लखनऊ में पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था अल्पिका एवं कालका बिंदादीन महाराज की ड्योढ़ी के सहयोग में 'वसंत उल्लास 26' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कथक और भारतीय संस्कृति के उत्थान को समर्पित था। कथक नृत्यांगना रेनू शर्मा ने डॉ. विद्या बिंदु के लोकगीत 'दगा दै गयो वारी…' पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। उन्होंने दर्शकों को कथक की पारंपरिक शैली और भावनाओं से भावविभोर कर दिया। डॉ. करूणा पांडे ने कहा कि कथक में परदे की हया और देवालयों की कथा आज भी जीवित है। उन्होंने बताया कि पं. बिरजू महाराज की धरोहर पीढ़ी दर पीढ़ी शिष्यों को मिलती रही है। सांवरा गिरधर हमारो' गीत पर नृत्य किया कथक प्रस्तुति में वैभवी मिश्रा ने श्रीकृष्ण निर्मित थुंगा थुंगा, रनझुन सिंह ने धमार में प्रण और टुकड़े, हर्षिता मिश्रा ने 'सांवरा गिरधर हमारो' गीत पर नृत्य किया। कल्चरल क्वेस्ट की गुरू सुरभि सिंह की शिष्यों ईशा रतन, मीशा रतन और आकांक्षा पांडे ने गणेश वंदना, उपज और पारंपरिक तीन ताल में अद्भुत प्रस्तुति दी। राजू कुमार ने 'शिव शंकर है जगदाधर', वल्लरी नारायण पाठक ने 'ध्रुपद शंकर अति प्रचंड' और एएडीसी के अनुज मिश्र ने गुरू वंदना, पंचम सवारी तथा तीन ताल में निबद्ध रचनाओं की प्रस्तुति दी। भातखंडे के गुरू कमलेश दुबे ने भी ध्रुपद प्रस्तुत किया। कथक और शास्त्रीय संगीत का संगम दिखा संस्था की अध्यक्ष उमा त्रिगुणायत ने बताया कि अल्पिका संस्था महाराज के नेतृत्व में देश-विदेश के शिष्यों के साथ हर साल जन्मदिन पर बसंतोत्सव का आयोजन करती है। यह परंपरा पं. बिरजू महाराज के समय से चली आ रही है और शिष्य-शिष्यों के प्रणाम के रूप में आज भी जीवित है। कार्यक्रम में कथक, लोकगीत और शास्त्रीय संगीत का संपूर्ण संगम देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए और कला के इस अमूल्य खजाने का आनंद लिया।
प्रतापगढ़ में बार काउंसिल के सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर में मतदान होगा। लगभग 3900 अधिवक्ता मतदाता 333 उम्मीदवारों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गुरुवार को मतदान से पहले पुलिस के आला अधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों के साथ परिसर का निरीक्षण किया। एएसपी शैलेंद्र लाल, सीओ सिटी प्रशांतराज और कोर्ट सुरक्षा प्रभारी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिया। दो दिनों तक कड़ी सुरक्षा में मतदान संपन्न कराने की तैयारी है। मतदान के दिन मतदाता अधिवक्ताओं को कटरा रोड स्थित गेट नंबर तीन से प्रवेश मिलेगा, जबकि निकासी के लिए गेट नंबर पांच का उपयोग किया जाएगा। जूनियर बार के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, महामंत्री विवेक त्रिपाठी, प्रकाशन मंत्री अजीत ओझा, जिला बार के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह, महामंत्री रवींद्र सिंह, वकील परिषद के अध्यक्ष इंदुभाल मिश्र, मंत्री आशीष पांडेय, रुरल बार के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल, मीडिया प्रभारी विकास मिश्र और अध्यक्ष अंजनी सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने पर सहमति व्यक्त की। जूबाए के प्रकाशन मंत्री अजीत ओझा ने बताया कि बार काउंसिल के पत्र के अनुसार, जनपद में सदस्य पद के लिए लगभग 333 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके लिए कुल 3900 मतदाता वोट करेंगे। दीवानी न्यायालय परिसर में मतदान के लिए 13 बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां प्रत्येक बूथ पर लगभग 300 मतदाता वोट डालेंगे। प्रत्येक मतदाता को 25 पेज का बैलेट पेपर दिया जाएगा, जिस पर वरीयता के अनुसार उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करना होगा। मतदान शुक्रवार सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा। शनिवार को भी इन्हीं बूथों पर मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, लालगंज और कुंडा आउटलाइन कोर्ट में मतदान के लिए चार बूथ बनाए गए हैं।
एपीके फाइल खोलते ही खाते से 4.90 लाख रुपए उड़े:इटावा में साइबर ठग ने व्यक्ति को बनाया शिकार
इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। विलासपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के मोबाइल पर आए एपीके फाइल के मैसेज के बाद कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस अधिकारियों से रकम वापस दिलाने की मांग की है। जसवंतनगर क्षेत्र के विलासपुर निवासी अनिल कुमार ने एसपी क्राइम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 24 जनवरी की सुबह उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से एपीके फाइल का मैसेज आया था। अनजान फाइल होने के बावजूद जैसे ही उन्होंने मैसेज को देखा, सुबह करीब 10 बजकर 14 मिनट पर उनके बैंक खाते से 4 लाख 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने का मैसेज मिलते ही अनिल कुमार के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर खाते को सुरक्षित कराने की कोशिश की, लेकिन तब तक साइबर ठग खाते से पूरी रकम निकाल चुके थे। पीड़ित के अनुसार पूरी घटना बहुत तेजी से हुई और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद अनिल कुमार ने एनसीआरबी के साइबर क्राइम पोर्टल पर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने एसपी क्राइम से न्याय की गुहार लगाते हुए ठगी की रकम वापस कराए जाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कथित बयान पर तीखा हमला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें कथित तौर पर एक मुस्लिम रिक्शा चालक को 10 रुपए की जगह 4 रुपये देने की बात कही गई थी। बर्क ने कहा कि यह बयान मुसलमानों के प्रति नफरत दर्शाता है। गुरुवार शाम संभल के थाना नखासा क्षेत्र के मौहल्ला दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर ममलूकुर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का बयान मुसलमानों को परेशान करने और उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर करने की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि असम में लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया। कांग्रेस द्वारा असम के मुख्यमंत्री को हिंदू जिन्ना कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बर्क ने कहा कि यह बयान देश को बांटने वाली मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुसलमान हिंदुस्तानी हैं और यहीं रहेंगे। बर्क ने कहा, यह हिंदुस्तान किसी एक का नहीं, बल्कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी का है। देश की आजादी में सभी ने कुर्बानियां दी हैं। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि रिक्शा चालक को 10 रुपये मांगने पर 11 रुपये देने चाहिए, ममलूकुर्रहमान बर्क ने इसे एक अच्छी सोच बताया। उन्होंने कहा कि एक रुपया अधिक देने से किसी गरीब मजदूर का भला ही होगा, और एक रिक्शा चालक की आमदनी वैसे भी सीमित होती है। ध्रुवीकरण की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए ममलूकुर्रहमान बर्क ने कहा कि इस तरह के बयान केवल सत्ता में बने रहने और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोट बैंक को मजबूत करने की राजनीति का हिस्सा हैं।
बदायूं में ARTO से बदसलूकी, खनन माफिया से हुई झड़प:चेकिंग के दौरान एक आरोपी पकड़ा गया, तीन फरार
बदायूं में चेकिंग के दौरान एआरटीओ हरिओम से कुछ लोगों ने बदसलूकी की और गालीगलौज की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य फरार हो गए। एआरटीओ की तहरीर पर सरकारी काम में बाधा डालने, बल प्रयोग और अभद्रता का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के काकोरा गांव के पास हुई। एआरटीओ की तहरीर के अनुसार, उन्हें वहां बालू से लदे दो वाहन खड़े मिले। जब एआरटीओ ने वाहनों की बिलटी मांगी, तो एक वाहन का चालक बिलटी देने के बाद दूसरे गेट से निकलकर खेत की ओर भाग गया। इसके बाद एआरटीओ ने निजी ड्राइवर बुलाकर दोनों वाहनों को थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। एआरटीओ की गाड़ी के सामने लगाई कार इसी दौरान, रास्ते में एक अन्य गाड़ी में सवार चार लोग आए और उन्होंने एआरटीओ की गाड़ी के सामने अपनी गाड़ी लगा दी। उन्होंने बालू लदे वाहन के ड्राइवर से चाबी छीन ली और यह भी कहा कि एआरटीओ बदायूं के नहीं हैं, इसलिए यहां वाहन चेकिंग नहीं हो सकती। एआरटीओ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर कार सवार लोग भागने लगे। हालांकि, एआरटीओ ने खुद ही एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पुलिस उसे अपने साथ थाने ले आई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नासिर बताया, जो रामपुर जिले के स्वार कस्बे का रहने वाला है। एआरटीओ की तहरीर पर नासिर और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एआरटीओ ने यह भी बताया कि दोनों वाहनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
मिर्जापुर में चर्चित ‘जिम जिहाद’ मामले के मुख्य आरोपी इमरान को अदालत ने 30 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह रिमांड शुक्रवार सुबह 10 बजे से शनिवार शाम 4 बजे तक के लिए मंजूर की गई है। तय समय पूरा होने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा। इमरान पर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील वीडियो बनाने, ब्लैकमेलिंग, वसूली और कथित धर्मांतरण कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड अवधि के दौरान इमरान से धर्मांतरण से जुड़े नेटवर्क, उसकी कार्यप्रणाली, फंडिंग के स्रोत और अन्य संदिग्ध पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल मिर्जापुर जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। अब तक इस मामले में इमरान समेत कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही नगर के अलग-अलग इलाकों में संचालित पांच जिमों को सीज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि इन जिमों के जरिए युवतियों से संपर्क कर गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। मामले की गंभीरता उस वक्त और बढ़ गई, जब आरोपी के कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ फोटो सामने आए। इससे उसके संभावित राजनीतिक संपर्कों और प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर आरोपी के तार विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक से जुड़े होने के दावे भी सामने आए हैं। इसके साथ ही विदेशी फंडिंग के जरिए धर्मांतरण कराए जाने की आशंकाओं ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से धर्मांतरण की रणनीति, फंडिंग के स्रोत, गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका, जिम नेटवर्क का इस्तेमाल और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए की जा रही गतिविधियों पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ से कई अहम राज खुल सकते हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता भी साफ हो सकता है। फिलहाल जिले में इस मामले को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर हलचल बनी हुई है। वहीं, मुख्य आरोपी इमरान का भाई लकी खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गुरुवार को चिनहट क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 80 बीघा में विकसित की जा रही 9 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 की टीम द्वारा की गई। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि यह अभियान चिनहट क्षेत्र के ग्राम जुग्गौर, मेहोरा, तकिया, लौलाई और देवरिया सहित कई स्थानों पर चलाया गया। इस दौरान मनोज सिंह, सियाराम, संजय, संतोष, अरविंद, विनोद, आशीष यादव, फूलचंद्र, विश्राम, हृदय नारायण यादव समेत अन्य निजी विकासकर्ताओं द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया। अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थल पर अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, नालियां, बाउंड्रीवॉल, साइट ऑफिस, अस्थायी भवन को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। एलडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति की जा रही किसी भी प्रकार की प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि जमीन या प्लाट खरीदने से पहले एलडीए से उसकी वैधता अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में नुकसान से बचा जा सके।
सीओ की गाड़ी की टक्कर से हुई महिला की मौत:परिजनों ने पुलिस पर लीपापोती करने का लगाया आरोप
सोनभद्र के पिपरी थाना क्षेत्र में 26 जनवरी को एक सड़क हादसे में महिला अस्पताली देवी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा पिपरी के सीओ की गाड़ी से हुआ था, लेकिन पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। महिला के परिजनों ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। पीयूसीएल के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल एडवोकेट ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए आरोप लगाया कि यह मामला विभागीय होने के कारण स्थानीय पुलिस महिला के परिजनों पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रही है। मृतका के पति कमलेश सिंह पटेल ने बताया कि 26 जनवरी की दोपहर करीब 1:30 बजे उनकी पत्नी अस्पताली देवी खाना लेकर जा रही थीं। तभी पीछे से आ रही सीओ पिपरी की तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह खाई में जा गिरीं। कमलेश पटेल के अनुसार, उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कमलेश पटेल ने आगे बताया कि अस्पताल में सीओ ओबरा और थानाध्यक्ष शक्तिनगर उनसे मिले और उन्हें कोतवाली पिपरी ले जाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे किसी तहरीर पर हस्ताक्षर नहीं करवाए गए, बल्कि सादे कागजों पर दस्तखत लिए गए। कमलेश पटेल का कहना है कि पुलिस अज्ञात वाहन से हुए हादसे के रूप में मामला दर्ज कर लीपापोती कर रही है, जबकि हादसा सीओ पिपरी की गाड़ी से हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर सीओ पिपरी और उनके ड्राइवर को भी चोटें आई थीं और गाड़ी खाई में गिरी थी, जिसका फुटेज उनके पास है। पीयूसीएल पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में प्रशासन माफी मांगने को तैयार हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन अब शंकराचार्य जी को सम्मान माघी पूर्णिमा स्नान कराने का प्रयास कर रहा है। कुछ बड़े अधिकारी मध्यस्थता करने में लगे हैं। इसको लेकर शंकराचार्य की दो शर्त हैं। पहली जिम्मेदार माफी मांगे और दूसरी शर्त चारों शंकराचार्य का प्रोटोकॉल स्नान के लिए लागू किया जाए। सूत्र बताते हैं कि शासन के कुछ अधिकारी बनारस शंकराचार्य जी को लेकर प्रयागराज जाएंगे। लगभग में बातचीत फाइनल हो चुकी है। जल्दी ही ऐलान होगा।
वसंत पंचमी महोत्सव का 31 जनवरी को आयोजन:मधुबनी टाउन हॉल में होगी समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता
बिहार कला एवं संस्कृति विभाग और मधुबनी जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में वसंत पंचमी महोत्सव-2026 का आयोजन 31 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इस महोत्सव के अवसर पर एक समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 31 जनवरी 2026 को मधुबनी के नगर भवन (टाउन हॉल) में होगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहार की समृद्ध लोकनृत्य परंपरा को एक मंच प्रदान करना और प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी यह पहल लोक संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मधुबनी जिला प्रशासन ने सभी कलाकारों और लोकनृत्य प्रेमियों को इस सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
तिरहुत रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) चंदन कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर में गुरुवार को आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर के पुलिस अधीक्षकों (SP) ने भाग लिया। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आगामी त्योहारों की सुरक्षा रणनीति पर गहन चर्चा हुई। डीआईजी ने बैठक में आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में तिरहुत रेंज में 3391 नए मामले दर्ज किए गए थे। इसके मुकाबले, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 4456 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। उन्होंने अनुसंधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीआईजी बोले- बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करेंगे डीआईजी ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि महीने में चार से कम मामलों का निपटारा करने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02, मुजफ्फरपुर) को उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई। आगामी होली पर्व के मद्देनजर, डीआईजी ने शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सीसीए-3 और सीसीए-12(2) के तहत कड़ी निरोधक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने आर्थिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष हिदायत दी। सभी एसपी को सुरक्षा ऑडिट करने का भी निर्देश दिया सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों में बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) और ज्वेलरी शॉप्स का सुरक्षा ऑडिट करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है। जनवरी 2026 में मुजफ्फरपुर जिले में चलाए गए विशेष अभियान की सफलता पर भी बैठक में चर्चा हुई। इस अभियान के तहत 100 जमानतीय वारंटों का निष्पादन किया गया और 117 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। विशेष रूप से, सहायक पुलिस अधीक्षक (सरैया) द्वारा रिकॉर्ड 132 कुर्की-जब्ती के निष्पादन को रेंज स्तर पर सराहा गया।प्रशासनिक सुधार और फोरेंसिक समन्वयबैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता और बुनियादी ढांचों के प्रबंधन पर भी बात हुई। DIG ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समन्वय स्थापित कर विसेरा, पोस्टमार्टम और जख्म जांच रिपोर्ट को समय पर प्राप्त करने के निर्देश दिए ताकि फोरेंसिक साक्ष्यों के अभाव में मामले न लटकें। इसके अलावा, थानों के मालखानों की इन्वेंट्री बनाने और प्रभार सौंपने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए आवश्यकतानुसार दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का आदेश दिया गया। आखिर में, लिपिक संवर्ग के कर्मियों के वित्तीय उन्नयन से जुड़े 19 प्रस्तावों की समीक्षा की गई, जिसमें से एक को योग्य पाया गया और शेष 18 मामलों को मुख्यालय स्तर पर अनुशंसा के लिए भेज दिया गया है।
भारत मंडपम में ‘शक्ति संवाद’: महिला सशक्तिकरण पर सीएम रेखा गुप्ता का जोर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भारत मंडपम में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा आयोजित ‘शक्ति संवाद: दो दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण’ कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
आगरा में कालिंदी विहार निवासी राज चौहान की 23 जनवरी को एसएन गेस्ट हाउस में हत्या कर दी गई। हत्या के मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया, जबकि दो शूटर पुलिस की गोली से घायल हुए हैं। पुलिस एनकाउंटर के बाद राज की मां नीरज चौहान शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से मिली। उन्होंने कमिश्नर से सभी आरोपियों के एनकाउंटर करने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे को घर से बुलाकर मारा गया, इस साजिश में कई लोग शामिल हैं। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। अरबाज खान उर्फ मंसूरी के एनकाउंटर में ढेर होने व उसके साथी मोहित और आशु के घायल होने पर राज की मां संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने भी उनके बेटे को मारा है, उनको भी एनकाउंटर हो। सबके घर पर बुलडोजर चले। उन्होंने कहाकि बेटे की हत्या के बाद से वो डर के माहौल में है। उन्हें डर सता रहा है कि जिस तरह बेटे को घर से ले जाकर मार दिया गया, उसी तरह बदमाश उन पर भी हमला कर सकते हैं। वो मुझे भी मार डालेंगे। मेरे छोटे बेटे के साथ भी कुछ अनहोनी हो सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। वो शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से भी मिलीं। उनका कहना था कि पुलिस आयुक्त से उन्होंने बेटे की हत्या में शामिल सभी लोगों के एनकाउंटर की मांग रखी ।
