पंजाब चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने ज्वाइन की कांग्रेस
दिल्ली में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसकी मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा कि वह वही दिल्ली चाहती हैं जहां वह पली-बढ़ी हैं और सिर्फ कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है, साथ ही केजरीवाल के वादों पर भी टिप्पणी की।
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समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार के दांव से मचेगी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनावों (Rajya Sabha Elections 2026) को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्य की दस खाली हो रही सीटों के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद से ही लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में जोड़-तोड़ और रणनीतिक बैठकों का दौर तेज हो चुका है। आमतौर पर ऐसा माना जाता रहा है कि विधानसभा में पार्टियों के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए सांसद आसानी से और बिना किसी बड़े संघर्ष के निर्विरोध चुन लिए जाते हैं, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए एक रणनीतिक कदम ने इस पूरे चुनाव को बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला बना दिया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों के पास अपने विधायकों के दम पर बहुमत का आंकड़ा मजबूत है, तो वहीं समाजवादी पार्टी ने भी अपने पत्ते खोलते हुए न केवल अपने वरिष्ठ नेताओं बल्कि रणनीतिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प कर दिया है। उत्तर प्रदेश के इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे में यह देखना सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि क्या इस बार भी चुनाव निर्विरोध संपन्न होगा या फिर तीसरे उम्मीदवार को लेकर मतदान की नौबत आएगी और क्रॉस वोटिंग का खेल देखने को मिलेगा।उत्तर प्रदेश विधानसभा का संख्या गणित और राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरणकिसी भी राज्य से राज्यसभा सांसद के निर्वाचन के लिए जितने विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है, उसका गणित विधानसभा की कुल संख्या और रिक्त सीटों के आधार पर तय किया जाता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होती है। मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के पास अपने विधायकों के बल पर दो सीटों पर आसानी से जीत हासिल करने का पर्याप्त संख्या बल मौजूद है, लेकिन जैसे ही पार्टी ने तीसरी सीट के लिए भी अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारने का दांव चला, वैसे ही सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि यदि संख्या बल पूरी तरह से स्पष्ट है, तो समाजवादी पार्टी का तीसरा उम्मीदवार उतारना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक रणनीति और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को टटोलने का बड़ा मकसद छिपा हुआ है।समाजवादी पार्टी का मास्टरस्ट्रोक और तीसरे उम्मीदवार को लेकर सियासी गलियारों में मंथनसमाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के चयन में सबको चौंकाते हुए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ उद्योग जगत के दिग्गज चेहरों को भी अपनी सूची में जगह दी है। पार्टी के इस कदम से यह साफ हो गया है कि वे बिना मुकाबला किए आसानी से मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं। जब अखिलेश यादव से यह सवाल किया गया कि क्या सपा के पास तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त वोट हैं, तो उन्होंने आत्मविश्वास से भरे अंदाज में कहा कि सही समय आने पर गिनती पूरी कर ली जाएगी और कई लोग जो पहले पार्टी से दूर हो गए थे, वे भी घर वापसी करना चाहते हैं। सपा के इस आक्रामक रुख के बाद से सत्ताधारी दल के खेमे में भी अपनी रणनीति को और अधिक मजबूत करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के पिछले चुनावों का इतिहास यह गवाही देता है कि जब-जब मुकाबला आमने-सामने का हुआ है, तब-तब क्रॉस वोटिंग ने बड़े-बड़े समीकरणों को उलट-पुलट कर रख दिया है।छोटे दलों, निर्दलीय विधायकों और बागी नेताओं की भूमिका बनेगी जीत-हार की चाबीइस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उन छोटे दलों, निर्दलीय विधायकों और विभिन्न दलों के उन असंतुष्ट या बागी विधायकों की रहने वाली है जो किसी भी पाले में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। राज्य में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक जैसे छोटे दलों और कुछ अन्य स्वतंत्र विधायकों के रुख पर सभी की पैनी नजर टिकी हुई है, क्योंकि यदि तीसरे उम्मीदवार को मैदान में डटे रहना है, तो इन अतिरिक्त वोटों का समर्थन हासिल करना अनिवार्य होगा। दोनों ही प्रमुख दल यानी सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी प्रकार की सेंधमारी से बचाने के लिए गुप्त रणनीतियां बना रहे हैं। 16 अक्टूबर को होने वाले संभावित मतदान और उसी दिन आने वाले परिणामों से यह पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा कि यह मुकाबला अंततः किस करवट बैठता है और कौन सी पार्टी बाजी मारने में सफल होती है।उत्तर प्रदेश की राजनीति का भविष्य तय करने वाला एक और बड़ा पड़ावसंक्षेप में कहें तो राज्यसभा चुनाव का यह घमासान केवल कुछ सांसदों के दिल्ली भेजने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा और राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने का एक पूर्वाभ्यास भी माना जा रहा है। जैसे-जैसे नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, सूबे का राजनीतिक तापमान और अधिक तेजी से ऊपर चढ़ेगा। उत्तर प्रदेश के जागरूक नागरिक और राजनीतिक प्रेक्षक इस बात पर टकटकी लगाए बैठे हैं कि क्या इस बार भी चुनाव शांतिपूर्ण और निर्विरोध निपट जाएगा या फिर वोटों की गिनती का यह खेल राज्य की राजनीति में कोई नया भूचाल लेकर आएगा।
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अखिलेश यादव को पोस्टर और होर्डिंग लगाकर मिला अनोखा धर्म संसद का आमंत्रण
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों, पोस्टरों और तीखे राजनीतिक हमलों के दौर के बीच इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को सूबे की राजधानी लखनऊ समेत कई प्रमुख स्थानों पर कुछ अज्ञात या विशेष संगठनों द्वारा लगाए गए बड़े-बड़े पोस्टरों और होर्डिंग्स के जरिए 'धर्म संसद' (Dharam Sansad) में शामिल होने का एक बेहद अनोखा और चर्चित आमंत्रण दिया गया है। इन होर्डिंग्स पर लिखे गए विवादित और गहरे संदेश—'...अब केवल मथुरा ही बाकी है'—ने राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। धार्मिक आयोजनों और राजनीतिक रणनीतियों के बीच इस प्रकार के आमंत्रण पत्रों या पोस्टरों का सार्वजनिक रूप से लगना इस बात का संकेत देता है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मंच पर धार्मिक मुद्दों को लेकर गर्माहट और अधिक बढ़ने वाली है। अखिलेश यादव को दिए गए इस आमंत्रण को लेकर समाजवादी पार्टी के खेमे में भी मंथन शुरू हो चुका है, क्योंकि इस प्रकार के प्रतीकात्मक संदेश अक्सर राजनीतिक नूराकुश्ती का एक बहुत बड़ा हिस्सा माने जाते हैं।लखनऊ से लेकर प्रदेशभर में चर्चा का विषय बने वे विवादित पोस्टर और उनका सियासी मायनेजब सुबह के समय लोगों ने लखनऊ की सड़कों, चौराहों और प्रमुख दीवारों पर लगे इन होर्डिंग्स को देखा, तो उन पर लिखे शब्दों ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इन पोस्टरों में सनातन संस्कृति, धार्मिक आयोजनों और विशेष रूप से अयोध्या तथा काशी के बाद अब मथुरा के धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को बहुत ही आक्रामक और प्रभावी तरीके से उकेरा गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर इस प्रकार के होर्डिंग्स लगाने के पीछे किस संगठन या विचारधारा के लोगों का हाथ है और क्या इसके जरिए विपक्षी दलों को किसी खास मुद्दे पर घेरने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश की सियासत हमेशा से जाति, धर्म और वैचारिक बहसों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, और जब मुख्य विपक्षी दल के नेता को इस तरह का खुला और प्रतीकात्मक आमंत्रण दिया जाता है, तो यह मीडिया की सुर्खियों में छा जाता है। इन पोस्टरों के माध्यम से न केवल राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया गया है, बल्कि आम जनता के बीच भी एक नई बहस को जन्म दे दिया गया है।धर्म संसद के इस अनोखे आमंत्रण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरूअखिलेश यादव को मिले इस अनोखे धर्म संसद के निमंत्रण और उसके साथ जोड़े गए विवादास्पद जुमले पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं और नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो चुकी हैं। सत्ताधारी दल के नेताओं का यह कहना है कि विपक्ष के नेताओं को ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से भागने के बजाय अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जबकि समाजवादी पार्टी के नेताओं का यह आरोप है कि यह विपक्ष को बदनाम करने और जनता का ध्यान असल मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था से भटकाने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। उत्तर प्रदेश के इस चुनावी और राजनीतिक माहौल में जब भी धार्मिक प्रतीकों या स्थलों का जिक्र आता है, तो तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में आगामी राजनीतिक लड़ाइयां केवल विकास के विजन तक सीमित नहीं रहने वाली हैं, बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक मंचों पर भी एक कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।मथुरा के संदर्भ और धार्मिक चर्चाओं के केंद्र में चल रही सूबे की राजनीतिपोस्टर पर लिखे गए वाक्य '...अब केवल मथुरा ही बाकी है' ने सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक परिदृश्य में मथुरा की महकमे को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और काशी के सांस्कृतिक पुनरुद्धार के बाद से ही राजनीतिक और धार्मिक मंचों पर मथुरा का मुद्दा लगातार गरमाता रहा है, और इस प्रकार के पोस्टर उसी लंबी कड़ी का एक हिस्सा प्रतीत होते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, जो अक्सर अपनी सेकुलर और विकासवादी राजनीति के लिए जाने जाते हैं, को इस प्रकार के आयोजनों में आमंत्रित करके एक रणनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम जनता और स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि क्या इस धर्म संसद में अखिलेश यादव कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे या फिर इस पूरे प्रकरण को पूरी तरह से नजरअंदाज करेंगे।उत्तर प्रदेश के भविष्य के राजनीतिक समीकरण और इस अनोखे प्रचार का असरसंक्षेप में कहें तो राजनीति और धर्म का यह अनूठा मेल उत्तर प्रदेश की तहजीब और चुनावी सरगर्मी को लगातार एक नया मोड़ देता रहता है। अखिलेश यादव को पोस्टर-होर्डिंग्स के जरिए मिला यह धर्म संसद का आमंत्रण भले ही एक प्रचार का तरीका हो, लेकिन इसके निहितार्थ बहुत दूरगामी हैं। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्य विपक्षी दल इस प्रकार की रणनीतियों का सामना कैसे करते हैं और राज्य की जनता इन राजनीतिक पैंतरों को किस रूप में लेती है। उत्तर प्रदेश की यह सुगबुगाहट यह स्पष्ट करती है कि यहां का राजनीतिक गलियारा कभी शांत नहीं बैठता और हर दिन एक नई कहानी के साथ जनता के सामने आता है।
अक्टूबर का पहला हफ्ता रहेगा बारिश वाला, केरल से कश्मीर तक IMD का अलर्ट… दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
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हरदोई के कछौना ब्लॉक में नैरा तिराहा NH-731 पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक सड़क हादसा हो गया। कोचिंग जा रहे एक छात्र को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देखिए 2 तस्वीरें- डॉक्टरों ने किया मृत घोषित जानकारी के अनुसार, छात्र सुबह घर से कोचिंग के लिए निकला था। नैरा तिराहा NH-731 पर पहुंचते ही नैरा गांव निवासी शिवांग पुत्र रामचंद्र की कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। छात्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी। कछौना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल मृतक छात्र की पहचान नैरा गांव निवासी शिवांश के रूप में हुई है। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भेज दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने NH-731 पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की है।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पर आज सात घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस ब्लॉक के दौरान ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जा रहा है। इसके चलते करीब 15 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी बदलाव किया गया है। यात्रियों को ट्रेन पकड़ने से पहले स्टेशन पर डिस्प्ले बोर्ड और अनाउंसमेंट के जरिए प्लेटफॉर्म की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। उत्तर रेलवे के अनुसार, लखनऊ पूर्व चेंजिंग यार्ड की उत्तर लाइन में लखनऊ-एलबीएच के बीच डायमंड डबल स्लिप प्वाइंट संख्या 326ए/328 के नवीनीकरण का काम हो रहा है। इसके कारण प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2, 3, एमआर-1 और 9 पर ट्रेन संचालन प्रभावित रहेगा। वहीं दक्षिण समूह की ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर 4 से 8 तक किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 की 7 ट्रेनें बदले प्लेटफॉर्म से चलेंगी प्लेटफॉर्म नंबर-1 से चलने वाली सात ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 7 पर शिफ्ट किया गया है। इनमें अमृतसर-हावड़ा, आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत, यशवंतपुर-गोरखपुर, मेरठ सिटी-वाराणसी, जम्मू तवी-गुवाहाटी, लखनऊ-कानपुर सेंट्रल और हावड़ा-अमृतसर शामिल हैं। इन दो ट्रेनों का भी बदला प्लेटफॉर्म प्लेटफॉर्म नंबर-2 की धनबाद-फिरोजपुर कैंट ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर-5 और जम्मू तवी-कोलकाता टर्मिनल ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर-4 से चलाया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि प्लेटफॉर्म में बदलाव के कारण ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर पहुंचते ही नई जानकारी जरूर चेक करें।
ED के खिलाफ SC-ST केस में CM हेमंत सोरेन को झटका… झारखंड हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना, जानें क्यों हुआ एक्शन
मुज़फ़्फ़रनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार सुबह 11 बजे से जिले में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई। करीब एक घंटा चले इस कार्यक्रम का आयोजन एसडी इंटर कॉलेज में किया गया। इस दौरान जिले के 1504 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ उनके परिजन और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लाइव कार्यक्रम से जोड़ा गया। स्थानीय कार्यक्रम में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी और जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान छात्रवृत्ति वितरण से जुड़े कार्यक्रम की गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। छात्रवृत्ति वितरण का आयोजन अल्पसंख्यक समाज कल्याण विभाग की ओर से किया गया। विभाग की अधिकारी मेत्री रस्तोगी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। विभाग की ओर से छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया के तहत जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और मौजूद जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन को भी देखा। छात्रवृत्ति मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा पर ध्यान देने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की बात कही।
