उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली का दौरा करेंगे। उनके इस दौरे से पहले पूरा शहर लाल पोस्टरो से पट गटा, शर्मा हर प्रमुख चौराहो पर सपा ने स्वागत पोस्टर लगाए, इतना ही नही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और तैयारियां जोरों पर हैं। इस दौरान अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और हाल के विवादों पर प्रशासन से सवाल भी पूछेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के घर 'चाय पर चर्चा' के लिए जाएंगे। इस बैठक में स्थानीय राजनीतिक स्थिति और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर बात होगी। अखिलेश यादव का यह दौरा हाल ही में समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों के बीच हुए झगड़े से जुड़ा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, अखिलेश यादव इस विवाद पर प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाएंगे और हालात का जायजा लेंगे। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 'पीडीए रथ' की शुरुआत रायबरेली से हो रही है। इससे कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ेगा और पूरे प्रदेश में एक बड़ा संदेश जाएगा। जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव के विकास कार्यों को जनता आज भी याद करती है। उन्होंने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव हों या 2024 के लोकसभा चुनाव में 'इंडिया' गठबंधन की जीत, रायबरेली की जनता का समर्थन हमेशा सपा के साथ रहा है। पार्टी उनके नेतृत्व में भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करेगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय परितोष मिश्रा को सौंपा। इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव तत्काल कराने की मांग की गई।विवेक बंसल ने सरकार पर पंचायतों के निर्वाचित निकायों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पंचायत चुनाव कराओ, अगर करा नहीं पाओ तो गद्दी छोड़ो और मठ को जाओ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावी वर्ष में राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की है।बंसल ने कहा कि प्रदेश में पंचायत निकायों के निर्वाचित कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हुए हैं। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मई 2026 में पूरा हुआ, जबकि जिला पंचायतों का कार्यकाल जुलाई में और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल भी जुलाई में समाप्त हुआ। इसके बाद सरकार ने नई पंचायतों के गठन और चुनाव होने तक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निवर्तमान प्रतिनिधियों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी है।ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर सोमवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष नवेद खान, राजीव गांधी पंचायत राज के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह, ठाकुर वीनीश सिंह तोमर, पार्षद बिजेंद्र सिंह बघेल, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय यादव, रवि बघेल, कफील अहमद खान, अर्जुन सिंह दिवाकर, हिना मिर्जा, चौधरी वीरेंद्र सिंह, किर्तेश खांडे, चौधरी सुरेंद्र सिंह, आमिर जमील, शिवा शर्मा, सलाउद्दीन वसी, शादाब फजल, शाहरुख खान, कैलाश वाल्मीकि, ओमप्रकाश सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संभल में सरकारी राशन योजना का गलत फायदा उठाने वालों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला आपूर्ति विभाग और तहसील की टीमों ने राशन कार्ड धारकों की जांच की। इस जांच में करीब 47 हजार राशन कार्ड ऐसे मिले जो गलत तरीके से बने थे। जांच के बाद इन सभी राशन कार्डों को रद्द कर दिया गया है। मंगलवार की दोपहर 3:30 बजे डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि सरकारी राशन का फायदा सिर्फ सही लोगों को ही मिलना चाहिए। गलत तरीके से बने राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने आदेश दिए हैं कि अगर किसी ने गलत तरीके से सरकारी राशन लिया है, तो उससे नियमों के हिसाब से वसूली की जाएगी। डीएम ने यह भी कहा कि अगर राशन कार्ड बनाने में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका पर शक हुआ, तो उसकी भी जांच होगी। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने संभल शहर में राशन कार्ड बनाने के पूरे तरीके की जांच के आदेश दिए हैं। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया है। 47 हजार राशन कार्ड रद्द होने के बाद जिला आपूर्ति विभाग ने जिले की सरकारी राशन दुकानों पर जांच तेज कर दी है। तीन दिन पहले चंदौसी इलाके में सरकारी राशन बांटते समय कम तौलने का मामला सामने आया था, इसकी शिकायत मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने राशन दुकानों की जांच बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच आपूर्ति विभाग के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की इस मुहिम का मकसद सरकारी अनाज को सही हकदार लोगों तक पहुंचाना और गलत तरीके से फायदा उठा रहे लोगों को रोकना है।
शाजापुर के मोहन बड़ोदिया में एनटीपीसी सोलर प्लांट से हुई कॉपर केबल चोरी का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर जंगल की झाड़ियों से करीब 700 मीटर इलेक्ट्रिक कॉपर केबल बरामद की गई। इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। 18 सितंबर को प्लांट से चोरी हुई थी केबल पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर की शाम बुरलाय बांध स्थित एनटीपीसी सोलर प्लांट की यूनिट नंबर-1 से करीब 700 मीटर कॉपर केबल चोरी हुई थी। 20 सितंबर को कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर पंकज गुर्जर ने मोहन बड़ोदिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में ग्राम धतरावदा निवासी सुभाष पाल और मोतीसिंह पाल पर केबल चोरी करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर और साइबर सेल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी शाजापुर कीर्ति बघेल के निर्देश पर थाना प्रभारी मनीषा शर्मा ने टीम बनाई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से 21 सितंबर को दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद आरोपियों की बताई जगह पर पुलिस पहुंची। जंगल से 700 मीटर केबल बरामद पुलिस ने 22 सितंबर को जंगल में झाड़ियों के बीच छिपाई गई 700 मीटर इलेक्ट्रिक कॉपर केबल बरामद की। पुलिस के अनुसार, बरामद केबल की कीमत करीब 50 हजार रुपए है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस टीम की रही भूमिका कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीषा शर्मा, प्रधान आरक्षक मो. शरीफ, जगदीश दांगी और रवि शंकर चौधरी, आरक्षक अनिल सेन, कैशव शर्मा, सुरेश राठौर, चालक विष्णु दांगी और अर्जुन बागड़ी शामिल रहे। साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी और आरक्षक घनश्याम राजपूत की भी कार्रवाई में भूमिका रही।
रेवाड़ी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के दो अलग-अलग होटलों में रेड कर सात लोगों को पकड़ा है। सूचना के आधार पर संबंधित थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार पहली कार्रवाई बिठवाना चौक स्थित होटल रोपलैंड में की गई। यहां रेड के दौरान कुछ युवकों के साथ दो युवतियों को पकड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई थाना रामपुरा क्षेत्र में स्थित कैंटीन के सामने एसआरपी होटल में की गई, जहां पुलिस ने चार युवकों और तीन युवतियों को पकड़े जाने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती सूचना दोनों स्थानों पर देह व्यापार की सूचना मिली थी। इसके बाद दोनों थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। पुलिस ने यह भी बताया कि रेवाड़ी शहर के अन्य होटलों और कैफे में अवैध गतिविधियों को लेकर मिलने वाली सूचनाओं पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जहां भी इस तरह की सूचना प्राप्त होगी, वहां नियमानुसार जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने मामले में पकड़े गए लोगों से संबंधित अन्य तथ्यों और गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है।
भोपाल के शहीद नगर चौराहे पर मंगलवार रात करीब 1 बजे कुत्ते के सामने आ जाने से ऑटो पलट गया। हादसे में ऑटो ड्राइवर मोहम्मद अममान अहमद के छोटे भाई का पैर ऑटो में फंस गया। परिजन के मुताबिक, पैर में दो फ्रैक्चर हुए हैं और नस भी डैमेज हुई है। घायल को रात करीब 1.15 बजे हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, लेकिन करीब डेढ तक इलाज नहीं मिलने का आरोप परिजन ने लगाया है। उनका कहना है कि घायल के पैर से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी, इसके बावजूद ड्रेसिंग तक नहीं की गई। परिजन मोहम्मद अमान अहमद का आरोप है कि इमरजेंसी में डॉक्टर और स्टाफ के बीच उन्हें भेजा जाता रहा। डॉक्टरों से इलाज के लिए कहने पर कथित तौर पर उन्हें मरीज को साइड में करने और एक बेड पर दो मरीज रखने के लिए कहा गया। अममान के मुताबिक, जब पैर की नस डैमेज थी और वह खुद हिल नहीं पा रहा था तो दूसरे मरीज के साथ उसे एक ही बेड पर कैसे लिटाते? विरोध करने पर कहा गया कि अगर हमारे हिसाब से इलाज कराना है तो कराइए, नहीं तो मरीज को ले जा सकते हैं। पर्चे भी अस्पताल में रख लिए, दूसरे अस्पतालों में लेकर घूमते रहे परिजन का कहना है कि करीब 2.45 बजे वे घायल को हमीदिया से लेकर निकल गए। उनका आरोप है कि अस्पताल में मौजूद पर्चे भी उनसे वापस ले लिए गए, जिसके कारण हमीदिया से संबंधित कोई पर्चा उनके पास नहीं रहा। इसके बाद वे घायल को लेकर पहले यूनिक अस्पताल और फिर चिरायु अस्पताल पहुंचे। परिजन के अनुसार, चिरायु में घायल का इलाज कराया गया। अमान ने बताया कि रात करीब 1.15 बजे मरीज को हमीदिया लेकर पहुंचे थे। दो से तीन घंटे तक ब्लीडिंग होती रही। इलाज नहीं मिलने पर हमें रात में ही दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। जब हमीदिया में इमरजेंसी और तमाम सुविधाएं मौजूद हैं तो वहां घायल का समय पर इलाज क्यों नहीं किया गया? वीडियो में इलाज नहीं मिलने पर नाराजगी जताते दिखे परिजन घायल को हमीदिया से दूसरे अस्पताल ले जाते समय बनाए गए वीडियो में परिजन अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज नहीं होने और डॉक्टरों के कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि घायल को करीब दो घंटे अस्पताल में रखने के बावजूद इलाज नहीं किया गया और पैर से ब्लीडिंग हो रही है। वह यह भी कहता है कि एक बेड पर दो मरीज रखने के लिए कहा जा रहा था। अधीक्षक बोले- दस्तावेजों में इलाज दर्ज, मरीज को संपूर्ण उपचार मिला हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने परिजन के इलाज नहीं मिलने के आरोपों पर कहा कि मरीज के उपचार से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं। इनमें मरीज के ब्लड इन्वेस्टिगेशन, दिए जाने वाले इंजेक्शन और उपचार से संबंधित विवरण दर्ज हैं। उनके अनुसार, दस्तावेज यह बताते हैं कि मरीज को संपूर्ण इलाज मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट को लेकर कहा कि इस तरह अस्पताल को अनावश्यक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इमरजेंसी में रोज करीब 350 मरीज, 40 बेड की क्षमता जानकारी के अनुसार, हमीदिया की इमरजेंसी में 24 घंटे में करीब 350 मरीज आते हैं, जबकि यहां करीब 40 बेड हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज आने के कारण हर मरीज को उसकी स्थिति और प्रायोरिटी के आधार पर उपचार दिया जाता है। सीमित बेड के बीच गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देना इमरजेंसी की व्यवस्था का हिस्सा है।
झज्जर में पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर झज्जर के एक व्यक्ति से करीब 12 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना झज्जर की पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक निवासी पातवान, जिला भिवानी के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, झज्जर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। 29 अगस्त 2025 को उसके टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब के नाम से एक लिंक भेजा गया। लिंक के माध्यम से उसे अलग-अलग ऑनलाइन टास्क पूरे करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के बताए अनुसार टास्क पूरे किए और इसमें रकम भी लगाता गया। पैसे निकालने की कोशिश की तो मांगी और रकम शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जमा रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे और पैसे जमा करवाने को कहा। वह आरोपियों के झांसे में आता गया और अलग-अलग माध्यमों से करीब 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने पुलिस को शिकायत दी। मामले की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम झज्जर में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में मामले की जांच शुरू की गई। बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस थाना साइबर क्राइम झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार की टीम ने शिकायतकर्ता के बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को मिले सुरागों के आधार पर दीपक निवासी पातवान, जिला भिवानी को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। अनजान लिंक और ऑनलाइन टास्क से रहें सावधान झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। पार्ट टाइम जॉब या ऑनलाइन टास्क के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के खाते में रकम जमा न करवाएं। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर भी साइबर अपराध की शिकायत की जा सकती है।
मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता परखने के लिए हुई ऑनलाइन परीक्षा में अलीगढ़ की महिला आरक्षी मोना शर्मा ने पहला स्थान हासिल किया। मंगलवार को डीआईजी अलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी ने तीनों टॉप महिला पुलिसकर्मियों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अलीगढ़ परिक्षेत्र के सभी थानों में बने मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए 7 सितंबर को ऑनलाइन परीक्षा कराई गई थी। इसमें महिला सुरक्षा, सहायता और मिशन शक्ति केंद्रों से जुड़े कामों से संबंधित सवाल पूछे गए थे। मड़राक की मोना शर्मा पहले नंबर पर थाना मड़राक में तैनात महिला आरक्षी मोना शर्मा ने परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया। एटा के थाना मारहरा की महिला आरक्षी आशा देवी दूसरे और थाना कोतवाली देहात की महिला आरक्षी रितु रानी तीसरे स्थान पर रहीं। डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने तीनों पुलिसकर्मियों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिला पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाया। महिला सुरक्षा से जुड़े कामों की परखी गई जानकारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा का उद्देश्य मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों की महिला सुरक्षा और सहायता से जुड़े कामों की जानकारी परखना था। इस तरह की गतिविधियों से पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाने और मिशन शक्ति केंद्रों की सेवाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
लखीमपुर खीरी की बेलरायां स्थित सरजू सहकारी चीनी मिल ने गन्ना विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF), नई दिल्ली ने साल 2024-25 के लिए 'बेस्ट केन डेवलपमेंट अवॉर्ड' दिया है। इसमें सरजू सहकारी चीनी मिल को 'अन्य चीनी रिकवरी जोन' कैटेगरी में पहला स्थान मिला है। 22 सितंबर को हुए एक कार्यक्रम में मिल के प्रधान प्रबंधक राजेश कुमार ने यह पुरस्कार लिया। उन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सम्मानित किया। मिल को गन्ना विकास के साथ तकनीकी काम में अच्छे प्रदर्शन के लिए भी अवॉर्ड मिला है। मिल प्रबंधन के अनुसार, किसानों के साथ लगातार तालमेल, गन्ना विकास के कामों को बढ़ावा देने और उत्पादन क्षमता सुधारने के प्रयासों से यह कामयाबी मिली है। तकनीकी काम को बेहतर बनाने के लिए किए गए कामों की भी राष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस दोहरी कामयाबी से बेलरायां इलाके के गन्ना किसानों, मिल अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी है। किसानों और मिल प्रबंधन ने इसे सबके मिलकर किए गए कामों का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि यह इलाके के लिए गर्व का पल है।
नर्मदापुरम में 108 एंबुलेंस में मरीज की जगह सब्जियों से भरे बोरे और कट्टे रखने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर डिजिटल द्वारा मामला उजागर किए जाने के बाद एंबुलेंस के पायलट नरेश अहिरवार को वाहन संचालन से हटा दिया गया है। वहीं 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक संतोष सिंह को सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गहलोत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, 21 सितंबर सोमवार शाम को एंबुलेंस में सब्जियां ढोने का वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले में जिला प्रबंधक की मॉनिटरिंग पर भी सवाल उठे। स्ट्रेचर के ऊपर रखे थे सब्जियों के बोरे वीडियो में एंबुलेंस के अंदर स्ट्रेचर के ऊपर सब्जियों से भरे बोरे और कट्टे रखे दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 20 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे 108 एंबुलेंस क्रमांक CG 04 NZ 1325 के पीछे के दरवाजे खोलकर उसमें बड़े-बड़े बोरे रखे गए थे। पत्र के मुताबिक, वीडियो बनता देखकर ड्राइवर एंबुलेंस को तेज रफ्तार से वहां से ले गया। वीडियो सामने आने के बाद पायलट नरेश अहिरवार को वाहन संचालन से हटा दिया गया। स्टाफ को SOP के अनुसार काम करने के निर्देश 22 सितंबर को सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गहलोत ने मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी। इसमें जिला प्रबंधक संतोष सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात भी कही गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 108 एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट को निर्धारित नियमों और एसओपी के अनुसार एंबुलेंस चलाने के निर्देश दिए हैं। 34 एंबुलेंस आवंटित, 30 चालू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल ने नर्मदापुरम जिले के लिए 34 एंबुलेंस आवंटित की हैं। इनमें 30 चालू हैं, जबकि 4 खराब हैं। जेईएस एंबुलेंस सर्विसेज इनका संचालन कर रही है। एंबुलेंस की मॉनिटरिंग में कॉल आने का समय, एंबुलेंस के पहुंचने का समय और उसका रूट देखा जाता है। सब्जियां रखने वाली एंबुलेंस बनखेड़ी ब्लॉक के लिए है। इसका तय रूट जिला अस्पताल से नेहरू पार्क, सदर बाजार होते हुए बनखेड़ी की तरफ है। इसके बावजूद एंबुलेंस हीरो होंडा चौक से सब्जियां रखकर रामजी बाबा की तरफ गई। इससे जिले में हो रही जीपीएस और रूट मॉनिटरिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पिपरिया, बनखेड़ी और सोहागपुर में भी सामान ढोने के आरोप स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि पिपरिया, बनखेड़ी और सोहागपुर क्षेत्र में भी कुछ 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों के अलावा सामान और सवारियां ले जाने के लिए किया जाता है। आरोप है कि यह काम खासकर रात में होता है और इसके बदले किराया भी लिया जाता है। इन आरोपों की जांच के लिए संबंधित एंबुलेंस की लॉगबुक, जीपीएस लोकेशन, ट्रिप रिकॉर्ड और उस समय की ड्यूटी का मिलान करना जरूरी है।
महिला स्व-सहायता समूह संचालकों और महिला रसोइयों की 'चौका-चूल्हा बंद' हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। यह हड़ताल 21 सितंबर से मानदेय बढ़ाने और लंबित भुगतान सहित कई मांगों को लेकर शुरू हुई है। प्रदर्शन के दौरान संगठन की पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बेलन-चकला बजाकर विरोध जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम SDM पराग जैन को ज्ञापन दिया। महिला समूह संचालकों ने बताया कि वे आंगनवाड़ी, पूरक पोषण आहार और सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना का नियमित संचालन करती हैं। इसके बावजूद उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। इसमें भी महीनों की देरी होने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का हल नहीं निकलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। 12 महीने के मानदेय की मांग संगठन की मुख्य मांगों में मानदेय 10 महीने के बजाय पूरे 12 महीने देना शामिल है। इसके अलावा, रुका हुआ मानदेय और पोषण आहार का बजट तुरंत जारी करने की मांग की गई है। वे पोषण आहार की लागत और खाद्यान्न आवंटन की मात्रा बढ़ाने को भी कह रहे हैं। रसोइयों को ड्रेस के लिए सालाना पैसे मिलें और बच्चों की जूठी थालियां साफ करने के लिए अतिरिक्त मानदेय या सहायिका उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, कागजी कार्रवाई और तकनीकी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग भी है। सिस्टम में बदलाव से लग रहा समय जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने बताया कि जुलाई महीने का बजट 17 सितंबर को जिला पंचायत को मिला था। भुगतान प्रणाली में बदलाव हुआ है, अब राशि SNA SPARSH सिस्टम से सीधे खातों में भेजी जा रही है। किसी एक खाते में गलती होने पर पूरा बिल रद्द हो जाता है, जिससे जांच में 5-6 दिन लग गए। सोमवार शाम को फाइल पास कर दी गई थी और मंगलवार को बिल आगे भेज दिए गए हैं। ट्रेजरी से मंजूरी मिलते ही जुलाई का मानदेय खातों में आ जाएगा। अगस्त का बजट अभी नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि कम भोजन मिलने की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है और समूहों को रजिस्टर में नियमित रिकॉर्ड रखना चाहिए।
