Weather in UP: यूपी में एक बार फिर से मौसम यू-टर्न लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात की वजह से एक सप्ताह तक बारिश का दौर चलेगा।
कचहरी स्थित नानकचंद सभागार में अधिवक्ताओं ने सभा की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि कचहरी में भाजपा जनप्रतिनिधियों का प्रवेश बंद किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री पर बेंच को लेकर अपेक्षित रुख न रखने की बात कहते हुए नाराजगी जताई गई।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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DDU के गेट के सामने मंगलवार को दो छात्र गुटों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने छात्र नेता सतीश प्रजापति को 14 दिन की कस्टडी में जेल भेज दिया। जबकि अन्य के खिलाफ FIR दर्ज किया गया। सभी पर गिरोह बनाकर ABVP के कार्यकर्ताओं को गाली- गलौज कर जान से मारने के उद्देश्य से हमला करने और धमकी देने का आरोप है। विवाद सोशल मीडिया पर चल रहे बयानबाजी को लेकर हुई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानिए क्या है पूरा मामला…मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट के सामने दो छात्र गुटों में झड़प हो गई। 20 से अधिक छात्रों के बीच आरोप- प्रत्यारोप लगाते हुए आपस में हाथापाई शुरू हो गई थी। सूचना पर पहुंची विश्वविद्यालय चौकी की पुलिस ने बीच बचाव करते हुए विवाद को कंट्रोल किया। उसके बाद दोनों पक्षों को कैंट थाने ले जाया गया। इस दौरान दोनों गुटों के समर्थकों की भारी भीड़ थाने पर जुटी रही। पुलिस ने पूरी बात को विस्तार से जाना। करीब दो घंटे तक माहौल गरम रहा। वहीं विश्वविद्यालय गेट पर भी समर्थकों की भीड़ बहुत देर तक जुटी है। ABVP कार्यकर्ता ने दी तहरीर इस मामले में ABVP के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जवल सिंह, सतीश प्रजापती, सत्यम गोस्वामी अन्य कई लोग गिरोह बनाकर गाली गलौज कर जान से मारने के उद्देश्य से हमला किया। आरोप है कि हमला करने आये सभी लोगो के पास अवैध असलहा था। आरोपियों ने पीड़ित को बम से उड़ा देने की धमकी दी। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके साथियो को जातीसूचक गालिया देकर उकसाने का काम किया। बम से मरवाने की धमकी देने का भी आरोपप्रशांत त्रिपाठी का कहना है कि आरोपियों की ओर से मुख्यमंत्री के शहर में हम राज करने और सभी छोटी जाती के लोग हमारी गुलामी करवाने की बात कही जा रही है। साथ ही गुलामी न करने पर बम से मरवाने की धमकी देने का भी आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में जाते वक्त बाहरी लोगों को बुलाकर उनपर हमला करवाया गया। साथ ही जेब से कुछ रुपयों की छिनैती भी की गई। इस घटना के बाद पीड़ित के मन में डर बैठ गया है। आगे की कार्रवाई जारी कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर तीन के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। जबकि एक को 14 दिन की कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। समर्थक बोले- शेर जल्दी वापस आएगा वहीं गिरफ्तारी की खबर सुनते ही सतीश के तमाम लोग उसके समर्थन में उतर गए हैं। सोशल मीडिया पर 'शेर जल्दी वापस आएगा' कमेंट करके सपोर्ट दिखा रहे हैं। वहीं तमाम समर्थकों ने चिंता भी जताई है।
आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद सिंह ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को राइफल के साथ कमरे में बंद कर लिया। शाम 7:00 बजे से लेकर रात 12:00 तक आजमगढ़ के डीआईजी सुनील कुमार सिंह एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और रात 11:30 पहुंचे वाराणसी के ADG नवीन अरोड़ा पुलिस फोर्स के साथ आरोपी को मानते रहे पर आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। रात 12:20 पर NSG टीम को बुलाया गया। अब एनएसजी टीम के हवाले इस ऑपरेशन को कर दिया गया है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के साथ बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकलना हमारी प्राथमिकता है यही कारण है कि ऑपरेशन में समस्या आ रही है। 4 दिन से चल रही थी पूजाजिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अरविंद सिंह के घर में मंगलवार शाम पूजा चल रही थी। घर में 4 पंडित अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब 6 बजे अरविंद बाज़ार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से सवाल किया। पंडितों ने पूजा किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। आधार कार्ड मांगने को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहुत होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकाली और फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता के साथ पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित घायल हो गए। घटना में तीनों की मौत हो गई। एडीजी ने डाला डेराआजमगढ़ किस घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाराणसी के ADG नवीन अरोरा स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। ऐसे में देर रात पहुंची एनएसजी टीम आरोपी के साथ बच्चों को सकुशल बाहर निकालने के प्रयास में जुट गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मंगलवार को मेरठ पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में यूपी अब उत्तम प्रदेश की दिशा में बढ़ रहा है। इसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के साथ नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की लागत से सात विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इन कार्यों के तहत क्षेत्र की अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क और नालियों की स्थिति सुधारी जाएगी। वहीं, नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र की छह अन्य अनधिकृत कॉलोनियों में 33 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 10 विकास कार्य पहले से चल रहे हैं। इस तरह क्षेत्र में कुल 58 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 17 विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शुरू किए गए सात कार्यों में ईस्ट कृष्णा विहार के अलग-अलग हिस्सों और शिव विहार में सड़क व नालियों का सुधार शामिल है। ईस्ट कृष्णा विहार के भाग-1 से भाग-6 तक और शिव विहार में विकास कार्य कराए जाएंगे। कार्यक्रम में नजफगढ़ विधायक नीलम कृष्ण पहलवान समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हाईकोर्ट बोला- अस्थाई पूर्व सेवा भी पेंशन को मान्य:सेवानिवृत्त कलेक्शन अमीन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने संग्रह अमीन को उसकी सीजनल संग्रह अमीन पद की अवधि को भी पेंशन में जोड़ने का आदेश दिया है। कोर्ट का यह फैसला पेंशन मामले से जोड़कर देख जा रहा है। क्या है मामला जानिये याची चंद्रपाल भाटी तहसील स्याना, जिला बुलंदशहर में कलेक्शन अमीन के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2 जून 1978 को सीजनल कलेक्शन अमीन के रूप में नियुक्त किया गया था और बाद में 5 जून 2009 को नियमित कलेक्शन अमीन बनाया गया। 31 मई 2014 को वे सेवानिवृत्त हुए। लेकिन 22 जुलाई 2015 के आदेश में संबंधित अधिकारी ने यह कहते हुए पेंशन देने से इन्कार कर दिया कि उनकी अर्हकारी सेवा पूरी नहीं होती। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा की गणना में उनकी पूर्व की सीजनल सेवा को भी शामिल किया जाना चाहिए था। कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने अलख प्रकाश मिश्रा बनाम अपर जिलाधिकारी, झांसी मामले में तय सिद्धांत का पालन करते हुए स्पष्ट किया कि किसी सरकारी कर्मचारी की तदर्थ वर्क-चार्ज या सीजनल सेवा को पेंशन-अर्हता की गणना में गिना जाना चाहिए, भले ही पेंशन की वास्तविक राशि केवल नियमित सेवा के आधार पर तय हो। इसी सिद्धांत को लागू करते हुए कोर्ट ने कहा कि भाटी की पूर्व सीजनल सेवा को जोड़ने पर वे पेंशन के लिए पात्र हैं, लेकिन पेंशन की राशि उनकी 5 जून 2009 से 31 मई 2014 तक की नियमित सेवा के आधार पर ही तय होगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को नियमानुसार सभी सेवानिवृत्ति लाभ (पेंशन सहित) की गणना कर उनका भुगतान आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तिथि से आठ सप्ताह के भीतर किया जाए। इसी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
ऑरिजिन स्माइल फाउंडेशन, स्माइल मेडिटेशन एकेडमी के सहयोग से सांची के स्माइल पीकॉक लैंड में चार दिवसीय मुस्कानों के बीज विषय पर विशेष स्माइल मेडिटेशन सेमिनार का आयोजन करने जा रहा है। यह अनूठा कार्यक्रम 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर सांची में संपन्न होगा। यह चार दिवसीय अनुभवात्मक यात्रा इस बात को समझने के लिए डिजाइन की गई है कि व्यक्ति के भीतर होने वाला आंतरिक परिवर्तन उसके रिश्तों, पारिवारिक जीवन और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचने वाले मूल्यों को किस प्रकार सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। यात्रा की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर पर होगी, जहां ध्यान और आत्म-अन्वेषण के माध्यम से अपेक्षाओं, आसक्ति, पीड़ा, दोषारोपण, निर्णय, स्वीकार्यता और समझ जैसे अनुभवों को गहराई से परखा जाएगा। इसके बाद यह यात्रा गर्भधारण, गर्भावस्था, जीवन के प्रारंभिक अनुभवों, पालन-पोषण, सामाजिक संबंधों और पीढ़ीगत संस्कारों तक आगे बढ़ेगी। अंतिम दिन जीवन पर अंकित सीमित करने वाले प्रभावों से ऊपर उठते हुए जागरूकता, करुणा, आंतरिक स्वतंत्रता, शांति और एकत्व की ओर बढ़ने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान रिलेशनशिप स्माइल मेडिटेशन, वार्म लाइफ, जनरेशनल इम्प्रिंट प्रैक्टिसेज, एबंडेंस, पीस एवं ओनेस मेडिटेशंस जैसी विभिन्न पद्धतियों का अनुभव कराया जाएगा। इन सत्रों का संचालन स्माइल मेडिटेशन एकेडमी के डायरेक्टर और ऑरिजिन स्माइल फाउंडेशन के फाउंडर मास्टर डॉ. पंकज जैन द्वारा किया जाएगा। उनका कार्य प्रो. पार्क जे वू की शिक्षाओं से प्रेरित है, जिसमें स्माइल मेडिटेशन और ट्राई-ऑरिजिन अप्रोच प्रमुख हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम किसी भी प्रकार के चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। यह सेमिनार व्यक्तियों, दंपतियों और परिवारों सभी के लिए खुला है। इसमें भाग लेने के लिए दंपति होना या माता-पिता बनने की योजना होना आवश्यक नहीं है। अपने आप को, अपने रिश्तों और पारिवारिक अनुभवों को अधिक जागरूकता के साथ समझने में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति इसमें सहभागी बन सकता है।
भोपाल में मंगलवार देर रात तक करीब 50 वकीलों ने जहांगीराबाद थाने पर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके एक साथी से बेवजह बदतमीजी की। आपत्ति जताने पर उसे लाठियों से पीटा। प्रदर्शनकारी वकील थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मामले के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल (45) ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वे खटलापुरा मंदिर की तरफ से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया। उनसे थाने चलने के लिए कहा। उन्होंने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कही तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर कीचड़ में पटककर डंडे बरसाए। देखिए, तीन तस्वीरें… वीडियो जारी कर दिखाईं चोट वकीलों ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वकील के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए। ये खबर भी पढ़ें… जिम से लौट रहे स्टूडेंट को बेल्ट से पीटा इंदौर में 50 रुपए के लेनदेन पर एक स्टूडेंट को बुरी तरह पीटने का वीडियो सामने आया है। आरोपियों ने उसके दोस्त के साथ भी मारपीट की है। दोनों पीड़ित और सभी आरोपी नाबालिग हैं। मामला लसूड़िया थाना इलाके में 19 सितंबर की रात का है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया। पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पढे़ं पूरी खबर…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि केवल धर्म परिवर्तन से किसी व्यक्ति का अनुसूचित जनजाति का दर्जा स्वतः समाप्त नहीं होता। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति अपनी जनजाति की रीति-रिवाजों, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से पूरी तरह अलग हो जाता है और दूसरी सामाजिक व धार्मिक पहचान अपना लेता है, तो वह कानूनन मिलने वाले एसटी सुरक्षात्मक लाभों का दावा जारी नहीं रख सकता। न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकल पीठ ने सोनभद्र जिले की नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा द्वारा दायर तीन रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया। क्या है मामला जानिये याचिकाकर्ता ने दुद्धी के उप जिलाधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) द्वारा 22 जनवरी 2026 को पारित उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनके तहत उसकी जमीनों के बैनामों (सेल डीड) को अवैध घोषित कर दिया गया था और जमीनों को राज्य सरकार में निहित (वेस्ट) करने का निर्देश दिया गया था। मामला यह था कि सोनभद्र निवासी याचिकाकर्ता ने जन्म से भुईयां अनुसूचित जनजाति का होने का दावा करते हुए दुद्धी तहसील से एसटी प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। इसके बाद उसने 2011 से 2018 के दौरान गोंड अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों से कृषि भूमि खरीदी थी। परिवार रजिस्टर में मुस्लिम धर्म जांच में सामने आया कि याचिकाकर्ता ने कई दशक पहले सिराजुद्दीन नामक व्यक्ति से इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था, जिसके बाद उसका नाम नैमुन्निशा हो गया। उसके बच्चे भी मुस्लिम नामों से जाने जाते हैं और परिवार रजिस्टर में उसका धर्म मुस्लिम दर्ज है। राजस्व प्राधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत कार्रवाई करते हुए माना कि यह हस्तांतरण कानून का उल्लंघन था, क्योंकि खरीद के समय याचिकाकर्ता के पास एसटी दर्जा नहीं था। जनजाति की परंपराओं, रीति-रिवाजों से जुड़ा है हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि अंतर-धार्मिक विवाह या धर्म परिवर्तन मात्र से जनजाति की पहचान खत्म नहीं होती। लेकिन अदालत के समक्ष यह सिद्ध करना आवश्यक है कि वह व्यक्ति परिवर्तन के बाद भी अपनी जनजाति की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और समुदाय द्वारा स्वीकार किया जा रहा है। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई विश्वसनीय साक्ष्य या दस्तावेज पेश नहीं कर सकी जो यह साबित कर सके कि विवाह और धर्म बदलने के बावजूद वह भुईयां जनजाति की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन कर रही थी। लंबे समय तक अलग धार्मिक व सामाजिक जीवन जीने के कारण उसने अपनी जनजाति पहचान खो दी थी। डिप्टी कलेक्टर के आदेश सही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि खरीद के समय याचिकाकर्ता वास्तव में एसटी का दर्जा नहीं रखती थी, इसलिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 157-बी के तहत यह हस्तांतरण पूरी तरह प्रतिबंधित था। केवल बैनामा पंजीकृत होने, राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने या वर्षों तक कब्जे में रहने से कोई गैर-कानूनी हस्तांतरण वैध नहीं हो जाता। इन आधारों के साथ हाईकोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर के आदेश को सही ठहराते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।
