प्रतापगढ़। 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को धरियावद बस स्टैंड स्थित शिव साहू रेस्टोरेंट एंड कोल्ड ड्रिंक का निरीक्षण किया। जन्माष्टमी त्योहार को देखते हुए की गई कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट में कई खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। टीम ने मौके से खाद्य पदार्थों के 3 नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई और परिसर की दीवारें बदरंग मिलीं। फर्श गंदा था और बर्तन भी बदरंग पाए गए। दरवाजे और खिड़कियों पर जालियां नहीं लगी थीं। पका खाना खुला रखा था, परिसर में घूम रहे थे कॉकरोच निरीक्षण के दौरान कई खाद्य सामग्री पर एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं मिली। परिसर में कॉकरोच घूमते पाए गए। वहीं पका हुआ खाना बिना ढके रखा हुआ था और कूड़ेदान भी बिना ढक्कन के मिला। खाद्य सुरक्षा टीम को जांच के दौरान प्रतिबंधित फूड एडिटिव्स के इस्तेमाल की जानकारी भी मिली। रेस्टोरेंट में काम करने वाला स्टाफ भी अप्रशिक्षित पाया गया। पेस्ट कंट्रोल और हेल्थ सर्टिफिकेट भी नहीं मिले जांच के दौरान रेस्टोरेंट संचालक की ओर से पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र, खाद्य हैंडलर्स के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए रेस्टोरेंट संचालक को सुधार के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया है। मावे की बर्फी, तेल और मैदा के सैंपल लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से मावे की बर्फी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और मैदा के नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, लैब जांच रिपोर्ट में यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम-विनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कचौरी तलने वाले तेल की TPC जांच, मानक से 30 गुना ज्यादा टीम ने रेस्टोरेंट में कचौरी तलने के लिए इस्तेमाल हो रहे तेल की TPC मीटर से जांच की। जांच में तेल का TPC स्तर निर्धारित मानक से करीब 30 गुना ज्यादा पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमों के अनुसार इस तेल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। जन्माष्टमी से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से त्योहार को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा, रामेश्वर मीणा और कल्पना पटेल शामिल रहे।
धनबाद के टुंडी थाना क्षेत्र के बादलपुर काजी टोला में 24 वर्षीय जाहिद अंसारी मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। जाहिद सुबह करीब आठ बजे टावर पर चढ़ा था। सूचना मिलने पर टुंडी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था। इस दौरान उसने पुलिस के सामने मांग रखी कि उसकी बात राज्य के मुख्यमंत्री या विधायक जयराम महतो से कराई जाए। कई घंटे की कोशिश के बाद विधायक से फोन पर हुई बात युवक की मांग को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे समझाने का प्रयास जारी रखा। कई घंटे की कोशिश के बाद जाहिद अंसारी की फोन पर विधायक जयराम महतो से बात कराई गई। बातचीत होने के बाद युवक टावर से नीचे उतर आया। उसके नीचे उतरते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। युवक के टावर पर चढ़ने से आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि, विधायक से बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। टावर पर चढ़ने की वजह अब तक नहीं बताई टुंडी थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने के बाद उसे नीचे उतारा गया। थाना प्रभारी के अनुसार, युवक ने अभी तक टावर पर चढ़ने की वजह स्पष्ट नहीं बताई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसी क्या परेशानी थी, जिसके कारण जाहिद को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए टावर पर चढ़ना पड़ा। फिलहाल युवक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अपनी परेशानी सीधे सरकार को बताऊंगा टावर से नीचे उतरने के बाद जाहिद अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी परेशानी सीधे सरकार को बताएगा, किसी और को नहीं। हालांकि, उसने अपनी परेशानी की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। युवक की ओर से मुख्यमंत्री या विधायक से बात कराने की मांग और उसके बाद टावर से उतरने की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच के साथ युवक से पूछताछ कर रही है, ताकि टावर पर चढ़ने के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल से अटैच मनोचिकित्सा केन्द्र आदर्श नगर में आज सुबह करीब साढ़े 10 बजे बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे ओपीडी रजिस्ट्रेशन समेत अन्य काम करीब 15-20 मिनट तक प्रभावित रहे। इस दौरान मरीजों की लंबी लाइनें लग गई। सुबह अचानक लाइट जाने से तमात कंप्यूटर संबंधित काम और इलेक्ट्रिक उपकरण थम गए। बैकअप के लिए वहां लगा जनरेटर सेट भी तकनीकी खराबी के चलते स्टार्ट नहीं हो सका। इस दौरान ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर काम ठप हो गया और रजिस्ट्रेशन होने बंद हो गए। इससे हॉस्पिटल में सुबह पहुंचे मरीजों को करीब 15-20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। 15 मिनट बाद शुरू हुआ जनरेटर सेट हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. योगेश सतीजा ने बताया- बिजली सप्लाई जेवीवीएनएल की तरफ से बंद हो गई थी, लेकिन हमारे यहां रखा जनरेटर सेट भी तकनीकी खामी के चलते 15 मिनट तक चालू नहीं हो सका। 15 मिनट बाद इलेक्ट्रिशन ने आकर जनरेटर चालू किया और बिजली सप्लाई हुई। 15 मिनट मरीजों को परेशानी हुई।
घासा पंचायत समिति की 26 ग्राम पंचायतों में शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूलों के शारीरिक टीचर्स की ब्लॉक स्तरीय वाकपीठ कार्यकारिणी बनाई गई है। इसका गठन घासा के हनुमान पार्क में हुई बैठक में किया गया। बैठक में सभी पदाधिकारियों को सर्वसम्मति से बिना किसी विरोध के चुना गया। इनमें अर्जुन सिंह चूंडावत को अध्यक्ष और गोपाल लाल मेहता को सचिव चुना गया है। इसके अलावा जगन्नाथ सिंह चूंडावत को संरक्षक, नरेंद्र सिंह राठौड़ को सभाध्यक्ष और मोतीलाल भगोर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। छगन बारोट और रामरक्षपाल सिंह उपाध्यक्ष चुने गए, जबकि सुनील वया कोषाध्यक्ष बने। सोनम सक्सेना को महिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। नवनिर्वाचित 11 सदस्यीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने बताया कि वाकपीठ के जरिए ब्लॉक में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर मौके दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शारीरिक शिक्षकों की अलग-अलग समस्याओं और उनके हितों के लिए भी प्रभावी ढंग से काम किया जाएगा।
चारभुजा और सेवंत्री में 22 सितंबर से लगेगा जलझूलनी एकादशी मेला, तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
चारभुजा और सेवंत्री में 22 सितंबर से लगेगा जलझूलनी एकादशी मेला, तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
बूंदी जिले में धारा 163 लागू:निकाय चुनाव में जीतने के बाद नहीं निकलेगा जुलूस
बूंदी जिले में नगरीय निकाय के चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव नतीजों के बाद निकलने वाले विजय जुलूसों पर रोक लगा दी गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' की धारा 163 लागू की गई है। यह धारा पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी। इस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त जिला कलेक्टर) एच.डी. सिंह ने नगरीय निकाय चुनाव के सभी रिटर्निंग अधिकारियों को आदेश दिए हैं। नहीं निकलेगा विजय जुलूसआदेश के मुताबिक, चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के हिसाब से नगरीय निकायों के सदस्य (पार्षद) पदों के लिए पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को होगा। इसके बाद 14 सितंबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित होंगे। साथ ही, नगरीय निकाय के अध्यक्ष पदों के लिए 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पदों के लिए 22 सितंबर को चुनाव होंगे। आदेश में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई भी चुना हुआ सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जीत के बाद विजय जुलूस नहीं निकालेगा। सभी रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य निर्वाचन आयोग के इन आदेशों का पूरी तरह पालन करें।
झारखंड के 43 नियोजनालयों में रजिस्टर्ड 3,97,960 बेरोजगार युवाओं में से पिछले 2 वर्षों में महज 18,990 को ही रोजगार मिल सका है। सितंबर 2024 से अगस्त 2026 तक नियोजनालयों की ओर से आयोजित रोजगार मेलों और भर्ती कैंपों के जरिए इतनी ही संख्या में युवाओं को नौकरी मिली। यह कुल निबंधित बेरोजगारों का महज 4.55 प्रतिशत है। यानी नियोजनालय में निबंधन कराने वाले 95 प्रतिशत से अधिक युवा अब भी रोजगार की तलाश में हैं। इन आंकड़ों से नियोजनालयों के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। निबंधित बेरोजगारों में अकुशल और आठवीं तक पढ़े युवाओं से लेकर स्नातक, डिप्लोमा और पीएचडी की डिग्री रखने वाले युवा तक शामिल हैं। निबंधन के बाद रोजगार की उम्मीद, लेकिन इंतजार जारी नियोजनालय में रजिस्ट्रेशन कराने वाले युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद बनी रहती है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में युवाओं का इंतजार लंबा हो रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्यभर में 18,990 युवाओं को रोजगार मिलने के बावजूद 3,97,960 निबंधित बेरोजगारों में से अधिकांश अभी भी नौकरी की तलाश में हैं। अकेला धनबाद ऐसा जिला है जहां 35,376 निबंधित बेरोजगारों के बीच रोजगार का इंतजार जारी है। ऐसे में युवाओं के लिए सिर्फ नियोजनालय में निबंधन कराना पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। बेरोजगार युवाओं के बीच रोजगार के साथ बेरोजगारी भत्ता, कौशल प्रशिक्षण और टूल किट जैसी योजनाओं की मांग भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि नियोजनालय में निबंधित युवाओं में 95 प्रतिशत से अधिक को फिलहाल रोजगार के बजाय सिर्फ निबंधन संख्या के सहारे इंतजार करना पड़ रहा है। बिहार में 1000 रुपए, तो छत्तीसगढ़ में ₹2500 भत्ता बिहार में मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत 20 से 25 वर्ष तक के 12वीं पास युवाओं को अधिकतम 2 वर्ष तक 1 हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है। शर्त यह है कि वे उच्च शिक्षा में नामांकित न हों। वहीं छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत 18-35 वर्ष के 12वीं पास बेरोजगारों को 2.5 हजार रुपए मिलते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल में युवश्री प्रकल्प योजना के तहत 18-45 वर्ष के बेरोजगारों को 1500 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान है। पड़ोसी राज्यों में बेरोजगारी भत्ता और प्रशिक्षण योजनाएं बेरोजगार युवाओं को राहत देने के मामले में पड़ोसी राज्यों की योजनाओं का भी उदाहरण सामने आता है। बिहार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बेरोजगार युवाओं को एक निश्चित अवधि तक मासिक भत्ता दिए जाने की व्यवस्था है। वहीं मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण तथा टूल किट जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसके मुकाबले झारखंड में चुनाव के दौरान बेरोजगारी भत्ता शुरू करने की घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक न तो बेरोजगारी भत्ता शुरू हुआ है और न ही प्रशिक्षण या टूल किट की ऐसी व्यवस्था लागू हो सकी है।
बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र की आरपीएफ कॉलोनी के पास गुरुवार को चौकीदार का शव खून से लथपथ हालत में मिला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अज्ञात हमलावर ने सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उसकी हत्या की है। मृतक रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से जुड़े सामान के गोदाम की रखवाली करता था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। हत्या की सूचना मिलते ही GRP, RPF और तोरवा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। FSL टीम और डॉग स्क्वायड को भी जांच के लिए बुलाया गया। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे वारदात के दौरान वहां आने-जाने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं पुलिस फिलहाल हत्या के कारण और आरोपी की पहचान को लेकर जांच कर रही है। चौकीदार की किसी से पुरानी रंजिश थी या किसी अन्य वजह से हत्या की गई, इसे लेकर भी पुलिस आसपास के लोगों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) जोन-1 के AHO प्रीतेश गर्ग बने आज के “स्टार ऑफिसर” संत हिरदाराम नगर निवासी परेश ने घर के आसपास लगातार कचरा फेंके जाने और पेशाब किए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग बार-बार घर के आसपास कचरा फेंकते हैं और पेशाब करते हैं, जिससे रहवासियों के लिए अस्वच्छ और अप्रिय माहौल बना हुआ है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी खतरा है। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद जोन-1 के AHO प्रीतेश गर्ग ने मामले पर संज्ञान लिया और संबंधित टीम के माध्यम से सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान अरेरा हिल्स: दो दिन से बंद नाली की हुई सफाई, पार्षद ने कराया समाधान अरेरा हिल्स निवासी मुकेश चौहान ने दो दिन से नाली की सफाई नहीं होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने नाली में गंदगी जमा होने की समस्या बताई थी। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड 33 के पार्षद आर.के. सिंह बघेल ने मामले पर संज्ञान लिया और नाली की सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। टूटी पुलिया, बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर मलबा और गड्ढों से परेशान भोपालवासी मंदाकिनी कॉलोनी: टूटी पुलिया से हादसे का खतरा वार्ड 82, मंदाकिनी कॉलोनी निवासी निरंजन स्वैन ने कॉलोनी की मुख्य सड़क को जोड़ने वाली टूटी पुलिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी की मुख्य सड़क को जोड़ने वाली पुलिया टूट गई है। दूसरी तरफ नाला है। दोपहिया या चारपहिया वाहन थोड़ा भी असंतुलित होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। अरविंद विहार: एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं अरविंद विहार निवासी राहुल मीणा ने एमआईजी-284 की स्ट्रीट लाइट को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि स्ट्रीट लाइट एक महीने से बंद है। नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कोलार: सड़क पर मलबा पड़ा, आवागमन में परेशानी कोलार निवासी प्रतीक ने जेके हॉस्पिटल रोड, मंदाकिनी चौक पर सड़क की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि रोड को कई दिनों से बंद कर रखा है और कार्य पूर्ण होने पर भी आवागमन पूर्णतः शुरू नहीं किया जा रहा है। नारियलखेड़ा: सड़क पर बड़े गड्ढे, लोगों को परेशानी नारियलखेड़ा निवासी मनीष पाल ने सड़क पर बने गड्ढे को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि लिकेज ठीक करने के बाद गड्ढे को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इससे लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की संबंधित अधिकारी शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने के बाद एप पर इसकी जानकारी साझा कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
अलीगढ़ में संपत्ति के लालच में चाचा की हत्या के मामले में भतीजे और उसके साथी को अदालत ने दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-1) की अदालत ने दोनों आरोपियों को सात-सात साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना साल 2009 की है। थाना हरदुआगंज क्षेत्र के किढ़ारा गांव में बनीसिंह नाम के एक अविवाहित व्यक्ति रहते थे। उनके साथ उनका एक और भतीजा रहता था। आरोपी अजय को शक था कि बनीसिंह अपनी संपत्ति साथ रहने वाले भतीजे के नाम न कर दें। इसी बात को लेकर चाचा और भतीजे के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन संपत्ति के विवाद को लेकर अजय और बनीसिंह के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने अपने दोस्त केशवदेव के साथ मिलकर चाचा बनीसिंह पर चाकू से कई वार कर दिए। बनीसिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल बनीसिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक के परिजनों की शिकायत पर थाना हरदुआगंज में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच कर अदालत में चार्जशीट पेश की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों और सबूतों के आधार पर एडीजे-1 न्यायालय ने भतीजे अजय और उसके साथी केशवदेव को दोषी पाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) मेपे सिंह ने बताया कि अदालत का यह फैसला समाज को कड़ा संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के लालच में अपनों की जान लेने वालों को कानून से छूट नहीं मिल सकती। न्यायालय ने दोनों दोषियों को 7-7 साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं के पैरवी से दूर रहने के कारण नागौर के विभिन्न न्यायालयों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। अधिकांश मामलों में सुनवाई आगे की तारीखों के लिए स्थगित हुई। अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति और पक्षकारों की कम आवाजाही के चलते दोपहर तक न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा नजर आया। खाली समय में अधिवक्ता परिसर में बैठकर आंदोलन और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते दिखाई दिए। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली ने बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में बुधवार को बड़ी संख्या में प्रकरण सूचीबद्ध थे। कार्य बहिष्कार के चलते इन न्यायालयों में अधिवक्ताओं की नियमित पैरवी नहीं हुई। किशोर न्याय बोर्ड सहित अन्य न्यायालयों में भी न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ और कई पेशियां आगे बढ़ीं। राजस्व न्यायालयों में भी कामकाज प्रभावित अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने का असर राजस्व न्यायालयों पर भी रहा। एसडीएम, एसीएम और राजस्व अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिला कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के न्यायालयों में भी नियमित सुनवाई प्रभावित रही। जायल और खींवसर बार का भी समर्थन आंदोलन को जिले की अन्य बार एसोसिएशनों का भी समर्थन मिला। जायल बार अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सिंह कालवी और खींवसर बार सचिव किशन देवड़ा के नेतृत्व में वहां के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्यों से विरत रहे। 6 सितंबर तक जारी रहेगा कार्य बहिष्कार डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सिद्धांतों से जुड़ा राज्यव्यापी मुद्दा है। हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों की मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर की ओर से 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।
