जालंधर के जिला प्रशासन से आज एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। DC कार्यालय में लंबे समय से बतौर जूनियर असिस्टेंट सेवाएं दे रहे विवेक सोनी का अचानक निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक निधन से प्रशासनिक गलियारों और उनके करीबियों में गहरा शोक व्याप्त है। जानकारी के मुताबिक, विवेक रोजाना की तरह अपने कुछ दोस्तों के साथ PIMS (पिम्स) अस्पताल के आसपास टहल रहे थे। सैर के दौरान अचानक उनके सीने में बहुत तेज दर्द महसूस हुआ, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालात को देखते हुए उनके साथ मौजूद दोस्तों ने ज़रा भी देर नहीं की और उन्हें तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही उनकी जांच की गई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सैर करते समय आया अटैक प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सैर करते समय विवेक सोनी को एक मेजर हार्ट अटैक (दिल का दौरा) आया था, जिसके कारण उनकी जान चली गई। अचानक घटित हुई इस दुखद घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। जैसे ही उनके आकस्मिक निधन की खबर फैली, DC कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और उन्हें जानने वाले लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस अचानक हुई अनहोनी से बेहद हैरान और दुखी है।
अमृतसर के लोपोके थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव भुल्लर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ विदेश (जर्मनी) से लौटी एक महिला पर अपने पति को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने और फिर घर से लाखों रुपये की नकदी, सोने के गहने, पासपोर्ट व अन्य कीमती सामान लेकर चंपत होने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर पत्नी और उसके परिजनों समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव भुल्लर निवासी पीड़ित सुखबीर सिंह ने लोपोके थाना पुलिस व उच्चाधिकारियों को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनका विवाह 22 जनवरी 2021 को गांव ढालां नौशहरा निवासी अरशदीप कौर के साथ हुआ था। उन्होंने अपनी पत्नी को उच्च भविष्य और कमाई के लिए जर्मनी (बर्लिन) भेजने के लिए अपना घर तक बेच दिया था और करीब 25 लाख रुपये खर्च किए थे। अरशदीप कौर वर्ष 2022 में बर्लिन चली गई, लेकिन वहां जाकर उसके तेवर बदल गए और वह सुखबीर से तलाक की मांग करने लगी। सीसीटीवी बंद किए, खाने में नशा देकर किया बेहोश शिकायत के अनुसार, अरशदीप कौर 16 जुलाई को विदेश से वापस अपने ससुराल गांव भुल्लर आई थी। कुछ ही दिनों बाद उसकी माँ राजविंदर कौर, पिता दीदार सिंह और भाई जर्मनजीत सिंह भी वहां पहुँच गए। आरोप है कि 26 जुलाई की रात आरोपियों ने साजिश के तहत घर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए और सुखबीर सिंह के भोजन में कोई जहरीला या तीव्र नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही सुखबीर बेहोश हो गया। 4.60 लाख कैश, जेवर, लैपटॉप व पासपोर्ट लेकर फरार अगले दिन जब सुखबीर सिंह को होश आया तो घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। उसने देखा कि उसकी पत्नी अरशदीप कौर घर में रखी 4.60 लाख रुपये की नकदी, सोने के कीमती आभूषण, पासपोर्ट, लैपटॉप तथा अन्य जरूरी सामान समेटकर रातों-रात फरार हो चुकी थी। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी मामले की जांच कर रहे एएसआई (ASI) गुरदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित सुखबीर सिंह के बयानों के आधार पर आरोपी अरशदीप कौर, उसकी माँ राजविंदर कौर और भाई जर्मनजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 305 और 331(4) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने तरनतारन का विशेष दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों की समस्याएं व शिकायतें सुनीं, गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हुए और जिला प्रशासनिक परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक कर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कड़े निर्देश दिए। दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियांक कानूनगो ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग देश के प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तरनतारन दौरे के दौरान जनता द्वारा उनके समक्ष उठाए गए सभी मुद्दों और समस्याओं को आयोग अत्यंत गंभीरता से लेगा और उनके शीघ्र समाधान के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की सुरक्षा आयोग की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। सीमावर्ती गांवों का दौरा कर सुनीं शिकायतें, गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा श्री कानूनगो ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे—खालड़ा, भिखीविंड, मेहंदीपुर और तरनतारन का दौरा किया और स्थानीय लोगों की शिकायतों तथा मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य से प्राप्त सभी शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जाए।अपने दौरे के दौरान उन्होंने पहुविंड स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा जन्म स्थान शहीद बाबा दीप सिंह जी में भी माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा इसके उपरांत जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) में आयोजित समीक्षा बैठक में NHRC सदस्य ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की इसमें कल्याणकारी योजनाएं पी.एम. विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना पर गहन चर्चा हुई। इसके साथ ही बाल व महिला सुरक्षा, पॉक्सो (POCSO) मामलों की स्थिति, मिशन वात्सल्य, सुरक्षित स्कूल वाहन योजना, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान। के साथ सामाजिक सुरक्षा व शिक्षा को लेकर दिव्यांग कुशल योजना, शिक्षा विभाग की पहलें तथा अन्य सामाजिक कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे लाभ' प्रियांक कानूनगो ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और बाधा के पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र लाभार्थी तक पहुँचना चाहिए। किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के नाम पर परेशान न किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) डॉ. आदित्य शर्मा, SDM तरनतारन डॉ. करणवीर सिंह, SDM खडूर साहिब संजीव शर्मा, SDM पट्टी अमनदीप, SDM भिखीविंड जगदीप सिंह, SP सुखनिंदर सिंह, DDPO देविंदर सिंह, सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन सहित जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बेअदबी कानून की विवादित धाराओं में संशोधन के लिए पंजाब सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई एक महीने की समय-सीमा 28 जुलाई को पूरी हो गई है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब से दोबारा कोई संपर्क न साधने पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सरकार की इस चुप्पी को शासकों का अहंकार करार देते हुए कहा कि यह रवैया सिख भावनाओं के प्रति सरकार की गंभीरता की कमी को साफ उजागर करता है। गुरु की गोलक और सिखी के सिद्धांत सर्वोपरि मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि सिख कौम के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर्वोच्च महत्ता, गुरु की गोलक और सिखी के मूल सिद्धांत सर्वोपरि हैं। इन पवित्र सिद्धांतों को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी कानूनी व्यवस्था को सिख पंथ कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गुरु की गोलक, सिख संस्थाओं और सिखी के सिद्धांतों को चुनौती देने वाले गुरु-द्रोही और पंथ विरोधी तत्वों को सिख कौम कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि वह सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए बेअदबी कानून की विवादित धाराओं में तुरंत संशोधन करे और श्री अकाल तख्त साहिब से संपर्क कर इस मसले का समाधान निकाले। अकाल तख्त साहिब किसी सरकार के प्रभाव में नहीं: एडवोकेट धामी मोगा के दर्जनों कस्बों में संगतों ने किया 'खालसा मार्च' का भव्य स्वागत
पंजाब में नशे की काली छाया एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार को निगल गई। अमृतसर के रतन सिंह चौक (नई आबादी, फैजपुरा) में 26 वर्षीय रविंदर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रोते-बिलखते परिवार का आरोप है कि उसके इकलौते बेटे की जान नशे की ओवरडोज ने ली है। यह घटना न केवल एक परिवार की अंतहीन त्रासदी को दर्शाती है, बल्कि पुलिस प्रशासन के उन तमाम दावों की पोल भी खोलती है जिनमें राज्य को 'नशा मुक्त' करने की कसमें खाई जाती हैं। परिजनों का सीधा सवाल है कि जब गलियों में पानी से भी आसानी से नशा बिक रहा है, तो पुलिस की गश्त और कार्रवाई कहाँ है? 'पुनर्वास केंद्र से लौटता, लेकिन इलाके में ₹200 में मिल जाता चिट्टा' मृतक की बहन काजल ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि रविंदर पिछले दो सालों से दोबारा नशे की चपेट में आ गया था। परिवार ने उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया और कई बार नशा मुक्ति केंद्र (Rehab Center) में भर्ती कराया। वह इलाज कराकर ठीक होकर लौटता, लेकिन जैसे ही बाहर कदम रखता, इलाके में आसानी से उपलब्ध नशा उसे फिर दलदल में खींच लेता। काजल ने बताया कि भाई की शादी भी हुई थी लेकिन नशे की इस खौफनाक लत ने रविंदर की शादीशुदा जिंदगी भी तबाह कर दी; उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। वह अकेला हो गया। इसके बाद अब नशे ने उसकी जिंदगी भी लील ली। फैजपुरा की गलियों में खुलेआम सौदेबाजी का आरोप परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फैजपुरा और आसपास के इलाकों में शाम ढलते ही चिट्टा (हेरोइन) और अन्य नशीले पदार्थों का खुला खेल शुरू हो जाता है। गलियों और बाजारों में महज ₹200, ₹300 और ₹500 में पुड़ियां बिक रही हैं। बहन काजल ने भावुक होकर कहा, मेरा इकलौता भाई नशे की भेंट चढ़ गया। अगर समय रहते नशा तस्करों पर नकेल कसी गई होती, तो आज मेरा भाई जिंदा होता। परिवार ने सरकार और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि नशा बेचने वालों पर बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि किसी और बहन का भाई न छीने। पुलिस का पक्ष: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, आरोपों पर दी सफाई मामले की जानकारी मिलते ही थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारी रोबिन हंस ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (और विसरा जांच) आने के बाद ही हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नशे के आरोपों पर सफाई:'सेफ पंजाब' पर दें सूचना: पुलिस अधिकारी ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि उनके इलाके में नशा बिक रहा है, तो वे 'सेफ पंजाब' (Safe Punjab) प्लेटफॉर्म या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले का नाम व पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22448/22447) अब नंगल डैम स्टेशन पर भी रुकेगी। रेलवे हेडक्वार्टर ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह स्टॉपेज प्रायोगिक आधार पर होगा। ट्रेन संख्या 22448 (अंब-अंदौरा से नई दिल्ली) का नंगल डैम स्टेशन पर ठहराव 29 जुलाई से प्रभावी होगा। वहीं, ट्रेन संख्या 22447 (नई दिल्ली से अंब-अंदौरा) का ठहराव 30 जुलाई से लागू होगा। इस सुविधा से नंगल और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने में आसानी होगी। 22448 वंदे भारत एक्सप्रेस नंगल डैम स्टेशन पर दोपहर 1:41 बजे पहुंचेगी और 1:43 बजे रवाना होगी, यानी दो मिनट का ठहराव होगा। 10 मिनट का वाटरिंग हॉल्ट भी रहेगा इसके अतिरिक्त, दोपहर 1:43 बजे से 1:53 बजे तक 10 मिनट का वाटरिंग हॉल्ट भी रहेगा, जो पहले की तरह जारी रहेगा। नई दिल्ली से अंब-अंदौरा जाने वाली 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 10:16 बजे नंगल डैम स्टेशन पहुंचेगी और 10:18 बजे प्रस्थान करेगी। यह भी दो मिनट का ठहराव होगा। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन अंब-अंदौरा और नई दिल्ली के बीच चलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर, 2022 को ऊना रेलवे स्टेशन से इस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह देश की चौथी सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जिसे ऊना और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों से यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। वंदे भारत एक्सप्रेस ऊना से 5 घंटे और अंब-अंदौरा से 5 घंटे 20 मिनट में दिल्ली पहुंचाती है, जिसके कारण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यह ट्रेन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक साबित हुई है, जो विश्व विख्यात शक्तिपीठों जैसे श्री माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा देवी, और पर्यटन स्थलों जैसे धर्मशाला, मैकलोडगंज, पालमपुर, बैजनाथ, डलहौजी, खजियार और चंबा की यात्रा करते हैं। अंब-अंदौरा स्टेशन इन स्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।
बटाला स्थित बेरिंग यूनियन क्रिश्चियन (BUC) कॉलेज के मेधावी छात्र निखिल जोशी ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर द्वारा घोषित बीएससी (B.Sc.) छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरी यूनिवर्सिटी में 14वां स्थान प्राप्त किया है। कॉलेज प्रबंधन समिति के संयोजक डॉ. जे.पी. सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस वर्ष कॉलेज का बीएससी छठे सेमेस्टर का परिणाम बेहद शानदार रहा। इस उपलब्धि की आधिकारिक जानकारी मीडिया संयोजक प्रो. रमनदीप कौर और कार्यालय अधीक्षक रॉबिन कुमार ने संयुक्त रूप से दी। यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में जगह बनाने पर किया गया सम्मानित यूनिवर्सिटी स्तर की मेरिट सूची में स्थान हासिल कर कॉलेज और शहर का नाम रोशन करने पर छात्र निखिल जोशी के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें कॉलेज प्रबंधन एवं प्राध्यापकों द्वारा सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर कॉलेज के संयोजक डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. अमिता, डॉ. सविता, विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजन चौधरी, प्रो. मनदीप बेदी, डॉ. अंजू पुरी, प्रो. अनु और डॉ. ईशा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी प्राध्यापकों ने छात्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उसकी कड़ी मेहनत व लगन की सराहना की।
पंजाब स्टेट वेटनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। एसोसिएशन ने 31 जुलाई 2026 को मोहाली स्थित पशुपालन विभाग के निदेशक कार्यालय के समक्ष विशाल विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय तरनतारन में जिला प्रधान बलजिंदर सिंह कुलार की अध्यक्षता में आयोजित एक आपातकालीन बैठक के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया। इस बैठक में तरनतारन जिले की तीनों तहसीलों के प्रधान—हरचरण सिंह धुंदा, गुरशरण सिंह पट्टी और सरूप सिंह ढिल्लो विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठकों में केवल खोखले आश्वासन मिले बैठक के बाद एसोसिएशन के स्टेट एडवाइजर दलजीत सिंह चहल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए संगठन के प्रतिनिधिमंडल की पशुपालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शाही के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। लेकिन, हर बार अधिकारियों और सरकार की ओर से केवल जल्द मांगें पूरी करने का खोखला आश्वासन ही मिला, धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दलजीत सिंह चहल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वेटनरी इंस्पेक्टरों की उपेक्षा की जा रही है और जनता को लुभाने के लिए कुछ ऐसी योजनाएं और वादे किए जा रहे हैं जो व्यावहारिक रूप से पूरी तरह बेतुके हैं। प्रदर्शन में उमड़ेगी राज्य भर के कर्मचारियों की भीड़ एसोसिएशन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 31 जुलाई को मोहाली में होने वाले प्रदर्शन में राज्य भर से सैकड़ों वेटनरी इंस्पेक्टर हिस्सा लेंगे। इस आपातकालीन बैठक के दौरान सरबजीत सिंह लालपुर, कुलविंदर सिंह एकलगड्डा, करमजीत सिंह झबल, परमिंदर सिंह दबुरजी, गुरप्रीत सिंह थारू, कवलजीत सिंह पलासौर, कवलजीत सिंह भाई धाईवाला, गुरप्रीत सिंह शहीद और गुरमुख सिंह किरतोवाल सहित कई प्रमुख कर्मचारी नेता व सदस्य उपस्थित रहे।
तरनतारन पुलिस ने ड्रग्स, संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन प्रहार 4.0' चलाया। यह अभियान पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के निर्देशों पर फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा की निगरानी में संचालित किया गया। अभियान के दौरान 128 से अधिक हार्डकोर अपराधियों, वांछित आरोपियों और ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, अभियान में 26 राजपत्रित अधिकारियों की देखरेख में जिलेभर में 110 से अधिक टीमें तैनात की गईं। 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने एक साथ ड्रग तस्करों, सीमा पार तस्करी से जुड़े तत्वों, गैंगस्टरों और फरार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी और संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर विशेष तलाशी अभियान भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों और ड्रग्स प्रभावित हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने ड्रोन की मदद से सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी की और तस्करी की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके अलावा होटलों, गेस्ट हाउसों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी जांच और सत्यापन अभियान चलाया गया। डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे तुरंत आत्मसमर्पण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से बचने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब पुलिस नशा तस्करी, संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अपनी मुहिम पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखेगी।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश के प्रत्येक नागरिक के लिए वर्ष में कम-से-कम एक बार निःशुल्क निवारक स्वास्थ्य जांच (Preventive Health Check-up) और आवश्यक डायग्नोस्टिक परीक्षण उपलब्ध कराने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए। संसद में विषय उठाते हुए उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करने के लिए किसी राष्ट्रव्यापी योजना पर काम किया जा रहा है। अपनी मांग के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि बीमारी का इलाज करने से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उसकी समय रहते पहचान कर रोकथाम की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि आम नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था हो, तो कैंसर, डायबिटीज और दिल की बीमारियों जैसे कई गंभीर रोगों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे लाखों अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। केंद्र सरकार का जवाब: देश भर में काम कर रहे 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्यसभा में संत सीचेवाल के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के लक्ष्य के तहत निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लिखित उत्तर में जानकारी दी कि 30 जून 2026 तक देशभर में 1,86,298 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां प्राथमिक व निवारक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। फ्री डायग्नोस्टिक्स सर्विस: जिला अस्पतालों में 134 जांचें मुफ्त केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि 'फ्री डायग्नोस्टिक्स सर्विस इनिशिएटिव' के तहत सरकारी अस्पतालों में विभिन्न स्तरों पर मुफ्त पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा दी जा रही है। करोड़ों नागरिकों की हो चुकी है कैंसर और डायबिटीज स्क्रीनिंग आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (NCD) नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 30 जून 2026 तक बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग की जा चुकी है: हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप): 42.25 करोड़ स्क्रीनिंग डायबिटीज़ (मधुमेह): 42.09 करोड़ स्क्रीनिंग मुख का कैंसर: 35.97 करोड़ स्क्रीनिंग स्तन कैंसर: 16.86 करोड़ स्क्रीनिंग सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर: 9.24 करोड़ स्क्रीनिंग
