मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट हादसे में एक मरीज की दर्दनाक मौत ने पूरे प्रबंधन की पोल खोल दी है। मृतक की पहचान अमरपाटन के लालपुर निवासी सुरेश सेन के रूप में हुई है।
गोंडा-बहराइच-नेपालगंज रोड रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन कल 31 अगस्त से शुरू होने जा रहा है यह बहुप्रतीक्षित सेवा गोंडा देवीपाटन मंडल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए परिवहन को सुगम बनाएगी। उद्घाटन के लिए 31 अगस्त को एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जबकि नियमित ट्रेनों का संचालन 1 सितंबर से शुरू होगा। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा अभी तक नियमित ट्रेनों के संचालन के लिए कोई समय सारणी जारी नहीं की गई है। हालांकि, बहराइच तक जाने वाली ट्रेनों को अब नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया है। तीन से चार ट्रेनें होंगी जिनके माध्यम से यात्री नेपालगंज रोड तक यात्रा कर सकेंगे। गोंडा से वाया बहराइच होकर नेपाल सीमा नेपालगंज रोड तक जाने वाला यह ब्रॉडगेज रेल मार्ग लगभग एक वर्ष पहले ही बनकर तैयार हो चुका था। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के परीक्षण के बाद अब इसे आम जनता के लिए पूरी तरह हरी झंडी मिल गई है। इस रूट पर ट्रेनों के दौड़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था काफी सुलभ और आधुनिक हो जाएगी। यह नई रेल सेवा आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ धार्मिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। भारत और नेपाल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा अब बेहद सरल हो जाएगी। श्रद्धालु सीधे गोंडा व बहराइच से नेपाल सीमा तक पहुँचकर भगवान पशुपतिनाथ और स्थानीय शक्तिपीठों के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। देवीपाटन मंडल मुख्यालय (गोंडा) और बहराइच के नागरिकों को नेपालगंज जाने के लिए अब सड़क मार्ग के लंबे और महंगे सफर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीमावर्ती इलाकों में छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए माल ढुलाई और व्यापारिक आवागमन सस्ता और तेज हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने रविवार दोपहर 12 बजे बताया कि 31 अगस्त, 2026 को चलने वाली 05064 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी उद्घाटन विशेष गाड़ी होगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन के बाद ट्रेनों की नियमित समय-सारणी जारी कर दी जाएगी। इस रेल सेवा के शुरू होने से तराई और सीमावर्ती इलाकों में विकास की एक नई रफ्तार देखने को मिलेगी।
SDM के निरीक्षण में CHC की बदहाली उजागर:मरीज बाहर से दवा-जांच कराने को मजबूर, गंदगी मिली
उन्नाव की पुरवा तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पुरवा में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) दिग्विजय सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की बदहाली सामने आई। मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें दवाएं और जांच बाहर से करानी पड़ रही हैं। एसडीएम ने अस्पताल परिसर में गंदगी, जर्जर भवन और खराब सुविधाओं पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था के पास, एक्स-रे कक्ष और रसोई के समीप गंदा पानी और कीचड़ भरा मिला। इसके अतिरिक्त, भवन की जर्जर स्थिति, खराब पंखे और निष्क्रिय हैंडपंप जैसी कई अव्यवस्थाएं भी पाई गईं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को असुविधा हो रही थी। एसडीएम ने यह भी पाया कि सीएचसी में कंप्यूटर तो उपलब्ध हैं, लेकिन ब्रॉडबैंड इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण दवाओं का स्टॉक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। इस तकनीकी कमी से अस्पताल की दवा संबंधी ऑनलाइन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मरीजों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें अक्सर बाहर से दवाएं खरीदने और जांच कराने के लिए मजबूर किया जाता है। इस पर एसडीएम ने गंभीर आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों को बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परिसर में जल निकासी की खराब व्यवस्था को लेकर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) पुरवा पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सीएचसी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, अस्पताल में खराब पड़ी सुविधाओं को जल्द से जल्द ठीक कराने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल प्रशांत पांडेय समेत स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं में सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सहायक शोध अधिकारी परीक्षा 8 सितंबर को:यूपीपीएससी ने प्रवेश पत्र जारी किए, दो पालियों में होगी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) सहायक शोध अधिकारी (अभियंत्रण) भर्ती परीक्षा 8 सितंबर 2026 को आयोजित करेगा। यह परीक्षा लखनऊ में दो पालियों में होगी, जिसके प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडे ने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगी, जबकि द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थी अपने ओटीआर नंबर का उपयोग करके आयोग की वेबसाइट से प्रवेश पत्र और संबंधित निर्देश डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मूल पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) और उसकी एक फोटोकॉपी लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्ष में प्रवेश के दौरान आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी कक्ष निरीक्षक को जमा करनी होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसलिए, सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचें। आयोग ने परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग के प्रति सख्त चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत नकल करना, प्रश्नपत्र लीक करना या उससे संबंधित सामग्री को अनाधिकृत रूप से प्रकट करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। आयोग ने अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
कटनी के शाहडार जंगल में दिखा बाघ:राहगीरों ने बनाया वीडियो, वन विभाग ने जारी की चेतावनी
कटनी की ढीमरखेड़ा तहसील के शाहडार जंगल में एक बाघ सड़क पर टहलता दिखाई दिया। वीडियो भी सामने आया है, राहगीरों ने बाघ को सड़क पर टहलते हुए रिकॉर्ड किया। घटना के बाद ग्रामीणों और राहगीरों में सतर्कता बढ़ गई है।राहगीरों ने बनाया वीडियो घटना शाहडार जंगल से गुजरने वाली सड़क कि है, जहां बाघ घूमते देखा गया। कार सवार लोगो ने इसका वीडियो बना लिया। वन विभाग के अनुसार, शाहडार का जंगल उमरिया और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमाओं से सटा हुआ है। और यहां बाघ,तेंदुए का मूवमेंट अक्सर देखा जाता है। वन विभाग ने गश्त बढ़ाईवन विभाग ने लोगो से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि शाहडार जंगल के रास्ते से निकलते समय, मोटरसाइकिल या खुले वाहनों से यात्रा करने से बचें। वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें। क्षेत्र में वन अमले द्वारा गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।
सिरसा जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महिला नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सीआईए ऐलनाबाद की टीम रोड़ी क्षेत्र से महिला तस्कर के पास से 9 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद किया है। सीआईए प्रभारी ने बताया कि सीआईए ऐलनाबाद की एक टीम टीम गश्त और चेकिंग के दौरान रोड़ी क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान एक महिला सड़क किनारे प्लास्टिक का कट्टा लिए बैठी दिखाई दी। पुलिस देख महिला ने भागने का प्रयास किया पुलिस की गाड़ी को सामने देखकर उक्त महिला ने अचानक खड़े होकर वहां से खिसकने का प्रयास किया। शक के आधार पर पुलिस टीम ने महिला पुलिसकर्मी और एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला के कब्जे से 9 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ। कोर्ट में पेश कर भेजी जेल गिरफ्तार की गई महिला की पहचान मनप्रीत कौर पत्नी गुरजीवन सिंह निवासी रोड़ी, जिला सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ थाना रोड़ी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच रोड़ी थाना पुलिस को सौंपी गई है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा में बंद घर से चोरी:रक्षाबंधन पर गांव गया था परिवार, लौटने पर पता चला
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया है। रक्षाबंधन मनाने गांव गए एक दंपति के घर से लाखों रुपये की ज्वेलरी और 65 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बादलपुर कोतवाली क्षेत्र की तिरुपति एंक्लेव में रहने वाले कुलदीप अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन के मौके पर गांव गए हुए थे। उनके घर बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने 29 अगस्त को सुबह करीब 4 बजे चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले घर की रेकी की थी। परिवार के गांव जाने के बाद मौका देखकर वे घर में घुसे और कमरे में रखी ज्वेलरी तथा नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी किए गए सामान में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 65 हजार रुपये नकद शामिल हैं। परिवार के वापस लौटने पर उन्हें घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला, जिसके बाद चोरी का पता चला। पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने जल्द ही चोरों को पकड़कर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें संस्करण को लाइव सुना। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के साथ साझा किए गए महत्वपूर्ण विषयों और प्रेरणादायी विचारों को सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण, देश के गौरवशाली इतिहास एवं विरासत के संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- ‘मन की बात’ देशवासियों को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने और जनभागीदारी की शक्ति को नई दिशा देने वाला सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों और समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाने के साथ नागरिकों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा- महिला सशक्तिकरण, हमारी ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी जैसे विषय देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री इन विषयों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
पानीपत में NH-44 पर सड़क हादसा:हल्दाना बॉर्डर पर कार और पिकअप में टक्कर; सड़क पलटी गाड़ियां, 3 घायल
पानीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर शनिवार की रात एक हादसा सामने आया है, जहां हलदाना बॉर्डर के पास एक तेज रफ्तार कार और लोडिंग पिकअप वाहन की आपस में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गईं। हादसे के समय दोनों वाहन दिल्ली से करनाल की तरफ जा रहे थे। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पानीपत और मोहाली के रहने वाले हैं घायल हादसे में घायल हुए लोगों में कार सवार दो युवक पानीपत के गांव बड़ोली के निवासी हैं, जबकि लोडिंग पिकअप का चालक पंजाब के मोहाली का रहने वाला है। देर रात अचानक हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और दोनों गाड़ियां बीच सड़क पर पलटी होने के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए घायलों की मदद की। राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गाड़ियों में फंसे तीनों घायलों को बाहर निकाला और तुरंत समालखा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात सुचारू कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या के मंझनपुर गांव में भारतीय किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन रविवार को नौवें दिन भी जारी रहा। किसान 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर अंडरपास बनाने, अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा और चकमार्गों से अवैध कब्जा हटाने की मांग कर रहे हैं। यह धरना 22 अगस्त से चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन इकाई अयोध्या के तहसील अध्यक्ष मिल्कीपुर राजेश मिश्रा इस धरने का नेतृत्व कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार इसमें शामिल हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने कहा कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मौर्य ने आरोप लगाया कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण के दौरान कई किसानों की जमीन बैनामे में निर्धारित रकबे से अधिक कब्जे में ली गई है। इसके अतिरिक्त, कई किसानों को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिला है और चकमार्गों पर भी अवैध कब्जे की समस्या है। किसानों ने एसडीएम मिल्कीपुर को दिए शिकायती पत्र में गाटा संख्या 255, 264, 208, 355, 262, 265, 236, 234, 233, 705, 356 और 365 सहित कई गाटों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई हैं। किसानों की मांग है कि जिन मामलों में बैनामे से अधिक जमीन पर कब्जा किया गया है, वहां अतिरिक्त भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। साथ ही, जिन खातेदारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल भुगतान किया जाए। किसानों ने मंझनपुर गांव से अमरगंज बाजार तक आवागमन के लिए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर अंडरपास बनाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि लगभग पांच हजार की आबादी वाले गांव के लिए यह प्रमुख संपर्क मार्ग है। अंडरपास न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा, जल निकासी के लिए नाला निर्माण की भी मांग की गई है। एसडीएम मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। धरने में महादेव विश्वकर्मा, वेद प्रकाश पांडेय, त्रिभुवन यादव, आसाराम, शिवनाथ सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पाली में बाइक स्लिप होने से युवक की मौत:सिर में लगी गंभीर चोट, जोधपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
पाली में बाइक स्लिप होने से युवक की मौत हो गई। घर से बाइक लेकर चुंगी नाका की तरफ जा रहा था। रास्ते में बाइक स्लिप होने से वह नीचे गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। परिजन उसे इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घर से चुंगी नाका जा रहा था युवक, रास्ते में बाइक स्लिप हुई ट्रांसपोर्ट नगर थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया - थाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी शंकर मंडल (27) पुत्र गौतम मंडल बाइक लेकर घर से चुंगी नाका की तरफ जा रहा था। इस दौरान शनिवार शाम को उसकी बाइक स्लिप हो गई। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद शंकर मंडल को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर किया गया। जोधपुर में देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया - मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है।
लखीमपुर के पलियाकलां में बाइक टक्कर का विरोध करने पर एक घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहल्ला रंगरेजान द्वितीय निवासी आनंद कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 28 अगस्त की शाम करीब 6:20 बजे उनके भतीजे अनेक शाह घर के बाहर खड़े थे। आरोप है कि इसी दौरान नरेश गुप्ता ने नशे की हालत में बाइक चलाते हुए अनेक शाह को टक्कर मार दी। टक्कर का विरोध करने पर नरेश ने गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। परिजनों के बाहर आने पर वह जान से मारने की धमकी देकर चला गया। कुछ देर बाद नरेश गुप्ता अपने बेटों आर्यन गुप्ता, अरमान गुप्ता, अंश गुप्ता और सौरभ गुप्ता के साथ लाठी-डंडे व रॉड लेकर आनंद कुमार के घर में घुस आया। आरोपियों ने आनंद कुमार और अनेक शाह के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आनंद कुमार की तहरीर के आधार पर नरेश गुप्ता, आर्यन गुप्ता, अरमान गुप्ता, अंश गुप्ता और सौरभ गुप्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विवेक कुमार त्रिपाठी को सौंपी गई है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन (अखंड) द्वारा नगर की समस्याओं और आम जनता के अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में वार्ड नंबर 15 के निवासी और अधिवक्ता इरफान अख्तर ने संगठन की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है। अधिवक्ता इरफान अख्तर ने कहा कि भाकियू अखंड की टीम नगर बागपत के सुधार और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती, हिम्मत और ईमानदारी के साथ लड़ रही है। उन्होंने इस संघर्ष में जिला अध्यक्ष धीरेंद्र कसाना और जिला संगठन मंत्री दिलशाद खान के विशेष योगदान और नेतृत्व की सराहना की। अख्तर ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से लोगों को अपने हक की आवाज उठाने की ताकत मिल रही है। उन्होंने कहा कि नगर की समस्याओं को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करना ही इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य है। इरफान अख्तर ने नगरवासियों और संगठन से जुड़े सभी साथियों से एकजुट होकर इस संघर्ष में सहयोग देने और जनता की आवाज को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर बागपत की समस्याओं और आम जनता के हक की लड़ाई इसी तरह मिलकर जारी रखी जाएगी। उन्होंने नगर अध्यक्ष चौधरी तस्लीम सदर बिरादर, जिला कार्यालय प्रभारी वाजिद खान, वार्ड अध्यक्ष कलीम खान, वार्ड अध्यक्ष जीशान खान, मीनू खान, गफ्फार खान और शौकीन खान समेत भारतीय किसान यूनियन अखंड की पूरी टीम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। अख्तर ने कहा कि संगठन के सभी साथियों का संघर्ष और मेहनत सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता के हक की इस लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
