हनुमंत विहार में मंगलवार रात दशहरे का मेला देखकर लौट रहे अर्रा निवासी बीरू सिंह भदौरिया (37) को रंजिश के चलते हाॅन्डा अमेज कार से रौंदकर मार डाला गया। हत्या से पहले हमलावरों ने क्रूरता की हद पार कर दी।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में 27 अक्तूबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय सत्र का एजेंडा देहरादून में तय होगा।
हिसार: सहमति संबंध में रह रहे युवक और महिला ने निगला जहर, लड़के की मौत; महिला की हालत गंभीर
आजाद नगर क्षेत्र में सहमति संबंध में रह रहे युवक और महिला ने बुधवार शाम को जहर निगल लिया।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 22 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
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Chandigarh News: बलरामजी दास टंडन ट्रॉफी में हिमाचल ने बनाए 213 रन
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Chandigarh News: जिस दूध को आप सेहत के लिए पी रहे हैं, उसमें मिले माइक्रोप्लास्टिक के कण
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Chandigarh News: कलाग्राम में 27 नवंबर से सजेगा वार्षिक क्राफ्ट मेला
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Chandigarh News: सशक्त बाल महोत्सव शुरू, नशे से दूर रहने का संदेश
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Chandigarh News: द मुलिगंस ने ग्रुप ए में किया टॉप, जीडी एसेस नॉकआउट में पहुंचे
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Chandigarh News: ताज होटल में कारोबारी की मौत, कमरे से शराब की बोतलें और आपत्तिजनक दवाएं मिलीं
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सीबीआई जांच: लैपटॉप-पीसी में टेंडर की शर्तों और खरीद रिकॉर्ड की पड़ताल
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Chandigarh News: मरीजों से अभद्रता की तो होगी कार्रवाई
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Chandigarh News: सेक्टर-15 की सड़क बनेगी स्ट्रीट फॉर पीपल, छठी बार टेंडर में आईं दो कंपनियां
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Chandigarh News: शहर के वेंडिंग जोन में एक जैसी होंगी रेहड़ियां और शेड
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Chandigarh News: रामलीलाओं के श्रेष्ठ मंचन की प्रतियोगिता आज से, परिणाम कल
रामलीलाओं के श्रेष्ठ मंचन की प्रतियोगिता आज से, परिणाम कल
गंगाघाट कोतवाली के कंचननगर में महिला ने सिल-बट्टे से कूंचकर घर में पति की हत्या कर दी। फर्श पर बिखरे खून को साफ करने के बाद सामान शिफ्ट करने के बहाने शव को बक्से में बंद कर हाईवे किनारे छोड़ दिया।
दिल्ली में 2007 से पहले निर्मित लाखों आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर 2026 के बाद कार्रवाई का खतरा है, क्योंकि उनकी अस्थायी कानूनी सुरक्षा समाप्त हो रही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा गाजीपुर जिले में पेट्रोल पंप डीलरशिप के लिए जारी विज्ञापन और लेटर ऑफ इंटेंट को रद्द करने के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी गलती के याचिकाकर्ता को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है, क्योंकि यह तकनीकी त्रुटि पूरी तरह से पेट्रोलियम कंपनी की ओर से की गई थी। क्या है मामला जानिये मामला गाजीपुर में स्टेट हाईवे-99 पर महावीर मंदिर से भदौरा स्टैंड के बीच स्थित लोकेशन पर पेट्रोल पंप आवंटन से जुड़ा है। कंपनी ने 25 नवंबर 2018 को इसके लिए विज्ञापन निकाला था। लॉटरी के बाद शांतनु सिंह को 1 फरवरी 2019 को सफल घोषित किया गया और 2 अगस्त 2019 को लेटर of इंटेंट जारी किया गया। शर्तों के तहत याचिकाकर्ता ने जमीन को रोड लेवल तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल बनाने और एनओसी प्राप्त करने में भारी निवेश किया। हालांकि, 11 मार्च 2021 को कंपनी ने विज्ञापन और आवंटन रद्द कर दिया। कंपनी का तर्क था कि यह क्षेत्र 6 मार्च 2018 की अधिसूचना के तहत पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जा चुका था, जिससे विज्ञापन त्रुटिपूर्ण हो गया था। कोर्ट ने माना कि विज्ञापन रद्द करने का अधिकार कंपनी के पास था, लेकिन याचिकाकर्ता की कोई गलती नहीं थी। याचिकाकर्ता ने कंपनी के भरोसे अपनी गाढ़ी कमाई खर्च की थी। साक्ष्यों को अदालत ने देखा अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर माना कि याचिकाकर्ता ने 15,78,486 रुपये का निवेश किया था। संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह एक महीने के भीतर याचिकाकर्ता को 15,78,486 रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दे। भुगतान न होने पर 8% वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। इस प्रकार न्यायालय ने याचिका को स्वीकार कर लिया।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में जांच से खुलासा हुआ है कि हथियार पहुंचाने के लिए एक खतरनाक सिंडिकेट 'डेड लेटर बॉक्स' का इस्तेमाल कर रहा था।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने त्योहारी सीजन में गलत पार्किंग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में व्यस्त बाजारों और सड़कों पर गलत तरीके से वाहन पार्क करने वालों के 8,351 चालान काटे गए हैं ताकि यातायात सुचारु रहे।
दिल्ली की सड़कों पर हर दिन जा रहीं 5 जानें, 9 महीने में 4600+ एक्सीडेंट; 6 साल में सबसे ज्यादा
दिल्ली में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, सितंबर तक 1306 लोगों की जान जा चुकी है। औसतन हर दिन पांच मौतें हो रही हैं, जो पिछले छह सालों में सबसे अधिक है, जिससे सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।
खैरथल-तिजारा जिले में एक सरकारी डॉक्टर और वार्ड बॉय पर एक महिला को स्वास्थ्य केंद्र लाकर अभद्र हरकत करने का आरोप लगे हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण PHC पहुंचे और विरोध जताते हुए तालाबंदी की चेतावनी दी। मामला बढ़ता देख मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अरविंद गेट और BCMHO की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को APO कर दिया गया, जबकि वार्ड बॉय की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए। डॉक्टर और वार्ड बॉय की कथित गतिविधियों को लेकर नाराज ग्रामीण बुधवार को एकत्रित होकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वास्थ्य केंद्र पर तालाबंदी करेंगे। CMHO ने मौके पर पहुंचकर ली लिखित शिकायत CMHO डॉ. अरविंद गेट ने पूरे मामले की जानकारी ली और ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली। इसके बाद डॉ. अरविंद ने विभागीय स्तर पर जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उनियाल ने नवरात्र के धार्मिक आयोजन का जिक्र करते हुए कार्यक्रम की मर्यादा बनाए रखने पर भी जोर दिया था। उन्होंने कहा था, 'आपसे बोला तो जा नहीं रहा, आप गाना क्या गाएंगे।' इस दौरान मंच पर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई।
यमुना प्राधिकरण पर धरने से पहले किसानों पर कार्रवाई, कई हिरासत में
अपनी मांगों को लेकर यमुना प्राधिकरण पर धरना देने जा रहे किसानों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। बुधवार को धरने में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में किसान जुट रहे थे
प्रयागराज में घर छोड़कर गए कारोबारी के मकान से लाखों की चोरी का मामला सामने आया है। बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर लाखों के गहने, कैश और कीमती सामान उड़ा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी को खंगाला गया है। मामला शहर के जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र के किदवई नगर आलापुर इलाके का है। विमल कुटीर में सरदार पटेल स्कूल के बगल में बदमाशों ने चोरी को अंजाम दिया। शहर के बड़े कारोबारी वासुदेव पाण्डेय 13 अगस्त को स्वास्थ्य खराब होने के कारण अपने बेटे कमलाकर पाण्डेय के साथ लखनऊ चले गए थे। तब तक घर में ताला लगा रहा। इस दौरान बदमाशों ने मकान का ताला तोडृ दिया। सभी कमरों के लाक तोड़कर गहरे, कैश और कीमती सामान ले उड़े। बुधवार को पड़ोसियों ने ताला टूटा देख सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग घर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। गोदरेज की 4 बड़ी अलमारियां, 7 ब्रीफकेस और 6 बड़े बक्से तोड़े गए थे। अलमारियों का ताला तोड़कर लाखों के गहने चोरी किए गए।
गोरखपुर में धू-धू कर जला रावण का पुतला:162 साल पुरानी परंपरा का साक्षी बने हजारों लोग, देखें VIDEO
गोरखपुर बर्डघाट रामलीला मैदान में बुधवार रात श्री श्री रामलीला समिति की ओर से रावण वध का मंचन किया गया। राम-रावण युद्ध देखने के लिए मैदान में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही भगवान श्रीराम ने तीर चलाकर रावण का वध किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा और दर्शकों ने तालियां बजाकर भगवान श्रीराम की जय-जयकार की। रावण वध के साथ ही अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। इससे पहले रामलीला मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच जोरदार युद्ध हुआ। श्रीराम ने युद्ध में कुंभकरण को पराजित किया। भाई की मृत्यु से बौखलाया रावण स्वयं युद्ध करने पहुंचा। इसके बाद दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। अंत में भगवान श्रीराम के एक तीर से रावण धराशायी हो गया। रावण वध का दृश्य देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। विजय शोभायात्रा में निकले श्रीराम, सीता और लक्ष्मण रावण वध के बाद भगवान श्रीराम की विजय शोभायात्रा निकाली गई। रथ पर भगवान श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण सवार थे। शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान की आरती उतारी। लोगों ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम चार बजे शुरू हुआ मंचन, लोगों ने उतारी आरती विजयादशमी के अवसर पर बर्डघाट रामलीला मैदान में शाम करीब चार बजे रामलीला का मंचन शुरू हुआ। इस दौरान समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और पूजा-अर्चना की। रात में रावण वध के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 162 साल से लग रहा मेला, दुकानों पर उमड़ी भीड़ श्री श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि बर्डघाट में 162 साल से रामलीला और मेले की परंपरा चली आ रही है। मेले में खानपान, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने मिठाइयां खरीदीं और भगवान श्रीराम को चढ़ाने के बाद प्रसाद घर ले गए। पूरे मैदान में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा।
वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:देवरिया में भट्ठा चौराहे के पास हुआ हादसा, जांच जारी
देवरिया में भट्ठा चौराहे के पास बुधवार देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मुसैला चौराहे से घर लौट रहा था युवक मृतक की पहचान मईल थाना क्षेत्र के देवरी गांव निवासी विशाल राजभर (22) पुत्र बनारसी राजभर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विशाल बुधवार देर शाम मुसैला चौराहे से बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान भट्ठा चौराहे के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा युवक को मृत घोषित किए जाने की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अज्ञात वाहन का पता लगाने में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विजय दशमी की शाम इंदिरानगर डांडिया के रंग में रंगा नजर आया। रघुवर मैरिज लॉन में उड़ान डांडिया उत्सव-2026 का आयोजन किया गया। महिलाओं और युवतियों ने डांडिया और गरबा पर जमकर धमाल किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाएं हाथों में डांडिया लेकर पहुंचीं। संगीत शुरू होते ही पूरा मैदान तालियों और डांडिया की खनक से गूंज उठा। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था उड़ान की ओर से हुए कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश पूजन से हुई। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। भक्ति गीत से हुई शुरुआत महिलाओं ने धरती गगन में होती है तेरी जय-जयकार मां गीत पर डांडिया किया। नृत्य के जरिए मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा जताई गई। इसके बाद गरबा का रंग और चढ़ गया। सरिता सिंह के निर्देशन में महिलाओं और युवतियों ने ढोली तारो ढोल बाजे पर जमकर डांडिया किया। गोल घेरा बनाकर किए गए गरबा ने माहौल को और खास बना दिया। इन गानों पर भी जमकर धमाल नगाड़ा संग ढोल बाजे की तेज बीट पर डांडिया की रफ्तार बढ़ी।कमरिया पर युवतियों ने फटाफट डांडिया स्टेप्स किए।चोगाड़ा तारा पर पूरा मैदान गरबा के रंग में रंग गया।डांडिया क्वीन पर ग्रुप डांस ने खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में पार्षद कल्पना वर्मा, पूजा जसवानी, राहुल गुप्ता, वंदना सिंह और वरिष्ठ लोक नृत्यांगना सरिता सिंह शामिल हुईं।
प्रदेश के पंचायत चुनाव में लोकतंत्र के पर्व की कई अनूठी तस्वीरें देखने को मिल रही है। एक ऐसी ही तस्वीर भीलवाड़ा जिला परिषद के चुनाव में भी देखी जा रही है। भीलवाड़ा जिला परिषद के वार्ड 34 से बीजेपी ने रमेश नवहाल को अपना प्रत्याशी बनाया है। जहां एक तरफ नवहाल पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उनकी बेटी कृतिका नवहाल के लिए यह अवसर बेहद खास होने जा रहा है। दरअसल, 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद कृतिका नवहाल गुरुवार को सांकड़ा (भीलवाड़ा) में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी। पिता के चुनाव मैदान में होने और बेटी के पहली बार मतदाता बनने का यह संयोग क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
उन्नाव में लखनऊ से कानपुर जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस में बुधवार शाम एक यात्री की हालत बिगड़ गई। यात्री ट्रेन के शौचालय में बेहोश मिला। सूचना पर पहुंचे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने कोच की खिड़की तोड़कर उसे बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शौचालय में बंद था यात्री, खिड़की तोड़कर निकाला जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 15707 आम्रपाली एक्सप्रेस बुधवार शाम लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही थी। जैतीपुर और उन्नाव रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में सवार एक यात्री की हालत बिगड़ गई। वह शौचालय के अंदर था और बाहर नहीं निकल पा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर आरपीएफ के जवान सक्रिय हुए। यात्री को बाहर निकालने के लिए कोच की खिड़की तोड़ी गई। इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बुधवार शाम करीब आठ बजे ट्रेन उन्नाव पहुंची। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद यात्री को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। गांव के साथी के साथ लुधियाना जा रहा था मृतक की पहचान रत्न कुमार विश्वकर्मा (35), पुत्र श्रवण कुमार वर्मा, निवासी ग्राम सिधवा, थाना रामपुर कारखाना, जिला देवरिया के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने गांव के साथी उमेश गुप्ता के साथ देवरिया से लुधियाना जा रहा था। सफर के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद साथी और अन्य यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी थानाध्यक्ष सुनील मिश्रा ने बताया कि ट्रेन में एक यात्री की हालत बिगड़ने की सूचना मिली थी। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
गलत दस्तावेज और क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले जमानती... आखिर क्यों अटकी रही सौरव और आशुतोष की रिहाई?
