खस्ताहाल हो चुके खंडवा-मूंदी रोड़ के टेंडर को लेकर हर कोई इंतजार कर रहा है। 32 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर रोजाना हादसे हो रहे हैं, लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस रोड के टेंडर 15 सितंबर से पहले जारी होने की घोषणा कर चुके हैं। इसी बीच अब मांधाता और खंडवा विधायक ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि दो-तीन दिन में मूंदी रोड के टेंडर जारी हो जाएंगे। उनकी फोन पर पीडब्ल्यूडी मंत्री से बात हो चुकी है। बता दें कि खंडवा-मूंदी रोड की स्वीकृति 3 साल पहले हो चुकी थी। लेकिन इसके टेंडर और अन्य प्रक्रिया फाइलों में दबी रह गई। पहले रोड़ निर्माण के लिए 153 करोड़ रूपए का बजट विश्व बैंक परियोजना फंड से स्वीकृत हुआ था। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने प्रारंभिक सर्वे के बाद बजट स्वीकृत कर दिया लेकिन बाद में पैसा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद करणी सेना और क्षेत्र के लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने शासन को अवगत कराया। तब जाकर शासन ने अपने स्तर पर कवायद शुरू की और अपने बजट से अब 180 करोड़ रूपए की राशि सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत कर दी है। सीएम की घोषणा के बाद लोग इंतजार कर रहेदरअसल, खस्ताहाल सड़क को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह पुरनी ने मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने उचित कार्रवाई ना होने पर सितंबर महीने में ही पैदल यात्रा निकालने की चेतावनी दी थी। इसके बाद मांधाता विधायक नारायण पटेल और खंडवा विधायक कंचन तनवे भोपाल गए और मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने जल्द टेंडर प्रक्रिया कराने को कहा। बाद में मुख्यमंत्री गुरू पूर्णिमा के अवसर पर खंडवा आए तो उन्होंने सरकारी मंच से घोषणा की कि 15 सितंबर से पहले तक टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। तब से लोग टेंडर लगने का इंतजार कर रहे है। अफसर बोले- हम भी इंतजार कर रहेटेंडर जारी होने को लेकर एक तरफ दोनों विधायक दावा कर रहे है कि दो-तीन दिन में टेंडर हो जाएंगे। उनकी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेशसिंह से फोन पर बात हुई है। वहीं निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी के अफसरों ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी राहुल चौहान ने बताया कि टेंडर होना का सुनने में आया है, लेकिन अभी कुछ कह नहीं सकते। अब तो 15 सितंबर तक ही पता चलेगा कि टेंडर हो रहे हैं या नहीं। हम लोग भी इंतजार में हैं। इधर, खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि यह मामला भोपाल स्तर का है।
मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों को लंबित टैक्स असेसमेंट के मामलों में राहत दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के पात्र मामलों में व्यापारियों की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर स्व-घोषणा के जरिए कर निर्धारण पूरा माना जाएगा। वाणिज्यिक कर विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। यह व्यवस्था मध्यप्रदेश वैट अधिनियम 2002, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956, मोटर स्पिरिट उपकर अधिनियम 2018 और हाई स्पीड डीजल उपकर अधिनियम 2018 के तहत लंबित मामलों पर लागू होगी। निर्धारित फॉर्म में आवेदन करने पर विभाग उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर असेसमेंट पूरा करेगा। किन पंप संचालकों को मिलेगा लाभ यह सुविधा उन्हीं पंजीकृत पेट्रोल पंप संचालकों को मिलेगी, जिन्होंने मध्य प्रदेश में अधिसूचित तेल कंपनियों या पंजीकृत व्यापारियों से टैक्स और उपकर चुकाकर पेट्रोल, डीजल या CNG खरीदा है। साथ ही वर्ष 2024-25 में उनके खिलाफ टैक्स चोरी का मामला नहीं होना चाहिए। इसके अलावा अतिरिक्त कर या ऑडिट से संबंधित लंबित नोटिस का अनुपालन बाकी नहीं होना चाहिए और संबंधित वर्ष के लिए रिफंड का दावा भी नहीं किया गया हो। आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी पंप संचालकों को आवेदन के साथ कर और ब्याज जमा करने की चालान कॉपी लगानी होगी। 2 करोड़ रुपए से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों को CA की ऑडिट रिपोर्ट भी देनी होगी। CST में छूट या रियायती दर का लाभ लिया गया है तो फॉर्म-C, F, E आदि मूल दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। चार प्रकार के फार्म होंगे फॉर्म-ए : वैट के लिए फॉर्म-बी : केंद्रीय बिक्री कर के लिए गलती मिलने पर सुधार का मौका आवेदन की जांच में कोई कमी या गलती मिलने पर अधिकारी लिखित नोटिस जारी कर सुनवाई और सुधार का मौका देंगे। तय समय में कमी दूर करने पर आवेदन स्वीकार किया जा सकेगा। सुधार नहीं करने या सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर आवेदन खारिज किया जा सकता है। 30 दिन में आपत्ति नहीं तो आवेदन मान्य नई व्यवस्था में विभाग के लिए समयसीमा भी तय की गई है। आवेदन जमा होने के बाद 30 दिन के भीतर कोई आपत्ति या सूचना नहीं भेजी जाती है तो आवेदन स्वत: स्वीकार माना जाएगा और असेसमेंट पूरा हो जाएगा। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। इन मामलों को नहीं मिलेगा लाभ टैक्स चोरी के मामलों में फंसे कारोबारी इस सुविधा के दायरे से बाहर रहेंगे। वर्ष 2024-25 में कर चोरी पकड़े जाने, अतिरिक्त कर की मांग का नोटिस जारी होने और उसका अनुपालन नहीं करने वाले मामलों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह कर ऑडिट के बाद जारी नोटिस का अनुपालन नहीं करने वाले और संबंधित वर्ष में कानून के तहत रिफंड का दावा करने वाले पंप संचालक भी इस व्यवस्था के पात्र नहीं होंगे।
रोहट बाइपास पर प्रस्तावित नाला निर्माण:क्षेत्रवासियों ने जताया विरोध, SDM को सौंपा ज्ञापन
पाली के रोहट कस्बे के पास निर्माणाधीन बाइपास पर प्रस्तावित नाला निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने SDM को ज्ञापन सौंपकर नाला निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है। साथ ही लोगों का कहना है कि इस निर्माण से पहले प्रशासन को ठीक से जांच करनी चाहिए। इसी के साथ लोगों ने निर्माण कार्य न रुकने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। नाला निर्माण को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन ग्रामीणों का कहाना है कि संबंधित निर्माण कंपनी ने नाला निर्माण का कार्य जारी रखा तो कॉलोनीवासियों की ओर से पुरजोर विरोध किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य रुकवाने के लिए आंदोलन की चेतावनी भी दी है। नाला निर्माण रोकने के लिए SDM को ज्ञापन कस्बे के लोगों ने मामले में बुधवार को रोहट SDM रण कुमार को ज्ञापन सौंपकर नाला निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि बाइपास पर बनाए जा रहे नाले से बरसाती पानी की निकासी ऋषभनगर, खेतेश्वर नगर और बस स्टैंड क्षेत्र की ओर होने की आशंका है। ऐसे में बरसात के दौरान इन इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो जाएगी। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से निर्माण कार्य का तकनीकी स्तर पर जांच करवाने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। ये मौजूद रहे ज्ञापन देने के दौरान एडवोकेट सुनील डूडी, भगाराम पटेल, जबर सिंह चोटिला, छोगा राम देवासी, शिवाराम पटेल अरटिया, अशोक भाम्बु, नेनजी पालीवाल, राजूभाई पालीवाल, अशोक पटेल, पप्पू विश्नोई, लक्ष्मण शर्मा, दिनेश प्रजापत, मनीष वैष्णव सहित कई लोग मौजूद रहे।
सीकर में 3 युवती और 1 महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। सभी 8 सितंबर को लापता हुई। अब परिवार और पुलिस इन सभी की तलाश कर रही है। 20 साल की युवती लापता युवती के लापता होने के मामले में उसकी मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी 8 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे सामान लाने के लिए घर से निकली थी। आशंका है कि कोई युवक उसे अपने साथ ले गया। एक युवक कई दिनों से उससे फोन पर बात करता था। 19 साल की युवती लापता सीकर में 19 साल की युवती के भी लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के दादा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी पोती 8 सितंबर की सुबह 4-5 बजे से लापता है। जिसका कुछ पता नहीं चल पाया है। 21 साल की युवती लापता सीकर में 21 साल की युवती के भी लापता होने का मामला सामने आया है। जिसमें परिजनों ने बताया कि 8 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे बेटी घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। 27 साल की महिला भी लापता सीकर में 27 साल की महिला के भी लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी पत्नी 8 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। इसके बाद से पत्नी का कुछ पता नहीं चल पाया है।
बारां जिले में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। इसमें अटरू, मांगरोल और छबड़ा नगरपालिका शामिल हैं।अटरू के 25 वार्डों में 103 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 53 निर्दलीय हैं। मांगरोल के 35 वार्डों में 126 उम्मीदवार हैं, जिनमें 55 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं, छबड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में 115 उम्मीदवार हैं, जिनमें 27 निर्दलीय हैं। 95 पोलिंग बूथ बनाए गएतीनों निकायों के कुल 95 वार्डों के लिए 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें छबड़ा में 35, मांगरोल में 35 और अटरू में 25 बूथ हैं। इन बूथों पर कुल 62,728 मतदाता अपने वोट डालेंगे। इनमें 31,978 पुरुष, 30,749 महिला और एक ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।छबड़ा में 23,784 मतदाता हैं, जबकि मांगरोल में 19,787 और अटरू में 15,157 मतदाता हैं। चुनाव प्रचार का शोर बंददूसरे चरण के चुनाव के लिए 48 घंटे की मौन अवधि लागू हो गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल जनागल ने बताया कि 9 सितंबर की शाम 6 बजे से 11 सितंबर की शाम 6 बजे तक चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान सभा, जुलूस, रोड शो और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद रहेगा। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में प्रचार सामग्री बांटने, सोशल मीडिया पर प्रचार करने, एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल छापने पर भी रोक रहेगी। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में शराब की दुकानें और बार भी बंद रहेंगे।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के भैसाना गांव के पास बुधवार शाम हुए भीषण रोडवेज बस हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में बागपत के फरमान, उनकी तीन साल की बेटी सुहाना उर्फ अल्लो, बुढ़ाना निवासी उनके बहनोई मोमीन और शामली के कांधला निवासी चचेरे भाई साजिद एवं इदरीश की मौत हो गई। हादसे के बाद किसी घर में बच्चों की शादी की तैयारियां थम गईं तो किसी घर में अपनों के लौटने का इंतजार हमेशा के लिए खत्म हो गया। कांधला के मोहल्ला खैल कलां निवासी साजिद बुधवार को अपने चचेरे भाई इदरीश के साथ बाइक से मुजफ्फरनगर आए थे। साजिद की दो बेटियों की शादी 18 सितंबर को होनी है। दोनों चचेरे भाई रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांटने के लिए घर से निकले थे। दिनभर शादी का निमंत्रण बांटने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भैसाना गांव के पास रोडवेज बस की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। जैसे ही परिवार को हादसे की खबर मिली, शादी की तैयारियों में जुटे घर में मातम पसर गया। जिन रिश्तेदारों के घर साजिद और इदरीश शादी के कार्ड लेकर गए थे, अब उन्हीं रिश्तेदारों के सामने दोनों के अंतिम विदाई की चिंता खड़ी हो गई। परिजनों के अनुसार साजिद ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी चार बेटियां हैं। इदरीश भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे। उनके पांच बेटे और पांच बेटियां हैं। दोनों परिवारों के लिए 18 सितंबर का दिन खुशियों का दिन होना था, लेकिन हादसे ने इन तैयारियों को गहरे दुख में बदल दिया। दूसरी ओर, बागपत के तमेलागढ़ी निवासी फरमान भी अपनी तीन साल की बेटी सुहाना और बहनोई मोमीन के साथ घर लौट रहे थे। परिजनों के अनुसार फरमान सोरम गांव गए थे और लौटते समय शाहपुर से दवा लेकर आने की बात कहकर निकले थे। उन्हें अपनी बेटी के बुखार की दवा के साथ खुद के लिए भी फुंसी-फोड़े की दवा लेनी थी। लेकिन दवा लेकर घर लौटने से पहले ही भैसाना के पास हादसा हो गया। हादसे में फरमान, उनकी मासूम बेटी सुहाना और बहनोई मोमीन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिसकर्मियों ने गांव में फोन कर परिवार को हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन मुजफ्फरनगर पहुंचे। तमेलागढ़ी में फरमान के परिवार में पत्नी नसीमा, बेटा रहमान, मां समीना, पिता उमरदीन और भाई आशु सहित अन्य परिजन हैं। फरमान परिवार के साथ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। बेटी के लिए दवा लेकर लौटने की बात कहकर निकले फरमान के साथ उनकी तीन साल की बेटी की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। बुधवार दोपहर करीब सवा तीन बजे बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भैसाना गांव के पास बड़ौत डिपो की रोडवेज बस ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के दौरान सामने से आ रही दो बाइकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। SSP संजय कुमार वर्मा के साथ–साथ एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एक ही हादसे ने पांच जिंदगियां खत्म कर दीं, लेकिन पीछे 4 परिवारों के लिए जिंदगी बदल दी। कहीं बेटियों की शादी के कार्ड अब खुशियों की जगह दर्द की याद बन गए हैं, तो कहीं तीन साल की बच्ची के लिए दवा लेने निकला पिता अपनी बेटी समेत घर वापस नहीं लौट सका।
शहरी सरकार का चुनाव:वोटिंग खत्म होते ही पार्टियों ने गायब किए कैंडिडेट
निकाय चुनाव का पहले चरण का मतदान होते ही कैंडिडेट रातोंरात पार्टियों की बाड़ाबंदी में पहुंचा दिए गए। उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में प्रत्याशियों को लग्जरी बसों में ले जाने और होटल में खाना खिलाने के वीडियो सामने आए। पूरा वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
इंदौर के सेंट्रल जेल में एनडीपीएस एक्ट के मामले में बंद विचाराधीन कैदी पर एक अन्य कैदी ने खाना बांटने वाले डंके से हमला कर दिया। आरोपी ने कैदी के सिर और नाक पर वार किए। घटना के बाद जेल अस्पताल में उसका प्राथमिक इलाज कराया गया और मेडिकल कराया गया। सेंट्रल जेल प्रबंधन की शिकायत पर एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपी कैदी के खिलाफ केस दर्ज किया है। बैरक नंबर 2 के पास घूम रहा था कैदी सेंट्रल जेल अधिकारियों की शिकायत के अनुसार, जूना पीठा निवासी शाकीर उर्फ मेडिकल पुत्र नासिर एनडीपीएस के मामले में विचाराधीन कैदी है। शाकीर ने जेल प्रशासन को बताया कि वह बैरक नंबर 2 के पास घूम रहा था। इसी दौरान कैदी पुष्पेंद्र पुत्र लक्ष्मी किशोर वहां आया और बिना किसी कारण के उसे गालियां देने लगा। विरोध करने पर पुष्पेंद्र वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह खाना बांटने वाला डंका लेकर वापस आया। डंका लेकर लौटा और हमला कर दिया पुष्पेंद्र ने आते ही शाकीर के सिर और नाक पर डंके से वार करना शुरू कर दिया। हमले में घायल होकर शाकीर जमीन पर गिर गया। इसके बाद वार्ड का संतरी और अन्य कैदी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। संतरी और अन्य कैदियों ने पुष्पेंद्र को पकड़ लिया और शाकीर को बचाया। जेल प्रशासन के अनुसार, हमले की सही वजह अभी पता नहीं चल सकी है। 15 दिन पहले जिला जेल में भी हुआ था हमला करीब 15 दिन पहले इंदौर की जिला जेल में बंद सोनू उर्फ खरगोश पर भी दो कैदियों ने हमला किया था। सोनू खजराना के बिल्डर मनोज नागर पर फायरिंग के आरोप में जेल में बंद था। बाद में सामने आया था कि सुपारी देकर सोनू पर चाइनीज चाकू से हमला कराया गया था। इसके बाद हमलावर को सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। हालांकि, जिला जेल प्रशासन ने चाइनीज चाकू से हमला होने की बात से इनकार किया था। इस घटना के बाद दोनों जेलों में चेकिंग व्यवस्था सख्त की गई थी।
सहारनपुर में 17.29 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए सवाल खड़े हो रहे हैं। NIA ने निलंबित करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। इसी बीच करेंसी चेस्ट की कैश वाहन चलाने वाला ड्राइवर आदर्श 5 सितंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। उसके पिता ने अपहरण की आशंका जताते हुए बैंक के एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी अपहरण की पुष्टि नहीं की है। बुधवार को NIA की टीम ने न्यू नंदपुरी के अमित कुमार के निजी सहायक आदेश कुमार के घर पहुंचकर जांच की। टीम ने मकान में रखे दस्तावेज और अन्य कागजात खंगाले और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी तैनात रही। NIA ने स्थानीय लोगों से आदेश और अमित कुमार से जुड़ी कथित संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। पढ़ें पूरी खबर BJP विधायक बोले- 4 थानों में पुलिसवाले कर रहे वसूली:कहा- बिना पैसे लिए नहीं करते काम, पुलिस कमिश्नर से शिकायत की आगरा की फतेहपुर सीकरी विधानसभा से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के चार थानों से जुड़े छह पुलिसकर्मियों पर वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। विधायक ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र देकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ उन्होंने आरोपों से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस आयुक्त को सौंपे हैं। विधायक की शिकायत में किरावली थाने के एसएसआई मनोज दीक्षित और हेड मोहर्रिर संदीप कुमार के नाम हैं। इसके अलावा रुनकता चौकी प्रभारी आशीष त्यागी, एसआई तरुण चौधरी, मिढ़ाकुर चौकी के अमित कुमार और अछनेरा थाने के कारखास मुकेश यादव पर भी आरोप लगाए गए हैं। चौधरी बाबूलाल का आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते। मनमाने तरीके से कार्रवाई कर आम लोगों को परेशान किए जाने की शिकायतें भी उनके पास पहुंची हैं। विधायक ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली से क्षेत्र की जनता परेशान है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर बागपत में BJP नेता को धमकी देने वाले हिस्ट्रीशीटर के पैर में गोली मारी बागपत के बड़ौत में भाजपा नेता और पूर्व नगरपालिका चेयरमैन अमित राणा को जान से मारने की धमकी देने वाले हिस्ट्रीशीटर रवि का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। पुलिस की गोली रवि के पैर में लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस बुधवार रात करीब 9 बजे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बुलेट बाइक से आ रहे रवि को पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि रवि ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो रवि के पैर में लगी। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रवि भाजपा नेता अमित राणा पर एक मामले में फैसला करने का दबाव बना रहा था। फैसला नहीं होने पर उसने अमित राणा को फोन कर जान से मारने और उनके परिवार पर हमला करने की धमकी दी थी। इस मामले में अमित राणा ने 7 सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। पढ़ें पूरी खबर गाजियाबाद में मुठभेड़ में 2 बदमाश अरेस्ट:पैर में लगी गोली, लूट-चोरी का गैंग चलाते थे; तमंचे-जेवर और 4700 रुपए मिले गाजियाबाद में पुलिस ने बुधवार देर रात मुठभेड़ के बाद 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया। दोनों पुलिस टीम को देखकर फायरिंग कर भागने लगे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों के पैर में गोली मारकर पकड़ा। घायल बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए बदमाश चोरी और लूट की वारदात करते थे। इनके कब्जे से 2 तमंचे, सोने के जेवरात और 4700 रुपए बरामद हुए हैं। पूछताछ में दोनों ने अंकुर विहार में बंद मकान में चोरी और लोनी क्षेत्र में महिलाओं से कुंडल-पर्स लूटने की बात कबूल की है। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि 7 सितंबर को डीएलएफ चौकी क्षेत्र के सुंदर विहार में एक बंद मकान में चोरी हुई थी। बुधवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी में शामिल बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। सूचना के बाद थाना अंकुर विहार की पुलिस पिकेट और गश्त को सक्रिय किया गया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर नाकाबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर अमरोहा में मुस्लिम महिला ने काली मंदिर में की पूजा; बोली- आध्यात्मिक अनुभव हुआ; मैं ठीक हुई अमरोहा में मुस्लिम महिला का बुर्का पहने पूजा करते हुए वीडियो सामने आया है। काली माता मंदिर पहुंची महिला ने मां काली के दर्शन किए और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। इसका वीडियो बुधवार शाम को सामने आया। वीडिया में बुर्का पहने एक महिला पूजा करते दिखाई दे रही है। महिला झुककर मूर्ति को प्रणाम कर रही है। वह बीमार दिखाई दे रही है। उसके बगल में बुर्का पहने दूसरी महिला उसे कुछ समझा रही है। महिला का कहना है- पूजा के बाद उसे अलग तरह का आध्यात्मिक अनुभव हुआ। वह पूरी तरह से ठीक हो गई। हालांकि यह किस दिन का वीडियो है, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। मामला जिला मुख्यालय से 23 किलोमीटर दूर डिडौली कोतवाली क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर PET-2026 परीक्षा दो पालियों में 23 से 25 अक्टूबर तक होगी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने PET-2026 की परीक्षा तारीखों का ऐलान कर दिया है। परीक्षा 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को होगी। परीक्षा हर दिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। आयोग ने बताया कि प्रवेश पत्र जारी होने की जानकारी अभ्यर्थियों को वेबसाइट के जरिए अलग से दी जाएगी।
