भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा बताई जा रही है। उसने आरोप लगाया कि आसिफ रज़ा नामक युवक ने खुद को आशीष पांडे बताकर उससे दोस्ती की और बाद में प्रेम संबंध बनाकर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान युवक के दो अन्य दोस्त भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जब वह गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर की और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया। मामले की शिकायत पीड़िता ने लगभग एक माह पहले महिला थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को पीड़िता सामने आई। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी आसिफ रज़ा बिहार का निवासी बताया जा रहा है। वह फिलहाल फरार है।
एअर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश भी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, विल्सन सितंबर में अपना पद छोड़ सकते हैं। पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विल्सन को सितंबर 2022 में एअर इंडिया का CEO और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया था। उनका कॉन्ट्रैक्ट 5 सालों के लिए, जुलाई 2027 तक था। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति करेगी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है। एअर इंडिया जनवरी से नए CEO की तलाश कर रही विल्सन के इस्तीफे पर एअर इंडिया ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एअर इंडिया नए CEO के लिए संभावित उम्मीदवारों के साथ हाई लेवल बातचीत कर रही है। इस संबंध में अगले हफ्ते एक अहम बैठक भी होने वाली है। दावे के मुताबिक, कंपनी ने नए CEO की तलाश जनवरी में ही शुरू कर दी थी, जब विल्सन ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद पद छोड़ने के संकेत दिए थे। विल्सन के पास विमानन क्षेत्र में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों तरह की एयरलाइनों में काम किया है। विल्सन ने 1996 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरुआत की थी विल्सन ने न्यूजीलैंड में कैंटरबरी यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स (फर्स्ट क्लास ऑनर्स) किया है। उन्होंने 1996 में न्यूजीलैंड में सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कनाडा, हॉन्ग कॉन्ग और जापान में SIA के लिए काम किया। 2011 में स्कूट के फाउंडिंग CEO बने थे विल्सन सिंगापुर लौटकर 2011 में लो कॉस्ट एयरलाइन स्कूट के फाउंडिंग CEO के रूप में काम किया। 2016 तक वो इस पद पर रहे। अप्रैल 2020 में दोबारा स्कूट के CEO बनने से पहले उन्होंने SIA में सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने प्राइसिंग, डिस्ट्रिब्यूशन, ई-कॉमर्स, मर्चेंडाइजिंग, ब्रांड एंड मार्केटिंग, ग्लोबल सेल्स और एयरलाइन ओवरसीज ऑफिसेज को देखा। अब उन्हें एअर इंडिया की कमान सौंपी गई है। उम्मीद की जा रही है कि स्कूट एयरलाइन का उनका एक्सपीरिएंस एअर इंडिया के काफी काम आएगा। ----------------------------- एअर इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन हादसे के पीड़ित परिवारों का PM को लेटर:कहा- हम पैसे नहीं, हादसे की वजह जानना चाहते हैं; ब्लैक बॉक्स डेटा की मांग अहमदाबाद में एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद करीब 30 पीड़ित परिवारों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने PM से फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। परिजनों ने कहा, “हमें पैसे नहीं चाहिए। हमें सच्चाई जाननी है। हम जानना चाहते हैं कि हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी।” पूरी खबर पढ़ें…
इलाहबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाने से जुड़े एससी/एसटी एक्ट के मामले में आरोपियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने ब्रजराज निषाद व चार अन्य की अपील पर उनके अधिवक्ता को सुनकर दिया है। मोहम्मदाबाद गोहना थाने का केस अपीलार्थियों के विरुद्ध मोहम्मदाबाद गोहना थाने में आईपीसी की धारा 323, 34, 379, 504, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(डीए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अपीलार्थियों को सम्मन जारी किया था, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। गांव में इस नाम की कोई महिला नहीं अपीलार्थियों के अधिवक्ता ने अपनी बहस में कहा कि एफआईआर कलावती के नाम से दर्ज कराई गई है जबकि गांव में इस नाम का कोई रहता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह शिकायत लालती ने फर्जी नाम से दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि अपीलार्थी संख्या दो से पांच अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और उनके पास वैध प्रमाण पत्र हैं। कानूनन एससी समुदाय के व्यक्तियों के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट लागू नहीं हो सकता। अधिवक्ता ने यह भी दलील दी कि मूल विवाद दीवानी प्रकृति का है, जिसे केवल परेशान करने के उद्देश्य से आपराधिक मामला बनाया गया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लालती को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख लगा दी। साथ ही तब तक अपीलकर्ताओं के विरुद्ध इस मामले के संबंध में कोई भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता की गैर मौजूदगी में जातिसूचक अपमानजनक गाली देने के मामले में एससी एसटी एक्ट के तहत आपराधिक केस को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना। कोर्ट ने इस एक्ट के तहत आपराधिक केस कार्यवाही रद्द कर दी है और कहा है कि भारतीय दंड संहिता या बी एन एस की धाराओं में केस जारी रहेगा। गवाहों के बयान से साफ नहीं कोर्ट ने कहा एफआईआर व गवाहों के दर्ज बयान से स्पष्ट नहीं कि आरोपी ने दुर्भावनावश जातिगत अपमानित किया है। लगता है व्यक्तिगत विवाद को आपराधिक कलर दिया गया है।एस सी एस टी एक्ट के अपराध का मूल तत्व गायब है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने थाना मुहम्मदाबाद,जिला मऊ के पत्रकार संजीव राय की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिया है। डिप्टी एसपी ने दर्ज कराया था केस तत्कालीन डीप्टी एस पी अब एयरपोर्ट आजमगढ़ मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने 26 फरवरी 25 को एफआईआर कराई। आरोप लगाया कि आरोपी ने स्थानीय पुलिस को भयभीत कर अपने अनैतिक कार्य का समर्थन मांगा । फेसबुक पर लिखा अब हवाई जहाज उड़ेगी।8नवंबर 25को जब वह एक स्कूल के समारोह में थे तो आरोपी ने चमारिया सियारिया कह गालियां दी। आरोपी का कहना था कि घटना स्थल को लेकर गवाहों के बयान में विरोधाभास है। शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद ही नहीं था तो जातिसूचक अपमानजनक नहीं हुआ।कहा गया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के तबादले का क्रेडिट ले रहा था और गाली दे रहा था। कोर्ट ने कहा विशेष कानून पब्लिक प्लेस पर जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणी से गरिमा को ठेस पहुंचाने पर अपराध माना जाता है।इस मामले में यह मूल तत्व मौजूद नहीं है। इसलिए एस सी एस टी का केस चलने लायक नहीं है।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की नकली वेबसाइट बनाकर छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले रैकेट के दो और सदस्य सोमवार को गिरफ्तार किए गए। इनमें से राशिद मुजफ्फरनगर और समीर बागपत का रहने वाला है। राशिद गिरोह के सरगना शशि प्रकार राय का गुर्गा है जो बाद में दिल्ली में रहकर फर्जी मार्कशीट, सटिफिकेट का रैकेट संचालित कर रहा था। क्या बरामद हुआइनके कब्जे से 190 फर्जी मार्कशीट, डिप्लोमा और माइग्रेशन सर्टिफिकेट, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड, एक लैपटॉप और पेनड्राइव चार फर्जी मुहर और 98 होलोग्राम, बैंक पासबुक और दो चेकबुक शामिल हैं। इस गिरोह के पांच सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं जिनमें सरगना भी शामिल है। पश्चिम बंगाल में भी नेटवर्कइस गिरोह का नेटवर्क न सिर्फ यूपी बल्कि पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों तक फैला था। यह खुलासा तब हुआ था जब इस रैकेट के पांचवें सदस्य मंगेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। यह आजमगढ़ का एक बीफार्मा कॉलेज संचालक है जिसके कब्जे से फर्जी मार्कशीट के लिफाफे मिले थे। इन लिफाफों को अलग-अलग जनपदों में भेजा जाना था और इनमें से एक पर पश्चिम बंगाल का एड्रेस था। क्या बताया दोनों नेउधर सोमवार को गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह रैकेट के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर यूपी व अन्य प्रदेशों के भिन्न- 2 विश्वविद्यालय व तकनीकि शिक्षा बोर्ड की फेक मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाणपत्र बनाकर छात्रों व अभिभावकों से ठगी की वारदात अंजाम देते हैं। मांग के अनुरूप फर्जी मार्कशीट बनाकर व कलर प्रिंटआउट निकालकर इस पर फर्जी मोहर लगाकर यह खेल किया जाता था। नकली वेबसाइट कर ली थी तैयारबता दें कि इस गिरोह ने असली वेबसाइट www.upmsp.edu.in की हूबहू नकल करते हुए www.upmsp-edu.in नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की। फिर इसके जरिए हजारों छात्रों और अभिभावकों से ठगी की। 12 सालों में करीब सात हजार फर्जी मार्कशीट बेच डाली। ऐसे फंसाते थे जाल मेंइससे पहले शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा और मनीष कुमार राय समेत पांच आरोपी इस मामले में जेल भेजे जा चुके हैं। यह दोनों भी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पूरी मॉडस ऑपरेंडी बयां की। बताया था कि, हम 2014 से इस काम में लगे हुए हैं। हम पहले फेसबुक पर “मार्कशीट में नंबर बढ़वाएं” और “डिग्री-मार्कशीट बनवाएं” जैसे विज्ञापन डालते थे। इन विज्ञापनों में संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी देते थे जो फर्जी आईडी पर लिए गए होते हैं। जैसे ही कोई संपर्क करता था तो उसे फर्जी वेबसाइट को दिखाकर उन्हें भरोसे में लेते थे। यह बताते थे कि हम बोर्ड के ही कर्मचारी हैं जो पैसे खर्च करने पर नंबर बढ़वा सकते हैं। इसके बाद डील तय करते थे। पहले 10-15 हजार रुपये मांगते थे और मोलभाव करते हुए चार से पांच हजार में डील फाइनल करते थे। फिर फर्जी मार्कशीट या डिग्री तैयार कर देते थे।तैयार करते थे फर्जी मार्कशीट-डिग्रीगिरफ्तार किए गए शशि प्रकाश राय ने पूछताछ में बताया था, मैं और मेरा साथी पहले छात्र या अभिभावक से कॉलेज, परीक्षा वर्ष, जनपद समेत अन्य जानकारियां ले लेते थे। इसके बाद उससे कहते थे कि 10-15 दिन में उनका काम हो जाएगा। हमारे पास यूपी बोर्ड के साथ ही कई अन्य बोर्ड की मार्कशीट व सर्टिफिकेट, डिग्रियां डिजिटल फार्मैट में स्टोर रहती हैं। जैसे ही डील फाइनल होती है, हम आल इन वन एडिट सॉफ्टवेयर के जरिए नाम, पिता का नाम, रोल नंबर जैसी जानकारियों को एडिट करके फर्जी डॉक्युमेंट तैयार कर देते हैं। डॉक्युमेंट कोरियर से भेजते ताकि शक कम होडॉक्युमेंट तैयार होने के बाद इसकी डिलीवरी के लिए आरोपी कभी खुद नहीं जाते थे। वह क्लाइंट से उसका पता ले लेते थे और फिर इसे कोरियर कर देते थे। पुलिस अफसरों का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि यह खेल कोई नया नहीं था। मुख्य आरोपी शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा पिछले करीब 12 साल से इस धंधे में था। अब तक 7000 से ज्यादा फर्जी अंकपत्र और डिग्रियां बाजार में खपाई जा चुकी हैं। गिरोह ने अलग-अलग विश्वविद्यालयों की नकली मोहर, होलोग्राम और डिजाइन तैयार कर रखे थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि करंट लगने (इलेक्ट्रोक्यूशन) के मामलों में बिजली विभाग की सख्त जिम्मेदारी तय होती है और पीड़ित को मुआवजा पाने के लिए विभाग की लापरवाही साबित करने की आवश्यकता नहीं है। जस्टिस संदीप जैन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, कि ऐसे मामलों में सख्त जिम्मेदारी का सिद्धांत लागू होता है और वादी को यह साबित करने की जरूरत नहीं कि बिजली लाइन के रखरखाव में विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही थी। उसे केवल यह साबित करना है कि उसे करंट से चोट लगी। पावर कारपोरेशन लिमिटेड की याचिका खारिज हाईकोर्ट ने यह आदेश उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की प्रथम अपील को खारिज करते हुए दिया है। मामला एक मजदूर से जुड़ा था, जो उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया, जब एक जिंदा हाई वोल्टेज तार उसके ऊपर गिर गया। इस हादसे के कारण मजदूर मोहम्मद निसार उर्फ बड़े लाला को गैंगरीन हो गया और उसका हाथ काटना पड़ा। उसने 65 प्रतिशत स्थायी विकलांगता का दावा करते हुए करीब 6.80 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। ट्रायल कोर्ट एडीजे पीलीभीत ने पाया कि तार गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी आय लगभग 200 रुपये प्रतिदिन थी। इस आधार पर अदालत ने 4 लाख रुपये मुआवजा और 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। फैसले को दी थी चुनौती इस फैसले को चुनौती देते हुए बिजली निगम ने दलील दी कि घटना को साबित करने का भार वादी पर है और हाई टेंशन तार टूटने पर बिजली स्वतः बंद हो जाती है। इसलिए करंट लगने का सवाल नहीं उठता। साथ ही यह भी कहा गया कि वादी ने मेडिकल खर्च से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए और मुआवजा अधिक है। हाइकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया कि ऐसे मामलों में बिजली विभाग को स्वतः जिम्मेदार माना जाता है और पीड़ित को लापरवाही साबित करने की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट है कि वादी को जिंदा तार गिरने से गंभीर चोटें आईं, जिससे बिजली विभाग की जिम्मेदारी बनती है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मुआवजे का निर्धारण मोटर दुर्घटना मामलों की तरह किया जाना चाहिए, जिसमें आय, चोट की गंभीरता, स्थायी विकलांगता, भविष्य की आय में कमी, इलाज का खर्च, दर्द और कष्ट आदि सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। हाईकोर्ट ने माना कि पीड़ित की कार्यात्मक दिव्यांगता 100 प्रतिशत तक हो सकती थी। चूंकि उसने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती नहीं दी, इसलिए उसे अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा सकता। अंततः हाईकोर्ट ने बिजली निगम की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा और जुर्माना भी लगाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में आम आदमी के बीच बढ़ती इस धारणा पर आपत्ति जताई है कि रिश्वत देकर शैक्षणिक डिग्री और विश्वविद्यालय की नौकरियों सहित कुछ भी खरीदा जा सकता है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने पीएचडी डिग्री और सहायक प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के बहाने एक उम्मीदवार से 22 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। भयावह प्रवृत्ति को उजागर करते हैं हाईकोर्ट ने कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोप समाज में एक बेहद भयावह प्रवृत्ति को उजागर करते हैं, जहां आम आदमी की यह धारणा बन गई है कि रिश्वत देकर कुछ भी करवाया जा सकता है। खंडपीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार की कारगर कार्यप्रणाली में विश्वास रखने के कारण एक शिक्षित महिला भी इस धोखाधड़ी का शिकार हो गई। न्यायालय ने कहा कि यह समाज में नैतिक मूल्यों के बेहद निचले स्तर को दर्शाता है और समाज में नैतिकता को पुनः प्राप्त करने और बहाल करने के लिए इस प्रकार के अपराधों को बिना दंड के नहीं छोड़ा जाना चाहिए । कानपुर से जुड़ा है मामला मामले के अनुसार कानपुर में तान्या दीक्षित द्वारा एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता प्रियंका सिंह सेंगर ने सह-आरोपी विक्रम सिंह सेंगर, तृप्ति सिंह सेंगर और सान्या सिंह सेंगर के साथ मिलकर उसे आश्वासन दिया था कि उन्हें अलीगढ़ स्थित एक विश्वविद्यालय में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश दिलाया जाएगा। उन्होंने उसे यह भी आश्वासन दिया कि वे कानपुर के एक विश्वविद्यालय में उसके लिए सहायक प्रोफेसर की नौकरी दिलवा देंगे। इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए, दीक्षित और उनकी मां ने आरोपी के बैंक खातों में कुल 22 लाख 18 हजार की राशि स्थानांतरित कर दी। हालांकि, शिकायतकर्ता ने कभी भी नौकरी या शैक्षणिक कार्यक्रम के लिए आवेदन नहीं किया। आरोपों के अनुसार, जून 2024 में, आरोपी ने शिकायतकर्ता को जाली दस्तावेजों का एक बंडल सौंपा, जिसमें पीएचडी की मार्कशीट, प्रवेश पत्र, विषय अनुमोदन पत्र और यहां तक कि कानपुर स्थित विश्वविद्यालय से एक नियुक्ति पत्र भी शामिल था, जिसमें उसे जुलाई में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया था। विवि ने बताया सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हालांकि, जब वह अपना ज्वाइनिंग लेटर लेकर विश्वविद्यालय पहुंची, तो विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने उसे बताया कि सभी दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी थे और हस्ताक्षर जाली थे। जब शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, तो उन्होंने जान से मारने की धमकी के साथ-साथ जघन्य अपराधों में झूठे फंसाने की धमकी भी दी। सुनवाई के दौरान, आरोपी-याचिकाकर्ता के वकील ने समानता के आधार पर एफआईआर को रद्द करने की मांग की, क्योंकि दो अन्य आरोपियों को हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम राहत दी गई थी। कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि उद्धृत आदेश केवल अंतरिम और अस्थायी थे। कोर्ट ने आगे कहा कि पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश या विश्वविद्यालय में शिक्षण पद पर नियुक्ति नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अलावा किसी अन्य माध्यम से नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने यह स्पष्ट करते हुए कि वह एफआईआर में लगाए गए आरोपों को सत्य नहीं मान रही है, बल्कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए, कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पूरी तरह और ईमानदारी से जांच की जानी चाहिए। इस प्रकार, कोर्ट ने याचिका को अनुपयुक्त मामला मानते हुए इसे खारिज कर दी।
