करौली-मंडरायल मार्ग पर 2 बाघों का मूवमेंट:मंडरायल घाटी क्षेत्र में दिखे शावक, वन विभाग अलर्ट
करौली-मंडरायल मार्ग पर स्थित मंडरायल घाटी क्षेत्र में 2 बाघ देखे गए हैं। इन बाघों के सड़क पर दिखाई देने से स्थानीय लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। वन विभाग के अनुसार ये दोनों बाघ टी-2303 के शावक बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मंडरायल घाटी के ऊपरी हिस्से में ये दोनों बाघ सड़क के किनारे घूमते हुए देखे गए। राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। बाघों के सड़क के पास विचरण करने के कारण मार्ग से गुजरने वाले लोगों में सावधानी देखी गई। T-2303 के शावक होने का अनुमानवन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ये बाघ प्रथम दृष्टया T-2303 के शावक लग रहे हैं। विभाग की टीम लगातार उनके मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रख रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर गश्त बढ़ाई जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे। वन विभाग ने ग्रामीणों और वाहन चालकों से अपील की है कि यदि बाघ दिखाई दें तो उनके करीब नहीं जाएं और न ही उन्हें परेशान करने का प्रयास करें। किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने और पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
हरदोई स्टेशन पर बड़ी लापरवाही:बिना शटडाउन काम करने से करंट की चपेट में आया रेल कर्मचारी
हरदोई रेलवे स्टेशन पर बुधवार देर शाम करीब 7 बजे विद्युत कार्य के दौरान एक रेल कर्मचारी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। आरोप है कि यह घटना बिना आवश्यक शटडाउन लिए काम कराने के कारण हुई, जिससे रेलवे के विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हरदोई रेलवे स्टेशन की लाइन संख्या-9 स्थित खदरा फाटक पर बिजली गुल होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद एमसीएम इलेक्ट्रिक राम रूप के निर्देश पर टेक्नीशियन-वन अनिल कुमार को खराबी ठीक करने के लिए मौके पर भेजा गया। रेलवे कर्मचारी का प्रेमपाल टेक्नीशियन 1, सच्चिदानंद टेक्नीशियन थर्ड, सुमित कुमार, सुनीता देवी आदि ने आरोप लगाया कि आरोप है कि संबंधित लाइन की विद्युत आपूर्ति बंद कराए बिना ही अनिल कुमार से काम शुरू करा दिया गया। काम के दौरान वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद अन्य रेल कर्मियों ने उन्हें तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद देर रात उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद रेलवे के विद्युत कर्मचारियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर नाराजगी है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में लंबे समय से बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों और आवश्यक शटडाउन के विद्युत कार्य कराया जा रहा है। कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप विशेष जूते और अन्य आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। उनका यह भी कहना है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाकर काम कराया जाता है। रेल कर्मचारियों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए एसएससी इलेक्ट्रिक सहित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि यदि नियमों के तहत शटडाउन लेकर कार्य कराया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में हुई गैंगवार और फायरिंग के मामले में फरार चल रहे छह आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सभी आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। 19 जून को हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के हतीसा बाईपास स्थित कैलाश ढाबे के पास दो गुटों के बीच जमकर फायरिंग हुई थी। सरेआम हुई गोलीबारी से इलाके में भगदड़ मच गई थी और लोगों में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया था। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से तलाश जारी पुलिस के अनुसार घटना के बाद से छह अभियुक्त लगातार फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी के चलते पुलिस अधीक्षक ने सभी फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया है। इन छह आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम इनामी आरोपियों में मोना ठाकुर, शानू, अनुज उर्फ घोड़ी, हेमू ठाकुर उर्फ सचिन, अंकित उर्फ अंकिता और जितेंद्र शामिल हैं। सभी के खिलाफ गैंगवार और फायरिंग के मामले में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने आमजन से अपील की है कि यदि इन वांछित आरोपियों के संबंध में कोई भी सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा नियमानुसार घोषित पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।
इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र में एक अस्पताल संचालक के घर से उनका ड्राइवर 25 लाख रुपए नकद और कार की चाबी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार निपानिया निवासी मनीष संघवी एबी रोड स्थित एक अस्पताल का संचालन करते हैं। मंगलवार को उन्होंने अस्पताल की करीब 25 लाख रुपए की नकदी अपनी कार में रखी थी, जिसे बैंक में जमा कराने वाले थे। इसी दौरान वे एक जरूरी काम से बाहर चले गए। उनके साथ ड्राइवर दीपक सोलंकी भी था। शाम को ड्राइवर ने कार में डीजल खत्म होने की बात कही। कुछ देर बाद जब मनीष वापस आए तो कार वहीं खड़ी थी, लेकिन दीपक गायब था। उन्होंने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। कार की दूसरी चाबी से लॉक खोलने पर उसमें रखे 25 लाख रुपये भी गायब मिले। काफी तलाश के बाद भी दीपक वापस नहीं लौटा। इसके बाद बुधवार को मनीष ने लसूडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्यापारी के घर से भी जेवर और नकदी चोरी उधर, सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के जावदवाला बिल्डिंग निवासी मुस्तफा लोखंडवाला के घर भी चोरी की वारदात हुई। मुस्तफा ने पुलिस को बताया कि वे परिवार के साथ एक मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में गए थे। रात को लौटने पर घर की अलमारी का ताला टूटा मिला। अलमारी से चार सोने की चूड़ियां, एक अंगूठी और 25 हजार रुपये नकद गायब थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिंगर कुणाल गांजावाला दैनिक भास्कर के एमिनेंस अवॉर्ड-2026 में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। करियर के स्ट्रगल, 8 साल के ब्रेक, बेटे के बचपन, प्लेबैक सिंगिंग, सोशल मीडिया, एआई और अपने सरनेम 'गांजावाला' से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा कीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू... सवाल: करियर की शुरुआत जिंगल्स से की थी। उस स्ट्रगल फेज का सबसे इमोशनल मोमेंट क्या था? जवाब: हर इंसान को लाइफ में मेहनत करनी पड़ती है। मैंने कभी शॉर्टकट नहीं चुना। स्टूडियो के बाहर घंटों इंतजार किया, छोटे-छोटे काम किए। उस वक्त शायद मुश्किलें उतनी समझ नहीं आती थीं। लेकिन बाद में एहसास हुआ कि वही एक्सपीरियंस मेरी सबसे बड़ी पूंजी बना। मेरे पिता भी चाहते थे कि मैं मेहनत की वैल्यू समझूं। घर में गाड़ी होने के बावजूद वो कहते थे कि ट्रेन से सफर करो। सवाल: किसी गाने को अपनी आवाज देने का आपका प्रोसेस क्या होता है? जवाब: मेरे लिए सबसे पहले लिरिक्स मायने रखते हैं, उसके बाद ट्यून। मैं हमेशा मानता हूं कि किसी भी गाने के असली पैरेंट्स उसके लिरिसिस्ट और म्यूजिक कंपोजर होते हैं। सिंगर का काम उस गाने में अपनी सोल डालकर उसे लोगों तक पहुंचाना होता है। जब तक मैं शब्दों और इमोशंस को महसूस नहीं कर लेता, तब तक गाना मेरे लिए सिर्फ सुरों का मेल होता है। सवाल: एक वक्त हर साल कई हिट सॉन्ग्स दे रहे थे, फिर अचानक 8 साल का ब्रेक क्यों लिया?जवाब: 2015 से 2023 तक मैंने काम से ब्रेक लिया। बेटे के जन्म से करीब दो महीने पहले ही तय कर लिया था कि अब थोड़ा रुकना चाहिए। मैं 16 साल की उम्र से लगातार काम कर रहा था। जब बेटा हुआ तो लगा कि उसका बचपन दोबारा नहीं आएगा। अगर जिंदगी मुझे फिर वही मौका दे, तो मैं यही फैसला दोबारा लूंगा। स्टारडम हमेशा नहीं रहता, लेकिन बच्चे का बचपन वापस नहीं आता। सवाल: आज प्लेबैक सिंगिंग में आवाज से ज्यादा फेस वैल्यू और सोशल मीडिया फॉलोअर्स को अहमियत दी जाती है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: हां, अब कई बार लोग आपकी आवाज से ज्यादा आपके फॉलोअर्स देखकर जज करते हैं। मैं कभी सोशल मीडिया की रेस में नहीं रहा। मुझे हमेशा अपने काम और मेंटल पीस पर भरोसा रहा है। हिट सॉन्ग्स, शोज और पॉपुलैरिटी अपनी जगह हैं, लेकिन सबसे बड़ी खुशी यही है कि लोगों ने मुझे दिल से अपनाया। सवाल: क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने कोई गाना रिकॉर्ड किया हो और बाद में वो किसी दूसरे सिंगर की आवाज में रिलीज हुआ हो? जवाब: ऐसा कई बार हुआ है। लेकिन मुझे इस बात का सुकून है कि मैंने कभी किसी दोस्त का गाना छीनने की कोशिश नहीं की। अगर पता चलता था कि पहले किसी दूसरे सिंगर ने वो गाना रिकॉर्ड किया है। कई बार मैं खुद पीछे हट जाता था। मेरे लिए रिलेशनशिप्स और प्रिंसिपल्स हमेशा काम से बड़े रहे हैं। सवाल: आपके सरनेम 'गांजावाला' के पीछे की असली कहानी क्या है? जवाब: मैं हमेशा मजाक में कहता हूं कि मेरा काम भी दर्द मिटाना है, क्योंकि गांजे का काम भी दर्द कम करना होता है। मेरे पूर्वज ब्रिटिश दौर में मेडिसिनल यूज के लिए इसकी खेती करते थे। उस समय कैंसर और गंभीर दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए इससे दवाइयां और इंजेक्शन बनाए जाते थे। हमारे परिवार के पास इसकी खेती का लाइसेंस था और यह काम 1942 तक चलता रहा। इसलिए अगर कोई मेरे सरनेम को लेकर मजाक भी करता है, तो मुझे कभी बुरा नहीं लगता। सवाल: एआई के दौर में आपको क्या लगता है, ह्यूमन टैलेंट को क्या बचा सकता है? जवाब: हाल ही में मैंने पढ़ा कि एक बड़े इंटरनेशनल म्यूजिक प्लेटफॉर्म ने कहा है कि एआई से बने गानों को मोनेटाइज नहीं किया जाएगा। यानी एआई से गाने बनाना अलग बात है, लेकिन असली पहचान और कमाई इंसानी क्रिएटिविटी ही होगी। मेरा मानना है कि इमोशंस, ईमानदारी और सोल को एआई कभी रिप्लेस नहीं कर सकता।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 गुरुवार को शुरू हो गई। पहले दिन की पहली पाली की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की गहन जांच, बायोमेट्रिक मिलान और रेटिना स्कैन किया गया। पहली पाली में कुल 10,461 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 9,150 ने परीक्षा दी, जबकि 1,434 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य ज्ञान (जीएस) और गणित के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। यह तीन दिवसीय परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 56,882 अभ्यर्थी शामिल होंगे। नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को जूते-मोजे उतारकर, शर्ट की बाहें और कॉलर खोलकर जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पानी की बोतल ले जाने से पहले उसके रैपर को भी हटाया गया। प्रशासन ने परीक्षा को शुचितापूर्ण और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले ही विस्तृत योजना तैयार कर ली थी। परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जबकि 4 जुलाई को केवल एक पाली में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। जिलाधिकारी ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। परीक्षा के सुचारु एवं निष्पक्ष संचालन के लिए 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 5 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
सिंगरौली जिले के बैढ़न में एक युवती और उसके पूर्व व वर्तमान बॉयफ्रेंड के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह हुई इस घटना का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बैढ़न स्थित विशाल मेगा मार्ट के बाहर हुई। युवती अपने वर्तमान बॉयफ्रेंड के साथ खरीदारी करने पहुंची थी, तभी उसका पूर्व बॉयफ्रेंड भी वहां आ गया। बताया जा रहा है कि पूर्व बॉयफ्रेंड ने दोनों को साथ देखकर आपत्ति जताई और टिप्पणी की, जिसके बाद उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान युवती और दोनों युवकों ने एक-दूसरे पर चप्पल, जूते, लात-घूंसों और मुक्कों से हमला किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने मारपीट का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद बैढ़न पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाने में नहीं हुई शिकायत बैढ़न थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत नहीं दी है। उन्होंने पुष्टि की कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और उसकी जांच की जा रही है। परिहार ने कहा कि यदि कोई पक्ष शिकायत दर्ज कराता है तो तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवाद में चलती बस से पिता-पुत्री का अपहरण:24 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार, हथियार व दो कारें बरामद
बारां के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर चलती बस से पिता-पुत्री के अपहरण के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी महेश और उनकी बेटी को जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद लौटते समय हाईवे पर कार लगाकर बस से जबरन उतार लिया गया और जंगल में ले जाकर धमकाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त दो वाहन, दो चाकू और एक प्लास्टिक पिस्टल बरामद की है। जमीन की रजिस्ट्री के बाद हुई वारदात मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी महेश अपनी बेटी के साथ 30 जून को केलवाड़ा में जमीन की रजिस्ट्री कराने आए थे। रात में श्योपुर लौटते समय आरोपियों ने हाईवे पर बस के आगे कार लगाकर उसे रुकवाया और दोनों को जबरन नीचे उतार लिया। इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर धमकाया गया। नाकाबंदी से बढ़ा दबाव, पीड़ितों को छोड़कर भागे आरोपी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर दी और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की सक्रियता और लगातार दबिश की भनक लगते ही आरोपी पिता-पुत्री को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास छोड़कर फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों से छह आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता सहित लखन उर्फ रामकल्याण, रामवीर, महावीर, राजकुमार, नारायण और राकेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ जारी है। वाहन, हथियार भी बरामद पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और अर्टिगा कार, दो चाकू तथा एक प्लास्टिक पिस्टल भी बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ अपहरण, अवैध बंधक बनाने सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
करौली जेल में एक विचाराधीन बंदी की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बंदी को जिला जेल से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान धौलपुर जिले के कालीतीर सोने का गुर्जा निवासी कलुआ गुर्जर पुत्र दूल्हे राम के रूप में हुई है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार कलुआ गुर्जर मासलपुर थाने में वर्ष 1997 के लूट और राजकार्य में बाधा के एक मामले में विचाराधीन बंदी था। उसे 20 फरवरी 2026 को करौली जिला कारागृह लाया गया था। बुधवार शाम करीब चार बजे जेल में उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जेल चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद उसे तत्काल पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने बताया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, हालांकि उन्होंने प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही करौली डीएसपी अनुज शुभम, करौली थाना प्रभारी नोबेल सैनी और मासलपुर थाना प्रभारी परमजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर मृतक के परिजनों को सूचित किया। डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि बंदी की तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने तुरंत चिकित्सकीय जांच कराकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना न्यायिक मजिस्ट्रेट को दी गई, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में गठित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। मृतक के भतीजे भूपेंद्र ने बताया कि तीन-चार दिन पहले जब परिजन जेल में उनसे मिलने आए थे, तब कलुआ की तबीयत ठीक थी। भूपेंद्र ने यह भी बताया कि जगन डकैत उनके दूर के रिश्तेदार थे।
बागपत के सिलाना गांव में तालाब खुदाई से निकली मिट्टी को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम प्रधान आनंदपाल और युवाओं ने इस मिट्टी को गांव के खेल मैदान में डलवाने की मांग की है। युवाओं और ग्राम प्रधान का कहना है कि यदि यह मिट्टी खेल मैदान में डाली जाती है, तो इससे मैदान का स्तर सुधरेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास करने में सुविधा होगी। हालांकि, एक जिला पंचायत सदस्य कथित तौर पर इस मिट्टी को किसी अन्य स्थान पर ले जाना चाहते हैं। उन पर ठेकेदार और मजदूरों पर दबाव बनाने का आरोप है, जिससे काम बाधित हो रहा है। इस मामले को लेकर सिलाना के ग्राम प्रधान आनंदपाल,गांव के युवा बागपत डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। ग्राम प्रधान आनंदपाल ने बताया कि खेल मैदान के विकास से युवाओं को लाभ मिलेगा। फिलहाल, जिलाधिकारी ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
TET प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त:फर्रुखाबाद में अभ्यर्थी अंग्रेजी और गणित के सवालों में उलझे
फर्रुखाबाद में टीईटी की प्रथम पाली की परीक्षा संपन्न हो गई। परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें अंग्रेजी और गणित के सवालों को हल करने में कठिनाई हुई, जबकि बाल विकास एवं शिक्षण विधि के प्रश्नों ने भी कुछ अभ्यर्थियों को उलझाया। जिले के 19 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा के लिए 6312 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह 7:15 बजे से सघन चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होकर दोपहर 12:00 बजे तक चली। अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। परीक्षा में कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हुए जो पहले से ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। उनका कहना था कि सरकारी नौकरी मिलने से भविष्य सुरक्षित हो जाएगा, क्योंकि आउटसोर्सिंग की नौकरी में स्थिरता नहीं होती। बदायूं से आए राघव ने बताया कि वह रेलवे विभाग में इंजीनियरिंग की नौकरी आउटसोर्सिंग पर कर रहे हैं। वहीं, मैनपुरी के सौरभ बाल विकास पुष्टाहार विभाग में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत हैं। सौरभ ने बताया कि उन्होंने बीएड पहले ही कर लिया था और यह उनकी दूसरी टीईटी परीक्षा थी, जो पिछली बार की तुलना में सरल लगी। मैनपुरी से आए रितिक यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका प्रश्न पत्र अच्छा रहा, हालांकि गणित के सवालों को हल करने में थोड़ी दिक्कत आई। उन्होंने कुल मिलाकर परीक्षा को ठीक बताया। बदायूं के अभय राठौर ने कहा कि पेपर ठीक था, लेकिन बाल विकास एवं शिक्षण विधि के प्रश्नों में थोड़ी कठिनाई महसूस हुई। उन्होंने भी प्रश्न पत्र को सरल श्रेणी में रखा। हरदोई से आए शिव सिंह के अनुसार, बाल विकास एवं शिक्षण विधि और हिंदी के प्रश्न सरल थे। उन्हें सोशल साइंस के प्रश्नों को हल करने में परेशानी हुई, जबकि संस्कृत के प्रश्न भी ठीक थे। बदायूं के बिसौली से आए अमित मिश्रा ने बताया वह प्राइवेट विद्यालय में शिक्षक हैं b.Ed करने के बाद परीक्षा दी है। प्रश्न पत्र ओवरऑल ठीक था। बताया अंग्रेजी में थोड़ी सी दिक्कत रहती है बाकी सब सरल था।
