‘योगी पथ : बेमिसाल’ परिचर्चा में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना
नई दिल्ली, 5 सितंबर : उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर ‘योगी पथ : बेमिसाल’ परिचर्चा श्रृंखला के तहत शुक्रवार को ‘उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था’ विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में वक्ताओं ने प्रदेश में अपराध के प्रति योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को कानून-व्यवस्था में सुधार का महत्वपूर्ण आधार बताया। चर्चा के दौरान सरकार की नीतियों और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली की मुख्य रूप से सराहना की गई।कार्यक्रम का संयोजन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली की प्रो. पूनम कुमारी ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सूर्य कुमार शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड प्रतिमा लाकड़ा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखे, जबकि कमर्शियल टेक्निकल कंसल्टेंसी एलएलपी, मुंबई के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार अखौरी वक्ता के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संचालक डॉ. शशि शर्मा ने स्वागत वक्तव्य दिया। इसके बाद वक्तागण से प्रो. पूनम कुमारी ने परिचय करवाते हुए संक्षेप में कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य व पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की समृद्धि यात्रा प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण मसलन स्वयं सहायता समूह, स्वरोज़गार और कानून व्यवस्था में सुधार का विशेष रूप से उल्लेख किया।परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अपराध पर नियंत्रण, पुलिस की सक्रियता और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई को प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में आए बदलाव से जोड़कर देखा गया। वक्ताओं ने विशेष रूप से सरकार की अपराध के प्रति ज़ीरो-टॉलरेन्स की नीति को रेखांकित किया।पूर्व डीजीपी सूर्य कुमार शुक्ल ने कानून-व्यवस्था के संदर्भ में पुलिस की भूमिका और प्रशासनिक इच्छाशक्ति को महत्वपूर्ण बताया। पूर्व की सरकारों में उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर राजनीतिक दबाव को भी स्पष्ट किया। इसके उलट योगी जी के नेतृत्व में कानून के राज़ पर प्रकाश डालते हुए बुलडोजर संस्कृति को लेकर फैलाए गए अफ़वाहों को भी उन्होंने दूर किया। योगी जी के साफ़ नियत और सही विकास पर भी प्रकाश डाला। अपने वक्तव्य में उन्होंने माफिया राज, आपरेशन रोमियो का भी उल्लेख किया। साथ ही, सुशासन के आर्थिक प्रभाव को ODOP, MSME आदि महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से समझाया। उन्होंने बतौर DGP अपने कार्यानुभव के आधार पर मुख्यमंत्री योगी जी को 'बेस्ट पुलिस अफसर' कहा।वहीं प्रतिमा लकड़ा ने कानून और न्याय व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में अपनाए जा रहे सख्त रुख पर चर्चा की। गुड गवर्नेंस, लॉ एंड आर्डर के माध्यम से महिला सुरक्षा पर उन्होंने विशेष प्रकाश डाला।सौरभ अखौरी जी ने अपना वक्तव्य 5 स्तंभों - आकंड़ों की गवाही, माफ़िया, ऑपरेशन कनविक्शन, महिला सुरक्षा मिशन शक्ति, पुलिस बल का पुनर्निर्माण और तकनीकी छलांग के माध्यम से दिया। इस दौरान उन्होंने NCRB एवं अन्य संस्थाओं के आंकड़ों का भी खूब संदर्भ दिया। उन्होंने भी सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को सकारात्मक बताया।परिचर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरकर सामने आई कि कानून का प्रभावी अनुपालन और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किसी भी राज्य में सुशासन की महत्वपूर्ण शर्त है। वक्ताओं के विचारों में प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी नीतियों के प्रति व्यापक समर्थन दिखाई दिया। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कानून-व्यवस्था में सुधार का सीधा प्रभाव निवेश, विकास और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना पर पड़ता है।परिचर्चा का आयोजन प्रदेश की कानून-व्यवस्था में हुए बदलावों और सरकार की नीतियों पर विमर्श के उद्देश्य से किया गया था। धीरज सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।ऑनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी के साथ जेएनयू, बीएचयू एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी, आज के मौसम पर IMD का ताजा अपडेट
दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन भी बारिश जारी है, जिससे कई इलाकों में जलभराव हुआ। मौसम विभाग ने रविवार को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।
देश भर के करोड़ों राशन कार्डधारकों और गरीब परिवारों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लागू किया है। अब तक की व्यवस्था में परिवार के मुख्य कार्डधारक (मुखिया) की आकस्मिक मृत्यु हो जाने की दशा में राशन कार्ड को निरस्त (Cancel) मान लिया जाता था या कोटेदार द्वारा राशन वितरण रोक दिया जाता था। इसके बाद आश्रित परिजनों को नया राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, तहसील और जनसेवा केंद्रों के महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे कई बार पात्र परिवारों का महीनों तक मुफ्त व सस्ता राशन बंद हो जाता था।खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के खाद्य रसद विभागों ने इस जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नए नियमों के तहत परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसी पुराने राशन कार्ड नंबर पर परिवार के अन्य पात्र सदस्य का नाम बतौर 'नया मुखिया' (New Head of Family) दर्ज कर दिया जाएगा। इससे परिवार की यूनिट संख्या सुरक्षित रहेगी और राशन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति में एक दिन का भी व्यवधान नहीं आएगा।किसे मिलेगा नया मुखिया बनने का अधिकार? राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) का महिला सशक्तिकरण नियमराशन कार्ड में नए मुखिया का चयन मनमाने ढंग से नहीं होता, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013) के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं:परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को पहली प्राथमिकता: खाद्य सुरक्षा कानून के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राशन कार्ड में परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ही मुखिया बनाया जाता है। यदि मृत मुखिया पहले से महिला थीं, तो उनके बाद परिवार की दूसरी वरिष्ठतम महिला सदस्य (जैसे बहू, बेटी या बहन) स्वतः मुखिया पद के लिए पात्र होंगी।यदि परिवार में कोई वयस्क महिला न हो: यदि मृतक के परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई महिला सदस्य मौजूद नहीं है, तो परिवार के सबसे वरिष्ठ पुरुष सदस्य को नया मुखिया बनाया जाएगा।महिला सदस्य के वयस्क होने पर स्वतः बदलाव: यदि वर्तमान में परिवार में केवल नाबालिग बेटियां या बच्चे हैं, तो उस स्थिति में जब तक सबसे बड़ी कन्या 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेती, तब तक किसी वयस्क पुरुष अभिभावक के नाम पर कार्ड संचालित होगा और 18 वर्ष पूरे होते ही मुखिया का अधिकार स्वतः उस युवती के नाम स्थानांतरित करने का विकल्प मिलेगा।सदस्य का नाम पहले से कार्ड में दर्ज होना अनिवार्य: नया मुखिया बनने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि उस व्यक्ति का नाम पहले से उसी राशन कार्ड की परिवार सूची (Family Unit List) में सक्रिय सदस्य के रूप में दर्ज होना चाहिए।राशन कार्ड में मुखिया का नाम ट्रांसफर कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Checklist)खाद्य विभाग के पोर्टल पर नाम ट्रांसफर की अर्जी देने से पहले आवेदक को निम्नलिखित वैध दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखनी होंगी:मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): मृत मुखिया का नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (मूल एवं स्व-प्रमाणित कॉपी)।मूल राशन कार्ड: मौजूदा राशन कार्ड की छायाप्रति जिसमें सभी पारिवारिक यूनिट्स का विवरण हो।प्रस्तावित नए मुखिया का आधार कार्ड: नया मुखिया बनने वाले सदस्य का आधार कार्ड (जिसमें नाम, जन्मतिथि और पता सही हो)।आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर: आवेदन सत्यापन और ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन के लिए चालू मोबाइल नंबर।बैंक पासबुक की कॉपी: नए मुखिया के नाम पर सक्रिय राष्ट्रीयकृत या ग्रामीण बैंक खाते की पासबुक का पहला पन्ना या कैंसिल्ड चेक (डीबीटी और सब्सिडी के लिए)।पारिवारिक सहमति पत्र / स्व-घोषणा: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान/सचिव या शहरी क्षेत्रों में सभासद/वार्ड पार्षद द्वारा सत्यापित पारिवारिक सहमति प्रपत्र।घर बैठे ऑनलाइन कैसे करें नाम ट्रांसफर? स्टेप-बाय-स्टेप पूरी डिजिटल प्रक्रियाडिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा पोर्टल्स के आधुनिकीकरण के चलते अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए fcs.up.gov.in, बिहार के लिए epds.bihar.gov.in, या राष्ट्रीय पोर्टल nfsa.gov.in) पर जाएं।सिटिजन कॉर्नर में लॉगिन करें: पोर्टल पर दिए गए 'राशन कार्ड संशोधन / नागरिक सेवाएं' (Citizen Services) विकल्प पर क्लिक करें और अपने राशन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।'मुखिया परिवर्तन / संशोधन' विकल्प चुनें: डैशबोर्ड पर आपको 'राशन कार्ड में संशोधन' या 'मृतक मुखिया के स्थान पर नए मुखिया का चयन' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।मृतक का विवरण और कारण भरें: मृत मुखिया का नाम चुनकर 'मृत्यु' (Death) का कारण सेलेक्ट करें और नगर निकाय/पंचायत द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की क्रम संख्या व तारीख दर्ज कर उसकी स्कैन कॉपी अपलोड करें।नए मुखिया का चयन और विवरण अपडेट: परिवार के मौजूदा सदस्यों की सूची में से उस वरिष्ठ महिला या सदस्य को चुनें जिसे नया मुखिया बनाना है। इसके बाद नए मुखिया का बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और आधार विवरण सत्यापित करें।ओटीपी से फाइनल सबमिट: नए मुखिया के आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।रसीद सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होते ही एक 12 या 14 अंकों का 'आवेदन संदर्भ संख्या' (Application Reference Number) जनरेट होगा, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें ताकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक किया जा सके।ऑफलाइन प्रक्रिया: तहसील या पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) कार्यालय से ऐसे कराएं कामयदि किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है या ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी अड़चन आ रही है, तो ऑफलाइन माध्यम से भी यह कार्य आसानी से कराया जा सकता है:आवेदक अपने क्षेत्र के उचित दर विक्रेता (राशन डीलर) अथवा ब्लॉक/तहसील स्थित क्षेत्रीय खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय (ARO / Supply Office) से 'प्रपत्र-ख' (संशोधन आवेदन पत्र) प्राप्त करें।फॉर्म में मृत मुखिया का नाम, नए मुखिया का नाम और पारिवारिक सदस्यों का विवरण स्पष्ट अक्षरों में भरें।फॉर्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की कॉपी और नए मुखिया के आधार कार्ड व बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें।भरे हुए आवेदन पत्र को अपने नजदीकी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के कार्यालय में जमा कराएं और वहां से आधिकारिक प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त करें।पूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदन को अपने विभागीय पोर्टल पर दो कार्यदिवसों में ऑनलाइन दर्ज किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा स्थलीय सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी जाती है।समयसीमा और निस्तारण: कितने दिनों में बन जाता है नया कार्ड?खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा सेवा का अधिकार कानून के तहत इस संपूर्ण प्रक्रिया के लिए अधिकतम 15 से 21 कार्यदिवसों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) द्वारा रिपोर्ट का अनुमोदन किए जाने के 3 दिनों के भीतर नए मुखिया के नाम के साथ डिजिटल हस्ताक्षरित संशोधित राशन कार्ड सिस्टम में अपडेट हो जाता है।कार्डधारक अपने मोबाइल से ही 'मेरा राशन' (Mera Ration) मोबाइल ऐप या राज्य के पोर्टल से ई-राशन कार्ड की प्रति तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित राशन डीलर को सूचित कर उसी महीने से निर्बाध रूप से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है।मृतक का नाम न कटवाना पड़ सकता है भारी: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी चेतावनीकई मामलों में देखा जाता है कि परिवार के किसी सदस्य या मुखिया की मृत्यु हो जाने के बाद भी परिजन लंबे समय तक विभाग को इसकी सूचना नहीं देते और मृतक के नाम पर मिलने वाले 5 किलो अतिरिक्त अनाज या अंत्योदय कोटे का लाभ उठाते रहते हैं।खाद्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी मृत व्यक्ति के नाम पर सस्ता या मुफ्त खाद्यान्न उठाना आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर के तहत एक संज्ञेय और गैर-कानूनी अपराध है। आधार बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान यदि किसी मृतक के नाम पर खाद्यान्न आहरण का मामला पकड़ा जाता है, तो:राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।मृत्यु की तारीख से लेकर अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की बाजार दर (Market Price) पर चक्रवृद्धिय वसूली की जाएगी।दोषी परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।इसलिए परिवार के मुखिया या किसी भी सदस्य की मृत्यु होने पर परिजनों को चाहिए कि वे 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड कर नाम कटवाने या मुखिया ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों का वैध हक बिना किसी रुकावट के सुरक्षित रहे।
अलवर में शनिवार को हुई अच्छी बारिश के बाद रविवार को अलवर का मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह अरावली की पहाड़ियों पर बादल नीचे तक उतर आए, जिससे शहर से पहाड़ियों का नजारा आकर्षक दिखाई दिया। जिले में कई जगह बादल छाए हुए हैं, जबकि कुछ इलाकों में मौसम खुला भी नजर आया। शनिवार की बारिश के बाद जयसमंद बांध में इस सीजन पहली बार पानी की आवक हुई है। हालांकि अभी आवक कम है, लेकिन बांध में पानी पहुंचना राहत की बात है। आज भी बारिश के आसार: मौसम विभाग के 7 दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 6 सितंबर को अलवर में सामान्यत: बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। रविवार को न्यूनतम तापमान 24 और अधिकतम 34 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके बाद 7 से 9 सितंबर तक आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। 10 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 और 11 सितंबर को 36 डिग्री तक पहुंच सकता है। सामान्य से 7% कम बारिश: अलवर में अब तक 450.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 480.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। ऐसे में जिले में अब तक सामान्य से करीब 30.4 मिमी यानी 7% कम बारिश हुई है। शनिवार की बारिश और रविवार को संभावित बारिश से बारिश की कमी कुछ कम होने की उम्मीद है।
घर में घुसकर 22 साल की विवाहिता से रेप:विरोध करने पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी, FIR दर्ज
सीकर में 22 साल की विवाहिता के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपी ने रात के समय घर में घुसकर विवाहिता के साथ दरिंदगी की। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने विवाहिता को जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार 3 सितंबर की रात वह अपने कमरे में अकेली थी और बेड पर सो रही थी। अचानक जब उसकी आंख खुली तो एक युवक उसके पास खड़ा था। युवती ने बताया कि वह उसी गांव का रहने वाला है। युवती ने बताया कि वह कुछ बोल पाती उसके पहले ही आरोपी युवक ने उसका मुंह बंद कर दिया और उसके साथ रेप किया। महिला ने विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपी ने युवती को गांव में बदनाम करने की भी धमकी दी। बदनामी के डर से पहले तो महिला चुप रही, लेकिन पति के आने पर उसने आपबीती बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भीलवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन को लेकर सुवाणा-कोटा बाइपास पर खूनी संघर्ष करने वाले माफियाओं पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इस वारदात में शामिल 6 आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। यह था मामला सदर सीआई प्रहलाद सहाय ने बताया कि 19 अगस्त को सुवाणा-कोटा बाइपास स्थित पूर्व सरपंच अमित जाट के फार्म हाउस के सामने अवैध बजरी कारोबार से जुड़े दो गुट रंजिश के चलते आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों ने अपनी स्कॉर्पियो और बोलेरो कैंपर गाड़ियां आमने-सामने भिड़ा दीं।इसके बाद आरोपी हथियारों से लैस होकर मारपीट कर मौके से फरार हो गए थे। गाड़ी में मिले चाकू, लोहे के पाईप ओर हथियार सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से दो स्कॉर्पियो और एक कैंपर जब्त की थी। तलाशी में वाहनों के अंदर से हमले के लिए रखे गए लोहे व लकड़ी के बेसबॉल बैट, धारदार चाकू, लोहे के पाइप और रॉड बरामद हुए थे। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इनको किया गिरफ्तार पुलिस टीम ने दबिश देकर तीन आरोपियों राहुल शर्मा पुत्र मोतीलाल शर्मा, पंकज चौधरी पुत्र भंवर चौधरी और महेश सुथार पुत्र लादूलाल सुथार को गिरफ्तार किया।इस मामले में पहले ही सुवाणा निवासी सुनील पुत्र घनश्याम चौधरी, राधेश्याम पुत्र हीरालाल जाट और नई ईंरास निवासी नारायणलाल उर्फ मामा पुत्र देवबक्ष जाट सहित 6 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार गुर्गों की तलाश में जुटी है।
स्वच्छता के बाद अब स्वच्छ वायु के मामले में भी इंदौर ने देशभर में अपनी पहचान कायम रखी है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में इंदौर को देश के टॉप-3 शहरों में जगह मिली है। हालांकि आधिकारिक रैंकिंग की घोषणा 7 सितंबर को नई दिल्ली में होगी। सूत्रों के मुताबिक, इंदौर ने सर्वेक्षण में दूसरा स्थान हासिल किया है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में होने वाले स्वच्छ वायु दिवस समारोह में इंदौर को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महापौर और निगमायुक्त को आमंत्रित किया गया है। निगम अधिकारियों तक भी पुरस्कार संबंधी जानकारी पहुंच चुकी है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव परिणामों की औपचारिक घोषणा करेंगे। धूल से लेकर ई-वाहनों तक... इन प्रयासों का मिला फायदा नगर निगम के मुताबिक, शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया। इनमें सड़क की सफाई से लेकर निर्माण मलबे के वैज्ञानिक निपटान और सार्वजनिक परिवहन में ई-वाहनों को बढ़ावा देने जैसे प्रयास शामिल हैं। सड़कों की सफाई: धूल नियंत्रण के लिए स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया गया। ग्रीन बेल्ट: शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन बेल्ट विकसित किए गए। मलबे का वैज्ञानिक निपटान: निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान। रीसाइकिल-रीयूज: निर्माण मलबे के अधिकतम हिस्से को दोबारा उपयोग और रीसाइकिल करने के प्रयास किए गए। ई-वाहनों को बढ़ावा: सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया गया। 7 सितंबर को साफ होगी रैंकिंग की तस्वीर इंदौर के दूसरे स्थान पर रहने की जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई है। 7 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में आधिकारिक परिणाम जारी होने के बाद ही अंतिम रैंकिंग स्पष्ट होगी।
गोगा नवमी के चलते रविवार को इंदौर में सफाई मित्रों को अवकाश दिया गया। शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए महापौर, निगम कमिश्नर, एमआईसी सदस्य, पार्षद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि खुद सफाई करने उतरे। सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, एमआईसी सदस्य निरंजन सिंह चौहान गुड्डू, अश्विनी शुक्ल, पार्षद कमल वाघेला और रूपाली पेंढ़ारकर सहित कई संस्थाओं के लोग राजबाड़ा पहुंचे। सभी ने राजबाड़ा के बाहर और आसपास के क्षेत्र में झाड़ू लगाकर सफाई की। राजबाड़ा से शुरू हुआ अभियान वाल्मीकि समाज के आराध्य देव श्री वीर गोगा जी का गोगा नवमी पर्व 5 सितंबर को था। इसके चलते 6 सितंबर को सफाई मित्रों को अवकाश दिया गया, ताकि वे पर्व मना सकें। सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए शहर के अलग-अलग स्थानों पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, रहवासियों, सामाजिक संगठनों और निगम अधिकारियों ने सफाई की। ‘हम भी स्वच्छाग्रही’ अभियान चलाया महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि सफाई मित्रों के अवकाश के दौरान ‘हम भी स्वच्छाग्रही महा जनभागीदारी अभियान’ चलाया गया। इसके तहत जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों ने अपने-अपने जोन और वार्ड क्षेत्रों में संगठनों और रहवासियों के साथ मिलकर सफाई की। पहले ही दिए थे संसाधन के निर्देश महापौर और निगम कमिश्नर ने अभियान को लेकर विभागीय अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए थे। सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और संगठनों को अभियान में शामिल किया गया।
हरियाणा में धमकी मिलने वाले लोगों की सुरक्षा में तैनात करीब 700 पुलिसकर्मियों को वापस थाने और चौकियों में लगाने की मांग कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने की है। शर्मा का कहना है कि प्रदेश के कई थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की कमी है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है और उन्हें पुलिस से जुड़े काम करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और रंगदारी का डर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही है। रंगदारी से व्यापारी परेशाननीरज शर्मा ने कहा कि गैंगस्टरों की धमकियों और रंगदारी मांगने की घटनाओं से व्यापारी और उद्योगपति डर के माहौल में हैं। अगर कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा तो दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगपति हरियाणा में निवेश करने से भी पीछे हट सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधानसभा के जवाब का हवालापूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस की मुलाना विधायक पूजा द्वारा विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 85 के जवाब में सरकार के आंकड़ों से प्रदेश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की तस्वीर सामने आती है। उनके मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों ने पूर्व जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और आम लोगों को धमकियां दीं। कई मामलों में जान से मारने की धमकी तक दी गई। आरटीआई से जुटाई जानकारीनीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिस विभाग और पंचकुला पुलिस मुख्यालय से आरटीआई के जरिए धमकियों, सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मियों और उस पर हुए सरकारी खर्च की जानकारी मांगी थी। उनका आरोप है कि कई जिलों से अधूरी जानकारी दी गई। इससे उन्हें लगता है कि सरकार प्रदेश की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह सामने नहीं आने देना चाहती। जनता की सुरक्षा पर उठाया सवालशर्मा ने कहा कि जिन लोगों को वास्तव में खतरा है, उनकी सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रदेश के थानों और चौकियों को कमजोर नहीं किया जा सकता। करीब 700 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा ड्यूटी और दूसरी तरफ थानों में स्टाफ की कमी पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस बल की समीक्षा कर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए लगाया जाए।