जंतर-मंतर मामले में गिरफ्तार सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिन जेल में रहने के बाद सशर्त जमानत मिल गई है। शुरुआत में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले जमानती और गलत दस्तावेजों के कारण उनकी रिहाई अटकी हुई थी।
बरेली के मढ़ीनाथ क्षेत्र में विजयादशमी के पावन पर्व पर बच्चों की अनोखी रामलीला और रावण दहन देखने को मिला। इलाके के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी से चंदा इकट्ठा कर रावण का आकर्षक पुतला तैयार किया। पुतले के निर्माण से लेकर रंग-रोगन तक की पूरी तैयारी बच्चे कई दिनों से खुद कर रहे थे। यह लगातार दूसरा साल है जब इन बच्चों ने इस तरह मिलकर रावण दहन का आयोजन किया। भाग्य बने श्रीराम तो कार्तिकेय ने निभाया लक्ष्मण का किरदाररावण दहन के दौरान 7 साल के भाग्य राज भगवान श्रीराम के रूप में और कार्तिकेय लक्ष्मण के स्वरूप में नजर आए। विधिवत पूजन और परंपरा के अनुसार रावण के पुतले को अग्नि दी गई। जैसे ही पुतले में आग लगी, आतिशबाजी के धमाकों के साथ पूरी गली गूंज उठी। जयकारों से गूंजी गली, मोहल्ले के लोग भी बने गवाहपुतला दहन के दौरान बच्चों ने 'जय श्री राम', 'सियावर रामचंद्र की जय' और 'हर-हर महादेव' के जमकर जयकारे लगाए। बच्चों के इस उत्साह को देखने के लिए आसपास के लोग भी अपने घरों के बाहर आ गए। इस आयोजन में आराध्या, काव्या, कृष्णा, सिद्धि, रक्षित, आरुष, आयुष्मान, पिहू, विमान, मीत, शुभ, परी, ईवा, रंजीत, सुरजीत, छोटू, वासू, वैष्णवी और काजल समेत कई बच्चे शामिल रहे।
शाहजहांपुर में बुधवार रात गंगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर सवार पिता और बेटी की मौत हो गई। हादसे में चार लोग घायल हो गए। सभी संभल जिले के रहने वाले हैं और जौनपुर में ईंट भट्ठे पर काम करने जा रहे थे। हादसा मदनापुर थाना क्षेत्र के बुधवाना के पास बुधवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। टक्कर से पलटा ट्रैक्टर, सड़क पर गिरे सभी लोग जानकारी के अनुसार, संभल के छह लोग बुधवार शाम करीब 4 बजे ट्रैक्टर से जौनपुर के लिए निकले थे। ट्रैक्टर के पीछे मिट्टी बनाने की मशीन भी लगी थी। रात करीब 10:30 बजे बुधवाना के पास एक ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर पलट गया और उस पर सवार सभी लोग सड़क पर गिर गए। चार लोग घायल, दो की हालत गंभीर हादसे में संभल के मोहम्मदपुर निवासी कौसर, सराय सिकंदर निवासी सोमवती और उनका 5 वर्षीय बेटा ऋषभ, बिचैली गांव निवासी हसनैन घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई। परशुरामपुरी सीओ ने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है। हादसे के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सम्भल के बबराला क्षेत्र के मेहुआ हसनगंज गांव में तेंदुआ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। त्योहार पर नोएडा से घर लौट रहे युवकों की गाड़ी के सामने अचानक तेंदुआ आ गया। युवकों ने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया। गाड़ी की लाइट पड़ने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। वीडियो बुधवार रात करीब 10:30 बजे सामने आया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। गाड़ी के सामने आया, लाइट पड़ते ही जंगल में भागा मामला जिला मुख्यालय से करीब 38 किलोमीटर दूर तहसील गुन्नौर के बबराला थाना क्षेत्र का है। मेहुआ हसनगंज गांव के पास चार पहिया गाड़ी से जा रहे युवकों को अचानक तेंदुआ दिखाई दिया। गाड़ी में चार से पांच युवक बैठे थे। उन्होंने तेंदुए का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। रोशनी पड़ने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग लगाएगा कैमरे, लोगों से सतर्क रहने की अपील वन अधिकारी मनमोहन ने बताया कि तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी मिलते ही टीम को गांव भेज दिया गया। लोगों से अपील की गई है कि जंगल की ओर अकेले न जाएं और समूह में ही निकलें। गुरुवार सुबह सर्च ऑपरेशन चलाकर जंगल में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। वीडियो बनाने वाले युवकों के नाम और वे किस गांव के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। पहले भी कई इलाकों में दिख चुका है तेंदुआ 20 अक्टूबर: नखासा थाना क्षेत्र के बहरामपुर की मढैया में मनोज कुमार के खेत में गोवंशीय पशु के करीब दो साल के बच्चे का शव और पगचिह्न मिलने की जानकारी सामने आई थी। 3 अक्टूबर: गुन्नौर तहसील के असदपुर, ईसमपुर, दिल्लीपुर, गंगाबस फरीदपुर और मीरमपुर में तेंदुआ दिखने की सूचना से हड़कंप मचा था। 14 अक्टूबर: ऐंचौड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के काफूरपुर गांव में तेंदुए के हमले में भैंस और नीलगाय के बच्चे के शिकार होने की जानकारी सामने आई थी। 13 सितंबर: गुन्नौर क्षेत्र के गंगावास गांव में किसान के घर की छत पर तेंदुआ चढ़ने का वीडियो सामने आया था। बाइक की रोशनी पड़ने पर वह भाग गया था। 20 अगस्त: ईसमपुर डांडा गांव में बाबा रघुवर दास आश्रम की दीवार पर तेंदुए की चहलकदमी का 9 सेकेंड का वीडियो सामने आया था। 17 फरवरी: नखासा थाना क्षेत्र के सिरसानाल के जंगल में गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखाई देने के बाद वन विभाग ने तीन कैमरे और पिंजरा लगाया था।
कानपुर देहात के अकबरपुर में बुधवार रात 8 बजे दंगल के दौरान महिला पहलवान मुस्कान ने पुरुष पहलवान राजू को पटखनी देकर मुकाबला जीत लिया। दिल्ली से आई मुस्कान ने मध्य प्रदेश के सतना निवासी राजू को चित्त कर दिया। उनकी जीत पर मैदान तालियों से गूंज उठा। दशहरे के एक दिन बाद आयोजित इस दंगल में हजारों दर्शक पहुंचे। पांच मिनट के मुकाबले में मुस्कान ने दिखाए दांव-पेच अकबरपुर में 156 साल से चली आ रही रामलीला की परंपरा के तहत दशहरे के एक दिन बाद विशाल दंगल और मेले का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में लंकापुरी मैदान में बुधवार को दंगल सजाया गया। इसमें कानपुर देहात और आसपास के सैकड़ों गांवों से हजारों लोग पहुंचे। दंगल का मुख्य आकर्षण दिल्ली की मुस्कान और सतना के राजू पहलवान के बीच 11 हजार रुपए की कुश्ती रही। रामलीला समिति के सदस्य अनूप त्रिपाठी ने दोनों पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबले की शुरुआत कराई। रेफरी ने कुश्ती के लिए पांच मिनट का समय निर्धारित किया। राजू को तीन बार पटखनी देकर किया चित्त मुकाबला शुरू होते ही राजू ने मुस्कान को जमीन पर गिराने की कोशिश की। लेकिन मुस्कान ने अपनी फुर्ती और दांव-पेच से मुकाबले का रुख पलट दिया। उन्होंने राजू को नीचे गिराकर पांच सेकेंड के भीतर एक के बाद एक तीन बार पटखनी दी। आखिरकार राजू को चित्त कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। महिला पहलवान की जीत पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। देर रात तक चले दंगल में जुटे हजारों दर्शक दंगल में दूसरे पहलवानों ने भी अपने हुनर का प्रदर्शन किया। हालांकि, मुस्कान और राजू के बीच हुई कुश्ती चर्चा का केंद्र बनी रही। आयोजन में रामलीला समिति के अध्यक्ष रामजी मिश्रा, महामंत्री अमित राजपूत समेत समिति के सदस्य और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रामलीला, मेला और दंगल के आयोजन ने अकबरपुर की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा और ग्रामीण उत्सव की रौनक को जीवंत कर दिया।
राजघाट पर वीवीआईपी मूवमेंट के कारण गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मध्य दिल्ली की कई सड़कों पर डायवर्जन की चेतावनी दी है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब कनाट प्लेस और जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन के दो मामलों की जांच करेगी। 13 अक्टूबर को सीजेपी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका सहित 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
अलीगढ़ में भाजपा विधायक की गाड़ी रोककर थाने भेजने और उसे सीज करने की बात कहे जाने पर विवाद हो गया। छर्रा विधायक रवींद्र पाल सिंह की MLA पास लगी स्कॉर्पियो बुधवार शाम बन्नादेवी क्षेत्र के सारसौल में खड़ी थी। शाम करीब 7:30 बजे पैदल गश्त कर रहे एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ द्वितीय धनंजय सिंह की नजर गाड़ी पर पड़ी। गाड़ी पर विधायक लिखा था और विधानसभा का पास लगा था। पुलिस ने पास के दुरुपयोग की आशंका में गाड़ी की जांच की और ड्राइवर समेत थाने भेज दिया।गाड़ी में मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी विधायक को दी। विधायक ने इंस्पेक्टर को फोन कर गाड़ी अपनी होने और पास वैध होने की बात बताई। विधायक का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उन्हें गाड़ी सीज करने की जानकारी दी। इस पर वह भड़क गए और बोले कि उनकी बाकी तीन गाड़ियां भी हैं, उन्हें भी भेज देते हैं, उन पर भी कार्रवाई कर दी जाए। बाद में विधायक ने एसपी सिटी से बात की। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी और पास का सत्यापन सही पाए जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।पहले गाड़ी रोकी, फिर थाने भेजा; फोन पर विधायक ने जताई नाराजगीघटनाक्रम बुधवार शाम का है। सारसौल में खड़ी स्कॉर्पियो पर विधायक लिखा देखकर पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की। पुलिस को आशंका थी कि कहीं विधानसभा के पास का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। इसी आधार पर गाड़ी को ड्राइवर समेत बन्नादेवी थाने भिजवा दिया गया।उस समय गाड़ी में ड्राइवर के अलावा एक रिश्तेदार व एक अन्य परिचित सवार थे। मौजूद रिश्तेदारों ने विधायक रवींद्र पाल सिंह को जानकारी दी। विधायक ने इंस्पेक्टर को फोन कर बताया कि स्कॉर्पियो उनकी निजी गाड़ी है और परिवार के रिश्तेदार उसे लेकर गए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पास के वैध होने की बात भी स्पष्ट की, लेकिन इंस्पेक्टर ने गाड़ी सीज करने की जानकारी दी। इसी बात पर विधायक ने नाराजगी जताई।विधायक ने इसके बाद एसपी सिटी आदित्य बंसल को फोन मिलाया और पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी सिटी के मुताबिक, गाड़ी का सत्यापन कराया गया। जब स्पष्ट हो गया कि गाड़ी विधायक की है और पास भी सही है, तो उसे छोड़ दिया गया।विधायक का सवाल- जब चारों गाड़ियों का ब्योरा दिया तो कार्रवाई क्यों?विधायक रवींद्र पाल सिंह ने कहा कि उनके पास चार निजी गाड़ियां हैं। सभी पर विधानसभा से जारी पास लगे हैं और जिला प्रशासन पर इनका ब्योरा पहले ही है। इसके बावजूद उनकी गाड़ी को रोककर थाने भेजा गया और सीज करने की बात कही गई। विधायक के मुताबिक, गाड़ी उनका ड्राइवर, परिवार का एक सदस्य और बेटे का साला किसी काम से लेकर गए थे। उन्होंने पुलिस को गाड़ी के बारे में जानकारी दे दी थी। इसके बाद भी सीज करने की बात कहे जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने इस पूरे मामले को दशा की बैठक में उठाने की बात कही है।एसपी सिटी का पक्ष- सामान्य चेकिंग में जांच की, सत्यापित होने पर छोड़ाएसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस टीम बन्नादेवी क्षेत्र में पैदल गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो खड़ी मिली, जिस पर विधायक लिखा था और पास लगा हुआ था। ऐसे में यह जांच करना जरूरी था कि कहीं पास का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से गाड़ी को सत्यापन के लिए थाने लाया गया था। जांच में गाड़ी विधायक रवींद्र पाल सिंह की निकली और पास भी सही पाया गया। इसके बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया।
महराजगंज के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के रसोइया श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को नौ सूत्रीय मांगपत्र भेजा है। इसमें उन्होंने न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और 12 महीने का नियमित मानदेय देने की मांग की है। राष्ट्रीय मध्यान्ह रसोइया फ्रंट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 15 दिसंबर 2020 के आदेश का जिक्र किया है। संगठन का कहना है कि अभी मिल रहा दो हजार रुपये का मानदेय परिवार चलाने के लिए काफी नहीं है। रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से भुगतान हो और छात्र संख्या की अनिवार्यता खत्म की जाए। विधवा, तलाकशुदा और उम्रदराज महिला रसोइयों की आजीविका सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, उन्हें लगातार सेवा में रखने, हर साल नियुक्ति व सेवा विस्तार की प्रक्रिया खत्म करने और समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी शामिल है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर सिंह, जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद, जिला सचिव रामसेवक और जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने सरकार से इन मांगों पर विचार करने की अपील की है।
गरीब रथ एक्सप्रेस में शराब मिली, पुलिस वालों ने छिपा दी; महिला होमगार्ड समेत 2 गिरफ्तार
अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन से बरामद शराब की खेप को दो पुलिस वालों ने छिपा दिया। जब वरीय अधिकारियों ने उनसे पूछा, तो शराब जब्त करने की बात से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर में उनका भांडा फूट गया।
ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर में दो युवक घायल:खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर हुआ हादसा, एक को पटना रेफर किया
खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर सिंगारीटांड़ गांव के पास बुधवार की देर शाम तेज रफ्तार ई-रिक्शा और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सक नवीन कुमार गुप्ता ने दोनों का प्रारंभिक उपचार किया। इस दौरान एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल का इलाज सदर अस्पताल में जारी है। घायलों की पहचान खैरा प्रखंड क्षेत्र के जमुनीपुर गांव निवासी विकास तांती और कपिल तांती के रूप में हुई है। बताया जाता है कि खैरा में किसी व्यक्ति का सड़क हादसा हुआ था। उसी दुर्घटना के बारे में जानकारी लेने और देखने के लिए दोनों व्यक्ति बाइक से खैरा आए थे। इसके बाद देर शाम दोनों बाइक से वापस अपने घर जमुनीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उनकी बाइक सिंगारीटांड़ गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ई-रिक्शा से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। वहीं, सदर अस्पताल में भर्ती दूसरे घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे के बाद घायलों के परिजनों में चिंता का माहौल है।
