देवरिया के रुद्रपुर निबंधन कार्यालय में कनिष्ठ सहायक का पद खाली है। इस पद पर सदर कार्यालय से संबद्ध किए गए कर्मचारी ने आदेश के दो हफ्ते बाद भी ज्वाइन नहीं किया है। सहायक महानिरीक्षक निबंधन अजय धर्मराज सिंह ने 25 अगस्त को सदर निबंधन कार्यालय के कनिष्ठ सहायक राजीव कुमार निगम को रुद्रपुर कार्यालय से संबद्ध किया था। इसके बावजूद बुधवार को वह सदर कार्यालय में रजिस्ट्री से जुड़े काम करते दिखे। रुद्रपुर के उप निबंधक ने 5 अगस्त को एआईजी स्टांप को पत्र भेजकर कार्यालय में कनिष्ठ सहायक की कमी के बारे में बताया था। पत्र में कहा गया था कि कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक गोरखनाथ पति त्रिपाठी 30 जून और मनोज कुमार श्रीवास्तव 31 जुलाई को रिटायर हो गए थे। इसके बाद कार्यालय में नियमित कनिष्ठ सहायक का पद खाली हो गया था। उप निबंधक ने बैनामा, नकल, तलाश-मुआयना और राजस्व की रकम बैंक में जमा कराने जैसे रोजमर्रा के कामों के लिए नियमित कनिष्ठ सहायक की मांग की थी। इसके बाद एआईजी स्टांप ने 25 अगस्त को राजीव कुमार निगम को रुद्रपुर में कनिष्ठ सहायक का काम करने के लिए संबद्ध किया। बताया गया है कि राजीव कुमार निगम करीब एक दशक से सदर निबंधन कार्यालय में तैनात हैं। आदेश के बावजूद उनके रुद्रपुर में ज्वाइन नहीं करने से वहां कनिष्ठ सहायक की कमी बनी हुई है। इससे कार्यालय के रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ने की बात सामने आई है। सदर निबंधन कार्यालय में तैनाती के दौरान 26 जून को छुट्टी के दिन कार्यालय खोलकर रिकॉर्ड रूम में फाइल ढूंढने का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में राजीव कुमार निगम के बाहरी लोगों के साथ रिकॉर्ड रूम में मौजूद होने का दावा किया गया था। छुट्टी के दिन कार्यालय खोलने और रिकॉर्ड रूम में फाइल ढूंढने को लेकर सवाल भी उठे थे। हालांकि, इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इसकी साफ जानकारी नहीं है।
संभल की एमपी-एमएलए कोर्ट में 24 सितंबर को दो अहम मामलों की सुनवाई होगी। इनमें सपा विधायक इकबाल महमूद, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद से जुड़े मामले शामिल हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के मामले में गवाह रंजीत कुमार के बयान दर्ज हुए हैं। पहला मामला सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ है। इन पर कांवड़ियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। दिल्ली के हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने पिछले साल 21 अगस्त 2025 को अदालत में याचिका लगाई थी। याचिका में आरोप है कि दोनों नेताओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों और कांवड़ियों को 'गुंडा, मवाली और अराजक तत्व' कहा था। इस मामले में आशीष गुप्ता के बयान दर्ज हुए हैं। उन्होंने कोर्ट में बताया कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को एक अखबार में इन टिप्पणियों के बारे में पढ़ा था। आशीष गुप्ता ने दोनों नेताओं की इन टिप्पणियों को गलत बताया, जिससे समाज में गलत संदेश जाता है और लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। विधायक एवं पूर्व मंत्री के वकील के मौजूद न होने से सुनवाई टल गई। गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे दूसरा मामला कांग्रेस सांसद इमरान मसूद से जुड़ा है। उन पर शहीद भगत सिंह की हमास से तुलना करने की आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप है। इस मामले में 4 अगस्त को गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यह शिकायत शहीद कर्नल सुरेश गुप्ता के बेटे सिमरन गुप्ता ने 1 अप्रैल 2026 को दाखिल की थी। शिकायत में बताया गया है कि 28 अक्टूबर 2026 को टीवी और सोशल मीडिया से सांसद के एक बयान की जानकारी मिली थी। शिकायतकर्ता ने इसे आपत्तिजनक बताया है। आरोप है कि इस टिप्पणी से शहीदों की गरिमा को ठेस पहुंची है। कोर्ट में दर्ज शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि सिमरन गुप्ता ने 10 सितंबर को जयराम नरेश के खिलाफ भी शिकायत की थी। इसमें उन पर ब्रह्मा, विष्णु, शिव की तुलना महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना से करने का आरोप था।
अमरोहा पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान एएस चेक टीम, डॉग स्क्वॉयड, स्वाट टीम और अग्निशमन दल ने मिलकर पूरे परिसर का गहन निरीक्षण और जांच की। संदिग्ध लोगों, गाड़ियों और सामान की बारीकी से तलाशी ली गई। न्यायालय में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई और जरूरत पड़ने पर उनकी तलाशी भी ली गई। पुलिस टीमों ने परिसर के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा टीमों ने मॉक ड्रिल भी की। अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में लगे मेटल डिटेक्टर, स्कैनर मशीन और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया गया और कैमरों की निगरानी व्यवस्था को परखा गया। पुलिस ने DFMD, HHMD और हैंडसेट की उपलब्धता और उनके काम करने की स्थिति भी जांची, ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे। डॉग स्क्वॉयड ने अपने प्रशिक्षित कुत्तों के साथ परिसर में संदिग्ध चीजों की तलाश की। स्वाट टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं की जांच की। अग्निशमन दल ने भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव और राहत कार्य की तैयारियों को मॉक ड्रिल के जरिए जांचा। अमरोहा पुलिस का यह अभियान न्यायालय परिसर में सुरक्षा को लेकर बरती जा रही सतर्कता को दिखाता है। अधिकारियों का ध्यान किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचानने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने पर रहा। इस निरीक्षण के दौरान न्यायालय सुरक्षा प्रभारी, अग्निशमन दल, एएस चेक टीम, डॉग स्क्वॉयड और स्वाट टीम के साथ कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस टीमों ने सुरक्षा उपकरणों की जांच के साथ-साथ परिसर की निगरानी व्यवस्था को भी बारीकी से परखा।
फर्रुखाबाद में शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद वे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस गए, जहां उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर से सलामी ली। इसके बाद मंत्री ने सभागार में कोर कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। जेल निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने वहां की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने बंदियों को जेल से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी मांगी। मंत्री ने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बंदियों की संख्या, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रसोई में भोजन तैयार करने और सुरक्षा के लिए बंदियों की ड्यूटी पारदर्शी तरीके से रोस्टर के हिसाब से लगाई जाए। बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सरकारी मानकों के हिसाब से रखी जाए। बंदी अस्पताल के निरीक्षण में निर्देश दिए गए कि पुरुष और महिला बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें अच्छा इलाज दिया जाए। संक्रमित और गंभीर मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बंदियों को सरकार की मंशा के अनुसार सभी जरूरी सुविधाएं मिलें। मंत्री ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत रखने और परिसर में साफ-सफाई नियमित रूप से बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जेल अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, चिकित्सक डॉ. नीरज समेत संबंधित अधिकारी और कारागार प्रशासन के कर्मचारी मौजूद रहे।
भिवानी जिले के गोठड़ा गांव में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। मृतक के पिता की शिकायत पर लोहारू थाना पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर सबूत जुटाए हैं। अभी हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस को दी शिकायत में गोठड़ा गांव निवासी रणबीर सिंह ने बताया कि वह आर्मी से सूबेदार पद से रिटायर हैं। 10 सितंबर 2026 की रात करीब नौ बजे उनका बड़ा बेटा प्रवीण कुमार उर्फ सीटू (41 साल) प्लॉट में बैठा था। प्लॉट में पांच लोग बैठे थे। इनके नाम जयकरण, वसंत, महिपाल, सोमवीर, और पवन हैं। ये सभी गोठड़ा के रहने वाले हैं। सभी लोग प्लॉट में बैठकर कुछ खा-पी रहे थे। इसी दौरान उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इसके बाद प्लॉट में सामान बिखरा हुआ मिला। शिकायतकर्ता ने बताया कि घटना के बाद उनके बेटे का शव जयकरण के घर के सामने खून से सना मिला। मृतक के सिर पर चोट के निशान थे। घर में दो माह का बेटा और दो साल की बेटी मृतक प्रवीण कुमार उर्फ सीटू अपने पीछे करीब दो साल की बेटी और दो माह के बेटे को छोड़ गया है। युवक की हत्या की घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि गांव गोठड़ा की गली में एक युवक की खून से लथपथ लाश पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही ERV-142 की टीम मौके पर पहुंची और थाना लोहारू में मौजूद मन एएसआई को घटना से अवगत कराया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया तथा घटनास्थल को सुरक्षित करवाया। इसके बाद सीन ऑफ क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। घटनास्थल से खून आलूद व अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने मृतक के पिता रणबीर सिंह के माध्यम से शव की शिनाख्त करवाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहारू की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 190, 191(3) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना लोहारू में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक रविंदर कुमार को सौंपी गई है। पांच पुलिस टीमें जांच में जुटीं : थाना प्रभारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बताया कि मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो अपने-अपने स्तर पर जांच में जुटी हुई हैं। पुलिस द्वारा घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। एफआईआर की विशेष रिपोर्ट नियमानुसार भेजी जा रही है।
उधर ससुर का कत्ल, इधर बहू डांस कर रही थी: कानपुर में भाई-बहन बोले- शालू ने मर्डर नहीं कराया; तो कातिल है कौन?
कौशांबी में सनातन सेना अध्यक्ष की कार पर फायरिंग:कार पर लगी बुलेट, मेले से लौटते समय हमला
कौशांबी के सरायअकिल थाना क्षेत्र में बुधवार रात राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश अध्यक्ष देव रस्तोगी की कार पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग कर दी। वे तिल्हापुर मेले से लौट रहे थे। गोली कार के पिछले दरवाजे में लगी। इस घटना में देव रस्तोगी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद देव रस्तोगी ने सरायअकिल थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गुरुवार शाम को उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, देव रस्तोगी तिल्हापुर मेले में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। मेले से लौटने के बाद वे अपने दफ्तर गए। इसके बाद वे हर्रायपुर ग्राम प्रधान बल्ला को चित्तापुर और हर्रायपुर छोड़ने गए थे। ग्राम प्रधान को छोड़कर वापस लौटते समय रात करीब 11:55 बजे विकास हॉस्पिटल और डीपी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के बीच अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी। देव रस्तोगी ने बताया कि एक गोली कार के पिछले दरवाजे में लगी। देव रस्तोगी ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और हमलावरों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। सरायअकिल थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
हजारीबाग के पेलावल थाना क्षेत्र में छड़वा डैम के जंगल में शुक्रवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। शव की पहचान कटकमसांडी थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव के रहने वाले धनंजय कुमार के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम राजकुमार महतो है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धनंजय भारतीय सेना में जवान था। घटना की खबर मिलते ही आसपास के कई लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने जंगल में पेड़ से शव लटका देखा। उन्होंने तुरंत पेलावल थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जगह का जायजा लिया। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के बाद आसपास के इलाके की भी जांच की। पुलिस ने अभी यह साफ नहीं किया है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट या दूसरा संदिग्ध सामान मिला है या नहीं। मौत की असल वजह भी अभी तक पता नहीं चल पाई है। पेलावल थाना प्रभारी बिट्टू कुमार रजक ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जवान ने खुदकुशी की है या उसकी हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि सभी मुमकिन पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले सबूतों के साथ-साथ मृतक की हालत और दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है।
करनाल के तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज से श्रद्धालुओं ने सनातन धर्म, संत रामपाल, बलि प्रथा, प्रेतबाधा और पारिवारिक विवाद से जुड़े सवाल पूछे। एक श्रद्धालु ने सवाल किया कि संत रामपाल और उनके अनुयायी सनातन धर्म, भगवान कृष्ण और भगवान राम को लेकर सवाल उठाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ संविधान में क्या प्रावधान हैं और क्या कार्रवाई हो सकती है?इस पर अनिरुद्धाचार्य ने संत रामपाल का बिना नाम लिए उन्हें सनातन का शत्रु बताया और आरोप लगाया कि उन्हें क्रिश्चियन धर्म से फंडिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर सनातन का विरोध नहीं कर पाने वाले लोग दूसरे लोगों के माध्यम से सनातन के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये हुई बातचीतसवाल : श्रद्धालुहमारा सनातन धर्म सबसे श्रेष्ठ धर्म है, परंतु आजकल एक आठवां अजूबा धरती पर आया हुआ है, जिनका नाम गुरुजी संत रामपाल जी है। वह और उनके सेवादार कभी भगवान शिव के बारे में, कभी भगवान कृष्ण के बारे में तो कभी भगवान राम के बारे में गलत बोलते हैं। तो संविधान में कहां लिखा है कि जब वे हमारे ऊपर वीडियो बनाते हैं तो उन पर तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती, गुरुजी?जवाब : अनिरुद्धाचार्य महाराजवो सनातन और भगवान को इसलिए गालियां देते हैं, क्योंकि क्रिश्चियन लोगों की फंडिंग इन लोगों को मिल जाती है और ये सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ये सनातन के शत्रु हैं। क्योंकि सनातनी बनकर क्रिश्चियन लोग डायरेक्ट तो विरोध कर नहीं सकते हैं, तो ये किसी को अपने हाथ में लेकर सनातन को सनातन के खिलाफ करना चाहते हैं। ये सब इनका एजेंडा है, जिससे हमें बचना चाहिए। बकरे की बलि पर बोले- ‘अहंकार की बलि दो’इसके बाद एक श्रद्धालु ने पूछा कि पूजा में बकरे की बलि देने की परंपरा के बजाय क्या बकरे की जगह पेठा, कद्दू या नींबू की बलि दी जा सकती है? इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि बकरे की बलि नहीं देनी चाहिए। बलि देनी है तो अपने अहंकार की बलि दें। उन्होंने जीव हत्या से बचने की बात कही और कद्दू या नारियल चढ़ाने की बात कही।जमीन के विवाद पर बोले- बातचीत से निकालें समाधानएक श्रद्धालु ने पारिवारिक जमीन को लेकर सवाल किया। उसने बताया कि उसकी मां के नाम जमीन है और परिवार के दूसरे सदस्य भी उस पर अपना हक जता रहे हैं। इस पर अनिरुद्धाचार्य ने विवाद को बातचीत से सुलझाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों को बैठकर आपस में बात करनी चाहिए और सहमति से समाधान निकालना चाहिए।
डीग में काले बादल छाए, फिर बरसा पानी:लोगों को गर्मी से मिली राहत, फसलों पर मंडराया नुकसान का खतरा
डीग शहर में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ ही देर में आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से शहर की सड़कें पानी से भर गईं और लोगों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया। कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे शहरवासियों को बारिश के बाद राहत मिली और मौसम में ठंडक महसूस हुई। सुबह से दिख रहे थे बदलाव के संकेत सुबह से ही मौसम में बदलाव के आसार नजर आ रहे थे। दोपहर तक आसमान बादलों से ढक गया और इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए बारिश सुकून लेकर आई। हालांकि, बारिश के दौरान शहर में कई जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। राहत की बारिश किसानों के लिए बनी चिंता एक ओर बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ा दी। किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में खड़ी फसलों पर लगातार बारिश का बुरा असर पड़ सकता है। तेज बारिश से खेतों में पानी भरने और फसल खराब होने की आशंका है। पकने और कटाई के करीब फसलों पर ज्यादा खतरा किसानों के मुताबिक खासकर वे फसलें चिंता का कारण हैं, जिनकी पकने या कटाई का समय नजदीक है। ऐसे में यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर फसल को लेकर चिंता साफ नजर आई। अब मौसम के अगले रुख पर नजर किसानों ने बताया कि वे पहले से ही मौसम और फसल की स्थिति को लेकर चिंतित थे। अचानक हुई बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसलों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब किसानों की नजर मौसम के अगले रुख पर टिकी हुई है।
NIA के आरोपपत्र के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल ने अरावली के जंगलों और फरीदाबाद के खेतों में IED व हथियारों का परीक्षण किया था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और छात्रों ने आत्मघाती हमले की तैयारी में विस्फोटकों का प्रयोग किया था।
उन्नाव में उगू नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर निर्वाचित सभासदों ने सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को सभासदों ने DM और SDM को एक शिकायत पत्र दिया। इसमें उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष अनीता पासी की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक कामकाज में कथित बाहरी हस्तक्षेप और विकास कार्यों के प्रभावित होने की शिकायत की है। सभासदों ने मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। सभासदों ने अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि अध्यक्ष पद के दायित्वों और प्रशासनिक कार्यों में अनुज कुमार दीक्षित का हस्तक्षेप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अनुज कुमार दीक्षित का नगर पंचायत में कोई संवैधानिक या आधिकारिक पद नहीं है। इसके बावजूद उनका नगर पंचायत के कामकाज पर काफी प्रभाव है। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके प्रभाव के कारण नगर पंचायत के अलग-अलग कामों, निविदाओं और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में उनके करीबियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने इन आरोपों की जांच कर वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है। सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत में स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। इस वजह से विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक कामकाज में बाहरी हस्तक्षेप के कारण कई काम रुके हुए हैं। इसका सीधा असर नगर पंचायत क्षेत्र की जनता पर पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से नगर पंचायत के कामों, निविदाओं, कर्मचारियों से जुड़े फैसलों और विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि नगर पंचायत के कामकाज में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। सभासदों ने नगर पंचायत के उपाध्यक्ष के चुनाव का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के नियमों के तहत उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है। इसमें निर्वाचित सभासदों के बीच पारदर्शी मतदान और बहुमत के आधार पर उपाध्यक्ष का चयन होना चाहिए। सभासदों का कहना है कि इससे नगर पंचायत के कामकाज में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका स्पष्ट होगी और संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। जांच के बाद सामने आएगी हकीकतसभासदों की शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नगर पंचायत के कामकाज में अनधिकृत हस्तक्षेप, निविदाओं में पक्षपात और विकास कार्य प्रभावित होने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। सभासद अनुराग पटेल ने कहा कि नगर पंचायत की व्यवस्था पारदर्शी और नियमानुसार संचालित होनी चाहिए। इसके लिए शिकायत कर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर जनहित किस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम सुंदर दास का प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने इस दौरान तीन दिनों तक भूख हड़ताल भी की। श्याम सुंदर दास का कहना है कि प्रशासन के सामने रखी गई मांगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनकी पहली मांग दिव्यांग बच्ची के साथ हुए गैंगरेप मामले से जुड़ी है। वह पीड़िता को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। दूसरी मांग फरेंदा थाना क्षेत्र से संबंधित है। आरोप है कि एक विधवा महिला के बेटे की हत्या के मामले में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। श्याम सुंदर दास ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। तीसरी और अंतिम मांग श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के जनार्दन प्रसाद से जुड़ी है। उन्होंने एक भूमिहीन गरीब किसान की पट्टे की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। श्याम सुंदर दास ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जामताड़ा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी की। नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्रों से इन पांच साइबर आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से 11 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड मिले हैं। साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। इस टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के मुचियाडीह गांव में और करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मटटांड़ गांव के तालाब के पास आम के बागान में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को नारायणपुर से और दो को करमाटांड़ से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तसलीम अंसारी (20), मनजीर अंसारी (21), अब्दुल लतीफ (27), उस्मान गनी (25) और जितेंद्र मंडल (43) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को फोन करते थे। वे 999 रुपए कैशबैक मिलने का लालच देते थे और उसे 'एक्सेप्ट' करने को कहते थे। जैसे ही पीड़ित 'एक्सेप्ट' करता था, उसके खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे। इसके अलावा, वे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत दूसरे बैंकों के क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड जारी कराने का झांसा देते थे। लोगों के मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड करवाई जाती थी। इस फाइल के जरिए क्रेडिट कार्ड से जुड़ी निजी जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की जाती थी। इस मामले में साइबर अपराध थाना जामताड़ा में केस नंबर 58/26 दर्ज किया गया है। बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था। जनवरी से अब तक 122 साइबर आरोपी गिरफ्तार पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से 11 सितंबर 2026 तक साइबर अपराध के मामलों में कुल 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान पुलिस ने 304 मोबाइल, 370 सिम कार्ड, 22 एटीएम कार्ड, सात पासबुक, तीन लैपटॉप, आठ आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, 14 लाख 700 रुपए नकद और 11 मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद किया है।