मेरठ के नेताओं को लुभाया 80 का रेट्रो ट्रेंड:भाजपा, सपा के सांसद, विधायक भी तस्वीरें कर रहे शेयर
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रेट्रो ट्रेंड मेरठ के नेताओं में भी पसंद किया जा रहा है। मेरठ में भाजपा सहित समाजवादी पार्टी के नेताओं की तस्वीरें 80 के लुक में रिक्रएट कर बहुत वायरल हो रही हैं।जनप्रतिनिधि भी AI की टाईम मशीन से 80 के दशक में पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर 1980 के दशक की रेट्रो तस्वीरों का एआई ट्रेंड मेरठ में भी छाया हुआ है। जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल के पदाधिकारी और कवि सहित अनेक शहरवासी अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं। कोट्स के साथ पोस्ट कर रहे फोटो मेरठ भाजपा पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने अपनी फोटो शेयर की है। नबाव सिंह नागर ने अपनी फोटो पर कैप्शन लिखा कि बेशक उम्र 80 के दशक से बाहर आ गई है। लेकिन समाजसेवा, जनसेवा का जुनून आज भी वैसा ही है। मेरठ महानगर भाजपा पदाधिकारी सीमा श्रीवास्तव, कवि सौरभ जैन सुमन व विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, महामंत्री संजीव गोयल सिक्का, क्षेत्रीय मंत्री अजय भारद्वाज भराला, महानगर पदाधिकारी रवीश अग्रवाल, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, सीमा श्रीवास्तव, पूर्व क्षेत्रीय मंत्री इंद्रपाल बजरंगी, पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने फोटो शेयर किए हैं। इसी तरह से अन्य लोगों ने भी इस ट्रेंड को अपनाया। सपा से सरधना सीट के विधायक अतुल प्रधान का फोटो भी उनके साथ विपिन नागर के साथ वायरल हो रहा है। अब जानिए क्या है ये नया रेट्रो ट्रेंडसोशल मीडिया पर रेट्रो ट्रेंड इस समय हिट है। इस डिजिटल ट्रेंड में लोग एआई (AI) की मदद से अपनी वर्तमान तस्वीरों को 1980 के दशक के फैशन, हेयर स्टाइल, कपड़ों, लाइटिंग और विंटेज फोटोग्राफी के रंग में ढाल रहे हैं। यह एक तरह की डिजिटल टाइम मशीन की तरह काम कर रहा है, जिसमें चेहरा वही रहता है लेकिन पूरा अंदाज 80 के दशक के बॉलीवुड हीरो या उस दौर के युवाओं जैसा हो जाता है। पूरे लुक को ही कर देता है चेंजदरअसल, इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पूरी तस्वीर के लुक को उस दौर के फैशन, स्टाइल और फोटोग्राफी के रंग में ढाला जाता है। इसमें एआइ चेहरे की पहचान को सुरक्षित रखते हुए कपड़े, हेयर स्टाइल, बैकग्राउंड, लाइट और फोटो की क्वालिटी को पूरी तरह बदल देता है। इसमें लोग दिखा रहे हैं कि अगर वे इस वक्त 1980 के दशक में होते तो कैसे दिखाई देते। यह ट्रेंड विभिन्न एआइ टूल्स पर छाया हुआ है।क्षेत्रीय अध्यक्ष सहित विधायकों ने शेयर की तस्वीरें मेरठ के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों और कवियों ने इंटरनेट मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर अपनी तस्वीरें साझा की हैं। मेरठ से धर्मेंद्र भारद्वाज (विधान परिषद सदस्य), राजेंद्र अग्रवाल (पूर्व सांसद), अमित अग्रवाल (कैंट विधायक), नवाब सिंह नागर (भाजपा पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष), सौरभ जैन सुमन (विख्यात कवि), संजीव गोयल सिक्का (क्षेत्रीय महामंत्री) और अजय भारद्वाज भराला (क्षेत्रीय मंत्री), सपा सरधना सीट के विधायक अतुल प्रधान की तस्वीर को साथी विपिन नागर ने शेयर किया है।
अजमेर में मानसून कमजोर पड़ने के साथ गुरुवार सुबह से धूप निकलने के कारण गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। मौसम में नमी होने के बावजूद बारिश की गतिविधियां कम हैं। जिले में अब तक 426.2 मिमी बारिश सामान्य मानी गई थी, जबकि 452.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। यानी सामान्य से 26.2 मिमी यानी करीब 6.15% अधिक बारिश हुई है। 14 सितंबर तक बारिश के आसार कम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 8 से 14 सितंबर के दौरान जिले में बारिश की गतिविधियां कम रहने के आसार हैं। सप्ताह के अधिकांश दिनों में मौसम शुष्क रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना रहेगी, लेकिन व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार कम हैं। बारिश नहीं होने और धूप निकलने से गर्मी के साथ उमस का असर बना रह सकता है। तीसरे सप्ताह के अंत में बन सकता है सिस्टम 15 से 21 सितंबर के दौरान सप्ताह की शुरुआत में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि सप्ताह के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक तीसरे सप्ताह के अंत और चौथे सप्ताह की शुरुआत में बारिश का नया दौर बनने की संभावना है। इससे जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। 22 सितंबर के बाद फिर शुष्क मौसम 22 से 30 सितंबर के दौरान जिले में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। महीने के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने से सितंबर में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। ऐसे में महीने के बचे दिनों में बारिश के कुछ ही सक्रिय दौर मिलने के आसार हैं।
गाजियाबाद में धूप खिलने से मौसम साफ:दिन में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पार, 10 किमी की गति हवा बह रही
गाजियाबाद में आज शुक्रवार को सुबह से तेज धूप खिली है। हल्के बादल भी धूप में रहेंगे, जहां दिन में मौसम साफ रहेगा। सितंबर माह एक तिहाई बीत गया है, ऐसे में मानसूनी बारिश का दौर कम होने लगा है। आज हवा 10 किमी प्रति घंटा से बह रही है। पिछले 5 दिन से बारिश नहीं हुई है। सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इससे पहले बुधवार को भी मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। 5 दिन से बारिश नहीं 4 सितंबर को झमाझम बारिश हुई थी। जहां दोपहर से लेकर शााम तक बारिश हुई। इसके बाद रात में रुक रुककर बारिश होती रही। 5 सितंबर को हल्की बारिश हुई। 6 सितंबर से मौसम साफ होना शुरू हुआ। 4 दिन तक लगातार हुई बारिश से तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा था। लेकिन अब तापमान फिर 35 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा है। 20 सितंबर से तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग के अनुसार एनसीआर और वेस्ट यूपी में सितंबर माह के आखिरी वीक तक ही मानसूनी बारिश का दौर रहता है। इस समय पहला वीक बीत चुका है, जहां 2 सप्ताह ही ही मानसूनी बारिश की संभावना है। हालांकि अक्टूबर माह के शुरुआत में भी कई बार बारिश हो जाती है। गाजियाबाद में अगस्त के दौरान बारिश का दौर अच्छा रहा। महीने की शुरुआत से ही कई दिनों तक मौसम बदला रहा। जहां 28 अगस्त तक लगातार बारिश जैसा मौसम रहा। 20 सितंबर के बाद रात के मौसम में नमी आने से तापमान में एक डिग्री की गिरावट आने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। अभी रात का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जहां सितंबर के लास्ट वीक में यह 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा। जिससे उमस से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के निवासियों और बिलासपुर-कटनी रेल रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। नई दिल्ली में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने पेंड्रा रोड से कटनी के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। अभी इस सेक्शन में तीन रेल लाइनें हैं। पेंड्रा रोड-बिलासपुर के बीच तीसरी लाइन इसके साथ ही पेंड्रा रोड से बिलासपुर के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का दबाव बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग मध्य भारत के व्यस्त रेल गलियारों में शामिल है। इस रूट पर मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों की संख्या भी ज्यादा है। ट्रेनों के बढ़ते दबाव के कारण कई बार यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों की आवाजाही होगी आसान नई रेल लाइनों के बनने से पूरे रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और समय पर संचालन में मदद मिलेगी। यात्रियों का समय बचेगा और रेल परिवहन भी बेहतर होगा। औद्योगिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा रेल नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्र में माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और आसपास के क्षेत्रों को इसका फायदा मिलेगा।
इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने हैं। 11 दिन से प्रयासरत कांग्रेस को अब तक कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति का लेटर कलेक्टर, नगर निगम, पुलिस और इंदौर डबलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के बीच घूम रहा है। उधर, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अनुमति मिले या न मिले, कार्यक्रम होकर रहेगा। वहीं प्रशासन वैधानिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने की बात कह रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि बुधवार को 24 घंटे में 50 हजार के साथ 1.50 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। नेहरू स्टेडियम के पुराने आयोजनों का हवाला कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम में पहले हुए बड़े आयोजनों का हवाला देते हुए अनुमति नहीं देने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने 8 फरवरी 2026 को भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला के यूथ वॉक कार्यक्रम और 10 नवंबर 2024 को 5 हजार महिलाओं के सामूहिक तलवारबाजी प्रदर्शन का उदाहरण दिया है। कांग्रेस का तर्क है कि जब स्टेडियम में पहले बड़े आयोजन हो चुके हैं तो राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति में दिक्कत क्यों आ रही है। दूसरी ओर प्रशासन आयोजन की अनुमति को निर्धारित नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर देखने की बात कह रहा है। एक दिन में 50 हजार रजिस्ट्रेशन से बढ़ी हलचल बुधवार को 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन होने के बाद कांग्रेस में उत्साह बढ़ा है। पार्टी का दावा है कि 19 सितंबर तक यह आंकड़ा और बढ़ेगा। बड़ी संख्या में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है। आयोजन स्थल तय होना अभी बाकी है। कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने की जमीन के विकल्प पर भी अनुमति मांगी है, जबकि नेहरू स्टेडियम को लेकर नगर निगम पहले ही अनुमति खारिज कर चुका है। अनुमति पर कलेक्टर बोले- वैधानिक प्रक्रिया का पालन होगा कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए वैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है। उनके मुताबिक अनुमति के लिए पुलिस विभाग के पास आवेदन लगाया जाता है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस उसका नियमानुसार परीक्षण करेगी और प्रक्रिया के अनुसार ही अनुमति जारी की जाएगी। अनुमति का मुद्दा अब राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल 19 सितंबर की तारीख नजदीक आने के साथ अनुमति का मामला प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे बड़े युवा कार्यक्रम की अनुमति से जोड़कर देख रही है, जबकि भाजपा की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी तेज है। अब निगाहें आयोजन स्थल और पुलिस की अनुमति पर टिकी हैं।
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव खत्म होने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी बाड़ेबंदी में पहुंच गए है। कांग्रेस के 38 और भाजपा के 40 प्रत्याशियों को बसों से बाड़ेबंदी कर जिले से बाहर लेकर रवाना हो गए। कांग्रेस प्रत्याशियों को उदयपुर और भाजपा प्रत्याशियों को माउंट आबू के पास किसी रिसॉर्ट में रखने की सूचना है। डूंगरपुर नगर परिषद चुनावों की गणना 14 सितम्बर को होगी। जबकि सभापति के चुनाव 21 सितम्बर और उपसभापति के चुनाव 22 सितम्बर को होंगे। बुधवार को मतदान खत्म होने के बाद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को चुनाव खत्म होने के बैग पैक रखने के निर्देश दे दिए थे। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने एक दिन पहले ही अपने बैग में कपड़े और जरूरी सामान को पैक कर दिया था। बसों में बैठाकर किया रवानाशाम 6 बजे जैसे ही मतदान खत्म हुआ और ईवीएम मशीनें सील होने के बाद रवाना हुई। वैसे ही प्रत्याशी भी अपने बैग लेकर पार्टी के बुलावे वाली जगह पर पहुंच गए। कांग्रेस प्रत्याशी पार्टी के चुनाव कार्यालय के पास इकट्ठे हुए। जबकि भाजपा के सभी प्रत्याशी देर रात को तिजवड़ भाजपा कार्यालय पर पहुंच गए। इसके बाद सभी प्रत्याशियों को बसों में बैठाकर रवाना कर दिया। कांग्रेस के 38 प्रत्याशी बाड़ेबंदी में है। जबकि भाजपा के 2 निर्विरोध प्रत्याशियों के साथ ही कुल 40 प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी में रखा गया है। वही बाड़ेबंदी से पहले कई प्रत्याशियों ने अपने वार्ड के प्रत्याशियों का आभार जताते हुए आखरी पोस्ट किया। इसके बाद सभी बसों से जिले से बाहर चले गए। इसमें कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रत्याशियों के उदयपुर के एक रिसोर्ट में रुकवाया गया है। जबकि भाजपा प्रत्याशियों के माउंट आबू के पास ही किसी रिसॉर्ट में ठहरने की सूचना है।
चतरा जिले के किशुनपुर में बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार बोलेनो कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ट्रक में फंस गई। हादसे में किशुनपुर निवासी सरयू राणा के 28 वर्षीय बेटे बसंत राणा की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार उपेंद्र राणा, रामदेव राणा और गुड्डू राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया। सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखें… बधार की ओर से लौट रहे थे कार सवार जानकारी के अनुसार बसंत राणा अपने साथियों के साथ कार से बधार की ओर से लौट रहे थे। इसी दौरान लखन मिस्त्री के घर के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। मृतक के परिजन उपेंद्र राणा ने आशंका जताई कि संभवत: सड़क पर अचानक किसी जानवर के आ जाने के कारण कार को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित हुआ होगा। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इधर, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से वाहनों को खड़ा करने से हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। हादसे में एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया, वहीं तीन युवकों के गंभीर रूप से घायल होने से गांव में शोक का माहौल है।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आ रही करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर दोनों याचिकाओं को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने बुधवार को खारिज कर दिया। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई की और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाएं निरस्त कर दीं। हालांकि, कोर्ट का विस्तृत और औपचारिक आदेश अभी जारी नहीं हुआ है। इसके बाद उज्जैन नगर निगम के लिए मस्जिद को हटाने या विस्थापित करने की कार्रवाई का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। मुस्लिम समाज में विरोध, ऊपरी अदालत में अपील की तैयारी नगर निगम की ओर से शाही मस्जिद को हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद से ही मुस्लिम समाज इसका विरोध कर रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मस्जिद ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की है, इसलिए इसे हटाया नहीं जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सैय्यद अशहर अली वारसी ने कहा कि अभी विस्तृत लिखित आदेश आना बाकी है। याचिकाएं खारिज की गई हैं, लेकिन आदेश का अध्ययन करने के बाद फैसले के खिलाफ डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी। सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण है गोपाल मंदिर रोड प्रशासन के अनुसार, सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। गोपाल मंदिर मार्ग शहर के व्यस्त और संकरे रास्तों में शामिल है। सिंहस्थ के दौरान यातायात को सुचारू रखने और भीड़ का दबाव कम करने के लिए इस मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी माना जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई मास्टर प्लान और निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है। इनकी ओर से दायर हुई थीं याचिकाएं पहली याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान के प्रतिनिधि अशफाक अहमद और शाही मस्जिद इंतजामिया कमेटी वक्फ पंच मोचियान के प्रतिनिधि एवं वाइस चेयरमैन अशफाक अहमद की ओर से दायर की गई थी। इसमें मप्र शासन, ज्वाइंट डायरेक्टर टीएंडसीपी, उज्जैन नगर निगम, बिल्डिंग ऑफिसर और कलेक्टर उज्जैन को पक्षकार बनाया गया था। दूसरी याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंच मोचियान के प्रेसीडेंट अरशान हुसैन की ओर से लगाई गई थी। इसमें मप्र शासन, उज्जैन नगर निगम और मप्र वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया था। मस्जिद प्रबंधन ने पुराने दस्तावेजों का दिया हवाला याचिकाकर्ताओं की ओर से मस्जिद को 100 वर्ष से अधिक पुराना और ऐतिहासिक बताया गया। पंचायत ने पुराने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि 17 मार्च 1925 को सिंधिया राजघराने के चेयरमैन, टाउन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्वालियर सरकार लश्कर की ओर से शहर काजी को पत्र जारी किया गया था। इसमें कुछ भूमि के अधिग्रहण के बाद मस्जिद के शेष हिस्से को यथावत रखने का उल्लेख होने का दावा किया गया है।
सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे पर गुरुवार को सुनवाई होगी। प्रतिमा देवी की आपत्ति और समझौते की वैधता पर अदालत में बहस होगी।
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार से नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
बलिया में गंगा और सरयू नदी का जलस्तर खतरे के बिन्दु के ऊपर होने से सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के कई गांव और नगर क्षेत्र के मोहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। शहर के निचले इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी घरों तक पहुंच गया है। प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए नाव ही मुख्य सहारा बनी हुई है। जहां पानी कम है, वहां लोग पैदल पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। गायघाट गेज पर गुरुवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 59.26 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 57.615 मीटर से करीब पौने दो मीटर ऊपर है। बुधवार को गंगा के जलस्तर में कमी देखी गई थी। वहीं चांदपुर गेज पर सरयू का जलस्तर मामूली बढ़ोतरी के साथ 59.23 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 58.00 मीटर से करीब सवा मीटर ऊपर है। सरयू के जलस्तर में अभी बढ़ोतरी जारी है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नावों का संचालन, राहत शिविर, कम्युनिटी किचन और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राशन किट, भोजन पैकेट और दवाइयों का वितरण लगातार जारी है। पशुओं के लिए टीकाकरण और भूसा आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। सदर तहसील के गांव और शहर के मोहल्ले प्रभावित सदर तहसील बलिया के मुड़ाडीह, जवही दियर, उपरपुर दियर, उमरपुर नौबरार, इच्छा चौबे का पुरा, बघऊच, शिवपुर दियर नम्बरी के मजरा कृपा राय का डेरा, प्रानपुर, भरसौता के गिरी के टोला, पिपरा खुर्द, हृदय चक, दुबहड़, बेलहरी, शाहपुर बभनौली, मझरिया कोट, माल्देपुर, सुल्तानपुर, हल्दी और मुर्की समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। नगर पालिका बलिया क्षेत्र के वजीरापुर, गायत्रीनगर, कृष्णा नगर, बेदुआ, निहोरा नगर, यारपुर, हीरपुर, बनकटा, कंसपुर, चन्दनूपुर, नेवरी ता. जमुआ और नेउरी ता. बिगही मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। बैरिया में गंगा-सरयू दोनों का असर बैरिया तहसील में सरयू नदी के पानी से गोपालनगर, झरकटहां, नवका गांव, वशिष्ठ नगर शिवाल और चांददियर प्रभावित हैं। वहीं गंगा के पानी से रामपुर कोडहरा, शिवपुर कपूरदियर, नौरंगा, भगवानपुर, भुवालछपरा, गोपालपुर के मजरा उदयी छपरा, दूबेछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला और सुघर छपरा के मजरा केहरपुर प्रभावित हुए हैं। चांददियर के आबादी वाले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। बांसडीह के कई गांव सरयू की बाढ़ में घिरे बांसडीह तहसील में भोजपुरवा, सुल्तानपुर, कमालपुर, चांदपुर, कोलकला, चितबिसांव कला, चितबिसांव खुर्द, रेगहां, कचनार, किर्तुपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, दियरा गभीरार, दियरा भांगर, रामपुर नम्बरी और चकविलियम गांव सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राशन किट, भोजन पैकेट और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। दवा किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन-सी दवा लेनी है और कितनी अवधि तक उसका सेवन करना है, इसकी आवश्यक जानकारी दर्ज की गई है। राहत शिविर और कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। यहां तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। नावें संचालित, बाढ़ चौकियां सक्रिय राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रभावित क्षेत्रों में नावों का संचालन किया जा रहा है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। जिन इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां जनरेटर के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए भी राहत कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों को भूसा आदि उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए चारे की समस्या न हो। रोजाना प्रभावित लोगों से संपर्क, चिकित्सा टीमें कर रहीं दौरा प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें भी रोजाना प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से प्रतिदिन कम से कम दो बार संपर्क कर उनका हालचाल लिया जा रहा है और बाढ़ से संबंधित सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी लगातार सक्रिय हैं। आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की आपदा या परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अथवा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला कंट्रोल रूम: 9454417979लैंडलाइन: 05498-220832, 05498-220235टोल फ्री नंबर: 1077 प्रशासन ने लोगों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव दल को सूचना देने की अपील की है।