कोरबा में शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, अनुशासन और समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान 8 शिक्षक गैरहाजिर मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सभी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा नहीं आता, इसलिए यही मेहनत करने का सही समय है। माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पढ़ाई करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, कड़ी मेहनत, मजबूत इरादा और लक्ष्य पर ध्यान सफलता की नींव हैं। 12वीं के बच्चों को दिए फिजिक्स के सवाल 12वीं साइंस के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने उन्हें फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। विद्यार्थी तय समय में सवाल हल नहीं कर सके। इस पर कलेक्टर ने शिक्षकों को पढ़ाई की व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षक उनके भविष्य का रास्ता दिखाते हैं, इसलिए उनकी बात मानें और अपनी समस्याओं व सवालों के जवाब शिक्षकों से पूछें। पानी, भोजन और रहने की समस्याएं बताईं विद्यार्थियों ने कलेक्टर को पानी, भोजन और रहने की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि इलाके में जलस्तर नीचे जाने के कारण बोरवेल खराब हो गए हैं। पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत कसेर को अन्य समस्याओं का भी जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। 8 शिक्षक मिले गैरहाजिर, नोटिस जारी करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान PGT/TGT शिक्षक दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा और अशोक गैरहाजिर मिले। कलेक्टर ने सभी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवासीय विद्यालय में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। NEET-JEE कोचिंग और फीस सहायता की दी जानकारी कलेक्टर ने विद्यार्थियों को NEET-JEE की आवासीय कोचिंग और आगे की पढ़ाई के लिए फीस सहायता की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। मोबाइल से दूरी, पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और लक्ष्य हासिल करने में लगाएं। मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने से वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
महराजगंज के खेम पिपरा नहर पुल चौराहे के पास पुल की सड़क टूटी हुई है और बारिश का पानी जमा रहता है। इससे राहगीरों को रोज आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेमपिपरा से जाने वाली सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। इस वजह से दोपहिया वाहन चलाने वालों और पैदल चलने वालों को निकलने में दिक्कत होती है। बारिश के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर पानी निकलने का सही इंतजाम नहीं है, जिसके कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। पानी और खराब सड़क की वजह से वाहन चालकों को बहुत संभलकर निकलना पड़ता है। रात के समय रोशनी की कमी से हादसे का डर और बढ़ जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल काफी पुराना हो चुका है और इसकी सड़क लगातार खराब होती जा रही है। कई बार इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाया गया है, लेकिन अब तक कोई पक्का हल नहीं निकला है। ग्रामीण गोरख मद्धेशिया, सुग्रीव, नाथ मद्धेशिया, बाबूराम और संतोष ने विभाग और प्रशासन से पुल का निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने टूटी हुई सड़क की मरम्मत कराने और पानी निकासी का सही इंतजाम करने को कहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचने के लिए पुल की स्थिति को देखते हुए जल्द कार्रवाई जरूरी है। साथ ही पुल को दोबारा बनाने पर भी विचार करने की मांग की गई है।
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को गिराए हुए 24 घंटे से अधिक का समय हो गया है। वहां पर अब सिर्फ मलबा बचा है। उसे हटाने का काम चल रहा है। मालवा हटाने के दौरान आज सुबह मस्जिद वाली जगह पर एक कुआं मिला है। गहराई 20 फीट और चौड़ाई डेढ़ मीटर है। मलबा हटाने के दौरान एक हैवी स्लैब मिला। इसे तोड़ने के लिए पोकलैंड मंगाई गई थी। लेकिन वह भी इसे तोड़ नहीं पाई। जिसके बाद से कटर मंगाकर स्लैब को काटा गया। स्लैब के टूटने के बाद इसके नीचे से यह कुआं मिला। अधिकारियों को इसके बारे में अवगत करा दिया गया है। ये कुआं कब बना है। कितना पुराना है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। माना जा रहा है कि प्रशासन आज ही एएसआई को इसके बारे में जानकारी देगा। जिसके बाद एएसआई की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंच सकती है। मस्जिद के चारों तरफ पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। पुलिस को बिठा रखा है। लोगों को वहां आने- जाने नहीं दिया जा रहा है। वहीं मस्जिद को गिराए जाने के बाद से स्थानीय लोगों में गुस्सा है। इसको लेकर सियासत भी अब शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज घटना वाली जगह जाएगा। वहां लोगों से बात करेगा और प्रशासन से मिलने भी जाएगा। सपा के डेलिगेशन के दौरे को देखते हुए पुलिस एक्टिव हो गई है। मेरठ से आज विधायक अतुल प्रधान सहारनपुर जाने वाले थे लेकिन नौचंदी पुलिस ने रात में ही उन्हें घर के अंदर हाउस अरेस्ट कर लिया। अब अब विस्तार से पूरा मामला पढ़िए सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को बुलडोजर से शनिवार को गिरा दिया गया। मस्जिद को गिराने की कार्रवाई तड़के 4 बजे शुरू हुई। जो रात करीब 9 बजे तक चली। प्रशासन का कहना था कि मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनी थी। इसे पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ हटाया गया। वहीं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद पक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी और कलेक्ट्रेट भवन से पहले से वहां मौजूद थी। उनका कहना है कि मस्जिद और कलेक्ट्रेट का खसरा नंबर एक ही है। ऐसे में सिर्फ मस्जिद को अवैध निर्माण कैसे माना गया? मुस्लिम पक्ष ने पुराने राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का हवाला देते हुए प्रशासन के दावे पर सवाल खड़े किए। उनका सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की टाइमिंग और कानूनी प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ऊपर की अदालत में जाने के लिए पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। आनन-फानन रात में 6 बुलडोजर मंगा लिए और गिराकर मलबा हटा लिया। उनका सवाल है कि जब मामला अदालत में चुनौती देने योग्य था, तो हाईकोर्ट जाने का मौका क्यों नहीं दिया गया? अब मुस्लिम पक्ष इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कह रहा है। मस्जिद पक्ष का दावा- 1911 या उससे पहले से बनी थी मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद कमेटी का दावा है कि मस्जिद करीब 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। उनका कहना है कि यह कलेक्ट्रेट की मौजूदा इमारत से पहले से वहां मौजूद थी। मस्जिद पक्ष की ओर से 1 जनवरी, 1911 का बिजली बिल भी पुराने रिकॉर्ड के तौर पर पेश किए जाने की बात कही गई। इसके अलावा मस्जिद को करीब 70 साल से सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज बताया गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी मस्जिद के 1911 से पहले का होने का दावा किया। उनका कहना है कि मस्जिद की मलकियत पुराने रिकॉर्ड में वहीद खान और याकूब खान के नाम बताई जाती है। सरकारी वकील बोले- मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी 1911 के बिजली बिल पर सवाल, प्रशासन बोला- तब सप्लाई ही नहीं थी मस्जिद पक्ष के पुराने बिजली बिल के दावे पर प्रशासन ने सवाल उठाए हैं। प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया कि सहारनपुर में बिजली की आपूर्ति करीब साल-1922 के आसपास शुरू हुई थी। ऐसे में 1911 के बिजली बिल की प्रामाणिकता पर सवाल खड़ा होता है। हालांकि, मस्जिद पक्ष का कहना है कि यह बिल सरकारी वेबसाइट से निकाला गया है। इसे पुराने रिकॉर्ड के रूप में अदालत के सामने रखा गया था। मस्जिद पक्ष ने जमीन के खसरा नंबर को लेकर भी सवाल उठाया है। मौलाना कारी इसहाक गोरा का दावा है कि मस्जिद और पूरा कलेक्ट्रेट परिसर एक ही खसरा नंबर में दर्ज है। मस्जिद पक्ष का सवाल है कि जब दोनों एक ही खसरा नंबर में दर्ज हैं, तो केवल मस्जिद को अवैध निर्माण कैसे माना गया। उनका कहना है कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए थी। मुस्लिम पक्ष का दावा- 1926 के राजस्व रिकॉर्ड में कलेक्ट्रेट कब्जेदार है मस्जिद की ओर से पैरवी कर रहे वकील बाबर वसीम के मुताबिक, मस्जिद पक्ष ने साल-1926 फसली का खेवट रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किया था। इसमें याकूब खान को जमीन का मालिक और कलेक्ट्रेट को कब्जेदार के रूप में दर्ज बताया गया है। वकील के मुताबिक, उस समय कुल जमीन करीब 24 बीघा थी। इसमें वर्तमान कलेक्ट्रेट परिसर का हिस्सा भी शामिल था। करीब 8 बीघा जमीन में कलेक्ट्रेट की इमारत और परिसर बताया गया, जबकि बाकी करीब 16 बीघा में कोठयार्ड और मस्जिद का क्षेत्र बताया गया। मस्जिद पक्ष का दावा है कि इस रिकॉर्ड में कलेक्ट्रेट को मालिक नहीं, बल्कि कब्जेदार बताया गया था। किराए की रसीद और 1995 का एग्रीमेंट भी सामने रखा वकील बाबर वसीम के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद डाकघर की ओर से मस्जिद के लिए किराया दिए जाने का रिकॉर्ड भी रहा है। उनका कहना है कि पहले डाकघर की ओर से 500 रुपए प्रतिमाह किराया दिया जाता था। वर्ष 1995 में एग्रीमेंट के बाद यह किराया बढ़ाकर 1,500 रुपए प्रतिमाह किया गया। हालांकि 1995 से पहले दिए गए किराए की रसीदें रिकॉर्ड में पेश नहीं की गई थीं। मस्जिद पक्ष का तर्क है कि यदि निर्माण पूरी तरह अवैध था तो इतने लंबे समय तक किराए और अन्य सरकारी रिकॉर्ड का अस्तित्व भी जांच का विषय होना चाहिए था। मस्जिद पक्ष का कहना है कि वर्ष 1962 में नगरपालिका के गठन के बाद से मस्जिद पर नगरपालिका टैक्स लगाया जाता रहा और उसका भुगतान भी किया गया। नगरपालिका से जुड़े दस्तावेज भी अदालत के सामने रखे गए थे, लेकिन मस्जिद पक्ष का आरोप है कि इन्हें साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड पर स्वीकार नहीं किया गया। मस्जिद पक्ष का एक और महत्वपूर्ण दावा वक्फ रिकॉर्ड को लेकर है। वकील बाबर वसीम के अनुसार, मस्जिद की संपत्ति वर्ष 1955 से वक्फ बोर्ड में दर्ज है और उसे बाकायदा वक्फ नंबर भी मिला हुआ है। मस्जिद के मुतव्वली तनवीर की ओर से मामले में शपथ पत्र दिए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा पांच अन्य गवाहों ने भी अपने-अपने शपथ पत्र दिए थे। वकील बाबर वसीम का आरोप है कि इन गवाहों की विधिवत गवाही नहीं कराई गई। 10 फरवरी, 2025 को बजरंग दल के पदाधिकारी की शिकायत से विवाद कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद 3300 स्क्वायर फीट में बनी हुई थी। दो मंजिला मस्जिद में 2 बड़े हॉल समेत 5 कमरे थे। ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा हॉल और दो कमरे थे। पहली मंजिल पर हॉल के साथ एक बड़ा कमरा था। कमरे में डाकघर चलता था। 10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए डीएम से शिकायत की थी। मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से किराया वसूले जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद डीएम ने मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। जांच में मस्जिद अवैध पाई गई। 16 जुलाई 2026 को नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध माना 24 मार्च, 2025 को प्रशासन ने नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दायर की। 16 जुलाई, 2026 को कोर्ट ने मस्जिद को अवैध माना और उसे हटाने के साथ 6.41 करोड़ रुपए की हर्जाना वसूलने का आदेश दिया। कब्जेदारों को 30 दिन का समय दिया। 20 जुलाई को मस्जिद पक्ष ने मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की। 24 जुलाई को जिला कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के फैसले पर स्टे देते हुए सुनवाई आगे बढ़ाई। 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के ध्वस्तीकरण के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। मामले को लेकर इलाके में चर्चाएं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। प्रशासन ने किसी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। रात में घेराबंदी, नेताओं को हाउस अरेस्ट किया, तड़के 6 बुलडोजर चले 4 सितंबर की रात करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। मस्जिद के आसपास भी करीब 300 पुलिस, पीएसी के जवान तैनात किए गए। इसके बाद शनिवार, 5 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। मौके पर करीब 6 बुलडोजर लगाए गए। करीब 16 घंटे की प्रक्रिया के बाद पूरी मस्जिद ढहाकर मलबा बाहर फेंक दिया गया। इस कार्रवाई में करीब 200 जवानों को लगाया गया। बॉर्डर तक भी सील किए गए। जिससे कोई बाहर से विपक्ष का नेता ना आ सके। वहीं, विपक्ष के लोकल नेताओं को रात को ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। मुस्लिम पक्ष अब हाईकोर्ट जाएगा कलेक्ट्रेट की मस्जिद अब जमींदोज हो चुकी है, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ है। मस्जिद पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता बाबर वसीम ने बताया कि इस संबंध में मस्जिद पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जाएगी। निचली अदालत के सामने पेश किए गए दस्तावेजों और सबूतों को रिकॉर्ड पर लिए जाने की अपील की जाएगी। मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कॉलेज छात्रों के लिए बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की तारीख बढ़ी, अब इस डेट तक भर सकेंगे फॉर्म
मध्य प्रदेश में कॉलेज विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है। प्रवेशित विद्यार्थी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगे।
दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान ने कड़कड़डूमा कोर्ट से वापस ली अंतरिम जमानत अर्जी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान ने कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल अपनी तीन दिन की अंतरिम जमानत अर्जी वापस ले ली है। उसने चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर यह जमानत मांगी थी।
अमरोहा में एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट ने छह मामलों में कुल 3.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल होने पर की गई है। खाद्य विभाग ने पिछले महीने मिश्रित दूध, मावा, साबूदाना, पनीर और छेना के नमूने जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट आने के बाद इन मामलों की सुनवाई एडीएम कोर्ट में हुई। इन मामलों में मऊमयचक के जुबैर पर मावा में मिलावट मिलने पर सबसे ज्यादा दो लाख रुपये का जुर्माना लगा है। जुर्माना जमा न करने पर आरसी की कार्रवाई की जाएगी। सहायता आयुक्त खाद्य विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में 6 सैंपल फेल हो गए थे। संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में केस दायर किया गया था। उन्होंने बताया कि छेना रसगुल्ला, पनीर, मिश्रित दूध, मावा और साबूदाने के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए आगे भी छापे की कार्रवाई जारी रहेगी। इस जुर्माने में से 25 हजार रुपये जमा किए जा चुके हैं। पिछले महीने के आदेश के अनुसार, इस महीने 2.40 लाख रुपये का जुर्माना जमा किया गया। इस तरह इस महीने कुल 2.65 लाख रुपये का जुर्माना जमा हुआ है।
गाजियाबाद सुबह से घने बादल छाए:बारिश के चलते तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, आज भी बारिश का अलर्ट
गाजियाबाद में सुबह से बारिश जैसा मौसम है और बादल छाए हुए हैं। आज तड़के भी हल्की बूंदाबांदी हुई।तापमान गिरने से उमस भरी गर्मी से राहत है। दिनभर बारिश जैसा मौसम रहेगा, सुबह न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इससे पहले गाजियाबाद में 4 सितंबर की रात झमाझम बारिश हुई थी। हवा सामान्य गति से बह रही गाजियाबाद में आज दिन में हवा भी सामान्य गति से बह रही है। आज फिर मौसम बदलने का अनुमान जताया गया है। इससे पहले शनिवार को बारिश हुई, जिससे कुछ समय मौसम में नमी रही, लेकिन उसके बाद उमस बढ़ गई। 4 सितंबर को 18 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। सितंबर माह में शुरुआत में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार एनसीआर और वेस्ट यूपी में सितंबर माह के आखिरी वीक तक ही मानसूनी बारिश का दौर रहता है। इस समय पहला वीक चल रहा है। जहां 20 दिन ही मानसूनी बारिश की संभावना है। हालांकि अक्टूबर माह के शुरुआत में भी कई बार बारिश हो जाती है गाजियाबाद में अगस्त के दौरान बारिश का दौर अच्छा रहा। महीने की शुरुआत से ही कई दिनों तक मौसम बदला रहा। जहां 28 अगस्त तक लगातार बारिश जैसा मौसम रहा। इससे पहले गाजियाबाद में जुलाई महीने में कुल 196 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अगस्त माह में 112 MM बारिश हुई।
धार में मानसून कमजोर:पिछले साल से 17.79 इंच कम बारिश, खेतों से नदी-नालों तक पानी की कमी
धार शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हुआ है। 6 सितंबर तक पिछले साल 2025 में जहां 40.11 इंच बारिश दर्ज हुई थी, वहीं 2026 में इसी अवधि तक सिर्फ 22.32 इंच बारिश हुई है। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस बार 17.79 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। अब तक तेज बारिश का दौर नहीं आया मानसून सीजन में धार शहर में अब तक एक बार भी तेज बारिश का दौर नहीं आया है। पिछले तीन-चार दिनों से आसमान में हल्के बादल छाए हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो रही है, लेकिन तेज बारिश का इंतजार बना हुआ है। खेतों से नदी-नालों तक असर बारिश की कमी का असर खेतों के साथ नदी-नालों और जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले साल सितंबर की शुरुआत तक अच्छी बारिश होने से जलस्रोतों में पर्याप्त पानी पहुंच गया था, लेकिन इस बार कई जगह पानी का स्तर सामान्य से नीचे है। फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसान चिंतित कम बारिश के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसान लगातार अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश की कमी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। जलस्रोतों में पानी की आवक कम शहर और ग्रामीण इलाकों के नदी-नाले अभी पूरी तरह नहीं भरे हैं। मौसम में बदलाव और बूंदाबांदी के बावजूद तेज बारिश नहीं होने से जलस्रोतों में पानी की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं हो सकी है। पिछले साल की तुलना में बारिश अब तेज बारिश का इंतजार पिछले साल सितंबर की शुरुआत तक कई बार तेज बारिश हुई थी, जिससे धार के खेतों और जलस्रोतों में पर्याप्त पानी पहुंचा था। इस बार अभी तक ऐसे हालात नहीं बने हैं। लोगों को उम्मीद है कि मानसून जल्द सक्रिय होगा और धार सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू होगा।
एटा के जलेसर थाना क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों को लाठी-डंडों से पीटा गया। आरोपी घर में घुस आए थे। इस मारपीट में पांच लोग घायल हो गए। खून से लथपथ घायल जलेसर कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया है। उसका इलाज आगरा में चल रहा है। घायलों में शिवकुमार (25, पुत्र श्रीनिवास), रामजीत (50, पुत्र अतर सिंह), राजकुमार (46, पुत्र अतर सिंह), श्रीनिवास (62, पुत्र अतर सिंह) और भानु (21, पुत्र रामवीर) शामिल हैं। राजकुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज आगरा में चल रहा है। इस मामले में मनोज (पुत्र रामवीर), सचिन (पुत्र रामवीर), सौरभ (पुत्र गोपाल), पवन (पुत्र गोपाल), रवि (पुत्र सुनहरी लाल), चंद्रपाल (पुत्र सुनहरी लाल), संदीप (पुत्र महेश), महेश (पुत्र रामप्रकाश) और इशू (पुत्र रामनिवास) पर मारपीट का आरोप लगा है। घायल श्रीनिवास ने बताया कि वे लोग अपने घर पर मौजूद थे। तभी आरोपी आए और उन्हें पीटने लगे, जिससे उन्हें चोटें आईं। घायल शिवकुमार ने बताया कि एक दिन पहले कुछ परिवार के लोगों से उनका विवाद हुआ था। आरोपी पक्ष के लोग आए और लाठी-डंडों से उनके पांच लोगों को पीटा।
दुमोदा गांव में दूसरा लेपर्ड भी पकड़ा:वन विभाग के पिंजरे में हुआ कैद; तीन साल के बालक की हुई थी मौत
रणथंभौर टाईगर रिजर्व की पेरीफ़ेरी वाले इलाके से सटे गांवों की आबादी क्षेत्र में लगातार लेपर्ड का मूवमेंट बना हुआ है। जिसके चलते रणथंभौर प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी एंव रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा दुमोदा गांव में लगाये गए पिंजरे में बीती रात एक और लेपर्ड पिंजरे में कैद हो गया। जिसे हेल्थ चेकअप के बाद रणथंभौर के दुरस्त इलाके के जंगलों में छोड़ दिया गया। लेपर्ड के हमले में तीन साल के बालक की हुई थी मौत गौरतलब है कि पिछले माह इसी दुमोदा गांव में एक लेपर्ड के हमले में घर के आंगन में परिजनों के बीच खेल रहे एक तीन साल के बालक की मौत हो गई थी। लेपर्ड के हमले से बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग द्वारा इलाके में लगातार निगरानी ओर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग द्वारा दुमोदा से एक लेपर्ड और एक भालू को रेस्क्यू किया गया था और अब एक बार फिर एक लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग कर रहा है लगातार मॉनिटरिंग रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बालक की मौत की घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी एवं अथक प्रयास किए जा रहे थे। इससे पूर्व भी इसी क्षेत्र से एक लेपर्ड पकड़ा जा चुका था। हालांकि, क्षेत्र में एक अन्य लेपर्ड की मौजूदगी के प्रमाण लगातार मिल रहे थे। जिसे देखते हुए वन विभाग द्वारा लेपर्ड की गतिविधियों के आधार पर निगरानी एवं रेस्क्यू प्रयास जारी रखे गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप बीती रात दूसरे लेपर्ड को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया। डीएफओ ने बताया कि दुमोदा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगातार कैमरा ट्रैप, केज ट्रैप एवं नियमित गश्त के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवायोजन, अभिलेख संधारण और भुगतान में अनियमितताओं के मामले में फार्मासिस्ट ग्रेड-दो विकास यादव को निलंबित कर दिया है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को गोरखपुर में आयोजित समारोह में रामपुर की प्रधानाध्यापिका वेलेंटिना विक्टर को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया। सम्मान समारोह गोरखपुर के बाबा नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहमदनगर जागीर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत वेलेंटिना विक्टर ने विद्यालय में शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के साथ ही छात्र नामांकन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए। उनके विद्यालय का छात्र नामांकन कार्यभार ग्रहण करने के समय 72 था, जो उनके प्रयासों से बढ़कर अब 165 पहुंच गया है। विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं आकर्षक शैक्षिक वातावरण तथा अभिभावकों से बेहतर समन्वय के लिए भी उनके प्रयासों की सराहना की जाती रही है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पूर्व में भी कई पुरस्कार एवं सम्मान मिल चुके हैं। इनमें शिक्षक सम्मान, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 और रामपुर के रत्न सम्मान प्रमुख हैं। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किए जाने से रामपुर के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों ने वेलेंटिना विक्टर को बधाई देते हुए इसे जनपद रामपुर के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
