मथुरा के वृंदावन में रविवार की देर शाम उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस को एक 3 साल के मासूम के अपहरण की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस मासूम की तलाश में जुट गई। जिसका परिणाम यह रहा कि पुलिस 24 घंटे में ही मासूम को सकुशल बरामद कर सकी। बेटे को सकुशल पाकर मां माता पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिक्रमा मार्ग से किया अपहरण वृंदावन में केशवधाम के समीप एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में मंगल सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं और मजदूरी करते हैं। रविवार की शाम को मंगल सिंह अपनी पत्नी पूजा और 3 साल के बेटे गोपाल के साथ परिक्रमा मार्ग स्थित गौडिया मठ आश्रम में खाना खाने गए। इस दौरान उनके साथ काम करने वाला लखन लाल भी मौजूद था। लखन लाल ने किया अपहरण मंगल सिंह और पूजा खाना खाने के बाद वर्तन साफ करने गए। इस दौरान वह गोपाल को लखन लाल के पास बिठा गए। वर्तन साफ कर जब वह वापस आए तो न तो वहां लखन लाल मिला और न ही उनका बेटा गोपाल। बेटे को गायब देख मां का रो रो कर बुरा हाल हो गया। मंगल सिंह में आसपास सभी जगह गोपाल की तलाश की लेकिन वह कहीं नहीं मिला। पुलिस से की शिकायत गोपाल के न मिलने पर मंगल सिंह ने पुलिस से शिकायत की। 3 साल के बच्चे के अपहरण की जानकारी मिलते ही कोतवाली प्रभारी संजय पांडे सक्रिय हो गए। उन्होंने मासूम की तलाश के लिए थाना स्तर पर 4 टीम बनाई और हर संभव जगह मासूम की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने CCTV कैमरे खंगाले,मुखबिरों को सक्रिय किया। 24 घंटे में मिली सफलता 3 साल के मासूम गोपाल की तलाश में जुटी पुलिस को सोमवार को जानकारी मिली कि एक छोटा बच्चा केशीघाट के पास रो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोपाल को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने गोपाल को ले जाने वाले लखन लाल की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस बच्चे को लेकर थाना ले आई और इसकी जानकारी गोपाल के माता पिता को दी। बेटे को पाकर खुशी से रो पड़ी मां 3 साल के मासूम बेटे गोपाल को सकुशल देख पिता मंगल सिंह और मां पूजा की आंखों से खुशी के आंसू झलक उठे। पुलिस ने जरूरी कागजी कार्यवाही करने के बाद गोपाल को CWC के समझ पेश किया। जहां से गोपाल को उसके माता पिता को सौंप दिया। कोतवाली प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि आरोपी लखन लाल की तलाश की जा रही है जल्द उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
कनाडा में लंबे समय से वर्क परमिट पर रहने वाले लोगों को पक्की नागरिकता मिलने जा रही है। कनाडा सरकार ने 'इन-कनाडा वर्कर्स इनिशिएटिव' के तहत देश में पहले से रह रहे 33 हजार वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंस (PR) देने का फैसला किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए है जो कनाडा के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहकर वहां की इकोनॉमी में मदद कर रहे हैं। कनाडा लेबर की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि ग्रामीण व छोटे शहरों में काम करने वालों को नागरिकता दी जाएगी। कनाडा की इमिग्रेशन मिनिस्टर लेना मेटलेज डायब ने जानकारी दी है कि बजट 2025 में किए गए वादे के मुताबिक, वर्क परमिट पर काम कर रहे लोगों को अब तेजी से पीआर दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि:2026 में कम से कम 20,000 वर्कर्स को पीआर दी जाए। जबकि 2027 में: बाकी बचे हुए लोगों की प्रक्रिया पूरी की जाए। साल 2026 के पहले दो महीनों (जनवरी-फरवरी) में ही 3,600 लोगों को इस स्कीम के तहत पर्मानेंट रेसिडेंस मिल चुका है। कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा फायदा पंजाब के उन लोगों को होगा जो कि कनाडा में लंबे समय से वर्क परमिट पर हैं और वो पीआर होने का इंतजार कर रहे हैं। कनाडा सरकार किसे देगी पीआर, जानिए.. स्टूडेंट वीजा के मौके घटेंगे कनाडा में पंजाबी स्टूडेंट और वर्कर सबसे बड़ी विदेशी आबादी हैं। 2025 में जिन भारतीय छात्रों के वीजा रिजेक्ट हुए थे, उनके लिए इस योजना में मिलाजुला सा असर देखने को मिल रहा है। नए पॉलिसी के मुताबिक, स्टूडेंट वीजा के मौके घटेंगे, क्योंकि 2026 में केवल 1.55 लाख छात्रों को अनुमति दी जाएगी, जो 2025 के मुकाबले लगभग आधे हैं। यानी अगर कोई पढ़ाई के रास्ते कनाडा में बसने की राह देख रहा है तो अब ये सफर मुश्किल होने वाला है। वर्क परमिट वालों को राहत मिलेगी क्योंकि जो पहले से कनाडा में काम कर रहे हैं, उन्हें अब PR में बदलने का सीधा रास्ता मिल सकता है। हालांकि नए वर्क परमिट पर आने वाले लोगों के लिए भी मुश्किल थोड़ी बढ़ी हैं क्योंकि कनाडा सरकार ने वर्क परमिट देने के लक्ष्य में भी कमी की है। पीआर देने का फैसला लेने के ये दो अहम कारण कहां मिलेगी पल-पल की जानकारी? कनाडा सरकार इस पूरे मिशन की प्रोग्रेस को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर ट्रैक कर रही है। इसे हर महीने अपडेट किया जाएगा ताकि आवेदकों को पता चल सके कि कितने लोगों को पीआर मिल चुकी है।
जिला अस्पताल मुरार के ऑर्थोपेडिक विभाग ने एक जटिल सर्जरी को अंजाम देकर 73 वर्षीय बुजुर्ग को नई जिंदगी दी है। बुजुर्ग पिछले लंबे समय से घुटनों की बीमारी की बीमारी थी। उन्हें ग्रेड-4 ऑर्थराइटिस है, जिससे उनके घुटने पूरी तरह खराब हो चुके थे। इस कारण बैसाखी के सहारे चलने को मजबूर थे, अब बिना दर्द के चल सकेंगे। कमर में रॉड और दिल की बीमारी होने के कारण एनेस्थीसिया देने के साथ-साथ ऑपरेशन करना चुनौती पूर्ण था। डॉक्टरों ने उनका सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट किया है। जिला अस्पताल में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि ऑर्थोपेडिक के डॉ. यश शर्मा के साथ वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विपिन गोस्वामी, एनेस्थीसिया डॉ. श्रद्धा गोस्वामी और सृष्टि वर्मा शामिल थीं। बैसाखी के सहारे चलने वाले वंशीलाल को घुटने के दर्द से मिली राहत मेहगांव निवासी 73 वर्षीय वंशीलाल लंबे समय से घुटने खराब होने से उन्हें चलने में बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था। एक माह पहले उनकी हालत अधिक खराब हो गई। वह घुटने में दर्द के कारण खड़े भी नहीं हो पाते थे। इसके बाद वे जिला अस्पताल मुरार की ऑर्थोपेडिक की ओपीडी में मुझे (ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यश शर्मा) एक माह पहले दिखाने आए थे। मैंने चेकअप करने के बाद एक्सरे कराया। इसमें पता चला कि उन्हें ग्रेड-4 ऑर्थराइटिस है। इसके कारण उनका घुटना पूरी तरह खराब हो चुका है। मरीज की जांच कराने के बाद उन्हें रविवार को भर्ती किया। मरीज के कमर में रॉड डली थी जिसके कारण एनेस्थीसिया देना काफी कठिन था। इसलिए मैंने टीम बनाकर ऑपरेशन प्लान किया। सोमवार को मरीज को ओटी में लिया। मरीज की उम्र अधिक होने के साथ हृदय संबंधी परेशानी होने के कारण बड़ी चुनौती यह थी कि मरीज को ज्यादा देर एनेस्थीसिया न देना पड़े और मरीज होश में रहे। ऑपरेशन कर मरीज का टोटल नी रिप्लेसमेंट कर दिया। इस ऑपरेशन में एक घंटे का समय लगा है। मरीज अब ठीक है। संभवत: गुरुवार को उसे डिस्चार्ज कर देंगे। जिला अस्पताल में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। जैसा कि जिला अस्पताल मुरार के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यश शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया-
नमस्कार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों के मौजूदा मुख्यमंत्री चुनाव हार गए हैं। साथ ही दोनों ने राज्य की सत्ता भी गंवा दी है। ममता बनर्जी 15 हजार और एमके स्टालिन 8 हजार से ज्यादा वोटों से हारे हैं। तमिलनाडु में पहली बार चुनाव लड़े एक्टर विजय सरकार बनाएंगे। उधर, ईरान ने अमेरिकी जहाज पर मिसाइल दागने का दावा किया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे 5 राज्यों के चुनावी नतीजों के बारे में बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, 206 सीटें जीतीं; TMC को 81 मिलीं, ममता बनर्जी चुनाव हारीं पश्चिम बंगाल में 10 साल में भाजपा 3 सीटों से 200 से ज्यादा सीटों तक पहुंच गई है। टीएमसी ने 81 सीटें अपने नाम कीं। वहीं, कांग्रेस को सिर्फ दो सीट पर जीत मिली। BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हरा दिया है। शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी 9665 वोटो से जीत गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सभी बंगाली हिंदुओं ने खुलकर मेरे लिए मतदान किया। यह जीत हिंदुत्व की जीत है। वहीं, ममता बनर्जी ने कहा;- बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों की लूट की है। बीजेपी ने धोखाधड़ी की है। चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है। हमने समय-समय पर इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। भाजपा 15 साल में 0 से 207 सीटों तक पहुंची: 2011 में खाता न खोल पाने वाली भाजपा को 2016 में 3 सीटें मिली थीं। 2021 में यह बढ़कर 77 हुईं। अब 207 सीटें जीतकर भाजपा बंगाल में पहली बार सरकार बनाने वाली है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के करीब 8% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 130 बढ़ गई हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. तमिलनाडु में विजय की पार्टी 107 सीटें जीतीं, 2 साल पहले ही पार्टी बनाई थी, अब सरकार बनाएंगे तमिलनाडु में 2 साल पहले बनी एक्टर विजय की पार्टी नंबर वन हो गई है। तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की है। डीएमके+ को 60 और अन्नाद्रमुक+ को 47 सीटें मिली हैं। हालांकि, विजय की पार्टी बहुमत के आकंड़े से 11 सीटें दूर है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। दरअसल, एक्टर विजय ने 2 साल पहले फरवरी 2024 में TVK पार्टी बनाई थी। उन्होंने चुनाव के दौरान दो बड़े वाडे किए थे। पहला- शादी के लिए लड़कियों को 8 ग्राम सोना देंगे। दूसरा- नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देंगे CM स्टालिन को उनके ही बागी ने हराया मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को 8795 वोटों से हार मिली है। उनकी ही पार्टी से बागी हुए वीएस बाबू ने स्टालिन के खिलाफ कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ा और 8 हजार वोटों से हराया। बाबू पहले DMK में थे, फरवरी 2026 में ही उन्होंने विजय की पार्टी जॉइन की थी। असम में लगातार तीसरी बार हिमंता सरकार असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई 23 हजार वोटों से चुनाव हार गए हैं। उन्हें छह बार के विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने हराया है। अब केरलम और पुडुचेरी के नतीजों के बारे में पढ़िए... केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी हुई। कांग्रेस ने 140 में से 63 सीटें जीतीं। 26 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर सीपीआईएम रही। LDF की हार पर सीएम पिनाराई विजयन ने पद से इस्तीफा दिया। पुडुचेरी में NDA की मौजूदा सरकार की वापसी हुई। रंगास्वामी की पार्टी ने 12 सीटें जीतीं। डीएमके के हिस्से 5 और भाजपा के हिस्से 4 सीटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. सुनेत्रा पवार 2.18 लाख वोटों से जीतीं; उनके खिलाफ 22 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। महाराष्ट्र के बारामती सीट से NCP उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने 2 लाख 18 हजार वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जीत का यह अंतर भारत में किसी विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा है। सुनेत्रा पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की पत्नी हैं, जिनका 28 जनवरी 2026 को विमान हादसे में निधन हो गया था। बारामती अजित पवार की पारंपरिक सीट रही है। यहां से सुनेत्रा की जीत पहले से लगभग तय थी। उनके खिलाफ 22 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। उपचुनाव में भाजपा ने 4, कांग्रेस ने 2 सीटें जीती: देश की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे में भाजपा को 4 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं। वहीं, एक सीट NCP की सुनेत्रा पवार के खाते में गई है। दरअसल, उपचुनाव वालीं सभी 7 सीटें पूर्व विधायकों की मौत के कारण खाली हुई थीं। पूरी खबर पढ़ें... 4. UP में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला, अब पोस्टपेड की तरह आएगा बिल यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते आक्रोश और विवाद के बीच योगी सरकार ने 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में प्रीपेड सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। यानी प्रीपेड सिस्टम (पहले रिचार्ज) की व्यवस्था खत्म की जा रही है। एक महीने तक नहीं कटेगी बिजली: उपभोक्ताओं को फिर से हर महीने का बिल मिलेगा। बकाया किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली न काटी जाए और शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण हो। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा, उपभोक्ता देवो भव:। तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। पूरी खबर पढ़ें… 5. दावा- होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर ईरान का मिसाइल अटैक, अमेरिका बोला- ये झूठ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी नेवी शिप पर दो मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद उसे पीछे हटना पड़ा। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को झूठा करार दिया है। इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रे में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगी। दुबई के पास कार्गो शिप में आग लगी: समुद्र में एक माल ले जाने वाले जहाज (कार्गो शिप) में आग लग गई। यह आग जहाज के इंजन वाले हिस्से में लगी थी। यह जहाज दुबई से लगभग 58 किलोमीटर दूर था। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि आग कैसे लगी। हालांकि, किसी के हताहत की सूचना नहीं है। पूरी खबर पढ़ें... 6. बिहार में बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत, इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, UP के दोनों डिप्टी सीएम सवार थे देशभर के कई राज्यों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। बिहार में बिजली गिरने से 7 बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हो गई। इधर, खराब मौसम की वजह से दिल्ली से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6476 की भोपाल में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसमें यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सवार थे। राजस्थान-हरियाणा बारिश के साथ ओले भी गिरे: राजस्थान के दौसा, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर और हनुमानगढ़ में आंधी के साथ बारिश हुई। ओले भी गिरे। उधर, हरियाणा के सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ में रविवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। उत्तराखंड के भी 11 जिलों में बारिश हुई। नैनीताल, देहरादून और अल्मोड़ा में ओले भी गिरे। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... प्यास बुझाने हेलिकॉप्टर से ग्लेशियर पहुंची लड़की प्यास बुझाने के लिए एक लड़की हेलीकॉप्टर से ग्लेशियर पहुंच गई। एक अरबपति बिजनेसमैन की बेटी ऐना लिंडे ने वीडियो शेयर किया है। इसमें दिखाया गया है कि प्यास लगने पर वो प्राइवेट हेलीकॉप्टर बुक करके सीधे ग्लेशिय जाती है और फिर वहां का ताजा पानी पीती हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रियल एस्टेट में बड़ी डील या ऑर्डर मिलने के योग हैं। सिंह राशि वालों की नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवात बनने से देश के बड़े हिस्से में मौसम बदल चुका है। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बादलों का लंबा ट्रफ बना हुआ है, जिससे उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जबकि, पिछले 24 घंटों में बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाएं और भारी बारिश दर्ज की गई है। बिहार में बिजली गिरने और मौसम जनित हादसों में 6 जिलों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। अगले 48 से 72 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। वहीं, हरियाणा में रविवार-सोमवार की रात 30 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली आंधी में 15 हजार से ज्यादा पेड़ टूट गए। फतेहाबाद के टोहाना में पेड़ गिरने से हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारी आदेश कुमार (29) की मौत हो गई। राजस्थान पर चक्रवात का नया दौर सक्रिय है, जिससे 24 घंटों के दौरान हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 48 घंटों तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। दक्षिण भारत में छत्तीसगढ़ से कर्नाटक और तमिलनाडु तक 5 दिनों तक रुक-रुक कर वर्षा और बिजली गिरने के आसार हैं। ओडिशा में अगले छह दिनों के दौरान तेज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दैनिक भास्कर एप पर यूपी का सबसे बड़ा प्रधान रेटिंग कैंपेन जारी है। प्रधानों की रेटिंग को लेकर आम जनता और जनप्रतिनिधियों में उत्साह देखा जा रहा है। राज्यसभा सदस्य और उप्र के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने भी प्रधान को रेटिंग की। उन्होंने प्रधान के काम का मूल्यांकन कर पंचायत का रिपोर्ट कार्ड बनाया। रेटिंग देने के बाद दिनेश शर्मा ने कहा कि दैनिक भास्कर एप पर हो रहे सर्वेक्षण जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय कर रहे हैं। सर्वे और रेटिंग भी सक्रिय करने का तरीका है। इससे लोगों में चैतन्यता जागृत हुई है। लोग आपने आसपास हो रहे कार्यों की समीक्षा करने लगे हैं। मैं समझता हूं सभी लोगों को इसमें शामिल होकर अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के काम को रेटिंग देनी चाहिए। अपने प्रधान को रेटिंग देने के लिए यहां क्लिक करें। ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों ने दैनिक भास्कर की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह सर्वे जनप्रतिनिधियों को अधिक जिम्मेदारी से कार्य करने की प्रेरणा देगा। दैनिक भास्कर के इस कैंपेन से जनप्रतिनिधियों के कार्य में पारदर्शिता आएगी। काम के आधार पर दे रहे रेटिंग 30 अप्रैल को रेटिंग लाँच होने के बाद लोगों ने बुंदेली, ब्रज, अवधी, भोजपुरी सहित अन्य स्थानीय बोलियों में इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिए। प्रधान और प्रधान के दावेदारों ने अपनी ग्राम पंचायतों में लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। ग्रामीण अपने जनप्रतिनिधियों को उनके काम के आधार पर रेटिंग दे रहे हैं। 21 मई तक बना सकेंगे रिपोर्ट कार्ड प्रधान रेटिंग 21 मई तक चलेगी। इसके परिणाम 29 को घोषित किए जाएंगे। ये रेटिंग उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि वे बिना किसी दबाव और डर के अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। मात्र 30 सेकंड में अपने प्रधान का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर सकते हैं। रेटिंग की प्रोसेस इतनी आसान बनाई गई है कि मोबाइल पर क्लिक करके ही रेटिंग पूरी कर सकेंगे। तत्काल लाइव रिजल्ट भी देखें दैनिक भास्कर एप पर नए सेगमेंट की खास बात ये है कि जैसे ही आप अपनी रेटिंग सबमिट करते हैं, उसी समय आपको अपने गांव के प्रधान को जनता द्वारा दी गई कुल औसत रेटिंग दिखाई देगी। एक क्लिक में साफ हो जाएगा कि गांव की जनता अपने प्रधान के काम से कितनी संतुष्ट है। इन 5 कामों पर दे रहे रेटिंग पंचायत के रहवासी प्रधान को 5 कामों पेयजल, सड़क, सफाई, रोजगार और शौचालय के काम पर रेटिंग दे रहे हैं। रेटिंग 1 से 5 स्टार तक की होगी। 1 स्टार यानी सबसे खराब और 5 स्टार यानी सबसे अच्छा। जो भी रहवासी रेटिंग दे रहा है, उसका नाम गोपनीय ही रहेगा। मतलब, कोई ये कभी नहीं देख पाएगा कि किस व्यक्ति ने क्या रेटिंग दी है। दी गई रेटिंग गोपनीय रहेगी रेटिंग पूरी तरह गोपनीय रहेगी। किस व्यक्ति ने प्रधान को कितने अंक दिए यह कोई पता नहीं कर सकता। एक व्यक्ति एक बार रेटिंग दे सकेगा। रेटिंग देने के बाद रिजल्ट तत्काल देख सकते हैं। अन्य पंचायतों का भी रिजल्ट देख सकते हैं।