लखनऊ के सहारा स्टेट में दशहरे की रात रावण दहन के बाद साहित्य और संगीत की महफिल सजी। रात 1 बजे शुरू हुआ कवि सम्मेलन सुबह 5 बजे तक चला। कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। देर रात तक लोग कविताओं का आनंद लेते रहे। दशहरे के उत्सव में साहित्य का रंग भी नजर आया। इसके साथ ही बंगाली भजनों की प्रस्तुति हुई। भजनों पर महिलाओं ने जमकर उत्सव मनाया। कविता और भक्ति संगीत के संगम ने माहौल को खास बना दिया। कवियों का जमावड़ा लगा सहारा स्टेट में कवि सम्मेलन की परंपरा 26 साल से लगातार जारी है। हर साल रावण दहन के बाद यहां साहित्यिक कार्यक्रम होता है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। आयोजन की व्यवस्था बलराम श्रीवास्तव, अखिलेश द्विवेदी, कवि अनपढ़, विशेष मिश्रा, अनुराधा त्रिपाठी, मणिकर्णिका द्विवेदी और सहारा के श्यामल मजूमदार ने संभाली। सभी पिछले 26 वर्षों से आयोजन से जुड़े हैं। महिला मंडल की मीडिया प्रभारी ऐश्वर्या जायसवाल ने कार्यक्रम की जानकारी दी। मौमिता, सुष्मिता बनर्जी समेत कई लोग मौजूद रहे। सुबह 5 बजे तक चली इस महफिल में दशहरे के उत्सव के साथ साहित्य और भक्ति संगीत का रंग देखने को मिला।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के भगवान महावीर अस्पताल के एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर और एक संविदा कर्मचारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
अमरोहा में चर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड में मौत की सजा काट रहा सलीम करीब 18 साल बाद जेल से बाहर आएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे बहन की शादी में शामिल होने के लिए 21 से 27 अक्टूबर तक पैरोल दी है। सलीम की बहन आयशा की शादी 25 अक्टूबर को होनी है। पैरोल की अवधि पूरी होने पर उसे 27 अक्टूबर की शाम तक जेल लौटना होगा। पैरोल के दौरान उसे अमरोहा के बावनखेड़ी गांव लाया जाएगा। 14-15 अप्रैल 2008 की रात हुई थी सात लोगों की हत्या बावनखेड़ी गांव में 14 और 15 अप्रैल 2008 की दरमियानी रात मास्टर शौकत अली के परिवार के सात लोगों की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों में शौकत अली, उनकी पत्नी हाशमी, बेटे अनीस और राशिद, पुत्रवधू अंजुम, पौत्र अर्श और भांजी राबिया शामिल थे। जांच में सामने आया था कि शबनम और उसके प्रेमी सलीम ने संपत्ति के लालच और शादी के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। शौकत अली इस रिश्ते के खिलाफ थे। पुलिस ने मामले में शबनम और सलीम को गिरफ्तार किया था। 2010 में सुनाई गई थी फांसी की सजा 15 जुलाई 2010 को सेशन कोर्ट ने शबनम और सलीम को फांसी की सजा सुनाई थी। शबनम बरेली जेल और सलीम नैनी जेल में बंद है। अब बहन की शादी में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट ने सलीम की पैरोल अर्जी मंजूर कर ली है। इसके तहत उसे निर्धारित अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है।
पीलीभीत में एसआईआर विवाद के बीच एसडीएम मयंक हटाए गए:मुख्यालय से संबद्ध, डीएम ने किए एसडीएम के तबादले
पीलीभीत में बुधवार देर रात करीब 10 बजे जिला प्रशासन ने उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया। जिलाधिकारी आलोक कुमार के आदेश पर पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी को पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वोटों में कथित हेरफेर को लेकर मयंक गोस्वामी पर आरोप लगे थे। इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आपत्ति जताई थी। सपा के पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने भी आरोप लगाया था कि एसडीएम ने एक मंत्री के इशारे पर काम किया। एसआईआर में वोटों में हेरफेर के लगे थे आरोप मयंक गोस्वामी पर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक समुदाय विशेष के वोटों में हेरफेर करने के आरोप लगे थे। इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध भी सामने आया था। कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले पर सवाल उठाए थे। वहीं, सपा के पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने आरोप लगाया था कि मयंक गोस्वामी का सट्टा कारोबार से जुड़े एक मंत्री के साथ गठजोड़ है और मंत्री को फायदा पहुंचाने के लिए एसडीएम ने उनके इशारे पर काम किया। हालांकि, ये आरोप हैं; प्रशासनिक आदेश में तबादले का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, अन्य उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। नागेंद्र पांडेय: बीसलपुर से पूरनपुर एसडीएम बनाए गए। प्रमेश कुमार: कलीनगर से बीसलपुर एसडीएम बनाए गए। पवन कुमार: न्यायिक एसडीएम पीलीभीत से कलीनगर भेजे गए। राजकुमार बैठा: न्यायिक एसडीएम पूरनपुर से अमरिया के एसडीएम नियुक्त किए गए। हेमंत चौधरी: अमरिया के एसडीएम पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध किए गए। जारी आदेश के मुताबिक, सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
शाहजहांपुर के पुवायां में बुधवार रात करीब 9 बजे बिना अनुमति बनाए जा रहे ईदगाह की दीवार और गेट को जेसीबी से हटवा दिया गया। हिंदू संगठन की आपत्ति के बाद नगर पालिका ने ईदगाह कमेटी को 48 घंटे में निर्माण हटाने का नोटिस दिया था। निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर कमेटी के सदर आरिफ खां ने नगर पालिका को आवेदन देकर जेसीबी मंगवाई और अपनी मौजूदगी में निर्माण हटवाया। कमेटी के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जर्जर गेट के कारण कराया जा रहा था निर्माण जानकारी के अनुसार, ईदगाह का पुराना गेट जर्जर हो गया था। कमेटी सदस्यों का कहना था कि गेट खराब होने के कारण जानवर और नशेड़ी परिसर में घुस जाते थे। इसे रोकने के लिए नई दीवार बनाकर गेट लगाने का काम शुरू किया गया था। हालांकि, निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और काम पिछले कई दिनों से चल रहा था। निर्माण पर आपत्ति जताए जाने के बाद नगर पालिका ने कमेटी को 48 घंटे के भीतर दीवार और गेट हटाने का नोटिस जारी किया था। तय समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर बुधवार रात नगर पालिका की जेसीबी से उसे हटवा दिया गया। अनुमति मिलने पर ही लगाया जाएगा नया गेट ईदगाह कमेटी के सदर आरिफ खां ने बताया कि निर्माण हटाने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अब नए गेट के लिए अनुमति लेने का प्रयास किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद ही गेट लगाया जाएगा। एसडीएम बोले- पुराने गेट जितना बड़ा गेट लगा सकते हैं पुवायां के एसडीएम सदानंद सरोज ने बताया कि हिंदू युवा संगठन की ओर से ज्ञापन देकर निर्माण पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद नगर पालिका ने कमेटी को नोटिस जारी किया। बुधवार रात कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में नगर पालिका की जेसीबी से निर्माण हटवाया गया। इसका खर्च कमेटी की ओर से दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि ईदगाह में पहले जितना बड़ा गेट लगा था, उतने ही आकार का गेट लगाया जा सकता है। नगर पालिका की ईओ कल्पना शर्मा से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
लखनऊ में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दो दिनों में 36 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें 20 अक्टूबर को 11 और 21 अक्टूबर को 25 मरीज मिले। राहत की बात यह है कि किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। सभी घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दोनों दिनों में सबसे ज्यादा 9 मरीज चंदननगर और 8 इंदिरानगर में मिले हैं। टुड़ियागंज में 6, अलीगंज में 5 और एनके रोड में 4 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं, रेडक्रॉस और सिल्वर जुबली क्षेत्र में 2-2 नए मरीज मिले हैं। 'सेल्फ मेडिकेशन से न करे इलाज' मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षण तेज बुखार, सिर दर्द, बदन और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना और शरीर पर चकत्ते पड़ना हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की। कूलर, गमलों, टायर और छत पर रखे बर्तनों में पानी जमा न होने दें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें। बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
हरदोई में गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के भड़ायल गांव निवासी निर्मला सिंह ने भाजपा विधायक श्याम प्रकाश पर मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे महिला ने कलेक्ट्रेट में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के बैनर तले धरना देने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मकान का कब्जा दिलाने और कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, विधायक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवादित जमीन उनके बेटे रवि प्रकाश सिंह की है। बेटे के इलाज के लिए लिए थे 25 हजार रुपए निर्मला सिंह के पति का करीब 18 साल पहले निधन हो चुका है। उनका 15 वर्षीय एक बेटा है। महिला का आरोप है कि करीब पांच साल पहले बेटे के इलाज के लिए उन्होंने विधायक श्याम प्रकाश से 25 हजार रुपये लिए थे। इसके बदले अपना मकान गिरवी रखा था। निर्मला का दावा है कि उन्होंने करीब ढाई साल बाद पूरी रकम वापस कर दी, लेकिन इसके बावजूद मकान पर लगा ताला नहीं खोला गया और उन्हें कब्जा नहीं मिला। महिला के मुताबिक, वह इस मामले में थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत कर चुकी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने के बाद उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। विधायक बोले- जमीन बेटे रवि प्रकाश की है विधायक श्याम प्रकाश ने महिला के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि जिस जमीन पर मकान बना है, उसे महिला के ससुर ने उनके बेटे रवि प्रकाश सिंह को बेचा था। विधायक के मुताबिक, मकान के जिस हिस्से में ताला लगा है, वह भी उनके बेटे की जमीन का हिस्सा है। इस जमीन की पैमाइश पहले ही कराई जा चुकी है। विधायक ने दावा किया कि महिला इस मामले में अब तक करीब 100 प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं और प्रशासन के साथ उन्हें भी परेशान कर रही हैं। फिलहाल, महिला के आरोपों और विधायक के जवाब के बीच मामला चर्चा में है। महिला ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि विधायक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
खंडवा के नवचंडी मैदान पर बुधवार रात सबसे बड़े रावण का दहन किया गया। 81 फीट ऊंचे रावण के पुतले को रात 9.40 बजे अग्निबाण से जलाया गया। देखते ही देखते महज 20 सेकंड में पूरा पुतला जलकर खाक हो गया। इससे पहले रात 8 बजे से शुरू हुई भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से भर दिया। रावण दहन देखने के लिए नवचंडी मंदिर से लेकर मैदान तक करीब 50 हजार लोग जुटे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। इस बार रावण दहन का कार्यक्रम धार्मिक आयोजन के साथ-साथ आयोजक महंत बाबा गंगाराम के समर्थन को लेकर भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर बाबा गंगाराम के प्रति समर्थन जताया। मंच से भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी आयोजन में आई अड़चनों का जिक्र किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा गंगाराम को कार्यक्रम आयोजित करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आयोजन के दौरान नवचंडी माता के जयकारे गूंजते रहे। 81 फीट के रावण को अग्निबाण से किया दहननवचंडी मैदान पर रावण दहन को लेकर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। रात 8 बजे से आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हुआ। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखरने के साथ ही मैदान में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ता गया। इसके बाद रात 9.40 बजे 81 फीट ऊंचे रावण के पुतले पर अग्निबाण छोड़ा गया। अग्निबाण लगते ही पुतले में आग फैल गई और करीब 20 सेकंड में रावण का पुतला जलकर खाक हो गया। इस नजारे को देखने के लिए मैदान और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने रावण दहन देखा और आतिशबाजी का आनंद लिया। बाबा गंगाराम के समर्थन में जलीं मोबाइल की टॉर्चरावण दहन के दौरान बाबा गंगाराम के समर्थन में लोगों का एक अलग अंदाज देखने को मिला। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर समर्थन जताया। मोबाइल की रोशनी से मैदान जगमगा उठा। आयोजन के दौरान यह दृश्य चर्चा का विषय रहा। दरअसल, नवचंडी मेले के आयोजन को लेकर पिछले दो वर्षों से विवाद की स्थिति बनी हुई है। बाबा गंगाराम के आधिपत्य से नवचंडी मेले का आयोजन नगर निगम ने अपने हाथ में ले लिया है। इसके बाद से मेले के आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं को लेकर बाबा गंगाराम और उनसे जुड़े पक्षों के बीच असहमति का मुद्दा चर्चा में रहा है। ऐसे में इस बार रावण दहन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और मोबाइल की टॉर्च जलाकर किए गए समर्थन को बाबा गंगाराम के प्रति लोगों के जुड़ाव के तौर पर देखा गया। भाजपा-कांग्रेस के नेताओं ने मंच से किया अड़चनों का जिक्रकार्यक्रम को भाजपा नेता एवं महापौर अमृता यादव के जेठ मंगल यादव, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी और विधायक कंचन तनवे ने संबोधित किया। मंच से वक्ताओं ने आयोजन के दौरान आई मुश्किलों का जिक्र करते हुए बाबा गंगाराम के प्रयासों की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि बाबा गंगाराम के कार्यक्रम में कई अड़चनें आईं। अलग-अलग स्तर पर मुश्किलें खड़ी हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वक्ताओं ने आयोजन को लेकर आए व्यवधानों के बावजूद कार्यक्रम संपन्न होने को नवचंडी माता की इच्छा और आशीर्वाद से जोड़कर अपनी बात रखी। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का एक ही मंच से आयोजन में आई अड़चनों का जिक्र करना भी कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय रहा। धार्मिक आयोजन में राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी के साथ बाबा गंगाराम के समर्थन में जुटी भीड़ ने आयोजन को अलग पहचान दी। बाबा गंगाराम बोले- यादव परिवार हमेशा साथ रहा कार्यक्रम के दौरान महंत बाबा गंगाराम ने यादव परिवार के साथ अपने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यादव परिवार हमेशा उनके साथ रहा है। उन्हें किसी से कोई दिक्कत नहीं है। नवचंडी मेले के आयोजन को लेकर पिछले दो वर्षों से नगर निगम और बाबा गंगाराम के बीच अधिकारों से जुड़ा मुद्दा चर्चा में है। ऐसे में बाबा गंगाराम का यह बयान भी महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, मंच से आयोजन में आई अड़चनों का जिक्र करने वाले वक्ताओं ने किसी विशेष व्यक्ति या संस्था की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी। प्रफुल्ल मंडलोई और लव जोशी ने किया संचालन नवचंडी मैदान पर हुए इस आयोजन में धार्मिक आस्था, रावण दहन और आतिशबाजी के साथ बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन प्रफुल्ल मंडलोई और लव जोशी ने किया। मंडलोई ने रामायण के प्रसंगों को वाचन किया। इस दौरान रामपालसिंह सोलंकी, सुनिता सकरगाये, प्रशांत बारचे, चारूलता यादव, प्रदीप यादव, शोभाग सांड, अनीस अरझरे आदि मौजूद थे।
