मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों नरोत्तम मिश्रा से नेताओं की मुलाकात चर्चा में है। न विधानसभा सदस्यता, न सरकार में पद और दतिया उपचुनाव में टिकट भी नहीं मिला। इसके बावजूद 11 दिन में 7 बड़े नेता उनसे मिल चुके हैं। इनमें मंत्री, संगठन पदाधिकारी, विधायक और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं। भास्कर से बातचीत में नरोत्तम ने इसे दोस्ताना मुलाकात बताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन मुलाकातों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और ब्राह्मण समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर इन मुलाकातों के पीछे क्या सियासी गणित है? पढ़िए रिपोर्ट… 'कैप्टन जहां खड़ा करेगा, वहीं फील्डिंग करूंगा' दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष और भोपाल में मंत्रियों से मुलाकात के बाद नरोत्तम की भूमिका को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि, नरोत्तम ने इन मुलाकातों को गैर-राजनीतिक और मित्रवत बताया। दतिया चुनाव हारने और उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बावजूद नेताओं के मिलने पर उन्होंने कहा, मैं 30 साल विधायक रहा हूं, 5 बार मंत्री रहा हूं। सभी से मेरे मित्रवत संबंध हैं। मोहन सरकार की तारीफ: ‘लॉ एंड ऑर्डर ठीक है’ 2028 में अपनी भूमिका के सवाल पर नरोत्तम ने क्रिकेट के अंदाज में कहा, ‘मैं खुद को पार्टी का एक कार्यकर्ता मानता हूं। कैप्टन जहां फील्डिंग में लगा दे-मिड विकेट पर, बॉलिंग में, कीपर बनाए या बाउंड्री पर खड़ा करे, मैं अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा। मेरी तैयारी से कुछ नहीं होता, पार्टी जिसे चाहती है, लगाती है।’ मुलाकातों के बीच नरोत्तम ने मोहन सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम मोहन यादव 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र पर काम कर रहे हैं और उनका ग्राउंड पर जाना लोकतंत्र के लिए अच्छा है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा, ‘लॉ एंड ऑर्डर खुद सीएम के पास है, इसलिए सब ठीक है।’ चुनावी हार के बाद नरोत्तम का राजनीतिक सफर: क्या खोया, क्या पाया? 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया सीट हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक सफर में कई बदलाव आए। क्या है इन मुलाकातों के पीछे का सियासी गणित? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक गिरिजाशंकर के मुताबिक, बीजेपी में फिलहाल किसी बड़ी उठापटक की संभावना नहीं है। वे कहते हैं, ‘बीते दो दशक से बीजेपी के भीतर गुटबाजी या उठापटक की कोई जगह नहीं है। सारे फैसले हाईकमान के स्तर पर होते हैं और अनुशासन के कारण कोई बयानबाजी नहीं होती।’ राजनीतिक विशेषज्ञ एक दूसरे पहलू की ओर भी इशारा करते हैं। मार्च 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां ब्राह्मण वोट महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बीजेपी इस वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती। हाल ही में दिनेश शर्मा को चुनाव से पहले राज्यपाल बनाया जाना भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
करनाल में घरौंडा क्षेत्र के गांव कोहंड के एक व्यक्ति ने पानीपत के जलमाणा गांव के एक व्यक्ति पर 3 लाख रुपए ब्याज पर दिलाने के नाम पर कथित तौर पर गलत शपथ पत्र तैयार कराने और उसकी जमीन का 11 लाख रुपए में इकरारनामा कराने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे केवल 50 हजार रुपए मिले, जबकि दस्तावेजों में अधिक रकम का उल्लेख किया गया। मामला सामने आने के बाद थाना घरौंडा पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3 लाख रुपए की जरूरत थी, परिचित महिला ने मनदीप से मिलवायागांव कोहंड निवासी रामनिवास ने पुलिस अधीक्षक करनाल को दी शिकायत में बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करता है और घरेलू खर्च के लिए करीब 3 लाख रुपए ब्याज पर लेना चाहता था। मार्च 2026 में उसकी परिचित धर्मबहन पूनम उर्फ शबीना ने उसे मनदीप शर्मा पुत्र कृष्ण शर्मा निवासी गांव जलमाणा, तहसील बापौली, जिला पानीपत से मिलवाया। रामनिवास के अनुसार बीती 19 मार्च को मनदीप ने फोन कर उसे पैसे लेने के लिए तहसील घरौंडा आने को कहा। इसके बाद रामनिवास अपनी पत्नी सरोज और बेटे अमन सैनी के साथ तहसील घरौंडा पहुंचा। शिकायत के मुताबिक मनदीप ने उसे ऑनलाइन 2 हजार रुपए का स्टांप निकलवाने को कहा और बताया कि पैसे के लेन-देन के लिए शपथ पत्र तैयार करना होगा। शपथ पत्र में बड़ी रकम लिखवाने का लगाया आरोपरामनिवास का आरोप है कि वह कम पढ़ा-लिखा है और उसे दस्तावेज में लिखी गई पूरी जानकारी का पता नहीं था। उसके अनुसार मनदीप ने ऐसा शपथ पत्र तैयार करवाया, जिसमें 2-2 लाख रुपए नकद और 11 लाख रुपए उसके दो बैंक खातों में डालने का उल्लेख किया गया। शिकायत में दोनों खातों के नंबर भी दिए गए हैं।रामनिवास के मुताबिक उसे अगले दिन 3 लाख रुपए देने का भरोसा देकर शपथ पत्र पर उसके, उसकी पत्नी सरोज और बेटे अमन सैनी के हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसके बाद वे घर लौट आए। दो-तीन दिन बाद जब उसने मनदीप से पैसे मांगे तो उसने एक-दो दिन में रकम भेजने की बात कही। खाते में पहले 100, फिर 49,900 रुपए भेजेशिकायत के अनुसार 24 मार्च 2026 को मनदीप ने रामनिवास के खाते में ऑनलाइन 100 रुपए भेजे। इसके बाद बीती 26 मार्च को 49,900 रुपए और खाते में डाले गए। रामनिवास का कहना है कि उसने मनदीप को कई बार फोन कर बताया कि उसने 3 लाख रुपए ब्याज पर मांगे थे, लेकिन उसे सिर्फ 50 हजार रुपए ही मिले हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मनदीप हर बार पैसे नहीं होने की बात कहकर बाद में रकम देने का आश्वासन देता रहा। कुछ समय बाद उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। रामनिवास ने पुलिस को बताया कि उसने इस संबंध में बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज सबूत के तौर पर उपलब्ध कराने की बात कही है। जुलाई में जमीन के एग्रीमेंट की जानकारी मिलीरामनिवास के अनुसार बीती 14-15 जुलाई के आसपास ओमबीर और अमित उसके पास आए। दोनों ने उसे एक एग्रीमेंट दिखाया और कहा कि उसने मनदीप के नाम जमीन का एग्रीमेंट करवाया है। रामनिवास ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उसने जमीन बेचने या एग्रीमेंट करने के लिए हस्ताक्षर नहीं किए थे, बल्कि 3 लाख रुपए ब्याज पर लेने के लिए शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ओमबीर और अमित ने उसे बताया कि मनदीप ने उसकी जमीन का इकरारनामा तरुण जावा पुत्र आरके जावा निवासी दिल्ली के साथ कराया है। इसके बदले 11 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री के लिए बीती 15 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई थी। यह जानकारी मिलने के बाद वह सदमे में आ गया और उसने परिवार को पूरी बात बताई। संपर्क करने पर घर पर नहीं मिला मनदीपरामनिवास ने बताया कि इसके बाद उसके परिवार और रिश्तेदारों ने मनदीप शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वह न तो अपने घर पर मिला और न ही फोन उठाया। शिकायत में आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से उन्हें जान से नुकसान पहुंचाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी दी गईं।शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि मनदीप के गांव में उसके बारे में पूछताछ करने पर उसे कथित तौर पर पता चला कि मनदीप पर पहले भी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों की जमीन हड़पने जैसे आरोप लगे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि वह दो बार जेल जा चुका है तथा उसके खिलाफ 2-3 आपराधिक मामले और 8-10 सिविल मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। तरुण जावा से भी 11 लाख लेने का आरोपरामनिवास ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसके साथ कथित धोखाधड़ी के अलावा मनदीप ने तरुण जावा के साथ भी धोखाधड़ी की। आरोप है कि मनदीप ने तरुण जावा से जमीन के इकरारनामे के संबंध में 11 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से प्राप्त किए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को मनदीप की वीडियो रिकॉर्डिंग, आवाज की रिकॉर्डिंग, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज सबूत के रूप में देने की बात कही है। पुलिस ने मनदीप और राहुल के खिलाफ केस दर्ज कियायह शिकायत बीती 13 अगस्त को रामनिवास की ओर से पुलिस अधीक्षक करनाल को दी गई थी। शिकायत की जांच और कार्यालय पुलिस अधीक्षक करनाल से परमिशन मिलने के बाद थाना घरौंडा पुलिस ने बीती रात यानी 12 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया। मामले में मनदीप शर्मा और राहुल शर्मा को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच एसआई मनजीत को सौंपी गई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आगरा में ताजमहल देखने पहुंचे कुछ पर्यटक इसे मकबरा मानने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि यह ‘तेजो महालय’ है। यहां भगवान शिव का मंदिर है। इसी आस्था के चलते वह ताजमहल के सामने हाथ जोड़ते और माथा टेकते नजर आए। मथुरा और राजस्थान के धौलपुर से आईं कुछ महिलाओं ने कहा, “हमारे लिए यह ताजमहल नहीं, ‘तेजो महालय’ है।” मेन गेट पर पहुंचते ही उन्होंने चप्पल उतारी। सिर झुकाकर प्रणाम किया। महिलाओं ने ताजमहल को लेकर अपनी आस्था और मान्यताओं के बारे में भी बताया। इस बारे में क्या कहा और विवाद की क्या वजह है, आगे पढ़िए। 2 तस्वीरें देखिए- महिलाएं बोलीं- ये हमारा शिव मंदिर है हिंदू महासभा भी कई बार उठा चुका है तेजोमहालय का मुद्दा अखिल भारत हिंदू महासभा लंबे समय से ताजमहल को ‘तेजो महालय’ शिव मंदिर बताने का दावा कर रहा है। संगठन की ओर से अलग-अलग मौकों पर ताजमहल में पूजा, जलाभिषेक और अन्य धार्मिक गतिविधियां करने की कोशिश भी की गई हैं। 2015 से कोर्ट में चल रहा ताजमहल को लेकर विवाद ताजमहल को ‘तेजो महालय’ शिव मंदिर बताने का विवाद कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। साल 2015 में आगरा की अदालत में इस संबंध में मुकदमा दायर किया गया था। याचिका में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाशेश्वर विराजमान को पक्षकार बनाया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से ताजमहल को शिव मंदिर घोषित करने और हिंदुओं को वहां पूजा-दर्शन की अनुमति देने की मांग की गई। इस मामले में केंद्र सरकार, संस्कृति मंत्रालय, गृह मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी पक्षकार बनाया गया है। बाद में ताजमहल के बंद कमरों और परिसर का सर्वे कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग भी की गई। 2019 में सर्वे की मांग खारिज हुई 18 जुलाई 2019 को आगरा की सिविल कोर्ट ने ताजमहल के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद मामले को आगे चुनौती दी गई। 4 अप्रैल 2026 को आगरा की अतिरिक्त जिला अदालत ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। 30 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आगरा की अदालतों के आदेश को चुनौती दी गई। इसमें ताजमहल का निरीक्षण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई। जुलाई 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार और ASI से जवाब मांगा। याचिकाकर्ताओं ने ताजमहल में मौजूद 109 कथित ऐतिहासिक और पुरातात्विक विशेषताओं का हवाला देते हुए इसे हिंदू मंदिर होने का आधार बताया है। ताजमहल को लेकर कब-कब विवाद हुए, जानिए -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- मुख्तार के रिश्तेदारों की संपत्ति हाईकोर्ट ने क्यों रिलीज की: क्या कमजोर है यूपी का गैंगस्टर एक्ट; सरकार कानून में क्या बदलाव कर सकती है इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों की संपत्तियां रिलीज कर दीं। एक अन्य मामले के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट को ‘स्टिलबॉर्न’ (पैदा होते ही मर जाना) यानी ‘मरा हुआ कानून’ बताया। पढ़ें पूरी खबर…
तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) में बीटेक की रिक्त सीटों पर 14 सितंबर को होने वाले डायरेक्ट/स्पॉट एडमिशन में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 12वीं में न्यूनतम 45 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। अभ्यर्थियों ने विज्ञान वर्ग में निर्धारित विषय संयोजन के साथ अध्ययन किया होना चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में जेईई मेन्स में न्यूनतम 20 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। शेष सीटों पर 12वीं के प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट तैयार कर प्रवेश दिया जाएगा। अभ्यर्थियों ने गणित, फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर, बिजनेस स्टडीज, बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप आदि निर्धारित विषय संयोजनों के साथ 12वीं उत्तीर्ण की होनी चाहिए। रीप-2026 के तहत बीई-बीटेक प्रथम वर्ष तथा लीप-2026 के तहत बीई-बीटेक लेटरल एंट्री द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए यह अंतिम अवसर होगा। इसके अलावा एमबीए, एमबीए (एग्री बिजनेस) और एमटेक की रिक्त सीटों पर भी प्रवेश दिया जाएगा। रीप और लीप के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार संस्थान स्तर पर प्रवेश की अंतिम तिथि 14 सितंबर कर दी गई है। आंतरिक स्लाइडिंग की प्रक्रिया भी विश्वविद्यालय स्तर पर पूरी की जा चुकी है। अभ्यर्थियों को 14 सितंबर को सुबह 9 से 11 बजे तक बीटीयू कैंपस के ई-ब्लॉक स्थित सीएसई विभाग की पहली मंजिल के सेमिनार/डिजिटल हॉल में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी पसंद दर्ज करनी होगी। मूल दस्तावेजों के साथ दो स्वप्रमाणित प्रतियां लानी होंगी। बीटेक की 8 शाखाओं में 480 सीटें स्वीकृत बीटेक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल, सिविल, मैकेनिकल, सिरेमिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी) में ब्रांच में 480 सीटें स्वीकृत है। इनमें रिक्त सीटों पर प्रवेश मिलेगा। प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा। अभिभावक या किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से रिपोर्टिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। सीट आवंटन के बाद तत्काल पूरी फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। अन्यथा सीट निरस्त कर अगले अभ्यर्थी को दी जाएगी। डॉ.सतीश कुमार महला, प्रवेश नोडल अधिकारी, बीटीयू
20 जलमीनार में मात्र छह चल रहे, बाकी बंद
राजेश कुमार | पदमा पदमा में सरकार द्वारा संचालित कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यह कागजों तक ही सीमित है। विशेषकर जल नल योजना के तहत किए गए कार्यों की स्थिति चिंताजनक है। यह पूरी तरह ठप है। प्रखंड के अन्य पंचायतों की तरह रोमी पंचायत में भी इस योजना के तहत सोलर आधारित जल मीनार का निर्माण व हर घर नल लगाने का कार्य वर्ष 2022-23 में शुरू किया गया था। इसे 2023 में पूरा कर हर घर में पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन 3 वर्ष गुजर जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। रोमी पंचायत में इस योजना के अंतर्गत लगभग पांच करोड़ रुपए की लागत से कुल 60 बोरिंग और जल मीनार का निर्माण कराया जाना था। पंचायत के चंपाडीह, रोमी, महकोल गांव में 56 बोरिंग और 20 सोलर आधारित जल मीनार का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में पूरे क्षेत्र में मात्र पांच जल मीनार चालू अवस्था में हैं। बाकी बंद पड़े हैं। कई स्थानों पर जल मीनार तो खड़ी है, पर सोलर विहीन है। जबकि 56 में से एक चौथाई बोरिंग में मोटर ही नहीं लगाया गया है। पंचायत की मुखिया गुड़िया मेहता ने बताया कि जल नल योजना सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। लेकिन हमारे पंचायत में यह योजना पूरी तरह ठप्प रही। यह विफल रही। संवेदक को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कई बार मौखिक सूचना दी गई। पर उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने की वजह से कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। बहरहाल, जब योजना शुरू हुई थी तो पंचायत के वासियों के बीच उम्मीद जगी थी कि जल संकट से निजात मिलेगी। लेकिन तीन साल गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मौजूदा स्थिति यह है कि योजना पूरी होगी, इसका कोई आसार लोगों को नजर नहीं आ रहा है। रोमी पंचायत के सुदूरव्रती गांव के 70 वर्षोय बुजुर्ग ने नाम ना बताने के शर्त पर बोले की, पानी औऱ सड़क की समस्या वर्षा से हैं। पानी टंकी खड़ा हैं, लेकिन एकर से चार घर पानी जाओ हैं, अपन हाथ जगरनाथ। हमनी अपने से चपा नल लगालीय हैं, ओकरे से पानी पीओ हिहैय। 30 से अधिक ऐसे स्थान हैं, जहां बोरिंग तो किया गया, पर जल मीनार का निर्माण ही नहीं किया गया। सबसे बुरा हाल पंचायत के सुदूरवर्ती गांव महकोल का है। इस गांव में सात जल मीनार का निर्माण कराया गया था। लेकिन इसमें मात्र एक चालू अवस्था में है। कुछ घरों में ही पानी पहुंच रहा है। आलम यह है कि पंचायत के 90% घरों में अभी तक पाइप भी नहीं बिछाई गई है। योजना के धरातल पर नहीं आने की वजह यह बताई जा रही है कि संवेदक को अब तक संबंधित विभाग द्वारा किए गए कार्यों का पूरा भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान न होने के कारण संवेदक ने निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया। महकोल में सात जल मीनार में मात्र एक काम कर रहा है, बाकी बेकार पड़े हैं
कजरी के कपड़े की विशेष पहचान, प्राकृतिक रंगों से होती है कलाकारी
{ अब देशभर में पहुंच रही है झारखंडी बुनाई व कलाकारी रणदीप दुबे| चरही हजारीबाग के चुरचू प्रखंड के कजरी गांव की महिलाओं ने हुनर को रोजगार में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। कभी घरेलू कामकाज और सीमित आमदनी तक सिमटी रहने वाली 101 आदिवासी महिलाएं अब करघे पर धागों को आकार देकर परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। मारसल प्राथमिक बुनकर सहयोग समिति से जुड़ी ये महिलाएं प्राकृतिक रंगों से कपड़े तैयार कर सालाना करीब 1.20 लाख रुपए तक कमा रही हैं। इनके बनाए परिधानों की मांग अब स्थानीय बाजार से निकलकर देश के बड़े शहरों तक पहुंच चुकी है। कजरी के कपड़ों की खासियत केवल हाथ से होने वाली बुनाई नहीं है। इन्हें तैयार करने की पूरी प्रक्रिया भी प्राकृतिक है। कपड़ों को रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के बजाय प्रकृति से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। नीम और सागवान के पत्ते, हल्दी, प्याज के छिलके, कठ, सिंदूरी के बीज, अनार के बीज जैसी प्राकृतिक सामग्री से अलग-अलग रंग तैयार किए जाते हैं। इससे कपड़ों को आकर्षक रंग मिलता है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होता है। धागों में गांव की मिट्टी, रंगों में जंगल की खुशबू सीखने से कमाने तक का सफर समिति से जुड़ने के बाद महिलाओं को शुरुआत में बुनाई, रंगाई और कपड़ा तैयार करने की तकनीक की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने हाथों के हुनर को कारोबार का रूप देना शुरू किया। धीरे-धीरे तैयार कपड़ों की गुणवत्ता बढ़ी। बाजार में पहचान भी बढ़ी। अब महिलाएं नियमित रूप से करघे पर काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। कई परिवारों के लिए यह आमदनी घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और अन्य खर्चों में सहारा बन रही है।
विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन, छात्रों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा
