गुजरात से मनाली दोस्तों के सााथ गया 36 साल का विजय पाली के रोहट थाना क्षेत्र में सड़क किनारे शनिवार सुबह घायल हालत में पड़ा मिला। उसका एक साथी उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। जहां उसकी हालत चिंताजनक है। साथी ने पुलिस को बताया कि वह टॉयलेट करने गया था। कुछ देर बाद लौटा तो विजय को घायल हालत में देखा और हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। गुजरात के कच्छ के रहने वाली महावीरसिंह ने बताया कि वह अपने छह दोस्तों के साथ 16 जून को कार लेकर घूमने के लिए मनाली निकले थे। जिसमें गुजरात के कच्छ निवासी 35 साल का विजय पुत्र शिवराम भी उनके साथ था। शनिवार सुबह मनाली घूमकर सभी वापस आ रहे थे। ओम बन्ना, सावरिया सेठ दर्शन करने का उनका प्लान था। लेकिन शेष दोस्तों को जल्दी थी। ऐसे में वे उसे और विजय को हाईवे किनारे एक होटल पर उतार दिया। इस दौरान वह टॉयलेट करने गया। वापस आया तो देखा कि विजय घायल हालत में है। ऐसे में उसे तुरंत इलाज के लिए एम्बुलेंस से पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। उसके साथ मारपीट किसने की उसे नहीं पता। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। ताकि पता लगा सके कि विजय के साथ मारपीट उसके दोस्तों ने की या अन्य किसी ने की।
मैहर जिले में अब किसान कृषि कार्यों के लिए गैलन में 200 लीटर तक डीजल खरीद सकेंगे। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पहले सुरक्षा और नियंत्रण कारणों से गैलन में डीजल देने पर प्रतिबंध था। इससे किसानों को खेती के लिए आवश्यक डीजल प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने अब इस प्रतिबंध में ढील दी है। विभाग ने सभी कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छूट देने के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत, कृषि कार्य के लिए किसानों को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल गैलन में उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों को रिकॉर्ड संधारित करना होगा। इसमें किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, डीजल की मात्रा और उपयोग संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी।
पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में शनिवार को एक ठेकेदार को उनके भतीजे ने गोली मार दी। जमीन विवाद को लेकर हुई इस घटना में ठेकेदार संजय तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना शहर थाना क्षेत्र के जीएलए कॉलेज के पास मां अष्टभुजी दुर्गा मंदिर के बाहर दिनदहाड़े हुई। जानकारी के अनुसार, संजय तिवारी प्रत्येक शनिवार की तरह मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। पूजा के बाद जैसे ही वे मंदिर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए बैठे उनके भतीजे प्रीतम तिवारी ने उन पर गोली चला दी और मौके से फरार हो गया। जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायल संजय तिवारी को अस्पताल पहुंचाया। घायल संजय तिवारी के पिता लव तिवारी ने बताया कि जनार्दन तिवारी के परिवार के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि इसी जमीन विवाद के कारण जनार्दन तिवारी के पोता प्रीतम तिवारी ने गोली मारी है। घटना वाले दिन भी संबंधित मामले की अदालत में तारीख थी। प्रीतम तिवारी सुबह से ही संजय तिवारी को कई बार फोन कर मिलने का प्रयास कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी प्रीतम तिवारी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
पीथमपुर के घाटाबिल्लौद क्षेत्र स्थित चंदन नगर में नए स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस समस्या से परेशान होकर आज बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि नए मीटर लगने के बाद उनके बिजली के बिल कई गुना अधिक आने लगे हैं। सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि सामान्य मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए इन बढ़े हुए बिलों का भुगतान करना असंभव हो गया है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों की तत्काल और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं ने एकजुट होकर यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिल अचानक बढ़ गए हैं, उनके मामलों की व्यक्तिगत जांच कर बिलों में आवश्यक संशोधन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक यह जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक विवादित बिलों की जबरन वसूली और बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने विभाग के समक्ष यह प्रस्ताव भी रखा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनने और मौके पर ही समाधान के लिए गांव में विशेष निवारण शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही, जांच के दौरान जिन मीटरों में तकनीकी खराबी पाई जाए, उन्हें तत्काल बदला जाए। चंदन नगर के ग्रामवासियों ने कहा कि वे लंबे समय से ईमानदारी से बिजली बिल भरते आ रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि विद्युत विभाग इस जन-समस्या पर संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में प्रभावित उपभोक्ता अपने हस्ताक्षरित दस्तावेजों के साथ मौजूद थे। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर थाना प्रभारी पीथमपुर सुनील शर्मा, चौकी प्रभारी निलेश मालवीय सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
बिजली लाइन की चपेट में आने से 2 की मौत:1 किसान गंभीर रूप से घायल, खेत में काम करते समय हुआ हादसा
हनुमानगढ़ के पल्लू तहसील क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बिसरासर ग्राम पंचायत की ढाणी लेघान गांव में खेत में काम कर रहे 3 किसान 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए। इस हादसे में 2 किसानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया। मृतकों की पहचान ढाणी लोघान निवासी हजारीराम पुत्र शंकरलाल (बिसरासर) और पवन कुमार पुत्र रामकुमार के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल विनोद पुत्र भागीरथ न्योलखी ढाणी लेघान का निवासी है। 11KV लाइन का तार टूटने से हुआ हादसाये तीनों ढाणी लेघान स्थित खेत में काम कर रहे थे, तभी खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटने से वे उसकी चपेट में आ गए। हजारीराम खेत में काश्त करता था, जबकि पवन और विनोद ट्यूबवेल बोरिंग का काम करते थे। हादसे के बाद तीनों किसान खेत में गिर पड़े। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पल्लू पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने हजारीराम और पवन कुमार को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से झुलसे विनोद को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने ली जानकारीघटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों की ऊंचाई कई स्थानों पर काफी कम है, जिससे किसानों और पशुपालकों को लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार बिजली निगम को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटीपल्लू थाना प्रभारी सुरेश मील ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि खेत में बोरिंग की मशीन तार की चपेट में आई थी। करंट आते ही विनोद झटके से दूर जाकर गिर गया जबकि बाकी दोनों पूरी तरह करंट की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि हजारीराम खेत में काश्त करता था जबकि अन्य दोनों बोरिंग मशीन पर काम करते थे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को कानपुर में व्यापक स्तर पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सुबह 6 बजे ग्रीन पार्क स्टेडियम में होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक सामूहिक योगाभ्यास करेंगे। ग्रीन पार्क में तैयारियों की समीक्षायोग दिवस की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को सरसैया घाट पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का आधार है।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए योग दिवस को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा पर रहेगा फोकसग्रीन पार्क में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के लिए पेयजल, पार्किंग, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।शहर में होंगे सामूहिक योग कार्यक्रमग्रीन पार्क के अलावा जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, पंचायत भवनों, अमृत सरोवरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और नगर निगम द्वारा चिन्हित पार्कों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसके साथ ही भीतरगांव स्थित प्राचीन मंदिर परिसर और बिठूर के नानाराव पार्क समेत कई प्रमुख स्थलों पर भी योगाभ्यास कराया जाएगा।सामाजिक संस्थाएं भी निभाएंगी भूमिकाबैठक में बताया गया कि ब्रह्माकुमारी, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग सहित विभिन्न योग एवं सामाजिक संस्थाएं कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करेंगी। आयुष विभाग के प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक विभिन्न स्थलों पर योगाभ्यास कराएंगे और लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।फोटो-वीडियो अपलोड करने की सुविधाजिलाधिकारी ने बताया कि योग दिवस में भाग लेने वाले लोग अपनी योग गतिविधियों की फोटो और वीडियो ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को योग अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी कप्तान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मंडला शहर के पड़ाव क्षेत्र स्थित श्रीजी इन होटल में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब होटल की लिफ्ट में 7 बच्चे फंस गए। बताया जा रहा है कि बच्चे होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। वे लिफ्ट से नीचे आ रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट बीच में रुक गई और सभी बच्चे अंदर फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे करीब 15 से 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे, जिससे उन्हें घुटन और घबराहट महसूस हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयासों के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि होटल में लगी लिफ्ट की क्षमता कम है और उसकी गति भी धीमी है। साथ ही, बिजली आपूर्ति बाधित होने पर किसी वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव है। परिजनों ने होटल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। स्टाफ और परिजनों में कहासुनी बच्चों को बाहर निकालने के दौरान लिफ्ट क्षतिग्रस्त होने पर होटल स्टाफ और परिजनों के बीच कहासुनी भी हुई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। परिजनों ने प्रशासन से होटल और उसकी लिफ्ट की तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन इसने होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पेपर लीक विवाद के बाद रविवार को आयोजित होने जा रही NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा में 9,688 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनके लिए 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 20 केंद्रों पर केंद्रीय बलों का सुरक्षा घेरा सुरक्षा व्यवस्था के तहत 20 केंद्रों में से 10-10 केंद्रों की जिम्मेदारी CISF और CRPF को दी गई है। केंद्रीय बलों के जवान कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक से प्रश्नपत्र लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे। परीक्षा शुरू होने के बाद भी जवान केंद्रों पर तैनात रहेंगे। परीक्षा समाप्त होने पर उत्तरपुस्तिकाओं को उनकी निगरानी में प्रधान डाकघर पहुंचाया जाएगा, जहां से उन्हें सुरक्षित तरीके से दिल्ली भेजा जाएगा। सशस्त्र पुलिस, QRT और CCTV से निगरानी परीक्षा केंद्रों पर स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी। डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा के अनुसार प्रत्येक केंद्र पर सात या उससे अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) भी तैनात रहेंगी। क्षेत्र के एसीपी लगातार केंद्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। छात्रों को साथ रखने होंगे जरूरी दस्तावेज राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभ्यर्थियों के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को एडमिट कार्ड का रंगीन प्रिंटआउट साथ लाना होगा और उस पर वही पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी, जो आवेदन के समय अपलोड की गई थी। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे किसी एक मूल फोटो पहचान पत्र को साथ लाना अनिवार्य होगा। फोटोकॉपी मान्य नहीं होगी। 1:30 बजे के बाद नहीं मिलेगा प्रवेश एनटीए ने छात्रों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अलग रिपोर्टिंग टाइम निर्धारित किया गया है। परीक्षा केंद्रों के द्वार दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे में छात्रों को ट्रैफिक और दूरी को ध्यान में रखते हुए समय से पहले घर से निकलने की सलाह दी गई है। मोबाइल, स्मार्टवॉच समेत कई सामान प्रतिबंधित परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कागज, नोट्स, ज्योमेट्री बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, पेन और खाने-पीने की सामग्री भी अंदर नहीं ले जाई जा सकेगी। हालांकि पारदर्शी बोतल में पानी ले जाने की अनुमति होगी। परीक्षा के लिए पेन केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। OMR शीट भरते समय न करें लापरवाही अभ्यर्थियों को OMR शीट भरते समय भी विशेष सावधानी बरतनी होगी। रोल नंबर और बुकलेट कोड सही तरीके से भरना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी सी गलती भी उत्तरपुस्तिका निरस्त होने का कारण बन सकती है। रफ कार्य के लिए टेस्ट बुकलेट में ही स्थान दिया जाएगा और अलग कागज का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। पेपर लीक के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन और एनटीए के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ऐसे में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले कहीं अधिक सख्त किया गया है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके।
मैहर में सांप के काटने से किसान की मौत:खेत की रखवाली करते समय डंसा, रीवा ले जाते वक्त तोड़ा दम
मैहर जिले में खेत की रखवाली कर रहे एक किसान की सांप के काटने से मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार रात को हुई, जब किसान को इलाज के लिए रीवा ले जाया जा रहा था, तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बेरमा गांव निवासी बलदेव प्रसाद शाहू (53 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 11 बजे अपने खेत में थे। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर रात में खेत की देखरेख और सिंचाई के लिए रुकते थे। मोटर चालू करने के बाद जब वह खेत के बाहर निकले, तभी एक जहरीले सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया। सांप के काटने के बाद बलदेव प्रसाद शाहू की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल मैहर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालांकि, रीवा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
करौली में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रविवार को उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले की ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर विभिन्न योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तरीय मुख्य समारोह करौली के मुंशी त्रिलोकचंद माथुर स्टेडियम में होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक और जिला नोडल अधिकारी डॉ. कालूराम मीना ने बताया कि यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला स्तरीय आयोजन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चलेगा, जिसमें योगाभ्यास, प्राणायाम और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां शामिल होंगी। डॉ. मीना ने जानकारी दी कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी छह ब्लॉकों में पहले ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में, करौली ब्लॉक का प्रशिक्षण शनिवार को रामद्वारा परिसर में संपन्न हुआ। इसमें आयुर्वेद अधिकारियों, शारीरिक शिक्षकों और योग प्रशिक्षकों ने भाग लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए। डॉ. मीना ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में योग दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लें और नियमित योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं।
लखनऊ के एक निजी होटल में महाकुंभ 2025 की व्यवस्थाओं पर लिखी गई पुस्तक का विमोचन हुआ। पुस्तक के लेखक डॉ. गोविंद कुमार सक्सेना समेत पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार सिंह, लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, प्रमुख सचिव (न्याय) उदय प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। डॉ. गोविंद कुमार सक्सेना ने कहा कि पुस्तक में महाकुंभ 2025 को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक सहभागिता के संगम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, तकनीकी उपयोग और विभिन्न विभागों के कार्यशैली को विस्तार से साझा किया गया है। 66 करोड़ श्रद्धालुओं वाले ऐतिहासिक महाकुंभ पर लिखना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने कहा कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों का दस्तावेजीकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण सामग्री साबित होगी। ऐसे सफल आयोजन शासन प्रशासन के आने वाले अधिकारियों के लिए एक सीखने योग्य है। भीड़ को कैसे कंट्रोल किया जाता है विपरीत प्रशिक्षण में कैसे कार्य किया जाता है यह सब नई भर्ती के अधिकारियों को को किताब से सीखने को मिलेगा। आयुक्त विजय विश्वास बोले- सुशासन और तकनीक से सफल आयोजन संभव हुआ। महाकुंभ 2025 ने साबित किया है कि सुशासन, तकनीक और जनसहयोग के समन्वय से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने में हजारों कर्मियों और विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लेखक डॉ. गोविंद कुमार सक्सेना ने कहा कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य महाकुंभ के दिव्य और ऐतिहासिक स्वरूप को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में श्रद्धालुओं के अनुभवों और आस्था की कहानियों को भी शामिल किया गया है, जिससे पाठक इस विराट आयोजन को करीब से महसूस कर सकें। कार्यक्रम का संचालन कवि लॉ प्रोफेसर डॉ. श्लेष गौतम ने किया। समारोह में साहित्यकार, शिक्षाविद, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के तहत अलवर में 21 जून को री-नीट (RE-NEET) के एग्जाम में अलवर में 10 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। खास बात यह है कि हर कक्ष में NTA ने एक घड़ी लगा दी है। उसी में हॉल के अभ्यर्थी समय देखेंगे। ये घड़ियां भी एनटीए ने भेजी हैं। अभ्यर्थी व वीक्षक और स्टाफ किसी तरह की घड़ी व मोबाइल नहीं ला सकेंगे। अभ्यर्थियों को एग्जाम सेंटर में केवल पारदर्शी पानी की बोतल, एडमिट कार्ड, फोटो व आधार कार्ड ही लाने की छूट है। पेन भी अंदर मिलेगा। अभ्यर्थियों से एग्जाम हॉल में एक बार शुरूआत में दूसरी बार आखिरी में साइन कराए जाएंगे। अलवर मोती डूंगरी केवी स्कूल के सेंटर सुपरिटेंडेंट कमलेश कुमार ने बताया कि ब्रीफिंग में पूरी गाइडलाइन की जानकारी स्टाफ को दी है। एग्जाम दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगा। लेकिन सेंटर पर अभ्यर्थियों को 11 से डेढ़ बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। अलवर में सभी 22 केंद्रों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अलवर में करीब 10 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर ब्रीफिंग सेशन आयोजित किए गए, जिसमें वीक्षकों (इन्विजिलेटर) सहित पूरे स्टाफ को एनटीए की सख्त गाइडलाइंस की जानकारी दी गई। इसी गाइडलाइन का 21 जून को पालन करना होगा। सब सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे व जैमर लग चुके हैं। अलवर में केवी स्कूल ईटाराणा व केवी स्कूल मोती डूंगरी पर दिव्यांग अभ्यर्थी भी एग्जाम देंगे। केवी स्कूल ईटाराणा में एक अभ्यर्थी ब्लाइंड भी परीक्षा देगा। उनके लिए अलग से गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। कैंडिडेट्स के लिए जरूरी गाइडलाइन: क्या लाएं, क्या नहीं? पेन भी केंद्र पर ही मिलेगा: अभ्यर्थियों को घर से पेन लाने की भी जरूरत नहीं है, यह परीक्षा हॉल में ही दिया जाएगा। समय देखने के लिए दीवार घड़ी: छात्र अपनी घड़ी पहनकर नहीं आ सकेंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हर एग्जाम हॉल में एनटीए की ओर से घड़ी लगा दी गई है। सिर्फ इन चीजों की एंट्री: परीक्षार्थी अपने साथ केवल एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पारदर्शी पानी की बोतल और आधार कार्ड साथ ला सकेंगे। दो बार होंगे हस्ताक्षर: किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले आखिरी समय में अभ्यर्थियों से दो बार साइन करवाए जाएंगे। स्टाफ के मोबाइल ले जाने पर भी पाबंदी नियम केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के लिए भी सख्त हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर वीक्षक और अन्य कोई भी कर्मचारी मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: सशस्त्र बल तैनात, आज से नाकाबंदी परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए वहां सशस्त्र बलकर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस परीक्षा से एक दिन पहले ही शहर के प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की कड़ाई से जांच शुरू कर देगी, ताकि बाहरी तत्वों पर नजर रखी जा सके। देशभर में 21 जून को री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) होगा। राजस्थान के कुल 25 जिलों में 577 सेंटर्स पर 2.09 लाख स्टूडेंट्स एग्जाम देंगे। सेंटर पर HD क्वालिटी वाले सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए हैं, जिससे आस-पास 50 मीटर तक नेटवर्क भी काम नहीं करेगा। एग्जाम को देखते हुए रेलवे ने 7 स्पेशल ट्रेन भी चलाने का फैसला लिया है। रेवाड़ी-बठिंडा, बाड़मेर-भगत की कोठी, भगत की कोठी-जयपुर, मदार-रेवाड़ी, रेवाड़ी-जयपुर, जोधपुर-सांगानेर, बीकानेर-ढेहर का बालाजी के बीच एग्जाम स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।
