भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदारों की बताई जा रही है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहींजांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है। 238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागरजेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे उपभोक्ताओं के साथ की गई ठगी— 1- जेके रोड मिनाल स्थित मेसर्स फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी में 15 अप्रैल 2026 को 250 से ज्यादा उपभोक्ताओं के ओटीपी के आधार पर ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए। लेकिन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन बिल 16 अप्रैल का काटकर दिया गया। लोगों को होम डिलीवरी की जगह एजेंसी के पीछे खड़े ट्रकों से सिलेंडर दिए गए। 2- मौके पर पाया गया कि एजेंसी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 918 रुपए लिए गए, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल था। जबकि मौके पर सिलेंडर देने पर 34 रुपए घटाकर नया बिल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे अनुमान है कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों में से 6 हजार सिलेंडरों पर ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर करीब 2 लाख रुपए अवैध वसूली की गई। 3- एजेंसी के पीछे खाली मैदान में सिलेंडर वितरण के दौरान सुरक्षा निरीक्षण (मेंटेटरी इंस्पेक्शन) के नाम पर 238 रुपए लेकर कैश मेमो दिया गया। जबकि यह निरीक्षण उपभोक्ता के घर जाकर किया जाना चाहिए था। एजेंसी ने बिना निरीक्षण के ही राशि ली और बिल जारी करने को इस भुगतान से जोड़ दिया। करीब 25 हजार कनेक्शन में से 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले गए। 4- बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी कर्मियों द्वारा अन्य जगहों पर बेच दिए गए। एजेंसी ने सफाई दी कि उपभोक्ता घर पर नहीं मिले, जो सही नहीं पाया गया। 5- 1 अप्रैल से जांच तक करीब 2 हजार ऑनलाइन बुकिंग लंबित मिलीं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया। 6- 9 अप्रैल को जारी इनवॉइस का लोड 10 अप्रैल को मिला, लेकिन 15 अप्रैल तक नया लोड नहीं आया। एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के बिक्री दर्ज कर सिलेंडर अन्य जगह बेच दिए। इसी कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी। 7- अप्रैल 2026 में डिपो पीलूखेड़ी (जिला राजगढ़) से 11 ट्रकों की जानकारी दी गई। दूरी के हिसाब से 2–2.5 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन ट्रक 24 घंटे बाद पहुंचे। 11 में से 10 बार ऐसा हुआ, जिससे बीच में ट्रक कहां रुके—यह संदिग्ध है। 8- एजेंसी ने 9 डिलीवरी वाहन बताए, लेकिन मौके पर केवल 5 ही सक्रिय मिले। 9- स्टॉक में गड़बड़ी मिली—करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि 40 घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त मिले। 10- 17 अप्रैल को नीलबड़ हरिनगर स्थित गोदाम की आकस्मिक जांच में स्टॉक और कैश एंड कैरी रेट का प्रदर्शन नहीं मिला। गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में है, जहां दो गोदाम संचालित हैं। दूसरा गोदाम बीएस सर्विसेस गैस एजेंसी (कोटरा सुल्तानाबाद) का है, जो एचपीसीएल की ही सिस्टर कंपनी है। दोनों गोदाम आवासीय क्षेत्र से सटे पाए गए। बीएस सर्विसेस के संचालक सुयश शर्मा पाए गए, जिनकी भी जांच की गई।
मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर छोटे प्लॉट लाएगा LDA,:वरुण विहार योजना में 112 वर्गमीटर पर फोकस
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की नई ‘वरुण विहार’ योजना में इस बार मिडिल क्लास परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राधिकरण बड़े प्लॉट्स के बजाय छोटे साइज के भूखंड लाने की तैयारी में है, ताकि सीमित बजट में ज्यादा से ज्यादा लोग अपना घर बना सकें। योजना में MIG वर्ग के लिए 112 वर्गमीटर के प्लॉट प्रस्तावित हैं। ऐसे करीब 400 से अधिक भूखंड रखे जाएंगे। छोटे साइज के कारण इनकी कुल कीमत कम रहेगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। कीमत 2500-2700 रुपए प्रति वर्गफुट के बीच प्राधिकरण प्लॉट्स की दर 2500 से 2700 रुपए प्रति वर्गफुट के बीच तय करने की तैयारी में है। हालांकि अभी कॉस्ट ऑडिटिंग जारी है। लॉटरी से आवंटन, 3 साल बाद मिलेगा कब्जा प्लॉट्स का आवंटन लॉटरी सिस्टम से होगा। आवंटन के बाद भी लोगों को करीब तीन साल इंतजार करना होगा, क्योंकि कॉलोनी को विकसित करने में समय लगेगा। जून अंत में लॉन्च की तैयारी योजना को जून के अंतिम सप्ताह में लॉन्च करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराए जाने की संभावना है। लॉन्च के साथ ही रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो जाएंगे। सभी वर्गों को मिलेगा मौका योजना में सिर्फ MIG ही नहीं, बल्कि LIG और EWS वर्ग के लिए भी प्लॉट आरक्षित किए जाएंगे। बड़े पैमाने पर विकसित होगी कॉलोनी आगरा एक्सप्रेस-वे के पास 2664 हेक्टेयर में बसने वाली इस योजना में चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत याची की हिरासत को सही ठहराया। याची पर 2025 में होली के समय के आसपास जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने का आरोप है। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि गाय की हत्या स्वतः ही तीव्र भावनाएं और हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है, क्योंकि इससे समाज के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाओं को स्पष्ट रूप से ठेस पहुंचती है। कोर्ट ने कहा- ऐसे कृत्य का तत्काल और व्यापक परिणाम कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे कृत्य के समाज में तत्काल और व्यापक परिणाम होते हैं, जिससे लगभग हमेशा बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठती है। यह हिंसा एक शांत समाज को नुकसान पहुंचाती है और जीवन की सामान्य गति को पूरी तरह से बाधित कर देती है। खंडपीठ ने अपने आदेश में टिप्पणी की, कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनके प्रति समुदाय इतना संवेदनशील होता है कि यदि वे सामने आते हैं तो उनमें समाज में व्यापक उथल-पुथल मचाने की अंतर्निहित क्षमता होती है, जो जीवन की सामान्य गति को प्रभावित करती है। इनमें से एक मुद्दा गाय की हत्या है। यह देखते हुए कि इस कृत्य में जीवन की सामान्य गति को बाधित करने की क्षमता है और यह सार्वजनिक व्यवस्था का उल्लंघन करता है, खंडपीठ ने हिरासत आदेश पारित करने में 'हिरासत प्राधिकारी' को पूरी तरह से उचित पाया। प्राधिकारी ने यह सोचकर आदेश दिया कि जेल से रिहा होने पर याचिकाकर्ता सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हो सकता है। 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' खारिज इस प्रकार, खंडपीठ ने याचिकाकर्ता-समीर द्वारा अपनी हिरासत को चुनौती देने वाली 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' खारिज कर दी। समीर की हिरासत का आदेश शामली के ज़िला मजिस्ट्रेट ने रासुका की धारा 3(3) के तहत दिया था, जिसे बाद में राज्य सरकार ने भी सही ठहराया था। मामले के अनुसार, 15 मार्च 2025 को पुलिस दल को शामली ज़िले के एक गांव के खेत में गाय के बछड़ों के अवशेष मिले। चूंकि उस समय होली का त्योहार चल रहा था, इसलिए इस घटना से हिंदू आबादी के बीच अशांति फैल गई, जिसके चलते शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने दावा किया कि स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं की आक्रोशित भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। उन्होंने इस कृत्य के लिए ज़िम्मेदार अपराधियों की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग करते हुए ज़ोरदार नारे लगाए। सड़क जाम कर दिया गया और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुईं। पुलिस को कई गांवों में डेरा डालना पड़ा ताकि इस घटना से बिगड़ी सार्वजनिक व्यवस्था को बहाल किया जा सके। पुलिस जांच के बाद याचिकाकर्ता और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने की बात कबूल कर ली थी। हाईकोर्ट के सामने याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उस पर लगाया गया अपराध एक छोटा-मोटा अपराध है, जिसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट कर सकता है; और अगर यह साबित भी हो जाता है कि यह अपराध उसी ने किया तो भी यह कानून-व्यवस्था के उल्लंघन से ज़्यादा कुछ नहीं माना जाएगा। इसलिए यह तर्क दिया गया कि रासुका के तहत हिरासत में रखना अनुचित था। दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील ने इस विवादित आदेश का बचाव किया। हाईकोर्ट ने 2002 के एक आदेश का हवाला दिया, जिसमें यह कहा गया कि गोहत्या सांप्रदायिक तनाव भड़काती है, वैमनस्य पैदा करती है और ऐसी स्थिति उत्पन्न करती है जिससे सार्वजनिक व्यवस्था भंग हो जाती है। बेंच ने इस तर्क पर भी विचार किया कि क्या जेल में बंद किसी व्यक्ति को निवारक हिरासत में रखा जा सकता है। इसने कमरुननिसा बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारी ऐसे व्यक्ति के ख़िलाफ़ हिरासत का आदेश वैध रूप से पारित कर सकता है, यदि इस बात की वास्तविक संभावना हो कि उसे ज़मानत पर रिहा कर दिया जाएगा और ऐसे विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद हों जिनसे यह पता चलता हो कि रिहा होने पर वह सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हो सकता है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के इस तर्क को भी ख़ारिज किया कि राज्य सरकार और सलाहकार बोर्ड ने उसकी हिरासत के ख़िलाफ़ उसके अभ्यावेदन पर निर्णय लेने में अत्यधिक विलंब किया।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज में मंगलवार रात करीब 9:45 बजे भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। जिस समय आग फैली वहां 10 मजदूर काम कर रहे थे। उन्हें बाहर निकाल लिया गया। वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निपटान का काम करने वाली इस कंपनी में रखे केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके हो रहे हैं, जिससे आग तेजी से फैली और लपटें आसपास की अन्य कंपनियों तक पहुंच गईं। हालात को देखते हुए आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इंदौर समेत आसपास के शहरों से दमकल की गाड़ियां लगातार मौके पर पहुंच रही हैं और अब तक 14 फायर फाइटर आग बुझाने में जुटी हैं। दूर से दिखाई दे रहा धुएं का गुबार आग इतनी भीषण है कि काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है। आग पर काबू पाने के लिए नगर पालिका और निजी टैंकरों से लगातार पानी सप्लाई की जा रही है, जबकि रेत भी मंगवाई गई है। आग की चपेट में एक जेसीबी और एक हाइड्रा वाहन जलकर खाक हो गए हैं। तस्वीरें देखिए धार कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचेमौके पर एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर, एसडीएम राहुल गुप्ता, कार्यपालन मजिस्ट्रेट राहुल गायकवाड़, तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव समेत प्रशासनिक और पुलिस अमला मौजूद है। धार कलेक्टर भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर के अनुसार, फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी। क्या करती है हजारगो इंडस्ट्रीजपीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया (धार) में स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसकी स्थापना 2011 में हुई थी। कंपनी खतरनाक (हैजार्डस) और गैर-खतरनाक औद्योगिक कचरे के निपटान के साथ ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग का काम करती है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करना इसका मुख्य कार्य है। पहले इसका नाम आर.के. स्टील एंड स्क्रैप सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड था। खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए।
अयोध्या में अमरनाथ यात्रा 2 जुलाई से:जिला अस्पताल में मेडिकल जांच शुरू, 350 श्रद्धालु फिट पाए गए
अयोध्या में 2 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा से पहले अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में विशेष काउंटर शुरू कर दिए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जांच करा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक अब तक करीब 350 श्रद्धालुओं का पंजीकरण कर उनका मेडिकल चेकअप किया जा चुका है। जांच में ईएनटी, ब्लड टेस्ट, हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप सहित जरूरी परीक्षण किए जा रहे हैं। सभी रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सक द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। अस्पताल के प्रबंधक राजेंद्र तिवारी ने बताया कि ऊंचाई और कठिन परिस्थितियों वाली इस यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य है। यही कारण है कि श्रद्धालु पहले से ही जांच कराकर यात्रा को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
ग्वालियर में ई-रिक्शा में गहने चोरी की एक और वारदात सामने आई है। इस बार दिल्ली के सराफा व्यवसायी निशाना बने। वह पत्नी और बच्चों के साथ गोला का मंदिर से ससुराल आदित्यपुरम जा रहे थे। रास्ते में दो महिलाएं ई-रिक्शा में सवार हुईं और डीडी नगर गेट के पास उतर गईं। कुछ देर बाद व्यापारी की पत्नी ने बैग देखा तो चेन खुली मिली। जांच करने पर गहनों का पाउच गायब था। घटना दो दिन पहले की है। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर संदिग्ध महिलाओं की तलाश शुरू कर दी है। मुरैना निवासी 32 वर्षीय भारत सिंह राठौर, पिता रमेश सिंह राठौर, दिल्ली में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। वह बहन के ससुर के निधन पर मुरैना आए थे और कार्यक्रम के बाद पत्नी के साथ आदित्यपुरम स्थित ससुराल जा रहे थे। गोला का मंदिर पर बस से उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (MP 07 ZJ 0250) लिया। कुछ दूरी पर दो महिलाएं भी उसमें बैठ गईं। डीडी नगर गेट के पास उतरने के बाद किराया देकर वे आगे बढ़े। तभी बैग की चेन खुली दिखी। बैग चेक करने पर गहने गायब मिले। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें थाने ले गई। दो दिन बाद दर्ज हुई एफआईआरपीड़ित के अनुसार, दो दिन तक थाने के चक्कर लगाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान से शिकायत की, तब जाकर मामला दर्ज किया गया। यह सामान हुआ चोरीपीड़ित ने बताया कि बैग से एक मंगलसूत्र, तीन सोने की अंगूठियां, कान के सुई-धागा और 18,500 रुपए चोरी हुए हैं। शक है कि वारदात उन्हीं महिलाओं ने की, जो रास्ते में ई-रिक्शा में सवार हुई थीं।
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साथ चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय बैसाखी महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया। इस महोत्सव ने दर्शकों को पंजाब की समृद्ध लोक संस्कृति से परिचित कराया। समापन समारोह ढोल की थाप और लोकगीतों की गूंज के साथ शुरू हुआ। गुरप्रीत प्लाहा और उनके दल ने ‘लुड्डी’ नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने वे मैं लुड्डी पई पावदी और कुड़ी ये लच्चे वाले जैसे लोकप्रिय गीतों पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मेजर सिंह और उनके दल ने ‘भांगड़ा’ प्रस्तुत किया। यूनिवर्सल आर्ट एंड कल्चर वेलफेयर सोसाइटी ने ‘मलवई गिद्दा’ का प्रदर्शन किया, जिसमें पंजाब की पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक दिखी। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित गुरप्रीत सिंह और उनके दल ने ‘गतका’ युद्धकला का प्रदर्शन किया। तलवार, भाले और अन्य पारंपरिक शस्त्रों के साथ किए गए इस प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। समापन संध्या पर कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा भी आकर्षण का केंद्र रही। भांगड़ा कलाकारों की रंग-बिरंगी पगड़ियां, परिधान और महिला कलाकारों के फुलकारी दुपट्टे व पटियाला सूट मंच पर दिखाई दिए। गतका दल के कलाकार नीले और केसरिया परिधानों में थे। कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री डॉ. राज बबेजा सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन मनमोहन सिंह ‘तन्हा’ ने किया। केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की।