धमतरी में NH-30 पर फोरलेन में DPS स्कूल के पास आटे से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में पलट गया। ट्रक रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहा था। हादसे के समय उसमें ड्राइवर और कंडक्टर सवार थे, जिन्होंने कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि दोनों को कोई चोट नहीं आई। मवेशियों को बचाने की कोशिश में बिगड़ा संतुलन ड्राइवर के अनुसार, देर रात सड़क पर कुछ मवेशी बैठे हुए थे। उन्हें बचाने की कोशिश के दौरान ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे नाले में जा पलटा। हादसे के बाद सड़क पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। घटनास्थल पर करीब 50 फीट तक टायरों के डगमगाने के निशान मिले, जिससे टक्कर और वाहन के अनियंत्रित होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। आटे को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया ट्रक में बड़ी मात्रा में आटा भरा हुआ था, जिसे जगदलपुर ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। ट्रक में लदे आटे को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कराया गया। इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को नाले से बाहर निकाला गया। पुलिस हादसे के कारणों और मौके की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
शाहजहांपुर में एक मृतक के परिवार ने वकीलों के साथ एसपी ऑफिस का घेराव किया। परिवार का आरोप है कि खुदागंज पुलिस गवाहों को धमका रही है और गवाही देने पर उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की धमकी दे रही है। अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। खुदागंज थाना क्षेत्र के मझिला गांव के रहने वाले सुधीर सिंह का शव 30 अगस्त की रात को मिला था। परिजनों ने गांव के बबलू, शिवशंकर और ओमपाल पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। मृतक के भाई ने बताया कि सुधीर की मारपीट कर हत्या की गई थी, जिसके कई गवाह हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस इन गवाहों को धमका रही है। उनका कहना है कि खुदागंज थाना प्रभारी ने गवाहों को डराया-धमकाया। 2 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने गवाहों के घरों में गैरकानूनी तरीके से दबिश दी। उन्होंने गवाहों के नाबालिग बच्चों को भी गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार किया और गवाही देने पर बच्चों को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इससे गवाह काफी डरे हुए हैं। परिजन अधिवक्ता राजेश अवस्थी के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे और नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने खुदागंज थाना प्रभारी का तबादला करने की मांग की, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष हो सके। अधिकारियों ने उन्हें फिर से कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
3 सितंबर, गुरुवार: गोपालगंज के करमैनी गांव में शारदीय किसान गोष्ठी सह प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक धर्मपाल ओझा ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और मिट्टी की जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी, ताकि फसलों की उत्पादकता बढ़ सके।
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक सहभागी, प्रभावी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए बुधवार को ‘ग्राम स्वराज-आत्मनिर्भर गांवों की ओर’ का आयोजन किया गया। जो जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और सतत ग्रामीण विकास को ग्राम पंचायत स्तर की विकास प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य स्तरीय कंसल्टेशन सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस द्वारा टाटा ट्रस्ट्स एवं अरावली संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र में सीएमएफ. संस्था की कार्यकारी निदेशक मल्लिका श्रीवास्तव ने कंसल्टेशन के उद्देश्य और इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद संस्था के चेयरमैन प्रो. जनत शाह, वाइस चेयर मिस अपर्णा सहाय तथा कार्यक्रम के चीफ गेस्ट एस. एम. विजयआनंद, पूर्व सचिव, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके बाद एसएम विजयआनंद ने ग्राम पंचायत विकास योजना से जुड़े अपने लंबे अनुभव को साझा किया। उन्होंने GPDP की अवधारणा, विकेंद्रीकृत एवं सहभागी नियोजन की आवश्यकता तथा ग्राम पंचायतों को स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के निर्धारण में अधिक प्रभावी भूमिका देने पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेन्स के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अधिक प्रभावी समाधान किया जा सकता है। पंचायत रिसोर्स का फायदा उठाएं एसएम विजयआनंद ने बताया- पंचायतों के पास मौका है कि वे उनके पास उपलब्ध रिसोर्स एनवलप का फायदा उठाएं। इसमें 16वें यूनियन फाइनेंस, स्टेट फाइनेंस, वीबी-जी राम जी की वित्तीय सुविधाओं प्रमुखता से शामिल हैं। वहीं, 16वें यूनियन फाइनेंस में 60 प्रतिशत पैसा ऐसा है जो कि पंचायत अपने स्वयं विवेक पर खर्च कर सकती है। इसमें रोड निर्माण में मात्र 20 प्रतिशत तक का ही खर्च किया जा सकता है। कार्यक्रम में दूसरे सत्र में पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें जीपीडीपी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के कन्वर्जेन्स में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर चर्चा हुई। पैनल की चर्चा में पूर्व डिप्टी एम.डी. नाबार्ड सूर्यकुमार, यूनीसेफ के शफाकत, आर.आर.डी.एस जयपुर के हरि सिंह, डी.पी.एम. आरजीएसए जिल परिषद जयपुर विवेक बंसल और पूर्व सरपंच प्रकाश कंवर मौजूद रहे। चर्चा का संचालन वरूण शर्मा, अरावली संस्था के द्वारा किया गया।
निकाय चुनाव को लेकर आज गुरुवार को अंतिम दिन है। बुधवार तक जिले भर से 60 निर्दलीय प्रत्याशी नाम वापस ले चुके हैं। आज भाजपा-कांग्रेस कितने बागी प्रत्याशियों को मनाने में कामयाब होगी यह देखने वाली बात होगी। नाम वापसी के बाद पाली नगर निगम के सभी 65 वार्डों की तस्वीर साफ हो जाएगी कि भाजपा-कांग्रेस के साथ इस बार मैदान में कितने निर्दलीय रहेंगे।
भोपाल के बागसेवनिया इलाके में साइबर ठगों ने पहले 160 रुपए का बोनस देकर एक युवक का भरोसा जीता और फिर क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करीब 12 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने युवक को वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग टास्क दिए। शुरुआत में टास्क पूरा करने पर 160, 100 और 1500 रुपए तक बोनस दिया। इसके बाद बड़े मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों और UPI ID में रुपए ट्रांसफर कराते रहे। पीड़ित ने ठगों के झांसे में आकर अपने खातों के अलावा पत्नी, भाई, भतीजे, दोस्तों और अन्य परिचितों के खातों से भी रकम भेज दी। 19 और 20 अगस्त के बीच 32 ट्रांजेक्शन में करीब 11.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर छोटे टास्क दिए पुलिस के अनुसार बागमुगलिया निवासी 36 वर्षीय सतेन्द्र करोसिया को 18 अगस्त को एक मोबाइल नंबर से 24-कंपार्टेंडो नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में प्रोडक्ट खरीदकर उसका स्क्रीनशॉट शेयर करने पर बोनस देने की बात कही गई। शुरुआत में जब उसके खाते में बोनस की रकम पहुंची तो उसे भरोसा हो गया कि यह वास्तविक ऑनलाइन काम है। इसके बाद ठगों ने उसे टेलीग्राम ग्रुप की लिंक भेजी। वहां निवेश के नाम पर अलग-अलग टास्क दिए गए। हर टास्क पूरा करने के लिए रकम जमा कराई जाती थी। ज्यादा निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया। ठग हर बार अलग-अलग बैंक खाते और UPI ID भेजकर रकम ट्रांसफर कराते रहे। 11.98 लाख जमा करने के बाद मांगे 60 हजार सतेन्द्र ने जब करीब 11.98 लाख रुपए जमा कर दिए तो उसने अपनी रुपए और मुनाफा वापस मांगा। इस पर ठगों ने कहा कि पूरी रकम निकालने के लिए 60 हजार रुपए और जमा करने होंगे। इस मांग के बाद सतेन्द्र को संदेह हुआ। उसने रुपए वापस लेने के लिए दबाव बनाया, लेकिन ठग 60 हजार रुपए जमा करने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, UPI ID, मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
देवरिया जिले ने परिषदीय विद्यालयों में हुए निपुण आकलन में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में कुल 78 फीसदी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। वहीं, विकासखंड भागलपुर ने 99 फीसदी उपलब्धि के साथ प्रदेश के सभी विकासखंडों में पहला स्थान पाया है। अगस्त में शिक्षकों, एआरपी और एसआरजी ने मिलकर यह आकलन किया था। इसमें जिले के 95,616 विद्यार्थियों की पढ़ाई की क्षमता को जांचा गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने इस उपलब्धि पर सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, एआरपी, एसआरजी और अकादमिक टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों और बच्चों के प्रति समर्पण का नतीजा है। डॉ. मौर्य ने यह भी कहा कि इसे सिर्फ एक आंकड़े के तौर पर नहीं, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार की जिम्मेदारी के तौर पर देखना चाहिए। आकलन से मिले नतीजों के आधार पर विद्यार्थियों की पढ़ाई की क्षमता को और बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। जिले में कुल 2,121 परिषदीय विद्यालय चल रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत निपुण आकलन को बालवाटिका से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए बढ़ाया गया है। अगस्त में विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आकलन शिक्षकों, एआरपी और एसआरजी ने मोबाइल पर निपुण प्लस ऐप के जरिए किया। इस दौरान जिले के 1,865 विद्यालयों में बच्चों की दक्षता जांची गई। इनमें से 616 विद्यालय ऐसे थे, जहां सभी बच्चों का आकलन पूरा किया गया। कक्षा एक से पांच तक जिले में कुल 1,22,241 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से 95,616 विद्यार्थियों का आकलन हुआ, जिससे जिले की उपलब्धि 78 फीसदी रही। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने बताया कि इस उपलब्धि से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब सभी को और ज्यादा मेहनत करके विद्यार्थियों की दक्षता में सुधार लाना होगा। भागलपुर का 99 प्रतिशत आकलनविकासखंड भागलपुर ने 99 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश के विकासखंडों में पहला स्थान प्राप्त किया। यहां 103 विद्यालयों में से 74 विद्यालयों में सभी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। कुल 6,077 विद्यार्थियों के सापेक्ष 5,983 विद्यार्थियों का यूनिक असेसमेंट किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी भागलपुर सूरज कुमार ने कहा कि 99 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह उपलब्धि विकासखंड के प्रधानाध्यापकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, एआरपी और अकादमिक टीम के सामूहिक प्रयास, सतत अनुश्रवण और बच्चों के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ बच्चों के अधिगम स्तर में और सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे।बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता पर जोरनिपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को निर्धारित कक्षा-स्तर की बुनियादी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं में निपुण बनाना है। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग की ओर से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण भी किया जा रहा है, ताकि बच्चों की शैक्षिक प्रगति का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा सकें।
पीलीभीत की पूरनपुर विधानसभा (129- पूरनपुर) की मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगा है। समाजवादी पार्टी युवजन सभा ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे एसडीएम मयंक गोस्वामी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दावा किया गया है कि सूची में लगभग 5000 संदिग्ध और फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सपा युवजन सभा के नेताओं ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों की मतदाता सूची देखने और स्थानीय शिकायतों के बाद यह मामला सामने आया है। संगठन का आरोप है कि करीब 5000 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से दर्ज हैं। उनके पास इन नामों से जुड़े सबूत भी हैं। नेताओं ने कहा कि इन संदिग्ध मतदाताओं से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की शुद्धता पर असर पड़ सकता है। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की अपील की गई है। संगठन ने मांग की है कि इन सभी संदिग्ध मतदाताओं की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही, जो मतदाता जांच में गलत पाए जाएं, उन पर चुनाव नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। इससे मतदाता सूची को साफ और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। ज्ञापन सौंपते समय समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू, विधानसभा अध्यक्ष संजय यादव, रामस्वरूप, इमरान, नौमान वारसी, शमशुल हसन, उस्मान शाह, अमित वर्मा, ओम शर्मा, सतीश चंद्र वर्मा, अहीद खां, खुरशीद और वसंत वर्मा समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।
टीकमगढ़ जिले के मऊचुंगी रोड स्थित श्रीजी कॉलोनी के जैन मंदिर में बुधवार रात दो अज्ञात नकाबपोश चोर घुस गए। चोर मंदिर में रखी दानपेटी चोरी कर ले गए। गुरुवार को मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान घटना का पता चला। दानपेटी में रखे थे हजारों रुपए जैन समाज के लोगों के मुताबिक, चोरी हुई गुल्लक की कीमत करीब 25 हजार रुपए है। इसमें 50 हजार रुपए से ज्यादा नकदी होने की बात कही जा रही है। बताया गया कि गुल्लक करीब तीन महीने से नहीं खोली गई थी। CCTV में कैद हुए आरोपी मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों नकाबपोश चोर कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। चोरी करने की तस्वीरे देखिए… पहले भी मंदिरों में हो चुकी हैं चोरियां कोतवाली थाना क्षेत्र के मंदिरों में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। चकरा रोड स्थित ज्ञानेश्वरी देवी मंदिर, बजाज की बगिया हनुमान मंदिर और रेलवे पुल स्थित हनुमान मंदिर में भी चोरी हो चुकी है। इन मामलों का अब तक खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। डॉग स्क्वॉड से जांच एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि कोतवाली थाना प्रभारी को रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों में लगातार चोरी की घटनाएं चिंता का विषय हैं। जैन मंदिर चोरी के मामले में डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाके में जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
पटना में उफतानी गंगा को सीएम सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण, अफसरों को अलर्ट रहने का निर्देश
पटना में गंगा नदी ने रौद्र रूप दिखाया है। पटना के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया है। सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने को कहा है।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 बराती में हुडको के आवास जर्जर हो गए हैं। इन आवासों को पहले के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) ने 1988-89 में बनवाया था। कुछ लोग बिना सही आवंटन के इन खराब भवनों में रह रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। इन भवनों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ये आवास अब अमरकंटक नगर परिषद की संपत्ति हैं। इसके बावजूद नगर परिषद इनकी नियमित जांच, देखभाल या मरम्मत नहीं कर रही है। जर्जर भवनों की हालत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी इस गंभीर मामले पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों में यह भी चर्चा है कि कुछ मजदूर वर्ग के लोग बिना सही आवंटन के इन आवासों में रह रहे हैं। सवाल यह है कि नगर परिषद की संपत्ति पर बिना वैध आवंटन के लोगों को रहने की अनुमति कैसे मिली और विभाग ने अब तक इसकी जांच क्यों नहीं की? मरम्मत पर नहीं दिया ध्यान सबसे चिंता की बात यह है कि इन जर्जर भवनों में रहने वाले लोग भी इनकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, नगर परिषद भी भवनों की असली हालत देखकर जरूरी कदम नहीं उठा रही है। अगर अचानक भवन का कोई हिस्सा गिर जाता है या किसी हादसे में किसी की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? समय रहते भवनों की जांच कर उन्हें खतरनाक घोषित नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाले किसी बुरे हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी होगा। दरअसल विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) अमरकंटक का पवित्र तीर्थ स्थल और प्राकृतिक क्षेत्र के समग्र विकास के लिए गठित एक प्रमुख निकाय के रूप में किया गया था। जिसका उद्देश्य अमरकंटक और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना था। इसी योजना के तहत यहां आवासीय भवनों का निर्माण हुआ था, हालांकि इन आवासों की कुल आधिकारिक एवं सटीक संख्या सार्वजनिक दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से एक साथ दर्ज नहीं है। नोटिस जारी कर खाली करने को कहा मामले ने सीएमओ नगर परिषद् अमरकंटक चैन सिंह परस्ते का कहना है कि हमने मकानों की स्थिति के लिए सर्वे के लिए टीम लगाया है। आवास जर्जर है, इसके लिए नोटिस जारी कर लोगों को आवास खाली करने के लिए कहा गया है।