सपा में शामिल हुए डा. संजयन:अखिलेश यादव ने औपचारिक घोषणा की; शिक्षक MLC के प्रत्याशी होंगे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दल पर्चा दाखिल करने वाले डा. संजयन त्रिपाठी शनिवार को सपा में शामिल हो गए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। डा. संजयन ही अब इस सीट से सपा के अधिकृत उम्मीदवार होंगे। इस दौरान पूर्व में घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव, पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी भी उपस्थित रहे। टिकट मिलने के बाद अब संजयन एक बार फिर पर्चा दाखिल करेंगे। डा. संजयन त्रिपाठी पिछले कुछ वर्षों से भाजपा में सक्रिय थे। वह पूरी तरह आश्वस्त थे कि उन्हें भी भाजपा अपना टिकट देगी। लेकिन टिकट वर्तमान एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी को मिला। जिसके बाद निराशन संजयन ने निर्दल चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने गुरुवार को ही पर्चा भी दाखिल कर दिया। पर्चा दाखिल कर बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा उतार दिया। यह वीडियो काफी वारयल हुआ। इसी के बाद से वह सपा के संपर्क में आए और शुक्रवार की सुबह तक उनके सपा ज्वाइन करने की बात पक्की हो गई। पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी उन्हें साथ लेकर लखनऊ पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी हुई। सपा प्रमुख ने पूर्व में घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को भी लखनऊ बुला लिया। उन्हें पहुंचने में देर हुई इसलिए शुक्रवार को पार्टी ज्वाइन करने की घोषणा नहीं हो सकी। शनिवार को औपचारिक ऐलान हो गया। डा. संजयन त्रिपाठी विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। देवरिया जिले के मठलार डिग्री कॉलेज में वह हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष भी हैं। उनके करीबी रिश्तेदार भी स्कूलों की श्रृंखला का संचालन करते हैं। खुद शिक्षक होने और शैक्षणिक संस्थाओं का संचालक होने के नाते उन्हें मजबूत प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। एडेड विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों के शिक्षकों की संख्या अधिक है। ऐसे में डा. संजयन ने निर्दल ही ताल ठोंक दी थी। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले आए थे भाजपा में डा. संजयन त्रिपाठी ने 2022 में भाजपा की सदस्यता ली थी। 2023 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने थे। वह टिकट के दावेदार थे लेकिन अंत समय में टिकट देवेंद्र प्रताप सिंह को मिला। टिकट की घोषणा होने के बाद डा. त्रिपाठी ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले वह दो बार यह चुनाव लड़ चुके थे और दोनों ही बार इसी प्रत्याशी के सामने रनर रहे थे। 2010 में पहली बार डा. त्रिपाठी यह चुनाव लड़े थे। उस समय देवेंद्र प्रताप सिंह सपा के कैंडिडेट थे। उन्होंने दूसरी बाद जीत हासल की थी। डा. संजयन त्रिपाठी दूसे स्थान पर रहे। अगले चुनाव में यानी 2016 में वह फिर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आए और इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने उनका समर्थन किया था। इस बार टिकट नहीं मिला तो हो गए निराशडा. संजयन को आश्वासन था कि उन्हें शिक्षक एमएलसी के लिए टिकट दिया जाएगा। लेकिन इस क्षेत्र से तीन बार शर्मा गुट से एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी को टिकट मिल गया। शर्मा गुट आमतौर पर किसी पार्टी के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ता था लेकिन निजी विद्यालयों के वोटरों की संख्या अधिक होने के बाद शर्मा गुट से तीन बार एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी ने राजनीतिक दल का हाथ थाम लिया। उधर, टिकट न मिलने से डा. संजयन त्रिपाठी निराश हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत कष्ट है। इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत से नामांकन किया है। अब सार्वजनिक रूप से भाजपा का झंडा भी अपनी गाड़ी से उतार दिया। फेसबुक पेज के बायो से भी भाजपा का नाम और तस्वीरें हट चुकी हैं। जानिए कब-कब चुनाव लड़े डा. संजयन त्रिपाठी 2006 में कौड़ीराम विधानसभा सीट पर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव लड़े। उन्हें लगभग 10 हजार वोट मिले और चौथे स्थान पर रहे।2007 कौड़ीराम विधानसभा सीट पर आम चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़े और उन्हें 11 हजार से अधिक वोट मिले। इस चुनाव में भी उनका स्थान चौथा था।2010 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव का चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे2017 गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे।
झारखंड में नक्सलवाद होगा क्लीन स्वीप… बचे हैं सिर्फ ये 6 चेहरे, अब उल्टी गिनती शरू
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उकलाना-भूना सड़क के निर्माण कार्य को लेकर उकलाना विधायक नरेश सेलवाल ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित विभाग तथा निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क पर सड़क निर्माण से संबंधित कोई सूचना बोर्ड, चेतावनी संकेतक अथवा आवश्यक रुकावट संबंधी व्यवस्था नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का काम चलने के बावजूद उसी मार्ग से वाहनों की आवाजाही हो रही है। मॉनिटरिंग करने वाला अधिकारी मौजूद नहीं मिला : सेलवाल मौके पर ठेकेदार, जेई या निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था और केवल मजदूर ही काम करते मिले। सेलवाल ने आरोप लगाया कि ताजा बनाई गई सड़क पर वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क में इस्तेमाल की गई बजरी और अन्य निर्माण सामग्री उखड़ रही है। इससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यदि यातायात को नियंत्रित करने की उचित व्यवस्था नहीं की गई और निर्माण के तुरंत बाद वाहनों की आवाजाही जारी रही तो सड़क की मजबूती पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात विधायक ने संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करवाने तथा निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में जनता के पैसे का इस्तेमाल होता है, इसलिए काम निर्धारित मापदंडों के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
पुराना किला में इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव का आगाज, 4 अक्टूबर तक सजेगी शास्त्रीय नृत्य की महफिल; एंट्री फ्री
रांची की मोनिका को दुबई में नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने का आरोप, पिता ने दर्ज कराई FIR
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झारखंड के 15 शहरों का बदलेगा नक्शा, ड्रोन से होगी मैपिंग; 20-25 साल की जरूरतों के हिसाब से बनेगा मास्टर प्लान
मऊगंज थाना क्षेत्र के पटेहरी गांव में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात घर में सोते समय सांप के काटने से महिला (50) की मौत हो गई। सर्पदंश के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मऊगंज सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए रीवा रेफर कर दिया। दाहिने पैर पर मिले सर्पदंश के निशान पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान सत्यवती कोल (50), पत्नी लल्लू प्रसाद कोल, निवासी पटेहरी के रूप में हुई है। सूचनाकर्ता राघवेन्द्र कोल ने पुलिस को बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे तो महिला की हालत खराब थी और वह उल्टी कर रही थीं। उनके दाहिने पैर के नीचे सर्पदंश के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिजन उन्हें ऑटो से मऊगंज अस्पताल लेकर पहुंचे। देवतालाब में तोड़ा दम मऊगंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को रीवा रेफर कर दिया। परिजन उन्हें रीवा लेकर जा रहे थे, तभी देवतालाब में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को मऊगंज अस्पताल लाया गया। रविवार सुबह पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सत्यवती की मौत सर्पदंश से हुई है और उन्हें किसी तरह का शक या संदेह नहीं है। मऊगंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत राज्य कार्मिकों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारणों की अब फिर से गहन जांच की जाएगी। वित्त विभाग के निर्देशों के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर वेतन निर्धारण की नियमानुसार जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। जांच के दौरान पुनरीक्षित वेतनमान,पदोन्नति के बाद किए गए वेतन निर्धारण, चयनित वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी के तहत किए गए वेतन निर्धारण सहित सेवा अभिलेखों में दर्ज वेतन संबंधी सभी प्रविष्टियों की पड़ताल की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद वेतन बिल में इस संबंध में निर्धारित प्रमाण-पत्र भी अंकित करना होगा। अक्टूबर के वेतन बिल से लागू होगी प्रक्रिया विभागीय निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया सितंबर के वेतन बिल के बजाय अक्टूबर 2026 के वेतन बिल से लागू की जाएगी। कार्यालय निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से मुख्य लेखाधिकारी ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को वित्त विभाग द्वारा 15 सितंबर को जारी परिपत्र की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक संघ ने विभाग से आग्रह किया कि जांच एवं प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए, ताकि अक्टूबर 2026 के वेतन बिल तैयार करते समय किसी शिक्षक या कर्मचारी का वेतन अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। संगठन ने कहा कि नियमों की पालना के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों और उनके अभिलेखों की वास्तविक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इन मामलों की होगी विशेष जांच: रेसटा ने पारदर्शिता और राहत की मांग की वेतन निर्धारण की फिर से जांच को लेकर शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जांच का उद्देश्य नियमों के अनुरूप वेतन भुगतान सुनिश्चित करना है, लेकिन पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कर्मचारी हित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा पुस्तिका और पूर्व में जारी वेतन निर्धारण आदेशों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि कर्मचारियों एवं शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सलावद ने कहा कि पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी/एमएसीपी तथा संशोधित वेतनमान के दौरान किए गए वेतन निर्धारण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी प्रकरण में कोई त्रुटि सामने आती है तो संबंधित कार्मिक को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन कर्मचारियों का वेतन निर्धारण नियमों के अनुसार सही पाया जाता है, उनसे बार-बार दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करवाए जाएं। साथ ही जांच के लिए सभी कार्यालयों को स्पष्ट एवं एकरूप दिशा-निर्देश उपलब्ध करवाए जाएं।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती वेटिंग लिस्ट को कम करने के लिए 48 जोड़ी ट्रेनों में अलग-अलग कैटेगरी के 135 एक्सट्रा कोच लगाने का फैसला किया गया है। इससे यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी और लंबी वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन ट्रेनों में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं। इनमें थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच शामिल हैं। अमित सुदर्शन ने बताया- जयपुर से चलने वाली और जयपुर होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें भी इस सूची में शामिल हैं। आगे पढ़िए कौनसी ट्रेन में कितने कोच बढ़े…
बीकापुर में लेखपालों का आंदोलन:वेतन विसंगति और लंबित पदोन्नति को लेकर 17 से काम का बहिष्कार
बीकापुर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की बीकापुर तहसील इकाई ने लेखपाल संवर्ग की आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी की है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी बीकापुर को सौंपा और शासन स्तर पर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर के लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन में लेखपालों ने कहा कि उन्हें बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, वेतन विसंगति और लंबित पदोन्नति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने और पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की है। इसके अलावा, लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर स्थायीकरण करने और भत्तों में वृद्धि की भी मांग की गई है। संघ ने शासन और राजस्व परिषद से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। 2024 में नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर स्थायीकरण करने तथा स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपए, वाहन भत्ता 1500 रुपए और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
शाजापुर जनपद पंचायत की दो ग्राम पंचायतों में उपचुनाव के लिए सुबह 8 बजे वोटिंग शुरू हुई। मतदान शांतिपूर्ण रहा और मतगणना के बाद पनवाड़ी व पतोली के नतीजे घोषित हुए। पनवाड़ी में मंजुलता पाटीदार ने जीत हासिल की। उन्हें 1,416 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी सीमा बालकृष्ण को 1,179 वोट मिले। मंजुलता ओमप्रकाश पाटीदार ने 237 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। निर्मला हाड़ा पाटीदार को 561 वोट मिले और 22 मतदाताओं ने नोटा चुना। पतोली ग्राम पंचायत में दिलीप चावड़ा ने प्रतिद्वंद्वी महेंद्र को हराया। दिलीप चावड़ा को 636 वोट मिले, जबकि महेंद्र को 570 वोट मिले। दिलीप चावड़ा ने 66 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। पतोली में 19 वोट नोटा में गए। दोनों पंचायतों में मतदान और नतीजे घोषित होने तक सुरक्षा के इंतजाम थे। माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बाइक से भगा ले जाने की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया। बाइक से ले जाते समय रास्ते में सियार से टकराने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई थी, जिससे किशोरी घायल हो गई। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को पड़ोसी गांव के दो युवकों शमीम पुत्र उस्मान और सोहेल पुत्र शाबान द्वारा बाइक से ले जाने की सूचना उसके चचेरे भाई ने पुलिस को दी। दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मामले में कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के साथ ही दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि बाइक से जाते समय रास्ते में अचानक सियार आ जाने से बाइक उससे टकरा गई। हादसे में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और किशोरी घायल हो गई। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। किशोरी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। किशोरी के चचेरे भाई ने दी तहरीर कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि मामले में किशोरी के चचेरे भाई की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने ग्राम गदियाना निवासी शमीम और सोहेल को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। अस्पताल में इलाज के लिए भेजा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने किशोरी की सुरक्षा और चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में उपचार के लिए भेजा है। मामले को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल (IAS 1990 बैच) को महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। हरियाणा के राज्यपाल के आदेशानुसार, 1990 बैच के IAS अधिकारी और वर्तमान में गृह, जेल, आपराधिक जांच (CID), न्याय प्रशासन तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल को अब वित्त और योजना विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। खाली पड़े पद पर हुई तैनाती मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सुधीर राजपाल को यह नई जिम्मेदारी वर्तमान में खाली पड़े पद पर दी गई है। वे अपने मौजूदा विभागों के साथ-साथ वित्त और योजना विभाग का कामकाज भी अतिरिक्त प्रभार के रूप में संभालेंगे। IAS अरुण गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद खालीइससे पहले यह जिम्मेदार IAS अरुण गुप्ता संभाल रहे थे, जो 30 सितंबर को रिटायर हो गए। गुप्ता को एक्सटेंशन देने का केस पहले केंद्र को भेजा गया था। लेकिन वहां से मंजूरी नहीं आने के बाद उन्हें रिटायर कर दिया गया। हालांकि उनके री-इम्पलायमेंट की चर्चाएं भी चलीं थी। लेकिन अब उनका यह रास्ता भी बंद होता दिखाई दे रहा है।
‘द लैंग्वेज ऑफ ह्यूमैनिटी’ पुस्तक का विमोचन:संत सौरभ के मानवीय दर्शन पर आधारित, स्पेनिश लेखक ने लिखी
वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्यिक पहल के तहत लगातार 24वें दिन 24वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक के कवर पेज का भव्य विमोचन किया गया। स्पेन के प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक एवं प्रोफेसर जुआन तोमास फ्रूटोस द्वारा लिखित इस पुस्तक का शीर्षक ‘द लैंग्वेज ऑफ ह्यूमैनिटी’ तथा उपशीर्षक ‘संत सौरभ एंड द पावर ऑफ कम्युनिकेशन, कल्चर एंड पीस’ रखा गया है। इस पुस्तक में मानद कुलपति एवं सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पांडेय जी महाराज के मानवीय दर्शन को संवाद, संस्कृति, शिक्षा, शांति और पारस्परिक समझ के संदर्भ में बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का केंद्रीय विचार ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘एक विश्व, एक परिवार, एक मानवता’ की भावना से प्रेरित है। लेखक ने अपनी किताब में स्पष्ट किया है कि विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के बीच संवाद केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे को समझने और मानवीय संबंधों को मजबूत करने का सबसे सशक्त माध्यम है। गौरतलब है कि 31 मार्च 1982 को गोरखपुर के ग्राम भस्मा में जन्मे संत सौरभ जी महाराज धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख के रूप में विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। गीता ज्ञान इंटरनेशनल पब्लिकेशन्स एवं दिव्य प्रेरक कहानियां ई-प्रकाशन सेंटर (भारत) द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक उनके जीवन-दर्शन पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक श्रृंखला की 24वीं महत्वपूर्ण कड़ी है।