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खंडवा जिले की पंधाना विधानसभा क्षेत्र की विधायक छाया मोरे को राष्ट्रीय महिला आयोग ने दो दिनी क्षमता संवर्धन कार्यशाला में आमंत्रित किया है। देशभर की चुनिंदा महिला विधायकों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में छाया निमाड़ के अलावा आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं से जुड़े मुद्दों और जमीनी अनुभवों को राष्ट्रीय मंच पर रखेंगी। बता दें कि भारत सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से 7 और 8 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद स्थित ताज सूरजकुंड रिजॉर्ट में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का विषय ‘जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस’ यानी लैंगिक संवेदनशील और समावेशी शासन है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में विधायक छाया मोरे को कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। महिला नेतृत्व से लेकर नीति निर्माण तक होगी चर्चादो दिवसीय कार्यशाला में देश के अलग-अलग राज्यों से चुनी गई महिला विधायकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के साथ उन्हें विधायी कार्यप्रणाली और प्रभावी शासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के दौरान जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस, नीति निर्माण, विधायी प्रक्रिया, प्रभावी संवाद, वार्ता कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और समावेशी सोच जैसे विषयों पर चर्चा होगी। महिला विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और अनुभवों को भी साझा करेंगी। पंधाना के आदिवासी क्षेत्र के मुद्दों को मिलेगा राष्ट्रीय मंचछाया मोरे पंधाना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में उनकी सहभागिता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि कार्यशाला के मंच से आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं की जमीनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलेगा। पंधाना और निमाड़ क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, रोजगार, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता, सरकारी योजनाओं का लाभ, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सशक्तीकरण जैसे मुद्दे राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने पर भी रहेगा जोरजेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस का उद्देश्य शासन और नीति निर्माण में महिलाओं की जरूरतों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पंधाना क्षेत्र के जमीनी अनुभवों के आधार पर यह भी चर्चा का विषय बन सकता है कि महिलाओं के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं को ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में अधिक प्रभावी तरीके से कैसे लागू किया जाए। खास बात यह है कि कार्यशाला में अलग-अलग राज्यों की महिला जन-प्रतिनिधियों के अनुभवों से सीखने और अपने क्षेत्र की चुनौतियों को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका इलाके के रावली गांव में दिल्ली-अलवर रोड पर एक किरयाना की दुकान के बाहर दुकानदार का शव मिला है। रविवार सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे, तो इदरीश मृत पाए गए। मृत दुकानदार के शरीर पर चोट के निशान और कान के पास गहरा जख्म मिला है, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक की पहचान 58 वर्षीय इदरीश कुरैशी पुत्र जुम्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि इदरीश हर रोज दुकान बंद करने के बाद बाहर बने टीन शेड के नीचे ही सोते थे। शनिवार रात भी वे हमेशा की तरह वहीं सो रहा था। रविवार की सुबह जब परिवार के लोग नमाज के लिए इदरीश को जगाने पहुंचे, तो इदरीश ने कोई जवाब नहीं दिया। पहले तो परिजनों ने सोचा कि वे सो रहे हैं, लेकिन कई बार आवाज देने पर भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो पास जाकर देखा। इदरीश मृत पड़े थे। कान के पास गहरा जख्म देखकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी सुभाष चंद्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फिरोजपुर झिरका के डीएसपी हरदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही है। फिलहाल इदरीश का शव दुकान के बाहर ही रखा हुआ है। पुलिस घटनास्थल की जांच के साथ-साथ आसपास के इलाके और हालात की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इदरीश की मौत हत्या है या किसी और वजह से हुई है।
गुना में अमेजन के ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म की रिफंड प्रक्रिया और डिलीवरी सिस्टम के लूप होल का फायदा उठाकर 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गुना के ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला शेखर मीना फर्जी नाम और मोबाइल नंबरों से कई यूजर आईडी बनाकर महंगे मोबाइल ऑर्डर करता था। इसके बाद एक ही मोबाइल की कीमत रिफंड के रूप में वापस लेने के साथ मोबाइल भी अपने कब्जे में रख लेता था। 65 हजार का मोबाइल 45 हजार में देने का दिया झांसा 31 अगस्त को एक व्यक्ति ने कैंट थाने में शिकायत की थी कि शेखर मीना ने अमेजन एप पर करीब 65 हजार रुपए कीमत का वनप्लस मोबाइल 45 हजार रुपए में देने का लालच दिया था। आरोपी ने एडवांस के रूप में 12 हजार रुपए भी ले लिए, लेकिन मोबाइल नहीं दिया और रकम भी वापस नहीं की। पूछताछ में 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने शेखर मीना को तलब कर पूछताछ की। पूछताछ में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ। आरोपी इस तरह करता था ठगी: आसपास के युवकों ने भी शुरू कर दी थी ठगी पुलिस की पूछताछ में इस नेटवर्क में अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी को देखकर आसपास के गांवों के कुछ युवक भी इसी तरीके से ऑनलाइन ठगी करने लगे थे। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े लोगों को चिन्हित कर मुख्य आरोपी शेखर मीना सहित कुल 14 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार पुलिस ने 2 सितंबर को मुख्य आरोपी शेखर पुत्र भगतराम मीना (35), निवासी ग्राम विलौदा, थाना बमौरी और तरुण शर्मा, निवासी साढ़ा कॉलोनी, राघौगढ़ को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गुजरात में मंगाता था मोबाइल की डिलीवरी पूछताछ में सामने आया कि शेखर गुजरात के पते पर मोबाइल की डिलीवरी मंगाता था। उसने डिलीवरी सिस्टम की प्रक्रिया को समझकर उसका फायदा उठाया था। आरोपी के मुताबिक, ब्लू डार्ट कंपनी की डिलीवरी में अन्य कंपनियों की तुलना में अधिक समय लगता था। इसी का फायदा उठाकर वह गुजरात के पते पर एक साथ कई मोबाइल ऑर्डर करता और खुद वहां जाकर डिलीवरी लेता था। जामताड़ा की तरह बना ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुना का यह ग्रामीण इलाका ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के लिए संगठित तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था। एक आरोपी के तरीके को देखकर आसपास के युवकों के भी इस तरह की ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
जबलपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर देशभर में होने वाली इस लोक अदालत में अदालतों में लंबित दीवानी और समझौते योग्य आपराधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। इसमें चेक बाउंस (धारा 138), मोटर व्हीकल क्लेम, पारिवारिक विवाद और बिजली बिल से जुड़े लंबित मामलों को भी सुलझाया जाएगा। फैसले के खिलाफ अपील नहीं होगी लोक अदालत में मामलों का स्थायी समाधान होता है। यहां दिए गए फैसले के खिलाफ अपील या दोबारा सुनवाई के लिए याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद खत्म करने और आपसी संबंध बनाए रखने में मदद मिलती है। लोक अदालत में समझौता होने पर कोर्ट में जमा की गई फीस भी पक्षकारों को वापस लौटा दी जाती है। ट्रैफिक और बिजली मामलों पर विशेष ध्यान इस बार ट्रैफिक चालान और बिजली से जुड़े मामलों के जल्दी निपटारे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ट्रैफिक चालान के मामलों में मौके पर ही कम से कम जुर्माना लगाकर केस खत्म करने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, बिजली कंपनी की ओर से दिए जाने वाले छूट प्रस्तावों का लाभ भी समझौता करने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा। पिछली बार 2500 से ज्यादा मामले सुलझे पिछली लोक अदालत में करीब 2500 लंबित मुकदमों और बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया था। इस बार इससे ज्यादा मामलों को सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। आमजन की मदद के लिए जिला न्यायालय में हेल्पडेस्क और स्टाफ तैनात रहेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों से लोक अदालत का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की है।
लखनऊ में राजस्थान के सांचौर क्षेत्र से जुड़े प्रवासी भाइयों ने जालाराम पूनिमा एडवोकेट, पूर्व जाट समाज अध्यक्ष सांचौर का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। बताया गया कि जालाराम पूनिमा एडवोकेट कोर्ट के कार्य से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय पटना जा रहे थे। इसी दौरान लखनऊ में मौजूद राजस्थान के प्रवासी भाइयों ने उनसे मुलाकात कर उनका स्वागत किया। इस दौरान भगराज गोदारा, जगदीश गोदारा देवड़ा सहित आकोली, दासपा, खिरोड़ी, भीनमाल और बागोड़ा क्षेत्र से जुड़े प्रवासी भाइयों ने जालाराम पूनिमा का फूल-माला पहनाकर अभिनंदन किया और राजधानी लखनऊ में उनके आगमन पर खुशी जताई। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान और सांचौर क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच सामाजिक मुद्दों और आपसी भाईचारे को लेकर चर्चा भी हुई। प्रवासी समाज के लोगों ने एक-दूसरे से जुड़े रहने और समाजहित में मिलकर काम करने की बात कही। इस मौके पर विक्रम सिंह नून, सुरेश विश्नोई गुड़ामालानी, वीरू प्रजापत और सिरोजी समेत कई लोग मौजूद रहे। राजस्थान से लखनऊ पहुंचे प्रवासी समाज के लोगों की इस मुलाकात और स्वागत कार्यक्रम ने आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता की तस्वीर पेश की।
गोरखपुर में कहीं बादल, कहीं धूप:उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, 33 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
गोरखपुर में रविवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। हालांकि बीच-बीच में तेज धूप निकलने से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी बादल छा जाते हैं तो कभी चिलचिलाती धूप निकल आती है, जिससे लोगों को राहत के बजाय असहजता महसूस हो रही है। सुबह से ही धूप और बादलों के बीच चल रही आंखमिचौली ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बाहर निकलने वाले लोग इस दुविधा में हैं कि छाता लेकर चलें या धूप से बचाव करें। मौसम का यह अनिश्चित रूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। 20-25 किमी/घंटा की रफ्तार शहर में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। आमतौर पर ऐसी हवाएं गर्मी से राहत देती हैं, लेकिन इस बार इनका असर उल्टा नजर आ रहा है। तेज हवा के बावजूद उमस कम नहीं हो रही और लोग चिपचिपी गर्मी से जूझते दिखाई दे रहे हैं। 90% से ज्यादा नमी ने बढ़ाई मुश्किलें मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गोरखपुर में नमी का स्तर 90 से 97 फीसदी तक पहुंच गया है, जो उमस को खतरनाक स्तर तक बढ़ा रहा है। इस हाई ह्यूमिडिटी के कारण लोगों को घुटन और बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। घर से बाहर निकलते ही पसीना आने लगता है और कुछ ही मिनटों में लोग पूरी तरह पसीने से तर-बतर हो जा रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक गोरखपुर में आज अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 26-27 डिग्री तक रह सकता है। हालांकि असली परेशानी तापमान नहीं, बल्कि उमस है। ज्यादा नमी के कारण “फील्स लाइक” तापमान 38 से 40 डिग्री के आसपास महसूस हो रहा है, जिससे गर्मी और ज्यादा तेज लग रही है। शाम तक राहत के संकेत मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और शाम तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अगर बारिश होती है, तो इससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है। इस तरह के उमस भरे मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में कम निकलने की सलाह दी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक गोरखपुर में ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रह सकता है। बादल, धूप और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन उमस से तुरंत राहत मिलने के आसार कम हैं।
हां मैंने मां को मारा...नहीं मैं तो मां को मार ही नहीं सकता। गहने पलंग के दीवान में छिपाए हैं..., अरे मैंने तो कहा ही नहीं कि गहने मैंने लूटे हैं।
जमुई के नीमारंग में 7 साल की बच्ची की हत्या के मामले में जन सुराज पार्टी का एक जांच दल पीड़ित परिवार से मिला। शनिवार शाम करीब छह बजे प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम नीमारंग पहुंची। टीम ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मनोज कुमार भारती ने परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बच्ची की हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। भारती ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने की बात कही। जांच दल ने घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जानकारी भी जुटाई। पार्टी ने कहा कि बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। बताया गया कि 28 अगस्त की शाम बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन 29 अगस्त की सुबह उसका शव एक अधूरे मकान से मिला था। घटना के करीब एक सप्ताह बाद शनिवार देर शाम पुलिस ने मामले में दो आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पुलिस दो अन्य युवकों से पूछताछ कर रही है।
वल्लूरी कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त, दिल्ली उच्च न्यायालय के जज थे
दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रमुख होंगे।
पंजाब में गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल की एफआईआर से जुड़ा मामला इन दिनों पूरी तरह गरमाया हुआ है। उस पर मोहाली में भी रेप संबंधी केस दर्ज हुआ था। इस मामले में अब पुलिस अनट्रेस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी। पीड़िता का आरोप है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद जांच के दौरान उससे संपर्क नहीं किया गया। उसने मोहाली अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। पीड़िता ने पुलिस जांच पर नाखुशी जताई है। पीड़िता का कहना है कि उसे कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। पीड़िता के वकील एचएस धनोआ ने कहा कि हमने केस की अनट्रेस कॉपी लेने के लिए अप्लाई किया है। अब इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे। अब जानिए इस मामले में पीड़िता ने उस समय क्या शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके आधार पर केस दर्ज हुआ था। 1. बिजनेस वुमन, सोशल मीडिया से संपर्क पुलिस को दी शिकायत में में बताया है कि वह बिजनेस वुमन है। वह सोशल मीडिया ब्लॉगर भी है। आरोपी उससे सोशल मीडिया के माध्यम से ही संपर्क में आया था। मेरे ब्लॉग में धीरे-धीरे दिलचस्पी बढ़ाकर मेरे से नजदीकियां बढ़ाईं और विश्वास जीता। 2.आर्डर देने के बहाने आकर रेप किया 27 नवंबर 2025 को आरोपी सामान ऑर्डर करने के बहाने मेरे फ्लैट पर आया। उसके बाद मेरे इनकार करने के बाद भी आरोपी ने बंदूक की नोक पर मेरी मर्जी के बिना मेरे से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद मैं डर गई। मैंने इस संबंधी शिकायत दर्ज नहीं करवाई। मैंने उससे अपने आप को बहुत दूर कर लिया। 3.अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दो महीने बाद जनवरी 2026 में आरोपी ने उसे दोबारा फोन व स्नैपचैट पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। साथ ही उसे धमकी दी कि मेरे पास उसकी अश्लील वीडियो व फोटो हैं। अगर मैंने उसकी बातें नहीं मानीं तो उसे वायरल कर देगा। इसके बाद आरोपी अपने अज्ञात साथियों, ड्राइवरों व बॉडीगार्ड व सरकारी सिक्योरिटी मुलाजिमों सहित मेरे वर्क प्लेस पर आया। आरोपी ने उसे गालियां निकालीं, डराया और जान से मारने की धमकियां दीं। 4. दोबारा फिर तंग किया तो पहुंची पुलिस तक 25 अप्रैल को आरोपी ने स्नैपचैट पर कॉल कर उसे अपने फ्लैट पर जाने व शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंगस्टरों से संबंधी धमकी दी। इसके बाद उसी दिन शाम को आरोपी ने उसकी ईमेल आईडी पर धमकी भरे अश्लील मैसेज भेजे। इसके बाद मैंने हिम्मत कर अपनी सारी बात वकील को बताई। इसलिए उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए। जांच की सर्टिफाइड कॉपी की मांग की पुलिस ने 24 जुलाई को अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अदालत में बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हो रही थी। अब पीड़िता ने अदालत पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उसके वकील धनौआ के अनुसार, पुलिस जांच की सर्टिफाइड कॉपी मांगी गई है। कॉपी मिलने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।कोर्ट ने जून में गाड़ी रिलीज करने के दिए थे आदेश मामले में अदालत ने 16 जून को उस गाड़ी को रिलीज करने के आदेश जारी किए थे, जिसे पुलिस ने केस प्रॉपर्टी बनाया था। मोहाली पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि जांच के दौरान अब इस गाड़ी की जरूरत नहीं है। अदालत ने शर्तों के साथ गाड़ी रिलीज करने के आदेश दिए थे। इसमें कहा गया था कि जांच अधिकारी या अदालत जब भी गाड़ी पेश करने को कहे, उसे तत्काल पेश करना होगा। इसके अलावा गाड़ी की ऑनरशिप, रंग या किसी अन्य तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। तरबगंज तहसील क्षेत्र के ब्योन्दा माझा, ऐली परसौली, गढ़ी, दत्त नगर, साखीपुर, जबरनगर और नई बस्ती समेत 10 मजरों की करीब 5 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है। कई गांवों के मुख्य रास्तों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। रविवार सुबह 8:30 बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.360 मीटर रिकॉर्ड किया गया। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस हिसाब से नदी खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को घाघरा नदी में कुल 3,67,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। बच्चों के बाढ़ के पानी में तैरने का वीडियो भी सामने आया है। वहीं, कुछ गांवों में पानी घुस चुका है, जबकि कुछ अन्य गांवों में रविवार देर शाम तक पानी पूरी तरह घुसने की आशंका है। ऐली परसौली और बहादुरपुर के कई ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। 30 से ज्यादा नावें और नाविक लगाए गए बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 30 से अधिक नावें लगाई हैं। इन पर नाविक भी तैनात किए गए हैं। मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को नाव और पानी के रास्ते ही आवागमन करना पड़ रहा है। 3.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया घाघरा नदी में रविवार को अलग-अलग बैराजों से कुल 3,67,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरजा बैराज से 1,83,738 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,68,408 क्यूसेक और सरयू बैराज से 15,454 क्यूसेक पानी शामिल है। लगातार पानी छोड़े जाने और नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पशुओं के चारे का संकट, मजदूरी भी प्रभावित बाढ़ का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। गांवों के आसपास पानी भरने से पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है। किसानों को नाव का सहारा लेकर चारा लाने जाना पड़ रहा है, लेकिन पर्याप्त चारा नहीं ला पा रहे हैं। वहीं, रोजाना मजदूरी करने वाले लोग भी काम पर नहीं जा पा रहे हैं। नाव, स्टीमर और हनुमान रथ से पहुंचाई जा रही राहत जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव, स्टीमर और हनुमान रथ के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। लोगों को लंच पैकेट दिए जा रहे हैं। साथ ही दवाएं भी बांटी जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। तरबगंज एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और लगातार बढ़ रहा है। कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और कई गांवों के किनारे तक पानी पहुंच चुका है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित लोगों को लगातार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नदी किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
झज्जर जिले के गांव मोर्खेड़ी निवासी अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता एवं भीम अवॉर्डी निशानेबाज मनोज कुमार ओहल्यान को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी एशियन गेम्स के लिए उन्हें भारतीय निशानेबाजी टीम के 50 मीटर राइफल इवेंट का हेड कोच नियुक्त किया गया है। यह दूसरी बार है जब मनोज कुमार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय 50 मीटर राइफल टीम की कमान बतौर हेड कोच संभालेंगे। नियुक्ति की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। मनोज कुमार बेरी स्थित मां बेरी वाली के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मां बेरी वाली उनकी कुलदेवी हैं। परिवार की खुशहाली और समृद्धि के लिए वे नियमित रूप से मां के दरबार में आकर आशीर्वाद लेते हैं। खिलाड़ी के रूप में देश को दिलाया स्वर्ण पदक मनोज कुमार का खिलाड़ी से लेकर हेड कोच तक का सफर शानदार रहा है। वर्ष 2005 में उन्होंने गगन नारंग के साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद 2006 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गगन नारंग और ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा के साथ भारतीय टीम के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। निशानेबाजी में उनके योगदान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हें प्रदेश के प्रतिष्ठित भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया। पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ चुना कोच बनने का रास्ता मनोज कुमार को खेलों में शानदार प्रदर्शन के आधार पर सरकार की ओर से पुलिस इंस्पेक्टर के पद का ऑफर भी मिला था। हालांकि उन्होंने सरकारी नौकरी का रास्ता चुनने के बजाय युवा निशानेबाजों को तैयार करने का फैसला किया। उन्होंने बतौर कोच देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज तैयार करने का संकल्प लिया। 2014 से 2019 तक वे भारतीय निशानेबाजी टीम के कोच रहे, जबकि वर्ष 2019 से लगातार भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हांगझोऊ एशियन गेम्स में खिलाड़ियों ने जीते थे 5 पदक वर्ष 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी मनोज कुमार भारतीय 50 मीटर राइफल टीम के हेड कोच थे। उनके मार्गदर्शन में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 पदक अपने नाम किए थे। इनमें सिफ्ट कौर समरा का विश्व रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत स्वर्ण पदक, पुरुष टीम का स्वर्ण पदक, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का व्यक्तिगत रजत पदक, महिला टीम का रजत पदक और आशी चौकसी का व्यक्तिगत कांस्य पदक शामिल था। विश्व चैंपियनशिप में भी दिला चुके हैं स्वर्ण मनोज कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने वर्ष 2023 विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। बोले- पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने का लक्ष्य अपनी नियुक्ति पर मनोज कुमार ने कहा कि यह जिम्मेदारी नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण के विश्वास के कारण मिली है। उनका लक्ष्य आगामी एशियन गेम्स में पिछले प्रदर्शन को और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को अधिक से अधिक पदक दिलाने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी। मनोज कुमार की इस उपलब्धि पर गांव मोर्खेड़ी सहित झज्जर, रोहतक और पूरे हरियाणा के खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।
