इंदौर के कालानी नगर चौराहे के पास पिछले दिनों हुई सनसनीखेज चाकूबाजी की वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है, जिस मामले को पुलिस ने कुछ दिन पहले एक सामान्य आपसी विवाद मानकर समझाइश के जरिए निपटा दिया था, वही विवाद अब एक युवक की मौत, दो महिलाओं के घायल होने और आरोपी के आत्मघाती कदम तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वारदात से पहले न केवल थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, बल्कि आरोपी पक्ष की ओर से माफीनामा भी सौंपा गया था। इस मामले में आरोपी का एक ऑडियो भी पहली बार सामने आया है, जो उसके खतरनाक इरादों की गवाही दे रहा है। पढ़िए रिपोर्ट… शिकायत, जो अनसुनी रह गईकहानी की शुरुआत होती है एक युवती विधि लखावत की शिकायत से, जिसे उसका दोस्त वेदांत सोलंकी पिछले काफी समय से परेशान कर रहा था। दोस्ती जब जुनून और प्रताड़ना में बदल गई तो विधि ने 23 जनवरी को एरोड्रम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत पत्र उस खौफ और पीड़ा को बयां करता है, जिससे वह गुजर रही थी। पढ़िए, विधि का वह शिकायती पत्र जो उसने थाना प्रभारी को लिखा थामैं विधि लखावत इस पत्र के माध्यम से वेदांत सोलंकी के खिलाफ शिकायत दर्ज करना चाहती हूं जो पिछले काफी समय से मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। हम एक आई हॉस्पिटल में मिले थे। वहां हमारी दोस्ती हुई, जब मुझे उसकी गलत मंशा समझ आने लगी तो मैंने उससे दूरी बनाने की कोशिश की। वह मुझे धमकी देने लगा, गालियां देता, परिवार को कुछ करने की धमकी देता। 13 जनवरी को जब मैंने उसका साथ देने से मना किया। उसे ब्लॉक कर दिया तो उसने हमारे फोटो मेरे परिवार को भेज दिए। वह अब मुझे यह कह कर ब्लैकमेल कर रहा है कि वह मुझे समाज में बदनाम कर देगा। मेरा जीना मुश्किल कर देगा। वह मेरे क्लिनिक पर बार-बार फोन कर मेरी जानकारी निकालने की कोशिश करता है। 21 जनवरी की सुबह वह क्लिनिक के बाहर आया और मेरा रास्ता रोक कर खड़ा हो गया। वह एसिड पीने और अस्पताल से आने का नाटक कर मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उसकी चाची बार-बार मुझसे बात करने की कोशिश कर रही है। वह भी कल मेरे क्लिनिक आई थी। बोल रही थी वह एक नोट लिखकर चला गया है। फिर थोड़ी देर बाद ही उसी लड़के का कॉल आया। चाची तब उसके साथ थी। शाम को भी मेरे निकलते समय वह आया। मेरी गाड़ी पर बैठा। मुझे जबरन ले जाने लगा। मैंने पापा को कॉल किया तो फोन छीनकर जेब में रख लिया। मैं उसके या उसके परिवार के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। अतः आपसे निवेदन है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की जाए। पुलिस की समझाइश और आरोपी का कागजी माफीनामाइस शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। वेदांत को चेतावनी दी कि भविष्य में विधि या उसके परिवार से किसी तरह का संपर्क न रखे। इसके दो दिन बाद यानी 25 जनवरी को वेदांत सोलंकी ने एक लिखित माफीनामा भी थाने में जमा किया। इस माफीनामे ने परिवार को एक झूठी तसल्ली दे दी कि शायद अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। पढ़िए, माफीनामे में आरोपी युवक ने क्या लिखा थामैं वेदांत सोलंकी उम्र 24 साल पता बिजासन कॉलोनी इंदौर का निवासी हूं। मेरी विधि लखावत के साथ बातचीत थी। विधि मुझसे बात करना नहीं चाहती है तो मैं भी उससे बात नहीं करूंगा और ना ही कभी उसे कॉल या मैसेज करूंगा। उसे कभी रास्ते में नहीं रोकूंगा, अगर मेरे द्वारा विधि को कॉल लगाया गया या परेशान किया गया तो मेरे खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। सोमवार रात का खूनी मंजरमाफीनामा के ठीक अगले दिन यानी 26 जनवरी, सोमवार की रात करीब 10 बजे वेदांत सोलंकी चाकू लेकर सीधे विधि के कालानी नगर स्थित घर पहुंचा। उस वक्त घर में विधि, उसकी मां अनिता और भाई विधान मौजूद थे। परिवार कुछ समझ पाता, इससे पहले ही वेदांत ने घर में घुसते ही हमला बोल दिया। जब भाई विधान ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो वेदांत ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बेटे को बचाने दौड़ी मां अनिता पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घर में चीख-पुकार मच गई। हमले में विधान बुरी तरह लहूलुहान हो गया। उसे तुरंत पास के अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गहरे जख्मों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले में विधि को भी चोटें आईं, जबकि मां अनिता की हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी का पहली बार सामने आया ऑडियोइस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आरोपी वेदांत ने खुद के पेट में भी चाकू घोंपकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही एरोड्रम टीआई तरुण भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद घायल आरोपी को काबू में किया। उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेदांत के माता-पिता का निधन हो चुका है। वह चाचा-चाची के साथ रहता है। इस मामले में अब एक और चौंकाने वाला सबूत सामने आया है। आरोपी वेदांत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। यह ऑडियो उसकी और विधि की बातचीत का नहीं, बल्कि एक कॉमन फ्रेंड से हुई बातचीत का है। इस ऑडियो में वेदांत बार-बार विधि का जिक्र कर रहा है। उसकी बातों से साफ झलकता है कि माफीनामा के बावजूद उसके मन में गुस्सा, जिद और बदला लेने की भावना भरी हुई थी। यह ऑडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि वह लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पुलिस अब इस ऑडियो की जांच कर रही है। अस्पताल में भर्ती मां, अब भी बेटे की मौत से अनजानइस पूरी त्रासदी का सबसे दर्दनाक और संवेदनशील पहलू यह है कि अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही मां अनिता को अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा विधान अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार और डॉक्टरों ने मिलकर यह सच्चाई उनसे छिपाई है, क्योंकि उन्हें डर है कि बेटे की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। जब भी अनिता होश में आकर अपने बेटे के बारे में पूछती हैं तो परिजन उन्हें यह कहकर टाल देते हैं कि उसका इलाज चल रहा है। वह ठीक है। परिवार के सदस्य अस्पताल के बाहर अपने आंसू पोंछकर मां के सामने झूठी मुस्कान लिए खड़े रहते हैं। एक ही घर में बेटे की मौत का मातम और मां के सामने उसके जिंदा होने की उम्मीद का झूठ, यह परिवार इस दोहरे दर्द से गुजर रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाले मामले में निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें एक माँ पर ही अपनी 6 महीने की बेटी की हत्या का आरोप तय (चार्ज फ्रेम) कर दिया गया था। मामला फलोदी जिले के बाप थाना क्षेत्र का है। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता रीमा (30) की पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन पिटीशन) को स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस ने इस मामले में पक्षकारों की भूमिका ही बदल दी और शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना दिया। कोर्ट ने इसे लोअर कोर्ट की यांत्रिक प्रक्रिया बताते हुए आदेश को खारिज कर दिया और मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि खुद रीमा ने ही अपनी 6 महीने की बेटी काश्वी की हत्या की शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन जांच में पुलिस ने आरोपी बनने वाले पति और ससुराल वालों को बचाकर उन्हें ही आईपीसी की धारा 302 में आरोपी बना दिया था। 10-11 फरवरी 2021 का दु:खद घटनाक्रम याचिकाकर्ता रीमा, जो वर्तमान में झालावाड़ में वन संरक्षक के पद पर कार्यरत हैं, की शादी 2014 में फलोदी जिले के बाप थाना इलाके के नेवा कानासर निवासी विकास से हुई थी। विकास भी उप वन संरक्षक हैं। उनके दो बच्चे थे- बेटा विहान (ढाई साल) और बेटी काश्वी (6 महीने)। रीमा ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि शादी के तुरंत बाद से ही पति विकास, ससुर दौला राम और सास वर्जू ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मासिक सैलरी नियमित रूप से पति द्वारा निकाल ली जाती थी। पति बेटी के जन्म से नाराज और असंतुष्ट रहते थे। 10 फरवरी 2021 की रात करीब 9 बजे, रीमा को पति और ससुराल वालों ने बेरहमी से प्रताड़ित किया। आरोप है कि पति ने 6 महीने की बेटी काश्वी का गला दबा दिया। जब रीमा ने उसे बचाने की कोशिश की, तो तीनों ने उन्हें जबरन जहर पिला दिया, जिससे वह लगातार उल्टी करने लगीं और कमजोर हो गईं। उस हालत में उन्होंने ससुर के मोबाइल से अपने पिता को फोन किया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जान बच गई, लेकिन 6 महीने की बेटी की मौत हो गई। पर्चा बयान से एफआईआर, पुलिस जांच में उलटफेर 11 फरवरी 2021 को रीमा के पर्चा बयान के आधार पर बाप थाने में FIR दर्ज की गई। जांच के दौरान रीमा का बयान डाइंग डिक्लेरेशन के रूप में और सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज किया गया। दोनों बयानों में उन्होंने लगातार अपने पति और ससुराल वालों पर ही आरोप लगाए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, उल्टी के नमूने और कथित जहरीले पदार्थ के नमूने एकत्र किए। मृत बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी प्राप्त की गई और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने चार्जशीट पेश करते समय, रीमा के धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए गए बयान और पर्चा बयान के बावजूद, पति विकास, ससुर दौलाराम और सास वरजू को बरी कर दिया। आश्चर्यजनक रूप से पुलिस ने पक्षकारों की भूमिका पलट दी और रीमा (जो शिकायतकर्ता थीं) को ही आरोपी बना दिया। रीमा को गिरफ्तार भी किया गया, जिसे बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिली। हाईकोर्ट: निचली अदालत ने बिना देखे तय किए आरोप हाईकोर्ट ने कहा कि फलोदी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पुलिस की थ्योरी पर भरोसा करते हुए 18 मार्च 2025 को रीमा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत आरोप तय कर दिए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि निचली अदालत ने 18 मार्च 2025 का आदेश पारित करते समय अपने 'न्यायिक विवेक' का इस्तेमाल नहीं किया। आदेश में यह नहीं बताया गया कि आखिर किस आधार पर और किन सबूतों को देखते हुए मां पर हत्या का आरोप तय किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा- यह 'मैकेनिकल' आदेश है जस्टिस फरजंद अली ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि निचली अदालत का आदेश संक्षिप्त और अस्पष्ट है। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी ने जिस तरह शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना दिया, उस विशिष्ट तथ्यात्मक पृष्ठभूमि पर निचली अदालत ने गौर ही नहीं किया। हाईकोर्ट ने 18 मार्च 2025 के आरोप तय करने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। मामले को वापस ट्रायल कोर्ट (फलोदी) भेजा गया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अभियोजन और आरोपी दोनों पक्षों को सुनने के बाद कानून के मुताबिक नए सिरे से विस्तृत और तर्कसंगत आदेश पारित किया जाए। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि क्या धारा 302 का मामला बनता है या नहीं, इस पर मेरिट पर कोई राय नहीं दी गई है। यह तय करना ट्रायल कोर्ट का काम होगा।
भोजपुर के धनगाई में हथियार के बल पर एक किशोरी को अगवा किया गया। फिर उसके साथ छह दिनों तक रेप किया गया है। टॉयलेट करने गयी किशोरी को अगवा करने के बाद एक घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप है। आरोप उसी गांव के मिथुन चौधरी नाम के एक युवक पर लगाया गया है। लड़की का कहना है कि आरोपी का साथ उसके पिता ने भी दिया है। आरोप है कि वह अपने बेटे की पहरेदारी करता था और घर में ताला लगा कर रखता था। 25 जनवरी को किशोरी किसी तरह उसकी चंगुल से भाग कर अपने घर पहुंची। आरोपित पिता-बेटा फरार लड़की के घर पहुंचने के बाद मामले का खुलासा हो सका। घटना के बाद से ही आरोपित पिता-बेटा फरार चल रहे हैं। इधर, किशोरी की तहरीर पर मिथुन चौधरी और उसके पिता मनजी चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। पुलिस किशोरी की मेडिकल जांच और कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद कार्रवाई में जुटी है। आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी भी की जा रही है। प्राथमिकी में किशोरी की ओर से कहा गया है कि 19 जनवरी की देर शाम वो टॉयलेट करने खेत की ओर गयी थी। लौटने के दौरान मिथुन चौधरी ने कट्टा के बल पर पकड़ लिया और मुंह बांध कर अपने घर ले गया। वहां उसके साथ रोज दुष्कर्म करता रहा। थानाध्यक्ष विश्वजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कोर्ट में बयान दर्ज कराये जाने के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म के बारे में कुछ कहा जा सकता है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जायेगी। पूर्व विधायक ने आंदोलन की दी चेतावनी इधर, जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए है पुलिस से आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे 30 जनवरी को पीड़ित परिवार से मिलेंगे और दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन करेंगे।
यमुनानगर में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा विश्वकर्मा चौक से कमानी चौक की ओर जाने वाले बाईपास पुल पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। घायल को प्रत्यक्षदर्शी एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल यमुनानगर लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अजय सपरा (28) पुत्र सोम नाथ, निवासी न्यू आबादी कैंप के रूप में हुई है, जो पेपरमिल यमुनानगर में कार्यरत था। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लिया व शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया। शिकायत पर आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माता-पिता की इकलौती औलाद था मृतक के चचेरे भाई दर्पण सपरा ने बताया कि अजय माता-पिता की इकलौती औलाद था, जिसकी शादी के लिए रिश्ते की तलाश चल रही थी। बताया कि रात करीब 10 बजे वह अपने निजी काम से फव्वारा चौक आया हुआ था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अजय से पेपरमिल गेट पर हुई, जो ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहा था। दोनों अपनी-अपनी मोटरसाइकिल पर घर के लिए निकले। अजय अपनी बाइक पर आगे चल रहा था। जैसे ही वह कमानी चौक से बाईपास पुल के ऊपर विश्वकर्मा चौक की ओर पहुंचा, तभी विश्वकर्मा चौक की तरफ से आ रही एक सफेद रंग की ऑल्टो कार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से बिना हॉर्न दिए उसकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। भीड़ मजा होती देख फरार हुआ आरोपी टक्कर लगते ही अजय बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक कुछ दूरी पर रुककर मौके पर आया, लेकिन वहां भीड़ जमा होती देख वह कार समेत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से घायल अजय को तुरंत निजी वाहन से सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर पुलिस अहाते में खड़ा कराया। सिविल अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मृतक का ब्रॉड डेड रुक्का हासिल किया और शव को शवगृह में रखवाया। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना शहर यमुनानगर से जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अज्ञात कार चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास की सीसीटीवी फुटेज जांची जा रही है।आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव आज:सहारनपुर में दो दिन चलेगा मतदान, 3 हजार अधिवक्ता डालेंगे वोट
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव को लेकर जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार और शनिवार को दीवानी कचहरी परिसर में बनाए गए मतदान केंद्र पर वोट डाले जाएंगे। जिलेभर से करीब तीन हजार अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बार काउंसिल चुनाव में प्रदेशभर से कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सहारनपुर जिले से मुख्तार अहमद सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए कुल 9 टेबल लगाई गई हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतदान के दौरान प्रत्येक अधिवक्ता को 25 सदस्यों के लिए वरीयता क्रम में वोट डालना होगा। सदस्यों के निर्वाचन के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा। बार एसोसिएशन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मतदान के समय अधिवक्ताओं को अपना पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। केवल वही मतदाता वोट डाल सकेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। साथ ही मतपत्र भरते समय सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि वोट अमान्य न हो।
मेरा नाम खुशबू सिंह है। मेरा गांव कंचनपुर है। मम्मी पापा प्लीज इनके घरवालों को परेशान न कीजिए। इसमें इन लोगों की कोई गलती नहीं है। हम अपनी मर्जी से भागे हैं। मैं अपसे बहुत बार बोली थी कि इनसे शादी करा दीजिए, लेकिन आप लोग धमकी देते रहे। कहे कि कोठा पर बेच देंगे, पानीपथ भेज देंगे। मुझे मारते भी थे। ये प्रयागराज की रहने वाली खुशबू सिंह का कहना है। यह बातें उसने वीडियो जारी कर कहीं हैं। आधी रात प्रेमी सूरज के साथ घर से भागी खुशबू ने अपने पूरे परिवार की जिंदगी तक छीनने की कोशिश की। खुशबू और उसके ब्वॉयफ्रेंड ने मिलकर साजिश रची। खुशबू ने प्रेमी से नशीला पदार्थ मिलाया। रात के खाने में उसने नशीला पदार्थ मिला दिया। जब पूरा परिवार बेहोश हो गया, तो वह प्रेमी के साथ घर से निकल भागी। खुशबू के ब्वॉयफ्रेंड सूरज पटेल पर कोरांव थाने में केस दर्ज हुआ तो प्रेमिका ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उसने अपनी मर्जी से घर से भागने की बात कहीं है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले जानिए क्या है पूरा मामलाप्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र के सुहाग कंचनपुर गांव की रहने वाली खुशबू(19) का अफेयर तीन सालों से सूरज पटेल (23) के साथ चल रहा था। मोबाइल पर बातचीत, मैसेज होते रहे। दोनों एक दूसरे मिलते भी रहे। करीब 20 दिन पहले कंचन सूरज से बात करते हुए पकड़ गई तो परिवार वालों मोबाइल छीन लिया। उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद कंचन और सूरज ने बगावत करने का फैसला कर लिया। उन्होंने घर से भागने की योजना बनाई। सूरज ने चुपके से खुशबू को नया मोबाइल दिला दिया। दोनों चोरी छिपे बात करने लगे। 24 जनवरी की रात सबको खिलाया नशीला पदार्थयोजना के तहत खुशबू ने प्रेमी सूरज से नशीला पदार्थ मंगाकर रख लिया। रात का खाना उसने बताया और उसने नशीला पदार्थ मिला दिया। पिता जितेंद्र कुमार, मां पुष्पा देवी, भाई सचिन और दादी तेतरा देवी नशीला पदार्थ मिला हुआ खाना खाकर बेहोश हो गईं। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे खुशबू ब्वायफ्रेंड सूरज के साथ घर से भाग गई। भोर में 4 बजे के करीब पिता को होश आ गया। उन्होंने पूरे घर को बेहोश पाया तो पड़ोसियों को जगाया। इसके बाद सभी लोगों को सीएचसी कोरांव ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया-सभी को नशीला पदार्थ खिलाया गया है। सीएचसी में इलाज के बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल में रखा गया। पिता जितेंद्र कुमार ने कोरांव थाने में तहरीर देकर सूरज पटेल पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि सूरज के कहने पर सभी को नशीला पदार्थ खिलाया गया। इसके बाद बेटी को लेकर भाग गया। बीए की छात्रा है खुशबूखुशबू और सूरज के गांवों के बीच 20 किलोमीटर की दूरी है। खुशबू बीए फस्ट ईयर की छात्रा है। जबकि सूरज बीए कर चुका है। दोनों के परिवार वाले खेती किसानी कराते हैं। छोटा मोटा व्यापार भी करते हैं। खुशबू और सूरज के बीच तीन सालों से अफेयर है। गांव के लोग भी इनके रिश्तों के बारे में जानने लगे थे। कोरांव थाना प्रभारी राकेश वर्मा ने बताया- पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर दोनों की तलाश की जा रही है। सूरज का मोबाइल सर्विलांस पर है। हालांकि घटना के बाद से उसका मोबाइल ऑन नहीं हुआ। भागने से पहले पूरे परिवार को नशीला पदार्थ खिलाया गया था। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें…. मेरठ में बेटियां बोलीं- अब्बू को फांसी दी जाए:शक की वजह से अम्मी को मार डाला; बच्चों की शक्ल भी नहीं देखना चाहते थे 'हमारी अम्मी पाक थीं, निकाह के 20 सालों में आज तक अम्मी ने किसी की तरफ आंख उठाकर नहीं देखा। वो ताउम्र हम बच्चों, हमारे परिवार और अब्बू के लिए सोचती रहीं। अब्बू के जुल्म सहती रहीं, लेकिन अब्बू ने उन पर शक किया। उनको गलत समझा। कुछ लोगों के कहने पर अब्बू, मम्मी पर शक करते रहे और उनकी हत्या कर दी है। हम चाहते हैं कि हमारे अब्बू को फांसी की सजा दी जाए, सरकार और देश का कानून अब्बू को कभी जेल से बाहर नहीं आने दे।' पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर में विकास कार्य को लेकर सपा विधायक और भाजपा के पूर्व विधायक आमने-सामने आ गए हैं। BJP के पूर्व विधायक का कहना है कि विधानसभा में जो भी काम हुए हैं, वह सभी मैंने पत्र लिखकर करवाए हैं। सड़कें बनवाई हैं। वहीं सपा विधायक ने कहा कि भाजपा नेता ने अगर काम कराया होता तो चुनाव में नहीं हारते। जनता उन्हें वोट करती। उन्होंने कोई काम नहीं करवाया। इसीलिए तो 2 बार से हार रहे हैं। विकास के मुद्दे को लेकर बीजेपी विधायक ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर लेटर पोस्ट किया। लिखा कि उनके द्वारा सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृती के बाद शुरू हुए। कैंट विधानसभा मे रहने वालों की आबादी तकरीबन 5 लाख है। यहां वोटर की संख्या 2022 चुनाव मे तकरीबन 3 लाख से अधिक थी। दैनिक भास्कर ऐप टीम ने विकास कार्यों से जुड़े इस मामले की सच्चाई जानने के लिए सपा के मौजूदा विधायक हसन रूमी और पूर्व विधायक रघुनन्दन भदौरिया से बातचीत की। पढ़िए… भाजपा के पूर्व विधायक ने क्या कहा, वो पढ़िए- BJP नेता बोले- मैं 14 साल से जनता की सेवा कर रहा हूं मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकता हूं। 14 साल से क्षेत्र मे लगातार सेवा कर रहा हूं। पद आते हैं और जाते हैं। लेकिन जनता कि सेवा करना मेरा फर्ज है। इसलिए जो भी मेरे पास सड़क, पुल से जुड़ी समस्या या कोई अन्य समस्या लेकर आता है। तो मैं उसका समाधान करा देता हूं। इसके लिए मुख्यमंत्री से लेकर अन्य विभागों तक पत्र लिखता हूं। जिन पर कार्य शुरू हो जाते हैं। कई काम चल रहे हैं तो कई कार्य पूरे हो चुके हैं। कहा कि मैंने 10 बड़ी सड़कों का निर्माण कराया। इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा था। जिसके बाद वहां से स्वीकृती मिल गई। न्यू आजद नगर में एक सड़क बनवाई थी। जिसका उद्घाटन पूर्व सांसद से करवाया था। ओमपुरवा में सड़क बनवाई। जिसका उद्घाटन मेयर प्रमिला पांडेय से करवाया था। इसके लिए सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखता हूं। क्षेत्र में कई जिम बनवाई हैं। इसमें एमएलसी से सहयोग लिया। मेरी सरकार नहीं, फिर भी काम कराए आजकल के विधायक चुनाव हारने के बाद कह देते हैं कि मेरी सरकार नहीं है। इसलिए मैं कार्य नहीं करा पा रहा हूं। ऐसा नहीं है, मैं भी 2012 मे चुनाव जीतकर विधायक बना। तब बीजेपी की सरकार नहीं थी। लेकिन कार्य कराया था। आज भी कार्य करा रहा हूं। जब आप अपने काम को लेकर चिंता करोगे तो आपका काम होगा। मैं लगातार काम कर रहा हूं। जब मैं 2012 मे चुनाव लड़ा तो सभी पार्टी ने चुनाव लड़ा था। इसके बाद जब 2017 मे लड़ा तो सपा ने तीन दिन पहले ही कांग्रेस के प्रत्याशी को समर्थन कर दिया। फिर भी मेरे विकास कार्य को देखकर मुझें 70 हजार से अधिक वोट मिला। लेकिन केवल मैं केवल 9 हजार वोट से हारा था। लोग विधायक बनने के बाद 2 साल 3 साल आराम करते हैं। मैं हारने के दूसरे दिन के बाद से ही क्षेत्र में काम करता हूं। सपा विधायक का जवाब क्या रहा, वो पढ़िए- सपा विधायक मो. हसन रूमी ने कहा कि एक बार वो किसी तरह एक्सीडेंटल विधायक तो वो बन गए थे। इसके बाद उनको लगा फिर वो बन जाएंगे। दो बार लगातार उन्होनें कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। जनता ने मुझे स्वीकार किया। मैं अपनी जनता के बारे में भी सोचता हूं। क्षेत्र में लगातार विकास पर मेरा पूरा फोकस है। पूर्व विधायक जो रहे हैं उनका चाल चरित्र सबको मालूम है। उनको कोई सीरियस लेता ही नहीं, वो सीरियस केस ही नहीं है। जब वो सीरियस होते तो उनकी बात की जाए। अगर वो विकास की बात कर रहें हैं। तो उनका स्वागत है। अगर मुस्लिम उनको वोट नहीं देता है तो यह उन्हें देखना चाहिए। अगर मुस्लिम का करोगे तो सब वोट देगें। हिन्दू, मुस्लिम सबका काम करिये सब वोट देंगे।
कानपुर में घाटमपुर तहसील के झंडापुर गांव में 400 मीटर सड़क में घोटाला हुआ है। 24 घंटे में बनी ये सड़क 24 घंटे में ही उखड़ गई। ग्रामीणों ने दिखाया कि साइकिल के ब्रेक मारते ही सड़क की गिटि्टयां उखड़ कर फैल गईं। ग्रामीणों से पैर से रगड़ा तो गड्ढे हो गए। गांव वालों ने विरोध किया, लेकिन ठेकेदार ने काम पूरा कर मशीनें समेटी और मौके से निकल गया। अब ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत करने की तैयारी में हैं। भास्कर रिपोर्टर ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति देखी तो ग्रामीणों ने ये सब करके दिखाया। 2 तस्वीरें देखिए- 24 घंटे में सड़क बनाकर चले गए ठेकेदारदैनिक भास्कर की टीम कानपुर से करीब 55 किलोमीटर दूर झंडापुर गांव पहुंची। गांव के अभय, सौरभ, गोविंद, सुमित, सुनील, पुनीत, मनीष और रविंद्र ने मौके पर हमें सड़क की हकीकत दिखाई। ग्रामीणों के मुताबिक ठेकेदार पीयूष कुशवाहा ने देर रात काम शुरू कराया और 24 घंटे के भीतर सड़क बना दी। लेकिन मानकों को ताक पर रखकर किया गया निर्माण अब जगह-जगह से उखड़ रहा है, कई हिस्सों में सड़क धंस चुकी है। ग्रामीण बोले- रोलर नहीं चला, मैटेरियल घटियाग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान न तो सही तरीके से पुराई की गई और न ही रोड रोलर चलाया गया। नतीजा यह कि किनारों से सड़क बैठ गई। गांव वालों का कहना है कि घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल हुआ है, हालत यह है कि साइकिल सवार ब्रेक लगाता है तो सड़क उखड़ने लगती है। विरोध के बावजूद रात में कराया गया कामग्रामीणों ने बताया कि घटिया निर्माण का विरोध किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने किसी की नहीं सुनी। रातों-रात काम पूरा कराकर मशीनें हटवा ली गईं। इसके बाद जब सड़क की हालत सामने आई तो अधिकारियों को फोन कर शिकायत की गई और सीएम पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया। जिला पंचायत सदस्य ने पहले ही उठाए थे सवालपतारी से जिला पंचायत सदस्य राजनारायण कुरील ने बीते दिनों कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र लिखकर चार सौ मीटर सड़क में घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने ठेकेदार पीयूष कुशवाहा द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में मानक दरकिनार करने और नाप में हेरफेर का आरोप लगाया था। डीएम ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। करोड़ों के कामों में गड़बड़ी का दावाजिला पंचायत सदस्य का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार की फर्म ने जिला पंचायत क्षेत्र में 4 से 5 करोड़ रुपये के सीसी रोड, डामर रोड और खड़ंजा मार्ग के कार्य कराए हैं। इन सभी कार्यों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की आशंका है। उन्होंने सभी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने साधी चुप्पीसड़क घोटाले और अनियमितताओं के सवाल पर जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने चुप्पी साध ली। संपर्क करने पर मीटिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया गया। ग्रामीणों की मांग- जांच हो, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होझंडापुर के ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीएम कार्यालय पहुंचकर आंदोलन करेंगे। उनका साफ कहना है- सड़क कागजों में पक्की है, जमीन पर नहीं। घोटाले की जांच कराकर सभी जिम्मेदारी पर कार्रवाई होनी चाहिए। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- फर्जी IAS बनकर युवती से 71 लाख वसूले: कानपुर में शादी के झांसे में लड़की ने गहने-कैश दिए, मांगने पर ब्लैकमेल किया; आरोपी अरेस्ट कानपुर में एक युवती को शातिर युवक ने पहले खुद को सरकारी बैंक का अधिकारी बताकर प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद IAS में सिलेक्शन होने की बात कही। लड़की से शादी करने का झांसा दिया। सिलेक्शन के नाम पर लाखों रुपए की जरूरत होने की बात कही। रुपए मांगे। इस पर लड़की ने करीब कैश और गहने मिलाकर करीब 71 लाख रुपए दे दिए। पढ़ें पूरी खबर...
