छत्तीसगढ़ यूनिवर्सिटी में फिर पेपर लीक, BSc कृषि प्रथम वर्ष की परीक्षा रद्द; रोकथाम के लिए उठाए गए नए कदम
डीडवाना उपखंड क्षेत्र के निंबी खुर्द ग्राम पंचायत के विजयनगर गांव में कथित अवैध हड्डी एवं चमड़ा प्रसंस्करण फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। फैक्ट्री से फैल रही दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों व किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन व फैक्ट्री संचालक के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने फैक्ट्री को तत्काल बंद करवाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि संचालित यह फैक्ट्री विजयनगर आबादी क्षेत्र और आसपास की ढाणियों से लगभग 400 मीटर दूर स्थित है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाली असहनीय दुर्गंध और विषैले धुएं से क्षेत्रवासियों को गंभीर परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। दुर्गंध के कारण आसपास के किसान खेतों में काम करने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं। फैक्ट्री के पास से गुजरने वाले आम रास्तों और मनरेगा सड़कों पर भी बदबू के चलते ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को यह भी बताया कि निंबी खुर्द और विजयनगर गांव की आम सभा में फैक्ट्री को बंद करवाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में रोष लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम गठित कर फैक्ट्री के भूमि उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी स्वीकृतियों और अन्य वैध अनुमतियों की निष्पक्ष जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर फैक्ट्री को तत्काल सील कर संचालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे।
सिरसा में गोली मारकर हत्या के प्रयास मामले में बठिंडा निवासी दोषी युवक को सात साल की सजा सुनाई गई है। मामले में आज मंगलवार को एएसजे देविंद्र सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सोमवार को दोषी करार दिया था और आज आईपीसी की धारा 307 में सात साल सजा और आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर एक लाख 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। यदि जुर्माना नहीं भरा तो एक साल व तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार, यह दो साल पुराना जमीनी विवाद है और मटदादू गांव का है। जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। मृतक पंजाब के बठिंडा से अपने बहनोई सिरसा जिले के गांव मटदादू में आया हुआ था और उसी के पास कमरे में रहता था। इसी रंजिश में जगदेव बठिंडा से सिरसा आ पहुंचा और फायरिंग कर दी। 15 अप्रैल 2024 को पुलिस थाने में सूचना मिली थी कि कुलदीप सिंह पुत्र जोगिन्द्र सिंह को गोली लगी है और सरकारी हस्पताल डबवाली से उसे भठिंडा रेफर कर दिया है। इस पर एफटीबी थाना सदर डबवाली ने घायल से संपर्क किया और बठिंडा अस्पताल में घायल का बहनोई मटदादू निवासी प्रदीप सिंह मिला। जानिए शिकायत में क्या आरोप लगाया मटदादू में कमरा बनाने पर हुआ झगड़ा मामले में वकील गौरव खुराना के अनुसार, पुलिस को दी शिकायत में घायल कुलदीप के बहनोई प्रदीप ने बताया कि वह वह मटदादू में खेती-बाड़ी करता है और खेत में ही कमरा बना रखा था। उसका साला बठिंडा से ब्राहमण कौर सिंह वाला गांव निवासी कुलदीप सिंह उसके पास काम करवाने आया हुआ था। मटदादू निवासी प्रवीन कुमार भी उसके पास था। उस समय वहां पर बठिंडा के थाना तलवंडी गांव मलकाना निवासी जगदेव सिंह पुत्र सुखदर्शन सिंह आया और कहने लगा कि तु मेरी जमीन में कमरा बना रहे हो और मैं नहीं बनाने दूंगा। फिर वह सभी उसको समझाने लगे, लेकिन काफी समझाने के बाद भी बहशबाजी करने लगा। मजा चखाने की कहकर गोलियां चली दी जगदेव ने अपने पास से पिस्तौल निकाली और उसके साले को कहने लगा कि मैं तुम को आज मजा चखाता हूं। कब्जा कैसे किया जाता है और फिर हम सभी वहां से भाग गए और भागते-भागते 5/6 एकड़ दूर सडक के पास पहुंचे तो वहां पर कुलदीप सिंह गिर गया। जगदेव सिंह ने जान से मारने की नियत से सीधे फायर किए, जो उसके साले के पेट, पांर वा हाथ और शरीर के ऊपर लगे। गोलियां लगते ही कुलदीप गिर गया और जगदेव सिंह मौके से भाग गया। उसका बाइक वहीं रह गया। जगदेव सिह ने जमीनी विवाद को लेकर जान से मारने की नियत से गोलियां मारी है। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके बाद आरोपी जगदेव को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया।
गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय से 27 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल मोड में देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से देशभर में ‘विकसित भारत युवा कनेक्ट–स्पोर्ट्स एडिशन’ के तहत ‘खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम अंतर्गत किया जाएगा। जिसमें 1600 से अधिक स्थानों पर 8 लाख से ज्यादा युवा जुड़ेंगे। खेल जगत को राष्ट्रिय मंच से जोड़ने की पहल- सीमा पांडेयमाय भारत केंद्र, गोरखपुर की जिला युवा अधिकारी सीमा पांडेय ने बताया कि यह कार्यक्रम देश के युवाओं, खिलाड़ियों और खेल जगत को एक साझा राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाने, खेल संस्कृति को मजबूत करने, युवा सहभागिता को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाना है। हर जिले के दो कॉलेजों में युवा कनेक्ट कार्यक्रमउन्होंने बताया कि देशभर में इस कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जिले के दो कॉलेजों में युवा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां युवाओं को खिलाड़ियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। 1600 से अधिक स्थानों पर होगा आयोजन कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि 27 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के करीब 1600 अलग-अलग स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे। इस पहल के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में बैठे युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जिला युवा अधिकारी सीमा पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले वर्षों में खेल क्षेत्र में आए बदलावों, खिलाड़ियों को मिले नए अवसरों और खेलों के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय चेतना को युवाओं तक पहुंचाना कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। साथ ही युवाओं के विचार, सुझाव और आकांक्षाओं को सुनकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों से होगा सीधा संवाद प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद कार्यक्रम का फोकस स्थानीय युवा संवाद पर रहेगा। इसके तहत माय भारत स्वयंसेवकों, युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों के बीच संवाद का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। युवाओं को खेल, फिटनेस, नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण तथा विकसित भारत के लक्ष्य में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। माय भारत केंद्र, गोरखपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से युवा, खिलाड़ी, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री का संबोधन सुनना ही नहीं, बल्कि युवाओं को खेल और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। सीमा पांडेय ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को इन्हीं मूल्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र के भैला मखदुमपुर गांव में मंगलवार को निर्माणाधीन मकान में काम करते समय करंट लगने से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब युवक शटरिंग का काम पूरा होने के बाद ग्राइंडर से सरिया काट रहा था। जमीन पर पड़े खुले विद्युत तार की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मृतक की पहचान कोखराज थाना क्षेत्र के बिसारा दशरथपुर निवासी आशीष (35) के रूप में हुई है। बताया गया कि आशीष भैला मखदुमपुर गांव में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहा था। शटरिंग का काम पूरा होने के बाद वह ग्राइंडर से सरिया काट रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क जमीन पर पड़े खुले बिजली के तार से हो गया और उसे तेज करंट लग गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल पहुंचे और गंभीर हालत में आशीष को जिला अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों और निर्माणाधीन मकान में विद्युत तार खुले में पड़े होने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
नूंह शहर की नई अनाज मंडी के सामने एनएच-248 ए पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही मारुति ईको वैन को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में एक ऑल्टो कार भी क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन गनीमत रही कि ईको में सवार सभी स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए और किसी को चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, यह घटना नूंह के फाल्कन स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही ईको गाड़ी के अनाज मंडी के सामने पहुंचने पर हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ईको ड्राइवर अचानक यू-टर्न लेने का प्रयास कर रहा था, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। लोगों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला टक्कर के बाद ईको में सवार बच्चों में दहशत फैल गई। रेडियो मेवात के सामने झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को गाड़ी से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने बच्चों को पानी पिलाया और गर्मी से राहत देने के लिए पंखे के नीचे बैठाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से बच्चों को तत्काल राहत मिली। हादसे के बाद एनएच-248ए पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। वाहनों को सड़क से हटाया, यातायात सुचारु स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रास्ता साफ कराया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। नूंह शहर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि पुलिस को हादसे की सूचना मिली है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बच्चों का सुरक्षित बच जाना एक बड़ी राहत की बात है। इस घटना ने एनएच-248ए पर तेज रफ्तार वाहनों और अचानक यू-टर्न लेने से होने वाले संभावित खतरों को एक बार फिर उजागर किया है।
भोपाल में शिक्षक भर्ती वर्ग 2 और वर्ग 3 के पदों में वृद्धि को लेकर अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत को धरना स्थल से उठा लिया गया है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नरेंद्र राजपूत को पुलिस अपने साथ ले गई है और उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाने की जानकारी मिली है। आंदोलनकारियों ने साथी छात्रों से बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र राजपूत को पुलिस द्वारा ले जाने के बाद आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि इसे और तेज किया जाएगा। आंदोलन से जुड़े एक साथी ने वीडियो और संदेश के जरिए अपील करते हुए कहा कि सभी साथी जल्द से जल्द घरों से निकलकर आंदोलन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन खत्म नहीं होगा और जरूरत पड़ी तो इसे उग्र रूप दिया जाएगा। मीडिया से स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहने की अपीलआंदोलनकारियों ने मीडिया से अपील की है कि नरेंद्र राजपूत के बारे में लगातार जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता नरेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। नर्सिंग छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। छात्र परीक्षा, रिजल्ट, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और छात्रवृत्ति समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
नागौर में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इसमें नागौर विधायक हरेंद्र मिर्धा, जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा और जिला प्रभारी रमेश खंडेलवाल सहित पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने आगामी नगर निकाय चुनाव की तैयारियों और संगठन की रणनीति को लेकर चर्चा की। विधायक हरेंद्र मिर्धा ने कहा- कांग्रेस नगर निकाय चुनाव में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी एकजुटता बनाए रखने और पार्टी की नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। मिर्धा ने कहा कि स्थानीय निकाय स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान कांग्रेस की प्राथमिकता रही है और पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी। बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने संगठन को बूथ स्तर पर और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुटने और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के विकास और आमजन के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस का नगर निकाय चुनाव में मजबूत प्रदर्शन जरूरी है। भ्रष्टाचार के आरोप वाले पूर्व पार्षदों के टिकट पर सवाल प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया ने कांग्रेस से जुड़े पूर्व पार्षदों को लेकर सवाल किया। इनमें कुछ पार्षदों पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगने और उनके खिलाफ शिकायतें पार्टी तक पहुंचने का मुद्दा उठाया गया। मीडिया ने पूछा कि क्या ऐसे पूर्व पार्षदों को भी आगामी निकाय चुनाव में पार्टी टिकट देगी? इस पर जिला प्रभारी रमेश खंडेलवाल ने कहा कि टिकट वितरण के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यही कमेटी उम्मीदवारों के नामों पर निर्णय लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों के चयन में कमेटी ही अंतिम फैसला करेगी। यानी आरोप या शिकायत के बावजूद किसी उम्मीदवार को टिकट देने या नहीं देने का निर्णय इसी प्रक्रिया के तहत होगा। अंत में कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों ने आगामी नगर निकाय चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने और जीत के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चाकसू थाना क्षेत्र के निमोडिया में गौशाला के पीछे डूंगरी के पास स्थित तलाई में युवक का शव तैरता मिलने से सनसनी फैल गई। शव दिखाई देने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चाकसू पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को तलाई से बाहर निकाला थाना इंचार्ज मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में शव को तलाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से शव को उपजिला अस्पताल चाकसू की मोर्चरी में रखवाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, अभी तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है। युवक तलाई तक कैसे पहुंचा, जांच में जुटी पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक तलाई तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। मृतक की पहचान होने और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कथित मनमानी, भ्रष्टाचार और पीड़ितों को न्याय न मिलने के विरोध में कोतवाली के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन एसडीएम बिसवां राहुल सिंह को सौंपा। प्रदर्शन की अगुवाई अवध प्रांत जनपद महामंत्री आशुतोष वर्मा ने की। ज्ञापन में बिसवां कोतवाली प्रभारी पर संगठन के ग्राम समिति मंत्री से समझौते के नाम पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया। साथ ही थाना स्तर पर हुई कथित विभागीय गलतियों को छिपाने और मातहत पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई। संगठन ने मानपुर थाना प्रभारी पर भी कार्यकर्ता से समझौते के नाम पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों के मुताबिक मामले की जानकारी एसपी के पीआरओ को फोन पर दी गई थी और पीआरओ ने थाना प्रभारी से फोन पर बात भी की थी, इसके बावजूद धनराशि लिए जाने का आरोप है। पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग लहरपुर थाना प्रभारी पर लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात रहने के कारण स्थानीय दलालों से कथित सांठगांठ, अवैध गतिविधियों और अवैध स्लॉटर हाउस संचालन की शिकायत की गई। वहीं हुलासपुर मजरा जनुवा में पुलिस की कथित मिलीभगत से कच्ची देशी शराब के निर्माण और बिक्री तथा आसरा कॉलोनी में गांजा और स्मैक की बड़े पैमाने पर बिक्री का आरोप लगाते हुए विशेष अभियान चलाने की मांग की गई। पुलिस चौकी प्रभारी पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें चौकी से हटाकर थाने में संबद्ध करने की मांग की गई। पूर्व में लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों के दोबारा थानों में तैनात होने पर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही शिकायतकर्ताओं व कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित न किए जाने की मांग रखी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रामपुर में गांधी समाधि के पास मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे महिला पुलिसकर्मी की कार ने स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आरती वैश्य (45) और उनके पति वैभव वैश्य (47) कार के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद करीब 10-15 लोगों ने कार को उठाकर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। शहर की ओर मुड़ने के दौरान हुआ हादसा घायल वैभव वैश्य ने बताया कि वह अपनी पत्नी आरती के साथ स्कूटी से गांधी समाधि के पास शहर की ओर मुड़ रहे थे। उन्होंने मोड़ने के लिए इंडिकेटर दिया था। इसी दौरान पीछे से आई कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों सड़क पर गिरकर कार के नीचे दब गए। लोगों ने कार उठाकर दंपती को बाहर निकाला हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। करीब 10-15 लोगों ने मिलकर कार को उठाया और उसके नीचे दबे दंपती को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। कार चला रही महिला के पुलिसकर्मी होने का दावा वैभव वैश्य के मुताबिक, कार चला रही महिला पुलिस की वर्दी में थी। उन्होंने बताया कि उसी महिला ने अपनी कार से उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हालांकि, दंपति यह स्पष्ट नहीं कर सके कि वह महिला सिपाही थी या दरोगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला इलाज में सहयोग कर रही है। पुलिस ने शुरू की जांच, तहरीर नहीं मिली सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। पुलिस कार चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही है। अभी तक घायल दंपती की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, तहरीर मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रावस्ती के भिनगा कोतवाली क्षेत्र के जोगनी गांव से सोमवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी की तलाश में मंगलवार को दिनभर राप्ती नदी और आसपास के इलाकों में अभियान चलाया गया। नदी किनारे किशोरी का हेयर बैंड मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और नदी में धक्का देने की आशंका जताई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, सोमवार को नाली के पानी को लेकर किशोरी के पिता तेजराम वर्मा का गांव के रमेश वर्मा से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई। घटना को लेकर तेजराम वर्मा और उनकी पत्नी ने भिनगा कोतवाली में शिकायत की थी। शाम को जब परिवार के लोग घर लौटे तो उनकी 17 वर्षीय बेटी प्रतिभा घर पर नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने उसकी आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की। इसी दौरान खेत के पास राप्ती नदी किनारे किशोरी का हेयर बैंड मिला। इससे परिजनों को आशंका हुई कि कहीं उसे नदी में धक्का तो नहीं दिया गया। हालांकि, अभी तक किसी प्रत्यक्षदर्शी ने किशोरी को नदी में गिरते, डूबते या किसी व्यक्ति द्वारा उसे धक्का देते हुए नहीं देखा है। नदी किनारे दिनभर तलाश हेयर बैंड मिलने के बाद पुलिस ने राप्ती नदी और आसपास के क्षेत्र में किशोरी की तलाश तेज कर दी। मंगलवार को पूरे दिन पुलिस टीम और परिजन खोजबीन में जुटे रहे। घटनास्थल घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। किशोरी के पिता की खेती भी नदी के किनारे है। इकौना के क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि जोगनी गांव से 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने की सूचना मिली थी। मामले में संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता की निशानदेही पर पुलिस टीम किशोरी की तलाश कर रही है। प्रतिभा इंटरमीडिएट की छात्रा है और चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