गोरखपुर के तुर्कमानपुर में बिजली चोरी की चेकिंग के दौरान विजलेंस टीम के साथ हुए विवाद में लगभग 50 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। JE ने राजघाट थाने में दो नामजद और अन्य के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चेकिंग के दौरान आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया। साथ ही टीम के साथ बत्तमीजी और गाली- गलौज की। उनका कहना है कि इस घटना की वजह संबंधित विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों में डर का माहौल है। उस मोहल्ले में बिजली संबंधी जांच करने जाने में जान का खतरा महसूस कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस जांच में जुटी है। जानिए पूरा मामला…राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर स्थित कसाई टोला इलाके में मंगलवार दोपहर विजिलेंस की टीम बिजली चोरी पकड़ने पहुंची थी। इस दौरान टीम को मोहल्ले वालों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामे के बाद बिना कार्रवाई किए टीम वापस लौट गई। जानकारी के मुताबिक जब टीम पहुंची तो स्थानीय लोग एकजुट हो गए और अधिकारियों को घेर लिया। उन्हें चेकिंग नहीं करने दे रहे थे। सभी ने मिलकर बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग टीम के पीछे- पीछे चलते हुए दिखाई दिए और उन्हें अपना काम करने से पूरी तरह से रोकने का प्रयास किया। लोगों ने आरोप लगाया कि टीम के सदस्य बिना किसी महिला पुलिस के किसी के घर में घुस रहे थे। साथ ही डरा-धमका कर पैसे वसूल रहे थे। करीब 2 घंटे तक हंगामा चलता रहा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मोहल्ले में गैरकानूनी तरीके से बिजली इस्तेमाल करने की सूचना मिली थी। जिसकी चेकिंग के लिए टीम गई हुई थी। कुछ अराजक तत्वों से काम में बाधा डाला। काम में बाधा डालने का आरोप पुलिस को दी गई तहरीर में JE सुधीर यादव ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से बिजली चोरी रोको अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत तुर्कमान के कसाई टोला में मंगलवार को चेकिंग करते हुए विजिलेंस की टीम की ओर से मोहम्मद सलमान खान के घर में बिजली चोरी पकड़ी गई थी, जिसपर कार्रवाई करते हुए लाइन डिस्कनेक्ट किया गया। उसके बाद आगे की चेकिंग की जा रही थी। उसी समय आरोपी सलमान अपने साथ 40 से 50 लोगों को लेकर आया और हंगामा शुरू कर दिया। JE, विजिलेंस और प्रवर्तन दल की टीम पर झूठा आरोप लगाते हुए फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी दी। विवाद बढ़ा कर चेकिंग का काम पूरी तरह बाधित कर दिया। उन्होंने एक अन्य व्यक्ति जहांगीर पर भीड़ को भडकाने और टीम को अपशब्द कहे जाने का आरोप लगाया। JE के साथ धक्का- मुक्की की गईजिसकी वजह से JE के साथ धक्का- मुक्की की गई। हालांकि मौके पर मौजूद प्रवर्तन दल की टीम ने उन्हें कैसे भी बचा कर भीड़ से निकाला और गाड़ी में ले जाकर बैठाया। आरोप है कि इसी दौरान सलमान ने JE को बंधक बनाने के लिए भीड़ को उकसाया। जैसे- तैसे वहां से बचाकर ऑफिस लाया गया। जांच में जुटी पुलिस राजघाट थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद के साथ 40- 50 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच में जुटी है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन के बाहर से ठीक 12 साल पहले 21 सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया संदिग्ध विदेशी घुसपैठिया अहमद अलमक्की एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्तमान में असम के डिटेंशन सेंटर में बंद अलमक्की ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि भारत सरकार ने उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा है। उल्लेखनीय है कि जब 2014 में उसे पकड़ा गया था, तब उसके पास से सऊदी अरब का ड्राइविंग लाइसेंस और बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद हुआ था, जिसके बाद यह पूरा मामला बेहद उलझ गया था। जबकि दोनों ही देश उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर चुके हैं। इससे उसकी नागरिकता साबित नहीं हो पाई थी। अब इस मामले में कोर्ट ने फिर शासन से जवाब मांगा है। फर्जी दस्तावेजों से खरीद रहा था सिम ग्वालियर में 21 सितंबर 2014 को विदेश घुसपैठिया अहमद अलमक्की ग्वालियर रेलवे स्टेशन के बाहर एक दुकान पर सऊदी अरब के ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड खरीद रहा था। संदेह होने पर दुकानदार ने मामले की सूचना तत्काल पड़ाव थाना पुलिस को दी थी। जिस पर पुलिस ने उसे पकड़ा, तो खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में वह लगातार गुमराह करता रहा। वह कभी खुद को सऊदी अरब तो कभी बांग्लादेशी बताता रहा। उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट व साउदी अरब का ड्राइविंग लाइसेंस मिलना ही यह साबित करता था कि वह अवैध तरीके से देश में घुसा है। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे 37 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। पड़ाव थाने की कस्टडी से भागा, हवलदार के बेटे की चला रहा था सिम देश में अवैध तरीके से घुसने पर घुसपैठिया अहमद अलमक्की को 37 महीने की सजा हुई थी। उसके बाद साल 2017 में सजा पूरी होने के बाद वह जेल से छूट गया था, लेकिन विदेशी नागरिक होने के कारण उसे पड़ाव थाने में बनाए गए अस्थायी डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। क्योंकि अभी तक यहां उसकी नागरिकता साबित नहीं हो पाई थी। साल 2018 में पड़ाव थाने से फूलबाग मस्जिद जाते समय वह पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार हो गया। उसके बाद खुलासा हुआ था कि पड़ाव थाना के एक हवलदार (मुंशी) के बेटे के नाम की सिम वह चला रहा था। हवालात में रहते समय हवलदार से उसने दोस्ती कर ली थी। हैदराबाद में रोहिंग्या बनने की रच रहा था साजिश अहमद अलमक्की के भागने के बाद देशभर में अलर्ट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे कुछ दिन बाद हैदराबाद में उसके एक दोस्त के ठिकाने से दबोचा। जांच में खुलासा हुआ कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को रोहिंग्या सिद्ध कर बांग्लादेश भागने की फिराक में था। जिस पर उसकी वापस गिरफ्तारी कर पुलिस कस्टडी से भागने का केस चला और फिर जेल भेजा गया। किसी भी देश ने नहीं माना अपना नागरिक पुनः गिरफ्तारी के बाद कोर्ट के आदेश पर उसे साल 2024 में असम के डिटेंशन सेंटर शिफ्ट किया गया, ताकि उसे उसके देश वापस (डिपोर्ट) भेजा जा सके। हालांकि, जब भारतीय दूतावास ने बांग्लादेश और सउदी अरब दोनों देशों की सरकारों से संपर्क कर दस्तावेज भेजे, तो दोनों ही देशों ने अलमक्की को अपना नागरिक मानने से साफ इनकार कर दिया। नागरिकता स्पष्ट न होने के कारण वह 2024 से असम के डिटेंशन सेंटर में ही बंद है, जहां से अब उसने अपनी रिहाई को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हरदोई रोड पर अंधे की चौकी के पास एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बेटी को जन्म देने के करीब 12 घंटे बाद 21 साल की रुचि की हालत खराब हो गई। मंगलवार दोपहर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल के बाहर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों ने हरदोई रोड जाम करने की कोशिश भी की। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। काकोरी एसीपी शकील अहमद ने बताया कि रुचि नाम की महिला को सामान्य जांच के लिए मेडविन अस्पताल लाया गया था। परिजनों के मुताबिक, जांच और अल्ट्रासाउंड के दौरान डिलीवरी की संभावित तारीख 4 अक्तूबर बताई गई थी। डॉक्टरों ने बच्चा उल्टा होने की बात कही और तुरंत ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसके बाद सोमवार शाम करीब 3 बजे रुचि का ऑपरेशन किया गया, जिसमें उसने एक बेटी को जन्म दिया। हालत में सुधार नहीं हुआ और मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद रुचि की हालत धीरे-धीरे खराब होती गई। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ से इलाज के बारे में पूछा, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं आया। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे रुचि की मौत हो गई। रुचि की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। एसीपी ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में केस दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी। वहीं, महिला की मौत के बाद परिवार में शोक छा गया है। नवजात बच्ची सुरक्षित है।
बदायूं में इस्लामनगर थाना क्षेत्र में अफीम तस्करी के आरोप में पकड़े गए तीन युवकों को 8 लाख रुपए लेकर छोड़ने का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि 3 सिपाहियों को अलग-अलग थानों में भेज दिया गया। मामले की विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक सिंह को सौंपी गई है। अफीम तस्करी के आरोप में पकड़े थे तीन युवक शनिवार रात इस्लामनगर पुलिस ने बरेली के सिरौली क्षेत्र के दो लोगों समेत तीन युवकों को पकड़ा था। आरोप था कि तीनों अफीम की तस्करी करते हैं। चर्चा है कि पुलिस को उनके पास से अफीम भी मिली थी। आरोप है कि तीनों को थाने लाने के बाद मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन्हें छोड़ने के लिए सौदेबाजी हुई। कथित तौर पर 8 लाख रुपए लेने के बाद रविवार सुबह तीनों को छोड़ दिया गया। रकम ऑनलाइन लेने की पेशकश होने की भी बात सामने आई, लेकिन कथित तौर पर नकद रुपए लिए गए। जांच में चार सिपाहियों की भूमिका सामने आने की बात मामला सोमवार को एसएसपी के संज्ञान में आया। इसके बाद सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू को जांच सौंपी गई। इसी बीच प्रकरण की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर डीआईजी बरेली रेंज एके साहनी की ओर से भी पड़ताल कराए जाने की बात सामने आई। जांच में इस्लामनगर थाने के सिपाही अनुज चौधरी, काले सिंह, कपिल कुमार और रितिक तेवतिया की भूमिका सामने आने की बात कही गई। आरोप है कि चारों युवक को पकड़कर थाने लाने और उन्हें छोड़ने की कथित डीलिंग में शामिल थे। एक सिपाही लाइन हाजिर, तीन के तबादले मामले में एसएसपी अंकिता शर्मा ने रितिक तेवतिया को लाइन हाजिर कर दिया। अनुज चौधरी को फैजगंज बेहटा, काले सिंह को मुजरिया और कपिल कुमार को हजरतपुर थाने भेज दिया गया। डकैती के खुलासे के बाद भी इस्लामनगर में डटा रहा सिपाही रितिक तेवतिया करीब चार महीने पहले इस्लामनगर में हुई डकैती के खुलासे के लिए तीन अन्य सिपाहियों के साथ अटैच किया गया था। डकैती का खुलासा होने और 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद बाकी तीन सिपाही वापस चले गए, लेकिन रितिक इस्लामनगर थाने में ही तैनात रहा। अब 8 लाख रुपए की कथित डीलिंग में उसका नाम सामने आने के बाद थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि रितिक को सीओ बिल्सी का करीबी माना जाता है। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों पर होगी कार्रवाई एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि मामले की विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक सिंह को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ के मुख्य बाजार में सिगरेट नहीं देने पर दुकानदार के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में कुछ युवक दुकानदार को सड़क पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग बीच-बचाव करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना सोमवार देर शाम की है। इसका वीडियो मंगलवार शाम करीब 8 बजे सोशल मीडिया पर सामने आया। सिगरेट देने से मना किया तो गाली-गलौज आरोप है कि कुछ युवक दुकान पर पहुंचे और दुकानदार से सिगरेट मांगी। दुकानदार ने सिगरेट देने से मना कर दिया। इस पर युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। दुकानदार ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने लाठी-डंडों से दुकानदार की पिटाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान दुकानदार सड़क पर गिर गया, इसके बाद भी युवक उसे पीटते रहे। दुकान का सामान तोड़ने का भी आरोप वायरल वीडियो में सड़क पर दुकानदार के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। आसपास मौजूद लोग घटना को देखते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग आरोपियों को रोकने की कोशिश करते भी दिखते हैं। आरोप है कि मारपीट के दौरान युवकों ने दुकान का सामान भी तोड़ दिया। दुकानदार ने थाने में दी शिकायत घटना फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मुख्य बाजार की बताई जा रही है। मारपीट के बाद पीड़ित दुकानदार ने पुलिस से शिकायत की है। सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर घटना की जांच कर रही है।
लखनऊ में फर्जी फास्टैग और गलत वाहन नंबर से टोल चोरी के मामले में STF ने मंगलवार को कार्रवाई की। टीम ने लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के इटौंजा टोल प्लाजा पर छापा मारा। यहां से सर्वर, CCTV कैमरों का DVR और टोल से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए। सर्वर STF के कब्जे में आने के बाद टोल वसूली बंद हो गई है। टोल का संचालन लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड के पास है। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान STF ने टोल चलाने वाली कंपनी से फास्टैग लेन-देन, वाहनों की आवाजाही और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड मांगे थे। STF के अनुसार, कंपनी ने ये रिकॉर्ड नहीं दिए। इसके बाद जांच टीम ने कोर्ट से वारंट लिया। मंगलवार को इसी वारंट के आधार पर STF इटौंजा टोल प्लाजा पहुंची। टीम ने टोल का सर्वर, CCTV रिकॉर्डिंग वाला DVR और दूसरे दस्तावेज जब्त कर लिए। STF अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इससे फर्जी फास्टैग से टोल पार करने वाले वाहनों और इस नेटवर्क में शामिल लोगों की जानकारी जुटाई जा सकेगी। एक गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई की STF ने यह कार्रवाई सोमवार को एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद की। यह गिरोह फर्जी फास्टैग के जरिए टोल और ऑनलाइन चालान से बचता था। टीम ने सीतापुर के रहने वाले मुनीश को गिरफ्तार किया है। उसके साथी रियाज और सिराज की तलाश अभी जारी है। फर्जी फास्टैग से टोल चोरी का यह मामला करीब सात महीने पहले सामने आया था। लखनऊ दक्षिणी के एआरटीओ की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में FIR दर्ज हुई थी। बाद में इस मामले की जांच STF को सौंप दी गई। तभी से STF टीम इसकी जांच कर रही थी। -------------------------------------- इससे जुड़ी 3 और खबरें पढ़िए- (फर्जी नंबर का फास्टैग बनवाकर ओवरलोडिंग करने वाला चालक गिरफ्तार) (फर्जी फास्टैग से करोड़ों की चोरी, दो सगे भाई गिरफ्तार) (फर्जी फास्टैग से टोल चोरी कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार)
बस्ती में युवक पर दबंगों का हमला:लोहे की रॉड से पीटा, CCTV में कैद हुई घटना; घायल अस्पताल में भर्ती
बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गणेशपुर के पास दबंगई का एक वीडियो मंगलवार शाम 7:00 बजे सामने आया है। इसमें कुछ युवक एक व्यक्ति को घेरकर पीटते हुए दिख रहे हैं। मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, गौरा के पास रहने वाले अजय यादव एक दुकान के सामने खड़े थे। इसी दौरान कई युवक वहां पहुंचे और अचानक उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने अजय यादव को घेर लिया और लोहे की रॉड समेत अन्य चीजों से हमला किया। अचानक हुए इस हमले से अजय संभल नहीं पाए और जमीन पर गिर गए। इसके बाद भी हमलावर उन्हें पीटते रहे। मारपीट में अजय यादव के शरीर में गंभीर चोटें आईं। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार चल रहा है। मारपीट की यह पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। सामने आए वीडियो में कई युवक अजय यादव को घेरकर पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा है। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र राय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज, कासिम बाजार का दौरा किया। उन्होंने यहां 25 सितंबर को होने वाले मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मंत्री ने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। इस कम्पोजिट विद्यालय में प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर तक के छात्रों को एक ही परिसर में आधुनिक शिक्षा मिलेगी। स्कूल में स्मार्ट क्लास, अच्छे कमरे, साफ पीने का पानी, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, विद्यालय परिसर में खेलकूद की सुविधाएं, लाइब्रेरी, विज्ञान और गणित से जुड़ी पढ़ाई के लिए संसाधन भी होंगे। यहां डिजिटल शिक्षण व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इसका मकसद छात्रों को आधुनिक शिक्षा के साथ बेहतर माहौल देना है। निरीक्षण के दौरान मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों से कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, मंच, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, पीने का पानी, बिजली और यातायात जैसी तैयारियों के बारे में पूछा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 25 सितंबर के कार्यक्रम के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं और कोई लापरवाही न हो। इस मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष सिंह समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। अधिकारियों ने मंत्री को कार्यक्रम की तैयारियों और स्कूल से जुड़ी प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