निवाड़ी जिले के ओरछा में रविवार सुबह 10 बजे से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। 14 साल बाद ओरछा में हो रही इस बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ करीब 350 प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और मिशन 2028-29 की चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी। बैठक ओरछा के होटल राजमहल में आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैठक में शामिल होने के लिए चित्रकूट से ओरछा पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण सिंह, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा और रामेश्वर शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंच चुके हैं। नेताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी के काम को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की नगरी ओरछा से पवित्र स्थान और कोई नहीं हो सकता। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रामराजा सरकार के चरणों में आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम यहां भगवान के साथ राजा भी हैं और रामराज्य की स्थापना भाजपा का लक्ष्य है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का काम चल रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में रामराज्य की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कार्यसमिति के लिए रामराजा सरकार की नगरी में आना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के लिए नीतिगत फैसलों और कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में कार्यसमिति से परिणाम निकलेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी समेत करीब 350 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। नरोत्तम मिश्रा बोले- भाजपा में गुटबाजी-बदलाव की चर्चाएं काल्पनिक पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में गुटबाजी और बदलाव की चर्चाओं को काल्पनिक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन तथा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में काम हो रहा है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात कही। बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर फोकस बैठक में संगठन की मजबूती और बूथ सशक्तिकरण को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी। संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में मिशन 2028 और 2029 की चुनावी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी की जमीनी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर भी चर्चा होगी। ‘समरसता का संकल्प’ विषय के तहत समाज के सभी वर्गों को संगठन और सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर मंथन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण से हुई कार्यसमिति के पहले दिन ध्वजारोहण और प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। सुबह 11 बजे कार्यसमिति के लिए पहुंचे सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। रात में वरिष्ठ नेताओं और अतिथियों के रामराजा सरकार के दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। 31 अगस्त को ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला होगी। इसमें सेवा, सुशासन और संगठन विस्तार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
जोधपुर में बाबा रामदेव मेले में दर्शन के लिए रामदेवरा जा रहे जातरू की बाइक को नगर निगम से अनुबंधित डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पति और उसकी गर्भवती पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी डेढ़ साल की बेटी को मामूली चोट आई है। घायलों को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डंपर के नीचे घुस गई बाइक हादसा रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे कायलाना सर्किल के पास हुआ। उदयपुर निवासी सोहनलाल (30) पुत्र नाताराम अपनी पत्नी केली बाई (28) और डेढ़ साल की बेटी के साथ शनिवार शाम बाइक से बाबा रामदेव मंदिर, रामदेवरा में दर्शन के लिए रवाना हुआ था। रात में सुमेरपुर में रुकने के बाद रविवार सुबह वे जोधपुर पहुंचे। कायलाना सर्किल से रामदेवरा की ओर जाते समय पीछे से तेज गति से आए नगर निगम से अनुबंधित डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक डंपर के नीचे तक जा घुसी। पति-पत्नी को गंभीर चोट आई हादसे में सोहनलाल को गंभीर चोट आई है, जबकि पीछे बैठी उसकी गर्भवती पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी डेढ़ साल की बच्ची को मामूली चोट आई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस के जरिए दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया वहीं सूचना मिलने के बाद सूरसागर थाना पुलिस और प्रताप नगर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। तेज रफ्तार डंपरों के खिलाफ लोगों में आक्रोश हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम से अनुबंधित डंपरों को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि यहां से रोजाना तेज स्पीड में डंपर दौड़ते हैं इसकी वजह से हादसे होते हैं। लोगों ने डंपरों की रफ्तार पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की मांग की।
रानीगंज थाना क्षेत्र के कायस्थ पट्टी दरियापुर पावर हाउस में 40 वर्षीय मंजू देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार रात की है, जब उनके छोटे बेटे ने घर लौटने पर मां का शव फंदे पर लटका पाया। पुलिस के अनुसार, मंजू देवी का छोटा बेटा अविनाश शनिवार रात करीब 9 बजे काम से घर लौटा था। घर में खाने के लिए चावल और आटा नहीं था, जिसके बाद मंजू देवी ने अविनाश को सामने की दुकान से चावल लाने के लिए भेजा। चावल लेकर जब अविनाश घर वापस आया, तो उसने अपनी मां मंजू देवी का शव फांसी पर लटका देखा। इस दृश्य को देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर रानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रानीगंज एसओ प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में इस बार वार्डों के साथ टिकटों की गोपनीय रणनीति भी चर्चा में है। भाजपा और कांग्रेस ने अधिकांश वार्डों में अपने प्रत्याशी लगभग तय कर लिए हैं, लेकिन दोनों दल अधिकृत सूची सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। चयनित दावेदारों को फोन के जरिए टिकट की सूचना दी जा रही है और पार्टी चुनाव चिन्ह अंतिम समय में एसडीएम कार्यालय में जमा कराने की तैयारी है। 31 अगस्त नामांकन की अंतिम तिथि है। ऐसे में दोनों दल आखिरी समय तक टिकटों को गोपनीय रखकर बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या सीमित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा रही कि किस वार्ड में किसे फोन आया और किसका टिकट कट गया, लेकिन अधिकृत सूची सार्वजनिक नहीं हुई। टिकट से ज्यादा सीक्रेसी पर जोर झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के टिकट के लिए एक-एक वार्ड से कई दावेदार मैदान में थे। दोनों दलों को आशंका है कि सूची पहले सार्वजनिक होने पर टिकट से वंचित नेता समर्थकों के साथ निर्दलीय नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसी वजह से प्रत्याशी चयन के बावजूद सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही। सूत्रों के अनुसार चयनित प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर बुलाया जा रहा है। उन्हें समय पर नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पार्टी सिंबल भी अंतिम समय में उपलब्ध कराने की तैयारी है। बगावत रोकने के लिए रणनीति झुंझुनूं नगर परिषद के चुनावों में पहले भी बागी और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में मुकाबले को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दल इस बार टिकट वितरण के बाद होने वाले असंतोष को नियंत्रित करने पर जोर दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार टिकट की घोषणा और नामांकन के बीच समय कम रखने से नाराज दावेदारों को संगठन के खिलाफ चुनावी तैयारी करने का कम मौका मिलेगा। फोन पर टिकट, सीधे नामांकन भाजपा और कांग्रेस की ओर से चयनित प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देने की रणनीति अपनाई गई है। पार्टी सूची को सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर जारी करने से भी बच रही है। कई मामलों में पार्टी फोन पर या सिंबल सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचाने की तैयारी है, ताकि अंतिम समय तक अधिकृत प्रत्याशी की जानकारी सार्वजनिक न हो। नाराज दावेदारों को मनाने की कोशिश टिकट वितरण के साथ दोनों दलों में डैमेज कंट्रोल भी चल रहा है। जिन वार्डों में टिकट को लेकर असंतोष की आशंका है, वहां वरिष्ठ नेताओं को नाराज दावेदारों से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें संगठन में सम्मानजनक भूमिका और भविष्य में अवसर का भरोसा देकर चुनाव मैदान से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। 31 अगस्त को साफ होगी तस्वीर नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त होने के कारण अब टिकटों को लेकर सबसे ज्यादा हलचल अंतिम समय में देखने को मिलेगी। किस वार्ड में किसे पार्टी का टिकट मिलता है और कौन निर्दलीय मैदान में उतरता है, इसकी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी।
हाथरस में सड़क हादसे में युवक की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से दम तोड़ा, पुलिस की तैयारी कर रहा था
हाथरस के सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गांव हबीबपुर के पास हुई, जहां अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान अलीगढ़ जिले के नगला सुखा निवासी 22 वर्षीय विशाल पुत्र रघुवीर सिंह के रूप में हुई है। विशाल अपने भाई की ससुराल कासगंज से लौट रहा था। शनिवार रात को सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र में गांव हबीबपुर के निकट अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। पुलिस भर्ती परीक्षा की कर रहा था तैयारी हादसे केसमय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। रविवार सुबह पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने शव की शिनाख्त विशाल के रूप में की। विशाल अविवाहित था और पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह एक होनहार युवक था। उसकी मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
बैतूल के आमला में आमला-छिंदवाड़ा रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला है। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शव कई टुकड़ों में बंट गया था और उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। घटना के तीन दिन बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी। रेलवे प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और रेलवे ट्रैक से शव के टुकड़ों को बरामद किया। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है। युवक ने लाल रंग की टी-शर्ट पहन रखा था। उसके बाएं हाथ पर गुदने (टैटू) का निशान भी मिला है। मृतक का रंग गोरा और कद-काठी सामान्य बताई गई है। कैसे हादसा हुआ, जांच कर रही पुलिसशव की अत्यधिक क्षत-विक्षत हालत के कारण पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से मर्चुरी में रखवाया और पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना भेजी। संभावित गुमशुदगी के मामलों से भी मिलान करने का प्रयास किया गया, लेकिन तीन दिन बाद भी शव की पहचान नहीं हो पाई। पहचान नहीं होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। नियमानुसार, शव को दफना दिया गया है। पुलिस अभी भी मृतक की पहचान के प्रयास कर रही है। फिलहाल, पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि युवक ट्रेन की चपेट में कैसे आया। पुलिस आत्महत्या और हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंकने, दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बाल श्रम रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को मुबारकपुर कस्बे और बाजार में चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 5 बाल श्रमिक काम करते मिले। बाल श्रमिक मिलने पर टीम ने उनके परिजनों को मौके पर बुलाया। बच्चों से काम नहीं कराने की हिदायत दी गई। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को श्रम विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। दुकानों पर लगाए पोस्टर टीम ने दुकानदारों और लोगों को बाल श्रम कानून की जानकारी दी। मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, बेकरी, ऑटोमोबाइल दुकानों और गैराज में बाल श्रम निषेध से जुड़े पोस्टर भी लगाए गए। लोगों को बाल संरक्षण और आपातकालीन मदद के लिए 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 और 181 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। बच्चों से काम कराने पर रोक लगाना मकसद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी अभय राज मिश्रा ने बताया कि अभियान का मकसद लोगों को बाल श्रम के प्रति जागरूक करना है। होटल, ढाबे और मिठाई की दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों में नाबालिग बच्चों से काम कराने पर रोक लगाना है। उन्होंने दुकानदारों के साथ आम लोगों से भी बाल श्रम रोकने के अभियान में सहयोग करने की अपील की।
शहर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में आज यानी रविवार (30 अगस्त) का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। यूपी टी20 लीग (UP T20 League 2026) में आज डबल हेडर यानी दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। छुट्टी का दिन होने की वजह से मैदान पर चौके-छक्कों की आतिशबाजी देखने के लिए भारी तादाद में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पहला मुकाबला, दोपहर में भिड़ेंगी गोरखपुर और लखनऊ की टीमें दिन का पहला यानी मैच नंबर 26 दोपहर 3:00 बजे से शुरू होगा। इस मैच में गोरखपुर लायंस और लखनऊ फाल्कन्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। दोपहर की गर्मी और पिच के मिजाज को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी या बल्लेबाजी का फैसला लेकर बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। दूसरा मुकाबला, शाम को नोएडा और मेरठ के बीच जंग इसके बाद शाम का नजारा और भी रोमांचक होगा। मैच नंबर 27 में शाम 7:30 बजे नोएडा सुपर किंग्स का सामना मेरठ मावेरिक्स से होगा। दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट्स) में खेले जाने वाले इस मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी उम्मीद है। मेरठ और नोएडा दोनों ही टीमों में कई विस्फोटक बल्लेबाज और धारदार गेंदबाज मौजूद हैं, जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। ग्रीन पार्क में दिखेगा फैंस का भारी उत्साह रविवार की छुट्टी होने के कारण कानपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी क्रिकेट फैंस के ग्रीन पार्क पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। आयोजकों ने दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रीन पार्क की पिच पर बनने वाले रनों का आंकड़ा और स्पिनर्स की भूमिका इन दोनों मैचों में हार-जीत तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
किशनगंज पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने साइबर ठगी के मामले में पीड़ित को बड़ी राहत प्रदान करते हुए ठगी गई राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस कराने में कामयाबी पाई है। साइबर थाना कांड संख्या-22/24 के वादी मुजीबुर रहमान साइबर ठगी का शिकार हुए थे। साइबर अपराधियों ने उनसे कुल ₹1,60,999 की ठगी की थी। शिकायत दर्ज होने के बाद, साइबर थाना की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच शुरू की और संबंधित बैंकिंग संस्थानों तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया। जांच और लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप, ठगी गई कुल राशि में से ₹1,20,725 पीड़ित को सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने राहत व्यक्त की और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। बची हुई राशि की वापसी के लिए प्रयास जारी साइबर डीएसपी रविशंकर ने बताया कि शेष राशि की वापसी के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया जारी है। संबंधित खातों और लेनदेन की गहन जांच की जा रही है, ताकि बची हुई राशि भी पीड़ित को वापस दिलाई जा सके। किशनगंज पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के प्रति अत्यधिक सतर्क रहें। साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी गई राशि को बचाया जा सके। साइबर थाना की इस सफलता को साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जो अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
कानपुर में महिला का शव फंदे पर मिला:मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई, प्रताड़ना का आरोप
कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव में शनिवार शाम करीब पांच बजे एक महिला का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने महिला की हत्या कर शव फंदे से लटकाए जाने की आशंका जताते हुए पति समेत ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया। सूचना मिलते ही महाराजपुर थाने का पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस कह रही है। दवा दिलाकर ससुराल छोड़कर गया था चचेरा भाई जाना शेखपुर गांव निवासी माला (32) की शादी करीब आठ साल पूर्व महाराजपुर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव निवासी मुन्ना निषाद के साथ हुई थी। माला के दो बच्चे, बेटा रुद्रा और बेटी वैष्णणी हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर माला की तबीयत खराब होने पर ताऊ के बेटे शनि उसे दवा दिलाने के बाद करीब तीन बजे ससुराल छोड़कर आया था। शनि के मुताबिक इसके करीब एक घंटे बाद उसके बहनोई मुन्ना ने फोन कर बताया कि माला ने फांसी लगा ली है। फोन पर जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग आनन-फानन लालूपुर गांव पहुंचे। घर के अंदर माला का शव फंदे से लटका देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने घटना को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पति पर आए दिन मारपीट करने का आरोप मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही माला को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता था और जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों का आरोप है कि माला की मानसिक हालत ठीक नहीं होने के बावजूद उसका उचित इलाज नहीं कराया गया। भाई शनि ने आरोप लगाया कि पति मुन्ना ने मारपीट करने के बाद उसकी बहन की हत्या कर शव फंदे से लटका दिया। वहीं पति मुन्ना का कहना है कि माला करीब दो साल से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी और उसका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति के दूसरी युवती से संबंध का भी आरोप पुलिस की पूछताछ के दौरान मायके पक्ष के लोगों ने पति पर एक युवती से अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया। परिजनों का कहना है कि इसी बात को लेकर पति और माला के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि पति दूसरी युवती के संबंधों को लेकर माला के साथ मारपीट करता था जिससे वह काफी परेशान रहती थी। हालांकि पुलिस ने अभी किसी आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना पर महाराजपुर पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिजनों और ससुरालियों से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। महाराजपुर थाना प्रभारी बोले जाँचकर होंगी आगे की कार्रवाई महाराजपुर थाना प्रभारी ने बताया महिला की मौत प्रथम दृष्टया फांसी लगाने से हुई प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