मथुरा में नवरात्रि पर्व के दौरान तीर्थ क्षेत्र में मांस की बिक्री और पशु वध पर रोक लगाने की मांग की गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने नवरात्रि के पवित्र दिनों में बेजुबान जीवों की हत्या रोकने और तीर्थ क्षेत्रों में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। फलाहारी महाराज ने पत्र में कहा कि नवरात्रि हिंदुओं के लिए बहुत पवित्र त्योहार है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में मंदिरों के रास्ते में खुली मांस की दुकानों पर बकरे और भैंसे आदि का कटा मांस देखकर श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि में कई लोग व्रत रखते हैं और सात्विक जीवन जीते हैं। ऐसे पवित्र माहौल में मांस की दुकानें और पशु वध का दृश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान तीर्थ क्षेत्रों में मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। फलाहारी महाराज ने पत्र में ब्रजभूमि के धार्मिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पवित्र भूमि पर माखन चोरी, रासलीला और महारास जैसी लीलाएं की थीं। उन्होंने कहा कि ब्रज की धार्मिक और आध्यात्मिक गरिमा को देखते हुए यहां नवरात्रि के दौरान खास इंतजाम की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि सरकार श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए नवरात्रि में जानवरों की हत्या और मांस बिक्री पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए।
अयोध्या में 19 साल की युवती लापता:दामाद बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, पुलिस तलाश में जुटी
अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र से एक 19 साल की एक युवती लापता है। परिवार ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद युवती के पिता ने रुदौली कोतवाली पुलिस में 9 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर युवती की तलाश की जा रही है। लापता युवती के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि उनका दामाद तौसीफ अहमद पुत्र तुफैल अहमद, निवासी सरायपीर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को युवती घर से निकली थी और फिर वापस नहीं लौटी। शुरुआत में परिवार को लगा कि वह कहीं आसपास गई होगी। लेकिन देर शाम तक वापस न आने पर उनकी चिंता बढ़ गई। कई दिनों तक खुद तलाश करने के बाद भी जब युवती का पता नहीं चला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने शुक्रवार, 11 सितंबर को बताया कि लापता युवती के पिता की शिकायत मिली थी। शिकायत में दामाद पर बेटी को बहलाकर ले जाने का आरोप है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद शुरुआती जांच की गई और फिर नियमानुसार केस दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक ने यह भी बताया कि युवती को ढूंढने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है। सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि युवती के मिलने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और कोर्ट में उसका बयान दर्ज होगा। कोर्ट में दर्ज बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) सवाई माधोपुर में अस्टिटेंट प्रोफेसर के पद पर हुई एक नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन प्रक्रिया में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा का पालन न होने की आशंका जताते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) के आयुक्त को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में डॉ. मुनिराम मीणा का चयन अस्टटेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ था। चयन के बाद उन्हें कॉलेज में कार्यभार भी ग्रहण करा दिया गया। हालांकि, वर्ष 2025 में जब सर्विस बुक तैयार करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए, तब अभ्यर्थी की आयु से जुड़ा यह मामला सामने आया। आवेदन पत्र और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार अभ्यर्थी की जन्मतिथि 1 जुलाई 1981 दर्ज है। इस आधार पर आवेदन के समय अभ्यर्थी की उम्र लगभग 43 वर्ष 4 माह थी। आयु सीमा को लेकर असमंजसभर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक विज्ञप्ति के तहत मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के पदों के लिए सामान्यतः अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित थी, जबकि दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 47 वर्ष तय की गई थी। प्रिंसिपल द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति के समय अभ्यर्थी की पात्रता की स्थिति और निर्धारित आयु सीमा के नियमों का पुनरीक्षण किया जाना आवश्यक है। दस्तावेजों की जांच पर सवालप्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के परीक्षण की प्राथमिक जिम्मेदारी नियुक्ति प्राधिकारी की थी, लेकिन उस समय इन अभिलेखों का गहन परीक्षण नहीं हो सका। अब कॉलेज प्रशासन ने राजमेस आयुक्त से उपलब्ध सभी दस्तावेजों और सेवा नियमों के आधार पर मामले की नियमानुसार जांच करने और अंतिम निर्णय लेने का आग्रह किया है।
दुर्ग जिले के अमलेश्वर के समृद्धि ज्वेलर्स हत्याकांड में पाटन अपर सत्र न्यायालय ने 4 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने 10 सितंबर को अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा, अभय कुमार भारती उर्फ बाबू, सौरभ कुमार सिंह और आलोक कुमार यादव को हत्या, लूट और दुकान में घुसने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को BNS की धारा 302 और 34 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। धारा 449 और 34 के तहत 10 साल की सश्रम जेल और 1-1 हजार रुपए जुर्माना, जबकि धारा 397 और 34 के तहत 7 साल की सश्रम जेल और 1-1 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। मुख्य सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में दुकान का लाइव CCTV फुटेज जांच की अहम कड़ी बना। मृतक सुरेंद्र सोनी का बेटा तनिष्क अपने मोबाइल पर दुकान का लाइव फुटेज देख रहा था। उसने पहले दुकान में अपने पिता के साथ दो युवकों को देखा था। कुछ देर बाद तनिष्क ने दोबारा मोबाइल पर CCTV देखा तो वही युवक काउंटर के अंदर घुसे नजर आए। 20 अक्टूबर 2022 को हुई थी वारदात घटना 20 अक्टूबर 2022 की है। अमलेश्वर के तिरंगा चौक स्थित बजरंग कॉम्प्लेक्स में सुरेंद्र सोनी समृद्धि ज्वेलर्स नाम की दुकान चलाते थे। घटना वाले दिन उन्होंने रोज की तरह सुबह करीब 10:30 बजे दुकान खोली थी। उस समय वे दुकान में अकेले थे। दोपहर करीब 12:30 बजे दो युवक दुकान में पहुंचे। दोनों ज्वेलरी देखने लगे। सुरेंद्र सोनी उन्हें सामान दिखा रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा तनिष्क मोबाइल पर दुकान में लगे CCTV का लाइव फुटेज देख रहा था। CCTV में काउंटर के अंदर घुसे आरोपी करीब 1 बजे तनिष्क ने दोबारा CCTV फुटेज देखा। इसमें दो युवक काउंटर के अंदर घुसे नजर आए। वे लॉकर से सामान निकाल रहे थे। तनिष्क को अपने पिता वहां दिखाई नहीं दिए। इसके बाद वह तुरंत घर से बाइक लेकर दुकान के लिए निकला। रास्ते में उसे तीन लोग एक बाइक पर जाते दिखाई दिए। दुकान पहुंचने पर उसके पिता घायल हालत में मिले और लॉकर खुला हुआ था। मौके से कारतूस और खोखे बरामद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए। मौके से 7.65 एमएम के चार खाली कारतूस, एक जिंदा राउंड और देशी कट्टे से संबंधित एक खाली खोखा बरामद किया गया। खून के नमूने समेत अन्य सामग्री को भी जांच में शामिल किया गया। CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए दुकान का DVR जब्त किया गया। पुलिस ने फुटेज की सत्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र भी लिया। कोर्ट में CCTV फुटेज को अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। बिहार और यूपी से जुड़े थे चारों आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने 4 आरोपियों की पहचान की। अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला था। सौरभ कुमार सिंह बिहार के गया, आलोक कुमार यादव बिहार के छपरा और अभय कुमार भारती उर्फ बाबू उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का निवासी था। पुलिस ने चारों आरोपियों को वाराणसी से गिरफ्तार किया। जांच में मिले सबूतों के आधार पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन ने गवाहों, CCTV फुटेज, घटनास्थल से बरामद सामान और दस्तावेजी सबूत पेश किए। लूट के दौरान गोली मारकर की थी हत्या अभियोजन के अनुसार, चारों आरोपी एक राय होकर ज्वेलरी दुकान में घुसे थे। उनका इरादा लूट करना था। उनके पास पिस्टल और देसी कट्टा था। लूट के दौरान सुरेंद्र सोनी को गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी दुकान से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। कोर्ट ने पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी माना। दो आरोपियों पर हथियार रखने का दोष भी अभय कुमार भारती और सौरभ कुमार सिंह के खिलाफ अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने के आरोप भी थे। कोर्ट ने दोनों को आयुध अधिनियम की धारा 25(1), 1-ख(ख) के तहत 2 साल का सश्रम कारावास और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 27(3) में दोनों को आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। यानी हत्या के मामले में मिली उम्रकैद के अलावा दोनों को हथियार मामले में भी उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी। बचाव पक्ष ने मांगी थी सजा में नरमी सजा के सवाल पर बचाव पक्ष ने आरोपियों का पहला अपराध बताते हुए कोर्ट से नरमी की मांग की थी। वहीं अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा देने की मांग की। कोर्ट ने चारों आरोपियों को हत्या, लूट और दुकान में घुसने के मामले में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। करीब 3 साल 11 महीने बाद आया फैसला 20 अक्टूबर 2022 को हुई इस हत्या और लूट की वारदात के करीब 3 साल 11 महीने बाद कोर्ट का फैसला आया है। इस केस में CCTV का लाइव कनेक्शन बेटे के मोबाइल पर होना जांच की सबसे अहम कड़ी बना। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में दिनदहाड़े सराफा व्यापारी की हत्या का LIVE VIDEO: दुकान में घुसे 2 बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, एक का दायां हाथ कटा हुआ था छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे दुर्ग जिले के अमलेश्वर में एक सराफा दुकान में दिनदहाड़े बदमाशों ने दुकान मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद बदमाशों ने लाखों रुपए के जेवर भी लूटकर ले गए। दोनों बदमाशों ने एकदम करीब से कई गोलियां कारोबारी को मारी। इसके बाद इत्मिनान से जेवर समेटे और दुकान से निकल गए। इन दोनों हत्यारों में से एक युवक का सीधा हाथ कोहनी के नीचे से कटा हुआ है। इस पूरी घटना का लाइव VIDEO भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…
हापुड़ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने पूर्ण हड़ताल की। हड़ताल के कारण जिलेभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहीं। बैंक शाखाओं के मुख्य द्वार पर हड़ताल के नोटिस लगे रहे। कामकाज ठप होने से ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, हापुड़ जनपद शाखा के कोऑर्डिनेटर आरके माहेश्वरी ने बताया कि बैंक कर्मचारी कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना मुख्य मांग है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। आरके माहेश्वरी के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर को भी हड़ताल कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जताया था। उन्होंने दावा किया कि यह हड़ताल पूरी तरह सफल रही और हापुड़ में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी इसमें शामिल हुए। शुक्रवार की हड़ताल के दौरान भी हापुड़ के सरकारी बैंकों में कामकाज पर असर पड़ा। कर्मचारियों ने गढ़ रोड स्थित यूनियन बैंक पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को बैंक कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्हें जल्द ही इन मांगों का समाधान निकालना चाहिए। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं पर दिखा। कैश जमा करना, निकालना, चेक से जुड़े काम और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को परेशानी हुई। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो 28, 29 और 30 सितंबर को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाएं एक बार फिर बंद हो सकती हैं।
त्योहारी सीजन और बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने यात्रियों को राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने सांतरागाछी जंक्शन और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पश्चिम बंगाल, उत्तरी असम और अरुणाचल प्रदेश के यात्रियों को यात्रा के लिए और सुविधा मिलेगी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 08047 (सांतरागाछी-नाहरलगुन) स्पेशल ट्रेन 11, 18 और 25 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरों के लिए चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 08048 (नाहरलगुन-सांतरागाछी) स्पेशल 12, 19 और 26 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। ठहराव और कोच में नहीं हुआ बदलाव रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि बढ़ाए गए फेरों के दौरान ट्रेन की समय-सारणी, तय ठहराव और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन अपने पहले से तय समय और स्टेशनों पर ही चलेगी। रेलवे के मुताबिक, सितंबर महीने में दुर्गापूजा, पारिवारिक आयोजनों और छुट्टियों के कारण पूर्वोत्तर राज्यों और कोलकाता इलाके के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त फेरों से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और यात्रा का बोझ भी कम होगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे टिकट बुकिंग और यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत टिकट काउंटरों का इस्तेमाल करें। इस फैसले से पूजा सीजन में पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी।
पलवल में सीआईए स्टाफ ने एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सीआईए पलवल प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि हवलदार मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम नेशनल हाईवे-19 पर गदपुरी टोल प्लाजा के पास गश्त कर रही थी। तभी उन्हें सूचना मिली कि पृथला गांव का रोहित कुमार नामक युवक अवैध हथियार के साथ अपनी आई-20 कार के पास किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही सीआईए टीम ने बताई गई जगह पर दबिश दी। पुलिस की गाड़ी देखकर रोहित ने अपनी कार में बैठने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पृथला गांव निवासी रोहित कुमार बताया। कार के डैशबोर्ड में छिपाकर रखा देसी कट्टा पुलिस टीम ने रोहित की कार की तलाशी ली। डैशबोर्ड से एक अवैध देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। रोहित हथियार का कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। सीआईए ने उसके खिलाफ गदपुरी थाना में शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। एसपी दीप्ति गर्ग ने साफ किया है कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी और अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
दो दिन की गर्मी के बाद धौलपुर में फिर झमाझम:दोपहर 12 बजे शुरू हुई बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली
धौलपुर शहर में पिछले दो दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बाद शुक्रवार दोपहर मौसम बदल गया। दोपहर करीब 12 बजे आसमान में बादल छाए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। इसके बाद मौसम अच्छा हो गया और तापमान भी कम हुआ। बता दें कि दो दिन पहले तक हुई लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया था। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई थी। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूबी दिख रही थीं। इसके बाद पिछले दो दिनों से बारिश रुकने के साथ तेज धूप और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। शुक्रवार दोपहर अचानक हुई बारिश से लोगों को एक बार फिर गर्मी से राहत मिली। बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और दूसरी जगहों पर जाते दिखे। वहीं, कई लोग बारिश का मजा लेने के लिए घरों से बाहर भी निकले। बारिश शुरू होने के बाद शहर के लोगों को उमस से राहत मिली। हालांकि, पहले लगातार बारिश से पानी भरने की समस्या झेल चुके लोगों को एक बार फिर पानी भरने की चिंता होने लगी है। शहर के लोगों ने प्रशासन से पानी निकालने की अच्छी व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव में देर रात हथियारबंद चार अपराधियों ने एक घर में घुसकर करीब 3.05 लाख रुपये की लूट की। अपराधियों ने घर के सभी सदस्यों को हथियार दिखाकर बंधक बना लिया और नकदी व आभूषण लेकर भाग गए। पीड़ित गृहस्वामी त्रिभुवन भुईयां ने बताया कि देर रात करीब चार अज्ञात अपराधी उनके घर में घुसे। सभी ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था और उनके पास हथियार थे। घर में घुसने के बाद अपराधियों ने परिवार के सदस्यों को जगाया। फिर हथियार दिखाकर सभी के हाथ गमछे से बांध दिए और उन्हें बंधक बना लिया। परिजनों को बंधक बनाने के बाद अपराधियों ने घर की तलाशी ली। उन्होंने घर में रखे 1 लाख 05 हजार रुपए नकद लूट लिए, जो कमेटी का पैसा था। इसके अलावा करीब 2 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण भी ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 3 लाख 05 हजार रुपये है। लूट के बाद सभी अपराधी मौके से भाग गए। घटना की जानकारी मिलते ही बगोदर-सरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धनंजय कुमार राम, सरिया इंस्पेक्टर और बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। इस बीच, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
ब्रिक्स सम्मेलन में बिहार का सत्तू और मखाना, सीएम सम्राट ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया
दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय ब्रिक्स अंतराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में बिहार के सत्तू और मखाना को स्थान मिला है। विश्व भर से आए मेहमानों के वेलकम कीट में बिहार के स्वाद को शामिल करने के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव में गुरुवार की देर रात असामाजिक तत्वों ने घर के बाहर खड़े दो वाहनों में आग लगा दी। आगजनी की घटना में शंकर पासवान की कार और उनके चचेरे भाई रामजी पासवान का ट्रैक्टर जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना रात करीब 12:30 बजे के बाद की बताई जा रही है। शंकर पासवान ने बताया कि रात में अचानक घर के अंदर धुआं भरने लगा। धुआं देखकर घर में सो रही महिलाओं की नींद खुली। इसके बाद परिजनों ने बाहर निकलकर देखा तो दरवाजे के पास खड़ी कार आग की लपटों से घिरी थी। वहीं कुछ दूरी पर खड़ा उनके चचेरे भाई रामजी पासवान का ट्रैक्टर भी जल रहा था। मोटर चलाकर आग बुझाने का किया प्रयास दोनों वाहनों में आग लगी देखकर परिजनों ने तत्काल मोटर चालू कर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही घटना की सूचना कुटुंबा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और आसपास के हालात की भी जांच की। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि परिजनों के समय रहते जाग जाने और आग बुझाने के प्रयास से आसपास के घरों तक आग फैलने से बच गई। घटना के बाद से गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। कार से चलता था परिवार का भरण-पोषण शंकर पासवान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में कार खरीदी थी। इसी कार को चलाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उन्होंने कहा कि गांव में किसी व्यक्ति से उनका कोई विवाद या दुश्मनी नहीं है। ऐसे में उनकी कार और चचेरे भाई के ट्रैक्टर में आग किसने और किस वजह से लगाई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि बंदुआ गांव में दो वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना मिली है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सप्ताह में 5 दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने सहित कई लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का पानीपत में व्यापक और तीखा असर देखने को मिला। जिले भर में बैंक शाखाओं के ताले न खुलने और कामकाज ठप रहने से सामान्य जनजीवन के साथ-साथ शहर का उद्योग और व्यापारिक जगत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। SBI जीटी रोड पानीपत स्थित कार्यक्रम स्थल पर जुटे बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एक दिन में 100 करोड़ का कारोबार ठप, 2500 कर्मचारी हड़ताल में शामिल एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल ने हड़ताल की जानकारी देते हुए बताया कि एक दिवसीय इस हड़ताल में पानीपत जिले की सभी 280 बैंक शाखाएं पूरी तरह से बंद रहीं और जिले भर के 2,500 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण अकेले पानीपत जिले में करीब 100 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। प्रमुख मांगें- 5 दिवसीय बैंकिंग और PLI व्यवस्था की समीक्षा यूनियन नेताओं ने कहा कि वे हड़ताल पर जाने के लिए विवश हुए हैं क्योंकि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर द्विपक्षीय समझौता हो चुका था। इसके बावजूद ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी इसे लागू नहीं किया गया है। औद्योगिक नगरी पानीपत के व्यापार पर पड़ा सीधा असर हड़ताल के कारण उद्योगों में कर्मचारियों के वेतन, वेंडर्स के भुगतान, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में भारी विलंब हुआ। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनों तक शाखाओं में सामान्य कामकाज ठप रहेगा। इससे KYC अपडेट, चेक क्लियरेंस और पासबुक अपडेट कराने वाले ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहीं, लेकिन शाखा-आधारित भौतिक कार्य पूरी तरह ठप रहे। मांग न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल, पीएनबी से प्रियंका भारद्वाज, कैनरा बैंक से डिंपल, सुमित झा, प्रद्यूमन, विनीत भारद्वाज (क्षेत्रीय सचिव, क्लर्क यूनियन), रविकांत शर्मा, अनिल कुमार और अन्य बैंक नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और आईबीए ने वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन और उग्र होगा। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान न होने की सूरत में 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी और 26 अक्टूबरसे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
फर्रुखाबाद और हरदोई डिपो के रोडवेज बस चालक यात्रियों को बैठाने में लापरवाही कर रहे हैं। इस वजह से परिवहन निगम को हर दिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। एटा का बाईपास शहर को जाम से बचाने और भारी वाहनों के लिए बनाया गया है। हालांकि, फर्रुखाबाद और हरदोई से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों के ड्राइवर तय स्टॉपेज पर नहीं रुकते। वे बसों की खिड़कियां बंद कर तेज रफ्तार से निकल जाते हैं। इस लापरवाही से अलीगंज, जैथरा, धुमरी, बागवाला और शीतलपुर जैसे इलाकों के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हरदोई और फर्रुखाबाद डिपो की इस अनदेखी से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है। यात्री परेशान हैं, लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अलीगंज के लोग शिकायत कर रहे हैं, जो जिला मुख्यालय से 52 किलोमीटर दूर है। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी का आज ही ट्रांसफर हुआ है। अलीगंज के अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि बस चालक अपनी मर्जी से काम करते हैं। महिलाएं बसों के पीछे दौड़ती रहती हैं, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर उन्हें नहीं बैठाते। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर बच्चों और बुजुर्गों को बहुत परेशानी हुई। चालकों का कहना है कि वे सिर्फ दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बैठाते हैं, बीच रास्ते के यात्रियों को नहीं। हिरदेपुर के सहदेव ने बताया कि वे एटा जा रहे थे, तभी हरदोई डिपो की एक बस आई। बस चालक ने उनसे कहा कि बस बाईपास से ही जाएगी और उन्हें नहीं बैठाया। इस मामले पर हाल ही में स्थानांतरित हुए एटा के एआरएम नरेश गुप्ता से बात की गई। उन्होंने बताया कि उनका ट्रांसफर हो चुका है और किसी अन्य अधिकारी ने अभी एटा की जिम्मेदारी नहीं संभाली है। फर्रुखाबाद के एआरएम राजेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम द्वारा बनाए गए स्टॉपेज पर बसें रोककर चालक-परिचालकों को सवारियां बैठाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि चेकिंग की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
अररिया के रानीगंज में दहेज के लिए 19 वर्षीय नवविवाहिता की पीटकर हत्या, पति समेत 6 पर आरोप
11 सितंबर, शुक्रवार: अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र में दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर 19 वर्षीय नवविवाहिता की पीटकर हत्या का आरोप है। परिजनों ने पति समेत छह लोगों पर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अपनी ही सरकार फिर भी मंत्री संजय निषाद नाराज, लखनऊ के बाद गोंडा में धरने पर बैठे
लखनऊ में धरने के बाद मंत्री संजय निषाद धरना देने शुक्रवार को गोंडा पहुंच गए। इस दौरान अफसरों को भी खूब सुनाया। विनोद साहनी के हत्यारों पर बुलडोजर ऐक्शन और पीड़ित परिवार को नौकरी के साथ मुआवजा की मांग बुलंद की।
झालावाड़ में आवारा गाय के हमले में हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में जिला कोर्ट ने नगर परिषद झालावाड़ और राजस्थान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के परिवार को 8 लाख 52 हजार 496 रुपए की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह राशि 7 प्रतिशत ब्याज के साथ दो महीने के भीतर परिजनों को देनी होगी। कोर्ट ने माना कि सार्वजनिक मार्ग को आवारा पशुओं से मुक्त रखना संबंधित निकाय और सरकार का विधिक, सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है, जिसे निभाने में प्रतिवादी विफल रहे। कोर्ट ने कहा- हादसा दैवीय प्रकोप नहीं था जिला न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने अपने निर्णय में कहा कि हादसा कोई दैवीय प्रकोप नहीं था। यदि सार्वजनिक मार्ग को आवारा पशुओं के व्यवधान से मुक्त रखा जाता तो इस प्रकार की दुर्घटना को टाला जा सकता था। कोर्ट ने नगर परिषद और राज्य सरकार की ओर से लोक दायित्व के निर्वहन में कमी और लापरवाही को स्पष्ट माना। सुबह टहलने निकले थे मोहनलाल, गाय ने किया हमला मृतक मोहनलाल टेलर 20 सितंबर 2023 को सुबह करीब 5:30 बजे पंचमुखी बालाजी रोड पर टहलने निकले थे। इसी दौरान एक गाय ने उन पर हमला कर दिया। हमले में मोहनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट, फिर कोर्ट पहुंचा परिवार घटना के बाद मोहनलाल के बेटे लक्ष्मण ने कोतवाली झालावाड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद मोहनलाल की पत्नी गायत्री बाई और बेटे लक्ष्मण ने मुआवजे की मांग को लेकर जिला कोर्ट में याचिका दायर की। तत्कालीन आयुक्त के बयान भी हुए दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त नरेंद्र मीणा के बयान भी दर्ज किए गए। कोर्ट ने आयुक्त की ओर से दिए गए बयानों को संतोषजनक नहीं माना। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नगर परिषद झालावाड़ और राजस्थान सरकार की जिम्मेदारी तय करते हुए मृतक के परिजनों को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। दो माह में 7% ब्याज सहित देना होगा मुआवजा फैसले के अनुसार नगर परिषद झालावाड़ और राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि जिला कलेक्टर झालावाड़ को मृतक के परिजनों को 8,52,496 रुपए की क्षतिपूर्ति 7 प्रतिशत ब्याज सहित दो माह के भीतर अदा करनी होगी। मामले में मृतक के परिजनों की ओर से अधिवक्ता ओंकारेश्वर शर्मा ने पैरवी की।
गुरुग्राम जिले के सोहना शहरी क्षेत्र में आधी आबादी मुफ्त में पानी पीकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रही है। करीब 6 हजार लोगों ने अपने घरों में अवैध पानी कनेक्शन ले रखे हैं। ये लोग कई सालों से मुफ्त पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब विभाग ने ऐसे अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर अवैध कनेक्शनों को वैध कर रहे हैं। पिछले दो महीनों में करीब 400 कनेक्शनों को वैध किया जा चुका है। अवैध कनेक्शनों को किया जा रहा वैध सोहना शहरी क्षेत्र में अवैध पानी कनेक्शन वाले उपभोक्ता बड़ी संख्या में हैं। ऐसे करीब 6 हजार अवैध कनेक्शन हैं, जिन्हें कई सालों से वैध नहीं कराया गया है। इसके लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने अवैध कनेक्शनों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू की है। विभाग की टीम घर-घर जाकर पानी कनेक्शनों को वैध करने में लगी है। सोहना शहरी क्षेत्र की अनुमानित आबादी 47 हजार 518 है। इस क्षेत्र में करीब 5,700 वैध कनेक्शन हैं, जो कई सालों से चल रहे हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर कुल 6 हजार 100 हो गई है। विभाग के अनुसार, शहरी क्षेत्र में करीब 6 हजार अवैध पानी कनेक्शन हैं। रोजाना सप्लाई होता है 10 एमएलडी पानी जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग शहरी क्षेत्र में रोजाना 10 एमएलडी पानी की सप्लाई करता है। इसके लिए विभाग ने 9 बूस्टर और 4 ट्यूबवेल लगाए हैं। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के जेई कन्हैया लाल ने बताया कि सरकार के आदेश पर शहरी क्षेत्र में अवैध पानी कनेक्शनों को वैध करने का अभियान चल रहा है। यह अभियान मार्च तक जारी रहेगा। विभाग ने दो महीने में करीब 400 कनेक्शनों को वैध किया है।
सिद्धार्थनगर में अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मोर्चा खोल दिया है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा लेखपालों का धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। संघ ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं के दबाव में लेखपालों पर कार्रवाई की जा रही है। लेखपालों का कहना है कि वे मौके की जांच कर अवैध कब्जों की रिपोर्ट अधिकारियों को देते हैं, लेकिन कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्त ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं के डर से डीएम और एडीएम लेखपालों पर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेखपाल राजस्व गांवों में जाकर मौके की स्थिति का निरीक्षण करते हैं और उसी आधार पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। जब किसी दबंग या भूमाफिया की ओर से जमीन पर अवैध कब्जा किया जाता है तो इसकी जानकारी अधिकारियों को दी जाती है। अजय कुमार गुप्त ने कहा कि अगर अवैध कब्जे की रिपोर्ट देने वाले लेखपालों पर ही कार्रवाई होने लगेगी तो भविष्य में कोई भी कर्मचारी कब्जे की वास्तविक स्थिति बताने से डरेगा। उन्होंने मांग की कि किसी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसकी मौके की रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। मध्य सत्र में किए गए स्थानांतरण निरस्त करने की मांग लेखपाल संघ ने मध्य सत्र में नियमों के विपरीत किए गए स्थानांतरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। संघ का कहना है कि शासनादेश और परिषदादेश के विपरीत किए गए सभी स्थानांतरण तत्काल निरस्त किए जाएं। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि नियमों को दरकिनार कर स्थानांतरण किस आधार पर किए गए। इटवा तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव के साथ इटवा तहसीलदार द्वारा किए गए कथित अमानवीय व्यवहार का मामला भी आंदोलन में उठाया गया। संघ ने तहसीलदार को इटवा तहसील से हटाकर जिले से संबद्ध करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा खतौनी में तहसील ऑपरेटरों की ओर से किसानों के गाटों में की गई अंश त्रुटियों को ठीक कराने, लेखपालों को अद्यतन आरटीके खतौनी और पिछले वर्ष के खसरा का प्रिंट उपलब्ध कराने की मांग की गई। जीर्ण-शीर्ण हो चुके भू-मानचित्रों को बदलकर नए नक्शे उपलब्ध कराने की मांग भी संघ ने रखी है। अंकपत्र से लेकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति तक 11 मांगें संघ ने वर्ष 2016 के लेखपालों का अंकपत्र उपलब्ध कराने, एग्रीस्टैक का बकाया भुगतान दिलाने और फार्मर रजिस्ट्री में शासनादेश का पालन कराने की मांग की। इसके अलावा सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुके लेखपालों के लंबित शस्त्र लाइसेंस जारी करने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों का निस्तारण कर बजट के लिए परिषद को भेजने की मांग भी शामिल है। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन 8 सितंबर से शुरू हुआ धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने में जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्त, जिलामंत्री आनंद गौतम, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी प्रभात सैनी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेश भारती, संप्रेक्षक सुनील सिंह समेत आशीष शुक्ला, महेंद्र साहनी, अमरदीप चौधरी, प्रवेश कुमार, विनोद गौतम, भानु प्रताप, आशीष संगम, देवीलाल, इरशाद, विनय पांडेय, अनुपम, बबीता, रवि कुमार, वीर विक्रम, विमल किशोर, दानिश, सोमनाथ, राजकुमार और सूर्य प्रकाश मौजूद रहे। लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
अमेठी में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चला। शुक्रवार सुबह राजस्व और नगर पालिका की टीम गौरीगंज सीएचसी पहुंची और अस्पताल के आसपास किए गए अवैध कब्जों को हटा दिया। यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश पर की गई। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में हलचल दिखी। दरअसल, अवैध कब्जों के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी। नगर राजस्व और नगर पालिका की टीम ने गौरीगंज सीएचसी के आसपास सड़क और पटरी पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे लगी दुकानें, पटरी पर रखा सामान और रास्ते में आ रही दूसरी रुकावटों को जेसीबी से हटाया गया। लंबे समय से अस्पताल के आसपास सड़क की पटरी पर दुकानें और अस्थायी निर्माण लगे थे। इससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ मरीजों और उनके तीमारदारों को भी अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती थी। राजस्व और नगर पालिका की टीम ने नायब तहसीलदार कौशल किशोर के नेतृत्व में यह कार्रवाई शुरू की। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। फरक्का जलसंधि को लेकर JDU के लगातार तल्ख होते रुख के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा कोटे के सभी मंत्रियों की आज अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी। खास बात यह है कि सभी भाजपा के मंत्रियों को बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया है। जो मंत्री फिलहाल बिहार या पटना से बाहर हैं, उन्हें तत्काल वापस लौटने का निर्देश दिया गया है। बैठक का आधिकारिक एजेंडा पीएम नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को बताया जा रहा है। लेकिन इसकी टाइमिंग ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि बैठक में सिर्फ संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा होगी या जेडीयू के साथ हालिया खींचतान और फरक्का के मुद्दे पर भी मंथन होगा। बैठक में 3 मुद्दों पर मंथन के आसार 1. पीएम मोदी का जन्मदिन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की बिहार में तैयारियों पर चर्चा होगी। जिलों में होने वाले कार्यक्रमों और मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं। 2. फरक्का जलसंधि: फरक्का जलसंधि को लेकर जेडीयू के कड़े रुख के बाद बिहार के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा फरक्का नहीं बताया गया है। 3. JDU से खींचतान: फरक्का समेत हालिया मुद्दों पर भाजपा और जेडीयू के बीच सामने आए अलग-अलग तेवरों के बीच एनडीए सरकार में आपसी समन्वय को लेकर भी चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। फरक्का पर JDU ने साफ किया- समझौता नहीं करेंगे पिछले कुछ दिनों से फरक्का जलसंधि बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी हुई है। JDU की ओर से इस मामले में लगातार स्पष्ट और कड़ा रुख सामने आया है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा है कि पार्टी फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। जरूरत पड़ने पर सरकार में रहें या नहीं रहें, पार्टी अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा है कि फरक्का जलसंधि की वजह से बिहार को पिछले 30 सालों से सिर्फ अन्याय हो रहा है। जेडीयू के इस बयान को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में BJP और JDU की साझेदारी वाली सरकार है। ऐसे में बिहार के हितों से जुड़े किसी महत्वपूर्ण जल संसाधन के मुद्दे पर सहयोगी दल का इतना सख्त रुख NDA के भीतर चर्चा का विषय बन गया है। बयान के दो दिन बाद BJP मंत्रियों की बैठक जेडीयू के इस बयान के करीब दो दिन बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भाजपा कोटे के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाए जाने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। खास तौर पर बाहर मौजूद मंत्रियों को तत्काल पटना लौटने के निर्देश ने बैठक को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की तैयारी में है। बिहार में अभियान को किस तरह संचालित किया जाएगा, जिलों में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे और मंत्रियों की क्या भूमिका रहेगी, इस पर मुख्यमंत्री भाजपा मंत्रियों से चर्चा कर सकते हैं। सरकार और संगठन के स्तर पर कार्यक्रमों के समन्वय, मंत्रियों की जिम्मेदारी और अभियान को जिलों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की रणनीति भी बैठक का हिस्सा हो सकती है। इस लिहाज से देखें तो बैठक का एक स्पष्ट संगठनात्मक और राजनीतिक एजेंडा मौजूद है। JDU-BJP के बीच समन्वय पर भी नजर बिहार में भाजपा और जेडीयू दोनों NDA सरकार के महत्वपूर्ण घटक हैं। ऐसे में किसी बड़े मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं के अलग-अलग रुख सामने आने पर सरकार के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर JDU ने जिस तरह अपनी स्थिति स्पष्ट की है, उससे भाजपा के रुख पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। सिर्फ अभियान की तैयारी या कोई बड़ी रणनीति? फिलहाल, भाजपा की ओर से बैठक की वजह ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारी ही बताई जा रही है। लेकिन राजनीति में किसी बैठक की टाइमिंग भी कई संकेत देती है। एक ओर फरक्का जलसंधि पर जेडीयू का सख्त बयान और दूसरी ओर उसके तुरंत बाद भाजपा के सभी मंत्रियों की बैठक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
संगरूर के दिड़बा में गुलजार सिंह सुसाइड केस में भाजपा नेता, पंजाब से राज्यसभा सांसद व पूर्व क्रिक्रेटर ने हरपाल चीमा को जवाब दिया। आप सरकार में फाइनांस मिनिस्टर हरपाल चीमा ने गुरुवार को परिवार से मिलने पहुंचे भाजपा सूबा प्रधान, पूर्व उप प्रधान अश्वनी शर्मा और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ को लेकर वीडियो पोस्ट किया था।इस पर चीमा ने दावा किया था भाजपा नेताओं का गुलजार सिंह के गांव पहुंचने पर लोगों ने विरोध किया और उनको गांव में नहीं घुसने दिया।इसके जवाब में हरभजन सिंह ने लिखा कि अपने तथ्य सही कीजिए। सबसे पहले तो आपको अपने चमचों से सही जानकारी लेनी चाहिए जो परिवार से मिलने गए थे। वैसे भी आपकी पूरी बदमाशी चलती है जनाब।आप जो चाहें कर सकते हैं। जब आप अंतिम संस्कार जबरदस्ती करवा सकते हैं, तो आपके छोड़े हुए परिंदे किसी का भी रास्ता रोक सकते हैं। चीमा ने लिखा-सियासी तमाशा बनाने वालों के लिए कोई जगह नहीं बीजेपी के नेताओं के मिलने जाने और विरोध का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर हरपाल चीमा ने लिखा था कि गुलजार सिंह की मौत पर सियासी रोटियां सेकने पहुंचे भाजपा नेता केवल ढिल्लों, अश्वनी शर्मा, सुनील जाखड़ और मनप्रीत बादल का ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध किया। लोगों के तीखे रोष के आगे भाजपा नेताओं को बेरंग (खाली हाथ) वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि पंजाब की धरती पर मौत के दुख को सियासी तमाशा बनाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। यह जनता का गुस्सा है, जो मौकापरस्त राजनीति को सीधा जवाब है। हरभजन ने लिखा-जब अंतिम संस्कार जबरदस्ती करवा सकते हो तो रास्ता भी रोक सकते हैंहरभजन सिंह ने चीमा की पोस्ट के जवाब में एक्स पर लिखा- अपने तथ्य सही कीजिए। सबसे पहले तो आपको अपने चमचों से सही जानकारी लेनी चाहिए जो परिवार से मिलने गए थे... वैसे भी आपकी पूरी बदमाशी चलती है जनाब, आप जो चाहें कर सकते हैं। जब आप अंतिम संस्कार जबरदस्ती करवा सकते हैं, तो आपके छोड़े हुए परिंदे किसी का भी रास्ता रोक सकते हैं। आप छोड़ने के बाद भज्जी का पुराने साथियों पर लगातार पलटवारआप छोड़ने के बाद राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का पुराने साथियों के खिलाफ लगातार पलटवार किया जा रहा है। ये लड़ाई सोशल मीडिया हेंडल एक्स पर चल रही है।इससे पहले हरभजन पंजाब में नशेका मुद्दा उठा चुके हैं। राजस्थान की एक वीडियो पोस्ट करने पर आप के आईटी विंग ने उनको ट्रोल भी किया था। इसके बाद बैक टू बैक हरभजन ने पंजाब में नशे में झूमते युवकों के कई वीडियो पोस्ट कर आप से पूछा था कि ये तो राजस्थान के नहीं है। इसी तरह से फतेहगढ़ साहिब के सरकारी स्कूल में लड़कियों के टॉयलेट का मुद्दा उठाया था जिस पर शिक्षा मंत्री ने खुद स्कूल जाकर सब कुछ ठीक होने की वीडियो पोस्ट कर हरभजन को जवाब दिया था।