मेरठ पुलिस ने पटाखा बनाने में प्रयुक्त होने वाले विस्फोटक को लेकर मिली सूचना के बाद बुधवार शाम अपनी कार्रवाई शुरु की जो पूरी रात चली। देहलीगेट और रेलवे रोड के अलावा पुलिस ने रोहटा में भी कार्रवाई कर हजारों किलोग्राम मिश्रित विस्फोटक बरामद किया है। अफसरों की मानें तो पूरी चेन तलाशी जा रही है। गौरव अग्रवाल के लाइसेंसों की जांच भी शुरु कर दी गई है। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। बता दें बुधवार को एक सूचना के बाद पुलिस ने देहलीगेट के लाला का बाजार और रेलवे रोड के केसरगंज दाल मंडी स्थित गोदाम/दुकान पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में पटाखों में बनाने वाली मिश्रित सामग्री बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह माल ग्रीन क्रैकर्स बेचने वाले गौरव का है। इसके बाद पुलिस ने गौरव की घेराबंदी शुरु कर दी। जल्द ही उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ का दौर शुरु हुआ तो एक के बाद एक कई ठिकाने सामने आ गए, जिन पर पुलिस टीमों ने कार्रवाई की। कई हजार किलोग्राम विस्फोटक बरामद पुलिस की 10 टीमों ने रातभर शहर से देहात तक ताबड़तोड़ कार्रवाई की। देहलीगेट और रेलवे रोड की लोकेशन का पता चलने के बाद पुलिस ने रात में रोहटा क्षेत्र के गोदाम पर भी छापा मारा। यहां भी पुलिस को बड़ी मात्रा में तैयार पटाखों का जखीरा बरामद किया। जिस तरह का विस्फोटक बरामद किया गया है, वह केवल सामान्य पटाखे तैयार करने में प्रयुक्त होता है। इससे साफ हो गया कि इस बार जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की तैयारी थी। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोकएनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री और भण्डारण पर पूरी तरह पाबंदी है। इसके बावजूद हर वर्ष अवैध रूप से पटाखे लाकर यहां बिक्री की जाती है। ऐन मौके पर पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन तब तक काफी माल बाजार में उतरकर बिक चुका होता है। इस बार पुलिस ने पहले ही सतर्कता बढ़ाई, जिसके बाद यह जखीरा पकड़ा गया है। एक आदमी का यह काम नहीं है। ऐसे में पूरी चेन तलाशने में पुलिस जुटी है। गोदामों से यह बरामद हुआ सामान जिन चार स्थानों पर छापेमारी की गई है, वहां से पुलिस को फ्यूज वायर, एल्यूमीनियम फ्लैक, बीटा ब्लू, एल्यूमिनियम पाउडर, मैग्नीशियम पाउडर, बेरियम कार्बोनेट, टाइटेनियम पाउडर, चारकोल के बड़े बड़े ड्रम व बोरे बरामद किए गए हैं। बेहद ज्वलंतशील यह मिश्रिण बताया जा रहा है। जानकारों की मानें तो एक जरा सी चिंगारी इलाके के बड़े हिस्से को बर्बाद करने के लिए काफी थी। दीपावली को लेकर चल रही तैयारीगौरव मोहन के पास भंडारण के दो लाइसेंस हैं जो उन्हें आगरा से जारी हुए हैं। वह तैयार माल लाकर रखते हैं और मांग के अनुसार सप्लाई करते हैं। जिस तरह कच्चा माल पकड़ा गया है, उससे साफ है कि इस बार पटाखे लोकल स्तर पर तैयार कराने की योजना था। ताकि दीपावली को भुनाया जा सके। पुलिस पुष्टि के लिए उन कारीगरों से भी पूछताछ की योजना बना रही है जो पूर्व में लाइसेंस पर पटाखे तैयार करने का काम कर रहे थे। रेलवे रोड से यह मिला विस्फोटक स्काई फ्लेस 01 पेटी (40 पैकेट),जोए 30, 01 पेटी (16 पैकेट), स्काई शॉट 01 पेटी (150 पैकेट), ड्राई कलर फ्लोअर पीडीएस 01 पेटी (48 पैकेट), विसलिंग पैकेट 01 पेटी (60 पैकेट), ग्रीन कासको स्काई शॉट 01 पेटी (20 पैकेट), स्क्वायर फोर्टिट आलू बम 01 पेटी (300 पैकेट), मिनी बुलेट 01 पेटी (360 पैकेट), मारवलस 57 पैकेट, अनार फ्लोवर पोस्ट 02 पेटी (160 पैकेट), फुलझड़ी 01 पेटी (160 पैकेट), 30 मिग्रा, हाईड्रो फोईल्ड मुर्गा छाप बम 01 पेटी (200 पैकेट), सिग्नल राकेट मुर्गा छाप 01 पेटी (24 पैकेट), किट ल्युनिक 02, 01 पेटी (80 पैकेट), फुलझड़ी 15 एमएम 01 पेटी (160 पैकेट), सायरन मुर्गा छाप अनार 01 पेटी (120 पैकेट), रेड स्पार्क कलर 01 पेटी (120 पैकेट), सुपर फ्लोअर पोस्ट 02 पेटी (96 पैकेट), जेसमेन कोर 01 पेटी (20 पैकेट), फ्लेअर पोट स्पाईरल 01 पेटी (90 पैकेट), पेंटा स्काई फ्लेज 02 पेटी (144 पैकेट), चमकीला बारीक बुरादानुमा संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 08 बैग (कुल 285 किग्रा), नीले रंग का संदिग्ध पाउडर- 30 बैग (कुल 750 किग्रा), काले रंग का संदिग्ध पाउडर- 14 बैग (कुल 560 किग्रा), चमकीला बुरादानुमा बड़ा संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 02 बैग (कुल 50 किग्रा), लाल रंग का दालनुमा संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 01 बैग (50किग्रा), सफेद रंग का संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 22 बैग (कुल 1056 किग्रा), भूरे रंग का संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 07 पैकेट (कुल 14 किग्रा), सफेद रंग का खुरदुरा संदिग्ध रासायनिक पदार्थ- 30 बैग (कुल 1500 किग्रा), बने हुए स्काई शॉट- 04 पेटी, पटाखे बनाने में प्रयुक्त छोटी व बड़ी नलियां व सीता-गीता मार्का पटाखे- 02 पेटी। थाना देहलीगेट क्षेत्र से बरामदगी विस्फोटकफ्युज वायर- 240 ग्राम, एल्मुनियम फ्लैक- 11 किग्रा, बीटा ब्लू- 22.620 किग्रा, एल्मुनियम पाउडर- 10.470 किग्रा, एल्मुनियम फ्लैग हैवी- 17.270 किग्रा, बेरियम कार्बोनेट- 45.460 किग्रा व 58.220 किग्रा, फैवीकोल पैकेट- 42.600 किग्रा, मैग्नीशियम पाउडर- 13.400 किग्रा, 45.490 किग्रा व 15.300 किग्रा, बेरियम सफेद- 37.390 किग्रा, टाइटेनियम पाउडर- 46.620 किग्रा व 24.300 किग्रा, लाल दाल- 12.930 किग्रा, रोडा माइन- 4.340 किग्रा, यूरिया पाउडर- 18.600 किग्रा, टाइटेनियम- 82.930 किग्रा, चारकोल- 25.300 किग्रा। एसपी बोले- आगे भी जारी रहेगा अभियान एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि अवैध रूप से यह भंडारण मिला है। समस्त बरामद सामग्री को पुलिस कब्जे में लेकर उसके स्रोत, खरीद-बिक्री, भण्डारण एवं उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जांच की जा रही है । संदिग्ध रासायनिक पदार्थों के नमूने फोरेंसिक परीक्षण हेतु भेजे जा रहे हैं। जांच एवं परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सम्बन्धित अधिनियमों के अन्तर्गत नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। जनपद में बिना लाइसेंस विस्फोटक/पटाखा निर्माण सामग्री के भण्डारण एवं सम्बन्धित गतिविधियों के विरुद्ध अभियान निरन्तर जारी रहेगा।
पंचकूला के जंगलों में पर्यावरण को बेरहमी से नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े लकड़ी तस्कर गैंग का खुलासा हुआ है। वन रेंज अधिकारी कालका की शिकायत और उच्चाधिकारियों के आदेश पर थाना पिंजौर में मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि गांव खोलमोला के पास आर-71 सी-9 जंगल से गुजरने वाले कौना लिंक रोड पर एक गोल्डन रंग की संदिग्ध सेंट्रो कार खड़ी है। सूचना मिलते ही वन दरोगा सुमित सिंह (इंचार्ज नानकपुर ब्लॉक) और बीट इंचार्ज वन रक्षक सचिन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेस्ट टीम के आने की भनक लगते ही गाड़ी चालक ने अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी को तेजी से भगा लिया। हालांकि, जब कर्मचारियों ने मौके के आसपास जंगल में छानबीन की तो कुछ लोगों के भागने की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण वे पकड़े नहीं जा सके। अब जानिए कैसे कर रहे थे खैर के पेड़ों की कटाई…
ममता चौधरी ने इस मौके पर पीड़ितों से मुलाकात की और भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता के बारे में वहां तैनात कर्मियों और आम जनों से पूरी जानकारी ली।
मौसम अपडेट: 13 सितंबर से फिर सक्रिय होगा मानसून, आज भी हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार
Himachal Weather 10th September: हिमाचल प्रदेश में 13 सितंबर से मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। आज कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
उर्मिला के घर में 26 नवंबर को बेटे की शादी है और तैयारियों के बीच चोर लाखों के सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेट ले गए।
कोसी क्षेत्र को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सहरसा के मौजूदा एयरपोर्ट के विकास और विस्तार के लिए 42.52 करोड़ रुपए की निविदा जारी कर दी है। रनवे के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है। इसके लिए राज्य सरकार 12 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रही है। जमीन अधिग्रहण पर करीब 147 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। अधिग्रहण के बाद जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंप दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि निर्माण शुरू होने से पहले ठेकेदार को पूरी तरह खाली और विवादमुक्त जमीन उपलब्ध करा दी जाए। एयरपोर्ट को कोड-2B श्रेणी के विमानों के संचालन के योग्य बनाया जाएगा। काम पूरा करने के लिए 450 दिन का समय निर्धारित किया गया है। काम पूरा होने के बाद विमानों का संचालन इन काम के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट को निर्धारित मानकों के अनुसार विमानों के नियमित संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों और मानकों का पालन किया जाएगा। सीएम ने जमीन अधिग्रहण जल्द पूरा करने का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने सहरसा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद जिला प्रशासन, सहरसा और विमानन विभाग मिलकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं। बिहार के दूसरे एयरपोर्ट पर भी काम जारी बिहार सरकार छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ काम कर रही है। सहरसा के अलावा वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर, बीरपुर और रक्सौल समेत दूसरे एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों के विकास की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है। सहरसा एयरपोर्ट की 42.52 करोड़ रुपए की निविदा जारी होना इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि जमीन उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और सहरसा से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत हो सके।
बिहार: मवेशी लेने खेत गए थे चाचा-भतीजे, आसमान से बरसी मौत; बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन की मौत
अररिया के ताराबाड़ी थाना क्षेत्र के अरड़बाड़ी गांव में बुधवार को वज्रपात की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक चाचा और उसके दो भतीजे शामिल हैं।
करैत के डसने से 10 साल के बच्चे की मौत:बिलासपुर में सोते समय सांप ने डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम
बिलासपुर में करैत सांप के डसने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। सांप बिस्तर में छिपा हुआ था। खाना खाने के बाद बच्चा सोने के लिए बिस्तर पर गया, तभी सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे इलाज के लिए सिम्स लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। शहर से लगे ग्राम ढेका के नयापारा निवासी चंद्रकुमार चंद्राकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। सोमवार रात उनका 10 साल का बेटा गौरव खाना खाने के बाद सोने के लिए बिस्तर पर गया। इसी दौरान बिस्तर में छिपे सांप ने उसे डस लिया। रोते हुए मां को दी घटना की जानकारी सांप के डसने के बाद गौरव घबरा गया। उसने रोते हुए अपनी मां को घटना की जानकारी दी। बच्चे को सांप के डसने की बात पता चलते ही परिजन भी घबरा गए। उन्होंने बिना देरी किए बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर सिम्स में उसका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 2 महीने में सर्पदंश के 46 मरीज सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार पिछले दो महीने में सर्पदंश के 46 मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। इनमें अधिकांश मरीज समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण बच गए। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस सकते हैं। इसलिए सिर्फ खेत या बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी सावधानी जरूरी है। सांप काटे तो ये गलती न करें सिम्स प्रबंधन के मुताबिक सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या घाव पर चीरा लगाने में समय नहीं गंवाना चाहिए। मरीज को शांत रखकर जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी है। सांप को पकड़ने या मारने के प्रयास में भी समय और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं। गौरव की घटना बताती है कि बारिश के मौसम में सोने की जगह भी पूरी तरह सुरक्षित मानकर लापरवाही नहीं की जा सकती।
मशरूम प्लांट लगाने का सपना दिखाकर 21 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपित आशुतोष मंगलम को सरैया पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि 2024 में रेवा की महिला से प्लांट और उपकरण के नाम पर 17.15 लाख रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर कराने के साथ 3.85 लाख रुपये और नकद लिए गए, लेकिन प्लांट नहीं लगाया। रकम लौटाने का दबाव बढ़ा तो 19 लाख के चार चेक थमा दिए, जो बैंक में जमा होते ही बाउंस हो गए। मामले में आशुतोष के साथ शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी भी नामजद हैं। बता दें कि आशुतोष मंगलम की कंपनी यक्ष ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी पर जीविका दीदियों को कर्जदार बनाने का आरोप है। लोन लेकर कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए 17.15 लाख मामले में रेवा निवासी विश्वनाथ सिंह की पत्नी प्रीति कुमारी ने सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि आशुतोष मंगलम और शिवानी कुमारी उनके घर पहुंचे थे। दोनों ने मशरूम हाट/प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर सहमत होने के बाद प्रीति ने मशरूम उत्पादन और उपकरण के लिए 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेकर 17.15 लाख रुपये शिवानी कुमारी की कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए। इसके अलावा एसबीआई खाते से 3.85 लाख रुपये और कुछ नकद भी दिए। रकम लेने के बाद भी आरोपितों ने मशरूम प्लांट का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। काफी समय बीतने के बाद प्रीति ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। लगातार दबाव बनाने पर शिवानी कुमारी ने सेंट्रल बैंक के चार चेक दिए। 19 लाख के चार चेक दिए, खाते में नहीं थी पर्याप्त राशि प्रीति ने 5 दिसंबर 2025 को 19 लाख रुपये के भुगतान के लिए चारों चेक सरैया स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जमा किए। बैंक ने खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी देते हुए सभी चेक बाउंस कर दिए। इसके बाद भी रकम वापस नहीं की गई। प्रीति ने अधिवक्ता के माध्यम से 19 दिसंबर 2025 को वकालतन नोटिस भेजकर रुपये लौटाने की मांग की। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर उन्होंने सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने कंपनी के नाम पर मशरूम प्लांट लगाने का भरोसा देकर साजिश के तहत उनसे रुपये लिए और धोखाधड़ी की। बैंक ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले, जांच में गिरफ्तारी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, जांच में महिला के खाते से रुपये ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद बुधवार को काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के दामूचक निवासी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार कर लिया गया। सरैया थानेदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया गया है। उसे गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। मामले में नामजद शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जीविका दीदियों के नाम पर भी करोड़ों के कर्ज का आरोप यह वही आशुतोष मंगलम हैं, जिनकी एजेंसी पर जीविका दीदियों ने मशरूम क्लस्टर के नाम पर कर्ज को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जीविका दीदियों का आरोप है कि 110 महिलाओं में प्रत्येक के नाम पर करीब 3.30 लाख रुपए का कर्ज लिया गया, जो कुल मिलाकर करीब 3.63 करोड़ रुपए होता है। आरोप है कि क्लस्टर का अपेक्षित लाभ नहीं मिला और ब्याज समेत प्रत्येक दीदी के नाम पर कर्ज अब बढ़कर करीब 5.5 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इसी मामले में एसडीओ पूर्वी के न्यायालय में सुनवाई चल रही है। दूसरी सुनवाई में दीदियों ने आशुतोष मंगलम की एजेंसी से जुड़े 20 बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं और न्यायालय ने उनसे लिखित जवाब मांगा है। मंगलम ने अपने पक्ष में बैंक से भुगतान में कथित देरी और अनियमितता को परियोजना प्रभावित होने की वजह बताया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
बिहार के नवादा में नाबालिग लड़की से गैंगरेप, गया-रजौली एसएच-70 पर छोड़ कर भागे हैवान
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपित एक किशोर को रजौली थाना क्षेत्र से पकड़ा है। वह ई-रिक्शा चालक बताया जाता है। मामले में दर्ज सिरदला थाना कांड संख्या-282/26 में तीन लोगों को आरोपित किया गया है।
PMO Fake ID Card: Investigative agencies joins Crime Branch in probe; accused created forged identity card - पीएमओ फेक आई कार्ड केस: क्राइम ब्रांच के साथ अब जांच एजेंसियां भी जुटी, आरोपी ने ऐसे बनाया था फर्जी पहचान पत्र
छिंदवाड़ा में तामिया के पातालकोट की गहरी खाई के मुहाने पर बाइक समेत एक युवक के गिरने से उसकी मौत हो गई। हादसा चिमटीपुर रेस्ट हाउस के पास बुधवार को हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खाई में सर्चिंग शुरू की। देर शाम पुलिस टीम ने बाइक के साथ युवक का शव तलाश लिया। अब शव को खाई से बाहर निकालने की कार्रवाई की जा रही है। शव की पहचान तामिया क्षेत्र के सिधोली गांव निवासी 24 वर्षीय सूर्यभान पिता टुआराम भारती के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि सूर्यभान मंगलवार को घर से निकला था। खेत और गांव में अलग-अलग मकान होने के कारण परिजनों को लगा कि वह दूसरे मकान पर होगा। बुधवार को जब सूर्यभान दिखाई नहीं दिया तो उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान उसके पातालकोट की खाई में गिरने की जानकारी सामने आई। साथियों के साथ चिमटीपुर पहुंचा थाबताया जा रहा है कि सूर्यभान अपने साथियों के साथ पातालकोट की चोटी पर स्थित चिमटीपुर रेस्ट हाउस के पास पहुंचा था। यहां खाली मैदान में बाइक चलाते हुए रील बनाने की बात सामने आ रही है। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर पहाड़ी के छोर से खाई में जा गिरी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की कि हादसा रील बनाने के दौरान ही हुआ था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। तामिया टीआई आशीष जैतवार ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर सर्चिंग शुरू की गई। देर शाम सूर्यभान भारती का शव तलाश लिया गया। शव को खाई से बाहर निकालने की कार्रवाई की जा रही है। सूर्यभान चार बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और युवक के खाई में गिरने के कारणों की जांच कर रही है।
लंपी स्किन डिजीज को लेकर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) की ओर से विकसित की गई लंपी प्रो-वैक्स नामक वैक्सीन से बीमारी से उपचार की उम्मीद जगी है।
