हरियाणा के हांसी में शहीद राजा राव तुलाराम संघर्ष समिति ने विधायक विनोद भयाना के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। विधायक ने चौक से करीब 300 फुट की दूरी पर महाराजा अरुट द्वार बनाने का प्रस्ताव दिया था। रविवार को यादव धर्मशाला में हुई संघर्ष समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शहीद राजा राव तुलाराम द्वार निर्धारित चौक पर ही बनाया जाए। बैठक में विधायक के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि समाज लंबे समय से निर्धारित स्थान पर शहीद राजा राव तुलाराम द्वार बनाने की मांग कर रहा है। इससे हटकर किसी अन्य स्थान पर द्वार निर्माण का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिवानी रोड पर द्वार बनाने के प्रस्ताव को भी समाज ने अस्वीकार कर दिया। 36 बिरादरी के सहयोग से आंदोलन की चेतावनी दी वक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक द्वार के निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं और शहीद राजा राव तुलाराम के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगा और चौक पर ही शहीद राजा राव तुलाराम द्वार बनाया जाना चाहिए। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक विनोद भयाना उनकी मांग पूरी नहीं करते हैं, तो समिति यादव समाज और 36 बिरादरी के सहयोग से आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी। बैठक में समाज के लोगों ने समिति के निर्णय का समर्थन किया और आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।
सतना ढाबे में दर्जनभर युवकों ने किया हमला, VIDEO:शराब के लिए 5 हजार मांगे, विरोध पर कर्मचारी को पीटा
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित आशीर्वाद ढाबे में रविवार रात दर्जनभर से अधिक युवकों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की, एक कर्मचारी के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और नकदी व मोबाइल लेकर फरार हो गए। पूरी घटना ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शराब पीने के लिए मांगे थे 5 हजार रुपए ढाबे के कर्मचारी पुष्पराज दहिया ने पुलिस को बताया कि रविवार रात करीब 9 बजे यश सिंह, कार्तिक सिंह और अरविंद सिंह उर्फ छोटू ढाबे पर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने शराब पीने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की। जब कर्मचारी ने रुपये देने से इनकार किया तो तीनों ने अपने अन्य साथियों रिशु सिंह, आदित्य सिंह सहित करीब दर्जनभर युवकों को मौके पर बुला लिया। लाठी-डंडों से हमला कर किया घायल कुछ ही देर में सभी युवक ढाबे पर पहुंचे और लाठी-डंडों व मुक्कों से कर्मचारी पुष्पराज दहिया पर हमला कर दिया। मारपीट में उसके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि हमले में उसके हाथ-पैर में फ्रैक्चर भी हुआ है। ढाबे में की तोड़फोड़, नकदी और मोबाइल भी ले गए हमलावरों ने ढाबे में रखी कुर्सियां और टेबल तोड़ दिए। आरोप है कि आरोपी टेक्नो कंपनी का एक मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गए। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। घटना की जानकारी ढाबा संचालक एवं लोहरौरा ग्राम पंचायत के प्रधान विकल्प सिंह को दी गई। इसके बाद सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
लखनऊ में सोमवार को नव भारतीय किसान संगठन के बैनर तले विरोध प्रदर्शन। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहीद स्मारक से मंडलायुक्त कार्यालय तक विरोध मार्च निकालकर घेराव और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। किसान इस देश में अन्नदाता है मगर अपने अधिकारों को लेकर जन्नत संघर्ष करता है। जिम्मेदार अधिकारी लगातार नजरअंदाज करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान विधानसभा का घेराव कर महाआंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही किसानों का संपूर्ण कृषि ऋण माफ करने , गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग उठाई। संगठन ने विधवा पेंशन बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी रखी। वहीं बक्शी का तालाब क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कब्जों की जांच कर कार्रवाई, अवैध खनन और भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के साथ पहाड़पुर स्थित ग्लूकोज फैक्ट्री से प्रदूषण फैलाने के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग किया। किसानों ने आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा बक्शी का तालाब महिला थाने को नए भवन में स्थानांतरित करने, छठे मील स्थित निजी सब्जी मंडी को सरकारी भूमि खाली कराकर स्थानांतरित करने साथ ही मुख्यमंत्री से किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की भी मांग किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
जालौन जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब माहिल तालाब में एक बुजुर्ग का शव उतराता हुआ मिला। मृतक की पहचान मुन्ना लाल बाथम के रूप में हुई है, जो उरई के ही रहने वाले हैं, वह रविवार सुबह घर से दूध लेने के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। जानकारी के अनुसार मुन्ना लाल बाथम रविवार सुबह रोजाना की तरह घर से दूध लेने निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद परिजनों ने उरई कोतवाली पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोमवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय लोगों ने माहिल तालाब में एक शव पड़ा देखा। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर उसकी शिनाख्त कराई। परिजनों ने शव की पहचान मुन्ना लाल बाथम के रूप में की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
सीतापुर में शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित चर्चित असरफ मंजिल को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी सोमवार सुबह 12 बजे कार्रवाई शुरू कर दी है। नजूल भूमि पर बने इस परिसर के कब्जेदारों को जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से नोटिस जारी कर कोठी पर चस्पा कराया गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को 10 जुलाई तक जिलाधिकारी न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, करीब 25 बीघा नजूल भूमि पर असरफ मंजिल, फुलवारी और एक मस्जिद स्थित है। इस भूमि का आवंटन वर्ष 1906 में तत्कालीन व्यवस्था के तहत बंगला मुंशी के लिए किया गया था। आरोप है कि लंबे समय से इस भूमि के पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया गया, जिसके चलते प्रशासन ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई शुरू की है। बताया जा रहा है कि इस पूरी संपत्ति की वर्तमान बाजार कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित नव निर्मित जिला अस्पताल के विस्तार और उपयोग के लिए इस भूमि की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से कब्जेदारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सोमवार को प्रशासनिक टीम ने असरफ मंजिल पहुंचकर नोटिस चस्पा किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सदर एसडीएम डॉ. जनार्दन ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है। सभी कब्जेदारों को 10 जुलाई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। न्यायालय के आदेश और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया के तहत जांच कर रहा है।
शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक ग्रामीण महिलाओं और लोगों से बिजली व पानी की समस्या पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उनका एक बयान, मोए वोट नहीं दोगी तो किसको दोगी, भी कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने रोका जानकारी के अनुसार, विधायक प्रीतम लोधी अपने कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण महिलाओं और अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर गांव में लंबे समय से बनी बिजली और पानी की समस्या से अवगत कराया। महिलाओं ने विधायक से कहा कि गांव में न तो बिजली है और न ही पानी। एक महिला ने कहा, ना लाइट और ना पानी, प्यासन मरे जात हैं। दूसरी महिला ने बताया कि गांव में दो-दो महीने तक अंधेरे में रहना पड़ता है और इसी वजह से लोग परेशान हैं। महिलाओं ने कहा- काम होगा तभी मिलेगा वोट ग्रामीण महिलाओं ने विधायक से कहा कि पहले बिजली और पानी की व्यवस्था कराई जाए, तभी वोट मिलेगा। इस पर विधायक ने मुस्कुराते हुए पूछा, फिर कौन को दोगे वोट, मुझे नहीं दोगे तो? इस पर महिलाओं ने जवाब दिया, तुम्हीं को देंगे, लेकिन हमारी लाइट-पानी की व्यवस्था करा दो। इसी बातचीत के दौरान विधायक की गोद में मौजूद एक बच्ची को देखकर उन्होंने कहा, यह हमारी लाडली है। पानी की बोतल दिखाने पर लोगों ने जताई नाराजगी बातचीत के दौरान एक महिला ने कहा, लाडली प्यासी मरू करत। मच्छर खाते हैं, ना सो पाते। इस पर विधायक ने अपनी कार से पानी की बोतल निकालकर महिलाओं की ओर बढ़ाते हुए कहा, “ये लो पानी।” इस पर महिलाओं ने जवाब दिया कि एक बोतल पानी से क्या होगा। वहीं मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले दो महीने से फूंका पड़ा है, जिससे बिजली पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद विधायक ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया और उनका वाहन आगे बढ़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ने दी सफाई वीडियो वायरल होने के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि वे शनिवार को अपनी विधानसभा के दौरे पर थे। इस दौरान महिलाओं और ग्रामीणों ने बिजली और पानी की समस्या बताई थी, जिस पर उन्होंने जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें फिलहाल याद नहीं है कि यह घटना किस गांव की है। बोले- रोज जनता के बीच रहता हूं विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि मैं हर रोज अपनी विधानसभा में लोगों से मिलने जाता हूं। मोदी और लोधी कभी छुट्टी नहीं लेते, रोज जनता के बीच रहकर काम करते हैं। लोगों की समस्याओं का समाधान कराना ही मेरी प्राथमिकता है।
जींद जिले के जुलाना में एसडीएम होशियार सिंह ने सोमवार को कस्बे के मुख्य बाजार का दौरा किया। उन्होंने बरसाती सीजन में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने खुद फावड़ा उठाकर नालों में जमा गंदगी को साफ कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के साथ बाजार की नालियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में मुख्य बाजार में कई दुकानों के आगे पानी जमा हो जाता है। इससे व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। 'सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी' एसडीएम ने कहा कि जलभराव से यातायात प्रभावित होता है और गंदगी फैलने से बीमारियों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि बरसात के दौरान बाजार में कहीं भी पानी जमा न हो और लोगों को असुविधा न हो। एसडीएम ने नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को सभी नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और रुकावटों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को भी नियमित निगरानी और निरीक्षण के आदेश दिए गए।
मोबाइल हैक कर खाते से 1.93 लाख उड़ाए:देवरिया में साइबर ठगों पर मुकदमा दर्ज, अज्ञात आरोपियों पर केस
देवरिया जिले में साइबर ठगों ने एक युवक का मोबाइल हैक कर उसके बैंक खाते से 1.93 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना खुखुंदू थाना क्षेत्र के असना गांव निवासी हिमांशु चतुर्वेदी के साथ हुई। हिमांशु का बैंक ऑफ बड़ौदा की देवरिया स्थित सिविल लाइन शाखा में खाता है। वह वर्तमान में प्रयागराज की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। 1 लाख 93 हजार रुपये निकाल लिए हिमांशु के अनुसार, 9 जून को उनका मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया। फोन ऑन करने पर स्क्रीन खाली थी और वह स्वतः अपडेट होने लगा। अपडेट प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल का सारा डेटा गायब हो गया। इसी दौरान, साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये निकाल लिए। साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा जब हिमांशु ने अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया, तो उन्हें रकम निकाले जाने की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और खुखुंदू थाने में भी तहरीर दी। खुखुंदू पुलिस ने सोमवार को अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस लेनदेन और मोबाइल हैकिंग के तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
झज्जर में सोमवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में रेलवे ट्रैक पार करते समय 48 वर्षीय किसान की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा खेड़ी खुमार फ्लाईओवर के नीचे हुआ। मृतक की पहचान शाहजहांपुर निवासी कृष्ण यादव (48) पुत्र इंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह खेती-बाड़ी का काम करते थे। जानकारी के अनुसार कृष्ण यादव अपने बड़े भाई से मिलने ऑस्कर हॉस्पिटल जा रहे थे। उनके बड़े भाई अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल जाने से पहले वह खेड़ी खुमार स्थित अपने भाई की बेटी के घर खाना खाने गए थे। खाना खाने के बाद जब वह वापस अस्पताल जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी खाटू श्याम की ओर जाने वाली मदार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी के एएसआई राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। हादसे के बाद कुछ देर रुकी ट्रेन, लोगों की लगी भीड़ दुर्घटना के बाद ट्रेन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। ट्रेन में सवार यात्री नीचे उतरकर घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं फ्लाईओवर पर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई लोग मोबाइल फोन से घटना के वीडियो बनाते नजर आए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव जीआरपी ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बिहार के भोजपुर जिले में हाल ही में हुई एक कथित पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में एक युवक की मौत ने देशभर के विप्र समाज गुस्सा है। इस घटना के विरोध में आज 29 जून 2026 को झुंझुनूं जिले में विप्र फाउंडेशन (जोन-1) ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई है। यह है पूरा मामला बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलोटी गांव निवासी भरत तिवारी की 17 जून 2026 को एक कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल है। परिजनों और विप्र समाज का आरोप है कि यह 'मुठभेड़' सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे की परिस्थितियां बेहद संदिग्ध हैं। समाज ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विप्र फाउंडेशन की प्रमुख मांगें जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में विप्र फाउंडेशन ने न्याय के लिए चार मुख्य बिंदु रखे हैं। मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग को सौंपा जाए ताकि 'एनकाउंटर' का सच जनता के सामने आ सके। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई: यदि जांच में पुलिस अधिकारियों या किसी भी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की मांग भरत तिवारी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति देनी चाहिए। पूरे समाज में आक्रोश जिला संयोजक उमाशंकर महमिया और संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया के नेतृत्व में समाज के कई प्रबुद्धजनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक समाज चुप नहीं बैठेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रायबरेली में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने से नाराज दर्जनों किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। तहसील ऊंचाहार के ग्राम रुझिया भीखम शाह के इन किसानों का आरोप है कि बैनामा हुए एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने बताया कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण एक वर्ष पूर्व किया गया था और उन्होंने बैनामा भी कर दिया था। इसके बावजूद, उन्हें आज तक मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस देरी के कारण 40 से अधिक किसान परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सिर्फ गुमराह किया जा रहा पीड़ित किसान हर्षेंद्र कुमार त्रिवेदी ने मीडिया को बताया, एक वर्ष पहले हमारी जमीनों का अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए हुआ था और हमने बैनामा भी कर दिया था। लेकिन मुआवजे का आज तक कोई अता-पता नहीं है। तहसील प्रशासन के अधिकारी लगातार टाल-मटोल कर रहे हैं। जब भी हम जाते हैं, यही कहा जाता है कि फाइल भेज दी गई है और चार दिन में पैसा खाते में आ जाएगा। यह 'चार दिन' कहते-कहते पूरा एक साल बीत गया। किसानों का कहना है कि उनकी फाइलों में न तो कोई कमी बताई जा रही है और न ही भुगतान किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा उन्हें सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। उनकी जमीनें भी चली गईं और पैसे भी नहीं मिले, जिससे वे गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि वे पहले भी न्याय की गुहार लगा चुके हैं। पूर्व में तैनात जिलाधिकारी को भी शिकायती पत्र दिया गया था, लेकिन तब भी सिर्फ आश्वासन ही मिला था। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके खातों में पैसे नहीं आ जाते, तब तक वे किसी भी आश्वासन को स्वीकार नहीं करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़वानी जिले के ग्राम तलून में अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले में चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सोमवार को खाटू श्याम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने पहुंचे सिंह ने इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए राम मंदिर की चोरी की घटना को लेकर आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि चंपत राय और मिश्रा पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। सिंह ने कहा कि अगर लोगों में भगवान राम और सनातन धर्म के प्रति आस्था है, तो वे इस चोरी और लूट को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर कोर्ट जाएंगे उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है और जरूरत पड़ने पर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। सिंह ने कहा कि देश के हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले देशवासी अगर राम जी के प्रति आस्था रखते हैं, तो उन्हें राम जी के घर को जिसने नहीं छोड़ा, उसे नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने इस चोरी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस पर डाली। रियल एस्टेट में उतारा मुख्यमंत्री का परिवार मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सीएम बनने के बाद मोहन यादव ने अपने परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों को बड़े पैमाने पर जमीनों के कारोबार में उतारा है। दिग्विजय सिंह रविवार रात को बड़वानी पहुंचे थे और सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे ग्राम तलून पहुंचे। यहां वे भव्य खाटू श्याम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जिला अध्यक्ष नानेश चौधरी के साथ उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल और विधायक राजन मंडलोई भी मौजूद थे। मंच से दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की अन्य तस्वीरें…
सपा का दिबियापुर में कार्यकर्ता सम्मेलन:मिशन 2027 के लिए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
औरैया के दिबियापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) ने विधानसभा क्षेत्र 203 दिबियापुर का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और मिशन 2027 की तैयारियों पर चर्चा करना था। गिरराज पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र राजपूत ने किया। सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी हमेशा किसानों, युवाओं और गरीबों की आवाज उठाती रही है। जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि सपा ने हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि 'पीडीए परिवार' के माध्यम से हर समाज और वर्ग को संगठन में सम्मानजनक भागीदारी दी गई है। बिधूना विधायक रेखा वर्मा ने महिला सशक्तिकरण और संगठन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया। अन्य वक्ताओं ने भी संगठन की मजबूती और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। सम्मेलन के दौरान विधायक प्रदीप यादव ने विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक अध्यक्षों, नगर अध्यक्षों, जोनल प्रभारियों, सेक्टर प्रभारियों, सेक्टर अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों, बीएलए तथा अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को पगड़ी, अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर इटावा सांसद जितेंद्र दोहरे, एटा सांसद देवेश शाक्य, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रुक्मणी निषाद, पूर्व विधायक मदन गौतम, पूर्व विधायक एल.एस. गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री अतर सिंह नायक, बाबा रामनरेश यादव, इरशाद कुरैशी, राजवीर यादव, अधिवक्ता सुनील दुबे, रिंकू यादव, आशू यादव, ललिता राठौर, हरिशंकर दिवाकर, भारत खन्न, मोनू दिवाकर, राजेश कठेरिया, रश्मि यादव, मधु यादव, स्नेहलता दोहरे, राजनारायण बघेल, श्याम बाबू यादव, बब्लू नायक, राजू पालीवाल, केशराम पाल, रवि राजपूत, पप्पू नेता, नरेंद्र पाल, मनीष कठेरिया सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