जयपुर में रोडवेज बस के शनिवार सुबह स्कूटी सवार एक युवक को रौंदने से मौत हो गई। स्कूटी को साइड से टक्कर मारने के बाद सवारियों से भरी बस को लेकर ड्राइवर फरार हो गया। गलतागेट थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। SHO (गलतागेट) धर्मसिंह ने बताया- हादसा सुबह करीब 10:30 बजे सूरजपोल के पास ऑटोमोबाइल कट पर हुआ। दिल्ली की ओर से हरियाणा नंबर की रोडवेज बस सवारियों को लेकर जयपुर आ रही थी। ऑटोमोबाइल कट के पास ओवर स्पीड बस ने स्कूटी को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्कूटी सहित रोड पर गिरे युवक को बस रौंदते हुए निकल गई। हादसे के बाद सवारियों से भरी बस को लेकर ड्राइवर फरार हो गया। एक्सीडेंट में युवक की मौत की सूचना पर गलतागेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीसीआर (पुलिस गाड़ी) से शव को पोस्टमार्टम के लिए SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस मृतक की पहचान के प्रयास करने के साथ रोडवेज बस व ड्राइवर के बारे में पता कर रही है।
पठानकोट के कस्बा सुजानपुर के कश्मीरी मोहल्ले में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब स्थानीय निवासियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तारें चोरी कर रहे एक युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया। हालांकि, इस दौरान उसका दूसरा साथी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा। लोगों ने उन्हें पकड़ने से पहले उनका वीडियो भी बनाया। पकड़े गए युवक की सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।पकड़े जाने के बाद जब गुस्साए मोहल्ला वासियों ने युवक से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने एक अजीबो गरीब बहाना बनाया। युवक ने दावा किया कि उसे किसी व्यक्ति ने कहा था कि उसे बिजली की तारों की जरूरत नहीं है, इसलिए वह यहां आकर ये तारें काट रहा था। हालांकि, लोगों ने उसकी एक न सुनी और उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बंडल बनाकर भागने की फिराक में थे दोनों युवककश्मीरी मोहल्ला निवासी मुनीष कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी वारदात उनकी ही गली में अंजाम दी जा रही थी। मुनीष ने बताया कि उसके भाई रमन कुमार ने अचानक गली में दो अज्ञात युवकों को बिजली की तारें काटते हुए देख लिया। जब तक लोग पूरी तरह इकट्ठा होते, तब तक दोनों ने काटकर चुराई गई तारों के दो बड़े बंडल भी तैयार कर लिए थे और उन्हें लेकर भागने ही वाले थे।रमन कुमार ने तुरंत शोर मचाया और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख एक आरोपी तो तेजी से मौके से रफूचक्कर हो गया, लेकिन मोहल्ले के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए दूसरे युवक को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।20 दिनों में 20 चोरियां, हर दूसरे दिन चोरी हो रही मोटरें और टोटियांइस घटना के बाद कश्मीरी मोहल्ले के निवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले 15 से 20 दिनों के भीतर इस पूरे इलाके में लगभग 15 से 20 चोरियां हो चुकी हैं। नशेड़ियों और चोरों के गिरोह ने मोहल्ले के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। चोर घरों के बाहर और छतों से पानी की मोटरें, कीमती बिजली की तारें और ब्रांडेड नल की टोटियां चुराकर ले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब हालत ऐसी हो चुकी है कि हर दूसरे-तीसरे दिन चोरी की कोई न कोई नई वारदात सामने आ रही है, जिससे लोग रात को सोने से भी डरने लगे हैं।पुलिस ने आरोपी को किया राउंडअप, केबल का बंडल बरामदसूचना मिलते ही सुजानपुर पुलिस की टीम से एएसआई जसपाल सिंह पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंचे। मामले की पुष्टि करते हुए जसपाल सिंह ने बताया कि उन्हें कश्मीरी मोहल्ले से केबल चोरी होने और स्थानीय लोगों द्वारा एक युवक के पकड़े जाने की शिकायत मिली थी।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अक युवक को अपनी हिरासत में ले लिया है और उसे थाने ले जाकर गहनता से पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौके से कटी हुई केबल का एक बड़ा बंडल भी बरामद किया गया है, जिसे युवकों ने चुराने के मकसद से काटा था। पुलिस का कहना है कि फरार युवक की तलाश के लिए छापेमारी की जाएगी और पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद इलाके में हुई अन्य चोरियों के सुराग मिलने की भी पूरी उम्मीद है।
श्री-अकाल-तख्त-साहिब ने जारी की CM की पेशी की वीडियो:15 जनवरी 2026 को किया था भगवंत मान को तलब
आज 20 जून 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से 15 जनवरी 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह की पेशी की वीडियो सार्वजनिक की गई। इस वीडियो में मुख्यमंत्री और जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के बीच कथित विवादित वीडियो को लेकर हुए सवाल-जवाब सामने आए हैं। वीडियो में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने दावा किया कि उनके संबंध में प्रसारित की जा रही वीडियो पूरी तरह से फर्जी और एआई तकनीक के माध्यम से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में किसी भी व्यक्ति की नकली वीडियो बनाई जा सकती है, इसलिए मामले की वैज्ञानिक जांच जरूरी है। सिलसिलेवार पढ़िए, वीडियो में क्या बातचीत हुई जत्थेदार: आप बाबा जरनैल सिंह जी खालसा भिंडरावाले को जानते हैं? भगवंत मान: जी। जत्थेदार: कौन हैं? भगवंत मान: बहुत बड़ी जो उनकी लड़ाई थी... जब हम छोटे होते थे तब की बात है पर... जितना पढ़ा है, भाई अमरीक सिंह जी, भाई सुवेग सिंह जी... जिस समय ब्लू स्टार हुआ था, वो यहीं अंदर ही थे... और... वो अपने रोडे गाँव से पहले... दमदमी टकसाल के मुखी थे। जत्थेदार: ठीक है। जत्थेदार: देखो, मुझे नहीं पता कि यह वीडियो सच्ची है या झूठी है, यह जांच का विषय है। वीडियो देखनी हो तो दिखा देते... है । भगवंत मान: नहीं नहीं... वो तो बिल्कुल ही नकली है। जत्थेदार: बिल्कुल नकली है? भगवंत मान: नकली है। जत्थेदार: आप हमें कोई दो लैब बताइए... दो लैब... । आप अपनी कोई लैब्स हमें बता दीजिए, वहां से इसकी जांच होगी। क्योंकि देखो... बात गुरु की है। अगर नकली है तो किसी का चरित्र हनन नहीं होना चाहिए, मैं इस बात को मानता हूं। पर क्योंकि बिना फॉरेंसिक जांच के यह पता नहीं लग सकता। भगवंत मान: एक तो जो आपकी देख-रेख में भी, आप यहां बता दीजिए, हम करवा देंगे। जत्थेदार: आपने जांच करवा दी उसकी... इसकी जांच कराई है? भगवंत मान: यह तो... इनके पास कोर्ट का ऑर्डर है जी, कि यह वीडियो... साइड में खड़ा व्यक्ति: अफसर साहब, जो कोर्ट का ऑर्डर है जी, उन्होंने... इनकी प्राइवेसी होने के कारण... जत्थेदार: उसे हटाओ, वो मैंने पढ़ लिया है। पर... भगवंत मान: नहीं जी... वो बंदा जो... मैं इसके बारे में बता देता हूं। वो बंदा जी जो, जर्मन-जर्मन है कोई, वो बंदा पहले भी... वो ड्रग्स लेता है जी, वो मानसिक रूप से ठीक नहीं है, वो इस तरह की चीजें डालता रहता है जी। उससे पहले उसने मेरी इसी कमरे की... कुछ और भी बनाकर... सब... फॉरेंसिक जांच करवाओ... जत्थेदार: चलो कोई नहीं, मुझे... ना ना जी भगवंत सिंह जी... भगवंत मान: नहीं, अगर आप कहते हैं जी, तो हम इसे करवा देते हैं... पर यह नकली है। जत्थेदार: नहीं चलो... कोई नहीं भगवंत सिंह जी, आप हमें दो लैब्स बताइए, अकाल तख्त साहिब इस वीडियो की जांच करवाएगा। भगवंत मान: बिल्कुल करवाइए जी। जत्थेदार: अगर यह झूठ हुआ तो कोई बात नहीं, अगर सच हुआ... तो फिर... मेरा अकेले का तो कुछ भी नहीं, पंथ का... जी... आप बताइए हमें दो लैब्स। भगवंत मान: बता दो... दो लैब्स कौन सी हैं? कोई भी लैब… जत्थेदार: नहीं, आप भी दो बताइए, हम अलग से भी करवाएंगे, पर आप भी अपनी तरफ से बताइए... भगवंत मान: जो टॉप की होंगी…बल्कि मैं भी चाहता हूं जी, इसकी जांच करवा के... जांच होनी चाहिए । जत्थेदार: इसकी जांच होनी चाहिए, क्योंकि... भगवंत मान: बिल्कुल होनी चाहिए जी। जत्थेदार: आम लोगों ने जो काम शुरू कर दिया है... बात गुरु की है। जब गुरु की बात आती है तो वो सबसे बड़ी होती है... भगवंत मान: आप देख लीजिए, आज-कल AI है, तो आप तो खुद ही कह रहे हैं कि सोशल मीडिया का पता नहीं क्या रिवाज है। हम तो हर रोज इसी बात से डरते हैं कि कब किसकी फोटो ना लगा दी हो। यही कमरा, यही फोटो... सुखबीर वाली फोटो भी लगाकर घूम रहे हैं... मजीठिया की फोटो भी बीच में लगाकर घूम रहे हैं... वही यही कमरा। और उन्होंने कमरे को पकड़कर... अपनी नंगी आंखों से... फॉरेंसिक से कितना फर्क है मैं बता देता हूं जी। वो होटल का कमरा है जी, जो इंटीरियर है... होटल। होटल के अंदर कौन गुरु साहब की फोटो लगाएगा? जत्थेदार: चलो कोई नहीं, हमें नहीं पता... भगवंत मान: हम वो आपको... जत्थेदार: आप दो लैब्स बताइए, हम उससे जांच करवाएंगे। जो टॉप की होंगी, सरकार की... जो टॉप की हैं। बाकी देखिए... आप पंजाब में ही जन्मे और पले-बढ़े हैं, हम सब यहीं की मिट्टी के बेटे हैं। हमारी वफादारी हमारे पंथ और पंजाब के प्रति है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित फर्जी वीडियो को लेकर राज्य में सियासी पारा गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस वीडियो को पंजाब की शांति और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने की एक गहरी साजिश करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। इस मामले को लेकर 'आप' कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं ने बरनाला में पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए 'आप' कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन की कमान बरनाला के हलका इंचार्ज हरिंदर सिंह धालीवाल, स्थानीय विधायकों और बरनाला नगर निगम के मेयर हसनप्रीत भारद्वाज ने संभाली। पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश: 'आप' 'आप' नेताओं ने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम पर गलत और भ्रामक वीडियो वायरल करके पंजाब के भाईचारे और माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। पंजाब के लोग इस तरह की घटिया और नफरत भरी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा ने इस तरह की भ्रामक और विभाजनकारी गतिविधियों को तुरंत बंद नहीं किया, तो भविष्य में इससे भी अधिक उग्र और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ढिल्लों की टीम ने प्रदर्शनकारियों को पिलाई चाय-पानी इस तीखे विरोध प्रदर्शन और भारी नारेबाजी के बीच बरनाला में एक बेहद अनोखी और सकारात्मक तस्वीर भी देखने को मिली। भीषण गर्मी के बावजूद 'आप' कार्यकर्ता बड़ी संख्या में डटे हुए थे, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर पानी और चाय का कोई उचित प्रबंध नहीं था। इसे देखते हुए भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों की टीम ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर इंसानियत की मिसाल पेश की। ढिल्लों की टीम द्वारा चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर रहे 'आप' कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए ठंडे पानी और गर्म चाय का विशेष प्रबंध किया गया और उसे वितरित किया गया। इस संबंध में केवल सिंह ढिल्लों के निजी सहायक (PA) दीप संघेरा ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अपनी जगह है, लेकिन इस भीषण गर्मी में लोग परेशान हो रहे थे। हमने विशुद्ध रूप से इंसानियत और पंजाबियत के नाते यह फैसला लिया ताकि विरोध करने आए लोगों को कोई असुविधा न हो। सियासी तनातनी के बीच सामने आई इस घटना की इलाके में काफी चर्चा हो रही है, जहाँ एक तरफ तीखा विरोध था, तो दूसरी तरफ पंजाब की मेहमाननवाज़ी और इंसानियत की परंपरा।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मौत के 3 दिन बाद ही नवविवाहिता की कब्र खोदकर लाश निकाली गई है। मायके पक्ष ने बेटी की हत्या करने और पति पर अफेयर के शक को लेकर अक्सर मारपीट करने का आरोप लगाया। इसकी लिखित शिकायत पुलिस से की गई। जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। हालांकि, पति का कहना है कि, पत्नी की बीमारी से मौत हुई है। अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ पाएगी। घटना श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव की है। 3 साल पहले हुई थी शादी जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के ग्राम कुमा निवासी घूरई बाई (23) की शादी 3 साल पहले कोरबा जिले के छिरहुट गांव के दिलीप बैगा से हुई थी। दंपती का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। परिजनों के अनुसार, 16 जून को घूरई की मौत हो गई थी, जिसके बाद 17 जून को बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव को दफना दिया गया था। मायके वालों ने जताई हत्या की आशंका मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि, पति दिलीप बैगा कैरेक्टर पर शक को लेकर अक्सर पत्नी से विवाद करता था। परिजनों को मौत की सूचना मिलने के बाद शक हुआ और उन्होंने पति पर हत्या कर शव दफनाने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने श्यांग थाने में शिकायत की और शव निकालकर जांच करने की मांग की। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में हुई कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। 19 जून को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन ऑफ क्राइम टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कराई गई। शव को बाहर निकालकर पंचनामा किया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। पति ने कहा- बीमारी से हुई मौत पति दिलीप बैगा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि पत्नी की तबीयत अचानक खराब हुई थी और बीमारी के कारण उसकी मौत हुई। उसने हत्या के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। डेढ़ साल के बच्चे को लेकर भी चिंता घटना के बाद गांव में दंपती के डेढ़ साल के बच्चे की परवरिश को लेकर भी चर्चा है। मायके पक्ष का कहना है कि, यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है, तो बच्चे को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि, श्यांग पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… महिला का शव कब्र से निकाला, VIDEO:मां बोली- दहेज के लिए ससुराल वालों ने मारा; 2 दिन पहले पति-पत्नी ने खूब डांस किया था छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कब्र से लाश खोदकर निकाली गई है। 5 दिन पहले एक शादीशुदा महिला की मौत हो गई थी, जिसका अंतिम संस्कार कर लाश दफना दिया गया था। बाद में मायके वालों को शक हुआ। उन्होंने पति और ससुराल वालों पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर…
रोहतक के गांव सिंहपुरा में किराए पर रहने वाली एक किशोरी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर थाना बहुअकबरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया। पुलिस मामले में जांच कर रही है। मृतका की पहचान करीब 16 वर्षीय अंजलि के रूप में हुई, जिसने कमरे में ही पंखे के हुक से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की। अंजलि ने जिस समय सुसाइड किया, उस समय वह घर पर अकेली थी, जबकि उसकी मां बाहर नौकरी पर गई हुई थी। सूचना के बाद पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू की। पिता ने लगाए हत्या करने के आरोपमृतका अंजलि के पिता गांव बैंसी निवासी दीपक ने बताया कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। उसकी पत्नी रीना गांव बैंसी में ससुराल को छोड़कर गांव सिंहपुरा में प्रीति व उसकी मौसी के यहां किराए पर बेटी अंजलि के साथ रहती थी। अंजलि से मिलने भी नहीं देती थी। प्रीति व उसकी मौसी ने मिलकर ही उसकी बेटी को मारा है। काका की तेहरवीं की देने आया था सूचनाअंजलि के पिता दीपक ने बताया कि उसके काका की तेहरवीं सोमवार को होनी है, जिसके बारे में ही बताने के लिए आया था। लेकिन यहां आकर पता चला कि उसकी बेटी नहीं रही। वह अपनी पत्नी से भी जब फोन पर बात करता था तो उसकी पत्नी के फोन को भी छीन लेती थी। उसकी शादी को 20 साल हो गए, कोई विवाद नहीं था। लेकिन अब प्रीति व उसकी मौसी के कारण दूरिया आ गई। अंजलि व उसकी मां से मिलने भी नहीं दियामृतका के पिता दीपक ने बताया कि वह अंजलि व उसकी मां रीना को लेने कई बार आया, उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन प्रीति व उसकी मौसी मिलने भी नहीं देती थी। दोनों ने उन्हें बहका रखा था। बात तक करने नहीं देती थी। पड़ोसी बता रहे है कि अंजलि का प्रीति व उसकी मौसी के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद अंजलि ने मरी है। नौकरी पर गई थी, फोन आने के बाद दौड़ीमृतका की मां रीना ने बताया कि वह नौकरी करने गई हुई थी। इसी दौरान उसे फोन आया कि उसकी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। वह सूचना मिलते ही घर पर पहुंची। उसे नहीं पता कि अंजलि ने सुसाइड क्यों किया है। रीना ने रोते हुए अपनी बात कही। पुलिस मामले में कर रही जांच थाना बहुअकबरपुर एसएचओ महेश ने बताया कि उन्हें एक किशोरी के सुसाइड करने की सूचना मिली थी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को डेड हाउस भेजा और मृतका के परिजनों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैथल के गांव ग्योंग में करीब 26 वर्षीय एक युवक ने रेल के नीचे कटकर सुसाइड कर लिया। युवक ने एक प्राइवेट कंपनी से लोन लिया हुआ था। किस्तें न चुका पाने के कारण उसके पास बार बार कंपनी के कॉल आ रहे थे और कर्मचारी घर पर पहुंच रहे थे। युवक लोन की किस्ते चुकानें में खुद को असमर्थ पा रहा था, जिसके चलते उसने सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान ग्योंग निवासी विशाल के रूप में हुई है। लोगों ने शव देखा तो जीआरपी को सूचना दी दोपहर को ग्योंग में रेलवे लाइन के पास से गुजर रहे लोगों ने जैसे ही शव को देखा तो तुरंत इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी। जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में जीआरपी टीम ने इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आया जीआरपी चौकी इंचार्ज करण सिंह ने बताया कि युवक ने लोन ले रखा था, जिसे वह चुका नहीं सका और उसने सुसाइड कर लिया। वह रात को बिना बताए घर से निकला था और जयपुर चंडीगढ़ इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आ गया। दोपहर को खेतों में गए लोगों ने शव देखा तो उनको सूचना दी। एक बेटी का पिता उन्होंने बताया कि मामले में मृतक युवक के पिता धर्मराज के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि विशाल शादीशुदा था। उसकी करीब एक साल की एक बेटी भी है। वह दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
सीतामढ़ी में कार की टक्कर से महिला की मौत:पूजा देखने जाने के दौरान हादसा, 4 बच्चों की थी मां
सीतामढ़ी में शुक्रवार की रात पूजा देखने जा रही महिला को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह महिला की मौत हो गई। घटना बथनाहा थाना क्षेत्र की है। मृतका की पहचान बथनाहा थाना क्षेत्र के रुपौली वार्ड संख्या-4 निवासी राम मिलन साह की पत्नी उषा देवी(42) के रूप में हुई है। उषा देवी शुक्रवार रात करीब 10 बजे ब्रह्मा स्थान गांव में आयोजित पूजा देखने के लिए टंडसपुर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। 4 बच्चों की मां थी मृतका घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल, सीतामढ़ी पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गई हैं। उनके पति राम मिलन साह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है, और इस घटना से परिवार पर गहरा संकट आ गया है।