बिलासपुर में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। सिरगिट्टी क्षेत्र में रह रहे 23 लोगों के दस्तावेजों में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों के पते दर्ज मिले। इन पतों की वास्तविकता जांचने के लिए बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल पहुंची। टीम ने मुर्शिदाबाद और जंगीपुर इलाके में संबंधित थाना प्रभारियों और स्थानीय पुलिस से संपर्क कर दस्तावेजों में दर्ज पतों और संबंधित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कुछ पते मौके पर सही नहीं मिले। जबकि कुछ मामलों में संबंधित व्यक्तियों की जानकारी दस्तावेजों से मेल नहीं खाई। शासन के निर्देश पर बनाई गई विशेष टास्क फोर्स राज्य शासन के निर्देश के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की है। टीम ने बिलासपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में रह रहे लोगों के दस्तावेज और उनके मूल निवास से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। सिरगिट्टी क्षेत्र में जांच के दौरान 23 लोगों के दस्तावेजों में पश्चिम बंगाल के पते मिले। इन पतों की पुष्टि के लिए बिलासपुर पुलिस ने संबंधित जिलों की पुलिस से सत्यापन कराया। इसके बाद विशेष टीम खुद मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस से भी कराया गया सत्यापन पश्चिम बंगाल पहुंची बिलासपुर पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाना प्रभारियों से मुलाकात की। टीम ने संदिग्धों के दस्तावेज, पते और उनसे जुड़ी जानकारी स्थानीय पुलिस के साथ साझा की। स्थानीय स्तर पर की गई जांच में कुछ पते गलत या दस्तावेजों में दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाते पाए गए। अब पुलिस संबंधित लोगों की वास्तविक पहचान, मूल निवास और बिलासपुर में रहने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। सत्यापन पूरा होने तक रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजे गए 23 लोग शुरुआती जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया के बाद सिरगिट्टी क्षेत्र में रह रहे इन 23 संदिग्धों को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, यहां उनकी पहचान और दस्तावेजों का आगे सत्यापन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही इन लोगों की नागरिकता और अन्य कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने टोल फ्री नंबर जारी पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों अथवा बिना वैध दस्तावेजों के किसी व्यक्ति के रहने की जानकारी देने के लिए 1800-233-1905 टोल फ्री नंबर जारी किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर इस नंबर पर सूचना दें। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पटना में शनिवार को 'एविडेंस टू एक्सीलेंस इन गाइनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी' कार्यक्रम हुआ। इसमें लाइव सर्जरी के दौरान रोबोटिक इंडोमेट्रियल सर्जरी, HIPEC के साथ CRS और रेडिकल हिस्टेरेक्टॉमी जैसी तकनीकों पर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन सवेरा कैंसर अस्पताल, सोसाइटी ऑफ ऑन्कोलॉजी बिहार और पटना ऑब्स्टेट्रिक एंड गाइनेकोलॉजिकल सोसाइटी (POGS) ने मिलकर किया। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि महिलाओं में गाइनी कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। इससे इलाज के बेहतर नतीजे मिलते हैं। कैंसर की जटिलता को देखते हुए समय पर जांच, सही इलाज और नई सर्जिकल तकनीकों तक मरीजों की पहुंच बढ़ाना जरूरी है। बीमारी की समय पर पहचान और इलाज जरूरी- डॉ. हेमंत बी. टोंगांवकर मुंबई के नानावती मैक्स अस्पताल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत बी. टोंगांवकर ने वैज्ञानिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा, कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो चिंता की बात है। इससे बचाव के लिए जागरूकता के साथ-साथ बीमारी की समय पर पहचान और इलाज जरूरी है। डॉ. टोंगांवकर ने बताया, ‘महिलाओं में गाइनी कैंसर के कई कारण हैं। इनमें बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी भी शामिल है। खासकर ग्रामीण इलाकों में कई महिलाएं अपनी सेहत से जुड़ी बातें परिवार या डॉक्टर से खुलकर नहीं बता पाती हैं।' विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अगर बीमारी की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो इलाज के बेहतर विकल्प मिलते हैं और मरीज के ठीक होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ओपन से लैप्रोस्कोपिक और अब रोबोटिक सर्जरी तक पहुंचा इलाज डॉ. हेमंत बी. टोंगांवकर ने कहा, ‘कैंसर सर्जरी की तकनीक में लगातार बदलाव हो रहा है। पहले जहां ओपन सर्जरी प्रमुख विकल्प थी, वहीं इसके बाद लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ने जगह बनाई। अब रोबोटिक सर्जरी तेजी से आधुनिक कैंसर उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।’ उन्होंने कहा कि नई तकनीक का उद्देश्य केवल तकनीक का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि मरीज को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना होना चाहिए। सवेरा कैंसर अस्पताल के कार्यों को सराहा उन्होंने सवेरा कैंसर अस्पताल की ओर से कैंसर के विशिष्ट उपचार और जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘अस्पताल में महिलाओं में होने वाले जटिल कैंसर के साथ पुरुषों में होने वाले गंभीर कैंसर का भी आधुनिक तकनीकों से उपचार किया जा रहा है। जांच से लेकर संपूर्ण कैंसर उपचार तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है।’ लाइव सर्जरी में दिखाई आधुनिक उपचार तकनीक वर्कशॉप में रोबोटिक इंडोमेट्रियल सर्जरी, HIPEC के साथ CRS और सर्वाइकल कैंसर के उपचार में रेडिकल हिस्टेरेक्टॉमी पर विशेष चर्चा की गई। लाइव सर्जरी के माध्यम से चिकित्सकों को जटिल कैंसर सर्जरी की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर उपचार में लगातार नई पद्धति विकसित हो रही तकनीकों को चिकित्सकों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि मरीजों को आधुनिक उपचार का लाभ मिल सके। गाइनी कैंसर के आधुनिक उपचार पर दिया जोर गाइनी ऑन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अमित टंडन, वाराणसी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. स्वप्निल पटेल ने भी गाइनी कैंसर के आधुनिक उपचार पर अपने विचार रखे। उन्होंने उपचार की बदलती तकनीकों, जटिल मामलों के प्रबंधन और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत पर चर्चा की। कैंसर उपचार के सामने आर्थिक और तकनीकी चुनौतियां कार्यक्रम के CME एवं वर्कशॉप आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. वी.पी. सिंह ने कहा, ‘गाइनी कैंसर समेत सभी प्रकार के कैंसर के उपचार में कई चुनौतियां हैं। इनमें मरीजों की आर्थिक स्थिति एक बड़ी समस्या है।’ उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्य में इन चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण दोनों स्तर पर काम करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से सवेरा कैंसर अस्पताल की ओर से सोसाइटी ऑफ ऑन्कोलॉजी बिहार और POGS के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वर्कशॉप इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। पैरामेडिकल स्टाफ को भी दिया जा रहा प्रशिक्षण डॉ. वी.पी. सिंह ने बताया कि कैंसर उपचार में डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इसलिए पैरामेडिकल कर्मियों को स्किल ट्रेनिंग के साथ सर्टिफिकेशन और एडवांस ट्रेनिंग की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर के मरीज के इलाज में डॉक्टरों की पूरी टीम एक साथ काम करती है। ऐसे में नर्सिंग, पैरामेडिकल और सपोर्ट स्टाफ को आधुनिक तकनीकों और उपचार प्रक्रियाओं की जानकारी होना जरूरी है। इस दिशा में सवेरा की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। POGS पदाधिकारियों ने भी रखे विचार कार्यक्रम में POGS की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा चौधरी, सचिव डॉ. निभा मोहन, आयोजन सचिव डॉ. आकाश कुमार सिंह और सह-सचिव डॉ. राहुल कुमार चौधरी ने भी गाइनी कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच और आधुनिक उपचार को लेकर अपने विचार रखे। उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख चिकित्सक मौजूद रहे कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. आकाश, डॉ. राहुल, पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह, पद्मश्री डॉ. जेके सिंह, डॉ. शांति रॉय, डॉ. मंजू गीता मिश्रा, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. बी. सान्याल, NMCH की प्राचार्य डॉ. ऊषा कुमारी, डॉ. एस. सरकार और डॉ. निभा मोहन समेत कई प्रमुख चिकित्सक मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि गाइनी कैंसर के बेहतर उपचार के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मेडिकल टीम और समय पर बीमारी की पहचान - इन तीनों पर एक साथ काम करना होगा। इससे मरीजों को उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के साथ कैंसर के खिलाफ जागरूकता को भी मजबूत किया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी के गांव के एक युवक के घर से मिलने के बाद दुष्कर्म का मामला सामने आया है। किशोरी ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि युवक ने दो साथियों के साथ मिलकर उसे बहला-फुसलाकर और जबरन अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पिता की शिकायत और किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। किशोरी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने उसे गांव के ही युवक के घर से बरामद करने का दावा किया। परिजनों का आरोप है कि युवक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बाद में किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में जबरन ले जाने और दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। घर में मिले मोबाइल नंबर से आरोपी तक पहुंची पुलिस CO सदर सुनील कुमार के अनुसार, किशोरी के पिता ने 5 सितंबर को थाने में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि करीब 12 बजे उनकी बेटी घर पर नहीं मिली। परिजनों ने तलाश की तो घर में रखे मोबाइल फोन से एक नंबर मिला। यह नंबर समीर पुत्र जनाब का था। जांच के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। शिकायत और बयान के आधार पर केस दर्ज पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि युवक ने उनकी बेटी को फोन कर बुलाया और जबरन अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने भी अपने बयान में आरोपी पर बहला-फुसलाकर और जबरन ले जाने के बाद दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी के साथ बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद छपार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती की व्यवस्था पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाएगी।
प्रदेश के अधिकतर जिलों में रविवार को भारी बारिश के आसार हैं।
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शनिवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार गंगा 136.95 मीटर पर पहुंच गई है। यह चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, खतरे का निशान 137.10 मीटर है। ऐसे में गंगा अब खतरे के निशान से महज 15 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। पिछले कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर लगातार कम हुआ था। इससे तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली थी। हालांकि, बीते दो दिनों से जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु के करीब बना हुआ है। शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक रामगंगा 136.45 मीटर पर है, जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर है। यानी रामगंगा चेतावनी बिंदु से सिर्फ 15 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंची जिले में पिछले करीब एक महीने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी बढ़ा हुआ है। पिछले कुछ दिनों में पानी कम होने से स्थिति में सुधार आया था, लेकिन बीते दो दिनों से जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। गंगा अब खतरे के निशान के काफी करीब पहुंच गई है। 102 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित डीएम के मुताबिक पहले जिले में 102 गांव बाढ़ से प्रभावित थे और वर्तमान में भी प्रभावित गांवों की संख्या 102 ही है। जलस्तर बढ़ने से इन गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कटरी तौफीक में कटान रोकने का काम जारी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कटरी तौफीक गांव में गंगा के कटान को रोकने का काम चल रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों की ओर से बचाव कार्य किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग की ओर से आपदा राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था बनाए हुए है और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाराबंकी के चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पास रविवार सुबह करीब सात बजे ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। उसका शव रेलवे ट्रैक के किनारे गर्दन कटी हालत में मिला। मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उसने नीली पैंट, सफेद शर्ट और सैंडल पहन रखे थे। सूचना मिलने पर स्टेशन अधीक्षक प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल रेलवे पुलिस को जानकारी दी। हादसे के कारण ट्रेन संख्या 07075 गोरखपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस करीब 20 मिनट तक घटनास्थल के पास खड़ी रही। ट्रेन रुकने पर कुछ यात्री नीचे उतर आए और ट्रैक की ओर पहुंचने लगे। इससे वहां लोगों की भीड़ जुट गई। रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को घटनास्थल से दूर रहने के लिए कहा। सुबह रेलवे स्टेशन के पास शव पड़े होने की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रशासन सक्रिय हुआ। स्टेशन अधीक्षक प्रदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। प्रारंभिक तौर पर युवक के ट्रेन की चपेट में आने की बात सामने आई है। मृतक के पास कोई पहचान पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त तत्काल हो सके। पुलिस अब उसके हुलिए और कपड़ों के आधार पर पहचान कराने का प्रयास करेगी। सूचना के बाद रेलवे पुलिस को बुलाया घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन अधीक्षक ने रेलवे पुलिस को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सूचना देने के काफी देर बाद तक पुलिस टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान कई ट्रेनें वहां से गुजरती रहीं। रेलवे पुलिस के पहुंचने के बाद घटनास्थल की जांच, पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शव मिलने के बाद गोरखपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस घटनास्थल के पास करीब 20 मिनट रुकी रही। ट्रेन में सवार कई यात्रियों ने बाहर निकलकर स्थिति देखने की कोशिश की। भीड़ बढ़ने पर रेलवे कर्मचारियों ने लोगों को पीछे हटाया। ट्रेन के रुकने से कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। आवश्यक प्रक्रिया के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। ट्रैक पर कैसे पहुंचा, होगी जांच रेलवे पुलिस अब यह पता लगाएगी कि युवक ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचा था। हादसा कैसे हुआ और वह किस दिशा से वहां आया, इसकी पड़ताल की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ क्षेत्र के थानों में दर्ज गुमशुदगी की सूचनाओं से भी मिलान कर सकती है। मृतक की पहचान होने के बाद ही उसके बारे में पूरी जानकारी सामने आएगी। पुलिस शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजेगी। रिपोर्ट से मौत की स्थिति और चोटों के संबंध में जानकारी मिलेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन प्रशासन की ओर से पुलिस को घटना की सूचना दी जा चुकी है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं होने से पुलिस के लिए मृतक के परिवार तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। पहचान कराने के प्रयास जारी युवक के कपड़े और हुलिया पुलिस के लिए फिलहाल पहचान की प्रमुख कड़ी हैं। आसपास के गांवों और क्षेत्र में उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि हाल में इस इलाके से कोई व्यक्ति लापता तो नहीं हुआ था।
बिहार: टीचर ने जिस मोबाइल से छात्रा से रेप का वीडियो बनाया वो पुलिस के हाथ लगा, एक आरोपी अब भी फरार
बक्सर जिले के दो शिक्षकों पर छात्रा से पटना के होटल में घिनौनी हरकत का आरोप लगा है। पुलिस ने अब पटना के उस होटल में भी दबिश दी है। पुलिस ने उस मोबाइल फोन को बरामद कर लिया है जिसके जरिए छात्रा का वीडियो बनाया गया था।
उन्नाव में शनिवार रात प्रशासन ने बिना अनुमति चल रहे वाहन धुलाई सेंटरों पर अभियान चलाया। सदर एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और सेंटरों की जांच की। बिना लाइसेंस और अनुमति के चल रहे सेंटरों के संचालकों को जरूरी निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई से इलाके के सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने साफ किया कि भूगर्भ जल का अवैध तरीके से इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। वाहन धुलाई सेंटरों में बहुत पानी खर्च होता है। इसलिए, बिना अनुमति चल रहे सेंटरों से भूगर्भ जल के दोहन को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू की है। एसडीएम ने संचालकों को चेतावनी दी कि भविष्य में बिना अनुमति सेंटर न चलाएं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लोकनगर में चल रहे इन सेंटरों को लेकर पहले भी शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में बिना लाइसेंस वाहन धुलाई सेंटर चलाने और पानी के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया था। इन्हीं शिकायतों के बाद शनिवार रात एसडीएम ने पुलिस टीम के साथ सेंटरों की जांच की। जांच के दौरान संचालकों से सेंटर चलाने की अनुमति और लाइसेंस के बारे में पूछा गया। बिना लाइसेंस वाहन धुलाई सेंटर चलाने के मामले में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद ने संचालकों को नोटिस जारी की है। नोटिस में सेंटर संचालकों को जल्द से जल्द जरूरी लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही वाहन धुलाई सेंटर चलाए जा सकते हैं। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि जल बचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। भूगर्भ जल का अवैध इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सेंटर संचालकों को फिर चेतावनी दी कि भविष्य में बिना अनुमति ऐसा संचालन दोबारा नहीं होना चाहिए।
भोपाल में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने शनिवार रात गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का 30वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। वे अगले सप्ताह भोपाल स्थित राजभवन में राज्यपाल के समक्ष पद की शपथ ले सकते हैं। साथ ही देश के आठ हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई है। कॉलेजियम की सिफारिश पर नियुक्ति जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इन नियुक्तियों की घोषणा की। आठ हाईकोर्ट में नई नियुक्तियां
हरदोई में गुमशुदगी और अपहरण के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इनमें तीन बच्चों की 30 साल की मां, 15 साल की किशोरी और 10 साल का बच्चा शामिल हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित थानों में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में महिला 1 सितंबर को अचानक घर से लापता हो गई। उसके पति के मुताबिक, वह उस दिन घर पर नहीं था। वापस लौटने पर पत्नी घर में नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी सुराग नहीं लगा। पति ने शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के बेझा निवासी अनुज पुत्र झुन्नी पर महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। महिला मोबाइल फोन भी साथ ले गई है। बघौली थाना क्षेत्र से 15 साल की किशोरी के गायब होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने बघौली चौराहा निवासी प्रिंश पुत्र सूर्य प्रकाश पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन किशोरी का पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। शनिवार शाम 6:05 बजे बघौली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने शादी का झांसा देने और अपहरण से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। घर से निकला 10 साल का बच्चा, रिश्तेदारों में भी नहीं मिला पिहानी कोतवाली क्षेत्र के नटपुरवा (राभा) गांव में 10 वर्षीय लीलाधर पुत्र शिवम के लापता होने से परिवार परेशान है। दादी पूनम पत्नी ओमकार के मुताबिक, बच्चा अचानक घर से गायब हो गया। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने पुलिस को बच्चे की पहचान से जुड़ी जानकारी भी दी है। लीलाधर का रंग काला, कद करीब साढ़े तीन फीट है। वह सफेद टी-शर्ट, लाल-सफेद हाफ लोअर और हवाई चप्पल पहने था। उसके माथे पर हल्का निशान है। तीनों मामलों में पुलिस ने शुरू की तलाश लीलाधर के मामले में दादी पूनम की शिकायत पर शनिवार सुबह 11:05 बजे पिहानी पुलिस ने अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस बच्चे की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर लापता लोगों की तलाश की जा रही है और आरोपों की भी जांच की जा रही है।