छिंदवाड़ा में बिजली विभाग द्वारा गुरुवार को उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों के सुधार एवं रखरखाव का काम किया जाएगा। इसके चलते सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक करीब तीन घंटे बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। मेंटेनेंस के कारण आधे शहर के साथ आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में भी बिजली प्रभावित होगी। शहर के इन इलाकों में बिजली रहेगी बंद चंदनगांव उपकेंद्र और शहर वितरण केंद्र के खापाभाट उपकेंद्र में रखरखाव कार्य के चलते नया बैल बाजार, झुग्गी-झोपड़ी, बेदी कॉलोनी, कमल प्रभात कॉलोनी, पीजी कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, एसपी कार्यालय, इंद्रा नगर, रामबाग, बसंत कॉलोनी, बबन पटेल कॉलोनी, अंतरबेल, लाला स्कूल, श्याम टॉकीज, नई आबादी, जैन मंदिर, गणेश कॉलोनी, संकट मोचन, होटल अभिमन्यु, स्टेट बैंक कॉलोनी, गिरजा देवी कॉलोनी, कन्या परिसर, श्रीवास्तव कॉलोनी, कुकड़ा, ताज नगर, उबैद नगर, अमन कॉलोनी और वेद विहार कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा फर्स्ट स्टेप स्कूल, ढिमरढाना, जामुनझिरी, झंडा, गिट्टी खदान, मोहरली, खैरी भोपाल, लहगडुआ, खापाभाट, कुसमेली मंडी, चौखड़ा, अजनिया और बालाजी नगर क्षेत्र में भी बिजली सप्लाई बंद रहेगी। 132 केवी उपकेंद्र में भी होगा रखरखाव गुरुवार को 132/33 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र में भी जरूरी मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते 33 केवी फीडर बनगांव, अमरवाड़ा, सोनाखार हिंदुस्तान लीवर, जिला चिकित्सालय और सौसर की बिजली सप्लाई सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रभावित रहेगी। इन गांवों में भी बिजली सप्लाई प्रभावित बनगांव वितरण केंद्र से जुड़े बनगांव, नेर और बोहनाखेरी क्षेत्र में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। वहीं सिवनी वितरण केंद्र से जुड़े चारगांव, पलटवारा, रामकोना, उभेगांव, बीसापुर, सारंगबिहरी और लालुपिपरिया क्षेत्रों में भी तीन घंटे बिजली बंद रहेगी। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से मेंटेनेंस कार्य के दौरान सहयोग करने की अपील की है। विभाग के अनुसार आवश्यक रखरखाव पूरा होने के बाद बिजली सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी।
सिरसा जिले के डबवाली में बीजेपी संगठन नेताओं में फिर से नया विवाद शुरू हो गया है। कालांवाली के बीजेपी नेताओं ने जिलाध्यक्ष को घेरा है। इस बार कालांवाली के बीजेपी नेताओं ने जिलाध्यक्ष पर पार्टी कार्यक्रम स्थगित करवाने का आरोप लगाया है। यह प्रोग्राम आज वीरवार को झीड़ी गांव में होना है। ऐसे में संशय बन गया है। इसे लेकर बीजेपी नेता राजेंद्र सिंह देसूजोधा और टिशू प्रधान ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विवादित पोस्ट डालकर नाराजगी जताई है। बीजेपी नेता टिशू प्रधान ने बताया कि उन्होंने हलका प्रधान राजेंद्र देसूजोधा के साथ मिलकर झीड़ी गांव में वीरवार को प्रोग्राम रखा हुआ है। इसमें करीब 100 लोगों को पार्टी में ज्वाइन करवाना है। कुछ नए वर्कर तो कुछ दूसरी पार्टी को छोड़कर शामिल होने हैं। मगर जिलाध्यक्ष की ओर से इस प्रोग्राम को रद्द करवाने के लिए प्रयास किए गए और आयोजकों के पास फोन करने का आरोप लगाया है। इसका उनको पता चल गया है और उन्होंने समर्थकों को अवगत करवा दिया है। प्रोग्राम तय है। उनकी ओर से पार्टी व संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। पार्टी जिलाध्यक्ष इसे होने देना नहीं चाह रही। इसी बात का उन्होंने विरोध किया है और इस बारे में संगठन शीर्ष नेतृत्व में अवगत करवाएंगे। देसूजोधा ने पोस्ट में लिखा-बेशर्मी की हद होती है डबवाली बीजेपी जिलाध्यक्ष के खिलाफ कालांवाली के बीजेपी नेता एक तरफा विरोध में आ गए हैं और संगठन में उनके प्रति खुलकर नाराजगी जताने लगे हैं। कालांवाली विधानसभा से बीजेपी उम्मीदवार रहे राजेंद्र सिंह देसूजोधा ने पोस्ट डालकर आरोप लगाया है कि उनका कार्यक्रम स्थगित करवाने की कोशिश की जा रही है। ये कोशिश उनके लिए नाकाम रहेगी। टिशू प्रधान ने भी पोस्ट डाली है कि उनको पता है कि वे कुछ दिनों के लिए मेहमान है। अभी भी उनके चापलूस अंधेरे में हैं। देसूजोधा-टिशू पहले भी जता चुके नाराजगी इससे पहले भी बीजेपी नेता राजेंद्र देसूजोधा और टिधान ने विवादित पोस्ट डालकर जिलाध्यक्ष के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ दिन ठीक-ठाक चला। अब दोबारा से एक-दूसरे पर पोस्ट डाल दी है, जिससे विवाद खड़ा हो गया है। अभी जिलाध्यक्ष का कोई बयान नहीं आया है। टिशू प्रधान द्वारा शुरूआती विवाद के बाद जिलाध्यक्ष के पांव छूकर माफी मांगी थी। इसका वीडियो वायरल हो गया तो मामला भड़क गया। टिशू ने भी दोबारा से विवादित पोस्ट डालनी शुरू कर दी और तब ये विवााद चला आ रहा है। पार्टी या संगठन की ओर से भी किसी ने हस्तक्षेप कर सुलझाने की कोशिश नहीं की। ये खबर पढ़िएं देसूजोधा की पोस्ट से सिरसा BJP में फिर बढ़ी तनातनी:संगठन सूची से नाम हटने पर गर्माया विवाद; लिखा- बिगड़ा तो छोडूंगा नहीं सिरसा जिले के डबवाली से बीजेपी जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा एक बार फिर कंट्रोवर्सी में आ गई हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं कालांवाली हलके के प्रतिनिधि राजिंद्र सिंह देसूजोधा ने जिलाध्यक्ष का सीधा नाम न लिखते हुए विवादित पोस्ट डालकर सबको चौंका दिया है। इस पोस्ट में उन्होंने कालांवाली से बीजेपी उम्मीदवार रहे टिशू प्रधान का समर्थन करते लिखा-मैं बड़ी जिम्मेदारी नाल लिख रहा हूं, कि जो टिशू प्रधान ने लिखया सी, ओह सच सी। पढ़िएं पूरी खबर:::
यूपी के रायबरेली में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में दिशा की बैठक हुई।
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में वोटिंग खत्म होने के बाद में अब पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी गई है। सूत्रों की माने तो भाजपा ने अपने 70 ही प्रत्याशियों को फोन करके भाजपा कार्यालय बुलाया है। संभवतया कुछ देर बाद ही इन्हें जयपुर या फिर किसी अनजान जगह पर ले जाया गया। महिला प्रत्याशियों के साथ पति भी पहुंचें बुधवार शाम को वोटिंग पूरी होते ही सभी प्रत्याशियों के पास भाजपा कार्यालय पहुंचने का फोन आने के बाद प्रत्याशी अपने अपने साधनों से अपने बैग लेकर बीजेपी कार्यालय पहुंचे। महिला प्रत्याशियों के साथ उनके पति और परिवार के मेंबर भी मौजूद रहे। देर रात तीन बसों से सभी को जयपुर ले जाने की जानकारी दी गई। हालांकि इसके बाद से सभी प्रत्याशियों के फोन स्विच ऑफ है। प्रत्याशियों से वन-टू-वन बातचीत सांसद दामोदर अग्रवाल देर रात बीजेपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी प्रत्याशियों का भोजन यहां रखा गया है। दिनभर के घटनाक्रम और ताजा हालात पर सबसे वन टू वन बातचीत होगी। उसके बाद सभी जयपुर रवाना होंगे। कांग्रेस में कोई हलचल नहीं कांग्रेस के 53 वार्ड में ही अधिकृत रूप से प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनके पास अभी तक किसी भी पार्टी पदाधिकारी ने किसी तरह का कोई फोन कॉल नहीं आया है। कांग्रेस कार्यालय में शांत माहौल रहा। चुनावी मैदान में 154 निर्दलीय प्रत्याशी इधर, चुनावी मैदान में 154 निर्दलीय प्रत्याशी भी हैं। जिनमें से कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को सीधी-सीधी टक्कर दे रहे हैं। हालांकि किसी भी निर्दलीय प्रत्याशी ने किसी भी राजनीतिक दल ने फोन कॉल आने और बाड़े बंदी में बुलाने की पुष्टि फिलहाल नहीं की है।
गोंडा जिले में घाघरा और सरयू नदियां उफान पर हैं। आज गुरुवार सुबह 8:30 बजे घाघरा नदी खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटा है। आज कुल 3,34,242 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गिरजा बैराज से 1,28,600, शारदा बैराज से 1,72,114, सरयू बैराज से 7,699 और सुहेली बैराज से 25,829 क्यूसेक पानी शामिल है। दोनों नदियों का पानी गांवों और लोगों के घरों में भर गया है। इससे तटीय इलाकों के ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आज भी दोनों तहसीलों के 35 गांवों की करीब 30 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। घरों में पानी भरने के कारण खाना बनाने की जगह नहीं है। ऐसे में ग्रामीण अपने घरों के बाहर तख्त लगाकर उसे ऊंचा कर मचान बना रहे हैं। इसी पर वे खाना बनाकर अपना जीवन चला रहे हैं। बाढ़ पीड़ित तख्त और चारपाई पर ही अपना पूरा समय काट रहे हैं। इन बाढ़ पीड़ितों के सामने पशुओं के चारे की सबसे बड़ी दिक्कत है। बेलसर, तरबगंज और नवाबगंज क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। आसपास और मुख्य मार्ग पर पानी होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। तीन विजुअल देखिए तख्त पर खाना बना रहे बाढ़ प्रभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। पिछले 24 घंटे से नदी का जलस्तर घटने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं। दूसरी तरफ, तटीय इलाकों में नदी की कटान तेज होने से नवाबगंज थाना क्षेत्र के कई इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लगातार सरयू और घाघरा नदी यहां पर किसानों की खाड़ी खेतों में गन्ने की फसल और लगी हुई धान की फसल लगातार काट करके अपने आगोश में ले रही है। मजदूरी करने जाने वाले इन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग बाढ़ का पानी भर होने के कारण मजदूरी करने नहीं जा पा रहे हैं।
मछली पकड़ते समय खाड़ी में डूबा युवक:पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरा, बड़गांव के पास हुआ हादसा
बारां जिले के बड़गांव इलाके में एक हादसा हो गया। बड़गांव के पास बालाखेड़ा की खाड़ी में मछली पकड़ने गए 40 साल के युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बड़गांव निवासी बनवारी बंजारा के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, बनवारी बंजारा अपने साथियों के साथ बालाखेड़ा की खाड़ी में मछली पकड़ने गया था। मछली पकड़ते समय अचानक उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गया। साथ गए लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की और पानी में तलाश भी की, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। घटना के बाद साथियों ने बड़गांव में बनवारी के परिवार को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। पुलिस की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।एसडीआरएफ टीम की काफी कोशिशों के बाद बनवारी को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद बड़गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाजापुर कोतवाली थाने में इंस्टाग्राम पर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। पहले मुस्लिम समाज की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसके बाद सकल हिंदू समाज के कई लोग बुधवार रात थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। हिंदू समाज ने बिना जांच FIR का आरोप लगाया हिंदू समाज के लोगों का आरोप है कि पहले मुस्लिम युवकों की इंस्टाग्राम आईडी से धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट शेयर की गई थी। इसी पोस्ट पर एक हिंदू युवक ने जवाब दिया। मुस्लिम समाज की शिकायत पर पुलिस ने बिना जांच के मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद हिंदू समाज ने संबंधित आईडी धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। दो इंस्टाग्राम आईडी से आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप नई सड़क निवासी दिनेश शर्मा (49) ने जुगल पाटीदार, जगत ठाकुर और अन्य लोगों के साथ थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया। शिकायत में बताया कि तिलवंधेश्वर महादेव के नाम से एक पोस्ट डाली गई थी, जिसमें हिंदू समाज से धार्मिक आयोजन में एकजुट होने की अपील की गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके जवाब में X-malik और Armaan King नाम की इंस्टाग्राम आईडी से हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने और तनाव की स्थिति बनने का आरोप लगाया गया। बीएनएस और आईटी एक्ट में कार्रवाई की मांग हिंदू समाज ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर बीएनएस की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, संबंधित इंस्टाग्राम आईडी धारकों की पहचान और उनके ठिकाने की जानकारी जुटाई जा रही है।
अमरोहा में पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिख रहा है। गंगा नदी उफान पर है। धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के करीब 70 गांवों के खेतों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है। इससे हजारों बीघा फसल बर्बाद होने की आशंका है। खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर मजदूरी और पशुओं के चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को भी बिजनौर बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी गंगा में छोड़ा गया। हालांकि, बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश का पानी गंगा में पहुंचने से मैदानी इलाकों में नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से भी रोजाना बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को बिजनौर बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद गंगा किनारे के गांवों में चिंता और बढ़ गई। धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र में गंगा किनारे बसे करीब 70 गांव इसकी चपेट में हैं। हालांकि, अभी आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। खेतों में दो फीट पानी, फसलों पर संकट गंगा का पानी खेतों में पहुंचने से सब्जियों की फसल, धान, चारा और गन्ने को नुकसान होने की आशंका है। कई जगह खेतों में करीब दो फीट तक पानी भर गया है। हजारों बीघा जमीन जलमग्न होने से किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों में पानी भरने से खेती का काम प्रभावित हो गया है। पानी ज्यादा होने के कारण फसलों तक पहुंचना मुश्किल है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो नुकसान का दायरा भी बढ़ सकता है। चारा काटने के लिए पानी में उतर रहे ग्रामीण बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। चारा खेतों में होने के कारण लोग पानी के बीच जाकर उसे काटकर ला रहे हैं। कई ग्रामीण इसी पानी से होकर रोजाना आ-जा रहे हैं।मजदूरी करने वाले ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में कई मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। बाढ़ खंड की नजर, खतरे के निशान से अभी दूर गंगा बाढ़ खंड तिगरी के जेई सुभाष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर पिछले कई दिनों से लगातार घट-बढ़ रहा है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से काफी दूर है। उन्होंने बताया कि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। जेई के मुताबिक, गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें सक्रिय रहेंगी। फिलहाल सबसे ज्यादा असर नदी किनारे के खेतों पर पड़ा है, जहां पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।
संतकबीरनगर एसपी संदीप कुमार मीना ने बुधवार शाम पुलिस लाइन सभागार में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। अर्दली रूम में डकैती, लूट, छिनैती, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों की केस-वाइज पड़ताल की गई। जांच में लापरवाही मिलने पर एसपी ने 4 विवेचकों का सितंबर माह का वेतन रोक दिया, जबकि 4 अन्य के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने 60 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का ब्योरा तलब किया। उन्होंने प्रत्येक केस में अब तक हुई कार्रवाई, जुटाए गए साक्ष्य, आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने में देरी का कारण पूछा। समीक्षा के दौरान जिन विवेचकों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने लंबित मामलों को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। 4 का वेतन रोका, 4 के खिलाफ जांच लंबित विवेचनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर 4 विवेचकों का सितंबर का वेतन रोक दिया गया है। वहीं 4 अन्य विवेचकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सीओ को थानों की जांचों की नियमित निगरानी के निर्देश समीक्षा के दौरान सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय और सीओ मेंहदावल सर्वदवन सिंह मौजूद रहे। एसपी ने सभी सीओ को अपने-अपने सर्किल के थानों में 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। एसपी संदीप कुमार मीना ने स्पष्ट किया कि जांच में अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। समय पर विवेचना पूरी नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
अमृतसर में स्कूल जाने वाले बच्चों से भरे एक ऑटो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बच्चा ऑटो के पिछले दरवाजे पर लटककर बैठा दिखाई दे रहा है। इस तरह की लापरवाही कभी भी बच्चे के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। वीडियो सामने आने के बाद ओवरलोड ऑटो और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह वीडियो RTI एक्टिविस्ट और शहीद भगत सिंह यूथ फ्रंट के चेयरमैन गुरमीत सिंह बब्बलू ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपलोड किया है। वीडियो में वह ओवरलोड ऑटो का विरोध करते नजर आ रहे हैं। वह ऑटो चालक से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल कर रहे हैं और स्कूल प्रशासन व प्रशासन से भी जवाब मांग रहे हैं। गुरमीत सिंह बब्बलू चालक से पूछते है कि आखिर इतनी संख्या में बच्चों को ऑटो में क्यों बैठाया गया है और अगर रास्ते में किसी बच्चे के साथ कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस दौरान ऑटो चालक अपनी सफाई देते हुए कहता है कि आज बड़ा ऑटो खराब था, इसलिए छोटा ऑटो लाया गया है।। हालांकि, ऑटो खराब होने और बच्चे के पीछे लटककर सफर करने के बीच क्या संबंध है, यह सवाल वीडियो में मौजूद लोग भी चालक से पूछते दिखाई देते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी चालक और बच्चों से सवाल-जवाब करता है। वह स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जाहिर करता है। उसका कहना है कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल की फीस भरते हैं, लेकिन अगर बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के दौरान ही उनकी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जाएगा तो फिर इतनी महंगी फीस का क्या फायदा? वीडियो में व्यक्ति बच्चे से भी सवाल करता दिखाई देता है। बच्चा कुछ कहने की कोशिश करता है, लेकिन सवालों के बीच उसकी बोलती बंद हो जाती है। इसके बाद ऑटो के कागजात और नंबर की भी जानकारी ली जाती है। पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वही, गुरमीत सिंह बब्बलू ने अपने इंस्टाग्राम कैप्शन में लिखा है कि CKD यानी चीफ खालसा दीवान पंजाब की एक प्रतिष्ठित संस्था है। छात्रों को सुरक्षित और उचित ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलनी चाहिए, न कि परेशानी। बब्बलू ने CKD प्रबंधन से संबंधित ट्रांसपोर्टर या ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने ADCP ट्रैफिक और अमृतसर के CP से भी उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
संतकबीरनगर जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली सीबीजी प्लांट योजना करीब डेढ़ साल से अटकी हुई है। जिले की तीनों तहसीलों में प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे 565 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश पर ब्रेक लगा हुआ है। योजना के तहत खलीलाबाद तहसील के परजूडीह, मेंहदावल के अमरहा और धनघटा के बगही में सीबीजी प्लांट स्थापित किए जाने हैं। यूपी नेडा ने परजूडीह में रिलायंस कंपनी को 18 एकड़ और अमरहा में आईओसी-जीपीएस कंपनी को 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। वहीं, बगही में पेट्रोनेट कंपनी को जमीन देने की प्रक्रिया अभी चल रही है। इन प्लांटों में गोबर, पराली, खेती के बचे हुए सामान और जैविक कचरे से सीबीजी/बायो-सीएनजी के साथ जैविक खाद तैयार की जानी है। इससे किसानों को कृषि अवशेष और अन्य जैविक सामग्री से आमदनी होने के साथ गांवों में संग्रह और परिवहन से जुड़े रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। तीन कंपनियों ने 565 करोड़ निवेश का दिया है प्रस्ताव पूर्व डीएम महेंद्र सिंह तंवर के कार्यकाल में इस योजना की शुरुआत हुई थी। जिले की तीनों तहसीलों में अलग-अलग स्थानों पर प्लांट लगाने के लिए कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए हैं। परजूडीह में रिलायंस और अमरहा में आईओसी-जीपीएस को जमीन दी जा चुकी है, जबकि बगही में पेट्रोनेट को जमीन देने की प्रक्रिया जारी है। तीनों परियोजनाओं के लिए कंपनियों ने कुल 565 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। जमीन उपलब्ध होने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं होने से जिले में आने वाले इस बड़े निवेश का इंतजार बढ़ता जा रहा है। गोबर-पराली से बनेगी गैस और जैविक खाद सीबीजी प्लांट में केवल ऊर्जा उत्पादन ही नहीं होगा, बल्कि कृषि और जैविक कचरे का उपयोग भी किया जाएगा। गोबर, पराली, खेती से निकलने वाले अवशेष और जैविक कचरे को प्लांट में प्रसंस्कृत कर सीबीजी/बायो-सीएनजी और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे किसानों को खेतों में बचे कृषि अवशेष और अन्य सामग्री बेचकर आमदनी का जरिया मिल सकता है। वहीं, गांवों से कच्चा माल जुटाने, उसे प्लांट तक पहुंचाने और अन्य गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर काम के अवसर बनने की उम्मीद है। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों तरह के रोजगार बढ़ने की संभावना है। डेढ़ साल से रुकी योजनाओं पर एसोसिएशन ने जताई चिंता योजना में हो रही देरी पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने चिंता जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने बताया कि सीबीजी प्लांट की योजनाएं करीब डेढ़ साल से रुकी हुई हैं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और योजनाओं की समीक्षा कराने की मांग की है। डीएम और इन्वेस्ट यूपी को भी मामले की जानकारी दी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि परियोजनाओं के शुरू होने से जिले में निवेश के साथ रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। डीएम बोले- जल्द जमीन पर काम दिखाई देगा डीएम आलोक कुमार ने बताया कि जिले की तीनों तहसीलों में सीबीजी प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। इस दिशा में काम चल रहा है और जल्द ही जमीन पर काम दिखाई देना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।
