अखाड़े से संसद तक, अपमान से ताकत तक...। फिर भी कोई एक होता है जो अपमान को आग बना लेता है और हार को हथियार। वहीं से जन्म लेते हैं राजनीति के असली किरदार... एक नेता जो गेस्टहाउस के कमरे में जान बचाने के लिए छिपी थी और अगली सुबह वो सीएम थी। एक लड़ाई जिसने प्रधानमंत्री को अदालत के कठघरे में लाकर खड़ा किया। ये कहानी सत्ताधीशों की नहीं, बल्कि उनसे टकराने वालों की है। यूपी को राजनीतिक रंगभूमि बनाने वाले नेताओं का कहानियां... 'राजनीति की रंगभूमि'। देखिए कल 15 जनवरी से...
हरियाणा में हाड़ कंपाने वाली ठंड का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने 14 जनवरी के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीत लहर से अत्यधिक शीत लहर (सीवियर कोल्ड डे) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब रह सकती है, जिससे यातायात पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, झज्जर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूह में सर्दी का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। शेष हरियाणा में कोहरा व कोल्ड डे की स्थिति रह सकती है। पिछले 24 घंटों में हरियाणा के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक तापमान पलवल में 22.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि करनाल में यह केवल 10.0 डिग्री रहा। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम एक्सपर्ट बोले- 19 के बाद बारिश होगीहिसार के चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, हरियाणा में 16 जनवरी तक मौसम आमतौर पर सूखा रहेगा। इस दौरान उत्तर-पश्चिम से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे रात का तापमान थोड़ा गिर सकता है और दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के कुछ इलाकों में पाला भी पड़ सकता है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह और देर रात हल्की से मध्यम धुंध छाई रह सकती है। 16 और 19 जनवरी की रात को दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव हो सकता है। 17 और 18 जनवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 19 जनवरी के बाद राज्य के ज्यादातर इलाकों में बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी...
मथुरा में MVDA की कार्यवाही:2 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, चार निर्माण किये सील
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनियों और बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही की। विकास प्राधिकरण की इस कार्यवाही से भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया। MVDA ने 2 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया तो 4 निर्माण को सील कर दिया। जैत में दो अवैध कॉलोनी ध्वस्त विकास प्राधिकरण ने सबसे बड़ी कार्रवाई थाना जैत क्षेत्र के अंतर्गत मौजा जैत में की। जहां ललित बंसल और पवन राजावत द्वारा भक्ति वेदांता मंदिर के समीप करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृति के अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर आरसीसी सड़कों सहित अवैध ढांचों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कॉलोनी को लेकर जुलाई 2025 में ही ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हो चुके थे, लेकिन आदेशों की अनदेखी के चलते मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई। मानचित्र के विपरीत निर्माण पर सीलिंग MVDA ने वृंदावन रोड स्थित आनंदा कॉलोनी के सामने सुनील भदौरिया और अरविंद कुमार द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए निर्माणों को सील कर दिया। इसके अलावा मयूर संरक्षण केंद्र के पास घनश्याम सिंह की दुकान तथा गौरव वार्ष्णेय के लगभग 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किए गए अवैध निर्माण पर भी ताले जड़ दिए गए। गौरव वार्ष्णेय द्वारा शमन (कंपाउंडिंग) का प्रयास किया गया, लेकिन मानचित्र के विपरीत निर्माण पाए जाने पर प्राधिकरण ने आवेदन निरस्त कर दिया। भू-माफियाओं में मची अफरा-तफरी एमवीडीए का दस्ता पुलिस बल और बुलडोजर के साथ अवैध निर्माण पर कार्यवाही करने पहुंचा तो अवैध निर्माणकर्ताओं में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग कार्रवाई रुकवाने के प्रयास करते दिखे, लेकिन अधिकारियों ने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है। एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. ने कहा कि अवैध निर्माण और बिना नक्शा स्वीकृत कराए बसाई जा रही कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सीकर जिले में 16 साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की अपने स्कूल में प्रैक्टिकल देने के लिए गई थी। जो वापस नहीं लौटी। अब लड़की की मां ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। लड़की की मां ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि उनकी 16 साल की बेटी है जो वर्तमान में 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। वह 11 जनवरी को सुबह 10 बजे घर से निकली थी जो दूसरे गांव में स्थित सरकारी स्कूल में प्रैक्टिकल देने के लिए गई थी। प्रैक्टिकल देने के बाद वह स्कूल से अपनी तीन सहेलियों के साथ वापस निकल गई। लेकिन घर पर नहीं पहुंची। परिवार ने अपने स्तर पर भी नाबालिग लड़की की तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। फिलहाल अब पुलिस नाबालिग लड़की की तलाश में जुटी है। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में 15 साल का कोचिंग स्टूडेंट लापता:मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था, मां-बहन के साथ किराए के मकान में रहता था सीकर में रहकर फाउंडेशन कोचिंग कर रहे 15 साल के नाबालिग स्टूडेंट के लापता होने का मामला सामने आया है। जो सीकर में अपनी मां और बहन के साथ किराए के मकान में रहता है। मॉर्निंग वॉक के लिए वह निकला था। अब पुलिस नाबालिग स्टूडेंट की तलाश कर रही है।(पूरी खबर पढ़ें)
घर खरीदारों को राहत देने और लंबे समय से अटकी आवासीय परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने एक अहम फैसला लिया है। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश सरकार की स्टॉल्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स नीति के तहत उन बिल्डरों को भी लाभ देना जारी रखने का निर्णय किया है, जिन्होंने तय समयसीमा में पुनर्गणना की गई बकाया राशि का अनिवार्य 25% जमा नहीं किया था। यह निर्णय 3 जनवरी को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक में 21 दिसंबर 2023 को जारी राज्य सरकार के उस आदेश को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई, जिसे कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही बोर्ड ने अपने पहले के उस प्रस्ताव को पलट दिया,जिसमें गैर-अनुपालन करने वाले बिल्डरों से नीति के सभी लाभ वापस लेने की सिफारिश की गई थी। 57 परियोजनाएं नीति के दायरे मेंअमिताभ कांत की सिफारिश के तहत 57 परियोजनाओं में से 31 दिसंबर 2025 तक 36 परियोजनाओं के डेवलपर ने इसका लाभ लिया। जो कि कुल डेवलपर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें 4 ऐसी परियोजनाएं है जिनके द्वारा अपनी सहमति के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। 11 ऐसे डेवलपर है। जिनके द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि के सापेक्ष आंशिक धनराशि जमा करायी गयी। 36 ऐसे डेवलपर है जिनके द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि जमा कराए जाने के बाद कोई भी भुगतान नहीं किया गया। कुल 872.12 करोड़ की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई गई। जिससे 6855 फ्लैट बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री हो सकती है। अब तक 4134 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री की जा चुकी हैं। बोर्ड ने रजिस्ट्री कराने का निर्देश दिया। बकाया देने वाले बिल्डरों को मौकानोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बोर्ड को बताया कि चूंकि अटकी परियोजनाओं की नीति राज्य सरकार की है, इसलिए इसे पूरी तरह वापस नहीं लिया जाना चाहिए। जो बिल्डर बकाया चुकाने को तैयार हैं, उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। बोर्ड ने सहमति जताई कि डिफॉल्टर परियोजनाओं के मामलों को व्यक्तिगत रूप से परखा जाएगा और फिर निर्णय लिया जाएगा न कि एक साथ सभी लाभ वापस लिए जाएं। 21 हजार से अधिक फ्लैट थे अनरजिस्टर्डबोर्ड को बताया गया कि नीति लागू होने के समय 57 परियोजनाओं में 21,034 फ्लैटों का रजिस्ट्री लंबित थी। डेवलपर्स द्वारा किए गए भुगतानों के अनुपात में 6,855 फ्लैटों के पंजीकरण की अनुमति दी गई। 31 दिसंबर 2025 तक 4,134 फ्लैटों का रजिस्ट्री हो चुकी है।
अमेरिका के इंडियाना के ग्रीनवुड में रिहायशी इलाके में जन्मदिन पार्टी के दौरान 2 पक्षों में हुई फायरिंग की घटना में करनाल के वीरेंद्र सांभी की मौत हुई, जबकि दूसरा युवक कुलदीप पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है। अमेरिकन मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी समय के अनुसार 10 जनवरी की रात को करीब साढ़े 11 बजे फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद के बाद हथियार निकाले गए और गोलियां चलीं। घर में चल रही थी बड़ी पार्टी, विवाद के बाद चली गोलियांपुलिस के अनुसार, 10 जनवरी की रात को बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में एक घर में बड़ी जन्मदिन पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर 2 युवकों के बीच बहस हो गई। बहस बढ़ते ही दोनों ने गन निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 4 लोग गोली लगने से घायल मिले। इनमें से एक 37 वर्षीय व्यक्ति को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। ग्रीनवुड निवासी वीरेंद्र सिंह की अस्पताल में मौतघायलों में ग्रीनवुड के रहने वाले 38 वर्षीय वीरेंद्र सिंह को मेथोडिस्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीसरे घायल युवक को एसकेनाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस को सेंट फ्रांसिस अस्पताल से भी सूचना मिली कि वहां एक युवक गोली लगने के बाद पहुंचा है। पुलिस ने अस्पताल में 23 वर्षीय युवक से बात की, जिसने बताया कि उसे भी बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में गोली लगी थी और उसका दोस्त उसे अस्पताल लेकर आया। पड़ोसियों ने कहा, इलाका हमेशा शांत रहता हैघटना स्थल से कुछ घर दूर रहने वाले स्थानीय निवासी जिम बुशर ने मीडिया को बताया कि यह इलाका आमतौर पर बहुत शांत रहता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी वहां रहने वाले लोगों को देखा है और उनके पास एक कुत्ता भी है, लेकिन कभी शोर-शराबा नहीं हुआ। एक अन्य पड़ोसी सरबगिद सिंह ने भी बताया कि उनके इलाके में आमतौर पर ऐसी घटनाएं नहीं होतीं और माहौल हमेशा शांत रहता है। रिटायर्ड थानेदार का बेटा था वीरेंद्र सांभी, परिवार का इकलौता बेटाइस गैंगवार में मारे गए युवक की पहचान करनाल (हरियाणा) के रहने वाले वीरेंद्र सांभी के रूप में भी सामने आई है। वह रिटायर्ड थानेदार मुलतान सिंह का बेटा था और परिवार का इकलौता बेटा बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह करीब 5 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था। 2 साल पहले उसकी पत्नी और बेटा भी डंकी रूट से अमेरिका पहुंच गए थे। घटना वाली रात वह ग्रीनवुड में आयोजित जन्मदिन पार्टी में बुलाया गया था, जहां फायरिंग हुई। पंजाब निवासी कुलदीप की भी गई जान, एक अन्य घायलसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जिसकी पहचान पंजाब के रहने वाले कुलदीप के रूप में हुई है। फायरिंग में कुलदीप को भी गोली लगी और उसकी भी मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ाव की बात आई सामनेजानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सांभी का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। इसी गैंग से जुड़ाव को लेकर इस हमले को गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। हमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी दी गई और आगे और हमलों की धमकी भी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहींघटना के बाद अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान साझा नहीं किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था नेटवर्क, बाद में अलग होकर बनाया गिरोहरोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े जा चुके सदस्यपिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के 2 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, संजय पर दस और नरेश पर 4 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।
पंजाब अपडेट्स:हरियाणा के CM बोले- पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा, अकाली दल की हालत इनेलो जैसी