आकाश आनंद पर मायावती का फिर यू-टर्न; बोलीं- अभी अपरिपक्व,बड़ी जिम्मेदारी देना ठीक नहीं
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी की किसी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आकाश को राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है। लखनऊ बैठक में मायावती ने संगठन मजबूत करने और आरएसएस पर भी निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ कनेक्टिविटी भी मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि 2022-23 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने 8 समूह बनाए थे। इनमें मंत्री और अधिकारी शामिल थे। इन समूहों ने अलग-अलग देशों में जाकर निवेशकों से संपर्क किया। दुबई में भी करीब 4 दिन तक निवेशकों के बीच रहकर यूपी में निवेश की संभावनाएं बताई गईं। यहां करीब 23 हजार करोड़ रुपए के एमओयू हुए। इसके बाद कई निवेशकों ने यूपी में परियोजनाएं शुरू कीं। 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले मंत्री ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के बाद यूपी को करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अकेले वस्त्र उद्योग के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव हैं। लोकसभा चुनाव से पहले आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में करीब 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। रेलवे-हवाई कनेक्टिविटी से बढ़ा भरोसा राकेश सचान ने कहा कि निवेशकों के लिए अच्छी नीतियों के साथ रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी भी जरूरी है। यूपी में लगातार कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। जब निवेश की परियोजनाएं जमीन पर दिखाई देती हैं तो देश-दुनिया में यह संदेश जाता है कि प्रदेश में सिर्फ नीतियां नहीं बनतीं, बल्कि उन पर काम भी होता है। छह महीने में बजट का 40% खर्च मंत्री ने कहा कि उनके विभाग ने अपने बजट का करीब 40% हिस्सा छह महीने में ही खर्च कर दिया है। सरकार योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने पर काम कर रही है। लखनऊ और हरदोई में तैयार हो रहे टेक्सटाइल पार्कों का जल्द उद्घाटन किया जाएगा। संतकबीरनगर, वाराणसी और बरेली समेत कई जिलों में भी टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार की करीब 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना है। इनमें से 5 के लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है। लक्ष्य है कि नवंबर तक इन पार्कों का शिलान्यास कराया जाए। सस्ती जमीन पर उद्योग लगाने का मौका टेक्सटाइल पार्कों में निवेश करने वाले उद्यमियों को सस्ती दरों पर जमीन देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए उद्योग लगेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए निवेश और उद्योगों से जुड़ी नीतियों में जरूरत के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।
मऊ के जयरामगढ़ गांव के रहने वाले रामअवध राजभर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर आबादी की जमीन से जुड़े विवाद में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। स्वर्गीय रामनाथ राजभर के बेटे रामअवध ने आरोप लगाया कि 1 सितंबर को ग्राम प्रधान अजय राजभर ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी जगह पर लगे तीन टीन शेड और नाद हटा दिए। इसके बाद गांव की भोली देवी को उस जगह पर कब्जा दिलाने का आरोप लगाया गया है। रामअवध राजभर के मुताबिक, इस जमीन का मामला आजमगढ़ मंडल आयुक्त और सेंट्रल बार एसोसिएशन, मंडल आजमगढ़ में भी चल रहा है। पीड़ित ने बताया कि घटना के दिन ही उन्होंने कोपागंज थाने में शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हें ही थाने में बैठा लिया और बाद में उनका चालान कर दिया। रामअवध ने आरोप लगाया कि जब 1 सितंबर को टीन शेड हटाए जा रहे थे, उस दौरान दबंगों ने उनके परिवार वालों पर ईंट-पत्थर भी चलाए। उन्होंने दावा किया कि पथराव का वीडियो उनके मोबाइल में है। पीड़ित ने जो वीडियो और तस्वीरें दी हैं, उनमें कुछ युवक ईंट-पत्थर चलाते और टीन शेड हटाते दिख रहे हैं। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर जरूरी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एसपी कार्यालय से उन्हें मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई किए जाने का भरोसा मिला है।
3 सितंबर, गुरुवार: पटना में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से जेपी सेतु घाट का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। नदी का बहाव काफी तेज हो गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बढ़ते पानी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आसपास के इलाकों के लोग सतर्क नजर आ रहे हैं।
भदोही डीघ ब्लॉक की ग्रामसभा कौलापुर की ब्राह्मण बस्ती में बिजली की पुरानी समस्या खत्म हो गई है। बृहस्पतिवार को यहां 100 केवीए की जगह 250 केवीए का नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इससे ग्रामीणों को बिजली सप्लाई में राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले कम क्षमता वाला ट्रांसफॉर्मर अक्सर खराब हो जाता था। इससे पानी, सिंचाई और घर के कामों के लिए बिजली नहीं मिल पाती थी। ग्रामीण लंबे समय से ज्यादा क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर की मांग कर रहे थे। ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे के प्रयासों से यह 250 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। उन्होंने विधायक विपुल दुबे के काम की तारीफ की। इस दौरान अरुण चतुर्वेदी, अभिनव पाण्डेय, नमन पाण्डेय, त्रिपुरारी मिश्रा, तौलन, नीरज शर्मा और बीडीसी टिंकू शुक्ला सहित कई लोग मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि नए ट्रांसफॉर्मर से बिजली व्यवस्था सुधरेगी। इससे सिंचाई और दूसरे जरूरी कामों में आसानी होगी।
गोपालगंज: NH-27 पर पुलिस की कार्रवाई, वैगनआर कार से 26 कार्टन देसी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
3 सितंबर, गुरुवार: गोपालगंज में पुलिस ने NH-27 पर कार्रवाई करते हुए एक वैगनआर कार से 26 कार्टन देसी शराब बरामद की है। मौके से तस्कर उमिमन्यु प्रसाद और मनीष कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार और शराब को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोटा में आप नया बिजली कनेक्शन लेना चाहते है तो आपको केईडीएल के कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे भी बिजली का कनेक्शन ले सकते हैं। केईडीएल ने यह सुविधा कोटा शहर में शुरू कर दी है। केईडीएल के सीओओ मनीष अरोडा ने बताया कि नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति cescrajsthan.co.in या कम्पनी की बेवसाइट cescrajsthan.co.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सोलर कनेक्शन के लिए भी ऑनलाइन सुविधा सोलर कनेक्शन के लिए भी वेबसाइट या राज विद्युत ऐप से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए सोलर वेंडर्स को कोटा में प्रशिक्षण दिया गया है। अगस्त 2026 से ऑनलाइन कनेक्शन का ट्रायल शुरू किया गया है। अब तक 25 नए बिजली कनेक्शन और 468 सोलर कनेक्शन के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका प्रोसेस पूरा हो चुका है। इस सुविधा से लोगों को घर बैठे बिना झंझट बिजली और सोलर कनेक्शन लेने की सुविधा मिलेगी।
बिजनौर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से गुरुवार दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने इसकी अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को प्रदेश के 34 जिलों की 157 तहसीलों में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) हादसों और आग से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल कराई जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने अधिकारियों को पिछली मॉक ड्रिल में सामने आई कमियों को ध्यान में रखकर तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने दायित्व और कार्यों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। मॉक ड्रिल के दौरान विभाग आपसी तालमेल और सहयोग से काम करें, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। उन्होंने जिलों में वूलनेरेबिलिटी मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए। बिजनौर की पांचों तहसीलों में होगी मॉक ड्रिल जिलाधिकारी बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को जिले की पांचों तहसीलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर 17 सितंबर को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैजर्ड, वूलनेरेबिलिटी, कैपेसिटी और रिसोर्स को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को आपदा की संभावित स्थिति के अनुसार उपलब्ध संसाधनों और तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत ने बताया कि जिले में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह 24 घंटे सक्रिय रहेगा। कंट्रोल रूम का नंबर 01342-262031 है। आपदा या मॉक ड्रिल से संबंधित सूचनाएं और समन्वय इसी के जरिए किया जाएगा। पुलिस से लेकर NDRF-SDRF तक लेंगी हिस्सा मॉक ड्रिल में जिला स्तरीय इंसीडेंट रिस्पांस टीम के साथ अग्निशमन एवं इमरजेंसी सेवाएं, NDRF/SDRF, पुलिस, PAC, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और PRD की टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, NCC, NSS, भारत स्काउट एंड गाइड, प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवक, भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम, गैर सरकारी संगठन और अन्य स्थानीय संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। सभी SDM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के सभी उप जिलाधिकारी वेब लिंक के जरिए जुड़े। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, IOCL के प्रतिनिधि समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को लेकर विभागवार तैयारियों और जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा:महादेव धाम के सभी घाट बंद, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
मऊ जिले में बुधवार रात तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके बाद नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में मऊ महादेव धाम के सभी घाट बंद कर दिए गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है। गुरुवार दोपहर एक बजे के बाद घाटों पर लोगों के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस के मुताबिक, मऊ महादेव धाम और आसपास के सभी मुख्य घाटों पर पीएसी और स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी लगातार घाटों पर नजर रख रहे हैं। वे लोगों को नदी की तरफ जाने से रोक रहे हैं। घाटों पर पोस्टर लगाकर लोगों को वहां न जाने की चेतावनी भी दी जा रही है। सुरक्षा मजबूत करते हुए घाटों की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे तमसा नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए घाटों की तरफ न जाएं। किसी भी तरह का जोखिम न लें। खासकर, नहाने या नदी किनारे जाने वाले लोगों को पुलिसकर्मी लगातार रोक रहे हैं। एडिशनल एसपी अनूप कुमार ने बताया कि जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से घाटों पर खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए मऊ महादेव धाम के घाटों पर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। लोगों को घाट तक पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि घाटों के आसपास के इलाकों पर भी पुलिस लगातार नजर रख रही है। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिसकर्मी अलर्ट पर हैं। जब तक जलस्तर कम नहीं होता और हालात सामान्य नहीं होते, तब तक घाटों पर रोक जारी रहेगी।
सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत उज्जैन में होटल नक्षत्र से पंचकोशी मार्ग पर बने ब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। यह सड़क करीब 450 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। वर्तमान में सड़क के एक हिस्से में लगभग 300 मीटर तक डीएलसी (ड्राई लीन कंक्रीट) का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद सड़क की ऊपरी सतह पर पीक्यूसी (पेवमेंट क्वालिटी कंक्रीट) का निर्माण शुरू किया जाएगा। लेआउट के हिसाब से काम के निर्देश निरीक्षण के दौरान कमिश्नर मिश्रा ने अधिकारियों को तय समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण तय लेआउट के अनुसार हो और सड़क की वास्तविक चौड़ाई का सही नाप पक्का की जाए। उन्होंने डीएलसी का काम पूरा होते ही पीक्यूसी सड़क का निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पूरी सड़क समय पर तैयार हो सके। निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री रवि राठौर समेत नगर निगम के कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
हिसार के गांव किरतान में दिनदहाड़े एक घर में चोरी हो गई। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर 55 हजार रुपए नकद और लाखों के सोने-चांदी के गहने चुरा लिए। वारदात का पता तब चला, जब मकान मालिक दोपहर में खेत से वापस लौटे। गांव किरतान निवासी सत्यवान ने बालसमंद थाना पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह चिनाई का काम करते हैं। सुबह वह अपनी पत्नी भतेरी के साथ खेत में कपास चुनने गए थे। घर पर कोई नहीं था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सत्यवान ने बताया कि दोपहर में जब वह अपनी पत्नी के साथ घर पहुंचे तो देखा कि घर का सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने संदूक की जांच की तो उसमें रखी नकदी और गहने गायब मिले। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस शिकायत के मुताबिक, चोर संदूक से 55 हजार रुपए नकद, चांदी की तीन जोड़ी पाजेब, करीब दो तोले की सोने की कंठी, आधा तोला सोने की अंगूठी और आधा तोला सोने का तबीजी ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी हुए गहनों की कीमत लाखों रुपए में है। चोरी की सूचना मिलने के बाद बालसमंद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने सत्यवान की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जैतपुर के खामिडोल-जैतपुर मार्ग पर केसेढ़ नदी के पुल की हालत लगातार बारिश के बीच खराब हो गई है। पुल के बीचों-बीच दरार पड़ गई है और टूटे हिस्से से सरिया बाहर निकल आई है। इसके बावजूद पुल से लोगों और वाहनों की आवाजाही जारी है। नदी में पानी बढ़ने और तेज बहाव के बीच पुल की यह स्थिति किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत पुल की जांच कर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। पुल के बीच हिस्से में पड़ी दरार साफ दिख रही है। कई जगह कंक्रीट उखड़ने से अंदर की सरिया बाहर निकल आई है। बारिश के दौरान लगातार वाहनों के गुजरने से पुल पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि पुल कितना कमजोर हुआ है, यह तकनीकी जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन मौजूदा स्थिति में सावधानी बरतना जरूरी है। जिले में हुई बारिश के आंकड़े जिला प्रशासन के 3 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक जैतपुर में 3 सितंबर को 3.90 इंच बारिश दर्ज की गई। इस मानसून में अब तक जैतपुर में कुल 46 इंच बारिश हो चुकी है। जिले में 3 सितंबर को औसत 2.13 इंच बारिश दर्ज की गई। इस मानसून में 3 सितंबर तक जिले में औसत 42.47 इंच वर्षा हो चुकी है। पिछले साल इतने ही वक्त में औसत बारिश 37.20 इंच थी। यानी इस साल अब तक पिछले साल की तुलना में लगभग 5.27 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 47.70 इंच है। यानी सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी लगभग 5.23 इंच बारिश बाकी है। केसेढ़ नदी के पुल पर दरार और बाहर निकली सरिया के बावजूद आवाजाही जारी है। ऐसे में सवाल है कि संबंधित विभाग पुल की तकनीकी जांच कब कराएगा? क्या जांच होने तक पुल के खराब हिस्से पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे? पुल की हालत चिंता जनक राहगीर देव शरण जोगी ने भी पुल की हालत पर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन हादसे का इंतजार न करे और तुरंत पुल की जांच कराकर जरूरी सुरक्षा इंतजाम करे। बारिश बाद कराएंगे ठीक जैतपुर एसडीएम दीपक मंडावी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल का अभी मरम्मत कराया गया है। संबंधित अधिकारियों को बारिश के बाद उसे ठीक करने का निर्देश दिया गया है।