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बढ़ते मामलों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आवास के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और मंत्री के आवास के मुख्य द्वार तक पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उग्र हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा 'सूबी' ने शिक्षा मंत्री के फ्लेक्स बोर्ड पर कीचड़ फेंककर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा सूबी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकाल (2022 से 2026) के दौरान पंजाब में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे राज्य के लाखों योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के पुराने दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी पहले दावा करते थे कि राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यूथ कांग्रेस ने श्री आनंदपुर साहिब के तहसीलदार के माध्यम से एक मांग-पत्र सौंपकर शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि मंत्री ने नैतिक आधार पर पद नहीं छोड़ा, तो इस आंदोलन को पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। बरनाला में सफाई सेवकों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं ने बरनाला में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे सफाई सेवकों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में निंदा की। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मेहनतकश और अनुसूचित जाति (SC) समाज से आने वाले सफाई सेवकों पर इस तरह का अत्याचार बिल्कुल असहनीय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से काम पर वापस लिया जाए।
पंजाब रोडवेज़ पनबस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब ने सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को और तेज़ करने का ऐलान किया है। यूनियन ने आगामी मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल करने और मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर धरना देने की घोषणा की है। यह जानकारी यूनियन के स्टेट एडवाइज़र प्रदीप पंडित ने 27 जुलाई को बटाला डिपो के मुख्य गेट पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। प्रदीप पंडित ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए बताया कि मांगों को लेकर अब तक सरकार के साथ 70 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद एक कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी यह कमेटी किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है और कर्मचारियों की मुख्य मांगें लंबित हैं। 800 बसें बंद, प्राइवेट कंपनियों को रूट देने और टाइम-टेबल घोटाले का आरोप यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब रोडवेज़ की लगभग 800 बसें बंद हो चुकी हैं और विभाग को एक भी नई बस उपलब्ध नहीं कराई गई है (केवल 696 बसें देने के वादे किए जा रहे हैं)। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों के रूट एक-एक करके प्राइवेट कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं और टाइम-टेबल में बड़े स्तर पर घोटाले किए जा रहे हैं, जिससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पक्का करने पर नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ, आउटसोर्स भर्ती में भ्रष्टाचार का दावा स्टेट एडवाइज़र ने स्पष्ट किया कि कच्चे/अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने से सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, फिर भी इस मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने रिश्वत लेकर आउटसोर्स आधार पर भर्तियां करने का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि पनबस के वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता के पक्के सबूत होने के बावजूद सरकार ने कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। प्राइवेट किलोमीटर बसों को बढ़ावा और कर्मचारियों पर दर्ज मामले यूनियन ने कहा कि किलोमीटर स्कीम की बसों से होने वाले घाटे के प्रति सरकार को पहले ही आगाह किया गया था, लेकिन आपत्तियों को दरकिनार कर दिया गया। कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए उन पर गैर-कानूनी तरीके से 8 मामले दर्ज कर उन्हें जेलों में डाला गया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े कॉर्पोरेट घराने की प्राइवेट किलोमीटर बसें लाई गईं। वर्तमान में अधिकारियों की मिलीभगत से विभाग की लगभग 400 कॉमन ओनरशिप वाली बसों और 35 वोल्वो बसों के स्पेयर पार्ट्स, टायर और बैटरियां निकालकर प्राइवेट बसों को चलाकर फायदा पहुँचाया जा रहा है। राज्य बना हड़तालों का अखाड़ा यूनियन ने सरकार के उन दावों की हवा निकाली जिसमें हर वर्ग को खुशहाल बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि आज पूरा पंजाब हड़तालों और प्रदर्शनों का अखाड़ा बन चुका है। यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया, तो आगामी मानसून सत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
लुधियाना में छोटी भामियां के स्कूली बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शर्मा मॉडल स्कूल में महज जुराब का रंग गलत होने पर चौथी कक्षा की एक छात्रा को ऐसी सजा दी गई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मासूम के चेहरे के बल गिरने से उसकी नाक पर गंभीर चोट आई है और उसे 9 टांके लगे हैं। घायल बच्ची का इलाज इलाके के देव अस्पताल में करवाया गया। प्रिंसिपल ने कहा-बच्ची गिर गई अस्पताल में बेटी ने खोली पोल पीड़ित बच्ची की पहचान अंजना कुमारी के रूप में हुई है। बच्ची के पिता दविंदर जो कि पेशे से एक मजदूर हैं ने बताया कि परसों सुबह वह हमेशा की तरह अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर गए थे। करीब 2 घंटे बाद ही उन्हें प्रिंसिपल का फोन आया कि उनकी बेटी स्कूल में बेहोश होकर गिर गई है। घबराए हुए पिता ने तुरंत अपनी पत्नी को स्कूल भेजा जिसके बाद देव अस्पताल पहुंचे। वहां इलाज के दौरान जब बच्ची को थोड़ा होश आया और वह बोलने की स्थिति में हुई,तब उसने रोते हुए माता को स्कूल की सच्चाई बताई। हरी लाइन वाली जुराब पहनने पर दी थी सजा अस्पताल के बेड पर मासूम ने मां को बताया कि उसने जो जुराबें पहनी थीं,उनमें लाल रंग की बजाय हरी लाइन थी। ड्रेस कोड के इस मामूली से नियम के टूटने पर स्कूल के शिक्षकों ने चौथी क्लास की इस छोटी सी बच्ची को लगातार 2 पीरियड तक खड़े रहने की सजा दे दी। लगातार दो पीरियड (करीब डेढ़ से दो घंटे) तक खड़े रहने के कारण मासूम अंजना थकान और कमजोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई और चक्कर खाकर मुंह के बल फर्श पर गिर गई। अचानक गिरने से उसकी नाक पर गहरा कट लग गया और खून बहने लगा,जिसके चलते डॉक्टरों को 9 टांके लगाने पड़े। मजदूर पिता की गुहार: प्रिंसिपल पर हो सख्त कार्रवाई बेटी की हालत देखकर पिता दविंदर गुस्से में हैं। उनका कहना है कि वह दिन-रात मजदूरी करके अपनी बच्ची को इसलिए पढ़ा रहे हैं ताकि उसका भविष्य संवर सके। दविंदर ने प्रशासन और पुलिस से शर्मा मॉडल स्कूल की प्रिंसिपल और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन का पक्ष: आरोप झूठे हैं, हमने खुद इलाज करवाया शर्मा मॉडल स्कूल के चेयरमैन अशोक कुमार ने बच्ची के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, एक-दो घंटे तक खड़ा रखने वाली बात पूरी तरह से झूठी है। स्कूल में रूटीन ड्रेस चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान मैडम ने बच्ची को खड़ा किया था,लेकिन जैसे ही मैडम चेकिंग करते हुए आगे गईं, करीब 10 मिनट बाद ही बच्ची अचानक गिर गई और उसे चोट लग गई। चेयरमैन अशोक कुमार ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद बच्ची के माता-पिता को फोन पर इसकी पूरी जानकारी दे दी गई थी। स्कूल प्रबंधन ने ही तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज भी करवाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानबूझकर सजा देने जैसी कोई बात नहीं है और स्कूल प्रबंधन पूरी तरह से परिवार के साथ खड़ा है।
विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्श्न करते हुए डेराबस्सी में तैनात माइनिंग विभाग के सब डिविजनल ऑफिसर (SDO) रमनजोत सिंह को 8 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। विजिलेंस ब्यूरो के थाना मोहाली में आरोपी एसडीओके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की गहन जांच जारी है। 3 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला: 40 लाख की मांग, 19.40 लाख में सौदा तय: सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, SDO रमनजोत सिंह ने शुरुआत में 40 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी 19,40,000 रुपए लेने पर सहमत हो गया था। जमीन से मिट्टी उठाने के एवज में ली रिश्वत: शिकायतकर्ता की जमीन से मिट्टी उठाने के मामले में कोई कानूनी कार्रवाई न करने के बदले SDO ने पहली किश्त के रूप में 8 लाख रुपए की रिश्वत वसूल ली। कॉल रिकॉर्डिंग बनी सबसे बड़ा सबूत शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। जांच के दौरान विजिलेंस ने जब इन रिकॉर्डिंग्स की जांच की, तो आरोपी के खिलाफ सभी आरोप सही पाए गए।
मोगा पुलिस ने 3 तस्करों को किया गिरफ्तार:नशीली गोलियां और हेरोइन बरामद, NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
मोगा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हेरोइन और नशीली गोलियां बरामद की हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत संबंधित थानों में मामले दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहले मामले में, थाना सदर मोगा पुलिस ने 27 जुलाई 2026 को गांव घल्ल कलां क्षेत्र में गश्त के दौरान कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर खोसा पांडो निवासी रेशम सिंह को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक थानेदार चरणजीत सिंह कर रहे हैं। दूसरे मामले में, थाना फतेहगढ़ पंजतूर पुलिस ने दाना मंडी लिल्हांदी में गुरमीत सिंह, निवासी भैणी (जिला मोगा) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। गुरमीत सिंह के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले की जांच एएसआई दर्शन सिंह कर रहे हैं। तीसरे मामले में, थाना धर्मकोट पुलिस ने किशनपुर खुर्द बस अड्डे के पास गश्त के दौरान ब्रजिंदर उर्फ राहुल, निवासी जलालाबाद (पूर्वी) को पकड़ा। यह गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर की गई। तलाशी के दौरान ब्रजिंदर के कब्जे से 100 नशीली गोलियां बरामद हुईं। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22/61/85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक थानेदार वीरपाल कौर कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
दीनानगर स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर गर्ल्स में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके तहत छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए गए। स्कूल इंचार्ज गुरदीप सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज शमशेर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को बैग वितरित किए और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जीवन में शिक्षा के महत्त्व पर विशेष बल दिया। छात्राओं व अध्यापकों को संबोधित करते हुए शमशेर सिंह ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज या देश के सर्वांगीण विकास की असली नींव होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ऐतिहासिक सुधारों की सराहना करते हुए इसे 'शिक्षा क्रांति' का नाम दिया। उन्होंने कहा कि 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' की स्थापना मान सरकार का एक दूरदर्शी कदम है। इन अत्याधुनिक स्कूलों के जरिए अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी निजी (प्राइवेट) स्कूलों से बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम्स, आधुनिक विज्ञान और कंप्यूटर लैब्स तथा विशाल खेल के मैदानों की बदौलत गरीब परिवारों के बच्चे भी अब उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं। सिंगापुर में प्रशिक्षित हो रहे हैं शिक्षक, शुरू हुए 'बिजनेस ब्लास्टर्स' आप हलका इंचार्ज ने आगे बताया कि पठन-पाठन की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए अध्यापकों को आधुनिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सिंगापुर और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भेजा गया है, ताकि वे विश्व स्तरीय शिक्षा प्रणाली सीखकर बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना सकें। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि स्कूलों में 'बिजनेस ब्लास्टर्स' जैसे आधुनिक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही उद्यमिता (Entrepreneurship) और बिजनेस माइंडसेट विकसित करना है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार की इस अद्भुत शिक्षा क्रांति के कारण ही आज पंजाब विदेशी छात्रों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है।
मोगा पुलिस ने अजीतवाल में हुई ज्वेलरी शोरूम लूट का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई करीब डेढ़ किलो चांदी, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, एक अवैध देसी पिस्तौल, एक कापा और एक किरपान बरामद की है। डीएसपी अनवर अली ने पत्रकारों को बताया कि यह वारदात 21 जुलाई 2026 को अजीतवाल मार्केट स्थित एक सुनार की दुकान पर हुई थी। कार सवार तीन युवकों ने चांदी के आभूषण लूट लिए थे। इस संबंध में थाना अजीतवाल में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4), 3(5) और 351(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान थाना अजीतवाल के प्रभारी इंस्पेक्टर राज सिंह और सहायक थानेदार बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोगा जिले के महिणा थाना क्षेत्र के गांव राम वाला नवां निवासी सुखदीप सिंह उर्फ सुखा, हरदीप सिंह उर्फ हरपी और पवित्र सिंह उर्फ लल्ल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई लगभग डेढ़ किलो चांदी, वारदात में प्रयुक्त कार नंबर PB-77-0097, एक अवैध देसी पिस्तौल, एक कापा और एक किरपान बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सुखदीप सिंह उर्फ सुखा भारतीय सेना में कार्यरत है और वारदात के समय छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था। पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी और उनसे गहन पूछताछ कर अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता का पता लगाएगी। मामले की जांच जारी है।
दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी, पात्र महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी। इसी दिन सरकार समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगी, जहां पात्र महिलाएं अपना पंजीकरण करा सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की पहली किस्त लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाए।
गुरदासपुर में ऐतिहासिक एवं पवित्र श्री अचलेश्वर धाम में हर साल की तरह इस बार भी सावन माह का वार्षिक धार्मिक उत्सव अपार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। धार्मिक परंपराओं के प्रतीक इस पावन आयोजन में बटाला निर्वाचन क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एडवोकेट अमनदीप जैंतीपुर मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने धाम में शीश नवाकर क्षेत्र और समस्त विश्व की शांति, प्रगति तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना की। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए एडवोकेट अमनदीप जैंतीपुर ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। श्री अचलेश्वर धाम एक अत्यंत पवित्र स्थान है, जहाँ आने मात्र से मन को अलौकिक शांति, संबल और आध्यात्मिक स्थिरता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारे समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का कार्य करते हैं। मंदिर प्रबंधन और सेवादारों की सराहना एडवोकेट जैंतीपुर ने श्री अचलेश्वर मंदिर कार सेवा, मुख्य सेवादार पवन कुमार पम्मा और पूरी प्रबंधन समिति द्वारा किए गए निस्वार्थ सेवा कार्यों व कुशल व्यवस्था की खुले मन से सराहना की। उन्होंने कहा कि सावन माह में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह धार्मिक मेला लाखों-हजारों भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र बन चुका है, जो समाज को निष्काम सेवा और मानवता का संदेश देता है। संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु, लिया कार्तिक स्वामी जी का आशीर्वाद समारोह के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया और भगवान कार्तिक स्वामी जी के पावन स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्य अतिथि ने प्रार्थना की कि भगवान भोलेनाथ सभी के जीवन में सुख, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार करें। इस अवसर पर पार्षद विजय कुमार बिल्लू, पार्षद चन्द्र मोहन विज, पार्षद व पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर सुनील सरीन, पूर्व पार्षद सुखदेव सिंह बाजवा, पूर्व पार्षद बब्बी सेखड़ी, पूर्व पार्षद जर्मन बाजवा और पार्षद बलविन्द्र मिंटा सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शहर की कौड़ा अस्पताल वाली गली में मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति संदिग्ध एवं बेहोशी की हालत में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना सिटी पुलिस ने समाज सेवा सोसायटी के सहयोग से व्यक्ति को इलाज के लिए सिविल अस्पताल मोगा पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। कानूनी औपचारिकताएँ पूरी, 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा शव मृत्यु की पुष्टि होने के बाद समाज सेवा सोसायटी के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करवाईं। मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान हो सके। फिलहाल पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव को सिविल अस्पताल मोगा के शव गृह (मोर्चरी) में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी, पहचान की अपील थाना सिटी पुलिस मामले की सच्चाई और मृतक की गतिविधियों का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस प्रशासन और समाज सेवा सोसायटी ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास मृतक के संबंध में कोई भी जानकारी हो या कोई व्यक्ति लापता हो, तो वे तुरंत सिविल अस्पताल, पुलिस प्रशासन या समाज सेवा सोसायटी से संपर्क करें, ताकि परिजनों का पता लगाकर आगे की कार्रवाई की जा सके।