राजधानी भोपाल के नेहरू नगर के शबरी नगर मल्टी में लोगों की सुबह कचरे की बदबू से होती है और रात इस डर में बीतती है कि कहीं बिजली की कोई तेज कड़क मल्टी की दीवारों को न गिरा दे। मल्टी में रहने वाली संगीता कहती है मजबूरी न होती तो इस नरक में नहीं रहते। बारिश में हाल और बुरे हो जाते हैं। नालियां जाम हो जाती हैं घरों में सीवेज का पानी आता है। मकान गिरने का डर हमेशा बना हुआ है। दूसरी महिला ने कहा कि नगर निगम कचरे का पैसा पानी का पैसा सब लेने आते हैं पर सफाई करने कोई नहीं आता है। हमारे जनप्रतिनिधि भी यहां तभी आते हैं जब चुनाव का समय होता है। इससे अच्छा तो हमारी झुग्गियां थीं। अनिता कहती है कि हम दुआ करती हूं कि बारिश न हो। बारिश में मेरा दो कमरों का फ्लैट झरना बन जाता है। बेडरूम किचन हर जगह पानी रिसता है। 15 साल हो गए पर कोई सुधार नहीं कराया गया। मल्टी की छतों पर इतनी घास है जितनी कि खेतों पर नहीं होगी। इस शबरी नगर में 40 से ज्यादा बिल्डिंग्स बनी हुई हैं। जिसमें से कुछ 20 और कुछ 15 साल पूरानी हैं। इन बिल्डिंग्स में एक हजार से ज्यादा से परिवार रहते हैं। तस्वीरों में देखिए मल्टी का हाल…. भोपाल की ज्यादातर मल्टियों का यही हालये केवल एक मल्टी नहीं है, भोपाल की ज्यादातर मल्टियों का यही हाल है। चाहे वो अर्जुन नगर, श्याम नगर और राहुल नगर हों या बीडीए का बनवाया अंजली कॉम्प्लेक्स हो। मकान जर्जर हैं, नालियां खुली हैं और उनमें कचरा जमा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम हमसे टैक्स लेती है और मेंटेनेंस हमें खुद कराने के लिए कहती है। यहां 20 से 30 बिल्डिंगों में 110 घर हैं। सभी डर के साये में जी रहे हैं कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। महापौर ने कहा- नगर निगम काम कर रही है महापौर मालती राय ने कहा कि चाहे जेएनयूआरएम, एएचपी, हाउसिंग बोर्ड, बीडीए या अन्य योजनाओं के तहत बनी इमारतें हों, यदि वे जर्जर स्थिति में हैं तो उन्हें चिन्हित करना और उनमें रहने वाले लोगों को तत्काल भवन खाली करने की सूचना देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। नगर निगम ने ऐसी इमारतों की पहचान शुरू कर दी है। इसके साथ ही गंदगी, सीवेज और जल निकासी की समस्याओं वाले क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया गया है। जिन स्थानों पर आउटलेट बंद होने से जलभराव हो रहा है, वहां उन्हें खुलवाया जा रहा है।
अलीगढ़ में रोडवेज कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में गुरुवार को धरना-प्रदर्शन किया। अलीगढ़ रोडवेज बस स्टैंड सारसौल पर दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी इकट्ठा हुए। बकाया वेतन भुगतान की मांग की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि वेतन न मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी बोले- लगातार ड्यूटी के बावजूद वेतन नहीं मिला प्रदर्शन में शामिल इरफान अली ने बताया कि वह कासगंज के निवासी हैं। अलीगढ़ डिपो में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लगातार ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। इस प्रदर्शन में इलेक्ट्रिशियन के साथ-साथ मैकेनिक और अन्य तकनीकी कर्मचारी भी शामिल रहे। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बकाया वेतन का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से परिवार परेशान कर्मचारियों ने चिंता जताई कि महंगाई के इस दौर में लगातार तीन महीने तक वेतन न मिलना उनके और उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। कई कर्मचारियों ने बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
यमुनानगर के कैंप क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त पर उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता पति का कहना है कि वह गुजरात में काम करता है और उसकी गैरमौजूदगी में आरोपी उसकी पत्नी को अपने साथ ले गया। आरोप है कि महिला घर से सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई, जबकि अपने मासूम बच्चे को घर पर ही छोड़ गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोस्त का घर पर था आना-जाना शिकायतकर्ता नवीन मिश्रा निवासी जम्मू कॉलोनी-बी ने बताया कि उसकी शादी करीब छह वर्ष पहले से हुई थी। यह उसकी पत्नी की दूसरी शादी थी। उन दोनों का तीन वर्षीय बेटा भी है। वह गुजरात के एक पावर प्लांट में का करता है और वहीं पर रहता है, जबकि उसकी पत्नी व बच्चा यमुनानगर में रहते हैं। नवीन के अनुसार आरोपी सतप्रकाश पहले उसका दोस्त था और उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी पत्नी से भी बातचीत करने लगा। ऐसे ही बातों-बातों में आरोपी ने उसकी पत्नी को अपनी बातों में फंसा लिया। आरोप है कि 25 जून को जब वह गुजरात में नौकरी पर था, तभी सतप्रकाश अपने पिता की मदद से उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। लोन लेकर बनवाया मंगलसूत्र भी साथ ले गई शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना मिलने पर वह 29 जून को घर पहुंचा तो पता चला कि उसकी पत्नी घर में रखे सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने हाल ही में एक लाख रुपये का बैंक लोन लेकर मंगलसूत्र बनवाया था, जिसकी किस्त अब उससे मांगी जा रही है। नवीन ने बताया कि वह अपने स्तर पर पत्नी की तलाश करता रहा लेकिन दोनाें का कोई सुराग नहीं लगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पत्नी के जाने के बाद उसके सास-ससुर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं आरोपी के परिवार को भी पूरी जानकारी होने के बावजूद वे कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पीड़ित ने इस संबंध में एसपी को शिकायत सौंप कार्रवाई की मांग की है।
ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र में पुराने पैसों के विवाद ने मंगलवार रात हिंसक रूप ले लिया। गेंडेवाली सड़क पर एक दंपति ने दूसरे पति-पत्नी की बीच सड़क बेरहमी से पिटाई कर दी। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। बीच सड़क शुरू हुई मारपीट जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित गेंडेवाली सड़क, बकरा मंडी के पास सरकारी मल्टी के नजदीक हुई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से पैसों का विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों आमने-सामने आए और कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सड़क पर पटक-पटककर पीटा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक दंपति ने पति-पत्नी को सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा। दोनों पर लात-घूंसों से हमला किया गया और उन्हें कई बार जमीन पर पटक दिया गया। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि किसी राहगीर ने पूरी घटना मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। आरोपी की पहचान होने का दावा स्थानीय लोगों के अनुसार मारपीट करने वाले दंपति में पुरुष की पहचान अक्षय वाल्मीकि के रूप में हुई है, जो स्वर्णरेखा नाले के पास का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी सभी संबंधित लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है। पुलिस बोली- शिकायत नहीं मिली जनकगंज थाना प्रभारी अतुल सोलंकी ने बताया कि दंपति द्वारा पति-पत्नी के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। फिलहाल किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर दोनों पक्षों की पहचान कर मामले की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के मेडिकल कॉलेज परिसर में मंगलवार देर रात दो युवकों पर एक नर्सिंग छात्रा से अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि ये युवक शराब पीकर हुड़दंग मचा रहे थे। छात्रा की शिकायत पर मेडिकल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने केवल शांतिभंग की धाराओं में उनका चालान किया, जिससे मेडिकल कॉलेज के छात्रों में नाराजगी फैल गई। आक्रोशित छात्रों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी मोनू पहाड़ी उर्फ मोहित ठाकुर, निवासी सोमदत्त सिटी जागृति विहार, और अनमोल त्यागी को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि दोनों मेडिकल कॉलेज परिसर में शराब पीकर शोर-शराबा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां से गुजर रही एक नर्सिंग छात्रा पर अभद्र कटाक्ष किया। छात्रा की शिकायत पर नर्सिंग के छात्र भी मौके पर पहुंच गए और आरोपियों की बाइक में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। आरोपियों में से एक मोनू पहाड़ी उर्फ मोहित ठाकुर का नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में उस पर जागृति विहार से एक युवक का अपहरण कर मारपीट करने और उसके मुंह में पेशाब करने का आरोप लगा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी हंगामा हुआ था। उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मोनू पहाड़ी के खिलाफ लूट सहित अन्य मुकदमे भी दर्ज बताए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्रा से अभद्रता और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर उत्पात मचाने जैसी गंभीर शिकायत के बावजूद पुलिस ने केवल शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी की। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में छात्र बुधवार देर रात मेडिकल थाने पहुंचे और आरोपियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार वीरवार को भिवानी के नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची। जब वे अधिकारियों के साथ अस्पताल के वार्ड नंबर 3 में निरीक्षण कर रही थी और मरीजों से बातचीत कर रही थी। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक घायल युवती रोने लगी। उसने कहा कि यहां ठीक से देखभाल नहीं की गई। इस पर मीना परमार ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि बच्ची का ठीक से ख्याल रखें और ईलाज करें। अस्पताल में भर्ती भिवानी के जीतू वाला जोहड़ एरिया निवासी माही ने बताया कि 25 जून को उसकी स्कूटी व कार का एक्सीडेंट हो गया था। इस एक्सीडेंट में उसको काफी चोटें आई और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। तभी से उसका उपचार चल रहा है। जब महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार उससे मिलने पहुंची तो वह अपनी बात बताते हुए रोने लगी। हालांकि मीना परमार ने उन्हें चुप करवाने का प्रयास किया। घायल माही ने कहा कि उसका एक्सीडेंट के बाद अस्पताल में ईलाज चल रहा है, लेकिन चिकित्सकों द्वारा ठीक से ईलाज व देखभाल नहीं की जा रही। साथ ही व्यवहार भी ठीक नहीं किया गया। जिसके कारण दिक्कत हो रखी है। इस दौरान मीना परमार ने वहां मौजूद पीएमओ डॉ. बलवान सिंह व अन्य स्टाफ से कहा कि इस बच्ची का ईलाज ठीक से होना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही ना बरते। यह आपकी ड्यूटी भी है और मानवता के नाते भी ध्यान रखना चाहिए। जेल व अस्पताल का निरीक्षण कियामहिला आयोग उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि जिला कारागार व जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया गया है। जेला का दौरा करके वहां महिला बंदियों से मुलाकात की। वहां व्यवस्थाओं की जांच की और महिला बंदियों के बैरकों और उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता की स्थिति का निरीक्षण किया। भोजन की व्यवस्था व गुणवत्ता और वहां की साफ-सफाई की जांच की। जेल के निरीक्षण के दौरान जो कमियां मिली और जिन सुधारों की जरूरत है, उनके लिए रिपोर्ट बनाकर भेजा जाएगा। मीना परमार ने कहा कि जेल में महिला कैदियों को कौशल प्रशिक्षण और मानसिक काउंसिलिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य है कि जब वे जेल से भार आएं तो वे परिवार व समाज की मुख्यधारा से मजबूती के साथ जुड़ सकें। अस्पताल का किया निरीक्षणमीना परमार ने कहा कि नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग और वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ मरीजों ने अपनी समस्याएं सांझा की। मरीजों ने आपातकालीन विभाग के डॉक्टर द्वारा सही उपचार न करने व व्यवहार ठीक ना करने की शिकायत की। जिस पर आयोग ने कार्रवाई करने की बात कही। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की, मरीजों से मिल रहे उपचार के बारे में जानकारी ली और कहा कि किसी को कोई परेशानी तो नहीं हो रही। महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगामहिला आयोग उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि आयोग द्वारा महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए कदम उठाएंगे। इसके लिए आत्मरक्षा के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा महिला सरपंचों को भी आगे लाने का प्रयास किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो उनको प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ताकि महिला सरपंचों को सिखाया जाएगा कि वे अधिकारियों से कैसे बात करें। पंचायतों के कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दे पाएंगे। साथ ही कहा कि जेल में महिलाओं द्वारा बताई गई कानूनी केस और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए आयोग प्रयास करेगा।
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के राजनगर में 30 जून शाम करीब 6 बजे एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया गया। रोहटा थाने में दर्ज एक मुकदमे के वांछित आरोपी वैभव सांगवान को पकड़ने के लिए पुलिस देर रात उसके घर दबिश देने पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही आरोपी वैभव को हिरासत में लेने का प्रयास किया, उसने अपने परिजनों और अन्य लोगों के साथ मिलकर टीम का विरोध शुरू कर दिया। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। इस दौरान एक पालतू कुत्ता भी पुलिस टीम पर छोड़ दिया गया और एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, हमलावरों के पास अवैध हथियार भी थे और उन्होंने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग की। इस दौरान एक पुलिसकर्मी गोली लगने से बाल-बाल बचा, जबकि एक अन्य सिपाही का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक सिपाही के सिर पर गंभीर चोट आई और दूसरे जवान को पालतू कुत्ते ने काट लिया। घटना के दौरान पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने डर के कारण अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। किसी तरह अपनी जान बचाकर पुलिस टीम थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, फायरिंग, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला। ट्रस्ट, कथित अनियमितताओं और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए, निष्पक्ष जांच की मांग।
फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ में गुरुवार को बंदरों के हमले के कारण एक छह माह की बच्ची की मौत हो गई। गुरुवार को छत पर खेल रही बच्ची पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे वह नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्ची की पहचान काव्या के रूप में हुई है, जो प्रमोद कुमार की पुत्री थी और गांव बासठ की निवासी थी। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ सिटी, थाना प्रभारी दक्षिण और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने लगभग ढाई घंटे तक परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले भी बंदरों के हमले से एक महिला की मौत हुई थी, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और स्थायी समाधान की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विकास खंड एरवा कटरा की ग्राम पंचायत कुदरकोट स्थित पंचायत सचिवालय में गुरुवार को जी-राम जी एक्ट के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को 125 दिन की रोजगार गारंटी सहित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके अधिकारों और लाभों के प्रति जागरूक करना था। खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार पांडे ने ग्रामीणों को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। पांडे ने जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान और अन्य सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर एडीओ पंचायत विमल सिंह, अनुज यादव और ग्राम प्रधान संजय सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
राजधानी पटना के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक इनकम टैक्स स्थित न्यू गार्डिनर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का दर्जा मिलने के करीब 14 साल बाद भी यह अस्पताल पुराने और जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। मरीजों, कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यहां बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ डॉक्टरों और संसाधनों की गंभीर कमी बनी हुई है। अस्पताल को वर्ष 2011-12 में एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और हीमोफिलिया उपचार के लिए सुपरस्पेशलिटी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। वर्ष 2012 में इसे औपचारिक दर्जा भी मिला। उम्मीद थी कि यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन बनेगा, लेकिन वर्षों बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका। पटना के न्यू गार्डिनर अस्पताल की तस्वीरें… बारिश में टपकती छत, बिजली पर खतरे का डर अस्पताल की स्थिति को लेकर सबसे बड़ी चिंता भवन की जर्जर हालत को लेकर है। भवन की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दौरान वार्डों की छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। कई जगह पानी बिजली के तारों और उपकरणों पर गिरती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इस वजह से मरीजों और अस्पताल कर्मियों में लगातार भय का माहौल रहता है। सुपरस्पेशलिटी दर्जा, लेकिन सिर्फ 6 बेड सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का दर्जा मिलने के बावजूद अस्पताल में फिलहाल केवल 6 बेड की व्यवस्था है। यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। इसलिए ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है इसका सबसे ज्यादा नुकसान विशेष रूप से किडनी, हार्मोन संबंधी बीमारियों और हीमोफिलिया जैसे मामलों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। कई बार समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिलने से मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। डॉक्टर और कर्मचारियों की भारी कमी अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या मानव संसाधन की है। अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से 145 नए पदों की मांग की है, लेकिन फिलहाल यहां केवल 24 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और रेजिडेंट डॉक्टर जैसे कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों की भी भारी कमी है। इसका सीधा असर मरीजों की जांच, इलाज और ऑपरेशन जैसी सेवाओं पर पड़ रहा है। 59 करोड़ की परियोजना अटकी मार्च 2024 में सरकार ने अस्पताल के लिए करीब 59 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड वाले सात मंजिला भवन को मंजूरी दी गई थी। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने इसके लिए टेंडर भी जारी किया, लेकिन बाद में तकनीकी कारणों का हवाला देकर प्रक्रिया रद्द कर दिया गया। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि टेंडर किन कारणों से रद्द हुआ और निर्माण कार्य कब शुरू होगा। इससे मरीजों और अस्पताल कर्मियों में निराशा बढ़ी है। अधीक्षक बोले- चरणबद्ध तरीके से होगा विकास अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया, ‘अस्पताल के सात मंजिला नए भवन का प्रस्ताव तैयार है और भविष्य में परियोजना पर दोबारा काम शुरू होने की उम्मीद है।’ उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से सुपरस्पेशलिटी स्तर के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। विभाग को अस्पताल की सभी कमियों से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डॉक्टरों और तकनीशियनों की कमी है, जिसे विभाग जल्द दूर करने का प्रयास करेगा। फिलहाल, इस अस्पताल में 400 - 500 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीज बोले- 10 साल में कुछ नहीं बदला राजाबाजार निवासी मोहम्मद इजहार आलम पिछले 10 वर्षों से इस अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया, इतने वर्षों में अस्पताल की व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। भवन लगातार जर्जर होता गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं, ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। किदवईपुरी निवासी वीरेंद्र राम ने भी अस्पताल की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस कर रहे बताते हैं कि कर्मचारियों को भी हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई हिस्सा टूटकर न गिर जाए। उन्होंने बताया कि अस्पताल के नए भवन के निर्माण की योजना बनी थी, लेकिन किसी कारणवश वह आगे नहीं बढ़ सकी। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों को लेकर स्वास्थ विभाग के दावे बड़े हैं, लेकिन न्यू गार्डिनर अस्पताल की मौजूदा स्थिति बताती है कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। यदि जल्द नए भवन का निर्माण, डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियुक्ति तथा आधुनिक सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ, तो सुपरस्पेशलिटी का दर्जा केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा और मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे संस्थानों का रुख करना पड़ेगा।