मिर्जापुर में पेयजल योजना के लिए जल निगम द्वारा खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने शिकायत की कि नगर के कई इलाकों में सड़क खोदने के बाद उसकी मरम्मत नहीं की गई। इस पर डीएम ने जल निगम के अधिकारियों को तुरंत सड़कों की मरम्मत कराने और संबंधित विभाग को सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उद्यमियों ने बताया कि पेयजल योजना के काम के दौरान कई जगहों पर सड़कें खोदी गई थीं। काम पूरा होने के बाद गड्ढे और खराब सड़कें वैसी ही छोड़ दी गईं, जिससे आने-जाने में परेशानी हो रही है। डीएम ने साफ कहा कि जल निगम जिन सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार है, उन्हें तुरंत ठीक कराकर संबंधित विभाग को सौंपे। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा के दौरान, बैंकों द्वारा बड़ी संख्या में आवेदन रद्द किए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना किसी साफ कारण के किसी भी आवेदन को रद्द न किया जाए और समय पर कर्ज बांटा जाए। साल 2026-27 में जिले को इस योजना के तहत 2600 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। इसके मुकाबले 2572 आवेदन ऑनलाइन बैंकों को भेजे गए। इनमें से 595 आवेदन मंजूर हुए हैं, 620 में कर्ज बांटा जा चुका है और 1509 आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। वहीं, 620 आवेदन अभी मंजूरी के लिए अटके हुए हैं। डीएम ने लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि वे शाखावार समीक्षा करें और सभी आवेदनों पर पूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। चुनार के राजकीय चीनी पात्र विकास केंद्र में बाउंड्रीवाल बनाने, औद्योगिक आस्थान की जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण रोकने के भी निर्देश दिए गए। धौहा चुनार में बन रहे नए औद्योगिक आस्थान और चुनार पॉटरी की टनल भट्ठी के काम में तेजी लाने पर भी बात हुई। ओडीओपी और सीएफसी निर्माण सहित उद्यमियों की बाकी समस्याओं को सुलझाने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, उपायुक्त उद्योग संदीप कुमार समेत कई विभागीय अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। यहां से एमएलसी शर्मा गुट के ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह इसके रिटर्निंग आफिसर होंगे। नामांकन 29 सितंबर से शुरू होगा। 200 बूथों पर 53 हजार से अधिक मतदाता वोट देंगे। 23 अक्टूबर को मतदान होगा।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी। निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी करा ली जाएगी। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 17 जिलों में कुल 200 बूथ बनाए गए हैं, जहां 53730 मतदाता हैं। गोरखपुर जिले में बूथों की संख्या 18 और मतदाता 7241 है। निर्वाचन को लेकर कमिश्नर और गोरखपुर डीएम दीपक मीणा ने मंगलवार को तैयारियों के संबंध में बैठक की। कमिश्नर बुधवार को भी बैठक करेंगे जिसमें निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े 17 जिलों के संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। निर्वाचन क्षेत्र में ये जिले हैं शामिल गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, बलरामपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अयोध्या, श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच । इन सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सपा का प्रत्याशी घोषित, भाजपा का नहीं इस चुनाव के लिए सपा ने काफी पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। सपा शिक्षक कमलेश यादव को चुनाव लड़ा रही है। पिछले चुनाव में भाजपा की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा गया था। इस बार क्या स्थिति रहेगी, यह अभी तय नहीं हो पाया है। वर्तमान एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी शिक्षकों के संगठन शर्मा गुट से हैं। यह गुट काफी मजबूत हुआ करता था लेकिन पिछले चुनाव में केवल ध्रुव कुमार त्रिपाठी को ही जीत मिली थी।
हवन-पूजन के साथ नए डूसू पदाधिकारियों ने संभाला कार्यभार, चुनावी वादों को पूरा करने का लिया संकल्प
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मंगलवार को हवन-पूजन के साथ कार्यालय संभाला। अध्यक्ष यश डबास ने छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देने और चुनाव वादों को पूरा करने का संकल्प लिया।
पटना में जमादार ने बहन को गोली मारी, फिर खुद को शूट किया; दोनों की मौत
मोतिहारी में तैनात एएसआई (जमादार) ओमचंद्र ने पटना के दानापुर स्थित किराये के मकान में 21 साल की बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद को शूट कर सुसाइड कर लिया। दोनों की लाश बंद कमरे में पड़ी मिली।
प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव हत्याकांड में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि पासी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। नवाबगंज थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में वांछित रवि करीब 13 महीने से फरार चल रहा था। एसटीएफ ने मंगलवार शाम उसे सिविल लाइंस में एजी ऑफिस चौराहे के पास चाय की दुकान के सामने से गिरफ्तार किया।पूछताछ में रवि ने बताया कि 22 अगस्त 2025 को उसके साथी राम सिंह, उदय सिंह आदि ने रणधीर यादव का अपहरण किया था। इसके बाद उसे फाफामऊ पुल के पास ले जाकर हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए शव को बमरौली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। ट्रेन आने के बाद शव कई हिस्सों में कट गया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। एजी ऑफिस चौराहे से पकड़ा गया रविएसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज को फरार और इनामी आरोपियों की तलाश के दौरान रवि पासी के सिविल लाइंस क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। रवि मूल रूप से नीवा, धूमनगंज का रहने वाला है। एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में उसने रणधीर के अपहरण और हत्या की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने यह भी बताया कि पहले वह लूट और चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। प्रयागराज के अलावा रायबरेली और प्रतापगढ़ में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी एसटीएफ ने दी है। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि उसे नवाबगंज थाने में दाखिल कर दिया गया है। 22 अगस्त की शाम स्कार्पियो से निकले थे रणधीरहथिगंहा मोहम्मदपुर, नवाबगंज निवासी रणधीर यादव 22 अगस्त 2025 की शाम करीब 5 बजे अपनी स्कार्पियो से घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनकी पत्नी बबली यादव ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।जांच के दौरान रणधीर की स्कार्पियो चित्रकूट में बरामद हुई। इससे पुलिस का शक गहराया। इसी बीच 23 अगस्त को पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में रणधीर के पिता रामअभिलाष यादव ने कपड़ों और तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान रणधीर के रूप में की। इसलिए की थी हत्यापुलिस की जांच में सामने आया था कि रणधीर यादव और उदय यादव पहले करीबी दोस्त थे। पुलिस के मुताबिक, रणधीर के उदय की पत्नी अंजली यादव से संबंध थे। करीब दो महीने पहले तीनों के नैनीताल जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। आरोप है कि वहां उदय ने रणधीर और अंजली को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।नैनीताल से लौटने के बाद अंजली अपने मायके उमरपुर नींवा चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, वहां भी उसका रणधीर से संपर्क बना रहा। इसी दौरान 11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था।पुलिस जांच के मुताबिक, अंजली की मौत और रणधीर के साथ उसके संबंध को लेकर परिवार में नाराजगी थी। इसी वजह से उदय यादव ने अपने भाई विजय यादव, मां लीला यादव और सहयोगी रामसिंह यादव के साथ मिलकर रणधीर को रास्ते से हटाने की साजिश रची।शराब पिलाकर बेहोश किया, फिर गला दबाकर हत्याजांच में सामने आया कि 22 अगस्त को रामसिंह यादव ने रणधीर को शराब पिलाई। उसके बेहोश होने के बाद उदय यादव, विजय यादव और उनके नौकर सुजीत श्रीवास्तव ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। आरोपियों को उम्मीद थी कि ट्रेन से कटने के बाद शव की पहचान मुश्किल हो जाएगी। दूसरी तरफ रणधीर की स्कार्पियो को भी नष्ट करने की कोशिश की गई। आरोपी गाड़ी को चित्रकूट ले गए, लेकिन रास्ते में गाड़ी फंस जाने के कारण उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुकेरणधीर हत्याकांड की जांच में नवाबगंज पुलिस ने रामसिंह यादव को भगौतीपुर चौराहे से और लीला यादव को उमरपुर नींवा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसी मामले में रवि पासी भी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अयोध्या जिले के इनायतनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम तेंदुआ जैसा एक संदिग्ध जानवर देखा गया। यह जानवर राजकीय इंटर कॉलेज टकसरा के पास फसल की रखवाली कर रहे लोगों को दिखा। जानवर दिखने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना इनायतनगर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली और वन विभाग को बताया। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार देर शाम वे खेतों में फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी उन्हें खेत के पास तेंदुआ जैसा एक जानवर दिखा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह जानवर वहां से चला गया। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वह तेंदुआ ही था या कोई और जंगली जानवर। जानवर की मौजूदगी की पुष्टि भी नहीं हुई है। रेंज अधिकारी कुमारगंज संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी ने भी इलाके में संदिग्ध हिंसक जानवर होने की जानकारी दी है। वन विभाग की एक टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम इलाके में जांच और निगरानी के बाद ही बता पाएगी कि ग्रामीणों ने कौन सा जानवर देखा था। थाना प्रभारी इनायत नगर राजेश कुमार सिंह ने लोगों से सावधान रहने को कहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों और पालतू जानवरों का खास ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि रात में अकेले घर से बाहर न निकलें और न ही बच्चों या किसी और को अकेले बाहर जाने दें। अगर कहीं कोई संदिग्ध या हिंसक जानवर दिखे, तो तुरंत डायल 112, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि या वन विभाग को बताएं। पुलिस ने आसपास के गांवों में भी लोगों को अलर्ट कर दिया है। वन विभाग की टीम पहुंचने के बाद इलाके में जानवर की तलाश करेगी और उससे जुड़ी जानकारी जुटाएगी। पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए पेड़ों को हटाने और पक्षियों के प्राकृतिक आवास से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। मामले में द नेचर वॉलंटियर्स सोसायटी के अध्यक्ष पद्मश्री भालू मोंढे की ओर से एडवोकेटअभिनव पी. धनोडकर ने पक्ष रखा। हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदन में संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए रानी सराय क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए करीब 160 पुराने पेड़ों को हटाए जाने की संभावित कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया है। संस्था ने इन पेड़ों पर निर्भर पक्षियों के प्राकृतिक आवास और शहरी जैव विविधता पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को भी न्यायालय के समक्ष रखा है। आवेदन में कुछ पेड़ों पर रोज-रिंग्ड पैराकीट यानी हरे तोते और उनके घोंसलों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया है। एक दिन के सर्वे पर उठाया सवाल सुनवाई के दौरान पक्षियों के आवास के वैज्ञानिक मूल्यांकन का मुद्दा भी सामने आया। संस्था की ओर से तर्क दिया गया कि केवल एक दिन के निरीक्षण के आधार पर किसी क्षेत्र के पक्षी आवास के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। संस्था ने पुराने पेड़ों में मौजूद प्राकृतिक खोखले स्थानों और संभावित nesting sites का वैज्ञानिक सर्वे कराने तथा स्वतंत्र पक्षी विशेषज्ञ या एवियन इकोलॉजिस्ट से अध्ययन कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। पुराने पेड़ों के पारिस्थितिक महत्व का हवाला संस्था की ओर से कहा गया कि परिपक्व पेड़ केवल हरियाली का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे पक्षियों को छाया, आश्रय, भोजन और घोंसले के लिए प्राकृतिक स्थान उपलब्ध कराते हैं। पुराने पेड़ों में मौजूद प्राकृतिक कैविटिज को नए पौधों के रोपण से तत्काल प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर किसी भी पेड़ को हटाने से पहले उसके पर्यावरणीय प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किए जाने की आवश्यकता बताई गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद कोर्ट ने मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अब कोर्ट के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होगा कि पेड़ों की कटाई, पक्षियों के आवास और हस्तक्षेप आवेदन से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों पर क्या दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
सड़क पर दौड़ने लगा धू-धू कर जलता युवक, तालाब में लगाई छलांग; जमीन के झगड़े में आत्मदाह की कोशिश
गोरखपुर के एक गांव में मंगलवार को एक जमीन के झगड़े ने गंभीर रूप अख्तियार कर लिया। गुस्से में एक युवक ने खुद को आग लगा ली। जब वह धू-धू कर जलने लगा तो तड़प के मारे सड़क पर इधर-उधर भागता दिखा। थोड़ी देर बाद उसने तालाब में छलांग लगा दी। युवक को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार शाम ताजमहल घूमने आए पश्चिम बंगाल के पर्यटक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह ताजमहल परिसर में ही बेहोश होकर बैठ गया। पति की हालत देखकर पत्नी घबरा गई और उसके पास बैठकर मदद की गुहार लगाती रही। करीब आधे घंटे बाद पर्यटक को रॉयल गेट स्थित डिस्पेंसरी ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। सुरक्षा कर्मियों के अनुसार, गर्मी के कारण पर्यटक की तबीयत बिगड़ी थी और उसे समय रहते इलाज मुहैया कराया गया। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल से पर्यटक दंपति मंगलवार को ताजमहल घूमने आया था। शाम करीब 5 बजे ताजमहल परिसर में घूमने के दौरान पति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह वहीं बैठ गया और कुछ देर बाद बेहोश हो गया। पति को इस हालत में देखकर पत्नी घबरा गई। वह उसके पास बैठी रही और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगती रही। मौके पर मौजूद पर्यटकों ने भी महिला की मदद करने की कोशिश की। इस दौरान पति को इलाज दिलाने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन करीब आधे घंटे बाद उसे रॉयल गेट स्थित डिस्पेंसरी तक पहुंचाया गया। यहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं, ताजमहल की सुरक्षा में तैनात कर्मियों का कहना है कि पर्यटक की तबीयत गर्मी के कारण बिगड़ी थी। उसे समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और डिस्पेंसरी में उसका पूरा इलाज किया गया। उपचार के बाद पर्यटक की स्थिति ठीक बताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चुनाव आयोग द्वारा लाखों मतदाताओं को भेजे गए 'यंत्रवत' नोटिसों पर सवाल उठाया है। शीर्ष अदालत ने आयोग से तार्किक विसंगतियों पर स्पष्टीकरण मांगा।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की आवासीय योजना खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी में बन रहे फ्लैटों का काम तेज कर दिया गया है। ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, मिनी एमआईजी एवं एमआईजी वर्गों के 1608 फ्लैट दिवाली से पहले तैयार हो जाएंगे और इनका कब्जा आवंटियों को दे दिया जाएगा। ये आवंटी दिवाली के अवसर पर अपने फ्लैटों में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवंटियों को चाबी सौंपेंगे। इसके बाद दिसंबर में भूखंड एवं बचे हुए करीब 400 फ्लैटों का कब्जा दिया जाएगा। 10 जनवरी तक सभी आवंटियों को कब्जा देने की योजना है। इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। जो काम बचा है, उसे मजदूरों की संख्या बढ़ाकर हर हाल में अक्टूबर में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजना के तहत करीब 2000 फ्लैट और 312 आवासीय प्लाट हैं। इसके अलावा खोराबार टाउनशिप से ही जुड़ी मेडिसिटी परियोजना के क्लिनिक लेन में 46 बड़े भूखंड हैं जहां अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर आदि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही संबंधित भूखंड पर आवासीय निर्माण भी कराया जा सकता है।प्राधिकरण के अनुसार विभिन्न आय वर्गों के लिए प्रस्तावित भवनों में संरचनात्मक कार्य अधिकांश ब्लाकों में लगभग पूरा हो चुका है, जबकि फिनिशिंग और बाह्य विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने की तैयारी है। गत मंगलवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने इस परियोजना की प्रगति की जानकारी लेने के साथ ही जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आवंटियों को समय से आवास उपलब्ध कराए जा सकें। खोराबार आवासीय टाउनशिप में मिनी एमआइजी श्रेणी के दो ब्लाक प्रस्तावित हैं जिनमें कुल 420 आवास हैं। इनमें दोनों ब्लाक का संरचना का कार्य पूर्ण हो चुका है और आंतरिक फिनिशिंग भी लगभग पूरी हो चुकी है। इसी तरह एमआइजी में दस में से पांच ब्लाक और एक ब्लाक के आधे का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले माह तक फिनिशिंग का बचा हुआ कार्य भी पूरा हो जाएगा। इनमें कुल 308 फ्लैट हैं, जिन्हें पहले चरण में कब्जा देने की तैयारी है। इसी तरह एलआइजी श्रेणी में दो ब्लाक प्रस्तावित हैं जिनमें कुल 480 फ्लैट हैं। दोनों ब्लाक की संरचना पूरी हो चुकी है। आंतरिक फिनिशिंग लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इसी तरह ईडब्लूएस के कुल सात में से छह ब्लाक भी अगले माह तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएंगे। इस श्रेणी में कुल 560 फ्लैट हैं जिनमें से करीब 400 में कब्जा देने की तैयारी है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि दिवाली तक लगभग 1608 फ्लैटों के आवंटियों को उनके फ्लैटों पर कब्जा दे दिया जाएगा। चाबी सौंपने के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