होशियारपुर में पंजाब कृषि और किसान कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने गैर-अधिकारित तरीके से सप्लाई की जा रही खाद की एक बड़ी खेप जब्त की और इस मामले में 2 सहकारी समितियों के सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पंजाब कृषि और किसान कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा किसानों से मिली शिकायतों के आधार पर गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मानगढ़ कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव अवतार सिंह और धुग्गा कलां कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव तजिंदर सिंह उर्फ राजा, सोसायटी के माध्यम से खाद देने के बजाय सीधे किसानों के घरों पर सप्लाई कर रहे थे। खाद सीधे रैक से लाई गई आरोप है कि संबंधित सचिवों ने किसानों को बताया कि यह खाद सीधे रैक से लाई गई है। जब किसानों ने खाद का बिल और बिल्टी मांगी, तो उन्हें देने से मना कर दिया गया। इसके बाद किसानों ने मुख्य कृषि अधिकारी से शिकायत की। शिकायत मिलते ही डॉ. दपिंदर सिंह संधू के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें कृषि विकास अधिकारी भूंगा मनप्रीत, कृषि विकास अधिकारी (पीपी) डॉ. सिमरनजीत सिंह और कृषि विकास अधिकारी (टीए) हरप्रीत सिंह शामिल थे। इस टीम ने गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा और 299 बैग डीएपी (DAP) तथा 149 बैग एमओपी (MOP) उर्वरक जब्त किया। उर्वरक को गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन को सौंप जब्त किए गए उर्वरक को गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही, परीक्षण के लिए डीएपी और एमओपी के 2 नमूने भी लिए गए हैं। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 (Fertilizer Control Order, 1985) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है और गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मलेरकोटला बार एसोसिएशन ने डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय का घेराव किया। अध्यक्ष अरविंद सिंह मावी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने कई घंटों तक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी वकील डीसी पर वकीलों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा रहे थे। उनका यह भी आरोप था कि डीसी ने एक रजिस्ट्री मामले में एक निर्दोष वकील के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाया है। वकीलों ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स से जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला और डीसी के कमरे के सामने पहुंच गए। मौके पर पहुंचे SP स्थिति को शांत करने के लिए एसपी गुरशरणजीत सिंह और डीएसपी यादविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों पुलिस अधिकारियों के साझे प्रयासों के बाद, डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिड़के स्वयं प्रदर्शनकारी वकीलों के बीच पहुंचे। उन्होंने वकीलों की गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास किया।
बाघापुराना पुलिस ने एक नाबालिग लड़की से शादी करने, उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने और उसे गर्भवती करने के आरोप में एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म तथा पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में की है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। थाना बाघापुराना के एसएचओ जनक राज ने बताया कि 23 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:04 बजे एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को डिलीवरी (प्रसव) के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के रिकॉर्ड में पीड़िता के पति का नाम गुरप्रीत सिंह दर्ज था। मामला नाबालिग लड़की के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने से जुड़ा होने के कारण अस्पताल की डॉक्टर अनामिका ने तत्परता दिखाते हुए थाना सदर फरीदकोट को रुक्का (सूचना पत्र) जारी किया। यह रुक्का फरीदकोट पुलिस के जरिए बाघापुराना थाने के मुख्य मुंशी जगजीत सिंह को प्राप्त हुआ। जांच में पुष्टि के बाद मामला दर्ज रुक्का मिलने के तुरंत बाद बाघापुराना पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल द्वारा भेजी गई जानकारी और तथ्यों की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी गुरप्रीत सिंह ने नाबालिग से विवाह किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे किशोरी गर्भवती हुई। गंभीर धाराओं में केस दर्ज, आरोपी की तलाश जारी भारतीय कानून के तहत नाबालिग से विवाह करना और शारीरिक संबंध बनाना एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (पूर्व में आईपीसी की धारा 376) और पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
क्षेत्र में जारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री व अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार दोपहर निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद ठेकेदारों व श्रमिकों को सख्त चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान विधायक धालीवाल ने पाया कि सड़क के पिछले हिस्से में कई बड़े गड्ढे मौजूद थे, जिन्हें भरे बिना ही आगे निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने काम को तुरंत रुकवाया और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पहले सभी पुराने गड्ढों को पूरी तरह भरा जाए, उसके बाद ही आगे का निर्माण शुरू किया जाए। धालीवाल ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के टैक्स का पैसा है, दुरुपयोग नहीं होने देंगे पंजाब के पूर्व राजस्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मीडिया और अधिकारियों से बात करते हुए कहा किमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के बुनियादी ढांचे और सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त फंड जारी किए हैं। राज्य में अब पारदर्शी तरीके से विकास कार्य हो रहे हैं। यह जनता के टैक्स की मेहनत की कमाई का पैसा है, जिसका दुरुपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। अफसरों और ठेकेदारों पर होगी कानूनी कार्रवाई विधायक ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में सड़क निर्माण में कोई भी खामी या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की बात सामने आती है, तो संबंधित ठेकेदार से लेकर लापरवाह सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों तक पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में अपराध और हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना डिवीजन नंबर 08 की पुलिस ने संतोखपुरा इलाके में हुई हुड़दंगबाजी और मारपीट के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों समेत कुल पांच लोगों को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए लोहे के दातर/खंडा और एक बिना नंबर की स्पलेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।क्या था पूरा मामला? यह पूरा मामला जालंधर के थाना डिवीजन नंबर 08 में दर्ज एफआईआर संख्या 176 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में पिछले दिनों संतोकhpura क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सरेआम हुड़दंग और गुंडागर्दी की गई थी। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह और एडीसीपी ज़ोन-1 आकर्षि जैन के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई थी। इसी कड़ी में थाना प्रभारी साहिल चौधरी के नेतृत्व में एएसआई राकेश कुमार की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर यह कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी अजय और दो नाबालिगों को पहले ही दबोच लिया था। नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश कर लुधियाना स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है, जबकि अजय को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद, पुलिस ने एक अन्य मुख्य आरोपी आकाश शर्मा उर्फ नेपाली को पकड़ने के लिए दबिश दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने की कोशिश में आकाश दीवार से कूद गया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। सिविल अस्पताल में इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज होते ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया दातर भी बरामद कर लिया गया। आकाश की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य नामजद आरोपी पावनदीप सिंह उर्फ भथुरा (निवासी थ्री स्टार कॉलोनी) को भी गिरफ्तार कर लिया है।एडीसीपी 1 आकर्षि जैन ने बताया की पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह IPS के दिशा-निर्देशों पर असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। छठे महीने में दर्ज एफआईआर नंबर 176 (धारा 109, 115, 118 बीएनएस और 25 आर्म्स एक्ट) के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संतोकपुरा इलाके में हुड़दंगबाजी और गुंडागर्दी करने वाले 5 आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 2 नाबालिग शामिल हैं। इस दौरान एक आरोपी आकाश शर्मा उर्फ नेपाली (निवासी बस्ती बावा खेल) ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और दीवार से छलांग लगा दी, जिससे उसकी टांग टूट गई। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज कराया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट द्वारा आयोजित फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में सामने आए हाई-टेक नकल के मामले ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन को लगातार आड़े हाथों ले रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के युवा विंग और छात्र संगठन एसओआई (SOI) द्वारा यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर किए गए प्रदर्शन के बाद, अब कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने आगामी 29 जुलाई (बुधवार) को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के समक्ष एक विशाल धरना देने का ऐलान किया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल फरीदकोट के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुशलदीप सिंह 'किक्की' ढिल्लों ने इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि 29 जुलाई को होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता शिरकत करेंगे। किक्की ढिल्लों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन इस हाई-टेक धांधली को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण को महज एक साधारण नकल का मामला बनाकर दबाना चाहती है। हमारी मांग है कि यूनिवर्सिटी के उच्च अधिकारियों और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े नेताओं की भूमिका की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। आम आदमी पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप कांग्रेस नेता ने आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर 'आप' के बड़े नेता धरनों में बैठकर आंसू बहाने का ड्रामा कर रहे थे, लेकिन पंजाब में अपनी सरकार के तहत हो रहे पेपर लीक और हाई-टेक नकल के मामलों पर पूरी तरह पर्दा डाल रहे हैं। निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग पूर्व विधायक ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और भविष्य की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के बाहर डटी रहेगी।
सुजानपुर नगर परिषद को नया नेतृत्व मिल गया है। मंगलवार को आयोजित एक समारोह में नीटू मनहास ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला, जबकि सुरिंदर शर्मा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।यह पदभार ग्रहण समारोह सुजानपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के सुजानपुर हलका इंचार्ज स्वर्ण सिंह सलारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे और नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।अध्यक्ष नीटू मनहास, उपाध्यक्ष सुरिंदर शर्मा और हलका इंचार्ज स्वर्ण सिंह सलारिया ने संयुक्त रूप से कहा कि आम आदमी पार्टी का मुख्य उद्देश्य सुजानपुर के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर उन्होंने शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद की नई टीम सुजानपुर के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। पदभार ग्रहण समारोह के बाद, नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कम्युनिटी हॉल से नगर परिषद कार्यालय तक एक स्वागत जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने नए प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।उपस्थित नेताओं ने नगर परिषद के माध्यम से शहर के विकास, स्वच्छता और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
पठानकोट जिले के कंडी क्षेत्र धार कलां में किसानों और राजस्व विभाग के बीच जमीनी हकूक को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। किसान संघर्ष कमेटी धार कलां की ओर से गांव बुंगल में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कमेटी के उपाध्यक्ष जगजीत सिंह और सचिव किशन चंद गोस्वामी की साझी अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें धार ब्लॉक के दर्जनों गांवों से मौजूदा सरपंचों, पूर्व सरपंचों, पंचों, पूर्व पंचों, नंबरदारों तथा सैकड़ों पीड़ित किसानों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग द्वारा धार कलां तहसील के अंतर्गत आने वाली 27,550 एकड़ उपजाऊ व शामलात जमीन का इंतकाल गैर-कानूनी और असंवैधानिक ढंग से वन विभाग के नाम चढ़ाने के मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया और आगामी कानूनी व जमीनी संघर्ष की रणनीति तैयार की गई। ऐतिहासिक सेटलमेंट और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी का आरोप बैठक के दौरान प्रेस को जानकारी देते हुए किसान संघर्ष कमेटी के खजांची रविकांत शर्मा ने मामले के पुराने इतिहास और दस्तावेजी साक्ष्यों को उजागर करते हुए राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े किए: 1904 की फॉरेस्ट सेटलमेंट का हवाला: रविकांत शर्मा ने बताया कि वर्ष 1904 में अंग्रेज अधिकारी अलेक्जेंडर एंडरसन द्वारा बनाई गई 'शाहपुरकंडी फॉरेस्ट सेटलमेंट' के पन्ना संख्या 143 में यह स्पष्ट रूप से दर्ज है कि जमीन की मलकीत स्थानीय निवासियों/जमीन मालिकों की है, जबकि सरकार का अधिकार केवल चील के पेड़ों पर है। उपायुक्त पठानकोट का पत्र (2018): उन्होंने बताया कि उपायुक्त पठानकोट के कार्यालय द्वारा जारी पत्र संख्या SK/744-47 (दिनांक 10-08-2018) की भी विभाग द्वारा पूरी तरह अनदेखी की गई। इस पत्र के नियमों को ताक पर रखकर 27,550 एकड़ जमीन रातों-रात वन विभाग के नाम स्थानांतरित कर दी गई। आपत्तियों की उपेक्षा: 1904 की मूल फॉरेस्ट सेटलमेंट के किसी भी खसरा नंबर में गांव के नाम दर्ज इस 27,550 एकड़ जमीन का ऐसा कोई विवरण नहीं है जिससे इसे सीधे वन भूमि माना जाए। इसके अलावा, इंतकाल वन विभाग के नाम तब्दील करने से पूर्व प्रभावित जमीन मालिकों से कानूनन 'उजर' (सहमति या एतराज) तक नहीं मांगे गए। न्यायिक स्थितियां और पुराने अदालती फैसलों का संदर्भकिसान नेताओं ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा अन्य अदालतों में लंबित याचिकाओं के तकनीकी पहलुओं को रेखांकित करते हुए बताया: हाईकोर्ट का स्थगन आदेश :वन विभाग के नाम इंतकाल चढ़ाने के प्रशासनिक फैसले के खिलाफ गांव खुखियाल और नारायणपुर के ग्रामीणों ने वर्ष 2020 में (केस संख्या 12197 और 12508/2020) तथा गांव चक्कड़ के भू-स्वामियों ने वर्ष 2024 में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माननीय हाईकोर्ट ने प्रक्रिया पर स्थगन आदेश दे रखा है। पुराने फैसलों का गलत इस्तेमाल:कमेटी का आरोप है कि राजस्व विभाग जिस कानूनी आधार का तर्क दे रहा है, वह असल में केस संख्या 2630/1985 का फैसला है, जो केवल डूंग गांव की 4,417 कनाल पंचायती जमीन से संबंधित था। बाद में इसी याचिका को आधार बनाकर 8706/1988 का फैसला आया। परंतु विभाग इस सीमित फैसले को पूरी तहसील की 27,550 एकड़ निजी व शामलात जमीनों पर जबरन लागू कर रहा है। 250 से अधिक केस अदालतों में लंबितक्षेत्र के 250 से अधिक किसानों ने अलग-अलग अदालतों में इस गलत इंतकाल प्रक्रिया के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसके बावजूद राजस्व विभाग न्यायालयों के अंतिम आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, जो कि अवमानना और अन्यायपूर्ण है। आर-पार के संघर्ष की चेतावनीबैठक में मौजूद किसान नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने एक स्वर में कहा कि धार कलां के किसान सदियों से इन जमीनों पर खेती करते आ रहे हैं और उनके पास इसके राजस्व रिकॉर्ड मौजूद हैं। यदि सरकार और राजस्व विभाग ने न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर जबरन जमीनों को छीनने का प्रयास किया, तो पूरा धार क्षेत्र उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। महापंचायत में ये रहे मौजूद गांव बुंगल में आयोजित इस महापंचायत में मुख्य रूप से निम्नलिखित किसान नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिनमें राज कुमार (दुनेरा), अंगराज पठानिया (लहरून), जोगिंदर सिंह (पंजाला), कुणाल पठानिया, पूरन सिंह (प्लाटिया), रमेश शर्मा (सुकरेत), स्वर्ण सिंह, रमेश सिंह (चक्कड़), रोशन लाल (पूर्व सरपंच, सुखनियाल), सुखबीर सिंह (नंबरदार, नारायणपुर), रणधीर सिंह (पूर्व सरपंच, नारायणपुर), दयाल सिंह (सरपंच, नारायणपुर), सुनील कुमार (सरपंच, सुराल), बिशन शर्मा, नारायण दत्त, कमल सिंह (पूर्व गिरदावर), रमेश सिंह (नंबरदार, खुखियाल), केवल सिंह हाड़ा, बलवान सिंह (पूर्व सरपंच, सुकरेत), बीर सिंह (सरपंच, ढांगू सरा), मान सिंह, सुरजीत सिंह (दरंगखड्ड) के अलावा धार ब्लॉक के अन्य गावों से आए दर्जनों किसान उपस्थित थे।