कोरबा जिले में कटघोरा बाईपास पर खड़े ट्रेलरों से डीजल चोरी करने पहुंचे 6 से 7 बदमाशों का प्लान एक ट्रेलर चालक की हिम्मत के कारण फेल हो गया। बदमाश स्कॉर्पियो से पहुंचे थे और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से डीजल निकाल रहे थे। इसी दौरान चालक की नजर उन पर पड़ गई। उसने बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उसे धमकाया। इसके बाद चालक ने हिम्मत दिखाते हुए अपना ट्रेलर स्टार्ट किया और बदमाशों की स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बदमाश मौके से भाग निकले, लेकिन अपनी स्कॉर्पियो वहीं छोड़ गए। डीजल चोरी की पूरी घटना पास के पेट्रोल पंप में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में बदमाशों के स्कॉर्पियो से पहुंचने और ट्रेलरों से डीजल निकालने की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। तड़के स्कॉर्पियो से पहुंचे 6-7 बदमाश जानकारी के अनुसार, घटना 2 सितम्बर सुबह तड़के कटघोरा बाईपास की है। यहां सड़क किनारे कई ट्रेलर खड़े थे। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो में सवार होकर 6 से 7 बदमाश मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने खड़े ट्रेलरों को निशाना बनाया और एक ट्रेलर से डीजल निकालना शुरू कर दिया। इसी दौरान ट्रेलर चालक की नजर उन पर पड़ गई। चालक ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि बदमाशों ने उसे धमकाया। इसके बावजूद चालक पीछे नहीं हटा और उसने अपना ट्रेलर स्टार्ट कर दिया। स्कॉर्पियो को ट्रेलर से मारी जोरदार टक्कर बदमाशों को रोकने के प्रयास में चालक ने ट्रेलर से उनकी स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर होते ही बदमाशों में अफरा-तफरी मच गई। सभी आरोपी मौके से भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो वहीं छोड़ गए। इस दौरान डीजल चोरी की कोशिश नाकाम हो गई। पेट्रोल पंप के CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। पास के पेट्रोल पंप में लगे कैमरे में स्कॉर्पियो से बदमाशों के पहुंचने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में बदमाश ट्रेलरों के आसपास घूमते और डीजल चोरी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस अब इसी CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। स्कॉर्पियो और डीजल के कंटेनर जब्त घटना के बाद ट्रेलर चालक ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से बदमाशों की स्कॉर्पियो और उसमें रखे डीजल के कंटेनर बरामद कर लिए। स्कॉर्पियो को जब्त कर थाने लाया गया है। कटघोरा थाना इंचार्ज प्रेमचंद साहू ने बताया कि वाहन जब्त किया गया है। CCTV फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। आरोपियों की तलाश में आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रक चालकों और मालिकों में बढ़ी चिंता इस घटना के बाद कटघोरा बाईपास पर ट्रक और ट्रेलर चालकों के बीच डीजल चोरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। चालकों का कहना है कि बाईपास पर अक्सर डीजल चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। बताया जा रहा है कि इसी गिरोह ने पाली थाना क्षेत्र में भी डीजल चोरी की घटना को अंजाम दिया है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों की पहचान और उनकी संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चालक की हिम्मत से चोरी का प्लान हुआ फेल इस घटना में बदमाशों की संख्या 6 से 7 बताई जा रही है और वे एक साथ स्कॉर्पियो में पहुंचे थे। इसके बावजूद ट्रेलर चालक ने उन्हें रोकने की कोशिश की। चालक की तत्परता के चलते बदमाश डीजल लेकर फरार नहीं हो सके। टक्कर के बाद उन्हें अपनी स्कॉर्पियो तक छोड़कर भागना पड़ा। अब पुलिस CCTV फुटेज और जब्त वाहन के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पति-पत्नी के बीच काफी समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। मामला थाने पहुंचने के बाद दोनों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाया गया था। केंद्र का मकसद बातचीत के जरिए दोनों के बीच चल रहे मतभेद दूर करना और परिवार को टूटने से बचाना था। परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलरों ने पति-पत्नी की बात सुनी और विवाद खत्म करने के लिए दोनों को समझाया। बातचीत के बाद दोनों केंद्र से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि बाहर निकलते ही किसी बात को लेकर दोनों में दोबारा बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ी तो सड़क पर हाथापाई कुछ ही देर में कहासुनी इतनी बढ़ गई कि पति-पत्नी एक-दूसरे से मारपीट करने लगे। पुलिस कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने दोनों के बीच हुई हाथापाई का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दोनों एक-दूसरे के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद उठ रहे सवाल घटना का वीडियो सामने आने के बाद परिवार परामर्श केंद्र में विवाद सुलझाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। परिवार परामर्श केंद्रों का उद्देश्य ऐसे मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाकर विवाद को आगे कानूनी कार्रवाई तक पहुंचने से रोकना है। वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पति-पत्नी के बीच मारपीट साफ दिख रही है। इस घटना से परिवार परामर्श केंद्र में विवाद सुलझाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बीजापुर के भैरमगढ़ जनपद पंचायत की ईतामपार ग्राम पंचायत के आश्रित गांव बोड़गा के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर आर्थिक गड़बड़ी और प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम हड़पने के आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यों की जांच समिति बनाई है। गठित जांच समिति का संयोजक बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी को बनाया गया है। समिति में नीना रावतिया, लालू राठौर, शंकर कुडियाम, बसंत माटी, ललित मोरे और नीली लेकाम को सदस्य बनाया गया है। उफनती इंद्रावती नदी पार कर गांव पहुंचेगा जांच दल बोड़गा गांव तक पहुंचना जांच दल के लिए बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों से मिलने और मामले की सच्चाई जानने के लिए दल को उफनती इंद्रावती नदी डोंगी (नाव) से पार करनी होगी। नदी पार करने के बाद जांच दल बोड़गा गांव पहुंचेगा। ग्रामीणों से पूछताछ कर जुटाएंगे दस्तावेज जांच दल गांव पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम से जुड़े दस्तावेज जुटाए जाएंगे और ग्रामीणों से आरोपों की पूरी जानकारी ली जाएगी। कांग्रेस को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जांच समिति के सदस्यों को प्रभावित गांव का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। समिति ग्रामीणों और पीड़ितों से चर्चा कर मामले की पूरी जानकारी जुटाएगी। इसके बाद घटना की वास्तविकता की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
वक्फ बोर्ड को पंसद आ गई UCC की एक बात, निकाह के नियम बदलेंगे; क्या-क्या बदलाव
उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है। अब यूसीसी की कर्ज पर राज्य में नया निकाहनामा तैयार किया जा रहा है। इसमें कई नए प्रावधान होंगे।
झालावाड़ में एक सप्ताह बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून:बारिश से सड़कों पर बहा पानी, किसानों के चेहरे खिले
झालावाड़ में करीब एक सप्ताह से ज्यादा समय के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। गुरुवार सुबह से ही मौसम में बदलाव दिखा और करीब साढ़े 11 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। इससे शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। अचानक हुई बारिश से सड़कों पर आवाजाही पर असर पड़ा। पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और दूसरी जगहों पर रुक गए। पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का असर बना हुआ था। हालांकि सुबह-शाम ठंडक रहती थी। गुरुवार को हुई बारिश से लोगों को काफी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली। आसमान में बादल छाए रहने से आने वाले घंटों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों को भी राहत की उम्मीद जगी है। इस समय फसलों के लिए बारिश बहुत जरूरी है। लंबे समय बाद हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे फसलों को फायदा मिल सकता है।
रतलाम के सैलाना क्षेत्र में बुधवार रात दोस्तों के साथ मंगतेर से मिलकर घर लौट रहे बाइक पर सवार तीन युवकों पर पत्थर व लाठियों से हमला हो गया। मारपीट में दो युवकों की मौत हो गई। एक साथी घायल है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि पुलिस का कहना है कि दुर्घटना में मौत हुई है। हादसा सैलाना थाने के भेरुघाटा के पास का है। घायल करण (17) पिता मनसुख मईडा निवासी धभाईखेड़ी (अडवानिया) ने बताया कि वह अपने साथी रमेश (18) पिता वरसिंह भाभर एवं गोपाल (16) पिता गोवर्धन चरपोटा के साथ रमेश की मंगेतर से मिलने दौलतपुरा गांव गए थे। करण के अनुसार, वापसी में घर आते समय भैरूघाटा के पास सड़क किनारे 10 से 12 बच्चों ने हम पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। गाड़ी की स्पीड बढ़ाई तो आगे कुछ लोगों ने पत्थर एवं लाठियां बरसाना शुरू कर दी। जैसे तैसे अपनी जान बचाकर वहां से भागे। कुछ दूरी पर जाकर डायल 112 को सूचना दी। घटना में रमेश एवं गोपाल को सिर में गंभीर चोटें आई। डायल 112 से सैलाना लाते समय रास्ते में रमेश की मौत हो गई। गोपाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान मौत हो गई। करण घायल है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष बोले- निष्पक्ष जांच होजानकारी मिलने पर रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा व अन्य आदिवासी समाज के लोग सैलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इसके बाद थाने पर जाकर निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा का कहना है कि घायल युवक ने बताया कि हमारे साथ मारपीट की, पथराव किया। जान बचाने के लिए बाइक भगाई। इस दौरान वह नीचे गिर गया। जबकि दो अन्य झोपड़ी में घुस गए। हमारा कहना है कि दो लड़कों की मौत हुई है। ईमानदारी से जांच करें। क्योंकि घायल लड़का खुद बोल रहा है कि उनके साथ मारपीट हुई है। टीआई बोलीं- दुर्घटना में मौतसैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया रात में 112 पर दुर्घटना का इवेंट आया था। पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से घायलों को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। जिसमें से दो की मौत हो गई। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर जानकारी सामने आई कि बाइक सवार काफी स्पीड में थे। इनका बैलेंस बिगड़ने से पशु बांधने की टापरी (झोपड़ी) में जा घुसे। चोट आने के कारण उससे मौत हो हुई है। घायल के जो भी तथ्य होंगे उन बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच CM सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को एक्शन में नजर आए। उन्होंने पटना में गंगा नदी के आसपास बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री सम्राट ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा बढ़ाने और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारी को पुख्ता करने के निर्देश दिए। नीतीश कुमार के साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से बातचीत की और जमीनी स्थिति की जानकारी ली। नेपाल में भारी बारिश से बिहार में स्थिति खराब - संजय झा संजय झा ने कहा, ‘नेपाल में भारी बारिश और वहां से छोड़े जा रहे पानी के कारण बिहार के कई इलाकों में स्थिति खराब हुई है। आज कई स्थानों का दौरा किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार ने भी हमारे साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा है।’ बाढ़ से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार- संजय झा संजय झा ने कहा, ‘पटना के भी कई स्थानों पर पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। सरकार की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। अगर कहीं भी गंभीर स्थिति पैदा होती है तो उससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।’ 5 सितंबर से 12 जिलों में होगा ‘नीतीश संवाद’ संजय झा ने बताया कि 5 सितंबर से बिहार के 12 जिलों में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह कार्यक्रम नीतीश कुमार के नाम पर रखा गया है। इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समेत जदयू के अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने बताया, 'कार्यक्रम की शुरुआत बक्सर से की जाएगी। इसमें जल संधि से बिहार और यहां के लोगों को होने वाले नुकसान और लाभ के बारे में चर्चा की जाएगी। अलग-अलग जिलों में लोगों से संवाद कर इस मुद्दे पर जानकारी साझा की जाएगी।' बेंगलुरु में बिहार महोत्सव पर दी प्रतिक्रिया बेंगलुरु में बिहार महोत्सव आयोजित किए जाने को लेकर संजय झा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘इस आयोजन के जरिए बिहार में अब तक क्या-क्या काम हुए हैं और आगे क्या होने वाला है, इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगर बेंगलुरु में बिहार महोत्सव का आयोजन होता है तो इससे पूरे देश में बिहार को लेकर एक सकारात्मक और बेहतर संदेश जाएगा।’
पीथमपुर की छत्रछाया कॉलोनी में एक युवक से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में तीन आरोपियों को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने युवक से पार्टी के लिए पैसे मांगे थे। मना करने पर उन्होंने युवक को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 2 सितंबर को हुई थी। पीड़ित विशाल यादव (28 साल) जयनगर पीथमपुर में रहते हैं। वह मूल रूप से खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम चोली के रहने वाले हैं। विशाल जब छत्रछाया कॉलोनी में थे, तब आरोपी आयुष सरकार (पिता प्रताप बर्मन), निखिल (पिता रामपाल शुक्ला) और नीरज (पिता गुलाबचंद गोलकर) ने उनसे पार्टी के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से मना करने पर तीनों आरोपियों ने विशाल को गालियां दीं। उन्होंने विशाल की पिटाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित विशाल यादव की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया है। सेक्टर-1 पुलिस ने अपराध क्रमांक 523/26 के तहत बीएनएस की धारा 119(1), 115(2), 296(ए), 351(2) और 3(5) में केस दर्ज किया। इनको किया गिरफ्तार एफआईआर उपनिरीक्षक जगदीश मीणा ने दर्ज की, जबकि आगे की जांच उपनिरीक्षक दशरथ मंडलोई कर रहे हैं। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने बताया कि आरोपी आयुष सरकार, निखिल शुक्ला और नीरज गोलकर कस्बे में लगातार गुंडागर्दी और अड़ीबाजी कर रहे थे। पुलिस को इनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने नामजद केस दर्ज कर तीनों को पकड़ लिया। तीनों का है आपराधिक रिकॉर्ड थाना प्रभारी अहीर ने यह भी बताया कि ये तीनों थाने के आदतन बदमाश हैं। इन पर पहले से भी कई केस दर्ज हैं। पहले भी इन पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन सुधार न होने पर अब फिर से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी के गीदम स्थित आवास की बिजली कनेक्शन बकाया बिल के चलते काट दी गई है। बताया जा रहा है कि भवन वन विभाग का है, फिलहाल विधायक चैतराम अटामी को आवंटित है। भवन में बिजली के दो कनेक्शन लगे हैं। दोनों कनेक्शनों पर लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया था। बिजली विभाग के अनुसार, एक सिंगल फेज कनेक्शन पर करीब 2 लाख 30 हजार रुपए का बकाया है। इसमें लंबे समय से बिल जमा नहीं किया गया था। वहीं, दूसरे थ्री फेज कनेक्शन पर 50 हजार 250 रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया बताया गया है। बकाया राशि जमा नहीं होने पर विभाग ने दोनों कनेक्शन काट दिए। 2023 से बकाया बताया जा रहा बिल जानकारी के मुताबिक, सिंगल फेज कनेक्शन का बिजली बिल साल 2023 से जमा नहीं किया गया था, जिसके चलते बकाया राशि बढ़कर करीब 2.30 लाख रुपए तक पहुंच गई। वहीं थ्री फेज कनेक्शन का करीब एक साल से बिल बकाया बताया जा रहा है। बिजली विभाग की कार्रवाई को करीब दो दिन हो चुके हैं। इस मामले की पुष्टि बिजली विभाग के सहायक अभियंता अविनाश लकड़ा ने दैनिक भास्कर से की है। उन्होंने बताया कि बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई है। वन विभाग का भवन, विधायक को किया गया है आवंटित गीदम रेंजर शिव टंडन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि संबंधित भवन वन विभाग का है और फिलहाल विधायक चैतराम अटामी को आवंटित है। उन्होंने बताया कि भवन में लगे एक मीटर पर किसी कुंवर के नाम से कनेक्शन दर्ज है, जिस पर ढाई लाख रुपए से अधिक का बकाया है। रेंजर ने कहा कि इस संबंध में विभागीय स्तर पर बातचीत चल रही है। फिलहाल बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया है। वहीं इस मामले पर दंतेवाड़ा MLA चैतराम अटामी का पक्ष लेने उन्हें कॉल किया गया लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई।
कानपुर के सेन पश्चिमपारा में बुधवार को 25 साल की महिला प्राची सिंह का शव फंदे से लटका मिला। पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद मायके वाले ससुराल पहुंचे। परिजनों ने ससुरालीजनों पर दहेज में कार और रुपए की मांग पूरी न होने पर प्राची की हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के भाई शिवेंद्र सिंह के मुताबिक, प्राची की शादी वर्ष 2020 में ओरछी सेन पश्चिमपारा निवासी योगेंद्र सिंह से हुई थी। उसका 4 साल का बेटा तेज प्रताप सिंह है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पड़ोसियों से मिली शव की जानकारी मध्य प्रदेश के सतना निवासी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे पड़ोसियों ने प्राची के फंदे से लटके होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मायके वाले ससुराल पहुंचे, जहां प्राची का शव मिला। इसके बाद परिजनों ने ससुरालीजनों पर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्राची ने पहले भी दहेज की मांग को लेकर उन्हें जानकारी दी थी। कार और रुपए मांगने का आरोप मृतका के परिजनों का आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में कार और रुपए की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि मांग पूरी न होने पर प्राची के साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों ने इसी विवाद में हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई सेन पश्चिमपारा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने और परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर में डेढ़ घंटे तक तेज बारिश:गर्मी से राहत मिली, फसलों को फायदा; तापमान में भी गिरावट
बिजनौर में गुरुवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। सुबह करीब 11 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हुई, जो डेढ़ घंटे तक जारी रही। इस बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, पिछले कई दिनों से बिजनौर जिले के कई हिस्सों में बारिश नहीं हो रही थी। तेज गर्मी के कारण लोग पसीने से परेशान थे। बुधवार सुबह भी मौसम का मिजाज बदला था। दोपहर करीब 12 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो एक बजे तक तेज बारिश में बदल गई थी। गुरुवार को हुई बारिश से कई इलाकों में कुछ समस्याएं भी देखने को मिलीं। हालांकि, इस बारिश से पशुओं के चारे और गन्ने व धान की फसल को फायदा होने की उम्मीद है। इस बारिश की वजह से मजदूरों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मजदूरी करने आए कुछ लोगों को अचानक बारिश के कारण छुट्टी करनी पड़ी। कई राहगीर और स्कूली बच्चे भी बारिश में भीगते नजर आए। कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रेषक सतीश कुमार ने जानकारी दी कि अगले तीन से चार दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। साथ ही, जिले के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