राजस्थान में आंधी, बारिश और ओले गिरने से पारा एक दिन में 8 डिग्री तक गिर गया। जयपुर, अलवर, सीकर, पिलानी समेत कई शहरों का अधिकतम तापमान सोमवार को 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 5 और 6 मई को भी राज्य के 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में 15 से ज्यादा जिलों में बरसात हुई। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर समेत कई इलाकों में ओले भी गिरे। सबसे ज्यादा गर्मी जैसलमेर में रही। राजस्थान में मौसम की 2 तस्वीरें… ये जिले सबसे गर्म रहे 8 डिग्री तक गिरा पारा मौसम के इस बदलाव का असर सोमवार दिन के अधिकतम तापमान पर दिखा। अलवर में अधिकतम तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट हुई। जबकि पिलानी, सीकर, जयपुर, करौली, अजमेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, गंगानगर, टोंक के तापमान में 4 से 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई। मौसम केंद्र के अनुसार 20 से ज्यादा शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ। सोमवार दिन में सबसे कम गर्मी अलवर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या… राजस्थान के बड़े शहरों में मौसम का हाल जयपुर में गर्मी से राहत, पारा 33 डिग्री पर आया जयपुर में अंधड़ चलने और बारिश होने से पारा 5 डिग्री गिरकर 33.3 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। जबकि न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रात के साथ दिन में भी गर्मी से राहत मिली। जोधपुर के लूणी में गिरे ओले जोधपुर में सोमवार को दिनभर तेज धूप रही। शाम को अचानक मौसम बदल गया। जिले के लूणी क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। कई दिनों से लू और तेज धूप से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली। कोटा में दोपहर बाद छाए बादल कोटा में दोपहर बाद मौसम बदला। शाम करीब 5.15 बजे के आसपास के कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम में हुए बदलाव के बाद अधिकतम पारा 4 डिग्री गिर गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, 2.6 एमएम बारिश हुई। अजमेर में ठंडी हवा से राहत मिली अजमेर में शाम 5 बजे बाद तेज हवा चलने लगी। ठंडी हवा से गर्मी से राहत मिली। वहीं, पीसांगन और कालेसरा में बरसात हुई। पीसांगन में बारिश के साथ ओले भी गिरे। उदयपुर में सुबह गर्मी, शाम को बारिश उदयपुर में सोमवार सुबह से गर्मी रही। लोग चेहरे को ढंककर गर्म हवा से बचाव करते हुए दिखे। वहीं, शाम को उदयपुर के मावली में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। बारिश के दौरान ओले भी गिरे। कई जगह पेड़ भी गिर गए। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अलवर जिला हॉस्पिटल में एसी लगाए गए अलवर में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को भी दिनभर गर्मी से राहत रही। कुछ दिनों से रुक-रुककर हो रही बरसात के कारण लोगों को लू और तेज धूप से राहत मिली है। आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है। सीकर में दिनभर ठंडी हवा चली सीकर में अधिकतम तापमान में गिरावट हुई। पिछले 4 दिन से सीकर के तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। हवा की वजह से सोमवार सुबह से धूप की तल्खी भी कमजोर रही। अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहा।
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यूपी में स्थायी DGP की नियुक्ति को लेकर 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इसे लेकर हलचल तेज हो गई है। सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 15 दिनों में टॉप-3 IPS अफसरों की लिस्ट यूपी सरकार को भेजेगा। उनमें राजीव कृष्ण का नाम भी शामिल होगा। रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद, आलोक शर्मा, राजीव कृष्ण और पीसी मीणा टॉप-5 में हैं। इनमें रेणुका मिश्रा 1990 बैच की हैं, बाकि सभी 1991 बैच के हैं। सीनियरिटी के हिसाब से राजीव कृष्ण चौथे नंबर पर आते हैं। लेकिन, आलोक शर्मा जून 2026 में रिटायर हो जाएंगे। रेणुका मिश्रा को यूपी सरकार ने पद के लिए सही नहीं माना है। उन पर 2024 में सिपाही भर्ती परीक्षा में लापरवाही का आरोप है। राजीव कृष्ण से सीनियर अब केवल उन्हीं के बैच के पीयूष आनंद बचे हैं, जो सेंट्रल डिपुटेशन पर हैं। अब सवाल ये है कि राजीव कृष्ण ही स्थायी DGP बनेंगे या कोई और? अगर राजीव कृष्ण बने तो कब तक DGP रह सकते हैं? DGP के लिए और कौन से अफसर एलिजिबल हैं? राजीव कृष्ण DGP बनने की रेस में सबसे आगेराजीव कृष्ण 1 जून, 2025 से यूपी के कार्यवाहक DGP हैं। पिछले साल 31 मई को प्रशांत कुमार के रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कार्यभार संभाला था। वे 11 IPS अफसरों को सुपरसीड करके कार्यवाहक DGP बने थे। इनमें रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद और आलोक शर्मा को छोड़कर सभी अफसर रिटायर हो चुके हैं। राजीव कृष्ण की छवि कड़क और सीएम के करीबी अफसरों में है। संभावना है कि UPSC अपने तीन नामों के पैनल में राजीव कृष्ण का नाम भेजेगा। इसके बाद उन्हें प्रदेश का स्थायी DGP बनाया जाएगा। राजीव कृष्ण स्थायी DGP बने तो 3 साल पद पर रहेंगेसुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, अगर कोई IPS अफसर स्थायी DGP बनता है तो उसका कार्यकाल कम से कम 2 साल का होगा। इसके बाद राज्य सरकार डिसीजन लेगी। राजीव कृष्ण 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनकी रिटायरमेंट डेट 30 जून, 2029 है। इस हिसाब से वे 2029 तक इस पद पर रह सकते हैं। आलोक शर्मा जून में हो रहे हैं रिटायरUPSC की गाइडलाइन के अनुसार, जिस IPS अफसर की सेवा 6 महीने से कम बची होगी, उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने मौजूदा DGP पोस्ट की डेट ऑफ वैकेंसी सुप्रीम कोर्ट की उस तारीख को माना है, जिसमें कोर्ट ने DGP की स्थायी नियुक्ति के लिए नया आदेश जारी किया था। ये आदेश 5 फरवरी को जारी किया गया। आलोक शर्मा का रिटायरमेंट 30 जून 2026 है। इस कारण वे DGP बनने की रेस से बाहर हो गए। रेणुका मिश्रा के नाम पर हो सकता है विचार1990 बैच की IPS रेणुका मिश्रा लंबे समय से किसी पद पर नहीं हैं। UPSC को 16 मार्च, 2026 को भेजे गए लेटर में यूपी सरकार ने कहा- रेणुका मिश्रा 14 फरवरी, 2023 से 5 मार्च, 2024 तक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चेयरमैन रहीं। इस दौरान सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। 24 फरवरी 2024 को परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसके बाद रिटन एग्जाम कैंसिल कर दिया गया। जांच में पता चला कि भर्ती बोर्ड ने एक ब्लैक लिस्टेड फर्म को पेपर छापने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस लापरवाही के लिए रेणुका मिश्रा को जिम्मेदार माना गया और उन्हें भर्ती बोर्ड से हटा दिया गया। हालांकि, UPSC उनके नाम पर अब भी विचार कर सकती है, क्योंकि रेणुका मिश्रा के खिलाफ सरकार ने अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है। इसका मतलब है कि कागजों पर वे अभी भी 'क्लीन' हैं। UPSC ने अगर रेणुका मिश्रा को कंसीडर किया तो उनके बाद दूसरे नंबर पर पीयूष आनंद होंगे। पीयूष सेंट्रल डिपुटेशन पर NDRF में बतौर डीजी पोस्टेड हैं। तीसरे नंबर पर मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण हैं। अगर रेणुका पैनल में नहीं रहेंगी तो तीसरे अफसर के रूप में 1991 बैच के IPS डीजी जेल पीसी मीणा का नाम शामिल होगा। 4 साल में 5 कार्यवाहक DGP बनेयूपी में बीते 4 साल से कोई स्थायी DGP नहीं है। 11 मई, 2022 को स्थायी DGP मुकुल गोयल को सरकार ने हटा दिया था। इसके बाद से प्रदेश को कार्यवाहक DGP ही मिलते रहे। मुकुल गोयल के हटने के बाद डीएस चौहान को कार्यवाहक DGP बनाया गया। इसके बाद आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार और प्रशांत कुमार को कार्यवाहक DGP बनाया गया। उनके बाद राजीव कृष्ण कार्यवाहक DGP हैं। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के स्थायी DGP का प्रपोजल यूपीएससी ने लौटाया:दोबारा भेजने के लिए 3 महीने का टाइम; जो लिस्ट भेजी उसमें राजीव कृष्ण टॉप पर यूपी के स्थायी DGP का प्रपोजल यूपीएससी ने आपत्ति लगाकर मुख्य सचिव को लौटा दिया है। जो प्रपोजल भेजा गया था, उसमें राजीव कृष्ण का स्थायी DGP बनना तय माना जा रहा था। राजीव कृष्ण यूपी के लगातार 5वें कार्यवाहक DGP हैं। पूरी खबर पढें…
असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा को प्रचंड जीत ने यूपी की सियासत में हलचल तेज कर दी है। भाजपा का जहां मनोबल ऊंचा हुआ है, वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। चुनाव नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि 2027 के यूपी चुनाव में मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति ही जीत दिलाएगी। बंगाल की जीत यूपी के लिए क्या संकेत दे रही है? क्या सपा अब भी मुख्य मुकाबले में बराबर की टक्कर देगी या भाजपा तीसरी बार बड़ी जीत दर्ज करेगी? बंगाल-असम का कौन सा फॉर्मूला यूपी में भी काम करेगा? पढ़िए ये रिपोर्ट… बंगाल चुनाव नतीजों ने दिए 5 मैसेज 1. भाजपा हिंदुत्व को और मुखर करेगी: भाजपा यूपी में और आक्रामक रणनीति अपनाएगी। हिंदुत्व के साथ हाईवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे विकास के मुद्दे अहम होंगे। 2. सपा के सामने दोहरी चुनौती: अखिलेश यादव को अब न सिर्फ भाजपा, बल्कि INDI गठबंधन की अंदरूनी कलह से भी जूझना होगा। कांग्रेस 100 से कम सीटों पर मानने को तैयार नहीं है। सपा 50 से ज्यादा देना नहीं चाहती। 3. खास वोट बैंक के सहारे जीतना मुश्किल: यूपी में यादव- मुस्लिम वोट बैंक सपा के साथ है। भाजपा नॉन-यादव OBC को साधने में जुटी है। ऐसे में दोनों पार्टियों को हर वर्ग का वोट चाहिए होगा। 4. महिला आरक्षण मुद्दे को भुना रही भाजपा : बंगाल चुनाव में महिलाओं ने सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी। महिला बिल का विरोध करके सपा पहले ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) वाली गलती कर चुकी है। भाजपा इसे मुद्दा भी बना रही है। 5. अल्पसंख्यकों के लिए ममता की राह पर अखिलेश: बंगाल में TMC ने अल्पसंख्यक वोट के लिए तुष्टीकरण की राह चुनी, जो उस पर भारी पड़ा। सपा भी महिला बिल के दौरान मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग उठा चुकी है। यूपी में हैट्रिक लगाने के लिए जोर लगाएगी भाजपा 2027 में भाजपा तीसरी बार यूपी में सत्ता हासिल करने के लिए जोर लगाएगी, तो सपा-कांग्रेस गठबंधन 2024 लोकसभा की तरह भाजपा को हराने की कोशिश करेगा। अब सवाल है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन और असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने वाली भाजपा को यूपी में हराना क्या इतना आसान होगा? यूपी में सपा मुख्य विपक्षी दल है। अखिलेश यादव लगातार PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात कर रहे हैं, लेकिन बंगाल की हार से सपा पर दबाव बढ़ गया है। अगर बंगाल में TMC जैसी मजबूत पार्टी हार सकती है, तो यूपी में सपा कितनी देर टिक पाएगी? बंगाल में भाजपा ने जिस तरह राम मंदिर, CAA और आर्थिक सुधारों को मुद्दा बनाया, उसी तरह यूपी में राम पथ, एक्सप्रेस-वे, निवेश और यूपी के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। सीनियर जर्नलिस्ट सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं कि पांच में से दो राज्यों में तीसरी बार सरकार बनाकर और TMC से बंगाल छीनकर भाजपा का हौसला बुलंद है। कार्यकर्ता जोश में हैं। निश्चित रूप से इसका फायदा भाजपा को अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में मिलेगा। बंगाल चुनाव के नतीजे सपा के लिए सबक तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में किसी बड़े दल के साथ चुनावी समझौता नहीं किया था। कांग्रेस वहां अकेले ही लड़ी और सिर्फ 2 सीटें जीत पाई। असम, तमिलनाडु में भी उसने कोई खास प्रदर्शन नहीं किया। इससे पहले बिहार चुनाव में भी कांग्रेस कोई कमाल नहीं कर पाई थी। हालांकि, यूपी में सपा–कांग्रेस गठबंधन ने 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। विधानसभा चुनाव में भाजपा को सपा–कांग्रेस गठबंधन की काट ढूंढनी होगी। सीनियर जर्नलिस्ट राजेंद्र कुमार कहते हैं- बंगाल चुनाव के नतीजे सपा के लिए सबक हैं। जनता के मुद्दों के साथ उसे सड़क पर उतरना होगा। सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस से काम नहीं चलेगा। अगर जनता की तकलीफों के आधार पर चुनाव में उतरोगे तो तमिलनाडु की तरह पहली बार में ही जनता ताज पहना देगी, नहीं तो असम की तरह तीसरी बार भी सत्ता में वापसी नहीं होगी। सत्ता विरोधी लहर को थामना होगा राजेंद्र कुमार के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 15 साल सत्ता में रही TMC के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर थी। लोग उसके कुशासन से परेशान थे। फिलहाल यूपी में सत्ता विरोधी लहर दिख तो नहीं रही है, लेकिन दो घटनाएं सरकार को अलर्ट देती हैं। पहली- नोएडा के मजदूर आंदोलन ने सरकार की पोल खोल दी। हरियाणा जैसे राज्यों की सरकार ने समय रहते उसका हल खोज लिया, लेकिन यूपी सरकार आंदोलन के बाद ही जागी। दूसरा मामला स्मार्ट मीटर के खिलाफ आक्रोश का है। महिलाएं जगह–जगह स्मार्ट मीटर उखाड़कर प्रदर्शन कर रही हैं। ये हर परिवार का दर्द है। स्मार्ट मीटर और बिजली का मुद्दा वोटर्स को प्रभावित करता है। ऊर्जा मंत्री ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। यानी प्रीपेड सिस्टम (पहले रिचार्ज) की व्यवस्था खत्म की जा रही है। मुस्लिम तुष्टीकरण यूपी में भी बनेगा बड़ा हथियार सीनियर जर्नलिस्ट सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं कि भाजपा ने बंगाल-असम में कांग्रेस और TMC पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया था। इसकी वजह से वो हिंदुओं को एकजुट करने में सफल रही। यूपी में भी सपा पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगते रहे हैं। लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान भी सपा ने महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग उठाई थी। ऐसे में यूपी चुनाव के दौरान मुस्लिम तुष्टीकरण विपक्ष के खिलाफ भाजपा का अहम मुद्दा होगा। असम, तमिलनाडु और बंगाल के चुनाव ने साफ कर दिया है कि अब एक वर्ग विशेष के तुष्टीकरण और सनातन के विरोध की राजनीति नहीं चलने वाली है। सपा को इसके बारे में एक बार फिर से सोचना होगा। महिला स्कीम भाजपा के लिए बन सकती हैं गेमचेंजर भाजपा की रिपीट होने वाली सरकारों के पक्ष में महिला फैक्टर काम करता है। महिलाएं भाजपा के पक्ष में बड़ी संख्या में वोट कर रही हैं। महिला सुरक्षा और विकास के बलबूते भाजपा आधी आबादी की पहली पसंद बन चुकी है। बिहार की तरह असम में भी भाजपा ने ‘अरुनोदोई स्कीम’ में शामिल 37 लाख महिलाओं को बिहू उपहार के तौर पर 8–8 हजार रुपए दिए थे। बंगाल में भाजपा ने महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपए नकद देने का वादा किया है। अब उसकी जीत के पीछे महिला वोटरों का लामबंद होकर वोट देना भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। कुछ इसी तरह की स्कीम यूपी सरकार को भी लानी होगी। सीएम योगी को हिमंता से बड़ी लकीर खींचनी होगी सीनियर जर्नलिस्ट राजेंद्र कुमार के मुताबिक असम में सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अकेले दम पर भाजपा को तीसरी बार सत्ता दिलाई। वे कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। असम में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने एक–एक रैली ही की। सीएम योगी ने भी एक ही दिन में दो विधानसभा सीटों पर प्रचार किया। वहां हिमंता ने अकेले ही मोर्चा संभाला रखा था। अब कुछ इसी तरह की चुनौती यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ के फेस पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। ऐसे में अब सीएम योगी को अकेले दम पर भाजपा को तीसरी बार प्रचंड जीत दिलाकर यूपी में असम से बड़ी लकीर खींचनी होगी। --------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… योगी बंगाल में 35 जगह गए, 31 पर BJP आगे:CM का स्ट्राइक रेट 89%; राजनाथ का 83, केशव का 78% पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में यूपी के नेताओं में सीएम योगी ने सबसे ज्यादा 35 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था। चुनाव आयोग के रात 8 बजे तक के रिजल्ट और ट्रेंड्स के आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 89% यानी 31 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी जीत चुके हैं या आगे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एक साथ 77 गैस सिलेंडर जब्त:पहली बार वाहन का पीछा कर फैक्ट्री पहुंचे
गैस किल्लत के बीच पहली बार एक साथ 77 खाली कमर्शियल गैस सिलेंडर सोमवार को टीम ने जब्त किए। यह सफलता एक गैस वाहन का पीछा करते हुए मिली। पास में ही सीएम का कार्यक्रम होने से टीम गेहूं के खरीद केंद्र पर व्यवस्थाएं देखने निकली थी, तभी ये वाहन उन्हें पिंटो पार्क औद्योगिक क्षेत्र में दिखाई दिया। अभी तक 9 स्थानों से कुल 200 छोटे-बड़े सिलेंडर जब्त हो चुके हैं। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि वे महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया पिंटो पार्क में वेयर हाउस के पास उपार्जन केंद्र देखने पहुंचे थे। तभी वहा से एक सिलेंडरों से भरा वाहन निकला। उसका पीछा किया तो चैकोबरी न्यूट्रीशन प्राइवेट लिमिटेड परिसर में बड़ी मात्रा में सिलेंडर दिखाई दिए। प्रबंधन ने कहा कि उनके पास दो कमर्शियल गैस कनेक्शन मौ इंडेन व राजा गैस के हैं। भदौरिया ने कहा कि मांगने पर उन्हें कनेक्शन के दस्तावेज नहीं दिखाए गए। इसी कारण अनधिकृत रूप से रखे सभी 77 कमर्शियल गैस सिलेंडर टीम ने जब्त कर लिए। इन्हें राजा गैस डीलर के हवाले कर दिया गया है। शादी के लिए मांग अब घटने लगी: शादी वाले घरों में गैस की मांग वाले आवेदन कम हो गए हैं। सोमवार को सिर्फ 8 आवेदक पहुंचे। अभी तक 1400 आवेदकों को उपलब्ध स्टाक के हिसाब से 2 से 5 सिलेंडर तक दिए गए। कुछ दिन पहले एक दिन में 150 तक आवेदक पहुंच रहे थे। 9 ठिकानों से 200 सिलेंडर जब्तगैस किल्लत फरवरी के बाद ही चली आ रही है। खाद्य विभाग ने पिछले 80 दिन में अलग-अलग सूचनाओं के आधार पर 9 ठिकानों की जांच की। कुल 200 घरेलू व गैर घरेलू सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। आगे की प्रक्रिया अभी चल रही है।
एनओसी के भंवर में चंबल प्रोजेक्ट:NHAI से 2 किमी क्लीयरेंस अटका, 4 विभागों की मंजूरी बाकी, अवधि बढ़ी
चंबल नदी-कोतवाल बांध का पानी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के भंवर में उलझा हुआ है। नेशनल अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने 18 करोड़ की फीस लेकर निगम को एनओसी तो दी, लेकिन 2 किमी में क्लीयरेंस (6 मीटर चौड़ाई) नहीं मिलने से काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। वहीं मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी), लोक निर्माण विभाग, मप्र सड़क विकास निगम लिमिटेड (एमपीआरडीसी), रेलवे से निगम को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इसके चलते इस प्रोजेक्ट की अवधि को 3 महीने बढ़ा दिया है। निगम ने शासन के सर्कुलर को ध्यान में रखकर तीन महीने की अवधि बढ़ाई है। इसके बाद तीन-तीन महीने बढ़ाकर मार्च 2027 तक काम पूरा करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। ग्वालियर तक चंबल से पानी लाने का प्रोजेक्ट लगातार लेट हो रहा है। पहले भूमि पूजन दो-दो मुख्यमंत्रियों ने किया। इस कारण प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हुआ। चंबल नदी-कोतवाल बांध से पानी लाइन कार्य की अवधि ही नहीं लंबाई भी 12 किलोमीटर बढ़ाईप्रोजेक्ट पहले 43 किलोमीटर लंबा था। अब इसकी लंबाई 12 किलोमीटर बढ़ाकर 55 किलोमीटर कर दी है। क्योंकि पहले कोतवाल बांध से पानी की लाइन टेकरी तक लाने के लिए सर्वे हुए था। उसमें अड़चन आने के बाद खेतों से लाइन डालने का तय किया है। ये लाइन लोनिवि की प्रस्तावित रोड के 10 मीटर सेंटर के बाद डाली जाएगी। इस कारण से इसकी लंबाई में इजाफा हुआ है। जानिए..कहां अटकी है एनओसी 1-एनएचएआई: पानी की लाइन के लिए 23 किमी एरिया में एनओसी दी। इसके लिए 18 करोड़ रुपए जमा किए। 2 किमी में 6 मीटर चौड़ाई नहीं मिलने से डक्ट बनाकर लाइन ले जाना है। कुछ स्थान पर अतिक्रमण और बिजली पोल होने से निगम डक्ट बनाने में परेशानी आ रही है। निगम सीधे जमीन में खुदाई कर लाइन डालने के लिए एनएचएआई से बात कर रहा है। एनएचआई को एक और एनओसी मुरैना में देना है। फीस मुरैना को जमा करना है।2. लोक निर्माण विभाग: निगम ने 9.2 किमी के लिए एनओसी लेने के लिए लोनिवि में एप्लाई किया है। ये एरिया एनएचएआई वाईपास से मोतीझील प्लांट तक है। इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। 3.एमपीआईडीसी: बानमोर औद्योगिक एरिया से लाइन लाना है। ये एरिया 4.6 किमी है। 12.50% फीस जमा करना है, तब एनओसी मिलेगी। 4. एमपीआरडीसी: अटल गेट से जलालपुर तक 4 किमी का एरिया एपीआरडीसी में है। निगम के अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि अगले सप्ताह तक एनओसी मिल सकती है।5. रेलवे : कोतवाल बांध के पास रेल क्रासिंग के नीचे से लाइन लाना है। इसके लिए भी निगम ने एनओसी मांगी है। अभी तक मिली नहीं है।