भागलपुर के रेकाबगंज में दो परिवारों में झड़प:लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला, 7 लोग घायल
भागलपुर के ततारपुर थाना क्षेत्र के रेकाबगंज गांव में दो परिवारों के बीच हुए आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस झड़प में महिला और बच्चों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही ततारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह विवाद मामूली कहासुनी से शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से मारपीट में बदल गया। घायल अनिल मंडल ने बताया कि उनके पड़ोसी मुकेश उनके घर के सामने गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर मुकेश, राजेंद्र, मुरारी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अनिल मंडल, उनकी पत्नी और उनके तीन बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर है, हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी अनील कुमार ने बताया कि लिखित शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है। घटना के बाद रेकाबगंज गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
संभल में मशहूर यूट्यूबर महक-परी और उनके सहयोगी युवक सलमान उर्फ सल्लू को लेकर युवाओं के बीच विवाद गहरा गया है। मामले में सलमान ने खुद की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से शिकायत किए जाने का दावा किया है। विवाद की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसमें महक-परी ने कुरैशी समाज में सबसे ज्यादा पैसा अपने सहयोगी सलमान के पास होने की बात कही थी। यह मामला संभल कोतवाली और थाना हयातनगर क्षेत्र के सरायतरीन स्थित मोहल्ला भूड़ा से जुड़ा है। महक-परी ने अपने सहयोगी सलमान उर्फ सल्लू कुरैशी के साथ वीडियो बनाकर कहा था कि संभल में कुरैशियों के पास काफी पैसा है और उसमें सबसे अधिक पैसा सल्लू के पास है। वीडियो वायरल होने के बाद संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाला निवासी एक अन्य सलमान ने अपना वीडियो जारी किया। जिसमें उसने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए महक-परी और उनके सहयोगी पर कटाक्ष किया। गोश्त की तरह काटकर हत्या करने की धमकी इसके बाद महक-परी के सहयोगी सलमान उर्फ सल्लू ने समीर, सलमान सल्लू (निवासी नाला) और सुहैब (निवासी गांव मंडी किशनदास सराय) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सलमान का कहना है कि इन लोगों ने उन्हें छुरे से गोश्त की तरह काटकर हत्या करने की धमकी दी है। साथ ही गाली-गलौज भी की जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में संभल कोतवाली इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह और थाना हयातनगर प्रभारी उमेश सोलंकी ने किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने से इनकार किया है। सलमान उर्फ सल्लू ने आरोप लगाया कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो के दौरान उनकी मुलाकात उक्त तीनों युवकों से हुई थी। उन्होंने महक-परी के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और इसके बदले 10 से 15 हजार रुपये का लालच भी दिया। गाली-गलौज कर दी जा रही धमकियां सलमान का कहना है कि उन्होंने यह कहकर साफ मना कर दिया कि हर किसी की इज्जत होती है और वह केवल वीडियो बनाने का काम करते हैं। इसके बाद से आरोपियों की ओर से लगातार गलत टिप्पणियां, गाली-गलौज और फोन पर धमकियां दी जा रही हैं। सलमान ने अपनी जान को खतरा बताया है।उल्लेखनीय है कि यूट्यूबर महक-परी इससे पहले भी अपने अश्लील कंटेंट वाले सैकड़ों वीडियो को लेकर चर्चा में रही हैं। कुछ समय पहले अश्लील वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। हालांकि, कुछ समय के अंतराल के बाद फिर से उनके और उनके सहयोगियों के वीडियो सामने आने लगे हैं। महक-परी से जुड़े कई विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं और अब यह नया मामला चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म नए भारत की नई कार्य संस्कृति का सशक्त उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस की सोच को जमीन पर उतार रहा है और योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद कर रहा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रगति पोर्टल की भूमिका बेहद अहम है। 85 लाख करोड़ की 3,300 से ज्यादा परियोजनाओं को मिली रफ्तार सीएम साय ने बताया कि प्रगति पोर्टल के जरिए अब तक 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक लागत की 3,300 से ज्यादा परियोजनाओं को गति दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री स्वयं केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए लंबित परियोजनाओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया है। केंद्र-राज्य के बीच मजबूत सेतु बना प्रगति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। पहले कई परियोजनाएं शिलान्यास के बाद वर्षों तक लंबित रहती थी, लेकिन अब तय समय-सीमा में काम पूरा हो रहा है और जवाबदेही तय की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 99 राष्ट्रीय परियोजनाएं, 6.11 लाख करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस समय 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर काम जारी है। प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से जुड़े 200 मुद्दे दर्ज किए गए थे, जिनमें से 183 का समाधान किया जा चुका है। इस तरह राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है। इन सेक्टरों में सुलझी बड़ी अड़चनें सीएम साय ने बताया कि पावर सेक्टर में 24, सड़क परिवहन और राजमार्ग में 23, रेलवे में 14, कोयला सेक्टर में 7, स्टील सेक्टर में 9 परियोजनाओं की समस्याओं का समाधान प्रगति के जरिए किया गया है। भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण, लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट और रायपुर-कोडेबोड़ फोरलेन जैसी वर्षों से अटकी परियोजनाओं को भी प्रगति पोर्टल से गति मिली है। विकास का रोडमैप है प्रगति मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रगति जैसे नवाचारों की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी सराहना की है और इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रभावी मॉडल बताया है। सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जब विकसित भारत की बात करते हैं, तो वह केवल एक सपना नहीं, बल्कि स्पष्ट रोडमैप होता है और प्रगति प्लेटफॉर्म इसका सबसे मजबूत प्रमाण है।
विकसित भारत-2047 की यात्रा में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की महत्वपूर्ण भूमिका : आशीष सूद
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में गुरुवार को ओपन, डिस्टेंस, डिजिटल एवं ब्लेंडेड लर्निंग में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर आधारित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ओडीडीबीएल-2026 का शुभारंभ हुआ
ग्वालियर में बेकरी संचालक के बेटे की मौत:रात को खाना खाकर सोने गया था, सुबह नींद से ही नहीं जागा
ग्वालियर में एक बेकरी शॉप संचालक के बेटे की मौत हो गई। 38 वर्षीय बेटा रात को खाना खाकर सोने गया था, लेकिन सुबह नींद से नहीं जागा। जब परिजन ने उसे देखा, तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और वह ठंडा पड़ चुका था। तत्काल परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने नब्ज जांचते ही मृत घोषित कर दिया। घटना की परिस्थितियां संदिग्ध नजर आने पर पुलिस को सूचना दी गई। यह घटना रतन कॉलोनी, जनकगंज की है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया है और मर्ग कायम कर लिया है। आशंका जताई जा रही है कि मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई है। शहर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित रतन कॉलोनी निवासी अनिल मलिक व्यापारी हैं। उनकी बेकरी शॉप है, जिस पर उनका 38 वर्षीय बेटा हिमांशु मलिक भी काम संभालता था। बुधवार रात हिमांशु रोज की तरह घर पहुंचा और रात करीब 11 बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। गुरुवार सुबह वह नींद से नहीं जागा। दुकान का समय होने पर पिता बेकरी शॉप के लिए निकल गए। दोपहर करीब 12 बजे जब मां उसे जगाने पहुंचीं, तो वह बिल्कुल ऐसे पड़ा था, जैसे शरीर में कोई जान नहीं हो। उन्होंने कई बार उसे जगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब मां गीता मलिक ने उसका शरीर छूकर देखा, तो वह ठंडा पड़ चुका था। इसके बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नब्ज जांचते ही उसे मृत घोषित कर दिया। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलने पर जनकगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। जनकगंज थाना पुलिस के अनुसार, युवक की मौत सोते समय हुई है। पोस्टमार्टम कराया गया है और मौत के कारण शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' अभियान के तहत नीमच पुलिस ने गुरुवार को शहर के प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 106 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 40 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला। पटाखा फोड़ने वाली बुलेट और मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती एसपी अंकित जायसवाल के निर्देशन में यातायात विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों जैसे चोपड़ा चौराहा और मैसी शोरूम के पास सघन चेकिंग की। इस दौरान सबसे ज्यादा सख्ती उन बुलेट मोटरसाइकिलों पर दिखाई गई, जिनमें मॉडिफाइड साइलेंसर लगे थे। पटाखे जैसी आवाज निकालकर दहशत फैलाने वाली इन बाइकों को पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर थाने भिजवाया। काली फिल्म हटवाई और नाबालिग चालकों को टोका कार्रवाई के दौरान कई चार पहिया वाहनों के कांच पर लगी काली फिल्म को पुलिस ने मौके पर ही उतरवाया। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट, बिना इंश्योरेंस के वाहन चलाने वालों और सड़कों पर फर्राटा भर रहे नाबालिग चालकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई। यातायात प्रभारी सोनू बड़गुर्जर ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। निरंतर जारी रहेगा अभियान इस विशेष मुहिम में सूबेदार सुरेश सिसौदिया सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति भंग करने वाले और तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता की सुरक्षा के लिए यह चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर लगाई रोक, 2012 रेगुलेशन रहेंगे लागू
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया
गाजीपुर में फर्जी दरोगा गिरफ्तार:पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों से अवैध वसूली कर रहा था
गाजीपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के लंका इलाके में पुलिस ने एक फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से अवैध वसूली कर रहा था। क्राइम ब्रांच और शहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को डराता-धमकाता था और उनसे पैसे वसूलता था। सूचना मिलने पर पुलिस ने एक जाल बिछाया और उसे मौके से पकड़ लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र पांडे के रूप में हुई है, जो शिवनाथ पांडे का पुत्र और ग्राम जमालपुर, लोटन इमली का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से पुलिस जैसी वर्दी और अन्य संबंधित सामान बरामद किया है। सीओ सिटी शेखर सेंगर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गोंडा में देर रात 8.30 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक किसान की मौत हो गई यह हादसा मनकापुर थाना क्षेत्र के अंधियारी बाजार स्थित सीडीएस स्कूल के पास देर रात करीब 8:30 बजे हुआ। मृतक की पहचान 40 वर्षीय रक्षाराम वर्मा के रूप में हुई है। रक्षाराम वर्मा मोतीगंज थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव के निवासी थे। वह अपने खेत से गन्ना लादकर दतौली चीनी मिल जा रहे थे। रास्ते में अंधियारी बाजार के पास उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर एक गड्ढे में पलट गई है। ट्रैक्टर पलटने के बाद रक्षाराम वर्मा उसके नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर मनकापुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस बुलाई और रक्षाराम वर्मा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। कोतवाल ने मृतक के परिजनों को सूचित किया, जो मौके पर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मनकापुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसान गन्ना बेचने के लिए स्वयं ट्रैक्टर चलाकर चीनी मिल जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ है। फिलहाल इस घटना के बाद रक्षा राम के परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है परिजनों का रो-रो कर हालात खराब हो गई है।
मुजफ्फरनगर में हेलमेट न पहनने पर एक नगरपालिका सभासद को रोकना पुलिस के लिए भारी पड़ गया। गुरुवार को मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास सिविल लाइन पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी नई मंडी कुकड़ा के सभासद प्रशांत गौतम को रोका गया। सभासद प्रशांत गौतम सदर तहसील जा रहे थे। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी ने उनकी बाइक रोकी। कागजात पूरे पाए गए, लेकिन हेलमेट न पहनने पर चालान काटने की तैयारी की गई। सभासद का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी ने उनके साथ बदतमीजी की, जिससे वे भड़क गए। सभासद ने पुलिसकर्मी पर हावी होने का आरोप लगाया और आसपास बिना हेलमेट चल रहे अन्य वाहन चालकों के चालान न काटने पर सवाल उठाए। जब सभासद प्रशांत गौतम ने अपना परिचय दिया, तो मामला और गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। सभासद ने अन्य पार्षदों को मौके पर बुला लिया, जिनके पहुंचने पर हंगामा बढ़ गया। पार्षदों के दबाव के बाद पुलिसकर्मी ने सभासद का चालान नहीं काटा। इसके बाद सभासदों ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, पुलिसकर्मी ने भी अपने उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया है।
गैगेस्टर मामले में दोषी को 2 साल की सजा:इटावा में कोर्ट ने 5 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
इटावा में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए आरोपी को दो साल की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का भी आदेश दिया गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि लवेदी थाना पुलिस ने मैनपुरी जिले के बरनाहल थाना क्षेत्र के जाटव मोहल्ला निवासी दिलीप कुमार पुत्र ओम प्रकाश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपी दिलीप कुमार को दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को दो साल का कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो आरोपी को दस दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के लापता होने और उनके वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने मोर्चा खोलते हुए विधायक की कार्यशैली और भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़े प्रहार किए हैं। लापता होने के दावे पर उठाए सवाल पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने विधायक प्रदीप पटेल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके वायरल वीडियो और हरकतें अब किसी से छिपी नहीं हैं। उन्होंने विधायक के लापता होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए तंज कसा कि जब सोशल मीडिया पर लगातार फोन कॉल, ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं, तो कोई व्यक्ति लापता कैसे हो सकता है? बन्ना ने कहा कि मऊगंज की जनता ने उन्हें दो बार बड़ी उम्मीदों के साथ चुना था, लेकिन वे उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं। मतदाता सूची और वोट चोरी का आरोप बन्ना ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के युवाओं और आम जनता को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने भाजपा सरकार को 'वोट चोरी' करने वाली सरकार बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति की शिकायत पर सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पूर्वज सदियों से यहां रह रहे हैं, उन्हें भी सूची से बाहर किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। संविधान और नीतियों पर घेरा यूजीसी और अन्य नीतियों के मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है, लेकिन वर्तमान सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए विशेष वर्ग के अधिकारों पर आघात कर रही है। उन्होंने मांग की कि इन नीतियों में सुधार किया जाना चाहिए। विधायक की सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा तभी संभव है जब वे गृह मंत्री बन जाएं, फिलहाल तो उनकी सुरक्षा उनके खुद के व्यवहार पर निर्भर करती है।
अमेठी कस्बे के हनुमानगढ़ी मंदिर में स्थापित शीतला माता मंदिर, राम दरबार और शिव परिवार मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे मंदिर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे उत्सव का माहौल बन गया। अमेठी कस्बे के गांधी चौक के पास स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। दस वर्ष पूर्व इसी मंदिर परिसर में शीतला माता मंदिर, राम दरबार और शिव परिवार मंदिर की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। आज आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों से हुई। प्रसाद वितरण में कस्बे के कई व्यवसायी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
टोंक में दुष्कर्म के प्रयास के 8 साल पुराने मामले में SC-ST कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 61 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। रात 11 बजे महिला के कमरे में घुसा आरोपी विशिष्ट लोक अभियोजक मेघराज जाट ने बताया- पीड़िता ने 21 अक्टूबर 2017 को पुलिस थाना सदर टोंक में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 20 अक्टूबर 2017 की रात करीब 11 बजे पीड़िता अपने कमरे में दो वर्षीय बच्ची के साथ सो रही थी, जबकि उसका पति पास के दूसरे कमरे में था। इसी दौरान आरोपी चुपचाप उसके कमरे में घुसा और बलात्कार का प्रयास किया। शोर मचाने पर छुड़ाकर भागा आरोपी परिवादिया के जागने पर उसने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और जोर-जोर से शोर मचाया। आवाज सुनकर उसका पति मौके पर पहुंचा। इस बीच आरोपी खुद को छुड़ाकर भागने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बाइक मकान के बाहर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ चालान घटना के बाद पुलिस थाना सदर टोंक ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने पर पुलिस ने जार्चशीट कोर्ट में पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 13 गवाह, 24 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने और साक्ष्यों की जांच के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