पठानकोट में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) योजना के विरोध में वकीलों की हड़ताल मंगलवार को 28वें दिन भी जारी रही। जिला बार एसोसिएशन के वकीलों ने सरकार से इस योजना को वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट ठाकुर रविंदर सिंह और एडवोकेट कुलभूषण मन्हास ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एलएडीसी योजना लागू होने से स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। वकीलों ने आशंका जताई कि यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है। इसके परिणामस्वरूप आपराधिक मामलों में नई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। वक्ताओं ने सरकार से आग्रह किया कि वकीलों की चिंताओं को गंभीरता से समझा जाए और एलएडीसी योजना पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।हड़ताल के दौरान वकीलों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया और योजना वापस होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
बठिंडा-बादल रोड पर नरूआना और जय सिंह वाला के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार टिप्पर ने एक महिला को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में महिला के अंग सड़क के इधर उधर बिखर गए। महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने तत्परता दिखाते हुए टिप्पर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। मृतक महिला की पहचान जय सिंह वाला निवासी 30 वर्षीय रानी कौर पत्नी शिंदा सिंह के रूप में हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रानी कौर खेत में धान लगाने के लिए आई हुई थी और सड़क पार करते समय इस हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि महिला के शरीर के अंग बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए थे। सड़क पर बिखरे अंग, जन सेवा टीम ने समेटा घटना की सूचना मिलते ही सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम, जिसमें संदीप सिंह गिल और विक्की कुमार शामिल थे, दो एंबुलेंस के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने मानवता का परिचय देते हुए सड़क पर बिखरे हुए अंगों को करीने से इकट्ठा कर चादर में लपेटा और उन्हें सम्मानपूर्वक एम्स अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। सूचना मिलने पर थाना सदर के एस.एच.ओ. मनीष अपनी पुलिस पार्टी के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। एस.एच.ओ. मनीष ने पुष्टि की कि महिला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी और स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े गए टिप्पर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार सख्ती से की जाएगी।
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आज कांग्रेस पार्टी ने संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। यह पूरा विरोध प्रदर्शन हाल ही में बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के बाद आयोजित किया गया, जिसके तहत पंजाब सरकार ने पहले ही एक डीएसपी को निलंबित कर दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं का कहना था कि केवल एक अधिकारी को निलंबित करना नाकाफी है, बल्कि गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री को इस घटना में शामिल सभी दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। कर्मचारियों की मांगों को तुरंत स्वीकार करने की मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने पंजाब सरकार से सफाई कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करने की अपील की। पार्टी ने चेतावनी दी कि सरकार जल्द से जल्द इन मांगों को पूरा करे ताकि पूरे पंजाब में सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल समाप्त हो सके और वे वापस अपने काम पर लौट सकें। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के रवैये से काम नहीं चलेगा और सरकार को कर्मचारियों के अधिकारों का पूरा सम्मान करना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने पंजाब में अपने संगठन को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने जगरूप सिंह सेखवां को पंजाब का नया प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी हाईकमान ने राज्य के 3 प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों जालंधर नॉर्थ, फतेहगढ़ चूड़ियां और पट्टी के हलका प्रभारियों की भी नई नियुक्तियां की हैं। इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी गई हैं। आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब संगठन में लगातार बदलाव और मजबूती की दिशा में काम किया जा रहा है। नई सूची के अनुसार, जगरूप सिंह सेखवां को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जगरूप सिंह सेखवां की इस नियुक्ति से राज्य में संगठन के काम को और गति मिलेगी तथा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिलेगा। 3 विधानसभा क्षेत्रों में बदले गए हलका प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष के अलावा पार्टी ने 3 महत्वपूर्ण विधानसभा हलकों में नए प्रभारियों की तैनाती की है: जालंधर नॉर्थ: इस हलके की कमान विनीत धीर को सौंपी गई है। उन्हें जालंधर नॉर्थ का नया हलका प्रभारी नियुक्त किया गया है। फतेहगढ़ चूड़ियां : फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा क्षेत्र में हरजोबनजीत सिंह रंधावा (जोबन रंधावा) को नया हलका प्रभारी बनाया गया है। पट्टी : पट्टी विधानसभा हलके की जिम्मेदारी जसकंवर सिंह गिल (जस्सा पट्टी) को दी गई है। पार्टी नेतृत्व ने दी शुभकामनाएं आम आदमी पार्टी की शीर्ष नेतृत्व प्रणाली और पंजाब इकाई की ओर से सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। पार्टी को उम्मीद है कि सभी नए पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी की नीतियों और सरकार के लोक कल्याणकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अमृतसर पुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को थाना गेट हकीमा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 351(3)(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अमृतसर के डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) आलम विजय सिंह ने बताया कि मृतका के भाई सूजल सहोता ने शिकायत दी थी कि उसकी 15 वर्षीय बहन की उसके मौसा वनीत कुमार उर्फ सनी और उसके 2 साथियों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सूजल सहोता और उसकी बहन को जालंधर से अपने घर बुलाया था। जब दोनों ने आर्थिक परेशानी के कारण आने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने उन्हें ₹2,000 गूगल पे के माध्यम से भेजे। इसके बाद दोनों अमृतसर स्थित आरोपी के घर पहुंचे। सोना और अंगूठियां चोरी करने का आरोप लगाया घर पहुंचने पर आरोपी ने नाबालिग लड़की पर सोना और अंगूठियां चोरी करने का आरोप लगाया। इसके बाद वह उसे पहली मंजिल पर बने कमरे में ले गया, दरवाजा बंद किया और डंडे से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। लड़की की चीखें सुनकर उसका भाई और उसकी मासी दरवाजा खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। इसी दौरान आरोपी ने अपने 2 परिचितों को भी बुला लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने भी कमरे में जाकर लड़की के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद जब दरवाजा खोला गया तो लड़की बिना कपड़ों के कमरे में पड़ी थी और उसके शरीर पर डंडों से मारपीट के गहरे निशान थे। मौसी ने उसे कपड़े पहनाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डंडा बरामद, 2 आरोपी फरार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी वनीत कुमार उर्फ सनी को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के दो अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पहले भी दर्ज है NDPS का मामला पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय आरोपी 12वीं पास है, फाइनेंस का काम करता है और वर्ष 2018 में उसके खिलाफ थाना सी-डिवीजन, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि फरार दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में सरकार के कामकाज की सराहना की है। उन्होंने दावा किया कि बीते तीन महीनों में राज्य से जुड़ी विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व तेजी आई है।
मोगा में नीट 2026 टॉपर आर्यन गुप्ता सम्मानित:अग्रवाल समाज सभा ने मोगा में किया सम्मान समारोह
नीट (NEET) 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आर्यन गुप्ता के सम्मान में मोगा के अग्रवाल समाज सभा द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर आर्यन गुप्ता अपने माता-पिता के साथ उपस्थित रहे, जहां समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त किया। समारोह के दौरान अग्रवाल समाज सभा की ओर से डॉ. अजय कंसल ने आर्यन गुप्ता और उनके परिवार का स्वागत किया। उन्होंने सभा द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग देना सभा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आर्यन की मेहनत, लगन और अनुशासन को आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में अग्रवाल समाज सभा द्वारा आर्यन गुप्ता को शॉल ओढ़ाकर और महाराजा अग्रसेन जी का स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। आर्यन के माता-पिता ने समाज के इस सत्कार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नीट टॉपर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मोगा जिले के बाघापुराना थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 बोतल अवैध देसी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से शराब ले जा रही एक बिना नंबर की जीन कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। सहायक थानेदार बूटा सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर खास ने सूचना दी कि दाना मंडी बाघापुराना में एक बिना नंबर की जीन कार खड़ी है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब लोड की गई है। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान कार से 15 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें कुल 180 बोतल बिना मार्का देसी शराब भरी हुई थी। छापेमारी के दौरान कोई आरोपी हाथ नहीं लगा। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एक्साइज एक्ट की धारा 61(1)(14) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 व 196 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त की गई गाड़ी के चेसिस और इंजन नंबर के जरिए मालिक का पता लगाया जा रहा है। तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस की गहन जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। बरनाला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ढिल्लों ने संगरूर में भाजपा कार्यालय पर हुए हमले को प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करने वाली घटना बताया। ढिल्लों ने इसे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण करार दिया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है, जबकि अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं पर सरकार की ओर से सख्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में भय और अशांति का माहौल बना हुआ है, जो चिंता का विषय है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पंजाब को मौजूदा हालात से बाहर निकालने के लिए अब जनता के पास भारतीय जनता पार्टी ही एक मजबूत विकल्प है। सभी 117 विधानसभा सीटों पर भाजपा की तैयारी अकाली दल के साथ गठबंधन की चर्चाओं को लेकर केवल सिंह ढिल्लों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास हर सीट पर मजबूत उम्मीदवार मौजूद हैं। अपने गृह क्षेत्र बरनाला का जिक्र करते हुए ढिल्लों ने कहा कि जिले के कई मौजूदा पार्षद, सरपंच, पंच, जिला परिषद सदस्य और ब्लॉक समिति सदस्य जल्द ही भाजपा में शामिल होने वाले हैं। प्रदेश में तानाशाही का माहौल है आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए ढिल्लों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में तानाशाही का माहौल है। सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल उठाने वाले लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कथित तौर पर हुई ज्यादतियों का कानून के अनुसार हिसाब लिया जाएगा। ये नेता रहे मौजूद इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र गर्ग नीटा, इंजीनियर गुरजिंदर सिंह सिद्धू, राजेंद्र उप्पल, राजू चौधरी, सुभाष मक्कड़ समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी वरजीत वालिया ने मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR)-2026 अभियान के तहत 100 प्रतिशत घर-घर सर्वे का काम समय से पहले पूरा करने वाले 32 बूथ लेवल अफसरों (BLO) को सम्मानित किया है। जिला प्रशासन द्वारा इन अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र सौंपे गए। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी वरजीत वालिया ने घर-घर जाकर 100 प्रतिशत सर्वे का कार्य तय समय से पहले पूरा करने वाले 32 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अन्य BLOs को भी सर्वे कार्य में तेजी लाने और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR 2026 के अंतर्गत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए जालंधर जिला प्रशासन ने एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया। BLOs की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने BLOs की लगन, निष्ठा और जिम्मेदारी की जमकर सराहना की। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और सफल बनाने में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। इन 32 अधिकारियों ने समय सीमा से पहले अपना लक्ष्य हासिल कर जिले के अन्य सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। अन्य अधिकारियों से तेजी लाने की अपील डीसी वरजीत वालिया ने अन्य सभी बूथ लेवल अफसरों से अपील की कि वे भी अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर किए जा रहे सर्वे कार्य में तेजी लाएं और इसे जल्द से जल्द पूरा करें। इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल)-कम-अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी अमनिंदर कौर और चुनाव तहसीलदार डॉ. दीपक राज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के सम्मानित BLOs की सूची: फिलौर विधानसभा क्षेत्र: धर्मेंद्रजीत (बूथ नं. 49), बूटा राम (बूथ नं. 88), बलविंदर कौर (बूथ नं. 12), जसदीप सिंह (बूथ नं. 149) और मोनिका (बूथ नं. 158)। नकोदर विधानसभा क्षेत्र: कुलविंदर सिंह (बूथ नं. 27), नरेश कुमार (बूथ नं. 184), परमजीत कौर (बूथ नं. 190), अमनदीप (बूथ नं. 216) और कमलजीत राम (बूथ नं. 123)। शाहकोट विधानसभा क्षेत्र: प्रभजिंदर सिंह (बूथ नं. 23), मनवीत सिंह (बूथ नं. 72), रूपिंदरजीत सिंह (बूथ नं. 31), तीरथ कौर (बूथ नं. 198), रणजीत सिंह (बूथ नं. 207), धरविंदर सिंह (बूथ नं. 248), हरजीत कौर (बूथ नं. 231), बलविंदर कौर (बूथ नं. 236), मनजिंदर सिंह (बूथ नं. 105), बलविंदर कौर (बूथ नं. 106), शोविंद कुमार (बूथ नं. 129) और इंद्रजीत सिंह (बूथ नं. 163)। जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र: सुमन बाला (बूथ नं. 97), राजीव कुमार (बूथ नं. 61), सुमन शर्मा (बूथ नं. 134), मीनू (बूथ नं. 116), पूनम बजाज (बूथ नं. 119) और राजेश कुमार (बूथ नं. 121)। जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र: जतिन अग्रवाल (बूथ नं. 119)। जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र: प्रदीप कुमार पाठक (बूथ नं. 115), गणेश कुमार (बूथ नं. 121) और संदीप कुमार (बूथ नं. 106)।
पंजाब के सरहदी जिले गुरदासपुर की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। स्थानीय शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी करनजीत सिंह मान का चयन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) के लिए भारतीय जूडो टीम में हुआ है। 31 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए करनजीत सिंह मान दिल्ली से स्कॉटलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। रवानगी से पूर्व गुरदासपुर जूडो सेंटर में एक विशेष सम्मान समारोह और अरदास सभा का आयोजन किया गया, जहां साथी खिलाड़ियों, कोचों और प्रेस अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए ढोल की थाप और तालियों के साथ विदाई दी। करनजीत ने बताया कि इस बार भारतीय जूडो दल में कुल 12 खिलाड़ी (6 पुरुष और 6 महिलाएं) देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कड़े अभ्यास और ईश्वर के आशीर्वाद के बल पर वे देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटेंगे। कठिन चयन प्रक्रियाओं को पार कर पाई भारतीय टीम में जगहअपनी चयन यात्रा के बारे में बात करते हुए करनजीत सिंह मान ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दिल्ली में बेहद कड़े 'सिलेक्शन ट्रायल्स' आयोजित किए गए थे। इन ट्रायल्स में उन्होंने देश भर से आए शीर्ष जूडो खिलाड़ियों को परास्त कर 90 किलोग्राम भार वर्ग में अपना स्थान पक्का किया। इससे पहले वे एशियन चैंपियनशिप और ग्रैंड प्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बता दें, करनजीत मान का पुराना रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे 2016 की साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल, 2018 की कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और दो बार वर्ल्ड पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सुविधाओं के अभाव के बावजूद 45 डिग्री तापमान में बहाया पसीनाशहीद भगत सिंह जूडो सेंटर के संचालकों और कोचों ने बताया कि जहाँ बड़ी-बड़ी कंपनियों और सरकारों के करोड़ों रुपये के बजट से ट्रेनिंग ले रहे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पहुंचते हैं, वहीं करनजीत मान ने बेहद सीमित और विषम परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल किया है। 45 डिग्री की भीषण गर्मी, बिना एयर कंडीशनर वाले हॉल और कटे-फटे मैट्रसेस के बावजूद करनजीत ने बिना रुके दिन-रात कड़ी मेहनत की। अपनी खुराक और ट्रेनिंग के लिए उपलब्ध हर छोटी-से-छोटी सुविधा का अधिकतम उपयोग किया। सम्मान समारोह के अंत में सभी खेल प्रेमियों, कोचों और साथी खिलाड़ियों ने अरदास की कि करनजीत मान कॉमनवेल्थ गेम्स में तिरंगा ऊंचा फहराएं और स्वर्ण पदक जीतकर भारत और पंजाब का नाम दुनिया भर में रोशन करें। पंजाब सरकार की खेल नीति की सराहनाखिलाड़ी करनजीत मान और जूडो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि का विशेष धन्यवाद किया। करनजीत ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में चयनित खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पूर्व तैयारी और खुराक के लिए पंजाब सरकार द्वारा 8-8 लाख रुपये की अग्रिम वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी गई है, जो ट्रेनिंग के दौरान बहुत मददगार साबित हुई है। शहीद भगत सिंह जूडो सेंटर के नाम दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धिपंजाब जूडो एसोसिएशन के प्रेस सचिव और सेंटर के मुख्य प्रबंधकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर के लिए यह एक अत्यंत गर्व का क्षण है। इस सेंटर से कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने वाले करनजीत सिंह मान तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं: वर्ष 2014: महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड विजेता इंस्पेक्टर साहिल पठानिया ने ग्लासगो (स्कॉटलैंड) कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लिया था। वर्ष 2022: अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी जसलीन सैनी ने बर्मिंघम (इंग्लैंड) कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 5वां स्थान हासिल किया था। वर्तमान: करनजीत सिंह मान 90 किग्रा भार वर्ग में भारतीय तिरंगा लहराने के लिए ग्लासगो रवाना हुए हैं।