संभल में असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न अड्डे पर ऑटो रोककर 500 रुपए की अवैध वसूली मांगने और रकम देने से इनकार करने पर ऑटो का शीशा तोड़ने का आरोप लगा है। ऑटो चालक और उसके परिवार के साथ मारपीट व गाली-गलौज का भी आरोप है। पीड़ित पक्ष ने पांच लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। परिवार के साथ मुरादाबाद जा रहा था ऑटो चालक बुकनाला गांव निवासी लाजवाब पुत्र फरमान हैदर ने बताया कि मंगलवार सुबह वह परिवार के साथ ऑटो से मुरादाबाद जा रहा था। आरोप है कि मढ़न अड्डे पर पहुंचते ही सुहेल पुत्र चुन्नी खां, जुबेर पुत्र अनवार, इमरान पुत्र वकील, अरमान पुत्र नफीस और साउन पुत्र जमील निवासी मढ़न ने ऑटो रोक लिया। लाजवाब का आरोप है कि सभी के हाथों में लाठी-डंडे और सरिया थे। सुहेल ने सड़क पर ऑटो चलाने के बदले 500 रुपए मांगे। रुपये देने से मना करने पर शीशा तोड़ने का आरोप पीड़ित के मुताबिक, 500 रुपए देने से मना करने पर आरोपियों ने सरिया से ऑटो का अगला शीशा तोड़ दिया। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।लाजवाब का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी कि अगर सड़क पर ऑटो चलाना है तो पैसे देने होंगे, वरना ऑटो नहीं चलने देंगे। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने कराया बीच-बचाव मारपीट का शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर लाजवाब और उसके परिवार को बचाया। आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने की बात कहने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। लाजवाब की भाभी के विरोध करने पर उनके साथ भी गाली-गलौज करने का आरोप है। शाम को थाने पहुंचकर दी शिकायत पीड़ित के मुताबिक, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच दोपहर करीब 2 बजे तक विवाद होता रहा। इसके बाद शाम 5:30 बजे पीड़ित पक्ष असमोली थाने पहुंचा और पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई असमोली सीओ अमन सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष देर शाम थाने पहुंचा और पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दानापुर थाना क्षेत्र के मिथिला कॉलोनी मोड़ के पास मंगलवार रात एक सिपाही ने अपनी बहन को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। इस घटना में भाई-बहन दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मोतिहारी में सिपाही ओमचंद उर्फ सोनू और उनकी बहन गायत्री देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। किराए के मकान पर रह रहे थे शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सिपाही ओमचंद करीब एक साल से अपने एक छोटे भाई और दो बहनों के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। गायत्री देवी की शादी 2024 में हुई थी। बताया जा रहा है कि गायत्री देवी मानसिक रूप से परेशान थीं और उनका इलाज मुजफ्फरपुर में चल रहा था। देखें तस्वीरें… पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार और थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और पूरे मामले की जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री अपनी जुबान पर कायम हैं तो इस्तीफा दें, जमुई कांड में तेजस्वी का सम्राट को चैलेंज
जमुई कांड पर बोलते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी जुबान पर कायम हैं, तो वह पद से इस्तीफा दे दें। तेजस्वी के मुताबिक सम्राट ने दावा किया था कि अगर किसी महिला से गलत हरकत होती है तो वह इस्तीफा दे देंगे।
केवल धर्म बदलने से अपने आप खत्म नहीं हो जाता किसी का ST दर्जा, इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कोई व्यक्ति अपनी जनजाति के रीति-रिवाजों, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से पूरी तरह अलग हो जाता है और दूसरी सामाजिक और धार्मिक पहचान अपना लेता है, तो वह कानूनन मिलने वाले ST वर्ग के सुरक्षात्मक लाभों का दावा जारी नहीं रख सकता। केवल धर्म बदलने से ST का दर्जा समाप्त नहीं होता।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए अवैध पुलिस हिरासत के मामले में एक बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने याचिकाकर्ता कमलेश कुमार बिस्वास की 15 अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026 तक की पुलिस हिरासत को पूरी तरह से गैर-कानूनी माना है और उन्हें तुरंत रिहा करने के निर्देश दिए हैं, यदि वे किसी अन्य मामले में वांछित न हों। हाईकोर्ट ने प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को अवैध हिरासत के एवज में 50,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करे। यह राशि विभागीय जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले उत्तरदायी अधिकारियों से तीन महीने के भीतर वसूल की जाएगी। मामला प्रयागराज का हैयह मामला प्रयागराज के मेजा पुलिस स्टेशन क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ याचिकाकर्ता को उसके मेडिकल स्टोर से 15 अगस्त को पुलिस द्वारा ले जाया गया था और 19 अगस्त को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (यमुना नगर) की ओर से दाखिल हलफनामे में स्पष्ट किया गया कि सीसीटीवी फुटेज और जांच से यह सिद्ध हुआ है कि याचिकाकर्ता 15 अगस्त से ही पुलिस की गिरफ्त में था। इस मामले में लापरवाही बरतने और नियम विरुद्ध हिरासत में रखने के कारण मेजा थाने के तत्कालीन एस.एच.ओ. नितेंद्र शुक्ला और जांच अधिकारी कमलेश यादव को 17 सितंबर 2026 को निलंबित कर दिया गया था। अवैध हिरासत के एवज में 50,000 मुआवजा देंहाईकोर्ट ने प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को अवैध हिरासत के एवज में 50,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करे। यह राशि विभागीय जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले उत्तरदायी अधिकारियों से तीन महीने के भीतर वसूल की जाएगी। अदालत ने डी.सी.पी. विवेक चंद्र यादव द्वारा बिना किसी हेरफेर के अदालत के समक्ष सच स्वीकार करने के साहस की सराहना की और इसे उनके सेवा रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हुए याचिकाकर्ता से आगे की जांच करना चाहता है, तो वह नियमानुसार नोटिस जारी कर ऐसा कर सकता है। 18 सितंबर को इसी मामले में इंस्पेक्टर, विवेचक सस्पेंड हुए थे प्रयागराज के मेजा थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर नितेंद्र कुमार शुक्ला और विवेचक इंस्पेक्टर कमलेश यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई लापरवाही के मामले में की है। दोनों पर एक डॉक्टर के खिलाफ दर्ज मुकदमे की कार्रवाई और उसे लॉकअप में रखे जाने से जुड़े मामले में लापरवाही का आरोप है। मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। एसीपी की जांच में थाना प्रभारी नितेंद्र कुमार शुक्ला और विवेचक कमलेश यादव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने दोनों को निलंबित कर दिया। क्या है मामला जानिये मेजा के सोनार का तारा ऊंचडीह में डॉ. कमलेश विश्वास उर्फ सुजल क्लीनिक चलाते हैं। बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में पकड़ा। मेजा पुलिस ने अभिलेखों की जांच के बाद कई आरोप लगाकर डॉक्टर को जेल भेज दिया। बंगलादेश के नागरिक होने और भारतीय नागरिकता को लेकर पुलिस ने जांच की। आरोप है कि इस बीच डॉक्टर को लॉकअप में बंद कर प्रताड़ित किया गया। इसके बाद जेल भेजा गया। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई तो राज्या और पुलिस से जवाब मांगा गया। पुलिस अधिकारियों ने खुद मामले की जांच कराई तो थाना प्रभारी और मामले के विवेचक कटघरे में आ गए। इसी के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया। लॉकअप में बंद रखा, बाद में गिरफ्तारी दिखाई मामले में सबसे महत्वपूर्ण विवाद डॉक्टर को थाने लाए जाने और उनकी गिरफ्तारी दिखाए जाने के बीच के अंतर को लेकर सामने आया। डॉक्टर को 15 अगस्त 2026 को सुबह 11:37:53 बजे पकड़ा गया। ऐसा सीसीटीवी रिकॉर्ड में है। जबकि उनकी गिरफ्तारी 19 अगस्त को दिखाई गई। मामले की जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। डॉक्टर के पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें कई दिनों तक थाने में रखा गया और लॉकअप में प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इसके बाद न्यायालय की ओर से राज्य सरकार और पुलिस से जवाब मांगा गया। हाईकोर्ट में याचिका के बाद हुई विभागीय जांच मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम की जांच कराई। जांच एसीपी ने की तो कार्रवाई पर उठे सवाल सही पाए गए। जांच में तत्कालीन मेजा थाना प्रभारी नितेंद्र कुमार शुक्ला तथा मामले के विवेचक कमलेश यादव की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस आयुक्त के आदेश पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल डॉक्टर की अभी रिहाई नहीं हो सकी है।
बांका जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जमुई में छात्रा से दुर्व्यवहार के मामले को लेकर विरोध मार्च निकाला। शहर के गांधी चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की। इस विरोध मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जितेंद्र कुमार सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जिला अध्यक्ष ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठाती रहेगी। इस विरोध मार्च में कांग्रेस नेता मनीष कुमार घोष, सुबोध कुमार मिश्रा, मोहम्मद शमी हाशमी, संजय झा, अजय कुमार सिंह समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
झाबुआ जिले के बामनिया-पेटलावद मार्ग पर मंगलवार रात करीब 9:30 बजे चापलदा घाटी के पास एक कार पर अचानक बदमाशों ने पथराव कर दिया। बामनिया के रहने वाले जयेश सोलंकी पेटलावद से अपने परिवार के साथ लौट रहे थे, तभी यह हमला हुआ। सड़क पर पत्थर बिछे होने और घाटी का इलाका होने से लूट की मंशा जताई जा रही है। पथराव में कार के शीशे और दरवाजे टूट गए, लेकिन जयेश ने घबराने की जगह हिम्मत दिखाई और कार रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। गाड़ी भगाकर वे सीधे बामनिया पुलिस चौकी पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शुरू किया तलाशी अभियान खबर मिलते ही बामनिया और पेटलावद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पेटलावद थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पूरे इलाके में नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश जारी है। शुरुआती पड़ताल में कुछ और गाड़ियों पर भी पथराव की बात सामने आई है।
पटवारी को मृत्यूपरान्त सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्दोष घोषित किया गया, विजिलेंस वालों ने कलंक लगाया था
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मुरैना में फरार चल रहे 60 हजार रुपए के इनामी कल्ली गुर्जर पर जिला जेल के उप जेल अधीक्षक सुनीत कुमार शर्मा को वाट्सएप कॉल कर जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज हुआ है। FIR के मुताबिक, कल्ली ने जेल में बंद अपने भाइयों की बैरक बदलने को लेकर धमकी दी और गाली-गलौज की। उप जेल अधीक्षक ने बातचीत दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड कर ली। 22 सितंबर को दोपहर करीब 12:49 बजे सुनीत कुमार शर्मा जिला जेल स्थित अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कल्ली गुर्जर बताया। शिकायत के मुताबिक, कल्ली ने अपने भाई जोगेंद्र उर्फ योगेंद्र की बैरक बदले जाने पर नाराजगी जताई। उसने दूसरे भाई सचिन उर्फ पंपोला का भी जिक्र किया, जो धौलपुर जेल से मुरैना जेल आया है। बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी कल्ली ने भाइयों की तरफ देखने या उन्हें दूसरी जेल भेजने पर जान से मारने की धमकी दी। बातचीत के दौरान गाली-गलौज करने और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का भी आरोप है। सुनीत कुमार शर्मा ने बातचीत दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड कर ली। FIR में रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित होने का उल्लेख है। कल्ली के तीन भाई जेल में बंद FIR में बताया गया है कि कल्ली के तीन भाई जोगेंद्र उर्फ योगेंद्र, रवि और सचिन उर्फ पंपोला जेल में निरुद्ध हैं। कल्ली फरार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, उस पर हत्या और लूट समेत कई मामले दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी पर 60 हजार रुपए का इनाम घोषित है। BNS की तीन धाराओं में केस जेल उप अधीक्षक की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कल्ली के खिलाफ BNS की धारा 132, 296(ए) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुनीत कुमार शर्मा ने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग भी की है। एसपी बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें लगीं एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि जेल उप अधीक्षक को धमकी देने के मामले में कल्ली गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें पहले से लगी हुई हैं।
एलडीए और आवास विकास परिषद की समाधान योजना का लाभ समय पर नहीं ले पाने वाले बकायेदारों के लिए राहत की खबर है। शासन ने विकास प्राधिकरणों, आवास एवं विकास परिषद और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों में चल रही एकमुश्त समाधान योजना (OTS) की समयसीमा बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 कर दी है। पहले यह योजना अप्रैल से जुलाई तक के लिए लागू की गई थी। अब इसके तहत पात्र बकायेदार दोबारा आवेदन कर सकेंगे। प्राधिकरणों के अनुरोध पर बढ़ाई गई समयसीमा शासन की ओर से OTS योजना 18 अप्रैल को तीन महीने के लिए शुरू की गई थी। जुलाई में इसकी अवधि खत्म होने के बाद प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों और आवास एवं विकास परिषदों ने समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद सरकार ने अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन पी. गुरुप्रसाद ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। योजना के तहत आवेदन पहले की तरह आवास बंधु की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकेंगे। इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी रहेगी। शासन ने संबंधित विभागों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और वेबसाइट पर आवेदन का लिंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बकायेदारों को मिलेंगे ये फायदे OTS के तहत आवेदन जमा होने के बाद संबंधित मामले का तीन महीने के भीतर निस्तारण किया जाएगा। डिफॉल्टर अवधि के दंड ब्याज में पूरी छूट मिलेगी और केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा। इसकी गणना सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा OTS की पूरी राशि 30 दिन के भीतर जमा करने पर तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। यदि OTS की रकम 50 लाख रुपये से अधिक है तो एक तिहाई राशि 30 दिन में जमा करनी होगी। बाकी रकम तीन द्विमासिक किस्तों में यानी छह महीने के भीतर जमा की जा सकेगी। समय पर किस्त का भुगतान नहीं होने पर अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ एक महीने के भीतर भुगतान का मौका दिया जाएगा। योजना का लाभ संपत्तियों के बकाये के साथ-साथ मानचित्र से संबंधित बकाया राशि पर भी लिया जा सकेगा।