जांजगीर-चांपा जिले में महिला और नाबालिगों से जुड़े अपराधों के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें युवती का पीछा कर छेड़छाड़ करने का आरोपी, करीब सात महीने से लापता नाबालिग को बरामद करने के मामले में आरोपी और शादी का झांसा देकर नाबालिग से अपराध करने का आरोपी शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। युवती का पीछा कर अश्लील टिप्पणी करने का आरोप पामगढ़ थाना क्षेत्र की एक युवती ने 20 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, झिलमिली निवासी धीरेंद्र खांडेकर (21) लगातार उसका पीछा करता था। आरोप है कि वह सुनसान रास्ते में आते-जाते युवती पर अश्लील टिप्पणी करता और छेड़छाड़ करता था। शिकायत के आधार पर पामगढ़ थाने में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर झिलमिली गांव में दबिश देकर धीरेंद्र खांडेकर को पकड़ा। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। 7 महीने से लापता नाबालिग बरामद, आरोपी गिरफ्तार नैला चौकी, थाना जांजगीर क्षेत्र में 31 जनवरी 2026 को एक नाबालिग बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नाबालिग को कपन निवासी सुनील कुमार गौतम (20) के कब्जे से सुरक्षित बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और नाबालिग के बयान के आधार पर आरोपी द्वारा बार-बार यौन शोषण किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले में POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी सुनील कुमार गौतम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। शादी का झांसा देकर नाबालिग से अपराध का आरोप पामगढ़ थाना पुलिस ने मेऊ निवासी सत्यम दिनकर (22) को राजिम से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, नाबालिग पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए। बाद में शादी की बात करने पर वह टालमटोल करता रहा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा शादी का झांसा देकर नाबालिग का यौन शोषण किए जाने के आरोप सामने आए। पुलिस ने साइबर तकनीकी सहायता से आरोपी की जानकारी जुटाई और राजिम से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सत्यम दिनकर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि महिला और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रतलाम में चलती बाइक पर चक्कर आने से गिरा:सिर में चोट लगने से व्यक्ति की मौत; काम के लिए निकले थे
सैलाना से रतलाम काम पर जा रहे 50 वर्षीय बाइक सवार की मंगलवार सुबह धामनोद के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। सैलाना के विवेकानंद मार्ग निवासी मुकेश (50) पिता कारूलाल नागदिया रोजाना की तरह बाइक से रतलाम स्थित टीवीएस शोरूम में काम करने जा रहे थे। धामनोद के पास चलती बाइक पर अचानक चक्कर आने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक समेत सड़क पर गिर गए। हादसे में सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। राहगीरों ने 112 को दी सूचना हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने रुककर 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मुकेश को 112 वाहन से सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। यहां ड्यूटी डॉक्टर जितेंद्र रायकवार ने जांच के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में छाया मातम मुकेश की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और समाजजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। अचानक हुए हादसे में मौत से परिवार में मातम छा गया। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पानीपत की फास्ट ट्रैक अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा ने एक नाबालिग किशोरी को कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी सौरभ को 20 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल 65 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। सामान लेने निकली किशोरी को कमरे में बंद कर किया था गलत काम थाना तहसील कैंप पानीपत में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 4 दिसंबर 2024 की दोपहर करीब 2:45 बजे की है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी को दुकान से सामान लेने भेजा था। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटी, तो मां उसकी तलाश में गली में निकली। जांच के दौरान पता चला कि पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय सौरभ (मूल निवासी सरशवाहा, जिला सहारनपुर, यूपी; हाल निवासी पानीपत) किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया है। जब मां ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो सौरभ ने अनभिज्ञता जताई। जब मां ने अंदर जाकर देखा तो बेटी कमरे में मौजूद थी, जिसने रोते हुए आपबीती बताई कि आरोपी ने उसे जबरदस्ती बंद कर गलत काम किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में की थी पैरवी मामला दर्ज होने के बाद थाना तहसील कैंप पुलिस की जांच अधिकारी उप-निरीक्षक दर्शना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 दिसंबर 2024 को आरोपी सौरभ को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ और फर्द इंकसाफ में आरोपी सौरभ ने अपने जानकार के कमरे में किशोरी को बंद कर दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, CWC काउंसलिंग करवाई और अदालत में धारा 183 बीएनएसएस के तहत बयान दर्ज करवाए।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा मौत मामले में परिवार की तरफ से पंचकूला के सीबीआई स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर की गई है। 11 पेज की याचिका में याचिकाकर्ता संजय के एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए और न्याय दिलाने की अपील की है। याचिका में मृतका के पिता संजय ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत में विरोध याचिका दाखिल की है। इस याचिका में पुलिस द्वारा की गई जांच को अधूरा और त्रुटिपूर्ण बताया गया है। अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह के माध्यम से याचिकाकर्ता ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने कोर्ट में दाखिल विरोध याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया है। मनीषा की मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर पुलिस की रिपोर्ट पर संदेह व्यक्त किया गया है। याचिकाकर्ता संजय का कहना है कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से ठीक से पूछताछ नहीं की। अहम सुरागों को अनदेखा करने का आरोपउन्होंने यह भी दावा किया कि घटना स्थल से मिले कुछ अहम सुरागों को अनदेखा किया गया। मामले की शुरुआत में ही जांच की दिशा गलत होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की थीं। लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। याचिका में मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। या फिर अदालत की निगरानी में फिर से जांच शुरू की जाए। पुलिस ने पहले इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। जिसमें कुछ व्यक्तियों को दोष मुक्त करार दिया गया था। इसी रिपोर्ट के खिलाफ यह विरोध याचिका दायर की गई है। अदालत अब पुलिस रिपोर्ट और विरोध याचिका दोनों पर विचार करेगी। याचिका में उठाए बिंदुयाचिकाकर्ता संजय ने दावा किया है कि पुलिस ने मनीषा के शरीर पर मिले चोट के निशानों की ठीक से जांच नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि शव परीक्षण रिपोर्ट में कुछ विसंगतियां थीं, जिन पर ध्यान नहीं दिया गया। याचिका में कुछ गवाहों के बयानों को भी नजरअंदाज करने का आरोप है। इन गवाहों ने घटना से पहले कुछ संदिग्ध गतिविधियों को देखा था। परिजनों ने पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। याचिका में विशेष रूप से कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
झाबुआ जिले के फुटिया गांव के ग्रामीण मंगलवार को आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष आयुष ओहारी और रतन सिंह डामोर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में मूलभूत सुविधाएं न मिलने और विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की भारी किल्लत है। नल-जल योजना की पाइपलाइन अब तक नहीं जोड़ी गई है और न ही कोई नया हैंडपंप लगाया गया है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा टूटी पुलिया और खराब सड़कों के कारण स्कूली बच्चों, किसानों और आम राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने गांव में सीसी रोड बनाने, पुलिया मरम्मत कराने और तड़वी फलिया व स्कूल फलिया में श्मशान घाट बनवाने की मांग की है। कागजों पर हुआ विकास, निष्पक्ष जांच की मांग यूथ कांग्रेस अध्यक्ष और ग्रामीणों ने कहा कि गांव में विकास कार्य सिर्फ कागजों पर ही दिखाए गए हैं और धरातल पर काम किए बिना लाखों रुपए का घोटाला कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन जांच अधिकारी सिर्फ पंचायत प्रतिनिधियों से मिलकर खानापूर्ति करके लौट जाते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और गांव में बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द मुहैया कराने की मांग की है।
कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर में मंगलवार दोपहर कैटरिंग कारीगर अभिषेक गौतम (30) का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए थे। दोपहर में मां उर्मिला घर पहुंचीं तो इकलौते बेटे का शव देखकर उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर काकादेव पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंची और घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर में अकेला था अभिषेक, मां के लौटने पर हुई जानकारीपरिजनों के मुताबिक अभिषेक कैटरिंग का काम करता था। परिवार में पिता रामबाबू, मां उर्मिला और बहनें गुड़िया व दीपाली हैं। मंगलवार को परिवार के सभी सदस्य रोज की तरह अपने-अपने काम से बाहर गए थे। घर में किसी के मौजूद नहीं होने के दौरान अभिषेक ने फंदा लगा लिया। दोपहर में मां उर्मिला वापस घर पहुंचीं तो घटना की जानकारी हुई। इकलौते बेटे का शव देखते ही उर्मिला बदहवास हो गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी घर के बाहर जुट गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, परिजनों से पूछताछसूचना पर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। अभी मौत की वजह स्पष्ट नहींपुलिस के मुताबिक प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभिषेक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन भी फिलहाल किसी स्पष्ट कारण की जानकारी नहीं दे सके हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी की हत्या में फरार आरोपी पति गिरफ्तार:एटा पुलिस ने विजेंद्र को खोखा से पकड़ा, कोर्ट ने जेल भेजा
एटा जिले की कोतवाली देहात थाना पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में फरार आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।कोतवाली देहात मंगलवार को 3 बजे गिरफ्तार किया है और जेल भेजा है। आरोपी का नाम विजेंद्र पुत्र उदयवीर है, जो कासिमपुर थाना कोतवाली देहात का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गांव के पास एक खोखा से पकड़ा। जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के नगला श्वेटा निवासी संगम पुत्री राधेश्याम का विवाह विजेंद्र से हुआ था। सोमवार देर शाम करीब 7 बजे संगम का शव घर के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना मिलने पर कोतवाली देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा था। मृतका के मायके वालों ने बताया कि पहले भी संगम के साथ मारपीट हुई थी। इसकी शिकायत कोतवाली देहात थाने में की गई थी, लेकिन परिवार वालों ने थाने में समझौता करवा दिया था। मई 2026 में भी आरोपियों ने फिर से मारपीट की। इसके बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा, जहां मध्यस्थता के बाद महिला को पति के साथ वापस भेजा गया था। इसी के बाद संगम की संदिग्ध मौत हो गई। मायके पक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति विजेंद्र सहित छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर आरोपी विजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक के के लोधी, उप निरीक्षक ईशांत सिंह, हेड कांस्टेबल राधाकृष्ण और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल थे।
गोरखपुर के मौसम में बदलाव का बड़ा संकेत देने वाली खगोलीय घटना ‘शरद विषुव’ इस साल कल यानी बुधवार को होने जा रही है। इस दिन सुबह 5:35 बजे वह सटीक समय होगा, जब सूर्य आकाश में एक काल्पनिक रेखा को पार करेगा। इसी पल से उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु की शुरुआत मानी जाती है और धीरे-धीरे मौसम में ठंडक बढ़ने लगती है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल) गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, विषुव कोई पूरे दिन चलने वाली घटना नहीं होती, बल्कि यह एक खास पल होता है। इस दिन पृथ्वी के ज्यादातर हिस्सों में दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। हालांकि पूरी तरह बराबर नहीं होते, क्योंकि सूरज की रोशनी और वायुमंडल के कारण दिन कुछ मिनट ज्यादा हो सकता है। इस दिन सूरज दिखेगा अलग अंदाज में शरद विषुव की सबसे खास बात यह है कि इस दिन सूरज लगभग ठीक पूर्व दिशा से उगता है और पश्चिम में डूबता है। ऐसा नजारा साल में सिर्फ दो बार देखने को मिलता है एक मार्च में और दूसरा सितंबर में। इसलिए यह दिन खगोल विज्ञान के लिए बहुत खास माना जाता है। धीरे-धीरे बदलेगा मौसम पृथ्वी थोड़ी झुकी हुई है, इसी कारण मौसम बदलता रहता है। इस घटना के बाद हमारे यहां दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। इसका असर यह होता है कि गर्मी कम होने लगती है और हल्की ठंड का अहसास शुरू हो जाता है। आसान तरीके से समझें यह घटना इस खगोलीय घटना को समझना बहुत आसान है। आप खुले स्थान पर खड़े होकर सूरज के उगने और ढलने की दिशा पर ध्यान दें। साथ ही दिन में किसी डंडे या खंभे की छाया को देखकर भी सूर्य की दिशा और बदलाव को समझ सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि सूरज को सीधे आंखों से देखना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए ऐसा करने से बचें। खास क्यों है यह दिन? खगोलविद अमर पाल सिंह बताते हैं कि यह घटना हमें यह समझने का मौका देती है कि पृथ्वी और सूर्य की स्थिति हमारे मौसम, दिन-रात और जीवन को कैसे प्रभावित करती है। इसका संबंध खेती, मौसम और हमारी दिनचर्या से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कल यानी बुधवार का शरद विषुव छात्रों और आम लोगों के लिए प्रकृति और आसमान को समझने का बेहतरीन मौका है।
पलामू पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 50 लाख रुपए कीमत की 9.660 किलो अफीम बरामद की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक बिहार के गया जिले का रहने वाला है। वह अफीम खरीदने के लिए छतरपुर पहुंचा था। पुलिस ने उसके पास से अफीम के अलावा एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन भी जब्त की है। सोमवार शाम एसपी कपिल चौधरी को छतरपुर थाना क्षेत्र के करमा चराई गांव में अफीम की खरीद-बिक्री की जानकारी मिली। इस पर एसडीपीओ छतरपुर प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने करमा चराई रोड स्थित पथलगढ़ा के पास छतरपुर-जपला मुख्य मार्ग पर वाहन जांच शुरू की। आधी रात को पुलिस ने तेज रफ्तार से आ रही एक मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की। चालक पुलिस को देखते ही भागने लगा, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। पकड़ा गया आरोपी रंजन रजक (36) बिहार के डुमरिया का रहने वाला निकला। उसकी मोटरसाइकिल की डिक्की से 2.660 किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने रंजन से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर करमा चराई निवासी दयानंद प्रसाद (60) के घर पर छापा मारा गया। मिट्टी के घर के एक कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को 7 किलो अफीम मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में छतरपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शिकारी फंदों को हटाने के गुर सिखाए, बाघ संरक्षण के उपाय भी बताए गए
बीजापुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला संपन्न हुई। इसका मुख्य उद्देश्य आरक्षित वन क्षेत्र को अवैध फंदों से पूरी तरह मुक्त बनाना और मैदानी कर्मचारियों को बाघों की वैज्ञानिक निगरानी व आधुनिक ट्रेकिंग तकनीकों से लैस करना था, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के संस्थान उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के नए क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन आज कंकरखेड़ा, मेरठ में किया गया। इसका उद्घाटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर ने किया। यह कार्यालय करीब 5.21 करोड़ रुपये की लागत से बना है। यह निगम के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिससे पूर्व सैनिकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। इस नए ऑफिस से क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, उनके आश्रितों और दूसरे लाभार्थियों को पंजीकरण, नौकरी और कल्याणकारी सेवाएं आसानी से मिलेंगी। इससे निगम का ढांचा और क्षेत्रीय पहुंच भी मजबूत होगी। पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड की स्थापना 23 मई 1989 को हुई थी। इसका मुख्य मकसद प्रदेश के रिटायर सैनिकों को नौकरी के मौके देना था। स्थापना के बाद से निगम ने काफी तरक्की की है। अभी यह देशभर में करीब 30,000 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को नौकरी दे रहा है। निगम का मुख्यालय लखनऊ में है और यह 12 क्षेत्रीय कार्यालयों से काम करता है। राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण, पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण केंद्र और प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक मदद दे रही है। साथ ही, वीर नारियों को सहयोग, प्रदेश की भर्तियों में पूर्व सैनिकों को आरक्षण और सैनिक बंधु बैठकों से समस्याओं का समय पर समाधान कर रही है। राज्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी मेरठ से ही उठी थी। उन्होंने कहा कि वीरों की इस भूमि पर निगम के आधुनिक क्षेत्रीय कार्यालय का बनना बहुत गर्व की बात है। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मानजनक नौकरी दिलाने में निगम की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने यह भी कहा कि कल्याणकारी योजनाओं और नौकरी से जुड़ी पहल का फायदा हर सही लाभार्थी तक पारदर्शी, समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
सिद्धार्थनगर में एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी मुबारक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी मुबारक पुत्र इकबाल इटवा थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर का रहने वाला है। एएसजे/स्पेशल जज पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने सुनवाई के बाद उसे दोषी ठहराया। कोर्ट ने आरोपी पर कुल 65 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 5 सितंबर 2019 को हुई थी। नाबालिग अपने पिता के साथ इटवा थाना क्षेत्र में गई थी, जहां से वह लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में पता चला कि आरोपी मुबारक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद नाबालिग के पिता ने इटवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बेटी को वापस लाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पिता की शिकायत पर 21 अक्टूबर 2019 को इटवा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू हुई। मामले की जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने दुष्कर्म के मामले में 20 साल का कठोर कारावास सुनाया। अपहरण के मामले में 5 साल का कठोर कारावास और नाबालिग को ले जाने के मामले में 3 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 65 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
बालाघाट चावल कांड : दिल्ली-भोपाल की दौड़ बेअसर, अब भाई की गिरफ्तारी से सियासी साख पर संकट
मप्र सहित पूरे देश में बहुचर्चित सरकारी चावल चोरी कांड ने लगभग एक महीने की खामोशी के बाद फिर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इस बार वजह है पूर्व मंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर ‘नानो’ कावरे के बड़े भाई राजकुमार (कुमार) कावरे की गिरफ्तारी।
मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकीलों ने मंगलवार को आम सभा की। इसमें कई अहम फैसले लिए गए। वकीलों ने ऐलान किया कि अगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच नहीं बनी, तो वे भाजपा को वोट नहीं देंगे। साथ ही, भाजपा के सांसदों और विधायकों के मुकदमों में पैरवी नहीं करने का भी फैसला किया गया। यह आम सभा केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा और मेरठ के महामंत्री व केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक परवेज आलम के नेतृत्व में नानक चंद सभागार में हुई। उन्होंने बताया कि जिस तरह सेंट्रल मार्केट का मामला सुप्रीम कोर्ट सुलझा रहा है, उसी तरह हाईकोर्ट बेंच का मामला भी सुप्रीम कोर्ट से ही सुलझ सकता है। आम सभा में यह भी तय हुआ कि भाजपा नेताओं को कचहरी में अंदर आने से रोका जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बुधवार को वकील इकट्ठा होकर प्रदर्शन भी करेंगे। वकीलों ने दावा किया कि करीब 20 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट बेंच नहीं बनवा सकती। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की सलाह दी। वकीलों ने कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। अगर इस चुनाव में हाईकोर्ट बेंच का मुद्दा किसी भी नेता ने नहीं उठाया, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के वकील भाजपा को वोट नहीं देंगे। इस बार वे हाईकोर्ट बेंच के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।
आलीराजपुर के खट्टाली गांव में मंगलवार को जल झूलनी ग्यारस (डोल ग्यारस) का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर भगवान श्री चारभुजानाथ का भव्य महोत्सव आयोजित हुआ। सुबह मंगला आरती के साथ धार्मिक आयोजन शुरू हुए। दिनभर मंदिर परिसर में प्रभात फेरी, श्रृंगार आरती और अलग-अलग गांवों से आई पदयात्राओं के कारण भक्तिमय माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह मंदिर परिसर में ध्वजारोहण किया गया। परंपरा के मुताबिक, 11 बंदूकों की सलामी के बाद भगवान श्री चारभुजानाथ की राजभोग आरती हुई। उन्हें फलाहारी छप्पन भोग भी चढ़ाया गया। राजस्थान के सांवरिया जी से आए हलवाई झमकलाल सुखपाल ने करीब पांच क्विंटल प्रसादी तैयार की। इसमें लड्डू, रोट और मठड़ी शामिल थे। शाम को महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को फलाहारी खिचड़ी का प्रसाद भी बांटा गया। दोपहर में उत्थापन आरती के बाद भगवान श्री चारभुजानाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हाथी, घोड़े और बग्घी पर सवार भगवान के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बैंड, अश्व नृत्य और आकर्षक झांकियां शोभायात्रा का खास आकर्षण रहीं। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ रंग-बिरंगी गुलाल उड़ाकर पर्व की खुशियां मनाईं। जलाभिषेक और महाआरती हुई शोभायात्रा गांव के मुख्य रास्तों से होते हुए हथनी नदी के तट पर पहुंची। यहां भगवान का जलाभिषेक और महाआरती की गई। इसके बाद शोभायात्रा वापस मंदिर पहुंची। शाम को महाआरती और महाप्रसादी के बाद रात में भजन संध्या का आयोजन हुआ। ये हुए कार्यक्रम में शामिल इस आयोजन में जोबट विधायक सेना महेश पटेल, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और आलीराजपुर के पूर्व विधायक मुकेश पटेल समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। विधायक सेना महेश पटेल ने महिलाओं और श्रद्धालुओं के साथ गरबा भी किया, जिससे कार्यक्रम में और उत्साह भर गया।