पानीपत की गोपाल कॉलोनी से पिछले करीब ढाई महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता दो नाबालिग सगी बहनों के मामले में नया मोड़ आ गया है। सर्व समाज और बैरागी समाज द्वारा सोमवार (29 जून) को जिला लघु सचिवालय पर बड़े आंदोलन और प्रदर्शन की चेतावनी दिए जाने के बाद आखिरकार पानीपत पुलिस प्रशासन की नींद टूटी। पुलिस ने मामले की फाइल तुरंत सीआईए टू (CIA-2) को सौंपी, जिसके बाद सीआईए की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार देर रात दोनों बहनों में से एक नाबालिग लड़की को अंबाला से सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, दूसरी 14 वर्षीय छोटी बहन अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस करती रही बहानेबाजी बैरागी समाज, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने बताया कि दोनों नाबालिग बच्चियां बीते ढाई महीने (15 अप्रैल) से लापता थीं और इस संबंध में संबंधित थाने में गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार थाने के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस हमेशा सिर्फ और सिर्फ बहानेबाजी करती रही। पुलिस की कार्यप्रणाली से थक-हारकर परिवार ने समाज के लोगों से गुहार लगाई। धरना-प्रदर्शन का अल्टीमेटम देते ही केस CIA में ट्रांसफर रविवार 28 जून की सुबह जैसे ही समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार के समर्थन में सोमवार को लघु सचिवालय में विशाल धरना-प्रदर्शन करने का मैसेज और अल्टीमेटम जारी किया, वैसे ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस ने परिवार को फोन कर सूचना दी कि केस की फाइल सीआईए टू स्टाफ को ट्रांसफर कर दी गई है। इसके बाद सीआईए की टीम ने महज कुछ ही घंटों में तत्परता दिखाते हुए रात करीब 10 बजे अंबाला से एक बच्ची को बरामद कर परिजनों को सूचित कर दिया। लापरवाह पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग सोमवार को आंदोलन की पूर्व घोषणा के तहत बैरागी समाज और सर्व समाज के लोग भारी संख्या में इकट्ठा होकर पुराना लघु सचिवालय पहुंचे। हालांकि, सरकारी अवकाश होने के चलते मुख्य पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं मिल सके। प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने कहा कि वे SP का धन्यवाद करने आए थे कि सीआईए-2 को केस सौंपते ही एक बच्ची बरामद हो गई। साथ ही उन्होंने मांग की कि अभी भी लापता 14 वर्षीय दूसरी छोटी बच्ची को जल्द से जल्द तलाश किया जाए। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि जो थाना पुलिस ढाई महीने से पीड़ित परिवार को टरका रही थी और बच्चियों को तलाश करने में कोताही बरत रही थी, उन लापरवाह पुलिसकर्मियों की शिथिलता की जांच कर उन्हें तुरंत दंडित किया जाना चाहिए।
नूरमहल नकोदर बाईपास पर स्थित पुली चौक पर पिछले 6-7 महीनों से मुख्य पुली धंसी हुई है, जो अब एक बड़े और बेहद खतरनाक गड्ढे का रूप ले चुकी है। व्यस्त जालंधर बाईपास मार्ग पर स्थित यह चौक किसी भी समय एक बड़े और भयानक हादसे का सबब बन सकता है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह एक वीआईपी रूट है, जहां से अक्सर विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और सरकार के अन्य आला अफसर गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। यह चौक बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाका है। इसके ठीक सामने सब-तहसील कार्यालय, ऐतिहासिक राम मंदिर और पंजाब सरकार का मोहल्ला क्लीनिक स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज और आम लोग आते हैं। इसके अलावा आसपास कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहती है। इसी मार्ग पर जालंधर और नकोदर जाने वाली सवारियां भी हर समय बस व अन्य वाहनों के इंतजार में खड़ी रहती हैं। खानापूर्ति के लिए लगाईं टाइलें, भारी वाहनों ने खोली पोल स्थानीय लोगों के अनुसार, शुरुआत में यह गड्ढा काफी छोटा था और समय रहते इसकी मामूली मरम्मत की जा सकती थी, लेकिन संबंधित विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। लगभग दो महीने पहले, जब गड्ढे ने विकराल और खतरनाक रूप ले लिया, तो विभाग ने केवल खानापूर्ति करते हुए इसमें इंटरलॉक टाइलें लगा दीं। इस व्यस्त मार्ग पर भारी वाहनों, विशेषकर रेत-बजरी से ओवरलोडेड टिप्परों का अत्यधिक दबाव रहता है, जिसके कारण ये टाइलें भी टिक नहीं पाईं और पुली अब पूरी तरह से नीचे धंस चुकी है। रोजाना गिर रहे हैं दोपहिया वाहन चालक, लोगों में भारी रोष टी-पॉइंट होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर है। इस गड्ढे की वजह से रोजाना दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सीवरेज का पानी जमा होने और रात के समय रोशनी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह गड्ढा वाहन चालकों को दिखाई नहीं देता, जिससे मरीजों और राहगीरों की जान हर वक्त जोखिम में रहती है। प्रशासन की इस ढीली कारगुजारी और लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय, इस गंभीर मुद्दे का तुरंत संज्ञान लिया जाए और पुली का ठोस व स्थायी समाधान किया जाए।
फर्रुखाबाद में अतिक्रमण अभियान पर विवाद:दुकानदारों ने लगाए पोस्टर, PWD कार्यालय में सुनवाई
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान अब राजनीतिक रंग ले रहा है। पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर बने भवनों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किए जाने के बाद, प्रभावित दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने एक समाजवादी पार्टी (सपा) नेता पर अधिकारियों को गुमराह करने और भाजपा समर्थित दुकानदारों को परेशान करने का आरोप लगाया है। पीडब्ल्यूडी ने लगभग 18 दुकानों को 29 अप्रैल को अंतिम नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को नगर पालिका की जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, लेकिन व्यापारियों के विरोध और जिलाधिकारी से शिकायत के बाद कार्रवाई रोक दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने 29 जून को अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी कार्यालय में अंतिम सुनवाई की तारीख निर्धारित की है। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से इन भवनों में रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं। संभावित कार्रवाई को देखते हुए, कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से टीन और अन्य सामान हटाते हुए भी देखे गए। विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि सपा नेता के कहने पर ही ये नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले सामान लेने के बाद भुगतान में मनमानी होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। गुप्ता ने यह भी कहा कि उनका नक्शा भी पास है, फिर भी उन्हें अतिक्रमण का नोटिस दिया गया है। रूबी गुप्ता ने बताया कि उनका मकान वर्षों से बना हुआ है और उनकी शादी भी इसी मकान में हुई थी। उन्होंने कहा कि यह मकान उनके परिवार के पास पहले से था और इसका बैनामा भी है। पिछले छह माह से उन्हें अतिक्रमण का नोटिस दिया जा रहा है। रूबी गुप्ता ने आरोप लगाया कि सपा नेता ही उनके मकान तुड़वा रहे हैं, जिनकी किसी और व्यक्ति से रंजिश है, इस लड़ाई में गरीब परेशान है। इस मामले में उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बुलंदशहर जिले के शिकारपुर कस्बे में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान पुलिस और एक स्थानीय दुकानदार के बीच झड़प हो गई। इस दौरान दुकानदार ने ड्यूटी पर तैनात दरोगा का कॉलर पकड़ लिया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और दुकानदार के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आक्रोशित दुकानदार ने दरोगा का कॉलर पकड़ा। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर युवक को काबू में करने का प्रयास किया। दुकानदार के खिलाफ हो रही कार्रवाई वीडियो में कई पुलिसकर्मी एक युवक के साथ खींचातानी करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान युवक भी पुलिस की वर्दी के साथ अभद्रता करता दिखाई दे रहा है। यह घटना शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह वायरल वीडियो कुछ दिन पहले कस्बा शिकारपुर में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान का है। वीडियो सामने आने के बाद से यह पूरे कस्बे और जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने संज्ञान लिया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की वर्दी पर हाथ डालने के आरोप में आरोपी दुकानदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इटावा में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर रविवार सुबह 11 बजे समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव का जन्मदिन धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केक काटकर प्रो. रामगोपाल यादव के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामगोपाल यादव के राजनीतिक योगदान और संगठन के प्रति उनकी भूमिका को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद भामाशाह जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में भी मनाया गया। कार्यक्रम में सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के साथ विधायक भरथना राघवेंद्र गौतम, सपा जिला महासचिव वीरभान सिंह भदौरिया ‘वीरू’, सपा प्रदेश सचिव के.पी. शाक्य, इटावा सदर से विधानसभा प्रत्याशी रहे सर्वेश शाक्य, पूर्व जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, एसआईआर प्रभारी उदयभान सिंह यादव, वरिष्ठ नेता लाखन सिंह जाटव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष अनिल प्रताप यादव, आशीष राजपूत, उत्तम सिंह प्रजापति, अनवार हुसैन, नरेंद्र सिंह कुशवाहा, जिला सचिव संगीता राजपूत, प्रवीण कुशवाहा, रोहित श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह भदौरिया, प्रदीप सोनी, राजकुमार यादव, मनोज राणा, संतोष राठौर, ज्ञान सिंह यादव, उमेश राजपूत ‘दुल्ले’, विधानसभा अध्यक्ष इटावा, विधानसभा अध्यक्ष भरथना डॉ. जय सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष जसवंतनगर रामनरेश यादव, युवजन सभा जिलाध्यक्ष आदित्य गोविंद यादव, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल, अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष फरहान शकील सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में व्यापार सभा जिलाध्यक्ष राजीव चंदेल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष राज किशोर भोजवाल, सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष कमलेश यादव, ब्लॉक अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य शिवम पाल, सपा नेता संतोष राजपूत, बृजमोहन राजपूत, महिला सभा प्रदेश उपाध्यक्ष लीलावती राजपूत, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव राकेश यादव, सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव रविंद्र यादव, विधानसभा इटावा उपाध्यक्ष दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
धान की बुवाई के महत्वपूर्ण सीजन के बीच बिजली संकट से परेशान किसानों ने सोमवार को फतेहाबाद जिले के रतिया बिजली घर पर प्रदर्शन किया। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में एकत्रित किसानों ने हरियाणा सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम और बिजली मंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं गग्गी चहल, प्रितपाल सिंह और निर्मल सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बिजली की वोल्टेज बेहद कम आ रही है। इससे खेतों में लगी ट्यूबवेल मोटरें ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं, और कई किसानों की मोटरें जल चुकी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही किसानों ने यह भी बताया कि गांवों में घरेलू बिजली आपूर्ति भी लगातार बाधित रहने से आम लोग परेशान हैं। घरों में लगे बिजली उपकरण खराब होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समय धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का सबसे महत्वपूर्ण समय है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और पर्याप्त वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क जाम सहित अन्य विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बिजली विभाग की होगी।
श्रावस्ती में देर रात हुई तेज बारिश:गर्मी से राहत, धान की नर्सरी -आम की फसल को फायदा
श्रावस्ती में कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद रविवार देर रात मौसम ने करवट ली। आधी रात के बाद शुरू हुई तेज बारिश से जिले भर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस से बड़ी राहत मिली। बारिश का यह सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा। पिछले कई दिनों से जिले में तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित था। मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की चेतावनी जारी की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं हो पा रही थी। रविवार देर शाम मौसम में बदलाव के संकेत मिले और रात करीब 12 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हुई। जो सुबह देर तक जारी रही। हालांकि अब बारिश थमी हुई है लेकिन आसमान में बदल अभी कुछ इलाकों में छाए हुए हैं। इस बारिश से किसानों को सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में किसान धान की नर्सरी तैयार करने में लगे हैं और कई स्थानों पर खेतों की जुताई का कार्य भी चल रहा है। वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता कम होगी। धान की नर्सरी को भी प्राकृतिक सिंचाई प्राप्त हुई है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है, वे पर्याप्त वर्षा होने पर धान की रोपाई का कार्य शीघ्र शुरू कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, आम के बागानों के लिए भी यह वर्षा लाभदायक मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त वर्षा से आम के फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उनकी मिठास में भी वृद्धि होती है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में जिले में तेज बारिश और हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं। यह वर्षा आम जनजीवन के लिए राहत लेकर आई है और किसानों के लिए नई उम्मीदें जगा रही है।
कैलारस थाना क्षेत्र के नेपरी गांव में एक युवक का शव यात्री प्रतीक्षालय में फंदे पर लटका मिला है। मृतक की पहचान सतीश रजक के रूप में हुई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए मृतक के साढ़ू पर शक जताया है। परिजनों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 22 जून को सतीश अपने साले की शादी में शामिल होने नेपरी गांव आया था। इस शादी में उसका साढ़ू नवीन रजक भी अपनी पत्नी के साथ पहुंचा था। रात में सभी लोग एक साथ सोए थे, लेकिन कुछ देर बाद सतीश वहां से गायब हो गया। रात करीब 1 बजे ग्रामीणों ने सतीश का शव गांव के यात्री प्रतीक्षालय में फंदे से लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। साढ़ू से एक साल से चल रहा था विवादमृतक के भाई रवि रजक ने साथियों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि सतीश ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है। परिजनों के मुताबिक सतीश का बिजगढ़ी निवासी अपने साढ़ू नवीन के साथ पिछले एक साल से विवाद चल रहा था। घटना के वक्त साढ़ू भी वहीं मौजूद था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाईपुलिस की प्राथमिक जांच में मौत का कारण फांसी लगना सामने आया है, लेकिन अभी पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आना बाकी है। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि परिजनों को शंका है कि मृतक के साथ कोई अनहोनी हुई है। उनकी शंका को दूर करने के लिए घटना के अन्य पहलुओं की जांच कराई जाएगी। पीएम रिपोर्ट और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में दो पत्नियों को एक साथ रखने की जिद में पति हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। उसने दो शादियां की हैं, लेकिन दोनों पत्नियां अलग-अलग रहती हैं। दोनों को साथ रखने की मांग को लेकर वह करीब 100 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने उसे समझाइश देकर नीचे उतारने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद दोनों पत्नियों को मौके पर बुलाया गया। दोनों पत्नियों के समझाने पर वह करीब डेढ़ घंटे बाद टावर से नीचे उतर आया। पति के टावर से नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंची। वहां उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है, जब वह टावर पर चढ़ा। मामला भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम भेंड्रा का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- दोनों पत्नी अलग-अलग रहती थी जानकारी के मुताबिक ग्राम भेंड्रा का रहने वाला यादराम साहू (30) खेती किसानी करता है। उसकी पहली शादी साल 2019 में हुई थी। बाद में उसका एक लड़की से अफेयर था, जिसके बाद साल 2022 में उस लड़की से दूसरी शादी कर ली। एक ही घर में तीनों साथ रहने लगे, लेकिन बाद में दोनों पत्नी के बीच झगड़े होने लगे, जिससे दूसरी पत्नी अलग रहने लगी थी। पति चाहता था कि दोनों पत्नियां एक ही घर में रहे, लेकिन वो दोनों साथ रहने को तैयार नहीं थे। विवाद के बाद टावर पर चढ़ा पति इसी बात को लेकर रविवार शाम को उनके बीच विवाद हो गया। इसके बाद पति करीब 60 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। उसे देखकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद फौरन मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पत्नियों की बात मानकर उतरा मौके पर पहुंची पुलिस टीम यादराम को समझाइश देकर नीचे उतारने की कोशिश में जुटी रही, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद दोनों पत्नियों को मौके पर बुलाया गया, जिनकी बात मानकर वह नीचे उतर गया। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पुलिस बोली- गांव में शांति बनाए करने कार्रवाई इस मामले में भखारा थाना प्रभारी शरद ताम्रकार ने बताया कि युवक शाम करीब 7:30 बजे टावर से नीचे उतरा। उसकी दोनों पत्नियां भी मौके पर पहुंची थीं। उनके समझाने पर वह नीचे उतरने के लिए राजी हुआ। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसकी इस हरकत से गांव में आक्रोश और सनसनी का माहौल बन गया था। गांव में शांति, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसलिए पुलिस ने उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। ……………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 2 बीवी साथ रखने की जिद्द, टावर पर चढ़ा पति..VIDEO: 50 फीट ऊंचाई से बोला- दोनों एक घर में रहेंगी, तभी नीचे आऊंगा छत्तीसगढ़ के धमतरी में 2 पत्नियों को साथ रखने की जिद्द में पति टावर पर चढ़ गया। ग्राम भेंड्रा के रहने वाले याद राम साहू (30) ने दो शादियां की थी। दोनों बीवी एक ही घर में रहती थी, उनके बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, जिसके बाद एक पत्नी अलग रहने लगी थी। पढ़े पूरी खबर…