सिवनी जिले में जारी मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। लखनादौन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गुंगवारा के धौरिया गांव से स्कूली बच्चों के जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार करने का मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। एक-दूसरे का हाथ थामकर नाला पार करते दिखे वायरल वीडियो में नाले में पानी का तेज बहाव साफ नजर आ रहा है। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे का हाथ थामकर किसी तरह नाला पार कर रहे हैं, जबकि छोटे बच्चों को ग्रामीण गोद में उठाकर पानी से बाहर निकाल रहे हैं। सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण रोज हो रही इस मशक्कत से किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है। हर साल होती है परेशानी, पुल बनाने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में धौरिया क्षेत्र का संपर्क कट जाता है। नाले में पानी आने से स्कूली बच्चों के साथ बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का जायजा लेकर उफनते नाले पर जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण कराने की गुहार लगाई है।
बरेली में पवित्र सावन माह के अंतिम मंगलवार को आज श्री हरि मंदिर, मॉडल टाऊन, बरेली में भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह के सत्र में मंदिर के पंडित रमेश चन्द्र तिवारी और सुनील शास्त्री द्वारा श्री हनुमान जी का विधिवत पूजन और शृंगार किया गया। दूर-दूर से भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु यहां पधारे। शाम के सत्र में श्री हरि संकीर्तन मंडल द्वारा भजनों की रसधारा बहाई गई। इस दौरान रवि छाबड़ा ने दुःख भंजन मारुति नंदन, संजय आनन्द ने मंगल मूर्ति राम, दुलारे, पंकज ने आज मंगलवार है और सचिन सेठी ने कीजे केसरी के लाल जैसे भजनों से श्री हरि मंदिर प्रांगण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद सभी उपस्थित भक्तजनों द्वारा सामूहिक श्री हनुमान चालीसा का पाठ हुआ और श्री हनुमान जी की सामूहिक आरती की गई। शयन आरती के पश्चात सभी भक्तजनों में भंडारा प्रसादी का वितरण किया गया। मंदिर सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि सामूहिक श्री हनुमान चालीसा और आरती विगत कई वर्षों से श्री हरि मंदिर प्रांगण में हो रही है, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोग सम्मिलित होते हैं, विशेषकर युवाओं का जागरूक होना विशेष है। कार्यक्रम में मंदिर अध्यक्ष सुशील अरोरा, सचिव रवि छाबड़ा, अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनन्द, गोविंद तनेजा, रंजन कुमार, अतुल कपूर, अनिल चड्ढा, हरीश लुनियाल, राजेश अरोरा और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। महिला मंडल अध्यक्ष रेनू छाबड़ा भी अपनी टीम के साथ शामिल रहीं। युवा मंडल के सदस्यों ने प्रसाद वितरण की सेवा की। समापन पर मंदिर सचिव रवि छाबड़ा ने सभी भक्तजनों का आभार व्यक्त किया और सभी भक्तजनों को भंडारा प्रसाद वितरण किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज किए जाने और हिजाब को इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा साबित करने के लिए पर्याप्त सामग्री पेश न किए जाने की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। इस मामले में मौलाना कारी इसहाक गोरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि अदालत के सामने हिजाब के धार्मिक और संवैधानिक पहलुओं को जिस मजबूती और स्पष्टता के साथ रखा जाना चाहिए था, शायद उस तरह की दलीलें पेश नहीं की जा सकीं। हिजाब महज पहनावा नहीं, धार्मिक अमल का हिस्सा कारी इसहाक गोरा ने कहा कि इस्लाम में पर्दा और हिजाब केवल सामाजिक परंपरा या पहनावे का विषय नहीं है, बल्कि मुस्लिम महिलाओं के लिए अहम धार्मिक हुक्म है। ऐसे में किसी मुस्लिम महिला के लिए हिजाब का सवाल केवल कपड़े या व्यक्तिगत पसंद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके धार्मिक आचरण और मजहबी आजादी से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले को केवल स्कूल की यूनिफॉर्म के नजरिए से देखने के बजाय धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के व्यापक संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। तालीम और हिजाब एक-दूसरे के विरोधी नहीं कारी इसहाक गोरा ने कहा कि मुस्लिम बेटियों की शिक्षा और तरक्की की हमेशा वकालत की जानी चाहिए। बेटियां बेहतर तालीम हासिल करें, अपने पैरों पर खड़ी हों और समाज व देश की तरक्की में अपना योगदान दें, यह जरूरी है। उन्होंने कहा–अगर हम महिलाओं की तालीम और तरक्की की बात करें और दूसरी तरफ उन्हें अपनी धार्मिक पहचान और हिजाब पर अमल करने की आजादी न दें, तो यह कहीं न कहीं उनके साथ नाइंसाफी होगी। उनके मुताबिक मुस्लिम बेटियां शिक्षा हासिल करने के साथ अपने धार्मिक उसूलों पर भी कायम रह सकती हैं। तालीम और हिजाब को एक-दूसरे का विरोधी मानना उचित नहीं है। कपड़ों से नहीं तय होनी चाहिए महिला की काबिलियत कारी इसहाक गोरा ने कहा कि किसी महिला की काबिलियत, बुद्धिमत्ता और मेहनत का पैमाना उसके कपड़े नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और समाज में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए और उनकी क्षमता का आकलन उनके काम और प्रतिभा के आधार पर होना चाहिए। न्यायपालिका का सम्मान, पुनर्विचार की अपील उन्होंने कहा कि वह अदालतों का पूरा सम्मान करते हैं और न्यायपालिका पर भरोसा रखते हैं। इसी भरोसे के साथ उनकी अपील है कि मामले के धार्मिक, संवैधानिक और शैक्षणिक सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक अधिकार, संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार इन तीनों पहलुओं को सामने रखकर मामले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। किसी संस्था की तौहीन नहीं, अधिकारों की बात कारी इसहाक गोरा ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिक्रिया का मकसद किसी संस्था या अदालत की तौहीन करना नहीं है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की आजादी मिलनी चाहिए, बशर्ते कानून के दायरे का पालन हो। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को हिजाब के साथ शिक्षा हासिल करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा और धार्मिक पहचान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के बजाय दोनों के बीच संतुलन कायम किया जाना चाहिए। पढ़िए.... पूरा मामला प्रयागराज के टैगोर पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 की एक मुस्लिम छात्रा ने स्कूल की निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ सिर पर स्कार्फ यानी हिजाब पहनने की अनुमति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। छात्रा का कहना था कि वह कक्षा 6 से 10 तक इसी स्कूल में स्कार्फ पहनकर पढ़ती रही थी। हाईकोर्ट की जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि समान और गैर-भेदभावपूर्ण ड्रेस कोड लागू करने वाले निजी स्कूल में छात्र अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर निर्धारित यूनिफॉर्म में बदलाव की मांग नहीं कर सकता। अदालत के सामने याचिकाकर्ता की ओर से धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(A) तथा अनुच्छेद 25 के तहत अधिकारों का भी हवाला दिया गया था। हालांकि अदालत ने कहा कि पर्याप्त सामग्री पेश नहीं की गई जिससे यह साबित हो कि स्कूल में हेडस्कार्फ पहनना इस्लाम की ऐसी अनिवार्य धार्मिक प्रथा है, जिसके बिना धर्म का पालन संभव नहीं है। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद धार्मिक स्वतंत्रता, स्कूल ड्रेस कोड और हिजाब के अधिकार को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। इसी बहस के बीच कारी इसहाक गोरा ने धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों के दृष्टिकोण से मामले पर पुनर्विचार की मांग रखी है।
बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत ने मंगलवार को जनपद का दौरा किया। उन्होंने शिक्षा, स्वावलंबन और महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दौरे की शुरुआत में मनीषा अहलावत ने एनआरईसी कॉलेज में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के महत्व, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से आत्मनिर्भर बनने और आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से संचालित ‘प्रेरणा कैंटीन’ का उद्घाटन किया। देखें, 3 तस्वीरें… पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के सभागार में महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। आयोग सदस्य ने विभागीय कार्यों पर संतोष जताया। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, दिव्यांगजन और पंचायती राज विभाग की योजनाओं की भी जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र महिला या बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। समीक्षा बैठक के बाद महिला जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें घरेलू हिंसा और आपसी विवाद से संबंधित कुल नौ शिकायतें प्राप्त हुईं। मनीषा अहलावत ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी जय प्रकाश यादव, क्षेत्राधिकारी खुर्जा, महिला प्रकोष्ठ व महिला थाना के प्रतिनिधि, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता, महिला कल्याण विभाग से केंद्र प्रशासक रुचिका, संरक्षण अधिकारी अमित कुमार और काउंसलर कोमल समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
शामली के एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शामली में ‘परिवर्तन योजना’ लागू की गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परिवहन विभाग की बैठक हुई। इसमें एआरटीओ प्रवेश कुमार ने योजना के प्रावधानों और वाहन स्वामियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। डीएम ने अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और पात्र वाहन स्वामियों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर टैक्स में छूट योजना के तहत एनसीआर के जिलों से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। शामली में यूरो-1 से यूरो-4 उत्सर्जन मानक वाले पुराने वाहनों को योजना में शामिल किया गया है। पुराना कमर्शियल वाहन स्क्रैप कर नया BS-6 वाहन खरीदने पर 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी पूरी छूट का प्रावधान है। वहीं पुराना BS-6 वाहन खरीदने पर 10 वर्षों तक रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। कंपनियां भी देंगी आठ प्रतिशत तक छूट योजना के तहत ऑटोमोबाइल कंपनियां भी सहयोग करेंगी। पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया BS-VI व्यावसायिक वाहन खरीदने पर कंपनी की ओर से वाहन की मूल कीमत पर आठ प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा नए BS-VI कमर्शियल वाहन की खरीद के लिए बैंक ऋण पर भारत सरकार की ओर से पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। पांच साल तक मिलेगा ईंधन वाउचर वाहन मालिकों को पांच वर्षों तक हर महीने ईंधन वाउचर भी दिया जाएगा। इसके तहत— हल्के वाहन: ₹1,200 प्रतिमाह मध्यम वाहन: ₹2,500 प्रतिमाह भारी वाहन: ₹4,800 प्रतिमाह का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर भी प्रोत्साहन योजना में जीरो-एमिशन वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर एकमुश्त वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों पर ₹64 हजार, मध्यम वाहनों पर ₹1.28 लाख और भारी वाहनों पर ₹2.56 लाख तक का लाभ दिया जाएगा। पुराने बकाया टैक्स में भी राहत जिन वाहन स्वामियों पर एक वर्ष से अधिक समय से मोटर वाहन टैक्स या पेनल्टी बकाया है, उन्हें भी योजना के तहत राहत देने का प्रावधान है। पात्र मामलों में 100 प्रतिशत तक बकाया टैक्स माफी का लाभ मिल सकता है। बैठक में डीएम आलोक यादव ने अधिकारियों से कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन स्वामियों तक पहुंचाई जाए और पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ दिलाया जाए। बैठक में परिवहन विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डीग जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा-2.0' के तहत पहाड़ी थाना पुलिस ने एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार डीएसटी टीम से मिली सूचना के आधार पर पहाड़ी थाना पुलिस ने चोवा रोड से शरीफ पुत्र शौकत को हिरासत में लिया। वह घाटमीका, थाना पहाड़ी, जिला डीग का निवासी है। आरोपी शरीफ के खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। वह सीकरी थाना में दर्ज केस नंबर 97/2022 और एफआईआर नंबर 286/13 में भी वांछित था। गिरफ्तारी के बाद उसे सीकरी थाना पुलिस को सौंप दिया गया। इस कार्रवाई में पहाड़ी थाना अधिकारी योगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई कमेल सिंह, एएसआई अजहरुद्दीन और कॉन्स्टेबल विकास यादव की टीम शामिल थी। सीकरी थाना पुलिस की टीम में एएसआई योगराज, कॉन्स्टेबल सतीश और कॉन्स्टेबल हरि ने सहयोग किया। डीएसटी टीम ने भी सूचना प्रदान कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला पुलिस ने बताया कि वांछित और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
भारत जनगणना 2027 के जाति कॉलम में यादव समाज के उपनामों के बजाय केवल 'यादव' नाम दर्ज करने की मांग की गई है। इसे लेकर यादव महासभा ने मंगलवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा। यादव महासभा जिला कोटपूतली-बहरोड़ के अध्यक्ष रामनिवास गिरदावर के नेतृत्व में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। महासभा के प्रवक्ता डॉ. रामकरण यादव अवार्डी ने बताया कि ज्ञापन में भारत जनगणना आयुक्त और रजिस्ट्रार से अनुरोध किया गया है कि जाति जनगणना के दौरान यादव समाज के लगभग 57 उपनामों की जगह केवल 'यादव' ही दर्ज किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के विभिन्न तहसील अध्यक्षों सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें भैंरूराम पावटा, रामजीलाल विराटनगर, लीलाराम बानसूर, रामावतार कोटपूतली, सुलतान नारायणपुर, संदीप माजरी, अमीलाल नीमराना शामिल थे। इसके अलावा, रामनिवास तहसीलदार, राजेंद्र ऑडिटर, गिरधारी गुरुजी, थानवीर यादव, प्रोफेसर सुरेश वार्डन, अजय बानसूर, फूलचंद नेता, किशनलाल, जगदीश सरपंच, अमरनाथ, अमीलाल एडवोकेट, लालाराम कोषाध्यक्ष, बाबूलाल थानेदार, डॉ. ओमप्रकाश ठुकराण और रमेश सहित अनेक लोग मौजूद थे। इसी के साथ, एक अन्य ज्ञापन में भारत जनगणना 2027 की अधिसूचना के कॉलम संख्या 10 में 'अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति' के साथ 'अन्य पिछड़ा वर्ग' (ओबीसी) का बिंदु भी जोड़ने की मांग की गई है। महासभा का तर्क है कि जब ओबीसी आयोग गठित है, तो ओबीसी जातियों के आंकड़ों के बिना आयोग का गठन महत्वहीन हो जाता है। ये मांग ओबीसी वर्ग के साथ न्याय, समतामूलक सिद्धांत और पूर्ण पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताई गई।
नागौर जिले में नगरीय निकाय आम चुनाव को लेकर मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू हो गया। नागौर के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, बालवा रोड और मेड़ता के आदर्श नवोदय शिक्षण संस्थान, मोरेरा रोड पर मतदान अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। नागौर में 536 और मेड़ता में 416 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। पीठासीन और मतदान अधिकारियों के दायित्व समझाए प्रशिक्षण के दौरान पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों के दायित्वों के साथ मतदान प्रक्रिया की बारीकियां समझाई गईं। प्रशिक्षणार्थियों को मॉक पोल, चैलेंज वोट, टेंडर वोट, विशेष चेकलिस्ट, मतदाता की पहचान के लिए मान्य दस्तावेज और ईवीएम मशीन के संचालन की जानकारी दी गई। सहायक प्रशिक्षण प्रभारी मानाराम पचार के निर्देशन में ट्रेनर तुलसाराम, चिरंजीलाल, मदनलाल टेलर, सीताराम, कृपाराम, नरेंद्र सिंह और अर्जुन राम ने मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और नियमों की जानकारी भी दी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम रतन सौंकरिया ने नागौर के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में चल रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान दलों को सतर्कता के साथ निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न करवाने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान सहायक प्रभारी अधिकारी मानाराम पचार ने मॉक पोल, पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्य, चैलेंज वोट, टेंडर वोट और स्पेशल चेकलिस्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदान दलों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े नियमों और ईवीएम संचालन में पूरी तरह दक्ष करना है, ताकि नगरीय निकाय चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा सके।
हरियाणा के नारनौल में जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने मंगलवार को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब दो एकड़ में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनी में बनाई गई सड़कें उखाड़ दी गईं, जबकि छह डीपीसी (डैंप-प्रूफ कोर्स) और तीन चारदीवारियों को भी तोड़ दिया गया। जिला नगर योजनाकार दिनेश सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई खालडा बालाजी मंदिर के पास, राजस्व संपदा मौजा नारनौल में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में की गई। जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। कॉलोनी विकसित करने के लिए तैयार किए गए पूरे सड़क नेटवर्क को भी उखाड़ दिया गया। बिना अनुमति निर्माण पर होगी कार्रवाई डीटीपी दिनेश सिंह ने कहा कि नियंत्रित क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में विभागीय अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। कृषि भूमि को रिहायशी या व्यावसायिक उपयोग में बदलने से पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, हरियाणा से नियमानुसार लाइसेंस और अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभाग भविष्य में भी सख्त कार्रवाई करेगा। प्लॉट खरीदने से पहले करें जांच उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। किसी भी कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच जिला नगर योजनाकार कार्यालय, नारनौल से अवश्य कर लें। इससे भविष्य में होने वाले आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है। आगे भी जारी रहेगा अभियान डीटीपी दिनेश सिंह ने बताया कि जिले के अन्य क्षेत्रों में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों पर भी विभाग की नजर है। ऐसे मामलों में आगे भी अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- सरकारी डिपार्टमेंट में जो लोग शराब पीते होंगे, या नशा-पानी करते होंगे। सबसे पहले उन्हें मुक्त करो। तब भी लोगों पर अभियान का फर्क पड़ेगा। नहीं तो नहीं होगा। राज्यपाल मंगलवार को दौसा कलक्ट्रेट सभागार में थे। उन्होंने यहां अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए टीबी मरीजों को समय पर पूरा इलाज मुहैया कराने, ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने के लिए नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 3 बिंदुओं पर लिया डिटेल फीडबैक राज्यपाल ने कहा कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य रखते हुए टीबी के प्रत्येक मरीज को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ युवाओं के मन में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जाए। नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को अपने कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति के लिए पहल करनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्रवाई करें। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करते हुए लगातार निगरानी एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। शिक्षा जीवन स्तर बेहतर बनाने का माध्यम राज्यपाल ने जिले में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। 'मैं शिक्षक हूं’ की भावना हमेशा मन में रखें उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना को हमेशा अपने मन में रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे, ड्रॉपआउट न हो और किसी भी स्तर पर पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी लेते हुए निर्देश भी दिए। अधिकारी रहे मौजूद बैठक में कलेक्टर डॉ. सौम्या झा, एसपी पीयूष दीक्षित, एडीएम अरविंद शर्मा, मनमोहन मीणा, जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल, एएसपी शंकरलाल मीणा सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र का डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे निरीक्षण किया। स्कूल में मिड-डे मील की दाल पतली मिली, जबकि तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण समरसेबल बंद था। इससे शौचालयों में गंदगी और पानी की समस्या सामने आई। बच्चों के साथ डीडीओ ने चखा मिड-डे मील डीडीओ ने बढ़पुर ब्लॉक की पिथूपुर महदिया ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील का भोजन चखा। निरीक्षण में दाल पतली मिली। इस दौरान ग्राम प्रधान के माध्यम से बच्चों को फल भी वितरित किए गए। स्कूल में सभी शिक्षक उपस्थित मिले और पठन-पाठन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। बिजली गुल होने से पानी और शौचालय की समस्या विद्यालय में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। बिजली न होने के कारण समरसेबल काम नहीं कर रहा था और पानी की टंकियों में पानी नहीं पहुंच रहा था। इससे विद्यालय के शौचालय भी गंदे मिले। डीडीओ ने विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण से बात की। आंगनबाड़ी में ब्लैकबोर्ड तक नहीं मिला आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण में भवन की रंगाई-पुताई और मरम्मत की जरूरत मिली। परिसर में झाड़ियां उगी थीं, जिनकी सफाई कराने के निर्देश दिए गए। केंद्र में ब्लैकबोर्ड भी नहीं था। सड़क पार कर स्कूल में जाते हैं बच्चे आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए अलग शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण बच्चों को सड़क पार कर प्राथमिक विद्यालय के शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है। डीडीओ ने इसे भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। प्रधान और सचिव को कमियां दूर करने के निर्देश डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानाचार्य को विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र की सभी कमियां दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, पानी, बिजली और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त कराने को कहा।