बालाघाट में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के 7 संगठनों ने हड़ताल की। कर्मचारी सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग कार्यप्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। हड़ताल के कारण जिले की सभी 125 बैंक शाखाओं में बैंकिंग कामकाज ठप रहा। बैंकों में ताले लटके रहने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से लगातार तीन दिन बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। 7 संगठनों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन शामिल हैं। इन संगठनों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिसके चलते बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज नहीं हो सका। 28 से 30 सितंबर तक प्रदर्शन की चेतावनी मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव लीलाधर सुलाखे ने बताया कि बैंक में 5 दिवसीय कार्यप्रणाली की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके बावजूद सरकार मांग को टालती आ रही है। इसी के विरोध में देशभर में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 26 अक्टूबर से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। 2015 से चल रही 5 दिन काम की मांग सुलाखे ने बताया कि मई 2015 में हुए समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने का आश्वासन दिया गया था। नवंबर 2020 में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का आश्वासन मिला। इसके बाद वेतन पुनरीक्षण की बातचीत में भी यह मांग उठाई गई। मार्च 2024 में हुए समझौते में शनिवार को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी। यह समझौता भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया है। ढाई साल से वित्त मंत्रालय में लंबित सुलाखे के अनुसार, समझौते को ढाई साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन शनिवार की छुट्टी और 5 दिवसीय कार्यप्रणाली का मामला अभी भी वित्त मंत्रालय के पास लंबित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई कारणों से बैंकिंग कार्य काफी तनावपूर्ण हो गया है। कर्मचारियों के उचित कार्य-जीवन संतुलन के लिए सप्ताह में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करना जरूरी है। बैंक कर्मचारियों ने शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने के साथ लंबित मुद्दों और अन्य मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की है।
हापुड़ के सिटी कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में हुए गोलीकांड के मामले में शुक्रवार को दो और फरार आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दोनों आरोपी हाथ में पोस्टर लेकर दोपहर करीब 12 बजे कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही दोनों फरार चल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, 4 सितंबर की सुबह अंश और उसके भाई आरव के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर फायरिंग और पथराव हुआ। गोली लगने से दीपक उर्फ गोलू, बंटी उर्फ विजय और मुनेश घायल हो गए थे। वहीं पथराव के दौरान ईंट लगने से अंकित के चेहरे पर चोट आई थी। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान दीपक उर्फ गोलू की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। 13 नामजद समेत 15-20 अज्ञात पर FIR मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की कार्रवाई में अब तक पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। शुक्रवार को दो और फरार आरोपियों के सरेंडर करने के बाद पुलिस उनकी घटना में भूमिका की जानकारी जुटा रही है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर बाकी फरार आरोपियों के बारे में भी जानकारी लेने का प्रयास कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। दीपक की मौत के बाद बढ़ाई गई थी सख्ती गोलीकांड में घायल दीपक कुमार उर्फ गोलू की इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई और तेज कर दी थी। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। ASP विनीत भटनागर ने बताया कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। शुक्रवार को दो आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी जारी है।
महराजगंज में एसडीएम कोर्ट के पास कुत्तों का जमावड़ा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। कोर्ट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में कुत्ते डेरा डाले रहते हैं। दिनभर लोगों की आवाजाही के बीच कुत्तों के झुंड से राहगीरों में डर बना रहता है। कई बार ये कुत्ते लोगों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे लोग घबराकर भागने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर सुबह और शाम के समय यहां से गुजरने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत होती है। कुत्तों के अचानक भौंकने और पीछे दौड़ने से बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते इस समस्या का हल नहीं निकाला गया, तो कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। संदीप, बिकु, सुनील, बिजेंदर और रामस्वरूप समेत कई स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द कार्रवाई कर आम लोगों को राहत देनी चाहिए। एसडीएम पेशकार विवेक कुमार ने बताया कि यहां आए दिन कुत्तों का झुंड लगा रहता है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मंदसौर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल:400 कर्मचारी गांधी चौराहे पहुंचे, सरकार के खिलाफ नारे लगाए
मंदसौर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को मंदसौर में सरकारी और क्षेत्रीय बैंकों के करीब 400 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारियों ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान कर्मचारियों ने गांधीजी की प्रतिमा का चक्कर लगाकर भी विरोध जताया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5-डे बैंकिंग लागू करना और PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना में बदलाव शामिल है। कर्मचारियों ने PLI को वापस लेने या इसके लागू होने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही यूनियनों से बातचीत कर योजना में जरूरी बदलाव करने की बात कही। मार्च 2024 में मिला था 5-डे बैंकिंग का भरोसा बैंक कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने मार्च 2024 में लिखित रूप से 5-डे बैंकिंग लागू करने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद अब तक इस पर फैसला नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने इसे समझौते और भरोसे का उल्लंघन बताया है। मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉइज संगठन के सहायक महासचिव गजेंद्र तिवारी ने कहा कि 5-डे बैंकिंग उनकी प्रमुख मांग है। उनके मुताबिक करीब ढाई साल पहले हुए समझौते में इसे 6 महीने के भीतर लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ। SBI कर्मचारी बोले- PLI में बदलाव जरूरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के महेंद्र सिंह चंद्रावत ने कहा कि PLI योजना को भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया गया है। उनके मुताबिक योजना में बैंक के मुनाफे के आधार पर कर्मचारियों को इंसेंटिव देने की व्यवस्था है, लेकिन इसके लागू होने के तरीके को लेकर कर्मचारियों में असहमति है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी संगठन PLI में जरूरी बदलाव के लिए लगातार अपनी मांग उठाता रहेगा। कर्मचारियों ने कहा- PLI में भेदभाव स्वीकार नहीं कविता राठौर ने कहा कि कर्मचारी सरकार की ओर से लागू PLI योजना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के जरिए कर्मचारियों के बीच फूट डालने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारियों ने कहा कि वे एकजुट होकर इसका विरोध जारी रखेंगे। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने अन्य लंबित मांगों के समाधान की भी मांग की।
करौली के सपोटरा उपखंड की लेदिया ग्राम पंचायत के खेड़ा गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल खेड़ा के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। वे लंबे समय से गंदे पानी और कीचड़ की समस्या से परेशान थे। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए तुरंत जल निकासी और स्थायी समाधान की मांग की है। एडवोकेट हरिओम मीणा और शिवलेश मीणा सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में घरों से निकलने वाला और बारिश का गंदा पानी लंबे समय से मुख्य मार्ग पर जमा है। इससे सड़क पर कीचड़ हो गया है और लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, जलभराव के कारण स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन सवारों को भी इस रास्ते से निकलने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कीचड़ में फिसलने से लोग चोटिल भी हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जलभराव की समस्या के बारे में पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार बताया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से गंदा पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और गांव में बीमारियां फैलने की आशंका है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रशासन के सामने अपना विरोध जताया। ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से गंदे पानी की तुरंत निकासी कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
पंचायत विकास मंच का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी:बहराइच में लिखित आश्वासन पर अड़े कर्मचारी
बहराइच में ग्राम पंचायतों की अटकी समस्याओं और ग्राम प्रधानों व पंचायत प्रतिनिधियों की नौ मांगों को लेकर पंचायत विकास मंच का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। शहर के धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान इस प्रदर्शन में शामिल हुए। मंच की मुख्य मांगों में साल 2024 से रुके मनरेगा भुगतान को तुरंत खत्म करना शामिल है। इसके अलावा, VB-G RAM G की तकनीकी दिक्कतें दूर करने, विकास कार्यों की फाइलों को तय समय में मंजूरी देने और ग्राम पंचायतों को VB-G RAM G में डोंगल का अधिकार देने की मांग की गई है। प्रशासक के कार्यकाल में ग्राम प्रधानों का मानदेय जारी रखने की बात भी कही गई है। प्रधानों के लिए सम्मानजनक मानदेय, भत्ते और पेंशन की मांग भी की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों और उनके परिवार वालों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिले, यह भी उनकी मांगों में से एक है। व्यवस्था खत्म करने की मांग योग्य प्रतिनिधियों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों को नियम के हिसाब से पहले निपटाने और ग्राम पंचायतों में बेवजह की दोहरी जांच व्यवस्था खत्म करने की मांग भी मंच ने की है। मंच ने साफ किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने साल 2028 में होने वाली मैट्रिक और इंटर की फाइनल परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। औरंगाबाद जिले में 259 इंटर स्तरीय शिक्षण संस्थान हैं। इनमें 142 अपग्रेडेड मिडिल स्कूल, 88 राजकीयकृत हाई स्कूल, चार प्रोजेक्ट हाई स्कूल तथा 25 अनुदानित हाई स्कूल व कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में नौवीं और 10वीं कक्षा को मिलाकर 80 हजार से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं। 24 सितंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन 24 सितंबर तक कराया जा सकेगा। वहीं, रजिस्ट्रेशन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान 22 सितंबर तक बोर्ड के खाते में करना होगा। संस्था प्रधानों को निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन और शुल्क भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले विद्यार्थी अगले वर्ष 10वीं और 12वीं की फाइनल परीक्षा के लिए परीक्षा फॉर्म नहीं भर सकेंगे। इधर, जिले के स्कूल-कॉलेजों में वर्तमान में मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी चल रही है। सत्र 2026-28 के तहत नौवीं और 11वीं कक्षा में नामांकित विद्यार्थी संबंधित स्कूल-कॉलेज के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों के नाम और संकाय के अनुरूप पोर्टल पर सूचीकरण प्रपत्र जारी कर दिया गया है। विद्यार्थियों को संबंधित शिक्षण संस्थान से सूचीकरण प्रपत्र प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए ये दस्तावेज जरूरी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विद्यार्थियों को कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसमें मैट्रिक की मार्कशीट, आधार कार्ड, अपार आईडी, ईमेल आईडी, बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर और हाल का रंगीन फोटो शामिल है। दूसरे बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर 11वीं में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा। सूचीकरण प्रपत्र में विद्यार्थी को अपने अभिभावक के साथ स्वयं भी निर्धारित स्थान पर हिंदी और अंग्रेजी में हस्ताक्षर करना होगा। स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम, विषय और अन्य विवरण की सावधानीपूर्वक जांच के बाद ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बोर्ड की ओर से तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर विद्यार्थियों को आगे परीक्षा फॉर्म भरने में परेशानी हो सकती है। 18 सितंबर से होगी कक्षा 9 वीं से 12वीं तक की परीक्षा डीपीओ माध्यमिक शिक्षा संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बिहार बोर्ड के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार माध्यमिक और प्लस टू स्कूलों में नामांकन, रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया निर्धारित समय पर कराई जा रही है। संस्था प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि तय तिथि के अंदर विद्यार्थियों से रजिस्ट्रेशन और परीक्षा संबंधी प्रपत्र जमा कराएं। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह जिले में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की सितंबर माह की परीक्षा भी आयोजित की जानी है। इसके लिए स्कूल स्तर पर आवश्यक तैयारी की जा रही है। रजिस्ट्रेशन के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी दुरुस्त रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आगामी बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
हिसार जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलवंडी राणा में बुधवार को गणित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें कोमल, ख्वाहिश और हिमांशी की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। यह टीम अब 17 सितंबर को होने वाली जिला स्तरीय गणित प्रतियोगिता में स्कूल का प्रतिनिधित्व करेगी। प्रतियोगिता में आठवीं से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की 17 टीमों ने हिस्सा लिया। हर टीम में आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा का एक-एक छात्र शामिल था। कुल 51 छात्रों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता से पहले ली गई स्क्रीनिंग परीक्षा प्रतियोगिता से पहले गणित प्राध्यापक सुभाष आर्य, सरीना पंघाल और गणित अध्यापिका वंदना ने स्क्रीनिंग परीक्षा ली। इसके आधार पर 17 टीमों में से चार टीमों को मुख्य प्रतियोगिता के लिए चुना गया। प्रतियोगिता में कुल नौ राउंड हुए, जिनमें चार कॉन्सेप्चुअल, दो विजुअल, दो एक्टिविटी बेस्ड और एक रैपिड फायर राउंड शामिल था। हीना, दीक्षा और दीपावली की टीम दूसरे स्थान पर रही। स्कूल के आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों ने गणित प्रश्नोत्तरी में जोश के साथ भाग लिया और गणित से जुड़ी नई जानकारी सीखी। यह लोग रहे मौजूद कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापिका सरिता, कविता, गरिमा और प्राध्यापक अरविंद ने सहयोग किया। प्राचार्य दलजीत सिंह पंघाल ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सोचने की क्षमता को भी बढ़ाती हैं। इस मौके पर प्राध्यापिका अंजना शर्मा, वीना आर्या और प्राध्यापक प्रद्युम्न, राजेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, सुशील कुमार, डॉ. सुनीता, निर्मल कुमारी, रिंकु रानी और नीरू बाला सहित स्कूल स्टाफ मौजूद था।
रीवा में बैंक हड़ताल से शाखाओं पर ताले:ग्राहक लौटे, कर्मचारी 5-डे बैंकिंग की मांग लेकर सड़क पर उतरे
रीवा में बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का असर शुक्रवार को रीवा में भी दिखाई दिया। शहर की कई बैंक शाखाओं के दरवाजों पर ताले लगे रहे। बैंकिंग काम के लिए पहुंचे ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। कर्मचारी सुबह से हड़ताल पर रहे और बाद में अपनी मांगों को लेकर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं के बाहर नारेबाजी की और 5-डे बैंकिंग लागू करने समेत अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की है। कर्मचारियों की मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार को अवकाश रखा जाए। यूनियनों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा कर्मचारी अन्य मांगों के समाधान की भी मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम प्रभावित हड़ताल के कारण खासतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। कैश जमा और निकासी, चेक जमा, चेक क्लियरेंस, KYC और शाखा से जुड़े अन्य काम नहीं हो सके। हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं। शनिवार-रविवार की छुट्टी से 3 दिन प्रभावित रहेगा काम शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार को दूसरा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। ऐसे में बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज लगातार तीन दिन प्रभावित रहेगा। जरूरी बैंकिंग काम के लिए ग्राहकों को अगले कार्यदिवस तक इंतजार करना पड़ सकता है। 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल का ऐलान बैंक यूनियनों ने सितंबर में 28, 29 और 30 तारीख को फिर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। शुक्रवार को रीवा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के चलते बैंकिंग व्यवस्था प्रभावित रही। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
कानपुर देहात में छत के रास्ते घर में घुसे चोर:25 हजार नकदी समेत लाखों के जेवर ले गए
कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। चोर छत के रास्ते घर में घुसे और 25 हजार रुपये नकदी समेत लाखों के जेवरात चोरी कर ले गए। यह घटना तब हुई जब परिवार के सदस्य घर के आंगन में सो रहे थे। पैलावर गांव के गोलगप्पा विक्रेता दीप सिंह पाल ने बताया कि गुरुवार रात वह अपनी पत्नी रेखा और बच्चों के साथ खाना खाने के बाद आंगन में पंखा लगाकर सो गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर छत के रास्ते उनके घर में घुस गए। पीड़ित के मुताबिक चोरों ने कमरे की कुंडी खोली और अंदर रखे बक्से का ताला तोड़ दिया। पीड़ित के मुताबिक, चोर बक्से में रखी करीब 25 हजार रुपये की नकदी के अलावा सोने की झुमकियां, सोने की माला, चांदी की पायल, बेसर, दो जोड़ी तोड़िया, बच्चों का खड़वा और ओम चोरी कर ले गए। कमरे की अलमारी में रखी बच्चों की पैसों से भरी गुल्लक भी चोर अपने साथ ले गए। सुबह पत्नी रेखा ने कमरे का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था और बक्से से नकदी व जेवरात गायब थे। इसके बाद पीड़ित ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस से जल्द चोरी का खुलासा जानकारी मिलते ही राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। पीड़ित परिवार ने पुलिस से जल्द चोरी का खुलासा कर नकदी और जेवरात बरामद करने की मांग की है। थानाध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान की राजधानी जयपुर के करधनी इलाके के गोविंदपुरा क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां एक दिल दहला देने वाला बड़ा मामला हुआ है। बताया जा रहा हैं की एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या हुई है। इस घटना में एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी और तीन जवान बेटियों को मौत के घाट उतार दिया है। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद से आरोपी पति राहुल झा मौके से फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। क्या हैं पूरा मामला मीडिया रिपोटर्स की माने तो जानकारी के अनुसार, आरोपी राहुल झा ने बेहद क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया है, घर में रखे ब्लॉक से बने निर्माण सामग्री के टुकड़ों यानी ईंट से चारों के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में आरोपी की पत्नी के अलावा उसकी तीन बेटियां शामिल हैं, जिनकी उम्र 17 से 23 साल के बीच बताई जा रही है। घर के भीतर इस तरह खून से सनी लाशें मिलने के बाद आसपास में दहशत का माहौल है। पुलिस पहुंची मौके पर वारदात की सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस तुरंत भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुँची और घटनास्थल को अपने कब्जे में लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खौफनाक वारदात के पीछे पारिवारिक कलह मुख्य कारण माना जा रहा है। pc- news18