करनाल के सेक्टर-6 बाईपास पर बीती रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय सोमनाथ की मौत हो गई, जबकि उसका साथी उत्तम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल उत्तम सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सोमनाथ और उत्तम सिंह दोनों दोस्त थे और सब्जी बेचने का काम करते थे। सोमनाथ कर्ण गेट का रहने वाला था, जबकि उत्तम सिंह शुगर मिल साइड का रहने वाला है। बीती रात दोनों बाइक पर सेक्टर-12 से नमस्ते चौक की तरफ अपने घर जा रहे थे। जब वे सेक्टर-6 बाईपास के पास पहुंचे तो पीछे से तेज रफ्तार ट्रक आया और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए। इसी दौरान ट्रक की चपेट में आने से सोमनाथ गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सोमनाथ को अमृतधारा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल उत्तम सिंह को विर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। मृतक सोमनाथ करनाल की कर्ण गेट हनुमान गली का रहने वाला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस में रखवाया गया है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस कर रही मामले की जांच सेक्टर-32-33 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसआई कर्मबीर सिंह ने बताया कि बाइक सवार सेक्टर-6 की तरफ से जा रहे थे, जबकि ट्रक फोरलेन से नमस्ते चौक की ओर जा रहा था। दोनों वाहनों की टक्कर में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें एक की मौत हो गई। यहां देखें फोटो…
सहरसा शहर के शिवपुरी ढाला के पास पीपल और बरगद के पेड़ के नीचे लगने वाला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला इस साल 4 सितंबर से शुरू होगा। यह मेला करीब 50 सालों से लग रहा है और इस बार तीन दिनों तक चलेगा। श्रद्धालु 4, 5 और 6 सितंबर तक इसका आनंद ले सकेंगे। मेला समिति ने झूले लगाने और दुकानें सजाने जैसी तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला समिति के उपाध्यक्ष पिंटू पाराशर ने बताया कि शिवपुरी ढाला के पास साल 1974 से हर साल जन्माष्टमी पर यह मेला लगता आ रहा है। इसकी शुरुआत मोहल्ले के विशेश्वर प्रसाद यादव, दिलेश्वर पोद्दार, जय नारायण यादव और कोसी प्रोजेक्ट के मणिलाल सिंह ने मिलकर की थी। पेड़ के नीचे श्रीकृष्ण की मूर्ति बनाकर की पूजा उन्होंने बताया कि उस समय विशेश्वर प्रसाद यादव, दिलेश्वर पोद्दार और जय नारायण यादव बेरोजगार थे। मणिलाल सिंह ने उन्हें सुझाव दिया कि पीपल के पेड़ के नीचे भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति बनाकर पूजा की जाए। उनका मानना था कि इससे भगवान की कृपा से उनकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। इसके बाद सभी ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया, राधा-कृष्ण की मूर्ति बनवाई और पूजा के साथ मेले की शुरुआत की। एक साल बाद मिली शिक्षक की नौकरी मेला समिति के मुताबिक, इसके अगले ही साल विशेश्वर प्रसाद यादव को शिक्षक की नौकरी मिल गई। वहीं, दिलेश्वर पोद्दार को अपने कारोबार में बहुत फायदा हुआ। इसके बाद इस जगह के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती गई और हर साल जन्माष्टमी पर मेला लगने लगा। धीरे-धीरे आसपास के लोग भी इस आयोजन से जुड़ते गए और दान व सहयोग से मेले को आगे बढ़ाने लगे। लोगों की बढ़ती आस्था और सहयोग के बाद करीब 38 साल बाद, साल 2012 में मेला समिति ने राधा-कृष्ण मंदिर बनवाया। वहां राधा-कृष्ण की पत्थर की मूर्ति स्थापित की गई। तब से आसपास के लोग रोज मंदिर आकर पूजा करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से भगवान राधा-कृष्ण की पूजा करने से उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। 5 सितंबर को मेले का मुख्य आयोजन मेला समिति के उपाध्यक्ष पिंटू पाराशर ने बताया कि उनका जीवन भी इस स्थान की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि वे भी एक समय बेरोजगार थे और यहां भगवान राधा-कृष्ण से मनोकामना मांगी थी। इसके बाद उन्हें सेना में नौकरी मिल गई। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वे अब मेला समिति के उपाध्यक्ष के रूप में हर वर्ष आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस वर्ष 4 सितंबर की रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 सितंबर को मेले का मुख्य आयोजन होगा, जबकि 6 सितंबर की रात 12 बजे के बाद मेले का समापन किया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन को लेकर शिवपुरी ढाला और आसपास के इलाकों में उत्साह है। मेले में बच्चों और आम लोगों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए जाएंगे तथा रंग-बिरंगी दुकानों से मेला परिसर सजाया जाएगा। मेला समिति श्रद्धालुओं के स्वागत और सफल आयोजन को लेकर तैयारियों में जुटी हुई है।
भीलवाड़ा में वार्ड नंबर 49 के निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन ने भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत पर नाम वापसी के लिए घर जाकर 1 लाख रुपए देने का आरोप लगाया है। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने निर्दलीय प्रत्याशी के घर से एक लाख रुपए बरामद कर जब्त किए हैं। प्रत्याशी ने इसकी शिकायत थाने में और निर्वाचन आयोग की है। मामला शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र का है। इस मामले में जब भाजपा प्रत्याशी से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन बंद आया। भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने कहा- रोहित सेन की शिकायत पर उनके घर पहुंचे और वहां से 1 लाख रुपए बरामद किए हैं, फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है। अब पढ़िए पूरा मामला… नाम वापसी के लिए कहा था निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन ने बताया- मैंने वार्ड नंबर 49 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उसके बाद से लगातार मुझे नाम वापसी लिए कहा जा रहा था। आज भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत मुझसे मिलने आए, मैंने उनको बोला भी था कि वार्ड के लोगों ने मुझे खड़ा किया है। मैं उनसे बिना पूछे कोई काम नहीं कर सकता हूं। आज हमारी मीटिंग होगी और उसके बाद ही मैं तुम्हें कोई जवाब दे पाऊंगा। घर जाकर पत्नी को रुपए दिए सेन ने बताया कि मैंने सारस्वत से बोला- 10 बजे के बाद ही मैं आपको कोई जवाब दे पाऊंगा। इसी बीच सुबह करीब 9:30 बजे मेरे घर पहुंचा और मेरी पत्नी को 1 लाख रुपए दिए। मेरी पत्नी ने जब उससे पूछा कि यह किस चीज के रुपए हैं। तो उसने बोला की भाभी जी आप रुपए रखो बाकी पैसे बाद में दे दूंगा। इस पर मेरी पत्नी ने मुझे फोन करके बताया और मैं तुरंत अपने घर पहुंचा तब तक अमित वहां से जा चुका था। जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सेन ने कहा- मैंने इसकी शिकायत भीमगंज थाने में की। इसके बाद पुलिस मेरे घर आई और 1 लाख रुपए बरामद किए। मैंने निर्वाचन आयोग में इसकी शिकायत की है। मेरी मांग है कि इस मामले में निर्वाचन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाए। निकाय चुनाव में विवादों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं ने पीटा, VIDEO:स्वागत करने के बहाने बाहर बुलाकर थप्पड़-मुक्के मारे; बोले- टिकट क्यों नहीं दिया बीकानेर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व IPS अफसर मदन गोपाल मेघवाल को पार्टी कार्यकर्ताओं ने चांटे और मुक्के मारे। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के टीटी नगर इलाके की बंगाली कॉलोनी में टीवी पर पसंद का चैनल देखने को लेकर बड़ी बहन से विवाद के बाद 14 वर्षीय नौवीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगा ली। गंभीर हालत में परिजन और पड़ोसी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। कई दिनों तक चले इलाज के बाद गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बहन छत पर गई, कमरे में फंदे पर मिला भाई पुलिस के अनुसार दक्ष मौर्य (14) पिता दिनेश मौर्य बंगाली कॉलोनी, टीटी नगर में परिवार के साथ रहता था और नौवीं कक्षा में पढ़ता था। रविवार को टीवी पर पसंद का चैनल देखने को लेकर उसका बड़ी बहन से विवाद हो गया। इसके बाद बहन गुस्से में छत पर चली गई, जबकि दक्ष अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद बहन नीचे आई तो उसने दक्ष को कमरे में फंदे पर लटका देखा। वह घबरा गई और पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दक्ष को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर होने पर इलाज शुरू किया। माता-पिता काम पर गए थे दक्ष के पिता न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करते हैं, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। घटना के समय दोनों अपने-अपने काम पर गए हुए थे। घर में दक्ष और उसकी बहन मौजूद थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गुरुवार सुबह इलाज के दौरान दक्ष ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर टीटी नगर पुलिस अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम किया। गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सीतापुर में महमूदाबाद के बाबा भगवान दीन इंटर कॉलेज देवरिया मीरानगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं। बच्चों ने श्रीकृष्ण, राधा, यशोदा मैया, नंद बाबा सहित विभिन्न पात्रों का रूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-लीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं अभिभावकों को भाव-विभोर कर दिया। विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विशेष सजावट की गई थी। कार्यक्रम के दौरान ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य रमाकर वर्मा एवं अन्य शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए जन्माष्टमी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कॉलेज की प्रबंधक प्रीती वर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, कर्म, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं की सराहना की गई।
नालंदा में विवाहिता की संदिग्ध मौत:कमरे में लटकी मिली लाश, सास से खाने को लेकर हुई थी कहासुनी
नालंदा में विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है। मृतका नारी विशुनपुर निवाली नवलेश कुमार की पत्नी जूली कुमारी (25) है। उसका शव कमरे में गमछे से लटकता हुआ मिला। ससुराल वालों का कहना है कि खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था। शायद उसी बात पर नाराज होकर आत्महत्या की हो। मृतका की सास सुनीता देवी ने कहा कि जूली से कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ था। बस खाना बनाने को लेकर थोड़ी कहासुनी हुई थी। सास के मुताबिक, जूली ने कहा था कि वह घर पर खाना नहीं बनाएगी। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई। घटना नूरसराय थाना के नारी विशुनपुर गांव की है। बूह से विवाद के बाद मैं घर के बाहर चली गई थी- सास सास ने बताया कि बहस के बाद मैं बाहर जाकर बैठ गई। जूली मोबाइल देख रही थी और पढ़-लिख रही थी। मैं घर के अंदर नहीं गई और वहीं बाहर सो गई। बाद में जब मेरा पोता अंदर गया, तब उसने बताया कि उसकी मां ने गमछी के सहारे फांसी लगा ली है। गला दबाकर हत्या करने के सवाल पर सास ने साफ इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है, उसने खुद फांसी लगाई है। 6 साल पहले हुई थी शादी जानकारी के अनुसार, जूली कुमारी ने 6 साल पहले नारी विशुनपुर निवासी नवलेश कुमार से लव मैरिज की थी। इस दंपती के दो छोटे बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। जूली का मायका नूरसराय थाना क्षेत्र के ही दरुआरा गांव में है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। नूरसराय थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि यूडी केस दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
सलूम्बर में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसका मकसद जिले में मतदाता जागरूकता गतिविधियों को तेज करना है। शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लिया संभागीय आयुक्त और जिला प्रभारी खजान सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी., उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला और पुलिस अधीक्षक विशनाराम विश्नोई ने हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। सभी ने जिले में शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लिया। इस मौके पर संभागीय आयुक्त और जिला प्रभारी खजान सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर मतदाता की अहम भूमिका होती है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने वोट का इस्तेमाल करने और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान सिर्फ हमारा अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति हमारी अहम जिम्मेदारी भी है। जागरूक करने का संदेश दिया इस हस्ताक्षर अभियान के जरिए आम लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। इसका लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर कर मतदाता जागरूकता और शत-प्रतिशत मतदान का संदेश दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने आम लोगों से आने वाले नगरीय निकाय आम चुनाव में उत्साह से भाग लेने और ज्यादा से ज्यादा वोट डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर मतदाता का एक वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम योगदान देता है।
जींद जिले के पेंगा गांव में देखने की बात को लेकर हुए विवाद में एक दंपती पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी को पहले अलेवा सीएचसी और बाद में जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गालियां देते हुए लात-घूंसों से हमला पीड़िता पूनम (26 वर्ष) पत्नी गोविंदा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मजदूरी का काम करती है। सुबह करीब 9 बजे उसका पति गोविंदा घर के सामने गली में खड़ा था। उसी दौरान सामने रहने वाले जसबीर और रेनू अपने मकान के आगे खड़े थे। उन्होंने गोविंदा से पूछा, 'हमारी तरफ क्यों देख रहे हो। पूनम के अनुसार, जब वह अपने पति को बचाने बीच में आई, तो आरोपी रेनू ने उसे जोर से धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिर गई। पूनम की दाहिनी टांग का पहले से ऑपरेशन हो रखा था, जिस पर गिरने से गंभीर चोटें आईं। इसके कुछ ही देर बाद गांव का ही सुनील अपने परिवार के साथ आया। उसने आते ही गालियां देते हुए गोविंदा पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। अस्पताल में पहुंचकर की दबंगई घटना के बाद किसी तरह जान बचाकर गोविंदा अपनी घायल पत्नी को इलाज के लिए सीएचसी अलेवा लेकर पहुंचा। लेकिन आरोपियों की दबंगई यहीं नहीं रुकी; वे पीछा करते हुए अस्पताल भी पहुंच गए। गाड़ी में बैठे दंपती पर आरोपी विक्रम ने डंडे से हमला कर दिया, जबकि जसबीर, सतीश और विक्रम गालियां देते रहे। अस्पताल के कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव करके दंपती की जान बचाई। इसके बाद डॉक्टरों ने पूनम की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जींद के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में 9 चोटों की पुष्टि आरोपी जाते-जाते पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देकर गए। जींद के नागरिक अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पूनम की एमएलआर में 3 चोटें (ब्लंट) और उसके पति गोविंदा की एमएलआर में 6 चोटें दर्ज की हैं। डॉक्टरों ने ज्यादातर चोटों के लिए ऑर्थो और सर्जन ओपिनियन मांगी है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही अलेवा थाने से एसआई सुरेंदर की टीम जींद के नागरिक अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2), 351(3) और 3(5) के तहत FIR नंबर 109 दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच के लिए घटनास्थल का दौरा कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
यूपी के शामली में अंकित बालियान हत्याकांड को अंजाम देने वाले शार्प शूटरों के बारे में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद चारों शार्प शूटर विदेश भागने की तैयारी में थे।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले की ग्राम पंचायत परासी के तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को सरकारी धन के उपयोग में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने वित्तीय अनियमितता और काम के प्रति लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। परासी गांव में पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास (DMFT) से राशि मंजूर की गई थी। स्वीकृत राशि की पहली किश्त के रूप में 40 प्रतिशत यानी 7 लाख 96 हजार रुपये जारी किए गए थे। राशि निकाल ली गई, लेकिन इसके अनुसार निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। निरीक्षण में सिर्फ 1.86 लाख का काम मिला ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी (SDO) के निरीक्षण में मौके पर सिर्फ 1 लाख 86 हजार 436 रुपये का काम पाया गया। इस हिसाब से 6 लाख 9 हजार 564 रुपये के बराबर का काम मौके पर नहीं मिला। 3.04 लाख की वसूली बाकी मामले में पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी और तत्कालीन सचिव ओंकार सिंह मरावी से 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की सरकारी राशि की वसूली की जानी है। 13 अगस्त 2026 को तत्कालीन सचिव को पत्र जारी कर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। 31 अगस्त तक जमा नहीं की राशि इसके बावजूद 31 अगस्त को जनपद पंचायत सीईओ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में सामने आया कि ओंकार सिंह मरावी ने अब तक निर्धारित राशि जमा नहीं की है। इसे सरकारी निर्देशों की अनदेखी माना गया। पंचायत सेवा नियमों के तहत कार्रवाई सरकारी राशि के दुरुपयोग और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम 3(1) का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत जिला पंचायत सीईओ ने ओंकार सिंह मरावी को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में मरवाही जनपद रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान ओंकार सिंह मरावी का मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही कार्यालय निर्धारित किया गया है।