कानपुर में एक बार फिर मौसम बदला है। गुरुवार को घना कोहरा रहा। ठंडी हवा चलने के कारण गलन रही। 31 जनवरी को बारिश होगी। मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (डब्ल्यूडी) के निकलने के बाद हाई क्लाउड व कोहरा बन रहा है। इसके कारण धूप नरम है व बीच बीच में बादल छा रहे हैं। यह स्थितियां आने वाले 24 घंटों तक रहेगा। इसके बाद 31 जनवरी को एक नया डब्ल्यूडी आएगा, जिसके कारण बारिश हो सकती है। वहीं 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। अधिकतम तापमान में भी बीते 24 घंटों में 3.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम है। गलन व सिहरन बढ़ेगीमौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि दोपहर के समय तेज हवाएं चल सकती हैं। दिन में धूप निकलने के बाद भी सिहरन महसूस हो सकती है। शाम से लेकर सुबह तक गलन वाला मौसम बनेगा। आने वाले 24 घंटे इसी तरह का मौसम रहने के आसार हैं। गुरुवार को कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम रही, जिससे वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा। खासकर हाईवे और शहर के बाहरी इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिला। ट्रेनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक कोहरे ने एक बार फिर ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। गुरुवार को 20 ट्रेनें तय समय से घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंची। नई दिल्ली से चलकर सियालदह जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12341) 01.21 घंटे, नई दिल्ली से चलकर हावड़ा जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12302) 51 मिनट लेट रही। नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली तेजस एक्सप्रेस (82502) 47 मिनट व नई दिल्ली से बनारस जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस (02570) 04041 घंटे देरी से आई।
'मेरी शादी तय होने से गोलू बौखला गया था। सर्जिकल ब्लेड से वह मेरा गला काटना चाहता था। जैसे ही उसने वार किया, मैं पीछे हट गई। ब्लेड से मेरा गाल कट गया। इसके बाद उसने मेरे बाल पकड़कर खींच लिए। गर्दन पर ब्लेड मारनी चाही। लेकिन मैंने अपना हाथ लगा लिया। जिससे मेरे हाथ पर गहरे घाव हो गए। वह मुझसे कहता था कि मुझसे बात करो। वरना मैं अपनी जान दे दूंगा। वह 25 दिनों से मुझे ब्लैकमेल कर रहा था।' ये कहना है नजीराबाद थानाक्षेत्र के भदौरिया चौराहा इलाके में रहने वाली 24 वर्षीय लड़की का। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंची। उसके चेहरे और हाथों में 20 से अधिक टांके लगे हैं। दरअसल, बुधवार देर शाम लड़की घरों में काम करने जा रही थी। तभी लड़की के घर के पास एल्युमिनियम कारखाना में काम करने वाला गोलू आ गया। उसने लड़की को रोक लिया। कहा- मेरे साथ रोल खाने के लिए रेस्टोरेंट चलो। लड़की ने मना किया तो सर्जिकल ब्लेड से लड़की पर हमला कर दिया। मोहल्ले के लोगों ने उसे पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। मैं जैसे ही पीछे मुड़ी वैसे ही गोलू ने हमला कर दिया पीड़ित लड़की ने दैनिक भास्कर एप टीम से से बात करते हुए कहा कि मेरे पापा टीबी की बीमारी से परेशान हैं। घर का खर्च चलाने के लिए मेरे दो भाई ठेला लगाते हैं। मैं और मेरी मां घरों में काम करते हैं। मेरे घर के पास ही एक एल्युमिनियम का कारखाना है। 2 साल से गोलू इसी कारखाने में काम करता है। वह मुझे आते-जाते देखता था। मोहल्ले में वह सभी से बात करता था। मोहल्ले में उसने कुछ दोस्त भी बना लिए थे। हम लोगों से भी वह बात करता था। उसने किसी तरह मेरा नंबर हासिल कर लिया। शुरू-शुरू में वह नॉर्मल बात करता था। फिर वह मुझे परेशान करने लगा। मुझ पर दबाव डालता। कहता था कि मुझसे बात करो, वरना मैं मर जाऊंगा। मैं तुमसे प्यार करता हूं। लेकिन मैंने उसे समझाया। वह नहीं माना। 28 जनवरी की शाम मैं मोहल्ले में स्थित गुप्ता आटा चक्की के पास स्थित एक मकान में काम करने जा रही थी। तभी गोलू शराब के नशे में धुत होकर मेरे पास आया। बोला कि मेरे साथ रोल खाने के लिए रेस्टोरेंट चलो। उसने मेरे चेहरे पर कई वार किए, मैं जमीन पर गिर पड़ी गोलू ने मुझसे कहा कि रेस्टोरेंट चलो, साथ में रोल खाएंगे। मगर मैंने मना कर दिया। इसके बाद मैं जाने लगी। फिर वह मुझसे बोला कि इधर देखो। मैं पीछे मुड़ी तभी गोलू ने सर्जिकल ब्लेड से वार कर दिया। उसने गले पर वार करना चाह, मगर मैं पीछे हट गई। लेकिन मेरा चेहरा कट गया। मैं चीखी और भागने लगी। तभी उसने पीछे से मेरे बाल पकड़ लिए और घसीट लिया। उसने गर्दन पर वार करने की कोशिश की। मगर मैंने हाथ लगा दिया। इसके बाद उसने एक के बाद एक कई वार मेरे हाथ और चेहरे पर किए। मैं चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ी। लड़की ने बताया कि गोलू मुझे करीब 25 दिनों से परेशान कर रहा था। मैंने उससे कहा कि मेरी शादी तय हो गई है। 7 फरवरी को मेरी शादी होनी है। मैंने उससे कहा कि मैं तुमसे बात नहीं करूंगी। लेकिन वह नहीं माना। मेरी शादी तय होने की बात सुनकर वह बौखला गया था। वाट्सऐप पर मुझे मैसेज करता। उसमें गालियां लिखता था। मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। अब बड़ी बहन की बात, पढ़िए - गोलू मैसेज करता और भद्दी-भद्दी गालियां देता पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया कि मेरी सिस्टर को आरोपी गोलू को अक्सर फोन करता था। परेशान होकर मेरी छोटी बहन ने उसका नंबर मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। लेकिन वह अलग–अलग नंबरों से कॉल करने लगा। सभी नंबर मेरी बहन ने ब्लॉक कर दिए। पिछले 25 दिनों से वह तीन नंबरों से कॉल तो कभी मैसेज कर मेरी बहन को फोन कर रहा था। जिसमें से एक नंबर आरोपी की मां का है। जब मेरी बहन ने उसके नंबर ब्लॉक करने शुरू कर दिए तो गोलू ने वाट्सएप मैसेज पर जान से मारने की धमकियां दीं। गालियां दीं। हम लोगों ने सोचा कि आज नहीं तो कल आरोपी गोलू सुधर जाएगा, लेकिन यह नहीं पता था कि बात मेरी बहन की जान तक पहुंच जाएगी। पीड़िता की मां ने क्या कहा, वो पढ़िए- गोलू ने कहा था कि अगर शादी की तो जान से मार डालूंगा पीड़िता की मां ने बताया कि करीब 2 माह पहले हमने बेटी की शादी तय कर दी थी। जिसकी जानकारी होने के बाद आरोपी बेटी को अक्सर धमकी देता था। वह बेटी को मैसेज और फोन के जरिए धमकाता था। कहता था कि अगर शादी की तो जान से मार डालूंगा। उसने जो कहा था कि वह जो कह रहा है वह कर के दिखाएगा। इस घटना के बाद से मेरा पूरा परिवार डरा हुआ है। कहीं गोलू जेल से आने के बाद बेटी को मार न डाले। घटना की जानकारी पर पीड़िता के होने वाले ससुरालीजन भी उसका हाल–चाल जानने के लिए घर पहुंचे। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। शिवराज ने कर दी किताब लिखने की बड़ी घोषणाकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक दिलचस्प घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्नी पर एक किताब लिखेंगे। शिवराज सिंह चौहान राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अर्जुन राम मेघवाल की तारीफ करते हुए कहा- भाभी जी पर आपने जो किताब लिखी है, उसे मैं एक अद्भुत घटना मानता हूं। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वह पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे, वरना लोग कहने लगते हैं कि ये तो जोरू का गुलाम है। शिवराज सिंह चौहान ने आगे मजाकिया लहजे में कहा- आपने ये साहस दिखाया है, अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा। सच में, जीवन में धर्मपत्नी का बहुत बड़ा योगदान होता है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपनी पत्नी को समर्पित किताब ‘एक सफर हमसफर के साथ’ लिखी है। शिवराज सिंह चौहान ने इसी किताब का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में पत्नी पर किताब लिखने की बात कही, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। कैलाश खेर ने मंच से लोगों को सुनाई खरी-खोटीगायक कैलाश खेर जब भी मध्य प्रदेश आते हैं, तो अपने गानों के साथ-साथ लोगों को खरी-खोटी सुनाने से भी नहीं चूकते। हाल ही में उन्होंने सतना में एक कॉन्सर्ट किया था, जिसका एक वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में कैलाश खेर यह कहते नजर आ रहे हैं कि, ‘बहुत कम ऐसे कॉन्सर्ट होते हैं, जहां खाना भी चल रहा हो और गाना भी चल रहा हो। म्यूजिक को इज्जत तब मिलती है, जब खाना-वाना पहले डकार लिया जाए या फिर बाद में ठूंस लिया जाए।’ उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- वैसे भी अपनों से ये कहने का बड़ा मन करता है कि बहुत खाते हो भाई। यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश खेर के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले मंदसौर में वे एक भाजपा विधायक के नाम को लेकर मजाक कर चुके हैं और वहां की जनता को गरीब भी कह दिया था। हाल ही में वे ग्वालियर भी पहुंचे थे। वहां पहले तो उन्होंने लोगों की तारीफ की, लेकिन जब थोड़ी अव्यवस्था हुई तो उन्होंने मंच से लोगों से कहा था कि जानवरगिरी मत कीजिए। मीडिया पर मंत्री विजय शाह ने कह दी बड़ी बातअपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मंत्री विजय शाह ने इस बार मीडिया को लेकर बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया वाले उनसे जलते हैं। मंत्री विजय शाह खंडवा मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक साइंस पर आयोजित एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मेडिकल छात्रों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके विभाग की ओर से इस साल 14 छात्रों की फीस भरी गई है। मंत्री ने कहा- देख लो, मेरे पास उन बच्चों की लिस्ट है। मैं मन से कुछ नहीं कहता। इसके बाद उन्होंने अपने पीए को वह सूची देते हुए कहा कि इसे मीडिया वालों को दे दो, क्योंकि मीडिया वाले मुझसे जलते हैं। अब कहने वाले कह रहे हैं कि भला मीडिया आपसे क्यों जलेगा? आप तो ऐसी-ऐसी “प्यारी” बातें कर देते हैं कि सुर्खियां खुद-ब-खुद बन जाती हैं। विधायक को घोड़े पर बैठाकर किया गया स्वागतशाजापुर के भाजपा विधायक अरुण भीमावद जब अपने विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में चुनावी वादा निभाने पहुंचे, तो नजारा किसी बारात से कम नहीं था। ग्रामीणों ने विधायक को घोड़े पर बैठाकर उनका जोरदार स्वागत किया। दरअसल, विधायक अरुण भीमावद ने जलोदा डेरा गांव में टिन शेड बनवाने का वादा किया था। उसी के भूमिपूजन के लिए वे वहां पहुंचे थे। लेकिन भूमिपूजन से पहले गांव में बाकायदा जुलूस निकाला गया, जिसमें विधायक को घोड़े पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाया गया। अब कहने वाले कह रहे हैं कि नेता जी की तो पूरी झांकी ही सज गई, और भला इससे ज्यादा और क्या चाहिए। इनपुट सहयोग - प्रशांत द्विवेदी (सतना), सावन राजपुत (खंडवा), पंकज राठौर (अकोदिया) ये भी पढ़ें - मंत्री बोले- मैं कैलाश विजयवर्गीय नहीं, फंसाने की कोशिश मत करना: सीएम के सामने विधायक की पोल खुली मंत्री इंदर सिंह परमार जब कटनी पहुंचे तो उन्होंने मीडिया से बात तो की, लेकिन उतना ही बोले जितना उन्हें बताना जरूरी लगा। जैसे ही सवालों की बारी आई, मंत्री जी ने टालमटोल शुरू कर दी। उन्होंने कहा- मैं कैलाश विजयवर्गीय नहीं हूं, कि दबाव बनाकर कुछ भी बुलवालोगे। पूरी खबर पढ़ें
सहारनपुर में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माण को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहने वाले सहारनपुर विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर आखिरकार सख्ती देखने को मिली है। कार्रवाई न करने और मिलीभगत के आरोपों में एक सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरे सुपरवाइजर की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, एक अवर अभियंता (JE) के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। प्राधिकरण को शिकायत मिली थी कि जोन-4 के मल्हीपुर क्षेत्र और जोन-6 के मानकमऊ क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इन कॉलोनियों में सड़कों के निर्माण समेत अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी किए गए, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अवर अभियंता और सुपरवाइजर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं, जिससे उनकी मिलीभगत की आशंका गहराती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष राय ने तीन दिन तक स्थलीय जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई। इसके बाद जोन-4 में तैनात सुपरवाइजर मदनपाल को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। वहीं, जोन-6 में तैनात आउटसोर्सिंग सुपरवाइजर रामगोपाल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा अवर अभियंता प्रदीप गोयल पर भी विभागीय जांच बैठाई गई है। प्राधिकरण की ओर से उनके खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाने की तैयारी है। उपाध्यक्ष संतोष राय ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोमती एक्सप्रेस के आरक्षित कोच में बिना रिजर्वेशन यात्रियों की भीड़ के चलते 11 यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाए। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद न तो टीटीई पहुंचे और न ही स्टेशन प्रशासन ने मदद की, जिसके बाद मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंचा। 25 जनवरी की रात गाजियाबाद स्टेशन पर उस वक्त हंगामा हो गया, जब 12420 गोमती एक्सप्रेस रात करीब डेढ़ बजे प्लेटफॉर्म पर पहुंची। यात्री नवीन सिंह चौहान के मुताबिक, उनके पास स्लीपर कोच के कुल 16 कंफर्म टिकट थे। ट्रेन आते ही उन्होंने देखा कि आरक्षित कोच में जबरदस्त भीड़ है और सीट से लेकर गैलरी व गेट तक लोग खड़े हैं। काफी कोशिश के बाद भी 11 यात्री नहीं चढ़ सके ट्रेन में नवीन ने बताया कि भारी भीड़ के बीच काफी मशक्कत के बाद सिर्फ पांच यात्री ही किसी तरह ट्रेन में सवार हो सके, जबकि बाकी 11 यात्री लगातार कोशिश करते रह गए। ट्रेन निर्धारित समय पर रवाना हो गई और 11 यात्री प्लेटफॉर्म पर ही छूट गए। 139 पर शिकायत, लेकिन न टीटीई आया न मिली मदद यात्रियों ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाई गई, पर कोई समाधान नहीं मिला। इसी ट्रेन में सवार यात्री राजयश सिंह ने भी 139 पर शिकायत की थी। उन्हें बताया गया कि अलीगढ़ में टीटीई जांच करेगा और बिना रिजर्वेशन यात्रियों को उतारा जाएगा, लेकिन टीटीई जांच के लिए पहुंचे ही नहीं। वीडियो बना कर रेलवे बोर्ड से शिकायत, जांच शुरू घटना से नाराज यात्रियों ने आरक्षित कोच में भरे बिना टिकट यात्रियों का वीडियो बनाया और रेलवे बोर्ड से औपचारिक शिकायत की। वीडियो और शिकायत सामने आने के बाद रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यात्रियों ने मांग की है कि आरक्षित कोच में बिना टिकट यात्रा पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
राजस्थान में बीते साल रिकॉर्ड तोड़ 25 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार बजट में भी टूरिज्म सेक्टर को लेकर अहम घोषणाएं हो सकती हैं। फरवरी की 11 तारीख को आने वाले बजट 2026-27 में ऐतिहासिक जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक स्कीम लॉन्च हो सकती है। कब-कहां कितने देशी-विदेशी पर्यटक हैं, मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी LIVE मॉनिटरिंग के लिए ‘टूरिज्म वॉर रूम’ स्थापित करने की घोषणा हो सकती है। वहीं, राजस्थान में शूट होने वाली फिल्मों पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है। टूरिज्म में AI और डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए हेरिटेज साइटों या ऐतिहासिक स्मारकों की जानकारी के लिए स्कैन QR कोड लगाए जा सकते हैं। लोकल टूरिस्ट गाइड, लोक कलाकार, ड्राइवरों के लिए ‘पर्यटन रोजगार गारंटी’ जैसी स्कीम का ऐलान हो सकता है। वहीं, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख मंदिरों में कॉरिडोर बनाने की घोषणाएं भी संभव हैं। टूरिज्म सेक्टर में क्या-क्या हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं, पढ़िए इस स्टोरी में... टूरिज्म वॉर रूम, मुख्यमंत्री कर सकेंगे मॉनिटरिंग प्रदेश में 'टूरिज्म वॉर रूम' की स्थापना की जा सकती है, जिसकी मॉनिटरिंग सीधी मुख्यमंत्री स्तर पर होगी। इस टूरिज्म वॉर रूम के माध्यम से राजस्थान आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य में कुल कितने पर्यटक आ रहे हैं, किस पर्यटन स्थल पर सबसे अधिक भीड़ है और किन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कमी है, इससे जुड़ी हर जानकारी वॉर रूम में एक डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी। वॉर रूम के तहत रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, पर्यटकों की फुटफॉल मॉनिटरिंग और पर्यटन से होने वाले रेवेन्यू का विश्लेषण किया जाएगा। इन जानकारियों की त्वरित उपलब्धता से सरकार को नीति निर्धारण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यटन सुविधाओं में तत्काल सुधार करने में मदद मिलेगी। किलों-पैलेस में डेस्टिनेशन वेडिंग पर कैशबैक ऑफर राजस्थान को डेस्टिनेशन वेडिंग का मैन अट्रैक्शन बनाने की दिशा में भी अहम पहल की जा रही है। पैलेस, फोर्ट और लेक-साइट जैसे ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग की परमिशन के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू हो सकता है। डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रमोट करने के लिए कैशबैक स्कीम लाने की भी योजना है। इससे प्रदेश के होटल, इवेंट मैनेजमेंट, हैंडीक्राफ्ट और लोकल सर्विस सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। लोकल वेंडर्स को प्राथमिकता और इंसेंटिव जैसी घोषणाएं इस सेक्टर को नई गति दे सकती हैं। ‘टूरिज्म एम्प्लॉयमेंट गारंटी मॉडल’ ला सकती है सरकार पर्यटन से जुड़े लोगों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ‘टूरिज्म एम्प्लॉयमेंट गारंटी मॉडल’ स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत टूरिस्ट गाइड, लोक कलाकार, ड्राइवर और अन्य पर्यटन कर्मियों के लिए न्यूनतम सुनिश्चित आय का प्रावधान किया जा सकता है। बेरोजगार युवाओं को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए बजट में पर्यटन रोजगार गारंटी या स्किल आधारित योजना की घोषणा संभव है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को गाइड, इवेंट मैनेजमेंट, होटलिंग और हेरिटेज मैनेजमेंट जैसी ट्रेनिंग देकर रोजगार से जोड़ा जा सकता है। बढ़ सकती है सब्सिडी, फिल्म सिटी का भी ऐलान संभव राजस्थान को फिल्म शूटिंग में फ्रेंडली बनाने के लिए सरकार 'फिल्म प्रोत्साहन नीति-2025' के तहत सब्सिडी बढ़ा सकती है। फिल्म पूरी तरह से राजस्थान में शूट होने पर कुल खर्च की 30% तक सब्सिडी दी जाती है। बजट में इसे 5% अतिरिक्त बढ़ाया जा सकता है। जयपुर या उदयपुर के पास एक आधुनिक 'फिल्म सिटी' या 'पोस्ट-प्रोडक्शन हब' विकसित करने के लिए जमीन या शुरुआती फंड का ऐलान किया जा सकता है। वहीं, जैसलमेर और बीकानेर में तनोट माता मंदिर और बॉर्डर इलाकों को पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ बनाने के लिए फंड दिया जा सकता है। केवलादेव के अलावा नई बर्ड सेंचुरीज और टाइगर रिजर्व्स में सफारी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बजट मिल सकता है। एक जिला-एक पर्यटन अनुभव नीति राजस्थान के टूरिज्म सेक्टर को रेवेन्यू का प्रमुख मॉडल बनाने के लिए अहम घोषणाएं हो सकती हैं। बजट में ‘एक जिला-एक पर्यटन अनुभव’ नीति की औपचारिक घोषणा संभव है। इस मॉडल के तहत हर जिले की एक विशिष्ट पर्यटन पहचान तय की जाएगी, जिससे टूरिज्म केवल जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में फैले। छोटे जिलों में भी पहचान रखने वाले टूरिस्ट स्पॉट को पहचान मिल सके। वहीं, होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज प्रॉपर्टी और टूर ऑपरेटर्स के लिए सरल नियम, टैक्स प्रक्रिया में सहूलियत और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां लाई जा सकती हैं। महिला संचालित होम स्टे के लिए मदद महिला सशक्तिकरण के लिहाज से बजट में 'पिंक टूरिज्म से जुड़ी योजनाएं सामने आ सकती हैं। महिला संचालित होमस्टे, स्वयं सहायता समूहों को पर्यटन से जोड़ने और विशेष फंड के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर फोकस किया जा सकता है। वन क्षेत्रों, झीलों और ऐतिहासिक धरोहरों को लेकर बजट में संरक्षण आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की घोषणा हो सकती है। इसमें स्थानीय समुदायों को गाइड, होमस्टे और सेवा प्रदाता के रूप में जोड़ा जाएगा, ताकि संरक्षण और आजीविका दोनों साथ-साथ चल सकें। यह मॉडल खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए अहम माना जा रहा है। धार्मिक पर्यटन पर फोकस धार्मिक स्थलों को लेकर बजट में धार्मिक पर्यटन विकास योजना की घोषणा भी संभावित है, जिसमें दर्शन के साथ-साथ ठहराव, सेवा और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इससे खाटू श्याम, पुष्कर, अजमेर और सालासर जैसे क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ऐसे में अयोध्या और काशी की तर्ज पर राजस्थान के प्रमुख मंदिरों को विकसित करने के लिए बड़ा बजट पास किया जा सकता है। सीकर में खाटू नगरी में श्याम जी मंदिर के लिए एक भव्य कॉरिडोर और दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भारी बजट मिल सकता है। वहीं, नाथद्वारा के श्रीनाथजी, सालासर बालाजी और पुष्कर को जोड़ते हुए बेहतर सड़कों और सुविधाओं के लिए भी बजस मिल सकता है। डेजर्ट टूरिज्म के लिए भी होगा खास रेगिस्तानी जिलों को लेकर सरकार लग्जरी और लो-इम्पैक्ट टूरिज्म पर जोर दे सकती है। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे इलाकों में साइलेंट रिट्रीट, डेजर्ट वेलनेस सेंटर और एस्ट्रोनॉमी टूरिज्म को बढ़ावा देने की घोषणा संभव है। इसका उद्देश्य कम संख्या में पर्यटकों से अधिक रेवेन्यू अर्जित करना होगा। टूरिज्म में AI मॉडल डिजिटल तकनीक को ध्यान में रखते हुए बजट में AI और डिजिटल टूरिज्म पर विशेष फोकस रह सकता है। QR कोड आधारित हेरिटेज जानकारी, वर्चुअल टूर और ऑनलाइन शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं की घोषणा से राजस्थान को डिजिटल पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की कोशिश की जा सकती है। बजट में है सेक्टर से जुड़े लोगों को काफी उम्मीदें होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने बताया- राजस्थान सरकार से टूरिज्म सेक्टर में घोषणा को लेकर काफी उम्मीदें हैं। लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि ट्रैवल मार्ट का आयोजन जयपुर तक सीमित न रहकर प्रदेश के अन्य छोटे-छोटे शहरों में भी किया जाए, ताकि वहां के पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। होटल उद्योग, विशेषकर छोटे होटलों के लिए जीएसटी में और छूट दी जानी चाहिए। विदेशी पर्यटकों से जुड़ी कई प्रक्रियाएं अभी जटिल हैं, उनका भी सरलीकरण किया जाना चाहिए। …. राजस्थान के बजट से जुड़ ये खबर भी पढ़िए… बुजुर्गों-महिलाओं के लिए खजाना खोल सकती है सरकार:91 लाख पेंशनधारियों की बढ़ेगी पेंशन, जानिए बजट में क्या खास रहेगा ये भजनलाल सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट (2026-27) होगा। सरकार बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 91 लाख 41 हजार पेंशनर्स को राहत प्रदान कर सकती है। पूरी खबर पढ़िए…
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 30 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। गुरुवार देर शाम बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग एकनाथ सूर्यवंशी को भी परिजन अपनी सहमति से डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। वे एक माह से अस्पताल में भर्ती थे और 25 से ज्यादा दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन मरीज, पार्वतीबाई, अनिता कुशवाह और अशोक मौर्य, बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज अरविंदो हॉस्पिटल में भर्ती है। भागीरथपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अभी भी 24 घंटे खुला है और दो एम्बुलेंस तैनात हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो मरीज ही सामने आ रहे हैं और उन्हें भी भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में ज्यादातर मरीजों के मल्टी ऑर्गन्स फेल होने से तकलीफें बढ़ीं। क्षेत्र में अब भी रहवासी सहमे हुए हैं। ये खबर भी पढ़ें.. इंदौर में दूषित पानी से 30वीं मौत इंदौर में दूषित पानी से बुधवार को 30वीं मौत हो गई। भागीरथपुरा में रहने वाले 62 वर्षीय लक्ष्मी रजक को दो दिन पहले उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था परिजनों ने बताया कि भर्ती के दौरान उनकी किडनी भी खराब होने की जानकारी मिली। पढ़िए पूरी खबर।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने प्रतापगढ़ में पुलिस हिरासत में बेरहमी से मारपीट और एक व्यक्ति को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने की साजिश मामले में सख्ती के बाद इसका असर भी सामने आया है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रतापगढ़ एसपी ने आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर (तत्कालीन एसएचओ) दीपक बंजारा को सस्पेंड कर दिया है। जस्टिस फरजंद अली की कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ को इस पूरे प्रकरण की 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' न्यायिक जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मामले में पीड़ित की ओर से सीनियर एडवोकेट धीरेंद्रसिंह और एडवोकेट रॉबिन सिंह ने पैरवी की। आखिर क्या है पूरा मामला? यह मामला शाकिर शेख (34) निवासी बजरंगगढ़, हाल अशोक नगर, प्रतापगढ़ की याचिका का है। शाकिर ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि प्रतापगढ़ एसएचओ दीपक बंजारा और उनकी टीम ने उसके पिता अब्दुल हमीद शेख हिरासत में न केवल जबरन घर में घुसकर बर्बरतापूर्वक प्रताड़ित किया, बल्कि उसे एनडीपीएस एक्ट के झूठे मामले में फंसाने के लिए फर्जी सबूत भी गढ़े। हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज तथ्यों के अनुसार, पुलिस ने शाकिर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 (पुलिस अधिकारी द्वारा कर्तव्य में विफलता या मिलीभगत) और बीएनएस के तहत झूठे सबूत गढ़ने जैसे गंभीर अपराधों में उलझाने की कोशिश की, ताकि उसे 10 साल से ज्यादा की सजा हो सके। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने पीड़ित की चोटों के फोटो देखने के बाद टिप्पणी की थी कि यह जानवरों जैसा बर्ताव है। मामले में इंस्पेक्टर बंजारा के अलावा ये भी हैं प्रतिवादी इस याचिका में कुल 14 प्रतिवादी बनाए गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से इंस्पेक्टर दीपक बंजारा के अलावा प्रतापगढ़ एसपी, उदयपुर आईजी, डीजीपी राजस्थान, सीएमएचओ प्रतापगढ़, पुलिस कर्मियों में कांस्टेबल राजवीर, कांस्टेबल रमेश उर्फ गजनी और कांस्टेबल सोनू यादव भी प्रतिवादी हैं। इनके अलावा, नर्सिंग कॉलेज प्रतापगढ़ के चार नर्सिंग छात्र इंद्रजीत उर्फ इंद्रराज पुत्र महिपाल कजला, यतन पुत्र रामनिवास, उत्सव ठाकुर पुत्र राजेंद्र सिंह और राहुल सेन भी इस मामले में प्रतिवादी हैं। सरकार ने मानी गलती: SHO सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी इंस्पेक्टर दीपक बंजारा को 22 जनवरी को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी प्रतापगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में सुधार करते हुए स्पष्ट किया कि 20 जनवरी के आदेश में गलती से 'गुलाब सिंह' का नाम लिख दिया गया था, जिसे अब 'दीपक बंजारा' पढ़ा जाए। मजिस्ट्रेट की 'न्यायिक हिम्मत' को सलाम जस्टिस फरजंद अली ने प्रतापगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस के खिलाफ संज्ञान लेकर 'न्यायिक साहस' (ज्यूडिशियल करेज) और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को बिना किसी दबाव के जांच पूरी करने की खुली छूट दी है। मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। इंस्पेक्टर बंजारा पर संगीन केस: फर्जी ड्रग्स केस बनाकर 22 लाख वसूलने का भी आरोप सस्पेंड हुए इंस्पेक्टर दीपक बंजारा का विवादों से पुराना नाता रहा है। एसीबी जयपुर में दर्ज एक अन्य एफआईआर में बंजारा और उनकी टीम पर फर्जी ड्रग्स केस बनाकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। मामा को उठाया, 2 किलो फर्जी ड्रग्स रखी: परिवादी सद्दाम हुसैन ने एसीबी को बताया कि 19 जनवरी 2025 को सीआई दीपक बंजारा ने उसके मामा अनवर अजमेरी को बस से उतारकर उनके बैग में 2 किलो फर्जी सामान (ड्रग्स) रख दिया। जमीन बेचकर चुकाए 22 लाख: पुलिस ने अनवर को छोड़ने के बदले 50 लाख रुपये मांगे। परिवार ने डरकर जमीन बेची और 22 लाख रुपये की रिश्वत एएसआई महेंद्र सिंह को दी। एसीबी की रेड: बाद में जब पुलिस ने 1 लाख रुपये और मांगे, तो सद्दाम ने एसीबी में शिकायत की। एसीबी ने ट्रेप का जाल बिछाया, लेकिन भनक लगते ही आरोपी बच निकले। हालांकि, एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। ----- यह खबर भी पढ़ें... पुलिस ने घर में युवक के हाथ-पैर तोड़ झूठा फंसाया:हाईकोर्ट ने फोटो देख कहा- यह जानवरों जैसा सुलूक; प्रतापगढ़ के SHO को हटाने का आदेश
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली हैं। परीक्षा 2 से 13 फरवरी 39 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। जिसमें 16480 छात्र एवं 21455 छात्रा सहित 37935 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा प्रथम पाली में 09:30 बजे से 12:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली में 02:00 बजे से 05:15 बजे तक संचालित होगी। दोनों पालियों में परीक्षा प्रारंभ होने से पहले 15 मिनट का कूल-ऑफ समय निर्धारित किया गया है। परीक्षा की शुरुआत 2 फरवरी को प्रथम पाली में जीव विज्ञान तथा द्वितीय पाली में अर्थशास्त्र विषय से होगी। बेगूसराय अनुमंडल में 22 केंद्रों पर 24490 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे कुल 39 परीक्षा केंद्र में सबसे अधिक बेगूसराय अनुमंडल में 22 केंद्रों पर 24490 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। तेघड़ा अनुमंडल में 5 केंद्रों पर 4775, मंझौल अनुमंडल में 4 केंद्रों पर 2317, बखरी अनुमंडल में 4 केंद्रों पर 2705 तथा बलिया अनुमंडल में 4 केंद्रों पर 3,648 परीक्षार्थियों को आवंटित किया गया है। विधि-व्यवस्था एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा केंद्रों पर धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगा। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट, कॉपियर एवं डुप्लीकेटर के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में एंट्री नहीं मुख्य द्वार पर सघन तलाशी ली जाएगी, जबकि महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला कर्मियों द्वारा सुरक्षित घेरे में की जाएगी। परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के भीतर जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित रहेगा तथा परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश की अनुमति होगी। मोबाइल फोन सहित कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध परीक्षार्थियों के साथ-साथ वीक्षकों एवं अन्य कर्मियों पर भी लागू होगा। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी निकासी एवं खोलने की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। प्रथम पाली के प्रश्न-पत्र 8:00 बजे से पहले तथा द्वितीय पाली के प्रश्न-पत्र 11:30 बजे से पूर्व किसी भी स्थिति में नहीं निकाले जाएंगे। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा है परीक्षा कार्य में शामिल सभी पदाधिकारियों एवं दंडाधिकारियों को इन्टरमीडिएट परीक्षा सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने का आदेश दिया गया है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर के शहरी क्षेत्रों में 30 और 31 जनवरी 2026 को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने घोषणा की है कि दोनों दिन दोपहर में तीन-तीन घंटे का शटडाउन लिया जाएगा। यह कटौती शहर के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करेगी। बिजली विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह कटौती पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में विद्युत ग्रिड से जुड़ी लाइनों पर आवश्यक कार्य किया जाएगा, जिसके कारण आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने दैनिक कार्य जैसे पानी स्टोर करना और मोबाइल चार्ज करना सुबह 11 बजे से पहले ही पूरे कर लें। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के निर्माण कार्य बनी वजह बिजली कटौती का मुख्य कारण बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य हैं। शहर के विकास कार्यों के तहत सड़कों के चौड़ीकरण या जल निकासी परियोजनाओं के लिए पोल शिफ्टिंग का कार्य अनिवार्य है। विभाग का उद्देश्य इस नियोजित मरम्मत के माध्यम से भविष्य में इन इलाकों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या को समाप्त करना और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज तथा निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। सेंट्रल जेल, जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के पास का एरिया भी रहेगा प्रभावित ये कटौती मुख्य रूप से 11 केवी JAIL2 फीडर से जुड़े इलाकों में होगी। इनमें सोडा गोदाम, छितभागवतपुर, चर्च रोड, अमरूद बगान, मिल्लत कॉलोनी, मालीघाट नाका, कावेरी गैस एजेंसी, मुरली मनोहर कॉलोनी, फैज़ कॉलोनी और पानी टंकी जेल रोड क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सेंट्रल जेल, पानीकल चौक और जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के आसपास के परिसरों में भी इस दौरान बिजली सेवा ठप रहेगी। बिजली विभाग ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली जल्द बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, यदि खराब मौसम या किसी अन्य गंभीर तकनीकी बाधा की स्थिति उत्पन्न होती है, तो शेड्यूल में बदलाव संभव है, जिसकी सूचना स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