आगर-मालवा में उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर रविवार को तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़ी गायों को टक्कर मार दी। हादसे में छह गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई। और आधा दर्जन गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं।ग्रामीणों ने किया चक्का जामहादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर जाम जैसे हालत बन गए। जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा और थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। बैरिकेडिंग की मांगग्रामीणों ने हाईवे पर गोवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। सड़क पर बैरिकेडिंग लगाने और गोवंश को सड़क से हटाने के लिए लोगो की तैनाती की मांग की। ट्रक चालक गिरफ्तारअधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्का जाम खतम हुआ। हादसे में घायल गोवंश का इलाज कराया गया। सीएसपी कुशवाहा ने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बस्ती में लालगंज थाने में तैनात महिला आरक्षी केसरी वर्मा का रविवार को निधन हो गया। उनके ससुराल अमेठी के बनबीरपुर संग्रामपुर से सुबह करीब 9:15 बजे उनका शव अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट रवाना किया गया। इस दौरान पति नागेंद्र वर्मा और परिजन गमगीन नजर आए। शनिवार रात करीब 10 बजे नागेंद्र वर्मा पत्नी का शव लेकर अपने पैतृक गांव बनबीरपुर संग्रामपुर पहुंचे थे। शव पहुंचते ही घर में मातम छा गया। रात से ही रिश्तेदारों और ग्रामीणों का घर पर जुटना शुरू हो गया था। रविवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। जब केसरी की अर्थी घर से उठी, तो पति नागेंद्र खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। रिश्तेदारों ने उन्हें ढांढस बंधाया। करीब दो साल पहले जिस घर में केसरी दुल्हन बनकर आई थीं, रविवार को उसी घर से उनकी अंतिम यात्रा निकली। केसरी के मायके पक्ष के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। केसरी और उनके पति नागेंद्र दोनों पुलिस विभाग में सिपाही थे। वे बस्ती के बनकटी कस्बे में किराए के मकान में रहते थे। केसरी के ससुर छेदीलाल वर्मा खेती-किसानी करते हैं, जबकि उनके बड़े भाई धर्मेंद्र पटेल (वर्मा) मुंबई में व्यवसाय करते हैं। पत्नी की मौत के बाद नागेंद्र पूरी तरह टूट चुके हैं। रविवार सुबह ससुराल से निकली केसरी की अंतिम यात्रा प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट के लिए रवाना हुई, जहां परिजन उनका अंतिम संस्कार करेंगे। परिवार और पति की आंखों में यह दुख साफ झलक रहा था।
गोरखपुर चिड़ियाघर में आए 5 नए मेहमान:बाघों का बढ़ रहा कुनबा, रेस्क्यू सेंटर में हो रही देखभाल
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां चिड़ियाघर में पांच बाघों की जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया है। कभी खुले जंगल में आज़ादी से घूमने वाले ये बाघ अब हमेशा के लिए चिड़ियाघर में रहेंगे। वन विभाग ने साफ कर दिया है कि इन्हें दोबारा जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा, क्योंकि ये बाघ बार-बार इंसानी बस्तियों के पास आ रहे थे और लोगों के लिए खतरा बन रहे थे। दरअसल, इन बाघों में तीन मादा और दो नर शामिल हैं, जिन्हें लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बहराइच से अलग-अलग समय पर रेस्क्यू किया गया। ये बाघ गांवों, खेतों और आबादी वाले इलाकों में घूमते पाए गए, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया था। ऐसे हालात में वन विभाग ने इन्हें पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। क्यों नहीं लौटेंगे अब जंगल में विशेषज्ञों के अनुसार, जो बाघ इंसानों के संपर्क में आ जाते हैं, उनका स्वभाव बदल जाता है। वे इंसानों से डरना कम कर देते हैं और बार-बार बस्तियों की ओर लौट सकते हैं। ऐसे में उन्हें फिर से जंगल में छोड़ना खतरे से खाली नहीं होता। इसलिए इन बाघों को अब चिड़ियाघर में ही सुरक्षित रखने का फैसला लिया गया है। फिलहाल सभी बाघ चिड़ियाघर के रेस्क्यू सेंटर में रखे गए हैं। यहां डॉक्टर और विशेषज्ञ उनकी सेहत और व्यवहार पर लगातार नजर रख रहे हैं। धीरे-धीरे इनका व्यवहार शांत हो रहा है और ये नियमित रूप से खाना भी खा रहे हैं। जब इनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी, तब इन्हें एक-एक करके बड़े बाड़ों में शिफ्ट किया जाएगा। अमर और गीता के साथ बढ़ेगा परिवार चिड़ियाघर में पहले से ही नर बाघ ‘अमर’ और सफेद बाघिन ‘गीता’ मौजूद हैं। अब इन पांच नए बाघों के आने से बाघों की संख्या बढ़ जाएगी। आने वाले समय में दर्शक इन बाघों को भी करीब से देख सकेंगे, जिससे चिड़ियाघर का आकर्षण और बढ़ेगा। इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है। अगर इन बाघों को फिर से जंगल में छोड़ा जाता, तो वे दोबारा गांवों में आ सकते थे और लोगों के लिए खतरा बन सकते थे। इसलिए चिड़ियाघर में इन्हें सुरक्षित माहौल, समय पर खाना और इलाज दिया जाएगा। अब ये पांचों बाघ कभी जंगल नहीं जाएंगे। उनकी पूरी जिंदगी गोरखपुर चिड़ियाघर में ही बीतेगी, जहां वे सुरक्षित रहेंगे और लोगों को भी उनसे कोई खतरा नहीं होगा।
राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में सड़क किनारे अधेड़ व्यक्ति की लाश मिली है। मृतक की पहचान फाफाडीह निवासी कैलाश निर्मलकर के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि उसे शराब पीने की आदत थी और वह शनिवार शाम से लापता था। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे उसका शव पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही खमतराई थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नाली में पड़ा था शव पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक का शव सड़क किनारे नाली में पड़ा हुआ था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
शिवपुरी शहर के कमलागंज इलाके में शनिवार रात शराब दुकान पर दो युवकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने दुकान के अंदर घुसकर शराब की बोतलें तोड़ दीं। यह घटना करीब एक घंटे तक चली, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 9 बजे कमलागंज स्थित थीम रोड पर यह घटना हुई। कमलागंज निवासी रवि जाटव और अजय जाटव ने पहले दुकान के बाहर लोगों से धक्का-मुक्की की। इसके बाद वे शराब दुकान के अंदर घुस गए। दुकान के भीतर भी दोनों युवकों ने उत्पात मचाया और वहां रखी शराब की बोतलें तोड़ दीं। इस हंगामे के कारण मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने पकड़ा तो विरोध कियाघटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों को दोनों युवकों को पकड़कर वाहन में बैठाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि उन्होंने विरोध किया। बाद में दोनों को थाने ले जाया गया। हालांकि, शराब दुकान संचालक या किसी अन्य व्यक्ति ने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसके बावजूद, पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में रवि जाटव और अजय जाटव के खिलाफ शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को रविवार को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।
बस्ती के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने शव देखा तो वे बदहवास हो गए। बेटे संदीप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही वह परिवार के साथ पिता से मिलकर लखनऊ गए थे। उस समय ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था, जिससे उनके इस कदम का अंदाजा लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह की अपनी छोटी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे कलेक्ट्रेट के पास स्थित सरकारी आवास में थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव मिला था। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर डीआईजी संजीव त्यागी, एसपी डॉ. यशवीर सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच के बाद सरकारी आवास के कमरे को सील कर दिया गया है। दोपहर में सहकर्मियों के साथ पहुंचे थे आवास पुलिस के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपने सहकर्मियों के साथ सरकारी आवास पहुंचे थे। उनके साथी पुलिसकर्मी सिविल लाइन चौकी पर रुक गए, जबकि सूर्य प्रकाश सिंह आराम करने के लिए अपने कमरे में चले गए। शाम करीब 6:45 बजे दरोगा बलराम गौड़ उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए। कमरे में सूर्य प्रकाश सिंह का शव फंदे से लटका मिला। मोबाइल स्टेटस में लिखा- शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ नहीं पुलिस के मुताबिक, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने निजी मोबाइल के स्टेटस पर लिखा था- धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं। हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। यही वजह है कि पुलिस मौत के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सर्विलांस और फोरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य घटना के बाद पुलिस की सर्विलांस, फोरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने सरकारी आवास पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले तक सूर्य प्रकाश सिंह सामान्य थे। ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार और विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल उनकी मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जिले के खींवसर-माडपुरा सड़क मार्ग पर 25 अगस्त को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल रिटायर्ड फौजी धन्नाराम डूडी की भी मौत हो गई। धन्नाराम का जोधपुर में इलाज चल रहा था। जहां रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। इस हादसे में इससे पहले धन्नाराम की पत्नी, उनके छोटे भाई और छोटे भाई की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। डंपर ने कार को 50 फीट तक घसीटा था हादसा 25 अगस्त की शाम करीब 6:20 बजे पांचौड़ी थाना क्षेत्र में हुआ था। परिवार के सभी सदस्य एक रिश्तेदार की शोकसभा में शामिल होने बीकानेर के नोखा गए थे। शाम को वे कार से अपने गांव माडपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान खींवसर-माडपुरा सड़क मार्ग पर तेज रफ्तार डंपर रॉन्ग साइड से आया और सामने से आ रही कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। डंपर कार को करीब 50 फीट तक घसीटकर ले गया। हादसे में धन्नाराम की पत्नी, छोटे भाई और भाभी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि धन्नाराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया था। परिजनों ने मॉर्च्युरी के बाहर धरना दिया था हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने खींवसर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना देकर आरोपी डंपर चालक की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस की ओर से आरोपी चालक को गिरफ्तार किए जाने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया था। इसके बाद तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा गया था। 5 दिन पहले ही खरीदी थी नई कार जांच में सामने आया था कि हादसे में क्षतिग्रस्त टाटा नेक्सन कार परिवार ने हादसे से महज पांच दिन पहले ही नागौर के एक शोरूम से खरीदी थी। कार पर अभी टेंपररी नंबर ही लगे हुए थे। नई कार में परिवार के चार सदस्य शोकसभा से वापस अपने गांव लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दी। प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र सिंह के अनुसार डंपर खींवसर से माडपुरा की ओर तेज रफ्तार में रॉन्ग साइड चल रहा था। माडपुरा के पास सामने से कार आती दिखाई दी तो चालक ने कार को साइड में लेने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले ही डंपर ने कार को टक्कर मार दी। ये खबर भी पढ़ें… 5-दिन पहले खरीदी कार का एक्सीडेंट,पति-पत्नी समेत 3 की मौत:रॉन्ग साइड से आए डंपर ने 50 फीट तक घसीटा; रिटायर्ड फौजी जोधपुर रेफर नागौर जिले में रॉन्ग साइड से आए तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी। डंपर कार को करीब 50 फीट तक घसीटकर ले गया। हादसे में पति-पत्नी और भाभी की मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जोधपुर रेफर किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
यूपी टी-20 लीग के 25वें मुकाबले में ग्रीनपार्क स्टेडियम में छक्कों और चौकों की ऐसी बरसात हुई कि मैदान में मौजूद दर्शक झूम उठे। बारिश के कारण मैच देर से शुरू हुआ, लेकिन ग्राउंड स्टाफ की कड़ी मेहनत के चलते जैसे ही मैदान से कवर हटाए गए, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 12-12 ओवर के इस धमाकेदार मुकाबले में कानपुर सुपरस्टार्स ने समीर रिजवी की आतिशी पारी के दम पर नोएडा सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। बारिश की वजह से 12 ओवर का तय हुआ मुकाबला कानपुर सुपरस्टार्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बारिश की वजह से ओवरों में कटौती की गई और मैच को 20 की जगह 12-12 ओवर का कर दिया गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी नोएडा सुपर किंग्स की शुरुआत तेज रही, लेकिन कानपुर के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की। नोएडा की तरफ से कप्तान प्रशांत वीर ने 27 गेंदों में 50 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 6 विकेट खोकर 128 रन बनाए। समीर रिजवी ने अकेले दम पर बदल दिया मैच का रुख 129 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कानपुर सुपरस्टार्स की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान आदर्श सिंह बिना खाता खोले दूसरे ही ओवर में पवेलियन लौट गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए समीर रिजवी ने मैदान पर कदम रखते ही नोएडा के गेंदबाजों की क्लास लगाना शुरू कर दिया। समीर रिजवी ने क्रीज पर आते ही चौके-छक्कों की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 39 गेंदों में 233.33 की तूफानी स्ट्राइक रेट से नाबाद 91 रन बना डाले। अपनी इस धमाकेदार पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। दूसरे छोर से अभिषेक पांडे 17 गेंद पर 31 रन बनाकर उनका बखूबी साथ निभाया। 10.4 ओवर में ही हासिल कर लिया लक्ष्यसमीर रिजवी के इस तूफानी शतकनुमा पारी के बदौलत कानपुर सुपरस्टार्स ने 10.4 ओवर में ही 2 विकेट के नुकसान पर 130 रन बनाकर आसान जीत दर्ज कर ली। ग्राउंड स्टाफ की मेहनत और समीर रिजवी के इस उम्दा प्रदर्शन ने ग्रीन पार्क में आए फैंस का पूरा पैसा वसूल कर दिया।
अमेठी में आरक्षण व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। गौरीगंज के रायबरेली रोड स्थित लोदी वीर बाबा के पास बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को जिला प्रशासन के माध्यम से शासन तक पहुंचाने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी अमेठी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि उनका उद्देश्य किसी जाति, वर्ग या समुदाय का विरोध करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जो समानता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और वास्तविक जरूरतमंदों के हितों का ध्यान रखे। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने की मांग की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। साथ ही, आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से संबंधित प्रस्तावित प्रावधानों पर विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं को सुनने और व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि किसी भी नई नीति या कानून को लागू करने से पहले उसके सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार द्वारा उचित संवाद और परामर्श की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की गई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे उनकी मांगों को सक्षम शासन और संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिसकर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की। इस प्रदर्शन में आदर्श प्रताप सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राणा सुरेश सिंह बैस, सर्वेश प्रताप सिंह, हिमांशु सिंह पथिक, सुरेन्द्र प्रकाश सिंह, अभिषेक सिंह बैस, आदित्य सिंह सहित समस्त स्वर्ण समाज अमेठी के प्रतिनिधि शामिल थे।
औरंगाबाद में तेज रफ्तार हाइड्रा ने साइकिल सवार किसान को रौंद दिया। हादसे में गंभीर रूप घायल हो गए। इलाज के लिए आनन-फानन में ग्रामीणों ने कुटुंबा अस्पताल रेफरल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान तमसी गांव निवासी रामराज मेहता के पुत्र प्रमोद मेहता (50) के रूप में हुई है। आरोप है कि गाड़ी चलाते समय ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था, जिसके चलते ये हादसा हुआ है। घटना अंबा-नबीनगर रोड पर दधपा गांव स्थित ब्रह्म स्थान के पास की है। हादसे के विरोध में रोड जाम जानकारी के मुताबिक प्रमोद मेहता सरसों लेकर मिल पर तेल निकलवाने जा रहे थे। टक्कर लगते ही सड़क पर गिए गए। इस दौरान गाड़ी का चक्का उन पर चढ़ गया, जिसके चलते उनकी जान चली गई। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन भड़क गए। हॉस्पिटल से शव लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। बीच रोड पर शव रखकर रोड जाम कर दिया। जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जानकारी मिलने के बाद अंबा और कुटुंबा पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित लोगों को समझाने और जाम हटवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग ग्रामीणों का आरोप है कि किसान को कुचलने वाला हाइड्रा भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में लगी कंपनी का है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। ड्राइवर की गिरफ्तारी और वाहन की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है। हादसे के कारण अंबा-नबीनगर मुख्य मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ प्रमोद मेहता की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।प्रमोद की एक बेटी की शादी पहले हो चुकी थी। अभी उनके बेटे प्रभु और एक बेटी की शादी की जिम्मेदारी बाकी थी। प्रशासन से मुआवजे की मांग परिवार को उम्मीद थी कि खेती-किसानी और मेहनत-मजदूरी कर प्रमोद बच्चों की शादी की जिम्मेदारी पूरी करेंगे, लेकिन सड़क हादसे ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिता की मौत के बाद पुत्र प्रभु समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, फरार ड्राइवर को गिरफ्तार करने और निर्माण कंपनी के स्तर से भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटों को लेकर सियासी हलचल के बीच अब राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) भी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी यूपी और जाट राजनीति से जुड़ी पार्टी की पहचान बदलने के लिए रालोद अब प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी संगठन मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पार्टी का विशेष सम्मेलन हुआ। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी शामिल हुए। रायबरेली के बीके शुक्ला समेत कई नेता ने ली सदस्यताकार्यक्रम में रायबरेली के ब्राह्मण नेता बीके शुक्ला अपने समर्थकों के साथ रालोद की सदस्यता ली। बीके शुक्ला शिक्षक एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पार्टी अब उन्हें ब्राह्मण समाज के बीच संगठन विस्तार की जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। इसके अलावा कई अन्य ब्राह्मण और सवर्ण नेताओं के भी रालोद में शामिल होने की संभावना है।रालोद ने हाल में अनुपम मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। पार्टी के भीतर इसे ब्राह्मण समाज को संगठन से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का फोकस अब केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित रहने के बजाय पूर्वांचल, मध्य यूपी और बुंदेलखंड में भी संगठन खड़ा करने पर है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी राजनीतिक जानकार मानते है कि रविवार के सम्मेलन में पार्टी के संगठन विस्तार को लेकर भी रणनीति तैयार की जाएगी। रालोद की कोशिश प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण और दूसरे सवर्ण समाज को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान दिया जाएगा।रालोद के प्रदेश प्रवक्ता मयंक त्रिवेदी का कहना है कि पार्टी ब्राह्मणों और सवर्णों को मजबूती से अपने साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि पार्टी सत्ता में आने पर इन वर्गों को उचित सम्मान और भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। सपा के बाद रालोद की नजर ब्राह्मण वोट बैंक पर राजनीतिक जानकार मानते है कि यूपी में ब्राह्मणों को साधने की कोशिश पहले से कई राजनीतिक दल कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी भी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने के लिए लगातार सक्रिय है। ऐसे में एनडीए का हिस्सा रालोद भी अब अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए ब्राह्मण और सवर्ण मतदाताओं पर फोकस कर रहा है। लखनऊ में होने वाला रविवार का सम्मेलन इसी बदली राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सोनीपत शहर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र कच्चे क्वार्टर मार्केट में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। एक दुकान से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते चार अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को कच्चे क्वार्टर बाजार स्थित एक दुकान में अचानक धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगीं। आग ने तेजी से फैलते हुए पड़ोस की चार अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण घटना के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को दी गई। दमकल विभाग की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे इसे और फैलने से रोका जा सका। हादसे की खबर मिलते ही सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस टीम ने भी घटना स्थल का मुआयना किया है और आग लगने के कारणों तथा हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