सोनीपत के गांव कुमासपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उसके 56 वर्षीय बेटे ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगल लिया। दोनों की हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बेटे भगत ने सोनीपत के नागरिक अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि गंभीर हालत को देखते हुए मां चमेली को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उपचार के दौरान चमेली की भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। नरेला से पैतृक गांव आया था भगत भगत मूल रूप से गांव कुमासपुर का रहने वाला था और वर्तमान में अपने परिवार के साथ नरेला में रहता था। उसका बेटा भी नरेला में ही रहता है। बेटे के अनुसार, भगत अपनी मां चमेली से मिलने और उनकी देखभाल के लिए समय-समय पर कुमासपुर आता रहता था। घटना से पहले भी वह नरेला से अपने पैतृक गांव कुमासपुर आया था। परिजनों के मुताबिक, चमेली गांव में अकेली रहती थीं। वह दिव्यांग थीं और उनकी देखरेख के लिए भगत करीब 10 से 15 दिन में गांव आता-जाता था। मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था, इलाज चल रहा था भगत के बेटे ने बताया कि उसके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उनका इलाज भी चल रहा था। उसके अनुसार, गांव पहुंचने के बाद भगत और उसकी दादी चमेली के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद के बाद दोनों ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। बेटे के अनुसार, जब दोनों की हालत बिगड़ी तो परिवार के लोगों ने उन्हें उपचार के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उसके पिता भगत की मौत हो गई। खानपुर मेडिकल में मां ने भी तोड़ा दम भगत की हालत गंभीर होने के कारण परिजन और पुलिस मामले में उपचार करा रहे थे। वहीं 79 वर्षीय चमेली की हालत भी गंभीर बनी हुई थी, जिसके चलते उन्हें खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान चमेली ने भी दम तोड़ दिया। एक ही घटना में मां और बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई राजेश बोला- खाने में कुछ मिलाकर दोनों ने खाया भगत के भाई राजेश के अनुसार, उसका भाई अपनी मां चमेली के पास घर आया था। राजेश का कहना है कि दोनों ने खाने में कुछ मिलाकर खाया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों और इसके पीछे की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जांच में जुटी, सुसाइड की वजह खंगाली जा रही घटना की सूचना मिलने के बाद बहालगढ़ थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मां-बेटे ने जहरीला पदार्थ किन परिस्थितियों में खाया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। परिजनों की ओर से शुरुआती तौर पर आपसी कहासुनी को घटना की वजह बताया गया है। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक के गांव समरगोपालपुर कलां में 27 वर्षीय सुनील पुत्र उमेद सिंह की सिर में ईंट मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनू को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है। मृतक सुनील मेहनत मजदूरी का काम करता था और शराब का सेवन भी कर लेता था। सुनील को उसका दोस्त मोनू अपने साथ शराब के ठेके पर ले गया और दोनों ने शराब की बोतल लेकर सड़क किनारे ही बैठकर पीना शुरू कर दिया। इसी दौरान मोनू ने अपनी रंजिश निकालते हुए सुनील की सिर में ईंट मारकर हत्या कर दी। हत्या की वारदात का खुलासा आरोपी मोनू व मृतक सुशील व अन्य एक साथी करीब तीन साल पहले घुमने के लिए हरिद्वार गए थे। जहां पर सुनील व अन्य साथी मोनू को अकेला हरिद्वार छोड़कर वापिस घर आ गए। इसी बात को रंजिश रखते हुए मोनू ने सुनील की हत्या करके शव को झाड़ियों में फेंक दिया था। आरोपी का रहा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार आरोपी मोनू का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मोनू के खिलाफ पहले भी तीन केस दर्ज है, जिनमें चोरी के केस शामिल है। मोनू व सुनील के बीच हरिद्वार में अकेला छोड़कर आने के अलावा अन्य कोई रंजिश भी सामने नहीं आई है। पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ पुलिस प्रवक्ता मनीष हुड्डा ने बताया कि पुलिस ने हत्या करने वाले आरोपी मोनू को काबू कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है। एक दिन के रिमांड के बाद कल दोबारा आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पलवल जिला सीआईए स्टाफ ने रेप, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के एक मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फरीदाबाद जिले का रहने वाला है। जिसके खिलाफ पलवल और फरीदाबाद के विभिन्न थानों में 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीआईए स्टाफ प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि 4 मई को चांदहट थाना में एक विवाहिता की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस ने 23 मई को महिला को आरोपी के ठिकाने से बरामद कर लिया था, लेकिन आरोपी उसी दिन से फरार चल रहा था। पीड़िता को परिवार को सौंपा इसके बाद पीड़िता के कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए और विधिक परामर्शदाता द्वारा काउंसलिंग की गई। पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के आधार पर मुकदमे में रेप (बीएनएस की धारा 64(1), 351(3)) और आर्म्स एक्ट (धारा 25/54/59) की धाराएं जोड़ी गईं। बाद में पीड़िता को उसके परिवार को सौंप दिया गया। एसपी ने सीआईए को सौंपी जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच सीआईए पलवल को सौंप दी। सीआईए स्टाफ में तैनात एएसआई नेपाल के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियो गाड़ी के संबंध में भी साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी शातिर और आदतन अपराधी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ फरीदाबाद और पलवल के विभिन्न थानों, जिनमें सिटी बल्लभगढ़, सदर बल्लभगढ़, आदर्श नगर, सेक्टर-8, सेक्टर-58, गदपुरी और भूपानी शामिल हैं, में पहले से ही 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम ने आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। पलवल पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नशीली कफ सिरप के साथ एक गिरफ्तार:बिलासपुर में 38 शीशियां आनरेक्स जब्त, आरोपी रिमांड पर जेल भेजा गया
बिलासपुर पुलिस ने नशीली कफ सिरप बेचते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से आनरेक्स कफ सिरप की 38 शीशियां और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध नशे की खरीद-फरोख्त और इससे बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'चेतना अभियान' के तहत की गई। तारबाहर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने दुर्गा पंडाल के पास कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में दबिश दी। ग्राहक की तलाश कर रहा था मौके पर पुलिस ने इरफान अली उर्फ बाबू (34) नामक व्यक्ति को प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप रखकर ग्राहकों की तलाश करते हुए पकड़ा। इरफान अली तालापारा स्थित रमजानी बाबा मजार के पास का निवासी है। पूछताछ में आरोपी इरफान अली ने बताया कि वह ये नशीली सिरप झारसुगुड़ा से लाकर बेचने के लिए लाया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21सी, 22 और 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पंजाब में ठीक चुनावों से पहले वर्करों और लोगों के मन की नब्ज टटोलने के लिए भाजपा के संगठन मंत्री बीएल संतोष कार्यकर्ताओं से मीटिंग करने के लिए जालंधर पहुंचे। एक यूनिवर्सिटी में मीटिंग दौरान पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के साथ सांसद हरभजन सिंह भज्जी और अन्य नेता भी शामिल हुए। मीटिंग के बाद बाहर निकले बीएल संतोष मीडिया से बचते हुए वहां से चले गए। वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता जयवीर शेरगिल ने कहा कि पंजाब में चुनाव का बिगुल बज चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में लड़ने के लिए और जीतने के लिए तैयार है। राज्य के 117 सीटों पर हर कार्यकर्ता बूथ लेवल पर मेहनत करेगा और विरोधियों को छक्के छुड़ाएगा। वहीं शेरगिल ने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि AAP दूसरा नाम ही एशो आराम पार्टी है। भ्रष्टाचार की मलाई खाने का काम आम आदमी पार्टी का है। भाजपा की सरकार आने पर इन सबके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। पंजाब में 117 सीटों पर लड़ने के लिए भाजपा तैयार- केवल सिंह ढिंल्लों जालंधर में मीटिंग में पहुंचे केवल सिंह ढिल्लों ने अकाली दल के साथ गठबंधन के सवाल पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में पूरा उत्साह है और बीजेपी अकेला चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है। वहीं उन्होंने कहा कि पंजाह के हर इलाके में भाजपा को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। क्रिकेटर भज्जी ने गद्दार कहने पर AAP नेताओं पर साधे निशाने मीटिंग में पहुंचे भज्जी ने कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर चर्चा हुई है और आगे की रणनीति बनाई जा रही है। जिस तरह क्रिकेट में हर खिलाड़ी की एक जिम्मेदारी तय होती है, ठीक उसी तरह राजनीति में भी पार्टी के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभानी चाहिए। अगर हर कोई अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएगा, तो पार्टी का भी भला होगा और पंजाब का भी। आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा खुद को 'गद्दार' कहे जाने पर हरभजन सिंह ने कहा कि असली गद्दार वे लोग हैं जिन्होंने पंजाब की जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे कि वे राज्य की व्यवस्था सुधारेंगे। उन्होंने कहा कि आज सड़कों पर गंदगी बिखरी पड़ी है और हालात खराब हैं। वे वादे करके सत्ता में आए थे कि यह करेंगे, वह करेंगे, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। ऐसे में जनता तय करे कि गद्दार कौन है, काम न करने वाले या वे जिन्होंने देश का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा, मैंने देश के लिए क्रिकेट खेली है और पूरी दुनिया में देश का नाम ऊंचा किया है। सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ बिके हुए लोग सोशल मीडिया पर जो बकवास करना चाहते हैं करते रहें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। किसी में सामने खड़े होकर बात करने की हिम्मत नहीं है।
संभल में मंगलवार शाम 4 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो अलग-अलग क्षेत्रों में 20 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक जारी रही। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। जिले में कुल 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। संभल शहर में शाम 5 बजे तक तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई और तापमान 29 डिग्री पर पहुंच गया। बबराला में एक घंटे में 16 MM बारिश गुन्नौर तहसील के बबराला कस्बे में मंगलवार शाम करीब 4 बजे तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश में 16 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बनियाखेड़ा क्षेत्र में डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश चंदौसी तहसील के बनियाखेड़ा ब्लॉक के कई गांवों में तेज हवाओं के साथ डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश हुई। खटैटा, पल्था मिठनपुर, नगला पूर्वा, फतेहपुर डाल, आलमपुर कुदैयां, रहौली, बेरीखेड़ा, चमरपूरा, असालतपुर जारई, बाकरपुर भेंतरी, पथरा, मई, मोहम्मद नगर कस्बा, कोकवास, राजथल, लालपुर चेचरी और कुढ़ फतेहगढ़ समेत कई गांवों में अच्छी बारिश हुई। सिरसी और आसपास के गांवों में भी बारिश नगर पंचायत सिरसी कस्बे और आसपास के करीब 20 गांवों में लगभग 40 मिनट तक बारिश हुई। वहीं चंदौसी शहर, बहजोई और आसपास के क्षेत्रों में करीब 20 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी हुई। 29 डिग्री तापमान, 20 KM प्रति घंटे की हवा बारिश के बाद संभल शहर में काले बादल छाए रहे। शाम 5 बजे तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 84 दर्ज हुआ। जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई, वहां भी ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दी। धान और ईख की फसल को फायदा अगस्त में लगातार हो रही बारिश से धान और ईख की खेती करने वाले किसानों को फायदा हुआ है। इस महीने अब तक कुल 195 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह पिछले साल के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत कम है। रात तक तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने रात तक तेज बारिश जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। स्थानीय निवासी कमल कुमार ने बताया कि संभल शहर में सुबह से मौसम अच्छा बना हुआ है। आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद चल रही ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित पावर हाउस चौक के पास मंगलवार को नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और लोगों ने अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किया और NH-31 को जाम कर दिया। 4 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही सदर बीडीओ रविशंकर कुमार और नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। मृतका की पहचान नावकोठी थाना क्षेत्र के गौरीपुर गांव निवासी डब्लू चौधरी की पत्नी नीतू कुमारी (20) के रूप में हुई है। सदर अस्पताल से ऑपरेटर ने प्राइवेट अस्पताल भेजा घटना के संबंध में मृतका के चचेरे भाई विवेक कुमार ने आरोप लगाया है कि सोमवार को नीतू कुमारी को प्रसव के लिए लाया गया था। सदर अस्पताल में कार्यरत ऑपरेटर राजनारायण ने उन्हें पावर हाउस चौक स्थित इस निजी अस्पताल में भेजने का काम किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी प्रॉपर जांच और कागजी प्रक्रिया के मरीज को भर्ती कर लिया गया। रात में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई और बच्चा निकाला गया। इसके बाद जब ब्लीडिंग (रक्तस्राव) नहीं रुका, तो डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन कर बच्चेदानी तक निकाल दी। अस्पताल में कोई क्वालिफाइड या ट्रेंड डॉक्टर मौजूद नहीं था। बल्कि अनुभवहीन कर्मियों द्वारा इलाज किया जा रहा था। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई, तो अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को डरा-धमकाकर और पुलिस का डर दिखाकर रात 10 बजे बारिश के दौरान ही बाहर निकाल दिया। परिजन बोले- डिस्चार्ज स्लिप पर न सही उम्र, न डॉक्टरों के सिग्नेचर परिजनों ने अस्पताल का पर्चा (डिस्चार्ज स्लिप) दिखाते हुए कहा कि उस पर न तो मरीज का बीपी दर्ज है, न सही उम्र और न ही डॉक्टर के सिग्नेचर हैं। आक्रोशित लोगों ने इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर नेहा कुमारी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 10 लाख रुपये मुआवजे और अस्पताल को सील करने की मांग को लेकर एनएच-31 फोरलेन को दो बार आंशिक रूप से जाम कर दिया। 4 घंटे से अधिक समय तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे सदर बीडीओ रविशंकर कुमार ने बताया कि नीतू कुमारी को इलाज के लिए नेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। ऑपरेशन के दौरान हुई अनहोनी से महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से यह घटना घटी है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगता है। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर युवा जागृति मंच राजस्थान ने मंगलवार को शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन किया। मंच ने काउंसिल की रजिस्ट्रार जोइस कुरियन को पद से हटाने और उनके कार्यकाल की एसीबी से जांच कराने की मांग की है। मंच के संयोजक ओमप्रकाश का आरोप है कि नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता और संबद्धता देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कॉलेजों के नाम एक साथ काउंसिलिंग सूची में जारी करने के बजाय तौर पर जैसे-जैसे राशि आती है, वैसे-वैसे संस्थानों को सूची में शामिल किया जाता है। निजी संस्थानों पर भी कार्रवाई की मांग युवा जागृति मंच ने निजी विश्वविद्यालयों और संस्थानों की ओर से सरकार की एनओसी के बिना संचालित कथित अवैध नर्सिंग पाठ्यक्रमों की भी जांच की मांग की है। मंच का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों से पास आउट प्रशिक्षणार्थियों से तौर पर मोटी राशि ली गई है, जिसकी जांच होनी चाहिए। युवा मंच की सरकार से प्रमुख मांगे मंच की मांग है कि रजिस्ट्रार जोइस कुरियन के पूरे कार्यकाल की एसीबी में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक उन्हें पद से हटाकर परिषद के रिकॉर्ड से दूर रखा जाए। साथ ही परिषद की मूल फाइलें, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित किए जाएं, ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो। मंच ने राजस्थान नर्सिंग काउंसिल एक्ट में संशोधन कर रजिस्ट्रार पद पर आईएएस या आरएएस अधिकारी की नियुक्ति की व्यवस्था करने की मांग भी की है। मंच ने चेतावनी दी है कि सात दिन में एसीबी जांच के आदेश नहीं होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना और राजभवन घेराव किया जाएगा। मंच का कहना है कि उसके पास आरोपों से संबंधित दस्तावेज, ऑडियो और लेन-देन के कथित साक्ष्य हैं, जिन्हें जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा।
उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री पद को अनारक्षित घोषित कर दिया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने अधिवक्ता रोहित अवस्थी की मॉडिफिकेशन एप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। आदेश के बाद बार एसोसिएशन का चुनाव एक बार फिर टलना तय माना जा रहा है। दरअसल, अधिवक्ता शशि मिश्र ने बार चुनाव में महिला पद आरक्षित कराए जाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी। इसके चलते पहले 29 जुलाई और 12 अगस्त को प्रस्तावित मतदान प्रक्रिया रद्द हो चुकी है। हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के तहत बार कार्यकारिणी के 16 पदों में से पांच पद आरक्षित करते हुए 31 जुलाई को मतदान निर्धारित किया गया था। अवध बार के आदेश का दिया गया हवाला महामंत्री पद के प्रत्याशी रहे अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा के मुताबिक, अधिवक्ता रोहित अवस्थी ने जनहित याचिका में मॉडिफिकेशन एप्लीकेशन दाखिल कर अवध बार एसोसिएशन से संबंधित मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप सुल्तानपुर बार में भी पदों को अनारक्षित करने की मांग की थी। मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ता एसके सिंह ने महामंत्री पद को अनारक्षित करने और कोषाध्यक्ष पद को महिला के लिए आरक्षित करने के पक्ष में बहस की। एल्डर्स कमेटी के अधिवक्ता शरद पाठक ने बताया कि रोहित अवस्थी की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को अवध बार एसोसिएशन के दिशानिर्देशों के अनुरूप स्वीकार कर लिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करेंगे बार चुनाव के संयोजक रणजीत सिंह त्रिशुण्डी ने बताया कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिल गई है। चुनाव प्रक्रिया में न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। इधर, मंगलवार को ही वरिष्ठ कार्यकारिणी के महिला पद पर सरोज सिंह निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। शेष 15 पदों के लिए 59 प्रत्याशियों के बीच मतदान होना प्रस्तावित था। अब महामंत्री पद को अनारक्षित किए जाने के बाद चुनाव कार्यक्रम में बदलाव होना तय माना जा रहा है।