पंजाब कांग्रेस सूबे में मनरेगा महासंग्राम का दूसरा चरण आज शुरू करने जा रहा है। दूसरे चरण का आगाज लुधियाना के मुल्लापुर दाखा से किया जा रहा है। दाखा में आज कांग्रेस की मनरेगा महासंग्रमा रैली हो रही है। रैली में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और गुरदासपुर से सांसद व पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा मुख्य रूप से रैली को संबोधित करेंगे। रैली में पंजाब कांग्रेस के अन्य सीनियर लीडर भी पहुंचेंगे। दिल्ली में राहुल गांधी की क्लास के बाद कांग्रेस की पंजाब में यह पहली बड़ी रैली होने जा रही है। अब देखना होगा कि इस रैली में पंजाब कांग्रेस के नेता एकजुट दिखते हैं या नहीं। सब की नजरें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर टिकी हैं। हलका इंचार्ज कैप्टन संधू करवा रहे रैली मुल्लापुर दाखा में होने वाली रैली का आयोजन हलका इंचार्ज व पार्टी के महासचिव कैप्टन संदीप संधू ने करवाया है। रैली में बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर, किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचने की उम्मीद है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। रैली के दौरान मजदूरों को समय पर काम और पूरा भुगतान, बकाया मजदूरी की अदायगी और मनरेगा बंद करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी। कैप्टन संदीप संधू ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है। कैप्टन संदीप संधू ने जोर दिया कि कांग्रेस इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास का हर स्तर पर विरोध करेगी। संधू ने लोगों से रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने हक की आवाज बुलंद करने की अपील की। 8 से 10 हजार कार्यकर्ता होंगे शामिल कैप्टन संदीप संधू ने बताया कि इस रैली में हलका दाखा के ही कार्यकर्ताओं और मनरेगा मजदूरों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि इस रैली से पूरे पंजाब को मैसेज दिया जाएगा कि कांग्रेस मनरेगा मजदूरों को उनका हक देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नालंदा जिले के कल्याण बिगहा में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रही योजना में एक अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इंडोर शूटिंग रेंज के पीछे स्थित खाली भूखंड पर 25 मीटर और 50 मीटर की नई शूटिंग रेंज के निर्माण के लिए जारी ई-निविदा की समय-सीमा को विस्तार दिया गया है। नालंदा भवन प्रमंडल, बिहारशरीफ के कार्यपालक अभियंता ने शुद्धि-पत्र के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि अपरिहार्य कारणों से निविदा प्रक्रिया की तारीखों में संशोधन करना जरूरी हो गया है। अब इच्छुक ठेकेदार और निर्माण कंपनियां 14 फरवरी 2026 तक अपने टेंडर दस्तावेज जमा कर सकेंगी। संशोधित समय-सारणी की पूरी जानकारी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना (पी.आर. नंबर-020981) के मुताबिक, ई-निविदा संख्या 24/2025-26 के तहत यह परियोजना क्रियान्वित की जानी है। प्रशासन ने संवेदकों को बेहतर तैयारी का मौका देते हुए नया कार्यक्रम को निर्धारित किया है। टेंडर से संबंधित कागजात 13 फरवरी 2026 की दोपहर 3 बजे तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। संवेदकों को अपने निविदा दस्तावेज 14 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे तक ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। गौरतलब है कि पूर्व में यह अंतिम तिथि 10 फरवरी निर्धारित की गई थी। तकनीकी बिड खोलने की तारीख तकनीकी बोली अब 16 फरवरी को दोपहर 3 बजे खोली जाएगी। इसके सफलतापूर्वक पूरा होने के उपरांत वित्तीय बिड की तारीख की घोषणा की जाएगी। प्री-बिड बैठकों का नया शेड्यूल परियोजना की तकनीकी बारीकियों और शर्तों को समझने के लिए आयोजित होने वाली प्री-बिड मीटिंग अब दो चरणों में संपन्न होगी। पहली बैठक 5 फरवरी को दोपहर 3 बजे अधीक्षण अभियंता, पटना भवन अंचल, पटना के कार्यालय में और दूसरी बैठक 9 फरवरी को दोपहर 3 बजे मुख्य अभियंता (पश्चिम), पटना के कार्यालय कक्ष में होगी। अन्य शर्तें बरकरार कार्यपालक अभियंता कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि तिथियों में संशोधन के अतिरिक्त निविदा से जुड़ी समस्त शर्तें, नियम और प्रावधान पूर्ववत रहेंगे। यह शुद्धि-पत्र निविदा दस्तावेज का अभिन्न अंग माना जाएगा। खेल सुविधाओं में इजाफे की दिशा में कदम नालंदा जिले में खेल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने की यह पहल राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति का हिस्सा है। कल्याण बिगहा में मौजूदा इंडोर शूटिंग रेंज के साथ ही नई 25 और 50 मीटर की रेंज का निर्माण युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार का एक नया अवसर सामने आया है। राजकीय पॉलिटेक्निक अस्थावां, नालंदा में इंजीनियरिंग और पुस्तकालय विज्ञान के स्नातक एवं डिप्लोमा धारकों के लिए अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में संस्थान द्वारा 6 फरवरी 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। अप्रेंटिस एक्ट के तहत एक वर्षीय प्रशिक्षण बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां ने विज्ञापन जारी करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के प्रावधानों के अनुसार एक वर्ष की अवधि का होगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आकर्षक मासिक स्टाईपेन्ड भी प्रदान किया जाएगा। किन शाखाओं में मिलेगा प्रशिक्षण का अवसर? इस भर्ती अभियान में मुख्य रूप से चार तकनीकी शाखाओं को शामिल किया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक या बी.ई की डिग्री प्राप्त युवाओं के साथ ही डिप्लोमा धारकों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुस्तकालय विज्ञान में बी.लिस या बी.लिब डिग्री धारक तथा डिप्लोमा पास अभ्यर्थी भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्र हैं। मासिक स्टाईपेन्ड की व्यवस्था चयनित प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार मासिक स्टाईपेन्ड दिया जाएगा। डिग्री प्रशिक्षु (Graduate Apprentice) को प्रतिमाह 15,000 रुपये और डिप्लोमा प्रशिक्षु (Diploma Apprentice) को 10,000 रुपये मासिक स्टाईपेन्ड प्रदान किया जाएगा। यह राशि प्रशिक्षण अवधि के दौरान नियमित रूप से दी जाएगी। पात्रता की शर्तें संस्थान ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थियों के पास वैध NATS-2.0 (National Apprenticeship Training Scheme) स्टूडेंट आईडी होना अनिवार्य है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उम्मीदवार का डिग्री या डिप्लोमा पूर्ण किए हुए पांच वर्ष से अधिक का समय नहीं होना चाहिए। साक्षात्कार में भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा। आरक्षण संबंधी नियमों का पालन सरकारी मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। साक्षात्कार की तिथि और स्थान वॉक-इन इंटरव्यू 6 फरवरी को सुबह 11 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां के प्राचार्य कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर संस्थान में उपस्थित होना होगा। आवश्यक दस्तावेज साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ फोटोयुक्त आवेदन पत्र (बायो-डाटा), सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी छायाप्रतियां अनिवार्य रूप से लानी होंगी। किसी भी दस्तावेज की अनुपस्थिति में अभ्यर्थी को साक्षात्कार में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। संस्थान के पास सुरक्षित अधिकार राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रभारी प्राचार्य के पास साक्षात्कार को आंशिक या पूर्ण रूप से रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। अंतिम चयन पूर्णतः संस्थान के विवेकाधिकार पर निर्भर करेगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी और अपडेट के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.gpasthawannalanda.org.in या www.state.bihar.gov.in/prdbihar पर संपर्क कर सकते हैं।
गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी (UGC) बिल के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का पुरजोर स्वागत किया। देर रात अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस फैसले को “हिंदुस्तान के इतिहास में मील का पत्थर” करार दिया। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने न केवल न्याय किया है, बल्कि समाज में पैदा होने वाले बड़े जातीय टकराव को भी टाल दिया है। उन्होंने बताया कि इस नियम के जरिए पूरे समाज को “घटना घटने से पहले ही अपराधी” बना दिया गया था। उनके अनुसार, अगर कोर्ट का यह स्थगन आदेश (Stay Order) न आता, तो समाज में गाली-गलौज और तनाव फैल गया होता। पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में कहा, “मैं किसी से नफरत नहीं करता। जो गलत है, उसे गलत कहता हूँ, लेकिन किसी जाति, मजहब या धर्म के आधार पर कोई गलत धारणा नहीं रखता।” उन्होंने यह भी बताया कि इस कानून के आने से समाज में बेचैनी पैदा हो गई थी। युवाओं और समाज के संदेश की सराहना बृजभूषण ने कहा कि यदि उन्होंने समय रहते दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों से शांति की अपील न की होती, तो “हम बड़े कि तुम बड़े” का विवाद शुरू हो जाता। उन्होंने खुशी जताई कि यादव, दलित, राजपूत और ब्राह्मण समाज के छात्र एक साथ बैठकर इस कानून का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था, “युवाओं का संदेश साफ था–हमें बांटने वाला कानून नहीं चाहिए।” उन्होंने उन सभी छात्रों, वकीलों और ग्राम प्रधानों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई। अंत भला तो सब भलाबृजभूषण ने कहा, “अंत भला तो सब भला।” उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट भविष्य में ऐसा कोई फैसला नहीं आने देगा जो जातीयता या क्षेत्रीयता को बढ़ावा दे और समाज में तनाव पैदा करे। उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल टल गया है। अगर भविष्य में ऐसा मामला आए भी तो संतुलित तरीके से फैसला होगा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से भी अपील की कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही आवश्यक कदम उठाएं।
झांसी में सर्दी और धुंध ने एक बार फिर जोरदार दस्तक दी है। मंगलवार को हुई बारिश का असर गुरुवार को साफ तौर पर दिखाई दिया। सर्दी के इस सीजन में अब तक पड़ने वाले कोहरे का रिकॉर्ड गुरुवार रात से छाई बेतहाशा धुंध ने तोड़ दिया। हालात ऐसे हो गए कि रात 12 बजे के बाद शहर में 10 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था। घर जाने के लिए नहीं मिले ऑटो विजिबिलिटी लगभग शून्य होने के चलते रेलवे स्टेशन से चलने वाले ऑटो चालकों ने सुरक्षा कारणों से बुकिंग बंद कर दी। मजबूरी में कई यात्रियों को जान जोखिम में डालकर पैदल ही सफर तय करना पड़ा।तापमान में अचानक गिरावट, फिर बढ़ी सर्दी बीते 15 दिनों से झांसी में तापमान लगातार बढ़ रहा था। लोगों को लगने लगा था कि अब सर्दी केवल सुबह-शाम तक सीमित रहेगी और फरवरी में मौसम सुहावना हो जाएगा। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली।उत्तर भारत से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही सर्द हवाओं के साथ मंगलवार शाम को बारिश शुरू हुई। इसका असर गुरुवार रात तक दिखाई दिया। झांसी का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान भी 4.4 डिग्री की गिरावट के साथ 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्दी बढ़ने से लोग एक बार फिर अलाव का सहारा लेते नजर आए। सीजन का सबसे घना कोहरा दिन में तेज धूप और गर्मी जैसे हालात के कारण लोग सर्दी को लेकर बेफिक्र हो गए थे। लेकिन एक घंटे की बारिश और ठंडी हवाओं ने सीजन का सबसे घना कोहरा गुरुवार को रिकॉर्ड करवा दिया। दैनिक भास्कर की टीम जब रात 2 बजे शहर में हालात देखने निकली, तो धुंध इतनी घनी थी कि सड़क तक दिखाई नहीं दे रही थी। 10 मीटर आगे बढ़ने में भी परेशानी हो रही थी। गुरुवार को झांसी में इस सीजन का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया।यात्रियों को नहीं थी मौसम बदलने की उम्मीद मौसम विभाग ने कोहरे की संभावना जताई थी, लेकिन दोपहर की तेज धूप देखकर ज्यादातर लोग रात में ज्यादा सर्दी की उम्मीद नहीं कर रहे थे। आसपास के जिलों से झांसी स्टेशन पहुंचे कई यात्री पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं लाए थे। रात होते ही सर्दी ने उन्हें परेशानी में डाल दिया। ऐसे में यात्रियों ने स्टेशन के बाहर जल रहे अलाव के सहारे रात बिताई। 1 फरवरी से तीन दिन बारिश का अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र और IMD के अनुसार 1 फरवरी से झांसी जिले में तीन दिनों तक बदली के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही सुबह के समय घने कोहरे का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि रात के समय बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें। कोहरे से रेल यातायात प्रभावित घने कोहरे के चलते रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हरिद्वार से पूरी जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस झांसी पहुंचने से पहले ग्वालियर के पास 12 घंटे लेट हो गई। इसके अलावा- • महाकौशल एक्सप्रेस – 5 घंटे• मुंबई राजधानी – 3 घंटे• गीता जयंती एक्सप्रेस – 6 घंटे• बेंगलुरु राजधानी – 2.30 घंटे• भोपाल एक्सप्रेस – 3 घंटे• पठानकोट एक्सप्रेस – 3 घंटे• साईं नगर शिरडी एक्सप्रेस – 4 घंटे• आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस – 3 घंटे• केरल एक्सप्रेस – 6 घंटे• मालवा एक्सप्रेस – 3 घंटे• तमिलनाडु एक्सप्रेस – 3 घंटे• लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस – 3 घंटे• पुणे वीकली एक्सप्रेस – 2 घंटे• महाकाल एक्सप्रेस – 3 घंटे• पुष्पक एक्सप्रेस – 1.15 घंटे की देरी से चलती रहीं।
नमस्कार, कानपुर में कल (गुरुवार) की बड़ी खबरें… एकतरफा प्यार में युवक ने युवती पर सर्जिकल ब्लेड से हमला कर दिया। चेहरे और कलाई पर 13 वार किए। 7 फरवरी को युवती की शादी होनी है। वहीं युवक ने खुद को सरकारी बैंक का अधिकारी बताकर एक लड़की को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद IAS में सिलेक्शन होने की बात कहकर लड़की से कैश और गहने मिलाकर करीब 71 लाख रुपए ले लिए। 500 मीटर की दूरी में तीन जगह सड़क धंस चुकी है। नगर निगम ने 7 दुकान और घर के बाहर नोटिस चस्पा किए थे। अब इन लोगों को अपने घर छोड़कर रैन बसेरों में रहना होगा। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए 1. मैं IAS हूं, मुझसे शादी करोगी:कानपुर में लड़की से 71 लाख वसूले; वापस मांगने पर ब्लैकमेल किया कानपुर में एक युवक ने लड़की को पहले खुद को सरकारी बैंक का अफसर बताकर प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद कहा कि वह IAS में सिलेक्ट हो गया है। उसने लड़की से शादी करने का झांसा दिया। इतना ही नहीं, युवक ने सरकारी विभाग की वेबसाइट जैसी ई-मेल आईडी से फर्जी ई-मेल, जॉइनिंग लेटर और डॉक्यूमेंट भी लड़की को वॉट्सऐप पर भेजे। इसके बाद युवक ने IAS में सिलेक्शन के नाम पर लाखों रुपए की जरूरत बताई। इस पर लड़की ने करीब कैश और जेवर मिलाकर करीब 71 लाख रुपए उसे दे दिए। पीड़ित लड़की की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नीतेश पांडेय को अरेस्ट कर लिया। पढ़ें पूरी खबर 2. एकतरफा प्यार में युवती पर सर्जिकल ब्लेड से हमला:कानपुर में कलाई और चेहरे पर 13 वार किए; 9 दिन बाद शादी है कानपुर में एकतरफा प्यार में युवक ने युवती पर सर्जिकल ब्लेड से हमला कर दिया। चेहरे और कलाई पर 13 वार किए। वह दर्द से कराहने लगी। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े। आरोपी को पकड़ लिया और पीट-पीट की अधमरा कर दिया। फिर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, युवती को घरवालों ने हैलट में भर्ती कराया है। गुस्साए घरवाले और लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में हंगामा किया। परिजनों ने बताया कि 9 दिन बाद, 7 फरवरी को युवती की शादी होनी है। मामला बुधवार देर शाम नजीराबाद थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर में बनेंगे वियतनाम के लड़ाकू विमानों के लिए पैराशूट:‘मेक इन इंडिया' के तहत GIL बनाएगी, SU30 ब्रेक और पायलट पैराशूट निर्माण का आर्डर मिला कानपुर की ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (आर्डिनेंस पैराशूट फैक्ट्री) वियतनाम के लिए ब्रेक पैराशूट को बनाएगी। वियतनाम सरकार ने कंपनी को पैराशूट बनाने का ऑर्डर दिया है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी SU-30 लड़ाकू विमानों के लिए ब्रेक पैराशूट (BP) और पायलट पैराशूट (PP) बनाकर आपूर्ति करेगी। निर्माणी में बनने वाले ब्रेक पैराशूट की मदद से लड़ाकू विमानों को रनवे पर सुरक्षित उतारा जाता है। छोटे रनवे या समुद्री जंगी जहाजों में इन पैराशूटों की मदद से सुरक्षित लैडिंग होती है। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर में 500 मीटर में 3 जगह सड़क धंसी:घरों के गिरने का खतरा, 6 महीने से गुरुद्वारा बंद; रैनबसेरों में शिफ्ट होंगे लोग कानपुर में 500 मीटर की दूरी में तीन जगह सड़क धंस चुकी है। रामबाग चौराहे पर 6 महीने से काम चल रहा है। बृहमनगर चौराहा से 70 मीटर की दूरी पर 6 महीने पहले रामबाग गुरुद्वारा के सामने सड़क धंस गई थी। 22 जनवरी को ईदगाह चौराहे पर 25 फिट गहराई में सड़क धंसी थी। 24 जनवरी 2025 को बृहमनगर चौराहे पर सड़क धंसी थी। रामबाग गुरुद्वारा और ईदगाह चौराहे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं। सड़क धंसने के कारण मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। पढ़ें पूरी खबर 5. कल्याणपुर में डिलीवरी विवाद पर बम फेंके:एक राइडर घायल, आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने सुतली पटाखा बताया, मुकदमा दर्ज कल्याणपुर में आर्डर के विवाद में डिलीवरी राइडर और उसके साथियों पर बम फेंकने के आरोप लगे है।घटना में एक डिलीवरी राइडर घायल हुआ है।लोगो ने एक आरोपी युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घायल को अस्पताल भेजा गया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इनकम टैक्स हाउसिंग सोसायटी विनायक पुर निवासी सुशील कुमार केसा चौराहे के पास स्थित एक फूड डिलीवरी कंपनी में बतौर डिलीवरी राइडर के रूप में काम करते है। सुशील के मुताबिक बुधवार रात वह आर्डर ले जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर जू में शेर-चीते बहुत देख लिए, अब उठाइए धनुष-बाण:तीरंदाजी शुरू हुई, 50 रुपए में बनें शहर के नए 'अर्जुन' उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर के चिड़ियाघर का नजारा अब पूरी तरह बदलने वाला है। अब तक लोग यहां पिंजरों में शेर, हिरण और भालू देखने आते थे, लेकिन अब कानपुर जू ने सैलानियों को एक नया रोमांच देने की तैयारी कर ली है। चिड़ियाघर प्रशासन की नई पहल के तहत यहां आर्चरी यानी धनुष-बाण से निशानेबाजी की सुविधा शुरू की गई है, जिसने शहरवासियों के बीच खासा उत्साह पैदा कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर 7. दो घंटे तक लिफ्ट में फंसे मां-बेटे में खौफ:बोले- 112 डायल न करते तो मर जाते, बाहर रेस्टोरेंट कर्मी मजाक करते रहे, फायर ब्रिगेड ने बचाया 'हम 2 घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। मेरी मां की तबियत बिगड़ने लगी। मैं डर गया। रोस्टोरेंट वाले सुन नहीं रहे थे। मैंने 112 नंबर पुलिस को डायल किया। कुछ देर बाद पुलिस आ गई। तब रेस्टोरेंट वाले एक्टिव हुए। पुलिस ने रेस्क्यू कर हम लोगों को बाहर निकाला। हम लोग तो बस खतम थे, ये कहिये दूसरा जीवन मिला है। पुलिस के आने से हमारी जान बच गई। इतना बेकार स्टाफ है। हम लिफ्ट के अन्दर चिल्लाते रहे। लेकिन स्टाफ आवज सुनकर भी जवाब नहीं दे रहा था।' ये कहना है हल्दीराम रेस्टोरेंट की लिफ्ट में फंसने वाले रजनीश गुप्ता का। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर में गलन बढ़ी, कोहरा भी छा सकता है:तेज हवा चलने की संभावना, बादलों की वजह से दिन का पारा बढ़ेगा कानपुर के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है। गुरुवार सुबह कोहरा छाया रहा। इसके अलावा सर्द हवा ने गलन बढ़ा दी है। कोहरे से विजिबिलिटी भी कम रही। न्यूनतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। उत्तर पश्चिमी हवाएं गलन और ठंड को बढ़ाएंगी। शहर में मंगलवार रात बारिश हुई। इससे मौसम का मिजाज बदल गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान बीते बुधवार को 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पढ़ें पूरी खबर 9. नारायण गिरी महाराज बोले- आनंदेश्वर मंदिर का काम अधूरा:कॉरिडोर बनवाने में मेयर ध्यान नहीं दे रहीं, CM के निर्देश के बाद भी लापरवाही जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज कानपुर के आनंदेश्वर मंदिर पहुंचे। प्रस्तावित कोरिडोर का निरीक्षण किया। बुधवार को नारायण गिरी महाराज ने ने मीडिया से बात करते हुए कहा- अभी कॉरिडोर का काम जीरो है। CM योगी के निर्देश के बावजूद जनप्रतिनिधि और मेयर कॉरिडोर के विकास काम में रूचि नहीं ले रहे हैं। नारायण गिरि महाराज ने कहा- मैं यहां दो दिन से कानपुर में हूं। लेकिन, कोई भी जनप्रतिनिधि मिलने नहीं आया। न ही किसी को आनंदेश्वर मंदिर के विकास को लेकर चिंता है। इसीलिए अभी तक मंदिर में कॉरिडोर का काम कराने में देरी हो रही है। पढ़ें पूरी खबर 10. एक लाख ने वोटर बनने के लिए भरा फार्म 06:SIR में 31 जनवरी को होगा विशेष बूथ डे, आपका नाम भी हो सकता है शामिल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की ड्राफ्ट सूची में जहां एक ओर नौ लाख दो हजार 148 वोट कम हुए हैं, वहीं एक लाख लोगों ने नए मतदाता बनने के लिए भी आवेदन किया है। यह वह मतदाता हैं जिनका वोटर आईडी अभी तक नहीं था। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फार्म 06 व फार्म 08 को मिला कुल 1.78 लाख फार्म भरे गए हैं। 67 हजार फार्म ऐसे हैं जो कि 06 जनवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद भरे गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
फतेहाबाद का जिला स्तरीय सिविल अस्पताल आखिरकार 28 सालों बाद एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) के मानकों पर खरा उतर गया है। स्टेट लेवल पर अस्पताल प्रबंधन को इसमें सफलता मिल गई है। अब केंद्रीय टीम बुलाकर निरीक्षण करवाया जाएगा ताकि केंद्र सरकार के मानकों को भी पूरा किया जा सके। बता दें कि, एनक्वास के जरिए सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर प्रबंधन तक की क्वालिटी का स्टैंडर्ड मापा जाता है। इसमें अलग-अलग पैरामीटर तय किए जाते हैं, जिनके आधार पर दूसरे जिलों की टीमें चेकिंग के लिए आती है। गौरतलब है कि साल 1997 में जिला बनने पर अस्पताल भी जिला स्तर का अपग्रेड हुआ। नवंबर महीने में हुआ था इंस्पेक्शनएनक्वास के लिए 24 नवंबर 2025 को जींद और सिरसा जिलों से आई राज्य स्तरीय टीम ने फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में इंस्पेक्शन किया था। इस टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड, लेबर रूम, फार्मेसी, लैब, रिकॉर्ड रूम, सफाई व्यवस्था, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की जांच की। इसके अतिरिक्त मरीजों से बातचीत कर फीडबैक लिया। इसी टीम की रिपोर्ट के आधार पर अब अस्पताल को एनक्वास में क्वालीफाई घोषित किया गया है। इस एनक्वास क्वालीफिकेशन के लिए लंबे समय से अस्पताल प्रबंधन से लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट तक के प्रमुख अधिकारी प्रयासरत थे। जानिए… क्या-क्या परखा जाता हैकार्यकारी एसएमओ डॉ.गूंजन के अनुसार, एनक्वास के तहत हेल्थ सर्विसिज की क्वालिटी, सफाई, मरीजों की सेफ्टी, दवाइयों की उपलब्धता, रिकॉर्ड की मेंटनेंस और अस्पताल प्रशासन से जुड़े मानकों को परखा जाता है। इस बार के इंस्पेक्शन में फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल को 70 अंक मिले हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बुलाई जाएगी केंद्रीय टीमकार्यकारी सीएमओ डॉ.बुधराम ने बताया कि स्टेट लेवल पर एनक्वास में क्वालीफाई होने के बाद अब केंद्र सरकार की टीम को बुलाने के लिए आवेदन किया जाएगा। केंद्रीय इंस्पेक्शन में सफलता मिलने पर अस्पताल प्रबंधन को प्रोत्साहनस्वरूप 15 लाख रुपए मिलेंगे। उस राशि को अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने, नए उपकरण खरीदने या अन्य जरूरी सुविधाओं को पूरा करने के लिए खर्च किया जा सकेगा। अधिकारियों की मानें, तो इस समय अस्पताल में सौंदर्यीकरण संबंधी कामकाज चल रहा है। इसके पूरा होते ही केंद्रीय टीम को आवेदन किया जाएगा।
हरियाणा के नारनौल में नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव दताल में राजस्थान सीमा से सटे खेतों में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। तेंदुआ रात के समय खेतों के बीच से गुजरता हुआ देखा गया, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने तुरंत गांव के सरपंच को दी। घटना के बाद से लोग अपने पशुओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। गांव दताल के सरपंच जिले सिंह ने बताया कि तेंदुआ गांव के अंदर नहीं, बल्कि राजस्थान की सीमा की ओर स्थित खेतों में दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा हुआ है, इसलिए वहां से वन्य जीवों का आना-जाना संभव है। सरपंच ने इस संबंध में पंचायत समिति चेयरमैन प्रतिनिधि कर्मपाल को सूचना दी, जिन्होंने आगे प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी है। ग्रामीणों को आए फोन सरपंच ने बताया कि उन्हें कुछ ग्रामीणों के फोन आए थे, जिनमें खेतों में तेंदुआ दिखने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह बॉर्डर से लगा हुआ है, ऐसे में तेंदुआ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि किसी आधिकारिक वीडियो की जानकारी उन्हें नहीं है। खेतों में घूमता दिखा ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ रात के समय खेतों के बीच घूमता दिखाई दिया। जब कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की तो तेंदुआ भाग खड़ा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों में डर और बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि तेंदुआ उनके मवेशियों पर हमला कर सकता है, क्योंकि पहले भी इस इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी देखी जा चुकी है। पहले भी दिख चुका गौरतलब है कि इससे पहले भी नांगल चौधरी और आसपास के इलाकों में तेंदुआ दिखने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वन्य जीवों की आवाजाही के कारण ग्रामीणों को रात में खेतों की ओर जाने में डर लग रहा है। पकड़ने की मांग की ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि कर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी तरह की जान-माल की हानि न हो। प्रशासन और वन विभाग से भी इलाके में गश्त बढ़ाने और लोगों को सतर्क करने की अपील की गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इससे न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली मजबूत होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा, राजस्व और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक के पद सृजित कैबिनेट ने प्रदेश में 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक के नए पद बनाने को मंजूरी दी है। इसके लिए सेवा नियमावली में जरूरी संशोधन भी कर दिया गया है। नियम लागू होते ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे फील्ड में जांच और प्रवर्तन कार्य मजबूत होगा। संरचना मजबूत, नए परिक्षेत्र भी बने परिवहन विभाग में पहले से सृजित अलग-अलग पदों को कानूनी मान्यता देने के लिए सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी मिली है। इसके साथ ही विभाग के छह परिक्षेत्रों की संख्या बढ़ाकर नौ की जाएगी। नए परिक्षेत्र गोरखपुर, बुंदेलखंड (झांसी) और अयोध्या में बनाए जाएंगे। इससे काम की निगरानी और क्रियान्वयन बेहतर होगा। टैक्स ढांचे में बदलाव, राजस्व बढ़ाने की तैयारी हल्के व्यावसायिक वाहनों, मोटर कैब, मैक्सी कैब, हल्के माल वाहनों और निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर एकमुश्त कर व्यवस्था लागू करने के लिए नई अधिसूचना जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स वसूली आसान होगी और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को 100% छूट प्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट देने को भी कैबिनेट से मंजूरी मिली है। यह छूट नीति के चौथे और पांचवें वर्ष में खरीदे और पंजीकृत वाहनों पर लागू होगी। चार सेवाएं होंगी पूरी तरह फेसलेस जनता की सुविधा के लिए परिवहन विभाग की चार सेवाएं अब बिना दफ्तर गए ऑनलाइन मिलेंगी। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलना, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति, पंजीकरण नंबर रिटेंशन और गैर-उपयोग सूचना परमिट शामिल हैं। इसके लिए मोटरयान नियमावली में संशोधन कर दिया गया है।
दिल की बीमारी अब मासूमों पर भारी