फर्जी रेप केस में फंसा कर रंगदारी मांगने के मामले में 8 माह से जेल में बंद कानपुर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे की सोमवार को हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जेल प्रशासन ने उर्सला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया है। जेल प्रशासन के मुताबिक अखिलेश दुबे को सांस लेने में तकलीफ, लो ब्लड प्रेशर व हार्ट में दिक्कत की समस्या बताई गई, जिसका इलाज जारी है। 7 अगस्त को पुलिस ने भेजा था जेल भाजपा नेता रवि सतीजा से रंगदारी मांगने के मामले में अखिलेश दुबे को 7 अगस्त को बर्रा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसके बाद उसके खिलाफ होटल कारोबारी सुरेश पाल से 2.50 करोड़ की रंगदारी, अवैध कब्जे की शिकायत करने पर शैलेंद्र कुमार पर झूठी एफआईआर दर्ज कराने और 20 लाख रंगदारी मांगने, जूही में होटल संचालिका से रंगदरी, डकैती, ग्वालटोली थाने में वक्फ की जमीन कब्जाने, कोतवाली में कांग्रेस नेता से 10 लाख की रंगदारी के मुकदमे दर्ज कराए गए थे। दो मामलों में नहीं मिली है जमानत अखिलेश दुबे को चार मुकदमों में जमानत मिल चुकी है। होटल कारोबारी सुरेश पाल से रंगदारी मामले में हाईकोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी प्रभावशाली है, गवाहों को डरा सकता है। वहीं वक्फ की जमीन कब्जाने के मामले में भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है। जिस कारण वह जेल में बंद है। जेल अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कि सोमवार शाम आरोपी की तबीयत बिगड़ी थी, जिस पर उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्वालियर में आधी रात एक बदमाश नाबालिग के घर में घुस गया। उसने नाबालिग का मुंह दबाकर उसका अपहरण किया और घर से दूर एकांत स्थान पर ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ रेप किया। वारदात के बाद आरोपी उसे धमकी देकर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ग्वालियर के पिछोर इलाके की है। पीड़ित नाबालिग ने महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला कायम कर लिया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पिछोर थाना पुलिस ने सोमवार रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ग्वालियर के पिछोर थाना क्षेत्र में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग अपने परिवार के साथ रहती है। शनिवार रात खाना खाकर वह सो गई थी। रात करीब दो बजे नींद खुलने पर वह बाथरूम जाने के लिए आंगन में गई। इसी दौरान उसके घर के पास रहने वाला अनिल, पिता सुंदर केवट, वहां दिखाई दिया। नाबालिग कुछ समझ पाती, उससे पहले ही आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसे उठाकर एकांत स्थान पर ले गया और उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। हत्या की धमकी देकर फरार हुआ बदमाश वारदात के बाद आरोपी ने नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा। धमकी से डरी नाबालिग किसी तरह घर पहुंची और मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसे महिला थाने ले गए, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर केस डायरी पिछोर थाने भेजी, जहां कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भागने से पहले पकड़ा गया आरोपी पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने बतया कि नाबालिग को अगवा कर रेप करने वाले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ग्वालियर में दोस्तों के साथ सैलरी लेकर घर लौट रहे बाइक सवारों को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। घटना मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर पुलिया के पास शुक्रवार रात 9 बजे की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर एक युवक ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि दो की हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राइवेट जॉब करता था अंशु काल्पीब्रिज कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय अंशु राजे पिता महावीर राजौरिया प्राइवेट जॉब करता था। शुक्रवार शाम वह अपने दोस्तों पवन व सूरज के साथ जॉब से सैलरी लेने के बाद वापस आ रहा था, अभी वह त्यागी नगर पुलिया के पास पहुंचा ही था कि सामने से आ रही बलेनो कार (एमपी 04 सीयू 9284) के चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार अंशु, पवन व सूरज हवा में उछले और सड़क पर गिरे। जिससे अंशु को गंभीर चोट लगी और सूूरज व पवन को कुछ कम चोट आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए पहुंचा दिया। दो दिन लड़ी जिंदगी की जंग अंशु को बचाने के लिए 2 दिन डॉक्टरों की टीम लगी रही और दो दिन जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार सुबह अंशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके शव को पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी पवन और सूरज का उपचार चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में सिंधिया ने करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और ग्वालियर को विकासशील नगर बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विशेष रूप से ग्वालियर की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए एक बड़ी योजना है, जिसमें कुल 294 सड़कों को लाल, पीली और हरी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन 294 सड़कों में से 109 सड़कें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में आती हैं। इनमें से लगभग 53 सड़कें (31 और 22) डिफेक्ट श्रेणी में थीं। यह आंकड़ा 3 अक्टूबर 2025 का था, जिसे अधिकारियों को जांचने के लिए दिया गया था। सिंधिया ने कहा कि 6 अप्रैल 2026 तक, यानी लगभग छह महीने बाद, 31 बदतर सड़कों में से 30 ठीक हो चुकी हैं, जबकि एक सड़क अभी बाकी है। सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई 22 सड़कों में से 14 ठीक हो गई हैं और 8 अभी शेष हैं। कुल मिलाकर, 53 डिफेक्टेड सड़कों में से 44 ठीक हो चुकी हैं और केवल 9 सड़कें बची हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 294 सड़कों की योजना का पहला चरण है। ग्वालियर में सीवर लाइन बनी बड़ी समस्या आखिरी मुद्दा सीवर लाइन का रहा, जो ग्वालियर के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस पर प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री ने निर्णय लिया है कि ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक कर एक स्पष्ट नीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और सभी जनप्रतिनिधि ग्वालियर के विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शहर को आने वाले समय में विकासशील, प्रगतिशील और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बैठक में शामिल न होने को लेकर रही, जिसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
इंदौर जिला प्रशासन ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र के समीप एक गोदाम पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में बिना लाइसेंस के संग्रहित सॉल्वेंट बरामद किया। कार्रवाई के दौरान गोदाम में करीब 22,000 लीटर डिस्टिल्ड सॉल्वेंट अवैध रूप से रखा पाया गया। इसके अलावा मौके से ऑयल पेंट मिक्सर और पेंट रिमूवर भी मिले। जांच में सामने आया कि गोदाम संचालक के पास इन ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं था। सबसे गंभीर बात यह रही कि गोदाम में किसी प्रकार का फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि की आशंका बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नारायण नांदेडा ने मौके पर ही गोदाम को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान तहसीलदार ओंकार मनाग्रे, सहायक खाद्य अधिकारी अविनाश जैन तथा बाणगंगा थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। यह गोदाम खातीवाला टैंक निवासी अब्दुल कादिर पिता फखरुद्दीन का है। कलेक्टर ने कहा कि अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हासनपुरा पुलिया के नीचे अचानक दो कारों में लगी आग:दोनों वाहन जलकर खाक; हादसे में कोई जनहानि नहीं
जयपुर के हासनपुरा पुलिया के नीचे सोमवार शाम को अचानक दो कारों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दोनों कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि पुलिया के नीचे पड़े कचरे में पहले आग लगी, जिसके बाद लपटें पास खड़ी कारों तक पहुंच गईं। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में दोनों गाड़ियां पूरी तरह जल गईं। हालांकि आग लगने के सही कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग कचरे से फैली या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा स्टेडियम, अयोध्या में नव-निर्मित स्वीमिंग पूल का शुभारंभ वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष – संकट मोचन सेना, महंत संजय दास ने विधिवत पूजा-अर्चना कर उद्घाटन किया।उद्घाटन समारोह के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुए इस शुभारंभ ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। उपस्थित लोगों ने इसे अयोध्या के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।इस अवसर पर महंत संजय दास ने कहा कि स्टेडियम में स्वीमिंग पूल शुरू होने से युवाओं और खिलाड़ियों को तैराकी जैसे महत्वपूर्ण खेल में बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तथा भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में भी मदद मिलेगी।कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वीमिंग पूल के शुभारंभ के साथ ही अब खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को एक नई और महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध हो गई है।
किसानों के तीखे सवालों पर भड़के विधायक:घोरावल में बैठक छोड़कर चले गए, भूमि अधिग्रहण को अफवाह बताया
सोनभद्र के घोरावल ब्लॉक में किसानों की जमीन अधिग्रहण की अफवाह पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्या किसानों से मिलने पहुंचे। बैठक के दौरान किसानों के तीखे सवालों से नाराज होकर विधायक सभा छोड़कर चले गए। लोहरा, तकिया और बट गांव के किसानों की जमीन उद्योगपतियों को दिए जाने की खबर से इलाके में बेचैनी है। इस चर्चा के बाद स्थानीय किसानों ने एक संघर्ष समिति का गठन किया और कई बैठकें कर रणनीति बनाई। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी को एक मांग पत्र भी सौंपा था, जिसमें स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई थी। अधिग्रहण की बात को अफवाह बतायासरकार और प्रशासन की बेरुखी से नाराज किसानों से मिलने आज क्षेत्र के विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्या पहुंचे थे। शुरुआत में बातचीत सौहार्दपूर्ण ढंग से चल रही थी। माहौल तब तल्ख हो गया जब विधायक अनिल मौर्या ने अधिग्रहण की बात को अफवाह बताया। इस पर कुछ किसानों ने उनसे लिखित में यह बात देने या प्रशासन से दिलवाने की मांग की। विधायक ने इस पर नाराजगी जताई, तो वहां मौजूद कई लोगों ने उनसे सीधा सवाल किया कि जब सब कुछ अफवाह था, तो इतने दिनों से वह कहां थे। किसानों ने कहा कि लोग खाना-पीना छोड़कर परेशान हैं, ऐसे में क्षेत्रीय विधायक के तौर पर उनकी क्या जिम्मेदारी बनती है। आश्वासन देकर मौके से गएमामला तल्ख देखकर संघर्ष समिति के सदस्यों ने स्थिति को शांत कराया और विधायक के सामने प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट करवाने की मांग रखी। विधायक ने इसे स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी से बात कर स्थिति स्पष्ट करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक अपने प्रतिनिधियों के साथ मौके से चले गए। आज की इस घटना के बाद किसानों को यह आश्वासन जरूर मिला कि जल्द ही प्रशासन द्वारा इस 'अफवाह' से पर्दा उठाया जाएगा। हालांकि, जब तक उन्हें सही जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक उनकी चिंता बनी हुई है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 24 घंटे के अंदर 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश देने के बाद दुकानदारों से लेकर स्कूल और अस्पताल संचालकों में दहशत का माहौल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने स्वास्थ्य विभाग की और से सीलिंग की कार्रवाई की चपेट में आ रहे अस्पताल में अपनी टीम भेजी और टीम द्वारा यह दिशा निर्देश दिए गए की सुबह 8:00 बजे तक अपने मरीज शिफ्ट कर दिया जाए, अन्यथा जिस मरीज को शिफ्ट नहीं किया जाएगा उसको मेडिकल और जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद से ही अस्पताल संचालक मरीजों की शिफ्टिंग में लगे हुए हैं। इस प्रकरण के चलते देर रात तक पुलिस भी मौके पर मौजूद रही रातों-रात चल रही शिफ्टिंग सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सीएमओ द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के बाद जो अस्पताल सीलिंग कार्रवाई की चपेट में उनसे मरीजों की शिफ्टिंग चालू हो गई है। अस्पताल संचालक या प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस प्रकार से जिन मरीजों का इलाज चल रहा था उनको भेजना ठीक तो नहीं है लेकिन क्योंकि निर्णय मान्य सर्वोच्च न्यायालय का है, इसलिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हम अपने मरीज को सुरक्षित रखकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर सकें। स्वास्थ्य विभाग करेगा पूरा सहयोग- सीएमओ ध्वस्तीकरण प्रकरण में सीलिंग की कार्रवाई के आदेश के बाद मेरठ सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश अनुसार स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से पूरी कोशिश करेगा। जिन मरीजों कहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा उसके लिए प्रत्येक अस्पताल में एंबुलेंस भेजी जाएगी और उसे मरीज को मेरठ मेडिकल या पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा । मरीज के स्वास्थ्य की पुरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा। दुकान भी हुई खाली सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारियों ने दुकानें भी खाली करनी शुरू कर दी हैं। उनका मानना है कि यदि सीलिंग कार्रवाई होती है तो उसके बाद अपना जरूरी सामान भी दुकानों से नहीं निकाल पाएंगे कल पर टिकी सब की निगाहें आवास विकास की टीम आज शाम के समय भी दो बार सेंट्रल मार्केट पहुंची लेकिन व्यापारियों ने उन्हें वापस भेज दिया। व्यापारियों द्वारा दिया गया यह कारण था कि उनके पास लिखित में कोई आदेश नहीं है हालांकि देर रात आदेश आने के चलते अब सीलिंग की कार्रवाई पर सब की निगाहें टिकी हुई है। हजारों लोग इस सीलिंग के कार्रवाई से प्रभावित होने जा रहे हैं।
ललितपुर में एक महिला ने जिले के प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी से कोर्ट परिसर में मारपीट और छेड़खानी की शिकायत की है। महिला का आरोप है कि उसकी सहेली के पति और उसके दोस्तों ने उसके साथ यह घटना की। महिला ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इस पर राज्यमंत्री ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। कोतवाली महरौनी अंतर्गत मोहल्ला पुराना सौंजना रोड निवासी रेशमां बानो, याशीन खान की पुत्री, सोमवार को पचास से अधिक लोगों के साथ प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने वहां मौजूद प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। रेशमां बानो ने प्रार्थना पत्र में बताया कि यह घटना 3 अप्रैल को हुई, जब वह परिवार न्यायालय ललितपुर में अपनी पेशी पर आई थीं। दोपहर लगभग 1 बजे न्यायालय परिसर में खड़ी होने के दौरान उनकी सहेली का पति हिमांशु दीक्षित (गंज बासौदा, विदिशा, मध्य प्रदेश) अपने दोस्त सनी, रविंद्र दीक्षित और रमाकांत (चौबयाना, ललितपुर) के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए रेशमां के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और अश्लील हरकतें कीं। रेशमां को धक्का देकर जमीन पर पटक दिया गया। जब रेशमां ने मदद के लिए चिल्लाया, तो लोगों को आता देख आरोपी मौके से भाग निकले। इस दौरान रेशमां की सोने की चेन भी गिर गई। प्रभारी राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बांदा में ब्लॉक प्रमुख दीपशिखा सिंह, तत्कालीन सदर तहसीलदार राधेश्याम सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई तिंदवारी के जौहरपुर गांव निवासी रामजीत सिंह की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद की गई है। इन सभी पर जमीन हड़पने का आरोप है। रामजीत सिंह ने कोर्ट में दायर वाद में बताया था कि 1981 में रामशरण सिंह, इंद्रपाल सिंह और अर्जुन सिंह सहित अन्य लोगों ने उनके पिता जागेश्वर सिंह, जगनंदन सिंह, रामभरोसा सिंह और दलगंजन सिंह (पुत्रगण गया प्रसाद) के नाम साढ़े तीन बीघा जमीन का बैनामा किया था। तब से इस जमीन पर उनके परिवार का कब्जा चला आ रहा है। शिकायत के अनुसार, यह जमीन आकार पत्र 23, सीएच खाता और सीएच-11 खाते में दर्ज थी। उस समय जौहरपुर गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। 2013 में चकबंदी पूरी होने और धारा छह का प्रकाशन होने के बाद चकबंदी के कागजात मुहाफिस खाना में जमा हो गए। आरोप है कि इस दौरान जमीन बेचने वाले मूल मालिकों बहोरन, शेरा, अरविंद और कलावती आदि के नाम यह जमीन दोबारा दर्ज हो गई, जिसमें रामजीत के पिता द्वारा खरीदी गई जमीन भी शामिल थी। आरोप है कि बहोरन और अन्य ने इस स्थिति का फायदा उठाकर आठ अप्रैल 2024 को यह जमीन ब्लॉक प्रमुख दीपशिखा सिंह पत्नी अजय प्रताप सिंह, निवासी शांति नगर को बेच दी। दीपशिखा सिंह ने इस जमीन के नामांतरण के लिए सदर तहसील में आवेदन किया था। रामजीत सिंह का आरोप है कि मुकदमा चलने के बावजूद तत्कालीन तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने 21 फरवरी 2025 को बिना सुनवाई किए ही इस भूमि को दीपशिखा सिंह के नाम दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया। रामजीत ने तहसीलदार पर राजनीतिक दबाव में आकर कूटनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। इसके बाद वह 25 अप्रैल 2025 से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना और एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख दीपशिखा सिंह, कलावती सिंह, बहोरन सिंह, शेर सिंह, सुशील सिंह, मतोला सिंह, अरविंद सिंह, विमल सिंह और तत्कालीन सदर तहसीलदार राधेश्याम सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले पर तत्कालीन तहसीलदार राधेश्याम सिंह का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं और वह अपना पक्ष न्यायालय में रखेंगे। वहीं, ब्लॉक प्रमुख दीपशिखा सिंह ने इसे विरोधियों की साजिश बताया और कहा कि मामला मनगढ़ंत है।
भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-4 अरेरा कॉलोनी में सोमवार तड़के पांच बजे एक नकाबपोश रिटायर्ड कर्नल के बंगले में दाखिल हो गया। वह चोरी का प्रयास कर रहा था। तभी अपने रूम में पढ़ाई कर रहे कर्नल के बेटे की नजर आरोपी पर पड़ी। बेटे ने आरोपी को पकड़ लिया, हालांकि आरोपी ने मारपीट की और मौके से भाग निकला। हमले में कर्नल के बेटे के सिर पर चोट आई है। पुलिस ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ चोरी की नियत से बंगले में घुसने और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, ई-4 अरेरा कॉलोनी निवासी कान्हा समर्थ बोधिसत्व पुत्र मुकेश कुमार (29) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मुकेश कुमार सेना से रिटायर्ड कर्नल हैं। भारी चीज से सिर में वार किया मुकेश ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह वह अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। सुबह करीब चार बजे आहट हुई। बाहर देखा तो बंगले में एक नकाबपोश दबे पैर चलता हुआ नजर आया। लिहाजा कान्हा समर्थ ने नकाबपोश को पकड़ लिया और शोर मचाने लगा। पकड़ ढीली होते ही भाग निकला बदमाश इसी बीच छूटने के प्रयास में आरोपी ने कान्हा समर्थ के साथ मारपीट की और उसके सिर पर पास ही पड़ा सामान उठाकर मार दिया। मुंह पर चोट लगने के कारण कान्हा की पकड़ ढीली हो गई। लिहाजा आरोपी छूटकर भाग निकला। पुलिस हुलिया के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
लखनऊ के बड़ा इमाम बाड़ा में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम ने भी शिकरत किया। इस अवसर पर विशेष एग्जिबिशन, मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया। एग्जिबिशन में ईरान युद्ध में मरने वाले लोगों और बच्चों की तस्वीर लगा कर श्रद्धांजलि दी गई। देखिए 3 तस्वीरें… कई धर्मों के धर्मगुरु शामिल हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने किया। मौलाना कल्बे जवाद ने बताया कि आज ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि हकीम अब्दुल मजीद लखनऊ आए। श्रद्धांजलि सभा में उनका शामिल होना हम सबके लिए सम्मान की बात है। इसके साथ ही श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, स्वामी सारंग, AIMIM प्रवक्ता असीम वकार के साथ विभिन्न सियासी दलों के नेता सामाजिक कार्यकर्ता और धर्मगुरु शामिल हुए। खामेनेई बहादुर नेता थे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि आयतुल्लाह अली खामेनेई इस समय के सबसे बहादुर नेता थे। पूरे विश्व में उन्हें बहादुरी का प्रतीक माना जा रहा है। एक बुजुर्ग व्यक्ति जिन्होंने समझौता नहीं किया। पीछे नहीं हटे और अपनी कौम के लिए अपने देश के लिए शहीद हो गए। ईरान ने हमेशा भारत की मदद की है। लेकिन भारत सरकार की तरफ से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। मगर ईरान पूरी तरीके से हिंदुस्तान की मदद कर रहा है। तेल के जहाज छोड़ रहा है। ईरान भाईचारा और प्यार के साथ हमारे साथ खड़ा है। हम शुक्रगुजार हैं। ईरान के खिलाफ जिस तरह से अमेरिका अपने बयान बदल रहा है। इससे पता चलता है कि अमेरिका और ट्रंप डरे हुए हैं।
सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में 11 माह की एक बच्ची की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा था, लेकिन प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में श्वास नली में दूध फंसने को मौत की वजह बताया गया है। जानकारी के अनुसार, मझगवां ब्लॉक की महतैन ग्राम पंचायत के कैमहा गांव में राजललन की 11 माह 20 दिन की बेटी भारती मवासी की रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मौत हो गई। भारती को तीन दिन से बुखार था, जिसका इलाज परिजन गांव के कथित डॉक्टर लालबहादुर से करा रहे थे। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही सोमवार को प्रशासनिक, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम कैमहा गांव पहुंची। टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि इलाज के बाद बच्ची को आराम मिल रहा था। कुपोषण से मौत की आशंका को जांच टीम ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। श्वसन नली में दूध जाने की आशंका जांच के दौरान सामने आया कि रविवार रात बच्ची अपनी मां के साथ सो रही थी। मां ने उसे लेटकर दूध पिलाया। रात करीब 12 बजे मां ने देखा तो भारती के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। शिशुरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों को लेटकर दूध पिलाने के बाद उन्हें उठाकर थपकी देना आवश्यक होता है, अन्यथा दूध श्वसन नली में फंस सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया श्वसन नली में दूध जाने की वजह से ही मौत की आशंका है। हालांकि, मौत की स्पष्ट वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी होता है, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने भारती को दफना दिया था। टीम में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला, डीपीओ राजीव सिंह, बीएमओ डॉ रूपेश सोनी, सीडीपीओ अभय द्विवेदी आदि शामिल रहे। इससे पहले डीआईओ डॉ सुचित्रा अग्रवाल ने भी गांव पहुंचकर जांच की। डीआईओ ने बताया आधार कार्ड नहीं होने की वजह से परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। तो क्या कुपोषित थी भारती?भारती की मौत के बाद उसके कुपोषित होने का सवाल दिन भर चर्चा में रहा। विशेषज्ञ बताते हैं कि 11 माह की लड़कियों का वजन 8 से 10 किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन 10 मार्च को आखिरी जांच में भारती का वजन 7 किलो 208 ग्राम था जो सामान्य से थोड़ा कम था। जांच टीम के मुताबिक भारती का वजन जरूर कम था, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं होती। मौत की वजह जानने के लिए पीएम जरूरी थी, जो नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि 21 वर्ष की उम्र भूरी मवासी ने भारती को जन्म दिया था। अभी वह पांचवी दफा गर्भवती है, इससे बच्चों की बेहतर केयर नहीं हो पाती। मामले में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने बताया कि बच्ची की मौत की खबर मिलते ही मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम भेजी गई थी जिससे वास्तविक स्थित पता चल सके, टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर के स्वार में विधायक शफीक अंसारी के बेटे का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते दिख रहे हैं। वह स्वार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अधिकारियों की उपस्थिति में निरीक्षण कर रहा है। वीडियो में विधायक का बेटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर दिशा-निर्देश भी जारी करता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने एक जांच कमेटी गठित की है, जिसका नेतृत्व एडिशनल सीएमओ संतोष कुमार कर रहे हैं। कमेटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि विधायक के बेटे या परिवार के किसी भी सदस्य को सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करने या अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया और कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यह घटना प्रशासनिक प्रोटोकॉल और अनुशासन से संबंधित सवाल खड़े करती है। इस मामले पर अभी तक विधायक शफीक अंसारी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
मिर्जापुर में 'हक की बात जिलाधिकारी के साथ' और 'एक दिन की जिलाधिकारी' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एसएसएमवी इंटर कॉलेज, सीखड़ की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट टॉपर छात्रा आरोही दुबे को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने की। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे और राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात सहित अन्य अधिकारियों ने बुके भेंट कर आरोही का स्वागत किया। जिलाधिकारी की कुर्सी संभालते ही आरोही दुबे ने आमजन की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान एक जमीनी विवाद का मामला सामने आया, जिसका उन्होंने समझदारी से समाधान प्रस्तुत किया। उनकी कार्यशैली और आत्मविश्वास से उपस्थित छात्राएं काफी प्रभावित हुईं, जिससे उनमें भी आगे बढ़ने का उत्साह जागा। कार्यक्रम के अंतर्गत 'हक की बात जिलाधिकारी के साथ' सत्र में छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया। आरोही दुबे के हाजिर जवाब और आत्मविश्वास ने सभी को प्रभावित किया, जिससे कई छात्राओं ने उनके जैसा बनने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने छात्राओं को शिक्षा, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नीलम प्रभात ने भी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कुल 13 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कार्यक्रम का संचालन जिला मिशन कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजू यादव ने किया। इस अवसर पर काशीराम इंटर कॉलेज की प्राचार्य अनीता यादव, दिव्या जायसवाल, शालिनी देवी, नगीना सिंह सहित विभिन्न विद्यालयों से आई छात्राएं उपस्थित थीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के मार्फत उ प्र राज्य को प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों का नियमितीकरण कर सहायक अध्यापक का वेतन भुगतान करने की मांग पर विचार कर दो माह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार मंत्रालय के निर्देशानुसार निर्णय लेकोर्ट ने याचियों से कहा है कि तीन हफ्ते के भीतर दस्तावेज सहित विस्तृत प्रत्यावेदन राज्य सरकार को भेजे और सरकार सुनवाई का मौका देकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार निर्णय ले। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने देवरिया की निघत फ़िरदौस की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। सुप्रीम कोर्ट का हवाला दियायाची का कहना था वह लंबे समय से शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जग्गो बनाम भारत संघ केस व श्रीपाल व अन्य केस एवं 11जून 25के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार याची को नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतन दे। कोर्ट ने कहा तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य के केस में यही मुद्दा था जिसमें कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसी फैसले के आलोक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा लखनऊ के मार्फत राज्य सरकार निर्णय लें।
प्रदेश के दूरस्थ मजरे-टोलों तक अब पक्की सड़कों का जाल बिछेगा। 100 या उससे अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा, वहीं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को समत्व भवन में सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सीएम के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। एक हजार करोड़ रुपए से बनेंगी सड़कें मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के बीच बेहतर संपर्क से आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान बनेगी। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे सड़कों की डीपीआर तैयार करने के साथ-साथ पुल-पुलिया और कल्वर्ट की आवश्यकता का भी सटीक आकलन किया जा रहा है। परियोजना के तहत प्रदेश में लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसमें मजरों-टोलों के साथ सांदीपनि विद्यालयों तक सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। कंस्ट्रक्शन क्वालिटी की निगरानी ड्रोन से होगी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन से नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सड़कों के निर्माण और प्रगति की निगरानी के लिए जनपद, जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड प्रणाली विकसित की गई है, जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी। परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद पंचायत को तीन करोड़ रुपए तक के कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार दिया गया है। सड़कों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा और गांवों को दोहरी संपर्कता प्रदान करने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो सकें। पुरानी सड़कों की जियो इन्वेंट्री हो रही तैयार नई सड़कों के चयन में दोहराव रोकने के लिए रिम्स पोर्टल के माध्यम से पूर्व में बनी सड़कों की जियो-इंवेंट्री तैयार की जा रही है। अब तक 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों का रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है, जबकि कई जिलों में सर्वे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत अब तक 7 हजार 135 नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं और 29 जिलों में 1771 सड़कों को स्वीकृति भी मिल चुकी है। मैदानी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 2100 से अधिक इंजीनियरों और तकनीकी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को भी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने और जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था से ही ग्रामीण विकास को गति मिलेगी और अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
संभल में आयोजित श्री राम कथा के तीसरे दिन निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने अयोध्या, मथुरा और संभल की महिमा का वर्णन किया, साथ ही यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए। यह आयोजन सोमवार को जनपद संभल के जिला कलेक्ट्रेट कस्बा क्षेत्र के बड़ा मैदान में हुआ। महामंडलेश्वर ने अपने प्रवचनों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अयोध्या को, भगवान कृष्ण ने मथुरा को और भगवान शिव ने संभल को चुना, जहां भविष्य में भगवान कल्कि का अवतार होगा। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा कि वे कामना करते हैं कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के उन सभी राज्यों में, जहाँ सनातनी परंपराओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षकों की सरकारें हैं, वहाँ के हर अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक कथा आयोजित करने का निर्देश मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके शिष्य डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने इस पहल की शुरुआत की है, और यह संदेश पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी फैल गया है। संभल पर बोलते हुए महामंडलेश्वर ने कहा, 'आज संभल भयमुक्त है। अब किसी को सुबह 5 बजे उठने या 6 बजे यहाँ से जाने की ज़रूरत नहीं है। अब आप रात को अकेले 1 बजे भी यहाँ से निकल सकते हैं। यदि कोई कुछ कहे तो जिलाधिकारी को बता देना। अब या तो वह संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा, और यदि संभल में नहीं रहेगा तो वह अपनी मर्ज़ी से नाम का जप करेगा।' उन्होंने राम राज्य की परिकल्पना को भी स्पष्ट किया। उनके अनुसार, राम राज्य वह है जहाँ हर राज्य, देश और घर में राम की चर्चा हो। प्रत्येक व्यक्ति के मानस पटल पर राम का नाम हो, मुख में राम नाम हो, कानों में राम नाम की गूँज पड़े, हाथों में राम नाम की माला हो और जुबान पर 'जय सियाराम' हो। उन्होंने सभी से अपने तन, मन और वाणी को पवित्र करने का आह्वान किया।
शामली जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के आजाद चौक पर मामूली विवाद को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित पक्ष के चार से पांच लोग घायल हो गए। हमलावरों ने तेजधारदार हथियार, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष के कई सदस्य पहले भी जिलाबदर रह चुके हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत के माहौल में है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। घटना सिटी के आजाद चौक की है, जहां आदिल का परिवार रहता है। पीड़ित पक्ष का युवक सलमान अपने घर आ रहा था, तभी आरोपी मकसूद मेंबर के परिवार के युवक समीर ने अपनी बाइक से उसे टक्कर मार दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करायाशुरुआती कहासुनी के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन बाद में मकसूद पूर्व मेंबर पक्ष के लोग आदिल के घर में घुस आए और हमला कर दिया। इस हमले में अनवर पुत्र महबूब, आदिल, गाजला (महिला) और तरन्नुम गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। वहीं, स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएससी सामने में भर्ती कराया गया है। जबकि आरोपी पक्ष से समीर, अरसान नाबालिग को भी कुछ चोट आई है। आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेलवहीं, इस घटना में आरोपी पक्ष पहले भी जेल जा चुके है। आरोपियो पर पहले भी पुलिस द्वारा जिला बदर की कार्यवाही की जा चुकी है। घायल हुए आदिल का कहना है कि मेरा भतीजा सलमान पैदल आ रहा था कि तभी पीछे से समीर ने टक्कर मार दी। हम चुपचाप अपने घर चले गए, लेकिन कुछ देर बाद आधा दर्जन से ज्यादा लोग घर पर आए। जिसमें ईंट पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसमें दो महिलाएं और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
लखनऊ में पुरानी जेल रोड पर सहायक पुलिस आयुक्त कैंट ऑफिस के पास सोमवार सुबह तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक सड़क पर घिसट गया और घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कार किशोर चला रहा था। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह अनियंत्रित होकर ईको गार्डन की फुटपाथ पर बनी बाउंड्री वॉल में घुस गई। राहगीरों ने घायल युवक को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज चल रहा है। घटना के बाद चालक सहित कार सवार फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काले रंग की वरना कार बंगला बाजार चौराहे की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थी। कार में चार किशोर सवार थे। कार के शीशों पर काली फिल्म लगी थी और आगे-पीछे नंबर प्लेट भी नहीं थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के सभी एयरबैग खुल गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जिससे कुछ देर के लिए जाम की स्तिथि बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को हटाकर रास्ता साफ कराया। आलमबाग इंस्पेक्टर राम बाबू सिंह ने बताया कि घायल को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया था। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस कार के चेसिस नंबर के आधार पर मालिक और चालक की तलाश कर रही है। गाड़ी पुलिस के कब्जे में है।
कानपुर में सोमवार देर रात लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां डाॅक्टर नेदोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। सीएचसी पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने परिजनों को समझाकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। घटना घाटमपुर थाना क्षेत्र के जैतीपुर रोड की है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। यह 2 तस्वीर देखिए… विस्तार से जानिए पूरा मामला… जैतीपुर गांव निवासी रामदास का 18 वर्षीय पुत्र अरुण अपने मामा के बेटे रेउना निवासी अंकित (18) पुत्र धर्मेंद्र के साथ बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही दोनों युवक घाटमपुर थाना क्षेत्र के जैतीपुर रोड के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक की सामने से आ रही लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी, कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल दोनों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया।डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में पहुंचे परिजनो में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि दोनों युवक अविवाहित थे और परिवार के सहारे थे। एक ही परिवार से जुड़े दो युवकों की एक साथ मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही हादसे में शामिल लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। सीएचसी में एक घंटे चला हंगामा घाटमपुर सीएचसी पहुंचे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं संग परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनो की मांग की थी, उन्हें मुआवजा दिया जाए। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने परिजनों को कर्रवाई करने के साथ हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद परिजन माने और दोनों युवकों के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। डीसीपी बोले- तहरीर के आधार पर करेंगे कार्रवाई इस संबंध में कानपुर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं में हुए एचपीसीएल कांड की जांच में पुलिस ने दो और आरोपियों को नामजद किया है। इनमें मुख्य आरोपी अजय का भाई केशव और उसके ताऊ राकेश सिंह का बेटा अभय शामिल हैं। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। SIT के सामने पेश हुए अधिकारी मामले की जांच रजनीश उपाध्याय (सीओ सिटी) के पर्यवेक्षण में चल रही है। जांच की प्रगति को लेकर वह एसआईटी के सामने भी पेश हुए, जहां कमिश्नर और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। इस कांड में मारे गए असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के परिजनों ने एसएसपी को कुछ नाम सौंपे थे। इनमें केशव और अभय का नाम भी शामिल था। परिजनों का दावा था कि दोनों आरोपी वारदात की साजिश में शामिल थे। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को नामजद किया है। साजिश में भूमिका की जांच सीओ सिटी के अनुसार, दोनों आरोपियों की भूमिका साजिश रचने में सामने आई है। पुलिस के पास अभी कुछ और संदिग्ध नाम भी हैं, जिनकी जांच जारी है। अब तक कुल 5 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से 3 आरोपी जेल में बंद, 2 फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम डाहिनी में सोमवार रात ग्रामीण महिलाओं ने देशी शराब की दुकान पर तालाबंदी कर दी। महिलाएं गांव के बीच स्थित शराब ठेके से लंबे समय से परेशान थीं। इस घटना के दौरान गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने लगभग छह महीने पहले ठेका मालिक से दुकान हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में शिकोहाबाद के आबकारी निरीक्षक से भी कई बार मौखिक शिकायतें की गईं, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांव के चौराहे पर स्थित इस शराब ठेके के कारण स्कूली छात्राओं और अन्य महिलाओं को भारी परेशानी होती है। ठेके पर शराब पीने वाले लोग रास्ते में उत्पात मचाते हैं, गाली-गलौज करते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे महिलाओं का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। महिलाओं ने यह भी शिकायत की कि खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है, लेकिन शराब के कारण किसान और मजदूर अपने काम पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। कई लोग ठेके पर शराब पीकर वहीं पड़े रहते हैं, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। गुस्साई महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि शराब का ठेका गांव के बीच से हटाकर किसी दूर स्थान पर स्थापित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिल सके।
यूपी बोर्ड के प्रयागराज स्थित मुख्यालय में सोमवार को मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी साधना सप्ताह (02 से 08 अप्रैल) के क्रम में कार्यशाला का आयोजन किया गया। सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही एवं ऑडिट आधारित सुधार की भूमिका विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के सचिव भगवती सिंह ने की। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान महालेखाकार (उत्तर प्रदेश) राजकुमार उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान सचिव भगवती सिंह ने कहा कि 'साधना सप्ताह' मात्र एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वयं को जनसेवा के प्रति समर्पित करने का एक संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों से 'कर्मयोगी' की भांति ज्ञान को सेवा में बदलने का आह्वान किया। वहीं मुख्य अतिथि राजकुमार ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग कार्य की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने ऑडिट की तुलना 'तटबंध' से करते हुए कहा कि यह सार्वजनिक योजनाओं को भटकने से रोकता है। उन्होंने बताया कि अब ऑडिट का आधुनिक दृष्टिकोण केवल यह नहीं देखता कि कितना काम हुआ (आउटपुट), बल्कि यह देखता है कि जनता को उससे क्या लाभ मिला (आउटकम)। सिस्टम की कमियों को दूर करने और डेटा वैलिडेशन पर भी विशेष बल दिया। कार्यशाला के दौरान 'कर्मयोगी संवाद' के माध्यम से परिषद के कर्मचारियों जिनमें आकांक्षा हेमकर, आलोक पाण्डेय,प्रज्ज्वल पाण्डेय, सुमित विश्वकर्मा और शंकर लाल सरोज ने अपनी कार्यप्रणालियों को साझा किया। उप-सचिव ऋचा श्रीवास्तव और आनन्द कुमार त्रिपाठी ने मिशन कर्मयोगी से संबंधित प्रेरक वीडियो प्रस्तुत किए और कार्यक्रम का संचालन भी किया।