भास्कर न्यूज |इचाक इचाक प्रखंड के मोकतमा गांव स्थित बाबा मोक्तेश्वर शिवालय में ग्रामीणों के सौजन्य से शनिवार को 24 घंटे के अखंड हरिकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। पुरोहित ने विधिवत देवी-देवताओं का आवाहन किया। पूजा-अर्चना और सामूहिक प्रार्थना के बाद हरिकीर्तन की शुरुआत पूर्वाह्न 11:45 बजे की गई। रविवार को पूर्वाह्न 11:45 बजे तक हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे-हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे के मधुर बोल गूंजते रहे। पूरा शिवालय परिसर भक्तिमय हो गया। ढोलक, झाल और मंजीरा की थाप पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने 24 घंटे तक लगातार हरि नाम में लीन रहने का संकल्प लिया। इस अखंड कीर्तन में मोकतमा के अलावा मंगुरा, करियातपुर, जमुआरी, फुरुका, कनौदी समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी भक्ति रस में सराबोर नजर आए। रात भर चले इस कीर्तन में श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से कीर्तन मंडली का साथ दिया। मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। कई श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की। ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों वर्षों से प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम होता रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति, सद्भाव, सुख-समृद्धि और भाईचारे की कामना करना है। ग्रामीणों का मानना है कि सामूहिक हरिकीर्तन से नकारात्मकता दूर होती है। गांव में शांति बनी रहती है। भास्कर न्यूज | हजारीबाग रोजबड विद्यालय में शनिवार को विज्ञान-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 5 से 10 तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक से बढ़कर एक आकर्षक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में वर्ग दशम के प्रियांशु, अमित, अनमोल, राहुल और यश के ग्रुप द्वारा बनाए गए बाढ़ नियंत्रण मॉडल को प्रथम स्थान मिला। वहीं, द्वितीय स्थान पर वर्ग नवम के सिद्धू ग्रुप का पृथ्वी की बैटरी मॉडल रहा। इसके अलावा, तृतीय स्थान संयुक्त रूप से वर्ग नवम के खुशी ग्रुप द्वारा तैयार डी.एन.ए. मॉडल और वर्ग आठवीं के मयंक ग्रुप द्वारा तैयार फन सिटी मॉडल को दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र कुमार तथा इतिहास विभाग के प्रो. हितेंद्र अनुपम उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों के वैज्ञानिक कौशल और मॉडलों को देखकर गहरी खुशी व्यक्त की और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार सिंह, प्रबंधक पिंकी सिंह तथा अमनदीप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील कुमार, संदीप कुमार, अमित कुमार और पप्पू कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंच संचालन आयशा परवीन ने किया।
कुकिंग कॉस्ट की राशि नहीं मिलने से पीएम पोषण योजना पर संकट
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले में पीएम पोषण योजना का संचालन इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहा है। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन के लिए कुकिंग कोस्ट की राशि अप्रैल 2026 से अब तक नहीं मिल सकी है। करीब 11 करोड़ रुपये की राशि बकाया होने के कारण जिले के सरकारी स्कूलों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। यदि सितंबर में भी राशि का भुगतान नहीं हुआ तो अक्टूबर से स्कूलों में एमडीएम के संचालन में परेशानी बढ़ सकती है। जिले के 3122 सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले करीब 3 लाख 19 हजार बच्चों को पीएम पोषण योजना के तहत प्रतिदिन दोपहर का भोजन दिया जाता है। भोजन तैयार करने के लिए कुकिंग कोस्ट की राशि से दाल, तेल, मसाला, सब्जी, रसोई गैस समेत अन्य जरूरी सामग्री की खरीद की जाती है। छह महीने से राशि नहीं मिलने के कारण स्कूलों के सामने सामग्री खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।पीएम पोषण योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से होता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्र और राज्य से राशि मिलने के बाद जिला स्तर पर स्कूलों के खातों में राशि भेजी जाती है। लेकिन कुकिंग कोस्ट की राशि अब तक नहीं मिलने के कारण विद्यालयों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। अंडा-फल की राशि से चल रहा काम अगस्त माह में अंडा और फल मद में जिले के स्कूलों के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई थी। फिलहाल इसी राशि के सहारे कई स्कूलों में एमडीएम का संचालन किसी तरह किया जा रहा है। हालांकि यह राशि केवल अंडा और फल के लिए निर्धारित है। ऐसे में यदि इसका इस्तेमाल कुकिंग कोस्ट की जरूरत पूरी करने में किया जाता है तो योजना के निर्धारित मेन्यू को लागू करने में परेशानी हो सकती है। कुकिंग कॉस्ट की राशि आते ही भेजी जाएगी : डीएसई डीएसई आशीष कुमार हेम्ब्रम ने बताया कि कुकिंग कॉस्ट की राशि आने की उम्मीद है, आते ही स्कूलों को भेजा जाएगा। लेकिन अब आने वाले 1 अक्तूबर से नए तरीके से कुकिंग कोस्ट की राशि का भुगतान होगा। ऐसे में अगर जिन विद्यालयों की राशि बकाया है। उनका भी भुगतान नए तकनीके के जरीए किया जाएगा।
गिरिडीह जिले में 22% कम बारिश से सुखाड़ का खतरा,14 सितंबर को वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
भास्कर न्यूज | गिरिडीह जिले में चालू मानसून सत्र के दौरान बारिश की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। 1 जून से 12 सितंबर तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में 845.8 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 658.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस तरह सामान्य से 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश की कमी के कारण जिले में सुखाड़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 14 सितंबर को जिले में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 15 से 18 सितंबर तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि का अनुमान है। 10 से 12 अक्टूबर तक मानसून की विदाई के आसार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार क्षेत्र से 10 से 12 अक्टूबर के बीच मानसून की पूर्ण विदाई होने की संभावना है। मानसून की वापसी तक रुक-रुककर बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने किसानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश में 22 प्रतिशत कमी को देखते हुए किसान धान के खेतों की मेड़ों को ऊंचा और मजबूत रखें, ताकि बारिश के पानी को अधिक समय तक खेत में रोका जा सके। 14 सितंबर को संभावित वज्रपात को देखते हुए मौसम खराब होने पर किसानों को खेतों में काम नहीं करने की सलाह दी गई है। खुले स्थान, पेड़ और बिजली के खंभे के नीचे शरण लेने से भी बचने को कहा गया है।
हाइवा को ओवरटेक करने में ऑटो पलटा,12 छात्र घायल
भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल बोकारो थर्मल के लाल चौक के समीप शनिवार सुबह स्कूल जा रहे बच्चों से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार 10 से 12 बच्चे घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को तत्काल डीवीसी बोकारो थर्मल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अभिभावकों को बच्चों को बेहतर इलाज के लिए ले जाने की सलाह देकर घर भेज दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8 बजे ऑटो संख्या जेएच 10 बीडी 1534 में कार्मेल स्कूल के 12 से 14 बच्चों को बैठाकर स्कूल ले जाया जा रहा था। ऑटो के पीछे देवराज लिखा हुआ था। लाल चौक के समीप आगे चल रहे हाइवा को बाईं ओर से ओवरटेक करने के दौरान ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। घायलों में हिरम नाजिया, गुलाम मोइउद्दीन और मो. रजाब तैयब शामिल हैं। हिरम नाजिया के दाहिने हाथ में अंदरूनी चोट आई है। गुलाम मोइउद्दीन के गाल तथा मो. रजाब तैयब के होंठ और दांत में चोट लगी है। हादसे के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। उन्होंने स्कूल आने-जाने के समय सुबह 6 से 9 बजे और दोपहर 12:30 से 3 बजे तक नो-एंट्री लागू करने तथा लापरवाही से वाहन चलाने पर रोक लगाने की मांग की है।
336 पदों के लिए निकाली गई भर्ती कैंप, 11 युवाओं को मिला रोजगार
भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल झारखंड श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के नियोजनालय बोकारो थर्मल की ओर से शनिवार को एक दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में दो कंपनियों ने भाग लिया। कुल 336 पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इसमें एलएंडटी कंस्ट्रक्शन स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, पश्चिम बंगाल की ओर से 90 पद तथा साक्षी सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जमशेदपुर की ओर से 246 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। भर्ती कैंप में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एलएंडटी कंस्ट्रक्शन स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ने 9 युवाओं तथा साक्षी सिक्योरिटी कंपनी ने 2 युवाओं का रोजगार के लिए चयन किया। दोनों कंपनियों की ओर से कुल 11 चयनित अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र प्रदान किया गया। नियोजन पदाधिकारी मो. इमरान फारूकी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से नियोजनालय की ओर से समय-समय पर भर्ती कैंप आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियोजनालय में अपना निबंधन अवश्य कराएं और आने वाले भर्ती कैंपों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। इससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। मौके पर उच्चवर्गीय लिपिक सुभाष कुमार, अनुसेवक गणेश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर रामेश्वर मुर्मू आदि मौजूद थे।
हिंदी दिवस पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित
सिटी रिपोर्टर | बोकारो डॉ. एस. राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ एजुकेशन चिकसिया चास में शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के साथ दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लेखन के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपनी रचनात्मकता एवं विचारों को अभिव्यक्त किया। इस दौरान हिंदी भाषा के महत्व, राष्ट्र के प्रति उसकी भूमिका और दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतियोगिता में इमाम सेन ने प्रथम, कंचन कुमारी व बंदना कुमारी द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि ईसा गोयल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. शक्ति प्रकाश सिंह ने कहा कि हिंदी पूरे भारत को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा है।
चंदनकियारी में कलाकारों ने दिखाया छऊ का हुनर
चंदनकियारी | छऊ नृत्य एवं छऊ मुखौटा निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षुओं की आकलन समीक्षा की दो दिवसीय बैठक शनिवार को छऊ केंद्र चंदनकियारी में संपन्न हुई। अंतिम दिन सात गुरुजन अपने-अपने दल के प्रशिक्षुओं के साथ पहुंचे। कलाकारों ने छऊ नृत्य और मुखौटा निर्माण में अपने हुनर का प्रदर्शन किया। दो दिवसीय समीक्षा में कुल 14 प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े गुरुजन एवं प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं की नृत्य प्रस्तुति, पारंपरिक शैली, भाव-भंगिमा और कला-कौशल का अवलोकन कर मूल्यांकन किया। साथ ही कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए छऊ की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छऊ विशेषज्ञ सदाशिव प्रधान, नृपेन सहिस, परीक्षित महतो, दीपक जोशी, डॉ. संजय कुमार चौधरी, तपन पटनायक, हराधन महतो, दिलीप कुमार जेना, विजय कुमार, आशुतोष आदि थे।
प्रभारी प्राचार्य को शोक सभा में दी श्रद्धांजलि
सिटी रिपोर्टर | बोकारो शनिवार को एनपी एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट परिसर में एनपी संध्याकालीन महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य स्व. आरएन शर्मा के असामयिक निधन पर शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। ट्रस्टी सुबोध सिंह ने कहा कि आरएन शर्मा नेक दिल इंसान थे। उनका निधन महाविद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। शोक सभा में एनपी संध्याकालीन महाविद्यालय के प्रभारी महेश साव, एनपी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के एचओडी संजीव कुमार, पांडा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य धनंजय कुमार, व्याख्याता प्रोफेसर सीमा सिंह, संचिता गोस्वामी, भारती कुमारी, अखिलेश कुमार, प्रदीप विश्वकर्मा, आईपी सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, अनामिका मौजूद रहे।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के परिवारों से लिए सैंपल
सिटी रिपोर्टर | बोकारो लायंस क्लब बोकारो एवं मां सेवा समिति ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को लायंस नर्सरी स्कूल जनवृत-3बी में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए निशुल्क एचएलए टेस्टिंग कैंप लगाया गया। नारायण हेल्थ सिटी बेंगलुरु के सहयोग तथा डीकेएमएस फाउंडेशन इंडिया के समर्थन से आयोजित शिविर में 12 वर्ष से कम उम्र के 110 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के परिवारों से लगभग 450 सैंपल लिए गए। शिविर का उद्देश्य परिवार के सदस्यों में संभावित एचएलए मैच्ड डोनर की पहचान करना है, ताकि पात्र मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट के विकल्प पर आगे विचार किया जा सके। मरीजों के साथ उनके जैविक भाई-बहनों तथा आवश्यकता के अनुसार माता-पिता के सैंपल भी लिए गए। आयोजकों के अनुसार, एकत्र सैंपल जर्मनी भेजे जाएंगे, जहां एचएलए मैचिंग की प्रक्रिया होगी। बताया गया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट का अनुमानित खर्च 20 से 25 लाख रुपए तक हो सकता है। पात्र बच्चों के उपचार के लिए कोल इंडिया सीएसआर योजना-थैलेसीमिया बाल सेवा योजना एवं प्रधानमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ है। उपलब्ध योजनाओं और सहयोग के माध्यम से उपचार निशुल्क कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर क्लब के अध्यक्ष अजय केडिया, सचिव अखिलेश कुमार, ट्रस्ट के भगवत भावेश, धनंजय, विकास, राज कुमार महथा, नारायण हेल्थ के विकी रॉय, हेल्पिंग हैंड्स के गोपाल मुरारका आदि उपस्थित थे।
ग्रैंड पेरेंट्स डे पर सेंट मैरीज नर्सरी स्कूल में स्नेह, संस्कारों का उत्सव
सिटी रिपोर्टर | बोकारो सेंट मैरीज नर्सरी स्कूल में शनिवार को ग्रैंडपेरेंट्स डे प्रेम, सम्मान और भावनाओं के बीच मनाया गया। प्री-नर्सरी के बच्चों के दादा-दादी व नाना-नानी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आत्मीय स्वागत से हुई। ग्रैंडपेरेंट्स ने बच्चों के साथ अंगूठे के निशान से हृदय का आकार बनाया और यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्री-नर्सरी के बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद ग्रैंडपेरेंट्स के लिए मनोरंजक खेल आयोजित किया गया। संगीत रुकने पर जिसके पास गेंद होती, उससे उसके पोते-पोतियों से जुड़े रोचक सवाल पूछे गए। कार्यक्रम का भावुक क्षण तब आया, जब बच्चों ने अपने हाथों से बनाए कार्ड ग्रैंडपेरेंट्स को भेंट किए। विद्यालय के प्राचार्य रेवरेंड फादर डीनू एम. डेनियल ने कहा कि ग्रैंडपेरेंट्स परिवार की जड़ होते हैं। उनका प्रेम, अनुभव, आशीर्वाद और संस्कार बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। ग्रैंडपेरेंट्स ने भी विद्यालय के प्रयास की सराहना की।
हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों ने दिखाई भाषा की विविधता
सिटी रिपोर्टर | बोकारो रॉयल पब्लिक स्कूल, सेक्टर-4 में शनिवार को हिंदी दिवस समारोह उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषा से जुड़ी मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में हिंदी के प्रति प्रेम, रुचि और सम्मान की भावना विकसित करना रहा। कक्षा 1 के विद्यार्थियों ने विलोम शब्द आधारित गतिविधि में भाग लिया। बच्चों ने विभिन्न शब्दों के सही विलोम शब्द पहचान कर अपनी भाषा संबंधी समझ का प्रदर्शन किया। वहीं, कक्षा 2 के विद्यार्थियों ने अलग-अलग भाषाओं में अभिवादन गतिविधि के माध्यम से देश की भाषाई विविधता को जाना। विद्यार्थियों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अभिवादन करने के तरीके प्रस्तुत किए। कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस पर सामूहिक रूप से हिंदी गीत प्रस्तुत कर माहौल को आनंदमय बना दिया।
मेहंदी प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा
बोकारो | सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेक्टर-2ए में शनिवार को मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें शिशु, बाल, वीर एवं किशोर वर्ग की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने हाथों पर आकर्षक एवं कलात्मक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह और उमंग से भरा रहा। बहनों ने विभिन्न मनमोहक डिजाइनों के माध्यम से अपनी कला-कौशल का परिचय दिया। कई प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सफलता हासिल की। प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कला निखारने की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी बहनों को शुभकामनाएं दी।
मातृत्व शिशु केंद्र के एसएनसीयू के पास नर्स रूम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
भास्कर न्यूज | गिरिडीह शहर के चैताडीह स्थित मातृत्व शिशु स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। आग एसएनसीयू यूनिट के ठीक सामने स्थित नर्स रूम में लगी। घटना के समय एसएनसीयू में आठ नवजात भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था। इनमें दो नवजात ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जिन्हें तत्काल दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया, जबकि छह नवजात सामान्य रूप से इलाजरत थे। बताया गया कि नर्स रूम में लगे वॉल पंखे के कॉयल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग लगने के बाद पंखा दीवार से नीचे गिर गया और नीचे रखे जूते-चप्पल के स्टैंड में आग पकड़ ली। घटना के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था। देखते ही देखते आग ने कमरे के कुछ हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग का धुआं और लपटें देखकर एसएनसीयू में ड्यूटी पर तैनात नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को घटना की जानकारी हुई। कर्मियों ने तत्काल सभी नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग पंखे में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना के समय एसएनसीयू में आठ नवजात भर्ती थे। सूचना मिलते ही सभी नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद आसपास के क्षेत्र की सफाई कराई जा रही है, ताकि व्यवस्था सामान्य होने के बाद एसएनसीयू में नवजातों को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया जा सके।
लोक अदालत में कई केस का हुआ निपटारा
बोकारो | वर्षों से विवाद और मुकदमेबाजी का बोझ झेल रहे लोगों के लिए शनिवार राहत लेकर आया। राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली विभाग, बैंकों और न्यायालयों से जुड़े सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति से निबटारा किया गया। इससे पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया, समय और बार-बार न्यायालय आने-जाने की परेशानी से राहत मिली। कैंप-टू स्थित न्याय सदन के सभागार में आयोजित लोक अदालत में अलग-अलग विभागों और बैंकों ने स्टॉल लगाकर मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा-2 ने कहा कि लोक अदालत सुलहनीय मामलों के त्वरित और सरल समाधान का प्रभावी माध्यम है। यहां दोनों पक्षों की सहमति से विवाद खत्म होता है, इसलिए किसी की हार नहीं होती। उन्होंने कहा कि मामलों के निबटारे से न्यायालयों पर दबाव भी कम होता है। लोगों को न्यायालय का चक्कर लगाने से राहत मिलती है।
अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस पर लगाया गया शिविर