कानपुर के गोविंद नगर में जल निगम के ठेकेदार की लापरवाही से बुधवार रात करीब 1 बजे पेयजल की मुख्य पाइपलाइन टूट गई। तेज दबाव से निकला पानी करीब 25 घरों में भर गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने गुरुवार सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी पर भारी नाराजगी जताई। विधायक ने जल निगम के अधिकारियों को फोन पर फटकार लगाई। जल निगम के चीफ को फोन कर कहा-जिम्मेदार लोगों को तुरंत मौके पर भेजें और इसे ठीक कराएं, वरना उल्टा टांग दूंगा। एफआईआर कराकर दिमाग ठीक कर दूंगा। इसके बाद जल निगम की टीम ने लीकेज को ठीक करने और पानी के निस्तारण करने का शुरू किया। अब जानिए पूरा मामला…. गोविंद नगर में डबल पुलिया के नीचे जल निगम के ठेकेदार बुधवार रात जेसीबी से खुदाई कर रहे थे। लापरवाही के चलते पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन टूट गई। घटना के बाद ठेकेदार और मजदूर मौके से भाग गए। पाइपलाइन फटने से करीब 25 घरों के अंदर पानी भर गया। लोगों ने इसकी जानकारी विधायक सुरेंद्र मैथानी को दी। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने गुरुवार सुबह 11 बजे मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के चीफ को फोन पर जमकर फटकार लगाई। कड़क लहजे में कहा- जिम्मेदार लोगों को तुरंत मौके पर भेजें और इसे ठीक कराएं, वरना उल्टा टांग दूंगा। एफआईआर कराकर दिमाग ठीक कर दूंगा। विधायक के कड़े रुख और आश्वासन के बाद जल निगम हरकत में आया। इसके बाद जल निगम की टीम ने लीकेज को ठीक करने और पानी के निस्तारण करने का शुरू किया। ठेकेदार बोला- जो करते बने कर लो स्थानीय निवासी रोहित शर्मा ने बताया कि रात करीब 1 बजे जेसीबी से खुदाई चल रही थी, तब मोहल्ले वालों ने नाली में मिट्टी डालने से मना किया था और संभलकर काम करने को कहा था। लेकिन ठेकेदार अपनी मनमानी पर अड़ा रहा और उल्टी-सीधी बातें करने लगा। ठेकेदार ने हमसे कहा कि 15-20 दिन ऐसे ही खुदा रहेगा, जो करते बने कर लो, सरकारी काम है। इसके बाद उन्होंने पाइपलाइन तोड़ दी और रात में ही भाग निकले। एक अन्य निवासी डी. के. श्रीवास्तव ने बताया कि, निचले हिस्से में बने सभी घरों में पानी घुस गया है। हालत यह है कि लोग अपने ही घरों के कमरों और बाउंड्री में चप्पल पहनकर घूमने को मजबूर हैं। विधायक की फटकार के बाद बंद हुई सप्लाई मुख्य पाइपलाइन की सप्लाई बंद जल निगम के अधिकारियों का कहना है मुख्य पाइपलाइन की सप्लाई को फिलहाल बंद कर दिया गया है। मौके पर टीम भेजकर लीकेज को ठीक करने और पानी के निस्तारण का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों को अभी भी पानी के पूरी तरह निकलने का इंतजार है।
चुनाव आयोग ने दतिया में उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। इसके लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
कैथल जिले के राजौंद उप-तहसील कार्यालय में मौसम की पहली बरसात के बाद जलमग्न हो गया। कार्यालय में आने वाले आम नागरिक, कर्मचारी और अधिकारियों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण कार्यालय के अंदर जाने का पूरा रास्ता पानी से लबालब भर गया है। अपने काम से यहां आने वाले लोग दीवारों का सहारा लेकर पानी से गुजरते हुए दिखाई दिए। यह स्थिति कार्यालय के कामकाज और आगंतुकों के लिए गंभीर असुविधा पैदा कर रही है। किराए के भवन में चल रहा उप तहसील कार्यालय नायब तहसीलदार सुभाष चंद ने बताया कि यह इमारत राजस्व विभाग की नहीं है। पिछले लंबे समय से उप-तहसील कार्यालय नगर पालिका की इमारत में ही संचालित हो रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उचित जगह उपलब्ध न होने के कारण यहीं से कार्यालय का काम करना पड़ रहा है। इमारत किराए पर लेना संभव नहीं है। नया कार्यालय भवन बनाने की औपचारिकताएं पूरी : नायब तहसीलदार नायब तहसीलदार के अनुसार, सरकार और उच्चाधिकारियों द्वारा नया उप-तहसील कार्यालय बनवाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जब तक नए परिसर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा जगह पर काम करना एक विवशता है, क्योंकि विभाग और प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के तहत ही सब कुछ किया जाता है।
बालाघाट जिले के लामता थाना क्षेत्र के परतापुर स्थित राघवटोला में माइक्रो एरिगेशन परियोजना के प्लांट में आग लग गई। आग लगने से प्लांट में रखे प्लास्टिक पाइप, मशीनरी और अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गई। धुएं का गुबार इतना तेज था कि करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही बालाघाट और आसपास के इलाकों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक प्लांट में भारी नुकसान हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। यह माइक्रो एरिगेशन परियोजना किसानों के खेतों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से चल रही थी। प्लांट में इसी से जुड़ी सामग्री और मशीनरी रखी गई थी। पुलिस जांच में जुटी लामता थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना को लेकर कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पहले विवाद और धमकी की बात सामने आई स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले कुछ लोगों द्वारा प्लांट में पहुंचकर कथित रूप से राशि की मांग की गई थी। इनकार किए जाने पर विवाद और मारपीट की बात भी सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इन सभी बातों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी घटना के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
पाकुड़ में गुरुवार को शहीद एसपी अमरजीत बलिहार और पांच अन्य पुलिस जवानों को उनकी शहादत पर याद किया गया। मुख्य कार्यक्रम समाहरणालय स्थित शहीद अमरजीत बलिहार पार्क में आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों और आम लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर एसपी अनुदीप सिंह, डीडीसी अरविंद कुमार लाल, अपर समाहर्ता जेम्स सूरीन, एसडीपीओ कुमार गौरव सहित अन्य पदाधिकारी, पुलिस के जवान और शहीदों के परिजन मौजूद थे। सभी ने बारी-बारी से शहीद एसपी अमरजीत बलिहार की प्रतिमा और अन्य जवानों की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया। शहीदों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। कार्यक्रम के दौरान, शहीदों के परिजनों को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शहीदों के परिजनों ने मांग की कि अमरजीत बलिहार के साथ शहीद हुए अन्य जवानों की भी प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। मुख्य समारोह के बाद, शहीद अमरजीत बलिहार चौक पर स्थापित प्रतिमा पर भी सभी ने माल्यार्पण कर नमन किया। उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई 2013 को दुमका से डीआईजी की बैठक से लौटते समय दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के जमनी गांव में हुए नक्सली हमले में एसपी अमरजीत बलिहार सहित पांच जवान शहीद हो गए थे। शहीद होने वालों में एसपी अमरजीत बलिहार, चालक अशोक कुमार श्रीवास्तव, अंगरक्षक चंदन थापा, पुलिसकर्मी मनोज कुमार हेम्ब्रम, संतोष मंडल और राजीव कुमार शामिल थे। पाकुड़ पुलिस और यहां की जनता हर साल इस शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देकर याद करती है। मौके पर मौजूद एसपी अनुदीप सिंह ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने शहीदों का सम्मान करने की बात कहते हुए पुलिस के जवानों और अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्योपुर विधायक बाबू जंडेल का आज बुधवार को मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया है। हैकर्स ने उनके नंबर का दुरुपयोग करते हुए परिचितों और समर्थकों को 60 हजार रुपए की आर्थिक मदद मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजे। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई लोगों ने मैसेज की पुष्टि के लिए विधायक से संपर्क किया। विधायक बाबू जंडेल ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। उनके नंबर से भेजे गए सभी मैसेज फर्जी हैं। उन्होंने आम लोगों, समर्थकों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके नंबर से पैसे मांगने वाली कोई कॉल या मैसेज आता है, तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जा रहे नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई विधायक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मोबाइल हैक होने और फर्जी मैसेज भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। साइबर तकनीकी टीम की मदद से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल नंबर कैसे हैक हुआ और इन फर्जी संदेशों को भेजने में कौन लोग शामिल हैं। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में पैसे जमा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। हालांकि, श्योपुर पुलिस की ओर से इन दिनों सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाबजूद विधायक का मोबाइल हैक होना मामले कि गंभीरता को दर्शाता है।
एटा में 3.45 करोड़ की विकास योजनाओं को मिली गति:नगर विकास मंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश
अलीगंज नगर के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर पालिका परिषद अलीगंज में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु लगभग 3.45 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्रवाई शुरू हो गई है। विधायक सत्यपाल सिंह राठौर द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 13 मई 2026 को जारी तीन अलग-अलग पत्रों के माध्यम से विधायक ने ये प्रस्ताव भेजे थे। इनमें दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत 1 करोड़ रुपये, नगरीय अवस्थापना विकास योजना के अंतर्गत 50 लाख रुपये और नगरीय सीवरेज, जल निकासी एवं पेयजल योजनाओं के लिए 1.95 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इन सभी प्रस्तावों को नगर विकास मंत्री ने आगे की कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को भेज दिया है। समस्याओं का समाधान विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने बताया कि इन योजनाओं के लागू होने से अलीगंज नगर में पेयजल, सीवरेज, जल निकासी, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी, जिससे नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। राठौर ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के संतुलित और समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा इन विकास प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देना जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विकास कार्य तेजी से शुरू विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्य तेजी से शुरू होंगे। इससे अलीगंज नगर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और नगर विकास की नई इबारत लिखेगा। उन्होंने अपने संकल्प को दोहराया कि विकसित अलीगंज, विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार की संशोधित लैंड पूलिंग नीति को किसानों की जमीन हड़पने की साजिश करार दिया है। पार्टी ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। शिअद ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने राजनीतिक हितों और कथित समझौतों को पूरा करने के लिए यह नीति लागू कर रही है। अकाली दल ने किसानों के हकों की रक्षा के लिए राज्यव्यापी संघर्ष का ऐलान किया है। लैंड पूलिंग नीति को लेकर शिअद का सरकार पर हल्ला बोलशिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर हल्ला बोला है। बादल ने कथित संशोधित लैंड पूलिंग नीति का कड़ा विरोध किया। बादल ने इसे किसानों की जमीनों पर कब्जा करने की नई कोशिश बताया है। बादल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार चुनाव नजदीक आते देख अपने राजनीतिक हितों को साधने में जुटी है। अकाली दल का दावा है कि सरकार उन लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जिनसे पहले कथित तौर पर विभिन्न प्रकार के समझौते किए गए थे। किसानों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता शिअद प्रधान सुखबीर ने कहा कि पंजाब की उपजाऊ जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। पार्टी ने दावा किया कि पहले भी किसानों की जमीनों को लेकर की गई ऐसी कोशिशों का विरोध किया गया था और आगे भी किसानों के हितों के खिलाफ किसी भी कदम को सफल नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने घोषणा की कि किसानों और उनकी जमीनों की सुरक्षा के लिए पूरे पंजाब में व्यापक जन आंदोलन और संघर्ष चलाया जाएगा। इसके तहत किसानों को जागरूक करने और सरकार की नीति के विरोध में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अकाली दल ने पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा और किसी भी कीमत पर उनकी जमीनों की रक्षा की जाएगी। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। यहां शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद प्रेमी-प्रेमिका दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। यह घटना बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवापूर्वी गांव की है। जानकारी के अनुसार, पंचरुखा पूर्वी पंचायत के पकड़िया टोला का निवासी युवक अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। प्रेमिका के परिजनों ने उसे घर में घुसते देख लिया। इसके बाद दोनों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया गया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और दोनों के साथ मारपीट की गई। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरी घटना… आरोप है कि रात भर बंधक बनाए रखने के बाद गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने नाई को बुलाकर प्रेमी और प्रेमिका दोनों का सिर मुंडवा दिया। इसके बाद उनके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया। मामले की सूचना मिलने पर सरपंचपति महेंद्र यादव ने डायल 112 पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को भीड़ से छुड़ाया और बंजरिया थाना ले आई। 6 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि डायल 112 की टीम दोनों को थाने लाई थी। यहां महिला ने अपने पड़ोसी सहित अन्य लोगों पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, प्रेमी युवक को भी विधि सम्मत कार्रवाई के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव के शुक्लागंज स्थित मिश्रा कॉलोनी में नए पुल निर्माण के लिए मकानों को गिराने की कार्रवाई गुरुवार को रोक दी गई। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अपने ध्वस्त मकानों का मलबा हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है। गुरुवार को क्षेत्र में किसी भी मकान को नहीं गिराया गया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। गंगा नदी पर प्रस्तावित नए पुल के निर्माण के लिए मिश्रा कॉलोनी के कुल 38 मकान अधिग्रहित किए गए हैं। पिछले दिनों प्रशासन ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से कई मकानों को ध्वस्त किया था। ध्वस्तीकरण के बाद बड़ी मात्रा में मलबा सड़क और आसपास के क्षेत्र में जमा हो गया था। प्रभावित परिवारों ने इस मलबे को हटाने के लिए प्रशासन से समय की मांग की थी, जिसके बाद यह मोहलत दी गई। प्रशासन ने लोगों की मांग पर दो दिन की मोहलत देते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित परिवार अपने मकानों का शेष सामान और मलबा निर्धारित समय के भीतर हटा लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पुल निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई दोबारा शुरू की जाएगी और इसमें कोई देरी स्वीकार नहीं होगी। गुरुवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए रहे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में किसी तरह का तनाव देखने को नहीं मिला। प्रभावित परिवार अपने घरों से उपयोगी सामान निकालने और मलबा हटाने में व्यस्त रहे। अधिकारियों के अनुसार, नया पुल बनने से शुक्लागंज और कानपुर के बीच यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान पुल पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुल बनने के बाद आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या में भी कमी आएगी। प्रशासन ने प्रभावित लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह विकास कार्य जनहित में किया जा रहा है। निर्धारित समय सीमा के भीतर मलबा हटाने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
प्रयागराज में मानसून मेहरबान, दो दिन से रुक-रुक कर बारिश;:तापमान में 4-5 की गिरावट, गर्मी से राहत
मानसून की एंट्री के बाद प्रयागराज का मौसम पूरी तरह बदल गया है। पिछले दो दिनों से शहर में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार देर रात तक शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी होती रही, जबकि गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। बादलों के कारण लोगों को तेज धूप से राहत मिली, हालांकि हल्की उमस अब भी बनी हुई है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में काफी कम है। पिछले कई दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहने के कारण लोग भीषण गर्मी से परेशान थे, लेकिन मानसून की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश देखें तस्वीरें….. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का यह दौर जारी रहने से तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। साथ ही किसानों के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित होगी, क्योंकि खरीफ फसलों और धान की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है।
गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने आज बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे अपने कैंप कार्यालय पर वृक्षारोपण कर वन महोत्सव 2026 अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत शुरू किया गया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर गोंडा में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। वन महोत्सव 2026 के तहत पूरे जिले में 7 जुलाई तक लाखों की संख्या में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। प्रियंका निरंजन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में पौधों का अहम योगदान है। उन्होंने जोर दिया कि अधिक से अधिक पौधारोपण से वातावरण शुद्ध रहेगा, जिससे बीमारियां कम होंगी, स्वच्छ हवा मिलेगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। गोंडा के डीएफओ अनुराग प्रियदर्शी ने बताया कि वन महोत्सव अभियान जिले में शुरू हो गया है और 7 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। डीएफओ ने यह भी बताया कि सभी रेंज में भी वन महोत्सव अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है, जिसमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। लोगों को अपने मां के नाम एक पेड़ मां की राम अभियान के पास जोड़कर के जरूर पौधारोपण करना चाहिए क्योंकि धीरे-धीरे जब वही पौधा बड़ा हो जाएगा तो देखने में भी अच्छा लगेगा और हमारे पर्यावरण संरक्षण को एक अहम योगदान मिलेगा। लगातार हमारे वन विभाग की अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भी लोगों को इस अभियान के तहत जोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा को लेकर याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने आरपीएससी को गुरुवार को निर्देश दिए कि वे सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करें। अदालत ने यह आदेश हवा सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती हैं। दरअसल, आयोग ने 8 मई को प्रेसनोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया था। जबकि याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होने मूल भर्ती विज्ञापन के तहत आवेदन तो किया था, लेकिन विभिन्न वास्तविक एवं अपरिहार्य कारणों से परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके। जिसके कारण उन्हें पुनः भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया हैं। वहीं आरपीएससी की ओर से कहा गया था कि 4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मूल परीक्षा में केवल एप्लीकेशन फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा नहीं दी थी। इनमें से कई अभ्यर्थी अन्यत्र नौकरी लग चुके होंगे। कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी छोड़ चुके होंगे। अगर हम सभी को अलाऊ करते हैं तो हमें 4 लाख फॉर्म की अतिरिक्त छंटनी करनी होगी, जो बहुत मुश्किल काम है। 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल' शब्द की संकीर्ण व्याख्या की गईयाचिकाकर्ताओं की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 को रद्द करते हुए साल 2021 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। वहीं इस आदेश की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने भी 4 मई 2026 को की थी। इसलिए 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थी' का अर्थ केवल लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं माना जा सकता हैं। सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा तभी हो सकती है, जब पुन परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने का समान अवसर दिया जाए। इस पर कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल' शब्द की संकीर्ण व्याख्या कर केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करना प्रथम दृष्टया उचित नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने सितंबर में होने वाली परीक्षा में याचिकाकर्ताओं को शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदनदरअसल, एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 13 से 15 सितंबर 2021 में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी ही बैठे थे। ऐसे में आयोग अब पुन: परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को ही शामिल कर रहा है। कोर्ट ने रद्द कर दी थी भर्तीराजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया।
कन्नौज के एक गांव में शराब पीने को लेकर पति का पत्नी से झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर उसने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई। पत्नी को गम्भीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जबकि दूसरी ओर पति ने पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। ये घटना सौरिख थाने की खडिनी चौकी क्षेत्र के रूर गांव की है। यहां के रहने वाले गोविंद दुबे (50) का गुरुवार सुबह 9:30 बजे घर में पत्नी आरती (47) से विवाद हो गया। आवेश में आकर उसने कुल्हाड़ी से पत्नी पर हमला कर दिया। जिससे वह लहूलुहान हो कर जमीन पर गिर गई। आसपास के लोगों ने देखा तो तत्काल आरती को सौरिख के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से डॉक्टर ने उन्हें गम्भीर हालत में तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उधर, पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला करने के बाद पति घर से कहीं चला गया। कुछ देर बाद घर से 300 मीटर दूर उसका शव नाली में पड़ा देखा गया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में खडिनी चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार और सौरिख थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गोविंद दुबे की गर्दन में प्लास्टिक की डोरी बंधी हुई थी, जबकि उसी डोरी का कुछ हिस्सा नाली के पास पेड़ की डाल पर बंधा दिखाई दिया। अनुमान लगाया जा रहा कि फांसी लगाने के बाद डोरी शव का वजन नहीं झेल सकी और टूट गई। जिस कारण डेडबॉडी नाली में गिर गई। उधर, मामले की सूचना मिलते ही सीओ छिबरामऊ सुरेश कुमार मौके पर पहुंच गए। मामले की छानबीन के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। मृतक गोविंद शराब का आदी था और इसको लेकर अक्सर पत्नी से झगड़ा होता था। उसके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 19 साल का मोहित और 9 साल की बेटी राधा है।
पलवल सीआईए होडल टीम ने केजीपी एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा सुपरवाइजर से रंगदारी मांगने और हमला करने के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मीसा गांव निवासी कुलदीप के रूप में हुई है। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। होडल सीआईए प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि सिहोल गांव निवासी गौरव पेलक टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। गौरव ने चांदहट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि धर्मेंद्र उर्फ मालिया और उसके साथी पिछले 7-8 महीनों से टोल चलाने के बदले 50 हजार रुपए प्रति माह की रंगदारी मांग रहा था। शिकायत के अनुसार, 2 मार्च की शाम को आरोपियों ने एक साजिश के तहत हथियारों से लैस होकर गौरव के ऑफिस में घुसकर उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने डंडों, हथौड़ों, फावड़े और देसी कट्टे के बट से गौरव को बुरी तरह पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। चार आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हमले के बाद आरोपी बलेनो, आई-20 और स्कॉर्पियो जैसी तीन गाड़ियों में सवार होकर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए थे। इस संबंध में चांदहट थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ मालिया निवासी मीसा गांव, तरुण उर्फ अरुण निवासी गांव सहदेव का नंगला, अभिषेक उर्फ अब्बू और मनीष निवासी हसनपुर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सीआईए प्रभारी ने बताया कि उनकी टीम ने इस वारदात में शामिल फरार चल रहे आरोपी मीसा गांव निवासी कुलदीप को अब गिरफ्तार किया है। कुलदीप को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सड़क पर तड़पता रहा बाइक सवार युवक:घर से 500 मीटर दूर वाहन ने टक्कर मारी, अस्पताल पहुंचते ही टूटा दम
बांसवाड़ा के भुंगड़ा थाना क्षेत्र के खेर डाबरा गांव के पास बुधवार रात एक बाइक सवार युवक की दुर्घटना में मौत हो गई। युवक रात साढ़े 8 बजे घर से कही जाने की कहकर निकला था। हादसा घर से करीब 500 मीटर दूरी पर ही हुआ है। सड़क पर तड़पता रहा युवक भूंगड़ा थानाधिकारी देवीलाल ने बताया कि खेर डाबरा निवासी राहुल (25) पुत्र भाणजी अपनी बाइक से जा रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर काफी देर तक सड़क पर ही तड़पता रहा। वहां से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों की नजर जब घायल राहुल पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उसके परिजनों को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजनमौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस को सूचना दी, देरी होने पर युवक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में परिजनों के पास और कोई रास्ता नहीं बचा और वे जैसे-तैसे राहुल को बाइक पर बीच में बैठाकर महात्मा गांधी अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल पहुंचने तक जान जा चुकी थी अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी डॉक्टर हरीश चरपोटा ने युवक का परीक्षण किया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। हादसा कैसे हुआ है यह स्पष्ट नहीं है। प्रथम दृष्टया हादसा स्वयं की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होने से प्रतीत हो रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शासकीय महाविद्यालय के एक प्रोफेसर पर पड़ोस में रहने वाली युवती ने अश्लील मैसेज भेजने और संबंध बनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। नाराज युवती अपने होने वाले पति के साथ कॉलेज पहुंची और प्रोफेसर की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, शासकीय महाविद्यालय कुंजारा, लैलूंगा में पदस्थ प्रोफेसर रेमन भार्गव पर पड़ोसी युवती ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए अश्लील संदेश भेजने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि प्रोफेसर पिछले करीब डेढ़ साल से लगातार आपत्तिजनक मैसेज भेजकर उसे परेशान कर रहा था और संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। कॉलेज पहुंचकर की पिटाई, वीडियो वायरल नाराज युवती अपने होने वाले पति के साथ कॉलेज पहुंची। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद युवती ने प्रोफेसर को थप्पड़ मार दिए। इस दौरान मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। थाने में शिकायत, फिर हुआ समझौता इस मामले में लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि, युवती ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।जिसके बाद मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हरियाणा में नारनौल के निजामपुर स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर गुरुवार को मरम्मत कार्य के चलते सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आम यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहा। पुल बंद होने के कारण निजामपुर से नांगल चौधरी, कोटपूतली, पावटा, खाटू श्याम और राजस्थान की ओर जाने वाले हजारों यात्रियों व वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी और यात्रा में अधिक समय लगा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रेवाड़ी के इंस्पेक्टर अनिल जांगिड़ द्वारा थाना निजामपुर को दी गई सूचना के अनुसार रेलवे फ्लाईओवर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके मरम्मत कार्य के लिए गुरुवार को विशेष अभियान चलाया गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुए कार्य के दौरान ओवरब्रिज पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया। शाम 5 बजे तक बंद अधिकारियों के अनुसार मरम्मत के बाद इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री को पूरी तरह सूखने में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इसी वजह से शाम 5 बजे तक किसी भी वाहन को पुल से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। लोगों को हुई परेशानी ओवरब्रिज बंद रहने से दैनिक यात्रियों, व्यापारियों तथा खाटू श्याम सहित धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा, जिससे आसपास के वैकल्पिक मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। पुलिस ने जारी की थी एडवाइजरी महेंद्रगढ़ पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से निर्धारित अवधि के दौरान रेलवे ओवरब्रिज की ओर नहीं जाने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की थी। साथ ही यातायात व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह भी किया गया। इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर तैनात रहे तथा पूरे मरम्मत कार्य की निगरानी करते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर किसी भी व्यक्ति या वाहन की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। पूरे ओवरब्रिज का होगा नवीनीकरण रेलवे विभाग के जयपुर मंडल में डीएफसीसी के प्रदीप कुमार ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज के पूरे क्षतिग्रस्त हिस्से के नवीनीकरण के लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। फिलहाल जर्जर हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है, ताकि यातायात सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पूरे ओवरब्रिज का व्यापक सुधार कार्य किया जाएगा, जिससे इसे नया स्वरूप मिलेगा और लोगों को बेहतर व सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
गोमती नदी में डूबे दूसरे किशोर का शव बरामद:सुल्तानपुर में दो किशोरों की मौत, गांव में शोक का माहौल
सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र में गोमती नदी में डूबे दूसरे किशोर का शव गुरुवार को बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही नदी में नहाते समय डूबे दोनों किशोरों की मौत की पुष्टि हो गई है। पुलिस और स्थानीय गोताखोर लगातार तलाश अभियान में जुटे हुए थे। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव ने इसकी जानकारी दी। बुधवार को सोहगौली निवासी पंच बहादुर कोरी के पुत्र अमन (13) और रामरूप कोरी के पुत्र साहिल (12) अपने कुछ साथियों के साथ निरसहिया गांव के पास गोमती नदी में नहाने गए थे। बच्चों ने नदी किनारे अपनी साइकिल, कपड़े और चप्पल उतारकर रखे थे। काफी देर तक दोनों के नदी से बाहर न आने पर उनके साथियों ने गांव में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नदी किनारे खोजबीन शुरू कर दी। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पर कुड़वार थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक बाबू दयाल यादव, उपनिरीक्षक अमरजीत यादव और दीवान राज नारायण पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों के सहयोग से तलाश अभियान चलाया गया। साहिल का शव बुधवार शाम को ही नदी से बरामद कर लिया गया था, जबकि अमन की तलाश जारी थी। गुरुवार को अमन का शव भी मिल गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के बरोटीवाला थाना के अंतर्गत आते बटेड गांव में देर रात एक प्रवासी युवक की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक का शव स्थानीय शिव मंदिर परिसर में खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवक के सिर पर किसी भारी वस्तु से जोरदार वार करके उसे मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह बरोटीवाला थाना पुलिस को सूचना मिली कि बटेड स्थित पीएसी के पास बने शिव मंदिर के प्रांगण में एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की असली वजह और पूरी कहानी साफ हो पाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बद्दी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद धीमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अशोक वर्मा और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं। बिहार का रहने वाला था मृतक मृतक की पहचान 28 वर्षीय आशुतोष कुमार गौरव पुत्र अजीत कुमार के रूप में हुआ है। वह मूल रूप से बिहार के रोहताश जिले के नोहट्टा थाना क्षेत्र के ग्राम पोस्ट बौलिया, पंचायत शाहपुर थाना क्षेत्र नौहट्टा का रहने वाला था। वर्तमान में आशुतोष बरोटीवाला में ही एक निजी कंपनी में कार्यरत था। वह पिछले करीब सात-आठ सालों से अपने माता-पिता और बहन के साथ बटेड गांव में किराए के मकान में रह रहा था। परिवार के ही एक सदस्य पर हत्या का शक एसपी विनोद धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच की जा रही है। शुरुआती तफ्तीश में मृतक के परिवार के ही एक सदस्य पर हत्या का शक गहराया है। आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस की 3 से 4 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सेलवाड़ा गांव में बुधवार रात अज्ञात चोरों ने एक सूने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना उस समय हुई जब घर के सभी सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। गुरुवार सुबह जब परिवार वापस लौटा तो घर का आधा दरवाजा टूटा हुआ मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थे। करीब चार लाख की चोरी का दावा पीड़ित साहब विश्वकर्मा ने बताया कि चोरी हुए सामान की कीमत करीब चार लाख रुपए है। उन्होंने दोपहर में तेंदूखेड़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, साहब विश्वकर्मा का परिवार शादी में शामिल होने तेंदूखेड़ा गया था। उनकी पत्नी दो दिन पहले ही रिश्तेदार के यहां चली गई थीं, जबकि बुधवार शाम वह अपनी दो बेटियों के साथ भी शादी में चले गए थे। घर में सेंध लगाकर की गई वारदात पड़ोसी प्रशांत चौबे के अनुसार, साहब विश्वकर्मा कपड़े की दुकान चलाते हैं। इसी दौरान चोरों ने घर में सेंध लगाई और अलमारी से जेवर व नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस और डॉग स्क्वॉड से जांच सूचना मिलने पर पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी सरोज ठाकुर ने बताया कि टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है और वह स्वयं भी मौके पर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी नकदी की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, जांच के बाद ही नुकसान की सटीक राशि स्पष्ट होगी।
कड़ी निगरानी में 15 केंद्रों पर हुई यूपीटीईटी परीक्षा:बलिया में अभ्यर्थियों ने कहा- पेपर अच्छा रहा
बलिया में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 की पहली पाली गुरुवार को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न हुई। जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित इस परीक्षा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले सघन तलाशी ली गई। बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया। केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने पेपर को अच्छा बताया। अखिलेश यादव नामक एक अभ्यर्थी ने कहा कि उनका पेपर अच्छा गया है और सफलता की अच्छी संभावना है। एक अन्य अभ्यर्थिनी ने भी पेपर के संतोषजनक होने की बात कही। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी और उनके अभिभावक अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उल्लेखनीय है कि जिले में यूपीटीईटी-2026 की यह परीक्षा 15 केंद्रों पर 2, 3 और 4 जुलाई तक कुल पांच पालियों में आयोजित की जा रही है। इन पांच पालियों में लगभग 30,438 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
बासड़ा गांव में कुएं में गिरा लेपर्ड:वन विभाग की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया
चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के बंजारी ग्राम पंचायत के बासड़ा गांव में सड़क से कुछ ही दूरी पर स्थित एक कुएं में लेपर्ड गिर गया। गुरुवार सुबह गांव की कुछ महिलाओं ने जंगली जानवर की आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना गांव वालों को दी। बाद में कुंए देखने पर लेपर्ड दिखाई दिया। सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद लेपर्ड को कुएं से सकुशल बाहर निकाल गया। साथ ही उसे सवाई माधोपुर स्थित जंगल में छोड़ दिया गया है। 80 फीट गहरे कुएं में गिरा लेपर्डसामाजिक वानिकी डीएफओ सुनील कुमार ने बताया कि करीब 80 फीट गहरे कुएं में 40 फीट पानी था। जिसके अंदर यह गिर गया। सूचना के बाद वन विभाग के साथ-साथ वेटरनरी टीम व प्रशासन मौके पर पहुंचा। वन विभाग की टीम ने जाल के सहारे लेपर्ड को बाहर निकाल लिया। डीएफओ ने बताया कि लेपर्ड की करीब डेढ़ साल है। जिसका मूवमेंट इसी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बना हुआ था। संभवतः लेपर्ड रात के समय यह कुएं में गिर गया। सुबह जब विभाग की टीम को इसकी सूचना मिली तो रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और लेपर्ड को बाहर निकाल कर जंगल में छोड़ दिया गया। दूसरी ओर लेपर्ड को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। शांति व व्यवस्था के लिए तहसीलदार नीरज सिंह ने मौके पर पुलिस के जवान तैनात किए गए।
अयोध्या में ट्रक-स्कॉर्पियो टक्कर में तीन की मौत, एक मासूम समेत चार लोग घायल
अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रौनाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुबारकगंज के पास हुआ, जब तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए।