फरीदाबाद में एक महिला से दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में जिले की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की कोर्ट ने नहरपार हनुमान नगर भारत कॉलोनी निवासी युवक विनय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर दो लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बता दे कि यह वारदात 12 अक्टूबर 2018 की है। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। चीफ डिफेंस काउंसल एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कोर्ट में चीफ डिफेंस काउंसल एडवोकेट रविंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतका के पति कुंवरपाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। वह फरीदाबाद की एक कॉलोनी में किराए पर रहते थे और एक निजी कार शोरूम में नौकरी करते थे। उनकी 25 वर्षीय पत्नी उनके साथ रहती थी। बेड पर मिला था शव कुंवरपाल रोजाना सुबह करीब सवा नौ बजे ड्यूटी के लिए निकलते थे और शाम को करीब पौने सात बजे घर लौटते थे।12 अक्टूबर 2018 को भी कुंवरपाल सुबह ड्यूटी पर चले गए थे। शाम के समय जब उनकी साली कमरे पर पहुंची तो उसने देखा कि उसकी बहन बेड के पास मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। नाक और कान से निकल रहा था खून महिला के नाक और कान से खून निकल रहा था। यह देखकर उसने तुरंत अपने जीजा कुंवरपाल को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।पुलिस जांच में सामने आया कि नहरपार हनुमान नगर निवासी विनय का मृतका के घर अक्सर आना-जाना था। आरोपी ने जुर्म कबूल किया मृतका के पति ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने विनय को घर आने से मना कर दिया था, लेकिन वह उनकी बात नहीं मान रहा था। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि विनय का मृतका के घर नियमित आना-जाना था।पुलिस पूछताछ में आरोपी विनय ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके मृतका से अवैध संबंध थे। शादी का दवाब बना रहा थी मृतका वह उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा था। आरोपी ने बताया कि 12 अक्टूबर को मृतका के पति के ड्यूटी पर जाने के बाद वह उसके कमरे पर पहुंचा। पहले उसने महिला से दुष्कर्म किया। गला दबाकर की हत्या इसके बाद जब महिला ने शादी करने का दबाव बनाया तो उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। यही नहीं, हत्या के बाद उसने सिल बट्टे से महिला का चेहरा भी कुचल दिया और उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।22 गवाह और 41 दस्तावेज पेश किएइस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल से खून से सना सिल बट्टा मिला, वहीं आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। ये दोनों सबूत मामले में अहम कड़ी साबित हुए। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह और 41 दस्तावेज पेश किए गए।सभी तथ्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और बरामद सबूतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी विनय को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया।
सीकर में अब यदि किसी को पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत या कोई सुझाव भेजना हो, तो वे सुझाव पेटिका में अपने पत्र डाल सकेंगे। आज शाम को सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. तेजपाल सिंह, सीओ सिटी संदीप चौधरी, और शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ ने सीकर के कल्याण सर्किल पर सुझाव पेटिका लगाई। इस दौरान कॉन्स्टेबल दलीप सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि पिछले दिनों सीकर के कोतवाली थाने में शहरवासियों के साथ हुई बैठक में सीकर शहर में सुझाव पेटिका लगाने का निर्णय लिया गया था। एक सप्ताह में शहर में कल्याण सर्किल, जाट बाजार, घंटाघर सहित अन्य जगहों पर आज सुझाव पेटिका लगा दी गई है। अब लोग पत्रों के माध्यम से इनमें अपनी शिकायतें और सुझाव डाल सकेंगे। इसके लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में एक अलग प्रकोष्ठ (सेल) बनाया जाएगा, जो शिकायतों और सुझावों के समाधान के लिए काम करेगा। शिकायत और सुझाव देने वाले के नाम की गोपनीयता रखी जाएगी। सीकर पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहेगी कि कम समय में समाधान हो सके।
जमीन विवाद में किसान ने फांसी लगाकर दी जान:धोखाधड़ी कर हड़पी जमीन, जान से मारने की धमकी से था परेशान
कानपुर देहात के अमरौधा थाना भोगनीपुर क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी और धमकियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। वार्ड जुलैठी निवासी राकेश कुमार संखवार ने अपने घर में मफलर से फंदा बनाकर जान दे दी। मृतक की मां सावित्री देवी ने राकेश द्वारा आत्महत्या करने की पुष्टि की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण फांसी लगना स्पष्ट हुआ है। मृतक के भतीजे सोनू पुत्र रामकिशोर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि चाचा राकेश के पास दो प्लॉट थे। एक प्लॉट पहले ही बिक चुका था, जबकि दूसरे प्लॉट को लेकर अशोक पुत्र ठाकुर से बात चल रही थी। आरोप है कि इसी बहाने अशोक चार महीने पहले राकेश को तहसील भोगनीपुर ले गया और प्लॉट के साथ-साथ डेढ़ बीघा कृषि भूमि भी अपने नाम करा ली। परिजनों को जब इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने राकेश से बात की। राकेश ने बताया कि उन्होंने केवल प्लॉट ही बेचा था। जब इस संबंध में अशोक से सवाल किया गया, तो उसने जान से मारने की धमकी देते हुए दोबारा घर न आने की चेतावनी दी। परिजनों के अनुसार, राकेश कम पढ़े-लिखे थे और इस घटना के बाद से गहरे मानसिक तनाव में थे। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस मामले में क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि परिजन जमीन से जुड़ा मामला बता रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बागपत की बड़ौत कोतवाली पुलिस ने एक महिला से पर्स लूटने के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटा गया पर्स बरामद किया है। यह घटना बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में 13 जनवरी को हुई थी, जब एक महिला से पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। अजय कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लुटेरे की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान फरार लुटेरे को मुठभेड़ के बाद पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान बागपत के कोताना निवासी निशांत पुत्र रामअवतार के रूप में हुई है। निशांत ने ही महिला से पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त निशांत पर थाना क्षेत्र में पहले से ही दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। बड़ौत कोतवाली प्रभारी मनोज चहल ने बताया कि अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
आगरा में रंगबाज राज चौहान का मर्डर फिल्म में दिखाए जाने वाले गैंगवार की तरह था। इलाके में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर धमकी देने और अपने को बड़ा डॉन दिखाने के चलते मर्डर को अंजाम दिया गया। ट्रांस यमुना इलाके में नई उम्र के दो लड़के राज चौहान और अरबाज मंसूरी उर्फ शोएब, दोनों ही अपना दबदबा बनाना चाहते थे। इसलिए दोनों के रंजिश पैदा हो गई थी। इस रंजिश का अंजाम इतना भयानक था कि राज चौहान पर 5 हमलावरों ने कई राउंड फायर किए। सात गोली उसके शरीर में लगी। हत्या के लिए साजिश पहले से रच ली गई थी। मुख्य आरोपी अरबाज ने अपने परिवार को पहले से ही अंडरग्राउंड कर दिया था। हत्या में आलोक यादव गैंग की संलिप्तता भी पुलिस को मिली है। यमुना पार इलाके में आलोक यादव गैंग का दबदबा वर्षों से चला आ रहा था। आलोक के जेल जाने के बाद गैंग की कमान अरबाज खान उर्फ मंसूरी ने संभाल ली थी। राज चौहान के जेल जाने के साथ ही छह मार्च 2024 को ट्रांस यमुना थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में अरबाज मंसूरी को भी जेल जाना पड़ा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार जेल में राज चौहान ने अरबाज की पिटाई कर दी थी। बीते वर्ष दो दिसंबर को जेल से रिहा होने पर राज चौहान ने दो सौ युवकों के साथ जुलूस निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया था। हत्या के सप्ताह भर पहले राज चौहान ने छत्ता क्षेत्र में यमुना किनारे मंसूरी की शह पर चल रहे जुआ के फड़ पर पहुंचकर लूटपाट की थी। लगातार मिल रही चुनौतियों से मंसूरी को लगने लगा था कि यमुना पार इलाके में उसका दबदबा कम हो रहा है, वहीं राज का वर्चस्व बढ़ रहा है। दबदबा कायम करने के लिए मंसूरी से हत्याकांड की वारदात से सप्ताह भर पहले इंस्टाग्राम पर राज चौहान की हत्या का एलान किया था। शाह नगर बंबा स्थित घर से परिवार को रिश्तेदारी में शिफ्ट कर दिया था। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर राज चौहान की हत्या की योजना बनाई। गैंग के सदस्य विजय कश्यप को राज चौहान की गैंग में शामिल कराया। विजय कश्यप से वाट्सएप पर सटीक सूचना मिलने के बाद 23 जनवरी की रात 10 बजे एसएन स्टे होम गेस्ट हाउस में पहुंचकर राज चौहान की सात गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। राज के नशे में होने पर पहुंचा गैंग, मंसूरी ने मारी पहली गोलीराज से दोस्ती के बाद विजय कश्यप ही उसे एसएन स्टे होम गेस्ट हाउस में ले गया था। यहां उसने राज चौहान को शराब पिलाई। जब वो नशे में हो गया तो उसका तमंचा भी निकाल लिया। पुलिस को पता चला है कि राज हमेशा अपने पास हथियार रखता था। नशे में होने पर योजना के तहत वाट्सएप पर आर्यन को मैसेज किया। मैसेज किया गया था आ जाओ सब क्लियर है। गेस्ट हाउस से ग्रीन सिग्नल मिलते ही अरबाज मंसूरी अपने साथी आशू तिवारी, चंदन नगर कालिंदी विहार निवासी विष्णु पंडित, बजरंग नगर कालिंदी विहार निवासी आकाश प्रजापति, कालिंदी विहार निवासी मोहित पंडित के साथ गेस्ट हाउस पहुंचा। सबसे पहले अरबाज ने मारी गोलीगेस्ट हाउस में अचानक हमलावारों के पहुंचने पर राज और उसके साथी सकापका गए। राज ने देखा कि उसका तमंचा नहीं है। हमलावरों को देखते ही राज के साथी उसे अकेला छोड़कर भाग निकले। इसके बाद मंसूरी ने राज पर पहला फायर किया। राज बाहर की ओर भागा तो मंसूरी के साथियों ने राज के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हत्या की साजिश में आलोक यादव का भी हाथराज चौहान की हत्या की साजिश में हिस्ट्रीशीटर आलोक यादव का भी हाथ है। पुलिस के अनुसार वह लगातार अरबाज मंसूरी को उकसा रहा था। हत्या के मुकदमे में पुलिस आलोक यादव को भी 120बी साजिश रचने का मुल्जिम बनाएगी। 33 लोगों पर कसेगा शिकंजाडीसीपी ने बताया कि पुलिस ने यमुना पार के 33 बदमाशों को चिन्हित किया है। इन पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। इसमें कुछ आदतन अपराधी भी है। पुलिस इनकी संपत्ति और मददगारों की भी जांच करेगी।
कानपुर देहात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नवनियुक्त सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात के निर्देश पर न्याय और मानवाधिकारों की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने जेल में बंद कैदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनके रहने, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विशेष रूप से, महिला बंदियों से मुलाकात कर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। महिला बंदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों के आवास, भोजन और शिक्षा व्यवस्था का भी गहनता से निरीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों को मानवीय और संवैधानिक सुविधाएं मिल रही हैं। इस निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक, जेलर और उप-जेलर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
भिलाई में 13 साल की नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई है। आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाले ही दो नाबालिगों ने उसे बहला-फुसलाकर खंडहर में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना 28 जनवरी की बताई जा रही है। घटना नेवई थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, 28 जनवरी को नाबालिग बच्ची अपने मोहल्ले में घूम रही थी। इसी दौरान मोहल्ले के दो नाबालिग एक की उम्र 14 साल और दूसरे की उम्र 15 साल उसे अपने साथ ले गए। आरोपियों ने उसे एक सुनसान खंडहर में ले जाकर जबरदस्ती की। इसी बीच बच्ची को तलाशते हुए उसकी मां भी मौके के आसपास पहुंच गई, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। गैंगरेप के दोनों आरोपी नाबालिग घटना के बाद परिजन सीधे नेवई थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रकरण दर्ज किया और दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया। चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल चेकअप कराया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ी से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बैंक से 166.83 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद बियर बार संचालक लाल बहादुर सिंह, उनके पुत्र चंद्रमान सिंह और मेसर्स सिंह एंड कंपनी के प्रोपाइटर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों ने केनरा बैंक से लोन लिया था, लेकिन गिरवी रखी संपत्ति को बैंक को बिना बताए खुर्द-बुर्द कर दिया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ईओडब्ल्यू ने आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपियों ने साल 2013 में केनरा बैंक की रीवा शाखा से हाउसिंग और कमर्शियल लोन के रूप में करीब 58 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इस लोन के बदले में आरोपियों ने रीवा के कालीनी पड़ाव क्षेत्र में स्थित मकान सहित कुल चार संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखी थीं। दो मकान बेचे, दुकान का हुलिया बदला लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने बैंक को बिना सूचना दिए धोखाधड़ी की। उन्होंने गिरवी रखी गई संपत्तियों में से दो मकान बेच दिए, जबकि एक दुकान का स्वरूप बदल दिया। इससे बैंक के पास रखी गई गिरवी संपत्तियों का मूल्य प्रभावित हुआ और बैंक अपनी बकाया राशि की वसूली नहीं कर सका। समय पर कर्ज न चुकाने और संपत्तियों में अवैध परिवर्तन के चलते बैंक को अब तक कुल 166.83 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। दस्तावेजों की जांच के बाद हुई FIR बैंक की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजातों का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर तीनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
सूरजपुर जिले के ग्राम शंकरपुर में गुरुवार शाम दो युवकों ने महिला पर चाकू से छह बार वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के दौरान महिला घर में अकेली थी। महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना लटोरी पुलिस चौकी क्षेत्र की है। आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम शंकरपुर निवासी अमर सिंह की पत्नी सिरमेन (28 वर्ष) गुरुवार शाम को घर में अकेली थी। उसका पति जरही में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता देखने के लिए गया हुआ था। शाम करीब पांच बजे दो 2 अज्ञात युवक उसके घर में घुस आए। युवकों ने सिरमेन से विवाद करते हुए उसपर चाकू से कई बार वार किया। चाकू के वार से सिरमेन के सिर, पेट, हाथ और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। महिला की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में इलाज महिला पर हमला कर दोनों युवक भाग निकले। सिरमेन की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में दाखिल कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि सिरमेन से अमर सिंह ने दूसरी शादी की है। घटना की सूचना देर शाम लटोरी पुलिस को दी गई। हमलावरों के संबंध में घायल महिला नहीं बता सकी है। पुलिस द्वारा हमलावरों के शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
आकाश आनंद से मित्तन पहलवान ने मुलाकात की:बागपत में पार्टी मजबूत करने, युवाओं को जोड़ने पर चर्चा
बागपत के मित्तन पहलवान ने दिल्ली में पार्टी के चीफ राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद से मुलाकात की। इस दौरान मित्तन पहलवान ने आकाश आनंद को एक गदा भेंट की। बैठक में पार्टी को मजबूत करने, युवाओं को जोड़ने और आगामी जिला पंचायत चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मित्तन पहलवान ने बताया कि आकाश आनंद ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक युवाओं को बसपा से जोड़ने और पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। गोठड़ा गांव निवासी मित्तन पहलवान बसपा के सक्रिय युवा नेता हैं और युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ रखते है। वह वर्तमान में जिला पंचायत के वार्ड नंबर 20 से चुनावी मैदान में हैं, जहां उन्हें स्थानीय लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इस मुलाकात के दौरान बागपत के बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी भी उपस्थित रहे।
रायपुर में समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ का त्रैवार्षिक निर्वाचन 29 जनवरी को संगठन के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ। निर्वाचन प्रभारी डॉ. भावेश शुक्ला “पराशर” की देखरेख में पंजीयन कार्यकारिणी सदस्यों ने बहुमत से नए पदाधिकारियों का चयन किया। निर्वाचन में रायपुर की प्रमिला तिवारी को प्रदेशाध्यक्ष और बालोद जिले के सिकोसा निवासी रामानुज तिवारी को कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष चुना गया। वहीं सजल तिवारी को प्रदेश सचिव और डौंडी लोहारा निवासी प्रेम शंकर शुक्ला को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा शैलेन्द्र रिछारिया को प्रदेश संयोजक, डॉ. राजेन्द्र कृष्ण पांडेय और शंकर शरण त्रिपाठी को उपाध्यक्ष, विवेक दुबे और श्रीकांत तिवारी को संयुक्त सचिव और सीमा दुबे के साथ राजेश धुलीराम जोशी को संगठन विस्तार का दायित्व सौंपा गया। निर्वाचन के बाद सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ब्राह्मण समाज, सनातन धर्म और राष्ट्रहित से जुड़े संगठनात्मक कार्यों को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाने की शपथ ली। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में संगठन के प्रतिनिधि और सदस्य उपस्थित रहे। ये व्यक्ति हुए शामिल इस अवसर पर डाली तिवारी, स्वाति शर्मा, अनुसुइया झा, रमा दीवान, अंजू शर्मा, शशि द्विवेदी, राही दुबे, सरोज तिवारी, उमा शुक्ला, पं. उमाकांत तिवारी, पं. विजय पांडेय, पं. गौरव मिश्रा, पं. संजय शर्मा, पं. विवेक तिवारी, कालिंदी उपाध्याय, स्वाति मिश्रा, अमिता तिवारी, अमिता मिश्रा, खुशबू शर्मा, संध्या उपाध्याय, प्रीति तिवारी सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश से संगठन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यूजीसी को लेकर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा की। वे आयोजन में शामिल होने के लिए इंदौर आए थे। आयोजन में शामिल होने के बाद उन्होंने यूजीसी को लेकर पूछे सवालों के जवाब दिए। हालांकि कुछ सवालों के जवाब देने के लिए बाद वे वहां से चले गए। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार गुरुवार को एक आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। यूजीसी को लेकर पूछे सवालों पर मंत्री परमार ने कहा कि यूजीसी को लेकर लोगों ने जानबूझकर कर बड़ा भ्रम फैलाने की कोशिश की थी। मैं समझता हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने उस पर पहल करते हुए सबको फिर से पुर्नविचार करने का अवसर दिया है और फिर से उसको आगे बढ़ाने के लिए कहा है, इसलिए उसमें फिर से विचार होकर के कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पहले भी कोर्ट के निर्देशानुसार हुआ था, अब भी कोर्ट के निर्देशानुसार आगे की चीजें आगे निर्धारित होंगी। लोगों का भ्रम दूर हो जाएगाअभी भी तो 2012 कहा है, 2012 का पहले भी था। उसी को लेकर लोगों की शिकायतें थी, उसके आधार पर ये चीजें आई थी। अब फिर से कोर्ट ने कहा है कि फिर से पुर्नविचार करो, मैं समझता हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत अच्छा कहा है ताकि लोगों का भ्रम दूर हो जाएगा। इसके बाद कुछ भी सवाल मंत्री से किए गए, लेकिन उन्होंने उन सवालों के जवाब नहीं दिए और कहा कि कोर्ट का विषय है इस पर वे कुछ नहीं बोल सकते। दरअसल, मध्य प्रदेश के विकास के लिए शिक्षा विषय पर आयोजित मध्यप्रदेश ज्ञान सभा का समापन उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के मुख्य अतिथ्य में सम्पन्न हुआ। आयोजन में मंत्री परमार ने कहा कि ज्ञान सभा मप्र को दिशा देने की कोशिश के रूप में देखता हूं। 2020 शिक्षा नीति आने के बाद हमने अपने को पहचानना शुरू कर दिया है। भारत ने ज्ञान के आधार पर दुनिया को जीता था। शक्ति का आधार भारत का ज्ञान है। हमारे प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सर्व प्रथम क्रियान्वित किया है, इसमें डॉ. अतुल कोठारी का महत्वपूर्ण योगदान है। समापन कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पुरुषोत्तमदास पसारी ने भी संबोधित किया। समापन कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को इण्डिया नहीं भारत का प्रयोग करने पर सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश दवे ने किया।