बस्तर दशहरे की भीतर रैनी रस्म के दौरान विजय रथ खींचते समय बड़ा हादसा हो गया। परिक्रमा करते समय 8 पहियों वाले रथ के पहिए के नीचे एक युवक आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक दूसरा युवक भी रथ के पहिए की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद रथ की परिक्रमा काफी देर तक रुकी रही। जानकारी के मुताबिक, भीतर रैनी रस्म के लिए पहले परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर रथ खींचना शुरू किया। इसी दौरान एक युवक का पैर फिसल गया और वह रथ के पहिए के नीचे आ गया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने की कोशिश करते, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। दूसरा युवक भी गंभीर रूप से घायल हादसे के दौरान एक और युवक रथ के पहिए की चपेट में आ गया। उसे गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद रथ की परिक्रमा रोक दी गई।
आलीराजपुर में छोटा उदयपुर रोड स्थित बोरखड़ पटेल पब्लिक स्कूल के पास बुधवार रात करीब 10 बजे 15 फीट लंबा और 50 किलो वजनी अजगर मिला। स्थानीय निवासी जितेंद्र और सतीश ने करीब एक घंटे की कोशिश के बाद उसे पकड़ा और सुरक्षित जगह छोड़ दिया। वन विभाग पर देर से पहुंचने का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि अजगर मिलने की सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन वनरक्षक समय पर नहीं पहुंचे। इसके बाद जितेंद्र (35) और सतीश (40) ने खुद ही उसे पकड़ने की जिम्मेदारी ली। पकड़ने के दौरान घायल हुआ अजगर स्थानीय लोगों के मुताबिक, अजगर पकड़ने के दौरान घायल हो गया था। उन्होंने उसके घाव पर हल्दी लगाई। उसे पशु चिकित्सक की मदद मिली या नहीं, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
पूर्णिया के सरसी थाना क्षेत्र के कचहरी बलुआ में दुर्गापूजा मेला के दौरान देर रात गोलीबारी से अफरा-तफरी मच गई। यहां अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र के कालाबलुआ निवासी नीरज चौधरी उर्फ रॉकी को गोली मार दी गई। गोली उसकी कनपटी में लगी और जबड़े के ऊपरी हिस्से में फंस गई। गंभीर हालत में उसे पूर्णिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम गोली निकालने का प्रयास कर रही है। घटना मंगलवार देर रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। घायल नीरज को अस्पताल पहुंचाने वाले चार युवकों को पुलिस ने रात में ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना दुर्गा मंदिर के पास चौवटिया के नजदीक हुई। शुरुआती जांच में आपसी विवाद की बात सामने आई है। पहले बकझक, फिर मारपीट और गोलीबारी नीरज के भाई सूरज चौधरी ने बताया कि मेला के दौरान नीरज और अनिकेत नाम के युवक के बीच बकझक हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। वहां मौजूद दीपक और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कर दिया। सूरज के मुताबिक, इसके बाद नीरज मेला के बाहर अपने दोस्त के साथ खड़ा होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान अनिकेत अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और नीरज पर गोली चला दी। परिजनों का आरोप है कि नीरज पर तीन गोलियां चलाई गईं। इनमें एक कनपटी में लगी, जबकि दूसरी गोली उसे नहीं लगी। तीसरी गोली चलाने की कोशिश में बंदूक फंस गई। परिजनों के मुताबिक, गोली नीरज के मोबाइल को चीरते हुए कनपटी में लगी। हालांकि, गोलीबारी की पूरी घटना और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। पुराने मर्डर केस को लेकर विवाद का आरोप नीरज के भाई सूरज ने आरोप लगाया कि अनिकेत पहले एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है। उसी मामले में नीरज को भी संदेह के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में नीरज छूट गया था, जबकि अनिकेत मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार हुआ था। सूरज का दावा है कि इसी बात को लेकर अनिकेत नीरज से नाराज था। परिजनों को आशंका है कि पुराने विवाद के कारण ही उस पर हमला किया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी पुराने हत्या के मामले को गोलीबारी की वजह के रूप में पुष्ट नहीं किया है। फसल की खरीद-बिक्री करता है घायल युवक नीरज की मां संजू देवी ने बताया कि उन्हें घटना के कारणों की जानकारी नहीं है। उनके मुताबिक, नीरज ने घर पर किसी विवाद की बात नहीं बताई थी। वह मक्का समेत दूसरी फसलों की खरीद-बिक्री करता था और पूर्णिया सहित अन्य जगहों की मंडियों में फसल बेचता था। पुलिस बोली- दोस्तों के बीच विवाद में चली गोली सरसी थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि कचहरी बलुआ स्थित दुर्गा मंदिर के पास मेला देखने आए नीरज चौधरी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया है। शुरुआती जांच में सिगरेट पीने के दौरान दोस्तों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल बताए जा रहे युवक अररिया जिले के कालाबलुआ, रानीगंज के रहने वाले हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल का इलाज चल रहा है। घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कहीं मां के चरणों में सिंदूर चढ़ाती महिलाएं, तो कहीं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशहाली की कामना करतीं सुहागिनें। ढोल की थाप और मां के जयकारों के बीच जब विदाई की घड़ी आई, तो कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भागलपुर में विजयादशमी पर मां दुर्गा की विदाई का ऐसा ही भावुक नजारा दिखा। जिन पंडालों में कुछ दिन पहले तक उत्सव और उल्लास था, वहां अब मां को विदा करने की उदासी थी। हर किसी की जुबां पर एक ही प्रार्थना थी- हे मां, अगले बरस फिर आना और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखना। रेशमी नगरी भागलपुर में दुर्गा पूजा के दौरान कई दिनों तक भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। मंदिरों और पूजा पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। ढाक की गूंज, शंखनाद और मां के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। विजयादशमी पर प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ उत्सव का समापन हुआ। सिंदूर खेला में दिखी बंगाली संस्कृति की खूबसूरती बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की विदाई से पहले सिंदूर खेला की रस्म निभाई गई। महिलाओं ने मां के चरणों में सिंदूर अर्पित किया और आरती उतारकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशहाली और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की। लाल सिंदूर से सजे चेहरे और पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने इस रस्म को खास बना दिया। रस्म के दौरान चेहरे पर खुशी थी, लेकिन मां की विदाई का ख्याल आते ही आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने मां से अगले साल फिर आने और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। दुर्गाबाड़ी और कालीबाड़ी की प्रतिमाएं दीपनगर घाट पहुंचीं भागलपुर के दुर्गाबाड़ी और कालीबाड़ी में बंगाली रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन दीपनगर घाट पर किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और आरती के बाद मां को विदाई दी। घाट की ओर बढ़ते श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे। इस दौरान लोगों ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मां की प्रतिमा विसर्जन के लिए आगे बढ़ी, तो श्रद्धालु देर तक उसे निहारते रहे। किसी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया, तो किसी ने मन ही मन अपनी मनोकामना मां के चरणों में रखी। नाथनगर में भी परंपरागत तरीके से विसर्जन नाथनगर में भी विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। महाशय ड्योढ़ी की प्रतिमा का विसर्जन बंगाली टोला घाट पर और सुजानपुर दुर्गा मंदिर की प्रतिमा का विसर्जन चंपा नदी घाट पर हुआ। वहीं, गोपीनाथ घोष लेन, लखीकांत आचार्य लेन और चमरू साह लेन की प्रतिमाओं का विसर्जन मखदूम शाह दरगाह घाट पर किया गया। विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने मां को अंतिम प्रणाम कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। प्रतिमाओं की विदाई के साथ पूजा महोत्सव का समापन हुआ, लेकिन भक्तों के मन में मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास बना रहा। प्रतिमा का विसर्जन, आस्था का नहीं मां दुर्गा की विदाई का पल श्रद्धा के साथ भावुकता से भी भरा रहा। भक्तों ने मां से परिवार की खुशहाली, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज में शांति व भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। प्रतिमाएं जल में विसर्जित हुईं, लेकिन भक्तों के मन में मां के आशीर्वाद का विश्वास कायम रहा। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देकर विदा हुआ। अब भक्तों को अगले साल मां के आगमन का इंतजार रहेगा।
हरदा में बुधवार रात करीब 9 बजे मगरधा रोड पर रेलवे अंडरब्रिज के पहले लगा हाइट गेज एक मालवाहक ट्रक की टक्कर से टूट गया। अधिक ऊंचाई का माल भरा होने के कारण ट्रक (MP09 HH 6806) हाइट गेज में फंस गया, जिससे हरदा-मगरधा मार्ग पर एक घंटे से अधिक समय से बसों, हार्वेस्टर समेत बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित है। रेलवे प्रशासन ने ट्रक को निकालने के लिए क्रेन बुलाई है। फिलहाल कार और दोपहिया वाहन निकल रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों को रास्ता खुलने का इंतजार है। ट्रक की ऊंचाई ज्यादा होने से टूटा गाटर जानकारी के अनुसार, ट्रक मगरधा की ओर से हरदा आ रहा था। उसमें माल भरा हुआ था और ऊंचाई अधिक होने के कारण वह रेलवे अंडरब्रिज के पहले लगे हाइट गेज से टकरा गया। टक्कर से हाइट गेज का गाटर टूट गया और ट्रक वहीं फंस गया। क्रेन से हटाया जा रहा ट्रक ट्रक फंसने के बाद मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही रुक गई। बसें और हार्वेस्टर भी यहां से नहीं निकल पा रहे हैं। रेलवे प्रशासन क्रेन की मदद से ट्रक की छत पर फंसे गाटर को हटाने और वाहन को निकालने में जुटा है। इसके बाद ही बड़े वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन बड़े वाहनों के चालकों को जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंदसौर जिले के ग्राम धमनार में बुधवार देर शाम 51 फीट ऊंचे रावण की नाक पर मुक्का मारकर उसके वध की 129 साल पुरानी परंपरा निभाई गई। इस बार अरुण माली ने रावण की नाक पर मुक्का मारकर वध की रस्म पूरी की। दशहरे पर 20 अक्टूबर को होने वाला आयोजन बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों की मौजूदगी में राम और रावण की सेनाओं के बीच प्रतीकात्मक युद्ध हुआ। इसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर जलते हुए टोकरे और पटाखे फेंकते हैं। युद्ध तब तक चलता है, जब तक राम की सेना का कोई युवक रावण की नाक तक पहुंचकर उस पर मुक्का नहीं मार देता। रावण की सेना रोकती है नाक तक पहुंचने का रास्ता धमनार में दशहरे पर राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का आयोजन किया जाता है। इसमें राम की सेना मैदान में रहती है, जबकि रावण की सेना उसकी 51 फीट ऊंची प्रतिमा पर खड़ी होकर राम की सेना के लोगों को नाक तक पहुंचने से रोकती है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर जलते हुए टोकरे और पटाखे फेंकते हैं। इस दौरान राम की सेना के युवक रावण की नाक तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, जबकि रावण की सेना उन्हें रोकने का प्रयास करती है। नाक पर मुक्का लगते ही खत्म हो जाता है युद्ध इस परंपरा में रावण का वध तीर चलाकर या प्रतिमा जलाकर नहीं, बल्कि उसकी नाक पर मुक्का मारकर किया जाता है। जैसे ही राम की सेना का कोई युवक रावण की सेना के बीच से निकलकर उसकी नाक पर मुक्का मारता है, युद्ध समाप्त हो जाता है और रावण वध की रस्म पूरी मानी जाती है। इस बार अरुण माली ने यह परंपरा निभाई। बारिश के कारण आयोजन तय दिन पर नहीं हो सका था, इसलिए इसे बुधवार शाम को आयोजित किया गया। 129 साल से निभाई जा रही परंपरा धमनार में राम-रावण युद्ध और नाक पर मुक्का मारकर वध करने की परंपरा पिछले 129 वर्षों से चली आ रही है। आयोजन देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोग जुटते हैं। जलते टोकरे और पटाखों के कारण युद्ध का दृश्य काफी उग्र नजर आता है, लेकिन स्थानीय लोग इसे अपनी पुरानी परंपरा और दशहरा उत्सव का अहम हिस्सा मानते हैं।
ग्वालियर के मंगल नर्सिंग होम में 14 महीने के मासूम बच्चे की मौत, जांच के आदेश
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बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर बुधवार को गया जिला कांग्रेस कार्यालय, राजेंद्र आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने श्रीबाबू के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उनके जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और बिहार के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन से बिहार के विकास तक अहम योगदान कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का बिहार के राजनीतिक इतिहास में खास स्थान है। उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के बाद मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के विकास, शिक्षा के विस्तार, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक बदलाव के लिए काम किया। उनके प्रयासों ने आधुनिक बिहार की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीबाबू का जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा की मिसाल है। उनकी सोच सत्ता तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे आम लोगों के जीवन में बदलाव लाना चाहते थे। आज भी प्रासंगिक हैं श्रीबाबू के विचार वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। शिक्षा, सामाजिक न्याय, औद्योगिक विकास और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उनके जीवन से सीख लेकर समाज में एकता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा दिया जा सकता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने श्रीबाबू के आदर्शों पर चलने और जनसेवा के कामों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। नेताओं ने कहा कि किसी महापुरुष की जयंती मनाने का असली उद्देश्य उनके विचारों को अपने व्यवहार और काम में उतारना है। बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे मौजूद कार्यक्रम में रणजीत कश्यप, विजय कुमार मिठू, युगल किशोर सिंह, मदीना खातून, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, डॉ. कुमारी गीता पासवान, अशोक प्रसाद भारती, नवाब अली, राजीव कुमार सिंह लबी, दामोदर गोस्वामी, कुमार ओंकार शक्ति, सम्मी अख्तर, नवल किशोर शर्मा, चंदन महतो और अर्जुन गुप्ता सहित कई कांग्रेसजन मौजूद रहे।