डीग शहर के मेला मैदान में आशा सहयोगिनियों का 3 सूत्री मांगों को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन सोमवार को 16वें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे 5 आशा सहयोगिनी अपनी मांगों के समाधान नहीं होने पर पानी की टंकी पर चढ़ गईं। पानी की टंकी पर चढ़ने वाली आशा सहयोगिनियों में सुनीता फौजदार, शशि, रजनी नरेश फौजदार और लोकेश शामिल रही। इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। मांगों पर अड़ी रही, नहीं उतरी नीचेएसडीएम अमित मीणा, डीग कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा और सीएमएचओ विजय सिंगल ने मौके पर पहुंचकर आशा सहयोगिनियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, आशा सहयोगिनी अपनी मांगों पर अड़ी रहीं और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। टंकी के पास प्रदर्शन कर रही 1 महिला हुई बेहोशइसी दौरान पानी की टंकी के पास प्रदर्शन कर रही महिलाओं में से एक महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। उसे तत्काल अधिक जिला अस्पताल पहुंचाया गया। आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी 3 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी। आशा सहयोगिनियों ने बताया कि पूर्व में भी राज्य सरकार और जिला प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों का अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है।राजस्थान की आशा सहयोगिनियां कई वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, जन-जागरूकता और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उनका योगदान सराहनीय रहा है। इसके बावजूद उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित मानदेय और सुविधाएं प्राप्त नहीं हो रही हैं। यह है 3 प्रमुख मांगेंज्ञापन के माध्यम से आशा सहयोगिनियों ने मांग की कि उन्हें संविदा नियम-2022 में शामिल किया जाए तथा राज्य कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी) के समकक्ष दर्जा प्रदान किया जाए। इसके अलावा न्यूनतम 24 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय, सेवा निवृत्ति के बाद 10 लाख रुपए की एकमुश्त राशि एवं 12 हजार रुपए मासिक पेंशन दिए जाने की मांग भी रखी गई।
युवक ने सरकारी स्कूल परिसर में सल्फास खाया:दो को फोन पर दी जानकारी, इलाज के दौरान मौत
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनियाकलां में एक युवक ने रविवार को सरकारी स्कूल परिसर में सल्फास खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जमुनियाकलां निवासी लक्ष्मीलाल उर्फ लाला (35 वर्ष), पिता चांदमल सेन ने अज्ञात कारणों से अपने गांव के सरकारी स्कूल परिसर में सल्फास का सेवन किया। जहर खाने के बाद उसने अपने एक दोस्त को इसकी सूचना दी। दोस्त ने तुरंत लाला के परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, उपचार के दौरान लक्ष्मीलाल ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर नीमच सिटी पुलिस अस्पताल पहुंची। सोमवार सुबह पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है और युवक द्वारा यह कदम उठाने के कारणों की जांच कर रही है।
मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर STF की कार्रवाई:कार से 1.055 किलो चरस बरामद, राजस्थान के चार युवक गिरफ्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कुल्लू की टीम ने मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर तरोट के पास नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.055 किलोग्राम चरस बरामद की है। इस मामले में राजस्थान के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, STF कुल्लू की टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही एक कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार की डिक्की में बिछे मैट के नीचे छिपाकर रखे गए पांच पैकेट मिले, जिनमें कुल 1.055 किलोग्राम चरस पाई गई। पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान राजस्थान के झुंझुनू जिले के आशीष कुमार, वीरेंद्र कुमार, जैकी और प्रमोद के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज चारों आरोपियों के खिलाफ धनोटू पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही, आरोपियों के संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को STF कुल्लू की टीम के एएसआई भानु प्रताप, आरक्षी शाहिद अली, मोमिन खान और शंकर सिद्धार्थ ने अंजाम दिया। STF कुल्लू के डीएसपी हेमराज ने बताया कि मामले की आगे की जांच धनोटू पुलिस कर रही है और उम्मीद है कि जांच के दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य अहम सुराग भी सामने आ सकते हैं।
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। तिसरी-चंदौरी मुख्य मार्ग पर बरहमसिया-हुसैनी मोड़ के पास एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक की जांघ की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। ग्रामीणों ने कार चालक को पकड़ लिया और पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायलों की पहचान गांवा थाना क्षेत्र के हरनी निवासी 25 वर्षीय शोएब अख्तर और उनकी पत्नी साहिन परवीन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों शोएब की बहन के ससुराल बहरवाबांक से लौट रहे थे। हुसैनी मोड़ के पास सामने से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद राहगीरों ने तुरंत तिसरी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना के एसआई लव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों घायलों को पुलिस वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सक डॉ. महेश्वरम और स्वास्थ्यकर्मी चंदन व अनूप ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान शोएब अख्तर की स्थिति गंभीर पाई गई। चिकित्सकों ने बताया कि उनकी जांघ की हड्डी टूट गई है, जिसके कारण उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। साहिन परवीन का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद कार चालक मौके से भागने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सतर्क ग्रामीणों ने कार को पकड़ लिया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ग्वालियर रोड स्थित अटल पुरम योजना की सफलता के बाद अब ग्रेटर आगरा योजना में भी प्लॉटों की बुकिंग शुरू कर दी है। इस योजना को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता थी। एडीए ने इस योजना में एक साथ टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग शुरू की है। इनर रिंग रोड के पास स्थित रहनकलां-रायपुर में विकसित हो रहे ग्रेटर आगरा की गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग शुरू की है। 29 जून से 29 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। गंगापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या नर्मदापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या अब विस्तार से पढ़िये… एडीए ने इनर रिंग रोड के पास लगभग 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा योजना 7 अप्रैल को लांच की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि पूजन कर इस योजना का शिलान्यास किया था। ग्रेटर आगरा में एडीए 10 नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप विकसित कर रहा है। इनमें से गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग 29 जून से प्रारंभ कर दी गई है। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी। प्लॉटों की बुकिंग ऑनलाइन जनहित पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि इन योजनाओं में भूखंडों की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है। आवेदन के समय अनारक्षित वर्ग के आवेदकों को 10 फीसदी और आरक्षित वर्ग के आवेदकों को पांच फीसदी धनराशि जमा करानी होगी।ये होंगे 10 टाउनशिप के नाम सबसे बड़ी होगी गोमती पुरम टाउनशिप ले-आउट प्लाने के अनुसार, 49.45 हेक्टेयर में फैली ‘गोमतीपुरम’ सबसे बड़ी प्रस्तावित टाउनशिप होगी, जबकि 26.83 हेक्टेयर के साथ ‘सिंधुपुरम’ सबसे छोटी होगी। 8 टाउनशिप रेजीडेंशियल होंगी ग्रेटर आगरा की इनर रिंग रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से बेहतर कनेक्टिविटी है, जिससे शहरवासी टाउनशिप में बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्लॉट की दरों के बारे में जानना चाहते हैं। ग्रेटर आगरा की 8 टाउनशिप में 4353 आवासीय भूखंड हैं। यमुनापुरम पूरी तरह व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी, जबकि कावेरीपुरम में रिक्रिएशनल क्षेत्र रहेगा। यहां यमुना किनारे डूब क्षेत्र में और हाईटेंशन लाइन के नीचे हरित क्षेत्र रहेगा।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ग्वालियर रोड स्थित अटल पुरम योजना की सफलता के बाद अब ग्रेटर आगरा योजना में भी प्लॉटों की बुकिंग शुरू कर दी है। इस योजना को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता थी। एडीए ने इस योजना में एक साथ टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग शुरू की है। इनर रिंग रोड के पास स्थित रहनकलां-रायपुर में विकसित हो रहे ग्रेटर आगरा की गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग शुरू की है। 29 जून से 29 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। गंगापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या नर्मदापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या अब विस्तार से पढ़िये… एडीए ने इनर रिंग रोड के पास लगभग 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा योजना 7 अप्रैल को लांच की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि पूजन कर इस योजना का शिलान्यास किया था। ग्रेटर आगरा में एडीए 10 नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप विकसित कर रहा है। इनमें से गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग 29 जून से प्रारंभ कर दी गई है। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी। प्लॉटों की बुकिंग ऑनलाइन जनहित पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि इन योजनाओं में भूखंडों की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है। आवेदन के समय अनारक्षित वर्ग के आवेदकों को 10 फीसदी और आरक्षित वर्ग के आवेदकों को पांच फीसदी धनराशि जमा करानी होगी।ये होंगे 10 टाउनशिप के नाम सबसे बड़ी होगी गोमती पुरम टाउनशिप ले-आउट प्लाने के अनुसार, 49.45 हेक्टेयर में फैली ‘गोमतीपुरम’ सबसे बड़ी प्रस्तावित टाउनशिप होगी, जबकि 26.83 हेक्टेयर के साथ ‘सिंधुपुरम’ सबसे छोटी होगी। 8 टाउनशिप रेजीडेंशियल होंगी ग्रेटर आगरा की इनर रिंग रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से बेहतर कनेक्टिविटी है, जिससे शहरवासी टाउनशिप में बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्लॉट की दरों के बारे में जानना चाहते हैं। ग्रेटर आगरा की 8 टाउनशिप में 4353 आवासीय भूखंड हैं। यमुनापुरम पूरी तरह व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी, जबकि कावेरीपुरम में रिक्रिएशनल क्षेत्र रहेगा। यहां यमुना किनारे डूब क्षेत्र में और हाईटेंशन लाइन के नीचे हरित क्षेत्र रहेगा।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सोमवार तड़के स्टोन डस्ट से भरा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा कोटमी-भाड़ी के सोननदी मोड़ पर हुआ, जहां तेज रफ्तार ट्रेलर पुलिया के सोल्डर को तोड़ते हुए सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना में चालक और हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, CG10 BP 5189 नंबर का ट्रेलर स्टोन डस्ट लेकर कोरबा की ओर जा रहा था। सोननदी मोड़ के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद ट्रेलर सड़क किनारे स्थित पुलिया के सोल्डर को तोड़ते हुए पलट गया। हादसे के बाद ट्रेलर में लदा स्टोन डस्ट सड़क पर बिखर गया। चालक और हेल्पर को आई मामूली चोटें दुर्घटना में ट्रेलर चालक और हेल्पर को हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। इसके बाद पुलिस भी घटनास्थल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटमी-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से ओवरस्पीड और बेलगाम वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने तथा सड़क सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
बांदा में किसान लापता, अपहरण-हत्या की आशंका:परिजनों ने दबंगों और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र के ग्राम गोयरा मुगली से एक किसान के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते किसान का अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी मामले को गंभीरता से न लेने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव निवासी किसान फारूख 12 जून 2026 को खेत जोतने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद से वे वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में घटनास्थल के पास से फारूख के कपड़े, जूते और मोबाइल फोन बरामद हुए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग लापता किसान के पुत्र शाहरुख और भाई फहीम अहमद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है। उनका आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों से उनकी पुरानी रंजिश थी और वे पहले भी उन्हें धमकी दे चुके थे। अब उन्हें फारूख के अपहरण और हत्या का संदेह है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मटौंध थाना पुलिस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों से मिलीभगत कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस उनकी शिकायत को नाटक बताकर टाल रही है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापता किसान की जल्द बरामदगी करने और नामजद आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मेरठ के चर्चित विपिन हत्याकांड में अब धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज भी सामने आए हैं। सोमवार को उन्होंने वीडियो जारी कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही कहा कि इस मामले में केवल तालिब ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस गिरफ्तार करे। विपिन की हत्या करने वाले तालिक का पुलिस एनकाउंटर करें। उन्होंने आरोपी तालिब के घर बुलडोजर चलाने की मांग भी उठाई। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... ईंट से हमला कर की गई थी हत्या कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के न्यू गोविंदपुरी निवासी दलित युवक विपिन की उसके पुराने दोस्त तालिब ने ईंट से हमला कर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद शव को आर्मी ग्राउंड में छोड़कर आरोपी फरार हो गया था। मौके पर विपिन की बाइक भी बरामद हुई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी तालिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। 'मामले में और लोग भी शामिल हैं' वीडियो संदेश में धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज ने दावा किया कि इस हत्याकांड में केवल एक व्यक्ति की भूमिका नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों पर कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार के लिए मांगी आर्थिक सहायता धर्माचार्य ने सरकार से मांग की कि मृतक विपिन के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें इस कठिन समय में सहारा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर की उठाई मांग अरुण कृष्ण महाराज ने वीडियो में आरोपी मोहम्मद तालिब के घर बुलडोजर चलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में एक आरोपी के एनकाउंटर की कार्रवाई होनी चाहिए। वीडियो में धर्माचार्य ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
मेरठ में हुए विपिन हत्याकांड में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज भी आगे आए हैं। सोमवार को धर्माचार्य अरुण कृष्ण ने अपना एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने दलित युवक विपिन के परिवार को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस हत्याकांड में अकेला तालिब शामिल नहीं हैं, अन्य आरोपी भी हैं। जिनको पुलिस अरेस्ट करे। साथ ही उन्होंने आरोपी तालिब के घर बुलडोजर एक्शन की मांग की है। बता दें कि कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के न्यू गोविंदपुरी निवासी दलित युवक विपिन की उसके पुराने दोस्त तालिब ने ईंट मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद लाश को वहीं आर्मी ग्राउंड में छोड़ा वहीं विपिन की बाइक भी छोड़ी और फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी तालिब को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते तालिब ने विपिन की हत्या की थी। धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज ने जो मांग उठाई वो पढ़िए... धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज ने कहा कि आज भारत में हर जिले के अंदर किसी न किसी हिंदू बहन बेटी का बलात्कार किया जा रहा है। उसे उठाया जा रहा है या किसी न किसी हिंदू बच्चे की हत्या की जा रही है। हत्या ऐसी नहीं कि मारकर भाग रहे हैं। हत्या ऐसी कि पूरी तरह बदमाशी आतंकवाद से भरी हुई। हम तुमसे डरते नहीं हम आराम से, तसल्ली से धैर्य से बैठकर पत्थरों से कुचल-कुचलर मारेंगे। 35 साल के युवक की हत्या हो गई पुलिस कहती है उसे एक या दो ने मारा है। जब मैंने वो वीडियो देखा तो उसके दोनों पैर खुले हुए थे। जिन्हें देखकर साफ लग रहा है कि टांगें पकड़कर तसल्ली से उसके सिर को कुचला गया है। दूसरा आरोपी भी पकड़ा गया है। आज देश में जगह-जगह बच्चियां उठाई जा रही हैं, रेप, बलात्कार का शिकार हो रही हैं। कहीं हत्या का शिकार हो रही हैं। मैं पुलिस, प्रशासन मेरठ के डीएम और सीएम योगी आदित्यनाथ से कहता हूं कि इस हत्याकांड में आरोपियों में से कम से कम एक का एनकाउंटर होना चाहिए। हत्यारे मोहम्मद तालिब के घर बुलडोजर चलाया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक राशि देकर उनकी मदद की जाए जो बहुत जरूरी है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर बहुजन क्रांति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बदलापुर तहसील के सिंहावल गांव में भूमि रिकॉर्ड (खतौनी) में कथित फर्जीवाड़े के मामले को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को एक पत्र सौंपकर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों में शामिल उमाशंकर ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन, गाटा संख्या 470/0.1380 हेक्टेयर पर, एक व्यक्ति ने फर्जी प्रविष्टि कराकर बैंक से ऋण प्राप्त कर लिया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की मांग की है। उमाशंकर के अनुसार, उन्होंने सिंहावल गांव की यह भूमि श्यामलाल पुत्र रामकिशुन से 4 फरवरी 2004 और 24 मार्च 2011 को बैनामा के माध्यम से खरीदी थी। इन बैनामों के आधार पर उनका नाम खतौनी में दर्ज हो गया था। बाद में, 1428-1433 फसली की खतौनी में मृतक बाबूनन्दन पुत्र रामसुमेर के स्थान पर उमाशंकर का नाम 18 अप्रैल 2026 से बतौर वारिस दर्ज हुआ। उमाशंकर ने बताया कि वर्तमान खतौनी में पूर्व आदेश के विवरण में चकबंदी अधिकारी, बदलापुर के एक फर्जी अमलदरामद का उल्लेख है। पत्र को जांच और निस्तारण के लिए भेजा गया यह अमलदरामद मुकदमा संख्या 48 नियम 109 (जोखन लाल बनाम श्यामलाल) और चकबंदी अधिकारी के आदेश मुकदमा संख्या 378, दिनांक 6 जनवरी 2005, धारा 12 के अनुपालन में दर्ज की गई है। हालांकि, यह आदेश मालिकान रजिस्टर पर दर्ज नहीं है, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इस फर्जी अमलदरामद के आधार पर जोखन लाल पुत्र रामकिशुन द्वारा बैंक से ऋण भी प्राप्त कर लिया गया है। उमाशंकर का दावा है कि कम्प्यूटरीकृत खतौनी पर यह प्रविष्टि फर्जी तरीके से कराई गई है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। उमाशंकर ने इस संबंध में 18 मई को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जांच और निस्तारण के लिए भेजा गया था। हालांकि, उनका आरोप है कि अपर जिलाधिकारी द्वारा अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में, उमाशंकर ने उच्च अधिकारियों से स्वयं इस प्रकरण की जांच कराने, फर्जी प्रविष्टि करने वाले गिरोह के खिलाफ विधिसंगत कार्रवाई करने और ऋण प्राप्तकर्ता के विरुद्ध भी कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
महू के मानपुर थाना पुलिस ने राहगीरों और व्यापारियों से अवैध हफ्ता वसूली करने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ लोगों को रोककर रुपए मांगता था और विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों ने राहत महसूस की है। पुलिस के अनुसार, 28 जून को ग्राम खेड़ीसिहोद में फरियादी सावन वास्केल (19) और पूनम भाटिया (19) से आरोपियों ने अवैध रूप से रुपए की मांग की थी। रुपए देने से इनकार करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और डंडों तथा पत्थरों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यह हमारा इलाका है, यहां आओगे तो रुपए देने पड़ेंगे, नहीं तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में मेडिकल परीक्षण कराया गया। फरियादी की शिकायत पर मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। भूरा और विशाल फरार पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू एवं एसडीओपी महू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दबिश दी गई। इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के सरगना संदीप चौहान (20), निवासी सोडल्यापुरा, थाना नालछा, जिला धार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले के अन्य आरोपी भूरा और विशाल चौहान अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी संदीप चौहान से पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले, उपनिरीक्षक संदीप पोरवाल, उपनिरीक्षक कृष्णा पदमाकर, सहायक उपनिरीक्षक जसमल मुवेल, प्रधान आरक्षक प्रताप, आरक्षक विजय चौहान और सैनिक करण निनामा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