अमृतसर के ढप्पई इलाके में दो पक्षों के बीच मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। यह घटना थाना गेट हकीमां के अधीन क्षेत्र की है, जहां देर रात गली में जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चले और धारदार हथियारों, यहां तक कि किरपानों का भी इस्तेमाल किया गया। घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें बड़ी संख्या में युवक गली में तोड़फोड़ करते और दहशत फैलाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, झगड़े की शुरुआत बच्चों के बीच हुई थी, जिसे पहले सुलझा लिया गया था। लेकिन बाद में मामला फिर भड़क गया, जब एक पक्ष ने बाहर से युवकों को बुला लिया। 40 युवकों का हमला, इलाके में दहशत प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब 40 युवक गली में घुस आए और घरों पर हमला कर दिया। कई घरों के शीशे तोड़े गए, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और महिलाओं व बच्चों में डर का माहौल बन गया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में नशे का कारोबार चल रहा है और पुलिस को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं-बच्चों को भी आई चोटें पीड़ित परिवारों का कहना है कि इस हमले में बच्चों और महिलाओं को भी चोटें आई हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे प्रदर्शन करेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई है। कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और इलाके में शांति बहाल की जाएगी।
अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे के पास मोहड़ा फाटक के नजदीक फॉर्चुनर गाड़ी पर बदमाशों के हमले के दौरान न केवल परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि पोती को छीनने की कोशिश भी की गई। फार्चुनर में कोई ओर नहीं बल्कि करनाल के गांव माखूमाजरा का पूर्व सरपंच रणधीर सिंह अपने परिवार के साथ मौजूद था, वह तीन प्लान पहले सरपंच था। रणधीर सिंह एक प्रॉपर्टी डीलर है और करनाल के आईटीआई के नजदीक उनका प्रॉपर्टी डीलर का ऑफिस भी है। जहां पर वे प्रॉपर्टी से संबंधित डीलिंग करते है, लेकिन बदमाश प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर भी कब्जा जमा चुके थे, लेकिन शासन और प्रशासन के सहयोग से ऑफिस कब्जा मुक्त करवा लिया गया था। इस घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में है और घर से बाहर निकलने से भी डर रहा है और पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहा है। हमले के वक्त परिवार गाड़ी में था सवारमाखूमाजरा निवासी पूर्व सरपंच एवं प्रॉपर्टी डीलर रणधीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 मई को वह अपनी फॉर्चुनर कार में अपनी पत्नी सुदेश रानी के साथ अपने बेटे की ससुराल गांव ईस्माईलपुर गए थे। वहां से शाम करीब 5:30 बजे वह अपनी पत्नी, बेटे सुधीर की पत्नी शालिनी और पोती आस्था विश्वकर्मा के साथ वापस अपने गांव माखूमाजरा लौट रहे थे। करीब शाम 6 बजे जब वह रेलवे फाटक मोहड़ा के पास पहुंचे तो वहां काम चलने के कारण फाटक बंद था। इसके बाद उन्होंने गाड़ी वापस मोड़ ली। जैसे ही वह निर्मल सिंह के फार्म के पास पहुंचे, तभी एक स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक कर आगे रोक लिया। स्कार्पियो और बाइक सवारों ने घेरकर किया हमलारणधीर सिंह ने बताया कि स्कॉर्पियो गाड़ी से 5-6 युवक नीचे उतरे और उसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक भी वहां आ गए। बाइक सवारों ने हेलमेट पहना हुआ था। बदमाशों ने उनकी गाड़ी के दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे अंदर से लॉक थे। जब दरवाजे नहीं खुले तो बदमाशों ने लोहे की रॉड से गाड़ी के सभी शीशे तोड़ दिए और अंदर बैठे सभी लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने रॉड से मारपीट कर घायल कर दिया। रणधीर के अनुसार, दो युवक पिस्तौल लेकर सामने खड़े थे और लगातार डराने की कोशिश कर रहे थे। भीड़ देखकर मौके से भागे हमलावरहमलावर काफी देर तक गाड़ी के आसपास रहे, लेकिन दरवाजे नहीं खुल पाने के कारण वे रणधीर सिंह को नीचे नहीं उतार सके। इसी दौरान सड़क पर आवाजाही बढ़ने लगी और लोगों की भीड़ जुटने लगी। भीड़ को देखकर सभी बदमाश मौके से फरार हो गए। जाते समय बदमाशों ने धमकी दी कि या तो मांगी गई रकम दे दो, नहीं तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। रणधीर सिंह ने बताया कि वह हमलावरों की गाड़ियों के नंबर नहीं देख सके और उनके पास फोन नंबर भी नहीं हैं। पोती को छीनने की भी की कोशिशरणधीर सिंह के अनुसार, हमले के दौरान बदमाशों ने उनकी पोती आस्था विश्वकर्मा को भी छीनने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि अगर गाड़ी की खिड़की खुल जाती तो बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। 3 साल में करीब 4 करोड़ वसूले, अब 5 करोड़ की मांगरणधीर सिंह ने बताया कि रमेश नाम का बदमाश पिछले कई सालों से उन्हें परेशान कर रहा है। उस पर मर्डर और फिरौती के मामले दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। वह उनके आईटीआई के पास स्थित प्रॉपर्टी डीलर ऑफिस में आकर बैठता था और डराता-धमकाता था। रणधीर के अनुसार, जब भी कोई प्रॉपर्टी डील होती थी तो रमेश को इसकी जानकारी मिल जाती थी और वह ऑफिस पहुंचकर मोटी रकम वसूल कर लेता था। पिछले तीन साल में वह करीब पौने चार करोड़ रुपए उनसे ले चुका है। कई बार एक साथ 80-80 लाख रुपए भी लिए गए। उन्होंने बताया कि पहले वह डर के कारण पैसे देते रहे, लेकिन पिछले एक साल से उन्होंने पैसे देना बंद कर दिया। इसके बाद बदमाश लगातार 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांग रहे थे। ऑफिस पर भी जमा लिया था कब्जारणधीर सिंह ने कहा कि बदमाशों ने उनके ऑफिस पर भी कब्जा जमा लिया था और वहां बैठने लगे थे। बाद में प्रशासन की मदद से कब्जा हटवाया गया। इसके बाद से ही बदमाश उन्हें नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। उन्होंने बताया कि रमेश अपने साले मोनू के साथ मिलकर लगातार धमकियां दे रहा था। रणधीर सिंह ने कहा कि वह हमलावरों में से विक्रम और पागल को पहचानते हैं, जबकि अन्य के नाम नहीं जानते। सभी आरोपी सोनीपत जिले के गांव नयावास के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना के बाद परिवार में दहशतपुलिस ने इस मामले में मुकद्मा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में है। रणधीर सिंह ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि बदमाश कभी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
सेंट्रल जेल अलवर में फेंके सात मोबाइल जब्त किए
अलवर| केंद्रीय जेल में 2 मई की रात एकबार फिर जुराब में गत्ते के डिब्बे में रखकर 7 मोबाइल फोन और डेटा केबल फेंकी गई। जेल प्रशासन की टीम ने इन्हें जब्त तो कर लिया, लेकिन घटना के 48 घंटे बाद भी यह पता नहीं लगाया कि इन मोबाइल फोन का मालिक कौन था। जबकि हर फोन का ईएमईआई नंबर होता है। जिसके जरिये खरीदार का पता चल जाता है। घटना का खुलासा भी कोतवाली थाने में मामला दर्ज होने के बाद हुआ। रिपोर्ट में जेल प्रहरी राहुल जाटव निवासी पगसेड़ी गोविंदगढ़ ने बताया कि 2 मई को रात करीब 10.10 बजे जेल की मेन वॉल के पास कुछ गिरने की आवाज आई। मौके पर पहुंचे तो स्टाफ टॉयलेट के पास जुराब में एक छोटी साइज की बोतल व पोटलीनुमा पैकेट पड़ा मिला। जिसमें एक मल्टी विटामिन के काले रंग के डिब्बे में की-पेड वाले 7 मोबाइल और सफेद रंग की डाटा केबिल मिली। जिन्हें जब्त किया। कोतवाली थाना इंचार्ज रमेश सैनी ने बताया कि मामलों की जांच की जा रही है।
मौसम : बादलों की आवाजाही, तेज धूप से राहत
डूंगरपुर| पश्चिमी विक्षोभ के चलते शहर सहित जिले में सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाने से आमजन को तेज धूप से थोड़ी राहत मिली। उत्तर पश्चिमी राजस्थान में बरसात और मेघ गर्जन का असर दक्षिणी राजस्थान में भी असर देखने को मिला। सुबह से ही ठंडी हवा का दौर शुरू रहा है, वहीं दिन का अधिकतम तापमान भी एक डिग्री कम हुआ। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गया। वही मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो से चार दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिन व रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। उन्होंने बताया कि आसमान में बादल छाने से उमस बढ़ेगी पर ठंडी हवा का दौर शुरू रहेगा। 10 मई से एक बार फिर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी।
एमजी अस्पताल में 25 बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार
बांसवाड़ा| जिले में बढ़ती गर्मी, तेज धूप ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। हालात यह है कि लू तापघात और इससे संबंधित बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए एमजी अस्पताल में तापघात वार्ड अलग से शुरू किया गया है। पीएमओ डॉ. राजीव गौतम ने बताया कि अस्पताल में 25 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है, जहां कूलर, पंखे, ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। लू से पीड़ित किसी भी मरीज को इसी वार्ड में तुरंत भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। अस्पताल में इन दिनों आउटडोर में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
भीमकुंड में सेवानिवृत्त पुलिस का जागरुकता सम्मेलन
बांसवाड़ा| भीमकुंड तीर्थ पर सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान की ओर से जन जागरुकता सम्मेलन और स्नेह मिलन हुआ। शुरुआत भीम कुंडेश्वर महादेव के भजन से हुई। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह ने कहा कि सेवा काल में साथ काम करने वाले साथियों से ऐसे आयोजनों के जरिए फिर मिलने का अवसर मिलता है। सेवानिवृत्ति के बाद का समय परिवार, समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डिप्टी गोपीचंद मीणा ने संस्थान के माध्यम से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम अध्यक्ष कमलाशंकर और प्रभारी तेजकरण मईड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में 75 वर्ष से अधिक आयु वाले सेवानिवृत्त पुलिस कार्मिकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत पुलिस कल्याण संस्थान के संभागीय अध्यक्ष शांतिलाल चौबीसा, जिलाध्यक्ष मोहनलाल चंद्रावत, लक्ष्मण सिंह, हरिश्चंद्र सिसोदिया, मोहनलाल पंड्या, सज्जन सिंह राठौड़ सहित कई सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी मौजूद थे।
जिले में 96 हजार श्रमिकों की ई-केवाईसी अपडेट नहीं, मनरेगा में नहीं मिलेगा काम
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा सरकार मनरेगा में श्रमिकों का 100% ई-केवाईसी कराने के निर्देश दे रही है, लेकिन बांसवाड़ा जिले में भाजपा विधायक कैलाश मीणा के विधानसभा क्षेत्र गढ़ी का प्रदर्शन सबसे कमजोर निकला है। जिले के सभी ब्लॉकों में गढ़ी आखिरी पायदान पर है और यहां ई-केवायसी सिर्फ 78.24% तक ही पहुंच पाया है। गढ़ी उपखंड में कुल 75120 श्रमिकों में से 16773 श्रमिकों का ई-केवायसी नहीं हो पाया है। इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इन श्रमिकों को आगे मनरेगा के तहत रोजगार (नियोजन) पर संकट खड़ा हो जाएगा। पूरे जिले की बात करे तो 96 हजार से भी ज्यादा श्रमिकों की अभी केवाईसी अपडेशन का काम अधूरा है। सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल ई-केवाईसी में यह पिछड़ापन स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है। जिला परिषद की ताजा रिपोर्ट में ई-केवाईसी रिपोर्ट में गढ़ी उपखंड जिले का सबसे पिछड़ा ब्लॉक बनकर सामने आया है। यहां 75,120 श्रमिकों में से 58,747 का ई-केवायसी हो पाया है। यह आंकड़ा जिले के औसत 85.70% से करीब 7% कम है। जबकि अन्य ब्लॉकों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आनंदपुरी 91.19% के साथ टॉप पर है, वहीं घाटोल (89.32%) और तलवाड़ा (88.27%) भी आगे हैं। वीडीओ से लेकर मेट तक सहयोग लेने के निर्देश... अब जिला परिषद ने सभी ब्लॉकों के कार्यक्रम अधिकारी ईजीएस को 4 मई तक 100% ई-केवाईसी पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसे मिशन मोड पर लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, ग्राम रोजगार सहायक, मेट से भी ई-केवाईसी करवाने में सहयोग लेने के निर्देश दिए है। साथ ही चेतावनी दी है कि जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी नहीं होगा, उनका मनरेगा में नियोजन नहीं हो सकेगा। रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए हैं। आनंदपुरी 91.19% घाटोल 88.27% बांसवाड़ा- 87.76% अरथूना 84.60% (जिला परिषद से प्राप्त 28 अप्रैल तक की रिपोर्ट अनुसार) ^जिले में 85 फीसदी तक ई-केवायसी का काम कर लिया है लेकिन बाकि श्रमिकों के ई-केवायसी अपडेशन को अब मिशन मोड पर लिया है। 4 मई तक अपडेशन का लक्ष्य तय किया था अभी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं। निश्चित रूप से जल्द ही सौ फीसदी लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। -गोपाललाल स्वर्णकार, सीईओ, जिला परिषद कुल श्रमिक 6,76,335 ई-केवाईसी पूरा 5,79,549 औसत 85.70%
नंदीशाला ; साबला में जमीन ही नहीं मिली, सागवाड़ा में काम अब शुरू हुआ
भास्कर संवाददाता| डूंगरपुर राज्य सरकार की पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजना को लेकर जारी गाइडलाइन में निर्देश दिए गए हैं कि हर पंचायत समिति स्तर पर नंदीशाला स्थापित कर निराश्रित नर गोवंश को सड़कों से हटाया जाए। लेकिन, जमीनी हकीकत इन निर्देशों के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बजट घोषणा में वर्ष 2021-22 में 1.57 करोड़ रुपए की लागत से नंदीशाला बनाने का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद जिले के साबला पंचायत समिति क्षेत्र में अभी जमीन तक आवंटित नहीं हो सकी है। जबकि, सागवाड़ा में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। गाइडलाइन के अनुसार नंदीशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराना पहली और अनिवार्य शर्त है। लेकिन, साबला में यही प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इससे साफ है कि योजना की शुरुआत ही नियमों के विपरीत हुई। न तो जमीन चिन्हित हुई और न ही निर्माण एजेंसी तय हो सकी, जिसके चलते योजना ठप पड़ी है। गाइडलाइन में यह भी उल्लेख है कि तीन वर्षों के भीतर योजना को पूरा कर कम से कम 250 निराश्रित नंदी को आश्रय देना होगा। साथ ही सड़कों से घुमंतु गोवंश को नंदी शालाओं में स्थानांतरित करना अनिवार्य किया गया है। लेकिन, क्षेत्र में आज भी नंदी खुले में सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। डूंगरपुर. सागवाड़ा में चल रहा नंदीशाला का काम। विभाग से दो साल पूरे होने के बाद भी जमीन संबंधी दस्तावेज को पूरा नहीं किया। जिन संस्थाओं ने आवेदन किया उनसे जानकारी मिली कि साबला पंचायत समिति के पिंडावल ग्राम पंचायत में जमीन आंवटित कर दी गई थी, लेकिल विभाग की निष्क्रियता के कारण समय जमीन के दस्तावेज और चयनित संस्थाओं को सहयोग नहीं मिला। इसके चलते प्रक्रिया का समय पूरा हो गया और योजना सिर्फ कागजों में धरी रह गई। डूंगरपुर. साबला में सड़क पर विचरते नंदी। ^मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पूरी जानकारी लेकर गौ संरक्षण का लाभ दिलाया जाएगा। मामले की जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई करेंगे। - देशलदान, कलेक्टर,डूंगरपुर सागवाड़ा में काम शुरू होना यह साबित करता है कि योजना को लागू करना संभव था। लेकिन, साबला में देरी केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। नंदीशाला के लिए पर्याप्त भूमि होना पहली शर्त है। जबकि, साबला में यही बुनियादी काम पूरा नहीं हो सका। इससे न केवल निर्माण रुका, बल्कि पूरी योजना का उद्देश्य ही अधूरा रह गया। एक ही जिले में दो अलग-अलग तस्वीरें यह दिखाती हैं कि कहीं नियमों का पालन हो रहा है, तो कहीं पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। नंदीशाला में बेसहारा और घुमंतु नंदियों के संरक्षण के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। यहां पशुओं के लिए सुरक्षित शेड, हरा चारा, साफ पेयजल और नियमित पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बीमार और घायल नंदियों के उपचार के लिए अलग प्रबंधन रहेगा। परिसर में बाड़बंदी, पानी की टंकियां और चारा भंडारण की व्यवस्था भी होगी। साथ ही गोबर के निस्तारण और उपयोग के लिए योजनाबद्ध सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों पर घूम रहे नंदियों को सुरक्षित आश्रय देकर दुर्घटनाओं को रोकना और गौ संरक्षण को मजबूत करना है। ^जिले में साबला और सागवाड़ा में नंदीशाला बनाना प्रस्तावित है। इसमें सागवाड़ा में 10 प्रतिशत हिस्से का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन, साबला में जमीन नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है। - डॉ. दिनेश बामनिया, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
चना में सिर्फ 13 किसानों का पंजीयन सरसों में पंजीयन व खरीदी दोनों शून्य
डूंगरपुर| जिले में सरसों और चना की एमएसपी पर खरीदी के लिए डूंगरपुर, आसपुर और सागवाड़ा में राजफैड के संचालन में केंद्र तो खोल दिए गए, लेकिन हकीकत यह है कि दो महीने बाद भी इन केंद्रों पर एक दाना तक नहीं खरीदा गया। हालात ऐसे हैं कि सरसों में अब तक एक भी किसान का पंजीयन नहीं हुआ और चना में महज 13 किसानों का पंजीयन हुआ है, लेकिन खरीदी का आंकड़ा दोनों में शून्य है। इस पूरी विफलता की सबसे बड़ी वजह फसल की गिरदावरी सही नहीं होना है। गिरदावरी के बिना पंजीयन संभव नहीं और पंजीयन के बिना किसान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। प्रशासनिक सुस्ती ने पूरी व्यवस्था को ठप कर दिया है। किसानों की तैयार फसल खड़ी है। मंडियों में व्यापारी सक्रिय हैं, लेकिन सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। चना 4 हजार 694 मीट्रिक टन और सरसों 116 मीट्रिक टन हुआ उत्पादन: जिले में चना और सरसों की कुल पैदावार भी अच्छी हुई है। आंकड़ों के अनुसार चना 4 हजार 694 मीट्रिक टन और सरसों 116 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया। इसमें सबसे अधिक चना उत्पादन झौंथरीपाल ब्लॉक में 1063 मीट्रिक टन हुआ, जबकि साबला 647 मीट्रिक टन और बिछीवाड़ा में 320 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। सरसों में सीमलवाड़ा 45 मीट्रिक टन और साबला 22 मीट्रिक टन आगे रहे। इसके बावजूद खरीदी शून्य रहना व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। ब्लॉक चना सरसों डूंगरपुर 28 1 पालदेवल 39 0 दोवड़ा 81 1 गामड़ी अहाड़ा 8 1 बिछीवाड़ा 320 5 सीमलवाड़ा 185 45 चीखली 216 15 झौंथरीपाल 1063 3 सागवाड़ा 179 16 गलियाकोट 148 3 आसपुर 265 4 साबला 647 22 ओबरी 55 11 कुल 4694 116 किसानों की एक और बड़ी परेशानी केंद्रों की दूरी है। कई गांवों से केंद्र तक पहुंचने में लंबा सफर तय करना पड़ता है। इससे परिवहन खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में कम दाम पर ही पास के व्यापारियों को फसल बेचना किसानों की मजबूरी बन गई है सरकार ने इस साल सरसों का एमएसपी 6200 रुपए और चना का 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन बाजार में किसानों को इससे काफी कम कीमत मिल रही है। हर क्विंटल पर सैकड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्रों पर तैनात स्टाफ खाली बैठे हैं, जबकि किसान नुकसान झेल रहे हैं। किसानों का साफ कहना है कि अगर समय पर गिरदावरी और पंजीयन होता तो अब तक हजारों क्विंटल खरीदी हो चुकी होती। हर साल की तरह इस बार भी योजनाएं कागजों में सफल और जमीन पर फेल साबित हो रही हैं। ^जिले में पैदावार नहीं होने से किसान खरीद केंद्र तक नहीं आए है। चने में अब तक मात्र 13 किसानों ने पंजीयन कराया है। सरसों में एक भी पंजीयन नहीं हुआ है। जबकि दोनों फसलों में खरीदी शून्य है। - विष्णुनारायणसिंह, राजफैड अधिकारी।