मेरठ के साकेत स्थित नमो हॉस्पिटल में बुधवार शाम इलाज के दौरान हर्रा के पूर्व प्रधान तैय्यब की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। तैय्यब को 15 अक्टूबर को ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया था और बुधवार शाम करीब 7 बजे तक उनकी तैय्यब से बात हुई थी। इसके कुछ देर बाद उनकी मौत की सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर RLD विधायक गुलाम मोहम्मद भी अस्पताल पहुंचे। पूर्व प्रधान की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। शाम तक हुई थी बात, फिर मौत की सूचना मिली हर्रा कस्बे के पूर्व प्रधान तैय्यब को सिर में परेशानी होने के बाद नमो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनके भाई अलाउद्दीन ने बताया कि 15 अक्टूबर को ब्रेन हेमरेज के कारण उन्हें अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कही थी और ऑपरेशन भी किया गया। अलाउद्दीन के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 7 बजे तक उनकी तैय्यब से बात हुई थी। इसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ने और मौत होने की सूचना मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई है। इसी बात को लेकर उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। विधायक पहुंचे, कई थानों की पुलिस तैनात हंगामे की सूचना पर सिविल लाइन थाना प्रभारी अरुण भाटी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात करने की कोशिश की, लेकिन परिजन नाराज हो गए। उनका कहना था कि कुछ देर पहले तक तैय्यब से बातचीत हो रही थी और अचानक उनकी मौत हो गई। इसके बाद RLD विधायक गुलाम मोहम्मद भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की और अस्पताल स्टाफ से भी बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन कोई सामने नहीं आया। इस बीच गांव के लोग भी अस्पताल पहुंचने लगे और भीड़ बढ़ गई। पुलिस ने लोगों को संभालते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। फिलहाल कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात है और मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों की कथित लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। स्टाफ बोला- पैसे जमा कराओ वरना तैय्यब की मौत के बाद परिजन अस्पताल पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अलाउद्दीन ने बताया कि मौत से पंद्रह मिनट पहले उनसे ब्लड लाने के लिए कहा गया। एक कर्मचारी आया और बोला कि पैसे जमा कराइए वरना ट्रीटमेंट रोक देंगे। जैसे तैसे उन्होंने समझाकर कर्मचारी को वहां से भेजा। उसके पंद्रह मिनट बाद ही तैय्यब की मौत की सूचना आ गई। सात दिन में सात लाख रुपये किये जमा परिजनों ने बताया कि 15 अक्टूबर को तैय्यब को यहां लाया गया था। तब से लेकर बुधवार शाम तक सात लाख रुपये जमा हो चुके हैं। इसके बावजूद स्टाफ रुपये जमा कराने का दबाव बना रहा था। तैय्यब की मौत के बाद परिवार के किसी व्यक्ति को मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि अस्पताल के प्रबंधक ने अभद्रता शुरु कर दी और तरह तरह की धमकी दी। चार सौ रुपये का इंजेक्शन 4500 में दिया अलाउद्दीन का आरोप है कि अस्पताल में पूरी मनमानी चल रही थी। 400 रुपये का इंजेक्शन 4500 रुपये में दिया जा रहा था। उन्होंने अपने स्तर से इंजेक्शन लाने की बात कही तो अस्पताल का स्टाफ उल्टा सीधा व्यवहार करने लगा। इसी कारण उन्होंने उनके ट्रीटमेंट में लापरवाही बरती और मौत हो गई। माफी मांगने पर शांत हुए परिजन पूर्व प्रधान तैय्यब की मौत की सूचना पाकर कई राजनीतिक दलों के लोग वहां पहुंच गए। सभी का आरोप था कि अस्पताल की तरफ से लापरवाही की गई है। इसको लेकर सीओ सिविल लाइन भी मौजूद रहीं और अस्पताल के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में बात की। करीब दो घंटे हंगामा होता रहा। इसके बाद अस्पताल की ओर से मांफी मांगी गई और मामला शांत हुआ।
लखनऊ में बेटे का इलाज कराने आई मां ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आयुष्मान कार्ड का लाभार्थी होने के बावजूद बेटे के इलाज के लिए रुपये वसूले गए। ICU में मारपीट और बेटे की मौत के बाद दूसरे अस्पताल रेफर करने का भी आरोप लगाया है। महिला ने सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में CMO ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है। गुरुवार को शिकायतकर्ता और अस्पताल पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। पढ़िए पूरा मामला… लखीमपुर के काशीराम आवास निवासी मोनी गुप्ता के मुताबिक, उनके बेटे हिमांशु गुप्ता को सीने में भारीपन और सांस लेने में परेशानी हुई। 23 सितंबर की रात करीब दो बजे वह उसे लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंचीं। वहां डॉक्टरों ने गंभीर हृदय संबंधी बीमारी की आशंका जताई और लारी कार्डियोलॉजी ले जाने की सलाह दी। मोनी के अनुसार, लारी की इमरजेंसी पहुंचने पर मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां ICU में बेड खाली नहीं होने की बात कही गई। डॉक्टर हिमांशु की गंभीर हालत बताते हुए उसे बार-बार लारी ले जाने की बात कहते रहे। निजी अस्पताल में शिफ्ट करने के बाद मौत का आरोप परेशान मोनी ने KGMU के एक अधिकारी से फोन पर मदद मांगी। इसके बाद मरीज को नक्षत्रशाला के पास स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। महिला का आरोप है कि वहां इलाज में लापरवाही के कारण बेटे की मौत हो गई। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ.एपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। 23 अक्टूबर को शिकायतकर्ता और अस्पताल पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए CMO कार्यालय बुलाया गया है। जांच में लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में एक पक्षों का आपसी विवाद सड़क पर आ गया। प्रताप नगर सदर थाना क्षेत्र में एक महिला के ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर दूसरे पक्ष की महिला और पुरुषों पर बुधवार रात करीब 10 बजे हमला कर दिया। इस दौरान एक महिला पर स्कॉर्पियो ड्राइवर ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की। हालांकि लोगों की भीड़ ने स्कॉर्पियो ड्राइवर को रुकवा दिया।इस दौरान एक महिला के पांव में चोट भी लगी। सूचना मिलने के बाद प्रताप नगर पुलिस थाने से ASI महेंद्र, गणेश जाट मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो से एक खिलौनानुमा पिस्टल सहित धारदार हथियार भी मिले। पुलिस मामले में स्कार्पियो ड्राइवर सहित तीन जनों को पकड़कर थाने ले आई। महिला थाने में हुई थी काउंसलिंग जानकारी के मुताबिक- जोधपुर की रहने वाली एक महिला का पीपाड़ शहर में ससुराल है। महिला का ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा है। इसी को लेकर बुधवार को जोधपुर के महिला थाने में उनकी काउंसलिंग भी की गई थी। काउंसलिंग के बाद महिला अपने पीहर पक्ष के लोगों के साथ घर लौट रही थी। आरोप है कि इस दौरान महिला के ससुराल पक्ष के लोगों का विवाद हो गया। उसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने महिला के परिवार वालों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने की कोशिश की। अचानक हुए इस घटनाक्रम के चलते मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हालांकि देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई रिपोर्ट नहीं दी गई।
दीपावली की रौनक के बीच जयपुर की कलानेरी आर्ट गैलरी में कला, शिल्प, संगीत और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां 21 से 25 अक्टूबर तक पांच दिवसीय ‘दीवाली फ्ली मार्केट’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें करीब 45 कलाकार और कला उत्पादों से जुड़े प्रतिभागी अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रतिदिन शाम 5 से रात 10 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में कलात्मक वस्तुओं की खरीदारी के साथ रचनात्मक कार्यशालाओं, संगीत प्रस्तुतियों और साहित्यिक गतिविधियों का आनंद भी लिया जा सकेगा। आयोजन में प्रवेश निशुल्क है। कलानेरी की सौम्या विजय शर्मा ने बताया कि आयोजन की खास अवधारणा ‘वन वेंडर, वन आर्ट’ रखी गई है। इसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी विशिष्ट कला और शिल्प को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य दीपावली की खरीदारी को केवल वस्तुओं की खरीद तक सीमित न रखकर एक रचनात्मक अनुभव बनाना है। यहां लोग घर और कार्यालय की सजावट, उपहारों और व्यक्तिगत उपयोग के लिए कलात्मक वस्तुएं खरीदने के साथ उनके पीछे की कला और शिल्प परंपरा को भी करीब से जान सकेंगे। दीवाली फ्ली मार्केट में राजस्थान की पारंपरिक हस्तकलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। ब्लू पॉटरी, सांगानेरी और बगरू ब्लॉक प्रिंट, पिछवाई तथा मोलेला की कला परंपराएं यहां आकर्षण का केंद्र हैं। इन कलाओं के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कारीगरी की बारीकियों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्सवी माहौल में सजे स्टॉल कला प्रेमियों और दीपावली की खरीदारी करने वालों को पारंपरिक शिल्प के साथ समकालीन कलात्मक उत्पादों से रूबरू करा रहे हैं। पांच दिनों के दौरान अलग-अलग रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागियों को मिट्टी और रंगों के साथ अपनी कल्पनाओं को आकार देने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा ओपन माइक, गजल और गीतों की प्रस्तुतियां, शेरो-शायरी, संगीत संवाद और साहित्यिक चर्चाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। लाइट शो और अस्सी के दशक के बॉलीवुड संगीत पर आधारित विशेष संध्या के जरिए आयोजन में पुरानी यादों और उत्सवी रंगों का मेल देखने को मिलेगा। खानपान के विविध विकल्प और लाइव प्रस्तुतियां भी यहां आने वाले लोगों के अनुभव को खास बनाएंगी। पद्मश्री डॉ. माया टंडन से जुड़ी द लाइफ सेवर, बाल संबल और नया सवेरा जैसी संस्थाओं की सहभागिता से इस आयोजन को सामाजिक संवेदनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है। कलानेरी की ओनर सौम्या विजय शर्मा और ब्रिटेन की ब्राइटन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की शिक्षा प्राप्त कलरूट्स के श्रेय शर्मा इस आयोजन से जुड़े हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री आरके डेरेवाला, पद्मश्री एस. शाकिर अली और समाजसेवी राकेश राठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में मौहारी गांव के पास अज्ञात पिकअप की टक्कर से शशिकांत कोल (22) की मौत हो गई। वह चचेरे भाई रोशन लाल कोल के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए अष्टभुजा धाम जा रहा था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत बताया हादसे के बाद परिजन शशिकांत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी ले गए। डॉक्टर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना नईगढ़ी पुलिस को दी। पिकअप चालक की तलाश में जुटी पुलिस हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की और शव को मर्चुरी में रखवाया। पुलिस अज्ञात पिकअप और उसके चालक की तलाश कर रही है।
छतरपुर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम देरी में खेत पर थ्रेशर मशीन से सोयाबीन निकालते समय एक युवक का हाथ मशीन की चपेट में आ गया। हादसे में उसका हाथ और पंजा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। युवक की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल मशीन बंद कराई। इसके बाद गंभीर हालत में उसे बाइक से छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। सोयाबीन निकालते समय मशीन में फंसा हाथजानकारी के अनुसार, ग्राम देरी निवासी गणेश कुशवाहा (25), पिता छिद्दी कुशवाहा, अपने खेत में थ्रेशर मशीन से सोयाबीन निकालने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन की चपेट में आ गया। हादसे में उसके हाथ का पंजा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और काफी खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत थ्रेशर बंद किया, जिससे युवक को और गंभीर चोट लगने से बचाया जा सका। एंबुलेंस का इंतजार किए बिना बाइक से अस्पताल लाएघायल के पिता छिद्दी कुशवाहा और चाचा परमलाल कुशवाहा के मुताबिक, हादसे के बाद गणेश दर्द से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन एंबुलेंस का इंतजार किए बिना उसे बाइक से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सर्जरी वार्ड में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में इलाजजिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद उसे तीसरी मंजिल स्थित सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया। हाथ में गंभीर चोट और अधिक खून बहने के कारण उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। हादसे के बाद से परिवार के लोग परेशान हैं। 2. दोस्त ने बचाई जान इधर, छतरपुर के ईदगाह इलाके में दोस्तों के साथ बैठा 18 साल के अरबाज खान अचानक एक कुएं में गिर गया। करीब 17 फीट गहरे कुएं में गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई। गनीमत रही कि दोस्तों ने तुरंत कुएं में छलांग लगाकर उन्हें डूबने से बचा लिया। नया मोहल्ला निवासी अरबाज अपने दोस्तों के साथ कुएं की मुंडेर पर बैठे थे। संतुलन बिगड़ने से वह कुएं में जा गिरे। गिरने से उनके सिर में चोट लगी और खून बहने लगा।अरबाज को गिरते देख दोस्तों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई। तैरना जानने के कारण उन्होंने अरबाज को डूबने से बचाया और बाहर निकाला। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।हादसे के बाद अरबाज ने कहा कि दोस्त साथ नहीं होते तो उनकी जान जा सकती थी। उन्होंने दोस्तों का आभार जताया।