कभी बुजुर्गों तक सीमित मानी जाने वाली हृदय रोगों की समस्या अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के हार्ट हॉस्पिटल की वर्ष 2025 की रिपोर्ट चिंताजनक है। सबसे चौंकाने वाले आंकड़े 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से जुड़े हैं। वर्ष के शुरुआती 11 महीनों में ही 66 बच्चों को हृदय रोग व दिल की गंभीर बीमारियों के चलते अस्पताल में भर्ती कर उपचार देना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में सभी आयु वर्गों में दिल के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। इस दौरान कार्डियोलॉजी विभाग में अकेले एक महीने में 495 मरीज भर्ती हुए। हार्ट हॉस्पिटल के सीनियर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि बच्चों में हार्ट वाल्व की खराबी (रुमेटिक हार्ट डिजीज), हृदय के ऊपर पानी जमा होना, हृदय की ताकत कमजोर होना (कार्डियोमायोपैथी) और दिल में छेद जैसी जन्मजात बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि माता-पिता में से किसी एक को दिल में छेद की समस्या हो या बच्चा सिंड्रोमिक हो तो यह बीमारी बच्चों में भी पाई जाती है। कई मामलों में यह अनुवांशिक भी होती है। डॉ. शर्मा ने बच्चों के खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताते हुए कहा कि संतुलित आहार से संक्रमण को रोका जा सकता है। बच्चों की दिनचर्या आउटडोर खेलों और स्वास्थ्यवर्द्धक गतिविधियों से जुड़ी होनी चाहिए। शहरी जीवनशैली में ज्यादा खतरा : शहर में युवा घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। पैदल चलना और शारीरिक मेहनत कम होती जा रही है। लिफ्ट, वाहन और स्क्रीन-आधारित जीवन आम है। इससे मोटापा, हाई बीपी और शुगर बढ़ते हैं, जो दिल के सबसे बड़े दुश्मन हैं। 32 बच्चों को सर्जरी व जटिल उपचार की जरूरत पड़ी युवाओं का दिल भी खतरे में : 2,486 मामले रिपोर्ट केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। 19 से 59 वर्ष के वर्किंग क्लास युवाओं और प्रौढ़ों की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। इस आयु वर्ग में कार्डियोलॉजी विभाग में 2,144 और थोरेसिक विभाग में कुल 342 मरीज भर्ती हुए। यानी कुल 2,486 युवाओं को दिल की बीमारियों के कारण अस्पताल पहुंचना पड़ा। यह आंकड़े इस आयु वर्ग में बढ़ते तनाव और बदलती जीवनशैली की ओर साफ संकेत करता है। वहीं, 60 से 91 वर्ष के आयु वर्ग में एक साल में 2,459 मरीज भर्ती हुए। जनवरी 2025 से नवंबर 2025 के बीच हार्ट हॉस्पिटल में कुल 5,177 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। समय पर जांच से बच सकता है बच्चों का भविष्य शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन बताते हैं कि 18 वर्ष तक के बच्चों में हृदय रोग अत्यंत खतरनाक होते हैं, क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर सीधा असर पड़ता है। बच्चों में सांस फूलना, नाखूनों में नीलापन, वजन न बढ़ना और जल्दी थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच बेहद जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को नियमित अल्ट्रासाउंड और फीटल इको कराना चाहिए। बच्चों में बार-बार होने वाले गले के संक्रमण का तुरंत इलाज जरूरी है, ताकि हृदय के वाल्व खराब न हों। डॉ. सुमन ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को जंक फूड और मोबाइल की लत से दूर रखें। शारीरिक खेलकूद और संतुलित पोषण के लिए प्रेरित करें। समय पर पहचान और सतर्कता ही मासूमों को गंभीर सर्जरी और बड़े जोखिम से बचा सकती है।
धार जिले के राजगढ़ स्थित मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पर 2 फरवरी को पहली बार बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की एक दिवसीय कथा और प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मुंबई निवासी घमंडीराम गोवाणी और अंकीबाई घमंडीराम गोवाणी की पुण्यतिथि के अवसर पर लाभार्थी परिवार 'कमला अंकीबाई घमंडीराम गोवाणी ट्रस्ट' द्वारा आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। गुरुवार को धार एसपी मयंक अवस्थी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और अन्य तैयारियों का जायजा लिया। यह कार्यक्रम मोहनखेड़ा तीर्थ की 108 धर्मशाला के पीछे संपन्न होगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर कथा पंडाल बनाया जा रहा है, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस एक दिवसीय कथा और प्रवचन कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल भी शिरकत करेंगी। इसके अलावा, कार्यक्रम में देश और प्रदेश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है। एसपी ने हेलीपैड और पार्किंग व्यवस्था परखी गुरुवार को धार एसपी मयंक अवस्थी ने मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचकर आयोजन की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने कथा पंडाल, भोजनशाला, हेलीपैड और श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया, ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने लाभार्थी परिवार के रमेश गोवाणी से विस्तृत चर्चा की और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के आगमन के मद्देनजर हेलीपैड पर साफ-सफाई और बैरिकेडिंग का काम भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद तैयारियों का जायजा लेने के दौरान एएसपी विजय डावर, पारुल बेलापुरकर, आरआई पुरुषोत्तम बिश्नोई, एसडीएम सलोनी अग्रवाल, एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार, राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार, तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल जैन और प्रबंधक अर्जुन प्रसाद मेहता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करने वाली हैं, लेकिन इससे पहले राज्यों की उम्मीदों और मांगों का दौर तेज हो गया है। लगभग साढ़े चार लाख करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ तले दबी मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार के सामने अपनी वित्तीय जरूरतों की एक लंबी सूची रखी है। इसमें सबसे प्रमुख मांग 2028 में उज्जैन में होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ के लिए 20,000 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज है। इसके साथ ही राज्य ने अपनी कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने और जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के हजारों करोड़ के बकाया को चुकाने की गुहार भी लगाई है। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य की जरूरतों का एक विस्तृत ड्राफ्ट सौंपा। यह ड्राफ्ट न केवल राज्य की वित्तीय चुनौतियों को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए उसकी विकास योजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। 16वें वित्त आयोग से बंधी उम्मीदेंमध्य प्रदेश की वित्तीय उम्मीदें काफी हद तक 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। वर्तमान में केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 7.85% है, जिससे प्रदेश को लगभग 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपए मिलते हैं। राज्य सरकार ने अपनी बढ़ती जरूरतों और भौगोलिक विस्तार का हवाला देते हुए इस हिस्सेदारी में 10% बढ़ोतरी की मांग की है। अगर केंद्र इस मांग को स्वीकार करता है तो मध्य प्रदेश को केंद्रीय करों से लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सिंहस्थ की तैयारी: 20 हजार करोड़ की दरकार2028 में उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और राज्य के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसकी तैयारियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र से 20,000 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की मांग की है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के मुताबिक राज्य सरकार ने उज्जैन और उसके आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, घाटों, पुल-पुलिया, अस्पतालों और यात्रियों के लिए ठहरने के स्थलों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू कर दिया है। वर्तमान में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक के बुनियादी ढांचे के काम स्वीकृत किए जा चुके हैं और वे प्रगति पर हैं। सरकार का तर्क है कि सिंहस्थ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। उन्हें विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना आवश्यक है। कर्ज का बढ़ता बोझ और सीमा बढ़ाने की गुहारमध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति कर्ज के बढ़ते बोझ से जूझ रही है। 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक, यानी केवल 9 महीनों में मोहन सरकार 53,100 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। राज्य पर कुल कर्ज का आंकड़ा साढ़े चार लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। इस स्थिति के बावजूद सरकार ने केंद्र से कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने की मांग की है। इसके पीछे एक तकनीकी कारण भी है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर मध्य प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 16 लाख 94 हजार करोड़ रुपए है, लेकिन केंद्र सरकार कर्ज की सीमा की गणना के लिए GSDP का आकलन 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए पर कर रही है। इस अंतर के कारण राज्य अपनी क्षमता के अनुसार कर्ज नहीं ले पा रहा है। बढ़ते कर्ज पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने पहले भी स्पष्ट किया था कि यह पैसा पूंजीगत व्यय, यानी सड़कों, बांधों और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण पर खर्च हो रहा है। उन्होंने इसे कर्ज नहीं, बल्कि भविष्य के लिए निवेश बताया था। केंद्र से योजनाओं का बकाया चुकाने का भी आग्रहजल जीवन मिशन: इस योजना में केंद्र और राज्य 50-50% की हिस्सेदारी पर काम करते हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को बताया है कि उसने अपने हिस्से का पैसा खर्च कर दिया है और केंद्र से राशि मिलने की उम्मीद में अपने खजाने से भी अतिरिक्त भुगतान किया है। 2024-25 में केंद्र के हिस्से के 4,370 करोड़ और 2025-26 में 3,750 करोड़ रुपए केंद्र पर बकाया हैं। कुल मिलाकर केंद्र को 8,120 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान करना है। आदिवासी छात्रों की स्कॉलरशिप: इसी तरह जनजातीय छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम में भी केंद्र पर 2018-19 से लेकर 2024-25 तक 564 करोड़ रुपए बकाया हैं। राज्य सरकार यह स्कॉलरशिप छात्रों को अपने खजाने से दे चुकी है। अब केंद्र से इस राशि के भुगतान का इंतजार कर रही है। भविष्य की योजनाएं: ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंटवित्त मंत्री देवड़ा ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास, ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे पर्यावरण-अनुकूल प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष प्रोत्साहन (स्पेशल इंसेंटिव) की मांग की है। इसके अलावा कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को बढ़ावा देने के लिए वाइबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का भी आग्रह किया है, ताकि निजी क्षेत्र को इन परियोजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। नई वित्तीय रणनीति: रोलिंग बजट की तैयारीमप्र सरकार इस बार एक नई वित्तीय रणनीति पर काम कर रही है। 2025-26 का बजट जीरो-बेस्ड बजट होगा, जिसमें हर योजना की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी दो वर्षों के लिए रोलिंग बजट का अनुमान भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभागों से न केवल इस वित्तीय वर्ष, बल्कि आने वाले दो सालों की जरूरतों का भी वित्तीय प्लान मांगा गया है, ताकि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं। यह देखने के लिए कि केंद्र सरकार मध्य प्रदेश की इन महत्वपूर्ण मांगों पर कितनी मेहरबान होती है।
गोरखपुर में सीवरेज व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन 2.o (अमृत-2.0) के अंतर्गत महानगर को यह बड़ी सौगात मिली है। इसपर लगभग 721 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत आएगी। गुरुवार को कैबिनेट ने गोरखपुर मे सीवरेज योजना जोन ए 3 से जुड़ी 721 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे महानगर के 17 वार्डों को फायदा होगा। यह परियोजना नगर निगम क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। परियोजना से 17 वार्डों की 1.95 लाख से अधिक आबादी को सीवेज सुविधा का लाभ मिलेगा। इस फैसले को शहरी आधारभूत संरचना को व्यवस्थित व टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस स्वीकृत लागत में जीएसटी व सेंटेज की रकम भी शामिल है। सेंटेज की पूरी धनराशि वहन करेगी राज्य सरकारनगर निगम गोरखपुर की इस परियोजना की कुल अनुमोदित लागत 721.40 करोड़ रुपये है, जिसमें 27.28 करोड़ रुपये सेंटेज शामिल है। परियोजना की लागत में भारत सरकार का अंश 231.35 करोड़ रुपये, राज्य सरकार का अंश 435.00 करोड़ रुपये तथा निकाय का अंश 27.76 करोड़ रुपये निर्धारित है। सेंटेज की समस्त धनराशि का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। केंद्र और राज्य की साझेदारी से इस नगरीय विकास योजना को गति मिलेगी, जो एक अनुकरणीय उदाहरण है। 1.95 लाख लोगों को मिलेगा सीध लाभपरियोजना के क्रियान्वयन के बाद नगर निगम क्षेत्र के 17 वार्डों से निकलने वाले सीवेज का शोधित निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए 43,604 गृह संयोजनों के माध्यम से 1,95,947 जनसंख्या को सीधा लाभ मिलेगा। यह योजना शहर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर शहरी जीवन स्तर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सपा सांसद मोईद खान को बचा रहे हैं, मुझे लगता है कि टेस्ट रिपोर्ट भी बदलवा दी गई है। जो कुछ भी मेरी बेटी के साथ हुआ, उसको कैसे भूल जाएं। ये कहना है रेप पीड़िता की मां का। उनकी बेटी के साथ 29 जुलाई, 2024 को रेप हुआ था। आरोप लगा था सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर। पाक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने इस मामले में मोईद खान को बरी कर दिया है। कोर्ट ने उसके नौकर राजू खान को दोषी माना और 20 साल की सजा सुना दी है। मगर फिलहाल मोईद खान जेल से बाहर नहीं आएंगे, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस भी दर्ज है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने रेप पीड़िता के परिवार का दर्द समझा। पढ़िए रिपोर्ट… भास्कर टीम अयोध्या के भदरसा इलाके में रहने वाली रेप पीड़िता के घर पहुंची। गेट पर सन्नाटा था, सामने के खंभे पर CCTV लगे थे। जिनकी रोशनी ध्यान खींच रही थी। घर के अंदर रेप पीड़िता, उनकी मां और भाई मिले। मां ने दुखी मन से हमसे बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल : क्या आपकी तरफ से पैरवी ठीक नहीं हुई है?जवाब : मोईद खान ने गलत काम किया, ये सब जानते हैं। न जाने कैसे कोर्ट उसे छोड़ रही है। हम लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, हमारी तरफ से पैरवी ही नहीं हो पाई है। पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की, वरना मोईद को छोड़ा नहीं जाता। ये सही नहीं हुआ है, हमारी सुनवाई ठीक से नहीं हुई। सवाल : राजू खान को 20 साल की कैद और 50 हजार जुर्माना सुनाया गया?जवाब : उसको (राजू) 20 साल की सजा नहीं, फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी है, उसका घर भी टूटना चाहिए। अब हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे। सवाल : मोईद खान के छूटने पर क्या आप पर खतरा रहेगा? जवाब : जब ये लोग जेल में थे, तब भी हम लोग डरे हुए थे। अब जबसे सुना है कि मोईद खान को छोड़ा जा रहा है, खतरा बढ़ गया है। जब बेटी का रेप हुआ, तब से घर के अंदर ही रहे, मगर कब तक रहेंगे। अब तो बाहर निकलना दूभर हो जाएगा। हम सुरक्षा की मांग करते हैं, पुलिस पहले आती थी, मगर अब कोई नहीं आता है। हमारे घर के बाहर 2 सीसीटीवी लगे हैं, जोकि पुलिस ने लगवाए हैं, उन्हीं से निगरानी करते हैं। सवाल : DNA रिपोर्ट में मोईद खान को क्लिन चिट मिली है?जवाब : DNA टेस्ट से हम लोग संतुष्ट नहीं हैं। कुछ तो गड़बड़ हुआ है। ये जो सांसद हैं, ये मोईद खान को बचा रहे हैं, इसलिए हमारी सुनवाई नहीं हो पा रही है। टेस्ट रिपोर्ट बदलवाई गई है, मेरी बेटी के साथ जो कुछ भी हुआ है, वो हम कैसे भूल जाएं। राजू का DNA भी मैच हुआ29 जुलाई, 2024 को अयोध्या के भदरसा इलाके में 12 साल की लड़की ने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। लड़की उस वक्त प्रेग्नेंट थी। इसमें मोईद खान और उनके नौकर राजू खान को आरोपी बनाया गया था। FIR दर्ज होने के बाद अगले दिन मोईद और राजू को अरेस्ट कर लिया गया था। बाद में, कोर्ट के आदेश पर 7 अगस्त, 2024 को नाबालिग रेप सर्वाइवर का गर्भपात लखनऊ के क्वीन मेरी अस्पताल में हुआ था। पीड़िता का आरोप था कि वह राजू खान के साथ काम करती थी, करीब ढाई महीने पहले राजू ने उसे मोईद से मिलवाया था। थाने में दर्ज शिकायत में उसने दावा किया था कि मोईद ने अपने नौकर के साथ मिलकर उसका रेप किया। इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो के जरिए डरा-धमकाकर करीब ढाई महीने तक मोईद और राजू उसका यौन शोषण करते रहे। अब कोर्ट में मोईद निर्दोष साबित हुए हैं, जबकि उसके नौकर राजू को कोर्ट ने घटना में शामिल पाया है। राजू का DNA भी भ्रूण के DNA से मैच हुआ था। यूपी सरकार ने चलाया था बुलडोजरइस घटना के बाद प्रशासन ने मोईद की बेकरी और शॉपिंग मॉल को गिरा दिया था। उस वक्त अयोध्या के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने कहा था- मोईद खान की बेकरी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए एक्शन हुआ है। CM योगी ने विधानसभा में बयान देते हुए मोईद खान के सपा से जुड़े होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था- अयोध्या में मोईद, जो समाजवादी पार्टी का नेता है, अयोध्या में सांसद की टीम का सदस्य है, 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म में शामिल पाया गया है। मुख्यमंत्री ने मुकदमा दर्ज होने के बाद रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोईद और राजू के DNA टेस्ट करवाने की मांग की थी। मोईद को कोर्ट में 4 पाइंट पर फायदा मिलामोईद का बचाव करने वाले अधिवक्ता सईद खान ने एक मीडिया चैनल को बयान दिया कि DNA टेस्ट के नतीजे इस फैसले में सबसे अहम रहे। कोर्ट ने मोईद को निर्दोष माना है और ‘बाइज़्ज़त बरी’ किया है।1. अदालत के आदेश पर भ्रूण का DNA टेस्ट हुआ था, जो मोईद के DNA से मैच नहीं हुआ। 2. अभियोजन पक्ष ये साबित भी नहीं कर सका कि घटना कहां हुई थी। अभियोजन पक्ष ने रेप पीड़िता के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए थे।3. घटना के दौरान वीडियो बनाए जाने का दावा भी किया गया था, लेकिन कोई वीडियो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया।4. पुलिस की तफ्तीश में घटनास्थल को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जांच में घटना के बेकरी के बाहर एक पेड़ के नीचे और बेकरी के भीतर होने का अलग-अलग दावा किया गया था। मीडिया से बात करते हुए विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा- इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हम आगे भी केस लड़ेंगे। .................... ये भी पढ़ें: भदरसा रेपकांड में राजू खान को 20 साल की सजा:सपा नेता मोईद खान बरी, अयोध्या में प्रशासन ने बुलडोजर से कॉम्पलेक्स ढहाया था अयोध्या के चर्चित गैंगरेप केस में कोर्ट ने सपा नेता मोईद खान को कोर्ट ने बरी कर दिया। उनके नौकर राजू खान को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। ये फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने पूरे मामले में डीएनए टेस्ट को आधार बनाया है। इससे पहले 14 जनवरी को मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी। पढ़िए पूरी खबर…
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज माघ मेले से काशी आ चुके हैं। हालांकि उनमें अभी भी सरकार के प्रति गुस्सा है। अब वे डिप्टी सीएम केशव से भी नाराज हैं। शंकराचार्य ने केशव को समझदार और सीएम पद के लिए उपयुक्त बताया था। अब उन्हें विवेकहीन बता रहे हैं। VIDEO में देखिए प्रयागराज में शंकराचार्य के 11 दिन कैसे बीते…
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नमस्कार, कल की बड़ी खबर महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के अंतिम संस्कार से जुड़ी रही। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। दूसरी बड़ी खबर UGC के नए नियमों पर रोक लगने को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अजित के सुरक्षाकर्मी का अंतिम संस्कार; पत्नी महाराष्ट्र की डिप्टी CM बन सकती हैं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित परवार का बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। वहीं, प्लेन की को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक का दिल्ली में और क्रू मेंबर पिंकी माली का मुंबई के ठाणे में अंतिम संस्कार किया गया। अजित की पत्नी डिप्टी CM बन सकती हैं: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाया जा सकता है। वे अब अजित पवार की बारामती सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। सुनेत्रा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। पढ़ें पूरी खबर... 2. UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कोर्ट बोला- इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही फिर से ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे फैसले हमें पीछे लेकर जा रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। देशभर में प्रदर्शन हो रहा था: UGC ने 13 जनवरी को नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसके बाद से ही जनरल कैटेगरी के लोग इसका विरोध करने लगे। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया गया कि नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं और इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- देश में तानाशाही काबिज है, भाजपा सनातन को कमजोर कर रही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि देश में तानाशाही काबिज हो चुकी है और इस सरकार में अब किसी को न्याय की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में संतों के साथ मारपीट की गई और इसका वीडियो पूरे देश ने देखा। लेकिन यूपी सरकार ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ये भाजपा सरकार हिंदुओं की हितैषी बनती हैं, लेकिन सनातन का सबसे ज्यादा नुकसान यही कर रही है। उन्होंने आगे कहा;- शंकराचार्य स्वयं सनातनी हैं, तो उनका अपमान सीधे-सीधे सनातन का अपमान है। यदि सरकार अहंकार त्यागकर समय रहते अपनी भूल सुधार लेती, तो यह स्थिति ही नहीं होती। निश्चलानंद बोले- तामझाम के कारण रोके गए अविमुक्तेश्वरानंद: MP में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि प्रयागराज में संतों को ऐसे मारा गया, जैसे वो आतंकवादी हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि उन्हें तामझाम और अव्यवस्था के कारण रोका गया था। पढ़ें पूरी खबर... 4. UP के 7 हिंदूवादी युवाओं को मारना चाहते आतंकी, रामपुर का दर्जी कहता था- इनका कत्ल दुनिया देखेगी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन यूपी के 7 हिंदूवादी लड़कों को मारना चाहते हैं। यह खुलासा रामपुर के फैजान शेख (19 साल) ने किया है। फैजान इस समय गुजरात ATS की गिरफ्त में है। उसे 25 जनवरी को ATS ने नवसारी के चारपुल इलाके से पकड़ा था। फैजान शेख पेशे से दर्जी है, लेकिन उसके मंसूबे बेहद खतरनाक निकले। उसने इस्लाम और पैगंबर के खिलाफ बयान देने वाले लोगों को मारने का प्लान बनाया था। उसने सात लोगों की एक लिस्ट बनाई थी, जो ATS को मिल गई है। पढ़ें पूरी खबर… 5. चांदी ₹21,721 बढ़कर ₹3.79 लाख प्रति किलो पहुंची, सोना भी एक दिन में ₹10,705 महंगा चांदी-सोने के दाम लगातार चौथे दिन ऑल टाइम हाई पर हैं। एक किलो चांदी 21,721 रुपए बढ़कर 3,79,988 पर पहुंच गई। चार दिन में इसकी कीमत 62,283 रुपए बढ़ी है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 10,705 रुपए बढ़कर 1,75,340 रुपए पर पहुंच गई। चार दिन में यह 21,030 महंगा हो चुका है। चांदी में तेजी के 3 अहम कारण इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है। ट्रंप का टैरिफ डर: अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं। मैन्युफैक्चरर में होड़: प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी। पढ़ें पूरी खबर... 6. देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, 56.2 करोड़ लोगों के पास रोजगार का दावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। इसमें अगले वित्त वर्ष (FY27) में GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान जताया गया। सर्वे के मुताबिक, अप्रैल-जून 2025 में 56.2 करोड़ लोग रोजगार में थे और करीब 8.7 लाख नई नौकरियां बनीं। खेती में 3.1% ग्रोथ का अनुमान है। विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 701 बिलियन डॉलर हुआ और FY25 में एक्सपोर्ट 825.3 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर रहा। 1950-51 में पेश हुआ था पहला सर्वे: देश का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1951 में पेश किया गया है। तब यह केंद्रीय बजट का ही एक हिस्सा था। 1964 के बाद से इसे बजट से अलग कर दिया गया। तब से बजट डे से एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश होता है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... MP में सड़क किनारे सोना लूटने की होड़ MP के खजुराहो में राजगढ़ पैलेस में निर्माण के दौरान 500 साल पुराने सोने के सिक्के मिले हैं। खजाने की खबर मिलते ही सैकड़ो लोगों ने सड़क किनारे खुदाई शुरू कर दी। हालांकि, प्रशासन को अब तक कोई सिक्के नहीं मिले हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों की प्रॉपर्टी से जुड़ी रुकी बात आगे बढ़ सकती है। तुला राशि के लोगों को रुका पैसा वापस मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
मथुरा में 5 लड़कियां महिला आश्रय सदन से भाग निकलीं। दिन चुना 26 जनवरी, जब पूरा स्टाफ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम से थक चुका था। रात में 10 बजे लड़कियां सदन की छत पर पहुंचीं। यहां से दुपट्टे और कंबल की रस्सी बनाकर 35 फीट ऊंची दीवार से नीचे उतर गईं। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, महावन लोकेशन से 4 लड़कियों को पकड़कर वापस आश्रम सदन में पहुंचा दिया। वहीं, नोहझील की रहने वाली एक लड़की 28 जनवरी को अपने घर से बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली, आगरा की 2 लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड से मिलने के लिए भागी थीं। इन लड़कों पर उनसे रेप करने की FIR दर्ज करवाई गई थी। जबकि, 3 लड़कियां अपने परिवार से परेशान थी। इसलिए दोनों लड़कियों की मदद करते हुए भाग निकलीं। आगरा वाली लड़की ने जब अपने बॉयफ्रेंड को कॉल की, तो उसने घबराकर वकील के जरिए पुलिस को अपनी गर्लफ्रेंड की लोकेशन भेज दी। ये लड़कियां भागने से लेकर वापस कैसे आश्रय सदन तक पहुंची? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर चैतन्य विहार के महिला आश्रय सदन पहुंचा। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… बॉयफ्रेंड से मिलने के लिए भागी 2 लड़कियों की कहानी बॉयफ्रेंड पर रेप की FIR, बरामद हुईं तो जान को खतरा जतायाचैतन्य विहार वृंदावन के पॉश इलाकों में शामिल है। यहां फ्लाईओवर के पास महिला आश्रय सदन बना हुआ है। इसकी पूरी व्यवस्थाएं महिला एवं बाल कल्याण विभाग संभालता है। 8 महीने पहले इसी कैंपस में बालिका संरक्षण गृह भी शिफ्ट कर दिया गया। इसमें पॉक्सो एक्ट की पीड़िताएं, घर से गायब हुई लड़कियों को मिलने के बाद रखा जाता है। अधिकारियों से बातचीत के बाद सामने आया कि इस वक्त मथुरा, वृंदावन और आसपास के जिलों की 93 लड़कियां आश्रय सदन में रह रही थीं। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 17 साल के बीच हैं। इसी आश्रय सदन में आगरा और दिल्ली की 2 लड़कियां भी मौजूद थीं। दोनों के परिवार ने उनके बॉयफ्रेंड के खिलाफ घर से भगाने और रेप का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि लड़के हमारी बच्चियों को गुमराह करके भगा ले गए। फिर उनके साथ रेप किया। दरअसल, इन लड़कियों का लव अफेयर था। लड़कियां घर छोड़कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागी थीं। परिवार में पिता और भाइयों ने बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए उनके खिलाफ रेप की FIR दर्ज करवा दी थी। लड़कियों को जब पुलिस ने बरामद किया, तब उन्होंने अपने परिवार के साथ जाने से इनकार किया। चूंकि, वो नाबालिग थीं, उन्होंने अपनी जान का खतरा जताया था। इसलिए उन्हें आश्रय सदन में रखा गया। स्टाफ की मदद के बहाने चाबी चुराईआगरा और दिल्ली की दोनों लड़कियों को मथुरा के आश्रय सदन लाया गया। लड़कियों की लव स्टोरी एक जैसी थी। दोनों एक ही कॉमन रूम में रहने लगी। इसी बीच उनकी जल्दी दोस्ती हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को अपनी कहानी सुनाई। लड़कियों ने 20 जनवरी को प्लान किया कि हमें इस कैद से भागना होगा। उन्हें चिंता थी कि न जाने उनके बॉयफ्रेंड और उनके परिवार के लोग किस हाल में होंगे? वह उनसे मिलना चाहती थीं। लड़कियों ने पहले आश्रय सदन की पूरी बिल्डिंग के स्ट्रक्चर को समझा। उन्हें कोई कमजोर कड़ी नहीं मिली। दीवारें काफी ऊंची थीं। हर जगह CCTV लगे थे। लड़कियां समझ गईं कि छत पर जाने के बाद 35 फीट की ऊंचाई से बाहर कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। लेकिन छत तक जाने के लिए जो सीढ़ियां थीं, उस गेट पर लॉक लगा रहता था। लड़कियों को ये समझ आ गया कि अगर भागना है, तो उन्हें इस लॉक की चाबी चाहिए होगी। उन्होंने पहले आश्रय सदन के स्टाफ के काम में हाथ बंटाने के बहाने सीढ़ियों के गेट की चाबी चोरी की। इसके बाद 1 दिन का इंतजार किया। लड़कियों का प्लान 3 और लड़कियों तक लीक हुआलड़कियों के भागने की प्लानिंग उनके साथ रहने वाली 3 और लड़कियों को पता चल गई। वो तीनों पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग मामलों में आश्रय सदन लाई गईं थीं। इस तरह से 25 जनवरी तक भागने वाली लड़कियों की संख्या 5 तक पहुंच गई। सभी लड़कियों ने मिलकर प्लान किया कि 26 जनवरी का दिन भागने के लिए सबसे अच्छा रहेगा। क्योंकि, गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में दिनभर अधिकारी और कर्मचारी बिजी रहेंगे। रात 10 बजे जब सभी लोग खाना खाकर सोने चले गए। तब लड़कियां अपने-अपने कमरे से बाहर आईं। सीढ़ियों का लॉक खोलने के बाद वे सदन की छत पर पहुंचीं। सभी अपने साथ दुपट्टे और कंबल लेकर आई थीं। उन्होंने छत पर बैठकर इनको आपस में बांधकर एक रस्सी जैसी तैयार की। फिर उसे पानी की टंकी के पाइप से बांधकर धीरे-धीरे नीचे उतरने लगीं। हालांकि, रस्सी छोटी पड़ने से पांचों को 15 फीट ऊंचाई से नीचे कूदना पड़ा। इस दौरान दिल्ली की लड़की के पैर में चोट लग गई। अब सदन से भागने के बाद की कहानी लॉन्ज से बॉयफ्रेंड को कॉल किया, 1 का बॉयफ्रेंड घबराया आगरा और दिल्ली की लड़कियों ने पुलिस को बताया कि हम लोग खुद को संभालते हुए बचते बचाते एक लॉन्ज तक पहुंचे। यहां हमने चोट का बहाना किया। फिर एक व्यक्ति के मोबाइल से अपने-अपने बॉयफ्रेंड को कॉल की। उन्हें बताया कि हम मिलने के लिए आश्रय सदन से भाग चुके हैं। 3 लड़कियां भागकर घर गईं, वहीं से पकड़ी गईं बाकी 3 लड़कियां, जो मदद करने के बहाने आश्रय सदन से भागी थीं। वह भी अपने-अपने घरों में मिल गईं। इनमें एक लड़की की मां नहीं है, पिता जेल में हैं। जेल से पैरोल पर बाहर आने पर पिता ने अपनी बहन के देवर पर लड़की को भगाने का आरोप लगाया था। इसके बाद लड़की मिलने पर उसे आश्रय सदन में भेजा गया था। दूसरी लड़की का अपनी मौसी के लड़के से अफेयर हो गया। इस मामले में उस लड़की की मां और भाई विरोध कर रहे थे। जबकि, उसके भाई ने भी लव मैरिज की थी। इस मामले में जब लड़की बरामद हुई, तो मां ने थाने में कह दिया कि अब हमारा इससे कोई वास्ता नहीं, इसलिए उसे सदन भेजा गया था। लॉबी के CCTV में दिखीं, फिर नजर नहीं आईं लड़कियां 27 जनवरी की सुबह आश्रय सदन के स्टाफ को 5 लड़कियों के गायब होने का पता चला। सदन की अधीक्षिक गायत्री मिश्रा ने एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों और पुलिस को जानकारी दी। SSP श्लोक कुमार सदन पहुंचे। पुलिस ने CCTV देखे, लड़कियां लॉबी में लगे कैमरों में नजर आईं। लेकिन वे सभी जिस स्पॉट से भागीं थीं, वहां CCTV नहीं लगे थे। इसी वजह से शुरुआत में ढूंढने में दिक्कत आई। पुलिस लड़कियों को आश्रय सदन के आसपास के छोटे होटल और लॉन्ज में तलाशती रही। एक लॉन्ज से पता चला कि उस रात 2 लड़कियां वहां आई थीं। एक के पैर में चोट लगी हुई थी। उसने कहा था कि मुझे एक गाड़ी ने टक्कर मार दी। इसके बाद वह मंगलवार को सुबह 8 बजे वहां से निकल गई। ............................ ये पढ़ें - अयोध्या जेल की दीवार तोड़कर 2 कैदी भागे:स्पेशल सेल में बंद थे, रातभर में 30 ईंट उखाड़ी; जेलर समेत 7 सस्पेंड अयोध्या जिला जेल से दो कैदी दीवार तोड़कर फरार हो गए। दोनों स्पेशल सेल में बंद थे। दोनों ने रातभर में सेल की पीछे की दीवार की 25-30 ईंटें उखाड़ीं। भागकर जेल की बाउंड्री वॉल तक गए। फिर कंबल और मफलर से रस्सी बनाकर 20 फीट ऊंची दीवार फांद गए। कैदियों के भागने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और शेर अली उर्फ रफीक अली के रूप में हुई है। गोलू अमेठी और रफीक सुलतानपुर का रहने वाला है। दोनों हत्या और रेप के आरोप में बंद थे। पढ़िए पूरी खबर...