30 जून की रात से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध:1 अक्टूबर 2026 तक खदानें बंद, अवैध खनन पर होगा एक्शन
कलेक्टर नेहा मीना ने सोमवार को जिले में रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह प्रतिबंध 30 जून की मध्यरात्रि से लागू होगा और 1 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण, नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह और जैव विविधता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के तहत, जिले की सभी वैध रेत खदानों, नदियों और नालों से रेत का उत्खनन, परिवहन और भंडारण नियमानुसार प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर ने खनिज, राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संयुक्त जांच दल सक्रिय रहेंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाएगा। बिना वैध अनुमति के रेत का परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा तथा संबंधित लोगों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मानसून के दौरान नदियों में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण रेत उत्खनन से दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। अनियंत्रित खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप, जलधारण क्षमता और तटीय क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन्हीं कारणों से हर वर्ष वर्षाकाल में रेत खदानों का संचालन अस्थायी रूप से बंद रखा जाता है। जिले के रेत घाट सिवनी जिले में वैनगंगा, पेंच, बैनगंगा, उंगली सहित अन्य नदी-नालों से जुड़े रेत घाटों का संचालन होता है, जो प्रतिबंध लागू होने के बाद पूरी तरह बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अथवा खनिज विभाग को दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून समाप्त होने के बाद शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही रेत खदानों के संचालन पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
अयोध्या जिले की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले की पांचों तहसीलों – सदर, बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर और सोहावल में सीएम कंपोजिट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इन विद्यालयों के निर्माण पर कुल लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक विद्यालय लगभग 25 एकड़ भूमि पर विकसित होगा, जिसकी अनुमानित लागत 23 से 25 करोड़ रुपये प्रति विद्यालय होगी। इन विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता के अंतर को समाप्त करना है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए शहरों या निजी विद्यालयों का रुख करना पड़ता है। इस नई योजना के लागू होने से उन्हें अपनी ही तहसील में आधुनिक सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। सीएम कंपोजिट विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और विशाल खेल मैदान जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में खेल, कला, संस्कृति और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। अयोध्या के बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बताया कि रुदौली तहसील के मवई ब्लॉक स्थित पटरंगा गांव और सदर तहसील के पूरा बाजार ब्लॉक के भदौली बुजुर्ग में दो सीएम कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मिल्कीपुर, सोहावल और बीकापुर तहसीलों में विद्यालय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु राजस्व विभाग को मांग भेजी गई है। भूमि उपलब्ध होते ही इन स्थानों पर भी निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। लालचंद ने आगे बताया कि इन विद्यालयों में आधुनिक पाठ्यक्रम, अनुभवी शिक्षक और उत्कृष्ट बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। यह पहल न केवल अयोध्या की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल भी साबित हो सकती है।
परमट स्थित शहर के सुप्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर धाम में सोमवार की सुबह बाबा का एक बेहद विशेष, अलौकिक और ऋतु अनुकूल श्रृंगार किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए इस बार बाबा को शीतलता प्रदान करने के लिए फलों के राजा 'आम' और ताजे सुगंधित फूलों की थीम पर यह दिव्य झांकी सजाई गई। भोर में जब बाबा की भव्य मंगला आरती हुई, तो इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन पाकर वहां मौजूद श्रद्धालु निहाल हो गए और पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। शिवलिंग के चारों ओर सजे 'कच्चे और पके आम' इस सोमवार के श्रृंगार की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता रही 'मैंगो थीम'। गर्मी के मौसम के अनुसार बाबा के दरबार को फलों से सजाया गया था। इसके लिए खासतौर पर कच्चे और पके हुए हरे-पीले आमों का उपयोग किया गया। डॉक्टरों और पुजारियों के सहयोग से शिवलिंग के चारों ओर एक कतार में बेहद खूबसूरती से इन आमों को सजाया गया था, जो भक्तों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। अपराजिता के नीले फूलों के बीच चमके बाबा के त्रिनेत्र भोलेनाथ के मुख्य विग्रह पर कलात्मकता का बेहतरीन नजारा देखने को मिला। शिवलिंग के मुख्य भाग पर नीले रंग के दुर्लभ अपराजिता फूलों का एक बैकग्राउंड तैयार किया गया था। इस नीली आभा के बीच पीले फूलों और चंदन के लेप से बाबा के मस्तक पर तिलक और उनके 'त्रिनेत्र'की बेहद सुंदर और सजीव आकृति उभारी गई थी। नारंगी गेंदे का स्तंभ और मोगरे का मुकुट शिवलिंग के ऊपरी ऊंचे भाग को पीले और नारंगी रंग के गेंदे के फूलों की मालाओं से पूरी तरह से ढक दिया गया था, जिससे विग्रह को एक भव्य और दिव्य आकार मिला। वहीं, सबसे ऊपर बाबा के शीश पर सफेद रंग के सुगंधित मोगरे और चमेली के फूलों का एक बड़ा गोल छत्र सजाया गया था, जिसके नीचे रक्खी गई हरी पत्तियां इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही थीं। बाबा के विग्रह के ठीक पीछे पीले रंग का एक सुंदर वस्त्र भी अर्पित किया गया था। रंग-बिरंगी पंखुड़ियों का चक्र और खिले हुए कमलकेवल शिवलिंग ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के पूरे फर्श को भी रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। नीले, पीले, सफेद और गुलाबी रंग के फूलों की पंखुड़ियों से जमीन पर एक विशाल और आकर्षक पुष्प चक्र बनाया गया था। इस सजावट के बीच-बीच में ताजे और खिले हुए बड़े गुलाबी कमल के फूल भी अर्पित किए गए थे, जो बाबा के इस दरबार की दिव्यता और भव्यता को और ज्यादा बढ़ा रहे थे।
संभल में छत से गिरे युवक की मौत:पैर फिसलने से हादसा हुआ, दो महीने पहले बुलंदशहर में शादी हुई थी
संभल में छत से गिरकर एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। भीषण गर्मी के कारण छत पर सोने के बाद सुबह नीचे उतरते समय उसका पैर फिसल गया था। युवक की शादी दो महीने पहले ही हुई थी। यह घटना संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र के किरारी गांव की है। मृतक की पहचान देवपाल यादव के पुत्र रिंकू यादव के रूप में हुई है। बुधवार रात छत पर सोने के बाद गुरुवार सुबह वह नीचे उतर रहा था, तभी यह हादसा हुआ। गंभीर रूप से घायल रिंकू को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उत्तराखंड के एम्स में चल रहा था इलाज एक दिन के इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए उत्तराखंड के एम्स ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान गुरुवार रात करीब 10:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। रिंकू की शादी दो महीने पहले ही पड़ोसी जनपद बुलंदशहर के मोनीपुर गांव की मधु से हुई थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, जो अब मातम में बदल गया है। नवविवाहिता पत्नी मधु और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिंकू के पिता देशपाल यादव ने बताया कि वह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार अभी शादी की खुशियों में डूबा हुआ था और अब अचानक बेटे की मौत से सदमे में है। परिवार को रिंकू की पत्नी के भविष्य की चिंता सता रही है।
लखनऊ के मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में सोमवार को खाताधारकों ने फिर से हंगामा कर दिया। एफडी के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब ढाई घंटे तक बैंक का शटर गिराकर प्रदर्शन किया। इस दौरान 5 महिलाएं बेहोश हो गईं। प्रदर्शनकारी खाताधारकों का आरोप था कि बैंक प्रबंधन ने एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया था। समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश लोगों को उनकी जमा राशि नहीं मिली है। इसी के विरोध में लोगों ने बैंक के बाहर धरना दिया। लोगों ने पानी की छींटें मारीं प्रदर्शन के दौरान भीड़ और गर्मी की वजह से 5 महिला खाताधारकों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इनमें जानकी, गुड़िया, जयश्री, रुचि गौतम, रामादेवी और सुषमा शामिल थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें पानी की छींटें मारीं, तब उन्हें होश हाया।। घटना की सूचना मिलते ही बैंक शाखा प्रबंधक और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, जबकि बैंक मैनेजर ने भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खुला ताला करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर के आश्वासन और पुलिस के हस्तक्षेप पर खाताधारकों ने बैंक का ताला खोल दिया। इसके बाद बैंक का नियमित कार्य शुरू हो सका। गौरतलब है कि कथित एफडी घोटाले में बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक पर अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों से लाखों रुपए जमा कराए थे। मामले में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खाताधारकों ने 22 जून को रुपए वापसी के आश्वासन की डेडलाइन खत्म होने के बाद फिर से प्रदर्शन शुरू किया है। 22 जून से हर कार्य दिवस पर पहुंचकर बैंक में प्रदर्शन कर रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
झालावाड़ जिले की पनवाड़ थाना पुलिस ने लूट के प्रयास के मामले में चार महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार महिलाएं राजस्थान के विभिन्न जिलों में चोरी और नकबजनी जैसी कई वारदातों को अंजाम दे चुकी हैं। एसपी अमित कुमार ने बताया कि 28 जून को पनवाड़ थाना क्षेत्र में एक महिला से चेन लूटने का प्रयास किया गया था। वारदात के दौरान पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और ब्लेड से हमला कर फरार होने की कोशिश की। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और वृत्ताधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार की गई जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने हेमलता उर्फ ममता पत्नी गुर्जरमल उर्फ गोल्या, थाना सीमलिया, जिला बारां, रंगीली बाई पत्नी सुरजनमल, थाना अटरू, जिला बारां, गुल्ली बाई पत्नी जोरावर, थाना अटरू, जिला बारां और काशीना पत्नी जगमोहन, थाना अटरू, जिला बारां को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है। पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार महिलाएं राजस्थान के अन्य जिलों में भी चोरी और नकबजनी की कई घटनाओं में शामिल रही हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और अन्य मामलों में भी पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद कई अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
कानपुर के रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में सोमवार को दानवीर भामाशाह जयंती और व्यापारी कल्याण दिवस के अवसर पर मरीजों को फलाहार वितरित किया गया। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल और कांशीराम अस्पताल के स्टाफ ने संयुक्त रूप से यह सेवा कार्य किया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच मट्ठा, दूध, ब्रेड, फल, बिस्कुट, नमकीन और ठंडा पानी बांटा गया। इस पहल का उद्देश्य मानवता का संदेश देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा, डॉ. ओ.पी. राय और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष महेश वर्मा ने किया। मरीजों और उनके परिजनों ने इस सेवा कार्य की सराहना की। फलाहार वितरण के दौरान एक वार्ड में भर्ती बुजुर्ग मरीज ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की सेवा भावना से प्रभावित होकर अपने पास से 500 रुपये आशीर्वाद स्वरूप भेंट किए। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य मरीजों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें अपनेपन का अहसास कराते हैं। जिला अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज उनके आदर्शों पर चलते हुए भविष्य में भी जनहित और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाता रहेगा। इस अवसर पर आनंद गुप्ता, ललित सोनी, दीपक मिश्रा, अभय गुप्ता, दुर्गेश शुक्ला, श्याम सुंदर, पंकज शुक्ला, कमल सोनी, अभय सिंह सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी, अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
अमरोहा में वकीलों की हड़ताल, कामकाज ठप:डिजिटल ई-रजिस्ट्री के विरोध में CM को भेजा ज्ञापन
अमरोहा में डिजिटल ई-रजिस्ट्री का काम निजी कंपनी को सौंपने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के विरोध में वकीलों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिले की सभी तहसीलों के अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आदेश रद्द करने की मांग की। अमरोहा बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद एडवोकेट ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 4 जून, 2026 को जारी पत्रांक संख्या 2523 के आदेश से प्रदेश के हजारों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर, मुंशी और टाइपिस्ट बेरोजगार हो जाएंगे। इसी विरोध में अमरोहा के समस्त अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प वेंडर 11 जून, 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे तहसील परिसर में रजिस्ट्री से जुड़ा सारा कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में 4 जून का आदेश तुरंत निरस्त कर डिजिटल ई-रजिस्ट्री योजना समाप्त करना शामिल है। वे रजिस्ट्री कार्य निजी कंपनी को देने का निर्णय वापस लेने, रजिस्ट्री विभाग की कार्य प्रणाली पारदर्शी रखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल रखने की मांग कर रहे हैं। अन्य मांगों में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तुरंत लागू करना, सब रजिस्ट्रार कार्यालय अमरोहा को नवीन तहसील भवन ग्राम गुलड़िया में स्थापित करना और नियम विरुद्ध सर्किल रेट बढ़ोतरी की तैयारी पर रोक लगाना शामिल है। महासचिव संजीव कुमार एडवोकेट ने कहा, वादकारी का हित सर्वोच्च है। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ रोजगार छिनेगा, बल्कि भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, हड़ताल जारी रहेगी। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी अमरोहा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है।
इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के द्विवार्षिक चुनाव में इस बार कांटे का मुकाबला देखने को मिला। अध्यक्ष पद पर हैप्पी वायसी पैनल के जितेंद्र (जीतू) जैन ने ग्लोरियस वायसी पैनल के परमजीत सिंह (पम्मी) छाबड़ा को 65 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही क्लब परिसर में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। अध्यक्ष पद पर आखिरी राउंड तक रोमांच मतगणना के शुरुआती दौर में जीतू जैन ने बढ़त बनाई, लेकिन तीसरे और चौथे राउंड में पम्मी छाबड़ा ने अंतर काफी कम कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंतिम राउंड की गिनती के बाद जीतू जैन को 1363 वोट, जबकि पम्मी छाबड़ा को 1298 वोट मिले। इस तरह जीतू जैन ने 65 वोटों से जीत हासिल की। क्लब के कुल 5124 सदस्यों में से 2687 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें 26 मत निरस्त घोषित किए गए। सचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबले में कस्तूरी विजयी सचिव पद पर हुए त्रिकोणीय मुकाबले में हैप्पी वायसी पैनल के विजय कुमार कस्तूरी ने 982 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने ग्लोरियस वायसी पैनल के अतुल शेठ (929 वोट) और निर्दलीय प्रत्याशी कुलविंदर सिंह गिल (751 वोट) को हराया। सहसचिव और कोषाध्यक्ष पद भी जीता सहसचिव पद पर तेजवीर जुनेजा ने 1622 वोट हासिल कर पंकज कुकरेजा को 577 वोटों से पराजित किया। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर रूपल पारेख ने 1828 वोट प्राप्त कर सतीश मंगलानी को 986 वोटों के बड़े अंतर से हराया। कार्यकारिणी में भी हैप्पी वायसी का दबदबा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में गुनीत सिंह चड्डा, राजेश तलवार, वैभव दुआ, भारती बारोडिया और विकास थम्मन विजयी रहे। चुनाव परिणामों से स्पष्ट हो गया कि क्लब के सदस्यों ने इस बार हैप्पी वायसी पैनल पर भरोसा जताया। जीत के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न परिणाम घोषित होते ही क्लब परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने ढोल की थाप पर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी मनाई। देर रात तक जश्न का सिलसिला चलता रहा। क्लब के विकास का लिया संकल्प निवर्तमान अध्यक्ष टोनी सचदेवा ने कहा कि सदस्यों ने उनकी टीम पर विश्वास जताया है। नई कार्यकारिणी क्लब के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान को लागू करेगी। वहीं निवर्तमान सचिव संजय गोरानी ने कहा कि नई टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्लब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम करेगी।
शेखपुरा में पैसेंजर ट्रेन से अज्ञात शव बरामद:मृतक के पास से रेल टिकट और थैला मिला
सोमवार को शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन से लगभग 68 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग का शव बरामद किया गया। जीआरपी थाना पुलिस ने शव को ट्रेन से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया है। यह घटना तब सामने आई जब किऊल से गया की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन में एक बुजुर्ग यात्री फर्श के किनारे बेहोशी की अवस्था में मिले। ट्रेन के शेखपुरा स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों ने इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने शव को ट्रेन से उतारा। इस दौरान स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। रेल टिकट और एक थैला बरामद हुआ जीआरपी थाना शेखपुरा के थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि मृतक के पास से बड़हिया से शेखपुरा रेलवे स्टेशन तक का एक रेल टिकट और एक थैला बरामद हुआ है। थैले में कुछ कपड़े और खाने-पीने का सामान मिला है। हालांकि, मृतक के पास से पहचान संबंधी कोई सामग्री नहीं मिली है। शादी समारोह में शामिल होने आ रहे थे पुलिस का अनुमान है कि बुजुर्ग लखीसराय जिले के बड़हिया स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे और शेखपुरा जिले में किसी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने आ रहे थे। पुलिस मृतक की पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने यह भी बताया कि शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पहचान के लिए शव को अगले 72 घंटे तक सदर अस्पताल शेखपुरा में सुरक्षित रखा जाएगा।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी का आरोपी:मेरठ के वंश सचदेवा को बेंगलुरु कोर्ट से जमानत, जेल से रिहा
मेरठ के वंश सचदेवा को बेंगलुरु में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जमानत मिल गई है। बेंगलुरु की अदालत के आदेश के बाद 26 जून को उसे जेल से रिहा कर दिया गया। उसकी रिहाई के बाद मेरठ पुलिस भी सतर्क हो गई है और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। वंश सचदेवा को इस मामले में अमित मिरिंडा के साथ गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे 5 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतदारों की शर्त पर जमानत मंजूर की है। हालांकि, यह केवल जमानत है; मामले का ट्रायल अभी जारी है और न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। पुलिस जांच के अनुसार, जुलाई 2025 में बेंगलुरु के एक प्लाईवुड कारोबारी के परिवार को व्हाट्सएप कॉल की गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बताते हुए 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रकम न देने पर कारोबारी के बेटे के अपहरण और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। शिकायत के बाद बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में वंश सचदेवा और अमित मिरिंडा को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वंश सचदेवा मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र का निवासी है। उसका नाम हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा गैंग से जुड़ा बताया जाता है। मेरठ में भी उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बेंगलुरु जेल से रिहाई के बाद मेरठ पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है। इस हाई-प्रोफाइल रंगदारी मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