मंदसौर में कल 4 घंटे बिजली कटौती:इंडस्ट्रीज एरिया, झुग्गी झोपड़ी समेत कई क्षेत्र होंगे प्रभावित
मंदसौर शहर के कई इलाकों में कल (मंगलवार) को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व रखरखाव कार्य के कारण यह बिजली कटौती की जाएगी। मंगलवार को सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चंबल कॉलोनी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस दौरान विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे इंडस्ट्रीज एरिया, स्लेट पेंसिल कारखाना क्षेत्र, नाहर सय्यद दरगाह एरिया और झुग्गी झोपड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की। विभाग ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती के समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) किया जा सकता है।
लखनऊ में प्रो हैंडबॉल लीग:डिप्टी सीएम करेंगे उद्घाटन, 9 से 14 अप्रैल तक खेलेंगी 6 टीमें
लखनऊ में प्रदेश की पहली हैंडबॉल लीग आगामी नौ से 14 अप्रैल तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई हॉल में आयोजित की जायेगी। छह टीमों के बीच चैंपियन बनने को जंग होगी। लीग में लखनऊ के दो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अंकित चौधरी और मोहित यादव अपनी टीम को जीत दिलाने उतरेंगे। यूपी प्रो हैंडबॉल लीग के सीईओ डॉ.आनन्देश्वर पाण्डेय और संस्थापक व प्रबंध निदेशक अमित पाण्डेय ने सोमवार को आयोजित हुई प्रेंस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। इस मौके पर लीग की ब्रांड एंबेसडर सबिता कलवार मौजूद रही। उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन और एसएन पाण्डेय खेल संस्थान ट्रस्ट की देखरेख में होने वाली लीग में विजेता टीम को दो लाख और उप विजेता टीम को एक लाख रुपये की नकद धनराशि प्रदान की जायेगी। 6 टीमें खेलेंगी लीग में लीग में काशी किंग्स, मथुरा ब्रज स्टार, नोएडा ब्लास्टर्स, गाजियाबाद पैंथर्स, बर्बरीक वॉरियर्स और गोरखपुर राउडीज चुनौती पेश करेंगी। हर मुकाबला 20-20 मिनट का होगा। पहले 20 मिनट के बाद दो मिनट का ब्रेक होगा। एक टीम में 14 खिलाड़ी होंगे। लीग का उद्घाटन नौ अप्रैल को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं विशिष्ट अतिथि विधायक सुशील सिंह (सैयद राजा विधानसभा) करेंगे। लीग का प्रसारण दूरदर्शन, वेव ओटीटी, फैन कोड, स्पोर्ट्स कास्ट पर किया जाएगा। हैंडबॉल पर बने फिल्म ब्रांड एंबेसडर अभिनेत्री सबिता कलवार ने कहा कि जिस तरह से हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन और क्रिकेट खिलाड़ियों पर फिल्में बनी है, उसी तरह से हैंडबाल के खिलाड़ी पर भी फिल्म बने। मेरा प्रयास होगा कि मैं किसी महिला हैंडबॉल खिलाड़ी का किरदार निभा सकूं। यूपी प्रो हैंडबॉल लीग के मैचों का शेड्यूल 9 अप्रैल काशी किंग्स बनाम गोरखपुर राउडीज़ -2:15 PM मथुरा ब्रज स्टार बनाम बर्बरीक वॉरियर्स - 3:30 PM नोएडा ब्लास्टर्स बनाम गाजियाबाद पैंथर्स- 4:30 PM 10 अप्रैल काशी किंग्स बनाम बर्बरीक वॉरियर्स - 2:15 PM गोरखपुर राउडीज़ बनाम गाजियाबाद पैंथर्स - 3:30 PM मथुरा ब्रज स्टार बनाम नोएडा ब्लास्टर्स - 4:30 PM 11 अप्रैल काशी किंग्स बनाम गाजियाबाद पैंथर्स - 2:15 PM बर्बरीक वॉरियर्स बनाम नोएडा ब्लास्टर्स - 3:30 PM मथुरा ब्रज स्टार बनाम गोरखपुर राउडीज़ - 4:30 PM 12 अप्रैल काशी किंग्स बनाम नोएडा ब्लास्टर्स - 2:15 PM गाजियाबाद पैंथर्स बनाम मथुरा ब्रज स्टार - 3:30 PM बर्बरीक वॉरियर्स बनाम गोरखपुर राउडीज़ - 4:30 PM 13 अप्रैल काशी किंग्स बनाम मथुरा ब्रज स्टार - 2:15 PM नोएडा ब्लास्टर्स बनाम गोरखपुर राउडीज़ - 3:30 PM गाजियाबाद पैंथर्स बनाम बर्बरीक वॉरियर्स - 4:30 PM 14 अप्रैल फाइनल – शीर्ष 2 टीमें - 5:00 PM
शाहजहांपुर में भाजपा विधायक अरविंद सिंह ने रोजा मंडी में रात में छापेमारी की। इस दौरान रोजा मंडी के अंदर एक आढ़त से 180 बोरे गेहूं बरामद किए हैं। आरोप है कि इन बोरों को सरकारी क्रय केंद्र पर रखने के बजाय आढ़त पर रखा गया था। आढ़त पर ही तौल कराई गई। जबकि दिन में अधिकारियों ने बारदाने नहीं होने का हवाला दिया था। ददरौल विधानसभा से भाजपा विधायक अरविंद सिंह को दिन में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बारदाने (खाली बोरे) नहीं होने की बात बताई थी। इसके बाद विधायक ने गोपनीय रूप से निगरानी कराई। रात के अंधेरे में उन्होंने रोजा मंडी में एक आढ़त पर तिरपाल से ढके 180 बोरे गेहूं पाए। जिसके बाद उन्होंने छापा मारा। भाजपा विधयाक ने मंडी सचिव को फटकार लगाई। जांच रिपोर्ट में आढत का जिक्र नहीं करने पर भङके। विधायक ने कहा- सचिव साहब नौकरी चली जाएगी। अगर आप सबके कमरे खुलवा दिए। कमरों में गेहूं की बोरे रखे मिलेंगे। आरएफसी क्रय केंद्र पर तौला गया विधायक की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्रा और एसडीएम सदर को मौके पर भेजा। अधिकारियों के पहुंचने पर यह जानकारी जुटाई गई कि यह गेहूं किस क्रय केंद्र पर तौला गया था। पता चला कि इसे आरएफसी क्रय केंद्र पर तौला गया था। करीब एक घंटे बाद क्रय केंद्र प्रभारी मौके पर पहुंचे। क्रय केंद्र प्रभारी ने दावा किया कि तौल क्रय केंद्र पर ही की गई थी, लेकिन बोरे यहां आढ़त पर रखवा दिए गए थे। इस पर विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया और कहा कि दिन में बारदाने की कमी का हवाला दिया गया था, तो रात में तौल कैसे हुई। उन्होंने माफियाओं के गेहूं की तौल करने और लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। प्रशासन ने फिलहाल गेहूं को कब्जे में ले लिया है। एडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, जांच रिपोर्ट में आढ़त का जिक्र न होने पर विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कमरों की जांच कराई जाए तो वहां भी गेहूं मिल सकता है।
इंदौर के कुशवाह नगर इलाके में सोमवार रात एक युवक खुले चेंबर में गिर गया। अचानक हुई घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे देख लिया और तुरंत बाहर निकाल लिया। घटना के बाद वहां भीड़ जमा हो गई, जबकि कुछ लोग उसे रिक्शे से अस्पताल भेजने की बात करते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला कुशवाह नगर मेन रोड पर लोहार गली के सामने का बताया जा रहा है। यहां पिछले तीन दिनों से चेंबर खुला हुआ था। चेंबर में गिरने वाले व्यक्ति की पहचान भगत सिंह नगर निवासी दिलीप करोसिया के रूप में हुई है। वह यहां से गुजर रहे थे, तभी अचानक खुले चेंबर में गिर गए। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनकी मदद कर उन्हें बाहर निकाला। इलाके में लग लगी लोगों की भीड़ चेंबर में गिरने के बाद आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाला, जिसके चलते वहां भीड़ जमा हो गई। सड़क से गुजरने वाले लोग भी रुक-रुककर घटना के बारे में पूछते नजर आए। बताया जा रहा है कि यहां काम चल रहा था, जिसके कारण चेंबर खुला हुआ था। यह भी कहा जा रहा है कि युवक नशे की हालत में था। क्षेत्र में रहने वाले रहवासी अशोक तिवारी ने बताया कि वे पास की मेडिकल दुकान पर खड़े थे, तभी अचानक युवक चेंबर में गिर गया। उन्होंने तुरंत उसे देख लिया और लोगों की मदद से बाहर निकाल लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि कुछ महीने पहले चोइथराम मेन रोड पर चेंबर में उतरे निगमकर्मियों की मौत हो गई थी। तस्वीरों में देखिए -
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर ऐतराज जताया है। सोमवार रात उन्होंने सिविल लाइन रोड पहुंचकर उन हाथ ठेला और फुटपाथ दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि वे दोबारा अपनी दुकानें लगाएं और अब उन्हें कोई नहीं हटाएगा। अचानक हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल उमा भारती पिछले कुछ दिनों से टीकमगढ़ में ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के गरीब दुकानदारों के ठेले जेसीबी से तोड़ दिए गए और उनका सामान तहस-नहस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक वह मौके पर पहुंचीं, तब तक काफी नुकसान किया जा चुका था। तय फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के पार्षद दल ने उन्हें जानकारी दी है कि यह कार्रवाई आपसी सहमति के उलट हुई है। योजना यह थी कि पहले शहर में दो-तीन जगह चुनी जाएंगी, वहां जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी और फिर दुकानदारों को चेतावनी देकर शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने इन सब बातों को दरकिनार कर सीधे गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला कर दिया। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को दी जानकारी उमा भारती ने इस पूरी कार्रवाई को शर्मनाक और अमानवीय बताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पार्षद दल के साथ हुए निर्णय का पालन किया जाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। चर्चा है कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत को फटकार भी लगाई है।
शिवहर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति के आदेश पर राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शिवहर के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार राम का स्थानांतरण राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बगहा में कर दिया गया है। उनके स्थान पर महाविद्यालय के वरीय सहायक प्राध्यापक (हिंदी विभाग) मुकेश कुमार झा को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। डॉ. संजीव कुमार राम को शिक्षकों ने विदाई दी। इस दौरान उनके कार्यकाल में महाविद्यालय में पठन-पाठन और विधि-व्यवस्था में हुए सुधारों की सराहना की गई। नवनियुक्त प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार झा से शिक्षकों और छात्रों ने महाविद्यालय में शांतिपूर्ण वातावरण, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार-मुक्त परिसर बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की। श्री झा ने इस दिशा में कार्य करने का आश्वासन दिया। मुकेश कुमार झा एक सेवानिवृत्त सैनिक हैं। वे महाविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक और एनएसएस प्रभारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस अवसर पर डॉ. रणजीत प्रसाद वर्मा, डॉ. अजय कुमार शरण, डॉ. उमर फारूक, डॉ. उदय नारायण झा, डॉ. विजय कुमार झा, डॉ. मणि भूषण मिश्र, डॉ. रंजना कुमारी सिंह, डॉ. प्रज्ञा कुमारी, डॉ. नागेंद्र राम, अशोक कुमार, डॉ. सनोज कुमार, डॉ. दिग्विजय दिवाकर सहित कई शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कोटा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- राजनीतिक नियुक्तियों का काम सरकार का है। मेरे से नाम मांगेंगे, तो हम दे देंगे। हमारे कार्यकर्ता भी तैयार हैं। मैं सोचता हूं, 2 महीने के भीतर कई नियुक्तियां हो जाएंगी। कोटा में 80 फीट रोड पर सोमवार को भाजपा कार्यालय के हवन पूजन कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ शामिल हुए। इस मौके पर सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। इसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित वरिष्ठजन व कार्यालय निर्माण समिति सदस्यों को साफा, शॉल, दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम सोमवार रात साढ़े 9 बजे तक चला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने कहा- कोटा में प्रदेश का सबसे बड़ा जिला स्तरीय कार्यालय बनेगा। उन्होंने कहा- 6 अप्रैल भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन सन् 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना हुई थी। आज जब भाजपा अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। तब यह केवल एक राजनीतिक दल का उत्सव नहीं, बल्कि दीर्घ वैचारिक यात्रा का स्मरण भी है। भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान बढ़ा है तथा भारत को आत्मनिर्भर, विकसित राष्ट्र बनाने में बहुत बड़ा कदम है। मंत्री नागर बोले- राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा की डबल इंजन की सरकार के साथ, राजस्थान में विकास के नए-नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा है। विधायक संदीप शर्मा ने कहा- भारतीय जनता पार्टी अन्त्योदय की परिकल्पना अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचे, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के भाव को लेकर केन्द्र व राज्य में भाजपा की डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। विधायक कल्पना देवी ने कहा- बहुत खुशी का दिन है, आज कोटा में विशेषकर लाडपुरा विधानसभा में कोटा के भाजपा का भव्य भवन का निर्माण होने जा रहा है। जल्द बनेगा कार्यालय भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के लगातार मार्गदर्शन व निर्देशन के बाद कोटा में दो कमरों से संचालित भारतीय जनता पार्टी को लंबी यात्रा के बाद स्वयं का भवन मिलने जा रहा है। यह भवन सिर्फ सीमेंट, ईंटों का भवन नहीं, यह भवन हमारे पूर्वजों के तप, तपस्या, त्याग बलिदान की अमिट धरोहर साबित होगा। इसमें पूर्वजों का आशीर्वाद, वर्तमान पीढ़ी के कार्य से निश्चित ही भारत विकसित भारत बन सके। जैन ने कहा- हमारी इच्छा है कि नया कार्यालय भवन दीपावली तक बन कर तैयार हो जाए और हम इसमें दीपावली पूजन कर सकें। प्रदेश महामंत्री भूपेन्द्र सेनी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज हॉर्मुज से भारत का तिरंगा लगा तेल, गैस के जहाज आसानी से निकल पा रहे हैं। कोटा देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा- कांग्रेस राज में द्वेषतापूर्वक कार्यालय भूमि आवंटन निरस्त नहीं होता तो अब तक कोटा भाजपा को स्वंय का कार्यालय मिल चुका होता। कार्यक्रम में भवन निर्माण समिति संयोजक अजयपाल सिंह, कोटा शहर प्रभारी अजित मेहता व कोटा देहात प्रभारी मानसिंह बारहठ सहित कई पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विदिशा जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. सिंह जाटव ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का संचालन अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। शिक्षकीय और अन्य स्टाफ के लिए दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगी और मूल्यांकन कार्य भी अपने तय समय पर ही किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील की है, साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है।
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पीएमजनमन योजना के तहत जन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत, विकासखंड गौरेला के ग्राम ठाड़पथरा में ग्रामीणों को जल के सदुपयोग के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, उबले हुए पानी पीने, ठोढी के पानी से बचने, जल संरक्षण के महत्व और जल का सीमित मात्रा में उपयोग करने के बारे में समझाया गया। उन्हें घरों में किचन गार्डन बनाने, जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई रखने और पंचायतों द्वारा सोक पिट निर्माण के महत्व पर भी जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना गया, जिनके निराकरण का आश्वासन विभाग द्वारा दिया गया। साथ ही, उपस्थित महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट का उपयोग करके जल परीक्षण करना सिखाया गया, ताकि वे अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांच सकें।
कोरबा में सोमवार, 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस मनाया गया। भाजपा जिला मुख्यालय पं. दीनदयाल कुंज, टीपी नगर में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत, जिला अध्यक्ष और पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद पार्टी के विचारों और उपलब्धियों पर गोष्ठी आयोजित की गई। महापौर संजू देवी राजपूत ने पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। इससे पहले पार्टी के नेता भारतीय जनसंघ के रूप में कार्यरत थे, जिसकी स्थापना अक्टूबर 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। जनसंघ को आगे बढ़ाने में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने आपातकाल का भी उल्लेख किया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू कर विपक्षी नेताओं को जेल भेजा था, लेकिन पार्टी नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। मंत्री ने वाजपेयी के नेतृत्व की सराहना की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। एक वोट से सरकार गिरने के बावजूद उन्होंने सत्ता के लिए अनुचित रास्ता अपनाने से इनकार कर दिया था। उनके कार्यकाल में भारत ने परमाणु शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए। मोदी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और देशभर में आधारभूत सुविधाओं के व्यापक विस्तार को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में सशक्त रूप से कार्य कर रही है। केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया है, जिससे गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग को सशक्त बनाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुरनगर के कुनकुरी में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। यह कथा परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से हो रही है। मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आयोजन स्थल सालियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे। कथा के पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी ने संत चिन्मयानंद बापूजी से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्री राम के आदर्श जीवन और चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने लोगों को इसे अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ पर विराजमान संत चिन्मयानंद बापूजी को नमन करते हुए कहा कि कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सलियाटोली का स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में घर-घर में पूजा जाता है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को भक्ति का संगम बताया, जहां चारों तरफ 'जय श्री राम' की गूंज सुनाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा, जब भगवान श्रीराम को 14 साल का वनवास मिला, तो उन्होंने अपना ज्यादातर समय दंडकारण्य और छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया। यहां हर जगह राम की यादें और उनके नाम के निशान मौजूद हैं। वनवास के समय के कई स्थल जैसे सीता रसोई आज भी देखे जा सकते हैं। यही हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम उस समय नहीं, बल्कि आज के समय में जन्मे हैं, जब अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस प्राण प्रतिष्ठा ने भारत को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया। इसे संभव बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मेहनत और संकल्प रहा। उनकी योजना के तहत अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान श्रीराम हर भारतीय के हृदय में बसे हैं। जांजगीर क्षेत्र में तो उनके प्रति भक्ति विशेष रूप से दिखाई देती है। यहां के रामनामी समुदाय के लोग अपने पूरे शरीर पर राम का नाम गोदना कराते हैं और अपनी आस्था का अद्भुत उदाहरण पेश करते हैं। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां भेजी गई थीं। यह छत्तीसगढ़ की प्रेम भावना और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु की स्थापना का प्रतीक है। साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने अयोध्या में राम भक्तों के लिए स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष, अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। 02 अप्रैल से शुरू हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक लगातार चलती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के इलाके से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने आते हैं। कथा महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है। श्रद्धालु उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ कथा सुनते हैं और श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।
मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 10.30 बजे लोक भवन में कैबिनेट बैठक होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। बैठक में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18,000 रुपए और अनुदेशकों को 9000 से बढ़ाकर 17000 रुपए महीने करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अप्रैल माह का मानदेय बढ़ी हुई दर से मिलेगा। कैबिनेट में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के 40 लाख विद्यार्थियों को टेबलेट देने, पीपीपी मोड पर बस अड्डों के विकास के लिए स्वीकृति, औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर 1. सावर्जनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) पद्धति पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों को सेकेंड फेज में विकसित करने के लिए बोली को मंजूरी मिल सकती है। 2. हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन के निर्माण के लिए रतनपुर हुसैनपुर गांव की भूमि परिवहन विभाग को निशुल्क हस्तांतिरत कराने पर सहमति। 3. बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन एवं डिपो कार्यशाला बनाने के लिए सिंचाई विभाग और बलरामपुर जिले की तुलसीपुर तहसील में बस स्टैंड बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव। 4. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके लिए अंतिम टेंडर दस्तावेज को कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। 5. उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत उच्च स्तरीय प्राधिकार समिति की संस्तुति के तहत निवेशकों को सब्सिडी मिल सकती है। 6. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 80 में संशोधन के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी मिल सकती है। 7. पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए और नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के तहत पात्र परिवारों, अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवारों को उप निवेशन योजना और कॉलोनाइजेशन के तहत बसाए गए परिवारों को भूमिधर के अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। 8. कन्नौज में विधानसभा क्षेत्र छिबरामऊ के विकासखंड गुगरापुर के गांव चियॉसर के पास च्यवन ऋषि आश्रम के पास चियॉसर घार पर गंगा नदी पर बिज्र, पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी मिल सकती है। 9. कुशीनगर में विधानसभा क्षेत्र खड्डा के तहत नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर दीर्घ सेतु, पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति। 10. शाहजहांपुर के लिपलेक भिंड मार्ग के चैनेज 468.750 से चैनेज 497.050 तक 28.300 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढीकरण करने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति। 11. उत्तर प्रदेश मदरसा (अध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान) विधेयक 2016 को भारत सरकार से वापस लिए जाने की वांछनीयता पर राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा यशोचित समय पर पुनर्विचार किए जाने के संबध में। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… योगी कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष को याद कर भावुक हुए, बोले- हर अंबेडकर प्रतिमा पर छत्र लगेगा गोरखपुर में सीएम योगी ने सोमवार को कहा- प्रदेशभर में जहां कहीं भी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा होगी, उसके ऊपर छत्र लगाया जाएगा। साथ ही सदगुरु रविदास जी और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योगी ने ये बातें रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। पूरी खबर पढ़ें…
रायसेन के सागर रोड स्थित पठारी में सोमवार शाम दो शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और एक बोलेरो वाहन में तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रायसेन और नकतरा शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच यह विवाद क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि नकतरा ठेकेदार के कर्मचारी रायसेन क्षेत्र में शराब बेच रहे थे, जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। बोलेरो वाहन को घेरा, तोड़फोड़ कीप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर 10 से 20 लोग मौजूद थे, जिन्होंने बोलेरो वाहन को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की। वाहन को पलटाने की भी कोशिश की। बताया जा रहा है कि वाहन के अंदर कुछ कर्मचारी मौजूद थे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया। पुलिस से किसी पक्ष ने नहीं की शिकायतहालांकि, इस मामले में अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से थाना कोतवाली में कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि दोनों ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच विवाद की जानकारी मिली है, लेकिन मामला थाने तक नहीं पहुंचा है और न ही किसी पक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि इस विवाद में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदार कंपनी के कुछ लोग क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
मध्य प्रदेश के भोपाल में लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। सीने में स्टेप्लर की पिन चुभी हुई थीं। खून से लथपथ थी। तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 22 घंटे से बेहोश है। मामला बाग सेवनिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास नाले के किनारे पहुंची। कार की रफ्तार धीमी करते ही आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को बाहर फेंक दिया। कार को तेजी से लेकर फरार हो गए। चश्मदीद महिला ने देखी पूरी घटना इस पूरी घटना को एक स्थानीय महिला ने देखा। उसने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने एक स्वयंसेवी संस्था ‘चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर’ को सूचना दी, ताकि घायल महिला की मदद की जा सके। बेहोशी में सिर्फ ‘सलकनपुर’ बोल पा रही महिला महिला बेहोशी की हालत में है और अपना नाम नहीं बता पा रही है। वह केवल “सलकनपुर” शब्द ही बोल पा रही है। उसके हाथ पर नाम गुदा हुआ मिला है। हालांकि, वह कहां की रहने वाली है और उसकी पहचान क्या है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। संस्था और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई सूचना मिलते ही संस्था के मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। रास्तों पर लगे CCTV कैमरे खंगाल रहे पुलिस पुलिस का कहना है कि महिला के बयान सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है। इस मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। ………………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में कार में पत्नी को जलाने के बाद साथियों के साथ देखता रहा डॉक्टर पति सागर में एक डॉक्टर ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और 2-2 लाख रुपए का लालच देकर अपने दो किरायेदारों को शामिल किया। पत्नी को कार में जलाकर देखता रहा। फिर वारदात को हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन अपनी ही कहानी में फंस गया। पढ़ें पूरी खबर…
बिलासपुर जिले में भू-जल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में नए ट्यूबवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह प्रतिबंध 6 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेगा। केंद्रीय भू-जल बोर्ड ने बिल्हा और तखतपुर तहसीलों को 'सेमी क्रिटिकल' घोषित किया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के ईई रूपेश कुमार धनंजय के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में भू-जल स्तर 45 से 90 फुट तक नीचे चला गया है। कलेक्टर के आदेश के तहत, बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा को 6 अप्रैल से 30 जून तक 'जलाभावग्रस्त क्षेत्र' घोषित किया गया है। इस अवधि में, सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नए नलकूप का खनन नहीं कर सकेगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम और नगर पंचायतों जैसी शासकीय एजेंसियों को पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार नलकूप खनन की अनुमति होगी। उन्हें पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन संबंधित कार्यों की जानकारी अधिकृत अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पीएचई की रिपोर्ट पर लिया गया निर्णय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया है, जिसमें बताया गया है कि भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। इसे रोकने और लोगों को पेयजल सही समय पर मिल सके, इसलिए छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण कानून, 1986 की धारा 3 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। इमर्जेंसी में एसडीओ दे सकेंगे अनुमति अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक जनता की सुविधा को देखते हुए सिर्फ जरूरी परिस्थितियों में ही नलकूप बनाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी अपने-अपने इलाके में कानून के अनुसार अनुमति देने की पूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
मुजफ्फरपुर में फायरिंग हुई थी। दीप लाल साह की मौत हुई थी, जबकि भोला सिंह घायल हुआ था। उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान वारदात के तीसरे दिन उनकी भी मौत हो गई। घटना मीनापुर थाना क्षेत्र की है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ पूर्वी-1, आलय वत्स के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है। ग्रामीण एसपी ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। इलाके में ग्रामीणों का पुलिस के खिलाफ आक्रोश लौटन चौक और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि न्याय किया जाएगा। फिलहाल, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस सूत्रों की माने तो किसी स्मैकियर साइको किलर ने घटना को अंजाम दिया है। सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
करनाल जिले के इंद्री क्षेत्र में पश्चिम यमुना नहर की पटरी पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस और एक बदमाश के बीच आमना-सामना हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फायरिंग में बदमाश घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस टीम ने तुरंत उसे काबू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंद्री में पश्चिम यमुना नहर की पटरी पर जौनपुर की ओर सीआईए-1 टीम की एक बदमाश से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसमें बदमाश को गोली लग गई। पुलिस ने मौके पर ही उसे काबू कर लिया। पानीपत का रहने वाला घायल आरोपी सूत्रों के अनुसार, घायल आरोपी की पहचान पानीपत जिले के गांव राणा माजरा निवासी 24 वर्षीय नकीम के रूप में हुई है। उसे तुरंत सामान्य नागरिक अस्पताल इंद्री में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। मौके पर पुलिस के अधिकारी मौजूद घटना के बाद सीआईए-1 की टीम और थाना इंद्री के एसएचओ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस नजर बनाए हुए है।
छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुही चौकी इलाके में हुए अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आज (सोमवार) चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम इकलहरा टोल के पास इंडेन गैस एजेंसी के सामने कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसी दौरान अज्ञात आरोपी संजू यदुवंशी (38), निवासी सुकरी बस्ती, जुन्नारदेव का उसकी कार (MH02-BT-9104) सहित अपहरण कर ले गए। कमरे में बंधा मिला युवकमामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम गुरैया स्थित महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां एक मकान के ऊपर कमरे में संजू यदुवंशी को रस्सियों से कुर्सी पर बांधकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को मुक्त कराया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर अनुराग गढ़ेवाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया और बंधक बना लिया था। 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी दो कार समेत अन्य सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (MP-50-CA-1801), पीड़ित की कार, एक प्लास्टिक कुर्सी और दो नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी खेलचंद पटले, चौकी प्रभारी अक्रजय धुर्वे सहित चांदामेटा थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) हेमंत गुप्ता को सस्पेंड करने का प्रस्ताव दिया। मामला पृथ्वीपुर तहसील के वीरसागर नहर में कागजों पर हुए 'फर्जी' गहरीकरण से जुड़ा है। मंत्री कुशवाह निवाड़ी के एक दिवसीय दौरे पर थे। दोपहर 4 बजे जब वे विभागों की समीक्षा बैठक ले रहे थे, तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लुहरगुवां पंचायत के वीरसागर नहर में धांधली की शिकायत की। कार्यपालन यंत्री हेमंत गुप्ता लगातार दावा कर रहे थे कि गहरीकरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि हकीकत इसके उलट थी। मौके पर पहुंचे मंत्री, यंत्री की बोलती बंद शिकायत और अधिकारी के दावों में फर्क देख मंत्री ने तुरंत मौके पर जाने का फैसला किया। शाम करीब 5:15 बजे जैसे ही वे नहर पहुंचे, यंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो गया। वहां गहरीकरण का कोई काम नहीं हुआ था। सच्चाई सामने आते ही मंत्री का पारा चढ़ गया और उन्होंने सभी के सामने यंत्री को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने लगाई क्लास: क्या सबको बेवकूफ समझ रखा है? मंत्री कुशवाह ने सख्त लहजे में कहा, कलेक्टर और हमें कुछ नहीं समझ रहे, अपनी अक्कल लगाए जा रहे हो। क्या बेवकूफ समझ रहे हो सबको? मध्यप्रदेश का पूरा विभाग तुम ही चला रहे हो क्या? किसी चीज की सीमा होती है। जब मंत्री ने काम दिखाने को कहा, तो यंत्री बगलें झांकने लगे और कोई जवाब नहीं दे पाए। तत्काल निलंबन के निर्देश लापरवाही और गलत जानकारी देने पर मंत्री ने मौके पर ही मौजूद कलेक्टर जमुना भिड़े को यंत्री हेमंत गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सागर संभागायुक्त को अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन के लिए पत्र भेज दिया गया है। इस दौरान विधायक अनिल जैन, एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना समेत कई अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब कागजों में काम दिखाने वाले अफसरों की खैर नहीं होगी।
सुपौल डीएम सावन कुमार के सख्त तेवर एक बार फिर देखने को मिले हैं। कर्तव्य में लापरवाही और खराब कार्यप्रदर्शन के आरोप में महिला पर्यवेक्षिका कल्याणी कुमारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। वह पहले त्रिवेणीगंज में पदस्थापित थीं और वर्तमान में मरौना बाल विकास परियोजना कार्यालय में कार्यरत थीं। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई कोशी प्रमंडल सहरसा के आयुक्त न्यायालय में लंबित आंगनबाड़ी पुनरीक्षण वाद संख्या-21/2024 (गुंजा कुमारी बनाम बिहार सरकार एवं अन्य) में 13 जून 2025 को पारित आदेश के आलोक में की गई है। न्यायालय ने तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका के विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया था। निर्देश के अनुपालन में आईसीडीएस, सुपौल द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को कारण पृच्छा नोटिस जारी किया गया था। 17 अक्टूबर को दिए गए स्पष्टीकरण को विभाग ने असंतोषजनक माना। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर 20 मार्च और 30 मार्च 2026 को दोबारा कारण पृच्छा जारी की गई। जवाब विभागीय मानकों पर खरा नहीं इन नोटिसों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले बेहद कम उपलब्धि पर जवाब मांगा गया था। लेकिन कल्याणी कुमारी का जवाब विभागीय मानकों पर खरा नहीं उतरा। प्रशासनिक समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं कर पा रही थीं। योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार गिरावट और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए डीएम ने यह सख्त निर्णय लिया। आदेश में साफ कहा गया है कि कल्याणी कुमारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाता है। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों और आईसीडीएस निदेशालय पटना को भेज दी गई है। डीएम की लगातार हो रही सख्त कार्रवाइयों से विभिन्न विभागों में हड़कंप मचा है और इसे लापरवाह अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
बैतूल में शराब दुकानों के निष्पादन में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आबकारी आयुक्त ग्वालियर दीपक कुमार सक्सेना ने सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन चिढ़ार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया में अपेक्षित परिणाम न मिलने और शासन के राजस्व हित प्रभावित होने के कारण की गई है। जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 61 शराब दुकानें हैं, जिनमें से 8 दुकानें अब तक नीलाम नहीं हो सकी हैं। इनमें बैतूल बाजार की दो दुकानें, बैतूल गंज, आमला बस स्टैंड, भैंसदेही की दो दुकानें, सारणी नंबर-1 और बागडोना शामिल हैं। इन दुकानों की कीमत अत्यधिक होने के कारण ठेकेदारों ने इनमें रुचि नहीं दिखाई। समूह बनाकर की गई थी नीलामीबताया जा रहा है कि पहले दुकानों की नीलामी समूह बनाकर की गई थी, लेकिन समूह निर्धारण में गड़बड़ी सामने आई। कई दुकानों को 30-30 किलोमीटर दूर तक जोड़कर समूह बनाए गए थे, जिससे ठेकेदारों के लिए उनका संचालन व्यावहारिक नहीं रहा। बाद में समूह तोड़ने पर छोटी दुकानें तो नीलाम हो गईं, लेकिन महंगी दुकानें अब भी खाली पड़ी हैं। इससे राजस्व का नुकसान होने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में अंशुमन चिढ़ार का मुख्यालय संभागीय कार्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है।
खगड़िया। परबत्ता थाना परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक हाथ में देशी कट्टा लेकर अचानक थाने पहुंच गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हथियार देखकर कुछ देर के लिए चौंक गए, लेकिन तुरंत युवक को घेर लिया। युवक ने खुद आगे बढ़कर बताया कि वह आत्मसमर्पण करने आया है। इसके बाद पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवक की पहचान सियादतपुर अगुवानी पंचायत निवासी दिलीप मंडल के 19 वर्षीय पुत्र रूपेश कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में रूपेश ने बताया कि उसे महसूस हुआ कि वह गलत रास्ते पर जा रहा था, इसलिए उसने खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। रूपेश ने यह भी दावा किया कि उसके कई दुश्मन हैं और उसे जान से मारने के लिए शूटर लगाए गए हैं। हालांकि, उसने किसी का नाम स्पष्ट नहीं किया। उसके इस बयान के बाद पुलिस सतर्क हो गई है और सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने जानकारी की पुष्टि नहीं की स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि युवक पहले चंडीगढ़ में रहता था और कुछ महीने पहले किसी आपराधिक घटना में शामिल होने के बाद भागकर अपने गांव आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौके पर मौजूद एसआई तनवीर खान ने युवक से पूछताछ शुरू कर दी है। परबत्ता थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष सुमंत कुमार चौधरी ने बताया कि रूपेश से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