झुंझुनूं जिले में पत्नी की हत्या कर पति के सुसाइड करने का मामला सामने आया है। घर के कमरे में पति-पत्नी के शव मिले हैं। पत्नी कौशर (30) का शव बिस्तर पर पड़ा मिला, जिसके हाथ- पैर रस्सियों से बंधे थे। चाकू से गला कटा हुआ था और फर्श पर खून बह रहा था। वहीं, पति अब्दुल रहीम (34) पंखे से लटका हुआ था। घटना बिसाऊ कस्बे के वार्ड 23 की है, जिसका पता बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे चला। बिसाऊ थानाधिकारी उमाशंकर ने बताया- प्रारंभिक तौर पर घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या कर सुसाइड करने की आशंका है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए है। गेट खोला तो फर्श पर बह रहा था खूनपुलिस के अनुसार, परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि अब्दुल रहीम के छोटे भाई अब्दुल करीम का परिवार घर में दूसरे कमरे में रहता है। छोटे भाई की पत्नी बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार करने जेठ और जेठानी को जगाने पहुंची थी। उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। धक्का देकर दरवाजा खोला तो अब्दुल का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ था, जबकि कौशर का शव बिस्तर पर लहूलुहान हालत में पड़ा था। कौशर के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे थे और उसका गला कटा हुआ था और फर्श पर खून बह रहा था। इसके बाद महिला ने परिजनों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी गई। कमरे में चाकू और कुछ गोलियां भी पड़ी मिली है, जो नींद की गोलियां होने की आशंका है। 15 साल पहले हुई थी शादी, परिवार में 2 बेटेअब्दुल रहीम की शादी करीब 15 साल पहले फतेहपुर निवासी कौशर से हुई थी। दंपती के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र करीब 14 और 10 साल है। अब्दुल रहीम पेंटर का काम करता था। अब्दुल रहीम के पिता अलीम ने बताया- वह दूसरे मकान में रहते हैं। उन्हें घटना की जानकारी फोन पर मिली। उनके अनुसार, पहले किसी विवाद या ऐसी परिस्थिति की जानकारी नहीं थी। एफएसएल टीम पहुंची, एमओबी ने भी जुटाए साक्ष्यबिसाऊ थानाधिकारी उमाशंकर ने बताया- घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम के विजयभान सांखला और केशव चतुर्वेदी सहित झुंझुनूं की एमओबी टीम के एएसआई सतवीर और कॉन्स्टेबल सुमन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। कमरे में मिली वस्तुओं और अन्य परिस्थितियों को जांच में शामिल किया है। घटनास्थल पर मिली गोलियों की भी जांच की जाएगी। एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत और डीएसपी नरेश कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और परिजनों से जानकारी ली। प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद की आशंका सामने आई है। हालांकि शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। भाई अब्दुल करीम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में संपत्तियों को सील करने के मामले में बुधवार को फेमस प्लाजा में व्यापारियों की बैठक हुई। इसमें एमडीए के अभियंता और प्रशासनिक अधिकारी व्यापारियों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन बड़े अधिकारियों के नहीं आने पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। व्यापारी नेता रविंद्र गुर्जर ने कहा कि 16 हजार से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई का खतरा है। ऐसे में अधिकारियों को मामले की गंभीरता समझते हुए व्यापारियों और मकान मालिकों के साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को हल्के में न लिया जाए। व्यापारियों ने अधिकारियों को समाधान निकालने के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया है। उनका कहना है कि इस तारीख तक रास्ता नहीं निकला तो पहले से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए मेरठ के चारों जोन के लोगों को जोड़ने की तैयारी है। बड़े अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगी बैठक में व्यापारियों ने कहा कि अधिकारियों ने पहले सभी प्रभावित लोगों के साथ बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद बड़े अधिकारियों के बजाय छोटे स्तर के कर्मचारियों को भेजा गया। इससे व्यापारियों में नाराजगी है। रविंद्र गुर्जर ने कहा कि जब लोगों के घर और दुकान सील होने की स्थिति है, तब अधिकारियों को खुद बैठक में पहुंचकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी 15 नवंबर तक घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और सभी प्रभावित लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बीच किसी के घर या दुकान पर सील लगाने की कार्रवाई हुई तो व्यापारी विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे मेरठ का आंदोलन है। व्यापारियों के साथ मकान मालिकों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए भी आवाज उठाई जाएगी। छह मकानों का मामला भी उठा बैठक में सेंट्रल मार्केट में पहले हुई कार्रवाई और छह मकानों का मामला भी उठाया गया। रविंद्र गुर्जर ने कहा कि संबंधित मकान मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा था। उन्होंने मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की बात सुनी जाए। व्यापारियों ने कहा कि 16 हजार से अधिक संपत्तियों से जुड़े मामले में जल्दबाजी करने के बजाय बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर तक समाधान निकलता है तो वे अधिकारियों के प्रयासों का समर्थन करेंगे। ऐसा नहीं होने पर सीलिंग के विरोध में आंदोलन तेज किया जाएगा।
भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस आयुक्त भोपाल ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। 21 अक्टूबर को जारी आदेश के मुताबिक- टीम को मामले की अग्रिम विवेचना और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें पुलिस मुख्यालय, अपराध शाखा और रातीबड़ थाने के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया है। पुलिस हर सप्ताह जांच की प्रगति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएगी। अब विशेष जांच दल के गठन के बाद मामले में हत्या के पीछे की वजह, वारदात के घटनाक्रम और संदिग्ध की भूमिका की जांच तेज होने की उम्मीद है। बता दें, 30 सितंबर की रात रिटायर्ड IAS की उनके घर में गला रेतकर हत्या की गई थी। वारदात के बाद से उनका केयरटेकर वरुण कुमार लापता है। पुलिस को शुरुआती जांच में लूट की आशंका भी मिली थी। CM से मिले IAS एसोसिएशन के पदाधिकारी इधर, रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल मर्डर केस का खुलासा नहीं होने के मामले में बुधवार को एमपी आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव और केवीएस चौधरी कोलसानी ने सीएम से मुलाकात की थी। पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच पुलिस आयुक्त कार्यालय से 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है। आदेश के अनुसार, टीम मामले की अग्रिम विवेचना करेगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए काम करेगी। जांच की प्रगति की जानकारी हर सप्ताह संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को देनी होगी। आधी रात गला रेतकर की थी हत्या रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर 2026 को भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर में उनके बंगले में हत्या कर दी गई थी। उनका घर पनघट कॉलोनी के पीछे स्थित है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि वारदात रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। सुबह जब उनकी पत्नी की नींद खुली तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। उन्होंने दूसरे केयरटेकर अमर थापा को बुलाया। दरवाजा खुलने के बाद राकेश अग्रवाल के कमरे की जांच की गई तो वे मृत मिले। उनका गला धारदार हथियार से रेता गया था। हत्या से कुछ दिन पहले ही रखा था केयरटेकर जांच के दौरान पुलिस का संदेह उस केयरटेकर वरुण कुमार पर गया, जिसे वारदात से कुछ दिन पहले ही काम पर रखा गया था। वह एक एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उसे 24 घंटे के केयरटेकर-कम-नर्स के रूप में नियुक्त किया गया था। हत्या के बाद वरुण कुमार घर से लापता मिला। उसके कुछ सामान भी गायब बताए गए थे। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। घर में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण जांच में आसपास के कैमरों की भूमिका अहम हो गई थी। यह खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड IAS का मर्डर कर 2KM भागा केयरटेकर भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केयर टेकर वरुण कुमार के भागने का पूरा रूट ट्रेस कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में ही ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की दर्जनभर टीमें तैनात की गई हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
विदिशा में गुरुवार शाम नगर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा नीमताल से वाहन रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए माधवगंज चौराहे पहुंची। यहां कांग्रेसियों ने ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने पुतला दहन रोकने के लिए फायर ब्रिगेड से पानी की बौछार की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने पहले ही पुतले में आग लगा दी। कांग्रेस नेताओं ने SIR के नाम पर मतदाताओं के वोट हटाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। माधवगंज चौराहे पर पुतला दहन, पुलिस से हुई खींचतानकांग्रेस की वाहन रैली माधवगंज चौराहे पहुंचने के बाद प्रदर्शन में बदल गई। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिस ने आग लगाने से रोकने के लिए फायर ब्रिगेड से पानी की बौछार की, लेकिन इससे पहले ही पुतले में आग लगा दी गई। नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू और कांग्रेस प्रवक्ता सुशील शर्मा ने दूसरा पुतला जलाकर विरोध जारी रखा। रवि साहू ने पुलिस प्रशासन पर प्रदर्शन के दौरान अनावश्यक रूप से रोकने का आरोप लगाया। SIR के नाम पर वोट हटाने का आरोपजिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर मतदाताओं के वोट हटाकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया जाता है, उसी तरह कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया है। रघुवंशी ने चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार के संबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के बचाव में पूरी भाजपा सरकार खड़ी नजर आती है। इस्तीफा नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनीनगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है। यदि उसकी कार्यप्रणाली पर जनता के मन में संदेह पैदा होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र वर्मा ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। रवि साहू ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने आगे भी पुतला दहन रोकने की कोशिश की, तो कांग्रेस शहर के सभी 39 वार्डों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिले के ब्लॉक मुख्यालयों पर भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किए गए।
शाजापुर शहर में शहरी हाईवे के निर्माण के दौरान सड़क की खुदाई से धूल उड़ रही है। दुकानों तक पहुंचना मुश्किल होने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने निर्माण एजेंसी पर घटिया काम का आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। खुदाई से दुकानों तक पहुंचना मुश्किल सड़क के दोनों ओर खुदाई होने से ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि धूल के कारण ग्राहक भी दुकानों पर आने से बच रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कलेक्टर से की थी शिकायत कांग्रेस नेता इरशाद खान ने निर्माण एजेंसी पर घटिया काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश में कीचड़, अब उड़ रही धूल स्थानीय लोगों और व्यापारियों के मुताबिक, बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ होने से वाहन फंसते थे। अब निर्माण के दौरान धूल उड़ने से परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि पूरे शहर में खुदाई कर दी गई है और इससे सड़क के जल्द खराब होने की आशंका है।
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में थड़ोद बालाजी मंदिर के पास फोरलेन हाईवे पर बुधवार शाम को एक हादसा हुआ। कंटेनर की टक्कर से बाइक सवार किशन (35) और घीसालाल (70) घायल हो गए। दोनों को टोल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। काचरिया चंद्रावत निवासी किशन अपने खेत उजागरिया जा रहे थे। रास्ते में उन्हें गांव के ही घीसालाल मिले, जिन्होंने मदद मांगी। किशन ने उन्हें अपनी बाइक पर बैठा लिया। दोनों उजागरिया जाने के लिए निकले थे। थड़ोद बालाजी मंदिर के पास फोरलेन हाईवे पार करते समय एक कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में किशन के सिर में करीब 10 टांके आए हैं। उनके हाथ और पैर में भी चोटें लगी हैं। घीसालाल के हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
बुरहानपुर को कचरा मुक्त बनाने का काम तेज हो गया है। विधायक अर्चना चिटनीस ने बुधवार को पार्षदों के साथ ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर कचरा निस्तारण कार्य का जायजा लिया। शहर से हर दिन निकलने वाला हजारों टन कचरा पिछले 40 सालों से ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा हो रहा था। निपटान की योजना न होने से करीब 2 लाख टन कचरे के पहाड़ बन गए थे। केंद्र के स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम को इस पुराने कचरे के निपटान के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं। अब आधुनिक मशीनों से कचरे के पहाड़ों को अलग किया जा रहा है। गीले कचरे से जैविक खाद बन रही है। प्लास्टिक कचरा रीसाइकल के लिए सीमेंट फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है, और शेष कचरा बिजली बनाने के लिए पावर प्लांट में जा रहा है। विधायक चिटनीस ने कहा कि बुरहानपुर जल्द ही कचरे के पहाड़ों से मुक्त होगा। उन्होंने शहरवासियों से कचरा कम निकालने और घर पर ही अलग करने की अपील भी की।