अलीगढ़ में एक महिला और उसके ने पति मोपेड सवार एक व्यक्ति को पीट दिया। यह घटना गुरुवार की सुबह 8:40 बजे की है। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें मारपीट होती दिख रही है। मामला देहली गेट थाना क्षेत्र के नगला महताब का है।स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया है कि,इस विवाद की वजह कुछ दिन पहले हुई कहासुनी है। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते महिला ने मोपेड सवार को बीच रास्ते रोक लिया और उस पर हमला कर दिया। वीडियो में महिला चप्पलों से व्यक्ति को पीटती दिख रही है, जबकि उसका पति भी मारपीट में शामिल नजर आ रहा है। हंगामा हुआ तो इकट्ठा हुए लोग, बीच-बचावकर युवक को हटाया सड़क पर अचानक शुरू हुए इस हंगामे को देखकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया था। विवाद बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मोपेड सवार व्यक्ति को सुरक्षित वहां से निकाला, जिसके बाद मामला शांत हुआ। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटना ने पुराने विवाद को जन्म दे दिया है। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग खुलेआम सड़क पर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल उठा रहे हैं और पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, फुटेज की सत्यता और घटना के पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगला महताब की यह घटना फिलहाल पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नूंह जिले के जलालपुर स्थित पैक्स के खाद गोदाम में सीएम फ्लाइंग टीम गुरुग्राम और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में खाद वितरण में घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक में 890 खाद के कट्टों का भारी अंतर पाया गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। 1 जुलाई 2026 को हुई छापेमारी में जांच टीम ने गोदाम के स्टॉक रजिस्टर, बिल और पीओएस (POS) मशीन के रिकॉर्ड का मिलान किया। रिकॉर्ड के अनुसार 700 बैग यूरिया (इफको), 140 बैग डीएपी (इफको) और 50 बैग एमओपी मौजूद होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर यह स्टॉक नहीं मिला। कुल 890 खाद के कट्टों का हिसाब रिकॉर्ड में नहीं पाया गया। गायब स्टॉक के बारे में जानकारी नहीं दे सका सेल्समैन जांच के दौरान गोदाम के सेल्समैन अबूल हसन से गायब स्टॉक के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद टीम ने गोदाम से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, पीओएस मशीन में दर्ज बिक्री और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान करने पर गंभीर विसंगतियां सामने आईं। इससे खाद वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका है कि किसानों के लिए आई खाद के वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितता हुई है। जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। इसमें दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होना तय है।
आगरा के सेक्टर-6 में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सीवर ओवरफ्लो और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने अनोखा विरोध शुरू किया है। इलाके के करीब 50 मकानों पर 'मकान बिकाऊ है' के पोस्टर चस्पा कर दिए। पोस्टर पर सांसद एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और मेयर हेमलता दिवाकर की तस्वीरें भी लगा दीं है। गली बनी नहर, घरों के सामने उफान मार रहा सीवरसेक्टर-6 की चौहान चौकी और गुजरात मंदिर पार्क, लाल बाग कॉलोनी में हालात सबसे बदतर हैं। यहां सीवर उफान मार रहे हैं। नाली-नाले चोक पड़े हैं। जल निकासी न होने से गलियों में 1 फीट तक पानी भरा है। गली नहर जैसी नजर आ रही है। उसी गंदे पानी से बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। सीएम पोर्टल तक शिकायत की, कोई सुनवाई नहींस्थानीय मोहन सिंह ने बताया-घर के सामने सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। गंदगी और मच्छरों की वजह से दिन में बैठना मुश्किल है। बीमारी फैलने का खतरा है। सांसद, विधायक, मेयर, सीएम पोर्टल सब जगह शिकायत कर ली, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। मजबूरन पलायन की स्थिति बन रही है। अब ऐसी गंदगी में कौन रह सकता है? बच्चों का छलका दर्द- 'खेलने की जगह नहीं, स्कूल नहीं जा पातेछोटी बच्ची तनवी और लक्ष्मी ने कहा-हम स्कूल नहीं जा पाते। बाहर खेलने तो दूर, बैठने की जगह नहीं बची। गंदगी की वजह से हम पलायन को मजबूर हैं। इसीलिए हम अपना घर आगरा के सांसद और विधायक को बेचना चाहते हैं। अगर वे खरीदते हैं तो डिस्काउंट भी देने को तैयार हैं। 4 महीने से सीवर ठीक नहीं, बीमार हुए तो कौन जिम्मेदार?'रिमझिम ने बताया-सब्जी बेचने वाला गली तक नहीं आ पा रहा। बच्चे स्कूल जाते समय गिर रहे हैं। चार महीने से अधिकारी सीवर की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे। अगर बीमार हुए तो कौन जिम्मेदार होगा? स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक और मेयर से जवाब मांगा है। लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि समस्या हल नहीं कर सकते तो यहां आकर एक दिन रहकर देखें।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने एक साल में 2 रेजीडेंशियल टाउनशिप लांच कर आगरा में प्रोपर्टी में एक बार फिर से बूम ला दी है। 5 अगस्त 2025 को लांच हुई अटलपुरम में अधिकांश प्लॉट बिक चुके हैं। अब ग्रेटर आगरा में 29 जून से बुकिंग शुरू हो गई है। अटलपुरम से ज्यादा ग्रेटर आगरा डिमांड में है। जबकि शहर के प्रमुख स्थानों से ग्रेटर आगरा की दूरी अधिक है। पहले दोनों योजनाओं के बारे में जानिये… एडीए ने अटलपुरम के रूप में 36 साल बाद अपनी कोई रेजीडेंशियल टाउनशिप लांच की। ग्वालियर रोड स्थित ककुआ भांडई में 138 हेक्टेअर यानी 341 एकड़ में टाउनशिप बनाई जा रही है। 3 चरणों में 11 सेक्टर बनेंगे। जिनमें 1430 भूखंड होंगे। योजना को बनाने के लिए प्राधिकरण ने 784 करोड़ खर्च किए हैं। इसके अतिरिक्त बाह्य और आंतरिक विकास में 731 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां प्लॉट के रेट 29,500 रुपये/मीटर हैं। वहीं, इनर रिंग रोड के पास स्थित रहनकलां-रायपुर में ग्रेटर आगरा विकसित किया जा रहा है। एडीए ने इनर रिंग रोड के पास लगभग 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा योजना 7 अप्रैल को लांच की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि पूजन कर इस योजना का शिलान्यास किया था। ग्रेटर आगरा में एडीए 10 नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप विकसित कर रहा है। यहां प्लॉट की कीमत 33000 रुपये/मीटर डिमांड में क्यों है ग्रेटर आगरा? अटलपुरम से बेहतर ग्रेटर आगरा की कनेक्टिविटी है। ग्रेटर आगरा की इनर रिंग रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से बेहतर कनेक्टिविटी है। हालांकि ग्वालियर रोड पर विकसित होने वाले अटलपुरम की कनेक्टिविटी भी इनर रिंग रोड को विस्तार रूप देकर इन दोनों एक्सप्रेसवे से होगी। मगर, यह काफी दूर है। इनर रिंग रोड के माध्यम से फतेहाबाद रोड काफी नजदीक है। इस रोड पर शहर के सभी बड़े होटल तो हैं ही, मैरिज होम भी इसी रोड पर हैं। इतना ही नहीं, ग्रेटर आगरा से नोएडा-दिल्ली, कानपुर, लखनऊ पहुंचना भी आसान है। जबकि अटलपुरम की सीधी कनेक्टिविटी ग्वालियर को जोड़ती है। हालांकि इनर रिंग रोड और साउथ बाईसपास के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही आगरा-दिल्ली हाईवे तक भी पहुंचा जा सकता है। मगर, इसके लिए काफी फेर लगाना होगा। यही वजह है कि अटलपुरम से ज्यादा ग्रेटर आगरा डिमांड में है। ग्रेटर आगरा से प्रमुख स्थान कितनी दूर अटलपुरम से प्रमुख स्थान कितनी दूर अटलपुरम में ये होंगी सुविधाएं अटलपुरम का सबसे खास आकर्षण इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर होगा। इस सेंटर में जहां बड़ा प्रेक्षागृह होगा, वहीं फाइव स्टार होटल आदि की व्यवस्था रहेगी। इसके अतिरिक्त मेरिज लॉन, स्कूल, इंटर कॉलेज, हेल्थ सेंटर, क्लब हाउस भी होगा। ग्रुप हाउसिंग भूखंड, रिटेल शॉप, पेट्रोल पंप, व्यवसायिक भूखंड, पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, डाकघर, सोलर स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी की निगरानी, विद्युत उपकेंद्र, पार्क हरियाली, स्काडा सिस्टम आधारित सेवाएं, ड्रेनेज प्रणाली और अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट आदि की सुविधा होगी। ग्रेटर आगरा में ये होंगी सुविधाएं45 मीटर मास्टर प्लान रोड के साथ बेहतर कनेक्टिविटी, ग्रीन कॉरीडोर, मिक्स्ड-यूज प्लॉट, मनोरंजन क्षेत्र, बड़े पार्क और खुली जगहें, वृहत आकार का सेक्टर मार्केट, वृहद आकार का वेंडिंग जोन, स्वास्थ्य केंद्र, नर्सरी/प्राइमरी स्कूल, जूनियर हाईस्कूल/इंटर कॉलेज, पुलिस चौकी स्टाफ क्वार्टर, सामुदायिक केंद्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल उपचार संयंत्र, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, सॉलिड वेस्ट कलेक्शन सेंटर, अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट, फुटपाथ एवं साइकिल ट्रैक, सीसीटीवी, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सोलर पैनल स्ट्रीट लाइट, स्थानीय खेल केंद्रग्रेटर आगरा में बुकिंग शुरू इनर रिंग रोड के पास स्थित रहनकलां-रायपुर में विकसित हो रहे ग्रेटर आगरा की गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग शुरू की है। 29 जून से 29 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। प्लॉटों की बुकिंग ऑनलाइन जनहित पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि इन योजनाओं में भूखंडों की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है। आवेदन के समय अनारक्षित वर्ग के आवेदकों को 10 फीसदी और आरक्षित वर्ग के आवेदकों को पांच फीसदी धनराशि जमा करानी होगी। गंगापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या नर्मदापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या ये होंगे 10 टाउनशिप के नाम
अदालत ने छह साल पुराने होमगार्ड हत्याकांड में बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गुरुवार को दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। शहर कोतवाली क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान होमगार्ड रतिराम की चाकू घोंपकर हत्या करने वाले आरोपी दीपक को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 ने मृत्युदंड से दंडित किया है। फैसले के दौरान अदालत की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बन गई, जिसमें कहा गया कि “जब कानून का प्रहरी गिरता है, तो केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा का विश्वास भी लहूलुहान होता है।” अभियोजन पक्ष के अनुसार 4 जून 2020 की रात नगर कोतवाली की बुढ़ाना मोड़ चौकी पर तैनात कांस्टेबल इस्लाम और होमगार्ड रतिराम गश्त पर थे। इसी दौरान डीलर वाली गली से एक महिला की चीख सुनाई दी। दोनों पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो वहां आरोपी दीपक अपनी मां राजबाला के साथ विवाद कर रहा था। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उग्र होकर होमगार्ड रतिराम के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल होमगार्ड रतिराम को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में मेरठ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। शुरुआत में पुलिस ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन रतिराम की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं बढ़ा दी गईं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी दीपक को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। फैसले के दौरान न्यायालय ने कहा कि कानून व्यवस्था की रक्षा करने वाले कर्मियों पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि पूरे न्यायिक और सुरक्षा तंत्र को चुनौती देने जैसा है। ऐसे मामलों में कठोर दंड समाज के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि पिछले लगभग 90 दिनों में मुज़फ्फ़रनगर की विभिन्न अदालतों द्वारा 11 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे में यह फैसला भी जिले के चर्चित न्यायिक निर्णयों में शामिल हो गया है।
लुधियाना के टिब्बा रोड इलाके में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब मोबाइल स्नैचिंग कर भाग रहे बदमाशों में से एक को स्थानीय लोगों ने दबोच लिया। जबकि उसके बाकी साथी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार होने में कामयाब रहे। गुस्साए लोगों ने पकड़े गए युवक को सड़क किनारे एक बिजली के खंभे से बांध दिया और जमकर उसकी धुनाई कर दी।वारदात कल रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। खिलौना पिस्तौल दिखाकर देते थे वारदात को अंजाम इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोगों ने एक युवक को खंभे से बांध रखा है। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक खिलौना (डमी) पिस्तौल भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि ये बदमाश इसी नकली पिस्तौल के दम पर राहगीरों को डराते-धमकाते थे और उनसे मोबाइल व नकदी छीन लेते थे। बाइक पर सवार होकर आए थे 3-4 बदमाश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,देर रात करीब 11:30 बजे टिब्बा रोड पर एक व्यक्ति से मोबाइल छीनने की वारदात हुई। बदमाश एक बाइक पर सवार होकर आए थे, जिनकी संख्या 3 से 4 बताई जा रही है। मोबाइल छीनकर जैसे ही आरोपी भागने लगे, पीड़ित ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए और घेराबंदी करके एक आरोपी को दबोच लिया, जबकि दो आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, साथियों की तलाश जारी हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही नजदीकी पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और खंभे से बंधे आरोपी को लोगों के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी को चौकी ले गई है, जहां उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर फरार हुए उसके बाकी साथियों (बाकी लुटेरों) का पता लगाया जा रहा है। इलाके के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है ताकि फरार आरोपियों की बाइक का नंबर और पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गैंग को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
कांकेर जिले के चारामा नगर में नेशनल हाईवे-30 किनारे स्थित पांच दुकानों में एक ही रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। खास बात यह है कि घटनास्थल पुलिस थाना से महज 300 मीटर की दूरी पर है। चोरों ने अलग-अलग दुकानों के ताले तोड़कर नकदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। CCTV में कैद हुई वारदात चोरी की घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इसके अलावा एक-दो दिन पुराना एक अन्य वीडियो भी मिला है, जिसमें रात के समय तीन संदिग्ध युवक इलाके में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस दोनों फुटेज की जांच कर रही है। चॉइस सेंटर से स्टांप पेपर और नकदी चोरी गजेंद्र लोक सेवा एवं चॉइस सेंटर के संचालक ने बताया कि सुबह करीब 9:43 बजे उन्हें चोरी की जानकारी मिली। उनके अनुसार, रात करीब 3:15 बजे चोर ताला तोड़कर दुकान में घुसे और स्टांप पेपर के साथ करीब 700 रुपये नकद लेकर फरार हो गए। नाश्ता सेंटर से 65 हजार और तीन गैस सिलेंडर पार सुषमा दिनेश साउथ इंडियन नाश्ता सेंटर के संचालक दिनेश गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने 30 जून की रात करीब 8:30 बजे दुकान बंद की थी। सुबह पहुंचे तो शटर का ताला टूटा मिला और दुकान का सामान बिखरा पड़ा था। चोर दुकान से तीन गैस सिलेंडर, करीब 65 हजार रुपये नकद और फ्रिज में रखा सामान चोरी कर ले गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह दुकान करीब डेढ़ महीने पहले ही शुरू की थी। मछली घर से 15 हजार रुपये गायब सिन्हा रंगीन मछली घर के संचालक सुरेश सिन्हा ने बताया कि पड़ोसी दुकानों में चोरी की सूचना मिलने पर वे अपनी दुकान पहुंचे। वहां भी ताला टूटा मिला और काउंटर में रखे करीब 15 हजार रुपये गायब थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। थाना से कुछ ही दूरी पर एक साथ कई दुकानों में हुई चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा के परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इंस्टाग्राम पर फर्जी रिजल्ट और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लखनऊ कमिश्नरेट के हुसैनगंज थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। दो इंस्टाग्राम अकाउंट निशाने पर बोर्ड के मुताबिक, इंस्टाग्राम आईडी rahul_rajput_70888 (Rahul Kumar Rajput) के खिलाफ मुकदमा संख्या 100/2026 और amit_kushwah_thakur154 (Amit Kushwah) के खिलाफ मुकदमा संख्या 101/2026 दर्ज किया गया है। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा से जुड़ी किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले अभ्यर्थी केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों से सावधान रहने की अपील की गई है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई बोर्ड ने चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने या अभ्यर्थियों को गुमराह करने के उद्देश्य से फर्जी सूचना प्रसारित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
मंडावा में स्कूल बस और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर:CCTV आया सामने, बड़ा हादसा टला
मंडावा से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां 30 जून को एक स्कूल बस और ट्रैक्टर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस घटना का CCTV फुटेज अब सामने आया है, जिसमें हादसे की भयावहता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। ब्रेक फेल होने से हुई टक्कर प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 30 जून की है। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मंडावा की सड़क पर एक स्कूली बस गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों के अनुसार कि ट्रैक्टर के ब्रेक नहीं लगने के कारण यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी बस का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान सड़क के किनारे से गुजर रहा एक छात्र, ट्रैक्टर को अपनी ओर आता देख अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए कूद गया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। बस में मची अफरा-तफरी घटना के तुरंत बाद बस में सवार स्कूली बच्चों में हड़कंप मच गया, हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे या अन्य किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी भी प्रकार का नुकसान होने की कोई खबर नहीं है। मामला में हुआ आपसी समझौता, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट घटना के चार दिन बाद इस हादसे का CCTV वीडियो सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना की पुष्टि की है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, ट्रैक्टर चालक और स्कूल प्रबंधन के बीच आपसी सहमति बन गई है, जिसके चलते मामले को सुलझा लिया गया है। आपसी समझौता होने के कारण स्कूल संचालक की ओर से इस संबंध में थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
सतना जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। गुरुवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बादलों और ठंडी हवाओं से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे में सतना का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम होकर 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1 डिग्री कम रहा। सुबह से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण दिन में भी हल्का अंधेरा छाया रहा और मौसम सुहावना बना रहा। किसान बुवाई की तैयारियों में जुटेमानसून की बारिश से किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिली है। खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसान अब खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। लगातार बारिश से कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, बिरसिंहपुर क्षेत्र में तेज बारिश के कारण नालियों का पानी सड़कों पर आ गया। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को परेशानी हुई। कई जगह जलभराव की स्थिति भी बनी। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले 24 घंटे तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