पठानकोट के जिला प्रशासनिक परिसर में मंगलवार को व्यापारियों की समस्याओं और शिकायतों को लेकर विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने कारोबार से जुड़ी समस्याएं और विभिन्न विभागों से संबंधित मामले प्रशासन के सामने रखे। संबंधित अधिकारियों ने मौके पर ही इन मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी, एसडीएम धार-सह-सहायक कमिश्नर जनरल शंकर शर्मा, पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के सदस्य धर्मिंदर शेरू और जिला ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन डॉ. अनिल भारद्वाज समेत अन्य अधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अनिल ठाकुर ने व्यापारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों से मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। DC ने दिए नियमानुसार जल्द समाधान के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों की जायज समस्याओं का नियमानुसार जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि शिकायत पोर्टल पर दर्ज कई शिकायतों का समाधान पहले ही किया जा चुका है। वहीं, लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अनिल ठाकुर ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को केवल बैठक तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि समाधान की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार व्यापारियों के हितों को लेकर गंभीर है और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। बैठक में ट्रेड विंग के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी भी शामिल हुए।
बेतिया जिले के एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी महिला परिजनों के अनुसार, 60 वर्षीय कमरुल नेता को पेट में दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टर सुनील के पास इलाज के लिए लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद 6 अगस्त को महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद करीब 10 दिन रही भर्ती परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को करीब 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि, बाद में ऑपरेशन के दौरान पेट में कुछ रह जाने की बात सामने आई। इसके बाद मरीज को दोबारा अस्पताल बुलाया गया और संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचते ही फिर बिगड़ी तबीयत अस्पताल से घर लौटने के बाद महिला की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज की गंभीर हालत देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। लापरवाही का आरोप, जांच की मांग परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान हुई कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण महिला की स्थिति गंभीर हुई है। हंगामे की सूचना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है।
बड़वानी शहर के सेगांव स्थित वार्ड क्रमांक 10 में जून महीने में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिन घरों का बिल पहले 108 से 150 यूनिट आता था, अब वह 700 से 2500 यूनिट तक पहुंच गया है। सोलर पैनल लगे होने के बावजूद बिलों में 10 गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे परेशान 150 से अधिक परिवारों ने मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड (MPEB) कार्यालय के कई चक्कर लगाए, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। उपभोक्ताओं ने अब स्मार्ट मीटरों की होली जलाने की चेतावनी दी है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। वार्ड निवासी अखिलेश मुकाती ने बताया कि उनके घर में 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा है, जो प्रतिदिन 15 से 20 यूनिट बिजली बनाता है। इसके बावजूद, उन्हें पहले महीने 900 यूनिट और दूसरे महीने 1854 यूनिट का बिल दिया गया है। उन्होंने कहा, “पहले हमारा बिल 108-120 यूनिट आता था। MPEB में हम 3-4 बार काम छोड़कर गए, लेकिन कर्मचारी कहते हैं कि मीटर सही है और खपत हो रही है।” मुकाती ने आगे बताया कि उनके गांव में 150 परिवार हैं और खमाजी काग के घर का बिल तो 2500 यूनिट प्रतिमाह आ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि कोई उन्हें तकनीकी भाषा में समझाए कि घर में इतनी बिजली कैसे खर्च हो रही है। इसी वार्ड के कमल काग ने जानकारी दी कि पिछले तीन साल से उनका बिल 150 से 200 रुपये आता था, लेकिन इस महीने उन्हें 6480 रुपये का बिल मिला है। उन्होंने कहा, मेरे यहां सिर्फ दो बल्ब, एक पंखा और तीसरे दिन चलने वाली पानी की मोटर है। मैंने अधिकारियों से पुराना रिकॉर्ड देखने को कहा, लेकिन उन्होंने बाद में मिलने और बिल कम करने की बात कही, हालांकि कितना कम करेंगे यह नहीं बताया। एक अन्य उपभोक्ता संजय काग ने बताया कि पिछले महीने तक उनका बिल 1000 रुपये था, जो इस महीने बढ़कर 25000 रुपये हो गया है। उन्होंने कहा, मैं केवल दो लाइट और दो पंखे चलाता हूं। अधिकारी आए तो बोले कि आप सब चलाते हैं। इस समस्या का जल्द निराकरण होना चाहिए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर में सोलर की नेट-मीटरिंग सही से नहीं जोड़ी गई है। मीटर सिर्फ खपत गिन रहा है, सोलर से बनी बिजली घटा नहीं रहा। इसके अलावा CT रेशियो की सेटिंग गलत होने से मीटर तेज चलने की आशंका है। ग्रामीणों ने मीटर की लैब में जांच की मांग की है। इस संबंध में MPEB बड़वानी के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मीटर सही हैं और रीडिंग के हिसाब से ही बिल दिए जा रहे हैं। हालांकि बिल में अचानक बढ़ोतरी के कारणों पर कोई स्पष्ट तकनीकी जवाब नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी 150 मीटरों की मौके पर जांच, सोलर नेट-मीटरिंग ऑडिट और लैब टेस्ट कराया जाए और जब तक जांच पूरी नहीं होती, पुराने औसत खपत के आधार पर बिल लिया जाए। समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने MPEB कार्यालय के सामने स्मार्ट मीटर की होली जलाने का निर्णय लिया है।
नागौर मंडी में सौंफ और मूंग में तेजी:जीरा-ईसबगोल में नरमी, ग्वार भी मजबूत; पढ़ें आज के भाव
नागौर कृषि उपज मंडी समिति के 25 अगस्त के औसत भाव में सोमवार की तुलना में कई प्रमुख जिंसों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंडी समिति के अनुसार आज मूंग का औसत भाव 7,500 रुपए, ग्वार 5,700, जीरा 18,500, सौंफ 10,400 और ईसबगोल 10,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा। जीरा का अधिकतम भाव 20,200 रुपए और सौंफ का 12,000 रुपए तक पहुंचा। आवक के लिहाज से बाजार का संकेत: मंडी में खरीफ जिंसों की आवक धीरे-धीरे बढ़ने के दौर में है। मूंग और ग्वार जैसी जिंसों में भाव मजबूत रहना बताता है कि फिलहाल मांग नई आवक के दबाव को संतुलित कर रही है। आने वाले दिनों में यदि मूंग की आवक तेज होती है और गुणवत्ता सामान्य रहती है तो भाव पर दबाव बन सकता है, जबकि अच्छी क्वालिटी की आवक सीमित रही तो तेजी कायम रह सकती है। ग्वार में भी यही स्थिति है। दूसरी ओर जीरा और ईसबगोल में आज की नरमी बताती है कि इन जिंसों में ऊंचे भाव पर बिकवाली बढ़ने से आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। 24 अगस्त को मूंग का मध्यम भाव 6,250 रुपए था, जो आज 7,500 रुपए पहुंच गया। यानी औसत स्तर पर करीब 1,250 रुपए की तेजी रही। ग्वार भी 4,900 से बढ़कर 5,700 रुपए के औसत स्तर पर पहुंचा। वहीं जीरा 19,750 से घटकर 18,500 रुपए और ईसबगोल 11,650 से घटकर 10,500 रुपए के औसत स्तर पर आया। सौंफ में सबसे बड़ी तेजी दिखाई दी और इसका औसत भाव 8,000 से बढ़कर 10,400 रुपए हो गया। मूंग में मांग का असर, नई आवक पर नजर मूंग में तेजी महत्वपूर्ण है। खरीफ सीजन की नई मूंग की आवक बढ़ने की स्थिति में सामान्य तौर पर बाजार पर दबाव बन सकता है, लेकिन आज औसत भाव में उछाल यह संकेत देता है कि अच्छी क्वालिटी की मूंग की मांग बनी हुई है। हालांकि मंडी समिति के आज के आंकड़ों में जिंसवार आवक की मात्रा उपलब्ध नहीं है, इसलिए आवक बढ़ी या घटी, इसका मात्रात्मक निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। ग्वार में मजबूती ग्वार का औसत भाव 5,700 रुपए और अधिकतम 5,850 रुपए रहा। सीमित आवक और खरीदारों की मांग के बीच ग्वार में फिलहाल मजबूती दिखाई दे रही है। आसपास की मंडियों में भी ग्वार के भाव 5,000-5,981 रुपए के बीच दर्ज किए गए हैं, जिससे नागौर में ऊपरी स्तर पर भाव मजबूत रहने का संकेत मिलता है। जीरा में ऊपरी भाव कमजोर जीरा आज 16,500 से 20,200 रुपए के दायरे में रहा और औसत 18,500 रुपए रहा। पिछले उपलब्ध भाव में मध्यम स्तर 19,750 रुपए था। यानी जीरा में करीब 1,250 रुपए की नरमी है। इसका मतलब यह है कि ऊंचे भाव पर खरीदारी कमजोर पड़ने और पुरानी स्टॉक बिक्री बढ़ने से दबाव आया हो सकता है। फिर भी 20 हजार रुपए से ऊपर की बोली बताती है कि अच्छी क्वालिटी के जीरे की मांग पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। सौंफ में सबसे तेज उछाल सौंफ आज की मंडी में सबसे मजबूत जिंसों में रही। औसत भाव 10,400 रुपए और अधिकतम 12,000 रुपए रहा। पिछले उपलब्ध भाव के 8,000 रुपए के मध्यम स्तर की तुलना में करीब 2,400 रुपए की तेजी है। सीमित अच्छी क्वालिटी की आवक और मांग में सुधार इसके पीछे प्रमुख कारण हो सकते हैं। ईसबगोल में मुनाफावसूली का दबाव ईसबगोल का औसत भाव 10,500 रुपए रहा, जबकि अधिकतम 12,600 रुपए तक बोली लगी। पिछले उपलब्ध मध्यम भाव 11,650 रुपए की तुलना में औसत स्तर पर करीब 1,150 रुपए की नरमी है। इससे संकेत मिलता है कि ऊंचे स्तर पर बिकवाली और क्वालिटी के आधार पर भावों में अंतर बना हुआ है। अन्य जिंसों में स्थिति असालिया का औसत भाव 5,800 रुपए, दाना मेथी 6,300, सिंधी सुवा 7,000, तारामीरा 6,000, ज्वार 4,000, काला तिल 10,600, सफेद तिल 10,500 और चना 5,600 रुपए प्रति क्विंटल रहा। सरसों यानी रायड़ा का भाव 8,000 रुपए रहा, जिसमें मंडी समिति ने औसत 40 प्रतिशत फेट के आधार पर तेल के भाव का उल्लेख किया है।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर गाजियाबाद में 3 दिन डायवर्जन रहेगा। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के डायवर्जन का प्लान जारी किया है। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसन ने बताया कि दिल्ली, गाजियाबाद व आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से आम लोगों के आवागमन को लेकर दिल्ली की तरफ से प्रमुख वाहनों का अधिक दबाव रहता है। गाजियाबाद में 26 अगस्त की सुबह 8 बजे 28 अगस्त की रात 8 बजे तक यह डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। यातायात व्यवस्था व वैकल्पिक मार्ग सामान्य यातायात (सभी प्रकार के सवारी वाहन) गाजियाबाद व दिल्ली की ओर से अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली लखनऊ की ओर जाने वाले सभी सामान्य वाहन चालक अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए एनएच-9 अथवा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का प्रयोग करें। सभी प्रकार के मालवाहक वाहन गाजियाबाद एवं दिल्ली की ओर से अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली लखनऊ की ओर जाने वाले सभी प्रकार के मालवाहक वाहन के अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली लखनऊ की ओर जाने के लिए मात्र दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे व अथवा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। NH-9 पर सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबन्धित रहेगा। यातायात पुलिस की विशेष अपील रक्षाबंधन के इस पवित्र पर्व पर आपका सफर सुरक्षित और सुखद रहे, यही हमारी प्राथमिकता है। कृपया यात्रा पर निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों का ध्यान रखें और निर्धारित डायवर्जन प्लान का ही पालन करें। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अनावश्यक रूप से सड़कों पर वाहन पार्क न करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन कर पुलिस बल का सहयोग करें।
कानपुर देहात में झमाझम बारिश, दिन में छाया अंधेरा:वाहन हेडलाइट जलाकर चले, मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
कानपुर देहात में मंगलवार को मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया। दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई तेज बारिश लगातार जारी रही। घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया और सड़कों पर रात जैसा नजारा दिखाई दिया। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। ऑरेंज अलर्ट के बीच जलभराव से बढ़ी परेशानी मौसम विभाग ने जिले में तेज बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित रहा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खासकर धान की फसल के लिए इसे फायदेमंद माना जा रहा है। किसानों के अनुसार, बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे धान की फसल को लाभ मिलेगा। सोमवार को थी स्कूलों में छुट्टी, मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की थी। हालांकि, सोमवार को मौसम सामान्य रहा। मंगलवार को अचानक मौसम बदला और दोपहर से तेज बारिश शुरू हो गई। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रही। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। घने बादल छाए रहने और लगातार बारिश को देखते हुए फिलहाल मौसम के जल्द साफ होने की संभावना कम है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 10 मीटर नीचे इस बीच यमुना नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 10 मीटर नीचे है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और जिला प्रशासन को राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन नदी के जलस्तर और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। बारिश से एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी है, वहीं दूसरी ओर जलभराव और आवागमन में परेशानी के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दिल्ली में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को हांसी में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस नेता पवन गोयल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जाट धर्मशाला से आंबेडकर चौक तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में जवाबदेही तय करने तथा इस्तीफा देने की मांग की। पवन गोयल ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करना अनुचित है। गोयल ने जोर दिया कि छात्राएं किसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों और समस्याओं के लिए आवाज उठा रही हैं। उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग करना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग युवा प्रधान अजय बेरवाल ने केंद्र सरकार से छात्राओं पर हुई कार्रवाई पर चुप्पी तोड़ने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पवन गोयल ने दोहराया कि युवा कांग्रेस छात्र-छात्राओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पवन गोयल ने कहा कि देश का युवा लोकतंत्र की ताकत है और सरकार को उनकी आवाज सुननी होगी। उन्होंने मांग की कि छात्राओं के साथ हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। छात्राओं के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस गोयल ने चेतावनी दी कि छात्राओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर युवा कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं की आवाज को अनसुना करती है, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में सोनू सिसाय, रोहित दलाल, राहुल सिवाच, भरत सोनी और अजय बेरवाल सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुशीनगर में उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की जिला कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया। सभी पदों पर एक-एक प्रत्याशी शेष रहने के कारण मतदान नहीं कराया गया। निर्वाचन अधिकारी ने विनोद पासवान को जिलाध्यक्ष और समी हैदर को जिला मंत्री समेत अन्य पदाधिकारियों को भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। जिला कार्यकारिणी के गठन के लिए 21 अगस्त को निर्वाचन समय-सारिणी जारी की गई थी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 22 से 24 अगस्त की शाम तक नामांकन प्रक्रिया चली। इस दौरान विभिन्न पदों के लिए कुल 10 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। नामांकन वापसी की अवधि में जिलाध्यक्ष पद के प्रत्याशी राहुल कुमार चतुर्वेदी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी शेष नामांकन पत्र वैध पाए गए। प्रत्येक पद पर केवल एक प्रत्याशी होने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। नई कार्यकारिणी में विनोद पासवान जिलाध्यक्ष, देवेंद्र प्रताप गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अभिषेक सिंह कनिष्ठ उपाध्यक्ष, समी हैदर जिला मंत्री, संजय पाण्डेय संयुक्त मंत्री, अजय लाल कर्ण संगठन मंत्री, संजय भारती कोषाध्यक्ष, विजय प्रताप संप्रेक्षक और अमित कुमार यादव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा मंत्री निर्वाचित हुए। निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक निर्वाचन अधिकारी रवि प्रकाश श्रीवास्तव और जोनल अध्यक्ष बृजेश कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान राजकुमार गुप्ता, राकेश गौतम, बृजेश गौतम समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। सभी पदों पर एकमात्र प्रत्याशी होने के कारण मतदान नहीं कराया गया और निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा के साथ प्रक्रिया संपन्न कर दी गई। नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनोद पासवान समेत सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों और संघ के संविधान के अनुरूप निष्ठा एवं पारदर्शिता से कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने संगठन की एकजुटता बनाए रखने, कर्मचारियों की समस्याओं की प्रभावी पैरवी करने और आपसी समन्वय मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
विदेशों में भी बढ़ा 'योगी मॉडल' का क्रेज: केन्या-ब्राजील समेत 5 देशों के प्रतिनिधियों ने गाजियाबाद के 11 परिषदीय स्कूलों में समझा निपुण भारत मिशनयूपी के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का अंदाज अब दुनिया के देशों के लिए मिसाल बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'निपुण भारत मिशन' को समझने के लिए 5 देशों के 70 अफसर और प्रतिनिधि गाजियाबाद के 11 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंचे। केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल से आए इस डेलिगेशन ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाने तरीका देखा। उन्होंने टीचरों और बच्चों से बात की। उन्होंने देखा कि कैसे उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणित की पकड़ को मजबूत किया जा रहा है। विदेशी मेहमानों ने क्लासरूम में बैठकर देखा बच्चों को पढ़ाने का तरीका 23 से 27 अगस्त तक चल रहे पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के तहत इन प्रतिनिधियों को अलग-अलग टीमों में बांटा गया। इसके बाद नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉक के 11 परिषदीय स्कूलों में उनका दौरा हुआ। विदेशी मेहमानों ने क्लासरूम में बैठकर देखा कि शिक्षक बच्चों को किस तरीके से पढ़ा रहे हैं। उन्होंने सीधे छात्रों, अध्यापकों, प्रधानाचार्यों और अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) से बात की और जाना कि पढ़ाई का यह तरीका कितना असरदार है। अधिकारियों के साथ हुई खास तकनीकी बैठक स्कूलों का जायजा लेने के बाद विदेशी प्रतिनिधियों ने यूपी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें गाजियाबाद के डीएम, सीडीओ, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और राज्य संसाधन समूह के अफसर शामिल रहे। इस दौरान सिलेबस, नई शिक्षण सामग्री, टीचरों की मेंटरिंग, बच्चों के टेस्ट और डेटा के सही इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। ग्लोबल संस्थाओं का मिला सहयोग यह खास 'लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम' सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन सहयोगी हैं। वहीं ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इसे स्पॉन्सर किया जा रहा है। विदेशी डेलिगेशन ने माना कि यूपी में जिस तरह से नीति बनाकर उसे सीधे क्लासरूम तक लागू किया गया है, वह बाकी देशों के लिए भी एक बेहतरीन सीख है। विदेशी प्रतिनिधमंडल के दौरे से जुड़े इन तस्वीरों को भी देखें-
एससी-एसटी अनुदान में पात्रता पर सख्ती:एटा में डीएम बोले- अपात्रों को न दिया जाए लाभ
डीएम अरविन्द सिंह ने एससी-एसटी अनुदान योजना का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को डीएम कार्यालय कक्ष में उनकी अध्यक्षता में एससी-एसटी अनुदान से संबंधित समिति की बैठक हुई। इस बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले अनुदान से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी ने संबंधित प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने इन मामलों का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण शासनादेश और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुदान से संबंधित प्रत्येक कार्रवाई शासनादेश के अनुसार ही पूरी की जाए। उन्होंने जोर दिया कि योजना की धनराशि केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचनी चाहिए। पात्रता के सत्यापन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में अपात्र या गलत व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण में पात्रता की गहन जांच के बाद ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शासनादेश में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने और लंबित मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस बैठक में समिति से जुड़े अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