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित झोकनबाग इलाके में शनिवार सुबह एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा मकान इसकी चपेट में आ गया। उस समय घर में मौजूद परिवार के सात सदस्य अंदर फंस गए थे। पड़ोसियों की सूझबूझ और फायर ब्रिगेड की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, न्यू मॉर्डन इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक संजय अरोरा और अजय अरोरा का शोरूम झोकनबाग में स्थित है। शोरूम के पास ही उनका तीन मंजिला मकान है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे परिवार के सदस्य नाश्ता कर रहे थे, तभी ग्राउंड फ्लोर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं।आग की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग तीसरी मंजिल से नीचे उतरने लगे, लेकिन तब तक आग ने सीढ़ियों और निकलने के रास्ते को अपनी चपेट में ले लिया था। इसके बाद सभी लोग वापस तीसरी मंजिल पर पहुंचे और मदद के लिए आवाज लगाई। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और छत के रास्ते सभी सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग लगातार फैलती रही और मकान के तीनों फ्लोर इसकी चपेट में आ गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक घर में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था। ई-स्कूटर से आग लगने की आशंका घटना के प्रत्यक्षदर्शी वीरेंद्र कुमार पटेरिया ने बताया कि वह सामने वाले मकान में काम कर रहे थे। तभी एक महिला ने आग लगने की आवाज लगाई। वह तुरंत मौके पर पहुंचे तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर चार्जिंग में लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगी हुई थी। उनका कहना है कि आग सबसे पहले स्कूटी में लगी और करीब दस मिनट के भीतर पूरे मकान में फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। इंसानों के साथ मछलियों को भी बचाया आग बुझाने के दौरान एक मानवीय तस्वीर भी देखने को मिली। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घर में रखे एक्वेरियम की मछलियों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग की गर्मी और धुएं से प्रभावित मछलियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। चार वाहन और एसी जलकर हुए खाक बताया जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर पर शोरूम से संबंधित दर्जनों एसी और कम्प्रेशर रखे हुए थे। इसके अलावा तीन स्कूटर और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी वहीं खड़ी थी। आग की चपेट में आने से सभी वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह नष्ट हो गए।प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। पुलिस और फायर विभाग की टीम आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है।
सोनीपत में एक हिंदू युवती का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर उसके साथ निकाह करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले को लेकर युवती के परिजनों और हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है। पुलिस ने आरोपी युवक से युवती को छुड़ा कर उसका मेडिकल करवाया तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं। युवती के पिता ने आरोपी युवक पर धर्म परिवर्तन करवाने, झूठी पहचान बताने और उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और जांच जारी है और मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। निकाह के बाद थाने पहुंचा था युवक और युवती जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक हिंदू युवती के साथ निकाह करने के बाद पहुंचा था। इस दौरान युवती के पिता और अन्य परिजनों ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। मामले की सूचना मिलने पर हिंदू संगठन के पदाधिकारी मनजीत तिहाड़ भी कोर्ट चौकी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। आरोप है कि युवती का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाया गया था और उसके साथ जबरदस्ती निकाह कराया गया। अस्पताल में मेडिकल, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज हुए बयान रात के समय पुलिस युवती को मेडिकल जांच के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल लेकर गई। इसके बाद युवती के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाए गए। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी पहले से शादीशुदा, दो बच्चों का पिता पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सलमान (27) मूल रूप से मुस्लिम समुदाय से संबंधित है और सोनीपत के जटवाड़ा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। वह पहले से शादीशुदा है तथा दो बेटों का पिता है। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी पिछले कुछ समय से उससे अलग रह रही है और अपने मायके में है। पिता बोले- बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया युवक युवती के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को आरोपी युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उनका कहना है कि युवक ने उनकी बेटी का कथित रूप से धर्म परिवर्तन करवाया और निकाह के लिए दबाव बनाया। पिता ने पूरे मामले को लव जिहाद बताया और कहा कि उनकी बेटी को योजनाबद्ध तरीके से अपने जाल में फंसाया गया। पहले खुद को अमित बताया, बाद में निकला सलमान पिता का आरोप है कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाई थी। उन्होंने बताया कि युवक ने उनकी बेटी को अपना नाम अमित बताया था, जबकि बाद में पता चला कि उसका वास्तविक नाम सलमान है और वह मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है। पिता का कहना है कि झूठी पहचान बताकर उसने उनकी बेटी का विश्वास जीता। बेटी का माइंड वॉश किया गया युवती के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी बेटी को कुछ खिलाया-पिलाया और उसका माइंड वॉश किया। उनका कहना है कि जब उनकी बेटी बरामद हुई तो वह बेसुध अवस्था में थी। पिता ने कहा कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से इस तरह प्रभावित किया गया कि वह परिवार से दूर चली गई। 15 जून को दर्ज कराई थी गुमशुदगी की शिकायत पिता ने बताया कि उनकी बेटी के लापता होने के बाद उन्होंने 15 जून को पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और युवती को बरामद कर लिया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सहयोग से आरोपी युवक तक पहुंचना संभव हो पाया। आरोपी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई युवती के पिता ने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उनकी बेटी को अपने साथ ले गया। उन्होंने उसे फ्रॉड व्यक्ति बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसी घटना न हो। अन्य युवतियों से भी की अपील पिता ने अन्य युवतियों और उनके परिवारों से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की बातों में आने से पहले उसकी पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने युवतियों से ऐसे लोगों के बहकावे में न आने की अपील करते हुए कहा कि पहचान छिपाकर जाल में फंसाने वाले लोगों से सावधान रहना जरूरी है। हाल ही में बालिग हुई है युवती पिता के अनुसार उनकी बेटी ने पिछले वर्ष 18 वर्ष की आयु पूरी की थी और वर्तमान में उसकी उम्र लगभग 18 वर्ष 6 माह है। फिलहाल पुलिस युवती के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। थाना प्रभारी का बयान सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि लड़की जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाया गया था। हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण एक्ट 2022 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रक्षक दल सदस्य रात को मौके पर पहुंचे रक्षक दल के पदाधिकारी मंजीत तिहाड़ा रात को ही अपनी टीम के साथ कोट मोहल्ला चौकी पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सलमान नाम के एक मुस्लिम लड़के ने हिंदू लड़की को बहलाया फुसलाया। आरोपी दो बच्चों का पिता है और उसने लव जिहाद करने का काम किया है। वहीं उन्होंने मामले में कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है। आरोप है कि आरोपी ने युवती का धर्मांतरण करवाया है।
नूरपुर पुलिस ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। सीआईए नूरपुर की टीम ने थाना डमटाल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र से दो युवकों को 154 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, देर शाम सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्र में रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक एक मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में हेरोइन लेकर डमटाल के हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर के समीप खड़े हैं और किसी खरीदार को इसकी सप्लाई देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां खड़े युवक घबरा गए। टीम ने संदेह के आधार पर उनकी बाइक की तलाशी ली, तो बाइक की सीट के नीचे छिपाकर रखी गई 154 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने नशीला पदार्थ और मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गुरदासपुर के रहने वाले हैं पकड़े गए युवक पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के गुरदासपुर जिले के गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी 25 वर्षीय पारस और गांव वाहमणी निवासी 28 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना डमटाल में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 106/2026 दर्ज कर ली है। नूरपुर पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह नशा कहां से लेकर आए थे और हिमाचल में इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भदोही शाखा ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व ज्ञानपुर स्थित अपने शाखा कार्यालय में 'योगोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बाल गोविंद शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। योग शिक्षक अमित प्रकाश ने प्राणायाम से योगाभ्यास की शुरुआत की। उन्होंने भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य, अनुलोम विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया, साथ ही इनके महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, वीरभद्रासन, अर्ध चक्रासन, भद्रासन, मकरासन, सेतुबंधासन और शवासन जैसे योगासनों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का समापन ध्यान के साथ हुआ। इस अवसर पर योग शिक्षक अमित प्रकाश ने कहा कि प्रतिदिन योग के अभ्यास से जीवन को निरोगी बनाया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसके नियमित अभ्यास से अनेक रोगों का निदान संभव है और यह स्वस्थ समाज के लिए अनिवार्य है। उन्होंने गीता के श्लोक 'योगः कर्मसु कौशलम्' का उल्लेख करते हुए बताया कि योग से जीवन के सभी कर्मों को कुशलता से संपादित किया जा सकता है। उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों सहित 50 से अधिक लोगों ने भाग लिया। रमेश चंद्र त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जबकि कोषाध्यक्ष हरेंद्र प्रताप सिंह ने योग शिक्षक अमित प्रकाश का माल्यार्पण कर स्वागत किया। हरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
जीजा-साली से 4 बदमाशों ने की मारपीट:रास्ता रोककर लूटा मोबाइल, घायलों का इलाज जारी
डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना इलाके में 4 अज्ञात बदमाशों ने जीजा-साली को रोककर उनसे मारपीट की और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। इस वारदात में घायल हुए जीजा-साली को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।नयातालाब गामड़ी अहाड़ा निवासी पीयूष अपनी साली आस्था को जगाबोर स्थित ससुराल से बाइक पर बैठाकर अपने घर गामड़ी अहाड़ा लौट रहा था। यह घटना गामड़ी अहाड़ा गांव के पास हुई। बाइक के आगे गाड़ी लगाकर रोकाइसी दौरान पीछे से आई एक बाइक पर सवार 4 अज्ञात बदमाशों ने पीयूष की बाइक के आगे अपनी गाड़ी लगाकर उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने तुरंत रुपयों और मोबाइल की मांग की। जब पीयूष और आस्था ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके मोबाइल छीन लिए। बदमाशों ने आस्था का गला दबाकर उसे पास के खेतों में फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने दोनों पर लात-घूसों और पत्थरों से हमला किया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। लात-घूसों और पत्थरों से किया हमलाघायल पीयूष अपनी साली को लेकर किसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे 108 एम्बुलेंस के पायलट सत्यनारायण लबाना और ईएमटी रजत चौहान ने दोनों घायलों को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जौनपुर में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक में शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड), मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और तथ्यपरक निस्तारण हो, ताकि शिकायतकर्ताओं से कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया न मिले। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता मात्र न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के अंतर्गत एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 स्तर पर की जाने वाली कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि आईजीआरएस शासन की एक प्राथमिकता वाली व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन अपनी समस्याओं और शिकायतों को शासन तक पहुंचाते हैं। इसलिए, सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ठ, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में चोरों ने पुलिस की रात्रि गश्त को चुनौती देते हुए बीती रात ग्राम शमशाबाद में अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाकर नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति चोरी कर ली। सुबह घटना की जानकारी होने पर परिवार में हड़कंप मच गया, जबकि गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। जानकारी के अनुसार ग्राम शमशाबाद निवासी सोनू पुत्र हनुमान प्रसाद अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। देर रात अज्ञात चोर घर के पीछे बने दरवाजे के रास्ते अंदर घुस आए। चोरों ने बड़ी सफाई से घर के कमरों और अलमारियों को खंगाला तथा वहां रखी करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात समेत लगभग आठ लाख रुपये मूल्य का सामान समेटकर फरार हो गए। सुबह जब परिवार के सदस्य जागे तो घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला। अलमारियां खुली हुई थीं और कीमती सामान गायब था। चोरी की जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। गृहस्वामी ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। चोरी की वारदात को लेकर गांव में भी काफी चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। पीड़ित परिवार ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लोहरदगा में शुक्रवार की देर रात एक सड़क जादसे में स्कूटी सवार भाई और दो बहनों की मौत हो गई। हादसा लोहरदगा-गुमला मुख्य पथ पर मिशन चौक के पास ट्रक की टक्कर से हुआ। मृतकों की पहचान लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली निवासी मुकेश साहू के पुत्र रोहित कुमार साहू (28) और बेटियों सपना कुमारी (24) व सृष्टि कुमारी (14) के रूप में हुई है। ट्रक सामने से टक्कर के बाद स्कूटी को कुछ दूर तक घिसटता चला गया। धर्मशाला में विवाह समारोह में जा रहे थेयह घटना उस समय हुई जब रोहित, सपना और सृष्टि एक स्कूटी पर सवार होकर लोहरदगा-सेन्हा रोड स्थित कृषि मार्केट के पास तेली धर्मशाला में एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। सेन्हा से लोहरदगा की ओर आ रहे एक बॉक्साइट ट्रक ने मिशन चौक के पास उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में स्कूटी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के तुरंत बाद चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। दोनों बहनों ने घटनास्थल पर ही तोड़ दिया दमहालांकि हादसे के बाद ही सपना और सृष्टि की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल रोहित कुमार साहू को इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक रत्नेश मोहन ठाकुर ने बताया कि दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शवों को कब्जे में लेकर शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
देवरिया में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही की अध्यक्षता में पीडब्लूडी के निरीक्षण भवन में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न 10 मामलों की सुनवाई की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान कुल 10 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। इनमें घरेलू हिंसा के चार मामले शामिल थे। इनके अतिरिक्त, राशन कार्ड से संबंधित दो मामले, विद्युत कनेक्शन का एक मामला, जमीनी विवाद का एक मामला, रोजगार एवं सिलाई मशीन से जुड़ा एक मामला और सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित एक मामला भी सुना गया। महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऋतु शाही ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकता है और किसी भी पीड़िता को न्याय पाने के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा। घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, सुरक्षा और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, अन्य मामलों में संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। अधिकारियों ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई। जनसुनवाई के बाद, प्राप्त शिकायतों के शीघ्र निस्तारण और अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। ऋतु शाही ने यह भी कहा कि आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक सत्येंद्र कुमार राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी आदिश मिश्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्विनी पांडेय, नायब तहसीलदार संदर्भ कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनि वर्मा, संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी, प्रभारी महिला थाना पूनम यादव और बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बिना टिकट मिले तो अब लगेगा 500 रुपए जुर्माना:रेलवे ने 250 रुपए से बढ़ाकर किया 500 रुपए जुर्माना
ट्रेन में बिना सफर यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर रेलवे अब 500 रुपए जुर्माना वसूलेगा। साथ ही बिना प्लेटफॉर्म टिकट के पकड़े जाने जाने पर भी 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। पहले यह जुर्माना राशि 250 रुपए थी जो बढ़ाकर रेलवे ने अब 500 रुपए कर दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना तथा यात्रियों को नियमों के अनुसार यात्रा के लिए प्रेरित करना है।उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा से पहले उचित एवं वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें तथा स्टेशन परिसर में एंट्र के लिए आवश्यक होने पर प्लेटफॉर्म टिकट भी अवश्य ले। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से अनियमित यात्रा पर नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।
सुल्तानपुर में दो बाइकों की टक्कर:दो भाइयों में एक की मौत, तीन घायल, शादी से अटेंड करके लौट रहे थे
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे कुड़वार-हलियापुर मार्ग पर असलम प्रधान की चक्की के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक और एक घायल युवक सगे भाई थे, जो एक शादी समारोह से घर वापस लौट रहे थे। मृतक की पहचान स्माइलपुर वल्लीपुर (कन्नौजिया) निवासी शैलेंद्र कुमार (लगभग 20 वर्ष) पुत्र भवानी प्रसाद के रूप में हुई है। घायलों में शैलेंद्र का भाई अरुण कुमार (लगभग 23 वर्ष) पुत्र भवानी प्रसाद, इब्राहिमपुर निवासी फैजान (21 वर्ष) और सहीम पुत्र यूसुफ शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्दीराय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ प्रतीत होता है। पुलिस दोनों वाहनों की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
सरगुजा में पुलिस आरक्षक से जमीन का सौदा कर ग्रामीण ने दस साल पहले एग्रीमेंट किया और दो लाख रुपये ले लिये। पैसे लेने के बाद भूू स्वामि ने रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया और आरक्षक के पैसे भी नहीं लौटाए। मामले में शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने ठगी का अपराध दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस लाईन अंबिकापुर में पदस्थ आरक्षक संदीप कुमार कश्यप ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई हे कि उसने वर्ष 2016 में दरिमा थाना क्षेत्र के भंवर साय से जमीन खरीदने का सौदा किया था। भंवर साय ने पैसों की जरूरत होने पर करमीटिकरा में स्थित खसरा क्रमांक 2465/61 में से रकबा 0.600 हेक्टेयर जमीन दो लाख रुपये में बेचने का सौदा किया। 14 जुलाई 2016 को भूमि विक्रय करने हेतु अनुबंध पत्र उप पंजियक रजिस्ट्री कार्यालय में तैयार किया गया है। पैसे लेकर किया अनुबंध, रजिस्ट्री करने से इनकार संदीप कुमार कश्यप ने अनुबंध के दौरान भंवर साय को एक लाख 95 हजार रुपये नगद दे दिया। पैसे लेने के बाद भंवर साय रजिस्ट्री करने के लिए टाल मटोल करता रहा। 11 जूून को संदीप कुमार कश्यप ने भंवर साय से मुलाकात कर जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए कहा। रजिस्ट्री नहीं करने की स्थिति में पैसे वापस करने की मांग की। भंवर साय ने आरक्षक से विवाद करते हुए जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया और पैसे भी लौटाने से मना कर दिया। इसकी शिकायत आरक्षक ने कोतवाली थाने में की। मामले में कोतवाली पुलिस ने भंवर साय के खिलाफ धारा 318;4द्ध के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
औरैया में व्यापारियों ने मंडी सचिव को ज्ञापन दिया:नए ऐप और लाइसेंस नवीनीकरण की शर्तों पर आपत्ति