गोरखपुर की रहने वाली एक महिला ने पति, सास और ससुर पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद उस पर हर महीने की पूरी सैलरी सास को देने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर पति मारपीट करता था, जबकि ससुर ने अकेला पाकर उसके साथ अश्लील हरकत की। महिला का आरोप है कि शिकायत करने पर तीनों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। किसी तरह वह मायके पहुंची और रविवार को SSP के आदेश पर कैंट थाने में पति, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... 1 फरवरी 2024 को हुई थी शादी जानकारी के मुताबिक, कैंट थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला की शादी 1 फरवरी 2024 को फिरोजाबाद के लाइनपार थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-2, सुहागनगर निवासी शिवम गुप्ता से हुई थी। तहरीर के अनुसार, शिवम एक निजी कंपनी में सीनियर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर है। महिला भी शादी से पहले से निजी कंपनी में नौकरी करती थी। हर महीने की पूरी कमाई पर था दबाव पीड़िता ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष उस पर अपनी पूरी मासिक आय सास सीमा गुप्ता को देने का दबाव बनाता था। इनकार करने पर गाली-गलौज की जाती और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। महिला के मुताबिक, पति ने उसका एटीएम कार्ड भी अपने कब्जे में लेकर सास को दे दिया। बाद में दोनों गुरुग्राम में किराये के मकान में रहने लगे, जहां मकान का किराया, बिजली और अन्य घरेलू खर्च उसी की कमाई से कराए जाते थे। तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति घर में शराब पीता था और कई बार उसे भी जबरन शराब पिलाने की कोशिश करता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। अकेला पाकर ससुर ने की अश्लील हरकत महिला के अनुसार, एक बार वह फिरोजाबाद में पति, सास और ससुर के साथ रह रही थी। इसी दौरान शाम करीब 7 बजे ससुर रूपेंद्र कुमार गुप्ता उसके कमरे में पहुंचा और उसके साथ छेड़छाड़ व बैड टच करने लगा। विरोध करने पर उसने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि उसने घटना की जानकारी पति और सास को दी तो दोनों ने उसका साथ देने के बजाय ससुर का पक्ष लिया। इसके बाद तीनों ने कमरे में बंद कर डंडों, लात-घूंसों से हमला किया, जिससे उसके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया। महिला का कहना है कि उसने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन घरेलू विवाद बताकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने फ्लाइट से गोरखपुर आकर मायके में शरण ली। SSP के आदेश पर दर्ज हुआ केस पीड़िता ने बताया कि उसे अब भी पति और ससुराल पक्ष से जान का खतरा महसूस होता है। उसने इसकी शिकायत गोरखपुर के SSP से की। उनके निर्देश पर रविवार को कैंट थाने में पति शिवम गुप्ता, सास सीमा गुप्ता और ससुर रूपेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई कैंट थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अलवर शहर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एक मजदूर के साथ 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उसे एक हरे रंग का दुर्लभ कछुआ दिखाकर दावा किया कि उसकी बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। सस्ते में कछुआ दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे 10 लाख रुपये ले लिए। बाद में कछुए को मरा हुआ बताकर और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उसे वहां से भगा दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जमालपुर निवासी उन्नस खां वर्तमान में अंबेडकर नगर में किराये पर रहता है और उद्योग नगर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। उन्नस ने रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2026 में उसके पास आसिम नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को उसके गांव के एक युवक का साला बताते हुए कहा कि उसके पास ऐसा काम है, जिससे दोनों 10 से 20 लाख रुपये कमा सकते हैं। अगले दिन उसने उन्नस को सूर्यनगर मोड़ पर बुलाया। उन्नस जब वहां पहुंचा तो उसकी मुलाकात आसिम, राहुल सैन और महेंद्र जोगी से हुई। तीनों उसे एचडीएफसी बैंक के पास एक चाय की दुकान पर ले गए। वहां उन्होंने हरे रंग का एक कछुआ दिखाया और कहा कि उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। आरोपियों ने लालच दिया कि अगर वह 10 लाख रुपये दे दे तो यह कछुआ उसे मिल जाएगा और बाद में वह इसे बेचकर करोड़ों कमा सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों की बातों में आकर उसने तीन किश्तों में 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये, कुल 10 लाख रुपये उन्हें दे दिए। इसके बाद आरोपी उसे बाइक से नटनी का बारा ले गए। वहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि कछुआ मर गया है। कुछ देर बाद एक व्यक्ति को डॉक्टर बताकर बुलाया गया, जिसने भी कछुए को मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, जब उन्नस ने कहा कि वह मरा हुआ कछुआ भी अपने साथ ले जाएगा, तभी वहां पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति आ गया। आरोप है कि उसने उन्नस को धमकाते हुए कहा कि यदि उसने ज्यादा सवाल किए तो उसे दुर्लभ कछुआ रखने के फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। इससे डरकर उन्नस वहां से लौट आया। बाद में उसे एहसास हुआ कि उसके साथ पूरी योजना बनाकर ठगी की गई है। इसके बाद उसने वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आसिम, राहुल सैन, महेंद्र जोगी, नोवताराम उर्फ कटू बाबरिया सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज की 14 वर्षीय तैराक शताक्षी प्रजापति ने यमुना नदी पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। महेवा घाट पर उन्होंने कोच मोनू निशाद के मार्गदर्शन में 14 मिनट 30 सेकेंड में नदी पार की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। नैनी की मायापुरी कॉलोनी निवासी शताक्षी प्रजापति सेम स्टार ग्लोबल स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी भी कर रही हैं। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की है। शताक्षी पिछले काफी समय से महेवा घाट पर कोच मोनू निशाद की देखरेख में नियमित तैराकी का अभ्यास कर रही हैं। लगातार प्रशिक्षण और अनुशासित दिनचर्या का परिणाम रहा कि उन्होंने यमुना जैसी चुनौतीपूर्ण नदी को महज 14 मिनट 30 सेकेंड में पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया। शताक्षी के पिता सुरेंद्र नाथ प्रजापति इलाहाबाद हाईकोर्ट में निजी सचिव हैं, जबकि उनकी मां नूतन प्रजापति समाजसेवा से जुड़ी हैं और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती हैं। बेटी की सफलता पर परिवार ने खुशी जताई है। रिकॉर्ड बनने की जानकारी मिलते ही मायापुरी कॉलोनी और आसपास के लोगों ने शताक्षी को बधाई दी। रिश्तेदारों, मित्रों और पड़ोसियों ने इसे प्रयागराज के लिए गर्व का क्षण बताया। कोच मोनू निशाद ने कहा कि शताक्षी शुरू से ही मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी रही हैं। यदि उन्हें लगातार अभ्यास और बेहतर अवसर मिलते रहे तो वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। उनकी उपलब्धि पढ़ाई के साथ खेल में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
भागलपुर में 2 बाइकों की आपस में टक्कर:हादसे में एक युवक की मौत, भोज खाने के लिए ससुराल जा रहा था
भागलपुर में 2 बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में भोज खाने जा रहे एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मद अलाउद्दीन के पुत्र इरफान(28) के रूप में हुई है। डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। 2 माह का एक बच्चा है। घटना हबीबपुर थाना क्षेत्र के करौड़ी बाजार स्थित नवाब कॉलोनी की है। ममेरा भाई के साथ जा रहा था परिजन के अनुसार इरफान अपने ममेरे भाई के साथ बाइक से ससुराल में दावत खाने जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब 11:30 बजे कब्रिस्तान के पास सामने से बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इरफान सड़क पर गिर पड़े। उनके सिर में गंभीर चोट लगी और एक हाथ भी टूट गया। ममेरे भाई को भी चोटें आईं। सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को सदर अस्पताल ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए इरफान को मायागंज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, दूसरे बाइक सवार के सदर अस्पताल से फरार होने की बात कही जा रही है। हादसे में घायल ममेरे भाई को मामूली चोट आने पर इलाज के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस से कार्रवाई की मांग मृतक के मामा मोहम्मद इस्लामउद्दीन ने बताया कि इरफान को ससुराल से दावत के लिए बुलाया गया था। रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, हबीबपुर थानेदार सफदर अली ने बताया कि दोनों बाइक को जब्त कर लिया गया है। हादसे में एक युवक की मौत हुई है। पुलिस छानबीन कर रही है।
पंजाब के खन्ना में पिछले दिनों एक महिला पर हुए जानलेवा चाकू हमले के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर लूटपाट की कोशिश मानकर देखा जा रहा था, वह असल में 20 साल पुराने प्रेम संबंधों और आपसी रंजिश का मामला निकला है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लूट नहीं, आपसी विवाद में हुआ हमला पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल महिला और आरोपी के बीच पिछले करीब 20 वर्षों से प्रेम संबंध थे। महिला की शादी होने के बाद भी दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। हालांकि, हाल ही में दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हो गया, जिसके बाद महिला ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसी बात से गुस्साए आरोपी ने महिला पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सब्जी मंडी जाने निकली थी पीड़िता पीड़ित महिला दो दिन पहले ही लुधियाना से खन्ना स्थित अपने मायके आई थी। रविवार दोपहर वह अपने घर से सब्जी मंडी जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन घर के कुछ ही दूरी पर घात लगाकर बैठे हमलावर ने उस पर हमला कर दिया। वारदात के बाद परिजनों ने पुलिस को शुरुआती बयान में इसे लूट की कोशिश बताया था, लेकिन गहनता से हुई जांच ने मामले का रुख पूरी तरह बदल दिया। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस ने आरोपी गुरहरप्रीत सिंह उर्फ शरणजीत सिंह निवासी गांव हरियो कलां, समराला को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में चार मामले दर्ज हैं। आरोपी और पीड़िता के बीच पुराने संबंध थे और बातचीत बंद होने के विवाद में ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पन्ना की हीरा खदान ने दो आदिवासी भाइयों को करोड़पति बना दिया है। दो साल के भीतर दोनों को दो हीरे मिले हैं। पहला हीरा 93 लाख में बिका था। इस बार मिले हीरे की कीमत फिलहाल 30 लाख रुपए बताई जा रही है। अहिरगवां खदान में चुनुवाद आदिवासी के बेटों को 11.19 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है। सोमवार 29 जून को मिली इस बेशकीमती हीरे की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। यह परिवार दूसरी बार हीरा मिलने से करोड़पति बन गया है। राकेश गौड़ ने 27 अप्रैल 2026 को हीरा कार्यालय से खदान का पट्टा लिया था। उन्होंने अपने बड़े भाई राजू आदिवासी, जीजा रतन आदिवासी और खेत मालिक छुट्टो सरकार के साथ मिलकर अहिरगवां में खदान लगाई थी। लगभग दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मिट्टी के बीच यह चमचमाता हीरा मिला। हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय में जमा कराया गया। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने इसकी शुद्धता की जांच की और नियमानुसार जमा कर लिया। इस हीरे को अब आगामी शासकीय नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। दो साल पहले भी मिला था हीरा यह पहली बार नहीं है जब इस परिवार को हीरा मिला है। इससे पहले साल 2024 में भी उन्हें पट्टी खदान में 19.22 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का एक बड़ा हीरा मिला था। वह हीरा नीलामी में लगभग 93 लाख रुपये में बिका था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया था। इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद परिवार ने मेहनत करना नहीं छोड़ा है। राकेश आदिवासी ने बताया कि इस नए हीरे की नीलामी से मिलने वाले पैसों का उपयोग वे नई हीरे की खदान लगाने और अपनी किस्मत आजमाने में करेंगे। 250 रुपए के हीरा खदान के पट्टे ने बनाया अमी250 रुपए के पट्टे की खदान से उनकी जिंदगी बदल गई। अब परिवार पक्के मकान में रहता है। पहले दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाले चुनुवाद अब काम के ठेके ले रहे हैं। घर में ट्रैक्टर और जमीन भी है। परिवार में पत्नी सावित्री बाई और दो बेटे राजू (40) और राकेश (22) हैं। बड़े बेटे राजू छह बेटियों के पिता हैं। पूरी खबर पढ़िए…
विवाहिता की संदिग्ध मौत:कौशांबी में मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी
कौशांबी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र स्थित सौराई बुजुर्ग गांव में एक 19 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कड़ाधाम पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रितु पटेल के रूप में हुई है। लगभग एक वर्ष पहले रितु ने गांव के ही अभिषेक पटेल से प्रेम विवाह किया था। ससुराल पक्ष का कहना है कि रितु कई दिनों से गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। उसका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई लखनऊ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सोमवार सुबह परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे। इसी दौरान, मृतका के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट को बुलाया। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। कार्यपालक मजिस्ट्रेट और एक महिला उपनिरीक्षक की उपस्थिति में पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कड़ाधाम थाना प्रभारी ने बताया कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच कर रही है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना के गांव जंडियाली में प्रिंसिपल की हत्या कर दी गई। मृतक के बेटे ने कहा कि दो व्यक्ति घर में घुसे, फिर उसे और उसके पिता को बंधक बनाया, इसके बाद मारपीट की। इसके बाद हमलावरों ने उसके पिता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। पुलिस को मृतक की गर्दन पर कट का निशान मिला है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय इकबाल सिंह के रूप में हुई है, जो अपने घर में ही स्कूल चलाते थे। घटना देर रात की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही थाना जमालपुर की पुलिस, सीआईए स्टाफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मृतक के बेटे युवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि देर रात दो व्यक्ति उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने पहले उसे और उसके पिता को बंधक बना लिया और फिर दोनों के साथ मारपीट की। युवी का आरोप है कि हमलावरों ने उसके पिता पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। युवी ने कहा कि उसके पिता इकबाल सिंह पेशे से वकील थे और अपने मकान में ही “धालीवाल स्कूल” नाम से एक शिक्षण संस्थान संचालित करते थे, जहां 8वीं कक्षा तक पढ़ाई करवाई जाती है। घटना के बाद युवी ने शोर मचाया, जिसके बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक की गर्दन पर कट का निशान मिला है। मृतक की पत्नी वकालत की परीक्षा देने गई पुलिस सूत्रों का कहना है कि फिलहाल मामला पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और कई पहलुओं से जांच की जा रही है। मृतक की पत्नी किसी बाहरी राज्य में वकालत की परीक्षा देने गई हुई हैं। उनके वापस लौटने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। थाना जमालपुर की पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना की असल वजह और आरोपियों की पहचान की जा सके। खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सिरोही जिले में पिंडवाड़ा तहसील के आरासना गांव के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गोचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण, नशीले पदार्थों की खेती, भूमि के अवैध विक्रय और ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। ग्रामवासियों ने कलेक्टर को दिए पत्र में बताया कि गांव की गोचर भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में भी 100x100 फीट गोचर भूमि पर कब्जा कर उसे बेच दिया गया था। अब वर्तमान में 15 बीघा भूमि पर कब्जा कर उसे भी समाज के लोगों को बेचने की तैयारी चल रही है। नशीले पौधे उगाकर खेती करने का आरोपपत्र में यह भी बताया गया कि गोचर भूमि पर अतिक्रमण कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अब खसरा नंबर 300 पर भी कब्जा कर उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इस भूमि पर ट्यूबवेल लगाकर वर्तमान में नशीले पौधे उगाकर खेती की जा रही है। जान से मारने की धमकी दीग्रामीणों का आरोप है कि जब भी वे अतिक्रमण हटाने की बात करते हैं, तो उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। ग्रामवासियों ने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम भेजकर खसरा नंबर 300 की पैमाइश करवाई जाए और अतिक्रमण हटाकर भूमि को सरकारी रिकॉर्ड में सुरक्षित किया जाए। उन्होंने गोचर भूमि को अवैध रूप से बेचने की योजना को विफल करने और ऐसी हरकत करने वाले के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की भी मांग की।
संभल में बसपा की मुस्लिम समाज बैठक:संगठन मजबूत करने और पार्टी नीतियां घर-घर पहुंचाने पर जोर
संभल में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सोमवार को असमोली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नाधौस में मुस्लिम समाज की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बसपा नेता नाजिम अल्वी ने कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सर्व समाज के सम्मान और सामाजिक न्याय की राजनीति में विश्वास रखती है। अल्वी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की विचारधारा और नीतियों को लोगों तक पहुंचाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ें। इस अवसर पर अजब सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, मदनपाल, संजय सिंह, अफसर अली, डॉ. सुनील कुमार जाटव, एडवोकेट ताज मोहम्मद, ज़ालिम अहमद, मनोज कुमार, जबर सिंह और मोहम्मद सलीम सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने संगठन की मजबूती, आपसी एकता और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। बैठक का संचालन पूर्व जोन प्रभारी रामबहादुर ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। बैठक के अंत में संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान को तेज करने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों और बसपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के रैंबो करमा गांव में सांप के काटने से एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद भी परिजनों ने झाड़-फूंक के चक्कर में बच्चे को तंत्र-मंत्र से ठीक करने की कोशिश में 12 घंटे तक गोबर और गोमूत्र में लपेटकर रखा। पहले देखिए घटना से संबंधित कुछ तस्वीरें बच्चे की पहचान प्रवीण रविदास के पुत्र ऋषि कुमार रविदास के रूप में हुई है। शनिवार रात ऋषि अपनी मां के साथ घर में जमीन पर सो रहा था। रविवार सुबह करीब 4 बजे वह अचानक चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर मां की नींद खुली और उन्होंने कमरे की लाइट जलाई। डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित किया मां ने देखा कि एक करैत सांप उनके बेटे के पास बैठा था। इससे उन्हें समझ आ गया कि ऋषि को सांप ने डस लिया है। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर अपने पति और पड़ोसियों को जगाया। परिजनों ने ऋषि को तुरंत बरही स्थित अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन निराश होकर घर लौट रहे थे। लोगों ने कोडरमा के एक बाबा के बारे में बताया घर लौटते समय रास्ते में उन्हें कुछ लोग मिले, जिन्होंने उनके रोने का कारण पूछा। ऋषि के परिजनों ने उन्हें पूरी घटना बताई। उन लोगों ने कोडरमा के एक बाबा के बारे में बताया, जो तंत्र-मंत्र से सांप के विष को ठीक करने का दावा करते हैं। इसके बाद, मृत बच्चे के परिजनों ने उम्मीद में उस तांत्रिक बाबा से संपर्क किया और उन्हें अपने गांव बुलाया। गांव पहुंचने पर बाबा ने ऋषि को एक गड्ढे में डालकर उसके शरीर पर गोबर और गोमूत्र का लेप लगा दिया। 12 घंटे के अंदर-अंदर बच्चे के जिंदा होने का दावा इसके बाद बाबा ने दावा किया कि 12 घंटे के अंदर-अंदर बच्चा जीवित हो उठेगा। इधर इस पूरे तंत्र विद्या को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा गांव इस चमत्कार को देखने के लिए बालक के पास डटा रहा। इधर, करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद बाबा ने परिजनों को कहा कि सांप का विष ज्यादा फैल जाने के कारण उनकी तंत्र विद्या से वह जीवित नहीं हो पाएगा और अंततः बाबा वहां से मौका पाकर निकल पड़े। इधर, देर रात ऋषि के परिजनों ने ऋषि को गांव स्थित खेत में ले जाकर दफन कर दिया।