नालन्दा के राजगीर थाना क्षेत्र के पिलखी गांव निवासी 38 साल के सोनू रविदास की झारखंड के बरही में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। वह अपने 20-25 अन्य साथियों के साथ टूरिस्ट बस से रजरप्पा (झारखंड) पिकनिक मनाने और पूजा-पाठ के लिए निकले थे। परिजनों और रिश्तेदारों के अनुसार, बरही के एक होटल में खाना खाने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के लिए हजारीबाग ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक राजगीर में एक डॉक्टर के यहां कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। उनका एक 10 साल का बेटा लाला कुमार है। बरही के होटल में खाया था खाना, फिर बिगड़ी तबीयत मृतक के साढ़ू वीरेंद्र कुमार रवि और पड़ोसी मुन्ना शर्मा ने बताया कि राजगीर से सभी लोग टूरिस्ट बस (स्टार बस) से रजरप्पा के लिए बुधवार को निकले थे। रात करीब 11:30 बजे फोन पर सोनू से बात हुई थी, तब तक सब ठीक था। बरही से कुछ किलोमीटर पहले स्थित 'शिवम होटल' में पूरे ग्रुप ने खाना खाया। मुन्ना शर्मा के मुताबिक, ग्रुप के 25 लोगों ने खाना खाया, लेकिन अचानक सिर्फ सोनू की ही तबीयत बिगड़ने लगी। रात करीब 1:30 बजे साढ़ू वीरेंद्र कुमार को फोन पर तबीयत खराब होने की सूचना मिली। मुंह से आ रहा था झाग, पेट गया था फूल वीरेंद्र कुमार तुरंत बाइक से बरही के सदर अस्पताल पहुंचे, जहां सोनू को भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन और पंप दिया गया, तब वे थोड़ा ठीक लग रहे थे। लेकिन डॉक्टरों ने पेट फूला होने और नशीला पदार्थ शरीर में जाने की बात कहते हुए उन्हें हजारीबाग रेफर कर दिया। हजारीबाग ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि उनके मुंह से झाग निकल रहा था। ऐसा लग रहा है कि किसी ने उन्हें खाने में जहर या नशीला पदार्थ खिला दिया है। हालांकि, शराब पीने के सवाल पर उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी कहने से इनकार किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज घटना की सूचना मिलते ही राजगीर पुलिस मौके पर पहुंची। राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि घटना झारखंड के बरही इलाके में हुई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और ग्रुप में साथ गए अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
नशे में पटरियों पर सो गया युवक:आरपीएफ ने नोटिस देकर किया पाबंद, लोको पायलट की सतर्कता से टला हादसा
जोधपुर के लूणी स्टेशन पर एक शराबी पटरियों पर आकर सो गया। सूचना पर आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक ने शराबी को पटरियों से हटाया। युवक की पहचान गोपाल के रूप में हुई है, जो स्टेशन के पास ही रहता है और मजदूरी का काम करता है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक उपनिरीक्षक रमेश मीणा के अनुसार गोपाल ने पूछताछ में बताया कि उसने शराब पी रखी थी और पटरियों पर चला गया। नशा अधिक होने की वजह से वह वहां से उठ नहीं पाया और वहीं लेट गया। आरपीएफ ने आरोपी गोपाल को नोटिस देकर पाबंद किया है। घटना गुरुवार अलसुबह करीब 3.15 की है। लालगढ़ साबरमती ट्रेन के लूणी पहुंचने पर सूचना मिली कि कोई व्यक्ति ट्रेन की पटरियों पर लेटा हुआ है। जिसे पटरियों से हटाने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन 10 मिनट रुकी रही। गनीमत यह रही कि लोको पायलट की सतर्कता से हादसा टल गया। ट्रेन को पहले ही रोक लिया गया। इसके बाद आरोपी को पटरियों से हटाकर करीब 10 मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
कटनी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर आज सुबह एक अज्ञात युवक मालगाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा स्टेशन परिसर के पास रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान हुआ। घटना के बाद कुछ समय के लिए डाउन ट्रैक पर रेल यातायात प्रभावित रहा। यह घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक को अवैध रूप से पार कर रहा था। इसी दौरान वह सामने से आ रही तेज रफ्तार मालगाड़ी को नहीं देख सका और उसकी चपेट में आ गया। रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। ड्यूटी पर मौजूद डिप्टी स्टेशन मास्टर सुरजीत आचार्य ने रेलवे डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर युवक की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डिप्टी स्टेशन मास्टर की ओर से शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सूचना दी गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद ट्रैक को साफ कर रेल यातायात बहाल कर दिया है। पुलिस युवक की पहचान की कोशिश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
बलरामपुर में हवाओं के साथ झमाझम बारिश:उमस भरी गर्मी के बाद मौसम हुआ सुहाना
बलरामपुर में गुरुवार को उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। दोपहर 12:35 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में हल्की बारिश मूसलाधार हो गई, जिससे शहर का मौसम सुहाना हो गया और सड़कों पर पानी भर गया। गुरुवार सुबह भी हल्की बारिश हुई थी, जिससे मौसम में कुछ नरमी आई थी। हालांकि, दोपहर तक उमस बरकरार थी। तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के दौरान चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ताजगी छा गई। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाएं 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जबकि आर्द्रता 65 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल कुछ समय के लिए कम हो गई। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर रुककर बारिश थमने का इंतजार करते दिखे, जबकि बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने वन महोत्सव के अवसर पर तुलसीपुर कंपोजिट विद्यालय में आम का पौधरोपण किया। इस दौरान 'आम बहार आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत छात्रों और ग्रामीणों को पौधे वितरित किए गए। वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन कंपोजिट विद्यालय तुलसीपुर में किया गया था। मुख्य अतिथि विधायक राकेश प्रताप सिंह ने परिसर में आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद 'आम बहार आपके द्वार' कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विधायक ने पौध भंडारे के अंतर्गत स्कूल के छात्र-छात्राओं और उपस्थित ग्रामीणों को आम, अमरूद सहित कई प्रजातियों के पौधे बांटे। उन्होंने बच्चों से अपने घरों के आसपास पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रणवीर मिश्र, क्षेत्रीय वन अधिकारी गौरीगंज, खंड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज, रेंज स्टाफ और तुलसीपुर के ग्राम प्रधान सहित कई लोग मौजूद रहे। डीएफओ रणवीर मिश्र ने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ों के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक पौधरोपण करके ही पर्यावरण को संतुलित रखा जा सकता है। विधायक राकेश प्रताप सिंह ने पेड़ों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि एक पेड़ लगाने से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने खेत-खलिहान और घरों के आसपास फलदार और छायादार पौधे लगाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे शामिल हुए।
भागलपुर में तिलकामांझी थाने से 10 कदम दूर ऑफिस के अंदर बिल्डर की न्यूड बॉडी मिली है। 48 साल के बजरंगी नीलकंठ नगर हवाई हड्डे के पास रहते थे। देर रात पत्नी ने फोन किया तो बजरंगी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पत्नी ऑफिस पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज दी, पर गेट नहीं खुला। पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर ऑफिस में घुसी। कमरे में बजरंगी की लाश पड़ी थी। पुलिस ने लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। भांजे आयुष का कहना है कि उसने मामा को फोन पर किसी से बहस, गाली-गलौज और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद करते देखा था। मामला तिलकामांझी थाना क्षेत्र का है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मामा रोज सुबह बच्चों को सुबह स्कूल छोड़ने जाते थे मृतक के भांजे आयुष रंजन ने बताया कि मामा बजरंगी कुमार जो पेशे से बिल्डर थे, रोज सुबह 7 बजे उठ जाते थे और सबसे पहले अपने बेटे और बेटी को स्कूल छोड़ने जाते थे, लेकिन जब वे सुबह नहीं उठे, तो परिजनों को चिंता हुई। सबसे पहले मैं नीलकंठ नगर (दूबिया कोठी, हवाई अड्डा) स्थित उनके घर पहुंचा, जहां ताला बंद मिला। इसके बाद मामा के तिलकामांझी थाने के पास ऑफिस पहुंचा, जहां नीचे उनकी प्लेटिना बाइक खड़ी थी। ऑफिस का दरवाजा भी बंद था। आसपास के लोगों और पहचान वालों से पूछताछ के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को लिखित सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में ऑफिस का ताला खोला गया, जहां बजरंगी की लाश मिली। हत्या या आत्महत्या, दोनों एंगल से जांच फिलहाल ये साफ नहीं हो सका है कि मौत हत्या के कारण हुई है या आत्महत्या का मामला है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। बॉडी पर जख्म के निशान मिले हैं सिटी SP अतुलेश झा ने बताया कि बॉडी पर कई जख्म के निशान मिले हैं। खून भी मिला हैा। प्रारंभिक तौर पर क्रिमिनल्स एक्ट को मानते हुए हम लोग जांच कर रहे हैं। परिवार वालों की तरफ से भी आवेदन दिया जा रहा है।
एटा जनपद में भारतीय किसान यूनियन (किसान संगठन) के दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक लिखित ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद सिंह को सौंपा। किसानों ने कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। यह प्रदर्शन किसान नेता रवि पाल के नेतृत्व में हुआ।किसानों की मुख्य मांग है कि कृषि, डेयरी और पॉल्ट्री क्षेत्रों में किसान संगठनों की सहमति के बिना अमेरिका के साथ कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका अपने किसानों को कृषि क्षेत्र में भारी सब्सिडी देता है, जबकि भारत में किसानों को महंगे सामान मिलते हैं। ऐसे में, यदि अमेरिका से सस्ता माल आता है, तो भारतीय किसानों की उपज कौन खरीदेगा, यह चिंता का विषय है। किसानों ने भारतीय किसानों और डेयरी संचालकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समझौते से पहले संसद में गहन चर्चा की जाए और देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका सुनिश्चित की जाए। किसान नेता रवि पाल ने बताया कि वे भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हैं, क्योंकि इससे भारत के किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि भारत में किसानों को महंगाई का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी फसलें और डेयरी उत्पाद महंगे तैयार होते हैं। इसलिए, उनकी मांग है कि इस तरह के समझौते से पहले गहन विचार-विमर्श होना चाहिए। इस दौरान मोनू कुशवाहा, यादवेंद्र राजपूत, आकाश कश्यप, सनी सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
प्री-मानसून की अच्छी बारिश के बाद चित्तौड़गढ़ जिले में खरीफ सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक जिले में करीब 35 प्रतिशत रकबे में बुवाई हो चुकी है और आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होने के साथ बाकी खेतों में भी तेजी से बुवाई होने की उम्मीद है। इस बीच किसानों के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर चल रही चिंता पर कृषि विभाग ने राहत दी है। विभाग का कहना है कि जिले में बीज और खाद की पर्याप्त व्यवस्था है और लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। किसानों को घबराकर जरूरत से ज्यादा खाद खरीदकर घर में रखने की जरूरत नहीं है। जहां भी किसी क्षेत्र में खाद की कमी होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सप्लाई कराई जाएगी। विभाग ने किसानों से खेत में नमी देखकर ही बुवाई करने की भी अपील की है, ताकि बाद में दोबारा बुवाई जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मूंगफली और मक्का सबसे आगे मूंगफली की खेती बढ़ी शंकरलाल जाट ने बताया कि इस बार जिले में किसानों का रुझान मूंगफली की खेती की ओर ज्यादा बढ़ा है। इसकी सबसे बड़ी वजह मूंगफली के अच्छे बाजार भाव और बेहतर उत्पादन को माना जा रहा है। वहीं मक्का के दाम किसानों की उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलने और दूसरी दिक्कतों के कारण कई किसानों ने इस बार मक्का का रकबा कम कर दिया है। कपास की खेती का क्षेत्र भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है। उनका कहना है कि अगर बाजार में मूंगफली के अच्छे भाव आगे भी मिलते रहे तो आने वाले समय में इसका रकबा और बढ़ सकता है। डीएपी, यूरिया और दूसरे खाद का पर्याप्त स्टॉक शंकरलाल जाट ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के लिए 13 हजार 500 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत है। इसके मुकाबले अब तक 9 हजार 150 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन हो चुका है और 2 हजार 430 मीट्रिक टन स्टॉक अभी उपलब्ध है। जल्द ही 500 से 550 मीट्रिक टन डीएपी की नई खेप मिलने वाली है, जबकि चंबल की ओर से भी लगातार डीएपी पहुंच रहा है। डीएपी के विकल्प के रूप में जिले में 2 हजार 700 मीट्रिक टन एनपीके और 16 हजार 191 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसान जरूरत पड़ने पर तीन कट्टा एसएसपी और एक कट्टा यूरिया का उपयोग कर डीएपी का विकल्प अपना सकते हैं। वहीं जिले में यूरिया की कुल जरूरत 58 हजार 500 मीट्रिक टन है। अब तक 32 हजार 371 मीट्रिक टन यूरिया पहुंच चुका है और 14 हजार 584 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। उदयपुर रैक से 500 मीट्रिक टन यूरिया मिलने की संभावना है। इफको की एक और रैक भी प्रस्तावित है और चंबल से रोज दो से तीन ट्रक यूरिया जिले में पहुंच रहा है। जरूरत से ज्यादा खाद जमा न करें, नमी देखकर ही करें बुवाई शंकरलाल जाट ने किसानों से अपील की कि वे खाद का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। कई जगह किसान पहले से ही जरूरत से ज्यादा खाद खरीदकर घर में रख रहे हैं, जबकि इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि लगातार सप्लाई हो रही है। अगर किसी गांव या क्षेत्र में किसी खाद की कमी महसूस होती है तो किसान अपने कृषि पर्यवेक्षक या सहकारी समिति के माध्यम से जानकारी दें, वहां प्राथमिकता से खाद उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन खेतों में पर्याप्त नमी है, वहीं बुवाई करें। खासकर मक्का में नमी कम होने पर अंकुरण प्रभावित हो सकता है और दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। वहीं मूंगफली में अंकुरण के बाद करीब 20 से 25 दिन तक ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के बाद समय पर बुवाई कर दी थी, उन्हें खरपतवार नियंत्रण और फसल की शुरुआती बढ़वार में भी फायदा मिला है। कृषि विभाग का मानना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के बाद जिले में खरीफ की बुवाई तेजी से पूरी हो जाएगी। इधर किसान सुरेश बैरवा ने बताया कि इस बार प्री मानसून में हमने बुवाई की है। सबसे ज्यादा जोर हमने मूंगफली को दिया है। मूंगफली को मक्के से ज्यादा दाम मिलते है इसलिए ज्यादा क्षेत्र में मूंगफली को बोया है। बाकी मक्का की भी बुवाई की है।
मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड की सरचिया पंचायत स्थित मधुबन प्रताप समेत आसपास के आठ गांवों में बागमती नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी पर बना चचरी पुल बह जाने से करीब 30 हजार की आबादी का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है। अब ग्रामीणों के पास आवागमन का एकमात्र सहारा नाव बची है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को हो रही है, जिन्हें हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। नाव से स्कूल पहुंच रहे बच्चे स्कूल खुलने के बाद बच्चों की सबसे कठिन परीक्षा शुरू हो गई है। कंधे पर बस्ता और हाथ में कॉपी-किताब लेकर मासूम रोज नाव से बागमती नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। कक्षा सातवीं की छात्रा राधा बताती है कि नदी पार करते समय काफी डर लगता है, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ना चाहती। उसका सपना अधिकारी बनकर अपने गांव की तस्वीर बदलने का है। हर सुबह माता-पिता बच्चों को भारी मन से स्कूल भेजते हैं और शाम तक उनकी सुरक्षित वापसी की चिंता सताती रहती है। तीस हजार लोग हुए प्रभावित ग्रामीणों के अनुसार मधुबन प्रताप, पटोरी टोला, बाड़ा बुजुर्ग, बाड़ा खुर्द, राघोपुर, चैनपुर, तरवन्ना और हरनी टोला समेत आठ गांवों की करीब 30 हजार आबादी सीधे प्रभावित हुई है। बाजार जाना हो, अस्पताल पहुंचना हो या किसी जरूरी काम से बाहर निकलना हो, हर किसी को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी के तेज बहाव के कारण हर सफर खतरे से खाली नहीं है। तार के सहारे पार हो रही नदी ग्रामीणों का कहना है कि चचरी पुल बहने के बाद नदी के बीच बंधे एक तार के सहारे नाव का संचालन किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने और तेज धारा के कारण नाव से सफर करना भी जोखिम भरा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। हर साल बनती है यही समस्या ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के मौसम में हर साल यही हालात बन जाते हैं। पुल बहते ही गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट जाता है। बीमार पड़ने पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जबकि मजदूरों और किसानों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होती है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्थायी पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका। नाविक ने बताई परेशानी स्थानीय नाविक दीपू साहनी ने बताया कि चचरी पुल टूटने के बाद लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। स्कूल खुलने के बाद रोज सुबह 30 से 40 बच्चों को नाव से नदी पार कराना पड़ता है। बागमती का जलस्तर लगातार ऊपर-नीचे होता रहता है, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। पीपा पुल ही जीवनरेखा स्थानीय निवासी मुकेश सिंह ने बताया कि कटरा में बागमती पर बना पीपा पुल दशकों से इलाके के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। वहीं सुमन कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की अधिकांश जरूरतें इसी मार्ग से पूरी होती हैं। इसलिए स्थायी पुल का निर्माण और मौजूदा संपर्क व्यवस्था को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष और त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का ऐसा दौर था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन किया और राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। 'लोकतंत्र सिर्फ व्यवस्था नहीं, जीवन मूल्य' मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। लोकतंत्र सेनानियों ने जेल और यातनाएं झेलकर लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा की। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और नशामुक्त एवं स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने साझा की पारिवारिक स्मृतियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आपातकाल के समय उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्वयंसेवक भेष बदलकर उनके घरों तक राशन पहुंचाते थे ताकि कोई परिवार भूखा न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि उन्हें लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों की जानकारी हो। उन्होंने इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल को भी सराहनीय बताया। डॉ. रमन सिंह बोले- लोकतंत्र के लिए चेतावनी था आपातकाल विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दौर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की सीख देता है। निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान कार्यक्रम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यालय वर्ग में रायपुर की जागृति जांगड़े प्रथम, कोरबा के सूरज तांडिया द्वितीय और दुर्ग के अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय वर्ग में रायपुर की कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय और दुर्ग की खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को मुख्यमंत्री ने स्मृति चिन्ह और प्रोत्साहन राशि प्रदान की। कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, गोमती साय सहित लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