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हरियाणवी कलाकार एवं सिंगर मासूम शर्मा पाखंडवाद को लेकर एक वीडियो जारी किया है। जिसमें दावा किया कि एक सप्ताह में पाखंडवाद को समाप्त करना है। मासूम शर्मा ने कहा, इन ढोंगी-पाखंडियों के पोस्टर व हॉर्डिंग का सफाया करना है। जो युवा इनके खिलाफ साथ देंगे, वे इनके पोस्टर फाड़ते हुए वीडियो बनाकर टैग किया करो। कलाकार मासूम शर्मा ने वीरवार रात को लाइव आकर वीडियो जारी कर बोले, इस पाखंड के खिलाफ मुहिम थी, उसके तहत दो गाने बनाए। जिसमें तत्वदर्शी गाना यूट्यूब पर सातवें नंबर पर और फिल्मी बाबा गाना यूटयूब पर ऑल इंडिया दूसरे नंबर पर ट्रेनिंग में चल रहा है। पहले कुछ लोग इनसे डरते थे और राजनीतिक लोग भी इनसे डरते थे कि इनके पास लोग या भीड़ है। इससे पहले भी मासूम शर्मा ने पाखंडवाद पर मंदिर में भजन संध्या में सियासी कटाक्ष करते हुए इनको घेरने का काम किया और तत्वदर्शी गाना गाते हुए सनातन को बचाने और लोगों से इन पाखंडियों को जूत मारने की भी अपील की थी। हाल ही में मासूम ने फिल्मी बाबा दूसरा नया विवादित साँग रिलीज किया है। पाखंडवाद पर दो गाने और नए आएंगे मासूम बोले, अब ऐसा लग रहा है कि वो सिर्फ एक माहौल बना है। भीड़ नहीं है, चंद लोग है। भीड़ तो इनके खिलाफ है और सनातन की रक्षा करने वाली है, ताकि इन ढोंगी, पाखंडी फिल्मी बाबों को पता चल जाए कि लोग जाग चुके हैं और अब छोड़ेंगे नहीं। अभी पाखंडवाद पर दो गाने और नए आने हैं। हर व्यक्ति का फर्ज बनता है कि पाखंड के खिलाफ आवाज उठाओ। हमारे देश का बहुत सा भाग कई देशों में बंटने के बाद बचा हुआ भू-भाग भी इन पाखंडियों की वजह से खतरे में हैं। सभी को सहयोग करना है। ढोंगी-पाखंडियों के पोस्टर फाड़ रहे कलाकार मासूम बोले, कहीं भी इन पाखंडियों के कहीं भी होर्डिंग या पोस्टर दिख जाए या सरकारी बिल्डिंग पर इनके पोस्टर दिख जाए। सब उनका सफाया करो और उन वीडियो को मुझे टैग करना। उस वीडियो को अपनी स्टोरी पर लगाऊंगा। एक सप्ताह में ये पाखंडवाद समाप्त करना है। जिन युवाओं ने ये पहल की है और इन ढोंगी-पाखंडियों के पोस्टर फाड़ रहे हैं, तो वो काम जारी रखना है। तब इन पाखंडियों को पता चल जाएगा कि अब तुम्हारी दुकान बंद होने वाली है। 8 को ऑफिशियल ट्रैक जारी हुआ मासूम शर्मा ने अपना दूसरा गाना “फिल्मी बाबा भी रिलीज कर दिया है। इसे मासूम शर्मा ने गाया है, जिसे राइटर अमर करनावल ने लिखा। 8 सितंबर को मासूम ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर 3.41 मिनट का इसका ऑफिशियल ट्रैक जारी हुआ है। इसमें पाखंडी बाबाओं और डेरों को एक बार फिर से निशाने पर लिया। मत मारदी जनता की, इन झोले झाप बाबा नै सॉन्ग के शुरूआती बोल में कहा- ‘ना इज्जत असली संता की गुरुआं की या मत मारदी जनता की, इन झोले झाप बाबा नै। जो जी चाहवे वो लिखूंगा, जो जी कहवे वो गाऊंगा। मैंन जीनी आंदी ना जिंदगी दाबां की। जो खुद नै प्रभु दर्शा रहे, पांखड देश में फैला रहे’।
मथुरा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम एक महिला की मौत हो गई। उनके बच्चे मदद के लिए जीआरपी जवानों से गुहार लगाते रहे। परिवार का आरोप है कि उन्हें शव ले जाने के लिए स्ट्रेचर और एंबुलेंस तक नहीं मिली। महिला का शव काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर व्हीलचेयर में पड़ा रहा। बेटी पुष्पा मां के शव के पास बैठकर रोती रही, जबकि बेटा यशपाल एंबुलेंस का इंतजाम करने के लिए भटकता रहा। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जीआरपी पर सवाल उठे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। वहीं, जीआरपी ने एंबुलेंस बुलाने और महिला के शव को गांव पहुंचाने का दावा किया है। दिल्ली से इलाज कराकर ट्रेन से मथुरा आई थीं सफेदी देवी शेरगढ़ के बसई गांव की रहने वाली सफेदी देवी (62) का दिल्ली में इलाज चल रहा था। गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बेटी पुष्पा और बेटा यशपाल उन्हें ट्रेन से मथुरा लेकर आए थे। शाम करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन से उतरते समय ही सफेदी देवी की मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी के दो दारोगा और चार सिपाही मौके पर पहुंचे। आरोप है कि जवानों ने शव को स्टेशन से बाहर ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं दिया और न ही एंबुलेंस का इंतजाम किया। बेटा स्कूटी से गया एंबुलेंस लेने, प्लेटफॉर्म पर पड़ा रहा शव परिवार का आरोप है कि बाद में यशपाल को रंगेश्वर मंदिर के पास से प्राइवेट एंबुलेंस लाने के लिए भेजा गया। वह एक व्यक्ति से स्कूटी पर लिफ्ट लेकर एंबुलेंस लेने गया। इस दौरान सफेदी देवी का शव व्हीलचेयर पर ही प्लेटफॉर्म पर पड़ा रहा और पुष्पा मां के पास बैठी रोती रही। वहां मौजूद एक यात्री ने घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने मौके पर जाकर परिवार से जानकारी ली। जीआरपी बोली- एंबुलेंस बुलाई थी, आने में हुई देर जीआरपी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि स्टेशन पर मौजूद जवानों ने एंबुलेंस बुलाई थी, लेकिन उसके आने में देर हुई। इसी दौरान एक यात्री ने घटना का अधूरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इंस्पेक्टर के मुताबिक, जीआरपी के जवानों ने महिला के शव को उनके गांव भिजवाने में मदद की। बाद में परिवार ने प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम किया और शव को बसई गांव ले जाया गया।
शेखपुरा में बरबीघा थाना पुलिस ने जानलेवा हमले और छेड़खानी के 5 साल पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। उसे सर्वा गांव में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पकड़ा गया। जितेंद्र सिंह सर्वा गांव निवासी बबन सिंह का बेटा है। बरबीघा थाना के सब इंस्पेक्टर ललित कुमार ने इस छापेमारी का नेतृत्व किया। 2019 में महिला ने FIR किया था दर्ज बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि यह मामला साल 2019 का है। सर्वा गांव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस संबंध में मंजू देवी नाम की महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस और कोर्ट को जितेंद्र सिंह की तलाश थी। कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक और आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपी को सब इंस्पेक्टर अमरेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है। रुपयों के लेन-देन को लेकर हुआ था मारपीट थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से इधर-उधर छिपकर रह रहा था। पुलिस ने पहले भी कई बार उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका था। अन्य सूत्रों के मुताबिक, यह घटना आपसी रुपयों के लेन-देन को लेकर हुई मारपीट से जुड़ी थी।
उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र के सधन खेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह खेत में भैंस को चारा देने गए एक मजदूर की जहरीले कीड़े के काटने से मौत हो गई। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सधन खेड़ा पोस्ट पतारी निवासी कमलेश राजपूत (42) मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह खेत पर भैंस को चारा देने गए थे। इसी दौरान खेत में किसी जहरीले कीड़े ने उन्हें काट लिया। कीड़े के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। जानकारी मिलने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान कमलेश की मौत हो गई। कमलेश की मौत से उनकी पत्नी और बच्चों का बुरा हाल है। उनके परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। कमलेश के निधन के बाद बच्चों के पालन-पोषण को लेकर परिवार के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण साफ हो सकेंगे।
जैसलमेर के रामदेवरा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाने-पीने की चीजें मिल सकें, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इस दौरान टीम ने खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता परखी और कुल पांच अलग-अलग नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया- जांच के लिए जिन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, उनमें खाद्य तेल, छाछ, धनिया पाउडर, दही, दूध और फ्रूट ड्रिंक शामिल हैं। विभाग की टीम ने इन सभी नमूनों को सील कर दिया है और इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खराब और पुराना सामान मौके पर नष्ट निरीक्षण के दौरान दुकानदारों के यहां भारी लापरवाही सामने आई। टीम ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाते हुए करीब 15 लीटर ऐसा तेल नष्ट करवाया जिसका बार-बार उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा 17 किलोग्राम एक्सपायरी पापड़, दो किलो सिंघाड़ा आटा और एक किलो ग्रीन चिली सॉस भी मिला, जिसे तुरंत प्रभाव से फिंकवा दिया गया। दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। मोबाइल वैन से हो रही तुरंत जांच मेले में आने वाले लोगों को तुरंत राहत देने के लिए 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' यानी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद ली जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि इस मोबाइल लैब के जरिए मेले में ही दूध और दही की तुरंत जांच की जा रही है, जिससे मिलावट का तुरंत पता चल सके। विभाग की टीम ने सभी दुकानदारों को साफ-सुथरा माहौल रखने, अच्छी गुणवत्ता का सामान बेचने और पुराना या एक्सपायरी सामान न रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का यह दौर मेले के समापन तक लगातार जारी रहेगा।
सहारनपुर में मस्जिद के गिराए जाने के बाद जुमे की नमाज को लेकर मेरठ में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। शहर से लेकर देहात तक मस्जिदों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पीएसी तैनात की गई है। पुलिस-प्रशासन की नजर किसी भी तरह की अफवाह, विरोध या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर है। मेरठ की जामा मस्जिद से लेकर हापुड़ रोड स्थित इमलियान मस्जिद समेत प्रमुख और संवेदनशील मस्जिदों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। नमाज के दौरान भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को पहले से ही निर्धारित स्थानों पर तैनात किया गया है। शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी अधिकारियों को लगातार भ्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। नमाज पूरी होने तक ड्यूटी पर रहेंगे अधिकारीसुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए सभी एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी और थानेदारों को नमाज संपन्न होने तक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर मौजूद रहने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहें और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचें। कंट्रोल रूम से निगरानी, ICCC भी सक्रियशहर में सुरक्षा व्यवस्था पर कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जा रही है। ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के कैमरों की मदद से प्रमुख स्थानों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधि या भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर उतरे आला अधिकारीजुमे की नमाज को लेकर पुलिस की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एडीजी जोन भानु भास्कर, डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी और एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति भी सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं। अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे रहे हैं। पुलिस का फोकस नमाज के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ नमाज के बाद भीड़ के सुरक्षित तरीके से लौटने पर भी है। सोशल मीडिया पर भी रखी जा रही नजरसहारनपुर की घटना के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे संदेशों और प्रतिक्रियाओं को लेकर भी पुलिस सतर्क है। पुलिस अधिकारियों ने अधीनस्थों को अफवाह फैलाने वालों और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
डूंगरपुर के भण्डारिया गांव में 16 साल के नाबालिग ने महुए के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान हरीश रोत के बेटे बादल के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह स्कूल जा रहे बच्चों ने उसका शव पेड़ पर साड़ी के पल्लू से लटका देखा। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। फिलहाल नाबालिग के आत्महत्या करने की वजह सामने नहीं आई है। अहमदाबाद के होटल में करता था काम कोतवाली थाने के एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि हरीश रोत ने पुलिस को घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनका 16 साल का बेटा बादल अहमदाबाद के एक होटल में काम करता था और करीब 8-10 दिन पहले ही घर लौटा था। रात में परिवार के साथ खाया खाना परिजनों के अनुसार बीती रात पूरे परिवार ने साथ खाना खाया था। इसके बाद बादल रात करीब 11 बजे तक घर के आंगन में मोबाइल चला रहा था। बाद में वह सोने के लिए चला गया। सुबह करीब 7 बजे स्कूल जा रहे बच्चों की नजर महुए के पेड़ पर पड़ी, जहां बादल का शव लटका हुआ था। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया बच्चों ने तत्काल घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन और गांव वाले मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से कोतवाली थाना पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की जांच के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाबालिग ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस आत्महत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
शराबी पति ने देह व्यापार करने का दबाव बनाया:बेरोजगारी छुपा कर रचाई शादी, मामला पहुंचा परामर्श केंद्र
आगरा पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को हैरान करने वाले मामला सामने आया। एक महिला ने अपने पति पर देह व्यापार में धकेलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि तीन साल पहले उसकी शादी मथुरा के लोहवन निवासी युवक से हुई थी। शादी से पहले लड़के वालों ने बताया था कि लड़का अच्छी नौकरी करता है और खूब कमाता है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि पति बेरोजगार है। युवती का आरोप है कि नौकरी न मिलने से पति शराब का आदी हो गया। वह रोज शराब पीकर घर आता और मारपीट करता। हद तो तब हो गई जब पति ने पैसों के लिए उस पर देह व्यापार करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी। तंग आकर युवती अपने 15 दिन के मासूम बच्चे को लेकर मायके आ गई। उसका आरोप है कि पिछले तीन साल से पति ने न तो उसकी सुध ली है और न ही बच्चे के लिए एक रुपया दिया है। वह अब इंसाफ के लिए परिवार परामर्श केंद्र पहुंची है। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद काउंसलिंग शुरू कर दी है और जल्द समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरे मामले में विद्यानगर निवासी एक युवक की शादी बरौली कटरा की युवती से हुई थी। युवती पर सास से बदतमीजी करने का आरोप है, जिससे विवाद बढ़ गया। युवती की मां ने उसे आत्महत्या करने और ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी है। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी काउंसिलिंग की जा रही है।
जबलपुर की पनागर थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जंगल में चल रहे शराब बनाने के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पनागर से 25-30 किलोमीटर दूर तिलगमा और भौरहा गांव के बीच घने जंगल में हाथ भट्टी से महुआ शराब बनाई जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल और नाले के किनारे तलाशी अभियान चलाया। बाइक छोड़कर भागा आरोपी, 55 लीटर शराब जब्त पुलिस टीम को आता देख एक मोटरसाइकिल सवार आरोपी बाइक छोड़कर घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने मौके से लावारिस मोटरसाइकिल जब्त की। बाइक की तलाशी लेने पर उसमें करीब 55 लीटर हाथ भट्टी की बनी महुआ शराब मिली। तीन ड्रमों में मिला शराब बनाने का सामान पुलिस ने जंगल के अंदर और नाले के किनारे तलाशी ली। यहां तीन बड़े ड्रमों में अवैध शराब बनाने का सामान छिपाकर रखा मिला। मौके पर शराब बनाने के लिए सड़ाया गया करीब 600 लीटर लाहन, भट्ठियां और दूसरे उपकरण भी मिले। पुलिस ने शराब बनाने के पूरे अड्डे को खत्म करते हुए 600 लीटर लाहन मौके पर ही नष्ट कर दिया। आबकारी एक्ट में केस, बाइक नंबर से तलाश पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 55 लीटर शराब और मोटरसाइकिल को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब फरार आरोपी और बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर अवैध शराब के कारोबार को रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल के राघोपुर में NH-106 पर दर्दनाक हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत
11 सितंबर, शुक्रवार: सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र में NH-106 पर अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से 48 वर्षीय कामेश्वर खिड़हरी की मौत हो गई। हादसा इंटर कॉलेज के पास हुआ। इलाज के लिए मधेपुरा ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।
मुजफ्फरनगर में बेकाबू कार ने तोड़ा बिजली पोल:8 घंटे प्रभावित रही लाइट, नशे में थे दोनों युवक
मुज़फ़्फ़रनगर में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की साकेत कॉलोनी में गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे नशे में धुत युवकों की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मंदिर के बाहर लगे विद्युत पोल और नगर पालिका के वाटर कूलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्युत पोल टूटकर सड़क पर गिर गया, जबकि वाटर कूलर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद साकेत क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित रही। शहर की साकेत पुलिस चौकी के बराबर स्थित मंदिर के बाहर कार अचानक अनियंत्रित हुई और पहले नगर पालिका के वाटर कूलर तथा फिर विद्युत पोल से टकरा गई। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कार की तेज रफ्तार और टक्कर के बाद विद्युत पोल के सड़क पर गिरने का दृश्य दिखाई दे रहा है। सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, कार में सवार दोनों युवक साकेत कॉलोनी के ही रहने वाले हैं। दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, जिसमें अल्कोहल की मात्रा पाई गई। हादसे के बाद सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई को लेकर संबंधित विभागों और कार सवार युवकों के बीच बातचीत हुई। साकेत चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग की ओर से नुकसान का आंकलन करीब 15 हजार रुपये किया गया और इसकी भरपाई के लिए आरोपियों को एस्टीमेट दिया गया। युवकों ने विद्युत विभाग को हुए नुकसान की भरपाई करने पर सहमति जताई। नगर पालिका के वाटर कूलर को हुए नुकसान की भरपाई का भी आश्वासन दिया गया है। पुलिस के अनुसार, किसी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं दिए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हादसे के कारण साकेत क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करीब 8 घंटे प्रभावित रही। सुबह सूचना मिलने के बाद विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पोल को हटाकर नया पोल लगाने का काम शुरू किया। पोल बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने में टीम को कई घंटे लगे, जिसके चलते स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
देहरादून में चल रही आर्टिस्ट चैंपियन लीग के दौरान हरियाणवी कलाकार योगी दहिया का शराब की बोतल खोलते और गिलास में परोसते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में योगी दहिया एक झटके में कोहनी मारकर शराब की बोतल खोलते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास कई अन्य कलाकार भी खड़े दिखाई दे रहे हैं। बोतल खुलने के बाद वे गिलास में शराब डालते हुए नजर आते हैं। जिस जगह यह वीडियो बनाया गया, उसके दूसरी तरफ स्टेडियम में क्रिकेट लीग चलती दिखाई दे रही है। वीडियो में पीछे से एक शख्स की आवाज भी सुनाई देती है, जो योगी दहिया के बोतल खोलने के अंदाज पर कहता है- ‘वाह भाई वाह... के मारा है रै।’ इसके बाद कलाकार शराब के साथ एंजॉय करते नजर आते हैं। 9 से 13 सितंबर तक देहरादून में चल रही ACL हरियाणवी कलाकार देहरादून में आर्टिस्ट चैंपियन लीग (ACL) खेलने के लिए पहुंचे हुए हैं। यह लीग 9 सितंबर से 13 सितंबर तक आयोजित की जा रही है। इसमें हरियाणा के करीब 90 कलाकार शामिल हैं। लीग के लिए कलाकारों की 6 टीमें बनाई गई हैं। इस दौरान क्रिकेट मैचों के साथ कलाकारों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और एंजॉय करने का भी मौका मिल रहा है। बिंटू पावड़ा और साहिल सेरडा करा रहे आयोजन आर्टिस्ट चैंपियन लीग का आयोजन हरियाणवी सिंगर बिंटू पावड़ा और साहिल सेरडा की ओर से कराया जा रहा है। लीग में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सुरेंद्र रोमियो, मनजीत पांचाल समेत कई अन्य कलाकार शामिल हैं। सभी कलाकार अलग-अलग टीमों में बांटकर क्रिकेट लीग में हिस्सा ले रहे हैं। वायरल वीडियो में कोहनी मारकर खोली शराब की बोतल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में योगी दहिया कई कलाकारों के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में शराब की बोतल है। वह बोतल को खोलने के लिए कोहनी का इस्तेमाल करते हैं और एक झटके में बोतल खोल देते हैं। उनके इस अंदाज पर पीछे से एक शख्स ‘वाह भाई वाह... के मारा है रै’ कहते हुए सुनाई देता है। बोतल खुलने के बाद गिलास में शराब परोसते दिखे वीडियो में बोतल खोलने के बाद योगी दहिया अलग-अलग गिलास में शराब डालते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। आसपास खड़े कलाकार इस दौरान उनके साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो में कलाकारों के एंजॉय करने का माहौल दिखाई देता है। वहीं, वीडियो के दूसरे हिस्से में स्टेडियम में क्रिकेट लीग चलती हुई दिखाई दे रही है। क्रिकेट के बहाने एंजॉयमेंट आर्टिस्ट चैंपियन लीग में हरियाणा के कलाकार एक साथ जुटे हैं। लीग का उद्देश्य कलाकारों को क्रिकेट के जरिए एक साथ जोड़ना और आपस में समय बिताने का मौका देना भी बताया जा रहा है। इसी दौरान बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। इनमें कलाकारों के क्रिकेट खेलने के साथ उनके एंजॉयमेंट के वीडियो भी शामिल हैं। 90 कलाकार, 6 टीमें और 5 दिन की लीग ACL में करीब 90 हरियाणवी कलाकारों को 6 टीमों में बांटा गया है। 9 सितंबर से शुरू हुई यह लीग 13 सितंबर तक चलेगी। लीग के दौरान कलाकार क्रिकेट मैचों में हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई चर्चित चेहरे भी नजर आ रहे हैं।