‘7-8 साल की थी तो शरीर में चेंज शुरू हुआ। लड़का थी, लेकिन मन लड़की जैसा था। सजने-संवरने में मन लगता। समाज ने ताने मारने शुरू किए। कॉलेज पहुंची तो किसके साथ बैठूं, कुछ समझ ही नहीं आया। घर में बात करती तो कोई समझने को तैयार ही नहीं था। फिर मैंने घर-समाज सब छोड़ दिया। किन्नर समूह के साथ आ गई। पढ़ाई पूरी की। अब अपने समाज के लिए आवाज उठाती हूं।’ यह कहना है प्रयागराज के माघ मेले में आई किन्नर प्रियांशी दास का। प्रियांशी स्किन थेरेपिस्ट हैं। इस वक्त माघ मेले में साधना कर रहींं, लोगों को आशीर्वाद दे रही हैं। बड़ी संख्या में लोग उनके पास आते हैं और सेल्फी लेते हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने उनसे विस्तार से बात की। उनके अलावा कुछ और किन्नरों से बात की। सरकार की दी गई सुविधाओं और सहूलियत को समझा। जो कुछ बताया, उसे आइए जानते हैं… मैं बायोलॉजिकली लड़का, लेकिन अंदर से लड़की थीप्रयागराज में इस वक्त माघ मेला चल रहा। सेक्टर-6 में किन्नर अखाड़े का शिविर है। यहां बाकी शिविर के मुकाबले श्रद्धालुओं के पहुंचने की संख्या ज्यादा होती है। लोग किन्नर महंतों से आशीर्वाद लेना चाहते हैं। इसी अखाड़े की पहली चौकी पर प्रियांशी दास बैठी हैं। लोग उनके पास आ रहे, आशीर्वाद और सेल्फी ले रहे हैं। प्रियांशी उन्हें चावल और एक रुपए का सिक्का आशीर्वाद के रूप में देती हैं। हमने प्रियांशी से उनके जीवन पर विस्तार से बात की। वह कहती हैं- मेरा जन्म ओडिशा में हुआ था। मैं किन्नर अखाड़ा में श्रीमहंत हूं। ट्रांसजेंडर राइट्स एक्टिविस्ट हूं। पेशे से स्किन थेरेपिस्ट हूं। ओडिशा और मुंबई में काम करती हूं। जब मैं 7-8 साल की थी, उस वक्त से मेरे अंदर बदलाव आने लगा था। समझ आने लगा कि मैं लड़का नहीं हूं। ऊपर से लड़का जैसा हूं, लेकिन अंदर से लड़की हूं। मेरा दिमाग भी खुद को लड़की ही मानता था। हमेशा लड़की की तरह तैयार होती, खाना बनाने में लगी रहती, यह सब अच्छा लगने लगा था। प्रियांशी कहती हैं- स्कूल तो जैसे-तैसे बीत गया। कॉलेज पहुंची तो दिक्कत होने लगी। कैसे चलूं, कैसे बैठूं, किसके साथ बैठूं, क्या करूं, हर चीज के बारे में बहुत सोचने लगी। उस वक्त कॉलेज में रैगिंग बहुत होती थी। मेरे साथ भी रैगिंग हुई। मैंने इन चीजों को लेकर अपने घर में बात की। मैंने घर छोड़ा, किन्नर समाज ने अपना लियाप्रियांशी आगे बताती हैं- जब मुझे कोई समझने को तैयार नहीं हुआ तो मैंने घर ही छोड़ दिया। वहीं किन्नरों के एक समूह के साथ हो गई। सभी ने मुझे अच्छे तरीके से अपनाया। फिर मेरी जो पढ़ाई बची थी, उसे हमने पूरा किया। इसके बाद मैं कॉस्मेटोलॉजिस्ट बन गई। स्किन थेरेपिस्ट का काम करने लगी। यह सब मैं मुंबई में करती थी। उस वक्त किन्नर समाज में एचआईवी एड्स की बीमारी बहुत हो रही थी। मैंने अपने समाज को जागरूक करने के लिए काम शुरू कर दिया। ट्रांसजेंडर वर्ग पढ़ाई में बहुत पीछे है, उसके साथ हमेशा भेदभाव होता रहता है। इसलिए हमने एक ऑर्गनाइजेशन बनाया। किन्नर वर्ग की पढ़ाई पर काम किया। उस वक्त तक हमारे समाज में पढ़े-लिखे लोग कम थे। कोई समझने को तैयार भी नहीं था। बहुत सारा संघर्ष करना पड़ा, कोई सपोर्ट करने वाला नहीं था। बावजूद इसके काम करते रहे और फिर फायदा मिला। सरकार ने हमारे लिए ऐलान किया, कई चीजें लागू नहीं कीं15 अप्रैल, 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने किन्नर वर्ग को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार किन्नरों को स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा की सेवा मुहैया करवाए। ये समाज पिछड़ा हुआ है। इसे अब तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी जाती है। कोर्ट के इस आदेश के बाद किन्नर वर्ग में खुशी थी। क्योंकि इतने सालों बाद उन्हें उनकी पहचान मिली थी। याचिकाकर्ता किन्नर अखाड़े की प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी थीं। उनका कहना था कि मैं खुश हूं कि आज हमें महिला-पुरुष की तरह समान अधिकार दिया गया है। प्रियांशी भी कहती हैं- 2014 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चीजें बदलीं। समाज ने हम सबको स्वीकार किया। लेकिन सरकार ने जो बहुत सारी चीजें लागू की हैं, वह कहीं न कहीं पेपर पर ही हैं। आरक्षण का मामला है। सरकारी नौकरी का मामला है। हम चाहते हैं कि जो कुछ बोला गया है, उसे पूरा किया जाए। किन्नर समाज भी मुख्य धारा में आना चाहता है। बिहार में किन्नरों को आरक्षण, यूपी में भी मांगहमने किन्नरों की स्थिति को लेकर सनातन किन्नर अखाड़ा की प्रमुख महामंडलेश्वर कौशल्या गिरी से बात की। वह कहती हैं- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तो हम सबको मौलिक अधिकार मिल सका। लेकिन इसके बाद जो कुछ आदेश हुआ, उसमें कमी रह गई। बिहार में अभी पुलिस की भर्ती हुई। उसमें किन्नरों को मौका मिला और वो सिलेक्ट हुए, होमगार्ड में भी ऐसे ही हुआ। लेकिन, यूपी में ऐसा नहीं है। हमने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण जी से बात की है। उन्होंने कहा है कि हम इस मामले पर विचार करेंगे। कौशल्या गिरी कहती हैं- किन्नर समाज सबसे ज्यादा पिछड़ा समाज है। कोर्ट के आदेश के बाद हमें ओबीसी में तो शामिल कर लिया गया, लेकिन यह तय नहीं किया गया कि ओबीसी कोटे के 27% आरक्षण में हम लोगों को कितना मिलेगा? हम तो बस यही कहते हैं कि 1 फीसदी ही दें, लेकिन तय कर दें। सड़क पर हमें सबसे ज्यादा कटाक्ष झेलना पड़ता हैहमने सनातन किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना नंद गिरी से बात की। संजना महाराष्ट्र से हैं। वह पिछले 3 साल से कौशल्या गिरी के साथ रह रही हैं। कहती हैं- सरकार ने 2014 के आदेश के बाद हम सबके लिए सुविधाएं बढ़ाई हैं। हॉस्पिटल बनाया। बाथरूम में अब ट्रांसजेंडर के लिए अलग से व्यवस्था की। लेकिन, हमें वो आरक्षण चाहिए, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया है। 3 न सही 1 फीसदी ही दीजिए, क्योंकि अगर हमारे पास नौकरी होगी तो हम परेशान नहीं होंगे। संजना कहती हैं- आगे की पीढ़ी के पास पढ़ाई, नौकरी का विकल्प होगा तो वह सड़क पर नहीं उतरेगी। सड़क पर बहुत कटाक्ष झेलना पड़ता है। वह नौकरी के लिए पढ़ाई करेगी। कई राज्यों ने हमें मौका भी दिया है। बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड में हमारे लिए नियम बने हैं। तेलंगाना में तो पीएम आवास योजना के तहत हम सबको घर बनाकर दिया जा रहा। लेकिन, कई जगहों पर अभी भी काम होना बाकी है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… माघ मेले में किन्नर योनि की पूजा क्यों कर रहे, अघोरी किन्नर बोले- मां कामाख्या से कनेक्शन महाकुंभ हो या अब प्रयागराज का माघ मेला, सबसे ज्यादा भीड़ किन्नर अखाड़ा में दिखती है। इस बार किन्नर अखाड़े को तीन जगहों पर कैंप मिला। तीनों में एक बड़ी समानता है। तीनों ही जगहों पर योनि (महिलाओं का प्राइवेट पार्ट) के आकार का हवन कुंड बनाया गया है। कुंड हमेशा प्रज्जवलित रहता है। श्रद्धालु आते हैं और हाथ जोड़कर नमन करते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर
यूपी की भाजपा सरकार और संगठन में क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया है। सरकार और संगठन में प्रमुख पदों पर पूर्वांचल के काशी और गोरखपुर क्षेत्र का दबदबा बढ़ गया है। वहीं, अवध और पश्चिम क्षेत्र सबसे कमजोर हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव के चलते भाजपा को क्षेत्रीय संतुलन ठीक करना होगा। क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ा रहा तो इसका असर चुनाव नतीजों पर देखने को मिल सकता है। पढ़िए ये रिपोर्ट… हमेशा भाजपा का फोकस क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर रहता है। पार्टी की ओर से अक्सर संतुलन बैठाने की कोशिश की जाती है। लेकिन, इस बार सीएम योगी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दोनों गोरखपुर जिले के ही हैं। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी पूर्वांचल के काशी क्षेत्र से हैं। पार्टी संगठन में भी बड़ी संख्या में पदाधिकारी पूर्वांचल से ही हैं। जबकि, पश्चिम और अवध को संगठन में भी तरजीह नहीं दी गई है। एक-एक जिले से तीन-तीन पदाधिकारीभाजपा की प्रदेश टीम में एक-एक जिले से तीन-तीन पदाधिकारी हैं। पदाधिकारियों ने बड़ी चतुराई से अपना गृह जिला बदलकर अब लखनऊ कर लिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी, उपाध्यक्ष संतोष सिंह और महामंत्री सुभाष यदुवंश संतकबीर नगर जिले से हैं। वहीं, उपाध्यक्ष सलिल विश्नोई, मानवेंद्र सिंह और कमलावती सिंह और देवेश कोरी भी कानपुर जिले से ही हैं। संगठन में भी अवध और पश्चिम पीछेभाजपा की 45 सदस्यीय प्रदेश टीम में एक प्रदेश अध्यक्ष, एक महामंत्री संगठन, 7 महामंत्री, 18 उपाध्यक्ष और 16 मंत्री हैं। इनमें से 5 प्रदेश उपाध्यक्ष, 7 में से 4 महामंत्री, 5 मंत्री पूर्वांचल से ही हैं। पश्चिम से एक भी प्रदेश महामंत्री नहीं है। लेकिन, 5 उपाध्यक्ष और तीन प्रदेश मंत्री हैं। ब्रज से तीन प्रदेश मंत्री, एक महामंत्री, एक उपाध्यक्ष है। अवध से चार मंत्री, एक महामंत्री हैं, उपाध्यक्ष एक भी नहीं है। कानपुर से एक मंत्री और 4 प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, लेकिन एक भी महामंत्री नहीं हैं। नई लीडरशिप तैयार नहीं होती हैराजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र नाथ भट्ट कहते हैं- इन दिनों भाजपा में पूर्वांचल का प्रभाव ज्यादा है, जबकि अवध ने सबसे अधिक सीटें जीतकर दी हैं। क्षेत्रीय संतुलन नहीं बनाने से संगठन या सरकार में जो क्षेत्र पिछड़ा रह जाता है, वहांं नई लीडरशिप तैयार नहीं होती है। UGC की छाया दिखेगीराजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि UGC के नए नियमों पर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। लेकिन यह मुद्दा ठंडा नहीं हुआ है। आने वाले समय में भाजपा की नई टीम के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार में इसकी छाया देखने को मिलेगी। भाजपा की टीम में ब्राह्मण और ठाकुरों को पहले से कुछ ज्यादा अहमियत मिलेगी। खासतौर पर यूपी में ब्राह्मणों की नाराजगी का मुद्दा छाया हुआ है। भाजपा उसे नियंत्रित करने के लिए कुछ ब्राह्मण चेहरों को अधिक मौका दे सकती है। 2014 से पहले प्रदेश टीम में ब्राह्मण, ठाकुर और वैश्य ज्यादा जगह पाते थे। लेकिन, उसके बाद लगातार अगड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व कम होता गया। वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय कहते हैं- पूर्वांचल में भाजपा को बड़ा झटका लगा था। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा पूर्वांचल की कई सीटें हार गई थी। इसलिए पूर्वांचल में ज्यादा काम कर रही। वहां के नेताओं को ज्यादा आगे बढ़ाया जा रहा। इतनी बड़ी पार्टी है, लेकिन मंत्रिमंडल और प्रदेश टीम में लिमिटेड सीट हैं। इसलिए सभी जिलों को नेतृत्व मिलना संभव भी नहीं होता। क्षेत्रीय संतुलन बनाने की तैयारीभाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव होना है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का गठन होगा। साथ ही सभी 6 क्षेत्रों के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी बदले जाएंगे। पार्टी को क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ने का आभास हो गया है। पार्टी के नेता भी मानते हैं कि 2024 में भाजपा की हार में यह भी एक वजह रही। इसके चलते आगामी संगठनात्मक बदलाव में प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश करेगा। जिससे पदाधिकारियों की नाराजगी दूर हो। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… खतरे में BJP युवा मोर्चा नेताओं की दावेदारी, भाजपा उम्र के नए नियम ला रही, UP के ज्यादातर दावेदार 35 साल आयु से ज्यादा भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों में उम्र का पेंच फंस गया है। पार्टी 32 से 35 वर्ष की आयु के युवा को ही युवा मोर्चा की कमान सौंपने की तैयारी कर रही है। ऐसे में यूपी में युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के नेताओं की दावेदारी खतरे में पड़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर
लापता शिक्षक की सूचना देने पर ₹इनाम मिलेगा : सीबीआई
कोर्ट में पेश की गई लखीसराय थाना की दारोगा अंजलीलखीसराय जिला से गिरफ्तार भोजपुर जिला के आरा शहर निवासी महिला दरोगा अंजली कुमारी को सीबीआई ने पटना कोर्ट में गुरुवार को पेश किया। सीबीआई ने कोर्ट के समक्ष महिला दारोगा की गिरफ्तारी के कारणों, भोजपुर जिला निवासी शिक्षक कमलेश कुमार के 12.7. 2023 से लापता होने होने में संलिप्तता का उल्लेख किया। दूसरी तरफ इस कांड में सीबीआई ने लापता शिक्षक कमलेश के बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख रुपए इनाम और बाइक की सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने का घोषणा की है। इस बारे में आरा, पटना, दिल्ली, लखीसराय, गयाजी, कोलकाता, अन्य मेट्रो स्टेशनों और कई राज्यों में इनाम वाले इश्तेहार /नोटिस चिपकाए गए हैं। सीबीआई से अधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके पहले बिहार पुलिस ने कमलेश के बारे में सूचना देने पर ₹50000 का इनाम घोषित किया था। इश्तिहार सीबीआई के पटना के पुलिस अधीक्षक एवं शाखा प्रमुख कार्यालय के तरफ से जारी किया गया है। महिला दारोगा, आरा में अनाईठ मुहल्ला की निवासी है। गुरुवार को दोपहर में लखीसराय के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया, कि महिला दारोगा की गिरफ्तारी की सूचना है। लेकिन, अभी तक गिरफ्तारी के बारे में औपचारिक सूचना नहीं मिली है। लखीसराय पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने गुरुवार को कहा कि लखीसराय थाना के दारोगा अंजली कुमारी की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। दारोगा के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कम्युनिकेशन किया जा रहा है। निर्देश के अनुरूप कार्य किया जाएगा।
सम्राट ने कहा- आयोग, पुलिस और संस्थाएं बच्चों को बाल श्रम से बचाएं
बाल श्रम को खत्म करने के लिए सिर्फ खानापूर्ति न करें। क्योंकि अभी सड़क पर निकल जाएंगे तो यही से दर्जनों बाल श्रमिक मिल जाएंगे। इसलिए बाल श्रम आयोग, पुलिस और संस्थाएं बच्चों को बाल श्रम के कोढ़ से बचाने के लिए काम करें। यह बातें गुरुवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही। वे बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग की ओर से आयोजित बाल श्रम की रोकथाम, उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि बाल श्रम खत्म करने का एक ही रास्ता है ज्ञान। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार बादल ने कहा कि जब तक हर बच्चा स्कूल नहीं जाएगा, खेलेगा नहीं और सपना पूरा नहीं करेगा, तब तक विकसित भारत और उन्नत बिहार की कल्पना अधूरी रहेगी। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सचिव दीपक आनन्द, उप श्रमायुक्त (मुख्यालय) राजेश कुमार समेत कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
सीबीएसई : 12वीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच फिजिकल नहीं, अब ऑन स्क्रीन होगी
सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच इस वर्ष से ऑन स्क्रीन मार्किंग के माध्यम से होने की संभावना है। कॉपियों की जांच फिजिकल मोड के बजाय ऑन स्क्रीन मार्किंग द्वारा निर्धारित सख्त मार्किंग स्कीम के तहत शिक्षकों द्वारा की जाएगी। इसके लिए एजेंसी का चयन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया निष्पक्षता के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। शिक्षक उत्तरों को सीबीएसई द्वारा जारी मार्किंग स्कीम के आधार पर जांचेंगे। सही स्टेप्स और कीवर्ड्स पर अंक दिए जाते हैं, जिससे स्टेप-मार्किंग का लाभ मिलता है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से समय बचेगा, गलतियां कम से कम होंगी, मूल्यांकन की सटीकता बढ़ेगी और यह सिस्टम ज्यादा पारदर्शिता लाएगा। कक्षा 12वीं में यह सफल रहा तो अगले साल से 10वीं बोर्ड की परीक्षा की कॉपियों की जांच में भी लागू किया जा सकता है। क्रॉस-चेकिंग और मॉडरेशन की प्रक्रिया पहले से तेज होगी डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम के तहत परीक्षकों को आंसर शीट्स स्कैन कर कंप्यूटर की स्क्रीन पर उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षक ऑन स्क्रीन ही कॉपियों की जांच करेंगे और नंबर देंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह फैसला लिया गया है, ताकि स्टूडेंट्स रटने के बजाय समझकर जवाब दें। इस जांच प्रक्रिया से इक्वलिटी लाने में मदद करेगी, जिससे अलग-अलग शिक्षकों द्वारा एक ही उत्तर के लिए अलग-अलग अंक दिए जाने की संभावना कम होगी। क्रॉस-चेकिंग और मॉडरेशन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज हो जाएगी, जिससे रिजल्ट्स जल्द घोषित किए जा सकेंगे। स्कैन की गई कॉपियों पर मार्किंग होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को कौशल शिक्षा देना अनिवार्य सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को अब कौशल शिक्षा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह विषय विकल्प के तौर पर पढ़ाया जाता था, लेकिन अब इसे नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। कौशल शिक्षा को सही तरीके से पढ़ाने के लिए संबंधित कक्षाओं के शिक्षकों को ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल शिक्षा से बच्चों में रचनात्मक सोच, समस्या सुलझाने की क्षमता, व्यावहारिक समझ और आत्मनिर्भर बनने की योग्यता जैसे गुण विकसित होंगे, जिससे वे भविष्य में रोजगार के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।
पटना विश्वविद्यालय : वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू होंगे
पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। कॉलेज इसकी प्लानिंग कर रहा है। इसके अलावा, कई अन्य कोर्स पर भी विचार किया जा रहा है, जो कॉमर्स से जुड़ा है और कॅरियर में सहायक है। दूसरे कॉलेजों और विषयों के स्नातक छात्र भी उक्त कोर्स कर सकेंगे। वही कोर्स शुरू होंगे, जिनकी वर्तमान में मांग है। ये कोर्स छह महीने से साल भर तक के हो सकते हैं। कॉलेज की कमेटी सर्वसम्मति से जो निर्णय लेगी, उसको स्वीकृति के लिए विवि के एकेडमिक काउंसिल के पास भेजा जाएगा। नए सत्र से इन कोर्स को शुरू करने की तैयारी है। ये कोर्स दे रहे हैं कॅरियर के बेहतर विकल्प अकाउंटिंग, टैली, जीएसटी, बेसिक अकाउंटिंग, इनकम टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग/शेयर मार्केट, बैंकिंग फंडामेंटल, शेयर मार्केट (बेसिक), म्यूचुअल फंड कोर्स, कंप्यूटर अकाउंटिंग, बिजनेस/ मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग, ई-कॉमर्स सहित अन्य कोर्स को कॉलेज की कमेटी द्वारा चयन कर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स करने से कम समय में जरूरी स्किल मिलती है। इससे जल्दी नौकरी या साइड इनकम का मौका मिलता है। ये कोर्स प्रैक्टिकल होते हैं, जिससे ऑफिस, अकाउंटिंग या बिजनेस का काम आसानी से समझ में आता है।
बच्चों को खिलाने से पहले शिक्षक खुद चखेंगे भोजन
शिक्षा विभाग मध्याह्न भोजन और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सतर्क है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि बच्चों को खिलाने से पहले प्रधान शिक्षक या संबंधित शिक्षक खुद भोजन चखेंगे। जहां भोजन बनता है, वहां साफ-सफाई अनिवार्य होगी। रसोई की दीवार और फर्श की नियमित सफाई करनी होगी। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूल में छात्रों की संख्या, भोजन करने वाले बच्चों की संख्या और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति फोटो के साथ दर्ज करना होगा। इसके अलावा, जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना अवकाश स्वीकृत हुए शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहेंगे। रैंडम जांच में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। एक समय में 10 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों को अवकाश नहीं दिया जाएगा। अवकाश से पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब शिक्षक किसी भी विषय को पढ़ाने से पहले उसकी तैयारी करेंगे पाठ को रोजाना डायरी में नोट करेंगे। इस व्यवस्था को ‘पाठ-टिका’ नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षक एक दिन पहले पाठ-टिका (डायरी) तैयार करेंगे। रोजाना पढ़ाए गए विषय का संक्षिप्त विवरण डायरी में लिखेंगे।
किसानों की 50% रजिस्ट्री पर जिले को 1.5 लाख का इनाम
बिहार सरकार ने पीएम किसान सम्मान योजना से जुड़े किसानों के पंजीकरण अभियान को कामयाब बनाने के लिए इनामी योजना शुरू की। जो जिले 50% किसानों का पंजीकरण करेंगे, उन्हें 1.5 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। 35% पंजीकरण करने वाले जिले को 50 हजार रुपये मिलेंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि 2 से 6 फरवरी तक किसान पंजीकरण का काम मिशन मोड में होगा। अब कॉमन सर्विस सेंटर व वसुधा केंद्रों पर किसानों को नि:शुल्क सेवा मिलेगी। वे गुरुवार को 'एग्रीस्टैक' परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। सभी डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। मुख्य सचिव ने सबको पहले चरण का यह काम तेजी से पूरा करने को कहा। हर किसान की आईडी बने कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा, हर किसान की किसान आईडी बने। यह किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जरूरी है। बैठक में बताया गया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बिहार में किसान पंजीकरण के काम को सराहा है। यहां के तरीके को दूसरे राज्यों को अपनाने को कहा गया है। किसान पंजीकरण में बेहतर प्रदर्शन वाले जिलों में वैशाली, शिवहर, बेगूसराय, बक्सर, शेखपुरा तथा कटिहार हैं।
जेपी सेतु पर स्कूटी से जा रहे दंपती के पास 12 लाख कैश मिला
दीघा पुलिस ने जेपी सेतु पर दंपती के ब्रीफकेस से 12 लाख कैश बरामद किया। राजीवनगर रोड नंबर चार के सोनू कुमार स्कूटी से प|ी के साथ जेपी सेतु होते सारण के नयागांव थाने के रसलपुर गांव जा रहे थे। दीघा पुलिस ने वाहन चेकिंग लगा रखी थी। स्कूटी को रोका तो सोनू झिझके। ब्रीफकेस की तलाशी ली गई गई तो उसमें 12 लाख 1 हजार रुपए थे। थानेदार ने सोनू से रकम के स्रोत के बारे में पूछा और दस्तावेज मांगा तो सोनू ने नहीं दिया। उसके बाद पुलिस दोनों को थाना ले गई और आयकर विभाग को सूचना दी। आयकर की टीम ने भी पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने दंपती को नोटिस देकर छोड़ दिया। आयकर की टीम ने फिर बुलाया है। बरामद रुपए अभी दीघा थाने के मालखाना में है। थानेदार ने बताया कि जब सोनू से पूछा गया कि इतनी रकम कहां लेकर जा रहे तो उसने कहा कि घर शिफ्ट किए हैं। फिर पूछा गया कि पेशा क्या है तो सोनू कभी नौकरी तो कभी कुछ और काम करने की बात कही। उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पुलिस को शराब होने की आशंका थी पुलिस ने हथियार, शराब आदि बरामद करने के लिए वाहन चेकिंग लगा रखी थी। पुलिस ने दंपती की स्कूटी पर ब्रीफकेस देखा तो उसमें शराब की बोतलें होने का शक हुआ। यही समझकर स्कूटी को रोका गया। ब्रीफकेस में 500 रुपए के 12 बंडल देख पुलिस दंग रह गई।
झारखंड में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। गरम कपड़ों से दूरी बना रहे लोगों को जल्द ही अच्छी-खासी ठंड महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने तीन और चार फरवरी को कई जिलों में हल्के दर्जे की बारिश की संभावना जताई है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को ठंड महसूस होगी। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद तीन दिनों इसमें (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी जा सकती है। ठंड एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकती हैबीते कुछ दिनों से तापमान में वृद्धि के बाद लोगों को गर्मी महसूस हो रही है। पिछले 24 घंटे में झारखंड के 10 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्डं किया गया। गर्मी की वजह से लोग बिना गरम कपड़ों के ही घरों से बाहर निकलने लगे हैं। लेकिन ठंड एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तीन फरवरी को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार समेत निकटवकर्ती मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश की संभावना है। जबकि शेष हिस्सा शुष्क रहेगा। वहीं, सुबह में हल्के दर्जे का कोहरा और बाद में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। चार फरवरी को राज्य के पश्चिमी और सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश की संभावना है। जबकि शेष हिस्सा शुष्क रहेगा। वहीं, सुबह में हल्के दर्जे का कोहरा और बाद में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। 10.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान कांके में किया गया रिकॉर्डवहीं, पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। राज्य में कहीं-कहीं पर हल्के दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रांची के कांके में दर्ज किया गया।
राजधानी के नौ उपस्वास्थ्य केंद्रों में 3 माह पहले लगीं अल्ट्रासाउंड मशीनें, पर टेक्नीशियन ही नहीं
राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा राजधानी के नौ शहरी उप स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई हैं। इनमें राजापुर पुल, मेन सचिवालय, बड़ी पहाड़ी (पंजावर), मुबारकपुर, गुलजारबाग, गर्दनीबाग, दीघा मुसहरी और संदलपुर उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। एक मशीन की कीमत करीब 40 लाख रुपये है। तीन महीने से ये मशीनें पड़ी हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं हो रहा है, क्योंकि मशीनों को चलाने वाला टेक्नीशियन ही नहीं है। गरीब गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों में जांच करानी पड़ रही है। हर माह की 9, 15 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच करनी है। इसका उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। पटना एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. इंदिरा प्रसाद ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जांच से गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, प्लेसेंटा, पानी की मात्रा और संभावित जटिलताओं का पता चलता है। जांच नहीं होने से उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान देर से होगी, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा बढ़ सकता है। वैकल्पिक व्यवस्था हो रही: सिविल सर्जन जब तक रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पॉली क्लिनिक के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को जांच की जिम्मेदारी दी जा रही है। जल्दी ही यह सेवा गर्भवती महिलाओं को मिलने लगेगी।- डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन निजी केंद्र में जाना पड़ा दीघा मुसहरी की 24 वर्षीय रेखा के घर के पास स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगी है, लेकिन सेवा शुरू नहीं हुई है। रेखा ने कहा, सरकारी अस्पताल में जांच नहीं हो सकी, इसलिए निजी क्लिनिक में जाना पड़ा। हर बार 800 से 1500 रुपये खर्च होते हैं। जांच से पानी की कमी का पता चला। जांच में देरी होती, तो प्रसव के दौरान गंभीर जटिलता पैदा हो सकती थी। देर से जांच, जोखिम बढ़ा गर्दनीबाग की 28 वर्षीय सुशीला की गर्भावस्था के दौरान शुरुआती महीनों में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी। सरकारी केंद्र पर सुविधा नहीं थी और आर्थिक कारणों से निजी जांच भी नहीं करा सकीं। सातवें महीने में पता चला कि भ्रूण की स्थिति असामान्य है। उनके पति रमेश कुमार ने बताया कि उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है। दीघा मुशहरी उप स्वास्थ्य केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में वानिकी सम्मेलन एवं आईएफएस मीट-2026 का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग के आईएफएस थीम गीत का विमोचन कर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे और वन अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। आईएफएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस मोहंता ने बताया कि दो दिन तक चलतने वाले कार्यक्रम में आईएफएस अधिकारियों के साथ रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल होंगे। इस दौरान वन विभाग की गतिविधियों और एचीवमेंट की जानकारी भी दी जाएगी। आज होने वाले कार्यक्रम कल होने वाले कार्यक्रम
कैंसर सिर्फ तंबाकू या गलत खानपान से ही नहीं होता, बल्कि कुछ आम दिखने वाले वायरस भी इसकी जड़ बन सकते हैं। किसिंग, असुरक्षित यौन संबंध, मल्टीपल सेक्स पार्टनर और यहां तक कि लेट शादी या लेट बच्चे करना भी कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। यह जानकारी मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के वरिष्ठ ऑन्कोपैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुमीत गुजराल ने दी। वे एम्स भोपाल के पैथोलॉजी एवं लैबोरेटरी मेडिसिन विभाग में विशेष अतिथि व्याख्यान देने के लिए गुरुवार को आए। डॉ. गुजराल के अनुसार, एचपीवी, एपस्टीन-बार, हेपेटाइटिस और एच पाइलोरी जैसे वायरस शरीर में लंबे समय तक रहकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। यही वजह है कि आज कैंसर सिर्फ उम्र या आदतों की बीमारी नहीं रह गई है। वायरस कैसे बनते हैं कैंसर की वजह डॉ. सुमीत गुजराल बताते हैं कि कुछ वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद पूरी तरह खत्म नहीं होते। वे सालों तक शरीर में सुप्त अवस्था में रहते हैं और धीरे-धीरे कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं। जब यह नुकसान लंबे समय तक चलता रहता है, तो कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, जिसे कैंसर कहा जाता है। कमजोर इम्यून सिस्टम, खराब जीवनशैली और गलत आदतें इस प्रक्रिया को और तेज कर देती हैं। किसिंग डिजीज से होता है कैंसर डॉ. सुमीत गुजराल ने कहा कि एपस्टीन-बार वायरस (EBV), जिसे आम भाषा में किसिंग डिजीज कहा जाता है, मुख्य रूप से लार के जरिए फैलता है। किसिंग, एक ही बर्तन का उपयोग या नजदीकी संपर्क से यह वायरस आसानी से फैल सकता है। यह वायरस दुनिया की करीब 90% आबादी में पाया जाता है। किशोर और युवा उम्र में यह मोनोन्यूक्लियोसिस नाम की बीमारी पैदा करता है, जिसमें तेज थकान, बुखार और गले में खराश होती है। डॉ. गुजराल के अनुसार, EBV शरीर में जीवन भर बना रह सकता है। कुछ मामलों में यही वायरस हॉजकिन लिंफोमा, बर्किट लिंफोमा और पेट के कैंसर (गैस्ट्रिक कैंसर) का कारण बन सकता है, खासकर तब जब इम्यून सिस्टम कमजोर हो। मल्टीपल सेक्स पार्टनर से सर्वाइकल कैंसर एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस सबसे ज्यादा यौन संपर्क के जरिए फैलता है। मल्टीपल सेक्स पार्टनर होने पर इस वायरस के संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. सुमीत गुजराल बताते हैं कि एचपीवी खासतौर पर महिलाओं में सर्विक्स कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा यह गले, मुंह और जननांगों के कैंसर से भी जुड़ा हुआ है। अच्छी बात यह है कि एचपीवी से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। समय पर टीकाकरण और सुरक्षित यौन व्यवहार से इस कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। हेपेटाइटिस से लिवर कैंसर का साइलेंट खतरा हेपेटाइटिस वायरस खासतौर पर लिवर को नुकसान पहुंचाता है। इसके पांच प्रकार होते हैं, जिनमें हेपेटाइटिस B और C सबसे खतरनाक माने जाते हैं। ये वायरस संक्रमित खून, असुरक्षित इंजेक्शन और यौन संपर्क से फैलते हैं। डॉ. गुजराल बताते हैं कि लंबे समय तक हेपेटाइटिस B या C से संक्रमित रहने पर लिवर सिरोसिस और बाद में लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। कई बार मरीज को शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते, इसलिए यह बीमारी साइलेंट किलर बन जाती है। हेपेटाइटिस B के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, जबकि C के लिए आधुनिक इलाज मौजूद है। एच पाइलोरी से पेट का कैंसर एच पाइलोरी एक बैक्टीरिया है, जिसे आम तौर पर वायरस कहा जाता है, और यह पेट में संक्रमण पैदा करता है। यह दूषित भोजन और पानी के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। लंबे समय तक यह संक्रमण रहने पर पेट में सूजन, अल्सर और गैस्ट्रिक कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. गुजराल के अनुसार, समय पर जांच और एंटीबायोटिक इलाज से इस संक्रमण को खत्म किया जा सकता है और कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। लेट शादी और लेट बच्चे करना बढ़ाता है खतरा डॉ. सुमीत गुजराल का कहना है कि लेट शादी करना और लेट बच्चे करना शरीर की प्राकृतिक फिजियोलॉजी के खिलाफ जाता है। महिलाओं में लंबे समय तक हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं, जिससे ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। अगर महिला ने बच्चे को जन्म नहीं दिया या ब्रेस्टफीडिंग नहीं की, तो कैंसर का रिस्क बाकी आबादी की तुलना में अधिक देखा गया है। यही वजह है कि आज शहरी जीवनशैली में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। आगे बुजुर्गों को होने वाले कैंसर ज्यादा होंगे डॉ. गुजराल बताते हैं कि आने वाले समय में ओल्ड एज कैंसर बढ़ेंगे, जिनमें प्रोस्टेट और लिवर कैंसर प्रमुख होंगे। इन कैंसरों को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है। वहीं बच्चों में कैंसर का इलाज अब काफी हद तक संभव हो गया है, बशर्ते बीमारी समय पर पकड़ में आ जाए। एमपी के इन जिलों से सबसे ज्यादा मरीज एम्स भोपाल के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 60% मरीज भोपाल के बाहर के हैं। सबसे ज्यादा केस आगर मालवा (3664), रायसेन (1776), विदिशा (1536), नर्मदापुरम (1216), सागर (1072), रीवा (944) जैसे जिले टॉप पर हैं।
रेलवे स्टेशनों पर सस्ते पेयजल की बिक्री बंद
पटना। पटना जंक्शन, दानापुर, राजेंद्रनगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र जंक्शन समेत दानापुर रेलमंडल के करीब 13 प्रमुख स्टेशनों पर वाटर वेंडिंग मशीनें बंद हैं। इससे यात्रियों को 5 रुपये में शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। इसकी वजह वाटर वेंडिंग मशीनों का टेंडर समाप्त होना है। यात्रियों को स्टॉल या दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। नई एजेंसी के चयन के लिए आईआरसीटीसी ने टेंडर निकाला। टेंडर फाइनल भी हो गया, लेकिन एजेंसी को नुकसान हो रहा था, इसलिए उसने वाटर वेंडिंग मशीनों का संचालन ही नहीं किया। पटना जंक्शन पर रोज 2.50 लाख, दानापुर स्टेशन पर 1.50 लाख, राजेंद्रनगर टर्मिनल पर 50 हजार और पाटलिपुत्र जंक्शन पर 30 हजार यात्रियों का आना-जाना होता है। वेंडिंग मशीन से पानी की कीमत 300 एमएल: 1 से 3 रुपये 500 एमएल: 3 से 5 रुपये 1 लीटर: 5 से 8 रुपये 2 लीटर: 8 से 12 रुपये 5 लीटर: 20 से 25 रुपये
पंजाब और चंडीगढ़ में आज शुक्रवार को धुंध और शीत लहर चलने को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि 31 तारीख से मौसम बदलेगा और एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। फिलहाल सुबह और शाम भले ही ठंड है, लेकिन दिन में तापमान बढ़ा है। अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 3 डिग्री दर्ज किया गया है। 9 जिलों में शीत लहर का अलर्ट आज अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला में कहीं-कहीं शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कहीं-कहीं घना कोहरा रहने की संभावना है। इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में घना कोहरा रहने की संभावना है। मौसम शुष्क (सूखा) रहने की संभावना है। इस समय ऐसी ही मौसम की स्थिति जम्मू और आसपास के इलाकों में इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह हवा में एक चक्कर की तरह बना हुआ है, जो जमीन से काफी ऊंचाई पर मौजूद है। ऊपर की हवाओं में भी इसका असर बना हुआ है, इसलिए मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। फिलहाल यह सिस्टम बना रहेगा। इसके अलावा, 30 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे आगे मौसम फिर बदल सकता है। 31 से शुरू होगा बारिश का राउंड मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि राज्य में 1 फरवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 31 जनवरी तथा 2 और 3 फरवरी को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे रहेगा आने वाले दिनों में मौमस 31 जनवरी:पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 1 फरवरी:पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। 2 फरवरी:पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
महानगर के उत्तर दिशा में स्थित भटहट से बांसस्थान फोरलेन का काम अंतिम चरण में है। इसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम मार्च के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सड़क का लोकार्पण कराने की तैयारी है। इसपर लगभग 689 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत आ रही है।इस सड़क के बन जाने से आयुष चिकित्सा का क्रेज और बढ़ सकेगा क्योंकि इसी रोड पर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भी स्थापित है। योगी सरकार द्वारा गोरखपर को यह सौगात दी गई थी। अब यहां आने-जाने वाले लोगों को फोरलेन की सुविधा मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क के बन जाने से आम लोगों का आयुष चिकित्सा के प्रति रुझान बढ़ेगा। प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण भटहट के पिपरी में कराया गया है। यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस विश्वविद्यालय का विजन तय करने के साथ ही सीएम ने यहां तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की मंशा जताई थी। इसके अनुरूप ही भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। अब तक की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत से अधिक है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण करते हुए इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा का कहना है कि फोरलेन के रूप में सड़क बेहतर होने से इस क्षेत्र में आयुष चिकित्सा का क्रेज बढ़ेगा। न केवल स्थानीय लोग बल्कि बिहार और नेपाल से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और योग चिकित्सा के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे। 94 महाविद्यालय यहीं से संबद्धपिपरी में स्थापित प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय से प्रदेश के सभी 94 आयुष महाविद्यालयों को संबद्ध किया गया है। महविद्यालयों से भी लोगों को यहां किसी न किसी काम से आना-जाना पड़ता है। इसी कारण इसे फोरलेन से जोड़ने की कवायद शुरू हुई। बाहर से आने वाले लोगों के लिए पुरानी सड़क से यहां पहुंचना आसान नहीं होता। इसे देखते हुए सीएम ने फोरलेन सड़क बनाने का निर्देश दिया था।
करनाल में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर अनुसूचित जाति समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला है। वीडियो में एक युवक हाथ में कमानीदार चाकू लेकर दूसरे युवक को डराते-धमकाते हुए उससे जबरन जातिसूचक गालियां दिलवाता नजर आ रहा है। साथ ही खुद भी समाज को अपमानित करने वाले शब्दों का प्रयोग करता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद डेहा बस्ती के लोगों में नाराजगी है और मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। समाज के प्रधान ने दी लिखित शिकायतकरनाल की चांद सराये डेहा बस्ती में समाज के प्रधान अमित ने थाना सिटी करनाल में शिकायत दी। अमित ने बताया कि बीती 28 जनवरी को वह अपने घर पर मोबाइल फोन पर इंस्टाग्राम देख रहा था। इसी दौरान उसे एक वीडियो दिखाई दिया, जिसमें एक युवक चाकू की नोक पर दूसरे युवक को पकड़कर डरा रहा था और उससे डेहा समाज के नाम पर गालियां बुलवा रहा था। वीडियो में युवक खुद भी समाज के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था। वीडियो देखकर समाज के लोग पहुंचे प्रधान के पासअमित ने बताया कि वीडियो देखने के बाद डेहा समाज के कई युवक उसके पास पहुंचे और बताया कि इस तरह खुलेआम सोशल मीडिया पर उनके समाज को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेहा समाज अनुसूचित जाति में आता है और इस तरह की हरकतें समाज को दबाने और डराने का प्रयास हैं। समाज के लोगों ने एकजुट होकर कार्रवाई की मांग की। आरोपी और वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान बताईशिकायत में अमित ने आरोप लगाया कि वीडियो में चाकू दिखाकर धमकाने वाला युवक रामनगर करनाल निवासी हरजोत सिंह उर्फ शेरा है। वहीं जिस युवक को चाकू दिखाकर डराया जा रहा है और जिससे जबरदस्ती गालियां दिलवाई जा रही हैं, उसका नाम गोली बताया गया है। समाज में रोष, सख्त कार्रवाई की मांगडेहा बस्ती के लोगों का कहना है कि इस तरह के वीडियो समाज में तनाव पैदा करते हैं और युवाओं को गलत दिशा में ले जाते हैं। लोगों ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर किसी समाज को अपमानित करने की हिम्मत न करे। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरूसिटी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जेपी गंगा पथ की पटना साहिब स्टेशन से कनेक्टिविटी होगी, एक दर्जन मकान टूटेंगे
जेपी गंगा पथ की पटना साहिब स्टेशन से कनेक्टिविटी होगी। इसके लिए पटना घाट से पटना साहिब स्टेशन तक फोरलेन सड़क बन रही है। इसकी लंबाई 1.5 किमी है। इसके निर्माण पर 52.54 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो रही है, लेकिन इसके बीच के मकान बाधक बने हैं। अब ऐसे एक दर्जन मकानों को तोड़ने का आदेश दिया गया है। इस सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने अदला-बदली कर रेलवे से जमीन ली है। रेलवे की 18 एकड़ जमीन से ट्रैक हटाकर सड़क का निर्माण हो रहा है। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2026 में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक 30 प्रतिशत काम ही हो सका है। अभी अशोक राजपथ के पास फ्लाईओवर बन रहा है। इससे पहले पटना घाट से गोलंबर तक सड़क बनी है। इसके आगे फ्लाईओवर जुड़ेगा। वहीं, अशोक राजपथ पर आने-जाने के लिए दोनों तरफ सर्विस रोड होगी। बिहार राज्य पथ विकास निगम के अधिकारियों ने कहा कि जमीन मिलने में देरी की वजह से परियोजना में विलंब हुआ है। जून तक सड़क चालू हो जाएगी। अशोक राजपथ से आगे काम धीमा अशोक राजपथ के आगे और पटना साहिब स्टेशन के बीच रेललाइन को उखाड़ा गया है। यहां सड़क निर्माण की रफ्तार धीमी है। सड़क के एक किनारे बॉक्स नाले का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम चल रहा है। तोड़े जाने वाले मकान रेललाइन की जमीन और स्टेशन के बीच यह सड़क पटना-कोलकाता रेललाइन से उत्तर मजार से सटकर पटना साहिब स्टेशन तक जाएगी। जो मकान तोड़े जाएंगे, वे रेलवे लाइन की जमीन और पटना साहिब स्टेशन के बीच बने हैं। यहां एक दर्जन घर रैयती जमीन पर बने हैं, बाकी गैरमजरूआ आम जमीन पर बने हैं। जिन लोगों का मकान रैयती जमीन पर है, उनको मुआवजा मिलेगा। गैरमजरुआ आम जमीन पर मकान बनाने वालों को मुआवजा नहीं मिलेगा। स्थानीय निवासी मो. कमलुद्दीन ने कहा कि सरकार को रोड बनाना है। ऐसे में मकान खाली करना होगा। जमीन और मकान का मुआवजा मिलने के बाद हम लोग खाली कर देंगे। अन्य लोगों ने भी मुआवजा मिलने के बाद मकान को खाली करने की बात कही। इस सड़क के बनने से फायदे पटना घाट और पटना साहिब स्टेशन के बीच फोरलेन सड़क बनने से पटना सिटी इलाके के लोगों के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को जाम से निजात मिलेगी। अशोक राजपथ और मारूफगंज सब्जी मंडी इलाके में जाममुक्त सफर कर सकेंगे। इस सड़क पर यू-टर्न नहीं होगा। सर्विस रोड से होकर यू-टर्न ले सकेंगे। पटना साहिब स्टेशन सहित पटना सिटी इलाके की जेपी गंगा पथ से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इस पथ से पटना-बख्तियारपुर बाइपास पर आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही गांधी मैदान, सचिवालय, विधानसभा भी आना-जाना आसान हो जाएगा। अभी पटना साहिब स्टेशन से बाजार के बीच से होकर सड़क अशोक राजपथ पर पहुंचती है। चारपहिया वाहन को चलाना मुश्किल होता है।
लुधियाना के जगराओं में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक ही परिवार के सात लोगों में रेबीज के लक्षण दिखने लगे तो वो फटाफट सिविल अस्पताल जगराओं पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए सीधे PGI चंडीगढ़ भेज दिया है। जानकारी के अनुसार परिवार के किसी सदस्य को करीब एक साल पहले कुत्ते ने काटा था और तब उन्होंने एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगाया। काटने के घाव मिटे तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन से पूरे परिवार मे रैबीज के लक्षण दिखने लगे। परिवार के सातों सदस्यों में रेबीज के लक्षण पाए गए। सिविल अस्पताल जगराओं की एसएमओ डॉ. गुरविंदर कौर ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सात के सात लोग सिविल अस्पताल आए और उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत PGI भेज दिया है ताकि वहां पर उन्हें इलाज मिल सके। शेरपुरा चौक के पास रहता है परिवार जानकारी के अनुसार जिस परिवार में रेबीज के लक्षण पाए गए हैं वो जगराओं के शेरपुरा चौक के पास रहते हैं। परिवार का मुखिया एक फैक्ट्री में काम करता है। उसमें, उसकी पत्नी व तीन बच्चों के अलावा उसकी साली के दो बच्चों में ये लक्षण पाए गए। साली के बच्चे भी एक साल से उसके साथ ही रहते हैं। कुत्ते के काटन पर नहीं लगाया था टीका डॉ. गुरविंदर कौर के का कहना है कि परिवार के किसी सदस्य को एक साल पहले कुत्ते ने काटा था। उसके बाद उन्होंने टीका नहीं लगवाया। जिसे काटा था पहले उसमें रेबीज बढ़ता गया और उससे ही अन्य सदस्यों में संक्रमित हुआ होगा। उन्होंने कहा कि रेबीज है या नहीं इसकी पुष्टि टेस्ट के बाद होगी लेकिन लक्षण रेबीज के ही हैं। मरीजों के मुंह से निकल रही थी लार डॉ ने बताया कि जब सातों मरीजों को अस्पताल में लाया गया तो उनके मुंह से अत्यधिक लार निकल रही थी। वो सही तरीके से बोल नहीं पा रहे थे। ये दोनों लक्षण रेबीज के ही हैं। उनसे जब पूछा तो उन्होंने कहा कि कुत्ते ने एक साल पहले काटा था। फिलहाल, सभी सातों मरीज पीजीआई चंडीगढ़ में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उपचाराधीन हैं। सिविल अस्पताल ने नाम नहीं किए दर्ज हैरानी की बात यह है कि सिविल अस्पताल के रजिस्टर में फिलहाल इस मामले से संबंधित कोई लिखित रिकॉर्ड या मरीजों के नाम दर्ज नहीं हैं। प्राथमिक जांच के तुरंत बाद ही सभी को रेफर कर दिया गया था। सवाल यह उठता है कि आखिर डॉक्टरों ने उनके नाम रजिस्टर में दर्ज क्यों नहीं किए?
बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ाई, हफ्ताभर ऐसा ही मौसम रहेगा
पटना | पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं। इससे दिन में धूप के बावजूद ठंड का अहसास बढ़ गया है। राज्य में ऐसा मौसम फरवरी के पहले सप्ताह तक जारी रहेगा। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की भी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, दो दिन तक उत्तर-पश्चिम बिहार में घना कुहासा रहेगा। 2 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है। 3 फरवरी को बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल में बादल छाए रहने की संभावना है। इधर, गुरुवार को पटना का न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुपौल में सबसे अधिक तापमान 26.6 डिग्री, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान वाल्मीकिनगर में 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे क्या : पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी के एक-दो स्थानों पर घना कुहासा छाएगा। राज्य में तापमान का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले 24 घंटों में तापमान घटेगा, फिर बढ़ेगा।
होली को लेकर 23 फरवरी से 200 स्पेशल बसें चलेंगी
बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, झारखंड सहित 10 से अधिक राज्यों से बिहार के लिए करीब 200 होली स्पेशल बसें चलेंगी। इनमें करीब 50 वातानुकूलित बसें होंगी। परिवहन विभाग द्वारा 23 फरवरी से 23 मार्च तक परिचालन किया जाएगा। 6 फरवरी से टिकट बुकिंग होगी। ऑनलाइन बुकिंग की भी सुविधा मिलेगी। इन बसों का परिचालन पीपीपी मोड पर होगा। रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा, फिटनेस, स्पीड गवर्नर, प्रदूषण प्रमाणपत्र आदि की जांच के बाद ही परिचालन की अनुमति मिलेगी। इन बसों का परिचालन पटना, जहानाबाद, मोतिहारी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, सासाराम, कैमूर, नरकटियागंज, शेखपुरा, नालंदा, आरा, बक्सर, औरंगाबाद, सीवान, किशनगंज, अररिया आदि जगहों से होगा। इन राज्यों के लिए सुविधा बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और कर्नाटक। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से बड़े शहरों में काम करने वालों को पर्व-त्योहार में घर आने में दिक्कत होती है। ट्रेनों में धक्का-मुक्की करके किसी तरह आते हैं। स्पेशल बसें चलने से ऐसे लोगों को सुविधा होगी। स्पेशल बसें होली के 15 दिन पहले और 15 दिन बाद तक चलेंगी।
मोइनुल हक स्टेडियम 2029 तक बन जाएगा इंटरनेशनल क्रिकेट कॉम्प्लेक्स
मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। गुरुवार को निर्माण कंपनी के इंजीनियरों ने स्टेडियम में पाँच-छह जगहों से मिट्टी का नमूना लिया। इससे लोड टेस्ट होगा, ताकि यह पता चल सके कि यह मिट्टी कितनी मंजिल के निर्माण के लिए उपयुक्त है। 30 जनवरी को कंपनी और बीसीए के बीच एग्रीमेंट साइन होगा। लखनऊ की कंपनी सिवांस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड इसे इंटरनेशनल क्रिकेट कॉम्प्लेक्स के तौर पर डेवलप करेगी। इस पर 4.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिहार सरकार द्वारा बीसीसीआई को 30 साल के लिए यह स्टेडियम सौंपा गया है। यह काम जनवरी 2025 से ही होना था। इस तरह यह प्रोजेक्ट एक साल लेट हो चुका है। नई डेडलाइन वर्ष 2029 तय की गई है। परिसर में दो क्रिकेट मैदान होंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल के मैच हो सकेंगे। ये सुविधाएं मिलेंगी: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईसीसी के साथ बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार नवीनतम सुविधाएं रहेंगी। क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, फाइव स्टार होटल, खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाओं से लैस हॉस्टल, रेस्टोरेंट, क्लब हाउस आदि भी होंगे। बारिश का पानी जमा करने की व्यवस्था भी मोइनुल हक इंटरनेशनल क्रिकेट कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और ड्रेनेज लेयर सिस्टम की सहायता के लिए मेन ग्राउंड रेत आधारित होगा। यह आउट फील्ड मेन ग्राउंड में पानी देने के लिए पॉप अप और रेन गन प्रणाली से भी सुसज्जित होगा। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बारिश के पानी के भंडारण और उस पानी को इस्तेमाल करने की प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। परिसर में प्रशिक्षण देने के लिए एक डेडिकेटेड क्रिकेट एकेडमी भी होगी। स्टेडियम के कुल 31.25 एकड़ क्षेत्र में पहले चारदीवारी होगी और अलग-अलग लेन के माध्यम से प्रवेश और निकास के लिए चार मेन गेट होंगे।
राजीवनगर में बनेगा डायल 112 और पुलिस डाटा सेंटर का भवन
7 मंजिले भवन के निर्माण पर 172.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे, गृह विभाग ने स्वीकृति दी राजीवनगर में डायल 112 (इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) और बिहार पुलिस के डाटा सेंटर का भवन बनेगा। इसके निर्माण पर 172.80 करोड़ खर्च होंगे। गृह विभाग ने गुरुवार को राशि की स्वीकृति दे दी। जमीन पहले ही अधिगृहीत हो चुकी है। पांच फ्लोर पर डायल 112 काम करेगा, जबकि ऊपर के दो फ्लोर पर बिहार पुलिस का डाटा सेंटर होगा। भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। अभी डायल 112 का कार्यालय राजवंशीनगर और डाटा सेंटर पुलिस मुख्यालय में है। गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भवन का शिलान्यास होने के साथ ही निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। पुलिस महकमा की आधुनिकीकरण इकाई के स्तर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। डायल 112 और पुलिस डाटा सेंटर का भवन बन जाने से प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से होंगे। पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण भी उपलब्ध होगा। इससे कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी। डायल 112 का रिस्पांस टाइम 12 से घटा 8 मिनट करना है बिहार में डायल 112 का रिस्पांस टाइम औसतन 12 मिनट है। इसे घटाकर 8 मिनट करना है। इस मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर चंडीगढ़ है। उसका रिस्पांस टाइम औसतन 6 मिनट है। यहां रिस्पांस टाइम 8 मिनट करने के लिए और पुलिसकर्मियों की बहाली होगी। कॉल लेने के लिए और लाइन चालू होंगी। तीन साल पहले डायल 112 बना था। अबतक 50 लाख लोगों को इससे मदद मिल चुकी है। अपना भवन बनने से सुविधाएं बढ़ेंगी। वहीं डाटा सेंटर बनने के बाद अपराध के सभी हेडों का डाटा बनाने, एनालिसिस करने समेत डाटा से जुड़े अन्य काम वैज्ञानिक तरीके से होंगे।
2 गैर प्रशासनिक अफसर बनेंगे आईएएस, डॉक्टर-इंजीनियर को भी मौका
बिहार सरकार की नौकरी में योगदान शानदार और चरित्र बेदाग रहा हो, तो दो गैर-प्रशासनिक अधिकारियों को भी जल्दी ही भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनने का मौका मिल सकता है। राज्य सरकार बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा और बिहार वन सेवा के अधिकारियों को छोड़कर आईएएस अफसर के इन दो पदों पर प्रोन्नति के लिए भारत सरकार से अनुशंसा करने जा रही है। इसमें डॉक्टर-इंजीनियर समेत सूचना सेवा, वित्त सेवा, श्रम सेवा और सहकारिता सेवा समेत बिहार सरकार के राजपत्रित कैडर वाले तमाम संवर्गों के अधिकारियों को मौका मिल सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए तमाम विभागों के प्रधानों से अनुशंसा मांगी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हीं अधिकारियों के नाम की अनुशंसा करने के लिए कहा है जो कम से कम पिछले आठ साल से राजपत्रित अधिकारी के रूप में काम करने का अनुभव रखते हैं, एक जनवरी 2025 तक 56 साल के नहीं हुए हों और जिनके काम का प्रदर्शन शानदार रहा हो।
लैंड फॉर जॉब : 9 मार्च से ‘डे-टू-डे’ सुनवाई, गवाहों से पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी
लैंड फॉर जॉब घोटाले में 9 मार्च से ‘डे-टू-डे’ (प्रतिदिन) आधार पर सुनवाई होगी। इसमें गवाहों से पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी। गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के प्रमुख आरोपियों लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया, ताकि उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा सकें। सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने अपनी बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए गुरुवार की पेशी से छूट की मांग की। वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने खराब सेहत का हवाला देकर अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने तीनों की अर्जियों पर विचार किया। अदालत ने अर्जियों पर विचार करते हुए कहा कि लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव 1 से 25 फरवरी के बीच किसी भी दिन व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हो सकते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पेशी से एक दिन पहले अदालत को सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से एक दिन पहले सीबीआई को सूचना देने का निर्देश भी दिया। सुनवाई के दौरान मीसा भारती और हेमा यादव व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुईं। दोनों ने कोर्ट के सामने कहा कि वे अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को स्वीकार नहीं करतीं और मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। पिछली सुनवाई में कड़ी टिप्पणी लालू ने रेल मंत्रालय को निजी जागीर समझा: कोर्ट पिछली सुनवाई के दौरान स्पेशल जज विशाल गोगने ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्रालय को अपनी “निजी जागीर” की तरह इस्तेमाल किया। कोर्ट ने इसे एक ‘आपराधिक उद्यम’ करार देते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों का इस्तेमाल लालू परिवार द्वारा जमीन के टुकड़े हड़पने के लिए एक सौदेबाजी के हथियार के रूप में किया गया। सीबीआई के अनुसार, पूरा मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। लालू परिवार को 1-25 फरवरी के बीच किसी भी दिन व्यक्तिगत पेशी की अनुमति
मनरेगा पोर्टल पर एआई तस्वीर, नाम पुरुषों के, फोटो महिलाओं की
बिहार में मनरेगा में भ्रष्टाचार का अब नया और हाईटेक तरीका अपनाया जा रहा है। मनरेगा कर्मी मजदूरों की असली तस्वीर लेने के बजाय एआई की मदद से नकली फोटो तैयार कर उसे मनरेगा पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं, जबकि नियम के अनुसार काम के दौरान मजदूरों की लाइव तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य है। भास्कर ने जब मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड की मकनपुर पंचायत में 2, 3 और 4 जनवरी को बड़े पैमाने पर इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ है। पोर्टल पर अपलोड की गई एआई से बनी कई तस्वीरों में एआई का वाटरमार्क भी दिख रहा है। यह भी सामने आया कि एक ही तस्वीर को अलग-अलग तारीखों और अलग-अलग परियोजनाओं में इस्तेमाल किया गया। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि कई मामलों में जिन मजदूरों की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड की गईं, उन्होंने उन परियोजनाओं में काम किया ही नहीं। शेष पृष्ठ-15 पर रिपोर्टर से कहा- मिलकर ही बात करेंगे, हर बात टेलीफोन पर नहीं होती खबर पर आधिकारिक बयान लेने के लिए रिपोर्टर ने 28 जनवरी को वारिसलीगंज के मनरेगा अकाउंटेंट अर्जुन चौधरी और पीओ कुमुद रंजन को कॉल किया। अकाउंटेंट ने पीओ से बात करने के लिए कहा। पीओ कुमुद रंजन ने पहले बात सुनी और फिर मीटिंग का हवाला देते हुए कहा कि बाद में बात करेंगे। जिसके कुछ देर के बाद ही वेद प्रकाश (ट्रूकॉलर पर यह नाम) नाम के आदमी का कॉल आया। उसने खुद को ब्लॉक का ही स्टाफ बताया। कहा कि गलती तो हो गई है और मिलने के लिए आग्रह करने लगा। जब रिपोर्टर ने मिलने का कारण पूछा, तो उसने कहा, ‘हर बात टेलीफोन पर नहीं होती है।’ नाम पुरुषों के और फोटो महिलाओं की: पंचायत में 2 जनवरी को मस्टर रोल 13137 में तीन पुरुषों के नाम हैं, लेकिन फोटो में एक भी पुरुष नहीं है। वैसे ही, 4 जनवरी को मस्टर रोल 13141 में तीन पुरुषों और 7 महिलाओं का नाम है, लेकिन फोटो में 2 पुरुष और 8 महिलाएं दिख रही हैं। पइन की सफाई: पोर्टल पर इस तस्वीर के साथ 2 जनवरी, 3 जनवरी और 4 जनवरी को मस्टर रोल नं 13146 दिखाया गया। इसमें ग्राम मकनपुर में उपेंद्र प्रसाद के खेत से कमेश्वर यादव के खेत तक पइन की सफाई कार्य दिखाया गया। तीनों दिन एक ही तस्वीर अपलोड हुई। एआई से तैयार तस्वीर: इसका इस्तेमाल 2 जनवरी को मस्टर रोल नं 13088 (आहर की खुदाई), 3 जनवरी को मस्टर रोल नं 13094 (अलंग पर मिट्टी भराई) और 4 जनवरी को मस्टर रोल नं 13083 व 13137 (अलंग मरम्मति) के लिए किया गया। मजदूरों का नाम अलग था, पर तस्वीर एक ही थी। क्या है मामला नवादा जिले के वारिसलीगंज स्थित मकनपुर पंचायत में 2, 3 और 4 जनवरी को मनरेगा पोर्टल पर एआई से बनी तस्वीरें अपलोड की गईं। पंचायत में 3 जनवरी को 255 मजदूरों के मस्टर रोल तैयार किए गए थे। इनमें लगभग 175 की तस्वीर एआई से बनाई गई थी। वहीं, 4 जनवरी को भी 255 मजदूरों में लगभग 175 की तस्वीर एआई निर्मित ही थी। इनके नीचे AI का वाटरमार्क भी है। एक ही एआई तस्वीर का इस्तेमाल अलग-अलग तारीखों, कार्यों के लिए किया गया।
दैनिक भास्कर वार्ड टॉक:एमआईसी सदस्य और वार्ड 47 के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया से सीधी बात
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 47, जहां से पार्षद हैं नंद किशोर पहाड़िया। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड में सबसे बड़ी उपलब्धि आपकी क्या रही?जवाब: मेरा वार्ड बस्ती बाहुल क्षेत्र का वार्ड है। यह ऐसा वार्ड रहा है कि जहां कभी भारतीय जनता पार्टी जीती ही नहीं, एक समय। मैं 2004 में यहां निर्दलीय जीता था और मेरे वार्ड की मूलभूत सुविधाओं की जो व्यवस्थाएं थी, जब से मैं पार्षद हूं, हमारे विधायक जी के माध्यम से, हमारे महापौर जी के माध्यम से, मैं मूलभूत सुविधाओं को पूरी तरह से लोगोंको संतुष्ट कर पा रहा हूं। यहां की सबसे बड़ी समस्या जो है, एक शिक्षा के क्षेत्र में, और खेलों के लिए है।मैं एक कार्य कर रहा हूं जो यहां पर जितने भी हमारे शासकीय विद्यालय हैं, घटता हुआ स्तर जो हमारे शासकीय विद्यालय का है, जहां बच्चों की लगातार संख्या कम हो रही है, तो मैं बच्चों को लालायित करने के लिए या उनके खेलने के लिए हर स्कूल में यहां ग्राउंड बना रहा हूं, जिससे कि शासकीय विद्यालयों का स्तर बढ़े, शिक्षा का स्तर बढ़े। नशाखोरी के लिए और हमारे क्षेत्र के जो युवा बच्चे हैं, वो बहुत जल्दी आकर्षित होते हैं तो कहीं ना कहीं उनको खेलने के मैदान मिलेंगे, तो मेरा ऐसा सोचना है कि उनकी बुद्धि का तो विकास होगा ही और शारीरिक रूप से भी उनका विकास होगा। मेरा यह पहला प्रयास रहेगा कि शिक्षा और खेल हमारे लिए बहुत ही जरूरी पहलू है इस बस्ती के लिए। सवाल: आपके वार्ड का कौन सा काम अधूरा है और उसे कैसे पूरा करेंगे?जवाब: मैंने बताया कि मेरा वार्ड बहुत ही पॉश इलाक से भी जुड़ा हुआ है और बड़ी बड़ी यहां चार बस्तियां हैं। यहां पर कोई भी एक ऐसा सामुदायिक भवन नहीं था अभी तक के जिसमें आठ से दस हजार लोगों के बैठने की एक व्यवस्था हो। तो मैंने एक यहां पर मालवा मिल कम्युनिटी हॉल के जीर्णोद्धार का एक बीड़ा उठाया है, जिसकी अभी हमने शुरुआत की है। मैंने नेहरू पार्क में स्विमिंग पूल को नए सिरे से बनाने का कार्य किया जो चार करोड़ रुपए की लागत से लगभग बनने जा रहा है। उसी कड़ी में मैंने स्वामी विवेकानंद और हमारे जो वाल्मीकि मंदिर विद्यालय में पचास लाख रुपए की लागत से दोनों जगह में खेल के ग्राउंड डेवलप कर रहा हूं।शिक्षा के लिए, जिससे कि हम देखते हैं कि मूलभूत सुविधाओं से बहुत अभाव रहता है। छोटे-छोटे परिवार हैं, दस बाय दस के घरों में बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, तो मैं यहां पर एक ग्रंथालय का निर्माण कर रहा हूं, लाइब्रेरी बनाने जा रहा हूं, जिससे कि बच्चों को बैठकर शिक्षा के लिए एक स्थान मिल सके। उसकी हमारी तैयारी चल रही है। लगातार मैं प्रयास कर रहा हूं कि जो भी मेरे अधूरे काम हैं, उनको पूर्ण करूं। सवाल: आपने क्या नया प्रयोग किया और किस प्रकार के बदलाव देखने को मिले?जवाब: देखिए, मेरे इस कार्यकाल की बहुत बड़ी उपलब्धि यह रही कि बारह सौ लोगों का एक क्षेत्र है, हमारे वहां वाल्मीकि बस्ती छप्पन दुकान के पीछे, जिनके कारण हमारा शहर लगातार आठ बार स्वच्छता में प्रथम आया है। मैं चुनाव जीता था, तो वहां की स्थिति इतनी दयनीय थी कि वहां सड़कें, वहां सुलभ, वहां नर्मदा की लाइन, ड्रेनेज लाइन, धर्मशाला और गार्डन या तो थे नहीं या बुरी स्थिति में थे। उस समय मुझे वहां से मात्र अड़तालीस वोट मिले थे। तो मैंने एक बहुत बड़ा बदलाव देखा कि मैंने उस वाल्मीकि बस्ती में काम किया तो आज हमारे विधायक जी को, हमारे सांसद जी को वहां उससे दस गुना से ज्यादा अधिक मत मिले तो मैंने उन लोगों की सेवा की, जिन्होंने हमारे शहर को चार चांद लगाए।हमारे शहर का जिन्होंने पूरे देशभर में नाम रोशन किया है। तो एक बहुत बड़ा बदलाव मैंने देखा है कि जहां लोग नहीं पहुंचते, जिनका आप कार्य नहीं कर पाते हो, जिनकी सेवा नहीं कर पाते हो, तो सेवा कार्य एक ऐसी चीज है। हमारा भारतीय जनता पार्टी का तो एक ही उद्देश्य रहता है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक की सेवा करें। तो मुझे हमारे विधायक जी से भी यह प्रेरणा मिलती है कि हम समय पर पहुंचें और सभी की सेवा करें। तो एक बहुत बड़ा बदलाव है। कहीं ना कहीं हमने देखा है कि दस गुना से ज्यादा परिवर्तन हम लेकर आए तो कहीं ना कहीं लोगों का मन बदलने के लिए हमें उनकी सेवा करना बहुत जरूरी होता है। सवाल: आपके वार्ड के कौन से ऐसे इलाके हैं, जिनमें काम नहीं हो पाया? जवाब: देखिए, यह मेरी एक दिली प्राथमिकता रही है। चूंकि मैं लगातार लोगों के बीच रहता हूं, इसलिए मुझे क्षेत्र की समस्याओं का प्रत्यक्ष अनुभव होता है। इस इलाके में पानी की समस्या लंबे समय से एक गंभीर विषय रही है। चाहे गोमा की फेल हो, पंचन की फेल हो, वाल्मीकि बस्ती हो, दुबे का बगीचा हो या रेस कोर्स रोड। इन सभी क्षेत्रों में वर्षों से जल संकट बना हुआ है। इसी समस्या के समाधान के लिए विधायक महेंद्र हड़िया द्वारा मुझे पांच करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से रेस कोर्स रोड पर सविता मैडम के निवास के पास एक स्थान पर पानी की टंकी का निर्माण किया जाना है, ताकि पूरे क्षेत्र को पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। लेकिन दुर्भाग्यवश, दो-तीन लोगों ने इसका विरोध किया और बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के कोर्ट से स्टे ले आए। मैं आपके माध्यम से ऐसे लोगों से अपील करना चाहता हूं कि अच्छे और जनहित के कार्यों में बाधा डालना उचित नहीं है। व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण यदि कुछ लोग आगे आते हैं और उसके चलते हजारों परिवारों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना पड़े, तो यह चिंताजनक है। मेरा उद्देश्य स्पष्ट है। इस पानी की टंकी का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि हमारे क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। जब नागरिक टैक्स देते हैं और पानी के लिए भुगतान करते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी और फर्ज बनता है कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सवाल: आने वाले छह महीने का आपका रोड मैप क्या है?जवाब: देखिए, आने वाले छह महीनों में कुछ ऐसे कार्य चल रहे हैं, जिनसे इस वार्ड को एक आदर्श वार्ड के रूप में जाना जाएगा। जिस सड़क पर आप अभी खड़े हैं, उसका निर्माण हाल ही में कराया गया है। यहां डिवाइडर बनाया गया है और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। मेरा प्रयास है कि हमारा वार्ड सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त हो। जो कार्य अभी अधूरे हैं-चाहे वह गार्डन हों या संजीवनी केंद्र- उनकी ओपनिंग बहुत जल्द की जाएगी। मेरा उद्देश्य है कि हमारा वार्ड स्वच्छता सहित हर क्षेत्र में नंबर-वन बने। वार्ड में स्वच्छता के साथ-साथ पक्की सड़कें हों, सभी जगह पर्याप्त रोशनी हो, और उद्यानों में लोगों के बैठने-उठने की बेहतर व्यवस्था के साथ हरियाली विकसित की जाए। इन सभी बिंदुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले छह महीनों में आप स्वयं देखेंगे कि वार्ड में कई ऐसी उपलब्धियां होंगी, जो पूरे शहर में मिसाल बनेंगी। चाहे वह स्विमिंग पूल हो, पढ़ाई के लिए ग्रंथालय हो या खेलों के लिए विकसित किए जा रहे ग्राउंड। ये सभी सुविधाएं न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एक अनूठा उदाहरण होंगी। विशेष रूप से शासकीय विद्यालयों में खेलों को लेकर एक नई पहल की जा रही है। पहले जहां खेल के लिए केवल एक पीरियड होता था, उसे फिर से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। जिन बच्चों को खेल के मैदान नहीं मिल पाते थे, उन्हें अब ग्राउंड और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। मेरा निरंतर प्रयास है कि यह वार्ड हर दृष्टि से एक आदर्श बने। मैं लगातार इसी दिशा में काम कर रहा हूं और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम आपको स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।
मौसम का हाल:24 घंटे बाद धूप खिली, लेकिन शाम से सिहरन बढ़ी
ओले और बारिश के 24 घंटे बाद सागर में सुबह धूप निकल आई। दोपहर तक ठंड से राहत मिली, लेकिन शाम होते-होते सिहरन बढ़ने लगी। रात के पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह कोहरा छाया रहा। सुबह 9 बजे के बाद धूप निकली। मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। हाईवे पर विजिबिलिटी कम रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। जिले में शीतलहर चलने की आशंका: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ओले व बारिश से मौसम में आए बदलाव के कारण रात का तापमान गिर रहा है। दिन में शीतलहर चलने की आशंका है। फसलों को नुकसान नहीं कृषि विभाग के अनुसार फिलहाल गेहूं, चना व मसूर की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं है। लेकिन पाले की स्थिति बनी तो सब्जियों को नुकसान हो सकता है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री और अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश नहीं हुई। संक्रांति के बाद ठंड का असर कुछ कम हुआ था, लेकिन ठंड बढ़ने से एक बार फिर गरम कपड़े निकल आए हैं। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। पशु-पक्षियों पर भी ठंड का असर देखा जा रहा है।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
चांदी के दाम चार लाख रुपए प्रति किलो होने के बाद शहर के सराफा बाजार में वीरानी छा गई है। चांदी के आभूषण निर्माण और नक्काशी के ज्यादातर पुराने कारखाने बंद हो गए हैं, कुछ बंद होने की कगार पर हैं। सोना-चांदी के कारोबारी दूसरे धंधे तलाशने लगे हैं। अपने पुश्तैनी काम के साथ दूसरे धंधे भी कर रहे हैं। कोई प्रॉपर्टी के काम में लग गया है तो किसी ने पूजन सामग्री बेचने के साथ अन्य काम शुरू कर दिए हैं। चांदी के कारीगरों पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। कारखाने बंद होने के बाद कोई चाट का ठेला लगा रहा है तो कोई ऑटो-रिक्शा चला रहा है। चांदी के पुराने कारोबारी रवि सोनी बताते हैं कि चांदी के आभूषण निर्माण में सागर प्रदेश की बड़ी मंडी माना जाता है। उनका सागर में 100 साल से भी ज्यादा पुराना कारखाना है। जब चांदी 1 लाख पर पहुंची तो काम मिलना बंद हो गया। ऑर्डर आना बंद हो गए। पिछले कुछ सालों से मैन्युफैक्चरिंग बंद है। सागर में निर्मित होने वाले डिनर सेट, मूर्ति, सिंहासन व अन्य आइटम की मांग विदेशों में भी है। सागर से इंदौर के अलावा उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र सबसे ज्यादा आइटम भेजे जाते हैं। कभी सागर में 500 स्थानों पर चांदी का काम होता था, अब गिने-चुने कारखाने बचे हैं। सालों पहले चांदी के तोड़र का चलन बंद हो गया था, लेकिन चांदी की करधनी, पायल, बिछिया, देहाती चूड़ियां अभी भी चलन में हैं। चांदी के कारोबारी दिलीप कचर ने बताया कि कारीगर छुट्टी पर हैं। चांदी के कारीगर संजू नामदेव 30 हजार रुपए महीने तक कमाते थे, लेकिन बेरोजगार होने के बाद अब चकराघाट पर चाट का ठेला लगा रहे हैं। ज्वैलर्स महेंद्र सोनी ने जनरल स्टोर खोल लिया है, वहीं सराफा कारोबारी रामेश्वर सोनी ने ज्वैलर्स के बाजू में ही पूजन सामग्री की दुकान चालू कर दी है। सोने-चांदी के पुराने जेवर चमकाकर शादी का चढ़ावा चांदी के दाम 4 लाख रुपए किलो पहुंचने के बाद शादी-ब्याह का मुहूर्त निकलवा चुके परिवार पशोपेश में हैं। एक साल पहले जितने दाम में पायल बन जाती थी अब उतने रेट में बिछिया बन रही है। चांदी की बिछिया को सुहाग का प्रतीक माना गया है। लोग वधु को इसे उपहार में देते हैं। नवंबर 2024 में चांदी 1 लाख रुपए किलो थी, जो 14 महीने में ही 4 लाख पार हो गई। वहीं इस अवधि में 24 कैरेट सोना 82 हजार रुपए तोला (10 ग्राम) था, जो बढ़कर 1 लाख 84 हजार रुपए तक पहुंच गया है। सराफा व्यापारी पंकज जैन बताते हैं कि सोने-चांदी के दाम बढ़ने के बाद लोग शादी-ब्याह के लिए पुराने जेवर पॉलिश कराकर इस्तेमाल कर रहे हैं। चांदी की पायल के रेट पर अब बिछिया बिक रही है। करधनी बनवाने में लोगों को सोचना पड़ रहा है। कोरोनाकाल में गिरवी रखे जेवर उठाने आ रहे लोग, विवाद भी कोरोनाकाल में लोगों ने सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर परिवार और धंधा चलाया। कई लोग ब्याज बढ़ने से जेवर उठाने ही नहीं पहुंचे, लेकिन चांदी के रेट 4 गुना और सोना 2 गुना से ज्यादा होने के बाद लोग 5 साल पुरानी पर्चियां लेकर जेवर उठाने सुनार के पास जा रहे हैं। सराफा में लाइसेंसी कम ही हैं, लेकिन कच्ची पर्ची पर एक व्यवहारिक लेनदेन चलता है। ब्याज चुकाकर गहने उठाने में फायदा देख लोग सुनारों के पास सालों पहले गिरवी रखे जेवर उठाने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद जड़िया ने बताया कि सोने-चांदी के रेट बढ़ने के बाद सराफा व्यापारियों के सामने विकट परिस्थिति बन गई। 10-12 साल पहले गिरवी रखे जेवर उठाने के लिए लोग आ रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन रही है। जेवर न देने पर लोग थाने में रिपोर्ट लिखाने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिकने आ रहे मिक्स (मिलावटी) चांदी के आभूषण शादी का सीजन आते ही चांदी की बिछिया, पायल, करधनी, अंगूठी व अन्य गहनों की डिमांड बढ़ जाती है। चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने बताया कि यूपी से लाए जाने वाले चांदी के गुरिए व अन्य कच्चे माल में कैडमियम व तांबा की मिलावट की जाती है। ये दोनों धातु चांदी के साथ आसानी से मिक्स हो जाते हैं। इससे चांदी और चमकदार बन जाती है। इसे मिक्स चांदी कहते हैं। कुछ साल पहले सागर की पुलिस ने यूपी से आई ऐसी ही मिलावटी चांदी के गुरिया जब्त किए थे। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि फाइन चांदी के रेट बढ़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मिलावटी चांदी के आभूषण बिकने आ रहे हैं। आगरा, मथुरा, हाथरस से सप्लाई होने वाले कच्चे माल में चांदी की मात्रा 30-40 प्रतिशत तक रहती है।