पलवल के किरंज टोल प्लाजा पर फरीदाबाद के इंजीनियर से मारपीट और लूटपाट के मामले में हथीन थाना पुलिस ने तीन टोल कर्मियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 24 जून को हुई थी। फरीदाबाद सेक्टर-11 निवासी इंजीनियर कनव मित्तल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 24 जून को जब वह अपनी कार से किरंज टोल प्लाजा पार कर रहे थे, तभी एक बाउंसर ने उनकी गाड़ी पर डंडा फेंका, जिससे कार का शीशा टूट गया। जब उन्होंने रुककर कारण पूछा, तो अन्य बाउंसरों ने मिलकर उनके साथ लात-घूसों से मारपीट की और जेब से 20 हजार रुपए लूट लिए। इस दौरान इंजीनियर को चोट भी आईं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई पहचान पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। हथीन थाना की मिंडकोला चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि इस वारदात में शामिल बाउंसर विनय निवासी नंगला जोगियान, सेक्टर-58 फरीदाबाद, दान सिंह निवासी नंगला जोगियान, सेक्टर-58 फरीदाबाद और तरुण निवासी दुधौला गांव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि लूटी हुई रकम और उनके अन्य फरार साथियों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस टीम अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) गुरुवार से जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई। पहले दिन पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दे दिया गया है। परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। तीन दिन तक चलने वाली इस परीक्षा में जिले के 50,512 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को आसान से मध्यम स्तर का बताया। कई परीक्षार्थियों का कहना था कि पेपर उम्मीद से आसान रहा, ऐसे में इस बार कटऑफ ऊंची जा सकती है। हालांकि कुछ अभ्यर्थियों ने गणित जैसे विषयों के प्रश्नों को अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण भी बताया। फिरोजाबाद से परीक्षा देने आई दर्शिका ने बताया कि पेपर मॉडरेट था। उन्होंने कहा कि वह विज्ञान वर्ग की अभ्यर्थी हैं, इसलिए अधिकांश प्रश्न सहज लगे, लेकिन गणित का भाग थोड़ा कठिन रहा। वहीं जयपुर से आई सुनीता ने कहा कि प्रश्नपत्र न तो बहुत आसान था और न ही बहुत कठिन। उनके अनुसार, “जिस अभ्यर्थी ने अच्छी तैयारी की है, उसका चयन हो जाएगा।” यूपीटीईटी की परीक्षा 3 से 5 जुलाई तक प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रत्येक पाली के लिए जिले में 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने बताया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक पाली में 26 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 26 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 17 स्टेटिक मजिस्ट्रेट रिजर्व में रखे गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिलाधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया था। इस दौरान परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और नकल रोकने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। पहले दिन दोनों पालियों में 9,178-9,178 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। 4 जुलाई को पहली पाली में 9,179 और दूसरी पाली में 11,488 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि 5 जुलाई को पहली पाली में 11,489 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। जिला प्रशासन का दावा है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जाएगी।
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद में घर के AC की सर्विस कराने के लिए 10 रुपए की ऑनलाइन फीस भरना किसान को महंगा पड़ गया। कल उसके खाते से 7.65 लाख रुपए निकल गए। ठग ने खुद को लायड कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर किसान को लिंक भेजा। लिंक भरते ही मोबाइल में एक एप डाउनलोड हो गई। इसके करीब 16 दिन बाद किसान के जमीन की लिमिट के बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन हो गई। ट्रांजैक्शन होने के बाद किसान अपने बैंक पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसके खाते से साढ़े 7 रुपए लाख से ज्यादा पैसे कट गए। फिलहाल किसान ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। गूगल पर सर्च किया नंबर किसान देवेन्द्र सिंह ने बताया कि 15 जून को उनके घर लगा लॉयड कंपनी का AC खराब हो गया था। उसने गूगल पर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। वहां मिले एक मोबाइल नंबर पर कॉल की, तो सामने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। एक घंटे में मैकेनिक भेजने का किया दावा उस अधिकारी ने शिकायत दर्ज करने के लिए वॉट्सएप पर लिंक भेजा। लिंक भरने के बाद 10 रुपए की फीस जमा करने की बात कही। फीस भरने के एक घंटे के अंदर मैकेनिक घर पहुंचने का दावा किया। उसने लिंक खोला और उसमें जानकारी भर दी। इसके बाद उनके मोबाइल में अपने आप एक एप डाउनलोड हो गई। पैसे का भुगतान करने की कोशिश उन्होंने 10 रुपए की पेमेंट करने की कोशिश की, लेकिन भुगतान सफल नहीं हुआ। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल आने लगी। शक होने पर उन्होंने वे नंबर ब्लॉक कर दिया। थोड़ी देर बाद लिंक भी अपने आप मोबाइल से गायब हो गई। अब उनके पास उस लिंक या एप का कोई रिकॉर्ड नहीं है। PIN बार-बार बदलने लगी इसके बाद जब भी वह पेटीएम से भुगतान करने की कोशिश करते, हर बार उनका UPI पिन अपने आप बदल जाता था। उन्होंने कई बार नया PIN बनाया, लेकिन दो-तीन ट्रांजैक्शन के बाद फिर PIN बदल जाती और पेमेंट फेल हो जाती। इससे वे काफी परेशान हो गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ। 6 ट्रांजैक्शन से कट 7.65 लाख रुपए एक जुलाई को उनके जमीन के लिमिट वाले खाते (KCC) से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। खाते से 3 लाख रुपए, 2.99 लाख रुपए, 98 हजार रुपए, 51 हजार रुपए, 10 हजार रुपए और 7 हजार रुपए निकाल लिए गए। कुल मिलाकर 7 लाख 65 हजार रुपए खाते से साफ हो गए। उधर, पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील के ग्राम हरिपुरा के लांस हवलदार सुरेश गेनन का पठानकोट में निधन हो गया। सेना ने बैटल कैजुअल्टी मानते हुए सैन्य सम्मान के साथ शहीद सुरेश की पार्थिव शरीर को रवाना किया। पठानकोट से रवाना होकर शहीद सुरेश कुमार का पार्थिव बुधवार देर रात खाचरियावास पुलिस पहुंचा। आज सुबह तिरंगा यात्रा के साथ पार्थिव देह को हरिपुरा गांव ले जाया गया। 20 मिनट पहले ही पिता से बात हुई थी, ड्यूटी के दौरान शहीद सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल बृजेंद्र सिंह महला ने बताया कि सुरेश कुमार 2011 में आर्मी में भर्ती हुए थे। वे अभी पठानकोट में 3 जाट रेजीमेंट में लांस हवलदार के पद पर पोस्टेड थे। ड्यूटी के दौरान पंजाब के पठानकोट में 1 जुलाई को वे शहीद हो गए। सैन्य सम्मान के साथ शहीद सुरेश कुमार का अंतिम संस्कार किया गया है। सुरेश कुमार ने मौत से ठीक 20 मिनट पहले ही पिता से मोबाइल पर बातचीत की थी और जल्द ही गांव आने की बात कही थी। 9 साल के बेटे पीयूष ने दी मुखाग्नि लेकिन कुछ ही देर बाद उनके शहीद होने की सूचना पहुंची, जिससे पूरे परिवार और गांव में शोक छा गया। शहीद वीरांगना सीमा देवी रोते हुए बार-बार बेसुध होती रही। सेना के अधिकारियों ने शहीद सुरेश कुमार के 9 वर्षीय बेटे पीयूष को तिरंगा सौंपा, पीयूष ने चिता को मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और आमजन शामिल हुए। इससे पहले ग्रामीणों ने पार्थिव देह पर पुष्पवर्षा की।
लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र स्थित काला पहाड़ झील में एक राजमिस्त्री का शव पानी में उतराता मिला। मृतक की पहचान अमर सिंह उर्फ कल्लू (50) शेखपुर कॉलोनी थाना ठाकुरगंज के रूप में हुई। परिजनों के मुताबिक, अमर सिंह बुधवार रात करीब 8 बजे घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद सूचना मिली कि काला पहाड़ झील में एक व्यक्ति डूब गया है। मौके पर पहुंचने पर झील में मुंह के बल उनका शव मिला। मृतक की पत्नी सुनीता लोधी हैं। बेटे लक्की राजपूत ने बताया कि उनके पिता राजमिस्त्री का काम करते थे और शेखपुरा कॉलोनी के पास रहते थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि अमर सिंह को धक्का देकर झील में गिराकर मार डाला गया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। तालकटोरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और यदि परिजनों की ओर से तहरीर मिलती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रीवा जिले के त्योंथर थाना क्षेत्र के चाकघाट स्थित ग्राम मांगी में जमीन विवाद के दौरान ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में विवाद के दौरान एक पक्ष ट्रैक्टर लेकर दूसरे पक्ष की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि ट्रैक्टर का अगला पहिया बार-बार उठाकर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। मामला दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद से जुड़ा है। देखें तस्वीरें… परिवार को कुचलने की कोशिश का आरोप हरिपूजन पयासी मिश्रा ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान पूरे परिवार के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि ट्रैक्टर का अगला पहिया बार-बार उठाकर जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया एकतरफा दूसरे पक्ष के रामशंकर, पुष्पेंद्र और विनय शुक्ला ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। उनका आरोप है कि सामने वाले पक्ष की ओर से बार-बार उकसाने और विवाद बढ़ाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे ट्रैक्टर चढ़ाने के आरोप एकतरफा हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वीडियो की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायत मिली है। वीडियो सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चित्रकूट पुलिस महकमे में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 25 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले कर दिए। एक साथ बड़ी संख्या में हुए इन स्थानांतरणों को लेकर पुलिस महकमे में पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं। अधिकारियों ने इसे कार्यकुशलता बढ़ाने और पुलिसिंग को नई गति देने की कवायद बताया है। जारी स्थानांतरण सूची में कई थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और महत्वपूर्ण शाखाओं में तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। निरीक्षक विजय कुमार सिंह को पुलिस लाइन से प्रभारी निरीक्षक मीडिया सेल/साइबर सेल बनाया गया है। निरीक्षक आयुषोष तिवारी और इन्द्रल यादव को साइबर थाना भेजा गया है। निरीक्षक सविता श्रीवास्तव को अपराध निरीक्षक कोतवाली कर्वी से प्रभारी न्यायालय सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि निरीक्षक विनोद कुमार यादव को पुलिस लाइन से कोतवाली कर्वी में अति निरीक्षक नियुक्त किया गया है। उपनिरीक्षक स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। सुनील कुमार मिश्रा को चौकी प्रभारी हरदी कला, प्रभुनाथ यादव को चौकी प्रभारी गनीवां, यादवेन्द्र प्रताप सिंह को चौकी प्रभारी खोह तथा शैलेन्द्र कुमार शुक्ल को चौकी प्रभारी रगौली बनाया गया है। राम दिनेश तिवारी को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली कर्वी और अंगिरा प्रसाद दुबे को कोतवाली कर्वी भेजा गया है। वहीं प्रवीण सिंह को एसओजी में तैनाती मिली है। मऊ और मारकुंडी थानों के बीच भी अधिकारियों की अदला-बदली की गई है। थाना प्रभारियों में भी बदलाव हुआ है। निरीक्षक विनोद कुमार राय को मीडिया सेल/साइबर सेल से हटाकर भरतकूप थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है, जबकि निरीक्षक नरेश कुमार प्रजापति को साइबर थाना से राजापुर थाने की कमान सौंपी गई है। उपनिरीक्षक विवेक कुमार सिंह को बहिलपुरवा थाने का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं निरीक्षक उपेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक लाखन सिंह, उपनिरीक्षक अनिल कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार सिंह और सत्यमपति त्रिपाठी का गैर जनपद स्थानांतरण होने के बाद उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य कारणों से उपनिरीक्षक राधेश्याम सिंह को भी पुलिस लाइन भेजा गया है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
अमेठी में मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नगर पंचायत और तहसील प्रशासन ने संयुक्त रूप से नाला सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पंकज मिश्रा के निर्देश पर चलाया जा रहा है। अभियान के तहत नगर पंचायत क्षेत्र की सभी छोटी-बड़ी नालियों की सफाई की जा रही है। जेसीबी मशीनों और दर्जनों सफाईकर्मियों की मदद से नालों से गाद, पॉलिथीन और अन्य कचरा निकाला जा रहा है, ताकि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। गौरतलब है कि हर साल मानसून के दौरान अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। बारिश का पानी उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आवास, क्षेत्राधिकारी (सीओ) आवास, तहसील परिसर, कोतवाली और रजिस्ट्री कार्यालय सहित अधिकतर सरकारी कार्यालयों में भर जाता है। इससे आम जनता और अधिकारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसडीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि इस बार बारिश से पहले ही सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी, ताकि जलभराव की समस्या से स्थायी निजात मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। नगर पंचायत प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे नालियों में कूड़ा-कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग दें।
राजस्थान में आज मानसून की एंट्री हो गई। मानसून जयपुर तक आ गया है। जयपुर में बीती रात से हल्की बारिश का दौर रुक-रुककर जारी है। अमूमन जयपुर में मानसून के आने का समय 30 जून के आसपास का रहता है, लेकिन इस बार मानसून 2 जुलाई को जयपुर में प्रवेश किया है। वहीं झालावाड़, कोटा, बूंदी, भरतपुर, बारां, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक और अलवर जिलों में मानसून ने प्रवेश किया है बीती रात से जयपुर, दौसा, अलवर, चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में रुक-रुककर बरसात हो रही है। हवा में ठंडक और घने बादल छाने से गर्मी और उमस में भी कमी आई है। वहीं, मौसम विभाग ने आज राज्य के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। तीन-चार दिन बाद मानसून की एंट्री जयपुर में इस साल मानसून ने तीन-चार दिन की देरी से एंट्री की है। इसके पहुंचने के साथ ही तेज बारिश का दौर शुरू होगा। पहले हफ्ते में औसत से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। दूसरे हफ्ते में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तीसरे और चौथे हफ्ते में मानसून कमजोर रह सकता है। इस कारण गर्मी-उमस बढ़ सकती है। जयपुर के इन इलाकों में 24 घंटे में हुई बारिश अब तक 32 फीसदी बारिश कम मानसून के इस सीजन में जयपुर जिले में अब तक औसत से 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जयपुर में 1 जून से अब तक कुल 70.7MM सामान्य बारिश होती है, जबकि इस बार केवल 48.3MM ही बारिश हुई। है।
ट्रांसगंगा सिटी सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर फुंका:20 गांवों में 60 घंटे से बिजली गुल, जनजीवन प्रभावित
उन्नाव के ट्रांसगंगा सिटी सब स्टेशन पर 5 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। इसके कारण लगभग 20 गांवों में पिछले 60 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न मिलने से हजारों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ट्रांसगंगा सिटी सब स्टेशन पर लगा 5 एमवीए ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया था। इसके बाद ट्रांसगंगा सिटी, शंकरपुर, सन्नी, गरेरेपुरवा, पिपरी, गंगा बैराज, बनी, मुस्तफापुर, भवानी खेड़ा सहित लगभग 20 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों को जल्द आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद थी। विद्युत विभाग ने मंगलवार देर रात वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऐस भदियार सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू करने का प्रयास किया। हालांकि, अत्यधिक लोड के कारण यह व्यवस्था सफल नहीं हो सकी। इसके बाद बुधवार सुबह एक नया 5 एमवीए ट्रांसफार्मर मंगवाकर सब स्टेशन पर स्थापित किया गया। ट्रांसफार्मर लगाने के बाद उसकी तकनीकी जांच और परीक्षण जारी है, जिसके चलते आपूर्ति अभी बहाल नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों ने बुधवार रात तक बिजली चालू होने की संभावना जताई थी। लेकिन, गुरुवार सुबह तक भी क्षेत्र में आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति असंतोष बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि लगातार दो दिनों से अधिक समय तक बिजली न मिलने से पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। इन्वर्टर और मोबाइल फोन चार्जिंग भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि धीमी कार्यप्रणाली के कारण यह समस्या लंबी खिंच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिना बिजली रहना मुश्किल हो रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा मरीजों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता भरत गौतम ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मर के स्थान पर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। फिलहाल उसकी तकनीकी टेस्टिंग की जा रही है। परीक्षण पूरा होते ही क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि खबर लिखे जाने तक करीब 60 घंटे बीत जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी।
चित्रकूट में 11 ओवरलोड ट्रक सीज:खनिज और राजस्व विभाग ने बिना प्रपत्र वाहनों पर की कार्रवाई
चित्रकूट जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार तड़के खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 11 ट्रकों को सीज किया। ये ट्रक बिना वैध प्रपत्र और ओवरलोड पाए गए। सभी ट्रकों को भरतकूप थाने में खड़ा कराया गया है। डीएम पुलकित गर्ग के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व खनिज अधिकारी रणवीर सिंह और सदर एसडीएम अजय कुमार ने किया। टीम ने जिले के विभिन्न मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की, जिसमें कई ट्रक निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते पाए गए। खनिज अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि जिले में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना वैध प्रपत्र या ओवरलोड पाए जाने पर वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। रणवीर सिंह ने यह भी बताया कि ओवरलोड ट्रकों से सड़कों को नुकसान होता है, जिससे सरकारी धन से बनी सड़कें समय से पहले खराब हो जाती हैं। बिना वैध प्रपत्र के खनिज परिवहन से सरकार को राजस्व की हानि होती है। विभाग इन मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। गौरतलब है कि दो दिन पहले परिवहन विभाग ने भी जिले में अभियान चलाकर 200 से अधिक वाहनों का चालान किया था। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन नियमों की अनदेखी करने वालों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान जारी रहेंगे, ताकि अवैध खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