महराजगंज में महज 400 रुपये के लेनदेन का विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पनियरा थाना क्षेत्र के गोनहा गांव के सतुअहवा टोला निवासी मेवालाल प्रजापति (38) की शनिवार शाम रोहुआ चौराहा पुल के पास बेरहमी से पिटाई कर दी गई। आरोप है कि आरोपी ने उनका गला दबाया और गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। पत्नी राजमती और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना शनिवार 29 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। मेवालाल अपने सात वर्षीय बेटे अंश और दामाद दिलीप प्रजापति के साथ बाजार जा रहे थे। जैसे ही वे रोहुआ चौराहा के पास पहुंचे, वहां रामकेश निषाद निवासी रोहुआ, थाना गुलरिहा, पहले से मौजूद था। आरोप है कि रामकेश ने पैसों के लेनदेन को लेकर मेवालाल से विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसने मेवालाल को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान सात वर्षीय बेटा अंश पिता को बचाने के लिए रोता-बिलखता रहा। सूचना मिलने पर मेवालाल की पत्नी राजमती भी मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि जब वह शिकायत करने रामकेश के घर गईं तो आरोपी की पत्नी ने उनके साथ भी मारपीट की। परिजन और ग्रामीण जब मेवालाल के पास पहुंचे, तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी और मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी राजमती देवी ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पनियरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि घटना का मुख्य स्थल गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में आता है। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में संबंधित थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है। मिट्टी के बर्तन बनाकर चलाते थे परिवार मेवालाल परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाते थे और गांव-गांव जाकर उन्हें बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी कमाई से दो बेटियों की शादी हो चुकी थी, जबकि दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। सात वर्षीय बेटे अंश की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी। मेवालाल की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पत्नी राजमती का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि महज 400 रुपये के विवाद में उनके पति की जान चली गई। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
मध्यप्रदेश की शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। मई माह से वेतन लंबित होने के कारण प्रदेश के लगभग 530 स्कूलों के साथ-साथ बैतूल जिले के करीब 10 अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षक-कर्मचारी भी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। नियमित सेवाएं देने के बावजूद लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, फीस, चिकित्सा खर्च, बैंक की किस्तें, मकान किराया और रोजमर्रा के घरेलू खर्च वेतन पर निर्भर हैं। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर भी वेतन न मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन मई माह से लंबितमध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन मई माह से लंबित है। उन्होंने बताया कि जिलों से वस्तुनिष्ठ परीक्षण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। हालांकि, आवश्यक जानकारी भेजे जाने के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय स्तर से वेतन जारी नहीं होने की बात सामने आ रही है। वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग कीसंघ के नारायण अडलक ने जानकारी दी कि बैतूल जिले में लगभग 10 अनुदान प्राप्त शालाएं संचालित हैं। इनमें कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भी पांच माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से कई परिवारों की आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एलबी सेठ ने शासन से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आगामी महीनों के लिए आवश्यक बजट समय पर जारी करने की भी मांग की है, ताकि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों को वेतन के लिए बार-बार इंतजार न करना पड़े।
कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के कस्बा गौसगंज के वार्ड नंबर-1 में रविवार सुबह युवक का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान सुशील के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही मूसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों के हंगामे की जानकारी पर भोगनीपुर सीओ राजीव सिरोही और एसडीएम देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। छोटे भाई की कोर्ट मैरिज के बाद शुरू हुआ विवाद मृतक की मां शिवकांति के मुताबिक, उनके छोटे बेटे अनुज ने 7 अगस्त को मोहल्ले की रहने वाली शालू पुत्री महाजन से कोर्ट मैरिज की थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से शालू के परिवार के लोग उनके परिवार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। परिजनों के अनुसार, इसी विवाद को लेकर 12 अगस्त को मूसानगर थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद धमकियों और गाली-गलौज का सिलसिला जारी रहा। सुशील ने 14 अगस्त को थाने में शिकायत देकर छोटे भाई अनुज और शालू की शादी के बाद परिवार को मिल रही धमकियों की जानकारी पुलिस को दी थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। रात में थाने पहुंचे 70 से ज्यादा लोग, सुबह मिला शव मृतक की मां शिवकांति का आरोप है कि शनिवार रात करीब 50 महिलाएं और 20 पुरुष शिकायत लेकर मूसानगर थाने पहुंचे थे। परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। मृतक के भाई सुदीप ने आरोप लगाया कि थाने में उनकी शिकायत सुनने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उन्हें ही डांटकर वापस भेज दिया। उनके मुताबिक, थाना प्रभारी ने थाने पहुंचे लोगों के नाम लिखने और वीडियो बनाने की बात कही और कार्रवाई की चेतावनी दी। परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे सुशील से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल संपर्क नहीं हुआ। रविवार सुबह करीब 7 बजे उसका शव घर के पीछे पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई सुशील के भाई सुदीप का आरोप है कि अनुज के कोर्ट मैरिज करने के बाद से ही शालू के परिवार की ओर से धमकियां दी जा रही थीं। परिवार का कहना है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सुशील की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते धमकियों की शिकायत पर कार्रवाई की जाती तो शायद सुशील की जान बच सकती थी। सीओ और एसडीएम ने संभाला मोर्चा युवक का शव मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जुट गए। आक्रोशित परिजनों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही और एसडीएम देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी बोलीं- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि एक बालिग युवक-युवती ने घर से जाकर शादी की थी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। युवक के बड़े भाई का शव फंदे पर लटका मिला है। एसपी के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुशील ने आत्महत्या की या उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मध्यप्रदेश की सियासत में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर विवाद उठा है। 'जंग-ए-आज़ादी में उलमा की कुर्बानी' कार्यक्रम के समापन के अवसर पर राजधानी भोपाल के बुधवारा चौराहे पर आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। इस मंच से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा उस सरकार के मंसूबे देखिए जिसे गांव-गांव तक इस कानून को तक ले जाना है। वो बात अलग है कि बहुमत में उन्होंने ये काला कानून पास करा लिया। लेकिन, आने वाले समय में जब सरकार आएगी तो यूसीसी को खत्म किया जाएगा। आरिफ मसूद ने खोली 'मोहब्बत की दुकान' विधायक आरिफ मसूद द्वारा आयोजित आज़ादी के पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान अतिथियों द्वारा बच्चों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने विधायक आरिफ मसूद के प्रयासों की जमकर सराहना की। पटवारी ने कहा, नफरत के इस दौर में आरिफ मसूद जी ने आज़ादी का पखवाड़ा मनाकर राहुल गांधी जी की ‘मोहब्बत की दुकान’ को सही मायनों में खोला है। मप्र के यूसीसी में मुख्य प्रावधान विवाह और बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध मध्य प्रदेश में लागू इस संहिता के अंतर्गत विवाह की एक समान व्यवस्था सुनिश्चित की गई है जिसके तहत राज्य में बहुविवाह को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। कानून प्रभावी होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने पहले जीवनसाथी के जीवित रहते या उससे कानूनी तलाक लिए बिना दूसरा विवाह नहीं कर सकता है। यह नियम सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होता है, जिससे वैवाहिक अधिकारों में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। विवाह एवं विवाह विच्छेद का अनिवार्य पंजीकरण संहिता के प्रावधानों के अनुसार राज्य के भीतर होने वाले प्रत्येक विवाह और विवाह विच्छेद (तलाक) का सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समय सीमा के भीतर निर्धारित प्राधिकारी के पास इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा और पंजीकरण न कराने की स्थिति में संबंधित पक्षों पर दंडात्मक कार्रवाई अथवा आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य वैवाहिक धोखाधड़ी को रोकना और कानूनी अधिकारों को मजबूत करना है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कड़े नियम बिना विवाह के साथ रहने वाले जोड़ों यानी लिव-इन रिलेशनशिप के लिए इस संहिता में विशेष और कड़े नियम तय किए गए हैं। ऐसे जोड़ों को एक निश्चित अवधि के भीतर रजिस्ट्रar के समक्ष अपने संबंध की घोषणा कर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। यदि लिव-इन पार्टनर्स में से किसी की भी आयु 21 वर्ष से कम है, तो इस पंजीकरण की सूचना उनके माता-पिता या अभिभावकों को दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने या पंजीकरण न कराने पर जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। उत्तराधिकार और संपत्ति में समान अधिकार संपत्ति के उत्तराधिकार के मामलों में ऐतिहासिक सुधार करते हुए इस संहिता में बेटे और बेटियों को पूरी तरह से समान धरातल पर ला खड़ा किया गया है। पैतृक एवं स्व-अर्जित संपत्ति पर अब बेटियों का भी उतना ही कानूनी हक होगा जितना बेटों का होता है, चाहे वे विवाहित हों या अविवाहित। इसके साथ ही माता-पिता की संपत्ति पर पत्नी और बच्चों के अधिकारों को भी इस प्रकार सुदृढ़ किया गया है जिससे किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव की गुंजाइश न बचे। बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और वैधानिकता बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संहिता ने समाज में उनके कानूनी अधिकारों को अत्यधिक मजबूत किया है। नए प्रावधानों के तहत अब लिव-इन रिलेशनशिप, सरोगेसी या कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चों को भी माता-पिता की संपत्ति और भरण-पोषण में जैविक बच्चों की तरह ही पूरे अधिकार प्राप्त होंगे। कानून में बच्चों के प्रति होने वाले किसी भी प्रकार के सामाजिक या कानूनी भेदभाव को समाप्त करने का स्पष्ट प्रयास किया गया है। पारंपरिक कुप्रथाओं पर प्रतिबंध विवाह विच्छेद और सामाजिक कुप्रथाओं से जुड़े मामलों में महिलाओं के शोषण को रोकने के लिए इस संहिता में कड़े कदम उठाए गए हैं। तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को कानूनन अमान्य ठहराते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनके स्थान पर केवल न्यायालय और निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही विवाह विच्छेद को मान्यता दी जाएगी ताकि समाज के हर वर्ग की महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन और समान सामाजिक न्याय मिल सके। जनजातीय समाज को विशेष छूट राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने के लिए इस संहिता में मध्य प्रदेश की अधिसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को विशेष रूप से रियायत दी गई है। संविधान के दायरे में आने वाले आदिवासी समाजों के पारंपरिक नियमों, प्रथाओं और उनकी विशिष्ट जीवन शैली को देखते हुए उन्हें इस समान नागरिक संहिता के कड़े प्रावधानों से पूरी तरह बाहर (मुक्त) रखा गया है, ताकि उनकी रीति-रिवाज अक्षुण्ण बनी रहें।
लंबित न्यायालयीन वारंटों की तामिली को लेकर दुर्ग पुलिस ने शनिवार को जिलेभर में एक साथ अभियान चलाया। अपराध शाखा और अलग-अलग थाना क्षेत्रों की टीमों ने वारंटियों की तलाश में उनके घरों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। अभियान के दौरान एक ही दिन में 101 लंबित वारंट तामील किए गए। पकड़े गए वारंटियों को संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के इस अभियान में सबसे ज्यादा 23 वारंट दुर्ग थाना क्षेत्र से तामील किए गए। इसके बाद छावनी थाना क्षेत्र से 15 और मोहन नगर थाना क्षेत्र से 10 वारंट तामील हुए। इस तरह इन तीन थाना क्षेत्रों से ही कुल 48 लंबित वारंटों की तामिली की गई। शेष कार्रवाई जिले के अन्य थाना और चौकी क्षेत्रों में की गई। एक दिन में 101 वारंट तामील, अलग-अलग मामलों में थे लंबित पुलिस के मुताबिक, ये वारंट अलग-अलग पुराने न्यायालयीन मामलों में लंबे समय से लंबित थे। इनमें मारपीट, चाकूबाजी, हथियार रखने, शराब से जुड़े मामले, चेक बाउंस समेत अन्य अपराध शामिल हैं। वारंट जारी होने के बाद संबंधित लोगों की तलाश पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई थी। शनिवार को अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पुराने अभिलेखों में दर्ज पतों की जांच की। स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाकर वारंटियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। कई मामलों में पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर एक साथ तलाश की, ताकि वारंटी पुलिस की कार्रवाई से बच न सकें। दुर्ग में सबसे ज्यादा कार्रवाई, छावनी दूसरे नंबर पर थाना-वार आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 23 वारंट तामील किए गए। इसके बाद छावनी में 15 और मोहन नगर में 10 वारंट तामील हुए। खुर्सीपार में 9, भिलाई भट्टी में 6, पुरानी भिलाई में 6 और नेवई में 6 वारंट तामील किए गए। इसके अलावा पद्मनाभपुर में 4, सुपेला और स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में 4-4, उतई में 4, कुम्हारी में 3, भिलाई नगर में 3, जामुल में 3, नंदिनी नगर में 2 और वैशाली नगर में 1 वारंट तामील किया गया। जानिए पुराने वारंटों पर फोकस क्यों ? किसी मामले में न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो वह वारंट लंबित रहता है। ऐसे मामलों की संख्या बढ़ने से पुलिस और न्यायालय, दोनों स्तरों पर लंबित मामलों का बोझ बढ़ता है। इसी वजह से पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर लंबित वारंटों की तामिली करती है। दुर्ग पुलिस का यह अभियान भी इसी कड़ी का हिस्सा था। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कार्रवाई करते हुए एक दिन में 101 लंबित वारंट तामील किए। पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के दौरान किसी तरह की जब्ती नहीं की गई।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर में शनिवार शाम अपाचे बाइक सवार दो बदमाशों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया। महिला अपने नाती को पार्क में घुमाकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बदमाशों ने सुनसान गली में उन्हें निशाना बनाया और वारदात के बाद संकरी गलियों से होते हुए फरार हो गए। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे, लेकिन तब तक बदमाश काफी दूर निकल चुके थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने नाकाबंदी कराई, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। दोनों बदमाश कई कैमरों में कैद हुए हैं। पार्क के पीछे गली में झपटा मारकर तोड़ा मंगलसूत्र महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित एफएएच-24 कोठारी हाउस के पास रहने वाली ढकेली देवी उर्फ बैजंती बाई कौशल (60) शनिवार शाम करीब 5:30 बजे अपने नाती को अटल पार्क घुमाने गई थीं। घर लौटते समय वह पार्क के पीछे स्विंग पुल के पास वाली गली में पहुंचीं। इसी दौरान सामने से सफेद रंग की अपाचे बाइक पर दो युवक आए। बाइक सवार बदमाश महिला के पास पहुंचे और पीछे बैठे युवक ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने का मंगलसूत्र तोड़ लिया। अचानक हुई वारदात से महिला घबरा गईं। उन्होंने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गए। पीड़िता के मुताबिक मंगलसूत्र में करीब 10 छोटे सोने के मोती और एक सोने का पेंडल लगा था। इसका वजन करीब एक तोले से अधिक बताया गया है। हेलमेट और सफेद साफा बांधे थे बदमाश महिला ने पुलिस को बताया कि बाइक चला रहे युवक ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि पीछे बैठे बदमाश ने सिर पर सफेद रंग का साफा बांध रखा था। मंगलसूत्र उसी पीछे बैठे बदमाश ने झपटा था। वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। जांच में बदमाश कई स्थानों पर कैमरों में कैद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी मुख्य सड़क की बजाय डीडी नगर की संकरी गलियों से होते हुए हाइवे की ओर भागे, ताकि उनकी पहचान और रास्ते को लेकर पुलिस को भ्रमित किया जा सके। मामले में महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि बाइक सवार दो बदमाशों ने बुजुर्ग महिला के गले से मंगलसूत्र झपटा है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बदायूं में गंगा स्नान के दौरान युवक डूबा:गहरे पानी में जाने से हादसा, गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी
बदायूं के सहसवान क्षेत्र में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक युवक गहरे पानी में डूब गया। यह घटना सुकुर्रा गंगा घाट पर हुई। युवक अपने साथी के साथ स्नान करने पहुंचा था। हादसे के बाद साथी ने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, उघैती थाना क्षेत्र के सलामतपुर गांव निवासी 25 वर्षीय बृजेश पुत्र भूरे अपने साथी मल्लू पुत्र रक्षपाल (निवासी विचोला, थाना जरीफनगर) के साथ गंगा स्नान के लिए आया था। स्नान करते समय बृजेश गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूब गया। बृजेश के डूबने की जानकारी मिलते ही मल्लू ने पीआरवी-112 और उसके परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही सहसवान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई। गोताखोर नदी में संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को भी घटना की सूचना दे दी गई है। युवक के गंगा में डूबने की खबर सुनकर परिजन भी घाट पर पहुंच गए। परिवार में चीख-पुकार मच गई और वे बृजेश के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि युवक की तलाश जारी है और एसडीआरएफ की टीम भी जल्द ही अभियान में शामिल होगी। युवक के मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के आजमगंज मड़िया गांव में शनिवार रात 23 वर्षीय युवक का शव पशुशाला में फंदे से लटका मिला। रविवार सुबह परिजनों की नजर शव पर पड़ी तो घर में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान ओमवीर पुत्र ओमकार बाबाजी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा शवघटना की सूचना मिलने पर कुंवरगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लिया। पुलिस की ओर से शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दो माह पहले हुई थी शादी, पत्नी के मायके जाने से था परेशानपरिजनों का कहना है कि ओमवीर की शादी करीब दो माह पहले हुई थी। रक्षाबंधन से पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी। शनिवार को ओमवीर अपनी ससुराल गया था, लेकिन पत्नी उसके साथ वापस नहीं आई। परिजनों के अनुसार, इस बात से वह काफी आहत था। उनका दावा है कि इसी परेशानी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। ससुराल पक्ष ने लगाया गला दबाकर हत्या का आरोपवहीं, इस मामले में ससुराल पक्ष की ओर से युवक के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ससुराल पक्ष का कहना है कि ओमवीर की गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में शव को फंदे से लटकाया गया। दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप सामने आने के बाद मामला संदिग्ध हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की कर रही जांचकुंवरगांव पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं, घटना को लेकर गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
कोलकाता : मेट्रो रेलवे ने डेंगू के लिए अभियान शुरू किया
कोलकाता, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और मेट्रो रेलवे ने शनिवार को शहर से डेंगू उन्मूलन के लिए एक 'विशेष अभियान' शुरू किया।
नेपाल में बाढ़ के बीच लापता विदिशा की स्वाति बागरेचा की तलाश के प्रयास अब केंद्र स्तर पर भी शुरू हो गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार देर रात स्वाति के पिता डॉ. केसी बागरेचा के निवास पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने स्वाति को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। परिवार से जानकारी लेने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात कर स्वाति की जानकारी साझा की। दरअसल, कनाडा के टोरंटो में इंजीनियर रहीं स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। वह चीन-तिब्बत सीमा के पास से लापता हो गई हैं। 26 अगस्त की सुबह 9 बजे परिवार से संपर्क टूट गया था। शिवराज सिंह चौहान ने परिवार के सदस्यों से स्वाति के नेपाल जाने से लेकर अब तक की पूरी जानकारी ली। परिवार ने बताया कि वे लगातार स्वाति से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। परिवार के अनुसार, स्वाति का मोबाइल फोन अभी चालू है और उस पर कॉल करने पर घंटी भी जा रही है। हालांकि, कॉल रिसीव नहीं हो रही है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात की परिवार से जानकारी लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को स्वाति के मामले की जानकारी दी। उसका मोबाइल नंबर भी साझा किया। उन्होंने अधिकारियों से स्वाति की लोकेशन और नेपाल में उसकी स्थिति का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा। परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा शिवराज सिंह चौहान ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में लगातार संपर्क में रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाति की तलाश के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित स्तर पर जानकारी साझा कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद परिवार को स्वाति की तलाश तेज होने की उम्मीद है। परिजन लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। मोबाइल पर घंटी जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं होने से परिवार उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है। शिवराज बोले- लगातार प्रयास करेंगे परिवार से मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे स्वयं भी इस मामले को लेकर लगातार प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाति की तलाश के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित स्तर पर जानकारी साझा कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद परिवार को भी उम्मीद जगी है कि अब स्वाति की तलाश के प्रयास तेज होंगे और जल्द ही उसकी स्थिति का पता चल सकेगा। परिवार की नजर अब हर फोन कॉल पर है। एक तरफ स्वाति के मोबाइल की बजती घंटी उम्मीद जगा रही है, तो दूसरी तरफ कॉल रिसीव नहीं होने से चिंता भी बढ़ रही है। परिवार और परिचित लगातार स्वाति के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
डीडवाना पुलिस लाइन में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की स्मृति में आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी खेल एवं फिटनेस अभियान 'खेलेगा भारत, जीतेगा भारत' का रविवार को समापन हुआ। इस अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान का एएसपी हिमांशु शर्मा और डीएसपी उमेश गुप्ता ने पर्यवेक्षण किया।इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन और पुलिस थाना डीडवाना के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। अभियान का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को नियमित खेल, व्यायाम और फिटनेस के प्रति जागरूक करना था। पहले दिन मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलिअभियान के पहले दिन 28 अगस्त को मेजर ध्यानचंद को डिजिटल श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद 'ऊर्जा से भरपूर 29 चैलेंज', 'पास द बॉल' और 'स्पोर्ट्स बंधन' जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। दूसरे दिन 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में जवानों के लिए एक घंटे का वॉलीबॉल मैच आयोजित किया गया। पुलिस जवानों ने इस मैच में उत्साह के साथ भाग लिया और शानदार खेल का प्रदर्शन किया। विशेष दौड़ और साइकिल यात्रा का आयोजनअभियान के अंतिम दिन 30 अगस्त को 'संडे ऑन साइकिल' के तहत एक विशेष दौड़ और साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। भारत की BRICS अध्यक्षता के उपलक्ष्य में आयोजित यह साइकिल यात्रा पंडित बछराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर से शुरू होकर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंची। डीडवाना सीआई उमेश गुप्ता ने साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साइकिल यात्रा के पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंचने पर सीआई गुप्ता और डीडवाना थानाधिकारी मोहन सिंह ने प्रतिभागी जवानों को फल वितरित किए। इसी के साथ 3 दिवसीय खेल एवं फिटनेस अभियान का सफल समापन हुआ।
रेवाड़ी जिला बार एसोसिएशन के 6 पदों के लिए चुनाव 11 सितंबर को होगा। जिसमें 2183 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के बाद मतदाता सूची को फाइनल कर दिया गया है। बार एसोसिएशन के 2215 अधिवक्ताओं के दावें एवं आपत्तियों की जांच के बाद 2183 मतदाताओं की फाइनल रूप दे दिया है। जिसका अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को किया जाएगा। चुनाव कमेटी ने की सुनवाई निर्वाचन अधिकारी सतीश डागर, अश्विनी कुमार तिवारी, चौधरी चरण सिंह, शमशेर सिंह यादव, रमेश यादव ने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल की ओर से 115 अधिवक्ताओं के नाम, ऑल इंडिया बार काउंसिल के टेस्ट की पास योग्यता, रिकॉर्ड में नाम एवं एनरोलमेंट नंबर का मेल ना खाना तथा कई बार एसोसिएशन में नाम दर्ज होने के बारे में आपत्तियां लगाई गई थी। बार काउसलिंग को भेजी सूची जिन पर सुनवाई की गई और संबंधित अधिवक्ताओं को लिखित में अपनी आपत्तियां दर्ज करने तथा सबूत के साथ दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था। जिला बार के निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि सब आपत्तियां सुनने के बाद 2183 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किया गया है। यह सूची बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा बार एसोसिएशन को प्रेषित की गई है। सोमवार को इसको अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिया जाएगा। EVM से होगा चुनाव उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव छह पदों के लिए कराए जा रहे हैं जिसमें प्रधान पद, उप प्रधान पद सामान्य एवं उप प्रधान पद महिला आरक्षित, सचिव, सह सचिव तथा कोषाध्यक्ष शामिल है। उप प्रधान पद महिला एवं सहसचिव महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रखा गया है। 6 प्रत्याशियों का चुनाव करने के लिए एक बूथ पर 6 ईवीएम मशीन रखी जाएगी। मतदान प्रक्रिया 11 सितंबर को सुबह 8 से 4 बजे तक चलेगी शाम 4 बजे तक चुनाव समाप्त होते ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।
आगरा के फतेहाबाद के गांव गुर्जा मेवली खुर्द में लंबे समय से जलभराव की समस्या के बीच सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। वो नाव लेकर पहुंचे। उन्होंने कहाकि जिला पंचायत पर 800 करोड़ रुपए का बजट आया। मगर, उस रुपए का बंदरबांट हो गया। उन्होंने विधायक पर भी निशाना साधा। कहा विधायक का नाम छोटे है, लेकिन काम उससे भी खोटे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रविवार सुबह बाल योगी गांव मेवली खुर्द पहुंचे। यहां पर लंबा समय से जलभराव की समस्या है। बाल योगी ने गली में भरे पानी में नाव चलाई। ग्रामीण भी उनके साथ पानी में खडे़ थे। बाल योगी ने कहाकि भैया, नाव चल रही है गुर्जा गांव, मेवली खुर्द गांव में। जिला पंचायत पर इन गांवों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए आए हैं। मगर, विकास तो भूल जाओ, जो 2 महीना पहले बारिश हुई उसका पानी आज तक सड़कों से नहीं निकला है। गांव के लोग बच्चे, बड़े-बूढे़ और महिलाओं को निकलना मुश्किल है। रोजाना अपनी जिंदगी अंधकार में डाल के यहां से निकलते हैं। विधायक शोक सभा में गाली देते हैंबाल योगी ने क्षेत्रीय विधायक छोटे लाल वर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहाकि यहां के विधायक विकास की बात करने पर शोक सभा में भी गाली दे देते हैं। उनका नाम छोटे है, लेकिन काम उतने ही खोटे है। उन्होंने चेतावनी दी कि गुर्जा के प्रधान और विधायक तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं करते हैं तो आंदोलन किया जाएगा। 800 करोड़ रुपए बजट के एक-एक रुपए का हिसाब लिया जाएगा। जनता पूछेगी कि कैस नेताओं के पेट्रोल पंप बन जाते हैं। विधायक शोक सभा में गुस्सा हो गए थेचार दिन पहले ठार रामदास निवासी स्याहीराम की कुछ दिन पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। क्षेत्रीय विधायक छोटेलाल वर्मा परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने विधायक के सामने रास्ता खराब होने की समस्या उठा दी। इस पर ही विधायक भड़क गए और ग्रामीणों में कहासुनी हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विधायक एक व्यक्ति से यह कहते नजर आ रहे थे कि आंखें क्यों निकाल रहा है। वो महिलाओं पर भी भड़कते दिखाई दे रहे थे।
बहराइच में तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को मारी टक्कर:स्वीट हाउस संचालक की मौत, चालक हिरासत में
बहराइच जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। कटी चौराहे के पास तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कटी चौराहे के पास रहने वाले मानस यज्ञसैनी के रूप में हुई है। उनकी मार्केट में 'विशंभर स्वीट हाउस' नाम से दुकान थी। मानस शनिवार रात करीब 11 बजे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। दो साल पहले हुई थी शादी हादसे के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घायल मानस को तत्काल जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि मानस की शादी दो साल पहले ही हुई थी। देहात कोतवाल ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित स्वर्ण जयंती चौक पर फ्लाईओवर के पिलरों पर बनाई गई महापुरुषों की पेंटिंग्स राजनीतिक पोस्टरों और विज्ञापनों से ढक दी गई हैं। नेताओं के बधाई संदेशों और निजी प्रचार के लिए लगाए गए बड़े-बड़े फ्लेक्स के कारण पिलरों पर बनी कलाकृतियां दिखाई तक नहीं दे रही हैं। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों में नाराजगी है। नगर को सुंदर बनाने और युवाओं को देश के स्वतंत्रता संग्राम व महापुरुषों के योगदान से परिचित कराने के उद्देश्य से इन पिलरों पर चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारत माता की पेंटिंग्स बनाई गई थीं। इन कलाकृतियों ने स्वर्ण जयंती चौक की खूबसूरती बढ़ाने के साथ लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया था। अब इन्हीं पिलरों को राजनीतिक प्रचार और कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि प्रचार की होड़ में महापुरुषों की तस्वीरों और सार्वजनिक संपत्ति के सम्मान का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बधाई संदेशों और विज्ञापनों से ढकी पेंटिंग्स फ्लाईओवर के पिलरों पर लगी पेंटिंग्स के ऊपर नेताओं के बधाई संदेश वाले फ्लेक्स और अन्य प्रचार सामग्री चस्पा कर दी गई है। कई स्थानों पर कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन भी लगाए गए हैं। इससे महापुरुषों की कलाकृतियां पूरी तरह या काफी हद तक ढक गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए नियम होने के बावजूद पिलरों का इस तरह इस्तेमाल किया जाना उचित नहीं है। 'आजादी के नायकों का अपमान' बता जताया विरोध राष्ट्रीय स्वर्ण भारत के जिलाध्यक्ष संजय शुक्ला, स्थानीय नागरिक कृष्ण दयाल पांडे और आरएएम के जिलाध्यक्ष संतोष पांडे समेत कई लोगों ने इस मामले पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि महापुरुषों की पेंटिंग्स को निजी प्रचार सामग्री से ढकना स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए, ताकि शहर की सुंदरता और महापुरुषों की स्मृति से जुड़ी कलाकृतियों को सुरक्षित रखा जा सके। अवैध पोस्टर हटाने और कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन तथा नगर पालिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने फ्लाईओवर के पिलरों से सभी अवैध राजनीतिक होर्डिंग्स, फ्लेक्स और विज्ञापन हटाने की अपील की है। लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दौसा में कई दिनों बाद फिर बदला मौसम:बादल छाए, बारिश की संभावना; गर्मी और उमस से आमजन को मिली राहत
दौसा जिले में कई दिनों बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादल छाने के साथ ही बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि जिले के कई इलाकों में धूप भी निकली हुई है, जबकि कई स्थानों पर बादलों की वजह से मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं से गर्मी और उसम से राहत मिली ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई है। मौसम में आए बदलाव के चलते तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। आगामी तीन दिनों में बारिश का अलर्ट बारिश के चलते आगामी दिनों में तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि सावन माह बीतने के बाद भी जिले में अब तक कहीं भी अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में बदले मौसम और बारिश की संभावना से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश: इंदौर में महिला स्वास्थ्यकर्मी से चाकू की नोक पर दुष्कर्म का आरोप, सहकर्मी पर केस
इंदौर के समीप खुड़ैल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ महिला स्वास्थ्य कर्मचारी ने अपने सहकर्मी स्वास्थ्य अधिकारी सोहेल शेख पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
