशीनगर के पडरौना में इनर व्हील क्लब ने मंगलवार शाम 'रंगीलो रास' डांडिया उत्सव किया। एक होटल में गणेश वंदना से शुरू हुए कार्यक्रम में पारंपरिक गुजराती कपड़ों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया से माहौल उत्सव जैसा बना दिया। बच्चों से बड़ों तक ने फिल्मी और पारंपरिक गीतों पर खूब डांडिया खेला। उत्सव में मां दुर्गा की पूजा और भारतीय संस्कृति की झलक दिखी। कई खेल-प्रतियोगिताएं भी हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जीतने वालों को पुरस्कार मिले। क्लब अध्यक्ष मीनू जिंदल ने बताया कि डांडिया शक्ति, भक्ति और जीत का प्रतीक है। ऐसे कार्यक्रम संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जरिया हैं। कार्यक्रम के आखिर में सदस्यों और मेहमानों ने खाने का मजा लिया। इसे सफल बनाने में मंत्री रजनी खेतान, कोषाध्यक्ष सरिता गुप्ता समेत क्लब की कई सदस्य शामिल थीं।
उदयपुर के गांधी ग्राउंड (महाराणा भूपाल स्टेडियम) में मंगलवार को विजयादशमी पर्व पर रावण दहन हुआ। 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट के मेघनाद व कुंभकरण के पुतले जलाए गए। भगवान राम स्वरूप धारण किए व्यक्ति ने तीर चलाकर पुतलों का दहन किया। कुम्भकरण का पुतला शुरू में जलते हुए रुका तो उसे वापस जलाया गया। तीनों पुतलों के एक-एक कर जलते ही तेज धमाके के साथ पटाखे फूटने लगे। तभी पूरे ग्राउंड में जय श्री राम के जयकारे गूंज उठे। चारों तरफ लोगों की खचाखच भीड़ थी। इससे पहले शोभायात्रा यात्रा निकाली गई, जो शहर में होते हुए गांधी ग्राउंड पहुंची। शोभायात्रा में भगवान राम-लक्ष्मण, हनुमान की आकर्षक झांकियां थी। हनुमानजी ने पूंछ से लगाई 100फीट लंबी लंका में आगगांधी ग्राउंड में 100 फीट लंबी सोने की लंका का स्वरूप बनाया गया। रावण दहन से पहले पहले भगवन हनुमान स्वरूप धारण किए व्यक्ति ने अपनी पूंछ से लंका में आग लगाई। धीरे-धीरे धमाके के साथ पूरी लंका जल गई। इससे पहले करीब 15 मिनट तक लगातार आतिशबाजी की गई। आसमान में तरह-तरह रॉकेट की गूंज ने सभी को खासा आकर्षित किया। पर्व को लेकर गांधी ग्राउंड के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई थी। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शाम 4 बजे से ही चेतक सर्कल, कोर्ट चौराहा, हाथीपोल और लोककला मंडल रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट कर पार्किंग तय की थी।
'भारत विरोधी ताकतों को पहचानें और उन्हें परास्त करें', विजयादशमी पर बोले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने विजयादशमी के खास मौके पर देश को सर्वोपरि रखने और भारत विरोधी ताकतों को परास्त करने का आह्वान किया। साथ ही रामराज्य के आदर्शों तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
मेघनाद ने लक्ष्मण को मूर्छित किया:मैनपुरी रामलीला में लक्ष्मण शक्ति और सुलोचना सती लीला का मंचन
मैनपुरी के आगरा रोड रामलीला मैदान में मंगलवार देर शाम श्री रामलीला कमेटी ने लक्ष्मण शक्ति और सुलोचना सती लीला का मंचन किया। अंगद के लंका से लौटने के बाद युद्ध शुरू हुआ। रावण के पुत्र मेघनाद और लक्ष्मण में भीषण युद्ध हुआ। मेघनाद लक्ष्मण को हरा नहीं पाया तो उसने शक्ति बाण चलाया, जिससे लक्ष्मण बेहोश हो गए। हनुमान जी सुशेन वैद्य को लाए, जिनके कहने पर संजीवनी बूटी लाई गई। इससे लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाद को मार दिया। अपने पति की चिता के साथ सुलोचना सती हो गईं। मंचन से पहले कमेटी अध्यक्ष महेश चंद्र अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, मंत्री सुरेश चंद्र बंसल बीनू, कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता पप्पू और नरेंद्र राठौर ने भगवान के स्वरूपों की आरती की। इस दौरान नरेंद्र राठौर, ओम कुमार सिंह चौहान, मनोज चौहान, बाबा नरेंद्र सिंह राठौर, वंश तिवारी, उदय प्रताप और रवि श्रीवास्तव मौजूद रहे।
जालोर शहर के शाह पूंजाजी गेणाजी स्टेडियम परिसर में मंगलवार को रावण दहन देखने के लिए शाम 5 बजे से ही शहरवासी स्टेडियम पहुंचने लगे। चामुंडा माता मंदिर में शस्त्र पूजन के बाद शोभायात्रा रवाना हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वानर सेना के साथ स्टेडियम पहुंची। भगवान श्रीराम के स्वरूप और चामुंडा माता मंदिर के महंत पवनपुरी महाराज की मौजूदगी में रावण दहन की तैयारी की गई। जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के पहुंचने के बाद रिमोट से रावण दहन किया गया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले करीब 1 मिनट 40 सेकेंड में जलकर राख हो गए। इसके बाद करीब 30 मिनट तक आतिशबाजी हुई। कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर महंत हुए नाराज दशहरा कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के समय पर नहीं पहुंचने से महंत पवनपुरी महाराज नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचे एडीएम और एसडीएम मनोज कुमार से कलेक्टर को बुलाने के लिए कहा। महंत ने कहा कि भगवान श्रीराम का मुंह मीठा कलेक्टर के हाथों ही कराया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में रावण दहन किया गया। महिला की सोने की चेन चोरी का प्रयास, आरोपी महिला पकड़ी कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के बैठने वाली जगह पर मौजूद जालोर निवासी भंवरी देवी की सोने की चेन चोरी करने का प्रयास किया गया। भंवरी देवी को शक होने पर उन्होंने कथित रूप से चोरी का प्रयास कर रही महिला को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस महिला को थाने ले गई। सभापति, उपसभापति सहित कई प्रशासनिक अफसर रहे मौजूद कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति बंशीलाल माली, उपसभापति सैयद मुमताज अली, कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे, पार्षद मुकेश सांखला, हुक्मीचंद सोलंकी, बसंत सुथार, दिनेश महावर, सुरेश मेघवाल, भंवर मेघवाल, शोभा सुंदेशा, नरेश राणा, बसंती देवी, भाजपा नगर अध्यक्ष रवि सोलंकी, सुरेश सोलंकी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और शहरवासी मौजूद रहे। अब देखिए तस्वीरें
दौसा जिले में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पर नगर परिषद की ओर से आयोजन किया गया। इसमें रामायण के पात्रों की जीवंत झांकी निकाली गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रावण के टीले पर पहुंची। यहां राम-रावण के बीच संवाद हुआ और फिर युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। विजय पर्व के मौके पर जमकर आतिशबाजी भी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। आयोजन में सभापति रेखा गुर्जर, आयुक्त हंसा मीणा और एसडीएम संजू मीणा सहित बड़ी संख्या में शहरवासी, पार्षद और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सिकराय में भी हुआ रावण दहन इसी तरह सिकराय नगर पालिका क्षेत्र में पुरानी तहसील के सामने रावण के पुतले का दहन किया गया। यहां राम-रावण के बीच काल्पनिक संवाद के बाद जनप्रतिनिधियों ने पुतले का दहन किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।
धमतरी/कुरूद। करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद रायपुर-अभनपुर-कुरूद रेल मार्ग पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को रायपुर-कुरूद और रावघाट-रायपुर के बीच नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाई। रायपुर से ट्रेन के कुरूद पहुंचने पर रेलवे स्टेशन में बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया गया। लोगों ने ट्रेन पर फूल बरसाए और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पहार पहनाकर यात्रियों का अभिनंदन किया। भारत माता के जयकारों से स्टेशन परिसर गूंज उठा। 2017 में बंद हुई थी छोटी रेल लाइन, अब बड़ी लाइन पर लौटी ट्रेन छोटी रेल लाइन को बंद कर बड़ी रेल लाइन में बदलने की योजना के तहत वर्ष 2017 में रायपुर-धमतरी रेल सेवा बंद कर दी गई थी। इसके बाद से क्षेत्र के लोग यात्री ट्रेन शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन पर सेवा शुरू होने से कुरूद और आसपास के गांवों के लोगों को रायपुर आने-जाने के लिए नया विकल्प मिला है। ट्रेन के कुरूद पहुंचने पर क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक स्टेशन पहुंचे। रायपुर से ट्रेन में सफर करके आए यात्रियों का भी स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। रेलवे स्टेशन पर फूल बरसाकर किया स्वागत ट्रेन के पहुंचते ही लोगों ने पुष्पवर्षा कर खुशी जताई। बाजे-गाजे के बीच यात्रियों का स्वागत किया गया और भारत माता के जयकारे लगाए गए। आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग बड़ी रेल लाइन पर दौड़ती ट्रेन को देखने के लिए पहुंचे थे। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि ट्रेन सेवा शुरू होने से खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को राहत मिलेगी। रायपुर तक आने-जाने में सुविधा के साथ समय और परिवहन खर्च बचने की उम्मीद है। विद्यार्थियों के लिए रेलवे पास की सुविधा होने से पढ़ाई के सिलसिले में रायपुर जाने वाले छात्रों को भी लाभ मिलने की बात कही गई। रेक पॉइंट बने तो व्यापार को मिलेगा बढ़ावा: अजय चंद्राकर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि लंबे समय बाद कुरूद से रायपुर तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होना ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि इस रेल सुविधा से यात्रियों को राहत मिलने के साथ क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं। विधायक ने कुरूद में रेक पॉइंट बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धमतरी और अभनपुर में रेक पॉइंट स्वीकृत होने की जानकारी है, लेकिन कुरूद भी व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में राइस मिलें हैं, छत्तीसगढ़ का बड़ा फूड पार्क है और चार औद्योगिक क्षेत्र निर्माणाधीन हैं। उनके मुताबिक, कुरूद में रेक पॉइंट बनने से माल ढुलाई की सुविधा विकसित होगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी है। पुरानी और नई रेल व्यवस्था में बड़ा अंतर: विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि पहले छोटी रेल लाइन पर चलने वाली ट्रेन और अब बड़ी रेल लाइन पर शुरू हुई सेवा की सुविधाओं में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेल व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। ट्रेन शुरू होने से कुरूद और आसपास के क्षेत्र के लोगों को सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। धमतरी तक ट्रेन पहुंचने का इंतजार कुरूद तक ट्रेन पहुंचने के बाद अब लोगों की नजर धमतरी तक यात्री सेवा शुरू होने पर है। बड़ी रेल लाइन का विस्तार धमतरी तक होने की उम्मीद लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुरूद तक ट्रेन शुरू होना अच्छी पहल है, लेकिन धमतरी तक सेवा शुरू होने से जिले के और अधिक लोगों को लाभ मिल सकेगा। फिलहाल कुरूद तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने से क्षेत्र में उत्साह है। अब धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार और कुरूद में रेक पॉइंट की मांग पर आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।
बीजेपी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित:MP के आशीष झाला को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम में नई नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार जारी सूची में मध्यप्रदेश के आशीष झाला को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। युवा मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की इस सूची में विभिन्न राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। जारी सूची के मुताबिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सात पदों पर जम्मू-कश्मीर की विधायक शगुन परिहार, उत्तर प्रदेश के निखिल मणि तिवारी, नगालैंड के अरविंद दमानी, तेलंगाना की मालोथ कोमली नाइक, बिहार के राज राजेंद्र सिंह, पश्चिम बंगाल के विधायक सौमेन कर और छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग को नियुक्त किया गया है। देवास के रहने वाले हैं आशीष भाजयुमो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मंत्री बने आशीष झाला देवास के रहने वाले हैं। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (मध्यप्रदेश) के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री भी रह चुके हैं। तीन राज्यों से राष्ट्रीय महामंत्री राष्ट्रीय महामंत्री के तीन पदों पर ओडिशा की अर्पिता अपरजिता बड़जेना, उत्तर प्रदेश के हर्ष वर्धन सिंह और आंध्र प्रदेश के मित्तल वामशी कृष्णा को जिम्मेदारी दी गई है। असम के बिस्वजीत खांड, मध्यप्रदेश के आशीष झाला, महाराष्ट्र की सयाली रघुनाथ कुलकर्णी, राजस्थान के हिमांशु शर्मा, पंजाब के सरदार अरमानजोत बराड़, झारखंड के अमन यादव और बिहार के राहुल झा को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। कोषाध्यक्ष से मीडिया तक की जिम्मेदारियां