लखनऊ से जवानों को भेजी 6 हजार राखियां:महिलाएं बोलीं- 'ये प्यार, आदर और विश्वास का प्रतीक हैं'
लखनऊ में मंगलवार को भारत विकास परिषद् (अवध प्रान्त) की मातृशक्ति ने एक बेहद भावुक और प्रेरक पहल की। महिलाओं ने सीमा पर डटे भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों के लिए 6,000 से अधिक राखियां लखनऊ कैंट स्थित सेना के सब एरिया मुख्यालय में कर्नल रविकान्त को ससम्मान सौंपीं। राखियां सौंपने के साथ ही इस खास मौके पर संस्था की सदस्या रंजना सक्सेना और विनीता सिंह ने मुख्यालय में उपस्थित सैनिकों और सैन्य अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी। महिलाओं ने देश के प्रहरियों को नमन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की मंगलकामना की। ये राखियां करोड़ों देशवासियों के विश्वास का प्रतीक हैं कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना के जवान हमारे राष्ट्र का गौरव हैं। वे देश की हिफाजत के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तत्पर रहते हैं। मातृशक्ति द्वारा सीमाओं पर भेजी जा रही ये राखियां सैनिकों के प्रति पूरे देशवासियों के असीम स्नेह, आदर और विश्वास का प्रतीक हैं। इन प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी सदैव राष्ट्रसेवा और समाजसेवा के लिए तत्पर रहने वाले भारत विकास परिषद् के इस भावपूर्ण आयोजन में अवध प्रान्त के महासचिव शशिकान्त सक्सेना, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य शूरवीर सिंह, योगेश कुमार श्रीवास्तव और डॉ. प्रियांशु श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में वीर जवानों को नमन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के तलाबपुरा मोहल्ले के रहने वाले युवक ने शादी के महज दो महीने बाद पत्नी को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। पति का आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी को जेबर भी दे दिए। वह शादी के बाद से उसे लगातार नींद की गोलियां देकर प्रेमी से मोबाइल पर बात करती रही। लेकिन 23 अगस्त को उसने अपने प्रेमी को ससुराल ही बुला लिया। जिसके बाद वह पकड़ी गई। अब पति ने पत्नी, उसके प्रेमी और अपने ससुर पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। चिरगांव के तालाबपुरा मोहल्ला निवासी राजेश प्रजापति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी इसी साल 24 जून को दतिया जिले के भाण्डेर तहसील क्षेत्र के कद्दौर खिरिया गांव निवासी अभिलाषा से हुई थी। राजेश के मुताबिक, शादी के करीब एक महीने बाद ही उसे पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा था। शरीर में हल्कापन और चक्कर आने से हुआ शक राजेश ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद उसे अपने शरीर में हल्कापन महसूस होने लगा। इसके साथ चक्कर आने और लगातार नींद आने की शिकायत रहने लगी। उसने बताया कि पहले उसे लगा कि यह सामान्य थकान या कमजोरी हो सकती है, लेकिन जब यह लगातार होने लगा तो उसे पत्नी पर शक हुआ। उसका आरोप है कि उसे लगा पत्नी उसे नींद की गोली खिलाकर सुलाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद वह पत्नी के सामने सतर्क रहने लगा। राजेश का दावा है कि उसने पत्नी के मोबाइल की रिकॉर्डिंग सुनी। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उसका शक यकीन में बदल गया। 19 अगस्त को जेवरों को लेकर पूछताछ पति राजेश का कहना है कि 19 अगस्त को उसने पत्नी से घर के जेवरात गायब होने के बारे में पूछा तो वह कोई भी जवाब नहीं दे रही थी। उन दोनों में जेवर को लेकर काफी देर तक बहस चली तो भी अभिलाषा कुछ बताने को तैयार नहीं थी। इसी के बाद से उसका शक और गहरा गया। मामा का एक्सीडेंट होने पर झांसी आया राजेश के मुताबिक, 23 अगस्त को उसके मामा का एक्सीडेंट हो गया था। वह पत्नी को यह बताकर झांसी मेडिकल कॉलेज आया कि मामा से मिलकर वापस लौट आएगा। दोपहर करीब 2 बजे वह चिरगांव स्थित अपने घर पहुंचा। यहां मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। राजेश का कहना है कि दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण वह छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। इसके बाद जब वह अपने कमरे में पहुंचा तो वहां पत्नी और उसका प्रेमी बेड पर लेटे हुए थे। जब उसने पत्नी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा तो उसके होश उड़ गए। मोबाइल में बनाया फोटो-वीडियो राजेश ने बताया कि उसने दोनों को देखकर तुरंत मोबाइल से फोटो और वीडियो बना लिया। इसी दौरान दोनों ने उसे पकड़ लिया और धक्का देकर गिरा दिया। राजेश के मुताबिक, उसने किसी तरह खुद को बचाया और गेट खोलकर शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद राजेश ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर उसने पत्नी और उसके साथ मौजूद युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। राजेश का कहना है कि घटना से संबंधित फोटो और वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। राजेश का आरोप है कि पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की। पत्नी के पिता पर फोन पर धमकी देने का आरोप राजेश ने पत्नी के पिता पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि घटना के बाद पत्नी के पिता ने उसे फोन किया और जान से मारने की धमकी दी। राजेश के मुताबिक, उसने फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली है। उसने पुलिस को यह रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई राजेश ने एसएसपी से पत्नी, उसके साथ मौजूद युवक और पत्नी के पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि पुलिस ने शांति भंग करने की धाराओं में पत्नी के प्रेमी का चालान कर उसे राहत पहुंचाई है जबकि पत्नी को थाने से छोड़ देने के भी आरोप पति ने लगाए हैं। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने मंगलवार, 25 अगस्त को हरदोई का दौरा किया। उन्होंने निरीक्षण भवन में आयोजित सुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी 24 शिकायतें सुनीं। इन शिकायतों में से आठ का मौके पर ही तत्काल निस्तारण किया गया। शेष 16 शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शाम 4. 30 बजे आयोजित पत्रकार वार्ता में एकता सिंह ने जिम ट्रेनर से जुड़े मामलों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि महिला आयोग ऐसे मामलों में हमेशा सख्त रहा है, लेकिन महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। लापरवाही न करने के निर्देश दिए गए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम में प्रशिक्षण के लिए पुरुष या महिला ट्रेनर का चुनाव व्यक्ति की निजी पसंद का विषय है। यदि कोई महिला पुरुष ट्रेनर से प्रशिक्षण लेना चाहती है, तो उसकी पसंद का सम्मान किया जाना चाहिए। एकता सिंह ने बताया कि पूर्व में जिम ट्रेनर से संबंधित जो भी शिकायतें आयोग के संज्ञान में आई थीं, उन पर जांच बैठाकर आवश्यक कार्रवाई की गई थी। हालांकि, हाल फिलहाल में ऐसा कोई नया मामला आयोग के संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों को आयोग गंभीरता से ले रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। सुनवाई के दौरान, संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और पीड़ित महिलाओं की समस्याओं पर संवेदनशीलता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
राजस्थान में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) और सरोगेसी सेवाओं के नियम का उल्लघंन करने पर नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन केयर हॉस्पिटल प्रा.लि. पर मेडिकल डिपार्टमेंट ने एक्शन लिया है। डिपार्टमेंट ने इस ग्रुप के एआरटी क्लिनिक, एआरटी बैंक और सरोगेसी क्लिनिक के कुल 9 रजिस्ट्रेशन को आगामी आदेशों तक सस्पेंड किया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड ने बताया- कार्रवाई एआरटी (रेग्युलेशन) एक्ट, 2021 के प्रावधानों के उल्लंघन पर की गई। राज्य के प्रकाशित आईवीएफ, फर्टिलिटी एवं टेस्ट टयूब बेबी सेन्टर के विज्ञापन में भ्रूण को नीले रंग में प्रदर्शित किया था। यह नीला रंग मेल बच्चे से संबंधित माना जाता है। विभाग ने प्रथम दृष्टया लिंग चयन से संबंधित सेवा के प्रचार का संकेत मानते हुए संस्थान के विरुद्ध कार्यवाही की गई। इन सेंटर का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हुआ अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार के सेक्स सिलेक्शन (लिंग चयन) एवं सेक्स सेलेक्टिव एआरटी प्रक्रियाओं पर पूर्ण रूप से वैधानिक प्रतिबंध लागू है। राठौड़ ने बताया- कार्रवाई के तहत संस्थान के जयपुर में 3 और भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर में एक-एक सहित कुल 9 एआरटी/सेरोगेसी सेन्टर्स का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया है।
जालौन के चुर्खी थाना क्षेत्र के सिकरी रहमानपुर गांव में खेत पर कृषि कार्य कर रहे 56 वर्षीय किसान रामजी की सर्पदंश से मौत हो गई। घटना मंगलवार की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। किसान की मौत से परिवार में मातम छा गया। खेत में काम करते समय सांप ने डसा जानकारी के अनुसार, रामजी रोज की तरह मंगलवार को खेत पर काम करने गए थे। इसी दौरान कृषि कार्य करते समय सांप ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी। परिजन पहुंचे, तब तक दम तोड़ चुके थे रामजी की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही परिजन आनन-फानन में खेत पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अचानक हुई घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खेती से चलता था परिवार का खर्च बताया गया है कि रामजी खेती-किसानी के सहारे परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटियां हैं। परिवार के मुख्य सदस्य की अचानक मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना पर चुर्खी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। किसान की मौत के बाद सिकरी रहमानपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने खेतों में काम करने के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं से सतर्क रहने की अपील की है।
लखीमपुर खीरी में दो दिन से लापता किसान का खेत में अधखाया शव मिला। उसके एक हाथ के मांस को किसी जंगली जानवर ने पूरी तरह खाकर खत्म कर दिया था। खेत में मंगलवार को चारा लेने गए ग्रामीणों ने शव देखकर परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने बताया कि किसी जंगली जानवर ने हमला किया। वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बाघ के हमले की आशंका जताई है। यह घटना जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर नीमगांव थाना क्षेत्र में हुई। जानिए पूरी घटना… चौधकपुर के रहने वाले दामोदर (50) रविवार दोपहर करीब 2 बजे गांव में खेत देखने के लिए निकले थे। उसके बाद शाम तक घर नही लौटे। परिजनों ने देर शाम के बाद खोजबीन शुरु की। गांव के लोगों से पूछताछ करने के बाद भी दामोदर के बारे में पता नही चला। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे गांव के कुछ लोग पशुओ का चारा काटने गए थे। गन्ने के बीच खेत में ग्रामीणों को दामोदर का अधखाया शव मिला। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल परिवार को सूचना दी। शव की स्थिति देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने टाइगर के हमले की आशंका जताई मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की तैयारी कर रही है। वहीं परिजन गांव के कुछ लोगों पर दामोदर के हत्या का आरोप लगा रहे है। पुलिस ने जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई है, तो गांव वाले बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने, टाइगर को ट्रेस कर पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वन विभाग की टीम द्वारा टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
घाणा में विधिक सहायता क्लिनिक शुरू:ग्रामीणों को कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी
नालसा की 60 दिवसीय मेगा ड्राइव योजना के तहत मंगलवार को घाणा ग्राम पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर ने अस्थाई विधिक सहायता क्लिनिक का शुभारंभ किया। योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी इस अवसर पर सचिव उमेश वीर ने कहा- विधिक सहायता क्लिनिक के माध्यम से ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। हनुमान मंदिर परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम इसके बाद घाणा के हनुमान मंदिर परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सचिव उमेश वीर ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभ बताते हुए राजीनामा योग्य प्रकरणों का अधिक से अधिक आपसी सहमति से निस्तारण करवाने में सहयोग करने की अपील की। विमंदित पुनर्वास गृह का निरीक्षण सचिव उमेश वीर ने मंगलवार को आहोर स्थित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को यहां रहने वाले विमंदितों को नियमानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण करते हुए बाहर से खरीदी जाने वाली सब्जियों एवं फलों को अच्छी तरह धोकर उपयोग में लेने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास गृह की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। ये मौजूद रहे कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत घाणा के प्रशासक कानाराम मीणा, ग्राम विकास अधिकारी दिनेश कुमार हंस, पीएलवी देवाराम, पुष्पा कुमारी, शांतिलाल मीणा सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
हनुमानगढ़ में निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह आगामी निकाय चुनावों में भाजपा को हराने वाले प्रत्याशी का समर्थन करेगी। यह निर्णय पार्टी की एक बैठक में लिया गया, जहां भाजपा की नीतियों पर आक्रोश व्यक्त किया गया। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने बताया कि भाजपा को हराना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए समान विचारधारा वाले प्रत्याशियों और राजनीतिक ताकतों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। वर्मा ने निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल से भी संपर्क साधा है, जिसमें भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले उनके प्रत्याशियों को समर्थन देने पर चर्चा हुई। माकपा ने कांग्रेस को भी कई गुटों में बंटा हुआ बताया है। सरकार की नीतियों पर साधा निशानाबैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि आम आदमी लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान है। चीनी और गुड़ के दामों में वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसमें नेताओं ने कहा कि महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। बैठक में आगामी निकाय चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान तेज करने और भाजपा के खिलाफ प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कुशीनगर में तेज रफ्तार कार ने तीन छात्राओं को रौंदा:दो की मौत, महाविद्यालय से घर लौटते समय हुआ हादसा
कुशीनगर के तमकुहीराज थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर माधोपुर कट के पास मंगलवार को एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार लग्जरी कार ने स्कूटी सवार तीन छात्राओं को कुचल दिया। इस दुर्घटना में दो छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तमकुहीराज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। मृतक छात्राओं की पहचान निशा गिरी पुत्री ओमप्रकाश गिरी और अनामिका ठाकुर पुत्री हरेंद्र ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों सुखदेव पट्टी, थाना गोपालपुर, बिहार की निवासी थीं। घायल छात्रा का नाम आलिसा खातून है। बताया गया कि तीनों छात्राएं विद्यावती देवी महाविद्यालय, झारही (तमकुहीराज) से पढ़ाई कर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं, तभी माधोपुर कट के पास यह हादसा हुआ। हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के लगभग एक घंटे बाद तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में असंतोष देखा गया। हादसे के बाद चालक कार लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने पीछा कर लग्जरी कार को पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
झज्जर में प्रारूप मतदाता सूची में नाम शामिल कराने या किसी तरह की त्रुटि में सुधार के लिए मतदाताओं के पास 30 अगस्त 2026 तक का समय है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी वर्षा खांगवाल ने जिले के मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांच लें। डीसी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार जिन मतदाताओं का नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान प्रारूप सूची में शामिल नहीं है और उन्हें बीएलओ की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है, वे 30 अगस्त तक संबंधित बीएलओ के पास अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। नाम, पता या विवरण में गलती है तो फॉर्म-8 से कराएं सुधार डीसी ने बताया कि यदि किसी मतदाता के नाम, पते या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है तो वह फॉर्म-8 और आवश्यक घोषणा पत्र भरकर उसमें सुधार करवा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते अपने मतदाता विवरण की जांच कर लें। सुनवाई का नोटिस मिले तो तय तारीख पर पहुंचें वर्षा खांगवाल ने कहा कि यदि किसी आवेदक को सुनवाई का नोटिस मिलता है तो उसे निर्धारित तिथि पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना चाहिए। इससे दावों और आपत्तियों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। 28 सितंबर तक निस्तारण, 3 अक्टूबर को अंतिम सूची डीसी ने बताया कि मतदाता अपनी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी जांच सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ से संपर्क किया जा सकता है। प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।प
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार को बठिंडा स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थल पर माथा टेका और पंजाब की शांति, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शिअद पंजाब के हालात किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं देगा। सुखबीर बादल ने पिछले 10 दिनों में प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं भेजने वाले लाखों श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। उन्होंने दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और तख्त श्री दमदमा साहिब को नमन किया। सुखबीर बोले- पंजाब को बचाने की जरूरत है उन्होंने कहा कि पंजाब को बचाने की जरूरत है, क्योंकि कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो पंजाब को अपना घर नहीं मानतीं। उनके अनुसार, इन ताकतों का उद्देश्य पंजाब के नेतृत्व और सिख नेतृत्व को कमजोर करना तथा राज्य में शांति और व्यवस्था भंग करना है। उन्होंने कहा कि शिअद पंजाब में अशांति और बुरे दौर को दोबारा नहीं आने देगा। बादल ने शिरोमणि अकाली दल के करीब 105 साल पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने दमन के खिलाफ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि किसान, गरीब, पंजाबियत या खालसा पंथ के सामने संकट आने पर अकाली नेतृत्व ने हमेशा आवाज उठाई और बलिदान दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने ईश्वर से पंजाब में खुशहाली और शांति का दौर वापस लाने की प्रार्थना की।
बाड़मेर में पुलिस ने मंगलवार को 7 महीने से फरार 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दो पक्षों में 20 फीट जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। एक पक्ष का युवक विवादित प्लॉट से गुजर रहा था। इस बात को लेकर कहासुनी हो गई, दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए थे। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले थे। मारपीट में एक युवक की मौत हो गई थी। मामला बाड़मेर जिले के गिराब थाना इलाके तुड़बी 19 फरवरी का है। लाठी-डंडे चले थे, 1 की हुई थी मौत पुलिस के अनुसार 19 फरवरी को बकरियां चराने गए युवक शोभ सिंह उस विवादित भूखंड के अंदर पहुंच गया। इसके बाद दूसरे पक्ष के रायसिंह पुत्र नेतसिह और शैतान सिंह पुत्र बिजराज सिंह ने हमला कर दिया। लाठी-भाटा जंग में दोनों परिवारों की गंभीर चोटें आई। इसमें मोहन सिंह पुत्र रायसिंह के सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने 20 फरवरी को मामला दर्ज किया। 7 महीने से फरार थे दोनों आरोपी एसपी चूनाराम जाट ने बताया- गिराब थाना इलाके में दर्ज मर्डर मामले में 7 माह से आरोपी हाथी सिंह (25) पुत्र उगम सिंह निवासी तुड़बी जिला बाड़मेर फरार चल रहा था। इस पर 5 हजार का इनाम घोषित किया गया। गिराब थानाधिकारी आदेश कुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने इनामी आरोपी हाथीसिंह को डिटेन किया गया। पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस ने मर्डर मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई में कांस्टेबल बालाराम और नेपाल सिंह शामिल रहे।