औरैया में शनिवार को व्यापारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को एक ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन प्रांतीय अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के निर्देश पर जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू, मंडी समिति अध्यक्ष शिवाकांत पाठक और महामंत्री जमाली सिंह के नेतृत्व में दिया गया। ज्ञापन निदेशक मंडी समिति, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को संबोधित था। जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई ने बताया कि ज्ञापन मंडी समिति की नई ऐप व्यवस्था और ऑनलाइन पोर्टल में मौजूद खामियों को लेकर था। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जारी किए गए नए आदेशों में गारंटर और शपथ पत्र जैसी अनिवार्य शर्तों को समाप्त करने की मांग भी की गई। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए व्यापारियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं को माननीय मंडी निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के समक्ष रखेंगे ताकि उनका समाधान हो सके। ज्ञापन सौंपते समय गल्ला मंडी अध्यक्ष शिवाकांत पाठक, महामंत्री जमाली सिंह, रवि शंकर शुक्ला, अमर बिश्नोई, दीपक अग्रवाल, आरती नंदन तिवारी, मयंक शुक्ला एडवोकेट, भानु राजपूत, रितेश गुप्ता, वेद राठौर, सब्जी मंडी अध्यक्ष विजय मिश्रा, महामंत्री हेमचंद कुशवाहा, अनिल शुक्ला, विवेक तिवारी, नूर मोहम्मद, सानू, प्रताप सिंह, अजीत सिंह, प्रेम चतुर्वेदी, अभय गुप्ता, अवधेश तिवारी, रजत पांडे, कृपाल राठौर, राजेश बिश्नोई और श्री नारायण पुरवार सहित कई व्यापारी मौजूद थे।
चतरा के सिमरिया क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपहरणकर्ताओं के चंगुल से 6 ग्रामीणों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। घटना 18 जून की रात करीब 10:30 बजे की है, जब हथियारबंद अपराधियों ने तेलियाडीह और गोवदा गांव के 6 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया था। अपराधी खुद को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एमसीसी का सदस्य बताकर ग्रामीणों के परिजनों से 1 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फायरिंग के बाद बदमाशों ने छोड़े बंधक गुप्त सूचना के आधार पर चतरा एसपी के निर्देश पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम में सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस टीम रात के अंधेरे में टूंटीलावा से हेसातु जाने वाले मार्ग के हड़गड़ी जंगल में पहुंची। यहां सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही पुलिस टीम अपहृतों के करीब पहुंची, अपराधियों ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। पुलिस के दबाव में अपराधी अपहृत ग्रामीणों को मौके पर छोड़कर भागने लगे। जिसके बाद सभी 6 ग्रामीणों को पुलिस ने बरामद किया। घेराबंदी कर 5 अपराधी गिरफ्तार अपहृतों को सुरक्षित करने के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 6 में से 5 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में टंडवा निवासी रमेश कुमार गंझू और सतीश कुमार गंझू मुख्य रूप से शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 3 देसी भराठी बंदूकें, एक पिस्टल जैसा दिखने वाला लाइटर, एक बड़ी गुप्ती (चाकू) और पीड़ितों से लूटे गए 3 ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा भागने के दौरान छूटा एक रियलमी मोबाइल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने सिमरिया थाना में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। फरार एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
बैतूल जिले के मुल्ताई थाना क्षेत्र में हाल ही में पुलिसकर्मियों के विवादों में घिरने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) वीरेंद्र जैन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को जारी आदेश के तहत एसपी ने मुल्ताई थाना प्रभारी (टीआई) निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार को उनके पद से हटाकर आठनेर थाने भेज दिया है। उनकी जगह आठनेर टीआई विकास पटेल को मुल्ताई थाने की कमान सौंपी गई है। एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में इस तबादले को आधिकारिक तौर पर 'प्रशासनिक दृष्टिकोण' से किया गया बदलाव बताया गया है। आदेश में दोनों निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई पदस्थापना वाले थानों में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पदभार ग्रहण करने की सूचना तुरंत पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है। डायल-112 पर हमले और विवादों से बिगड़ी थी साखमुल्ताई थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पुलिस की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में थी। हाल ही में डायल-112 की टीम पर हमले और पुलिसकर्मियों व आम नागरिकों के बीच हुए विवाद के कई मामले सामने आए थे। इन घटनाक्रमों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए थे। सूत्रों के अनुसार, इन विवादों से पुलिस की छवि धूमिल होने को लेकर एसपी स्तर पर खासी नाराजगी जताई गई थी। नए टीआई विकास पटेल के सामने कानून-व्यवस्था सुधारने की चुनौतीनरेंद्र सिंह परिहार को मुल्ताई से हटाकर आठनेर भेजने को महज एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल से अधिक अहम माना जा रहा है। अब आठनेर से आए नए थाना प्रभारी विकास पटेल ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मुल्ताई की कमान संभालेंगे, जब पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर स्थानीय जनता की निगाहें पुलिस महकमे पर टिकी हुई हैं।
हाथरस में भी नीट री-एग्जाम कल:4 केंद्रों पर 1188 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा, तैयारी पूरी
हाथरस में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट (यूजी)-2026 की पुन: परीक्षा कल होगी। इस परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद के चार परीक्षा केंद्रों पर कुल 1188 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन चार केंद्रों में सरस्वती इंटर कॉलेज, आगरा रोड पर 228 परीक्षार्थी, सेठ फूलचंद बागला पी.जी. कॉलेज में 360, श्री अकूर इंटर कॉलेज, अलीगढ़ रोड पर 360 और पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय में 240 परीक्षार्थियों को आवंटित किया गया है। परीक्षा एक ही पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। काफी पुलिस फोर्स भी रहेगा तैनात प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सभी चार केंद्रों पर कुल 8 स्टैटिक मजिस्ट्रेट (प्रत्येक केंद्र पर 2), 4 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 1 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती भी की गई है। अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और सीटिंग प्लान भी तैयार कर लिया गया है।
कन्नौज में सड़कों पर मक्का सुखा रहे किसान:एआरटीओ ने हटवाई, हादसों का हवाला देकर दी हिदायत
कन्नौज जिले में सड़कों पर मक्का सुखाने वाले किसानों के खिलाफ शनिवार को एआरटीओ टीम ने कार्रवाई की। टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन पर फैली मक्का को हटवाया। यह कार्रवाई दोपहिया वाहन चालकों को हो रही दिक्कतों और सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए की गई। जिले में इन दिनों मक्का की फसल की कटाई चल रही है। किसान फसल सुखाने के लिए इसे सड़कों पर फैला रहे हैं। इससे जिले भर की सड़कें मक्का से पटी पड़ी हैं। वाहनों को मक्का से बचाने के लिए किसानों ने सड़क के बीचों-बीच ईंट और पत्थर भी रख दिए हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर मक्का सुखाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एआरटीओ इज्या तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने जसौली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन पर मक्का सुखा रहे किसानों से बात की। एआरटीओ ने किसानों को मक्का के कारण होने वाले हादसों के बारे में बताया और उन्हें सड़क से मक्का हटाने की हिदायत दी। इसके बाद किसानों ने सड़क से मक्का समेटना शुरू कर दिया। एआरटीओ इज्या तिवारी ने बताया कि उन्होंने किसानों को सड़क से मक्का हटाने के लिए कहा है। उन्होंने किसानों को समझाया कि सड़क पर मक्का फैलाने से गंभीर हादसे हो सकते हैं, जिनमें लोगों की जान भी जा सकती है। किसानों ने इन बातों को सुनने के बाद मक्का हटाने पर सहमति जताई। एआरटीओ ने यह भी बताया कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान चलाकर सड़कों को खाली कराया जाएगा।
जयपुर के पानों का दरीबा और चाणक्य मार्ग स्थित रिहायशी इलाके में एक दो मंजिला मकान में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी रोहित अग्रवाल, जो पानों का दरीबा क्षेत्र में सीजनल पटाखों की दुकान संचालित करता है, ने अपने ही घर में बड़ी मात्रा में पटाखों का संग्रहण कर रखा था। चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त मकान में रोहित अपने माता-पिता और परिवार के साथ रहता है, जबकि मकान के कुछ हिस्सों में किरायेदार भी रह रहे हैं। इसके अलावा मकान के पास ही कोयले का गोदाम होने से किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा हादसा होने और जनहानि की आशंका बनी हुई थी। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पहले सीएसटी की टीम पहुंची। जिसके बाद सुभाष चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मकान के भीतर एक बंद कमरे में रखे पटाखों को लेकर जांच शुरू की और मकान मालिक के पिता से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान रोहित अग्रवाल मौके पर नहीं मिला और वह फरार बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, रोहितके पिता ओमप्रकाश अग्रवाल के पिता से पुछताछ की जा रही है और बरामद पटाखों की मात्रा और वैधता की पड़ताल की जा रही है।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई की है। थाना सिटी महेंद्रगढ़ क्षेत्र में एक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर सट्टा खाईवाली करते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से नकदी, सट्टा पर्चियां और अन्य सामग्री बरामद हुई है। पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में आरोपी के कब्जे से सट्टे के हिसाब-किताब की एक डायरी, सट्टा पर्चियां और कुल 6,850 रुपए बरामद किए गए। सीआईए महेंद्रगढ़ की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि मोहल्ला सैनीपुरा, महेंद्रगढ़ निवासी सूरज, गंगा देवी अस्पताल के नजदीक अपनी डीजे की दुकान के सामने अवैध रूप से सट्टे का कारोबार कर रहा है। आरोपी ने की भागने की कोशिश इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एक टीम का गठन किया और मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। जिला पुलिस इलाके में असामाजिक और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्यरत है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
नीट कैंडिडेट को अबू धाबी परीक्षा सेंटर आवंटित हुआ, पिता-बोले सदमे में है बेटा
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी एडमिट कार्ड में हुई एक गलती के कारण महाराष्ट्र के नागपुर के एक उम्मीदवार को कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।
डीग जिले की जुरहरा थाना पुलिस ने जेसीबी ठगी के 2 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 40 लाख रुपए कीमत की एक जेसीबी मशीन भी बरामद की गई है। पुलिस ने चोरी हुई जेसीबी मशीन को मध्य प्रदेश के सोन नदी क्षेत्र के जंगलों से बरामद किया। पुलिस के अनुसार यह मामला 15 सितंबर 2024 का है। जुरहरी गांव में आरोपी हबीब पुत्र अजीज खान, निवासी जबलपुर (मध्य प्रदेश) ने मुस्तगीश तारीफ खान से जेसीबी मशीन का सौदा किया था। बाद में उसने धोखाधड़ी कर मशीन को जबलपुर ले जाकर अपने साथी सर्वेश कुमार सिंह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मशीन हड़प ली। इस संबंध में जुरहरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। दोनों आरोपियों को किया जा चुका गिरफ्तारजांच के दौरान पुलिस ने 27 मई 2026 को आरोपी हबीब को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से गिरफ्तार किया। इसके बाद 2 जून 2026 को दूसरे आरोपी सर्वेश कुमार सिंह को सतना जिले (मध्य प्रदेश) से पकड़ा गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी एवं खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी हुई जेसीबी मशीन को मध्य प्रदेश के सोन नदी क्षेत्र के जंगलों से बरामद किया।
हमीरपुर में कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत:एक घायल, NH-34 पर लगा लंबा जाम
हमीरपुर मौदहा कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को नेशनल हाईवे-34 पर एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया। यह घटना बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज के पास हुई। महोबा जनपद के रहने वाले 35 वर्षीय जगदीश कुशवाहा और उनके 30 वर्षीय भतीजे राहुल सुमेरपुर से कबरई की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही अर्टिगा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान जगदीश कुशवाहा ने दम तोड़ दिया। राहुल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया गया कि जगदीश और राहुल एक बारात में शामिल होने के बाद सिकहुला गांव से अपने घर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। पुलिस ने मृतक जगदीश कुशवाहा के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना के कारण एनएच-34 पर लगे लंबे जाम को पुलिस ने काफी प्रयास के बाद सुचारु कराया। पुलिस कार चालक और वाहन के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
आजमगढ़ में शुक्रवार की रात में पति ने पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आरोपी पति की तलाश में उसके संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही है। मृतका की मां ने कहना है कि लगाया कि उनका पति अक्सर शराब के नशे में घर आकर झगड़ा करता था। यह पूरा मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र का है। अल्हनी गांव निवासी नीरज निषाद की अपनी पिंकी (32) से शुक्रवार की शाम किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर नीरज ने पिंकी के साथ मारपीट शुरू कर दी। खुद को बचाने के लिए पिंकी ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बावजूद नीरज ने दरवाजा तोड़ दिया और कमरे में घुसकर घर में रखे चाकू से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिंकी को परिजन उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की मां का कहना है कि नीरज अक्सर शराब के नशे में घर आकर झगड़ा करता था। पिंकी तीन बच्चों की मां थी। उसके परिवार में एक बेटी और दो बेटे हैं। आरोपी पति पीओपी का काम करता है। उन्होंने आगे कहा कि चाकू के हमला से घायल पिंकी को गांव के एक अन्य व्यक्ति के घर छोड़कर भाग गया था। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शाहजहांपुर में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा का आरोप है कि गांव की आवाज उठाने को वहां की पुलिस मानसिक उत्पीड़न बता रही है। पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि क्या अभी भी अंग्रेजों का राज चल रहा है। उन्होंने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी की मौत के संपूर्ण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की। मोर्चा ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक घटना में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। यदि जांच में फर्जी मुठभेड़ या अवैध बल प्रयोग सिद्ध होता है, तो दोषी अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 (हत्या), धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) और साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की निगरानी में मामले की जांच कराई जाए। मुठभेड़ की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। यदि भरत तिवारी बाढ़ एवं कटान पीड़ितों की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे थे, तो उनकी उठाई गई जनसमस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। मोर्चा ने पुलिस सुधार आयोग का गठन कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस प्रकार की घटना न हो और प्रत्येक मुठभेड़ की अनिवार्य न्यायिक जांच कराई जाए।
जमुई के मलयपुर पुलिस लाइन में शनिवार को दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। जहां कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 581 महिला सिपाही बिहार पुलिस सेवा का हिस्सा बनीं। इस दौरान किसी ने अपनी मां को गले लगाकर खुशी के आंसू बहाए, किसी ने माता-पिता के चरणों में दंडवत प्रणाम किया, तो किसी ने अपने भाई और पिता के सिर पर टोपी सजाकर सम्मान और गर्व का एहसास कराया। बेगूसराय, मुंगेर और बांका जिलों से आई प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने महीनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। समारोह की शुरुआत परेड निरीक्षण से हुई। आकर्षक मार्च पास्ट, अनुशासित कदमताल और शानदार प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पुलिस लाइन मैदान में पांच हजार से अधिक लोगों की भीड़ मौजूद थी, जो अपनी बेटियों, बहनों और रिश्तेदारों की इस उपलब्धि की गवाह बनी। मां को दंडवत प्रणाम कर लिया आशीर्वाद बक्सर जिले की नीलू कुमारी एक किसान धर्मेंद्र सिंह की बेटी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस में भर्ती होना उनका सपना था। इसके लिए उन्होंने लगातार मेहनत की, लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया। पासिंग आउट के बाद नीलू सबसे पहले अपनी मां के पास पहुंचीं और उनके चरणों में दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। दीक्षांत परेड समारोह की तस्वीरें… पासिंग आउट के बाद मां से गले मिलकर रोई वहीं गया जिले के आमस थाना क्षेत्र की सिंधु कुमारी ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे खुशी भरा दिन है। हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल भी रहा कि उनकी बड़ी बहन दौड़ परीक्षा में सफल नहीं हो सकीं। पासिंग आउट के बाद सिंधु अपनी मां मुनकी देवी से गले मिलकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने अपनी टोपी पिता लालदेव यादव के सिर पर सजाकर उनके संघर्ष और त्याग को सम्मान दिया। मां-बेटी और पिता-पुत्री के इस भावुक मिलन ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। परेड मैदान में हर तरफ गर्व, खुशी और भावनाओं का संगम दिखाई दे रहा था। किसान परिवारों की बेटियों ने अपने सपनों को साकार कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे कोई मंजिल दूर नहीं होती। प्रशिक्षु सिपाही को पढ़ाया विनम्रता-ईमानदारी का पाठ मौके पर DIG राकेश मुंगेर प्रक्षेत्र ने प्रशिक्षु सिपाही को अनुशासन, विनम्रता और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया। जमुई डीएम नवीन, एसपी विश्वजीत दयाल, बीएसएपी संजय कुमार, प्रशिक्षण केंद्र में उप प्राचार्य DSP ज्योति कुमारी, एसएसबी के असिटेंट कमांडेंट डा. रोहित,सीआरपीएफ के सुरेंद्र कुमार उपस्थित थे।
हर चंदेरी साड़ी पर लगेगा जीआई टैग:कलेक्टर की बैठक में संरक्षण, विपणन और पर्यटन बढ़ाने पर अहम फैसले
अशोकनगर जिले के चंदेरी स्थित हैंडलूम पार्क में शुक्रवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में एसपीवी और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की संयुक्त बैठक हुई। इसमें चंदेरी साड़ियों के संरक्षण, विपणन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नकली चंदेरी साड़ियों की बिक्री रोकने के लिए प्रत्येक साड़ी पर जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग लगाने का सुझाव दिया गया। नगर के मास्टर वीवर्स और बुनकरों ने यह प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित टैग में बुनकर का नाम, ताने-बाने का विवरण और साड़ी निर्माण में लगा समय अंकित होगा। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शीघ्र लागू करने पर जोर दिया, जिससे साड़ियों की मौलिकता सुरक्षित रहेगी और नकली उत्पादों पर नियंत्रण होगा। कलेक्टर ने हथकरघा विभाग को हैंडलूम पार्क के लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य देश-विदेश के ग्राहकों को सीधे उच्च गुणवत्ता वाली असली चंदेरी साड़ियां खरीदने की सुविधा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो डिजाइनिंग, मार्केटिंग और उत्पादन में तकनीकी सहयोग देगी। बैठक के दौरान चंदेरी साड़ी संग्रहालय की स्थापना और हैंडलूम पार्क में दुकानों के आवंटन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के स्थानीय गाइडों को चंदेरी पर्यटन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, और कलेक्टर ने नव प्रशिक्षित गाइडों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर एसडीएम मनीष धनगर सहित हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हरिद्वार में आयोजित चौथे आरजेके गोल्ड मेडल आर्चरी टूर्नामेंट-2026 में देवरिया के संजीव सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते हैं। यह प्रतियोगिता 16 से 21 जून तक उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई। खिलाड़ियों को एसबीआई फाउंडेशन एसीई प्रोग्राम और एम3एम फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण मिल रहा है। प्रतियोगिता के एलिमिनेशन और रैंकिंग राउंड में खिलाड़ियों ने कुल सात और पदक हासिल किए। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। एलिमिनेशन फाइनल मुकाबलों में अंडर-15 रिकर्व गर्ल्स वर्ग में प्रज्ञा सिंह ने स्वर्ण पदक जीता। अंडर-10 कंपाउंड बॉयज़ वर्ग में उत्कर्ष ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि अंडर-10 रिकर्व बॉयज़ वर्ग में आलोक गुप्ता ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रैंकिंग राउंड में भी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। अंडर-15 रिकर्व गर्ल्स वर्ग में प्रज्ञा सिंह और अंडर-10 कंपाउंड बॉयज़ वर्ग में उत्कर्ष ने स्वर्ण पदक जीते। अंडर-10 रिकर्व बॉयज़ वर्ग में आलोक गुप्ता ने रजत पदक हासिल किया। संजीव सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। संस्थान के प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास को दिया। संस्थान प्रबंधन ने सभी पदक विजेताओं, कोचों और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता दिलाएगा। संस्थान ने एसबीआई फाउंडेशन और एम3एम फाउंडेशन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल रही हैं।