कैंट में बेटी पर बुरी नजर डालने वाले युवक को परिजन ने पीट- पीटकर मरणासन्न कर दिया। घटना की जानकारी होने पर युवक के परिजन ने निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां पांच दिन उपचार के बाद युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद युवक के परिजन ने युवती के परिवार पर हत्या करने का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की। 14 अप्रैल को चेतन मैदान बुलाकर पीटा था गोला घाट नई बस्ती निवासी 32 वर्षीय दुर्गेश कुमार इलेक्ट्रिशियन थे, परिवार मां प्रेमा और भाई तरुण व योगेश है। परिजन ने आरोप लगाया कि बीती 14 अप्रैल को इलाके में रहने वाले पिता-पुत्र दुर्गेश को चेतन मैदान बुलाया, जहां पुरानी रंजिश के कारण आरोपी पिता-पुत्र ने साथियों के साथ मिलकर दुर्गेश को बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी होने पर परिजन ने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान सोमवार रात को युवक की मौत हो गई। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की। कैंट थाना प्रभारी अरविंद कुमार राय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि दुर्गेश इलाके में रहने वाली एक युवती को फोन करता था, जिसकी जानकारी होने पर युवती के परिजन ने पुलिस और दुर्गेश के परिवार वालों से शिकायत की। दो बार हो चुका था आपसी समझौता हालांकि दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया था। दुर्गेश के परिजन का आरोप है कि युवती के परिजन ने उसे अपने घर के पास देखा। 14 अप्रैल को वह उसे घर से बुलाकर ले गए, जहां उसे बेरहमी से पीटा। जिससे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार ने घटना की शिकायत पुलिस से की। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में जन्मदिन की पार्टी के बाद युवाओं द्वारा हाइवे पर खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। तेज रफ्तार कार से लटककर रील्स बनाने का वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते और पुलिस को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। घटना सोमवार रात सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इलाके के एक ढाबे पर एक युवक का जन्मदिन मनाया गया था। जिस पर पहले से कई मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। पार्टी में बड़ी संख्या में युवक शामिल हुए थे। पार्टी के बाद युवक कई कारों में सवार होकर हाइवे पर निकल पड़े और तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाने लगे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक कारों की खिड़कियों से बाहर लटककर और सनरूफ से निकलकर वीडियो बना रहे हैं। इस दौरान न सिर्फ उन्होंने अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा किया। इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त और हाइवे पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कहीं भी पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आ रही है। बताया जा रहा है कि जिस युवक का जन्मदिन मनाया गया, वह क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना प्रभारी उमेश मिश्रा ने बताया- उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं थी। फिलहाल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आधुनिक समय में जहां शादियों में दूल्हे लग्जरी गाड़ियों से दुल्हन लेने पहुंचते हैं, वहीं दुद्धी ब्लॉक के हरपुरा गांव में एक अनोखी बारात निकली। सोमवार को हरपुरा निवासी मनोज गुप्ता अपनी बारात में पालकी में सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे। इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। मुंद्रिका गुप्ता के पुत्र मनोज गुप्ता ने पुरानी परंपराओं को जीवित रखने के लिए पालकी को आकर्षक ढंग से सजाया था। यह बारात हरपुरा गांव से टड़हे झारखंड गांव पहुंची, जहां मनोज का विवाह वीरेंद्र साव की बेटी तारामणी से हुआ। जब पालकी से बारात गांव पहुंची, तो इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। लोग जहां थे वहीं रुक गए और इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने लगे। कई लोगों ने दूल्हे और पालकी के साथ सेल्फी भी ली। मंगलवार को जब दूल्हा मनोज गुप्ता दुल्हन तारामणी को पालकी में लेकर झारखंड से अपने घर हरपुरा लौटे, तो पालकी में दुल्हन को देख लोग एक बार फिर आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य भी गांव और चौराहों से गुजरते हुए लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने कहा कि जहां आज के दौर में लोग हाई-टेक व्यवस्था के साथ शादियां कर रहे हैं, वहीं इस दूल्हा-दुल्हन ने पालकी से सातों जन्म साथ रहने की शुरुआत की है। गांव में कई वर्षों बाद पालकी में दुल्हन को देखना पुरानी परंपरा के पुनरुद्धार का प्रतीक बन गया।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की 130वीं बोर्ड बैठक में 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नगर निगम को हस्तांतरित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया को 15 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिसके लिए नगर निगम ने अपनी सहमति दे दी है। इन एसटीपी के मरम्मत और संचालन के लिए मेडा की ओर से नगर निगम को 10 से 15 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। बैठक में अन्य कई प्रमुख प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई। मेडा के अंतर्गत कुल 13 एसटीपी की शोधन क्षमता 107 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है, जबकि वर्तमान में इन्हें 61.6 एमएलडी सीवेज प्राप्त हो रहा है। इनमें शताब्दीनगर, वेदव्यासपुरी, लोहिया नगर, पल्लवपुरम, गंगानगर, स्पोर्ट्स गुड्स कांप्लेक्स, मोदीपुरम तिराहा, रक्षापुरम, सैनिक विहार, श्रद्धापुरी और पांडव नगर के एसटीपी शामिल हैं। बोर्ड बैठक में मेडा की तीन प्रमुख कॉलोनियों - शताब्दीनगर, लोहियानगर और गंगानगर में 22 हेक्टेयर भूमि पर नए सिरे से प्लाटिंग करने का भी निर्णय लिया गया। यह भूमि पहले प्राथमिक स्कूल, डाकखाना, टेलीफोन एक्सचेंज और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक उपयोगों के लिए आरक्षित थी, लेकिन लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी थी। इस भूमि का भू-उपयोग बदलकर नए सिरे से लेआउट प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे व्यावसायिक भूखंडों की संख्या बढ़ने की संभावना है। यह जमीन या तो खाली पड़ी थी या किसानों द्वारा अवैध रूप से खेती के लिए उपयोग की जा रही थी। मेडा ने लैंड मोनेटाइजेशन के पहले चरण में 28.67 हेक्टेयर भूमि पर 1455 भूखंड विकसित किए थे। इनमें ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी श्रेणी के आवासीय और व्यावसायिक भूखंड शामिल थे। इनके आवंटन से प्राधिकरण को लगभग 700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। मेरठ महायोजना 2031 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे प्राधिकरण क्षेत्र को 24 जोन में विभाजित किया गया है। महायोजना 2031 का कुल क्षेत्रफल पिछली महायोजना से दोगुना होकर 1043 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जिसमें 305 गांव और नौ नगर शामिल हैं।
मुस्कान कर रही पूजा-पाठ, साहिल उगा रहा सब्जी:जेल में दोनों की दिनचर्या में दिखा बदलाव
मुस्कान और साहिल, दोनों जेल में अपनी दिनचर्या का पालन कर रहे हैं। हाल ही में उनकी दिनचर्या में कुछ बदलाव देखे गए हैं। मुस्कान ने पूजा-पाठ और व्रत बढ़ा दिया है, जबकि साहिल जेल में सब्जी उगाने का काम कर रहा है। जेल अधिकारियों के अनुसार, मुस्कान ने अपनी पेशी के बाद से पूजा-पाठ और व्रत रखना शुरू कर दिया है। वह पहले भी नियमित रूप से सुंदरकांड और भजन करती थी, लेकिन अब उसने लगभग पूरा दिन धार्मिक गतिविधियों में बिताना शुरू कर दिया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान पिछले दो दिनों से उपवास पर है। वहीं, साहिल एक सामान्य कैदी की तरह अपना काम कर रहा है। वह जेल में सब्जी उगाने के काम में लगा हुआ है। हालांकि, मुस्कान के व्रत रखने की जानकारी मिलने पर वह कुछ चिंतित प्रतीत हुआ। डॉ. शर्मा ने बताया कि साहिल खेती कर जेल में अपना अच्छा बर्ताव पेश करने की कोशिश कर रहा है। मुस्कान एक बेटी की मां होने के कारण उसका भोजन डॉक्टरों द्वारा निर्धारित किया जाता है। उसे दूध, फल और आलू जैसे पौष्टिक आहार दिए जाते हैं। डॉक्टर उसकी और उसकी बच्ची की जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त आहार भी सुझाते हैं। जेल अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब दोनों की पेशी माननीय न्यायालय में एक साथ होती है, तो वे एक-दूसरे के साथ होते हैं। यदि मुस्कान अपनी बच्ची को गोद में लेकर आती है, तो साहिल केवल उसे देख सकता है, लेकिन वे आपस में बात नहीं कर सकते।
शिवमोग्गा आईएसआईएस साजिश मामले में एनआईए कोर्ट ने तीसरे आरोपी को 6 साल की सजा सुनाई
आतंकी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2022 के चर्चित शिवमोग्गा आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में तीसरे आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दृष्टिगत उन्होंने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान होने वाले महिला सम्मेलन के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं के आवागमन समेत वाहनों की पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित रहे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल के अलावा पूरे शहर की बेहतर स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए स्ट्रीट डॉग एवं छुट्टे पशुओं को आश्रय स्थलों में रखे जाने का निर्देश दिया। कहा कि स्ट्रीट वेंडरों का भी समुचित व्यवस्थापन सुनिश्चित कराया जाय। आमजन को न हो कोई परेशानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दृष्टिगत सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने रूट डाइवर्जन की बेहतर व्यवस्था कराए जाने का निर्देश दिया, ताकि आम जनमानस को कोई परेशानी न होने पाए। बैठक में प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम के दौरान लोकार्पित एवं शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं की बाबत मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरा कराएं स्टेडियम का निर्माण मुख्यमंत्री ने रोपवे की परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान तेजी से कार्य कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि गंजारी में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर कराते हुए शीघ्र पूर्ण कराएं। मंडलायुक्त ने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक स्टेडियम का कार्य पूर्ण करा लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मणिकर्णिका घाट एवं दालमंडी के सड़क चौड़ीकरण का कार्य में तेजी लाते हुए गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
प्रयागराज में बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने आए भक्तों के साथ प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की। भीड़भाड़ वाले पंडाल में वीआईपी जोन को लेकर आम भक्तों और बाउंसरों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भीड़ में बाउंसर ने भक्तों पर चिल्लाते हुए कहा कि यह वीआईपी एरिया है, यहां खड़ा होना मना है। जिसका वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को हनुमंत कथा की शुरुआत की। कथा सुनने के लिए लोग कई जिलों से आए हैं। जिनमें महिलाएं ,पुरूष,बूढ़े और बच्चे सभी शामिल हैं। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए बाउंसर और भक्तों में नोकझोंक बैठने को लेकर कहा सुनी शुरू हुई। बाउंसर ने कुछ कहा जिस पर एक भक्त ने बाउंसर से कहा, क्यों हटें भाई? हम भी दर्शन करने आए हैं। क्या वीआईपी ही भगवान के भक्त होते हैं? वहीं दूसरे युवक ने आपत्ति जताई और कहा हमारी फैमिली अंदर बैठी है, हम कहीं नहीं जाएंगे। आप सबको धक्का दे रहे हो, यह गलत है। वहां मौजूद एक महिला ने भी शिकायत की हमें कोई नहीं भगा रहा था, हम शांति से खड़े थे। सुरक्षाकर्मी गुस्से में चिल्लाते हुए बोला यह वीआईपी एरिया है, यहां खड़ा होना मना है। बहस मत करो, बाहर निकलो! एक भक्त ने तंज कसा और बोला प्रदीप मिश्रा भी आते हैं, लेकिन वो कभी भक्तों को नहीं भगाते। आप तो बस पैसे वालों को अंदर जाने दे रहे हो। युवक ने फोन दिखाते हुए बोला मेरे फेसबुक-इंस्टाग्राम पर हजारों फॉलोअर्स हैं। सब रिकॉर्ड हो रहा है। युवक ने जोर देकर कहा कि हमने भी यहां आने के लिए बहुत मेहनत की है। हाथ मत लगाओ। सुरक्षाकर्मी ने नियमों का हवाला देते हुए सबको पीछे हटने को कहा। घटना मंगलवार रात को हुई, जब कथा का आयोजन जोर-शोर से चल रहा था। स्थानीय लोगों ने इसे भक्तों के साथ भेदभाव बताया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। यमुना किनारे 13 हजार स्क्वायर फीट में पंडाल यमुना तट स्थित कथा स्थल पर 13 हजार वर्गमीटर में भव्य पंडाल बनाया गया है। 21 अप्रैल से शुरू हुई कथा 23 अप्रैल को समाप्त होगी। पहले दिन पंडाल में करीब 20-22 हजार श्रद्धालु पहुंचे। करीब छह एकड़ एरिया में कथा के आयोजन की व्यवस्था है। पंडाल में भक्तों के आने और जाने के लिए 8 एंट्री गेट बनाए गए हैं। 3000 पुलिसकर्मी, 500 सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के लिए लगाए गए हैं। धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए भारी भीड़ के बीच एक भक्त व्हीलचेयर पर पहुंचा।
लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज में मंगलवार को इतिहास विभाग की ओर से एक खास शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज परिसर में हुए इस विशेष व्याख्यान ने छात्रों को नेतृत्व के नए आयामों से रूबरू कराया। कार्यक्रम का विषय था—'नेतृत्व विकास की पुनर्कल्पना: पश्चिमी परिप्रेक्ष्य और प्राचीन भारतीय प्रतिमान', जिसने आधुनिक सोच और भारतीय परंपरा को एक मंच पर जोड़ दिया। इस प्रतिष्ठित सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. सिद्धार्थ सिंह रहे, जो नव नालंदा महाविहार के कुलपति हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कूटनीति, बौद्ध दर्शन और प्रबंधन के अनुभवों को बेहद सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी बातों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली नेतृत्व क्या होता है। काम के बीच के संघर्ष को उदाहरण बनाकर बताया कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. देवेंद्र के. सिंह के स्वागत भाषण से हुई। वहीं इतिहास विभाग की अध्यक्ष डॉ. आकृति कुमार ने पूरे सत्र का संचालन संभाला। व्याख्यान के दौरान प्रो. सिंह की समृद्ध साहित्यिक पृष्ठभूमि का भी जिक्र हुआ। वे प्रसिद्ध साहित्यकार काशीनाथ सिंह के पुत्र और चर्चित आलोचक नामवर सिंह के भतीजे हैं। प्रो. सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत उर्दू के मशहूर शायर इन्ने इंशा की नज़्म से की। उन्होंने इश्क और काम के बीच के संघर्ष को उदाहरण बनाकर बताया कि जीवन में संतुलन कितना जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी साझा किए, जिसमें उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडन में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में उनका कार्यकाल शामिल रहा। पश्चिमी 'ट्रेट थ्योरी' की सीमाओं पर सवाल उठाए व्याख्यान के दौरान उन्होंने एडोल्फ हिटलर का उदाहरण देते हुए बताया कि हर प्रभावशाली व्यक्ति महान नेता नहीं होता। उन्होंने पश्चिमी 'ट्रेट थ्योरी' की सीमाओं पर सवाल उठाए और भारतीय दृष्टिकोण को ज्यादा संतुलित बताया।बौद्ध दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने एक आदर्श नेता के चार गुण बताए—समाज को जोड़ने की क्षमता, मित्रता का भाव, उदारता और निस्वार्थ सेवा। उन्होंने सम्राट अशोक के जीवन का उदाहरण देकर बताया कि कैसे एक व्यक्ति अपने भीतर बदलाव लाकर महान बन सकता है।
कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित यमुना नदी के पुल पर सोमवार देर रात दो कारों की टक्कर हो गई। एक के ड्राइवर की संदिग्ध हालात में पुल से करीब 40 फीट नीचे गिरने से मौत हो गई। मप्र के छतरपुर निवासी युवक एक पुलिस उच्चाधिकारी का रिश्तेदार था। वह घर से नाराज होकर निकला था। बताया गया कि टक्कर के बाद उसका दूसरी कार के चालक से विवाद भी हुआ था। एटॉप्सी रिपोर्ट में कंधों, हाथ में फ्रैक्चर के साथ पसलियां टूटी और कई चोटों के साथ इंटर्नल ब्लीडिंग की जानकारी सामने आई है। चोटें गिरने से आईं या मारपीट में, इसको लेकर चर्चाएं हैं। हालांकि पुलिस गिरने से ही चोटें लगने की बात कह रही है। घटना के बाद से कानपुर-सागर हाइवे पर जाम लग गया। रात भर लोग जाम से जूझते रहे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे यातायात बहाल हुआ। पुलिस रास्ते में इंतजार कर रही थी, वह दूसरे रास्ते से गए सजेती पुलिस को मप्र के छतरपुर जिले के नौगांव कस्बा के गायत्री नगर मोहल्ला निवासी आदित्य जैन (45) के घर से नाराज होकर कानपुर जाने की खबर मिली थी। छतरपुर पुलिस ने इसकी सूचना बांदा पुलिस को दी थी। इसके बाद वहां से सजेती थाना पुलिस को जानकारी दी गई थी। पुलिस दुर्गा मोड़ के पास उनका इंतजार कर रही थी, लेकिन वह यमुना पुल पार करके आए और वापस हमीरपुर की ओर मुड़ गए। इसके बाद उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई। बाद में सूचना मिली कि वह पुल से नीचे रेती में कूद गए। हमीरपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यमुना नदी की रेती से उनका शव बरामद किया गया। पहली बार में रेलिंग से लटके, दूसरी बार में कूद गएघटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि आदित्य की कार हमीरपुर की ओर से आ रही एक दूसरी कार से टकरा गई। दूसरी कार में सवार पांच लोग एक बरात से लौट रहे थे। हादसे के बाद विवाद होने की भी बात सामने आई है। बताया कि पहले आदित्य रेलिंग पर जाकर लटक गए लेकिन, लोगों के समझाने पर लौट आए। कुछ ही देर में वह फिर से रेलिंग पर पहुंचे और नीचे छलांग लगा दी। नीचे वह रेती पर जा गिरे और उनकी मौत हो गई। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती के मुताबिक दोनों कार पुलिस के कब्जे में हैं। परिवार वालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उनका कहना है कि गिरने की वजह से ही चोटें आई हैं। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। तलाशने में दारोगा घायल हैलट अस्पताल में भर्तीदेर रात यमुना नदी के किनारे युवक को खोजने के दौरान सजेती थाने में तैनात दारोगा रामबरन पत्थरों से टकराकर गिर गए, जिससे उनके सीने पर चोट लगने से पसलियां टूट गईं। उन्हें हमीरपुर जिलापस्ताल से कानपुर एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया, जहां पर उनका उपचार जारी है। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि पुलिस ने युवक को निकालकर हमीरपुर जिलास्पताल पहुंचाया था, जहां डाॅक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मामले में हमीरपुर पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवा रही है। दोनों गाड़ियों को सुरक्षित खड़ा कराया गया है, हाइवे पर हत्यात सामान्य है। आगे की कार्रवाई हमीरपुर पुलिस कर रही है।
बिलासपुर में जनदर्शन के दौरान कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत छतौना के सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की। उन्होंने बताया कि गांव के गंगा राम गोंड़ ने मुक्तिधाम की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। कलेक्टर ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी जनदर्शन में बिल्हा ब्लॉक के ग्राम केसला निवासी उत्तम रात्रे ने बोर पंप के खराब विद्युत केबल को बदलने की मांग की। उन्होंने बताया कि बोर पंप के लिए बिजली आपूर्ति के टीडब्ल्यू केबल पूरी तरह से खराब हो चुके हैं और तार कटे होने के कारण बिजली करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। कलेक्टर जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रशासन ने दावा किया कि जनदर्शन के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। जनदर्शन में खेती के लिए भूमि दिलाने से संबंधित दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए। मस्तुरी के ग्राम पंचायत खोरसी की वृद्ध महिला जहाज बाई ने शौचालय निर्माण के लिए सहायता राशि मांगी, जबकि ग्राम करमा की त्रिवेणी साहू ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने का आवेदन किया। ग्राम बिरगहनी के वृद्ध शिवनंदन यादव ने पिछले 4 से 5 महीनों से रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन की राशि दिलाने की मांग की। वहीं, ग्राम चनाडोंगरी के देवसिंह गेंदले ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि जारी कराने के लिए कलेक्टर से मुलाकात की।
बारामती उपचुनाव: सीएम फडणवीस की अपील, सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड मतों से दिलाएं जीत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारामती के मतदाताओं से एक भावुक अपील की
राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव तहसील के तुमडीबोड गांव में सोमवार देर रात एक भीषण आग लग गई। यह आग जयंती पटेल (निवासी कोरबा) के स्वामित्व वाले 'छत्तीसगढ़ फार्म' के विशाल परिसर में अज्ञात कारणों से लगी, जिसने तेजी से विकराल रूप ले लिया। फार्म लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से करीब 20 एकड़ हिस्से में सूखी झाड़ियों और घास ने आग पकड़ ली। अंधेरे और तेज हवाओं के कारण आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची 20 अप्रैल की रात आग लगने की सूचना मिलते ही नगर सेना (होम गार्ड) और अग्निशमन सेवा की टीम अशोक लेलैंड वॉटर टेंडर (वाहन क्रमांक CG 02 A 0229) के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए कुल तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियां बुलाई गईं। स्थानीय पंचायत के टैंकरों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में प्रशासन का सहयोग किया। घना इलाका और रात का अंधेरा होने के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनकी मुस्तैदी और पाइपों के जरिए पानी की लगातार बौछार से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने गर्मी के मौसम और सूखी घास के कारण बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि खुले मैदानों या सड़क किनारे जलती हुई बीड़ी-सिगरेट या माचिस फेंकने से बचना चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आग लगने के कारणों की फिलहाल जांच की जा रही है।