खगड़िया पुलिस को वांछित और फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मानसी थाना, DIU टीम खगड़िया और STF (SOG-03) पटना की संयुक्त कार्रवाई में ₹25,000 के इनामी कुख्यात अपराधी रणवीर यादव को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त रणवीर यादव, नुनुनारायण यादव का पुत्र है और मानसी थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव का निवासी है। वह मानसी थाना कांड संख्या 35/25 (दिनांक 27.02.2025) में लंबे समय से फरार था। पुलिस टीम ने उसे उसके पैतृक गांव सैदपुर से पकड़ा। पुलिस के अनुसार, रणवीर यादव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह वर्षों से जिले के कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल था। पुलिस प्रशासन उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है। मानसी थाना कांड संख्या 35/25 में अभियुक्त के विरुद्ध बीएनएस की धारा 126(2), 352, 329(4), 109, 115(2), 3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रणवीर यादव के विरुद्ध वर्ष 1996 से 2001 के बीच तत्कालीन चौथम (अब मानसी) थाना क्षेत्र में हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित कुल आठ गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। कुल मिलाकर उस पर 34 से 35 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त काफी समय से फरार था और उस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले हैं, जिनमें आरोप सिद्ध प्रतीत होते हैं और मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त से गहन पूछताछ कर रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार और सख्ती के साथ जारी रहेगा।
रेवाड़ी में अपराध से निपटने के लिए लॉ एंड आर्डर कायम रखने के लिए पुलिस की दो कंपनी बनाई गई है। इसके अलावा स्वॉट टीम का भी गठन किया गया है। यह टीमें शॉर्ट नोटिस पर पहुंचेगी और हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम होगी। रेवाड़ी पहुंचे आईजी (पी) लॉ एंड ऑर्डर कुलदीप सिंह अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह बात कही। तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें। किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर तत्काल पुख्ता कार्रवाई सुनिश्चित करें। पुलिस कंपनियों की तैनाती, रिस्पांस टाइम, पेट्रोलिंग व्यवस्था, जिले में लगे सभी सीसीटीवी व कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली एवं आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। एसपी ने दी व्यस्थाओं की जानकारी रेवाड़ी के एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिले में की जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं, पुलिस बल की तैनाती तथा अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में डीएसपी डॉ. रविंद्र सिंह, डीएसपी सुरेंद्र श्योराण, डीएसपी विद्यानंद इत्यादि मौजूद रहे। सोशल मीडया पर भी रखें नजर आईजी (पी) लॉ एंड ऑर्डर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों पर निगरानी तंत्र तथा सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर सतत निगरानी रखी जाए ताकि शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस बैठक का उद्देश्य जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए और अधिक मजबूत करना था।
लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में पैथोलॉजी में काम करने वाले युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसका शव सेक्टर-25 में ओवर ब्रिज के नीचे पड़ा मिला। युवक पत्नी से झगड़े के बाद घर से निकला था। भाई ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। बाराबंकी जिले के मदारपुर गांव की रहने वाली अभिषेक रावत (23) ने करीब एक साल पहले गुड़िया से लव मैरिज की थी। शादी के बाद पति-पत्नी गाजीपुर के इंदिरा नगर सेक्टर-19 में किराए के मकान में रह रहे थे। अभिषेक पास के एक निजी अस्पताल में ब्लड सैंपलिंग का काम करता था, जबकि गुड़िया प्राइवेट नौकरी करती थी। पति की गुमशुदगी की तहरीर दी बुधवार देर शाम पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद अभिषेक घर से पैदल निकल गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो गुड़िया ने नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचकर पति की गुमशुदगी की तहरीर दी। पत्नी ने शव की पहचान की गुरुवार सुबह सेक्टर-25 रिंग रोड ओवरब्रिज के नीचे एक अज्ञात युवक का शव पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन के बाद शिनाख्त के लिए गुड़िया को बुलाया गया। मौके पर पहुंचकर गुड़िया ने शव की पहचान अपने पति अभिषेक रावत के रूप में की। घटना की सूचना पर मृतक का भाई आशीष भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। उसने अपने भाई की हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में इंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्य का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
चिकित्सा एवं आयुष क्षेत्र में इंदौर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एखए द्विवेदी को शिलांग (मेघालय) स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (NEIAH) की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सलाहकार समिति में सदस्य (होम्योपैथी विशेषज्ञ) के रूप में नामित किया है। यह मनोनयन आगामी तीन वर्षों के लिए किया गया है। संस्थान द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह नियुक्ति आयुष मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है। उल्लेखनीय है कि NEIAH पूर्वोत्तर भारत का भारत सरकार के अधीन एकमात्र स्वायत्त आयुष संस्थान है, जहां एक ही परिसर में आयुर्वेद एवं होम्योपैथी की उच्च शिक्षा, शोध तथा चिकित्सा सेवाएं संचालित होती हैं। इस अवसर पर डॉ. द्विवेदी ने कहा कि वैज्ञानिक सलाहकार समिति का सदस्य बनना उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत औषधीय संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है और वे अपने अनुभवों से शोध गतिविधियों को नई दिशा देने तथा आयुर्वेद–होम्योपैथी के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि डॉ. द्विवेदी वर्ष 2015 से केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी हैं। अप्लास्टिक एनीमिया और हीमैटोहाइड्रोसिस जैसी दुर्लभ बीमारियों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण देशभर से मरीज इंदौर पहुंचते हैं। उनके द्वारा पिछले 27 वर्षों से संचालित एनीमिया जागरूकता अभियान को केंद्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी यह अभियान 22 फरवरी से 1 मार्च तक इंदौर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सांसद सेवा प्रकल्प सहयोगी रहेगा।
कोरबा में 40 साल पुराना लोहे का पुल काटकर चुराने वाले 5 और आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। अब तक कुल 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा, 2 नाबालिग बच्चों को भी संरक्षण में लिया गया है। बतादें कि 15 आरोपियों ने मिलकर ढोढ़ीपारा इलाके में बने पुल में लगी लोहे की 15 टन रेलिंग की चोरी की थी। रशियन हॉस्टल के पास नहर पुल और डेंगुरनाला ब्रिज से लोहे की रेलिंग/पुल को गैस कटर से काटकर चोरी करने के मामले में पुलिस ने पहले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था। फरार आरोपियों पर 5000 रुपए का इनाम पुलिस ने इस मामले के दो फरार आरोपियों मुकेश साहू और मोहम्मद असलम को पकड़ने के लिए 5000 रुपए के इनाम की घोषणा की है। मुकेश साहू के खिलाफ निगरानी खोली गई है और जिलाबदर के लिए भी उसका नाम भेजा गया है। अवैध कबाड़ कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कोरबा पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 7 कबाड़ दुकानों को सील किया गया है और एक कबाड़ संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कबाड़ दुकानों की संयुक्त जांच नगर निगम और तहसील प्रशासन के सहयोग से की जा रही है। इसी अभियान के तहत पत्रकार को धमकाने वाले कबाड़ संचालक सियाराम अग्रवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। रेलिंग चोरी करने के मामले में पांच और आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार (पिता रामानंद भगत, उम्र 33 वर्ष, निवासी रावतभाटा बजरंग चौक, थाना कोतवाली कोरबा), राजेश कुमार उपाध्याय (पिता महेश्वर लाल उपाध्याय, उम्र 48 वर्ष, निवासी अटल आवास वार्ड क्रमांक 117, थाना कोतवाली कोरबा), विक्की कुमार साह (पिता रंजीत साह, उम्र 24 वर्ष, निवासी रावतभाटा बजरंग चौक, थाना कोतवाली कोरबा), मोहम्मद असलम (पिता मोहम्मद महबूब खान, उम्र 42 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक, कोरबा) और मोहम्मद अब्दुल कादिर (पिता मोहम्मद राहुब खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक, कोरबा) शामिल हैं। इसके अलावा, 2 विधि से संघर्षरत बालक भी हैं।
तरनतारन जिले में पुलिस ने विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 1 किलो 187 ग्राम हेरोइन, 1 किलो 662 ग्राम अफीम, 3 ड्रोन और 16.5 लीटर अवैध शराब बरामद की है। इसके अतिरिक्त, 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। बता दे कि खालरा थाने में दर्ज विभिन्न मामलों में महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और बरामदगी हुई हैं। केस नंबर 26 में 862 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। वहीं, केस नंबर 27 में 700 ग्राम अफीम बरामद हुई। एक अन्य मामले, केस नंबर 29 में, पुलिस ने तीन ड्रोन - डीजेआई मैविक 4 प्रो, डीआईयू मैविक 3 क्लासिक और डीआईयू एयर 3 - बरामद किए। हेरोइन और मोबाइल बरामद खालरा पुलिस ने केस नंबर 28 में जशनप्रीत सिंह उर्फ मुल्ला, इंदरजीत सिंह उर्फ गढ़ी उर्फ रोला और जोबनप्रीत सिंह उर्फ भेदू को गिरफ्तार किया। ये सभी मरडी कंबोके के निवासी हैं। इनके पास से 300 ग्राम हेरोइन, 962 ग्राम अफीम और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए। वहीं खेमकरण थाने में दर्ज केस नंबर 10 के तहत बलजीत सिंह और संदीप सिंह, निवासी भूरा कोहना, को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 15 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई सिटी तरनतारन थाने में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। केस नंबर 26 में विशाल उर्फ जज, निवासी गली इंदर सिंह वाली सचखंड रोड तरनतारन, को 10 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। 16500 मिलीलीटर अवैध शराब जब्त इसी थाने में दर्ज केस नंबर 25 (एक्साइज एक्ट) में विशाल अरोड़ा, निवासी कैचियां वाला बाज़ार तरनतारन, और अमन, निवासी बैक साइड धोरा चौकी मोहल्ला गुरु का खूह तरनतारन, को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 16500 मिलीलीटर अवैध शराब जब्त की गई।
बक्सर के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का अवसर है। जिला नियोजनालय, बक्सर द्वारा 30 जनवरी 2026 को एक दिवसीय जॉब कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप जिला नियोजनालय के कार्यालय परिसर, संयुक्त श्रम भवन, आईटीआई फील्ड, बक्सर में होगा। इसका उद्देश्य शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों में नौकरी दिलाना है। कंपनी वेस्टर्न रेफ्रिजरेशन प्राइवेट लिमिटेड देगी नौकरी इस जॉब कैंप में दो प्रमुख कंपनियां भाग ले रही हैं। इनमें से पहली कंपनी वेस्टर्न रेफ्रिजरेशन प्राइवेट लिमिटेड है। यह कंपनी मशीन ऑपरेटर के 20 पदों पर भर्ती करेगी। इन पदों के लिए मासिक वेतन 18,900 रुपये निर्धारित है। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 28 वर्ष है। अभ्यर्थियों के पास आईटीआई (फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, मैकेनिकल, वेल्डर) में योग्यता होनी चाहिए। ऑटोलिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 50 पदों पर करेगी भर्ती दूसरी कंपनी ऑटोलिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है, जो मशीन ऑपरेटर के 50 पदों पर भर्ती करेगी। इस पद के लिए 18,200 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस कंपनी में केवल महिला अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। योग्यता आईटीआई पास होना अनिवार्य है और आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। यह जॉब कैंप अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर मौके पर ही चयन करेगा। इच्छुक अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में भाग ले सकते हैं।
पटना में आज दीघा थाना क्षेत्र के जेपी सेतु पर पुलिस ने जांच के दौरान एक स्कूटी से 12.01 लाख कैश बरामद की गई है। एसडीपीओ (विधि-व्यवस्था-02) दिव्याजलि जायसवाल ने बताया कि जेपी सेतु पर नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी को रोका। स्कूटी पर एक युवक और एक युवती सवार थे। पुलिस को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगी, जिसके बाद गाड़ी की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान स्कूटी पर रखे एक सूटकेस को खोला गया, जिसमें ₹12.01 लाख नकद मिले। स्कूटी दूसरे राज्य, गुजरात की है बरामद की गई पूरी राशि बड़े नोटों में थी। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूटी दूसरे राज्य, गुजरात की है। इतनी बड़ी रकम और बाहरी राज्य की गाड़ी होने के कारण पुलिस का शक और गहरा हो गया। पूछताछ के दौरान युवक और युवती नकद राशि के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। इसके बाद दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। साथ ही, नकद राशि के स्रोत और लेन-देन की जांच के लिए आयकर विभाग को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। पुलिस कर रही मामले की जांच फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह मामला अवैध लेन-देन, हवाला या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि से तो जुड़ा नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल नकद राशि को जब्त कर लिया गया है और दोनों हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया जारी है।
किशनगंज में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। गुरुवार को अनन्य विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) दीप चंद पांडेय की अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 6 माह की सश्रम कारावास भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2020 का है, जिसमें पीड़िता को करीब 6 साल बाद न्याय मिला है। कोढोबारी थाना क्षेत्र का मामला अदालत के अनुसार, यह मामला वाद संख्या 18/2020 के अंतर्गत कोढोबारी थाना कांड संख्या 9/2020 से संबंधित है। इस मामले में कोढोबारी थाना क्षेत्र के निवासी संजय कुमार को आरोपी बनाया गया था। जांच और सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ लगे आरोप प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया। मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सजा मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम और ठोस साक्ष्य जुटाए थे। इनमें पीड़िता का न्यायालय में दिया गया बयान, चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े परिस्थितिजन्य प्रमाण शामिल थे। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य विश्वसनीय और आरोपी के खिलाफ पर्याप्त हैं। विशेष लोक अभियोजक की सख्त पैरवी मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने सजा के बिंदु पर प्रभावी और सशक्त जिरह पेश की। उन्होंने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तार से विश्लेषण करते हुए आरोपी को कठोरतम सजा दिए जाने की मांग की। अदालत ने अभियोजन की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह स्पष्ट किया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसे अपराध समाज के लिए अत्यंत घातक हैं और इनमें सख्त सजा आवश्यक है। पीड़िता को मिलेगा 5 लाख का मुआवजा अदालत ने पीड़िता और उसके परिवार को राहत देते हुए 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि आरोपी पर लगाया गया 50 हजार रुपये का अर्थदंड पीड़िता को ही प्रदान किया जाएगा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता को हुए मानसिक, शारीरिक और सामाजिक आघात को देखते हुए यह मुआवजा आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश अदालत का यह फैसला बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर समाज में एक सख्त संदेश देता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पोक्सो एक्ट का उद्देश्य न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाना है, बल्कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाना भी है। परिवार और सामाजिक संगठनों ने किया फैसले का स्वागत पीड़िता के परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। परिजनों का कहना है कि भले ही न्याय मिलने में समय लगा, लेकिन उन्हें भरोसा है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद करेगा। वहीं, कई सामाजिक संगठनों ने भी अदालत के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सख्त सजाएं अपराधियों में डर पैदा करेंगी और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करेंगी। किशनगंज में पोक्सो मामलों पर नजर गौरतलब है कि किशनगंज जिले में पिछले कुछ वर्षों में पोक्सो एक्ट के तहत कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में अदालत का यह फैसला कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नाबालिगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
गुरुवार शाम करीब 4 बजे महू के सिमरोल थाना क्षेत्र स्थित भेरू घाट पर एक सड़क हादसा हुआ। एक अनियंत्रित ट्रक ने आगे चल रही दो से तीन कारों को टक्कर मार दी। इस घटना के कारण घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और सड़क पर जाम लग गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को सुचारु किया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहनों को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने ट्रैफिक क्लियर कराया सिमरोल थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि ट्रक अचानक असंतुलित हो गया था, जिसके कारण वह आगे चल रही कारों से टकरा गया। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर यातायात बहाल कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने गुरुवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की प्रमुख युवा-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की और आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन सबमिशन और स्वीकृति की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जिला पदाधिकारी ने केंद्र में मौजूद युवा आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि आवेदन प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा, देरी या अन्य कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। आवेदकों ने मार्गदर्शन, सहायता और प्रक्रिया की सरलता पर अपनी प्रतिक्रिया दी। डीएम ने डीआरसीसी प्रबंधक को सख्त निर्देश दिए कि सभी पात्र युवाओं तक इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पूरी तरह पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने केंद्र के सभी कर्मचारियों को आवेदकों के प्रति सहयोगी, संवेदनशील और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता का अवलोकन किया जिला पदाधिकारी ने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने काउंटर व्यवस्था, प्रतीक्षालय, सूचना पट्ट, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता और समग्र कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र को और अधिक आवेदक-अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुधार तुरंत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरसीसी प्रबंधक सहित केंद्र के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन युवाओं के सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। जिला प्रशासन का यह सक्रिय रुख युवाओं में इन योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