कानोड़ नगर पालिका में कांग्रेस के दिलीप सिंह सोलंकी उपाध्यक्ष चुने गए हैं। पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत के नेतृत्व में सभी कांग्रेस पार्षदों ने मतदान किया। कुल 20 वार्डों में से कांग्रेस को 14 वोट मिले, जबकि भाजपा को 6 वोट प्राप्त हुए। यह चुनाव उदयपुर जिले की कानोड़ नगर पालिका में हुआ। दिलीप सिंह सोलंकी कांग्रेस पार्टी से हैं और उनकी उम्र 42 साल है। उन्हें कुल 14 पार्षदों का समर्थन मिला। उन्होंने भाजपा के चेतन प्रकाश मेनारिया को 8 वोटों के अंतर से हराया। दिलीप सिंह सोलंकी ने साल 2014 से 2018 तक नगर पालिका में प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई थी। उन्हें पूर्व यूथ अध्यक्ष गुलाब सिंह शक्तावत ने राजनीति में तैयार किया था। चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाधिकारी कानोड़ भंवर लाल माली और थानाधिकारी खेरोदा परमेश्वर पाटीदार सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
गोरखपुर में बिजली चोरी पकड़ने पहुंची विजिलेंस टीम को मोहल्ले वालों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामे के बाद बिना कार्रवाई किए टीम वापस लौट गई। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे तुर्कमानपुर के कसाई टोला इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि जब टीम पहुंची तो स्थानीय लोग एकजुट हो गए और अधिकारियों को घेर लिया। उन्हें चेकिंग नहीं करने दे रहे थे। सभी ने मिलकर बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारें लगाए। लोग टीम के पीछे- पीछे चलते हुए दिखाई दिए और उन्हें अपना काम करने से पूरी तरह से रोकने का प्रयास किया। लोगों का आरोप है कि बिना किसी महिला पुलिस के किसी के घर में घुस रहे थे। साथ ही डरा- धमका कर गलत तरीके से लोगों से धन उगाही का काम कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान लोगों में आक्रोश दिखा। करीब 2 घंटे तक हंगामा चलता रहा। अधिकारियों का कहना है कि मोहल्ले में गैरकानूनी तरीके से बिजली इस्तेमाल करने की सूचना मिली थी। जिसकी चेकिंग के लिए टीम गई हुई थी। कुछ अराजक तत्वों से काम में बाधा डाला। डायरेक्ट बाईपास डालकर बिजली इस्तेमाल करते हैं लोग- JE वहीं इस मामले में नॉर्मल उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर (JE) सुधीर यादव ने बताया कि विजिलेंस की टीम इलाके में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मोहम्मद सलमान खान (पुत्र मोहम्मद साजिद खान) के मकान की छत पर जब जांच की गई, तो डायरेक्ट बाईपास डालकर बिजली इस्तेमाल होती मिली। 6 महीने पहले कटा था कनेक्शन, 2.5 लाख का था बकायाविभाग के मुताबिक, आरोपी उपभोक्ता पर पहले से करीब ढाई लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है। भुगतान न करने पर छह महीने पहले ही उसका कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन वह छत से केबल जोड़कर गैरकानूनी तरीके से सप्लाई चला रहा था। कार्रवाई शुरू होते ही जमा हुई भीड़, दर्ज होगी FIRजब टीम ने मौके पर चालानी कार्रवाई शुरू की, तब सलमान घर पर मौजूद नहीं था। खबर मिलते ही वह पहुंचा और कर्मचारियों से उलझ गया। देखते ही देखते आसपास के तमाम लोग भी वहां जमा हो गए और टीम का घेराव कर विरोध जताने लगे। माहौल बिगड़ता देख विजिलेंस अफसर आरोपी का पूरा ब्योरा दर्ज करके वहां से निकल गए। अब बिजली चोरी के इस मामले में मोहम्मद सलमान खान पर थाने में FIR दर्ज कराई जा रही है। रुपए वसूलने के लिए देते गलत कनेक्शन- आरोप वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ गरीब परिवारों को बिजली बिल अधिक होने की वजह से कनेक्शन काट दिया गया है। इसके बाद बिजली विभाग कर्मचारी रात के समय में उनके घर पहुंच कर गलत तरीके से कनेक्शन जोड़ देते हैं। आरोप है कि इसके लिए एक परिवार से 1500 से 2000 रुपए लिया जाता है। फिर वहीं कर्मचारी जाकर अधिकारियों को सूचना देता है कि कहा- कहा कनेक्शन दिया गया है। उसके बाद अधिकारी गांव में चेकिंग के लिए पहुंचते हैं और लोगों से डरा- धमका कर हजारों रुपए वसूलते हैं।
इंदौर के नवलखा में ओवरलोड लिफ्ट गिरी, 7 घायल:पंजाब से आए 6 मेहमान भी शामिल; एक को पैर में गंभीर चोट
इंदौर के नवलखा में मंगलवार को एक काम्पलेक्स की लिफ्ट अचानक अधिक वजन के चलते गिर गई। इसमे सवार सात लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि इसमे एक के पैरो मे गंभीर चोट आई है। वही पंजाब से इंदौर आए मेहमान घायल हुए है। सभी को उपचार के लिए निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। टीआई अनिल गुप्ता के मुताबिक घटना मंगलवार करीब साढे तीन बजे के लगभग की है। यहां स्नेह नगर के नवलखा काम्पेक्स मे यह हादसा हुआ। बताया जाता है कि यहां अंकित ढीगरा गंभीर घायल हुए है। वही मनोज ढीगरा के यहां नवा पंजाब से आए 6 मेहमान भी घायल हुए है। सूचना के बाद यहां टीआई ओर अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। जिसमे आगे की जांच की जा रही है। टीआई के मुताबिक उक्त बिल्डीग काफी पुरानी है। यहां मेटनेस को लेकर भी काम बचा हुआ है। टीआई के मुताबिक लिफ्ट सेकड फ्लोर से नीचे गिरी थी। इधर चौकीदार लखन ने बताया कि लिफ्ट ओवर लोड हो गई थी। आवाज आई वेसे अंदर के लोग चिल्लाए थे फिर हम बचाने गए थे। उसमे सात लोग सवार थे। सभी मेहमान थे। मुलाकात करने आए थे
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के 29 सितंबर को चुनाव:38 वोटर तय, 6 पदों के लिए 98 पदाधिकारी मैदान में
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव 29 सितंबर को होंगे। अब 38 मतदाता RCA की छह सदस्यीय कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। जिला क्रिकेट संघों को लेकर चली आपत्तियों और सुनवाई के बाद मंगलवार को चुनाव अधिकारी ए.के. पांडे ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी। साथ ही लंबे समय से विवादों में चल रहे RCA चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। चुनाव अधिकारी की ओर से जारी अंतिम मतदाता सूची में 38 लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया है। इनमें सबसे बड़ी संख्या जिला क्रिकेट संघों के सचिवों की है। 34 जिला क्रिकेट संघों के सचिव RCA की कार्यकारिणी के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनके अलावा जयपुर और नागौर की एडहॉक कमेटियों के कन्वीनर तथा दो पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। यानी अब 29 सितंबर को होने वाले मतदान में यही 38 वोटर RCA के अगले छह पदाधिकारियों के चयन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। 36 जिला संघों की कार्यकारिणी भी घोषित, 98 पदाधिकारी चुनावी मैदान में चुनाव अधिकारी ने केवल वोटर लिस्ट ही जारी नहीं की, बल्कि 36 जिला क्रिकेट संघों की तीन सदस्यीय कार्यकारिणी की सूची भी जारी कर दी है। इन्हीं जिला संघों के पदाधिकारी RCA की छह सदस्यीय कार्यकारिणी के चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं। जारी सूची के मुताबिक कुल 98 पदाधिकारी अब RCA के छह पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरने की स्थिति में हैं। इन्हीं में से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और सदस्य मिलेंगे। ऐसे में 98 नामों में से अब छह लोगों का चयन होगा और ये छह पदाधिकारी अगले कार्यकाल में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की कमान संभालेंगे। जयपुर-नागौर में एडहॉक कमेटी, तीन जिलों में अध्यक्ष तो राजसमंद में कोषाध्यक्ष का पद खाली हालांकि जिला संघों की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। चुनाव अधिकारी की सूची में जयपुर और नागौर में एडहॉक कमेटी होने की बात सामने आई है। वहीं बाड़मेर, बीकानेर और हनुमानगढ़ में अध्यक्ष का पद रिक्त है। इसके अलावा राजसमंद में कोषाध्यक्ष का पद खाली है। इसके बावजूद इन जिला संघों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर नहीं किया गया है। ऐसे में अब RCA चुनाव की पूरी प्रक्रिया इन्हीं परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ेगी। 3 नए जिलों को भी चुनावी प्रक्रिया में जगह RCA चुनाव को लेकर सबसे अहम बात यह है कि तमाम विवादों और आपत्तियों के बावजूद चुनाव अधिकारी ने डीडवाना-कुचामन, बालोतरा और खैरतल-तिजारा को भी वोटर लिस्ट में शामिल करने के साथ चुनाव लड़ने के लिए योग्य माना है। इन जिलों की पात्रता को लेकर पहले से विवाद और आपत्तियां सामने आती रही थी। ऐसे में चुनाव अधिकारी के फैसले के बाद इन जिलों को चुनावी प्रक्रिया में जगह मिलना मुकाबले के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब इन जिलों के प्रतिनिधियों को भी RCA की चुनावी प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। कल से नामांकन, 29 सितंबर को फैसला फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही अब चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है। 23 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट होगी और छह पदों के लिए मुकाबला सामने आएगा। सबसे अहम दिन 29 सितंबर होगा, जब 38 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसी मतदान के बाद तय होगा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और सदस्य के पद पर कौन पहुंचेगा। विवादों के बीच चुनाव ने पकड़ा जोर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव लंबे समय से विवादों और खींचतान के कारण चर्चा में रहा है। जिला संघों की पात्रता से लेकर वोटर लिस्ट और चुनाव में भागीदारी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। अब चुनाव अधिकारी की ओर से अंतिम वोटर लिस्ट और जिला संघों की कार्यकारिणी सूची जारी होने के बाद चुनावी प्रक्रिया को निर्णायक मोड़ मिल गया है। 38 वोटर, 98 दावेदार और RCA के सिर्फ छह पद अब अगले सात दिन राजस्थान क्रिकेट की चुनावी राजनीति के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। 23 सितंबर से नामांकन शुरू होने के साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि कौन किसके सामने ताल ठोक रहा है और किन पदों पर सीधा मुकाबला बनता है। 29 सितंबर को होने वाला मतदान राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की नई तस्वीर तय करेगा।
मंदसौर जिले में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। पिछले तीन दिनों से जिले में व्यापक बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार और शनिवार को कुछ हिस्सों में बारिश हुई थी, लेकिन रविवार, सोमवार और मंगलवार को मौसम मुख्यतः सूखा रहा। तेज धूप के कारण दिन में गर्मी और उमस बढ़ गई है। इस मानसून सीजन में जिले में औसत 750.8 मिमी (29.56 इंच) बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 853.1 मिमी (33.59 इंच) बारिश से 102.3 मिमी (4.03 इंच) कम है। सभी केंद्रों पर 8259.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड कलेक्टर भू-संसाधन प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 22 सितंबर तक जिले के सभी वर्षामापी केंद्रों पर कुल 8259.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में सभी केंद्रों पर कुल 9385.1 मिमी बारिश हुई थी। मंगलवार को बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 1.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। केंद्रवार आंकड़ों के अनुसार भानपुरा में 760.6 मिमी, गरोठ में 708.2 मिमी, गरोठ क्षेत्र के अन्य वर्षामापी केंद्र पर 799.6 मिमी, मल्हारगढ़ में 919 मिमी, सजीत में 516 मिमी, धुंधड़का में 845 मिमी, मंदसौर में 725 मिमी, शामगढ़ में 809 मिमी, कयामपुर में 637.5 मिमी, सीतामऊ में 739.3 मिमी और सुवासरा में 800.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है। अब तक सबसे अधिक 919 मिमी बारिश मल्हारगढ़ क्षेत्र में हुई है, जबकि सजीत केंद्र पर सबसे कम 516 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। 24-25 सितंबर से मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल जिले में बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं। 23 सितंबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने और अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। 24 सितंबर को आंशिक बादल छा सकते हैं और मौसम में बदलाव के संकेत हैं। 25 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने के बीच जिले के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। 26 सितंबर को भी बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं और तापमान करीब 33 डिग्री रह सकता है। 27 से फिर कमजोर हो सकती है बारिश 27 सितंबर से बारिश की गतिविधियां फिर कमजोर होने के संकेत हैं। इस दिन बादल और धूप का असर रहेगा और बारिश की संभावना कम है। अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री के आसपास रह सकता है। 28 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादलयुक्त और अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम का पूर्वानुमान 23 सितंबर: मौसम साफ रहने की संभावना, अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री। 24 सितंबर: आंशिक बादल छा सकते हैं, अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री के आसपास। 25 सितंबर: आंशिक बादल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार, तापमान 32-33 डिग्री। 26 सितंबर: बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना, तापमान करीब 33 डिग्री। 27 सितंबर: बादल और धूप का असर रहेगा, बारिश की संभावना कम, तापमान 30-31 डिग्री। 28 सितंबर: आंशिक बादल और अपेक्षाकृत शुष्क मौसम, तापमान करीब 31 डिग्री। फिलहाल जिले में भारी बारिश की कोई स्पष्ट चेतावनी नहीं है। स्थानीय स्तर पर बादलों की स्थिति और मौसम सिस्टम में बदलाव के कारण पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है। गांधीसागर का जलस्तर पिछले साल से 8.66 फीट कम मंगलवार को गांधीसागर बांध का जलस्तर 1302.20 फीट दर्ज किया गया। पिछले साल इसी तारीख को जलस्तर 1310.86 फीट था। इस तरह पिछले साल की इसी तारीख की तुलना में इस बार बांध का जलस्तर 8.66 फीट कम है। मौसम बदलने से वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर और गले के संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं। दस्त और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मच्छरों से बचाव के साथ साफ पानी पीने और ताजा भोजन करने पर जोर दिया गया है। पानी को उबालकर पीना बेहतर रहेगा। यदि बुखार दो-तीन दिन तक बना रहता है तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
मंगलवार को ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय में कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। वे ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की बदहाल सड़कों, सीवर ओवरफ्लो, दूषित पानी और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने निगम अधिकारियों के सामने इन समस्याओं पर नाराजगी जताई। शर्मा ने समस्याओं के समाधान के लिए सात दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय में समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। सुनील शर्मा ने बताया कि ग्वालियर विधानसभा के ज्यादातर वार्डों में लोग सीवर और गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई सड़कें टूट चुकी हैं, जिससे गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। शर्मा के मुताबिक, कई जगहों पर दिन में लाइटें जलती हैं, जबकि रात में अंधेरा रहता है। शर्मा ने अधिकारियों को करीब डेढ़ से दो घंटे तक विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों और गलियों की समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने शहर की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ ग्वालियर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग सड़क, सीवर, पानी और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। सुनील शर्मा ने कहा कि शहर की सड़कें खराब हैं, सीवर व्यवस्था ठीक नहीं है और कई इलाकों में गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्मार्ट सिटी की बात की जाती है, तो वह जमीन पर कहां दिख रही है। शहरवासियों को यह पूछने का हक है। शर्मा ने खराब सड़कों के कारण हुए हादसों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सड़क की खराब हालत की वजह से एक युवा पत्रकार की जान जाने का मामला भी सामने आया था। इसके अलावा, उन्होंने शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी पर भी सवाल उठाए। अपर आयुक्त बोले- तत्काल कराया जा रहा निराकरणनगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार ने बताया कि कांग्रेस नेता सुनील शर्मा कुछ लोगों के साथ जनसुनवाई में आए थे। उनके द्वारा सीवर और पानी से संबंधित कुछ समस्याएं बताई गई हैं। इन समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश संबंधित इंजीनियरों को दिए गए हैं। अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति देखने और समस्याओं का समाधान कराने के लिए कहा गया है।
सफाई और वृक्षारोपण अभियान:दहेलिया में भैरव मंदिर पर सांसद मुकेश राजपूत ने लगाया पौधा
सेवा पखवाड़ा के तहत दहेलिया में अमृत सरोवर तालाब भैरव मंदिर पर सार्वजनिक सफाई अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और अमृत सरोवर के परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना था। सांसद मुकेश राजपूत ने पौधा लगाया। सफाई अभियान और पौधरोपण के उपरांत, उपस्थित ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष गांव की मूलभूत समस्याओं को रखा। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर के आसपास तथा मुख्य रास्तों पर हाई-मास्ट एवं स्ट्रीट लाइटें लगवाने की मांग की। सांसद एवं उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और क्षेत्र के विकास तथा जनसुविधाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन पौधरोपण और स्वच्छता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत, पंचायत समिति सदस्य अश्वनी यादव और ग्राम प्रशासक अजीत पाठक उपस्थित रहे। इसके अलावा संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिनमें लालू राजपूत (मंडल अध्यक्ष), रमेश सोमवंशी (मंडल महामंत्री), धर्मेंद्र सोमवंशी (मंडल मंत्री), रामू सोमवंशी (सोशल मीडिया प्रभारी, मंडल), सुनील सोमवंशी, अतुल कुमार अग्निहोत्री (मंडल मीडिया प्रभारी भाजपा), विष्णु दयाल जाटव (मंडल अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष) और गजेंद्र सिंह चौहान (पूर्व प्रधान) शामिल थे।
बांसवाड़ा नगरपरिषद में मंगलवार को हुए उपसभापति पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार चंकी शाह ने शानदार जीत हासिल की है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने चंकी शाह को उपसभापति निर्वाचित घोषित किया। परिणाम सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया। 36 के मुकाबले 24 मत मिले नगरपरिषद कार्यालय के बाहर मंगलवार को सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज थी। उपसभापति पद के लिए भाजपा की ओर से चंकी शाह मैदान में थे, जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से फखरुद्दीन रतलाम वाला ने अपना नामांकन दाखिल किया था। दोपहर ढाई बजे बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा प्रत्याशी चंकी शाह को कुल 37 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के फखरुद्दीन रतलाम वाला को 23 वोट ही मिल सके। चंकी शाह ने स्पष्ट बहुमत के साथ उपसभापति का पद अपने नाम कर लिया। भाजपा के सभापति से 1 वोट कम मिला उपसभापति को सोमवार को सभापति के लिए हुए मतदान में भाजपा के मुकेश रावत को 37 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के गौतम मईड़ा को 23 वोट मिले थे। चंकी शाह का राजनीतिक और सामाजिक अनुभव का मिला लाभ श्री राम कॉलोनी निवासी 39 वर्षीय चंकी शाह पुत्र स्व. नितिन शाह लंबे समय से सक्रिय राजनीति और समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में उन्होंने वार्ड 37 से शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। चंकी शाह का राजनीतिक एवं सामाजिक सफर समर्थकों ने जश्न मनाकर किया स्वागत चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सुबह से नगरपरिषद के बाहर डटे पाषदों और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। जैसे ही नवनिर्वाचित उपसभापति चंकी शाह और अन्य पार्षद मतदान केंद्र से बाहर आए, समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और आतिशबाजी कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान 'भारत माता की जय' और भाजपा के पक्ष में जमकर नारेबाज़ी की गई।
पलवल शुगर मिल परिसर में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों की एक पंचायत हुई। इसमें जिले के कई गांवों से आए गन्ना उत्पादक किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। इसकी अध्यक्षता किसान तोताराम ने जबकि संचालन किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया ने किया। किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और चीनी के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में किसानों को गन्ने का सही भाव मिलना चाहिए। उन्होंने गन्ने का रेट बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए शुगर मिल को 25 अक्टूबर से शुरू करने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने शुगर मिल के प्रबंध निदेशक मंडल के चुनाव जल्द करवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि पिछले चार साल से ये चुनाव नहीं हुए हैं। मिल के अच्छे प्रबंधन के लिए वार्षिक सामान्य सभा की बैठक आयोजित करने की मांग भी की गई। इसके अलावा शुगर मिल के सामने जीटी रोड पर फ्लाईओवर बनाने की मांग भी रखी गई। किसानों ने शुगर मिल परिसर में ही सब्सिडी पर खाद, चीनी, गन्ने का बीज और कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की। बाहर से आने वाले किसानों के लिए मिल परिसर में ठहरने की अच्छी व्यवस्था और विश्रामगृह की सुविधाएं ठीक करने की मांग भी पंचायत में उठी। किसान मोर्चा के नेता धर्मचंद घुघेरा, उदय सिंह और किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया ने कई सड़कों की मरम्मत की मांग की। इनमें औरंगाबाद से फूलवाड़ी, औरंगाबाद से टीकरी ब्राह्मण और अलावलपुर से बढ़राम तक की सड़कें शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि घुघेरा और अलिका समेत कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। किसानों ने इस जलभराव के लिए मुआवजे की मांग भी की।