प्रयागराज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रयागराज दौरे के बीच जनपद मऊ से आए सपा कार्यकर्ता मुसाफिर यादव का अनोखा अंदाज लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अखिलेश यादव से मिलने और समाजवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से मुसाफिर यादव ने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल को ही 'समाजवादी विजय रथ' का रूप दे दिया है। मुसाफिर यादव ने बताया कि उन्होंने करीब 30 से 40 हजार रुपये खर्च कर अपनी बुलेट को विशेष रूप से मॉडिफाई कराया है। बाइक के ऊपर समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल लगाया गया है, जो दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। प्रयागराज की सड़कों पर जहां भी यह समाजवादी विजय रथ पहुंच रहा है, वहां लोग रुककर इसे देख रहे हैं और इसके साथ फोटो भी खिंचवा रहे हैं। इस विशेष रथ पर एक ओर जय श्रीमती डिम्पल और दूसरी ओर जय श्री अखिलेश लिखा गया है। इसके साथ ही मुसाफिर यादव का परिचय प्रदेश सचिव, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के रूप में अंकित है। रथ पर विजय यात्रा के साथ उनका विधानसभा क्षेत्र 355 गोहना, मुहम्मदाबाद, जनपद मऊ भी लिखा गया है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें भी रथ पर लगाई गई हैं, जिससे यह पूरी तरह पार्टी के प्रचार वाहन का स्वरूप ले चुका है। मुसाफिर यादव का कहना है कि यह पहल युवाओं, किसानों और आम लोगों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने का एक अनोखा प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बाइक नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी की नीतियों और अखिलेश यादव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जहां भी यह कारवां पहुंचता है, लोगों को बिना बताए ही पता चल जाता है कि समाजवादी पार्टी का कारवां आया है। यह पार्टी के चुनाव चिन्ह और विचारधारा की पहचान बन चुका है। मुसाफिर यादव ने बताया कि वे जनपद मऊ के विधानसभा क्षेत्र मुहम्मदाबाद गोहना से प्रयागराज पहुंचे हैं और उनका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना तथा अखिलेश यादव के कारवां को मजबूत करना है।
पंचकूला में शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर लाखों रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पंचकूला सेक्टर-9 निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-15 निवासी वरुण ने बताया कि आरोपी शिवांग मिश्रा उसका पुराना दोस्त है। जून 2024 में शिवांग ने बताया कि वह अपने पिता रघुविंदर मिश्रा और भाई गोरांग मिश्रा के साथ शेयर मार्केट व क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का कारोबार करता है और निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिलाता है। दोस्ती पर विश्वास करते हुए उसने निवेश के लिए हामी भर दी। शिकायत के अनुसार, सबसे पहले 15 जून 2024 को 1.50 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। इसके बाद आरोपियों ने तीन महीने तक हर माह 10-10 हजार रुपए मुनाफे के रूप में दिए। इससे विश्वास बढ़ने पर शिकायतकर्ता ने बाद में 3.04 लाख रुपए और ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 4.54 लाख रुपए निवेश किए गए। रिफंड का आश्वासन देकर टालते रहे शिकायतकर्ता का आरोप है कि अप्रैल 2025 तक कुछ और रकम प्रॉफिट के नाम पर दी गई, लेकिन जब उसने अपनी मूल निवेश राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने कंपनी में रिफंड रिक्वेस्ट डालने की सलाह दी। फरवरी 2025 में रिफंड आवेदन करने के बावजूद भुगतान नहीं मिला। बाद में आरोपियों ने कंपनी बंद होने और जल्द भुगतान का भरोसा दिया, लेकिन पैसा वापस नहीं किया। वॉटसएप ग्रुप बनाकर निवेशकों को जोड़ने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि आरोपी GM Team और Team The Experts Trading नाम से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित करते थे, जिनमें निवेश से जुड़ी जानकारी साझा की जाती थी। अक्टूबर 2025 में ग्रुप में संदेश डालकर सभी निवेशकों का पैसा 1 नवंबर 2025 तक लौटाने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बावजूद रकम वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि 5 फरवरी 2026 को वह अपने माता-पिता के साथ आरोपियों के घर गया और निवेश की राशि लौटाने की मांग की। आरोप है कि आरोपियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया और दोबारा पैसे मांगने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा पंचकूला के सेक्टर-14 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया। आगे की जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) सेल, पंचकूला को सौंपी जाएगी।
मेरठ में पंख डिसेबल वेलफेयर सोसाइटी ने दिव्यांगजनों की विभिन्न समस्याओं के निवारण और जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सोसाइटी ने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें बढ़ती महंगाई और दैनिक जीवन के संघर्षों के बीच दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए कई सुधारों का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के पात्रता नियमों में ढील देने की मांग की गई है। वर्तमान में यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को मिलती है। सोसाइटी ने इस सीमा को घटाकर 70 से 75 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है, ताकि अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजन इसका लाभ उठा सकें और उनकी आवाजाही सुगम हो सके। दिव्यांग पेंशन राशि में वृद्धि और मासिक भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रति माह की दर से त्रैमासिक (तीन महीने में एक बार) पेंशन दी जाती है, जो महंगाई के इस दौर में अपर्याप्त है। सोसाइटी ने दिल्ली सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति माह करने कि मांग की। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजनों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उन्हें घरेलू बिजली और रसोई गैस (एलपीजी) या तो पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान करने या इस पर भारी सब्सिडी (छूट) की व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही, मेरठ जनपद के सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों, बैंकों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर अनिवार्य रूप से रैंप और व्हीलचेयर की सुचारू व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया गया। रोजगार और स्वरोजगार हेतु ऋण प्रक्रिया के सरलीकरण की भी मांग की गई है। दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार मेलों में विशेष कोटा प्रदान करने का भी सुझाव दिया गया है। सोसाइटी ने जिलाधिकारी से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और इन्हें शासन स्तर (राज्य सरकार) तक पहुंचाने तथा जिला स्तर पर संभव राहत प्रदान करने की कृपा करने का विनम्र निवेदन किया है। समस्त दिव्यांगजनों ने इसके लिए आभार व्यक्त करने की बात कही है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) का कोर क्षेत्र 1 जुलाई से अगले तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा। मानसून के चलते मढ़ई और चूरना के कोर क्षेत्र में 30 सितंबर तक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। 30 जून को इस सीजन की आखिरी जंगल सफारी होगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से एक बार फिर पर्यटक कोर क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। मानसून के दौरान नहीं होगी सफारी हर साल बारिश के मौसम में सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक एसटीआर के कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। इस दौरान जंगल सफारी भी पूरी तरह बंद रहेगी। बाघों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस बारिश के तीन महीनों के दौरान वन्यजीवों, खासकर बाघों की सुरक्षा वन विभाग के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। इस बार निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो। 500 से अधिक कर्मचारी करेंगे गश्त एसटीआर प्रबंधन के अनुसार, मानसून के दौरान 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी जंगल में निगरानी और गश्त करेंगे। सभी बीटों में पैदल गश्ती बढ़ाई जाएगी। जिन क्षेत्रों में बाघों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। नाव और हाथियों से भी होगी पेट्रोलिंग बारिश के दौरान जिन क्षेत्रों में पानी भर जाता है और डूब क्षेत्र बन जाता है, वहां वन विभाग की टीम नाव के जरिए पेट्रोलिंग करेगी। इसके अलावा हाथियों की मदद से भी जंगल के अंदर नियमित गश्त की जाएगी, ताकि हर हिस्से पर नजर रखी जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए जाएंगे कैमरे एसटीआर की क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सभी बीटों में कर्मचारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है और गश्त के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। बफर क्षेत्र में जारी रहेगा पर्यटन कोर क्षेत्र बंद रहने के बावजूद एसटीआर के बफर क्षेत्र में पूरे साल पर्यटन जारी रहेगा। यहां आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के साथ नाइट सफारी का भी आनंद ले सकेंगे, जो पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 70 से अधिक बाघों का है बसेरा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 70 से अधिक बाघ मौजूद हैं। इसके अलावा यहां पैंथर, भालू, बायसन, सांभर, चीतल, नीलगाय, बारहसिंगा समेत कई वन्यजीव और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी व तितलियां भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
बाराबंकी में पंचायत सहायक का आरोप:सोमनाथ मंदिर में दर्शन के बाद सामाजिक बहिष्कार और हमले की शिकायत
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के टिकैतनगर थाना क्षेत्र के पंचायत सहायक मोहम्मद आमिर ने आरोप लगाया है कि गुजरात के सोमनाथ मंदिर में दर्शन कर टीका लगवाने के बाद उन्हें सामाजिक बहिष्कार, मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा है। आमिर का यह भी आरोप है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। मोहम्मद आमिर ने बताया कि 11 मई को वह अपने मित्र अवधेश के साथ गुजरात के सोमनाथ मंदिर गए थे। वहां दोनों ने दर्शन किए और पुजारी से टीका लगवाया। उनके मित्र ने बाद में यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर दी। आमिर का आरोप है कि इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने उनकी तस्वीर वायरल कर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्हें गांव छोड़ने, घर में आग लगाने और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें मस्जिद में नमाज अदा करने से भी रोका गया। इसके अतिरिक्त, ताजिया के दौरान उपस्थित रहने पर कुछ लोगों ने उन पर डंडों और लाठियों से हमला कर दिया। आमिर के अनुसार, इससे पहले भी उन पर फायरिंग की गई थी। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया। उनके सिर पर दस टांके लगाए गए हैं। आमिर ने बताया कि उन्होंने 17 मई और 22 जून को टिकैतनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। टिकैतनगर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने जानकारी दी कि मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अन्य आरोपों के संबंध में क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट ने रिपोर्ट तलब की है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला गांव की आपसी राजनीति से जुड़ा प्रतीत होता है। अधिकारियों ने कहा कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने सोमवार को मुंडावर क्षेत्र में कार्रवाई की। विभाग ने हरियाणा जा रही पिकअप से 680 लीटर संदिग्ध दूध जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह दूध मुंडावर सहित क्षेत्र के भूरियावास सहित कई गांवों से एकत्र किया गया था। इसे हरियाणा के रेवाड़ी-बावल क्षेत्र स्थित एक डेयरी में ले जाया जा रहा था। मुंडावर में नाकाबंदी कर पकड़ा खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत यादव ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि क्षेत्र से मिलावटी दूध एकत्र कर पिकअप वाहन के जरिए हरियाणा भेजा जा रहा है। इस सूचना के आधार पर टीम ने मुंडावर क्षेत्र में नाकाबंदी कर पिकअप वाहन को रोका। वाहन ड्राइवर की पहचान मोहित के रूप में हुई। जांच के दौरान वाहन में रखे दूध से तेज बदबू आ रही थी और वह फटा हुआ पाया गया। प्राथमिक जांच में दूध मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त और संदिग्ध पाए जाने पर विभाग ने 680 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत यादव ने बताया-संबंधित डेयरी को भी पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने और लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा की जाएगी।
संभल में 39 डिग्री पारा, AQI 126 पहुंचा:तेज धूप और उमस से लोग बेहाल, बारिश का अलर्ट जारी
संभल में तेज धूप के कारण आम जनमानस को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह 28 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 126 रहा। मौसम विभाग ने पूरे दिन बारिश का अलर्ट जारी किया है। बीते दिन शाम को गंगा किनारे के जुनावई क्षेत्र में हुई बारिश से मौसम में कुछ बदलाव आया था। मंगलवार सुबह 11 बजे जिले का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। यह रविवार के मुकाबले 3 डिग्री सेल्सियस कम है। पिछले दिन सुबह 15 मिनट और शाम को गुन्नौर तहसील के जुनावई ब्लॉक के 25 से अधिक गांवों में 20 मिनट की बारिश हुई थी, जिससे जिले का मौसम बदला। बारिश के अलर्ट के बावजूद, तेज धूप के साथ 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। इस बारिश से किसानों को लाभ मिला है और उन्होंने धान की बुवाई शुरू कर दी है। हालांकि, इस साल मानसून में देरी हुई है, जिसे 19 जून तक आ जाना चाहिए था। जून महीने की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी, लेकिन पिछले 20 दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। जून में अब तक 7 दिनों में 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री सेल्सियस था, जबकि जून में यह 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। इस बार नौतपा का असर कम दिखाई दिया। किसान विनोद सैनी ने बताया कि इस साल बारिश की कमी से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इस महीने पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। दुकानदार कमल चंद्र के अनुसार, अधिक गर्मी के कारण दोपहर में ग्राहक नहीं आते हैं, जिससे बिक्री केवल सुबह और शाम को होती है।
एटा जनपद के जैथरा थाना क्षेत्र के ग्राम कसेला में माधवानंद इंटर कॉलेज के एक क्लर्क की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय राहुल पाण्डेय पुत्र रामतीर्थ पांडे निवासी कसेला के रूप में हुई है। क्लर्क का शव प्रधानाचार्य की लखनऊ नंबर वाली कार की डिग्गी से मिला है। सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। मृतक के भाई की तहरीर पुलिस ने प्रधानाचार्य को गिरफ्तार करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देखिए घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें… जानिए पूरा मामला राहुल पांडेय रविवार होने के बावजूद सुबह 11 बजे कॉलेज कुछ काम से जाने के लिए घर से निकला। अपना बैग लेकर कॉलेज पहुंच गया। वहां जाने के बाद देर शाम तक राहुल घर नहीं पहुंचा। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। शाम करीब 5 बजे परिजन जब गांव में स्थित कॉलेज पहुंचे तो वहां मैदान में ही राहुल का बैग मिला, लेकिन राहुल कहीं दिखाई नहीं दिया। प्रधानाचार्य ने एक युवक को दी सूचना हैरान परेशान परिवार वालों ने जैथरा थाने में सूचना दी तो पुलिस ने सक्रिय हो गई। तहरीर लेकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बीच कासगंज अपनी कार से पहुंचने के बाद प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पांडे ने एक युवक को फोन करके बात की। इसके बाद उसी युवक ने रविवार की रात करीब 11:30 बजे 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार की डिग्गी से बरामद किया शव सूचना के संबंध में पुलिस ने अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। हालांकि रात में इस सूचना के तुरंत बाद कासगंज के पटियारी थाने की पुलिस ने कार को बरामद कर लिया और उसकी डिग्गी से राहुल का प्लास्टिक के बोरे में बंद शव भी बरामद कर लिया। राहुल के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। कार के साथ ही पुलिस ने प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है। राहुल शादीशुदा थे और परिवार में पत्नी प्रतिभा के अलावा ढाई साल की बेटी भी है। शव पीएम के लिए भेजा गया इसकी जानकारी जैथरा पुलिस को भी दी गई। यहां सूचना मिलने के बाद पूरी बात परिजनों को बताई गई। इस पर परिजन कासगंज के पटियारी थाने में पहुंच गए। वहां शव को सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्टर आने के बाद ही पुलिस कुछ स्पष्ट रूप से बता पाएगी। जैथरा थाने के प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया- तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन (मनीष) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन मनीष गोस्वामी सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसानों, गरीबों और मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए है। वह आगे भी उनके अधिकारों की आवाज उठाती रहेंगी। सिमरन मनीष गोस्वामी ने आरोप लगाया कि किसानों और गरीबों के साथ लगातार अत्याचार हो रहा है, जिसे उनकी यूनियन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वह 29 जून की सुबह से अत्याचार के विरोध में धरने पर बैठी हैं। चिकित्सकों और कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सक और सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेने के बावजूद गरीबों और मजदूरों का उचित इलाज नहीं करते। शिकायत करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। सिमरन का दावा है कि कुछ कर्मचारी खुलेआम कहते हैं, चाहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर दो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्योंकि हम सबको पैसा खिलाते हैं। बोलीं- लड़ाई किसी व्यक्तिगत हित की नहीं धरने के दौरान सिमरन ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के लिए है। उन्होंने कहा कि यूनियन के सभी पदाधिकारी, किसान, मजदूर और गरीब अत्याचार के खिलाफ एकजुट हैं और हमेशा साथ खड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री से धरनास्थल पर आने की अपील राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से धरनास्थल पर आने की अपील करते हुए कहा, मैं भी उनकी बेटी हूं। बेटियों के सम्मान की बात होती है, इसलिए मैं चाहती हूं कि मुख्यमंत्री यहां आकर मुझे अपना आशीर्वाद दें। जो भी समस्याएं हैं, मैं उन्हें सिर्फ मुख्यमंत्री के सामने ही रखना चाहती हूं। 5 जुलाई को जल समाधि लेने की चेतावनी सिमरन मनीष गोस्वामी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री 5 जुलाई 2026 तक धरनास्थल पर नहीं पहुंचे, तो वह उसी दिन सुबह जल समाधि लेंगी। उनका कहना था कि यदि उनकी जान जाने से सैकड़ों किसानों, मजदूरों और गरीबों का भला होता है, तो उन्हें अपने प्राणों की आहुति देने में भी कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि धरने के दौरान उन्हें, उनके समर्थकों, किसानों या मजदूरों को किसी प्रकार की हानि पहुंचती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