सुपौल के किशनपुर थाना क्षेत्र में स्वर्ण दुकानों में हुई बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। 26/27 जनवरी की रात थरबिट्टा बाजार स्थित तीन स्वर्ण व्यवसायियों की दुकानों में हुई सेंधमारी के मामले में पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी गया 33.30 ग्राम सोना, 2.639 किलोग्राम चांदी और नकदी बरामद की गई है।इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। तीन स्वर्ण व्यवसायियों की दुकान बनी थी निशाना एसपी शरथ आरएस ने बताया कि 26/27 जनवरी की रात किशनपुर थाना क्षेत्र के थरबिट्टा बाजार में स्थित स्वर्ण व्यवसायी सुबोध स्वर्णकार, छोटू स्वर्णकार और राजेश स्वर्णकार के प्रतिष्ठान “मां काली आभूषण केंद्र” का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था।चोरों ने दुकानों से कीमती सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी पर भी हाथ साफ किया था। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायियों में दहशत का माहौल बन गया था। विशेष टीम का हुआ गठन घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुपौल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस मामले में किशनपुर थाना कांड संख्या-25/2026, दिनांक 28 जनवरी 2026 को दर्ज कर विधिवत अनुसंधान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा गुप्त सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया गया, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिली। दो शातिर अपराधी गिरफ्तार लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने चोरी में संलिप्त दो अपराधियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान, मो. मेहदी आलम, पिता मो. कलाम, निवासी थरबिट्टा, वार्ड संख्या-13, थाना किशनपुर, जिला सुपौल, संजय दगरू काले, पिता दगरू काले, निवासी कालेबारी, थाना अटपरी, जिला सांगली (महाराष्ट्र) के रूप में की गई है। बरामदगी से पुलिस को बड़ी सफलता पुलिस ने दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी गया कुल 33.30 ग्राम सोना और लगभग 2.639 किलोग्राम चांदी बरामद की है। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त मो. मेहदी आलम का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध अररिया संग्रामपुर थाना कांड संख्या-01/26, सुपौल थाना कांड संख्या-325/24, राघोपुर थाना कांड संख्या-184/2024 जैसे गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। अनुसंधान जारी, अन्य लिंक की तलाश पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। साथ ही इस चोरी कांड से जुड़े अन्य बिंदुओं और संभावित सहयोगियों की तलाश के लिए अनुसंधान जारी है।एसपी शरथ आरएस ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी। व्यवसायियों ने ली राहत की सांस चोरी के खुलासे और बरामदगी के बाद थरबिट्टा बाजार के स्वर्ण व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। व्यवसायियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण रहेगा।
गाजियाबाद में स्कूल आती-जाती छात्रा से एक युवक अक्सर छेड़छाड़ करता। रास्ते में रोकर बैड टच करता और छात्रा के विरोध करने पर गंदे-गंदे इशारे करता। 3 दिनों तक छात्रा को छेड़ता रहा। इससे परेशान होकर छात्रा ने पूरी बात अपने भाई को बताई। इसके बाद छात्रा के भाई ने युवक को कॉल करके कहा- मेरी बहन का पीछा करना छोड़ दो, नहीं तो पुलिस से शिकायत कर दूंगा। इसके बाद युवक ने अपने साथ 12 से अधिक लोगों को बुलाकर छात्रा के भाई और दोस्त को बुरी तरह से पीटा। छात्रा के भाई की कमर पर काफी चोटें आईं है। गुरुवार को छात्रा के पिता ने मोदीनगर थाने में तहरीर दी है। इंटर कॉलेज में पढ़ रही है छात्रामोदीनगर निवासी 15 साल की छात्रा एक इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। छात्रा ने बताया- पिछले 3 दिनों से अमन नाम का एक युवक मुझे लगातार परेशान कर रहा था। मेरे साथ छेड़छाड़ कर रहा था। वह मुझसे मोबाइल नंबर मांगता था और बार-बार गलत हरकतें करता था। इसके बाद मैंने अपने परिवार से शिकायत करने की बात कही तो उसने मुझे धमकी दी कि ऐसा न हो कभी कॉलेज आना जाना भी छोड़ दे। इसके बाद मैंने पूरी बात अपने भाई को बताई। भाई ने अमन को फोन कर कहा कि मेरी बहन का पीछा करना बंद कर दो। इसके बाद आरोपी ने खुद कॉल कर मेरे भाई को बुलाया और कहा कि वह पूरी सच्चाई बताएगा। गुरुवार शाम मोदीनगर मेट्रो स्टेशन के पास आरोपी ने मेरे भाई और उसके दोस्त पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिस्टल की बट से पीटा गया और तमंचे से भी वार किए गए। थाने गया तो अंजाम भुगत लेनाछात्रा के भाई ने बताया- मुझे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि मेरे पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं। इस हमले में मुझे और मेरे दोस्त को गंभीर चोटें आई हैं। आरोपी अमन के साथ करीब एक दर्जन अन्य युवक भी शामिल थे। मारपीट के दौरान मुझे धमकी दी गई कि अगर थाने जाकर शिकायत की, तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा। SHO बोले- तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही हैरात में छात्रा के पिता मोदीनगर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। इस मामले में मोदीनगर थाना प्रभारी (SHO) आनंद मिश्रा ने बताया- तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इंदिरा नगर सेक्टर-12 में सहयोग विकास समिति और सिद्धार्थ समता सेवा समिति के सहयोग से स्वास्थ्य सिविर का आयोजन किया। शिविर में स्वास्थ जांचें,निशुल्क नेत्र जांच शिविर एवं चश्मा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि विहिनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्वास्थ्य मिशन समिति के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश पाटिल और सरला यादव के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने लोगों की आंखों की जांच की। जांच के दौरान जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क चश्मे भी वितरित किए गए। विशेषज्ञों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को उचित इलाज किया इसके साथ ही डॉक्टरों ने आंखों की देखभाल, समय-समय पर जांच और सही खानपान से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दीं।शिविर की खास बात यह रही कि यहां केवल नेत्र जांच तक ही सेवाएं सीमित नहीं रहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचें भी निशुल्क कराई गईं। इनमें शुगर, ब्लड प्रेशर और थायराइड जैसी जांचें शामिल थीं। विशेषज्ञों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को उचित इलाज और बेहतर जीवनशैली अपनाने की सलाह दी, जिससे लोग गंभीर बीमारियों से समय रहते बच सकें। महिलाओं को दवाइयों के साथ सेनेटरी पैड बाँटे इस मौके पर वैदेही वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्षा रूबी राज सिंहा और एंजेल प्रवीण ने महिला जागरूकता अभियान के तहत महिलाओं को दवाइयों के साथ सेनेटरी पैड का वितरण किया। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, नियमित जांच कराने और किसी भी समस्या में समय पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।शिविर में 500 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम का संचालन विकास आर्य ने किया, जबकि आयोजन में टाटा एमजी का विशेष सहयोग रहा। शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकपाल आर. आर. जैसवार, अमरनाथ प्रजापति, डॉ. योगेश विमल, डॉ. राकेश रमन, शिखा सिंह पटेल, महासचिव सुरेंद्र कुमार सैनी, कृष्ण कुमार वर्मा, विनय सोनकर, मीना भारती, रेशमा निगम, सचिन ठाकुर, सचिन कुमार, हिमांशु, उमेश सिंह, मधु सिंह और अमृता गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सहरसा नगर निगम ने वार्ड संख्या 13 स्थित न्यू कॉलोनी पोखर के सौंदर्यीकरण और कायाकल्प के लिए अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम नगर निगम प्रशासन जेसीबी बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचा और पोखर के चारों ओर बनी अवैध दुकानों व संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की। यह पोखर वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में था। नगर निगम इसे जिले का एक आदर्श और आकर्षक पर्यटन स्थल बनाना चाहता है। पोखर की सरकारी भूमि पर कई दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर रखा था। नगर निगम ने पहले इन अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी भूमि खाली नहीं की गई, जिसके बाद निगम को बुलडोजर के साथ कार्रवाई करनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें शुक्रवार सुबह 7 बजे तक का समय दिया जाए, ताकि वे अपनी दुकानें और सामान स्वयं हटा सकें। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने मानवीय दृष्टिकोण से यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने स्पष्ट किया कि यदि शुक्रवार सुबह 7 बजे तक सरकारी भूमि खाली नहीं की गई, तो इसके बाद बिना किसी अतिरिक्त सूचना के बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। सैर-सपाटे के लिए तालाब को किया जाएगा विकसित नगर आयुक्त ने बताया कि न्यू कॉलोनी पोखर का सौंदर्यीकरण नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस पोखर को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यह जिले का एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल बने, जहां लोग सैर-सपाटे और सुकून के पल बिता सकें। इसके लिए पोखर की सफाई, चारों ओर सौंदर्यीकरण, पाथवे, बैठने की व्यवस्था और हरियाली विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए मजदूर लगाए गए हैं और लगातार काम चल रहा है। नगर निगम प्रशासन ने यह भी संदेश दिया है कि शहर के सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कासगंज जिले में सोरों-कम्पिल मार्ग पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 530B) पर मुख्य सड़क बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। गुरुवार देर शाम पुलिस और प्रशासन बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटा दिया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने का एक वीडियो भी सामने आया है। यह प्रदर्शन ग्राम पंचायत श्यामसर के नगला सेडू गांव के पास चल रहा था। ग्रामीण NH 530B पर सोरों से लगभग 150 गांवों के संपर्क मार्ग को बंद किए जाने का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग उनके लिए कई आवश्यक सुविधाओं का एकमात्र रास्ता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग का उपयोग बच्चे शिक्षा के लिए करते हैं। यह शहर के अस्पतालों तक पहुंचने का भी एकमात्र रास्ता है। इसके अतिरिक्त, लहसुन, मिर्च और सब्जी मंडी तथा अन्य कृषि संबंधी कार्यों के लिए भी ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीनों में प्रतिदिन लगभग 15-20 आलू की लोडर गाड़ियां इसी मार्ग से गुजरती हैं। यह मार्ग सभी गांवों के लिए बाजार जाने का एकमात्र रास्ता है और इस पर पहले से ही दो रोडवेज बसें भी संचालित हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से लोडर गाड़ियों और कृषि संबंधी मशीनों जैसे कंबाइन और हार्वेस्टर के लिए मुख्य मार्ग को खुला रखने का निवेदन किया था।
श्योपुर जिले के ग्राम जैदा में नियमों को ताक पर रखकर अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजर पुरुषोत्तम सिंघल पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी ने जांच के बाद कॉलोनाइजर को दोषी पाते हुए 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही विवादित भूमि पर प्लॉटों की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। बिना अनुमति के बेचे जा रहे थे प्लॉट तहसीलदार श्योपुर की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ग्राम जैदा के विभिन्न सर्वे नंबरों की 0.523 हेक्टेयर भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के कॉलोनी काटी जा रही थी। कॉलोनाइजर ने न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) से नक्शा पास कराया था और न ही नगर पालिका या पंचायत से कोई एनओसी ली थी। नियमों का उल्लंघन कर यहां सी.सी. रोड बनाकर छोटे-छोटे भू-खंड बेचे जा रहे थे। मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नियमों की अनदेखी जांच दल, पटवारी और पंचायत सचिव के बयानों से स्पष्ट हुआ कि इस अवैध कॉलोनी में बिजली, पानी, सीवर, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण और आश्रय निधि शुल्क जमा करने जैसे अनिवार्य नियमों की भी अनदेखी की गई। कॉलोनाइजर का यह तर्क कि भूमि का 'आवासीय डायवर्सन' हो चुका है, प्रशासन ने खारिज कर दिया। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि केवल डायवर्सन होना कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस नहीं है। एसडीओ श्योपुर ने अपने आदेश में कहा- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993' के तहत अवैध कॉलोनी निर्माण एक दंडनीय अपराध है। आदेश के अनुसार, जब तक सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक इस भूमि के किसी भी प्लॉट का हस्तांतरण मान्य नहीं होगा और उसे शून्य माना जाएगा। इस आदेश की प्रति कलेक्टर और उपपंजीयक (रजिस्ट्रार) को भी भेज दी गई है ताकि भू-खंडों की रजिस्ट्री रोकी जा सके।
नामी कंपनियों की आड़ में बेच रहा था नकली जूते:पुलिस ने 11 लाख के जूते किए बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार
जोधपुर शहर में कई जगह पर नामी कंपनियों के नाम से दुकानदार नकली जूते बेच रहे हैं। मिली शिकायत के आधार पर शहर के शास्त्री नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान करीब 11 लाख रुपए कीमत के जूते बरामद किए गए। मामले में पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए दुकान संचालक को गिरफ्तार किया। कार्रवाई शास्त्री नगर के सब इंस्पेक्टर शैतान राम के नेतृत्व में की गई। टीम ने 56 भोग रेस्टोरेंट के पास क्लब भारत में छापा मारा। यहां नाइकी और exis कंपनी प्रतिनिधि की ओर से नकली माल बेचे जाने को लेकर शिकायत मिली थी। 11 लाख रुपए का माल किया बरामदटीम ने गुरुवार शाम 6 बजे कार्रवाई की। मौके से 184 जोड़ी जूते, 110 जोड़ी शॉक्स बरामद किए। बरामद माल की कीमत करीब 11 लाख रुपए है। पुलिस ने मामले में खेमे का कुआं क्षेत्र के निवासी रमेश पटेल को गिरफ्तार किया।
खगड़िया स्थित कोशी साइंस क्लासेज में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों के शैक्षणिक संघर्ष, अनुशासन, मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन कोचिंग के निदेशक राजीव कुमार चौहान ने रिबन काटकर किया। इसके साथ ही परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। कोशी सेंट्रल स्कूल के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनके नृत्य और गीतों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। आयोजन लगभग चार घंटे तक चला यह आयोजन लगभग चार घंटे तक चला, जिसका संचालन उद्घोषक निगम मिश्रा और सोना शर्मा ने किया। इस दौरान मुकेश राय और विजय मुक्तान (प्रधानाचार्य, केसीएस) ने गीत प्रस्तुत किए। ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया कोशी साइंस क्लासेज के शिक्षकों मुकेश कुमार और निगम मिश्रा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और सही दिशा देना उनकी प्राथमिकता रही है। शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर निदेशक राजीव कुमार चौहान और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिष मिश्रा ने सभी शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
झाबुआ कोतवाली पुलिस ने गुरुवार शाम शहर के व्यस्त इलाके दिलीप गेट के पास घेराबंदी कर सट्टा खिलाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर दी दबिश थाना प्रभारी आर.सी. भास्करे को सूचना मिली थी कि दिलीप गेट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सट्टे की खाईवाली की जा रही है। इसके बाद टीआई ने एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर छापेमारी की। पुलिस की अचानक दस्तक से वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके का फायदा उठाकर कुछ अन्य संदिग्ध भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। पर्चियां और नकदी बरामद तलाशी के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में सट्टे की पर्चियां, सट्टा सामग्री और नकदी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया व्यक्ति पुराना सटोरिया है और उसके खिलाफ पहले भी अवैध सट्टेबाजी और खाईवाली के कई मामले दर्ज हैं। कड़ी कार्रवाई की तैयारी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी आर.सी. भास्करे ने बताया- शहर में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसे ठिकानों पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब फरार हुए अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