भोपाल में राष्ट्रीय सम्मेलन: न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग पर बनी ठोस रणनीति
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के विशेष सम्मलेन आपराधिक न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई और इसके शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया गया
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 90% महिलाओं का पॉलिटिकल करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। उनके इस बयान पर अब राजनीतिक गलियारे में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस का सच्चा सिपाही कहने वाले पप्पू यादव को उसी पार्टी की महिला नेता ने जवाब दिया है। कांग्रेस की पूर्व विधायक प्रतिमा दास ने कहा कि पप्पू यादव सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ भी अनाप-शनाप बोलते हैं। पप्पू यादव का बयान बहुत ही दुखद प्रतिमा दास ने कहा कि यदि इस तरह का बात उन्होंने कहा है तो बहुत ही दुखद और शर्मनाक बात है। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना हमारा देश का संविधान और हमारे देश की महिलाएं अधिकार नहीं देती है। जो पप्पू यादव ने कहा कि 90% महिलाएं नेताओं के बेड से होकर गुजरती हैं, आखिर वह मर्द है कौन इसका जवाब भी उन्हें देना चाहिए था। ये लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ भी अनाप-शनाप बोलते हैं। मैं उनके इस बयान का विरोध करती हूं और उन्हें माफी मांगना चाहिए। पप्पू यादव ने 20 अप्रैल को महिला आरक्षण पर विवादित बयान दिया था। पप्पू यादव ने कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। देश में यौन शोषण के मामलों में नेताओं की बड़ी भूमिका है और कई सांसदों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। उनके इस विवादित बयान पर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को एक बार फिर झटका लगा है। संस्थान में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग की डॉ. सोनम सुमन ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, संस्थान छोड़ने का स्पष्ट कारण इस्तीफे में नहीं लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि सुपर स्पेशियालिटी संस्थान होने के बावजूद तनख्वाह स्टेट मेडिकल कॉलेज की दी जा रही है। जबकि संस्थान में कुछ डॉक्टरों को KGMU, PGI के समान वेतन दिया जा रहा है। महिला डॉक्टर के इस्तीफे से न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट सीटी समेत दूसरी मशीनों के संचालन को झटका लगा है। कैंसर संस्थान की OPD में प्रतिदिन 400 मरीज आ रहे हैं। लगभग 300 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। इमरजेंसी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। वेतन विसंगति समेत दूसरी बदइंतजामी की वजह से गुजरे पांच साल में 28 विशेषज्ञ डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। 60 से अधिक नर्सिंग स्टाफ और करीब एक दर्जन से ज्यादा टेक्नीशियन और कर्मचारी कैंसर संस्थान को अलविदा कह चुके हैं। इन विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं संस्थान में चार विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इनमें रेडियो डायग्नोसिस, मेडिकल आंकोलाजी, प्लास्टिक सर्जरी और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे अहम विभाग शामिल हैं। इसका खामियाजा कैंसर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग से संबंधित जांचें नहीं हो पा रही है। मरीजों को 20 से 25 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। एक संस्थान, दो वेतनमान कैंसर संस्थान में दो तरह का वेतनमान डॉक्टरों को प्रदान किया जा रहा है। करीब 24 डॉक्टरों को SGPGI और KGMU के समान वेतन भत्ते प्रदान किए जा रहे हैं। बाकी 10 डॉक्टरों को स्टेट मेडिकल कॉलेज के समान वेतन भत्ते प्रदान किए जा रहे हैं। नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को स्टेट मेडिकल कॉलेज के समान वेतन प्रदान किया जा रहा है। इससे डॉक्टर और कर्मचारियों में आक्रोश है।
महासमुंद जिला मुख्यालय में तहसील कार्यालय के सामने सड़क किनारे बंद पड़ी एक कार से पुलिस ने लगभग 15 से 20 किलो गांजा बरामद किया है। यह गांजा ओडिशा से तस्करी कर लाया जा रहा था और तीन थाना क्षेत्रों को पार कर महासमुंद पहुंचा था, जहां कार के अचानक बंद पड़ने से इसका खुलासा हुआ। यह घटना मंगलवार रात करीब 9:15 बजे नेशनल हाईवे 353 पर तहसील कार्यालय के सामने हुई। महाराष्ट्र पासिंग कार (MH 31 DC 2140) अचानक बंद हो गई, जिसमें सवार दो युवक उसे स्टार्ट करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, हाईवे पर गश्त कर रही पेट्रोलिंग टीम की नजर कार पर पड़ी। महाराष्ट्र की कार होने पर पुलिस ने की पूछताछ महाराष्ट्र नंबर प्लेट और युवकों के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की। दोनों युवक घबराए हुए थे और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। तलाशी के दौरान, कार की पिछली सीट के नीचे खाकी टेप से लिपटे हुए गांजे के पैकेट मिले। लगभग एक-एक किलो के 15 से 20 पैकेट बरामद किए गए। पेट्रोलिंग टीम ने तत्काल साइबर सेल को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। कार बंद होने के कारण, पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन को धक्का देकर सिटी कोतवाली तक पहुंचाया। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। करीब दो साल पहले भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जब ओडिशा से गांजा लेकर आ रही एक कार खल्लारी थाना क्षेत्र पार करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस समय भी मौके पर पहुंची पुलिस को कार से गांजा मिला था, जबकि आरोपी फरार हो गए थे।
बरेली में 24 और 25 अप्रैल को आयोजित होने वाले उर्से ताजुश्शरिया की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में हाईलेवल बैठक संपन्न हुई। बैठक में एडीजी रमित शर्मा, कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी, डीआईजी अजय कुमार साहनी, डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने आयोजकों और अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्स के दौरान कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। भर्ती परीक्षा और उर्स एक साथ: वालंटियर्स को ट्रैफिक संभालने के निर्देशएडीजी रमित शर्मा ने कहा कि 25 अप्रैल को उर्स के साथ ही होमगार्ड भर्ती परीक्षा भी है। ऐसे में परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा न आए, यह सुनिश्चित करना पुलिस और वालंटियर्स की जिम्मेदारी है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि परीक्षा दो पालियों (सुबह 10-12 और दोपहर 3-5) में होगी। वालंटियर्स को बाकायदा आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे और उनकी सूची पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने गैर-परंपरागत कार्यों की अनुमति न देने और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। तीन सुपर जोन और 13 सेक्टर में बंटा शहरसुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पूरे क्षेत्र को तीन सुपर जोन, पांच जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया है। एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने जानकारी दी कि झुमका तिराहा, परसाखेड़ा, कुदेशिया अण्डर पास और नैनीताल रोड पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। डीएम अविनाश सिंह ने सड़क मरम्मत, पेयजल, निर्बाध बिजली और सफाई व्यवस्था को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोबाइल यूनिट और एम्बुलेंस की तैनाती की जाएगी। बैठक में मौजूद रहे यह अधिकारीमहत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एसपी देहात मुकेश चन्द्र मिश्र, एसपी क्राइम मनीष सोनकर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी धरातल पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लें ताकि उर्स को सकुशल संपन्न कराया जा सके।
अररिया में 2 बाल मजदूरों को मिली आर्थिक सहायता:पुनर्वास के लिए 3000 रुपए की तुरंत मदद दी गई
अररिया में बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बाल श्रम अधिनियम के तहत मुक्त कराए गए दो बाल श्रमिकों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 3000-3000 रुपये प्रदान किए गए हैं। यह राशि सरकार द्वारा निर्धारित पुनर्वास प्रावधानों के तहत दी गई है। यह सहायता श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के दिशा-निर्देश पर श्रम अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सीधे बाल श्रमिकों को सौंपी गई। बच्चे दोबारा बाल श्रम के चक्र में न फंसें इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक, श्रम अधीक्षक अररिया, बाल कल्याण समिति अररिया के अध्यक्ष व सदस्य, विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष व डीसी, तथा लाभार्थियों के अभिभावक सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के पुनर्वास के लिए लगातार सक्रिय प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है। आर्थिक सहायता प्रदान कर परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद की जा रही है, ताकि बच्चे दोबारा बाल श्रम के चक्र में न फंसें। सहायता राशि बाल श्रमिकों के पुनर्वास पैकेज का एक हिस्सा श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सहायता राशि बाल श्रमिकों के पुनर्वास पैकेज का एक हिस्सा है। इस पैकेज में शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, कौशल प्रशिक्षण और परिवार को आर्थिक सहयोग जैसे प्रावधान शामिल हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक बुराई है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें बाल श्रम से मुक्त कर मुख्यधारा से जोड़ने की जिम्मेदारी पर जोर दिया। पुनर्वास की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा अभिभावकों ने भी प्रशासन का आभार जताया और वादा किया कि अब उनके बच्चे पढ़ाई पर पूरा ध्यान देंगे। जिला प्रशासन का संकल्प है कि आने वाले दिनों में और अधिक बाल श्रमिकों को विमुक्त कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। यह पहल न सिर्फ अररिया जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है, जो दर्शाती है कि बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार कितनी गंभीर है।
गुजरात: दाहोद में शादी समारोह में फूड पॉइजनिंग के बाद 184 लोग हॉस्पिटल से डिस्चार्ज
दाहोद में एक शादी समारोह से जुड़ी सामूहिक बीमारी के बाद गुजरात सरकार ने जिला अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस बीमारी से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं और मंगलवार तक 34 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं
गाजियाबाद में मंगलवार को सुबह से लेकर रात तक 14 स्थान पर आग लगी। सबसे ज्यादा नुकसान क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में फल मंडी में हुआ। जहां 20 से ज्यादा दुकान जल गई। रेस्टोरेंट जल गया, रात में भी दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के लिए जूझती रही। इसके लिए अधिक तापमान होने के चलते भी भीषण गर्मी में आज की घटनाएं हुई। कमिश्नरेट गाजियाबाद में आग की घटना रात में भूसे के ट्रैक्टर में आग लगी गाजियाबाद मे एनडीआरएफ रोड पर सदरपुर अखाड़े के पास मंगलवार रात भूसा से भरे ट्रैक्टर में आग लग गई। सूचना पर रात मे तत्काल फायर स्टेशन कोतवाली से एक फायर टैंडर , वाटर ब्राउज़र व कवि नगर ड्यूटी पर तैनात फायर टैंडर को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंच कर देखा कि भूसे से भरा ट्रैक्टर मकान की तरफ झुका हुआ था। जिससे घर में भी आग तेजी से फ़ैल रही रही थी। फायर सर्विस यूनिट ने तत्काल दो हौज पाइप फैलाकर पंपिंग कर आग बुझाना शुरू किया। आग की लपटें बहुत तेज होने के कारण घर के बगल में स्थित दुकान में भी आग लग गई। जिसमें 2 खाली सिलेंडर वह एक गैस से भरा हुआ सिलेंडर रखा हुआ था, फायर सर्विस यूनिट ने सिलेंडरों को दुकान से बाहर निकालकर व पंपिंग कर घर व दुकान में लगी आग को बुझाया गया। साथ ही भूसे से भरे ट्रैक्टर में लगी आग को भी बुझा दिया गया। मौके पर मकान मालिक युद्धवीर सिंह गांव सदरपुर व दुकान मालिक आशीष गोयल मौजूद थे। व ट्रैक्टर मालिक घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।
21 दिनों से वेतन ना पाने वाले LU के सैकड़ों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने मंगलवार को कैंपस में जमकर हंगामा किया। गुस्साएं कर्मियों ने प्रशासनिक कार्यालय का घेराव करते हुए फाइनेंस अफसर हिमानी चौधरी और हिन्द सिक्योरिटी फोर्स के मालिक राम निवास चौधरी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाएं। अचानक से हंगामे की जानकारी पाकर चीफ प्रॉक्टर प्रो.राकेश द्विवेदी और प्रोक्टोरियल बोर्ड के ओपी शुक्ला समेत कई अन्य भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों की नारेबाजी कम नहीं हुई। इस बीच जब कुछ कर्मचारी फाइनेंस ऑफिसर हिमानी चौधरी से मिलने उनके कमरे में गए तो उन्होंने उन सभी कर्मचारियों को अपराधी बताते हुए नौकरी से निकलवाने और जेल भिजवाने की धमकी दे डाली। प्रदर्शन के दौरान सैलरी हुई क्रेडिटहंगामा और तमाशे के बीच ही रामनिवास चौधरी ने कर्मचारियों के खाते में 26 दिनों या (ड्यूटी के हिसाब से) वेतन डाल दिया, इसके बाद धरना समाप्त हो गया और कर्मचारियों ने आगाह किया है कि यदि उन लोगों का वेतन प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह के अंदर नहीं मिला, तो वे लोग आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में मेन बाजार में मंगलवार रात ज्वेलर की दुकान पर गन प्वाइंट पर लूटपाट हुई। बाइक पर आए नकाबपोश 2 बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी। बदमाश ज्वेलर की अंगुठी और पर्स लेकर फरार हुए। जानकारी के मुताबिक, शुकलप कुमार निवासी बजाजा बाजार अपनी मेन बाजार स्थित ज्वेलरी की दुकान में बैठे थे। इसी दौरान रात करीब साढ़े 8 बजे बाइक पर सवार 2 नकाबपोश दुकान के बाहर आकर रुके। उनमें से एक युवक दुकान के अंदर घुसा और उसने आते ही शुकलप के पेट पर गन तान दी। तिजोरी की चाबी मांगी बदमाश ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और तिजौरी की मांगी। शुकलप ने आनाकानी की तो बदमाश भड़क गया और उसके हाथ 2 अंगूठियां उतरवा लीं। बदमाश ने उसकी जेब से पर्स भी निकाल लिया। जाते हुए पुलिस को शिकायत देने पर जान से मारने की धमकी दी और बाहर खड़े अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के तुरंत बाद दुकानदान ने डायल-112 पर सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
अयोध्या के साधु-संतों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जोरदार आलोचना की। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर खड़गे 24 घंटे के अंदर माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा।
पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र के सालिमपुर आहार में JEE की तैयारी करने वाले स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली है। मृतक की पहचान आमस गया के रहने वाले महेश यादव के बेटे सौरभ कुमार के तौर पर हुई। ये पटना में अपने दो चचेरे भाईयों के साथ रहकर JEE की तैयारी कर रहा था। हॉस्टल में तीनों भाईयों ने दो रूम लिया था। एक रूम का इस्तेमाल स्टडी और दूसरे का सोने के लिए करते थे। बता दें कि सौरभ के पिता व्यवसायी और किसान हैं। फिलहाल FSL की टीम और गांधी मैदान थाने की पुलिस ने पहुंचकर छनबिन शुरू कर दी है। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। घटना के वक्त दोनों चचेरे भाई कोचिंग गए थे। PW का छात्र था स्टूडेंट गांधी मैदान SHO अखिलेश मिश्रा ने बताया कि स्टूडेंट PW का छात्र था। आज क्लास करने नहीं गया था। दोनों चचेरे भाई कोचिंग से लौटकर आए, तो सौरभ दरवाजा नहीं खोल रहा था। इसके बाद उन लोगों ने कमरे में झांक कर देखा, तो सौरभ फंदे से लटका था। इसके बाद पुलिस को खबर की। सौरभ के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें लिखा है- मम्मी पापा मुझे माफ करना। दिन रात पढ़ने के बाद भी समझ नहीं आ रहा था। मैं इससे काफी परेशान हो गया था। बुढ़ापे में आप दोनों का कोई सहारा नहीं होगा। मैं क्या करता। मेरी भी परेशानी थी। मेरी आखिरी इच्छा है कि जमीन वगैरह बेचकर बहन की अच्छे घर में आपलोग शादी कर देना। मुझे हो सके तो माफ कर देना। मैंने सुसाइड किया है। आपका अपना सौरभ
अभिनेता संजय मिश्रा और विक्रम प्रताप ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और पारिवारिक शादी सकुशल संपन्न होने पर आभार व्यक्त किया। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों फिल्मी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा और फिल्म अभिनेता विक्रम प्रताप मंगलवार देर शाम मंदिर पहुंचे। दर्शन के दौरान दोनों कलाकारों ने नंदी हॉल में बैठकर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया। संजय मिश्रा भगवा धोती और शर्ट पहने हुए थे। संजय मिश्रा ने बताया कि वे पहले भी कई बार महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और हर बार उन्हें यहां आकर विशेष शांति मिलती है। विक्रम प्रताप ने भी इस अनुभव को सौभाग्यशाली बताया। अभिनेता संजय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, मैं पहले भी कई बार यहां आ चुका हूं। घर में शादी थी, सब कुछ सकुशल हुआ, यह बाबा महाकाल की कृपा है। हम धन्यवाद देने आए थे और उन्होंने हमें फिर बुला लिया। भविष्य में भी यहां आने की इच्छा है। विक्रम प्रताप ने बताया, कल दीदी की शादी थी, सभी कार्य बहुत अच्छे से संपन्न हो गए। हम बाबा को धन्यवाद देने आए हैं। संजय सर भी इसी कारण यहां आए हैं। मैंने भी कुछ फिल्मों में काम किया है और यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव है।
बड़वानी सड़क हादसा : शादी की खुशियां मातम में बदली, 5 की मौत
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शादी का जश्न उस समय मातम में बदल गया, जब एक सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए
पुलिस ने 6 लिस्टेड आरोपियों को किया गिरफ्तार:गोपालगंज में ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ अभियान तेज