पंजाब सरकार के खेल विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए मोगा जिला प्रशासन द्वारा एशियन गेम्स-2026 (जापान) में भारतीय रोइंग टीम का प्रतिनिधित्व कर लौटे खिलाड़ी कुलविंदर सिंह और जस्मेल सिंह का विशेष सम्मान किया गया। मोगा पहुँचने पर जिला अधिकारियों और खेल प्रेमियों द्वारा दोनों अंतरराष्ट्रीय एथलीटों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस सम्मान समारोह में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) जसपिंदर सिंह, जिला खेल अधिकारी नवदीप जिंदल तथा रोइंग फेडरेशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह गिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने खिलाड़ियों को पुष्पगुच्छ (गुलदस्ते) और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश और राज्य का नाम किया रोशन: एडीसी जसपिंदर सिंह समारोह को संबोधित करते हुए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जसपिंदर सिंह ने दोनों रोइंग खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और पंजाब का प्रतिनिधित्व करना बेहद गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन खेल प्रतिभाओं को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं खिलाड़ी: जिला खेल अधिकारी जिला खेल अधिकारी नवदीप जिंदल ने बताया कि यह सम्मान समारोह पंजाब खेल विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कुलविंदर सिंह और जस्मेल सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए मोगा जिले का नाम रोशन किया है।
भरतपुर के हलैना थाना इलाके में एक स्लीपर बस अंडे से भरे मिनी ट्रक में जा घुसी। बस का ड्राइवर केबिन में फंस गया और, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस घटना में दो यात्रियों के भी चोटें आई हैं। ड्राइवर ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। घटना ट्रक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण हुई। अजमेर से कानपुर जा रही थी बस हलैना थाने के ASI जितेंद्र कुमार ने बताया कि घटना रात करीब 3 बजे बेरी गांव के पास की है। अंडो से भरा एक मिनी ट्रक अजमेर से लखनऊ जा रहा था। ट्रक के पीछे एक स्लीपर बस आ रही थी। जो अजमेर से कानपुर जा रही थी। बेरी गांव के पास अचानक ट्रक के ड्राइवर ने ब्रेक लगाए। ब्रेक लगाते ही बस ट्रक में घुसी तभी पीछे आ रही स्लीपर बस अंडों से भरे मिनी ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का केबिन बुरी क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही ट्रक से अंडे के कैरेट हाईवे पर बिखर गए। बस के केबिन में ड्राइवर फंस गया। घटना में दो यात्रियों के गंभीर चोट आई। घटना की सूचना पर तुरंत थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। ड्राइवर की केबिन में फंसने से मौत घटना के बाद ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। बड़ी मुश्किल से बस के ड्राइवर को केबिन से निकाला गया। जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक ड्राइवर की पहचान जफरुद्दीन निवासी चंदौली जिला अलवर के रूप में हुई। ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी ड्राइवर की पहचान कर उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। ड्राइवर की पहचान की जा रही है।
हिसार जिले के अग्रोहा क्षेत्र में बाइक सवार युवक का रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट करने और लोहे के सुए से हमला कर घायल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बाइक और लोहे का सुआ भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार 1 अक्टूबर को एक युवक बाइक पर अग्रोहा क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान दो युवकों ने उसकी बाइक रुकवा ली और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने लोहे के सुए से युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर लिए घायल के बयान घटना की सूचना मिलने पर थाना अग्रोहा पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल युवक के बयान दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान आकाश और साहिल निवासी अग्रोहा के रूप में हुई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक तथा लोहे का सुआ बरामद किया है। पुलिस मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धांत जैन ने कहा कि कानून हाथ में लेकर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करने, रास्ता रोकने अथवा हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
जगराओं में ऑस्ट्रेलिया जाने का सपना देख रहे एक युवक से 22 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एजेंट ने विदेश भेजने का भरोसा देकर रकम लेने के बाद युवक को ऑस्ट्रेलिया का फर्जी वीजा थमा दिया। वीजा फर्जी निकलने के बाद पीड़ित ने रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ थाना सिधवां बेट में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान गांव मलसीहां बाजन निवासी सन्नी और बाभो तथा गांव संगोवाल निवासी अजय सिंह के रूप में हुई है। चौकी गिद्दड़विडी के इंचार्ज राजवरिंदरपाल सिंह ने बताया कि गांव शेरेवाल निवासी नवदीप सिंह ने शिकायत देकर बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। इसी सिलसिले में उसने अपनी जान-पहचान वाले सन्नी और बाभो से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, दोनों ने उसे बताया कि उनकी रिश्तेदारी में अजय सिंह नाम का एजेंट है, जो पहले भी युवाओं को विदेश भेजने के लिए वीजा लगवा चुका है। इसके बाद उन्होंने नवदीप की मुलाकात अजय सिंह से करवाई और वीजा लगवाने की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिया। उनकी बातों में आकर नवदीप ने ऑस्ट्रेलिया के वीजा के लिए अजय सिंह के साथ 22 लाख रुपये में सौदा तय किया। कुछ रकम गूगल पे के जरिए ली पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने कुछ रकम गूगल पे के जरिए, जबकि बाकी पैसे नकद दिए। रकम लेने के बाद एजेंट ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वीजा सौंप दिया। दस्तावेज की जांच कराने पर उसके फर्जी होने का पता चला। इसके बाद नवदीप ने आरोपियों से संपर्क कर वैध वीजा या रकम वापस मांगी, लेकिन दोनों में से कुछ भी नहीं मिला। डीएसपी की जांच में आरोप सही साबित ठगी का पता चलने पर नवदीप ने पुलिस से शिकायत की। मामले की जांच डीएसपी (डी) लुधियाना देहात की ओर से की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीए लीगल की रिपोर्ट के आधार पर सन्नी, बाभो और अजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
जगराओं में पुलिस ने महिला को हेरोइन की सप्लाई करने के लिए ग्राहकों का इंतजार करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला से 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। थाना सिधवां बेट में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी महिला की पहचान जीत कौर निवासी खोलिया वाला पुल गांव मलासिहां बाजण के रूप में हुई है। आरोपी महिला के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी के दो मामले दर्ज हैं। इस संबंध में चौकी गिद्दड़विड़ी के इंचार्ज एसआई राजवरिंदरपाल सिंह ने बताया कि वह पुलिस पार्टी के साथ गश्त और चेकिंग के दौरान बस स्टैंड लोधीवाल में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी महिला लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त है। आसपास के इलाकों में हेरोइन की सप्लाईपुलिस से बचने के लिए पैदल ही आसपास के इलाकों में हेरोइन की सप्लाई करने जाती है। सूचना के मुताबिक आरोपी महिला इस समय भी मलासिहां बाजण नहर पुल से श्मशानघाट रोड पर ग्राहकों को हेरोइन सप्लाई करने के लिए उनका इंतजार कर रही थी। तलाशी के दौरान कब्जे से 7 ग्राम हेरोइन बरामदपुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए महिला पुलिस कर्मचारियों को साथ लेकर बताए गए स्थान पर छापेमारी की और आरोपी महिला को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने हेरोइन को कब्जे में लेकर आरोपी महिला के खिलाफ थाना सिधवां बेट में मामला दर्ज कर लिया। महिला ने बताया कि वह खुद नशे की आदी हैपुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने बताया कि वह खुद नशे की आदी है। अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए हेरोइन की सप्लाई करने लगी थी। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नशा तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बस्ती में सपा का जन-जागरण अभियान:जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव बोले- वोट बचाओ, देश बचाओ
बस्ती में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने शनिवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने 2 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले जन-जागरण अभियान की जानकारी दी। यह अभियान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाया जाएगा। अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता अलग-अलग कार्यक्रमों से लोगों तक पहुंचेंगे। इसमें पैदल मार्च भी शामिल होगा, जो महात्मा गांधी या डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक जाएगा। कार्यकर्ता राष्ट्रगान गाएंगे और संविधान के अनुच्छेद 326 (वयस्क मताधिकार) का पाठ करेंगे। महेंद्र नाथ यादव ने बताया कि अभियान का मुख्य मकसद 'वोट बचाओ, देश बचाओ' है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सपा देश की संस्थाओं को मजबूत और निष्पक्ष देखना चाहती है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात शराब पीकर घर पहुंचे युवक का अपनी मां से विवाद हो गया। मां ने शराब पीकर घर आने पर उसे फटकार लगाई और दोबारा शराब न पीने के लिए कहा। इससे नाराज युवक दूसरे कमरे में चला गया। मां को लगा कि वह सोने चला गया है। शनिवार तड़के मां कमरे में पहुंचीं तो बेटे का शव फंदे से लटका देखकर उनकी चीख निकल गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को 112 नंबर पर घटना की जानकारी दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, कल्याणपुर के गोबा गार्डन निवासी मुलायम सिंह यादव सीएसए में तैनात हैं। उनके बड़े भाई रामकिशोर की वर्ष 2024 में बीमारी के चलते मौत हो गई थी। रामकिशोर के परिवार में उनकी पत्नी निशा देवी और बेटा आशीष यादव (29) हैं। वर्तमान में परिवार दलहन बीज विधान प्लॉट, सीएसए परिसर में रहता है। रामकिशोर भी सीएसए के दलहन विभाग में तैनात थे। शराब पीने की आदत से परेशान थी मां चाचा मुलायम सिंह यादव ने बताया कि आशीष को शराब पीने की लत थी। शुक्रवार देर रात वह शराब के नशे में घर पहुंचा था। घर आने के बाद किसी बात को लेकर उसकी मां निशा देवी से कहासुनी हो गई। मां ने शराब पीकर घर आने पर उसे फटकार लगाई। इस बात से नाराज होकर आशीष दूसरे कमरे में चला गया। परिजनों को लगा कि वह कमरे में जाकर सो गया है। सुबह कमरे में पहुंची मां तो उड़ गए होश शनिवार तड़के निशा देवी की नींद खुली तो वह बेटे को देखने के लिए उसके कमरे में गईं। कमरे के अंदर आशीष को फंदे से लटका देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाकर परिवार के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। युवक को फंदे से लटका देखकर परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और कमरे की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कमरे और आसपास के स्थानों की भी जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक शराब पीने का आदी था। शुक्रवार रात शराब के नशे में घर आने के बाद उसका मां से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने फंदा लगाकर जान दे दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की ओर से यदि कोई तहरीर या आरोप दिया जाता है तो उसकी भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर के पडरौना में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील पडरौना के पदाधिकारियों ने शनिवार को आठ सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष रामदर्शन शर्मा के नेतृत्व में लेखपालों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन और बाद में पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। ज्ञापन में 10 वर्षों से लंबित 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण और चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग प्रमुख रही। वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम व प्रमाणपत्र जारी करने की भी मांग की गई। संघ ने स्टेशनरी, वाहन व विशेष भत्ते बढ़ाने, ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराने और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग रखी। धरने में विपिन मणि त्रिपाठी, विनोद सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
ठगी के बाद उम्मीद छोड़ चुके थे पीड़ित, रायपुर पुलिस ने खाते में वापस कराई पूरी रकम
रायपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी के बाद रकम वापसी की उम्मीद छोड़ चुके दो पीड़ितों को नॉर्थ जोन पुलिस ने राहत दी है।
कानपुर देहात में लेखपालों की विभिन्न मांगों को लेकर अब आंदोलन का ऐलान कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है शनिवार को लेखपाल सदर तहसील अकबरपुर में लेखपाल धरने पर बैठ गए है संगठन का कहना है कि लंबे समय से लेखपालों की कई समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। लेखपाल संघ के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग और वेतन विसंगति दूर करने की मांग लंबित है। इसके अलावा करीब 8 वर्षों से अंतर मंडलीय स्थानांतरण नहीं होने, पिछले 2 वर्षों से पदोन्नति सूची जारी नहीं होने और करीब 16 वर्षों से भर्ती में वृद्धि नहीं होने की बात कही गई है। संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि परिसीमन के बाद भी पटलों से लेखपालों को नहीं हटाया जा रहा है और प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबंधित कार्यों में भी लेखपालों से काम लिया जा रहा है। वहीं तकनीकी कार्यों के लिए पिछले पांच वर्षों से लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराने तथा तकनीकी कार्य करने के बावजूद तकनीकी पद घोषित नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और भत्ता बढ़ोतरी की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके साथ ही तहसील वार लेखपालों के परीक्षा परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण की मांग भी रखी गई है। धरना-प्रदर्शन से आंदोलन की शुरुआत संघ के कार्यक्रम के मुताबिक 3 अक्टूबर को तहसील दिवस के बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन से आंदोलन की शुरुआत होगी। 8 अक्टूबर को समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्टूबर को थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य और 12 अक्टूबर को तहसील व जिला मुख्यालय पर रेस्टन शिविर लगाकर आंदोलन किया जाएगा। लेखपाल संघ का कहना है इसके बाद 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली, 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना और 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। लेखपाल संघ का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
समस्तीपुर के ताजपुर में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में प्रदर्शन किया। फतेहपुर चौक से मोतीपुर सब्जी मंडी तक मार्च निकाला। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'एसआईआर को रद्द करो' जैसे नारे लगाए। सब्जी मंडी में हुई सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने कहा कि एसआईआर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगी और लोगों को जागरूक करेगी। पुतला दहन कर जताया विरोध वहीं, प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सूची में किसी भी तरह के संशोधन अथवा नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। एसआईआर के दौरान आम मतदाताओं के सामने कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
गांव किलाजफरगढ़ आरयूबी के पास जींद- रोहतक रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान हो गई है। ट्रेन की चपेट में आने से शव 12 टुकड़ों में कटा हुआ था और शव के अंग 500 मीटर तक इधर-उधर पड़े मिले थे। मृतक रोहतक के गांव खरक जाटान का रहने वाला 50 वर्षीय जयभगवान है। दैनिक भास्कर एप की खबर पढ़ने के बाद परिवार ने जींद जीआरपी से संपर्क किया। जिसके बाद कपड़े देखकर शव की पहचान की। किसी काम से आए थे जयभगवान जानकारी के अनुसार गांव खरक जाटान निवासी जयभगवान खेती- बाड़ी का काम करते थे। शुक्रवार सुबह किसी काम से अपने नजदीकी गांव किजाफरगढ़ आए थे। देर शाम तक वापस नहीं पहुंचे तो परिवार ने तलाश शुरू की। इसी दौरान दैनिक भास्कर एप की खबर पढ़कर एक व्यक्ति का शव मिलने का पता चला। जिसके बाद परिजन पहले किलाजफरगढ़ पहुंचे और जींद जीआरपी से संपर्क किया। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा और बेटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। जानिए किस स्थिति में मिला था शव जीआरपी को गांव किलाजफरगढ़ में आरयूबी के पास एक शव मिलने की सूचना मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव 12 अलग- अलग टुकड़ों में मिला। दो टुकड़ों में धड़, सिर, हाथ और पैर, आंखें, फेफड़ें, कलेजा, आंतें सब अलग-अलग मिले। ट्रेन की चपेट में आने से शरीर के हिस्से कटकर रेलवे ट्रैस के आसपास 500 मीटर तक बिखरे पड़े थे। जिन्हें पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से एकत्रित कर कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल की मार्चरी में रखवाया था। घटना का पता चलने के बाद दैनिक भास्कर एप ने खबर को चलाया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपेंगे जीआरपी थाने के जांच अधिकारी एएसआई कपिल कुमार ने बताया कि परिजनों ने शव की पहचान कर ली है। उन्होंने बताया कि परिजनों को दैनिक भास्कर एप की खबर पढ़कर घटना का पता चला। 174 की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