शराब और लापरवाही बनी किलर', 4 माह में 190 लोग हादसों में घायल... चार की मौत
भास्कर न्यूज | ब्यावर अमृतकौर अस्पताल (एकेएच) के आंकड़े शहर की सड़कों पर दौड़ती मौत की गवाही दे रहे हैं। इस साल अब तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल होकर 190 लोग अस्पताल पहुंचे, जिनमें से 4 लोगों की जान चली गई। हादसों का सबसे बड़ा शिकार 'युवा वर्ग' हो रहा है। रफ़्तार, शराब और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण घर के चिराग बुझ रहे हैं। बीते दो सप्ताह की बात करें तो करीब 60 मरीज घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे। इनमें साल 3 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। यानी हर दिन औसतन 4 से 5 लोग सड़कों पर लहूलुहान हो रहे हैं। अधिकांश हादसे शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट और तेज गति के कारण हुए हैं। बदलते मौसम में भी विजिबिलिटी और लापरवाही ने दुर्घटनाएं बढ़ाई हैं। यातायात प्रभारी उप निरीक्षक पूनमचंद विश्नोई के अनुसार, पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। पाबंद भी कर रही है। अस्पताल में उपचाररत मरीज (फाइल फोटो) पीएमओ डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार अमृतकौर अस्पताल में दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों के लिए इलाज की व्यवस्था समय के अनुसार दो हिस्सों में बंटी है। सुबह 3 बजे से पहले 15 नंबर कमरा और 3 बजे के बाद में इमरजेन्सी वार्ड में सारी व्यवस्था कर रखी है। {युवा वर्ग ध्यान दें: आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा घायल युवा हो रहे हैं, स्टंट और रफ़्तार से बचें। शराब से तौबा: नशे में वाहन चलाना खुद और दूसरों की जान को खतरे में डालना है। गोल्डन ऑवर: दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में अस्पताल पहुंचना जान बचा सकता है, तत्काल 108 या नजदीकी पुलिस को सूचना दें।
एनएच पर ट्रक ड्राइवरों से 80 रुपए लीटर में खरीदते थे डीजल, 85 रुपए में बेच देते
ब्यावर| नेशनल हाइवे-8 पर होटल संचालक इंडस्ट्रीयल उपयोग के लिए ले जाने वाले डीजल को ट्रक ड्राइवरों से 80 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदकर 85 रुपए में बेच रहे थे। यह पूरा अवैध कारोबार 33केवी हाइटेंशन लाइन के नीचे चल रहा था। इसका खुलासा सोमवार को रसद विभाग और सदर थाना पुलिस की कार्रवाई से हुआ। दरअसल, सदर थाना पुलिस प्रभारी गजराज सिंह को इसकी सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। टीम ने रानीसागर गांव में स्थित एक होटल के पास दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध डीजल और उपकरण बरामद किए। टीम ने मौके से मसूदा तहसील के रानीसागर निवासी आरिफ काठात पुत्र नैनू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाइवे से गुजरने वाले भारी वाहनों के ड्राइवरों से 80 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से डीजल खरीदता था। जिसे अन्य वाहन चालकों को 85 रुपए प्रति लीटर की दर से बेच देता था। जिला रसद अधिकारी अब्दुल सादिक का कहना है कि हाइवे से गुजरते ऐसे टैंकर चालक जो कांडला पोर्ट से दिल्ली, गुरुग्राम या अन्य स्थानों के लिए इंडस्ट्रीयल उपयोग के लिए जो ईंधन भरकर ले जाते हैं। उसकी कुछ मात्रा वे हाइवे पर संचालित ऐसे ढाबा, रेस्टोरेंट संचालकों को बेच जाते हैं। जिन्हें वे 5-7 रुपए प्रति लीटर मुनाफा कमाकर अपने संपर्क में रहने वाले अन्य वाहन चालकों को बेचते हैं। ब्यावर जिले में अजमेर रोड, उदयपुर रोड, उदयपुर-जोधपुर लिंक रोड, झाला की चौकी क्षेत्र आदि में ऐसा कारोबार होने की आशंका है। जिला रसद अधिकारी अब्दुल सादिक ने बताया कि यह कृत्य एमएस/एचएसडी आदेश 2005 और पेट्रोलियम नियमों का खुला उल्लंघन है। आरोपी और जब्त डीजल व उपकरण। टीम ने मौके से 3 लोहे के ड्रम और 9 प्लास्टिक जरीकेन में भरा कुल 1050 लीटर मिलावटी डीजल, तेल मापने के लिए 10, 5 और एक लीटर के कोनिकल माप के साथ डीजल निकालने और भरने के लिए उपयोग में आने वाले 8 प्लास्टिक पाइप और कीप जब्त किए। जब्त की सामग्री को सदर थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
जासाखेड़ा के पास बाइक फिसली, युवक घायल
ब्यावर| सड़क हादसे में बाइक सवार युवक घायल हो गया। शिवपुर थाना क्षेत्र के थापड़ा निवासी 30 वर्षीय घुराम पुत्र शंभूराम शाम को बाइक से भीम स्थित ताल से लौट रहा था। जासाखेड़ा के पास बाइक का संतुलन बिगड़ा। युवक गिरकर घायल हो गया। राहगीरों ने युवक को अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सिर में टांके आए।
रोड पर कुत्ता आने से बाइक फिसली, महिला घायल
ब्यावर| गणेशपुरा निवासी 50 वर्षीय कविता पत्नी सोहन बाइक हादसे में घायल हो गईं। कविता पति के साथ गांव से शहर के लिए निकली थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ गया। बाइक का संतुलन बिगड़ गया। कविता बाइक से गिर पड़ीं। मौके पर ही चोट लग गई। पति और ग्रामीणों ने उन्हें अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे की सूचना पर अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
मोड़ पर बाइक फिसली, महिला घायल
ब्यावर| सेंदड़ा निवासी धोलिया की 50 वर्षीय जशोदा पत्नी पूरण सिंह बाइक से देवमाली जा रही थी। मसूदा के पास तेज रफ्तार में मोड़ पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया। जशोदा चलती बाइक से फिसल गई। वह मौके पर घायल हो गई। राहगीरों ने उसे अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सिर में टांके आए।
कार्मिकों को रिलीव नहीं करने पर धरना 7 मई को
भास्कर न्यूज | बाड़मेर पंचायत समिति गडरारोड में गैर शैक्षणिक कामों में प्रतिनियुक्त शिक्षा विभाग के कार्मिकों को रिलीव नहीं करने के विरोध में 7 मई से जिला मुख्यालय बाड़मेर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। फैसला राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं मानवाधिकार संगठन और राजस्थान जन अधिकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में लिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता भगवानसिंह लाबराऊ ने 23 अप्रैल को जिला प्रशासन को विस्तृत अभ्यावेदन दिया था। इसमें मांग की गई थी कि पंचायत समिति गडरारोड में प्रतिनियुक्त शिक्षा विभाग के कार्मिकों को तीन कार्य दिवस में मूल पदस्थापन स्थान पर रिलीव कराया जाए। इस पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर बाड़मेर ने संबंधित विकास अधिकारी को कार्मिकों को रिलीव करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। संगठन के अनुसार करीब 10 दिन बीतने के बाद भी आदेशों की पालना नहीं हुई। मामला तूल पकड़ गया। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना हो रही है। शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षा विभाग के कार्मिकों को गैर शैक्षणिक कामों में अनावश्यक रूप से प्रतिनियुक्त नहीं रखा जाए। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर आदेशों की अनदेखी हो रही है। संगठन ने कहा कि सभी प्रतिनियुक्त कार्मिकों को जल्द रिलीव नहीं किया गया तो 7 मई से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। बाड़मेर जिले में गैर शैक्षणिक कामों में लगे शिक्षकों को रिलीव होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। संगठन ने जिला कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने की मांग की। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
8 दिन चली सुरक्षा बंधन यात्रा, 30 हजार पशुओं को बांधे रिफ्लेक्टर
भास्कर न्यूज | बाड़मेर इंडियन रूरल डेवलपमेंट एंड अवेयरनेस सोसायटी की ओर से आयोजित सुरक्षा बंधन यात्रा ने दूसरे चरण में 8 दिन का सफर पूरा किया। यात्रा ने सेवा, समर्पण, जागरूकता की मिसाल पेश की। यह अभियान मानवता, गो सेवा, सड़क सुरक्षा का जन आंदोलन बना।पिछले 8 दिनों में यात्रा सैकड़ों गांवों, ढाणियों तक पहुंची। उन इलाकों में भी जागरूकता फैलाई, जहां ऐसी पहल पहले नहीं पहुंची। टीम दिनभर तपती धूप में चली। संदेश दिया कि सेवा के आगे बाधा बड़ी नहीं होती। अभियान में अब तक हजारों लोगों को पशुओं के गले में सुरक्षा बंधन बांधने की शपथ दिलाई गई। यातायात नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई। करीब 30 हजार पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर सुरक्षा बंधन बांधे गए। इन रिफ्लेक्टर बेल्ट से रात में सड़क पर घूमने वाले पशुओं की दृश्यता बढ़ी। दुर्घटनाएं रोकने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल बेल्ट नहीं। यह हमारे पशुओं के जीवन की रक्षा का वचन है। इसे हम कभी नहीं भूलेंगे। दूसरे चरण के आठवें दिन 4 मई को यात्रा गिराब से शुरू हुई। तुडबी, हरसाणी, बालेबा, फोगेरा, दूदाबेरी, नांद, सुरा होते हुए विशाला में भोजन विश्राम किया। इसके बाद तिरसिंगड़ी, लुणु, गेहूं से होते हुए बाड़मेर पहुंची। यहां रात्रि विश्राम किया। हर पड़ाव पर ग्रामीणों का उत्साह, सहयोग, सहभागिता दिखी। अभियान में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों का सहयोग रहा। बंधड़ा के सरपंच श्याम सिंह बंधड़ा, बालेबा के सरपंच शभवानीदान, विशाला के सरपंच दलपत सिंह, उगम सिंह विशाला सहित कई जनप्रतिनिधि सक्रिय रहे। इन्होंने यात्रा का स्वागत किया। अभियान को जन आंदोलन बनाने में भूमिका निभाई।
श्रमिकों के नवीनीकरण में आ रही है परेशानी, जिला स्तर पर समाधान नहीं हो रहा
^हमें जो भी आवेदन मिल रहे हैं, उन्हें जयपुर मुख्यालय को मेल भेज रहे हैं। तकनीकी कारणों से अपडेट नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर फिलहाल कुछ करना संभव नहीं है। - रामचंद्र गढ़वीर , सहायक श्रम आयुक्त, बालोतरा गिड़ा. बालोतरा मुख्यालय स्थित श्रम विभग। भास्कर न्यूज | गिड़ा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत श्रम विभाग बालोतरा व बाड़मेर में पंजीकृत हजारों निर्माण श्रमिक इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। मजदूर कार्ड में आधार व जनआधार लिंक नहीं होने के कारण वे न तो अपने पंजीयन का नवीनीकरण (रिनिवल) करवा पा रहे हैं। न ही किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ ले पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 से पहले निर्माण श्रमिकों का पंजीयन ऑफलाइन किया जाता था। बाद में इसे ऑनलाइन प्रणाली में परिवर्तित किया गया। इस दौरान विभाग ने पुराने ऑफलाइन रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया अपनाई। इसमें भारी लापरवाही सामने आई। कई श्रमिकों के आधार व जनआधार नंबर सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए। कई रिकॉर्ड अधूरे ही अपलोड कर दिए गए। अब जब श्रमिक ई-मित्र के माध्यम से रिनिवल या योजना के लिए आवेदन करवाने जा रहे हैं, तो उन्हें बताया जा रहा है कि उनके कार्ड में आधार व जनआधार लिंक नहीं है। इससे आगे की प्रक्रिया संभव नहीं है। इसके बाद मजदूर अपने दस्तावेज लेकर श्रम विभाग के जिला कार्यालय बालोतरा व बाड़मेर के चक्कर काट रहे हैं। कई श्रमिकों ने अपने आधार, जनआधार व पंजीयन कार्ड जमा करवा दिए हैं। महीनों बीत जाने के बावजूद अपडेट नहीं हो पा रहा है। विभागीय स्तर पर सभी आवेदन जयपुर मुख्यालय को ई-मेल के जरिए भेजे जा रहे हैं। वहां से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय कार्यालयों से श्रमिकों को एक ही जवाब मिल रहा है कि दस्तावेज जयपुर भेज दिए गए हैं। अब आगे की प्रक्रिया वहीं से होगी। इससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनके लिए जयपुर जाकर समस्या का समाधान करवाना संभव नहीं है। ^मेरा कार्ड 2016 में बना था। अब रिनिवल कराने गया तो पता चला कि आधार-जनआधार जुड़ा ही नहीं है। पिछले 10 महीनों से बालोतरा ऑफिस के चक्कर काट रहा हूं। 27 सितंबर 2021 को कार्ड की अवधि खत्म हो चुकी है। दिहाड़ी छोड़कर जाना पड़ता है। फिर भी समाधान नहीं हो रहा। - आदूराम सारण, निर्माण श्रमिक, मानपुरा खारड़ा गिड़ा ^हम गरीब मजदूर हैं। रोज की दिहाड़ी से घर चलता है। बार-बार विभाग जाने से मजदूरी छूट जाती है। कार्ड में आधार व जनआधार लिंक नहीं होने से रिनिवल नहीं हो रहा। योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। - पुनमाराम, निर्माण श्रमिक, जाखडा गिड़ा
शिव क्षेत्र में संचार सुविधाओं को मजबूती 7 नए मोबाइल टावरों को मिली स्वीकृति
भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र में संचार व्यवस्था मजबूत करने की पहल हुई है। दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 7 नए मोबाइल टावर लगाने की स्वीकृति मिली है। स्वीकृति केंद्रीय संचार मंत्रालय ने जारी की है। मंत्रालय ने ग्राम स्तर पर नेटवर्क सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया है। यह टावर हाथला का पार, खुड्ड, मेघवालों का पार, बॉर्डर क्षेत्र, पुंगरिया का पार, कडवाणी का पार, गोहडियाला समेत अन्य दूरदराज इलाकों में लगेंगे। इससे लोगों को बेहतर मोबाइल नेटवर्क मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधरेगी। डिजिटल सेवाओं का लाभ बढ़ेगा। लंबे समय से नेटवर्क समस्या झेल रहे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। स्थानीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम विकास की दिशा में मील का पत्थर होगा। डिजिटल सशक्तिकरण को गति मिलेगी। भाटी ने केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
बाड़मेर में नगर परिक्रमा 21 तैयारियों को लेकर बैठक
भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्थानीय गंगागिरी मठ जोशियों की प्रोल बाड़मेर में अधिक मास नगर परिक्रमा सेवा समिति बाड़मेर की महत्वपूर्ण बैठक महंत खुशालगिरी महाराज गंगा गिरी मठ के सानिध्य में आयोजित हुई। कार्यक्रम मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड़ ने बताया नगर परिक्रमा सेवा समिति बाड़मेर की बैठक में सर्व सहमति यह तय किया गया कि अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) पर बाड़मेर नगर परिक्रमा 21 मई ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पांचम गुरुवार सुबह 5 बजे हनुमान मंदिर सदर बाजार से निकाली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे महंत खुशाल गिरी महाराज ने अधिक मास नगर परिक्रमा की महत्त्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने सभी हिन्दू समाज बंधुओं से आह्वान किया अधिक मास तीन वर्ष में आता है। यह बहुत ही धार्मिक पर्व है , इस पर्व पर दान पुण्य का कार्य के साथ ही नगर की परिक्रमा करनी चाहिए। उन्होंने कहा सभी सनातनी भाई बहन मिलकर धार्मिक कार्य को सफल बनाने का आह्वान किया। कमेटी कोषाध्यक्ष बंशीलाल अग्रवाल ने बताया नगर परिक्रमा के दिन अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, खत्री समाज,सोनी समाज, रावणा राजपूत समाज, पुष्करणा समाज, अनेक समाज एवं संस्थाएं अपनी ओर खाद्य सामग्री व पेय पदार्थ की स्टॉल लगाकर सेवाएं देंगे। नगर परिक्रमा यात्रा रूट तैयार करने के लिए प्रभारी किशोर भार्गव, मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड़ को जिम्मेदारी सौंपी गई। बाड़मेर. नगर परिक्रमा बैठक में मौजूद लोग।
बाड़मेर में कृषक महोत्सव आज से, कृषि रथ चलेगा
बाड़मेर | कृषि नवाचार व आधुनिक तकनीक किसानों तक पहुंचाने के लिए 5 मई से 9 मई तक बाड़मेर में कृषक महोत्सव होगा। आयोजन बीएलएमसीएल और कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर की संयुक्त परियोजना के तहत किया जा रहा है। डॉ. रावतराम ने बताया कि पांच दिन के अभियान में एक कृषि रथ बाड़मेर जिले के अलग-अलग गांवों में जाएगा। रथ के जरिए किसानों को नई कृषि तकनीक के बारे में जागरूक किया जाएगा। उद्देश्य आधुनिक खेती से जोड़ना है। उत्पादन बढ़ाना है। आय बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर रहेगा। कार्यक्रम में मृदा और पानी के नमूनों पर प्रशिक्षण होगा। बागवानी पर मार्गदर्शन मिलेगा। सब्जी उत्पादन पर जानकारी दी जाएगी। मूंग, मोठ, ग्वार जैसी प्रमुख फसलों की उन्नत खेती पर भी फोकस रहेगा।
मंदिर में स्वस्तिक प्रतियोगिता, 150 बच्चों ने भाग लिया
बाड़मेर. सच्चियाय माता मंदिर में प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी। भास्कर न्यूज | बाड़मेर डोला डूंगरी स्थित मां सच्चियाय मंदिर में मां सच्चियाय युवा परिषद, मां सच्चियाय मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में स्वस्तिक बनाओ व रंग भरो प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में तीन वर्गों से 150 बच्चों ने भाग लिया। परिषद के प्रतियोगिता मुख्य संयोजक नरेन्द्र कुमार जैन विनय ने बताया कि अलग-अलग वर्गों में 9 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया। इन्हें मालू परिवार ने पुरस्कृत किया। रविवारीय स्वस्तिक बनाओ व रंग भरो प्रतियोगिता की यह 115वीं कड़ी रही। इसका लाभ नीतू देवी ने संजय कुमार मालू परिवार की ओर से अपने पुत्र नमन मालू के जन्मदिन पर लिया। प्रतियोगिता का संचालन नरेन्द्र कुमार जैन विनय ने किया। निर्णायक गुड्डी श्रीश्रीमाल, नरेश मालू, मीना वडेरा रहे। इन्होंने परिणाम जारी किया। प्रतियोगिता में 9 विजेताओं, 1 उप विजेता को विशेष सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम वर्ग कक्षा 3 से 4 में प्रथम पुरस्कार तेजल, द्वितीय पुरस्कार ख्याति वडेरा, तृतीय पुरस्कार रिदम मालू को मिला। द्वितीय वर्ग कक्षा 5 से 7 में प्रथम पुरस्कार वंशिका सिंघवी, द्वितीय पुरस्कार यशिका सोनी, तृतीय पुरस्कार लता राठौड़ को मिला। तृतीय वर्ग कक्षा 8 से ऊपर में प्रथम पुरस्कार नव्या सिंघवी, द्वितीय पुरस्कार हार्दिक वडेरा, तृतीय पुरस्कार सुहाना जैन को मिला। विजेताओं को लाभार्थी मालू परिवार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्य संयोजक नरेन्द्र कुमार जैन विनय ने बताया कि स्वस्तिक का अर्थ कल्याण करने वाला या मंगल करने वाला है।
घायल मोर का रेस्क्यू कर उपचार किया
गिड़ा | स्कूल लेगों की ढाणी (चीबी) के स्कूल स्टाफ ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक घायल मोर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। जानकारी अनुसार स्कूल परिसर के आसपास एक मोर घायल अवस्था में दिखाई दिया। इस पर स्कूल के अध्यापक मोटाराम, देव गोदारा, कुंदनसिंह व हनुमान बेनीवाल ने तत्परता दिखाते हुए मोर को सुरक्षित पकड़ा और उसकी प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद घायल मोर को उपचार के लिए वन विभाग के वनपाल विशनाराम को सुपुर्द किया गया, जिन्होंने आगे उपचार की प्रक्रिया शुरू करवाई।
जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करें मैं खुद भी जवाब दूंगी: कलेक्टर
भास्कर न्यूज | बाड़मेर करीब डेढ़ माह तक पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक की ड्यूटी के बाद कलेक्टर चिन्मयजी गोपाल ने सोमवार को पदभार संभालते ही कलेक्ट्रेट की शाखाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने राजस्व रिकॉर्ड विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्मिकों ने छत टपकने और क्षतिग्रस्त होने का जिक्र किया। इस पर कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक बुलाई। वहीं सभी अधिकारियों से कहा कि आमजन से जुड़ी सभी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। बैठक में पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, सीएमएचओ, डिस्कॉम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मैं खुद जनता से जुड़े हर मुद्दे का समाधान चाहती हूं, अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें और समस्याओं का समाधान करें। कलेक्टर गोपाल ने कहा कि आने वाले दिनों में नगर परिषद के कामों को देखा जाएगा। वहीं ग्राउंड लेवल पर लोगों की समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता रहेगी। अभी मैंने प्राइमरी राउंड लिया है। रिकॉर्ड रूम की बिल्डिंग में काम की जरूरत लग रही है। उसे भी ठीक करवाया जाएगा।
मौसम ने करवट बदली:50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली,बारिश के साथ ओले गिरे
बाड़मेर में लगातार दूसरे दिन भी मौसम ने करवट बदली और बारिश हुई। 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ के साथ हल्की बौछारों का दौर शुरू हुआ। ग्रामीण इलाकों में आंधी की रफ्तार 40-50 किमी की रही। भीषण अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई से मौसम खुशगवार हो गया। ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। दिनभर में लू और गर्मी से लोगों को राहत मिली। अधिकतम पारा 41.8 और न्यूनतम 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाड़मेर. चौहटन क्षेत्र में बारिश के दौरान एक खेत में जमा पानी । आगे क्या: बारिश से गर्मी से राहत, 2 दिन असर रहेगा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बाड़मेर जैसे शुष्क क्षेत्र में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि का होना वायुमंडलीय दबाव में आए अचानक बदलाव का संकेत है। हालांकि, यह बारिश गर्मी से राहत लेकर आई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर आगामी 2-3 दिन तक रहेगा। कई इलाकों में धूलभरी आंधी और बारिश की संभावना है। ऐसे में गर्मी से राहत मिलेगी। 7 मई के बाद फिर से गर्मी तेज होगी।
