जबलपुर में शुक्रवार रात को कोतवाली थाना क्षेत्र में जमकर हंगामा हुआ। रात करीब 11 बजे अज्ञात व्यक्ति अचानक बड़कुल होटल पहुंचे और अपशब्द कहना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लड़कों ने जब अपशब्द कहने से मना किया तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद दो पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस सहित आसपास की पुलिस को मौके पर बुलाया और विवाद को शांत करवाया। जैन समुदाय के लोगों का कहना है कि बिना विवाद के उनके समाज के लोगों पर हमला किया गया है। कोतवाली में स्थित बड़कुल होटल में शुक्रवार की रात को कुछ लड़के आते है। आरोप है कि खाने के समय यह लोग गाली गलौज कर रहे थे। मना करते है जमकर विवाद करते हुए बेसबॉल और लाठी से हमला कर दिया जाता है। पुलिस पर लाठी चार्ज का आरोप आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को छोड़कर जैन समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया है। आरोप है कि प्रशासन ने शहर की फिजा को खत्म करने की कोशिश की है। 50 से अधिक लोगों ने मारपीट की स्थानीय निवासी अभिषेक ने बताया कि 50 से अधिक लोगों ने मारपीट की है। जब हमने पुलिस को सूचना दी तो उल्टा हमारे खिलाफ ही मामला दर्ज किया।
अलीगढ़ के मीनाक्षी पुल के नीचे स्थित 100 वर्ष पुरानी रामदेवी धर्मशाला को गिराने पहुंची नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। अभिनेता भारत भूषण परिवार की बताई जाने वाली इस धर्मशाला में लगभग 40 परिवार रह रहे हैं। शुक्रवार को जैसे ही नगर निगम के अधिकारी जर्जर और गिरासू घोषित हो चुकी धर्मशाला को गिराने के लिए पहुंचे जमकर हंगामा हुआ। सड़क पर ही बैठ गईं महिलाएं नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए धर्मशाला में रहने वाले परिवारों की महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने कड़ाके की ठंड में बेघर होने और हाईकोर्ट में लंबित याचिका का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की मांग की। लेकिन अधिकारियों का कहना था कि हाईकोर्ट के आदेश पर ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारी 12 जनवरी तक धर्मशाला खाली करने के निर्देश देकर लौट गए। देश के विभाजन के समय से रह रहे हैं लोग रामदेवी धर्मशाला में देश के विभाजन के समय से लगभग 40 परिवार किराए पर रहे हैं। इन परिवारों की तीन पीढ़ियां इसी धर्मशाला में रह चुकी हैं। धर्मशाला के बाहर की ओर करीब 12 दुकानें भी किराए पर संचालित हैं। नगर निगम ने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए धारा 325 के तहत 10 अक्टूबर 2024 को पहला नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी लोग यहां रह रहे थे, जिसको लेकर कई बार विवाद और प्रदर्शन हो चुके हैं। हाईकोर्ट से हुआ ध्वस्तीकरण का आदेश सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र कुमार जिंदल ने हाईकोर्ट में ध्वस्तीकरण के आदेश का अनुपालन न होने पर याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 15 मई 2025 को धर्मशाला ध्वस्त करने का आदेश दिया। इसके अनुपालन में 19 मई को टीम पहुंची थी, तब भी विरोध हुआ था। 20 मई को महिलाओं ने रामघाट रोड पर सांसद की कार के आगे लेटकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद मामला कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में 28 मई, 19 जुलाई, 10 नवंबर और 19 नवंबर 2025 को दोबारा नोटिस जारी किए गए। इसी आदेश के तहत शुक्रवार को एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह, सीओ सिविल लाइन पुलिस और पीएसी बल के साथ सुबह करीब 11 बजे टीम धर्मशाला पहुंची। टीम को देखते ही महिलाएं बाहर आ गईं और सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। फर्जी दस्तावेजों का बनाया आधार मामले की जानकारी पर अखंड भारत हिंदू सेना के संस्थापक दीपक शर्मा आजाद समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ध्वस्तीरण की कार्रवाई का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। इसके अलावा अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि विपक्षी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ध्वस्तीकरण के आदेश हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो कार्यकर्ता सड़कों पर धरने के लिए विवश होंगे। 12 जनवरी तक की दी मोहलत नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि धर्मशाला 70 प्रतिशत तक खाली हो चुकी है। निवासियों ने ठंड और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई का हवाला देकर समय मांगा है। उनकी मांग को हाईकोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। फिलहाल सभी परिवारों को 12 जनवरी 2026 तक धर्मशाला खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोमती नदी में वाटर मेट्रो चलाने की दिशा में सरकार ने रफ्तार बढ़ा दी है। परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के सरकारी आवास 9, कालीदास मार्ग पर इस संबंध में एक अहम बैठक हुई। बैठक में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक संजय कुमार मौजूद रहे। तकनीकी रिपोर्ट पेश, गोमती में संभावनाओं पर मंथन बैठक में लखनऊ की गोमती नदी में वाटर मेट्रो चलाने की तकनीकी व्यवहारिकता पर चर्चा हुई। कोच्चि मेट्रो के निदेशक ने इस संबंध में तैयार की गई स्टडी रिपोर्ट मंत्री के सामने रखी। रिपोर्ट में बताया गया कि गोमती में जल परिवहन की संभावनाएं मौजूद हैं और सही योजना के साथ इसे सफलतापूर्वक शुरू किया जा सकता है। यूपी के कई शहरों तक पहुंचेगा जल परिवहन परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण स्थानों की तकनीकी व्यवहारिकता रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है। लखनऊ में गोमती नदी के बाद मथुरा में यमुना नदी (आगरा से मथुरा तक), गोरखपुर के रामगढ़ ताल, बलिया के सुरहा ताल और गंगा नदी में भी वाटर मेट्रो और जल परिवहन को आगे बढ़ाने की योजना है। उनका कहना था कि इससे न सिर्फ लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पहले स्टडी, फिर डीपीआर और टेंडर मंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत सबसे पहले नेविगेशनल एड्स लगाए जाएंगे। इसके बाद इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम, पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव अध्ययन, टर्मिनल और जेट्टी निर्माण, रोड कनेक्टिविटी, पॉन्टून, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, बोट चार्जिंग, फायर प्रोटेक्शन और एचवीएसी जैसे बिंदुओं का अध्ययन किया जाएगा। इन सभी पहलुओं के आधार पर डीपीआर तैयार होगी, फिर लागत तय कर अलग-अलग कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। अधिकारियों को साफ निर्देश परिवहन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी औपचारिकताओं में तेजी लाई जाए। साथ ही परियोजना पर आने वाले खर्च का पूरा ब्यौरा जल्द उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर बजट आवंटन हो सके। उन्होंने कहा कि वाटर मेट्रो से लखनऊ को एक नई पहचान मिलेगी और आम लोगों को सफर के साथ-साथ मनोरंजन का भी नया विकल्प मिलेगा।
माघ मेला स्नान को लेकर परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने प्रयागराज में परिवहन निगम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं। अस्थायी बस स्टेशनों पर तैयारियां पूरी समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने बताया कि झूसी, लेप्रोसी, बेला कछार और नेहरू पार्क में अस्थायी बस स्टेशनों की वर्कशॉप तैयार हो चुकी है। सभी पांच चेक पोस्ट सक्रिय हैं और 250 बेड का जर्मन हैंगर भी बनकर तैयार है। मुख्य पर्व स्नानों के दौरान दो दिन पहले से एक दिन बाद तक समिति के अधिकारी मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे, जबकि स्थानीय अधिकारी नियमित निगरानी करेंगे। सात प्रमुख मार्गों पर क्यूआरटी तैनात गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, अयोध्या, मिर्जापुर, चित्रकूट और कानपुर—इन सातों मार्गों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) सक्रिय कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। रोशनी, सफाई और शौचालय की पुख्ता व्यवस्था झूसी, पटेल बाग और लेप्रोसी में प्रकाश व्यवस्था पूरी कर ली गई है। नेहरू पार्क और बेला कछार में विद्युत पोल लगाए गए हैं, जबकि वैकल्पिक रूप से जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। अस्थायी बस स्टेशनों पर स्थायी और मोबाइल टॉयलेट उपलब्ध करा दिए गए हैं। ग्राउंड का समतलीकरण और नियमित सफाई कार्य जारी है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, फायर ब्रिगेड और अग्निशमन यंत्र सभी अस्थायी बस स्टेशनों झूसी, पटेल बाग, लेप्रोसी, बेला कछार, नेहरू पार्क और विद्यावाहिनी पर सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, अलाव और रिपेयर/मेंटेनेंस उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। फायर ब्रिगेड की तैनाती झूसी, पटेल बाग और लेप्रोसी में की गई है, साथ ही सभी स्थानों पर अग्निशमन यंत्र भी लगाए गए हैं। कैंटीन, पूछताछ काउंटर और रिजर्व बसों की योजना कैंटीन के लिए स्थान चिन्हित कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जो 3 जनवरी 2026 से संचालित होगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच खाद्य विभाग करेगा। सभी बस स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर स्थापित हैं। झूसी/पटेल बाग में 250, लेप्रोसी में 50, बेला कछार में 25 और नेहरू पार्क में 75 रिजर्व बसों की पार्किंग योजना तैयार की गई है। यातायात सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम नगर प्रवेश मार्गों पर सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को हटाने के लिए प्रत्येक बस स्टेशन पर अतिरिक्त चालक रिजर्व रखे गए हैं। एएलएस और बीएलएस एम्बुलेंस के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रयागराज से समन्वय किया गया है। मेला अवधि में अस्थायी पुलिस चौकी की स्थापना का अनुरोध किया गया है और बसों की दूसरी चाबी मेला अधिकारियों को सौंपी जा रही है।
बरेली जिला अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वार्ड बॉय ने अस्पताल पहुंची महिला के साथ सरेराह बदतमीजी कर दी। दरअसल, महिला अपने किसी परिचित का हाल जानने अस्पताल आई थी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर बैठकर फोन पर बात कर रही थी। इसी दौरान वार्ड बॉय ने पीछे से आकर महिला पर अभद्र टिप्पणियां शुरू कर दीं। जब महिला ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी वार्ड बॉय अपनी मर्यादा भूल गया और सरेआम गाली-गलौज करने लगा। महिला के शोर मचाते ही वहां मौजूद तीमारदारों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई, जिन्होंने आरोपी वार्ड बॉय को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर चौकी ले गई। अस्पताल चौकी में काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच हाईवोल्टेज पंचायत चली, जिसके बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए आरोपी वार्ड बॉय को इमरजेंसी ड्यूटी से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है।
बरेली के शीशगढ़ क्षेत्र के गांव मनुआ पट्टी में गुरुवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उत्तराखंड के रुद्रपुर से पार्टी कर लौटे एक युवक पर स्कार्पियो सवार बदमाशों ने राइफल से फायरिंग कर दी। युवक ने अपनी पत्नी के साथ घर के अंदर भागकर बमुश्किल अपनी जान बचाई। बदमाशों की जल्दबाजी में मौके पर राइफल के जिंदा कारतूस और मैगजीन का टुकड़ा गिर गया। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। होटल में हुई थी कहासुनी, घर तक किया पीछामनुआ पट्टी निवासी प्रीतपाल सिंह गुरुवार रात अपनी पत्नी के साथ कार से उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित एक होटल में पार्टी करने गए थे। पुलिस के मुताबिक, वहां उनकी पहचान के कुछ लोगों से कहासुनी हो गई थी। जब प्रीतपाल रात करीब 2:56 बजे वापस अपने घर पहुंचे और कार से उतर रहे थे, तभी पीछे से आई एक तेज रफ्तार स्कार्पियो उनके पास रुकी। राइफल तानी और झोंक दिए फायरपीड़ित प्रीतपाल ने बताया कि स्कार्पियो में सवार परमदीन चीमा और उसके साथियों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से राइफल से फायरिंग शुरू कर दी। गोली की आवाज सुनकर प्रीतपाल पत्नी का हाथ पकड़कर घर के अंदर की तरफ भागे। बदमाशों ने दोबारा फायर किया, लेकिन शोर मचने पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए और आरोपी मौके से फरार हो गए। परिचितों ने ही रची साजिशइंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रीतपाल और हमलावर एक-दूसरे के पहले से परिचित हैं। रुद्रपुर के होटल में इनके बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पीड़ित ने रात में ही डायल 112 को सूचना क्यों नहीं दी। पुलिस ने परमदीन चीमा (निवासी सितारगंज), मनु और दो अज्ञात साथीयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है।
बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में दबंगों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक दलित नाबालिग को घर के पास से अगवा कर निर्वस्त्र कर पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पांच नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।पूरी घटना: नए साल की पार्टी के बहाने ले गए, फिर किया टॉर्चरसदर के बाल्मीकि मोहल्ले की रहने वाली महिला (प्राइवेट स्कूल कर्मचारी) के मुताबिक, 31 दिसंबर की रात उनका 16 वर्षीय बेटा घर के पास टहल रहा था। तभी अहीर मोहल्ला निवासी मुकुल यादव अपने साथियों सुभाष उर्फ एडी, सुल्तान, आयुष और बासु के साथ बाइक से पहुंचा। आरोपी किशोर को 'न्यू ईयर पार्टी' के बहाने जबरन बाइक पर बैठाकर चनेहटा रोड स्थित तालाब के पास ले गए।वहां आरोपियों ने तमंचे और चाकू के बल पर किशोर को पूरी तरह निर्वस्त्र कर दिया और बेरहमी से पीटा। पीड़ित किसी तरह अपना नेकर छीनकर वहां से जान बचाकर भागा और घर वालों को आपबीती सुनाई। सिपाही बहन पर अभद्र टिप्पणी का बदलापुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी मुकुल यादव की बहन मुरादाबाद में महिला सिपाही है। पीड़ित नाबालिग ने कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर मुकुल की बहन के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। इसी रंजिश में मुकुल ने उसे 15 जनवरी तक जान से मारने की धमकी दी थी और अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों का प्रोफाइल: कचहरी में फायरिंग कर चुका है आरोपी सुल्तानइस वारदात में शामिल आरोपी देव ठाकुर उर्फ सुल्तान का पुराना आपराधिक इतिहास है। बीते साल जनवरी में उसने कचहरी परिसर के भीतर घुसकर अधिवक्ता राजाराम सोलंकी पर जानलेवा हमला किया था। तब वकीलों ने उसे दबोचकर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने 3 दबोचेपीड़िता की तहरीर पर 5 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब तक देव ठाकुर उर्फ सुल्तान, बासु और विवेक जाटव को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकुल और अन्य की तलाश जारी है।
जिलाधिकारी ने कंबल वितरण और रैन बसेरों का किया निरीक्षण:सिविल हॉस्पिटल में गए, अलाव की व्यवस्था देखी
शीत लहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लखनऊ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी विशाख जी. ने शुक्रवार को नगर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों का स्थलीय निरीक्षण कर निराश्रित और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर कंबलों का वितरण कराया और खुले में रह रहे लोगों को रैन बसेरों में भेजने के निर्देश दिए। हजरतगंज से डीएसओ चौराहे तक किया स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी ने हजरतगंज चौराहा, जीपीओ पार्क, डीएसओ चौराहा सहित नगर के विभिन्न प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर ठंड से प्रभावित जरूरतमंद लोगों से बातचीत की और उन्हें कंबल वितरित किए। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि खुले में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों और रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए। सिविल अस्पताल रैन बसेरे में व्यवस्थाओं का लिया जायजा जिलाधिकारी विशाख जी. ने सिविल अस्पताल स्थित रैन बसेरे का भी निरीक्षण किया। केयर टेकर ने बताया कि रैन बसेरे में महिला और पुरुषों के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था है और वर्तमान में यहां 15 लोग आवासित हैं। निरीक्षण में रैन बसेरे में अलाव, हीटर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध पाई गईं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी रैन बसेरों में स्वच्छता, पर्याप्त प्रकाश, पेयजल, बिस्तर और कंबलों की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के निर्देश शीत लहर को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाएं लगातार जांची जाएं। रात्रिकालीन गश्त और फील्ड भ्रमण और प्रभावी बनाने पर जोर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रात के समय गश्त और फील्ड भ्रमण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति शीत लहर के कारण असुरक्षित न रहे। जरूरतमंद लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय अपर नगर मजिस्ट्रेट और नगर निगम के जोनल कार्यालय को सौंपी गई है। तहसीलों से नगर क्षेत्र तक चला राहत अभियान जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में उप जिलाधिकारियों द्वारा और नगरीय क्षेत्रों में अपर नगर मजिस्ट्रेट एवं नगर निगम के जोनल अधिकारियों द्वारा कंबल वितरण और रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, तहसीलदार सदर, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, नगर निगम के जोनल अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली पहुंच रहे हैं। विधायक का अंतिम संस्कार आज दोपहर 12 बजे सिटी श्मशान भूमि पर किया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी उनके आवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देंगे। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में सुबह 6 बजे से ही रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। आज का पूरा कार्यक्रम: 12 बजे दी जाएगी मुखाग्निविधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का पार्थिव शरीर उनके शक्तिनगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। ट्रैफिक अलर्ट: इन रास्तों पर जाने से बचें ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार सुबह 6 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक भारी वाहनों के लिए एडवाइजरी जारी की है: शुक्रवार को हुआ था निधनबता दें कि फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार दोपहर 3 बजे आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से पूरी पार्टी और समर्थकों में शोक की लहर है। सीएम के साथ-साथ जिले के प्रभारी मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की उम्मीद है।
छह साल बाद IIT कानपुर को मिला सिल्वर मेडल:आईआईटी पटना में आयोजित टेक मीट में टीमों ने दिखाई प्रतिभा