पंजाब की राजनीति में सक्रियता बढ़ा रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा राज्य में अकेले उतर सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल भाजपा के लिए उतने ही सम्माननीय थे, जितने हरियाणा में स्व. देवीलाल। सैनी ने बताया कि पहले भी पंजाब भाजपा ने अलग चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बादल साहब के रहते अकाली दल से गठबंधन बनाए रखने का निर्णय लिया। बादल साहब के निधन के बाद अकाली दल की स्थिति हरियाणा की इनेलो-जजपा जैसी हो गई है।नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसे हालात में यह संभावना मजबूत है कि भाजपा इस बार पंजाब में अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरे। मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे पंजाब में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, जबकि राजनीतिक गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत अभी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि मुक्तसर में माघी के अवसर पर पहली बार भाजपा का मंच लगाया जाएगा।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या के विरोध में साधु संतों में भी नाराजगी है। गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरुशंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा, जिस तरह से बांग्लादेश में आज हिंदुत्व खतरे में है, इससे हिंदू समाज आक्रोशित है। अब समय आ गया हिंदुओं को उठने का और खुद को बचाने का। दैनिक भास्कर से बातचीत में अधोक्षजानंद महराज ने कहा, माघ मेले में कल्पवास के बाद हमने बांग्लादेश जाने का निर्णय लिया है। स्वत: अपने हिंदु भाईयों से मुलाकात करूंगा और उनका हौसला आफजाई करूंगा। वहां की सरकारी तंत्र से वार्ता करूंगा कि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को किस तरह से रोका जाए। वहां की वर्तमान सरकार अभी तक इसे रोकने में नाकाम साबित हुई है। इसलिए वहां जल्द से जल्द चुनाव कराने जाने की आवश्यकता है। वहां कुछ शक्तियां हैं जो चुनाव में बाधा डालने का प्रयास कर रही है। लेकिन वहां मौजूदा समय में चुनी हुई सरकार का लाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा इसके लिए हमने भारत सरकार को भी पत्र लिखा है। राष्ट्र व हिंदुत्व की रक्षा के लिए करेंगे यज्ञ और अनुष्ठान अधोक्षजानंद महराज ने बताया, हमारा पिछले तीन सालों से अखंड भारत का भ्रमण चल रहा है। इसमें भारत के विभिन्न प्रांतों व गांवों में जाकर लोगाें को सनातन धर्म के बारे में बताया जा रहा है। इसमें वो देश भी शामिल हैं जो कभी अखंड भारत के अंग थे लेकिन आज अलग देश के रूप में स्थापित हैं। वहां की प्रजाएं जो वो आज भी सनातन के प्रति, वेदों के प्रति जुड़ी हुई हैं। हम उन्हें जागरूक करने का काम कर रहे हैं। दक्षिण भारत की यात्रा करने के बाद हम सीधे माघ मेले में पहुंचे हैं। यहां हमारे शिविर में मकर संक्रांति से वैदिक यज्ञ और हवन का आयोजन चलेगा। देश के अलग अलग राज्यों से यहां यजमान आएंगे और इसमें हिस्सा लेंगे। राष्ट्र व हिंदुत्व की रक्षा के लिए भी यहां यज्ञ का आयोजन होगा।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरुवार (15 जनवरी) की भोर में खिचड़ी चढ़ाएंगे। सीएम ब्रह्म मुहूर्त में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगे। हालांकि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात (13 जनवरी) से ही शुरू हो गया। तमाम श्रद्धालु बुधवार को भी खिचड़ी चढ़ाएंगे जबकि गुरुवार को यहां आस्था का जनसमुद्र दिखेगा। समूची प्रकृति को ऊर्जस्वित करने वाले सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता। अरुणोदय काल में मकर संक्रान्ति का महापर्व गुरुवार को मनाया जायेगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों का शंखनाद गुरुवार भोर में ही हो जाएगा। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था, खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी। मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर पूरी तरह तैयार है। समूचा मंदिर क्षेत्र सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है। यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेला को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में एक अस्थायी थाना और नौ चौकियों की स्थापना की गई है। कुल 2556 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एटीएस की एक टुकड़ी भी तैनात रहेगी। इसमें 25 जवान शामिल रहेंगे। पुलिस विभाग के अनुसार, सिविल पुलिस के 6 एडिशनल पुलिस अधीक्षक, 22 क्षेत्राधिकारी और 84 इंस्पेक्टर मेला की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा 489 उपनिरीक्षक, 1365 पुरुष कांस्टेबल और 235 महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस के एक इंस्पेक्टर, 36 उपनिरीक्षक, 82 हेड कांस्टेबल और 78 कांस्टेबलों को लगाया गया है। साथ ही 155 होमगार्ड भी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सिविल पुलिस के साथ बड़ी संख्या में पीएसी बल की भी तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी।सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से 24 घंटे की जाएगी। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के बाद नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) ने पूरा ठीकरा प्रशासक, वेटनरी डॉक्टर और 11 कर्मचारियों पर फोड़ा है। वेटनरी डॉक्टर को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि 11 कर्मचारियों पर भी गाज गिरेगी। दूसरी ओर, 2 ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ये दोनों ही एमआईसी से जुड़े हैं। दरअसल, 24 अक्टूबर-25 को आईएसबीटी स्थित महापौर ऑफिस में एमआईसी की जो मीटिंग हुई थी, उसमें 6 बिंदुओं पर चर्चा हुई थी। इसमें छठा और आखिरी बिंदू स्लॉटर हाउस से ही जुड़ा हुआ था। इसमें मार्डन स्लॉटर हाउस को समय वृद्धि दिए जाने की बात एमआईसी मेंबर्स को बताई गई थी। दूसरे पत्र में इसे संकल्प ही बता दियाएमआईसी मीटिंग में समय वृद्धि दिए जाने पर चर्चा हुई थी और उसे मंजूरी भी दी गई, लेकिन जब स्वच्छ भारत मिशन (यांत्रिकी) आरके त्रिवेदी और स्वच्छ भारत मिशन के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के हस्ताक्षर से नोटशीट चली तो उसमें इसे महापौर परिषद का संकल्प बताया। साथ ही आधुनिक स्लॉटर हाउस को 20 साल के लिए दिए जाने की मंजूरी देने का हवाला देना बताया गया। सूत्रों ने बताया कि इसे लेकर एमआईसी के कई सदस्यों में भी नाराजगी है। एक सदस्य ने बताया कि स्लॉटर हाउस को 20 साल के लिए लीज पर दिए जाने से वे भी हैरान है और इसे लेकर आपत्ति भी जताई है। गौर और शर्मा नामंजूर कर चुके प्रस्ताववर्तमान में महापौर मालती राय हैं, जो अगस्त 2022 में चुनी गई थी। उनसे पहले मंत्री कृष्णा गौर और सांसद आलोक शर्मा भी महापौर रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान भी स्लॉटर हाउस को लेकर प्रस्ताव आए थे, लेकिन दोनों ही लौटा दिए थे, लेकिन मेयर राय के कार्यकाल में न सिर्फ स्लॉटर हाउस का संचालन शुरू हुआ, बल्कि यहां से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि भी हुई। इसके चलते ही मंत्री गौर, सांसद शर्मा की नाराजगी भी देखने को मिल चुकी हैं। मंत्री विश्वास सारंग कह चुके हैं कि गो हत्या करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि वह नजीर बनेगी। वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कहीं। दूसरी ओर, मंगलवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। इस पूरी बैठक में विपक्ष एमआईसी और मेयर से इस्तीफा मांगता रहा। इस मुद्दे पर सदन से वॉक आउट भी कर दिया। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि एमआईसी मेंबर 'शहर सरकार' के मंत्री हैं। मंत्रियों ने कैसे स्लॉटर हाउस को चालू करने के आदेश दे दिए। कोर्ट में मैंने खुद स्टे लिया था, लेकिन एमआईसी ने मीटिंग में इसे शुरू करने की सहमति दे दी। ऐसे में एमआईसी और मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए। यह धार्मिक आस्था से भी खिलवाड़ है। मेयर बोलीं- प्रशासक के समय टेंडर की परमिशनइस पूरे मामले में महापौर राय खुद को बचाती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल, मौजूदा परिषद से पहले करीब 2 साल तक निगम में प्रशासक तैनात थे। यानी, संभाग आयुक्त ने निगम की कमान संभाली थी। महापौर राय का कहना है कि स्लॉटर हाउस के टेंडर की परमिशन हमारी एमआईसी ने नहीं दिया। 2022 में जब प्रशासक नियुक्त थे, तब टेंडर हुआ था। वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर पर कार्रवाई हो चुकी है। नगर निगम का जो भी अधिकारी इसमें शामिल होगा उस पर भी कार्रवाई होगी। स्लॉटर हाउस में गोमांस का यह मामलाजिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। स्लॉटर हाउस को शुरू करने संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं आया। इस वजह से कांग्रेस के साथ बीजेपी पार्षद भी नाराज हैं। इसके चलते वेटनरी डॉक्टर गौर को संभागायुक्त संजीव सिंह ने सस्पेंड कर दिया है।
नमस्कार, कानपुर में कल (मंगलवार) की बड़ी खबरें… दुर्गा मंदिर के पास खेत में 100 गोवंश के अवशेष मिलने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। JCP ने मामले में इंस्पेक्टर समेत चार को सस्पेंड कर दिया। भाजपा विधायक राहुल सोनकर ने कहा- अगर आरोपी पकड़े नहीं गए तो मस्जिदों के दरवाजों पर सुअर की बोटियां मिलेंगी। पत्नी-बेटे के हत्यारे को इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड बनकर पकड़ा। किन्नरों ने शोभायात्रा निकाली। हजारों किन्नर बग्घी, घोड़े और विटेंज कार पर सवार होकर सड़क पर निकले। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें 1: शाही बग्घी, विंटेज कार...घोड़े पर सवार होकर निकले किन्नर:कानपुर में 11KM तक नाचते-गाते शोभायात्रा निकाली; देखने वालों की लगी भीड़ कानपुर की सड़कों पर मंगलवार को किन्नर अलग अंदाज में निकले। कोई विंटेज कार पर सवार था, तो कोई रथ और घोड़े पर। किन्नरों का यह अंदाज देखने के लिए सड़क के किनारे लोगों की भीड़ लग गई। यह आयोजन नौबस्ता-अर्रा के शकुंतला लॉन में अखिल भारतीय किन्नर महासभा ने किया। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से 15 हजार से ज्यादा किन्नर शामिल होने पहुंचे। पिछले 4 दिन से रोजाना यह कार्यक्रम चल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को शोभायात्रा निकाली गई। इसमें राजस्थानी ऊंट और शाही बग्घी भी शामिल रही। पढ़ें पूरी खबर 2: भाजपा MLA बोले- मस्जिदों के सामने सुअर की बोटियां मिलेंगी:कानपुर में 4 पुलिसवाले सस्पेंड, मंदिर के पास गोवंश का मांस मिला था कानपुर में दुर्गा मंदिर के पास खेत में 100 गोवंश के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। इसका पता चलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। सड़क किनारे खड़ी कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ भी कर दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हंगामा बढ़ते देख 5 थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, मगर हंगामा शांत नहीं हुआ। कार्यकर्ताओं ने खेत मालिक पर गोकशी कराने का आरोप लगाया। पुलिस जांच में पता चला कि कब्रिस्तान की चहारदीवारी से सटे एक खेत में टीन का घेरा बनाकर अवैध रूप से मवेशियों के अवशेष छिपाकर रखे गए थे। पढ़ें पूरी खबर 3: 10 रुपए में शेर-चीता-भालू के साथ सेल्फी लें:कानपुर चिड़ियाघर में धूप निकलते ही भीड़ बढ़ी, गैंडा आराम करता दिखा लंबे समय तक चली कड़ाके की ठंड के बाद जैसे ही धूप की हल्की किरणें धरती पर उतरीं, इंसानों के साथ-साथ वन्य जीवों ने भी राहत की सांस ली। बीते कई दिनों तक सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन ही नहीं, बल्कि जंगलों की रफ्तार भी थाम दी थी। लोग अलाव और गर्म कपड़ों में सिमटे रहे, वहीं वन्य जीव भी ठंड से जूझते नजर आए। कानपुर प्राणी उद्यान में ठंड के दिनों की तस्वीरें कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही थीं। खुले बाड़ों में रहने वाले शेर, चीता, तेंदुआ और बाघ सुस्त दिखाई दे रहे थे। कई बार ये जानवर धूप की तलाश में एक ही जगह घंटों बैठे रहते थे। पक्षियों की चहचहाहट भी ठंड में दब सी गई थी और रंग-बिरंगे पक्षी पंख फुलाकर ठिठुरते नजर आ रहे थे। पढ़ें पूरी खबर 4: पत्नी-बेटे के हत्यारे को इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड बन पकड़ा:कानपुर में क्रॉसिंग पर हरी झंडी लेकर खड़े हुए, देखते ही दौड़ा लिया कानपुर में पत्नी-बेटे के हत्यारे को इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड बनकर पकड़ा। आरोपी की लोकेशन मिलते ही इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे। आरोपी उन्हें पहचान न पाए, इसलिए गेटमैन से रेलवे गार्ड की ड्रेस, हेलमेट और हरी झंडी ली। ट्रैक पर खड़े हो गए। इसी बीच, आरोपी खेतों से निकला। इंस्पेक्टर ने आरोपी को आवाज दी तो वह भागने लगा। एक किलोमीटर तक घाटमपुर इंस्पेक्टर ने हत्यारोपी का पीछा किया और पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस की टीमों को बुलाया। आज पुलिस आरोपी सुरेंद्र यादव को कोर्ट में पेश करेगी। पढ़ें पूरी खबर 5: दरोगा जी की नौकरी से मत खेलो, रोना पड़ेगा:7 जन्मों में कोई मदद नहीं करेगा; कानपुर गैंगरेप पीड़िता के भाई को धमकी कानपुर गैंगरेप केस में 8 दिन से दरोगा अमित कुमार फरार है। भले ही पुलिस आरोपी दरोगा को ट्रेस नहीं कर पा रही है, मगर दरोगा लड़की और उसके परिवार पर दबाव बनाने के हथकंडे अपना रहा है। 12 जनवरी को पीड़िता के भाई को एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप मैसेज भेजा गया। इसमें धमकाते हुए लिखा गया- जिन पर विश्वास करते हो, वहीं छोड़ देंगे… रोना आएगा बाद में… कोई मदद नहीं करेगा तुम्हारी… ऐसी लाइफ जियोगे… शर्म भी नहीं कर पाओगे। भाई ने ये चैट पुलिस को सौंपी है, जिस नंबर से मैसेज आया है, वो स्विच ऑफ है। कानपुर पुलिस इस नंबर को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। पढ़ें पूरी खबर6: चौबेपुर में 13 बंदरों के शव मिले:जहर की आशंका, टायरों के निशान दिखे, मारकर फेंके जाने की आशंका कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में वन्यजीवों के साथ क्रूरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार शाम बंदीमाता मार्ग पर फत्तेपुर गांव के पास सड़क किनारे करीब 300 मीटर के दायरे में 13 बंदरों के शव मिले। सभी शव नीले पड़े हुए थे, जिससे ग्रामीणों ने जहर देकर बंदरों को मारने की आशंका जताई है। ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार शाम कुछ लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे पड़े बंदरों के शवों पर पड़ी। पढ़ें पूरी खबर 7: HBTU में पैरों से आलू साफ करने पर भड़के छात्र:श्रीधराचार्य हॉस्टल का मामला, छात्र बोले- पानी नहीं, छत की पपड़ी टूटकर गिर रही कानपुर की हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के श्रीधराचार्य हास्टल में रहने वाले छात्रों ने मंगलवार सुबह डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) ऑफिस में जाकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि सुबह के समय हास्टल की मेस में कर्मचारियों के द्वारा चप्पल पहनकर पैरों से आलू को साफ किया जा रहा था। एक छात्र ने पूरी घटना का वीडियो बनाया। वीडियो के वायरल होते ही छात्रों में आक्रोश फैल गया और सैकड़ों की संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने हास्टल में बाथरुम में दरवाजे न होने, पानी न होने व कमरों की सीलिंग टूटकर गिरने समेत कई समस्याओं को बताया है। पढ़ें पूरी खबर 8: कानपुर में अगले हफ्ते बारिश की संभावना:सुबह और रात में ठंडी, दिन में तेज धूप से राहत; तेजस-गरीबरथ ट्रेन लेट रही कानपुर शहर में अगले हफ्ते बारिश की संभावना है। मंगलवार सुबह धूप निकली है। बीते कई दिनों से मौसम में कोहरे से निजात मिली हुई है। सुबह के समय कोहरा न रहने से विजिबिलिटी साफ है। हालांकि सर्द हवाएं गलन को बरकरार रखे हुए हैं। दिन में तेज धूप निकलने से ठंड से राहत मिल रही है। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 0.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। पढ़ें पूरी खबर 9: मां की सिगरेट-शराब बच्चे को बना रही हार्ट पेशेंट:दिल में छेद हो रहे, कार्डियोलॉजिस्ट के शोध में खुलासा; मां बनने से पहले नशा छोड़ें महिलाओं की गलत आदतें अब उनके बच्चों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही हैं। जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सिगरेट और शराब का सेवन करती हैं, उनके बच्चे जन्म से ही गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। छोटी उम्र में ही हार्ट अटैक, दिल में छेद और दिल की अन्य जटिल समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा कानपुर के एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों के शोध में हुआ है। पढ़ें पूरी खबर 10: कानपुर में 50 हजार अनरजिस्टर्ड ई रिक्शा ढो रहे सवारी:ई रिक्शा की अराजकता से जाम से जूझ रहा शहर, रेलवे लाइन-सड़क और चौराहों पर कब्जा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है, जिसका एक कारण शहर में चलने वाले ई रिक्शा भी है। शहर की हर मुख्य सड़कों पर जाम लगा रहता है। शहर के परेड चौराहा, नयागंज, मूलगंज, घंटाघर, मॉल रोड, रावतपुर क्रासिंग, कल्यानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ई रिक्शा बीच सड़क पर खड़े करके सवारियां भरते है। इस लिए पूरे दिन शहर की सड़कों पर जाम के हालात बने रहते है। शहर की रावतपुर और कल्यानपुर रेलवे क्रासिंग के बीच में रेलवे लाइन के ऊपर ई रिक्शा खड़ा करते हुए सवारियां भरते हुए मिले। पढ़ें पूरी खबर
कपसाड़ कांड की पीड़िता रूबी के घर पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती पहले से ज्यादा बढ़ा दी है। गांव से जुड़ी हर सीमा को सील कर 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। केवल गांव के व्यक्ति को ही मुख्य मार्ग से आने जाने की अनुमति है। आधार कार्ड के साथ साथ खुद को कपसाड़ निवासी बताने वाले व्यक्ति के वाहन का पंजीकरण तक देखा जा रहा है। जिस तरह के हालात हैं, उसके बाद फिलहाल कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। यह चार तस्वीरें देखें ... कपसाड़ की सड़कों पर पसरा सन्नाटा कपसाड़ की घटना के बाद हर दिन गांव के हालात बदल रहे हैं। एक अजीब सा सन्नाटा गांव में पसर गया है। इसकी वजह हर दिन बरती जा रही सख्ती है, जिसमें फिलहाल कोई ढील मिलती दिखाई नहीं दे रही है। 12 घंटे की ड्यूटी लगा दी गई है, जिसमें थानेदार से लेकर डिप्टी एसपी, एडिशनल एसपी तक शामिल हैं। डीआईजी/एसएसपी डा. विपिन ताडा भी दिन में दो बार गांव पहुंचकर वहां का जायजा लेते हैं। यहां तक कि डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी और एडीजी जोन भानु भास्कर तक यहां नजर बनाए हैं। प्रवेश के लिए कपसाड़ की आईडी जरूरी जिस तरह की व्यवस्था बनाई गई है, उसके अनुसार तय कर दिया गया है कि जिसके पास कपसाड़ गांव की आईडी होगी उसे ही केवल आने जाने की अनुमति मिलेगी। पुलिस वाहन चालक की आईडी देखती है। शक होने पर उसके वाहन के पंजीकरण नंबर से पते का मिलान किया जाता है। संतुष्टि के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जाता है। 38 प्वाइंट पर पुलिस ड्यूटी लगाई गई अटेरना पुल से कपसाड़ गांव की दूरी तकरीबन तीन किलोमीटर है। नानू पुलिस चौकी के सामने से ही वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। ऐसे में कपसाड़ गांव तक तीन से चार स्थान पर अस्थाई पुलिस चेकपोस्ट तैयार की गई है। अफसरों की मानें तो 38 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं, जिन पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। कोशिश यही है कि आउट साइडर गांव में घुसकर माहौल खराब करने की साजिश ना रच पाए। आस पास का बाजार हुआ प्रभावित कपसाड़ नहर पटरी मार्ग से सटा है, जहां पुलिस का डेरा है। पुलिस की सख्ती का असर ही कहेंगे कि यहां जितनी दुकानें संचालित थीं, उनमें से 80 प्रतिशत बंद चल रही हैं। दुकानदार कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। एक दुकानदार ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि ग्राहक नहीं आने से काम जीरो हो गया है। अटेरना पुल से कपसाड़ के बीच काफी ऐसे खेत हैं, जहां मजदूर काम करने आते हैं। दो दिन से खेत पर काम बंद हैं। मजदूरों पर कपसाड़ की आईडी ना होना इसकी वजह है।
मकर संक्रांति का त्योहार इस बार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। लेकिन 14 जनवरी से ही गंगा नदी में स्नान शुरू हो जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं और साफ-सफाई का अभियान चलाया जाएगा। जिससे कि स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। गंगा के घाटों के किनारे नगर निगम की ओर से लगातार तीन दिन तक विशेष अभियान चलाया जाएगा और साफ-सफाई की जाएगी। आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा, जिससे कि वह घाट के आसपास न जा सके। वहीं घाट के किनारे भी साफ-सफाई की जाएगी। यह अभियान लगातार 16 जनवरी तक जारी रहेगा। 50-50 मीटर की दूरी पर रहेंगे सफाई कर्मी मकर संक्रांति पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा में स्नान के लिए आते हैं। इसलिए सरसैया घाट और अन्य घाटों के आसपास सफाई का विशेष ख्याल रखा जाएगा। बीट वार हर 50 मीटर की दूरी पर सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो सफाई की व्यवस्था बनाकर रखेंगे। इसके साथ ही स्नान स्थल के आसपास लोहे की जालियां भी रखी जाएंगी। जिसमें स्नान करने के बाद लोग पॉलीथिन, कचरा और कूड़ा फेंक सकेंगे। मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारी इस बात का ध्यान रखेंगे कि इसके भरने के बाद तुरंत इसकी सफाई करेंगे, जिससे कि अव्यवस्था न फैले और घाट पर स्वच्छता बनी रहे। जोनल अधिकारी करेंगे नदी की निगरानी नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले गंगा घाटों पर निगरानी करेंगे। नदी में जाने वाली गंदगी को जाल से रोका जाएगा और कचने को तुरंत बाहर निकाला जाएगा। जिससे नदी का जल साफ-सुथरा रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां पर बैरिकेडिंग्स खत्म होगी, वहां पर जाली लगाई जाएगी। जिससे कि कचरा नदी में न जाए। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस काम में बिल्कुल लापरवाही न हो। अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर महोत्सव में मशहूर गायक और रैपर बादशाह पहुंचे। जैसे ही बादशाह ने मंच संभाला, पूरा माहौल पार्टी में बदल गया। उन्होंने अपने फैंस से कहा, “आज मिलकर साथ पार्टी करते हैं।” इसके बाद जैसे ही उन्होंने “रातें फरेबी, यादें फरेबी” गाना गाया, वहां मौजूद हजारों फैंस झूम उठे। अब देखिए कुछ तस्वीरें... मंच पर पहुंचते ही बादशाह ने देर से आने के लिए अपने फैंस से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “अब आ गया हूं, अब पार्टी करते हैं।” इसके बाद उन्होंने अपने दिल की बात भी शेयर की। बादशाह ने बताया कि उनका असली नाम आदित्य है और वह खुद को कोई सुपरस्टार नहीं मानते। उन्होंने कहा कि उनके मां-बाप नहीं चाहते थे कि वह गाना गाने के लिए जाएं, लेकिन फैंस के प्यार ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले नहीं पता था कि वह गोरखपुर से सिर्फ 150 किलोमीटर की दूरी पर हैं।बादशाह की एंट्री के बाद फैंस का जोश देखने लायक था। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर नाचने लगे, गमछा लहराया और जमकर डांस किया। करीब डेढ़ घंटे के शो में बादशाह ने लगभग 25 गाने गाए। इस दौरान वह दो बार स्टेज से नीचे उतरे, फैंस से हाथ मिलाया और फिर वापस मंच पर आ गए।उन्होंने “प्रॉपर पटोला”, “वखरा स्वैग”, “लड़की ब्यूटीफुल”, “डीजे वाले बाबू मेरा गाना चला दो” जैसे अपने 25 से ज्यादा सुपरहिट गाने सुनाए। हर गाने पर फैंस का जोश और बढ़ता गया। बादशाह ने मजाकिया अंदाज में फैंस से कहा, “तुम सबको कसम है गोलघर के मिश्राबु की, अगर आज अपना गला सही लेकर घर गए तो। खूब शोर करो।” इसके बाद पूरा पंडाल शोर और तालियों से गूंज उठा। शो के आखिर में बादशाह ने अपने फैंस को एक खास तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि वह अगले साल गोरखपुर के रेलवे स्टेडियम में परफॉर्म करेंगे और सभी लोगों से जरूर आने की अपील की।दैनिक भास्कर से बात करते हुए फैंस ने कहा कि उन्हें बहुत मजा आया। सभी ने कहा कि अब अगले साल का बेसब्री से इंतजार रहेगा। फैंस ने कहा, “बादशाह लव यू।”
समाज का हर व्यक्ति फले-फूले और उसका परिवार खुशहाल रहे। घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती रहें और लोग तरक्की करें। यही कामना किन्नर अपनी कुलदेवी से करते हैं। किन्नरों की कलश यात्रा इसी का प्रतीक होती है, जिसमें वह समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। लेकिन किन्नरों की कलश यात्रा में एक चीज विशेष होती है। इसमें सिर्फ दो ही कलश होते हैं, जिसे सिर्फ दो किन्नर ही धारण करते हैं। लेकिन इस कलश को सिर्फ वही किन्नर धारण करते हैं, जो कड़ी साधना और व्रत करके खुद को इसके लिए पात्र बनाते हैं। जिसके बाद किन्नरों की सदियों पुरानी परंपरा का वहन करते हुए कलश यात्रा निकालते हैं। दोनों कलश में होता है 7 नदियों का जल किन्नरों की कलश यात्रा मंगलवार को निकाली गई थी। जिसमें सबसे आगे कलश यात्रा के कलश लेकर दो किन्नर थे। किन्नर समाज के लोगों ने बताया कि इन कलश में 7 नदियों का जल होता है, जिसे समाज की खुशहाली की कामना के साथ कलश में भरा जाता है। नदियों के जल के साथ कुछ और परंपरागत चीजें कलश में रखी जाती हैं। जब कलश यात्रा निकाली जाती है, तो सारा किन्नर समाज कुलदेवी से प्रार्थना करता है कि समाज का हर व्यक्ति खुशहाल और निरोगी रहे। इसी कामना के साथ कलश को सारे समाज में घुमाया जाता है। जिससे कुलदेवी की कृपा हर व्यक्ति के ऊपर बनी रहे। सदियों पुरानी परंपरा, 15 दिन होती है साधना किन्नरों की कलश यात्रा में कलश को धारण करने के लिए किन्नरों को कड़ी तपस्या से गुजरना पड़ता है। दोनों कलश जो किन्नर धरण करते हैं, उन दोनों को पहले 15 दिन तक कुलदेवी के सामने विशेष साधना करनी पड़ती है। साधना पूरी होने के बाद ही वह कलश यात्रा का कलश धारण कर सकते हैं। वहीं कलश यात्रा के 24 घंटे पहले से ही उनका व्रत शुरू हो जाता है, जो कलश यात्रा पूरी होने के बाद ही खोला जाता है। यह साधना और व्रत करने वाले किन्नर ही शोभायात्रा के कलश को धारण करते हैं। दुल्हन की तरह सजती हैं किन्नर कलश धारण करने वाली किन्नर देवी मां के सामने सोलह शृंगार करती हैं और फिर दुल्हन की तरह सजती हैं। इसके बाद किन्नर अपने समाज की परंपरा के अनुसार कलश को धारण करती हैं और शोभायात्रा में शामिल होकर पूरे नगर में भ्रमण करके आमजनों की भलाई और खुशहाली की कामना करती हैं। जिसके बाद कुलदेवी के सामने आकर ही उनकी यात्रा पूरी होती है। देवी के सामने किन्नर करते हैं नृत्य किन्नरों का 16 दिन तक चलने वाले सम्मेलन के दौरान किन्नर कुलदेवी की पूजा अर्चना भी करते हैं। अपनी परंपराओं के अनुसार वह पूजा करते हैं और देवी के सामने नृत्य करके समाज के कल्याण की कामना करते हैं। इसके साथ वह यह भी कामना करते हैं कि किसी भी जीव को किन्नर योनि में जन्म न मिले। यह बोले, कलश धारण करने वाले किन्नर 15 दिन की विशेष पूजा के बाद कलश को धारण किया जाता है। इसके पीछे यही मकसद है कि समाज में खुशहाली रहे और हर परिवार के बच्चे स्वस्थ्य और समृद्ध बने रहे। -मोनी किन्नर यह कलश हमारे बुजुर्गों की परंपरा है। इसमें गंगा, यमुना समेत 7 धाराओं का जल रखा जाता है। लोगों के बच्चे सलामत रहें और उनके घर में खुशहाली रहे, यही कामना कलश के माध्यम से की जाती है। -दीपा किन्नर