रायपुर के संस्कृत महाविद्यालय में शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर ABVP और RSS से जुड़े लोगों को मंच दिए जाने पर NSUI ने विरोध जताया है। इस मुद्दे को लेकर NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और शैक्षणिक संस्थानों में किसी एक विचारधारा को बढ़ावा न देने की मांग की। NSUI के वाइस चेयरमैन और छात्र नेता पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि राजधानी रायपुर के कई कॉलेज और विश्वविद्यालयों में लगातार ABVP से जुड़े पदाधिकारियों को कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके चलते अन्य छात्र संगठन और अलग विचार रखने वाले छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पा रहा है। इससे शैक्षणिक संस्थानों में एकतरफ़ा वैचारिक प्रभाव का संदेश जा रहा है। संविधान की मूल भावना के खिलाफ पुनेश्वर लहरे ने कहा कि महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। ऐसे में किसी एक विचारधारा को थोपना छात्रों की स्वतंत्र सोच, अभिव्यक्ति की आज़ादी और संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ है। शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति और वैचारिक पक्षपात से दूर रखा जाना चाहिए। NSUI ने प्राचार्य से भविष्य में सभी छात्र संगठनों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र हितों में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, उत्तर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, उपाध्यक्ष अंकित बंजारे, मनीष बांधे, असलान शेख, शुभ मुखिया, तनिष्क शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पाली में 26 साल विवाहिता पर सास-ननद ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। लहूलुहान करने के साथ ही प्राइवेट पार्टी में मिर्ची पाउडर डाल दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल महिला को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़िता के भाई की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आटा-साटा प्रथा में हुई थी शादी, विवाद के चलते रह रही थी पीहर में रोहट थाना अधिकारी पदमपाल सिंह ने बताया- महिला की शादी साल 2017 में आटा-साटा प्रथा में हुई थी। पारिवारिक विवादों के चलते वह पिछले कुछ समय से अपने दो बच्चों के साथ पीहर में रह रही थी। परिजनों और समाज के समझाने के बाद 22 जनवरी 2026 को वह वापस ससुराल लौटी थी। पीड़िता का पति काम के सिलसिले में महाराष्ट्र में रहता है और घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। रात 10 बजे अचानक हमला, पैरों पर किए कई वार पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 28 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे वह गांव में अपनी दादी सास के पास मौजूद थी। इसी दौरान उसकी सास और ननद महाराष्ट्र से वहां पहुंचीं। आते ही दोनों ने अचानक कुल्हाड़ी से उसके पैरों पर कई वार कर दिए, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इसके बाद दोनों आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची पाउडर डाल दिया। दादी सास ने बचाई जान महिला की चीख-पुकार सुनकर दादी सास मौके पर पहुंचीं और किसी तरह बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर पीहर पक्ष के लोग भी गांव पहुंचे और गंभीर हालत में घायल विवाहिता को हॉस्पिटल लेकर गए। सास-ननद के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी रोहट थाना पुलिस ने पीड़िता के भाई की रिपोर्ट पर आरोपी सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बालाघाट शहर के बुढ़ी क्षेत्र में लापरवाही से ट्रैक्टर चलाकर एक युवती की जान जोखिम में डालने वाले चालक के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने 'गैर इरादतन हत्या' के प्रयास समेत रेत चोरी और अवैध खनन की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। साइकिल सवार युवती को मारी थी टक्कर यह हादसा बुधवार शाम उस वक्त हुआ जब मलाजखंड की रहने वाली मुस्कान मरकाम अपनी साइकिल से घर लौट रही थी। तभी खैरी निवासी आरोपी चालक चक्रेश मोहारे (44) ने तेज रफ्तार और लापरवाही से ट्रैक्टर चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में मुस्कान के पेट, कमर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने माना संगीन अपराध कोतवाली थाना प्रभारी कामेश धूमकेती ने बताया कि ट्रैक्टर चालक का कृत्य केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि मानव जीवन को संकट में डालने वाला आपराधिक कृत्य है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की धाराएं नहीं लगाईं, बल्कि रेत चोरी और अवैध उत्खनन के मामले भी दर्ज किए हैं। पुलिस का उद्देश्य आरोपी पर कड़ी सजा के साथ भारी जुर्माना भी सुनिश्चित करना है। अवैध रेत परिवहन और तेज रफ्तार पर सख्ती घटना के तुरंत बाद पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से रेत ढोने वाले और तेज रफ्तार में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चा और अनुसूचित जाति (अजा) मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। यह नियुक्तियां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से की गई है। प्रदेश महामंत्री नवीन मारकण्डे एवं मुख्यालय प्रभारी ने लिस्ट जारी की है। जारी की गई लिस्ट में अल्पसंख्यक मोर्चा के 9 जिला अध्यक्ष और अनुसूचित जाति मोर्चा के 5 जिला अध्यक्षों को नियुक्त किया गया है। पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार, पंकज जगत को रायपुर शहर अनुसूचित जाति मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अजीज खान को बस्तर जिला अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। देखिए- अल्पसंख्यक मोर्चा और अनुसूचित जाति (अजा) मोर्चा के जिला अध्यक्षों की लिस्ट
अररिया के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गैयारी गांव में एक मजदूर का शव खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय राजेंद्र ऋषि देव के रूप में हुई है, जो गैयारी गांव के ही निवासी थे। परिजनों के अनुसार, गुरुवार की सुबह राजेंद्र ऋषि देव गांव के एक किसान के खेत में पानी पटाने के लिए निकले थे, लेकिन शाम करीब चार बजे तक घर नहीं लौटे। देर शाम खेत में शव मिलने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने राजेंद्र ऋषि देव को मृत अवस्था में पाया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस, शव कब्जे में लिया घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने नगर थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल अररिया भेजा, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सिर और कनपटी पर गहरे कट के निशान मृतक की बेटी रूणा देवी ने अपने पिता की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि उनके पिता के सिर पर खून लगा हुआ था, सिर और कनपटी पर गहरे कट के निशान थे। इसके अलावा गले में गमछा लिपटा हुआ था और दोनों हाथ जाल से बंधे हुए थे। इन हालातों को देखते हुए परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा मामला रूणा देवी ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका मजबूत मानी जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर हत्या या आत्महत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। घटना के खुलासे के लिए आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जा सकती है।
प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार, अरनोद पुलिस ने जुआ-सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, अरनोद थाना पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 3,850 रुपए जब्त किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में, थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। अरनोद कस्बे में गौतमेश्वर रोड पर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापा मारा। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने जुआ-सट्टा की पर्चियों के साथ 3850 रुपये की नकदी जब्त की। इस संबंध में, अरनोद थाने में प्रकरण संख्या 28/2026, धारा 13 आरपीजीओ के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लोकेंदर सिंह पिता बब्बूसिंह राजपूत (45), निवासी दर्जी चौक, अरनोद, सुरेंद्र सिंह पिता उदयसिंह राजपूत (52), निवासी गौतमेश्वर रोड़, अरनोद, राजमल पिता कन्हैयालाल मीणा (35), निवासी ओडा, अरनोद, दिलीप पिता रमेश नाथ (30), निवासी नई आबादी, अरनोद, नानका पिता लाला मीणा (65), निवासी रूपाघाटी, अरनोद, मनोज पिता पूनमचंद बलाई (24), निवासी अरनोद
तरनतारन जिले के सराय अमानत खान पुलिस ने नशा तस्करों और हथियार सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 284 ग्राम हेरोइन, तीन देसी पिस्तौल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बता दे कि सब-इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। टी-पॉइंट ब्रिज चीमा कलां के पास पुलिस ने गांव चीमा कलां की ओर से आ रहे एक युवक को देखा, जो पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया, जिसकी पहचान गुरबीर सिंह उर्फ गट्टू निवासी नौशहरा ढाला के रूप में हुई। हेरोइन और हथियार बरामद वहीं तलाशी के दौरान गुरबीर सिंह के पास से 284 ग्राम हेरोइन, एक 32 बोर देसी पिस्तौल मैगजीन के साथ और एक आईफोन 13 प्रो बरामद हुआ। उसके खिलाफ थाना सराय अमानत खान में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है, जिससे आगे की पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है। दूसरे आरोपी से भी हथियार बरामद इसी अभियान के तहत, पुलिस ने आरोपी फतेह सिंह निवासी नौशहरा ढाला को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से एक 32 बोर देसी पिस्तौल, मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। फतेह सिंह के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। जांच में जुटी पुलिस जांच के दौरान, फतेह सिंह की निशानदेही पर एक कीकर के पेड़ की जड़ के पास घास से एक 30 बोर पिस्तौल, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। फतेह सिंह की पूछताछ के आधार पर गुरबीर सिंह उर्फ गट्टू को भी इस मामले में नामजद किया गया है।
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के इलाज में PGI चंडीगढ़ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एडवांस्ड कार्डियक सेंटर में पहली बार रीनल डिनर्वेशन (RDN) प्रक्रिया से इलाज किया गया। यह प्रक्रिया 48 वर्षीय एक ऐसे मरीज पर की गई, जो लंबे समय से अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित था। मरीज कई तरह की ब्लड प्रेशर की दवाइयां ले रहा था, लेकिन इसके बावजूद उसका ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आ रहा था। मरीज को करीब दो हफ्ते तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया और बेहतर इलाज दिया गया, फिर भी ब्लड प्रेशर काबू में नहीं आया। यह प्रक्रिया डॉ. सौरभ मेहरोत्रा, प्रोफेसर, एडवांस्ड कार्डियोलॉजी सेंटर ने डॉ. यश पाल शर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी विभाग की देखरेख में की गई। दवाइयों का फायदा न होने पर फैसला लिया इस तकनीक का प्रयोग करने का फैसला लिया गया कि क्योंकि मरीज की कम उम्र और दवाइयों से फायदा न होने के कारण डॉक्टरों की टीम ने रीनल डिनर्वेशन प्रक्रिया करने का फैसला लिया। यह एक कम चीरा लगाने वाली (मिनिमली इनवेसिव) कैथेटर आधारित प्रक्रिया है। रीनल डिनर्वेशन, जिसे सिम्प्लिसिटी™ ब्लड प्रेशर प्रक्रिया भी कहा जाता है, किडनी की धमनियों के आसपास मौजूद उन नसों को निष्क्रिय करता है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं। इस प्रक्रिया में कोई स्थायी इम्प्लांट नहीं लगाया जाता और नियंत्रित रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।यह प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और किसी भी तरह की जटिलता नहीं आई। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका ब्लड प्रेशर पहले से बेहतर नियंत्रण में है। इस मौके पर डॉ. सौरभ मेहरोत्रा ने कहा कि रीनल डिनर्वेशन उन मरीजों के लिए एक उम्मीद भरा विकल्प है, जिनका ब्लड प्रेशर दवाइयों के बावजूद नियंत्रित नहीं हो पाता, खासकर युवा मरीजों में, जिन्हें लंबे समय में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा रहता है।
खिलचीपुर में पुल से गिरी तेज रफ्तार कार:रेलिंग तोड़ 25 फीट नीचे नदी में समाई, ड्राइवर गंभीर घायल
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार शाम तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बड़े पुल की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 25 फीट नीचे गाड़ गंगा नदी में जा गिरी। हादसे में कार चालक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसा गुरुवार शाम करीब 7 बजे श्रीराम पेट्रोल पंप के आगे स्थित गाड़ गंगा नदी के छोटे पुल पर हुआ। राजगढ़ के बाराद्वारी निवासी कपिल सेन (48) ब्लू रंग की स्विफ्ट कार से खिलचीपुर की ओर से राजगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान कार अचानक बेकाबू हो गई और तेज रफ्तार में पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी। घटना के समय नदी में मात्र करीब 2 फीट पानी था, जिससे बड़ा जानलेवा हादसा टल गया। ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार नदी में पड़ी रही, जिसे देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही खिलचीपुर थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से कार के अंदर फंसे घायल चालक को बाहर निकाला गया और तुरंत निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार चालक के सिर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात सुचारू कराया और टूटी रैलिंग के यह बेरी गेट लगाए, पुलिस का कहना है कि हादसे के कारण की जांच की जा रही है। देखिए हादसे की तस्वीरें…
उमरिया के बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने निगहरी क्षेत्र से लौटते समय एक सड़क हादसे के घायल को देख अपना काफिला रुकवाया, और डायल 112 को सूचना देकर उसे अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे विधायक शिवनारायण सिंह निगहरी से वापस लौट रहे थे, तभी ग्राम सीताफाल और हरवाह के बीच एक अंधे मोड़ के पास उनकी नजर सड़क किनारे गिरे एक व्यक्ति पर पड़ी। सूरजपुरा निवासी दादूराम सिंह हादसे के बाद काफी दर्द में था और उसे तत्काल मदद की जरूरत थी। खुद वाहन से उतारने लगे, तभी पहुंची 112 की टीम जैसे ही विधायक की नजर घायल पर पड़ी, उन्होंने तुरंत अपना वाहन रुकवाया। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से दादूराम को सुरक्षित जगह पर लिटाया और तत्काल 112 नंबर पर फोन कर सूचना दी। विधायक शिवनारायण सिंह घायल को अपनी ही गाड़ी में अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंच गई। समय पर इलाज मिलने से बची जान विधायक ने अपनी मौजूदगी में घायल दादूराम को एम्बुलेंस में शिफ्ट करवाया। घायल को गोल्डन ऑवर में इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
झांसी में आवास विकास परिषद की प्रस्तावित हाउसिंग परियोजना को लेकर किसानों और जमीन मालिकों का विरोध खुलकर सामने आ गया है। परिषद द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए आपत्तियां जानने को बुलाए गए किसानों ने न सिर्फ अपनी जमीनें देने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि परिषद के एक अधिकारी पर बिल्डरों से सांठगांठ के गंभीर आरोप भी लगाए। दरअसल, झांसी शहर से सटे पिछोर, टाकोरी, मुस्तरा और कोंछाभवर क्षेत्रों में आवास विकास परिषद हाउसिंग सोसायटी विकसित करने की योजना बना रही है, जिसे आवास विकास परियोजना संख्या–4 नाम दिया गया है। इसके लिए टाउन प्लानिंग कर कार्ययोजना सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। लखनऊ से झांसी पहुंची नियोजन समितिपरियोजना के लिए चिन्हित भूमि के मालिकों द्वारा विरोध किए जाने के बाद, आवास विकास परिषद की नियोजन समिति को गुरुवार को लखनऊ से झांसी भेजा गया। दीनदयाल उपाध्याय सभागार में समिति ने किसानों और जमीन मालिकों को उनकी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बुलाया।बैठक में पहुंचे किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी जमीन ही उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन है और वे किसी भी कीमत पर अपनी भूमि देने को तैयार नहीं हैं। बिल्डरों से सांठगांठ के आरोपजमीन मालिकों ने परिषद के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ चुनिंदा बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से इस भूमि पर नजर डाली गई है। उनका आरोप है कि परिषद के अधिकारी और बिल्डर आपस में मिलीभगत कर किसानों की जमीनें अधिग्रहित कराना चाहते हैं।अधिकारियों के जवाबों से असंतुष्ट किसानजमीन मालिकों का कहना है कि जब वे अधिकारियों से सवाल पूछते हैं तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाते। किसानों ने सवाल उठाया कि—• परिषद पहले से विकसित और आबाद क्षेत्रों में ही प्रोजेक्ट क्यों ला रही है?• जहां पहले से मकान बने हैं, वहां अधिग्रहण कर दोबारा मकान बनाने का उद्देश्य क्या है?• जमीन का मुआवजा किस दर से दिया जाएगा, इस पर अधिकारी स्थिति साफ क्यों नहीं कर रहे?इन सवालों के जवाब न मिलने से किसानों में रोष और गहराता नजर आया। पुलिस की मौजूदगी से बढ़ी नाराजगी दरअसल, आवास विकास योजना समिति ने किसानों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बुलाया था। जब किसान यहां सभागार पहुंचे तो वहां पुलिस बल तैनात मिला। यह देख किसान और जमीन मालिकों का आक्रोश और बढ़ गया। उनका कहना था कि जब खुले मंच से दोनों पक्ष बैठक करने आए थे तो पुलिस को किस लिए बुलाया गया है। इससे आवास विकास परिषद की मंशा साफ जाहिर हो रही है कि वह दवाब बनाकर हमारी जमीनें अधिग्रहित करना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि अगर अधिकारियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जाए तो भूमाफियाओं से उनके संबंध उजागर हो जाएंगे।
सोनीपत में वाहन ने युवक को कुचला, मौत:दो दिन पहले घर से बाइक लेकर निकला था; पुलिस जांच में जुटी
सोनीपत में सड़क एक्सीडेंट में अज्ञात वाहन ने 18 वर्षीय युवक को कुचल दिया। किशोर दो दिन से लापता था। पिता की मौत के बाद वह मेहनत-मजदूरी कर मां का सहारा बना हुआ था। बेटे की मौत के बाद मां परिवार में अकेली रह गई है और पति की मौत के बाद अब बेटे के चले जाने के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है और पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। मृतक सोनीपत के गांव सबौली में किराए के मकान पर बादल अपनी मां के साथ रहता था। जहां मां बिमला ने बताया कि दो दिन पहले बादल घर से बाइक लेकर निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने दी शव मिलने की सूचना पुलिस के माध्यम से नाथूपुर में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 18 वर्षीय बादल की मौत की सूचना मिली। स्थानीय लोगों ने बताया कि अज्ञात वाहन युवक के सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई। बादल के पिता की मौत पहले ही हो चुकी है और उसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उठाए हुए था और मजदूरी कर घर का खर्च चला रहा था। दो दिन बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि नाथूपुर क्षेत्र में एक किशोर का शव मिला है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान बादल के रूप में की। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की मां बिमला ने रोते हुए बताया कि बादल ही उनका इकलौता सहारा था। पति का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है और परिवार के एक अन्य सदस्य की शादी हो चुकी है। घर की पूरी जिम्मेदारी बादल के कंधों पर थी। मां ने कहा कि बेटे की मौत के बाद उनके पास जीवन जीने का कोई सहारा नहीं बचा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट न्यायालय ने तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कावरे के फॉलो वाहन को टक्कर मारने वाले ट्रक चालक गोविंद मरकाम को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अविनाश छारी की अदालत ने गोविंद को 2 वर्ष के कारावास और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया। यह फैसला घटना के 6 साल बाद आया है, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। 6 साल बाद आया फैसला यह घटना 13 जनवरी 2019 को हुई थी। उस दिन मध्यप्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कावरे बालाघाट शहर के भ्रमण पर थीं। उनकी पायलट ड्यूटी में लांजी थाने से आरक्षक अनिल परमार, एक गनमैन और एक महिला एएसआई शामिल थे। फॉलो वाहन में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन सोलंकी, प्रधान आरक्षक हामीद शेख, आरक्षक राहुल कोलारे, अमित कौरव और वाहन चालक सचिन सहारे तैनात थे। शहर भ्रमण के अंतिम कार्यक्रम के बाद उपाध्यक्ष का काफिला बालाघाट से किरनापुर लौट रहा था। रात्रि लगभग 11:50 बजे सालेटेका चौराहे पर, रजेगांव की ओर से आ रहे ट्रक (क्रमांक सीजी 04 एलएक्स 7671) के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पहले पायलट वाहन और फिर विधानसभा उपाध्यक्ष के वाहन को कट मारा। इसके बाद ट्रक ने फॉलो वाहन (एमपी 42-टी-0842) को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद ट्रक 20-25 मीटर आगे जाकर चौराहे पर पलट गया। इनकी गई थी हादसे में जान दुर्घटना में फॉलो वाहन में सवार पुलिसकर्मी अंदर फंस गए थे। घायलों को निकालकर शासकीय जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपनिरीक्षक हर्षवर्धन सोलंकी और प्रधान आरक्षक हामीद शेख की चोटों के कारण मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चालक सचिन सहारे, अमित कौरव और आरक्षक राहुल कोलारे को नागपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान दो अन्य ने भी दम तोड़ दिया। यह मामला जिले में काफी सनसनीखेज था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की जांच के निर्देश दिए थे।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में गुरुवार को बाइक और ट्रैक्टर की टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार 2 दोस्तों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर और बाइक जब्त कर जांच में जुट गई है। घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान खिसोरा निवासी अविनाश यादव (22) और अविनाश यादव (21) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों दोस्त बाइक से किसी काम से नवागांव जा रहे थे, तभी उनकी बाइक की ट्रैक्टर से जोरदार टक्कर हो गई। पहिए के नीचे आए युवक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची पहुंचे। परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर और बाइक को जब्त कर लिया है। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच पड़ताल कर रही है।