आईआईटी कानपुर ने आईआईटी पटना में आयोजित इंटर आईआईटी टेक मीट 14.0 में ओवरआल दूसरा स्थान प्राप्त किया। छह वर्षों के अंतराल के बाद आईआईटी कानपुर को इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल मिला है। प्रतियोगिता में आईआईटी कानपुर का प्रतिनिधित्व साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल, स्टूडेंट्स जिमखाना की टीम ने किया। पूरे प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने प्रमुख कंपनियों और संगठनों द्वारा दिए गए जटिल समस्या वक्तव्यों का समाधान करते हुए असाधारण तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन किया। इस तरह रहा आईआईटी का प्रदर्शन आईआईटी कानपुर की टीमों ने विभिन्न समस्या वक्तव्यों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए कई पोडियम स्थान हासिल किए। Eternal और StemVibe समस्या वक्तव्यों पर कार्य करने वाली टीमों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ISRO Geospatial समस्या वक्तव्य में द्वितीय स्थान हासिल हुआ। इसके अलावा, Ebullient Securities, Arista Networks, LAT Aerospace और GDAI के समस्या वक्तव्यों में टीमों ने तृतीय स्थान प्राप्त कर संस्थान की समग्र रैंकिंग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2951.93 अंक मिले समग्र रैंकिंग में आईआईटी कानपुर ने 2951.93 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। आईआईटी खड़गपुर 3438.92 अंकों के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि आईआईटी इंदौर, आईआईटी बीएचयू और आईआईटी मद्रास शीर्ष पांच संस्थानों में शामिल रहे। इंटर आईआईटी टेक मीट 14.0 में आईआईटी कानपुर का यह दूसरा स्थान उद्योग-आधारित और अनुसंधान-केंद्रित समस्या वक्तव्यों में उसके निरंतर और उच्चस्तरीय प्रदर्शन को दर्शाता है। इनका रहा योगदान आईआईटी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया कि संस्थान साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के सभी छात्रों, पूर्व छात्रों, डिज़ाइन विभाग, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, एयरोस्पेस अभियांत्रिकी विभाग तथा उन सभी संकाय सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार और बधाई व्यक्त करता है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस सफलता में योगदान दिया। यह उपलब्धि तनुश गोयल, महासचिव, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कुशल नेतृत्व में संभव हो सकी। विशेष रूप से त्रिजल श्रीवास्तव (कॉन्टिंजेंट लीडर), रचित चौधरी और मयंक अग्रवाल (उप कॉन्टिंजेंट लीडर्स) की सराहना की जाती है, जिन्होंने टीम का नेतृत्व करते हुए निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ इस ऐतिहासिक सफलता की नींव रखी और संस्थान को गौरव दिलाया।
गोरखपुर शहर और आसपास के इलाकों में सक्रिय ऑटो लिफ्टर और चेन स्नेचिंग गैंग के 40 सदस्यों को कैंट और रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमे 36 महिलाएं और 4 पुरूष शामिल हैं। साथ ही एक आरोपी नाबालिग भी है। इस गैंग के बदमाश ऑटो में बैठकर नकली सांप-छिपकली दिखाकर महिलाओं के गले से हार उड़ा देते थे। साथ ही चेन खींचने के लिए कई बार सेफ्टी पिन भी चुभो देते थे। इस गैंग में मऊ, जौनपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, देवरिया और कुशीनगर की 36 महिलाएं शामिल हैं। जो शहर में घूमकर चने स्नेचिंग की घटना को अंजाम देती थीं। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया। एक नाबालिग आरोपी को बाल सुधार भिजवाया गया। धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर करने आए थे वारदात एसएसपी/डीआईजी राजकरन नय्यर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने उन अपराधियों को दबोचा, जो धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर वारदात की फिराक में थे। पुलिस के मुताबिक, ये महिलाएं सवारी बनकर ऑटो या टेंपो में चढ़ती थीं और मौका मिलते ही यात्रियों, खासकर अकेली महिलाओं को निशाना बनाती थीं।पुलिस के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र में छह महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से सेफ्टी पिन, छोटे चाकू, कैंची, प्लास्टिक की रस्सी, नकली सांप-छिपकली और एक चार पहिया वाहन बरामद हुआ। वहीं रामगढ़ताल पुलिस ने तीन पुरुषों, 30 महिलाओं और एक किशोरी को दबोच लिया। इनके पास से पेचकश, चाकू, रबर के नकली सांप-छिपकली, झांग भटकुईयां और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया। इस तरह देते थे वारदात को अंजाम एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि यह गिरोह शहर और आसपास के जिलों के धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर सक्रिय था। भीड़भाड़ वाले इलाकों से पहले ये लोग अपनी गाड़ी खड़ी कर लेते थे और ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे, जो कीमती आभूषण पहने होते थे और अकेले सफर कर रहे होते थे। गिरोह की महिलाएं बातों में उलझाकर या गंतव्य तक छोड़ने का झांसा देकर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लेती थीं। इसके बाद नकली सांप-छिपकली दिखाकर या नुकीली चीज चुभाकर डर पैदा करती थीं और इसी दौरान गहने उतरवा लेती थीं। कई बार ये ऑटो या टेंपो में सवारी बनकर चढ़ती थीं और रास्ते में ही वारदात को अंजाम देती थीं।पूछताछ में कई अन्य वारदातों में भी इनकी संलिप्तता सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और आगे भी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। पकड़े गए आरोपीरामगढ़ताल थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान गोला के कोहरा बुजुर्ग निवासी विष्णु, शैलेन्द्र कुमार और शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके साथ शोभा को भी पकड़ा गया। सिद्धार्थनगर जनपद के लोटन बाजार निवासी बबीता और शकुन्तला, कैंपियरगंज की खुशबू, बस्ती जनपद के रुधौली निवासी शिवानी को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद क्षेत्र की अनीता, सरोज, नैना, आरती, रूपा, मनीषा, प्रिती, शीला, किरन, गुड्डी, सरोजा, विमला देवी, राधिका और गुडिया को गिरफ्तार किया गया। अंबेडकर नगर के हंसवर निवासी शिल्पा, देवरिया के गौरीबाजार निवासी अंजली और पूजा, बलिया के रसड़ा निवासी नेहा, कुशीनगर के कप्तानगंज निवासी सोनी भी पकड़ी गई हैं। इसी क्रम में मऊ जनपद के घोसी निवासी किरन, बड़हलगंज क्षेत्र की किरन, सोनी, सीमा, पूनम और खुशबू उर्फ पिहनी को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही एक किशोरी को बाल अपचारी मानते हुए पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। वहीं कैंट थाना पुलिस की कार्रवाई में मऊ जनपद के कोपागंज निवासी सरोज देवी, बीमा, मुस्कान देवी और विनीता देवी के साथ गोविन्द को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त जौनपुर जनपद के सरपतहा निवासी रीना देवी और सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर निवासी लक्ष्मीना देवी भी पकड़ी गई हैं।
सहरसा नगर निगम की महापौर बेन प्रिया ने अपना जन्मदिन जनसेवा को समर्पित करते हुए मनाया। उन्होंने औपचारिक जश्न और केक काटने के बजाय जरूरतमंदों के बीच खुशियां बांटीं। शुक्रवार रात सहरसा रेलवे स्टेशन परिसर में रोटी बैंक के सहयोग से लगभग 300 लोगों को पूरी, सब्जी और मिठाई का भोजन कराया गया। इस भोजन वितरण कार्यक्रम के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखा गया। रेलवे स्टेशन पर मौजूद जरूरतमंदों, मजदूरों और राहगीरों ने इस पहल की सराहना की और महापौर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ समाजसेवी राजीव झा ने इस अवसर पर कहा कि यह सच्ची सेवा है। उन्होंने 'नर सेवा ही नारायण सेवा है' का उल्लेख करते हुए ऐसे कार्यों को समाज के लिए सही दिशा दिखाने वाला बताया। वहीं रोटी बैंक के रौशन मिश्रा ने इस आयोजन को जन्मदिन मनाने का सबसे बेहतर तरीका बताया। उन्होंने कहा कि महापौर बेन प्रिया का प्राथमिक उद्देश्य हमेशा लोगों की सेवा रहा है, जो उनके नेतृत्व की पहचान है। इस सेवा कार्यक्रम में रोटी बैंक के पंकज जी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत सिंह, प्रिंस सिंह, शिवम वर्मा, बुल्लु झा, वार्ड पार्षद राजा मिश्रा, कुंदन राय, राज सिंह, सूरज शांडिल्य, मिश्रा योगेश, ज्ञानु सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को प्रेरणादायक बताते हुए ऐसे आयोजनों को लगातार जारी रखने की अपील की।
भोपाल के संजय नगर में एक बिजली पोल पर लगी डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट) शुक्रवार देर रात आग की लपटों से धधक उठा। चिंगारी के बाद पोल पर ही आग की लपटें उठने लगी। इससे इलाके में दहशत का माहौल हो गया। तुरंत दमकल को बुलाया गया, लेकिन रास्ता छोटा होने की वजह से वह नहीं आ सकी। इसके बाद लोगों ने ही आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत संजय नगर में स्थित डीपी में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें आसमान तक उठती दिखाई दीं। वहीं घना धुआं पूरे इलाके में फैल गया। जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पहले सप्लाई बंद की, फिर आग बुझाईघटना की सूचना मिलते ही एहतियातन बिजली सप्लाई बंद की गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में मत्स्याखेट यानी, मछली के पालन और शिकार पर मस्त्य विभाग के एक आदेश पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कड़ा एतराज जताया है। विभाग ने डैम में मत्स्याखेट पर रोक लगा दी है, जबकि कुछ दिन पहले सरकार ने मछुआरों को मछली पकड़ने से नहीं रोकने के आदेश दिए थे। इस पर सदस्य कानूनगो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामिक तुष्टिकरण के लिए प्रशासनिक मर्यादा भूल कर राज्य सरकार की शक्तियों के ऊपर मछली पालन विभाग भोपाल सहायक संचालक अतिक्रमण कर रहे हैं। भोपाल के करोड़ों की आमदनी वाले जिस तालाब पर राज्य सरकार के आदेश के तहत अतिक्रमणकारियों को हटाकर अनुसूचित जाति व हिंदू वंशानुगत मछुआरों का पुनः नियंत्रण स्थापित करवाया गया था। उसे अपनी शक्तियों के विपरीत जाकर विभाग इस आदेश के जरिए गरीब हिंदुओं को बेदखल करना चाहता है। ताकि रसूखदार और गुंडों का कब्जा हो सके। यह राज्य की नीति उल्लंघन है। ये दो आदेश, जिस पर नाराजगी24 दिसंबर को इस्लाम नगर मत्स्योद्योग सहकारी समिति मर्यादित भोपाल के सदस्यों को मत्स्याखेट न करने और समिति सदस्यों को समिति से हटाने के संबंध में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग ने आदेश जारी किया था। सुनीता मालवीय, रमशु कुमार भूरिया, राधेश्याम मालवीय, नितिन अहिरवार, जगदीश अहिरवार, मधुरा प्रसाद, सेवदीन केवट, देवीदीन केवट ने शिकायत की थी कि उन्हें मत्स्याखेट करने से रोका जा रहा है। इस पर विभाग को आदेश दिए थे कि इन मछुआरों को मत्स्याखेट करने से नहीं रोका जाए। इस आदेश के बाद जिला विभाग से 1 जनवरी को आदेश जारी हुआ। जिसमें बलपूर्वक मत्स्याखोट होने से विवाद की स्थिति का हवाला देते हुए रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक नए और खतरनाक तरीके USSD आधारित कॉल फॉरवार्डिंग स्कैम को लेकर आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस स्कैम में अपराधी खुद को कूरियर या डिलीवरी एजेंट बताकर नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं। साइबर क्राइम शाखा के अनुसार ठग पार्सल डिलीवरी कन्फर्म या री-शेड्यूल करने का बहाना बनाकर पीड़ित को एक कोड डायल करने के लिए कहते हैं। यह कोड आमतौर पर *21*, *61* या *67* से शुरू होता है। कोड डायल करते ही मोबाइल की कॉल फॉरवार्डिंग सक्रिय हो जाती है और बैंक से आने वाले OTP वेरिफिकेशन कॉल सीधे ठगों के पास पहुंच जाते हैं। कॉल फॉरवार्डिंग एक्टिव होने के बाद साइबर अपराधी पीड़ित के बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन कर लेते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी हैक कर लेते हैं। अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी कोड डायल न करें राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी कोड डायल न करें। यदि कॉल फॉरवार्डिंग की आशंका हो तो तुरंत ##002# डायल कर सभी फॉरवार्डिंग सेवाएं बंद करें। किसी भी कूरियर या पार्सल से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही सत्यापित करें। 1930 पर करें साइबर ठगी की शिकायत यदि इस प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इसके अलावा राजस्थान पुलिस के वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में पेयजल व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों और 20 वर्ष से अधिक पुरानी पेयजल पाइपलाइनों में लीकेज व दूषित पानी की संभावनाओं की जांच निगमायुक्त एक सप्ताह के भीतर कराएं। जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां रिसाव की मरम्मत 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, निगमायुक्तों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर में दूषित जल आपूर्ति जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों का अमला नागरिकों की सेहत के प्रति पूरी तरह सजग और सतर्क रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। पेयजल या अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी शिकायत फोन या किसी भी माध्यम से प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। जल आपूर्ति से संबंधित सभी शिकायतों को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा जाए। नगरीय प्रशासन विभाग ने बैठक में नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश
अरावली में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 50 वाहन जब्त:50 लाख से अधिक जुर्माना वसूला, 7 FIR दर्ज
जयपुर जिले में अरावली पर्वतमाला क्षेत्र की पारिस्थितिकी के संरक्षण और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर पिछले पांच दिनों के दौरान खनिज विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया- संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन में काम में लिए कुल 50 वाहन जब्त किए गए, जिनमें 02 एक्सकेवेटर मशीन, 14 डंपर और 34 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 46 मामले दर्ज किए गए, जिनसे 50 लाख 36 हजार रुपए की शास्ति राशि वसूल कर राजकोष में जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त, अवैध खनन एवं परिवहन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस थाना शिवदासपुरा में एक, कोटखावदा में दो, चाकसू में तीन और कानोता में एक, कुल सात एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई हैं। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी को क्षति पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध खनन अथवा खनिजों के अवैध परिवहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त एवं सघन अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
गोरखपुर के वॉलीबॉल खिलाड़ी शक्ति सिंह का चयन उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल टीम में हुआ है। शक्ति सिंह 22 दिसंबर से उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल टीम के चयन के लिए वाराणसी में आयोजित ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लिए हुए थे। जिसके बाद चयन प्रक्रिया में बेहतरीन प्रदर्शन करके, अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। इस अचीवमेंट से उन्होंने जिले का नाम रोशन किया है। अब 4 से 11 जनवरी तक वाराणसी में आयोजित होने वाले सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में शक्ति अपना दम दिखाएंगे। यूपी टीम की ओर से खेलते हुए वह अन्य टीमों को कड़ी टक्कर देंगे। वॉलीबॉल खिलाड़ी और अधिकारियों में उत्साहशक्ति सिंह के चयन की खबर सुन कर गोरखपुर जिला वॉलीबॉल संघ और वॉलीबॉल खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। उनके गोरखपुर पहुंचने पर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बधाई देने वालों में जिला वॉलीबॉल संघ गोरखपुर के सचिव बैजनाथ मिश्र, संरक्षक, शम्भू नाथ तिवारी, श्रीकुमार मिश्र, अंजय राय, रवीन्द्र, रमेश राय, श्याम नारायण, बृजेश यादव, शिवम, राजवीर, रिया, मालविका द्विवेदी, आकांक्षा पांडेय श्रेया, राजवीर चौधरी, अभिषेक, आशिष, संदीप पुंडीर, अमित बच्चन, रेखा अनुज, प्रवीण, सौरभ, देवेश और अन्य लोग शामिल हैं। वॉलीबॉल से रहा पारिवारिक जुड़ावशक्ति सिंह गगहा टेकुआ निवासी अन्तर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाडी़ सुबास सिंह प्रपौत्र है। इसके पिता प्रवीन सिंह और चाचा अतुल के साथ बाबा सुधीर सिंह सभी वोलि खिलाड़ी हैं।
भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर शुक्रवार को ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ आयोजित की गई। इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हमारे मत-पंथ, संप्रदाय, भाषा और जाति अलग हो सकती है, लेकिन हिंदू पहचान हम सबको जोड़ती है। हमारी संस्कृति एक है, धर्म एक है और हमारे पूर्वज भी समान हैं। डॉ. भागवत ने कहा है कि भाजपा या किसी राजनीतिक दल को देखकर संघ को समझना सबसे बड़ी भूल है। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। संघ न तो राजनीतिक संगठन है और न ही कोई पैरामिलिट्री या सेवा संस्था, बल्कि यह समाज को आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने का आंदोलन है। गोष्ठी में मोहन भागवत ने राजनीति, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, युवाओं की दिशा, पारिवारिक जीवन और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। कार्यक्रम में मंच पर मध्यभारत प्रांत के संघचालक अशोक पांडेय और भोपाल विभाग के संघचालक सोमकांत उमालकर उपस्थित रहे। टैरिफ और विदेशी निर्भरता पर स्पष्ट स्टैंडअमेरिका के टैरिफ जैसे वैश्विक मुद्दों पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि भारत को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि किसी विदेशी वस्तु की आवश्यकता पड़े भी, तो वह भारत की शर्तों पर हो। भारत टैरिफ से डरने वाला देश नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की क्षमता रखता है। नई पीढ़ी को भारतीयता से जोड़ने की जरूरतभागवत ने कहा कि जेन-जी और युवाओं को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां की पीढ़ी को बचपन से राष्ट्रीय दृष्टि सिखाई जाती है, जबकि भारत को भी अपनी पीढ़ी को संस्कार और इतिहास से जोड़ना होगा। फैशन, फास्ट फूड और परिवार पर चिंताभागवत ने कहा कि समाज में फैशन और उपभोक्तावाद की अंधी नकल बढ़ रही है। घर में विवेकानंद का चित्र होगा या किसी पॉप स्टार का, यह समाज की दिशा तय करता है। फास्ट फूड की संस्कृति पर भी उन्होंने संयम की सलाह दी और कहा कि परिवार को साथ बैठकर भोजन करने की आदत लौटानी होगी। भोपाल में पेड़ों की कटाई पर चेतायाभोपाल में पेड़ों की कटाई के संदर्भ में भागवत ने चेताया कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश नहीं होना चाहिए। पानी, पेड़ और पर्यावरण की रक्षा के बिना कोई भी विकास टिकाऊ नहीं हो सकता। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक को भी समाज के लिए खतरा बताया। संघ को समझने की जरूरतभागवत ने कहा कि संघ को लेकर समर्थक और विरोधी दोनों ही कई बार गलत नैरेटिव गढ़ते हैं। संघ की असली पहचान समाज निर्माण है और इसी वास्तविक स्वरूप को लोगों तक पहुंचाने के लिए ऐसे संवाद कार्यक्रम किए जा रहे हैं। न पैरामिलिट्री, न समाजसेवी संस्थाभागवत ने स्पष्ट किया कि संघ गणवेश में पथ संचलन करता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह पैरामिलिट्री फोर्स है। संघ सेवा कार्य करता है, लेकिन इससे उसे केवल समाजसेवी संगठन मान लेना भी गलत है। संघ को लेकर हितैषियों और विरोधियों ने कई भ्रांतियां फैलाई हैं, जिन्हें दूर करना शताब्दी वर्ष का उद्देश्य है। न प्रतिक्रिया में जन्मा, न किसी से प्रतिस्पर्धासरसंघचालक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी के विरोध या प्रतिक्रिया में शुरू नहीं हुआ। संघ की किसी से प्रतिस्पर्धा भी नहीं है। इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे और देश के अनेक महापुरुषों से संवाद के बाद उन्होंने समाज संगठन की आवश्यकता महसूस की। समाज बदलेगा, तभी देश बदलेगाभागवत ने कहा कि स्वतंत्रता स्थायी तभी रह सकती है, जब समाज में ‘स्व’ का बोध हो। देश का भाग्य नेता या नीति नहीं, बल्कि समाज तय करता है। इसलिए डॉ. हेडगेवार ने समाज में एकता और गुणवत्ता लाने के लिए संघ की स्थापना की और वर्षों के प्रयोग के बाद उसकी कार्यपद्धति विकसित हुई। प्रेशर ग्रुप नहीं, सम्पूर्ण समाज का संगठनसंघ ने शुरू से तय किया कि वह किसी ‘प्रेशर ग्रुप’ की तरह काम नहीं करेगा। उसका लक्ष्य सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठन करना है। समाज में गुण और अनुशासन आएगा तो देश अपने आप सशक्त बनेगा। इसी उद्देश्य से संघ शाखाओं के माध्यम से राष्ट्रीय वातावरण तैयार करता है। संघ केवल स्वयंसेवक बनाता हैडॉ. भागवत ने कहा कि संघ का काम स्वयंसेवक निर्माण तक सीमित है। स्वयंसेवक समाज की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हैं। संघ किसी भी स्वयंसेवक के काम को रिमोट कंट्रोल से संचालित नहीं करता। समाज में सज्जन शक्ति का नेटवर्क जरूरीभागवत ने कहा कि केवल संघ ही समाज सुधार का कार्य कर रहा है, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। सभी मत-पंथों में सज्जन लोग हैं। जरूरत है कि इन सभी के बीच एक सहयोगी नेटवर्क बने। संघ इसी वातावरण के निर्माण का प्रयास कर रहा है। पंच परिवर्तन का आह्वानसमाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए सरसंघचालक ने पंच परिवर्तन का आह्वान किया है कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक अनुशासन।उन्होंने कहा कि इन पांच बिंदुओं पर समाज को मिलकर काम करना होगा।