नूंह जिले के पुन्हाना कस्बे में चोरी का एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक युवक दुकान से चीनी से भरा कट्टा चुरा ले गया। इस घटना से लोग हैरान हैं और यह चर्चा का विषय बन गई है। बताया गया कि आरोपी पुन्हाना की एक दुकान पर पहुंचा। मौका देखकर उसने चीनी से भरा एक कट्टा उठाया और भागने लगा। दुकानदार की नजर उस पर पड़ गई। चोरी का पता चलते ही दुकानदार ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और चोर का पीछा करने लगे। लोगों ने कुछ दूरी पर आरोपी को घेरकर पकड़ लिया। आरोपी के पास से चीनी का कट्टा भी मिल गया। मौके पर देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। चोरी की घटना से गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई भी की। बाद में दुकानदारों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस कर रही आरोपी युवक से पूछताछ पुन्हाना में यह मामला अब भी चर्चा में है। लोग इसे महंगाई से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि पहले चोर सोना-चांदी और नकदी पर नजर रखते थे, लेकिन अब महंगे खाद्य पदार्थ भी उनके निशाने पर आ रहे हैं। हालांकि, आरोपी ने चीनी का कट्टा क्यों चुराया और वह पहले किसी और चोरी में शामिल रहा है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा। शहर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी जिले में शराब के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। रन्नौद थाना क्षेत्र के पचावली गांव में महिला और पुरुष सरकारी शराब दुकान में पहुंच गए। विरोध के दौरान दुकान का दरवाजा तोड़ दिया गया। महिलाओं ने अंदर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालीं और नाले में फेंक दीं। कुछ पुरुषों द्वारा शराब की लूट किए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं, खोड़ चौकी क्षेत्र में कच्ची शराब की बिक्री के विरोध में आदिवासी महिलाओं ने खोड़-सिरसौद मार्ग पर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम किया। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी हुई। पचावली में दुकान में घुसीं महिलाएं शुक्रवार सुबह पचावली गांव के ग्रामीण शराब दुकान पर पहुंचे। यहां शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर विरोध शुरू हुआ। इसी दौरान दुकान का दरवाजा तोड़ दिया गया और महिलाएं अंदर चली गईं। महिलाओं ने दुकान में रखी शराब की पेटियां बाहर निकालीं और नाले में फेंक दीं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब की वजह से लोगों और परिवारों पर बुरा असर पड़ रहा है। वे गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग कर रहे हैं। कच्ची शराब के विरोध में 5 घंटे चक्काजाम चंदावानी पंचायत के श्रीवरी मजरे की आदिवासी महिलाओं ने भी कच्ची शराब के खिलाफ मोर्चा खोला। महिलाओं ने खोड़-सिरसौद मार्ग पर सुबह करीब 6 बजे चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की समझाइश के बाद करीब 11 बजे जाम खोला गया। करीब पांच घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। अमोलपठा मामले में 15 गिरफ्तार इससे पहले अमोला थाना क्षेत्र के अमोलपठा में शराब दुकान में तोड़फोड़, मारपीट और आगजनी के मामले में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने 25 लोगों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में छोटेराजा गुर्जर, दुष्यंत परमार, कमल सिंह गुर्जर, दीवान सिंह बघेल, मख्खन नामदेव, राहुल जाटव, शंकर जाटव, अजय जाटव, राहुल खटीक, अज्जू उर्फ अजय बाल्मीक, राहुल बाल्मीक, मुस्कान बाल्मीक, रीना बाल्मीक, राजेश खटीक, धर्मेन्द्र खटीक, ललिता आदिवासी, वकील आदिवासी, दीपक वंशकार, भूरा नामदेव, मलखान जाटव, संजय वंशकार, दीपक मेहतर, कालिया मेहतर, जशरथ जाटव और अंशुल जाटव शामिल हैं। पुलिस मामले में बाकी नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
वन विभाग की जमीन से 6,185 गांजे के पौधे जब्त:50 लाख से ज्यादा की 10 क्विंटल 71 किलो फसल नष्ट
बड़वानी जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वरला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम बोरपड़ावा के जंगल क्षेत्र में चार खेतों से अवैध रूप से उगाई गई गांजे की फसल जब्त की। जब्त किए गए 6,185 गांजे के पौधों का कुल वजन करीब 10 क्विंटल 71 किलोग्राम है। इसकी अनुमानित कीमत 50 से 52 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने शुक्रवार को बताया कि 10 सितंबर को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि बोरपड़ावा के जंगलों में कुछ खेतों में अवैध रूप से गांजे की फसल उगाई जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरला थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। 75 पुलिसकर्मियों की टीम ने दी दबिश कार्रवाई के लिए जिला पुलिस लाइन बड़वानी से करीब 45 पुलिसकर्मी और पुलिस अनुभाग सेंधवा से करीब 30 पुलिसकर्मी बुलाए गए। थाना सेंधवा ग्रामीण से भी विवेचक और पुलिस बल इसमें शामिल हुए। पुलिस टीम ने कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पिकअप वाहन को तिरपाल से ढककर जंगल में प्रवेश किया। इसके बाद वरला थाने से पुलिस टीम जरूरी सामान के साथ बोरपड़ावा के जंगलों में तलाशी के लिए निकली। ड्रोन की मदद से भी खेतों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान जंगल क्षेत्र में अलग-अलग खेतों में गांजे के पौधे लगे हुए मिले। पुलिस टीम को देखकर मौके पर मौजूद संदिग्ध लोग भाग गए। चार टीमों ने की कार्रवाई इसके बाद चार अलग-अलग पुलिस टीमों ने खेतों में पहुंचकर गांजे के पौधों को कानूनी तरीके से जब्त किया। मौके पर खेत वन भूमि क्षेत्र में पाए गए। यह इलाका सिरवेल रेंज, जिला खरगोन के अंतर्गत आता है, इसलिए पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी। रेंजर कनेश, सिरवेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने खेतों की टोपोग्राफी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित आरोपियों की पहचान करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। चार टीमों की कार्रवाई और जब्ती प्रकरण 1 : खेत से कुल 1,725 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका वजन करीब 2 क्विंटल 69 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपए बताई गई है। प्रकरण 2 : कुल 1,600 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका वजन करीब 2 क्विंटल 88 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 4 हजार रुपए है। प्रकरण 3 : कुल 1,260 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका वजन करीब 2 क्विंटल 85 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपए बताई गई है। प्रकरण 4: कुल 1,600 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका वजन करीब 2 क्विंटल 31 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपए है।
बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गया के एक होटल ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने शुक्रवार को गया और बोधगया में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश से जुड़े परिसरों में भी जांच टीम पहुंची। ईडी की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। टीम ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जाने की बात सामने आई है। सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच यह मामला सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने दर्ज किया है। जांच में कथित अपराध से जुड़ी राशि करीब 131.79 करोड़ रुपए बताई गई है। अब ईडी इस पूरे मामले में पैसे के लेन-देन और उससे जुड़ी संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से करीब 85 करोड़ रुपए का लोन मिला था। आरोप है कि इसमें से करीब 58 करोड़ रुपए की राशि को तय उद्देश्य से हटाकर दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया। फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के सहारे लोन लेने का आरोप ईडी के मुताबिक कंपनी ने लोन हासिल करने के लिए प्रोजेक्ट से संबंधित कंप्लीशन रिपोर्ट का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह रिपोर्ट कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार कराई गई थी। इसके आधार पर बैंक से लोन हासिल किया गया। मामले की जांच में अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि लोन की राशि कहां-कहां भेजी गई। किन खातों में पैसा गया और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। गिरवी संपत्तियां बेचने पर भी सवाल जांच एजेंसी के अनुसार होटल ग्रुप से जुड़ी कुछ संपत्तियां एक वाहन कंपनी के पास गिरवी रखी गई थीं। आरोप है कि गिरवी होने के बावजूद इनमें से पांच संपत्तियों को बाद में बेच दिया गया। ईडी को इन संपत्तियों की बिक्री में भी गड़बड़ी का शक है। एजेंसी के मुताबिक इन्हें कथित तौर पर काफी कम कीमत पर बेचा गया। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि कुछ खरीदार वास्तविक खरीदार नहीं होकर केवल नाम के हो सकते हैं। ईडी को शक है कि इन खरीदारों का संबंध अखौरी गोपाल से हो सकता है और वे कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किए गए हों। फिलहाल ईडी की कार्रवाई के बाद होटल ग्रुप से जुड़े बैंक लेन-देन, संपत्तियों और खरीद-बिक्री के दस्तावेज जांच के दायरे में आ गए हैं। वहीं बोधगया के अमरबीघा में भी ईडी की रेड चल रही है।सूत्रों का कहना है कि मथिलेश राय के घर पर रेड चल रही है। रेड सुबह चल रही है।
अमृतसर में स्कूटी की टक्कर से घायल हुए पंजाब पुलिस के ASI पवन कुमार शर्मा की हालत गंभीर बनी हुई है। पिछले 12 दिनों से उनका इलाज चल रहा है। उनके सिर पर गंभीर चोट लगी है और वह बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। पवन कुमार शर्मा अमृतसर के रहने वाले है। वह लॉरेंस रोड पर ट्रैफिक पुलिस में तैनात थे। पुलिस ने बताया कि 30 अगस्त की दोपहर करीब 1:45 बजे वह सेलिब्रेशन रोड के पास अन्य पुलिसकर्मियों के साथ ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्होंने तेज रफ्तार से आ रही एक स्कूटी को हाथ के इशारे से रोकने की कोशिश की। स्कूटी सवार नहीं रुका तो ASI पवन कुमार सड़क के बीच तक पहुंच गए। तभी पीछे से दूसरी स्कूटी पर दो युवक आए। वे अचानक सामने आए ASI को देख नहीं पाए और स्कूटी ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों स्कूटी सवार युवक भी सड़क पर गिर गए। ASI पवन कुमार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े रहे। CCTV में क्या दिख रहा… पुलिस ने कहा था- आरोपियों को ट्रेस कर रहे हैं थाना सिविल लाइन के SHO मोहित कुमार ने हादसे के बाद बताया था कि पुलिस आरोपी स्कूटी सवारों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। शुरुआती सूचना में पुलिस को ASI के कार से टकराने की जानकारी मिली थी, लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि हादसा एक्टिवा से हुआ था।
हनुमानगढ़ के जंक्शन स्थित शंकर नगर कॉलोनी में गेट दोबारा लगवाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान एक युवक पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी एक उंगली कटकर अलग हो गई। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए श्रीगंगानगर रेफर किया गया है। जंक्शन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शंकर नगर कॉलोनी, वार्ड नंबर 18 निवासी आशीष नारंग (45) पुत्र ओमप्रकाश नारंग ने पुलिस को रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे कॉलोनी में गेट दोबारा लगवाने को लेकर पंचायत हुई थी। इसमें कॉलोनी के 30-40 लोग मौजूद थे। पंचायत में तय स्थान पर गेट लगवाने को लेकर सहमति बन गई थी। इसके बाद शाम करीब 5.30 बजे मिस्त्री और कॉलोनी के लोग गेट लगाने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान दिनेश बंसल और उनकी पत्नी मीनू बंसल ने मौके पर आकर विवाद शुरू कर दिया। समझाने के बावजूद वे नहीं माने। झगड़े के दौरान विनोद बंसल और उनकी पत्नी ने अंकुर मुंजाल पुत्र अविनाश मुंजाल पर हमला कर दिया। आरोपियों के पास चाकू भी थे। इस हमले में अंकुर मुंजाल की एक उंगली कटकर अलग हो गई। अंकुर मुंजाल को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार अंकुर मुंजाल के पिता का निधन हो चुका है और वह शिकायतकर्ता आशीष नारंग का पड़ोसी है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक लालचंद को सौंपी गई है। पुलिस घटना के संबंध में आरोपों की जांच कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा की 18.14 एकड़ जमीन को मुस्लिम कब्रिस्तान बताए जाने से जुड़े करीब 45 साल पुराने विवाद में दाखिल दूसरी अपील खारिज कर दी।
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
हांसी में हुंडई शोरूम के सामने स्थित दी थ्रेड एम्पायर नामक कपड़ों के शोरूम में गुरुवार देर रात करीब 2 बजे आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे शोरूम में फैल गई। आग इतनी तेज थी कि शोरूम में रखे कपड़े समेत ज्यादातर सामान जलकर राख हो गया। पीवीसी की छत भी गर्मी से नीचे गिर गई। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को डायल-112 से शोरूम में आग लगने की खबर मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग इतनी ज्यादा थी कि फायर कर्मचारियों को शोरूम की पिछली दीवार तोड़कर अंदर जाना पड़ा। इसके बाद आग बुझाने की कोशिश की गई। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने पाया आग पर काबू फायर ऑपरेटर राहुल ने बताया कि उन्हें करीब 2 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। हांसी फायर स्टेशन से तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची। आग ज्यादा होने के कारण हिसार से भी दो गाड़ियां बुलानी पड़ी। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों की मदद से फायर कर्मचारियों ने काफी कोशिश के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान शोरूम के अंदर रखा एक गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। फायर ऑपरेटर राहुल ने बताया कि सिलेंडर फटने के समय वह वहीं मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। सिलेंडर फटने के बाद आग और भड़क गई, जिससे दमकल कर्मचारियों को बहुत सावधानी से आग पर काबू पाना पड़ा। फायर ऑपरेटर सुनील ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था जैसे पूरी बिल्डिंग ही आग का गोला बन गई हो। आग की गर्मी के कारण अंदर जाना भी बहुत मुश्किल था। 25 दिन पहले ही खुला था शोरूम स्थानीय लोगों के मुताबिक यह शोरूम करीब 25 दिन पहले ही शुरू हुआ था और 15 सितंबर को इसके संचालन को एक महीना पूरा होना था। इससे पहले ही शोरूम में आगजनी की बड़ी घटना हो गई। जानकारी के अनुसार शोरूम में कई पार्टनर हैं, जो हांसी और झज्जर से संबंधित बताए जा रहे हैं। घटना के समय कोई भी पार्टनर मौके पर मौजूद नहीं था, इसलिए आग से हुए कुल नुकसान का तत्काल आकलन नहीं हो सका। शोरूम में बड़ी मात्रा में कपड़े और अन्य सामान रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया।
खिलचीपुर में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत करीब 3 करोड़ 32 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी खिलचीपुर के लोगों को घरों में नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2020 में शुरू हुई योजना के तहत नगर में करीब 32 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन 5 साल बाद भी 15 में से सिर्फ 3 वार्डों में ही पानी की सप्लाई शुरू हो सकी है। बाकी 12 वार्डों में घरों के बाहर पाइप कनेक्शन तो दिखाई देते हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंचा। पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से कई परिवारों को पीने के लिए निजी कैम्पर और केन खरीदने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा नहीं मिल सकी। 2020 में मिला था ठेका, एक साल में पूरा होना था काम नगर परिषद खिलचीपुर ने वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत करीब 32 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने और घर-घर नल कनेक्शन देने का ठेका ग्वालियर की जैन एंड राय कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था। योजना को अधिकतम एक साल में पूरा किया जाना था। काम के दौरान नगर की सड़कों और गलियों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई। लेकिन कई हिस्सों में काम पूरा होने के बाद भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। नगरवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन भी ठीक से नहीं किया गया। ढाई करोड़ से ज्यादा भुगतान, काम अब भी अधूरा स्थानीय लोगों और नगर परिषद से मिली जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार को करीब ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद योजना का काम पूरा नहीं हुआ। बताया गया है कि सिर्फ 3 वार्डों में पाइपलाइन की टेस्टिंग कर पानी सप्लाई शुरू करने का दावा किया गया, जबकि बाकी वार्डों में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। भुगतान और अधूरे काम को लेकर नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व पार्षद राकेश जायसवाल के मुताबिक, भुगतान के बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया और करीब दो साल से नगर में वापस नहीं आया। 15 से ज्यादा नोटिस, ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव नगर परिषद के सीएमओ देव नारायण दांगी ने बताया कि ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए 15 से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। हालांकि, अब तक योजना का अधूरा काम पूरा नहीं हो सका है। पूर्व पार्षदों की शिकायत के बाद पीएचई, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग की टीम ने भी नगर परिषद के उपयंत्री और पार्षदों की मौजूदगी में योजना की जांच की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच में कुछ कमियां सामने आने के बावजूद आगे की कार्रवाई नहीं हुई। सड़कें भी अधूरी, कई जगह पाइप खुले में पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई कई सड़कें और गलियां अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़कें परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कई घरों के बाहर पाइप कनेक्शन खुले में लटके हुए हैं। लोगों का कहना है कि नल लगे होने के बावजूद पानी नहीं आता, इसलिए उन्हें बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। रोज 20 से 25 रुपए खर्च कर खरीद रहे पानी पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से कई परिवार निजी कैम्पर और केन से पानी खरीदकर काम चला रहे हैं। लोगों के मुताबिक, इसके लिए रोजाना करीब 20 से 25 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी बन गया है। नगर परिषद कार्यालय में भी खरीदा जा रहा पानी पेयजल व्यवस्था की स्थिति यह है कि नगर परिषद कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों के लिए भी पीने का पानी बाहर से मंगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कार्यालय में कैम्पर मंगाने पर करीब 35 हजार रुपए सालाना खर्च हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर परिषद खुद पीने का पानी खरीद रही है, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। 20-25 साल में 35 से 40 करोड़ खर्च, फिर भी समस्या कायम नगरवासियों के मुताबिक, पिछले 20 से 25 साल में फतेहपुरा कुआं पाइपलाइन, गणेशपुरा पाइपलाइन, बग्गा-फत्तूखेड़ी योजना, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना समेत कई योजनाओं पर बिजली खर्च सहित करीब 35 से 40 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नगर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि योजनाएं आती रहीं, पाइपलाइन बिछती रहीं, लेकिन घरों तक नियमित पीने का पानी नहीं पहुंचा। जांच और कार्रवाई की मांग नगरवासियों ने योजना की पूरी जांच कराने, अधूरे काम को पूरा कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब योजना के लिए करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं तो उसका लाभ भी उन्हें मिलना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अधूरी पड़ी पेयजल योजना कब पूरी होगी और खिलचीपुर के 12 वार्डों के घरों में पाइपलाइन के जरिए पानी कब पहुंचेगा।