बुलंदशहर में लेखपालों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पूरे बुलंदशहर जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के तहत लेखपालों ने अपने अतिरिक्त हलकों के प्रभार से खुद को अलग कर लिया है। दिनभर चले आंदोलन के बाद शाम 4 बजे उन्होंने अपने सभी सरकारी कागजात रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में जमा करा दिए हैं। जिले की शिकारपुर तहसील में तहसील अध्यक्ष हरीश कुमार के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने अतिरिक्त हलकों से जुड़े सभी दस्तावेज तहसील प्रशासन को सौंप दिए। हरीश कुमार ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन और काम का बहिष्कार अनिश्चितकाल के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 8 सूत्रीय मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। आम जनता और किसानों को हो सकती है परेशानी लेखपालों के इस कदम से तहसील स्तर पर सरकारी कामकाज पर असर पड़ा है। अतिरिक्त हलकों का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे आम जनता और किसानों को परेशानी हो सकती है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन से लेकर जमीन की पैमाइश और नामांतरण जैसे जरूरी काम रुक गए हैं। लेखपालों द्वारा अचानक दस्तावेज जमा कराने से तहसील अधिकारी चिंतित हैं। अधिकारियों के सामने अब यह चुनौती है कि वे तहसील के रोजमर्रा के कामों को कैसे चलाएं। जब तक इस आंदोलन का कोई हल नहीं निकलता, तब तक अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर काम संभालना होगा, ताकि जनता के काम न रुकें। पूरे प्रदेश में लेखपाल संघ का यह फैसला अधिकारियों और सरकार के लिए एक चुनौती है।
पानीपत के पूरेवाल कॉलोनी से बीते 15 सितंबर को गायब हुए 5 वर्षीय मासूम के अपहरण कांड की गुत्थी को पुलिस ने अपनी कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा लिया है। करीब सात दिनों की दिन-रात की तलाश के बाद पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जांच में सामने आया कि मासूम को अगवा कर ₹1 लाख में उत्तर प्रदेश में बेचने का सौदा हुआ था, जिसे आगे ₹3 लाख में बेचा जाना था। पुलिस ने मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट से 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। 30 जवानों की टीम, सैकड़ों CCTV फुटेज और साइबर जांच से मिला सुराग मासूम के गायब होने की सूचना मिलते ही पानीपत पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई थी। SP मेधा भूषण के निर्देशों पर पुलिस के करीब 30 जवानों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही साइबर टीम ने मोबाइल लोकेशन व तकनीकी इनपुट के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान मिले सुंदरपुर और शंकर से जुड़े अहम सुरागों पर पुलिस ने लगातार दबिश दी, जिसके बाद संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। ₹1 लाख में हुआ था सौदा, आगे ₹3 लाख में बेचने की थी योजना पुलिस जांच में बच्चे के अपहरण और उसके सौदे को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिस आरोपी ने बच्चे को पानीपत से अगवा किया था, उसने उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी दूसरे आरोपी को बच्चा बेचने का सौदा किया था, जिसके बदले उसे ₹1 लाख मिलने थे। सीतापुर निवासी आरोपी इस बच्चे को आगे किसी अन्य खरीदार को ₹3 लाख में बेचने की फिराक में था। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मासूम को किस मकसद के लिए खरीदा और बेचा जा रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश कर 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया जा सके। घर में छाई खुशियां, SP ने की टीम की सराहना कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद मासूम के सकुशल वापस लौटने पर परिजनों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े। उन्होंने पानीपत पुलिस का दिल से आभार जताया। पूरे ऑपरेशन में जुटी पुलिस टीम, साइबर सेल और सीआईए की मेहनत की SP मेधा भूषण ने जमकर सराहना की और पूरी टीम को विशेष रिवॉर्ड देने की घोषणा की है।
बड़े ट्रक को पास कराने फुट ओवरब्रिज काटा:कैमूर में ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही थी गाड़ी
ओडिशा से उत्तर प्रदेश की एक चीनी मिल के लिए भारी मशीनरी लेकर जा रहा एक बड़ा ट्रक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यह ट्रक ज्यादा ऊंचा और चौड़ा होने की वजह से रास्ते में कई जगह दिक्कतें पैदा कर रहा है। टकराने या फंसने की थी आशंका इसकी वजह से कई जगहों पर ओवरब्रिज और बिजली के तारों को हटाना या ऊपर करना पड़ रहा है। यह मामला कैमूर जिले के मोहनिया से सामने आया है। कुदरा और पुसौली पार करने के बाद यह विशाल ट्रक अब मोहनिया की सीमा में पहुंचने वाला है। मोहनिया स्थित स्टेशन मोड़ के पास NH 19 पर बने फुट ओवरब्रिज से ट्रक के टकराने या फंसने की आशंका थी। राहगीरों की बड़ी भीड़ जमा हुई इसे देखते हुए प्रशासन और तकनीकी टीम ने एहतियाती कदम उठाए हैं। फुट ओवरब्रिज के जोड़ को काटा या खोला जा रहा है। वहां मौजूद तकनीशियन शैलेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि ब्रिज को जोड़ से खोलकर क्रेन की मदद से कुछ समय के लिए ऊपर उठाया जाएगा। जैसे ही मशीनरी से लदा यह विशाल ट्रक पुल के नीचे से सुरक्षित गुजर जाएगा, क्रेन की सहायता से फुट ओवरब्रिज को वापस अपनी जगह पर लगाकर जोड़ दिया जाएगा। इस काम को देखने के लिए स्थानीय लोगों और राहगीरों की बड़ी भीड़ जमा हो रही है। फिलहाल ट्रैफिक चालू रखने और किसी भी हादसे से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
हांसी में वाहन चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद:घर के बाहर खड़ी कर अंदर गया व्यक्ति, वापस आने पर नहीं मिली
हांसी जिले में एवीटी स्टाफ ने बाइक चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की बाइक बरामद की है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मुख्य सिपाही उमेद ने बताया कि दयाल सिंह कॉलोनी निवासी रमेश ने सिसाय पुल पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। रमेश ने बताया कि 5 सितंबर 2026 को सुबह उसने अपनी काले रंग की स्प्लेंडर प्लस बाइक घर के सामने खड़ी की थी। कुछ देर बाद जब वह बाहर आया तो बाइक वहां से गायब थी। उसने आसपास बाइक की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। आरोपी गिरफ्तार, चोरी की बाइक बरामद शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हांसी शहर थाने में बाइक चोरी का केस दर्ज किया। एवीटी स्टाफ ने जांच आगे बढ़ाई और संदिग्धों की जानकारी जुटाई। इसके बाद दयाल सिंह कॉलोनी निवासी प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर चोरी की बाइक बरामद कर ली गई है। अब आरोपी से पूछताछ कर चोरी से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियम के अनुसार जारी है।
निवाड़ी जिले में गोवंश में लंपी वायरस के संक्रमण से चिंता बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में कई पशु इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, कम उम्र के बछड़ों की मौत की घटनाओं से पशुपालक और गोसेवक परेशान हैं। इसी बीच, एक बीमार बछड़े की मौत के बाद गाय के उसे लगातार चाटते रहने का एक वीडियो भी मंगलवार को सामने आया है। इस घटना के बाद जिले में गोवंश के टीकाकरण और इलाज व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। गोसेवकों का आरोप है कि पशु चिकित्सा विभाग की ओर से डॉक्टरों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में गोवंश का समय पर टीकाकरण नहीं हुआ। उनका कहना है कि अगर बीमारी के फैलने से पहले बड़े पैमाने पर टीकाकरण होता तो संक्रमण को रोकने में मदद मिलती। गोसेवकों ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत टीकाकरण अभियान तेज करने और बीमार पशुओं के लिए इलाज की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। 12 पशुओं का टीकाकरण किया गया पशु चिकित्सक डॉ. अजित दीक्षित के मुताबिक जिले को करीब 24 हजार लंपी वायरस वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से करीब 10 से 12 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। डॉ. दीक्षित ने बताया कि जिले की सभी गौशालाओं में टीकाकरण कराया जा चुका है। पृथ्वीपुर में हाल ही में करीब 500 आवारा गोवंश का भी टीकाकरण कराया गया है। विभाग के मुताबिक पशु चिकित्सक और गोसेवक लगातार टीकाकरण और उपचार के काम में लगे हुए हैं। जिन पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण पाए जा रहे हैं, उनका उपचार किया जा रहा है
प्रयागराज के फूलपुर में प्रतिबंधित मांस की बिक्री को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई की है। खाद्य विभाग की टीम ने जमीलाबाद में मीट की दो दुकानों को सील कर दिया। वहीं, बजरंग दल के कार्यकर्ता पर हमले के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, सरकारी डॉक्टर की शुरुआती जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित मांस की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद भी विवाद बढ़ने के बाद खाद्य विभाग ने जमीलाबाद की दो मीट दुकानों को सील कर दिया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। मांस के नमूने की जांच समेत अन्य तथ्यों को भी देखा जा रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ता पर हमले के आरोप में सैयद जाकिर उर्फ उर्फी, बाबू जैदी, बबलू जैदी, महताब आलम, बाबर, अहमद रजा, शकील कुरैशी, सैय्यद फैज अहमद, बाबू फजल, इमरान, सालिम उर्फ सलीम और मोहम्मद नूर आलम के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 190, 191(3), 115(2), 352, 351(3), 49, 109(1), 299 और गौ हत्या निवारण अधिनियम की धारा 3, 5, 8 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि नामजद आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह का तनाव न फैले। यह विवाद रविवार को फूलपुर में हुआ था। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और मांस दुकानदारों के बीच झड़प हुई थी। बजरंग दल के कार्यकर्ता पर चापड़ से हमला करने का आरोप लगा था। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि प्रतिबंधित मांस की जांच की मांग करने पर दुकानदारों ने विवाद किया। घटना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फूलपुर कोतवाली का घेराव किया था। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने नारेबाजी कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मीट की दुकानों को सील करने की मांग की थी।
अमृतसर के मजीठा रोड स्थित नौशहरा इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से साइकिल सवार बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। 25 अगस्त को हुए इस हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार की टक्कर से बुजुर्ग को गिरते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से परिजन निराश है। उन्होंने पुलिस पर केस को रफा दफा करने के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की और मृतक को लावारिस बताकर एफआईआर दर्ज कर ली थी। बाद में जब मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, तब जाकर एफआईआर में सुधार किया गया। स्वयं जुटाए सीसीटीवी फुटेज, दूसरी पार्टी से मिलीभगत की आशंका नेशनल लोक सेवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसपाल मसीह ने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी पक्ष के साथ मिलीभगत कर रही है। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने खुद क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हादसे से जुड़े कई अहम सबूत एकत्र किए हैं। न्याय के लिए आईजी से मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार ने नेशनल लोक सेवा पार्टी के नेताओं के साथ बॉर्डर रेंज के आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर से मुलाकात की। परिवार ने आईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
इंदौर में सोशल एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय पिछले 7 दिनों से रीगल चौराहे पर अनशन पर बैठे हैं। शहर में लगे अवैध बैनर-पोस्टरों के खिलाफ उनका अनशन जारी है। मंगलवार को उनकी पत्नी संगीता पांडेय समर्थकों के साथ नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने अवैध बैनर-पोस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगले 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो वे खुद नगर निगम में अनशन पर बैठेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद दोनों के जीवन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पिछले दिनों प्रहलाद पांडेय मरीमाता इलाके में अवैध बैनर-पोस्टरों को लेकर वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उनके मोबाइल से वीडियो डिलीट किए गए और डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रहलाद पांडेय ने इस मामले में विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसके बाद वे रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के नीचे अनशन पर बैठ गए थे। सात दिनों से अनशन, बढ़ रहा समर्थन अवैध बैनर-पोस्टरों के खिलाफ चल रहे अनशन को लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है। कई लोग गांधी प्रतिमा पर पहुंचकर प्रहलाद पांडेय से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी सेहत की जानकारी ले रहे हैं। अनशन के दौरान वे सिर्फ पानी ले रहे हैं। उनका वजन भी कम हुआ है। डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया है। जनसुनवाई में पहुंचीं पत्नी, 24 घंटे का अल्टीमेटम मंगलवार को संगीता पांडेय समर्थकों के साथ नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से अवैध बैनर-पोस्टरों और स्वागत द्वारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगीता ने कहा कि शहर में कई जगह अवैध बैनर-पोस्टर और स्वागत द्वार लगे हैं, जिससे ट्रैफिक और स्वच्छता प्रभावित हो रही है। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का भी आरोप लगाया। संगीता पांडेय ने कहा, “आज नगर निगम में निवेदन किया है कि कार्रवाई करें। अगले 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो मैं नगर निगम में अनशन पर बैठ जाऊंगी। इसके बाद हम दोनों के जीवन की जिम्मेदारी प्रशासन और इंदौर की जनता की होगी।”
प्रयागराज के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में अब बायोमेडिकल एनालिटिक्स एंड इंजीनियरिंग और क्वांटम इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में एमटेक-पीएचडी डुअल डिग्री कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। संस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 से दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सीनेट से प्रस्तावित पाठ्यक्रम को मंजूरी मिल चुकी है। अब आखिरी मंजूरी के लिए प्रस्ताव बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सामने भेजा गया है। दोनों कार्यक्रम ट्रिपलआईटी के अप्लाइड साइंसेज विभाग के अंतर्गत चलाए जाएंगे। प्रस्तावित डुअल डिग्री में पहले साल छात्रों को एमटेक की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद दूसरे साल से छात्र पीएचडी में प्रवेश लेकर शोध कार्य शुरू कर सकेंगे। पहले साल एमटेक के दौरान स्कॉलरशिप देने का प्रस्ताव है, जबकि पीएचडी में प्रवेश के बाद नियमों के मुताबिक शोध छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। डीन एकेडमिक प्रो. पवन चक्रवर्ती के अनुसार, बायोमेडिकल एनालिटिक्स एंड इंजीनियरिंग में 15 और क्वांटम इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी में 25 सीटें प्रस्तावित हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश गेट स्कोर के आधार पर होगा। इससे इंजीनियरिंग और विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्रों को नई तकनीकों और शोध के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा। वहीं, ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने बताया कि संस्थान में पहले 12 एमटेक कार्यक्रम चल रहे थे। इस साल क्वांटम इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजीज 13वां एमटेक कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रो. प्रमोद कुमार इसके समन्वयक हैं। उन्होंने बताया कि 25 सीटों वाला यह कार्यक्रम शुरू होते ही पूरी तरह भर गया। निदेशक के अनुसार, यह मंत्रालय प्रायोजित कार्यक्रम है और नेशनल क्वांटम मिशन के तहत शुरू किया गया है। प्रो. सुतावने ने बताया कि यह एक सहयोगी एमटेक कार्यक्रम है, जिसमें ट्रिपलआईटी के साथ सी-डैक पुणे, आईबीएम और आईआईटी बॉम्बे शामिल हैं। उन्होंने इसे देश में पहली बार शुरू किया गया ऐसा सहयोगी एमटेक कार्यक्रम बताया। संस्थान के अनुसार, दोनों नए एमटेक-पीएचडी कार्यक्रमों का मकसद छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ शोध के उभरते क्षेत्रों से जोड़ना है। आखिरी मंजूरी मिलने के बाद 2027-28 सत्र से इन दोनों कार्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बरेली के बाजारों में UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश बढ़ गया है। हाथों में विरोध के पर्चे लेकर व्यापारियों ने बाजारों में प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर लोगों को UPI के इस्तेमाल की आदत डलवाई और अब उसी पर शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है। उनका दावा है कि कम मुनाफे वाले कारोबार में अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित शुल्क वापस नहीं लिया गया तो बरेली के साथ प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन किया जाएगा। पहले डिजिटल भुगतान की आदत डलवाई, अब शुल्क की तैयारी: राजकुमार अग्रवाल सर्राफा कारोबारी राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर व्यापारियों और ग्राहकों को UPI के इस्तेमाल की आदत डलवाई। अब इसी भुगतान पर शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाजार पहले से मंदी से जूझ रहे हैं और ऐसे में अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ाएगा। शुल्क वापस नहीं हुआ तो व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। कम मार्जिन के कारोबार में शुल्क से बढ़ेगा बोझ: अनिल अग्रवाल भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि 0.4% MDR शुल्क छोटे मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए बड़ा बोझ होगा। उन्होंने कहा कि GST पंजीकृत व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिल सकता है, लेकिन गैर-पंजीकृत व्यापारियों के लिए स्थिति अलग होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ₹75 हजार की बिक्री पर 0.4% के हिसाब से करीब ₹300 शुल्क बनता है। साल में सीमित समय ही अच्छा कारोबार होने वाले व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि सुभाष नगर, सीबीगंज समेत पूरे जिले और पश्चिमी यूपी में इसके खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न डाले सरकार: जसपाल सिंह बग्गा कारोबारी जसपाल सिंह बग्गा ने कहा कि बाजारों में पहले से ग्राहक कम हैं और कारोबार प्रभावित है। ऐसे समय में UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों पर और बोझ पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए। ऐसा नहीं होने पर व्यापारी आंदोलन करेंगे। सब्जी की दुकान से शोरूम तक लगवाया बारकोड, अब चार्ज क्यों: मनमीत सिंह व्यापारी मनमीत सिंह ने कहा कि रेहड़ी-पटरी, सब्जी-फल विक्रेताओं से लेकर बड़े शोरूम और रेस्टोरेंट तक डिजिटल भुगतान के लिए बारकोड लगाए गए। अब लोग और व्यापारी UPI के इस्तेमाल के आदी हो चुके हैं। ऐसे में 0.4% शुल्क लगाने की तैयारी से कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है और कारोबार घट रहा है, इसलिए सरकार को इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना चाहिए। गर्भ से कब्र तक टैक्स, अब अकाउंटेंसी का खर्च भी बढ़ेगा: कन्हैया लाल अग्रवाल वरिष्ठ कारोबारी कन्हैया लाल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी पहले से कई तरह के टैक्स और खर्च वहन कर रहे हैं। आधा और एक प्रतिशत के मामूली मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारियों के लिए UPI शुल्क अतिरिक्त बोझ होगा। उन्होंने कहा कि लेन-देन का हिसाब रखने के लिए अकाउंटेंसी का खर्च भी बढ़ सकता है। सरकार को व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय इस प्रस्ताव को वापस लेना चाहिए। व्यापारियों की परेशानी समझें प्रधानमंत्री: संजीव मित्तल व्यापारी संजीव मित्तल ने कहा कि व्यापारी वर्ग लगातार बढ़ते खर्च और कई तरह के शुल्क से परेशान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले का संज्ञान लेकर प्रस्तावित UPI शुल्क को वापस कराने की मांग की। उनका कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों की परेशानी और बढ़ेगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार को भी मरीजों की भारी भीड़ रही। पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने और जांच कराने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ा। मंगलवार को ओपीडी में कुल 3822 मरीज पहुंचे। लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच गर्मी और उमस से मरीजों को परेशानी हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। पर्चे से लेकर जांच तक लगी लाइन ओपीडी में मरीजों को इलाज के लिए कई चरणों में लाइन में लगना पड़ रहा है। पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। जांच के लिए अलग से कतार होने के कारण मरीजों का काफी समय अस्पताल में ही गुजर रहा है। भीड़ अधिक होने पर जल्दी नंबर लगाने के चक्कर में धक्कामुक्की की स्थिति भी बन रही है। बुजुर्ग और महिला मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सीटें कम होने के कारण उन्हें खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार, सप्ताह के शुरुआती दिनों में ओपीडी में मरीजों की संख्या आमतौर पर अधिक रहती है। व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त गार्ड लगाए गए हैं। बुजुर्ग और महिला मरीजों के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी। वायरल फीवर के मरीज बढ़े एसएन के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मरीजों में तेज बुखार, सिर और मांसपेशियों में दर्द, गले में संक्रमण और सीने में जकड़न जैसे लक्षण मिल रहे हैं। कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने और बीपी में उतार-चढ़ाव की समस्या भी सामने आ रही है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार के मुताबिक, बच्चों में वायरल फीवर के मरीज अधिक आ रहे हैं। इनमें गले में दर्द और खराश, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत मिल रही है। भूख कम लगने से बच्चों में कमजोरी भी देखी जा रही है। मरीजों को ये सावधानी बरतने की सलाह ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें। गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें। भाप लें। बच्चों को डॉक्टर की सलाह के बिना कफ सिरप या दूसरी दवाएं न दें। पर्याप्त आराम करें और दाल, हरी सब्जियां, फल और सूखे मेवे लें। मंगलवार को 3822 मरीज पहुंचे मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में कुल 3822 मरीज पहुंचे। इनमें मेडिसिन विभाग में 815, हड्डी रोग में 356, त्वचा रोग में 354 और वक्ष एवं सांस रोग विभाग में 256 मरीजों ने परामर्श लिया। मंगलवार को ओपीडी में भीड़ रहने से मरीजों को पर्चा, परामर्श और दवा के लिए इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और बैठने की व्यवस्था बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भीलवाड़ा के मांडल उपजिला अस्पताल के अस्पताल प्रभारी (PMO) डॉ. सुरेश गजराज, उनकी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य और दो बच्चों की मौत हो गई। उनकी कार कवाई थाना क्षेत्र में कवाई-अटरू हाईवे पर मंगलवार सुबह भारी वाहन से टकरा गई। पेट्रोल पंप के पास कार और बलकर की तेज भिड़ंत में उनकी कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया। दंपती के शव कार में फंस गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से चारों को बाहर निकालकर अटरू हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया। बर्थडे पार्टी में शामिल होकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार- मूलरूप से सूरजगढ़, झुंझुनूं निवासी और वर्तमान में जयपुर में रहने वाले डॉ. सुरेश गजराज अपनी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य और दोनों बच्चों के साथ 19 सितंबर को बारां आए थे। परिवार अपने साले के बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल हुआ था। मंगलवार सुबह परिवार कार से जयपुर लौट रहा था। इसी दौरान कवाई-अटरू हाईवे पर पेट्रोल पंप के पास कार की बलकर से भिड़ंत हो गई। हादसे में डॉ. सुरेश, डॉ. शालिनी और उनके दोनों बच्चों स्वपनिल व निलिशा की मौत हो गई। 