उज्जैन के कानिपूरा स्थित तिरुपति धाम कॉलोनी में शनिवार सुबह गैस सिलेंडर में ब्लास्ट होने से 24 साल का राजस्थान निवासी संदीप पिता मिश्रीलाल करीब 70 प्रतिशत तक जल गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया है। ब्लास्ट इतना तेज था कि कमरे की एक तरफ की दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। सिगरेट के लिए माचिस जलाई, गैस ने पकड़ी आग प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रातभर कमरे में गैस सिलेंडर से गैस लीक होने की आशंका है। सुबह संदीप ने सिगरेट जलाने के लिए जैसे ही माचिस जलाई, कमरे में जमा गैस ने आग पकड़ ली। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ और संदीप आग की चपेट में आ गया। हादसे के समय संदीप का साथी देवीलाल बाथरूम में था। इसके कारण वह बाल-बाल बच गया। 20 दिन पहले राजस्थान से आया था उज्जैन संदीप करीब 20 दिन पहले राजस्थान से उज्जैन आया था और तिरुपति धाम कॉलोनी में किराए के कमरे में रह रहा था। वह शिप्रा गैस एजेंसी में सिलेंडर लगाने का काम करता था। उसके साथ देवीलाल भी इसी कमरे में रहता था। 70% झुलसा, इंदौर रेफर ब्लास्ट के बाद परिजन और आसपास के लोग संदीप को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया। हादसे में कमरे की एक तरफ की दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गैस लीकेज और ब्लास्ट के कारणों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जहानाबाद में पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 52 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल लौटाए। शनिवार को एसपी कार्यालय में हुए एक कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कोटा किरण ने सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। इनकी कुल कीमत करीब 10.40 लाख रुपये है। एसपी कोटा किरण ने बताया कि सरकार के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मकसद चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को तकनीकी जांच से ढूंढकर उनके मालिकों को वापस करना है। लोग मोबाइल खोने पर थाने में या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने मालिकों को सौंपा फोन शिकायत मिलने पर पुलिस तकनीकी जांच से मोबाइल की तलाश करती है। बरामद होने के बाद सत्यापन कर उन्हें मालिकों को सौंपा जाता है। पुलिस हर महीने के पहले हफ्ते में बरामद मोबाइल लौटाती है। एसपी ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत थाने में शिकायत करें। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Bihar: भगवानपुर में पति ने पत्नी की हंसुआ से काटकर हत्या की, चाची पर भी किया हमला
3 अक्टूबर, शनिवार: वैशाली के भगवानपुर में नशे में धुत पति ने पत्नी की हत्या की, चाची घायल, आरोपी फरार।
रोहतक जिले में महम के रेस्ट हाउस में जाट समाज की एक बैठक हुई। यह बैठक महम के डॉ. ओ.पी. चितकारा द्वारा जाट समाज पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के मामले में बुलाई गई थी। मोखरा तपा के प्रधान रामकिशन मलिक की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विवाद और सामाजिक ताने-बाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।बैठक के दौरान सर्वसम्मति से 11 प्रमुख व्यक्तियों की एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी सदस्यों और उपस्थित मौजिज लोगों ने स्पष्ट किया कि पंजाबी समाज के साथ जाट समाज का वर्षों पुराना गहरा भाईचारा रहा है। किसी एक व्यक्ति की गलत बयानबाजी के कारण इस आपसी भाईचारे में दरार पैदा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। 24 घंटे का अल्टीमेटम: चबूतरे पर ज्योत प्रज्वलित कर मांगनी होगी माफी कमेटी ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से अंतिम फैसला सुनाते हुए डॉ. चितकारा को 24 घंटे की समयावधि दी है। शर्त के अनुसार, पंजाबी समाज के जिम्मेदार व्यक्ति खुद आगे आएं और डॉ. चितकारा को साथ लेकर ऐतिहासिक महम चौबीसी के चबूतरे पर पहुंचें। वहां अपने पंजाबी भाईचारे के बीच खड़े होकर और धार्मिक मर्यादा के अनुसार ज्योत प्रज्वलित कर सार्वजनिक रूप से जाट समाज से अपनी गलती की माफी मांगें। अल्टीमेटम पूरा न होने पर बुलाई जाएगी चौबीसी महापंचायत गठित 11 सदस्यीय कमेटी ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यह समाज में भाईचारे को कायम रखने के लिए दी गई अंतिम चेतावनी है। यदि दी गई समयावधि (24 घंटे) के भीतर आरोपी डॉक्टर सार्वजनिक रूप से चबूतरे पर आकर माफी नहीं मांगता है, तो यह 11 सदस्यीय कमेटी तुरंत महम चौबीसी चबूतरे पर विशाल महापंचायत की तारीख तय करेगी और आगे की कड़ी रणनीतिक कार्रवाई पर फैसला लेगी।
फाजिल्का के अबोहर उपमंडल के गांव खिप्पांवाली में शुक्रवार रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 54 वर्षीय राकेश कुमार की जान चली गई। राकेश कुमार बाइक से काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे, तभी डंगरखेड़ा के पास अचानक सामने आए एक लावारिस पशु से उनकी बाइक टकरा गई। मिली जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार पिछले करीब 25 वर्षों से अबोहर की प्रसिद्ध 'के संस टेलर्ज' की दुकान पर कार्य करते थे। शुक्रवार रात रोज की तरह काम खत्म कर जब वह बाइक से अपने गांव खिप्पांवाली लौट रहे थे, तो डंगरखेड़ा के निकट अचानक एक लावारिस पशु उनकी बाइक के आगे आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राकेश सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर से गुजर रहे परिचित ने दी हादसे की सूचना घटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक परिचित की नज़र उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत हादसे की सूचना उनके परिजनों को दी। परिजन आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अबोहर के सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे ने एक बेटे और एक बेटी से छीना पता घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। 25 सालों से शहर में कार्यरत और सौम्य स्वभाव के धनी राकेश कुमार की अचानक मौत की खबर से गांव खिप्पांवाली और टेलरिंग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
सीएचओ का धरना छठे दिन जारी:सीएचओ बोले- छह दिन बाद भी वार्ता नहीं, सरकार से तत्काल समाधान की अपील
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का मांगों को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। सीएचओ संगठनों के अनुसार, अब तक एनएचएम उत्तर प्रदेश की ओर से प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समस्याओं के समाधान की ठोस पहल नहीं की गई है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सीएचओ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं। संगठन लंबे समय से सीएचओ कैडर का गठन, नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय और सेवा संबंधी अन्य मांगों को लेकर शासन व विभाग को ज्ञापन देते रहे हैं। उनका कहना है कि अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन जारी है। संगठन ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की बात कही। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचओ नियमित स्वास्थ्य जांच, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसी सेवाएं देते हैं। सीएचओ संगठनों ने सरकार और एनएचएम प्रशासन से तत्काल प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाकर मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की।
नीमच नगरपालिका ने शनिवार को 4 लाख स्क्वायर फीट जमीन पर कब्जा लिया है। इसकी कीमत 500 करोड़ रुपए से ज्यादा है। प्रशासन और नगरपालिका की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की। इस दौरान जर्जर हॉस्टल में रह रहे 25 छात्रों को नए हॉस्टलों में भेजा गया। इसके बाद चार जेसीबी से छात्रावास को तोड़ा गया। स्टे हटने के बाद तोड़ा एसडीएम पराग जैन ने बताया कि जमीन पर कोर्ट का स्टे था, जो अपील के बाद हट गया। हॉस्टल की इमारत जर्जर थी, जहां 25 बच्चों से 800 रुपए किराया लेने के बाद भी पंखे और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। पेट्रोल पंप और दुकानों पर कार्रवाई नहीं प्रशासन ने सभी छात्रों को भोलियावास और पीजी कॉलेज हॉस्टल में बिना शुल्क के शिफ्ट किया। परिसर में एक पेट्रोल पंप और 8 दुकानें भी हैं, जिन पर कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शनिवार सुबह असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। आरोप है कि कुछ दिन पहले असिस्टेंट प्रॉक्टर ने विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसी के विरोध में विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक रैली निकालकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रैली का नेतृत्व विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने असिस्टेंट प्रॉक्टर के कथित व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। मुख्य द्वार पर दलित महापंचायत इसी दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर दलित महापंचायत का भी आयोजन किया जा रहा है। महापंचायत में विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है। अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग महापंचायत में विश्वविद्यालय परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि इन मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन और आमजन के सामने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखा जा रहा है। प्रदर्शन और महापंचायत को देखते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक जुटे हैं।
महिला श्रद्धालु को ट्रक ने रौंदा, मौत:गया से पिंडदान और तीर्थ यात्रा के बाद मध्य प्रदेश लौट रही थी
गया से पिंडदान कर लौट रही एक महिला तीर्थयात्री की सड़क हादसे में मौत हो गई। नसेज गुमटी के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी महिला को कुचल दिया। मृतक महिला मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के असरार गांव निवासी राम कुशल कुशवाहा की 55 वर्षीय पत्नी सुमित्रा देवी थीं। सुमित्रा देवी को अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मारी सुमित्रा देवी श्रद्धालुओं के दल का नेतृत्व कर रही थीं, जो गया में पिंडदान और तीर्थ यात्रा के बाद घर लौट रहा था। बस नसेज गुमटी के पास रुकी थी, तभी सड़क किनारे खड़ी सुमित्रा देवी को अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मारी। पुलिस को सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
धमतरी जिले में धर्मांतरण को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि किसी व्यक्ति पर दबाव बनाकर या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार धर्म मानने, पूजा-पाठ और रीति-रिवाज अपनाने की स्वतंत्रता है, लेकिन दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गलत है। मंत्री टंकराम वर्मा धमतरी में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अभियान के तहत जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न जनसेवा और जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बोले- अपनी इच्छा से धर्म मानने की आजादी धर्मांतरण से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि संविधान हर व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी धर्म को मानने और उसके रीति-रिवाजों का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर दबाव बनाया जाता है या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधान लागू होते हैं और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। सभी धर्मों की धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील मंत्री ने लोगों से संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का भाव रखा जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार, छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 मार्च 2026 में विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। धमतरी में लगातार चर्चा में है धर्मांतरण का मुद्दा धमतरी में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से बयान सामने आते रहे हैं। इसी बीच प्रभारी मंत्री का यह बयान दबाव और प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन के विरोध तथा धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान पर सरकार की ओर से रखे गए रुख को सामने रखता है।
सिरसा में शहर से चोपटा और भादरा जाने वाले मेन रोड पर घंटों से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। करीब तीन से चार घंटों से वाहन जाम में फंसे हुए हैं। कारण है कि मेन रोड पर खुदाई कार्य किया जा जा रहा है और एक साइड का रोड बीचों-बीच उखाड़ कर गहरी खड्डा कर दिया है। इसके चारों और प्लांट से लेकर दूसरी साइड 500 मीटर का रास्ता बंद है। इसके चलते एक साइड से रोड बंद कर दिया और सिंगल वे कर दिया गया है। यह रोड सबसे व्यस्तम रोड है और यहां से हजारों वाहन दिनभर में गुजरते हैं। रोडवेज व प्राइवेट बसों का आवागमन ज्यादा है और डेरा सिरसा जाने वाले वाहन भी इसी रूट से गुजरते हैं। ऐसे में सुबह से दोपहर करीब सवा एक बजे तक स्थिति ज्यों की त्यों है। हालात ये हैं कि एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग चुकी है। 15 से 20 मिनट एक वाहन को यहां से निकलने में लगती है। रोडवेज बसें भी जाम में फंसी हुई है। बस में सवार सभी यात्री और वाहन चालक परेशान है। रोडवेज कर्मचारियों ने भी जेसीबी वालों से बार-बार कहकर रास्ते को खाली करने का आग्रह कर रहे हैं। ऐसे में यात्री इस रोड के बजाय दूसरे रूट से जाने का विकल्प तलाश रहे हैं। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है। वाहन चालक बोले, दिन में ही उखाड़ दी सड़क जाम में फंसे वाहन चालक बार-बार ये ही कह रहे थे कि दिन ही में मेन सड़क को उखाड़ दी। यहीं भादरा जाने वाला इकलौता मेन रोड है। इसके बावजूद दिन में खुदाई का काम किया जा रहा है। यह काम तो रात के समय में करना चाहिए, उस समय ट्रैफिक कम होता है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है और न ही प्रशासन कुछ कर रहा। वाहन चालक कह रहे दूसरे रूट से जाओ जाम पर लंबे समय तक फंसे रहने के बाद वाहन चालक दूसरे वाहन चालकों को नसीहत देने लगे हैं कि इस रोड से न जाए। इसके बजाय दूसरे रूट से चले जाए। यहां जाम लगा हुआ है और सड़क को उखाड़ा हुआ है। यहां बहुत ज्यादा समय लग जाएगा और जाम में फंस जाओगे।
धौलपुर के अलीगढ़ गांव में 2 अक्टूबर को थाना कंचनपुर पुलिस ने पंचायत चुनाव के लिए रात्रि चौपाल लगाई। हनुमान मंदिर पर हुई इस चौपाल में सभी समाज के लोग, मतदाता और संभावित प्रत्याशी शामिल हुए। चौपाल में पुलिस ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने पर बात की। थानाधिकारी ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और किसी भी दबाव या लालच से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग मांगा। पुलिस अधिकारियों ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि वे बिना डर या दबाव के वोट डालें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया। थाना कंचनपुर पुलिस ने बताया कि वे पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। चौपाल का समापन 'निर्भीक मतदान-शांतिपूर्ण चुनाव-मजबूत लोकतंत्र' के संदेश के साथ हुआ।
प्रेमिका के सामने प्रेमी ने लगाई फांसी, तभी आया मां का कॉल; खुदकुशी की कहानी ऐसे सामने आई
प्रेमिका से नाराज होकर प्रेमी ने उसके सामने ही फांसी लगा ली। तभी मोबाइल पर मां का कॉल आ गया। प्रेमिका ने मां को पूरी बात बता दी।