प्रतापगढ़ में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक रामलीलाओं का मंचन हुआ। शाम को रावण के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम के जयकारों से रामलीला मैदान गूंज उठे। रामलीलाओं में राम-रावण युद्ध के साथ लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, कुंभकरण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों को खूब पसंद किया। भगवान श्रीराम के अग्निबाण चलाते ही रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा। इस दौरान लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। रामलीला मैदान में जुटे हजारों लोग शहर के रामलीला मैदान में शाम करीब छह बजे रावण दहन हुआ। इसे देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे। परिवार के साथ आए लोगों ने पर्व का आनंद लिया। बच्चों और महिलाओं में मेले को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। मैदान में लगे झूले, स्टॉल और सर्कस लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। देर शाम तक मेले में रौनक बनी रही। विजयदशमी पर जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। यह पर्व भगवान श्रीराम की विजय और सत्य, धर्म व न्याय की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।
शारदीय नवरात्र के समापन पर मंगलवार को अयोध्या जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। दोपहर बाद से ही करीब 1500 स्थानों पर भंडारे का आयोजन शुरू हो गया। शाम होते-होते भंडारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। जगह-जगह माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना की। जिले के कुमारगंज, अमानीगंज, बहादुरगंज, सैदपुर, मवई, बाबा बाजार, रुदौली, कामाख्या धाम, मिल्कीपुर, इनायतनगर, अमरगंज, बीकापुर, सोहावल, सुचितागंज और सुजानगंज समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी भंडारों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। भंडारों में अलग-अलग तरह के व्यंजन वितरित किए गए। कहीं श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी और बूंदी का प्रसाद दिया गया, तो कहीं पूड़ी-सब्जी के साथ खीर वितरित की गई। कुछ स्थानों पर चावल, छोले, हलवा और पूड़ी का प्रसाद बांटा गया। भंडारा संचालकों की ओर से श्रद्धालुओं को बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराया गया। शाम से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भंडारों के साथ प्रतिमा विसर्जन भी जारी नवरात्र के समापन के साथ ही जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जा रहा है। विसर्जन जुलूस और भंडारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर मुस्तैद रहे। वहीं, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। अधिकारियों का प्रयास रहा कि भंडारों, जुलूसों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान कहीं भी अव्यवस्था उत्पन्न न हो। देर रात तक भंडारे जारी रहने का अनुमान है। नवरात्र के अंतिम दिन ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों के चलते पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
छत्तीसगढ़ के कांकेर के रहने वाले भूपेन्द्र नाग को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर जारी नियुक्ति सूची में उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है। भूपेन्द्र नाग इससे पहले छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। प्रदेश स्तर पर संगठन में काम करने के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति से छत्तीसगढ़ को भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व मिला है। भाजपा की ओर से जारी सूची में भूपेन्द्र नाग के अलावा जम्मू-कश्मीर की विधायक शगुन परिहार, उत्तर प्रदेश के निखिल मणि तिवारी, नागालैंड के अरविंद दमानी, तेलंगाना की मालोथ कोमली नाइक, बिहार के राज राजेंद्र सिंह और पश्चिम बंगाल के विधायक सौमेन करफा को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर ओडिशा की अर्पिता अपराजिता बड़जेना, उत्तर प्रदेश के हर्ष वर्धन सिंह और आंध्र प्रदेश के मिटल वामशी कृष्णा को जिम्मेदारी दी गई है। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
पूर्णिया के मधुबनी में स्थित कोरटबारी का माता शीतला मंदिर पुराना धार्मिक स्थल है। यहां श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। दूर-दूर से लोग अपनी मन्नतें लेकर मंदिर पहुंचते हैं। मंगलवार को महानवमी के दिन सैकड़ों श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि देने पहुंचे। बलि देने से पहले सभी बकरों को मां दुर्गा के सामने सजाकर रखा गया। 2007 में स्थापित की गई थी मां दुर्गा की प्रतिमा ऐतिहासिक शीतला मंदिर परिसर में ही वर्ष 2007 में मां दुर्गा का भव्य मंदिर बनवाया गया था। तभी से यहां हर साल मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेश सिंह बताते हैं कि वर्ष 2007 से ही मंदिर परिसर में दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। तब से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग मिलकर हर साल पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करते आ रहे हैं। मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि देने की परंपरा मंदिर परिसर में वर्ष 2007 से ही बकरे की बलि देने की परंपरा चली आ रही है। यहां शहरी क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु बकरे की बलि देते हैं। मान्यता है कि जिन श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होती है, वे महाष्टमी या महानवमी के दिन मां दुर्गा के सामने बकरे की बलि चढ़ाते हैं। इस परंपरा के बारे में पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेश सिंह बताते हैं कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब मां दुर्गा ने असुरों का वध किया था, तभी से यह परंपरा चली आ रही है। असुरों के वध के प्रतीक के रूप में और पुरानी परंपरा को निभाने के लिए यहां बकरे की बलि दी जाती है। सप्तमी से नवमी तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, महानवमी पर खिचड़ी महाभोग कोरटबारी शीतला और दुर्गा मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्र के दौरान तीन दिनों तक उत्सव का माहौल रहता है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महानवमी के दिन मंदिर परिसर में खिचड़ी महाभोग का आयोजन भी किया जाता है। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चलता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। आपसी सौहार्द और परंपरा का प्रतीक है मंदिर पूजा समिति के अन्य सदस्यों के अनुसार, यह पुरानी परंपरा स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है। लोग आपसी सौहार्द और श्रद्धा के साथ इसे आगे बढ़ा रहे हैं। आज यह मंदिर पूर्णिया के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और लोगों की आस्था के बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
हरदा के नेहरू स्टेडियम में मंगलवार शाम 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इससे पहले हुई बारिश के कारण पुतला भीग गया। उसे खड़ा करने के लिए नगर पालिका कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के बाद पुतले को जलाने के लिए पेट्रोल और पटाखों का इस्तेमाल किया गया। पुतला जलने में करीब 20 मिनट लगे। इसके बावजूद रावण के हाथ और सिर नहीं जल पाए और पुतला गिर गया। पुतले की लागत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। तस्वीरें देखें… राम-रावण युद्ध का मंचन, फिर आतिशबाजी रावण दहन से पहले नेहरू स्टेडियम में राम और रावण की सेनाओं के बीच नाटकीय युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद आतिशबाजी हुई और रावण के पुतले का दहन किया गया। शहर में अजनाल नदी तट के बैरागढ़ और इंदौर रोड पर भी रावण दहन के कार्यक्रम हुए। कमल पटेल और विधायक डॉ. दोगने ने किया संबोधित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया ने बेटियों की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लेने की अपील की। मुख्य अतिथि और पूर्व मंत्री कमल पटेल ने देश और समाज की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान और सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने कहा कि दशहरा अच्छाई अपनाने और बुराई को दूर करने की सीख देता है। उन्होंने लोगों से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
शहर के कॉलेज मैदान पर दशहरा समारोह में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान शहरवासियों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुतला दहन से पूर्व मैदान और आसपास का आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी की रोशनी से जगमगा उठा। रावण का 35 फीट, कुंभकरण का 30 फीट और मेघनाथ 30 फीट का पुतला दहन किया गया है। रघुनाथ मंदिर से निकली भगवान राम की शोभायात्रा दशहरा उत्सव की शुरुआत शहर के पिपली चौक स्थित ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर से हुई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पंच पिपली चौक के अध्यक्ष चंकि शाह के तत्वावधान में पंडित जयंतीलाल जोशी के सान्निध्य में भगवान राम की पारंपरिक सवारी निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक एवं विशेष झांकियां सजाई गईं। यह शोभायात्रा पिपली चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए कॉलेज मैदान पहुँची। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। भव्य आतिशबाजी और मेहमानों की मौजूदगी कॉलेज मैदान पर शोभायात्रा के पहुँचने के बाद मुख्य समारोह का आगाज हुआ। रावण दहन से पहले मैदान पर शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। आसमान में छूटते रंग-बिरंगे पटाखों और फुलझड़ियों की रोशनी ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की उपस्थिति रही। इनके साथ ही नगर परिषद सभापति मुकेश रावत, उपसभापति व पंच पिपली चौक अध्यक्ष चंकि शाह, नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी और बड़ी संख्या में पार्षदगण व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। चिंगारी से पहले ही जल उठा रावण का पुतला समारोह के दौरान पुतला दहन की अनूठी प्रक्रिया देखने को मिली। सबसे पहले लंका द्वार जलाया गया। इसके पश्चात, नगर परिषद सभापति मुकेश रावत ने कुंभकर्ण के पुतले का और उपसभापति चंकि शाह ने मेघनाथ के पुतले का दहन किया। कार्यक्रम के अंत में जैसे ही जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन करने पहुँचे, उससे पहले ही एक चिंगारी से रावण का पुतला स्वतः धू-धू कर जल उठा। पुतलों के जलते ही पूरा कॉलेज मैदान 'जय श्रीराम' के जयकारों से गूंज उठा। पुतला दहन के साथ ही उपस्थित जनसमूह ने सत्य और धर्म की विजय के संदेश को दोहराया।
मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र की नगला भीरत कॉलोनी में बच्चों की कहासुनी के बाद विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक महिला के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसका मोबाइल फोन भी जमीन पर पटककर तोड़ दिया गया। यह घटना 20 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे हुई। पीड़िता सोनी पत्नी संजू निवासी नगला भीरत कॉलोनी ने बताया कि भंडारे में बच्चों के बीच पूड़ी को लेकर झगड़ा हुआ था। उन्होंने अपने बच्चों को डांटकर शांत कर दिया था। इसके बावजूद गुड्डू, रहीश और अन्य लोगों ने महिला के साथ लाठी-डंडों और हाथों से मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। सोनी ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कासगंज के प्रभु पार्क मैदान में मंगलवार शाम विजयादशमी पर 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस आयोजन को देखने के लिए 40 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। भीड़ में बच्चों और महिलाओं की भी बड़ी संख्या रही। रावण दहन के दौरान मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा और जमकर आतिशबाजी हुई। रावण दहन से पहले भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर पुतले में आग लगाई। पुतला धू-धूकर जल उठा और आसमान आतिशबाजी से रोशन हो गया। कार्यक्रम में डीएम प्रणय सिंह और एसपी ओपी सिंह भी मौजूद रहे। दोपहर से जुटने लगे थे लोग विजयादशमी का आयोजन देखने के लिए दोपहर करीब 3 बजे से ही लोग प्रभु पार्क मैदान पहुंचने लगे थे। शाम होते-होते मैदान में बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। लोग जय श्रीराम के नारे लगाते हुए रावण दहन का इंतजार करते रहे। ड्रोन से निगरानी, 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीम के साथ 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