जमुई जिले में प्रसव के दौरान एक महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार को हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। रोते-बिलखते परिजन दोनों के शव लेकर गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। मृतका की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के दोबटिया गांव निवासी मनौती टुड्डू (25), पति सुनील मुर्मू के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समय पर ऑपरेशन नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मृतका के पति सुनील मुर्मू के अनुसार, मंगलवार सुबह पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वह आशा कार्यकर्ता के साथ मलयपुर अस्पताल पहुंचीं। परिजनों का कहना है कि वहां एएनएम ने जांच के बाद सुरक्षित प्रसव का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद प्रसव के दौरान बच्चे का शरीर उल्टा होने के कारण उसका सिर फंस गया। स्थिति गंभीर होने पर महिला को सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया। रास्ते में निजी क्लीनिक भी ले गए परिजन परिजनों के मुताबिक, महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए रास्ते में उसे सतगामा स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया, लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां प्रसव के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो चुकी थी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की हालत भी बिगड़ गई और कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने सवाल उठाया कि समय रहते ऑपरेशन क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने जांच की बात कही प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी विजय कुमार ने बताया कि महिला जब मलयपुर अस्पताल पहुंची, तब बच्चे का पैर बाहर आ चुका था। उनके अनुसार, एएनएम ने महिला को रेफर किया था, लेकिन वह जाने को तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि महिला विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहतीं तो सुरक्षित प्रसव संभव हो सकता था। वहीं, सिविल सर्जन अशोक कुमार सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी नहीं होने की बात कही और उपाधीक्षक से संपर्क करने को कहा। उपाधीक्षक थनीष कुमार ने भी घटना की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच के बाद जानकारी देने की बात कही। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल इस घटना ने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक, बीते 15 दिनों में जिले में प्रसव पीड़िताओं की मौत की यह तीसरी घटना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की रेफरल व्यवस्था, आपातकालीन प्रसव सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि मामले की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
भाजपा के युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार से कुल 6 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें तीन नेता ऐसे हैं, जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पुरानी टीम में काम कर चुके हैं। इनके अलावा बिहार से मैथिली ठाकुर, मानवेंद्र चौहान और विनीत कुशवाहा का भी नाम है।
शिवपुरी शहर के शासकीय पीजी कॉलेज की प्रोफेसर कॉलोनी में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब ग्वालियर से आई महिला प्रोफेसर के क्वार्टर के बाहर पहुंचकर पति के अंदर होने का दावा किया। महिला ने दरवाजा खुलवाने और पति को बाहर निकालने की मांग की। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। बाद में दोनों पक्ष फिजिकल थाने पहुंचे, जहां उनकी ओर से लिखित शिकायतें दी गईं। महिला का आरोप है कि उसके प्रोफेसर पति पिछले ढाई साल से उससे अलग रह रहे हैं। उनका एक बेटा भी है और अभी दोनों के बीच तलाक नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि उसके पति महिला प्रोफेसर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। इसी बात को लेकर वह बुधवार को प्रोफेसर कॉलोनी में पहुंची थी। दरवाजा खुलवाने के नाम पर हंगामाक्वार्टर का दरवाजा खुलवाने की मांग करते हुए हंगामा किया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कुंडी नहीं खोली गई। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिला अपने पति को क्वार्टर से बाहर निकलवाने की मांग पर अड़ी रही। इसी बीच महिला प्रोफेसर अपने क्वार्टर से बाहर निकलीं, लेकिन उन्होंने महिला को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रोफेसर शिकायत दर्ज कराने फिजिकल थाने पहुंच गईं। वहीं कुछ देर बाद ग्वालियर से आई महिला भी थाने पहुंची और अपनी शिकायत दर्ज कराई। अभी यह पता नहीं कि उसका पति महिला प्रोफेसर के साथ अंदर था या नहीं। प्रोफेसर से बात नहीं हो सकी। इधर फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें दी गई हैं। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान में कक्षा 5वीं और 8वीं की वर्ष 2027 की परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन से वंचित रहे स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग ने राहत दी है। पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं (राजस्थान, बीकानेर) ने ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 21 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026, शनिवार रात 11:59 बजे तक कर दी है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 8वीं और कक्षा 5वीं की परीक्षाओं के लिए पात्र एवं नियमित स्टूडेंट्स के ऑनलाइन आवेदन शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से भरे जाएंगे। विभाग ने साफ किया है कि स्टूडेंट्स के लिए आवेदन पूरा करने का यह आखिरी मौका है। विभाग ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्राचार्यों और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया की सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। सरकारी, संस्कृत, मूक-बधिर, प्राइवेट स्कूलों और मदरसों में पढ़ रहे सभी पात्र स्टूडेंट्स के आवेदन समय पर पूरे कराने को कहा गया है। यदि 31 अक्टूबर रात 11:59 बजे तक किसी स्कूल प्रमुख द्वारा अपने स्टूडेंट्स के शत-प्रतिशत ऑनलाइन आवेदन पूरे नहीं किए जाते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्टूडेंट्स को मिल सकेगी राहतशिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने तिथि बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी से छूटे स्टूडेंट्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। उन्होंने सभी स्कूल प्रमुखों से समय पर शत-प्रतिशत आवेदन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों को सलाह दी कि वे स्कूल से संपर्क कर अपने बच्चों के आवेदन की स्थिति की जांच जरूर कर लें।
सात दिनों की जेल के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने एसईएम कोर्ट में शांति भंग न करने का लिखित आश्वासन दिया है। अदालत ने उन्हें 23 अक्टूबर को फिर से पेश होने का निर्देश दिया है, हालांकि मामला अभी बंद नहीं हुआ है।
हरिद्वार घूमने जा रहे पानीपत के फैक्ट्री मालिक और उसके साथ काम करने वाले श्रमिकों की स्कॉर्पियो बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश के कैराना में पानीपत-खटीमा हाईवे के बाईपास फ्लाईओवर पर हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और 4 बार पलटने के बाद करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में स्कॉर्पियो चला रहे फैक्ट्री मालिक संदीप कुमार दुहन (40) और श्रमिक अंकित (22) की मौत हो गई, जबकि फैक्ट्री में काम करने वाले मेजर और आतिश गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकलवाया। सुबह साढ़े 10 बजे फ्लाईओवर पर हुआ हादसा समालखा थाना क्षेत्र के शहरमालपुर गांव निवासी संदीप कुमार दुहन की पानीपत में कंबल और पर्दे बनाने की फैक्ट्री है। बुधवार को वह अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक अंकित, मेजर और आतिश के साथ स्कॉर्पियो में सवार होकर हरिद्वार घूमने निकले थे। गाड़ी संदीप कुमार चला रहे थे। सुबह करीब साढ़े 10 बजे जब वे कैराना के निकट पानीपत बाईपास फ्लाईओवर पर पहुंचे तो स्कॉर्पियो अचानक असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। चार बार पलटी, 100 मीटर तक घिसटती गई गाड़ी डिवाइडर से टकराने के बाद स्कॉर्पियो कई बार पलटी। प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार, गाड़ी 4 बार पलटने के बाद करीब 100 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। हादसे के दौरान गाड़ी में सवार लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई स्कॉर्पियो को सीधा कराया गया और उसमें फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने फैक्ट्री मालिक और श्रमिक को मृत घोषित किया अस्पताल में डॉक्टरों ने संदीप कुमार दुहन और अंकित को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल मेजर और आतिश को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन भी कैराना पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच अधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। 2 भाइयों में बड़े थे संदीप, परिवार में है छोटा बेटा संदीप कुमार दुहन के चाचा जय भगवान ने बताया कि संदीप पानीपत में फैक्ट्री चलाते थे और दो भाइयों में बड़े थे। उनके परिवार में एक छोटा बेटा है। संदीप की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया। 2 बहनों के इकलौते भाई थे अंकित हादसे में जान गंवाने वाला 22 वर्षीय अंकित पानीपत जिले के बापौली थाना क्षेत्र के रसलापुर गांव का रहने वाला था। वह कंबल फैक्ट्री में मजदूरी करता था। अंकित के ताऊ बलवीर ने बताया कि वह माता-पिता का इकलौता बेटा था और अविवाहित था। उसकी दो बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अंकित की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस सफर पर चारों घूमने के लिए निकले थे, वह दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य (MLC) चुनाव को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी बुधवार की आदेश जारी किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, जो राजनीतिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद जनपद की सीमा छोड़नी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार कार्य समाप्त हो जाता है। इसके बाद बाहरी लोगों का निर्वाचन क्षेत्र में ठहरना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। आयोग का मानना है कि बाहरी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से मतदाताओं पर अनुचित दबाव पड़ सकता है और स्वतंत्र मतदान का माहौल प्रभावित हो सकता है। जिलाधिकारी त्रिपाठी ने बताया कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बाहरी कार्यकर्ताओं को समय रहते जिले से बाहर भेजने की व्यवस्था करें। निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें होटलों, गेस्ट हाउसों और राजनीतिक दलों के कार्यालयों में सघन चेकिंग करेंगी ताकि बाहरी लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर भेजा जा सके।
प्रयागराज में सुबह 8 बजे रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां:जिला प्रशासन ने पूरी की एमएलसी चुनाव की तैयारी
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए प्रयागराज में 152 बूथ (मतदेय स्थल) बनाए गए हैं, जहां जिले के करीब 1.15 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव तैयारियों के सिलसिले में बुधवार को जिला निर्वाचन की टीम देर रात तक सभी बूथों के लिए जरूरी सामग्री और साजो-सामान को अंतिम रूप देने में जुटी रही। प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार की सुबह आठ बजे से मैरी लूकस कॉलेज से पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू होगी। कॉलेज परिसर से ही सभी मतदान दलों को उनके निर्धारित बूथों के लिए रवाना किया जाएगा। मतदान कर्मियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती का विवरण इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और त्रुटिहीन ढंग से करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और शिक्षण संस्थानों के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जिले में इस चुनाव के संचालन के लिए करीब 900 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है, जो पोलिंग बूथों पर मतदान की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की सूक्ष्म निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चुनाव तैयारियों के तहत जिले में 15 जोनल मजिस्ट्रेट और 50 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ये सभी मजिस्ट्रेट और जोनल अधिकारी पोलिंग पार्टियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या तकनीकी बाधा से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं। बैलेट बॉक्स से होगा मतदान, देर रात तक तैयार हुई सामग्री चुनाव आयोग के निर्देशानुसार यह मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय पारंपरिक बैलेट बॉक्स (मतपेटियों) के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। मतदान सामग्री तैयार करने के लिए निर्वाचन टीम ने बुधवार देर रात तक कड़ा परिश्रम किया। रवानगी के समय ही सभी पोलिंग पार्टियों को बैलेट बॉक्स, अमिट स्याही, वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) और चुनाव संचालन से जुड़ी अन्य आवश्यक स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव परसुरक्षा के मोर्चे पर भी जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बार के स्नातक एमएलसी चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।निर्वाचन क्षेत्र के कुल 10 जिलों में फैले इस चुनाव में अकेले प्रयागराज जिले का मतदाता दायरा सबसे बड़ा है, जिसके चलते प्रशासन और राजनीतिक दलों, दोनों के लिए ही यह प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपील की है कि सभी मतदाता निर्धारित समयावधि के भीतर अपने वैध पहचान पत्र के साथ केंद्रों पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग करें।
फिरोजाबाद के थाना रजावली क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोषी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी मानपाल उर्फ बहरा पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। पास्ता दिलाने के बहाने घर ले गया था आरोपी पुलिस के अनुसार, घटना 13 जून 2026 की है। पांच वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप था कि गांव का ही मानपाल उर्फ बहरा (52) उसे पास्ता दिलाने के बहाने अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में थाना रजावली में मुकदमा अपराध संख्या 84/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 9एम/10 में मुकदमा दर्ज किया गया था। 10 दिन में दाखिल किया आरोपपत्र पुलिस के मुताबिक, थाना रजावली पुलिस ने मामले की विवेचना महज 10 दिन में पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। प्रभावी पैरवी, साक्ष्यों के संकलन और नियमित मॉनिटरिंग के चलते 82 कार्यदिवस में 21 सुनवाई के बाद फैसला आ गया। विशेष पॉक्सो न्यायालय के पीठासीन अधिकारी मुमताज अली ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पहले भी दर्ज थे मुकदमे पुलिस के अनुसार, दोषी के खिलाफ पहले भी एससी-एसटी एक्ट और छेड़खानी से संबंधित मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी से दोषी को सजा दिलाने में अभियोजक अवधेश भारद्वाज, विवेचक एवं थानाध्यक्ष बृजकिशोर और कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल वेदपाल का विशेष योगदान रहा।