पठानकोट के एक युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि इस साजिश के कारण उसे 38 लाख रुपए का नुकसान हुआ, उसका परिवार टूट गया और वह अपने बेटे से भी दूर हो गया है। पीड़ित युवक अब इंसाफ की गुहार लगा रहा है। पठानकोट के पटेल चौक स्थित एकता विहार निवासी दिनेश ने मोहाली स्थित एनआरआई विंग के एडीजीपी को शिकायत दी है। दिनेश के अनुसार, उसकी शादी 25 अक्टूबर 2020 को सपना नाम की युवती से हुई थी। शादी में दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी, लेकिन परिवार ने अपनी इच्छा से लाखों रुपए खर्च किए और सोने के जेवर सहित कई उपहार दिए। बाद में उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ। स्पाउस वीजा पर न्यूलीलैंड पहुंचा युवक शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्ष 2022 के बाद उसकी पत्नी न्यूजीलैंड जाने की जिद करने लगी। पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए परिवार ने भारी आर्थिक बोझ उठाया। आरोप है कि जुलाई 2023 में पत्नी को स्टडी वीजा पर न्यूजीलैंड भेजा गया, जिस पर लाखों रुपए की फीस और अन्य खर्च किए गए। बाद में दिनेश स्वयं भी अपने बेटे के साथ स्पाउस वीजा पर न्यूजीलैंड पहुंचा। वहां उसने नौकरी करते हुए परिवार पर अतिरिक्त खर्च किया। शिकायत के अनुसार, इस पूरे मामले में कुल मिलाकर लगभग 38 लाख रुपए खर्च किए गए। दिनेश का आरोप है कि उसे विदेश भेजने के नाम पर धोखा दिया गया, उसकी लाखों की कमाई बर्बाद हुई और अब वह अपने बेटे से भी दूर है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के अनुसार, 24 जुलाई की देर रात जुनैद मलिक एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के बाद दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और अपने साथ ले गई।
जालंधर में नेशनल हाईवे पर धामी कैसल के पास एक ट्रक की टक्कर के बाद एक कार बेकाबू होकर फुटपाथ से टकरा गई। इस हादसे में कार में सवार परिवार बाल-बाल बच गया। इस हादसे के कारण यातायात बाधित हुआ और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बस्ती बावा खेल निवासी कार ड्राइवर आकाश ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ भोगपुर से जालंधर लौट रहे थे। उनकी कार में चार वर्षीय बच्ची और 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। कार ड्राइवर बोला- ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर आकाश के अनुसार, परिवार साथ होने के कारण वह धीमी गति से वाहन चला रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे कार अनियंत्रित होकर घूम गई और ट्रक के सामने आ गई। ट्रक कार को कुछ दूरी तक घसीटता ले गया, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, बनिहाल निवासी ट्रक ड्राइवर ने बताया कि वह जम्मू से दिल्ली जा रहा था। उसके मुताबिक, कार द्वारा अचानक साइड बदलने के कारण ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। मोसिन ने दावा किया कि कार लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। उसने यह भी बताया कि कार ड्राइवर अब उससे नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है, जबकि वह स्वयं इस स्थिति में नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार द्वारा कथित झूठे वादों और लगातार की जा रही अनदेखी से परेशान कंप्यूटर टीचर्स यूनियन पंजाब ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन के फैसले के अनुसार, 31 जुलाई को सुनाम (संगरूर) में आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन की तैयारियों के सिलसिले में कंप्यूटर टीचर्स यूनियन की जिला इकाई पठानकोट की एक अहम बैठक राज्य नेता राकेश सैनी और अमनदीप की अध्यक्षता में संपन्न हुई। 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे अध्यापक बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पंजाब के 6,640 कंप्यूटर शिक्षक पिछले 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 2 दिसंबर 2010 को राज्यपाल की स्वीकृति से नियमितीकरण अधिसूचना जारी हुई थी और 2011 में नियमित नियुक्ति पत्र मिले थे, लेकिन इसके बावजूद आज भी शिक्षकों को सोसाइटी के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। हाई कोर्ट का फैसला कंप्यूटर शिक्षकों के हक में आने के बावजूद पंजाब सरकार इसे लागू करने के बजाय मामले को सुप्रीम कोर्ट में घसीट रही है। मुख्य मांगें और सरकार की उपेक्षा राकेश सैनी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार चुनावी वादों से पीछे हट रही है और उप-समिति के साथ हुई बैठकों की सहमतियों पर केवल समय बर्बाद कर रही है। शिक्षकों की प्रमुख मांगें नियमितीकरण लागू करना: 2 दिसंबर 2010 की नोटिफिकेशन और 15 सितंबर 2022 को शिक्षा मंत्री द्वारा किए गए वादों को तुरंत लागू किया जाए। वेतन आयोग व भत्ते: पांचवें वेतन आयोग के तहत देय अन-संशोधित डीए (DA) का तुरंत भुगतान हो। मृत्यु नीति और सामाजिक सुरक्षा: सेवा के दौरान जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों के लिए स्थायी नीति बने। 114 शिक्षकों का निधन, 5 सेवानिवृत्त, पर हक से अब भी वंचित राकेश सैनी ने बताया कि हक की लड़ाई लड़ते-लड़ते अब तक 114 कंप्यूटर शिक्षकों का निधन हो चुका है, जबकि 5 शिक्षक बिना किसी वित्तीय या पेंशन लाभ के सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनके परिवार आज भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यूनियन की चेतावनी दी कि जब तक 2010 का नोटिफिकेशन, आप के चुनावी घोषणापत्र में किया गया वादा और शिक्षा मंत्री का 15 सितंबर 2022 का आश्वासन लागू नहीं होता, तब तक कंप्यूटर शिक्षकों का यह संघर्ष थमेगा नहीं।
पटियाला के दीप नगर इलाके में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। एक मकान की सीवरेज लाइन साफ करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई है, वहीं मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक बेरोजगार थे और निजी तौर पर लोगों के घरों में सीवरेज व नालियों की सफाई का काम करते थे। आज वे एक मकान की मुख्य सीवरेज लाइन साफ करने के लिए अंदर उतरे थे। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू फिलहाल पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। नियमित और ठेके पर कर्मचारी उपलब्ध गौरतलब है कि नगर निगम के पास सीवरेज सफाई के लिए नियमित और ठेके पर कर्मचारी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग निजी तौर पर ऐसे काम करवाते हैं। इसी दौरान दीप नगर में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
गुरदासपुर के कस्बा हरचोवाल निवासी सूबेदार संदीप सिंह ने 7077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है। वह भारतीय सेना की एडवेंचर टीम के सदस्य हैं। संदीप सिंह ने अपनी टीम के साथ बर्फ से ढकी इस चुनौतीपूर्ण चोटी को फतह किया। यह उपलब्धि उनकी हिम्मत, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इस सफलता से न केवल भारतीय सेना का सम्मान बढ़ा है, बल्कि हरचोवाल गांव का नाम भी देश भर में गर्व से गूंज उठा है। पहले भी कई ऊंची चोटियों पर फहरा चुके तिरंगा सूबेदार संदीप सिंह ने इससे पहले भी कई ऊंची पहाड़ी चोटियों पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है। अपनी सैन्य ड्यूटी के साथ-साथ अपने गांव की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना प्रशंसनीय है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरी ग्राम पंचायत, गांववालों और स्थानीय लोगों ने सूबेदार संदीप सिंह और उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे बहादुर, मेहनती और देशभक्त युवा ही गांव की सच्ची शान हैं, जिनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है।
लुधियाना में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध में जिला कचहरी के वकीलों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लंबे समय से जारी हड़ताल और भूख हड़ताल के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने रोष मार्च निकाला। वकील मार्च करते हुए डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार और LADC प्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे वकीलों ने DC दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन के बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी।
तरनतारन में सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय हेपेटाइटिस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन डायरेक्टर हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, पंजाब के निर्देशों तथा सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन, डिस्ट्रिक्ट फैमिली वेलफेयर ऑफिसर डॉ. भारती धवन और डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर डॉ. वरिंदरपाल कौर के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने “लेट्स ब्रेक इट” थीम के तहत भाग लिया। सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 28 जुलाई को हेपेटाइटिस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था, ताकि इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में 28 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले लोगों की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग की जाएगी और आम जनता को हेपेटाइटिस से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। डॉ. धवन और डॉ. वरिंदरपाल कौर ने कहा- हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है डॉ. भारती धवन और डॉ. वरिंदरपाल कौर ने बताया कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार- ए, बी, सी, डी और ई का होता है। इनमें हेपेटाइटिस बी और सी के मामले अधिक सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस ए और ई दूषित भोजन, गंदे पानी और अस्वच्छता के कारण फैलता है, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित खून, दूषित सुई और असुरक्षित यौन संबंधों से फैल सकता है। डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रणदीप सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस सी लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और समय पर इलाज न होने पर लिवर फेलियर या कैंसर का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में हेपेटाइटिस बी और सी की जांच व उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। कार्यक्रम के दौरान जागरूकता संबंधी पोस्टर और पैम्फलेट भी जारी किए गए।
फरीदकोट में थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे गिरोह के 5 बदमाशों को तेजधार हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कोटकपूरा निवासी विजय कुमार, बॉबी, रमनप्रीत सिंह, संदीप सिंह तथा गांव ढिलवां कलां निवासी प्रीतपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोटकपूरा में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के निर्देशों पर समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएसआई बलकार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मोगा रोड पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि उक्त आरोपी लक्कड़ मंडी के पास एक सुनसान स्थान पर बैठकर इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर पांचों आरोपियों को तेजधार हथियारों सहित काबू कर लिया। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी: डीएसपी इस मामले में डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों में से 3 के खिलाफ पहले से ही कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों को अदालत से रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि इनके द्वारा पहले की गई वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके।
बठिंडा में हुई हल्की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे पंजाब सरकार और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के साथ सफाई कर्मचारियों और सीवरेज कर्मियों की हड़ताल ने हालात और खराब कर दिए हैं। सड़कों किनारे जमा सीवरेज का पानी और कचरा बारिश के साथ सड़कों पर फैल गया, जिससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या बढ़ गई है। हल्की बारिश ने दावों की पोल खोल दी शहरवासियों का कहना है कि सरकार और नगर निगम भले ही लाखों-करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के दावे करते हों, लेकिन हल्की बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी है। लोगों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बारिश के बाद इन ढेरों से गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में फैल रही गंदगी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। प्रशासन इस गंभीर स्थिति को लेकर गंभीर नहीं लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है और केवल दावे कर रहा है। उनका कहना है कि कूड़ा उठाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से शहरवासियों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
संगरूर पुलिस ने बीजेपी के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में मात्र 24 घंटे में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हैप्पी सिंह उर्फ हैप्पी (निवासी भामाबंदी, थाना लोंगोवाल) और जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी (निवासी वार्ड नंबर 12, शहीद उधम सिंह बस्ती लहरा, थाना लहरा) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल प्लेटिना मोटरसाइकिल (नंबर PB-13BQ-0227) और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। संगरूर पुलिस की विशेष टीमों और सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था, जिन्हें डॉ. सिमरत कौर आईपीएस, एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस टीम का भी महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग मिला। इन टीमों ने मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी (ह्यूमन व टेक्निकल इंटेलिजेंस) का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए 27 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पैसे के लालच में रची गई साजिश प्रारंभिक पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए 'राणा भाई' नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आए थे। राणा भाई ने उन्हें बीजेपी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने और उसका वीडियो बनाकर भेजने के एवज में मोटी रकम देने का झांसा दिया था। इस काम के लिए राणा भाई ने यूपीआई और अन्य माध्यमों से दो किस्तों में कुल 2,200 रुपये (1,200 रुपये और 1,000 रुपये) आरोपियों के खातों में ट्रांसफर भी किए थे। आरोपियों ने तय योजना के मुताबिक वारदात को अंजाम देकर उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, ताकि वे सबूत के तौर पर इसे राणा भाई को भेजकर बाकी पैसे वसूल सकें। आगे की जांच जारी पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है, जिसमें वारदात का वीडियो और चैट के सुराग मिलने की संभावना है। इसके साथ ही, पुलिस 'राणा भाई' के सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक ट्रांजैक्शन और यूपीआई आईडी की तह तक जाने के लिए कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर ले लिया है, जिससे इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल अन्य चेहरों और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस-2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के लिए योग्य एवं असाधारण प्रतिभाओं से नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। मोगा के डीसी सागर सेतिया ने कहा कि कला, साहित्य एवं शिक्षा, समाज सेवा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, चिकित्सा, खेल, लोक प्रशासन, व्यापार एवं उद्योग, कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में असाधारण सेवाएं देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने आह्वान किया है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ऐसे गुमनाम नायकों या योग्य व्यक्तियों को आगे लाएं, जिन्होंने अपने कार्यों से देश और समाज की प्रगति में अहम योगदान दिया है। मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने जिले के सभी सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक एवं व्यापारिक संस्थाओं, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्ट और उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं की पहचान कर उनके नामांकन अवश्य भेजें। एक नजर जानिए आवेदन के तरीके और पात्रता अंतिम तिथि: नामांकन भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन पोर्टल: सभी आवेदन केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। आवश्यक विवरण: पोर्टल पर नामांकन दर्ज करते समय उम्मीदवार का संक्षिप्त जीवन-वृत्त (Bio-data), उनकी उपलब्धियां और समाज में उनके विशिष्ट योगदान की पूरी जानकारी देनी होगी। पात्रता के क्षेत्र: कला, साहित्य एवं शिक्षा, समाज सेवा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, चिकित्सा, खेल, लोक प्रशासन, व्यापार एवं उद्योग, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और अन्य विशिष्ट क्षेत्र। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है उन्होंने बताया कि इन पुरस्कारों के लिए संपूर्ण आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है, जिसके तहत इच्छुक आवेदक या संस्थाएं केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से अपने आवेदन जमा करवा सकती हैं। पोर्टल पर नामांकन दर्ज करते समय उम्मीदवार का संक्षिप्त जीवन-वृत्त (बायोडाटा), उनकी उपलब्धियां और विशिष्ट योगदान से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां अपलोड करनी होंगी।