सोनभद्र में टैंकर ने बाइक सवार को रौंदा:युवक की मौत, चालक फरार; पुलिस ने टैंकर पकड़ा
सोनभद्र के हाथीनाला थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हथवानी गांव के पास पीछे से आ रहे एक टैंकर ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रानीताली अनिल कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार अनिल शुक्रवार शाम करीब चार बजे घर से रेणुकूट की ओर जा रहा था। जैसे ही वह हथवानी गांव जाने वाले मोड़ के पास पहुंचा, तभी पीछे से आए टैंकर ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सड़क पर युवक का शव पड़ा देख राहगीरों ने इसकी सूचना हथवानी ग्राम प्रधान आनंद यादव को दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर हाथीनाला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेज दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरार टैंकर का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि मृतक अनिल कुमार की इसी महीने शादी होने वाली थी, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है। थाना प्रभारी नागेश सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अमेरिका में रहने वाले अपने जीजा, प्रसिद्ध कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता की डिग्री और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने वाले अभिनव सिंह की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है। ललितपुर न्यायालय ने विवेचक की मांग पर यह आदेश पारित किया। अब आरोपी 14 जनवरी तक जेल में रहेगा, जब मामले की अगली सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान विवेचक ने न्यायालय के समक्ष फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इनमें नौ फर्जी आधार कार्ड, पहचान संबंधी अभिलेख और नियुक्ति से जुड़े कागजात शामिल हैं, जिन्हें गंभीर मानते हुए अदालत ने रिमांड बढ़ाने का निर्णय लिया। जीजा के मेडिकल डिग्री और पहचान का इस्तेमाल कोतवाली सदर क्षेत्र के तालाबपुरा निवासी अभिनव सिंह ने वर्ष 2022 में एनआरएचएम योजना के तहत ललितपुर में कॉर्डियोलॉजिस्ट के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। जांच में सामने आया कि उसने अपने अमेरिका में रह रहे जीजा डॉ. राजीव गुप्ता की मेडिकल डिग्री और पहचान का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उसकी तैनाती जिला अस्पताल के एनसीडी सेल में की गई थी। बाद में जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद वह मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों का इलाज कर रहा था। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब डॉ. राजीव गुप्ता की पत्नी सोनाली सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि अभिनव सिंह उनके पति की पहचान और शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुद को डॉक्टर बताकर कार्य कर रहा है। शिकायत सामने आते ही अभिनव सिंह ने व्हाट्सएप के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को इस्तीफा भेज दिया, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 12 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पहले भी विवादों में रहा है आरोपी नोट टू एडिटर:बताया जाता है कि अभिनव सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पूर्व में कस्टम विभाग में अधिकारी के रूप में कार्यरत था। उसने आईआईटी रुड़की से बीटेक किया था और आईआरएस अधिकारी के रूप में चयनित हुआ था। वर्ष 1992 में मद्रास कस्टम अफसर के रूप में नियुक्ति हुई, बाद में वह मुंबई में कस्टम अफसर रहा। वर्ष 1999 में उस पर एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद वह फरार हो गया था। वर्ष 2019 में मुंबई सीबीआई ने उसे गिरफ्तार किया, और लगभग डेढ़ वर्ष बाद 2021 में उसे जमानत मिली थी। फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
राजस्थान सरकार ने अधिसूचना जारी कर बाड़मेर ओर बालोतरा जिले का पुनर्गठन किया है। बाड़मेर के दो उपखंड गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल किए है। वहीं बायतु उपखंड को बालोतरा से बाड़मेर जिले में शामिल किया है। बालोतरा में अब 5 उपखंड और 9 तहसील और 5 उपतहसील है। वहीं बाड़मेर में 7 उपखंड, 11 तहसील और 7 उप तहसील रहेगी। दरअसल, राजस्थान सरकार शुक्रवार को दो दिन पहले यानि 31 दिसंबर का एक ऑर्डर जारी किया है। इसके बाद गुड़ामालनी, और धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। अब धोरीमन्ना की जिला मुख्यालय से दूरी करीब 125 किलोमीटर हो गई है। बाड़मेर जिला मुख्यालय से दूरी करीब 60 किलोमीटर थी। सीमा बदलने के बाद अब अंदर खाने विरोध भी शुरू हो गया है। बालोतरा में यह रहेंगे उपखंड बालोतरा जिले में एक उपखंड बढ़ गया है। पहले बायतु समेत चार उपखंड थे। लेकिन बायतु को बाड़मेर में शामिल कर दिया। गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को बालोतरा में शामिल करने से संख्या 5 हो गई है। इसमें बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना, गुड़ामालानी उपखंड है। बालोतरा में पचपदरा, कल्याणपुर, गिड़ा, पाटोदी, सिणधरी, सिवाना, समदड़ी, धोरीमन्ना, गुड़ामालनी तहसील और जसोल दूदवा, सवाऊ पदमसिह की ढाणी, हीरा की ढाणी, पादरू उप तहसील रहेगी। बाड़मेर में अब 7 उपखंड, 11 तहसील बाड़मेर में अब गडरारोड, चौहटन, रामसर, बायतु, सेड़वा, शिव उपंखड रहेंगे। साथ बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, बाटाडू, नोखड़ा, गडरारोड, चौहटन, धनाऊ, रामसर, बायतु, सेड़वा, शिव तहसील और विशाला, चवा, मांगता, हरसाणी, लीलसर, फागलिया, भीयाड़ उपतहसील रहेगी।
श्रावस्ती में शुक्रवार को एक युवती का शव उसके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। युवती के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं। जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामला सिरसिया थाना क्षेत्र के शाहपुर बरगदवा गांव का है। घटना की सूचना मिलते ही सिरसिया थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। एहतियातन घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी स्वयं मौके पर पहुंचे और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी राहुल भाटी ने बताया कि युवती का शव घर के अंदर मिला है और गले पर चोट का निशान स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच पूरी कर ली गई है और सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण कराया जा रहा है। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू से गहन जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने कहा कि जल्द ही विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के जानकीपुरम द्वितीय वार्ड में नए साल के दूसरे दिन कई विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। भाजपा पार्षद राजकुमारी मौर्या ने इन कार्यों की शुरुआत की।पार्षद राजकुमारी मौर्या ने अटल बिहारी वाजपेई पार्क के सामने एक लंबे समय से उपेक्षित सड़क के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास किया। सड़क के निर्माण से आवागमन की समस्या का समाधान होगा और पार्क की सुंदरता भी बढ़ेगी।इसी क्रम में, सेक्टर-एच स्थित बरगद वाले पार्क के सौंदर्यीकरण और सेक्टर-जे स्थित पार्क में सबमर्सिबल पंप के शिलान्यास कार्यक्रम भी संपन्न हुए। सबमर्सिबल पंप से क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। विकास कार्यों की घोषणा की गई पार्षद राजकुमारी मौर्या अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भी पार्षद रह चुकी हैं। उनकी स्मृति में, वह हर नववर्ष पर 'अटल स्मृति शिलान्यास सप्ताह' मनाती हैं। इस सप्ताह के दौरान जानकीपुरम क्षेत्र में लगभग एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की गई है। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने 'राजकुमारी मौर्या जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस अवसर पर पार्षद राजकुमारी मौर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को 'ट्रिपल इंजन' की सरकार मजबूती से लागू कर रही है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महापौर सुषमा खर्कवाल की सराहना भी की।
मुरादाबाद में ACO चकबंदी के दफ्तर में तैनात एक कानूनगो पर कार्यालय में तैनात महिला कर्मचारी से बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं। महिला कर्मचारी का आरोप है कि, कानूनगो ने उसे जबरन नए साल की मिठाई खिलाने की कोशिश की। उसने इंकार किया तो अश्लीलता करने लगा। कहने लगा- तू बता तुझे कितने रुपए चाहिए, मेरे साथ चल। महिला कर्मचारी का आरोप है कि आरोपी कानूनगो ने कार्यालय में उसे बदनीयती से पकड़ा और बदसलूकी की। ऑफिस के बाकी स्टाफ ने किसी तरह उसे बचाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के समय आरोपी शराब के नशे में धुत था। घटना मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा तहसील में स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी के कार्यालय की है। होशियार सिंह नाम का एक कानूनगो भी इस कार्यालय में तैनात है। जिस पर कार्यालय की एक महिला कर्मचारी के साथ सरेआम छेड़खानी करने के आरोप लगे हैं। महिला कर्मचारी का आरोप है कि 2 दिसंबर को जब वह ऑफिस आई तो होशियार सिंह नशे की हालत में कार्यालय पहुंचा। उसने अपशब्द बोलते हुए उससे मिठाई खाने को कहा। महिला ने जब इंकार किया तो जबरन उसे पकड़कर उसके मुंह में मिठाई ठूंसने लगा। महिला कर्मचारी का आरोप है कि आरोपी ने उससे कहा कि, तू बता तू कितने रुपए लेगी, मैं दूंगा। पैसे ले और जो मैं कहता हूं वो काम कर। इसके बाद आरोपी जबरन महिला कर्मचारी से अश्लील हरकतें करने लगा। महिला का शोर सुनकर स्टाफ के बाकी लोगों ने कानूनगो होशियार सिंह को महिला कर्मचारी से दूर किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। लेकिन थाने में भी पुलिस मौजूदगी में नशे की हालत में कानूनगो महिला कर्मचारी को पैसे ऑफर करने की बातें कबूल करता रहा।
बसंत बहार में संगीत कार्यशाला खास रही:लोकगीतों में घुली बसंत की रागिनी, महिलाओं ने लिया हिस्सा
गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर सें आयोजित बसंत बहार कार्यशाला विशेष रहा। इस दौरान बसंत से जुड़े लोकगीतों में लोक-संस्कृति की मिठास घुलती नजर आई।कार्यशाला में बसंत से संबंधित लोकगीतों की विभिन्न विधाएं सिखाई गईं। प्रतिभागियों ने सुर और ताल के साथ पारंपरिक गीतों का अभ्यास किया। इस दिन 'हमका दिहू वरदान', 'चलो री गुइयां गंगा नहाए', 'सखि छोटी ननद बेंदे पे अड़ी' और 'गोकुल में बाजेला बधइया' जैसे गीत सिखाए गए। प्रतिभागियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया कार्यशाला में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। आभा शुक्ला, नीलम, माधुरी सिंह, प्रतिमा त्रिपाठी, लता, रीना सिंह, शशि वर्मा, शशि सिंह, अमिता, निकिता, सुषमा और कविता सहित कई महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया। ऑनलाइन माध्यम से भी सहभागिता रही, जिसमें सतना से लता तिवारी ने भी प्रशिक्षण में भाग लिया। ताल और लय के गीतों की प्रस्तुतियां सीखी लगभग 25 से 30 प्रतिभागी नियमित रूप से इन गीतों को सीख रहे हैं। बसंत गीतों के साथ-साथ लोक-संस्कृति को समझने पर भी जोर दिया गया। ढोलक पर राजकुमार और हारमोनियम पर आकाश तिवारी ने संगत दी, जिससे ताल और लय के सहारे गीतों की प्रस्तुति में निखार आया। संस्थान की ओर से बताया गया कि यह कार्यशाला ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जारी है। जो लोग लोकगीत सीखना चाहते हैं, वे संस्था से संपर्क कर सकते हैं। आने वाले दिनों में बसंत की अन्य विधाओं पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हरदोई में मल्लावां-बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष कुमार सिंह 'आशु' के पिता, शिक्षाविद एवं लोकतंत्र सेनानी स्व. शिवराज सिंह की सातवीं पुण्यतिथि मनाई गई। शुक्रवार को दिव्य आलोक सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. आलोक सिंह 'नीलू' की पुण्य स्मृति भी की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने स्व. शिवराज सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने संबोधन में विधायक आशीष सिंह 'आशु' को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी किया। दिव्य आलोक सेवा फाउंडेशन ने इस पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान कई सेवा कार्य भी किए। इनमें निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सब्जी बीज वितरण और दिव्यांगों के लिए ट्राई साइकिल वितरण शामिल थे। उपस्थित अतिथियों ने फाउंडेशन द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने जनहित में किए जा रहे इन कार्यों की सराहना की। विधायक आशीष कुमार सिंह 'आशु' ने मल्लावां पहुंचने पर दिनेश जी और सतीश महाना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता द्वारा दिखाए गए सेवा के मार्ग पर चलना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध वर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
भारत विकास परिषद अवध प्रांत की प्रगति शाखा ने आंग्ल नव वर्ष के अवसर पर एक सेवा कार्य का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अंगीकृत सेवा बस्ती में हुआ, जहाँ कड़ाके की ठंड के मद्देनजर जरूरतमंदों को गरम जैकेट वितरित की गईं। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और महिलाओं सहित कुल 105 लोगों को ठंड से राहत प्रदान करना था। यह आयोजन शाखा संस्थापिका मंजू सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। वितरण में जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता दी गई। परिषद के सदस्यों ने दो दिव्यांग बच्चों को उनके निवास स्थान पर जाकर जैकेट उपलब्ध कराईं, जिससे मानवीय संवेदना का परिचय दिया गया। श्रमदान के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाया इस सेवा कार्य में सेवा भारती का भी सहयोग प्राप्त हुआ। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने श्रमदान के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाया, जिसमें सभी पूरे उत्साह से जुटे रहे।कार्यक्रम में भारत विकास परिषद अवध प्रांत के प्रांतीय गतिविधि संयोजक राकेश कुमार श्रीवास्तव और अवध प्रांत चैरिटेबल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हरि ओम श्रीवास्तव उपस्थित रहे। एसबीएन स्कूल के प्रिंसिपल सरिस घोष ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 105 लोगों को लाभ मिला प्रगति शाखा की ओर से कोषाध्यक्ष पीके श्रीवास्तव, कंचन गुप्ता और नीलम श्रीवास्तव ने सक्रिय भूमिका निभाई। सेवा भारती से देवेंद्र अस्थाना, विजयलक्ष्मी सिंह, सुधीर गुप्ता और नीलिमा देशवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस कार्यक्रम से लगभग 80 बच्चों और 25 महिलाओं सहित कुल 105 लोगों को लाभ मिला। सेवा कार्य के कारण बस्ती में खुशी का माहौल देखा गया। परिषद ने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया है।
पीलीभीत में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) एवं होमस्टे नीति-2025' को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यह बैठक संपन्न हुई, जिसमें जनपद के पर्यटन विकास और पर्यटकों की सुविधाओं पर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान, समिति ने होमस्टे नीति-2025 के तहत प्राप्त चार नए आवेदनों पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने इन आवेदनों को अंतिम पंजीकरण के लिए महानिदेशक, पर्यटन उत्तर प्रदेश (लखनऊ) को भेजने की संस्तुति दी। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, व्यंजन और किफायती दरों पर आरामदायक आवास प्रदान करना है। बैठक में उपनिदेशक पर्यटन (बरेली) और समिति के सदस्यों ने जनपद में अवैध रूप से संचालित हो रहे होमस्टे का मुद्दा उठाया। जांच में पता चला है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 50 से अधिक होमस्टे और बी एंड बी इकाइयां बिना पंजीकरण के चल रही हैं। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में भी सभी इकाई स्वामियों को पंजीकरण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस नीति के तहत कोई भी भवन स्वामी अपने घर के 1 से 6 कमरों (अधिकतम 12 बेड) का उपयोग पर्यटकों के लिए कर सकता है। इससे पर्यटकों को घर जैसा माहौल मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने सभी अवैध इकाई स्वामियों को तत्काल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://up-tourismportal.in/application/bnb/registration पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। पंजीकरण न कराने वाली इकाइयों के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक थाना क्षेत्र में पुलिस ने किसान की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। ग्राम अमगवां में लकड़ी के रास्ते को लेकर हुए विवाद में 56 वर्षीय किसान की हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम अमगवां निवासी रामधारी सिंह गोंड 31 दिसंबर 2025 की सुबह अपने खेत पर सूखा पेड़ काटने गए थे। उनकी पत्नी बतीबाई सुबह 10 बजे जब खेत पहुंचीं, तो उन्होंने अपने पति की लाश लकड़ी के ढेर पर पड़ी देखी। रामधारी सिंह के सिर, गर्दन और पीठ पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। रास्ते के विवाद में कुल्हाड़ी से किया हमला घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेही पुरुषोत्तम सिंह गोंड (34) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि खेत के रास्ते में लकड़ी रखे होने की वजह से उसे निकलने में दिक्कत हो रही थी। इसी बात को लेकर उसका रामधारी सिंह से झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में कुल्हाड़ी से वार कर उनकी जान ले ली। आरोपी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी बरामद अमरकंटक थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया कि आरोपी पुरुषोत्तम सिंह गोंड के खिलाफ हत्या की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