सिटी रिपोर्टर | बोकारो अधिवक्ता परिषद बोकारो इकाई की ओर से शनिवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का स्थापना सह सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर बाघराईबेरा सतनपुर में मुखिया कालीपद सिंह के आवास पर निशुल्क विधिक परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संयोजक सुनील कुमार ने कहा कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए समाज में विधिक जागरुकता का प्रसार आवश्यक है। अधिवक्ता परिषद समय-समय पर शिविरों के माध्यम से विधिक सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संचालन जिला मंत्री हीरालाल प्रजापति ने की। शिविर के आयोजन में महिला उपाध्यक्ष अर्चना कुमारी ठाकुर का सराहनीय योगदान रहा। अध्यक्ष दिनेश लाल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, महामंत्री संतोष कुमार गिरि, कोषाध्यक्ष उमाकांत पाठक सहित अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने सहयोग किया।
राज्यपाल को वार्षिक उत्सव का दिया निमंत्रण
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन-रिटायर्ड के अध्यक्ष अनूप कुमार चौबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक सरोकारों और जनकल्याणकारी गतिविधियों से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बोकारो में एयरपोर्ट के निर्माण और आधुनिक वृद्धाश्रम की स्थापना की मांग रखी। अध्यक्ष ने कहा कि बोकारो प्रमुख औद्योगिक शहर होने के बावजूद बेहतर हवाई संपर्क के अभाव में लोगों, उद्योगों, व्यवसायियों, मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी होती है। सेवानिवृत्त अधिकारियों के अधिकांश बच्चे बोकारो से बाहर रहते हैं, जिससे वे छुट्टियों में नहीं आ पाते। मौके पर महासचिव उमा शंकर सिंह, सुबोध कुमार झा, रघुवर प्रसाद आदि थे।
फुटपाथ दुकानदारों को टारगेट करना गलत : निजाम अंसारी
सिटी रिपोर्टर | बोकारो नेशनल हॉकर फेडरेशन के महासचिव निजाम अंसारी ने शुक्रवार को सिटी सेंटर सेक्टर-4 में बैठक कर फुटपाथ दुकानदारों के मुद्दे पर चर्चा की। कहा कि 11 सितंबर को बीएसएल की ओर से प्लॉट दुकानों के बरामदे में अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद कुछ प्लॉट दुकानदारों द्वारा फुटपाथ दुकानदारों को बेवजह टारगेट करना आपत्तिजनक है। छोटे हो या बड़े, सभी व्यापारी हैं। प्लॉट दुकानदार और फुटपाथ दुकानदार एक-दूसरे के पूरक हैं। फुटपाथ दुकानदारों से बाजार में रौनक आती है और ग्राहकों का बड़ा वर्ग बाजार की ओर आकर्षित होता है। फुटपाथ दुकानदारों का उद्देश्य जीविकोपार्जन करना है, न कि सड़क बाधित करना। अंसारी ने कहा कि केंद्र और झारखंड सरकार ने फुटपाथ दुकानदारों के हित में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट पारित किया है। इसके तहत फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित कर स्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लेकिन बीएसएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस दिशा में उदासीन हैं। उन्होंने कहा कि फुटपाथ दुकानदार बीएसएल प्रबंधन को किराया देने, उचित शर्तों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर स्थानांतरित होने के लिए तैयार हैं। मौके पर सुनील सिंह, इंदल कुमार, कन्हैयालाल गुप्ता, मुख्तार अंसारी, संजय, विकास, छोटू आदि थे।
कार्रवाई . उपायुक्त ने दिया संयुक्त बैठक कर निदान का आश्वासन
सिटी रिपोर्टर | बोकारो सिटी सेंटर में दुकानों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बोकारो इस्पात प्रबंधन की ओर से चलाए जा रहे हथौड़ा अभियान के विरोध में बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा से मिला। महामंत्री राजकुमार जायसवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों में व्याप्त भय और दहशत की स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बोकारो इस्पात प्रबंधन को उनकी ओर से इस तरह की कार्रवाई का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। उन्होंने हथौड़ा चलाकर व्यापारियों को भयभीत करने की कार्रवाई को निंदनीय बताया। चैंबर के आग्रह पर उपायुक्त की अध्यक्षता में बोकारो इस्पात प्रबंधन और चैंबर की संयुक्त बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मुलाकात कर अभियान तत्काल रोकने की मांग की। जायसवाल ने कहा कि भय का माहौल बनाकर समस्या का समाधान नहीं हो सकता, बातचीत से ही स्थायी हल निकलेगा। व्यापारियों ने चिह्नित पार्किंग स्थलों को अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने का विरोध किया। चैंबर संरक्षक संजय बैद ने कहा कि प्रशासनिक पहल से व्यवसायियों को राहत की उम्मीद जगी है। मौके पर नरेंद्र सिंह, मुकेश अग्रवाल, अंकित चोपड़ा, महेश गुप्ता, कमलेश जायसवाल, चंदन कुमार, गौतम जैन, पुनीत जौहर, शिखर रस्तोगी, केतन मेहता, संदीप जायसवाल, नरेश अग्रवाल, राजकुमार गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि मौजूद थे।
एआरएस स्कूल में दो दिवसीय कार्यशाला
बोकारो | एआरएस पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार से शुरू हुई। 13 सितंबर तक चलने वाली कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के करीब 60 शिक्षक शामिल हुए। उद्घाटन बोकारो इस्पात विद्यालय के प्राचार्य शिवशंकर यादव, चिन्मय विद्यालय के एकेडमी सुपरवाइजर राहुल राय सहित विद्यालय निदेशक राम लखन यादव, प्रबंधक सत्येंद्र सर, प्राचार्य विश्वजीत पाल, उपप्राचार्य सुमनकांत ठाकुर व कार्यक्रम प्रभारी संजीव कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। विशेषज्ञ शिवशंकर यादव ने शिक्षकों को प्रयोगात्मक शिक्षण की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रटने के बजाय ‘करके सीखने’, प्रोजेक्ट वर्क, कला, खेल-खेल में शिक्षा और फील्ड गतिविधियों से बच्चों की समझ बेहतर होती है। प्राचार्य ने कहा कि आधुनिक शिक्षण कौशल समय की जरूरत है। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए विद्यार्थियों में रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच विकसित करना है।
फुटबॉल टूर्नामेंट में चरम पर दिखा उत्साह
बोकारो | संत जेवियर्स स्कूल सेक्टर वन में चल रहे तीन दिवसीय फादर केविन ग्रोगन मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 के दूसरे दिन शनिवार को मैदान पर रोमांच और उत्साह चरम पर रहा। जूनियर और सीनियर वर्ग के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। जूनियर वर्ग में सेमीफाइनल की चारों टीमें तय हो गईं। जूनियर वर्ग में दिनभर हुए मुकाबलों के बाद मसी मार्शल कजरकिलो, सहोदय विद्यालय पलामू, मसी मार्शल चरही और कैथोलिक आश्रम भुरकुंडा ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पहले सेमीफाइनल में मसी मार्शल कजरकिलो का सामना सहोदय विद्यालय पलामू से होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में मसी मार्शल चरही और कैथोलिक आश्रम भुरकुंडा आमने-सामने होंगे। दोनों मुकाबलों के नतीजे जूनियर वर्ग के फाइनलिस्ट तय करेंगे।
हिंदी की मिठास ने स्कूल में बांधा समां
बोकारो | डीवाई पाटिल इंटरनेशनल स्कूल बोकारो में गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान गणेश की वंदना से हुआ। विद्यार्थियों के सामूहिक गायन और मनमोहक गणपति वंदन नृत्य ने माहौल भक्तिमय बना दिया। कक्षा 9 के अभिषेक कुमार ने हिंदी के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। वहीं, कक्षा दो की विजय लक्ष्मी और कक्षा तीन की प्रतिभा एंजेल ने हिंदी की गरिमा एवं मधुरता से ओत-प्रोत कविताओं की प्रस्तुति दी। प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार ने सभी को शुभकामनाएं दी।
नई स्ट्रीट लाइट लगाने पर निगम-जुडको आमने-सामने, 6 साल पुरानी अधिकांश लाइटें खराब; अंधेरे में राजधानी
राजधानी में स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव को लेकर रांची नगर निगम और झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जुडको) आमने-सामने आ गए हैं। निगम ने जुडको की ओर से स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए जारी टेंडर पर आपत्ति जताते हुए उसे तत्काल रद्द करने को कहा है। निगम का कहना है कि निगम क्षेत्र में विकास और रखरखाव से जुड़े काम निगम के माध्यम से ही कराया जाना है। इसलिए स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए जुडको की ओर से अलग टेंडर निकालना उचित नहीं है। पत्र में कहा गया है कि स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए एजेंसी का चयन अब निगम अपने स्तर से करेगा। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा। चयनित एजेंसी को मरम्मत, रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, विडंबना यह है कि निगम क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले 53 वार्डों में मानसून के दौरान हजारों स्ट्रीट लाइटें खराब है। इन खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरूस्त करने की सुध निगम के अधिकारियों को नहीं है। इसका नतीजा है कि शाम ढलते ही शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। प्रमुख सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक खराब लाइटें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब पुरानी लाइटों का ही रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, तो नई लाइट लगाने पर निगम क्यों खींचतान कर रहा है। निगम और जुडको के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद नया नहीं है। शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की कटाई और उनकी मरम्मत को लेकर भी दोनों एजेंसियों के बीच खींचतान सामने आ चुकी है। सभी 53 वार्डों में 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब रांची नगर निगम के 53 वार्डों में 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि इन लाइटों को वर्ष 2020 से पहले लगाया गया था। इसके बाद से मेंटेनेंस के नाम पर भी खानापूर्ति ही हुई। जो लाइटें खराब हो गईं, उनकी जगह पर नई लाइटें भी बहुत कम लगीं। क्योंकि निगम का चुनाव 2022 के बाद 2026 में ही हुआ। चार साल तक निगम के अफसर ही काम करा रहे थे। अभी हर वार्ड में 150 से 200 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। लेकिन फंड नहीं होने से मरम्मत नहीं हो पा रही है।
16 साल बाद जेल से निकले मोगो को मिली नई जिंदगी की उम्मीद, दो साल से अलग पति-पत्नी फिर साथ आए
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक से रिलेटेड 16000 मामलों का निबटारा किया गया। लेकिन ट्रैफिक मामले में समझौता करने आए लोग निराश दिखे। लोगों का कहना था, जितने का चालान कटा था, पूरी राशि जमा करनी पड़ी। वहीं रेवेन्यू से जुड़े 15000 मामले, क्रिमिनल कंपाउंड के 8000, रेलवे से संबंधित 5000 मामलों का निबटारा गया किया। कुल 48,076 लंबित मामलों और 8,65,394 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक वैवाहिक विवाद को खत्म करने के साथ परिवार को भी जोड़ दिया। दो साल से अलग रह रहे खुशबू साहू और संजय कुमार ने मध्यस्थता के बाद फिर साथ रहने का फैसला किया। दोनों का पांच साल का बेटा है। वैवाहिक वाद संख्या ओएम. 504/2025 अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय राजेश कुमार सिंह की अदालत में लंबित था। खुशबू ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का वाद दायर किया था। मध्यस्थता के दौरान दोनों के बीच बातचीत कराकर मतभेद दूर किए गए। लोक अदालत में दोनों न्यायायुक्त के समक्ष पहुंचे, जहां उन्हें फूल-माला पहनाकर सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामना दी गई। लोक अदालत में तेजाब हमले के पीड़ित राहुल कुमार को झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 12 लाख रुपए का चेक दिया गया। हत्या के मामले में पीड़िता सुशीला देवी को पांच लाख रुपए मिले। मोटर वाहन दुर्घटना मामले में दावेदार को 37.34 लाख रुपए और कमर्शियल एक्जीक्यूशन से जुड़े मामले में 6.86 लाख रुपए का चेक दिया गया। चेक बाउंस और कमर्शियल विवादों में भी समझौते हुए। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत 96 लाख रुपए के भुगतान से जुड़े मामले का सुलह-पूर्व बैठक से निपटारा हुआ और दोनों पक्षों की सहमति से 54 लाख रुपए में सेटलमेंट किया गया। यह नालसा के ‘मीडिएशन फॉर नेशन ड्राइव 3.0’ के तहत हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में बजाज जेनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से 12 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटारा कराया गया। इससे दावेदारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली। लोक अदालत के दौरान मुख्य न्यायाधीश की मौजूदगी में एक दावेदार को चार लाख रुपए का चेक सौंपा गया। कंपनी की सीनियर लीगल ऑफिसर रिम्पी बनर्जी और क्लेम्स लीगल विभाग के प्रफुल्ल त्रिपाठी ने मामलों के निपटारे में भूमिका निभाई। क्राइम रिपोर्टर | रांची रांची व्यवहार न्यायालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 367 करोड़ 78 लाख 65 हजार रुपए का सेटलमेंट हुआ। वर्चुअल उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह झालसा कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने धनबाद न्यायमंडल से किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों का निस्तारण नहीं, बल्कि त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क न्याय देना है। डालसा सचिव राकेश रौशन ने बताया कि 38 न्यायिक और 20 कार्यपालक दंडाधिकारियों की बेंच गठित थीं। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार, सीजेएम एसबी शर्मा समेत न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ और पीएलवी मौजूद थे। लोक अदालत में संजय कुमार और खुशबू साहू मध्यस्थता के बाद फिर साथ रहने को राजी हुए। दोनों का पांच साल का बेटा है। खुशबू ने भरण-पोषण का वाद दायर किया था। वाद ओएम 504/2025 राजेश कुमार सिंह की अदालत में लंबित था। दोनों को फूल-माला पहनाकर शुभकामना दी गई। 16 साल जेल में रहने के बाद बाहर आए मोगो कच्छप की एक सप्ताह काउंसिलिंग हुई। श्रम विभाग के सहयोग से जॉब कार्ड, दो लाख का बीमा, कन्यादान योजना, एनएलयू से 10 हजार का चेक, राशन-आयुष्मान कार्ड और अबुआ आवास की प्रक्रिया शुरू हुई। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में राज्यभर में कुल 24,99,985 वादों का निष्पादन किया गया। इनमें 1,60,482 लंबित वाद और 23,39,503 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 9,64,05,39,705 रुपए का सेटलमेंट हुआ। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए झालसा की ओर से राज्यभर में करीब 289 बेंचों का गठन किया गया था। 12 मार्च की सड़क दुर्घटना ने संजय राम की जिंदगी बदल दी। बालूमाथ में ट्रैक्टर की टक्कर से पत्नी उर्मिला देवी की मौत हो गई। पीछे 14 साल की बेटी, 8 साल का बेटा और 7 साल की छोटी बेटी रह गई। पेशे से राज मिस्त्री संजय के सामने पत्नी को खोने के साथ तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी भी आ गई। महीनों की कानूनी प्रक्रिया के बाद राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले का सेटलमेंट हुआ और संजय को 4.50 लाख रुपए मुआवजे का चेक मिला।
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान कोर्स उत्तीर्ण सुनील कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई के बाद बड़ी राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही वर्ष 2019 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर इन्हें परीक्षा उत्तीर्ण करने की तिथि से 4200 रुपये का ग्रेड पे देने का निर्देश दिया है। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान की डिग्री हासिल करने वालों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सहायक पद पर नियुक्त कर 4200 रुपये ग्रेड पे देने का निर्णय लिया था। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य सहायक नियुक्ति एवं सेवा-शर्त नियमावली, 2025 भी बनाई गई है। इसके बावजूद डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को नियमित नियुक्ति देने के बजाय संविदा पर रखा गया और 4200 ग्रेड पे का लाभ भी नहीं दिया गया। रांची| झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने 262 दिन की देरी से दाखिल राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने देरी माफ करने की अर्जी भी नहीं मानी। कहा कि सरकार पर्याप्त और संतोषजनक कारण बताने में विफल रही। अपील 16 अगस्त 2024 के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल हुई थी। आदेश के बाद फाइल चलने में ही 11 दिन लगे। 27 अगस्त से 2 सितंबर तक फाइल निदेशालय और अधिकारियों के बीच घूमती रही। 15 सितंबर को अपील की समय-सीमा खत्म हो गई। 27 सितंबर से 14 अक्टूबर तक 17 दिन और 24 नवंबर से 16 दिसंबर तक 22 दिन का अंतराल रहा। फाइल 30 से ज्यादा बार घूमी। महाधिवक्ता ने 4 फरवरी 2025 को अपील की राय दी, फिर भी 122 दिन बाद 6 जून को अपील हुई। एकल पीठ ने वीएलडब्ल्यू गजेन्द्र कुमार सिंह व अन्य से ज्यादा वेतन की वसूली का आदेश रद्द किया था। कृषि निदेशक ने ग्रेड पे 2400 से घटाकर 2000 किया था।
जेएसएससी सीजीएल चयनित अभ्यर्थी सम्मान मंच के बैनर तले चयनित अभ्यर्थियों ने शनिवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की। कहा कि सोशल मीडिया पर सभी सफल अभ्यर्थियों के 35-40 लाख रुपए की कथित डील से चयनित होने का भ्रामक नैरेटिव चलाया जा रहा है। बिना आधिकारिक वित्तीय जांच या फोरेंसिक साक्ष्य के सभी चयनितों पर आरोप लगाना अन्याय है। अभ्यर्थियों के अनुसार चयनितों में करीब 650 आदिवासी और दिव्यांग अभ्यर्थी हैं। पूरी परीक्षा रद्द करना वंचित वर्ग के युवाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि जांच से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। दोषी मिले तो कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन कुछ की गलती की सजा ईमानदार अभ्यर्थियों को न मिले। कई युवा पुरानी नौकरियां छोड़कर झारखंड आए हैं और अब भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर नियुक्ति पत्र में कंडीशनल क्लॉज जोड़ा गया है। जांच में दोषी मिलने पर सिर्फ उसी की उम्मीदवारी रद्द हो। साथ ही सोशल मीडिया पर चयनितों की तस्वीर, रोल नंबर और निजी जानकारी साझा कर मानसिक उत्पीड़न रोकने की मांग की।
हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति मामला:फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने जेएसएससी से मांगी राज्य मेधा सूची
झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के मामले में शनिवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कमेटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार की गई विषयवार और कोटिवार संशोधित राज्य मेधा सूची कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की जाए। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने शपथ पत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। यह शपथ पत्र जेएसएससी की ओर से सरकार को उपलब्ध कराई गई अनुशंसा के आधार पर की गई शिक्षक नियुक्तियों से संबंधित होगा। कमेटी ने समय देने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। इससे पहले सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, तान्या सिंह, राजेश कुमार व अन्य ने पक्ष रखा। मालूम हो कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद उसकी जांच के लिए हाई कोर्ट ने वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार संशोधित राज्य मेधा सूची और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों की स्थिति की पड़ताल कर रही है। कमेटी का कड़ा रुख : जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कमेटी ने जेएसएससी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी संशोधित मेरिट लिस्ट पेश करने का दिया निर्देश। विषयवार-कोटिवार ब्योरा तलब : आयोग को हर विषय और श्रेणी के आधार पर तैयार सूची कमेटी के समक्ष रखनी होगी। सरकार ने मांगा वक्त : माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने नियुक्तियों के विवरण पर शपथ पत्र देने के लिए 2 हफ्ते का समय मांगा। जांच का दायरा : शिक्षक भर्ती में सामने आई अनियमितताओं और संशोधित मेधा सूची के आधार पर की गई नियुक्तियों की हो रही पड़ताल। मामले में वर्ष 2016 में जेएसएससी द्वारा शुरू की गई स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। नियुक्ति के लिए जिलावार मेधा सूची और राज्यस्तरीय मेधा सूची, दोनों का इस्तेमाल किया गया। प्रार्थी का आरोप है कि एक ही नियुक्ति परीक्षा में दो अलग-अलग प्रकार की मेधा सूची तैयार होने के कारण योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए। अब कमेटी हरेक पहलुओं पर सुनवाई कर रही है।