4 साल से मांडल में दे रहे थे सेवाएं डॉ. सुरेश गजराज और डॉ. शालिनी मौर्य पिछले करीब चार वर्षों से भीलवाड़ा जिले के मांडल उपजिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। डॉ. सुरेश अस्पताल प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। दोनों चिकित्सकों की एक साथ मौत की खबर से मांडल और चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कार के परखच्चे उड़े कार का अगला हिस्सा पूरी तरह डैमेज प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दंपती कार के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही कवाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से चारों को कार से बाहर निकालकर अटरू अस्पताल ले जाया गया। डॉ. सुरेश और डॉ. शालिनी की हादसे में मौत की सूचना मांडल पहुंचते ही उपजिला अस्पताल के चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मचारियों में शोक छा गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से क्षेत्र में गमगीन माहौल है। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदेश स्तरीय पुरुष बॉक्सिंग प्रतियोगिता 1 अक्टूबर से झांसी में होना है। इसके लिए वाराणसी जनपद का जनपदीय ट्रायल 19 सितंबर को किया गया। उसके बाद मंडल स्तर का ट्रायल 20 सितंबर को किया गया। आरोप है कि इस जनपदीय ट्रायल में सिर्फ 7 खिलाड़ी मंडल स्तर के ट्रायल के लिए चयनित हुए थे। लेकिन एक बार फिर कुछ भार वर्ग में दोबारा चयन ट्रायल की अधिसूचना जारी कर दी गई है जिससे खिलाड़ी परेशान हैं। तो कुछ ने धांधली का आरोप लगाया है। बताया गया की कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्होनें डायरेक्ट मंडलीय चयन में बुलाया गया था। वहीं 70-75 किलो भार वर्ग के दो बॉक्सर आसिफ जफर मेहंदी और युवराज सिंह के बीच बिना बाउट के आसिफ का चयन करने का भी आरोप लगा है। इस संबंध में जब वाराणसी बॉक्सिंग संघ की अध्यक्ष नीलू मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने चयन की कोई जानकारी से इनकार किया। इस प्रकरण को लेकर जब खेल विभाग की किरकिरी हुई तो 21 सितंबर की शाम वाराणसी मंडल के क्रीड़ाधिकारी ने जिन वर्ग में खिलाड़ियों के बिना ट्रायल के चयन का आरोप लगाया गया था। उनका स्पेशल चयन 26 और 27 सितंबर को रखा है। जिसकी अधिसूचना जारी की गई है। वहीं 90 प्लस का भी ट्रायल दोबारा करने की बात कही गई है। 17 सितंबर को जारी हुई थी अधिसूचना इस संबंध में बॉक्सिंग संघ के पदाधिकारी रवि पंडित ने बताया - खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश और बॉक्सिंग संघ उत्तर प्रदेश के समन्वय से झांसी में 1 से 4 अक्टूबर तक सीनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता होनी है। ऐसे में वाराणसी मंडल के क्रीड़ाधिकारी नवीन सिंह ने एक अधिसूचना 17 सितंबर को ट्रायल की जारी की थी। जिसमें 19 सितंबर को जनपद स्तरीय और 20 सितंबर को मंडल स्तरीय का ट्रायल सिगरा स्टेडियम में हुआ। जिसमें 46-48, 48-51, 54-57, 57-60, 60-63.5, 63.5-67, 67-71, 71-75, 75-80, 80-86, 86-92 और 92 प्लस भार वर्ग में ट्रायल होना था। 8 खिलाड़ी हुए थे चयनित, जारी हुई थी लिस्ट बॉक्सिंग संघ के पदाधिकारी रवि ने बताया - इसमें 19 तारीख को जब जनपद स्तरीय चयन हुआ तो उसमें जो लिस्ट जारी हुई उसमें 47-50 और 50-55 भार वर्ग को पहले और दुसरे क्रमांक पर रखा गया जबकि उसमें कोई बॉक्सर ट्रायल के लिए नहीं पहुंचा था। इसके बाद 55-60 किलो में सागर, 60-65 किलो में सूर्यांश सिंह, 65-70 किलो में अगस्त्य दुबे, 70-75 किलो में आसिफ मेहंदी जैदी, 75-80 किलो भर वर्ग में आयुष कुमार सिंह, 80-85 किलो में अनुराग यादव, 85-90 किलो में शरत कुमार और 90 प्लस भार वर्ग में शंकर बिस्वास का चयन हुआ था। इसमें आसिफ के ही भार वर्ग में बॉक्सर युवराज सिंह भी पहुंचा था पर दोनों की बाउट नहीं कराई गई। कुछ खिलाड़ी छूट गए थे इसलिए चयन ट्रायल दोबारा रवि ने बताया - इसके बाद मंडलीय चयन में अगले दिन दो नए खिलाड़ियों ने भी ट्रायल दिया जबकि वो जनपदीय के ट्रायल में नहीं पहुंचे थे। वहीं इस संबंध में प्रभारी आरएसओ नवीन सिंह से जब जानकारी की गयी तो उन्होंने कहा - कल हमारे पास बॉक्सिंग संघ के लोग आये थे और बोले की कुछ भार वर्ग में बच्चे ट्रायल नहीं दे पाए हैं। ऐसे में जनपद स्तर के कुछ भार वर्ग में फिर से ट्रायल की बात हुई थी। जिसपर बच्चों के भविष्य को देखते हुए जनपदीय चयन कुछ भार वर्ग में फिर से कराया जा रहा है। उनसे नियम जब पूछा गया तो उन्होंने कहा ऐसा कोई नियम नहीं की चयन दोबारा कराया जाए। मंडल स्तर का नहीं होगा चयन प्रभारी आरएसओ से जब पूछा गया कि मंडल स्तर भी चयन दोबारा होगा तो उन्होंने कहा मंडल स्तर में अब चयन कैसे होगा। उसमें खिलाड़ी अन्य जनपद से कैसे आएंगे। सब चयन हो चुका है। लेकिन जब उनसे उनके हस्ताक्षर के पत्रांक में मंडल चयन के भी 27 सितंबर को रखे जाने की बात बताई तो उन्होंने कहा यह नहीं हो सकता। गलती से ऐसा हुआ होगा। यदि मंडल स्तर का चयन नहीं होगा तो वो खिलाड़ी कैसे प्रादेशिक स्तर पर खेलने जाएंगे। सिर्फ जनपद स्तर के चयन से इसपर उन्होंने कोई बात नहीं की। स्पेशल खिलाड़ी होने पर होता है चयन इस संबंध में बॉक्सिंग संघ के सेक्रेटरी जनार्दन यादव ने बताया - जनपद स्तर के ट्रायल में कुछ भार वर्ग के खिलाड़ी नहीं आये थे। ऐसे में उन्ही भार वर्गों में दोबारा चयन ट्रायल कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जो एनओसी लेकर खेलने के लिए जाते हैं तो उनके लिए स्पेशल ट्रायल हो सकता है। जबकि 90 प्लस भार वर्ग में पहल ही ट्रायल हो चुके हैं और खिलाड़ी चयनित भी हुआ है।
शिवपुरी शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। हाल ही में दिशा की बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम खत्म करने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को यातायात पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के आगे किए गए अस्थाई अतिक्रमण चिन्हित किए गए। अधिकारियों के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में नए प्लान के तहत कार्रवाई शुरू होगी। इन इलाकों में अस्थाई अतिक्रमण चिन्हित संयुक्त टीम ने कोर्ट रोड, गांधी चौक, माधव चौक, पुराने बस स्टैंड और गुरुद्वारा चौक सहित आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के आगे किए गए अस्थाई अतिक्रमण चिन्हित किए गए। दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठानों के आगे से अतिक्रमण हटाने की अपील की गई। कोर्ट रोड के हाथ ठेले ठंडी सड़क पर जाएंगे नए ट्रैफिक प्लान के तहत कोर्ट रोड पर लगने वाले सभी हाथ ठेलों को ठंडी सड़क पर भेजा जाएगा। इसके अलावा कोर्ट रोड से टेकरी की ओर जाने वाले रास्ते से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। गांधी चौक पर लगने वाले पटवाओं को कोर्ट रोड स्थित सब्जी मंडी के पास भेजा जाएगा। इससे गांधी चौक पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने की योजना है। कोर्ट रोड पर चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव कोर्ट रोड पर चार पहिया वाहनों को लेकर किया जाएगा। यहां चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इन वाहनों की पार्किंग के लिए पुराने बस स्टैंड स्थित राज पैलेस होटल के सामने जगह तय की गई है। माधव चौक पर होगी मार्किंग और बैरिकेडिंग माधव चौक पर जूस और मिठाई की दुकानों के सामने निर्धारित जगह की मार्किंग कर बैरिकेडिंग की जाएगी। तय सीमा के बाहर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाकर यातायात को व्यवस्थित करना और जाम की समस्या को कम करना है।
चित्रकूट में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुखिया मुकेश सहनी ने जमुई में छात्र और छात्रा के साथ हुई बदसलूकी की घटना को शर्मनाक बताया है। मंगलवार शाम चित्रकूट के किशोर रिसॉर्ट पहुंचे सहनी ने कहा कि इस घटना से पूरा बिहार शर्मसार हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की। जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को कुछ युवकों ने रोककर उनके साथ मारपीट की थी। छात्रा से कथित बदसलूकी का भी आरोप है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है। कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल सहनी ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में फिर से जंगलराज जैसा माहौल बनता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में इस तरह की घटना होना गंभीर सवाल खड़े करता है। सहनी ने शराब की होम डिलीवरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार और प्रशासन पर इसे रोकने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया। यूपी की सियासत और थर्ड फ्रंट पर बोले चित्रकूट में निषाद आरक्षण के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सहनी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने थर्ड फ्रंट की चर्चाओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। सहनी ने कहा कि वह राहुल गांधी के साथ हैं। चंद्रशेखर आजाद, स्वामी प्रसाद मौर्य, असदुद्दीन ओवैसी और पल्लवी पटेल के संभावित गठजोड़ को लेकर सहनी ने कहा कि अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन बनाकर कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने थर्ड फ्रंट बनाने वालों के भविष्य पर भी सवाल उठाया। कैबिनेट मंत्री के बयान पर जताई नाराजगी सहनी ने यूपी सरकार के एक कैबिनेट मंत्री के बयान को लेकर भी नाराजगी जताई। उनके बयानों के बाद चित्रकूट में यूपी की सियासत और संभावित गठजोड़ों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
फिटनेस, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर आधार प्राइम ग्रीनफिट हाफ मैराथन–सीजन 3 का आयोजन 27 सितंबर को जयपुर के विद्याधर नगर स्थित सन एंड मून कॉम्प्लेक्स से किया जाएगा। इस वर्ष मैराथन में 10 हजार से अधिक रनर्स के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन के लिए अब तक 8,500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। मैराथन की थीम ‘रन फॉर ग्रीनर अर्थ’ रखी गई है। ग्रीनफिट फाउंडेशन के संस्थापक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार आयोजन में जयपुर नगर निगम की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रहेगी। मैराथन को फिटनेस के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए इसे ‘स्वस्थ भारत, हरित भारत, स्वच्छ भारत-एक जन आंदोलन’ के संदेश के साथ आयोजित किया जा रहा है। चार श्रेणियों में होगी दौड़ मैराथन में अलग-अलग आयु और क्षमता के प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए चार श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें 21 किलोमीटर टाइम्ड हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर टाइम्ड रन और 3 किलोमीटर फन रन शामिल हैं। विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के लिए 2.55 लाख रुपए से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई है। मैराथन के लिए रिपोर्टिंग और फ्लैग ऑफ 27 सितंबर की सुबह 5:30 बजे होगा। आयोजन में प्रोफेशनल रनर्स के साथ सेना के जवान, कॉरपोरेट टीम, विद्यार्थी, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और रनिंग कम्युनिटी के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। 400 से अधिक वॉलंटियर्स संभालेंगे व्यवस्थाएं बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को देखते हुए आयोजन स्थल से लेकर पूरे रूट पर व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके लिए 400 से अधिक वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। इनके साथ मेडिकल टीम, फिजियोथेरेपिस्ट, रूट मार्शल और हाइड्रेशन टीम भी मौजूद रहेगी। रन के दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न स्थानों पर पानी और एनर्जी ड्रिंक की व्यवस्था रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतिभागियों को दौड़ से संबंधित आवश्यक सामग्री में टी-शर्ट, बिब और टाइमिंग चिप दी जाएगी। ग्रीनफिट मैराथन को केवल एक दिन की दौड़ के बजाय तीन दिवसीय फिटनेस उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। 25 और 26 सितंबर को बिब एक्सपो, रनिंग किट वितरण और विभिन्न पार्टनर एक्टिवेशन होंगे। इसके जरिए प्रतिभागियों को मैराथन से पहले आयोजन और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। ग्रीनफिट फाउंडेशन के संस्थापक वीरेंद्र सिंह के अनुसार आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य के प्रति जागरूक करना है। आयोजन स्थल और मैराथन रूट पर स्वच्छता व्यवस्था में जयपुर नगर निगम की सहभागिता रहेगी। मैराथन में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी। इस तरह दौड़ को केवल फिटनेस गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता अभियान के रूप में भी जोड़ा गया है।
बागपत के माखर गांव में प्राथमिक विद्यालय की खराब हालत का वीडियो वायरल करने के मामले में रजत सोलंकी पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इन मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को रजत ने अनोखे तरीके से विरोध किया। वह भगत सिंह की वेशभूषा में, हाथ-पैर में जंजीरें डालकर और हाथ में तिरंगा लेकर घर से निकले। उनका इरादा माखर पुलिस चौकी के पास बरगद के पेड़ के नीचे धरना देने का था। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन रजत धरना देने पर अड़े रहे। बाद में बिनौली इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने उनसे मोबाइल पर बात की। रजत ने मुकदमे वापस लेने सहित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इंस्पेक्टर ने दो दिन में इन मांगों का समाधान करने का भरोसा दिया है। मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा रजत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर घोषणा की थी कि अगर मुकदमे वापस नहीं हुए तो वह 21 सितंबर से धरना शुरू करेंगे। मंगलवार को इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें घर में ही रोक दिया। हालांकि, दोपहर करीब एक बजे रजत पुलिस की निगरानी में ही भगत सिंह की वेशभूषा में, जंजीरों से बंधकर और हाथ में तिरंगा लेकर धरने के लिए निकल पड़े। पुलिसकर्मियों ने उन्हें फिर रोकने की कोशिश की। इस मामले में 7 सितंबर को माखर गांव में सभी समाज के लोगों की एक बैठक हुई थी। बैठक में रजत के खिलाफ दर्ज दोनों मुकदमे वापस लेने की मांग की गई थी। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 सितंबर को बागपत जिला मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में विद्यालय की खराब इमारत, गंदगी और अन्य अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया गया था। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब मंगलवार को रजत के जंजीरों में बंधकर और भगत सिंह की वेशभूषा में धरने के लिए निकलने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पंचायतीराज चुनाव के तहत आरक्षण की लॉटरी कोटा कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को निकाली जाएगी। इसमें जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधानों का आरक्षण तय होगा। जिले में कुल 6 पंचायत समिति हैं। इनमें सामान्य के लिए 3, एससी-एसटी और ओबीसी के 1-1 पद आरक्षित होंगे। इनमें 47% पद महिलाओं के लिए होंगे। सरपंच और वार्ड पंच के लिए लॉटरी 24 सितंबर को संबंधित एसडीएम कार्यालय में निकाली जाएगी। जिले में किस वर्ग के कितने प्रधान होंगे जिला परिषद सदस्य के लिए आरक्षण कोटा पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण का कोटा लाडपुरा-17 पंचायत समिति वार्ड सुल्तानपुर- 21 पंचायत समिति वार्ड इटावा- 23 पंचायत समिति वार्ड चेचट- 17 पंचायत समिति वार्ड खैराबाद- 17 पंचायत समिति वार्ड सांगोद- 23 पंचायत समिति वार्ड
कटिहार प्रखंड के आईटीआई कॉलेज में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया गया। इसमें डीएम आशुतोष द्विवेदी शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के उद्देश्य, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और छात्रों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डीएम ने बताया कि यह शिविर छात्रों की पढ़ाई और हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं व सुझावों को जानने और उन्हें समय पर हल करने के लिए लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) एक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके जरिए छात्र अपनी पढ़ाई और हॉस्टल से जुड़ी समस्याएं या सुझाव बिना डरे ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। डीएम ने बताया कि 'सबका सम्मान, जीवन आसान' निश्चय के तहत छात्रों की समस्याओं के अच्छे समाधान के लिए हर महीने के चौथे मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया जाएगा। इससे छात्रों को अपनी समस्याएं बताने के लिए एक सही मंच मिल रहा है। डीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतें पूरी तरह गुप्त रखी जाएंगी। किसी भी छात्र को शिकायत दर्ज कराने में डरने की जरूरत नहीं है। छात्र किसी भी समय ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के 30 दिनों के अंदर उसके समाधान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और शिकायत करने वाले को इसकी जानकारी लिखित में दी जाएगी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव सही तरीके से सामने लाएं और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इस दौरान डीएम ने आईटीआई के छात्र-छात्राओं को जीवन के उद्देश्य, लक्ष्य तय करने और लगातार मेहनत करने के महत्व पर प्रेरणादायक बातें कहीं। उनके संबोधन से छात्रों का उत्साह बढ़ा। शिविर में मौजूद छात्रों ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत किया। इस मौके पर कटिहार सदर के अनुमंडल पदाधिकारी सूरज कुमार और विशेष कार्य पदाधिकारी अभिषेक रंजन भी मौजूद थे।
फर्रुखाबाद में मंगलवार को डीएम डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में दोपहर 1 बजे शुरू हुई। इसमें जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति, हादसों के कारण की गई कार्रवाइयों और हादसों को रोकने के लिए किए जा रहे कामों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि अगस्त महीने में फर्रुखाबाद जिले में 36 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई है। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने जानकारी दी कि अगस्त 2026 में 36 सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई, जबकि अगस्त 2025 में 43 हादसों में 23 लोगों की मौत हुई थी। 8.69 प्रतिशत कम हुई मरने वालों की संख्या इस तरह अगस्त 2026 में हादसों की संख्या में 16.27 प्रतिशत की कमी आई है, और मरने वालों की संख्या में 8.69 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बताया गया कि साल 2026 में अगस्त तक जिले में कुल 323 सड़क हादसे हुए, जिनमें से 211 हादसों में कम से कम एक वाहन दोपहिया था। इन हादसों में 134 दोपहिया सवारों की मौत हुई और 158 लोग घायल हुए। साल 2026 में कुल सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 65.51 प्रतिशत और मरने वालों में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी 65.33 प्रतिशत होना बेहद चिंताजनक है। यह भी बताया गया कि 38 सड़क हादसों में दोनों वाहन दोपहिया थे, जिनमें 35 लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए। डीएम ने निर्देश दिए कि पहचाने गए ब्लैक स्पॉट के अलावा, दुर्घटना संभावित अन्य जगहों की भी पहचान की जाए। इन जगहों पर जरूरी सुधार और सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि हादसों की संख्या कम हो सके। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम बड़े पैमाने पर चलाने पर भी जोर दिया। रामगंगा पुल पर कार्य में लाए तेजी डीएम ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि टोल प्लाजा एवं राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने रामगंगा पुल की मरम्मत में तेजी लाने हेतु कठोर निर्देश दिये तथा मरम्मत की कार्ययोजना तीन दिवस में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोहम्मदाबाद से काली नदी पुल तक गढ्ढा मुक्ति का कार्य सन्तोषजनक न होने के कारण पूरे मार्ग पर कोटिंग करने के निर्देश दिये। सीएमओ से मांगा स्पष्टीकरण जनपद के एक मात्र ट्रामा सेन्टर के पूर्ण से क्रियाशील न होने पर डीएम ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये सीएमओ को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करनेें के निर्देश दिये। पीडब्लूडी प्रान्तीय खण्ड व निर्माण खण्ड के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिये के अब बारिश का समय खत्म होने को है। सड़क किनारे लगी झाड़ियों को साफ कराये जिससे सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़क के किनारे की दृष्यता स्पष्ट रहे। बैठक में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश सिंह, सीओ सिटी अभय वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता मुरलीधर एवं अशोक कुमार,एआरएम राजेश कुमार सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बुरहानपुर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में ग्राम चौंडी से भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावित बड़ी संख्या में पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग रखी। किसानों के मुताबिक परियोजना के तहत बने बांध में करीब 76 किसानों की जमीन डूब में आई थी। उन्हें वर्ष 2021 में मुआवजा मिला था, लेकिन राशि काफी कम थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार मुआवजा देने की मांग किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वन ग्राम की कृषि भूमि के धारक किसानों को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि उन्हें पहले जो मुआवजा दिया गया था, वह काफी कम था। इसलिए मौजूदा घोषणा के अनुसार पहले मिले मुआवजे के मुकाबले तीन गुना अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। किसानों ने कहा कि यदि अतिरिक्त मुआवजा नहीं दिया जाता है तो डूब प्रभावित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जून से नहीं मिला मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाओं को मानदेय जनसुनवाई में अन्य शिकायतें भी पहुंचीं। कन्या स्कूल चौक बाजार में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाएं भी अधिकारियों के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्हें जून माह से मानदेय नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। महिलाओं ने बताया कि मानदेय बढ़ाकर देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से समस्या का जल्द निराकरण कराने की मांग की। सरपंच प्रतिनिधि पर छुआछूत और धमकी देने का आरोप भील सेना संगठन मध्यप्रदेश की ओर से भी जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा गया। इसमें ग्राम इटारिया के सरपंच प्रतिनिधि पर छुआछूत करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया कि पंचायत के विकास कार्यों में खर्च की गई राशि का हिसाब मांगने पर सरपंच प्रतिनिधि ने उन्हें धमकी दी। मामले में अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही है।