‘मैंने 16 साल पहले एक प्लॉट खरीदा था। बिल्डर को 1 लाख रुपए भी दिए। पहले उन्होंने 160 नंबर का प्लॉट दिया, फिर 159 नंबर कर दिया और आखिर में किसी को कुछ नहीं मिला। वे पैसे खाकर चले गए। मेरे जैसे और भी लोग हैं, जो इससे पीड़ित हैं।’ यह कहना है छोला निवासी प्रेमनारायण का, जो मंगलवार को भोपाल कलेक्टर ऑफिस में लगे जनसुनवाई शिविर में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में एक बिल्डर से प्लॉट लिया था। पाई-पाई जोड़कर 50-50 हजार की दो किस्तों में 1 लाख रुपए जमा किए थे। बिल्डर पैसे लेकर चला गया और जमीन की कोई रजिस्ट्री नहीं की। इसके लिए मैंने पिछले 6 सालों में पुलिस कंप्लेंट के साथ कई जगह 19 शिकायत दर्ज कराई हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रेमनारायण की तरह ही ललिताबाई समेत कई लोग ऐसे थे, जो लाड़ली बहना के पैसे नहीं आने, स्ट्रीट लाइट, पानी समेत अन्य समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचे थे। जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से संबंधित रहीं। नगर निगम, सहकारी विभाग और सभी एसडीएम ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कई लोगों ने बताया कि उनकी कॉलोनियों में अब तक सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। केस-1: 6 महिनों से नहीं मिला लाड़ली बहना का पैसा जनसुनवाई में पहुंची ललिता ने शिकायत की है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशी नहीं मिल रही है। ललिता दूसरी बार जनसुनवाई में शिकायत कर रहीं है, उन्हें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगवाएं जा रहे हैं, पर अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ हैं। केस-2: स्कूल से निकाले 8 बच्चे नाजिया हसीब ने शिकायत की है, ईस्टर्न पब्लिक स्कूल ने वेबजह ही 8 बच्चों को स्कूल से निकाल दिया था। जिसके लिए वे 2 महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहीं हैं, पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
उन्नाव में मानदेय भुगतान में कथित भेदभाव और देरी के विरोध में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने मंगलवार शाम सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के बैनर तले हुए प्रदर्शन में करीब 200 सीएचओ शामिल हुए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। एएमएस आधारित भुगतान व्यवस्था पर उठाए सवाल सीएचओ ने एएमएस (अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम) आधारित मानदेय भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस प्रणाली के तहत मानदेय भुगतान में अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उनका मानदेय भी अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की तरह समान प्रक्रिया के तहत समय पर जारी किया जाए। उनका कहना था कि समान विभागीय व्यवस्था के तहत काम करने के बावजूद मानदेय भुगतान में अंतर नहीं होना चाहिए। सीएमओ ने प्रतिनिधिमंडल से की बातचीत धरने की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने सीएचओ प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएचओ ने मानदेय भुगतान में कथित भेदभाव और प्रक्रियागत दिक्कतों को अधिकारियों के सामने रखा। वार्ता में डीपीएम इंतजार अहमद सिद्दीकी और एसीएमओ डॉ. जेआर सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीएचओ को आश्वासन दिया कि मानदेय भुगतान में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। साथ ही बताया कि मंगलवार को ही मानदेय भुगतान से संबंधित प्रक्रिया पोर्टल पर दर्ज कर दी जाएगी। आश्वासन के बाद धरना समाप्त सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा ने दोहराया कि मानदेय के मामले में किसी भी सीएचओ के साथ भेदभाव नहीं होगा और उनकी समस्या का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद सीएचओ ने धरना समाप्त कर दिया। संगठन के जिला महामंत्री प्रशांत गुप्ता और जिलाध्यक्ष राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में सीएचओ मौजूद रहे। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मुख्य मांग समय पर और समान प्रक्रिया के तहत मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराना है। भविष्य में भुगतान संबंधी समस्या आने पर संगठन आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।
औरैया में गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने सौथरा स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री की जन सहभागिता योजना के तहत परिवारों से चार गौवंश अपनाकर उनकी सेवा करने का आह्वान किया। उपाध्याय ने बताया कि योजना के तहत परिवार चार गौवंश लेकर उनकी सेवा, नस्ल सुधार और जैविक खेती के जरिए आत्मनिर्भर बन सकते हैं। परिवार के दो सदस्य मिलकर आठ गौवंश का भी लाभ ले सकते हैं। सरकार की ओर से गायों के भोजन के लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने गोबर और गौमूत्र से जैविक खाद, बायोगैस समेत विभिन्न उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया। कहा कि बायोगैस से निकलने वाली स्लरी का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जा सकता है। इससे किसान रसायन मुक्त खेती कर खेती की लागत कम कर सकते हैं और लोगों को स्वस्थ खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकता है। रमाकान्त उपाध्याय ने युवाओं से कम वेतन वाली नौकरी के लिए बाहर जाने के बजाय गौसेवा, खेती और माता-पिता की सेवा से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने गौशाला की गौचर भूमि पर नेपियर और मोरिंगा समेत हरा चारा उगाने के निर्देश दिए। साथ ही गौशालाओं के संबंध में भ्रामक खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित नहीं करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी बृजेश कुमार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशन सिंह विकल के साथ गौशालाओं की व्यवस्थाओं और समस्याओं पर चर्चा की। पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत और दिबियापुर नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। खानपुर गौशाला का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने देवकली धाम पहुंचकर महाकाल के दर्शन किए।
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक दुकान में जा घुसी। यह घटना कंचौसी रेलवे स्टेशन रोड पर हुई। हादसे में बड़ा नुकसान होने से बच गया, हालांकि मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो हूटर बजाते हुए कंचौसी रेलवे स्टेशन रोड से गुजर रही थी। मानस इंटर कॉलेज के पास चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने पहले सड़क किनारे खड़े एक बिजली के खंभे को टक्कर मारकर तोड़ दिया और फिर एक दुकान में घुस गई। हादसे के दौरान बगल से बाइक लेकर निकल रहे एक युवक की जान बाल-बाल बची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह स्कॉर्पियो कंचौसी निवासी एक यूट्यूबर की बताई जा रही है। उनका दावा है कि कार एक नाबालिग चला रहा था, जिसके साथ उसका एक अन्य नाबालिग दोस्त भी वाहन में मौजूद था। हालांकि, इन तथ्यों की पूरी स्थिति पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। दिबियापुर थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में युवक पर चाकू से हमला:महिला मित्र के साथ जा रहे प्रेमी को मारा, हायर सेंटर रेफर
बागपत के कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक पर चाकू से हमला किया गया। युवक अपनी महिला मित्र के साथ बाइक से जा रहा था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, बालैनी गांव निवासी 24 वर्षीय शिवम अपनी महिला मित्र के जन्मदिन पर उसे खाना खिलाने के लिए मोटरसाइकिल से जा रहा था। वे कोतवाली क्षेत्र में हनी मनी रेस्टोरेंट के पास पहुंचे थे, तभी युवती के भाई अर्जुन ने शिवम को रोक लिया। आरोप है कि शिवम और अर्जुन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर अर्जुन ने कथित तौर पर चाकू निकालकर शिवम के पेट और छाती पर लगभग तीन वार किए। चाकू लगने से शिवम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद घायल शिवम को अर्जुन के भाई रजत ने जिला अस्पताल बागपत पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद शिवम की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना का कारण युवती के जन्मदिन पर शिवम के उसके साथ जाने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायल के बयान और मौके से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तीर्थ यात्रा के दौरान अपने परिवार से बिछड़े बुजुर्ग राजकुमार उर्फ बाबूराम को मंगलवार को झालावाड़ में उनके बेटे और भतीजे से मिलाया गया। यह भावुक मिलन साईं मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, झालावाड़ के अथक प्रयासों से संभव हो पाया। झालावाड़ पुलिस 21 अगस्त की रात करीब 12:05 बजे बुजुर्ग बाबूराम को पुनर्वास गृह लेकर आई थी। पुलिस के अनुसार वे बेघर अवस्था में इधर-उधर घूमते मिले थे। पुनर्वास गृह में आने के बाद बुजुर्ग बार-बार बाहर जाने की बात कहने लगे, जिससे उनकी बेचैनी स्पष्ट थी। उनकी बेचैनी को देखते हुए संस्था मैनेजर सौरभ सिंह ने उनकी फाइल में दर्ज जानकारी के आधार पर परिवार की तलाश शुरू की। पंजाब में परिवार का पता लगाना आसान नहीं था, लेकिन लगातार प्रयास करते हुए उन्होंने पुलिस और कई थानों से संपर्क किया। अंततः संबंधित गांव के सरपंच का नंबर मिला और उनके माध्यम से परिवार तक सूचना पहुंची। इसके बाद बुजुर्ग के बेटे नवनीत कुमार का फोन आया। वीडियो कॉल के जरिए जब पिता-पुत्र की बात कराई गई तो दोनों भावुक हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी वीडियो कॉल पर बाबूराम से बातचीत की। बेटे ने संस्था से आग्रह किया कि उनके पिता को सुरक्षित रखा जाए, वह जल्द झालावाड़ पहुंचेंगे। इसके बाद नवनीत कुमार अपने भतीजे केवल कृष्ण के साथ पंजाब से झालावाड़ पहुंचे। पिता को सामने देखते ही नवनीत कुमार और केवल कृष्ण भावुक होकर उनसे गले मिले। परिजनों के अनुसार राजकुमार उर्फ बाबूराम 8 अगस्त को करणी खेड़ा से घूमने और तीर्थ यात्रा के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान वे गलती से दूसरी ट्रेन में बैठ गए और गुना पहुंच गए। वहां से दूसरी ट्रेन में बैठकर झालावाड़ सिटी पहुंचे और परिवार से बिछड़ गए थे। पिता को साथ लेकर जाते समय नवनीत कुमार ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी वजह से आज उन्हें दोबारा अपने सिर पर पिता का साया मिल पाया है। संस्था संचालिका प्रतिमा चौहान ने बताया कि इस पूरे प्रयास में रामअवतार, महिला प्रभारी अमरीन कौसर, पंकज मालवी, कमलेश कुमार, राजेंद्र सिंह और विकास मेरोठा सहित समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी की मेहनत आखिरकार रंग लाई और एक बिछड़ा हुआ परिवार फिर से एक हो गया।
भारतीय जनता पार्टी ने फर्जी तबादला आदेश मामले में जिला महामंत्री कृष्ण अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पूनिराम पटेल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय ने 25 अगस्त को दोनों नेताओं के निष्कासन का आदेश जारी किया। दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं। यह कार्रवाई दोनों नेताओं की फर्जी तबादला आदेश मामले में गिरफ्तारी के बाद की गई है। पलारी पुलिस ने उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया था। मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन के फर्जी तबादला आदेश से जुड़ा है। इस मामले को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद भाजपा ने दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश अवस्थी के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर करण देवांगन का तबादला पीएचसी मोपर किए जाने का फर्जी आदेश तैयार किया गया था। फर्जी तबादला आदेश मामले में 6 गिरफ्तार पलारी थाना प्रभारी परिवेश तिवारी के मुताबिक, 17 अगस्त को फर्जी आदेश की कॉपी व्हाट्सएप के जरिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंची थी। जांच में दस्तावेज फर्जी पाया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कृष्ण अवस्थी और पूनिराम पटेल की मामले में भूमिका सामने आई। दोनों पर करण देवांगन से करीब 1 लाख रुपए के लेनदेन का भी आरोप है। पुलिस ने मामले में कृष्ण अवस्थी, पूनिराम पटेल, करण देवांगन और रवि सेन को गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच के दौरान पारख कश्यप और कृष्ण अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित किया गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने दोनों नेताओं के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की और उन्हें पद से हटा दिया। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मारकंडेय के हस्ताक्षर से 25 अगस्त 2026 को दोनों नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया गया। भाजपा ने दोनों नेताओं को 6 साल के लिए किया निष्कासित प्रदेश भाजपा के आदेश के मुताबिक, दोनों नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश की जानकारी क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश महामंत्री पवन साय और बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष को भी भेजी गई है। आदेश में पार्टी विरोधी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, फर्जी तबादला आदेश मामले में दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को ही इस कार्रवाई की मुख्य वजह माना जा रहा है। पार्टी की इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह जेब काटने के शक में यात्रियों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्टेशन पर मौजूद यात्री युवक को थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। सूचना पर करणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि पुलिस का कहना है कि तलाशी में आरोपी युवक के पास से कैश की बरामदगी नहीं हुई। पहले देखिए- 2 तस्वीरें इंटरसिटी ट्रेन में चढ़ने के दौरान चोरी हुआ जेब में रखा कैशएएसआई भोम सिंह के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे श्रीकरणपुर स्टेशन पर सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन पहुंची थी। इसी दौरान श्रीकरणपुर निवासी जसविंदर सिंह (45) अपनी पत्नी के अल्ट्रासाउंड और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए श्रीगंगानगर जाने के लिए ट्रेन में चढ़ रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पीछे से किसी ने उनकी जेब से 5 हजार रुपए निकाल लिए। जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि पैसे निकलते समय उनका हाथ आरोपी के हाथ पर पड़ गया। इसके बाद आसपास मौजूद यात्रियों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। पकड़े गए युवक की पहचान रोशन सिंह निवासी 8 जेड, श्रीगंगानगर के रूप में हुई। हालांकि, पुलिस पूछताछ में रोशन सिंह ने जेब से पैसे निकालने से इनकार किया। उसका कहना है कि गलती से उसका हाथ पीड़ित की पकड़ में आ गया था। पुलिस को भी रोशन के पास से 5 हजार रुपए की नकदी बरामद नहीं हुई। रोशन का कहना है कि वह भी श्रीगंगानगर ही जा रहा था। इस बीच असली चोर भाग गया और उसका हाथ जसविंदर की पकड़ में आ गया। पुलिस को वास्तविक जेबकतरे की तलाशएएसआई भोम सिंह ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और वास्तविक जेबकतरे की तलाश की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि करणपुर क्षेत्र में पिछले करीब ढाई महीने से चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने थाने में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद पुलिस ने रात के समय ट्रेनों में तलाशी अभियान चलाकर संदिग्धों पर नजर रखने की कोशिश की थी। हालांकि अभी तक चोर पकड़ में नहीं आए। श्रीगंगानगर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… धमाके के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी भीषण आग, VIDEO:बच्चे ने कूदकर बचाई जान; दूसरा बच्चा अपनी गाड़ी लेकर भागा श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटी में धमाके के साथ ही आग लग गई। इस दौरान स्कूटी पर बैठे बच्चे ने कूदकर अपनी जान बचाई। वही पास में दूसरे बच्चे ने अपनी स्कूटी को पीछे दौड़ाकर खुद को बचाया। पूरी खबर पढ़िए
रोहतक की हेल्थ यूनिवर्सिटी में 30 अस्त को नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के फिजियोथैरेपिस्ट, कोच व खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स इंजरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों को खेलते समय इंजरी से बचने के लिए जानकारी दी जाएगी, जिसके लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। पीजीआई के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के सीनियर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के कोचों को यह सिखाना है कि मैदान पर ही खिलाड़ी की चोट का त्वरित और सही प्रबंधन कैसे किया जाए, ताकि छोटी सी चोट बड़ी सर्जरी का कारण न बने। कॉन्फ्रेंस हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई सोनीपत और लिंब रीकंस्ट्रक्शन सोसाइटी के सहयोग से आयोजित की जा रही है। 500 खिलाड़ियों का किया टेस्ट, 40 प्रतिशत में विटामिन-डी की कमीडॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि करीब दो माह पहले प्रदेशभर के 500 खिलाड़ियों का सैंपल लेकर टेस्ट किया गया था, जिसमें सामने आया कि 40 प्रतिशत खिलाड़ियों में विटामिन-डी की कमी है। इसके लिए खिलाड़ियों को जागरूक किया, साथ ही विटामिन-डी प्राप्त करने के लिए जानकारी दी। प्रिवेंशन एंड ट्रीटमेंट ऑफ स्पोर्ट्स इंजरी थीम पर होगा मंथन डॉ. रोहिला ने बताया कि ओलंपिक या एशियन गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिता से ठीक पहले खिलाड़ी चोटिल हो जाता है और सालों की मेहनत बेकार चली जाती है। कॉन्फ्रेंस में प्रिवेंशन एंड ट्रीटमेंट ऑफ स्पोर्ट्स इंजरी थीम पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई के पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. वैभव डागा द्वारा स्पोर्ट्स टेपिंग के जरिए चोट के त्वरित इलाज पर एक विशेष प्रैक्टिकल वर्कशॉप लगाई जाएगी। डॉ. रोहिला ने बताया कि डोपिंग और एंटी-डोपिंग नियमों पर भी कांफ्रेंस के दौरान एक अहम सत्र होगा, ताकि खिलाड़ी क्लीन स्पोर्ट्स की भावना से खेलें। इसके लिए खिलाड़ियों व उनके कोच को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही कुछ खिलाड़ियों को सम्मानित भी करेंगे। प्रदेश भर में आउटरीच, खेल संस्थानों को दिया न्योताडॉ. रोहिला ने बताया कि कॉन्फ्रेंस को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनकी टीम ने पूरे प्रदेश में आउटरीच अभियान चलाया है। उनकी टीम में पीजीआईडीएस के पब्लिक हेल्थ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मंजूनाथ, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. उमेश यादव और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. मंदीप शामिल हैं।
सुल्तानपुर SP पद से हटाए जाने पर IPS चारू निगम ने दर्द बयां किया है। उन्होंने सोमवार को X पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें नाराजगी भी थी। IPS ने लिखा, सुल्तानपुर से विदाई लेते हुए मैं यह बात साफ करना चाहती हूं कि मां बनना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक ताकत है। प्रेग्नेंसी के बावजूद सुल्तानपुर में बिताए अपने 197 दिनों के कार्यकाल के दौरान मैं जिले की जिम्मेदारी पूरी क्षमता के साथ संभालने में सक्षम थी। चारू निगम की पोस्ट से साफ झलक रहा है, कि वह SP पद से हटाए जाने पर दुखी हैं। 2014 बैच की IPS चारू निगम फरवरी 2026 से सुल्तानपुर जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) थीं। 20 अगस्त को शासन ने उनका तबादला यूपी 112 में कर दिया। सुल्तानपुर में उनके 6 महीने के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग और भाजपा एमएलसी देवेंद्र सिंह के साथ विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। गोरखपुर के रहने वाले हैं विनीत जायसवाल सुल्तानपुर के नए एसपी विनीत जायसवाल 2014 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। हालिया प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें गोंडा से स्थानांतरित कर सुल्तानपुर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। विनीत जायसवाल मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता राधेश्याम जायसवाल जेल अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। विनीत ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। सिविल सेवा में आने से पहले वह इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके हैं।