8 में से 4 कियोस्क महीनों से खराब:24 लाख की डिजिटल मशीनें धरी रह गईं, मरीज फिर कतार में
सदर अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए करीब दो साल पहले लगाई गईं 8 कियोस्क में 4 महीनों से बंद हैं। प्रत्येक कियोस्क की कीमत करीब 2.50 लाख रुपए, यानि कुल लागत करीब 20 लाख रुपए है। चालू 4 कियोस्क में भी डॉक्टरों की उपलब्धता, साप्ताहिक रोस्टर और दवाओं की जानकारी अपडेट नहीं है। मेंटेनेंस ओडिशा की एडसोफ्ट टेक्नोलॉजी के पास है और नियम के अनुसार शिकायत के एक महीने में खराब मशीन ठीक करनी है। वहीं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से करीब 4 लाख रुपए में लगीं 2 टोकन मशीनें भी महीनों से बंद हैं। इनसे करीब दो मिनट में टोकन मिलना था, लेकिन मरीजों को अब 30 मिनट से अधिक लाइन में लगना पड़ रहा है। अस्पताल में रोज करीब 2000 मरीज आते हैं। कियोस्क की अधूरी/गलत जानकारी के कारण मरीज डॉक्टर, विभाग और दवा काउंटर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। टोकन मशीनें बंद रहने से काउंटर पर सुबह से ही लंबी कतार दो साल पहले आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की ओर से अस्पताल में दो टोकन मशीनें लगाई गई थीं। एक ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर और दूसरी पैथोलॉजी विभाग के पास लगाई गई थी। इनका उद्देश्य मरीजों को टोकन देकर पर्ची कटाने की प्रक्रिया आसान करनी थी। मशीनें बंद होने से सुबह ओपीडी पर्ची और पैथोलॉजी जांच के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी कतार लगती है। सामान्य काउंटर से ही पर्ची कटानी पड़ती है। एक मरीज को इसमें 30 मिनट से अधिक समय लग जाता है, जबकि मशीन से करीब दो मिनट में टोकन मिल सकता था। पर्ची कटाने को लेकर कई बार मरीजों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। मरीजों की जुबानी... बीमार हूं, लाइन में लगने की हिम्मत नहीं चर्च रोड निवासी आरव कुमार पैथोलॉजी में खून की जांच कराने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पर्ची के लिए लंबी लाइन लगी है। पहले से बीमार होने के कारण ज्यादा देर खड़े रहना मुश्किल है। पास में टोकन मशीन लगी है, लेकिन बंद है। मशीन चालू होती तो जल्दी टोकन मिल जाता तो डॉक्टर को दिखा भी लेते। कियोस्क बंद, डॉक्टर को खोजने में ही समय निकल जाता है कांटाटोली निवासी रवींद्र कुमार ने बताया कि मरीज को डॉक्टर और संबंधित विभाग की जानकारी लेने कियोस्क पर आए थे, लेकिन मशीन बंद थी। सही जानकारी नहीं मिलने पर अस्पताल में भटकना पड़ता है और कई बार डॉक्टर व विभाग खोजने में ही समय निकल जाता है। सभी मशीनें जल्द ठीक कराई जाएंगी मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए जल्द से जल्द अस्पताल में मौजूद सभी कियोस्क और टोकन मशीनों को ठीक कराया जाएगा। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी को दी जाएगी। अस्पताल में पूछताछ केंद्र भी बनाया गया है। जहां से मरीज अस्पताल से संबंधित सभी जानकारी ले सकते हैं। - डॉ. विमलेश सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल रांची
फॉर्म 6 भरने का अंतिम दिन 15 तक:एसआईआर...10 लाख नए मतदाता का लक्ष्य था, 4.54 लाख ने ही भरा फॉर्म-6
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह 15 सितंबर को समाप्त हो रही है। निर्वाचन आयोग को उम्मीद थी कि झारखंड में न्यूनतम 10 लाख नए वोटर बनेंगे, पर अब तक मात्र 4.54 लाख युवा ही टर्नअप हुए हैं। यह तब है, जब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से फॉर्म-6 भरे जाने का प्रावधान किया गया है। उम्मीद से कम रुझान को देखते हुए राज्य निर्वाचन कार्यालय परेशान है। हालांकि इसके लिए प्रचार-प्रसार भी चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अब भी राज्य में करीब 400 ऐसे मतदान केंद्र हैं, जहां पर फॉर्म 6 भरने वालों की संख्या शून्य है। तीन हजार के आसपास ऐसे मतदान केंद्र हैं, जहां पर मात्र 1-5 नए वोटरों ने फॉर्म 6 भरा है। राज्य में अभी 2 करोड़ से अधिक वोटर हैं। सालाना दो से ढाई प्रतिशत तक नए वोटर होते हैं। इस हिसाब से राज्य निर्वाचन कार्यालय को उम्मीद थी कि पिछले दो वर्षों में कम से कम 10 लाख नए वोटर बढ़े होंगे, पर जेन जी की उदासीनता ने इनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं। बाद में जुड़ने वाले नाम एसआईआर में नहीं रहेंगे वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़ने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पर, इस बार हो रहे एसआईआर के दौरान जिन नए मतदाताओं का नाम जुड़ जाएगा, उनका नाम भविष्य में होनेवाले एसआईआर के दौरान भी दिखेगा। बाद में जुड़नेवाले नाम 2026 के एसआईआर में नहीं दिखेंगे। इस बार सभी मतदाता सूची और मतदाताओं के नाम डिजिटली सुरक्षित रखे जाएंगे। दूसरे राज्यों के दस्तावेज से भी बन सकते हैं मतदाता कम रुझान और लोगों की शिकायतों को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने कुछ महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग टर्नअप हो सके। कहा गया है कि दूसरे राज्यों के दस्तावेज भी मान्य होंगे। यदि कोई मतदाता झारखंड से बाहर का मूल निवासी रहा है और वहां के उसके पास पुराने दस्तावेज हैं, तो एसआईआर प्रक्रिया के तहत वे दस्तावेज भी वैध माने जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने के लिए उसका भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना तथा संबंधित अर्हता तिथि (वर्तमान एसआईआर के लिए 1 अक्टूबर 2026) को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करना आवश्यक है। आपके लिए जरूरी सलाह यदि आपका या आपके परिवार/परिचितों में से किसी का नाम मतदाता सूची में छूट गया है या नया नाम दर्ज होना है, तो 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले अपने क्षेत्र के बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर तुरंत फॉर्म-6 भर दें।
राजधानी में सड़कों का संकट:मोरहाबादी-बोड़ेया और नया सराय रोड जर्जर, चलना है तो जान हथेली पर रखें
राजधानी रांची में नागरिक सुविधाएं बहाल करने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन शहरवासियों को अब भी सुरक्षित और चलने लायक सड़कें नहीं मिल रही हैं। तीन महीने से जारी बारिश के साथ गैस पाइपलाइन और अन्य यूटिलिटी कार्यों ने प्रमुख सड़कों की हालत और बिगाड़ दी है। नया सराय आरओबी का निर्माण 10 साल से चल रहा है। पुरानी सड़क पर गड्ढों में पानी भरने से आवागमन मुश्किल है। कई जगह सड़क कीचड़ भरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। वाहन चलाना मुश्किल है और लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। मोरहाबादी-चिरौंदी रोड की भी पाइपलाइन के लिए खोदने के बाद दुर्दशा हो गई। नया सराय आरओबी रोड: 10 साल से चल रहा निर्माण, पुराना रोड जर्जर मोरहाबादी-चिरौंदी रोड : दो महीने में 15 से अधिक लोग हुए घायल दुर्गा पूजा के पहले सभी सड़कें दुरुस्त की जाएंगी आरसीडी के अधीन आने वाली सभी सड़कों का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकतर सड़कें दो महीने से हो रही लगातार बारिश के कारण खराब हुई हैं। शहर की 60 सड़कों की मरम्मत की निविदा निकाल कर उन्हें फाइनल कर दिया गया है। बारिश के बाद दुर्गा पूजा के पहले सभी सड़कें दुरुस्त कर दी जाएंगी। - विनोद कच्छप, ईई, आरसीडी
झारखंड में फर्जी पते पर शेल कंपनियां बनाकर जीएसटी चोरी करने वाले माफिया के खिलाफ वाणिज्यकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सर्विलांस शाखा द्वारा 452 कंपनियों की स्थलीय जांच में 74 कारोबारी अपने रजिस्टर्ड पते से गायब मिले। इन फर्मों ने कागजों पर करीब 500 करोड़ रुपए की खरीद-बिक्री दर्ज कराई थी। जांच में गायब मिले 74 कारोबारियों में से 68 मामले (92%) जमशेदपुर, हजारीबाग और धनबाद से जुड़े हैं। अकेले जमशेदपुर में 42.71 करोड़ की जीएसटी गड़बड़ी सामने आई है। हजारीबाग में 39.81 करोड़ और धनबाद में 16.40 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। अधिकतर फर्में कोयला, छड़ और स्क्रैप व्यवसाय से जुड़ी हैं। जीएसटी की इंटेलिजेंस एंड रेवेन्यू एनालिसिस यूनिट ने 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली संदिग्ध फर्मों के डेटा विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की थी। दो वित्तीय वर्षों (2025-26 एवं 2026-27) में 900 संदिग्ध फर्में चिह्नित की गईं। जिलावार गायब फर्म व टैक्स गड़बड़ी ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा पुराने जीएसटी फर्जीवाड़े की परछाई फिर दिखी जमशेदपुर में जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच में पहले भी स्क्रैप-लोहा कारोबार से जुड़ी फर्जी कंपनियों का नेटवर्क सामने आ चुका है। पुराने मामले में 100 से अधिक फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 730 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े की जांच हुई थी। फर्जी कंपनियों और चालान के जरिए जमशेदपुर-कोलकाता के कारोबारियों के कनेक्शन भी सामने आए थे। भास्कर एक्सपर्ट मानव केडिया, वरीय अधिवक्ता (जीएसटी) फर्जी दस्तावेज से शुरू होता है खेल... कारोबारी बिजली बिल या जमीन के म्यूटेशन के फर्जी कागजात और अपने गरीब कर्मचारियों के दस्तावेज लगाकर रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। लेकिन आधार व बायोमीट्रिक सत्यापन तथा मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए असली सूत्रधार तक पहुंचा जा सकता है।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने अब सफल अभ्यर्थियों के साथ उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी जांच शुरू कर दी है। सीआईडी को इनपुट मिला है कि कई अभ्यर्थियों ने सिंडिकेट को एडवांस और रिजल्ट के बाद की रकम चुकाने के लिए अपनी जमीन औने-पौने दामों में बेची या फिर बड़ा लोन दिया। ऐसे में जांच एजेंसी अब अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता और भाई के खातों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। परीक्षा से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद उनके खातों में जमा या ट्रांसफर हुई बड़ी रकम, संदिग्ध आरटीजीएस/एनईएफटी और असामान्य नकद निकासी पर पूरी तरह नजर रख रही है। जमीन के खरीदार और विक्रेता पर भी सीआईडी की नजर है। ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों को नोटिस देकर यह साबित करने को कहा जाएगा कि खाते में आई रकम का वैध स्रोत क्या है और जमीन बेचने की नौबत क्यों आई। अबतक 460 से अधिक से हो चुकी है पूछताछ सीआईडी अब तक 460 से अधिक अभ्यर्थियों, दलालों और संदिग्ध सहयोगियों से पूछताछ कर चुकी है। सीआईडी में गठित विशेष कैंप में रोजाना 20 से 25 अभ्यर्थियों को तलब किया जा रहा है, जहां उनसे परीक्षा की तैयारी, कोचिंग, परीक्षा केंद्र तक के सफर और उनके वित्तीय लेन-देन पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। जांच एजेंसी इस तैयारी में है कि डिजिटल, वित्तीय और फॉरेंसिक सबूतों की ऐसी त्रिस्तरीय चार्जशीट पेश की जाए, जिससे कोई दोषी बच न सके। सिंडिकेट के सदस्यों से कौन-कौन संपर्क में था, हो रहा मिलान सीआईडी परीक्षा से एक महीने पहले, परीक्षा के दिन और परीक्षा खत्म होने के 30 दिन बाद तक का अभ्यर्थियों का पूरा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन डंप खंगाल रही है। सीआईडी ने पहले से मौजूद पेपर लीक सिंडिकेट, सॉल्वर गैंग और बिचौलियों के मोबाइल नंबरों की एक मास्टर लिस्ट तैयार की है। अब इन सफल अभ्यर्थियों के कॉलिंग नेटवर्क को सिंडिकेट के नंबरों के साथ क्रॉस-मैप किया जा रहा है। यदि किसी अभ्यर्थी का सिंडिकेट के किसी भी सदस्य या उसके सब-एजेंट से इस अवधि में लगातार संपर्क पाया गया, तो उसे सीधे संदिग्ध मानकर साक्ष्य संकलन शुरू किया जा रहा है। जेएसएससी पीजीटी परीक्षा पर भी सवाल 24 में से सिर्फ 6 केंद्रों से चुन लिए 60% अनारक्षित अभ्यर्थी... बोकारो के सेंटर नंबर 102 से 147 पास जेएसएससी की पीजीटी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भी बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। कुल 3120 पदों के लिए 24 केंद्रों पर हुई परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी के 804 अभ्यर्थी सफल हुए। इनमें से सिर्फ छह केंद्रों के 479 (करीब 60%) अभ्यर्थी पास हुए। सबसे असामान्य आंकड़ा बोकारो के परीक्षा केंद्र संख्या 102 का है, जहां से 147 अभ्यर्थी पास हुए। वहीं केंद्र संख्या 108 और केंद्र संख्या 123 से भी 69-69 अभ्यर्थी पास हुए। जबकि केंद्र संख्या 103 से 67 और केंद्र संख्या 114 से 64 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इसके विपरीत राज्य के आठ केंद्रों से 215 और शेष 10 केंद्रों से 110 अभ्यर्थी सफल रहे। यही नहीं, भौतिकी विषय में कुल 94 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए, जिनमें से 29 अभ्यर्थी अकेले केंद्र संख्या 102 से हैं। इसी तरह जीव विज्ञान में कुल 90 सफल अभ्यर्थियों में से 21 अभ्यर्थी इसी केंद्र 102 से पास हुए हैं। भूगोल विषय में सफल 70 में से 41 अभ्यर्थी बोकारो के दो केंद्रों से पास हुए हैं। हालांकि उपलब्ध केंद्रवार आंकड़ों में इन 41 अभ्यर्थियों का दोनों केंद्रों के बीच अलग-अलग विभाजन स्पष्ट नहीं है। अभय तिवारी ने भी इसी केंद्र से किया था टॉप परीक्षा केंद्र संख्या 102 का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में इसलिए है, क्योंकि जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सेटिंग सिंडिकेट चलाने के आरोपी अभय तिवारी ने इसी केंद्र पर परीक्षा दी थी। उसने अंग्रेजी विषय की मेरिट में टॉप किया और शिक्षक पद के लिए सफलता हासिल की थी। एक ही केंद्र से भारी तादाद में अभ्यर्थियों का निकलना और सिंडिकेट से जुड़े मुख्य चेहरे का वहीं से टॉपर बनना पूरी चयन प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहा है।
स्कूल की छात्राओं ने मिट्टी से गढ़े गणपति
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय खोड़ावदा की छात्राओं ने मिट्टी से आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। नगर पालिका की आईईसी टीम की ओर से आयोजित गणेश प्रतिमा प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई और मिट्टी से गणपति के मनमोहक स्वरूप गढ़े। इसके जरिए प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से होने वाले जल प्रदूषण से बचने, इको-फ्रेंडली तरीके से पर्व मनाने का संदेश दिया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से भगवान गणेश की पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाएं तैयार कीं। छात्राओं की बनाई अलग-अलग स्वरूप की प्रतिमाएं स्कूल परिसर में आकर्षण का केंद्र रहीं। नगर पालिका के ईओ राजूलाल मीणा, स्वच्छ भारत मिशन अभियंता अभिषेक गुप्ता, आईईसी पार्टनर क्लेवेरिनो की टीम से करीना बैरवा, सोहनलाल एवं नवीन सरोया शामिल रहे।
पोरा: बच्चों ने समझा खेती व संस्कृति का रिश्ता, बैल दौड़ाए, मिट्टी के बर्तन सजाए
भास्कर न्यूज | कवर्धा पोरा तिहार केवल बैलों की पूजा और पारंपरिक खेलों का पर्व नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। इसी सांस्कृतिक विरासत से स्कूली बच्चों को जोड़ने के लिए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भेदली में पोरा तिहार के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। यहां बच्चों ने नदिया बैला दौड़, मिट्टी के बर्तन सजाओ प्रतियोगिता और व्याख्यान माला में हिस्सा लिया। आयोजन में बच्चों को पोरा तिहार की परंपराओं के साथ इसके पीछे छिपे कृषि और सामाजिक महत्व की जानकारी दी गई। संस्था के प्रधान पाठक आसकरण सिंह धुर्वे ने बताया कि पोरा तिहार के संदर्भ में बच्चों से वाक्य रचना भी कराई गई। इसके बाद कक्षा में परंपरा के माध्यम से पोरा पर्व के सांस्कृतिक दर्शन पर चर्चा की गई। इसमें शाला के सभी बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को बताया गया कि छत्तीसगढ़ में लोकजीवन के कई पर्व सीधे खेती-किसानी के चक्र से जुड़े हुए हैं और पोरा भी इसी परंपरा का हिस्सा है। व्याख्यान के दौरान बच्चों को पोरा तिहार की कृषि मान्यता के बारे में भी बताया गया। चर्चा में बताया गया कि पोरा के समय धान और कोदो जैसी फसलों में गर्भ धारण करने की स्थिति मानी जाती है। फसल में ‘पोर’ यानी गांठ बनने की प्रक्रिया को पौधे में दाना बनने और फसल के विकसित होने की क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। इस तरह पोरा पर्व ग्रामीण समाज में कृषि के महत्वपूर्ण चरण की ओर संकेत करता है। बच्चों को यह भी बताया गया कि पोरा के दिन मिट्टी के बर्तनों की पूजा करने और उसके बाद उन्हें पटककर फोड़ने की एक पुरानी परंपरा रही है। यह परंपरा केवल धार्मिक या मनोरंजन से जुड़ी नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में उपयोग होने वाले मिट्टी के बर्तनों और घरेलू जरूरतों से भी जुड़ी रही है। आयोजन में बताया गया कि पोरा पर्व की पुरानी परंपरा में बच्चों को बैल खेलने देने के पीछे भी ग्रामीण जीवन का एक उद्देश्य माना जाता है। बालकों को बैल और कृषि कार्य से परिचित कराया जाता रहा है, ताकि वे आगे चलकर खेती और गृहस्थ जीवन के संचालन में मेहनत और जिम्मेदारी का महत्व समझ सकें। इसी तरह बालिकाओं को घरेलू उपयोग में आने वाले मिट्टी के अलग-अलग बर्तनों से परिचित कराने की परंपरा रही है। स्कूल में आयोजित नदिया बैला दौड़ प्रतियोगिता में ईशु साहू ने प्रथम स्थान हासिल किया। मिट्टी के बर्तन सजाओ प्रतियोगिता में तुलसी साहू प्रथम रहीं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने पारंपरिक ग्रामीण जीवन और लोक संस्कृति को करीब से समझा। इस मौके पर शिक्षक वर्षा मानिकपुरी, दशरथ निर्मलकर, ललिता, कर्नल तिवारी समेत शाला के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
ग्राम लालपुर में आज से रामधुनी की प्रस्तुति
वनांचल ग्राम लालपुर (कुई) में ग्रामीणों के सहयोग से 24 घंटे का श्री सीताराम नाम संकीर्तन (रामधुनी) का आयोजन रखा गया है। समिति के सदस्य अवध राम पटेल ने बताया कि यह कार्यक्रम 13 को प्रारंभ होकर से 14 सितंबर को समापन होगा। इसमें प्रथम आने वाले समिति को 4333 रुपए, द्वितीय 3222 रुपए व तृतीय समिति को 2111 रुपए पुरस्कार दिया जाएगा। आने वाले प्रत्येक टीम को श्रीफल व 501 रुपए का भेंट दिया जाएगा।
नैला में श्रीमद् भागवत कथा आज शुरू होगी
जांजगीर | बसईवाल परिवार द्वारा नैला के भारत राइस मिल प्रांगण में 13 सितंबर से 20 सितंबर तक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का शुभारंभ 13 सितंबर को सुबह श्री कृष्ण गौशाला नैला से निकलने वाली भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस कथा में मथुरा के प्रतिष्ठित कथा व्यास गोस्वामी गोविंद बाबा श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। वहीं, 14 अक्टूबर 2026 को विशाल भंडारा प्रसादी का आयोजन होगा।
जरूरतमंदों को साड़ी व सुहाग सामग्री दी
जांजगीर | हरतालिका तीज के मौके पर ब्राह्मण नारी नवचेतना मंच ने सामाजिक सरोकार और सेवा भावना से कार्यक्रम किया। मंच की सदस्यों ने जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी और सुहाग सामग्री बांटी।महिलाओं को तीज की शुभकामनाएं दीं। वितरण के बाद महिलाओं के चेहरे पर खुशी दिखी। वीना शर्मा और सीता पाण्डेय ने कहा कि पर्व-त्योहार तभी सार्थक हैं, जब जरूरतमंद लोगों तक भी खुशियां पहुंचें। नीरा शर्मा ने कहा कि तीज महिलाओं के उत्साह, आस्था और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा है। ऐसे मौके पर जरूरतमंद महिलाओं के साथ खुशियां बांटना समाज के प्रति जिम्मेदारी दिखाता है। पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि मंच आगे भी ऐसे सामाजिक, सेवा और जनकल्याण के काम लगातार करेगा। मंच संचालन जूही गौरहा ने किया। आभार प्रदर्शन जयंती दुबे ने किया। आयोजन को सफल बनाने में वीना शर्मा, नीरा शर्मा, सीता पाण्डेय, जयश्री शर्मा, जयंती दुबे, गीता मिश्रा, अलका शर्मा, निशा मिश्रा, आशा दुबे, डॉ मीनाक्षी शर्मा, पूर्णिमा शर्मा, किरण पाण्डेय, विद्योत्तमा गौरहा, शालिनी शर्मा, अनुराधा शुक्ला, जूही गौरहा सहित सभी सदस्यों का योगदान रहा।