अमरोहा में खेत जा रही किशोरी को ईख में खींचा:गांव के युवक ने छेड़छाड़ की, आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई FIR
अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में खेत जा रही युवती को अकेला पाकर गांव के युवक ने ईख के खेत में खींच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए छेड़छाड़ की। युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब युवती अपने खेत की ओर जा रही थी। रास्ते में गांव निवासी युवक सोनू ने उसे अकेला देख लिया। आरोपी ने युवती को जबरन ईख के खेत में घसीट लिया और वहां अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। युवती ने खुद को छुड़ाने के लिए शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास काम कर रहे लोग मौके की तरफ दौड़े, जिसे देखकर आरोपी सोनू खेत छोड़कर भाग निकला। घटना के बाद पीड़िता घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद परिवारजन रजबपुर थाने पहुंचे और तहरीर सौंपी। वहीं, इस मामले में रजबपुर थाना प्रभारी विकास कुमार ने शनिवार को बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी सोनू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने फतेहपुर की नहर कॉलोनी में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और प्रदर्शन के बाद प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। धरने का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने किया। इस प्रदर्शन में पार्टी के विधायक भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती और बढ़ी हुई दरें आम जनता को परेशान कर रही हैं, जबकि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। धरना-प्रदर्शन में नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, तथा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान में विफल रही है और जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा और समर्थक उपस्थित रहे।
गाजियाबाद की केमिकल फैक्ट्री में आग:दुहाई इंडस्ट्रियल एरिया में लगी, चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
गाजियाबाद के दुहाई इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में शनिवार सुबह आग लग गई। सुबह करीब 10 बजे लगी आग पर चार दमकल गाड़ियों की मदद से काबू पा लिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। फैक्ट्री की ऊपरी मंजिल पर रखे कूलर और पंखों में आग लगी थी। धुआं उठता देख कर्मचारियों ने तुरंत फायर विभाग को सूचना दी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि विभाग को सुबह 10:16 बजे आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत होज पाइप बिछाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। फैक्ट्री में केमिकल सामग्री होने के कारण आग फैलने का खतरा था, लेकिन फायर कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग को फैलने से रोका। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और कोई जनहानि नहीं हुई है। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग ऊपरी मंजिल पर रखे कूलर और पंखों से शुरू हुई थी, जिसकी चपेट में वहां रखा अन्य सामान भी आ गया। फायर विभाग की त्वरित कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर सुरक्षित रहा।
पति-पत्नी के बीच मारपीट का VIDEO:अस्पताल के सामने चप्पलें और थप्पड़ चले, लोग बने तमाशबीन
पन्ना जिला अस्पताल परिसर के बाहर उस समय हंगामा मच गया जब एक दंपति के बीच मामूली विवाद मारपीट में बदल गया। पत्नी ने पति को चप्पलों से पीटा, जिसके जवाब में पति ने भी थप्पड़ मारे। इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शी नईम खान के अनुसार, दंपति किसी परिजन का इलाज कराने अस्पताल आए थे। अस्पताल के बाहर किसी बात पर उनमें बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर पत्नी ने पति पर चप्पलों से हमला कर दिया। इसके बाद पति ने भी पलटवार करते हुए पत्नी को थप्पड़ मारे। सरेराह हुई इस घटना को देखने के लिए वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख आसपास खड़े स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बीच-बचाव किया और दंपति को शांत कराया। यह हंगामा किस बात को लेकर हुआ और यह दंपति कहां के रहने वाले हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। बीच-बचाव के बाद दोनों बिना किसी पुलिस शिकायत के मौके से चले गए।
[डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया:मरीजों से सीधा बातचीत कर परखीं स्वास्थ्य सेवाएं
जालौन में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 8:30 बजे अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी ने ओपीडी, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपचाराधीन मरीजों से उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में उपलब्ध दवाओं, जांच सुविधाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। मरीजों और उनके परिजनों से मिले फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। जिलाधिकारी ने अस्पताल में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, मरीजों एवं तीमारदारों के बैठने की सुविधा और पंजीकरण काउंटर सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जाएं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने जोर देकर कहा कि मरीजों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि किसी भी स्वास्थ्य संस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन केवल कार्यालय में बैठकर नहीं, बल्कि मरीजों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनकर ही किया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को सहज, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो और आमजन को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
ग्वालियर शहर के पॉश इलाके हरिशंकरपुरम में रहने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के नीड़म रेलवे ट्रैक की बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना हादसा है या व्यक्ति ने आत्महत्या की है। जानकारी के अनुसार हरिशंकरपुरम स्थित साया टैरिस E-ब्लॉक निवासी राजेश रावत (55) पुत्र कोमल सिंह रावत शुक्रवार रात खाना खाने के बाद अपने घर से पुश्तैनी घर जाने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक जब वह वहां नहीं पहुंचे तो परिजनों ने समझा कि वह शायद वहीं रुक गए होंगे। इसी दौरान रात करीब 1 बजे राजेश रावत विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के नीड़म इलाके में रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे, जहां झांसी की ओर से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लिया। पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली तो उनकी जेब से आईडी कार्ड मिला, जिसके आधार पर उनकी पहचान हुई और सुबह परिजनों को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब घटनास्थल और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हादसा है या आत्महत्या यह हादसा है या आत्महत्या। मामले में पुलिस अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए खुदकुशी की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस हादसे के एंगल को भी खारिज नहीं कर रही है। पुलिस समझ नहीं पा रही है कि राजेश आम रास्ते को छोड़कर रेलवे ट्रैक पर क्या करने आया था। परिवार सदमे में, सामान्य होने पर करेगी पुलिस बातचीत विश्वविद्यालय थाना पुलिस का कहना है कि अचानक हुई इस दुखद घटना से मृतक के घरवाले गहरे सदमे में हैं। पुलिस अभी घर का माहौल सामान्य होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद परिजन के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे कि क्या राजेश किसी मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानी से गुजर रहे थे। विश्वविद्यालय थाना प्रभारी राजेन्द्र कुमार ने बताया नीड़म रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से हरिशंकरपुरम निवासी राजेश रावत की मौत हुई है। जेब में मिले आईडी कार्ड की मदद से परिजन को सूचित कर शव को पीएम हाउस भेजा गया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
मऊगंज में वाहन ने मारी टक्कर, शिक्षक की मौत:जनगणना बैठक से लौट रहे थे, पटेहरी ओवरब्रिज पर हादसा
मऊगंज जिले में एक सड़क हादसे में एक शिक्षक की मौत हो गई। शिक्षक कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनगणना संबंधी बैठक से लौट रहे थे, तभी पटेहरी ओवरब्रिज पर एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वे सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे और बाद में उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के पिड़रिया निवासी हिछलाल कोल के रूप में हुई है। वे शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरा में प्राथमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, उन्हें 19 जून को शाम करीब 4:30 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनगणना बैठक में शामिल होने का संदेश मिला था। बैठक समाप्त होने के बाद हिछलाल कोल अपने घर लौट रहे थे। रात्रि में मऊगंज थाना क्षेत्र स्थित पटेहरी ओवरब्रिज पर पहुंचते ही किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े रहे। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो शिक्षक की जेब से भारत की जनगणना-2027 मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का पहचान पत्र मिला। इसी पहचान पत्र के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई। इसके बाद उन्हें एमपीआरडीसी की एंबुलेंस से सिविल अस्पताल मऊगंज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार, 20 जून को सिविल अस्पताल मऊगंज में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन और चालक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
गोरखपुर में भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर में बिजली की बढ़ती खपत ने व्यवस्था बिगाड़ दी है। ओवरलोडिंग, केबल जलने, लाइन फाल्ट और ट्रांसफॉर्मर खराब होने से शहर के कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई लड़खड़ा गई। कहीं पूरी रात लोग बिजली का इंतजार करते रहे तो कहीं दिनभर कटौती से लोग परेशान रहे। गर्मी से बेहाल लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा और मोहद्दीपुर में नाराज उपभोक्ता आधी रात को बिजली उपकेंद्र तक पहुंच गए। मोहद्दीपुर इलाके में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। चार फाटक के पास केबल जलने और फाल्ट की वजह से रात में कई घंटे बिजली सप्लाई ठप रही। गर्मी से परेशान लोग घरों से बाहर निकल आए। लंबे इंतजार के बाद भी बिजली नहीं आई तो नाराज उपभोक्ता रात करीब एक बजे मोहद्दीपुर बिजली उपकेंद्र पहुंच गए और विरोध जताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित लगातार बिजली कटौती से करीब 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। कई घरों के इन्वर्टर बंद हो गए और पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। लोगों का कहना था कि रातभर बिजली गायब रहने के बाद दिन में भी फाल्ट और कटौती ने परेशानी बढ़ा दी। उमस भरी गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। शहर के कई इलाकों में बिजली ने किया परेशान मोहद्दीपुर के अलावा राप्तीनगर, असुरन, बेतियाहाता, धर्मशाला, शाहपुर, खोराबार, पादरी बाजार, बिछिया और रुस्तमपुर क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। कहीं केबल फाल्ट तो कहीं ओवरलोडिंग के कारण लोगों को घंटों तक बिजली का इंतजार करना पड़ा। बिछिया के ताड़ीखाना क्षेत्र में भी लंबे समय तक बिजली न रहने से लोग परेशान रहे।
गोरखपुर में रामगढ़ ताल का किनारा शनिवार सुबह योग के रंग में रंगा नजर आया। उगते सूरज की किरणों, ताल की शांत लहरों और प्राकृतिक माहौल के बीच लोगों ने योग कर स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से ‘योगा विथ नेचर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रामगढ़ ताल स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के सामने जेट्टी नंबर-5 पर आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बेहतर जीवन जीने का तरीका है योग सुबह के शांत वातावरण में सभी ने योग प्रशिक्षकों के साथ अलग-अलग योगासन, प्राणायाम और ध्यान किया। प्रकृति के बीच हुए योगाभ्यास ने लोगों को शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में योग के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि योग केवल शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह मन को शांत, सोच को सकारात्मक और जीवन को संतुलित बनाने में मदद करता है। आज की व्यस्त जिंदगी में तनाव को कम करने और स्वस्थ रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। पूरी दुनिया ने अपनाई भारत की योग परंपरा कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अनमोल देन है। आज पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है। प्रकृति के बीच योग करने से शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज बनाने के लिए हर व्यक्ति को योग अपनाना चाहिए। विश्वविद्यालय योग को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। योग को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने की अपील कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुशलनाथ मिश्रा रहे। इस दौरान डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुनीता मुर्मू, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. अमोद राय, डॉ. के. सुनीता, डॉ. दुर्गेश पाल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, स्वस्थ जीवन अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
बागपत के राजपुर खामपुर गांव में तकिया वाली मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई। लगभग 70 साल पुरानी इस मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और बुलडोजर की मदद से मस्जिद को तोड़ा गया। इस दौरान गांव में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहा। अधिकारियों के अनुसार, इस मस्जिद के निर्माण को लेकर पांच साल पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था, जिसके बाद न्यायालय ने मस्जिद को तोड़ने का आदेश जारी किया। एडीएम विनीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए की गई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।
टीकमगढ़ जिले में 20 जून से 30 सितंबर तक रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। इस अवधि के दौरान अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध वर्षा काल के दौरान नदी-नालों से रेत खनन रोकने के लिए लगाया गया है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, आमतौर पर 15 जून से 1 अक्टूबर तक प्रतिबंध लागू रहता है। हालांकि, इस बार मानसून में देरी के कारण कलेक्टर ने 20 जून से 30 सितंबर की अवधि निर्धारित की है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मध्य प्रदेश में मानसून सत्र की अवधि 15 जून से 1 अक्टूबर निर्धारित है। स्थानीय मौसम परिवर्तन के आधार पर इसमें बदलाव किया जा सकता है। टीकमगढ़ जिले में 20 जून से 30 सितंबर तक सभी रेत खदानों और नदी-नालों में खनन कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी स्वीकृत रेत खदानों के संचालकों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान स्वीकृत घाटों या नदी-नालों से रेत खनन को अवैध माना जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले दो महीनों में अवैध रेत खनन के आरोप में पांच पोकलेन मशीनें जब्त की गई हैं। हालांकि, अभी तक इन मशीनों के मालिक सामने नहीं आए हैं। जिला प्रशासन ने इश्तहार भी जारी किया है, लेकिन मालिकों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जब्त की गई इन मशीनों की अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक है।
फतेहपुर में रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात शव बरामद किया गया है। जेल रोड चौकी पुलिस ने खंभा संख्या 946/10 के पास से शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस के मुताबिक, शव करीब 10 से 15 दिन पुराना है और काफी हद तक सड़ चुका है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बताया कि शव का ऊपरी हिस्सा क्षत-विक्षत था, जिसमें सिर के अवशेष और बाल दिखाई दे रहे थे। शरीर के अन्य हिस्सों में कीड़े पड़ चुके थे और धूप तथा समय के प्रभाव से शव काला पड़ गया था। प्रथम दृष्टया यह शव 40 से 45 वर्षीय पुरुष का लग रहा है, जिसने शर्ट और लोअर पहन रखा था। पुलिस ने आसपास के लोगों और ग्राम प्रधान के माध्यम से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम और शिनाख्त की प्रक्रिया के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया। जेल चौकी प्रभारी गिरीश धर दुबे ने बताया कि मृतक की शिनाख्त और उसकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
घाटमपुर तहसील में तहसीलदार के खिलाफ चल रहे लेखपालों के धरना-प्रदर्शन में शामिल प्रोबेशन अवधि वाले नौ लेखपालों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। इन सभी को तीसरी और अंतिम नोटिस जारी कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। कार्रवाई के दायरे में प्रोबेशन अवधि बढ़ाने से लेकर सेवा समाप्ति तक के कदम शामिल हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक तहसीलदार के विरोध में शुरू हुए आंदोलन में कई लेखपाल शामिल हैं, जिनमें नौ ऐसे लेखपाल भी हैं जिनकी नियुक्ति अभी प्रोबेशन अवधि में चल रही है। वर्तमान में सभी आंदोलनकारी लेखपाल कानपुर सदर तहसील में धरना दे रहे हैं। शासन की कर्मचारी आचरण नियमावली के अनुसार प्रोबेशन अवधि में कार्यरत कर्मचारी किसी ऐसे आंदोलन, धरना या प्रदर्शन में भाग नहीं ले सकता जो शासन अथवा प्रशासन के खिलाफ माना जाए। इसी नियम के तहत घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने पहले इन नौ लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर दूसरी नोटिस दी गई और अब तीसरी व अंतिम नोटिस भी जारी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह अंतिम अवसर है, जिसके बाद नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि सभी नौ प्रोबेशनर लेखपालों को अंतिम नोटिस जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शासन के नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। नियमों के तहत प्रोबेशन अवधि बढ़ाने, वेतन वृद्धि रोकने अथवा आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के प्रावधानों के तहत सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। तीन लेखपाल पहले ही हो चुके हैं निलंबित धरना शुरू होने से पहले ही तहसील के तीन लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें यमुना किनारे जंगल में लगी आग की समय पर सूचना न देने पर लेखपाल संतोष, जनगणना कार्य में लापरवाही और अभद्रता के आरोप में लेखपाल संघ के महामंत्री नवनीत कुमार तथा गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना में मौके पर न पहुंचने पर कस्बा लेखपाल अनंत चतुर्वेदी को निलंबित किया जा चुका है। संघ महामंत्री के निलंबन के बाद ही लेखपालों ने तहसीलदार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था, जो फिलहाल कानपुर सदर तहसील में जारी है।
कानपुर में चलती बस से चोरी का प्रयास:छात्रों ने एक युवक को पकड़ा, भीड़ ने पीटा