सतना में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को कोलगवां थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान आदर्श नगर हवाई पट्टी निवासी कमलेश पुत्र रामदीन कुशवाहा (35) के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नाबालिग के लापता होने पर दर्ज हुआ था अपहरण का केस पुलिस के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले नाबालिग के लापता होने की शिकायत परिजनों ने कोलगवां थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। नाबालिग के बयान के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पुलिस ने नाबालिग को तलाश कर बरामद किया और उसके बयान दर्ज किए। नाबालिग ने कमलेश पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। दो सहयोगी पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार मामले की जांच सीएसपी डीपी सिंह चौहान को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के सहयोगी शिवेंद्र उर्फ शिब्बू सोनी और आहत उर्फ जाफर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी कमलेश फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। शनिवार को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा के सिखापुर गांव स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को पर्यटन विकास कार्य का भूमि पूजन हुआ। करीब 92 लाख रुपए की लागत से होने वाले इस विकास कार्य को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की सोनभद्र इकाई कराएगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पर्यटन विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री हाल, मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मंदिर परिसर के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई। कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में यात्री हाल बनाया जाएगा। इसके अलावा मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर लगाए जाएंगे। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने, बैठने, पेयजल और प्रकाश जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार से नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना भी जताई गई। विधायक ने कहा- विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास भूमि पूजन के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के इस संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंदिर और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ क्षेत्र के समग्र विकास पर भी जोर दिया। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की सराहना की ग्रामीणों ने मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए विधायक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ सड़क, बिजली और अन्य क्षेत्रों में भी लगातार काम होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्र को चौमुखी विकास की दिशा में आगे ले जाने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत भी बताई। कार्यक्रम में विनोद पाण्डेय, निजी सचिव राकेश पाठक, पूर्व प्रधान आनंद नारायण मिश्रा, समाजसेवी बाबा मिश्रा, दादू पाण्डेय, देवेश पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, मुन्ने पाण्डेय, बिवस मिश्र, शिवम पाण्डेय, आदर्श पाण्डेय, अमित पाण्डेय, दीपक तिवारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
शाजापुर जिले के नेशनल हाईवे-52 पर टुकराना जोड़ के पास रविवार देर रात करीब 3:30 बजे तेज रफ्तार स्लीपर यात्री बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर में जा घुसी। हादसे में बस में सवार करीब 32 यात्री घायल हो गए। इनमें ड्राइवर और क्लीनर की हालत गंभीर बताई गई है। ड्राइवर और क्लीनर को प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार, हादसे का कारण अभी साफ नहीं है और मामले की जांच की जा रही है। गुना से इंदौर जा रही थी बस जानकारी के मुताबिक, पाटीदार ट्रैवल्स की स्लीपर बस गुना से इंदौर की ओर जा रही थी। शाजापुर बायपास पर टुकराना जोड़ के पास अचानक बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। ड्राइवर बस में फंसा, रेस्क्यू कर बाहर निकाला हादसे के बाद ड्राइवर बस के अंदर फंस गया था। पुलिस और राहत टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। क्लीनर भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। सूचना मिलते ही लालघाटी और सुनेरा थाना पुलिस की डायल-112 टीमें और हाईवे-1033 की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य करते हुए घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तस्वीरे देखिए… हादसे में ये सभी घायल हुए घायलों में विमलाबाई (50), आनंदलाल (30), सपना (22), कैलाश (34), ज्योति (19), जितेंद्र (34), मोनिका (18), विशाल शर्मा (29), भगवान सिंह कुशवाह (24), रेखा (35), देवा (29), राकेश (38), दिनेश (35), परमानंद (34), गोमती (32), रितेश (25), नितेश गौड़ (26), नितेश (20), रोहित (14), अंजली (23), ग्यारसीलाल (26), उमेश सेन, बजेश (40), उदित (22), बबली (28), काव्या (25), पवन सेन (24), भावेश (17), शौर्य (9), भाग्यश्री और अंबिका शामिल हैं।
बिहार में बड़ा रेल हादसा टला: महानंदा एक्सप्रेस के इंजन समेत तीन हिस्से पटरी से उतरे; मची अफरा-तफरी
बिहार के भोजपुर जिले में रविवार सुबह अलीपुरद्वार से दिल्ली जा रही महानंदा एक्सप्रेस आरा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर डिरेल हो गई। पश्चिमी ओवरब्रिज के पास ट्रेन के इंजन, SLR बोगी और एक AC कोच के पहिए पटरी से उतर गए।
हांसी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शनिवार को परशुराम गेट के नीचे 28 साल के एक युवक का शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों ने शव पड़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव की जांच शुरू की। मृतक की पहचान गढ़ी निवासी दीपक पुत्र राम अवतार के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह नशे की ओवरडोज से मौत का मामला लग रहा है, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा मौत के कारणों का खुलासा बता दें कि, हांसी में इससे पहले भी संदिग्ध हालात में युवकों के शव मिले हैं और नशे की ओवरडोज से मौत की आशंका जताई गई है। ऐसे में परशुराम गेट के नीचे युवक का शव मिलने की इस घटना ने शहर में नशे के बढ़ते खतरे पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया है और परिवार को जानकारी दे दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों और आगे की कार्रवाई के बारे में पता चल पाएगा।
श्रावस्ती के इकौना तहसील क्षेत्र में सेमगढ़ा चौराहे से गोविंदपुर मार्ग पर बरियार में निर्माणाधीन पुल का बाईपास बारिश के पानी में डूब गया है। रविवार सुबह तक करीब 400 मीटर हिस्से में घुटनों तक पानी भर गया। इसके बावजूद आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे और बाइक-साइकिल सवार रोज इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। पानी में सड़क की गहराई दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा बना हुआ है। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण बाईपास पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पानी भरने से बाहर से आने वाले लोगों को सड़क की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक या साइकिल का संतुलन बिगड़ने पर गिरकर चोट लगने का खतरा रहता है। इसके बावजूद ग्रामीण रोजमर्रा के काम, पढ़ाई और जरूरी आवागमन के लिए पानी के बीच से होकर गुजर रहे हैं। 3 किमी अतिरिक्त रास्ते से बचने के लिए मजबूरी यह बाईपास आसपास के दर्जनों गांवों और कस्बों को जोड़ता है। बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से इकौना और अन्य इलाकों में आते-जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाईपास से न गुजरने पर उन्हें करीब 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसी वजह से पानी भरे रास्ते से निकलना उनकी मजबूरी बन गया है। स्थानीय निवासी हंसराज तिवारी ने बताया कि बाईपास पर रोज घुटनों तक पानी रहता है। आसपास के कई गांवों के लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पानी में सड़क की गहराई का पता नहीं चलता, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि पुल निर्माण के लिए बाईपास बनाया गया था। बरसात को ध्यान में रखते हुए इसे पुल से पर्याप्त ऊंचाई पर बनाया जाता तो जलभराव की समस्या नहीं होती। ग्रामीणों ने सुरक्षित रास्ते की मांग की ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण पूरा होने तक बाईपास पर सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर बारिश के कारण पानी का स्तर और बढ़ा तो बाईपास पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो सकती है। इससे दर्जनों गांवों के लोगों को आने-जाने में और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
उज्जैन: शाही सवारी से पहले जूना अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष को धमकी, आरोपी बैतूल से राउंडअप
उज्जैन में महादेव की अंतिम शाही सवारी से पहले जूना अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन भारती को सोशल मीडिया पर धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान की और बैतूल से उसे राउंडअप किया।
अमरोहा में अफ्फान कुरैशी हत्याकांड के दो आरोपियों के कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की सूचना पर शनिवार को कचहरी में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजन और उनके समर्थक वकीलों के साथ कचहरी पहुंच गए। उन्होंने कोर्ट परिसर के तीनों गेटों पर निगरानी शुरू कर दी, ताकि आरोपी अंदर पहुंचकर सरेंडर न कर सकें। इस दौरान कई बार कहासुनी और हंगामा हुआ। हालात बिगड़ने की सूचना पर एएसपी अखिलेश भदौरिया, सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार और सीओ नौगावां सादात अवधभान सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंच गए। इसी बीच मृतक पक्ष की पैरवी के लिए पहुंचे युवक आमान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई से वकील यूसुफ कुरैशी नाराज हो गए और अधिकारियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। वकील ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह हत्यारोपियों से मिलीभगत कर रही है और उन्हें कोर्ट में आत्मसमर्पण का मौका दिया जा रहा है। विरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने आमान को छोड़ दिया। इसके बाद भी कचहरी में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। कोर्ट में नहीं हुआ सरेंडर, पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार कड़ी निगरानी के बावजूद शनिवार को नामजद आरोपियों में से कोई भी कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं कर सका। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शानदार, उसके भाई कामरान और शन्नू उर्फ आमिल को गिरफ्तार कर लिया। चार दिन से आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण मृतक के परिवार में पहले से नाराजगी थी। कचहरी में हंगामे की एक बड़ी वजह यही गुस्सा भी बताया जा रहा है। पैसों के लेनदेन और पुरानी रंजिश में हुई थी हत्या मंगलवार रात मोहल्ला जट बाजार में पैसों के लेनदेन और पुरानी दुश्मनी को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान मोहल्ला बगला निवासी अफ्फान कुरैशी के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अफ्फान के भाई फैजान की शिकायत पर कटकुई निवासी सगे भाई शानदार और कामरान, राजू सराय निवासी शहजाद, शिवद्वारा निवासी शन्नू उर्फ आमिल और कटकुई निवासी अरहम के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्याकांड में उनकी भूमिका और बाकी नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
नर्मदापुरम में अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के जिलाध्यक्ष रविशंकर वाल्मीकि का सफाई कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन रविवार को 9वें दिन भी जारी रहा। वे 29 अगस्त से पीपल चौक पर धरने पर बैठे हैं और वहीं रात में विश्राम कर रहे हैं। वाल्मीकि का कहना है कि नगर पालिका, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर वे आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो सोमवार से जिले के सफाई कर्मचारी भी उनके समर्थन में हड़ताल पर बैठेंगे। इससे सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने का काम प्रभावित हो सकता है। समय पर वेतन और पीएफ की जानकारी की मांग कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान और पीएफ से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वेतन और पीएफ से संबंधित समस्याओं के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पदोन्नति और नियमितीकरण की मांग सफाई कर्मचारियों ने पदोन्नति का लाभ देने और लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग रखी है। महिला कर्मचारियों की भर्ती और अनुकंपा नियुक्ति कर्मचारियों ने महिला सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने के साथ ही पात्र परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की मांग की है। ग्राम पंचायत कर्मचारियों को कलेक्टर दर से वेतन कर्मचारियों की मांग है कि ग्राम पंचायतों में काम करने वाले कर्मचारियों को कलेक्टर दर के अनुसार वेतन दिया जाए। सफाई कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगें पीपल चौक पर दूसरा आंदोलन भी जारी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के साथ पीपल चौक पर दूसरा आंदोलन भी जारी है। कर्मचारियों ने मांगों का निराकरण नहीं होने पर सोमवार से काम बंद कर हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
महोबा के चरखारी से बीजेपी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने बुंदेलखंड में हुए भारी नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पिछले 18-20 दिनों से लगातार बारिश के कारण महोबा जिले में किसानों की मूंगफली, उड़द और तिल की फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। विधायक ने खेतों का दौरा करने के बाद महोबा समेत पूरे बुंदेलखंड को आपदाग्रस्त घोषित करने और किसानों को 100 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की है। बुंदेलखंड में लगातार 18 से 20 दिनों से बारिश हो रही है। इससे खेत तालाब बन गए हैं और किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है। महोबा जिले की चरखारी विधानसभा से बीजेपी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों और जलभराव वाले खेतों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद विधायक ने बताया कि किसानों की खरीफ फसलें, खासकर मूंगफली, उड़द और तिल, 100 प्रतिशत तक नष्ट हो गई हैं। हालात को देखते हुए विधायक बृजभूषण राजपूत ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने महोबा जिले और पूरे बुंदेलखंड की बदहाली बताते हुए इस पूरे क्षेत्र को 'दैवीय आपदा' घोषित करने की मांग की है। विधायक ने साफ किया कि अभी भी खेतों में बहुत पानी भरा है, जिससे आने वाली फसलों पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। बारिश का असर सिर्फ फसलों तक ही नहीं रहा है। गांवों में कई कच्चे मकान गिर गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। विधायक ने पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से बेघर हुए ग्रामीणों को तुरंत आर्थिक मुआवजा और पक्के आवास देने की अपील की है। अब बुंदेलखंड के किसान और ग्रामीण सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें जल्द से जल्द राहत और 100 प्रतिशत मुआवजे की मदद मिलने का इंतजार है।
दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा ए/एच1एन1 के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को लेकर निगरानी के साथ जरूरी नियंत्रण की कार्रवाई कर रहा है। 5 सितंबर को जिले में स्वाइन फ्लू के 7 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सभी मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 5 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 33 मामले सामने आए हैं। इनमें से 16 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं। 9 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 7 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। सभी एक्टिव मरीजों की हालत सामान्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी एक्टिव मरीजों की हालत सामान्य है। सभी मरीजों की नियमित निगरानी की जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है, वहीं होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के स्वास्थ्य पर भी विभाग नजर रख रहा है। नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। मरीजों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नया पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर उनकी भी निगरानी की जा रही है। संबंधित लोगों के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी ली जा रही है। विभाग का फोकस नए मरीजों की समय पर पहचान करने के साथ संक्रमण को फैलने से रोकने पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। लक्षण दिखने पर समय पर लें चिकित्सकीय सलाह स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और JMM के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक जताया है। 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया।
सुखना चो के ऊपर बापूधाम-शास्त्री नगर के पास लंबे समय से प्रस्तावित हाईलेवल ब्रिज का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। करीब 16.6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह पुल करीब 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा होगा। इसमें चार लेन के साथ साइकिल ट्रैक और दोनों तरफ दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ होंगे। निर्माण कार्य करीब एक साल चलने की संभावना है। पुल के निर्माण के दौरान मौजूदा सड़क को बंद किया जाएगा। इससे मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक पर ट्रैफिक प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में वाहनों के मध्य मार्ग की ओर डायवर्ट होने की आशंका है। पहले से ही भारी ट्रैफिक का दबाव झेल रहे मध्य मार्ग पर इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौजूदा निचला कॉजवे बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है। इसके कारण चंडीगढ़-पंचकूला के बीच संपर्क बार-बार प्रभावित होता है। हाईलेवल ब्रिज बनने के बाद यहां हर मौसम में आवाजाही संभव हो सकेगी। इसके साथ ही सैक्टर 26 के टी-जंक्शन को भी दोबारा विकसित किया जाएगा। निर्माण शुरू होने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूरी पुल का निर्माण शुरू होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। निर्माण के दौरान सड़क बंद रहने से पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क की ओर से आने-जाने वाले वाहनों पर असर पड़ेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना झील और चंडीगढ़ के उत्तरी सैक्टरों की ओर जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यूटी के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस समेत संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर वैकल्पिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक बंद होने के बाद मध्य मार्ग पर ट्रैफिक का बड़ा दबाव आ सकता है। किशनगढ़ रोड को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा विभाग के अनुसार किशनगढ़ से सुखना चो के किनारे जाने वाली सड़क का इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा सैक्टर 26 से भी ट्रैफिक डायवर्ट करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि गांव से गुजरने वाली संकरी सड़क पर अतिरिक्त ट्रैफिक संभालने की क्षमता सीमित है। फिलहाल निर्माण के दौरान लागू होने वाली अंतिम ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार नहीं हुई है। ऐसे में रोजाना पंचकूला और चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले लोगों को अगले एक साल तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
आगरा में रविवार सुबह से बूंदाबांदी, भारी बारिश का अलर्ट:पिछले 24 घंटे में 33 मिमी से अधिक हुई बारिश
आगरा में रविवार सुबह से ही बूंदाबांदी हो रही है। इससे मौसम तो सुहावना हो ही गया है, उमसभरी गर्मी से भी राहत मिली है। दिन में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।कल से मौसम में बदलाव के आसार हैं। बारिश या बूंदाबांदी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर तक बादल तो छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। अब तक जिले में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन पिछले 4 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद आगरा में बारिश का ग्राफ बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून में अब तक सामान्य से 3% अधिक बारिश हो चुकी है। सामान्य से 3% अधिक बारिशमौसम विभाग के अनुसार, अब तक 459.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 472 मिमी बारिश हो चुकी है। यानि सामान्य से 12.7 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में जिले में 553% अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 सितंबर को आगरा में 5.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 33.3 मिमी बारिश हुई। यानि सामान्य से 28.2 मिमी अधिक बारिश हुई। तापमान में गिरावटपिछले 4 दिनों से मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को दिन और रात दोनों तापमान में कमी आई। शनिवार को अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा।जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा था। कल से बारिश की संभावना नहींमौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से बारिश या बूंदाबांदी की संभावना नहीं है। बादल छाये रह सकते हैं लेकिन बारिश के कोई आसार नहीं हैं। इस बीच तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
गोरखपुर के उरुवा में आयोजित एक दिवसीय सत्संग में अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर श्वेतिमा माधव प्रिया के प्रवचन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। श्वेतिमा के नाम विश्व में सबसे कम आयु में सर्वाधिक श्रीमद्भागवत कथा वाचन का रिकॉर्ड दर्ज है। 16 फरवरी 2017 को जन्मीं श्वेतिमा के पिता संत डॉ. सौरभ पाण्डेय और माता डॉ. रागिनी पाण्डेय हैं। धार्मिक वातावरण में पली-बढ़ीं श्वेतिमा ने कम उम्र में ही श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का अध्ययन शुरू किया और कथा वाचन को अपनी पहचान बनाया। श्वेतिमा अब तक 38 श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का वाचन और 103 प्रवचन कर चुकी हैं। उनकी सहज भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। प्रवचनों में वह श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ संस्कार, सेवा, सद्भाव, मानवता और भारतीय संस्कृति का संदेश देती हैं। उन्हें काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी की ओर से विद्या-वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान किए जाने का भी उल्लेख है। कम उम्र में कथा वाचन के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई है। सत्संग के दौरान कथा स्थल पर भक्तिमय माहौल रहा। श्वेतिमा के प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भजन और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण किया।