सर्च ऑपरेशन:बाड़मेर में 5वीं बार फिर बम से उड़ाने की धमकी कोर्ट परिसर को खाली करवाया
बाड़मेर कोर्ट परिसर में सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यह धमकी भरा मेल राजस्थान हाईकोर्ट को भेजा गया था। इसकी कॉपी सीसी में जिला एवं सेशन न्यायाधीश, बाड़मेर को भी मार्क की गई थी। मेल में साफ शब्दों में लिखा था कि कोर्ट परिसर को बम से उड़ाया जाएगा। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए। एसपी के निर्देश पर तुरंत पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया गया। आनन-फानन में कोर्ट के जज, वकील, कर्मचारी और मुवक्किलों को बाहर निकाला गया। करीब डेढ़ घंटे तक न्याय प्रक्रिया ठप रही। पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन के लिए डॉग स्क्वायड और बम निरोधी दस्ते की मदद ली। टीम ने कोर्ट रूम, गैलरी, चैंबर्स और पार्किंग समेत परिसर के एक-एक हिस्से को बारीकी से खंगाला। एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि गहन जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में आवाजाही फिर से शुरू करवाई गई। धमकी की पांच प्रमुख घटनाएं >23 दिसंबर 2025: कलेक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की पहली बड़ी धमकी। > 9 मार्च 2026: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी। > मार्च-अप्रैल 2026: प्रधान डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को लगातार तीसरी बार धमकी मिली। > 4 मई 2026: जिला न्यायालय को फिर से धमकी मिलने की खबरें सामने आईं।
धार्मिक स्रोत से मदद पर नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
बाड़मेर | 132 केवी जीएसएस रारावि प्रसारण निगम बाड़मेर पर 132 केवी सीटी बदलने के लिए मंगलवार को 132 केवी बाड़मेर मेहलू लाइन का शटडाउन रहेगा। सुबह 7 बजे से 11 बजे तक मेहलू से जुड़े शोभाला, एकेबी,मांगता, पीएचईडी, सनावड़ा, मालपुरा क्षेत्रों की सप्लाई बंद रहेगी। बाड़मेर | बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में आउटडोर गतिविधियां नहीं करने के आदेश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। गर्मी के दौरान प्रार्थना सभा भी खुले मैदान के बजाय छायादार स्थान पर करें। 1141वां सुंदरकांड पाठ कहां : बेरियों का वास, बाड़मेर कब : रात्रि 8.30 बजे बाड़मेर | शिक्षा विभाग ने पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति, पीएम यशस्वी पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति में एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी के विद्यार्थियों को धार्मिक स्रोत से भत्ते या कोई मदद मिल रही है तो उन्हें छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
वन्यजीव गणना धोरों में सुखद तस्वीर: काले हरिणों की संख्या 19 से अब 121 तक पहुंची
भास्कर न्यूज | बाड़मेर वैशाख पूर्णिमा की चांदनी रात में जिले में हुई वाटर होल पद्धति हुई गणना के आंकड़ों के अनुसार वन्यजीवों का कुनबा तेजी से फल-फूल रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार वन्यजीवों की कुल संख्या में 18.80 फीसदी का इजाफा हुआ है। सबसे चौंकाने वाले और सुखद आंकड़े कृष्ण मृग के है। गत साल इनकी संख्या महज 19 थी, जो इस साल बढ़कर 121 तक के आंकड़े तक पहुंची। इनकी संख्या में रिकॉर्ड 536 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वन विभाग ने 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे तक वन्य जीवों की वाटर प्वाइंट के पास गणना की। बाड़मेर और बालोतरा की 8 रेंजों में 39 वाटर प्वाइंट्स चिन्हित किए गए थे। 135 कर्मियों, वन मित्रों और विद्यार्थियों की टीम ने दूरबीन, कैमरों और मोबाइल के साथ मचानों पर बैठकर निगरानी की। सिवाना रेंज की सेवाली नाडी काले हरिणों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बनकर उभरी है, यहां 121 काले हरिण देखे गए। शिव तहसील के 6, बाड़मेर तहसील के 7, सिवाना, बालोतरा, सिणधरी और चौहटन में 4-4, बायतु और धोरीमन्ना तहसील में 5-5 वाटर हॉल पर टीमें तैनात की थी। गणना में 36 गीदड़, 4 जरख, 40 मरु बिल्ली, 19 लोमड़ी, 104 मरु लोमड़ी सहित 203 मांसाहारी वन्य जीव देखे गए। सेही 219, खरगोश 60, 1 जंगली सूअर, लंगूर 9 पाए गए। पक्षियों में राष्ट्रीय पक्षी मोर 2990 से बढ़कर 3416 मिले हैं। इसमें 1451 नर, 1857 मादा, 143 बच्चे शामिल है। तीतर 296, बगुला 28, बया 36, टिटहरी 106, सैंड ग्राउज 120, फ्लेमिंगो 128 देखे गए। साण्डा 70, कछुआ 5, स्केल्ड वाइपर 6, नेवला 49 सहित कुल 486 रेपटाइल्स दिखे। गणना के दौरान 8475 वन्य जीव व पक्षी वाटर प्वांइट प्यास बुझाने पहुंचे। ^वैशाख पूर्णिमा पर हुई गणना में 18.80% की बढ़ोतरी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अच्छे संकेत हैं। विशेषकर काले हरिणों का 19 से बढ़कर 121 होना जिले के लिए बेहद सुखद है। - सविता दहिया, डीएफओ, बाड़मेर वन्यजीव 2025 की संख्या 2026 की संख्या वृद्धि दर (%)काले हरिण 19 121 53.6%नीलगाय 1291 1706 32.14%मोर 2990 3461 15.75%चिंकारा 1618 1851 14.40%
स्नेह मिलन में शिक्षकों की समाज में भूमिका पर चर्चा
भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्थानीय राय कॉलोनी रोड स्थित रेस्टोरेंट में रविवार को रेस्टा शिक्षक संघ की ओर से नव पदोन्नत व्याख्याताओं, रेस्टा जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्यों, ब्लॉक अध्यक्षों का स्नेह मिलन व सम्मान सम्मेलन हुआ। जिला संयोजक नरेन्द्र कुमार जैन विनय ने बताया कि रेस्टा के बैनर तले हुए कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष बगताराम जाखड़ ने मेहमानों का स्वागत किया। संगठन की उपलब्धियां व आगे की रूपरेखा बताई। कुटुंब प्रबोधन गतिविधि जोधपुर प्रांत के टोली सदस्य अशोक दवे ने कुटुंब प्रबोधन, कुटुंब मित्र, सुसंस्कृत परिवार पर बात रखी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य चैनाराम चौधरी ने कहा कि नवपदोन्नत व्याख्याता नए दायित्व को नई ऊर्जा से निभाएं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बाड़मेर रेखा यादव ने शिक्षकों की समाज व देश निर्माण में भूमिका बताई। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बाड़मेर ग्रामीण रमेश जैन, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा गौतम गोदारा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा दीपा राम पोटलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा भगवानदास बारूपाल, स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल चूली के प्राचार्य ईश्वरदान देथा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रानीगांव के प्राचार्य नाकेश व्यास, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरोहितों की बस्ती के प्राचार्य नृसिंह जांगिड़, रेसला जिलाध्यक्ष डूंगरसिंह सारण समेत मौजूद लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की। इस दौरान विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर पत्रकारों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भामाशाहों रेस्टा प्रदेश उपाध्यक्ष हरिसिंह कड़वासरा, लक्ष्मण कड़वासरा, नवलाराम चौधरी, रेखाराम चौधरी का स्वागत माल्यार्पण व साफा पहनाया गया। स्मृति चिन्ह दिए गए। व्यवस्थाओं के लिए रूपसिंह इंदा, गणपतसिंह का बहुमान किया गया।
युवाओं ने गौ कुंड साफ किया पशुओं को मिला स्वच्छ पानी
भास्कर न्यूज | बाड़मेर ग्राम पंचायत हाथमा में रविवार को युवाओं ने गौ कुंड की सफाई की। मीडिया प्रभारी जोगेंद्र पंवार ने बताया कि गांव में लंबे समय से गौ कुंड गंदगी से भरा था। युवाओं ने मिलकर सफाई की। इससे पशुओं के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था हो सकी। इस काम में नरपत सिंह भाडली, गणपत बृजवाल, सूरजमल, शेम्भू पंवार, रमेश सोंलकी, गणपत सोलंकी, सुिनल बाड़मेरी, रवि सोलकी, डूंगरपुरी, कवराज सोलंकी, भवानी, महावीर सहित कई युवाओं ने सहयोग किया।
जन कल्याण संस्थान बनाएगी ग्रीन वे
बाड़मेर | बाड़मेर को हरा-भरा बनाने के लिए जन कल्याण संस्थान पिछले 10 वर्षों से एक घर एक पौधा अभियान चला रही है। इसी कड़ी में संस्थान इस वर्ष शहर के अलग-अलग 10 स्थानों पर सघन पौधरोपण कर ग्रीन वे बनाएगी। 10 स्थानों का चयन पूरा हो चुका है। शुभारंभ 7 मई से होगा। संस्थान अध्यक्ष मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि तय लक्ष्यों की पूर्ति के तहत शहर के चयनित 10 मार्गों को ग्रीन वे में बदला जाएगा। इससे शहर की हरियाली में अप्रत्याशित इजाफा होगा। ऑक्सीजन जोन तैयार होंगे। अमन ने बताया कि रोहिड़ा पाडा मुख्य मार्ग, जूना किराड़ू मार्ग, करमूजी की गली, महाबार रोड, हमीरपुरा, शिवकर मार्ग, प्रतापजी की प्रोल, सामुदायिक सभा भवन वार्ड नंबर 10, ढाणी बाजार को इस वर्ष ग्रीन वे बनाने के लिए काम किया जाएगा। इसे लेकर वृहद स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
सफाई व अतिक्रमण हटाने का काम अटका
बाड़मेर | बाड़मेर के बलदेव नगर में नाली निर्माण, सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिम्मेदारी तय न होने के कारण अटकी हुई है। तेजाराम माचरा ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर अटल पथ रोड और अजय योद्धा महाराजा सूरजमल कॉलोनी क्षेत्र में तत्काल कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि 181 और संपर्क राजस्थान पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक स्तर पर सीमा को लेकर भ्रम भी सामने आया है, क्योंकि नगर परिषद ने इस इलाके को अपनी सीमा से बाहर बताया, जबकि यूआईटी बाड़मेर ने भी इसे अपने क्षेत्र में नहीं माना।
पश्चिम बंगाल, असम व पुडुचेरी चुनावों में भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर मिठाई बांटी
भास्कर न्यूज | बाड़मेर पश्चिम बंगाल, असम व पुडुचेरी चुनावों में भाजपा की जीत पर बाड़मेर में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़ मिठाई बांटी। भाजपा जिला प्रवक्ता अरविंद शारदा ने बताया कि परिणाम आते ही सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अहिंसा सर्किल पर समर्थक जुटे। असम व पश्चिम बंगाल में भी सरकार बनने की खुशी बधाई दी। जश्न में भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम बिश्नोई, विधायक आदूराम मेघवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिलीप पालीवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा, जिला उपाध्यक्ष रमेशसिंह इन्दा, जिला महामंत्री देवीलाल कुमावत मौजूद रहे। अनंतराम बिश्नोई ने कहा कि बंगाल में कुशासन का अंत हुआ। विधायक आदूराम मेघवाल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। दिलीप पालीवाल व स्वरूपसिंह खारा ने कहा कि बंगाल की जनता ने नरेंद्र मोदी पर विश्वास किया।
जनगणना में लापरवाही नहीं, समय पर पूरा करें:एडीएम
भास्कर न्यूज | बाड़मेर जनगणना कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपादित करें। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाए। जिला जनगणना अधिकारी, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत ने उपखंड, चार्ज जनगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि जनगणना से जुड़े काम तय समय सीमा में पूरे हों। इसके लिए प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने जनगणना के विविध पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने स्व-गणना के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। चांदावत ने कहा कि समस्त अधिकारी अपने क्षेत्र में विजिट करें। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखें। समस्त प्रगणक, सुपरवाइजर को एडवाइजरी जारी करें। उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. केबी खंडेलवाल ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रशिक्षण की शुरुआत की। उन्होंने अब तक जिले में हुए जनगणना संबंधी कार्य का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जनगणना निदेशालय जयपुर से आए उप निदेशक लोकेश जैन ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में उपखंड अधिकारी यक्ष चौधरी, बद्रीनारायण विश्नोई, रणछोड़ लाल, सुरेश भाटी, जिला समन्वयक दीपक सिराधना, सूचना प्रौद्योगिकी के संयुक्त निदेशक कमलेश कुमार, जनगणना सेल से कैलाश ओझा, प्रह्लाद यादव, जेपी कुमावत, विक्रम पन्नू, महेश सोनवाल, मयंक जोशी सहित समस्त तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त, चौहटन नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान उपखंड, चार्ज जनगणना अधिकारियों ने स्व-गणना की। अंत में सहायक सांख्यिकी अधिकारी कैलाश ओझा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
किसानों को मिलेगी राहत:यूरिया-डीएपी की बुकिंग ऑनलाइन करा सकेंगे किसान, जनाधार जरूरी
आने वाले दिनों में किसानों को खाद बीज के लिए लाइन में लगने की समस्या से राहत मिल सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार ऑनलाइन व्यवस्था बनाने जा रही है। इसके बाद किसानों को यूरिया डीएपी आदि खाद के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आवेदन करना होगा। उसी के अनुसार किसानों को खाद मिल जाएगी। संभावना है कि यह व्यवस्था मानसून सीजन में लागू हो जाएगी। तकनीकी कारणों से अगर देरी हुई तो इसे रबी सीजन में शुरू किया जा सकता है। कृषि विभाग प्रदेश में किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने के प्रति जागरूक कर रहा है। साथ ही इसके फायदे बता रहा है। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष खाद और बीज की समस्या को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ता रहा है।लंबी कतारें लगती हैं। कई जगह खाद सप्लाई नहीं हो पाती तो कई बार खाद होते हुए भी उन्हें नहीं मिलती। पुलिस सुरक्षा मे भी वितरण करना पड़ता है। अब इस तरह की समस्याओं और कालाबाजारी रोकने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की जा रही है। किसान किसी भी ई मित्र या अपने मोबाइल से भी आवेदन कर सकेगा। इसके लिए जनाधार और फार्मर रजिस्ट्री नंबर डालने होंगे। जिस किसान के पास फार्मर रजिस्ट्री नंबर नहीं है, उन्हें जमाबंदी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। फार्मर रजिस्ट्री और जमाबंदी में सिंचित और असिंचित भूमि का विवरण होगा, उसी आधार पर किसान को खरीफ और रबी के लिए यूरिया, डीएपी, एसएसपी खाद उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में सालभर में लगभग 30 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत रहती है। यूरिया की ज्यादा डिमांड रबी सीजन में होती है, जबकि डीएपी की खपत खरीफ और रबी की बुआई के समय होती है। कृषि विभाग के मानकों के अनुसार गेहूं में प्रति हेक्टेयर औसत 250 किलो यूरिया और 125 किलो डीएपी की मांग रहती है। इसी तरह सरसों में प्रति हेक्टेयर 150 किलो यूरिया और 100 किलो डीएपी या 300 किलो एसएसपी की जरूरत रहती है। हालांकि चना में सबसे कम बुआई के समय 75-100 किलो डीएपी की मांग रहती है। वहीं, खरीफ सीजन में बाजरा राजस्थान की प्रमुख फसल है। इसमें प्रति हेक्टेयर औसतन 100-125 किलो यूरिया और 60 किलो डीएपी की खपत होती है। मक्का में प्रति हेक्टेयर 200 किलो यूरिया और 120 किलो डीएपी, कपास में प्रति हेक्टेयर 250 किलो यूरिया और 125 किलो डीएपी का औसत उपयोग होता है। साढ़े चार लाख से ज्यादा किसानों तक पहुंचा विभाग प्रदेश में कृषि विभाग ने हाल ही अपना खेत-अपनी खाद अभियान चलाया था। इस दौरान 14 हजार से ज्यादा गांवों में 4.67 लाख से ज्यादा किसानों को खाद के संतुलित इस्तेमाल, गोबर और हरी खाद डालने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही आने वाले समय में खाद के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। भविष्य में खाद बीज की सब्सिडी भी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे किसान बिचौलियों से बचेंगे।
बालघाट में बाइपास निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के नोटिस पर 30 लोगों ने स्वेच्छा से हटाए पक्के निर्माण
भास्कर न्यूज | बालघाट ग्रामीण बालघाट कस्बे में जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बाईपास सड़क का निर्माण स्वीकृत है। बाईपास निर्माण के रास्ते में आबादी क्षेत्र के गढ़ी मोहल्ले में अतिक्रमण बाधा बन रहे थै। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी ने 30 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे। इस पर लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का फैसला किया। अधिकांश लोगों ने अपने पक्के अतिक्रमण स्वयं ही हटा लिए हैं इसके कारण लगभग 50 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। लेकिन लोगों द्वारा स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के बाद भी पीडब्ल्यूडी ने बाईपास सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया है इसके कारण जहां एक तरफ बाईपास की सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के दौरान कई लोगों के घर ही ध्वस्त हो गए । सड़क सीमा निर्धारित होने एवं निर्माण होने के बाद लोग अपने घर दोबारा बनाना चाहते हैं लेकिन बाईपास निर्माण नहीं होने से सड़क की सीमा का निर्धारण भी नहीं हो पा रहा है इससे लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों की मांग है कि पीडब्ल्यूडी विभाग जल्द बाईपास सड़क का निर्माण करवा कर सड़क सीमा का निर्धारण करें जिससे दोबारा उन्हें घर बनाने में दिक्कत नहीं हो। लोगों का कहना है कि बाईपास का निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को सुगम परिवहन की सुविधा का लाभमिलेगा। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग ने 2 महीने से काम शुरू नहीं किया है। इसके कारण उन्हें परेशानी हो रही है। शेष अतिक्रमण हटाकर सड़क का निर्माण करवाया जाएगा बाइपास सड़क निर्माण के लिए अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिए हैं। लेकिन कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए । इन्हें हटाने के लिए पुलिस जाप्ता मांगा गया है। अतिक्रमण हटाते ही सड़क का काम शुरू करवाया जाएगा। -कमलकेश मीणा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी गढ़ी मोहल्ले में बाइपास निर्माण के लिए लोगों ने स्वेच्छा से हटाए अतिक्रमण।
नगर निगम में प्रशासनिक गतिरोध:विकास कार्य ठप; ठेकेदारों ने जेईएन से की हाथापाई
नगर निगम में नए आयुक्त के सख्त फैसलों ने विकास की रफ्तार रोकने के साथ-साथ अब हिंसक टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। आयुक्त द्वारा वार्षिक दर अनुबंध (एआरसी) के तहत नए कामों पर तत्काल रोक लगाने से शहर के 80 में से करीब 70 वार्डों में काम पूरी तरह ठप हैं। इस प्रशासनिक खींचतान का नतीजा सोमवार सुबह निर्माण शाखा में जेईएन के साथ हुई हाथापाई के रूप में सामने आया। दरअसल, ठेकेदार पुराने भुगतान न होने और नए टेंडर न लगने से आक्रोशित हैं। सोमवार सुबह भुगतान की मांग को लेकर एक निवर्तमान पार्षद और ठेकेदार ने ड्यूटी पर तैनात जेईएन के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद मंत्रालयिक कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, तनाव व्याप्त है। अभी केवल 8-10 वार्डों में पुराने काम चल रहे हैं। इंजीनियर्स पर एआरसी के जरिए काम करवाने का दोहरा दबाव है, क्योंकि सिर पर मानसून खड़ा है। अगले माह प्री-मानसून की बारिश शुरू होनी है, लेकिन बजट और आदेशों के अभाव में नालों की सफाई और सड़क मरम्मत के कार्य रुके हुए हैं। यदि प्रशासन ने भुगतान और नए टेंडरों पर रुख स्पष्ट नहीं किया, तो आगामी बारिश में शहर के हालात बदतर होने तय हैं। देशनोक पर मेहरबानी और शहर बदहाल, बढ़ रहा जनाक्रोशबीकानेर नगर निगम की कार्यप्रणाली इन दिनों सवालों के घेरे में है। एक ओर शहर के 80 में से 70 वार्ड बजट के अभाव में बदहाली झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निगम ने देशनोक में 11 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। शहर के मात्र 10 वार्डों में ही काम चालू होने के कारण स्थानीय निवासियों और निवर्तमान पार्षदों में भारी रोष है। स्थिति यह है कि आगामी निकाय चुनाव के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे भावी दावेदारों के सामने संकट खड़ा हो गया है; वे विकास के नाम पर वोट मांगना चाहते हैं, लेकिन निगम बजट जारी नहीं कर रहा। इस प्रशासनिक उदासीनता की सबसे ज्यादा गाज भाजपा के दावेदारों पर गिर रही है, क्योंकि प्रदेश में अपनी सरकार होने के बावजूद वे अपने क्षेत्रों में काम नहीं करा पा रहे हैं, जिससे जनता के बीच उनकी साख गिर रही है। “ये बिलकुल सच है कि एआरसी के काम अब बिना उच्चस्तर पर मंजूरी के नहीं होंगे। जेईएन पर कोई भी जबरदस्ती इसके लिए दबाव ना डाले। जेईएन भी बिना उच्च स्तर की मंजूरी के कोई काम मंजूर ना करें। रही बात घटना की तो वो मुझे पता लगी है। मैं आज बाहर हूं। फीड बैक ले रहा हूं। जो भी जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे।”-चिराग गोयल, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