मैनपुरी में युवक ने घर में फांसी लगाकर जान दी:जेल चौराहे के पास हुई घटना, कारणों का पता नहीं
मैनपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 35 साल के युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के जेल चौराहे के पास राम वाटिका मैरिज होम के पास रहने वाले छैयया (35) पुत्र सुभाष दीक्षित ने घर में फांसी लगाई थी। देर शाम परिजन उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। युवक की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सदर कोतवाली प्रभारी फटे बहादुर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिली थी। परिवार के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ ले गए हैं। अगर वे पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं, तो पुलिस को सूचना देकर पंचनामा भरवा सकते हैं। युवक की मौत संदिग्ध हालात में हुई है और परिवार भी परेशान है।
प्रतापगढ़ शहर के दशहरा मैदान में मंगलवार को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। रावण दहन देखने के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस बार 71 फीट ऊंचे रावण और कुंभकरण के पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, रावण के मुंह से जोड़ी गई 20 फीट लंबी बीड़ी के जरिए धूम्रपान मुक्ति का संदेश दिया गया। रावण के मुंह से जोड़ी 20 फीट लंबी बीड़ी नगर परिषद की ओर से तैयार रावण के पुतले के मुंह से 20 फीट लंबी बीड़ी जोड़ी गई थी। इसके साथ पटाखों की व्यवस्था भी की गई थी। नगर परिषद सभापति ज्योति चंदन सोनी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को धूम्रपान और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। रावण के पुतले के जरिए सामाजिक जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया। एक घंटे तक हुई रंगारंग आतिशबाजी रावण दहन से पहले करीब एक घंटे तक रंगारंग आतिशबाजी हुई। इलेक्ट्रॉनिक पटाखों और अन्य राज्यों से मंगवाए गए पटाखों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। आतिशबाजी देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। नगर परिषद ने किए व्यवस्थाओं के इंतजाम कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए नगर परिषद की ओर से मैदान में आकर्षक लाइटिंग के साथ छाया और पानी की व्यवस्था की गई थी। शहर और आसपास के इलाकों से आए लोगों ने आतिशबाजी और रावण दहन का आनंद लिया।
दिल्ली सरकार 150 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की तैयारी में है, जिनमें से 61 के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इन केंद्रों का लक्ष्य लोगों को घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बड़े अस्पतालों पर दबाव कम करना है।
मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (SEIAA) में पर्यावरण मंजूरी से जुड़े मामलों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सिया के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने सदस्य सचिव और आईएएस हर्षल पंचोली पर गंभीर अनियमितताओं और वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल निलंबित करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इस संबंध में उन्होंने 20 अक्टूबर को मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखा है। पत्र में केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिलिपि भेजी गई है। 500 लंबित मामलों के बीच एजेंडा तैयार करने पर सवाल अध्यक्ष ने पत्र में आरोप लगाया है कि SEIAA की 974वीं और 975वीं बैठकों के लिए एजेंडा तैयार करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश SEIAA में करीब 500 प्रकरण लंबित हैं, लेकिन एजेंडा तैयार करते समय लंबित मामलों के क्रम का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि पोर्टल पर उपलब्ध सूची में ऊपर और नीचे के कई प्रकरण छोड़कर बीच के मामलों को एजेंडा में शामिल किया गया। पत्र के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दोनों बैठकों का एजेंडा केंद्र सरकार के परिवेश पोर्टल पर अपलोड किया गया। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एजेंडा में कुछ ऐसे मामले भी शामिल किए गए, जो SEIAA में लंबित नहीं थे, बल्कि राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (SEAC) में लंबित थे। वहीं, पर्यावरण मंजूरी के कुछ अन्य मामलों को एजेंडा से बाहर रखने पर भी सवाल उठाए गए हैं। बिना अनुमोदन एजेंडा अपलोड करने का आरोप पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन और पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना-2006 के प्रावधानों के अनुसार, SEIAA से जुड़े निर्णय प्राधिकरण की बैठकों में लिए जाने चाहिए और एजेंडा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सदस्य सचिव ने कुछ बैठकों का एजेंडा अध्यक्ष से अनुमोदन लिए बिना ही परिवेश पोर्टल पर अपलोड कर दिया। पत्र के मुताबिक, SEIAA की 966वीं बैठक में भी सात प्रकरणों को अध्यक्ष की मंजूरी के बिना एजेंडा में शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 974वीं और 975वीं बैठकों के एजेंडे को लेकर भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। NGT के आदेश के पालन में भी लापरवाही का आरोप अध्यक्ष ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के 3 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि खनन से संबंधित कुछ मामलों में SEIAA की अनुमति और सहमति के बिना कार्रवाई को नियमों का उल्लंघन माना गया था। पत्र में आरोप है कि NGT के आदेश के अनुपालन के लिए अध्यक्ष की ओर से कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद संबंधित मामलों को SEIAA के समक्ष विचार के लिए एजेंडा में शामिल नहीं किया गया। इसी तरह, सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक मामले में केंद्र सरकार की ओर से दाखिल जवाब के संदर्भ में भी कथित तौर पर आवश्यक प्रकरणों को एजेंडा में शामिल नहीं करने की बात कही गई है। EC लेटर जारी करने में देरी का भी मुद्दा पत्र में पर्यावरण मंजूरी (EC) मिलने के बाद संबंधित पत्र समय पर जारी नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। अध्यक्ष के मुताबिक, मंजूरी दिए जाने के बावजूद कई मामलों में EC लेटर जारी करने में देरी होती है, जिससे आवेदकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की आवश्यकता जताई है। पत्र में बैठकों की कार्यवाही का विवरण (MoM) निर्धारित पांच कार्यदिवस की समयसीमा में परिवेश पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने का भी उल्लेख है। अध्यक्ष ने कुछ बैठकों की कार्यवाही देर से अपलोड किए जाने के उदाहरण देते हुए इसे प्रक्रिया संबंधी गंभीर लापरवाही बताया है। अध्यक्ष ने की निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग शिवनारायण सिंह चौहान ने पत्र में कहा है कि सदस्य सचिव के पद पर रहते हुए कथित अनियमितताओं से प्राधिकरण की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होने की आशंका है। उन्होंने हर्षल पंचोली को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
इटावा में शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विजयादशमी पर मंगलवार शाम 7 बजे श्रीराम के जयघोष के बीच 30 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। भगवान श्रीराम के स्वरूप ने शाम सात बजे के बाद अग्निबाण चलाकर रावण का दहन किया। इस दौरान आतिशबाजी से मैदान गूंज उठा। हालांकि, इस बार मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन नहीं किया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक सरिता भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। शहर के रामलीला मैदान में करीब 150 वर्षों से रामलीला मंचन और रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत विजयादशमी पर राम-रावण युद्ध और रावण वध का मंचन किया गया। 15 दिनों तक चलने वाली मैदानी रामलीला के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और आतिशबाजी के बीच उत्सव का आनंद लिया। देखें, 3 तस्वीरें… रावण दहन से पहले भगवान श्रीराम और उनकी सेना की आरती उतारी गई। इसके बाद श्रीराम की सेना शहर से होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। दूसरी ओर रावण की सेना भी युद्ध के लिए मैदान में पहुंची। शाम चार बजे से सात बजे तक रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। राम-रावण युद्ध के बाद श्रीराम के स्वरूप ने अग्निबाण चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का नहीं हुआ दहन इस बार रामलीला मैदान में केवल रावण के 30 फुट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन नहीं होने की वजह से आयोजन में यह बदलाव देखने को मिला। इसके बावजूद रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। मैदान में लगे मेले में लोगों ने खरीदारी की और आतिशबाजी का आनंद लिया। सुरक्षा के रहे इंतजामविजयादशमी के आयोजन को देखते हुए रामलीला मैदान में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों के साथ अग्निशमन विभाग की टीम भी मुस्तैद रही, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। आयोजन के दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं संरक्षक जगदंबा प्रसाद निगम, महामंत्री संजय दुबे एडवोकेट, कोषाध्यक्ष रमाकांत सिंह, मुरारी वर्मा, मोहित दुबे और संतोष सक्सेना सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे बाइक के सामने अचानक एक स्ट्रीट डॉग आ गया। बाइक कुत्ते से टकराने के बाद उस पर सवार तीन भाई सड़क पर गिरकर घायल हो गए। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इनमें 65 वर्षीय राजबहोर साकेत की हालत गंभीर है। कुत्ते से टकराते ही सड़क पर गिरे तीनों भाई पिपरा गांव निवासी राजबहोर साकेत (65), लालता साकेत (45) और रामकुमार साकेत (48) बाइक से नईगढ़ी जा रहे थे। घर से निकलकर चौराहे के पास पहुंचे, तभी अचानक कुत्ता सामने आ गया। बाइक टकराने से तीनों सड़क पर गिर पड़े। डायल 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया हादसे में राजबहोर साकेत के सिर में गंभीर चोट आई है। लालता और रामकुमार को भी चोटें लगी हैं। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
झांसी के लक्ष्मीताल पर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान महिलाओं के जेवर चोरी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो महिलाओं के कानों से सोने के बाले उतार लिए गए, जबकि तीसरी के गले से चेन तोड़कर साथी को थमा दी। इसी बीच महिला को चेन गायब होने का पता चल गया। महिलाओं ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि उसका साथी जेवर लेकर भाग निकला। इसके बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। भीड़ में शामिल होकर चोरी करने का आरोप लक्ष्मीताल पर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के चलते भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान आरोपी युवक भीड़ में शामिल हो गया। आरोप है कि उसने मौका पाकर दो महिलाओं के कानों से सोने के बाले उतार लिए। इसके बाद तीसरी महिला के गले से सोने की चेन तोड़कर अपने साथी को दे दी। कुछ ही देर में महिला को चेन गायब होने का पता चला। उसने अपने साथ मौजूद व्यक्ति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। महिलाओं का आरोप था कि चोरी किए गए जेवर उसने अपने साथी को दे दिए थे, जो मौके से भाग गया। भंडारा खाने आने की बात कही तो भड़के लोग पकड़े जाने के बाद युवक खुद को बेकसूर बताने लगा। उसने कहा कि वह लक्ष्मीताल पर भंडारा खाने आया था। हालांकि, महिलाओं के आरोपों से वहां मौजूद लोग भड़क गए और युवक की पिटाई कर दी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। विसर्जन के दौरान भारी भीड़ के बीच हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
20 अक्टूबर, मंगलवार: सीवान जिले के दारौंदा प्रखंड के बगौरा गांव में शाम 8 बजे पश्चिम टोला काली मंदिर के पास रावण दहन किया गया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तैनात रहे।