उत्तर प्रदेश में बुलडोजर की कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामला बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र स्थित खलीलपुर रोड का है, जहां नगर निगम ने एक साथ करीब 300 घरों की दीवारों पर लाल क्रॉस (निशान) लगा दिए हैं। निगम की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी बस्ती में हड़कंप मच गया है। सालों से रह रहे लोग अब बेघर होने के डर से रात भर सो नहीं पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से तानाशाही है और बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनके सपनों के आशियाने पर निशान लगा दिए गए हैं। आजादी के पहले की बस्ती, अब 'अवैध' बताने की तैयारीखलीलपुर रोड पर बने ये मकान कोई दो-चार साल पुराने नहीं हैं। स्थानीय बुजुर्गों और निवासियों का दावा है कि उनकी यह बस्ती आजादी के पहले से आबाद है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोग यहां रहते आ रहे हैं और उनके पास मकानों के पुख्ता कागजात भी मौजूद हैं। लोगों का तर्क है कि जिस जमीन को नगर निगम अब अचानक अपना बता रहा है, वहां वे 70-80 सालों से काबिज हैं। अचानक हुई इस मार्किंग ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखे दहशत की 10 तस्वीरें .... 12 फिट की सड़क को 16 मीटर चौड़ा करने की योजना; ग्रामीणों ने पूछा- क्या यह एक्सप्रेसवे है? नगर निगम की टीम का कहना है कि यहां 16 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है, जिसके दायरे में ये 300 मकान आ रहे हैं। इस पर स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय निवासी केएस रावत ने बताया, आज तक इस रोड का कोई ऐसा नक्शा नहीं रहा। दस्तावेजों में यह रोड 12 से 16 फिट की है। निगम ने खुद यहां नाला बनाया और अब उस नाले के भी पार जाकर घरों को तोड़ने की बात कर रहे हैं। यह कोई एक्सप्रेसवे नहीं है, बल्कि गांव की एक सामान्य सड़क है। 16 मीटर चौड़ा रास्ता बनाने के चक्कर में पूरी बस्ती उजाड़ दी जाएगी। बिना नोटिस लाल निशान: 'अंदर सो रहे लोगों पर क्या घर गिरा देंगे?'निगम की इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा नाराजगी बिना किसी आधिकारिक नोटिस के निशान लगाने को लेकर है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि सरकारी काम का एक तय प्रोसेस होता है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रख दिया गया। एक निवासी अल्पा रावत ने भावुक होते हुए कहा, किसी के घर पर ऐसे आकर निशान कैसे लगाए जा सकते हैं? क्या अंदर बैठे लोगों पर घर गिरा देंगे? मेरी डिलीवरी के समय इस सड़क की हालत इतनी खराब थी कि मुझे पैदल चलना पड़ा। निगम को सड़क बनाने की चिंता नहीं है, लेकिन घर तोड़ने के लिए वे सबसे पहले पहुंच गए। नगर निगम का विरोधाभास: खुद नाला बनाया और अब उसी जमीन को बताया अतिक्रमणस्थानीय लोगों ने नगर निगम की घेराबंदी करते हुए कहा कि कुछ समय पहले ही निगम ने यहां नाला निर्माण कराया था। अगर यह जमीन अवैध थी या सड़क के दायरे में थी, तो नाला बनाते समय इसकी पैमाइश क्यों नहीं की गई? लोगों का कहना है कि निगम ने पहले करोड़ों खर्च कर नाला बनाया और अब कह रहे हैं कि 16 मीटर की रोड और निकलेगी। इसका मतलब है कि निगम अपना ही बनाया हुआ नाला भी तोड़ेगा और जनता के पैसे की बर्बादी करेगा। 'हम भाजपा के कट्टर समर्थक, फिर हमारे ही घर पर बुलडोजर क्यों?'इस विवाद में एक राजनीतिक पहलू भी सामने आया है। बस्ती के अधिकांश लोग खुद को सत्ताधारी दल भाजपा का समर्थक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने योगी सरकार की नीतियों का हमेशा समर्थन किया, लेकिन अब उनके अपने ही घर उजाड़े जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब हमारे पास ए-टू-जेड कागजात हैं और हम दशकों से यहां टैक्स दे रहे हैं, तो फिर इसे अवैध कैसे ठहराया जा सकता है? लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। डेढ़ साल से टूटी सड़क की सुध नहीं, घर ढहाने की जल्दबाजी पर आक्रोशखलीलपुर रोड की हालत पिछले डेढ़ साल से बदतर बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले दिसंबर से यहां सड़क का काम शुरू हुआ था लेकिन आज तक वह पूरा नहीं हो सका। उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण बुजुर्गों और मरीजों का निकलना दूभर है। स्थानीय युवाओं ने कहा, डेढ़ साल से हमें गड्ढों में चलने को मजबूर किया गया, तब कोई अधिकारी देखने नहीं आया। अब जब सड़क बनाने की बारी आई, तो वे हमारे मकान तोड़ने पर आमादा हैं। हमें सड़क चाहिए, लेकिन अपनी छत की कीमत पर नहीं। आंदोलन की चेतावनी: 'जान दे देंगे, लेकिन आशियाना नहीं टूटने देंगे'नगर निगम की इस कार्रवाई ने लोगों को एकजुट कर दिया है। बस्ती के लोगों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर बुलडोजर को अपनी दहलीज के अंदर नहीं घुसने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की जमा-पूंजी इन मकानों में लगा दी है। यदि निगम ने जबरन कार्रवाई की, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पूरी बस्ती में तनाव का माहौल है और लोग कानूनी लड़ाई लड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। विकास या विनाश?बरेली के इस मामले ने एक बार फिर विकास और विस्थापन के बीच की बहस को छेड़ दिया है। जहां एक तरफ शहर को चौड़ी सड़कों की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर दशकों पुरानी बस्तियों को बिना किसी मुआवजे या ठोस योजना के उजाड़ना मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन प्रतीत होता है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम जनता के इस भारी आक्रोश के बाद अपने कदम पीछे खींचता है या फिर बरेली में एक बार फिर बुलडोजर का शोर सुनाई देगा।
माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति को देखते हुए प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, प्रयागराज छिवकी और नैनी जंक्शन पर आज से एकल दिशा प्रवेश (वन-वे) व्यवस्था शुरू हो रही है। इस कदम से यात्रियों का क्रॉस मूवमेंट रुक जाएगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति टल सकेगी। इस व्यवस्था के तहत प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से यात्रियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। जंक्शन के सिटी साइड से ही प्रवेश होगा, जबकि निकासी सिविल लाइंस साइड से की जाएगी। यह व्यवस्था मुख्य स्नान पर्व से एक दिन पहले शुरू होकर स्नान के दो दिन बाद तक चलेगी। सिटी साइड के यात्री आश्रय स्थल से कलर कोडिंग के आधार पर प्लेटफॉर्मों पर पहुंचा जाएगा। यहां अनारक्षित टिकट काउंटर भी बनाए गए हैं। स्टेशनों पर एंट्री/एग्जिट की दो तस्वीरें देखिए... स्टेशनों के प्रवेश-निकासी नियम प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह कहा- यात्रियों को निर्देशों का पालन कर सहयोग करने की अपील की गई है। इससे मेले के दौरान रेल यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहेगी।
हरियाणा में फिजिकल एजूकेशन PGT के पद पर दिल्ली व उत्तरप्रदेश के कैंडिडेट ज्वाइन करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिसको लेकर अब डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन ने ऐसे कैंडिडेट के लिए अल्टीमेट जारी किया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने PGT फिजिकल एजूकेशन के 249 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की। जिसमें रेस्ट ऑफ हरियाणा के लिए 226 पद व मेवात कैडर के लिए 23 पद भर्ती में रखे गए थे। जिस HPSC ने 48 उम्मीदवारों को योग्य माना था। जिनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए डीएसई ने 22 फरवरी 2025 को डॉक्यूमेंटर वेरिफिकेशन के लिए सभी को बुलाया। लेकिन 5 कैंडिडेट डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए नहीं पहुंचे। 15 दिन का दिया अल्टीमेटम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कमेटी ने 8 मई 2025 को फिर से इन कैंडिडेट को अवसर प्रदान किया लेकिन ये फिर भी डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शामिल नहीं हुए। अब फिर से इन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस जारी किया गया है। विभाग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार 3 कैंडिडेंट दिल्ली, एक यूपी के मेरठ व एक गुरुग्राम का रहने वाला है। इन पांच कैंडिडेट के लिए नोटिसDSE की ओर से जारी नोटिस में साऊथ वेस्ट दिल्ली के नजफगढ़ निवासी रोहित कुमार, नजफगढ़ के ही मुकुल, दिल्ली के ईस्ट कैलाश निवासी दिव्यांशु कुमार, उत्तरप्रदेश के मेरठ में मंडौरा गांव निवासी सतेंद्र कुमार व गुरुग्राम के हाउसिंग बोर्ड निवासी हरदेव शर्मा का नाम शामिल है।
राजस्थान में आज मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से मंदिरों में भीड़ है। एकादशी वाले विशेष संयोग के साथ आज पर्व मनाया जा रहा है। जयपुर में भगवान गोविंद देवजी को सोने की पतंग चढ़ाई गई है। परकोटे वाले गणेशजी के मंदिर में भी पतंगों से सजावट की गई है। गलता तीर्थ में श्रद्धालु सुबह से ही डुबकी लगा रहे हैं। पतंगबाजों के लिए आज सबसे बड़ा दिन है। सुबह से ही जयपुर के परकोटे से दूसरे इलाकों में छत्तों पर म्यूजिक बजने लगा है। पतंगबाजों ने पंतगें लंबी कर ली हैं। हालांकि, आर्मी डे परेड की तैयारियों के चलते 5KM में नो काइट जोन रहेगा। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार सुबह 11 बजे हवा की स्पीड भी कम रहेगी। इससे पतंग उड़ाने वालों को परेशानी हो सकती है। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार, भोग में तिल के लड्डू-गजक जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर में भी सुबह मंगला आरती के साथ ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया गया है। ठाकुरजी के हाथों में सोने की पतंग और राधा रानी के हाथों में चांदी की चरखी सजाई गई है। मंदिर परिसर को हजारों पतंगों और चरखियों से सजाया गया है। वहीं, मकर संक्रांति बुधवार और एकादशी के विशेष संयोग में होने से परकोटा स्थित गणेश मंदिर में भी कई धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। सुबह भगवान गणेश को औषधीय, केवड़ा और गुलाब जल से स्नान कराया गया। इसके बाद नवीन पोशाक धारण कराकर सिंदूर का चोला चढ़ाया गया और फूल बंगला में विराजमान किया गया। महंत अमित शर्मा के सानिध्य में भगवान गणेश की कलात्मक पतंग झांकी सजाई गई है। इसके अलावा फीणी, तिल के लड्डू, गाजर, गाजर का हलवा और दाल की पकौड़ी भी भोग में शामिल हैं। हवा की स्पीड कम रहने की आशंका मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- 14 जनवरी के दिन हवा की स्थिति सुबह 10-11 बजे तक कमजोर रहने का अनुमान है। यानी हवा की गति 4 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी कम रहने की संभावना है, जो पतंगबाजी के लिए ठीक नहीं है। दोपहर में 11-12 बजे के बाद हवा की रफ्तार में थोड़ी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इस दौरान उत्तर से हवा आनी शुरू होगी। इसकी रफ्तार 4 से 8 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहने का अनुमान है। जबकि दोपहर 3 बजे बाद से हवा की दिशा में थोड़ा बदलाव होने की संभावना है। ये पश्चिम दिशा से चलकर पूर्व की तरफ रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। दिग्विजय सिंह ने छोड़ी राज्यसभा की राहमध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा नहीं जाने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। उनके इस फैसले को लेकर कांग्रेस के अंदर ही अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दिग्विजय सिंह के फैसले से पार्टी में कहीं खुशी का माहौल है तो कहीं मायूसी भी। खुशी उन नेताओं के चेहरे पर दिख रही है, जो राज्यसभा जाने की दौड़ में पहले से ही अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए थे। वहीं, गम उन नेताओं को है, जो मध्यप्रदेश की राजनीति में ही अपना भविष्य देख रहे हैं। दिग्विजय सिंह का मूड अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने का है। उनका फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। हालांकि, उनके इस फैसले से पार्टी के कुछ नेता असहज भी महसूस कर सकते हैं, क्योंकि प्रदेश की राजनीति में उनकी सक्रियता कई समीकरण बदल सकती है। सत्ता का रौब, अफसर को सरेआम धमकीसत्ता का रौब किस तरह सिर चढ़कर बोल रहा है, रतलाम में इसकी एक बानगी सामने आई है। यहां भाजपा के एक पूर्व जिला अध्यक्ष बजरंग पुरोहित का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे नगर निगम कमिश्नर को सरेआम धमकाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नेता जी कहते सुनाई दे रहे हैं- हालात खराब कर दूंगा निगम की। वे अपने समर्थकों से कह रहे हैं- कमिश्नर को घेर लो। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि मैं रतलाम की फिजा बिगाड़ दूंगा। वहीं दूसरी तरफ कमिश्नर उन्हें समझाने और स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए गिड़गिड़ाते नजर आ रहे हैं। दरअसल, पूरा विवाद एक बगीचे की बाउंड्री और मंदिर का ओटला तोड़े जाने को लेकर है। भाजपा नेता इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़ गए और मौके पर ही हंगामा खड़ा कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा पार्षदों ने निगम कमिश्नर पर सेटिंग के भी आरोप लगाए। इधर, कमिश्नर समझाते रहे कि मामला कोर्ट में है, इसलिए प्रशासन की अपनी सीमाएं हैं। लेकिन सत्ताधारी दल के पार्षद, नेता और कार्यकर्ता कहां मानने वाले थे। वे लगातार दबाव बनाते रहे। कमिश्नर को बाउंड्री वॉल बनवाने का कहते रहे। साथ ही तोड़फोड़ करने वाले पर एफआईआर कराने की मांग पर अड़े रहे। सवाल पर डिप्टी सीएम ने दिया 'चकमा' पिछले दिनों उमरिया दौरे पर गए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैदानी दौरों से जमीनी समस्याओं का समाधान होता है। इस दौरान मीडिया ने उन पर सवालों की बौछार कर दी। एक सवाल पर वे पत्रकारों को चकमा देकर, मतलब ऐसा लगा कि वे कुछ कहेंगे और फिर बिना कुछ कहे चले गए। पत्रकारों ने पूछा था कि मध्य प्रदेश में एएनएम को नर्सिंग कैडर नहीं मिल पा रहा है। जवाब देने के लिए उन्होंने कुछ देर सोचा और फिर कहा बात करते हैं। शिकायत करने के लिए बजाई बांसुरी डिंडौरी से एक दिलचस्प और मुस्कुराने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां जनसुनवाई में पहुंचे एक बुजुर्ग किसान ने शिकायत करने के अपने अनोखे तरीके से सबका ध्यान खींच लिया। किसान ने पहले अपनी समस्या कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को बताई। फिर झोले से बांसुरी निकालकर मधुर धुन बजाने लगा। जनसुनवाई हॉल में कुछ पल के लिए माहौल पूरी तरह बदल गया। दफ्तर संगीत से गूंज उठा। किसान की बांसुरी की धुन सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए। माहौल खुशनुमा हो गया और सबसे अच्छी बात ये रही कि किसान की समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इतना ही नहीं, प्रशासन की ओर से किसान को कंबल गिफ्ट किया गया। उसका मोबाइल भी रिचार्ज कराया। लोगों का कहना है कि जिस काम के लिए किसान की चप्पलें सालों से घिस रही थीं, वो काम उसकी बांसुरी ने चंद मिनटों में कर दिखाया। भजन पर झूमे केंद्रीय मंत्री और पूर्व मंत्रीहरदा में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और पूर्व मंत्री कमल पटेल भजनों पर जमकर झूमते नजर आए। दोनों नेता उछल-उछलकर नाचे। इसका वीडियो भी सामने आया है। केंद्रीय मंत्री खेल के एक आयोजन के समापन के मौके पर यहां पहुंचे थे। इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया था। इसी दौरान दोनों नेता जमकर थिरकें। इनपुट सहयोग - विजय सिंह बघेल (भोपाल), केके शर्मा (रतलाम), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी), संदेश पारे (हरदा), शैलेंद्र चतुर्वेदी (उमरिया) ये भी पढ़ें - 'घंटा' का असर.. विजयवर्गीय बोले-कितना भी दबाव डालो, नहीं बोलूंगा: अतिथि शिक्षक गिड़गिड़ाए, नहीं रुके सिंधिया कहते हैं न कि दूध का जला, छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। धार दौरे पर उनका बदला हुआ अंदाज साफ दिखा। उनसे भोजशाला को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- आप कितना भी दबाव डालेंगे, मैं सिर्फ जी-राम-जी के बाहर नहीं जाऊंगा। पूरी खबर पढ़ें
सहारनपुर में बिना सूचना लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे एक चिकित्सक की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही टीबी सेनेटोरियम में तैनात एक चिकित्सा अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोके जाने का आदेश भी जारी किया गया है। वहीं जिले के छह अन्य चिकित्सक भी शासन की रडार पर हैं, जो वर्षों से अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित नहीं हुए हैं। इन सभी मामलों की जांच शासन स्तर पर चल रही है। स्वास्थ्य विभाग पहले से ही चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा है। कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। कहीं रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं तो कहीं बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके बावजूद नियुक्ति के बाद कुछ चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब हो जाने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिले में ऐसे छह चिकित्सक हैं, जो करीब 5 सालों से ड्यूटी से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। इनमें गंगोह से डॉ.सरोज मिश्रा, फतेहपुर से डॉ.सीमांत सैनी और डॉ.हिमांशु मलिक, पुंवारका से डॉ.डिंपल सैनी, डॉ.प्रदीप कुमार अरोड़ा और सुनहेटी खरखड़ी से डॉ.नीरज कुमार शामिल हैं। विभाग की ओर से इन सभी चिकित्सकों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन किसी ने भी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी। अब प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी से लापता प्रदेश के 17 चिकित्सकों की सेवा समाप्त की जाए। इस सूची में सहारनपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कैलाशपुर पर तैनात डॉ.अमित कुमार का नाम भी शामिल है, जिनकी लंबे समय से अनुपस्थिति दर्ज है। इसके अलावा सहारनपुर स्थित टीबी सेनोटोरियम में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेश जैन द्वारा बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए उच्च पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का मामला भी सामने आया है। इस पर शासन ने उनकी एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि जिले के चार स्वास्थ्य केंद्रों के छह चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इन सभी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और अब इनके खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ट्रैक पर रखा 8 फीट का लट्ठा, इमरजेंसी ब्रेक लगा रोकी ट्रेन
भास्कर संवाददाता | सागर मंगलवार सुबह मकरोनिया और लिधौरा स्टेशन के बीच एक बड़ा रेल हादसा टल गया। दमोह से भोपाल की ओर जा रही गाड़ी संख्या 22162 राज्यरानी एक्सप्रेस के सामने तीसरी लाइन पर किसी ने 8 फीट लंबा लकड़ी का लट्ठा रख दिया था। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और कोहरे के बीच लोको पायलट राजेश पटेल की सतर्कता ने इस संभावित तबाही को भांप लिया और ऐनवक्त पर इमरजेंसी ब्रेक लगा ट्रेन रोक ली। जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 6:35 से 6:40 बजे के बीच की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी, तभी पायलट को ट्रैक पर लोहे के पाइप/ पटरी का टुकड़ा जैसा कुछ रखा नजर आया। उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन रुकते-रुकते करीब 5 इंच मोटे उस लकड़ी के लट्ठे के ऊपर चढ़ गई और वह इंजन के पहिए में जाकर फंस गया। यदि लोको पायलट ने पलक झपकते ही निर्णय न लिया होता, तो तेज रफ्तार ट्रेन पटरी से उतर (डिरेल) सकती थी। रेलवे पुलिस इसे किसी बड़ी साजिश या खतरनाक शरारत के तौर पर देख रही है। ट्रेन रुकने के बाद लोको पायलट के साथ यात्री भी ट्रेन से नीचे उतरे, जहां पता चला कि वह भारी लकड़ी का लट्ठा था। ट्रेन को थोड़ा पीछे किया और पहिए के पास फंसे लकड़ी के टुकड़े को खींचकर बाहर निकाला। ^यह आशंका है कि आसपास लगे गांव के किसी व्यक्ति या बच्चों ने लकड़ी को पटरी पर रखा था। लकड़ी को जब्त करते हुए अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए विवेचना में लिया है। मामले की जांच कर रहे हैं, आसपास के लोगों से पूछताछ भी चल रही है। - प्रमोद पांडे, थाना प्रभारी,आरपीएफ
खेरमाई माता मंदिर में लगेगा पारंपरिक मेला
सागर| धर्मश्री क्षेत्र स्थित करीब 100 वर्ष प्राचीन खेरमाई माता मंदिर में मकर संक्रांति पर्व पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन व मनोकामना पूर्ति के लिए पहुंचते हैं। मेले में बुंदेली परंपरा के अनुसार दिनभर राई नृत्य का कार्यक्रम होगा। इस आयोजन की परंपरा स्व. हेमराज घोसी द्वारा वर्षों पहले शुरू की गई थी।
वाहन मेले में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी
शहर में आयोजित वाले उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर उपभोक्ता को मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। ये निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक लिया गया। इसके अलावा इस बैठक में सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना जिसकी लागत एक हजार 133 करोड़ 67 लाख रुपए है, की स्वीकृति भी प्रदान की गई हैं। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से उज्जैन में भी ग्वालियर की तर्ज पर वाहन मेले का आयोजन हो रहा है। इस मेले को लेकर उपभोक्ताओं को खासी रूचि रहती है। उपभोक्ताओं को इसमें अपने मन पसंद वाहन खरीदने का अवसर तो मिलता ही ही है कर में छूट का लाभ भी। ऐसे में उपभोक्ता अब इस मेले के आयोजित होने का इंतजार तर करने लगे हैं। स्थानीय के अलावा विभिन्न शहरों से लोग इसमें खरीदी के लिए आते हैं। संभवत: इस बार भी वाहन मेला मार्च में आयोजित होगा। वर्ष 2025 में बिके थे 36223 वाहन परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि शहर में एक मार्च से नौ अप्रैल 2024 तक पहली बार वाहन मेला आयोजित हुआ था। तब इसमें से 23,705 वाहन बिके थे। इससे शासन को 122.11 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। बीते 2025 में इसी अवधि में आयोजित वाहन मेले में से 36 हजार 223 वाहन बिके थे। तब शासन को 313.55 करोड़ राजस्व मिला था। दोनों आयोजन में उपभोक्ताओं ने मोटरयान कर में छूट का लाभ प्राप्त किया था। इधर आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि वाहन मेले को लेकर शासन के जो भी निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा।
ई-बस डिपो, 4 मार्गों के चौड़ीकरण सहित 7 प्रस्ताव को मिली मंजूरी
पीएम ई-बस योजना के तहत शहर में आने वाली 100 ई-बस के लिए आखिरकार डिपो के निर्माण की दर और स्थल को स्वीकृति मिल गई है, मंगलवार को महापौर मुकेश टटवाल की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। साथ ही शहर के विकास और निर्माण कार्य को लेकर अन्य 6 प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। महापौर टटवाल ने कहा प्रत्येक कार्य की निगरानी और कार्य की प्रगति पर नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों को होने वाली असुविधा न्यूनतम हो और परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हों। पीएम ई-बस योजना के तहत शहर में ई-बस संचालन के लिए डिपो निर्माण की दर और स्थल स्वीकृति हुई। { मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण व डामरीकरण कार्यों में स्थल परिवर्तन पर अनुशंसा। { हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग चौड़ीकरण और नीलकंठ से महाकाल चौराहा तक चौड़ीकरण की स्वीकृति। { गाड़ी अड्डा चौराहा से ढांचा भवन होते हुए रणकेश्वर महादेव मंदिर तक एमआर 4 मार्ग चौड़ीकरण को स्वीकृति। { सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस भोपाल द्वारा शहर में 5 अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
रोज की परेशानी : जिला अस्पताल की 10 में से 6 लिफ्ट बंद, टेंडर होने के बाद भी सुधार कार्य नहीं
उज्जैन | संभाग के सबसे बड़े चरक भवन स्थित जिला अस्पताल में सभी लिफ्ट की खराब हालत मरीजों और परिजन के लिए बड़ी समस्या बन गई है। अस्पताल में कुल 10 लिफ्ट हैं, जिनमें से 4 ही चालू है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार लिफ्ट के सुधार के लिए सिविल और इलेक्ट्रिक दोनों कार्यों के टेंडर हो चुके हैं। सिविल कार्य के लिए 11 लाख और इलेक्ट्रिक के लिए 84 लाख की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। हालांकि मरम्मत कार्य शुरू होने में देरी हो रही है।
पहली बार हरिफाटक ब्रिज सहित कई स्थानों पर मेडिकल टीम रहेगी तैनात
मकर संक्रांति को लेकर शहरभर में उत्साह है, लेकिन इस त्योहार में चोरी छुपे उपयोग किए जाने वाले प्रतिबंधित चायनीज (नायलोन का) मांझे से लोग जख्मी हो जाते हैं। कई बार तो ये धागा जान तक ले लेता है। ऐसे में प्रशासन व पुलिस करीब डेढ़ महीने से चायनीज मांझे को लेकर सख्ती बरत रहे हैं। प्रतिबंधित चायनीज मांझे का उपयोग व खरीदी-ब्रिकी करते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही लगातार एनाउंसमेंट कर भी इस धागे का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है। घटनाओं को रोकने के इन तमाम प्रयासों के बीच प्रशासन मकर संक्रांति पर बुधवार को हरिफाटक ब्रिज, जीरो पाइंट ब्रिज के अलावा जोखिम वाले विभिन्न जगह एहतियातन मेडिकल की टीम भी तैनात कर रहा है, ताकि चायनीज मांझे व पतंगबाजी में चोटिल होने वाले को तत्काल मौके पर ही प्राथमिक इलाज दिया जा सके। इधर चायनीज मांझा से पतंगबाजी करने वालों पर पुलिस की टीमें नजर रखेंगी। इसके लिए मकर संक्रांति पर सुबह से ही पुलिस की टीमें तैनात रहेगी। इसके अलावा सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर चायनीज मांझा का उपयोग आैर खरीदी-बिक्री करने वालों पर नजर रखेंगे। जिन क्षेत्रों में ज्यादा लोगों द्वारा पतंगें उड़ाई जाती हैं, वहां पुलिसकर्मी छतों पर अत्याधुनिक दूरबीन से चायनीज मांझा से पतंगबाजी करने वालों पर नजर रखेगी। इसके अलावा खुले मैदानों आैर संभावित पतंगबाजी वाले स्थलों पर भी पांच ड्रोन एवं दूरबीन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया सुबह से ही पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। चायनीज मांझा से पतंगबाजी करने, उसका उपयोग करने, खरीदी-बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पतंग-मांझा दुकानों और शहर में आने-जाने वाले रास्तों पर भी लगातार चैकिंग की जाएगी। डेढ़ महीने में चायना मांझे से 8 घटनाएं हुई... प्रतिबंधित चायनीज मांझे के चोरी छुपे उपयोग से इस बार हाल ही के डेढ़ महीने में करीब आठ घटनाएं सामने आई हैं। इनमें छात्रा और पुजारी सहित कुछ लोग चोटिल हुए हैं। साथ ही चायनीज मांझा बेचने वालों पर पुलिस ने प्रकरण भी दर्ज किए हैं। उपयोग और कारोबार करते मिला तो कार्रवाई ^जनता और व्यापारियों से यही उम्मीद हैं कि मकर संक्रांति पर प्रतिबंधित चायनीज मांझे का उपयोग नहीं करेंगे। जो भी इसका उपयोग और कारोबार करते पाया जाएगा तो वह कार्रवाई के दायरे में आएगा। मकर संक्रांति पर विभिन्न स्थानों पर मेडिकल की टीमें तैनात की जाएंगी। पतंगबाजी में चोटिल को तत्काल प्राथमिक इलाज दिया जा सके। - रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर
मकर संक्रांति पर आज नीलामी कार्य बंद रहेगा
उज्जैन | मकर संक्रांति बुधवार को होने से कृषि उपज का नीलामी कार्य बंद रहेगा। कृषि उपज मंडी प्रशासन ने अलाउंस करवाया कि बुधवार को मकर संक्रांति होने से मंडी में नीलामी नहीं होगी। अनाज तिलहन व्यवसाय संघ के पत्र के आधार पर अवकाश की घोषणा की। किसान अपनी उपज विक्रय हेतु मंडी में नहीं लाए।