दिल्ली मतदाता सूची से छह नाम हटाने पर विवाद, CEO कार्यालय ने सार्वजनिक की अहम जानकारी
दिल्ली में मतदाता सूची से नाम हटाने पर विवाद के बीच, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने छह मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर स्पष्टीकरण दिया है।
लखीमपुर खीरी के पढ़ुआ थाना क्षेत्र के सुजानपुर पंचायत के मजरा गांव में घाघरा नदी में घड़ियाल के हमले के बाद लापता हुए 24 वर्षीय युवक नीरज भार्गव की तलाश शुक्रवार को भी जारी रही। गुरुवार दोपहर नाव से उतरते समय घड़ियाल ने नीरज पर हमला कर उसे गहरे पानी में खींच लिया था। गोताखोरों के बाद वन विभाग और फ्लड पीएसी की टीम ने भी नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। नाव से उतरते ही घड़ियाल ने किया हमला सुजानपुर पंचायत के मजरा गांव निवासी नीरज भार्गव पुत्र तेजी गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच भोजन करने के बाद घाघरा नदी के किनारे पहुंचा था। नदी किनारे रस्सी से बंधी नाव पर बैठने के बाद वह उतर रहा था। इसी दौरान अचानक पानी से निकले घड़ियाल ने उस पर हमला कर दिया और उसे गहरे पानी में खींच ले गया। नीरज के चचेरे भाई मैकूलाल के मुताबिक, घटना के बाद नीरज की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण नदी की ओर दौड़े। एक महिला ने भी दूर से घटना को देखा था। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के बाद वन विभाग और फ्लड पीएसी पहुंची सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद पढ़ुआ पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। करीब एक घंटे बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। शाम करीब 5 बजे फ्लड पीएसी की टीम ने भी रेस्क्यू अभियान में मोर्चा संभाल लिया। देर शाम तक नदी के संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने के बाद अभियान मुश्किल हो गया। रात में तलाश धीमी गति से जारी रही। शुक्रवार सुबह फिर नदी में उतरीं टीमें शुक्रवार सुबह होते ही नीरज की तलाश के लिए दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस, स्थानीय गोताखोर, वन विभाग और फ्लड पीएसी की टीमें नदी के आसपास के संभावित स्थानों पर युवक को खोज रही हैं। परिजन लगातार नदी किनारे मौजूद हैं और नीरज के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिला था। परिवार का मुख्य कमाने वाला था नीरज नीरज अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा और मुख्य कमाने वाला था। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक दशक पहले घाघरा नदी के कटान में परिवार की कृषि योग्य जमीन नदी में समा गई थी। इसके बाद नीरज मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता था। हादसे के बाद से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी नदी किनारे पहुंचकर रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। घड़ियाल वाले स्थान पर ही टीमें कर रहीं तलाश रेस्क्यू टीमों का फोकस नदी के उन हिस्सों पर है, जहां घड़ियाल ने नीरज पर हमला कर उसे पानी में खींचा था। नदी की गहराई और बहाव के बीच टीमें अलग-अलग संभावित स्थानों पर तलाशी ले रही हैं। युवक के मिलने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहने की बात कही गई है।
मऊ में सरयू नदी (घाघरा) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 5 सेमी बढ़कर 70.50 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 69.90 मीटर से 60 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से दोहरीघाट और मधुबन तहसील के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने बंधों की निगरानी बढ़ा दी है। दोहरीघाट नगर के निचले हिस्से मल्लाह टोला में नाले के रास्ते बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। अब तक करीब 50 मीटर तक पानी पहुंच चुका है। इससे नगरवासियों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। देवारा में संपर्क मार्गों पर चढ़ा पानी मधुबन तहसील के दुबारी क्षेत्र के देवारा में भी बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। हालांकि अभी पानी गांवों के अंदर नहीं पहुंचा है और सिवान तक ही सीमित है। सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर डर बना हुआ है। मंदिर और मुक्तिधाम पर बढ़ा नदी का दबाव दोहरीघाट के गौरीशंकर घाट पर मंगलवार को सरयू का जलस्तर 70.45 मीटर था, जो बुधवार को बढ़कर 70.50 मीटर हो गया। जलस्तर बढ़ने के साथ भारत माता मंदिर, शवदाह स्थल, सरस्वती मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर और डीह बाबा मंदिर पर नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी की धारा सीधे मुक्तिधाम से टकरा रही है। इससे सिंचाई विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। करोड़ों रुपए की लागत से शवदाह स्थल के दक्षिण तरफ नदी की धारा मोड़ने के लिए परकूपाइन और ठोकर का निर्माण कराया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में इसका अपेक्षित फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। फसलें डूबीं, किसानों के सामने चारे का संकट बंधों के नीचे खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गई हैं। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर फसल बर्बाद होने का खतरा है, वहीं दूसरी ओर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। औराडाड-चिऊटीडाड़ क्षेत्र में नदी बंधों के पास से होकर बहने लगी है। बीबीपुर रिंग बंधे पर भी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड अलर्ट बंधों पर बढ़ते नदी के दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग मऊ और बाढ़ खंड आजमगढ़ की टीमें मुस्तैद हैं। बंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की नजर नदी के जलस्तर और संवेदनशील स्थानों पर बनी हुई है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी रहने पर निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन और विभागीय टीमें बंधों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की डिग्रियां डिजिलाकर पर अपलोड कर दी हैं। अब छात्रों को डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी डिग्री डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिग्री हर जगह मान्य होगी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों को डिजिटल सुविधाएं देने पर जोर दे रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने एक पत्र जारी किया है। इसमें सभी प्राचार्यों, संकाय प्रमुखों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को छात्रों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिलाकर पर डिग्री पाने के लिए छात्रों को पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए डिजिलाकर की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें आधार के अनुसार नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, छह अंकों का सुरक्षा पिन और आधार संख्या डालनी होगी। मोबाइल पर मिले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) को वेरिफाई करने के बाद अकाउंट बन जाएगा। इसके बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नाम चुनना होगा। फिर डिग्री सर्टिफिकेट का विकल्प लेना होगा। इसमें रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन या एनरोलमेंट संख्या और पास होने का साल डालना होगा। सहमति देने के बाद डिग्री 'जारी दस्तावेज' सेक्शन में दिखेगी। वहां से छात्र उसकी पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
सीहोर में दोराहा के बिछिया आंगनबाड़ी केंद्र में विधायक सुदेश राय के औचक निरीक्षण के बाद विभाग ने कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान बच्चों के भोजन में अनियमितता, तय मीनू का पालन नहीं होने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अनुपस्थित मिलने की बात सामने आई। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने भोजन सप्लाई करने वाले स्व-सहायता समूह का अनुबंध रद्द कर दिया है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर पर्यवेक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मीनू में मीठा दलिया और सब्जी-रोटी, परोसे पीले चावल जानकारी के अनुसार विधायक सुदेश राय ने 9 सितंबर को बिछिया आंगनबाड़ी केंद्र का अचानक निरीक्षण किया था। बुधवार के तय मीनू में बच्चों के लिए मीठा दलिया और सब्जी-रोटी दिया जाना था। निरीक्षण के दौरान बच्चों को केवल उबले हुए पीले चावल परोसे जा रहे थे। बच्चों ने विधायक को बताया कि उन्हें नियमित रूप से तय मीनू के अनुसार पोषण आहार नहीं मिलता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिना सूचना मिलीं अनुपस्थित निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी केंद्र से गायब मिलीं। बताया गया कि उन्होंने न तो छुट्टी ली थी और न ही अनुपस्थिति की कोई सूचना दी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी दोराहा ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। स्व-सहायता समूह का अनुबंध रद्द बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराने और पोषण आहार वितरण में लापरवाही के मामले में विभाग ने किरण स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष लीलावती का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। विभाग की कार्रवाई के बाद अब केंद्र पर बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक को नोटिस बिना सूचना केंद्र से अनुपस्थित रहने, मीनू के अनुसार भोजन नहीं देने और पोषण आहार वितरण में लापरवाही को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं केंद्र की नियमित निगरानी नहीं करने के मामले में श्यामपुर सेक्टर की सेक्टर पर्यवेक्षक चंद्र चौरसिया को भी नोटिस दिया गया है। दोनों से 3 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर नगर परिषद में 65.06% मतदान हुआ है। लेकिन वोटिंग में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा महिलाओं का रहा। यहां पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले और अपनी सरकार चुनने में भागीदारी निभाई। डूंगरपुर नगर परिषद में 38 वार्डों में 36 हजार 359 मतदाता में से 23 हजार 655 ने वोट डाले। यानी 65.06 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट का इस्तेमाल किया। इसमें महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा रही। 18 हजार 1 महिला वोटर्स में से 11 हजार 955 महिलाओं ने वोट डाले। ये 66.41 प्रतिशत रहा। जबकि 18 हजार 358 पुरुष मतदाताओं में से 11 हजार 700 ने ही मतदान किया। ऐसे में पुरुषों का मतदान प्रतिशत महिलाओं से 2.68 प्रतिशत कम रहा। पुरुषों का कुल मतदान प्रतिशत 63.73 प्रतिशत रहा है। ऐसे में पुरुषों के घटता मतदान प्रतिशत चिंता का विषय है। डूंगरपुर नगर परिषद के चुनावी आकड़े डूंगरपुर नगर परिषद में किस वार्ड में कितना हुआ मतदान
मैनपुरी के टिम्डौली और बरौली गांव में करीब 100 बीघा खेती की जमीन लंबे समय से पानी में डूबी हुई है। इस मामले पर स्थाई लोक अदालत ने संज्ञान लिया है। किसानों की शिकायत है कि उनकी जमीन में पानी भर गया है और पानी निकालने की व्यवस्था ठप है। अदालत ने सिंचाई विभाग के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी। यह शिकायत जिला एवं सत्र न्यायालय मैनपुरी के वकील और टिम्डौली निवासी देवेंद्र सिंह कटारिया ने दर्ज कराई है। इसमें अधिशासी अभियंता सिंचाई/नहर खंड मैनपुरी, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ और अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग नहर खंड एटा को विपक्षी बनाया गया है। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष शाम कुमार ने शिकायत दर्ज करने के बाद तीनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। शिकायत के अनुसार, टिम्डौली और बरौली में करीब 100 बीघा खेती की जमीन है। इन खेतों की सिंचाई दन्नाहार की हजारा नहर से निकलने वाले नगरिया सीतापुर बम्बा से होती है। आरोप है कि नगरिया सीतापुर और भटानी गांव के कुछ किसानों ने बम्बा को अवैध तरीके से काटकर कुलाबे लगा दिए हैं। इसी वजह से अतिरिक्त पानी टिम्डौली और बरौली के खेतों में पहुंच रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पानी भरने की स्थिति इतनी गंभीर है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है। दिसंबर तक पानी भरा रहने के कारण इस जमीन पर धान, बाजरा और मक्का जैसी फसलें नहीं हो पा रही हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। शिकायत में टिम्डौली से बरौली होते हुए नदी तक जाने वाले सरकारी नाले का मुद्दा भी उठाया गया है। यह नाला एटा ड्रेनेज खंड के अधीन आता है। आरोप है कि कई सालों से नाले की सफाई और गहरीकरण नहीं किया गया है। इस वजह से खेतों से पानी की निकासी बंद है और बारिश या बम्बा का अतिरिक्त पानी खेतों में जमा हो जाता है। परिवाद में नाले की तत्काल सफाई और गहरीकरण कराकर जल निकासी बहाल कराने की मांग की गई है। साथ ही हजारा नहर-बम्बा पर लगे बताए जा रहे अवैध कुलाबों को हटाकर भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा जलभराव के कारण हर साल बर्बाद होने वाली फसल के लिए प्रभावित किसानों को सिंचाई विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग भी अदालत के सामने रखी गई है। मामले की पैरवी अधिवक्ता आकांक्षा दुबे कर रही हैं। अब 22 सितंबर को सिंचाई विभाग के तीनों अधिकारियों के जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
सिवनी जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कुरई थाना के सामने बुधवार रात तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से सड़क पार कर रहे राहगीर (53) की मौत हो गई। सूचना मिलते ही कुरई पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनर को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया। घटना के बाद एक बार फिर कुरई में सुरक्षित पैदल आवाजाही और फुट ओवरब्रिज की जरूरत को लेकर ग्रामीणों की मांग तेज हो गई है। अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित जानकारी के अनुसार, कुरई निवासी अरविंद शेनडे (53) पिता नात्थन शेनडे बुधवार रात एनएच-44 पार कर रहे थे। इसी दौरान सिवनी से नागपुर की ओर जा रहे कंटेनर क्रमांक HR 47 C 2300 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों ने तुरंत उन्हें कुरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत बताया। पुलिस ने कंटेनर जब्त किया घटना की सूचना मिलते ही कुरई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे वाली जगह का मुआयना किया और कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस वाहन की रफ्तार, ड्राइवर की लापरवाही और हादसे की वजहों की जांच कर रही है। हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव कुरई क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच-44 पर दिन-रात भारी वाहनों का दबाव बना रहता है। इससे सड़क पार करने वाले स्थानीय लोगों के लिए खतरा लगातार बना रहता है। इससे पहले भी कुरई क्षेत्र में एनएच-44 पर ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों से जुड़े गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं। ग्रामीणों ने फुट ओवरब्रिज की मांग की कुरई की बस्ती और व्यावसायिक गतिविधियां हाईवे के दोनों ओर हैं। विद्यार्थियों, दुकानदारों, ग्रामीणों और राहगीरों को रोजाना सड़क पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल हाईवे पार करना जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएचएआई से कुरई में फुट ओवरब्रिज या पैदल पुल बनाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग और जरूरी स्थानों पर गति नियंत्रण के इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा।
उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात 18 साल के युवक ने साईं नदी पुल से छलांग लगा दी। युवक ने पुल के पास अपनी बाइक खड़ी की और अचानक नदी में कूद गया। घटना के करीब 36 घंटे बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। गुरुवार सुबह से पुलिस, गोताखोर और NDRF की टीम नदी में लगातार उसकी तलाश कर रही है। बेटे के नदी में कूदने की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा है। ओग्रापुर निवासी अनंत का बेटा आदित्य मंगलवार रात करीब 8 बजे सेराइयां गांव के पास देवरा बाबा के नजदीक बने साईं नदी पुल पर पहुंचा था। ग्रामीणों के मुताबिक, आदित्य ने अपनी मोटरसाइकिल पुल के पास खड़ी की। इसके बाद वह अचानक नदी में कूद गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही असोहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कर दी। पानी का बहाव तेज, NDRF भी जुटी नदी में पानी अधिक होने के कारण तलाशी अभियान में परेशानी आ रही है। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाने के साथ NDRF टीम की मदद भी ली है। टीमें नदी में अलग-अलग स्थानों पर युवक की तलाश कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नदी के बहाव और गहराई को देखते हुए बचाव दलों को अलग-अलग जगहों पर लगाया गया है। युवक को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था आदित्य आदित्य तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई अंकेत और अंसित हैं। पिता अनंत बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी हैं। बेटे के नदी में कूदने की जानकारी मिलने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग नदी किनारे बैठकर आदित्य के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। करीब 36 घंटे बाद भी उसका पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है। पूर्व विधायक समेत कई लोग पहुंचे घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और साईं नदी पुल के आसपास पहुंच गए। पूर्व विधायक उदयराज यादव, सपा नेता सीएल यादव, भाजपा कार्यकर्ता मुन्ना सिंह और रविन्द्र यादव समेत कई लोगों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। असोहा थाना प्रभारी और सीओ पुरवा अरविंद चौरसिया भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बचाव अभियान की निगरानी की। नदी में लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन पुलिस और बचाव दल गोताखोरों तथा NDRF की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। नदी का तेज बहाव और अधिक गहराई अभियान में चुनौती बनी हुई है। फिलहाल आदित्य का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि तलाश जारी है और युवक को खोजने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोईरौना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की एक हीरो स्प्लेंडर BS6 मोटरसाइकिल भी बरामद की है। यह बाइक 6 अगस्त 2026 को भदोही जिले के कुड़ीकला गांव से चोरी हुई थी। इस मामले में सुशील चौधरी ने कोईरौना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शाम के समय कुड़ीकला गांव से उनकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर नंबर 153/26 दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को चोरी की बाइक के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। ज्ञानपुर के क्षेत्राधिकारी चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम कटरा चौकी क्षेत्र में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की बाइक के साथ आरोपी इलाके में मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद टीम ने घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। 