गोपालगंज जिले में पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए संगठित अपराध और सूचीबद्ध अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने अब तक 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस कप्तान विनय तिवारी के नेतृत्व में प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सक्रिय है। एसपी विनय तिवारी ने स्वयं कुचायकोट क्षेत्र में पुलिस बल के साथ मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध में संलिप्त गिरोहों को यह कड़ा संदेश देना था कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक रणनीति तैयार की इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक रणनीति तैयार की है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर सूचीबद्ध अपराधियों की एक सूची अपडेट की गई है, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियों की निगरानी की जा सके। गिरफ्तार किए गए अपराधियों पर कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि जिले में सूचीबद्ध अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा उनके आपराधिक इतिहास का विश्लेषण करते हुए संगठित अपराध की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस प्रशासन के इस अभियान में सहभागी बनने की अपील एसपी विनय तिवारी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे पुलिस प्रशासन के इस अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है। यदि आपके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखती है या किसी अपराधी के छिपे होने की सूचना मिलती है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में सक्रिय भूमाफियाओं के संगठित गैंग की पहचान हो चुकी है। मुर्गा बाबा, योगेंद्र पंडित, गंग दयाल यादव और डब्लू तिवारी समेत कई भूमाफियाओं की कुंडली तैयार कर ली गई है, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। टॉप प्रायरिटी पर रखते हुए भूमाफियाओं पर एक्शन एसपी विनय तिवारी ने बताया कि भूमाफियाओं के द्वारा अर्जित की गई अकुल संपत्ति का आकलन कर उसे जप्त करने की कार्रवाई पुलिस कर रही है, शहर में चार-पांच गैंग सामने आए हैं थावे में एक गैंग की सक्रियता सामने आई है। सासामुसा कुचायकोट मीरगंज में भू माफियाओ की कुंडली तैयार की जा रही है। सभी थानेदारों को आदेश दिया गया है। टॉप प्रायरिटी पर रखते हुए भूमाफियाओं पर एक्शन किया जाएगा। पुलिस कप्तान ने बताया कि गंगदयाल यादव उसके एसोसिएट योगेंद्र पंडित पर फ्रेश केस टाउन थाने में दर्ज कराया गया है. एसपी ने बताया कि 2015 से 2025 दिसंबर तक के पेशेवर अपराधियों की क्रिमिनल रिकॉर्ड्स को खंगाल जा रहा है।जो हत्या लूट व अन्य तरह के अपराध में शामिल है। अगर कोई जेल से बाहर है तो उससे भी जमानत की अर्जी को रद्द करा कर उसके खिलाफ दर्ज कांड मे स्पीड़ी ट्रायल चलाने का आदेश दिया गया है बीएएनस की धारा 111 के तहत संगठन प्राप्त की श्रेणी में लाया जाएगा जो लोगों को डराने धमकाने वह काम कर रहे अन्य तरह के अपराध कर को करते हैं तो उनके उनके ऊपर करके लक्षित करके कार्रवाई की जाएगी ऐसे लोगों को लगाम लगाने का प्रयास कर रहा है
नीमच सिटी थाना इलाके के जवासा चौराहे पर मंगलवार देर शाम चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही एक कार धीमी हुई, पीछे से आ रहे टेंपो ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में टेंपो सवार दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर के मुताबिक, घायलों के मुंह और गले पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। मनासा के रहने वाले हैं घायल घायलों की पहचान विक्रम (26 साल) और शांतिलाल (60 साल) के रूप में हुई है। ये दोनों ही मनासा के रहने वाले हैं। कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताया कि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर आने की वजह से कार की रफ्तार कम हो गई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे कार से जा टकराया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में गरेला टोल प्लाजा के पास बुधवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक चालक ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गया था। जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी मुमत्याज अहमद (23 वर्ष) अपने ट्रक में माल लादकर चेन्नई जा रहे थे। गरेला टोल के आगे पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरा घायल चालक सागर जिले के शाहगढ़ का निवासी बताया जा रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुमत्याज अहमद ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मुमत्याज अहमद को केबिन से बाहर निकाला गया। गढ़ीमलहरा टीआई रीता सिंह के मुताबिक घटना की जानकारी लगते ही, पुलिस FRB डायल 112 और लोकल लोगों की मदद से रेस्कयू कर दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में घायल मुमत्याज अहमद का इलाज जारी है।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा के हलालपुर गांव के किसान ने इमिग्रेशन सेंटर संचालक (वीजा एजेंट) से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। लाभ सिंह पिछले 16 दिन से चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के सरकारी अस्पातल में भर्ती थे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवार ने इमिग्रेशन सेंटर के संचालक और BJP नेता पर सुसाइड के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। आज शाम लाभ सिंह का शव गांव लाया गया तो ग्रामीण उसके घर इकट्ठा हो गए। परिवार ने लाभ सिंह का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस बल पहुंचा। DSP लाडवा निर्मल सिंह और SHO गुरनाम सिंह ने परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार दोनों BJP नेताओं की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गया। 5 को निगला जहरीला पदार्थ- संदीप सिंह मृतक के रिश्तेदार संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि इमिग्रेशन सेंटर संचालक संदीप कुमार और उसके पार्टनर BJP नेता पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन मेघराज सैनी ने लेन-देन में उसके जीजा लाभ सिंह पर दबाव बनाया। इसी दबाव के चलते उसके जीजा लाभ सिंह ने 5 अप्रैल को जहरीला पदार्थ निगल लिया। ऑस्ट्रेलिया भेजने का मामला संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी इमिग्रेशन सेंटर संचालक संदीप कुमार की उसके जीजा के साथ रिश्तेदारी पड़ती है। आरोपी ने उसाके जीजा लाभ सिंह को फैमिली के साथ उसके बेटे के पास ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही। इसके लिए आरोपी ने उसके जीजा से अकाउंट में शो मनी दिखाने के लिए मना लिया। 2 एकड़ जमीन का एग्रीमेंट किया आरोपी ने उसके जीजा से कहा कि वह उसके अकांउट में पैसे डालता रहेगा और वो उन पैसे को निकाल कर उसे वापस कर देगा। इस पर उसका जीजा राजी हो गया और आरोपी ने उसके जीजा के अकाउंट में अलग-अलग टाइम पर करीब 45 लाख रुपए डलवा दिए। बाद में आरोपी ने इनकम टैक्स का डर दिखाकर 2 एकड़ जमीन का एग्रीमेंट करवा लिया। पैसे वापस और जमीन नाम करने का बनाया दबाव इसके बाद आरोपी संदीप कुमार ने लाभ सिंह पर अपने 45 लाख दोबारा देने या फिर 2 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम पर करवाने का दबाव डाला। आरोप लगाया कि इसमें BJP नेता एवं पूर्व मार्केट कमेटी के प्रधान मेघराज सैनी की शामिल था। दोनों साजिश के तहत उसके जीजा लाभ सिंह को फंसाया। 5 अप्रैल का निगला जहरीला पदार्थ इस दबाव के चलते उसके जीजा लाभ सिंह ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने लाभ सिंह के बयान दर्ज नहीं किए। 10 अप्रैल को SP से गुहार लगाने के बाद पुलिस ने PGI चंडीगढ़ पहुंची और लाभ सिंह का बयान दर्ज किया। संदीप और मेघराज की गिरफ्तारी मांग आज मंगलवार को लाभ सिंह का शव गांव लाया गया। यहां ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी। इसके लिए परिवार ने सुबह 10 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। आरोपी संदीप के खिलाफ केस दर्ज उधर, थाना लाडवा के SHO गुरनाम सिंह ने बताया कि पुलिस ने बयान के आधार पर आरोपी संदीप कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बयान में मेघराज सैनी का कोई जिक्र नहीं हुआ। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजधानी के करोंद इलाके में दिनदहाड़े पुलिसकर्मी के घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने 65 वर्षीय महिला के चेहरे और सिर पर पत्थर से कई बार वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर बेसुध हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया, वहीं गले की चेन भी लूट ली। घर में अकेली थी महिला, मुंह दबाकर अंदर घसीटा घटना सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़िता करोंद स्थित राजीव मेमोरियल स्कूल के पास अपने घर में अकेली थीं। आरोपी अचानक पहुंचा और मुंह दबाकर उन्हें जबरन घर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दरवाजे बंद कर दिए, जिससे महिला मदद के लिए आवाज भी नहीं लगा सकीं। पूजा के कमरे में ले जाकर पत्थर से किया वार आरोपी महिला को खींचते हुए पूजा के कमरे में ले गया, जहां हवन के लिए रखे ब्लॉक से उसने उनके चेहरे और सिर पर लगातार वार किए। महिला ने विरोध किया तो आरोपी और हिंसक हो गया। लगातार हमलों से वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। बेहोशी का फायदा उठाकर लूट, बाली खींचने से कट गया कान महिला के बेसुध होते ही आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया। इसके अलावा गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। अन्य सामान की जानकारी महिला के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार को बनाया निशाना, बेटा एसएएफ में आरक्षक निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के अनुसार पीड़िता शैल कुमारी मिश्रा (65) के पति देवेंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में एएसआई थे, जिनकी 2014 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बेटे काशीनाथ मिश्रा को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जो वर्तमान में एसएएफ में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। गंभीर हालत, सिर की सर्जरी की तैयारी हमले में महिला के सिर, आंख के ऊपर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सिर की सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला का चेहरा खून से सना हुआ है और वह दर्द से कराहती नजर आ रही हैं। आरोपी की तलाश जारी, मजदूर होने की आशंका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी मजदूर वर्ग से हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मधुबनी के डीआरडीए सभागार में सांसद रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में डॉक्टरों के 700 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 180 चिकित्सक कार्यरत हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध डॉक्टरों और नर्सों से काम चलाया जा रहा है, जबकि उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं है और वहां सीएचओ व एएनएम कार्यरत हैं। बैठक में पिछली कार्यवाही रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान एनएचएआई, रेलवे और पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सभी सदस्यों ने असंतोष व्यक्त किया। उपस्थित सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से रखा और जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें सड़कों की मरम्मत, रखरखाव वाले मार्गों की औचक जांच, उर्वरक की कालाबाजारी, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नल-जल योजना से संबंधित प्रश्न शामिल थे। माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि सभी सुझाव महत्वपूर्ण हैं और उन पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निष्पादन का भी भरोसा दिलाया। बैठक में लोकसभा सदस्य अशोक कुमार यादव, बिहार विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर, बिहार विधान सभा सदस्य श्रीमती मीना कामत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, विभिन्न प्रखंडों के पंचायत समिति प्रमुख और जिला परिषद सदस्यगण उपस्थित थे।
मंदसौर की नाहरगढ़ पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा जब्त किया है। जब्त एमडी ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। थाना प्रभारी वरुण तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर डिगांव-कचनारा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास, ग्राम शक्करखेड़ी में घेराबंदी कर एक संदिग्ध स्कूटर (क्रमांक MP 14 ZE 4253) को रोका। वाहन सवार से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अय्यूब पिता अफजल खान पठान (उम्र 23 वर्ष), निवासी दौलतपुरा, थाना वाय.डी.नगर, जिला मंदसौर बताया। बैग की तलाशी में मिला मादक पदार्थस्कूटर पर रखे बैग की तलाशी लेने पर उसमें 500 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। मौके पर ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मामले में दूसरे आरोपी सोहेल पिता अब्दुल मंसूरी (उम्र 21 वर्ष), निवासी बालागंज, जिला मंदसौर की संलिप्तता भी सामने आई, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्जथाना प्रभारी वरुण तिवारी ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मादक पदार्थ सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित 'हजारगो वेस्ट' कंपनी में मंगलवार रात पौने 10 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसमान में काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिसे देख आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। आग की चपेट में एक जेसीबी और एक हाइड्रा वाहन जलकर खाक हो गए हैं। लगातार कैमिकल के ड्रमों में धमाके सुनाई दे रहे हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस ने आसपास के कारखानों को खाली करवाया है। 14 दमकल मौके पर घटना के करीब ढाई घंटे बाद भी इंदौर समेत आसपास के शहरों से फायर फाइटर की गाड़िया पहुंच रहीं हैं। अब तक 14 फायर फाइटर आग बुझाने में लगे हैं। आग बेकाबू हो रही है। फायर फाइटर को पानी सप्लाई के लिए लगातार नगर पालिका और प्राइवेट टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है। धार कलेक्टर भी मुख्यालय से मौके के लिए रवाना हुए हैं। आसपास के छोटे कारखानों के मालिक भी आग से अपनी कंपनी को बचाने की गुहार अधिकारियों से लगा रहे हैं। आग स्लिप लूप नामक कंपनी तक पहुंच गई है। जानकारों के अनुसर कंपनी औद्योगिक क्षेत्र की कम्पनियों से वेस्ट केमिकल एकत्रित कर उसे नष्ट करने का काम किया जाता है। घटना की तस्वीरें देखिए- रास्ता खाली करने की सलाह प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय लोगों को सावधान रहने को कहा है। साथ ही, फैक्ट्री की ओर जाने वाले रास्तों को खाली रखने की अपील की गई है ताकि फायर ब्रिगेड और राहत बचाव की टीमों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। ये अधिकारी मौके पर मौके पर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर, एसडीएम राहुल गुप्ता, कार्यपालन मजिस्ट्रेट राहुल गायकवाड़, तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव, नगर पालिका का अमला, विद्युत मंडल के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस प्रशासन अलर्ट पुलिस के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्य पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या कोई और कारण था। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर के अनुसर अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं आई है। आग किन कारणों से लगी ये जांच का विषय है।
जयपुर में बीटू बाइपास स्थित श्रीराम कॉलोनी की 42 बीघा जमीन अवाप्ति मामले में हाईकोर्ट ने एकलपीठ के 9 अप्रेल के आदेश पर रोक लगा दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई की। खंडपीठ ने यह रोक श्रीराम कॉलोनी-बी विकास समिति की अपील पर सुनवाई करते हुए लगाई। इस रोक से इस जमीन पर बसे करीब 300 परिवारों को अंतरिम राहत मिल गई है। वहीं इससे पहले एकलपीठ के फैसले के बाद हाउसिंग बोर्ड ने 16 अप्रेल को जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। हाउसिंग बोर्ड ने मौके पर 20 परिवारों के अस्थायी और कुछ स्थायी निर्माणों को धवस्त भी कर दिया था। वहीं अब हाउसिंग बोर्ड को पहले की स्थिति बहाल करनी होगी। चार दशक से बसे हैं लोग अपील में अधिवक्ता आशीष शर्मा ने कोर्ट को बताया- एकलपीठ ने उन बिंदुओं पर निर्णय दिया है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है। इसके अलावा इस जमीन पर चार दशक से करीब 300 परिवार रह रहे हैं। उनके वर्ष 1981 के विक्रयों पत्रों को शून्य घोषित करना अन्याय है। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड ने अपीलार्थियों पर धोखाधड़ी के भी आरोप लगाए हैं, जिन्हें पहले ही न्यायिक कार्यवाहियों में खारिज किया जा चुका है। ऐसे में एकलपीठ के आदेश को रद्द किया जाए। दरअसल, एकलपीठ ने जेडीए की 29 मई 1995 को दी गई योजना स्वीकृति और उसके बाद के आदेशों को अवैध मानते हुए कहा था कि विक्रय पत्र से स्वामित्व हस्तांतरित नहीं होता है। यह खबर भी पढ़ें... जमीन का कब्जा लेने गई हाउसिंग बोर्ड टीम पर पथराव:बीटू बाइपास पर जेसीबी से अतिक्रमण तोड़ने पहुंचे तो लोगों ने किया हंगामा; 2200 करोड़ है कीमत जयपुर में बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक 2200 करोड़ रुपए कीमत की 42 बीघा जमीन पर अतिक्रमण है। हाउसिंग बोर्ड की इस अवाप्तशुदा जमीन का कब्जा लेने टीम गई तो कब्जेधारियों ने पथराव कर दिया। हाइकोर्ट के आदेश के बाद इस जमीन का बोर्ड प्रशासन को कब्जा लेना था। उप-आवासन आयुक्त संजय शर्मा के नेतृत्व में टीम 16 अप्रैल को मौके पर जेसीबी मशीन लेकर पहुंची थी। (पूरी खबर पढ़ें)
मध्यप्रदेश में करीब साढ़े 4 से 5 लाख संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि इन कर्मचारियों का वर्गीकरण कर उन्हें वेतन और सेवा संबंधी लाभ दिए जाएं। जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने मंगलवार को सुनाए फैसले में कहा कि 10 साल से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को 7 अक्टूबर 2016 की नीति का लाभ मिलना चाहिए, चाहे वे संविदा पर हों या आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे हों। कोर्ट ने साफ कहा कि लंबे समय तक काम लेने के बाद कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखना तर्कहीन है और उन्हें आर्थिक न्याय से दूर नहीं रखा जा सकता। अभी तक दैनिक वेतनभोगियों को मिल रहा था लाभअदालत ने यह भी माना कि 2016 की नीति संविधान के अनुच्छेद 38, 39 और 43 में बताए गए सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। अब तक इस नीति का लाभ केवल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को दिया जा रहा था। इसमें उन्हें कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रेणियों के आधार पर वेतन मिलता है, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि इसी आधार पर संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए। 16 साल से सेवाएं दे रहे हैं संविदा कर्मचारी यह मामला 2009 में संविदा पर नियुक्त उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जो करीब 16 साल से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं मिले। समानता के अधिकार का बताया उल्लंघन संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वे स्थायी कर्मचारियों के बराबर काम करते हैं, फिर भी उन्हें कम वेतन दिया जाता है। यह संविधान से मिले समानता के अधिकार और सम्मान से जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन है। सरकार की दलील कोर्ट ने की खारिज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि 2016 की नीति संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू नहीं होती, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया और सरकार को निर्देश दिए कि कर्मचारियों का वर्गीकरण कर उन्हें वेतनमान और सेवा संबंधी लाभ सुनिश्चित किए जाएं।