सिरसा जिले के डबवाली-ऐलनाबाद स्टेट हाईवे नंबर-32 पर मंगलवार को मसीतां और अलीका गांव के बीच एक हादसा हुआ। यहां ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और रबड़ की पाइपों से लदे छोटे हाथी की टक्कर हो गई। इस टक्कर में छोटे हाथी का ड्रायल घायल हो गया और वाहन बुरी तरह टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि छोटा हाथी का ड्राइवर गाड़ी के अंदर फंस गया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने उसे काफी कोशिश के बाद बाहर निकाला। हादसे के बाद ड्राइवर बेहोश हो गया था और उसे चोटें भी आई हैं। सड़क पर बिखरी ईंटें, लगा जाम टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली का टायर पंचर हो गया और ईंटें सड़क पर बिखर गईं। इससे सड़क पर जाम लग गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर जोगिंदर मसीतां के भट्ठे से ईंटें लेकर मंडी डबवाली की नंदीशाला जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे छोटे हाथी ने उसकी ट्रॉली के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। डायल-112 पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। छोटा हाथी ऐलनाबाद से रबड़ की पाइपें लेकर डबवाली जा रहा था।
महराजगंज में विजयदशमी के अवसर पर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता मंगल ने दुर्गा मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नगरवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद डॉ. मंगल ने अंबेडकर पार्क और करपट पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों पार्कों में साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। डॉ. पुष्पलता मंगल ने कहा कि त्योहारों के दौरान शहर की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना बहुत जरूरी है। इससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिलता है। उन्होंने कर्मचारियों को सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और मंदिरों के आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर चुलाही, बलराम जायसवाल, विनोद गौतम, संजय निषाद, बूदाही, इंद्राशन, अभय गुप्ता और अंशुमान सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बड़वानी शहर के दशहरा मैदान पर मंगलवार रात आठ बजे 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही 40-40 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए गए, और यह पूरी प्रक्रिया महज पांच मिनट में संपन्न हो गई। कार्यक्रम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया और नगर पालिका सीएमओ के अनुसार मैदान में 20 हजार से भी ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी। रावण दहन से पहले पाला बाजार स्थित कालिका माता मंदिर से भगवान श्रीराम की संगीतमय शोभायात्रा निकाली गई। रात आठ बजे मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा एमजी रोड, रणजीत चौक, झंडा चौक, जैन मंदिर चौराहा और चंचल चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। शोभायात्रा में कलाकार भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी के रूप में सजे हुए थे। इसके अलावा शहर की पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। सड़कों पर रहा पुलिस का पहरा दशहरा पर्व को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुबह से ही जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। शाम चार बजे के बाद से ही दशहरा मैदान से जुड़े सभी रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई थी। वहीं नगर पालिका की ओर से सफाई, पानी और बिजली के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
झुंझुनूं के सुलताना थाना क्षेत्र के तारा का बास गांव में पिता की हत्या कर बेटों ने शव को घर के पीछे जमीन में दबा दिया था। पुलिस ने मंगलवार को दोनों बेटों शिव (32) और दीपेन्द्र (30) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घरेलू विवाद के चलते दोनों ने अपने पिता जुगलकिशोर जांगिड़ (52) की गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शव पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की और घर के पीछे गड्ढा खोदकर दबा दिया। वारदात छिपाने के लिए दोनों बेटे लोगों को बताते रहे कि उनके पिता मुंबई गए हुए हैं। करीब सात दिन बाद शव से बदबू आने पर मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों बेटों से पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। पिता के मुंबई जाने की बात कहते रहे बेटे सुलताना थानाधिकारी रामनिवास ने बताया- जुगलकिशोर पहले मुंबई में रहकर फर्नीचर का काम करते थे। उसके दोनों बेटे भी मुंबई में रहते थे। करीब एक साल पहले जुगलकिशोर गांव लौट आए थे। बताया गया है कि वह शराब पीने के बाद गाली-गलौज करते थे, जिससे घर में अक्सर विवाद होता रहता था। 11 अक्टूबर को जुगलकिशोर अपने परिजनों के साथ गांव के जीणमाता मंदिर गए थे। वहां भी शराब के नशे में गाली-गलौज को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद घर में भी झगड़ा हुआ और बेटे शिव ने अपने पिता जुगलकिशोर की गला घोंटकर हत्या कर दी। मामले में दीपेन्द्र की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। शव को जलाने की कोशिश की, ऊपर बिछा दी खेजड़ी की लकड़ियां पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए घर के पीछे स्थित शामलाती जमीन में गड्ढा खोदा गया और शव को उसमें दबा दिया गया। शव पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश भी की गई। इसके बाद ऊपर से खेजड़ी की लकड़ियां बिछा दी गईं, ताकि किसी को घटना का पता नहीं चले। इसके बाद लोगों को कहते रहे कि उनके पिता किसी काम से मुंबई गए हुए हैं। बदबू आने पर घर के पीछे दबी मिली बॉडी 17 अक्टूबर को जुगलकिशोर के घर के पीछे बदबू आने से पड़ोस में रहने वाले जुगल किशोर के भतीजे को शक हुआ। तलाश के दौरान मकान के पीछे आधा दबा हुआ क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की पूछताछ में जुगलकिशोर के दोनों बेटों ने बताया कि पिता काम से मुंबई गए हुए है। ये बॉडी किसकी है, हमें इसकी जानकारी नहीं है। 48 घंटे में खुलासे का पुलिस का दावा सुलताना थानाधिकारी रामनिवास ने बताया- संदिग्धों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस दोनों बेटों तक पहुंची। जांच में दोनों की भूमिका सामने आने पर 19 अक्टूबर को ही शिव और दीपेन्द्र को डिटेन कर लिया था। जिन्हें 20 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भाईंदर ईस्ट स्थित न्यू पायल अपार्टमेंट में रहते थे। वे मूल रूप से तारा का बास गांव के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
अंबेडकरनगर में नवरात्र में टांडा कस्बे के श्री बाल दुर्गा पूजा पंडाल में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जा रहा है। नई पीढ़ी के युवाओं ने पंडाल की थीम के जरिए महिलाओं और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों के विरोध की अपील की है। इसके साथ ही सिख इतिहास के वीर बाल साहिबजादों के बलिदान को याद कर लोगों को साहस और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी जा रही है। टांडा कस्बे में जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इनमें श्री बाल दुर्गा पूजा पंडाल अपनी विशेष थीम के कारण चर्चा में है। यहां लगाई गई झांकियों और पोस्टरों में महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाले अपराध, शोषण और अत्याचार को दर्शाया गया है। इनके माध्यम से लोगों से नारी सम्मान को प्राथमिकता देने और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई है। साहिबजादों के बलिदान से मिल रही प्रेरणा पंडाल में सिख इतिहास के वीर बाल साहिबजादों, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की शहादत को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। उनकी वीरता और बलिदान के जरिए आस्था, साहस और अन्याय के सामने न झुकने का संदेश दिया जा रहा है। पंडाल में दर्शन करने पहुंचे समाजसेवी अंशू बग्गा ने युवाओं की इस पहल को प्रेरणादायक बताया। वहीं, व्यवसायी संजीव जायसवाल ने नारी सशक्तीकरण और साहिबजादों के बलिदान पर आधारित प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देना नई पीढ़ी की सराहनीय पहल है। स्लोगन के जरिए नारी सम्मान की अपील पंडाल की दीवारों पर लिखे स्लोगन भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनके जरिए महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखने और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों का विरोध करने की अपील की गई है। युवाओं की यह पहल धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ रही है। संदेश दिया जा रहा है कि मां दुर्गा की आराधना के साथ नारी सम्मान और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है।
मंदसौर की मल्हारगढ़ तहसील में पेयजल पाइपलाइन से पिछले 10 दिन से लाखों गैलन पानी बह रहा है। मंगलवार शाम कांग्रेस नेताओं ने लीकेज वाली जगह पर माला चढ़ाकर और फूल अर्पित कर विरोध जताया। उन्होंने बर्बाद हो रहे पानी को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। कम बारिश से किसान सिंचाई को लेकर चिंतित जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने बताया कि कम बारिश और गर्मी के कारण कुओं और तालाबों का जलस्तर घट गया है। इससे किसान रबी की फसलों की सिंचाई को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के बावजूद लीकेज ठीक नहीं किया जा रहा है। 10 दिन से लीकेज, लाखों गैलन पानी बहाशर्मा ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी 10 दिन से लीकेज ठीक नहीं हुआ। उन्होंने डीबीएल कंपनी के काम की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। कलेक्टर से मिलकर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करेंगे कांग्रेस का एक दल जल्द ही कलेक्टर दिव्यांक सिंह से मिलेगा। दल तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करेगा। इस मामले में जल संसाधन विभाग के मनीष जिंगर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
धमतरी में दशहरा पर्व से पहले सार्वजनिक स्थानों पर चाकू लहराकर लोगों में दहशत फैलाने के आरोप में कुरूद पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन धारदार चाकू जब्त किए हैं। त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। अलग-अलग जगहों पर पुलिस ने की कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, दशहरा पर्व के मद्देनजर जिले में गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में कुरूद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक जगहों पर चाकू लहराकर राहगीरों को डराने के आरोप में तीन युवकों को पकड़ा। पहले मामले में ओमकार मंडावी (22), पिता स्वर्गीय श्रवण कुमार, निवासी राखी को चाकू लहराकर राहगीरों को डराते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक धारदार चाकू जब्त किया। सांधा चौक और भरदा चौक के पास भी पकड़े गए आरोपी दूसरे मामले में पुलिस ने सांधा चौक स्थित शराब भट्ठी के पास से सतीश कुमार पटेल (22), पिता मोहन पटेल, निवासी पेरपार, गुरूर, जिला बालोद को धारदार चाकू के साथ पकड़ा। उसके कब्जे से एक चाकू बरामद किया गया। तीसरे मामले में भरदा चौक के पास हर्ष यादव (18), पिता रामकुमार, निवासी रेलवे स्टेशन चरमुरिया, थाना कुरूद को बटनदार चाकू लहराकर लोगों को डराने के आरोप में पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से भी एक धारदार बटनदार चाकू जब्त किया। आर्म्स एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी।
दशहरा के मौके पर महराजगंज कोतवाली के पास स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन त्रिमुहानी नदी घाट पर किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ प्रतिमा को लेकर घाट पहुंचे। पूरे रास्ते भक्तिमय माहौल बना रहा और लोगों ने मां दुर्गा के जयकारे लगाए। पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश गुप्ता की देखरेख में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
बांदा के बदौसा कस्बे में मंगलवार शाम 5 बजे श्मशान घाट के पास बागे नदी में एक अधेड़ व्यक्ति का शव बहता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे नदी से बाहर निकलवाया और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतर्रा भेजा। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। काफी प्रयास के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज बांदा की मर्चरी में रखवा दिया है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि ग्राम प्रधान दुबरिया की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। नदी में बह रहे व्यक्ति को बाहर निकलवाकर तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने आशंका जताई कि नशे की अधिकता के चलते व्यक्ति नदी में डूबा हो सकता है। दारोगा रवींद्र पांडेय के मुताबिक, मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष है। उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। उसने दाहिने हाथ की कलाई में कलावा बांध रखा था। माथे पर तिलक और गले में काले धागे के साथ रुद्राक्ष की एक गुरिया पहने था। उसके शरीर पर केवल अंडरवियर मिला है। पुलिस मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मौत का सही कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सरायखेमा में मां दुर्गा की आरती:न्यू जागृति पूजा समिति ने दुर्गा चालीसा पाठ संग बंटा प्रसाद