बिहारी जी ट्रस्ट के 5 भूखंड की 17.41 लाख रु. में हुई नीलामी
भास्कर संवाददाता | मंडीबामोरा मुख्य बाजार स्थित बिहारी जी मंदिर में रविवार को श्रीदेव रमण बिहारी जी ट्रस्ट के अलग-अलग भूखंडों को ठेके पर देने के लिए नीलामी हुई। 12 लोगों ने 10 हजार रुपए की अमानत राशि जमा कर बोली लगाई। वर्ष 2026-27 के लिए पांच भूखंड 17 लाख 41 हजार रुपए में कृषि कार्य के लिए ठेके पर दिए गए। पिछले वर्ष की तुलना में ट्रस्ट की कृषि भूमि 7 लाख 35 हजार रुपए अधिक में नीलाम हुई। यह राशि बिहारी जी मंदिर निर्माण व अन्य व्यवस्थाओं में लगेगी। ट्रस्ट अध्यक्ष मुकेश मांझी ने बताया कि हल्का पटवारी कपिल दवे के निर्देशन में नीलामी प्रक्रिया कराई गई। ट्रस्ट की नियम व शर्तें मानकर भूखंड क्रमांक एक संयुक्त रूप से अनीता व ज्योति रघुवंशी ने 6 लाख 1 हजार रुपए में लिया। भूखंड क्रमांक दो प्रहलाद रघुवंशी ने 4 लाख 1 हजार रुपए में लिया। भूखंड क्रमांक तीन जितेंद्र रघुवंशी ने 2 लाख 71 हजार रुपए में लिया। भूखंड क्रमांक चार लखन रघुवंशी ने 57 हजार रुपए में लिया। भूखंड क्रमांक पांच ब्रजभान सिंह ने 4 लाख 11 हजार रुपए में लिया। सभी ने एक वर्ष के लिए कृषि कार्य करने का ठेका लिया है। नीलामी प्रक्रिया का संचालन प्रबंधक संतोष नामदेव ने किया। मौके पर विवेक गुप्ता, कृष्णा पटैरिया, विनोद राय, संदीप कैथोरिया, नवल रघुवंशी मौजूद रहे।
गो-सेवा और पक्षी संरक्षण के लिए बढ़ाया हाथ
भास्कर संवाददाता| विदिशा भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच रघुवंशी महिला मैथिली क्लब ने जीव-दया की दिशा में सराहनीय पहल की। क्लब ने गौ-सेवा और पक्षी संरक्षण का संदेश दिया। क्लब की सदस्याएं विट्ठल नगर स्थित गौशाला पहुंचीं। वहां उन्होंने न केवल गौ-वंश की सेवा की, बल्कि उन्हें गर्मी से राहत दिलाने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए। गोशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गायों को हरा चारा खिलाया गया। साथ ही, गर्मी से बचाव के लिए शेड में उच्च क्षमता वाले पंखे दान किए गए। इससे गौ-वंश को ठंडी हवा मिल सकेगी। उन्हें लू से राहत मिलेगी। यह प्रयास पशु कल्याण के प्रति क्लब की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके साथ ही क्लब ने पक्षियों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया। “सकोरा वितरण” अभियान के तहत बड़ी संख्या में मिट्टी के जल पात्र वितरित किए गए। सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे इन पात्रों में पानी भरकर अपने घरों की छतों और बगीचों में रखें। इससे पक्षियों को गर्मी में पानी मिल सकेगा। इस अवसर पर क्लब की पदाधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों का जीवन संकट में पड़ जाता है। उन्होंने समाज से आगे आकर अपने सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में क्लब की सभी सदस्याएं और गौशाला समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
और नदी लौट आई’ की समीक्षा में विद्वानों ने प्रेम, भाषा-प्रवाह और जीवंत पात्रों की सराहना की
भास्कर संवाददाता | विदिशा प्रेरणा मंच द्वारा आयोजित एक विशेष साहित्यिक उपक्रम के तहत डॉ. कमल चतुर्वेदी के चर्चित उपन्यास ‘और नदी लौट आई’ पर भव्य समीक्षा-पर्व का आयोजन किया गया। ज्योति जाधव के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विद्वानों ने उपन्यास की गहन, व्यापक समीक्षा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी सरस्वती के पूजन से हुआ। कार्यक्रम में सेंट मेरीस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धीरेन्द्र सचान ने उपन्यास को निष्कलंक प्रेम की भावपूर्ण कथा बताया। उन्होंने इसे हर आयु वर्ग के लिए पठनीय कहा। प्रोफेसर अरविन्द द्विवेदी ने संवाद-शैली, भाषा-प्रवाह, चरित्र-चित्रण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपन्यास के पात्र जीवंत प्रतीत होते हैं। वे वर्तमान सामाजिक विसंगतियों को उजागर करते हैं। डॉ. धीरेन्द्र सचान ने कहा कि उपन्यास सच्चे प्रेम की प्रेरक कथा है। प्रो. अरविन्द द्विवेदी ने बताया कि भाषा, संवाद अत्यंत सजीव हैं। प्रो. संजय सिंह चौहान ने कहा कि भावनाओं की गहराई पाठक को जोड़ती है। ज्योति शाह ने बताया कि यह जीवन के विविध पहलुओं को उजागर करता है। पूनम भार्गव ने कहा कि नायक श्रीधर आदर्श, त्याग का प्रतीक है। डॉ. सुदीप शुक्ल ने कहा कि यह संवेदनशील कृति है। यह स्थायी प्रभाव छोड़ती है। डॉ. कमल चतुर्वेदी ने बताया कि यह प्रेम, आत्म संघर्ष की अभिव्यक्ति है। गोविंद देवलिया ने आयोजन को सकारात्मक, नवीन प्रयास बताया। प्रेम की सूक्ष्म अनुभूतियों से परिपूर्ण है उपन्यास आईएचआरडी कॉलेज के डायरेक्टर प्रो. संजय सिंह चौहान ने उपन्यास को प्रेम की सूक्ष्म अनुभूतियों से परिपूर्ण बताया। उन्होंने इसे अतीत की स्मृतियों से जोड़ने वाला कहा। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति शाह ने इसे जीवन के विविध पहलुओं को उद्घाटित करने वाला प्रभावशाली उपन्यास बताया। पूनम भार्गव ने उपन्यास के नायक श्रीधर को आदर्श, त्यागी, उदात्त व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वह नायिका रुचिरा का सच्चा मार्गदर्शक है। डॉ. सुदीप शुक्ल ने इसे संवेदनशील रचना बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थायी प्रभाव छोड़ती है। स्वयं लेखिका डॉ. कमल चतुर्वेदी ने उपन्यास को जीवन-संघर्ष, आत्म संघर्ष से उपजी रचना बताया। उन्होंने प्रेम को सर्वव्यापी कहा। कार्यक्रम में मंच की अन्य सदस्याओं ने भी काव्य, विचार प्रस्तुत किए। अध्यक्ष गोविंद देवलिया ने इसे सकारात्मक, नवीन पहल बताया। संचालन ज्योति जाधव ने किया।
भाजपा की जीत पर उत्सव कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
विदिशा| पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की उल्लेखनीय सफलता के उपलक्ष्य में शहर के माधवगंज चौराहे पर भव्य विजय उत्सव मनाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विधायक मुकेश टंडन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पटाखे फोड़े गए, मिठाई वितरित की गई और एक-दूसरे को बधाई दी गई। पूरे क्षेत्र में भारत माता की जय और भाजपा जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। विधायक मुकेश टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि यह जीत जनता के विश्वास, प्रधानमंत्री के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने इसे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में डॉ. राकेश जादौन, आनंद जैन, बाबूलाल ताम्रकार, रमन गोयल, बलवीर रघुवंशी, डॉ. राहुल जैन, पंकज पांडे, सुरेंद्र चौहान, प्रशांत खत्री और दिनेश कुशवाह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल जैन ने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की तपस्या, नेतृत्व की दूरदर्शिता और जनता के समर्थन का प्रतीक है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक इस उत्सव में शामिल हुए।
स्वाध्याय से ही मिलेगा वीतरागता और सिद्धत्व का मार्ग: शास्त्री
भास्कर संवाददाता| विदिशा श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में 3 से 9 मई तक आयोजित जिन देशना बाल-युवा संस्कार शिविर के दूसरे दिन विविध धार्मिक कक्षाओं का सफल संचालन किया गया। प्रवक्ता शोभित जैन ने बताया कि शिविर में 210 प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें 14 वर्ष तक के 120 बच्चे प्रतिदिन सुबह समय पर उपस्थित होकर नित्य पूजन और कक्षाओं में भाग ले रहे हैं। प्रातः 7 बजे से शुरू होने वाले सत्रों में बच्चों को जैन धर्म की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। सायंकाल छोटे बच्चों द्वारा नाट्य मंचन भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शिविर में समर्थ शास्त्री द्वारा प्रतिदिन धार्मिक प्रश्नों पर आधारित लकी ड्रा आयोजित किया जा रहा है। बच्चों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इससे उनमें धर्म के प्रति रुचि बढ़ रही है। लघु जैन सिद्धांत प्रवेशिका पर दिए प्रवचन इस अवसर पर अनुभव शास्त्री ने लघु जैन सिद्धांत प्रवेशिका पर प्रवचन देते हुए कहा कि जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को समझने के लिए स्वाध्याय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वीतरागता को जीवन का परम लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि सर्वज्ञ तीर्थंकर ही तीनों लोक और काल के सच्चे ज्ञाता हैं। उनके बताए मार्ग को ही मोक्ष का पथ बताया गया है। उन्होंने परिग्रह-त्याग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक संग्रह और आसक्ति ही दुख का कारण है। जैन धर्म आत्मा के प्रति समर्पण, सभी जीवों के प्रति प्रेम, और द्वेष-रहित भाव का संदेश देता है। उन्होंने चमत्कारों और भौतिक इच्छाओं की कामना को अज्ञानता बताया। शिविर आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से धर्म-लाभ लेने की अपील की है।
बस से महिला के 53 हजार रुपए चोरी
दतिया ।झांसी से दतिया आ रही माया तिवारी (62) के पर्स से बस में सवार दो अज्ञात महिलाओं ने 53 हजार रुपए चोरी कर लिए। वारदात 29 अप्रैल को बस में ओवरलोड यात्रियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान हुई। पुलिस ने रविवार को अज्ञात महिला चोर गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नारायणा स्कूल से परेशान अभिभावक जहर लेकर पहुंचा कलेक्ट्रेट
भास्कर संवाददाता| विदिशा राजपूत कॉलोनी निवासी जितेंद्र राजपूत निजी स्कूल की कथित मनमानी से परेशान होकर जहर की पुड़िया लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। उसने स्कूल प्रबंधन पर नियम विरुद्ध तरीके से पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। जितेंद्र ने बताया कि उसकी दो बेटियां शहर के नारायणा स्कूल में पढ़ती हैं। दोनों की सालाना फीस 1 लाख 10 हजार रुपए तय हुई थी, जिसमें से वह 1 लाख रुपए पहले ही जमा कर चुका था। सोमवार को वह बाकी के 10 हजार रुपए लेकर स्कूल पहुंचा और बच्चों की मार्कशीट व टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) मांगी। तो देने से मना कर दिया आरोप: टीसी के लिए ₹ 60 हजार मांगे युवक का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मार्कशीट देने के लिए 10 हजार रुपए और यदि बच्चों का दूसरे स्कूल में दाखिला कराना है तो टीसी के लिए अतिरिक्त 60 हजार रुपए की मांग की। जितेंद्र ने इस मांग को नियम विरुद्ध बताया। इसी बात से दुखी होकर जितेंद्र जहर की पुड़िया लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और एसडीएम व अन्य अधिकारियों को शिकायती आवेदन सौंपा। उसने कहा कि वह सामान्य परिवार से है और घर में अकेला कमाने वाला है। उसने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह परिवार सहित जहर खा लेगा।
कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक कल
विदिशा| जिला कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक 6 मई को दोपहर 12 बजे बंधन मैरिज गार्डन रामलीला रोड पर होगी। बैठक में नव नियुक्त जिला कांग्रेस प्रभारी राजेश रघुवंशी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी भी शामिल होंगे। बैठक में कांग्रेस की आगामी रणनीति की रूपरेखा तय होगी।
अवैध कॉलोनी निर्माण पर मोहल्लेवासियों का विरोध
विदिशा | करैयाखेड़ा रोड़ पर अवैध तरीके से कॉलोनी निर्माण का मामला प्रकाश में आया है, जो आस-पास के लोगों की चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक डॉ भीमराव अम्बेडकर भवन के निकट अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। यह भवन सरकार द्वारा गरीबों के सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाया गया है और इसका एक शासकीय रास्ता भी है, जिसके माध्यम से लोग आवागमन करते हैं। लेकिन हाल में कॉलोनाईजर द्वारा इस शासकीय रास्ते को निजी उपयोग के लिए अपने कब्जे में लिया जा रहा है, जो कि कानूनन गलत है। स्थानीय निवासी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि कॉलोनाईजर ने इस रास्ते पर अपने अधिकार स्थापित कर लिए, तो आम जनता को इसके उपयोग से वंचित किया जा सकता है। मोहल्लेवासी इसे सरकारी भूमि पर गलत तरीके से कब्जा करने की कोशिश मानते हैं। इस संदर्भ में निवासियों ने कलेक्टर महोदय से हस्तक्षेप करने और इस अवैध निर्माण को रोकने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया, तो वे धरना-प्रदर्शन या अन्य कानूनी कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
2400 किमी उड़कर उज्बेकिस्तान पहुंचा घायल गिद्ध
भास्कर संवाददाता| विदिशा पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश वन विभाग, विशेषकर विदिशा वन मंडल की सफलता की कहानी अब अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं पार कर चुकी है। 9 दिसंबर 2025 को वन परिक्षेत्र सिरोंज में यह किशोर सिनेरीयस गिद्ध अत्यंत गंभीर और घायल अवस्था में मिला था। उस समय यह उड़ान भरने में पूरी तरह असमर्थ था। विदिशा वन अमले ने त्वरित कार्रवाई की। इसे प्राथमिक उपचार दिया गया। आगे के इलाज के लिए इसे वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल स्थानांतरित किया गया। वहां पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद 23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हलाली डेम क्षेत्र में इस गिद्ध को मुक्त किया। यह अत्यंत दुर्लभ सिनेरीयस गिद्ध (ब्लैक वल्चर) सफलतापूर्वक लगभग 2400 किमी का सफर तय कर मध्य एशिया पहुंच गया है।अपडेट जानकारी और ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह सिनेरीयस गिद्ध भारत से उड़ान भरकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाएं पार कर वर्तमान में उज्बेकिस्तान के सुरखोनदार्यो (Surxondaryo) क्षेत्र में विचरण कर रहा है। विदिशा उज्बेकिस्तान संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर: इस गिद्ध का विदिशा से उज्बेकिस्तान तक का यह सफल और सुरक्षित सफर वन विभाग की तत्परता, उत्कृष्ट वन्यजीव चिकित्सा, समर्पित प्रयासों का सबसे बड़ा प्रमाण है।
पर्यटन सिर्फ भ्रमण तक ही सीमित नहीं, यह रोजगार, आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम
भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में सोमवार को स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ से पर्यटन का महत्व विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने कहा कि विद्यार्थियों को पर्यटन के बहुआयामी महत्व को समझना चाहिए। यह सिर्फ भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी लेकर उसका लाभ उठाने का आह्वान किया। परिचर्चा को संबोधित करते हुए डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहा कि पर्यटन एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक गतिविधि है, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है। इससे विदेशी मुद्रा अर्जित होती है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और सेवा क्षेत्र जैसे कई सेक्टर पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटन सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रभावी माध्यम है। इससे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी समझ और सामाजिक सद्भाव मजबूत होता है। साथ ही, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
बाइक चुराने वालों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा
बड़वानी | अंजड़ थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। नगर के राहुल राठौड़ की बाइक चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और दो संदिग्धों को बाइक धक्का देकर ले जाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी कबूल कर ली। आरोपी राहुल सिकलीगर व गुरुसिंह दोनों निवासी उंडीखोदरी पलसूद को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 35 हजार रुपए की बाइक जब्त की गई। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
संबल और पेंशन के लंबित मामलों का तत्काल करें निपटारा : कलेक्टर
भास्कर संवाददाता | बड़वानी जिले में शासकीय कार्यों में गति और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागृह बड़वानी में समय सीमा सह अंतरविभागीय समन्वय बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश जारी किए। उपार्जन व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिला खाद्य व आपूर्ति अधिकारी को खरीदी केंद्रों पर परिवहन, तौल कांटा और चालान प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारू व पारदर्शी रखने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग की समीक्षा में बकाया वसूली लक्ष्य के अनुरूप करने, अविवादित नामांतरण और बंटवारे के लंबित मामलों का तत्काल निराकरण तथा सीमांकन प्रकरणों में मौके पर जांच कर पारदर्शी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर भी जोर दिया। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ और एई को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य समय सीमा में पूर्ण करने और प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत किसान चौपाल के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों को प्रभावी बनाने को कहा। शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने, पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल वितरण समय पर पूरा करने तथा छात्रवृत्ति, मिशन अंकुर और विद्यालयीन भवनों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को शत प्रतिशत सिकल सेल स्क्रीनिंग, मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए 4 एएनसी पंजीयन बढ़ाने और टीबी उन्मूलन हेतु हॉट स्पॉट क्षेत्रों में जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। महिला व बाल विकास विभाग को वर्ष 2024-25 के शेष निर्माण कार्य 15 दिन में पूर्ण करने और कम वजन वाले बच्चों की आरबीएसके टीम से जांच कराने के निर्देश दिए। श्रम विभाग को संबल योजना के लंबित पंजीयन व अनुग्रह सहायता प्रकरण शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। सामाजिक न्याय विभाग को वृद्धावस्था पेंशन के लंबित आवेदनों को तत्काल निराकरण करने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ काजल जावला, सहायक कलेक्टर माधव अग्रवाल, अपर कलेक्टर सोहन कनाश, संयुक्त कलेक्टर रवि वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पहाड़ों पर पानी की जीत : दुर्गम अंचलों में क्राउलर मशीन से होगा पेयजल संकट दूर
भास्कर संवाददाता | बड़वानी जिले के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में सालों से आ रही पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने ठोस और तकनीकी प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर जयति सिंह के मार्गदर्शन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने उन क्षेत्रों में भी बोरिंग करना शुरू कर दिया है, जहां अब तक सामान्य मशीनों का पहुंचना लगभग असंभव माना जाता था। पेयजल संकट से जूझ रहे पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ क्षेत्रों में अब क्राउलर बोरिंग मशीन कारगर साबित हो रही है। पीएचई विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले के कई ग्राम ऐसे हैं, जहां संकरी पगडंडियां, तीव्र ढलान और पथरीला रास्ता होने के कारण भारी बोरिंग गाड़ियां नहीं पहुंच पाती थीं। इसके चलते ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता था। क्राउलर बोरिंग मशीन आधुनिक तकनीक से लैस ऐसी मशीन है, जिसे विशेष रूप से दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर चलने और काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। सामान्य बोरिंग वाहनों की भारी बनावट और लंबाई जहां बाधा बनती थी, यह मशीन सीमित जगह और कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से काम कर रही है। कलेक्टर के निर्देशानुसार गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल संकट वाले गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन दुर्गम क्षेत्रों में बोरिंग काम होने से अब ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर पानी लाने की समस्या से राहत मिलेगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाए, ताकि भीषण गर्मी में किसी भी गांव को पानी के संकट का सामना न करना पड़े।