मेरठ में शुक्रवार रात एक अस्पताल की दूसरी मंजिल से मरीज कूद गया। इससे उसकी मौत हो गई है। मरीज को तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे खून की कमी थी। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मामला गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल का है। अस्पताल मेरठ शहर का नामचीन और पुराना है। इसके संचालक सुभारती यूनिवर्सिटी ग्रुप से हैं। मृतक की पत्नी का आरोप है कि स्टाफ ने मेरे पति को नीचे फेंक दिया। इससे उनकी मौत हुई है। वह अब इस जिद पर अड़ी है कि जिस हालत में मैंने अपने पति को अस्पताल में भर्ती कराया था, उसी हालत में वापस दो। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची है। छानबीन जारी है। पूरा मामला मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए... अब पढ़िए पूरा मामला परिवार मूल रूप से पहाड़ों का रहने वाला है। लेकिन 15 सालों से यहीं मेरठ के जेलचुंगी में रह रहा है। संजय इंवरटर कंपनी में काम करता था। काफी समय से जॉब के कारण मेरठ के जेलचुंगी डाकखाने के पास में रह रहा था। पत्नी का नाम ज्योति है। एक बेटा शुभांक चौधरी है। संजय का हीमोग्लोबिन कम था, इसलिए बुधवार को गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संजय को डॉ. पीके शुक्ला देख रहे थे। पत्नी ज्योति ने कहा- खिड़की से धकेल दिया गयापत्नी ज्योति का आरोप है कि संजय को खिड़की से धकेल दिया गया, जबकि स्टॉफ ने मरीज के खुद शीशा तोड़ते हुए कूदने की बात कही है। आईसीयू में दोबारा संजय को लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने वहां हंगामा किया है। धरवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की है। वहीं मौके पर पुलिस पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। पत्नी बोली- अब इनको घर कैसे ले जाऊंएक वीडियो सामने आया है। जिसमें पत्नी ज्योति कह रही है कि मैं जैसा मरीज लाई थी। मुझे वैसा वापस कर दो। मेरे मरीज को तुम लोगों ने मार दिया है। अब इनको घर कैसे ले जाऊं। खून की कमी थी, इसलिए भर्ती कराया था। एक दिन पहले मरीज को खून दिया गया था। अस्पताल ने उन्हें बताया कि उनका मरीज टॉयलेट करने गया था और खिड़की से कूद गया है। परिजनों ने अस्पताल में की तोड़फोड़ संजय चौधरी के साले प्रदीप चौधरी सहित तमाम परिजनों ने मौके पर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ भी कर दी है। अस्पताल की कांच को तोड़ दिया है। कहा कि मरीज की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन है। जब मरीज को टॉयलेट की थैली लगी थी, तो वो बाथरूम करने क्यों जाएगा। मरीज तीसरी मंजिल से आईसीयू से गिरा है। मरीज तनाव में भी नहीं था। बस उसे खून की कमी थी। अस्पताल स्टाफ ने मरीज को देखा ही नहीं, सारा स्टाफ मोबाइल में लगा रहा, इसलिए उन्हें पता ही नहीं चला कि मरीज कब गिर गया या उसे धक्का दिया गया है। अस्पताल वाले इसे सुसाइड कह रहे हैं, लेकिन परिजनों ने हत्या बताया है। अभी तक मरीज के परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन परिवार काफी तनाव में है। परिवार बार-बार यही कह रहा है कि मरीज को मार दिया गया है। मौके पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक त्रिपाठी भी पहुंच गए हैं। साथ ही नौचंदी थाने की पुलिस पहुंची है। डॉ पीके शुक्ला ने कहा- मैं खुद हैरान हूं, उसने ऐसा क्यों किया?मरीज का इलाज करने वाले डॉ पीके शुक्ला ने कहा- मरीज को एनीमिया की समस्या थी, तीन यूनिट खून उनको अभी तक चढ़ाया जा चुका था। जिसका इंतजाम उनके दोस्तों द्वारा किया गया था। मरीज से जब मेरी बात हुई तो वह आज कह रहा था कि मैं पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूं। मानसिक रूप से मरीज बिल्कुल स्वस्थ था, मैं खुद हैरान हूं कि उसने ऐसा क्यों किया। हालांकि एक बात मैंने देखी कि मरीज से उसके परिजन कम मिलने आते हैं। शायद उसकी पत्नी या किसी परिजन से कोई विवाद हुआ हो, जिसको लेकर उसने ऐसा कदम उठाया हो। समझ नहीं आया कि इसकी क्या फैमिली प्रॉब्लम थी। बाकी और कोई समस्या नहीं थी। तीन दिन में तीन बोतल खून चढ़ाया गया है। एनीमिया को कवर करने के लिए आज टेस्ट कराया, आज तो हीमोग्लोबिन भी अच्छा आया था। आज रात ही 8 बजे मैंने मरीज को देखा था। उस समय वो सही था। मैंने उससे पूछा भी कैसे हो, तो उसने कहा था कि मैं ठीक हूं। बाकी ऐसी कोई समस्या अभी तक हमारे सामने नहीं आई है। साथी मरीज ने बताया- स्टाफ बाथरुम का दरवाजा तोड़ कर अंदर गयाआईसीयू में भर्ती दूसरी महिला मरीज प्रभा कैथवाड़ी की रहने वाली है। प्रभा ने बताया- संजय उनके ही बेड के पास वाले बेड पर भर्ती थे। मैं बाथरूम करके आई हूं, तब तक संजय अपने बेड पर ही लेटे थे। इसके बाद संजय वार्ड में घूमने लगे, वो घूमते रहें। इसके बाद वो बाथरूम गए हैं और उन्होंने दरवाजा बंद किया है। फिर उन्होंने शीशा तोड़ा है, या क्या किया है पता नहीं, बस खटपट की आवाजें आने लगीं। मानो कोई करंट जैसा मार रहा हो। तो मैंने ये सोचा कि स्टाफ ने बाथरूम धोया है तो बाथरूम गीला है, इसलिए शायद कुछ हुआ है। मैंने पूछा कि बाथरूम में कोई मरीज है क्या, तो पता चला कि हां कोई मरीज अंदर है। तब स्टाफ बाथरूम की तरफ भागा। स्टाफ ने दरवाजे में धक्का मारा है। दरवाजा तोड़ा है, इतने में वो आदमी शायद कूद गया है। उसने ऐसा क्यों किया है मैं कुछ नहीं कह सकती लोकप्रिय अस्पताल ने अपना बयान जारी किया है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी परमजीत रावत ने कहा- संजय नाम का मरीज 31 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसके बाद में आज आईसीयू में ही था। वह टॉयलेट जाने के लिए उठा। उसके साथ एक स्टाफ उसको लेकर गया। स्टाफ बाहर खड़ा हुआ था। मरीज टॉयलेट के अंदर था, पहले वह बाहर आया, फिर दोबारा से अंदर गया उसने गेट बंद कर लिया। शीशा तोड़कर बाहर की तरफ कूद गया। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें... 'शादाब जकाती संग रहती है पत्नी, मुझे जान का खतरा':मेरठ में थाने पहुंचा पति, इंस्पेक्टर के सामने फूट-फूटकर रोया यूपी में मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार शादाब साथ काम करने वाली महिला कलाकार इरम की वजह से मुश्किलों में हैं। इरम के पति खुर्शीद उर्फ सोनू ने शादाब जकाती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार होने पर सीएक्यूएम ने तीसरे चरण के प्रतिबंध हटाया
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण-3 के तहत लागू प्रतिबंधों को हटा दिया है
बरेली में 2 असलहा तस्कर गिरफ्तार:तीन तमंचे बरामद, पुलिस ने आर्म्स एक्ट में की कार्रवाई
बरेली के इज्जतनगर में पुलिस ने दो असलहा तस्करों को गिरफ्तार कर एक संभावित आपराधिक वारदात को नाकाम कर दिया। पुलिस ने उनके पास से तीन तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए। यह कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई। गिरफ्तारी विलयधाम पुल के नीचे शाहजहांपुर की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर हुई। पुलिस को यहां संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर जिले के निगोही थाना क्षेत्र निवासी राम प्रताप (31) और गुड्डू (35) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान राम प्रताप के पास से दो तमंचे 315 बोर और दो कारतूस बरामद हुए। वहीं, गुड्डू के पास से एक तमंचा 315 बोर और दो कारतूस मिले। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ये हथियार किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदे थे। इससे अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क के सक्रिय होने का संकेत मिलता है। पुलिस अब जांच कर रही है कि ये हथियार कहां से लाए गए और किन अपराधियों को सप्लाई की जानी थी। इज्जतनगर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक मोहित कुमार, उप निरीक्षक राजा भारद्वाज, कॉन्स्टेबल निशु तिवारी और कॉन्स्टेबल मेघश्याम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीतापुर के मछरेहटा थाना क्षेत्र के केसरा ग्राम में एक युवक का शव शुक्रवार की शाम गांव की मुन्ना की बाग में फांसी के फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शोभित पुत्र धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार शोभित बृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे घर से निकला था। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे मृतक के बाबा मोल्हे मुन्ना की बाग की ओर गए, जहां उन्होंने शोभित का शव पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका देखा। यह दृश्य देख वह घबरा गए और तुरंत परिजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना मछरेहटा प्रभारी प्रभात गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और घटनास्थल की घेराबंदी कर आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में लिया और पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। थाना प्रभारी प्रभात गुप्ता ने बताया कि युवक की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है, ताकि युवक की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
बरेली में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। बैठक में मंत्री ने कहा कि भाजपा 2027 में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने बताया कि योगी सरकार की दो मुख्य प्राथमिकताएं हैं: विकास और सुरक्षा, ताकि उत्तर प्रदेश का आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सके। सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में साल 2026 के लिए बरेली के प्रस्तावित मुख्य विकास कार्यों, पंचायत चुनाव, अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं और कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने नए साल की शुभकामनाएं भी दीं। मंत्री ने 2025 में बरेली में शासन-प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता का रुख बदल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें बरेली को कानून व्यवस्था का उदाहरण बताया गया। धर्मपाल सिंह ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों और दृष्टिकोण के कारण 2025 में अच्छे परिणाम मिले हैं और साल 2026 में भी बेहतर कार्य करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने किसानों को खाद, बीज, सिंचाई और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने पशुपालन क्षेत्र पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की संख्या घट रही है और चारे का रकबा कम हो रहा है। उन्होंने बैंकों से बकरी, सुअर, भेड़ और मुर्गी पालन जैसी योजनाओं में सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि आमजन को ऋण मिल सके और वे इन व्यवसायों को अपना सकें। धर्मपाल सिंह ने बरेली को पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नाथ नगरी में शिव मंदिरों के कारण नाथ कॉरिडोर विकसित हो रहा है। पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर ध्यान देने और हवाई यात्रा की उड़ानें बढ़ाने की आवश्यकता है।
देवरिया में कल तीन घंटे नहीं आएगी बिजली:कतरारी उपकेंद्र पर होगा काम, 30 लाख लोगों को होगी परेशानी
देवरिया जिले में 3 जनवरी को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। शहर के कतरारी स्थित 220 केवी पारेषण उपकेन्द्र पर आवश्यक अनुरक्षण कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जिले के अधिकांश हिस्सों में बिजली पूरी तरह ठप रहेगी, जिससे लगभग 30 लाख की आबादी प्रभावित होने की आशंका है। कतरारी स्थित 220 केवी पारेषण उपकेन्द्र से देवरिया जिले के पांच 132 केवी विद्युत उपकेन्द्रों को बिजली मिलती है। अनुरक्षण कार्य के चलते इन सभी उपकेन्द्रों से जुड़ी आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, इन 132 केवी उपकेन्द्रों से जुड़े जिले के लगभग 42 छोटे 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्रों की आपूर्ति भी बाधित होगी। प्रभावित होने वाले प्रमुख 132 केवी विद्युत उपकेन्द्रों में भटवालिया (यादवरिया), सलेमपुर, पुरनाछापर (भटनी), माहीगंज (रुद्रपुर) और नूनखार टीएसएस शामिल हैं। इन उपकेन्द्रों से देवरिया जनपद के शहरी क्षेत्रों, तहसील मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचती है। बिजली आपूर्ति ठप रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों, लघु उद्योगों, सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ेगा। विशेषकर ठंड के मौसम में यह कटौती लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। विद्युत प्रेषण खंड, देवरिया के अधिशासी अभियंता ई. दीपक कुमार जायसवाल ने उपभोक्ताओं से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह अनुरक्षण कार्य विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्य पूर्ण होते ही बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल कर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय से पहले आवश्यक विद्युत उपकरणों का उपयोग कर लें और बिजली कटौती के दौरान धैर्य बनाए रखें।
संभल में सील अस्पताल में अवैध ऑपरेशन:पुलिस-प्रशासन की छापेमारी में दो भाई गिरफ्तार, सील टूटी मिली
संभल में एक सील किए गए अस्पताल में अवैध रूप से ऑपरेशन किए जाने का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी को मिली शिकायत के बाद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इंडियन हॉस्पिटल पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर सील तोड़कर संचालित पाया गया, जिसके बाद उसे दोबारा सील कर दिया गया। इस मामले में दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त कार्रवाई शुक्रवार को संभल जनपद के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी स्थित मुरादाबाद बॉर्डर पर इंडियन हॉस्पिटल में की गई। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, सीओ संभल आलोक भाटी, पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। मौके पर अय्यूब (इंटरमीडिएट) और याकूब (स्नातक), पुत्रगण हाजी अली जान निवासी मैनाठेर, मुरादाबाद, तथा डॉ. सैफ (एमबीबीएस) मौजूद मिले। छापेमारी के दौरान अस्पताल में दो महिलाएं भर्ती मिलीं। इनमें से एक महिला शायरून की उसी दिन सुबह 8 बजे ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी, जबकि दूसरी महिला की डिलीवरी एक दिन पहले ऑपरेशन से की गई थी। अस्पताल में फोजिया और तबस्सुम सहित चार नर्सिंग स्टाफ भी कार्यरत थे, जिनकी शैक्षिक योग्यता केवल इंटरमीडिएट थी। अस्पताल के मालिक अय्यूब ने संचालन से संबंधित कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन उनमें नियुक्त डॉक्टर मौके पर अनुपस्थित थे। अय्यूब ने दावा किया कि भर्ती महिलाओं का ऑपरेशन डॉ. रमेश कुमार यल्ला ने किया था। हालांकि, डॉ. यल्ला से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे पिछले 15 दिनों से अस्पताल नहीं आए हैं। मौके पर मौजूद डॉ. सैफ ने स्पष्ट किया कि वे केवल एमबीबीएस हैं, सर्जन नहीं, और अस्पताल में केवल ओपीडी देखते हैं। स्टाफ से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अस्पताल में होने वाले ऑपरेशन अय्यूब और याकूब दोनों भाई मिलकर अवैध रूप से करते थे। नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने पुष्टि की कि अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पहले सील किया गया था, जिसकी सील टूटी हुई मिली। इसके बाद, अय्यूब और याकूब दोनों भाइयों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। डॉ. मनोज चौधरी ने ऑपरेशन थिएटर को दोबारा सील करवा दिया।
कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में पड़ रही शीतलहर और अत्यधिक ठंड को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य ने तहसीलदार अकबरपुर के साथ अकबरपुर स्थित रैन बसेरे का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने रैन बसेरे में ठहरे निराश्रित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, गर्म वस्त्र, कंबल, बिस्तर तथा अलाव की व्यवस्था का अवलोकन किया। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रैन बसेरे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो तथा सभी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित रहें। उन्होंने यह भी कहा कि रैन बसेरे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किया जाए। पंजीकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनकी आवश्यकताओं के अनुसार समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त कंबलों की उपलब्धता और रात्रि में अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अपर जिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शीतलहर से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में इकोटेक-3 थाना पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार देर शाम इकोटेक-3 थाना पुलिस जलपुरा स्थित बिजली घर के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखा। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह हबीबपुर की ओर तेजी से भागने लगा। पीछा करने पर युवक की मोटरसाइकिल फिसल गई। खुद को घिरा देखकर बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। घायल युवक की पहचान बिसरख थाना क्षेत्र के ग्राम बिसरख निवासी अजयनाथ के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल, लाल मिर्च का एक पैकेट, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक शातिर बदमाश है। वह राहगीरों की आंखों में मिर्च डालकर लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। इस बदमाश पर गौतम बुद्ध नगर, हापुड़ और सहारनपुर में लूट के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी (पाटोत्सव) समारोह का पांचवां और अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। समापन कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायक सुरेश वाडकर और उनकी पत्नी पद्मा वाडकर ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने पूरे पंडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बधाई गीत “जन्मे हैं राम रघुरैया, अवधपुर में बाजे बधइया” से हुई। समापन रामचरितमानस की चौपाई “मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सो दसरथ अजिर बिहारी” के साथ हुआ। इस संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को दिव्यता का अनुभव कराया। रामलला के जन्मोत्सव पर प्रस्तुत “राजा दशरथ गईया लुटावें…” सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद सुरेश वाडकर ने कबीर दास की रचना “राम नाम तू भज ले प्यारे” और अपने प्रसिद्ध भजन “इतनी शक्ति हमें देना दाता” से खूब तालियां बटोरीं। फिल्म राम तेरी गंगा मैली का शीर्षक गीत प्रस्तुत होते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद “मेघा रे मेघा रे”, “विट्ठल विट्ठल नाम प्रेम भाव” और “ओ रे राही तुझे जाना है अयोध्या नगरिया” ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पांचवें और अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में शालीना चतुर्वेदी समूह ने महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की अमर कृति “राम की शक्ति पूजा” का कथक नृत्य शैली में जीवंत मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंगद टीला स्थित मंच पर प्रस्तुति के दौरान भाव, भंगिमा, हस्त मुद्राएं और पद संचलन का सधा हुआ संयोजन दर्शनीय रहा। चरम क्षण पर देवी दुर्गा का आशीर्वाद “हे राम विजय हो तेरी” संपूर्ण पंडाल को भक्ति और ऊर्जा से भर गया। प्रस्तुति की शुरुआत हनुमान चालीसा पर नृत्य के साथ हुई, जिसे बजरंगबली को समर्पित किया गया। इसके बाद राम की शक्ति पूजा के कथानक को क्रमशः सजीव किया गया। राम-रावण युद्ध के मध्य रावण के प्रचंड पराक्रम से रामदल में उत्पन्न संकट, प्रभु श्रीराम की चिंता और धैर्य, तथा जामवंत द्वारा शक्ति आराधना का सुझाव। इन सभी प्रसंगों को कथक की लयात्मकता में प्रभावी ढंग से उकेरा गया। कथा के अनुसार, रावण पर विजय हेतु प्रभु श्रीराम शक्ति की आराधना करते हैं। देवी द्वारा परीक्षा स्वरूप एक कमल पुष्प हटाए जाने पर राम का धैर्य और संकल्प और प्रखर हो उठता है। ‘कमल नयन’ की स्मृति के साथ प्रभु का नेत्र अर्पण करने का भाव दर्शाया गया, तभी देवी प्रसन्न होकर प्रकट होती हैं, प्रभु को विजय का आशीर्वाद देती हैं और उनके शरीर में लीन हो जाती हैं। शक्ति से सशक्त होकर प्रभु श्रीराम रावण का वध करते हैं और माता जानकी के साथ अयोध्या लौटते हैं। यह दृश्य दर्शकों के लिए भावनात्मक शिखर रहा। शालीना चतुर्वेदी के नेतृत्व में वैष्णवी, ऋषिका, प्रशांत कुमार, इरा गिरि, ख्रिस्टीना कश्यप दास, मेघा कुमारी, संतोषी साहिस, श्रेष्ठा शंकर, राजर्षि नीलरुचि और तनुष्का पाण्डेय ने सशक्त अभिनय से प्रस्तुति को स्मरणीय बनाया। कार्यक्रम का संचालन देशदीपक मिश्र ने किया। अंत में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से गोपाल राव ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। मंच पर ट्रस्ट महासचिव चम्पत राय सहित राजेंद्र सिंह पंकज, धनंजय पाठक, डॉ. चंद्र गोपाल पाण्डेय, डॉ. अनिल मिश्र, नरेन्द्र, कप्तान केके तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, भोलेन्द्र और वीरेंद्र उपस्थित रहे।
इंदौर में गंदे पानी ने 15 लोगों की जान ले ली। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहली बार मौतों के आंकड़ों को माना और ये भी स्वीकारा कि इस पूरे मामले में सिस्टम पूरी तरह फेल हुआ। उन्होंने कहा- यह गंभीर लापरवाही का नतीजा है, जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। देश के सबसे स्वच्छ शहर को बदनाम करने वाले इस मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सीधा और बेबाक सवाल। देखिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, 3 जनवरी सुबह 7 बजे, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर।