मऊ में पुलिस व्यवस्था सुधारने और थानों के काम पर नजर रखने के लिए पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने शनिवार देर शाम मधुबन थाने का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी ने थाना कार्यालय के कई रिकॉर्ड चेक किए और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में त्योहार रजिस्टर, अपराध रजिस्टर और जनसुनवाई रजिस्टर जैसे कई रिकॉर्ड देखे। उन्होंने सभी रिकॉर्ड को समय पर अपडेट रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीटरों के मामलों में तुरंत और असरदार कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसपी ने थाना परिसर का दौरा किया। उन्होंने सीसीटीएनएस कार्यालय, विवेचना कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, मालखाना, बंदीगृह, बैरक, भोजनालय, शस्त्रागार, शौचालय और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी सुधार के निर्देश दिए। महिला हेल्प डेस्क के निरीक्षण के दौरान एसपी ने वहां मौजूद महिला सिपाही को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत लेकर आने वालों के आवेदन गंभीरता से सुने जाएं। शिकायतों के निपटारे के बाद उनसे नियमित रूप से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि पुलिस कार्रवाई की गुणवत्ता बनी रहे। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने थानाध्यक्ष मधुबन और सभी पुलिसकर्मियों को परिसर में अच्छी साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं को अच्छा माहौल और सुविधाएं देना पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक मधुबन कृष्ण कुमार गुप्ता समेत थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।
नेपाल के रसुवा जिले के त्रिशूली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद वहां काम करने वाले कुशीनगर के कई लोगों के लापता होने से उनके परिवारों में चिंता और मातम का माहौल है। लापता लोगों में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सुधियानी गांव निवासी अमन गौड़ भी शामिल हैं। नेपाली प्रशासन ने एक शव बरामद कर उसे एम-18 कोड दिया था। परिजनों ने हाथ पर बने ‘AG’ टैटू और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो के आधार पर शव की पहचान अमन के रूप में की है। हालांकि, DNA जांच के बाद ही इसकी अंतिम पुष्टि होगी। लापता बताए जा रहे लोगों में अमन गौड़, नथुनी प्रसाद, करन शर्मा, धीरज तिवारी और पंकज राजभर समेत अन्य लोग शामिल हैं। अमन की मौत की जानकारी 3 सितंबर को परिजनों को मिली, जबकि बाकी लोगों के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। 26 अगस्त को नथुनी ने की थी आखिरी बात अहिरौली थाना क्षेत्र के भलुही गांव के सतपोखरिया टोला निवासी नथुनी प्रसाद करीब एक साल पहले नेपाल के रसुवा में लोहे की फैक्ट्री में काम करने गए थे। उन्होंने 26 अगस्त की सुबह परिजनों से फोन पर बात की थी। इस दौरान दीपावली में घर लौटने की बात कही थी। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। पत्नी गंगोत्री देवी, बेटे सुग्रीव कुमार और क्रांति समेत पूरा परिवार उनकी सलामती को लेकर चिंतित है। धीरज ने पत्नी से बात की, कुछ देर बाद टूट गया संपर्क इसी क्षेत्र के करन शर्मा, अमन गौड़, धीरज तिवारी और पंकज राजभर भी नेपाल में काम कर रहे थे। धीरज और पंकज करीब पांच साल से फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर रहे थे। करीब तीन महीने पहले दोनों घर आए थे और दीपावली में लौटने की बात कहकर नेपाल चले गए थे। परिजनों के मुताबिक, 25 अगस्त की देर रात धीरज ने पत्नी रंभा देवी से फोन पर बात की थी। उन्होंने बेटे ऋतिक की पढ़ाई, छोटे बेटे अनुराग और पिता रामअशीष के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। इसके कुछ देर बाद उनका संपर्क टूट गया। 72 घंटे बाद दफनाया गया था अमन का शव नेपाल प्रशासन ने आपदा के बाद अमन का शव बरामद किया था। पहचान नहीं होने पर शव को एम-18 कोड के साथ अस्पताल में रखा गया। 72 घंटे बाद उसे चितवन के पूर्वी नवलपरासी स्थित डंडा क्षेत्र में दफना दिया गया। 3 सितंबर को परिजनों को अमन की मौत और शव दफन किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद उनके भाई दीपक उर्फ गोलू गौड़, पिता सेतभान और चाचा सुदर्शन नेपाल पहुंचे। प्रशासन ने शव से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो के आधार पर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। परिजनों ने अमन के हाथ पर बने ‘AG’ टैटू और वीडियो के आधार पर शव की पहचान की। अंतिम पुष्टि के लिए अमन के पिता सेतभान का ब्लड सैंपल DNA जांच के लिए लिया गया है। एक की मौत की खबर, बाकी के लिए परिवार कर रहे इंतजार अमन की मौत की खबर से सुधियानी गांव में शोक की लहर है। परिजन अब DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, नथुनी प्रसाद, करन शर्मा, धीरज तिवारी, पंकज राजभर समेत अन्य लोगों के परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजनों का संपर्क टूटे कई दिन हो चुके हैं और उन्हें अब तक अपने अपनों की सलामती की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। इन परिवारों के लिए हर गुजरता दिन चिंता और इंतजार के बीच बीत रहा है। स्थानीय स्तर पर भी परिजन नेपाल प्रशासन से लापता लोगों के बारे में जानकारी और उन्हें तलाशने में मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
दिल्ली के मयूर विहार में युवक की चाकू घोंपकर हत्या, बीच-बचाव करने आए सिक्योरिटी गार्ड पर भी हमला
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में रविवार तड़के एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। यह वारदात विधायक कुलदीप कुमार के दफ्तर के पास हुई है।
जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने छात्रों की सुविधा को देखते हुए समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब छात्र 10 सितंबर तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पोर्टल को पांच दिन के लिए दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सों में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए लागू है। विश्वविद्यालय ने अपने से जुड़े सभी कॉलेजों को समर्थ पोर्टल पर छात्रों का पंजीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जौनपुर और गाजीपुर जिले के 604 कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया अंतिम दौर में है। सभी कॉलेजों को 10 सितंबर तक छात्रों का पंजीकरण पूरा कराना होगा। तय समय में पंजीकरण नहीं होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज की होगी। जौनपुर में 225 और गाजीपुर में 379 कॉलेज जौनपुर जिले में विश्वविद्यालय से जुड़े कुल 225 कॉलेज हैं। इनमें 3 सरकारी, 14 अनुदानित और 208 वित्तविहीन कॉलेज शामिल हैं। वहीं, गाजीपुर जिले में कुल 379 कॉलेज हैं। इनमें 4 सरकारी, 8 अनुदानित और 367 वित्तविहीन कॉलेज हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर एडमिशन प्रक्रिया समय से पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली और अवैध शराब पीने से 4 अलग-अलग गांवों के 6 लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह सभी को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का प्राथमिक कारण जहरीली शराब पीना ही बताया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब पी है या जहरीली शराब के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत स्क्रीनिंग कराएं। उन्होंने कहा कि लोग स्थानीय डॉक्टरों की टीम से संपर्क कर सकते हैं या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच करा सकते हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बताया जा रहा है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने शराब पी थी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। कलेक्टर बोलीं- जहरीली शराब पीकर बीमार पड़े कलेक्टर ने बताया कि चिकित्सा दल सभी मामलों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। स्थिति के अनुसार जरूरी मेडिकल और प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। मृतकों में चार गांवों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और शराब के सेवन से हुई मौतों के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार सुबह 10 बजे तीमारदार, मेडिकल स्टाफ और छात्रों के बीच मारपीट हो गई। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के लोगों ने एक तीमारदार को सड़क पर दौड़ाकर पीटा, जिससे उसका सिर फट गया। इस घटना के बाद करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा। पुलिस ने मौके से एक बाइक जब्त की है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। दोनों पक्षों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मारपीट के दौरान सड़क पर दौड़ाने का एक वीडियो भी सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के पिपरा चंद्रभान गांव के रहने वाले सचिदानंद अपनी सास का इलाज कराने ट्रॉमा सेंटर आए थे। जांच और इलाज को लेकर उनकी मेडिकल स्टाफ से बहस हो गई। सचिदानंद ने स्टाफ पर काम में लापरवाही बरतने और विरोध करने पर बदसलूकी व मारपीट का आरोप लगाया है। इसके बाद हमलावर लाठी लेकर इमरजेंसी पहुंचे और सचिदानंद को पीटने लगे। अपनी जान बचाने के लिए सचिदानंद सड़क पर भागे, तो हमलावरों ने लाठी लेकर उन्हें दौड़ाया। रास्ते से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो में मेडिकल कॉलेज के छात्र मारपीट करते दिख रहे हैं। प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि उन्हें ट्रॉमा सेंटर में हुई मारपीट की जानकारी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने स्टाफ के साथ बदसलूकी की थी। मामले की जांच की जा रही है। सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि दोनों पक्षों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। मामले में नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जा रही है।
सवाई माधोपुर नगर परिषद चुनाव में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर असंतोष लगातार सामने आ रहा है। शनिवार रात 9 बजे बजरंग दल नेता नरेश सिंधी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर नगर परिषद चुनाव संयोजक और पूर्व उप सभापति राजेश गोयल उर्फ राजू चक्की पर कई आरोप लगाए। सिंधी ने गोयल पर भाजपा के टिकट बेचने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए भाजपा के निर्दलीय प्रत्याशियों को ज्यादा से ज्यादा जिताने की अपील की। उन्होंने नगर परिषद के 60 वार्डों में टिकट वितरण से लेकर सड़क निर्माण, संविदा नौकरी और पट्टे दिलाने तक में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पोस्टर पर राजेश गोयल की फोटो पर लिखा दलाल नरेश सिंधी ने सोशल मीडिया लाइव के दौरान पूर्व उप सभापति राजेश गोयल की एक फोटो दिखाई। इस फोटो पर उन्होंने ‘दलाल’ लिखा और गोयल को दलाल संबोधित किया। इसके साथ ही सिंधी ने पिछले तीन साल में राजू चक्की पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए। संविदा नौकरी और पट्टे दिलाने के बदले रिश्वत के आरोप सिंधी ने आरोप लगाया कि राजेश गोयल ने संविदा पर नौकरी दिलवाने के बदले रिश्वत ली। उन्होंने नगर परिषद से पट्टे दिलाने के बदले मोटी कमाई करने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाकर करोड़ों रुपए के आरोप भी लगाए। दो-दो महीने के लिए सभापति बनाने का भी आरोप बजरंग दल नेता ने नगर परिषद में दो-दो महीने के लिए सभापति बनाने के बदले मोटी रकम लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। 60 वार्डों में करीब 70 लाख रुपए लेकर टिकट बेचने का आरोप नरेश सिंधी ने नगर परिषद के 60 वार्डों में टिकट बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने नगर परिषद चुनाव प्रभारी राजेश गोयल पर करीब 70 लाख रुपए लेकर 60 वार्डों में टिकट बेचने का आरोप लगाया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को टिकट वितरण में दरकिनार करने की बात भी कही। सड़क निर्माण में मोटी दलाली लेने का आरोप सिंधी ने सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान भी राजेश गोयल पर मोटी दलाली लेने का आरोप लगाया। उन्होंने नगर परिषद से जुड़े कामों में भी गोयल की भूमिका पर सवाल उठाए। महिला सफाई कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार का आरोप नरेश सिंधी ने राजेश गोयल पर वाल्मीकि समाज की महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। निर्दलीय प्रत्याशियों को जिताने की अपील शनिवार रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आए नरेश सिंधी ने भाजपा के टिकट वितरण के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लोगों से भाजपा के निर्दलीय प्रत्याशियों को ज्यादा से ज्यादा जिताने की अपील की।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के सिद्ध पीठ बाबा लंगड़े की बगीची शिव मंदिर में चोरी के मामले में पुलिस ने शनिवार शाम आरोपी अकरम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, अकरम ने अपने दो साथियों के साथ मंदिर से पांच तांबे के लोटे और नकदी चोरी की थी। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए दो तांबे के लोटे बरामद हुए हैं। उसके दोनों साथी अभी फरार हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी अरिंदान भारद्वाज की शिकायत पर पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने अकरम को गिरफ्तार किया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस उसके फरार साथियों की तलाश कर रही है। दो साथी अभी फरार कोतवाली प्रभारी मनोज चाहल ने बताया कि मंदिर में चोरी के आरोपी अकरम को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से दो तांबे के लोटे बरामद हुए हैं। शनिवार शाम गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। फरार दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है और जल्द उनकी गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित एनटीपीसी प्लांट में बिजली फॉल्ट के बाद ठप हुई सात यूनिट में से तीन को करीब 24 घंटे बाद फिर चालू कर दिया गया। इनमें दो 500 और एक 200 मेगावाट यूनिट शामिल हैं। बाकी तीन यूनिट की बहाली का काम जारी है।
लखनऊ में सनातन धर्म मंच के तत्वावधान में इमार गोमती ग्रीन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सोसायटी के बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भजनों की मधुर धुन शुरू होते ही माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। देखते ही देखते पुरुष, महिलाएं और बच्चे भक्ति में सराबोर होकर झूमने और नृत्य करने लगे। श्री कृष्ण और राधा रानी की वेशभूषा धारण कर उपस्थित बच्चे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ा रहे थे। सभी के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना के साथ आयोजित यह जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न रहकर सामूहिक श्रद्धा, सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का भावपूर्ण अनुष्ठान बन गया। कार्यक्रम में सोसायटीवासियों की उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। सनातन धर्म मंच ने आयोजन में सहभागी सभी निवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक शक्ति है। मंच ने सभी से आह्वान किया कि इसी प्रकार प्रेम, श्रद्धा, सहयोग और एकजुटता के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सनातन मूल्यों और धर्म की प्रतिष्ठा के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखें। देखें तस्वीरें...
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में शनिवार शाम पुलिस ने रेकी कर चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया। रूरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले गांवों और कस्बों में रेकी करते थे और रात में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि चोरी करने वाला गिरोह सफेद रंग की स्कॉर्पियो से इलाके में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गैंदामऊ-इंजुआरामपुर मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान स्कॉर्पियो को रोककर उसमें सवार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आए चोरी का माल खरीदने और बेचने वाले अमन सोनी उर्फ अभयराज को भी पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 97 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के जेवर, छह मोबाइल फोन, दो देसी तमंचे, चार जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस और दो नकब बरामद किए हैं। चोरी में इस्तेमाल सफेद रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। रेकी के बाद रात में सूने मकानों में करते थे चोरी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने रूरा, अकबरपुर, मूसानगर, भोगनीपुर, मंगलपुर, बरौर और संदलपुर थाना क्षेत्रों में कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्य मुख्य सड़क पर गाड़ी खड़ी कर आसपास नजर रखते थे, जबकि दूसरे साथी सूने मकानों में घुसकर ताले और अलमारियां तोड़ते थे। इसके बाद मकान से नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेटकर आरोपी मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। चोरी के जेवर अमन सोनी को बेचते थे पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर अमन सोनी उर्फ अभयराज को दिए जाते थे। वह इन जेवरों को गलाकर बेचता था। इसके बदले वह गिरोह के सदस्यों को तय हिस्से के हिसाब से रकम देता था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। स्कॉर्पियो में सवार पांच आरोपी पकड़े गए चोरी के गिरोह के स्कॉर्पियो से घूमने की सूचना पर पुलिस ने गैंदामऊ-इंजुआरामपुर मार्ग पर घेराबंदी की थी। पुलिस ने वाहन को रोककर उसमें सवार पांच आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर चोरी का माल खरीदने और बेचने वाले छठे आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेश किए गए सभी आरोपी पुलिस के मुताबिक, सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। बरामद सामान से जुड़े अन्य चोरी के मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। सीओ विनय कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से सोने-चांदी के जेवर, नकदी, चोरी में इस्तेमाल नकब, स्कॉर्पियो, दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
बिजनौर के किरतपुर इलाके में शनिवार को तेज बारिश के दौरान सड़क पर भरे पानी के बीच खुला नाला दिखाई नहीं देने से 12 साल का बच्चा उसमें गिर गया। तेज बहाव में करीब 500 मीटर तक बहने के बाद वह नाले में एक पाइप के पास फंसा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में मातम है। किरतपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला अंसारियान निवासी अफजल का बेटा हम्माद (12) शनिवार को घर से ईदगाह रोड की ओर जा रहा था। इस्लामिया इंटर कॉलेज के गेट के सामने तेज बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। दोपहर करीब 1:30 बजे पानी में खुला नाला दिखाई नहीं दिया और हम्माद उसमें गिर गया। तेज बहाव उसे अपने साथ बहाकर ले गया। कॉलेज गेट के सामने सब्जी की ठेली लगाने वालों ने बच्चे को नाले में गिरते देखा तो शोर मचा दिया। इसके बाद आसपास के लोग उसकी तलाश में जुट गए। 500 मीटर दूर पाइप में फंसा मिला तलाश के दौरान हम्माद करीब 500 मीटर दूर नाले में एक पाइप के पास फंसा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हम्माद दो भाइयों में से एक था। उसके पिता रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। CCTV में बच्चे को निकालते दिखे लोग हादसे से जुड़ा एक CCTV वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग नाले से बच्चों को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक युवक भी अचानक नाले में गिरता हुआ नजर आता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खुले नाले को ढकने और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने से खुले नाले दिखाई नहीं देते और ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
बांसवाड़ा के अरथूना थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते विवाहिता से मारपीट और उसके बाल काटने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। 1 सितंबर को पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के सुपरविजन में पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। मामले में पति समेत पहले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अब बाल काटने वाले भांजे समेत 13 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता से की मारपीट पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शादी के बाद तीन संताने हैं। पति से उसका आए दिन विवाद होता रहता था। इसी वजह से वह मजदूरी करने के लिए पास के गांव के एक युवक के साथ चली गई थी। 1 सितंबर को वह युवक के घर पर थी। उसी दिन उसके ससुराल पक्ष के लोग वहां पहुंचे और उसे अपने साथ घर ले आए। कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र किया, बाल भी काटे पीड़िता के अनुसार, घर लाने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ निर्दयता से मारपीट की। सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसके बाल काट दिए। आरोप है कि उसके कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर दिया गया। घटना के बाद पीड़िता ने 1 सितंबर को अरथूना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने टीमें बनाकर जांच शुरू की पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विभिन्न टीमों का गठन किया और मामले में अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बाल काटने वाले भांजे समेत 13 अन्य गिरफ्तार अब पुलिस ने बाल काटने वाले बारबर यानी भांजे सहित 13 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 20 हो गई है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के सुपरविजन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपी और सरगनाओं की तलाश जारी पुलिस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों और सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नाशिक से धनबाद जा रहा लाखों रुपए का प्याज लदा ट्रक रास्ते से गायब हो गया। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर पहुंचने के बाद ट्रक का जीपीएस बंद कर दिया गया और उसका रास्ता बदल दिया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने जांच शुरू की और शिकायतकर्ता की जानकारी व मोबाइल लोकेशन के आधार पर बभनी से बीजपुर तक छानबीन की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बभनी थाना क्षेत्र में चपकी मोड़ के पास एक दुकान पर ट्रक खड़ा किया गया था। इसके बाद बभनी बाजार, चपकी और बीजपुर बाजार समेत आसपास की कई दुकानों पर पिकअप गाड़ियों के जरिए प्याज उतारकर बेचे जाने की जानकारी सामने आई। प्याज बेचने के बाद मुख्य आरोपी ट्रक लेकर फरार हो गए। मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस पिछले दिनों बभनी और बीजपुर थाना क्षेत्रों में पहुंची और स्थानीय स्तर पर दुकानदारों से जानकारी जुटाई। स्थानीय पुलिस भी महाराष्ट्र पुलिस को जांच में सहयोग कर रही है। अंबिकापुर के बाद बंद हुआ ट्रक का जीपीएस बताया गया कि प्याज से भरा ट्रक नाशिक से धनबाद के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से ट्रक का जीपीएस बंद कर दिया गया। इसके बाद ट्रक को निर्धारित रास्ते से अलग ले जाया गया। ट्रक की लोकेशन और अन्य जानकारी के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने सोनभद्र के बभनी और बीजपुर क्षेत्र में जांच शुरू की। चपकी मोड़ पर खड़ा किया गया था ट्रक जांच में सामने आया कि बभनी थाना क्षेत्र के चपकी मोड़ पर एक दुकान के पास ट्रक को खड़ा किया गया था। इसके बाद ट्रक से प्याज निकालकर अलग-अलग पिकअप गाड़ियों में लादा गया। इन पिकअप के जरिए बभनी बाजार, चपकी और बीजपुर बाजार की कई दुकानों पर प्याज पहुंचाकर बेचा गया। दुकानदारों से भी पुलिस ने जुटाई जानकारी महाराष्ट्र पुलिस ने बभनी और बीजपुर क्षेत्र में पहुंचकर उन दुकानदारों के बारे में जानकारी जुटाई, जिनके यहां प्याज बेचे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने ट्रक की लोकेशन और मोबाइल से संबंधित जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर जांच की। स्थानीय पुलिस ने जांच की पुष्टि की बभनी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नाशिक से धनबाद जा रहे प्याज लदे ट्रक की जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस क्षेत्र में आई थी। उन्होंने बताया कि बभनी और बीजपुर क्षेत्र में कुछ दुकानदारों को प्याज बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामले में महाराष्ट्र पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक बड़ा अभियान चला रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय की देखरेख में बनी मेडिकल टीमें गांवों में जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। वे जरूरत के हिसाब से इलाज और दवाएं भी दे रही हैं। सीएमओ ने स्वास्थ्य अधिकारियों और टीमों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत इलाज दिया जाए। अब तक 198 मेडिकल टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों ने प्रभावित इलाकों में 432 जगहों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं या गांवों का दौरा किया है। इस अभियान के दौरान अब तक 23,811 लोगों का इलाज किया गया है। लोगों को डायरिया और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए 19,363 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं। साथ ही, पीने के साफ पानी के लिए 29,419 क्लोरीन टैबलेट भी दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर बुखार, डायरिया, त्वचा संबंधी समस्याओं और दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों की जांच कर रही हैं। लोगों को साफ पानी पीने, साफ-सफाई रखने, पानी उबालकर या क्लोरीन मिलाकर पीने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की जानकारी दी जा रही है। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि बाढ़ के बाद पानी से होने वाली और फैलने वाली बीमारियों का डर रहता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार दौरा करती रहें। गंभीर मरीजों की तुरंत पहचान कर उन्हें जरूरत के हिसाब से बड़े अस्पताल भेजा जाए। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं, ओआरएस और क्लोरीन की काफी मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार नजर रखी जाए।