सेबी के नाम पर साइबर फ्रॉड:17 लाख के बदले 2.26 करोड़ रुपए देने का सपना दिखाया और ठग लिए
शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग से 17 लाख 15 हजार की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को SEBI से रजिस्टर्ड संस्था ‘स्टैंडर्ड चार्टर्ड जीपी’ का प्रतिनिधि बताकर बुजुर्ग को वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में निवेश से भारी कमाई का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में रकम निवेश कराई। पीड़ित ने मुनाफे सहित अपनी रकम निकालने की मांग की तो ठगों ने 42 लाख रुपए सर्विस चार्ज जमा कराने की शर्त रख दी। यहीं बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जीरो FIR दर्ज होने के बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। शुभांजलि पुरम बीएसएफ कॉलोनी निवासी राकेश कुमार गोले (60) 1 दिसंबर को ‘861 एससी वेल्थ हब’ नाम के वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। ग्रुप के एडमिन और अज्ञात लोगों ने दावा किया कि उनकी कंपनी SEBI रजिस्टर्ड है। ठगों के झांसे में आकर राकेश ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अलग-अलग तिथियों में रकम ट्रांसफर की। राकेश ने SBI बैंक खाते से 12 लाख 5 हजार, एसबीआई के दूसरे खाते से 50 हजार, यूनियन बैंक खाते से 50 हजार, फिर SBI खाते से 4 लाख 10 हजार सहित कुल 17 लाख 15 हजार रुपए निवेश के नाम पर जमा कर दिए। वाट्सएप-टेलीग्राम पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से रहें सतर्कमहाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल का कहना है कि लोगों को वाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। पैसा जमा करते रकम हो गई 2.26 करोड़ रुपएपैसे जमा करने के कुछ ही समय में मोबाइल ऐप, वाट्सएप के जरिए उनके निवेश की रकम 2 करोड़ 26 लाख दिखने लगी। राकेश ने पैसा निकालने की बात कही तो आरोपियों ने पहले 42 लाख रुपए सर्विस शुल्क जमा कराने की शर्त रख दी। राकेश ने कहा कि शुरुआत में स्पष्ट कहा गया था कि पैसा कभी भी निकाला जा सकता है। किसी तरह के अतिरिक्त सर्विस चार्ज की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। ठगों ने राकेश पर लगातार दबाव बनाकर और भुगतान कराने चाहा। राकेश को ठगी का अहसास हो गया। 24 लाख के बदले 12 करोड़ रुपए देने का झांसा देकर युवक से ठगी, 4 बार में ट्रांसफर कराई रकम साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर युवक से 24 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड बताकर युवक को जाल में फंसाया। ठगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश की राशि को कागजों में बढ़ाकर 12 करोड़ रुपए तक दिखाकर युवक को मुनाफे का भरोसा दिलाया। युवक ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने 15 प्रतिशत सर्विस चार्ज मांगा। युवक को ठगी का अहसास हुआ तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद महाराजपुरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शताब्दीपुरम निवासी मनोज कुमार पाण्डेय (35) को ठगों ने 31 अक्टूबर 2025 को ‘Visionary Elite Group’ वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा। ग्रुप में जोड़ने के बाद खुद को ‘EDEL PRO HEAD’ बताते हुए दावा किया कि वे SEBI से रजिस्टर्ड हैं। मनोज ने अपने HDFC बैंक खाते से अलग-अलग निवेश किया। UPI से 20 हजार, IMPS से 9 लाख 80 हजार, NEFT से 1 लाख 10 हजार और RTGS के जरिए 12 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 24 लाख रुपए शेयर मार्केट में लगाने की बात कही गई। कुछ ही समय में एप और वाट्सएप मैसेज के जरिए निवेश की रकम बढ़कर करीब 12 करोड़ रुपए दिखा दी गई।
पालतू पशु पंजीयन चिड़ियाघर में प्रारंभ, 15 दिन में नहीं कराया तो होगा जुर्माना
शहर में नगर निगम द्वारा पालतू पशु, कुत्ता, बिल्ली का पंजीयन का काम शुरू हो गया है। नोडल अधिकारी पालतू पशु गौरव परिहार ने बताया कि पशु मालकों को 15 दिन के भीतर अपने कुत्ता, बिल्ली का पंजीयन आवश्यक रूप से कराना होगा, अन्यथा पशु मालिक से पंजीयन शुल्क का 10 गुना जुर्माना वसूल किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नं. 8435251465 पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशु का रजिस्ट्रीकरण करने के लिए पशु मालिक का आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बिजली का बिल, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि एड्रेस प्रूफ के लिए अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पशु मालिक का मोबाइल नम्बर, उसका कलर फोटो (पासपोर्ट साईज), पशु का कलर फोटो (पासपोर्ट साईज), भारतीय पशु चिकित्सा परिषद में पंजीकृत पशु चिकित्सक द्वारा प्रमाणित एंटीरेबिज वैक्सीनेशन कार्ड, मालिक के साथ उसके पशु की फोटो लगेगा।
जेयू कैंपस में प्लास्टिक गिलास के उपयोग पर रोक
जीवाजी विश्वविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सख्त कदम उठाते हुए कैंपस में प्लास्टिक गिलास पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके आदेश रजिस्ट्रार डॉ. राजीव मिश्रा ने जारी किए हैं। मंगलवार को कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य और रजिस्ट्रार डॉ. मिश्रा खुद लिलीपुल गार्डन पहुंचे और वहां उपयोग हो रहे प्लास्टिक गिलास को हटवाया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब जेयू परिसर में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में ठेकेदार प्लास्टिक गिलास का इस्तेमाल नहीं करेंगे। यदि प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक गिलास का उपयोग किया गया, तो संबंधित ठेकेदार और आयोजनकर्ता पर कार्रवाई की जाएगी। कुलगुरु ने कहा कि प्लास्टिक गिलास न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी घातक हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य कैंपस को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित बनाना है। प्रशासन ने वैकल्पिक रूप से स्टील, कागज या बायोडिग्रेडेबल गिलास उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। जेयू का यह फैसला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिसाल माना जा रहा है।
एलिवेटेड रोड...:बिजली के खंभों की शिफ्टिंग, बिना टेस्टिंग लगा रहे सामान
गिरवाई से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक दूसरे चरण में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के लिए बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग में ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। यहां ठेकेदार द्वारा तय अनुबंध शर्तों के अनुसार काम न करते हुए खुद के हिसाब से काम किया जा रहा है, जिसमें सबसे बड़ा नुकसान शिफ्टिंग के दौरान उपयोग हो रहे सामान की क्वालिटी को लेकर होने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में शहर में बिजली संकट बढ़ता जाएगा। जिसे लेकर विद्युत वितरण कंपनी की एसटीसी विंग ने काम करा रहे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ईएंडएम विंग को पत्र भेजकर कहा है कि ठेकेदार से नियम एवं शर्तों का पालन कराया जाए। वहीं ईएंडएम विभाग के अधिकारी मॉनिटरिंग व दूसरी जिम्मेदारियों के लिए बिजली कंपनी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर गलत काम करने वाले ठेकेदार को संरक्षण देने में जुटे हैं। कुलमिलाकर अफसरों और ठेकेदार की मिलीभगत का खामियाजा जनता भुगतेगी। ठेकेदार की मनमानी हर नियम और शर्त पर भारी क्या करना है: इस काम के लिए बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का जो भी सामान लिया जाए। वह बिजली कंपनी से अधिकृत वेंडर्स से ही लेना होगा। क्या हो रहा: अपनी मर्जी से ठेकेदार द्वारा सामान लिया जा रहा है। क्या करना है: सामग्री को उपयोग करने से पहले उसकी टेस्टिंग बिजली कंपनी की एनएबीएल लैब में करानी होगी। क्या हो रहा: ठेकेदार ने सामान को लगाना शुरू कर दिया। लेकिन उसकी टेस्टिंग नहीं कराई। क्या करना है: संयुक्त दल द्वारा तय किए गए प्लान अनुसार वर्कमैनशिप का कार्य कराना चाहिए। क्या हो रहा: प्लान के तहत या सही टूल्स के साथ काम नहीं हो रहा। बल्कि ठेकेदार अपनी सुविधा के अनुसार ये काम कर रहा है। जिसमें जान-माल का जोखिम लगातार बना हुआ है। क्या करना है: कहीं भी कोई काम करने से 7 दिन पहले बिजली कंपनी को सूचना ठेकेदार द्वारा दी जानी चाहिए। क्या हो रहा: काम शुरू करने से पहले कोई सूचना नहीं दी जा रही। जिस कारण बिजली सप्लाई शेड्यूल बिगड़ने के अलावा दूसरी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। पहले दिलाया पेटी पर काम, अब छिपा रहे गड़बडिय़ां करीब 8 किलोमीटर लंबे इस रूट में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग के लिए 19 करोड़ रुपए से अधिक का ठेका मैसर्स मनोज वर्मा फर्म को दिया गया। लेकिन काम ये कंपनी नहीं कर रही, बल्कि साकेत सेंगर द्वारा अपनी फर्म पर पेटी कांट्रेक्ट लेकर किया जा रहा है। बताया गया है कि सेंगर बिजली कंपनी में पदस्थ अफसरों का करीबी है, इसलिए पेटी कांट्रेक्ट पर ये काम दिलवा दिया गया है। अब बिजली कंपनी ने जब मै. मनोज वर्मा के नाम पर नोटिस जारी किया है तो इस फर्म ने जिम्मेदारी पेटी कांट्रेक्टर पर डालते हुए पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। इतने इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी शिफ्टिंग जिम्मेदारों के अपने-अपने बहाने हमें पता चला कि ठेकेदार नियमों का पालन नहीं कर रहा है। जिसे रोकने ईएंडएम के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखा है। नोडल एजेंसी वही हैं।- श्रीनिवास यादव, डीजीएम/ एसटीसी विंग बिजली कंपनी सुपरविजन की जिम्मेदारी बिजली कंपनी की है और हमारे विभाग के एसडीओ हेमंत शर्मा इसे देख रहे हैं। जो करना है इन सभी को करना है।- सुनील जाटव, कार्यपालन यंत्री/ ईएंडएम पीडब्ल्यूडी इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग का हमने ठेका जरूर लिया है, लेकिन वहां काम साकेत सेंगर कर रहा है और किसी भी बात के लिए वही जिम्मेदार है।- मनोज वर्मा, ठेकेदार/ मैसर्स मनोज वर्मा
'मुजफ्फरनगर से सोनू मुझसे मिलने आ रहा था। फोन करके कहने लगा कि मौसी मैं 80 हजार लेकर आ रहा हूं, भैया के साथ बाइक खरीदने जाएंगे। यही उसकी आखिरी बात थी। तब क्या पता था कि सोनू मुझसे मिल ही नहीं पाएगा। कोई ऑटो वाला उसको मार डालेगा।' यह बताते हुए 60 साल की मदनवती की आंखें भर आईं। वह कहती हैं कि रोहित कश्यप उर्फ सोनू मेरी बड़ी बहन का बेटा था। 5 जनवरी को आखिरी बार बात हुई, अगले दिन उसकी मौत का पता चला। सोनू के सिर पर ईंट से हमला किया गया। फिर उसके शरीर पर तेल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने जिस ऑटो ड्राइवर को अरेस्ट किया, वो नाबालिग और ठाकुर बिरादरी का है। इस मर्डर केस के बाद मुजफ्फरनगर, लखनऊ और दिल्ली में प्रदर्शन हुए। कांग्रेस और सपा इस मामले को OBC बनाम ठाकुर बनाने की कोशिश कर रही। इस मामले को लेकर इतनी सरगर्मी क्यों है? इसको समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम ग्राउंड जीरो पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मौसी बोलीं- हम रातभर जागे, वो नहीं आया मेरठ के सरधना इलाके में ज्वालागढ़ है। यहां सोनू की मौसी मदनवती रहती हैं। हम उनके घर पहुंचे। घर के बाहर लोगों का जमावड़ा था। कुछ सांत्वना दे रहे थे, कुछ सिर्फ यह जानने पहुंचे थे कि ये सब कैसे हुआ? हमारी मुलाकात मदनवती, उनके पति, बेटे सोनू, इंदर और गांव के लोगों से हुई। यहां कुछ कश्यप बिरादरी के नेता भी मौजूद थे। मदनवती के बेटे सोनू ने बताया- 5 जनवरी को मेरी मुजफ्फरनगर वाली मौसी का बेटा रोहित उर्फ सोनू हमसे मिलने मेरठ आ रहा था। उसका कॉल आया कि मैं रुपए लेकर आ रहा हूं, मुझे बाइक दिला देना। हम उसके आने का इंतजार करते रहे, मगर वो नहीं आया। रात को उसकी कॉल आई कि मेरा किसी ऑटोवाले से झगड़ा हो गया है। इसने मेरे पैसे छीन लिए हैं। मेरे काफी पैसे इसने खर्च भी करा दिए हैं। भैया मुझे बचाने आ जाओ। पुलिस से मदद मांगी, सोनू का मोबाइल स्विच ऑफ इसके बाद हम लोग सोनू की बताई जगह उसे बचाने पहुंचे, तब सोनू वहां नहीं मिला, न कोई ऑटोवाला दिखा। हमें घबराहट हुई तो हमने सलावा चौकी पर जाकर बताया कि मेरा मौसी का बेटा लापता है। उसका फोन आया था और उसने क्या कुछ मुझे बताया था। पुलिस ने कहा- ठीक है, हम देखते हैं। इसे बाद हम घर आ गए, लेकिन सोनू सुबह तक नहीं आया। उसके बताए नंबर पर हम कॉल करते, तो नंबर भी स्विच ऑफ हो गया था। पुलिस ने बताया- अधजली लाश मिली है, आकर देख लोमौसेरे भाई सोनू ने बताया- रात भर हम रोहित उर्फ सोनू की चिंता में भटकते रहे, लेकिन हमें उसका कुछ पता नहीं चला। दूसरे दिन पुलिस का मेरे पास फोन आया। हमसे कहा गया कि एक लाश मिली है, आकर पहचान कर लो। हम लोग घबरा गए, पुलिस के साथ लाश देखने पहुंचे। वो बुरी तरह जली हुई थी। सिर्फ उसके जूते के कुछ हिस्से बचे थे। वो देखकर मैं चौंक गया, क्योंकि वो सोनू के ही जूते थे। हमने पुलिस को बताया कि ये मेरी मौसी के बेटे सोनू के जूते हैं। वो हमसे मिलने आ रहा था। पुलिस ने बताया कि उन्हें सोनू की लाश के पास कोई सामान या रुपए नहीं मिले हैं। अब क्राइम स्पॉट समझिए स्कूल के बाहर लाश जलती मिली, सबसे पहले चौकीदार ने देखीपुलिस को ये जली हुई डेडबॉडी गांव के ही किसान स्कूल के बाहर मैदान में मिली थी। स्कूल के एक चौकीदार ने उस रात स्कूल के बाहर कुछ जलता हुआ देखा था। करीब जाकर देखने पर उसे वहां एक इंसान का हाथ और उंगली दिखी। चौकीदार घबरा गया। उसने पुलिस को तुरंत कॉल करके बताया कि शायद कोई इंसान जल रहा है। पुलिस तुरंत शव और आसपास सबूतों को अपने कब्जे में लिया था। सड़क से सोनू को घसीटकर मैदान में लाया था आरोपीस्कूल के