पंजाब में वकीलों ने 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' (LADC) के विरोध में आज पैदल मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य भर में वकीलों का काम ठप है। वकील समुदाय पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से LADC का विरोध कर रहा है। इस आंदोलन के तहत वकीलों ने अदालती कामकाज बंद कर दिया है और कुछ स्थानों पर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। बठिंडा बार एसोसिएशन के वकीलों का कहना है कि सरकार द्वारा गठित 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप है कि अपराधी इस काउंसिल के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता का दुरुपयोग कर रहे हैं। वकीलों के अनुसार, बार-बार अपराध करने वाले लोग मुफ्त कानूनी मदद का लाभ उठाते हैं और जेल से छूटने के बाद फिर से अपराध करते हैं, जिससे सामाजिक व्यवस्था बिगड़ रही है। वे बताते हैं कि एक ओर सरकारी वकील अपराधियों को सजा दिलाने के लिए केस लड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर यही कानूनी मदद उन्हें बचाने का काम करती है। बठिंडा में निकला रोष मार्च आज बठिंडा में फायर ब्रिगेड चौक से डीसी कार्यालय तक एक रोष मार्च निकाला गया। मार्च के बाद वकीलों ने उपायुक्त (DC) को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। संविधान में जरूरतमंद और गरीब लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान है, और पहले भी यह सुविधा गरीबों को मिलती थी। हालांकि, वकीलों का कहना है कि अब LADC की आड़ में खूंखार अपराधी, आदतन अपराधी और आर्थिक अपराध करने वाले लोग भी इसका फायदा उठा रहे हैं। वकीलों ने आरोप लगाया कि काउंसिल ने यह तय करने के लिए कोई मापदंड निर्धारित नहीं किया है कि किस प्रकार के अपराधी को मुफ्त कानूनी सहायता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि अपराधी चाहे कितनी भी बार या किसी भी तरह का अपराध करे, उसे मुफ्त में वकील मुहैया कराया जाता है। ऐसे में सरकार न केवल अपराधी का केस लड़ती है, बल्कि उसकी जमानत का भी इंतजाम करती है। वकीलों ने जमानत के लिए लाए गए दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
पंजाब में 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) के एक और सांसद की नाराजगी छलकी है। मशहूर पर्यावरणविद व राज्यसभा सांसद संत बलबीर सीचेवाल ने अपनी सिक्योरिटी लौटाने की बात कही है। उन्होंने DGP को इस बारे में लेटर लिखकर कहा कि वह अपनी सुरक्षा से 6 पुलिस मुलाजिमों को वापस भेज रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का हवाला दिया है। संत सीचेवाल ने लेटर में यहां तक लिख दिया कि मेरी सुरक्षा से ज्यादा जरूरी लोगों की सुरक्षा है। अगर हमारे लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो बतौर सांसद हमारी सुरक्षा में इन पुलिस जवानों का होना ठीक नहीं है। इसलिए बिना किसी देरी के सुरक्षा वापस लेने की मांग को पूरा किया जाए। इससे पहले AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की अगुआई में सांसद अशोक मित्तल, हरभजन सिंह भज्जी, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर मित्तल ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। तब चड्ढा ने कहा था कि AAP में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। हालांकि तब संत सीचेवाल ने कहा था कि उन्हें बुलाया गया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। सीचेवाल की लेटर में लिखी 4 अहम बातें… 3 गांव में, 3 गनमैन सीचेवाल के साथ रहतेसंत सीचेवाल को पंजाब पुलिस की तरफ से 6 पुलिसकर्मियों की सिक्योरिटी दी गई है। इनमें से 3 जवान उनके गांव सीचेवाल स्थित घर पर तैनात रहते हैं। इसके अलावा 3 जवान उनके साथ मूवमेंट करते हैं। सीचेवाल के इस लेटर से साफ है कि वह किसी बात से पुलिस या फिर AAP सरकार से नाराज हैं। उनके लेटर से माना जा रहा है कि सांसद होने के बावजूद इलाके में पुलिस के स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही। संत सीचेवाल की चिट्ठी पढ़ें…
धनबाद में पति को पीट-पीट कर मार डाला, शराब पीने के कारण हुआ था विवाद
झारखंड के धनबाद जिले में घरेलू विवाद के दौरान एक महिला ने अपने पति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना मुनीडीह ओपी क्षेत्र के गोपीनाथडीह बाउरी टोला में सोमवार देर रात हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फाजिल्का में सिटी थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर डाकघर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, फाजिल्का के सीमावर्ती गांव वल्लेशाह हिठाड़ निवासी पोहला सिंह पुत्र फुम्मन सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि काशीराम कॉलोनी, फाजिल्का निवासी सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखजिंदर सिंह सहोता पुत्र मंगल सिंह ने उन्हें डाकघर में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 30 हजार रुपए की ठगी की। सुखजिंदर सिंह सहोता के खिलाफ मामला दर्ज शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखजिंदर सिंह सहोता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा निवासी सुनील राठौर शहीद जसवंत सिंह खालड़ा को श्रद्धांजलि देने और उनके मानवाधिकारों के लिए किए गए संघर्ष से लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से पैदल यात्रा करते हुए जंडियाला गुरु पहुंचे। उनकी इस पहल का लोगों और समाजसेवियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सुनील राठौर ने अपनी यात्रा 12 जुलाई को हरियाणा से शुरू की थी। पूरी यात्रा के दौरान वह अपने कंधों पर एक विशेष बोर्ड लेकर चल रहे हैं, जिस पर शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष और हजारों लापता लोगों के मामलों को उजागर करने की जानकारी प्रदर्शित की गई है। उनका कहना है कि इस यात्रा का मकसद लोगों, खासकर युवाओं को खालड़ा के जीवन, उनकी कुर्बानी और मानवाधिकारों के लिए किए गए संघर्ष से परिचित कराना है। पत्रकारों से बातचीत में सुनील राठौर ने बताया कि वह पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज से प्रेरित हुए। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। इसी अध्ययन ने उन्हें यह पदयात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया। गोल्डन टेंपल में माथा टेकेंगे सुनील राठौर ने बताया कि वह सबसे पहले गोल्डन टेंपल में माथा टेकेंगे। इसके बाद वह शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के पैतृक गांव पहुंचकर अपनी पदयात्रा का समापन करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीद जसवंत खालड़ा की कुर्बानी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के पैतृक गांव में खत्म होगी यात्रा फिलहाल, हरियाणा से शुरू हुई यह पदयात्रा अमृतसर पहुंच चुकी है। अब इसका अंतिम पड़ाव शहीद जसवंत सिंह खालड़ा का पैतृक गांव होगा, जहां सुनील राठौर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ अपनी पदयात्रा का विधिवत समापन करेंगे।
धार ब्लॉक की ग्राम पंचायत घाड़ बगड़ोली के निवासियों ने 27 जुलाई को पेयजल आपूर्ति ठप होने के विरोध में जन सेहत एवं स्वच्छता विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय नेता चुनाव के समय आते हैं और वादे करके चले जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता। पृथ्वी पाल सिंह, सुकनिया देवी, मुलख राज, संतोष कुमारी, सपना, मालती, राधा देवी, तिलक, माखन, रमेश, कुलदीप राज, बुद्धि राज, मधु बाला, वीणा देवी और सुषमा देवी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से पीने का पानी नहीं मिल रहा है। इससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेट, जाम लगाकर करेंगे विरोध प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार तक पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आसपास के गांवों के लोगों के साथ मिलकर दुनेरा में पठानकोट-डलहौजी-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 154ए पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। इस मामले पर जन सेहत एवं स्वच्छता विभाग के क्षेत्रीय जूनियर इंजीनियर गणेश कुमार से उनके मोबाइल फोन पर बात की गई। उन्होंने बताया कि बख्तपुर में वॉटर सप्लाई के ट्रांसफॉर्मर के खंभे उखड़ गए हैं, जिन्हें ठीक करवाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार से लोगों को पानी की आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी।
पटियाला के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर लाखों रुपये लिए, लेकिन मरीज की जान नहीं बचा सका। मृतका 41 वर्षीय हरप्रीत कौर गांव जाफरपुर की निवासी थीं। उनके पति मलकीत सिंह ने पुलिस को बताया कि हरप्रीत के गले में रसौली की समस्या थी। उन्होंने एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया, जहां पहले एक सप्ताह की दवा दी गई और बाद में ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया गया।परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान हरप्रीत कौर की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोप डॉक्टर की लापरवाही के कारण पत्नी की मौत अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई है। उनका कहना है कि ऑपरेशन से पहले डॉक्टर ने सर्जरी को सामान्य बताते हुए कुछ ही मिनटों में सफलतापूर्वक पूरा होने और मरीज के जल्द स्वस्थ होने का भरोसा दिया था, लेकिन ऑपरेशन के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति या अस्पताल दोषी पाया गया तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड : 'ऑपरेशन नवजीवन' के तहत छह इनामी नक्सली कमांडरों समेत 16 माओवादियों ने डाले हथियार
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसियों के 'ऑपरेशन नवजीवन' के तहत 39 लाख रुपये के इनामी छह शीर्ष माओवादी कमांडरों समेत कुल 16 नक्सलियों ने रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक
पप्पू यादव का बिहार सरकार पर हमला, बोले- पहले बच्चों से माफी मांगें
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और उनके परिवारों के साथ पुलिस ने जिस तरह की कार्रवाई की,
पश्चिम बंगाल सरकार सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू करेगा, जिसके तहत हर सप्ताह सरकारी अस्पतालों में मौजूद दवाओं के स्टॉक की अनिवार्य समीक्षा की जाएगी।
कपूरथला पुलिस ने पॉश इलाके सन्नी साइड में घर में काम कर रहे पेंटर द्वारा बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर लूट के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस पेंटर और उसकी पत्नी को जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूटे गए सोने और जेवर में से 17 तोला सोना पुलिस ने बरामद कर लिया है। बताया गया कि आरोपी पेंटर रणजीत सिह पहले से उनका परिचित था और कई बार काम करने से भरोसे मंद था। इसकी का भरोसा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस गिरफ्तार पेंटर रणजीत सिंह और उसकी पत्नी हरजिंदर कौर को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान बाकी माल की बरामदी की जाएगी। 20 दिन से घर में काम कर जीता था भरोसा एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि पीड़ित पवन कुमार सन्नी साइड मॉल रोड के निवासी हैं। आरोपी रणजीत सिंह पिछले लगभग 20 दिनों से उनके घर में पेंटिंग का काम कर रहा था। वह पहले भी कई बार उनके घर में काम कर चुका था, जिससे परिवार का उस पर पूरा भरोसा था। रॉड मार कर किया घायल, रिवॉल्वर से गोली मारने की दी धमकी पुलिस के मुताबिक, 8 जुलाई की दोपहर करीब तीन बजे रणजीत सिंह लोहे की रॉड लेकर उस कमरे में घुसा। उस समय पवन कुमार और उनकी पत्नी मौजूद थे। उसने दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और पवन कुमार पर रॉड से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। जब उनकी पत्नी ने विरोध किया तो आरोपी ने अपने बैग से रिवॉल्वर निकालकर गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने दंपति को एक कमरे में बंद कर दिया और पूरे घर में लूटपाट की। शाम करीब आठ बजे जब पवन कुमार का बेटा रोहित और पोता घर पहुंचे, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलकर दंपति को बाहर निकाला। घर की अलमारी टूटी हुई थी और सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने माता पिता को छुड़ाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और केस दर्ज कर आरोपी तलाश में जुट गई। बेटे के वायस मैसेज भेज दी धमकी शिकायत के अनुसार, आरोपी लगभग 35 तोले सोने के गहने, जिनमें सोने और डायमंड के कंगन, चूड़ियां, अंगूठियां, ज्वेलरी सेट, चांदी की पायलें और घड़ियां शामिल थीं, लूटकर ले गया था। इसके अलावा, 2.50 लाख रुपये नकद और आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, एटीएम कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चोरी हुए थे। आरोपी ने पीड़ित के बेटे को वॉयस मैसेज भेजकर धमकियां भी दी थीं।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में प्रशासन ने सर्च अभियान के दौरान आतंकी अर्श डल्ला गैंग से जुड़े गैंगस्टर नवजोत सिंह समेत चार हवालातियों से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में जेल प्रशासन ने पुलिस को शिकायत भेजी, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत दो केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस को भेजी गई पहली शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर समय-समय पर विभिन्न बैरकों में तलाशी अभियान चलाया जाता है। इसी अभियान के तहत जेल के ब्लॉक-बी की बैरक नंबर-6 की तलाशी ली गई। न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में बंद तलाशी के दौरान वहां बंद हाई-रिस्क हवालाती बरनाला निवासी नवजोत सिंह के कब्जे से एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया। नवजोत सिंह पर आतंकी अर्श डल्ला गैंग से जुड़े होने के आरोप हैं। वह गांव हरीनौ के गुरप्रीत सिंह हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद इन दिनों न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में बंद है। तीन हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद एक अन्य शिकायत में सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जेल कर्मचारियों ने अलग-अलग बैरकों में तलाशी अभियान के दौरान तीन हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें लुधियाना निवासी रमनदीप सिंह उर्फ मंगू, मोगा निवासी भूपिंदर सिंह उर्फ सोनू और मोगा निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ किन्दा शामिल हैं। मामले की आगे की जांच शुरू कर दी इन तीनों के कब्जे से कुल तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। दोनों शिकायतों के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने जेल एक्ट के तहत चारों हवालातियों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी- जांच अधिकारी जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान बरामद मोबाइल फोन के स्रोत और जेल के अंदर इनके पहुंचने के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
गुरदासपुर में कादियां विधानसभा क्षेत्र के इंचार्ज गुरइकबाल सिंह माहल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा की हाई कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आयोजित की गई। इस दौरान माहल ने दावा किया कि सच्चाई की जीत हुई है। माहल ने कादियां नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि 16 तारीख को हुए ये चुनाव पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुए थे। कुल 9 सदस्यों में से 8 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें कुलविंदर कौर को नगर परिषद अध्यक्ष और नीता को उपाध्यक्ष चुना गया। विपक्ष ने बेबुनियाद आरोप लगाया उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी ढंग से पूरी हुई थी। माहल ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष ने बेबुनियाद आरोप लगाकर और चुनाव को विवादित बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। यह मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी साबित नहीं हो सकी। माहल के अनुसार, कोर्ट की कार्रवाई के दौरान विपक्ष के कई आरोपों पर भी चर्चा हुई, लेकिन वे अपने दावों को साबित करने में विफल रहे। अंततः विपक्ष ने अपनी याचिका वापस ले ली। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुरइकबाल सिंह माहल ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने हाई कोर्ट में दायर याचिका से जुड़े दस्तावेजों और हलफनामों को लेकर गंभीर टिप्पणियां की थीं। माहल ने कहा कि आगे की कार्रवाई होने से पहले ही बाजवा के वकील ने याचिका वापस ले ली। माहल ने ऐलान किया कि वह आने वाले दिनों में प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनके और उनके परिवार के खिलाफ की गई टिप्पणियों और आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसलिए, वह आवश्यक दस्तावेज इकट्ठा करके उचित अदालत में मानहानि का दावा करेंगे।
जालंधर में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सूर्या एन्क्लेव फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई। हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद मौके पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। हालांकि दुर्घटना के कारण फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। काफी देर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रही कार से जा टकराया। टक्कर के बाद फ्लाइ ओवर पर जाम लग गया। हादसा होते ही स्थानीय लोग और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। हादसे के बाद लगा लंबा जाम दुर्घटना के बाद फ्लाईओवर का एक हिस्सा पूरी तरह बंद हो गया। दोपहर के व्यस्त समय में हुए इस हादसे के कारण फ्लाईओवर और इससे जुड़े मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तेज गर्मी के बीच वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने वाहनों को साइड कराया पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रक और कार को सड़क से हटाकर किनारे करवा दिया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।
संगरूर में जनरल कैटेगरी की बैठक:पंजाब सरकार से जनरल वर्ग आयोग के अध्यक्ष जल्द नियुक्त करने की अपील