6 अगस्त को कुड़ीकला गांव से चोरी हुई थी बाइक पुलिस के अनुसार बरामद हीरो स्प्लेंडर BS6 मोटरसाइकिल कुड़ीकला गांव से 6 अगस्त को चोरी हुई थी। बाइक चोरी होने के बाद सुशील चौधरी ने कोईरौना थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर एफआईआर नंबर 153/26 दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने के साथ ही बाइक और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। दोनों आरोपी कुड़ीकला गांव के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन यादव और सुनील कुमार सरोज के रूप में हुई है। पवन की उम्र करीब 22 वर्ष और सुनील की उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। दोनों कुड़ीकला गांव, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के निवासी हैं। पवन यादव के पिता का नाम स्वर्गीय विजय यादव और सुनील कुमार सरोज के पिता का नाम लल्लन राम है। नंबर प्लेट बदलकर बाइक चलाने की थी योजना पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कुड़ीकला गांव से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वे बाइक की नंबर प्लेट बदलकर या उसे छिपाकर इस्तेमाल करने वाले थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाइक का इस्तेमाल पैसे कमाने और दूसरी आपराधिक गतिविधियों में करने की योजना थी। पुलिस बरामद बाइक और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो ने सेक्टर-23 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा प्लाट के कथित अवैध ट्रांसफर मामले में आईएएस डी. सुरेश समेत नौ लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। सात साल तक चली जांच के बाद मामले में एसीबी ने अपनी एफआईआर में एचएसवीपी के पूर्व मुख्य प्रशासक डी. सुरेश कुमार के अलावा पूर्व संपदा अधिकारी मुकेश कुमार,सहायक कृष्ण कुमार, क्लर्क हनुमान सिंह और कारोबारी एसके खोसला, सतवीर सिंह मलिक, अभय सहारन, राम निवास राठी और वशिष्ठ कुमार गोयल को नामजद किया है। हालांकि हाल ही में आईएएस डी. सुरेश कुमार रिटायर हो चुके हैं और फिलहाल उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली हुई है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि यदि जांच के दौरान पुलिस या ACB को डी. सुरेश की कस्टडी की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें कम से कम 7 दिन पहले नोटिस देना होगा। इसकी अगली सुनवाई अब 16 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। सेक्टर-23 के प्लॉट का मामला यह मामला सेक्टर 23-23ए स्थित 500.64 वर्ग गज के प्लॉट नंबर 4377 से जुड़ा है। इस प्लाट को साल 1988 में एसके खोसला की एक फर्म को छह लाख 74 हजार रुपये में अलॉट किया गया था। अलॉटमेंट के समय केवल 10 फीसदी राशि जमा की गई थी। बार-बार नोटिस देने के बावजूद बकाया राशि जमा न कराने पर एचएसवीपी ने आठ अप्रैल 2002 को इस प्लॉट का अलॉटमेंट रद्द कर इसे वापस ले लिया था। इसके बावजूद इस जब्त प्लॉट की जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) आरोपी एसके खोसला ने 2003 में अभय सहारण के नाम बनवा दी। जिसमें राम निवास राठी को बतौर गवाह बनाया गया। इसके बाद यह प्रॉपर्टी सतवीर सिंह मलिक को ट्रांसफर कर दी गई।दूसरे प्लॉट की आड़ में रची गई साज़िशसात साल की जांच में खुलासा हुआ कि एसके खोसला के ही एक अन्य प्लॉट नंबर 4358 की पूरी रकम समय पर जमा हो चुकी थी, लेकिन रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण उसे भी रद्द कर दिया गया था, जिसे बाद में कंज्यूमर फोरम ने बहाल करने का आदेश दिया था। अधिकारियों ने जानबूझकर प्लॉट नंबर 4377 और 4358 के केस को एक जैसा दिखा दिया, जबकि प्लॉट 4377 डिफ़ॉल्ट का मामला था। क्लर्क हनुमान सिंह और सहायक कृष्ण कुमार ने गलत नोट तैयार किया, जिसे संपदा अधिकारी मुकेश कुमार ने मंज़ूरी देकर आगे बढ़ाया। बाद में एक मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्य प्रशासक डी. सुरेश कुमार ने दोनों मामलों को एक समान मानते हुए रद्द प्लॉट की ज़ब्ती को गैर-कानूनी तरीके से निरस्त कर दिया। 3.5 करोड़ की प्रॉपर्टी का 6.71 लाख में कन्वेयंस डीडइस पूरे मामले से सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। साल 2019 में इस प्लॉट की कलेक्टर-रेट वैल्यू ही एक करोड़ 75 लाख रुपये थी, जबकि वास्तविक बाजार मूल्य करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये था। इसके बावजूद इसकी कन्वेयंस डीड केवल 6.71 लाख रुपये में दिखाई गई।मुख्य सचिव ने दी मंजूरीयह पूरा मामला रिटायर पुलिस अधिकारी सतेंद्र कुमार द्वारा एसपी की देखरेख में की गई विजिलेंस जांच के बाद साफ हुआ। विजिलेंस की सिफारिशों और हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा फरवरी 2026 में मुकदमा चलाने की मंजूरी दिए जाने के बाद अगस्त 2026 को एसीबी पुलिस स्टेशन में आधिकारिक रूप से मामला दर्ज किया गया। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है, जिसमें कई अन्य अधिकारियों और बिचौलियों पर भी गाज गिर सकती है।जांच अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच चल रही है और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एटा में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक अरविंद कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका से संबंधित फाइलें समय पर पेश नहीं करने और अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है। फाइलें समय पर प्रस्तुत नहीं होने के कारण आवेदन का निस्तारण नहीं हो सका और हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में देरी हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 27 फरवरी 2026 को एक मामले में आदेश जारी किया था। आदेश के अनुपालन के लिए याचिकाकर्ता ऊषा देवी पत्नी सुनील नार, निवासी सहनौआ, आवागढ़, एटा ने 13 मार्च 2026 को आवेदन दिया था। नियमों के अनुसार आवेदन पर निर्धारित समय में कार्रवाई की जानी थी। इसके लिए संबंधित पटल सहायक कनिष्ठ सहायक अरविंद कुमार सिंह को फाइलें अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करनी थीं। फाइलें पेश नहीं होने से अटका आवेदन आरोप है कि अरविंद कुमार सिंह ने संबंधित फाइलें समय पर पेश नहीं कीं। इसके चलते जिलाधिकारी स्तर पर आवेदन का निस्तारण नहीं हो सका। फाइल लंबित रहने से हाईकोर्ट के आदेश का समय पर पालन भी नहीं हो पाया। प्रशासन ने इसे कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और जनहित से जुड़े कार्यों में उदासीनता माना है। जांच के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त मामले की जांच के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। वे लिपिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों, फाइल प्रस्तुत नहीं करने के कारण और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन की जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। निलंबन अवधि में DPRO कार्यालय से संबद्ध रहेंगे फाइलें समय पर पेश नहीं होने और हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में देरी के मामले में अरविंद कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से संबद्ध रखा गया है।
मुख्यमंत्री आज एक दिन के दौरे पर मुंगेर आएंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम मुंगेर जिले के असरगंज और टेटिया बंबर प्रखंड में है। मुख्यमंत्री सबसे पहले असरगंज जाएंगे। यहां वे अपनी मां पार्वती देवी की पुण्यतिथि पर उनकी आत्मा की शांति के लिए हवन करेंगे। इसके बाद वे मां की प्रतिमा पर माला चढ़ाएंगे। इसके बाद वे टेटिया बंबर प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर शंभू मोड़ के पास खूब लाल महावीर महाविद्यालय परिसर में हेलीपैड बनाया गया है। कॉलेज परिसर में पानी के टैंकर लगाने और अस्थायी शौचालय बनाने का भी निर्देश दिया गया। बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर थाना प्रभारी भोला सिंह, पीएचईडी की सहायक अभियंता सुरभि, कार्यपालक अधिकारी सूर्यानंद सिंह और कनीय अभियंता खुशबू मौजूद रहे। असरगंज भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अजीत कुमार भी वहां उपस्थित थे। CM के आगमन को लेकर रूट चार्ट तैयार थाना प्रभारी भोला सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। मुख्य सड़क पर कई जगह ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग की जाएगी। इनमें कच्ची कांवरिया पथ, शंभूगंज मोड़, झोझी, मूसहरी, असरगंज बस स्टैंड, शाहकुंड मोड़ और कंमराय जैसे इलाके शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के रूट पर उनके आगमन के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। ड्रॉप गेट पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल तैनात रहेंगे। नगर पंचायत असरगंज भी जगह-जगह ड्रॉप गेट और बैरियर बनाने का काम तेजी से करा रही है। मुख्यमंत्री आज कॉलेज परिसर में हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे। पूर्व विधायक की प्रतिमा पर करेंगे नमन जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे असरगंज प्रखंड के बेलारी स्थित केएम कॉलेज हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां से वे लखनपुर स्थित अपने निजी आवास जाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री पार्वती नगर, तारापुर स्थित बीएड कॉलेज पहुंचेंगे। यहां वे अपनी माताश्री पूर्व विधायक पार्वती देवी की प्रतिमा पर नमन करेंगे और पुष्पांजलि व माल्यार्पण करेंगे। पेंशनधारियों को अगस्त की पेंशन राशि करेंगे ट्रांसफर इसके बाद मुख्यमंत्री गंगटा मोड़ स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गंगटा मोड़ पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को अगस्त की पेंशन राशि का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीबीटी के जरिए ट्रांसफर करेंगे। इसके साथ ही वे अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, बैरिकेडिंग, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। गंगटा मोड़ के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भीम बांध पहुंचेंगे। वहां उपस्थित लोगों से मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद मुख्यमंत्री गंगटा स्थित हेलीपैड पहुंचेंगे और वहां से स्टेट हैंगर, पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। मौके से आई तस्वीरें…… DM ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षणमुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बुधवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार एवं जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने गंगटा पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के साथ कार्यक्रम स्थल पर चल रही अंतिम तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। मौके पर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित जिले के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।प्रमंडलीय आयुक्त एवं डीआईजी ने निर्धारित समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर पड़ोसी जिले की सीमा से जुड़े क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी तरह की चूक नहीं होने देने पर जोर दिया।जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए पदाधिकारियों और कर्मियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा कार्यक्रम से जुड़ी छोटी से छोटी जरूरतों का भी ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।
यमुनानगर शहर की वीर नगर कॉलोनी में मंदिर जा रही एक महिला के गले से मास्क पहने युवक ने झपटी मारकर सोने की चेन छीन ली। वारदात के बाद आरोपी अपने बाइक सवार साथी के साथ फरार हो गया। महिला ने आरोपी का मास्क खींचकर उसका चेहरा देख लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता के बयान पर दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के बारे में पता लगाया जा सके। पीछे से आंटी कहकर बुलाया वीर नगर निवासी नीलम ने बताया कि वह गृहिणी है। बुधवार की शाम करीब पांच बज वह अपनी पड़ोसन शिवानी शर्मा के साथ घर के पास स्थित शिव मंदिर जा रही थी। रास्ते में पीछे से आए एक युवक ने उसे आंटी कहकर आवाज लगाई। जैसे ही उसने पीछे मुड़कर देखा, युवक ने उसके गले पर झपटा मारकर सोने की चेन छीन ली। नीलम के मुताबिक, उसने इस दौरान आरोपी का मास्क खींच लिया, जिससे उसका चेहरा उसने देख लिया। वह आरोपी को सामने आने पर पहचान सकती है। चेन छीनने के बाद युवक भागकर कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े अपने साथी के पास पहुंचा और दोनों बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस महिला ने पुलिस को बताया कि उसके गले से छीनी गई सोने की चेन करीब 2 से 2.5 तोले की थी। सेक्टर 17 थाना प्रभारी राजिंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला से पूछताछ की। उसकी शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है।
रायबरेली के बछरावां विकास क्षेत्र स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय के सैकड़ों छात्र बुधवार देर रात करीब 11 बजे सड़क पर उतर आए। छात्रों ने बिजली-पानी की खराब व्यवस्था, भोजन में कीड़े मिलने, किताबों और शिक्षकों की कमी समेत कई समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। छात्र विद्यालय से करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर बछरावां कस्बे पहुंचे और रेलवे क्रॉसिंग के पास धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है। बिजली और पानी की व्यवस्था खराब होने से उन्हें परेशानी होती है। विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खाने में कई बार कीड़े मिल चुके हैं। छात्रों के मुताबिक, पाठ्यक्रम के अनुसार सभी किताबें उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि विद्यालय में रहने, खाने और पढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हाईवे की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने रोका छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। बड़ी संख्या में छात्र लखनऊ-प्रयागराज हाईवे की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रेलवे क्रॉसिंग के पास रोक दिया। उप जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने का आश्वासन मिलने के बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने छात्रों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। छात्र विद्यालय की समस्याओं का स्थायी समाधान किए जाने की मांग पर अड़े रहे। आरोप- शिकायतें डस्टबिन में फेंक देते थे प्रधानाचार्य छात्रों ने प्रधानाचार्य अवधेश प्रसाद यादव पर गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार समस्याओं को लेकर शिकायती पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने प्रधानाचार्य को कुछ शिकायती पत्र डस्टबिन में फेंकते हुए भी देखा। विद्यार्थियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्याएं दूर नहीं हुईं, इसलिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रधानाचार्य बोले- अब कभी-कभी ही मिलती है ऐसी शिकायत प्रधानाचार्य अवधेश प्रसाद यादव ने बताया कि पहले भोजन में कीड़े मिलने की समस्या थी। अब कभी-कभी ही खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आती है। उन्होंने बताया कि बाजार में उपलब्ध किताबें छात्रों को उपलब्ध करा दी गई हैं। जो किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हैं, उनकी जल्द व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था भी जल्द बेहतर कराने की बात कही। शिक्षकों की कमी के संबंध में विभागीय अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। छात्रों के आरोपों और विद्यालय में सुविधाओं की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। जानें तृतीया तिथि, शिव-पार्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, पूजन सामग्री और धार्मिक महत्व।
उदयपुर के सरकारी एमबी हॉस्पिटल में चल रहे शाम्भवी डायग्नोस्टिक लैब के खिलाफ बिना लाइसेंस संचालन को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें नगर निगम के पूर्व मेयर चन्द्रसिंह कोठारी को परिवादी बनाया गया है। जबकि पूर्व मेयर ने साफ इंकार किया कि मैंने थाने में ऐसी कोई शिकायत नहीं दी है। मेरी बिना जानकारी के मेरे नाम से एफआईआर दर्ज की गई है। मैंने तो करीब दो महीने पहले कलेक्टर को लैब के संबंध में शिकायत की थी। थाने में न तो मैं गया और ना ही मैंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर को दी शिकायत के आधार पर मुझे परिवादी कैसे बना दिया? मैं जिला प्रशासन के समक्ष इसका विरोध करूंगा। पूर्व मेयर ने लैब पर कानूनी कार्रवाई के लिए कलेक्टर को दिया था ज्ञापन पूर्व मेयर कोठारी ने बताया- मैंने कलेक्टर को ज्ञापन दिया था। इसमें बताया था कि तत्कालीन कलेक्टर द्वारा गठित कमेटी की जांच में लैब को दोषी माना तो उस पर अभी तक कार्रवाई क्यों नही की गई। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। लैब के पास लाइसेंस नहीं है। जांच समिति ने पाया था कि लैब द्वारा सैंपल लखनऊ भेजे जाते थे। ऐसे में बड़ा सवाल है कि उदयपुर से सैंपल लखनऊ भेजे जाने के बावजूद 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्राप्त होना किस प्रक्रिया के तहत संभव हुआ। रिपोर्ट में ऐसे मामलों में किए गए भुगतान की विस्तृत जांच की आवश्यकता भी बताई थी।
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को अब अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर मिल गया है, जिसमें केंद्र सरकार ने 3,214 पदों को सीपीडब्ल्यूडी से अलग कर मंजूरी दी है।
हनुमना में करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बने संयुक्त कार्यालय भवन का बुधवार शाम लोकार्पण हुआ। सांसद जनार्दन मिश्रा ने भवन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने की। एक जगह मिलेंगी कई प्रशासनिक सेवाएं संयुक्त कार्यालय भवन में तहसील से जुड़े कई कार्यालय संचालित होंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही जगह पर कई प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी। मऊगंज में 50 करोड़ से बन रहा कलेक्ट्रेट सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि 8 करोड़ रुपए की लागत से बना यह भवन हनुमना क्षेत्र के विकास की उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि मऊगंज में करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण चल रहा है। अलग-अलग विभागों के कार्यालय भवन भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला बनने के बाद हो रहे ये निर्माण कार्य मऊगंज के विकास की नई यात्रा की शुरुआत हैं। उन्होंने लोगों से छोटे-मोटे विवादों में न उलझने और जिले के विकास में सहयोग करने की अपील की। रेलवे लाइन का सर्वे पूरा होने की जानकारी सांसद ने बताया कि रीवा से मिर्जापुर रेलवे लाइन के सर्वे का काम पूरा हो गया है। इसके अलावा मऊगंज क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है और काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जहां बाणसागर का पानी नहीं पहुंच पाया है, वहां माइक्रो इरिगेशन के जरिए गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। सीएम राइज स्कूल और कॉलेज भवन का काम जारी विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि संयुक्त कार्यालय भवन बनने से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि हनुमना महाविद्यालय भवन का निर्माण जारी है। जिले में 5 सीएम राइज स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें दो भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। विद्यार्थियों के लिए स्कूल बसों की व्यवस्था भी की गई है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में एमएसएमई के माध्यम से उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अस्पताल, केंद्रीय और नवोदय विद्यालय पर भी काम स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अस्पतालों का उन्नयन किया जा रहा है। केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद इनके भवनों का निर्माण शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, नगर परिषद अध्यक्ष हनुमना आशुतोष गुप्ता, कलेक्टर संजय कुमार जैन, एसपी सुरेंद्र कुमार जैन, संतोष सिंह सिसोदिया, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष हरिहर प्रसाद शुक्ला और एसडीएम हनुमना राजेश मेहता सहित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद नवीन तहसील भवन परिसर में पौधारोपण भी किया गया।
रायबरेली में एक युवक ने पारिवारिक कलह के चलते ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, ट्रेन ड्राइवर की सूझबूझ से उसकी जान बच गई। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना लालगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक गुरूवार सुबह 6 बजे से प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था। करीब 7 बजे जैसे ही ट्रेन आई, उसने उसके आगे छलांग लगा दी। रायबरेली से रघुराज सिंह रेलवे स्टेशन जा रही ट्रेन के चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इससे हादसा टल गया। अचानक हुई इस घटना से प्लेटफॉर्म परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। युवक की पहचान कानपुर के कल्याणपुर निवासी अजय सरोज के रूप में हुई है। पुलिस ने अजय के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
श्री खड़े हनुमान मंदिर को लेकर संत समाज और प्रशासन आमने-सामने हैं। महामंडलेश्वर अतुलेशानंद सरस्वती ने मंदिर हटाने का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, जबकि प्रशासन ने प्रतिमा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
सवाईमाधोपुर के खंडार की नायपुर ग्राम पंचायत से खंडार मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले करीब एक वर्ष से अधूरी और जर्जर अवस्था में पड़ी हुई है। सड़क निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी है कि करीब एक साल बीतने के बावजूद अब तक 40 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो पाया है। महज 17 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण भी करीब 1 साल में पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार का खामियाजा तीन ग्राम पंचायतों के करीब 12 गांवों की लगभग 11 हजार की आबादी को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। धीमी गति से चल रहा काम, ग्रामीण परेशान ग्रामीणों के अनुसार पुरानी सड़क को खोदकर नई सड़क बनाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन इसके बाद से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। लंबे समय से सड़क अधूरी पड़े रहने के कारण ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुख्य मार्ग से तीन ग्राम पंचायतों के करीब 12 गांव जुड़े हुए हैं। जिनकी लगभग 11 हजार की आबादी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है। यही मार्ग ग्रामीणों को खंडार मुख्यालय से जोड़ता है। जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। विद्यार्थियों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और रोजाना खंडार आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। जर्जर और अधूरी सड़क के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और लोगों को जोखिम भरा सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों बोले- जल्द हो काम ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार समाचार-पत्रों के माध्यम से मुद्दा उठाया जा चुका है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले पुरानी सड़क की स्थिति वर्तमान से बेहतर थी। नई सड़क निर्माण के लिए पुरानी सड़क को खोद दिया गया, लेकिन लंबे समय तक निर्माण अधूरा रहने से लोगों की परेशानियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य में शीघ्र तेजी लाकर इसे पूरा कराने की मांग की है, ताकि तीन ग्राम पंचायतों के करीब 12 गांवों और 11 हजार लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। इनपुट - चंद्रप्रकाश शर्मा खंडार।