नीतीश कैबिनेट ने महिला रोजगार योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब महिलाओं को 2-2 लाख देने का प्रोसेस शुरू करने जा रही है। बेहतर बिजनेस करने वाली महिलाओं को एकमुश्त दो लाख और 2 किश्त में ये राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही 27 लाख स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप डबल कर दी गई है। कैबिनेट से पुलिस में 17 हजार रिटायर जवानों की भर्ती को मंजूरी दी गई है। SAP जवानों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 32 एजेंडों पर मुहर लगी है। इन एजेंडों में सबसे अहम और चर्चा का विषय बना बिहार सरकार के कर्मचारियों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ा फैसला। सोशल मीडिया पर रील्स, वीडियो और पोस्ट बनाकर ‘स्टार’ बन रहे सरकारी कर्मचारियों पर सरकार सीधी कार्रवाई करेगी। सरकार ने साफ कहा है, सरकारी नौकरी का मतलब अनुशासन है, न कि रील्स और लाइक है। रील्स और सोशल मीडिया के जरिए अब सरकारी कर्मचारी पैसे नहीं कमा सकेंगे, जिसमें वो अपने विभाग से जुड़े पोस्ट डालते हैं, रील्स बनाते हैं। उसपर पूरी तरह से बैन लग गया है। अब जानिए कैबिनेट में किन-किन बड़े एजेंडों पर मुहर लगी… 2-2 लाख देने का प्रोसेस शुरू कैबिनेट के बाद CM नीतीश ने X पर बताया, राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि हर परिवार की एक महिला उद्यमी बन सके। योजना के पहले चरण में महिलाओं को 10-10 हजार रुपए की सहायता दी गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में DBT के माध्यम से राशि भेजी जा चुकी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बचे हुए आवेदकों को भी नियम के अनुसार जल्द ही उनके खाते में पैसा भेजा जाएगा। 2 किश्त में भेजे जाएंगे पैसे CM ने आगे बताया, योजना के तहत रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद आंकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर महिलाओं को 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता राशि देने का प्रावधान है। सरकार ने इसके लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। यह राशि किस्तों में दी जाएगी, बशर्ते पहले दी गई राशि का सही उपयोग रोजगार में किया गया हो। अगर रोजगार अच्छा चल रहा होगा तो जरूरत के अनुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है। सरकार ने विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि योजना से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही लाभार्थियों को पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और दीदी की रसोई जैसे सरकारी कार्यों से जोड़ा जाएगा। 27 लाख छात्रों की स्कॉलरशिप डबल की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 से प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को ₹1200 सालाना, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400, कक्षा 7 से 10 तक ₹3600 और कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी छात्रों को ₹6000 सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी। पहले यह राशि साल 2011 में तय की गई थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। यह स्कॉलरशिप सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को दी जाएगी। इस योजना से करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस पर सरकार करीब 519.64 करोड़ रुपए खर्च करेगी। छात्रावास योजना का अनुदान 1000 से 2000 किया वित्तीय वर्ष 2025-26 से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना में हर छात्र/छात्रा को मिलने वाला अनुदान 1,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 2,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इससे सरकार का अनुमानित खर्च 19.56 करोड़ रुपए होगा। मेधावृत्ति योजना में बदलाव वित्तीय वर्ष 2026-27 से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना में परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दी गई है। इससे योजना का अनुमानित सालाना खर्च 117.98 करोड़ रुपए होगा। बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय को मंजूरी बक्सर के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय खोला जाएगा। पहले इस योजना के लिए 14.52 करोड़ रुपए की स्वीकृति थी, जिसे रद्द कर दिया गया है। अब राज्य योजना के तहत कॉलेज के भवन, फर्नीचर, अंदर की सड़क और चहारदिवारी के निर्माण के लिए 87.81 करोड़ रुपये की नई प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इसके शुरू होने से राज्य के विद्यार्थियों को संगीत की अलग-अलग विधाओं की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। पुलिस में 17 हजार पदों पर रिटायर जवानों की भर्ती होगी बिहार पुलिस के तहत काम कर रही स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के जवानों को आदेश जारी होने की तारीख से बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। साथ ही, अपराध नियंत्रण, उग्रवाद से निपटने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए सैप बल को और सशक्त किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17,000 पदों पर भारतीय सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को अनुबंध पर रखने की मंजूरी दी गई। सरकारी नंबर-ईमेल आईडी से सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक सरकारी कर्मचारी अब सरकारी मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी से किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट नहीं बना सकेंगे। किसी भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण, पोस्ट या टिप्पणी करने पर भी रोक रहेगी। फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सरकारी पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह नियमावली तैयार की गई है, क्योंकि इससे पहले सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। नियमों के तहत सरकारी सेवकों को सोशल मीडिया पर संयम बरतना होगा और वे किसी भी सरकारी बैठक की रील या लाइव स्ट्रीम अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट से नहीं कर सकेंगे। नए आदेश के मुताबिक, बिहार सरकार के कर्मचारियों पर पहले से लागू “बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976” में अब एक नया उपनियम (3) जोड़ा जाएगा। इसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट किया गया कि वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल एक लिमिट तक ही कर सकते हैं। ऑफिस और बैठकों से जुड़े वीडियो-रील्स पूरी तरह बैन किसी भी सरकारी कार्यालय से जुड़े वीडियो, रील्स, फोटो या फेसबुक लाइव पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। सराकरी ऑफिस में होने वाली बैठकों को रिकॉर्ड करना या सोशल मीडिया पर डालना अब सीधा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सरकारी कर्मचारी किसी भी तरह के आंतरिक चैट, संवाद या बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करेंगे। इसके अलावा कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट्स, फाइल या जानकारी को पोस्ट करना पूरी तरह से बैन रहेगा। राजनीतिक पहचान दिखाने पर भी रोक सरकारी कर्मचारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़े डीपी, प्रतीक या चिन्ह नहीं लगाएंगे। साथ ही अपने विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी को लेकर कोई पोस्ट भी नहीं करेंगे। जिन सरकारी कर्मचारियों को सरकार या विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की अनुमति दी गई है, केवल वही रूल्स के तहत अधिकृत पोस्ट कर सकेंगे। सरकार ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल FIR का प्रावधान नहीं है, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई सख्त होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। खास बात है कि UGC के नियम का विरोध कर रहे एडवोकेट ने RJD की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. कंचना यादव के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने सवर्णों को फंसाने की बातें कही थीं। क्या कंचना यादव के एक बयान से UGC का पूरा गेम पलट गया। कंचना यादव ने क्या कहा था? नए नियम का पूरा विवाद क्या है। इन सवालों का जवाब स्टेप-बाय-स्टेप जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः RJD नेता डॉ. कंचना यादव का बयान क्या था, जिसे कोर्ट में दलील की तरह पेश किया गया? जवाबः 27 जनवरी को सोशल मीडिया पर RJD की नेशनल स्पोक पर्सन डॉ. कंचना यादव का एक बयान आया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर UGC के नए नियम के खिलाफ आक्रोश और भड़का। एक इंटरव्यू में डॉ. कंचना यादव ने नए कानून को सही बताते हुए कहा था, ‘हजारों सालों से SC/ST/OBC आदि वर्गों पर अत्याचार और भेदभाव हुआ है। नया नियम लागू होने से सामान्य वर्ग को लग रहा है कि उन्हें झूठे केस में फंसाया जाएगा, लेकिन उन्हें तो फंसाया ही जाना चाहिए। तभी ऐतिहासिक अन्याय का बदला होगा।’ सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान एडवोकेट ने भी कंचना के इस बयान को बिना नाम लिए कोट करते हुए नियम में फंसाने की मंशा का जिक्र किया। जिस पर कोर्ट ने कहा- अभी के प्रारूप को देखकर लगता है कि नियम का गलत इस्तेमाल हो सकता है। सवाल-2ः सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहकर नियम पर रोक लगाई? जवाबः UGC के नए नियम के खिलाफ मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। इस पर 29 जनवरी को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल 2012 के UGC नियम देशभर में लागू रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के 4 अहम कमेंट्स पढ़िए... सवाल-3ः सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई, सरकार ने क्या कहा? जवाबः सरकार ने याचिका का विरोध नहीं किया। कोर्ट में चुप रही। सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर कुमार मिश्रा बताते हैं, ‘आम तौर पर किसी कानून या सर्कुलर के खिलाफ याचिका आती है तो सरकार उसका विरोध करती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।’ कोर्ट में क्यों चुप रही सरकार, समझिए… पॉलिटिकल एनालिस्ट विजय त्रिवेदी के मुताबिक... सवाल-4ः UGC के नए नियम के पीछे कौन सी राजनीति चल रही है? जवाबः यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि इसके पीछे जाति की राजनीति का पूरा खेल था। एक्सपर्ट के जरिए समझिए… मोदी सरकार: OBC वोट बैंक को जोड़ना चाहती है RJD को बैठे-बैठाए मिल गया मुद्दा सवाल-5ः UGC का नियम क्या है? विरोध क्यों हुआ? जवाबः UGC के नए कानून का नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' 13 जनवरी को UGC ने कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए कई निर्देश दिए थे। विरोध करने वाले लोग नियमों में 5 तरह की खामियां बता रहे हैं…
RTO द्वारा स्लीपर कोच बसों पर अचानक रोक लगाए जाने से आक्रोशित टूरिस्ट बस आपरेटरो ने गुरुवार को विरोध स्वरूप 100 से अधिक बसे सामाजिक न्याय परिसर में खड़ी कर दी। टूरिस्ट बस आपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि स्लीपर कोच बसों पर रोक लगाते हुए बसों को आरटीओ द्वारा बंद कर दिया गया। जिसके कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस निर्णय से केवल बस मालिक ही नहीं, बल्कि टूरिस्ट एजेंट, गाइड, ड्राइवर व स्टाफ, धर्म यात्रा से जुड़े छोटे व्यवसाय सहित कई अन्य लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। जिसके चलते बसों को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। टूरिस्ट बस ऑपरेटरों ने कहा ये सभी बसें उज्जैन में ही आरटीओ द्वारा विधिवत पास की गई थीं। ऐसे में इन्हें बिना पूर्व सूचना या समय दिए एकदम से बंद कर देना व्यवसायिक रूप से भी और नैतिक रूप से भी उचित नहीं है। इस निर्णय से केवल बस मालिक ही नहीं, बल्कि टूरिस्ट एजेंट, गाइड, ड्राइवर व स्टाफ, धर्म यात्रा से जुड़े छोटे व्यवसाय सहित कई अन्य लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। हजारों परिवारों की आजीविका इस कार्य पर निर्भर है। साथ ही, इससे धार्मिक यात्राओं की व्यवस्था पर भी सीधा प्रभाव पड़ रहा है। टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने सभी संबंधित विभागों से निवेदन किया हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और उचित समाधान निकाला जाए, ताकि रोजगार और धार्मिक यात्राओं दोनों की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। इस निर्णय की वजह से धार्मिक यात्राएं और बारातों का आवागमन काफी प्रभावित हो गया है। एसोसिएशन के सदस्य भावन कालरा ने बताया कि RTO ने जिन बसों को 2019 में 2X2 सीट का फिजिकल चेक कर फिटनेस पास किया उसका रजिस्ट्रेशन किया गया। 6 साल तक बस चलती रही 28 दिसम्बर 2025 तक ऐसे सभी बसों का रजिस्ट्रेशन किया गया। अब कुछ बसों में हुई घटना को लेकर एकाएक RTO ने रोक लगाकर कहा कि सभी बसों को 2 X 1 करना होगा। उज्जैन में कुल 839 ऐसी बसें है जिनको आरटीओ ने ब्लॉक कर दिया। अगर आरटीओ के नियम से बसों को मोडिफाइड करवाया गया तो कम से कम 7 से 10 लाख रुपए खर्चा आएगा। फिलहाल उज्जैन की 100 बसों को खड़ा कर दिया गया। इस दौरान सभी बसों में करीब 1 साल का समय लग जायेगा। प्रदेश में करीब ऐसी 8 हजार बसें है।
झारखंड की 6 बेटियां भारतीय टीम में, इनमें 4 गुमला की
झारखंड की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। सैफ अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए घोषित 23 सदस्यीय भारतीय टीम में राज्य की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता 31 जनवरी से 7 फरवरी तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित होगी। भारतीय टीम नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है। चयनित खिलाड़ियों में सबसे अधिक संख्या गुमला जिले की है। झारखंड सरकार के खेल विभाग द्वारा संचालित आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र से चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें एलिजाबेथ लकड़ा, अनीता डुंगडुंग, सूरज मुनि कुमारी और विनीता होरो शामिल हैं। इसके अलावा हजारीबाग आवासीय प्रशिक्षण केंद्र से अनुष्का कुमारी और रांची के स्टार वॉरियर्स क्लब से दिव्यानी लिंडा ने भारतीय टीम में जगह बनाई है। गांव का नाम रोशन किया सूरजमुनि के पिता महावीर उरांव ने कहा कि बेटी को शुरू से खेल में रुचि के अनुसार आगे बढ़ने दिया। अब बेटी ने गांव ही नहीं, राज्य का नाम भी रोशन किया है। गांव से यहां तक पहुंची, गर्व है एलिजाबेथ के पिता जेवियर लकड़ा ने बताया कि वे खेती पर निर्भर हैं। गांव के मैदान से भारतीय टीम तक पहुंचना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। हमारे लिए सपने जैसा... अनीता के पिता जेठू पुजार ने बताया कि बेटी का देश के लिए खेलना उनके लिए सपने जैसा है। गांव से बाहर कदम न रखने वाली बेटी विदेश जा रही है। मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने दी बधाई बेटियों की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान बढ़ा रही हैं, यह गर्व की बात है। 4 देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 31 जनवरी को मेजबान नेपाल के खिलाफ करेगी। चैंपियनशिप में भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। सीमित संसाधनों में बनाई पहचान: विनीता होरो के पिता काला होरो ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी ने मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। यह पूरे सिमडेगा के लिए गर्व का पल है। बड़ी उपलब्धि... किसान परिवारों की बेटियां पहनेंगी नेशनल टीम की जर्सी
सालों तक विशेष राज्य का दर्जा मांगने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक U-टर्न ले लिया है। मोदी सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करेगी। इससे पहले सभी राज्यों ने अपनी-अपनी डिमांड केंद्र सरकार को भेजी है। नीतीश सरकार ने अपनी डिमांड से विशेष राज्य को बाहर कर दिया है। उसकी जगह ज्यादा लोन और इंडस्ट्री लगाने की मांग की गई है। साथ ही बाढ़ से राहत के लिए पैकेज की डिमांड की गई है। भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, नीतीश सरकार ने मोदी सरकार से क्या-क्या मांग की है। 2005 से लगातार विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग अब बिहार को स्पेशल राज्य के दर्जा देने की डिमांड फिलहाल नीतीश सरकार के एजेंडे से बाहर हो गया है। बिहार सरकार की तरफ से केंद्र को बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री को सौंपे गए मेमोरेंडम में इस बार न ही विशेष राज्य का दर्जा मांगा गया है और न ही स्पेशल पैकेज की डिमांड रखी गई। नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते आ रहे हैं। 2010–2013 के दौरान इन्होंने इसके लिए कई रैलियां की थी। 2017 में सीएम नीतीश ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। 2021 में नीति आयोग के सामने उन्होंने इसकी मांग दोहराई थी। 2023 में नीतीश सरकार ने इसके लिए कैबिनेट प्रस्ताव पास किया था। 2024 के बाद NDA की बैठकों सहित मोदी सरकार के सामने वे कई बार अपनी यह मांग दोहराते रहे हैं। केंद्र सरकार, बिहार की इस मांग को अलग-अलग कारणों से इनकार करती रही है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से पिछले वित्तीय वर्ष में 59 हजार करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज दिया गया था। इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य बिहार में सड़क, उर्जा और बाढ़ राहत मद में खर्च करना था। इस बार भी बिहार को विशेष पैकेज की उम्मीद है। सबसे पहले जानिए केंद्र से बिहार सरकार की 3 डिमांड… 1. आधुनिक खेती और राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड नीतीश सरकार का इस बार पूरा फोकस बिहार में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने की है। सीएम नीतीश कुमार लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि अगले 5 साल में बिहार में एक करोड़ नौकरी और रोजगार का सृजन किया जाएगा। यही वजह है कि केंद्रीय बजट में भी इस बार बिहार सरकार ने राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड रखी है। बिहार सरकार ने केंद्र को सौंपे अपने ज्ञापन में डिमांड रखी है कि राज्य में इंडस्ट्री लगाई जाए। बिहार में जल संसाधन और स्किल्ड लेबर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री से मांग किया गया है कि राज्य में नई इंडस्ट्री स्थापित करने में मदद करें। इसके लिए अलग पैकेज उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन संभव हो सके। बिहार में एग्रीकल्चर सेक्टर में भी इंडस्ट्री और स्कोप काफी है। इसे देखते हुए नीतीश सरकार ने केंद्र से रोजगार सृजन के लिए खेती को आधुनिक बनाने की मांग रखी है। सरकार की तरफ से कृषि क्षेत्र में AI, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकों पर आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की भी मांग की गई है। 2. बाढ़ से राहत के लिए स्पेशल पैकेज की डिमांड पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से ‘कोसी-मेची लिंक परियोजना' के लिए ₹11,500 करोड़ रुपए अलॉट किए गए थे। इस परियोजना के तहत कोसी नदी के अतिरिक्त पानी को महानंदा की सहायक नदी मेची में छोड़ा जाएगा। ताकि बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा सके। एक बार फिर से बिहार सरकार की तरफ से बाढ़ राहत के लिए स्पेशल पैकेज की डिमांड की गई है। राज्य सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में उत्तरी बिहार में कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों से होने वाली भीषण तबाही को रोकने के लिए स्पेशल पैकेज की डिमांड की गई है। इसमें सैटेलाइट पूर्वानुमान, GIS मैपिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया गया है। साथ ही बाढ़ और सूखे के स्थायी समाधान के लिए 'इंटरलिंकिंग ऑफ रिवर' (नदी जोड़ो परियोजना) को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। 3. कर्ज में डूबी सरकार ने अधिक कर्ज देने की रखी मांग बिहार सरकार ने केंद्र से और अधिक कर्ज देने की मांग की है। इसे सरल भाषा में ऐसे समझिए कि केंद्र सरकार हर राज्य को एक तय मापदंड के आधार पर कर्ज देती है। फिलहाल, यह पैमाना 3 प्रतिशत का है। अब बिहार सरकार ने इसे 2 प्रतिशत और बढ़ाने की मांग की है। इसके लिए बिहार सरकार की तरफ से तर्क दिया गया है कि राज्य अपनी भौगोलिक और ऐतिहासिक चुनौतियों से लगातार जूझ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अधिक लोन लेकर चुनावी साल में किए गए वादों (जैसे-महिलाओं) को पैसा देना चाहती है। सरकार की तरफ से यह तर्क एक ऐसे मौके पर दिया गया, जब राज्य का तीन चौथाई राजस्व केंद्र से मिलता है। इतना ही नहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक बिहार का कुल ऋण 3.48 लाख करोड़ रुपये था। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 38.9 प्रतिशत है। सरल शब्दों में कहें तो बिहार के उत्पादित हर 100 रुपए पर 40 रुपए का कर्ज है। पिछले साल के बजट की घोषणाओं की स्थिति जानिए… 1. मखाना बोर्ड कहां खुलेगा? अभी तक तय नहीं हो पाया पिछले केंद्रीय बजट में बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा की गई थी। एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि इसका बोर्ड का गठन बिहार के किस जिले में किया जाएगा। फिलहाल, इसके पूर्णिया में खुलने की बात कही जा रही है, लेकिन दरभंगा और सहरसा में भी इसकी स्थापना को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। 2. फूड प्रोसेसिंग मैनेजेमेंट इंस्टीट्यूट की घोषणा अभी तक कागज पर पूर्वोदय योजना के तहत बिहार के पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण की एक्टिविटी को बेहतर बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने का फैसला किया गया। इस उद्देश्य से बिहार में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में तकनीकि और प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की गई थी। फूड प्रोसेसिंग मिनिस्टर चिराग पासवान बिहार के हाजीपुर से ही सांसद हैं। यही वजह है कि इस दिशा में तेजी से काम होने की उम्मीद लोगों को थी। लेकिन इसकी घोषणा के एक साल बाद यह कागज पर ही सीमित है। जमीन पर इस दिशा में फिलहाल कोई पहल नहीं हुई है। 3. पूर्णिया एयरपोर्ट शुरू हुआ, बिहटा समेत 5 का काम आगे बढ़ा बिहार में एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का भरोसा दिया गया था। इस पर लगातार काम चल रहा है। पटना एयरपोर्ट को न केवल मॉडर्न किया गया है, बल्कि इसकी यात्री क्षमता में भी बढ़ोतरी की गई है। पूर्णिया एयरपोर्ट की शुरुआत हो गई है, जबकि बिहटा एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। इसके अलावा बिहार में भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिये नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना की जा रही है। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, मुंगेर, वाल्मिकी नगर, वीरपुर और सहरसा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा गयाजी के विष्णुपद मंदिर में कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई थी, इसकी प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है।
मकरोनिया को निरंतर मिले पानी, सीएमओ बकाया चुकाएं: संभागायुक्त
संभागायुक्त अनिल सुचारी की अध्यक्षता में नगर परिषद कर्रापुर एवं नगर पालिका मकरोनिया में पेयजल आवंटन के संबंध में बैठक हुई। संभाग कमिश्नर सुचारी ने नगर परिषद कर्रापुर में पेयजल संकट को देखते हुए आगामी 15 वर्षों के लिए 1.5 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग को तत्काल प्रस्ताव भेजने के संबंध में अधीक्षण यंत्री को निर्देशित किया। नगर पालिका परिषद मकरोनिया को नगर निगम द्वारा पेयजल आपूर्ति आगामी समय में निरंतर जारी रखने के संबंध में निर्देशित किया गया। नगर पालिका मकरोनिया के सीएमओ को नगर निगम की बकाया राशि का भुगतान अतिशीघ्र करने के संबंध में निर्देश दिए गए।
121 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वाह:देवलचौरी की रामलीला में रामघाट पर टूटा शिव धनुष
देवलचौरी गांव के ऐतिहासिक रामघाट पर गुरुवार को त्रेता युग जीवंत हो उठा। 121 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला के ''धनुष यज्ञ'' प्रसंग के दौरान जैसे ही भगवान राम (आयुष दुबे) ने शिव धनुष ''पिनाक'' का भंजन किया, पूरा परिसर जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान हो गया। इस दौरान रावण-बाणासुर के रोचक संवाद और फिर लक्ष्मण (शुभ सिरोठिया) व परशुराम (भारतभूषण तिवारी) के बीच हुए तीखे शास्त्रार्थ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने सीता स्वयंवर के इस भव्य दृश्य का साक्षी बनकर कलाकारों के अभिनय की सराहना की।
बिहार में बारिश के बाद ठंड में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन में धूप निकल रही है, लेकिन शाम होते ही हल्की कनकनी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 6 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ अन्य जिलों में भी बादल छाए रह सकते हैं, हालांकि कुल मिलाकर मौसम सामान्य बना रहेगा। बीते 24 घंटे में पश्चिम चंपारण का वाल्मीकि नगर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, कुछ जिलों में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 1-3 दिन तक हल्की बारिश, बादल और कोहरे के साथ बदले-बदले हालात दिखाई देंगे। कुछ समय पर तेज हवा और हल्की बूंदाबांदी भी संभव है, खासकर उन जिलों में जहां यलो अलर्ट जारी हुआ है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ठंडी हवा अब भी बनी रह सकती हैं, जिससे तापमान सामान्य से कम रहेगा। खासकर सुबह और रात असर ज्यादा रहेगा। इस दौरान कोहरे और धुंध की स्थिति भी बने रहने की संभावना है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में मौसम मिला-जुला रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि बारिश के आसार कम हैं। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस की जाएगी, जबकि दिन में मौसम सुहावना रहेगा। न्यूनतम तापमान करीब 8 से 10 के आसपास रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 22 से 24 के बीच रहने का अनुमान है। हल्की ठंडी हवा ठंड का असर थोड़ा बढ़ा सकती है, लेकिन घना कोहरा या तेज ठंड की संभावना नहीं है। मौसम ऐसा क्यों है, वजह क्या है मौसम वैज्ञानिकों ने बताया, इस समय बिहार और आसपास के उत्तरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और नमी-भरी हवाओं का प्रभाव है, जिससे वातावरण में नमी का स्तर बढ़ा है। यह नमी बादलों को लंबे समय तक आकाश में बनाए रखती है। कभी-कभी बारिश की गतिविधियों को भी प्रेरित करती है। इसके अलावा, सर्द हवा और ठंडी रातें तापमान को सामान्य से नीचे ले जा रही हैं, जिससे हवाओं में नमी बने रहने से घना कोहरा और बादलों का असर देखने को मिल रहा है। इस वजह से मौसम में बदलाव और यलो अलर्ट जैसी स्थिति बनी है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि ये मौसमी बदलाव सामान्य मौसम पैटर्न का हिस्सा हैं, खासकर जब नमी अधिक हो और वायु का दबाव बदलता रहे। इसलिए बादल और बारिश-संबंधित गतिविधियां बनी हुई हैं।
हाईकोर्ट को जानकारी दी कि कांके थाना के प्रभारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई
झारखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को दामोदर नाथ शाहदेव की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति ए. के. राय की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से अदालत को बताया गया कि कांके थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, याचिकाकर्ता के पुत्र देवब्रत नाथ शाहदेव को एक अन्य मामले में, खूंटी थाना कांड संख्या 03/2026 में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इसके बाद अदालत ने कहा कि अब इस मामले में आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने हेबियस कॉर्पस याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले सुनवाई के दौरान न्यायालय के आदेश पर रांची एसपी न्यायालय में उपस्थित हुए। रांची। झारखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को साहिबगंज जिले में पहाड़िया जनजाति के लोगों के खिलाफ उत्पीड़न व बुनियादी सुविधाओं से वंचित किए जाने के मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत ने सुनवाई करते हुए इस मामले को काफी गंभीर माना। अदालत ने कहा कि साहिबगंज में कुछ लोग कानून को हाथ में लेकर समानांतर प्रशासन चला रहे हैं। यह संविधान से प्राप्त मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में आरोपी सफीकुल शेख, जलील शेख और काशिम शेख की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और पहाड़िया समुदाय को सुरक्षा देने को कहा।
क्या हॉस्टल में खिलाई गईं नशे की गोलियां?:17 घंटे का CCTV कहां है, जांच के दायरे सबसे यंग 5 लड़के
नीट छात्रा रेप–मौत केस में पटना पुलिस की SIT की जांच एक खास गाइडलाइन के तहत हो रही है। पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जांच को कई संभावित दिशाओं में बांटते हुए CID ने SIT को 59 पॉइंट्स की खास गाइडलाइन सौंपी है, जिसमें हॉस्टल, परिवार, जहानाबाद, दोस्तों और डिजिटल सबूतों से जुड़ी गंभीर कई आशंका जाहिर की गई है। जांच का केंद्र 5 जनवरी की रात 9.30 बजे से 6 जनवरी की दोपहर 2 बजे तक है, जब हॉस्टल में गतिविधियां सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही हैं। दरअसल, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद CID की टीम ने SIT के साथ हॉस्टल जाकर जांच की थी। इसके बाद ही SIT को खास गाइडलाइन दी गई। उधर, FSL की रिपोर्ट में छात्रा के स्पर्म की जो क्वालिटी मिली है, उसकी उम्र 18 से 21 साल तक लड़के की उम्र बताई जा रही है। इस आधार पर अब 4 से 5 सबसे यंग लड़के जांच के दायरे में आ गए हैं। CID ने क्या रिपोर्ट दी? 59 पॉइंट में सबसे महत्वपूर्ण क्या हैं, जिसकी दिशा में CID बढ़ रही है…कौन से लड़के जांच में सबसे ज्यादा संदिग्ध माने जा रहे हैं…पढ़िए रिपोर्ट हॉस्टल पर आशंका: क्या नींद की गोलियां यहीं दी गईं? CID की गाइडलाइन इस आशंका पर केंद्रित है कि छात्रा को हॉस्टल में एंटी-डिप्रेसेंट या सेडेटिव दवाएं दी गई थीं। कमरे से तीन खाली दवा स्ट्रिप मिलने, लेकिन पुलिस को केवल एक स्ट्रिप सौंपे जाने से संदेह और गहराया है। नाबालिग छात्रा के पास इतनी अधिक मात्रा में दवाओं का होना, वार्डेन द्वारा इन दवाओं को परिजनों को सौंप देना और पुलिस को तुरंत सूचना न देना- ये सभी बिंदु सवालों के घेरे में हैं। इसके अलावा, हॉस्टल के कमरे में CCTV कैमरे का न होना, दरवाजा तोड़ने से पहले किसी प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी न होना और हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी के बावजूद अन्य जिम्मेदारों की भूमिका- इन सभी पहलुओं पर CID का विशेष रूप से फोकस है। यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले हॉस्टल में इस तरह की कोई घटना हो चुकी है। परिवार के लोगों पर आशंका: घर जाने–लौटने में अलग तरह का पैटर्न CID के दिए बिंदुओं के आधार पर SIT इस एंगल से भी जांच कर रही है कि 26 दिसंबर को पूरा परिवार अचानक हॉस्टल क्यों पहुंचा और छात्रा को घर क्यों ले जाया गया। सामान्य परिस्थितियों में छात्राएं अकेले आती-जाती हैं, लेकिन इस मामले में माता-पिता और भाई, तीनों का एक साथ आना जांच का विषय बना हुआ है। घर जाते समय CCTV फुटेज में छात्रा और परिजनों के व्यवहार का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही, घर पर 9 दिन रुकने के दौरान छात्रा की मानसिक स्थिति, मोबाइल सर्च हिस्ट्री और FIR दर्ज कराने में हुई देरी- इन सभी पहलुओं को आपस में जोड़कर जांच की जा रही है। अस्पताल में बयान न देना और पहले “केस नहीं करना चाहते” वाला मैसेज भी जांच के दायरे में शामिल है। जहानाबाद में घटना की आशंका: घर के भीतर क्या हुआ जांच टीम इस संभावना पर भी काम कर रही है कि घटना की कड़ियां जहानाबाद स्थित छात्रा के घर तक जुड़ती हैं। 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक छात्रा घर पर रही, इस अवधि में वह कहां गई, किन लोगों से मिली और उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। गांव के चौकीदार, पड़ोसियों और नजदीकी रिश्तेदारों से पूछताछ जारी है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं दवा या किसी जहरीले पदार्थ की व्यवस्था घर से ही तो नहीं की गई। मोबाइल सर्च हिस्ट्री का घर से शुरू होना और अचानक तबीयत बिगड़ने की टाइमलाइन इस आशंका को और मजबूत करती है। दोस्त या निजी मुलाकात की आशंका: पटना लौटने के बाद की मूवमेंट CID ने इस एंगल को भी खुला रखा है कि 5 जनवरी को पटना पहुंचने के बाद छात्रा किसी दोस्त या परिचित से मिली हो। ऑटो चालक से पूछताछ, स्टेशन और रास्ते के CCTV फुटेज, मेडिकल स्टोर से दवा खरीद की संभावना-इन सबकी जांच हो रही है। सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और कोचिंग से जुड़े दोस्तों से जानकारी जुटाई जा रही है। NEET परीक्षा के दबाव और निजी रिश्तों से जुड़े तनाव को भी इस एंगल में शामिल किया गया है। 5 जनवरी रात 9.30 से 6 जनवरी शाम 4 बजे: सबसे संदिग्ध समय CID की जांच का सबसे संवेदनशील चरण यही समयावधि माना जा रहा है। इसी दौरान छात्रा के कमरे के बाहर की कोई CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इसी वक्त उसे दवाएं दी गईं या उसने स्वयं दवाएं लीं। फुटेज से किसी भी तरह की छेड़छाड़ का पता लगाने के लिए DVR की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल गतिविधियां, अन्य मोबाइल की मौजूदगी और दरवाजा तोड़ने से पहले की गतिविधियां- इन सभी पहलुओं की जांच इसी समय-सीमा के भीतर की जा रही है। मामा से बातचीत अचानक बंद होना: मानसिक दबाव का संकेत CID इस तथ्य को एक अहम कड़ी मान रही है कि छात्रा की मामा से लगातार हो रही बातचीत 25 नवंबर के बाद अचानक बंद हो गई। इसे मानसिक सहयोग के खत्म होने और संभावित तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और परिवार के भीतर के संबंधों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पड़ताल की जा रही है कि इस बदलाव के बाद छात्रा के व्यवहार और ऑनलाइन सर्च पैटर्न में कोई उल्लेखनीय अंतर आया या नहीं। अब तक 25 लोगों का DNA टेस्ट, 4 लड़कों के आसपास घूम रही जांच FSL रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म की उम्र 18 से 21 साल के युवक से मेल खाने के बाद SIT की जांच का दायरा थोड़ा सिमट गया है। अब फोकस चार से पांच ऐसे युवकों पर है, जिनकी उम्र इसी रेंज में है और जिनका हॉस्टल या छात्रा से सीधा संपर्क रहा। अब तक 25 लोगों के DNA टेस्ट हुए हैं, इनमें चार से पांच लड़के ऐसे हैं, जिनकी उम्र इस एज ग्रुप में आती है। CID अब इन युवकों की गतिविधियों, कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और छात्रा से संपर्क की टाइमलाइन का मिलान कर सकती है। हॉस्टल से जुड़े दो युवक रडार पर जांच में सामने आया है कि 18–21 वर्ष आयु वर्ग के दो युवक सीधे तौर पर शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े हुए हैं। इनमें हॉस्टल मालिक मनीष रंजन का बेटा और हॉस्टल संचालक का एक बेटा शामिल बताया जा रहा है। SIT इन दोनों की हॉस्टल में मौजूदगी और आवाजाही की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखे हुए है। इसके अलावा कुछ अन्य युवकों के भी DNA सैंपल लिए गए हैं, जिनकी लोकेशन घटना के समय आसपास पाई गई थी। जहानाबाद के दो युवक, छात्रा से करीबी SIT के अनुसार, 18–21 आयु वर्ग के दो युवक जहानाबाद के हैं, जिनका छात्रा से संपर्क रहा। एक को छात्रा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है, जबकि दूसरे के साथ रिश्तेदारी की बात सामने आई है। कॉल डिटेल और मोबाइल संपर्क के आधार पर इनकी भूमिका जांची जा रही है। दोस्ती और रिश्तेदारी एंगल की गहन जांच जांच एजेंसियां इस बिंदु पर फोकस कर रही हैं कि छात्रा के निजी रिश्तों में कोई तनाव, दबाव या विवाद तो नहीं था। दोस्ती और पारिवारिक नजदीकी के कारण इन युवकों को छात्रा की दिनचर्या, मानसिक स्थिति और आवाजाही की पूरी जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है। DNA और डंप डेटा से खुलेगा सच SIT अब इन सभी संदिग्ध युवकों के DNA को FSL में मिले सैंपल से मिलाने की तैयारी में है। साथ ही हॉस्टल इलाके का डंप टावर डेटा खंगाला जा रहा है, ताकि घटना वाली रात 18–21 उम्र के कौन-कौन से मोबाइल सक्रिय थे, यह साफ हो सके। कॉल डिटेल से पता चलेगा किससे आखिरी बातचीत हुई SIT छात्रा की एक महीने की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि छात्रा ने किन-किन लोगों से बात की। किन लोगों से फोन पर ज्यादा संपर्क रहा। आखिरी कॉल किसे की गई। 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे छात्रा ने अपने पिता से बात की थी। इस दौरान उसने किसी परेशानी की बात नहीं कही। इसके बाद छात्रा की बात किन लोगों से बात हुई या नहीं हुई। यह जांच का अहम हिस्सा है। कॉल डिटेल को हॉस्टल रजिस्टर, CCTV फुटेज और संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड से मैच किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी नंबर से बार-बार कॉल या मैसेज आया, जिससे मानसिक दबाव या साजिश की आशंका हो। एक महीने की मोबाइल सर्च हिस्ट्री देखी जा रही जांच में सामने आया है कि छात्रा के मोबाइल में नींद की गोली से जुड़ी सर्च हिस्ट्री मिली है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने किस मानसिक हालत में यह सर्च किया। इसके अलावा 5 जनवरी से 6 जनवरी दोपहर तक की सर्च हिस्ट्री को टाइमलाइन के साथ देखा जा रहा है। क्या कोई मेडिकल सर्च थी, क्या किसी दवा या लक्षण से जुड़ी जानकारी खोजी गई? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। SIT का मानना है कि मोबाइल सर्च हिस्ट्री से यह संकेत मिल सकता है कि छात्रा पर कोई दबाव था या उसे किसी तरह की दवा दी गई। घटना की सीक्वेंस बना रही SIT और AIIMS की टीम SIT ने 27 दिसंबर से 11 जनवरी तक की पूरी इवेंट सीक्वेंस तैयार की है। इसमें छात्रा का घर जाना, वापस लौटना, हॉस्टल पहुंचना, अस्पताल में भर्ती होना और अंत में मौत तक की पूरी टाइमलाइन शामिल है। इस सीक्वेंस में पिता, ड्राइवर, हॉस्टल स्टाफ, डॉक्टर और रिश्तेदारों के बयान शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज से पहले MLC तैयार की गई, जिससे पुलिस को सूचना मिली। SIT का कहना है कि यह पूरी सीक्वेंस कोर्ट में सबूत के तौर पर रखी जाएगी ताकि साफ हो सके कि किस स्तर पर क्या हुआ और किसकी जिम्मेदारी बनती है। AIIMS की टीम ने सोमवार-मंगलवार को घटना का सीन रीक्रिएट किया है। इसमें छात्रा के हॉस्टल से अस्पताल में भर्ती होने तक के मूवमेंट को देखा गया है।