आज संगरूर में जनरल कैटेगरी के विभिन्न संगठनों ने एक बैठक की। इस बैठक में पंजाब सरकार से जनरल कैटेगरी कमीशन के अध्यक्ष की तत्काल नियुक्ति की मांग की गई। संगठनों का कहना है कि उन्हें अपनी समस्याओं को लेकर किसी अधिकारी के पास जाने में परेशानी होती है। एक अध्यक्ष की नियुक्ति से उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी बात सुनी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से मंत्रियों से मिल चुके हैं और अपनी मांग पत्र भी सौंप चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जनरल कैटेगरी के प्रतिनिधी बोले- कांग्रेस सरकार ने एक अध्यक्ष नियुक्त किया था जनरल कैटेगरी के प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने उनके वर्ग के लिए एक अध्यक्ष नियुक्त किया था। हालांकि, उस अध्यक्ष ने चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आने के बाद से, संगठन लगातार मंत्रियों और मुख्यमंत्री को अपनी मांग से अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।
फाजिल्का में बिजली विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि जिले में 40 हजार से अधिक उपभोक्ता डिफॉल्टर हो चुके हैं। इन उपभोक्ताओं पर विभाग का 40 करोड़ रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। बकाएदारों में कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं। बिजली विभाग डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर रहा है। इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं होने पर विभाग ने बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। 40,185 उपभोक्ताओं डिफॉल्टर घोषित फाजिल्का में बिजली विभाग ने कुल 40,185 उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित किया है। इनमें 474 सरकारी विभाग, जबकि 39,711 शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता शामिल हैं। इन सभी पर विभाग का कुल 41.88 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। सरकारी स्कूल और डिस्पेंसरी समेत कई विभाग शामिल बकाया राशि में करीब 18.27 करोड़ रुपए सरकारी विभागों पर, जबकि 23.61 करोड़ रुपए शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। सरकारी डिफॉल्टरों में जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, अस्पताल, सरकारी स्कूल, डिस्पेंसरी समेत कई विभाग शामिल हैं। उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करने शुरू बिजली विभाग ने 50 हजार रुपए से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। वहीं, एक लाख रुपए से अधिक बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अब तक करीब 150 कनेक्शन काटे जा चुके हैं। विभाग ने सभी बकाएदारों से जल्द से जल्द बिजली बिल जमा कराने की अपील की है।
मोगा पुलिस ने सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत होने के मामले में अज्ञात फॉर्च्यूनर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता हरप्रीत सिंह, पुत्र सुखमंदर सिंह निवासी पत्ती मोहरी गांव मीनियां ने पुलिस को बताया कि उनके पिता सुखमंदर सिंह पिछले करीब 15 वर्षों से बधनी कलां स्थित एक सैनिटरी की दुकान पर काम करते थे। 23 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे वह रोजाना की तरह काम खत्म कर अपनी बजाज CT-100 मोटरसाइकिल (नंबर PB-66-4266) पर सवार होकर घर लौट रहे थे। फॉर्च्यूनर कार गलत दिशा में आ गई जब सुखमंदर सिंह गांव लोपो के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही सफेद रंग की एक फॉर्च्यूनर कार गलत दिशा में आ गई और उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में सुखमंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल स्थानीय स्तर पर इलाज दिलाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बाद में डीएमसी अस्पताल, लुधियाना में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। फॉर्च्यूनर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज थाना बधनी कलां पुलिस ने हरप्रीत सिंह की शिकायत पर अज्ञात फॉर्च्यूनर ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार चालक की पहचान में जुटी है। मामले की आगे की जांच एएसआई कमलजीत सिंह कर रहे हैं।
उत्तराखंड में बारिश, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट : स्कूल बंद, चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
देहरादून, 28 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में मंगलवार सुबह PhD स्कॉलर युवती की करंट लगने से मौत हो गई। वह गर्ल्स हॉस्टल से अपने विभाग में पढ़ाई के लिए जा रही थी। इसी दौरान वह अचानक कच्चे रास्ते पर नीचे गिर पड़ी। यह देखकर स्टूडेंट उसे उठाने के लिए दौड़े। जब तक वह युवती को अस्पताल ले गए, उसकी मौत हो चुकी थी। मरने वाली युवती हरियाणा की रहने वाली थी। वह गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शुरूआती जांच में इसे करंट लगने से मौत माना जा रहा है। हालांकि अभी जांच की जा रही है। वहीं छात्रा के परिवार को सूचित कर दिया गया है। उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर एक स्टूडेंट ने कहा- नार्थ कैंपस व साउथ कैंपस के बाहर पानी खड़ा हो जाता है। इसी एरिया में गर्ल्स हास्टल हैं। वहां पर इलेक्ट्रिक पोल से शॉट हो गया। इस वजह से करंट आ गया। जैसे ही ज्योति वहां से गुजरने लगी तो उसे करंट लग गया। वहीं इस घटना से गुस्साए स्टूडेंट ने PU के वाइस चांसलर के घर का घेराव कर दिया है। स्टूडेंट्स गेट फांदकर अंदर घुसे। माहौल तनावपूर्ण देखते हुए यहां चंडीगढ़ पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं। कच्चे रास्ते पर अचानक गिर पड़ी छात्रा यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, रेवाड़ी की ज्योति (28) पंजाब यूनिवर्सिटी में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की PhD स्कॉलर थी। मंगलवार सुबह वह गर्ल्स हॉस्टल-10 से माइक्रोबायोलॉजी विभाग जा रही थीं। इस दौरान गर्ल्स हॉस्टल-8 और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UIET) को जोड़ने वाली सड़क के किनारे बने कच्चे रास्ते से गुजरते समय अचानक नीचे गिर पड़ी। स्टूडेंट मौके पर पहुंचे तो करंट लगने का पता चला इसके बाद दूसरे स्टूडेंट उसकी मदद के लिए तुरंत वहां पहुंचे। तब पता चला कि ज्योति को करंट लगा है। स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों की मदद से ज्योति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसका पता चलने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यूनिवर्सिटी कैंपस में धरना लगा दिया। छात्रों के धरना-प्रदर्शन के PHOTOS… कहां से आया करंट, जांच की जा रही फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ज्योति को करंट किस चीज से लगा। ये करंट किसमें आया था। चंडीगढ़ पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन मौके की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि करंट बिजली के खंभे, स्ट्रीट लाइट, खुले तार या किसी अन्य जगह से फैला या कहीं और से। इसके अलावा बिजली सप्लाई में भी लापरवाही की जांच की जा रही है। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद छात्रों ने कैंपस की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खासकर बारिश के मौसम में बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइटों और खुले तारों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें। छात्रों ने पूरे कैंपस का सुरक्षा ऑडिट कराने और जहां भी खतरा हो, वहां तत्काल सुधार की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।
उत्तराखंड: ऑरेंज अलर्ट के बीच रुद्रप्रयाग में थमी बारिश, केदारनाथ धाम में श्रद्धालु कर रहे दर्शन
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच रातभर बारिश होती रही। फिलहाल सुबह के समय बारिश थम गई है। केदारनाथ धाम में भी मौसम सामान्य बना हुआ है और श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।
पठानकोट में बारिश के कारण धार ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गांव बलेवा में डंगा (रिटेनिंग वॉल) टूट गया। डंगा गिरने से आसपास स्थित मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे स्थानीय परिवारों में हादसे का डर बना हुआ है। घटना को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष जताया है। अशोक कुमार और कल्पना देवी ने आरोप लगाया कि पंचायत ने इस डंगे का निर्माण करीब 1-2 वर्ष पहले ही करवाया था, लेकिन पहली-दूसरी बारिश का दबाव भी यह नहीं झेल सका और ढह गया। डंगा धंसने से उनके घरों की नींव और दीवारों में खतरनाक दरारें आ गई हैं। इस संबंध में ग्रामीण कई बार गांव की सरपंच और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो मौके का मुआयना किया गया है और न ही डंगे की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। पुराने डंगे की रिपेयर की कई बार की शिकायत मामले को लेकर गांव बलेवा की सरपंच काजल के पति विजय कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि यह डंगा काफी समय पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। पंचायत की ओर से इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए बीडीपीओ कार्यालय, धार को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वार्ड नंबर-3 के इस डंगे का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने के लिए एक बार फिर उच्च अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर बातचीत की जाएगी। प्रदर्शन और रोष जताने के दौरान पीड़ित परिवार के साथ गांव के अशोक कुमार, कल्पना देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, पूजा, सत्या देवी, तृप्ता देवी, मीनाक्षी, रजत और बिधी चंद सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत और मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी बारिश से पहले डंगे की तुरंत मरम्मत नहीं करवाई गई और किसी का घर गिरता है या कोई जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायत और स्थानीय प्रशासन की होगी।
दूसरे दौर की बातचीत के बाद CJP ने स्पष्ट कहा था कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। संगठन ने यह भी कहा था कि यदि सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
अवतार सिंह तारी ने म्युनिसिपल काउंसिल भवानीगढ़ के प्रेसिडेंट का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने संगरूर विधानसभा क्षेत्र की विधायक नरिंदर कौर की मौजूदगी में आयोजित एक सादे समारोह के दौरान यह जिम्मेदारी ग्रहण की। इसी अवसर पर करमजीत कौर ने भी वाइस प्रेसिडेंट का पदभार संभाला। पदभार संभालने के बाद अवतार सिंह तारी ने कहा कि भवानीगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से काम किया जाएगा। उन्होंने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया। विधायक नरिंदर कौर ने अवतार सिंह तारी को नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी। विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे विधायक ने विश्वास जताया कि तारी नगर काउंसिल की टीम और सभी पार्षदों के सहयोग से भवानीगढ़ के विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार शहरों और कस्बों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था, पेयजल, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं में लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। प्रोजेक्टों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा उन्होंने कहा कि भवानीगढ़ शहर के विकास से जुड़े सभी आवश्यक प्रोजेक्टों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। लोगों की समस्याओं का समाधान पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। विधायक ने सभी पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसेवा के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपील भी की।
पंजाब में विधिक सहायता बचाव वकील (LADC) योजना के विरोध में जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल जारी है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि यदि योजना को लेकर कोई उचित शिकायत है तो उस पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अदालतों का कामकाज ठप कर अपनी मांगें मनवाने का तरीका किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पिछले 27 दिनों से पंजाब की जिला अदालतों का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। इसके कारण आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। अदालत ने टिप्पणी की कि कुछ वकील अदालतों का काम रोककर न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अदालत ऐसे किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगी। हड़ताल से न्याय व्यवस्था ठप: याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरविंद सेठ ने हाईकोर्ट को बताया कि वकीलों के काम से विरत रहने के कारण पंजाब के जिला न्यायालयों में न्यायिक कार्य लगभग ठप हो गया है। इससे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि एलएडीसी योजना के लागू होने में कोई वास्तविक समस्या है तो उसका समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है। हालांकि, अदालतों का कामकाज बंद कराकर अपनी मांगें मनवाना उचित तरीका नहीं है। 4 प्वाइंट्स में पढ़ें क्या है एलडीसी योजना:- बार एसोसिएशनों का विरोध पंजाब के कई बार संघों का कहना है कि एलएडीसी योजना लागू होने के बाद पैनल वकील प्रणाली के तहत काम करने वाले अधिवक्ताओं के रोजगार और अवसर प्रभावित हुए हैं। इसके विरोध में कई बार संघों ने प्रस्ताव पारित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिसके चलते पिछले 27 दिनों से जिला अदालतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
दमदमी टकसाल जत्था राजपुरा के प्रमुख और पटियाला हिंसा मामले में नामजद बरजिंदर सिंह परवाना का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में परवाना ने खुद को पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अज्ञात स्थान पर होने की बात कही है। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में परवाना ने कहा कि उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। उसने सोशल मीडिया पर कुछ सीसीटीवी फुटेज भी साझा की हैं, जिनमें हथियारबंद पुलिसकर्मी उसके घर के आसपास घूमते नजर आ रहे हैं। परवाना ने आरोप लगाया कि सरकार उसे निशाना बनाना चाहती है, लेकिन वह इससे डरने वाला नहीं है। भाई अमृतपाल सिंह पंजाब का मुख्यमंत्री बनेगा परवाना ने कहा कि भाई अमृतपाल सिंह पंजाब का मुख्यमंत्री बनेगा। उसने यह भी कहा कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी वीडियो हो सकता है। परवाना ने दावा किया कि अगर अगले दो दिन तक उसका कोई वीडियो सामने नहीं आता तो इसे उसके एनकाउंटर के तौर पर समझा जाए। अब पढे़ं VIDEO में परवाना ने क्या कहा:- क्यों सुर्खियों में है बरजिंदर परवाना:
पीएम मोदी ने शेयर किया सुभाषित, लिखा- प्रकृति के संरक्षण और सम्मान में ही मानवता का कल्याण निहित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर पीएम ने मानव कल्याण के लिए कुदरत के संरक्षण पर जोर दिया।
तमिलनाडु में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की संभावना, आईएमडी ने जारी किया पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताह के अंत तक नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी जिलों में तेज बारिश होने की आशंका है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि CJP के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य छात्र एक होटल में इकट्ठा होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मना रहे थे। वीडियो पर अंग्रेजी में Resignation Party लिखा दिखाई देता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान देश के सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में 5वें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 1.97 करोड़ रुपए है। पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संपत्ति 5.80 करोड़ रुपए है, जो मान से करीब 3 गुना अधिक है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 7.81 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ इन दोनों से आगे हैं। यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्रियों की ओर से चुनावी शपथ पत्रों में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें देश के 31 मुख्यमंत्रियों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कनार्टक के सीएम डीके शिवकुमार देश में सबसे अमीर ज्यादा संपत्ति वाले सीएम है। उनकी कुल संपत्ति1,413 करोड़ करोड़ रुपए है। जबकि, सबसे कम संपत्ति जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला की है। उन्होंने 55 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्षिक आय में मान दोनों पड़ोसी राज्यों के CM से आगे ADR रिपोर्ट के अनुसार, भगवंत मान अपने पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कम संपत्ति रखते हैं, लेकिन उनकी सालाना कमाई दोनों मुख्यमंत्रियों से ज्यादा है। उन्होंने अपने पेशे में केवल राजनीति का उल्लेख किया है। इससे उनकी वार्षिक आय 18.34 लाख रुपए है। जबकि, हिमाचल के CM सुक्खू ने खुद को पेंशनभोगी और ठेकेदार बताया है। उनकी वार्षिक आय 17.22 लाख रुपए है। वहीं, हरियाणा के CM नायब सैनी ने विधायक, मुख्यमंत्री और स्टोन क्रशर मालिक के रूप में 13.45 लाख रुपए की वार्षिक आय घोषित की है। कर्ज के मामले में हरियाणा के CM सबसे आगे तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक कर्ज हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी पर है। उन्होंने 74.82 लाख रुपए का कर्ज घोषित किया है। वहीं, पंजाब के CM भगवंत मान पर 30.35 लाख रुपए और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर 22.42 लाख रुपए का कर्ज है। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सैनी का क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं CM नायब सैनी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वह देश के 17 ऐसे मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक हैं। इनमें एक गंभीर IPC धाराओं से जुड़ा मामला भी शामिल है। उन पर गैरकानूनी सभा, सरकारी आदेश की अवहेलना और लोगों की जान को खतरे में डालने जैसे आरोप हैं। पंजाब CM भगवंत मान के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है। इसमें एक गंभीर IPC धारा भी शामिल है। उन पर सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और दंगे से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… 2024-25 में 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कमाई 52% घटी:21 दलों ने कमाई से ज्यादा खर्च किया, ADR की रिपोर्ट 2024-25 में 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कुल आय में 51.57% की गिरावट दर्ज हुई है। इन दलों की कुल आय 1,192.94 करोड़ रुपए रही, जबकि 2023-24 में यह 2,463.17 करोड़ रुपए थी। यानी एक साल में 1,270.23 करोड़ रुपए की कमी आई। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना के सिविल लाइंस में रहने वाली महिला उद्यमी और कांग्रेस पार्षद दीपिका भल्ला के साथ 14 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शातिर ठगों ने खुद को गारमेंट्स का बड़ा सेल्समैन बताकर लाखों का रेडीमेड गारमेंट्स का माल उधार लिया और बाद में भुगतान किए बिना फरार हो गए। दीपिका भल्ला के साथ हुई ठगी का मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार झा बताया जा रहा है। ठगी में उसका ससुर संजय झा भी शामिल था, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। दीपिका भल्ला की शिकायत पर थाना हैबोवाल में आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दीपिका भल्ला ‘L.P.S. Approval’ रेडीमेड गारमेंट्स कंपनी की मालिक हैं। वह कांग्रेस नेता व पूर्व पार्षद गगनदीप सिंह उर्फ सन्नी भल्ला की पत्नी हैं। दीपिका भल्ला से ठगी की पूरी कहानी सिलसिलेवार जानिए... BNS की धाराओं में FIR दर्ज मामले की जांच एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ऑपरेशन्स) रमनदीप सिंह (PPS) ने की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर थाना हैबोवाल में इंस्पेक्टर कुलवंत कौर ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।