सामने के मैदान में, जहां सोनू कश्यप को जलाया गया, वहां तक करीब 50 मीटर तक उसे घसीटकर लाया गया था। पुलिस ने क्राइम स्पॉट के करीब लगे सीसीटीवी खंगाले। कुछ स्पॉट पर सोनू और आरोपी लड़का एक साथ नजर आए। एक शराब की दुकान पर वो दोनों साथ दिखे। जहां से उन्होंने शराब खरीदी थी। जब पुलिस ने ये फुटेज सोनू की मौसी के बेटों को दिखाई तो उन्होंने उसकी पहचान कर ली। बताया कि ये गांव का रहने वाला लड़का है, जो नाबालिग हैं। ऑटो चलाता है और ठाकुर बिरादरी से है। अपने साथ दूसरों की जान से खिलवाड़ करता है। पहले भी लोगों को परेशान कर चुका है। पुलिस उस लड़के के घर पहुंची। इसके बाद उसने पूछताछ में सच कबूला। घर में अकेला कमाने वाला था सोनू कश्यपरोहित उर्फ सोनू सिर्फ 26 साल का था। उसके परिवार में बुजुर्ग मां है, जो बीमार रहती हैं। सबसे बड़ी बहन है, जो अविवाहित है। घरों में काम करती है। एक बड़ा भाई है, जो सांस का रोगी है। वो कुछ काम नहीं कर सकता। पिता की 6 साल पहले बीमारी में मौत हो चुकी है। घर में कमाने वाला इकलौता सोनू ही था। सोनू घर में सबसे छोटा था, लेकिन उसकी कमाई से घर चलता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। शादी के लिए परिवार लड़की देख रहा था। सोनू पेशे से हलवाई था। उसने कुछ पैसे बचाए थे, जिनसे वो बाइक लेने वाला था। लेकिन वो रुपए कहां गए, पुलिस भी कुछ नहीं बता रही। सोनू के घरवालों का कहना है कि पुलिस ने केवल एक आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेजा है। जबकि इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। बिरादरी के कारण कोई बचना नहीं चाहिए। हमको मुआवजा और बहन को सरकारी नौकरी मिले। अब घटना पर पुलिस की बात पढ़िए... शराब पीने के दौरान हुआ झगड़ा और मर्डर मेरठ SSP डॉ. विपिन ताडा का कहना है- आरोपी ऑटो चालक ने बताया कि मुजफ्फरनगर के लड़के से उसकी दोस्ती टेंपो में हुई थी। इसके बाद दोनों ने शराब पीने का प्लान बनाया। दुकान पर शराब खरीदने गए। शराब की दुकान की सीसीटीवी फुटेज में दोनों साथ दिखे। शराब खरीदने के बाद दोनों एक जगह बैठकर शराब पीने लगे। शराब पीने के दौरान उन दोनों में झगड़ा हुआ। इसमें ईंट से मारकर युवक की हत्या की गई। फिर उसे जलाया गया। आरोपी को अरेस्ट कर उसे जेल भेज दिया गया है। अब पूरे मामले पर हो रही राजनीति जानिए... कपसाड़ गांव से सटा है ज्वालागढ़ज्वालागढ़ गांव, सरधना के ठाकुर चौबीसी के कपसाड़ गांव से सटा है। कपसाड़ वही गांव है, जहां 8 जनवरी को एक ठाकुर बिरादरी के युवक ने दलित महिला सरिता की हत्या कर दी थी।, फिर उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर ले गया था। इसके बाद इस मामले ने जातीय सियासत का रूप ले लिया था। कपसाड़ गांव में अघोषित कर्फ्यू लग गया। युवती बरामद नहीं होने और आरोपी अरेस्ट न होने के कारण विपक्षियों ने हंगामा किया। तमाम नेताओं ने पोस्ट किए। परिवार से मिलने भी पहुंचे। माहौल इतना बिगड़ा कि पुलिस ने पूरे गांव को छावनी बना दिया था। अपहरण के 60 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया और पीड़िता रूबी को सकुशल बरामद किया था। अब ठीक बगल के गांव में ठाकुर बनाम OBC मामला होने की वजह से फिर सियासत शुरू हो गई है। इस मामले में भी आरोपी ठाकुर है, जबकि मरने वाला OBC है। पूर्व CM अखिलेश यादव, मायावती, आसपा प्रमुख चंद्रशेखर और कांग्रेस ने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। सरधना विधायक सपा नेता अतुल प्रधान ने 11 जनवरी को पीड़ित परिवार से ज्वालागढ़ में मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही 1 लाख रुपए की आर्थिक मदद भी की। मेरठ से लखनऊ तक प्रदर्शन13 जनवरी को इस मामले में मुजफ्फरनगर, मेरठ से लेकर लखनऊ में प्रदर्शन हुए। सपाइयों को घसीटा गया। चंद्रशेखर को मुजफ्फरनगर में पीड़ित परिवार से मिलने से रोका गया। 12 जनवरी को पीड़ित परिवार ने मुजफ्फरनगर में डीएम कार्यालय में जाकर प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। वहीं, 13 जनवरी को मेरठ में कुछ सपा नेता ज्वालागढ़ में पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना जताने गए तो उन्हें पुलिस ने मिलने से रोक दिया। वहां काफी हंगामा हुआ। आज को मंत्री नरेंद्र कश्यप भी पीड़ित परिवार से मिलने आ सकते हैं। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - चंद्रशेखर पुलिसवालों से बोले- गोली मार दो, मुजफ्फरनगर में रोका भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को मेरठ में मारे गए सोनू कश्यप के परिवार से मिलने मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। लेकिन सोनू के घर से थोड़ी दूर पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने बीच सड़क ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और काफिले को आगे बढ़ने नहीं दिया। पढ़िए पूरी खबर...
माघ मेला में किन्नरों का अद्भुत संसार है। किन्नर अखाड़ा के पंडाल के अंदर एक अलग दुनिया दिखती है। यह पहली बार है, जब माघ मेला में 2 किन्नर अखाड़े मौजूद हैं। पहला- किन्नर अखाड़ा, जिसकी महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी है। दूसरा- सनातन किन्नर अखाड़ा, जिसकी महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि (टीना मां) हैं। अखाड़े के अंदर जाते ही किन्नरों की लग्जरी लाइफ स्टाइल देखने को मिलती है। VIP प्रोटोकॉल में एंट्री, आगे-पीछे गनर और महिला बाउंसर की सिक्योरिटी। किन्नरों के चलने के लिए फॉर्च्यूनर और थार जैसी SUV गाड़ियां हैं। किन्रर कहते हैं- शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप जैसा अनुभव करने के लिए हम खुद को 2 से 3 घंटे सजाते हैं। किन्नरों के रहन-सहन को समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम सनातन किन्नर अखाड़े पहुंची। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… हूटर बजाता काफिला, सुरक्षा के लिए गनर तैनात हमारी टीम अखाड़े के बाहर ही मौजूद थी, तभी अचानक सेवक भीड़ को हटाने लगते हैं। एक तरफ से हूटर की आवाज सुनाई पड़ती है, 10 मिनट में फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी गाड़ियों का काफिला अखाड़े के बाहर आकर रुकता है, इसमें 4 से 5 गाड़ियां दिखती हैं। इसके अंदर से महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि (टीना मां) उतरती हैं। आसपास खड़े लोग दौड़कर उनके पैर छूते हैं। बहुत सादगी से वो सबको आशीर्वाद देते हुए अखाड़े के अंदर चली जाती हैं। गनर और बाउंसर भी उनके पीछे-पीछे अंदर चले जाते हैं। टीना मां मुख्य पंडाल में एक सिंहासन पर बैठ जाती है, इसके बाद आशीर्वाद देने का सिलसिला शुरू होता है। कौशल्या नंद गिरि कहती हैं- हम किन्नरों को समाज में हर जगह तिरस्कृत होना पड़ता है। बचपन में घर वालों ने निकाला तो गुरु के पास पहुंची, बस वहीं से जिंदगी को मकसद मिल गया। 3 घंटे तक मेकअप, फिर करते हैं शिव की आराधना यहां से निकलकर हम संगम लोअर मार्ग पर किन्नर अखाड़े पहुंचे। पता चला कि आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी यहां नहीं हैं, लेकिन 400 से ज्यादा किन्नर संत मौजूद मिले। यहां हमारी मुलाकात महामंडलेश्वर कनकेश्वरी महाराज से हुई। वह माथे पर त्रिपुंड और लाल बिंदी लगाकर बैठी थीं। वह बताती हैं कि किन्नर श्रृंगार में ही अच्छे लगते हैं। हम अपने प्रभु के लिए श्रृंगार करते हैं। अमूमन हमारा श्रृंगार देखकर लोग पूछते हैं कि आप अपने साथ मेकअप आर्टिस्ट लेकर चलती हैं? मेरा जवाब होता है, इतने पैसे तो हमारे पास नहीं हैं कि मेकअप आर्टिस्ट लेकर चलें। हम लोगों को अपना मेकअप खुद ही करना सीखा है। महामंडलेश्वर हर दिन दुल्हन की तरह सजती-संवरती हैं। इसके लिए 3 घंटे लगते हैं। फिर हम अपने इसी स्वरूप के साथ आराध्य भगवान शिव की आराधना करते हैं। 4 घंटे तक भोलेनाथ की पूजा और प्रार्थना में लीन रहते हैं। यह सब कुछ 7 घंटे तक चलता है। 50 लाख की ज्वैलरी पहने, हाथों में आईफोन श्रृंगार की चर्चा के बीच हमने कनकेश्वरी महाराज से उनकी ज्वेलरी के बारे में पूछा। उनके हाथों की अंगुलियों में सोने की हीरे और माणिक जड़ी 6 अंगूठियां थीं। गले में 4 मोटी-मोटी सोने की चेन दिख रही थीं। इनकी कीमत 50 लाख के आसपास थी, हाथ में महंगा आईफोन था। आप इतना मेकअप करती हैं, आखिर ऐसा क्यों? इस पर मुस्कुराते हुए वह जवाब देती हैं- हम अपने भगवान के लिए और अपने गुरु के लिए मेकअप करती हैं। हमारी गुरु ही हमारे माता-पिता, हमारे भगवान हैं। हम लोगों को सजने का बहुत शौक होता है। यही कारण है कि हम लोग अपना मेकअप खुद करते हैं। हमने पूछा- पूजा किसकी करती हैं? वह कहती हैं- हमारे दिन की शुरुआत बऊचरा मां की पूजा से होती है। करीब एक घंटे तक पूजा-पाठ करती हूं। अर्धनारीश्वर हूं, इसलिए ईष्ट देव भगवान शिव की पूजा करती हूं। '8 साल की उम्र में परिवार से अलग होना पड़ा' उप्र किन्नर कल्याण बोर्ड की मेंबर महामंडलेश्वर कनकेश्वरी कहती हैं- जब मैं 8 साल की थी, तभी परिवार से दूर हो गई। समाज का भी तिरस्कार झेलना पड़ा। मेरे पिता जी कोलकाता में रेलवे में गार्ड की नौकरी करते थे, लेकिन समाज की प्रथा के अनुसार, उन्होंने हमें अलग किया और मैं अनाथ हो गई। कोई मां-बाप नहीं चाहता है कि वह अपने बच्चे को अपने दूर कर दे। लेकिन समाज को देखते हुए हमें अपने परिवार से अलग होना पड़ा। वह कहती हैं- जिस समाज ने कभी हमें ठुकरा दिया था, उसी समाज ने हमें अब अपना भी लिया। आज लोग आशीर्वाद लेने के लिए हमारे पास आ रहे हैं। नासिक से आई महामंडलेश्वर बोलीं- योनि पूजन करते हैं यहां महाराष्ट्र के नासिक से आईं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पूजा नंद गिरि अपने किन्नर शिष्यों के साथ पूजा करती हुईं दिखीं। उन्होंने बताया- हम लोग माता कामाख्या का योनि कुंड लगाए हुए हैं। यहां हर दिन करीब डेढ़ से 2 घंटे तक योनि पूजन करते हैं। जिन्हें संतान नहीं, जिनकी शादी नहीं हो रही, उनके लिए हम यहां पूजा करते हैं। देश के कल्याण के लिए भी यहां अनुष्ठान चल रहा है। विशेष रूप से इस पूजा के लिए शाम को 7 बजे से लेकर 8.30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। यहां आने के बाद हमें पता चला कि अखाड़े की ज्यादातर संत बिना मेकअप के बाहर लोगों के बीच में नहीं निकलतीं। शिविर में हर दिन मां कामाख्या की योनि पूजा की जाती है। किन्नरों के इंस्टा-फेसबुक पर लाखों फालोअर्स किन्रर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि (छोटी मां) सोशल मीडिया पर अपनी रील को लेकर ज्यादा चर्चाओं में रहती हैं। वह नए-नए अंदाज में रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड करती हैं। उनके इंस्टा पर 5.45 लाख से ज्यादा फालोअर्स हैं। कभी चलती नाव पर तो कभी हाथों में त्रिशूल लहराते हुए उनके रील्स खूब वायरल होते हैं। साड़ी पहनकर कभी दुल्हन की तरह रोल करते हुए दिख जाती हैं। रील्स बनाने के लिए इन्होंने 2 एक्सपर्ट भी रखें हैं, जो अलग-अलग आकर्षक लुक में रील बनाते हैं। इसी तरह से सनातनी किन्नर अखाड़े से जुड़ी पलक भी रील्स बनाना पसंद करती हैं। इंस्टा पर उनके भी 77 हजार से ज्यादा फालोअर्स हैं। हर बार अलग-अलग लुक में वह अपने वीडियो बनाकर पोस्ट करती हैं। भक्तों की भेंट और मंदिर क्षेत्र से मिलता है फंड मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतनी लग्जरी लाइफ के लिए रुपए कहां से आते हैं? दरअसल, किन्नरों से आशीर्वाद पाने के लिए हजारों लोग उनके पास पहुंचते हैं। जो भी इनसे आशीर्वाद लेता है, वह खाली हाथ नहीं जाता। स्वेच्छा व श्रद्धा के साथ लोग उन्हें अपनी हैसियत के अनुसार, कुछ न कुछ भेंट करते हैं। महाकुंभ में बड़ी संख्या में किन्नर अखाड़े में लोगों की घंटों तक लाइन लगी रहती थी। पैसे वाले लोग श्रद्धा भाव से अच्छा दान भी करते हैं। आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से आशीर्वाद पाने के लिए लोग कतार में खड़े रहते हैं। अखाड़े की जो महामंडलेश्वर बनाई जाती हैं, उन्हें किसी शहर या बड़े मंदिर का क्षेत्र दिया जाता है। आचार्य महामंडलेश्वर के जरिए बदली किन्नरों के प्रति धारणा किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने थर्ड जेंडरों से जुड़ी 2 किताबें भी लिखी हैं। पहली किताब ‘मी हिजड़ा- मी लक्ष्मी’ है। यह हिंदी, मराठी, इंग्लिश और गुजराती में है। इसी तरह दूसरी किताब ‘द रेड लिप्स्टिक मेनन माई लाइफ’ है। आचार्य कहती हैं कि इन किताबों के जरिए किन्नरों की असली दुनिया के बारे में बताया है। इससे किन्नरों के प्रति लोगों की धारणा भी बदली है। लोग कटाक्ष करते हैं, लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। किन्नरों पर जर्मन प्रोडक्शन ने 'थर्ड जेंडर बिटविन द लाइंस' फिल्म बनाई। इसी तरह अक्षय कुमार की जो 'लक्ष्मी' फिल्म बनी थी, उसमें भी किन्नरों का संघर्ष दिखाया गया था। इसे लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बतौर ब्रांड एंबेसडर सपोर्ट भी किया था। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ इस फिल्म की ब्रांडिंग भी की थी। ------------- ये भी पढ़ें... शाही बग्घी, विंटेज कार...घोड़े पर सवार होकर निकले किन्नर:कानपुर में 11KM तक नाचते-गाते शोभायात्रा निकाली; देखने वालों की लगी भीड़ कानपुर की सड़कों पर मंगलवार को किन्नर अलग अंदाज में निकले। कोई विंटेज कार पर सवार था, तो कोई रथ और घोड़े पर। किन्नरों का यह अंदाज देखने के लिए सड़क के किनारे लोगों की भीड़ लग गई। यह आयोजन नौबस्ता-अर्रा के शकुंतला लॉन में अखिल भारतीय किन्नर महासभा ने किया। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से 15 हजार से ज्यादा किन्नर शामिल होने पहुंचे। पिछले 4 दिन से रोजाना यह कार्यक्रम चल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को शोभायात्रा निकाली गई। इसमें राजस्थानी ऊंट और शाही बग्घी भी शामिल रही। पढ़िए पूरी खबर...