पटना के पीरबहोर इलाके के पटना कॉलेज घाट से 2 दिन पहले एक बॉडी मिली थी। जिसकी पहचान सहुली हुसैनगंज सीवान के रहने वाले अमित कुमार पांडेय (50) के तौर पर हुई है। आज परिजनों ने बॉडी की शिनाख्त करने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया। PMCH के TOP पदाधिकारी के सामने मृतक के भाई प्रशांत कुमार पंकज ने बताया कि 19 अप्रैल की सुबह 7:45 बजे अमित कुमार पांडे हनुमान नगर एमआईजी 23 से निकले थे। काफी खोज दिन के बाद पता नहीं चल पाया तो 19 अप्रैल की शाम पत्नी ने कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे मृतक के भाई प्रशांत कुमार पंकज के मुताबिक अमित कुमार आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। गांव में घर और जमीन बिक चुकी थी। जिसके चलते मानसिक तौर पर भी परेशान चल रहे थे। इससे पहले भी दो बार घर छोड़कर अचानक चले गए थे। लेकिन उसे समय खोजबीन के बाद पता चल गया था। भाई ने इसी बात को लेकर सुसाइड की आशंका जताई है। पीरबहोर थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि शव की पहचान कर ली गई है। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका नहीं जताई। उनके स्टेटमेंट के आधार पर आगे की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल इन्वेस्टिगेशन किया जा रहा है। अभी तक हत्या की बात सामने नहीं आई है।
बरेली शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए नगर निगम बरेली ने 1100 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया है। नगर निगम सभागार में मंगलवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में यह बजट पेश किया गया, जिसे सभी पार्षदों की सहमति से मंजूरी मिल गई। बुनियादी ढांचे पर जोर: सड़कों और सफाई के लिए खुला खजानाइस बजट में शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। सड़कों के निर्माण के लिए 120 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बेहतर रोशनी व्यवस्था के लिए 30 हजार स्ट्रीट लाइटें खरीदी जाएंगी। सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, शहरवासियों को बेहतर पेयजल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सुंदर और हरा-भरा बरेली: पार्कों और नंदीशाला पर फोकसहरित और सुंदर शहर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 330 पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ग्रिड योजना और ग्रीन बरेली अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि सीबीगंज क्षेत्र में दो माह के भीतर नंदीशाला का संचालन शुरू किया जाए। बैठक में नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी सहित अन्य अधिकारी और बोर्ड सदस्य मौजूद रहे। रोशनी से जगमगाएंगे वार्ड: 30 हजार स्ट्रीट लाइटों को हरी झंडीनगर निगम बोर्ड बैठक में शहर के 80 वार्डों में 30 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में करीब 300 से अधिक लाइटें लगाई जाएंगी। इस योजना के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पार्षदों ने बताया कि कई वार्डों में अंधेरे के कारण आवाजाही में दिक्कत होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। नई लाइटें लगने से न सिर्फ रोशनी व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। घर-घर पहुंचेंगी सुविधाएं: सीवर और पेयजल के लिए विशेष बजटनगर निगम ने शहर की हर गली तक सीवर और पेयजल लाइन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि भी खर्च की जाएगी ताकि कोई क्षेत्र अछूता न रहे। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि शहर में अब कोई भी गली ऐसी नहीं बचेगी, जहां पेयजल और सीवर लाइन की सुविधा न हो। इस योजना से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पशु नियंत्रण की पहल: नसबंदी के लिए एजेंसियों का चयनशहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने दो एजेंसियों का चयन कर लिया है। ये एजेंसियां कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करेंगी, जिससे उनकी संख्या पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इसके साथ ही बंदरों की समस्या से निपटने के लिए वन विभाग के सहयोग से अभियान चलाया जाएगा। महापौर ने इसे शहरवासियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। राजस्व में वृद्धि, 750 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्यनगर निगम ने इस बार अपनी आय बढ़ाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। बोर्ड की बजट बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक स्रोतों से वसूली का लक्ष्य 600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर अब 750 करोड़ रुपये किया जाएगा। महापौर का मानना है कि राजस्व में इस बढ़ोतरी से नगर निगम को विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन मिलेंगे, जिससे बुनियादी सुविधाओं के सुधार कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। विजन 2026: महापौर ने बताया विकास का रोडमैपमेयर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें सड़क, सफाई, पेयजल, सीवर और सौंदर्यीकरण जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ बजट पास करना नहीं, बल्कि उसे धरातल पर उतारना है। हर वार्ड में रोशनी, पानी और सीवर की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी ताकि बरेली को स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाया जा सके। बड़े नालों पर बनेगी रोड, सुभाषनगर में शुरू हुआ काममेयर ने बताया कि जो बड़े नाले है उन पर सड़क पर निर्माण कराया जाएगा, इससे सड़के चौड़ी होगी और लोगों को जाम से निजात मिलेगी। सबसे पहले सुभाषनगर के नाले पर रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही सभी नालों को ढका जा रहा है ताकि फिर से कोई हादसा न हो। सभी नालों के किनारे बैरिकेडिंग की जा रही है और चेतावनी के भी बोर्ड लगाए जा रहे है। सॉलिड वेस्ट प्लांट तैयार, जल्द मिलेगी कूड़े के पहाड़ों से निजातशहर के बाकरगंज में ऊंचे-ऊंचे कूड़े के पहाड़ों की जगह अब वहां कुछ दिनों में हरियाली देखने को मिलेगी। कूड़े के पहाड़ खत्म करके उस कूड़े से खाद बनाई जाएगी। मेयर डॉ उमेश गौतम ने बताया कि जल्द ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो जाएगा।
श्रीयादे माता मंदिर सूरजपोल की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर मंगलवार दोपहर को गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें शामिल 101 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रहे थी। हाथी और घोड़े पर बैठे यजमान कलश यात्रा की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। शहर के सूरजपोल स्थित श्रीयादे माता मंदिर से रवाना हुई कलश यात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए इंद्रा कॉलोनी स्थित प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंच सम्पन्न हुई। 22 अप्रेल की सुबह सवा चार बजे शुभ मुर्हूत में 21 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। इससे पहले सुबह वर-वधु पक्ष के लोग इंद्रा कॉलोनी प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंची। जहां उनका आयोजकों की ओर से स्वागत किया गया। उसके बाद दोपहर को सूरजपोल श्रीयादे माता मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई जो इंद्रा कॉलोनी स्थित प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंच सम्पन्न हुई। शाम को इंद्रा कॉलोनी के निकट हाईवे के पास स्थित एक टाउनशिप के ग्राउंड में भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीयादे माता की स्तुति में भजन गायकों ने भजन पेश किए। 22 अप्रेल की सुबह माताजी की हवन और महाआरती का आयोजन सूरजपोल स्थित श्रीयादे माता मंदिर में होगा। उसके बाद सम्मान समारोह और महाप्रसादी का आयोजन इंद्रा कॉलोनी के निकट हाईवे किनारे स्थित टाउनशिप में आयोजित किया जाएगा। मुकेश विजयराज हाटवा ने बताया कि अध्यक्ष भंवरलाल चंदवाड़ीया, मदनलाल कपुपरा गुंदोज, फतेहराज नगरिया, हरिराम चंदवाड़ीया, सोनाराम रेडवाल, अशोक, दुर्गेश बेड़ा, किशन हाटवा, मोहन कपुपरा, ओमप्रकाश कुण्डलवाल, राजूराम, रामचन्द्र आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
शिवहर पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार अपराधी सलमगीर उर्फ छोटू अपने साथियों के साथ मिलकर एक बड़ी डकैती की योजना बना रहा था। इसकी गुप्त सूचना मिलने पर एसएसटीएफ टीम और शिवहर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी को उसके घर से ही दबोच लिया। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी पुलिस अधीक्षक के अनुसार, सलमगीर उर्फ छोटू कुख्यात दरभंगा सहनी गैंग का सक्रिय सदस्य है। शिवहर जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ डकैती, रंगदारी और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी और उसे टॉप-10 अपराधियों की सूची में रखा गया था। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलमगीर उर्फ छोटू (पिता मोहम्मद शहीद, निवासी विशंभरपुर, थाना तरियानी, जिला शिवहर) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है।
ओरछा के जंगल रोड़े इलाके में मंगलवार शाम भीषण आग लग गई। यह आग हरदौल समाधि के पीछे से शुरू हुई और देखते ही देखते जंगल के एक बड़े हिस्से में फैल गई। बताया जा रहा है कि आग हरदौल समाधि के पिछले हिस्से से भड़कना शुरू हुई थी। गर्मी और तेज हवा के कारण लपटें तेजी से हरदौल चैटका और गुंदरई सरकड़िया के बीच के घने जंगलों तक पहुंच गईं। गर्मी और सूखी घास बनी वजह लगातार बढ़ रहे तापमान और तेज धूप की वजह से जंगल में सूखी घास और पत्तियां बिछी हुई थीं, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि भीषण गर्मी की वजह से ही यह हादसा हुआ है। आग बुझाने की कोशिशें जारी सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, जंगल का रास्ता पथरीला होने और हवा चलने की वजह से आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐतिहासिक स्मारकों पर भी खतरा अगर आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह जंगल के जीव-जंतुओं के साथ-साथ आसपास के गांवों और ओरछा के ऐतिहासिक स्मारकों के लिए भी खतरा बन सकती है। फिलहाल वन विभाग और प्रशासन पूरी मुस्तैदी से इसे बुझाने में जुटा है।
हरदा में सर्व ब्राह्मण समाज संगठन की महिला इकाई ने मंगलवार को पांच दिवसीय परशुराम जन्मोत्सव के तहत एक टैलेंट शो का आयोजन किया। स्थानीय बाविसा ब्राह्मण समाज धर्मशाला में दोपहर 3 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में 13 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। महिला अध्यक्ष विनीता राजोरिया ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि सचिव अदिति गुरु ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान बच्चों ने गायन, वादन, नृत्य और मिमिक्री जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर पुरस्कार भी वितरित किए गए। महिला संगठन ने कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला सदस्यों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लिया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में टिमरनी से गीता गद्रे, उपप्राचार्य निशा तिवारी और स्वाति जपे शामिल थीं। कार्यक्रम का संचालन अश्लेषा शुक्ला ने किया और अंत में अदिति गुरु ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। टैलेंट शो में 1 से 6 वर्ष आयु वर्ग के नृत्य प्रतियोगिता में वैदिक शर्मा ने प्रथम, अद्विक शर्मा ने द्वितीय और गौरांश तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी आयु वर्ग की गायन प्रतियोगिता में शिवाय शुक्ला प्रथम, अनायका शर्मा द्वितीय और अवन्या पंडित तृतीय स्थान पर रहीं। 7 से 13 वर्ष आयु वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता में आदित्री शर्मा ने पहला, स्वस्तिका शर्मा ने दूसरा और काव्यांश जैसानी ने तीसरा स्थान हासिल किया। वादन प्रतियोगिता में आरंभ भट्ट ने प्रथम, वत्सल पाराशर ने द्वितीय और अदम्य शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ऐतिहासिक एवं धार्मिक किरदारों पर आधारित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें 1 से 6 वर्ष आयु वर्ग में शिवाय शुक्ला प्रथम, शिवायु त्यागी द्वितीय और अनायका शर्मा तृतीय रहे। वहीं, 7 से 13 वर्ष आयु वर्ग में शिवांसी तिवारी ने पहला, लक्ष्य शुक्ला ने दूसरा और पूर्णिमा डाले ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। देखिए तस्वीरें…
फाजिल्का के नगर कौंसिल में वार्डों की वोटर सूची को लेकर सियासत गर्माती नजर आ रही है। वार्डों के भाजपा और कांग्रेस की पार्षद टिकटों के दावेदार नगर कौंसिल दफ्तर में पहुंचे। जिन्होंने वोटर सूची को लेकर एतराज जाहिर किया। पूर्व मंत्री सुरजीत जियानी ने आरोप लगाया कि वोटों से छेड़छाड़ की जा रही है। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में वोटों को शिफ्ट किया जा रहा है। यहां तक कि उन्होंने आरोप लगाया कि एससी वार्डों को जनरल और जनरल वार्ड को एससी किया जा रहा है। उन्होंने हाईकोर्ट का रुख करने की चेतावनी दी है । पूर्व मंत्री और फाजिल्का से पूर्व विधायक सुरजीत जियानी ने कहा कि आज वह नगर कौंसिल दफ्तर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आने वाले नगर कौंसिल चुनावों को लेकर तैयार की गई वोटर सूची पर उन्होंने एतराज जाहिर किया है। सुरजीत जियानी ने कहा कि वह चाहते है कि राजनीति से ऊपर उठकर वार्डों न चुनाव हो। उनका आरोप है कि बीएलओ जो नौकरी लगे है और गलत कर रहे है। SC वार्ड को जनरल और जनरल वार्ड को किया SC उन्होंने चेतावनी है कि जिस तरह से वोटों के साथ गड़बड़ी की जा रही है अगर वह हाईकोर्ट चले गए तो उनकी नौकरी को खतरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज एतराज जाहिर करते हुए शिकायत दर्ज करवाई गई है कि जहां 80 फीसद एससी वार्ड है उन्हें जनरल कर दिया है। इसके विपरीत जो जनरल है उन्हें एससी कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया इस लेवल पर गड़बड़ कर सारे वार्डों की व्यवस्था बिगाड़ दी गई है। पहले वह हाईकोर्ट गए कि नई वार्डबंदी रद्द कर दी गई। लेकिन अब वार्डों की वोटों से छेड़छाड़ की जा रही है। पूर्व मंत्री का आरोप है कि बीजेपी का बोर्ड न बने इसलिए ये सब किया जा रहा है। लेकिन उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज करवा दी है। जिसके बाद वोटर सूची उनके पास पहुंचेगी। अगर उसमें गड़बड़ हुई तो वह फिर हाईकोर्ट का रुख करेंगे। वोटर्स के भी वार्ड बदलने के आरोप भाजपा नेता रमेश कटारिया ने बताया कि उनके वार्ड नंबर 25 की वोटर सूची में वार्ड नंबर एक की 105 वोट डाल दी गई है । क्योंकि उनके वार्ड को जानबूझ कर पहले जनरल से एससी किया गया है, और फिर वोटर सूची से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने काम किया है तो क्यों वार्डों से छेड़छाड़ हो रही है। उधर कांग्रेस पार्षद की टिकट के दावेदार गोल्डी सचदेवा ने कहा कि सभी एतराज उनके सुनने योग्य है। क्योंकि उनके 24 नंबर वार्ड से करीब 900 वोट वार्ड नंबर 22 में डाल दी गई है। जबकि 21 नंबर वार्ड की वोटों को 24 में डाल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार ने अपनी पार्टी के पार्षद बनाने के लिए ये हथकंडा अपनाया है। 23 तारीख तक दिए जाएंगे एतराज नगर कौंसिल के सुप्रीडेंट राजेश कुमार ने बताया कि विभिन्न पार्टियों के नेताओं को ऐतराज है कि कुछ वोट वार्डों में गलत लगा दी गई है और कुछ वोट वार्डों में लगने से रह गई है। जिस पर उनके द्वारा एतराज मांगे गए है। जिसके लिए 23 तारीख तक एतराज दिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी पत्र उन्हें हासिल होंगे उनकी बीएलओ से वेरिफिकेशन करवाने के बाद वोट फाइनल कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि गलती हुई है या नहीं इसमें नगर कौंसिल का कोई रोल नहीं है। क्योंकि बीएलओ की रिपोर्ट के अनुसार ही वोटों को डिवाइड किया गया है।
कपूरथला के सर्कुलर रोड पर देर रात एक सड़क हादसे में पल्सर बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर और सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 8 बजे सर्कुलर रोड पर हुआ। एक ट्रक (RJ-31-GB-2989) और पल्सर बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक ट्रक के नीचे आ गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक युवक की पहचान कराने में जुटी पुलिस सिटी थाना के एसएचओ अमनदीप नाहर ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर बाइक नंबर के आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने ट्रक और उसके चालक को भी हिरासत में ले लिया है। एसएचओ अमनदीप ने बताया कि पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
लखनऊ में साइबर ठगों ने खुद को पुलिस व एनआईए/एटीएस अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड महिला डॉक्टर से 1 करोड़ 55 लाख रुपए की ठगी कर ली। जालसाजों ने पीड़िता को डराकर और गोपनीयता का दबाव बनाकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। शाहनज इमामबाड़ा कैम्पस, राणा प्रताप मार्ग, हजरतगंज निवासी डॉक्टर जिया सुल्ताना (75) यूपी सरकार की पीएमएस सेवा से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को रात करीब 9 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ हेडक्वार्टर का इंस्पेक्टर आकाश शर्मा बताया और कहा कि उनका आधार नंबर किसी गैरकानूनी/आतंकवादी गतिविधि में इस्तेमाल हुआ है। एनआईसी सर्टिफिकेट लेना होगा ठग ने उन्हें डराते हुए कहा कि मामले से बचने के लिए पुणे स्थित एटीएस विभाग से एनआईसी सर्टिफिकेट लेना होगा। साथ ही सख्त हिदायत दी कि वे इस बारे में किसी से बात न करें। इसके बाद दूसरे नंबर से प्रेम कुमार नामक व्यक्ति लगातार कॉल कर धमकाता रहा और खुद को एनआईए चीफ बताकर बैंक खातों की पूरी जानकारी ले ली। डर के कारण खातों की जानकारी दी अकेली रहने के कारण महिला डर गईं और बिना किसी से सलाह लिए ठगों को अपने खातों की जानकारी दे दी। इसके बाद ठगों ने सुरक्षा प्रमाण पत्र दिलाने के नाम पर रकम अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा ली। चार बार में कुल मिलाकर ठगों ने 1 करोड़ 55 लाख रुपए की ठगी कर ली। ट्रांजैक्शन चेन से जांच शुरू जालसाजों ने जांच के बाद रुपए वापस करने की बात कही थी। जब पीड़िता ने रकम वापस मांगी तो संपर्क बंद कर दिया। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। मामले में इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके ट्रांजैक्शन चेन से जांच शुरू कर दी गई है।