अमेठी में मुंशीगंज क्षेत्र के सरायखेमा गांव में न्यू जागृति दुर्गा पूजा समिति की ओर से सजाए गए मां नव दुर्गा के पंडाल में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और आरती की। भक्तों ने दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भजन-कीर्तन भी हुए। पुजारी पंडित गुनन मिश्र ने कहा कि मां नव दुर्गा बल, बुद्धि, शक्ति और निर्भयता का स्मरण कराती हैं। पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर संतोष बघेल, संजीव कुमार मिश्र, राम कुबेर जैसवाल, आकाश, सौरभ मिश्र, धीरज, वशिंलाल चौहान, कृष्णा नंद मौर्य, हृदयराम, राम शंकर, गिरजा शंकर पांडेय, दिनेश, मनीराम और विन्ध्यदीन कश्यप समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
कुशीनगर में रावण के पुतले का दहन:राजघराने ने भव्य मेले का आयोजन किया, हजारों लोग बने गवाह
दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन भव्य आयोजनों के बीच किया गया। पडरौना राजघराने द्वारा नगर के रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में आतिशबाजी के बीच रावण दहन हुआ, जिसके गवाह नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों लोग बने। मंगलवार को आयोजित इस भव्य मेले में अपार जनसैलाब उमड़ा। नगर के साथ-साथ आसपास के चार-पांच किलोमीटर क्षेत्र से बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे मेले का आनंद लेने पहुंचे। मेले में खान-पान के स्टॉलों पर भारी भीड़ दिखी, वहीं बच्चे प्लास्टिक के खिलौने खरीदने के लिए उत्साहित नजर आए। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण रावण दहन का कार्यक्रम था। जैसे ही सूर्यास्त का समय हुआ, आयोजकों द्वारा आसमान में कई रंग-बिरंगे हॉट एयर बैलून (कागज के गुब्बारे) छोड़े गए। लोग टकटकी लगाए अपने मोबाइल कैमरों में इस सुंदर दृश्य को कैद करते दिखे। रावण दहन के साथ ही देर तक हुई आतिशबाजी का लोगों ने जमकर आनंद लिया। प्रशासन के कड़े इंतजाम हजारों की भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। इसके चलते पूरा मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पडरौना राजघराने के वरिष्ठ सदस्य व राज्यसभा सांसद कुंवर आर.पी.एन. सिंह ने दैनिक भास्कर के माध्यम से देश व क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन हर व्यक्ति के लिए अपने भीतर छिपी बुराई यानी 'रावण' को समाप्त करने का दिन है।
झालावाड़ में दशहरे के मौके पर मंगलवार को राड़ी के बालाजी परिसर में 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया गया। रात 7:58 पर पुतले का दहन हुआ, जो कुछ ही देर में राख हो गया। इस बार रावण का पुतला अपने खास अंदाज और आकर्षक करतबों के कारण लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। दहन से पहले करीब एक घंटे तक रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई, जिससे आसमान जगमगा उठा। झालावाड़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग यह नजारा देखने पहुंचे। रावण दहन से पहले शहर में रामायण से जुड़े पात्रों की शोभायात्रा निकाली गई, जो दहन स्थल पर पहुंची। कार्यक्रम में झालावाड़ के पूर्व नरेश चंद्रजीत सिंह झाला मुख्य अतिथि रहे। पीपा पीठाधीश्वर त्यागी महाराज और जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर भी मौजूद थे। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।
सोनीपत में विजय दशमी के अवसर पर सोनीपत और गोहाना क्षेत्र में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। वहीं, गोहाना के गांव कासंडी में ग्रामीणों, आर्य समाजियों और रक्षक सेना ने पाखंडवाद के खिलाफ जागृति जुलूस निकालकर रामपाल का पुतला फूंका। एक ओर दशहरे के पारंपरिक आयोजन में धर्म, मर्यादा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया गया, तो दूसरी ओर कासंडी में लोगों से अंधविश्वास छोड़कर वैज्ञानिक सोच अपनाने और वैदिक धर्म की ओर लौटने की अपील की गई। कामी रोड पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला सभा की ओर से दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। कविता जैन बोलीं- भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से सकारात्मक विचार अपनाने और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। अपने भीतर की बुराइयों को खत्म करने का संदेश कविता जैन ने कहा कि दशहरे का संदेश केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है। इस पर्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लालच और द्वेष जैसी बुराइयों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सद्भाव और सकारात्मकता को बढ़ावा दिया जा सकता है। कासंडी में पाखंडवाद के खिलाफ निकाला जागृति जुलूस गोहाना के गांव कासंडी में विजय दशमी पर ग्रामीणों, आर्य समाजियों और रक्षक सेना के संयुक्त प्रयास से जागृति जुलूस निकाला गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। ग्रामीण हाथों में भगवा और ॐ लिखे झंडे लेकर गांव की मुख्य गलियों से गुजरे। इस दौरान पाखंडवाद बंद करने के नारे लगाए गए। जुलूस गांव के मुख्य द्वार पर पहुंचा, जहां जनसभा आयोजित की गई। इसके बाद रामपाल का पुतला फूंका गया। वक्ताओं ने वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील की जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि विजय दशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने पाखंड को समाज की एक बड़ी बुराई बताते हुए लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने, वैज्ञानिक सोच अपनाने और वैदिक धर्म की ओर लौटने की अपील की। विचार-गोष्ठी के बाद उपस्थित लोगों की सहमति से रामपाल का पुतला दहन किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को रूढ़ियों से दूर करने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। सरपंच संदीप आर्य का अभियान जारी रखने की अपील कार्यक्रम में गांव के सरपंच संदीप आर्य ने अपने विचार रखते हुए जागरूकता गतिविधियों को लगातार जारी रखने की अपील की। उन्होंने सामाजिक जागरूकता के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। सुरेश आर्य ने मंच संचालन किया और अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। रक्षक सेना प्रमुख सहित सैकड़ों लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में रक्षक सेना प्रमुख मनजीत तिहाड़ा वक्ता के रूप में शामिल हुए। इनके अलावा डॉ. धर्मपाल आर्य, जिला प्रधान सोनीपत, स्वामी ठंडाराम जुआ गुरुकुल, आचार्य वेदनिष्ठ विजेंद्र शास्त्री, मनजीत आर्य कोच, प्रवीण आर्य, सरपंच संदीप आर्य, सुरेश आर्य, अनिल आर्य, मास्टर संदीप आर्य, विनय आर्य, सतीश जांगड़ा, राजेश आर्य, नरेश आर्य और वीरेंद्र आर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण, युवा, बुजुर्ग और बच्चे मौजूद रहे।
तरनतारन जिले के गांव कद्द गिल में अमर शहीद बाबा वस्सण सिंह जी का वार्षिक शहीदी जोड़ मेला अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से पहुंची बड़ी संख्या में संगतों ने शहीद बाबा वस्सण सिंह जी की अमर शहादत को नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। दो दिवसीय इस आयोजन में धार्मिक समागमों के साथ-साथ युवाओं को खेल संस्कृति से जोड़ने के लिए भव्य कबड्डी और कुश्ती मुकाबलों का आयोजन किया गया। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत में श्री अखंड पाठ साहिब के साहिब के भोग डाले गए। तत्पश्चात श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगवाई में गांव में एक विशाल नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन का गांववासियों और संगतों द्वारा जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं के लिए तरह-तरह के अटूट लंगर लगाए गए। धार्मिक दीवान में गुरु जस और सिख इतिहास की वारों से संगतों को किया निहाल समारोह के दौरान आयोजित धार्मिक दीवान में भाई निरवैल सिंह खालसा के कविशरी जत्थे ने गुरु जस सुनाया। दूसरे दिन के धार्मिक समागम में भाई सतनाम सिंह ने रसभिना कीर्तन किया और भाई मुख्तार सिंह ने गुरमत विचारों की सांझ डाली। प्रसिद्ध ढाडी भाई गुरप्रताप सिंह पदम के जत्थे ने सिख इतिहास की गौरवगाथाओं और शहीदों की कुर्बानियों से जुड़ी ढाडी वारें पेश कर संगतों में नया जोश भरा। अमेरिका निवासी एनआरआई परिवारों के सहयोग से हुए नामी खेल मुकाबले मेले के शाम के सत्र में गांव कद्द गिल के मूल निवासी व अमेरिका में बसे प्रवासी भारतीय गुरजंट सिंह गिल के विशेष सहयोग से नामी कबड्डी टीमों के बीच शो मैच और कुश्ती मुकाबले करवाए गए। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'बाबा बलविंदर सिंह कबड्डी क्लब खडूर साहिब' और 'परोपकारी भाई लद्धा कबड्डी क्लब भाई लाधो' की लड़कियों की टीमों के बीच रोमांचक कबड्डी शो मैच हुआ, जिसमें मालवा जगराओं की टीम ने जीत हासिल की। इसके अलावा कुश्ती मुकाबलों में युवा पहलवान बुग्गा बडाला सहित कई नामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच दिखाए। विजेताओं को नकद राशि से किया गया सम्मानित जीत हासिल करने वाली टीमों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मुख्य प्रबंधक जत्थेदार अजीत सिंह और प्रबंधन समिति की मौजूदगी में अमेरिका निवासी जुगराज सिंह गिल द्वारा भेजी गई विशेष नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके पिता हरभेज सिंह गिल और भाई जगरूप सिंह द्वारा प्रदान किया गया। प्रबंधकों ने गांव के विकास और खेलों में अमूल्य योगदान देने के लिए जुगराज सिंह गिल, गुरजंट सिंह गिल, राणा सबालाजपुर, धर्मवीर और कंवल अमेरिका सहित सभी एनआरआई परिवारों की सराहना की। विशिष्ट शख्सियतों और संगतों की रही भारी उपस्थिति इस शहीदी जोड़ मेले में बीबी रमणदीप कौर सेरो, बापू हरजीत सिंह सेरो, पूर्व विधायक रमणजीत सिंह सिक्की, सोहन सिंह शाह, काला शाह, आममराज फौजी, सुखदेव फौजी, अर्श फौजी, गुरजंट बहला, परगट सिंह, यादविंदर यादू, लखविंदर सिंह नंबरदार, युवा नेता हरपाल सिंह, पूर्व सदस्य चरणजीत सिंह, गुरवेल सिंह थानेदार, अरविंदर सिंह फौजी और अमृत खडूर साहिब समेत कई धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। यह मेला युवाओं को अपनी विरासत, इतिहास और खेलों से जोड़ते हुए संगतों की अमिट यादों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पीथमपुर में मंगलवार को विजयादशमी पर महाराणा प्रताप बस स्टैंड के दशहरा मैदान में 61 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। शाम 5 बजे राम मंदिर से निकला जुलूस शाम 7:30 बजे मैदान पहुंचा। आतिशबाजी के बीच हुए रावण दहन को देखने हजारों लोग जुटे। 2017 से बन रहा 61 फीट ऊंचा रावण सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के उपाध्यक्ष गजानंद पथरिया ने बताया कि वर्ष 2017 से यहां 61 फीट ऊंचे रावण का पुतला बनाया जा रहा है। जुलूस में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों के साथ अखाड़ा भी शामिल रहा। विश्वास नगर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जले विश्वास नगर कॉलोनी के दशहरा मैदान में भी रावण दहन हुआ। यहां 25वें साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाए गए। आयोजन में सैकड़ों लोग शामिल हुए और आतिशबाजी की गई। युवाओं ने बनाई रील्स, पुलिस ने संभाली व्यवस्था रावण दहन के दौरान युवाओं में पुतले के साथ सेल्फी लेने और रील्स बनाने का चलन दिखा। पुलिस और फायर फाइटर की मदद से आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। देखें तस्वीरें…