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में 21 सितंबर को हुए ग्राम प्रधान छोटा बामना पहाड़िया हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस टीम ने महज 8 घंटे के अंदर हत्या के आरोपी धर्मा पहाड़िया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने जादू-टोना के शक में हत्या करना कबूल किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लकड़ी का बेट लगा हुआ कुल्हाड़ी (टांगी) और खून लगा नारंगी रंग का प्रिंटेड गमछा बरामद किया है। एसपी अनुदीप सिंह ने अपने ऑफिस में जानकारी दी कि 21 सितंबर की रात कुस्कूटा गांव में ग्राम प्रधान छोटा बामना पहाड़िया की कुल्हाड़ी जैसे हथियार से गर्दन पर वार कर हत्या की खबर मिली थी। धर्मा पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया खबर मिलने के बाद मामले को सुलझाने के लिए थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। टीम ने इंसानी और तकनीकी जानकारी जुटानी शुरू की। इसके अलावा फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया था। सभी जानकारी जुटाने के बाद महज 8 घंटे के अंदर उसी गांव के रहने वाले धर्मा पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हत्या करना कबूल किया। उसकी निशानदेही पर खून जैसे निशान लगे कुल्हाड़ी और खून लगा गमछा बरामद किया गया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने जादू-टोना और झाड़-फूंक के शक में हत्या की है। उसने बताया कि ग्राम प्रधान ने जादू-टोना करके पहले उसके दादा और फिर पिता को मार दिया था। आरोपी धर्मा पहाड़िया ने यह भी कबूल किया कि एक बार शराब के नशे में ग्राम प्रधान ने उसके सोए हुए पिता और दादा को जादू-टोना से मारने की बात कही थी। इसके बाद ही उसने ग्राम प्रधान की हत्या करने का मन बना लिया था। एसपी ने बताया कि मृतक की पत्नी के लिखित शिकायत के आधार पर थाना में कांड संख्या 72/2026 दर्ज किया गया है।
बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के केशवपुर कला गांव में मंगलवार सुबह एक बुजुर्ग का शव नदी किनारे जंगल में पेड़ से लटका मिला। शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान गांव के हाकिम सिंह (60) के रूप में हुई है, जो तीर्थ के बेटे थे। ग्रामीणों ने बताया कि हाकिम सिंह मंगलवार सुबह करीब नौ बजे गांव के जंगल में नदी के पास गए थे। कुछ देर बाद उनका शव चंदनिया के पेड़ से लटका मिला। खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। हाकिम सिंह की शादी नहीं हुई थी। उनके नाम गांव में न कोई जमीन थी और न ही मकान। वह कभी-कभी अपनी बहन के पास बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के कपूर गांव में भी जाकर रहते थे। उनकी मौत से परिवार वाले सदमे में हैं। परिजन इसे आत्महत्या बता रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव का पोस्टमार्टम कराया। उनकी मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
देवरिया में एक अधिवक्ता के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने पर वकीलों ने नाराजगी जताई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। वकीलों ने कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे से वकील समुदाय में असंतोष है। प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर मिश्र प्रीतम ने कहा कि अगर वकीलों को परेशान करने वाली कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो संगठन इस मामले को बड़े अधिकारियों तक पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के सामने भी मामला रखा जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने और सदर कोतवाल को निलंबित करने की मांग की। वकीलों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगें बताईं और मामले में दखल देने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे। वकीलों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाएगा। वकीलों का कहना है कि मुकदमे को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, यह मुकदमा किस घटना और किन धाराओं में दर्ज किया गया है, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी। प्रशासन और पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में युवक ने हंसिया से अपना गला और हाथ काटकर आत्महत्या की कोशिश की। वह घर से हंसिया लेकर करीब 6 किलोमीटर दूर पड़ोसी गांव पहुंचा। यहां पेट्रोल पंप के पास वह लहूलुहान हालत में मिला। युवक की हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवक ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि युवक कुछ दिनों से अस्वस्थ था। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। मामला हल्दी पुलिस चौकी क्षेत्र का है। देखिए ये तस्वीरें… सुबह हंसिया लेकर घर से निकला था युवक जानकारी के मुताबिक युवक का नाम नरेंद्र रावटे (27) है, जो कि भेड़िया नवागांव का रहने वाला है और मजदूरी करता है। ग्रामीणों के मुताबिक, नरेंद्र सोमवार सुबह गांव की नाई दुकान में सेविंग बनवाते देखा गया था। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे वह साइकिल से हंसिया लेकर घर से निकला था। शाम करीब 5 बजे वह पड़ोसी गांव बेलौदी (हल्दी) के पेट्रोल पंप के पास लहूलुहान हालत में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर डायल- 112 और हल्दी चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को समझाया और उसके हाथ से हंसिया लिया। इसके बाद उसे वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, अब नरेंद्र की हालत खतरे से बाहर है। छत ढलाई के काम पर जाता था जनपद सदस्य सतीश भेड़िया और सरपंच लुमन कुमार साहू ने बताया कि नरेंद्र मजदूरी करता है। वह गांव के युवाओं के साथ छत ढलाई के काम पर जाता था। उसके पिता बालचरण रावटे किसान हैं। नरेंद्र की दो बहनों की शादी हो चुकी है। उसकी शादी नहीं हुई है। कुछ दिनों से अस्वस्थ था नरेंद्र ASP चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि युवक के धारदार हथियार से गला काटकर आत्महत्या की कोशिश करने की सूचना मिली थी। हल्दी चौकी और डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गलत कदम उठाने से रोका और अस्पताल पहुंचाया। …………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर-लड़की का मर्डर कर युवक ने खुद का गला काटा: हालत गंभीर, होटल के कमरे से आ रही थी चिल्लाने की आवाज; जांच जारी राजधानी रायपुर में लड़की का मर्डर कर युवक ने खुद अपना गला काटने की कोशिश की है। शुक्रवार को झूलेलाल चौक के पास स्थित बंसल पैराडाइज होटल में युवती की लाश मिली है। उसी होटल के कमरे में एक लड़का खून से लथपथ मिला है, जिसकी हालत गंभीर है। मामला गंज थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
गुरुग्राम में पुलिस और प्रशासन द्वारा मंगलवार को कुख्यात अपराधी कौशल चौधरी की नाहरपूर रूपा में अवैध कोठी को गिरा दिया। उसने लगभग 150 गज की जमीन पर एक अवैध मकान खड़ा कर रखा था। पुलिस के मुताबिक जेल में बंद गैंगस्टर कौशल चौधरी ने इस 150 गज के भूखंड पर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से एक बहुमंजिला मकान बना रखा था। आरोपी न केवल इस अवैध संपत्ति पर काबिज था, बल्कि वह इससे हर महीने मोटी रकम किराये के रूप में भी वसूल रहा था। यहां से सिंडिकेट चलाया जा रहा था जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस किराये से होने वाली काली कमाई का इस्तेमाल कौशल चौधरी और उसके गुर्गे संगठित अपराध की गतिविधियों के संचालन, विस्तार और नए हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए कर रहे थे। इसी ठिकाने से गैंग के नेटवर्क को मजबूत करने और रंगदारी के सिंडिकेट को चलाने की साजिशें रची जा रही थीं। कौशल चौधरी पर दर्ज हैं 70 से ज्यादा गंभीर मामले कौशल चौधरी पर गुरुग्राम और आसपास के इलाकों का एक नामी बदमाश है। वर्तमान में जेल की सलाखों के पीछे बंद इस गैंगस्टर का खौफ पूरे क्षेत्र में रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कौशल पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूटपाट, डकैती और आर्म्स एक्ट के तहत 70 से ज्यादा संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय बड़े आपराधिक गिरोहों के साथ जुड़ा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई से अपराधियों की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले उनके आर्थिक स्रोतों को पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा। भारी पुलिस बल की तैनाती, विरोध हुआ बेअसर कार्रवाई के दौरान अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। जैसे ही बुलडोजर और प्रशासनिक दस्ता मौके पर पहुंचा, गैंगस्टर के परिवार के सदस्यों ने इस तोड़फोड़ विरोध करने की कोशिश की। उन्होंने कार्रवाई को रोकने के लिए दलीलें दीं, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन टीम की मुस्तैदी के आगे उनकी एक नहीं चली। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और कुछ ही घंटों के भीतर 150 गज में बने पूरे अवैध ढांचे को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। अपराधियों से कोई रियायत नहीं कार्रवाई के बाद गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए की गई है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अपराध की दुनिया से कमाई करके या सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करके अपना साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश करेगा, उसकी संपत्तियों के साथ यही हश्र किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य गैंगस्टरों की संपत्तियों को भी चिन्हित कर उन पर इसी तरह की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मिल्कीपुर तहसील इलाके में स्थित महर्षि वामदेव तपोस्थली पर लगने वाले 15 दिवसीय ऐतिहासिक मेले का मंगलवार को सातवां दिन था। सुबह से ही मेले में ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। बड़ी संख्या में लोग परिवार और बच्चों के साथ मेले में पहुंचे और झूले, खरीदारी व खानपान का आनंद लिया। मेले में सबसे अधिक आकर्षण झूले और चकरी बने हुए हैं। मौत का कुआं,नाव,रेल की सवारी और ब्रेक डांस झूले पर युवाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मिठाई, चाट और समोसे की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही। आयोजकों के अनुसार, राम नरेश की मिठाई की दुकान यहां करीब 100सालों से मेले में सजती आ रही है। मेले में अच्छी भीड़ पहुंच रही आर्टिफिशियल ज्वेलरी, लेडीज पर्स, कप-प्लेट और आइसक्रीम की दुकानों पर महिलाओं और बच्चों की खास भीड़ दिखी। दुकानदार रंजीत, दीनानाथ, प्रेम प्रकाश और इलियास मुस्तफा ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री बेहतर है। मौसम अच्छा होने से भी मेले में अच्छी भीड़ पहुंच रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मेला हजारों सालों से लग रहा है। मान्यता है कि तपोस्थली पर आने वाले भक्तों की मनोकामना भोलेनाथ पूरी करते हैं। यह भी माना जाता है कि यहीं भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत का मुंडन संस्कार हुआ था। अयोध्या धाम से करीब 14 कोस की दूरी पर स्थित इस तपोस्थली के मंदिर में आदिकालीन ज्योतिर्लिंग होने की भी मान्यता है। मंदिर के सामने स्थित हरि सागर में महर्षि वामदेव के स्नान करने की भी मान्यता है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए व्यापारी मेले में दुकानें लगाए हुए हैं। लकड़ी और लोहे के सामान की दुकानों पर भी खरीदार पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे हर साल मेले से लकड़ी और लोहे के घरेलू सामान खरीदते हैं। प्रतिदिन 5 से 10 हजार लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। मेले की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है। सीओ मिल्कीपुर पियूष पाल ने बताया कि पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं। दर्जनों जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रात में भी पुलिस गश्त कर मेले की निगरानी कर रही है।
शामली में स्कूल की छुट्टी के बाद मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली बस स्टैंड के पास छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। किसी बात को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों के छात्रों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए और बेल्ट से भी हमला किया। इसी दौरान एक छात्र के सिर में बेल्ट लगने से वह घायल हो गया। मारपीट के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर तक छात्र सड़क पर ही एक-दूसरे से मारपीट करते रहे। इसके बाद दोनों गुटों के छात्र मौके से चले गए। घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो से छात्रों की पहचान में जुटी पुलिस वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल छात्रों की पहचान कर रही है। साथ ही विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और इसमें कितने छात्र शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है। घायल छात्र की पहचान के प्रयास भी किए जा रहे हैं। तहरीर नहीं मिली, वीडियो के आधार पर जांच कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि मामले में अभी किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। वीडियो के जरिए छात्रों की पहचान करने के साथ ही विवाद के कारण का पता लगाया जा रहा है।
महोबा के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के महुआ गांव में 70 साल के किसान गौरीशंकर अहिरवार ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह फसल बर्बादी और कर्ज से परेशान थे। गौरीशंकर के पास करीब ढाई बीघा जमीन थी। उन्होंने लगभग 12 बीघा जमीन बटाई पर लेकर खेती की थी। इस साल तेज बारिश से उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। परिवार के मुताबिक, खेती में काफी पैसा लगाने के बावजूद कोई आमदनी नहीं हुई। किसान पर बैंक का करीब 40 हजार रुपये और गांव के साहूकारों का लगभग दो लाख रुपये कर्ज था। कुल मिलाकर उन पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज था। परिजन रघुवीर राजपूत ने बताया कि गौरीशंकर पिछले करीब आठ दिनों से लगातार परेशान रहते थे। वह परिवार के सामने कर्ज चुकाने को लेकर चिंता बताते थे। सोमवार देर रात वह गांव में गणेश प्रतिमा के पंडाल में थे। बाद में घर लौट आए और रात में मकान के दरवाजे के कुंदे से फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई रतनलाल ने बताया कि फसल में पैसा लगाने के बावजूद उत्पादन नहीं हुआ, जिससे गौरीशंकर काफी परेशान थे। परिजनों ने किसान की आत्महत्या की वजह फसल नुकसान और कर्ज को बताया है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या की असली वजह की जांच की जा रही है। परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद और कर्ज माफी की मांग की है।
बरेली के जनकपुरी में 24 और 25 सितंबर को एकादश द ग्रेट गणपति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में भगवान गणपति को 170 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। साढ़े छह फीट ऊंची गणपति प्रतिमा आकर्षण का केंद्र होगी। मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी, ऑल इंडिया रियल फॉर कल्चरल, एजुकेशनल, वेलफेयर सोसाइटी, महिला कल्याण समिति और भैरव सेवा संघ मिलकर शिवाजी पार्क, जनकपुरी में यह महोत्सव आयोजित कर रहे हैं। सोमवार को जीवन ज्योति कैंपस स्थित संस्था मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर तैयारियों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रजनीश सक्सेना ने बताया कि 24 सितंबर को शाम पांच बजे गणपति प्रतिमा और कलश की स्थापना होगी। इसके बाद शाम छह बजे भजन संध्या होगी। रात आठ बजे श्रीकृष्ण महारास, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। महाआरती के बाद पर्यावरण, रक्तदान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संकल्प दिलाए जाएंगे। दो दिन के इस आयोजन में भजन, श्रीकृष्ण महारास, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक भी होंगे। इसके साथ ही पर्यावरण, रक्तदान और सनातन चिंतन का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, दूसरे दिन 25 सितंबर को सुबह 10 बजे गणपति प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली जाएगी। ढोल-नगाड़ों के साथ यह शोभायात्रा राजेंद्र नगर क्षेत्र से होते हुए रामगंगा पहुंचेगी। रामगंगा में विधि-विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी मुख्य अतिथि होंगे और माता सरस्वती देवी अध्यक्षता करेंगी। आयोजकों ने बताया कि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, सांसद छत्रपाल गंगवार और महापौर उमेश गौतम समेत कई जनप्रतिनिधि और शहर के लोग इसमें शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में सीएल शर्मा, अनुपम कपूर, वीरेंद्र प्रसाद खंडेलवाल, सतीश कातिब मम्मा, मोहम्मद नवी, अंकुर सक्सेना, विशेष कुमार, संजीव सक्सेना, अखिलेश शर्मा, मनीष रस्तोगी, कनिष्क शर्मा, अभिषेक सक्सेना, सचिन श्याम भारतीय, चेतन पुरी, हरजीत कौर, रवि सक्सेना और धीरज कुमार भी मौजूद रहे।
रतलाम के आनंद कॉलोनी स्थित शासकीय डॉ. कैलाशनाथ काटजू लॉ कॉलेज में बाहरी लोगों के प्रवेश और गरबा रुकवाने को लेकर लगाए गए आरोपों के विरोध में मंगलवार को लॉ स्टूडेंट कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस पहुंचे। स्टूडेंट ने कॉलेज में बिना अनुमति प्रवेश करने और झूठे आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। स्टूडेंट के साथ कॉलेज स्टाफ भी मौजूद रहा। सभी पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम पांच पेज का ज्ञापन तहसीलदार आशीष उपाध्याय को सौंपा। इसके बाद एसपी ऑफिस पहुंचकर एएसपी विवेक कुमार से मुलाकात की। एएसपी ने स्टूडेंट से थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने को कहा। गणेशोत्सव के दौरान हुआ था विवाद कॉलेज में विद्यार्थियों ने गणेश प्रतिमा स्थापित की है। यहां 10 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। सोमवार दोपहर आरती के बाद छात्राओं ने गरबा किया था। इसी दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ लोग कॉलेज पहुंचे और कपल गरबा होने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। हंगामे की सूचना पर स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कॉलेज प्रिंसिपल ने विरोध करने वालों से कहा कि यहां कोई कपल गरबा नहीं हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत गरबा आयोजित किया गया है। इसके बावजूद विरोध करने वाले लोग नहीं माने और कार्यक्रम नहीं होने दिया। स्टूडेंट बोले- झूठे आरोप लगाए गए एलएलबी फाइनल ईयर के स्टूडेंट प्रियांशु चत्तर ने बताया कि सोमवार को कुछ अज्ञात लोग कॉलेज में घुसे और स्टूडेंट का कार्यक्रम रुकवा दिया। उन्होंने विद्यार्थियों पर झूठे आरोप लगाए। प्रियांशु के मुताबिक, विद्यार्थियों ने समूह में गरबा किया था। सभी भाईचारे के साथ कार्यक्रम कर रहे थे। उनका कहना है कि कॉलेज प्रिंसिपल के साथ भी अभद्रता की गई। स्टूडेंट ने सुरक्षा और आरोपियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम भी दिए गए हैं। छात्रों ने कार्रवाई की मांग कीज्ञापन में 21 सितंबर की पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। स्टूडेंट ने सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा और अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। ज्ञापन में स्टूडेंट ने ये मांगें रखीं
सेक्टर-63 थाना क्षेत्र से अगवा की गई तीन माह की बच्ची को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्ची के अपहरण के आरोप में दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। 21 सितंबर को बच्ची के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी तीन माह की बेटी को दो महिलाएं और एक पुरुष ले गए हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले शिकायत मिलते ही पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए टीम गठित की। पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिला। 22 सितंबर को पुलिस ने कनावनी बस स्टैंड के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये हुई पहचान आरोपियों की पहचान अभय कुमार (36), उसकी पत्नी काजल उर्फ संगीता (28) और मनीषा (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन माह की बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के हैबतपुर में रह रहे थे।
फरीदकोट के कोटकपुरा के शहर के तिकोनी चौक के पास मंगलवार सुबह पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियों में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान फरीदकोट के हुक्की चौक निवासी 50 वर्षीय राकेश कुमार जैन के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार जैन एक दिन पहले लुधियाना में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से वह बस द्वारा सोमवार देर रात कोटकपूरा पहुंचे थे, जिसके बाद तिकोनी चौक के पास संदिग्ध हालात में गिर गए। मंगलवार सुबह सूचना मिलते ही एएसआई दलजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल कोटकपूरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मामले के संबंध में थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ सुखविंदर सिंह ने बताया कि परिजनों के बयानों पर कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती जांच में मौत का कारण प्राकृतिक (हार्ट अटैक या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण) माना जा रहा है, हालांकि मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