निकाय चुनावों को लेकर राजकीय महाविद्यालय, बुहाना में मंगलवार को निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के तत्वावधान में मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयरहित मतदान के महत्व से विद्यार्थियों को अवगत कराना रहा। महाविद्यालय परिसर में मानव श्रृंखला, मतदाता शपथ, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संकल्प लिया। मानव श्रृंखला बनाई कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में विशाल मानव श्रृंखला बनाकर की गई। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हुए निष्पक्ष एवं निर्भीक मतदान का संदेश दिया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई गई, जिसमें लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने, बिना किसी भय या प्रलोभन के मतदान करने तथा दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया। मतदान के महत्व को रचनात्मक और बौद्धिक रूप से समझाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पोस्टर कॉम्पिटिशन भी आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लोकतंत्र में एक-एक वोट की अहमियत और उसके दूरगामी प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। पोस्टर प्रतियोगिता में आकर्षक चित्रों और प्रभावी संदेशों के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने निष्पक्ष चुनाव, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों पर तार्किक एवं प्रभावशाली विचार रखे। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भारतीय निर्वाचन प्रणाली, मतदान प्रक्रिया और चुनाव संबंधी सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्न पूछे गए, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर निर्वाचन साक्षरता क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन किया गया। कार्यक्रम में कमल कुमार, सहायक आचार्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, डॉ. अमित कुमार महला, डॉ. संतोष, डॉ. सपना चौहान, वीना रानी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कौशांबी में भैंस चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पड़िया और पिकअप किया बरामद, मुकदमा दर्ज
कौशांबी के कोखराज पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत भैंस चोरी की घटना का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई पड़िया और वारदात में इस्तेमाल चोरी का पिकअप वाहन बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की गई। घर के बाहर बंधी भैंस और पड़िया चोरी पुलिस के मुताबिक, मामला 21 अगस्त 2026 का है। रहना मजरा टीकरडीह निवासी माया देवी पत्नी सुनील कुमार ने कोखराज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि रात में अज्ञात चोर उनके घर के बाहर बंधी एक भैंस और उसकी पड़िया चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए चार आरोपी जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मंगलवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकुल निवासी रसूलपुर गिरसा, फरहाद हुसैन निवासी दरियाबाद प्रयागराज, कुल्लू सरोज निवासी टेढ़ी का पुरवा और श्याम पाल निवासी गड़ियान का डेरा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 20/21 अगस्त की रात महैस गांव के बाहर टीकरडीह रेलवे लाइन के पास एक घर से भैंस और पड़िया चोरी की थी। चोरी किए गए जानवरों को पिकअप में लादकर ले जाया गया था। भैंस बेच दी, पड़िया बगीचे में बांधी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई भैंस को वे पहले ही बेच चुके थे, जबकि पड़िया को पास के एक बगीचे में बांधकर चले गए थे। बाद में वे पड़िया को पिकअप में लादकर प्रयागराज में बेचने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। कोखराज थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। बरामद पिकअप और पड़िया को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों और चोरी की गई भैंस के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेरठ रोडवेज ने बस संचालन बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। 27 अगस्त से प्रमुख मार्गों पर बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे। जिन रूटों पर अभी 6 फेरे संचालित हो रहे हैं, वहां यात्रियों की संख्या बढ़ने पर फेरे बढ़ाकर 8 किए जाएंगे। रोडवेज अधिकारियों ने सभी प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की मांग के अनुसार बसें उपलब्ध कराने की तैयारी की है। रोडवेज के अनुसार रक्षाबंधन के दौरान मेरठ से आसपास के जिलों और प्रमुख शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मेरठ-मुजफ्फरनगर, मेरठ-बड़ौत, मेरठ-शामली, मेरठ-गाजियाबाद, मेरठ-हापुड़ और हस्तिनापुर जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाएंगे। इन मार्गों पर अभी 6 फेरे चल रहे हैं, जिन्हें यात्रियों की संख्या के हिसाब से 8 फेरे तक किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जिन मार्गों पर भीड़ अधिक होगी, वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें और फेरे लगाए जाएंगे। वहीं कम यात्रियों वाले मार्गों पर उपलब्ध बसों के हिसाब से संचालन किया जाएगा। 27 अगस्त से बस संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। भीड़ बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त फेरे बढ़ाने की व्यवस्था भी रहेगी। शहर में 40 इलेक्ट्रिक बसें, चालक-परिचालकों की छुट्टियां रद्द लोहिया बस डिपो के ऑपरेशन मैनेजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि शहर में फिलहाल 40 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। रक्षाबंधन पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सभी चालकों और परिचालकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। शहर के प्रमुख रूटों पर भी बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिटी स्टेशन से राधा गोविंद कॉलेज तक चलने वाले रूट से शहर के अंदर का प्रमुख हिस्सा कवर होता है। इस रूट पर अभी 15 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। रक्षाबंधन पर इन बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बसों के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े और भीड़ के दौरान आवागमन में परेशानी न हो। रोडवेज का फोकस रक्षाबंधन के दौरान बहनों और परिवारों को समय पर बस उपलब्ध कराने पर रहेगा। यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों का संचालन तत्काल बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के सुसारी माहुली गांव के खरहौर स्थित गाछी में मंगलवार को करीब 10 दिन पुराना शव मिला। शव से तेज दुर्गंध आने के बाद बकरी चरा रहे ग्रामीणों की नजर पेड़ की ओर गई। पास जाकर देखा तो एक युवक का सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे आम के पेड़ से लटका था, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। शव की हालत बेहद खराब थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। मृतक की पहचान माहुली गांव निवासी बुधन पंडित के 28 साल के बेटे किशन पंडित के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। 10 दिन पहले घर से निकला था किशन, चप्पल और कपड़ों से हुई पहचान परिजनों के अनुसार किशन करीब 10 दिन पहले घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने अपने स्तर से उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार को जब ग्रामीणों ने गाछी में शव मिलने की जानकारी दी तो परिजन मौके पर पहुंचे। चप्पल और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान किशन के रूप में की गई। वहीं, पुलिस के अनुसार, शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था। प्रथमदृष्टया लंबे समय तक शव के लटके होने की वजह से सिर गमछे के सहारे पेड़ से लटका रह गया होगा, जबकि धड़ जमीन पर गिर गया होगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पत्नी से विवाद के बाद गांव में अकेला रह रहा था थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि किशन ने करीब आठ साल पहले दिल्ली में एक महिला से लव मैरिज की थी। बताया गया कि उसकी पत्नी उम्र में उससे करीब 13 साल बड़ी थी। शादी के बाद पत्नी करीब एक साल तक उसके साथ रही। इसी दौरान एक बेटे का जन्म हुआ। बाद में पत्नी बच्चे के साथ लेकर उसे छोड़कर चली गई। डेढ़ साल बाद किशन के परिजन उसकी पत्नी और बेटे को वापस लेकर आए। इसके बाद महिला करीब दो साल तक किशन के साथ रही, लेकिन बाद में वो बेटे को यहीं छोड़कर दोबारा चली गई। इसके बाद से किशन लगातार तनाव में रहने लगा था। थाना अध्यक्ष बोले- दो महीने पहले किशन का मां के साथ विवाद हुआ था थानाध्यक्ष के अनुसार करीब दो महीने पहले भी किशन का अपनी मां के साथ विवाद हुआ था। मारपीट की घटना में उसकी मां के सिर में चोट आई थी और उनका इलाज कराया गया था। किशन के पिता दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करते हैं। पुलिस के मुताबिक, किशन करीब 10 दिन पहले घर में विवाद के बाद निकला था। इसके बाद वो वापस नहीं आया। पुलिस को उसके लापता होने की सूचना भी परिजनों की ओर से नहीं दी गई थी। मंगलवार को बगीचे में शव मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को हुई। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने बताया कि वह भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था, जिसके कारण उसमें कीड़े पड़ गए थे। सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे पेड़ से लटका मिला, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए परिजन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। थानाध्यक्ष के अनुसार परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव परिजनों को सौंप दिया। किशन अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर जांच कर रही है। किशन ने आत्महत्या की है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
हरदोई में 252 जोड़ों का सामूहिक विवाह:मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत संपन्न हुए समारोह
हरदोई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को 252 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यह समारोह जनपद के बालामऊ और सण्डीला विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शुरू होकर दोपहर करीब 3 बजे तक चला, जिसमें निर्धन एवं जरूरतमंद जोड़ों ने सात फेरे लिए। बालामऊ विधानसभा क्षेत्र का मुख्य कार्यक्रम मुसलमानाबाद स्थित एक मैरिज हॉल में हुआ। यहां कुल 141 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें विकास खंड कछौना से 38, कोथावां से 46, बेहंदर से 44, नगर पंचायत कछौना पतसेनी से 10 और बेनीगंज क्षेत्र से 3 जोड़े शामिल थे। इस अवसर पर बालामऊ के क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा, चेयरमैन राधा रमण शुक्ला, ब्लॉक प्रमुखऔर नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक नोडल अधिकारी मौजूद रहे सण्डीला विधानसभा क्षेत्र में सण्डीला मार्केट स्थित एक मैरिज लॉन में 111 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इनमें विकास खंड सण्डीला से 52, भरावन से 56 और नगर क्षेत्र सण्डीला से 3 जोड़े शामिल थे। कार्यक्रम में सण्डीला की विधायक अलका सिंह अर्कवंशी, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन और प्रशासनिक नोडल अधिकारी मौजूद रहे। दोनों ही स्थलों पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। राज्य सरकार की योजना के तहत वधुओं को गृहस्थी सामग्री और उपहार भी प्रदान किए गए। इस आयोजन में परिजनों और क्षेत्रवासियों का सहयोग रहा, और जनसामान्य ने इस कल्याणकारी योजना की सराहना की।
पुलिस मुख्यालय की ओर से संचालित सॉफ्ट स्किल प्रोग्राम के तहत मंगलवार को हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में पुलिस अधिकारियों की एक बैठक हुई। सेवानिवृत्त महानिरीक्षक पुलिस आनंद वी. शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाना था। कार्यक्रम में एसपी बी. आदित्य ने सेवानिवृत्त महानिरीक्षक पुलिस आनंद वी. शुक्ला को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अरविंद बिश्नोई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक SIUCAW राज कंवर मौजूद रहे। इनके साथ ही, जिले के सभी वृताधिकारी (सर्किल ऑफिसर) और थानाधिकारी (स्टेशन हाउस ऑफिसर) भी मौजूद थे। व्यवहार कौशल, कार्यशैली पर की चर्चाकार्यक्रम के दौरान आनंद वी. शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार कौशल, कार्यशैली और व्यावसायिक दक्षता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फील्ड ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार आमजन के बीच पुलिस की छवि को सीधे प्रभावित करता है। इसलिए, परिवादियों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करना अत्यंत आवश्यक है। उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने और प्रभावी सुनवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। अधिकारियों को कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान संयम बनाए रखने, परिस्थितियों के अनुसार संतुलित व्यवहार करने और आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया। तनाव प्रबंधन के उपायों पर भी चर्चा कीबैठक में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तनाव प्रबंधन के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्हें कार्यस्थल पर तनाव के कारणों और उसके प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
धार जिले के पीथमपुर सेक्टर-1 स्थित एक प्रमुख औद्योगिक संस्थान में मंगलवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस शिविर में कंपनी के श्रमिकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन के तहत 103 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इंदौर एमवाई अस्पताल की टीम की देखरेख में हुआ मतदान शिविर में रक्तदान की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और चिकित्सकीय मानकों के अनुसार पूरा कराने के लिए इंदौर के एम.वाय. अस्पताल की विशेषज्ञ मेडिकल टीम तैनात रही। एकत्रित किया गया रक्त एम.वाय. अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद और गंभीर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाएगा। 21 महिलाओं ने भी दिया योगदान संस्थान के प्रतिनिधि अनिल चौधरी ने बताया कि प्रबंधन के आह्वान पर कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर इस मानवीय कार्य में हिस्सा लिया। इसमें 21 महिला श्रमिकों ने भी रक्तदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। चिकित्सकों ने बताया कि इस पहल से अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बागपत के बड़ौत तहसील क्षेत्र के कमला नगर में एक कथित अवैध मदरसा और मस्जिद के संचालन को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मकान निर्माण की आड़ में टीन शेड लगाकर धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिकायत में बताया गया है कि सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्रित होते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन गतिविधियों के कारण बस्ती के माहौल को लेकर चिंता बनी हुई है। कुछ युवकों पर बस्ती की महिलाओं और बेटियों के प्रति आपत्तिजनक एवं अश्लील टिप्पणियां करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इन कथित गतिविधियों को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ परिवारों ने सामूहिक पलायन की चेतावनी दी है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, विकास प्राधिकरण द्वारा संबंधित निर्माण के संबंध में एक नोटिस जारी किया गया था, जिसे मौके पर चस्पा किया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नोटिस लगाए जाने के कुछ समय बाद ही उसे फाड़ दिया गया और उसकी जगह दूसरा स्टीकर लगा दिया गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण की वैधता और वहां संचालित गतिविधियों की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम की दिशा में अयोध्या के श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध कराई गई है, जिससे गुरुकुल के छात्र अब पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल तकनीक से भी जुड़ सकेंगे। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस पहल को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक से जुड़ते देखना अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की एक छोटी-सी इच्छा को पूरा कर पाने से उन्हें अपार खुशी मिली है। गौतम अडानी ने इस प्रयास को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और डिजिटल युग के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक विनम्र पहल बताया। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखते हुए शिक्षा और ज्ञान के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। रिपोर्टों के अनुसार, यह कंप्यूटर लैब अडानी फाउंडेशन (https://reference-url-citation.invalid/3) की पहल के तहत स्थापित की गई है। इस कदम को पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकी संसाधनों को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के बीच शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल एक नई तस्वीर प्रस्तुत करती है, जहां विद्यार्थी संस्कार और परंपरा के साथ-साथ कंप्यूटर और डिजिटल ज्ञान की दुनिया में भी आगे बढ़ सकेंगे। आधुनिक शिक्षा के इस माध्यम से छात्रों के लिए भविष्य में सीखने और आगे बढ़ने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। प्राचीन ज्ञान, संस्कार और आधुनिक तकनीक के इस संगम के साथ अयोध्या का गुरुकुल अब डिजिटल युग की नई राह पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि सेना, राजनीतिक इच्छा का सीधा विस्तार है। किसी देश के राजनीतिक हित सबसे ऊपर होते हैं और सेना उन हितों की रक्षा करने वाले कई माध्यमों में से एक हैं। पूर्व CDS ने कहा- “शुरुआत इस बात से करते हैं कि राजनीति और युद्ध अलग नहीं हैं। क्लॉजविट्ज ने कहा था कि युद्ध दूसरे माध्यमों से राजनीति को आगे बढ़ाना है।” पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर चर्चा की। यह आयोजन विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ने रखा था। इस दौरान पूर्व CDS ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन के रिश्ते पर बात की। चौहान बोले- युद्ध और राजनीति अलग नहीं जनरल चौहान ने प्रूशियाई जनरल कार्ल वॉन क्लॉजविट्ज की प्रसिद्ध बात का जिक्र किया कि युद्ध दूसरे माध्यमों से राजनीति को आगे बढ़ाने का तरीका है। उन्होंने कहा, “किसी देश के राजनीतिक हित सबसे ऊपर होते हैं और सशस्त्र बल उनकी रक्षा के लिए काम करने वाले माध्यमों में से सिर्फ एक हैं। ऐसे कई माध्यम होते हैं।” प्रूशियाई जनरल कार्ल वॉन क्लॉजविट्ज की किताब ‘ऑन वॉर’ (वॉम क्रिगे) आधुनिक पश्चिमी सैन्य सिद्धांत की आधारशिला मानी जाती है। यह किताब उनकी मौत के बाद 1832 में उनकी पत्नी मैरी वॉन ब्रुहल ने प्रकाशित की थी। क्लॉजविट्ज ने नेपोलियन के खिलाफ अभियान में हिस्सा लिया था। सरकार को सैन्य विकल्प देना सेना की जिम्मेदारी जनरल चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में जब सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए बल प्रयोग का फैसला करती है, तब सेना की जिम्मेदारी दो तरह की होती है। पूर्व सीडीएस ने कहा कि सरकार जितने सैन्य विकल्प चाहती है, उन्हें तैयार करने के लिए शांतिकाल में उतना ही पैसा रक्षा क्षमताओं को विकसित करने पर खर्च करना होगा। सैन्य नेतृत्व को सरकार को ऐसे विकल्प देने होते हैं, जिन्हें खास रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा, “राजनीतिक लोकतंत्र में जब भी सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बल प्रयोग का फैसला करती है, तब रक्षा बलों या सेना की भूमिका दो तरह की होती है।” ट्रेनिंग और युद्धाभ्यास से बढ़ते हैं विकल्प जनरल चौहान ने कहा कि सैन्य विकल्पों की संख्या और उनकी गुणवत्ता अचानक तैयार नहीं होती। इसके लिए शांतिकाल में लगातार तैयारी करनी पड़ती है। इसमें कड़ी ट्रेनिंग, युद्धाभ्यास और अलग-अलग संभावित हालात की योजना बनाना शामिल है। उन्होंने कहा, “विकल्प इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि सैन्य नेतृत्व ने किस तरह की ट्रेनिंग दी है, किस तरह के युद्धाभ्यास किए हैं और किन संभावित हालात पर काम किया है। इससे हमारे पास उपलब्ध विकल्पों की संख्या बढ़ती है।” उन्होंने यह भी कहा कि हर सैन्य विकल्प में किसी न किसी तरह का जोखिम होता है। कमांडरों और नेताओं को इस जोखिम और हासिल किए जाने वाले राजनीतिक नतीजे के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। जनरल चौहान ने कहा, “हर विकल्प में एक खास तरह का जोखिम होता है और वह उस राजनीतिक जरूरत को भी पूरा करता है, जिसके लिए उसका इस्तेमाल किया जाना है। इसलिए यह जोखिम और राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के बीच का तालमेल है।” ऑपरेशन सिंदूर का असर अब भी रणनीतिक चर्चा का विषय ऑपरेशन सिंदूर के बड़े सक्रिय अभियान खत्म हुए लगभग 15 महीने हो चुके हैं। जनरल चौहान ने कहा कि इसके बावजूद ऑपरेशन का रणनीतिक असर बना हुआ है और भारत के साथ विदेशों में भी रणनीतिक मामलों के जानकार इस पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “इसे खत्म हुए करीब एक साल और तीन महीने हो चुके हैं। कुछ मायनों में यह अब भी जारी है। सक्रिय अभियानों का बड़ा हिस्सा खत्म हो चुका है, लेकिन यह विषय सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी रणनीतिक समुदाय की दिलचस्पी का विषय बना हुआ है।” उन्होंने कहा कि ऐसे ऑपरेशन का आकलन सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसमें ऑपरेशन से मिली सीख, सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदम, आधुनिक युद्ध के बदलते तरीके और दुनिया में बनी अनिश्चितताओं को एक साथ देखना जरूरी है। कमियों और बदलते युद्ध से नई चुनौती पूर्व सीडीएस ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों का भी आकलन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही युद्ध के बदलते तरीके और व्यापक भू-राजनीतिक माहौल को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन में लोगों ने जो कमियां देखीं, उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए कदम, युद्ध के बदलते तरीके और दुनिया में बनी अनिश्चितताएं मिलकर हम सभी के सामने एक नई तरह की चुनौती खड़ी करती हैं।”