कानपुर में 18 दिन पहले पागल घोड़े के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि इलाज का खर्च उठाते-उठाते परिवार के पास रुपये खत्म हो गए। रिश्तेदारों से उधार लेकर हैलट अस्पताल में भर्ती रहमत अली (55) को शुक्रवार रात मजबूरी में डिस्चार्ज कराकर घर लाया गया। परिवार के मुताबिक, घर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शनिवार सुबह 11:30 बजे आपबीती बताई। चकेरी के सनिगवां डबल स्टोरी निवासी रहमत अली मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी इसलामुन और चार बेटे रिजवान, रियाज, इमरान और इफान हैं। परिजनों के मुताबिक, 14 सितंबर को पागल घोड़े के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें पहले निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। रहमत अली के साले मोहम्मद असलम ने बताया कि जीजा को घोड़े द्वारा काटे जाने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। उपचार के लिए पहले निजी अस्पताल और बाद में हैलट में भर्ती कराया गया। परिवार ने रिश्तेदारों से करीब 70 हजार रुपये उधार लेकर 18 दिन तक इलाज कराया। उन्होंने बताया कि, पेट में घोड़े ने ज्यादा घाव कर दिया था। जिसे संक्रमण ज्यादा फ़ैल गया गया। इसके बाद रिश्तेदार और परिचितों ने उधर देने से मना कर दिया। रुपये खत्म होने के बाद परिजन इलाज जारी रखने की गुहार लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मदद नहीं मिल सकी। असलम के मुताबिक, शुक्रवार देर रात परिवार रहमत अली को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले आया। घर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। वहीं परिवारजन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 14 सितंबर की रात घोड़े ने मचाया था आतंक दरअसल, 14 सितंबर की रात सनिगवां की डबल कॉलोनी इलाके में एक पागल घोड़े ने राहगीरों और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया था। घोड़े ने सात लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इनमें रहमत अली, अफसाना और बाबूलाल कन्नौजिया की हालत गंभीर बताई गई थी। रहमत अली और अफसाना को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रहमत अली की मौत हो गई, जबकि अफसाना का इलाज जारी है। नगर निगम पर लापरवाही का आरोप - रहमत की मौत के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद समय रहते कार्रवाई की जाती और घायल को बेहतर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। लोगों ने आवारा और हिंसक पशुओं को लेकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। चिकित्सकों ने बताया- उनके सामने ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। ऐसे में कुछ कहना उचित नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हो सकेगा। चकेरी एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों की सहमति के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के फूड, सिविल सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर लालचंद कटारूचक्क ने आज तरनतारन अनाज मंडी में धान खरीद के इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। राज्य में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हो गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मंडियों में फसल बेचते समय परेशानी नहीं होगी। उन्होंने गांव करमूवाला के किसान सुलखन सिंह और गांव सखीरा के शमशेर सिंह की फसल भी खरीदी। मंत्री ने मंडी में खरीद, लिफ्टिंग, पेमेंट और बारदाने समेत सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और किसानों, आढ़तियों व मजदूरों से भी बात की। सेंट्रल पूल के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्यइस साल मंडियों में धान की अच्छी फसल है। सेंट्रल पूल के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। धान खरीद के लिए 42,786 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) मंजूर हुई है। किसानों से सूखा धान मंडियों में लाने की अपीलकटारूचक्क ने किसानों से अपील की कि वे फसल पूरी तरह पकने और सूखने के बाद ही काटें व मंडियों में तय स्टैंडर्ड का सूखा धान ही लाएं। इससे उन्हें फसल के लिए 2,461 रुपए प्रति क्विंटल का मिनिमम सपोर्ट प्राइस मिलेगा और उन्हें बेवजह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सभी मंडियों में बड़े इंतजाम किए गए हैंकैबिनेट मंत्री ने कहा कि खरीद सीजन को बिना किसी रुकावट के पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए राज्य की सभी मंडियों में बड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों तक फसल पहुंचने, खरीद, लिफ्टिंग और पेमेंट में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाना चाहिए। पर्यावरण का ध्यान रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारीपराली जलाने के मुद्दे पर उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती और पर्यावरण का ध्यान रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पराली के सही मैनेजमेंट के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पर्यावरण को बचाने में सरकार का साथ देंउन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण को बचाने में सरकार का साथ दें। खरीद सीजन को सफल बनाने के लिए किसानों, आढ़तियों, मिल मालिकों, मजदूरों, खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है। इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट रजनीश कुमारी, डिस्ट्रिक्ट फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर हरवीन कौर, डिस्ट्रिक्ट मंडी ऑफिसर हरजोत सिंह, DSP जसपाल सिंह, ट्रेडर्स कमीशन के डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन हरमनदीप सिंह मैनी, ट्रेडर्स कमीशन के हलका इंचार्ज और आढ़तिया एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दिलबाग सिंह बाठ, जनरल सेक्रेटरी पावेल सिंह पन्नू, पैट्रन सरजीत सिंह चोहला, गुरिंदर सिंह लाली चाचा, सुरिंदर सिंह भुचर, भाल सिंह गिल और परमजीत जोशी के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे।
बुरहानपुर में पोस्ट ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी दिलाने के नाम पर 19 युवाओं से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवाओं से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए लिए। उन्हें फर्जी ट्रेनिंग और नियुक्ति पत्र दिए गए। शक से बचने के लिए कुछ समय तक बिना काम किए हर महीने 18 से 19 हजार रुपए सैलरी भी दी गई। जब ट्रेनिंग नहीं हुई और बिना काम के वेतन मिलता रहा तो युवाओं को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। नेपानगर पुलिस ने मामले में आरोपी धीरज चौधरी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। धीरज लंबे समय से फरार था और मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। मामले में रईस खान और अनिल भाटे पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चौथा आरोपी रामकृष्ण कास्डे अभी फरार है। 1 से 10 लाख रुपए तक लिए नेपानगर थाना प्रभारी शहाबुद्दीन कुरैशी के अनुसार, आरोपियों ने युवाओं को पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। वे खुद को ब्रांच पोस्टमास्टर और ऑपरेटर बताते थे। नौकरी लगाने के नाम पर करीब 19 युवाओं से अलग-अलग रकम ली गई। किसी से एक लाख, किसी से दो लाख और किसी से 5 से 10 लाख रुपए तक लिए गए। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों ने कुल 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की है। वे खंडवा पोस्ट ऑफिस में काम कर चुके थे। इसी आधार पर उन्होंने फर्जी कर्मचारी आईडी भी तैयार कर ली थी। पुलिस मामले में साक्ष्य जुटा रही है। अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रामकृष्ण कास्डे की तलाश की जा रही है। 9 माह पहले दर्ज हुआ था केस खंडवा जिले की पंधाना तहसील के गुड़ी निवासी मोईनुद्दीन पिता जैनुद्दीन सिद्दीकी ने अन्य पीड़ितों के साथ नेपानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रईस पिता सलीम खान निवासी वार्ड नंबर-8 नेपानगर, धीरज पिता अशोक चौधरी निवासी खंडवा, रामकृष्ण कास्डे निवासी खालवा जिला खंडवा और अनिल भाटे निवासी जसवाड़ी जिला खंडवा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। ऐसे ठगी के शिकार हुए युवा पीड़ितों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 जनवरी 2022 से 20 अक्टूबर 2023 के बीच उन्हें ग्रामीण डाक सेवा में ऑफलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई। इसके बाद नेपानगर पोस्ट ऑफिस में बीपीएम का पद खाली होने की बात कही गई। रईस खान ने उनसे संपर्क कर कहा कि 10वीं पास बेरोजगारों के लिए ग्रामीण डाक सेवा में नौकरी का मौका है। युवाओं से नौकरी के लिए सिक्योरिटी के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई गई। किसी से 5 लाख रुपए तो किसी से इससे ज्यादा रकम ली गई। कहा गया कि तीन साल बाद जमा राशि ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी। आरोपियों के कहने पर युवाओं ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में खाते भी खुलवाए। जब उन्होंने नियुक्ति पत्र मांगा तो 2 नवंबर 2023 को रईस ने हाथ से नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद 5 नवंबर 2023 को ट्रेनिंग लेटर दिया गया और खंडवा हेड ऑफिस में ट्रेनिंग की बात कही गई। युवाओं की धीरज चौधरी से भी बात कराई गई। बाद में उन्हें बताया गया कि भर्ती कैंसिल हो गई है और उनकी जमा राशि तीन महीने में ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी। शिकायत के अनुसार, युवाओं के खातों में तीन महीने तक ब्याज के नाम पर करीब 20 हजार रुपए डाले गए। इसके बाद युवाओं ने रईस से रकम वापस मांगी। उसके घर के कई चक्कर लगाने के बाद उन्हें कहा गया कि 2025 में बजट आने पर मई-जून में पैसा वापस कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिए। इसके बाद युवाओं को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
चित्तौड़गढ़ शहर के एक सरकारी ऑफिस के चौकीदार ने एक महिला और उसके साथियों पर प्यार के झांसे में फंसाकर रुपए हड़पने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे बदनाम करने की धमकी देकर पहले करीब 10 लाख रुपए ले लिए और इसके बाद में एक व्यक्ति ने अपने आपको पुलिसकर्मी बताकर 2.50 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद भी आरोपी 3 लाख रुपए की डिमांड कर रहे है। परेशान होकर पीड़ित ने अपने परिवार को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कैंटीन में हुई थी पहचान चौकीदार ने कोतवाली थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया- वह ड्यूटी के दौरान ऑफिस के बाहर स्थित कैंटीन पर चाय-पानी के लिए आता-जाता रहता था। करीब 5-6 महीने पहले एक महिला ने उससे बातचीत शुरू की और उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद महिला लगातार फोन करने लगी और धीरे-धीरे उससे जान पहचान बढ़ाने लगी। पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- महिला उससे बाते करती थी और विश्वास में लेने लगी। वह रात के समय जब कार्यालय में चौकीदारी करता था, तब भी फोन पर बातचीत करती रहती थी। आरोप है कि महिला एक दिन कार्यालय के बाहर बने कमरे में आई और बातचीत के दौरान ऐसी हरकतें कीं, जिससे वह महिला के संपर्क में आ गया। इसके बाद महिला ने उसे अपने झांसे में ले लिया। बीमारी का बहाना बनाकर मांगती रही रुपए पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- महिला अलग-अलग कारण बताकर उससे रुपए मांगने लगी। कभी हॉस्पिटल जाने की बात कहती तो कभी अन्य जरूरत बताकर पैसे मांगती। महिला ने उसे धमकी भी दी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे समाज और परिवार में बदनाम कर देगी। उसने कहा कि उसके पास फोटो और वीडियो हैं, जिन्हें वह वायरल कर देगी। पीड़ित का कहना है कि नौकरी, परिवार और समाज में बदनामी के डर से उसने किसी को इस बारे में जानकारी नहीं दी। महिला की मांग पूरी करने के लिए वह अलग-अलग लोगों से उधार रुपए लेकर उसे देता रहा।इस तरह करीब 10 लाख रुपए महिला को देने की बात रिपोर्ट में बताई गई है। इन रुपयों का कर्ज भी अभी तक उसके द्वारा चुकाया जा रहा है। पुलिसकर्मी बताकर 2.50 लाख रुपए मांगे पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- करीब एक-दो महीने पहले उसे एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को पुलिस वाला बताया। उसने कहा कि जिस महिला से संपर्क है, उससे जुड़ा मामला खत्म करवाना है तो 2.50 लाख रुपए देने होंगे। व्यक्ति ने धमकी दी कि रुपए देने पर ही मामला खत्म हो पाएगा। पीड़ित ने बताया कि वह पहले ही डर और बदनामी की चिंता में था, इसलिए उसने किसी तरह 2.50 लाख रुपए की व्यवस्था की। फोन करने वाले व्यक्ति ने उसे कपासन चौराहे पर एक महिला को रुपए देने के लिए कहा। इसके बाद उसने बताए गए स्थान पर जाकर महिला को रुपए दे दिए। पीड़ित का कहना है कि वह उस महिला का नाम नहीं जानता और न ही उसे पहले से पहचानता था। वीडियो वायरल की धमकी देकर 3 लाख रुपए मांगे इसके बाद भी आरोपी लगातार उसे परेशान करते रहे। फोन करने वाला व्यक्ति फिर से रुपए मांगने लगा और कहा कि अगर वह 3 लाख रुपए और दे देगा तो पूरे मामले को खत्म करवा देगा। इस पर पीड़ित ने कहा कि उसके पास अब रुपए नहीं हैं और वह पहले ही कर्ज में डूब चुका है। आरोप है कि इसके बाद व्यक्ति ने उसे धमकी दी कि अगर रुपए की व्यवस्था नहीं की तो उसके फोटो और वीडियो परिवार व समाज में वायरल कर दिए जाएंगे। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर देवीलाल ने पूरी घटना अपने परिवार को बताई। परिवार की सलाह के बाद उसने पुलिस से शिकायत की। कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया पीड़ित ने एसपी को परिवाद दिया था। एसपी कार्यालय से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की जांच कोतवाली थाने के उप निरीक्षक पारस कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब पूरे मामले में आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित मोबाइल नंबरों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ जिले के थानों में दलालों की सक्रियता रोकने के लिए एसपी केजी सिंह ने नई पहल की है। उनके निर्देश पर कई थानों के बाहर 'दलालों का प्रवेश वर्जित है' लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। थानाध्यक्षों ने भी इन निर्देशों का पालन शुरू कर दिया है। गढ़ कोतवाली से इसकी पहल की गई है। एसपी का लक्ष्य भ्रष्टाचार रोकना और आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई करना है। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में भी ऐसे पोस्टर दिख रहे हैं। पुलिस अनावश्यक रूप से आने-जाने वाले लोगों को सावधान कर रही है, ताकि फरियादियों को परेशानी न हो और बाहरी लोग पुलिस के काम में दखल न दें। गढ़ कोतवाली पुलिस ने जनसुनवाई के लिए हेल्पलाइन नंबर वाले पोस्टर भी लगाए हैं। इन पर थाना प्रभारी और महिला हेल्पलाइन डेस्क के नंबर दिए गए हैं, ताकि पीड़ित सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें। पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन उधर दलालों के प्रवेश वर्जित वाले बोर्ड जल्द ही जिले के अन्य थानों में भी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन हो रहा है। जनसुनवाई को बेहतर बनाने और फरियादियों की समस्याओं को समय पर हल करने पर जोर दिया जा रहा है।
खरगोन जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक-19 के उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भारत यादव को भाजपा समर्थित प्रत्याशी योगेश हरिराम से 4075 वोट ज्यादा मिले हैं। मतगणना कसरावद के सरकारी कॉलेज में शनिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई। हालांकि, चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा 5 अक्टूबर को खरगोन मुख्यालय से की जाएगी। मतगणना के आंकड़ों के मुताबिक, भारत यादव को 12,567 वोट मिले, जबकि योगेश हरिराम को 8,492 वोट प्राप्त हुए। निर्दलीय प्रत्याशी राजाराम खांडे को 1,297 मत मिले। वहीं, 411 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। 14 टेबलों पर 14 राउंड में हुई मतगणना मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई थीं। कुल 14 राउंड में मतों की गिनती पूरी की गई, जिसमें 60 कर्मचारी तैनात रहे। मतगणना के दौरान भारत यादव ने पहले राउंड से ही बढ़त बना ली थी। अंतिम आंकड़ों में उनकी बढ़त 4075 वोटों पर पहुंच गई। जीत के बाद भारत यादव ने कही जनता की सेवा की बात मतगणना के बाद भारत यादव ने अपनी जीत को सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए जनता की सेवा करने की बात कही। कसरावद एसडीएम अनिल जैन ने बताया कि मतगणना पूरी हो चुकी है। परिणाम की अधिकृत घोषणा 5 अक्टूबर को खरगोन मुख्यालय से की जाएगी।
पलवल के भिडूकी गांव में हुए रस्साकशी टूर्नामेंट में दूधौला गांव की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। गांव लौटने पर सरपंच सुनील कुमार ने विजेता टीम के खिलाड़ियों का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। टीम के कप्तान मनोज कुमार ने बताया कि उनकी टीम पिछले 25 साल से लगातार अभ्यास कर रही है। अनुभव और एकजुटता के दम पर टीम अधिकतर टूर्नामेंट जीतती है। सरपंच ने नकद राशि देकर किया सम्मानित सरपंच सुनील कुमार ने खिलाड़ियों को इनाम राशि देकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि गांव के युवा खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। सरपंच ने भविष्य में भी खेल सामग्री और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विजेता टीम में कप्तान मनोज कुमार, महेश, दिनेश और सुंदर पहलवान समेत कई खिलाड़ी शामिल थे। इस मौके पर महेश भगत प्रधान, सुरेश, महेंद्र पहलवान, बलदेव, कपिल, धर्मेंद्र और अरुण सहित गांव के कई लोग मौजूद रहे।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार, 4 अक्टूबर को बड़ा सनातनी संगम होने जा रहा है। विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की ओर से 'अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं धर्म संसद' का आयोजन किया जा रहा है। भारत में पहली बार 21 देशों के सनातनी प्रतिनिधि और दर्जनों प्रमुख साधु-संत एक मंच पर जुटेंगे। गोमती नगर के विशाल खंड स्थित कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:00 बजे होगी। मुख्य सत्र सुबह 11:00 बजे से शुरू होगा। राजनीतिक दिग्गजों को बुलावा महासम्मेलन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, मनिंदर सिंह बिट्टा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और अपर्णा यादव को आमंत्रण भेजा गया है। अखिलेश यादव के आमंत्रण पर गोपाल राय ने कहा कि उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर अपना रुख स्पष्ट कर सकें। प्रमुख संत-महंत शामिल रहेंगे धर्म संसद में अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास, महंत परशुराम दास, महंत धर्मदास, महामंडलेश्वर महंत मंगलदास, महंत भगवान शरण, महंत विजय रामदास, काशी प्रसाद तिवारी और अनुपम मिश्र उपस्थित रहेंगे। इन 21 देशों से आ रहे प्रतिनिधि विदेशों से आ रहे प्रमुख प्रतिनिधियों में इंडोनेशिया से आचार्य डॉ. आई. माडे धर्मयासा व आचार्य रामाचार्य, ब्राजील से संजीव शर्मा, चीन से गुलशन रस्तोगी, स्कॉटलैंड से रिशव मिश्रा, नेपाल से रमेश कुमार सरिया, नीदरलैंड्स से महादेव सिंह, स्विट्जरलैंड से श्रुति राय, फिजी से जितेंद्र नारायण, कनाडा से रोहित राबल, फ्रांस से विश्वनाथ शास्त्री, श्रीलंका से पमल्क मन्जित करुणानायक, मलेशिया से सोनू यादव, ब्रिटेन से अभिषेक कुमार, थाईलैंड से पवन मिश्रा, अमेरिका से अतुल कुमार, हांगकांग से पारस रस्तोगी, पोलैंड से डॉ. आशुतोष पांडे, बेल्जियम से कोएनराड एल्स्ट, सिंगापुर से हरदीप सिंह, ऑस्ट्रेलिया से रवींद्र कुमार और यूक्रेन से लिडिया लक्ष्मी शामिल हैं।
पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट में जिउतिया पर्व के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जिउतिया स्नान करने गई चार बच्चियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। वहीं प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर ही पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध करा दी। मिली जानकारी के अनुसार पहाड़पुर के बनकट गांव की चार बच्चियां जिउतिया पर्व को लेकर स्नान करने के लिए तालाब/गड्ढे में गई थीं। स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से चारों डूब गईं। तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने तुरंत संज्ञान लिया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी डीएम ने आपदा प्रबंधन शाखा को तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर अंचलाधिकारी ने मृतक बच्चियों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने के तुरंत बाद ही सीओ द्वारा चारों पीड़ित परिवारों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। सरकार की ओर से जो भी संभव सहायता है, वह तत्काल उपलब्ध कराई गई है, ताकि इस दुख की घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक मदद मिल सके। उन्होंने लोगों से अपील भी की कि जिउतिया जैसे पर्वों पर स्नान के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखें और गहरे पानी में न जाने दें। इधर 24 घंटे के अंदर मुआवजा मिलने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस त्वरित निर्णय की सराहना की है।
Bihar: बैरगनिया में फसल बचाने को लगाए बिजली तार से हादसा, 3 ग्रामीणों की मौत, 3 गंभीर रूप से झुलसे
3 अक्टूबर, शनिवार: सीतामढ़ी के बैरगनिया में खेत में लगे नंगे बिजली तार से 3 की मौत, 3 घायल, जांच में जुटी पुलिस।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों आपसी फूट का एक ताजा मामला सामने आया हुआ हैं, गहलोत सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह इन दिनों पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ मुखर हो रहे है। उन्होंने निकाय चुनावों में मिली हार के लिए प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा और भरतपुर, डीग के जिलाअध्क्षों को जिम्मेदार ठहराया, इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा मैंने मान सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जिया, उन्होंने आगे लिखा गलत नीति-रीति के साथ कदमताल करने की बजाया अलविदा कहना ही बेहतर है। नोटिस किया गया जारी मीडिया रिपोटर्स की माने तो विश्वेंद्र सिंह के फेसबुक अकाउंट पर कांग्रेस की अनुशासन समिति के नाम से जारी कारण बताओ नोटिस की कॉपी भी सामने आई है, दूसरी तरफ कांग्रेस संगठन की ओर से इसे कारण बताओ नोटिस मानने से इनकार किया जा रहा है, पार्टी का कहना है कि मामला अनुशासन समिति के पास पहुंचा है और सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन फिलहाल विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ किसी औपचारिक नोटिस या जांच की स्थिति नहीं है, ऐसे में पूरे मामले में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्या लिखा सिंह ने खबरों की माने तो विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पर नोटिस की कॉपी साझा करते हुए कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना के पत्र को लेकर भी सवाल खड़े किए, विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि पहले आंजना जी के नोटिस का जवाब दें या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर प्रतिक्रिया दें, उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ डोटासरा उन्हें अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आ रही है। pc- firstindianews.com
अयोध्या के स्कूल में औषधीय, छायादार पौधे रोपे:विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को खेमीपुर, निधियावां स्थित श्री राघव कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज परिसर में एक वृहद पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, महाविद्यालय के प्रबंध निदेशकों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस दौरान कॉलेज परिसर स्थित गार्डन में विभिन्न प्रकार के औषधीय एवं छायादार पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने गांधीजी के स्वच्छता, सादगी और सतत जीवन के उच्च विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री की कर्मठता और राष्ट्रसेवा के संदेश को याद किया। महाविद्यालय परिवार ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि रोपे गए सभी पौधों की उचित देखभाल की जाएगी। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना को विकसित करना था। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में देशभक्ति और पर्यावरण प्रेम का विशेष उत्साह देखने को मिला।
प्रयागराज के फाफामऊ में शनिवार दोपहर जमीन विवाद से नाराज एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया। टंकी के ऊपर पहुंचकर वह न्याय की मांग करने लगा। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। युवक की पहचान होलागढ़ थाना क्षेत्र के तुलीपुर निवासी रवि विश्वकर्मा के रूप में हुई है। उसका आरोप है कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। दोपहर 12:30 बजे टंकी पर चढ़ा बताया जा रहा है कि रवि शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे फाफामऊ स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। टंकी पर पहुंचने के बाद वह अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने लगा। युवक से अधिकारी कर रहे बातचीत मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी युवक से लगातार बातचीत कर रहे हैं। वे उसे समझाकर नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल उसे सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश जारी है।
बलरामपुर तराई के जंगलों और वन्यजीवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने पहल तेज कर दी है।केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सोहेलवा सिर्फ बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण नहीं है,बल्कि यह देश के बड़े वन्यजीव कॉरिडोर की एक बेहद अहम कड़ी है। इसे टाइगर रिजर्व बनाने की दिशा में अध्ययन और जरूरी प्रक्रियाओं पर काम चल रहा है। मंत्री ने बताया कि पश्चिम में कॉर्बेट,दुधवा और कुमाऊं से शुरू होकर पूर्वोत्तर में असम तक जाने वाले वन्यजीव गलियारे में सोहेलवा की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। सुरक्षित रखने में सोहेलवा की भूमिका अहम इस पूरे कॉरिडोर में कई स्थानों पर वन क्षेत्र की निरंतरता टूट गई है और सोहेलवा के हिस्से में महज करीब एक किलोमीटर से थोड़ा अधिक चौड़ा बेहद संकरा वन क्षेत्र बचा है।ऐसे में वन्यजीवों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में सोहेलवा की भूमिका अहम हो जाती है। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि टाइगर रिजर्व बनाने का उद्देश्य केवल बाघों की संख्या बढ़ाना नहीं है।बाघ जंगल की खाद्य शृंखला में शीर्ष शिकारी यानी एपेक्स प्रेडेटर है।बाघ के अस्तित्व के लिए उससे नीचे की पूरी खाद्य शृंखला का सुरक्षित रहना जरूरी है। पूरी जैव विविधता सुरक्षित उन्होंने कहा कि घास के मैदान से लेकर पेड़-पौधों,कीट-पतंगों,छोटे जीवों और दूसरे वन्यजीवों तक पूरी जैव विविधता सुरक्षित होगी, तभी बाघ भी सुरक्षित रहेंगे।फूड चेन पूरी तरह सुरक्षित होगी,तभी टाइगर बचेगा। मंत्री के मुताबिक सोहेलवा को टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया में जंगल के भीतर मौजूद करीब 15-16 बसावटों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। इन बस्तियों को किस तरह भूमि उपलब्ध कराकर दूसरे स्थान पर बसाया जा सकता है,इस पर अध्ययन चल रहा है। पुनर्वास की संभावनाओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सरकार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोहेलवा के संरक्षण का मुद्दा उनके लिए नया नहीं है। सांसद बनने के बाद जब भी उन्हें अवसर मिला,उन्होंने संसद की वन एवं पर्यावरण संबंधी स्थायी समिति की सदस्यता को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार पिछले करीब 10-12 वर्षों से सोहेलवा वन्यजीव कॉरिडोर के संरक्षण और अब इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने की दिशा में उनकी ओर से प्रयास जारी हैं। पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करना उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के बड़े शिकारी जीवों—टाइगर, लायन और लेपर्ड आदि—के संरक्षण का मकसद केवल इन प्रजातियों को बचाना नहीं, बल्कि उनके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करना है। टाइगर रिजर्व का दर्जा देने की दिशा सोहेलवा को टाइगर रिजर्व बनाने की पहल इसी व्यापक संरक्षण नीति की स्थानीय कड़ी के रूप में देखी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अध्ययन, वन क्षेत्र के भीतर की बसावटों के पुनर्वास और अन्य प्रक्रियाओं के बाद सोहेलवा को टाइगर रिजर्व का दर्जा देने की दिशा में अगला कदम कब उठता है।
नीरज चोपड़ा-गगन नारंग ने बांधवगढ़ में की सफारी:बोले- जंगल बहुत सुंदर, यह हमारी प्राकृतिक धरोहर है
ओलंपियन नीरज चोपड़ा और गगन नारंग शनिवार को उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंचे। उन्होंने तला गेट से करीब चार घंटे जंगल सफारी की और वन्यजीवों को करीब से देखा। प्रबंधन ने उनके लिए खास इंतजाम किए थे। सुबह ताला गेट से प्रवेश के बाद नीरज और गगन ने जंगल के कई हिस्सों का दौरा किया। रेंज ऑफिसर और सहायक संचालक भी उनके साथ थे। कामयाबी के लिए सपोर्ट सिस्टम रखें सफारी के बाद नीरज चोपड़ा ने बांधवगढ़ के जंगल को 'बहुत सुंदर' बताया। उन्होंने युवाओं को कामयाबी के लिए सपोर्ट सिस्टम रखने का संदेश दिया। गगन नारंग ने भी जंगल को सुंदर और शांत बताया। उन्होंने इसे 'प्राकृतिक धरोहर' कहा, जिसे बचाना जरूरी है। दोनों को पसंद आया जंगल सहायक संचालक जीतेंद्र अवासे ने बताया कि दोनों ओलंपियन को बांधवगढ़ का जंगल बहुत पसंद आया। स्टाफ ने उनका स्वागत किया और उन्हें सफारी कराकर जानकारी दी।
देवरिया के रुद्रपुर में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर तहसील प्रशासन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। तहसीलदार अरुण कुमार और लेखपाल संकट मोचन चतुर्वेदी ने सेनानियों के परिजनों के घर पहुंचकर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। रुद्रपुर नगर के पश्चिमी तिवारी टोला वार्ड निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कैलाशपति गुप्ता के पुत्र श्रीप्रकाश गुप्ता और जयप्रकाश गुप्ता को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में गोला वार्ड निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय फकीर चंद्र के नाती मनोहर लाल को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संघर्ष और देश के प्रति योगदान को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए प्रशासन की ओर से आभार जताया गया।
कैथल पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल:12 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले, एसपी बोले-रूटीन में हुए
कैथल में पुलिस विभाग में कई थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। इस फेरबदल में खास फोकस उसपी कार्यालय की महत्वपूर्ण शाखाओं पर रहा है। यहां रीडर समेत कई अहम पदों के प्रभार बदले गए हैं और नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी कार्यालय के साथ थाना स्तर पर भी बदलाव किया गया है। गुहला और कलायत थानों के प्रभारियों को बदला गया है। कलायत के पूर्व थाना प्रभारी को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के प्रभारी के चोट लगने के कारण छुट्टी पर जाने के बाद यूनिट का प्रभार भी बदला गया है। एसपी बोले-रूटीन में किए गए तबादले इस बारे में एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि पुलिस विभाग में तबादले प्रशासनिक जरूरत और कार्य व्यवस्था के अनुसार रूटीन में किए गए हैं। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी 1. एसआई तरसेम - एसपी रीडर से समीक्षा सैल इंचार्ज 2. इंस्पेक्टर शिव कुमार सैनी - समीक्षा सैल से एसएचओ गुहला 3. एसआई रणदीप - एसएचओ गुहला से एसएचओ कलायत 4. इंस्पेक्टर रमेश चंद्र - एसएचओ कलायत से पुलिस लाइन 5. एएसआई प्रवेश - सेना लिपिक से एसआईएस 6. पीएसआई संदीप - एसआईएस से स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट इंचार्ज 7. इंस्पेक्टर सुनील कुमार - स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट इंचार्ज, चोट के कारण छुट्टी पर 8. एएसआई रामपाल - इकोनॉमिक सैल से एमटीओ इंचार्ज 9. पीएसआई शुभ्रांशु - एंटी इमीग्रेशन सैल से सेना लिपिक (ओएसआई) 10. एएसआई ईकबाल - एमटीओ से एंटी इमीग्रेशन सैल 11. पीएसआई अमन - समीक्षा सैल से एंटी इमीग्रेशन सैल इंचार्ज 12. एसआई रेखा - समन स्टाफ से कंप्लेंट ब्रांच इंचार्ज
पसगवां में हिम्मत और हौसले के आगे उफनती नदियां भी अपना रास्ता बदल लेती हैं—इसे मुल्लापुर निवासी रामू कश्यप और यूडीसीए स्कूल के छात्र प्रशांत ने सच कर दिखाया। दोनों के साहस, सूझबूझ की बदौलत तेज बहाव में बह रही बोलेरो में फंसे पांच मासूम बच्चों को एक नया जीवन मिल गया है। दरअसल, बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान से हुई मूसलाधार बारिश के चलते पसगवां के मुल्लापुर के पास छोहा नदी उफान पर थी। इसी दौरान मोहम्मदी के यूडीसीए स्कूल के पांच बच्चों को लेकर जा रही एक बोलेरो गाड़ी अचानक पानी के तेज बहाव में बहकर बीच धार में फंस गई। तस्वीरें देखिए - पानी में डूबी गाड़ी, चीख-पुकार मची गाड़ी धीरे-धीरे डूबने लगी और अंदर बैठे बच्चे चीखने-पुकारने लगे। किनारे खड़े लोग मदद के लिए चिल्ला तो रहे थे, लेकिन उफनते पानी में उतरने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था। तभी किनारे पर मछली पकड़ रहे रामू कश्यप ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। वहीं बोलेरो में सवार छात्र प्रशांत ने भी घबराने के बजाय साहस दिखाया। प्रशांत ने अंदर से अपने सहपाठियों का हाथ पकड़कर उन्हें हिम्मत बंधाई। रामू ने तैरकर गाड़ी तक पहुंचकर खिड़की खोली, जिसके बाद प्रशांत की मदद से एक-एक कर सभी पांचों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान सविता ने किया सम्मानित इस घटना के बाद ग्रामीणों ने रामू की बहादुरी और प्रशांत की सूझबूझ की जमकर सराहना की। मुल्लापुर ग्राम प्रधान सविता मिश्रा ने रामू कश्यप को नकद धनराशि व शील्ड देकर सम्मानित किया। वहीं, मौके पर पहुंचे विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि मुन्फ्फरपुर से मुल्लापुर तक सीसी रोड और पुलिया निर्माण का टेंडर हो चुका है, जल्द ही काम शुरू होगा। दूसरी ओर, इस हादसे ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर किया है। परिजनों और बच्चों का आरोप है कि यदि स्कूल प्रशासन अपनी बस भेजता तो यह हादसा न होता। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने इसे निजी वाहन बताकर पल्ला झाड़ लिया है, जिससे आक्रोशित बच्चों ने स्कूल वाहन न आने तक स्कूल न जाने की बात कही है।
चंडीगढ़ रामदरबार स्थित मंडी ग्राउंड में शनिवार सुबह करीब 5 बजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर की खेप पकड़ी। टीम ने सूचना के आधार पर पनीर लेकर जा रही बोलेरो पिकअप गाड़ी को रोककर जांच की। गाड़ी से करीब 200 किलो पनीर बरामद हुआ। बता दें कि प्रशासन ने शहर में बिक रहे मिलावटी पनीर की आशंका के चलते यह कार्रवाई की है। टीम ने पूरी खेप जब्त कर उसे कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया है। पनीर का सैंपल जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग को पनीर की खेप के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रामदरबार मंडी ग्राउंड में कार्रवाई की। सुबह करीब 5 बजे पनीर लेकर जा रही बोलेरो पिकअप को रोका गया। जांच के दौरान गाड़ी में बड़ी मात्रा में पनीर मिला। अधिकारियों ने पनीर को मौके पर ही कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। विभाग ने बरामद पनीर का सैंपल लिया है। इसे जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। अभी पनीर मिलावटी या असुरक्षित है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत संबंधित व्यक्ति या कारोबारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। होटल-ढाबों को अधिकृत सप्लायर से खरीदने के निर्देश खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, फास्ट फूड सेंटर और अन्य खाद्य कारोबारियों को पनीर, दूध और अन्य कच्चा खाद्य सामान केवल अधिकृत और भरोसेमंद सप्लायर से खरीदने के निर्देश दिए हैं। कारोबारियों से खरीद के बिल और रसीदें सुरक्षित रखने को भी कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर खाद्य सामग्री के स्रोत का पता लगाया जा सके। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले पनीर के प्रकार और उसकी गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी मेन्यू या परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। पनीर सप्लायर से लेकर होटल तक होगी जांच खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी अचानक जांच अभियान जारी रहेगा। इस दौरान पनीर सप्लायर के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। विभाग का फोकस खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके स्रोत की जांच पर रहेगा। विभाग ने लोगों से मिलावटी या असुरक्षित दूध-पनीर की जानकारी मिलने पर शिकायत करने की अपील की है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा कनेक्ट एप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0172-2782457 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