चित्तौड़गढ़ जेल में रेत में दबा मिला मोबाइल फोन:अचानक हुई तलाशी, कोतवाली थाने में हुआ मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह में हुई अचानक तलाशी के दौरान जेल परिसर के अंदर रेत में दबाकर छिपाया गया एक मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। मोबाइल वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास मिला। इसे कपड़े, अखबार और पॉलीथिन में लपेटकर रेत के नीचे छिपाया गया था। जेल प्रशासन ने मोबाइल को जब्त कर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम-2015 की धारा 42 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर हुई तलाशी, रेत में दबा मिला मोबाइल जेल प्रहरी वेदराम चौधरी ने कोतवाली थाने में दिए रिपोर्ट में बताया कि 10 सितंबर को दोपहर 2:10 बजे से 3:30 बजे तक कारापाल प्रबंधक की मौजूदगी में जेल की अचानक सघन तलाशी ली गई। इस दौरान ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी स्टाफ भी साथ था। तलाशी के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास दीवार और शौचालयों के बीच बने रास्ते की जांच की गई। बड़े काले गेट के पास रेत में खुदाई करने पर गुलाबी कपड़े, अखबार और पीली पॉलीथिन में लिपटा एक काले रंग का केचोडा कंपनी का मोबाइल मिला। मोबाइल के साथ बैटरी भी थी, लेकिन उसमें सिम कार्ड नहीं था। मोबाइल टूटा हुआ था और उसका आईएमईआई नंबर भी नहीं मिला। जेल प्रहरियों ने जब्त किया, पुलिस को भेजी रिपोर्ट मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रहरी सुरेश चंद मीणा और रोहताश ने उसे जब्त किया। मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद कोतवाली थाने रिपोर्ट के साथ सभी सामान भेजा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि मोबाइल लावारिस हालत में मिला है और जेल के अंदर मोबाइल रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। मोबाइल मिलने की सूचना जेल और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, अब होगी जांच कोतवाली थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया। जेल प्रहरी वेदराम मोबाइल और रिपोर्ट लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया। मामले की जांच उपनिरीक्षक सत्यनारायण को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल जेल परिसर तक कैसे पहुंचा, उसे वहां किसने छिपाया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कहा है कि नियमितीकरण से पहले की लंबी दैनिक वेतन सेवा को पेंशन योग्य सेवा में जोड़ा जाएगा।
खंडवा में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। बैंक यूनियनों ने आनंद नगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर एकत्रित होकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने 5-डे वर्किंग लागू करने, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़ी व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले जिला संयोजक प्रमोद चतुर्वेदी और प्रदेश सचिव संतोष शर्मा ने किया। दोनों पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के कारणों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। 5-डे वर्किंग की मांग, शनिवार-रविवार छुट्टी की मांग बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि अन्य शनिवार को कई बैंक शाखाओं में कामकाज होता है। यूनियनों की मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक ही बैंकिंग कामकाज हो। शनिवार-रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि, डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के बावजूद शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बना हुआ है। पांच दिन काम की व्यवस्था से कर्मचारियों को दो दिन का नियमित साप्ताहिक अवकाश मिलेगा और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा। PLI को लेकर भी बैंककर्मियों में नाराजगी हड़ताल में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का मुद्दा भी प्रमुख है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने कहा, कर्मचारियों के वेतन और काम के स्वरूप से जुड़े मामलों में ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिससे कर्मचारियों पर प्रदर्शन और टारगेट का अतिरिक्त दबाव बढ़े। यूनियनों की ओर से PLI से संबंधित मुद्दों को लेकर भी अपनी आपत्ति और मांगें रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि, बैंकिंग सेक्टर में काम लगातार लक्ष्य आधारित होता जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय काम की परिस्थितियों, स्टाफ की उपलब्धता, कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। तीन दिन प्रभावित रहेंगी बैंक शाखाओं की सेवाएं शुक्रवार को हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। खासतौर पर सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज पर इसका असर पड़ेगा। हड़ताल के दौरान कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, डिमांड ड्राफ्ट, लोन संबंधी शाखा कार्य और अन्य बैंक शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जिन ग्राहकों के जरूरी काम शाखा में जाकर ही हो सकते हैं, उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले लेन-देन पर हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। कर्मचारियों ने कहा- मांगों पर जल्द हो फैसला खंडवा में प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। यूनियन पदाधिकारी बता रहे हैं कि, 5-डे वर्किंग समेत कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के डिजिटल होने के बावजूद शाखाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और काम का दबाव कम नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कामकाज की व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
बिहार में नाम या 'नामकरण' को लेकर नई सियासत गरमाई है। ये जदयू का नाम बदलने से लेकर शहरों के नामकरण, मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ, पटना) के गोलंबर और देश के नाम तक पहुंची। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने जनता दल यूनाइटेड का नाम जनता दल नीतीश करने की बात कही। उन्होंने बख्तियारपुर का नाम नीतीश के नाम पर 'नीतीशपुर' या 'नीतीशपुरम' करने की डिमांड से सरोकार जताया। व्यक्तिगत रूप से इसका समर्थन किया, तो राजद ने कहा कि फिर भारत का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मोदीपुरम कर देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी इस नई राजनीति में शामिल रहे। बोले-रामविलास पासवान, लालू प्रसाद, नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं के नाम पर बिहार की जगहों (शहरों) के नाम रखे जाने चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम आक्रमणकारी पर है, इसे बदलें। वहीं 'हम' के अध्यक्ष व मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम नीतीश के नाम पर हो। इसे 'नीतीशपुर' किया जाए। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के पार्टी के नाम से ‘यूनाइटेड’ हटाकर ‘जनता दल नीतीश’ किए जाने के बयान पर पार्टी के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई हैं। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने संजय झा के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं और ये उनकी पार्टी है। वहीं, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि संजय झा की अपनी इच्छा है। इच्छा अच्छी है, लेकिन जब पार्टी के सामने प्रस्ताव आएगा तो पार्टी ही इस पर फैसला करेगी। श्रवण कुमार बोले- प्रस्ताव आया तो सर्वसम्मति से पास होगा मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का कहना सही है। जब नीतीश कुमार जी के नाम पर पार्टी चल रही है और वो हम सभी के सर्वमान्य नेता हैं। सभी लोग नीतीश कुमार जी के चलते ही इस पार्टी से जुड़े हुए हैं। निश्चित रूप से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करने योग्य है। नीतीश कुमार ने पार्टी को स्थापित किया है और पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। जितना जल्दी हो इस प्रस्ताव को लाकर पास भी कर देना चाहिए।’ वहीं, डिप्टी CM और JDU के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर प्रस्ताव आएगा तो पार्टी फैसला करेगी। बख्तियारपुर का नाम बदलने के सवाल पर समर्थन बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने की मांग पर श्रवण कुमार ने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। इससे पहले भी सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की ओर से बख्तियारपुर का नाम नीतीश कुमार के नाम पर किए जाने की मांग सामने आ चुकी है। इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल भी उठाए जा रहे हैं। रामविलास, लालू और नीतीश के नाम पर जगह और प्रतिमा पर सरकार करेगी समीक्षा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की ओर से रामविलास पासवान, लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के नाम पर जगहों का नाम रखने और उनकी प्रतिमाएं लगाए जाने की मांग पर श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अगर प्रस्ताव आता है तो उसकी समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद ही सरकार इस पर निर्णय लेगी। वहीं, विजेंद्र यादव ने इस सवाल पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देने से खुद को अलग रखा। राजद का तंजः पूरे भारत का नाम मोदीपुरम कर दीजिए राजद के वरीय नेता भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव ने कटाक्ष किया कि अगर इसी तरह नेताओं के नाम पर दलों और शहरों के नाम रखे जाने हैं, तो फिर पूरे भारत का नाम ही बदलकर 'मोदीपुरम' कर देना चाहिए। भाई वीरेंद्र ने इसे व्यक्ति पूजा और चापलूसी की पराकाष्ठा बताया। कहा-संजय झा पहले यह स्पष्ट करें कि वे भाजपा में हैं या जदयू में? क्या है नाम बदलने का नियम? किसी शहर का नाम बदलने के लिए सबसे पहले जन प्रतिनिधियों या राज्य सरकार की पहल पर प्रस्ताव तैयार होता है। इसे विधानसभा में बहुमत से पारित कराना होता है। विधानसभा से पारित होने के बाद केन्द्र सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव को गृह मंत्रालय भेजा जाता है। गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद रेल मंत्रालय, डाक विभाग, इंटेलिजेंस ब्यूरो और सर्वे ऑफ इंडिया से हरी झंडी मिलने के बाद केन्द्र सरकार नाम बदलने की अधिसूचना जारी करती है। अंत में राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना यानी गजट में प्रकाशन किया जाता है। एक शहर का नाम बदलने में कितना खर्च शहर का नाम बदलने में कितना खर्च आएगा? इसका अनुमान इससे लगा सकते हैं कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने पर लगभग 300 करोड़ रुपए का खर्च आया था। 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था। इस लिहाज से पटना या बिहार के अन्य किसी शहर का नाम बदले में अब के समय में 300 करोड़ के लगभग खर्च आएगा।
मेरठ की केसरगंज मंडी में मस्जिद के अंदर हो रहे निर्माण का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन ने भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज करा दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन देकर अवैध निर्माण गिराकर मस्जिद को अपने वास्तविक रूप में लाई जाने की मांग की है। व्यापारी ईश्वर चंद कंसल ने कहा कि उनकी केसरगंज मंडी में अंग्रेजों के समय में एक छोटी सी मस्जिद थी। मंडी में आने वाले पल्लेदार इसमें नमाज पढ़ा करते थे। वर्तमान में कुछ लोगों ने इस मस्जिद का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। बाहरी लोग नमाज पढ़ने के बहाने यहां आकर माहौल बिगड़ने की साजिश रच रहे हैं। कोई आपत्ति करता है तो उसके साथ अभद्रता की जाती है। अवैध रूप से कराया जा रहा निर्माण मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र गोयल ने बताया कि केसरगंज हिंदू बाहुल्य इलाका है लेकिन मुस्लिम समाज के कुछ लोग साजिश के तहत यहां मकान की खरीद फरोख्त कर रहे हैं। सोची समझी साजिश के तहत यह काम किया जा रहा है, इसके विपरीत परिणाम सामने आने लगे हैं। यहां अवैध निर्माण का खेल भी शुरू हो गया है जिसे रोका जाना जरूरी है। मस्जिद में भी चल रहा अवैध निर्माणएक व्यापारी ने बताया कि उनके यहां छोटी सी मस्जिद थी लेकिन धीरे-धीरे उसका विस्तार किया जा रहा है। गुरुवार को व्यापारियों को सूचना मिली की मस्जिद के तीसरे स्थल पर अवैध रूप से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस बात की शिकायत व्यापारियों ने अफसरों से की। अफसरों ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल उस निर्माण को रुकवा दिया। निर्माण करने वालों पर हो करवाई जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में व्यापारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। रातों-रात पिलर डाल दिए गए और छत बनाने का काम शुरू कर दिया गया। सवाल यह है कि निर्माण करने वालों ने क्या मेरठ विकास प्राधिकरण और प्रशासन से अनुमति ली थी? अगर नहीं तो प्रशासन को तत्काल किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराना चाहिए। सचिन बोले- साजिश कर रही इशारा अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने व्यापारियों का समर्थन किया है। उन्होंने जिलाधिकारी, मेडा उपाध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री से मस्जिद में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। ताकि फिर कोई ऐसी कोशिश ना कर सके।
बस्तर संभाग में सड़क हादसों और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में 6 करोड़ रुपए की लागत से लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है। डिमरापाल स्थित शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय में तैयार सेंटर में 20 बेड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और ICU की सुविधा है। यहां न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी के विशेषज्ञ 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। सेंटर के संचालन के लिए 60 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों को हादसे के शुरुआती घंटे में इलाज उपलब्ध कराना और उन्हें बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम करना है। 2020-21 में मिली थी ट्रॉमा सेंटर की मंजूरी भारत सरकार की 12वीं पंचवर्षीय योजना में देशभर में 85 ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान किया गया था। इसी के तहत वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर स्वीकृत किए गए थे। जगदलपुर में अब इस योजना के तहत लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर तैयार होकर मरीजों के लिए शुरू हो गया है। 1.50 करोड़ का भवन, 4.43 करोड़ के उपकरण ट्रॉमा सेंटर के निर्माण और संचालन के लिए करीब 6 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें 1.50 करोड़ रुपए आधारभूत संरचना पर खर्च किए गए हैं, जबकि 4.43 करोड़ रुपए चिकित्सा उपकरणों पर खर्च हुए हैं। सेंटर में गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड की व्यवस्था की गई है। गोल्डन ऑवर में मिलेगा इलाज मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रदीप बेक के मुताबिक दुर्घटना के बाद का पहला घंटा मरीज की जान बचाने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है। ट्रॉमा सेंटर में इसी अवधि में इलाज शुरू करने की व्यवस्था की गई है। गंभीर चोट के साथ आने वाले मरीजों की जांच, निगरानी, ऑपरेशन और ICU में इलाज की सुविधा एक ही जगह मिलेगी। न्यूरो से लेकर ऑर्थो तक विशेषज्ञ उपलब्ध ट्रॉमा सेंटर में न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग को जोड़ा गया है। गंभीर सड़क हादसों में सिर, रीढ़, हड्डियों और शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट लगने पर अलग-अलग विभागों से इलाज लेने के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की जरूरत कम होगी। मरीज की स्थिति के अनुसार जांच और सर्जरी का फैसला विशेषज्ञों की टीम करेगी। गंभीर मामलों में ICU की सुविधा भी इसी सेंटर में उपलब्ध रहेगी। 60 नए पदों से मजबूत होगा स्टाफ ट्रॉमा सेंटर के नियमित संचालन के लिए 60 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे डॉक्टरों के साथ नर्सिंग, तकनीकी और अन्य जरूरी स्टाफ की व्यवस्था मजबूत होगी। 24 घंटे सेवाएं चलाने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय रखा जाएगा। रायपुर रेफर करने की जरूरत होगी कम बस्तर में सड़क हादसों के साथ ही ऑपरेशन के दौरान घायल जवानों और गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज की जरूरत रहती है। अब डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से ऐसे मरीजों को शुरुआती इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। गंभीर मामलों में स्थिति नियंत्रित करने के बाद ही दूसरे शहर रेफर करने का फैसला किया जा सकेगा स्वास्थ्य मंत्री बोले- बस्तर में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ा रहे ट्रॉमा सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में तकनीकी मानव संसाधन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर करीब 35 लाख लोगों की जांच की। इनमें 11 हजार गंभीर मरीजों को रायपुर भेजकर इलाज कराया गया। उन्होंने बताया कि जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से 90 सीटों के साथ पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। राज्यभर में 630 पदों के साथ 26 से 27 नए पैरामेडिकल कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। जगदलपुर में 100 बेड का मानसिक चिकित्सालय भी तैयार स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जगदलपुर में 100 बिस्तरों की क्षमता वाले मानसिक चिकित्सालय को अगले दो से तीन महीनों में पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा महारानी अस्पताल जगदलपुर और सुकमा की अटल आरोग्य लैब में थायराइड, किडनी, लिवर और हृदय से जुड़ी 136 तरह की जांच मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी की मांग चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही लगातार रहती है। संबंधित थाना अस्पताल से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर है। ऐसे में आपात स्थिति में पुलिस की तत्काल मौजूदगी के लिए अस्पताल परिसर में चौकी जरूरी है।
रोहतक में बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शहर में जुलुस निकालते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी खुद केंद्र सरकार की होगी। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिवाच ने बताया कि हड़ताल दो मांगों को लेकर की गई है। इसमें 5 दिवसीय कार्यप्रणाली लागू करने व डिस्प्लेमेटरी पीएलआई स्कीम का विरोध है। सरकार ने कर्मचारियों की हड़ताल से घबराकर पीएलआई स्कीम को अभी के लिए रोक दिया है। पीएलआई स्कीम में भेदभाव स्वीकार नहीं जितेंद्र सिवाच ने कहा कि पीएलआई स्कीम के तहत 95 प्रतिशत स्टॉफ, जिसमें क्लर्क, मैसेंजर व स्केल थ्री के कर्मचारियों को 15 दिन की पीएलआई दे रहे है, जबकि चीफ मैनेजर व उसके ऊपर के अधिकारियों को 365 दिन की पीएलआई दे रहे है, जो मंजूर नहीं है। डिस्प्लेमेटरी पीएलआई स्कीम लागू नहीं करवाना चाहते। 5 दिवसीय कार्यप्रणाली लागू की मांग जितेंद्र सिवाच ने कहा कि देश व प्रदेश के 99 प्रतिशत विभागों में 5 दिन की वर्किंग है। आरबीआई भी 5 दिन काम करता है। बैंक कर्मचारी रोजाना पब्लिक डिलिंग का समय बढ़ा रहे है। प्रतिदिन 45 मिनट टाइम बढ़ाने का प्रपोजल दिया हुआ है, लेकिन सरकार को 5 दिन वर्किंग लागू करने में क्या दिक्कत हो रही है। मांग मानने के बाद भी नहीं हो रही लागू जितेंद्र सिवाच ने कहा कि सरकार ने ढाई साल पहले कर्मचारियों की मांग को मान लिया था, लेकिन फाइल प्रधानमंत्री के ऑफिस में पड़ी हुई है। अब कर्मचारी आर-पार की लड़ाई करना चाहते है और जब तक सरकार लिखित में नहीं देती कि किस तारीख से उनकी मांग लागू की जाएगी, तब तक हड़ताल रूकने वाली नहीं है। अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी जितेंद्र सिवाच ने कहा कि मांगों को लेकर अभी हर जिले में धरना प्रदर्शन चल रहे है। महीने के अंत में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सरकार की होगी।
सरगुजा के ग्राम पंचायत बतौली की महिला सरपंच की सर्पदंश से मौत हो गई। वह अपने पति के साथ जमीन में सोई थी। रात करीब 3 बजे उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सीएचसी बतौली पहुंचे, जहां से उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, बतौली पंचायत की सरपंच जगरमती पैकरा (48 वर्ष) गुरुवार को अपने घर में मेहमानों के साथ खाना खाने के बाद जमीन पर सो रही थी। घर में मेहमान आने के कारण उन्हें सोने के लिए अपना पलंग दे दिया था। जगरमती पैकरा और उनके पति विशुन पैकरा जमीन पर ही बिस्तर बिछाकर सो रहे थे। देर रात बिगड़ी हालत तो पता चला सांप ने काटा रात करीब ढाई बजे जगरमती पैकरा बेचैन होकर उठी और उन्हें उल्टी होने लगी। परिजनों ने उनके पेट की मरोड़ होने पर मालिश शुरू की तो पेट में सांप काटने के निशान दिखे। परिजनों ने कमरे में तलाश की तो वहां करैत सांप दिखा। परिजनों ने करैत सांप को टब से ढंक दिया और जगरमती पैकरा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली पहुंचे। हॉस्पिटल में एंटी स्नैक वेनम देने के बाद उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें लेकर अंबिकापुर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि जब तक परिजनों को सर्पदंश की जानकारी मिली, जहर फैल चुका था, इसके कारण महिला सरपंच को बचाया नहीं जा सका। अंबिकापुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। जगरमती पैकरा के तीन बच्चे हैं। दो बेटों की शादी हो चुकी है। बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। घटना से बतौली में शोक का माहौल है। करैत के काटने से हर वर्ष दर्जनों मौतें सरगुजा में हर वर्ष बारिश के मौसम में करैत सांप के काटने से दर्जनों मौतें होती हैं। इनमें से लगभग सभी मौतें करैत के काटने से होती हैं। करैत के काटने के दो से तीन घंटे के अंदर ही पीड़ित व्यक्ति की हालत बिगड़ जाती है और ज्यादातर मामलों में मौत हो सकती है। सरगुजा सीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नैक वेनम का स्टॉक है। समय पर इलाज मिलने पर लोगों की जान बच जाती है।
करावल नगर: रिवॉल्वर साफ करते वक्त वकील से चली गोली, पड़ोसी महिला को लगी; डर से खुद की ले ली जान
पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में एक वकील से रिवाल्वर साफ करते समय अचानक गोली चल गई, जो पड़ोस की महिला को जा लगी। इसके बाद वकील ने डर के मारे खौफनाक कदम उठा लिया।
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी, 1.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन!