ग्वालियर में गणतंत्र दिवस पर एक सिरफिरे लड़के ने सड़क पर खड़ी अर्टिगा कार और एचडीएफसी बैंक के एटीएम में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इसी उत्पात मचाने वाले युवक ने एक पार्षद पति की स्कॉर्पियो में भी तोड़फोड़ की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गुरुवार रात घटना का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि यह पूरा कांड एक नाबालिग छात्र ने किया था। आरोपी दसवीं कक्षा का छात्र है और उसके पिता वन विभाग में अधिकारी बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, छात्र ने नशे की हालत में इस वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नाबालिग को पकड़ लिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। ग्वालियर में किला गेट चौराहा पर एचडीएफसी बैंक का एटीएम लगा हुआ है। 26 जनवरी को जब पूरे ग्वालियर में पुलिस हाई अलर्ट पर थी और हर तरफ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम हो रहे थे, तभी सुबह 11:30 बजे एक सिरफिरा लड़का एचडीएफसी के एटीएम में पहुंचता है और इधर-उधर देखता है और एटीएम के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा देता है। मशीन में आग लगते ही फायर अलर्ट चालू होता है और जानकारी सीधे मुम्बई स्थित बैंक के मुख्यालय पहुंचती है। एटीएम में आग लगने की जानकारी ग्वालियर की टीम को मुम्बई से दी गई। आग लगने की सूचना मिलते ही टीम किला गेट पहुंची और जांच शुरु की। एटीएम में लगे CCTV में घटना देखने के बाद बैंक की टीम हत प्रभ रह गई। आग लगाने के बाद आरोपी एटीएम परिसर में ही खड़ा रहा। आग लगने के बाद जब काफी देर तक मशीन नहीं खुली तो बदमाश निकल कर भाग गया। बुधवार रात को बैंक कर्मी अविनाश यादव निवासी हनुमान कॉलोनी ने ग्वालियर थाना पहुंचकर शिकायत की। अर्टिगा कार में पेट्रोल डालकर लगाई थी आगअभी पुलिस पड़ताल कर पाती, उससे पहले ग्वालियर थाना क्षेत्र स्थित पच्चीपाड़ा निवासी शंकर सिंह तोमर भी थाना पहुंचे। शंकर सिंह ने बताया कि उनकी घर के बाहर खड़ी उनकी आर्टिगा कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। शंकर सिंह बाहर निकले तो उन्हें गालियां देने लगा। जब बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया तो वह भागा गया। इसके बाद वार्ड 13 की पार्षद ज्योति सिकरवार के पति और भाजपा नेता दिनेश सिंह सिकरवार की स्कार्पियो नम्बर एमपी07सीजी-3472 में तोड़-फोड़ कर दी। पत्थर मारने से स्कार्पियो का आगे का कांच तोड़ दिया। सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया आरोपी शहर में एक सिरफिरे लड़के द्वारा उत्पात मचाने और कार व एटीएम में पेट्रोल डालकर आग लगाने की घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। कार में आग लगाते समय उसके स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी नाबालिग है और दसवीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता वन विभाग में अधिकारी बताए जा रहे हैं। सनकी निकला नाबालिग छात्र पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नाबालिग है और दिमाग से सनकी है। घर में किसी बात को लेकर विवाद होने के बाद वह पिछले पांच दिनों से घर नहीं गया था। वारदात के समय वह नशे की हालत में था और गुस्से में होने के कारण कुछ भी समझ नहीं पा रहा था। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया- एटीएम और कार पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के मामले में एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा गया है। फिलहाल, उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने ऐसा क्यों और किन परिस्थितियों में किया।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर लौटेगा। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने 31 जनवरी और 1-2 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ऐसा होगा। इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 जिलों में कहीं हलका तो कहीं मध्यम कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी कोहरे का असर है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जनवरी, 1-2 फरवरी को बारिश होने का अलर्ट है। इससे पहले कोहरे का असर बना रहेगा। अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट सिस्टम लौटने के बाद कड़ाके की सर्दीपहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस वजह से समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 241 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी बह रही है। इसका असर एमपी में भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को दिन में सर्द हवाएं चलती रही। ग्वालियर-चंबल हिस्से में सर्द हवाओं का असर ज्यादा रहा और अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगी। मध्य प्रदेश में भी दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मंदसौर में पारा 5 डिग्री से नीचे, पचमढ़ी भी ठंडा रहाओले और बारिश का दौर थम के बाद प्रदेश में सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। गुरुवार की सुबह प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में कोहरा छाया रहा। स्थिति यह है कि सुबह 10 बजे तक भी कई जिलों में धूप नहीं खेली है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ था। इस वजह से आम लोगों के सामने मुश्किलें भी बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, दतिया में सबसे घना कोहरा रहा। उज्जैन, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, खजुराहो, सतना, मलाजखंड, धार, गुना, रायसेन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, उमरिया में भी विजिबिलिटी कम रही। इधर, रात के तापमान में भी गिरावट हुई है। मंदसौर में तापमान 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया। वहीं, इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा रहा। दिन में 20 डिग्री से नीचे पारा, ग्वालियर में सबसे कम 19.6 डिग्री रहामध्य प्रदेश में भले ही रात में कड़ाके की ठंड से राहत हो, लेकिन दिन में कई शहरों में तेज सर्दी है। गुरुवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान सबसे कम 19.6 डिग्री रहा। दतिया में 20.3 डिग्री, भोपाल में 20.4 डिग्री, श्योपुर में 20.6 डिग्री, नौगांव में 20.7 डिग्री, रतलाम-रीवा में 21.2 डिग्री, गुना में 21.8 डिग्री, खजुराहो-टीकमगढ़ में 22 डिग्री, इंदौर में 22.2 डिग्री, दमोह-दमोह में 22.4 डिग्री, सागर में 22.8 डिग्री, सतना में 22.7 डिग्री, उज्जैन में 23 डिग्री, धार में 23.2 डिग्री, जबलपुर में 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन 7 फरवरी से
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक करवा सकेंगे। पंजीयन की नि:शुल्क व सशुल्क व्यवस्था निर्धारित केंद्रों पर की जा रही है। इस वर्ष गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है।
पदस्थापन में हो रही देरी पर पुलिस एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी
रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और पुलिस प्राधिकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एसोसिएशन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की लंबित मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे पुलिस बल का मनोबल गिर रहा है। इसका प्रतिकूल असर उनके कार्य निष्पादन पर पड़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने बताया कि 25 जून 2025 को झारखंड पुलिस के 64 इंस्पेक्टरों को डीएसपी पद पर प्रोन्नति दी गई थी। प्रोन्नति आदेश में स्पष्ट किया गया था कि पदस्थापन की तिथि से ही प्रोन्नति प्रभावी मानी जाएगी और सभी संबंधित लाभ दिए जाएंगे। बावजूद इसके, सात माह बीत जाने के बाद भी नवप्रोन्नत अधिकारियों का पदस्थापन नहीं किया गया। इस अवधि में दो नवप्रोन्नत अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि चार अन्य अधिकारी 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सेवानिवृत्त होने जा रहे अधिकारियों में अखिलेश्वर प्रसाद मंडल, सरोज कुमार सिंह, शैलेश प्रसाद और विनोद उरांव शामिल हैं। पदस्थापन नहीं होने से इन अधिकारियों को प्रोन्नति से मिलने वाले लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि 28 जनवरी को प्रतिनिधिमंडल ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों की समस्याओं से अवगत कराया था।
अब शहर में हो सकेगी आईएएस स्तर के अफसरों की भी ट्रेनिंग
प्रदेश में उज्जैन और ग्वालियर में एक डिजाइन में राजस्व का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान बनने जा रहा है। शासन ने दोनों ही स्थानों के लिए एक आर्किटेक्ट नियुक्त िकया, जो कि डिजाइन फाइनल करने में जुटा है। उज्जैन में न केवल पटवारियों की बल्कि राजस्व विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों की ट्रेनिंग हो सकेगी। जिला प्रशासन में नजूल के अधिकारी आलोक चौरे ने बताया कि शासन ने लालपुर के पटवारी स्कूल को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान के रूप में डेवलप करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में ग्वालियर के आला अधिकारियों की टीम हाल ही में उज्जैन आकर निरीक्षण करके गई हैं। तय हुआ है कि दोनों ही शहरों में एक ही डिजाइन का प्रशिक्षण संस्थान बनेगा। जल्द डिजाइन फाइनल होकर आएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। अभी यह स्थिति : लालपुर के पटवारी स्कूल के पास वर्तमान में 8 बीघा जमीन में से 2 बीघा पर निर्माण है। विस्तार के लिए 4 बीघा अतिरिक्त चाहिए, ताकि परिसर 12 बीघा होकर निर्माण हो सके।
उधना-अयोध्या कैंट के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी
उज्जैन | यात्रियों की मांग एवं सुविधा को ध्यान में रखकर रतलाम मंडल से होकर उधना-अयोध्या कैंट के बीच ट्रेन नंबर 09093/09094 उधना -अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार ट्रेन नंबर 09093 उधना-अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को उधना से सुबह 7.25 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 10.30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन उधना से 13 फरवरी से 27 मार्च तक चलेगी। इस ट्रेन का रतलाम मंडल के रतलाम (दोपहर 1.35/1.45 बजे), नागदा (दोपहर 2.23/2.25), उज्जैन (दोपहर 3.25/3.30), मक्सी एवं सीहोर आगमन/प्रस्थान होगा। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 09094 अयोध्या कैंट-उधना स्पेशल प्रत्येक शनिवार को अयोध्या कैंट से दोपहर 2.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन को शाम 5.15 बजे उधना पहुंचेगी।
जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी है। सोनमर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 11.2C दर्ज किया गया। श्रीनगर में तापमान माइनस 0.6C रहा। 1 फरवरी से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश-बर्फबारी हो सकती है। मध्य प्रदेश में ओले और बारिश का दौर थमने के बाद सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा रहा। चंडीगढ़ के डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट ने उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार शाम 5 बजे तक हिमस्खलन का गंभीर खतरा बताया है। वहीं, मौसम विभाग ने 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच राज्य में फिर से बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। हरियाणा के 16 जिलों में गुरुवार को घना कोहरा छाया रहा। जींद में रोहतक हाईवे पर विजिबिलिटी जीरो रही। प्रदेश में 23 ट्रेनें लेट हुईं। प्रदेश में सबसे कम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस नारनौल में दर्ज किया गया। राजस्थान में बारिश-ओलावृष्टि के बाद बदले मौसम से सर्दी फिर से तेज हो गई है। पाली में न्यूनतम तापमान 4.1C और माउंट आबू में 3.3C रहा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जयपुर में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… अन्य राज्यों में मौसम का हाल
भूमि आवंटन में आपत्ति के लिए 30 दिन का समय तय
उज्जैन | ग्राम दाउदखेड़ी स्थित भूमि सर्वे क्र. 63/3 रकबा 18.2010 हेक्टेयर में से 0.80 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय ट्रेनिंग सेंटर निर्माण के लिए भूमि आवंटन किया जाना है। जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा भूमि आवंटन का आवेदन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ग्रामीण में प्रस्तुत किया है। यदि किसी को आपत्ति हो तो अनु. अधिकारी राजस्व ग्रामीण कार्यालय में 30 दिन में दे सकते हैं।
अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने पर मिलेंगे पुरस्कार
उज्जैन | राज्य व संभाग स्तरीय पुरस्कार योजनांतर्गत उपभोक्ताओं को अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने तथा उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, व्यक्तियों एवं छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार दिए जाते है। यह पुरस्कार विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च 2026 के अवसर पर दिए जाएंगे।
फाइलों में चलती रहीं 244 सिटी बसें, ऑटो-टोटो के भरोसे रह गई रांची
रांची को राजधानी बने 25 साल हो गए हैं। इतने वर्षों के बाद भी शहर में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित नहीं हुई। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली दुरुस्त करने की कवायद पिछले पांच वर्षों से चल रही है। शहर में 244 नई सिटी बसें चलाने की योजना बनी थी। इसके लिए टेंडर किया गया। जिस मॉडल पर बसों का परिचालन किया जाना था, उसके लिए कोई कंपनी आगे नहीं आ रही थी। पिछले वर्ष दो कंपनियां बस खरीद कर चलाने के लिए तैयार हुईं। तब दो टेंडर पड़े। निगम ने टेंडर का मूल्यांकन करके इसका प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजकर मार्गदर्शन मांगा, लेकिन आज तक विभाग ने उक्त प्रस्ताव पर कोई निर्देश नहीं दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि सिटी बसें फाइलों में चलती रहीं। सड़कों पर ऑटो-टोटो की भरमार हो गई। जाम और प्रदूषण रांची के लोगों की रोजमर्रा की समस्या बन गई है। वह सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है पुरानी बसें कंडम होती गईं, नई से हो रही खानापूर्ति निगम ने वर्ष 2010 में 70 सिटी बसों की खरीदारी की थी। वे सभी बसें कंडम हो गईं। अब वे खादगढ़ा बस स्टैंड में लगी हैं। इसके बाद निगम ने वर्ष 2016 में टाटा मोटर्स की 26 सिटी बसों की खरीदारी की थी। नई बस आने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली, लेकिन इसका भी मेंटेनेंस नहीं होने से जैसे-तैसे यात्री सफर कर रहे हैं। सिर्फ एक रूट तक सीमित रह गईं सिटी बसें पहले रातू रोड से कांटाटोली होते हुए धुर्वा तक बसें चलती थीं, लेकिन अब निगम की मात्र 24 बसें ही चल रही हैं। कचहरी चौक से मेन रोड, राजेंद्र चौक होते हुए धुर्वा तक बसें चल रही हैं। इस वजह से दूसरे रूट के यात्रियों को ऑटो या निजी वाहन का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं के लिए चार स्पेशल बस चलाने का दावा किया जाता है, लेकिन सड़क पर वे कम ही दिखती हैं। आए दिन छेड़खानी की शिकार हो रहीं महिलाएं सिटी बस में सफर करने वाली अधिकतर लड़कियां-महिलाएं छेड़खानी की शिकार होती हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर कई महिला यात्रियों ने बताया कि बसों में इतनी भीड़ होती है कि कई पुरुष यात्री जानबूझ कर धक्का देते हैं या गलत तरीके से छूने का प्रयास करते हैं। अब यह दिनचर्या बन गई है। परिवहन का साधन नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बस में सीट नहीं मिलती, खड़े होकर सफर करना पड़ता है: संजू शेरपा कडरू की संजू शेरपा कहती है कि सिटी बसों की स्थिति खराब है। बसों की सीटें टूटी हुई हैं, जो बैठने लायक नहीं बची हैं। भीड़ के कारण महिलाओं को सीट नहीं मिलती है। खड़े होकर सफर करना पड़ता है। इस कारण महिलाओं को काफी परेशानी होती है। सिटी बसों में सांस लेना मुश्किल, धक्का-मुक्की आम बात: जया जया ने बताया कि वह रोजाना सिटी बस से यात्रा करती हैं। हर दिन बस यात्रियों से खचाखच भरी होती है। भीड़ के कारण बस के अंदर सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। पसीना, घुटन और धक्का-मुक्की, छेड़खानी आम बात है। महिलाओं के लिए चार स्पेशल बस चलाने का दावा, लेकिन वे भी सड़क पर कम ही दिखती हैं सिर्फ रंग बदल रहा बसों का, व्यवस्था वही घिसी-पिटी 10 साल पहले खरीदी गई बसों का रंग लाल था, बाद में मंईयां सम्मान योजना लागू होने के बाद इसका रंग बदलकर गुलाबी कर दिया गया, लेकिन पिछले साल सभी बसों का रंग फिर बदलकर नीला कर दिया गया। बसों में सरकार की योजनाओं का बखान किया गया है, लेकिन आप बस के अंदर बैठ जाएं तो व्यवस्था को कोसते हुए ही सफर पूरी होगी। बसों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा है। जिस तरह बसों के रंग बदले गए, उसी तरह अगर अंदर की सीट, कल-पुर्जे भी बदले जाते तो यात्रियों को थोड़ी राहत भी मिलती, लेकिन नगर निगम ने ऑपरेटर के जिम्मे बस करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। ऑपरेटर अपनी मनमानी कर रहे हैं। पिछले 25 सालों में रांची नगर निगम ने सार्वजनिक परिवहन के नाम पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च करके 96 सिटी बसों की खरीदारी की। यह पैसे भी केंद्र सरकार से जेएनएनयूआरएम योजना के तहत मिले थे। उक्त फंड से पहले फेज में 2010 में 7.50 करोड़ से 70 सिटी बसों की खरीदारी की गई। निगम बस खरीदने के बाद चलाने के लिए ऑपरेटर खोजता रहा, लेकिन नहीं मिला। तीन माह तक बस पार्किंग में खड़ी रही। इसके बाद इसे चलाने की जिम्मेदारी जेटीडीसी को दे दी गई। जेटीडीसी ने पांच साल बस चलाने के बाद निगम को वापस कर दिया। इसके बाद 4 बसें जल गईं, बाकी जो बचीं, वे कबाड़ हो गईं। इसके बाद वर्ष 2016 में करीब 3 करोड़ की लागत से 26 नई बसें खरीदी गईं। इसमें से 22 बसें मेन रोड में चल रही हैं।
अहाते में बैठाकर शराब पिलाने से कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। झगड़े हो रहे हैं। यह तर्क साल 2023 में मध्य प्रदेश की तत्कालीन शिवराज सरकार ने अहाते बंद करने का निर्णय लेते हुए दिया था। कई लोगों को यह फैसला कांटे की तरह चुभा तो आपदा में अवसर तलाशने वाले माफिया ने इसका फायदा उठाया और राजधानी में नाइट लाइफ नेटवर्क एस्टेबलिश कर लिया। इसी नेटवर्क की बदौलत भोपाल की सड़कों पर मौजूद ढाबे अब सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं रहे, बल्कि बिना लाइसेंस चल रहे अवैध बार में तब्दील हो चुके हैं। यहां न सिर्फ शराब परोसी जा रही है, बल्कि खुलेआम यह दावा भी किया जा रहा है कि पुलिस का कोई सीन नहीं है, सब सेटिंग है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में साफ हो गया कि ढाबा संचालक ऑर्डर पर शराब उपलब्ध कराने, पूरी प्रॉपर्टी पार्टी के लिए मुहैया कराने और पुलिस कार्रवाई से बचाने की गारंटी दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब अवैध शराब पिलाने की शिकायत डायल 112 पर की गई, तो पुलिस करीब सवा घंटे बाद पहुंची और बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। पढ़िए, किस तरह शराब माफिया भोपाल में नाइट लाइफ नेटवर्क चला रहे हैं… नटखट ढाबा…आबकारी टीम आ भी जाए तो देख लेंगे भोपाल में कोलार रोड स्थित नटखट ढाबा, शराब माफिया के नाइट लाइफ नेटवर्क का सबसे बड़ा उदाहरण है। इसे चला रहे वीरेंद्र राजपूत का दावा सीधा और बेखौफ है। वह साफ कहता है कि पुलिस रेड जैसी कोई बात नहीं होती। अगर कभी आबकारी विभाग की टीम आ भी जाए तो बस नाम पूछा जाएगा और मामला वहीं खत्म। वीरेंद्र यह भी बताता है कि यह प्रॉपर्टी पूर्व बीजेपी विधायक ध्रुव नारायण सिंह की है। वीरेंद्र ने कहा- चाहे जितनी शराब मंगवाएं, रात साढ़े 11 बजे तक सब उपलब्ध करा दिया जाएगा। यही नहीं, यहां पार्टी के लिए एक प्राइवेट प्रॉपर्टी 12 हजार रुपए प्रतिदिन में भी दी जाती है, जिसमें प्राइवेसी और 24 घंटे पार्टी की छूट मिलती है। वह पुलिस कार्रवाई से बचाने की भी गारंटी देता है। वीरेंद्र कहता है कि अगर कोई टीम आती भी है, सब सेटिंग हो जाती है। दावों का टेस्ट… डायल 112 फेलवीरेंद्र के दावों की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने रात 11 बजकर 45 मिनट पर डायल 112 को कॉल किया। नटखट ढाबा पर अवैध शराब पिलाने की शिकायत दर्ज कराई। कुछ मिनट बाद मैसेज आया, जिसमें पुलिस के पहुंचने का समय रात 11 बजकर 55 मिनट बताया गया। फिर रात 12 बजे एक कॉल आया, जिसमें सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डायल 112 से बताया और कहा- आप निकल जाइए, हम गाड़ी भेज रहे हैं। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। करीब 45 मिनट तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ढाबे के अंदर पार्टी बेधड़क चलती रही। शराब परोसी जाती रही और किसी तरह की रोक-टोक नहीं हुई। पुलिस आई, बात की और चली गईरात 1 बजकर 5 मिनट पर आखिरकार डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। एक पुलिसकर्मी अंदर गया। ढाबा संचालक से कुछ मिनट बात की और फिर 1 बजकर 10 मिनट पर टीम वापस लौट गई। न कोई शराब जब्त हुई, न कोई कार्रवाई, न कोई पंचनामा। यह वही स्थिति है, जिसके भरोसे ढाबा संचालक पहले ही कह चुका था कि सब सेट है। बंगरसिया ढाबा…ऑर्डर पर मिल जाएगी ब्रांडेड शराब भोपाल के बंगरसिया में भी यही कहानी दोहराई गई। यहां ठाकुर फैमिली ढाबा के संचालक धनीराम केवट ने कहा- आरएस, ओल्ड मॉन्क जैसी ब्रांडेड शराब आसानी से मिल जाएंगी। जब 10-12 लोगों की पार्टी की बात कही तो उसने कहा- पहले से बता देना। खाना और शराब दोनों का इंतजाम कर दिया जाएगा। 10-12 बोतल शराब की डिमांड पर भी उसने बिना हिचक हामी भर दी। ठाकुर फैमिली ढाबा…प्राइवेट स्पेस में पिला रहे शराब बंगरसिया में ही ठाकुर फैमिली ढाबा भी इसी गोरखधंधे में शामिल है। यह सिर्फ नाम का ही ढाबा है, हकीकत में अवैध बार बन चुका है। यहां छोटे-छोटे प्राइवेट स्पेस बनाए गए हैं, ताकि लोग बिना किसी डर के शराब पी सकें। संचालक प्रमोद सिंह जादौन ने साफ कहा- आप जो दारू बोलोगे, मिल जाएगी। उसने ओल्ड मॉन्क साढ़े 500 रुपए में देने की बात कही, यह शराब ठेके से भी कम रेट है। जब पुलिस के आने को लेकर सवाल किया गया, तो जवाब मिला- कोई नहीं आएगा, रात 12 बजे तक हम झेल लेंगे। दिन में दो बार शराब की सप्लाईसूत्रों ने बताया कि इन ढाबों पर शराब की सप्लाई तय समय पर होती है। सुबह 11 बजे और शाम 6 से 7 बजे के बीच स्टॉक पहुंच जाता है यानी, पूरा नेटवर्क व्यवस्थित तरीके से काम करता है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में डेटिंग ऐप्स से युवाओं को फंसाने वाला स्कैम भोपाल में डेटिंग ऐप्स के जरिए ‘ड्रंकन गर्ल स्कैम’ का दायरा बढ़ता जा रहा है। पहले एक युवा बिजनेसमैन के साथ 41 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया था, अब इसी पैटर्न पर एक और युवक को शिकार बनाया गया है। इस बार न सिर्फ 32 हजार रुपए का बिल थमाया गया, बल्कि भुगतान न कर पाने पर युवक की बाइक तक जब्त कर ली गई। पढ़ें पूरी खबर…
युवाओं का जोर... निकाय बनाए रोजगार की योजनाएं
झारखंड में स्थानीय सरकार चुनने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही राज्य में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज गया है। इस चुनाव को लेकर युवाओं में उत्साह है, जनप्रतिनिधियों से अपेक्षाएं हैं। वे चाहते हैं कि उनका जनप्रतिनिधि ऐसा हो, जो उनकी समस्याएं सुने और समय पर उनका समाधान करे। लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं: आभाशहर की सरकार को देखने का नजरिया मूलतः सेवा, सुविधा और सहभागिता का होना चाहिए, सिर्फ सत्ता या दफ्तर चलाने का नहीं। शहर के लोग रोजमर्रा की सुविधाएं चाहते हैं, जिनमें पानी समय पर आए, सड़क गड्ढामुक्त हो, बिजली-नाली-कचरा प्रबंधन भरोसेमंद हो। शहर की सरकार की पहली जिम्मेदारी है कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। लोग चाहते हैं कि उनकी समस्याएं सुनी जाएं और समय पर उनका समाधान हो। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षा, बेहतर स्ट्रीट लाइट, पार्क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थान हों। शहर सिर्फ इमारतों का नहीं, इंसानों का हो। शहर की सरकार से उम्मीद होती है कि वह छोटे कारोबार, स्टार्टअप, स्ट्रीट वेंडर और युवाओं के लिए अवसर पैदा करे। ट्रैफिक, प्रदूषण, बढ़ती आबादी-इन सब पर अल्पकालिक नहीं, दीर्घकालिक योजनाएं बनें। जनप्रतिनिधि लोगों से मिलें, समस्याएं सुनें: आयुषशहर की सरकार वही बेहतर ढंग से चलती है, जो मोहल्लों, वार्डों और नागरिक समूहों को फैसलों में वास्तविक भागीदारी दे। लेकिन हकीकत यह है कि वार्ड पार्षद बनने के बाद कितने जनप्रतिनिधि नियमित रूप से अपने क्षेत्र के लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं? अक्सर देखा जाता है कि नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पार्षदों के पास जाते हैं, पर उन्हें सुनने वाला कोई नहीं होता। संवाद की यह कमी लोगों में निराशा और अविश्वास पैदा करती है। जब निर्वाचित प्रतिनिधि ही जिम्मेदारी से पीछे हट जाएं, तो आम नागरिक आखिर अपनी समस्याएं लेकर कहां जाएं? चुनाव जनता और सरकार के बीच विश्वास का माध्यम है। नगर निगम को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए, तभी शहर का समग्र विकास संभव है।
गोरखपुर में व्यापारी प्रकोष्ठ की बैठक:उठी सुरक्षा की मांग, पुलिस ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
गोरखपुर में व्यापारी सुरक्षा को लेकर व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता व्यापारी सुरक्षा नोडल अधिकारी और एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने की। इस बैठक में व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े कई पुराने मामलों का निस्तारण किया गया, वहीं नए मामलों पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया।बैठक के दौरान एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस और व्यापारी मिलकर काम करेंगे, ताकि व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके और वे बिना किसी डर के अपना व्यापार कर सकें। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनना और उनका समय पर समाधान करना है। बैठक में चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया, जवाहर कसौधन, अभिषेक शाही, नितिन जायसवाल, राजीव पांडेय सहित बड़ी संख्या में व्यापारी नेता और व्यापारी मौजूद रहे। इस दौरान व्यापारियों ने चोरी, अतिक्रमण, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। एसपी ट्रैफिक ने व्यापारियों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है, उन पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।बैठक का माहौल सकारात्मक रहा और बैठक को काफी उपयोगी बताया गया। व्यापारियों ने पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा।