आप ने आशुतोष को छग प्रदेश प्रवक्ता बनाया
जांजगीर | आम आदमी पार्टी ने संगठन मजबूत करने के लिए आशुतोष गोपाल को छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया है। आशुतोष गोपाल जांजगीर के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष रहे हैं। वे युवा प्रदेश संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। नियुक्ति के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह है। आशुतोष गोपाल अब पार्टी की नीतियां मीडिया और जनता के सामने रखेंगे। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाएंगे।
कैप्सूल वाहन ने मारी ठोकर, युवक की मौत
घोघरी गांव में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे सड़क हादसे में 30 साल के युवक की मौत हो गई। ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को हादसे की वजह बताया। अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। मामला डभरा थाना क्षेत्र का है। घोघरी निवासी हेतराम सिदार आरा मशीन में काम खत्म कर सड़क पर आया था। इसी दौरान छपोरा की ओर से तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन सीजी 07 सीएम 6140 ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद युवक वाहन के नीचे दब गया। मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा, घटनास्थल की सड़क लंबे समय से खराब है। सड़क सुधार के लिए पहले भी अधिकारियों से शिकायत की गई थी। कोई कार्रवाई नहीं हुई। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वाहनों की आवाजाही रुक गई। सूचना पर डभरा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। शव निकालने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। देर रात तक शव निकालने का काम चलता रहा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वार्ड 15 में गौचर जमीन पर कब्जा 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई
नगर के वार्ड नंबर 15 में अवैध बेजा कब्जे का सिलसिला जारी है। शिकायत के बाद भी कब्जा नहीं रुका। शिकायत किए करीब 10 दिन हो गए। पटवारी की ओर से कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। नया मकान बनना भी शुरू हो गया है। अब तक स्टे ऑर्डर जारी नहीं हुआ है। नगरवासियों में आक्रोश है। पार्षद रोज निरीक्षण के लिए जा रहा है। अनदेखी का आरोप लग रहा है। लोगों का कहना है कि गौचर भूमि नहीं बच रही है। मवेशी सड़क पर बैठे रहते हैं। इससे बड़ी दुर्घटनाएं आए दिन हो रही हैं। तहसीलदार और पटवारी को भी अवैध कब्जा करने वालों के सामने बेबस बताया जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी बड़ी कार्रवाई नहीं होने से नगरवासी नाखुश हैं। लोगों के मुताबिक खसरा नंबर 425, 428, 423, 429, 1265, 422 की जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है। रकबा 685, 1265, 1265, 250 एकड़ के आसपास बताया गया है। छुट्टी के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। तहसीलदार प्रशांत पटेल को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन मिलने के बाद कार्रवाई की बात कही गई है। पटवारी सुभाष का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद नोटिस भेजा गया है।
नगर पंचायत दफ्तर के सामने ही मवेशियों का डेरा
नगर पंचायत नरियरा में आवारा मवेशियों की समस्या विकराल होती जा रही है। नगर पंचायत स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित शहर के दावे करती है। मुख्य कार्यालय के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर रोज 20 से 30 आवारा मवेशी डेरा जमाते हैं। सड़क पर गाय-बैलों के बैठे रहने से यातायात बाधित हो रहा है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, दोपहिया चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कार्यालय के मुख्य गेट के सामने लगा हमर नरियरा बोर्ड नगर की पहचान बताता है। इसी बोर्ड के नीचे सड़क पर मवेशियों का कब्जा शहर की तस्वीर दिखा रहा है। सुबह से शाम तक गाय-बैलों का झुंड सड़क पर घूमता रहता है। कार्यालय परिसर के आसपास भी रहता है। कई बार मवेशी कार्यालय के भीतर तक घुस जाते हैं। काम कराने आने वाले नागरिकों को परेशानी होती है। कर्मचारियों को भी दिक्कत होती है। मुख्य मार्ग पर मवेशियों के बैठने से चालकों को गाड़ी धीमी करनी पड़ती है। कई बार रास्ता बदलना पड़ता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। मवेशियों का व्यवहार अचानक बदलता है। वे एक छोर से दूसरे छोर तक भागते हैं। वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। दिन में चालक मवेशियों को देखकर संभल जाते हैं। रात में कम रोशनी रहती है। गहरे रंग के मवेशी दूर से नहीं दिखते। स्ट्रीट लाइट की कमजोर व्यवस्था के बीच हादसे का खतरा बढ़ रहा है। सड़क पर लंबे समय तक मवेशियों के बैठे रहने से जगह-जगह गोबर फैल रहा है। कचरा भी फैल रहा है। सड़क पर फिसलन बन रही है। पैदल राहगीर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। दोपहिया चालक भी गिरकर चोट खा रहे हैं। बारिश में गोबर और कीचड़ मिल जाता है।
समझौता कर दूर की दो पक्षओं ने रिश्तों की कड़वाहट
भास्कर न्यूज | जांजगीर तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर में आयोजित तीसरी नेशनल लोक अदालत में न्याय की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। इस लोक अदालत ने न केवल कानूनी मुकदमों का निपटारा किया, बल्कि वर्षों से टूटे और बिछड़े रिश्तों को भी जोड़ने का काम किया। कोर्ट रूम में एक ऐसा ही मामला चर्चा का विषय बना रहा, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने जैजैपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि देवसिंह एवं अन्य ने गीता प्रसाद और योगेश चंद्रा को गालियां दीं। साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए लोहे की रॉड से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाई। इस शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2) और 3(5) के तहत सक्षम न्यायालय में चालान पेश किया गया। इस आपराधिक मामले के कारण दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई के साथ-साथ पारिवारिक रिश्ते भी कड़वाहट से भर गए थे। नेशनल लोक अदालत में सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी ने बेहद संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया कि लड़ाई-झगड़ा या अदालती मुकदमेबाजी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती। जीवन में सुकून से जीने के लिए एक-दूसरे के साथ मधुर संबंध रखना ही सबसे बड़ा आधार है। इस संदेश का दोनों पक्षों पर गहरा असर पड़ा और उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से राजीनामा कर वर्षों पुरानी कड़वाहट मिटा दी। लोक अदालत में रखे थे 541 मामले इस विशेष लोक अदालत में दूर-दूर से आए पक्षकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अदालतों में लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराया। लोक अदालत में कुल 541 केस रखे गए, जिनमें से 313 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। आपसी सहमति से हुए इस निपटारे से पक्षकारों को वर्षों से चल रहे अदालती चक्करों से राहत मिली है। इससे न केवल समय और धन की बचत हुई, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी मजबूत हुआ।
19 लाख खर्च, फिर भी राधा-वल्लभ मंदिर रोड पर अंधेरा
नगर पंचायत नरियरा के हृदय स्थल स्थित राधा-वल्लभ मंदिर मार्ग पर रात होते ही विकास और प्रकाश व्यवस्था के सरकारी दावे हवा हो जाते हैं। वार्ड क्रमांक 09 में स्ट्रीट लाइट के नाम पर 19 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी मंदिर परिसर और मुख्य मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है। खंभों पर लगी ज्यादातर लाइटें बंद हैं और जो जल भी रही हैं, वे नाममात्र का उजाला देती हैं। शाम को आरती के बाद मंदिर से लौटने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को असमतल व गड्ढों भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। दिन में परेशान करने वाले गड्ढे रात में अंधेरे के कारण जानलेवा साबित हो रहे हैं, जिससे आए दिन दोपहिया सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस मार्ग पर स्कूल के बच्चों और अस्पताल जाने वाले मरीजों की भी भारी आवाजाही रहती है। बरसात में स्थिति और बिगड़ने से असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है। 19 लाख रुपए फूंकने के बाद भी जमीनी स्तर पर सुधार न दिखने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। नागरिकों ने मांग की है कि लाइट योजना का जमीनी सत्यापन कराया जाए, मंदिर परिसर व प्रमुख मोड़ों पर हाईमास्ट या अतिरिक्त एलईडी लगाई जाए, और खराब लाइटों की तुरंत मरम्मत के लिए नगर पंचायत में शिकायत रजिस्टर या हेल्पलाइन की व्यवस्था बनाई जाए।
राधा-कृष्ण साज-सज्जा में बच्चों ने दिखाया हुनर
नगर पंचायत नरियरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला संजयनगर में आज बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण साज-सज्जा प्रतियोगिता हुई। मिट्टी से रचनात्मक वस्तुएं बनाने की प्रतियोगिता हुई। बच्चों ने उत्साह से अपनी कला दिखाई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि लवकुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि सह-पार्षद मधु प्रसाद ने दीप जलाकर की। मधु प्रसाद ने कहा, ऐसी गतिविधियां बच्चों में रचनात्मक सोच बढ़ाती हैं। पर्यावरण के प्रति चेतना भी बनती है। लवकुमार सिंह ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रधान पाठक आदित्य नारायण पाण्डेय ने कहा, ऐसे आयोजन बच्चों को पारंपरिक कला रूपों से जोड़ते हैं। कल्पनाशक्ति को नई उड़ान देते हैं। कार्यक्रम में पल्लवी विश्वास, इंदु जायसवाल, माधवी साहू ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। विशेष सहयोगी दिनेश निर्मलकर ने तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता दी। राधा-कृष्ण साज-सज्जा में बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी। मिट्टी कला में बच्चों ने मिट्टी से मूर्तियां बनाईं। दीये बनाए। दूसरी कलात्मक वस्तुएं तैयार कीं। इससे हस्तशिल्प की समझ बढ़ी। पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन हुए। कृष्ण लीला पर नृत्य हुआ। झांकियां निकलीं। दर्शक मंत्रमुग्ध रहे। अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए।
बिना कोचिंग नीट पास कर नवीन बने डॉक्टर, रायगढ़ कॉलेज में लिया प्रवेश
जांजगीर | जांजगीर-चंपा जिले के मिसदा गांव निवासी और फिलहाल कोरबा में रह रहे नवीन साहू ने बिना किसी कोचिंग के कड़ी मेहनत से नीट उत्तीर्ण कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें रायगढ़ के स्वर्गीय श्री लखीराम अग्रवाल मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है। उनके पिता दिनेश कुमार साहू एसईसीएल कर्मचारी और माता ऋद्धि साहू गृहिणी हैं। डीएवी पब्लिक स्कूल कोरबा से शुरुआती शिक्षा पूरी करने वाले नवीन का लक्ष्य एमडी मेडिसिन बनकर जनसेवा करना है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।
गुरुकुल स्कूल में अंतर सदन वाद-विवाद, एकलव्य प्रथम
भास्कर न्यूज | जांजगीर गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, जांजगीर में शुक्रवार को अंतर-सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। उद्देश्य रहा विद्यार्थियों में तार्किक सोच, बोलने का कौशल, विषय की समझ, आत्मविश्वास बढ़ाना। स्कूल के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने समसामयिक और वैश्विक मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष में विचार रखे। प्रतियोगिता दो विषयों पर हुई। पहला विषय रहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मनुष्य को कम समझदार बना रहा है। पक्ष में कर्ण सदन रहा। विपक्ष में अभिमन्यु सदन रहा। विद्यार्थियों ने एआई के बढ़ते असर, मानवीय बुद्धि, रचनात्मकता, निर्णय क्षमता, तकनीक पर बढ़ती निर्भरता पर तर्क दिए। पक्ष ने कहा, तकनीक पर ज्यादा निर्भरता से खुद सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। समस्याओं का हल खोजने की आदत कमजोर पड़ सकती है। विपक्ष ने कहा, एआई बुद्धिमत्ता खत्म नहीं करता। सही उपयोग से ज्ञान, शोध, रचनात्मकता को नई ऊंचाई मिल सकती है। प्राचार्य पुष्पेन्द्र कुमार राणा ने कहा, दोनों विषय वर्तमान समय से सीधे जुड़े हुए हैं। एआई वाले विषय ने तकनीक और मानवीय बुद्धि के रिश्ते पर सोचने का मौका दिया। जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास वाले विषय ने पर्यावरण और विकास के संतुलन पर विचार करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, विद्यार्थियों ने तैयार वक्तव्य नहीं पढ़े। तर्क, उदाहरण, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। प्रशासक विपिन गुप्ता ने कहा, विद्यार्थियों ने ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से सोचने की क्षमता दिखाई। उन्होंने कहा, तकनीक मनुष्य की सहायक होनी चाहिए। विकल्प नहीं। आयोजन के लिए स्कूल प्रबंधन से राजेश अग्रवाल, सतीश कुमार अग्रवाल, दीपक राठौर, विजय कुमार अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल, विकास अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, अनुश्री राठौर, चंचल अग्रवाल, तनिष अग्रवाल ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। दूसरा विषय रहा, जलवायु परिवर्तन अथवा आर्थिक विकास में किसे पहली प्राथमिकता देनी चाहिए? पक्ष में अर्जुन सदन रहा। विपक्ष में एकलव्य सदन रहा। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, रोजगार, औद्योगिक प्रगति, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े पहलुओं पर तर्क रखे। चर्चा में यह बात उभरी कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना आज की बड़ी वैश्विक चुनौती है। प्रतिभागियों में अभिमन्यु सदन से हर्षिता कुर्रे, श्वाती तोमर कक्षा आठवीं, अभिज्ञा मिश्रा कक्षा छठवीं, अदिति सिंघल, शिफा फातिमा कक्षा सातवीं रहीं। कर्ण सदन से आन्या अग्रवाल, अथर्व सिंघानिया, जयतिश्री श्रीवास कक्षा आठवीं, शनायरा यादव कक्षा छठवीं, अनाद्या तरुण कक्षा सातवीं रहीं। अर्जुन सदन से सुयश मिश्रा, आरोही पाण्डेय, अनन्या केडिया कक्षा आठवीं, अनादि दुबे, आदित्य राज सुल्तानिया कक्षा छठवीं रहे। एकलव्य सदन से काव्या खंडेलिया, अमिषी केडिया कक्षा सातवीं, आनिया शर्मा कक्षा छठवीं, हिमाद्रि साहू कक्षा आठवीं रहीं। प्रतियोगिता के नतीजों में एकलव्य सदन प्रथम रहा। कर्ण सदन द्वितीय रहा। अर्जुन सदन तृतीय रहा। उत्कृष्ट वक्ता के लिए अथर्व सिंघानिया और हिमाद्रि साहू चुने गए।
नारायणपुर के 50 युवाओं को मुफ्त आवासीय कोचिंग की मिली सौगात
भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि से संचालित निशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का शुभारंभ शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर मंत्रियों ने कोचिंग सेंटर में चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, पुस्तक, पेन सहित अन्य जरूरी पाठ्य सामग्री की किट वितरित की। इससे अभ्यर्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी। कोचिंग सेंटर में कुल 50 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित प्रावधानों के तहत निशुल्क आवास, भोजन और अध्ययन की सुविधा दी जाएगी। विषय विशेषज्ञ नियमित कक्षाओं के जरिए पीएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएंगे। जिला प्रशासन की इस पहल का सीधा लाभ उन प्रतिभावान युवाओं को मिलेगा, जो आर्थिक या अन्य कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन और मार्गदर्शन नहीं जुटा पाते। आवासीय व्यवस्था के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलेगा और विशेषज्ञों की नियमित कक्षाओं से तैयारी को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे, सहायक आयुक्त तनुजा नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आदिवासी विकास विभाग को मिली जिम्मेदारी: कोचिंग सेंटर के संचालन के लिए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, नारायणपुर को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने के लिए जरूरी शैक्षणिक संसाधन, मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सेवा संकल्प अभियान 17 से: स्कूलों में ड्राइंग-भाषण स्पर्धा आयोजित होगी
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले के स्कूली बच्चों और युवाओं को विकसित भारत-2047 की परिकल्पना से जोड़ने के लिए सेवा संकल्प अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यालय और जिला स्तर पर ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। बच्चे देश के पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों से लेकर अगले 25 वर्षों के भारत की अपनी कल्पना को चित्रों और शब्दों में सामने रखेंगे। अभियान के प्रभावी संचालन को लेकर 12 सितंबर को जिला शिक्षा कार्यालय में बैठक हुई। जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने अधिकारियों, प्राचार्यों, व्याख्याताओं और अधीक्षकों को दिशा-निर्देश दिए। अलग-अलग सत्रों में बीईओ, बीआरसी, एबीईओ, प्राचार्य, छात्रावास और आवासीय संस्थाओं के अधीक्षक, संकुल समन्वयकों की बैठक ली गई। सहायक संचालक, जिला मिशन समन्वयक हरीश गौतम, सहायक परियोजना समन्वयक और कार्यालयीन कर्मचारी भी मौजूद रहे। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया, अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्हें यह सोचने का अवसर मिलेगा कि वर्ष 2047 में वे भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। उसमें उनकी भूमिका क्या होगी। अभियान में सेवा-विगत 25 वर्ष और सपना-आगामी 25 वर्ष को केंद्र में रखा गया है। सेवा श्रेणी में स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेवा का संकल्प, नया कश्मीर, नक्सलवाद जैसे विषय होंगे। सपना श्रेणी में विकसित भारत-2047, नक्सल मुक्त भारत, महिला सशक्तिकरण, सपनों का भारत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव जैसे विषय शामिल किए गए हैं। अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को दीप प्रज्वलन के साथ होगा। इसमें पोटाकेबिन, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सक्षम, आस्था, छू लो आसमान, डीएवी छात्रावास, मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना की संस्थाएं, प्रयास, एकलव्य आवासीय विद्यालय सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी शामिल होंगे।
13 हजार बच्चों को अब रोज मिलेगा पौष्टिक नाश्ता
भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों के पोषण, स्वास्थ्य और स्कूलों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में निशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना शुरू की गई है। जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने योजना का शुभारंभ कर विद्यार्थियों को पौष्टिक नाश्ता वितरित किया। इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों में कुपोषण कम करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। योजना के तहत नारायणपुर और ओरछा ब्लॉक के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 13,015 विद्यार्थियों को रोज 150 ग्राम निशुल्क पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। कुल 476 स्कूल इस योजना से जुड़ेंगे। विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग दिनों का मेन्यू तय किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर आहार देने के साथ कुपोषण से निपटना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाना है। इससे बच्चों को पढ़ाई से जुड़े रहने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी दी।