विदिशा जिले के शमशाबाद में सापन नदी में लापता हुए युवक गिरवार अहिरवार का शव मंगलवार शाम मिल गया। करीब 51 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद यह शव निकाला गया। बम्होरी के रहने वाले गिरवार, जो मोहन अहिरवार के बेटे थे, रविवार दोपहर नदी में गिर गए थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। मंगलवार शाम को रेस्क्यू टीम को पुल के नीचे युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गिरवार मजदूरी करता था और उसके दो बच्चे हैं। 20 सितंबर को नदी में गिरा था युवक दरअसल, रविवार दोपहर करीब ढाई बजे शमशाबाद थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सापन नदी के पुल से एक युवक संजय सागर डैम में गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कर दी। बाद में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी इस अभियान में शामिल किया गया। युवक की तलाश के लिए नदी में डीप डाइवर्स, मोटर बोट और सोनार रॉड जैसे कई उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद मंगलवार शाम को पुल के नीचे से युवक का शव मिला।
बेमेतरा जिले के मंगरघटा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा है। दो ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच योगेश जांगड़े और उपसरपंच जगदीश साहू के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे आवास योजना में नाम शामिल कराने के लिए 6-6 हजार रुपए लिए गए। दोनों से कुल 12 हजार रुपए लेने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं में मुकेश साहू और देवनाथ साहू शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने के लिए उनसे 6-6 हजार रुपए लिए गए थे। पैसे लेते समय जल्द आवास स्वीकृत होने की बात कही गई थी। काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। देवनाथ साहू ने आरोप लगाया कि उन्होंने 4 फरवरी 2026 को उपसरपंच जगदीश साहू को 6 हजार रुपए दिए थे। उनके मुताबिक, यह रकम सरपंच के घर में बैठकर दी गई थी। दोनों ग्रामीणों का कहना है कि दो लोगों के लिए कुल 12 हजार रुपए दिए गए थे। 15 दिन में आवास स्वीकृत होने की बात कही मुकेश साहू ने बताया कि पैसे देते समय उनसे कहा गया था कि करीब 15 दिन में आवास स्वीकृत हो जाएगा। उनका आरोप है कि पैसे देने के बाद भी अब तक उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। 21 जुलाई को भी की थी शिकायत ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पहले भी शिकायत की थी। 21 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत और शपथ पत्र के साथ आवेदन दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने दोबारा कलेक्टर को आवेदन दिया है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर ने जिला पंचायत को जांच के निर्देश दिए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बताया कि मंगरघटा के सरपंच और उपसरपंच के खिलाफ गंभीर अनियमितता के आरोप लगाते हुए दो आवेदन मिले हैं। जिला पंचायत को तत्काल जांच टीम गठित कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी जिले के सेंधवा निवासी पार्श्व गायक अभय जोधपुरकर को मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में हुए समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें रजत कमल से सम्मानित किया। अभय को फिल्म ‘घरात गणपति’ के मराठी गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए यह सम्मान मिला है। पहली बार दिल्ली से बाहर हुआ समारोह 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों को पुरस्कार प्रदान किए। अभय के पिता मनोज जोधपुरकर और माता अमिता जोधपुरकर भी समारोह में मौजूद रहे। एआर रहमान के संगीत विद्यालय से पढ़ाई अभय ने संगीतकार ए.आर. रहमान के संगीत विद्यालय केएम म्यूजिक कंजरवेटरी से संगीत की पढ़ाई की है। उन्होंने 2012 में कन्नड़ फिल्म ‘गॉड फादर’ से पार्श्व गायन की शुरुआत की थी। इसके बाद मणिरत्नम की तमिल फिल्म ‘कदल’ के गीत ‘मूंगिल थोट्टम’ से उन्हें पहचान मिली। इस गीत के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला था। ‘मेरे नाम तू’ से हिंदी सिनेमा में मिली पहचान हिंदी सिनेमा में अभय को शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ के गीत ‘मेरे नाम तू’ से लोकप्रियता मिली। इस गाने के लिए उन्हें 2019 में मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड्स में ‘अपकमिंग मेल वोकलिस्ट ऑफ द ईयर’ का सम्मान मिला था। अभय ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और मराठी भाषाओं में भी गाने गाए हैं। कई पुरस्कारों के बाद राष्ट्रीय सम्मान अभय को 2013 में ‘कदल’ के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का सम्मान मिला था। 2017 में ‘वनमगन’ के गीत के लिए भी उन्हें अवॉर्ड मिला। 2019 में ‘मेरे नाम तू’ के लिए मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड मिला। 2022 में उन्हें मराठी संगीत के लिए मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड भी मिला था। अब ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार उनके करियर की उपलब्धियों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की विजेता सूची में अभय जोधपुरकर को सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक घोषित किया गया है। उनकी उपलब्धि से सेंधवा में खुशी का माहौल है।
कानपुर के नए एडीएम सिटी सौरभ सिंह ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त करने के साथ ही संबंधित पटल के कार्यों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पब्लिक की समस्याओं को प्राथमिकता पर सुनने का आदेश एडीएम सिटी सौरभ सिंह ने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी प्राथमिकता होगी। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ शहर से जुड़े विभिन्न विषयों पर संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और जनसामान्य की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की अपेक्षा की। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं सौरभ सिंह सौरभ सिंह 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में उनकी पहली तैनाती उप जिलाधिकारी देवरिया के पद पर हुई थी। करीब साढ़े तीन वर्ष तक देवरिया में सेवा देने के बाद उन्होंने शाहजहांपुर और लखनऊ सदर में उप जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया। वर्ष 2025 में उन्हें मथुरा में अपर नगर आयुक्त के पद पर तैनाती मिली। इसके बाद शासन ने उनका तबादला करते हुए उन्हें अपर जिलाधिकारी नगर, कानपुर नगर के पद पर तैनात किया है।
बुलडोजर ऐक्शन में कोतवाल समेत छह निलंबित, रातोंरात दबंगों ने धराशायी किए कई मकान-दुकान
यूपी के अंडेबकरनगर में रातोरात बुलडोजर से मकान-दुकानें ढहाने पर बड़ा ऐक्शन हुआ है। कोतवाल समेत पांच पुलिस वालों और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। बरियावन बाजार में दबंगों ने तीन जेसीबी से दर्जनभर दुकान-मकान गिरा दिए थे।
लखनऊ में मंगलवार को देर शाम आयुष छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला।गोमतीनगर स्थित 1090 चौराहे पर आयुष इंटर्न्स डॉक्टरों ने हाथों में 'ब्लैक डे' के पोस्टर लेकर कैंडल मार्च निकाला और धरने पर बैठे। सोमवार को हजरतगंज में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर अभद्रता और लाठीचार्ज का आरोप लगाया। इस दौरान डॉक्टरों ने कैंडल जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और घटना को लेकर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वह लंबे समय से स्टाइपेंड की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सोमवार को हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन कर रहे थे। शाम होते ही पुलिस के द्वारा अभद्रता करते हुए प्रदर्शन से उठा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया है। छात्र 7,500 रुपए का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने कि मांग कर रहे है । उनका कहना है कि MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ चुका है, लेकिन आयुष छात्रों को अब भी पुरानी रकम मिल रही है। 15 साल से स्टाइपेंड नहीं बढ़ने से नाराज हैं। 7,500 रुपए प्रतिमाह मिल रहा स्टाइपेंड छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ मरीजों के इलाज और अस्पताल से जुड़े कार्यों में भी वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड लंबे समय से जस का तस है। बढ़ती महंगाई में 7,500 रुपए प्रतिमाह में अपनी जरूरतें पूरी करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। मजदूर और किस परिवार से आने वाले बच्चे घर से भी मदद नहीं ले सकते। ‘इतने कम स्टाइपेंड में गुजारा नहीं’ डॉक्टर प्रखर ने कहा, हम आयुर्वेद के छात्र हैं और नीट की परीक्षा पास करने के बाद इस कोर्स में दाखिला लेते हैं। साढ़े चार साल की पढ़ाई के बाद एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है। 2011 से 2026 आ गया 15 साल हो गया है लेकिन हमारे स्टाइपेंड में एक रुपए की भी बढ़ोतरी नहीं हुई। बहुत से छात्र कमरा किराए पर लेकर रहते हैं। जितना स्टाइपेंड हमें मिलता है, उसमें एक कमरा भी किराए पर नहीं मिल पाता। बाकी खर्च हम कैसे पूरा करेंगे।
नरसिंहपुर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास मंगलवार रात करीब 10 बजे एक बिल्डिंग के पास अचानक गोली चली। बताया जा रहा है कि कार टच होने की छोटी सी बात को लेकर एक सरकारी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार और कोचिंग के छात्रों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ी कि फायरिंग तक नौबत आ पहुंची। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को खबर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस को मौके से तीन चले हुए कारतूस मिले हैं। फायरिंग करने वाले हिरासत में पुलिस ने एक्शन लेते हुए गोली चलाने वाले आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ था और झगड़े की असली वजह क्या थी।
PNB करेंसी चेस्ट 17 करोड़ जाली नोट केस में NIA के हत्थे चढ़ा नीतू, बैंक अफसरों के खुलेंगे राज
सहारनपुर पीएबी करेंसी चेस्ट में 29 अगस्त को 17.29 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने का मामला सामने आया था। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले की जांच की फिर 3 सितंबर से एनआईए ने इस केस को टेक ओवर कर लिया। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अब एनआईए ने एक और शख्स को गिरफ्तार किया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मंगलवार को भी भोपाल के होटल, रेस्टोरेंट की जांच की। होटल शुभ इन, मिलन रेस्टोरेंट और ब्लिंकिट में जाकर खाद्य सुरक्षा जांची गई। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने स्थित होटल शुभ इन में खाद्य पदार्थों के स्टोरेज, सैनिटरी एवं हाइजीनिक कंडिशन की जांच की गई। इस दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं नियमानुसार पाई गईं, जबकि कुछ बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता पाई गई। डस्टबिन व्यवस्था, कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप/मेडिकल प्रमाण-पत्र, पेयजल की पोटेबिलिटी रिपोर्ट एवं पेस्ट कंट्रोल संबंधी कमियां पाई गईं। मौके पर होटल मैनेजर दिलीप जायसवाल की उपस्थिति में सैंडविच ब्रेड एवं बेसन के नमूने जांच के लिए गए। मिलन रेस्टोरेंट की जांचएमपी नगर जोन-1 स्थित मिलन रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग में खाद्य पदार्थ निर्माण स्थल, किचन एवं स्टोरेज क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के परीक्षण हेतु खड़ी मिर्च, लाल सोयाबीन तेल, पिसा धनिया पाउडर, समोसा एवं बटर पनीर के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और उचित साफ-सफाई के संबंध में कमियां पाई गईं। इसके लिए नोटिस जारी किया गया। नेहरू नगर स्थित ब्लिंकिट पर खाद्य पदार्थों के भंडारण, लेबलिंग एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान खाद्य पदार्थ के तीन पैकेट एक्सपायर पाए मिले। पनीर और गुलाब जामुन के कुछ पैकेट में लेबलिंग-ब्रॉन्डिंग संबंधित अनियमितताएं पाई गईं। यहां से तीन नमूने लिए गए। स्विगी इंस्टामार्ट से भी नमूने लिएइससे पहले सोमवार की रात में बाग सेवनिया स्थित स्विगी इंस्टामार्ट में टीम पहुंची थी। यहां से घी, पैक्ड चना एवं नाइश कूकिस के तीन नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान FSSAI लाइसेंस की निर्धारित शर्तों में कुछ उल्लंघन पाए गए। इनके संबंध में अभिहित अधिकारी द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारकर्ता को उपस्थित होने के लिए निर्देशित किए जाने के बावजूद वह मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। प्रकरण में संबंधित अभिलेखों एवं खाद्य पदार्थों के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।
रायसेन जिले के खेरी मुगली गांव में मंगलवार शाम ग्रामीणों ने हाईवे पर अर्थी रखकर प्रदर्शन किया। श्मशान घाट तक पक्की सड़क नहीं होने से 80 वर्षीय रमपो बाई के शव को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाने में परिजनों को परेशानी हो रही थी। इसके बाद ग्राम बटेरा के पास हाईवे पर अर्थी रख दी गई, जिससे करीब एक घंटे तक चक्काजाम रहा। हाईवे पर अर्थी रखे जाने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान हर साल खेरी मुगली के शांतिधाम तक पहुंचने में परेशानी होती है। शांतिधाम में टीन शेड बना हुआ है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश में रास्ते पर कीचड़ हो जाने से शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाना मुश्किल हो जाता है। अधिकारियों की समझाइश के बाद जाम खुला सूचना मिलने पर बरेली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजन और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद परिजन नर्मदा नदी घाट पर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। समझाइश के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म कर दिया और हाईवे पर यातायात फिर शुरू हो गया। बारिश में हर साल होती है परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल शांतिधाम तक पहुंचने में यही समस्या आती है। उनका कहना है कि खेरी मुगली के शांतिधाम तक अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है।
कल्याण मंडपम की ऑनलाइन बुकिंग करेगा GDA:हर मंडपम की बुकिंग के लिए अलग कर्मचारी को जिम्मेदारी
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अल्पआय वर्ग के लोगों के मांगलिक आयोजनों के लिए बनाए गए कल्याण मंडपम की बुकिंग ऑनलाइन भी हो सकेगी। इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म विकसित किया जा रहा है। यह बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर होगी। प्राधिकरण की ओर से अब तक 6 कल्याण मंडपम तैयार कर लिए गए हैं, उनकी बुकिंग के लिए प्राधिकरण में अलग-अलग कर्मचारियों को ड्यूटी दी गई है। अंत्योदय कार्ड धारकों को 11 हजार रुपये में जबकि अन्य लोगों को 21 हजार रुपये में पूरा कल्याण मंडपम दिया जाएगा। इसमें दोनों हॉल, मंडप, सभी कमरे और परिसर शामिल है। हालांकि बिजली के लिए डीजल की व्यवस्था बुकिंग कराने वाले को करनी होगी। जनरेटर की भी बुकिंग करनी होगी। इसके अतिरिक्त सजावट, कैटरिंग आदि भी बुकिंग कराने वालों के जिम्मे होगा। प्राधिकरण की ओर से केवल भवन दिया जाएगा। जानिए प्राधिकरण का कौन कर्मचारी, किस मंडपम की बुकिंग करेगा जंगल तुलसीराम बिछिया में बने कल्याण मंडपम का प्रभार चंद्रिका प्रसाद को दिया गया है। इसी तरह उर्वरक नगर नकहा नंबर दो में बनाए गए मंडपम की जिम्मेदारी शिव कुमार पांडेय को दी गई है। जितेंद्र स्वरूप श्रीवास्तव राप्तीनगर विस्तार क्षेत्र के टोला पीरू शहीद में बने कल्याण मंडपम का जिम्मा संभालेंगे। रामसिंह यादव को बाबा गंभीरनाथनगर के मानबेला में बने मंडपम, कनक वर्मा को जंगल बेनीमाधव नंबर 1 में बने मंडपम की जिम्मेदारी दी गई है। भारत भूषण पांडेय बशारतपुर में बनाए गए कल्याण मंडपम का चार्ज देखेंगे। एक अन्य निर्माणाधीन मंडपम की जिम्मेदारी सरोज मिश्रा को दी गई है। जो कल्याण मंडपम संचालित हो रहे हैं, उनकी बुकिंग का जिम्मा इन्हीं कर्मचारियों के पास होगा। ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से काम करने तक ऑफलाइन बुकिंग ही की जाएगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि सभी कल्याण मंडपम की बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर की जाएगी। अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए 11 हजार में जबकि अन्य के लिए 21 हजार रुपये में बुकिंग की जाएगी।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों व परिजनों की मुलाकात की अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था अब इंटरनेट आधारित प्रणाली में बदल रही है। नई व्यवस्था से एक साथ 100 कैदी बात कर सकेंगे।