महेंद्रगढ़ स्थित राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर अब 12 जुलाई कर दी है। संशोधित प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी। राजकीय महाविद्यालय, सतनाली के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा, राजकीय महिला महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्राचार्य प्रो. महेंद्र सिंह और राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्राचार्य प्रो. विजय यादव ने बताया कि यह निर्णय उन विद्यार्थियों के लिए हितकारी है, जो विभिन्न कारणों से पहले निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं करा पाए थे। तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे स्टूडेंट को मिलेगा लाभ उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थी दस्तावेजों की कमी, तकनीकी समस्याओं या अन्य व्यक्तिगत कारणों से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे। अंतिम तिथि बढ़ने से ऐसे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवेदन का एक और अवसर मिला है। राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी प्रो. गगनदीप यादव ने बताया कि सभी इच्छुक विद्यार्थी 12 जुलाई तक ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीकरण पूरा कर लें, ताकि अंतिम समय की तकनीकी या अन्य परेशानियों से बचा जा सके। परेशानी आने पर महाविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं छात्र प्रो. यादव ने यह भी बताया कि महाविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने को प्रतिबद्ध है। यदि किसी विद्यार्थी को ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो वह महाविद्यालय के सहायता केंद्र से संपर्क कर सकता है। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से अनुरोध किया है कि वे उच्च शिक्षा विभाग और महाविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। संशोधित प्रवेश कार्यक्रम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।
लखनऊ में सैनिटरी शोरूम में लगी आग:दो गाड़ियों ने आग पर पाया काबू, सारा सामान जलकर राख
लखनऊ के इंदिरा नगर क्षेत्र में गुरुवार सुबह 10 बजे जगरानी अस्पताल के बगल स्थित अवध सैनिटरी शोरूम में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और समय रहते आग पर काबू पा लिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। इंदिरानगर फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को MDT/CUG के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली। सूचना पर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दो फायर टेंडर तत्काल मौके के लिए रवाना किए गए। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि शोरूम की सीढ़ियों के नीचे लगे मीटर बोर्ड में आग लगी थी। मुख्य दरवाजा बंद होने के कारण दमकल कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर छत के रास्ते प्रवेश किया। ताला काटने और हैमर से रास्ता बनाकर अंदर पहुंचने के बाद पंपिंग कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल विभाग के मुताबिक आग से कोई जनहानि नहीं हुई। भवन स्वामी का नाम आदित्य हवेलिया बताया गया है। उनका पता सी-10, त्रिमूर्ति ग्राम, कल्याणपुर रिंग रोड, लखनऊ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
आजमगढ़ में यूपी टेट की पहली शिफ्ट की परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई। जनपद के 14 परीक्षा केंद्रों पर 2, 3 व 4 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न कराने के उद्देश्य से सेक्टर/स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार दौड़ा करते रहे। परीक्षा केदो पर एंट्री लेते समय अभ्यर्थियों की जांच के बाद ही एंट्री दी गई।इसके साथ ही जिले के डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने डीएवी इंटर कॉलेज राजकीय बालिका गर्ल्स इंटर कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करके अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। इस परीक्षा में प्रत्येक पाली में 6432 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। वही सेकंड शिफ्ट की परीक्षा दोपहर ढाई बजे से शुरू होगी। डीएम ने दिये निर्देशजिले के डीएम रविंद्र कुमार अधिकारियों के साथ लगातार परीक्षा केंद्र का दौरा करते रहे।इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।परीक्षा समाप्ति के उपरांत सीलबंद पैकेट और अन्य गोपनीय सामग्री को पुनः सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर जमा कराया जाएगा। प्रश्नपत्रों के पैकेट केन्द्राध्यक्ष, नामित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि, कक्ष निरीक्षकों और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में वीडियोग्राफी कराते हुए खोले जाएंगे तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित पैकेट उसी परीक्षा केन्द्र के लिए आवंटित हो। प्रश्नपत्र वितरण और सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से कराई जा रही है।
पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर सभागार में श्री श्याम परिवार सेवा समिति की ओर से श्याम मंदिर की छठी स्थापना वर्षगांठ काआयोजन हुआ। इस दौरान बुधवार रात भजन संध्या और जागरण हुआ। भजन संध्या में जय श्री श्याम के जयकारों और मधुर भजनों से पूरा सभागार गूंज उठा। देर रात से लेकर गुरुवार तड़के साढ़े चार बजे तक श्रद्धालु बाबा के दरबार में नाचते-गाते नजर आए। भजन संध्या में कलाकारों ने प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। नारनौल के भारत खुराना, हिसार की तनु श्री, तिजारा के गौरव दत्त तथा अलवर के आशीष शर्मा ने एक से बढ़कर एक श्याम भजनों की प्रस्तुति दी। खाटू धाम का नजारा बड़ा क्यूट सांवरे, थारो सजो श्रृंगार, गजब मेरे खाटू वाले, सांवरे सरकार को प्रणाम हमारा है और खाटू वाले श्याम तेरा सच्चा दरबार है जैसे भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भजन संध्या में भाग लिया। श्याम मंदिर समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर खंडेलवाल ने बताया - स्थापना दिवस के अवसर पर बाबा श्याम का विशेष फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया तथा छप्पन भोग अर्पित कर महाआरती की गई। इसके बाद शुरू हुआ जागरण गुरुवार तड़के तक निरंतर चलता रहा। इस अवसर पर कमल शर्मा, रजनीश बंसल, नवीन महावर, संजीव गुप्ता, पार्षद मनीष गुप्ता, अजय गुप्ता, योगेश गर्ग, जगदीश जांगिड़, राजेश जांगिड़, दीपांशु गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरा आयोजन भक्तिभाव, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
चित्रकूट में करंट लगने से महिला की मौत:कूलर बंद करते समय हादसा, झटका लगते ही बेहोश होकर गिरी
चित्रकूट सदर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार सुबह करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब महिला घर की सफाई करते समय चल रहे कूलर को बंद करने गई थी। कूलर में करंट उतरने के कारण वह उसकी चपेट में आ गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी गीता देवी पत्नी मुकेश गुरुवार सुबह अपने घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने कमरे में चल रहे कूलर को बंद करने की कोशिश की। कूलर को छूते ही वह उसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आ गईं और तेज झटका लगने से मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। महिला को अचेत अवस्था में देखकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। महिला की मृत्यु की खबर से परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने बरसात के मौसम में बिजली के उपकरणों से करंट उतरने की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कूलर, पंखा, मोटर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों का कहना है कि किसी उपकरण में करंट आने की आशंका होने पर मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर उसकी जांच करानी चाहिए ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र में बुधवार को एक 25 वर्षीय युवक का शव सड़क किनारे खेत में पेड़ से फंदे पर लटका मिला। शव की स्थिति संदिग्ध मिलने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सिंगोली रोड स्थित सुलाबावजी के पास खेत में ग्रामीणों ने युवक का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिंगोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक ट्रैक्टर चालक था मृतक की पहचान ग्राम उगरान (थाना जीरन) निवासी दयालसिंह (25) के रूप में हुई है, जो ट्रैक्टर चालक का काम करता था। शुरुआती जांच में सामने आया कि शव के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान भी थे, जिससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि दयालसिंह का एक युवती से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क हुआ था, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया था। परिजनों के अनुसार, इसी संबंध को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बनी थी और उसे धमकाया भी गया था। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले भी उसे डराया गया था और उससे मारपीट की घटना सामने आई थी। पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल नीमच में डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन न्याय की मांग को लेकर अस्पताल में धरने पर बैठ गए। पुलिस और जनप्रतिनिधियों की समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद देर रात मामला शांत हुआ और गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों द्वारा दिए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गापुर स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग और आधुनिकीकरण कार्य के कारण ब्लॉक किया जा रहा है। इस अवधि में कुछ ट्रेनों का परिचालन अंडाल से वाया सेंथिया होते हुए तीन महीने के लिए गंतव्य स्थानों पर किया जा रहा है। इस दौरान बोकारो होकर गुजरने वाली कुछ साप्ताहिक एक्सप्रेस ब्लॉक अवधि के दौरान दुर्गापुर नहीं जाएगी। ऐसे में बोकारो से दुर्गापुर आने-जाने वाले यात्रियों को तीन महीने तक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, हावड़ा-रांची शताब्दी एक्सप्रेस को यार्ड रिमॉडलिंग और आधुनिकीकरण कार्य के कारण नियंत्रित की जा सकती है। इस वजह से शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 15 से 30 मिनट तक लेट हो सकती है। इस दौरान आसनसोल के आसपास के परिवर्तित मार्ग से इसे चलाई जा रही है। इस अवधि में इन ट्रेनों का ठहराव दुर्गापुर में नहीं होगा। जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होगी रांची-भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनरांची भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होगी। शनिवार, सोमवार और बुधवार को रांची से खुलना है। यह ट्रेन रांची जंक्शन से रात 11 बजे प्रस्थान करेगी। बोकारो में इसका समय देर रात लगभग एक से 1:30 बजे है। बोकारो और धनबाद के रास्ते होते हुए यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 1:00 बजे भागलपुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह ट्रेन भागलपुर से रांची के लिए दोपहर 1:45 में खुलेगी और देर रात में 01:15 बजे से 01: 45 के बीच बोकारो और सुबह 3:50 बजे रांची पहुंचेगी।
पूर्णिया में शादी समारोह से लौट रहे एक किसान की सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार गाड़ी ने उनकी बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान गोकुलपुर चौक निवासी मंटू मेहता के रूप में हुई है। उनके पिता स्वर्गीय भुजदेव प्रसाद मेहता थे। परिवार में मां जानकी देवी, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी गोकुलपुर स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में कार्यरत हैं। मंटू मेहता पेशे से किसान थे। मधुबनी से गोकुलपुर लौटते समय हादसा परिजनों ने बताया कि मंटू मेहता मधुबनी में एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात बाइक से अपने घर गोकुलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वनभाग मिलिया कॉन्वेंट स्कूल के आसपास वन विभाग के पास तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए GMCH पूर्णिया पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। टक्कर मारने वाले गाड़ी की पहचान और चालक की तलाश की जा रही है। मंटू मेहता की मौत की खबर मिलते ही गोकुलपुर में मातम पसर गया।
विधायक ने पशुओं के चारे पानी का मुद्दा उठाया:सीएम को लेटरलिखा, पशु चिकित्सा शिविर लगेंगे
जैसलमेर में बारिश की कमी के कारण चारे और पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री स्तर से पशुओं को बचाने के लिए तुरंत राहत देने के आदेश जारी किए गए हैं। स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने जैसलमेर जिला प्रशासन को तुरंत जरूरी कदम उठाने को कहा है। विधायक ने जयपुर में सचिव से खुद मिलकर अकाल राहत के खास नियम लागू करने और प्रभावित इलाकों में तुरंत पशु शिविर (कैंप) शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद एक्शन में आए प्रशासन को पशुपालकों और गायों की सुरक्षा के लिए सबसे पहले और तय समय में राहत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने उठाया था मुद्दा जैसलमेर के विधायक छोटूसिंह भाटी ने जिले में पशुओं के सामने खड़े हुए जान के संकट को मुख्यमंत्री के सामने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजने के साथ ही जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव से खुद मुलाकात की। विधायक ने अफसरों को जिले के खराब हालातों के बारे में बताते हुए मांग की कि जैसलमेर में बिना किसी देरी के सरकारी पशु राहत कैंप खोले जाएं। इसके साथ ही, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे और पीने के पानी का पूरा इंतजाम जमीन पर किया जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय के सख्त निर्देश विधायक की इस तुरंत की गई कोशिश पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जैसलमेर के जिला कलेक्टर को खास निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में साफ कहा गया है कि इलाके के पशुपालकों और उनके मवेशियों की भलाई को सबसे ऊपर रखा जाए। अकाल और चारे की कमी से परेशान इलाकों में समय पर राहत सामग्री और सुविधाएं पहुंचाई जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न हो। थारपारकर गायों का मुख्य इलाका मामले की गंभीरता को बताते हुए विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि जैसलमेर न केवल राजस्थान का सबसे बड़ा बॉर्डर का जिला है, बल्कि यह थारपारकर नस्ल की गायों का मुख्य इलाका भी है। इस खास नस्ल की गायों को बचाना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के इस संवेदनशील फैसले से जिले में चारा-पानी की व्यवस्था मजबूत होगी और जरूरत वाले इलाकों में पशु शिविरों का काम अच्छे से शुरू हो पाएगा। विधायक ने पशुपालकों के हित में तुरंत फैसला लेने के लिए मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय का आभार भी जताया।
बिहार के विभिन्न जिलों में कांग्रेस द्वारा नीट परीक्षा में कथित धांधली, बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद प्रसाद ने कांग्रेस पर 'झूठ के सहारे राजनीति' करने का आरोप लगाया है। गुरुवार दिन के 11:00 बजे मधुबनी शहर के संतु नगर स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में खजौली विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य विनोद प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही कोई स्पष्ट नीति। प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठे आरोप लगाकर और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री का पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रही है। विनोद प्रसाद ने केंद्र और बिहार सरकार के जनहित में किए जा रहे विकास कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि देश में शिक्षा, आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, किसानों के हित और युवाओं के रोजगार के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे में कांग्रेस जनता का ध्यान वास्तविक विकास कार्यों से भटकाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेता ने कांग्रेस के शासनकाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस देश की कई मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जनता के बीच अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है। प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन तथ्यों से परे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचें तथा विकास और जनहित के मुद्दों पर सरकार के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करें। उन्होंने यह भी कहा कि 'हर गरीब के जुबान पर नरेंद्र मोदी का ही नाम है'।
गर्भवती महिला को अस्पताल से भगाया, सड़क पर छोड़ा:नवादा सदर अस्पताल में दलालों की सक्रियता का मामला
नवादा सदर अस्पताल में दलालों की सक्रियता का एक गंभीर मामला सामने आया है। गोविंदपुर प्रखंड से आई एक गर्भवती महिला को इलाज के बजाय निजी क्लिनिक ले जाने का प्रयास किया गया। दलालों ने उसे अस्पताल से बाहर निकाला और बाद में सड़क पर छोड़ दिया। महिला को खून चढ़ाने और अन्य उपचार की आवश्यकता थी। जब उसके परिजन डॉक्टरों से जानकारी लेने गए, तो अस्पताल में सक्रिय दलालों ने उसे निजी क्लिनिक ले जाने की कोशिश की। दलालों ने कथित तौर पर 16,000 रुपये में पूरा इलाज कराने का आश्वासन दिया था। परिजनों ने दोबारा नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया इसी दौरान, गर्भवती महिला का दिव्यांग पति उसे ढूंढने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक महिला दलाल उसे अपने साथ ले गई है। परिजनों ने जब दलाल महिला का विरोध किया, तो वह गर्भवती महिला को सड़क पर छोड़कर फरार हो गई। इसके बाद, गर्भवती महिला अकेले ही सड़क से चलकर वापस सदर अस्पताल पहुंची। परिजनों ने उसे दोबारा नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के बावजूद दलाल कैसे सक्रिय हैं और उनकी पहचान क्यों नहीं हो पा रही है, यह जांच का विषय है।
नूंह जिले के बिछोर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से रेप करने के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता और निष्पक्षता से की जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 जून की है। शिकायत में बताया गया है कि सुबह के समय 17 वर्षीय लड़की शौच के लिए खेतों की ओर जा रही थी। इसी दौरान गांव के 21 वर्षीय युवक ने उसका मुंह दबाकर उसे जबरन गांव से बाहर जंगल में बने अपने कमरे पर ले जाकर रेप किया। लड़की ने घर पहुंचकर दी परिजनों को जानकारी घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने बिछोर थाना पुलिस को शिकायत दी, जिस पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच कर रहे एसआई शोहराब ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है। साथ ही, बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष उसकी काउंसलिंग कराई गई है और मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं। कोर्ट में पेश कर लिया जाएगा रिमांड पर जांच अधिकारी के अनुसार, आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस आवश्यकता पड़ने पर रिमांड लेकर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी और अन्य साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस ने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने के राज्य शासन के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। सिंगल बेंच ने फिलहाल यह कहते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया कि अभी तक आदेश के लागू होने का कोई ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर पेश नहीं किया गया है। इस मामले में पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी ने याचिका लगाई थी। याचिका में राज्य शासन के आदेश को संविधान का उल्लंघन बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि स्कूलों में इस आदेश का पालन शुरू हो चुका है। ऐसे में फिलहाल राहत देने का आधार नहीं बनता। सबूत के साथ दोबारा याचिका लगाने की छूट हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी है कि यदि भविष्य में किसी स्कूल में इस आदेश के पालन के ठोस साक्ष्य, जैसे वीडियो या अन्य दस्तावेज, सामने आते हैं तो वे उन्हें रिकॉर्ड के साथ नई याचिका दायर कर सकते हैं। इस फैसले के बाद फिलहाल स्कूलों में मंत्रोच्चार के मुद्दे पर राज्य शासन के आदेश को लेकर कानूनी चुनौती टल गई है, लेकिन भविष्य में आदेश के अमल के सबूत सामने आने पर मामला फिर कोर्ट पहुंच सकता है।