वन शहीद दिवस: कलेक्टर व डीएफओ ने शहीद स्मारक पर अर्पित किए पुष्पचक्र
दंतेवाड़ा| राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर दंतेवाड़ा वन मंडल कार्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं डीएफओ विशेष रूप से शामिल हुए। कलेक्टर एवं डीएफओ सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर वन शहीदों को नमन किया।
पंचायत में अभियान चलाकर ग्रामीणों को दिया गया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ब्लॉक माकड़ी की ग्राम पंचायत मगेदा में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व ग्राम पंचायत की सरपंच रंजन बाई बसमन नेताम ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मिलकर गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई की। अभियान के तहत हाई स्कूल, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, देवस्थल, तालाब, हैंडपंप, श्मशान घाट सहित अन्य शासकीय भवनों और गली-मोहल्लों की सफाई की गई। सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरा और गंदगी हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। सरपंच रंजन बाई बसमन नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन चलने वाला अभियान नहीं है। यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक ग्रामीण अपने घर, गली और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में सहयोग करे। तभी गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
जलप्रपात से 100 फीट नीचे गिरने से पहले शिक्षक को रस्सी से खींचा
बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। शनिवार सुबह स्कूल जाते समय हाईस्कूल कुएंमारी इंग्लिश के शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव तेज बहाव की चपेट में आ गए। नाला पार करते वक्त उनकी बाइक पानी के तेज बहाव में बह गई। शिक्षक ने किसी तरह अपनी जान बचा ली। बाइक पानी में बहती चली गई। घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद बाइक नाले में एक पेड़ पर अटकी मिली। सूचना पर स्थानीय लोग पहुंचे। कुएंमारी संकुल के शिक्षक पहुंचे। बावनीमारी संकुल के शिक्षक भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोग रस्सी लाए। रस्सी से बाइक बांधी गई। काफी मशक्कत के बाद बाइक बाहर निकाली गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटनास्थल के आगे करीब 100 फीट गहरा जलप्रपात है। शिक्षक या बाइक बहकर आगे जाते तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। शिक्षक के सुरक्षित बचने से बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने पुलिया की संरचना पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव ज्यादा रहता है। यहां बड़ी पुलिया की जरूरत है। छोटी पुलिया बनाई गई है। पुलिया के बीच गड्ढा है। तेज बहाव में पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुलिया का निरीक्षण कराने की मांग की। जरूरी सुधार कराने की मांग की। बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो आगे बड़ा हादसा हो सकता है।
अब आत्मसमर्पित महिलाएं कराएंगी बोटिंग
भास्कर न्यूज | सुकमा तुंगल डैम में अब आत्मसमर्पित महिलाएं पर्यटकों को बोटिंग कराएंगी। वन विभाग ने पुनर्वासित महिलाओं के स्व-सहायता समूह को पैडल बोट दी हैं। आधुनिक कैंपिंग टेंट भी दिए हैं। गुरुवार को सुकमा प्रवास पर पहुंचे वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने समूह को इनकी चाबी सौंपी। महिलाओं को पर्यटन से सीधे रोजगार और आय से जोड़ने की पहल की गई है। तुंगल में ईको-टूरिज्म गतिविधियां बढ़ रही हैं। प्रशासन का फोकस पर्यटन के जरिए लोगों और पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। तुंगल ईको-टूरिज्म सेंटर में वन विभाग ने आत्मसमर्पित महिलाओं के स्व-सहायता समूह को पैडल बोट और आधुनिक टेंट दिए हैं। अब समूह इनका संचालन करेगा।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं बनाई
एचजीएम जय भारत इंग्लिश मीडियम स्कूल परिसर में हिंदी दिवस और गणेश चतुर्थी के कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन प्राचार्या गुरमीत कौर धनजल के मार्गदर्शन में हुआ। गणेश चतुर्थी पर कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण प्रतियोगिता कराई गई। छात्रों ने पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से प्रतिमाएं बनाईं। गतिविधि का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना रहा। हिंदी दिवस पर कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में हिंदी की वर्तमान स्थिति और उपेक्षा का मुद्दा उठाया गया। बदलती सामाजिक मानसिकता को भी मंच पर दिखाया गया। हिंदी शिक्षक विनय तिवारी और अंजू यादव ने भाषण दिए और कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम का संचालन अजय कुमार गट्टानी ने किया। सीईओ हर्षित गट्टानी भी मौजूद रहे।
पतेरापाली में कबड्डी स्पर्धा 16 सितंबर को
महासमुंद| कबीर मंदिर में 14 से 20 सितंबर तक सात दिवसीय बीजक सत्संग का आयोजन होगा। दोपहर 3 से 5 बजे तक चलने वाले इस शिविर में अमोही साहब और बलवीर साहब का सानिध्य मिलेगा। 20 सितंबर को समय सुबह 11 से दोपहर 2 बजे रहेगा। महासमुंद| ग्राम पंचायत पतेरापाली (कोमाखान) में 16 सितंबर को एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। ग्राम पंचायत व कबड्डी प्रेमी समिति के तत्वावधान में आयोजित इस स्पर्धा के विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
जनप्रतिनिधि लापरवाह तो अफसर भी उदासीन
विश्व धरोहर की रेस में शामिल ऐतिहासिक नगरी सिरपुर में आदिवासी बेटियों की शिक्षा की तस्वीर चिंताजनक है। वर्ष 1972 से संचालित क्षेत्र की एकमात्र आवासीय आदिवासी कन्या आश्रम शाला को 54 साल बाद भी अपना भवन नहीं मिल सका है। पहली से आठवीं तक की पढ़ाई दो जर्जर अतिरिक्त कमरों में चल रही है। बारिश में छत से पानी टपकता है और दीवारों पर सीपेज रहता है। स्कूल में कुल 108 छात्राएं दर्ज हैं। कमरों की कमी के कारण पहली से छठवीं तक के 26 बच्चों को हॉस्टल के आवासीय हॉल में फर्श पर बैठाकर पढ़ाया जाता है। वहीं सातवीं और आठवीं की 82 छात्राएं दो छोटे कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षकों ने अपने स्तर पर सहयोग कर एक अतिरिक्त कमरा तैयार कराया है, लेकिन इससे भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। आदिवासी कल्याण और शिक्षा विभाग की उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विद्यालय की प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1ली से 5वीं) के लिए एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। प्राथमिक शाला पूरी तरह से शिक्षक विहीन है। पूर्व माध्यमिक शाला के 7 शिक्षकों का स्टाफ ही अपने नियमित कार्य के साथ-साथ समय निकालकर इन छोटे बच्चों को पढ़ाता है। स्कूल में कुल दर्ज संख्या 108 है। कमरों की भारी कमी के कारण कक्षा पहली से छठवीं तक के 26 बच्चों को एक साथ हॉस्टल के हॉल में बिठाया जाता है। वहीं, दो छोटे और जर्जर कमरों में सातवीं और आठवीं की 82 छात्राएं बैठने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और ग्रामीणों ने बताया कि सीएम, मंत्री से लेकर विधायक को भी आवेदन दे चुके है लेकिन वोट लेने के बाद जनप्रतिनिधि वादे भूल जाते है। स्टाफ, प्राचार्य कक्ष और किचन भी नहीं: आश्रम शाला में शिक्षकों के बैठने के लिए स्टाफ रूम नहीं है और न ही प्रधान पाठक के लिए अलग से कोई कक्ष बना है। पिछले 54 सालों से यहां कार्यरत पुरुष स्टाफ के लिए एक भी टॉयलेट की सुविधा नहीं है। मजबूरी में पुरुष कर्मचारियों को परिसर से बाहर जाना पड़ता है। मध्याह्न भोजन पकाने के लिए अलग से किचन शेड नहीं है। सिरपुर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेताओं, मंत्रियों और आला अधिकारियों का दौरा अक्सर होता रहता है। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार का ध्यान इस एकमात्र आदिवासी कन्या आश्रम की बदहाली पर नहीं गया। जनप्रतिनिधि और चुनाव के समय वोट मांगने वाले जिम्मेदार भी चुनाव बीतते ही इस संस्थान को भेल जाते हैं। प्रधान पाठक शत्रुहन कुमार ध्रुव ने बताया कि, कन्या आश्रम शाला के पास खुद का भवन नहीं है। दो अतिरिक्त कमरे वे भी जर्जर है उसी में जैसे-तैसे संचालन हो रहा है। बारिश में पानी टपकता है। भवन निर्माण की मांग करते-करते कई प्रधान पाठक बदल गए, लेकिन आज तक नया भवन स्वीकृत नहीं हो सका। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन का कहना है कि प्राथमिक शाला शिक्षक विहीन है। शिक्षकों की भर्ती शासन स्तर पर होती है। वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी बीईओ से लेता हूं, अगर नहीं होंगे तो वैकल्पिक रूप से शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। स्कूल भवन के लिए भी प्रतिवेदन मंगा कर शासन के पास जल्द भेज देंगे।
पत्नी से छेड़छाड़ करने पर युवक की हत्या
भास्कर न्यूज | महासमुंद शराब की महफिल में दोस्त की पत्नी से छेड़छाड़ करना एक युवक को भारी पड़ गया। गुस्साए पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला दर्ज होने के 48 घंटे के भीतर चौकी भंवरपुर (थाना बसना) पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना 10 सितंबर की है। कुदरीपारा (कोरबा) निवासी भानुप्रताप लहरे और बड़े साजापाली निवासी मनोहर कोसरिया एक अचेत युवक को बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित किया। मृतक की पहचान परदेशी यादव के रूप में हुई। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने पर डॉक्टरों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में सामने आया कि घटना के समय परदेशी यादव, मनोहर कोसरिया और भानुप्रताप लहरे एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान परदेशी ने मनोहर की पत्नी से छेड़छाड़ कर दी। इससे नाराज मनोहर और भानुप्रताप ने हाथ-मुक्कों और लातों से उसकी पिटाई कर दी। परदेशी बेहोश हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने भानुप्रताप लहरे (37) और मनोहर कोसरिया (37) के खिलाफ धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला छिपाने के लिए दोनों आरोपी परदेशी को बाइक के बीच में बैठाकर अस्पताल ले गए। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने मारपीट की बात कबूल की। आरोपियों के अनुसार, मारपीट के दौरान उनके कपड़ों पर खून लग गया था। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने कपड़े शासकीय अस्पताल भंवरपुर के सामने एक गड्ढे में छिपा दिए थे।
गुजरात जा रहे कंटेनर से 120 किलो गांजा निकला
भास्कर न्यूज| महासमुंद सिंघोड़ा पुलिस ने एनएच-53 पर नाकेबंदी के दौरान ओडिशा के संबलपुर से भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर गुजरात जा रहे एक कंटेनर को पुलिस ने रेहटीखोल के पास धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई में 120 किलोग्राम गांजा, एक कंटेनर वाहन और मोबाइल जब्त करते हुए कुल ₹70,08,500 की संपत्ति कुर्क की गई है। एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की हिदायत पर पुलिस टीम एनएच-53 रोड रेहटीखोल पर लगातार सघन जांच अभियान चला रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा सीमा से एक हरा-पीला कंटेनर (CG06 AV 4815) भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर छत्तीसगढ़ में दाखिल हुआ है। पुलिस ने संदेह के आधार पर जब वाहन को रोककर पूछताछ की, तो चालक और उसका साथी घबराने लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि वे संबलपुर (ओडिशा) से गांजा लादकर गुजरात के आनंद और खेडा जिले की ओर जा रहे थे। आरोपी के कब्जे से अवैध गांजा 120.060 किलो ₹60,03,000, कंटेनर वाहन 1 नग ₹10,00,000, मोबाइल फोन 2 नग ₹5,500 कुल जब्ती ₹70,08,500 को जब्त किया है।
कोमाखान में लोमड़ी घर में घुसी, बच्ची का हाथ काटा
भास्कर न्यूज | कोमाखान कोमाखान नगर के एक रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक लोमड़ी घर के अंदर घुस आई और वहां मौजूद एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसके हाथ को काट लिया। इस अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोमड़ी चुपके से घर के भीतर दाखिल हुई थी। बच्ची जैसे ही उसके समीप आई, लोमड़ी ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची के चिल्लाने पर परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक लोमड़ी हाथ में गहरा घाव कर चुकी थी। घटना के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार जारी है। दिनदहाड़े रिहायशी इलाके में जंगली जानवर के घुसने और हमले की खबर से आसपास के क्षेत्र और ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग व स्थानीय प्रशासन से क्षेत्र में घूम रहे हिंसक जंगली जानवरों पर नजर रखने, उन्हें पकड़ने व नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की है।
बारिश में पानी भरने से छिप जाता है गड्ढा, यहां कई बाइक सवार गिर चुके
स्टेशन क्रॉसिंग के पास सड़क पर बना गहरा गड्ढा अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत के साथ हादसे का बड़ा कारण बनता जा रहा है। बारिश के चलते गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई दिखाई नहीं देती और वाहन चालक अचानक उसमें पहुंचकर असंतुलित हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक दो-तीन बाइक सवार गड्ढे में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। रेलवे ट्रैक के समीप सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। गड्ढे के आसपास सड़क की ऊपरी परत भी उखड़ चुकी है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। बारिश के दौरान जलभराव होने पर सड़क और गड्ढे का अंतर तक समझ में नहीं आता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थान विशेष रूप से जोखिम भरा बना हुआ है। स्टेशन क्रॉसिंग होने के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। रात के समय और बारिश के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। अचानक गड्ढे में पहिया पड़ने से वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं हुई तो यह किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। संबंधित विभाग से मांग की है कि स्टेशन क्रॉसिंग के पास सड़क का तत्काल निरीक्षण कर गहरे गड्ढे को भरवाया जाए और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाए।
5 हजार रुपए से अधिक के बकाये पर बिजली कटेगी
भास्कर न्यूज | महासमुंद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भीम सिंह की मौजूदगी में महासमुंद वृत्त कार्यालय में राजस्व वसूली की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली एवं गरियाबंद संभागों में बकाया राजस्व वसूली को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस दौरान बताया गया कि, ₹5,000 से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन नियमानुसार तुरंत विच्छेदित किए जाएंगे। कनेक्शन कटने के बाद यदि उपभोक्ता बिना अनुमति दोबारा बिजली जोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 138 के तहत पुलिस थाना और सक्षम न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा। निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने और वसूली में लापरवाही बरतने वाले जेई व एई के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने या वेतन रोकने जैसी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बड़े बकायेदारों की प्राथमिकता सूची तैयार कर रोजाना डिस्कनेक्शन और वसूली की प्रगति रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी। प्रबंध निदेशक भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि बकाया राशि की वसूली कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर मुख्य अभियंता (राजस्व) राजेश प्रसाद, अतिरिक्त मुख्य अभियंता बीएल वर्मा व केसी भारती सहित एसई, ईई, एई और जेई स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।
महासमुंद| चेतना विकास मूल्य शिक्षा द्वारा संचालित अभिभावक विद्यालय कोकड़ी (सरकारी स्कूल) के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने सरकारी स्कूलों और शिक्षकों को निजी स्कूलों की तुलना में बेहतर बताते हुए भारत सरकार से नेपाल की तर्ज पर देश में ‘एक देश, एक शिक्षा’ नीति लागू करने की मांग की है। शिक्षक ने बताया कि हाल ही में पोला त्योहार पर क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में समय से पहले छुट्टी कर दी गई, जबकि सरकारी स्कूल निर्धारित समय तक खुले रहे। उनका दावा है कि वीएसके ऐप के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य होने से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने निजी स्कूलों में भी इसी तरह ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य करने की मांग की। गेंदलाल ने निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में वाहनों में ले जाया जाता है। वहीं, कई अभिभावक एक ही बाइक पर 4-5 बच्चों को बैठाकर ले जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है।
10 लाख के गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार
भास्कर न्यूज| महासमुंद तेंदुकोना पुलिस ने घेराबंदी कर स्कूटी से गांजा ले जा रहे दो स्थानीय तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से 21 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 11 सितंबर को तेंदुकोना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कौसरा क्षेत्र में नीले रंग की स्कूटी से गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों पर निगरानी बढ़ा दी। सामने से आ रही नीले रंग की स्कूटी को रोककर जब पुलिस ने सवार व्यक्तियों से पूछताछ की और वाहनों की तलाशी ली, तो उनके पास से 21 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। बाजार में जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 10 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी कीमत ₹70,000 और आरोपियों के पास मौजूद दो वीवो मोबाइल कीमत ₹20,000 सहित कुल 11 लाख 40 हजार रुपये का मशरूका जब्त कर लिया है। मामले में गिरफ्तार आरोपी यादराम साहू (35 ) निवासी कौसरा और पीतांबर सिन्हा (35) निवासी ठाकुरदियाखुर्द, पिथौरा के खिलाफ धारा 20(b)(ii)(c) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
30 बेड का नया अस्पताल और सड़कों का जाल बिछाने तैयारी