कानपुर के चकेरी क्षेत्र में चलती बस से चोरी का प्रयास विफल हो गया। हरिद्वार से लौट रहे छात्रों की सतर्कता से दो संदिग्ध युवकों की कोशिश नाकाम हुई। छात्रों ने एक युवक को दौड़ाकर पकड़ा, जिसे भीड़ ने चोर समझकर पीटा। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और कुछ ही देर में दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया। यशोदा नगर निवासी बीबीए छात्र प्रदुमन सिंह भदौरिया अपने दोस्तों यशवर्धन सिंह, अनंत शुक्ला, अनुज सैनी और पीयूष जोशी के साथ हरिद्वार से गंगा स्नान कर लौट रहे थे। यह घटना शुक्रवार भोर में हुई, जब बस लखनऊ के चारबाग से कानपुर की ओर आ रही थी और रामादेवी फ्लाईओवर से नीचे उतर रही थी। छात्रों के अनुसार, बस की पिछली सीट पर बैठे दो युवक उनका बैग लेकर उतरने लगे। प्रदुमन की नजर बैग पर पड़ते ही उन्होंने शोर मचाया और युवकों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख दोनों भागने लगे। छात्रों और अन्य यात्रियों ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। आरोपी के पकड़े जाते ही वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों ने उसे चोर समझकर मारपीट की। छात्रों ने बताया कि बैग में एक कैमरा, कपड़े और 10 हजार रुपये नकद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पकड़ा गया युवक नशे की हालत में लग रहा था। छात्रों ने आरोप लगाया कि दोनों युवक रात के अंधेरे और यात्रियों की नींद का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देना चाहते थे। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 20 मिनट के भीतर दूसरे संदिग्ध युवक को भी पकड़ लिया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र की मलानी बाबा की कुटिया में रहने वाले साधु गंगेश्वरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मौत के बाद उन्हें कुटिया के पीछे समाधि दे दी गई थी, लेकिन करीब 10 दिन तक संपर्क नहीं होने पर जावरा से पहुंचे उनके भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को समाधि खुदवाकर शव बाहर निकलवाया। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। अब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह साफ हो सकेगी। 10 दिन से नहीं हो रहा था संपर्क चिमनगंज मंडी थाना पुलिस के अनुसार जावरा के पीपलीबाजार निवासी अनिल जोशी ने 17 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई सुनील जोशी, जिन्होंने संन्यास ग्रहण करने के बाद गंगेश्वरी महाराज नाम धारण कर लिया था, मंगलनाथ क्षेत्र की मलानी बाबा कुटिया में रहते थे। अनिल जोशी के अनुसार करीब 10 दिन पहले उनकी भाई से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल बंद आने लगा और संपर्क पूरी तरह टूट गया। कुटिया पहुंचने पर मिली समाधि की जानकारी भाई अनिल महाराज को तलाशते हुए उज्जैन पहुंचे। कुटिया पर आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि गंगेश्वरी महाराज का लगभग 10 दिन पहले निधन हो गया था और उन्हें कुटिया के पीछे ही समाधि दे दी गई थी। यह जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए पुलिस को सूचना दी। आखिरी बातचीत में सुनाई दी थी विवाद की आवाज परिजनों का दावा है कि अंतिम बार फोन पर बातचीत के दौरान कुछ लोगों के विवाद की आवाज सुनाई दे रही थी। साथ ही गंगेश्वरी महाराज का निजी सामान और उनकी मोटरसाइकिल भी कुटिया पर नहीं मिली। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। शिकायत के बाद समाधि से निकाला गया शव पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर समाधि की खुदाई कराई गई। इसके बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत स्वाभाविक थी या किसी अन्य कारण से हुई। पत्नी के अलग होने के बाद लिया था संन्यास परिजनों के मुताबिक गंगेश्वरी महाराज का मूल नाम सुनील जोशी था। उनका विवाह हो चुका था और उनके दो बच्चे हैं। बताया जाता है कि पत्नी के मायके चले जाने के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और वर्ष 2010 में संन्यास ग्रहण कर धार्मिक साधना में जुट गए। गंगेश्वरी महाराज की मां कृष्णा जोशी मंदिर में सेवा कार्य करती हैं। परिजनों के अनुसार कुछ समय पहले उन्होंने अपनी मां को धार्मिक यात्रा पर ले जाने की बात कही थी। अचानक मौत की खबर मिलने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। निष्पक्ष जांच की मांग गंगेश्वरी महाराज के भाई राकेश शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सिंहस्थ की तैयारियों के बीच किसी साधु की संदिग्ध मौत गंभीर विषय है और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कानपुर के जाजमऊ में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। शीतला बाजार रोड पर एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक ट्रैक्टर के अगले हिस्से में फंसकर करीब 10 मीटर तक घिसटती चली गई। बाइक सवार युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। यह घटना सुबह 10:45 बजे हुई। ढाल से उतरते समय ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासियों सोनू अहमद, सलीम और गफ़्फ़ार ने बताया कि बाइक ट्रैक्टर में फंसने के बाद सड़क पर घिसटने लगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। वहीं बताया जा रहा है कि ये ट्रैक्टर नमामि गंगे परियोजना में लगा था। चमनगंज के हुमायूबाग निवासी अफरोज खान, जो एक प्राइवेटकर्मी हैं, ने बताया कि वह गज्जूपुरवा से हड्डीमील की तरफ जा रहे थे। पुल के पास पहुंचते ही अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जब तक वह कुछ समझ पाते, बाइक ट्रैक्टर के अगले हिस्से में फंस चुकी थी। चालक के न रुकने पर उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए छलांग लगा दी। हादसे के दौरान बाइक सवार अफरोज खान ने समय रहते छलांग लगाकर खुद को ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आने से बचा लिया। इसके बाद ट्रैक्टर बैरीकेटिंग से टकराकर रुक गयास्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को सड़क से उठाकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद चालक भीड़ जुटते देख ट्रैक्टर मौके पर छोड़कर फरार हो गया। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि यह ट्रैक्टर नमामि गंगे परियोजना में माल ढोने के लिए लगा था।
मुजफ्फरनगर में दो कातिलों को फांसी की सजा:शराब पिलाकर गला दबाया, फिर पहचान मिटाने के लिए जलाई थी लाश
मुज़फ्फरनगर के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में आठ साल बाद अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-03 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने इस हत्याकांड को Rarest of Rare मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक, यह सनसनीखेज वारदात वर्ष 2018 की है। पांच जून 2018 को मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी सराय गांव के जंगल में एक युवक का अधजला शव बरामद हुआ था। बाद में उसकी पहचान ककरौली निवासी 26 वर्षीय राजेंद्र सैनी के रूप में हुई। मामले में मृतक के भाई जयविंद्र ने ककरौली निवासी वीरसैन, मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के मोहम्मदपुर निवासी गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। वीरसैन को शक था कि राजेंद्र सैनी उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक ने खूनी साजिश का रूप ले लिया। चार जून 2018 को तीनों आरोपी राजेंद्र को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए, पहले उसे शराब पिलाई और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान छिपाने की नीयत से शव को जंगल में ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मुकदमे के ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी वीरसैन की मौत हो गई, जबकि शेष दो आरोपियों गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ सुनवाई जारी रही। बुधवार को अदालत ने तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था और शनिवार को सजा सुनाते हुए कहा कि यह अपराध अत्यंत जघन्य और क्रूर प्रकृति का है, इसलिए इसे विरल से विरलतम श्रेणी में रखा जाता है। अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाने के साथ-साथ एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
टोंक में नगर परिषद के ठेकेदार की सिर में चाकू घोंप कर हत्या कर दी गई, उनके सिर पर चाकू से गोदने के निशान मिले हैं। वहीं कान भी कटा हुआ मिला। वे देर रात घर नहीं लौटे थे, पत्नी ने दुकान में काम करने वाले लड़के को देखकर आने को कहा तो उन्हीं की दुकान में फर्स्ट फ्लोर पर खून से सनी लाश देख लड़के ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने कहा- हत्या इतनी निर्मम तरीके से की गई है कि ऐसे तो कोई जानवर या दुश्मन को भी नहीं मारता। मामला कोतवाली थाना इलाके के बड़ा कुआं इलाके का शुक्रवार रात 11 बजे का है। पुलिस ने देर रात 3 बजे शक के आधार पर एक को डिटेन किया है। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है। फर्स्ट फ्लोर पर मिला शव कोतवाली के सीआई भंवर लाल वैष्णव ने बताया- देर रात पवन गर्ग (55) का शव मिलने की सूचना मिली थी। पवन गर्ग (55) शहर में सवाई माधोपुर रोड के पास पार्क प्लाजा में रहते थे। बड़ा कुआं के पास मोतीबाग रोड में उनकी बृज इलेक्ट्रिक के नाम से शॉप थी। यही पहली मंजिल पर उनका शव मिला। मौके पर पहुंच कर जांच की और शव को सआदत अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पवन के छोटे भाई गोपाल गर्ग ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है। जांच जारी है। देर रात नहीं लौटे तो लड़के को भेजा था भाई गोपाल ने बताया- पवन की इलेक्ट्रॉनिक्स की शॉप थी और वे बिजली निगम और नगर परिषद में भी ठेके लेते थे। शुक्रवार देर रात तक वे वापस नहीं लौटे तो भाभी ने कॉल कर दुकान पर काम करने वाले लड़के से कॉल कर पूछा। इस पर लड़के ने कहा कि भाभीजी मैं तो घर आ गया। भाई साहब (पवन गर्ग) तो दुकान पर ही रुक गए थे। इसके बाद भाभी जी ने लड़के को फिर से दुकान पर जाकर पूछ कर आने को कहा। लड़का बीती रात करीब 10:30 बजे वापस दुकान पर गया तो वह बंद थी। इसके पास पास की सीढ़ियों से फर्स्ट फ्लोर पर गया तो बड़े भैया खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। भाई बोला- ऐसे तो कोई दुश्मन को भी नहीं मारता गोपाल ने बताया- इसके बाद उसने मोबाइल पर कॉल कर भाभीजी को पूरी घटना बताई। इसके बाद हम दुकान पर पहुंचे और पुलिस के आने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। गोपाल ने बताया- उनके सिर के पिछले हिस्से और आगे की तरफ चाकू से बुरी तरह गोदने के निशान है। उनका कान भी कटा हुआ था। सीने और कंधे पर भी वार किए गए हैं। इतनी बुरी तरह से तो कोई जानवर की या दुश्मन की भी हत्या नहीं करेगा। बता दें कि पवन बीच के भाई थे। उनके दो बच्चे हैं। बेटी कॉलेज में पढ़ रही है, और बेटा बैंगलोर की कंपनी में इंजीनियर है। बड़े भाई मुकेश गर्ग ने बताया- हमें पैसों के लेनदेन को लेकर हत्या करने का अंदेशा है। टोंक में छोटे भाई पवन को लाला के नाम से जानते थे। हत्या का मामला दर्ज करवाया है। टोंक में मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पड़ोसन ने चाय पर बुलाकर बुजुर्ग महिला के टुकड़े-टुकड़े किए:25 लाख कर्ज चुकाने के लिए गहने उतारे, कचरे में मिली थी सिर कटी लाश टोंक में सिर कटी लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 70 साल की बुजुर्ग महिला की हत्या पड़ोस में रहने वाली 58 साल की महिला ने की थी। (पढ़ें पूरी खबर)
बाइक को बचाने के प्रयास में ऑटो पलटा:पति-पत्नी और 4 बच्चे घायल, 2 की हालत गंभीर
डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में एक ऑटो बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोग घायल हो गए, जिनमें पति-पत्नी और उनके 4 बच्चे शामिल हैं। 2 बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार धानी हथाई निवासी हुरजी अहारी अपनी पत्नी छाया, 7 वर्षीय बेटी प्रियंका, 6 वर्षीय बेटे अभिमन्यु और 2 अन्य बच्चों हिम्मत व शिवानी के साथ ऑटो में सवार होकर अपने ससुराल मेताली गांव जा रहे थे। गलत दिशा से आई बाइकदोवड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही सामने से आ रही एक बाइक गलत दिशा से ऑटो के सामने आ गई। बाइक को बचाने के प्रयास में ऑटो ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया और ऑटो सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मची चीख-पुकारहादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हुरजी, उनकी पत्नी छाया और चारों बच्चों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तुरंत एक निजी वाहन के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद 2 बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
गोरखपुर-लखनऊ के बीच चलेंगी 4 स्पेशल ट्रेनें:NEET अभ्यर्थियों को राहत, 200 बसें भी रहेंगी तैयार
गोरखपुर में NEET परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे और परिवहन निगम ने खास तैयारी की है। 21 जून को गोरखपुर और लखनऊ के बीच दो जोड़ी अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज की ओर से 200 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के अनुसार परीक्षा स्पेशल ट्रेनों में सामान्य द्वितीय श्रेणी के 10 कोच लगाए जाएंगे। सभी कोच अनारक्षित होंगे, जिससे परीक्षार्थी आसानी से सफर कर सकेंगे। ये ट्रेनें खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए चलेंगी। सुबह-शाम मिलेगी गोरखपुर से लखनऊ की सुविधा गोरखपुर से लखनऊ जाने के लिए 05007 अनारक्षित परीक्षा स्पेशल सुबह 4:05 बजे रवाना होगी, जो सुबह 10 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वहीं 05035 परीक्षा स्पेशल शाम 7:15 बजे गोरखपुर से चलेगी और देर रात 1:10 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी। लखनऊ से गोरखपुर लौटने वाले परीक्षार्थियों के लिए भी दो स्पेशल ट्रेनें रहेंगी। 05036 लखनऊ-गोरखपुर परीक्षा स्पेशल सुबह 4:40 बजे रवाना होकर 10:05 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसके अलावा 05008 ट्रेन शाम 7:15 बजे लखनऊ से चलेगी। चार ट्रेनें रहेंगी निरस्त पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि परिचालन कारणों से 21 और 22 जून को कुछ ट्रेनें निरस्त रहेंगी। इनमें गोरखपुर-लखनऊ रूट की 05005, 05006, 05031 और 05032 ट्रेनें शामिल हैं। बस किराये में मिलेगी 50% छूट परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के मुताबिक NEET परीक्षार्थियों के लिए 200 अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। रोडवेज के साथ सिटी इलेक्ट्रिक बसों में भी अभ्यर्थियों को किराये में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके लिए छात्रों को यात्रा के दौरान अपना प्रवेश पत्र दिखाना होगा। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को सेंटर तक पहुंचने और वापस आने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
बालोतरा में श्रद्धालुओं से भरी जीप और कार में भिड़ंत हो गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को बालोतरा जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हादसा बालोतरा-अहमदाबाद मेगा हाईवे पर कालूड़ी गांव के पास शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे हुआ। जीप सवार सभी लोग जसोल में दर्शन कर लौट रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, जीप में सवार लोग जसोल में दर्शन कर लौट रहे थे। इस दौरान कालूड़ी के पास रॉन्ग साइड से आ रही स्विफ्ट कार से उनकी जीप जा टकराई। दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ेहादसा इतना भीषण था कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे, पुलिस को घटना की जानकारी दी। जसोल और बालोतरा की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। हादसे में जीप सवार पांच युवक और कार सवार एक बुजुर्ग घायल हो गया। सभी घायलों को बालोतरा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर्स ने गंभीर रूप से घायल मोतीलाल (22) पुत्र पदमाराम सुथार और गणेश (20) पुत्र भंवराराम को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान मोतीलाल की मौत हो गई। दो युवकों को मामूली चोटें आने पर प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक युवक का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। ये हुए घायलजीप में सवार घायलों की पहचान धोरीमन्ना निवासी मोतीलाल (22) पुत्र पदमाराम सुथार, चंद्रप्रकाश (23) पुत्र गिरधारी, गणेश (20) पुत्र भंवराराम और नरेश (24) पुत्र रामजीवन के रूप में हुई है। इनमें मोतीलाल और गणेश की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जोधपुर रेफर किया गया है। वहीं, स्विफ्ट कार में सवार कालुड़ी निवासी उत्तमसिंह (65) पुत्र राजूसिंह राजपुरोहित भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण स्विफ्ट कार का गलत दिशा से आना बताया जा रहा है।
योग दिवस पर कोलकाता में हल्की बारिश का आसार, उत्तर बंगाल के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने शनिवार को कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में सोमवार तक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। वहीं, रविवार सुबह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के दौरान भी बारिश की प्रबल संभावना है।
श्री कुमार षष्ठी (स्कंद षष्ठी) के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में स्थित भगवान कार्तिकेय के विग्रह का वैदिक रीति-रिवाजों तथा शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार विशेष पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। मंदिर के विद्वान आचार्यों एवं शास्त्रियों द्वारा भगवान कार्तिकेय का मंत्रोच्चार, अभिषेक, पूजन, अर्चन और विशेष अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न किया गया। पूजन के दौरान भगवान के श्रीचरणों में पुष्प, फल, नैवेद्य एवं अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित की गईं। साथ ही समस्त जनकल्याण, सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति तथा राष्ट्र की उन्नति और प्रगति के लिए मंगलकामना की गई। अब जानए क्या है स्कंद षष्ठी का धार्मिक महत्व स्कंद षष्ठी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो भगवान कार्तिकेय की आराधना को समर्पित है। भगवान कार्तिकेय, भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र तथा देवताओं के सेनापति माने जाते हैं। उन्हें स्कंद, कुमार, षण्मुख, सुब्रह्मण्य और मुरुगन जैसे नामों से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से साहस, पराक्रम, तेज, विजय और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। यह पर्व विशेष रूप से जीवन की बाधाओं को दूर करने, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने तथा मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण भारत में विशेष महत्व भगवान कार्तिकेय दक्षिण भारत के प्रमुख आराध्य देवों में से एक हैं। विशेषकर तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में उनकी पूजा अत्यंत श्रद्धा के साथ की जाती है। वहां वे मुरुगन नाम से विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। तमिल हिंदू समुदाय में भगवान कार्तिकेय की भक्ति का विशेष स्थान है और उनके अनेक भव्य मंदिर दक्षिण भारत में स्थित हैं। स्कंद षष्ठी व्रत एवं पूजा-विधि स्कंद षष्ठी के अवसर पर भक्त भगवान शिव, माता पार्वती तथा भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भगवान स्कंद की स्थापना, अभिषेक, मंत्रजाप तथा हवन शामिल होते हैं। श्रद्धालु अखंड दीप प्रज्वलित करते हैं और भगवान को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करना चाहिए। साथ ही ब्रह्मचर्य, संयम और सात्विक जीवनशैली का पालन करने का विशेष महत्व बताया गया है। अब जानिए क्या है व्रत का आध्यात्मिक एवं पौराणिक महत्व धार्मिक ग्रंथों में स्कंद षष्ठी व्रत को अत्यंत फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान प्राप्ति की कामना पूर्ण होती है तथा संतान संबंधी कष्ट दूर होते हैं। पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार भगवान कार्तिकेय की कृपा से भक्तों को शत्रुओं पर विजय, रोगों से मुक्ति और जीवन की विभिन्न समस्याओं से राहत प्राप्त होती है।