मेरठ में नई भवन निर्माण एवं विकास उप विधि के तहत शमन कराने के लिए सेंट्रल मार्केट में अब तक सिर्फ 25 फीसदी व्यापारियों ने ही आवेदन किया है। जबकि इस दायरे में करीब 400 दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान आ रहे हैं। नियमों के अनुसार शमन के दौरान दुकानों को 10 से 15 फीट तक फ्रंट सेटबैक छोड़ना होगा, जिससे लगभग 100 छोटी दुकानें पूरी तरह खत्म होने की आशंका जताई जा रही है। ध्वस्तीकरण से बेचैन हैं व्यापारीसुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई तेज हो गई है। हाल ही में आवासीय भवन संख्या 661/6 में बने व्यावसायिक हिस्से को ध्वस्त किया जा चुका है। 1 दिसंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दो महीने के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही दुकानदारों में बेचैनी बढ़ गई है। 100 दुकानदारों पर रोजी-रोटी का खतराआवास एवं विकास परिषद की ओर से 18 और 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित दुकानों के शमन के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। अब तक करीब 100 व्यापारियों ने ही आवेदन किया है, जबकि नियम लागू होने पर करीब 100 दुकानदारों के प्रतिष्ठान पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं। ऐसे में कारोबारियों को अपनी रोजी-रोटी छिनने का डर सता रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि क्षेत्र को बाजार स्ट्रीट घोषित नहीं किया गया तो सैकड़ों परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। बाजार स्ट्रीट घोषित करने की मांग तेजव्यापारी लगातार सेंट्रल मार्केट क्षेत्र को ‘बाजार स्ट्रीट’ घोषित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी दुकानों और प्रतिष्ठानों को राहत मिल सके। इस मांग को लेकर व्यापारी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में26 दिसंबर को लखनऊ मुख्यालय में हुई आवास एवं विकास परिषद की 274वीं बोर्ड बैठक में सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन न तो इस पर चर्चा हुई और न ही अनुमोदन मिला। इससे व्यापारियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
सहरसा के सोनवर्षा राज प्रखंड के विराटपुर स्थित चंडी स्थान में शुक्रवार शाम आयोजित 'श्रीचंडी महोत्सव' राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। महिषी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गौतम कृष्ण मंच पर ही आयोजकों पर भड़क गए। उन्होंने कार्यक्रम में प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया। विधायक गौतम कृष्ण ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, लेकिन मंच पर उनकी नेमप्लेट नहीं लगाई गई और न ही उन्हें संबोधन का अवसर दिया गया। उन्होंने आयोजकों पर भेदभाव और अपमान का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। ''क्या पदाधिकारी के बोलने के बाद ही कार्यक्रम समाप्त हो जाता है?'' विधायक ने सवाल किया, क्या पदाधिकारी के बोलने के बाद ही कार्यक्रम समाप्त हो जाता है? मंच पर माननीय विधायक संजय जी हैं, मैं भी विधायक हूं। मैं एक जनप्रतिनिधि हूं, तो क्या मुझे दो शब्द बोलने का भी अधिकार नहीं? उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर अपमानित करने के उद्देश्य से बुलाया गया था। विधायक के तेवर तीखे होने से मंच पर मौजूद आयोजक और अन्य अतिथि असहज हो गए। स्थिति को संभालने के लिए आयोजन समिति और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस विवाद से धार्मिक आयोजन की गरिमा पर सवाल उठे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान और आयोजनों में प्रोटोकॉल के पालन से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, आयोजन समिति की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना के बाद चंडी महोत्सव की बजाय मंच पर हुए विवाद की चर्चा अधिक हो रही है, जिससे आयोजन की मूल भावना प्रभावित हुई है।
गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से युवा दिवस के अवसर पर प्रस्तावित स्वयंसिद्ध कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्पदा द्विवेदी, गोरक्ष प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय, कार्यक्रम संयोजक हर्षित मालवीय, आराध्या श्रीवास्तव, विभाग संगठन मंत्री राजवर्धन, महानगर मंत्री अभिषेक मौर्या और दिव्यांश चौधरी उपस्थित रहे। स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष आयोजन कार्यक्रम संयोजक हर्षित मालवीय ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 जनवरी से 22 जनवरी तक स्वयंसिद्ध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना और व्यक्तित्व विकास के लिए मंच उपलब्ध कराना है। स्वयंसिद्ध कार्यक्रम के तहत गोरखपुर महानगर के विद्यार्थियों के बीच एकल गायन, एकल नृत्य, निबंध लेखन, सामान्य ज्ञान, रंगोली सहित विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, कौशल और वैचारिक क्षमता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। समापन समारोह में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के अंतिम दिन भव्य समापन समारोह आयोजित होगा, जिसमें सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी। ABVP गोरखपुर महानगर मंत्री अभिषेक मौर्या ने कहा कि संगठन का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच देना है, जहां वे रचनात्मक, शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमता का विकास कर सकें और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
छिंदवाड़ा के परासिया मार्ग पर स्थित सतनूर गांव में मोक्षधाम जाने के मार्ग को लेकर आवाज उठाने वाले परिवार पर दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शुक्रवार शाम हुए इस हमले में महिलाओं सहित 5 लोग घायल हो गए, जिनमें 2 को सिर में गंभीर चोट आई है। घायलों में भारत विंझाडे, गुड्डो बाई, विनोद चौकसे, सनकी बाई और एक अन्य शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मोक्षधाम की जमीन को लेकर यह विवाद हुआ। SDM के जाते ही हुआ हमला घायल भारत विंझाडे ने बताया कि मोक्षधाम की जमीन से जुड़े विवाद को लेकर एसडीएम शुभम यादव गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को मौके पर बुलाया गया था। एसडीएम ने मोक्षधाम तक जाने वाले रास्ते को लेकर दोनों पक्षों से जानकारी ली।एसडीएम के मौके से रवाना होते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। भारत ने बताया कि हमले में उनकी मां गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं, जबकि वे खुद बेहोश हो गए। होश में आने के बाद उन्होंने तत्काल एसडीएम को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर सचिव को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने एम्बुलेंस बुलवाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया और देहात थाना पुलिस को सूचना दी। 2 दर्जन से अधिक लोगों पर हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमले में अमित यादववंशी, खेलन यादववंशी, गोविंद यादववंशी, जागेश्वर, भुवन, घनश्याम, उमाशंकर, रितेश सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोग शामिल थे। जय भीम सेना ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप घटना की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे जय भीम सेना के अध्यक्ष शिवम पहाड़े ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह घटना नहीं होती।शिवम पहाड़े ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जय भीम सेना पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। देहात थाना निरीक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की ओर मामला दर्ज कर लिया गया है जिस पर विस्तृत जांच की जा रही है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... दबंगों ने रोकी अंतिम यात्रा, 31 घंटे बाद अंत्येष्टि छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के सतनूर गांव में 31 घंटे बाद एक महिला के शव का अंतिम संस्कार हो सका। मुक्तिधाम (श्मशान) जाने वाले रास्ते को लेकर जमीनी विवाद चल रहा है। इसके चलते अंतिम यात्रा 31 घंटे तक नहीं निकल सकी। पूरी खबर पढ़ें...
कोटगेट थाना पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए बिना वैध वीजा और जरूरी दस्तावेजों के बीकानेर में रह रही दो विदेशी महिलाओं को पकड़ा है। दोनों महिलाएं कोटगेट थाना क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रही थीं, लेकिन उनके पास अनिवार्य सी-फॉर्म और अन्य वैध दस्तावेज़ नहीं मिले। पुलिस को सूचना मिली थी कि रानी बाजार क्षेत्र में स्थित एक मकान में दो विदेशी महिलाएं रह रही हैं। सूचना के आधार पर कोटगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों महिलाएं विदेशी नागरिक हैं और भारत में रहने से संबंधित नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान हो गई है। इनमें एक उज्बेकिस्तान निवासी नर्गिज़ा कुर्बोनोवा है, जबकि दूसरी कजाकिस्तान की तुयचिएवा निलुफर है। दोनों के पास पोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। दोनों के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि मकान मालिक ने विदेशी नागरिकों को किराए पर मकान देने से पहले आवश्यक सूचना पुलिस या प्रशासन को नहीं दी गई थी। ऑनलाइन सी-फॉर्म भी जमा नहीं कराया गया। यह विदेशी विषयक अधिनियम 2025 की धारा 8/23 का उल्लंघन है। कोटगेट थाना पुलिस ने दोनों विदेशी महिलाओं को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। मकान मालिक रोचक और सीकर निवासी बाबुलाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर तभी बन सकता है जब हमारी ग्राम पंचायतें भी आत्मनिर्भर बनें। अतः ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। *व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले पायदान पर उत्तर प्रदेश*बैठक में मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का 9.67 लाख निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, इसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 103 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों से 304 विकास खंड और नगरीय एमआरएफ से 515 विकास खंड आच्छादित हैं। वहीं, 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। *राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों के कार्य को सराहा*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष जिला पंचायतों द्वारा राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायतों द्वारा 334.10 करोड़ की राजस्व वसूली प्राप्त हुई थी जो लक्ष्य के सापेक्ष 81.23 प्रतिशत थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक 271.48 करोड़ के राजस्व की वसूली हुई है जो लक्ष्य के सापेक्ष 140.89 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों की इस उपलब्धि के लिए सराहना की। साथ ही राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उत्सव स्थलों के हो जनसमुदाय के लिए उपयोग* मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि उत्सव भवन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रम के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में उत्सव भवन का उपयोग योग/वेलनेस के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सहालग के दौरान कई मांगलिक कार्यक्रम होने पर समय तय कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को उत्सव भवन का लाभ दें। ब्लॉक स्तर पर भी योजना का विस्तार किया जाए। *मातृभूमि योजना से ज्यादा से ज्यादा उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ें* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मातृभूमि योजना से उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिये। उन्हाेंने कहा कि योजना के तहत अपना सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजना का नाम रखा जाए। साथ ही उन्हें प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किए जाए ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लें। *सीवर एवं ग्रे वाटर के ट्रीटमेंट के निस्तारण की समुचित व्यवस्था हो*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में देश में विकसित व सफल पद्धति के माध्यम से सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध किया जा सकता है और इसका इस्तेमाल खेती के साथ बागवानी के लिए किया जाए। प्रदेश में 160 एफएसटीपी के निर्माण का कार्य अति शीघ्र प्रारंभ किए जाए।उन्हाेंने अधिकारियों से इस ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए *डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूर्ण किए जाए*मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कंप्यूटर, फर्नीचर की क्वालिटी उत्कृष्ट हो तथा पुस्तकें स्थानीय छात्र छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप हों, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। *हर ग्राम पंचायत में बनाया जाए एक इंटीग्रेटेड कैंपस, जहां मिले मूलभूत सुविधाएं* मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि हर ग्राम पंचायत में यथासंभव इंटीग्रेटेड कैंपस बनाया जाए, जहां विद्यालय, उत्सव भवन, खेल के मैदान, ओपन जिम, पार्क, मॉडल शॉप आदि की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कैंपस के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। इनका निर्माण ऐसे स्थान पर हो, जहां पर हर किसी की पहुंच आसान हो। *पंचायती राज एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए तैयार करें मजबूत सिस्टम*मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल व्यवस्था की जाए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए। साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन व नए लाभार्थियों का चयन किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और अन्य स्थानों पर 15 से 16 लोगों को सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को माध्यम बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि पंचायती राज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक रूप से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। इसके अलावा हर माह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा कि जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंचायती राज विभाग एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग का एक मजबूत सिस्टम बनाएं ताकि समय से योजनाएं पूरी हो सकें।
खगड़िया जिले के चौथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 10 महिलाओं का परिवार नियोजन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। यह ऑपरेशन जिला प्रशासन और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था। चौथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि डॉ. ऋचा ने सभी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसके बाद उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद, सरकारी सुविधाओं के अनुरूप सभी महिलाओं को 24 घंटे तक अस्पताल में रखा जा रहा है। उन्हें मुफ्त दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्हें एंबुलेंस से उनके घर तक पहुंचाया जाता है। चौथम स्वास्थ्य प्रबंधक अमर कुमार ने जानकारी दी कि एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी ऑपरेशन के बाद लगातार सभी महिलाओं की देखभाल कर रहे हैं और उन्हें घर भेजने तक निगरानी रखेंगे।
कुकरैल नाइट सफारी में लखनऊ चिड़ियाघर को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने चिड़ियाघर को मौजूदा स्थान पर ही बनाए रखने की सिफारिश की है। समिति ने लखनऊ जू को शहर का ‘ग्रीन लंग’ (हरित फेफड़ा) बताते हुए कहा है कि इसका शहर के भीतर रहना पर्यावरण और सामाजिक दृष्टि से जरूरी है। सीईसी की रिपोर्ट के बाद कुकरैल नाइट सफारी तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। अब यहां चार की जगह दो लेन सड़क बनाई जाएगी। चार लेन सड़क से कटते 700 से ज्यादा पेड़ पीडब्ल्यूडी ने 17 फरवरी 2025 को कुकरैल नाइट सफारी तक चार लेन सड़क का टेंडर जारी किया था। सीईसी ने अपनी रिपोर्ट में आपत्ति जताते हुए कहा कि चार लेन सड़क बनने से 700 से ज्यादा पेड़ों की कटान करनी पड़ेगी। दो लेन सड़क से पर्यावरणीय नुकसान काफी हद तक कम होगा। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने चार लेन का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और पीडब्ल्यूडी से दो लेन सड़क का नया प्रस्ताव मांगा है। फिलहाल सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। जू शिफ्ट करने का प्रस्ताव खारिज सीईसी ने चिड़ियाघर को शहर से बाहर कुकरैल नाइट सफारी में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। समिति का कहना है कि देश में 21 चिड़ियाघर शहरों के भीतर ही संचालित हो रहे हैं और इससे शहर को कोई खतरा नहीं है। लखनऊ जू प्रशासन ने बढ़ते ट्रैफिक और वन्यजीवों में जेनेटिक बीमारियों के खतरे का हवाला दिया था, लेकिन समिति ने इन तर्कों को सही नहीं माना। सीईसी के अनुसार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पहले से लागू हैं, इसलिए किसी तरह का जोखिम नहीं है। जू हटाने की बजाय आधुनिकीकरण पर जोर समिति ने कहा कि शहरी नियोजन के लिहाज से भी चिड़ियाघर को मौजूदा स्थान पर रखकर आधुनिक बनाना ज्यादा उपयुक्त है। जू हटाने के पक्ष में दिए गए तर्क जैसे जगह की कमी, पर्यटकों का दबाव और आधुनिकीकरण में कठिनाई जांच में सही नहीं पाए गए। नाइट सफारी से बढ़ेगा पर्यावरणीय खतरा सीईसी ने चेतावनी दी है कि कुकरैल नाइट सफारी में गतिविधियां बढ़ने से शोर और अशांति बढ़ेगी। प्राकृतिक वातावरण को स्थायी नुकसान पहुंचेगा। वन्यजीवों के आवास टूटने से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होगा। सीईसी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंप दी है। अब इस पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा। इसके बाद ही संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सौरभ पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार अब दो लेन सड़क के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में राजस्व के सभी मामले, चाहे वह पैमाइश से संबंधित हो, नामांतरण से संबंधित हो या फिर आबादी दर्ज करने से संबंधित हो, सभी का निपटारा मेरिट के आधार पर तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सभी लंबित मामलों में जवाबदेही तय करते हुए इनका निर्धारित समय अवधि में निस्तारण सुनिश्चित करे। साथ ही, प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नामांतरण व वरासत के मामलों को लेकर निर्देश दिए कि ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे यह कार्य ऑटो मोड पर हो सके। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नागरिकों को सुगम और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इससे अतिरिक्त, चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, नक्शा और रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में रोवर से पैमाइश के लिए रोवर की खरीद ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग कराने तथा प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए फ्रेमवर्क को तैयार किया जाए। जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश को पूर्ण करने के लिए ट्रेनिंग हेतु इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई का सहयोग भी लिया जा सकता है। कार्यों की प्रगति में लाएं तेजी, उन्हें शत प्रतिशत समय से पूरा करने पर करें फोकस मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति में तेजी लाते हुए उन्हें शत प्रतिशत पूर्ण करने पर फोकस करें। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए। विभागीय निगरानी सरल हो और इसका लाभ आमजन को मिले। धारा 80 के अन्तर्गत भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए राजस्व परिषद के स्तर पर कॉल सेंटर जैसी प्रणाली की जाए विकसित। *तकनीकी रूप से पारदर्शी व्यवस्था हो सुनिश्चित* मुख्यमंत्री ने चकबंदी प्रक्रिया में तकनीकी के प्रयोग और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लम्बित प्रकरणों का समाधान तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाय। उन्होंने आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसी शासकीय सेवाओं सेवा को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्थाओं का सुचारू प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तथा कंबल वितरण को लेकर राजस्व विभाग को कार्यप्रणाली में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्यों को मिशन मोड में युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों में लगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों/स्मारकों को सुरक्षित करने के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने लेखपालों को पंचायत भवनों में अपना कार्यालय बनाकर जनसमस्याओं के निस्तारण करने के निर्देश दिए ल। मुख्यमंत्री जी ने जनपद स्तर पर एकीकृत बहुमंजली कार्यालय का निर्माण हो, जहां जिलाधिकारी के साथ साथ समस्त जनपदीय कार्यालय उसमें समाहित हों।