बांदा में स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खातों और लोन पास करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है। प्रयागराज से आई लेखा विभाग की दो सदस्यीय ऑडिट टीम ने जांच के दौरान तिंदवारी पीएचसी के ऑप्टोमेट्रिस्ट के GPF खाते में अनियमितता पकड़ी। आरोप है कि खाते में वास्तविक रकम से ज्यादा राशि दिखाकर करीब 35 लाख रुपए का लोन लिया गया। टीम कई दस्तावेज अपने साथ प्रयागराज ले गई है। कागजातों के मिलान के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। ऑडिट में सामने आया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार ने पहले GPF खाते से कुछ रकम निकाली थी। इस निकासी को खाते में एडजस्ट नहीं किया गया। इसके चलते रिकॉर्ड में GPF की वास्तविक राशि से ज्यादा रकम दिखाई देती रही। इसी बढ़ी हुई राशि को आधार मानकर करीब 35 लाख रुपए का लोन पास हो गया। ऑडिट टीम ने GPF खाते और लोन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की तो यह गड़बड़ी सामने आई। ऑडिट टीम दस्तावेज प्रयागराज ले गई प्रयागराज की दो सदस्यीय टीम ने बांदा स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के GPF खातों और लोन से संबंधित कागजातों की जांच की। तिंदवारी पीएचसी के ऑप्टोमेट्रिस्ट के खाते में गड़बड़ी मिलने के बाद टीम ने संबंधित दस्तावेज अपने साथ प्रयागराज ले लिए हैं। वहां पुराने रिकॉर्ड और लोन से जुड़े कागजात का मिलान किया जाएगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है। कार्रवाई और रिकवरी के निर्देश चित्रकूटधाम मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अभय सिंह ने बताया कि ऑडिट टीम अभी दस्तावेजों का मिलान कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तिंदवारी के ऑप्टोमेट्रिस्ट ने GPF में ज्यादा रकम दिखाकर करीब 35 लाख रुपए का लोन लिया। पहले खाते से निकाली गई रकम को GPF में एडजस्ट नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सीएमओ को विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही ज्यादा निकाली गई रकम की रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। महोबा में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला अधिकारियों के अनुसार, महोबा में भी स्वास्थ्य विभाग के एक क्लर्क से जुड़ा GPF में गड़बड़ी का मामला सामने आ चुका है। हालांकि, बांदा में ऑडिट के दौरान दूसरे कर्मचारियों के खातों में भी ऐसी अनियमितता मिली है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऑडिट टीम की अंतिम रिपोर्ट आने और उसे शासन को भेजे जाने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
झांसी में आज तेज धूप के साथ बढ़ेगी उमस:35 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा टेम्परेचर, बारिश के आसार नहीं
झांसी में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने के साथ तेज धूप निकलने की संभावना है। धूप के कारण दिन में उमस बढ़ सकती है। आईएमडी के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, बीच-बीच में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। बुधवार को भी झांसी में दिनभर तेज धूप रही। इससे गर्मी और उमस बढ़ गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में बढ़ी गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगले पांच दिन बारिश के आसार कममौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले पांच दिनों में झांसी के मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। इस दौरान तेज धूप के चलते अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। इससे उमस भी बढ़ेगी। हालांकि, कुछ समय के लिए बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। उमस में सेहत का रखें ध्यानजिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉक्टर केपी सिंह ने बताया कि तेज धूप और उमस में शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें और बहुत देर तक सीधे धूप में रहने से बचें। हल्के और सूती कपड़े पहनें। ज्यादा पसीना आने पर ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ ले सकते हैं। चक्कर, कमजोरी, सिरदर्द या बेचैनी महसूस होने पर तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें। उन्होंने बताया कि इस समय वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शस्त्र और कारतूस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। गदागंज पुलिस टीम ने 9 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर यह गिरफ्तारी की। आरोपियों को बांसी रिहायक मोड़ से नया पुरवा रोड, अंबारा मथई गांव के पास से पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों के नाम अनुराग सिंह (पुत्र नागेंद्र सिंह) और अभिषेक सिंह (पुत्र अजय सिंह) हैं। ये दोनों खजुरी, थाना गदागंज के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस (0.32 बोर) बरामद किए हैं। साथ ही एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक बाजा यादव, कांस्टेबल हरिकेश, कांस्टेबल सर्वेश कुमार, कांस्टेबल संजू पटेल और कांस्टेबल विशेन शामिल थे।
कुशीनगर के चौराखास थाना क्षेत्र से लापता 13 साल की किशोरी और एक युवक बुधवार शाम देवरिया के बघौचघाट थाना क्षेत्र के कोटवा गांव के पास नदी किनारे मिले। दोनों परेशान हालत में थे। ग्रामीणों ने युवक को पेड़ पर फंदा लगाने की कोशिश करते देखा तो मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बचाया और पुलिस को सूचना दी। चौराखास पुलिस दोनों को थाने ले गई है। पुलिस किशोरी का बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। किशोरी की मां ने 5 सितंबर को चौराखास थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने गांव के गोविंद शर्मा और उसके पिता रामप्रवेश शर्मा के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। मां का आरोप था कि किशोरी 5 सितंबर को निजी स्कूल गई थी। छुट्टी होने के बाद गोविंद उसे घर छोड़ने की बात कहकर टेंपो में बैठाकर ले गया। इसके बाद किशोरी घर नहीं पहुंची। मां ने बेटी को साजिश के तहत गायब करने का आरोप लगाया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने युवक के घर पर दबिश देने के साथ उसके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की। पुलिस बोली- दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग पुलिस के मुताबिक, किशोरी और गोविंद के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी उससे अक्सर फोन पर बात करती थी। वह कभी-कभी गोविंद की टेंपो से स्कूल से घर भी जाती थी। पुलिस के अनुसार, 5 सितंबर को घर से जाने के बाद दोनों अलग-अलग स्थानों पर रुके। परिवार और पुलिस की पूछताछ के चलते दोनों वापस चौराखास की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उन्हें पुलिस के हाथ लगने और जेल जाने का डर सताने लगा। डर के चलते आत्महत्या की कोशिश, ग्रामीणों ने बचाया बुधवार शाम करीब 6 बजे दोनों बघौचघाट क्षेत्र के कोटवा गांव के पास पहुंचे। नदी किनारे दोनों काफी परेशान हालत में दिखाई दिए। इसी दौरान युवक पेड़ पर फंदा लगाने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और चौराखास पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी व युवक को अपने साथ ले गई। किशोरी के बयान के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई चौराखास थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि किशोरी की मां की तहरीर पर युवक और उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। किशोरी के बरामद होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जा रहा है। बयान और जांच में सामने आए अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की तत्परता से दोनों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद से गांव में मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।
राजस्थान में बारिश की वापसी या मानसून की विदाई? कांस के फूलों ने बढ़ाया मौसम का सस्पेंस
राजस्थान में बारिश की वापसी या मानसून की विदाई? कांस के फूलों ने बढ़ाया मौसम का सस्पेंस
संभल में एक दबंग ने खुलेआम उस्तरा लहराकर दबंगई दिखाई। उसने एक घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट की। जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने उस पर ईंटें फेंककर उसे भगा दिया। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति के हाथ में उस्तरा और ईंटें दिख रही हैं। यह पूरी घटना संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नखासा की है। मोहम्मद फाजिल पुत्र ताहिर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 सितंबर की शाम 4 बजे सोनू, गुड्डू और बिट्टू (शब्बीर के बेटे, मोहल्ला कुरैशियान निवासी) उनके घर में घुस आए। उन्होंने गाली-गलौज की और मारपीट की। फाजिल ने बताया कि गुड्डू और सोनू ने उनकी गर्दन पर उस्तरा लगा दिया और जान से मारने की धमकी दी। सोनू ने अपनी आंटी से तमंचा निकालकर फायर भी किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। शोर सुनकर कई लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी भागने लगे। भागते समय भी वे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। घटना के वीडियो में एक व्यक्ति के हाथ में उस्तरा दिख रहा है। वह गाली-गलौज करते हुए पीछे हट रहा है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि पीड़ित पक्ष ने भी गालियां दीं और उस्तरा दिखाने वाले दबंग पर ईंटें फेंकीं। पीड़ित ने घटना की जानकारी डायल 112 पर पुलिस को दी थी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोपी पर हिस्ट्रीशीटर होने का आरोप भी लगाया है। थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे को गाली देते दिख रहे हैं। एक व्यक्ति के हाथ में उस्तरा है। जो लोग घटना का वीडियो बना रहे थे, उन्होंने ईंटें भी फेंकी हैं। पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में कक्षा 8 की नाबालिग छात्रा को अगवा कर जबरन शादी का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। किशोरी के चाचा ने लालगंज के पुरवारा गांव निवासी सुमित उपाध्याय पर दो साथियों के साथ मिलकर भतीजी को अगवा करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुमित को नामजद करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चाचा के मुताबिक, उनकी भतीजी 30 अगस्त की दोपहर स्कूल की ड्रेस सिलवाने के लिए दर्जी की दुकान जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान सुमित उपाध्याय अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और किशोरी को जबरन अपने साथ ले गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सुमित ने किशोरी को शादी न करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसे पहले कुंडा ले जाया गया और फिर वहां से दिल्ली ले जाने का आरोप है। दिल्ली में जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप परिजनों के मुताबिक, दिल्ली में किशोरी पर जबरन शादी करने का दबाव बनाया गया। किशोरी ने एक दिन मौका पाकर पड़ोस में रहने वाली महिला को पूरी घटना बताई। महिला ने इसकी जानकारी उसके परिजनों तक पहुंचाई। इसके बाद किसी तरह किशोरी सात सितंबर को अपने घर पहुंची। घर लौटने के बाद उसने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। चाचा की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया केस किशोरी के चाचा ने मामले की शिकायत महेशगंज पुलिस से की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुमित उपाध्याय को नामजद करते हुए दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। किशोरी से पूछताछ और सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बारां जिले में 11 सितंबर को होने वाले निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने चुनाव के काम के लिए गाड़ियों को अपने कब्जे में लिया है।।जानकारी के मुताबिक, मांगरोल, अटरू और छबड़ा नगर पालिका चुनावों के लिए परिवहन विभाग ने 49 गाड़ियां ली हैं। इनमें छोटी-बड़ी गाड़ियां, बसें और दूसरे जरूरी वाहन शामिल हैं।इन गाड़ियों का इस्तेमाल चुनाव सामग्री, पोलिंग पार्टियों और सुरक्षा बलों को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा। जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा खुद चुनावी तैयारियों में लगी हुई हैं। डीटीओ ऑफिस ने गाड़ी मालिकों को नोटिस जारी कर तय तारीख पर गाड़ियां देने के निर्देश दिए हैं। सभी ली गई गाड़ियों की फिटनेस और कागजात की जांच कर उन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए तैयार किया गया है।डीटीओ शर्मा ने बताया कि निकाय चुनाव शांतिपूर्ण और सही तरीके से पूरा कराने के लिए परिवहन विभाग पूरी तरह से तैयार है। गाड़ियों को लेने के साथ ही ड्राइवरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
बदायूं में प्रयागराज हाईकोर्ट के फर्जी जमानत आदेश कोर्ट में पेश कर उसका फायदा उठाने की कोशिश का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश के कोर्ट के सत्र लिपिक की शिकायत पर अधिवक्ता कंचन और आरोपी की पैरोकार ब्रिजेश के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि जमानत की रकम तय कराने के लिए हाईकोर्ट के दो आदेशों की प्रतियां कोर्ट में पेश की गई थीं। इन आदेशों की जांच कराने पर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध रिकॉर्ड और पेश की गई प्रतियों में आरोपी के नाम को लेकर अंतर मिला। कंप्यूटर अनुभाग की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को शिकायत दी। सत्र लिपिक राहुल कटियार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस कोर्ट में लगाए गए जमानत आदेशों, संबंधित आवेदनों, शपथ पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। दो जमानत आवेदनों के साथ लगाई गईं आदेशों की प्रतियां सत्र लिपिक राहुल कटियार ने पुलिस को बताया कि 1 अगस्त को अधिवक्ता कंचन ने जमानत की रकम तय करने के लिए कोर्ट में दो आवेदन प्रस्तुत किए थे। पहले आवेदन के साथ प्रयागराज हाईकोर्ट के फौजदारी जमानत आवेदन संख्या 24153/2026 में जारी आदेश की कॉपी लगाई गई थी। दूसरे आवेदन के साथ फौजदारी जमानत आवेदन संख्या 23876/2026 में 23 जुलाई 2026 को जारी आदेश की प्रति पेश की गई थी। दोनों आवेदनों के साथ आरोपी किशनपाल की ओर से उसकी पैरोकार ब्रिजेश पत्नी किशनपाल, निवासी गांव जनेटा, थाना बनियाठेर, जिला संभल के शपथ पत्र भी लगाए गए थे। कंप्यूटर अनुभाग की जांच में सामने आया अंतर कोर्ट ने अधिवक्ता की ओर से पेश किए गए दोनों जमानत आदेशों को सत्यापन के लिए कंप्यूटर अनुभाग भेज दिया। वहां हाईकोर्ट की वेबसाइट पर मौजूद रिकॉर्ड से इन आदेशों का मिलान किया गया। जांच रिपोर्ट में पेश की गई दोनों प्रतियों और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध रिकॉर्ड में आरोपी के नाम को लेकर अंतर सामने आया। इसके बाद दस्तावेजों की वास्तविकता को लेकर सवाल खड़े हुए और कोर्ट ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा कोर्ट की शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता कंचन और पैरोकार ब्रिजेश के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट का फर्जी और कूटरचित आदेश कोर्ट के सामने पेश कर उसका लाभ लेने की कोशिश की गई। पुलिस अब जमानत आदेशों के साथ लगाए गए दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कोर्ट में पेश की गई प्रतियां कहां से तैयार हुईं और उन्हें किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई मामले में पुलिस संबंधित जमानत आवेदनों, हाईकोर्ट के वास्तविक रिकॉर्ड और कोर्ट में पेश की गई प्रतियों का मिलान कर रही है। जांच के आधार पर दस्तावेजों की वास्तविकता और पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होगी। इसके बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
बरेली में रिकॉर्ड बारिश के बाद रेजिडेंसी गार्डन कॉलोनी में चौथे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके। गुरुवार सुबह तक कई सड़कें पानी में डूबी रहीं। कॉलोनी में करीब 6 फीट तक पानी भरने के बाद हालात देखने बुधवार को डीएम अविनाश सिंह और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ट्रैक्टर से अंदर पहुंचे। नगर निगम की टीमें मंगलवार से सक्शन पंप और टैंकरों की मदद से पानी निकाल रही हैं। इसके बावजूद कॉलोनी के कई हिस्सों में जलभराव बना हुआ है। डीएम ने माना कि कॉलोनी मुख्य सड़क से नीचे और ढलान पर है, जबकि यहां पर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। हजियापुर की तरफ पीछे की दीवार टूटने से भी बड़ी मात्रा में पानी कॉलोनी में आया। 90 फीसदी घरों में ताले, बिजली भी बंद जलभराव के कारण रेजिडेंसी गार्डन के करीब 90 फीसदी घरों में ताले लटके हैं। विद्युत निगम ने सुरक्षा के चलते बिजली आपूर्ति बंद कर रखी है। करीब 10 फीसदी परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहने को मजबूर हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से इन परिवारों तक राशन, सब्जियां और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। डीएम और नगर आयुक्त के पहुंचने पर कॉलोनी के लोगों ने अपनी परेशानियां बताईं। डीएम ने अधिकारियों को जल्द पानी निकालने के साथ सफाई कराने और स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए। जलभराव के विरोध में सड़क पर बैठे थे लोग मंगलवार को जलभराव से परेशान करीब 25 से 30 लोगों ने कॉलोनी के गेट के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध किया था। लोगों ने चार पहिया वाहन खड़े कर रास्ता जाम कर दिया था। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने और समझाने के बाद रात करीब 9 बजे रास्ता खुल सका। 400 घरों में घुसा पानी शहर की दूसरी कॉलोनियां भी जलभराव से प्रभावित हैं। मुंशीनगर की आकांक्षा एन्क्लेव में 3 से 4 फीट पानी भरने से करीब 400 घर प्रभावित हुए। त्रिवेणी एन्क्लेव में 2 से 3 फीट पानी रहा। पवन विहार, छोटी बिहार के परवाना नगर, संजय नगर, आधारशिला, नॉर्थ सिटी एक्सटेंशन, लाजपत नगर, गणेश नगर, बन्नूवाल कॉलोनी और मिनी बाइपास की कई कॉलोनियों में भी पानी जमा रहा। ग्रीन पार्क में नदी किनारे प्लॉटिंग का मामला भी सामने आया है। ऐसे इलाकों में बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बच्चों की किताबें भीगीं, परीक्षा टालने की मांग रेजिडेंसी गार्डन के लोगों ने डीएम को बताया कि घरों में पानी भरने से बच्चों की कॉपी-किताबें भीग गई हैं। जल्द ही परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। कॉलोनीवासियों ने बच्चों की परीक्षा कुछ समय बाद कराने की मांग की। डीएम ने संबंधित स्कूलों से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। अब बनेगा ड्रेनेज मास्टर प्लान डीएम ने जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के साथ पानी उतरने के बाद जमा गंदगी की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए भी कार्रवाई करने को कहा गया है। कॉलोनी की वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों को कलेक्ट्रेट बुलाकर संबंधित विभागों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें रेजिडेंसी गार्डन के जलभराव का स्थायी समाधान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग को हजियापुर की तरफ टूटी दीवार को जल्द बनवाने और पानी के अनियंत्रित बहाव को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के पुराने नालों और तालाबों को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाया जाएगा। पूरे शहर का ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