जयपुर शहर के कई इलाकों में सीवर भराव, बदबू, सड़कों पर कीचड़, कचरे के ढेर और बेसहारा पशुओं का आतंक आम जनता के लिए आफत बना हुआ है। ‘दैनिक भास्कर’ के विशेष मंच ‘भास्कर समाधान’ के जरिए नागरिक लगातार अपनी इन नागरिक समस्याओं को प्रशासन के सामने रख रहे हैं। जहाँ एक ओर निवारू रोड, आगरा रोड और बरकत नगर जैसी कॉलोनियों में नागरिक सीवर और गंदगी से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ मामलों में शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिली है। अधिकारियों की इस सक्रियता से सिद्धार्थ कॉलोनी में मृत पशु हटाने और गंगापोल रोड पर स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की गई है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… शिव विहार कॉलोनी में सड़क पर जमा कीचड़जयपुर के आगरा रोड के शिव विहार कॉलोनी निवासी पवन गुप्ता ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर खराब सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रोहित नगर 2 में कीचड़ और जलभराव हो रहा है, जिसके कारण इस रास्ते से आने-जाने में समस्या आती है। सड़क पर 1 महीने से भरा सीवर का पानीनिवारू रोड, शक्ति नगर के रहने वाले दिलीप कुमार मीणा ने सीवर का पानी सड़क पर भरने की समस्या पोस्ट की है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से रोड पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है, जिसके कारण तेज बदबू आ रही है। साथ ही गंदे पानी से कीड़ों और बीमारियों का डर बना रहता है। कई दिनों से नहीं आए सफाईकर्मीटोंक फाटक के बरकत नगर से कचरे की समस्या सामने आई है। मामले में क्षेत्रवासी आशीष कुमार सिंघल ने लिखा कि पिछले कई दिनों से सड़क पर कचरा पड़ा हुआ है। कई दिनों से निगम की ओर से साफ-सफाई करने कोई नहीं आता है। कॉलोनी में बेसहारा पशुओं का आतंकसोडाला के जमुना डेरी के पास रहने वाले टेकचंद केसवानी ने बेसहारा पशुओं की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनकी कॉलोनी में पशुओं का आतंक हो रहा है। कॉलोनी में खड़ी कारों के ऊपर चढ़कर और वाहनों के पीछे भागकर पशुओं ने लोगों को परेशान कर रखा है। एक पोस्ट के बाद रोड से हटाया गया मृत पशुसोडाला की सिद्धार्थ कॉलोनी के रहने वाले ऋषि कुमार सोनी ने कुछ समय पहले रोड पर मृत पशु पड़े होने की समस्या बताई थी। उन्होंने लिखा था कि कुछ समय से रोड पर मरा हुआ जानवर पड़ा था, जिससे बदबू भी आने लगी थी। इस समस्या पर संबंधित विभाग ने कुछ ही घंटों में समाधान करवा दिया है। स्ट्रीट लाइट कंट्रोलर की समस्या का समाधानबदनपुरा, गंगापोल रोड निवासी रियाज ने भी 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की थी, जिसका समाधान हो गया है। दरअसल, उन्होंने लिखा था कि मोहल्ला टिक्की ग्राम में स्ट्रीट लाइट कंट्रोलर पोल पर काफी नीचे लगा हुआ था। इस समस्या का एईएन ने समाधान करवाया है। बालुराम गुर्जर बने 'स्टार ऑफिसर'जयपुर शहर के बदनपुरा, गंगापोल रोड के रहने वाले रियाज ने कुछ समय पहले स्ट्रीट लाइट कंट्रोलर से संबंधित समस्या बताई थी, जिसका समाधान हो गया है। उन्होंने लिखा था कि मोहल्ला टिक्की ग्राम में स्ट्रीट लाइट कंट्रोलर पोल पर काफी नीचे लगा हुआ था, इसके कारण बच्चों को करंट का खतरा था। इस समस्या के पोस्ट होने पर एईएन बालुराम गुर्जर ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जेईएन राजेश त्यागी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बिजली, सफाई, सड़क पर जलभराव, पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं सामने आई 2.XEN निधि जैन की तुरंत कार्रवाई:रोड लाइट और पेयजल लाइन की समस्या पर विभाग का एक्शन, कई इलाकों में समाधान बाकी 3.मानसरोवर में सीवर की समस्या का समाधान:प्रताप नगर सेक्टर 70 में सीवर लाइन की हुई सफाई, 'भास्कर समाधान' से समस्याओं पर लगातार एक्शन 4.सेठी कॉलोनी में सीवर की समस्या का समाधान:तो वरुण पथ में पोस्ट के बाद हुई सफाई, टोंक फाटक और गोकुलपुरा में समस्याएं बाकी 5.जयपुर की जन-समस्याओं पर तुरंत एक्शन:झोटवाड़ा और सांगानेर की सुविधाओं में आया बड़ा सुधार, स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी बने 'स्टार ऑफिसर' 6.जयपुर की आज 7 समस्याओं की कहानी:2 का हुआ समाधान, सांगानेर क्षेत्र में पहुंची कचरा गाड़ी, तो ग्रीन विहार में खराब स्ट्रीट लाइट पर एक्शन 7.पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत की कार्रवाई से सुधरी दशा:ब्रह्मपुरी में टूटा सीवर चैंबर दुरुस्त, तो निर्माण नगर में लीकेज की समस्या खत्म 8.प्रताप नगर में सड़क पर फैला गंदा पानी:धौलाई में अवैध पार्किंग से लग रहा जाम, तो कहीं समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 9.शास्त्री नगर में सड़क की समस्या का समाधान:कचरे की समस्या पर भी प्रशासन ने लिया एक्शन, पूर्व पार्षद शिव सोनी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.गणेश नगर 2 और पुरुषार्थ नगर में गड्ढों का खतरा:तो प्रताप नगर में कचरा गाड़ी की परेशानी, पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत बने आज के ‘स्टार’
उदयपुर में 'भास्कर समाधान' पर नागरिक शहर की अलग-अलग समस्याएं लगातार साझा कर रहे हैं। हिरण मगरी सेक्टर 14 में सड़क पर पड़ा टूटा लोहे का खंबा, पहाड़ा के हरिजन नगर में खाली प्लॉट में जमा कचरा और सेक्टर 13 के गवरी चौक में टूटी सड़क से लोग परेशान हैं। वहीं सज्जन नगर में बंद स्ट्रीट लाइट के साथ नालियों के निर्माण की मांग भी सामने आई है। दूसरी ओर, बड़गांव के गायत्री नगर में बंद रोड लाइट की समस्या का समाधान हो गया है। हिरण मगरी सेक्टर 9 में भी खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करवाई गई। इस कार्रवाई पर नगर निगम के लाइनमैन चुन्नीलाल 'पब्लिक के स्टार' बने। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सड़क पर लगा लोहे का टूटा खंबाउदयपुर के हिरण मगरी के सेक्टर 14 निवासी नाथूलाल ने सड़क पर लगे लोहे के आधे टूटे खंबे की समस्या दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि नेला तालाब के पास सफाई नहीं होती है और खंबा हटाने के बाद बचे हुए टूटे लोहे के टुकड़े को सड़क पर ही लगा हुआ छोड़ दिया गया है। खाली प्लॉट में पड़ा काफी सारा कचरापहाड़ा क्षेत्र के हरिजन नगर निवासी कोमल ने कचरे से संबंधित समस्या पोस्ट की है। कोमल का कहना है कि घर के पास खाली प्लॉट में काफी सारा कचरा पड़ा हुआ है। लोगों ने खाली प्लॉट को 'कचरा पात्र' बना लिया है, जिसके कारण लोगों को बीमारियों का डर बना हुआ है। सेक्टर 13 में सड़क निर्माण की मांगहिरण मगरी के सेक्टर 13 में रहने वाले शुभम जैन ने टूटी सड़क की समस्या पोस्ट की है। उनका कहना है कि गवरी चौक में टूटी सड़क और धूल के गुबार से लोग परेशान हैं। लोगों ने सड़क निर्माण की मांग की है। सज्जन नगर के लोगों को हो रही समस्याउदयपुर के सज्जन नगर खेल मैदान के पास से नसीम बानों ने भी खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। नसीम ने लिखा कि कई बार स्ट्रीट लाइट की शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। साथ ही नालियों के निर्माण की भी मांग की है। बंद रोड लाइट की समस्या पर एक्शनउदयपुर के बड़गांव के गायत्री नगर के रहने वाले सौरभ शर्मा की समस्या का समाधान हो गया है। दरअसल, उन्होंने लिखा था कि इलाके की रोड लाइट बंद होने से समस्या आ रही थी। गली में अंधेरे के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इस समस्या पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। सेक्टर 9 में ठीक हुई स्ट्रीट लाइटहिरण मगरी के सेक्टर 9 इलाके के रहने वाले गणपतलाल गुंजेटिया ने रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि लंबे समय से लाइट खराब पड़ी होने से कॉलोनी के लोग काफी परेशान थे। इस पर नगर निगम के लाइनमैन ने इसका समाधान करवाया है। चुन्नीलाल बने 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर शहर के हिरण मगरी के सेक्टर 9 में रहने वाले गणपतलाल गुंजेटिया की समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने लिखा था कि कॉलोनी की रोड लाइट खराब होने से समस्या आ रही थी। इसपर नगर निगम के लाइनमैन चुन्नीलाल ने मौके पर जाकर समाधान कर दिया है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' ला रहा बदलाव:उदयपुर में एक पोस्ट से रोड लाइट से जुड़ी दो समस्याओं का समाधान, एक्सईएन रितेश बने ‘स्टार ऑफिसर’ 2.नगर निगम के XEN रितेश पाटीदार बने 'स्टार ऑफिसर':80 फीट मेन रोड पर ठीक हुई स्ट्रीट लाइट, घाटी की मंग्री में बंद रोड लाइटों की समस्या का हुआ समाधान 3.सुभाष शर्मा बने 'पब्लिक के स्टार':गायत्री नगर में सीवर लाइन की समस्या से मिली राहत, तो चित्रकूट नगर में टूटे नाले की समस्या का हुआ समाधान 4.भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर, बंद पड़ी रोड लाइटें हुई दुरुस्त 5. उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में हुई सफाई, तो अंबामाता में रोशनी लौटी, जीतमल डांगी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' से बदली तस्वीर:बंद रोड लाइटों पर हुआ एक्शन, समाधान के लिए विभागों ने बढ़ाया कदम 7.'भास्कर समाधान' ला रहा बदलाव:उदयपुर में खराब रोड लाइट से जुड़ी दो समस्याओं का निपटारा, जेईएन राजकुमार बने ‘स्टार ऑफिसर’ 8.स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा की कार्रवाई:चित्रकूट नगर को मिली अंधेरे से मुक्ति, तो मल्ला तलाई में दूर हुई कचरे की समस्या 9.1 साल पुराने कचरे के ढेर से मिली राहत:उदयपुर नगर निगम ने कराई साफ-सफाई, खराब रोड लाइटें विभाग ने करवाईं दुरुस्त 10.बेसहारा पशुओं से बच्चों की सुरक्षा का सवाल:आजाद नगर में नाले का पानी जमा होने से बढ़ी दिक्कत, पुलन और राणा प्रताप नगर में समस्याओं का हुआ समाधान
बस्ती के वाल्टरगंज थाने के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के सात दिन बाद केस दर्ज किया है। उनके बेटे संदीप सिंह ने तीन लोगों पर पिता को ब्लैकमेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। संदीप का कहना है कि लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उनके पिता ने 29 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अप्रैल से वाल्टरगंज थाने में थे तैनात संदीप सिंह ने कोतवाली में दी शिकायत में बताया कि उनके पिता अप्रैल 2026 से वाल्टरगंज थाने में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। 29 अगस्त को उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद संदीप ने पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। शिकायत में संदीप ने प्रियंका चौधरी पत्नी हेन्द्र चौधरी निवासी वावनपार, थाना पैकोलिया, हाल पता गंधार थाना वाल्टरगंज; रानयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी निवासी गंधार और विजय प्रकाश पुत्र रतरा निवासी पिपरा काजी, थाना पैकोलिया को नामजद किया है। बेटे का आरोप- ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से करते थे परेशान संदीप का आरोप है कि तीनों लोग उनके पिता को लगातार ब्लैकमेल करते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उनका कहना है कि इसी ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या कर ली। 5 सितंबर की रात 11:56 बजे दर्ज हुई FIR घटना 29 अगस्त की है, जबकि पुलिस ने संदीप की शिकायत पर 5 सितंबर की रात 11:56 बजे केस दर्ज किया। मामले की जांच उपनिरीक्षक जयविंद कुमार यादव को सौंपी गई है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के बीच संबंध से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
लखनऊ में टला हादसा: शहीद पथ पर प्राइवेट बस में लगी आग, गोरखपुर से सवारी लेकर जा रही थी गाड़ी
गोरखपुर से सूरत 32 सवारियों को लेकर जा रही प्राइवेट स्लीपर बस में शनिवार रात 12:15 बजे आग लग गई। आग शहीद पथ स्थित मेदांता अस्पताल के पास लगी थी।
सीकर में 'भास्कर समाधान' पर शहर के अलग-अलग इलाकों से सड़क, रोड लाइट, नाली और कचरा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। राधा किशनपुरा के चिड़िया टिब्बा क्षेत्र में खराब सड़क से आवागमन में परेशानी है। पैराडाइज सिटी में बंद रोड लाइट और पिपराली रोड पर नाली नहीं होने से लोग परेशान हैं। वहीं सुभाष चौक के सोदानिया मोहल्ले में कचरा गाड़ी के घरों के पास नहीं रुकने की शिकायत सामने आई है। दूसरी ओर, घोराना रोड जेजेएन बाइपास पर खराब सड़क की समस्या का समाधान हुआ है। वार्ड नंबर 2 में बंद स्ट्रीट लाइट भी ठीक करवाई गई। इस कार्रवाई पर JEN दीपिका 'स्टार ऑफिसर' बनीं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… राधा किशनपुरा में खराब सड़क की समस्यासीकर शहर के राधा किशनपुरा के चिड़िया टिब्बा क्षेत्र के रहने वाले महेंद्र सिंह गढ़वाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि 3 नंबर फाटक से रेलवे लाइन तक पैदल चलने का रास्ता भी नहीं है। सड़क इतनी खराब है कि वाहन चलाने में भी डर लगता है। कॉलोनी की रोड लाइट हुई खराबशहर के पैराडाइड सिटी के रहने वाले राजेंद्र कुमार मीणा ने बंद रोड लाइट की समस्या साझा की है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में लगी हुई लाइट खराब होकर बंद हो गई है, जिसके कारण कॉलोनी के लोगों को समस्या आ रही है। रात के समय काफी ज्यादा अंधेरा रहता है। ओम रेजीडेंसी सोसाइटी के पास नाली की समस्यापिपराली रोड के ओम रेजीडेंसी सोसाइटी की रहने वालीं शशि ने गंदे पानी की निकासी की समस्या पोस्ट की है। शशि ने बताया कि सड़क को छोटा कर दिया गया है और नाली भी नहीं बनाई गई है। नगर निगम की कचरा गाड़ी से परेशान लोगसुभाष चौक के सोदानिया मोहल्ला निवासी सुनील ने कचरे वाली गाड़ी की समस्या के बारे में लिखा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की कचरे वाली गाड़ी घर के सामने या आस-पास नहीं रुकती है। एक क्लिक पर दुरुस्त हुई सड़कसीकर के घोराना रोड जेजेएन बाइपास निवासी गोपाल ने कुछ समय पहले गड्ढों की समस्या पोस्ट की थी। गोपाल ने लिखा था कि कई महीने से रोड खराब थी। इस समस्या के पोस्ट होने पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानशहर के वार्ड नंबर 2, हसनैन मस्जिद के पीछे कॉलोनी के रहने वाले जावेद बागोली की समस्या का भी समाधान हो गया है। दरअसल, उन्होंने बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसपर नगर परिषद की इलेक्ट्रिक सेक्शन की JEN ने समाधान करवा दिया है। दीपिका बनीं 'स्टार ऑफिसर'सीकर शहर के वार्ड नंबर 2, हसनैन मस्जिद के पीछे कॉलोनी से खराब रोड लाइट की समस्या सामने आई थी। जिसमें क्षेत्रवासी जावेद बागोली ने लिखा था कि लाइट बंद होने से गली के लोगों को परेशानी आ रही थी। इसपर नगर परिषद की इलेक्ट्रिक सेक्शन की JEN दीपिका ने समाधान करवा दिया है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.एक महीने से बंद हाईमास्ट लाइट हुई ठीक:टूटे सीवरेज चैंबर, पानी जमा होने, सड़क पर गहरे गड्ढों की समस्याएं सामने आई 2.शिव कॉलोनी में नालियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान:बंद स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर नहीं होने और सड़क पर जगह-जगह गड्ढों जैसी समस्याएं सामने आई 3.डेढ़ महीने से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान:सड़क, बिजली से जुड़ी समस्याएं आई सामनें, जेईएन दीपिका बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 4.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':सड़क, बिजली, जलभराव और सफाई से जुड़ी शिकायतें आई सामनें 5.नाली की सफाई और जल निकासी की समस्या का समाधान:कचरा, बंद स्ट्रीट लाइट और जाम नालियों से लोग परेशान 6.एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जाट कॉलोनी में तीन साल से टूटी सड़क की समस्या का हुआ समाधान 7. सीकर में जनसमस्याओं पर एक्शन:'भास्कर समाधान' से मिली राहत, प्रशासन की कार्रवाई से बदल रही शहर की तस्वीर 8.कायस्थ कॉलोनी में हफ्तों से फैला कचरा:चारियान गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क, तो न्यू जनता कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट 9.जनसमस्याओं पर 'भास्कर समाधान' का असर:खाटूश्यामजी-खंडेला रोडवेज बस शुरू, शहर की स्ट्रीट लाइटें भी हुईं दुरुस्त 10.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बिजली के तार, रोड लाइट, खराब स्ट्रीट लाइट और अधूरी सड़क से जुड़ी समस्याएं शामिल
यमुनानगर में शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना और मारपीट से परेशान एक विवाहिता ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाहिता का आरोप है कि ससुराल वाले उससे सोने के आभूषण और कार की मांग करते रहे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, मोबाइल तोड़कर उसे कमरे में बंद रखा गया। इतना ही नहीं, पति और देवर पर उसके नहाते तथा कपड़े बदलते समय कथित तौर पर वीडियो बनाने और देवर पर छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। विवाहिता के अनुसार गर्भवती होने के दौरान उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास, देवर, ननदों और देवरानी समेत आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। गर्भपात कराने का भी आरोप सेक्टर 17 थाना पुलिस को दी शिकायत में तेजली निवासी महिला ने बताया कि उसकी शादी दिसंबर 2022 को अंबाला के गांव दुबली निवासी युवक से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास, ससुर और देवर उस पर दहेज कम लाने का ताना मारने लगे। महिला का आरोप है कि 2023 में जब वह करीब ढाई महीने की गर्भवती थी, तब पति, सास और ननद ने उसका चोरी से टेस्ट करवाया और गर्भपात कराने के लिए जबरन दवा खिलाई। तबीयत बिगड़ने पर बाद में उसे जगाधरी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका जबरन गर्भपात कराया गया। नहाते समय देवर ने बनाया वीडियो शिकायत के मुताबिक, वह एक दिन नहाने गई थी। आरोप है कि उसके देवर ने इस दौरान उसकी वीडियो बनाने का प्रयास किया। उसने जब इस बारे में सास को बताया तो परिवार के सदस्यों ने उसे धमकाया कि वह यह बात मायके में न बताए। महिला का कहना है कि एक दिन वह कमरे में कपड़े बदल रही थी। आरोप है कि सास ने दरवाजा खुलवाया और पति तथा देवर ने उसके कपड़े बदलते समय वीडियो बनाई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। दो दिन कमरे में बंद रखने का आरोप महिला ने बताया कि फरवरी 2026 की रात करीब 11 बजे ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट की। जब उसने मायके फोन करने का प्रयास किया तो पति और देवर ने उसका मोबाइल छीनकर दीवार में मारकर तोड़ दिया। इसके बाद उसे कमरे में बंद कर दिया गया। आरोप है कि उसे दो दिन तक कमरे में बंद रखा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आसपास के लोगों से उसके मायके वालों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उसका भाई और मौसी का बेटा उसे कमरे से निकालकर अपने साथ ले गए। महिला ने बताया कि बाद में उसके परिवार ने ससुराल पक्ष से बातचीत के लिए संपर्क किया। पति ने कहा यदि उस पर दबाव बनाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास, देवर, ननद और देवरानी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ ने लोगों को अपने गांव, गली, मोहल्ले और वार्ड की समस्याओं को खुलकर उठाने की ताकत दी है। अब लोग प्रशासन से न केवल सवाल पूछ रहे हैं बल्कि फोटो–वीडियो शेयर कर अधिकारियों को जमीनी हकीकत भी दिखा रहे हैं। इसने विभागों को भी सक्रिय होकर लोगों की परेशानी दूर करने के लिए प्रेरित किया है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली… 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट के बाद हुआ एक्शन क्रिश्चियनगंज पुलिया, लाजरस लेन, शंकर मंडल रोड से प्रफुल्ल ने टूटी रोड की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने पोस्ट में जानकारी देते हुए लिखा था कि क्रिश्चियनगंज पुलिया, लाजरस लेन के आस–पास सड़क टूटी हुई है। गड्ढे हो गए हैं जिससे सात दिनों में दो एक्सीडेंट हो चुके हैं। इस पुलिया का निर्माण भी ठीक नहीं हुआ है। इसके बीच में ही सीवरेज चैम्बर बना दिया है जिससे यह हिस्सा बाकी रोड की तुलना में काफी ऊंचा हो गया है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने समाधान कर दिया है। इससे स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। जेईएन प्रतिभा बनीं ‘स्टार ऑफिसर’अजमेर की चौधरी कॉलोनी से महेश ने क्षतिग्रस्त हुई पेयजल पाइपलाइन की समस्या 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि इंदिरा गांधी रोड स्थित नाले की मरम्मत के दौरान हमारे एरिया की पानी की पाइपलाइन टूट गई थी। इससे पानी का प्रेशर कम हो गया और कुछ गलियों में तो पानी ही नहीं आ रहा है। समस्या पोस्ट होने के बाद जेईएन प्रतिभा ने फूटी पाइपलाइन की मरम्मत करवाई। इससे पानी का रिसाव रुका और जलापूर्ति सुचारु हुई। समाधान होने से स्थानीय लोग भी खुश हैं। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान पर काम जारी है… लाइब्रेरी से सटा ट्रांसफॉर्मर, हादसे का रहता डर 'भास्कर समाधान' पर ढोला भाटा रोड, नागबाई से यशराज ने लाइब्रेरी के साथ सटकर लगे ट्रांसफॉर्मर की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि ढोला भाटा के वार्ड 47 में सिद्धार्थ नगर में बाउंड लाइब्रेरी की इमारत से सटा हुआ एक बड़ा ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। बारिश में इससे लाइब्रेरी आने वाले लोगों को हमेशा खतरे का अंदेशा रहता है। इसे यहां से शिफ्ट कर अन्यत्र लगाने के लिए भी कई बार कह चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है। इस संबंध में भी विभाग समाधान की राह निकाले। 4 दिन में एक बार पानी, 300 रुपए से बुझा रहे प्यास फायसागर रोड, राज कॉलोनी, हाथी खेड़ा से कमलेश कुमार ने पीने के पानी से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि राज कॉलोनी, वरुण सागर रोड और होटल ग्रैंड एक्जिमा के आसपास के एरिया में लगातार पानी की समस्या बनी हुई है। चार दिन में एक बार पानी आता है। प्रेशर भी 10 से 15 मिनट ही रहता है उसके बाद बूंद–बूंद पानी टपकता रहता है। बड़ी मुश्किल से जरूरत भर का पानी भर पाते हैं। फिर अगले तीन दिन की जरुरत का पानी हमें 300 रुपए टैंकर देकर मंगाना पड़ता है। दिग्गी बाजार का बारिश में हाल बेहाल सोनू ने दिग्गी बाजार रोड, उत्तर घसेटी से एरिया की खराब रोड की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि निकाय चुनाव आ गए लेकिन अभी तक उनके एरिया में खराब पड़ी रोड और उनके गड्ढों की मरम्मत तक नहीं की गई है। जब से निकाय भंग हुए हैं न तो पैच वर्क ही हुआ न ही कोई सुधार कार्य ही निगम ने करवाया। इस समस्या का समाधन करवाने की अपील है। नाला बने एक साल हुआ, कनेक्शन नहीं होने से गंदगी जमा जवाहर कॉलोनी पर्वतपुरा से दीपक चंद शर्मा ने कॉलोनी के नाले और गंदगी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि चरनाल पेट्रोल पंप से लेकर तोषनीवाल फैक्ट्री तक नाला बने एक साल हो गया है। लेकिन कॉलोनियों के घरों का कनेक्शन न किए जाने के कारण घरों का गंदा पानी इसके किनारे जमा हो रहा है। इससे यहां मच्छर और मक्खियां पनप रहे हैं। निगम से अपील है कि कॉलोनी के घरों का सीवरेज पाइप कनेक्शन इस नाले में कर समस्या का समाधान करें। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.कृष्णा कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति हुई सुचारु:पानी, सफाई और कचरे की समस्याएं आई सामने, एईएन पूजा मौर्य आज बनी ‘स्टार ऑफिसर’ 2.केसरगंज में पेयजल आपुर्ति की समस्या का हुआ समाधान:सड़क पर जलभराव, जर्जर भवन, बिजली की तारों से टकराते पेड़ और खुले सीवरेज चैंबर की समस्याएं आई सामने 3. पंचशील नगर में सीवर टैंक की समस्या का हुआ समाधान:सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी आई सामने 4.अजमेर में पृथ्वीराज पुरी से हाथीभाटा तक समस्याओं की तस्वीर:बिजली कनेक्शन में देरी से रुका निर्माण कार्य, कार्रवाई के बाद बदली कई इलाकों की स्थिति 5.एक्सईएन राकेश गहलोत बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में एक साल से खुले चैम्बर की समस्या हुई हल, आना सागर की रोड लाइट भी सुधरीं, चूहों और बिजली के तारों की समस्या 6.चीफ हैल्थ इंस्पेक्टर रमेश बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में 20 साल पुरानी पेयजल समस्या का समाधान, महीनों बाद सफाई होने से लोग खुश 7.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 8.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 10.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश
बिहार के 5 लाख से ज्यादा टीचरों को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भेजी चिट्ठी, खत में क्या लिखा
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने टीचरों को खत लिखा है। शिक्षा मंत्री ने खत में लिखा है कि शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
जोधपुर में शहर के वार्डों से लेकर गांवों तक लगातार मिल रहा लोगों का भरोसा बता रहा है कि ‘भास्कर समाधान’ अब सिर्फ शिकायत का मंच नहीं, समाधान की उम्मीद बन चुका है। जाम नालियां, सड़कों पर फैला कचरा, बंद रोड लाइट, पानी की किल्लत या सफाई की परेशानी हो, लोग अपनी रोजमर्रा की दिक्कतें ‘भास्कर समाधान’ के जरिए उठा रहे हैं। शिकायत सामने आते ही संबंधित विभाग भी समाधान करवा रहे हैं। आज की समस्याएं जानने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… पोस्ट के बाद रेलवे प्रशासन ने की प्रभावी कार्रवाई जोधपुर की न्यू प्रजापत कॉलोनी रातानाड़ा से विष्णु प्रजापत ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर ट्रेन की सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया था कि गाड़ी संख्या 14864 मरुधर एक्सप्रेस शाम को जोधपुर आ जाती है लेकिन सुबह जब प्लेटफॉर्म पर जाती है तो सीटों पर इस्तेमाल तकिया और चद्दरें मिलते हैं। इससे आने वाले नए यात्री को बहुत असुविधा होती है। इस पर एक्शन लेते हुए रेलवे प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार करते हुए प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले इस्तेमाल तकिया–चादरें हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। वार्ड 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ 'भास्कर समाधान' पर न्यू भाकरी बास, सूर सागर से मनीष बालानी ने गंदगी और कचरा नियमित रूप से न उठने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि भुजावतों का बास, टाक उद्योग वाली गली में घर के बाहर काफी कचरा पड़ा रहता है। सारी गली यहीं आकर कचरा डाल रही है। पहले की गई दो पोस्ट पर भी समाधान होना बताया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद वार्ड 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार ने कचरा उठवाकर वहां सफाई करवा दी है। साथ ही लोगों को भी यहां कचरा न डालने के लिए पाबंद किया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… 60 फीट की रोड अतिक्रमण के कारण 10 फीट बची 'भास्कर समाधान' पर मंडोर रोड, पावटा से कुलदीप सिंह चौहान ने सड़क पर ट्रैवल एजेंसी की बसों से हो रहे अतिक्रमण की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि मानजी का हत्था में यूं तो रोड 60 फुट का है, लेकिन निजी ट्रैवल एजेंसियों की बसों के यहां खड़ा होने से रोड इतना संकरा हो जाता है कि 10 फुट भी जगह नहीं बचती। रोड पर जाम लगना और झगड़ा होना आम बात है। आज मेरा भी एक्सीडेंट होते बचा क्योंकि बसें गली के मोड़ पर खड़ी रहती हैं जिससे सामने से आ रहा वाहन दिखाई ही नहीं देता। अवैध डम्पिंग जोन में जलाते कचरा, कॉलोनी परेशान जोधपुर के रीको इण्डस्ट्रियल एरिया, भगत की कोठी से रामजी ने अपनी समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने बताया कि रीको इण्डस्ट्रियल एरिया के एचआई फेज–II, बासनी के प्लॉट संख्या 29, 30, 31 में बीते 10 सालों से अस्थायी डम्पिंग जोन बन गए हैं। यहां रोज अवैध रूप से कचरा और औद्योगिक वेस्ट जलाया जाता है। पूरा इलाका धुंआ–धुंआ रहता है। पास ही हमारी रिहायशी कॉलोनी है, सरकारी स्कूल है और मार्केट एरिया है। बारिश के दिनों में पूरी रोड इस कचरे के कारण जाम हो जाती है। स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है वो अलग है। समाधान करवाएं। टूटी रोड से आमजन परेशान, ठीक कराने की अपील विष्णु प्रजापत ने टूटी रोड की तस्वीरें भेजकर इनके समाधान की अपील की है। उन्होंने बताया कि रेलवे हॉस्पिटल से लेकर पुलिया तक पूरी रोड टूटी हुई है। उन्होंने कहा कि आमजन जो बाइक और रिक्शे में चलता है उनके लिए इस रोड का सफर बहुत परेशानी भरा है। जन प्रतिनिधियों से अपील है कि इस परेशानी का समाधान करवाएं। खराब रोड लाइट का नहीं हो रहा कोई समाधान, अंधेरे में लोग कुड़ी भगतासनी के सेक्टर 3 यू से नरेश डऊकिया ने रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने बताया कि हामरे एरिया में बीते कई दिन से रोड लाइट खराब है। शिकायत के बावजूद इसका समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश के इस मौसम में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जहरीले जीवों का डर सताता है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' पर जोधपुर का भरोसा कायम:जोधपुर में एक ही दिन में सफाई और पॉवर कट की पांच समस्याओं का हुआ समाधान, डिस्कॉम के सौरभ बने 'पब्लिक के स्टार' 2.'भास्कर समाधान': एक पोस्ट में समस्या का हल:जोधपुर में सीवरेज, लो पॉवर और कचरा उठाने की समस्या हुईं हल, डिस्कॉम के महिपाल सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 4.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 5.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 6.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 7.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 9.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 10.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग
यूपी के मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश के बीच एक 4 मंजिला जर्जर इमारत भरभराकर ढह गई। सड़क किनारे बनी इमारत के गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत की चपेट में आकर बिजली के पोल टूट गए। हाईटेंशन तारों के टूटने से चिंगारियां निकलने लगीं। जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ ही हर तरफ धूल का गुबार छा गया। शनिवार को हुई इस घटना का VIDEO देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करिए…
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ के जरिए लोगों को उनके वार्ड की सड़क, सफाई, बिजली और पानी जैसी शिकायतों के समाधान एक पोस्ट करने से मिल रहे हैं। शहर के वार्ड से गांव के गलियारों तक जनसमस्याओं पर लगातार मिल रहे फीडबैक से ‘भास्कर समाधान’ अब शिकायतों का मंच नहीं बल्कि समाधानों का प्लेटफॉर्म बन गया है। आज की समस्याओं पर नजर डालने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट के बाद 24 घंटे में सुलझी समस्या कोटा के रंगपुर रोड ओवर ब्रिज पर तिराहे से पहले बाजार की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे तीन खम्भों की रोड लाइट्स बंद पड़ी हैं। यह समस्या हमें राजीव लोचन ठाकुर ने भेजी थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि सड़क पर तीनों सड़कों पर एक एक हैलोजन लाइट अलग से भी लगी हैं लेकिन वह भी बंद पड़ी हैं। रात के समय अक्सर इन सड़कों के किनारे या बीच में बेसहारा पशु गाय, भैंसे बैठ जाती हैं। इससे बड़ी दुघर्टना हो सकती है। ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने इस समस्या का 24 घंटे में ही समाधान करवा दिया। पीएचईडी की जेईएन सुनीता नाग्रवाल बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ बारां रोड, सरस्वती कॉलोनी की गली नंबर 9 से पानी की पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि गली में गैस लाइन डालने के दौरान पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे हमारी और आसपास की कई गलियों में पानी की परेशानी चल रही है। न तो प्रेशर ही आता है न ही पूरा पानी मिल पाता है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद पीएचईडी की जेईएन सुनीता नाग्रवाल ने समाधान करवा दिया है। अब पर्याप्त पानी और पूरे प्रेशर से मिल रहा है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… गली के खाली प्लॉट में पड़ा मलबा बना समस्या कोटा के गायत्री विहार, बजरंग नगर से रितेश शर्मा ने उनके घर के सामने खाली प्लॉट में कचरे और मलबे के ढेर की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सी–20, गायत्री विहार में खाली प्लॉट है जहां लंबे वक्त से कचरा और मलबा पड़ा हुआ है। हवा चलने पर कचरा और बारीक धूल–मिट्टी उड़कर घर में आती है। इसमें चूहे, जहरीले जीव और मच्छर भी पनप रहे हैं। 25 सालों से इस प्लॉट का निर्माण नहीं हुआ है। समस्या का समाधान करें। नालियों की सफाई नहीं, रोड पर गड्ढा बना परेशानी कोटा स्टेशन एरिया, सोगारिया से योगेन्द्र कुमार ने रोड पर बने गड्ढे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में बताया कि रामदास नगर, गली नंबर 2, गुरु गोबिंद सिंह रेजिडेंसी के सामने वाली गली में सीसी रोड के बीच में कवर टूट जाने से एक बड़ा और गहरा गड्ढा हो गया है। इससे गाड़ियों के टायर गड्ढे में फंस जाते हैं जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। वहीं सभी नालियां भी भरी हुई हैं। कचरे की सफाई न होने से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इससे नालियों में मच्छर पनप रहे हैं। चोक नाले से पानी की निकासी नहीं, गंदगी से परेशान कोटा स्टेशन रोड एरिया, सोगारिया से एस.डी. शर्मा ने नालियां चोक होने की समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने लिखा है कि रेलवे कॉलोनी में नाला चोक होने से गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही है। इसकी शिकायत पहले भी कोटा प्रशासन और कोटा कलेक्टर तक को की जा चुकी है लेकिन अब तक इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। नाले में कचरा जमा है। नियमित सफाई नहीं होने से नालियां और नाले चोक हो गए हैं। इस पर नगर निगम कोटा को इस पर एक्शन लेना चाहिए ताकि बारिश में लोगों को परेशान न होना पड़े। चोक नाले से पानी की निकासी नहीं, गंदगी से परेशान बालिता रोड, कुन्हाड़ी से अर्पित ने नाले की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया की उनके एरिया कुन्हाड़ी सर्किल, राजस्थान स्टेट इलेक्ट्रसिटी बोर्ड एरिया, बालिता रोड पर बने नाले की सफाई बीते 8 सालों से नहीं हुई है। यहां सीसी रोड बनाते समय लोगों और दुकानदारों ने सीमेंटेड कर के रैम्प बना लिए जिससे इसकी सफाई नहीं हो पाती। आए दिन इसमें से जहरीले जीव–जंतु निकलते हैं। इस समस्या का समाधान करवाएं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
रीवा में मृत बेटी कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए पिता रामशिरोमणि मिश्रा का आमरण अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी है। वे सिरमौर चौराहा पर धरने पर बैठे हैं। परिवार की मांग है कि कल्पना और उसके नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आज जिलेभर के लोगों से आह्वान किया गया है कि वे बड़ी संख्या में सिरमौर चौराहा पहुंचें और कल्पना को न्याय दिलाने की लड़ाई में परिवार का साथ दें। पांच दिन से चल रहे इस आंदोलन में अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी बढ़ रहा है। अब तक चार स्वास्थ्यकर्मी निलंबितकल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल स्तर पर कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया। इसके बाद दो डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ/एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. निधि पांडे को निलंबित किया गया है। यानी मामले में अब तक कुल चार स्वास्थ्यकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। अधीक्षक राहुल मिश्रा को भी पद से हटायामामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा पर भी कार्रवाई हुई है। परिजनों के साथ उनके कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें अधीक्षक पद से हटा दिया गया और डॉ. प्रियंक शर्मा को अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई। यह कार्रवाई कल्पना की मौत से जुड़े विवाद और परिवार के साथ अधीक्षक के व्यवहार को लेकर बढ़े आक्रोश के बीच हुई। जांच के लिए कमेटियां बनीं, भोपाल तक पहुंचा मामलामामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच में यह देखा जा रहा है कि कल्पना की अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मौत तक इलाज की प्रक्रिया क्या रही, निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं और किन परिस्थितियों में जच्चा-बच्चा की मौत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक भोपाल से भी जांच टीम रीवा पहुंची और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व परिजनों से जानकारी ली गई। परिवार की मांग पर पोस्टमार्टम भी कराया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारण और किसी स्वास्थ्यकर्मी की चिकित्सकीय लापरवाही की अंतिम जिम्मेदारी तय होगी। अस्पताल प्रशासन ने भी कहा है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिता बोले- सिर्फ निलंबन नहीं, FIR चाहिएइन तमाम कार्रवाइयों के बावजूद पिता रामशिरोमणि मिश्रा धरना खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल निलंबन से न्याय नहीं मिलेगा। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर पांचवें दिन भी उनका आंदोलन जारी है। मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल धरना स्थल पहुंचकर परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इसके बावजूद पिता अपनी मांगों पर कायम हैं। अब रविवार को जिलेभर के लोगों से धरना स्थल पहुंचने का आह्वान किया गया है। आज भीड़ जुटी तो आंदोलन बड़ा हो सकता है कल्पना को न्याय दिलाने के लिए पांचवें दिन चल रहे आमरण अनशन के बीच आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवार और आंदोलनकारियों ने जिले के लोगों से सिरमौर चौराहा पहुंचने की अपील की। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पहुंचते हैं तो यह आंदोलन और व्यापक हो सकता है। ये खबरें भी पढ़ें… डिप्टी CM के सामने फूट-फूटकर रोए पिता जच्चा-बच्चा मौत केस में न्याय की मांग को लेकर कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा से मिलने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने रामशिरोमणि मिश्रा से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी बात सुनी। पूरी खबर पढ़िए… पोस्टमार्टम में कारण अभी स्पष्ट नहीं जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। दोनों की मौत की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मां कल्पना मिश्रा की रिपोर्ट में मौत का कारण तय नहीं किया गया है और हिस्टोपैथोलॉजी, जांच व इलाज से जुड़े पूरे रिकॉर्ड मिलने के बाद राय देने की बात कही गई है। पूरी खबर पढ़िए…
साइबर थाना पुलिस अजमेर ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में उपयोग की गई दो कार भी जब्त की हैं। आरोपी ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालक बनकर लोगों को झांसे में लेते और ट्रक उपलब्ध करवाने के नाम पर एडवांस राशि मंगवाकर उसे म्यूल खातों में ट्रांजेक्शन कराते थे। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी कर लेते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी सीकर जिले के हैं। पुलिस इनकी कई दिनों से तलाश कर रही थी। डीवाईएसपी शमशेर खान ने बताया - 18 अगस्त को अज्ञात कॉलर्स ने खुद को सांवरिया ट्रांसपोर्ट कंपनी, नागौर का संचालक बताकर परिवादी नारायण जाट को माल ढुलाई के लिए गणेश रोड लाइंस, पावटा कोटपूतली से ट्रक उपलब्ध करवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने एडवांस के तौर पर 2 लाख रुपए म्यूल खाते में ट्रांसफर करा लिए यह राशि मूल ट्रांसपोर्ट संचालक को नहीं दी। मामला दर्ज करने के बाद साइबर क्राइम थाना अजमेर की टीम ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने साइबर पोर्टल 1930 की रिपोर्ट से संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की। संबंधित बैंक से बैंक स्टेटमेंट, एओएफ और केवाईसी विवरण हासिल किए। सवारी बनकर टैक्सी चालक ठगों के लिए बिछाया जाल जांच के दौरान हैड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह व कांस्टेबल सोहनलाल ने साइबर ठगी को अंजाम देने वाले संदिग्धों की पहचान टैक्सी चालकों के रूप में की। आरोपियों की पहचान होने के बाद इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। दोनों ने सवारी बनकर टैक्सी चालक मनीष मीणा व अभिलाष मीणा, निवासी मीणों की ढाणी गांव कल्याणपुरा जिला सीकर से संपर्क किया। दोनों झांसे में आ गए। इसके बाद दोनों ठगों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली के ठगों से लिंक की की जा रही है जांच इन दोनों साइबर ठगों और इससे पहले पकड़े गए दिल्ली के चार साइबर ठगों के बीच कड़ी को खंगाला जा रहा है। दिल्ली निवासी विकास कुमार, अमृतराज, सूर्यांश और आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब सीकर और दिल्ली के इन ठगों के बीच कनेक्शन की जांच कर रही है। ………… पढें ये खबर भी…. अजमेर में वार्ड-3-4 में भाजपा बागी का समर्थन करेगी कांग्रेस:जिलाध्यक्ष बोले-प्रत्याशी घोषित नहीं करना हमारी रणनीति; कहा-भाजपा में घबराहट, इसलिए वोट मांगने CM आ रहे अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 3 और 4 में भाजपा के बागी निर्दलीय का कांग्रेस समर्थन करेगी। इसके लिए पूर्व में बनाई गई रणनीति के अनुसार ही कांग्रेस ने पार्टी प्रत्याशी घोषित नहीं किए। इस बात का खुलासा शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने दैनिक भास्कर ऐप से की बातचीत में किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है और इस बार कांग्रेस बोर्ड बनाएगी। जयपाल ने कहा कि भाजपा के सीनियर लीडर ही भाजपा के खिलाफ हैं और घबराहट हो रही है। यही कारण है कि नगर निकाय जैसे चुनाव में भी वोट मांगने के लिए मुख्यमंत्री को आना पड़ रहा है। (पूरी खबर पढें)
समस्तीपुर के उजियारपुर थाना क्षेत्र के धमुआ चौक के पास शनिवार रात बाइक सवार बदमाशों ने एक दूध कारोबारी को गोली मार दी। घटना में गोली दूध कारोबारी की पीठ में पीछे से लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल दूध कारोबारी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के पतैली गांव के रहने वाले राजेश पासवान के बेटे संजीव कुमार पासवान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों ने दूध कारोबारी को उजियारपुर सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूध खरीदकर क्रय केंद्र लौट रहे थे संजीव घायल दूध कारोबारी संजीव कुमार पासवान ने बताया कि वे रोजाना की तरह शनिवार शाम क्षेत्र के पशुपालकों से दूध खरीदने के बाद उसे लेकर दूध क्रय केंद्र लौट रहे थे। इसी दौरान समस्तीपुर-दलसिंहसराय मुख्य पथ पर धमुआ चौक के समीप पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद संजीव सड़क पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि बदमाशों की संख्या तीन थी और सभी एक ही बाइक पर सवार होकर आए थे। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश उजियारपुर की ओर फरार हो गए। संजीव ने बताया कि वह बदमाशों को पहचानते नहीं हैं। उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है। गोलीबारी की सूचना मिलते ही उजियारपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल संजीव से भी घटना की जानकारी ली। इसके बाद दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। पुलिस बदमाशों की पहचान करने के साथ ही गोलीबारी के कारणों का पता लगाने में जुटी है। आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कोटा शहर में बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते आज सुबह से शाम तक कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पोल और फीडर की जांच का कार्य किया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में की जाएगी बिजली कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: रोड नंबर 5, ऑटोमोबाइल जोन, गौतम इलेक्ट्रिकल वाली गली, सीएनजी पेट्रोल पंप के आसपास, प्रमोद इलेक्ट्रिकल वाली गली, राजेंद्र इंजीनियरिंग, कैलोरी ब्रेड, मूंदड़ा ट्रैक्टर्स के आसपास, निमोदिया स्टोन्स एसएस आनंद के आसपास, प्रकाश ट्रांसफार्मर, होटल जी-20 के आसपास, बीएसएनएल कार्यालय, श्रीराम सर्किल, ओम मेटल, कैप्टन मोहन वाली गली, मिल्की वे, मधुश्री चाय वाली गली, अशोक चॉकलेट व आसपास के इलाकों की चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक: राजेश मोटर्स, आरटीएल, राठी वाली गली, आरटीएल के आसपास, झंवर स्टोन के पास, पाषाण भवन, हरियाली किसान मार्केट के आसपास, गोमती सर्किल इलाकों की चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 12 से 3 बजे तक: रोड नंबर 6, चांवला इंडस्ट्री, स्टोन शिपर, गणेश उद्योग, अशोक बोतल इंडस्ट्री, अग्रवाल स्टोन, उत्तम इंडस्ट्री, जम्बू इंडस्ट्री, देवेंद्र स्टोन, अग्रवाल मार्बल, मंगल दाल एंड आॅयल मिल, ढाका इंडस्ट्री, एनके इंडस्ट्री के आसपास के इलाकों की 3 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक: रोड नं. 7, रोड नं. 6 का कुछ भाग, रूंग्टा इंडस्ट्रीज, ट्रॉली मार्केट के आसपास, मजार के पास, गंभीर उद्योग के पास, बुरहानी वाली गली, भामाशाह मंडी क्षेत्र के सामने, प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के आसपास 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी।