गयाजी शहर में बुधवार को भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत का मिलन हुआ। गाजे-बाजे, ऊंट-घोड़ों और आकर्षक झांकियों के साथ भरत मिलाप की शोभायात्रा निकाली गई। जीबी रोड स्थित कोतवाली थाना चौक पर श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य देखकर कई श्रद्धालु भावुक हो गए। श्री आदर्श लीला समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम पिछले 57 वर्षों से गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बना हुआ है। बिसार तालाब में पूजा, महाआरती और छप्पन भोग भरत मिलाप के अवसर पर बिसार तालाब स्थित आयोजन स्थल पर कार्यक्रम हुआ। भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। रामभक्तों पर ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद पुरोहितों ने विधि-विधान से पूजा कराई और भगवान श्रीराम की महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। भगवान श्रीराम को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा गया। मेयर और पूर्व डिप्टी मेयर ने किया उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन गयाजी नगर निगम के मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, पार्षद सारिका वर्मा और आयोजनकर्ता कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समिति के अध्यक्ष कुमार गौरव सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और भगवान श्रीराम का प्रतीक चिह्न देकर किया। कार्यक्रम में शहर के चिकित्सकों, समाजसेवियों और अन्य गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों और अतिथियों ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्ता पर जोर दिया। बिसार तालाब से निकली शोभायात्रा, कोतवाली चौक पर हुआ मिलन पूजा-अर्चना, महाआरती, सम्मान समारोह और छप्पन भोग के बाद बिसार तालाब रोड से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें गाजे-बाजे, ऊंट-घोड़े और भगवान श्रीराम सहित अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे कलाकार शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती शोभायात्रा को देखने के लिए जगह-जगह लोग जुटे रहे। जीबी रोड स्थित कोतवाली थाना चौक पर भगवान श्रीराम और भरत का मिलन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। रामायण के इस प्रसंग में भरत का अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति प्रेम और निष्ठा दिखाई देती है। यह प्रसंग परिवार में प्रेम, सम्मान, त्याग और समर्पण का संदेश देता है। 57 वर्षों से हो रहा भरत मिलाप का आयोजन: गौरव सिन्हा श्री आदर्श लीला समिति के अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने कहा कि उनकी संस्था पिछले 57 वर्षों से लगातार भरत मिलाप का आयोजन कर रही है। स्थानीय लोगों के सहयोग और भागीदारी से हर साल यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अयोध्या से आए कलाकारों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्थानीय कलाकारों ने भी अपने मंचन से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि भरत मिलाप केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, भाईचारे और पारिवारिक एकता का संदेश देने वाला पर्व है। इससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। भारतीय संस्कृति और पारिवारिक प्रेम का प्रतीक: मेयर मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि भरत मिलाप भारतीय संस्कृति, पारिवारिक प्रेम और त्याग की भावना का प्रतीक है। भगवान श्रीराम और भरत का मिलन रिश्तों में प्रेम, सम्मान और समर्पण का महत्व बताता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ती है। शहरवासियों की भागीदारी सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करती है। त्याग और समर्पण का संदेश देता है भरत मिलाप: मोहन श्रीवास्तव पूर्व डिप्टी मेयर और नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान श्रीराम और भरत का मिलन त्याग, प्रेम, मर्यादा और भाईचारे का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भरत ने राजसुख का त्याग कर बड़े भाई के प्रति निष्ठा दिखाई। यह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे आयोजनों से गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है तथा समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। शहर के गणमान्य लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में व्यवसायी अशोक लाल, उद्योगपति गौतम कुमार, डॉ. कनिष्क, डॉ. कुमार अनुपम, डॉ. गुंजन, समाजसेवी राखी अग्रवाल, ममता कुमारी, अनु कुमारी, प्रियदर्शिनी भारती, पार्षद गजेंद्र सिंह और श्री दशहरा कमेटी के अजय तरवे सहित रामलीला समिति के सदस्य और शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। धार्मिक आस्था के साथ आयोजित भरत मिलाप ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया। 57 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को प्रेम, त्याग, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों की याद दिलाती है।
शाजापुर में शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद भी शहर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। शहर के कई चौक-चौराहों पर स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन नवमी के दिन कर दिया गया था, जबकि कुछ पंडालों में विराजित प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार रात को किया गया। इस दौरान श्रद्धालु ढोल-ढमाकों और माता के जयकारों के साथ जुलूस में शामिल हुए। गरबों की धुन पर थिरके श्रद्धालु बुधवार रात करीब 8:30 बजे हाट मैदान स्थित नमो-नमो समिति और टेंशन चौराहा मित्र मंडली ने धूमधाम से विसर्जन जुलूस निकाला। जुलूस में महिलाएं गरबों की धुन पर नृत्य करती नजर आईं। कुछ महिलाओं ने सिर पर जवारे और कलश भी रखे हुए थे। श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थल की ओर बढ़े। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा जुलूस नमो-नमो समिति का जुलूस हाट मैदान से शुरू हुआ, जबकि टेंशन चौराहा मित्र मंडली का जुलूस टेंशन चौराहे से निकला। दोनों जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करेड़ी नाके की पुलिया पर पहुंचे। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुरक्षा के लिए तैनात रहे पुलिसकर्मी विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद मां दुर्गा को विदाई दी और अगले साल फिर आने की कामना की। तस्वीरे देखिए…
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पेंशनर्स का इक्कीसवें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। आज पेंशनर्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन की छह माह की पेंशन के भुगतान की असफलता से आक्रोशित होकर वर्तमान कुलगुरु के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने को काला दिवस (ब्लैक डे) के रूप में मनाया। जीत यूनिवर्स के कंप्यूटर एप्लिकेशंस डिपार्टमेंट की मेजबानी में बुधवार को एआई-ड्रिवन प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स विद क्वांटम कंप्यूटिंग फॉर इंडस्ट्री एप्लिकेशंस विषय पर नेशनल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत हुई। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें...
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पोलो मैदान में रावण वध देखने उमड़ी भीड़:मुंगेर में DM-SP ने उतारी आरती, भगवान श्रीराम के जयकारे
मुंगेर में विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को शहर के पोलो मैदान में भव्य रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया गया। रावण वध देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। मैदान में मौजूद दर्शकों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। मैदान तालियों और जयकारों से गूंजा कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्यों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आरती उतारकर किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने भगवान श्रीराम का हाथ पकड़कर प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाया। तीर चलने के साथ ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे। पुतलों के दहन के साथ मैदान तालियों और जयकारों से गूंजने लगा। आतिशबाजी के मनमोहक दृश्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। राम, लक्ष्मण और हनुमान के किरदार ने मोहा मन रावण वध कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की भूमिका निशा ओंकार कलाकुंज के निदेशक रितेश मिश्रा ने निभाई, जबकि लक्ष्मण और हनुमान की भूमिका स्थानीय कलाकारों ने अदा की। कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। रावण वध के दौरान मैदान में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने एक साथ इस आयोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस बार पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। मैदान के चारों ओर बनाए गए वॉच टावरों से भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात रहा। अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही थी। उन्होंने जिलेवासियों से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के लिए पोलो मैदान में अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर श्रीरामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक, समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
सीतामढ़ी जिले में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जा रहा है। विसर्जन यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और विसर्जन मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ एसएसबी के जवानों को भी लगाया गया है। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। तैनाती और व्यवस्था का जायजा लिया प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भीड़ और जुलूस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। सदर एसडीएम आनंद कुमार और डीएसपी राजीव कुमार सिंह खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती और व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील विसर्जन यात्रा में शामिल सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने श्रद्धालुओं से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व संपन्न कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा आस्था और भक्ति का पर्व है। सभी लोगों को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण माहौल में मां दुर्गा को विदाई देनी चाहिए। सदर एसडीएम आनंद कुमार ने कहा कि विसर्जन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। विसर्जन मार्गों पर जवानों की तैनाती की गई है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और एसएसबी के जवानों की मौजूदगी में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है।
हाईवे किनारे बेसुध मिला हेड कांस्टेबल निलंबित:चित्रकूट में नशे में धुत था, सीओ सिटी को जांच सौंपी गई
चित्रकूट में हाईवे किनारे बेसुध मिले पुलिसकर्मी पर विभाग ने कार्रवाई की है। पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी दीपक प्रकाश वर्मा (45) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की प्रारंभिक जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। पुलिस ने 21 अक्टूबर को प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों ने डायल 112 पर दी थी सूचना मुख्य आरक्षी दीपक प्रकाश वर्मा कर्वी कोतवाली क्षेत्र में कालूपुर पाही और खोह के बीच हाईवे किनारे बेसुध मिले थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 112 पर दी। इसके बाद पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और मुख्य आरक्षी को चौकी ले गए। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर नवनीत सिंह ने उन्हें नशे में बताया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरक्षी पर वर्दी में लगातार नशे में रहने और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करने के आरोप हैं। इससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरक्षी को निलंबित किया गया है। मामले की प्रारंभिक जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
वाराणसी में बुधवार देर शाम बाइक सवार करीब 6 युवकों ने एक युवक की पिटाई कर दी। हमलावरों से बचने के लिए युवक अनंत फूड कोर्ट के सामने स्थित एक दुकान में घुस गया। आरोप है कि हमलावरों ने दुकान के अंदर पहुंचकर भी उसे पीटना जारी रखा। युवक के सिर पर 8 बार जग से हमला किया। घटना के बाद हमलावर मौके से भाग गए है। घटना चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही स्थित हैदराबाद गेट के पास की है। अब पढ़िए पूरा मामलाजानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम हैदराबाद गेट के पास अनंत फूड कोर्ट के सामने एक युवक मौजूद था। इसी दौरान बाइक से पहुंचे करीब 6 युवकों ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुई मारपीट से बचने के लिए युवक भागकर पास की दुकान में घुस गया। आरोप है कि हमलावर भी उसके पीछे दुकान के अंदर पहुंच गए और उसके साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान दुकान में रखे सामान से युवक पर हमला किए जाने की बात सामने आई। घटना को लेकर सब्जी काटने वाले चाकू से हमला किए जाने की भी चर्चा हुई, हालांकि पुलिस ने पानी के जग से हमला किए जाने की जानकारी दी है। लोगों ने बीच-बचाव कर युवक को बचायायुवक को दुकान के अंदर पिटता देख दुकान संचालक और वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। लोगों के हस्तक्षेप के बाद युवक को हमलावरों से बचाया जा सका। इसके बाद दोनों पक्ष मौके से चले गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में चर्चा शुरू हो गई। सिर पर 8 बार किया हमलापूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। वीडियो में दिख रहा है कि युवक जमीन पर पड़ा है। एक युवक के हाथ में चाकू लेकर अंदर आता है। इसके बाद दूकान में रखे जग से उसके सिर पर 8 बार हमला करता है। इसके बाद हाथ में चाकू लेकर भाग जाता है। पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटीचितईपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम ने बताया- युवक पर दुकान के अंदर रखे पानी के जग से हमला किया गया था। घटना के बाद दोनों पक्ष वहां से चले गए। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और मारपीट करने वाले युवकों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। फिलहाल मारपीट के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