मधेपुरा में BN मंडल विश्वविद्यालय में UMIS की आईटीआई कंपनी के 11 करोड़ रुपए से अधिक बकाया रहने के कारण अटके परीक्षा परिणामों में से कई रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद छात्रहित में परिणाम जारी करने पर सहमति बनी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शेष लंबित परिणाम भी एक-दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे। इससे करीब एक लाख विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। भुगतान अटकने से रुकी थी रिजल्ट प्रकाशन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि भुगतान को लेकर UMIS की ओर से रिजल्ट प्रकाशन की प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। छात्रहित को देखते हुए कंपनी रिजल्ट जारी करने के लिए तैयार हो गई। उन्होंने बताया कि यूजी फिफ्थ सेमेस्टर, सेकंड सेमेस्टर और फोर्थ सेमेस्टर समेत कई परीक्षाओं के परिणाम जारी किए गए हैं। बीएड का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है। यूजी थर्ड सेमेस्टर का परिणाम भी आ चुका है। शेष परिणाम भी एक-दो दिन में जारी कर विद्यार्थियों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीएड छात्रों को सबसे ज्यादा थी रिजल्ट की चिंता बीएड सत्र 2025-27 के प्रथम वर्ष के विद्यार्थी कई सप्ताह से रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट जारी नहीं होने से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया में परेशानी हो रही थी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बीएड फर्स्ट ईयर का रिजल्ट 26 सितंबर तक जारी करने का आश्वासन दिया गया था। अब विश्वविद्यालय ने बीएड का रिजल्ट जारी होने की जानकारी दी है। रिजल्ट में देरी को लेकर सोमवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन भी किया था। इन परीक्षाओं के परिणाम थे लंबित विश्वविद्यालय में स्नातक फिफ्थ सेमेस्टर दिसंबर 2025, सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर जून 2026, पीजी सेकंड सेमेस्टर जून 2026, बीएड फर्स्ट ईयर 2026 और डिग्री थर्ड पार्ट स्पेशल एग्जाम (ओल्ड कोर्स) के परिणाम लंबित बताए जा रहे थे। इनमें स्नातक के करीब 90 हजार, पीजी के करीब 5 हजार और बीएड के करीब 1200 विद्यार्थी प्रभावित थे। अब इनमें से कई परिणाम जारी किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बाकी परिणाम भी जल्द जारी कर दिए जाएंगे। 11 करोड़ से अधिक भुगतान को लेकर बना था गतिरोध रिजल्ट जारी करने को लेकर विश्वविद्यालय और UMIS की आईटीआई कंपनी के बीच भुगतान का मामला सामने आया था। कंपनी का विश्वविद्यालय पर 11 करोड़ रुपए से अधिक बकाया बताया जा रहा है। इसी भुगतान के कारण रिजल्ट प्रकाशन की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। अब कंपनी से बातचीत के बाद परिणाम जारी करने का रास्ता साफ हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबित परिणामों को जल्द से जल्द जारी करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, आगे की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं प्रभावित न हों।
जमुई में कोचिंग पढ़कर लौट रहे दसवीं कक्षा के नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर कथित छेड़खानी, मारपीट और बर्बरता की घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। नवादा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना की निंदा की और सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। बोले- दिन में बेटियां सुरक्षित नहीं तो किस सुबह का इंतजार प्रभाकर झा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर बिहार में रात 12 बजे के बाद कोई महिला या बेटी सड़क पर निकले और उसे कोई छू दे तो वे सुबह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि जमुई में दिन के उजाले और शाम के समय भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अब किस सुबह का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार के महिला सुरक्षा से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए। सरकार के दावों और जमीन की स्थिति में अंतर का आरोप प्रभाकर झा ने आरोप लगाया कि बिहार की डबल इंजन सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने कथित पुराने बयान के अनुसार पद से इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जमुई की घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। पॉक्सो के तहत कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग कांग्रेस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग रखी गई है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हुए फांसी जैसी सजा दिए जाने की बात भी कही है। कोचिंग सेंटरों के आसपास 24 घंटे पुलिस गश्त की मांग कांग्रेस ने पीड़ित छात्र-छात्रा और उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के आसपास 24 घंटे पुलिस गश्त सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम हो सके। इस दौरान युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज कुमार, हिसुआ कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष विजय कुमार, सत्येंद्र प्रसाद कुशवाहा, गोविंदपुर प्रखंड अध्यक्ष बालेश्वर यादव और सेवादल के सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 व्यवसायों और जीएसटी रजिस्ट्रेशन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आप विधायक और दिल्ली आप के प्रधान सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और जीएसटी विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक सरकारी बंगले और राजनीतिक दल के आधिकारिक पते पर किस तरह धड़ल्ले से फर्जी और संदिग्ध कंपनियां रजिस्टर्ड कर दी गईं। सरकारी पते पर कैसे हुआ रजिस्ट्रेशन- सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान आम आदमी पार्टी के नेशनल ऑफिस 1, कैनिंग लेन, नई दिल्ली के पते पर 58 बिजनेस रजिस्टर किए गए और उनका बाकायदा जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 'वन कैनिंग लेन' एक सरकारी बंगला है, जहां कोई निजी बिजनेस न तो खरीदा जा सकता है और न ही किराए पर दिया जा सकता है, फिर ऐसा कैसे संभव हुआ? जीएसटी नंबर लेने पर कड़ी प्रक्रियाओं पर विधायक ने खड़े किए सवाल आप नेता ने कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है। इसके लिए बिजली-पानी का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, मकान मालिक का रेंट एग्रीमेंट और एनओसी दिखानी पड़ती है। इसके अलावा, बिजनेस बोर्ड के साथ फोटो और कई बार अधिकारियों द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जाता है। ऐसे में केंद्रीय एजेंसियों की नाक के नीचे सरकारी पते पर ये तमाम औपचारिकताएं कैसे पूरी हो गईं। ज्यादातर कंपनियों का काम ‘इंपोर्ट-एक्सपोर्ट’- आप विधायक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया गया कि इन सभी 58 व्यवसायों का मुख्य काम इंपोर्ट-एक्सपोर्ट दर्शाया गया है। उदाहरण के तौर पर प्रियंका आशा एंटरप्राइजेस जीएसटी नंबर: 07HKPSC9204F3ZJ सहित मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, मोहम्मद असद कुरैशी, अफजल, साफिया खानम, सीमा परवीन, काशिफ सिद्दीकी, सरफराज और मोहम्मद फैजान जैसे कई नामों से ये रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। AAP का केंद्र सरकार से सीधा सवाल आप ने केंद्र सरकार से तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या केंद्रीय एजेंसियों की शह या मिलीभगत के बिना यह मुमकिन है। पार्टी ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
झालावाड़ में कृषि विज्ञान केंद्र ने खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के लिए 15 दिन का सर्टिफिकेट कोर्स पूरा किया। मंगलवार को इस कोर्स का दूसरा बैच खत्म हुआ। 7 से 22 सितंबर तक चले इस प्रशिक्षण में जिले के 35 उर्वरक विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। समापन पर सभी को प्रमाण-पत्र भी दिए गए। केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. संतोष झाझड़िया ने बताया कि खेतों में रसायनों, उर्वरकों और कीटनाशकों का गलत इस्तेमाल मिट्टी की सेहत खराब करता है। इससे कृषि उत्पादों में इनके अंश भी पहुंच सकते हैं, जो इंसानों और जानवरों की सेहत के लिए खराब हैं। उन्होंने मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों के सही इस्तेमाल पर जोर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि किसानों तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने में उर्वरक विक्रेताओं की अहम भूमिका है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से किसानों के हित में ईमानदारी से काम करने को कहा। केंद्र के प्रसार शिक्षा वैज्ञानिक और प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मोहम्मद यूनुस ने बताया कि प्रशिक्षण में कई विशेषज्ञों ने लेक्चर और प्रैक्टिकल सेशन लिए। इसमें मिट्टी की सेहत, पोषक तत्वों का प्रबंधन, अलग-अलग उर्वरकों की पहचान, सही भंडारण और परिवहन के तरीके सिखाए गए। साथ ही, उर्वरक बेचते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मकसद विक्रेताओं को उर्वरकों के सुरक्षित, संतुलित और सही इस्तेमाल की वैज्ञानिक जानकारी देना था। ताकि वे किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरक उपयोग की सही सलाह दे सकें। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए, जो उर्वरक बेचने का लाइसेंस लेने के लिए जरूरी हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. हितेश मुवाल, सुनीता कुमारी, अजय सिंह शेखावत, महेश कुमार और शाहरुख खान ने मदद की।
अररिया नगर परिषद और नगर थाना पुलिस की टीम ने मंगलवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह अभियान का चौथा दिन था। थाना चौक से लेकर वर्मा सेल कोसी पुल तक के इलाके में अवैध अतिक्रमण और सड़क किनारे बने फुटपाथ के ढांचों को जेसीबी मशीन से तोड़ा गया। अवैध दुकानदारों का सामान जब्त कर नगर परिषद के दफ्तर भेज दिया गया। इस अभियान में नगर परिषद प्रशासन और नगर थाना पुलिस की टीम के करीब तीन दर्जन से ज्यादा कर्मी और पुलिस अधिकारी मौजूद थे। टीम दो ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन के साथ सड़कों पर निकली थी। अवैध रूप से लगाई गई दुकानों और अतिक्रमण किए गए ढांचों को पूरी तरह हटा दिया गया। मकसद शहर की मुख्य सड़कों को ठीक रखना प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को साफ संदेश दिया कि शहर की सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके में हलचल दिखी। कई दुकानदार अपनी दुकानें समेटते नजर आए, जबकि कुछ जगहों पर अवैध निर्माण पहले ही तोड़ दिए गए थे। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति सड़क या फुटपाथ पर अवैध निर्माण या दुकान लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जब्त सामान नगर परिषद कार्यालय में रखा गया है। इस अभियान का मकसद शहर की मुख्य सड़कों को ठीक रखना और आम लोगों को सुविधा देना है। पैदल चलने वालों को होती थी परेशानी थाना चौक से कोसी पुल तक का यह इलाका लंबे समय से अवैध दुकानों और अतिक्रमण की चपेट में था। मंगलवार की कार्रवाई से यह हिस्सा काफी हद तक साफ हो गया है। पुलिस और नगर परिषद की टीम ने पूरे इलाके की जांच भी की। स्थानीय लोगों ने इस अभियान का स्वागत किया है। कई नागरिकों ने कहा कि लंबे समय से सड़कें जाम रहती थीं और पैदल चलने वालों को परेशानी होती थी। अब सड़कें अपेक्षाकृत साफ दिख रही हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अभियान जारी रहेगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिक्रमण हटाने के इस अभियान से अररिया शहर को व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विधि संकाय में सहायक प्रोफेसर डॉ. गुरविंदर सिंह साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 29 हजार रुपये की ठगी कर ली। रविवार को क्रेडिट कार्ड से रकम कटने का मैसेज मिलने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। क्रेडिट कार्ड से हुआ ट्रांजेक्शनडॉ. गुरविंदर सिंह के अनुसार उनके क्रेडिट कार्ड से बिना उनकी जानकारी और अनुमति के 29 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। मोबाइल पर लेनदेन का संदेश आने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी बैंक को देने के साथ ही पुलिस से शिकायत की। पुलिस मामले की जांच में जुटीशिकायत के आधार पर लंका पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और क्रेडिट कार्ड से हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही।
कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की क्वालिटी कंट्रोल खंड (विंग) में कथित 15 लाख के गबन के मामले सहायक परीक्षण अधिकारी (ATO) विनय सक्सेना को निलंबन आदेश पर राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (RCSAT) ने सुनवाई के बाद फिलहाल रोक लगा दी है। अधिकरण ने कहा है कि कोटा में ही जहां से निलंबित किया गया, वहीं जोइन करवाया जाए। लेकिन आदेश के बावजूद 95 दिनों से मूल कार्यस्थल जोइन नहीं करने दिया गया है। अब संबंधित अधिकारी ने अधिकरण में कंटेप्ट प्रिटशन (अवमानना याचिका) दायर की है। गौरतलब है कि मटेरियल टेस्टिंग के सितंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच 59 फर्जी चालान विभाग में जमा हुए थे। ई ग्रास पोर्टल पर 59 चालान ऑन लाइन नहीं मिले। इनकी राशि भी सरकारी खाते में जमा नहीं हुई थी। यह राशि करीब 15 लाख रुपए थी। इस मामले के आरोप में विभाग ने (ATO) विनय सक्सेना को निलंबत कर दिया था। अधिकरण को पेश याचिका में सक्सेना ने कहा कि वह 15 लाख के फर्जी चालान के मामले को विभाग के सामने सबसे पहले लाया है। वह इस मामले को उजागर करने वालों में से है, उसे गलत निलंबित किया गया है। सक्सेना ने विभाग को इस घोटाले के मामले में उसके द्वारा मई, 2026 में विभाग और अधिकारियों को लिखे लेटर को पेश किया। याचिकाकर्ता ने कहा कि उस पर चालान वेरिफाइ करने का आरोप है, लेकिन चालान वेरिफाइ का अधिकार उसके पास है ही नहीं। 59 में से 45 चालान तो उसके कार्यकाल से पहले के हैं। सक्सेना ने कहा कि उसके ऊपर लगातार चालान को सत्यापित करने का दबाव भी बनाया गया, लेकिन उसने मना किया क्योंकि यह उसके क्षेत्राधिकार का कार्य नहीं था। याची ने कहा कि उसे इस प्रकरण में गलत तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। सक्सेना ने याचिका में कहा कि उसने स्वयं कथित फर्जीवाड़े का पता लगाया, संबंधित कार्यालय को लिखित रूप से सूचित किया तथा जांच में डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराए। इसलिए उसके विरुद्ध आरोप तय करने से पहले उसके द्वारा की गई शिकायतों और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की भी निष्पक्ष जांच की जाना आवश्यक है। याचिका में कहा कि किसी और का दोष उससे ऊपर थोपा जा रहा है। सक्सेना ने दावा किया कि चालानों की राजस्व की सूचना गत 2 वर्षों से बिना वेरिफिकेशन के मुख्य अभियंता कार्यालय में भिजवाई जा रही थी और आडिट ने भी सिर्फ खानापूर्ति करते इसे नजरअंदाज किया। सक्सेना ने आरोप लगाया कि उसने कंप्यूटर ऑपरेटर के फर्जीवाड़े का पूरा खुलासा किया और कंप्यूटर ऑपरेटर के ट्रांजैक्शन तक सक्सेना द्वारा विभाग को उपलब्ध करवाए गए थे।
बैतूल में उत्तर वन मंडल की बैतूल रेंज के कर्मचारियों ने बीती रात गुवाड़ी ढाना के पास कार्रवाई की। उन्होंने सागौन के 16 बड़े लट्ठों से भरा एक पिकअप वाहन पकड़ा। जब्त लकड़ी की कीमत करीब दो लाख रुपए है। इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। रेंजर एपी शुक्ला ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब ढाई बजे बैतूल की ओर आ रहे एक छोटे ट्रक को रोककर जांच की गई। वाहन में सागौन के 16 लट्ठे थे, जिनकी मात्रा दो घन मीटर से ज्यादा है। वन विभाग ने वाहन जब्त कर लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पाढर बीट के जंगल से सागौन की लकड़ी काटकर बैतूल ले जा रहे थे। उनके पास से लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाला कटर भी बरामद किया गया है। चार आरोपी दो बाइक से ट्रक के आगे-आगे चल रहे थे और रास्ते पर नजर रख रहे थे। वन माफिया की भूमिका होने की आशंका पकड़े गए आरोपी बड़गी बुजुर्ग, झगड़िया, चिखली और बैतूल बाजार क्षेत्र के रहने वाले हैं। वन विभाग अब यह पता लगा रहा है कि जंगल से काटी गई लकड़ी बैतूल में किसे पहुंचानी थी। पूछताछ के आधार पर इस मामले में बैतूल के किसी वन माफिया की भूमिका होने की आशंका है और इसकी जांच की जा रही है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक किसी को नामजद नहीं किया है। वन विभाग के कर्मचारी आरोपियों से पूछताछ कर लकड़ी कटाई और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगा रहे हैं। साथ ही पाढर बीट में कटाई वाली जगह की भी जांच की जा रही है।
सेक्टर-39 क्षेत्र में चाचा के घर से लाखों रुपए के जेवर और नगदी चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। चोरी की घटना को रिश्ते में भतीजी ने अंजाम दिया। उसे घर में जेवर और नगदी कहां रखी रहती है, इसकी जानकारी थी। एडीसीपी मनीष सिंह ने बताया कि पीड़ित मंतोष राय ने 20 सितंबर को घर से सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी होने की शिकायत सेक्टर-39 थाने में दी थी। शिकायत के बाद पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि चोरी करने वाली बाल अपचारी रिश्ते में मंतोष राय की भतीजी है। उसे घर में रखे जेवर और नकदी की जानकारी थी। जुलरी और कैश बरामदपुलिस ने उसे सेक्टर-47/48 से पुलिस संरक्षण में लिया। उसके कब्जे से करीब 16 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 1,09,650 रुपए नकद बरामद किए गए। बरामद सामान में हार, कंगन, मंगलसूत्र, चेन, मांग का टीका, नथुनी, अंगूठियां, ओम पेंडल और झुमके शामिल हैं। इसके अलावा पाजेब, हाथ के कंगन और लोकेट मय चेन भी बरामद हुए हैं। इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमाएडीसीपी के मुताबिक, मामले में बाल अपचारी के खिलाफ नियमानुसार एक्शन लिया जा रहा है। इस संबंध में थाना सेक्टर-39 में मु0अ0सं0 463/2026, धारा 305(ए), 317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है।
बिहार राज्य आशा संघ एटक की जिलास्तरीय बैठक बलिराम भवन के सभागार में मुन्ना कुमारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया गया। भुगतान में अनियमितता, कथित अवैध वसूली और आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर आशा कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की बात कही। 28 सितंबर को पटना में लोकभवन मार्च बैठक में 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित लोकभवन मार्च को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन की ओर से बेतिया से हजारों की संख्या में आशा कार्यकर्ताओं को पटना ले जाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हें लेकर अब आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने पटना मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। आधार कार्ड की जन्मतिथि से रिटायरमेंट का विरोध बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर सेवानिवृत्त किए जाने का भी विरोध किया गया। संगठन की मांग है कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत वैध प्रमाण-पत्र में दर्ज जन्मतिथि को मान्य किया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आधार बनाकर सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने से कई कार्यकर्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। भुगतान में अनियमितता और कथित अवैध वसूली का मुद्दा उठा बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में कथित अनियमितता का मुद्दा भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भुगतान को लेकर उन्हें परेशानी होती है। इसके साथ ही कथित अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की गई। संगठन ने भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की मांग की। सेवा स्थायी करने समेत कई मांगें आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवा स्थायी करने की मांग दोहराई। इसके अलावा ड्रेस और मोबाइल रिचार्ज के लिए मिलने वाली राशि में की गई कटौती को वापस करने की मांग भी रखी गई। बैठक में कहा गया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनकी लंबित मांगों का विभागीय स्तर पर समाधान किया जाना चाहिए। CMO को समस्याओं से कराया जाएगा अवगत बैठक में निर्णय लिया गया कि आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं और मांगों से मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। संबंधित मांगों के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर पहल करने की मांग की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत के साथ आंदोलन भी जारी रहेगा। मांगों पर उचित पहल नहीं होने पर आंदोलन को आगे और व्यापक करने की बात कही गई। एटक नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित बैठक को एटक के बिहार डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति, कर्मचारी नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, वेनू, संजना, सुन्दरम् और मंजू पाण्डेय समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। बैठक में मौजूद आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। सभी ने 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित लोकभवन मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।