मैहर जिले के अमरपाटन में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक किसान ने अपने पड़ोसी पति-पत्नी पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नादन टोला के रहने वाले 50 साल के धीरेन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने की सरकारी जमीन पर पड़ोसी अर्जुन सिंह कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। धीरेन्द्र ने इसकी शिकायत तहसील में कर दी थी, जिससे अर्जुन सिंह उनसे नाराज चल रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। बीच सड़क पर हुई मारपीट घटना 21 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे की है। धीरेन्द्र सिंह जब उस जमीन पर मौजूद थे, तभी अर्जुन सिंह अपनी पत्नी कमलेश सिंह के साथ वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर धीरेन्द्र को गालियां दीं और लात-घूसों से जमकर पीटा। जान से मारने की धमकी मारपीट के दौरान धीरेन्द्र को जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उनके माथे, कंधे और हाथ में चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का कहना है कि जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दर्ज किया केस अमरपाटन पुलिस ने धीरेन्द्र सिंह की शिकायत पर अर्जुन सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी मध्य और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब इन विद्यालयों का संचालन दो पालियों (शिफ्ट) में किया जाएगा। यह कदम छात्र-शिक्षक अनुपात में असंतुलन और संसाधनों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उठाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि कई विद्यालयों में छात्रों की अत्यधिक संख्या के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी। इस समस्या का समाधान करने और प्रत्येक छात्र को बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू नई समय-सारणी के अनुसार, प्रथम पाली (कक्षा 1-8) सुबह 06:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होगी। द्वितीय पाली (कक्षा 9-12) दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी। दोनों पालियों के बीच सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि दूसरी पाली के संचालन में कोई बाधा न आए। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 21 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी संबंधित विद्यालय प्रधानों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद, 22 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक विद्यालयों में शिक्षक-पालक बैठकें आयोजित कर नई व्यवस्था की जानकारी साझा की जाएगी। 25 अप्रैल 2026 को विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर विभाग को भेजा जाएगा। 27 अप्रैल 2026 से सभी चिन्हित विद्यालयों में दो पाली प्रणाली लागू कर दी जाएगी। बिहार सरकार की सेवा वर्गीकरण नियमावली-2005 के तहत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और शिक्षकों को भी प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य करने में सुविधा होगी। उन्होंने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से इस व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।
चंडीगढ़ के टीचरों को लगभग 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बड़ी राहत मिली है। 2015 बैच के शिक्षकों सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को नियुक्ति की तारीख से सभी वित्तीय और सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं। इस निर्णय के तहत शिक्षकों को लंबित महंगाई भत्ता (DA), एसीपी (ACP), पंजाब के 6वें वेतन आयोग तथा केंद्र के 7वें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन लाभ, साथ ही प्रोबेशन क्लीयरेंस एवं अन्य सभी वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ दिए जाएंगे। क्या था विवाद?चंडीगढ़ में 1150 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें से 950 शिक्षकों का चयन हुआ था। हालांकि, परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया और मामला अदालत में पहुंच गया। तब से यह केस लगातार सुनवाई के अधीन था। 2015 बैच के शिक्षक अपने नियमितीकरण और वेतन संबंधी अधिकारों के लिए प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर संघर्ष कर रहे थे। ज्वाइंट टीचर्स एसोसिएशन (JTA) ने इस फैसले का स्वागत किया है। अध्यापकों की उम्मीदअदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद शिक्षकों में खुशी की लहर है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि चंडीगढ़ प्रशासन इस फैसले को जल्द लागू करेगा, ताकि सभी लंबित वित्तीय लाभ समय पर मिल सकें और शिक्षकों को उनके अधिकार मिल सकें।
गाजियाबाद के डीपीएसजी मेरठ रोड में चौथे डीपीएसजी कप 2026 का उद्घाटन किया गया। यह अंतर-विद्यालयी खेल प्रतियोगिता 21 अप्रैल से 2 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। इसमें दिल्ली-एनसीआर के लगभग 30 स्कूलों से करीब 750 छात्र-खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में क्रिकेट, शूटिंग, शतरंज, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल और लॉन टेनिस जैसे खेल शामिल हैं। प्रसिद्ध पैरा पिस्टल शूटर और ओलंपियन दीपेन्द्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। स्कूल की प्राचार्या प्रीति वासन ने मेहमानों और खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डीपीएसजी कप बच्चों के विकास, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उद्घाटन समारोह में ज़ुम्बा एरोबिक्स की प्रस्तुति दी गई। सभी खिलाड़ियों ने ईमानदारी और निष्पक्षता से खेलने की शपथ ली। इसके बाद रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़कर प्रतियोगिता की आधिकारिक शुरुआत की गई। मुख्य अतिथि दीपेन्द्र सिंह ने पहले क्रिकेट मैच के लिए टॉस किया। इस आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों को एक साथ लाना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
देवास में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक बाल विवाह रुकवाया है। कल (शुक्रवार) बारात जाने से ठीक 24 घंटे पहले गुरुवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। एक ही परिवार में दो चचेरे भाइयों का विवाह होना था, जिसमें से एक दूल्हा नाबालिग पाया गया। जानकारी के अनुसार, अब रोड स्थित एक कॉलोनी में विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। टीम को सूचना मिली कि दो चचेरे भाइयों की बारात शुक्रवार को जानी है। मौके पर पहुंचकर टीम ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें एक दूल्हे की उम्र करीब 19 साल निकली, जो कानूनी रूप से विवाह के लिए निर्धारित आयु से कम है। परिजनों ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि विवाह न रोका जाए क्योंकि सभी बुकिंग हो चुकी हैं और इससे भारी नुकसान होगा। हालांकि, दस्तावेजों में दूल्हे के नाबालिग होने के कारण टीम ने बाल विवाह रुकवाया। अधिकारियों ने परिवार से एक संकल्प पत्र भरवाया और चेतावनी दी कि यदि बारात निकाली गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने मौके से ही दुल्हन पक्ष को फोन कर सूचित करने को कहा कि बारात में केवल एक ही दूल्हा आएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी संदीप किरार ने बताया कि उन्हें जयशिव कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की। जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी ने पुष्टि की कि बाल विवाह रोकने की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि उन्हें एक पत्रिका (संभवतः शादी का निमंत्रण पत्र) के माध्यम से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम भेजी गई।
कानपुर में चमड़ा फैक्ट्री में भीषण आग:शॉर्ट सर्किट से हादसा, दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाहिदपुर स्थित एक चमड़ा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। आग लगने के बाद फैक्ट्री में मौजूद टेनरीकर्मियों ने तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात है।
राजधानी रायपुर के भारत माता स्कूल इलाके में 200 KVA के ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। तकनीकी टीम इसकी जांच कर रही है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, बिजली विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। टीम ने ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरणों की जांच शुरू कर दी है और बिजली सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल करने का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इलाके में बिजली आपूर्ति फिर से सामान्य कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग (ज्यादा बिजली लोड) को आग लगने की वजह माना जा रहा है। नॉर्थ ज़ोन के ईई रामकुमार साहू ने कहा कि गर्मियों में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस कारण ओवरहीटिंग की स्थिति बनती है और आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
घाटमपुर कस्बे में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पहले से दी गई चेतावनी और नोटिस के बावजूद कब्जा न हटाए जाने पर की गई, जिससे क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती का संदेश गया। जानकारी के अनुसार कस्बे के पश्चिमी छोर पर स्थित गाटा संख्या 384 राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों अमीरउल्ला और जफरउल्ला द्वारा इस जमीन पर पक्की दुकानों का निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। मामले की शिकायत मिलने पर पालिका प्रशासन ने राजस्व टीम से भूमि की पैमाइश कराई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कब्रिस्तान की जमीन पर ही किया गया है। पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर दोनों कब्जेदारों को पूर्व में नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया। मंगलवार शाम को अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार के नेतृत्व में पालिका टीम, लेखपाल और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से बनी पक्की दुकानों को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई। अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस देने के बावजूद कब्जा न हटाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गया जिले के टिकारी अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में उत्तर कोयल नहर परियोजना की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने की। इसमें परियोजना के कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने और निर्माण कार्य की गति बढ़ाने पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और नहर के पक्कीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से जिले के टिकारी, कोंच, आमस और गुरुआ जैसे कई प्रखंडों के किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। लगभग ₹1367 करोड़ की लागत वाली यह अंतर-राज्यीय परियोजना झारखंड और बिहार के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। गया जिले में इस परियोजना के तहत नहरों के सुदृढ़ीकरण से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी मिल सकेगा। समीक्षा बैठक में टिकारी अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन, डीसीएलआर टिकारी अमित कुमार वैनामी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कोंच विपुल भारद्वाज, टिकारी के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल स्तर के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से कार्यस्थल का निरीक्षण करें ताकि गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता न हो।
मोगा के सिविल अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया जब एक मृतक के शव को नेपाल ले जाने को लेकर 2 निजी एंबुलेंस संचालक आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना के कारण मृतक के परिजनों को करीब एक घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, नेपाल निवासी दल बहादुर मेहता मोगा जिले की एक रबर कंपनी में कार्यरत थे। बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। उनका शव गांव सिंघा वाला स्थित शव गृह में रखा गया था। सोमवार दोपहर एक निजी एंबुलेंस संचालक शव को अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सिविल अस्पताल लाया था। बहस के बाद हुई हाथापाई इसी दौरान एक अन्य एंबुलेंस संचालक भी वहां पहुंच गया। उसने अपनी गाड़ी इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़ी कर शव को नेपाल ले जाने की जिम्मेदारी लेने की जिद की। दोनों पक्षों के बीच बहस तेजी से बढ़ी और जल्द ही हाथापाई में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इस विवाद के कारण मृतक के परिजनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे शव लेकर नेपाल के लिए रवाना हो सके। सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ गौरतलब है कि मोगा के मथुरा दास सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ आम बात है। ये संचालक अक्सर मरीजों को महंगे किराए पर निजी अस्पतालों में ले जाने का दबाव बनाते हैं। सरकारी एंबुलेंस की कमी और निजी एंबुलेंस की मनमानी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
तरनतारन में खाद्य सुरक्षा जागरूकता पखवाड़ा के तहत बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कंवलप्रीत बराड़ के दिशा निर्देशों पर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखबीर कौर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न डेयरियों और फूड आउटलेट्स का औचक निरीक्षण किया। पिछले तीन दिनों में, टीम ने तरनतारन, बेईं पुईं, बाथ, खडूर साहिब, सुरसिंह, भिखीविंड, दबीपुर, वाड़ा शेर सिंह और दाउदपुर सहित कई स्थानों पर डेयरियों और फूड आउटलेट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान दूध, दही और पनीर के कुल 9 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए खरड़ लैब भेजा जाएगा। जागरुकता अभियान भी जारी इसी कड़ी में, टीम ने जागरूकता अभियान भी जारी रखा। इसमें एनजीओ इनटच और शिक्षण संस्थानों जैसे निशान-ए-सिखी और गुरु अंगद देव कॉलेज के सदस्यों ने भाग लिया। अभियान के दौरान सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को साफ-सफाई बनाए रखने, तेल का दोबारा इस्तेमाल न करने, मिलावट से बचने और बर्तनों का सही तापमान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, टीम ने पट्टी क्षेत्र में जागरूकता, प्रशिक्षण और टेस्टिंग गतिविधियां जारी रखीं और स्कूलों में जाकर छात्रों को खाद्य सुरक्षा के बारे में जागरूक किया। सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को अपने रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस को अपडेट रखने का भी निर्देश दिया गया है।
रीवा जिले में लावारिस वाहनों की नीलामी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिछिया थाना परिसर में मंगलवार को 23 वाहनों की नीलामी महज 1 लाख 13 हजार रुपए में होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, नीलामी में 21 दोपहिया और 2 चारपहिया वाहन शामिल थे, जिन्हें खुली बोली के माध्यम से बेचा गया। लेकिन इतनी कम कीमत पर वाहनों की बिक्री होने से पारदर्शिता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीलामी प्रक्रिया में “पेड लोगों” को बुलाया जाता है। उनका कहना है कि आम जनता को नीलामी की जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि पहले से तय कुछ लोगों को बुलाकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित रह जाती है। 39 बाइक को 85 हजार में नीलाम कर दिया उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सिविल लाइन थाना में 39 बाइक-जिनमें अपाचे, एक्टिवा और हीरो डीलक्स जैसी गाड़ियां शामिल थीं, को महज 85 हजार रुपए में नीलाम कर दिया गया था, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अधिवक्ता के मुताबिक, नीलामी का बेस प्राइज भी बेहद कम रखा जाता है, जिससे वाहनों की कीमत औने-पौने में तय हो जाती है और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि नीलामी पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से कराई गई है। हालांकि, लगातार लग रहे आरोपों के बीच अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने भी आरोपों से इंकार किया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। पर आरोपों के बीच लगातार संशय की स्थिति बनी हुई है।
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ के एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 24 महिला कर्मचारियों ने अपने ही एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ छेड़छाड़, बदसलूकी और डराने-धमकाने की शिकायत दी है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत को दो महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अब तक जिसके खिलाफ शिकायत है उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और वह आज भी स्कूल में ड्यूटी कर रहा है। महिलाओं ने 12 फरवरी को स्कूल की इंटरनल कमेटी (ICC) को लिखित शिकायत दी थी। यह कमेटी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के मामलों की जांच के लिए बनाई जाती है। इसके बावजूद आरोपी को न तो ट्रांसफर किया गया और न ही छुट्टी पर भेजा गया। वह उसी जगह काम कर रहा है, जहां शिकायत करने वाली महिलाएं भी मौजूद हैं। महिला कर्मचारियों ने मांग की है कि मामले की तुरंत जांच हो और उन्हें सुरक्षित माहौल दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी कदम उठाएंगी। महिलाओं ने लगाए ये आरोपशिकायत में कहा गया है कि आरोपी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, गालियां देता है और धमकाता है। वह महिला स्टाफ के बहुत करीब आकर असहज करता है और अपमानजनक टिप्पणियां करता है। महिलाओं का कहना है कि यह सब एक-दो बार नहीं, बल्कि बार-बार हो रहा है, जिससे काम का माहौल खराब और डर वाला बन गया है। एक घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसमें आरोपी ने आक्रामक तरीके से व्यवहार किया और महिला स्टाफ के करीब आकर उन्हें परेशान किया, जिससे वे काफी घबरा गईं। अलग कमेटी बनने पर उठे सवालबताया जा रहा है कि स्कूल की ICC के अलावा शिक्षा विभाग ने अलग से एक और कमेटी बना दी है, जिसमें अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल और एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब स्कूल में पहले से कमेटी बनी हुई है, तो दूसरी कमेटी की क्या जरूरत है। नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों की जांच स्कूल की ICC ही करती है। जिला स्तर की कमेटी तभी बनती है जब स्कूल में ICC न हो या शिकायत स्कूल के मालिक/प्रबंधन के खिलाफ हो। फिलहाल, दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मामला जांच में ही है और जिस पर आरोप है वो बिना किसी कार्रवाई के स्कूल में काम कर रहा है।