वैन पेड़ से टकराई, एक की मौत, दूसरा घायल:नीमच में गाड़ी बेकाबू होकर पलटी, रामपुरा तहसील में हादसा
नीमच जिले की रामपुरा तहसील में झालावाड़ रोड पर मंगलवार शाम हादसा हो गया। बेसला और बूज के बीच एक तेज रफ्तार वैन अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन में सवार एक शख्स ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा बुरी तरह घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वैन काफी तेजी से जा रही थी कि तभी अचानक ड्राइवर का गाड़ी से संतुलन बिगड़ गया। टक्कर की तेज आवाज सुनते ही पास के ग्रामीण तुरंत मौके की तरफ दौड़े और वैन में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए। अस्पताल में भर्ती, जांच जारी खबर मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को एम्बुलेंस से पास के अस्पताल पहुंचाया। वहां शुरुआती इलाज के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लापता प्रॉपर्टी डीलर युवराज सिंह मनचंदा के मामले में दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बिना पहचान शव का अंतिम संस्कार करने और सीसीटीएनएस पोर्टल पर जानकारी अपलोड न करने पर सवाल उठाए हैं।
वाटरफॉल, इको पार्क और जंगल सफारी का संगम है बिहार का कैमूर; 6 गुना बढ़ गए पर्यटक
बिहार का कैमूर जिला पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। यहां के मनमोहक झरने, इको पार्क और प्रकृति का अनुभव कराती जंगल सफारी पर्यटकों की पसंद बनती जा रही है। यही वजह है कि कैमूर में बीते चार सालों में पर्यटकों की संख्या 6 गुना से अधिक बढ़ गई है।
जयपुर जिले के 18 नगरीय निकायों में अध्यक्षों के बाद अब उपाध्यक्ष और उपसभापति के चुनाव भी पूरे हो गए हैं। इनमें 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिकाएं शामिल हैं। इसमें से 9 सीटों पर बीजेपी और 5 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है। वहीं दो सीटों पर भाजपा समर्थक निर्दलीय और दो सीटों पर कांग्रेस समर्थित निर्दलीय जीते हैं। चाकसू, खेजरोली, मनोहरपुर और सांभर में निर्दलीय प्रत्याशी संबंधित दलों के समर्थन से उपाध्यक्ष चुने गए हैं। देखें किस निकाय से कौन बना विजेता
जमुई में एक छात्र के साथ हुई घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की बांका इकाई ने प्रदर्शन किया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक पर आक्रोश मार्च निकाला। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मार्च का नेतृत्व अभाविप के जिला संयोजक राजन सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। जिला संयोजक राजन सिंह ने बताया कि संगठन विद्यार्थियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों में हमेशा आवाज उठाता रहा है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी घटना में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। इस आक्रोश मार्च में कॉलेज मंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बंश राज, नगर सह मंत्री ऋषभ कुशवाहा, मिथुन कुमार, ललिता, त्रिशा, श्वेता सिन्हा, प्रीति कुमारी और राजीव कुमार रंजन शामिल थे। इनके अलावा बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
एसटीएफ ने एसएससी जीडी परीक्षा धांधली में किया बड़ा खुलासा
एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 में धांधली के मामले में एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र चुनने वाली कंपनी एएसएसईएसएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है
AAP के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 कंपनियां रजिस्टर्ड, पार्टी ने GST विभाग से की शिकायत
आप ने दावा किया है कि उसके राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर जुलाई से सितंबर के बीच 58 अज्ञात कंपनियों का पंजीकरण कराया गया है। पार्टी ने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है।
पहले आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, फिर पीट-पीटकर हत्या, प्रधान के भाई को उतारा मौत के घाट
संतकबीरनगर में चुनावी रंजिश में प्रधान के छोटे भाई की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है।मनबढ़ों ने बुलेट से जा रहे ब्रह्मानंद की आंख में पहले मिर्ची झोंकने के बाद हमला किया।
जेवर में विवाद के बीच युवक गोली से घायल
कस्बे के मौहल्ला खत्तीवान में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया
जोधपुर एम्स में ड्यूटी करने पहुंचे रेजीडेंट की रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिलने के बाद मौत हो गई। वह एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है, हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी। घटना करीब दोपहर 1 बजे की है। मृतक की पहचान राजनरेश यादव (29) पुत्र नरेश कुमार बड़ा जोड़ के पास अलवर के तौर पर हुई। फिलहाल बासनी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एम्स की मॉर्च्युरी में शव रखवा दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। कल परिजनों के पहुंचने पर शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मृतक राज नरेश का बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है, जबकि पिता गांव में ही रहते हैं। मृतक ने एम्स से MBBS किया था, इसके बाद यहीं से PG कर रहा था। दरअसल, ड्यूटी के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला तो डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस को मौके पर बाथरूम में इंजेक्शन भी मिला है। संभवतः उसने खुद के सिरिंज लगाकर सुसाइड कर लिया। एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी कर रहा था रेजीडेंट बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि एम्स में एनस्थीसिया विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश ड्यूटी कर रहा था। आज सुबह 8/9 बजे के करीब एनेस्थीसिया में ड्यूटी करने आया। आज(मंगलवार) उसकी OT में ड्यूटी थी। ड्यूटी के दौरान दोपहर करीब 1 बजे के आसपास बीच में रेस्ट रूम में गया था। इसके बाद काफी देर तक नहीं आने पर OT इंचार्ज ने पता करवाया तो उसका पता नहीं चला। साथियों ने रेस्ट रूम के बाथरूम को देखा तो बाथरूम अंदर से बंद था। खटखटाने के बाद भी कोई आवाज नहीं आ रही थी। संदेह होने पर बाथरूम का गेट तोड़ा गया। गेट तोड़ा तो वो अचेत अवस्था में मिला। जिसे तुरंत OT में लेकर प्राथमिक उपचार देने के प्रयास किए गए, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इधर पुलिस को भी सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद बासनी थानाधिकारी नितिन दवे टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां पुलिस ने आसपास के जगह से सबूत जुटाए हैं। वहीं मौके पर घटनास्थल वाले कमरे को सीज किया गया है। वहीं पुलिस ने मौके से उसके मोबाइल को कब्जे में लिया है। जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भिजवाया जाएगा। वहीं पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया। परिजन संभवतः सुबह तक जोधपुर पहुंचेंगे।
महम में नग्न हालत में मिला व्यक्ति का शव:झाड़ियों में पड़ा था; गलने की वजह से पहचान में दिक्कत
रोहतक के महम में शुगर मिल के सामने पुल के पास मंगलवार रात झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। शव लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। सूचना मिलने पर ईआरवी टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शव काफी समय से पड़ा होने के कारण खराब हो चुका था। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है और शव की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान और मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटा रही है। घटना के बाद शुगर मिल के सामने पुल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
DTC का अपना बस बेड़ा हुआ खत्म, 4038 नंबर की आखिरी बस ने पूरी की सेवा; अब निजी कंपनियों पर निर्भरता
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के स्वामित्व वाली आखिरी बस ने अपनी सेवा अवधि पूरी कर ली है, जिसके बाद निगम के पास अब अपनी कोई बस नहीं बची है।
लुधियाना त्यौहारी सीजन करीब आते ही पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस कमिश्नर (CP) के दिशा-निर्देशों पर शहर और बाहरी इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नाके लगाकर हर आने-जाने वाले वाहन की डिक्की की बारीकी से तलाशी ली जा रही है, साथ ही किरायेदारों की वेरिफिकेशन का काम भी जोरों पर है ताकि आम जनता की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जा सके। 5 जगहों पर नाकेबंदी,3 टीमें वेरिफिकेशन में जुटीं पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सब-डिवीजन में कुल 5 नाके लगाए गए हैं। इनमें सराभा नगर,पीएयू (PAU), हैबोवाल और लाडोवाल शामिल हैं। इसके अलावा 3 अलग-अलग टीमें किरायेदार वेरिफिकेशन के लिए फील्ड में उतारी गई हैं। हर स्टेशन नाके पर 4 से 6 और चेकिंग टीमों में 8 से 10 पुलिस मुलाजिम तैनात किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि अक्सर बाहर से आकर रहने वाले किरायेदारों का पिछला रिकॉर्ड पता नहीं होता इसलिए इस वेरिफिकेशन से यह साफ हो सकेगा कि उनका बैकग्राउंड क्या है और वे आजकल क्या कर रहे हैं। मकान मालिकों से अपील— 'सांझ केंद्र में दें जानकारी' मकान मालिकों द्वारा बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखने और बाद में प्रशासन के पास आने के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि पुलिस चेकिंग के साथ-साथ मकान मालिकों को भी जागरूक कर रही है। उनसे अपील की गई है कि किरायेदार रखने से पहले अपने नजदीकी सांझ केंद्र में जाकर उनकी डिटेल जरूर दर्ज करवाएं,ताकि उनकी प्रॉपर वेरिफिकेशन हो सके।
मऊगंज के नईगढ़ी विकासखंड में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना के काम में गड़बड़ी के आरोप में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने FIR दर्ज की है। EOW के मुताबिक काम 9 महीने में पूरा होना था, लेकिन करीब 5 साल बाद भी कई गांवों में काम अधूरा है। इसके बावजूद ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपए का भुगतान कर दिया गया। कई गांवों में अधूरा मिला काम EOW के मुताबिक वर्ष 2021 में नईगढ़ी विकासखंड के अलग-अलग गांवों में पानी की टंकियां, पाइपलाइन और घरेलू नल कनेक्शन का काम मंजूर हुआ था। शिकायत के बाद EOW की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में कई जगह निर्माण कार्य अधूरा और काम की गुणवत्ता खराब मिली। योजना के तहत मुख्य पाइपलाइन से हर घर तक कनेक्शन देना था। इसके लिए जीआई पाइप, नल फिटिंग और कंक्रीट सर्कुलर स्टैंड पोस्ट बनाए जाने थे। गांव के बाहर तक बिछी पाइपलाइन जांच में सामने आया कि कई जगह पाइपलाइन गांव के बाहर तक ही बिछाई गई थी। घरों के अंदर नल कनेक्शन नहीं मिले। खटखरी गांव में विभागीय अनुमान के मुताबिक 4400 मीटर पाइपलाइन और 315 घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान था, लेकिन ये काम पूरा नहीं हुआ। पानी भरते ही ढह गई नई टंकी नईगढ़ी तहसील के खटखरी गांव में नई बनी पानी की टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही ढह गई। EOW की जांच में टंकी के निर्माण से जुड़े काम की गुणवत्ता पर भी सवाल सामने आए। 740 कनेक्शन के दावे के बावजूद घरों में नल नहीं ग्राम करह उर्फ खैरागढ़ में पांच सबमर्सिबल मोटर पंप लगाए जाने का दावा था, लेकिन जांच में सिर्फ एक सबमर्सिबल मोटर पंप मिला। यहां 740 घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान था, लेकिन जांच के दौरान किसी भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली। ग्राम शिवराजपुर में ओवरहेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण भी अधूरा मिला। आधे गांव तक ही पहुंची पाइपलाइन ग्राम जुड़मनिया रघुनाथ में मुख्य पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन यह आधे गांव तक ही पहुंची। घरों के अंदर नल कनेक्शन भी नहीं दिए गए। इसके अलावा पंप हाउस, वाल्व चैंबर, बिजली फिटिंग, स्टार्टर-कंट्रोल पैनल और टंकी स्थल पर बाउंड्रीवॉल का काम भी अधूरा मिला। 9 महीने का काम करीब 5 साल बाद भी अधूरा EOW के मुताबिक मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी को न्यूनतम निविदा दर से 4.26 प्रतिशत कम दर पर कार्यादेश दिया गया था। काम 9 महीने में पूरा होना था, लेकिन करीब पांच साल बाद भी संबंधित गांवों में जल प्रदाय शुरू नहीं हो सका। इसके बावजूद विभाग की ओर से ठेकेदार को 3,85,00,900 रुपए का भुगतान किया गया। तीन इंजीनियर और ठेकेदार पर FIR EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पांडेय, तत्कालीन उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। EOW ने प्रकरण को विवेचना में लिया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
तरनतारन बाईपास पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक अधेड़ व्यक्ति की जान चली गई। तेज रफ्तार टिप्पर की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल सवार मोहिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, गांव प्लासोर के रहने वाले मोहिंदर सिंह अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर लौट रहे थे। जब वे तरनतारन बाईपास के पास पहुंचे, तो एक अनियंत्रित टिप्पर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोहिंदर सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे को अंजाम देने के बाद टिप्पर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल (SSF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने गंभीर रूप से घायल मोहिंदर सिंह को तुरंत तरनतारन के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोपी चालक की तलाश जारी हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात टिप्पर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी चालक और वाहन की तलाश की जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन को लेकर एक जरूरी आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी सहायक अध्यापक को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी गई है, तो उसे उस पद का वेतन जिम्मेदारी संभालने की तारीख से मिलेगा। बकाया वेतन का भुगतान सिर्फ याचिका दायर करने से पहले के तीन साल तक सीमित नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने पूनम रानी वाष्णेय समेत 1030 याचिकाकर्ताओं की अर्जियां निपटाते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने बताया था कि उनके स्कूलों में नियमित प्रधानाध्यापक नहीं थे। वे अलग-अलग तारीखों से कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के तौर पर काम कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें प्रधानाध्यापक पद के हिसाब से वेतन नहीं मिला। भुगतान को 3 साल तक सीमित किया था न्यायालय ने अपने पुराने फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापकों के बराबर वेतन देने का अधिकार माना गया था। हालांकि, उस समय सुप्रीम कोर्ट के तरसेम सिंह फैसले के आधार पर बकाया भुगतान को याचिका दायर करने से पहले के तीन साल तक सीमित कर दिया गया था। इस मामले में न्यायालय ने कहा कि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने माया बनर्जी मामले में तरसेम सिंह के आधार पर अपनाई गई इस व्यवस्था पर फिर से विचार किया। कोर्ट ने माना कि कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के तौर पर दी गई सेवा के बदले मिलने वाला वेतन कर्मचारी के लिए संपत्ति के अधिकार जैसा है। ऐसे में वेतन के दावे को तीन साल तक सीमित करने का आधार सही नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने सभी याचिकाकर्ताओं को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभालने की तारीख से भुगतान होने तक प्रधानाध्यापक पद का वेतन देने का आदेश दिया।