मैहर वनमंडल में घूम रहा बांधवगढ़ का नर हाथी E-5 बुधवार रात अमरपाटन वन क्षेत्र की गोरसरी घाटी से आगे बढ़कर ओबरा गांव के पास पहुंच गया। हाथी के बस्ती के नजदीक आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इस दौरान हाथी ने एक झोपड़ी तोड़ दी। राहत की बात रही कि उस समय झोपड़ी में कोई मौजूद नहीं था। कक्ष 605 के आसपास घूम रहा वन विभाग के मुताबिक हाथी अभी कक्ष क्रमांक 605 के आसपास जंगल में घूम रहा है। पिछले 24 घंटे में उसकी गतिविधियां सामान्य रही हैं। रेडियो कॉलर से मिले डेटा के आधार पर वन्यजीव विशेषज्ञ लगातार उसकी गतिविधियों और व्यवहार की निगरानी कर रहे हैं। सायरन बजाकर जंगल की ओर भेजने की कोशिश हाथी के आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। हाथी को बस्ती से दूर रखने और जंगल की ओर वापस भेजने के लिए मौके पर सायरन बजाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों की बिजली भी बंद कराई जा रही है। गांवों में लाउडस्पीकर से अलर्ट ओबरा, चोरखरी, भीषमपुर, पठरा, अमझर, छांईन समेत आसपास के गांवों में लाउडस्पीकर से लगातार सूचना देकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। वन विभाग ने लोगों से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षित रहने की अपील की है। 200 मीटर की दूरी बनाए रखें वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथी के पास नहीं जाने, जंगल में बिना अनुमति प्रवेश नहीं करने और फोटो-सेल्फी के लिए जोखिम नहीं उठाने को कहा है। हाथी से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। उसे भगाने के लिए टॉर्च, तेज रोशनी या किसी अन्य तरीके से परेशान नहीं करने की हिदायत दी गई है। विभाग ने कहा कि खेत में हाथी आने पर ग्रामीण उसे हटाने के लिए उसके पास न जाएं। हाथी द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने पर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। वन विभाग की टीम कर रही निगरानी वनमंडलाधिकारी विद्याभूषण मिश्रा ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, वन विभाग और वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है। हाथी की गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ललितपुर जिले के महरौनी कस्बे में गुरुवार 10 सितम्बर को समाजवादी पार्टी का पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सम्मेलन में एमएलसी मानसिंह यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे, जबकि सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल बुधवार रात करीब 10:30 बजे ललितपुर पहुंच गए। बीघा खेत स्थित टोल पर पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ गई। प्रदेश अध्यक्ष के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के ललितपुर पहुंचने की जानकारी मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता बीघा खेत स्थित टोल पर पहुंच गए। बुधवार रात करीब 10:30 बजे उनके पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सम्मेलन से पहले प्रदेश अध्यक्ष का जिले में पहुंचना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महरौनी में जुटेंगे पार्टी के कार्यकर्ता गुरुवार को महरौनी कस्बे में होने वाले सम्मेलन में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की गई हैं। एमएलसी मानसिंह यादव विशिष्ट अतिथि रहेंगे कार्यक्रम में एमएलसी मानसिंह यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। पार्टी की ओर से सम्मेलन में संगठन और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। महरौनी में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन पार्टी के पीडीए कार्यकर्ताओं को एक मंच पर जुटाने का अवसर होगा। प्रदेश अध्यक्ष के संबोधन के साथ कार्यकर्ताओं में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
लुधियाना स्थित भामा रोड के सुखदेव नगर में एक दामाद ने नशे (चिट्टे) की लत पूरी करने के लिए अपनी सास और पत्नी पर सरिए से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी मर्डर के एक केस में चार साल की सजा काटकर इसी साल अप्रैल में जमानत पर बाहर आया था। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल करवाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित सास परमजीत कौर ने बताया कि उनकी बेटी हरजीत कौर की शादी 7 साल पहले गुरविंदर सिंह के साथ हुई थी। उनकी एक 6 साल की बेटी भी है। कुछ साल पहले गुरविंदर ने एक महिला का कत्ल कर दिया था, जिसके जुर्म में वह 4 साल जेल में रहा। अप्रैल में जमानत पर बाहर आने के बाद वह अपने ससुराल में ही रहने लगा था। कुछ समय बाद ही उसने चिट्टे (ड्रग्स) का नशा करना शुरू कर दिया और रोज नशे के कैप्सूल के लिए 500 रुपए की मांग करने लगा। सरिए से किए वार, दरवाजे तोड़े पीड़ित पत्नी हरजीत कौर के मुताबिक 10 अगस्त को गुरविंदर ने नशे के लिए 30,000 रुपए की बड़ी मांग की। जब परिजनों ने इतने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो वह आगबबूला हो गया। जिसके बाद 2 सितंबर को उसने घर के दरवाजे तोड़ दिए और एक भारी सरिए से दोनों पर हमला कर दिया। सास परमजीत कौर ने बताया कि हमले के दौरान बेटी की छाती और बांह पर गंभीर चोटें आई हैं। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, कार फूंकने की धमकी इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक गाड़ी से निकलता है, उसके हाथ में सरिया है और वह पहले पत्नी पर करीब 5 बार वार करता है। बीच-बचाव करने आई सास पर भी वह हमला करता है। इसके बाद आरोपी कार में बैठकर वहां से फरार हो जाता है। जाते हुए उसने धमकी दी कि वह पत्नी के नाम पर लोन पर ली गई कार को फूंक देगा। शिकायत दर्ज, जांच में जुटी पुलिस मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुखदेव नगर निवासी परमजीत कौर की तरफ से उन्हें लिखित शिकायत मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी दामाद गुरविंदर सिंह अपनी पत्नी से चिट्टे के लिए 30 हजार रुपए मांग रहा था और पैसे न मिलने पर उसने यह मारपीट की है। पीड़ितों का अस्पताल में मेडिकल (MLR) करवा लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
जयपुर में बिल्डिंग की 13वीं मंजिल से गिरने से युवक की मौत हो गई। घटना मानसरोवर थाना इलाके की न्यू आतिश मार्केट की 4 सितंबर को शाम करीब 7:30 बजे की है। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो 8 सितंबर को सामने आया। इसमें सोडाला निवासी गौरव शर्मा (22) जमीन पर गिरकर उछलता दिखा है। मानसरोवर थाना पुलिस के अनुसार, गौरव घटना के समय अकेला 13 मंजिल की बिल्डिंग पर पहुंचा था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से हादसे से कुछ सेकेंड पहले ली गई सेल्फी मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौरव को सेल्फी और रील बनाने का शौक था। पुलिस को आशंका है कि सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। FSL टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं, जिसमें गौरव अकेले जाते दिखा है। सुसाइड के एंगल से भी की जांच मानसरोवर थानाधिकारी सतीश चंद ने बताया- शुरुआती तौर पर पुलिस ने सुसाइड की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच की थी। मोबाइल में मिली कुछ सेकेंड पहले की सेल्फी और सीसीटीवी फुटेज के बाद अब अलग एंगल से घटना की जांच की जा रही है। FSL से मिले सबूतों और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस अब मोबाइल, सीसीटीवी और FSL रिपोर्ट समेत सभी सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मां से पार्क जाने की कहकर निकला था गौरव के मामा प्रवीण शर्मा ने बताया कि गौरव करीब 11 महीने पहले एक आईटी कंपनी में इंजीनियर के पद पर नौकरी पर लगा था। वह सप्ताह में चार दिन वर्क फ्रॉम होम और दो दिन सीतापुरा स्थित ऑफिस से काम करता था। घटना वाले दिन शाम करीब 6 बजे तक घर से काम करने के बाद उसने मां मंजू शर्मा से गोविंददेवजी मंदिर जाने की बात कही थी। जन्माष्टमी के कारण भीड़ होने पर मां ने उसे अगले दिन जाने की बात कही। इसके बाद गौरव पास के महिमा पार्क जाने की बात कहकर घर से निकल गया। बताया गया कि वह महिमा पार्क से मेट्रो के जरिए न्यू आतिश मार्केट पहुंचा था। परिवार में मां और छोटी बहन गौरव मूल रूप से दूधली, बस्सी का रहने वाला था। वर्तमान में सोडाला के रामनगर में परिवार के साथ रह रहा था। उसके पिता एडवोकेट अरुण शर्मा का करीब 19 साल पहले निधन हो गया था। परिवार में मां मंजू शर्मा और छोटी बहन प्रज्ञा शर्मा हैं, जो बीएससी की पढ़ाई कर रही है। बेटे की मौत के बाद मां सदमे में हैं।
सतना के जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक बार फिर खून की कमी हो गई है। बुधवार रात तक यहां सिर्फ 21 यूनिट ब्लड बचा था। हालात ऐसे हैं कि दिन में कई बार किसी न किसी ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म हो रहा है। जरूरतमंद मरीजों के परिजन खून के इंतजार में बैठे रहते हैं। एक्सचेंज के जरिए भी कई बार समय पर खून नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ब्लड बैंक से थैलेसीमिया, सिकलसेल, कैंसर मरीजों और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को लगातार खून दिया जा रहा है। हालांकि, जितनी तेजी से खून की खपत हो रही है, उस हिसाब से डोनेशन नहीं हो रहा है। इसी वजह से स्टॉक लगातार कम हो रहा है। जरूरतमंद मरीजों को हर महीने करीब 200 यूनिट खून मुफ्त में दिया जाता है। 57 थैलेसीमिया मरीज यहां रजिस्टर्डजिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, सतना और आसपास के जिलों के 57 थैलेसीमिया मरीज यहां रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 40 से ज्यादा मरीज नियमित रूप से ब्लड बैंक से खून लेते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत के हिसाब से खून की जरूरत होती है। कुछ मरीजों को तो महीने में तीन से चार यूनिट तक खून चढ़ाना पड़ता है। ऐसे में ब्लड बैंक में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना बहुत जरूरी है। बुधवार रात करीब 8 बजे ब्लड बैंक में ओ-निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म हो गया था। उस समय ए-पॉजिटिव 5, ए-निगेटिव 1, बी-पॉजिटिव 3, बी-निगेटिव 3, एबी पॉजिटिव 3 और ओ-पॉजिटिव 6 यूनिट खून बचा था। इसके अलावा, 10 यूनिट खून की जांच चल रही थी। जांच पूरी होने के बाद इसे भी स्टॉक में जोड़ा जाएगा। खून की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने रक्तदाता समूहों और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कॉलेजों में भी रक्तदान शिविर लगाने के लिए बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एक बड़ा रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।
मुरैना में कैलारस थाना क्षेत्र के सैमई चौराहे के पास नेशनल हाईवे-552 पर मां पर कथित कमेंट की शिकायत करना एक युवक को भारी पड़ गया। शिकायत से नाराज तीन युवकों ने 21 वर्षीय कुलदीप गौड़ पर लाठियों से हमला कर दिया। आरोपी उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। शिकायत के बाद किया हमला घटना 9 सितंबर सुबह करीब 6:30 बजे की है। पुलिस के अनुसार कुलदीप की मां रेलवे ट्रैक की ओर गई थीं। आरोप है कि वहां मौजूद चिरौंजी शाक्य, सोनू शाक्य और संकेत शाक्य ने उन पर कमेंट किया। इसकी शिकायत कुलदीप ने युवकों से की थी। इसके बाद कुलदीप पोहा का ठेला लगाने पहुंचा, जहां तीनों युवक पहले से मौजूद थे। आरोपियों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। बचने के लिए भागने के दौरान भी उसका पीछा कर मारपीट की गई। तीनों आरोपी गिरफ्तार वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह कुशवाहा के अनुसार कुलदीप की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
लुधियाना के बुर्ज लिट्टां गांव में चार महीने की गर्भवती हरप्रीत कौर (23) की हत्या मामले में पुलिस ने उसके पति और दादा ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
बदायूं में उघैती क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार रात विद्युत उपकेंद्र खितौरा का घेराव किया। किसान यूनियन के नेताओं के साथ पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और नियमित आपूर्ति की मांग उठाई। दिन-रात घंटों गुल रहती है बिजली ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है। दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और उमस में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने कटौती का स्पष्ट शेड्यूल जारी करने और बार-बार होने वाले फाल्ट ठीक कराने की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। किसान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि जल्द आपूर्ति नहीं सुधरी तो सड़क पर प्रदर्शन और रोड जाम किया जाएगा। बिजलीघर कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समस्या की जानकारी दी। प्रदर्शन में भारत सिंह टिंकू, दुर्गेश कुमार, रितिक गुप्ता समेत दर्जनभर से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।
लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र के गोगान गांव में एक विवाहिता की मौत के करीब सात साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। एडीजे भूलेराम की अदालत ने पति सामून और उसके भाइयों शाबान व छोटू को दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों को दस-दस साल की जेल और 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद हसन ने अपनी बेटी नूरसबा की शादी सामून से की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही नूरसबा को कथित तौर पर और दहेज मांगने के लिए परेशान किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले उसे लगातार तंग कर रहे थे। 12 फरवरी 2019 को नूरसबा अपने ससुराल में गंभीर रूप से झुलसी हुई मिली थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मजिस्ट्रेट ने नूरसबा का मौत से पहले का बयान भी दर्ज किया था। नूरसबा के पिता की शिकायत पर पति सामून और उसके भाइयों शाबान व छोटू के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपने पक्ष में गवाह और सबूत अदालत में पेश किए। मोहम्मद हसन, साबिया, इमदाद, एसआई धनंजय, नायब तहसीलदार डॉ. लालकृष्ण, सीओ अभिषेक प्रताप अजेय, एसओ रामसमुझ सरोज और कांस्टेबल दलील कुमार समेत कई लोगों के बयान दर्ज हुए। सबूतों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया। इसके बाद उन्हें दस-दस साल की जेल और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
बदायूं में दातागंज थाने में हिरासत में लिए गए 28 वर्षीय राजेश कुमार की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को एसएसपी बदायूं के पास भेजते हुए छह सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई करने और इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को देने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में पुलिस को दोषी नहीं ठहराया है, बल्कि शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। यह शिकायत कृष्णा राजपूत ने आयोग के सामने की थी। इसमें बताया गया कि 29 अगस्त को राजेश कुमार को दातागंज थाने में हिरासत में लिया गया था। शिकायत के मुताबिक, थाने के फर्श पर राजेश के बेहोश पड़े होने का वीडियो भी सामने आया था। इसमें पुलिसकर्मी उसे पानी देने की कोशिश करते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। थाने में बेहोश मिले थे राजेश, अस्पताल ले जाने पर मौत शिकायत में बताया गया कि विवाद के एक मामले में पुलिस ने राजेश को हिरासत में लिया था। इसी दौरान वह कोतवाली में बेहोश हो गए। पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने और राजेश की हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। परिवार ने यातना देने का आरोप लगाया राजेश के परिवार ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें यातना दी गई थी। पत्नी रूपवती ने भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि इससे पता चल सकेगा कि हिरासत के दौरान हिंसा, लापरवाही या मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। आयोग ने शिकायत SSP को भेजी, 6 हफ्ते की समय सीमा मानवाधिकार आयोग ने शिकायत पर विचार करने के बाद इसे एसएसपी बदायूं को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया। आयोग ने निर्देश दिया कि एसएसपी शिकायतकर्ता या पीड़ित पक्ष को साथ लेकर उचित कार्रवाई करें। साथ ही छह सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए। इन निर्देशों के साथ आयोग ने शिकायत का निस्तारण कर दिया। पुलिस बोली- अचानक बिगड़ी थी राजेश की तबीयत घटना के समय पुलिस का कहना था कि राजेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट होने की बात कही थी। वहीं, मानवाधिकार आयोग के मौजूदा आदेश में पुलिस को दोषी नहीं ठहराया गया है। अब एसएसपी स्तर से शिकायत पर की जाने वाली कार्रवाई और उसकी रिपोर्ट के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
कन्नौज में डीएम ने आउटसोर्स कर्मियों का वेतन रोका:आवास योजना के सत्यापन में देरी पर नाराजगी जताई
कन्नौज में डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य के हिसाब से काम करने और सभी पात्र लोगों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 10,167 आवास मंजूर हुए हैं। इनमें से 10,069 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 98 आवास अभी बाकी हैं। डीएम ने बचे हुए आवासों को तय समय में पूरा करने और लंबित मामलों की रोज निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पोर्टल पर 16,132 आवेदन मिले हैं। इनमें से 15,259 आवेदन सत्यापन के लिए निकायों को भेजे गए थे। 7,132 आवेदनों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है और 2,110 आवास मंजूर किए गए हैं। डीएम ने बचे हुए सत्यापन तुरंत पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास योजना के सत्यापन कार्य में जरूरी प्रगति न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने निर्देश दिए कि जब तक आवासों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, संबंधित आउटसोर्स कर्मियों का वेतन रोका जाए। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत साल 2026-27 में 55 कामों के लिए 878.19 लाख रुपये के प्रस्ताव पेश किए गए हैं। डीएम ने सभी कामों में गुणवत्ता और समयसीमा का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों और बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र लोगों के लोन के मामले जल्दी से जल्दी निपटाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लोन दें। उन्होंने डूडा को पूरी सक्रियता, ठोस कार्ययोजना और लगातार निगरानी के साथ काम करने को कहा।
बिहार: बिहटा एयरपोर्ट महज 2 फीसदी ही बन सका, रूस की कंपनी ने हटा लिए मजदूर और मशीन
बिहटा एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब तक टर्मिनल भवन का मात्र दो प्रतिशत काम ही हो सका है। मई से कंपनी ने मजदूरों और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था। पिछले एक माह से टर्मिनल भवन का काम पूरी तरह से ठप है।
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) टीना डाबी ने निकाय चुनावों में लगे कार्मिकों को मतदान के दूसरे दिन भी ड्यूटी में मानने के आदेश जारी किए है। उन्हें संबंधित स्थाई कार्यालय में हाजिरी देने में छूट दे दी है। उन्हें मतदान के दूसरे दिन भी चुनाव ड्यूटी में माना जाएगा। इससे नगर निकायों के चुनाव में लगे कर्मचारियों को राहत मिली है। ऐसे ही आदेश प्रदेश भर के निकाय चुनावों में लगे कार्मिकों के लिए जारी करने की मांग शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन भेजकर की है। दूसरे दिन भी चुनाव ड्यूटी पर माना जाएं ज्ञापन में बताया गया कि नगर निकाय आम चुनाव-2026 एवं आगामी पंचायत चुनावों के लिए मतदान दलों में नियुक्त राज्य भर के कार्मिकों को मतदान संपन्न होने के बाद चुनाव सामग्री जमा करवाने में समय लगता और दूरस्थ स्थानों पर कार्यरत कार्मिकों को वापसी देर रात्रि तक होने से दूसरे दिन चुनाव ड्यूटी पर माना जाएं और उन्हें उस दिन अपने संबंधित विभाग में उपस्थिति दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। आगामी पंचायत चुनावों में भी कार्मिकों को राहत मिले राज्य निर्वाचन आयोग को ऐसा राज्य स्तरीय आदेश जारी करना चाहिए। जिससे आगामी पंचायत चुनावों में भी कार्मिकों को राहत मिल सके। क्योंकि मतदान के दिन चुनाव संपन्न होने के बाद सामग्री जमा करवाने एक साथ मतदान पहुंचते है। जिससे इस कार्य में देरी होती है। जिसके कारण कार्मिकों को अपने कार्यरत स्थान पर जाने के लिए देर रात साधन उपलब्ध नहीं होते है। इसलिए संगठन की मांग पर एक स्थाई आदेश जारी किया जाएं। जिससे आगामी होने वाले चुनावों में भी कार्मिकों को राहत मिल सके। कलेक्टर ने आदेश जारी किए मतदान के अगले दिन को उपस्थिति मानने के लिए टोंक के जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर ) टीना डाबी ने तो आदेश जारी करके टोक जिले में नगर निकाय चुनावों में लगे कार्मिकों को मतदान के अगले दिन अपने कार्यालय/विभाग में उपस्थिति से छूट प्रदान की है।
सतना में आबकारी विभाग ने कच्ची शराब की मिनी फैक्ट्री पर छापा मारा है। इस दौरान 3 लाख 56 हजार रुपए का 35 क्विंटल महुआ लाहन नष्ट किया गया। साथ ही 40 लीटर कच्ची शराब और बनाने का सामान भी जब्त किया गया। इस मामले में 8 केस दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई सागर में जहरीली शराब से दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जिला दंडाधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त सुरेंद्र कुमार उरांव ने मैदानी अमले को अलर्ट पर रखा है। बुधवार को नागौद क्षेत्र के पिपरोखर और सेमरिहा टोला में कच्ची शराब बनाने के लिए भारी मात्रा में महुआ लाहन सड़ाए जाने की खबर मिली थी। सर्किल प्रभारी संजय साकेत ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजी गई। 8 केस दर्ज किए गएटीम ने मौके पर गहन तलाशी ली। जमीन में खोदे गए गड्ढों और झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 250 से ज्यादा प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 35 क्विंटल लाहन मिला। इसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 56 हजार रुपए बताई गई है। आबकारी अमले ने पंचनामा कार्रवाई के बाद मौके पर ही इस लाहन को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, कच्ची शराब बनाने की सामग्री, बर्तन और 40 लीटर शराब भी जब्त की गई। इस संबंध में अलग-अलग 8 केस दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस छापेमारी में कोई आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। शुरुआती जांच में कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गौरतलब है कि पिपरोखर गांव लंबे समय से कच्ची शराब बनाने और सप्लाई करने के लिए जाना जाता है। यहां सक्रिय तस्करों का नेटवर्क सतना समेत दूसरे जिलों में भी फैला हुआ है।