शाजापुर के लाहोरी रोड इलाके में मंगलवार रात 7 से 8 बजे के बीच अचानक आग लग गई। आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में आग एक छोटी सी जगह पर लगी थी, लेकिन पास में ही सूखी झाड़ियां और कचरा होने की वजह से लपटें तेजी से फैल गईं। देखते ही देखते आग ने बड़ा रूप ले लिया, जिसे देखकर स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू खबर मिलते ही शाजापुर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीम ने काफी मेहनत के बाद आग को काफी हद तक बुझा दिया। हालांकि, रास्ता संकरा होने की वजह से गाड़ियां हर जगह नहीं पहुंच सकीं, जिससे कुछ हिस्सों में देर तक धुआं उठता रहा। शरारत की आशंका आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर वहां आग लगाई होगी, लेकिन अभी तक असली वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। बढ़ती गर्मी के कारण इस तरह की घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं, इसलिए प्रशासन ने सभी से सावधान रहने को कहा है।
रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र के खजूरी सोलंकी में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी ने रतलाम स्थित अपने घर में साफे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया। मौत के बाद पटवारी का 15 दिन पुराना एक लेटर सामने आया है। जिसमें लिखा है आलोट में पदस्थ महिला नायब तहसीलदार सविता राठौड़ पर काम का दबाव बनाने और अनावश्यक कार्य कराने के आरोप लगाए हैं। घर से भी एक लेटर मिला है। घटना से एक दिन पहले ही मृतक के छोटे भाई की शादी हुई थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक इस घटना से खुशियां गम में बदल गईं। मृतक रविशंकर खराड़ी की करीब दो साल पहले अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। उनके पिता भी पटवारी थे, जिनका दिसंबर 2023 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसके बाद परिवार के बड़े बेटे होने के नाते रविशंकर की अनुकंपा नियुक्ति की गई थी। रिसेप्शन में नहीं पहुंचा, रात में लौटा घर मृतक पटवारी के छोटे भाई सिद्धार्थ खराड़ी की 20 अप्रैल को शादी हुई थी। शादी के कार्यक्रम पिछले तीन दिनों से पैतृक गांव बड़ी सरवन में चल रहे थे। गांव से बारात राजस्थान के बांसवाड़ा के पास तारवाखाटी गई थी। शादी के बाद बारात गांव लौटने के बजाय सीधे रतलाम स्थित घर पहुंची। उसी शाम बरबड़ हनुमान मंदिर परिसर के जानकी मंडप में रिसेप्शन रखा गया था। सिद्धार्थ खराड़ी ने बताया कि उनका बड़ा भाई बारात रवाना होने से पहले ही रतलाम के लिए निकल गया था। जब वे घर पहुंचे तो उसका मोबाइल बंद मिला। परिवार ने सोचा कि वह कहीं गया होगा और वापस आ जाएगा। इसके बाद सभी लोग रिसेप्शन की तैयारियों में जुट गए। दरवाजा खोलते ही सामने आया दर्दनाक मंजर परिवार ने बताया कि लगातार कॉल करने पर भी मोबाइल बंद आता रहा और वह रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचा। देर रात करीब 2 बजे वह घर लौटा और तीसरी मंजिल पर बने कमरे में जाकर सो गया। उस समय भाभी और अन्य सदस्य नीचे सो रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सिद्धार्थ उसके कमरे में गए। उस समय वह बिस्तर पर लेटा था। चाय-नाश्ते के बारे में पूछने पर उसने कहा कि थोड़ी देर में नीचे आ जाएगा। इसके बाद सिद्धार्थ नीचे आ गए। दोपहर करीब 3 बजे दोबारा कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद भाभी रीना खराड़ी उसे उठाने के लिए कमरे में गईं। दरवाजा धक्का देकर खोला तो वह जोर से चिल्लाईं। परिवार के लोग ऊपर पहुंचे तो देखा कि रविशंकर खराड़ी पंखे से पगड़ी के सहारे फंदा लगाकर लटके हुए थे। घटना के बाद पूरे घर में मातम छा गया। पुलिस घर पहुंची तो मिला एक लेटर पुलिस जांच के लिए पटवारी के कस्तुरबा नगर से लगे एमबी नगर निवास पर पहुंची। कमरे में तलाश की तो एक लेटर मिला है। लेकिन लेटर के बारे में पुलिस ने अभी कुछ खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा पटवारी द्वारा लिखा गया एक अन्य लेटर भी सामने आया है। जो कि 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। फांसी लगाने के बाद यह लेटर आलोट क्षेत्र के पटवारियों के वाट्सअप ग्रुप पर वायरल हुआ है। पुलिस दोनों लेटर के बारे में कुछ नहीं बोल रही है। जो लेटर सामने आया है उसमें लिखा है… “मेरा नाम रविशंकर खराड़ी है। मैं पटवारी हल्का नंबर 34 में पटवारी पद पर पदस्थ हूं। मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौड़ द्वारा लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा है। मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बटांकन और फर्द में दबाव बनाकर बदलाव कराया गया है। नायब तहसीलदार के दबाव के कारण मैं अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान नहीं दे पाया। कई परिचित लोगों को पत्रिका देने तक का समय नहीं मिल सका। मुझे कई बार उनके क्वार्टर पर बुलाया गया और यह तक कहा गया कि मेरे भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देंगी। वे मुझे शादी में समय भी नहीं देने दे रही थीं। काम के दबाव और जिस पक्ष में मुझसे काम कराया गया, उसकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। रणजीत सिंह की छुट्टी के दिन मुझे क्वार्टर पर बुलाकर गलत काम कराने की बात भी रिकॉर्डिंग में है। इन सबके सामने आने पर मेरे खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। मैं इस तरह के दबाव में नौकरी नहीं कर सकता।” पुलिस ने कहा- जांच जारीइस नोट को लेकर फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। मामले की जांच जारी है। मां बोली मैडम करती थी परेशान मृतक पटवारी की मां केसर खराड़ी ने बताया कि बेटे ने कभी किसी प्रकार से परेशानी की बात नहीं बताई। लेकिन कभी-कभी कहता था कि मैडम परेशान करती है। मैडम का नाम नहीं मालूम है। छोटे बेटे की शादी का रिसेप्शन सोमवार को था। उसमें में बेटा नहीं आया। सोमवार दोपहर को दो लोग बजाज फाइनेंस के आए थे। बेटे के बारे में पूछ रहे थे। मां का कहना था कि बेटे ने पूर्व में 3 लाख का लोन भी लिया था। मां का यह भी कहना था कि बेटे ने बताया था कि मैडम जबरन अनावश्य काम कराती थी। किसी किसान का काम कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उससे रुपए लेने के लिए बेटे पर दबाव बनाया गया था। 4 साल की बेटी, पत्नी प्रेग्नेंट मृतक पटवारी की पत्नी का नाम रीना खराड़ी है। 4 साल की एक बेटी है। पत्नी प्रेग्नेंट है। घर में मां, छोटा भाई सिद्धार्थ व 16 साल की बहन साथ रहते थे। पटवारी के आलोट में पदस्थ होने के कारण वहां पर कमरा किराये से ले रखा था। आना-जाना लगा रहता था। लेटर मांगने पर एसआई को रोका घटना के बाद पुलिस को घर से लेटर मिला है। लेकिन परिजनों को इस बारे में जानकारी नहीं है। जब लेटर के सामने आने के बारे में पता चला तो छोटे भाई ने जांच कर रहे एसआई से लेटर मांगा। ताकि उनके पास सबूत रहे। लेकिन एसआई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हुए। मेडिकल कॉलेज से बाइक लेकर जाने लगे तो भाई ने दौड़ते हुए रोक लिया। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी। तब वहां मौजूद थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी आए। उन्होंने भाई को समझाया। जांच प्रक्रिया में होने की बात कही। हालांकि इस दौरान टीआई ने भाई को यह तक कह दिया कि मीडिया ट्रायल होता है क्या हर चीज का। बाद में भाई को समझाया जो भी जानकारी चाहिए थाने चलो। वहां मिल जाएगी। अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं पटवारी के सुसाइड की जानकारी मिलने पर कलेक्टर मिशा सिंह ने डिप्टी कले्क्टर राधा मंहत व अन्य अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज भेजा। लेकिन अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि मर्ग कायम किया है। लेटर के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। सारे तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ शावक मरा मिला:स्वाभाविक मौत की आशंका, वन विभाग ने किया अंतिम संस्कार
कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही वन इलाके में एक बाघ का नर शावक मरा मिला है। यह घटना 21 अप्रैल 2026 को बड़े अमाही नाला के पास बीट सरहीनकान में सामने आई। जैसे ही घटना की खबर मिली, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) और वन्यजीव विभाग के नियमों के मुताबिक तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। पूरे इलाके को सुरक्षित कर डॉग स्क्वॉड से बारीकी से जांच करवाई गई। इस दौरान खास बात यह रही कि मृत शावक के पास ही उसकी मां और बाकी शावक भी मौजूद रहे। डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम जबलपुर, मोतीनाला और बिछिया से आए पशु डॉक्टर की टीम ने मृत शावक का पोस्टमार्टम किया। शुरुआती जांच में शावक के शरीर के सभी अंदरूनी अंग सुरक्षित मिले हैं, जिससे अधिकारियों का मानना है कि उसकी मौत किसी बीमारी या कुदरती वजह से हुई है। नियमों के तहत अंतिम संस्कार तय नियमों (SOP) का पालन करते हुए शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर टाइगर रिजर्व के बड़े अधिकारियों के साथ स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
बीकानेर शहर में लंबे समय से लंबित कोटगेट-सांखला फाटक प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य के वित्त विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए संशोधित वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। बजट 2025-26 के तहत अब इस परियोजना के लिए 57 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है, जिससे काम में तेजी आने की उम्मीद है। भाजपा नेता रविशेखर मेघवाल ने बताया कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लगातार प्रयासों के चलते यह स्वीकृति मिल पाई है। वे लंबे समय से इस प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत थे। वित्त विभाग ने पूर्व स्वीकृत राशि को समायोजित करते हुए संशोधित बजट को मंजूरी दी है। यह स्वीकृति शहरी सड़क योजना मद के तहत दी गई है। साथ ही, परियोजना के कार्यों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संचालित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि पहले इस प्रोजेक्ट के लिए केवल 23 लाख रुपए की स्वीकृति थी, लेकिन समय पर कार्य शुरू नहीं होने और लागत बढ़ने के चलते अब राशि को बढ़ाकर 57 करोड़ रुपए किया गया है। रविशेखर मेघवाल ने बताया कि इस स्वीकृति के बाद अब प्रोजेक्ट की राह आसान हो गई है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे शहर की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा। पहले 23 लाख स्वीकृत इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में महज 23 लाख रुपए ही स्वीकृत हुए थे। इसके बाद कोटगेट-सांखला फाटक के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने प्रयास किया और अब 57 करोड़ रुपए स्वीकृत हो गए हैं। यह बजट वर्ष 25-26 के तहत राशि मिली है। इससे टेंडर प्रक्रिया अब शुरू हो जाएगी। इस स्वीकृति के बाद अब शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
JEE Main 2026 में आकाश के छात्रों का जलवा:प्रियांशु सिटी टॉपर, 99.89 परसेंटाइल,
अयोध्या के आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के छात्रों ने JEE मेंस 2026 (सेशन-2) में शानदार प्रदर्शन किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणाम में प्रियांशु श्रीवास्तव ने 99.89 परसेंटाइल के साथ सिटी टॉपर का स्थान हासिल किया। अर्थव वेद त्रिपाठी (99.84) और विश्वास राय (99.52) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं राघव निगम (98.21), प्रज्वल तिवारी (97.79), वेदांशी त्रिपाठी (97.63) और सूर्यांश सिंह (97.45) ने भी बेहतरीन परसेंटाइल हासिल किए। AESL के रीजनल डायरेक्टर डीके मिश्रा ने इसे छात्रों की मेहनत और संस्थान के शैक्षणिक माहौल का परिणाम बताया। छात्रों ने सफलता का श्रेय अनुशासन, नियमित अभ्यास, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट को दिया। गौरतलब है कि JEE Main के जरिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIITs) में प्रवेश मिलता है, साथ ही JEE Advanced के लिए पात्रता भी तय होती है, जो IITs में दाखिले का मार्ग है।
बागपत के टटीरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा:पुलिस ने किशोर को पकड़ा, भारी मात्रा में पटाखे बरामद
बागपत के कस्बा टटीरी में पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली बागपत पुलिस ने एक मकान पर छापा मारा, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार और अधबने पटाखे बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से एक किशोर को भी पकड़ा। पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसके पिता लंबे समय से पटाखे बनाने का काम करते हैं और वह भी इसमें उनकी मदद करता था। पुलिस के अनुसार, मकान में बिना किसी सुरक्षा मानकों के पटाखा निर्माण किया जा रहा था, जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा था। बरामद पटाखों की मात्रा काफी अधिक है, जिससे बड़े स्तर पर अवैध कारोबार चलने का अंदेशा है। पुलिस ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस मामले में किशोर और उसके पिता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने ऐसे अवैध कामों से क्षेत्र में हमेशा खतरे की बात कही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
सोने की आसमान छूती कीमतें अब रिश्तों की डोर तोड़ रही हैं। कुछ ऐसा ही हुआ गुजैनी के एक गेस्ट हाउस में, जहां दुल्हन के लिए ससुराली पक्ष सोने के जैसे नकली गहने ले आए। चढ़ावे में गहनों के डिब्बे खोलने पर हकीकत सामने आ गई। शादी में शामिल एक ज्वैलर्स ने जब गहने नकली होने की पुष्टि कर दी तो हंगामा मच गया। इसके बाद लड़की पक्ष ने धोखा देने का आरोप लगा शादी करने से इनकार कर दिया, सूचना पर पुलिस पहुंची। देर तक पंचायत चली, लेकिन नतीजा कुछ न निकला। आखिर में बिना दुल्हन के बारात वापस लौट गई। देर रात फेरे पड़ने के बाद शुरू हुआ हंगामा बर्रा गांव में नाश्ते का होटल चलाने वाली महिला ने अपनी बेटी की शादी पनकी के रतनपुर निवासी प्राइवेट कर्मी युवक से तय की थी। गोद भराई, बरीक्षा आदि की रस्में पहले ही हो चुकी थीं। सोमवार को गुजैनी के कामदगिरि स्थित गेस्ट हाउस में दोनों का विवाह होना था। बारात अपने समय से पहुंची, सभी बारातियों ने खाना खाया, देर रात फेरे भी पड़ गए। इसके बाद चढ़ाव की रस्म होने लगी। ससुराली पक्ष को दुल्हन के लिए दो चांदी और तीन सोने के गहने चढ़ाने थे, हालांकि इस दौरान पता चला कि सिर्फ मंगलसूत्र को छोड़कर बाकी हार व अन्य गहने नकली हैं। लंबी पंचायत के बाद हुआ समझौता इस पर वधु पक्ष ने हंगामा काट दिया। गुजैनी इंस्पेक्टर राजन शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबी पंचायत चली, हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के मुख्य बाजार में एक दुकान से लाखों रुपए की नकदी चोरी कर ली गई। यह वारदात मंगलवार सुबह करीब 4 बजे हुई, जब एक चोर ने गोल्डी गिफ्ट हाउस को निशाना बनाया। चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चोर दुकान के बगल वाली सीढ़ी से चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। चोर ने दुकान पर लगे शीशे की छोटी ईंटों को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। दुकान में घुसने के बाद चोर सीधे गल्ले के पास गया। उसने सारी नकदी अपने बैग में डाली और उसी रास्ते से बाहर निकल गया। चोर ने दुकान के अंदर करीब डेढ़ घंटा बिताया। पेमेंट के आए थे पांच लाख रुपएदुकान के मालिक मनदीप सिंह ने बताया कि चोरी नकदी में करीब 5 लाख रुपए थी। जो एक दोस्त की पेमेंट के रूप में आए थे। इसके अलावा, कुछ नए नोटों की गड्डियां और डॉलर भी चोर ले गया। चोर हिडेन कैमरे का मेमरी कार्ड निकाल ले गया। दुकान के मालिक मनदीप सिंह उर्फ लक्की ने बताया कि गले में एक हिडेन कैमरा चाबी के रूप में पड़ा था, जिसमें से चोर ने मेमोरी कार्ड निकाल लिया।
खन्ना पुलिस ने राजस्थान से पंजाब में भुक्की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक किसान और एक ट्रक ड्राइवर को 60 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक वर्ना कार भी बरामद की गई है। यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव बेर खुर्द निवासी किसान हरमनप्रीत सिंह धालीवाल और गांव लोपों निवासी ट्रक ड्राइवर नवजोत सिंह के रूप में हुई है। हरमनप्रीत सिंह कई सालों से नशे के इस कारोबार में लिप्त था। वह नवजोत सिंह के माध्यम से राजस्थान से सस्ते दाम पर भुक्की मंगवाकर इलाके में सप्लाई करता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने दबोचा पुलिस ने हरमनप्रीत सिंह को खेतों में बने घर से कार लेकर बाहर निकलते समय रोका। तलाशी के दौरान उसकी वर्ना कार से दो बैगों में 60 किलोग्राम भुक्की बरामद हुई। पूछताछ में नवजोत सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। जिस ट्रक के जरिए भुक्की लाई गई थी, उसकी बरामदगी अभी बाकी है। आरोपियों से साल 2020 में साढ़े 7 क्विंटल भुक्की मिली थी चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपी पहले भी नशे के एक बड़े मामले में शामिल रह चुके हैं। साल 2020 में उनके पास से लगभग साढ़े 7 क्विंटल भुक्की बरामद हुई थी। वे फिलहाल जमानत पर बाहर थे और जेल से बाहर आते ही उन्होंने दोबारा तस्करी का धंधा शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे। अब पुलिस उनके अन्य नेटवर्क और इस गिरोह से जुड़ी अन्य कड़ियों की भी गहनता से जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक महिला को आत्महत्या के प्रयास से बचा लिया। यह घटना देर शाम मवाई रेलवे ट्रैक की है, जहां महिला ने तनाव के चलते अपनी जान देने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मिशन शक्ति टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित ट्रैक से हटाकर बचा लिया। महिला की पहचान सोना देवी पत्नी रामचंद्र पटेल, निवासी साहूमई, थाना मानिकपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। मौके पर मौजूद टीम ने महिला की काउंसलिंग की और उन्हें समझाकर शांत कराया। बाद में महिला को सकुशल उनके पति और बच्चों के सुपुर्द कर दिया गया। इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों ने पुलिस और मिशन शक्ति टीम की सराहना की है।