लोइसिंघा विधानसभा क्षेत्र को विकास के नए मुकाम पर ले जाने के लिए बलांगीर जिला परिषद कार्यालय में विधानसभा क्षेत्र विकास समिति की मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। स्वास्थ्य, संसदीय कार्य और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंगा की अध्यक्षता में हुई दो चरणों की इस बैठक में क्षेत्र के चौमुखी विकास का पूरा रोडमैप तैयार किया गया। मंत्री डॉ. महालिंगा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ हर घर तक पहुंचाना प्राथमिकता है। क्षेत्र में संभावित सूखे की आहट को देखते हुए अधिकारियों को तत्काल स्पेशल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के प्रमुख फैसले और योजनाओं में लोइसिंघा में जल्द ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट की स्थापना होगी। अगलपुर में नई एक्स-रे मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा लोइसिंघा, अगलपुर और पुइंतला अस्पतालों में IPHS मानकों के तहत 30-30 बेड के नए भवनों का निर्माण होगा। सड़क एवं कनेक्टिविटी का विस्तार के तहत अगलपुर के अदेनदुंगुरी से कदलीपाली और बदतिका से दुमादुमी गांव को जोड़ने वाली सड़कों को जल्द पूरा करने के निर्देश। बलंगीर-चंदनभाती से करकछिया चक, लोइसिंघा-भरसुजा, सालेभाटा-अगलपुर और शंकर भोजी-जामगान सड़कों के चौड़ीकरण और सुधार कार्य को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। सालेभाटा-कुटासिंघा और बुरदा-अर्जुनपुर मार्ग के सुधार के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लोअर सुक्तेल और उठाव सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति के साथ पीएम फसल बीमा, उर्वरक-कीटनाशक आपूर्ति और किसान पंजीकरण का लेखा-जोखा लिया गया। भूमिहीन लाभार्थियों को पट्टा देने, नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत करने और PMAY-G के अधूरे मकानों को तेजी से पूरा करने का आदेश दिया गया। बैठक में बलांगीर के जिलाधिकारी गौरव शिवाजी इसलवार, एडीएम डॉ. विजयानंद सेठी और सीडीओ तरानी सुना समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री जी ने साफ हिदायत दी कि जनसमस्याओं के समाधान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनगणना में ओबीसी कॉलम शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़िया सर्व SC-ST-OBC समाज महासंघ ने जिलाध्यक्ष बसंत सिन्हा के नेतृत्व में अपनी 3 प्रमुख मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा को ज्ञापन सौंपा। समाज ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 के सर्वे फॉर्मेट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का स्पष्ट पृथक कॉलम शामिल करने की पुरजोर मांग की है। प्रमुख मांग में महासंघ का कहना है कि दूसरे चरण की जनगणना के जारी फॉर्मेट में SC और ST का तो स्पष्ट कॉलम है, लेकिन OBC का पृथक कॉलम नहीं होने से इनकी वास्तविक जातिगत संख्या का पता नहीं चल पाएगा। अतः जनगणना फॉर्मेट में इसका स्पष्ट प्रावधान किया जाए। समाज ने एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, शासन के सचिव स्तर के पदों, मीडिया और उद्योगों जैसे सभी क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात में शत-प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की। साथ ही आरक्षण के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में आपदा प्रबंधन विभाग में सहायक ग्रेड-3, पटवारी भर्ती व अन्य राज्य संवर्ग के पदों को जिला स्तर के बजाय राज्य स्तर पर भर्ती करने की मांग की गई। महासंघ का आरोप है कि जिलावार भर्ती से 100 बिंदु आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं हो पा रहा है, जिससे SC (12%), ST (32%) और OBC (14%) वर्ग को नियमानुसार आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़िया सर्व SC-ST-OBC समाज महासंघ के विभिन्न पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
शासकीय हाईस्कूल अमलोर में सरस्वती साइकिल योजना के तहत नौवीं कक्षा की छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि बाबूराम ध्रुव, सियाराम निषाद, राजू निषाद, सरपंच प्रतिनिधि जयप्रकाश यादव, दुकालू ध्रुव, प्राचार्य घनश्याम ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे। बाबूराम ध्रुव ने छात्राओं से कहा कि साइकिल का लाभ रोज स्कूल आने में उठाएं और पढ़ाई में मेहनत कर बेहतर परिणाम हासिल करें।
सेवा संकल्प अभियान घर-घर पहुंचाएं: किशोर
ग्राम खोरपा पहुंचे भाजपा नेता किशोर देवांगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर शुरू हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसी अवसर पर भाजपा एक माह का अभियान चला रही है। इसमें सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और 25 वर्षों की विकास यात्रा की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। देवांगन ने जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने की भी अपील की। नवापारा-राजिम। सेवा संकल्प अभियान को लेकर चर्चा करते हुए।
चुने इलेक्टिव विषय, माय भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद में शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक विशेष इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्नातक कला, विज्ञान, वाणिज्य और कंप्यूटर संकाय के तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव, वैल्यू एडिशन कोर्स और स्किल एनहैंसमेंट कोर्स विषयों का चयन कराया गया। प्राचार्य करुणा दुबे ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की आजादी देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में नियमित उपस्थित रहकर अपने तय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए लगन से अध्ययन करने का आह्वान किया। एनईपी की सह-संयोजक डॉ. रीता पांडेय ने विद्यार्थियों को कोर्स करिकुलम और क्रेडिट सिस्टम की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि, प्रत्येक विषय के लिए 30 अंकों का कंटीन्यूअस इंटरनल असेसमेंट होगा, जिसमें टेस्ट, क्विज और असाइनमेंट शामिल होंगे। वहीं, 70 अंकों की एंड सेमेस्टर थ्योरी परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रत्येक सेमेस्टर कुल 20 क्रेडिट का होगा। इसमें 4 मुख्य विषयों के 4-4 क्रेडिट होंगे, जबकि SEC और वैल्यू एडिशन कोर्स (VAC) के 2-2 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। इस मौके पर एनईपी संयोजक डॉ. ईपी चेलक, जिला मास्टर ट्रेनर अजय कुमार राजा, अजय कुमार देवांगन, मनीराम धीवर, प्रदीप कनहेर, राजेश्वरी सोनी, दिलीप बढ़ई, आशुतोष पुरी गोस्वामी सहित महाविद्यालय के सभी संकायों के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। माय भारत पर ऑनलाइन पंजीयन कराया गया: कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रकोष्ठ की एम्बेसडर डॉ. मालती तिवारी ने विद्यार्थियों को विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग 2027 व माय भारत युवा शक्ति अभियान की जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित छात्रों का पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराया गया, साथ ही महाविद्यालय में संचालित अन्य छात्र कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
भास्कर न्यूज | चिरमिरी एसईसीएल कोलियरी चिरमिरी क्षेत्र की एनसीपीएच 06 नंबर खदान के आर-05 महेश माइंस यार्ड से आर्मर्ड केबल चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने अर्जुन बसोर, रोहित साहू, पिंटू कोल उर्फ लाली, राज बसोर, मोहम्मद साहिल खान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल आरी ब्लेड, मोटरसाइकिल, चोरी की केबल से निकाला गया करीब 27 किलो तांबा बरामद हुआ है। तांबे की कीमत करीब 27 हजार रुपए बताई गई है। थाना प्रभारी वासुदेव परगनिहा ने बताया कि 11 सितंबर को गरजराज, पिता स्वर्गीय बुधराम ने थाना चिरमिरी में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि 10 सितंबर की रात करीब 1 बजे से सुबह 8 बजे के बीच यार्ड में रखा पुराना आर्मर्ड केबल चोरी हो गया। करीब 50 मीटर लंबी 50 एमएम आर्मर्ड केबल में से लगभग 15 मीटर केबल काटकर ले जाई गई थी। अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए थी। शिकायत पर थाना चिरमिरी में धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। जांच शुरू हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पांचों को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक 10 सितंबर की रात आरोपी अर्जुन बसोर के घर पर जुटे थे। पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद साहिल खान ने बताया कि आर-05 महेश माइंस के यार्ड में पुराना आर्मर्ड केबल रखा है। मोहम्मद साहिल खान एसईसीएल कॉलरी चिरमिरी एनसीपीएच 06 नंबर हल्दीबाड़ी में ठेका मजदूर है। पुलिस के अनुसार रात करीब 1 बजे सभी आरोपी पैदल यार्ड पहुंचे। पिंटू उर्फ लाली ने आरी ब्लेड से करीब 15 मीटर आर्मर्ड केबल काटी। केबल उठाकर अर्जुन के घर ले गए। घर पर केबल जलाकर अंदर से तांबा निकाला। तांबा प्लास्टिक बोरी में भरकर वजन कराया। कुल वजन करीब 27 किलो निकला। आरोपियों ने तांबा बाइक क्रमांक सीजी 16 सीटी 6509 से हल्दीबाड़ी निवासी कबाड़ खरीदने वाले खत्ताब अली मंसूरी उर्फ बाबू खान के पास ले जाकर करीब 27 हजार रुपए में बेच दिया। रकम आपस में बांट ली।
कर्नल बैंसला की जयंती पर बालिका शिक्षा पर दिया जोर
युसुफपुरा (चराई) स्थित देवनारायण राजकीय बालिका आवासीय स्कूल में शनिवार को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की जयंती मनाई गई। जिसमें वक्ताओं ने बैंसला के संघर्ष और समाजहित के कार्यों को याद करते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय सवाई माधोपुर के प्राचार्य डॉ. विजय सिंह मावई ने कहा कि बैंसला की हिम्मत, मेहनत और नीयत से प्रेरणा लेकर समाजहित में काम करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। भूमि विकास बैंक सवाई माधोपुर के पूर्व चेयरमैन कमल सिंह मीणा ने बैंसला के योगदान को याद किया। खिरनी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन रूपसिंह ढोई ने उन्हें एमबीसी समाज का पुरोधा बताया। कमलेश हरिपुरा ने बैंसला से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कस्तूरचंद देवपुरा ने उन्हें 21वीं सदी का महानायक बताया। व्याख्याता धारासिंह गुर्जर ने बालिकाओं से संस्कारयुक्त शिक्षा लेकर आगे बढ़ने की अपील की। लक्ष्मीनारायण गुर्जर ने बालिका शिक्षा से जुड़े बैंसला के संदेश बताए, जबकि अध्यापक प्रेमलाल फागना ने सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर जोर दिया। देवनारायण आवासीय स्कूल में कर्नल बैंसला के जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों व भामाशाहों ने स्कूल विकास के लिए कुल 51,600 रुपए की राशि दी। डॉ. विजय सिंह मावई, कमल सिंह मीणा और रूपसिंह ढोई, कमलेश हरिपुरा व कस्तूरचंद देवपुरा, कमलेश लहन, धारासिंह गुर्जर, लक्ष्मीनारायण गुर्जर, सत्यनारायण गुर्जर और प्रेमलाल फागना ने सहयोग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य घासीलाल गुर्जर ने की।
श्रीअन्नपूर्णा गणेश मंदिर में दो दिवसीय गणेशोत्सव, आज भजन संध्या होगी
आनंदम् संस्था की ओर से श्री अन्नपूर्णा गणेश मंदिर में श्रीगणेश महोत्सव-2026 का दो दिवसीय आयोजन रविवार से होगा। महोत्सव के तहत रविवार को सिंजारा झांकी के साथ विशाल भजन संध्या व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। वही सोमवार को भगवान गणेश की छप्पन भोग झांकी सजाई जाएगी। भोग की सामग्री (मिठाईयां) बनाने सहित विभिन्न तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संस्था महामंत्री राजेश मूमिया ने बताया कि रविवार को रात 8 बजे से भगवान गणेश की सिंहासन झांकी के दर्शन के साथ भजन संध्या शुरू होगी। इसमें बीकानेर की प्रसिद्ध भजन गायिका कौशल्या रामावत और फलोदी की पूजा रामावत भजनों की प्रस्तुति देंगी। गौतम शर्मा दूनी भी कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगे। कौशल्या रामावत अपने भजनों के लिए राजस्थान सहित गुजरात और महाराष्ट्र में भी पहचान बना चुकी हैं। ‘मोर छड़ी उड़ जाए रे’ भजन के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड मिल चुका है। वे बीकानेर से अपने म्यूजिशियंस के साथ टोंक पहुंचेंगी। रामसापीर के भजनों के लिए भी उनकी विशेष पहचान है। सोमवार को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर में भगवान गणपति की छप्पन भोग की मनमोहक झांकी के दर्शन होंगे और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। छप्पन भोग के लिए मिष्ठान तैयार करने का काम स्थानीय मिष्ठान व्यवसायी राजू अग्रवाल और उनकी टीम कर रही है।
घर का गेट तोड़कर बाइक चोरी सीसीटीवी में कैद हुए दो संदिग्ध
सदर थाना क्षेत्र के बमोर रोड स्थित ज्योति नगर में घर का गेट तोड़कर मोटरसाइकिल चोरी करने का मामला सामने आया है। वारदात 8 सितंबर की रात करीब 1:25 बजे हुई। चोर घर के बाहर लगे गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे और मोटरसाइकिल चोरी कर ले गए। चोरी की पूरी वारदात घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज में दो संदिग्ध नजर आ रहे हैं। पीड़ित हेमराज गुर्जर ने बताया कि रात को करीब 1:25 बजे दो लोग घर के पास पहुंचे। इसके बाद गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मोटरसाइकिल को बाहर निकालकर ले गए। चोरों ने बाइक को ले जाने के दौरान उसका पेट्रोल पाइप भी काटा। घटना का पता चलने के बाद तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष को रात 2:42 बजे फोन कर चोरी की सूचना दी। इसके बाद वह रात करीब 2:50 बजे सदर थाना टोंक पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत दी। पीड़ित के अनुसार चोरी हुई मोटरसाइकिल घर में खड़ी थी। सीसीटीवी फुटेज में वारदात के दौरान दो लोग दिखाई दे रहे हैं, जिससे पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और बाइक बरामद करने की चुनौती है। पीड़ित ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने तथा चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद करने की मांग की है।
निवाई व मेहंदवास में एनएच-52 पर पुलिस की कार्रवाई, विदेशी गांजा और स्मैक बरामद की
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एनएच-52 पर अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए विदेशी किस्म का गांजा और स्मैक जब्त की है। निवाई क्षेत्र में 4 किलो 985 ग्राम गांजा, जबकि मेहंदवास क्षेत्र में 129.93 ग्राम स्मैक बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों मामलों में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन और स्थानीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। एसपी रोशन मीणा ने बताया कि निवाई थाना पुलिस और उनकी टीम ने निवाई में जयसिंहपुरा मोड़ के पास मोटरसाइकिल सवार अहमदपुरा उर्फ कैथुनिया निवासी 20 वर्षीय लालाराम सांसी की गतिविधि संदिग्ध लगने पर उसकी तलाशी ली तो उसके मोटरसाइकिल बैग से 4 किलो 985 ग्राम विदेशी गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। इसी तरह मेहंदवास थाना पुलिस ने सोनवा टोल प्लाजा के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे कुम्हारों की चौकी निवासी 25 वर्षीय निजामुद्दीन पठान की तलाशी ली। उसके पास से 129.93 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। जब्त स्मैक की कीमत करीब 27 लाख आंकी गई है। एसपी ने बताया कि दोनों से पूछताछ कर सप्लायर, खरीदार और स्थानीय नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। खास तौर पर जिले में पहली बार जब्त ओजी गांजे की सप्लाई चैन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सप्लायर से डिलीवरी लेने वाले तक जांच : निवाई थानाधिकारी घासीराम ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार तस्कर लालाराम सांसी पर पूर्व में एक्साइज एक्ट व चोरी के मामले दर्ज है, उससे पूछताछ में सामने आया कि ओजी गांजा विदेश से अवैध रूप से भारत लाया जाता है। ऑनलाइन व अवैध बाजार में इसकी कीमत काफी है, हालांकि वास्तविक कीमत का आकलन किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें टीएचसी घटक की मात्रा अधिक होने से नशे का प्रभाव तीव्र होता है। पुलिस अब खेप के भारत पहुंचने के माध्यम, सप्लायर और निवाई में डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है। सोनवा टोल प्लाजा एनएच-52 पर मेहंदवास थाना और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में संदिग्ध मिले निजामुद्दीन खान पठान की तलाशी में उसके जेब से 129.93 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। पूछताछ में संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर उसके पास मिली स्मैक को जब्त कर गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसकी आपूर्ति और नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है। क्या है ‘ओजी’ गांजा - ‘ओजी’ गांजा विदेशी बाजार में प्रचलित हाई-ग्रेड कैनाबिस की एक किस्म मानी जाती है। इसमें सामान्य गांजे की तुलना में नशे का प्रभाव अधिक होने की आशंका रहती है। इसका इस्तेमाल अवैध बाजार में महंगे नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की वास्तविक गुणवत्ता, उसमें मौजूद टीएचसी की मात्रा और रासायनिक संरचना की पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद होगी। फिलहाल इसे विदेशी गांजे की खेप माना जा रहा है।
जर्जर स्कूल गिराया, 73.93 लाख से नया भवन बन रहा, बनने से पहले टूट रहीं ईंटें
बच्चों को जर्जर स्कूल भवन से सुरक्षित निकालकर नए भवन में पढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन 73 लाख 93 हजार रुपए की लागत से बन रहा नया भवन ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंडली के निर्माणाधीन भवन में इस्तेमाल हो रही सीमेंट की ईंटों की गुणवत्ता पर ग्रामीणों और स्कूल प्रशासन ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि निर्माण में ऐसी ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो मामूली ऊंचाई से गिरते ही टूटकर दो टुकड़ों में बिखर रही है। निर्माण में उपयोग हो रही सीमेंट की ईंटों की मजबूती को लेकर सवाल इसलिए भी गंभीर हैं कि इन्हें करीब एक फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिराने पर ही ईंट के दो टुकड़े हो जाने की बात सामने आई है। ऐसे में इन ईंटों से तैयार हो रही दीवारों की मजबूती और भवन की दीर्घकालिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटिया गुणवत्ता की सीमेंट ईंटों के उपयोग को लेकर स्थानीय स्कूल प्रशासन ने ठेकेदार को निर्माण कार्य में इन ईंटों के उपयोग से रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की बात सामने आई है। इससे निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि कुंडली का यह स्कूल पहले से ही जर्जर भवन की समस्या से जूझ रहा है। झालावाड़ा हादसे से पहले ही स्कूल भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका था। हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से पुराने जर्जर भवनों को आनन-फानन में गिरा दिया गया। इसके बाद विद्यालय के बच्चों को नजदीकी दूसरे सरकारी स्कूल में शिफ्ट किया गया। पुराने भवन को हटाने के बाद शिक्षा विभाग के समसा के तहत करीब 73.93 लाख रुपए की लागत से स्कूल में सात नए कक्षा-कक्षों का निर्माण शुरू करवाया गया। ठेकेदार की ओर से पहले से पांच कमरों का निर्माण काम पूरा कर लिया है। जबकि, निर्माण की डेड लाइन बीत जाने के बाद भी ठेकेदार स्कूल निर्माण का काम पूरा नहीं कर पाया है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से ठेकेदार के खिलाफ एक्शन लेने के बजाए सिर्फ नोटिस ही दिया गया है। राउप्रावि कुंडली के जर्जर भवन गिराए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने बच्चों को आनन-फानन में करीब एक किमी दूर डाकणमारिया स्कूल में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद से ही विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने स्कूल तक पहुंचने की दूरी बड़ी परेशानी बन गई। इधर, नए भवन का निर्माण तय समय सीमा बीतने के बाद भी आधा भी पूरा नहीं हो पाया। इसका सीधा असर स्कूल के नामांकन पर पड़ा। पहले स्कूल में 137 बच्चों का नामांकन था, जो अब घटकर 107 रह गया है। एक साल में 30 बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया। िनर्माण की धीमी गति को लेकर कई बार स्कूल प्रशासन की ओर से ठेकेदार से लेकर विभाग को अवगत कराया गया। लेकिन, आज तक ना ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही हो पाई ना ही निर्माण कार्य में कोई तेजी आई है। ^रविवार को ठेकेदार को बुलाकर ईंटें बदलने और घटिया निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया जाएगा। वहीं, तय सीमा के बाद निर्माण कार्य पूरा नहीं करने पर नोटिस देंगे। साथ ही जल्दी काम पूरा नहीं होने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। - गौतमलाल रोत, जेईएन, समसा, शिक्षा विभाग
निकाय चुनाव : दलों ने सीखी मतों की गणना, परिणाम कल
नगर निकाय आम चुनाव-2026 की मतगणना सोमवार को होगी। इसको लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वाटरशेड सभागार में मतगणना दलों का प्रशिक्षण हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रकाशचंद्र रैगर ने की। रिटर्निंग अधिकारी सोनू कुमार गुर्जर भी मौजूद रहे। दक्ष प्रशिक्षक वैभव पाठक ने कार्मिकों को मतगणना की पूरी प्रक्रिया समझाई। इसमें काउंटिंग टेबल की व्यवस्था, ले-आउट, मतगणना से पहले की तैयारियां, आवश्यक सामग्री, नियमावली और गणना प्रक्रिया की जानकारी दी। इसमें ईवीएम से मतगणना, राउंड वार गणना, ईवीएम पर लगी सीलों की जांच और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्मिकों को निर्देश दिए कि मतगणना के दौरान प्रत्येक प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी सावधानी और पारदर्शिता से की जाए। इस दौरान तहसीलदार निर्वाचन अनिल पंड्या, तहसीलदार कमलेश मीणा सहित विभिन्न मतगणना दलों में नियुक्त कार्मिक मौजूद रहे। गौरतलब है कि डूंगरपुर नगर परिषद और सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी। मतगणना से पहले कार्मिकों को प्रक्रिया की बारीकियों का प्रशिक्षण देकर निष्पक्ष व पारदर्शी परिणाम सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