बक्सर। बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में विजयादशमी पर रावण वध देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। एक लाख से अधिक लोग इस आयोजन के साक्षी बने। हजारों मोबाइल की टॉर्च एक साथ जलीं, तो पूरा मैदान रोशनी से जगमगा उठा। आतिशबाजी, पुतलों से निकलती रंग-बिरंगी आग और जय श्रीराम के जयकारों ने माहौल को रोमांचक बना दिया। पहले मेघनाथ, फिर रावण का हुआ दहन कार्यक्रम में सबसे पहले भगवान लक्ष्मण के हाथों 40 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया। इससे पहले उसके मुकुट और मुंह से निकलती कोल्ड फायर और स्मूथ फायर की रंगीन लपटों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच काफी देर तक युद्ध का मंचन हुआ। अंत में 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। दहन से पहले रावण के पूरे शरीर से निकलती रंग-बिरंगी आग आकर्षण का केंद्र बनी रही। पटाखों की गूंज के साथ रावण धू-धू कर जल उठा। इस दृश्य को मोबाइल में कैद करने के लिए दर्शकों में होड़ लगी रही। मोबाइल की रोशनी से जगमगाया मैदान रावण दहन के दौरान हजारों लोगों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जला दी। सामने जलते विशाल रावण और मोबाइल की रोशनी से जगमगाते मैदान का नजारा बेहद आकर्षक दिखा। लोग इस यादगार पल को कैमरे में कैद करने के लिए आतुर नजर आए। सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद भारी भीड़ को देखते हुए बक्सर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मैदान में वॉच टावर बनाकर निगरानी की गई। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। भीड़ नियंत्रण के लिए आठ प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए थे। बैरिकेडिंग कर मैदान को अलग-अलग जोन में बांटा गया था, ताकि लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रहे। पुलिस चौकी से चरित्रवन रोड तक नो व्हीकल जोन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बक्सर पुलिस चौकी से नाथ बाबा-चरित्रवन रोड को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया था। प्रमुख रास्तों और प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए लगातार लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट किया जा रहा था। ऐतिहासिक किला मैदान में रावण वध का आयोजन धार्मिक आस्था, रोमांच और सांस्कृतिक परंपरा का संगम बना। विशाल पुतलों के दहन और आतिशबाजी के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया।
यूपी के प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरे पर अपनी कोठी में शस्त्र पूजन किया। उन्होंने 500 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों की पूजा की।ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि और सैकड़ों समर्थकों ने भी अपने हथियारों के साथ हिस्सा लिया। सभी हथियारों के साथ उनके लाइसेंस भी रखे गए थे। राजा भैया ने कहा- हाथी के दिखाने वाले दांत अलग होते हैं।
कानपुर देहात में शारदीय नवरात्र की नवमी पर मैथा ब्लॉक स्थित मां शुम्बहा देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सैकड़ों वर्ष पुराना यह मंदिर कुलदेवी के रूप में पूजित है। यहां दूसरे प्रदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। चैत्र नवरात्र में मंदिर समिति की ओर से दुर्गा जागरण, यज्ञोपवीत संस्कार, शतचंडी यज्ञ और भोग-भंडारे का आयोजन किया जाता है।
Vaishali News: महुआ में तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की बाइक से टक्कर, दो लोगों की मौत, एक गंभीर
20 अक्टूबर, मंगलवार: बिहार के वैशाली जिले के महुआ में सोमवार देर शाम सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई। तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की बाइक से टक्कर होने की बात सामने आई है। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है।
भाजपा ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी है। इसमें यूपी से हर्षवर्धन सिंह को युवा मोर्चा का नया राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है, जबकि निखिल मणि तिवारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और विनीत वत्स त्यागी को कोषाध्यक्ष की कमान दी गई है। यूपी के तीनों नेताओं को क्यों मिली जिम्मेदारी अयोध्या के रहने वाले हर्षवर्धन सिंह संगठन के पुराने और अनुभवी कार्यकर्ता हैं। इससे पहले वे उत्तर प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हर्षवर्धन यूपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में भी प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। राजनीतिक गलियारों में उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल का काफी करीबी माना जाता है। अवध क्षेत्र से आने वाले निखिल मणि तिवारी इससे पहले अवध युवा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हर्षवर्धन की तरह निखिल भी यूपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदारों में शामिल थे। संगठन के लिहाज से वे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के करीबी माने जाते हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले विनीत वत्स त्यागी को संगठन में भरोसा जताते हुए प्रदेश टीम में कोषाध्यक्ष के पद की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। मिशन 2027 के लिहाज से युवाओं की बड़ी भूमिका उत्तर प्रदेश में आने वाले राजनीतिक समीकरणों और सांगठनिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए युवा मोर्चा की इस नई टीम को बेहद अहम माना जा रहा है। अनुभवी और जमीन से जुड़े युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करके भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अयोध्या, अवध और पश्चिमी यूपी तीनों प्रमुख क्षेत्रों को राष्ट्रीय टीम में संतुलन देते हुए जगह दी गई है, ताकि आगामी चुनावों में युवा मतदाताओं के बीच पैठ और मजबूत की जा सके। -------------- ये भी पढ़ें- आजमगढ़- एक घर में 14 ‘विकास यादव’, इनमें 7 महिलाएं:गोरखपुर में 6 'अनुराग'; सॉफ्टवेयर नहीं पकड़ पाया, SIR के बाद भी खामियां सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को ‘समाजवादी ECI ऑडिट-1’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की। दावा किया- एक विधानसभा सीट पर एक ही व्यक्ति का नाम 10 बार है। सबूत के तौर पर आजमगढ़, लखनऊ और गोरखपुर के उदाहरण दिए। इस पर चुनाव आयोग ने कहा- जांच कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
खरगोन शहर में मंगलवार को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। नवग्रह मेला मैदान पर रात 8 बजे 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया गया। इस दौरान 20 मिनट तक रंगीन आतिशबाजी हुई, जिसे 5 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा। मुख्य आयोजन से पहले शाम 6 बजे पहाड़सिंहपुरा स्थित श्रीराम मंदिर से रघुवंशी समाज ने शोभायात्रा निकाली। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप में सजे पात्र शामिल थे। शोभायात्रा शहर के कई रास्तों से होकर नवग्रह मेला मैदान पहुंची। तस्वीरें देखें… अग्निबाण से रावण के पुतले का दहन यहां पूर्व मंत्री बालकृष्ण पाटीदार और नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी समेत कई नेताओं की मौजूदगी में पूजा और आरती हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम के अग्निबाण से रावण के पुतले का दहन किया गया। नूतन नगर, गौरीधाम गांधीनगर और जैतापुर समेत 9 जगहों पर भी रावण के पुतले जलाए गए। सुरक्षा के लिए बड़वानी और इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई। पुलिस ने 20 संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी।
जांजगीर-चांपा जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिर्रा पुलिस ने ग्राम बिर्रा स्थित उत्तम ढाबा के पास एक युवक को गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 240 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में बिर्रा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बिर्रा स्थित उत्तम ढाबा के पास घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध युवक शुभम केंवट को पकड़ा गया। वह ग्राम डोमाडीह, थाना हसौद, जिला सक्ती का निवासी है। झोले से बरामद हुआ 1.24 किलो गांजा पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान युवक के पास मौजूद सफेद-लाल रंग के झोले से भूरे रंग के सेलो टेप में लिपटा गांजा मिला। इसका कुल वजन 1 किलो 240 ग्राम पाया गया। पुलिस ने गांजा जब्त कर इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी शुभम केंवट (20), पिता गणेश केंवट, निवासी ग्राम डोमाडीह, थाना हसौद, जिला सक्ती के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
फरीदकोट जिले में दशहरा पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो में आयोजित समारोहों के दौरान लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। फरीदकोट के नेहरू स्टेडियम में दशहरा कमेटी की ओर से समारोह आयोजित किया गया। इसमें डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस, विधायक गुरदित्त सिंह सेखों, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों और अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं की ओर से भगवान श्रीराम से संबंधित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्हें देखने के लिए लोगों में उत्साह रहा। कोटकपूरा में 25 फीट ऊंचे रावण का दहन उधर, कोटकपूरा के श्री राधा कृष्ण मंदिर में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रबंधक समिति के प्रधान राजकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्र गगनदीप यादव द्वारा तैयार करीब 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दहन किया गया। कार्यक्रम में डीसीएस इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष पवन मित्तल, डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सुमन पुरी, विजय स्वामी, अग्रवाल सेवा समिति के वाइस चेयरमैन ओमप्रकाश गोयल और प्रसिद्ध विद्वान पंडित अखिल कौशिक सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। जैतो में धूमधाम से मनाया गया दशहरा इसी तरह जैतो के रामलीला मैदान में भी दशहरा पर्व मनाया गया। यहां लोगों ने उत्साह के साथ समारोह में भाग लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं। तीनों शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से दशहरा पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को उजागर किया गया। पर्व ने लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
भीलवाड़ा में 2 मिनट में हुआ रावण दहन:लंका भी जली; मेघनाद-कुंभकर्ण के पुतले भी जलाए
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व मंगलवार को भीलवाड़ा में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में 6 जगह रावण दहन के कार्यक्रम हुए। नगर निगम की ओर से तेजाजी चौक में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां रावण दहन की प्रक्रिया 2 मिनट से भी कम समय में पूरी हो गई। यहां 51 फीट ऊंचे रावण के साथ 35-35 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। रावण दहन के साथ लंका भी जली। इस दौरान आतिशबाजी हुई और शहरवासियों ने जमकर जयकारे लगाए। देखें … रावण दहन की तस्वीरें राम-रावण युद्ध का मंचन, भगवान चारभुजानाथ का बेवाण पहुंचा रावण दहन से पहले रामलीला के कलाकारों का जुलूस तेजाजी चौक पहुंचा। यहां राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का मंचन किया गया। संध्या वेला में बड़ा मंदिर से भगवान चारभुजानाथ का बेवाण तेजाजी चौक पहुंचा। यहां भगवान के हाथों लंका द्वार ध्वस्त करने की परंपरा निभाई गई। इसके बाद मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन किया गया। रावण दहन के बाद आतिशबाजी की गई। शहर में 6 जगह हुआ रावण दहन तेजाजी चौक के अलावा शहर की लेबर कॉलोनी, उपनगर पुर, सांगानेर, सालरा गांव और टंकी के बालाजी के पास भी रावण दहन किया गया। इन पांच स्थानों पर 20-20 फीट के रावण और मेघनाद के पुतले बनाए गए थे। आतिशबाजी के बीच हुई नारेबाजी तेजाजी चौक में हुए मुख्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। राम-रावण युद्ध के मंचन और पुतलों के दहन के दौरान लोगों में उत्साह रहा। आतिशबाजी के बीच जमकर नारेबाजी हुई और पूरे माहौल में दशहरे की रौनक दिखाई दी।