पंकज चौधरी ने सुनीं जन समस्याएं:महराजगंज में बोले- त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने शनिवार को महराजगंज स्थित अपने कैंप कार्यालय में जनसुनवाई की। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क, बिजली, राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, पेंशन, आवास सहित अन्य विभागों से संबंधित अपनी समस्याओं और मांगों से मंत्री को अवगत कराया। फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद पंकज चौधरी ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर बात की। उन्होंने मामलों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। इस अवसर पर पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन एवं सेवा के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं को सीधे जानने और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों को पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन मिले। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा, महिला तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से शासन की मंशा के अनुरूप जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने की अपेक्षा की। इस जनसुनवाई में सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया भी मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे। कैंप कार्यालय पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा, जहां केंद्रीय मंत्री ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पूर्णिया में शादी से पहले दुल्हन की पिटाई का मामला सामने आया है। जिस घर में सोमवार को शहनाई बजनी थी, वहां अब अस्पताल और थाने के चक्कर लग रहे हैं। आरोप है कि पुरानी रंजिश में कुछ युवकों ने शादी से ठीक दो दिन पहले दुल्हन को बीच सड़क पर पटकर पीटा। पिटाई इतनी बुरी तरह की गई कि युवती बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी। फिलहाल उसका इलाज जीएमसीएच में चल रहा है। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पीपरा रौतारा गांव की है। बेहोश होकर सड़क पर गिर गई पीड़िता की पहचान शुमनारा खातून के रूप में हुई है। पिता नुफरुल हक ने बताया कि उनकी बेटी शुमनारा अपनी एक सहेली को हल्दी समारोह का निमंत्रण देकर घर लौट रही थी। इसी दौरान उसने देखा कि गांव के ही मोहम्मद कासिम और उसके साथ मौजूद कुछ लोग उसके भाई मो. तस्लीम के साथ मारपीट कर रहे हैं। भाई को पिटता देख शुमनारा बीच-बचाव करने पहुंची। इसके बाद दबंगों ने लात-घूंसों और थप्पड़ों से उसकी जमकर पिटाई की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती चीखती रही, लेकिन आरोपी नहीं रुके। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। मारपीट के बाद सदमें में परिवार सोमवार को शुमनारा की बारात आने वाली थी। घर में हल्दी और शादी की तैयारियां चल रही थीं। रिश्तेदार पहुंचने लगे थे। लेकिन इस घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का दावा है कि दबंगों के डर से आसपास मौजूद लोग भी मदद के लिए आगे नहीं आए। बाद में परिजनों ने डायल-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवती को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया। 20 दिन पहले गांव में विवाद हुआ था परिवार के मुताबिक इस विवाद की जड़ करीब 20 दिन पुरानी है। गांव में हुए एक सड़क हादसे में एक बच्चा घायल हो गया था। आरोप है कि दुर्घटना करने वाले बाइक सवार मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। तब शुमनारा के भाई तस्लीम ने उन्हें पकड़ लिया था और घायल बच्चे का इलाज कराने को कहा था। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन आरोपियों ने इसे अपनी बेइज्जती मान लिया। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए शादी से ठीक पहले इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल वहीं, इस संबंध में मुफ्फसिल थानाध्यक्ष सुदिन राम ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल परिजनों की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। आवेदन मिलते ही नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पठानकोट के वाल्मीकि चौक में शनिवार को आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान अमनदीप सिंह संधू की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं का गुस्सा चंडीगढ़ भाजपा के प्रधान जतिंदर कुमार मल्होत्रा के खिलाफ फूटा। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वाल्मीकि चौक में जोरदार नारेबाजी की। पठानकोट के हलका इंचार्ज विभूति शर्मा, सुजानपुर हलका इंचार्ज ठाकुर अमित सिंह मंटू और राजपूत कल्याण बोर्ड पंजाब के चेयरमैन स्वर्ण सलारिया भी पहुंचे। 'आप' कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में धर्म की राजनीति के सहारे नफरत फैलाने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, जिसे पंजाब के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाबियों को ब्लडीफूल कहने का आरोपविभूति शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों चंडीगढ़ में भाजपा के एक बड़े नेता ने पंजाबियों के खिलाफ बेहद अभद्र टिप्पणी करते हुए उन्हें 'ब्लडी फूल' कहा था। इसी बयान से नाराज 'आप' कार्यकर्ता आज भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाबियों को 'ब्लडी फूल' कहने वाली भाजपा को साल 2027 के विधानसभा चुनावों में यहां की जनता करारा जवाब देगी और उन्हें पंजाब से पूरी तरह बाहर कर देगी। 84 के दौर में भी नहीं टूटा था पंजाब का भाईचाराप्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भाजपा पंजाब को अन्य राज्य समझने की भूल न करे। पंजाब के लोग बहुत बहादुर हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 के दंगों जैसे काले दौर में भी पंजाब का आपसी भाईचारा और माहौल खराब नहीं हुआ था, क्योंकि सभी पंजाबियों ने एकजुट होकर उस स्थिति का सामना किया था। भाजपा जो नफरत और धर्म की राजनीति दूसरे राज्यों में करती आ रही है, उसका प्रयोग पंजाब में सफल नहीं होने दिया जाएगा। 2022 से अब तक हर महीने साबित हुआ भाजपा का जनविरोधी चेहराजिला प्रधान अमनदीप सिंह संधू ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि साल 2022 से लेकर अब तक, हर महीने भाजपा ने ऐसी नीतियां और कदम उठाए हैं जो सीधे तौर पर पंजाब के हितों के खिलाफ हैं। सुजानपुर हलका इंचार्ज ठाकुर अमित सिंह मंटू ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह पंजाब की चुनी हुई सरकार को नीचा दिखाने और परेशान करने के लिए बार-बार घिनौने जतन कर रही है।
अजमेर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 21 जून को NEET-UG री-एग्जाम 2025 का आयोजन होगा। इसके लिए अजमेर जिले में कुल 15 सरकारी केंद्र बनाए गए हैं। शहर में 9 केंद्रों पर 3600 और किशनगढ़ में 6 केंद्रों पर 2631 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में कुल 6231 छात्र NEET की परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश बायोमेट्रिक सत्यापन और फुल फ्रिस्किंग के बाद ही होगा। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ ही करेगी। हर परीक्षा कक्ष में जैमर और CCTV कैमरे लगाए गए। पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। हर केंद्र पर फ्लाइंग स्क्वाड तैनात रहेगा। मेटल डिटेक्टर से हर अभ्यर्थी की जांच होगी। 100 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस गार्ड तैनात रहेगा, जिसमें 50% महिला कार्मिक होंगी। प्रश्न-पत्र ले जाने से लेकर OMR जमा करने तक सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट रहेगा। ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हर केंद्र के लिए एक नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रश्न-पत्र स्ट्रॉन्ग रूम में 24x7 सशस्त्र पुलिस की निगरानी में रहेंगे। एग्जाम पेपर ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग एग्जाम के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से एग्जाम सेंटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को दी गई है। सभी सेंटरों पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे। एग्जाम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखे जाएंगे। एग्जाम सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। सभी एग्जाम सेंटर CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से की जाएगी। एग्जाम के लिए घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें अभ्यार्थी NTA ने कहा है कि गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जाम सेंटरों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। ………………
मऊ जिले के दक्षिणटोला क्षेत्र के प्रेमनगर चकिया में एक युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया। यह घटना शनिवार सुबह की है, जब ग्रामीणों ने युवती को मोबाइल टावर के ऊपरी हिस्से पर बैठा देखा। सूचना मिलने पर थाना दक्षिणटोला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। युवती अंधेरे में ही टावर पर चढ़ गई थी और अपने प्रेमी अमित से शादी कराने की मांग पर अड़ी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बसंत लाल, क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। युवती से बातचीत करने और उसकी समस्या को समझने के लिए पुलिस ने एक युवक को टावर पर भेजा। अधिकारियों ने भी लगातार उसे समझाने का प्रयास किया। भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने युवती तक बिस्किट और पानी भी पहुंचाया। इस दौरान युवती के प्रेमी अमित की तलाश भी की गई, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। सीओ नितेश ने बताया कि युवती पारिवारिक कारणों से मोबाइल टावर पर चढ़ी थी, जिसे समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से छात्रा की मौत:सक्ती जिले के अंडा गांव में हादसा, पुलिस जांच में जुटी
सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अंडा में आकाशीय बिजली गिरने से एक 11 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक छात्रा की पहचान दीप्ति चंद्रा (11) के रूप में हुई है, जो मुरीत चंद्रा की पुत्री और ग्राम अंडा, तहसील अड़भार की निवासी थी। बताया गया कि क्षेत्र में रात को मौसम खराब था और तेज गर्जना के साथ बिजली चमक रही थी। इसी दौरान दीप्ति आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। घटनास्थल पर ही हुई मौत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली गिरते ही छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर मालखरौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। मौत का कारण आकाशीय बिजली गिरना माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। गांव में शोक की लहर दीप्ति चंद्रा स्थानीय विद्यालय में पढ़ती थी। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, पूरे गांव में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
देशभर में 21 जून को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी री-एग्जाम होगा। राजस्थान में करीब 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए 25 जिलों में 577 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। एग्जाम को लेकर शनिवार को जयपुर के परीक्षा केंद्रों की अचानक जांच भी की गई। इससे पहले शुक्रवार (19 जून) को एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से नीट के पेपर जयपुर लाए गए। यहां से इन्हें सड़क मार्ग से अलग-अलग शहरों में भेजे जा रहे हैं। वहीं, इंटेलिजेंस और पुलिस की टीमें संदिग्धों पर नजर रख रही हैं। थ्री लेयर सिक्योरिटी में पेपर जयपुर पुलिस के अनुसार- परीक्षा के दिन 21 जून को सुबह 9:30 बजे ही पुलिस सभी सेंटर्स को अपनी निगरानी में ले लेगी। जयपुर पुलिस की ओर से सभी परीक्षा केंद्र परीक्षा प्रभारी को सौंप दिए गए हैं। उनके दिशा-निर्देश में कल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। पुलिस के गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। इससे पहले आज भी पुलिस टीम की ओर से सेंटरों की जांच की जा रही है। जयपुर में सेंट्रल बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में थ्री-लेयर सिक्योरिटी में पेपर रखे गए हैं। पेपर लीक से बचने के लिए नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) ने पेपर के अलग-अलग सेट बनवाए हैं। अब परीक्षा के दिन एनटीए तय करेगी कि कौनसा पेपर बंटेगा। पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक निगरानी राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शनिवार परीक्षा केंद्रों की जांच की गई। पुलिस टीम ब्रह्मपुरी के एक परीक्षा केंद्र पर पहुंची। यहां कैंडिडेट्स की एंट्री, एग्जाम रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा गया। परीक्षा को लेकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), इंटेलीजेंस विंग और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष टीमों की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों के आस-पास भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। साइबर कैफे, ई-मित्र रहेंगे बंद जहां-जहां नीट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा उस 300 मीटर के दायरे में सभी साइबर कैफे, ई मित्र समेत ऐसी टेक्निकल जगह, जहां इंटरनेट का उपयोग किया जाता है, इस तरह के संस्थान बंद रहेंगे। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र से 300 मीटर दूर तक कोई भी व्यक्ति, जो परीक्षा देने पहुंचा है या फिर वहां का स्थानीय निवासी है, वह पार्किंग नहीं कर पाएगा न ही वहां इकट्ठा हो पाएंगे। IB ने संदिग्धों से की पूछताछ इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने पिछले पांच दिनों में जयपुर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से करीब 30 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की है। शुक्रवार को भी जयपुर ईस्ट जिले में स्थानीय पुलिस की मदद से पांच लोगों से पूछताछ की गई। हालांकि, अब तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इनपुट के आधार पर एक दर्जन से ज्यादा लोगों को निगरानी सूची में रखा है। नकल रोकने लिए सेंटर पर लगेंगे जैमर एग्जाम सेंटर और उसके आस-पास भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गइ है। केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे ताकि मोबाइल नेटवर्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार साधनों का दुरुपयोग नहीं हो सके। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सख्त जांच की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अभ्यर्थी को बिना जांच के प्रवेश नहीं दिया जाए। परीक्षा के लिए ये दस्तावेज होना जरूरी पेपर लीक के कारण 3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। नीट परीक्षा को लेकर टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है।
बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान और निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के तहत शुक्रवार को जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इस अभियान के दौरान 853 बच्चों की निःशुल्क हृदय जांच की गई। जिला प्रशासन और श्री सत्य साई हॉस्पिटल के संयुक्त सहयोग से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। गांधी नगर, मोहदी, संघर्ष नगर, रामकुंड, बीरगांव, खमतराई और दोंदेखुर्द सहित विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेषज्ञ टीमों ने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण किए और संभावित हृदय संबंधी समस्याओं की जांच की। गंभीर मामलों की पहचान का उद्देश्य प्रोजेक्ट धड़कन का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की शुरुआती अवस्था में पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की विस्तृत जांच की जाती है, ताकि गंभीर मामलों की पहचान कर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की जा सके। जिला प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के तहत अब तक रायपुर जिले में 1 लाख 34 हजार 504 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान चिन्हित बच्चों को आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा परामर्श, उपचार और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 14 बच्चों का हुआ मेडिकल उपचार अब तक 14 बच्चों का मेडिकल उपचार और प्रबंधन किया जा चुका है, जबकि 18 बच्चों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय रहते बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
NEET एग्जाम सेंटर के 50 मीटर के दायरे में कोई भी पार्किंग नहीं रहेगी, न ही अभ्यर्थियों के गार्जियन खड़े हो सकेंगे। जिन सेंटर की बाउंड्री छोटी है, उनके बाहर विशेष निगरानी की जाएगी। ये निर्देश लखनऊ के जॉइंट कमिश्नर बबलू कुमार ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों को मीटिंग में दिए। दरअसल, रविवार 21 जून को NEET का री-एग्जाम है। इसी की तैयारी में जॉइंट सीपी ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। अनावश्यक रूप से खड़े लोगों को हटाया जाएगा बैठक में तय किया गया कि परीक्षा केंद्रों के 50 मीटर दायरे में किसी भी वाहन को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही केंद्र के आसपास अनावश्यक रूप से किसी व्यक्ति के खड़े रहने पर भी रोक रहेगी। कोई खड़ा होता है तो उसे हटाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी परीक्षा केंद्रों की बाउंड्री वॉल की जांच कराई जाएगी। जिन केंद्रों की दीवारें छोटी हैं, वहां सुरक्षा कर्मियों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की नकल या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना न रहे। इन चीजों के अलावा सेंटर में कुछ नहीं जाएगा अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में केवल एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और 3 पासपोर्ट साइज फोटो ले जाने की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस समेत किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक वस्तु केंद्र के अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इन चीजों के अलावा सेंटर के अंदर कुछ भी जाने न पाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीथमपुर में एक 36 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम संजय जलाशय पर जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के दौरान महिला के दोनों मासूम बच्चे (13 और 8 वर्ष) भी उनके साथ थे। महिला ने खुद जहर खाने के साथ-साथ अपने बच्चों को भी जहरीला पदार्थ पिलाने की कोशिश की, लेकिन बच्चों ने उसे पीने से इनकार कर दिया, जिससे उनकी जान बच गई। आत्मघाती कदम उठाने के बाद महिला ने स्वयं फोन कर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। मृतका की पहचान ममता बोरिले के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरदा की रहने वाली थीं। पति से अलग रहती थी भतीजे योगेश बामने ने बताया कि ममता पिछले दो वर्षों से अपने पति जितेंद्र बोरिले से अलग रह रही थीं। ममता हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहकर एक निजी कंपनी में मजदूरी कर अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन दोपहर में ममता का उनके पति से फोन पर किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। संभवतः इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। जहरीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर रेहान अंसारी ने बताया कि महिला को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। प्रारंभिक जांच में जहरीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई है। विस्तृत जांच के लिए महिला का विसरा सुरक्षित रखा गया है, और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। प्राथमिक जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल या मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, जो उसे लेकर उनके पैतृक गांव हरदा रवाना हो गए हैं। पुलिस ने पूरे मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और बच्चों के बयान व कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर आगे की तफ्तीश की जा रही है।
जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित रामगढ़ कस्बे में स्थित करीब 250 साल पुरानी मेहमूद शाह पीर जिलानी दरगाह को प्रशासन ने हटाने का नोटिस दिया है। यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित और साफ करने के लिए चलाए जा रहे 'बॉर्डर क्लीन अभियान' के तहत की जा रही है। तहसीलदार ने राजस्थान उपनिवेशन अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर दरगाह प्रबंधन से 22 जून तक जमीन के पक्के कागजात मांगे हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर 23 जून को दोपहर बाद कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस कदम से स्थानीय लोगों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है, क्योंकि यह दरगाह क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सर्वधर्म सद्भाव का बड़ा केंद्र रही है। कागजात न मिलने पर 23 को होगी कार्रवाई यह पूरा मामला रामगढ़-तनोट बाईपास रोड का है। प्रशासनिक टीम ने 18 जून को दरगाह परिसर की दीवार पर कानूनी नोटिस चिपकाया था। इसमें साफ लिखा है कि दरगाह से जुड़े लोग इस जमीन और निर्माण से जुड़े वैध और कानूनी दस्तावेज तय समय में पेश करें। अगर 22 जून तक सही जवाब या सबूत नहीं दिए गए, तो 23 जून की दोपहर 12 बजे के बाद प्रशासन कानून के मुताबिक इस निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। 23 जून की तारीख नजदीक आने से पूरे इलाके में तनाव और हलचल बढ़ गई है। हिंदू और मुस्लिम दोनों की है गहरी आस्था प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि यह दरगाह सालों से इलाके के लोगों की आस्था का मुख्य केंद्र है। यहाँ सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी आकर मन्नतें मांगते हैं और सिर झुकाते हैं। यहाँ साल में दो बार बड़े मेले लगते हैं, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु और स्थानीय चरवाहे आते हैं। इलाके के पूर्व सरपंच गोविंद भार्गव ने बताया कि साल 1980 के आस-पास जब भारतीय सेना यहाँ अपने मोर्चे और निर्माण का काम कर रही थी, तब भी ग्रामीणों के कहने पर सेना ने इस जगह का सम्मान किया था और अपना काम दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था। इस दरगाह का विकास भी आम लोगों के दान और सरकारी पंचायतों के सहयोग से हुआ है। आस्था से खिलवाड़ करना ठीक नहीं- अमरदीन फकीर मामला बढ़ने के बाद अब इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता और नरमी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सीमा के पिछड़े इलाकों में बहुत से पुराने धार्मिक स्थलों के पक्के सरकारी कागज मौजूद नहीं हैं। ऐसे में केवल कागजी कमियों को आधार बनाकर इतने पुराने और लोगों की आस्था से जुड़े स्थान पर कार्रवाई करना बिल्कुल गलत होगा। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस पर कोई नया बयान नहीं आया है।
पुलिस ने महिला को सीएम से मिलने से रोका:अयोध्या में जमीन कब्जा करने की शिकायत करने पहुंची थी
अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान एक महिला द्वारा उनसे मिलने की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला हाथ में शिकायती पत्र लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचने का प्रयास करती दिखाई दे रही है, जबकि सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी उसे रोकती नजर आ रही हैं। यह मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नगर पंचायत कामाख्या धाम में महारानी झलकारी कोरी की प्रतिमा के अनावरण और जनसभा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। शिकायत लेकर पहुंची थी महिला वायरल वीडियो में एक महिला हाथ में प्रार्थना पत्र लिए हुए दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहती थी। वीडियो में वह सुरक्षा घेरा पार कर आगे बढ़ने का प्रयास करती नजर आती है, लेकिन वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी उसे रोक लेती हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला लगातार मुख्यमंत्री से मिलने की मांग कर रही थी और अपनी बात सुनने का आग्रह कर रही थी। महिला पुलिसकर्मियों ने रोका वीडियो में दो महिला कांस्टेबल महिला को पकड़कर नियंत्रित करती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान आसपास मौजूद कुछ लोगों ने भी महिला को अपनी समस्या बताने का अवसर देने की बात कही, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के तहत किसी को भी निर्धारित क्षेत्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा कारणों से पुलिसकर्मी महिला को कार्यक्रम स्थल के भीड़ वाले हिस्से की ओर ले जाती दिखाई दे रही हैं। हेलीकॉप्टर उड़ने के बाद छोड़ने का दावा वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद महिला को छोड़ा गया, जिससे वह असंतुलित होकर जमीन पर गिर गई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जमीन कब्जाने का लगाया आरोप महिला की पहचान सोनिया तिवारी के रूप में बताई जा रही है। उसका आरोप है कि ग्राम पंचायत भटमऊ नारायणपुर में कुछ दबंगों ने स्टांप पेपर पर जबरन उसकी पांच से छह दुकानें अपने नाम लिखवा ली हैं। महिला का कहना है कि उसने इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से वह अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहती थी। प्रशासन की ओर से नहीं आया बयान घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और इस पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर चर्चा का दौर जारी है और लोग प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