अलवर के रामगढ़ के बामनीखेड़ा गांव में निजी स्कूल की बस ने 6 साल की बच्ची की कुचल दिया। हादसे में बच्ची की मौत हो गई। बच्ची इसी बस से उतरी थी। परिजनों ने बस ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से बस चलाने का आरोप लगाया है। हादसा गुरुवार दोपहर करीब 3.30 बजे हुआ। इधर ड्राइवर हादसे के बाद से फरार है। बस से उतरकर पास में खड़ी थी मृतका के ताऊ बनवारी पुत्र गुरुदयाल ने मामले पर रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया- बच्ची राखी पुत्री दीपचंद रामगढ़ के एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। राखी रोजाना अपने भाई तन्नू और गांव के अन्य बच्चों के साथ उसी स्कूल बस से स्कूल जाती थी। गुरुवार को भी वह स्कूल गई थी। दोपहर 3.30 बजे स्कूल बस बच्चों को छोड़ने गांव पहुंची। बस से उतरने के बाद तन्नू आगे चला गया, जबकि राखी बस के पीछे खड़ी रही। इसी दौरान बस ड्राइवर ने बिना देखे बस को पीछे की ओर मोड़ दिया। राखी बस के पिछले पहिए के नीचे आ गई। ड्राइवर ने बस रोकने के बजाय आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिससे बच्ची का सिर आगे के पहिए के नीचे भी आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने बस ड्राइवर को पकड़ने की मांग की हादसे के बाद मौके पर ग्रामीण जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और रामगढ़ उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। देर शाम पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों और परिजनों ने बस ड्राइवर को पकड़ने की मांग की है। बच्ची के पिता बाहर मजदूरी करते हैं। बच्ची के अलावा उनके एक बड़ा बेटा तन्नू (8) है। बच्ची LKG में पढ़ती थी। दोनों भाई बहन साथ में ही पढ़ने जाते थे। थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह ने बताया कि मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार बस ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में गुरुवार को 'अभया ब्रिगेड' विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता तथा कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस की नई पहल 'अभया ब्रिगेड' के संदेश को छात्राओं तक पहुंचाने के लिए था। कार्यक्रम में स्थानीय पुलिस थाना की उप निरीक्षक सोन्या साहनी मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने छात्राओं को 'अभया ब्रिगेड' के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप निरीक्षक साहनी ने बताया कि बिहार पुलिस की यह पहल राज्य के सभी थानों में गठित की जा रही है। इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ छेड़छाड़, हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं को रोकना है। ब्रिगेड उन्हें त्वरित सहायता प्रदान करती है और आत्मविश्वास से जीवन जीने में मदद करती है। 'अभया ब्रिगेड' की टीमों का नेतृत्व महिला अवर निरीक्षक करती हैं, जिनके साथ प्रशिक्षित सदस्य सादे लिबास में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी रखते हैं। सोन्या साहनी ने छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों, शिकायत दर्ज करने की आसान प्रक्रिया, सोशल मीडिया पर सतर्क रहने के उपाय और आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत संपर्क करने के तरीके बताए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न पूछे, जिनका उप निरीक्षक सोन्या साहनी ने सरल और व्यावहारिक ढंग से समाधान किया। उन्होंने लड़कियों को निर्भीक बनने, अपने अधिकारों को पहचानने और किसी भी असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहकर आगे आने की सलाह दी। संस्थान के प्राचार्य और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की और ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं ने 'अभया ब्रिगेड' के संदेश को अपने परिवार और समाज में फैलाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम बिहार सरकार और पुलिस की महिलाओं की सुरक्षा संबंधी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उदयपुर के खेलगांव और लवकुश स्टेडियम में आयोजित प्रथम ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स मीट 2026 के तीसरे दिन रोमांच अपने चरम पर रहा। राजस्थान फायर सर्विस और नगर निगम उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में चल रही इस प्रतियोगिता में देशभर के अग्निशमन जांबाजों ने अपना कौशल दिखाया। तीसरे दिन एथलेटिक्स, सीढ़ी दौड़, आर्म रेसलिंग और बैडमिंटन जैसे कड़े मुकाबले हुए। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ ने स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का जोश बढ़ाया। मैदान पर अनुशासन और साहस का ऐसा अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने इस राष्ट्रीय आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने विजेताओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा- अग्निशमन कर्मी न केवल आपदा में रक्षक हैं, बल्कि खेल के मैदान में भी फिटनेस की मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से टीम भावना और मानसिक मजबूती बढ़ती है। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण 55 वर्षीय वरिष्ठ कर्मचारी रहे, जिन्होंने सीढ़ी दौड़ में चीते जैसी फुर्ती दिखाई। उनकी चुस्ती और संतुलन ने युवाओं को भी प्रेरित किया। वहीं राजस्थान की देविका ने 100 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के मारीअप्पन एम और प्रेमकुमार एम ने दौड़ में अपनी बादशाहत दिखाई, जबकि गोवा, मुंबई और दिल्ली के खिलाड़ियों ने भी स्वर्ण पदक जीते।
हरियाणा के हिसार में सेक्टर 16-17 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) से रिटायर्ड पूर्व डीन प्रोफेसर अशोक कुमार छाबड़ा के घर 5 तोला सोने-चांदी के जेवर और करीब ड़ेढ लाख का कैश चोरी हो गया। चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना उस समय घटी जब अशोक कुमार का परिवार घर पर नहीं था। रिटायर्ड प्रोफेसर अपने बेटों व पत्नी के साथ दिल्ली में अपनी बेटी से मिलने गए हुए थे। सुबह जब नौकरानी काम पर आई तो उसने देखा कि घर का ताला टूटा पड़ा और अंदर का सामान बिखरा पड़ा है। जिसके बाद प्रोफेसर को चोरी की सूचना दी गई। चोरी की सूचना मिलते ही वह दिल्ली से तुरंत चले और शाम को हिसार पहुंचे और घर संभाला। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस के हाथ कुछ सीसीटीवी फुटेज लगे हैं जिसमें रात के समय दो आरोपी घर के पास दिखाई दे रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने आसपास के घरों के सीसीटीवी खंगालेवारदात में चोरों ने किस वाहन और कितने लोग इसमें शामिल थे इसका पता लगाने के लिए पुलिस पूरी आसपास की गलियों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चोरों ने करीब डेढ़ लाख रुपए कैश और करीब 5 तोला सोना चोरी किया है। पुलिस इस मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस नौकरानी के भी इस मामले में बयान ले सकती है।
कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल संचालन को लेकर सीवान जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी सीवान एवं पुलिस अधीक्षक सीवान ने डॉ. अंबेडकर भवन स्थित संवाद कक्ष में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, जोनल, सुपर जोनल, स्टैटिक दंडाधिकारी, गश्ती दल एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने कहा कि कदाचारमुक्त परीक्षा का आयोजन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी समय से अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करेंगे। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की सैद्धांतिक परीक्षा 02 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक जिले के कुल 53 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक चलेगी। प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली के परीक्षार्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी हाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षार्थियों की प्रवेश से पूर्व बॉडी फ्रिस्किंग अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। परीक्षा कक्ष में प्रत्येक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थी ही बैठेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट दुकानों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया पर भी जिला साइबर सेल द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। भ्रामक, गलत एवं अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के कदाचार में लिप्त पाए जाने पर संबंधित परीक्षार्थी, अभिभावक एवं कर्मियों के विरुद्ध बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों के आसपास धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी। परीक्षा के सफल संचालन हेतु 06154-242000 पर जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा।
कोंडागांव विकासखंड के ग्राम चिपावंड में 29 जनवरी को महतारी सदन भवन का लोकार्पण किया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा और बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने संयुक्त रूप से भवन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लोकार्पण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने अलग-अलग विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया और हितग्राहियों को सामग्री सौंपी। इस अवसर पर 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी हुआ। जनजातीय समाज के विकास पर जोर डॉ. लकड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख किया। साथ ही जनजातीय दिवस की शुरुआत को जनजातीय गौरव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। महिलाओं के सशक्तिकरण का बनेगा केंद्र डॉ. लकड़ा ने कोंडागांव की शिल्पकला की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की कला को राष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने नए महतारी सदन भवन के लोकार्पण पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि यह भवन महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री की लखपति दीदी पहल को भी महिलाओं के लिए लाभकारी बताया। विकसित भारत योजना की दी जानकारी राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने केंद्र सरकार की विकसित भारत जीरामजी योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है। इसके माध्यम से जल संचयन के कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे गांवों का समग्र विकास होगा। सीड लाइसेंस और हितग्राहियों को लाभ कार्यक्रम में बिहान समूह की महिलाओं से जुड़े आजीविका सेवा केंद्र के 12 संगठनों को सीड लाइसेंस दिए गए, जो छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ है। इन संगठनों के माध्यम से कृषि सखी अपने क्षेत्रों में सेवाएं दे सकेंगी। इसके साथ ही 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 4 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और 04 लखपति दीदियों को सम्मान प्रदान किया गया।
गुरदासपुर जिले में बटाला के सुंदर नगर इलाके में एक किशोरी की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस को शक है कि बच्ची की हत्या उसकी मां या सौतेले पिता ने की हो सकती है। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। बटाला सिविल लाइन थाने के प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि 14 साल की एक किशोरी, जिसका नाम मिष्टी है, की मौत हो गई है। मिष्टी मूल रूप से पठानकोट की रहने वाली थी और अपनी मां की दूसरी शादी के बाद बटाला में मां और सौतेले पिता के साथ रह रही थी। किशोरी की मां ने की दो शादी पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें पता चला कि मिष्टी की मां की दो शादियां हुई थीं और बच्ची छठी कक्षा में पढ़ती थी। मृतक किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए बटाला सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। मृतक के गले में मिले चोट के निशान पुलिस जब घर पहुंची तो केवल बच्ची की मां परवीन ही मौजूद थी। मां का कहना है कि वह घर से बाहर गई थी और जब लौटी तो बेटी का शव कमरे में पड़ा मिला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के गले पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के सही कारणों का पता चल पाएगा।
अररिया शहर के बाबाजी कुटिया पर टोटो चालक संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय धरना प्रदर्शन गुरुवार शाम करीब 5 बजे समाप्त हो गया। यह धरना राज्य सरकार द्वारा नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर टोटो वाहनों के संचालन पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ था। चालकों ने समर्पित स्टैंड की भी मांग की। संघ ने चरणबद्ध अनिश्चितकालीन धरना दिया था। चालकों का कहना है कि अररिया की खास भौगोलिक स्थिति के कारण यह प्रतिबंध उनके लिए और जटिल हो गया है। शहर का मुख्य हिस्सा ही राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राज्य राजमार्ग (SH) से जुड़ा हुआ है। गाड़ी चलाने के लिए कोई वैकल्पिक जगह नहीं बची प्रतिबंध लागू होने के बाद चालकों के पास गाड़ी चलाने के लिए कोई वैकल्पिक जगह नहीं बची है। एक चालक ने बताया, प्रतिबंध के बाद हम कहां कमाएंगे? परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है। चालकों ने यह भी शिकायत की कि एनएच के किनारे बनी सर्विस लेन पर दुकानदारों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे वहां भी टोटो चलाना असंभव हो गया है। धरने में संघ के लीगल एडवाइजर शुभम चौधरी ने प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शहर में टोटो के लिए कोई समर्पित स्टैंड या पार्किंग नहीं है। चालक सड़कों पर ही खड़े रहते हैं, जिससे यातायात जाम होता है और पुलिस द्वारा उन्हें बेवजह डांट-फटकार, भगाने या भारी जुर्माना वसूला जाता है। ''स्टैंड मिल जाए तो हम नियमों का पालन करेंगे'' चौधरी ने मांग की, हमें सम्मानजनक व्यवहार चाहिए। स्टैंड मिल जाए तो हम नियमों का पालन करेंगे, लेकिन जब स्टैंड ही नहीं है तो वाहन कहां खड़े करेंगे? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में कई टोटो एजेंसियां बिना लाइसेंस और आवश्यक कागजात के सस्ते में वाहन बेच रही हैं, जिससे बाद में चालकों को परेशानी होती है। उन्होंने ऐसी एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस धरने में 100 से अधिक ई-रिक्शा ड्राइवर शामिल हुए, जिन्होंने अपनी रोजी-रोटी छोड़कर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई चालकों ने बताया कि उन्होंने लोन पर टोटो खरीदकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। स्थिति यूं ही रही तो परिवार सड़क पर आ जाएगा कमाई प्रभावित होने से किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है और बैंक का दबाव बढ़ रहा है। वे चिंतित हैं कि स्थिति यूं ही रही तो परिवार सड़क पर आ जाएगा। बैठक में तय किया गया कि संघ अब उच्च अधिकारियों से मिलकर तीन प्रमुख मांगें उठाएगा-शहर में टोटो स्टैंड का आवंटन, हाईवे प्रतिबंध में छूट और पुलिस व्यवहार में सुधार। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। यह प्रदर्शन बिहार में हाल के ई-रिक्शा/टोटो पर हाईवे प्रतिबंध के खिलाफ बढ़ते असंतोष का हिस्सा है, जहां हजारों गरीब परिवारों की आजीविका दांव पर लगी है।
मध्यप्रदेश टीम की ओर से कोलकाता गए उज्जैन के 17 वर्षीय जिम्नास्ट उजैर अली की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिम्नास्टिक नेशनल चैंपियनशिप से पहले 16 जनवरी को वार्मअप के दौरान गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 14 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 28 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजन का आरोप है कि कोच और मैनेजर उसे अस्पताल में छोड़कर लौट गए थे। परिवार ने बताया कि उजैर का शव फ्लाइट से इंदौर लाया जा रहा है, जहां से उसे उज्जैन पहुंचाया जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। हाथ फिसलने से सिर के बल गिरेस्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की ओर से कोलकाता में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप के लिए उजैर अली 12 जनवरी को टीम के साथ रवाना हुए थे। 16 जनवरी को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले दोपहर करीब 1:50 बजे वह बीएनआर सेंटर में अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान हाथ फिसलने से वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें गर्दन में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल कोलकाता के पीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजन बोले- अस्पताल में नहीं थे कोच-मैनेजरकरीब 14 दिन तक चले इलाज के दौरान उजैर की हालत गंभीर बनी रही। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद कोच और मैनेजर उन्हें अस्पताल में छोड़कर लौट गए। उजैर के मामा डॉ. साकिब ने बताया कि जब परिवार के सदस्य कोलकाता पहुंचे, तब तक टीम के कोच और मैनेजर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। उजैर की मौत के बाद उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। MP के टॉपर जिम्नास्ट का मिला था खिताबउज्जैन की जामा मस्जिद क्षेत्र में रहने वाले मजहर अली के बेटे उजैर अली अंडर-17 जिम्नास्टिक टीम के सदस्य थे। वे बचपन से पढ़ाई के साथ जिम्नास्टिक्स का अभ्यास कर रहे थे। जिला और राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके उजैर को मध्यप्रदेश के टॉपर जिम्नास्ट का खिताब भी मिला था। नेशनल लेवल पर भी उनका चयन हुआ था। मैनेजर बोले- आरोप बेबुनियाद हैंकोलकाता जाने वाली टीम के मैनेजर रामसिंह बनिहार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि हम लोग 12 जनवरी को टीम अंडर-17, 19 टीम के 43 बच्चों को लेकर कोलकाता पहुंचे थे। वहां 15,16 और 17 जनवरी को तीन दिन प्रतियोगिता थी। 16 जनवरी को बीएनआर सेंटर में जिम्नास्टिक की प्रतियोगिता 2 बजे से थी। उससे 10 मिनट पहले उजैर वार्मअप कर रहे थे, इस दौरान वे सिर के बल गिर गए और घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें वहां के पीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एमआरआई में डॉक्टर ने कॉम्प्लिकेटेड बताया। परिवार वालों को इस बात की जानकारी दी गई थी। रात को एक बजे कोच सुन्दर लाल अस्पताल पहुंच गए। मेरी उनसे मुलाकात हुई। होटल मैंने उनको छोड़ा, सुबह 10 बजे हमारी गाड़ी थी। दूसरे दिन मुझे टीम वापस लेकर आना था। कुल 42 बच्चों की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी। बंगाल सरकार और एसजीएफआई ने सहयोग किया।
पुराने पैसों की वसूली को लेकर हुए आपसी विवाद में एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट के बाद सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अब तक दो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में एनएसयूआई का दुर्ग जिला संयोजक प्रशांत राव भी शामिल है। वहीं गुरुवार को इस मामले में एक और आरोपी लक्की उर्फ किशन कुमार ध्रुवे की गिरफ्तारी की गई है। पीएम रिपोर्ट में मिले थे चोट के निशान पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने 20 जनवरी को ऋषि के साथ होटल 36 इन, इंदिरा मार्केट दुर्ग में पुराने पैसों की वसूली को लेकर हाथ-मुक्कों से जमकर मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। दो दिन बाद उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में शरीर में अंदरूनी चोट की पुष्टि हुई थी। जांच के आधार पर यह सामने आया कि ऋषि निर्मलकर के साथ इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एनएसयूआई स्कूल विंग का जिला अध्यक्ष है आरोपीजांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी प्रशांत राव (26 वर्ष), निवासी ओम नगर उरला, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। प्रशांत राव एनएसयूआई स्कूल विंग जिला अध्यक्ष और दुर्ग जिला संयोजक है। घेराबंदी कर दूसरे आरोपी को किया गिरफ्तार प्रशांत राव के बयान के आधार पर पुलिस को एक और आरोपी की जानकारी मिली, जिसकी पहचान लक्की के रूप में हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जयंती नगर, दुर्ग में घेराबंदी कर लक्की उर्फ किशन कुमार ध्रुवे (18 साल 4 महीने) को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस अन्य आरोपियों की कर रही तलाशऋषि के पिता के अनुसार उनके बेटे की हत्या कुछ पैसों की लेन-देन की वजह से हुई है। पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच तीन से चार युवक ऋषि को अपने साथ कार में बैठाकर सीधे इंदिरा मार्केट स्थित होटल 36 इन ले गए और उसे मारा-पीटा। पुलिस बयानों और सबूतों के आधार पर संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मंडला में कलेक्टर-एसपी सड़कों पर उतरे:दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की दी समझाइश