झांसी में खटीक समाज की ऐतिहासिक काली माता की विसर्जन यात्रा मंगलवार शाम करीब 6 बजे लक्ष्मीताल पहुंची। मेवातीपुरा से माता की प्रतिमा को भक्त अपने कंधों पर उठाकर करीब 3.5 किलोमीटर तक चले। रास्तेभर ‘काली-काली, जय मां काली’ के जयकारे गूंजते रहे। यात्रा और विसर्जन स्थल पर करीब 50 हजार लोगों की मौजूदगी बताई गई। लक्ष्मीताल के कुंड पर आरती के बाद माता की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। पुराने शहर के मेवातीपुरा में स्थापित खटीक समाज की काली माता के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। माता के दर्शन के लिए झांसी के अलावा मध्य प्रदेश के कई जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होने पर भक्त दोबारा माता के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। झांसी ही नहीं, मध्य प्रदेश से भी आते हैं भक्त स्थानीय मान्यता के अनुसार, मनोकामना पूरी होने पर कुछ श्रद्धालु माता के दरबार में बकरे की बलि भी देते हैं। नवरात्र के दौरान पंडाल में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है। विसर्जन के दिन भी बड़ी संख्या में लोग माता के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। देर से पहुंची यात्रा, घंटों इंतजार करते रहे भक्त विजयदशमी पर निकली विसर्जन यात्रा इस बार पिछले वर्षों के मुकाबले देर से लक्ष्मीताल पहुंची। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। मेवातीपुरा के पंडाल से लेकर लक्ष्मीगेट और लक्ष्मीताल तक श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। जैसे ही यात्रा लक्ष्मीगेट पहुंची, भक्तों ने ‘काली-काली, जय मां काली’ के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। कई महिलाएं और पुरुष भक्ति में लीन होकर जयकारे लगाते रहे। श्रद्धालु रास्ते में खड़े होकर माता के दर्शन करते रहे और कई लोगों ने यात्रा के वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किए। कुंड पर आरती के बाद विसर्जन शाम करीब 6 बजे लक्ष्मीताल के कुंड पर माता की दोबारा आरती की गई। इसके बाद विधि-विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया गया। माता की विदाई के समय भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों के लिए यह पल सालभर की आस्था और परंपरा से जुड़ा रहा। छतों से बरसाए फूल, पुलिस ने ड्रोन से की निगरानी शहर के बाजारों से गुजरती शोभायात्रा पर लोगों ने छतों से फूल बरसाए। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल रहे। कुछ युवा हाथों में तलवारें लेकर भी चलते नजर आए। सुरक्षा के लिए पुलिस ने पूरे विसर्जन मार्ग पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की।
20 अक्टूबर, मंगलवार: वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद जनसुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर रामपुर श्यामचंद पंचायत में पीड़ित परिवारों से मिले। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच और प्रत्येक पीड़ित परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
सीहोर में बिजली विभाग के अधिकारियों की कथित लापरवाही के विरोध में किसानों ने अनोखा प्रदर्शन किया। किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में सीहोर जिले के 25 गांवों के किसानों ने 10 सिर वाला रावण बनाकर उसका दहन किया। रावण के 10 सिरों पर किसानों ने अपनी 10 प्रमुख मांगें और बिजली व्यवस्था से जुड़े सवाल लिखे थे। किसानों की मुख्य मांग है कि ग्राम बरबेली के एक किसान को 25 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले। यह किसान खेतों में झूलते 11 केवी और एलटी बिजली के तारों से करंट लगने के कारण बुरी तरह घायल हो गया था। किसानों ने जिम्मेदार बिजली अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की भी मांग की है किसानों का कहना है कि समय पर शिकायत के बावजूद झूलते तारों और खंभों को ठीक नहीं किया गया, जिससे सतीश नाम का किसान घायल हुआ। एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसान पिछले चार महीने से सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में आंदोलन कर रहे हैं उन्होंने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री, मानव अधिकार आयोग, महिला आयोग, पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने साफ किया है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर वे भोपाल में भी आंदोलन करेंगे।
नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर अररिया शहर पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से देर शाम तक मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शाम होते ही मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग जा रही हैं। मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा शहर गुंजायमान है। जगह-जगह उमड़ रही भीड़ के कारण शहर में मेले जैसा माहौल नजर आ रहा है। तीन प्रमुख मंदिरों में बलि प्रदान के लिए लगी कतारें नवरात्रि के अवसर पर शहर के विश्व प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर, काली मंदिर चौक स्थित अड़गड़ा दुर्गा मंदिर और जयप्रकाश नगर स्थित नव दुर्गा कला मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली। तीनों मंदिरों में सुबह से ही बलि प्रदान के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन तीनों मंदिरों में 500 से अधिक बकरों की बलि दी गई। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। भक्ति गीतों से गूंज रहीं शहर की सड़कें अररिया की प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों से गुजरने पर जगह-जगह मां दुर्गा के भक्ति गीत और धुन सुनाई दे रहे हैं। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-पाठ में जुटे हैं। मंदिरों में उमड़ती भीड़ और चारों ओर सुनाई दे रहे जयकारों ने शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया है। कन्या पूजन कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना नवरात्रि के मौके पर शहर के विभिन्न घरों में कन्या पूजन भी किया गया। लोगों ने छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की और उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सांसद ने किए दर्शन, सुरक्षा में जुटा प्रशासन देर शाम अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने भी विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और सुख-शांति की कामना की। वहीं, पर्व के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मना सकें।
धार शहर के किला मैदान में विजयादशमी पर सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति नौगांव द्वारा 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। जय श्रीराम के जयघोष और आतिशबाजी के बीच हुए रावण दहन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। इस वर्ष समिति ने दशहरा उत्सव आयोजन के 45 वर्ष पूरे किए। आयोजन में बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रावण दहन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया पुतला 360 डिग्री घूमने वाला था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। खुले रथ पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी विराजमान थे। इसके बाद भगवान श्रीराम ने तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। पुतले में आग लगते ही मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी हुई और लोगों ने उत्साह के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया। तस्वीरें देखें… 45 वर्षों से आयोजन कर रही समिति सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति नौगांव पिछले 44 वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष आयोजन का 45वां वर्ष रहा। समिति की ओर से हर साल विजयादशमी पर रावण दहन किया जाता है। किला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल रहा।
मंगलवार शाम शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर दशहरा पर्व पर रावण दहन की जगह यह विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर 'राजू' और ग्रामीण अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत ने किया। इसमें शहर-ग्रामीण के पदाधिकारी, पूर्व जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेसजन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। श्रीप्रकाश शर्मा, विजय सिंह चौहान, बासित अली, भरत रावत, नरेंद्र मिश्रा, जिनेश जैन, राजकुमार बंसल, साहब सिंह कुशवाहा, रामजी लाल कुशवाहा, हनीफ खान टोनी, राजकुमार शाक्य, विश्वनाथ प्रताप सिंह रघुवंशी, लालू, आशीष शर्मा, अमित शिवहरे, नलिन पंडित, बाइसराम धाकड़, मुकेश उदेनिया, दीपेश फडणवीस, नरेंद्र डिगर्रा, टिंकल रजक, केके खंडेलवाल, विकास तोमर, ललित सेन, भोलू सिकरवार, वीरेंद्र खटीक, समीर खान, मानसिंह तोमर, सोनू गुप्ता, हाफिजुर रहमान, महेंद्र राम रावत, उवेश आदिल, हरभजन धाकड़, राजीव पांडे, नासिर खान, मोहन जाटव, मुन्ना लाल सुमन और नवाब खान सहित कई कांग्रेसजन कार्यक्रम में मौजूद थे।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष परगट सिंह और AICC सचिव सूरज ठाकुर तरनतारन पहुंचे। शहर के T पॉइंट पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने उनका ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं का जोश देखकर गद्गद हुए केंद्रीय नेता, चुनावों की तैयारी का दिया मंत्र जिलाध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने कहा कि वरिष्ठ शीर्ष नेतृत्व के आगमन से तरनतारन के पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और जोश का संचार हुआ है। कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर सचिन पायलट और परगट सिंह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों की तैयारियों में जुट जाने और कांग्रेस पार्टी की जन-कल्याणकारी नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की। कानून-व्यवस्था को लेकर AAP सरकार पर साधा तीखा निशाना कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट और परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन AAP के राज में आज पंजाब में कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। दिनदहाड़े हत्याएं और आपराधिक वारदातें हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बदलाव का झूठा नारा देकर सत्ता में आई आप सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। संगठन को मजबूत कर जन-मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी कांग्रेस जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने कहा कि पार्टी की मजबूत संगठनात्मक टीम और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर कांग्रेस पंजाब की जनता की वास्तविक आवाज बनकर उभरेगी। आने वाले चुनावों के मद्देनजर पार्टी की गतिविधियों को और तेज किया जाएगा तथा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता पर उठाया जाएगा। इस मौके पर यूथ लीडर पंजाब सिंह, राजिंदर भंडारी, भोला जोहल, गुरजीत सिंह मुरादपुरा, सरपंच अंग्रेज सिंह चक सिकंदर, साहिब सिंह मुरादपुरा और लखविंदर सिंह सरपंच तख्तूचक समेत कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
धूं-धूं कर जले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले:53 फीट के रावण का दहन, 2 घंटे तक हुई आतिशबाजी
अशोकनगर शहर की नवीन कृषि उपज मंडी स्थित स्टेडियम में मंगलवार शाम विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। यहां बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। भगवान राम ने रावण, कुंभकर्ण और मेघालय का लक्ष्मण ने पुतले को जलाया, जिससे धूं-धूं कर जल उठे। दशहरा उत्सव के लिए स्टेडियम में 53 फीट ऊंचा रावण, 31 फीट का कुंभकरण और 20 फीट ऊंचा मेघनाथ का पुतला तैयार किया गया था। पुतला दहन से पहले मैदान में जमकर आतिशबाजी हुई। इसके बाद भगवान राम के बाण से तीनों पुतलों का दहन किया गया। तस्वीरें देखें… बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे राम दरबार की आरती के साथ हुई। इसके बाद आयोजन में शामिल जनप्रतिनिधियों ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने विजयादशमी पर्व का महत्व बताते हुए समाज से बुराइयों को दूर करने और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। दशहरा उत्सव को लेकर आयोजन स्थल पर पहले से तैयारियां की गई थीं। स्टेडियम को तीन हिस्सों में बांटा गया था। पहले हिस्से में आतिशबाजी की व्यवस्था की गई थी। दो घंटे हुई आतिशबाजी जबकि दूसरे हिस्से में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले लगाए गए थे। तीसरा हिस्सा कार्यक्रम देखने आने वाले लोगों के लिए निर्धारित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान करीब दो घंटे तक आतिशबाजी का सिलसिला चलता रहा। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी के नजारे दिखाई दिए। इसके बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों में आग लगते ही कुछ ही देर में तीनों जलकर राख हो गए।