सभापति; हर चौथा उम्मीदवार बनवा रहा दावेदारी की रील
नगर परिषद के 40 वार्डों में से 38 वार्डों के लिए 9 सितंबर को मतदान के बाद 95 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद है। अब 14 सितंबर को मतगणना होगी, लेकिन परिणाम आने से पहले ही शहर की सियासत में चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म है। पानी की गुमटी हो या चाय कोर्नर, हर जगह पार्षदों की हार-जीत की संभावनाओं के साथ ही सभापति और उप सभापति के दावेदारों पर ही चर्चा हो रही है। यह दौर सोशल मीडिया का है और पहली बार इसका पूरा प्रभाव भी चुनाव और उसके बाद भी नजर आ रहा है। कांग्रेसी खेमा लगभग शांत है। लेकिन, भाजपा खेमे में उत्साह कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहा है। भाजपा में लगभग चार से पांच उम्मीदवार जीतने से पहले ही सभापति की दावेदारी कर रहे हैं। कुछ उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जो बिना किसी आधार के भी दावेदारी की रेस में कूद पड़े हैं। लेकिन, इनकी लगातार आ रही दावेदारी भरी रीलें सबको चौंका रही है। मतदान के बाद कहीं भाजपा की बढ़त की चर्चा है तो कहीं कांग्रेस को मजबूत बताया जा रहा है। इसी बीच लोग अपने स्तर पर एग्जिट पोल भी तैयार कर रहे हैं। शहरवासी अब केवल यह चर्चा नहीं कर रहे कि सभापति कौन बनेगा, बल्कि यह भी देख रहे हैं कि नया नेतृत्व डूंगरपुर की सड़क, नाली, सफाई, पानी, यातायात, पर्यटन, सुंदरता जैसे मुद्दों पर कितना प्रभावी काम कर पाएगा। 14 सितंबर को मतगणना के साथ वार्डों की तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके साथ यह भी पता चलेगा कि भाजपा और कांग्रेस में किसका पलड़ा भारी रहा। लेकिन, सभापति की तस्वीर उसी दिन पूरी तरह साफ होना मुश्किल है। सभापति का चुनाव 21 सितंबर और उपसभापति का चुनाव 22 सितंबर को होना है। ऐसे में 14 सितंबर के बाद भी पार्षदों की संख्या, निर्दलीयों की भूमिका, संभावित समर्थन और राजनीतिक जोड़-तोड़ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहने वाला है। मतदान के बाद शहर के बाजारों, पान की दुकानों, चाय की थड़ियों और प्रमुख चौराहों पर राजनीतिक चर्चा का केंद्र पार्षद नहीं, बल्कि सभापति और उपसभापति की कुर्सी बन गई है। लोग पिछले पांच सालों के कामकाज की तुलना कर रहे हैं। शहर में सड़क, सफाई, पानी, पर्यावरण, पर्यटन और शहर की सुंदरता जैसे मुद्दों को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। चर्चाओं में सभापति का चयन केवल व्यक्तिगत संबंध, गुट या राजनीतिक समीकरण के आधार पर नहीं होना चाहिए। सोशल मीडिया पर आने वाली पोस्ट के जवाब में लोग भी खुलकर राय दे रहे हैं। अधिकांश लोगों का कहना रहा कि विकास और स्वच्छता शहर की पहचान बनी थी। इसका स्वरूप वापस आना चाहिए। इसी विचारधारा के लोगों को काबिज होना चाहिए।
बुजुर्गों के हाल-चाल जानेंगी पुलिस; बीट अधिकारी सप्ताह में 1 बार घर जाएगा या फोन पर बात करेगा
चूरू पुलिस ने जिले के वरिष्ठ लोगों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संबल अभियान की शुरुआत की है। एसपी निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान का मुख्य मकसद जिले के वरिष्ठ नागरिकों को यह अहसास कराना है कि वे अकेले नहीं हैं। इस अभियान के तहत पुलिस केवल बुजुर्गों के साथ होने वाले अपराध रोकने तक सीमित न रहकर उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बनाएगी। अभियान के तहत बुजुर्गों का हाल-चाल जानने के लिए हफ्ते में एक दिन बीट अधिकारी खुद फोन कर हाल-चाल जानेंगे। एसपी निश्चय ने बताया कि कि ‘संबल’ अभियान बुजुर्गों को सुरक्षा, सम्मान, भावनात्मक संबल और त्वरित मदद देने का एकीकृत मॉडल है। इस अभियान के जरिए हमारी प्राथमिकता रहेगी कि वरिष्ठ नागरिक भयमुक्त रहें और किसी भी आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर पुलिस उनकी मदद के लिए तैयार मिले। अभियान के 6 मुख्य स्तंभ हैं... .सुबह की घंटी : अकेले रह रहे अति-संवेदनशील बुजुर्गों का हाल-चाल जानने के लिए सप्ताह में एक दिन बीट अधिकारी खुद फोन करेंगे या घर जाकर कुशलक्षेम पूछेंगे। {आपातकालीन सुरक्षा कार्ड : हर चिह्नित वरिष्ठ नागरिक को एक स्पेशल कार्ड दिया जाएगा। इसमें परिजन, स्थानीय पुलिस थाना, बीट अधिकारी और आपातकालीन सेवाओं के सीधे संपर्क नंबर होंगे। {साइबर फ्रॉड से बचाव : बुजुर्ग अक्सर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के शिकार होते हैं। पुलिस टीम उन्हें जागरूक करेगी और घटना होने पर तुरंत सहायता देगी। {30 दिन में शिकायतों का निपटारा : संपत्ति विवाद, उत्पीड़न, धमकी या चोरी-लूट की आशंका वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। एक महीने के भीतर इनका निस्तारण अनिवार्य होगा। {निगरानी और जवाबदेही : हर बीट कांस्टेबल अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट बनाएगा। इसकी मासिक समीक्षा एसएचओ व डीएसपी करेंगे। एसपी स्तर पर हर तीन महीने में समीक्षा होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। {एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं का साथ : सिर्फ पुलिसिंग ही नहीं, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए सामाजिक संस्थाओं (एनजीओ) से समन्वय बनाकर बुजुर्गों तक मदद पहुंचाई जाएगी।
निकाय चुनाव; रिजल्ट के बाद विजय जुलूस निकालने पर रहेगा प्रतिबंध
निकाय चुनाव को लेकर 14 सितंबर को जिले की सभी 11 निकायों में मतगणना होगी। चुनाव का रिजल्ट आने के बाद सुरक्षा और शांति व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लागू किया है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नवनिर्वाचित सदस्यों, अध्यक्षों या उपाध्यक्षों द्वारा किसी भी प्रकार का विजय जुलूस निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईवीएम के अनुसार ही बैठेंगे एजेंट नगर निकाय चुनाव की मतगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मतगणना में प्रत्याशी की ओर से एक बूथ पर जितनी ईवीएम हैं, उतने ही मतगणना एजेंट बैठाए जा सकेंगे। यानी जिन बूथों पर एक ही ईवीएम है, वहां एक ही गणना एजेंट रहेगा। जिन बूथों पर एक से अधिक ईवीएम हैं, वहां अधिक मतगणना एजेंट बैठ सकेंगे। जानकारी के अनुसार शहर में वार्ड 31 में सर्वाधिक वोटर्स हैं, ऐसे में यहां एक अधिक ईवीएम हैं, तो यहां एक से अधिक गणना एजेंट बैठेंगे।
चूरू स्टेशन पर रिनोवेशन का काम लगभग पूरा, जीएम बोले-प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर शैड लगाएंगे
उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा शनिवार को स्पेशल ट्रेन से चूरू पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम से करीब 2 घंटे लेट पहुंचे। उन्होंने अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर हुए विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली। चूरू पहुंचने पर स्टेशन मास्टर सुरेश कुमार माथुर ने जीएम का स्वागत किया। इसके बाद जीएम शर्मा ने स्टेशन के नक्शे, वीआईपी रूम, वेटिंग रूम सहित पूरे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति देखी तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जीएम शर्मा ने कहा कि चूरू रेलवे स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुछ काम अभी बाकी है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। स्टेशन के प्लेटफॉर्म दो व तीन पर शैड नहीं है। इस कारण यात्रियों को परेशानी होती है। प्लेटफॉर्म एक का शैड भी छोटा है। इसे लेकर जीएम ने कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर जल्द ही टीनशैड लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्टेशन के प्लेटफॉर्म दो-तीन और चार पर शौचालय की व्यवस्था को लेकर भी आश्वासन दिया। इस दौरान डीआरएम गौरव गोविल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक वीरेंद्र जोशी आदि मौजूद रहे। जयपुर सहित अन्य रूट पर ट्रेन चलाने पर विचार करेंगे : चूरू से जयपुर, झांसी आदि रूटों पर ट्रेन चलाने को लेकर जीएम ने कहा कि इस बारे में डीआरएम को अवगत कराया है और इस पर विचार करेंगे। स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों की मांग पर कहा कि प्लेटफॉर्म की लंबाई और चौड़ाई भी महत्वपूर्ण फैक्टर रखती हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
4 डिग्री गिरकर 35.6 डिग्री हुआ पारा, आज से चार दिन बारिश की संभावना
जिले में शनिवार को दिन भर बादलों की आवाजाही बनी रही। रतनगढ़ क्षेत्र में शनिवार शाम हल्की बारिश हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते शनिवार को अधिकतम तापमान में 4 डिग्री गिरावट आई। दिन भर बादलों की आवाजाही के साथ धूप-छांव का मौसम बना रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.6 व न्यूनतम 26.4 डिग्री रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.6 व न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री रहा था। जयपुर मौसम केंद्र निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र आज दक्षिणी छत्तीसगढ़ व आसपास के क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। इसके आगामी दिनों में पश्चिम उत्तरप्रदेश की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। आज मानसून टर्फ लाइन जैसलमेर, कोटा व कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके असर से पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग के जिलों में रविवार से आगामी चार दिन तक हल्की बारिश होने की संभावना है। पक कर तैयार एवं खुले आसमान में रखी खरीफ की फसलों को भीगने से बचाने के समुचित उपाय करें। कृषि एवं अनाज मंडियों में खुले आसमान में रखे अनाज एवं जिंसों को भीगने से बचाने के समुचित उपाय करें। फसलों में कीटनाशक व अन्य रसायन का छिड़काव आगामी दिनों में बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर ही करें।
चूरू में निरंकारी महिला संत समागम आज होगा
जिला मुख्यालय के राजगढ़ रोड स्थित संत निरंकारी भवन में संत निरंकारी मिशन जोन 19-ए की तरफ से रविवार को सुबह 10.30 बजे निरंकारी महिला संत समागम होगा। समागम में चूरू के साथ झुंझुनूं, सीकर, नीमकाथाना सहित आस-पास के जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। समागम की मुख्य वक्ता अमृतसर की प्रचारक बहन प्रीति होंगी। श्रद्धालुओं को सतगुरु माता का दिव्य संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में भजन, गीत, नाटक, प्रवचन सहित कई आध्यात्मिक प्रस्तुतियां होंगी। जोनल इंचार्ज शिव भगवान बजाज ने बताया कि संत निरंकारी मिशन मातृ शक्ति को आगे बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
बादलों की आवाजाही व हल्की बारिश से 3.5 डिग्री गिरा तापमान
जिले में शनिवार को दिन के मौसम में बदलाव हुआ। दिन में तेज धूप निकली, लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण धूप-छांव की स्थिति बनी रही। दोपहर में बादलों की आवक बढ़ने से झुंझुनूं के रीको क्षेत्र सहित कई स्थानों पर हवा के साथ कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई। दोपहर बाद करीब 15 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे गर्मी का असर कम रहा। दिन के तापमान में 3.5 डिग्री की गिरावट हुई। मानसून कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार शाम 5 बजे तक पिछले 24 घंटे में खेतड़ी में 2 व बुहाना में 1 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिलानी मौसम केंद्र पर शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया। चक्रवाती दबाव से तीन दिन बारिश के आसार : झुंझुनूं सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती दबाव बना हुआ है। इसका असर अगले तीन से चार दिन रहने की संभावना है। चक्रवाती दबाव के कारण 16 सितंबर तक मानसूनी बादलों की आवक बढ़ सकती है। इससे झुंझुनूं सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
गणेश मंदिर में कल दोपहर 12:15 बजे अभिषेक व मूर्ति स्थापना होगी
बगड़ रोड स्थित गणेश मंदिर में शनिवार को अखंड रामायण पाठ से सात दिवसीय महोत्सव शुरू हो गया। गणेश चतुर्थी के उपलक्ष में सोमवार को अभिषेक व महाआरती के बाद मूर्ति पूजा शुरू होगी। मंदिर महंत रामावतार पुजारी के सानिध्य में पंडित मुकेश महमिया ने पूजा के बाद रामायण पाठ शुरू किया। मुख्य यजमान विश्वनाथ व विमला सैनी ने पूजा की। गणेश मंदिर समिति के सचिव जयराज सतरावला ने बताया कि सोमवार को दोपहर 12:15 बजे भगवान गणेश का पंचामृत से अभिषेक व महाआरती होगी। श्रृंगार के बाद छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। इसके बाद ओलिया आश्रम मोड़ा पहाड़ के अमरदास व अन्य साधु-संतों के सानिध्य में मंदिर के सामने स्थित कल्याण दास बगीची में मूर्ति स्थापना की जाएगी। महोत्सव में सुबह 8 बजे व रात 8 बजे आरती की जाएगी। महोत्सव के अंतिम दिन 18 सितंबर को सुबह 9:15 बजे पूजा व आरती के बाद विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। गाजे-बाजे के साथ गणेश मंदिर से शुरू होने के बाद विसर्जन यात्रा चूणा चौक होते हुए चंचल नाथजी का टीला पहुंचेगी। विसर्जन के बाद आयोजन स्थल पर भंडारा होगा। अखंड रामायण पाठ में समिति के कोषाध्यक्ष विनोद सैनी, सुनील पुजारी, रामलाल मुनीम आदि मौजूद थे। मूर्ति स्थापना से पहले कल निकालेंगे कलश यात्रा : गणेश युवा मंडल की ओर से खेमी शक्ति रोड स्थित जमन वाटिका में सोमवार को 10 दिवसीय गणेश महोत्सव शुरू होगा। मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार को सुबह 8:15 बजे बगड़ रोड स्थित नंदीशाला से भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11:15 बजे आयोजन स्थल पर मूर्ति स्थापना की जाएगी। महोत्सव के दौरान सुबह 8:15 बजे व रात 8:15 बजे आरती होगी। महोत्सव के अंतिम दिन 24 सितंबर को सुबह 9:15 बजे विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।
मतदान में 9 बूथों पर महिलाएं पुरुषों से आगे 5 ट्रांसजेंडर में से एक ने भी नहीं डाला वोट
नगर परिषद सवाई माधोपुर के 60 वार्डों में पहले चरण में 97 बूथों पर कुल 65.37 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 92,713 में से 60,609 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में पुरुष मतदाता एक बार फिर महिलाओं से आगे रहे। कुल 47,620 में से 31,826 पुरुष मतदाताओं ने वोट डाला। यानी पुरुषों का टर्न आउट 66.85% रहा। वहीं 45,088 में से 28,783 महिला मतदाताओं ने वोट डाला। महिलाओं का टर्न आउट 63.83% रहा। सबसे निराशाजनक आंकड़ा थर्ड जेंडर का रहा। परिषद क्षेत्र में कुल 5 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं। वार्ड 34 के 2 बूथों पर 1 और 4 वोटर के रूप में दर्ज हैं, लेकिन पांचों में से एक भी मतदान करने नहीं पहुंचा और पोलिंग शून्य प्रतिशत रही। खास यह है कि 9 बूथ ऐसे रहे, जहां महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोट डाले, बाकी 88 बूथों पर पुरुषों की वोटिंग ज्यादा रही। सबसे ज्यादा मतदान वार्ड 42 के बूथ नंबर 66 नामदेव भवन राम कुई-2 में 84.66% और सबसे कम वार्ड 47 के बूथ नंबर 74 न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल पटेल नगर में 46.76% रहा। जबकि, टॉप-5 में 4 बूथ पुराने शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों के हैं। वार्ड 31 से 45 के 24 बूथों पर 24,896 वोटर, 17,446 पोल के साथ 70.07% सबसे ज्यादा वोटिंग रही। सबसे ज्यादा मतदान यहां: सबसे ज्यादा मतदान वार्ड 42 के बूथ नंबर 66 नामदेव भवन राम कुई-2 में 84.66% हुआ। यहां 704 मतदाताओं में से 596 ने वोट डाला। जबकि, टॉप-5 में 4 बूथ पुराने शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों के हैं। सबसे कम मतदान यहां: सबसे कम मतदान वार्ड 47 के बूथ नंबर 74 न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल पटेल नगर में 46.76% रहा। यहां 1373 वोटरों में से सिर्फ 642 वोट पड़े। 97 में से 37 बूथों पर 60% से भी कम मतदान हुआ। इन वार्डों में महिला ही प्रत्याशी, इसलिए नारी शक्ति की बंपर वोटिंग नगर परिषद के सबसे हॉट वार्ड 56 सामान्य महिला से दोनों प्रत्याशी ओबीसी महिलाएं हैं। भाजपा की मेवा चौधरी व कांग्रेस की सीमा श्रीमाल के बीच सीधी टक्कर होने से यहां मतदान के दौरान मामूली विवाद भी सुर्खियों में रहा। वार्ड 56 के बूथ जिला उद्योग केंद्र में कुल 905 में से 617 मतदाताओं ने वोट डाला। इनमें 230 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने 387 की संख्या में बंपर वोटिंग कर चौंकाया। यानी यहां 157 ज्यादा वोट महिलाओं ने ही डाले। इसी प्रकार वार्ड 12 में जेईएन कार्यालय खैरदा कमरा एक व दो में दोनों ही जगह पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने वोटिंग की। वार्ड 23 में पूर्व सभापति भाजपा प्रत्याशी मेघा वर्मा व कांग्रेस की करीना के बीच सीधा मुकाबला होने से यहां महिला वोटर्स ने पुरुषों के मुकाबले सबसे ज्यादा बढ़त ली।
इस बार भाजपा और कांग्रेस को पहले से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद, समर्थित निर्दलीयों पर भी पकड़!
नगर परिषद सवाई माधोपुर के 60 वार्डों में पहले चरण में ही मतदान हो चुका है। फिलहाल, संभावित जिताऊ प्रत्याशी बाड़ाबंदी कैंप में हैं। वहीं शहर के हर प्रमुख चौक व चौराहे पर परिणाम आने से पहले सीटों पर जीत-हार के कयास व सियासी गुणा-भाग से आंकलन की खास चर्चा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के भीतर पिछले चुनाव 2020 से ज्यादा इस बार सीटें जीतने की उम्मीद है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों की चर्चा में भाजपा 27 से 30 और कांग्रेस के 22 से 25 सीटें आने का आंकलन लगाया जा रहा है। जबकि, 9 से 13 सीटों तक निर्दलीयों का बल भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, पार्टी समर्थित निर्दलीयों के बूते यहां भाजपा बोर्ड गठन की हर आम-खास के बीच चर्चा ज्यादा है। गौरतलब है कि 2020 के निकाय चुनाव में कांग्रेस 27, भाजपा 22, सीपीआई 1 व 10 निर्दलीय जीते थे। इस बार सत्तारूढ़ दल भाजपा को बहुमत वाली संख्या तक पहुंचने की पूरी उम्मीद है। वहीं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को भी कमोबेश यही आंकड़ा छूने की आस है, लेकिन दोनों ही दलों की बोर्ड गठन को लेकर नजर निर्दलीयों पर ज्यादा टिकी हुई है। बहरहाल, ये सिर्फ मतदान के बाद की जमीनी चर्चा और बाड़ाबंदी के आधार पर विश्लेषकों का अनुमान है, फाइनल नतीजा 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही आएगा। दरअसल, निकाय वार्डों में परिसीमन से कॉलोनी व मौहल्लों के बदले वोटर्स का मूड भी इस बार प्रत्याशी सहज नहीं भांप पा रहे हैं। जबकि, बूथ एजेंटों की रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में मतदाताओं का झुकाव सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ ज्यादा माना जा रहा है। ऐसे में दोनों ही दलों के रणनीतिकार सभापति पद के दांव-पेंच को लेकर दल-बल से बाड़ाबंदी में ही लगे हैं। नर्णायक हो सकते है िनर्दलीय 112 निर्दलीयों में से वार्ड 9,11,24,31,33, 38,45 से 48 व 58 से 60 के बीच वार्डों में निर्दलीय कई जगह मुकाबले में माने जा रहे हैं। औसतन 15 वार्डों में निर्दलीय सीधे भाजपा-कांग्रेस को हराने की स्थिति में हैं। तीन वार्डों में निर्दलीय ज्यादा होने से वहां वोट बटने से त्रिकोणीय मुकाबला है। जीतने वाले निर्दलीय ही सभापति बनवाने में किंग मेकर की भूमिका निभा सकते हैं। राजनीतिक पंडितों की मानें तो 60 में बहुमत का आंकड़ा 31 है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। सभापति के लिए निर्दलीयों के सहारे ही 31 का जादुई आंकड़ा छुआ जा सकता है। शुक्रवार को बाड़ाबंदी कैंप कांग्रेस की पुष्कर में और भाजपा की बूंदी-कोटा एरिया के एक रिसॉर्ट में बताया गया है।