फलोदी एसपी ने ट्रैफिक पुलिस थाने का उद्घाटन किया:भामाशहों के सहयोग से बना, आधुनिक सुविधाएं रहेंगी
फलोदी एसपी सतनाम सिंह ने राईका बाग स्थित पुराने बस स्टैंड के पास ट्रैफिक पुलिस थाने का उद्घाटन किया। यह बिल्डिंग भामाशाहों के सहयोग से तैयार की गई है। इस मौके पर ट्रैफिक पुलिस थाने को तैयार कराने में सहयोग करने वाले भामाशाह और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। एसपी ने पहल का किया स्वागत एसपी ने बताया- करीब 8 दशक पुराने खंडहर हो चुके डीएसपी ऑफिस को मरम्मत कर पुलिस थाने के रूप में तैयार किया गया है। एसपी सतनाम सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनूठी और अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सहयोग की भावना का संदेश जाएगा और अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। एडीशनल एसपी ब्रजराज सिंह चारण ने भी भामाशाहों के योगदान की सराहना की। एसपी ने इस अवसर पर सभी भामाशाहों का साफा और माला पहना कर अभिनंदन किया। कई जरूरी सुविधाएं तैयार कीं यातायात थाना प्रभारी जेठाराम ने बताया-एसपी सतनाम सिंह की प्रेरणा से उन्होंने भामाशाहों से संपर्क किया, जिसके फलस्वरूप यह भवन बन सका। इसमें यातायात प्रभारी का कक्ष, आवास, कार्यालय कक्ष और प्रसाधन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं तैयार की गई हैं। परिसर में बनवाई प्याऊ यातायात परिसर में ही एक प्याऊ भी बनाई गई है, जिससे यातायात थाना कर्मियों और आने-जाने वाले लोगों को शीतल जल उपलब्ध होगा। एसपी सतनाम सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने पूरे यातायात थाना परिसर का अवलोकन किया और भामाशाहों के प्रयासों की सराहना की। इस भवन के जीर्णोद्धार कार्य में इंडिया स्टील्स के संचालक एवं समाजसेवी रोशन अली नागौरी के अलावा रामदेव गाडोदिया, बृजेश गुप्ता, प्रवीण अग्रवाल, अब्दुल रशीद और टीकमचंद सोनी ने आर्थिक सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन कॉन्स्टेबल विक्रम सिंह ने किया। भामाशाह रोशन अली नागौरी ने अतिथियों का साफा और माला पहना कर स्वागत किया।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता के पिता ने 28 जून को रघुनाथनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 जून की रात वे और उनकी पत्नी खाना खाकर सो रहे थे। देर रात जब वे पानी पीने उठे, तो देखा कि उनकी नाबालिग बेटी घर पर नहीं थी। जंगल ले जा कर किया रेप रात भर खोजबीन के बाद सुबह बेटी मिली, जिसने बताया कि जनकपुर निवासी नंदू अगरिया (23) उसे बहला-फुसलाकर घर से ले गया था। आरोपी उसे पास के जंगल में ले गया और उसका रेप किया। पॉक्सो एक्टके तहत मामला दर्ज प्रार्थी की रिपोर्ट पर रघुनाथनगर थाने में आरोपी नंदू अगरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत धारा 137(2), 64(2)D BNS और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। जेल भेजा गया आरोपी जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंदू अगरिया, पिता माधो राम अगरिया, निवासी जनकपुर, रघुनाथनगर की तलाश की। उसे 29 जून को गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायालय रामानुजगंज में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर रामानुजगंज जेल भेज दिया गया है। प्रकरण के अन्य पहलुओं पर जांच जारी है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने ट्रेन संख्या 15028/15027 गोरखपुर-संबलपुर-गोरखपुर मौर्या एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 15028 गोरखपुर-संबलपुर एक्सप्रेस में 1 से 31 जुलाई तक एसी 3-टियर का एक अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा। वहीं, वापसी दिशा में चलने वाली ट्रेन संख्या 15027 संबलपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस में 3 जुलाई से 2 अगस्त तक एसी 3-टियर का एक अतिरिक्त कोच उपलब्ध रहेगा। ट्रेन संख्या 02877 रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल 4 जुलाई से 25 जुलाई तक प्रत्येक शनिवार को कुल 4 ट्रिप के साथ रांची से चलेगी। इसी तरह, ट्रेन संख्या 02878 आनंद विहार टर्मिनल-रांची स्पेशल 5 जुलाई से 26 जुलाई तक प्रत्येक रविवार को आनंद विहार से प्रस्थान करेगी, जिसके इसके अलावा, ट्रेन संख्या 08611 सांतरागाछी-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल (वाया रांची) का परिचालन 6 जुलाई से 28 सितंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा, जिसमें कुल 13 ट्रिप होंगे। वहीं, ट्रेन संख्या 08612 अजमेर-सांतरागाछी साप्ताहिक स्पेशल (वाया रांची) 9 जुलाई से 1 अक्टूबर तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी और इसमें भी 13 ट्रिप शामिल होंगे।
खंभे में उतरे करंट से 3 गायों की मौत:लोगों का आरोप- शिकायत के बावजूद बिजली कंपनी ने नहीं किया सुधार
शहर के भुल्लानपुरा तिराहे पर रविवार रात करीब 2 बजे बिजली के खंभे में करंट फैलने से 3 गायों की मौत हो गई। सोमवार सुबह जब लोगों को इसकी जानकारी मिली, तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और नगरपालिका की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय नागरिकों ने बिजली कंपनी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि इस खंभे में पहले भी कई बार करंट आ रहा था। बिजली कंपनी को इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे सुधारने पर ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही के चलते रात के अंधेरे में वहां से गुजर रहीं गाएं करंट की चपेट में आ गईं। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांगलोगों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, जिससे खुले तारों और खंभों में करंट फैलने का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों ने बिजली कंपनी से शहर के सभी खंभों की तुरंत जांच कर उन्हें दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, गौसेवकों ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
बालाघाट में सुहागन महिलाओं ने ज्येष्ठ पूर्णिमा पर वट सावित्री का पूजन किया। उन्होंने पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस वर्ष यह पूजन 29 जून, सोमवार को संपन्न हुआ। पूजन के दौरान, व्रत रखने वाली महिलाओं ने वटवृक्ष की परिक्रमा की और उसे रक्षासूत्र बांधा। इसके बाद वटवृक्ष के नीचे बैठकर कथा सुनी तथा श्रृंगार सामग्री, नारियल, आम, दूध और पकवान का प्रसाद अर्पित किया। भारतीय परंपरा में पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए महिलाओं द्वारा व्रत रखने का विधान है। वट सावित्री का पूजन वर्ष में दो बार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या और पूर्णिमा को किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाए थे। इसी कारण, सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए वट सावित्री का व्रत करती हैं। इस अवसर पर, महिला अलका महेंद्र रामटेक्कर ने बताया कि सुहागिनें पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए वट सावित्री का पूजन करती हैं। महिला रोजिना संतोष ठाकुर ने जानकारी दी कि महाराष्ट्रीयन महिलाएं विशेष रूप से ज्येष्ठ पूर्णिमा को यह पूजन करती हैं। पूजन में सुहाग की सामग्री, फल-फूल और मिष्ठान सहित अन्य वस्तुएं वटवृक्ष को अर्पित की गईं। वटवृक्ष को रक्षासूत्र बांधकर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा गया। मान्यता है कि वटवृक्ष की पूजा लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य प्रदान करती है, साथ ही हर तरह के कलह का नाश भी करती है।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़् में तोलियासर स्थित सरकारी सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। ग्रीष्मावकाश के बाद जब स्कूल खोला गया तो एक कक्षा की छत की 10 पट्टियां टूटी हुई मिलीं। गनीमत रही कि उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह विद्यालय का स्टाफ स्कूल पहुंचा और कक्षाओं के ताले खोले। इस दौरान कक्षा संख्या-7 में छत की 10 पट्टियां टूटकर नीचे गिरी हुई मिलीं। मलबा कक्षा में रखी टेबलों और कुर्सियों पर गिरने से फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया। एक भी कमरा बच्चों के बैठने लायक नहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केवल एक कक्ष ही नहीं, बल्कि स्कूल के अन्य कक्ष भी जर्जर हालत में हैं। स्थिति ऐसी है कि एक भी कक्ष बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराने योग्य नहीं बचा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने फिलहाल विद्यार्थियों की पढ़ाई खुले में पेड़ों की छाया के नीचे कराने का निर्णय लिया है। पहले ही जर्जर घोषित हो चुका था भवन सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह ने बताया कि 22 जून 2026 को आयोजित ग्राम सेवा शिविर में भी स्कूल भवन की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने मौके का निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित किया था। उन्होंने बताया कि अब एक कमरे की छत की पट्टियां पूरी तरह टूटकर गिर चुकी हैं, जबकि अन्य कमरों की पट्टियां भी अपनी जगह छोड़ चुकी हैं। उनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने नए भवन की मांग उठाई घटना की सूचना मिलने पर सरपंच प्रतिनिधि सहित गांव के कई लोग विद्यालय पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल के नए भवन का निर्माण कराने तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
कटिहार के आजमनगर प्रखंड स्थित केलाबारी पंचायत के बागछल्ला मैदान में बीती रात एक भव्य लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हसनेन मोहर्रम कमेटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में बिहार और बंगाल से कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया। देर रात तक चली इस प्रतियोगिता में खोजिया गांव की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी कला के अद्भुत करतब दिखाए। आग के गोले के बीच लाठी घुमाना, आंखों पर पट्टी बांधकर वार रोकना और टीम के सामंजस्यपूर्ण दांव-पेंच देखकर हजारों दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। मैदान में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अबू बक्कर के नेतृत्व वाली खोजिया गांव की टीम ने जीता। विजेता टीम को 20 हजार रुपये कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया गया। टीम के खिलाड़ियों ने अपनी तेज गति और सटीक वार से निर्णायकों को प्रभावित किया। मोहम्मद मुख्तार के नेतृत्व में सालमारी टोला गांव की टीम ने द्वितीय पुरस्कार हासिल किया, जिसमें उन्हें 15 हजार रुपये नकद और एक अलमीरा दिया गया। तृतीय पुरस्कार मैनुल हक के नेतृत्व वाली इमामनगर गांव की टीम को मिला, जिन्हें 10 हजार रुपये नकद राशि और एक अलमीरा प्रदान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हसनेन मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर राजद नेत्री इशरत परवीन, मोफीजुद्दीन अंसारी, अब्दुल मतीन, अख्तर नसीम, मकसूद आलम, छोटू अंसारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कमेटी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर आपसी भाईचारा और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। आयोजकों ने बताया कि लाठी खेल हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल और कला गतिविधियों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
बिहार: बेगूसराय में दो स्कार्पियो गाड़ियां आमने-सामने टकराईं, तीन युवकों की मौत
बिहार के बेगूसराय जिले में दो स्कार्पियो गाड़ियों की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में लगभग 10 युवक चोटिल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पता चला कि सभी युवक एक दोस्त के जन्मदिन की पार्टी के बाद गंगा स्नान करने जा रहे थे।
दरभंगा के होरलपट्टी गांव में जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरी है। जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। राहत की बात यह रही कि कोई भी श्रद्धालु घायल नहीं हुआ। जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार रात तेज बारिश, बादल गरजने और खराब मौसम के बीच अचानक मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरी। इससे मंदिर के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। प्रशासन से क्षतिग्रस्त गुंबद की शीघ्र मरम्मत कराने और मंदिर की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। तालाब और मंदिर का धार्मिक महत्व मंदिर कैंपस में ही प्रसिद्ध गंगासागर तालाब है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पहले स्नान करते हैं। उसके बाद बाबा जलेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस ऐतिहासिक तालाब का निर्माण दरभंगा राज के महाराज लक्ष्मेश्वर सिंह की पत्नी महारानी लक्ष्मेश्वरी ने कराया था। करीब 150 वर्ष पुराने इस तालाब और मंदिर का धार्मिक महत्व आज भी बरकरार है। 10 घंटे तक बिजली गुल वहीं, देर रात तेज आंधी-बारिश के चलते बिजली कट गई। कई इलाकों में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से आम जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों ने विभाग की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
ग्वालियर के लश्कर क्षेत्र में रहने वाली रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक से लोहा कारोबारी बिट्ठल फलसे को गिरफ्तार किया है। आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक के करंट अकाउंट में ठगी के 19.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। सोमवार को पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ग्वालियर ला रही है। 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 1.58 करोड़ रुपए नेहरू पेट्रोल पंप के पास सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा निवासी 69 वर्षीय मीनाक्षी नाखरे ने 23 जून को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 मई 2026 को उन्हें दो मोबाइल नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी अशोक गुप्ता बताते हुए कहा कि उनके नाम से दूसरा मोबाइल नंबर चल रहा है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी गतिविधियों में हो रहा है। जब मीनाक्षी ने ऐसा कोई नंबर अपना होने से इनकार किया तो ठगों ने उन्हें दिल्ली आने और गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद खुद को आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और डराकर अलग-अलग खातों में 1.58 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। नासिक से लोहा कारोबारी गिरफ्तार जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा महाराष्ट्र के नासिक स्थित इकोब्राइट ग्रीन कंक्रीट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के आईसीआईसीआई बैंक खाते में गया था। पुलिस ने नासिक पहुंचकर जांच की तो कंपनी का संचालक लोहा कारोबारी बिट्ठल फलसे मिला, जिसे रविवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बोला- लोन दिलाने के नाम पर इस्तेमाल हुआ खाता पूछताछ में बिट्ठल फलसे ने पुलिस को बताया कि उसके कारोबार में नुकसान हो गया था और उसे पैसों की जरूरत थी। इंटरनेट पर पर्सनल लोन की तलाश के दौरान उसकी संपर्क एक म्यूल अकाउंट एजेंट से हुआ। एजेंट ने उसके बैंक खाते का इस्तेमाल कराया और बदले में 10 प्रतिशत कमीशन दिया। आरोपी का दावा है कि उसे रकम के साइबर ठगी से जुड़े होने की जानकारी नहीं थी। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है। चार राज्यों के खातों में भेजी गई थी रकम जांच में सामने आया कि ठगी की पूरी रकम चार राज्यों के चार अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी। अन्य आरोपियों की तलाश जारी क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह संगठित साइबर ठगी का मामला है। जिन अन्य खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनके खाताधारकों और म्यूल अकाउंट नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।
पत्नी की कमाई पति से ज्यादा होने पर गुजारा भत्ता नहीं; कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी आर्थिक रूप से सक्षम है और उसकी आय पति से अधिक है, तो उसे गुजारा भत्ता देना जरूरी नहीं। अदालत ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
रामपुर जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी से जूझना पड़ रहा है। वार्ड में दो एयर कंडीशनर (एसी) उपलब्ध होने के बावजूद सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे केवल एक ही संचालित पाया गया। इससे जले हुए मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी हो रही है, और कई लोग हाथ के पंखों से मरीजों को हवा दे रहे हैं। शनिवार से पहले वार्ड के दोनों एसी खराब थे, जिससे तीमारदार हाथ के पंखों का उपयोग करने को मजबूर थे। मामला सामने आने के बाद शनिवार दोपहर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. बी. सक्सेना ने एसी ठीक कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रविवार को वार्ड में एक नया एसी लगाया गया और दूसरा खराब एसी भी ठीक कर दिया गया। हालांकि, सोमवार को भी मरीजों को पूरी राहत नहीं मिली क्योंकि दोनों एसी एक साथ नहीं चलाए जा रहे थे। वार्ड में मौजूद तीमारदार प्रेमपाल ने आरोप लगाया कि दोनों एसी ठीक होने के बावजूद उन्हें एक साथ नहीं चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दोनों एसी लगातार चलाने से वे जल्द खराब हो सकते हैं, इसलिए एक समय में केवल एक एसी ही संचालित किया जा रहा है। एक अन्य महिला मरीज की तीमारदार फौजिया ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें आज भी अपने मरीज को हाथ के पंखे से हवा देनी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों एसी नहीं चलाने थे, तो नया एसी लगाने और पुराने को ठीक कराने का क्या फायदा। तीमारदारों का कहना है कि बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए नियंत्रित तापमान बेहद जरूरी है, इसलिए दोनों एसी चलाए जाने चाहिए। सीएमएस डॉ. बी. सक्सेना ने बताया कि वह एक माह में तीन बार एसी ठीक करा चुके हैं।
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में बाघों और अन्य वन्यजीवों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए श्वानों का विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 560 पालतू और आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से दो किलोमीटर के दायरे में रहने वाले श्वानों पर केंद्रित है। टीकाकरण से कुत्तों को रैबीज सहित कुल 10 संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा मिल रही है, जिससे वन्यजीवों तक संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा। 15 जून से शुरू हुए इस अभियान के संचालन के लिए बीटीआर की 10 सदस्यीय टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 1500 श्वानों को टीकाकरण के लिए चिंहित किया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के नोडल अधिकारी सचिन सिंह ने बताया कि बाघों और अन्य वन्यजीवों को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कोर क्षेत्र की परिधि में टीकाकरण से वन्यजीवों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सकेगा।
असदुद्दीन ओवैसी आज बिजनौर में रहेंगे:नजीबाबाद में 'पैगाम ए इत्तेहाद' जनसभा को करेंगे संबोधित
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सोमवार देर शाम बिजनौर के नजीबाबाद पहुंच रहे हैं। वे यहां 'पैगाम ए इत्तेहाद' कार्यक्रम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस जनसभा की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं, जो अब अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में एआईएमआईएम अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का यह एक दिवसीय दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नजीबाबाद में आजाद चौक के पास एक मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस सभा को सफल बनाने के लिए लगातार जुटे हुए हैं। वे गांव-गांव जाकर लोगों को सभा में आने का न्योता दे रहे हैं और प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। बिजनौर की नजीबाबाद सीट को मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है। यहां दलित-मुस्लिम समीकरण विधायक बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसी समीकरण को साधने के उद्देश्य से असदुद्दीन ओवैसी की यह जनसभा आयोजित की गई है। नजीबाबाद सीट 2012 से पहले सुरक्षित सीट थी। 2007 से 2012 तक बहुजन समाज पार्टी के शीशराम सिंह यहां से विधायक रहे। सीट के सामान्य होने के बाद बसपा से तस्लीम अहमद विधायक बने। बाद में तस्लीम अहमद समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और 2017 व 2022 के चुनावों में सपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। 2007 से पहले यह सीट मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पास थी, जब मास्टर रामस्वरूप विधायक थे। पार्टी के पश्चिम उत्तर प्रदेश मुख्य महासचिव इंतजार अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी आज शाम को नजीबाबाद में आजाद चौक के पास मैदान में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। 'पैगाम ए इत्तेहाद' कार्यक्रम में बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी, पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉक्टर महताब चौहान सहित अन्य लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम एकजुटता को लेकर है, जिसमें काफी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