भागलपुर के डाक अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार जीडीएस (ग्रामीण डाक सेवक) पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों और डाक विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ। हाथपाई का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों और से हाथपाई करते हुए नजर आ रहे हैं। हरियाणा के हिसार से आए अभ्यर्थी संसार और महेंद्रगढ़ के मनजीत समेत करीब 15 युवाओं ने आरोप लगाया कि दस्तावेज वेरिफिकेशन के नाम पर उनसे प्रति अभ्यर्थी 25 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके सभी प्रमाण पत्र सही होने के बावजूद जानबूझकर सत्यापन प्रक्रिया में देरी की जा रही थी, जिससे उन पर दबाव बनाया जा सके। सबसे पहले देखिए हंगामे की दो तस्वीरें.… अभ्यर्थी का आरोप- वीडियो बनाने के बाद कर्मचारियों ने हाथापाई शुरू की एक अभ्यर्थी मंजीत ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध मांग का विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाकर साक्ष्य जुटाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। इससे स्थिति और बिगड़ गई। शिकायत करने वाले युवाओं ने ये भी कहा कि यदि विभाग उन्हें जॉइनिंग देने की स्थिति में नहीं है, तो कम से कम उन्हें लिखित रूप से रिजेक्शन लेटर दिया जाए, लेकिन विभाग इसके लिए भी तैयार नहीं दिखा। दस्तावेजों की जांच करने वाले अधिकारी ने आरोपों को खारिज किया वहीं, दूसरी ओर दस्तावेजों की जांच कर रहे अधिकारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सभी अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन नियमानुसार और क्रमवार किया जा रहा था। कुछ अभ्यर्थी जल्दबाजी में एक साथ कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद उत्पन्न हुआ। पूरे मामले पर डाक अधीक्षक संजीत कुमार भगत ने बताया कि विभाग की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ नियमों के तहत की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अनावश्यक दबाव बना रहे थे और लगाए गए रिश्वत के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। फिलहाल, मामले को लेकर स्थिति सामान्य कर दी गई है, लेकिन घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में वकीलों की सबसे बड़ी संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव बुधवार को होने हैं। करीब तीन साल की देरी से 8 साल बाद हो रहे इन चुनावों में 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिन्हें प्रदेश के करीब 84,247 अधिवक्ता वोट करेंगे। चुनावों में पहली बार महिला अधिवक्ताओं को आरक्षण दिया गया हैं। वहीं इस बार चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में हो रहे हैं, जो इसे ओर अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाता है। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। मतदान के बाद सभी मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएगी। जो अगले दिन पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेगी। जहां 29 अप्रेल से मतगणना शुरू होगी। जयपुर में सबसे ज्यादा वोटरप्रदेश में मतदान के लिए कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जिनमें राजस्थान हाईकोर्ट सबसे बड़ा पोलिंग बूथ हैं। हाईकोर्ट जयपुर के पोलिंग ऑफिसर अधिवक्ता बसंत सिंह छाबा ने बताया कि हाईकोर्ट पोलिंग बूथ में 14,781 अधिवक्ता वोटर रजिस्टर्ड हैं। बूथ पर वोटिंग के लिए 200 कैबिन लगाए गए हैं। ऐसे में एक समय में 200 अधिवक्ता एक साथ वोट कर सकेंगे। उन्होने बताया कि हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 और 4 से केवल वोटर्स को प्रवेश दिया जाएगा। पक्षकार और अन्य व्यक्तियों की एंट्री इनसे बंद रहेगी। जयपुर में हाईकोर्ट के अलावा सैशन कोर्ट, फैमली कोर्ट, आमेर और सांगानेर कोर्ट में भी पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा 22 हजार वोटर हैं। चुनाव में पहली बार महिला आरक्षणबीसीआर के चुनाव में पहली बार महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया हैं। 23 में से 5 पदों पर महिला अधिवक्ता चुनी जाएगी। इसके अलावा दो पदों पर महिला अधिवक्ताओं को सह-नामित (को-ऑप्टेड) किया जाएगा। ऐसे में 25 सदस्यों में से पहली बार 7 सदस्य महिलाएं होंगी। यहीं वजह है कि इस बार 57 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। पोलिंग बूथ पर वोटर नहीं ले जा सकेंगे मोबाइलइस बार चुनावों में नियमों की सख्ती से पालना कराई जा रही हैं। मतदान शुरू होने से 36 घंटे पहले प्रचार बंद कर दिया गया हैं। मतदान केन्द्र में केवल अधिकृत मतदाता ही प्रवेश कर सकेंगे। केन्द्र में मोबाइल, कैमरा, स्कैनर और किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन आचार संहिता के तहत मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 200 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट मांगने, पर्चे बांटने, नारे लगाने, बैनर लगाने, मतदाताओं को प्रभावित करने जैसी गतिविधि नहीं कर सकेगा। बीसीआर चुनाव से जुड़े अहम आकड़ेंमतदान तिथि- 22 अप्रेल 2026मतगणना- 29 अप्रेल से शुरूपद- 25 (मतदान से 23 चुने जाएंगे।)प्रत्याशी- 234पोलिंग बूथ- 258मतदाता- 84,247मतपेटियां- 700 से अधिक(पिछले चुनाव 2018 में हुए थे।)
जोधपुर जिले में तापमान में लगातार वृद्धि और आगामी दिनों में लू-हीटवेव की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन में एडवाइजरी जारी की है। इसमें आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही विशेष रूप से दोपहर के समय घर से बाहर ना निकलें और बाहर जाते समय पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन कर पानी साथ रखें। हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जिला प्रशासन ने बताया कि नागरिक पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढकें। आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे और त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0291-2511085 पर संपर्क किया जा सकता है। नियोक्ता व श्रमिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश कार्यस्थलों पर ठंडे पेयजल, छाया एवं प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिकों को सीधी धूप से बचाने, श्रमसाध्य कार्यों को सुबह या शाम के समय कराने तथा विश्राम की अवधि बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नए श्रमिकों को हल्के कार्य और कम समय के लिए लगाया जाए। ये सावधानियां भी बरते बंद वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें। ठंडे पानी से स्नान करें, पंखों और गीले कपड़ों का उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। पेड़ लगाकर, जल स्रोतों का संरक्षण कर एवं वर्षा जल संचयन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। नए निर्माण कार्यों में रखें विशेष ध्यान नया घर बनाते समय कैविटी तकनीक, चौड़ी दीवारें, जालीदार संरचना एवं प्राकृतिक सामग्री (चूना/मिट्टी) का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे घर का तापमान नियंत्रित रह सके। निर्माण से पूर्व विशेषज्ञ से सलाह लेना भी आवश्यक बताया गया है। पशुधन के लिए भी रखें विशेष ध्यान पशुओं को छाया में रखें और उन्हें स्वच्छ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उनसे कार्य न लें। शेड को ठंडा रखने के लिए पुआल या चूने का उपयोग करें और समय-समय पर पानी का छिड़काव करें। पशुओं को संतुलित आहार एवं खनिज मिश्रण उपलब्ध कराएं। क्या न करें प्रशासन ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलें और भारी कार्यों से बचें। नंगे पैर बाहर न जाएं तथा शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय से दूरी बनाए रखें। अधिक प्रोटीन युक्त भोजन और बासी भोजन से बचें। लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, सिर पर गीले कपड़े रखें और ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं। गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। एक सप्ताह में मौसम 40 डिग्री पार जोधपुर में गर्मी के तीखे तेवर जारी हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। आज अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। वहीं, सोमवार अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मौसम विभाग में आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
गौतमबुद्धनगर: मानकों के उल्लंघन पर आठ स्विमिंग पूल और जिम बंद, जांच अभियान जारी
स्विमिंग पूल (तरणताल) और जिमों के संचालन को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए जनपद में प्रशासन द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 30 जिम और तरणतालों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें कई स्थानों पर गंभीर खामियां सामने आई हैं।
बरनाला में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने केंद्र और पंजाब सरकार पर 'धक्केशाही' और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने अमृतपाल सिंह की रिहाई और पंथक एकता को मजबूत करने के लिए 'वारिस पंजाब दे' और 'शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत)' के बीच गठबंधन की घोषणा की। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर संविधान का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरी बार एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की अवधि समाप्त होने के बावजूद, सरकारें पुराने मामले उठाकर अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को डिब्रूगढ़ जेल में बंद रख रही हैं। तरसेम सिंह ने इसे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को संसद जाने से रोकने का सरासर अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अमृतपाल सिंह को उनके नशा विरोधी अभियान के कारण भारी बहुमत से जिताया है, लेकिन सरकार उनकी लोकप्रियता से डरकर उन्हें कैद में रख रही है। उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार पंथक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं है और न ही भविष्य में उनके साथ कोई समझौता होगा। ढींडसा ने जोर दिया कि खडूर साहिब की जनता ने अमृतपाल सिंह को सबसे अधिक वोटों से जिताकर अपना प्रतिनिधि चुना है, फिर भी उन्हें जेल में रखना भारतीय संविधान के विरुद्ध है। सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील आगामी चुनावों के संदर्भ में ढींडसा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे लहरागागा निर्वाचन क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। दोनों नेताओं ने पंजाब की सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील की ताकि अमृतपाल सिंह को न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने सिमरनजीत सिंह मान के सहयोग का भी स्वागत किया। गठबंधन को लेकर बनी कमेटी अब यह तय करेगी कि भविष्य में किन अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों को इस मोर्चे के साथ जोड़ा जाना है।
पेड़ से टकराने पर कार में लगी थी आग:संभल में ड्राइवर जिंदा जला, बाइक सवार की भी मौत; जांच जारी
संभल में आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में कार ड्राइवर की जलकर मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार की भी जान चली गई। इस हादसे में कार सवार तीन युवक गंभीर रूप से झुलस गए। मृतक ड्राइवर की पहचान घटना के करीब 18 घंटे बाद हो सकी। हादसा सोमवार शाम करीब 5:30 बजे चंदौसी तहसील के बनियाठेर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव आटा के पास हुआ। बताया गया कि तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद कार में भीषण आग लग गई और वह आग का गोला बन गई। कार में सवार लोग संभल पाते, उससे पहले ही आग ने उन्हें चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चालक की जलकर मौत हो चुकी थी। मंगलवार को मृतक चालक की पहचान अरुण शर्मा (20) पुत्र स्वर्गीय भवनेश शर्मा, निवासी गोलागंज, कस्बा बहजोई के रूप में हुई। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उल्लेखनीय है कि उसके पिता की भी करीब 18 वर्ष पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। हादसे में बाइक सवार अवधेश कुमार (45) पुत्र ओमकार, निवासी गांव लहरशीश, थाना हयातनगर की भी मौत हो गई। वहीं कार में सवार ललतेश (20), हिमांशु (22) और रितिक शर्मा (28), निवासी जिला बदायूं, गंभीर रूप से झुलस गए हैं। पुलिस के अनुसार, कार आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी अल्हेपुर, थाना इस्लामनगर (बदायूं) के नाम पर पंजीकृत है। सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चालक अरुण शर्मा की मौत जलने से होना पुष्टि हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिर्जापुर में प्रॉपर्टी डीलर मीना सिंह हत्याकांड के दो दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा की अदालत ने दिलीप सिंह पटेल और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खां को 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। यह मामला 16 मार्च 2016 का है, जब शहर कोतवाली क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर डॉ. मीना सिंह की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। उनकी बहन जया सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में प्रभावी पैरवी करते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायाधीश शबीह जेहरा ने दोनों आरोपियों दिलीप सिंह पटेल और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खां को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 (हत्या) और 380 (चोरी) के तहत दोषी पाया। उन्हें आजीवन कारावास और प्रत्येक को 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में अभियोजन अधिकारी श्रीधर पाल, विवेचक निरीक्षक डी.पी. शुक्ला, कोर्ट मुहर्रिर आरक्षी आशुतोष कुमार चंद्र और पैरोकार आरक्षी सोनू राव व गणेश प्रसाद ने प्रभावी पैरवी की।
मिर्जापुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विंध्याचल धाम आने और कथा सुनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह बात काशी प्रवास के दौरान विंध्याचल धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगत्स्य कुमार द्विवेदी से मुलाकात के बाद कही। आचार्य अगत्स्य कुमार द्विवेदी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पंडित शास्त्री को मां विंध्यवासिनी देवी का पवित्र चित्र, प्रसाद स्वरूप चुनरी और धाम का आशीर्वाद भेंट किया। साथ ही, उन्होंने पंडित शास्त्री को विंध्याचल धाम पधारकर मां के दर्शन करने का औपचारिक आमंत्रण दिया। आमंत्रण स्वीकार करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी देवी की महिमा अद्भुत है। उन्होंने शीघ्र ही विंध्याचल धाम आकर मां के दर्शन करने और वहां कथा सुनाने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान दोनों आचार्यों ने सनातन परंपरा, भक्ति और तीर्थों की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने धर्म, आध्यात्मिकता और समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में संत समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। दोनों ने आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी बल दिया। धार्मिक जानकारों का मानना है कि यह भेंट न केवल दो प्रमुख धार्मिक हस्तियों के बीच सौहार्द का प्रतीक है, बल्कि यह विभिन्न तीर्थ स्थलों के बीच समन्वय और एकता को भी सुदृढ़ करने का संदेश देती है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के संभावित आगमन को लेकर विंध्याचल धाम के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यदि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विंध्याचल आगमन और कथा कार्यक्रम तय होता है, तो यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक बड़ा धार्मिक उत्सव साबित हो सकता है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
बलिया के मनियर थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव में एक ईंट भट्ठे के लिए पुराने तालाब की खुदाई के दौरान 51 एमएम का एक संदिग्ध मोर्टार गोला मिला है। इस मोर्टार पर चांद-तारा का चिन्ह अंकित है, जिसके कारण इसे पाकिस्तान से जोड़कर देखा जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे की है। ईंट भट्ठे के लिए तालाब का पानी निकालकर उसे समतल करने का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ बच्चे मछली पकड़ने के लिए तालाब में उतरे, जहां उन्हें यह पुराना मोर्टार गोला मिला। बच्चे इसे कबाड़ समझकर काटने की कोशिश कर रहे थे, तभी कुछ बड़े लड़कों ने उन्हें रोका। मोर्टार पर 'ODR 11.06', 'सर्कल में 204A' और '51 MM M ILLG' स्पष्ट रूप से अंकित था। इस पर चांद-सितारे का चिन्ह भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यह तालाब काफी पुराना है और इसमें हमेशा पानी रहता था। ऐसे में यह मोर्टार यहां कैसे पहुंचा, यह एक रहस्य बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे किसी पुराने युद्ध का अवशेष या किसी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल मनियर थाना प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी को इसकी सूचना दी। थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर मोर्टार गोले का मुआयना किया और उच्चाधिकारियों को सूचित किया। फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। मोर्टार को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इलाके में सतर्कता बरती जा रही है।
अंबिकापुर पुलिस ने बाइक चोरी की जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की 7 बाइकें बरामद की गई हैं। पकड़े गए आरोपी शातिर बदमाश हैं। जब्त बाइकों की कीमत 4 लाख रुपये बताई गई है। मामला मणिपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, 10 अप्रैल को भगवानपुर निवासी शिवम रवानी की अपाचे बाइक क्रमांक CG 15 DJ 9236 जिला अस्पताल अंबिकापुर के सामने से चोरी हो गई थी। वे इलाज कराने हॉस्पिटल गये थे। बाहर आये तो बाइक गायब थी। मामले की रिपोर्ट शिवम रवानी ने मणिपुर थाने में दर्ज कराई थी। शातिर चोर को पकड़ा तो खुलासा सीएसपी राहुल बंसल ने पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों से पूछताछ के निर्देश दिए। पुलिस ने पूर्व में बाइक चोरी के मामलों में शामिल बदमाश दीपक प्रजापति (23 वर्ष) निवासी बरगीडीह थाना लुण्ड्रा को हिरासत मे लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसने फरवरी माह में लखनपुर के चांदो बाजार से एक स्पलेंडर बाईक की चोरी की थी। वहीं मार्च माह में मिशन अस्पताल अंबिकापुर के सामने से एक स्प्लेंडर प्लस और महामाया चौक खाना खजाना होटल के पास भी एक बाइक की चोरी की थी। आरोपी ने मार्च व अप्रैल में हॉस्पिटल के सामने से दो बाइक की चोरी करना स्वीकार किया। 7 बाइक जब्त, साथी भी धराया पुलिस टीम ने आरोपी द्वारा छिपाकर रखे गए 06 बाइक को जब्त किया गया। चोरी की अपाचे बाइक उसने अपने साथी जावेद खान निवासी बरगीडीह को देना बताया है। पुलिस टीम ने जावेद खान (28 वर्ष) के कब्जे से अपाचे बाइक बरामद की है। मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्वूू में भी चोरी के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
फर्रुखाबाद में दो ऑटो की टक्कर:एक व्यक्ति की मौत, 6 घायल; साढ़ू की बेटी की शादी में जा रहे थे
शाहजहांपुर जनपद के कलान में मंगलवार शाम दो ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कम्पिल थाना क्षेत्र के हरकरनपुर निवासी 50 वर्षीय शिवपाल की मौत हो गई। वह अपने साढ़ू की बेटी की शादी में शामिल होने जा रहे थे। शिवपाल मंगलवार को शाहजहांपुर जनपद के मदनापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने साढ़ू की बेटी सोनी की शादी में जा रहे थे। कलान पहुंचने पर वह एक ऑटो में सवार हुए। इसी दौरान दो ऑटो में सीधी टक्कर हो गई, जिसमें कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कलान में भर्ती कराया गया। शिवपाल की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने शिवपाल को मृत घोषित कर दिया। मृतक शिवपाल मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी उर्मिला और तीन बेटे हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।