वाराणसी सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को राज्य स्तरीय समन्वय सीनियर वर्ग पुरुष/महिला तैराकी प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ हुआ। 30 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली प्रतियोगिता में 18 मंडल के करीब 300 तैराक हिस्सा ले रहे हैं। इसमें वाराणसी मंडल के एशियन गेम्स में प्रतिभाग कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनुराग आर. सिंह समेत कई नेशनल स्तर के खिलाड़ी भी शामिल हैं। प्रतियोगिता का आयोजन खेल विभाग एवं जिला तैराकी संघ, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। तीन दिनों तक अलग-अलग तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। पहले दिन कुल 11 स्पर्धाएं होंगी। इनमें पुरुष और महिला वर्ग की पांच-पांच स्पर्धाएं और एक मिक्स्ड रिले शामिल है। विजेता को 1000, दूसरे को 700 और तीसरे को 500 रुपए हर स्पर्धा में प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को 1000 रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 700 रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 500 रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को प्रतिभागिता प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। तीन दिन तक होंगे तैराकी के मुकाबले प्रतियोगिता में फ्री स्टाइल, ब्रेस्टस्ट्रोक, बैकस्ट्रोक, बटरफ्लाई, इंडिविजुअल मेडले और रिले की स्पर्धाएं होंगी। दूसरे दिन 800 मीटर फ्री स्टाइल, 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले समेत कई मुकाबले होंगे। तीसरे दिन 1500 मीटर फ्री स्टाइल, 100 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और मेडले रिले जैसी स्पर्धाएं होंगी।
राष्ट्रीय खेल दिवस, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और 'BRICS भारत 2026' की अध्यक्षता के उपलक्ष्य में रविवार को बांसवाड़ा पुलिस की ओर से विशेष आयोजन किया गया। 'खेल से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से खुशहाली' और 'साइकिल अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं' के संदेश के साथ शहर में कार्यक्रम हुआ। सुबह 6 बजे निकली साइकिल रैली सुबह 6 बजे गुरु गोविंद खेल स्टेडियम से विशेष दौड़ और साइकिलिंग कार्यक्रम 'Sunday On Cycle' शुरू हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नरपत सिंह के नेतृत्व में साइकिल रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रिजर्व पुलिस लाइन पहुंची। रैली में लगाए खेल और राष्ट्र से जुड़े नारे रैली के दौरान 'खेलेगा भारत, जीतेगा भारत' और 'एक कदम खेल की ओर, एक कदम राष्ट्र की ओर' जैसे नारे लगाए गए। इससे शहर में खेल और फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। पुलिस जवानों और युवाओं ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, जवान, युवा और खेल प्रेमी शामिल हुए। आयोजन के दौरान पुलिस जवानों ने योग और प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था।
राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन खारुन नदी में डूबे युवक का शव करीब 30 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। युवक अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए महादेव घाट पहुंचा था। इस दौरान वह नदी में डूब गया था। घटना के बाद से SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। मृतक की पहचान युधिष्ठिर सारंग के रूप में हुई है। रक्षाबंधन के दिन युवक परिवार के साथ बहन की अस्थियां लेकर खारुन नदी पहुंचा था। अस्थि विसर्जन के दौरान वह भंवर में फंसकर एनिकट के पास डूब गया था। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र के महादेव घाट की है। 30 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन युवक के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद SDRF की टीम ने युवक का शव नदी से बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में मातम छा गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बहन की अस्थियों का विसर्जन करने पहुंचे परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक रहा। जिस दिन परिवार बहन को अंतिम विदाई देने नदी पहुंचा था, उसी दिन भाई की भी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी में उतरते समय सावधानी बरतने और गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की है।
बीजेपी और कांग्रेस ने अलवर नगर निगम के करीब-करीब सब टिकट फाइनल कर लिए हैं। रविवार देर शाम से बीजेपी व कांग्रेस के नेताओं के ऑफिस से टिकट वाले नेताओं को फोन किए जाएंगे। सोमवार को नामांकन भरे जाएंगे। संभावना है कि रविवार रात से ही टिकट कटने पर दावेदारों का विरोध सामने आ जाएगा। बीजेपी में सिंबल सीधे जयपुर से रिर्टनिंग ऑफिस पहुंचेंगे। यहां के नेताओं को भी लिस्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। अभी सब नेताओं ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने के लिए नाम भेजे हैं। अब लिस्ट आने पर पता चलेगा कि बीजेपी में किन नेताओं की अधिक चली है। लेकिन कांग्रेस में एक दिन पहले ही 65 में से 60 टिकट फाइनल हो चुके हैं। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के जरिए टिकटार्थियों की सूची रिटर्निंग कार्यालय में भेजे जाएंगे। लेकिन कांग्रेस के ऊपर के नेताओं को टिकट वाले चेहरों का करीब-करीब पता है। बीजेपी में ऐसा नहीं है। बीजेपी में सब नेताओं ने अपनी सूची थमा दी। लेकिन अंतिम टिकट प्रभावशाली नेताओं के जरिए ही तय होंगे। कुछ टिकट वार्ड के प्रभारियों के जरिए मजबूत प्रत्याशी के नाम सामने आएंगे। अलवर में वन मंत्री, जिलाध्यक्ष ने भी सूची आगे भेजी अलवर नगर निगम में शहर विधायक व वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी मजबूत दावेदारों की सूची आगे भेजी है। वार्ड के प्रभारियों से नाम लिए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित अन्य नेताओं से भी टिकट के सबसे मजबूत दावेदारों के नाम लिए हैं। अब फाइनल नाम जयपुर से तय होंगे। वहीं से सीधे चुनाव अधिकारी कार्यालय में लिस्ट जाएगी। जयपुर से लिस्ट आने के बाद ही बीजेपी के बड़े नेताओं को पता चलेगा कि किसे किस वार्ड से टिकट मिला है। कांग्रेस ने 60 नाम पहले तय किए कांग्रेस के 65 वार्डों में करीब 60 नाम एक दिन पहले से तय हो गए हैं। कांग्रेस नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त सोमवार को दोपहर 3 बजे से पहले टिकट वालों के सीधे सिंबल जमा कराएगी। वैसे कांग्रेस में 20 से 30 वार्ड के प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके हैं। अधिकतर उनको ही टिकट मिलना बताया जा रहा है। कांग्रेस में अलवर में ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की सबसे अधिक चलेगी। लेकिन जितेंद्र सिंह पहले कह चुके हैं कि इस बार युवा प्रत्याशी अधिक उतारे जाएंगे। अलवर में कौनसा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित-
बागपत कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का अनिश्चितकालीन धरना 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। दल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसकी तैयारियां पूरी कर चुके हैं। यह धरना विभिन्न मांगों को लेकर बुलाया गया है, जिसमें अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया गया है। दल के जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने बताया कि सैकड़ों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने धरने के पीछे के मुख्य कारण बताए, जिनमें प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी, मुख्य मार्गों पर डग्गामार वाहन, आवारा पशुओं की समस्या और विद्युत विभाग की लापरवाही शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों द्वारा किसानों की अनदेखी, दल के जिला उपाध्यक्ष को मिली धमकी और बिनौली थाना क्षेत्र के एक स्कूल में अनियमितताएं भी प्रमुख मांगें हैं। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में भाग लेंगे।
उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र में रविवार को एक रक्षाबंधन कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समाजसेवी सीएस पुष्पेंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक लाख महिलाओं के पहुंचने की सूचना मिली, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। भगदड़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) घनश्याम मीना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जेपी सिंह ने तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगा दी। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों को तुरंत भीड़ नियंत्रित करने और महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। डीएम घनश्याम मीना, एसएसपी जेपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अखिलेश सिंह, शैलेन्द्र सिंह और सीओ बीघापुर मधुपनाथ मिश्रा सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं मोर्चा संभालते हुए महिलाओं को व्यवस्थित ढंग से कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालना शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित कर सभी महिलाओं की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। देखें, 6 तस्वीरें… प्रशासन ने तत्काल कार्यक्रम को निरस्त करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने आयोजक से भीड़ की स्थिति को देखते हुए आगे कोई भी गतिविधि न करने को कहा। इसके बाद आयोजक समाजसेवी पुष्पेंद्र ने स्वयं महिलाओं से सुरक्षा का हवाला देते हुए शांतिपूर्वक अपने घरों को लौटने की अपील की। कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के जुटने का मुख्य कारण रक्षाबंधन के अवसर पर उपहार वितरण की घोषणा थी। उपहार प्राप्त करने की उम्मीद में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थीं, जिससे भीड़ अनियंत्रित होने लगी थी। डीएम और एसएसपी के पहुंचने के बाद अधिकारियों ने तत्परता से स्थिति को संभाला। पुलिस बल की मदद से महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसी भी संभावित भगदड़ की स्थिति को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए आयोजक से भीड़ प्रबंधन को लेकर जानकारी ली।रविवार दोपहर प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रक्षाबंधन कार्यक्रम को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। फिलहाल महिलाओं को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
डूंगरपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पांड्यावाड़ा गांव में शनिवार रात एक युवक पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बाइक से घर लौट रहे युवक को रास्ते में घेरकर हमलावरों ने वार किए, जिससे वह घायल हो गया। परिजनों ने उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना शनिवार रात की है। पांड्यावाड़ा निवासी रमेश परमार पुत्र शंकर परमार अपने चचेरे भाइयों मोहन और गोवर्धन के साथ बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में 12 से ज्यादा लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए हमलावरइससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने धारदार हथियारों से रमेश पर हमला कर दिया। हमले के दौरान हुए शोर को सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो रमेश के सिर और कंधे पर चोटें आई थीं। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को बुलाया और घायल रमेश को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।पीड़ितों ने कल्याणपुर थाने में हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
मोगा जिले के धर्मकोट कस्बे के गांव रेडमा में एक हादसा हो गया। यहां ट्रैक्टर की चपेट में आने से 3 वर्षीय बच्चे गगनदीप सिंह की मौत हो गई। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और अपने ननिहाल में रह रहा था। जानकारी के अनुसार गगनदीप अपनी मां के साथ अपने ननिहाल में रह रहा था। यह हादसा 28 अगस्त को हुआ था। घटना के समय मामा ट्रैक्टर स्टार्ट कर खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान गगनदीप दौड़ता हुआ ट्रैक्टर के पास पहुंच गया। मामा को बच्चे के पीछे होने का पता नहीं चला। जब उसने ट्रैक्टर को पीछे किया, तो गगनदीप उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही थाना धर्मकोट के एसएचओ इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोगा के सिविल अस्पताल भेज दिया है। शव को मोगा के सिविल अस्पताल में रखवाया थाना धर्मकोट के एसएचओ इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने पुष्टि की कि गांव रेडमा में 3 वर्षीय गगनदीप सिंह की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हुई है। शव को मोगा के सिविल अस्पताल में रखा गया है। उन्होंने बताया कि परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बॉम्बे अस्पताल में डॉक्टर राठी से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर खोजना एक महिला को महंगा पड़ गया। गूगल सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबर पर महिला ने संपर्क किया तो ठग ने खुद को अस्पताल का अपॉइंटमेंट सहायक बताया। इसके बाद बुकिंग के नाम पर महिला के मोबाइल पर एक लिंक भेजी गई। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में सेंध लगाकर ठग ने महिला के खाते से एक लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। ठगी का पता चलते ही महिला ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने संबंधित बैंक से बात कर कार्रवाई की और महिला की पूरी एक लाख रुपए की राशि वापस कराने में सफलता हासिल की। गूगल पर मिला नंबर अस्पताल का समझकर किया संपर्क महिला को बॉम्बे अस्पताल में डॉक्टर राठी से चिकित्सकीय परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट लेना था। इसके लिए उसने गूगल पर अस्पताल और डॉक्टर के अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी खोजी। इसी दौरान उसे एक मोबाइल नंबर मिला। महिला ने उस नंबर पर फोन किया तो सामने वाले ने खुद को अस्पताल का अपॉइंटमेंट सहायक बताया। ठग ने महिला को विश्वास में लेकर अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही और उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजी। महिला ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, ठग ने उसके मोबाइल में सेंध लगा दी। इसके बाद उसके बैंक खाते से एक लाख रुपए की राशि ट्रांसफर कर ली गई। शिकायत के बाद साइबर टीम ने वापस कराई पूरी रकम महिला को खाते से राशि निकलने की जानकारी मिलते ही उसने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच की साइबर टीम सक्रिय हुई। टीम ने संबंधित बैंक से संपर्क कर लेनदेन को रोकने और राशि वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की। साइबर टीम की कार्रवाई के बाद महिला के खाते से ठगी गई पूरी एक लाख रुपए की राशि वापस करा दी गई। क्राइम ब्रांच की सलाह- गूगल पर मिले नंबर पर तुरंत भरोसा न करें क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर दिखाई देने वाला हर मोबाइल नंबर किसी अस्पताल या संस्था का आधिकारिक नंबर नहीं होता। डॉक्टर या अस्पताल से अपॉइंटमेंट लेते समय केवल अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या सत्यापित संपर्क माध्यम का ही इस्तेमाल करें। अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। ऐसी लिंक से विशेष सावधानी बरतें, जिनमें कोई ऐप डाउनलोड करने, मोबाइल की अनुमति देने या स्क्रीन साझा करने के लिए कहा जाए। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा सके।
आगरा मेट्रो विस्तारीकरण की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट में देरी के चलते मन:कामेश्वर-ISBT तक मेट्रो संचालन में अभी और वक्त लगेगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार, इस नवनिर्मित सेक्शन में अब 15 से 20 सितंबर के बीच मेट्रो संचालन की उम्मीद है। इससे पहले यहां सितंबर के पहले सप्ताह में मेट्रो संचालन के लिए उद्घाटन की संभावना थी।बता दें कि इस सेक्शन के बीच मेट्रो स्टेशन और ट्रैक बनकर तैयार हैं। सेफ्टी ऑडिट भी हो चुका है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। ISBT तक हो चुका हाईस्पीड रनमन:कामेश्वर से ISBT तक मेट्रो ट्रैक स्टेशन बनकर तैयार हैं। इस बीच मेट्रो संचालन के लिए सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट आना बाकी है। जबकिमेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी 5 सदस्यीय टीम ने 20 अगस्त को मनकामेश्वर स्टेशन ISBT स्टेशन तक निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति, टेलीकॉम और ट्रेन संचालन से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई। टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और ISBT स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं देखीं। तकनीकी कक्ष, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और प्लेटफॉर्म का भी बारीकी से परीक्षण किया गया। अभी नहीं आई रिपोर्टयूपीएमआरसी के अनुसार, सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट 25 अगस्त तक मिलने की उम्मीद थी। कोशिश थी कि सितंबर के पहले सप्ताह में इसका संचालन शुरू करा दिया जाए। क्योंकि मेट्रो संचालन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट की देरी थी। इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय से इस सेक्शन के बीच मेट्रो संचालन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन के लिए भी समय मांगा गया था लेकिन सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट अब तक न मिलने की वजह से यूपीएमआरसी ने भी पीएमओ से संपर्क करने में ढील डाल दी है। क्योंकि जब तक सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक मेट्रो का संचालन नहीं हो सकता। दो कॉरीडोर हो रहे तैयारआगरा में मेट्रो के दो कॉरीडोर तैयार हो रहे हैं। पहला सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन। पहले कॉरीडोर पर ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर स्टेशन तक (6 स्टेशनों के बीच) मेट्रो का संचालन हो रहा है। इसको विस्तार रूप देकर ISBT तक लाया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। अप और डाउन दोनों ट्रैक तैयार हैं। यूपीएमआरसी यहां मेट्रो का लगातार ट्रायल भी कर रहा है। ये स्टेशन तैयार इस रूट पर ट्रैक बिछाने के साथ सिग्नलिंग और ऑपरेटिंग सिस्टम का काम पूरा हो चुका है। अब स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर मेट्रो संचालन शुरू किए जाने की उम्मीद है। अभी 6 स्टेशनों पर चल रही मेट्रोआगरा में मेट्रो रेल का संचालन मार्च 2024 से शुरू हुआ था। फिलहाल ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर के बीच करीब छह स्टेशनों पर मेट्रो चल रही है। वर्तमान रूट के स्टेशन हैं: मनकामेश्वर से सिकंदरा तक नया हिस्सा शुरू होने के बाद आगरा के कई प्रमुख बाजार, शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सा केंद्र और परिवहन क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे। यूपीएमआरसी का ये है कहना यूपीएआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया, मन:कामेश्वर से ISBT के बीच मेट्रो संचालन के लिए अभी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिली है। अब 15 से 20 सितंबर के बीच में इस सेक्शन में मेट्रो के संचालन की संभावना है।
शहडोल में कुएं में गिरे शख्स की मौत:गांववालों ने सुबह देखी लाश, देवलौंद के रमपुरवा की घटना
शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र अंतर्गत रमपुरवा गांव में एक व्यक्ति की कुएं में गिरने से मौत हो गई। 48 वर्षीय दयाराम खैरवार का शव उनके घर के सामने स्थित कुएं से रविवार सुबह बरामद किया गया। घटना रात के समय की बताई जा रही है। परिजनों को इस हादसे की जानकारी सुबह तब हुई, जब उन्होंने कुएं में दयाराम का शव देखा। रात होने के कारण परिवार के सदस्यों को घटना का पता नहीं चल सका था। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने के बाद देवलौंद थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में शव को कुएं से बाहर निकाला गया और कब्जे में लिया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई। पुलिस हर पहलू से करेगी जांच पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कुएं में गिरना बताया जा रहा है। हालांकि, दयाराम किन परिस्थितियों में कुएं में गिरे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दयाराम रात में कब और किस वजह से घर से बाहर निकले थे। कुएं के आसपास की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया है।
राजसमंद में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजसमंद पुलिस की ओर से विशेष दौड़ और साइकिलिंग ‘‘संडे आन साइकिल’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, त्वरित अनुसंधान प्रकोष्ठ बंशीलाल के देखरेख में हुआ। पुलिकर्मी और अधिकारियों ने भाग लिया विशेष दौड़ और साइकिलिंग नौ चोकी, राजसमंद झील से शुरू होकर शहीद स्मारक पहुंचकर सम्पन्न हुई। पुलिस उप अधीक्षक डी.पी. दाधीच, पुलिस उप अधीक्षक मुकेश कुमार, थानाधिकारी कांकरोली सरोज बैरवा, थानाधिकारी राजनगर ओंकार सिंह एवं महिला थानाधिकारी रामचन्द्र कुमावत सहित पुलिस अधिकारी और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। फिट भारत का संदेश दिया कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को नियमित व्यायाम, दौड़, साइकिलिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों ने “स्वस्थ शरीर, सक्रिय जीवन, फिट भारत” का संदेश दिया। इस अवसर पर मेजर ध्यानचंद के भारतीय खेल जगत में अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस अभियान के तहत 28 अगस्त को डिजिटल माध्यम एवं सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दी गई।
हाथरस के बागला जिला संयुक्त चिकित्सालय में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित के औचक निरीक्षण में इलाज और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई खामियां सामने आईं।
कमिश्नरी पार्क में बहुजन समाज की महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। मेरठ के तत्कालीन एसएसपी आईपीएस अविनाश पांडेय समेत अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
एसएन में 13 और मरीजों का होगा किडनी ट्रांसप्लांट:5 की जांच पूरी, सितंबर में लखनऊ से आएगी टीम
किडनी मरीजों के लिए अच्छी खबर है। एसएन मेडिकल कॉलेज में अब 13 और मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट होगा। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पहले ट्रांसप्लांट की सफलता के बाद मरीजों में उम्मीद बढ़ी है और बड़ी संख्या में लोग पंजीकरण करा रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 22 अगस्त को कॉलेज में पहला किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया था। इस सफलता के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है। कुल 13 मरीजों ने ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 5 मरीजों और उनके डोनर की चिकित्सकीय जांच पूरी हो चुकी है। साथ ही कानूनी प्रक्रिया से भी अनुमति मिल गई है। उन्होंने बताया कि सितंबर के पहले सप्ताह में एसजीपीजीआई, लखनऊ की एक्सपर्ट टीम आगरा आएगी। टीम पंजीकृत मरीजों की केस हिस्ट्री पर एसएन के डॉक्टरों के साथ चर्चा करेगी। दूसरे चरण में एक या दो मरीजों का ट्रांसप्लांट किया जाएगा। ऑपरेशन से पहले मरीजों को आइसोलेट चैंबर में भर्ती किया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। किडनी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि नियमानुसार शुरू के 20 से 25 ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई की टीम की निगरानी में ही होने हैं। इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक खुद ट्रांसप्लांट करने में सक्षम हो जाएंगे। इससे आगरा मंडल के मरीजों को लखनऊ-दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। उधर, पहले किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले सिकंदराराऊ निवासी महेंद्र कुशवाहा की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी सभी रिपोर्ट अब सामान्य आ रही हैं। किडनी ने काम करना शुरू कर दिया है और यूरिन भी बनने लगा है। किडनी डोनेट करने वाली उनकी पत्नी मीना कुशवाहा की भी सेहत ठीक है। मीना ने अस्पताल में पति से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मरीज की तेजी से रिकवरी देख डॉक्टरों की टीम भी उत्साहित है।
गोरखपुर में प्रेम संबंध के विवाद में शनिवार को रामकिशन उर्फ कृष्णा (18) ने सुसाइड कर लिया। नाराज परिजनों ने गुलरिहा थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा बदल गई है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग सामने आया है। ऐसे में पुलिस हत्या के आरोप में दर्ज एफआईआर को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तरमीम करेगी। बताया जा रहा है कि रामकिशन का क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग लड़की से अफेचर चल रहा था। दोनों के परिजनों को यह बात पता चली तो, पंचायत भी हुई थी। इसके बाद अपने घर से 500 मीटर दूरी पर पेड़ से फंदे के सहारे लटका रामकिशन का शव मिला। जिसके बाद परिजन लड़की और उनके घरवालों पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुट गई है कि किन परिस्थितियों में रामकिशन ने सुसाइड किया। पुलिस मृतक की नाबालिग गर्लफ्रेंड और उसके परिवार के लोगों की तलाश में दबिश भी दे रही है। अब जानिए पूरा मामलागुलरिहा इलाके के जंगल सखनी गांव निवासी रामकिशन का शव शनिवार सुबह घर से 500 मीटर दूर चंद्रशेखर आजाद पब्लिक स्कूल के पास यूकेलिप्टस के पेड़ से लटका मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमार्टम कराया था। रामकिशन की मां सुनीता ने प्रेम संबंध के विवाद में किशोरी के परिवार पर बेटे की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया था। उनकी तहरीर पर पुलिस ने हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस चौकी पर हुई थी पंचायतरामकिशन के किशोरी से प्रेम संबंध को लेकर करीब एक सप्ताह पहले जंगल डुमरी चौकी पर दोनों पक्षों को बुलाकर पंचायत हुई थी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलह भी कराई गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुलह के बाद ऐसा क्या हुआ कि विवाद फिर बढ़ गया। मृतक की मां का आरोप है कि घटना से दो दिन पहले किशोरी अपनी मां के साथ रामकिशन के घर पहुंची थी। वहां गालीगलौज की गई थी। इसके बाद ही रामकिशन की मानसिक स्थिति और परिवार में चल रहे विवाद के संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। चौकी प्रभारी की भूमिका पर भी उठे सवालमामले में जंगल डुमरी चौकी प्रभारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारी ये पता करेंगे कि दोनों पक्षों के बीच पंचायत और सुलह के बाद विवाद दोबारा बढ़ने की जानकारी पुलिस को थी या नहीं। यदि जानकारी थी तो उसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। साथ ही घटना से पहले युवक और किशोरी के परिवार के बीच हुए विवाद की सूचना चौकी तक पहुंची थी या नहीं, इसकी भी जांच होगी। कॉल डिटेल भी खंगाल रही पुलिसपोस्टमार्टम में हैंगिंग की पुष्टि के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि रामकिशन ने आत्महत्या क्यों की। इसके अलावा घटना से पहले प्रेमिका और उसके परिवार की ओर से युवक के साथ क्या व्यवहार किया गया और पंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच किस तरह की बातचीत हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के जरिये भी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ सकती है। इस संबंध में गोरखनाथ सीओ रवि सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। आत्महत्या के लिए उकसाने की स्थिति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। चौकी प्रभारी की भूमिका के संबंध में भी जांच की जाएगी।
शराब के नशे में युवक ने गले पर चाकू मारा:अशोकनगर में गाली देने से मना करने पर हुआ विवाद, 8 टांके लगे
अशोकनगर जिले के अमाही गांव में 26 साल के एक युवक पर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। जिससे युवक के गले में घाव हो गया, जिससे उसको 8 टांके लगे हैं। हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने इतने में बचाव कर लिया। युवक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पिपरई के पठार मोहल्ला निवासी बंटी पिता श्रीनंदन नामदेव (26) अपने मामा के यहां अमाही गांव गया हुआ था। शनिवार की देर शाम वह अन्य लोगों के साथ मामा के घर के बाहर बैठा था। इसी दौरान उसी गांव का लालू कोरी नाम का व्यक्ति शराब के नशे में वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। बंटी ने उसे गाली देने से मना किया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद के दौरान लालू कोरी ने चाकू से बंटी के गले पर वार कर दिया। हमले में बंटी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश: पानी के भंडार पर गाद का कब्जा, हिमाचल के कई डैम की क्षमता 25% से ज्यादा घटी
हिमाचल के कई जलाशयों की लाइव स्टोरेज क्षमता 25 फीसदी से ज्यादा घट गई है। केंद्र ने मिशन मोड में डिसिल्टिंग और सेडिमेंट मैनेजमेंट के निर्देश दिए।
अजमेर के लोहाखान क्षेत्र में बढ़ती चोरियों को लेकर क्षेत्रवासियों ने रविवार को नाराजगी जताई। बाद में सिविल लाइन थाने पहुंचकर सीआई को ज्ञापन सौंपा और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की। पुलिस ने क्षेत्रवासियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाइक के नंबर छिपाकर आते हैं चोर निवर्तमान पार्षद निक्की तूनवाल सहित क्षेत्रवासियों का कहना रहा कि लोहाखान, प्रताप नगर टेम्पू स्टैंड, पीली खान और श्मशान रोड पर जो भी दुकानदार हैं, गत कई महीनों से परेशान है। रात्रि में ऐसी मोटरसाइकिल है, जिसकी नंबर प्लेट को छुपाते हुए चोरों को देखा है। कभी किसी दुकानदार का सामान उठाना व दुकानदार को कंफ्यूज कर सामान ले जाना आम बात हो गई है। दुकानों से चॉकलेट , गुटखा, बीड़ी, सिगरेट उठाने की कोशिश करते हैं। ये लोग कभी भी कोई बड़ी वारदात अंजाम दे सकते है। ऐसे में इन पर अंकुश लगाने के साथ रात्रि में गश्त बढ़ाई जाए। …….. पढें ये खबर भी… नगर निकाय चुनाव नामांकन का कल आखिरी दिन:कांग्रेस के 13 दावेदारों ने भरे नामांकन; दोनों बड़ी पार्टियों ने जारी नहीं की प्रत्याशियों की सूची अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर पार्षद पद के लिए नामांकन के लिए कल सोमवार को आखिरी दिन है। लेकिन अभी तक भाजपा व कांग्रेस ने अधीकृत रूप से टिकटों की घोषणा नहीं की है। नामांकन के दूसरे दिन कांग्रेस से 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए, वहीं भाजपा से फिलहाल एक ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया। सभी प्रत्याशी कल नामांकन दाखिल कर सकेंगे। फिलहाल दोनों की लिस्ट का इंतजार है। पूरी खबर पढें
कानपुर में पुरवामीर गांव में दो दिन पहले घर के आंगन में 22 फीट गहरी जमीन में समाकर यशी (18) की दर्दनाक मौत हो गई थी। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन की खबर प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंची।
आयकर विभाग का बड़ा एक्शन: चार राज्यों और चंडीगढ़ के टैक्स डिफॉल्टरों पर कसा शिकंजा, 926 को नोटिस
इनकम टैक्स नॉर्थ वेस्ट रीजन ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में 926 टैक्स डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए हैं।
धौलपुर में पुलिस ने मढ़ाभाऊ-मनियां रोड पर 25 अगस्त की शाम सेल्समैन से हुई 80 हजार रुपए की लूट का खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी सागर (23) पुत्र बनवारी, निवासी दिहौली को मध्य प्रदेश के मुरैना से गिरफ्तार किया गया है। वारदात में 3 बदमाश शामिल थे, जिनमें से 2 अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार 25 अगस्त की शाम सेल्समैन मढ़ाभाऊ-मनियां रोड से गुजर रहा था। तभी बदमाशों ने उसे रोक लिया और कट्टे का डर दिखाकर उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी। इसके बाद बदमाश उसका बैग छीनकर फरार हो गए। लूटे गए बैग में लगभग 80 हजार रुपए नकद, 1 मोबाइल फोन और रसीद बुक थी। पीड़ित की रिपोर्ट पर दिहौली थाने में मामला दर्ज किया गया था। वारदात के बाद बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। एएसपी वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी मनियां खलील अहमद के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी अशोक कुमार ने टीम के साथ जांच शुरू की। पड़ताल करते हुए पुलिस ने आरोपी सागर को मुरैना में गिरफ्तार कर लिया।
Delhi: सज्जन कुमार के घर शोक जताने पहुंचे भाजपा सांसद, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने जताई नाराजगी
जानकारी के मुताबिक, भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया और कमलजीत सहरावत सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके आवास पर पहुंचे थे। तीनों सांसदों ने उनके परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
जयपुर में NEET PG-2026 परीक्षा के सीतापुरा के ION डिजिटल जोन सेंटर पर हंगामा हो गया। कैंडिडेट्स ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर बार-बार बंद हुए, जिससे परीक्षा प्रभावित हुई। दो घंटे में 10 बार तक एग्जाम बाधित हुआ। छात्रों ने पेपर लीक की भी आशंका जताई है। परीक्षा खत्म होने के बाद से सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हंगामा बढ़ता देख इस सेंटर की परीक्षा कैंसिल कर दी गई है। इस केंद्र पर अब 5 सितंबर को फिर से परीक्षा होगी। सबसे पहले देखिए- हंगामे से जुड़े PHOTOS 9 बजे की परीक्षा 10 बजे शुरू होने का आरोप छात्रों के अनुसार, परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन इसे करीब 10 बजे शुरू किया गया। बार-बार बंद होने के बाद कुछ कंप्यूटर्स को फिर से स्टार्ट करने के बाद स्क्रीन पर 3 से 4 सवाल ही दिखाई दिए। जबकि कुछ छात्रों के सिस्टम पर 5 से 6 सवाल आने के बाद फिर कंप्यूटर बंद हो गए। छात्रों का आरोप है कि सेंटर के स्टाफ ने तो तकनीकी खराबी का कोई कारण नहीं बताया। FIR की धमकी देने का आरोप विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया- पुलिस से मामले की शिकायत की तो विरोध प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। छात्रों का दावा है कि उनसे कहा गया कि यदि वे बाहर प्रदर्शन जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। वहीं, छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार सिस्टम बंद होने और अलग-अलग सवाल दिखाई देने के बाद उन्हें परीक्षा की गोपनीयता पर संदेह है। छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यूपी: अभियान का दिखा असर, लाइन लॉस में आई कमी, हर निगम में कम हुईं हानियां
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी की दर में करीब 18 फीसदी की कमी आई है। पिछले दिनों 372 विद्युत फीडरों को चिह्नित कर अभियान चलाया गया था। इसमें लंबे समय से विद्युत बिल जमा न करने वालों से करीब 614.86 करोड़ वसूला गया।
प्रयागराज में आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर रविवार को समस्त सवर्ण समाज का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। यह प्रदर्शन सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र लोगों को देने की मांग कर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय परशुराम सेना ब्रह्मवाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल तिवारी ने कहा कि इस आंदोलन में सवर्ण समाज के साथ ऐसे दलित और अन्य पीड़ित लोग भी शामिल हैं, जिन्हें मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होनी चाहिए और इसका लाभ गरीब, किसान, मजदूर, ठेला-रिक्शा चालक तथा छोटे कामगारों को मिलना चाहिए। 'आरक्षण का लाभ पात्रों को मिले, अपात्रों को इससे बाहर रखें' विमल तिवारी ने आगे कहा कि आरक्षण व्यवस्था में अब सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से आरक्षण का लाभ एक सीमित वर्ग तक ही सिमटता जा रहा है। उनकी मांग है कि आरक्षण का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों को मिले और अपात्र लोगों को इससे बाहर रखा जाए। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े कुछ नियमों को वापस लेने की भी मांग उठाई। उनका आरोप है कि इन नियमों से सवर्ण छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अधिनियम में बदलाव की मांग करते हुए कानून के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। आरक्षण गरीबों का हक, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिले युवा गरुड़ सेना के आशीष तिवारी ने कहा कि आरक्षण गरीबों का हक है और इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि इस आंदोलन को आगे प्रदेश के प्रत्येक जिले तक ले जाया जाएगा। फिलहाल, सिविल लाइंस धरना स्थल पर प्रदर्शन जारी है। धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने के लिए धरना स्थल से चंद्रशेखर आजाद पार्क तक मार्च निकालेंगे।
ग्वालियर में बादल छाए, उमस से लोग परेशान:अभी भी कोटे से कम बारिश, तापमान सामान्य से अधिक
ग्वालियर में रक्षाबंधन के बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। रविवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। बादलों की मौजूदगी के बावजूद उमस कम नहीं हुई, जिससे लोग गर्मी और चिपचिपी स्थिति से परेशान रहे। शहरवासियों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक था। सुबह 5:30 बजे तापमान 26.6 डिग्री और 8:30 बजे 27 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान हवा में नमी का स्तर 84 प्रतिशत दर्ज किया गया। अधिक नमी के कारण तापमान बहुत अधिक न होने पर भी गर्मी का असर ज्यादा महसूस हुआ। रविवार सुबह तक कोई बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश का कोटा अभी भी अधूरा मानसून के दौरान ग्वालियर में अब तक हुई बारिश का आंकड़ा अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका है। शहर में अभी भी बारिश का कोटा अधूरा है। लोगों को अच्छी और लगातार बारिश की उम्मीद है, ताकि जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार हो सके। बीते दिनों हुई बारिश से मिली थोड़ी राहत के बाद उमस बढ़ने से गर्मी फिर परेशान करने लगी है। उमस और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है। सर्दी, खांसी, वायरल फीवर, गले में संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मरीज अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में बढ़ गए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान खान-पान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, बाहर का खाना खाने से बचने और बारिश में भीगने के बाद तुरंत गीले कपड़े बदलने की सलाह दी गई है।