राजगढ़ जिले के जीरापुर के पास फत्तेपुर फूटिया गांव में मंगलवार को जलझूलनी ग्यारस के दौरान कुएं में डूबने से 18 वर्षीय मांगीलाल वर्मा की मौत हो गई। डोल यात्रा के दौरान ग्रामीण कुएं पर पहुंचे थे। इसी दौरान कुएं में छलांग लगाते समय मांगीलाल का हाथ ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार से टकरा गया। करंट लगने के बाद वह तार समेत कुएं में जा गिरा और डूब गया। करीब दो घंटे बाद निकाला शव घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने युवक को कुएं से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। ग्रामीणों के मुताबिक कुआं 35 फीट से ज्यादा गहरा है। घटना शाम करीब 4:30 बजे की है। इसकी सूचना शाम 5 बजे जीरापुर पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF टीम को बुलाया गया। पुलिस, ग्रामीण और SDRF की टीम ने कुएं में युवक की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे की तलाश के बाद शाम 7 बजे मांगीलाल का शव कुएं से बाहर निकाला गया। बुधवार सुबह होगा पोस्टमार्टम जीरापुर टीआई होकम सिंह मीणा ने बताया कि रात होने के कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
हरियाणा सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को सोनीपत जिले में स्वास्थ्य और आयुष विभाग की ओर से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में हेल्थ कैंप और जागरूकता कार्यक्रम किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजकीय प्राथमिक विद्यालय निजामपुर माजरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जसराना और उपमंडल नागरिक अस्पताल गन्नौर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए। यहां पहुंचे लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह और दवाइयां भी दी गईं। इसके अलावा पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर बारोटा में भी हेल्थ एवं जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। आयुष विभाग ने गांव कालूपुर के राजकीय विद्यालय में जागरूकता कैंप लगाया। स्वच्छता और पोषण की दी जानकारी कैंप में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने विद्यार्थियों व ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित पोषण और मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीकों की जानकारी दी। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में भी जागरूक किया गया। नशामुक्ति की दिलाई शपथ सभी स्थानों पर मौजूद लोगों और विद्यार्थियों को ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ दिलाई गई। उन्हें नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर इससे दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। सीएमओ डॉ. अलंकृता ने कहा कि अभियान के तहत लोगों को स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से स्वास्थ्य शिविरों में भाग लेने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
बालाघाट जिले के लालबर्रा में मंगलवार 22 सितंबर को डोल ग्यारस पर भगवान लक्ष्मीनारायण और श्रीराम-लक्ष्मण की संयुक्त शोभायात्रा निकाली गई। शाम 6:30 बजे श्री बजरंग मंदिर से शुरू हुई यात्रा पहले श्रीराम मंदिर पहुंची, जहां भगवान श्रीराम-लक्ष्मण भी शोभायात्रा में शामिल हुए। इसके बाद यात्रा नगर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए सर्राटी नदी तट पहुंची। राम मंदिर से शामिल हुए श्रीराम-लक्ष्मण श्री बजरंग मंदिर से बैंड-बाजे के साथ भगवान लक्ष्मीनारायण (ठाकुर जी) की शोभायात्रा निकली। यात्रा श्रीराम मंदिर पहुंची, जहां भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की शोभायात्रा भी इसमें शामिल हो गई। इसके बाद दोनों मंदिरों की संयुक्त शोभायात्रा नगर के अलग-अलग चौक-चौराहों से होकर गुजरी। इस दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह घरों के सामने यात्रा का स्वागत किया और भगवान की पूजा की। सर्राटी नदी में कराया जल विहार शोभायात्रा सर्राटी नदी के तट पर पहुंची, जहां भगवान का विधि-विधान से जल विहार और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर में भगवान को उनके स्थान पर विराजमान कराया गया। नदी से लाए गए जल से जलाभिषेक कर महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी बांटी गई। मंदिर समितियों के सदस्य हुए शामिल आयोजन में बजरंग मंदिर समिति के संरक्षक ज्ञानचंद शर्मा सहित अनिल शर्मा, गिरीश पाठक, अधिवक्ता बाबूलाल सर्राठे, रणधीर सिंह सेंगर, संजय अग्रवाल, डॉ. गगन अग्रवाल, केपी शर्मा, पवन नामदेव, नितिन साखला, शैलेश केकती, सरोवर टेंभरे, ब्रजेश केकती, डिलेन्द्र पालीवाल, डॉ. विनीत अग्रवाल, कपिल अवधिया, प्रकाश रहांगडाले, एस. शर्मा और अधिवक्ता विक्रांत सर्राठे मौजूद रहे। श्री बजरंग मंदिर समिति, श्री गणेश नवदुर्गा उत्सव गंज समिति, युवा श्याम भजन मंडल, मनकामेश्वर मंदिर समिति और श्रीराम मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य भी शोभायात्रा में शामिल हुए।
पति ने पत्नी और 2 पुजारियों को गोली से उड़ाया, 3 बच्चों के साथ खुद को कमरे में कर लिया बंद
Triple Murder in Azamgarh: यूपी के आजमगढ़ में ट्रिपल मर्डर से सनसनी फैल गई है। यहां एक गांव में एक शख्स ने अपनी घर में पूजा कर रही अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है। तीन हत्याएं करने के बाद इस सिरफिरे ने अपने 3 बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया है।
फिरोजपुर पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए 120 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। कई लोगों ने बताया कि यह फोन उनके लिए सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि उससे जुड़ी यादों के कारण खास था। मोबाइल वापस लेने पहुंची कर्मपाल कौर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल उनके भाई ने खरीदा था, लेकिन अब उनका भाई इस दुनिया में नहीं है। भाई की याद से जुड़ा होने के कारण यह फोन उनके लिए बेहद खास था। मोबाइल वापस मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब वह इसे अपने भाई की याद के तौर पर संभालकर रखेंगी।बेटी ने तोहफे में दिया था फोन, हो गया था चोरी एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने बहुत मेहनत से यह मोबाइल खरीदा था, लेकिन चोरी होने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद कम थी। वहीं, एक महिला ने कहा कि उसकी बेटी ने उसे यह फोन तोहफे में दिया था। मोबाइल चोरी होने के बाद जब पुलिस ने उसे बरामद कर वापस किया, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसएसपी फिरोजपुर भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने जानकारी दी कि पुलिस चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत 120 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके असली मालिकों को लौटा दिया गया है।
उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पीआईयू (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) के कार्यपालन यंत्री (EE) दिलीप टेकाम का शव उनके किराए के मकान में संदिग्ध हालत में मिला है। पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। करीब 50 साल के दिलीप टेकाम उमरिया जिला मुख्यालय में भवानी पेट्रोल पंप के पास एक किराए के मकान में अकेले रहते थे और साल 2024 में ही यहां पदस्थ हुए थे। मंगलवार को जब उनके ड्राइवर ने फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला और घर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। इसके बाद ड्राइवर और मकान मालिक ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने जब दरवाजा खोलकर देखा, तो दिलीप टेकाम का शव जमीन पर कंबल के ऊपर पड़ा था और पास में खून भी बिखरा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच अधिकारी मुकेश मर्सकोले ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में मृतक के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत की सही वजह जानने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में मंगलवार को मेट्रो कर्मचारी को उसके ईमानदारी के लिए सम्मानित किया गया। सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर यात्री का ₹20 हजार नकद, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान सुरक्षित लौटाने वाली महिला सुरक्षाकर्मी ममता तिवारी को यूपीएमआरसी ने सम्मानित किया। प्रशासनिक भवन में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने अगस्त 2026 के ‘एम्प्लॉई ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से तीन कर्मचारियों को सम्मानित किया। ड्यूटी पर ईमानदारी का सम्मान मिला 26 अगस्त को सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षाकर्मी ममता तिवारी को एक काले रंग का बैग मिला था। बैग में लैपटॉप, कुछ जरूरी फाइलें, ₹20 हजार नकद, पर्स और स्पीकर समेत अन्य सामान था। ममता ने बिना देरी किए बैग स्टेशन कंट्रोलर को सौंप दिया। इसके बाद सत्यापन के बाद सामान संबंधित यात्री को सुरक्षित लौटा दिया गया। सामान वापस मिलने पर यात्री ने ममता की ईमानदारी की तारीफ किया । बेहतर संचालन के लिए किया गया सम्मानित सचिन कुमार सिंह को मेट्रो संचालन से जुड़े कार्यों में बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कार मिला। उनके प्रयासों से जरूरी सूचनाओं की उपलब्धता और विभिन्न कार्यों के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन बना । इससे मेट्रो संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिली।वहीं, ट्रेन ऑपरेटर ब्रजेश कुमार यादव को समयबद्धता, सजगता के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने लखनऊ मेट्रो के सभी 21 स्टेशनों पर ड्यूटी के दौरान ट्रेन संचालन से जुड़े दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन किया।
बीजापुर के भोपालपटनम में नगर पंचायत चुनाव के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अब जमीन कब्जे के मामलों तक पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर वन भूमि कब्जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन पार्टी नेताओं को नोटिस देकर दबाव बना रहा है। पार्टी ने भाजपा से जुड़े नेताओं समेत कई लोगों के वन भूमि पर कब्जे की शिकायतों की जांच की मांग की है। कांग्रेस ने प्रेस वार्ता में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वसंतराव ताटी को मिले नोटिस का मुद्दा उठाया। यह नोटिस शासकीय या वन भूमि से जुड़े मामले में जारी किया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि ताटी को एक ही जमीन के मामले में बार-बार नोटिस दिया जा रहा है। जबकि इसी इलाके में दूसरे लोगों के कथित कब्जे पर कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी के मुताबिक, यह मामला कलेक्टर न्यायालय में लंबित है। भाजपा मंडल अध्यक्ष का नाम भी बताया कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भोपालपटनम में भाजपा से जुड़े कई नेताओं और अन्य लोगों ने भी वन भूमि पर कब्जा किया है। इनमें भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी का नाम भी शामिल है। कांग्रेस ने प्रशासन से सभी शिकायतों की एक जैसी जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस बोली- पहले भी दी गई थी शिकायत कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों को लेकर पहले भी कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत दी गई थी। पार्टी का आरोप है कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को नोटिस देकर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। तहसीलदार बोले- नए नामों की भी जांच होगी मामले में तहसीलदार राठिया ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर विधायक की तरफ से पत्र मिला है। पहले मिले नामों की जांच रिपोर्ट आगे भेजी जा चुकी है। अब ज्ञापन में कुछ नए नाम भी सामने आए हैं। इन मामलों में पटवारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जीवनरक्षक दवाओं, खासकर कैंसर की दवाओं की कीमतों पर गंभीर चिंता जताई। सुनवााई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने कहा- “यह मरीजों के साथ दिनदहाड़े डकैती है।” कोर्ट ने रिटेलर कीमत (PTR) और मैक्सिमम रिटेल प्राइज यानी MRP के बीच के मार्जिन पर सवाल उठाए। बेंच ने जरूरी दवाओं की ऐसी कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने पर भी सवाल उठाया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि कुछ दवाएं रिटेलर करीब ₹2,700 में खरीदते हैं। इन्हें मरीजों को ₹27,000 की MRP पर बेचा जाता है।जरूरी दवाओं के लिए ऐसी कीमतें कैसे तय करने दी जा सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। याचिका में दवाओं-मेडिकल डिवाइस पर कंट्रोल की मांग कोर्ट में यह सुनवाई अनिवार्य जेनेरिक दवाएं लिखने की मांग वाली याचिका पर हुई। याचिका में नॉन लिस्टेड दवाओं की शुरुआती कीमत तय करने और मेडिकल डिवाइस की कीमतों पर लिमिट लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता किशन चंद जैन ने कहा कि ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत करीब 82% दवाएं लिस्टेड कैटेगरी से बाहर हैं। ऐसी दवाओं के लिए निर्माता पहले से तय कीमत के दायरे में नहीं आते। अन्य दवाओं की कीमतों में भी अंतर बेंच ने आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में अंतर का भी जिक्र किया। उसने कहा कि कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा गैर-सूचीबद्ध फॉर्मूलेशन के रूप में बेचे जाने पर काफी महंगी हो सकती है। न्यायमूर्ति मेहता ने कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली एक आम स्टैटिन दवा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- रोसुवास की एक स्ट्रिप की कीमत लगभग ₹214 है क्योंकि यह डीपीसीओ के तहत नियंत्रित अनुसूचित दवाओं में शामिल नहीं है। वहीं, अगर रोसुवास में एस्पिरिन का मिश्रण है, तो यह डीपीसीओ की अनुसूचित दवाओं के अंतर्गत आता है और इसकी कीमत ₹70 है। हालांकि मिश्रण की कीमत अधिक होनी चाहिए, फिर भी यह असमानता मौजूद है। इंडियन फार्मास्यूटिकल अलायंस के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि खुदरा कीमतों में दिखने वाला बड़ा मार्जिन जरूरी नहीं कि फार्मास्यूटिकल कंपनियों के पास ही रहता हो। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से उन कीमतों की भी जांच करने का आग्रह किया, जिन पर दवाएं स्टॉकिस्ट और रिटेलर को बेची जाती हैं। केंद्र बोला- हम सस्ती दवाएं देने को तैयार अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि केंद्र सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार सुधारों के लिए तैयार है और जन औषधि योजना का भी जिक्र किया। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली SIR- 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा; ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम हटे सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर को दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा। कोर्ट ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी यानी रिकॉर्ड में गड़बड़ी के तहत मतदाताओं को नोटिस देने का आधार पूछा। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47 लाख नाम हटाए गए हैं। जबकि करीब 33 लाख ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में बने हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर कल, 23 सितंबर को तरनतारन जिले का दौरा करेंगी। यह दौरा आयोग की जमीनी स्तर पर पहुंच मजबूत करने, महिलाओं की शिकायतें सुनने और महिला केंद्रित योजनाओं व सहायता प्रणालियों की समीक्षा करने की कोशिशों का हिस्सा है। अपने दौरे के दौरान, वे तरनतारन में 'महिला जन-सुनवाई' करेंगी। इसमें महिलाएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने अपनी शिकायतें, चिंताएं और मुद्दे रख सकेंगी। यह जन-सुनवाई कल, 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक पेंडू विकास भवन, तरनतारन में होगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन सुबह 10 बजे शुरू होगा। महिलाओं को नशे के बारे में जागरूक करेंगी अपने दौरे में वे श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल, तरनतारन में 'ड्रग्स प्रॉब्लम – महिलाओं पर बोझ' विषय पर एक सत्र को संबोधित करेंगी। दोपहर बाद, वे जिला प्रशासनिक परिसर, तरनतारन में जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी। वन स्टाफ सेंटर का करेंगी दौरा इस दौरान, चेयरपर्सन तरनतारन के 'वन स्टॉप सेंटर' का भी दौरा करेंगी। वे सेंटर के जरिए महिलाओं को दी जा रही सेवाओं और सहायता की समीक्षा करेंगी। दौरे के तहत, वे 'पोषण माह' की गतिविधियों में हिस्सा लेंगी और श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला लाभार्थियों से बात करेंगी। शाम को, वे तरनतारन में स्थानीय प्रतिनिधियों और नेताओं से भी बातचीत करेंगी। यह महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले हितधारकों के साथ तालमेल मजबूत करने का मंच देगा।