उन्नाव में निराला प्रेक्षागृह में गुरुवार दोपहर शक्ति वंदन रक्षा महोत्सव का आयोजन किया गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक हजार से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी से प्रेक्षागृह परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। कार्यक्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा और नारी शक्ति को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, विमल द्विवेदी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में संबंधित विभाग या पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई। नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता पर जोर शक्ति वंदन रक्षा महोत्सव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिला अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक हजार से अधिक महिलाओं की मौजूदगी कार्यक्रम में एक हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया। सुबह से ही महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक प्रेक्षागृह में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रवेश, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों के साथ आयोजकों के कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। प्रवेश द्वार और प्रेक्षागृह परिसर में निगरानी रखी गई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। महिला सम्मान और सशक्तीकरण का दिया संदेश आयोजन के जरिए महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का संदेश देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। समापन पर आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल हुईं महिलाओं और अतिथियों का आभार जताया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को साफ किया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के पास कानून के छात्रों के आचरण को नियंत्रित करने या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई संबंधित विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान अपने नियमों के तहत कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े विवाद में दिया। मामले में BCI ने छात्रों के खिलाफ दो आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने दोनों आदेशों को रद्द कर दिया। हालांकि, BCI ने विवाद बढ़ने के बाद इन दोनों आदेशों को खुद ही कुछ ही घंटों बाद वापस ले लिया था। CJI के दीक्षांत समारोह में शामिल होने को लेकर हुआ था विवाद यह विवाद 14 अगस्त को शुरू हुआ था। BCI ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को अगले आदेश तक अधिवक्ता के तौर पर पंजीकृत न किया जाए। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई थी, जिनमें छात्रों पर CJI सूर्यकांत के विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए अभियान चलाने का आरोप लगा था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर CJI सूर्यकांत ने BCI के दखल पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था, “यह छात्रों और मेरे बीच बातचीत है। BCI कौन होती है दखल देने वाली? यह पूरी तरह अनुचित है।” वकील बनने से पहले बार काउंसिल का नियंत्रण नहीं CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि जब तक छात्र वकील नहीं बन जाते, तब तक बार काउंसिल उन पर पेशेवर नियमों के तहत नियंत्रण नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के आचरण पर फैसला लेने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने का अधिकार संबंधित शैक्षणिक संस्थान के पास है। यूनिवर्सिटी अपने नियमों और तय प्रक्रिया के तहत छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
खेत जा रहे युवक पर चचेरे भाई ने किया हमला:कांच की बोतल से फोड़ा सिर, गले और पीठ पर आई गंभीर चोटें
चूरू जिले के रतननगर थाना क्षेत्र के ढाढ़रिया चारणान गांव में एक युवक पर कांच की बोतल से हमला किया गया। खेत जा रहे 20 वर्षीय मनीष प्रजापत के सिर, गले और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को परिजनों ने निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंच गए। ढाढ़रिया चारणान निवासी मदनलाल प्रजापत ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले परिवार में उनके भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था, जो बाद में सुलझ गया था। रास्ते में किया बोतल से हमलामंगलवार सुबह उनका 20 वर्षीय बेटा मनीष पैदल ही खेत जा रहा था। मदनलाल भी उसके पीछे खेत की ओर रवाना हो गए। रास्ते में मनीष को उसका चचेरा भाई नरेंद्र मिला। नरेंद्र ने मनीष के सिर पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। उसी बोतल से मनीष के गले और पीठ पर भी हमला किया गया। बोतल के हमले से मनीष के सिर, गले और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान नरेंद्र के पिता आशाराम और मां रजनी भी मौके पर पहुंच गए। घायल बेटे को पिता ने पहुंचाया अस्पतालशोर शराबा सुनकर मदनलाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मनीष को निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। घायल के परिजनों की ओर से हमले की लिखित शिकायत रतननगर पुलिस को भी दी गई है।
पन्ना जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है। महाराज सागर तालाब की दीवार गिरी कलेक्ट्रेट के पास स्थित ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब की बाउंड्री वॉल तेज पानी के बहाव के कारण गिर गई। दीवार टूटने के बाद तालाब का पानी तेजी से मुख्य सड़क पर बहने लगा। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मौके पर बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। लॉज क्षेत्र में घरों में घुसा पानी शहर के लॉज इलाके में नाले का पानी दर्जनों घरों में घुस गया। लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, लक्ष्मीपुर मंदिर परिसर और पुजारी व व्यवस्थापक के घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। तेज बहाव के कारण घरों में रखा सामान भी खराब हो गया। गांवों में भी घरों में घुसा पानी यूनियन बैंक के पीछे की गली और राजा बाबू कॉलोनी की मुख्य सड़कें भी पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई लोग घरों में ही फंसे रहे। शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। ग्राम तिलगवा में दर्जनों घरों में पानी भर गया। ग्रामीण वाटर पंप और बाल्टियों की मदद से घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पानी निकासी के इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है। तस्वीरे देखिए…
शाहजहांपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत:जागरूकता के लिए निकली रैली, लोगों को बताए गए फायदे
शाहजहांपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके प्रचार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने गुरुवार को जागरूकता रैली निकाली। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र प्रताप पांडेय ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह ने बताया कि रैली का मुख्य मकसद शाहजहांपुर के ज्यादा से ज्यादा लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देना है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का आसान तरीके से निपटारा करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में छोटे मामले, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना से जुड़े मुआवजे के मामले और छोटे सिविल विवाद निपटाए जाएंगे। इसमें आपराधिक प्रकृति के कंपाउंडेबल मामलों का भी निपटारा होगा। लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का समाधान होने पर लोगों को लंबी चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है। यहां निपटाए गए मामलों में कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है और लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है। आम लोगों की सुविधा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की हेल्प डेस्क भी मौजूद रहेगी। यहां लोग अपने मामलों और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ले सकेंगे।
वाराणसी से दिल्ली जा रहे विमान में धुएं का अलार्म बजा, लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग
वाराणसी से दिल्ली जा रहे विमान में धुएं का अलार्म बजने से हड़कंप मच गया। लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार 155 लोगों की सांसें अटक गईं।
बहराइच में लगातार बारिश से शहर के कई मोहल्लों में पानी भर गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर मुलायम यूथ ब्रिगेड ने जिला प्रशासन का ध्यान खींचा है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष मयंक मिश्रा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें जलभराव वाले इलाकों में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण बख्शीपुरा, नौव्वागढ़ी, डपालीपुरवा और घसियारीपुरा जैसे कई इलाकों में पानी जमा हो गया है। नालियों की ठीक से सफाई न होने और पानी निकलने का रास्ता बंद होने से हालात लगातार खराब हो रहे हैं। मुख्य सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सपा नेताओं ने मांग की है कि नगर पालिका अधिकारियों को तुरंत जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकलवाने के लिए कहा जाए। साथ ही, नालियों की सफाई कराने और पानी निकासी की पक्की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।
गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र में टुंडी रोड पर हुए सड़क हादसे में बाइक सवार मनोज कुमार यादव की मौत हो गई। मृतक बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बिराजपुर स्थित घोबन्नी गांव के रहने वाले थे। पेशे से चालक थे। जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार यादव माल ढुलाई के सिलसिले में चाइना मोड़ गए थे। वहां ट्रक में माल लोड नहीं हो पाने के कारण वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। तिरंगा चौक पार करने के कुछ देर बाद टुंडी रोड पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर गिर पड़े। सदर अस्पताल से धनबाद ले जाते मौत दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने नगर थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल मनोज कुमार यादव को तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया। परिजन उन्हें इलाज के लिए धनबाद ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मनोज की मौत की खबर मिलते ही परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया। मनोज अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे को छोड़ गए हैं। अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, चालक की तलाश हादसे की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है, जिसने मनोज की बाइक को टक्कर मारी थी। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस दुर्घटना स्थल के आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए वाहन की पहचान करने में जुटी हुई है। परिवार ने खोया कमाने वाला सदस्य मनोज कुमार यादव की मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वह पेशे से चालक थे और परिवार के लिए कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के सामने भविष्य की चिंता बढ़ गई है। इधर, पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के आधार पर वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
खंडवा शहर में सरकारी जमीन से मुरूम निकालकर उसे कथित तौर पर प्राइवेट कॉलोनियों और बाजार में बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिस जमीन से मुरूम की खुदाई हो रही है, वह नगर निगम की है और यहां से निकाली गई मुरूम का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट नगर के भराव में किया जाना था। इसके लिए नगर निगम करीब 40 लाख रुपए खर्च कर चुका है। अब मामले में नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने कलेक्टर से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम की 27 एकड़ जमीन से हो रही खुदाई नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत ने सिहाड़ा रोड स्थित निगम की 27 एकड़ जमीन से 10 हजार घनमीटर मुरूम निकालने के लिए जनवरी 2026 में खनिज विभाग से अनुमति मांगी थी। रॉयल्टी के बदले निगम ने खनिज विभाग को 5 लाख रुपए भी दिए थे। मुरूम खुदाई का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट नगर के भराव के लिए बताया गया था। इसके लिए पंकज शर्मा को करीब 35 लाख रुपए का टेंडर दिया गया। आरोप है कि ट्रांसपोर्ट नगर में मुरूम पहुंचाने के बजाय इसे निजी क्षेत्र में खपाया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर में दूसरे स्थानों से लाए गए कचरे का भराव कर उसके ऊपर मुरूम की परत बिछाए जाने की बात भी सामने आई है। दो जेसीबी, पोकलेन और 8 डंपर लगे मिले बुधवार को सिहाड़ा रोड स्थित सरकारी जमीन पर दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन से खुदाई की जा रही थी। मुरूम परिवहन के लिए करीब 8 डंपर भी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि यहां से निकाली जा रही मुरूम प्राइवेट कॉलोनाइजर को बेची जा रही है। इंदौर रोड स्थित एक कॉलोनी में मुरूम डाले जाने के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं। कलेक्टर से शिकायत, खनिज विभाग को जांच के निर्देश इन्हीं वीडियो और फोटो के आधार पर नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने मामले की शिकायत कलेक्टर ऋषव गुप्ता से की। कलेक्टर ने खनिज विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अनुमति से अधिक खनन और सरकारी राशि पर भी सवाल मुल्लू राठौर ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर के प्लॉटों का आवंटन करने के बाद उनके भराव के लिए करीब 40 लाख रुपए खर्च किए। उनका कहना है कि खनिज विभाग से जून 2026 तक की अनुमति मिली थी, लेकिन इसके बाद भी अवधि बढ़ाने की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सरकारी जमीन, पर्यावरण और शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ जनता के टैक्स के पैसे का भी दुरुपयोग हुआ है। कमिश्नर बोलीं- अवैध परिवहन की जांच खनिज विभाग की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए टेंडर हुआ है और वहां मुरूम पहुंचाई जा रही है। निगम के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यदि रास्ते में मुरूम निजी लोगों को बेची जा रही है, तो वाहनों की रॉयल्टी जांचना और अवैध परिवहन पर कार्रवाई करना खनिज विभाग की जिम्मेदारी है।
जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस दिन शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे,लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ने की संभावना है। कल ठाकुरजी के 13 घंटे दर्शन होंगे। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के माध्यम से दर्शन होंगे। इसके बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और अभिषेक के आयोजन होंगे। पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक को लेकर विशेष इंतजाम जन्माष्टमी के दिन भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन के उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने और घर से निकलने से पहले यात्रा की पूरी योजना बनाने की अपील की है। सिर्फ तय रास्ते से ही मिलेगी एंट्री भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर में एंट्री केवल जलेब चौक की ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से ही मिलेगा। अन्य रास्तों से प्रवेश बंद रहेगा। जलेब चौक से श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। इनमें पास वाले श्रद्धालु, बिना जूते-चप्पल आने वाले श्रद्धालु और जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें रहेंगी। मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। इसके लिए पुरानी विधानसभा के पास जूते-चप्पल स्टैंड बनाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संभव हो तो बिना जूते-चप्पल के ही दर्शन के लिए आएं, ताकि प्रवेश व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद, मेट्रो से आने की सलाह भारी भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर की चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही बंद रहेगी। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने और मेट्रो से आने को प्राथमिकता देने की अपील की है। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने विशेष रूप से रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। पार्किंग से मंदिर तक श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना होगा। क्यूआर कोड से मिलेगी ट्रैफिक और पार्किंग की जानकारी यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा भी जारी की है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर नजदीकी पार्किंग स्थल, लाइव पार्किंग की स्थिति, ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और लोकल मैप की जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि घर से निकलने से पहले इस सुविधा का उपयोग कर अपनी यात्रा का मार्ग और पार्किंग पहले से तय कर लें। 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 3 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर को 12 सेक्टरों में बांटा गया है और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तीन पारियों में लगाई जाएगी। एडिशनल डीसीपी, एसीपी, आरएसी की कंपनियों के साथ घुड़सवार पुलिस भी तैनात रहेगी। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित कैमरों से निगरानी की जाएगी। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। मंदिर प्रशासन और अन्य संस्थाओं की ओर से करीब 3 हजार स्वयंसेवक और 150 स्काउट सेवा में लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। दर्शन और व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्म, 31 तोपों की हवाई गर्जना दिनभर दर्शन के बाद रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां रहेंगी। मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के अनुसार रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक होगा। अभिषेक के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पंचामृत अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद 5 सितंबर की मध्यरात्रि में विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। मंगला आरती रात 11 से 11:15 बजे तक और इसके बाद तिथि पूजा व अभिषेक रात 12 से 12:30 बजे तक आयोजित होंगे।