झालावाड़ के गेहूंखेड़ी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक योग जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ओर से निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को योग के प्रति जागरूक करना और उनकी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। प्रशासक कन्या बाई माली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रभारी डॉ. सोनिका मीणा ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। रैली आयुष्मान आरोग्य मंदिर से शुरू होकर पूरे गांव में घूमी। इसमें शामिल लोगों ने 'करो योग, रहो निरोग' जैसे नारों के साथ आमजन को योग के महत्व से अवगत कराया।रैली में कंपाउंडर राजाराम, फूलचंद माली, सुनील, ललित, सोनू, उपसरपंच इंद्र गौतम सहित कई ग्रामीण और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कल मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस झालावाड़ में रविवार को जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम श्रीमती विजयाराजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल परिसर में प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक होगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए हैं
21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) पुनः परीक्षा को लेकर झारखंड में प्रशासन पूरी तरह से चौकस नजर आया। शुक्रवार की देर रात बोकारो, गोड्डा, हजारीबाग समेत कई जिलों के होटल में जांच अभियान चलाया गया। वहीं, कई जिलों में शनिवार की रात में भी जांच की जाएगी इस दौरान कुछ होटल में पुलिस की टीम पहुंची और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। होटल में प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पत्र की जांच की गई। वहीं, दो दिन से ज्यादा समय तक रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई। हजारीबाग में सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह , डीएसपी सीसीआर अरमानुल हक, कोर्रा थाना प्रभारी एवं सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गत रात्रि कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न होटलों में ठहरे हुए व्यक्तियों का सत्यापन एवं जांच की गई। जांच के दौरान होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को आगंतुकों का समुचित अभिलेख संधारित करने, पहचान पत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को देने का निर्देश दिया गया। झारखंड में कल 67 केंद्रों पर ली जाएगी पुनर्परीक्षारांची। झारखंड में नीट की पुनर्परीक्षा के लिए 21 शहरों में कुल 67 केंद्र बनाए गए हैं। रांची में सबसे अधिक 21 केंद्र बनाए गए हैं। हजारीबाग में 9, बोकारो व जमशेदपुर में 8-8 और धनबाद में 7 केंद्र बनाए गए हैं। रांची में 10 हजार से अधिक समेत प्रदेशभर से 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास हटाया गया अतिक्रमण वहीं, पश्चिमी सिंहभूम जिले में नीट परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में गुरुवार देर शाम चाईबासा स्थित दोनों परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सड़क किनारे लगाए गए अस्थायी दुकान, ठेला-खोमचा एवं अन्य अवरोधों को हटाया, ताकि परीक्षा के दिन परीक्षार्थियों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। पुलिस की जांच अभियानगोड्डा एसडीपीओ आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस की टीम ने शहर के अलग-अलग होटलों में पहुंचकर जांच की। पुलिस जवानों ने होटल के कमरों की तलाशी ली और वहां ठहरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस ने होटल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नीट यूजी परीक्षा के दौरान किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध कराने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच करें। होटल में ठहरने वाले सभी लोगों का वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। हड़कंप की स्थिति बनी रहीजांच अभियान के दौरान शहर के कई होटलों की पड़ताल की गई। इनमें स्काई ब्लू, तुष्ताया इन, शालीमार, मोती महल और वृंदावन सहित अन्य होटल शामिल रहे। पुलिस की अचानक हुई छापेमारी से होटल संचालकों और वहां ठहरे लोगों में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बनी रही। डीसी और एसपी ने की संयुक्त बैठकपरीक्षा 2026 को कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोकारो डीसी अजय नाथ झा एवं एसपी नाथू सिंह मीना ने संयुक्त बैठक कर सभी नोडल पदाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डीसी ने कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष एवं व्यवस्थित संचालन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करने तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर केवल परीक्षार्थियों, परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। परीक्षार्थियों को यह लाना होगा अपने साथपरीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को केवल एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैध पहचान पत्र साथ लाने की अनुमति होगी। परीक्षा केंद्र में पेन भी ले जाने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि एनटीए द्वारा पेन उपलब्ध कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुरुष एवं महिला पुलिस बल, दंडाधिकारी तथा मेटल डिटेक्टर से लैस जांच दल तैनात रहेंगे। होटल, लॉज और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। जिले में परीक्षा के लिए आठ केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें केंद्रीय विद्यालय, प्लस टू विद्यालय तथा सीटीपीएस चंद्रपुरा समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। प्रशासन ने परीक्षार्थियों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को देखते हुए रेलवे और दिल्ली सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। जहां उत्तर रेलवे ने परीक्षा विशेष ट्रेनों की अवधि एक दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है, वहीं दिल्ली सरकार ने परीक्षार्थियों को डीटीसी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नीट अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा के बाद घर लौटने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए दिल्ली में कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अब 21 जून को भी चलेगी परीक्षा विशेष ट्रेन उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 04427 परीक्षा विशेष ट्रेन, जिसे पहले 20 जून तक चलाया जाना था, अब 21 जून को भी संचालित होगी। यह ट्रेन शाम 5:15 बजे शकूरबस्ती से रवाना होकर रात 10 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार 04428 विशेष ट्रेन, जिसकी अवधि 21 जून तक निर्धारित थी, अब 22 जून को भी चलेगी। यह ट्रेन सहारनपुर से सुबह 4:45 बजे रवाना होकर सुबह 9:40 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी। 04429 विशेष ट्रेन को भी 21 जून तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन शकूरबस्ती से सुबह 10:50 बजे चलकर दोपहर 3:30 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहीं 04430 विशेष ट्रेन भी 21 जून को संचालित होगी, जो सहारनपुर से शाम 5:45 बजे रवाना होकर रात 10:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी
बेगूसराय जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने अलग-अलग वार्डों, ओपीडी और कार्यालयों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, पेयजल की भारी किल्लत और अन्य बुनियादी सुविधाओं में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और सिविल सर्जन समेत अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई। 'कमियों को दूर किया जा रहा है' डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सिविल सर्जन और अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों से अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों की ड्यूटी के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। पेयजल की कुव्यवस्था और भीषण गर्मी के बावजूद कई जगहों पर समुचित प्रबंध न होने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों और उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के बाद कहा कि हमारे जिले का मुख्य अस्पताल है। अनुमंडल अस्पतालों और पीएचसी से रेफर होने वाले सभी मरीज यहीं आते हैं। हमने आज अस्पताल का निरीक्षण किया है और कुछ कमियां पाई गई हैं, जिन्हें हम और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। मरीज की सुविधा के लिए डॉक्टरों की तैनाती डीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन को इन सभी खामियों को दूर करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। 15 दिनों में पेयजल, सफाई सहित अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा। लगातार अस्पताल का औचक निरीक्षण करते रहते हैं, यहां तक कि रात में भी उन्होंने कई बार विजिट किया है, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से सतर्क रखा जा सके। सरकार द्वारा लगातार डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है और वर्तमान में यहां विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपलब्ध हैं। 'अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की गई है' डीएम ने आगे कहा है कि अस्पताल में मरीजों के भारी दबाव और फ्लो को देखते हुए ऊपरी मंजिल को एक और नए वार्ड के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक लोगों को भर्ती कर बेहतर इलाज दिया जा सके। जिन जगहों पर जरूरत है, वहां नए एसी भी लगाए जाएंगे। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को होने वाली असुविधा पर डीएम ने कहा कि महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी उपलब्धता न होने से कुछ दिक्कतें जरूर हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, जिससे वे प्रतिदिन 4 से 5 घंटे का समय यहां दे सकें। भविष्य में सदर अस्पताल को और अपग्रेड करते हुए यहां कैथ लैब (Cath Lab) स्थापित करने की दिशा में भी प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है। इस दौरान सिविल सर्जन, डीआईओ, अस्पताल प्रबंधक, अस्पताल अधीक्षक सहित सभी अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-30/33 स्थित आईपी कॉलोनी निवासी एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया। आरोप है कि इंस्टाग्राम पर एक महिला से बातचीत के बाद वीडियो कॉल के दौरान उसकी न्यूड वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे करीब 1 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। साइबर थाना पुलिस को पीड़ित रुशिल ने अपनी शिकायत में बताया कि 16 जून को उसकी इंस्टाग्राम पर एक अज्ञात महिला से बातचीत हुई थी। अगले दिन वॉट्सएप पर वीडियो कॉल आई, जिसमें महिला के कहने पर उसने अपने कपड़े उतार दिए। इसी दौरान उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई। इसके बाद एक अज्ञात युवक ने फोन कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और पैसे की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने 17 जून को अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस बाद में खुद के साथ ठगी होने का अहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना सेंट्रल फरीदाबाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और ठगी गई रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।
पेट्रोल टैंकर ने बाइक को मारी टक्कर:सामान लेकर घर जा रहे युवक की मौत, ड्राइवर को किया गिरफ्तार
प्रतापगढ़ जिले के मोटा मायंगा में नेशनल हाईवे-56 पर शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान सुहागपुरा निवासी राजमल (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया- राजमल सुहागपुरा से घर का सामान खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। इस दौरान प्रतापगढ़ से बांसवाड़ा जा रहे एक पेट्रोल के टैंकर ने मोटा मायंगा के पास बाइक को टक्कर मार दी। अस्पताल में मृत घोषित किया हादसा इतना भीषण था कि राजमल गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस की मदद से प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन करता था राजमल पुलिस ने बताया- राजमल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और चार बेटियां हैं। परिवार में किसी कमाने वाले के नहीं होने की वजह से बच्चों के सामने आर्थिक संकट का खड़ा हो गया है। टैंकर ड्राइवर को हिरासत में लिया हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने टैंकर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह परिजनों ने सुहागपुरा थाने में टैंकर ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार को यूपी में मॉक ड्रिल कर रहा है। एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर मल्टी लेयर सिक्योरिटी तैयार की गई है। वहीं CM योगी ने नीट उम्मीदवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। नीट परीक्षा से पहले सीएम योगी के स्तर पर समीक्षा की गई। सीएम योगी ने पुलिस और प्रशासन को पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए। नीट परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर किराए में 50% छूट देने की घोषणा की है। इसके अलावा दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाने वाले उम्मीदवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। नीट पेपर लीक के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन होने वाला है। प्रदेश के 59 जिलों में 3.5 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। NTA के अनुसार, एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। PwD और PwBD श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देते हुए शाम 6:20 बजे तक एग्जाम लिखने की अनुमति होगी। पेपर ले जाने के लिए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल अधिकारियों के अनुसार एग्जाम से संबंधित सभी काम जैसे प्रश्नों की सेटिंग, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार द्वारा क्वेश्चन पेपर से संबंधित सभी सामान ले जाने के लिए इंडियन एयरफोर्स एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। डिजिटल क्षेत्र में अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग पर नजर जमाए हुए हैं ताकि फेक क्वेश्चन पेपर, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को एग्जाम से दूर रखा जा सके। 12 मई को रद्द हुई थी नीट एग्जाम 2026 नीट यूजी एग्जाम 2026 देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 शहरों में हुई थी। इस एग्जाम में 22 लाख छात्र शामिल हुए। NEET UG 2026 में पेपर लीक के चलते एग्जाम कैंसिल किया गया है। इस धांधली के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। एग्जाम के लिए घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें अभ्यर्थी NTA ने कहा है कि गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जाम सेंटरों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। अफवाहों से बचने की अपील, सोशल मीडिया पर नजर NTA ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और गड़बड़ियों को रोका जा सके। एजेंसी ने 14C/MHA, CBI और अन्य साइबर अपराध एजेंसियों के पास शिकायतें दर्ज कराई हैं तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। NTA ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और पेपर लीक या एग्जाम से जुड़ी अफवाहों से बचने की अपील की है। संदिग्ध संदेशों और चैनलों की जानकारी NTA या साइबर अपराध एजेंसियों को देने को कहा गया है। एजेंसी ने छात्रों से शांत रहने, अपनी तैयारी पर भरोसा रखने और जरूरत पड़ने पर Tele-MANAS (14416) जैसी मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग करने की सलाह दी है। NEET री-एग्जाम के लिए स्टेट्स की तैयारियां… गोरखपुर: अभ्यर्थियों के लिए 200 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दो जोड़ी अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। गोरखपुर से लखनऊ जाने के लिए 05007 अनारक्षित परीक्षा स्पेशल सुबह 4:05 बजे रवाना होगी, जो सुबह 10 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वहीं 05035 परीक्षा स्पेशल शाम 7:15 बजे गोरखपुर से चलेगी और देर रात 1:10 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी। लखनऊ से गोरखपुर लौटने वाले परीक्षार्थियों के लिए भी दो स्पेशल ट्रेनें रहेंगी। 05036 लखनऊ-गोरखपुर परीक्षा स्पेशल सुबह 4:40 बजे रवाना होकर 10:05 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसके अलावा 05008 ट्रेन शाम 7:15 बजे लखनऊ से चलेगी। कानपुर: करीब 26 हजार अभ्यर्थी पहुंचेंगे। रेलवे ने स्टेशन के घंटाघर की ओर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किया है। यहां टेंट लगाकर परीक्षार्थियों के रुकने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सहायता के लिए दो हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं। रावतपुर से स्पेशल ट्रेन 05320 कासगंज-रावतपुर परीक्षा स्पेशल 21 जून को सुबह 6 बजे कासगंज से रवाना होगी। सुबह 11:05 बजे रावतपुर पहुंचेगी। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद 05319 रावतपुर–कासगंज परीक्षा स्पेशल शाम 7 बजे रावतपुर से रवाना होगी और निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए रात 12:30 बजे कासगंज पहुंचेगी।
जयपुर ने एक बार फिर विश्व में अपनी सांस्कृतिक पहचान का परचम लहराया है। जयपुर को दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ कला और सांस्कृतिक शहरों की सूची में 18वां स्थान मिला है। इस सूची में शामिल होने वाला जयपुर भारत का एकमात्र शहर है। यह रैंकिंग लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम आउट की ओर से 19 जून को जारी की गई। टाइम आउट की ग्लोबल रैंकिंग में पहले स्थान पर लंदन रहा, जबकि जयपुर ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, ऐतिहासिक धरोहरों और जीवंत सांस्कृतिक आयोजनों के दम पर दुनिया के प्रमुख शहरों के बीच जगह बनाई। यह उपलब्धि न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। दरअसल, टाइम आउट की ओर से जारी रैंकिंग में शहरों का मूल्यांकन उनकी सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, कला गतिविधियों, ऐतिहासिक महत्व, स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों के आधार पर किया जाता है। जयपुर इन सभी मानकों पर खरा उतरा और वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने में सफल रहा। जयपुर की देश-विदेश में अपनी अलग पहचान जयपुर सदियों से कला, संस्कृति और शिल्प का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां की विश्व प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी, ब्लॉक प्रिंटिंग, मीनाकारी, कुंदन-जड़ाऊ आभूषण और पारंपरिक हस्तशिल्प देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इसके अलावा शहर की स्थापत्य कला भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर मंतर और आमेर फोर्ट जैसे ऐतिहासिक स्मारक जयपुर की विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाते हैं। जयपुर सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र जयपुर केवल ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। शहर में आयोजित होने वाला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में गिना जाता है। इसके अलावा विभिन्न कला प्रदर्शनियां, संगीत समारोह, लोक संस्कृति से जुड़े आयोजन और हस्तशिल्प मेले जयपुर को सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक समृद्ध बनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक मान्यता से जयपुर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और पर्यटन उद्योग को भी लाभ होगा। साथ ही यह उपलब्धि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने और मजबूती से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगी। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कला और सांस्कृतिक शहरों की सूची में स्थान हासिल कर जयपुर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि परंपरा, विरासत और आधुनिक सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम उसे वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान दिलाता है। यह सम्मान शहर की ऐतिहासिक धरोहर, कला प्रेम और सांस्कृतिक जीवंतता का प्रतीक माना जा रहा है।