कुशीनगर के दुदही विकासखंड के खिरियां गांव स्थित संविलयन विद्यालय में सोमवार को मिड-डे मील (एमडीएम) की सब्जी में कीड़े मिलने का मामला सामने आया था। इसके बाद बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया था। मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अनिल कुमार सिंह स्कूल पहुंचे और एमडीएम की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव की जांच की। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है। बीएसए ने कमेटी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने स्कूल पहुंचकर बच्चों और शिक्षकों से सोमवार की घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने भोजन तैयार करने की व्यवस्था, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव समेत एमडीएम से जुड़े अन्य पहलुओं का निरीक्षण किया। जांच कमेटी में एमडीएम प्रभारी जितेंद्र गौतम, दुदही की बीईओ रीता गुप्ता और तमकुही के बीईओ सुधीर कुमार को शामिल किया गया है। टीम ने बच्चों का खाना खाकर जांची गुणवत्ता मंगलवार को जांच के लिए पहुंची टीम ने ग्राम प्रधान प्रभुनाथ सिंह और ग्रामीणों के साथ बच्चों को परोसा गया खाना खाया। टीम ने भोजन की गुणवत्ता की जांच की और खाने को लेकर संतुष्टि जताई। विद्यालय में कुल 116 बच्चे पंजीकृत हैं। मंगलवार को इनमें से 57 बच्चे स्कूल पहुंचे थे। एक साल में तीसरी बार कीड़ा मिलने का दावा सोमवार को सब्जी में कीड़े मिलने के बाद बच्चों में डर फैल गया था और उन्होंने खाना खाने से मना कर दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक साल में स्कूल के एमडीएम में कीड़े मिलने की यह तीसरी घटना है। अब जांच कमेटी सोमवार की घटना के साथ एमडीएम व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल करेगी। बीएसए डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों को समझाकर खाना खिलाया गया। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यूपी सरकार ने मंगलवार शाम को 18 IPS अफसरों के तबादले कर दिए। IPS प्रीतिबाला गुप्ता को ATS का SP बनाया गया है। सतीश कुमार को SSF के सेनानायक की कमान सौंपी गई है। कांवड़ियों के साथ डांस करके सुर्खियों में आए संजीव सुमन को UPSIFS का SP बनाया गया है। समीर सौरभ को PAC, सीतापुर में सेनानायक की जिम्मेदारी दी गई है। देवेश कुमार शर्मा को खाद्य प्रकोष्ठ, लखनऊ का SP बनाया गया है। लखनऊ में तैनात वंशराज यादव को प्रयागराज भेजा गया है। उन्हें SSF के सेनानायक की कमान सौंपी गई है। आशुतोष द्विवेदी को APTC, सीतापुर से अयोध्या भेजा गया है। उन्हें अयोध्या में क्षेत्रीय अभिसूचना के SP की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अयोध्या में क्षेत्रीय अभिसूचना के SP संजय राय को लखनऊ भेजा गया है। उन्हें CID का SP बनाया गया है। कृष्ण गोपाल मुरादाबाद PTC में SP बने आलोक कुमार शर्मा को सतर्कता अधिष्ठान का SP बनाया गया है। सहारनपुर SSF में सेनानायक कृष्ण गोपाल का मुरादाबाद ट्रांसफर हुआ है। उन्हें PTC में SP बनाया गया है। पवित्र मोहन त्रिपाठी को मिर्जापुर RTC का SP बनाया गया है। शोएब इकबाल को लखनऊ में यातायात निदेशालय में SP की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राहुल मिठास को लखनऊ में तकनीकी सेवाओं का SP बनाया गया है। राजकुमार को सतर्कता अधिष्ठान भेजा, शशि शेखर लखनऊ ATS से हटे राजकुमार को सतर्कता अधिष्ठान का SP बनाया गया है। शशि शेखर सिंह को ATS लखनऊ से हटा दिया गया है। उन्हें 11वीं वाहिनी PAC, सीतापुर के सेनानायक की जिम्मेदारी दी गई है। महेश सिंह अत्री को PTS, मुरादाबाद से क्षेत्रीय अभिसूचना, बरेली का SP बनाया गया है। कमल किशोर को पुलिस मुख्यालय से EOW का SP बनाया गया है। आनंद कुमार-॥ को क्षेत्रीय अभिसूचना, बरेली से लखनऊ में CID का SP बनाया गया है। खबर लगातर अपडेट की जा रही है…
बक्सर के रामरेखा घाट रोड पर सोमवार को नगर परिषद और प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। दोपहर करीब एक बजे नगर परिषद की टीम ट्रैक्टर, जेसीबी और पुलिस बल के साथ मॉडल थाना के पास पहुंची। टीम को देखते ही सड़क किनारे अस्थायी दुकान लगाने वाले दुकानदारों में हलचल मच गई। कई दुकानदारों ने कार्रवाई शुरू होने से पहले ही अपनी दुकानों के करकट, छज्जे और दूसरे अस्थायी ढांचे खुद हटाने शुरू कर दिए। मौके पर लोगों में बनी रही हलचल इसके बाद नगर परिषद की टीम ने रामरेखा घाट के मुख्य गेट से एमपी हाई स्कूल गेट तक सड़क के दोनों किनारों पर फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई जेसीबी की मदद से की गई। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में कई अस्थायी दुकानें और दूसरे ढांचे हटाए गए। जिन दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटा लिया था, वहां जेसीबी से कार्रवाई नहीं करनी पड़ी। वहीं, कब्जा नहीं हटाने वालों के खिलाफ टीम ने सख्ती बरती। इस अभियान का नेतृत्व नगर परिषद के नगर प्रबंधक नीरज कुमार झा ने किया। एमपी हाई स्कूल गेट तक कार्रवाई करने के बाद टीम अतिथि गृह जाने वाली सड़क पर भी पहुंची। वहां भी सड़क और फुटपाथ पर किए गए अस्थायी कब्जे हटाए गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों में हलचल बनी रही। सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं नगर प्रबंधक नीरज कुमार झा ने दुकानदारों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद अगर दोबारा उसी जगह दुकान लगाकर सड़क या फुटपाथ पर कब्जा किया गया, तो सामान जब्त करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अभियान में मो. वाहिद अहमद, मनोज केसरी, कुमार अविनाश, नवीन पांडेय और पुलिस बल के जवान शामिल थे। नगर परिषद के मुताबिक, इस अभियान का मकसद सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त कराना और शहर में आवाजाही को आसान बनाना है।
झालावाड़ पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने एक प्राइवेट बस में स्मैक की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 8 लाख रुपए कीमत की 38 ग्राम 72 मिलीग्राम अवैध स्मैक जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में एक खास पुलिस टीम बनाई गई थी। जिला स्पेशल टीम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने देवरीघटा एनएच-52 पर नाकाबंदी लगाई। नाकाबंदी के दौरान एक प्राइवेट बस में सवार दो संदिग्धों की तलाशी ली गई। तलाशी में पुलिस ने मुकेश कुमार तंवर (32) पुत्र पाचूलाल तंवर निवासी महुआखो, थाना अकलेरा और राकेश कुमार तंवर (19) पुत्र देवीसिंह तंवर निवासी लसूडिया गेन्द, थाना भालता के कब्जे से स्मैक बरामद की। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से स्मैक की खरीद-फरोख्त, सप्लाई और इससे जुड़े तस्करी नेटवर्क के संबंध में पूछताछ और जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम की खास मदद मिली।
मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता की शिकायत के बाद डीएम कुमार गौरव ने एक्शन लिया है। डीएम ने कुढ़नी अंचल कार्यालय का अचानक दौरा किया। इस दौरान कार्यालय में कई गड़बड़ियां और खामियां मिलीं। लापरवाही देखकर डीएम ने अंचल अधिकारी (सीओ) को फटकार लगाई। उन्होंने दो राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ प्रपत्र 'क' बनाने का निर्देश अपर समाहर्ता (एडीएम) को दिया है। डीएम कुमार गौरव ने बताया कि मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता को अंचल कार्यालय में जनता के काम में लापरवाही की शिकायत मिली थी। निरीक्षण में पता चला कि करीब 7 पंचायतों के कई आवेदन लंबे समय से पेंडिंग थे। इनमें से दो पंचायतों के आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। दोषी पाए जाने पर तत्काल विभागीय कार्रवाई होगी इस लापरवाही के कारण दोनों पंचायतों के राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत प्रपत्र 'क' बनाने का आदेश दिया गया। डीएम ने साफ किया कि अगर जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी। उन्होंने अंचल अधिकारी को एक हफ्ते में कार्यालय की सभी व्यवस्थाएं ठीक करने का निर्देश भी दिया है। अंचल कार्यालय के बाद डीएम कुमार गौरव ने कुढ़नी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का भी अचानक दौरा किया। वहां उन्हें साफ-सफाई की खराब हालत मिली। स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी व्यवस्थाओं में भी कई कमियां सामने आईं। अस्पताल की इस हालत पर डीएम ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी और दूसरे कर्मचारियों को फटकार लगाई। डीएम कुमार गौरव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एक सप्ताह के अंदर अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं ठीक हो जानी चाहिए। यदि तय समय सीमा के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जानिए, प्रपत्र 'क' क्या होता है? यह एक तरह का औपचारिक दस्तावेज या चार्जशीट होती है, जिसमें संबंधित अधिकारी या कर्मी की ओर से किए गए कदाचार, वित्तीय अनियमितता, कर्तव्य में लापरवाही या आदेशों की अवहेलना के आरोपों का स्पष्ट विवरण होता है। जब किसी कर्मचारी पर काम में गंभीर लापरवाही या भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते हैं या प्राथमिक जांच में मामला सही पाया जाता है, तो डीएम अनुशासनात्मक प्राधिकारी के रूप में उसके खिलाफ प्रपत्र 'क' तैयार करने का आदेश देते हैं। इसके बाद क्या होता है? स्पष्टीकरण और आरोप तय करना: प्रपत्र 'क' बनने के बाद आरोपी कर्मी को वह आरोप-पत्र सौंपा जाता है और उससे निश्चित समय के भीतर जवाब मांगा जाता है।जांच अधिकारी की नियुक्ति: यदि कर्मचारी का जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो आगे की नियमित जांच के लिए एक जांच अधिकारी (Inquiry Officer) तय किया जाता है।अनुशासनात्मक कार्रवाई: जांच रिपोर्ट के आधार पर उस कर्मचारी का निलंबन, वेतन वृद्धि रोकना या अन्य बड़ी विभागीय/कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मेरठ में रामगढ़ी निवासी सुशील कुमार ने एचडीएफसी बैंक की गढ़ रोड शाखा के मैनेजर शेखर गुप्ता और कर्मचारी सिद्धार्थ कौशिक के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है। सुशील का आरोप है कि खोए हुए ATM कार्ड को बंद कराने और नया ATM कार्ड बनवाने के लिए बैंक पहुंचने के बाद उनके खाते से बिना अनुमति 2 लाख 14 हजार 200 रुपए निकाल लिए गए। युवक शिकायत के दौरान पोस्टर लेकर पहुंचा और एटीएम लुटेरों को पकड़ने वालों को 51 हजार रुपए का नकद इनाम देने की बात कही। सुशील ने शिकायत में बताया- वह 21 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे गढ़ रोड स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपना खोया हुआ ATM कार्ड बंद कराने और नया ATM कार्ड बनवाने के संबंध में कर्मचारी सिद्धार्थ कौशिक से मुलाकात की। आरोप है कि कर्मचारी ने उनसे बैंक अकाउंट, कार्ड और मोबाइल नंबर समेत पूरी जानकारी ली और अगले दिन 22 अप्रैल को बैंक आकर नया ATM कार्ड ले जाने को कहा। सुशील के मुताबिक, 22 अप्रैल को वह नोएडा में कंपनी की मीटिंग के लिए चले गए। मीटिंग बेसमेंट में होने के कारण मोबाइल नेटवर्क नहीं था, इसलिए खाते से रकम निकलने का मैसेज भी उन्हें समय पर नहीं मिला। 23 अप्रैल की सुबह मैसेज मिलने पर वह बैंक पहुंचे और कर्मचारी से खाते से पैसे निकलने के बारे में जानकारी मांगी। आरोप है कि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुशील ने आरोप लगाया कि बैंक की ओर से डुप्लीकेट ATM कार्ड बनाकर उनके खाते से 2,14,200 रुपए निकाल लिए गए। उन्होंने प्रशासन से बैंक मैनेजर और कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच और कार्रवाई करने तथा रकम वापस दिलाने की मांग की है।
मंगलवार को ललितपुर पहुंचे प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक और ब्रीफिंग सेशन रखा गया। इसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार ने की। बैठक की शुरुआत में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और कोषाधिकारी ने प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों के दल नायक नितिन कुमार और अन्य सभी अधिकारियों का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी ने उन्हें ललितपुर जिले की भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताया। उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र विक्रम ने जिले के प्रशासनिक मामलों, राजस्व संबंधी प्रकरणों, कृषि व्यवस्था और स्थानीय औषधीय वातावरण पर जानकारी दी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने पीपीटी के जरिए जिले के जल संसाधनों और प्रमुख बांधों की स्थिति के बारे में बताया। पर्यटन अधिकारी हेमलता ने ललितपुर जिले को पर्यटन के लिहाज से बहुत खास बताया। उन्होंने यहां के पुरातात्विक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का सचित्र प्रेजेंटेशन दिया। जीएसटी कमिश्नर हीरालाल ने जीएसटी विभाग के कामकाज और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। कोषाधिकारी राहुल यादव ने जिले की ट्रेजरी प्रणाली, वित्तीय संचालन और प्रशासनिक गतिविधियों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक के बाद ट्रेनी पीसीएस अधिकारियों के दल ने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश से मुलाकात की। उन्होंने जिले के भ्रमण की रणनीति पर चर्चा की। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी जखौरा सौरभ वर्णवाल समेत प्रशासन और अलग-अलग विभागों के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
लिंगानुपात में सुधार को लेकर 27 सितंबर को भिवानी में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के कम लिंगानुपात वाले 8 जिलों की महिला पंच और सरपंच शामिल होंगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर डीसी साहिल गुप्ता ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। डीसी ने बताया कि सम्मेलन में विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के विशेषज्ञ लिंगानुपात में सुधार से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखेंगे। सम्मेलन के लिए सुबह 10 बजे से पंजीकरण शुरू होगा। महिला पंच-सरपंचों के बैठने और जलपान की व्यवस्था की जाएगी। एडीसी को बनाया ओवरऑल इंचार्ज डीसी साहिल गुप्ता ने एडीसी दीपक बाबू लाल करवा को सम्मेलन का ओवरऑल इंचार्ज नियुक्त किया है। पुलिस विभाग को यातायात व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सम्मेलन स्थल के आसपास वाहनों के कारण जाम की स्थिति न बने। 1 हजार महिलाओं के शामिल होने की तैयारी महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू राणा ने बताया कि सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता और पूर्व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। भिवानी के अलावा अन्य 8 जिलों से कम से कम 1 हजार महिलाओं की भागीदारी प्रस्तावित है। संबंधित जिलों से संपर्क किया जा रहा है। मीटिंग में ये रहे मौजूद तैयारियों को लेकर हुई बैठक में एसडीएम महेश कुमार, डीएमसी हरबीर सिंह, सीटीएम अनिल कुमार, डीएसपी अनूप कुमार, डीआईओ अमित लांबा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुंगेर में गंगा में स्नान करने के दौरान पैर फिसलने से करीब 55 वर्षीय महिला तेज धार में बहते हुए बीच नदी तक पहुंच गई। कष्टहरणी गंगा घाट के समीप महिला गहरे पानी में डूबने लगी। उसे नदी में डूबता देख घाट पर तैनात गोताखोरों ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी। चार गोताखोरों ने तेज धार के बीच पहुंचकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए रेस्क्यू होने से महिला की जान बच गई। बबुआ घाट पर स्नान के दौरान फिसला पैर जानकारी के अनुसार, बड़ी बाजार निवासी करीब 55 वर्षीय निर्मला देवी बबुआ घाट पर गंगा स्नान करने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गईं। गंगा की तेज धार के कारण निर्मला देवी खुद को संभाल नहीं सकीं और पानी के बहाव में बहते हुए कष्टहरणी गंगा घाट के समीप नदी की बीच धार तक पहुंच गईं। यहां पानी का बहाव तेज होने के कारण वह डूबने लगीं। महिला को बीच नदी में डूबते देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल घाट पर तैनात गोताखोरों को इसकी सूचना दी। महिला के तेज बहाव में लगातार बहने की आशंका को देखते हुए गोताखोरों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही गोताखोर शंभू यादव, आनंद राज, सौरभ कुमार और विशाल कुमार गंगा में उतर गए। चारों ने तेज धार के बीच पहुंचकर महिला को अपने कब्जे में लिया। तेज धार के बीच काफी मशक्कत के बाद निकाला बाहर गोताखोरों ने महिला को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे नदी से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू आसान नहीं था। काफी मशक्कत के बाद चारों गोताखोर महिला को सुरक्षित किनारे तक ले आए। घाट पर लाने के बाद महिला की स्थिति की जानकारी ली गई। महिला ने अपना नाम निर्मला देवी और उम्र करीब 55 वर्ष बताई। उन्होंने अपना घर बड़ी बाजार बताया। 112 पुलिस को बुलाकर भेजा अस्पताल रेस्क्यू के बाद महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए 112 पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मदद से महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद महिला को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। घटना के दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने गोताखोरों की तत्परता और साहस की सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते गोताखोर नदी में नहीं उतरते तो महिला तेज धार में काफी दूर तक बह सकती थीं और बड़ा हादसा हो सकता था। जिला आपदा पदाधिकारी ने गोताखोरों की सराहना की महिला की जान बचाने में गोताखोरों की भूमिका की जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने सराहना की। उन्होंने गोताखोरों की तत्परता और साहस को महत्वपूर्ण बताया। गंगा में तेज बहाव के बीच चारों गोताखोरों द्वारा तत्काल रेस्क्यू शुरू किए जाने से महिला को सुरक्षित बचाया जा सका। घटना के बाद एक बार फिर गंगा घाटों पर तैनात प्रशिक्षित गोताखोरों की मौजूदगी की उपयोगिता सामने आई है।
अररिया शहर के आरएस बैजनाथपुर स्थित कैपकाॅन कंपनी में काम करते समय एक मजदूर की बिजली पैनल गिरने से मौत हो गई। मजदूर का नाम जय राम गोस्वामी (42) था, जो आरएस रहिकपुर वार्ड संख्या-01 का रहने वाला था। वह कंपनी में मजदूरी का काम करता था। घटना के बाद उसे तुरंत सदर अस्पताल अररिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में दुख छा गया। सदर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन जमा हो गए। जय राम गोस्वामी अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर नाराजगी जताई। बिजली पैनल अचानक टूटकर गिरा मृतक के भाई संजय गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कंपनी के मैनेजर मजदूरों से काम तो कराते थे, लेकिन पैसे देने में टालमटोल करते थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि पैसों के विवाद के चलते जय राम की हत्या की गई हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर यह सिर्फ एक हादसा था, तो काम के दौरान सुरक्षा नियमों का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया है। कंपनी के प्रबंधक अनिल कुशवाहा ने बताया कि बिजली पैनल उठाते समय वह अचानक टूटकर जय राम के ऊपर गिर गया। मौके पर पहुंची पुलिस इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रबंधक ने कहा कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। अब यह जांच का विषय है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। मामले में पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वही मामले को लेकर अररिया आरएस थाना अध्यक्ष अंकुर कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। मौके पर पुलिस टीम पहुंच कर जांच कर रही है।
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत मंगलवार को अररिया के सभी 2811 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और वृद्धि की निगरानी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रों पर पहुंचीं माताओं और अभिभावकों को बच्चों के नियमित वजन और उनकी उम्र के अनुसार वृद्धि की निगरानी के महत्व की जानकारी दी गई। सेविकाओं ने ग्रोथ चार्ट के जरिए बच्चों की उम्र के हिसाब से उनकी लंबाई और वजन की स्थिति समझाई। साथ ही कम वजन होने के कारण, इससे होने वाले प्रभाव और बच्चों को जरूरी पोषण देने के उपायों पर चर्चा की गई। Growth Chart से समझाई बच्चों की उम्र के अनुसार वृद्धि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविकाओं ने माताओं को बताया कि बच्चे का वजन और वृद्धि नियमित रूप से दर्ज करना जरूरी है। Growth Chart के माध्यम से अभिभावकों को यह समझाया गया कि बच्चे की उम्र के अनुरूप उसकी वृद्धि सामान्य है या उसमें किसी तरह की कमी है। अभिभावकों को सलाह दी गई कि बच्चों का नियमित वजन कराएं और उसमें होने वाले बदलाव पर नजर रखें। यदि बच्चे के वजन या वृद्धि में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है तो समय रहते संबंधित स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से संपर्क किया जाए। कम वजन के कारण और पोषण के उपाय बताए कार्यक्रम में बच्चों के कम वजन के संभावित कारणों पर भी चर्चा की गई। सेविकाओं ने माताओं को बच्चों के भोजन में संतुलित और पौष्टिक आहार शामिल करने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविधतापूर्ण भोजन जरूरी है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर रखने में परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इसलिए परिवार के सदस्यों को बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देना चाहिए। बच्चों का स्कूल भ्रमण और THR का वितरण राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर केवल जागरूकता कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों का विद्यालय भ्रमण कराया गया। इसके अलावा लाभार्थियों के बीच THR (टेक होम राशन) का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को पोषण से जुड़ी सेवाओं और बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। उद्देश्य बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर परिवार और समुदाय की भागीदारी बढ़ाना रहा। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चल रही गतिविधियों की निगरानी के लिए जिले के संबंधित पदाधिकारियों और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) ने अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रों पर चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों की वृद्धि निगरानी, पोषण संबंधी सेवाओं और लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही सेविकाओं को गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। DPO कविता कुमारी ने भी केंद्रों का लिया जायजा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती कविता कुमारी ने भी जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित गतिविधियों की निगरानी की। उन्होंने बच्चों की नियमित वृद्धि की निगरानी और पोषण संबंधी सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के वजन और वृद्धि की नियमित निगरानी से कुपोषण की समय पर पहचान की जा सकती है। शुरुआती स्तर पर ही बच्चे में कुपोषण के संकेत मिलने पर उचित पोषण, देखभाल और जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। समय पर पहचान से कुपोषण की रोकथाम पर जोर कार्यक्रम में अभिभावकों को बताया गया कि कुपोषण की पहचान जितनी जल्दी होगी, उतनी ही जल्दी बच्चे को आवश्यक पोषण और देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके लिए बच्चों के वजन और वृद्धि को नियमित रूप से ट्रैक करना जरूरी है। राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान जिले में लगातार इस तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनके जरिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के साथ माताओं और अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और वृद्धि को लेकर जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों की नियमित निगरानी और परिवारों तक पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बनाया गया है।