बरेली के नैनीताल हाईवे पर बहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित लहौरिया रेस्टोरेंट के पास गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने अपनी ही पत्नी को एक कार में सवार होते देख लिया। शक के आधार पर पीछा कर रहे पति ने कार को ओवरटेक कर रुकवाया और देखते ही देखते बीच हाईवे पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। सड़क पर ही कॉलर पकड़कर कार चालक की पिटाई कर दी। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोकेशन ट्रेस कर पीछा कर रहा था पतिपति अपनी पत्नी पर लंबे समय से शक कर रहा था। जैसे ही महिला घर से निकली, पति ने उसके फोन और लोकेशन पर नजर रखी और चुपके से पीछे लग गया। हाईवे के पास महिला ने एक लाल रंग की कार से लिफ्ट ली और उसमें सवार हो गई। थोड़ी ही दूर आगे बढ़ते ही पीछे से आ रहे पति ने अपनी गाड़ी आगे लगाकर कार को रुकवा लिया। 'अरे भाई, सिर्फ लिफ्ट मांगी थी इसने' चिल्लाता रहा युवक, जड़े थप्पड़कार रुकते ही पति आगबबूला हो गया। उसने उतरते ही चालक का कॉलर पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए बाहर निकाल लिया। चालक हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा- “अरे भाई, इसने सिर्फ लिफ्ट मांगी थी। मैं कहीं नहीं ले जा रहा, ये मेरी बहन जैसी है।” लेकिन गुस्से में तमतमाए पति ने उसकी एक न सुनी और गाली-गलौज करते हुए दनादन थप्पड़ जड़ दिए। पति चिल्लाता रहा- “मैंने अपनी आंखों से इसे तेरी गाड़ी में बैठते देखा है।” नकाब नोचकर पत्नी पर भी उठाया हाथ, रोती रही महिलाहंगामे के दौरान महिला कार से बाहर निकलकर सहमी खड़ी रही। पति ने उस पर भी हाथ छोड़ दिया और बुर्के का नकाब खींच दिया। महिला रो-रोकर सफाई देती रही और खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन पति का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह बार-बार चीखता रहा- “मोबाइल हैंग कराके मुझे बेवकूफ समझ रही थी? लोकेशन पर पूरा मोबाइल लेकर चल रहे थे हम।” तमाशबीन बनी रही भीड़, किसी ने नहीं की बचाने की हिम्मतदिनदहाड़े हाईवे पर चल रहे इस ड्रामे को देखने के लिए राहगीरों, ई-रिक्शा चालकों और स्थानीय लोगों का भारी मजमा लग गया। दोनों ओर से गाड़ियां रुकने लगीं और जाम के हालात बन गए। लोग मूकदर्शक बनकर अपने मोबाइलों से वीडियो बनाते रहे। बाद में कुछ बुजुर्गों और राहगीरों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। बहेड़ी पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी मिली है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है।
सिरमौर: बाहर सीवरेज का सैलाब, भीतर सरकारी राशन का गोदाम; स्वच्छता व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सिरमौर: बाहर सीवरेज का सैलाब, भीतर सरकारी राशन का गोदाम; स्वच्छता व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पीलीभीत में करंट लगने से ग्रामीण की मौत:रात में झाड़ियां साफ कर रहा था, बिजली के तार से टच हुआ हंसिया
पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र के गभिया सहराई गांव में बुधवार रात एक ग्रामीण की मौत हो गई। वह अपने घर के बाहर पानी की मोटर के पास झाड़ियां साफ कर रहा था, तभी उसे बिजली का करंट लग गया। जानकारी के अनुसार, माधोटांडा इलाके में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। गांव के सदानंद हीरा अपने घर के बाहर पानी की मोटर के पास घास और झाड़ियां साफ कर रहे थे। वह हंसिया से सफाई कर रहे थे। झाड़ियां काटते समय सदानंद का हंसिया पास ही मौजूद बिजली के एक खुले तार से छू गया। बारिश के कारण नमी होने से करंट उनके शरीर में तेजी से फैल गया। उन्हें जोरदार झटका लगा और वह तुरंत जमीन पर गिर पड़े। इस हादसे को देखकर आसपास मौजूद लोग और परिजन घबरा गए। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से सदानंद को जल्दी से पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गंभीर हालत देखकर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां गुरुवार सुबह 4 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद सदानंद को मृत बताया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना पाकर रामनगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। माधोटांडा थाना अध्यक्ष अशोक पाल ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड के परंपरागत मोटे अनाज मंडुवा और झंगोरा के पोषक तत्वों पर आईसीएमआर का राष्ट्रीय पोषण संस्थान शोध कर रहा है।
समस्तीपुर में बुधवार रात ट्रक और बाइक के बीच टक्कर हो गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक विभूतिपुर थाना के भरपुरा वार्ड-11 के रहने वाले इंद्रदेव दास का बेटा राधे कुमार (20) है। जो रेलवे की की चतुर्थ श्रेणी की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। मृतक के भाई कृष्णा कुमार ने बताया कि राधे कुमार रेलवे की चतुर्थ श्रेणी की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल भी हो चुका था। बुधवार रात वह सिंघिया चौक से घर का सामान खरीदकर बाइक से वापस लौट रहा था। इसी दौरान बंधन बैंक के पास सामने से आ रहे ट्रक से उसकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र में बंधन बैंक के पास की है। ग्रामीणों ने परिजन को घटना की दी जानकारी काफी देर तक राधे के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन करना शुरू किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने फोन रिसीव कर परिजनों को सड़क हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। तब तक पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। ट्रक चालक फरार थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि सड़क हादसे में युवक की मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। मामले में मृतक के भाई के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
कानपुर में वर्चस्व की जंग में मर्डर, बाप- बेटों ने घर में घुसकर युवक को गोली से उड़ाया
कानपुर के चौबेपुर में रंजिश के चलते 25 वर्षीय युवक गिरजाशंकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी पिता और एक बेटे को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा बेटा व ग्राम प्रधान फरार हैं। प्रधान पर असलहा उपलब्ध कराने का आरोप है। मामले में चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
फतेहाबाद में हेरोइन के साथ युवक गिरफ्तार:पुलिस की गाड़ी देख खोखे के पीछे छिपा; NDPS एक्ट के तहत केस
फतेहाबाद जिले की सीआईए स्टाफ रतिया पुलिस ने एक युवक को 41.04 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा है। आरोपी की पहचान फतेहाबाद के शक्ति नगर निवासी रोहन पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी। सीआईए स्टाफ रतिया प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि 2 सितंबर को सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम फतेहाबाद शहर में गश्त कर रही थी। टीम नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए ऑटो मार्केट से भूना रोड पर एनएच-9 बाईपास पुल के पास पहुंची। पुलिस को देख खोखे के पीछे छिपा वहां सड़क किनारे चाय के खोखे के पास एक युवक खड़ा था। पुलिस की गाड़ी देखकर वह खोखे के पीछे छिपने लगा। उसकी हरकतें संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने उसे तुरंत पकड़ा और पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से 41.04 ग्राम हेरोइन मिली। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया है। थाना शहर फतेहाबाद में आरोपी के खिलाफ मुकदमा नंबर 384, दिनांक 2 सितंबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी-61-85 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
जहानाबाद में 50 टीबी मरीजों को दिए पोषण किट:छह महीने तक मिलेगा पोषण आहार, नियमित दवा लेने की अपील की
जहानाबाद में रेडक्रॉस सोसायटी ने गुरुवार को करीब 50 टीबी मरीजों को पौष्टिक खाद्य पैकेट बांटे। यह वितरण रेडक्रॉस भवन के सभाकक्ष में हुआ। इन पैकेट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा बताई गई पोषण सामग्री शामिल थी। रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चुने गए टीबी मरीजों को लगातार छह महीने तक हर महीने पौष्टिक खाद्य सामग्री देने का टारगेट रखा गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को 50 मरीजों को यह किट दी गई। सोसायटी आने वाले महीनों में भी इन मरीजों को पोषण सामग्री देती रहेगी। अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने कहा कि टीबी मरीजों के इलाज के साथ-साथ उन्हें पौष्टिक भोजन मिलना भी बहुत जरूरी है। पर्याप्त पोषण मिलने से मरीजों की इम्यूनिटी बढ़ती है और उन्हें बीमारी से ठीक होने में मदद मिलती है। उन्होंने टीबी मरीजों से अपील की कि वे नियमित रूप से दवा लें और इलाज का पूरा कोर्स तय समय तक पूरा करें। उन्होंने यह भी बताया कि सदर अस्पताल में टीबी की दवा मुफ्त मिलती है। सोसायटी के सचिव राज किशोर ने कहा कि रेडक्रॉस का मकसद जहानाबाद को टीबी मुक्त बनाने में मदद करना है। इसी के तहत पहचाने गए टीबी मरीजों को पौष्टिक खाद्य सामग्री दी जा रही है। उन्होंने बताया कि टीबी खत्म करने के लिए केंद्र और बिहार सरकार की ओर से भी कई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें मरीजों के इलाज के साथ उनके पोषण पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। सोसायटी की इस पहल से मरीजों को इलाज के साथ बेहतर पोषण मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, सदस्य और दूसरे खास लोग मौजूद रहे।
देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छता, वृक्षारोपण, वन एवं पर्यावरण, विकास कार्य, पशुपालन और आईजीआरएस की समीक्षा की। बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से जवाब मांगा गया। वहीं, आईटीआई के प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान डीएम ने ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने और स्वच्छता संबंधी कामों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के हिसाब से काम करने और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में डीएम ने सभी जुड़े विभागों को पौधरोपण की जियो-टैगिंग का काम एक हफ्ते के भीतर पूरा करने को कहा। लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। विकास कार्यों की समीक्षा में डीएम ने सभी निर्माण कार्य तय समय में अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। कम रफ्तार वाले कामों में तेजी लाने और नियमित निगरानी करने को कहा। बैतालपुर विकासखंड में कामों की धीमी रफ्तार पर खंड विकास अधिकारी से जवाब मांगा गया। पंचायत भवन निर्माण में लापरवाही पर एडीओ पंचायत बैतालपुर को खराब परफॉर्मेंस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, बैतालपुर के जिला समन्वयक का एक दिन का वेतन रोकने को कहा गया। डीएम ने सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिए कि सीएससी की धनराशि जमा नहीं होने पर संबंधित पंचायत सहायकों के वेतन से उसकी वसूली की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान डीएम ने लंबित शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में पशुओं के स्वास्थ्य, विभागीय योजनाओं और पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। डीएम ने पात्र पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
बांका में बाढ़ से बहोरना पुल का डायवर्सन टूटा, खेसर-तारापुर मार्ग पर आवागमन ठप
3 सितंबर, गुरुवार, बांका: लोहागढ़ नदी में आई बाढ़ और तेज बहाव से बहोरना गांव के पास निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन टूटकर बह गया। खेसर-तारापुर मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप है। दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रभावित हैं और ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की है।
फर्जी वोटर कार्ड, स्थानांतरण प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र तैयार कर जमीन हड़पने के आरोप का मामला सामने आया है। गांव सोखना की महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद चार लोगों के खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रायसेन के गैरतगंज वार्ड-15 में बुधवार-गुरुवार की रात करीब 12:30 बजे गिट्टी से भरा तेज रफ्तार डंपर गाय को बचाने के प्रयास में बेकाबू होकर सड़क किनारे बने मकान में जा घुसा। टक्कर के बाद डंपर पलट गया और चालक उसी में फंस गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गैरतगंज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। पहले गाय से टकराया, फिर मकान में घुसा मकान मालिक दीपचंद जैन के मुताबिक, डंपर पहले गाय से टकराया। इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डंपर सीधे उनके मकान में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि पूरा मकान हिल गया। ऊपर सो रहा था परिवार, नीचे किराएदार हादसे के समय दीपचंद जैन अपने परिवार के साथ मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे, जबकि नीचे किराएदार मौजूद थे। अचानक हुई तेज टक्कर से घर में मौजूद 8 सदस्य घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। दुकान और चार बाइक समेत कार क्षतिग्रस्त डंपर की टक्कर से मकान का निचला हिस्सा और एक दुकान टूट गई। नीचे खड़ी चार बाइक और एक कार भी डंपर की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। मकान मालिक ने हादसे में लाखों रुपए के नुकसान की बात कही है। ड्राइवर को निकालकर अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने डंपर में फंसे चालक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। बाद में क्रेन की मदद से पलटे डंपर को सीधा कर सड़क से हटाया गया।
जालौन में गुरुवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। दोपहर करीब 11:30 बजे बारिश तेज हो गई। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो लगातार जारी है। बारिश के कारण सड़कों और बाजारों में पानी भर गया। लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तापमान गिरने से मौसम में ठंडक महसूस की गई। लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का असर खरीफ की फसलों पर पड़ने लगा है। तिल-उड़द की फसल को नुकसान की आशंका किसानों के मुताबिक, लगातार बारिश से तिल और उड़द की फसल प्रभावित हो रही है। खेतों में पानी भरने और अधिक नमी के कारण तैयार फसल खराब होने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान खेतों में जलभराव की स्थिति और फसलों पर बारिश के असर पर लगातार नजर रख रहे हैं। धान के लिए बारिश बनी राहत वहीं, धान की फसल के लिए बारिश को फायदेमंद माना जा रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को पर्याप्त नमी मिल रही है। इससे किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च से भी राहत मिली है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो धान की फसल को फायदा होगा। हालांकि, ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव बढ़ने से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। जुलाई से अब तक 516 MM बारिश आंकड़ों के अनुसार, उरई में पिछले 24 घंटे में 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जुलाई से अब तक जिले में कुल 516 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। लगातार बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों में पानी की स्थिति और खरीफ की फसलों को हो रहे नुकसान पर नजर बनाए हुए हैं।
रायपुर के रिंग रोड पर गुरुवार सुबह यात्री बस हादसे का शिकार हो गई। ग्लोबल हॉस्पिटल के सामने टैंकर की टक्कर के बाद बस बेकाबू होकर सड़क किनारे बने बस स्टॉप में जा घुसी। हादसे के समय बस में 7 लोग सवार थे। किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि बस का अगला हिस्सा और बस स्टॉप का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, जीवन ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 04 E 3376 टाटीबंध से भाठागांव की ओर जा रही थी। सुबह करीब 9 बजे ग्लोबल हॉस्पिटल के सामने पहुंची, तभी टैंकर की टक्कर के बाद बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने बस स्टॉप से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस स्टॉप का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बस में 7 लोग सवार थे, कोई जनहानि नहीं डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे टैंकर की टक्कर के बाद यात्री बस अनियंत्रित होकर बस स्टॉप में घुस गई। हादसे के समय बस में 7 लोग सवार थे। हालांकि घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और टैंकर की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कैथल में दर्दनाक हादसा: स्कूल जा रही दो छात्राओं को ट्रक ने कुचला, मौके पर ही मौत; चालक फरार
कैथल के सीवन में चीका-कैथल मार्ग पर वीरवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में दो छात्राओं की मौत हो गई।
बिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से पटना सिटी के तटीय घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भद्र घाट और महावीर घाट पर पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। इससे तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है। कंगन घाट पर पानी का स्तर अभी थोड़ा कम है, लेकिन वहां भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन अलर्ट पर है। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंगा घाटों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जोखिम वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई जलस्तर बढ़ने को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने घाटों के जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित किया है। वहां बांस की बैरिकेडिंग लगाई गई है। प्रतिबंधित और खतरनाक क्षेत्रों में लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी बैरिकेडिंग पार करने की अनुमति नहीं होगी। SDRF की 10 नावें, 28 जवान और 6 गोताखोर तैनात पटना सिटी की अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कशिश बख्शी ने बाढ़ और जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पटना सिटी SDO कशिश बख्शी ने बताया, ‘आपात स्थिति से निपटने के लिए तटीय इलाकों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके अवाला भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस थानों और सुरक्षा बलों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन ने आम लोगों और श्रद्धालुओं से गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे बैरिकेडिंग वाले प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने या नदी के किनारे जोखिम लेने से बचें। प्रशासन का फोकस जलस्तर बढ़ने के बीच घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी हादसे की स्थिति में तत्काल बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है।
डूंगरपुर में कांग्रेस एससी विभाग ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम स्थल के कथित 'शुद्धिकरण' और राहुल गांधी पर दर्ज FIR के विरोध में किया गया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए FIR रद्द करने की मांग की है। ऑल इंडिया कांग्रेस एससी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक और पीसीसी प्रदेश प्रवक्ता डॉ. शंकर यादव ने भाजपा और RSS की नीतियों पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि मल्लिकार्जुन खड़गे हल्द्वानी में एक जनसभा को संबोधित करने गए थे। उनके कार्यक्रम के 2 दिन बाद भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने उस जगह का 'शुद्धिकरण' किया। डॉ. यादव ने इसे सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े दलित नेता और पूरे दलित वर्ग का सीधा अपमान बताया। राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापनयादव ने कहा कि जब राहुल गांधी ने इस सामाजिक अन्याय और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई, तो उल्टा उनके ही खिलाफ FIR दर्ज करवा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि FIR दर्ज कराने वाले RSS और भाजपा से जुड़े हैं। इससे साफ होता है कि ये संगठन लोकतंत्र और संविधान में भरोसा नहीं रखते। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस एससी विभाग ने कलेक्टर को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज FIR को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। साथ ही, हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम स्थल का 'शुद्धिकरण' कर छुआछूत को बढ़ावा देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक पोस्टर चर्चा में है। कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में कांग्रेस की वापसी का संदेश दिया गया है। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, बस कुछ दिन शेष, फिर आएगी कांग्रेस। इसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर पर अयोध्या विधानसभा क्षेत्र-275 का भी उल्लेख है। 2 तस्वीरें देखिए… कांग्रेस की वापसी का दिया संदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर को पार्टी के राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देखा जा रहा है। सपा की तर्ज पर लगाए गए इस पोस्टर के जरिए कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी की वापसी का संदेश देने की कोशिश की गई है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
झारखंड के मौसम ने एक बार फिर से बेहद खतरनाक और डरावना मोड़ ले लिया है, जिससे राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश और कई बड़े बांधों से छोड़े गए अचानक पानी के कारण राज्य के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना कोई देरी किए राज्य के तीन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रखने का कड़ा फरमान जारी कर दिया है। नदियां अपने पूरे उफान पर हैं और कई जगहों पर तो पानी चेतावनी के निशान को पार करते हुए रिहायशी इलाकों और सड़कों तक पहुंच चुका है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम झारखंड के इस ताजा बाढ़ संकट, प्रभावित जिलों के हाल, नदियों के बढ़ते जलस्तर और प्रशासन द्वारा उठाए गए आपातकालीन कदमों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ रह सकें।किन तीन जिलों में मची है तबाही और क्यों बंद किए गए सभी स्कूलझारखंड के जिन तीन प्रमुख जिलों में अचानक बाढ़ का यह सबसे बड़ा खतरा मंडराया है, उनमें मुख्य रूप से पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम का इलाका सबसे आगे शामिल है। इन जिलों से गुजरने वाली सुवर्णरेखा, खरकई और अन्य सहायक नदियां लगातार हो रही भारी बारिश के बाद उफना गई हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों के गांवों में पानी घुसने लगा है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से इन तीनों जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। जिलाधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता और जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आ जाता, तब तक किसी भी शिक्षण संस्थान को संचालित नहीं किया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पूरी तरह बचा जा सके।नदियों का बढ़ता जलस्तर और झारखंड के बांधों से छोड़े जा रहे पानी का दबावइस अचानक आई बाढ़ के पीछे केवल लगातार हो रही बारिश ही नहीं, बल्कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण प्रमुख जलाशयों और बांधों के गेट खोले जाना भी एक बड़ा कारण है। सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना और गालूडीह बराज के गेटों से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण downstream के इलाकों में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। स्थिति यह हो गई है कि कई छोटे पुल और पुलिया पानी के तेज बहाव में डूब चुके हैं, जिससे दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ऐसी भीषण जलप्रलय जैसी स्थिति उन्होंने पहली बार देखी है, जिससे किसानों की फसलें और निचले इलाकों में बने कच्चे मकान पानी में डूब गए हैं।जिला प्रशासन और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटींहालात की नजाकत को भांपते हुए झारखंड सरकार और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रभावित जिलों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों को तुरंत तैनात कर दिया गया है, जो पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बोट्स और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में ऊंचे स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां बेघर हुए लोगों के लिए भोजन, पीने का शुद्ध पानी और मेडिकल कैंप की पूरी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय खुद पूरे मामले पर सीधी नजर बनाए हुए है और सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी और मौसम विभाग का आगामी अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र ने अपनी ताजा चेतावनी में यह स्पष्ट किया है कि अभी आने वाले कुछ घंटों तक राज्य के इन हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से आम जनता से बार-बार यह अपील की जा रही है कि वे उफनती हुई नदियों, नालों या पुलों को पार करने की बिल्कुल कोशिश न करें और बिना किसी जरूरी काम के अपने घरों से बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। झारखंड की यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर से इस बात की याद दिलाती है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक बारिश के समय प्रशासनिक सतर्कता कितनी जरूरी होती है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको झारखंड के इस ताजा बाढ़ संकट और प्रशासनिक तैयारियों से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी।
मोतिहारी के केसरिया में चर्चित तेजाब कांड की जांच अब तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज किया गया है। एसपी के केसरिया पहुंचने से पहले स्थानीय पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घटनास्थल का गहराई से निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। पूर्व थानाध्यक्ष राहुल कुमार और मजिस्ट्रेट सह अंचल निरीक्षक विजय कुमार की निगरानी में पुलिस टीम ने उस दुकान का ताला काटकर जांच की, जहां घटना हुई थी। जांच के दौरान घटनास्थल से कई अहम सबूत मिले। घर का ताला काटकर ली तलाशी इसके बाद पुलिस टीम ने अमित कुमार उर्फ बिट्टू सोनार के घर का ताला काटकर तलाशी ली, जहां घटना हुई थी। तलाशी के दौरान घर से तेजाब की एक छोटी बोतल बरामद हुई। पुलिस ने बरामद बोतल और दूसरे सामान को जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी बरामद सबूतों की वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी, ताकि घटना की असली सच्चाई का पता चल सके। जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात केसरिया थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने जांच में जुटे अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच पूरी ईमानदारी से और सभी बातों को ध्यान में रखकर कर रही है। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों और तथ्यों की गहराई से जांच की जाएगी। रुपये के लेन-देन में फेंका था तेजाब गौरतलब है कि 29 अगस्त को रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में तेजाब फेंकने की घटना हुई थी। इस घटना में एक पक्ष के गुंजन कुमार सिंह बुरी तरह झुलस गए, जिनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष के अमित कुमार उर्फ बिट्टू, उनकी पत्नी और बच्चे भी घायल हुए थे, जिनका मुजफ्फरपुर में इलाज चल रहा है। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर अलग-अलग केस दर्ज कर लिए हैं और अब सबूतों के आधार पर घटना की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर में बुलेट बाइक सवार को गोली मारी गई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घायल सोनू कुमार के बयान पर केस दर्ज हुआ है। प्राथमिकी में गांव के ही प्रकाश पासवान, आयुष कुमार और धोनी कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, घटना के पीछे पैसे के लेन-देन को लेकर चल रहा विवाद बताया गया है। घटना के बाद तीनों नामजद आरोपित फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इधर, गोलीकांड के बाद नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। नगर पंचायत गड़हनी के ध्यान टोला के ग्रामीणों ने बागर मोड़ के समीप आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी ब्लॉक मोड़ के पास की है। गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा ग्रामीणों का कहना था कि मंगलवार को गड़हनी ब्लॉक मोड़ के समीप सोनू कुमार को नामजद आरोपितों ने गोली मार दी थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में आक्रोश था। ग्रामीणों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जख्मी सोनू कुमार के भाई बिट्टू कुमार ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते मामले में कार्रवाई की होती तो उनके भाई पर गोली चलाने की घटना नहीं होती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन सड़क जाम की सूचना मिलने पर चरपोखरी थानाध्यक्ष रविशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया और नामजद आरोपितों की 48 घंटे के अंदर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस घटना के कारणों और गोलीकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इंदौर: नामांतरण घोटाले से सबक, अब लागू की नई व्यवस्था, लोगों को मिलेगी लेजर की प्रति
इंदौर नगर निगम में सामने आए नामांतरण घोटाले ने सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह कर्मचारियों ने एक साल में 354 संपत्तिकर खातों में नाम बदल दिए।ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए निगम अब नामांतरण के बाद आवेदक को लेजर की प्रति भी देगा।
अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक शुरू, नई व्यवस्था पर मंथन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां तय होने के बाद गुरुवार को नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक शुरू हो गई है।
धनबाद के मैथन ओपी क्षेत्र में मैथन टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे-19 पर तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार की चपेट में आने से दो ट्रक ड्राइवरों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, राजस्थान नंबर के राज कंटेनर कंपनी के दो कंटेनर ट्रक टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खड़े थे। दोनों ट्रकों के चालक वाहन को साइड में खड़ा कर चाय पीने के लिए नीचे उतरे थे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल की ओर से धनबाद की तरफ तेज रफ्तार में आ रही स्विफ्ट डिजायर कार ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ड्राइवरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर जुटी भीड़ दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर एनएच-19 की टीम और मैथन ओपी पुलिस भी मौके पर पहुंची। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार लगने लगी। मैथन मंडल अध्यक्ष अमर साव और समाजसेवी रंजीत महतो ने पुलिस के साथ मिलकर मौके पर स्थिति संभालने और जाम हटाने में मदद की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सड़क से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और जल्द ही यातायात सामान्य कराया। कार छोड़कर फरार हुआ चालक हादसे के बाद स्विफ्ट डिजायर कार का चालक और उसमें सवार अन्य लोग वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद चालक और अन्य सवारों के मौके से भाग जाने से पुलिस के सामने उनकी पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है। दोनों मृतकों के शवों को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार कौन चला रहा था। हादसे के समय उसमें कितने लोग सवार थे। वहीं, मृत ट्रक ड्राइवरों की पहचान और उनके परिजनों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस मैथन ओपी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि कार की आवाजाही और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे से पहले कार किस दिशा से आ रही थी। पुलिस के अनुसार, फरार चालक और अन्य सवारों की तलाश की जा रही है। साथ ही मृत दोनों ट्रक ड्राइवरों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देशानुसार 'आप' कार्यकर्ताओं ने बलिया जिले की बहादुर बिटिया रागिनी की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बुधवार को पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा, बलिया जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव और महासचिव अंजनी तिवारी ने रागिनी के घर पहुँचकर उसे व्हीलचेयर, बैसाखी, कॉपी कलम और ₹25,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। सांसद संजय सिंह ने खुद बिटिया और उसके परिजनों से फोन पर बात कर उनका हौसला बढ़ाया और भविष्य में हर संभव मदद का भरोसा दिया। सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं में जगाई सेवा की अलख: सर्वेश मिश्रारागिनी से मिलने पहुँचे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा ने सांसद संजय सिंह के विजन की सराहना करते हुए कहा कि, सांसद संजय सिंह भईया ने पार्टी के सभी साथियों में सेवा भावना को और प्रबल किया है। उन्होंने (संजय सिंह) जिस तरह अपना हाथ इस बच्ची के सिर पर रखा है, उससे हमें पूरा विश्वास है कि जीवन में अब इसे किसी चीज की कमी नहीं होगी। एक पैर के सहारे 400 मीटर कूदकर स्कूल जाने को मजबूर थी 7 साल की रागिनीसांसद संजय सिंह ने कहा कि बलिया के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्राम सभा के रानीपुर में रहने वाली 7 वर्षीय रागिनी की कहानी अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक है। मात्र 6 महीने की उम्र में एक दर्दनाक हादसे ने रागिनी से उसका एक पैर छीन लिया था, लेकिन उसके हौसले को नहीं तोड़ सका। वह नन्ही सी जान अपने घर से 400 मीटर दूर स्थित स्कूल तक एक पैर से कूदते हुए जाती थी। संजय सिंह ने कहा कि जब हमें इस साहसी बिटिया के बारे में पता चला, तो हमने तय किया कि रागिनी की पढ़ाई और उसकी राह में शारीरिक अक्षमता को बाधा नहीं बनने देंगे। व्हीलचेयर सिर्फ शुरुआत, जल्द कृत्रिम पांव से अपनी मंजिल तय करेगी बिटियासांसद संजय सिंह ने बताया कि प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा और जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के प्रयासों से पीड़ित परिवार से संपर्क साधा गया। तात्कालिक राहत के तौर पर बिटिया को व्हीलचेयर,बैसाखी, कॉपी कलम दी गई है ताकि उसे स्कूल जाने में आसानी हो, साथ ही ₹25,000 की नकद राशि सौंपी गई है। उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी जल्द ही रागिनी को कृत्रिम पैर (Artificial Leg) भी लगवाएगी, कृत्रिम पैर के लिए पार्टी कार्यकर्ता कानपुर के एलिम्को (भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम) लेकर जाएंगे ताकि वह बिना किसी सहारे के अपने पैरों पर खड़ी होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सके। अभाव में जी रहे बच्चों की मुस्कान ही हमारी असली पूंजी - संजय सिंहसांसद संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी केवल राजनीति के लिए नहीं बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे कई बच्चे हैं जो संसाधनों के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। रागिनी जैसी बिटिया की मुस्कान हमारे लिए किसी भी चुनावी जीत से बड़ी है। सांसद संजय सिंह ने वीडियो कॉल के जरिए भी रागिनी से बात की, उसका हाल जाना, उसका हौसला बढ़ाया और उसे खूब पढ़ने और आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। बिटिया के परिजनों ने इस मानवीय पहल के लिए सांसद संजय सिंह और आम आदमी पार्टी का आभार व्यक्त किया।