एक्सीलेटर पाइप फटने से बस से निकला धुआं, दूसरी बसों में भी अग्निशमन यंत्र नहीं
भास्कर संवाददाता | बड़वानी जिले में यात्री बसों का संचालन नियमों को ताक पर रखकर हो रहा है। कागजों में अधिकतर बसें फिट दिखाई जा रही हैं लेकिन जमीनी हकीकत उलट है। बस स्टैंड पर खड़ी कई बसें कंडम हालत में हैं। फिर भी परिवहन विभाग केवल खानापूर्ति की कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन का दावा है कि जिले में चल रही सभी बसें फिट हैं व अधिकांश बसें अन्य जिलों में पंजीकृत हैं। मौके पर स्थिति चिंताजनक है। हकीकत में कई बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, किराया सूची गायब है, इमरजेंसी गेट व मुख्य गेट रस्सी या तार से बांधकर रखे हैं। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। सुबह 11 बजे सेंधवा से बड़वानी जा रही बर्मन ट्रेवल्स की बस (एआर 18-4706) सालीकला क्षेत्र में पहुंची ही थी कि अचानक बस से धुआं निकलने लगा। धुआं देखते ही यात्रियों में आग लगने की आशंका से अफरा-तफरी मच गई और सभी यात्री बस से उतर आए। चालक रविंद्र गवले के अनुसार एक्सीलेटर का पाइप फटने से धुआं निकला था। चालक ने समय रहते बस को सड़क किनारे खड़ा किया और खराबी ठीक की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो बस में आग लग गई हो। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ^जिले में जिन बसों का संचालन हो रहा है। सभी बसों का फिटनेस पूरा है। हम समय-समय पर बसों की जांच करते हैं। पिछले सप्ताह जांच कर दो बस व एक ओवरलोड वाहन का चालन बनाया गया था। जिस बस में हादसा हुआ है, वह देवास जिले की बस हैं। आगामी दिनों में बसों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -राकेश भूरिया, आरटीओ बड़वानी अन्य जिलों की रजिस्ट्रेशन बसों पर नहीं होती है कार्रवाई जिले में आसपास के कई जिलों से करीब 200 बसों का आवागमन होता है। इन बसों का रजिस्ट्रेशन अन्य जिलों का रहता है। जिसमें उन्हें फिट बताया जाता है। जबकि हकीकत में इन बसों की स्थिति खराब रहती है। इसके बाद भी इन्हें अनुमति दी जाती है। जिस बस में धुआं निकलने की घटना हुई है। वह बस भी देवास जिले में रजिस्ट्रेशन है, जिसका संचालन बड़वानी जिले में हो रहा है। इसी प्रकार से जिले में अन्य राज्यों में मजदूरों को ले जाने वाली बसें भी मैरिज पार्टी का परमिट लेकर रोजाना आवागमन कर रही है। विभाग के जांच के दौरान इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। फर्स्ट एड बॉक्स, किराया सूची नहीं, रस्सी से बांध रखे दरवाजे बस स्टैंड पर यात्रियों के इंतजार के लिए लगी बस में कई बसें क्षतिग्रस्त मिली। इसमें कई बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, किराया सूची नहीं थी। बसों में लगी सीटों में भी टूट फूट थी। बस के मुख्य गेट व इमरजेंसी गेट को रस्सी से बांधकर रखा था। बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर घायलों को निकालने में इमरजेंसी गेट का उपयोग नहीं हो सकेगा। बसों में नियम अनुसार इमरजेंसी सुविधा होना चाहिए। फिर भी नियमों को ताक पर रखकर संसाधन का उपयोग नहीं हो रहा है। बड़े रुट, इंदौर, खंडवा व खरगोन की बसों में व्यवस्था ठीक रहती है। ग्रामीण क्षेत्र की बसों में स्थिति अधिक खराब है।
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रवेश शुरू
बड़वानी | शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में सत्र 2026-27 के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई। इच्छुक विद्यार्थी 29 मई तक ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग से संचालित यह प्रक्रिया युवाओं को रोजगारपरक कौशल देने का अवसर प्रदान करती है। सिविल इंजीनियरिंग व कम्प्यूटर साइंस जैसे पाठ्यक्रमों में भविष्य की अच्छी संभावनाएं हैं। सिविल क्षेत्र में निर्माण और अधोसंरचना विकास में अवसर हैं। प्राचार्य कमलेश गुप्ता ने बताया त्रुटि सुधार 31 मई, द्वितीय चरण काउंसलिंग 9 से 18 जून और सीएलसी काउंसलिंग 6 जुलाई से 14 अगस्त तक होगी।
पानी के सकोरे लगाकर दिया जीवन बचाने का संदेश
भास्कर संवाददाता | बड़वानी भीषण गर्मी में जब इंसान ही नहीं, बेजुबान परिंदे भी प्यास से बेहाल हो रहे हैं, ऐसे समय में ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज की रासेयो इकाई ने मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी एक सराहनीय पहल की है। परिंदों के लिए पानी के सकोरे लगाकर न सिर्फ उनकी प्यास बुझाने का प्रयास किया गया, बल्कि समाज को जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का मार्मिक संदेश दिया। तेज धूप और सूखते जल स्रोतों के बीच पक्षियों के लिए पानी की एक बूंद भी जीवनदान बन जाती है। इसी भावना को समझते हुए स्वयंसेवकों ने परिसर के अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी के सकोरे स्थापित किए और उनमें नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरने का संकल्प लिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि भीषण गर्मी में परिंदों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना बहुत ही पुनीत कार्य है। यह पहल हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन आज की सबसे बड़ी जरूरत है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीएस मुजाल्दा ने बताया कि गर्मी के मौसम में जल स्रोत सूख जाने से पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है और कई बार पानी नहीं मिलने पर उनकी मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे में यह छोटा-सा प्रयास उनके जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो. आरआर मुवेल ने कहा कि एनएसएस हमेशा समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में न सिर्फ जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करती हैं। स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। इस पहल में शीतल बंडोड, भावना, दिलीप, विक्की, अनिशा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय हिस्सेदारी की। स्वामी विवेकानंद कॅरियर प्रकोष्ठ के डॉ. अनिल कुमार पाटीदार सहित डॉ. गीतांजलि दसौंधी, डॉ. दिलीप पाटीदार, डॉ. आकाश आस्के सहित विद्यार्थी मौजूद थे।
इंटरव्यू से बदला संकाय : पहली बार कॉलेज आए पांच विद्यार्थियों ने दिया अपना इंटरव्यू
भास्कर संवाददाता | बड़वानी उच्च शिक्षा विभाग के नए नियम के तहत अब संकाय परिवर्तन इंटरव्यू देने के बाद किया जा रहा है। सोमवार को एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में पहली बार आए 5 विद्यार्थियों ने इंटरव्यू देकर संकाय बदलने की प्रक्रिया की। उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी और पीजी स्तर पर संकाय परिवर्तन की प्रक्रिया में बदलाव के बाद अब कॉलेजों में इंटरव्यू के जरिए ही अनुमति दी जा रही है। कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. केएस बघेल व प्रवेश प्रभारी प्रो. आनंद गुप्ता ने बताया कि इंटरव्यू देने पहुंचे 5 विद्यार्थियों में 3 मनावर जिला धार से आए थे, जिन्होंने साइंस से आर्ट्स संकाय में परिवर्तन के लिए साक्षात्कार दिया। वहीं दवाना से आए 2 विद्यार्थियों ने एग्रीकल्चर से कॉमर्स संकाय में बदलाव के लिए इंटरव्यू दिया। सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों ने किया और सफल होने पर उन्हें संकाय परिवर्तन के प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इंटरव्यू प्रक्रिया के लिए 10 प्राध्यापकों की पैनल गठित की है, जो विद्यार्थियों की योग्यता के आधार पर निर्णय ले रही है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार 14 मई तक रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। गर्मी के चलते दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से इंटरव्यू के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना चुनौती बन रहा है। बावजूद इसके संकाय परिवर्तन के इच्छुक विद्यार्थी प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि उनके क्षेत्र के कॉलेज में ही इंटरव्यू लेने की व्यवस्था की जाना चाहिए।
प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव : मुख्य यजमान के लिए बोली 17 को
बड़वानी | ग्राम तलून में नवनिर्मित श्री खाटू श्याम मंदिर में आगामी 27 जून से 1 जुलाई तक मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व 21 कुंडीय महायज्ञ होगा। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में वैदिक विधि-विधान से यज्ञ, पूजा-अर्चना व विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इस महायज्ञ में मुख्य यजमान व 21 कुंडीय यज्ञ यजमान बनने के लिए इच्छुक श्रद्धालुओं को बोली प्रक्रिया से चयनित करेंगे। इच्छुक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ यज्ञ में बैठकर धर्म लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य यजमान व यज्ञ यजमान के चयन के लिए बोली 17 मई रविवार को सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में होगी। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इसमें हिस्सा लेने की अपील की है। महोत्सव के दौरान भंडारा, प्रसादी वितरण एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
समर कैंप में बच्चों का उत्साह, निखर रही प्रतिभाएं
बड़वानी | पुलिस विभाग से आयोजित समर कैंप में बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उनके शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। कैंप में बच्चों को अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना व नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं। कैंप में रनिंग, योगा, पीटी, डांस, चित्रकला, पेंटिंग और फुटबॉल जैसी गतिविधियां हो रही है। बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा व यातायात नियमों की जानकारी देकर उन्हें आधुनिक समय की चुनौतियों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। बच्चों के लिए पौष्टिक नाश्ता दे रहे हैं। जिससे उनका स्वास्थ्य और ऊर्जा बनी रही।
लोक अदालत के लिए प्रचार वाहन रवाना
बड़वानी | 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिए सोमवार को प्रचार अभियान की शुरुआत की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष महेंद्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष न्यायाधीश व नोडल अधिकारी लीलाधर सोलंकी ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वाहन के माध्यम से मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के लंबित लिटिगेशन व प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के साथ ही नगर पालिका के जलकर व संपत्तिकर में शासन से दी जा रही छूट की जानकारी लोगों को दी जाएगी। इससे पहले नोडल अधिकारी सोलंकी ने जिला व तहसील स्तर के न्यायाधीशों के साथ वर्चुअल बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की और अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं के साथ बैठक में ऐसे मामलों को लोक अदालत में लाने पर जोर दिया गया, जिनमें पॉलिसी शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ है।
सहायता केंद्र पर विषय चयन का दिया मार्गदर्शन
बड़वानी | पाटी के भगवान बिरसा मुंडा शासकीय कॉलेज में नए सत्र के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विद्यार्थियों के लिए कॉलेज में सहायता केंद्र शुरू किया है, जहां आवेदन से लेकर विषय चयन तक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. परवेज मोहम्मद ने बताया 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रवेश नोडल अधिकारी डॉ. मंशाराम बघेल के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। सत्यापन अधिकारी प्रो. प्रशांत परमार ने बताया जिन विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन या सत्यापन में परेशानी हो रही है, वे महाविद्यालय पहुंचकर तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। कॅरियर सेल प्रभारी डॉ. जया न्यावत ने बताया कॉलेज में विषय चयन, मेजर-माइनर, ओपन इलेक्टिव, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम और प्रोजेक्ट कार्य को लेकर भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
नाबालिग का अपहरण, दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता | बड़वानी राजपुर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश कर उसे रिमांड पर लिया है। टीआई माधवसिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 मार्च को 17 वर्ष 11 माह की लड़की के परिजनों ने शिकायत कर बताया था कि उनकी लड़की को अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर ले गया। जिस पर अपहरण का केस दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू की गई। मुखबिर से मिली सूचना पर टीम ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले के ग्राम पास्टाण में दबिश देकर लड़की को आरोपी राहुल (19) पिता छन्नू निवासी ग्राम झोपाली के चुंगल से छुड़ाया। पूछताछ में लड़की ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल उसे शादी का झांसा देकर साथ ले गया ओर उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की की मेडिकल जांच कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं उसके बयान के आधार पर दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाने की कार्रवाई की गई।
गरुड़ पोर्टल से होगी एसटीपी की रियल टाइम निगरानी
भास्कर संवाददाता | बड़वानी प्रदेश में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में नगरीय प्रशासन व विकास विभाग तथा मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) ने एक बड़ी पहल की है। अब प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की गरुड़ पोर्टल के माध्यम से केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इससे न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि संचालन की दक्षता में भी सुधार होगा। यह मप्र की अपनी तरह की पहली केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है, जो वास्तविक समय में डेटा ट्रैकिंग के साथ त्वरित निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होगी। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता संवर्धन और नगरीय स्वच्छता के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
बंगाल में भाजपा की जीत पर झालमुड़ीऔर मिठाई बांटी
बड़वानी | पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में भाजपा की जीत के रुझान आते ही सोमवार शाम 5 बजे श्रीराम चौक पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में भाजपाइयों ने आतिशबाजी की व कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई व झालमुड़ी खिलाकर जीत का जश्न मनाया। सुनील भावसार ने बताया पश्चिम बंगाल, असम व पांडुचेरी में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के रुझानों के बाद जिले में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। सांसद पटेल ने कहा पश्चिम बंगाल की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा, सनातन की रक्षा व विकास के लिए भाजपा को समर्थन दिया है। जिलाध्यक्ष अजय यादव ने इसे पीएम मोदी की गारंटी व डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर जनता की मुहर बताया। नपा अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान, भागीरथ कुशवाह, शुभम पांडे, मुनीरा सालीवाला, अंतिम अग्रवाल, नरेंद्र बर्फा आदि मौजूद थे।
एक हजार ट्रॉलियां इंतजार में, 40 डिग्री तापमान में किसानों की अग्नि परीक्षा'
विदिशा| गेहूंखेड़ी स्थित अडानी स्टील सायलो केंद्र पर इन दिनों अव्यवस्था और भीषण गर्मी के बीच किसानों के धैर्य की परीक्षा हो रही है। केंद्र के बाहर गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लगभग 1.50 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई है। करीब एक हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां अपनी बारी के इंतजार में सड़कों पर खड़ी हैं। सोमवार को तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। किसान सुबह 6 बजे से ही कतारों में डटे रहे। किसानों का कहना है कि वे पूरे दिन भूखे-प्यासे लाइन में लगे हैं। तुलाई की गति इतनी धीमी है कि नंबर आने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। अडानी स्टील सायलो के जीएम सचिन आचार्य ने बताया तुलाई निरंतर जारी है। सड़क पर दबाव कम करने के लिए एक बार में 35 से ज्यादा ट्रालियों को कैंपस के अंदर ही खड़ा करवाया जा रहा है।
पोर्टल का खेल': होमसाइंस, साइंस और संगीत में 1-1 शिक्षक फिर भी अतिशेष, जहां 2 वे दोनों अतिशेष
भास्कर संवाददाता| विदिशा शिक्षा विभाग में अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिछले साल जिन 436 शिक्षकों को अतिशेष' घोषित किया गया था, उनमें से अधिकांश इस बार भी उसी सूची में बने हुए हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 के जरिए दावे-आपत्तियों का दौर तो शुरू हो गया है, लेकिन पोर्टल की खामियां और विभाग के नए नियम शिक्षा व्यवस्था का गणित बिगाड़ रहे हैं। आलम यह है कि कई स्कूलों में जिस विषय का केवल एक ही शिक्षक है, उसे भी अतिशेष बता दिया गया है। कुछ स्कूलों में शिक्षक कार्यरत होने के बावजूद पोर्टल पर पद रिक्त नजर आ रहे हैं। जब इकलौता शिक्षक ही बन गया बोझ': जिले के प्रतिष्ठित शासकीय एमएलबी गर्ल्स स्कूल की स्थिति विभाग की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। यहां बायोलॉजी में मनीषा राजपूत, साइंस में अनीता परसोरिया और संगीत में ओमप्रकाश चौबे एकमात्र शिक्षक हैं। नियमों के मुताबिक विषयवार एक पद अनिवार्य है, लेकिन ये तीनों शिक्षक पिछले दो साल से अतिशेष की श्रेणी में हैं। इसी तरह होम साइंस में स्वीकृत एक पद पर हेमलता जैन पदस्थ हैं] फिर भी उन्हें अतिशेष मान लिया गया है। सवाल यह है कि यदि ये शिक्षक हटा दिए गए, तो संबंधित विषयों की पढ़ाई कौन कराएगा? ^अतिशेष शिक्षकों के लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 खुला है। शिक्षक आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। सभी दावों का गंभीरता से वेरिफिकेशन किया जाएगा। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विषयवार शिक्षकों की सही पोस्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। ऐश्वर्या मूंदड़ा, एडीपीसी, जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय, विदिशा नंदवाना मोहल्ला स्थित मिडिल स्कूल में विसंगति का चरम स्तर देखने को मिला है। यहां हरिबाई अहिरवार और निरंजन पंथी कार्यरत हैं, लेकिन विभाग का पोर्टल दिखा रहा है कि यहां पद रिक्त हैं। इस तकनीकी चूक का बड़ा खामियाजा यह होगा कि पोर्टल रिक्त पद देखकर किसी नए शिक्षक की पोस्टिंग कर देगा। इससे वर्तमान में कार्यरत दोनों शिक्षक स्वतः ही अतिशेष होकर बाहर हो जाएंगे।
9 साल की नातिन को घर ले जाकर दादा ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने निकाला जुलूस
भास्कर संवाददाता| विदिशा शहर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। रविवार को एक अधेड़ उम्र (45) के दादा ने अपनी ही नातिन के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता की मां की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने घटना वाले दिन ही रात में दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक उसका जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी ने गमछे से अपना चेहरा ढंक रखा था। घटना के बाद मामला दर्ज करने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी और जुलूस निकालने तक थाना प्रभारी आरके मिश्र पूरी तरह सक्रिय रहे। आरोपी दादा अपने बेटे के घर से अपनी 9.2 साल की नातिन को अपने घर ले गया था। रविवार को आरोपी अपने बेटे के घर पहुंचा। सुबह 10 बजे 9 साल की नातिन को साथ लेकर अपने घर चला गया। वहां से चार बजे नातिन को उसके घर छोड़ने आया। इसी दौरान आरोपी दूसरी नातिन को अपने घर ले जाने की बात करने लगा। यह सुनते ही पीड़ित नातिन ने अपनी मां को दादा की हरकत बता दी।