शिवपुरी नगर पालिका में पिछले साल बगीचा सरकार की कसम से शुरू हुआ विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को अध्यक्ष गायत्री शर्मा के विरोध में 12 पार्षद भोपाल पहुंचे। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर अध्यक्ष को हटाने की मांग की। पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनका आरोप है कि अध्यक्ष पार्षदों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं, जिससे वार्डों में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि इन गतिविधियों से शिवपुरी में भाजपा की छवि धूमिल हो रही है। 12 पार्षदों ने इस्तीफे भी सौंपेमुलाकात के दौरान सभी 12 पार्षदों ने अपने इस्तीफे भी प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिए। इस पर हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि चूंकि वे पहली बार उनके पास आए हैं, इसलिए संगठनात्मक स्तर पर पूरे मामले की जांच की जाएगी और 10 दिन के भीतर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। भोपाल पहुंचने वाले पार्षदों में ओम प्रकाश जैन (वार्ड 5), विजय बिंदास (वार्ड 20), राजा यादव (वार्ड 17), रीना कुलदीप शर्मा (वार्ड 18), रघुराज उर्फ राजू गुर्जर (वार्ड 21), रितु डिंपल जैन (वार्ड 9), प्रतिभा गोपी शर्मा (वार्ड 10), सरोज धाकड़ (वार्ड 12), नीलम बघेल (वार्ड 11), मीना पंकज शर्मा (वार्ड 31), गौरव बंसल (वार्ड 37) और तारा राठौर (वार्ड 28) शामिल हैं। नपाध्यक्ष को हटाने कसम खाई थीउल्लेखनीय है कि 11 जून 2025 को इन्हीं पार्षदों ने करेरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में अध्यक्ष को हर हाल में हटाने की कसम खाई थी। इसके बाद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन आवश्यक संख्या बल नहीं जुट पाने के कारण यह सफल नहीं हो सका। अविश्वास प्रस्ताव विफल होने के बाद, अपनी कसम निभाने के दबाव में 28 अगस्त 2025 को लगभग 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि, ये इस्तीफे तत्काल स्वीकार नहीं किए गए और बाद में यह मामला शांत पड़ गया था। अब एक बार फिर उन्हीं पार्षदों के भोपाल पहुंचने से यह पुराना विवाद फिर से गरमाता दिख रहा है।
फलोदी में एक कंटेनर और सामने से आ रही कार के बीच भिड़ंत हो गई। इस हादसे में कार सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा शाम करीब सात बजे, नोख गांव के पास हुआ। फलोदी एसपी सतनाम सिंह ने बताया- यह हादसा नोख से भीकमपुर की ओर जा रहे एक कंटेनर और सामने से आ रही कार के बीच भिड़ंत की वजह से हुई। भिड़ंत के बाद कंटेनर अचानक पलट गया और कार उसके नीचे दब गई। कार सवार भीकमपुर से नोख की ओर जा रहे थे। कार्यवाहक थानाप्रभारी मांगीलाल ने बताया- कार में नोख निवासी श्यामपाल सिंह और उनके 13 वर्षीय पुत्र आशुपाल सिंह सवार थे। श्यामपाल सिंह अपने परिवार के साथ जयपुर में रहते थे, लेकिन नोख में भी उनका आवास है और वे समय-समय पर गांव आते रहते थे। वे कुछ दिन पहले ही जयपुर से नोख आए थे। हादसे के कारण सड़क पर भीषण जाम लग गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद कार्यवाहक थाना प्रभारी मांगीलाल मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। जेसीबी बुलाकर कंटेनर को हटाया गया और कार के अंदर सवार दोनों मृतक पिता-पुत्र की पहचान की गई। पुलिस जांच और कार्रवाई पुलिस ने मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एसपी सतनाम सिंह ने बताया कि डीएसपी अचल सिंह देवड़ा भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और हादसे की वजहों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में डिस्ट्रिक्ट सोसाइटी फॉर कंप्यूटराइज्ड रजिस्ट्रेशन (स्कोर) से संबंधित समीक्षा बैठक हुई। इसमें निबंधन कार्यालयों में टोकन डिस्प्ले सिस्टम लगाने और बुजुर्गों को विशेष सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी दूहन ने 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य में विशेष सुविधा प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर जाकर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें कार्यालय आने-जाने की कठिनाइयों से मुक्ति मिल सके। डीएम दूहन ने सभी निबंधन कार्यालयों में टोकन डिस्प्ले सिस्टम स्थापित करने का भी निर्देश दिया। इससे नागरिकों को अपनी बारी की जानकारी आसानी से मिलेगी और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचा जा सकेगा। साथ ही, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों की सुविधा के लिए हर निबंधन कार्यालय में व्हीलचेयर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जनता को पारदर्शी, सुगम और बेहतर सेवा दें जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आम जनता को पारदर्शी, सुगम और बेहतर सेवा प्रदान करना है। कंप्यूटरीकृत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे रजिस्ट्री कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। कमजोर वर्गों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता बैठक में सभी अवर निबंधक पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने सुझाव भी दिए। यह बैठक जिला प्रशासन की जन-केंद्रित पहल का हिस्सा है, जिसमें विशेष रूप से कमजोर वर्गों – बुजुर्गों और दिव्यांगों – को प्राथमिकता दी जा रही है। स्कोर प्रणाली के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के प्रयासों से अररिया जिले में निबंधन कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
धमतरी पुलिस ने नशा और अपराध के खिलाफ बड़े स्तर पर ऑपरेशन निश्चय अभियान चलाया। इस अभियान में पुलिस ने एक साथ 150 जगहों पर छापा मारा। कार्रवाई में नशा बेचने वाले, अवैध शराब वाले और अन्य बदमाश शामिल थे। कुल 30 पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना इलाकों में छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में नशा और अवैध हथियार जब्त किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि यह अभियान आईजी रायपुर रेंज अमरेश कुमार मिश्रा के निर्देशन और एसपी धमतरी के नेतृत्व में चलाया गया। शाम से लेकर सुबह तक जिलेभर में सघन चेकिंग की गई। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों, गुंडा-बदमाशों और नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की। अभियान के दौरान सिटी कोतवाली, अर्जुनी, कुरूद और भखारा थाना क्षेत्रों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 4 प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 3.97 किलोग्राम गांजा जब्त किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हेमंत पांडेय, गुलशन कुमार साहू, लिखेंद्र कुमार साहू और भूपेंद्र साहू शामिल हैं। अवैध शराब के खिलाफ अभियान में 17 गिरफ्तार अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने 17 प्रकरण दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत 6 मामलों में 113.96 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। अन्य मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई की गई। इसी कार्रवाई के तहत आरोपी रवि नायक उर्फ भूरी नायक को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 12 बोर का देशी कट्टा और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने बीएनएसएस की विभिन्न धाराओं के तहत 30 व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की। पुलिस लाइन रूद्री में निगरानीशुदा बदमाशों की परेड पुलिस लाइन रूद्री में निगरानीशुदा बदमाशों की परेड कराई गई। उन्हें कानून का पालन करने और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन कराने वाले होटल, ढाबा और खोमचा संचालकों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है। धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। भविष्य में भी ऐसे सघन अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने गया जिले में सांगठनिक विस्तार के तहत नई नियुक्तियां की हैं। इसी क्रम में, राजीव कुमार पिंटू को भाजपा गया जिला पश्चिमी क्षेत्र का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू सिंह ने राजीव कुमार पिंटू की सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए यह जिम्मेदारी सोमवार को सौंपी। पिंटू प्रखंड के खजूरी पंचायत अंतर्गत ददरेजी गांव के निवासी हैं। नियुक्ति पत्र सौंपते हुए चिंटू सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि राजीव कुमार पिंटू पार्टी की नीतियों और जनहित के कार्यों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे। राजीव कुमार पिंटू की इस नियुक्ति से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ददरेजी गांव, खजूरी पंचायत और आसपास के क्षेत्रों से उन्हें बधाई मिल रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि राजीव कुमार पिंटू एक जुझारू व्यक्तित्व के धनी हैं। उनके प्रवक्ता बनने से क्षेत्र की समस्याओं और पार्टी की आवाज को एक नया मंच मिलेगा। बधाई देने वालों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
मोतिहारी में धनौती नदी किनारे एक 65 वर्षीय वृद्ध का शव बरामद हुआ है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर भीमा घाट पर मिले इस शव को लेकर पुलिस हत्या या दुर्घटना, दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। ग्रामीणों ने सोमवार को खेतों की ओर जाते समय झाड़ियों में पड़े शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान गोविंदगंज थाना क्षेत्र के लौरिया निवासी कन्हैया पांडेय के रूप में हुई है। बेटी की ससुराल जाने के लिए टेंपो से निकले थे सूचना मिलने पर परिजन भी सदर अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि कन्हैया पांडेय सोमवार सुबह अपनी इकलौती बेटी के ससुराल मजूराहा जाने के लिए टेंपो से निकले थे। कुछ ही घंटों बाद उनके शव मिलने की खबर आई। परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उनकी हत्या कहीं और कर शव को नदी किनारे फेंका गया है। मृतक के पड़ोसी और समाजसेवी राजू पांडेय ने भी इसे सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि कन्हैया पांडेय की एक ही बेटी चांदनी कुमारी है, और उनके दामाद बिहार पुलिस में राजगीर में तैनात हैं। थानाध्यक्ष बोले-आवेदन मिलने पर कार्रवाई रघुनाथपुर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले के उमरा गांव में प्रशासन ने एक दूल्हे की शादी बारात आने से ठीक पहले रुकवा दी। महिला एवं बाल संरक्षण विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, जिसमें टेंट, लाइटें और भोजन शामिल थे। बता दे कि विभाग को उमरा गांव में ए लड़के की शादी होने की सूचना मिली थी। इस पर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी मधु जैन अपनी टीम, जिसमें कर्मचारी मनोज और सत्यवान शामिल थे, के साथ नगीना थाना पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचीं। 18 साल का था दूल्हा जांच में सामने आया कि दूल्हा केवल 18 वर्ष का था। भारतीय कानून के अनुसार, पुरुष के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार शादी रोकने को तैयार नहीं हुआ। कोर्ट ने दिया स्टे स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कोर्ट का रुख किया। कुछ ही समय में विवाह पर रोक लगाने का स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया गया, जिसके बाद मौके पर ही शादी रुकवा दी गई। यह शादी राजस्थान में तय की गई थी और बारात पहुंचने में कुछ ही समय शेष था। विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरा कार्यक्रम रुक गया और शादी की सभी तैयारियां अधूरी रह गईं।
किशनगंज पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य साजिद रब्बानी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को मिली सूचना के आधार पर एसडीपीओ मंगलेश कुमार किशनगंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष साइबर थाना और जिला आसूचना इकाई के सदस्य शामिल थे। टीम लगातार आसूचना संकलन कर रही थी। मुख्य सरगना को पहले ही किया गया था गिरफ्तार इसी क्रम में, 2 अप्रैल 2026 को टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र की एक किराना दुकान में छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना को पहले ही गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में टेढ़ागाछ थाना कांड संख्या-112/2026 दर्ज किया गया था। अब, इसी कांड के वांछित प्राथमिकी अभियुक्त साजिद रब्बानी (47 वर्ष, पिता स्व. मो. मुंशी हुसैन, निवासी श्यामपुर, थाना पलासी, जिला अररिया) को 5 अप्रैल 2026 को टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट बेचता था जांच में सामने आया है कि अभियुक्त साजिद रब्बानी प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में फर्जी प्रमाण पत्र और क्लोन बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट तैयार कर बेचता था। इन क्लोन फिंगरप्रिंट का उपयोग गिरोह के मुख्य सरगना मनोहर कुमार द्वारा विशेष सॉफ्टवेयर चलाकर अवैध आधार कार्ड बनाने में किया जा रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त की गिरोह से सीधी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और अनुसंधान से गिरोह का अंतर्राज्यीय नेटवर्क उजागर हुआ है। यह गिरोह सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड तथा अन्य प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को ठग रहा था। एसपी बोले- गिरोहों पर कड़ी नजर रखी जा रही एसपी संतोष कुमार ने बताया कि ऐसे गिरोहों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस अन्य अभियुक्तों की तलाश में अभियान चला रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे आधार कार्ड या किसी भी सरकारी दस्तावेज बनवाते समय केवल अधिकृत केंद्रों का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह भी किया गया है।
कोटा के बूंदी रोड स्थित अग्रवाल रिजॉर्ट में राजस्थान टेंट डीलर्स किराया व्यवसायी समिति की प्रदेश कार्यकारिणी सभा व कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से टेंट और इवेंट व्यवसायियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया टेंट डीलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि जिंदल और अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रासबिहारी शर्मा ने की। बैठक में टेंट व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष रासबिहारी शर्मा ने कहा कि विवाह समारोहों में बैंक्वेट हॉल और खानपान पर जहां 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, वहीं टेंट और इवेंट सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है, जो असंगत है। उन्होंने इसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग उठाई। इसके साथ ही राजस्थान सरकार द्वारा मैरिज गार्डन और टेंट व्यवसायियों से वसूले जा रहे भूपरिवर्तन शुल्क का विरोध करते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि जिंदल ने टेंट व्यवसाय को आवश्यक सेवा में शामिल करने, गोदाम निर्माण के लिए भूमि में रियायत देने और कच्चे माल पर टैक्स में राहत देने की मांग रखी। कार्यक्रम में विभिन्न संभागों से आए पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। अंत में आगामी सितंबर में कोटा में होने वाले 16वें प्रांतीय महासम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर सिविल लाइंस स्थित महानगर इकाई कार्यालय में मेगा सेलिब्रेशन हुआ। सुबह झंडारोहण हुआ तो शाम को केक काटकर जश्न मनाया गया। इसके साथ ही संगठन की यात्रा पर भी चर्चा हुई। नए कार्यकर्ताओं को निष्ठा और समर्पण की शपथ दिलाई गई तो पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। व्यक्ति नहीं विचारधारा की पार्टीमुख्य वक्ता भाजपा प्रयागराज महानगर प्रभारी महेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि विचारधारा की पार्टी है। उन्होंने बताया कि 5 कार्यकर्ताओं से शुरू हुई यह पार्टी आज 18 करोड़ कार्यकर्ताओं का विशाल संगठन बन चुकी है और विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है। संस्थापकों के विचारों का उल्लेखउन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि भाजपा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के मूल भाव पर आधारित पार्टी है, जिसने राजनीति को सेवा और जनकल्याण का माध्यम बनाया है। यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ ‘विकसित भारत’ की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। लोकतंत्र और सुशासन पर फोकसभाजपा काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि पार्टी ने लोकतंत्र को मजबूत करने, तुष्टीकरण की राजनीति खत्म करने और पारदर्शी सुशासन स्थापित करने का काम किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने देश की सीमाओं की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और विकास के नए मानदंड स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मानकार्यक्रम के दौरान जनसंघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं चंद्रशेखर मिश्रा, जेपी द्विवेदी, प्रेमचंद गुप्ता और विकास तिवारी को सम्मानित किया गया संचालन जिला महामंत्री डॉ. शैलेश पांडेय ने किया। संयोजक विक्रमजीत भदौरिया ने अतिथियों का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इनकी रही मौजूदगीकार्यक्रम में नीरज त्रिपाठी, रणजीत सिंह, राजेंद्र मिश्र, शशि वार्ष्णेय, विनोद प्रजापति, कुंज बिहारी मिश्रा, प्रमोद मोदी, आनंद सोनकर, आनंद श्रीवास्तव, अनिल केसरवानी, अनुज कुशवाहा, प्रमोद सिंह, वंदना शर्मा, रमेश पासी, विजय श्रीवास्तव, अजय सिंह, अरुण पटेल, दीप द्विवेदी, विवेक मिश्रा, चंद्रा अहलूवालिया, पार्षद किरन जायसवाल, राजेश गोंड, रवि केसरवानी, प्रवीण भारती, सुजीत कुशवाहा, नवाब खान, शोभिता श्रीवास्तव, विपुल मित्तल, रवींद्र गांधी, अजय राय, शुभम सिंह, आनंद दुबे, मो. शरीफ, प्रियंका पाराशर, आभा भारती गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अनियंत्रित बाइक की टक्कर से महिला की मौत:सड़क पार करते समय हुआ हादसा, सवार घायल; गोरखपुर रेफर
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र में कोन्हवा मोड़ के पास एक अनियंत्रित बाइक की टक्कर से सड़क पार कर रही एक महिला की मौत हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान कोन्हवा गांव निवासी नंद किशोर शर्मा की 59 वर्षीय पत्नी सुनैना देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, महिला अपने पुराने घर से नए घर की ओर सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान कोन्हवा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने दोनों घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बाइक सवार युवक की पहचान सिधवलिया थाना क्षेत्र के सदौउवा रामपुर गांव निवासी मेंदी प्रसाद के 30 वर्षीय बेटे बिगन कुमार के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है।
कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने सोमवार, 06 अप्रैल 2026 को थाना रुरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस व्यवस्था का जायजा लेते हुए प्रशासनिक कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के मुख्य बिंदुओं में जीडी (जनरल डायरी) और माल रजिस्टर के अद्यतन की जांच शामिल थी। एसपी ने मुकदमों से संबंधित माल के सुरक्षित रखरखाव का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, CCTNS पोर्टल और ई-एफआईआर की प्रगति की समीक्षा की गई, तथा हिस्ट्रीशीट व बीट बुक की जांच कर पुलिस की सक्रियता का आकलन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर, बैरक और मेस की स्वच्छता का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों के भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की और शस्त्रों की सुरक्षा व रखरखाव को लेकर कड़े निर्देश दिए। मिशन शक्ति केंद्र का विशेष निरीक्षण करते हुए, एसपी ने महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली, काउंसलिंग रिकॉर्ड और हेल्पलाइन कनेक्टिविटी की प्रभावशीलता की जांच की। स्टाफ को निर्देश दिए गए कि वे पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनें और उनका त्वरित निस्तारण करें। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों पर थाना प्रभारी और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। निरीक्षण के बाद, पुलिस अधीक्षक ने कस्बा रुरा के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पुलिस बल के साथ पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