पाली जिले में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी ब्यावर जिले के रहने वाले हैं और चंडावल थाना क्षेत्र में दर्ज तस्करी के मामले में फरार थे। चंडावल तस्करी मामले में थे फरार बगड़ी नगर थानाप्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि चंडावल थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में ब्यावर जिले के झूठा गांव निवासी विनोद (27) पुत्र हनुमानराम और करमावास मालियान निवासी माणकराम (60) पुत्र जवताराम फरार चल रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पिछले करीब एक महीने से फरार थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे मामले में पूछताछ कर रही है। तस्करों के खिलाफ अभियान जारी पाली पुलिस की ओर से इन दिनों मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस को अलर्ट किया गया है। पुलिस तस्करी पर रोक लगाने के साथ इस अवैध कारोबार में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद राजेंद्र प्रसाद गुर्जर का 31वां शहीद दिवस 31 अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर झालावाड़ जिले में खानपुर के अटरू रोड स्थित मूर्ति चौराहा पर सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा।समारोह में शहीद राजेंद्र प्रसाद गुर्जर के चित्र और प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान उनके देश के प्रति समर्पण, साहस और बलिदान को याद किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद गुर्जर ब्लैक कैट कमांडो के रूप में देश की सेवा कर रहे थे। उन्होंने 31 अगस्त 1995 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की सुरक्षा में तैनात रहते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनकी शहादत को नमन करने के लिए हर साल शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। खानपुर अस्पताल का नाम अमर शहीद राजेंद्र प्रसाद कमांडो के नाम पर रखने की मांगकार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के लोगों से शामिल होने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि शहीद दिवस समारोह का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को शहीद के बलिदान और देशभक्ति से परिचित कराना और उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाना है। समारोह को लेकर तैयारियां जारी हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है। इस बीच, शहीद की बहन संजू समेत अन्य लोगों ने खानपुर अस्पताल का नाम अमर शहीद राजेंद्र प्रसाद कमांडो के नाम पर रखने की मांग की है।
भारत में शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले से एक नई पहल की शुरुआत की गई है। उच्च एवं स्कूल शिक्षा विभाग,मध्यप्रदेश शासन तथा अखिल भारतीय प्रतिभा उत्थान अभियान के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसे देशभर में निशुल्क JEE,NEET और फाउंडेशन तैयारी के मॉडल का पायलट प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक बाधाओं के बिना गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है। रविवार को शाजापुर जिले के शाजापुर,शुजालपुर और कालापीपल ब्लॉक में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित की जा रही है।जिले के तीनों ब्लॉकों से करीब 6,500विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है।परीक्षा के माध्यम से प्रत्येक ब्लॉक से 200 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।इस तरह कुल 600 विद्यार्थियों को चयनित कर आगे की निशुल्क तैयारी से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन महाविद्यालय शाजापुर में पदस्थ प्रो.प्रकाश बर्फा ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।खास बात यह है कि विद्यार्थियों को तैयारी के लिए कोटा,दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी।उन्हें शाजापुर में ही उच्चस्तरीय फैकल्टी से मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है। टेक्निकल आर्किटेक्ट कृष्णकांत अग्रवाल के अनुसार,इस पहल में हिंदी माध्यम सहित विद्यार्थियों की भाषा के अनुरूप अध्ययन सामग्री और कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए AI-पावर्ड लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) तैयार किया गया है।प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों को लाइव और रिकॉर्डेड क्लासेस के साथ टेस्ट सीरीज उपलब्ध होगी।AI सिस्टम प्रत्येक विद्यार्थी के प्रदर्शन का विश्लेषण कर उसकी कमजोरियों को चिन्हित करेगा और उसी के अनुसार आगे की पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन देगा। इस योजना में विशेष रूप से दोनो सरकारी व अशासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को चिन्हित कर उन्हें IIT और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।यह कक्षाएं 5 सितंबर शिक्षक दिवस से प्रारंभ होगी।आयोजकों का लक्ष्य शाजापुर से शुरू किए गए इस मॉडल को भविष्य में देश के 500 से अधिक जिलों तक पहुंचाना है,ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी उच्चस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिल सके।
गोरखपुर में खुला बिंदास ढाबा 2.0:लोगों को मिला वेज-नॉनवेज का नया ठिकाना; हांडी मटन रहेगा खास आकर्षण
गोरखपुर में अपने लजीज व्यंजनों के लिए पहचान बना चुके बिंदास ढाबा ने शहर में अपनी दूसरी ब्रांच शुरू कर दी है। बिंदास ढाबा 2.0 नाम से नया रेस्टोरेंट इंदिरा नगर ढाला के पास कालिका होटल के बगल में खोला गया है। नई ब्रांच को फैमिली रेस्टोरेंट के तौर पर तैयार किया गया है, जहां लोगों को वेज और नॉनवेज दोनों तरह के व्यंजन मिलेंगे। शहर में बिंदास ढाबा पहले से ही अपने स्वाद के लिए लोगों के बीच अपनी खास जगह बना चुका है। खासकर यहां मिलने वाली हांडी मटन के स्वाद के लोग काफी पसंद करते हैं। यही वजह है कि कई लोग दूर-दूर से बिंदास ढाबा पहुंचकर मटन का स्वाद लेने आते हैं। इसी लोकप्रियता को देखते हुए अब बिंदास ढाबा 2.0 के जरिए लोगों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की गई है। 2007 से शुरू हुआ सफर, अब दूसरी ब्रांच तक पहुंचा बिंदास ढाबा के मालिक प्रणय प्रताप सिंह ने बताया कि इस सफर की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। उन्होंने बताया कि अपने पिता के साथ मेहनत करके उन्होंने इस होटल को खड़ा किया और धीरे-धीरे लोगों के बीच इसकी पहचान बनी। प्रणय प्रताप सिंह के मुताबिक, बिंदास ढाबा को लोगों का प्यार और भरोसा मिला। इसी के बाद अब शहर में दूसरी ब्रांच शुरू करने का फैसला लिया गया। बिंदास ढाबा 2.0 को आधुनिक सुविधाओं के साथ दो फ्लोर में तैयार किया गया है। दोनों फ्लोर पर फैमिली के लिए सुविधाएं नई ब्रांच को खास तौर पर फैमिली रेस्टोरेंट के तौर पर तैयार किया गया है। यहां परिवार के साथ बैठकर खाना खाने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। रेस्टोरेंट के दोनों फ्लोर पर वॉशरूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। रेस्टोरेंट संचालक का कहना है कि ग्राहकों को अच्छा खाना देने के साथ ही उनके बैठने और साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हाइजीन और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि परिवार के साथ आने वाले लोगों को बेहतर माहौल मिल सके। हांडी मटन के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग बिंदास ढाबा की पहचान उसके नॉनवेज व्यंजनों में खास तौर पर हांडी मटन से बनी हुई है। संचालक के मुताबिक, हांडी मटन यहां आने वाले ग्राहकों की पहली पसंद में शामिल है। इसके स्वाद की वजह से लोग गोरखपुर के अलग-अलग इलाकों से ही नहीं, बल्कि दूर से भी यहां पहुंचते हैं। मटन के स्वाद और गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए इसे बनाने की जिम्मेदारी प्रणय प्रताप सिंह ने खुद संभाली है। उनका कहना है कि मटन का स्वाद एक जैसा और बेहतर बना रहे, इसलिए इसकी तैयारी और बनाने की प्रक्रिया पर वह खुद नजर रखते हैं। वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग चूल्हे बिंदास ढाबा 2.0 में वेज और नॉनवेज दोनों तरह के व्यंजन उपलब्ध होंगे। संचालक ने बताया कि दोनों तरह के खाने को अलग-अलग चूल्हों पर तैयार किया जाता है। वेज खाने की जिम्मेदारी बिहार से आए कारीगरों को दी गई है, जबकि नॉनवेज के स्वाद और खासकर मटन की तैयारी पर खुद प्रणय प्रताप सिंह ध्यान देते हैं। उनका कहना है कि वेज और नॉनवेज को अलग-अलग तैयार करने से स्वाद और स्वच्छता दोनों का ध्यान रखा जा सकता है। स्वाद के साथ साफ-सफाई पर भी फोकस बिंदास ढाबा 2.0 में ग्राहकों को स्वाद के साथ साफ-सफाई का बेहतर माहौल देने की कोशिश की गई है। रेस्टोरेंट में हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। संचालक के मुताबिक, खाना कितना भी स्वादिष्ट हो, अगर साफ-सफाई अच्छी नहीं है तो ग्राहक संतुष्ट नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए किचन से लेकर रेस्टोरेंट परिसर तक स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही परिवार के साथ आने वाले ग्राहकों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी गई है। शहर में दूसरी ब्रांच से बढ़ेगी पहुंच बिंदास ढाबा की पहली ब्रांच को लोगों से मिली पसंद के बाद अब दूसरी ब्रांच शुरू की गई है। इंदिरा नगर ढाला के पास बिंदास ढाबा 2.0 खुलने से शहर के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए भी यहां पहुंचना आसान होगा। वेज और नॉनवेज व्यंजनों के साथ हांडी मटन को अपनी खास पहचान बनाए रखते हुए बिंदास ढाबा 2.0 ने गोरखपुर के फूड लवर्स के लिए एक और विकल्प तैयार किया है।
पानीपत में रक्षाबंधन पर बहन से रक्षासूत्र बंधवाने के बाद अपने नाबालिग मामाओं के साथ नहर में नहाने गया 16 वर्षीय लड़का गहरे पानी में डूब गया। करीब 48 घंटे बाद रविवार सुबह को उसका शव गांव नारायणा के पास नहर में बहता हुआ मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है और मामले की आगामी जांच शुरू कर दी है। मामाओं को देखकर लगाई थी छलांग जानकारी के अनुसार, अर्जुन नगर निवासी 16 वर्षीय समीर रक्षाबंधन के दिन अपनी बहन से राखी बंधवाने के बाद घर से निकला था। वह अपने दो नाबालिग मामा के साथ पास ही स्थित नहर पर नहाने चला गया। नहर पर पहुंचकर जब समीर ने अपने दोनों मामा को पानी में नहाते देखा, तो उसने भी गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी का बहाव तेज और गहराई ज्यादा होने के कारण समीर संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। मां ने की थी आखिरी बार बात समीर की मां पारुल ने बिलखते हुए बताया कि समीर घर से यह कहकर निकला था कि वह नाना के घर जा रहा है। दोपहर करीब 3 बजे पारुल ने समीर को फोन करके घर लौटने के लिए कहा, जिस पर समीर ने कहा कि वह कुछ ही देर में वापस आ रहा है। हालांकि, इसके बाद न तो समीर का कोई फोन आया और न ही वह घर लौटा। काफी देर तक वापस न आने पर जब तलाश शुरू की गई, तब परिजनों को पता चला कि समीर नहर में नहाने गया था और वहां गहरे पानी में डूब गया है। पारुल ने बताया कि उनके दो बच्चे थे। एक बेटा समीर और एक बेटी। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बड़ी रणनीति तैयार की है। पार्टी नशे के खिलाफ प्रदेश में चार बड़ी यात्राएं निकालने जा रही है। इन यात्राओं की शुरुआत 15 सितंबर से होगी। यात्राओं के जरिए बीजेपी नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और लोगों तक पहुंचेगी। चारों यात्राओं के संपन्न होने के बाद एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। बीजेपी की यह कवायद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। जल्दी पार्टी का प्रोग्राम सामने आएगा भाजपा नेता अनिल सरीन ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से नशे के खिलाफ जो भी कार्यक्रम तय किए जाएंगे, उनकी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति का मुद्दा राजनीति से जुड़ा नहीं है। सभी राजनीतिक दलों और पंजाब के लोगों को इस नशा मुक्त अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। पीएम ने नशा मुक्ति की बात कहीं बीजेपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी रणनीति के साथ जुट गई है। पार्टी अब सीधे लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रही है और अपनी नीतियों एवं कार्यक्रमों को जनता के बीच लेकर जा रही है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। इस दौरान बीजेपी की पूरी लीडरशिप भी कार्यक्रम से जुड़ी रही। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नशा मुक्ति का मुद्दा उठाया और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। बीजेपी पंजाब में भी नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। राहुल गांधी भी यात्रा करने की तैयारी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पंजाब में यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उनकी यात्रा सितंबर महीने में प्रस्तावित है। यात्रा के पहले चरण में करीब 135 किलोमीटर की दूरी तय करने और 15 से अधिक जिलों को कवर करने की योजना है। इसके जरिए कांग्रेस भी प्रदेश में लोगों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की तैयारी में है।
दरभंगा में ऑनलाइन डिलीवरी सेंटर के ऑफिस से 1.42 लाख कैश की चोरी हुई है। संचालक सेंटर के अंदर ही सो रहे थे, उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद गई। संचालक ने थाने में आवेदन देकर कैश बरामदगी की गुहार लगाई है। घटना 27 अगस्त की है, बिरौल थाने में 30 अगस्त को आवेदन दिया गया है। सीधे कैश काउंटर के पास पहुंचा युवक मोरवारा निवासी ललित कुमार ने बताया कि हांटी में मीशो डिलीवरी सेंटर चलाते हैं। घटना वाले दिन अपने ऑफिस में सो रहा था। इस बीच एक युवक ग्रिल के रास्ते अंदर घुस गया। अलग-अलग कमरों में रखी नकदी को निकालने के बाद वह फरार हो गया। एक कमरे में करीब 80 हजार, जबकि दूसरे में 62 हजार रुपए रखा था। आरोपी सीधे कैश काउंटर तक पहुंचा, आशंका है कि उसे ऑफिस में रुपए रखे होने की जानकारी पहले से थी। तीन लोगों पर शक ललित कुमार ने आवेदन में तीन लोगों पर चोरी की घटना में संलिप्त होने का संदेह जताया है। इनमें आशीष कुमार महता, राजा महतो और विपिन कुमार साहू शामिल हैं। पीड़ित का कहना है कि इन लोगों की ओर से उसे पहले भी बार-बार धमकी दी जा रही थी। हालांकि चोरी में इनकी संलिप्तता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होगी पहचान वहीं, इस संबंध में बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि आवेदन मिला है। जांच कराई जा रही है। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाएगी। जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यमुनानगर में जगाधरी वर्कशॉप और बैराजपुर के बीच ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। तलाशी लेने पर मृतक के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो पाए। पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर 72 घंटे के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रख दिया है। वहीं आसपास के क्षेत्र में उसकी शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। मृतक की उम्र 55 से 60 साल के बीच बताई जा रही है। जेब में मिली दवाइयां व चाबी मामले के जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह स्टेशन मास्टर से सूचना प्राप्त हुई थी कि जगाधरी वर्कशॉप और बैराजपुर के बीच एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे तो शव डाउन लाइन से बाहर पड़ा था और उसके सिर पर गंभीर चोट लगी हुई थी। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से कुछ दवाइयां और एक चाबी मिली है। इसके अलावा उसके बाएं हाथ पर घड़ी बंधी हुई थी। हालांकि, ऐसी कोई वस्तु या दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। प्रारंभिक जांच में मृतक की उम्र करीब 55 से 60 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस शव को मोर्चरी में रखवाकर शिनाख्त में जुटी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। आसपास के क्षेत्र में लोगों से पूछताछ करने के साथ मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल व्यक्ति की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में डायल-112 पुलिस टीम ने एक युवक को आत्महत्या करने से बचा लिया। युवक बंद कमरे में तनाव और विवाद में यह कदम उठा रहा था। इस दौरान उसकी मां को शक हुआ तो उसने तुरंत डायल-112 को सूचना देकर तत्काल हेल्प मांगी। सूचना मिलते ही आपात रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) पर तैनात पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पता चला कि युवक ने अंदर से कुंडी लगा रखी है। पुलिसकर्मी बिना देर किए दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो देखा की युवक फंदे पर लटक चुका था। पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे उतारा और प्राइमरी तौर पर CPR दी। देखा कि युवक की सांसें चल रही है, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया। युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। बेटे की जान बचने पर परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा घटनाक्रम…. इन पुलिसकर्मियों ने बचाई युवक की जान इस बचाव अभियान में आपात रिस्पॉन्स वाहन पर तैनात ईएसआई युद्धवीर सिंह, सिपाही निकास और एसपीओ राजकुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवक के परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कहना था कि पुलिस यह तुरंत एक्शन न लेती तो बेटे की जान जा सकती थी। बिना देरी किए पुलिस को दें सूचना पुलिस प्रवक्ता नरेश यादव ने बताया कि पुलिस आमजन से अपील की है कि किसी भी गंभीर आपातकालीन स्थिति की सूचना बिना देरी किए तुरंत डायल-112 पर दें। इससे पुलिस और आपातकालीन सेवाएं समय रहते आवश्यक सहायता पहुंचा सकेंगी। डायल-112 पुलिस सेवा आमजन के लिए हर समय उपलब्ध है।
शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर में मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान बनाई गई एक कथित रील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने इस रील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हिंदू संगठनों को धमकी देने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद रन्नौद पुलिस ने शनिवार को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में संबंधित युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 26 अगस्त को निकला था जुलूसबजरंग दल के प्रखंड संयोजक राघवेन्द्र दुबे और विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि यह घटना 26 अगस्त को ग्राम मोहम्मदपुर में मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान हुई। आरोप है कि डीजे के सामने एक युवक द्वारा बनाई गई इस रील में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस रील को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इस तरह के वीडियो के प्रसार से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। FIR के बाद आरोपी गिरफ्तारविहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और कथित वीडियो की पेनड्राइव भी पुलिस को सौंपी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह घटना जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी द्वारा 20 अगस्त 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेश का उल्लंघन है। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