मुजफ्फरनगर में कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को आखिरकार झमाझम बारिश से बड़ी राहत मिली। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला पूरी रात रुक-रुककर चलता रहा, जबकि मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेते हुए मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई तेज बारिश से शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ और चारों ओर पानी भर गया। सोमवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। वहीं मंगलवार को अल सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में तेज बारिश में बदल गई। बारिश के साथ कई स्थानों पर बिजली भी कड़की, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया और लंबे समय से बनी उमस खत्म हो गई। स्कूल और ऑफिस जाने वालों को दिक्कत बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन सुबह स्कूल, कार्यालय और अन्य कामों के लिए घर से निकले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने छाता और रेनकोट का सहारा लिया, जबकि शहर के कई हिस्सों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई लोग बारिश थमने तक दुकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुके रहे। तापमान में तीन डिग्री की गिरावट लगातार बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला। सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को घटकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हवा की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 11 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार दर्ज किया गया और यह घटकर 98 पर पहुंच गया। अगले कुछ घंटों तक बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार आसमान में अभी भी घने बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में बिजली की कड़क के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ घंटों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी बनी रह सकती है।
रोहतक में रेप केस में 6 साल से सजा काट रहे 7 आरोपियों को सबूतों के अभाव में एडिशनल सेशन जज की कोर्ट ने बरी कर दिया। केस की मजबूत पैरवी करते हुए एडवोकेट अभिषेक चौधरी ने कोर्ट में सातों आरोपियों को निर्दोष साबित कर दिया, जिसके बाद उन्हें आरोप मुक्त किया गया है। एडवोकेट अभिषेक चौधरी ने बताया कि सांपला थाने में 1 अक्टूबर 2020 को एक छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ था, जिसमें 24 घंटे के अंतराल में ही रात को जाकर शिकायतकर्ता ने छेड़छाड़ की जगह रेप का आरोप लगाते हुए केस में बदलाव करवा दिया। इस मामले में पुलिस ने दो भाई बलराम व बलराज सहित 7 लोगों को रेप व पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया। बलराम का शिकायतकर्ता के बेटे से था झगड़ा एडवोकेट अभिषेक चौधरी बताया कि आरोपी बलराम का शिकायतकर्ता के बेटे से किसी बात को लेकर झगड़ा था। इसी रंजिश के चलते शिकायतकर्ता ने अपनी नाबालिग बेटी से पहले छेड़छाड़ का केस दर्ज करवाया, फिर उसमें बदलाव करते हुए रेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवा दिया। 6 साल से निर्दोष होते हुए भी काटी सजा एडवोकेट अभिषेक चौधरी ने बताया कि बलराम व बलराज सहित सातों लोगों ने निर्दोष होते हुए भी 6 साल तक सजा काटी। उन्हें निचली अदालत व हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली। अब सातों युवकों पर लगे आरोप गलत साबित हुए है, जिसके बाद उन्हें बरी किया गया है। मेडिकल व इलेक्ट्रानिक सबूतों को गलत तरीके से किया पेशएडवोकेट अभिषेक चौधरी ने बताया कि शिकायतकर्ता की तरफ से इलेक्ट्रानिक सबूतों को गलत तरीके से पेश किया गया। अगर लड़की पीड़ित थी तो उसका मेडिकल भी लेट क्यों करवाया गया। उसमें भी खामियां मिली। शिकायतकर्ता की तरफ से पहले भी कई लोगों के खिलाफ झूठी शिकायत देना पाया गया है। 26 गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट से हुए बरीएडवोकेट अभिषेक चौधरी ने बताया कि केस में 32 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 26 गवाहों ने गवाही दी है। सबूतों में देरी होती रही, जिसके कारण केस 6 साल तक कोर्ट में चला। अब सबूतों के अभाव में कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है।
बिलासपुर में सोमवार रात नेशनल हाईवे पर एयरफोर्स के एक जवान की कार सड़क पर बैठे गौवंशीय पशुओं से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार से टकराए तीन गौवंशीय पशुओं की मौत हो गई और कार सवार जवान व उनकी पत्नी घायल हो गए। कार में सवार उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। उत्तराखंड के भवाली निवासी 37 वर्षीय अतुल शर्मा एयरफोर्स में जवान हैं। बीती रात करीब नौ बजे वह अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से दिल्ली से भवाली जा रहे थे। कार में उनकी पत्नी उषा शर्मा (35), पुत्री अदिति (9) व पुत्र कुशाग्र (5) भी सवार थे। नैनीताल रोड पर जीरो प्वाइंट से आगे काले रंग के तीन गौवंशीय पशु सड़क पर बैठे थे। रात के अंधेरे में अचानक दिखाई न देने के कारण उनकी कार इन पशुओं से टकरा गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार से टकराए तीनों गौवंशीय पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त भी हो गई। मौके पर जमा हुए लोगों ने कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही कोतवाल जीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कार सवार चारों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। इस दुर्घटना में जवान अतुल शर्मा और उनकी पत्नी को चोटें लगी थीं, जबकि उनके दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए थे। पुलिस के अनुसार, कार के एयरबैग खुल जाने के कारण उसमें सवार लोग बड़े हादसे से बच गए। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि क्रेन मंगवाकर तीनों गौवंशीय पशुओं का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। दुर्घटनाग्रस्त कार को रोड से हटाकर यातायात भी सुचारू कर दिया गया है। सरकारी अस्पताल में उपचार के बाद जवान व उनके परिजन अपने गंतव्य की ओर चले गए हैं।
बड़वानी विधानसभा क्षेत्र के नर्मदा पट्टी, बोरलाय, सजवानी, रेहगुन और मेणीमाता गांवों में सोमवार रात अचानक बिजली कटौती से हजारों ग्रामीण परेशान रहे। लगातार बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीणों और छात्रावास के विद्यार्थियों ने मेणीमाता में बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। गांव से ग्रिड तक नारेबाजी मेणीमाता में बिजली गुल होने के बाद ग्रामीण और छात्र सड़क पर उतर आए। उन्होंने गांव से ग्रिड तक बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने रात के समय बिजली कटौती बंद कर आपूर्ति नियमित करने की मांग की। अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में इलाज बिजली कटौती का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में डिलीवरी के मामले आने पर डॉक्टरों को टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में इलाज करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। रात में अंधेरा होने से ग्रामीणों को सांप-बिच्छू का खतरा भी सता रहा है। खेतों और घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। 15 दिन से कटौती का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि सीलावद और पलसूद में बिजली आपूर्ति चालू रहती है, जबकि उनके गांवों में बार-बार कटौती की जाती है। भाजपा मेणीमाता मंडल अध्यक्ष योगेश राठौर ने बताया कि पिछले 15 दिनों से रोजाना 4-5 घंटे बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
सावन माह 2026 में श्री काशी विश्वनाथ धाम को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। देशभर से लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन पर्यावरण संरक्षण को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रहा है, जितनी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को। मंदिर प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बाबा विश्वनाथ के धाम में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा और सभी श्रद्धालुओं से इस अभियान में सहयोग की अपील की जा रही है। कांवरियों से अपील-प्लास्टिक के डिब्बे में न भारी जल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में कांवड़िए प्लास्टिक के डिब्बों में गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि वे प्लास्टिक के स्थान पर तांबे, पीतल, स्टील अथवा अन्य पर्यावरण-अनुकूल पात्रों में जल लेकर आएं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त धाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर श्रद्धालु की सहभागिता से ही यह अभियान सफल होगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर कागज़ के गिलास उपलब्ध कराए हैं। यदि कोई श्रद्धालु प्लास्टिक के डिब्बे में जल लेकर पहुंचता है तो वह उसी जल को कागज़ के गिलास में लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्लास्टिक के उपयोग को रोकना और धाम परिसर को स्वच्छ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखना है। इस सावन 70 से 80 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद सावन माह के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस वर्ष 70 से 80 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं को 'श्रद्धा, सेवा, सुरक्षा और सुगम दर्शन' का अनुभव कराने के उद्देश्य से सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और दर्शन व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 333 कैमरे से धाम की होगी निगरानी मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, सीआरपीएफ, पीएसी, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। पूरे धाम क्षेत्र में 333 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी होगी। सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य रहेगी, जबकि पब्लिक एड्रेस सिस्टम और खोया-पाया केंद्र भी लगातार संचालित रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में 19 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मेडिकल सहायता केंद्र, एम्बुलेंस सेवा, जर्मन हैंगर और अस्थायी छाया की व्यवस्था की गई है। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विशिष्ट अतिथियों के लिए निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा मंदिर परिसर और यात्री सुविधा केंद्रों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पूजा-अर्चना का सीधा प्रसारण भी दिखाया जाएगा।
डीग जिले के कई क्षेत्रों में मंगलवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पूरे जिले में मौसम सुहावना हो गया। सुबह की बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। लंबे समय से उमस और तेज गर्मी से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते दिखे। कई स्थानों पर बच्चे बारिश में भीगते नजर आए, वहीं लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। बारिश के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हुई और कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ। फसलों को होगा फायदाइस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी साफ दिखाई दी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक है। जिन किसानों ने बुवाई कर दी है, उनकी फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। वहीं, जिन किसानों ने अभी बुवाई शुरू नहीं की है, उन्हें भी खेत तैयार करने में आसानी होगी। बाजरा, मूंग, उड़द और ज्वार सहित अन्य खरीफ फसलों को इस बारिश से अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, तेज बारिश के कारण जिले के कुछ निचले इलाकों और मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। कई स्थानों पर सड़कें पानी से भर गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की व्यवस्था कमजोर होने वाले क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दमोह जिले में लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार रात कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। हटा, बटियागढ़ और पटेरा में ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली कुछ ही समय मिल रही है। उमस और गर्मी के बीच कटौती से परेशानी बारिश नहीं होने और लगातार उमस के कारण गर्मी बढ़ गई है। ऐसे में बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई घंटे बिजली बंद रहती है, लेकिन कटौती का स्पष्ट कारण नहीं बताया जाता। पटेरा में सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे पटेरा में सोमवार रात सैकड़ों ग्रामीण पावर हाउस पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इसी तरह अजब धाम फतेहपुर में भी ग्रामीण सब-स्टेशन पहुंच गए। फतेहपुर में कुछ ग्रामीण सब-स्टेशन के अंदर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। भीड़ बढ़ने पर कर्मचारी वहां से हट गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर वापस भेजा। इसके कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। मडियादो में टला घेराव हटा ब्लॉक के मडियादो में भी ग्रामीण पावर हाउस का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की असहमति के बाद प्रदर्शन टाल दिया गया। ग्रामीणों ने पहले बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश रुकने और उमस बढ़ने के बीच कई घंटे की बिजली कटौती से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग परेशान हैं। उन्होंने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और अघोषित कटौती रोकने की मांग की है।
झज्जर जिले के चर्चित नीरज हत्याकांड में फरार चल रहे एक आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश (23) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-26 इलाके से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि बरामद पिस्टल का इस्तेमाल वारदात में किया गया हो सकता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि 19 जुलाई को झज्जर के आसौदा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर नीरज और उसके भतीजे मंजीत को समझौता करने के बहाने बुलाया गया था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और फायरिंग हो गई। गोली लगने से नीरज की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मंजीत घायल हो गया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। पांच लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत, एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में पांच लोगों को नामजद किया गया था। मामले की जांच के दौरान झज्जर पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी कड़ी में दिल्ली क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में नितेश को गिरफ्तार किया गया है। झज्जर पुलिस करेगी पूछताछ, हथियार की होगी फोरेंसिक जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। वहीं झज्जर पुलिस भी दिल्ली क्राइम ब्रांच के संपर्क में है। आरोपी को झज्जर पुलिस के हवाले किए जाने के बाद उससे पूछताछ कर हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जाएगा। बरामद पिस्टल और कारतूस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद हथियार का इस्तेमाल नीरज हत्याकांड में हुआ था या नहीं। पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम देने का आरोप डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने बताया कि नीरज हत्याकांड में एक आरोपी को झज्जर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस का प्रयास है कि मामले में शामिल बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए।
रायबरेली में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रायबरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ वारंटियों और गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर सोमवार (27 जुलाई) को विभिन्न थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया। थाना मिलएरिया पुलिस ने अभियान के दौरान हरवेश मौर्य (पूरे ब्राह्मण मजरे बन्दरामऊ), राजबहादुर (तम्बरपुर), अनिल कुमार (दरबापुर मजरे रुस्तमपुर), राम आधार उर्फ कतई (सिधौना), शोभा देवी (दरबापुर मजरे रुस्तमपुर) और रोहित चौहान (पोतराम का पुरवा, पहाड़पुर, थाना महराजगंज) को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ जारी वारंट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेजा गया। कोतवाली नगर और सलोन पुलिस ने भी की गिरफ्तारी थाना कोतवाली नगर पुलिस ने छोटी करौती, जगतपुर निवासी सोनू कुमार को गिरफ्तार किया। वहीं थाना सलोन पुलिस ने सटवा मजरे कहुआ निवासी रामदास पटेल को पकड़कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है। गैंगस्टर एक्ट का वांछित आरोपी भी गिरफ्तार इसी अभियान के तहत थाना जगतपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के वांछित आरोपी सचिन कुमार पुत्र हरीशचन्द्र निवासी शिवगंज, थाना जगतपुर को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध स्थानीय थाने में विभिन्न मामलों में आपराधिक इतिहास दर्ज है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक ऋषिकेश कुमार, आरक्षी देवेंद्र और आरक्षी सौरभ लोहिया शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों और वांछित आरोपियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