मध्यप्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक हलचल के बीच अब नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रहे अरुण यादव ने भारत कृषक समाज के माध्यम से ऐसे नेताओं को मंच देना शुरू कर दिया है, जो हाल ही में कांग्रेस की टीम से बाहर हो गए थे। इसे राजनीतिक रूप से एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार को खरगोन जिले के बोरावा में आयोजित किसान गोष्ठी के दौरान 1956 में गठित हुए भारत कृषक समाज नाम के संगठन का विस्तार करते हुए कई अहम नियुक्तियां की गईं। खंडवा शहर इकाई के लिए अर्ष पाठक को शहर जिलाध्यक्ष बनाया गया, जबकि दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में विनोद यादव और उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में इकबाल कुरैशी को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में मूंदी के किसान नेता लक्ष्मीचंद्र गुर्जर को खंडवा जिले का ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सभी को नियुक्ति पत्र स्वयं अरुण यादव ने सौंपे। कार्यक्रम में अरूण यादव के भाई कसरावद विधायक सचिन यादव (पूर्व कृषि मंत्री) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नियुक्तियों के राजनीतिक मायनेहाल ही में जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस संगठन में हुए फेरबदल के बाद कई नेता सक्रिय भूमिका से बाहर हो गए थे। ऐसे में अरुण यादव द्वारा उन्हें भारत कृषक समाज में स्थान देना एक नई राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम न केवल संगठन विस्तार बल्कि असंतुष्ट नेताओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है। किसानों पर फोकस, क्षेत्रीय समीकरण भीअरुण यादव ने कहा कि किसानों की आवाज को मजबूत करने के लिए संगठन का विस्तार जरूरी है। उन्होंने नए पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं को उठाएं और संगठन को सक्रिय बनाएं। इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्तियां सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत भी हो सकती है।
नीमच में श्वान बचाने के प्रयास में हादसा:बाइक से गिरी महिला की सिर में चोट लगने से मौत
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम मुडला के पास सोमवार शाम एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला बाइक से गिर गई थी, जब वाहन के सामने अचानक एक श्वान आ गया। पुलिस के अनुसार, नोजी बाई (45) पति मदनलाल निवासी मालखेड़ा अपने बेटे करण के साथ बाइक पर मालखेड़ा से मांगरोल चक जा रही थीं। वे एक मुंडन संस्कार में शामिल होने जा रही थीं। मुडला के पास बाइक के सामने अचानक श्वान आने से वाहन असंतुलित हो गया और नोजी बाई सड़क पर गिर गईं। सिर के बल गिरने से नोजी बाई को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की मदद से उन्हें नीमच लाया जा रहा था। जैतपुरा फंटे के पास 108 एम्बुलेंस की सहायता से उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका नोजी बाई के दो बेटे हैं। नीमच सिटी थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
6 अप्रैल को पूरे देश में भाजपा का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इसी दिन 1980 में पार्टी की स्थापना हुई थी। आज पार्टी ने 46 साल पूरे कर 47वें वर्ष में प्रवेश किया है। आज भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लेख लिखकर अपने विचार प्रकट किए हैं। चव्हाण ने कहा ‘कि सामान्य कार्यकर्ता से पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनना यह सिर्फ बीजेपी जैसे संगठन में ही मुमकिन है।’ उन्होंने अपने लेख में आगे लिखा है कि विचारधारा की गहरी जड़ों से मिट्टी में मजबूती से स्थापित और कार्यकर्ताओं के संघर्ष से खड़ा हुआ भारतीय जनता पार्टी का विशाल वटवृक्ष आज अपने 47वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 6 अप्रैल 1980 को बोया गया यह बीज आज लगभग 25 करोड़ से अधिक कार्यकर्ताओं के परिश्रम से पूरे देश में फैल चुका है। भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता, भाजयुमो का उपाध्यक्ष, नगरसेवक, विधायक, कैबिनेट मंत्री और अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जब मैं पार्टी के इतिहास की ओर देखता हूं, तो मुझे यह महसूस होता है कि जैसे विचारधारा ने एक-एक कार्यकर्ता को गढ़ा, उसी प्रकार असंख्य समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपने खून-पसीने से गुरुदक्षिणा के रूप में पार्टी को खड़ा किया है। जब नेहरू-गांधी की अल्पसंख्यक केंद्रित समाजवादी विचारधारा और साम्यवादी आंदोलन का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव था, तब 75 वर्ष पहले जनसंघ के माध्यम से बहुसंख्यक लेकिन शोषित समाज को केंद्र में रखने और धारा के विपरीत तैरने का साहस डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने दिखाया। उनकी दूरदर्शिता आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ है। भाजपा के इस सफर में कई बड़े नेताओं का योगदान रहा भाजपा के इस सफर में अनेक महान नेताओं का योगदान रहा है। महाराष्ट्र में 1980 में उत्तमराव पाटील ने पहले प्रदेशाध्यक्ष के रूप में संगठन की नींव रखी। इसके बाद गोपीनाथ मुंडे ने पार्टी को गांव-गांव तक पहुंचाया और बहुजन व ओबीसी समाज को मुख्यधारा में लाकर अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया। 1995 में कांग्रेस की सत्ता को हटाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रा. ना. स. फरांदे ने पार्टी को वैचारिक आधार दिया, वहीं सूर्यभान वहाडणे पाटील ने अनुशासित नेतृत्व से संगठन को मजबूत किया। भाऊसाहेब फुंडकर ने किसानों के लिए संघर्ष करते हुए पार्टी को खेत-खलिहान तक पहुंचाया। नितिन गडकरी ने प्रमोद महाजन के निधन के बाद कार्यकर्ताओं को संभाला और संगठन को मजबूती दी। सुधीर मुनगंटीवार ने जनसंपर्क का नया अध्याय शुरू किया। 2013 में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी ने बड़ी छलांग लगाई और प्रदेशाध्यक्ष से सीधे मुख्यमंत्री बनने का अनोखा रिकॉर्ड स्थापित हुआ। इसके बाद रावसाहेब दानवे, चंद्रकांत पाटील और चंद्रशेखर बावनकुळे ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पार्टी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया। जाति आधारित राजनीति करने वालों को भाजपा ने करारा जवाब दिया जिस भाजपा को कभी ‘शेटजी-भटजी’ की पार्टी कहकर आलोचना की जाती थी, उसी पार्टी ने 46 वर्षों में महाराष्ट्र में 11 प्रदेशाध्यक्ष बहुजन समाज से दिए, जो जाति आधारित राजनीति करने वालों के लिए करारा जवाब है। आज एक कार्यकर्ता के रूप में प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए मुझे गर्व है कि सामान्य कार्यकर्ता से प्रदेशाध्यक्ष तक पहुंचना केवल भाजपा में ही संभव है। स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चल रही योजनाओं को जनता तक पहुंचाना जरूरी है।
देवरिया में अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर:युवक की मौत, वाहन की तलाश में जुटी पुलिस
देवरिया जिले में सोमवार देर शाम एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक सुदामा की मौत हो गई। सुदामा सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के निवासी थे। वे देवरिया जिला मुख्यालय से काम निपटाकर शाम करीब 8 बजे अपने घर सलेमपुर लौट रहे थे। सदर कोतवाली क्षेत्र में देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर सोंदा के समीप एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में सुदामा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना आसपास के लोगों ने तुरंत डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को महर्षि चौराहा स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद सुदामा को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने घटना की जानकारी सदर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक सुदामा की पत्नी का नाम देवंती है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत धरधरी गांव स्थित प्राचीन बम्हनी माता मंदिर में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में घुसकर वहां स्थापित प्राचीन मूर्तियों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ मूर्तियों को उनके स्थान से उखाड़कर इधर-उधर फेंक दिया गया। असामाजिक तत्वों ने माता रानी की चुनरी फाड़ दी और मंदिर में लगे धार्मिक ध्वज को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे लोग सोमवार सुबह जब ग्रामीण प्रतिदिन की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कई महिलाएं भावुक होकर रो पड़ीं और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही आस्ता थाना पुलिस सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। जांच शुरू, आरोपियों की तलाश तेज पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही एसएसएल (फॉरेंसिक) टीम भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने में लगी हुई है। जशपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा, मौके पर एडिशनल डीएसपी सहित पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसएसएल की टीम द्वारा जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंडला घुघरी में दो सड़क हादसे:एक युवक की मौत, तीन घायल; एक जबलपुर रेफर
मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, वहीं दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल मंडला में जारी है। पहला हादसा घुघरी-मोहगांव मार्ग पर ग्राम कुमहर्रा और मलवाथर के बीच हुआ। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। एक बाइक पर ग्राम चाबी निवासी मुनेंद्र मरावी (17) और प्रेमकुमार अहिरवार (20) घुघरी की ओर जा रहे थे। दूसरी बाइक पर राहुल धुर्वे (25) निवासी घुघरी आ रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें निजी वाहनों से घुघरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही राहुल धुर्वे की मौत हो गई। मुनेंद्र मरावी को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जबकि प्रेमकुमार अहिरवार आईसीयू में भर्ती हैं। दूसरी घटना भानपुर के नजदीक सिंगनपुरी रोड पर हुई। सुरेहली कचरा टोला निवासी राकेश तिलगाम (20) अपनी दादी को सिंगनपुरी छोड़कर गांव लौट रहा था, तभी उसकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे घुघरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल मंडला रेफर किया गया। उसका इलाज जारी है।
समस्तीपुर में एक घर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। राज्य एसटीएफ और बंगरा पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। जिसमें 2 की गिरफ्तारी हुई है। एक डीह सरसौना गांव का दीपक कुमार सिंह है और दूसरा भागलपुर के सुल्तानगंज का राजेश चौधरी है। मौके से पुलिस ने 2 पिस्टल, अर्द्धनिर्मित एक पिस्टल, 6 मैगजीन, एक गोली, एक लेथ मशीन, 3 छेनी, 3 सरसी, 2 पिलास, 1 डाई, 1 मैगजीन डाई, हथौड़ी समेते अन्य सामान बरामद किए हैं। बंगरा थाने के डीह सरसौना गांव छापेमारी की गई। घर का मालिक फरार एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बंगरा पुलिस और राज्य एसटीएफ को सूचना मिली कि डीह सरसौना गांव में हथियार बनाने और बेचने का खेल चल रहा है। जिसके बाद पुलिस ने गांव के बबलू कुमार के घर छापेमारी की। छोपमारी के दौरान बबलू पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जबकि इस दौरान दीपक और राजेश को मौके से पकड़ लिया गया। तालाशी के दौरान निर्मित और अर्द्ध निर्मित हथियार बरामद किए गए। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार भागलपुर निवासी राजेश के बारे में पता लगाया जा रहा है। आखिर वह समस्तीपुर कैसे पहुंचा। हथियार कहां सप्लाई होने वाले थे, पता लगाया जा रहा एसपी ने बताया कि सभी पिछले 7 दिनों से यहां आकर हथियार बना रहे थे। अभी किसी को डिलेवरी नहीं दी थी। हथियार निर्माण के बाद उसे डिलेवरी देता, लेकिन पहले ही फैक्ट्री का खुलासा हो गया। अब दोनों को जेल भेजा जा रहा है। बबलू की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां खपाए जाने वाले थे। इसे कितनी राशि में बेचते।
संभल के चंदौसी में पेट्रोल पंप जा रहे एक बुजुर्ग को तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में जनरल स्टोर चलाने वाले 72 वर्षीय बुजुर्ग शकील अहमद की मौत हो गई। घटना सोमवार शाम करीब 4 बजे असालतपुर जारई मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास हुई। मृतक की पहचान चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सीकरी गेट निवासी शकील अहमद (72) पुत्र असील अहमद के रूप में हुई है। वह अपनी स्कूटी से पेट्रोल डलवाने जा रहे थे, तभी सामने से आ रही बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से शकील अहमद गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। घायल बुजुर्ग को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन निजी अस्पताल पहुंचे। बाद में, 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चंदौसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शाम करीब 6 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना चंदौसी पुलिस को दी। थाना प्रभारी अनुज तोमर ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
कपूरथला में खुद को सोशल मीडिया पत्रकार बताने वाले एक पिता-पुत्र के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। सिटी थाना पुलिस ने लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने के आरोप में सरबजीत सिंह और उसके बेटे मनजोत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस को दी शिकायत में मोहल्ला कायमपुरा निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि 4 अप्रैल की दोपहर सरबजीत सिंह और मनजोत उसके पास आए। इसके बाद वे सामने एक खाली प्लॉट में टेंट लगाकर रह रहे अमीन मोहम्मद के पास पहुंचे। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताते हुए अमीन मोहम्मद के टेंट की तलाशी लेनी शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने टेंट के अंदर एक खाली प्रेगा कैप्सूल का पत्ता फेंक दिया और उसका वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने अमीन मोहम्मद पर नशा बेचने, अवैध काम करने और बिजली चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने अमीन मोहम्मद के बच्चों की भी तलाशी ली और खुद को पुलिस द्वारा भेजा गया बताकर धमकाया। पीड़ित बोला- मामला खत्म करने के लिए 10 हजार मांगा पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मामला रफा-दफा करने के लिए 10,000 रुपये की मांग की। डर के कारण अमीन मोहम्मद ने उन्हें 1700 रुपये दे दिए। इसके बाद भी आरोपियों ने सोफा सेट के कवर जैसे अन्य सामान देने का दबाव बनाया। जब अमीन मोहम्मद ने मना किया, तो उन्होंने वीडियो को फेसबुक पेज 'वॉइस ऑफ कपूरथला' पर वायरल करने की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप है कि यह फेसबुक पेज एक फर्जी चैनल है, जिसका उपयोग आरोपी लोगों को गुमराह कर पैसे वसूलने के लिए करते हैं। डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मनजोत और सरबजीत सिंह उर्फ बंटी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ऐसे फर्जी पत्रकारों के नेटवर्क की जांच की जा रही है, जिसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
बांदा में तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद:एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा साथी फरार
बांदा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई कुल तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उसका एक साथी अभी फरार है। यह कार्रवाई थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा की गई। दरअसल, थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अभिलाष चंद्र गुप्ता और थाना मटौंध क्षेत्र के ग्राम पटना निवासी लक्ष्मीनारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 17 जनवरी 2026 और 18 जनवरी 2026 को मवई बाईपास से उनकी मोटरसाइकिलें चोरी हो गई थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस तभी से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। इसी क्रम में, थाना कोतवाली देहात पुलिस गश्त और चेकिंग कर रही थी। इस दौरान उन्होंने आरोपी रवि पुत्र कल्लू को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय मौके से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। रवि गुरेह, थाना कोतवाली देहात, जनपद बांदा का रहने वाला है। रवि से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की दो अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद कीं। पूछताछ में रवि ने बताया कि उसने और उसके साथी आनंद सिंह पुत्र जगपत, निवासी ज्योति नगर, थाना कोतवाली नगर, बांदा ने मिलकर मवई बाईपास से ये तीनों मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। उसका साथी आनंद सिंह अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के भीतरगांव चौकी अंतर्गत बारी गांव में 5 वर्षीय मासूम के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बारीगांव निवासी पृथ्वीपाल उर्फ चौहान पुत्र सियाराम मासूम को मोबाइल पर गेम खेलने का लालच देकर अपने घर ले गया, जहां उसने घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। काफी देर तक बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए। कुछ समय बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों ने पहले आरोपी के घर जाकर विरोध जताया और ग्राम प्रधान को भी सूचना दी। बाद में मामले की तहरीर पुलिस को दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अवनीश कुमार सिंह प्रभारी निरीक्षक ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को भीतरगांव चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजय कुमार गौतम, उपनिरीक्षक महेश पाल और कांस्टेबल मुनेश शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
जमुई स्टेशन पर दो बच्चे संदिग्ध हालत में मिले:बिस्कुट खिलाकर बहलाने वाला युवक पुलिस को देख फरार
जमुई स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले दो बच्चों को डायल 112 पुलिस की सतर्कता से सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। पुलिस की तत्परता से एक संभावित अनहोनी टल गई। बच्चों की पहचान सोनो थाना क्षेत्र के कोड़ाडीह गांव निवासी 12 वर्षीय अब्दुल अंसारी और 12 वर्षीय मो. अलतमस के रूप में हुई है। झाझा थाना में पदस्थापित डायल 112 वाहन के चालक अंजय मलयपुर पुलिस लाइन से लौटते समय जमुई स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने दोनों बच्चों को स्टेशन परिसर में डरे-सहमे अवस्था में देखा। बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे मदरसा में साथ पढ़ते हैं और घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें बिस्कुट खिलाया। पहले मना करने पर उसने खुद खाकर विश्वास दिलाया और फिर बच्चों को भी खिला दिया। बिस्कुट खाने के बाद दोनों को अजीब महसूस होने लगा। वह व्यक्ति बच्चों को स्टेशन पर किनारे खड़ा कर पास ही मौजूद था। हालांकि, पुलिसकर्मी को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। बच्चों को सुरक्षित झाझा आरपीएफ को सौंपा स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक अंजय ने तुरंत बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। वीडियो कॉल के जरिए उनकी पहचान सुनिश्चित करने के बाद परिजनों को झाझा बुलाया गया। बाद में बच्चों को सुरक्षित झाझा आरपीएफ को सौंप दिया गया, जहां से उन्हें उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट आरके तिवारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान की जा रही है। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, लेकिन पुलिस की तत्परता से संभावित खतरा टल गया।
सलूम्बर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में तेज उल्टी-दस्त और बुखार से 5 दिनों में दो से 4 साल की उम्र की 5 मासूमों की मौत हो गई। घाटा और लालपुरा गांव में इसका सबसे ज्यादा असर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को मेडिकल टीम सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। बीसीएमओ डॉ सिंटू कुमावत के नेतृत्व में मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और सर्वे का काम शुरू किया। गांव में हर घर से बच्चों के ब्लड सैम्पल लिए जा रहे हैं। दरअसल, बच्चों को तेज बुखार, ऐंठन और उल्टी की शिकायत के बाद उन्हें धरियावद हॉस्पिटल ले जाया गया था। वहां स्थिति बिगड़ने पर उन्हें जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़, सलूम्बर और फिर उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इनमें से 2 बच्चों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि बाकी तीन की हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कलेक्टर और एसडीएम ने भी लिया जायजाकलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने मेडिकल टीम को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही हर संभव इलाज देने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम दिनेश आचार्य ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। मृतक में 4 वर्षीय दीपक मीणा और सीमा(4) की 1 अप्रैल को मौत हुई थी। इसके अलावा लक्ष्मण मीणा(4), काजल मीणा(2) और राहुल मीणा(4) की 5 अप्रैल को मौत हुई थी। वायरल संक्रमण है या मौसमी बीमारी, स्पष्ट नहीं: बीसीएमओबीसीएमओ डॉ सिंटू कुमावत ने बताया कि विभाग अभी तक मौत के सटीक कारणों का पता नहीं लगा पाया है। बच्चों के ब्लड सैंपल और अन्य जांचें की जा रही हैं। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि से वायरल संक्रमण या अन्य मौसमी बीमारी। मेडिकल टीम गांव में सर्वे कर रही है। घर-घर जाकर अन्य बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा है।