श्रीगंगानगर में दूध के रेट बढाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले उचित भाव की मांग को लेकर दूध उत्पादकों और विक्रेताओं ने तीन दिन तक हड़ताल रखी। इस दौरान जिलेभर से दूध सप्लाई को लेकर विवाद, मारपीट और सड़क पर दूध बहाने की घटनाएं सामने आईं। जिसके बाद गाय-भैंस के दूध में 10 रुपए तक बढ़ोतरी हुई। जिसके बाद गाय का दूध 70 रुपए प्रति लीटर और भैंस का दूध 80 रुपए प्रति लीटर हो गया। वहीं, हड़ताल खत्म होने के बाद दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा तो अब लोग सड़कों पर उतर आए। हालांकि, दूध सप्लायर अभी भी दूध के रेट 100 रुपए प्रति लीटर करने की मांग कर रहे हैं। रेट बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन दूध के बढ़े रेट के विरोध में गजसिंहपुर में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दूध रोजमर्रा की जरूरत है। इसके रेट बढ़ने का सीधा असर आम परिवार के मासिक बजट पर पड़ता है। बच्चों के दूध से लेकर चाय और घर में इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजों तक हर जगह खर्च बढ़ गया है। दूधवालों ने 3 दिन रखा था काम बंद इस विवाद की शुरुआत दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की मांगों को लेकर हुई हड़ताल से हुई थी। जिले में दूध विक्रेताओं ने तीन दिन तक दूध की सप्लाई बंद रखी। उनका कहना था कि मौजूदा लागत के हिसाब से दूध के उचित रेट नहीं मिल रहे हैं। पशुओं के चारे, फीड और रखरखाव सहित दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है। हड़ताल के दौरान दूध की सप्लाई प्रभावित होने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूध सप्लाई को लेकर कई जगह हुआ हड़ताल के बीच जब कुछ लोगों ने दूध की सप्लाई शुरू करने की कोशिश की तो जिले के अलग-अलग हिस्सों से विवाद की घटनाएं सामने आईं। कहीं दूध सप्लाई करने वालों के साथ मारपीट के आरोप लगे तो कहीं विरोध में दूध सड़क पर बहाने की घटना सामने आई। इससे मामला केवल दूध के भाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूध की सप्लाई को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी। ग्राहक बोले- जेब पर पड़ा असर तीन दिन की हड़ताल के बाद शनिवार को दूध की सप्लाई सामान्य हुई, लेकिन बढ़े हुए रेट ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी। दूध खरीदने वाले लोगों का कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीज के रेट बढ़ने से सीधे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
काठ दरवाजा स्थित फ्लाह ए दारेन इंटर कॉलेज में आज हैंडीक्राफ्ट अकादमी के तत्वावधान में छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हैंडीक्राफ्ट अकादमी के प्रबंधक शाहनवाज अहमद खान ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें कक्षा 12 के बाद कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से आगामी यूपी बोर्ड या अन्य वार्षिक परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। इस विशेष अवसर पर कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को ट्रॉफी देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान सैयद जुबेर अली (एडवोकेट) ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बेहतर भविष्य के लिए बड़े ख्वाब देखने और उन्हें कड़ी मेहनत से साकार करने के लिए प्रेरित किया। अंत में, सभी उपस्थित छात्रों और अध्यापकों को परीक्षा और करियर से संबंधित किसी भी प्रकार की निशुल्क सलाह प्राप्त करने के लिए हैंडीक्राफ्ट अकादमी से संपर्क करने का सुझाव दिया गया।
पलवल में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला टीचर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता की शिकायत पर जीआरपी ने पति समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया है। न्यू कॉलोनी पलवल निवासी बीर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी सोनिया की शादी 16 फरवरी 2020 को संदीप से हुई थी। शादी में बलेनो कार और दहेज दिया गया। पति संदीप, ससुर टीकम, सास शकुंतला, जेठ मंजीत, जिठानी ज्योति और मामा-ससुर प्रताप सोनिया को फॉर्च्यूनर कार व 50 लाख रुपए नकद के लिए प्रताड़ित करने लगे। फॉर्च्यूनर कार लाने का बनाया दबाव पिता ने बेटी का घर बचाने के लिए कई बार पैसे और गहने दिए, जिसमें बेटी के जन्म पर 5 तोला सोना, 10 लाख रुपए नकद, 2023 में पति की फैक्ट्री के लिए 25 लाख रुपए शामिल थे। इसके बावजूद आरोपी सोनिया पर पति के जन्मदिन के लिए मायके से फॉर्च्यूनर कार लाने का दबाव बना रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। इकलौती बेटी थी सोनिया मृतका के पिता बलबीर ने बताया कि सोनिया का अपने ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था, क्योंकि ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा बार-बार दहेज की डिमांड की जा रही थी। जिसके चलते वह प्राइवेट स्कूल में जॉब करती थी। मृतका की एक बेटी है। घटना के एक माह बाद केस दर्ज दहेज प्रताड़ना और दबाब से तंग आकर सोनिया ने दो सितंबर को ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पिता का आरोप है कि घटना के समय वे घर से बाहर थे और सूचना मिलने के बाद जब तक वे संभल पाते, आरोपियों ने जबरन शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गहरे सदमे से उबरने के बाद पीड़ित पिता बीर सिंह ने जीआरपी चौकी पलवल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि सोनिया को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले सभी छह नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और बेटी का सामान बरामद किया जाए।
सोनभद्र के घोरावल नगर में शनिवार सुबह रियल एस्टेट कारोबारी ओमप्रकाश भारद्वाज (62) का शव उनके घर में बिस्तर पर मिला। उनके गले पर निशान पाए गए हैं। इससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वाराणसी निवासी ओमप्रकाश भारद्वाज मुंबई में फ्लैट का कारोबार करते थे। पिछले करीब छह साल से वह घोरावल में रियल एस्टेट का काम कर रहे थे। उनकी पत्नी और बेटी मुंबई में रहती हैं। जिस मकान में उनका शव मिला, उसी परिसर में सोनांचल पब्लिक स्कूल भी संचालित होता है। बेटों से कहा- कारोबारी दोस्त आए हैं, मंदिर में ही सो जाओ ओमप्रकाश के बेटे विकास और आकाश शुक्रवार शाम मंदिर गए थे। रात में दोनों पिता के लिए खाना लेकर घर पहुंचे। बताया गया कि ओमप्रकाश ने बेटों से कहा कि उनके कारोबारी दोस्त आए हुए हैं, इसलिए दोनों मंदिर में ही सो जाएं। शनिवार सुबह दोनों बेटे वापस लौटे। उन्होंने पिता को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोनों पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुए। अंदर बिस्तर पर पिता का शव देखकर उन्होंने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। CCTV और बिजली बंद मिलने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि रात के समय स्कूल का सीसीटीवी और बिजली बंद थी। परिवार की ओर से मोबाइल से कॉल डिटेल डिलीट किए जाने की बात भी कही गई है। घटनास्थल से खून लगा कपड़ा और रस्सी के टुकड़े मिलने की बात सामने आई है। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, कस्बा चौकी प्रभारी उदय नारायण कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक जांच टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतक के बेटे विकास ने हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मर्चरी हाउस भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट कस्बा चौकी प्रभारी उदय नारायण कुशवाहा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वाराणसी में आतंकवाद और आपातकालीन चुनौतियों से निपटने के साथ अब यूपी एटीएस के अधिकारी और कमांडो जीवनरक्षा की तकनीक सीपीआर-एईडी में भी दक्ष हो रहे हैं। इसी उद्देश्य से एटीएस ईस्ट जोन, वाराणसी में अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए सीपीआर एवं एईडी का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह के मार्गदर्शन में राजकीय चिकित्सा अधिकारी एवं सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, सीपीआर शुरू करने और एईडी के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। मैनिकीन्स पर चेस्ट कंप्रेशन और सीपीआर तकनीक का लाइव अभ्यास भी कराया गया। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। मेडिकल टीम के पहुंचने से पहले प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर शुरू करना और एईडी का सही इस्तेमाल जीवनरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस दौरान डीएसपी विपिन कुमार राय, इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी समेत अधिकारी, कर्मचारी और कमांडो मौजूद रहे।
मैं राहुल गांधी का हनुमान हूं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद बोले अजय राय
कांग्रेस हाईकमान ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। पद से हटने के बाद अजय राय ने खुद को राहुल गांधी का हनुमान बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां कहेंगे वहां लंका दहन करूंगा। उन्होंने कहा कि मुझसे कभी इस्तीफा नहीं मांगा गया।
ANTF और नागाणा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डोडा से भरी कार को जब्त किया है। वहीं तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। जब्त 2.48 क्विंटल डोडा-पोस्त की अनुमानित कीमत 37 लाख रुपए आंकी की गई है। तस्करी बिना नंबरी कार से की जा रही थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। ANTF टीम को सूचना मिली थी कि गांव काउ का खेड़ा में कवास से छीतर जाने वाली सड़क पर डोडा से भरी का आ रही है। इस पर एएनटीएफ और नागाणा पुलिस ने संयुक्त में कवास से छीतर जाने वाली रोड पर नाकाबंदी की। वाहनों की चैकिंग शुरू की। छीतर का पार से आ रही किया कार ड्राइवर ने पुलिस की नाकाबंदी देखकर वाहन को वापस घुमाकर भागने लगा। इस पर एएनटीएफ टीम ने वहीं पर दबोच लिया। तलाशी में मिला 2.48 क्विंटल डोडा-पोस्त वाहन की तलाशी लेने पर प्लास्टिक के काले कट्टों व कपड़े के बोरों में 2 क्विंटल 48 किलो 55 ग्राम डोडा-पोस्त मिले। वाहन को जब्त किया गया। ड्राइवर अशोक कुमार पुत्र आईदानाराम निवासी शिव हाल कवास थाना नागाणा को गिरफ्तार किया गया। 37 लाख का डोडा-पोस्त पुलिस के अनुसार जब्त मादक-पदार्थ 248.55 किलोग्राम डोडा-पोस्त की कीमत 37 लाख 20 हजार रुपए आंकी की गई है। कार के इंजन व चैचिस नंबर घिसे हुए पाए गए है। कार में उदयपुर पासिंग की नंबर प्लेट मिली है। इसको जब्त कर लिया है। आरोपी शिव थाने का हिस्ट्रीशीटर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नागाणा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं मादक-पदार्थ कहां से लेकर आया ओर किसको देने वाला था। इसको लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार क्राइम रिकॉर्ड खंगाला। शिव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ 12 मामले दर्ज है। इसमें चोरी, मादक-पदार्थ तस्करी समेत मामले दर्ज है।
पानीपत जिले में गेहूं के भाव में सरकार की ओर से प्रति क्विंटल महज 25 रुपए की बढ़ोतरी किए जाने पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल के दाम में नाममात्र की बढ़ोतरी की गई है। किसानों ने गेहूं के भाव में कम से कम 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी करने की मांग की है। भाकियू जिला प्रधान दिलबाग बिंझौल समेत किसानों ने कहा कि गेहूं का भाव पहले 2575 रुपए प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर 2600 रुपए किया गया है। यानी किसानों को प्रति क्विंटल सिर्फ 25 पैसे अधिक मिलेंगे। किसानों ने कहा कि प्रति किलो के हिसाब से यह महज 25 पैसे की बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि किसानों को कम से कम दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने चवन्नी बढ़ाकर किसानों को निराश किया है। 1692 रुपए आता है खर्च, बढ़ाया नाममात्र किसानों ने कहा कि सी-2 लागत के हिसाब से गेहूं के भाव में करीब 600 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। अगर सरकार इतना नहीं बढ़ा सकती थी, तो कम से कम 200 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करती। किसानों के अनुसार गेहूं की फसल तैयार करने में प्रति क्विंटल करीब 1692 रुपए खर्च आता है। खाद, बीज, दवा, डीजल और अन्य कृषि लागत के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद फसल के भाव में केवल 25 रुपये की बढ़ोतरी किसानों की लागत के मुकाबले बेहद कम है। करीब 34 करोड़ रुपए गन्ना भुगतान अटका किसानों ने उत्तराखंड के इकबालपुर स्थित चीनी मिल से गन्ने के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। किसानों के अनुसार मिल में भेजे गए गन्ने का करीब 34 करोड़ रुपए भुगतान बकाया है। यह राशि करीब 350 किसानों की बताई गई है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया, तो किसान सचिवालय के सामने गन्ना उतारकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान अटकने के कारण किसान आर्थिक संकट में हैं। BJP प्रदेशाध्यक्ष के घेराव की चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के घर का घेराव करने की भी चेतावनी दी। किसानों ने कहा कि लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण किसान बेहद परेशान हैं और कुछ किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। इस दौरान तेजपाल, गाजे सिंह, धर्मबीर, रणवीर गुलिया और जयकिशन समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
महिला नेता ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर लगाया रेप का आरोप, कहा- धमकी देकर किया शोषण
बलिया की एक महिला नेता ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर रेप का आरोप लगाया। वीडियो वायरल करने की महिला का कहना है कि धमकी देकर शोषण किया जाता रहा है। परेशान होकर महिला ने विरोध किया तो वीडियो वायरल कर दिया गया।
जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन, दर्ज की 3 FIR
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। ये एफआईआर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दर्ज की गई हैं।
धौलपुर के सामान्य अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। काफी समय तक उनके परिजनों का पता नहीं चला। परिजन नहीं मिलने पर निहालगंज थाना पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। दो दिन बाद भी जब मृतक के परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला, तो वार्ड नंबर 41 के पार्षद अनीश खान और समीर उर्फ आमिर ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ली। निहालगंज थाना पुलिस की एएसआई अभिलाषा की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों की मदद से मृतक के शव को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार पहाड़ वाले कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान हारून खान, हाफिज आबिद, शानू खान, शाहरुख खान, कमल कुशवाहा, निजामुद्दीन पहलवान, अरशद खान, राज बेग, परवेज खान और मोमिन खान सहित कई लोग मौजूद रहे। परिजनों के न मिलने पर समाज के लोगों ने बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।
बांका में विधवा महिला और उसके परिचित युवक को ग्रामीणों ने बिजली के पोल से बांधकर पीटा। इसका वीडियो शुक्रवार देर शाम सामने आया। घटना बौसी अनुमंडल अंतर्गत बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र के हरना गांव की है। महिला ने ग्रामीणों पर उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना 29 सितंबर की शाम की बताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पति के मौत के बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। पीड़ित महिला हरना गांव निवासी स्वर्गीय मनोज दास की पत्नी राखी कुमारी(24) है। वहीं, युवक धोरैया थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार(29) बताया गया है। महिला के आवेदन के अनुसार, वह अपने आठ साल के बेटे और चार साल की बेटी के साथ रहती है। उसके पति की करीब 2 साल पहले मौत हो चुकी है। सास-ससुर की भी मृत्यु हो चुकी है। महिला ने बताया कि उसका मायका बाराहाट थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव में है। पति और सास-ससुर की मौत के बाद मायके वालों से उसे अपेक्षित कोई सहयोग नहीं मिला। युवक चावल पहुंचाने आया था घर महिला के अनुसार, पति की मौत के बाद से मायके के समीप रहने वाले धोरैया थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार से उसकी बातचीत होती थी । 29 सितंबर की शाम करीब पांच बजे उसने धर्मेंद्र को घर के लिए चावल लेकर आने को कहा था। इसके बाद धर्मेंद्र चावल लेकर उसके घर पहुंचा। दोनों ने खाना खाया। कुछ देर बाद जब धर्मेंद्र वहां से जाने लगा, तभी कई ग्रामीण उसके घर पहुंच गए। महिला ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने दोनों पर प्रेम संबंध होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों ने धर्मेंद्र को पकड़कर घर के बाहर बिजली के पोल से बांध दिया और उसके साथ मारपीट की। महिला ने इसका विरोध किया तो उसे भी पोल से बांधकर मारपीट की गई। महिला ने कुछ लोगों पर गलत नीयत से छूने और कपड़े फाड़ने जैसी अभद्र हरकत करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों को ग्रामीणों से कराया मुक्त घटना की सूचना मिलने पर बंधुआ कुरावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए बौसी रेफरल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया गया। थानाध्यक्ष रनतेज भारती ने बताया कि मामले में कांड संख्या 85/26 दर्ज की गई है। प्राथमिकी में राजू कुमार, काजू कुमार, गोविंद कुमार, शंकर कुमार, राजाराम, रंजीत कुमार, गंगादास और राहुल कुमार समेत अन्य को नामजद किया गया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