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा नगर पंचायत के चिंतामण चक गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में चेवाड़ा थाने में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस घटना में एक युवक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। चेवाड़ा थाना प्रभारी देव कुमार ने बताया कि चिंतामण चक गांव में आपसी विवाद के कारण यह मारपीट हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के आवेदन पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिंतामण चक गांव निवासी डब्लू कुमार को गिरफ्तार किया। उसे शुक्रवार शाम करीब 5 बजे न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष के अनुसार, एक पक्ष से रामदेव महतो ने कुल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इनमें अरुण कुमार, बाल्मीकि यादव, बलराम कुमार, कौशल कुमार, विजय यादव, डब्लू यादव, महेश यादव और हरेराम यादव शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सावित्री देवी ने दस लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस सूची में संतोष कुमार, कुंदन महतो, रामदेव महतो, निशा कुमारी, प्रमिला देवी, मनोज महतो, सरस्वतिया देवी, सत्यम कुमार, कपिल महतो और सिंटू कुमार के नाम हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
बड़वानी जिले के बरुफाटक नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को तेज रफ्तार ट्राले और बाइक की भिड़ंत में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया। जैसे ही दुर्घटना की खबर फैली, मृतका के परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। गुस्से में आए लोगों ने नेशनल हाईवे को दोनों ओर से पूरी तरह जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में आग लगा दी। धूं-धूं कर जलते वाहन और हंगामे के कारण हाईवे पर करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस की समझाइश पर माने लोग मामले की जानकारी मिलते ही ठीकरी और राजपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। समझाइश और पंचनामा बनने के बाद लोग जाम खोलने को राजी हुए। इसी बीच ठीकरी से आई फायर फाइटर की टीम ने जलते हुए वाहन की आग पर काबू पाया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को फिर से बहाल किया जा सका। निजी कार्यक्रम से लौट रही थी मृतका हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान ठीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडिया निवासी काली पति ओमकार सस्ते के रूप में हुई है। बाइक पर सवार कालीबाई (50) पति ओंकार सस्ते निवासी कुंडिया बरूफाटक में खरीदीकर रिश्तेदार के साथ गांव जा रही थी। महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ठीकरी भेजा। ठीकरी टीआई नाथूसिंह रंधा और राजपुर टीआई विक्रम सिंह बामनिया ने वाहनों को निकलवाया। करीब 30 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कंटेनर (एमपी 04 जीबी 8027) के चालक ने बाइक को टक्कर मारी। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
सोनभद्र विधायक ने सीएम योगी को दिया निमंत्रण:मुख्यमंत्री ने खेल महाकुंभ में आने का आश्वासन दिया
सोनभद्र सदर विधायक भूपेश चौबे ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को विधायक खेल महाकुंभ में सोनभद्र आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने विधायक का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम में आने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण पत्र स्वीकार करते हुए विधायक भूपेश चौबे को अपने हाथों से खेल की टोपी पहनाई और सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खेल के प्रति विधायक के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनभद्र में हो रहे खेल आयोजन अब देश स्तर पर चर्चा में हैं। उन्होंने विधायक से जनपद के अन्य विकास कार्यों के बारे में भी जानकारी ली।इससे पहले, विधायक भूपेश चौबे ने खेल मंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें खेल महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण सौंपा था। खेल मंत्री ने भी सोनभद्र आने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
जहानाबाद की जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए आम नागरिकों से मानवीय पहल करने की अपील की है। उन्होंने घोषणा की है कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने या उसकी मदद करने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद का 'गोल्डन ऑवर' सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में यदि घायल को तुरंत इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कानून या पुलिस कार्रवाई के डर से पीछे न हटें। सरकार ऐसे मददगारों को कानूनी सुरक्षा भी प्रदान करती है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि हमें सिर्फ राहगीर बनकर नहीं गुजरना चाहिए, बल्कि 'राह-वीर' बनकर किसी की जान बचाने का साहस दिखाना चाहिए। जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है। जिलाधिकारी ने समाज के हर वर्ग से आगे आकर इस जिम्मेदारी को निभाने की अपील की है।
गोरखपुर में रेल पटरियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने निर्णायक कदम उठाया है। अब रेल लाइनों पर न जानवर पहुंच सकेंगे और न ही अनधिकृत रूप से लोगों की आवाजाही होगी। इसके लिए पटरियों के दोनों ओर स्टील की सेफ्टी फेंसिंग लगाई जा रही है। इससे हादसों में कमी आएगी, ट्रेनों का संचालन निर्बाध होगा और रफ्तार भी बढ़ सकेगी। पहले चरण में बाराबंकी-गोरखपुर–छपरा 425 किलोमीटर लंबे मुख्य रेलमार्ग को सेफ्टी फेंसिंग से सुरक्षित किया जा रहा है। अब तक 208 किलोमीटर रेलखंड पर फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है, जिसमें लखनऊ मंडल के 161 किलोमीटर शामिल हैं। आने वाले समय में पूर्वोत्तर रेलवे के अन्य रेलमार्गों पर भी यही व्यवस्था लागू की जाएगी। पशु और मानव दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम रेल पटरियों पर पशुओं के कटने और मानव दुर्घटनाओं की घटनाएं लंबे समय से रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। खासकर कोहरे के मौसम में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है और संचालन प्रभावित होता है। सेफ्टी फेंसिंग के बाद इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। बीते 31 दिसंबर को छपरा-नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से कैंपियरगंज-आनंदनगर के बीच लोहरपुरवा हाल्ट के पास 50 भेड़ों की मौत हो गई थी। इससे पहले 24 दिसंबर को नौतनवा से गोरखपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन से टकराकर एक नीलगाय सहित 10 गोवंशीय पशुओं की जान चली गई थी, जबकि तीन पशु घायल हो गए थे। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण पर भी लगेगा अंकुश सेफ्टी फेंसिंग लगने से न सिर्फ पटरियों पर आवाजाही रुकेगी, बल्कि रेलवे की भूमि पर होने वाले अनावश्यक अतिक्रमण पर भी नियंत्रण लगेगा। इससे ट्रेनों को रास्ते में बार-बार रुकने की समस्या से राहत मिलेगी और समय पालन बेहतर होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टील की सेफ्टी फेंसिंग पूरी होने के बाद ट्रेनों को अनुमन्य गति से चलाया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल वंदे भारत सहित कई सुपरफास्ट ट्रेनें पूर्वोत्तर रेलवे में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल रही हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पटरियों पर पशुओं के आ जाने से ट्रेन संचालन बार-बार प्रभावित होता है। सेफ्टी फेंसिंग लगने के बाद पशुओं और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पूरी तरह रुकेगी। इससे अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगी और ट्रेनें तय गति से बिना बाधा संचालित हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि सेफ्टी फेंसिंग का काम लगातार प्रगति पर है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवती की मौत:संतकबीरनगर में नवीन फल मंडी के पास हुआ हादसा
संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में नवीन फल मंडी के पास शुक्रवार एक सड़क हादसे में युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जब युवती अपने परिजनों के साथ मोटरसाइकिल से गोरखपुर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नवीन फल मंडी के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवती सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और 108 एम्बुलेंस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से घायल युवती को जिला अस्पताल संतकबीरनगर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान बस्ती जनपद के ओडवारा निवासी मनीषा (22) के रूप में हुई है। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में दुख का माहौल छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नवीन फल मंडी के पास तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लहना पंचायत के कचरा भवन में आग:अज्ञात लोगों ने कचरे में लगाई आग, पुलिस जांच में जुटी
शेखपुरा में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अस्थावां–बेलदरिया मार्ग पर स्थित लहना पंचायत के कचरा भवन में अज्ञात लोगों ने कचरे में आग लगा दी। इस घटना में कचरा पूरी तरह जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर करंडे थाना प्रभारी विनय कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कचरा भवन में आग किसने लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कचरा भवन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
नवादा में दरोगा 25 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:अकबरपुर थाने के गेट पर निगरानी विभाग की कार्रवाई
नवादा में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार की टीम ने शुक्रवार को अकबरपुर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक (SI) प्रमोद कुमार पटेल को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी थाना गेट के पास की गई। निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्णा ने बताया कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के वरनामा गांव निवासी विकास कुमार ने पटना स्थित ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अकबरपुर थाना कांड संख्या 484/25 में उनके बहनोई और भांजे को गिरफ्तार न करने तथा केस डायरी में मदद करने के एवज में एसआई प्रमोद कुमार रिश्वत की मांग कर रहे थे। निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन किया शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान आरोपी एसआई द्वारा रिश्वत मांगे जाने के ठोस सबूत मिले। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या 02/26 दर्ज किया गया। विशेष टीम का गठन कर जाल बिछाया गया इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर जाल बिछाया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत, जैसे ही एसआई प्रमोद कुमार ने परिवादी से 25 हजार रुपये रिश्वत ली, निगरानी टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अकबरपुर थाना गेट से गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे पटना के माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, चालू वर्ष में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह दूसरी प्राथमिकी है, जबकि ट्रैप से जुड़ा यह पहला मामला है। इस कार्रवाई में एक अभियुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत बरामद की गई।
गोरखपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के हालिया बयान के आधार पर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति का कहना है कि जब शीर्ष प्रबंधन खुद विद्युत क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार स्वीकार कर रहा है, तो निजीकरण का कोई औचित्य नहीं रह जाता। संघर्ष समिति ने कहा कि नए साल के पहले दिन पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने शक्ति भवन में विद्युत वितरण, पारेषण और उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार होने की बात कही है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में लगातार प्रगति और इस साल नया रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई गई है। ऐसे में निजीकरण का फैसला तर्कसंगत नहीं है। समिति ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत में ही यदि प्रबंधन निजीकरण का निर्णय निरस्त कर देता है, तो बिजली कर्मी दिन-रात मेहनत कर प्रदेश के ऊर्जा निगमों को देश के शीर्ष ऊर्जा निगमों की श्रेणी में पहुंचाने में सक्षम हैं। 2025 में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का हवाला संघर्ष समिति के अनुसार वर्ष 2025 में बिजली कर्मियों ने 31,618 मेगावाट बिजली आपूर्ति कर देश में सर्वाधिक आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया। महाकुंभ के दौरान बिजली व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने में कर्मियों द्वारा किए गए कार्य को भी ऐतिहासिक बताया गया। ऊर्जा मंत्री के बयान भी निजीकरण के खिलाफ समिति ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री कई बार बिजली व्यवस्था में सुधार और बिजली कर्मियों के कार्य की सार्वजनिक रूप से सराहना कर चुके हैं। हाल ही में विधानसभा में ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बिजली के निजीकरण का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। संघर्ष समिति का कहना है कि निजीकरण की प्रक्रिया से ऊर्जा निगमों में अनावश्यक टकराव की स्थिति बनी है और कार्य का वातावरण प्रभावित हुआ है। निजीकरण का निर्णय वापस लेकर ही सकारात्मक कार्य वातावरण बनाया जा सकता है।
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र में नवाबगंज-सरेसा मार्ग पर शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकरा गई। मृतक की पहचान बरुआ निवासी 32 वर्षीय लल्लन पुत्र गुरु प्रसाद के रूप में हुई है। बताया गया कि लल्लन सरेसा क्षेत्र में राजगीरी का काम करता था। वह शुक्रवार सुबह काम के लिए घर से निकला था और देर शाम बाइक से वापस लौट रहा था। बाइक पर तीन लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में घायल हुए अन्य दो युवक सुनील पुत्र छेदीलाल और चन्ना पुत्र पूतु राम, दोनों बरुआ के निवासी हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता है। सूचना मिलने पर अजगैन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त बाइक को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मृतक लल्लन, नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख रोशनी रावत के चाचा छेदीलाल का पुत्र था। हादसे की खबर से गांव और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। लल्लन अपने पीछे पत्नी धन्नो, माता शांति, तीन पुत्र (दीपांशु, प्रियांशु, हिमांशु) और दो पुत्रियां (छाया, हिमांशी) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी लल्लन पर ही थी, जिससे अब उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मामले की विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
अयोध्या में अलग-अलग सड़क हादसों में 6 घायल:2 की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर
अयोध्या में अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में कुल छह लोग घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। पहली घटना लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर रुदौली कोतवाली क्षेत्र में अवधेश सिंह ढाबा के सामने हुई। यहां बालू से लदा एक ट्रक अचानक सड़क पार करते समय सामने आ गया, जिससे एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े युवक को टक्कर मारते हुए आगे निकल गई। भेलसर चौकी प्रभारी मनीष चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। हादसे के समय कार में तीन लोग सवार थे। कार चालक अजय सिंह ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और घायल युवक को तहसीलदार की गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक की पहचान बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के गोकुला गांव निवासी सुशील कुमार पुत्र तेज राम के रूप में हुई है। दूसरी घटना अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर सराय हेमराज के पास बने कट पर हुई। मिल्कीपुर जा रहे बाइक सवार राजकरन यादव को एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायल राजकरन को कुमारगंज स्थित संयुक्त सौ शैय्या चिकित्सालय पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर रेफर कर दिया। तीसरी घटना धर्मगंज के पास हुई, जहां मवेशियों को बचाने के प्रयास में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। दोनों बाइकों पर चालक समेत चार लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक बाइक सवार बल्दीराय थाना क्षेत्र का था, जबकि दूसरा हलियापुर क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के विरोध में शुक्रवार शाम युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिले के कोतमा कॉलरी के मजदूर चौक पर कार्यकर्ताओं ने कैनिबेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की। युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण ही क्षेत्र में जहरीले पानी की सप्लाई हुई। इस प्रशासनिक चूक की वजह से कई महिलाएं, पुरुष और मासूम बच्चे गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए। अब तक 15 मौतों से गुस्सा, जिम्मेदारी तय करने की मांग प्रदर्शन के दौरान जानकारी दी गई कि इस दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस हृदयविदारक घटना के लिए नगर निगम, महापौर, संबंधित वार्ड पार्षद और स्थानीय शासन मंत्री की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी और इस्तीफे की मांग जिला अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा ने घटना को प्रशासनिक असंवेदनशीलता का चरम बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर मासूमों की जान से खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले के सभी दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने को कहा।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में गंगा किनारे एक मृत डॉल्फिन मिली है। यह डॉल्फिन लगभग 10 फीट लंबी और विलुप्त प्रजाति की बताई जा रही है, जिसका अनुमानित वजन 350 किलोग्राम है। वन विभाग ने शव को कब्जे में ले लिया है। स्थानीय नाविकों ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे गंगा नदी में एक बड़ी मछली को तैरते हुए देखा। उसे बाहर निकालने पर पता चला कि यह एक डॉल्फिन थी। नाविकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डॉल्फिन का शव 2 से 3 दिन पुराना प्रतीत होता है। उसकी स्थिति को देखते हुए, कुछ स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने दूषित गंगा जल को उसकी मौत का संभावित कारण बताया है। हालांकि, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा। केंद्र सरकार ने भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। इसे स्थानीय स्तर पर 'जलपरी' भी कहा जाता है। गंगा नदी में डॉल्फिन की उपस्थिति को 'मिशन क्लीन गंगा' की सफलता का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। डॉल्फिन की औसत आयु लगभग 28 वर्ष होती है।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित बांधा-कपिलधारा मार्ग स्थित अमरकंटक रिसॉर्ट में शुक्रवार को एक युवती का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना रिसॉर्ट प्रबंधक ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव उतारा और पीएम के लिए अमरकंटक भेजा। थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया कि अमरकंटक रिसोर्ट के मैनेजर प्रकाश पांडे ने थाने में सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि एक जनवरी को रिसोर्ट के कमरा नंबर 4 में एक युवती किराए पर ठहरी हुई थी, जिसका शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला है। यूपी की निवासी थी युवती की पहचान कंचन कुमारी पिता महेश चंद्र (19) के रूप में की है। वह कोल, जिला अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश) की निवासी थी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब रिसोर्ट स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद शंका होने पर उसने खिड़की से झांककर देखा, जहां युवती कमरे के सीलिंग फैन में दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटकी हुई दिखाई दी। घटना की सूचना तत्काल अमरकंटक थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंची, इसके बाद दरवाजा तोड़कर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाया। थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया- युवती ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों के आने पर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई:मिलावटखोरों पर 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया
नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी और लैब में नमूने फेल पाए जाने के बाद की गई। नववर्ष के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन दिनों तक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान जिले के कई प्रतिष्ठित रेस्तरांं पर भी कार्रवाई की गई। विभाग ने 30 स्थानों से नमूने एकत्र कर लैब भेजे और 40 लोगों को नोटिस जारी किए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त सर्वेश कुमार ने बताया कि अप्रैल 2024 से 30 नवंबर तक की गई छापेमारी में कुल 128 मामलों में यह जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि कई प्रतिष्ठित संस्थानों से लिए गए नमूने फेल पाए गए थे, जिसके बाद वाद दायर कर कुल 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। छापेमारी के दौरान जिले में दूध, पनीर, मोमोज की चटनी और घी जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दोहराया कि मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार छापेमारी और जुर्माने की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत:पत्नी-बच्चों को ससुराल छोड़ने गया था, घर लौटते वक्त हादसा
खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 107 पर शुक्रवार रात करीब नौ बजे एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनवर्षा घाट निवासी महाराना प्रताप के 35 वर्षीय पुत्र रामानंद उर्फ साजन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि रामानंद अपनी पत्नी और बच्चों को अपने ससुराल नीरपुर गांव छोड़कर अपने घर लौट रहा था। देवका गांव के समीप अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने चौथम थाना को दी। सूचना मिलते ही गश्ती दल में तैनात एसआई संतोष कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घायल को इलाज के लिए चौथम सीएचसी ले जाया गया, जहां मौजूद डॉ. पंकज कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। रामानंद अपने गांव सोनवर्षा घाट में एक दवा दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। सात वर्ष पूर्व उसकी शादी नीरपुर की प्रीति कुमारी से हुई थी। उसके छह साल का एक बेटा और चार साल की एक बेटी है। चौथम थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खगड़िया में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:पेट्रोल पंप पर करता था काम, घरेलू विवाद की आशंका
खगड़िया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में शुक्रवार को एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान बेगूसराय के मटिहानी गांव निवासी 38 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने अपने खेतों की ओर जाते समय सोनवर्षा गांव स्थित एक घेराबंदी किए हुए खेत के अंदर आम के पेड़ से एक व्यक्ति को फंदे से लटका देखा। इस दृश्य को देखकर उन्होंने तत्काल मुफ्फसिल थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक धर्मेंद्र कुमार पिछले कुछ समय से अपने ससुराल सोनवर्षा गांव में ही रह रहा था। वह खगड़िया स्थित जुबली पेट्रोल पंप पर कार्यरत था और रोजाना यहीं से काम पर जाता था। घटना का संबंध घरेलू विवाद से होने की आशंका स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक का व्यवहार सामान्य था, हालांकि पारिवारिक स्तर पर कुछ तनाव की बातें सामने आ रही हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना का संबंध घरेलू विवाद से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी पुष्टि गहन जांच और FSL टीम की वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद ही की जा सकेगी।
मथुरा में सरकारी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई:महावन एसडीएम के पेशकार निलंबित, एसडीएम को कारण बताओ नोटिस
मथुरा में सरकारी कार्यों में लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की है। महावन उपजिलाधिकारी के पेशकार महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जिलाधिकारी सीपी सिंह ने एसडीएम महावन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। बताया गया है कि तहसील महावन के एसडीएम कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर वकीलों द्वारा लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। वकीलों का आरोप था कि इन गतिविधियों में एसडीएम के पेशकार महेंद्र सिंह की प्रमुख भूमिका रही है। यह मामला मथुरा बार एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में भी जिलाधिकारी के समक्ष उठाया गया था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 19 नवंबर को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए महावन एसडीएम के पेशकार महेंद्र सिंह को गोवर्धन एसडीएम कार्यालय स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। गोवर्धन के पेशकार को महावन एसडीएम कार्यालय भेजा गया था। हालांकि, आरोप है कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद एसडीएम महावन ने पेशकार महेंद्र सिंह को लंबे समय तक कार्यमुक्त नहीं किया। जब इस लापरवाही की जानकारी जिलाधिकारी को मिली, तो उन्होंने एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पेशकार को औपचारिक रूप से कार्यमुक्त किया गया। इसके बावजूद, महेंद्र सिंह ने गोवर्धन में कार्यभार ग्रहण नहीं किया और महावन में ही रहकर एसडीएम कार्यालय के कार्यों का निपटारा करता रहा। कुछ वकीलों ने सीधे जिलाधिकारी को इसकी सूचना दी, जिससे वे बेहद नाराज हो गए। तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया और उनकी संपत्ति की जांच के आदेश एडीएम (प्रशासन) अमरेश कुमार को सौंप दिए। वहीं, एसडीएम महावन कंचन गुप्ता से भी पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुस्तफापुर में 900 सेफ्टी अवैध बालू जब्त:माइनिंग टीम ने की कार्रवाई, 12 लाख का जुर्माना लगेगा
भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार शाम माइनिंग टीम और जगदीशपुर थाना पुलिस ने चंबा टोली मुस्तफापुर के पास अवैध रूप से डंप किए गए करीब 900 सेफ्टी बालू को जब्त किया। इस कार्रवाई में लगभग 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही माइनिंग विभाग की टीम और थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में संयुक्त छापेमारी की गई। मौके पर किसी भी व्यक्ति द्वारा बालू डंप करने का कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बालू को जब्त कर लिया गया। इस छापेमारी में खान निरीक्षक मिथुन कुमार, अपूर्व सिंह और जगदीशपुर थाना अध्यक्ष अभय शंकर मौजूद थे। थाना प्रभारी अभय शंकर ने बताया कि अवैध बालू डंप करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है। खान निरीक्षक मिथुन कुमार ने जानकारी दी कि जब्त बालू की अनुमानित कीमत के आधार पर करीब 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जब्त बालू को वहां से हटाकर नजदीकी घाट के संवेदक अर्चना सिंह को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध बालू कारोबारियों पर नकेल कसी गई है।
माउंट आबू-आबूरोड मार्ग पर एक गहरी खाई में आज एक युवक का शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर माउंट आबू पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी दलपत सिंह ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद, नगर पालिका के आपदा दल को सूचित किया गया। पालिका अधिकारी राज किशोर शर्मा के निर्देश पर आपदा दल के कार्मिक अल्केश गोयर, समाजसेवी राजकुमार परमार और अन्य संगठनों के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर शव को खाई से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। पुलिस और इन सभी की मदद से मृत युवक के शव को गहरी खाई से निकाला गया। शव को राजकीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने मृतक की पहचान प्रशांत शाह (35), निवासी धंधूका, गुजरात के रूप में की है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है, जो माउंट आबू के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रशांत शाह कल गुजरात से माउंट आबू घूमने आए थे। उनकी एक्टिवा सड़क पर मिली थी, जिसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी थी। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद लोगों से मिली सूचना के आधार पर टीम को खाई में युवक का शव मिला। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
पन्ना जिले की सिमरिया पुलिस ने राहगीरों को डरा-धमकाकर लूटपाट करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर छतरपुर जिले में हत्या के प्रयास और लूट जैसे 24 से अधिक केस पहले से ही दर्ज हैं। लूट की यह वारदात सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम साटाबुद्ध सिंह में हुई। आरोपी हर्ष सिंह उर्फ 'सिक्सर' और राज उर्फ इन्द्रजीत ने सत्यव्रत तिवारी नामक व्यक्ति को रास्ते में रोका। बदमाशों ने फरियादी के साथ अभद्रता की और कट्टा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए 'शराब पार्टी' के लिए पैसों की मांग की। विरोध करने पर उन्होंने जबरन फरियादी का मोबाइल फोन और नगदी छीन ली। घेराबंदी कर पशु अस्पताल के पास से पकड़े गए आरोपी पुलिस को गुरुवार रात सटीक सूचना मिली कि दोनों बदमाश सिमरिया के पशु अस्पताल के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने बिना देरी किए घेराबंदी की और हर्ष सिंह उर्फ सिक्सर (निवासी सिमरिया) और राज उर्फ इन्द्रजीत सिंह (निवासी दमोह) को गिरफ्तार कर लिया। लोडेड कट्टा, मोबाइल और पल्सर बाइक जब्त पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली तो मुख्य आरोपी 'सिक्सर' के पास से 315 बोर का एक लोडेड देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर 220cc बाइक और फरियादी का लूटा हुआ मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और जिले में गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गोपालगंज में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 67वें अधिवेशन में शामिल होने के लिए वे मिंज स्टेडियम पहुंचेंगे। भीड़ की आशंका को देखते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक विभिन्न सड़कों पर वाहनों का परिचालन डायवर्ट किया गया है। यातायात डीएसपी सोमेश मिश्रा ने बताया कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इस अवधि में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। उन्होंने सुरक्षा कारणों से आम जनता से अपील की है कि वे इन मार्गों पर अपने वाहनों के साथ जाने से बचें। यातायात परिचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा सिवान से गोपालगंज आने वाले सभी वाहन जिगना ढाला मीरगंज, मरछिया देवी चौक, सबेया, लाइन बाजार, श्यापुर बाजार और बघउच बाजार होते हुए कुचायकोट की ओर जाएंगे। इसी प्रकार, गोपालगंज से सिवान की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को कुचायकोट के रास्ते मीरगंज होते हुए भेजा जाएगा। बंजारी मोड़, पोस्ट ऑफिस चौक और मौनिया चौक पर यातायात परिचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी मोटर वाहन अंबेडकर चौक से होते हुए अरार मोड़, हजियापुर और जादोपुर जा सकते हैं। महम्मदपुर की तरफ से गोपालगंज शहर में आने वाले वाहन अरार मोड़ होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेंगे। इस दौरान पुलिस और आपातकालीन सेवाओं वाले वाहनों के लिए यातायात परिचालन सामान्य रहेगा।
रामानुजगंज पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि जान-पहचान के युवक उमेश सिंह ने उसे शादी का झांसा दिया और 27 अक्टूबर 2025 की रात उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद भी वह बीच-बीच में मौका देखकर संबंध बनाता रहा। पति को देख भागा आरोपी पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 1 जनवरी 2026 को उमेश सिंह ने रामानुजगंज बस स्टैंड के पास उससे जबरदस्ती बात करने की कोशिश की थी। जब पीड़िता के पति वहां आए, तो आरोपी उन्हें देखकर भाग गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना रामानुजगंज में दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर आरोपी को भेजा जेल जांच के दौरान, पुलिस को आरोपी उमेश सिंह (30 वर्ष), पिता भागी सिंह, निवासी गम्हरिया, चौकी विजयनगर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस सफल कार्रवाई में थाना रामानुजगंज से उपनिरीक्षक निर्मल राजवाड़े, उपनिरीक्षक बृजमोहन गुप्ता, महिला प्रधान आरक्षक मनीषा तिग्गा और महिला आरक्षक जगरानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मधुबनी के इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 48वीं वाहिनी ने शुक्रवार को एक युवक को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जयनगर थाना क्षेत्र में की गई। गुप्त सूचना के आधार पर, बाह्य सीमा चौकी बेतौन्हा और समवाय मुख्यालय कमला की संयुक्त रेड टीम ने शुक्रवार दोपहर धोली टोल, वार्ड संख्या-03, कमलाबाड़ी स्थित एक मुर्गी फार्म पर छापा मारा। हथियार के साथ मोबाइल बरामद छापेमारी के दौरान टीम ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पिलर संख्या 268/13 से लगभग एक किलोमीटर भारतीय क्षेत्र में स्थित इस स्थान से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस (08mm KF-92) और एक सैमसंग की-पैड मोबाइल फोन बरामद किया। मौके से गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जयनगर थाना के कमलाबारी धोली टोल, वार्ड संख्या-03 निवासी के रूप में हुई है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए यह हथियार रखा हुआ था प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अभियुक्त ने बिना किसी वैध लाइसेंस के व्यक्तिगत उपयोग के लिए यह हथियार रखा हुआ था। बरामद हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जयनगर पुलिस को सौंप दिया गया है। शामिल जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की एसएसबी कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने इस अभियान में शामिल जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कमांडेंट भंडारी ने यह भी जोड़ा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के विरुद्ध बल की कार्रवाई आगे भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगी। यह कार्रवाई सशस्त्र सीमा बल की सजगता और अपराध नियंत्रण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में भारत के पहले सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ (ADGHS) ने सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) के तहत स्थापित इस क्लिनिक का शुभारंभ किया। यह AI क्लिनिक उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर सेंटर के माध्यम से शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य AI आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में अपने समाधान विकसित करने, परीक्षण करने और सत्यापित करने का अवसर प्रदान करना है। ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम में देश-विदेश से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें डॉक्टर, AI स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल थे। इस अवसर पर औषधि विभाग (मेडिकल डिवाइसेज़), भारत सरकार के संयुक्त सचिव भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को चिकित्सा उपकरणों और AI आधारित स्वास्थ्य समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बताया। GIMS के निदेशक और बाल रोग विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर और पहुँच प्रदान करेगी। उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताया, जिससे नवाचार सीधे मरीजों और चिकित्सकों तक पहुँच सके। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार मणिकम, लीड कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक रेडियोलॉजी, एसेक्स NHS ट्रस्ट, लंदन (यूके) सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने भाग लिया। IIT कानपुर, IIT मद्रास और IIIT लखनऊ जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों की भागीदारी ने आयोजन को बहु-विषयक और वैश्विक स्वरूप दिया। प्रतिभागियों ने सार्वजनिक अस्पताल में ऐसी AI पहल शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शिता की सराहना की और इसे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया। ऑनलाइन उद्घाटन के बाद, 6 जनवरी को प्रस्तावित भौतिक (फिजिकल) लॉन्च को लेकर स्टार्टअप्स और चिकित्सकों में खास उत्साह देखा जा रहा है। AI क्लिनिक का उद्देश्य क्लिनिकल AI, मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, वर्कफ़्लो ऑप्टिमाइज़ेशन, पेशेंट सेफ्टी और डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) ने शुक्रवार शाम हिसार की नई सब्जी मंडी में चल रहे अवैध शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। मंडी के भीतर एक झुग्गी को शराब के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे यहाँ आने वाले नागरिकों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। जांच में सामने आया कि सब्जी मंडी जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। शराबियों के जमावड़े के कारण मंडी में आने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। रिंकू पंडित के लिए काम करता था आरोपी रेड के दौरान मौके से प्रेम कुमार (निवासी श्यामलाल ढाणी) को काबू किया गया। तलाशी में भारी मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब की भरी और खाली बोतलें बरामद हुईं। पकड़े गए आरोपी प्रेम कुमार ने कबूल किया कि वह रिंकू पंडित नामक व्यक्ति के इशारे पर यहाँ शराब बेचता था, जिसके बदले उसे कमीशन या पैसे मिलते थे। बिना लाइसेंस चल रहा था धंधा, मुकदमा दर्ज आबकारी एवं कराधान विभाग की एईटीओ सुमन देवी और आबकारी निरीक्षक अशोक कुमार ने पुष्टि की कि आरोपियों के पास शराब बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर एचटीएम थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी रिंकू पंडित की तलाश शुरू कर दी है।
हनुमानगढ़ जंक्शन में राजीव चौक के पास देर रात एक स्लीपर कोच बस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे बस में धुआं उठने लगा और यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही जंक्शन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशामक यंत्र की मदद से हल्की आग पर तुरंत काबू पा लिया। यह स्लीपर कोच बस गंगानगर से हरिद्वार जा रही थी। बस में सवार यात्रियों ने अचानक धुआं उठता देखा, जिसके बाद ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे रोक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को दूसरी बस में स्थानांतरित किया गया, ताकि उनकी यात्रा बाधित न हो। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण वायरिंग में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