मंडला में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार शाम को जिला प्रशासन ने एक विशेष अभियान चलाया। जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा मुख्य बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को रोककर हेलमेट पहनने की समझाइश दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाए जा रहे इस अभियान में कलेक्टर और एसपी ने लोगों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें जानलेवा साबित होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जनवरी माह में पूरे जिले में हेलमेट जागरूकता और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को डराकर चालान करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, एसपी रजत सकलेचा ने जगन्नाथ उत्कृष्ट विद्यालय में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को हेलमेट के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं हेलमेट पहनने और अपने माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। महाराजपुर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। जिले के कई थाना और चौकी क्षेत्रों में 500 से अधिक वाहनों की जांच की गई। इस दौरान कई वाहन चालकों ने मौके पर ही हेलमेट खरीदे या मंगवाकर पहने, जो इस अभियान के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
कानपुर–अलीगढ़ हाईवे पर हुड़दंग मचाने वाली ‘बर्थडे गर्ल’ का गुरुवार को एक वीडियो जारी कर हाईवे पर मचाई अराजकता के लिए माफी मांगी। बर्थडे गर्ल मायरा ठाकुर ने अपनी साथी साक्षी के साथ वीडियो जारी कर कहा कि– 21 जनवरी को मेरी बहन का जन्मदिन था, इसलिए हम मंधना हाईवे गए थे… और वहां पर हमारे कुछ फ्रेंड थे, वहां हमने केक कट किया। जो हमे नहीं करना चाहिए था, वो कानूनन अपराध है। जो गलती हमने की है, वो आप सब कभी मत करना… क्योंकि इससे किसी को भी नुकसान हो सकता है। वहां पर लोग आ–जा रहे थे, और हमने वहां पर पटाखे छुड़ा दिए। जो गलती हमने की वो आप मत करना, आपकी सेफ्टी आपके हाथ में है। अब जानिए क्या था पूरा मामला… आज मेरी बहन का बर्थडे है, अब देखिए हम क्या करते हैं… यह कहते हुए कानपुर अलीगढ़ हाईवे पर बर्थडे गर्ल और उसके साथियों ने जमकर हुड़दंग मचाया था, तीन कारों के काफिले के साथ बर्थडे गर्ल ने कार के बोनट पर केक काटा और हाईवे पर जमकर आतिशबाजी की थी। हाईवे पर हुड़दंग का वीडियो 21 जनवरी की रात 12 बजे का था, जिसमें दो युवतियां करीब आधा दर्जन युवकों के साथ हाईवे पर बर्थडे मनाती नजर आ रही थी। इसके बाद कार की खिड़कियों पर बैठ कर तेज रफ्तार कारें दौड़ रही थीं। बर्थडे गर्ल का नाम मायरा ठाकुर था, जो बर्रा थानाक्षेत्र की रहने वाली है। उसकी साथी साक्षी मिश्रा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट की थी। वायरल वीडियो में मायरा ठाकुर बर्थडे बेल्ट पहने हुए नजर आ रही थी, जबकि साक्षी यह कहती हुई दिख रही थी– कि आपको पता है कि मेरी बहन का बर्थडे हैं, 12 बज चुके है और हम जा रहे है, अभी देखिए हम क्या करते हैं। युवती के बर्थडे में शामिल तीन कार सवार आधा दर्जन से अधिक युवक हाईवे पर कार खड़ी कर बोनट पर 10 केक रख कर काटे गए थे। केक कटिंग के बाद हाईवे पर जबरदस्त आतिशबाजी की गई थी। हुड़दंग के बाद 100 की रफ्तार से कारें हाईवे पर दौड़ती दिख रही थी, जिसमें कार की खिड़की पर बर्थडे गर्ल मायरा ठाकुर और एक युवक बैठा हुआ था। यशोदा नगर हाईवे पर बाल पकड़ कर पीटा था 29 दिसंबर 2025 को मायरा का एक और वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो यशोदा नगर बाईपास का था। इसमें बॉयफ्रेंड के लिए मायरा और एक लड़की आपस में लड़ते हुए दिख रही थीं। इसमें मायरा ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया। उसके बाल पकड़कर उसे सड़क पर घसीटा था। इसके बाद बाल खींचते हुए उसे 11 थप्पड़ मारे थे। फिर उसकी छाती और सिर पर लात-घूसे बरसाए थे। इस दौरान मायरा की साथी लड़की घटना का वीडियो बनाती रही। मायरा बोल रही थी कि अभिषेक को तूने छोड़ा था। अब जब वो मेरा हो गया, तो तू उसे बाबू बोलेगी। बता उसे बाबू बोलेगी। जबकि दूसरी लड़की पैर पकड़कर उससे माफी मांगती रही।
राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की जोधपुर में बुधवार को मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के दौरान विवाद हो गया था। शाम करीब 6:30 बजे उनका शव बालोतरा जिले के परेऊ गांव में पहुंचा। शुक्रवार को परेऊ गांव में साध्वी का अंतिम संस्कार होगा। लेकिन, बालोतरा जिले के परेऊ गांव की प्रेम बाईसा के आध्यात्मिक सफर की ये कहानी काफी रोचक है। प्रेम बाईसा 5 साल की थीं तभी उनकी मां की मौत हो गई, पिता ने संभाला। जोधपुर के जिस आश्रम में रहे, वहां संतों के साथ रहकर भजन और कथा सीखी और महज 12 साल की उम्र में जोधपुर के पास कथा की। आसपास के लोगों में उनके प्रति काफी श्रद्धाभाव भी था। दो दिन पहले 27 जनवरी को वे अजमेर से कथा कर जोधपुर लौटी थीं। पढि़ए कैसे ट्रक ड्राइवर की बेटी बनी साध्वी प्रेम बाईसा…. स्थानीय लोगों के अनसुार साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ ट्रक ड्राइवर थे। उनकी मां अमरू बाईसा भगवान की भक्ति में लगी रहती थीं। स्थानीय लोग बताते है कि अमरू बाईसा ने मौत से एक साल पहले नवरात्रि के व्रत रखे थे। ये बात प्रेम बाईसा के पिता को पता नहीं थी। जब वे घर आए तो उन्होंने इस बात के लिए अमरू बाईसा को टोका और कहा- मुझे कहते तो मैं भी व्रत रखता। इस बीच दोनों ने तय किया कि वे दोनों मिलकर चौमासा व्रत यानी चार महीने का व्रत रखेंगे। इस दौरान वे अन्न भी ग्रहण नहीं करेंगे। एक महीने तक कुछ नहीं खाया, भाइयों ने दबाव बनाया तो घर छोड़ापरेऊ गांव के लोग बताते है कि उस समय प्रेम बाईसा की उम्र करीब चार साल थी। मां-पिता को भक्ति में डूबा देख बेटी भी भक्ति-भाव में लगी रहती थी। चौमासे व्रत के एक महीने और चार दिन पूरे हो चुके थे। दोनों पति-पत्नी ने अन्न तक ग्रहण नहीं किया। जब ये बात वीरमनाथ के भाइयों को पता चली तो उन्होंने दोनों को व्रत खोलने के लिए कहा। परिवार बार-बार व्रत खोलने के लिए कह रहा था लेकिन पति-पत्नी नहीं मान रहे थे। आखिर में इस प्रेशर से परेशान पति-पत्नी प्रेम बाईसा को लेकर घर छोड़ दिया और जोधपुर आ गए। पूरा परिवार आश्रम में रहने लगा, वहीं हुई मां की मौत वीरमाराम अपने परिवार के साथ जोधपुर में गुरुकृपा आश्रम में आ गए। अब वे अपने परिवार के साथ यहीं पर रहने लगे। मां की भक्ति और संतों के साथ रहते-रहते प्रेम बाईसा भी भक्ति-भाव में डूबने लगीं। इस बीच प्रेम बाईसा के मां की मौत हो गई। तब प्रेम बाईसा महज 5 साल की थीं। इसके बाद प्रेम बाईसा ने आश्रम के संत राजाराम जी और संत कृपाराम जी महाराज की शरण में आकर कथा वाचन और भजन गायन के साथ आध्यात्मिक शिक्षा ली। वह संतों के साथ कथाओं में जाने लगीं और भजन भी गातीं। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने जोधपुर के पास अपनी पहली कथा की थी। इसके बाद आस-पास के लोगों में उनके प्रति श्रद्धा-भाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा। पुश्तैनी जमीन में बना आश्रम सरपंच बांकाराम का कहना है कि वीरमनाथ और उनकी बेटी प्रेम बाईसा ने परेऊ गांव की पुश्तैनी जमीन पर आश्रम बना दिया। बीच-बीच में यहां पर आकर रहते थे। लेकिन बीते दो सालों से यहां पर नहीं आए थे। यहां पर कोई नहीं रहता है। साध्वी प्रेम बाईसा के बचपन में कथा और भजन गायक की रुचि ने उनकी लोकप्रियता को बढ़ा दिया। फिर प्रेम बाईसा ने जोधपुर में अपना अलग से आश्रम बना दिया। उनके समर्थक और भक्त इससे जुड़ते गए। स्थानीय लोगों ने बताया- गांव में वीरमनाथ के दो छोटे भाई हैं। जो यहां पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। साध्वी की मौत के बाद से विवाद, भक्तों ने पिता पर लगाए आरोप साध्वी की मौत के बाद से विवाद बढ़ता जा रहा है। एक भक्त रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि रात 9:30 बजे के करीब वो आरती नगर स्थित साध्वी के आश्रम पहुंचे थे। वहां उस समय साध्वी के पिता बॉडी को लेकर बाहर खड़े थे। बॉडी को अंदर ले जाने से मना कर रहे थे। इतना ही नहीं साध्वी के फोन को भी पुलिस को देने से मना कर दिया था। हालांकि, बाद में ACP छवि शर्मा ने उनके मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया था। रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि बॉडी को मॉर्च्युरी में ले जाने के लिए रवाना हुए तो पिता ने अपने निजी वाहन से उतरकर भागने की कोशिश भी की थी। बाद में ACP ने उन्हें समझाया और खुद एसीपी छवि शर्मा उसी गाड़ी में बैठीं जिसमें बॉडी थी। इसके बाद गाड़ी MGH मॉर्च्युरी के लिए रवाना हुई। कथावाचक की तबीयत 2 दिन से खराब थी एसीपी(वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, साध्वी की तबीयत पिछले दो दिनों से नासाज थी। बुधवार को उन्होंने किसी से एक इंजेक्शन लगवाया था। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक और ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर पाल रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल (प्रेक्षा हॉस्पिटल) पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को एमजीएच मॉर्च्युरी में लाया गया। साध्वी प्रेम बाईसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान- कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद हंगामा-तनाव:पिता का दावा- इंजेक्शन के कारण जान गई; कल होगा अंतिम संस्कार राजस्थान- कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत सुसाइड या हादसा?:6 महीने पुराने ब्लैकमेलिंग केस की चर्चा, अपने ही निजी स्टाफ पर लगाए थे आरोप कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत:निधन के 4 घंटे बाद कथित सुसाइड नोट पोस्ट; लिखा-मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने के केंद्र सरकार के कथित प्रयासों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन गरीबों के रोजगार के कानूनी अधिकारों को समाप्त करने की साजिश के विरोध में आयोजित किया गया। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा की ग्राम पंचायत टीडी, बारां, सरू, सरूपाल, चनावदा और नला सहित विभिन्न पंचायतों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए। इस दौरान विभिन्न गांवों से आईं मनरेगा कार्य करने वाली महिलाओं और कार्यकर्ताओं से संवाद किया गया। ग्रामीणों और महिलाओं ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए बताया कि उन्हें काम के बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। मजदूरी के लिए उन्हें महीनों तक भटकना पड़ रहा है। इस अवसर पर अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य डॉ. विवेक कटारा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब का कानूनी अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अधिकार को किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने देगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओनार सिंह सिसोदिया ने बताया कि मनरेगा से ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन रुका है और मजदूरों की राशि के रोटेशन से स्थानीय बाजार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से लड़ेगी। कार्यक्रम में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य डॉ. विवेक कटारा, ब्लॉक अध्यक्ष ओनार सिंह सिसोदिया, उपाध्यक्ष नारायण लाल मीणा, मंडल अध्यक्ष एवं सरपंच चुन्नीलाल मीणा, पूर्व सरपंच कालू लाल मीणा, रामलाल मीणा और संदेश मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण नागरिक, महिलाएं एवं मनरेगा मजदूर उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
करौली पुलिस ने शातिर साइबर ठग को किया गिरफ्तार:डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था
करौली पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वाले एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर 'ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0' के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जडेजा ध्रुवराजसिंह दिग्विजयसिंह उर्फ जैसल (28) के रूप में हुई है। वह गुजरात के राजकोट जिले के आशापुरा कुपा, उदयनगर क्षेत्र का निवासी है। साइबर पुलिस थाना करौली की टीम ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को विभिन्न तरीकों से डराकर 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देता था। इसके बाद वह उनसे बड़ी रकम की ठगी करता था। यह गिरोह लोगों को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठता था। इस मामले का खुलासा 19 अक्टूबर 2024 को हुआ था, जब परिवादी डॉ. ओमप्रकाश महावर ने 6 लाख 98 हजार रुपये की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वर्तमान में गिरफ्तार आरोपी जैसल भी इसी गिरोह का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। करौली साइबर पुलिस थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत खराब हो गई है। लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक ने जेल के दूषित पानी की वजह से पेट में गंभीर संक्रमण और दर्द की शिकायत की है। वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर जेल प्रशासन को विशेषज्ञ से जांच कराने के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार ने कहा कि उनकी अब तक 21 बार जांच हो चुकी है। वांगचुक को एनएसए के तहत सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने गुरुवार को हुई सुनवाई में जेल प्रशासन को आदेश दिया कि वांगचुक की जांच सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से कराई जाए। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट 2 फरवरी तक पेश करने का निर्देश दिए। 21 बार हुई सामान्य जांच, कोर्ट ने कहा- यह काफी नहींसुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश वकील और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने तर्क दिया कि वांगचुक की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार महीनों में जेल के डॉक्टरों ने 21 बार उनकी जांच की है और आखिरी चेकअप 26 जनवरी को हुआ था। इस पर वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- जेल के पानी से उन्हें लगातार पेट दर्द हो रहा है। सामान्य फिजिशियन की जांच पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने सिब्बल की दलील मानते हुए कहा कि मरीज की मांग के अनुसार उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा मिलनी चाहिए। चुनौती: ‘हिरासत का आदेश पुलिस रिपोर्ट का हूबहू कॉपी-पेस्ट’डॉ. गीतांजलि आंगमो द्वारा दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' याचिका पर बहस करते हुए कपिल सिब्बल ने वांगचुक की हिरासत को पूरी तरह अवैध बताया। उन्होंने कोर्ट के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य रखे: दिमाग का इस्तेमाल नहीं: सिब्बल ने कोर्ट को हिरासत का आदेश और एसएसपी की सिफारिश की प्रतिलिपि दिखाते हुए इसे 'कॉपी-पेस्ट' बताया। सिब्बल के अनुसार एसएसपी की रिपोर्ट का पहला पन्ना और हिरासत आदेश का पन्ना शब्दशः एक जैसा है। यह साबित करता है कि हिरासत में लेने वाले अधिकारी ने अपनी विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। पुराने और बेबुनियाद केस: सिब्बल ने कहा कि वांगचुक पर लगाए गए आरोप वर्ष 2024 की पुरानी एफआईआर पर आधारित हैं। इनमें से 5 में से 3 मामले पुराने हैं और अधिकतर 'अज्ञात व्यक्तियों' के खिलाफ हैं। सितंबर 2025 की हिंसा के बाद दर्ज ताजा एफआईआर में वांगचुक का नाम तक नहीं है। ‘देशभक्ति और राजनीति को न मिलाएं’सरकार की ओर से आरोप लगाया गया था कि वांगचुक ने कहा था कि लद्दाख के लोग युद्ध के समय भारतीय सेना की मदद नहीं करेंगे। कपिल सिब्बल ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘फैलाया गया झूठ' बताया। सिब्बल ने कहा- वांगचुक ने इसके ठीक विपरीत बात कही थी। उन्होंने कहा था कि युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में नागरिकों को सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने सिर्फ यह अपील की थी कि हमारी राजनीतिक मांगों की नाराजगी को 'भारत माता की रक्षा' के बीच में नहीं लाना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि उनके बयानों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, ताकि उन्हें राष्ट्र विरोधी साबित किया जा सके। सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि हिरासत के आधार तय करते समय वांगचुक के 24 सितंबर के उस महत्वपूर्ण भाषण को जानबूझकर हटा दिया गया। इसमें उन्होंने अनशन तोड़ा था और हिंसा भड़कने के बाद लोगों से शांति की अपील की थी। हिरासत प्राधिकारी के सामने केवल चुनिंदा भड़काऊ सामग्री ही रखी गई। सितंबर 2025 से जेल में हैं वांगचुकसितंबर 2025 में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद सोनम वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें लद्दाख से शिफ्ट कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उनकी पत्नी ने इस हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर अगली सुनवाई मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद होगी।
भोपाल में भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित केमिस्ट प्रीमियर लीग (CPL) सीजन–6 का दूसरा दिन था। आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा और वार्ड क्रमांक 65 की पार्षद शिरोमणि शर्मा शामिल हुईं। वहीं रायसेन जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत धारीवाल और कोषाध्यक्ष अशोक जैन भी मौजूद रहे। दूसरे दिन 6 मुकाबले खेले गए। टूर्नामेंट के पहले दिन 6 मुकाबले खेले गए थे, वही आज दूसरे दिन भी 6 मैच खेले गए। पहले मुकाबले में लाइफ सेवर 11 ने कड़े संघर्ष में नीलबड़ केमिस्ट टाइगर्स को 2 रन से हराया। शानदार प्रदर्शन के लिए तरुण सूर्यवंशी को मैन ऑफ द मैच चुना गया। दूसरे मैच में सर्जिकल कमांडो ने टाइगर केमिस्ट क्रिकेट क्लब, भोपाल को हराया। टाइगर केमिस्ट की टीम 93 रन ही बना सकी। नीलेश जैन ने 35 रन की पारी खेलकर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। तीसरे मुकाबले में आरडीएमसीसी रायसेन ने फार्मा वॉरियर को शिकस्त दी। बेहतरीन गेंदबाजी के लिए यतेंद्र राजपूत मैन ऑफ द मैच रहे। चौथे मैच में टाइगर केमिस्ट क्रिकेट क्लब ने विदिशा बाउंसर्स को हराया। आदित्य आहूजा ने 25 गेंदों पर 68 रन की आक्रामक पारी खेली। पांचवें मुकाबले में शमशाबाद केमिस्ट क्लब ने आरडीएमसीसी रायसेन को 44 रन से हराया। जितेंद्र सिंह ने 57 रन बनाकर मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। दिन के अंतिम मुकाबले में सर्जिकल कमांडो ने विदिशा बाउंसर्स को हराया। नीलेश जैन ने 73 रन की पारी खेलकर लगातार दूसरा मैन ऑफ द मैच पुरस्कार अपने नाम किया। केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा कि “भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित CPL सीजन–6 सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि केमिस्ट समाज की एकता, अनुशासन और खेल भावना का उत्सव है। खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों की भागीदारी इसे एक मजबूत परंपरा बना रही है।”