भरतपुर के एसबीके स्कूल में आज छात्र संसद का गठन किया गया। इस दौरान अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए छात्राओं ने वोटिंग कि, प्रक्रिया के अनुसार वोटिंग कर दोनों पदों के लिए छात्राओं को चुना गया। नेहा शर्मा 125 वोट पाकर स्कूल की अध्यक्ष बनीं। सभी छात्राओं को चुनाव प्रक्रिया के बारे में बताया गया। स्कूल में छात्र संसद का किया गया गठन जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी ने बताया कि आज एसबीके स्कूल के प्रिंसिपल और स्टाफ और छात्र संसद का गठन किया। उसके लिए चुनाव प्रक्रिया करवाई गई। पूरी नियम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया करवाई गई। उसके बाद मतगणना की गई। बच्चों को वोटिंग और काउंटिंग के बारे में पूरी जानकारी दी गई। काजल पटवा बनीं उपाध्यक्ष छात्र संसद गठन में स्कूल के सभी स्टूडेंट्स ने बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। परिणाम की घोषणा कर छात्रा नेहा को स्कूल का प्रेसिडेंट चुना गया। दूसरी छात्रा काजल पटवा को बाइस प्रेसिडेंट चुना गया। नेहा को बनाया स्कूल की अध्यक्ष नेहा शर्मा छात्रा ने बताया कि मैं 12वीं कॉमर्स की स्टूडेंट हूं। मुझे को वोट मिले हैं उनका मैं सम्मान करती हूं। सभी छात्राओं की स्कूल से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करूंगी। मैं स्कूल में डिजिटल चीजें लाने का प्रयास करूंगी।
मितौली थाना क्षेत्र स्थित पिपरझला के शाहिदपुर गांव में शनिवार शाम एक अत्यंत दर्दनाक हादसा हो गया। चलते तेल कोल्हू मशीन में कड़ा फंस जाने के कारण एक युवती का हाथ चपेट में आ गया और कटकर शरीर से अलग हो गया। इस हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, शाहिदपुर गांव की रहने वाली साक्षी (20) शनिवार शाम गांव में ही लगे एक तेल निकालने वाले कोल्हू के पास खड़ी थी। उस समय कोल्हू मशीन चालू हालत में थी। बताया जा रहा है कि साक्षी के हाथ में एक कड़ा पहना हुआ था। मशीन के पट्टे से उलझा कड़ा, हाथ कटकर अलग चलते कोल्हू में से कुछ निकालने के प्रयास में उसका कड़ा मशीन के पट्टे या गियर में उलझ गया। देखते ही देखते साक्षी का पूरा हाथ मशीन की चपेट में आ गया और खिंचता चला गया। युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में कोल्हू का इंजन बंद किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और साक्षी का हाथ कटकर शरीर से अलग हो चुका था। लखीमपुर जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर हादसे के बाद मौके पर भारी चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत खून से लथपथ युवती को संभाला और निजी वाहन के जरिए जिला अस्पताल लखीमपुर ले गए। लखीमपुर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोट के कारण उसे तत्काल लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, साक्षी जन्म से ही अपने नाना के घर शाहिदपुर में रह रही थी। गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि युवती की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज की सख्त जरूरत है।
मोतिहारी में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद शव को एंबुलेंस की जगह जुगाड़ ठेला गाड़ी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस घटना से नाराज परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ। मौके पर ही मौत हो गई यह घटना रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास हुई। मृतक की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के मठवा गांव निवासी नथुनी साह के बेटे उमेश कुमार के रूप में हुई है। उमेश की बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। मोतिहारी-तुरकौलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को एंबुलेंस से भेजने के बजाय जुगाड़ ठेला गाड़ी पर लादकर सदर अस्पताल भेजा। परिजनों ने एंबुलेंस या शव वाहन न होने पर नाराजगी जताई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर मोतिहारी-तुरकौलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने परिजनों को समझाया और कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद जाम खत्म हुआ और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक एवं स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 3 से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का संदेश ‘सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं’ रहेगा। सीएमएचओ डॉक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में आयोजित होने वाले अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब टीमों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं संबंधित संस्थानों के सहयोग से आमजन तक सुरक्षित खान-पान का संदेश पहुंचाया जाएगा। स्कूलों में ईट राइट गतिविधियां अभियान के प्रारंभिक चरण में 3 एवं 5 अक्टूबर को ‘स्कूल ईट राइट डे’ के तहत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां होंगी। विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक नाश्ता, श्रीअन्न के उपयोग, हाथ धोने के सही तरीके और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने के बारे में जानकारी दी जाएगी। पोस्टर, स्लोगन एवं निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ‘मास्टर/मिस ईट राइट’ स्टूडेंट एम्बेसडर जैसी गतिविधियां भी होंगी। मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच 6 एवं 7 अक्टूबर को ‘मिलावट को पहचानो-मिलावट को हराओ’ अभियान के तहत मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले एवं मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के आसान तरीकों की जानकारी दी जाएगी। आमजन द्वारा लाए गए खाद्य नमूनों की मौके पर जांच कर उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ राजस्थानी थाली का संदेश 8 एवं 9 अक्टूबर को ‘हेल्दी राजस्थान-हेल्दी थाली डे’ आयोजित होगा। इसमें स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के साथ कम नमक, कम चीनी और कम तेल के उपयोग का संदेश दिया जाएगा। फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और श्रीअन्न को स्वस्थ थाली का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ें 11 एवं 12 अक्टूबर को ‘रीड द लेबल-ईट राइट, ईट सेफ’ गतिविधियां होंगी। आमजन को पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले एफएसएसएआई लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर, निर्माण एवं पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी तथा शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न देखने के लिए जागरूक किया जाएगा।यह गतिविधियां मॉल, प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आदि जगह आयोजित की जाएंगी। कॉलेज एवं अस्पतालों में ‘ईट राइट कैम्पस’ 13 एवं 14 अक्टूबर को ‘ईट राइट कैम्पस डे’ के तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कैंटीन की स्वच्छता, फूड हैंडलर्स का प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल, हेल्दी एवं मिलेट मेन्यू तथा भोजन की बर्बादी रोकने पर विशेष जोर रहेगा। भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश 15 एवं 16 अक्टूबर को ‘फूड वेस्ट-सेव फूड डे’ के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, हॉस्टल, मैरिज गार्डन, कैटरिंग प्रतिष्ठानों एवं स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस दौरान ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश दिया जाएगा। भोजन साझा करने, जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने और खाद्य अपशिष्ट को अलग रखने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली के लिए दिलाई जाएगी शपथ अभियान के दौरान आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले लेबल पढ़ने, भोजन में नमक, तेल एवं चीनी की मात्रा कम करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन श्रीअन्न का सेवन करने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग अथवा शारीरिक व्यायाम करने तथा भोजन को व्यर्थ नहीं करने का संकल्प शामिल है।
बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। शनिवार को बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। तिरहुत शिक्षक सीट के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। राजेश राठौड़ के निर्दलीय मैदान में उतरने से महागठबंधन के भीतर इस सीट पर अलग-अलग दावेदारी का सवाल भी चर्चा में है। हालांकि राठौड़ ने इसे गठबंधन में दरार के तौर पर देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह दलगत चुनाव नहीं है। इसमें शिक्षक मतदाता अपने मुद्दों और उम्मीदवार के काम को देखकर मतदान करते हैं। बोले- 10 साल से शिक्षकों की आवाज उठा रहा, इसलिए मैदान में उतरा नामांकन के बाद राजेश राठौड़ ने कहा कि वे पिछले 10 साल से शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षक लगातार उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहते रहे। इसी वजह से उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। महागठबंधन में मतभेद के सवाल पर कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है। उनके अनुसार, यहां मतदाता किसी पार्टी के नाम पर नहीं बल्कि शिक्षक और स्नातक हितों को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। समर्थन मिलने का जताया भरोसा राठौड़ ने पिछले चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछली बार एनडीए के उम्मीदवार तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चौथे स्थान पर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि इन सीटों पर सिर्फ दल के आधार पर चुनाव नहीं होता। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के मुद्दों के लिए काम करने की बात करेगा, उसे ही मतदाताओं का समर्थन मिलेगा। मैदान में कई प्रमुख चेहरे तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि जनसुराज ने श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा है। जनसुराज से अलग होकर भूषण झा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह, जो सीपीआई से जुड़े हैं, इस सीट से चुनाव मैदान में हैं। 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की सूचना है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। तिरहुत शिक्षक सीट समेत बिहार की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।
अमृतसर में नानकसर कलेरां के बाबा लक्खा सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में शनिवार को अपना पक्ष रखा। उन पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से निजी मुलाकात और बेअदबी विरोधी कानून की कथित तारीफ का आरोप था। उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को दिए स्पष्टीकरण में माना कि मुख्यमंत्री से मिलना उनकी भूल थी। श्री अकाल तख्त साहिब ने बाबा लक्खा सिंह से इन मामलों पर जवाब मांगा था। यह जवाब पंजाब सरकार के ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ की कथित तारीफ और मुख्यमंत्री से 29 सितंबर को मुलाकात को लेकर था। इस कानून पर अकाल तख्त ने आपत्ति जताई थी। अस्पताल के काम के सिलसिले में की थी मुलाकातबाबा लक्खा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात नानकसर संप्रदाय के अस्पताल से जुड़े काम करवाने के लिए थी, क्योंकि सरकारी अधिकारी असमर्थ थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कानून की तारीफ नहीं की थी, बल्कि पंजाब सरकार ने उनके हवाले से बयान जारी किए थे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहे हैं और तख्त साहिब की ओर से जारी हर आदेश को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं करनी चाहिए थी। बेअदबी कानून की प्रशंसा करने से किया इनकारबाबा लक्खा सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी संबंधी कानून की प्रशंसा नहीं की थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मीडिया में प्रकाशित खबरों के लिए उनकी ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया था, बल्कि पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर उनके हवाले से बयान जारी किया था। पांच सिंह साहिबान की बैठक में होगा फैसलाश्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के इंचार्ज बगीचा सिंह ने बताया कि बाबा लक्खा सिंह की ओर से सौंपा गया स्पष्टीकरण और क्षमा याचना जत्थेदार ने प्राप्त कर ली है। इस मामले पर पांच सिंह साहिबान की बैठक में विचार किया जाएगा, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब ने किए थे पत्र जारी गौरतलब है कि इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की ओर से बाबा लक्खा सिंह के अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से जुड़े दो सदस्यों मिठू सिंह कहनेके और जसवंत सिंह पुड़ैन को भी पत्र जारी किए गए थे। तीनों से मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के मामले में 10 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण सौंपने को कहा गया था।
जयपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी में करीब 300 विद्यार्थियों की मूल डिग्री और अंकतालिका रोके जाने के आरोप को लेकर शुक्रवार को हंगामा हुआ। छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
रामपुर बुशहर: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने नोगली में की जनसभा, जन समस्याएं भी सुनीं
रामपुर बुशहर: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने नोगली में की जनसभा, जन समस्याएं भी सुनीं
हरदोई में बाढ़ के पानी ने ली मासूम की जान:रातभर तलाश के बाद मिला शव, खेलते हुए घर से पीछे चला गया था
बिलग्राम क्षेत्र में चिरंजू पुरवा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से दो साल के मासूम अनमोल की मौत हो गई। शुक्रवार शाम घर में खेलते समय वह अचानक घर के पीछे चला गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर परिवार और आसपास के लोगों ने उसे खोजा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार सुबह घर के पीछे भरे बाढ़ के पानी में उसका शव मिला। परिजनों के अनुसार, अनमोल पुत्र सियाराम शुक्रवार शाम करीब 4 बजे घर में खेल रहा था। इसी दौरान वह खेलते-खेलते घर के पीछे चला गया। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दिया तो परिवार के लोगों ने आसपास तलाश की। रात होने तक खोजबीन जारी रही, लेकिन मासूम का पता नहीं चल सका। परिवार के लोग पूरी रात उसकी तलाश में जुटे रहे। शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे अनमोल के चाचा वेदराम और पिता सियाराम घर के पीछे पहुंचे। वहां बाढ़ के पानी में अनमोल डूबा मिला। परिजन उसे तत्काल बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि हाल की बारिश और बाढ़ के कारण गांव में कई स्थानों पर पानी भर गया है। अनमोल के घर के पीछे भी काफी पानी जमा था। इसी पानी में डूबने से उसकी मौत होने की आशंका है। खेती-किसानी करते हैं। अनमोल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से जानकारी ली। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी फाइव ईयर लॉ कॉलेज (UFYLC) में शनिवार से 14वीं UFYLC-रांका नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 की शुरुआत हुई। प्रतियोगिता में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विजय बिश्नोई, राजस्थान हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जेके रांका और डिप्टी सीएम दीया कुमारी शामिल हुईं। राजस्थान यूनिवर्सिटी में मूट कोर्ट का यह कॉम्पीटिशन 3 से 5 अक्टूबर तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन UFYLC की ओर से रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है। डिप्टी सीएम बोलीं - राजस्थान यूनिवर्सिटी से निकलने वाले लोग ब्रिलियंट डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने देशभर से आए लॉ स्टूडेंट्स से कहा कि मूट कोर्ट प्रैक्टिस थ्योरी और प्रैक्टिकली दोनों नॉलेज देती हैं। इससे प्रैक्टिक्लिली सीखना जरूरी है कि कैसे कोर्ट में काम होता है इसीलिए यह सब करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी से हमेशा से ब्रिलियंट लोग निकले हैं। समस्याएं ग्रे होती हैं - जस्टिस विजय बिश्नोई सुप्रीम कोर्ट के जज विजय बिश्नोई ने स्टूडेंट्स से कहा कि वास्तविक जीवन में आने वाली कई कानूनी समस्याओं का कोई स्पष्ट या पहले से तय समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि वास्तविक जिंदगी शायद ही कभी पूरी तरह ब्लैक एंड व्हाइट होती है, जहां सही और गलत के बीच स्पष्ट रेखा खींची जा सके। उन्होंने कहा कि ज्यादातर समस्याएं ग्रे होती हैं। देशभर के लॉ स्टूडेंट्स जुटे प्रतियोगिता में देशभर के बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ने वाले लॉ स्टूडेंट्स इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लॉ स्टूडेंट्स को कोर्ट रूम जैसी परिस्थितियों में अपनी लीगल रिसर्च, मेमोरियल राइटिंग और बहस की क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। 3 और 4 अक्टूबर को प्रतियोगिता के ओरल राउंड होंगे, जबकि 5 अक्टूबर को वैलेडिक्टरी समारोह के साथ कॉम्पीटिशन का समापन होगा।