फरीदकोट जिले के अंतर्गत आते गांव संधवां में चोरों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक क्लीनिक को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर करीब 22 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। यह पूरी वारदात क्लीनिक के बाहर और भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें तीन नकाबपोश चोर चोरी करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह मामला गांव संधवां स्थित 'कटारिया क्लीनिक' का है। क्लीनिक के संचालक गोपाल कटारिया ने बताया कि वे रोजाना की तरह रात को अपना क्लीनिक सुरक्षित बंद करके घर गए थे। सुबह स्थानीय लोगों या पड़ोसियों के माध्यम से उन्हें सूचना मिली कि उनके क्लीनिक का शटर आधा खुला हुआ है। जब गोपाल कटारिया तुरंत मौके पर पहुँचे, तो उनके होश उड़ गए। चोरों ने बड़ी चालाकी से शटर को बीच से तोड़ा था और अंदर दाखिल होकर गल्ले (कैश काउंटर) में रखी करीब 22,000 रुपये की नकदी समेट कर रफूचक्कर हो गए थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर खुले राज पीड़ित द्वारा क्लीनिक में सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई, जिससे वारदात का तरीका सामने आया। फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन व्यक्ति क्लीनिक के बाहर रुकते हैं। आरोपियों ने पहले आसपास सूनेपन का फायदा उठाया और फिर शटर तोड़कर बेहद कम समय में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। थाना सदर कोटकपूरा पुलिस जांच में जुटी क्लीनिक संचालक गोपाल कटारिया ने इस चोरी के संबंध में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना सदर कोटकपूरा की पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और चोरों के हुलिए व मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने में जुट गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।
एटा के कृषि विभाग में नवनियुक्त 30 प्राविधिक सहायकों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने नियुक्ति पत्र सौंपे। जिला प्रशासन ने इसकी जानकारी मंगलवार शाम 4:50 बजे आधिकारिक माध्यम से साझा की। इन नियुक्तियों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। न्याय पंचायत स्तर पर होगी तैनाती नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों की तैनाती न्याय पंचायत स्तर पर की जाएगी। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि तकनीक, विभागीय योजनाओं और शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी व सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया। ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करने का आह्वान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप किसानों के हित में संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं और किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कर्मचारियों से टीम भावना के साथ काम करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुंचाने का आग्रह किया। लखनऊ के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का देखा सीधा प्रसारण कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कृषि विभाग के 3,446 नवनियुक्त कर्मचारियों और मंडी परिषद/मंडी सचिव के 126 पदों पर नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य बंटी, ब्लॉक प्रमुख मारहरा रवि वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
डबल मर्डर के 45 साल बाद 70 वर्षीय आरोपी को मिली रिहाई; 3 अन्य आरोपियों की मौत
झारखंड के दुमका में 1981 में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 70 वर्षीय आरोपी साइमन सोरेन की उम्रकैद की सजा निलंबित कर उसे रिहा करने का आदेश दिया। मुकदमे और अपील की लंबी प्रक्रिया के दौरान तीन सह-आरोपियों की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को न्यायिक व्यवस्था की विफलता बताया।
देवरिया में 11 हजार वोल्ट तार से किसान की मौत:धान की सिंचाई करते समय करंट की चपेट में आने से हादसा
देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के कोईलगढ़हा गांव में मंगलवार दोपहर एक किसान की 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई। 25 वर्षीय किसान धान की फसल की सिंचाई करने खेत पर गया था। हादसे के बाद उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक किसान की पहचान कोईलगढ़हा गांव निवासी राहुल यादव (25) पुत्र हरिश्चंद्र यादव के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर वह अपने खेत में धान की सिंचाई कर रहे थे। बताया जा रहा है कि सिंचाई के दौरान वह खेत के पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के विद्युत तार के संपर्क में आ गए। करंट लगने से राहुल गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े। हादसे की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें गंभीर हालत में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किसान की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में शोक का माहौल छा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिहार: मशीनी युग में भी बांका के किसान हल-बैल के सहारे कर रहे पारंपरिक खेती
25 मंगलवार, अगस्त: खेती लगातार आधुनिक होती जा रही है, लेकिन बांका जिले के कई इलाकों में किसान आज भी हल-बैल के सहारे पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे हैं। ये किसान आधुनिक कृषि मशीनों से दूर रहकर पुराने तरीकों पर भरोसा कायम रखे हुए हैं।
गोपालगंज में विवाहिता की मौत:ससुराल पक्ष पर मर्डर का आरोप, घर छोड़कर भागे सभी
गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के श्याम भैंसाही गांव में 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान श्याम भैंसाही गांव निवासी राजकुमार राय की पत्नी उर्मिला देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। मृतका के पिता, बरौली थाना क्षेत्र के डड़वा गांव निवासी रामा शंकर चौधरी ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. गला दबा और बिजली का करंट लगाकर हत्या - पिता उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने अपनी बेटी उर्मिला देवी की शादी श्याम भैंसाही गांव निवासी सुदामा चौधरी के बेटे राजकुमार राय से हिंदू रीति-रिवाज से की थी। पिता का आरोप है कि पारिवारिक कलह के कारण उनकी बेटी की गला दबाकर और बिजली का करंट लगाकर हत्या की गई है। आरोप है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने शव को घर के बाहर रख दिया और सभी फरार हो गए। पुलिस मर्डर और सुसाइड दोनों बिंदुओं पर कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही मांझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
ललितपुर में कृषि विभाग के चयनितों को नियुक्ति पत्र:विकास भवन में जिला पंचायत प्रशासक ने किए वितरित
ललितपुर में मंगलवार को विकास भवन स्थित सभागार में कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक (ग्रुप सी) के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम दोपहर तीन बजे उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रशासदेक कैलाश निरंजन, मंत्री प्रतिनिधि चंद्रशेखर पंथ, सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष श्रीकांत कुशवाहा और मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित मुख्य नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। जनप्रतिनिधियों ने सरकार की ओर से सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
जिले के दक्षिणांचल की सड़कों का कायाकल्प हो रहा है। कभी उपेक्षित रहे इस क्षेत्र में 45 किमी सड़कों की दशा सुधारने के लिए 177 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुचि लेने के बाद यहां रोड कनेक्टिविटी का संजाल बढ़ा है। यहां सड़कों को दो लेन चौड़ा व सुदृढ़ बनाया जा रहा है। 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 57 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली धुरियापार, उरुवा-शाहपुर-बेलघाट मार्ग चौडीकरण परियोजना का लोकार्पण कर इस क्षेत्र को बड़ी सौगात दी थी। इसी क्रम में वर्तमान में जिले के दक्षिणी हिस्सों में सड़क निर्माण की जो परियोजनाएं प्रगतिमान हैं, उनमें से लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड की तरफ से बनवाई जा रही तीन सड़कें 30 सितंबर तक पूरी हो जाएंगी। प्रांतीय खंड ने गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग पर 13.075 किलोमीटर लंबाई में सड़क का निर्माण 95 प्रतिशत से अधिक तक पूरा करा लिया है। 60.59 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अगले माह शत प्रतिशत पूर्ण हो जाएगी। प्रांतीय खंड की तरफ से ही बनवाई जा रही महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग पर टूलेन सड़क के निर्माण का भी करीब 90 प्रतिशत कार्य कराया जा चुका है। 15.20 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बनाने में 35.56 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी तरह भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग पर चैनेज 25.2 से चैनेज 41.33 के मध्य 16.13 किलोमीटर की लंबाई में टूलेन सड़क बनवाई जा रही है। 81.01 करोड़ रुपये की इस सड़क परियोजना पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 70 प्रतिशत से अधिक कार्य करा लिया है। कार्यदायी संस्था को इसे 30 सितंबर पूरा कराने को कहा गया है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह का कहना है कि विभाग का जोर सभी निर्माणाधीन सड़कों को लक्षित समय सीमा के भीतर पूरा कराने पर है। सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर होने का सबसे अधिक फायदा, बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास से दशकों तक पिछड़े रहे दक्षिणांचल को हो रहा है। पहले गड्ढों से भरी सड़कों के कारण इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए शहर जाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है।
लखनऊ में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा न कहें जाने पर अहम बयान दिया है। मौलाना यासूब अब्बास ने हिजाब को इस्लाम का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि मैं इलाहाबाद हाईकोर्ट का सम्मान करता हूं, मगर हाईकोर्ट को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इस्लाम मज़हब में पर्दे की अहमियत को समझते हुए अपना फैसला देना चाहिए। इस्लाम और इस्लामी शरीयत में पर्दे का हुक्म दिया गया है। मौलाना ने कहा कि हमारे देश में हर मज़हब की औरतें और बच्चियां पर्दा करतीं हैं और ये उनका अधिकार है।
जगन्नाथपुरा मोक्षधाम में 21 पौधे लगाए:पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर नियमित देखभाल का लिया संकल्प
माधोराजपुरा। ग्राम पंचायत जगन्नाथपुरा स्थित मोक्षधाम परिसर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल की गई। वरिष्ठ उद्यानविद्वान डॉ. दिलीप कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के 21 पौधे रोपे गए। इस दौरान पर्यावरण प्रेमियों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। पर्यावरण प्रेमी दिनेश बागड़ा ने जानकारी दी कि मोक्षधाम परिसर में आम, अमरूद, गूलर, पीपल, मौलश्री, जामुन, नीम, अशोक और बिल्वपत्र सहित कई प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। उपस्थित लोगों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहते हुए, उन्हें नियमित रूप से पानी देने, सुरक्षा प्रदान करने और वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करने की शपथ ली। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मोक्षधाम परिसर में लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में न केवल परिसर की सुंदरता और हरियाली बढ़ाएंगे, बल्कि राहगीरों और आसपास के लोगों को छाया, शुद्ध हवा और बेहतर पर्यावरण भी प्रदान करेंगे। ग्रामीणों ने बढ़ते तापमान और घटती हरियाली के मौजूदा दौर में ऐसे प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया। सामूहिक भागीदारी से इन पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित होने पर यह परिसर भविष्य में हरा-भरा और आकर्षक दिखाई देगा। लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को एक जनअभियान बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर रामस्वरूप सोरठिया, गणेश शर्मा, जितेंद्र शर्मा, प्रभु गुर्जर, आशीष शर्मा, नरेश बागड़ा, वरिष्ठ पत्रकार सुनील शर्मा, रामबाबू सोरठिया, हेमराज शर्मा और कैलाश सोरठ्या सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
बुलंदशहर पुलिस ने किया ब्लड डोनेट:'O नेगेटिव' खून देकर युवक की बचाई जान, परिजन हो रहे थे परेशान
खाकी का नाम सुनते ही अक्सर जहन में सख्ती, कानून और अनुशासन की तस्वीर उभरती है, लेकिन जब बात किसी असहाय जिंदगी को बचाने की हो, तो यही खाकी एक मसीहा बनकर सामने खड़ी होती है। ऐसा ही एक भावुक और दिल को छू लेने वाला नजारा बुलंदशहर के खुर्जा में देखने को मिला, जहाँ दो पुलिसकर्मियों ने अपना खून देकर एक मरणासन्न युवक को मौत के मुंह से खींच निकाला। हाल ही में हुए एक विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए अंकुर चौधरी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे। इलाज के दौरान अचानक शरीर में खून की भारी कमी हो गई और उसकी सांसें उखड़ने लगीं। डॉक्टरों ने परिजनों को साफ कह दिया कि यदि तुरंत दुर्लभ 'O Negative' ब्लड ग्रुप नहीं मिला, तो अनहोनी हो सकती है। खून का यह ग्रुप दुर्लभ होने के कारण परिजन बदहवास होकर दर-दर भटकने लगे, पर कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। परिजनों की आंखों के आगे अंधेरा छा चुका था और हर बीतता पल अंकुर की जिंदगी पर भारी पड़ रहा था। जैसे ही इस गंभीर स्थिति की भनक पुलिस को लगी, वर्दी के भीतर का मानवीय चेहरा जाग उठा। थाना खुर्जा देहात में तैनात उपनिरीक्षक पंकज और थाना खुर्जा नगर में तैनात मुख्य आरक्षी मो. जावेद ने एक पल का भी विलंब नहीं किया। ड्यूटी का फर्ज निभाते-निभाते दोनों जवान इंसानियत का फर्ज अदा करने के लिए अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल पहुँचकर दोनों जवानों ने बिना झिझक अपनी बांहें फैला दीं और अपना रक्तदान किया। सही समय पर खून मिलते ही अंकुर की गिरती हुई धड़कनें संभल गईं और उसकी हालत में सुधार होने लगा। जब डॉक्टर ने मरीज के खतरे से बाहर होने की पुष्टि की, तो परिजनों की आंखों से बह रहे डर के आंसू अचानक कृतज्ञता की धार में बदल गए। रोते-बिलखते माता-पिता ने भावुक होकर पुलिसकर्मियों के हाथ थाम लिए और बुलंदशहर पुलिस का धन्यवाद किया। इन दो जवानों ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत को जीवित रखने के लिए भी पहनी जाती है।
जालौन जिले के सिरसाकलार थाना क्षेत्र के कर्मुखा गांव में मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाते समय एक किसान की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया है कि कर्मुखा गांव निवासी विजयपाल (40) मंगलवार को यमुना नदी में नहाने गए थे। नहाते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी की ओर चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाए और डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने विजयपाल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना की जानकारी गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठे हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से किसान को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना परिजनों को मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, विजयपाल खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। गांव में भी शोक का माहौल है। सिरसाकलार थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने तकनीकी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर उदित भाटिया और प्रोफेसर विवेक कपाड़िया के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम और जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पार्षद भी शामिल हुए। इसमें शहर के जलभराव संभावित क्षेत्रों में स्थायी और प्रभावी समाधान विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों को दी प्राथमिकता बैठक में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। इन स्थानों पर बारिश के दौरान जल जमाव के बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने जल निकासी के साथ-साथ बारिश के पानी के संग्रहण और भूजल रिचार्ज की संभावनाओं पर भी विचार किया। वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना चर्चा के दौरान 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना पर बात हुई। इसके अतिरिक्त, अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के प्रस्ताव पर भी मंथन किया गया। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को नियंत्रित तरीके से संग्रहित करना, उसकी निकासी को बेहतर बनाना और जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। समय सीमा में लक्ष्य तय करने पर जोर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रस्तावित कार्यों के लिए एक वर्ष की समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें पूरा करने का लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने यह भी बताया कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं की क्षमता आने वाली बरसात की मौजूदा जरूरत से लगभग तीन गुना अधिक रखी जाएगी। स्थायी और तकनीक आधारित व्यवस्था जरूरी निगमायुक्त ने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में जलभराव का समाधान केवल बारिश के समय पंप लगाकर पानी निकालने तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए स्थायी और तकनीक आधारित व्यवस्था जरूरी है। नई व्यवस्थाओं से जलभराव की समस्या कम होने के साथ भूजल रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव भी कम होगा। बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव व अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव व विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी और कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हनुमानगढ़ में नोहर सिंचाई परियोजना में पानी की लगातार कमी को लेकर मुख्य अभियंता, जल संसाधन (उत्तर) प्रदीप रुस्तगी ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। यह बैठक नोहर सिंचाई कॉलोनी में हुई। इसके बाद सिरसा में भाखड़ा जल सेवाएं एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक हुई। इसमें पंजाब और हरियाणा से राजस्थान को मिल रहे पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्धारित मात्रा से कम पानी मिलने पर जताई नाराजगी बैठक में अधीक्षण अभियंता भाखड़ा जल सेवाएं वृत्त सिरसा, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन वृत्त नोहर, अधिशासी अभियंता जल संसाधन खंड नोहर, अधिशासी अभियंता भाखड़ा जल सेवाएं खंड नहराना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अभियंता रुस्तगी ने नोहर एवं भादरा क्षेत्र में निर्धारित मात्रा से कम पानी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को हरियाणा-पंजाब संपर्क बिंदु से लेकर सीपी-4 एवं सीपी-5 तक संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही, केंद्रीय जल आयोग (CWC) एवं भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के सहयोग से पानी का वैज्ञानिक मापन शीघ्र कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक जल उपलब्धता का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक एवं निरीक्षण के दौरान राजस्थान राज्य जल उपयोक्ता संगम के अध्यक्ष गुरमेल सिंह, कृष्ण गोदारा, इंद्राज पटीर, हरमीत सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बालाघाट। जिले के अग्रणी जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने महाविद्यालय प्रबंधन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें मांगों का निराकरण न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। एबीवीपी के जिला संयोजक आदित्य अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष एनसीसी कैडेट्स की भर्ती फिजिकल टेस्ट के बजाय प्रतिशत के आधार पर की जा रही है, जिससे इच्छुक विद्यार्थी परेशान हैं। एबीवीपी की मांग है कि कैडेट्स भर्ती में प्रतिशत के साथ फिजिकल टेस्ट का कोटा भी शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पोर्टल पर उनके विषय प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। जब छात्र इस संबंध में महाविद्यालय प्रबंधन से संपर्क करते हैं, तो उन्हें विश्वविद्यालय का हवाला देकर टाल दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, एबीवीपी ने लाइब्रेरी में वाई-फाई सुविधा का अभाव, छात्रों की छात्रवृत्ति संबंधी समस्याएं और कक्षाओं के नियमित संचालन न होने जैसी कई अन्य समस्याओं को भी उठाया। आदित्य अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर इन मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महाविद्यालय के सामने चक्काजाम आंदोलन करने को बाध्य होगा।