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी, 1.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन!
फतेहाबाद कैंटर यूनियन के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में दानपात्र चोरी मामले में पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा है। उससे 21 हजार रुपए भी बरामद किए गएहैं। चोर दानपात्र से करीब सवा लाख रुपए की नकदी निकाल कर पास ही खड़े एक ट्रक के नीचे फेंक गए गए थे। मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें दो संदिग्ध युवक नजर आ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि दोनों युवक वारदात को अंजाम देने से पहले काफी देर तक मंदिर और पास स्थित होटल के आसपास रेकी करते रहे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, वे मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और दानपात्र चुराकर भागते नजर आते हैं। भोजनालय संचालक ने दर्ज कराई शिकायत इस मामले को लेकर फतेहाबाद पुलिस ने मंदिर के पास ही नीलकंठ भोजनालय चलाने वाले विकास कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में विकास ने बताया कि होटल के पास ही मंदिर है जिसमें वे श्रद्धानुसार दान डालते हैं। 8 सितंबर की शाम वे मंदिर का ताला बंद करके गए थे। 9 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे जब भोजनालय खोला तो देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था और दानपात्र बाहर गाड़ियों के नीचे पड़ा था। दानपात्र में करीब एक साल से नकदी नहीं निकाली गई थी। लगभग सवा लाख रुपए उसमें इकट्ठे हुए थे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें चोर चोरी करते नजर आए। सीसीटीवी के आधार पर पकड़ में आया चोर मामले की सूचना मिलते ही बस अड्डा चौकी पुलिस की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कीर्ति नगर (फतेहाबाद) निवासी अनमोल को बीती शाम धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 21 हजार की नकदी बरामद कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य सह-आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्हें भी जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।
मानसून की विदाई से पहले फिर बरसेंगे बादल, 13-14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना
मानसून की विदाई से पहले फिर बरसेंगे बादल, 13-14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP मेगा एंटी ड्रग्स ड्राइव शुरू कर रही है। BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से शुरुआत करेंगे। जो 13 दिन में राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। इसके लिए 4 अलग-अलग रूट तय किए गए हैं। यात्रा करीब 4 हजार किलोमीटर का सफर तय करेगी। चारों यात्राएं एक साथ जालंधर के देवी तलाब मंदिर में समाप्त होंगी। जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। यात्रा के दौरान नशा पीड़ित परिवारों, NGO, स्पोर्ट्स क्लबों और गांव कमेटियों से जुड़े लोगों से मुलाकात की जाएगी। BJP प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में पंजाब से नशा तो खत्म नहीं हुआ है, लेकिन नशे के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाया जा रहा है। पंजाब को इस बुराई से मुक्त कराने के लिए भाजपा राज्य में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' शुरू कर रही है। यात्रा के लिए 4 रूट तय पहला रूट: सुजानपुर, पठानकोट, भोआ, दीनानगर, गुरदासपुर, कादियां, श्री हरगोबिंदपुर, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां, डेरा बाबा नानक, अजनाला, राजा सांसी, अटारी, अमृतसर पश्चिम, अमृतसर केंद्रीय, अमृतसर दक्षिण, अमृतसर पूर्व, अमृतसर उत्तर, मजीठा, जंडियाला, बाबा बकाला, तरनतारन, खडूर साहिब, खेमकरण, पट्टी, फिरोजपुर शहर, गुरु हरसहाय, फिरोजपुर ग्रामीण, जीरा, सुल्तानपुर लोधी, भुलत्थ, नकोदर, शाहकोट और जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। दूसरा रूट: 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के बाद यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेरा बस्सी, मोहाली, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उड़मुड़, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरा रूट: यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का में सादिकी बॉर्डर (आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक) से शुरू होगी। फिर फाजिल्का, बल्लुआना, अबोहर, जलालाबाद, श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिद्दड़बाहा, जैतो, कोटकपूरा, फरीदकोट, बाघा पुराना, निहाल सिंह वाला, धर्मकोट, मोगा, जगरांव, रायकोट, दाखा, मलेरकोटला, अमरगढ़, गिल, साहनेवाल और लुधियाना शहरी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। चौथा रूट: 21 सितंबर को तलवंडी साबो स्थित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होने के बाद यात्रा शुरू होगी। यात्रा तलवंडी साबो, मौड़, रामपुरा फूल, भुच्चो मंडी, बठिंडा ग्रामीण, बठिंडा शहरी, मानसा, सरदूलगढ़, बुढलाडा, भदौड़, बरनाला, महल कलां, धूरी, संगरूर, सुनाम, दिड़बा, लहरागागा, शुतराना, नाभा, पटियाला ग्रामीण, पटियाला शहरी, सनौर और राजपुरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। पर्चों से नहीं, नशा मुक्ति के परिणाम से होगी सफलता भाजपा के राष्ट्रीय उप प्रधान मनप्रीत बादल ने कहा कि सरकार नशा मुक्ति अभियान के तहत 73 हजार पर्चे दर्ज होने और 25 हजार मरीजों का इलाज होने की बात कहती है। भाजपा इन आंकड़ों को चुनौती नहीं दे रही है। लेकिन नशा मुक्ति अभियान का परिणाम पर्चों की संख्या से नहीं, बल्कि पुनर्वास से तय होगा। उन्होंने कहा कि जब कोई सेना युद्ध लड़ती है, तो उसके टैंक, तोपखाने और वायुसेना अलग-अलग मोर्चों पर काम करते हैं। तभी जाकर युद्ध में सफलता मिलती है। इसी तरह नशे के खिलाफ लड़ाई में भी अलग-अलग स्तर पर प्रभावी प्रयास करने होंगे। खबर को हम अपडेट कर रहे हैं…
हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रान्याखेड़ी गांव में गुरुवार शाम 23 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। छह महीने पहले हुई थी शादी रान्याखेड़ी गांव के वीरेंद्र कलम ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसकी शादी रूपीपरेटिया गांव की शिवानी (23) से सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद से शिवानी अपने ससुराल में परिवार के साथ रह रही थी। शाम को बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत वीरेंद्र के मुताबिक, वह गुरुवार सुबह मजदूरी के लिए घर से चला गया था। शाम को वापस लौटा तो शिवानी उल्टियां कर रही थी और उसे चक्कर भी आ रहे थे। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर जाने लगे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही शिवानी ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह एसआई पुरुषोत्तम गौर ने बताया कि महिला नवविवाहिता थी, इसलिए नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुमला जिले में बरसात शुरू होते ही जहरीले सांपों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में सांप काटने से कई लोगों की जान चली जाती है। हालांकि, समय पर अस्पताल पहुंचने से कई लोगों को बचाया भी गया है। साल 2026 में मार्च से सितंबर तक 181 लोग सांप के काटने का शिकार हुए हैं, जिनमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जुलाई में सबसे ज्यादा 68 लोगों को सांप ने काटा था। इनमें से करीब छह लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मामलों में लोग जमीन पर सोते समय या खेत में काम करते समय सांप के शिकार हुए हैं। सांप काटने के बाद ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर अंधविश्वास में पड़कर झाड़-फूंक कराने लगते हैं। इसके बाद वे मरीज को अस्पताल ले जाते हैं। इस देरी के कारण भी कई लोगों की जान चली जाती है। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान सांप काटने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। परिजनों ने सांप के शिकार मरीजों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों की देखरेख में एक महिला का इलाज चल रहा है। वहीं, दूसरी महिला को अस्पताल लाने में देरी होने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। पहली घटना बसिया प्रखंड के सरूडु गांव में हुई। यहां 45 साल की करमी इंदवार जमीन पर सो रही थीं, तभी उन्हें सांप ने काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़-फूंक कराई, लेकिन जब हालत नहीं सुधरी तो उन्हें सदर अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें रिम्स रेफर कर दिया। दूसरा मामला टांगर टोली का है। यहां सुमति देवी खेत में धान की निराई कर रही थीं, तभी उनके पैर में सांप ने काट लिया। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे समय पर इलाज शुरू हो सका और उनकी हालत में सुधार है। सिविल सर्जन शंभू चौधरी ने लोगों से झाड़-फूंक और अंधविश्वास में समय बर्बाद न करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से कहा है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें। मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
महिला एवं बाल विकास परियोजना, नर्मदापुरम शहरी और ग्रामीण के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों की भर्ती के लिए अनंतिम सूची का प्रकाशन हो गया है। जिसमें कार्यकर्ता के 2 पदों के लिए 127 और सहायिका के 3 पदों के लिए 71 लोगों ने आवेदन किए। जिसमें कार्यकर्ता के लिए 39 और सहायिका के लिए 18 अभ्यर्थी के आवेदन पात्र हुए। 141 आवेदन अपात्र हो गए। इसकी सूची शहरी, ग्रामीण परियोजना, आंगनवाड़ी और जिला कार्यालय के बोर्ड पर चस्पा है। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास नर्मदापुरम (शहरी/ग्रामीण) ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र सिलारी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 1 पद, आंगनबाड़ी केंद्र मंगवारी में आंगनबाड़ी सहायिका के 1 पद एवं आंगनबाड़ी केंद्र ब्यावरा क्र-1 में आंगनबाड़ी सहायिका के 1 पद, शहरी परियोजना में वार्ड नंबर 15 के केंद्र 62 में कार्यकर्ता और वार्ड 2 के केंद्र 5 में सहायिका पद के लिए आवेदन आएं है। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदनों को जांच के बाद 25 अगस्त 2026 को खण्ड स्तरीय चयन समिति की बैठक में एसडीएम नर्मदापुरम की अध्यक्षता में रखा गया। समिति द्वारा पात्र और अपात्र आवेदिकाओं की अनंतिम सूची प्रकाशित की गई है। अगर किसी आवेदक को इस अनंतिम सूची पर कोई आपत्ति है, तो वह सूची के प्रकाशन के एक सप्ताह के भीतर अपने दावे-आपत्ति प्रमाण सहित एमपी ऑनलाइन के माध्यम से कर सकता है। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। समयावधि में प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण जिला स्तरीय निराकरण समिति द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जाएगी।
पलवल, होडल और हथीन में जिला बार एसोसिएशन के लिए शुक्रवार सुबह से वोटिंग शुरू हो गई है। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में कराने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसी के तहत एसपी दीप्ति गर्ग ने पलवल अदालत परिसर का खुद दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था की ध्यान से जांच की। निरीक्षण के दौरान एसपी दीप्ति गर्ग ने अदालत परिसर के आने-जाने के रास्तों, मतदान केंद्रों और वोटों की गिनती की जगह का जायजा लिया। उन्होंने वहां तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। वाहन की कड़ी चेकिंग की जाए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चुनाव के दौरान परिसर में आने वाले हर व्यक्ति और वाहन की कड़ी चेकिंग की जाए। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी अनजान व्यक्ति को मतदान स्थल के आसपास न आने दिया जाए। साथ ही, यातायात ठीक रखने के लिए परिसर के बाहर सही पार्किंग व्यवस्था के निर्देश दिए गए, ताकि वकीलों और आम लोगों को कोई दिक्कत न हो। माहौल खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई एसपी दीप्ति गर्ग ने साफ किया कि शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में रुकावट डालने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले गलत काम करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी उम्मीदवारों और वोटरों से शांति से वोट डालने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। 3 तरफा मुकाबला होने की संभावना जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद का मुकाबला तीन तरफा होने की संभावना है, जिससे चुनावी तस्वीर दिलचस्प हो गई है। चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इस बार चुनाव में 1873 अधिवक्ता मतदान करेंगे। अध्यक्ष पद के लिए नेत्रपाल चौहान, दीपक चौहान व वेद प्रकाश गौड़ मैदान में हैं। सुबह 9 से मतदान शुरू हो चुका है, शाम 5 बजे तक होगा। मतदान खत्म होते ही मतगणना शुरू होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। मतदान के लिए मूल पहचान पत्र जरूरी होगा।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला के 166 सरकारी बैंकों में शुक्रवार को कर्मचारियों और अधिकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। इसकी वजह से बैंक शाखाओं में कैश जमा कराने, पैसे निकलवाने और अन्य बैंकिंग लेन-देन के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्राहक बैंक शाखाओं के बाहर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा। पांच दिन हो कामकाज पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर एचआर सब्रवाल ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) में समानता शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले कई सेटलमेंट के दौरान भी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग प्रमुखता से उठाई जाती रही है। कर्मचारियों को हर बार आश्वासन मिला, लेकिन मांग पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ। वर्क-लाइफ बैलेंस से प्रभावित उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6 से 7 बजे तक अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनका वर्क-लाइफ बैलेंस भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और एलआईसी सहित कई संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। वहीं बैंक यूनियन के सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी बैंकों ने जन-धन योजना सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों की पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग पर निर्णय नहीं लिया जा रहा। पीएलआई में भेदभाव का आरोप उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग पीएलआई को लेकर है। उनके अनुसार स्केल-3 तक के कर्मचारियों को 15 दिन की पीएलआई दी गई है, जबकि स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग व्यवस्था है। उनका कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र की 90 प्रतिशत से अधिक शाखाओं में स्केल-3 तक के कर्मचारी कार्यरत हैं और बैंक के कामकाज व मुनाफे में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए पीएलआई में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी सुनील कुमार ने कहा कि मौजूदा हड़ताल एक दिन की सांकेतिक हड़ताल है। यदि सरकार ने पांच दिवसीय बैंकिंग और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो महीने के अंत में तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। दो साप्ताहिक अवकाश के साथ इससे पांच दिन तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की बात कही गई है। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।
लखनऊ के कृष्णानगर में पति से विवाद के बाद एक महिला ने नहर में छलांग लगा दी। महिला को डूबता देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत नहर की ओर दौड़े। पुलिस ने राहगीरों की मदद से साड़ी के सहारे महिला को नहर से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा गया। महिला की हालत खतरे से बाहर है। घटना 10 सितंबर की रात करीब 10 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, कासिमपुर पकरी आजाद नगर निवासी गुड़िया का पति सतीश लोधी से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने नहर में छलांग लगा दी। उस समय उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह और कांस्टेबल महताब पकरी पुलिया पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। महिला को नहर में डूबता देखकर दोनों मौके पर पहुंचे और राहगीरों की मदद से उसे बाहर निकाला। साड़ी के सहारे महिला को बाहर निकाला नहर के पास शोरगुल सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। महिला को नहर में डूबता देखकर उन्होंने आसपास मौजूद लोगों की मदद ली। एक महिला की साड़ी की मदद से नहर में फंसी गुड़िया को बाहर निकाला गया। पुलिस ने महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद लोकबंधु अस्पताल भिजवाया। पति की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार गुड़िया की हालत अब खतरे से बाहर है। घटना के बाद मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस महिला के पति सतीश लोधी की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर देहात में संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया। सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नसीरपुर गांव निवासी अरविंद कुमार अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उनके हाथों में वसीयत, रजिस्ट्री और मकान से जुड़े दस्तावेज थे, जबकि कंधे पर घरेलू सामान से भरा बैग था। परिवार ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर संपत्ति पर अवैध कब्जे और सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की मांग की। अरविंद के मुताबिक, खाता संख्या 19 और गाटा संख्या 83 से जुड़ी संपत्ति को लेकर राजस्व न्यायालय में मामला चल रहा है। उनका दावा है कि उनकी मां स्वर्गीय कमला देवी ने 12 दिसंबर 2014 को उनके पक्ष में वसीयत की थी। इसी के आधार पर उन्होंने राजस्व न्यायालय में नामांतरण समेत अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन किया है। राजस्व आदेश की कॉपी भी सौंपी परिवार ने 22 अगस्त 2026 को जारी राजस्व आदेश की कॉपी भी अधिकारियों को दी। आदेश में 17 अगस्त 2007 के पंजीकृत बैनामे के आधार पर कमला देवी समेत अन्य के पक्ष में 210 वर्ग मीटर आंशिक भूमि के नामांतरण का उल्लेख है। इसमें यह भी दर्ज है कि संबंधित बैनामा किसी सक्षम सिविल न्यायालय से निरस्त नहीं हुआ है और न ही उस पर रोक के किसी आदेश की जानकारी है। ताला तोड़कर घर से निकालने का आरोप अरविंद का आरोप है कि राजस्व प्रक्रिया के दौरान रेखा देवी और उनके परिजन मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि मकान का ताला तोड़कर उन्हें परिवार समेत बाहर कर दिया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग पीड़ित परिवार ने डीएम से लंबित राजस्व मामले का निष्पक्ष निस्तारण कराने, संपत्ति की मौजूदा स्थिति बनाए रखने और पुलिस को कानूनी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। परिवार ने अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। SDM सिकंदरा को जांच के निर्देश अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि मामले में एसडीएम सिकंदरा को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब राजस्व रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद में रतिया के रामनगर क्षेत्र में वर्चस्व और पुरानी रंजिश को लेकर हुई गैंगवर में एक युवक को बुरी तरह डंडों से घसीट-घसीट कर पीटा गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घायल की पहचान रामनगर निवासी रंजीत सिंह उर्फ टुन्ना के रूप में हुई है। हमले का आरोप शिकारी और तिलक गैंग के बदमाशों पर लगा है। 2-3 दिन पहले ही लौटा था घर बताया गया है कि रतिया में शिकारी गैंग और तिलक गैंग का अन्य गैंग से रंजिश है और रंजीत टुन्ना से इसी गैगबाजी के चलते मारपीट की गई। पिछले काफी समय से रतिया से बाहर रह रहा था और दो-तीन दिन पहले ही रामनगर वापस आया था। जानकारी मिली है कि बीती रात जब वह अपने किसी परिचित से मिलकर लौट रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे रास्ते में घेर लिया। आरोपी युवकों ने उसे बेरहमी से घसीट घसीट कर डंडों से पीटा। उस पर डंडों व सीमेंट ब्लॉक से ताबड़तोड़ हमला किया गया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और रहम की भीख मांगता रहा। शिकारी गैंग जिंदाबाद बोलने के लिए कहा गया बाद में उसे शिकारी गैंग जिंदाबाद बोलने के लिए भी कहा गया। और यह बात बोलने के बाद उसे छोड़ा गया। वहीं, इंस्टाग्राम पर सारी ग्रुप रतिया 307 नाम की एक प्राइवेट आईडी से एक और वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें कहा गया है कि टुन्ना को पेल (पीट) दिया। पोपल तेरे को तो मारेंगे। जो भी सपोर्ट में आएगा या पता लेने जाएगा उसको भी बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। प्राथमिक उपचार के बाद रंजीत की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। पुलिस की ढिलाई पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में पुलिस गश्त और मुस्तैदी न के बराबर है। वारदात के वक्त डायल 112 को सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस की गाड़ियां मौके पर देर से पहुंचीं। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना का संज्ञान ले लिया गया है। युवक अग्रोहा में उपचाराधीन है। रतिया पुलिस की एक टीम घायल के बयान दर्ज करने के लिए अग्रोहा पहुंच चुकी है। बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