अररिया शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए इस बार खास इंतजाम किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर नगर परिषद परमान नदी के किनारे त्रिसुलिया घाट पर पहली बार एक कृत्रिम पोखर बनवा रही है। इसका मकसद प्रतिमा विसर्जन को तय नियमों के हिसाब से पूरा करना है। एनजीटी के निर्देश पर बन रहा पोखर नगर परिषद त्रिसुलिया घाट पर करीब 30x30 फीट का कृत्रिम पोखर बना रही है। दशहरा में शहर के अलग-अलग पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा और दूसरे देवी-देवताओं की प्रतिमाएं इसी पोखर में विसर्जित की जाएंगी। इससे विसर्जन के लिए एक तय जगह मिलेगी और पर्व के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर यह पोखर बन रहा है। उन्होंने कहा कि पूजा समितियां अपनी मर्जी से मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन इस पोखर में कर सकेंगी। प्रतिमा विसर्जन के लिए बनेगा निर्धारित स्थल दशहरा के दौरान प्रतिमा विसर्जन को लेकर घाटों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में कृत्रिम पोखर का निर्माण विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परमान नदी के किनारे बनाए जा रहे इस पोखर से पूजा समितियों को प्रतिमा विसर्जन के लिए एक वैकल्पिक स्थान मिलेगा। एनजीटी के निर्देश के तहत की जा रही इस व्यवस्था से नदी में प्रतिमाओं के सीधे विसर्जन के बजाय निर्धारित कृत्रिम पोखर में विसर्जन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस पहल का वास्तविक पर्यावरणीय लाभ पोखर के उचित प्रबंधन और विसर्जन के बाद प्रतिमाओं एवं पूजा सामग्री के निस्तारण पर भी निर्भर करेगा। फिलहाल, नगर परिषद की ओर से त्रिसुलिया घाट पर पोखर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। दशहरा पर्व के दौरान यह व्यवस्था किस तरह लागू होती है, इस पर शहर की पूजा समितियों और श्रद्धालुओं की नजर रहेगी।
दशहरे पर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए तरनतारन प्रशासन सतर्क रहा। डिप्टी कमिश्नर राहुल के निर्देश पर, एसडीएम खडूर साहिब संजीव शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन और कृषि विभाग की टीम ने कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने पराली जलाने पर कार्रवाई कर मौके पर लगी आग बुझाई। इस टीम में डॉ. यादविंदर सिंह (क्लस्टर अधिकारी खडूर साहिब) और एएसआई बलदेव सिंह (पुलिस चौकी फतेहाबाद) शामिल थे। टीम ने गोइंदवाल साहिब, फतेहाबाद, भरोवाल, खडूर साहिब, मगलाणी, वड़िंग सूबा सिंह, संघर कलां और संघरकोट समेत कई गांवों का दौरा किया। किसानों से पराली न जलाने की अपील एसडीएम शर्मा ने किसानों से पर्यावरण और स्वास्थ्य को देखते हुए पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कृषि मशीनरी से इसके उचित प्रबंधन पर जोर दिया। डॉ. यादविंदर सिंह ने बताया कि पराली जलाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति और मित्र कीट नष्ट होते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है। फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया मुख्य कृषि अधिकारी तरनतारन डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के नेतृत्व में कृषि विभाग की ओर से भी किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाकर पर्यावरण की सुरक्षा, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य के लिए अपना योगदान दें।
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में 5% की बढ़ोतरी, हवाई यातायात में भी आई तेजी
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डाटा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 3.85 करोड़ यात्रियों ने सफर किया।
कोंडागांव में बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के विकास नगर मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में 60 फीट ऊंचे रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। रावण दहन देखने के लिए शहर सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शाम होते ही मैदान दर्शकों से भर गया और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। शहर भ्रमण के बाद मैदान पहुंचीं राम-रावण की झांकियां दशहरा उत्सव के दौरान भगवान श्रीराम और रावण की सजीव झांकियां शहर के अलग-अलग मार्गों से होते हुए विकास नगर मैदान पहुंचीं। आकर्षक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत किया। झांकियों के मैदान पहुंचने के बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच संवाद का मंचन हुआ। इस दौरान दर्शक रामायण के प्रसंगों को देखने के लिए उत्सुक नजर आए। अग्निबाण चलते ही धू-धूकर जला 60 फीट का रावण राम-रावण संवाद के मंचन के बाद देर शाम भगवान श्रीराम का स्वरूप धारण किए कलाकार ने अग्निबाण चलाकर रावण के विशालकाय पुतले का दहन किया। देखते ही देखते 60 फीट ऊंचा रावण आग की लपटों में घिर गया। इसके साथ ही मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया गया। पुतलों के जलते ही मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। आतिशबाजी के बीच पूरा मैदान उत्सव के रंग में रंग गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दशहरा पर्व को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। पॉकेट मनी बचाकर बच्चों ने बनाया रावण, खुद किया दहन दशहरा उत्सव के बीच आड़काछेपड़ा के बच्चों की पहल ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी से पैसे बचाए और उनसे रावण का पुतला तैयार किया। इसके बाद उन्होंने खुद ही पुतले का दहन किया। बच्चों की इस पहल में त्योहार मनाने के उत्साह के साथ अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ाव भी नजर आया। उनकी कोशिश ने दशहरा उत्सव में एक खास रंग जोड़ दिया।
फिरोजपुर के जीरा से कांग्रेस के पूर्व कांग्रेस विधायक कुलबीर सिंह जीरा के गनमैन समेते 3 लोगों को BSF और पुलिस ने अफीप के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों की गिरफ्तारी मंगलवार को तरनतारन के बॉर्डर एरिया से हुई। इनके पास 525 ग्राम अफीम के साथ बोलेरो गाड़ी मिली है। जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे BSF और खालड़ा पुलिस टीम ने सीमावर्ती इलाके में बीओपी मंगली के पास तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अफी के साथ 3 लोग पकड़े। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत सिंह निवासी गांव सुलयानी, फिरोजपुर, कुलदीप सिंह निवासी सनेर रोड, जीरा और जगबीर सिंह निवासी गांव बूईयां, फिरोजपुर) के तौर पर हुई है। अमरजीत सिंह पंजाब पुलिस में तैनात है, जो पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा का गनमैन है। जीरा बोले-सरकार मेरा एनकाउंटर करवाना चाहती हैगनमैन की गिरफ्तारी पर कुलबीर सिंह जीरा ने कहा कि साथियों, सोशल मीडिया पर एक खबर चल रही है जिसमें बताया जा रहा है कि कुलबीर सिंह जीरा के गनमैन के पास से अफीम पकड़ी गई है। मैं AAP नेता बलतेज पन्नू साहब को यह जवाब देना चाहता हूं कि मैं पहले भी हाईकोर्ट में जा चुका हूं। मैंने तब भी हाईकोर्ट से यह गुजारिश की थी कि मुझे जो गनमैन मिले हैं, क्योंकि जब गैंगस्टर हमें धमकियां देते हैं और हम रोज गैंगस्टरों के खिलाफ बोलते हैं, तो भगवंत मान सरकार मेरा एनकाउंटर करवाना चाहती है। जीरा ने कहा-गनमैन ने एक घंटे ड्यूटी कीउन्होंने कहा कि मेरे साथ जो गनमैन था, वह ASI रेशम सिंह था। वह बीमार होने के कारण छुट्टी पर गया था। उसकी जगह पर एसएसपी फिरोजपुर के कहने पर OASI इंद्रजीत सिंह ने यह गनमैन भेजा। मैंने उन्हें बताया भी था कि इस गनमैन के हालात अच्छे नहीं हैं, क्योंकि यह एक घंटा ड्यूटी पर आया और उसके बाद आया ही नहीं। इसने कहा कि मुझे ड्यूटी नहीं करनी और मैं अपनी बदली करवाने लगा हूं।
दूल्हे के चचेरे भाई की सूजा घोंपकर हत्या:15-20 लोगों ने गाड़ी घेरकर पथराव किया, लोहे की रॉड लेकर दौड़े
बिजनौर में मंगलवार शाम 6 बजे शादी में दूल्हे के चचेरे भाई की सूजा घोंपकर हत्या कर दी गई। युवक की नाक पर सूजे से वार किया गया। घायल को जब परिजन अस्पताल ले जा रहे थे तो आरोपियों ने गाड़ी को घेर लिया। 15-20 लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। लोहे की रॉड लेकर दौड़े। किसी तरह युवक को अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामला कोतवाली शहर क्षेत्र का है। फिलहाल आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनकी तलाश कर रही है। देखिए दो फोटो… जयमाला के दौरान हुआ विवाद मखवाड़ा गांव निवासी अश्वनी (32) एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। अश्वनी के पिता अशोक कुमार पश्चिम बंगाल में ITBP में दरोगा हैं। अश्वनी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। इनमें एक बेटी भी है। उसका छोटा भाई ड्राइवर है। मखवाड़ा गांव से अश्वनी अपने ताऊ गजराज के बेटे आकाश की बारात लेकर बकली गांव आया था। हीरा बैंक्वेट हॉल में बारातियों का स्वागत किया गया। सारी रस्म-अदायगी के बाद जयमाला का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान विवाद हो गया। वॉशरूम में लोगों ने युवक को पकड़ा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- दूल्हे के परिवार का एक युवक वॉशरूम जाने के लिए गया। आरोप है कि वहां गांव के ई-रिक्शा ड्राइवर रवि समेत कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्होंने उसे पकड़ लिया। दूल्हे के ताऊ के बेटे अश्वनी उसे छुड़ाने पहुंचे तो युवकों ने उन्हें भी दबोच लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। सूजा निकालकर नाक पर मारा विवाद के दौरान हमलावरों ने बर्फ तोड़ने वाला सूजा निकालकर अश्वनी की नाक पर वार किया। वार लगते ही वह मुंह के बल गिर पड़े। उनकी मौत हो गई। अश्वनी को गाड़ी से ले जाने की कोशिश की गई, तो हमलावरों ने वाहन पर पथराव शुरू कर दिया। 15 से 20 युवक फावड़े और लोहे की रॉड लेकर गाड़ी पर हमला करने लगे। किसी तरह परिजनों और बारातियों ने युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। एएसपी सिटी डॉ कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया- सूजे से हमलाकर युवक की हत्या की गई है। परिजन युवक को जिला अस्पताल ले गए। यहां उसकी मौत हो गई। परिजनों से शिकायत ली जा रही है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। ------------------------------- ये खबर भी दीजिए… मुजफ्फरनगर में MBBS छात्रा फंदे से लटकी मिली: सुसाइड नोट नहीं मिला, मां-बाप दोनों सरकारी टीचर मुजफ्फरनगर के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्रा ने सुसाइड कर लिया। सोमवार शाम उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव बाहर निकाला। छात्रा का नाम शगुन सैनी (23) था। वह फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। हरियाणा के कैथल की रहने वाली थी। मां-बाप दोनों सरकारी टीचर हैं। एक भाई है, वह भी एमबीबीएस कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में मंगलवार को विजयादशमी पर दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया। यहां 55 फीट ऊंचे रावण और 50 फीट ऊंचे कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इससे पहले राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ। इसे देखने के लिए स्टेडियम में हजारों लोग पहुंचे। पुतला दहन के दौरान रंगीन आतिशबाजी की गई। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति की ओर से आयोजित महोत्सव के तहत भगवान राम का विजय जुलूस निकाला गया। सजे हुए रथ पर राम और लक्ष्मण के वेश में रामलीला के कलाकार स्टेडियम पहुंचे। जुलूस में समिति के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। तस्वीरें देखें… स्टेडियम पहुंचने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगलसिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, नेताओं और अधिकारियों ने कलाकारों का स्वागत किया। युद्ध के मंचन के बाद हुआ पुतला दहन इसके बाद मंच पर राम-रावण युद्ध के प्रसंगों का अभिनय किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। रावण वध के प्रसंग के साथ मैदान में खड़े रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। स्टेडियम में विशेष लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई थी। इस बार के DJ बजाय सामान्य साउंड सिस्टम श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति लंबे समय से बैतूल में दशहरा महोत्सव आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष आयोजन में डीजे के बजाय सामान्य माइक और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। आयोजकों के मुताबिक, हाल ही में गणेश उत्सव के दौरान एक छात्र की मौत की घटना के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इस घटना और ध्वनि व्यवस्था में बदलाव के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
20 अक्टूबर, मंगलवार: बिहार के सीवान जिले के गुठनी प्रखंड मुख्यालय स्थित बलुआ बाजार में दंगल का आयोजन किया गया। इसमें महिला पहलवानों ने अपने कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। दंगल के बाद कमेटी ने पहलवानों को सम्मानित किया।
दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट पर एक नया रोबोटिक कैफे शुरू हुआ है। इस कैफे की खासियत यही है कि यहां रोबोट ही कॉफी, चाय और स्नैक्स तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचाएंगे।