मैहर में सोमवार को एक कोयले से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह ट्रक सिंगरौली से कोयला लेकर भोपाल जा रहा था। हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक क्रमांक MP17ZS9897 सिंगरौली से कोयले की खेप लेकर भोपाल की ओर जा रहा था। ट्रक को प्रदीप राजक (31 वर्ष), निवासी ग्राम करगिल, जिला सीधी चला रहे थे। मैहर क्षेत्र में पहाड़ी के पास यात्रा के दौरान अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत चालक की मदद की। हादसे में प्रदीप राजक को हल्की चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। दुर्घटना के समय सड़क पर कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में नहीं आया। हादसे में ट्रक के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने के बाद संबंधित पुलिस मौके पर पहुची और स्थिति का जायजा लिया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल की अन्य तस्वीरें…
IMSBHU के सर्जरी विभाग की 25 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉ. साईं सत्या का रविवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वह पिछले साढ़े तीन महीने (105 दिन) से बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इंसुलिन ओवरडोज के बाद बिगड़ी थी तबीयत मूल रूप से समस्तीपुर (बिहार) की रहने वाली डॉ. साईं सत्या वाराणसी के सामनेघाट क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर के पीछे एक किराए के मकान में रहती थीं। बीते 13 मार्च को उन्होंने कथित तौर पर इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अत्यंत गंभीर हो गई। आनन-फानन में उन्हें बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया था, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। सीनियर रेजिडेंट से कहासुनी की चर्चा इस पूरे मामले में एक संवेदनशील पहलू भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि इंसुलिन का ओवरडोज लेने से तीन-चार दिन पहले विभाग के ही एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से किसी बात को लेकर उनकी तीखी कहासुनी हुई थी। हालांकि, इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही प्रशासन की तरफ से इस पर कोई बयान आया है। कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत साढ़े तीन महीने तक चले लंबे इलाज के बाद भी डॉ. साईं सत्या की सेहत में कोई खास सुधार नहीं हो सका और आखिरकार रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। सर सुंदरलाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (MS) प्रो. केके गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जूनियर रेजिडेंट डॉ. साईं सत्या की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) के कारण हुई है। इस दुखद घटना के बाद बीएचयू के चिकित्सा जगत और साथी डॉक्टरों में शोक की लहर है।
बागपत में यमुना नदी से बालू चोरी और पशु क्रूरता का एक मामला सामने आया है। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें एक युवक बालू से लदी बुग्गी के दलदल में फंसने के बाद एक भैंसे को फावड़े से पीटता हुआ दिख रहा है। यह युवक बागपत का ही बताया जा रहा है। यह घटना रविवार शाम की है। युवक भैंस-बुग्गी लेकर यमुना के पक्का घाट से बालू लेने गया था। बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के इन किनारों से भैंस-बुग्गी के जरिए लगातार बालू चोरी की जाती है। बुग्गी में अधिक रेत भर जाने के कारण भैंसा उसे खींच नहीं पाया और दलदल में धंसने लगा। इसी दौरान युवक ने फावड़ा उठाकर बेजुबान भैंसे पर दो बार हमला किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी सुभाष चंद कश्यप और प्रमोद कुमार सहित कई लोगों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए आरोपी युवक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। एसआई शिव कुमार ने बताया कि मामला की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है और आरोपी युवक की तलाश कर रही है।
जैसलमेर और आस-पास के सीमावर्ती क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में वायुमंडलीय दबाव और शुष्क हवाओं के चलते तापमान में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, पिछले चौबीस घंटों में आसमान में आंशिक बादलों की आवाजाही और तेज आंधी के कारण स्थानीय निवासियों को झुलसाने वाली गर्मी से मामूली राहत मिली थी, जिसके दौरान अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। परंतु मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह राहत बेहद क्षणिक है और आगामी दिनों में तेज लू के थपेड़े आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित करेंगे। दोपहर में गर्मी करती है परेशान क्षेत्र में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के कारण अभी से दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर कर दिया है। सीमावर्ती जिलों में व्यापारिक गतिविधियां भी दोपहर के समय पूरी तरह मंद पड़ जाती हैं। मौसम विभाग की मानें तो आगामी सप्ताह में सूर्य की सीधी किरणों और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के कारण गर्मी अपने चरम पर होगी, जिससे तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है। झुलसाने वाली इस गर्मी के बीच आम जनता को पानी की किल्लत और बिजली कटौती जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। मानसून देरी से आने की संभावना स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जैसलमेर और थार के रेगिस्तानी इलाकों में इस वर्ष भी मानसून की एंट्री काफी देरी से होने की संभावना है। आमतौर पर पश्चिमी राजस्थान में मानसून का आगमन जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रारंभ में होता है, लेकिन इस बार वैज्ञानिक परिस्थितियों, कम दबाव के क्षेत्र का निर्माण न होने और हवाओं के रुख को देखते हुए 15 जुलाई के बाद ही बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक पूरे क्षेत्र को भीषण तपिश और शुष्क मौसम का सामना करना पड़ेगा।
चंडीगढ़ प्रशासन में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने पंजाब कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सूदन की चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति इंटर-कैडरडेपुटेशन के तहत तीन वर्षों के लिए की गई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, हरप्रीत सिंह सूदन अब पंजाब सेडेपुटेशन पर चंडीगढ़ प्रशासन में अपनी सेवाएं देंगे। उनकी नियुक्ति को केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर अंतिम स्वीकृति दी गई है। फिलहाल पंजाब में खेल निदेशक के पद पर तैनात आईएएस हरप्रीत सिंह सूदन वर्तमान में पंजाब सरकार में खेल निदेशक (डायरेक्टर स्पोर्ट्स) के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासनिक और खेल प्रबंधन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर लगी मुहर सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने के बाद कैबिनेट नियुक्ति समिति ने नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की। इसके बाद DoPT ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पंजाब सरकार, गृह मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी है। चंडीगढ़ प्रशासन को मिलेगी नई प्रशासनिक ताकत चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति को शहर के विकास कार्यों के लिए अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों का मानना है कि युवा और अनुभवी आईएएस अधिकारी के आने से कई लंबित परियोजनाओं और महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों को गति मिलेगी। जल्द संभाल सकते हैं नया कार्यभार हरप्रीत सिंह सूदन के जल्द ही चंडीगढ़ पहुंचकर अपना नया कार्यभार संभालने की संभावना है। उनके आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर विभागों के बीच समन्वय और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
नेशनल हाईवे 43, अंबिकापुर-रायगढ़ में बीती रात तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। बाइक सवार सड़क पर गिरे तो दो युवकों को ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना बतौली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर निवासी नान्हू (30 वर्ष) पिता शिवबोध, जयप्रकाश (35 वर्ष) पिता सुखराम, एवं अकलसाय (25 वर्ष)पिता धनसाय तीनों एक ही बाइक में सवार होकर दशकर्म की सूचना देने पत्थलगांव थाना क्षेत्र के कापू गए थे। देर शाम वे वापस घर लौट रहे थे। रात करीब 8.30 बजे वे शांतिपारा और बतौली के बीच लालमाटी घाट में पहुंचे थे। पिकअप ने मारी टक्कर तो सड़क पर गिरे सवार लालमाटी घाट में तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को पीछे से टक्कर मार दी। पिकअप की टक्कर से तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए। उसी दौरान अंबिकापुर से सीतापुर की ओर जा रही तेज रफ्तार में आ रही ट्रक ने नान्हू और जयप्रकाश के सिर को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक चालक अकलसाय सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में जाम की स्थिति बन गई। युवकों का शव सड़क में पड़ा था। घटना की सूचना पर सीतापुर एसडीओपी राजेन्द्र मंडावी व बतौली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डायल 112 टीम ने दोनों मृतकों के शवों और घायल को ग्रामीणों की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल अकलसाय को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है। हेलमेट ने बचाई युवक की जानहादसे में बाइक चला रहे अकलसाय की जान हेलमेट पहनने से बच गई। वह सड़क पर गिरा, लेकिन उसके सिर में गंभीर चोटें नहीं आईं। पीछे बैठे दोनों युवकों के सिर ट्रक के पहिए से कुचल गए। परिजनों ने बताया कि तीनांे अपने बड़े मां के देहांत पश्चात् आयोजित दशकर्म कार्यक्रम की सूचना देने रिश्तेदारों के घर कापू गए थे। हादसे के बाद अज्ञात पिकअप व ट्रक के चालक वाहन लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी नहीं होने से पुलिस परेशान नेशनल हाईवे में जहां हादसा हुआ, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, जिसके कारण वाहनों का पता नहीं लग सका है। इससे पहले शांतिपारा राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में भाजपा बूथ अध्यक्ष सूरज दास की मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से हो गई थी। वाहन का अब तक पता नहीं चल सका। एक वर्ष पूर्व बासेन झुरीतालाब के समीप दो 2 छात्रों को कुचलने वाले अज्ञात ट्रक का भी अब तक पता नही चल सका है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह जवानों के नाम केंद्र सरकार ने 13 महीने बाद पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन सभी शहीदों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल किए गए हैं। इनमें हरियाणा के पलवल जिले के गांव मोहम्मदपुर निवासी लांस नायक दिनेश कुमार का नाम भी शामिल है। लांस नायक दिनेश कुमार जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात थे। 7 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलीबारी के दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ मोर्चा संभालते हुए दुश्मन का बहादुरी से मुकाबला किया। जवाबी कार्रवाई के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गए। शहीद दिनेश कुमार की पत्नी सीमा देवी ने इस सम्मान के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नेशनल वॉर मेमोरियल पर उनके पति का नाम दर्ज होना पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि सरकार ने परिवार की आर्थिक सहायता की है और उन्हें शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर नौकरी भी दी गई है। भारत पाकिस्तान के बीच 4 दिन हवाई युद्ध चला दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। 26 टूरिस्ट की हत्या की गई थी। भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात POK में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस दौरान 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए थे। भारत पाकिस्तान के बीच 4 दिन हवाई युद्ध चला था। 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था। हरियाणा के पलवल जिला के गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले लांस नायक दिनेश कुमार पुंछ में तैनात थे। पाकिस्तानी गोलीबारी के जवाब में 4 साथियों के साथ मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में शहीद हो गए थे। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर मिला सम्मान नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3D वॉल पर वर्ष 2025 के खंड में भी लांस नायक दिनेश कुमार का नाम अंकित किया गया है। स्मारक के 'त्याग चक्र' में ग्रेनाइट की 16 गोलाकार दीवारें हैं, जिन पर आजादी के बाद देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के नाम, रैंक और यूनिट दर्ज हैं। 2 शहीदों को वीरता पुरस्कार मिला छह शहीदों में से दो को वीरता सम्मान मिल चुका है। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र दिया गया, जबकि सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत वायु सेना मेडल मिला था 2019 में हुआ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन 2019 में इंडिया गेट के पास हुआ था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम दर्ज किए जाते हैं। इन छह नामों के जुड़ने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर भी उन सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आधिकारिक रूप से सम्मान दिया गया है।
ललितपुर में सोमवार सुबह एक अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार दो पीआरडी जवानों को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक पीआरडी जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों जवान ड्यूटी पर ललितपुर आ रहे थे। यह घटना कोतवाली तालबेहट के अंतर्गत ग्राम नंदनवारा के पास एनएच 44 पर हुई। मृतक पीआरडी जवान की पहचान ग्राम हर्षपुर निवासी 46 वर्षीय मिठठन लाल पुत्र पंचम के रूप में हुई है। उनके साथ ग्राम सौरई निवासी 40 वर्षीय गब्बर पुत्र राजेंद्र भी बाइक पर थे, जो घायल हुए हैं। सुबह करीब 9 बजे जब वे ललितपुर आ रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिठठन लाल के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों जवानों को सुबह 10:15 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने मिठठन लाल को मृत घोषित कर दिया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। घायल पीआरडी जवान गब्बर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक मिठठन लाल के परिवार में पांच बेटियां और तीन बेटे हैं। वह अपने छह भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर थे। परिजनों ने बताया कि डेढ़ महीने पहले ही उन्होंने अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी। पीआरडी जवान की मौत की खबर सुनकर परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे, जहां उनके पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल था। बांसी पुलिस चौकी इंचार्ज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में एक पीआरडी जवान की मौत हुई है और घायल जवान का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान सोमवार को सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया, जब कांग्रेस नेताओं को उनसे मुलाकात का समय नहीं मिला। समय न मिलने की खबर फैलते ही कांग्रेसी खेमे में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शहर के गांधी भवन कार्यालय पर जुटना शुरू हो गए। मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय नहीं मिलने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सीएम का पुतला दहन करने की रणनीति बना रहे हैं। हालांकि, पुतला दहन को लेकर कांग्रेस संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। गांधी भवन में नेताओं और कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कांग्रेस के तीखे तेवरों के मद्देनजर गांधी भवन और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मौके पर सीएसपी और दो थाना प्रभारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन और खुफिया विभाग की टीमें कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही हैं। फिलहाल, गांधी भवन के भीतर आगामी रणनीति को लेकर कांग्रेसी नेताओं की बैठक और चर्चाओं का दौर जारी है। कांग्रेस कार्यालय में जुटे कांग्रेसी
कानपुर कैंट में तेज रफ्तार ईकोस्पोर्ट पलटी:सीट बेल्ट और एयरबैग ने बचाई चालक की जान
कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र में सोमवार भोर तेज रफ्तार ईकोस्पोर्ट कार अनियंत्रित होकर पलट गई। चालक ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, जिससे एयरबैग खुल गया और उसकी जान बच गई। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं। कैंट थाना क्षेत्र में लालबंगला से मॉल रोड की ओर जा रही एक तेज रफ्तार ईकोस्पोर्ट कार कैंटोमेंट क्षेत्र में प्रवेश करते समय अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय कार की रफ्तार काफी अधिक थी। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय सड़क पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत चालक को कार से बाहर निकाला। चालक ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, जिसके चलते एयरबैग समय पर खुल गया और उसे केवल मामूली चोटें आईं। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद क्रेन की मदद से पलटी कार को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। कैंट थाना प्रभारी अरविंद राय ने बताया कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर स्थित मशहूर पारंपरिक रेस्टोरेंट 'हवेली' का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो करीब 20 घंटे पहले गुरप्रीत रंधावा नामक यूजर ने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। इसमें दावा किया गया है कि रेस्टोरेंट में परोसे गए सलाद के अंदर जिंदा कॉकरोच मिला। ग्राहक ने रेस्टोरेंट की साफ-सफाई और हाइजीन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वीडियो में गुरप्रीत रंधावा का कहना है कि वे किसी काम से जालंधर गए थे। दोपहर के समय वे शहर की मशहूर हवेली में खाना खाने के लिए रुके, जहां उन्होंने नाश्ते में परांठे और सलाद का ऑर्डर दिया। उनका दावा है कि जैसे ही सलाद टेबल पर परोसा गया, उसमें एक छोटा जिंदा कॉकरोच घूमता हुआ दिखाई दिया। मोबाइल फोन से बनाया वीडियो सलाद में कॉकरोच दिखाई देने पर गुरप्रीत रंधावा ने तुरंत अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में सलाद की प्लेट के अंदर एक जिंदा कॉकरोच साफ तौर पर चलता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में गुरप्रीत रंधावा ने रेस्टोरेंट प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 'हवेली' जैसा बड़ा और प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट, जो पंजाबी संस्कृति और बेहतरीन खान-पान का दावा करता है, वहां इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सलाद ताजा नहीं था, बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे 10 से 15 दिनों से फ्रिज में स्टोर करके रखा गया था। खाने में कीड़े मकोड़े मिलना सेहत से खिलवाड़: रंधावा वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि इस रेस्टोरेंट में रोजाना सैकड़ों लोग अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ खाना खाने आते हैं। ऐसे में यदि खाने में कीड़े-मकोड़े मिलते हैं, तो यह लोगों की सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। किचन की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार हो गुरप्रीत रंधावा ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों से इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील की है, ताकि मामला रेस्टोरेंट के मालिकों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचे व किचन की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार किया जा सके। फिलहाल, इस वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर हवेली रेस्टोरेंट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