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने क्लोजर रिपोर्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कहा है कि कोर्ट केवल इस आधार पर जांच एजेंसी को चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकती कि वह जांच के निष्कर्ष से सहमत नहीं है। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल करना है या क्लोजर रिपोर्ट पेश करनी है, इस संबंध में राय बनाना जांच एजेंसी के वैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, कानून के तहत सक्षम अदालत के न्यायिक अधिकार बरकरार रहते हैं। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने यह टिप्पणी आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुनाते हुए की। याचिका में स्पेशल जज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम द्वारा 12 फरवरी 2026 को पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। स्पेशल जज ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार करते हुए आगे की जांच के निर्देश दिए थे। 96.23 लाख की खरीद में अनियमितता का आरोप मामला उज्जैन स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के तत्कालीन प्राचार्य एस.एम. कुंभारे से जुड़ा था। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को शिकायत भेजी गई थी। जांच में सामने आया कि कुंभारे के कार्यकाल के दौरान करीब 96.23 लाख रुपए की सामग्री सीमित निविदा प्रक्रिया के जरिए खरीदी गई, जबकि नियमों के मुताबिक इसके लिए खुली निविदा की प्रक्रिया अपनाई जानी थी। जांच में यह भी सामने आया कि लघु उद्योग निगम के लिए आरक्षित सामग्री, जिसमें फर्नीचर भी शामिल था, उसकी खरीद भी सीमित निविदा के जरिए की गई। आरोप था कि तीन फर्मों से प्राप्त कोटेशन एक ही व्यक्ति से संबंधित थे और आपूर्तिकर्ता के साथ कथित मिलीभगत के कारण सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में IPC की धारा 420 और 120-बी के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित अपराध दर्ज किए गए थे। दो बार खारिज हुई क्लोजर रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सरकार को मामला बंद करने की अनुमति देने की सिफारिश की। जांच एजेंसी का निष्कर्ष था कि सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाए जाने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट पहली बार अदालत में पेश होने पर भी मामला बंद नहीं हुआ। 27 अक्टूबर 2021 को स्पेशल जज ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार करते हुए कई बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने और आगे की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद दूसरी क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई, जिसे 17 मई 2025 को फिर खारिज कर दिया गया और जांच अधिकारी को आगे की जांच के निर्देश दिए गए। इसके बाद दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका का निपटारा करते हुए स्पेशल जज को सुप्रीम कोर्ट के अबिनंदन झा बनाम दिनेश मिश्रा मामले में दिए गए सिद्धांतों के अनुरूप मामले पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा- क्लोजर रिपोर्ट खारिज होना आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित आरोप सिद्ध हो गए हैं। बेंच ने कहा कि अदालत जांच एजेंसी को अपनी पसंद की राय बनाने या अदालत की राय के अनुरूप चार्जशीट दाखिल करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। जांच के नतीजे के संबंध में राय बनाना जांच एजेंसी के वैधानिक क्षेत्र में आता है। हालांकि, सक्षम अदालत के पास कानून के तहत उपलब्ध न्यायिक अधिकार बने रहते हैं। विभागीय गलती और आपराधिक जिम्मेदारी में अंतर हाई कोर्ट ने विभागीय अनियमितता और आपराधिक जिम्मेदारी के बीच अंतर भी स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि केवल विभागीय अनियमितता को आपराधिक जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आपराधिक जिम्मेदारी व्यक्तिगत होती है और इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपराध से जोड़ने वाली ठोस सामग्री होना जरूरी है। धोखाधड़ी के आरोप पर कहा धारा 420 के आरोप पर हाईकोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी का अपराध साबित करने के लिए यह दिखाना आवश्यक है कि लेनदेन की शुरुआत से ही संबंधित व्यक्ति की मंशा धोखाधड़ी या बेईमानी की थी। केवल खरीद प्रक्रिया में अनियमितता या बाद में किसी नियम का पालन नहीं किया जाना अपने आप में धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता। साजिश के आरोप के लिए मिलीभगत का ठोस आधार जरूरी आपराधिक साजिश के आरोप पर कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी लेनदेन से जुड़ा होना मात्र पर्याप्त नहीं है। साजिश के लिए ऐसी सामग्री होना जरूरी है, जिससे किसी गैरकानूनी काम को करने या किसी वैध काम को गैरकानूनी तरीके से करने के लिए आपसी सहमति अथवा मिलीभगत का संकेत मिले। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खरीद प्रक्रिया में विभागीय स्तर पर कोई चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की हो सकती है। केवल इस आधार पर ठेकेदारों या आपूर्तिकर्ताओं पर आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।
जयपुर में आगामी पंचायती राज चुनाव में पंचायत समिति प्रधानों, सदस्यों और जिला परिषद सदस्य पद के लिए आरक्षण निर्धारित के लिए लॉटरी कल(23 सितंबर) निकाली जाएगी। लॉटरी जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में सुबह 10.15 बजे निकाली जाएगी। जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि जिला परिषद के सदस्यों, जयपुर जिले की समस्त पंचायत समितियों के प्रधान और पंचायत समितियों के सदस्यों के पदों के आरक्षण का निर्धारण और आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। आपको बता दें कि जयपुर जिले में 597 ग्राम पंचायतें है, जबकि 22 पंचायत समितियां है। 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए होगी आरक्षित कल लॉटरी में जयपुर जिला परिषद के 57 सदस्यों और 22 पंचायत समितियों के प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण तय होगा। इसमें 50 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षण रखे जाएंगे। वहीं 24 सितंबर को निकाली जाने वाली लॉटरी में 597 सरपंच और 5931 वार्ड पंच पदों की लॉटरी निकलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कपूरथला नगर निगम द्वारा शहर में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। पंजाब सरकार के निर्देशों पर 'सर्विस इज़ ओनली 2026' (Service is Only 2026) अभियान के अंतर्गत आयोजित इस रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को प्लास्टिक के इस्तेमाल से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। यह रैली नगर निगम कमिश्नर अनुपम कलेर के दिशानिर्देशों पर हेल्थ ब्रांच सुपरिटेंडेंट अमित कालिया की अगुवाई में आयोजित की गई। स्वच्छ भारत मिशन टीम तथा आईटीसी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से फिनिश सोसाइटी (FINISH Society) द्वारा आयोजित इस रैली को निगम कमिश्नर अनुपम कलेर ने शालीमार बाग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शालीमार बाग से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों—जलोखाना चौक, सदर बाजार और शहीद भगत सिंह चौक से होती हुई सब्जी मंडी पहुंची और पुनः शालीमार बाग में आकर समाप्त हुई। नारेबाज़ी और स्लोगन से प्लास्टिक बैन का दिया संदेश रैली में गवर्नमेंट आईटीआई कपूरथला के छात्रों, एनएसएस वालंटियर्स और विभिन्न सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश की तख्तियां (प्लैकार्ड्स) थामी हुई थीं और प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए बुलंद नारे लगाए। रैली के जरिए दुकानदारों और राहगीरों को प्लास्टिक के कचरे से होने वाले नुकसान से अवगत कराया गया। इस आयोजन के दौरान कॉर्पोरेशन सैनिटेशन ऑफिसर जगदीप सिंह, सीएसआई हितेश कुमार अग्रवाल, एसआई राजेश कुमार, प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर गुरसेवक सिंह व दिनेश कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा गवर्नमेंट आईटीआई कपूरथला के प्रिंसिपल शक्ति सिंह, एनएसएस नोडल ऑफिसर गुरदावल सिंह, गुरबचन सिंह बांगर, विशाल पांडे, संदीप कुमार बसनोई, प्रोजेक्ट ऑफिसर आरती, मनजीत ज्योति, कवि राज मट्टू सहित सीनियर सुपरवाइजरों और पुलिस कर्मचारियों ने भी अपना योगदान दिया। नगर निगम की अपील- प्लास्टिक का प्रयोग न करें नगर निगम प्रशासन ने आम शहरवासियों से अपील की है कि वे दैनिक जीवन में प्लास्टिक के गैर-जरूरी इस्तेमाल से बचें। निगम ने लोगों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और कपूरथला को स्वच्छ, सुंदर व पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सहयोग दें।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला। डॉक्टरों ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 24 सितंबर से ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी है। स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने अगस्त में भी आंदोलन किया था। 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन के आधार पर डॉक्टरों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। 24 सितंबर से OPD बंद करने की चेतावनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगों को लेकर अब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेशभर के चिकित्सकों में नाराजगी है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक राठिया ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर पहले आंदोलन स्थगित किया गया था। अब मांगों को लेकर सांकेतिक आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 24 सितंबर से ओपीडी बंद कर दी जाएगी। आंदोलन में अब पीजी डॉक्टर भी शामिल एसोसिएशन की उपाध्यक्ष नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि पहले जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन किया था। अब इस आंदोलन में पीजी डॉक्टर भी शामिल हैं। पीजी डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ बॉन्ड की अवधि कम करने की मांग की है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में यहां स्टाइपेंड कम है। इसलिए सरकार के सामने अपनी मांगें रखी जा रही हैं। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन व मानदेय में संशोधन प्रमुख हैं। इसके अलावा डीएम और एमसीएच सुपर-स्पेशलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में संशोधन, डॉक्टरों से जुड़ी वेतन विसंगतियों और बॉन्ड से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग है। चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी इसमें शामिल है।
आदमपुर में पंजाब सरकार की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘मान दे मुनाफे’ मुहिम के तहत डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया गया। पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू ने अभियान का नेतृत्व करते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की और सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की। जनसंपर्क के दौरान टीनू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार, खेल और बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना है। टीनू ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन किट, ‘मां-धीयां सम्मान योजना’ और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जैसी पहलों के बारे में भी उन्होंने लोगों को जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए टीनू ने कहा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है। उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ और आधुनिक खेल मैदानों जैसी पहलों की भी जानकारी दी। सरकार ने सरकारी नौकरी देने के लिए पारदर्शी व्यवस्था अपनाई रोजगार के मुद्दे पर टीनू ने कहा कि पंजाब सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लिए पारदर्शी व्यवस्था अपनाई है। उनके अनुसार, सरकार अब तक 71 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है और इनमें भर्ती मेरिट के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने और विकास की रफ्तार आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
लुटियंस दिल्ली में महंगा होगा यूजर चार्ज, कचरा प्रबंधन के लिए 100 से 2400 रुपये की वृद्धि प्रस्तावित
राजधानी दिल्ली में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा कचरा प्रबंधन के लिए यूजर चार्ज में 100 रुपये से 2400 रुपये तक की मासिक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। नए नियमों के तहत कचरा अलग-अलग करना अनिवार्य होगा और उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है, साथ ही स्वच्छता दस्ते भी बनाए जाएंगे।
लखनऊ के झूलेलाल वाटिका में चल रहे मनौतियों के राजा गणेशोत्सव में मंगलवार को भजन संध्या का आयोजन किया गया। कोलकाता के प्रसिद्ध निर्देशक संजय शर्मा के निर्देशन में कार्यक्रम में महुआ टीवी के सुर-संग्राम विजेता भजन गायक अशोक कुमार ने एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने भोले का दीवाना, ये रामराज है, एक बार जो रघुवर की नजर का इशारा हो जाए और बम-बम बोल रही है काशी जैसे भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। भजनों के बीच श्रद्धालु झूमते रहे और पूरा पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। भजन संध्या के बाद कलाकारों ने भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कलाकारों ने अभिनय और नृत्य के जरिए भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की कथा को मंच पर जीवंत किया। नृत्य-नाटिका को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद संजय शर्मा और उनकी टीम ने अंधकासुर वध पर आधारित नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति दी। इसमें दिखाया गया कि माता पार्वती के पसीने से जन्मा अंधकासुर अपनी शक्तियों के बल पर संसार को त्रस्त करने लगा। इसके बाद भगवान शिव ने काल भैरव का रूप धारण कर अंधकासुर का वध किया। समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे पाशांकुश पूजन होगा। वहीं 24 सितंबर को दोपहर 12 बजे महाभिषेक और रात 8 बजे महामोदक का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल और सुधांशु बाथम समेत अन्य लोग शामिल हुए।
झाबुआ जिले के थांदला क्षेत्र अंतर्गत रूपगढ़ गांव में मंगलवार को गोवंश वध की घटना सामने आने से क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों में गुस्सा देखने को मिला। आरोपी राकेश रावत के घर पर सुबह गोवंश का वध कर उसका मांस बांटा जा रहा था, जिसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर तीन आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीओपी राजेश सुलिया पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपी राकेश रावत, उसके ससुर रुमाल मईडा और कमल डामोर को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपी रुमाल मईडा के मकान से गोमांस के साथ ही घटना में इस्तेमाल हथियार भी जब्त किए हैं। इसके अलावा मुख्य आरोपी राकेश के घर के पास कचरे के ढेर से अवशेष भी मिले हैं। 6 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज पुलिस ने इस मामले में राकेश रावत, रुमाल मईडा, कमल डामोर, हुक्का रावत, देवू रावत समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। ग्रामीणों ने इलाके में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
DDA की नई आवास योजना में 1, 2 और 3 BHK फ्लैट; दशहरा-दीवाली के आसपास 4000 घर देने की है तैयारी
DDA दशहरा-दीवाली के आसपास 4,000 से अधिक फ्लैटों वाली नई आवास योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना में नरेला सहित अन्य क्षेत्रों में 1BHK, 2BHK और 3BHK फ्लैट शामिल होंगे।