तुगलकी फरमान: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बिना ट्रेनिंग और मानदेय के जनगणना में लगा दी ड्यूटी
भास्कर संवाददाता|विदिशा जिला प्रशासन ने 1 मई से मकानों की गणना का काम शुरू कर दिया है। इसमें कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना ट्रेनिंग और मानदेय के ही जनगणना प्रगणक के साथ सहायक के तौर पर ड्यूटी में लगा दिया गया है। उन्हें मानदेय भी नहीं मिलेगा। ऐसी हालत में ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भरी दोपहरी में बेवजह परेशान हो रहे हैं। सिरोंज क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी लापरवाही बरतते हुए दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बिना किसी पूर्व ट्रेनिंग के जनगणना सहायक' बनाकर फील्ड में उतार दिया है। हैरानी की बात यह है कि जहां मुख्य प्रगणकों को इस काम के लिए 25 हजार रुपए का अतिरिक्त मानदेय दिया जा रहा है, वहीं इन सहायिकाओं को एक रुपए भी अतिरिक्त नहीं मिलेगा। भीषण गर्मी और लू के बीच बिना किसी तैयारी के ड्यूटी लगाए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। ट्रेनिंग का अभाव: जनगणना के तकनीकी एप्स और फॉर्म भरने का कोई अनुभव नहीं होने से काम प्रभावित हो सकता है। {आर्थिक शोषण: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि भीषण गर्मी में अतिरिक्त काम लिया जा रहा है। मानदेय के नाम पर उन्हें खाली हाथ रखा गया है। {आदेश की टाइमिंग: 1 मई को अचानक आदेश जारी कर ड्यूटी पर चढ़ा दिया गया। उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना संवेदनशील कार्य है। जिन प्रगणकों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें महीनों पहले दो चरणों में ट्रेनिंग दी गई है। इसके उलट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना किसी प्रशिक्षण के सीधे गोपनीय दस्तावेजों के साथ फील्ड पर भेज दिया है। ऐसे में डेटा एंट्री में गलती होने या जनगणना संबंधी गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ^कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य के दौरान पहले से ही मानदेय की पात्रता रहती है। जनगणना कार्य में उनकी ड्यूटी नियमानुसार ही लगाई गई है। विनीता कांसवा, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
रेलवे स्टेशन पर शीतल जल सेवा का काम शुरू
किशनपुर| भारत स्काउट एवं गाइड, मध्यप्रदेश जिला संघ मुरैना के तत्वाधान में ग्रीष्मकालीन निशुल्क शीतल पेयजल सेवा शिविर का शुभारंभ रविवार को मुरैना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1, 2 एवं यात्री प्रतीक्षालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत सीईओ श्री कमलेश कुमार भार्गव ने किया, जबकि अध्यक्षता श्री राकेश कुमार शिवहरे ने की। शिविर संचालक एवं जिला सचिव शेखर सिंह यादव ने बताया कि भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से यह सेवा शिविर संचालित किया जा रहा है।
सरकारी खरीद:गड़बड़ी... सड़े-गीले गेहूं की तौल, मिट्टी मिलाकर भी बिना रोक-टोक खरीद जारी
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कई केंद्रों पर गीला और सड़ा हुआ गेहूं खरीदा जा रहा है। इतना ही नहीं, मिट्टी, कंकड़ और पत्थर मिला गेहूं भी बिना जांच के तौलकर बोरियों में भरा जा रहा है। गोदामों पर गुणवत्ता जांच के लिए सर्वेयर तक मौजूद नहीं हैं, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। खरीदी 20 अप्रैल के बाद शुरू हुई थी, जो 23 मई तक चलेगी। इस बार 49 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 19 हजार 700 से ज्यादा पंजीकृत किसानों को गेहूं बेचना है। सोमवार तक 4 हजार 622 किसानों से 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। इसमें से करीब 2 लाख क्विंटल गेहूं परिवहन के लिए तैयार है, लेकिन केवल 1 लाख 82 हजार क्विंटल का ही उठाव हो पाया है। करीब 21 हजार क्विंटल गेहूं अभी भी केंद्रों पर पड़ा है। बरसात से बचाव के लिए त्रिपाल और फट्टे की व्यवस्था होनी थी, लेकिन कई केंद्रों पर यह इंतजाम नहीं है। इससे गेहूं भीगकर खराब हो गया, फिर भी उसी को तौलकर खरीदा जा रहा है और उसमें बदबू तक आ रही है। हकीकत: 21 हजार क्विंटल भीगा, बदबूदार अनाज की तुलाई जारी 1. सड़े गेहूं में पत्थर-मिट्टी, फिर भी खरीद जारी: दैनिक भास्कर टीम सोमवार दोपहर दुरसड़ा के आराध्या वेयरहाउस स्थित खरीद केंद्र पहुंची। यहां कामद, इमलिया और चरवरा केंद्र संचालित हैं। गोदाम के बाहर 50 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्राली गेहूं से भरे खड़े थे, किसान सुबह से इंतजार कर रहे थे। अंदर तुले हुए गेहूं की बोरियों में जांच करने पर पत्थर, मिट्टी और धूल मिली। खुले में रखा गेहूं सड़ चुका था और बदबू आ रही थी, जबकि तुलाई बंद थी। 2. केंद्रों पर अव्यवस्था हावी दैनिक भास्कर टीम करीब ढाई बजे उनाव रोड के गाड़ीघाट के सामने गोविंद मार्केटिंग खरीद केंद्र पहुंची। यहां तुलाई चल रही थी और गेहूं के बड़े ढेर लगे थे। बुधेड़ा और इसी केंद्र पर 30 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तुलाई के इंतजार में खड़ी थीं। गोदाम पूरा भरा था। जूट के कई बोरे फटे हुए मिले, जिनसे गेहूं बाहर गिर रहा था। मौके पर मिट्टी मिला गेहूं रिजेक्ट हुआ तो किसान उसे वापस ले जाने लगे। 3. बिना छनाई ही हो रही गेहूं की खरीद दैनिक भास्कर टीम उनाव रोड पर एयरपोर्ट के पास शांति वेयरहाउस के पठरा खरीद केंद्र पहुंची। यहां भी गेहूं खुले मैदान में रखा मिला। बिना तुले गेहूं साफ था, लेकिन तौलकर रखी जूट की बोरियों में हाथ डालकर देखने पर मिट्टी मिला गेहूं मिला। आठ-नौ बोरियों की जांच में हर बोरी में काली मिट्टी 25–30% तक पाई गई। इससे साफ है कि बिना छनाई के सांठगांठ कर ऐसा गेहूं भरा गया। जाकर चेक करूंगा मैं कल ही खरीद केंद्रों पर जाकर चेक करूंगा। कहीं गड़बड़ी मिलती है तो केंद्र को बक्शा नहीं जाएगा। कुछ जगह सेकंड यूज बारदाना आया है। इसलिए यह दिक्कत आ रही है। -सनद शुक्ला, डीएसओ दतिया
विक्रम विवि:सपना की जगह बीकॉम का पेपर दे रही थी बीटेक की छात्रा विशाखा
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम ऑनर्स 6वें सेमेस्टर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) की परीक्षा चल रही थी। अचानक एनएसयूआई के विवि परिसर अध्यक्ष तरुण परिहार के साथ कुछ छात्र पहुंचे। उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. एसके भारल को सूचना दी कि परीक्षा में एक फर्जी छात्रा बैठी है, जो किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा दे रही है। इस सूचना के बाद सभी कक्षों में तलाश शुरू होती है। जब वीक्षकों ने चैक किया तो पता चला कि सपना भदौरिया के स्थान पर कोई अन्य युवती परीक्षा दे रही है। युवती को परीक्षा कक्ष से कार्यालय में लाया गया। पूछताछ करने पर युवती ने अपना नाम पहले त्रिशा साहू बताया। उसने बताया कि ऋषभ उसका दोस्त है। ऋषभ के कहने पर ही वह उसकी बहन सपना के स्थान पर परीक्षा देने आई थी। इसके बाद माधवनगर पुलिस को सूचना दी गई। करीब तीन घंटे की पूछताछ के बाद फर्जी सॉल्वर बनी युवती ने अपना असली नाम विशाखा माहेश्वरी बताया। पुलिस ने विभागाध्यक्ष डॉ. भारल की शिकायत पर विशाखा, सपना भदौरिया और ऋषभ के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विशाखा को हिरासत में लेकर पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। जिस थाने में पिता हेड कांस्टेबल, वहीं बेटी पर दर्ज हुई एफआईआर फर्जी छात्रा बनकर परीक्षा दे रही विशाखा माहेश्वरी ने पुलिस को बताया कि वह शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन से बी.टेक. की छात्रा है। ऋषभ के कहने पर वह परीक्षा देने के लिए राजी हुई। सपना ने जीएसटी की परीक्षा देने के लिए विशाखा को 3 हजार रुपए दिए थे। सपना भदौरिया को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। सपना के पिता सियाराम भदौरिया माधवनगर थाने में ही हेड कांस्टेबल हैं।
जनगणना फॉर्म में कथित जातिसूचक शब्दों पर बवाल, बाल्मीकि समाज का प्रदर्शन
देश भर में चल रही जनगणना प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म में कथित जातिसूचक शब्दों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर बाल्मीकि समाज ने सोमवार को कांग्रेस और भाजपा नेताओं की अगुवाई में नगर कौंसिल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार जगराओं और रायकोट में जनगणना फॉर्म को लेकर उस समय विवाद गहराया जब उसमें कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की बात सामने आई। इससे बाल्मीकि समाज में भारी रोष फैल गया और समाज के लोगों ने एकजुट होकर जगराओं में नगर कौंसिल और रायकोट में तलवंडी गेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल बाल्मीकि सभा भारत के नेशनल प्रधान और भाजपा नेता गेजा राम ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे संवेदनशील कार्य में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। यह न केवल अपमानजनक है बल्कि समाज के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को भी दर्शाता है। इस मौके पर कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर मांग की कि इस फॉर्म को तैयार करने और मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने विवादित फॉर्म को तुरंत रद्द कर सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा के साथ नए सिरे से तैयार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नगर कौंसिल में रोष जताने के बाद एसडीएम के माध्यम से पंजाब सरकार को मांग पत्र भी भेजा। इस प्रदर्शन में सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रवासी वेरिफिकेशन अनिवार्य करने की पंचायतों ने रखी मांग
क्षेत्र के गांवों में बढ़ रही चोरी और लूटपाट की घटनाओं से परेशान होकर पांच गांवों की पंचायतों ने एकजुट होकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। गांव सिधवां कलां, मलक पत्ती जगराओं, मलक, अलीगढ़ और बोतलवाला चीमना की पंचायतों ने बैठक कर सुरक्षा को लेकर अहम प्रस्ताव पारित किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि खेतों से मोटर की तारें और ट्रांसफार्मर चोरी होने के साथ-साथ रात में लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। पंचायतों ने मांग की कि गांवों में रहने वाले प्रवासी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए और उनके पहचान पत्रों की कॉपी पुलिस के पास जमा करवाई जाए। साथ ही किरायेदारों का पूरा रिकॉर्ड भी तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा पुलिस गश्त बढ़ाने और सिविल प्रशासन को मांग पत्र देने का फैसला लिया गया। पंचायतों ने सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने की भी मांग की। सरपंच जगराज सिंह, मनजीत सिंह, संदीप सिंह और कुलदीप सिंह ने बताया कि नशे के आदी लोग चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
चुनाव जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया
जगराओं| भाजपा जिला जगराओं इकाई ने विभिन्न राज्यों में मिली चुनावी सफलता पर रानी झांसी चौक में जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी साझा की और पार्टी नेतृत्व को जीत का श्रेय दिया। जिला प्रधान डॉ. राजिंदर शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली जीत पीएम मोदी के नेतृत्व, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का परिणाम है। साथ ही पश्चिम बंगाल के मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति को नकारते हुए विकास की नीति को चुना है। इस मौके पर गेजा राम वाल्मीकि, सुमित अरोड़ा, सतीश पप्पू व अन्य मौजूद रहे।
सोसायटी ने स्कूल को 10 बेंच भेंट किए
कर भला हो भला’ टीम ने शिक्षा को सहयोग देने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए सोमवार को आरके सीनियर सेकेंडरी स्कूल को 10 बेंच भेंट किए। इस पहल से छात्रों को बैठने की बेहतर सुविधा मिलेगी। टीम के चेयरमैन रोहित अरोड़ा ने बताया कि उनकी संस्था हमेशा जरूरत के अनुसार ही स्कूलों और अन्य संस्थानों को सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन की मांग के आधार पर ही यह बेंच उपलब्ध करवाए गए हैं। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल सीमा शर्मा ने टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से छात्रों को काफी लाभ मिलेगा और पढ़ाई का माहौल और बेहतर बनेगा। कार्यक्रम के दौरान टीम के चेयरमैन रोहित अरोड़ा, सरपरस्त सुनील बजाज, प्रेसिडेंट विशाल शर्मा, कैशियर नीरज कटारिया, पीआरओ नानेश गांधी, सेक्रेटरी कंवल कक्कड़, डॉ. मदन लाल (वाइस चेयरमैन), नरेश वर्मा, शुभम अरोड़ा, राजन बजाज, रजिंदर जैन (काका), शशि भूषण जैन, नवीन गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।वही समागम में मौजूद लोगों ने समाजसेवी टीम की इस पहल की सराहना की और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया।
जोनल एथलेटिक्स में महाप्रज्ञ स्कूल ने 100 पदक जीते
महाप्रज्ञ स्कूल के छात्रों ने शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। लुधियाना में आयोजित जोनल स्तरीय एथलेटिक्स टूर्नामेंट में स्कूल के खिलाड़ियों ने कुल 100 पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। स्कूल के डायरेक्टर विशाल जैन ने बताया कि एथलेटिक्स कोच बलजीत सिंह जण्डी के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। लड़कियों की टीम ने 8 स्वर्ण, 26 रजत और 13 कांस्य पदक जीतकर कुल 47 पदक हासिल करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं लड़कों की टीम ने 12 स्वर्ण, 25 रजत और 16 कांस्य पदक जीतकर कुल 53 पदक अपने नाम किए और प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 100 पदक जीतकर स्कूल के लिए एक उपलब्धि दर्ज की। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल प्रभजीत कौर वर्मा और खेल विभाग प्रमुख मनजीत इंदर कुमार ने विजेता छात्रों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। डायरेक्टर विशाल जैन ने कहा कि इस सफलता ने साबित किया है कि अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
दोस्त संग घर से निकले युवक की संदिग्ध हालात में मौत
सिधवां बेट क्षेत्र के नजदीक सतलुज दरिया किनारे बसे गांव मद्देपुर में मक्की के खेत से 29 वर्षीय युवक का संदिग्ध हालात में शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही थाना सिधवां बेट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान जसविंदर सिंह उर्फ एकम निवासी गांव उद्दोवाल, जिला जालंधर के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक के भाई सुखविंदर सिंह के बयानों के आधार पर जश्नदीप सिंह उर्फ कालू निवासी रामूवाल कॉलोनी, जालंधर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को दिए बयान में सुखविंदर सिंह ने बताया कि 1 मई 2026 की रात आरोपी उनके घर आया था और दोनों 2 मई सुबह घर से निकल गए, जिसके बाद जसविंदर वापस नहीं लौटा। 3 मई को तंदा हुरा में आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके जवाबों से शक गहरा गया। जांच में सामने आया कि आरोपी जसविंदर को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सतलुज किनारे गांव गोबिंदपुर ले गया, जहां उसे मोटरसाइकल से गिराने से उसकी मौत हो गई और शव को मद्देपुर के खेत में फेंक दिया। शव पर चोटों के निशान मिलने से मामला संदिग्ध बना हुआ है। पुलिस ने धारा 105 के तहत केस दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
पहले चोरी, वीडियो वायरल हुआ तो चोर ने खुद लौटाई ट्रॉली , मांगी माफी
लुधियाना ग्रामीण के हलवारा क्षेत्र में चोरी का एक मामला सामने आया है, जहां सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद चोर ने दबाव में आकर चोरी की गई ट्रॉली खुद ही वापस कर दी। आरोपी ट्रॉली को रायकोट स्थित गुरुद्वारा टाहलीआणा साहिब की पार्किंग में खड़ा कर फरार हो गया और ट्रॉली मालिक को फोन कर माफी भी मांगी। जानकारी के अनुसार, गांव बुर्ज लिट्टां निवासी किसान गुरमेल सिंह के खेत से शनिवार दोपहर उनकी ट्रॉली चोरी हो गई थी। खेत में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई, जिसमें आरोपी का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है। फुटेज में दिखा कि आरोपी ट्रैक्टर लेकर आया और चार मिनट में ट्रॉली जोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद गुरमेल सिंह ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दीं, जिससे मामला तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद आरोपी ने किसी दुकानदार के फोन से गुरमेल सिंह को कॉल कर अपनी गलती स्वीकार की और ट्रॉली की लोकेशन बताई। गुरमेल सिंह ने वहां से ट्रॉली बरामद कर ली। उन्होंने बताया कि आरोपी ने ट्रॉली का रंग बदलने की कोशिश भी की थी। मामले में थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
सुसाइड नोट के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर उठे सवाल, सीपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
लुधियाना|लुधियाना में पत्नियों से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले तीन युवकों के मामलों में पुलिस की कार्रवाई धीमी होने के आरोपों के बीच परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सोमवार को मृतकों निखिल, विक्रमजीत और एक अन्य युवक के परिवारों ने ‘आवाज पावर ऑफ मैन वेलफेयर सोसाइटी’ की अगुवाई में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी और जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि तीनों युवकों ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में अपनी पत्नियों को जिम्मेदार ठहराया था। इसके आधार पर केस भी दर्ज हुआ, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। संस्था से जुड़े अनमोल डंग ने बताया कि परिवारों ने पुलिस को ठोस सबूत और आरोपियों की लोकेशन तक दी है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। मृतक विक्रमजीत के परिवार की ओर से अमिता ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि मामला लड़कियों से जुड़ा होता तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है और साफ कहा है कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भाजपा ने जीतपर भंगड़ा डाल जताई खुशी
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली चुनावी जीत पर भारतीय जनता पार्टी ने लुधियाना में जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान के नेतृत्व में जश्न मनाया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, ढोल की थाप पर भंगड़ा डाला और लड्डू बांटे। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन, कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी और जीवन गुप्ता भी मौजूद रहे। रजनीश धीमान ने कहा कि यह जीत संगठन की मेहनत, नेतृत्व की नीतियों और जनता के विश्वास का परिणाम है। धीमान ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के बाद अब पंजाब की बारी है। कार्यक्रम में परवीन बंसल, बिक्रम सिंह सिद्धू, दिनेश सरपाल, सुभाष डाबर, डाक्टर सुभाष वर्मा, अशोक लुंबा सहित महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई बांटकर बधाई दी।
बचन सिंह नगर में गहराया जल संकट, मिल रहा सीवरेज मिश्रित पानी
भास्कर न्यूज | लुधियाना महानगर के बचन सिंह नगर, हैबोवाल कलां की बैंक कॉलोनी में रहने वाले लोग पिछले कई दिनों से पीने के पानी की भारी किल्लत और गंदगी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों परम ठाकुर और विनोद ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में आने वाली पानी की सप्लाई में सीवरेज की गंदगी मिली होती है, जिसके कारण यह पानी पीने के लायक बिल्कुल नहीं रहा है। इस समस्या को लेकर मोहल्ला निवासी पिछले चार सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने हलका विधायक जीवन सिंह संगोवाल तथा वर्तमान सरपंच उत्तम सिंह को भी कई बार मिलकर अपनी व्यथा सुनाई है, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर नरकीय जीवन जीने के लिए छोड़ दिया गया है। गंदे पानी की आवक इतनी अधिक है कि घरों में लगे वॉटर फिल्टर और आरओ सिस्टम भी बुरी तरह खराब हो चुके हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गंभीर बीमारियों का खतरा सता रहा है। अपनी परेशानी लेकर जब लोग साथ लगते वार्ड के पार्षद रोहित सिक्का के पास पहुंचे तो उन्होंने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह क्षेत्र पंचायत का हिस्सा है और वे इसमें किसी भी प्रकार की मदद नहीं कर सकते।