अनूपपुर के कोतमा में अग्रवाल लॉज की बिल्डिंग गिरने से तीन लोगों की मौत और तीन के घायल होने की घटना के बाद सोमवार शाम कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च गांधी चौक पर आयोजित किया गया, जहां मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। कैंडल मार्च का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्याम कुमार 'गुड्डू' चौहान ने किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष श्याम कुमार 'गुड्डू' चौहान ने भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि रेस्क्यू कार्य के दौरान सावधानी बरती जाती तो मलबे में दबे लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी मशीनों के उपयोग से मलबे में दबे मजदूरों की मौत हुई। चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई, बल्कि केवल औपचारिकता निभाई। उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ और इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, नगरीय प्रशासन जेडी कार्यालय शहडोल के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में सोमवार को कला और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। 'एप्लाइड आर्ट एनुअल एग्जीबिशन' के दौरान न केवल छात्रों ने अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई, बल्कि न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी से आए विशेषज्ञों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के टिप्स भी दिए। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बताया गया कि कला अब केवल शौक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार का बड़ा जरिया है। आर्ट थेरेपी से मानसिक स्वास्थ्य का इलाज न्यूयार्क की मशहूर विजुअल आर्टिस्ट पेट्रीशिया मिरांडा ने छात्रों के साथ अपनी कला यात्रा साझा की। उन्होंने एक नई सोच पेश करते हुए बताया कि पेंटिंग और कलाकृतियां केवल देखने के लिए नहीं होतीं, बल्कि ये 'आर्ट थेरेपी' के रूप में मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने का भी काम करती हैं। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पेंटिंग्स के जरिए समझाया कि कैसे भावनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त कर तनाव को कम किया जा सकता है। भारतीय कलाकारों के लिए अमेरिका में बड़ी संभावनाएं न्यू जर्सी की मोंटक्लेयर स्टेट यूनिवर्सिटी से आए प्रो. क्रिस्टोफर काजमारेक ने भारत और अमेरिका के कला परिदृश्य की तुलना की। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में रचनात्मकता की कमी नहीं है, बस उन्हें सही प्लेटफॉर्म की जरूरत है। उन्होंने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, आईआईटी कानपुर के प्रो. ऋत्विज भौमिक ने छात्रों को 'फुलब्राइट स्कॉलरशिप' के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र विदेश जाकर पढ़ाई कर सकें।
डोडाचूरा तस्करी: आरोपी को 20 साल की सजा:कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
आगर मालवा जिले के बड़ौद थाना क्षेत्र में डोडाचूरा तस्करी के एक मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2021 के एनडीपीएस प्रकरण में आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह मामला 26 नवंबर 2021 का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पंजाब नंबर का ट्रक अवैध डोडाचूरा लेकर सुसनेर-कोटा रोड से गुजर रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रामनगर सुसनेर रोड पर बल्डा के पास घेराबंदी कर ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें 26 बोरों में भरा कुल 512 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। आरोपी के पास इस मादक पदार्थ के परिवहन के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने तत्काल मादक पदार्थ और ट्रक को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना पूरी होने के बाद, अतिरिक्त लोक अभियोजक अशोक गवली ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने हरियाणा निवासी आरोपी नीतासिंह उर्फ फौजी को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जब्त किए गए 512 किलोग्राम डोडाचूरा की अनुमानित कीमत लगभग 10.24 लाख रुपये बताई गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रक की कीमत करीब 5 लाख रुपये थी।
राजधानी में युवती से दुष्कर्म, जबरन अबॉर्शन कराने और शादी का झांसा देकर शोषण करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल, अप्रैल 2024 में आरोपी अमन सिंह ने सरगुजा निवासी युवती से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। इसके बाद वह उसे लगातार मिलने के लिए दबाव बनाने लगा, जबकि युवती उसे मना करती रही। परेशान होकर युवती ने उदयपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी और बाद में राजनांदगांव शिफ्ट हो गई। इसके बावजूद आरोपी उसे लगातार परेशान करता रहा। अंततः युवती ने राजी होकर सितंबर 2024 में उससे मुलाकात की। आरोपी उसे ट्रेन से रायपुर ले आया और एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे पटना ले गया, वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। अक्टूबर 2024 में आरोपी उसे आर्य समाज मंदिर ले गया और उससे एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर यह कहा कि अब उनकी शादी हो गई है। इसके बाद वह उसे सूरजपुर ले गया, जहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। फरवरी 2025 में जब पीड़िता ने आरोपी को अपने प्रेग्नेंसी होने की जानकारी दी, तो आरोपी ने उसे दवा खिलाकर अबॉर्शन करा दिया। इसके बाद उसने पीड़िता से मारपीट की और उसे भगा दिया। साथ ही, उसने धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो उसे जान से मार देगा। बाद में युवती ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मुंगेर में 18 वर्षीय छात्र ने किया सुसाइड:किराए के मकान में रहता था, पिता से बात के बाद उठाया कदम
मुंगेर जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के घोषी टोला स्थित पानी टंकी के पास एक किराए के मकान में 18 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रविवार देर रात की है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान नीतीश कुमार (18) के रूप में हुई है, जो नारायण भगत का छोटा पुत्र था। परिजनों के अनुसार, नीतीश ने मकान की छत पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बड़ी बहन की शादी को लेकर आए थे मेहमान मृतक के नाना प्रकाश चौरसिया ने बताया कि रविवार को नीतीश की बड़ी बहन की शादी को लेकर घर में मेहमान आए हुए थे। देर रात सभी मेहमानों के जाने के बाद यह घटना हुई। उन्होंने बताया कि नीतीश स्वभाव से शांत था, लेकिन घटना से पहले उसने फोन पर अपने पिता से बात की थी। इस बातचीत के बाद वह कथित तौर पर आक्रोशित होकर अपने कमरे में चला गया था। नाना के अनुसार, घटना के समय बिजली कटी हुई थी, जिसके कारण नीतीश की मां और बहन कमरे से निकलकर छत पर बैठी थीं। इसी बीच, नीतीश ने अपनी मां से कहा कि उसे नींद आ रही है और वह सोने चला गया। उसने अंदर से कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। दुपट्टे के सहारे छत में लगे बांस पर लटका मिला शव कुछ देर बाद जब बिजली आई और नीतीश की मां और बहन कमरे में लौटीं, तो उन्होंने दरवाजा बंद पाया। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने उसे तोड़ दिया। अंदर देखने पर नीतीश कुमार दुपट्टे के सहारे छत में लगे बांस से फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। इस दृश्य को देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं मृतक के पिता नारायण भगत, जो फिलहाल दूसरे राज्य में रहते हैं, ने बताया कि उनका पैतृक घर बेगूसराय जिले के बलिया शिवनगर में है, जबकि परिवार मुंगेर में किराये के मकान में रह रहा था। उन्होंने भी घटना के कारणों को लेकर अनभिज्ञता जताई। पोस्टमार्टम करा दिया गया , आगे की जांच जारीइधर, कासिम बाजार थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं इस घटना को लेकर थानाध्यक्ष रुबिकान्त कच्छप ने बताया कि घटना की जानकारी है युवक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। आगे की जांच जारी।
कानपुर मेट्रो अब केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि सेहत और स्वच्छता के मामले में भी नए रिकॉर्ड बना रही है। 7 अप्रैल को मनाए जाने वाले 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' से पहले मेट्रो प्रशासन ने स्टेशनों की सफाई व्यवस्था की जो तस्वीर पेश की है, वह शहर के अन्य सार्वजनिक स्थानों के लिए नजीर है। मोतीझील से लेकर कानपुर सेंट्रल तक के सभी 14 स्टेशनों पर स्वच्छता के ऐसे कड़े मानक तय किए गए हैं कि यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल रहा है। गुटखा-तंबाकू पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', गंदगी की जगह नहीं कानपुर की पहचान बन चुके पान-मसाले और तंबाकू को मेट्रो परिसर से पूरी तरह बाहर रखा गया है। मेट्रो के अंदर गुटखा, पान, बीड़ी और सिगरेट का उपयोग सख्त वर्जित है। सुरक्षा जांच के दौरान ही यात्रियों से ऐसे उत्पाद जमा करा लिए जाते हैं। इस सख्ती का असर यह है कि न तो स्टेशनों की दीवारों पर दाग दिखते हैं और न ही फर्श पर कूड़ा। यह नीति न केवल गंदगी रोक रही है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी मददगार साबित हो रही है। दिव्यांगों का खास ख्याल,व्हीलचेयर फ्रेंडली शौचालय अक्सर सार्वजनिक परिवहन में दिव्यांगों की सुविधाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कानपुर मेट्रो ने यहां बाजी मारी है। सभी स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से आधुनिक शौचालय बनाए गए हैं। इनमें व्हीलचेयर की आसान आवाजाही के लिए रैंप और सहारा देने के लिए मजबूत हैंडरेल्स लगाई गई हैं। फिलहाल 14 स्टेशनों पर यह सुविधा चालू है, जबकि सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बन रहे 7 नए स्टेशनों पर भी इसी तरह के हाई-टेक शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों का सम्मान, चौबीसों घंटे निगरानीमेट्रो स्टेशनों के फर्श, रेलिंग और कोच की चमक बनाए रखने के लिए हाउसकीपिंग स्टाफ चौबीसों घंटे तैनात रहता है। खास बात यह है कि सफाई के काम को बोझ न मानकर उत्साह से किया जाए, इसके लिए यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक हर महीने सबसे अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करते हैं। अधिकारियों की टीमें नियमित रूप से स्टेशनों का औचक निरीक्षण करती हैं ताकि सफाई के मानकों में रत्ती भर भी कमी न आए।निर्माण से संचालन तक स्वच्छता का संकल्पयूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार का कहना है कि मेट्रो ने निर्माण के पहले दिन से ही स्वच्छता को अपनी प्राथमिकता में रखा है। उनका मानना है कि स्वच्छता ही स्वस्थ जीवनशैली की नींव है। कानपुर मेट्रो की इस पहल को शहरवासियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। यात्री भी अब मेट्रो को अपना मानकर उसे गंदा करने से बचते हैं, जिससे कानपुर की छवि एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर के रूप में उभर रही है।
अंतरराज्यीय मोबाइल झपटमार गिरोह का पर्दाफाश:कोतवाली पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
सीधी। शहर में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय झपटमार गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम लगभग 5 बजे की गई। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने जानकारी दी कि हाल ही में कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक राहगीर से मोबाइल छीनकर फरार होने की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अतिरिक्त, साइबर सेल की तकनीकी सहायता ली गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विष्णु उर्फ रितेश गुप्ता (21 वर्ष), निवासी बंजारी, थाना जमोड़ी, और अतुल सिंह चौहान (21 वर्ष), निवासी सुकवारी, थाना जमोड़ी के रूप में हुई। गहन पूछताछ के दौरान, दोनों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल झपटमारी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹46,000 है। वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें—एक हीरो स्प्लेंडर प्लस और एक होंडा शाइन—भी जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग ₹1,50,000 बताई गई है। कुल मिलाकर, ₹1,96,000 का सामान बरामद किया गया है। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सीकर के गोकुलपुरा थाना इलाके में रविवार सुबह 10 साल के मासूम के किडनैप के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में किडनैप होने वाले बच्चे की मां और सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि गोकुलपुरा पुलिस थाने पर रविवार सुबह करीब 10:50 पर 10 साल के मासूम लड़के की बुआ ने सूचना दी कि उनके भाई की एक लड़की और दो लड़के पिछले करीब डेढ़ साल से उनके यहां पर रहते हैं। सबसे छोटा 10 साल का लड़का घर के गेट के बाहर खड़ा था। इसी दौरान एक सफेद रंग की गाड़ी आई। इसमें से दो लोग नीचे उतरे और बच्चे को किडनैप करके ले गए। यह सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पुलिस ने 5 घंटे में राजसमंद के भीम एरिया से 10 साल के मासूम को दस्तयाब कर लिया। इसके साथ ही किडनैप करने वाली महिला और युवक डिटेन करके सीकर लाया गया। जब उनसे पूछताछ की गई तो महिला ने बताया कि वह 10 साल की मासूम लड़के की मां है। करीब 3 साल पहले पति से विवाद होने के बाद वह अपने तीनों बच्चों को छोड़कर पहले कोटा चली गई। वहां पर रहकर उसने नौकरी की। इसके बाद नौकरी छोड़कर अपने पीहर आ गई। महिला को अपने छोटे बेटे से लगाव था। इसलिए वह चाहती थी कि बेटा उसे मिल जाए। बेटा लेने के लिए कई बार उसने अपने पति और ससुराल के लोगों से बातचीत की। लेकिन वह नहीं माने। ऐसे में बच्चों की बुआ बच्चों को अपने साथ लेकर चली गई। ऐसे में महिला ने प्लान बनाया कि क्यों न वह खुद के बच्चे का किडनैप कर ले। इसके बाद उसने अपने पीहर के एरिया के रहने वाले युवक को अपने साथ शामिल करते हुए बेटे का किडनैप किया। वह गांवों के रास्ते के जरिए 10 साल के बच्चे को उदयपुर लेकर जाना चाहती थी। लेकिन राजसमंद के भीम एरिया में ही दोनों आरोपियों को पकड़ते हुए बच्चे को दस्तयाब कर लिया गया।
छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र में सोमवार दोपहर चंबल एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा हरपालपुर रेलवे स्टेशन के पास हुआ। मृतक का शव कई टुकड़ों में बंट गया। घटना दोपहर करीब 2 बजे हरपालपुर रेलवे स्टेशन से महोबा की ओर बरेंडा बुजुर्ग गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार चंबल एक्सप्रेस की चपेट में आने से व्यक्ति के शरीर के कई हिस्से अलग-अलग जगहों पर बिखर गए। घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। महोबकंठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, पोल संख्या 1216/3 के पास करीब 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति के ट्रेन से कटने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने घटनास्थल से शव के टुकड़ों को एकत्रित किया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए महोबा जिला अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है और उसकी पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है और गुमशुदगी के मामलों से भी मिलान किया जाएगा, ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित हो सके।
बांसवाड़ा जिले के घाटोल कस्बे में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक स्थित एक ज्वेलरी शॉप को अपना निशाना बनाया। पुलिस चौकी से महज 40 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान से दिनदहाड़े करीब 9 तोला सोना चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी गए जेवरात की बाजार कीमत करीब साढ़े 13 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। पीड़ित दुकानदार दरवेश कुमार तेजपाल मुंगानिया ने बताया कि एक युवक ग्राहक बनकर उनकी दुकान पर आया था। आरोपी ने सोने के जेवरात देखने के बहाने दुकानदार को अपनी बातों में उलझा लिया। शातिर युवक ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि दुकानदार को जेवरात गायब होने का पता ही नहीं चला। युवक के जाने के कुछ देर बाद जब दरवेश कुमार ने स्टॉक संभाला, तब उन्हें चोरी का अहसास हुआ। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी की संदिग्ध हरकतें कैद हुई हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद घाटोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। पुलिस चौकी के इतने करीब हुई इस वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि अगर पुलिस की नाक के नीचे ऐसी घटनाएं होंगी, तो सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए। घाटोल थानाधिकारी रमेश पन्नू ने बताया कि दुकानदार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी के हुलिए का मिलान किया जा रहा है और उसकी पहचान के लिए आसपास के इलाकों में भी सूचना दी गई है। पुलिस की एक टीम आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। दावा किया जा रहा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के मैदान पर नॉर्थ जोन पुरुष खो-खो चैम्पियनशिप का रोमांच शुरू हो गया है। प्रतियोगिता के पहले दिन अलग-अलग अदालतों में हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पहले दिन हरियाणा और पंजाब की टीमों का दबदबा रहा, वहीं मेरठ और इलाहाबाद के बीच हुए मुकाबले ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। अमित का शानदार प्रदर्शन, जींद ने मीरपुर को चटाई धूल दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला आईजी विश्वविद्यालय, मीरपुर और सीआरएस विश्वविद्यालय, जींद के बीच खेला गया। कोर्ट नंबर-2 पर हुए इस मैच में जींद की टीम ने एकतरफा खेल दिखाते हुए मीरपुर को 34-10 के बड़े अंतर से हरा दिया। जींद के खिलाड़ी अमित मैच के हीरो रहे। उन्होंने न केवल 2 मिनट 40 सेकंड तक शानदार डिफेंस किया, बल्कि अपनी टीम के लिए 6 महत्वपूर्ण अंक भी जुटाए। 24 अंकों की इस जीत ने टूर्नामेंट में जींद की मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। मेरठ ने जम्मू को हराया, इलाहाबाद को मिली शिकस्त दिन के आखिरी मुकाबले में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ और जम्मू विश्वविद्यालय के बीच भिड़ंत हुई। मेरठ की टीम ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी और जम्मू को 41-26 से करारी मात दी। 15 अंकों की इस बड़ी जीत के साथ मेरठ अगले दौर में पहुंच गया है। वहीं, एक अन्य कड़े मुकाबले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की टीम को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से हार का सामना करना पड़ा। हिमाचल ने यह मैच 24-19 के स्कोर से 5 अंकों से अपने नाम किया। चंडीगढ़ और चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी ने भी मारी बाजी कोर्ट नंबर-1 पर हुए मुकाबले में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ ने शाकुम्भरी विश्वविद्यालय सहारनपुर को 48-38 के स्कोर से हराया। दोनों टीमों के बीच काफी संघर्ष देखा गया, लेकिन अंत में चंडीगढ़ की टीम 10 अंकों से बाजी मार ले गई। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी और चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के मैच में देवी लाल यूनिवर्सिटी ने बेहतर तालमेल दिखाते हुए 32-20 के स्कोर से 12 अंकों की जीत हासिल की।