खाटूश्यामजी में नए साल के मौके पर भक्तों की भीड़ के बीच दो दुकानदारों में लड़ाई हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों दुकानदार खाटूश्यामजी गांव में प्रसाद की दुकान लगाते हैं। प्रसाद बेचने की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। मामला गुरुवार रात का है। पुलिस ने मामले में दोनों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। हालांकि घटना को लेकर अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पहले देखें PHOTOS घटना खाटूश्यामजी में लखदातार ग्राउंड के पास की है। यहां आमने-सामने प्रसाद की दुकान लगाने वाले दो दुकानदारों के बीच प्रसाद बेचने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान वहां से गुजर रहे भक्त दहशत में आ गए। हालांकि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों दुकानदारों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। थानाधिकारी पवन कुमार चौबे ने कहा- मामले में दोनों लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। मामले में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
मुंगेर में बंद कमरे में चार लोग बेहोश:पुलिस ने शीशा तोड़कर बचाया, हीटर से निकली गैस बनी वजह
मुंगेर में 31 दिसंबर की देर शाम एक बंद कमरे में हीटर से निकली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए घर का शीशा तोड़कर उन्हें बचाया और सदर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सबको बाहर निकाला यह घटना कासिम बाजार थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली कि एक घर का दरवाजा काफी देर से बंद है और अंदर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। सूचना देने वाले ने बताया कि कमरे में चार लोग रहते हैं और आशंका है कि उन्हें कुछ हो गया है। सूचना मिलते ही कासिम बाजार थाना की 112 पुलिस टीम पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। इसके दस मिनट के अंदर थानाध्यक्ष रुबीकांत कच्छप भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पहले अंदर से बंद दरवाजे को खोलने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं खुला, तो सीढ़ी की मदद से घर में लगे शीशे को तोड़ा गया। शीशे के रास्ते अंदर प्रवेश करने पर पुलिस ने देखा कि चारों लोग बेहोशी की हालत में पड़े थे। गैस के कारण दम घुटने से चारों हो गए थे बेहोश पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कमरे के अंदर एक हीटर जल रहा था, जिसका फिलामेंट टूटा हुआ था। इससे निकली गैस के कारण दम घुटने से चारों बेहोश हो गए थे। पुलिस ने तुरंत अंदर से दरवाजा खोला और बेहोश पड़े चारों व्यक्तियों को आनन-फानन में मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के आधे घंटे बाद सभी की हालत स्थिर हो गई और वे स्वस्थ महसूस करने लगे। बेहोश होने वालों में होम्योपैथिक चिकित्सक चंद्रशेखर साहु, उनकी पत्नी रीता देवी, पुत्र होम्योपैथिक चिकित्सक रितेश कुमार और पुत्रवधू होम्योपैथिक चिकित्सक प्रीति कुमारी शामिल थे। स्वस्थ होने के बाद सभी शुक्रवार सुबह अपने घर लौट गए और मुंगेर पुलिस का धन्यवाद किया। वहीं एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पुलिस के द्वारा जो कम समय में जल्दबाजी कर एक परिवार के चार लोगों की जान बचाई गर्द इस कार्य में लगे सभी पुलिस जवान के साथ थानाध्यक्ष को रिवार्ड दिया जाएगा।
कपूरथला शहर के बाहरी क्षेत्र में एक धार्मिक डेरे के पास ईसाई समुदाय के एक व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर सोमवार शाम विवाद हो गया। इस दौरान दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह, सिटी थाना पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम मौके पर पहुंचे और माहौल को शांत किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शव को किसी अन्य स्थान पर दफना कर मामला सुलझाया गया। दोनों पक्षों ने जमीन पर किया दावा जानकारी के अनुसार, ईसाई समुदाय के लोग अपने एक सदस्य के शव को दफनाने के लिए एक धार्मिक स्थल पर पहुंचे थे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें शव दफनाने से रोक दिया। ईसाई समुदाय का दावा था कि जिस जमीन पर वे शव दफना रहे थे, वह जमीन उनके खोजेवाल चर्च द्वारा खरीदी गई थी। वहीं, दूसरे पक्ष के लोगों का दावा था कि वह जमीन उनकी निजी संपत्ति है। शव को किसी अन्य स्थान पर दफनाया इसी बीच, कपूरथला की एसडीएम इरविन कौर, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन की ओर से डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह, सिटी थाना और कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को काफी देर तक समझाया, जिसके बाद विवाद शांत हुआ। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ईसाई समुदाय के लोगों ने शव को किसी अन्य स्थान पर दफना दिया।
पीएम आवास योजना में धांधली, प्रधान के अधिकार सीज:महराजगंज में सचिव के निलंबन की संस्तुति
महराजगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अनियमितताओं के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मिठौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरखोड़ा में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने ग्राम प्रधान अनीता देवी के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी चंद्रप्रकाश गुप्ता के निलंबन की संस्तुति भी कर दी गई है। इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है। मामला ग्राम पंचायत हरखोड़ा के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रकाश में आया। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के निर्देश पर कराई गई जांच में जिला कृषि अधिकारी द्वारा नौ प्रधानमंत्री आवासों का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच आख्या में चार लाभार्थियों सुमन वर्मा, अमरावती, त्रिभुवन और रमनी को अपात्र पाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि इन लाभार्थियों के पास पहले से पक्के मकान मौजूद थे, इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीनों किस्तों में प्रति लाभार्थी 1.20 लाख रुपए की धनराशि जारी कर दी गई। इस प्रकार कुल 4.80 लाख रुपए का अनुचित लाभ वितरित किया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लाभार्थियों के चयन में शासन द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह विफल रही। ग्राम प्रधान अनीता देवी और तत्कालीन सचिव चंद्रप्रकाश गुप्ता द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को प्रशासन ने असंतोषजनक मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया है। इससे पूर्व प्रशासन द्वारा अपात्र लाभार्थियों से आवास की धनराशि की वसूली के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। मामले में आगे की कार्रवाई प्रचलित है।
मथुरा में 2 बाइक चोर गिरफ्तार:6 मोटरसाइकिलें बरामद, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मथुरा के राया थाना क्षेत्र में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए राया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोह को बड़ा झटका लगा है। थाना प्रभारी निरीक्षक रविभूषण शर्मा अपनी टीम के साथ जयपुर-बरेली हाईवे पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बल्देव कट के पास एक अपाचे बाइक पर सवार दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर बाइक के कागजात मांगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस की सख्ती से पूछताछ में बाइक चोरी का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गेंयरा निवासी अमित पुत्र गिरवर और जोगपुरा निवासी विकास पुत्र वीरपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से कुल छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें से एक मोटरसाइकिल के संबंध में राया थाने में पहले से चोरी का मुकदमा दर्ज था। सीओ महावन संजीव कुमार राय ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि उन्होंने मथुरा और आसपास के अन्य थाना क्षेत्रों में कहां-कहां चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही, इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के आधार पर आगे और भी खुलासे होने की संभावना है। राया पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
सीबीआई की टीम ने आज बेगूसराय में छापेमारी की है। टीम आज दो लग्जरी गाड़ी से अचानक बलिया इलाके में पहुंची और जामा मस्जिद के पास स्थानीय मो. हासिर खुर्शीद से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। इनके घर पर छापेमारी हुई और सीबीआई की टीम को महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं। हालांकि, टीम ने कागजात के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया है। हालांकि, ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। इंस्पेक्टर रविरंजन के नेतृत्व में सीबीआई की टीम आज बलिया थाना पहुंची। इसके बाद स्थानीय पुलिस को साथ लेकर बलिया थाना क्षेत्र के ऊपर टोला वार्ड नंबर-8 में जामा मस्जिद के पास स्थित मो. खुर्शीद अनवर के घर पर पहुंची। मो.खुर्शीद अनवर के बेटे मो. हासिर खुर्शीद से पूछताछ की गई है। सीबीआई की टीम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगातार पूछताछ करती रही। इस दौरान न तो कोई अंदर से बाहर आया और न ही किसी को बाहर से अंदर जाने दिया गया था। कागजात को साथ ले गई टीम सीबीआई को घर से कुछ महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं, जिसे टीम साथ ले गई है। टीम ने छापेमारी के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार मो. हासिर खुर्शीद बाहर रहता है और विदेश से उसका कनेक्शन है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े 2023 और 2025 के मामले में पूछताछ हुई है। सीबीआई ने इसको लेकर हासिर खुर्शीद पर 31 दिसंबर को मामला दर्ज किया है। इसके बाद आज छापेमारी की गई। इस दौरान बलिया पुलिस लगातार सुरक्षा में तैनात रही। पहली बार सीबीआई ने यहां इस तरह की छापेमारी की है।
पंजाब के मोहाली जिले में जमीन हड़पने की कथित साजिश के बीच एक बुजुर्ग की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगे हैं, जिसके बाद एसएसपी मोहाली के आदेश पर एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दी गई। पीड़ित परिवार के अनुसार, खरड़ निवासी बहादुर सिंह लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और पीजीआई चंडीगढ़ में डायलिसिस पर थे। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। परिवार का आरोप है कि साल 2024 के अंत में मनप्रीत कौर नामक एक महिला उनके संपर्क में आई। उसने भावनात्मक रूप से नजदीकियां बढ़ाकर परिवार का विश्वास जीत लिया। 21 मार्च 2025 को मनजीत कौर को यह कहकर गाड़ी में बैठाया गया कि केवल फोटो और दस्तखत कराने हैं। आरोप है कि इसी दौरान धोखे से दो रजिस्ट्रियां करवा ली गईं। इनमें गांव घड़ुआं की 6 बीघा 14 बिस्वा जमीन और गांव पीर सोहाणा की 3 कनाल 1 मरला जमीन शामिल है, जो मनजिंदर सिंह के नाम कर दी गईं। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये मूल्य की इन जमीनों को बेहद कम कीमत पर दिखाया गया और परिवार को पूरा भुगतान भी नहीं मिला। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जमीन हड़पने की साजिश के तहत बहादुर सिंह को थर्मामीटर का पारा (मर्करी) दिया गया। पारा दिए जाने से उनकी हालत और बिगड़ गई और 23 मार्च 2025 को उनकी मौत हो गई। डीएसपी खरड़-1 की जांच में ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। एसएसपी मोहाली के आदेश पर पुलिस ने दिलबर सिंह ढिल्लों, गुरमीत सिंह, दिलेर सिंह, मनप्रीत कौर, धर्मिंदर सिंह उर्फ लक्की, बलजीत सिंह और मनजिंदर सिंह के विरुद्ध धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि रजिस्ट्रियां रद्द की जाएं, मौत की फॉरेंसिक जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
सिरोही के कांडला राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रोला की चपेट में आने से स्कूटी सवार तीन युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोयली चौराहे के पास हुई। जानकारी के अनुसार, भाटकड़ा निवासी धानी, आशा और भूमिका शुक्रवार देर शाम करीब 7:00 बजे अपनी स्कूटी पर सवार होकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान, एक तेज रफ्तार ट्रोला ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद दशरथ कुमार ने एक ऑटो के जरिए तीनों को सिरोही के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण धानी की मौत हो चुकी थी। अस्पताल में मौजूद लोगों ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल और ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से भाग रहे ट्रोला का पीछा कर उसे रुकवाया और पुलिस लाइन में खड़ा करवा दिया। क्षतिग्रस्त स्कूटी को कोतवाली थाने ले जाया गया है। थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नए साल के बाद मथुरा में भीषण जाम:बीएसए कॉलेज रोड पर एंबुलेंस फंसी, श्रद्धालु परेशान
मथुरा में नववर्ष का उत्सव समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की वापसी तेज हो गई है। इसी कारण शुक्रवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी यातायात दबाव देखा गया। विशेष रूप से जिला मुख्यालय रोड पर दिनभर भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे स्थानीय नागरिकों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई बार यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिसमें एक गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार प्रयास करते रहे। हालांकि, वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण उन्हें व्यवस्था बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वृंदावन और मथुरा के प्रमुख मंदिरों में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि दर्शन के दौरान उन्हें आध्यात्मिक शांति मिली, लेकिन वापसी के समय लगा जाम उनकी यात्रा का सबसे मुश्किल अनुभव बन गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नववर्ष से पहले ही नहीं, बल्कि नववर्ष के बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि हर पर्व और भीड़ के समय ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है। यातायात के लिए न तो कोई ठोस योजना है और न ही वैकल्पिक मार्गों की प्रभावी व्यवस्था। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को राहत मिल सके।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा अपने एक दिवसीय दौरे पर देर रात गोंडा जिले पहुंचे जहां उन्होंने नंदिनी माता मंदिर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद करण भूषण सिंह के साथ पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया है। इस दौरान सांसद करण भूषण सिंह ने मंत्री शर्मा को नंदिनी माता मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मंत्री ने सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज से भी मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें फलदान किया। मीडिया से बातचीत के दौरान, मंत्री शर्मा ने मौलाना साजिद रशीदी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें रशीदी ने 'जबरन वंदे मातरम बुलवाने वालों को आतंकवादी' कहा था। मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का विषय आज का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को यह निर्णय लिया था कि 'जन गण मन' राष्ट्रगान होगा और 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत होगा। मंत्री ने पहले भी कहा था कि जहां राष्ट्रगान देश की भौगोलिक सीमाओं का वर्णन करता है, वहीं राष्ट्रगीत माँ भारती के वैभव और वात्सल्य का वर्णन करता है। मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि जो भी इसकी शिकायत कर रहा है या इसमें रुकावट डालने की कोशिश कर रहा है, उसे देशहित में कुछ न कुछ करके यहां से बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत भूमि पर रहे और राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत या राष्ट्रध्वज का सम्मान न करे, यह असंभव और अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि ये तीनों (राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज) हमारे देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं, और इनका कोई विकल्प स्वीकार्य नहीं हो सकता। शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिए जाने पर चल रहे विवाद के संबंध में पूछे जाने पर, मंत्री शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार गलत है। उन्होंने इसकी निंदा की और स्पष्ट किया कि हिंदुओं पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। वहीं पहली बार हो रही राष्ट्रकथा के आयोजन को लेकर कहा कि राष्ट्रकथा का मतलब जो मैं समझ रहा हूं कि राष्ट्र निर्माण के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए जो यह कथा हो रही है। उसके लिए मैं सांसद बृजभूषण शरण सिंह को उनके दोनों सुपुत्र सांसद विधायक को, सभी को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं। कि इस पीढ़ी को वर्तमान पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति जाग्रत करने का, उसकी तरफ मोड़ने का और उसके जरिए राष्ट्र निर्माण की भावना पैदा करने का जो यह काम हुआ है। विशेषकर यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भी जीवन को बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। तो सभी मामले में यह कथा बहुत ही विलक्षण है। मैं यहाँ आकर सांसद करण भूषण के परिवार को, नेता जी के परिवार को और उनको और स्वयं रितेश्वर महाराज गुरु जी को नमन करने के लिए आया था। मेरा पूरा मकसद जो है यहाँ आने का सफल हुआ बहुत-बहुत सौभाग्यशाली मैं मानता हूं।
महू के सिविल अस्पताल में एक महिला की एंबुलेंस में डिलीवरी के बाद परिजन से एंबुलेंस साफ करवाई गई है। शुक्रवार को ग्राम भगोरा निवासी गायत्री पति सोहन को डिलीवरी के लिए 108 एंबुलेंस से महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस के भीतर महिला की डिलीवरी हो गई। डॉक्टर्स ने बच्चे की हालत नाजुक बताई और उसे इंदौर रेफर करने की सलाह दी। परिजन से खून साफ करवाया जब अस्पताल के अंदर मां और बच्चे का इलाज चल रहा था, उसी दौरान 108 एंबुलेंस के पायलट और कंपाउंडर ने गायत्री की ननंद पूजा भाटिया से एंबुलेंस साफ करवाई। डिलीवरी के दौरान एंबुलेंस में खून गिर गया था, जिसे साफ करने के लिए परिजन पर दबाव बनाया गया। पोंछा लगवाया पूजा भाटिया ने बताया कि 108 एंबुलेंस के ड्राइवर ने उनसे अस्पताल परिसर से पानी लाने को कहा। इसके बाद, उनसे एंबुलेंस के अंदर गिरे खून को पोंछा लगाकर साफ करवाया गया। परिजन का आरोप है कि बच्चे को इंदौर रेफर किए जाने के बावजूद, 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और कंपाउंडर ने तब तक बच्चे को इंदौर ले जाने से इनकार कर दिया, जब तक एंबुलेंस पूरी तरह साफ नहीं हो गई। एसडीएम ने कही कार्रवाई की बात इस मामले पर महू एसडीएम राकेश परमार ने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है, तो वे अस्पताल प्रभारी से चर्चा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह के कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा खुलेआम तमंचा लहराने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मीनाक्षी रोड का है, जो शहर का एक व्यस्त क्षेत्र माना जाता है। वीडियो में एक युवक सड़क पर बेखौफ होकर दोनों हाथों में तमंचा लहराता नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार युवक नगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
किशनगंज शहर की चूड़ी पट्टी में पुरानी रंजिश और बाइक पार्किंग को लेकर हुए विवाद में दर्जनों युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक युवक घायल हो गया, जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, चूड़ी पट्टी में बाइक खड़ी करने को लेकर दो युवकों में बहस हुई। बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। इसके बाद एक युवक ने अपने साथियों को बुला लिया, जिसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी अपने लोगों को इकट्ठा कर लिया। देखते ही देखते दोनों तरफ से दर्जनों युवक मौके पर जमा हो गए और एक-दूसरे पर हमला करने लगे। मारपीट के दौरान कुछ युवकों ने एक युवक को लात-घूसों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया और घायल युवक को सदर अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। उसने टाउन थाने में मामला दर्ज कराने की बात कही है। हालांकि, पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