प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। कल्पवासी जप-तप कर रहे हैं। माघ मेला क्षेत्र में करीब 25 हजार एलईडी बल्ब लगाए गए हैं। शाम होते ही संगम नगरी दूधिया रोशनी से जगमगा उठती है। ब्रिज भी सतरंगी लाइटों से सजाए गए हैं। ड्रोन VIDEO में देखिए माघ मेले की भव्यता...
यूपी के मेरठ की सरधना सीट से विधायक रह चुके संगीत सोम एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह शाहरुख खान की IPL टीम केकेआर में शामिल मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने की मांग को लेकर चर्चा में आए। संगीत सोम की गिनती फायर ब्रांड नेता के रूप में होती रही है। लेकिन, बांग्लादेश के विरोध के बाद उनके अतीत के रिकॉर्ड को लेकर सरधना से मौजूदा सपा विधायक अतुल प्रधान ने उन पर हमला बोला है। उनके अतीत के कुछ दस्तावेज भी उन्होंने पेश किए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में संगीत सोम किसी मीट के उत्पादन या निर्यात के काम में शामिल रहे हैं? अगर सच है, तो किन-किन कंपनियों में वे रहे? किस पद पर रहे? कब तक रहे? अब क्या स्थिति है? दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट में संगीत सोम के बिजनेस से जुड़े सारे फैक्ट के बारे में जानिए… अल दुआ फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड में ढाई साल रहे डायरेक्टरमिनिस्ट्री आफ कॉर्पोरेट अफेयर के रिकार्ड के मुताबिक, संगीत सिंह सोम अल दुआ फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 22 दिसंबर, 2005 से 27 मार्च, 2008 तक डायरेक्टर रहे। कंपनी से उनका संबंध 2005 से शुरू हुआ, जब उन्होंने मोइनुद्दीन कुरैशी और योगेश रावत के साथ मिलकर कंपनी की स्थापना की। वे कंपनी के निदेशक के रूप में कार्यरत रहे। 2005-06 में कंपनी को 4 लाख रुपए का अन-सिक्योर्ड लोन भी मिला। अल-दुआ कंपनी मुख्य रूप से भैंस, भेड़, बकरी मीट और खाल के निर्यात में शामिल है। सप्लाई अरब देशों को करती है। सोम का यह पद मार्च 2008 तक रहा, जब उन्होंने अपने 20 हजार शेयर नसीरा बेगम को ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा, सोम अल-अनम एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक अन्य कंपनी में भी अतिरिक्त निदेशक थे। यह भी मोइनुद्दीन कुरैशी के साथ जुड़ी हुई थी। तेजस ऑयल कंपनी समेत कई कंपनी में डायरेक्टरदस्तावेजों की मानें तो संगीत सोम अब भी मांस, मछली, फल, सब्जियां, तेल और वसा का प्रसंस्करण और संरक्षण के लिए काम करने वाली तेजस ऑयल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं। तेजस के अलावा सोम का ब्लूमिंग बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड, बाबा फैब्रिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, तेजर्शिता बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और तेज फिल्म प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टरशिप का रिकॉर्ड है। यानी संगीत सिंह सोम को मीट कारोबार के साथ सिविल वर्क और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी में भी बतौर डायरेक्टर काम करने का अच्छा-खासा अनुभव है। संगीत सोम फरवरी, 2011 से दिसंबर 2016 तक यमुना बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर रहे। इस कंपनी का काम वाइन मैन्युफैक्चरिंग का था। पत्नी भी कई मांस कंपनी में डायरेक्टरसंगीत सोम के परिवार के दूसरे सदस्य भी इस मांस का कारोबार करने वाली कंपनी में डायरेक्टर रह चुके हैं। इनमें संगीत सोम की पत्नी सिमरन ठाकुर 7 कंपनी के साथ एसोसिएट बताई गई हैं। इसमें मांस का कारोबार करने वाली कंपनी तेजस ऑयल के साथ जय साईं फूड एंड बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड, तेजर्शिता बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री हंस ग्लासेस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इनके अलावा यमुना बेवरेज और बाबा फैब्रिकेशन में भी डायरेक्टर रह चुकी हैं। मांस सप्लाई और जमीन कब्जे के आरोपबीते दिनों संगीत सोम के खिलाफ समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने बड़ा आरोप लगाया। कहा कि वे मीट प्रोसेसिंग कंपनी से जुड़े हैं। अतुल ने सोम पर गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सरकारी संपत्ति हड़पने के भी आरोप लगाए। कहा कि सोम की कंपनियों ने करीब 66 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। जमीनों पर कब्जा करने के लिए संगीत सोम ने केंद्र सरकार से मिली हुई सुरक्षा का दुरुपयोग किया है, जिस पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। प्रधान ने सोम की हिंदुत्व वाली छवि पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'पाखंडी' करार दिया। कहा- जो व्यक्ति खुद को हिंदू हृदय सम्राट कहते हैं और मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हैं। वही मीट के कारोबार में लगे हैं। प्रधान ने मांग की कि सोम की सुरक्षा वापस ली जाए और उनके खिलाफ जांच शुरू की जाए। क्या राजनीतिक रंजिश चल रही, सीट का पूरा समीकरण क्या? सरधना विधानसभा सीट पश्चिमी यूपी की हॉट सीटों में से एक है। यहां कुल मतदाता करीब 3.5 लाख हैं। जातिगत समीकरण की बात करें, तो यहां मुस्लिमों की संख्या करीब 85 से 90 हजार है। ठाकुरों की संख्या 60 से 65 हजार और दलितों की संख्या 40 से 45 हजार है। इसके अलावा इस क्षेत्र में जाट, गुर्जर, ब्राह्मण त्यागी भी अच्छी संख्या में रहते हैं। यहां से 2012 और 2017 में संगीत सोम चुनाव जीते थे। लेकिन, 2022 में गुर्जर नेता अतुल प्रधान ने उन्हें पटखनी दे दी थी। 18,200 वोटों से संगीत सोम को हरा दिया था। इसके बाद से ही दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक रंजिश चली आ रही है। हाल ही में कपसाड़ कांड, जिसमें दलित मां-बेटी पर हमला हुआ था। मां की हत्या कर दी गई थी और बेटी का अपहरण हो गया था। ये मामला तूल पकड़ने लगा तो राजनीति भी शुरू हो गई। अतुल प्रधान पीड़ित दलित परिवार के पक्ष में खड़े हो गए। उसी के बाद अतुल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संगीत सोम पर बड़े आरोप लगाए। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी की घोसी-दुद्धी और फरीदपुर सीट पर कौन मारेगा बाजी, 2 पर सपा, एक पर BJP भारी यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा–सपा के बीच एक और प्रतिष्ठा की जंग होने जा रही है। तीन महत्वपूर्ण सीटें मऊ की घोसी, सोनभद्र की दुद्धी और बरेली की फरीदपुर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली हुई हैं। इन सीटों पर अप्रैल–मई तक पश्चिम बंगाल चुनाव के साथ उप-चुनाव की संभावना है। पढ़ें पूरी खबर
प्रयागराज के माघ मेले में दातून के बिजनेस को लेकर चर्चा है। कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें लोग दावा कर रहे कि दातून बेचकर हर दिन 1 हजार से ज्यादा रुपए कमा रहे हैं। कई तो पूरे मेले में लाखों रुपए कमाने का दावा कर रहे हैं। इन वीडियो को देखकर तमाम लोग माघ मेले में दातून बेचने चले आए। यहां कुछ दिन रहे, लेकिन बाद में अपने घर लौट गए। दैनिक भास्कर की टीम ने दातून बेचने वाले दुकानदारों से बात की। यह समझने की कोशिश की कि क्या वास्तव में दातून बेचकर हर दिन 1 से 2 हजार रुपए कमा रहे? दातून कितने की बेच रहे? बेचने का तरीका क्या होता है? वीडियो देखकर दातून बेचने चले आएप्रयागराज में 3 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत हुई। शुरुआत के एक हफ्ते तक सर्दी के चलते कम लोग पहुंचे। लेकिन, पिछले 5 दिनों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए पहुंच रहे। मेले में करीब 3 हजार छोटी-बड़ी दुकानें लगी हैं। घाट के आसपास माला-फूल, प्रसाद, पानी का केन बेचने वाले लोग अब अपनी दुकानों पर दातून भी रखने लगे हैं। पहले ऐसा नहीं था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर लोग दातून रखने लगे। हमें यहीं संजू देवी मिलीं। संजू संगम से करीब 62 किलोमीटर दूर गोपीगंज की रहने वाली हैं। संगम के पास जल भरने वाला डिब्बा और प्रसाद बेचती हैं। इस बार दातून भी बेच रही हैं। हमने पूछा कि दातून की बिक्री कैसी है? संजू कहती हैं, कोई दातून नहीं बिक रही। यहीं पड़े-पड़े सब सूख रही हैं। किसी दिन 1-2 बिक भी जाती हैं, लेकिन इससे क्या होगा? कुछ लोग तो कहते हैं कि 5 रुपए की 10 दो, हम तो कहते हैं कि तुम ऐसे ही ले जाओ। संजू कहती हैं- हम मोबाइल नहीं चलाते, लेकिन सुना है कि मोबाइल में वीडियो वायरल है। उसके बाद से लोग यहां दातून बेचने आ रहे हैं। संजू के ही साथ 15 साल की सरिता भी मेले में दुकान लगाने पहली बार आई हैं। वह भी अपने साथ दातून लेकर आई हैं। सरिता कहती हैं- 10 दिन हो गए, एक भी नहीं बिकी। मोबाइल में देखे थे कि लोग बहुत कमा रहे हैं। लेकिन, हकीकत में ऐसा नहीं है। 10 दिन में 100 रुपए की दातून भी नहीं बेच पाएहमारी मुलाकात संगम एरिया में मिर्जापुर से आए राजेंद्र से हुई। राजेंद्र ने दुकान के सामने दातून का एक गट्ठर खड़ा किया था और खुद सो रहे थे। हमने जगाया, फिर वह अपनी कहानी बताने लगे। कहते हैं- दातून को कोई पूछ ही नहीं रहा। 3 जनवरी से हम मेले में दुकान लगा रहे, अब तक 100 रुपए की भी नहीं बेच पाए। जनता ऐसे ही सामने से निकल जाती है, खरीदती ही नहीं। हो सकता है कि लोग ब्रश-मंजन घर से लेकर आ रहे हों। राजेंद्र के पास दुकान चलाने वाली संगीता कहती हैं- सब झूठ का वीडियो बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे। ये जो वीडियो बना रहे, सब बाहरी हैं। वह वीडियो ही बनाने आए हैं। दातून नहीं बेचेंगे, फिर भी कह देंगे कि हम लोग 50 हजार से 1 लाख तक कमा रहे हैं। आखिर हम लोग कैसे मान लें, हमारे आसपास जो लोग दुकान लगाए हैं, उनकी तो बिक्री नहीं हो रही। 200 से ज्यादा लड़के आए और दातून फेंककर चले गएभदोही जिले से प्रेमचंद निषाद दातून का मोटा गट्ठर लेकर मेले में आए हैं। दो अन्य बोरियों में भी दातून लेकर आए हैं। कहते हैं- इस साल दातून नहीं बिक रही। कई लोग 300-400 किलोमीटर दूर से लेकर आए हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं। सब यहीं फेंककर चले गए। हमारे ही साथ यहां 200 से ज्यादा लड़के दातून लेकर बेचने आए थे। लेकिन, 10 दिनों में स्थिति देखकर लौट गए। हमने वजह पूछी तो कहते हैं, पिछले साल जो दुर्घटना हुई, उससे पब्लिक डर गई, वह आ नहीं रही है। प्रेमचंद वीडियो बनाने वालों से खफा हैं। वह कहते हैं- झूठ नहीं बोलना चाहिए। लोग वीडियो देखकर बेचने चले आए। साथ में बोरी भरकर दातून लेकर आए, लेकिन यहां परेशान हो गए। उन्हें लगा था कि खूब बिकेगी, लेकिन यहां कोई पूछ ही नहीं रहा। मुझे तो बताने में भी शर्म आ रही कि पिछले कुछ दिनों में कितने का बेचा। क्योंकि कोई बिक्री ही नहीं है। दातून बॉय आकाश यादव थार से आयाबीते महाकुंभ में आकाश यादव दातून बेचने की वजह से मशहूर हुए थे। आकाश जौनपुर के रहने वाले हैं। आकाश का कहना था, प्रेमिका के कहने पर दातून बेचने आए थे। यहां 1 लाख रुपए से ज्यादा कमाए। इसके बाद सोनी टीवी ने एक शो में भी बुलाया। उसके बाद मैं मशहूर हो गया। सोशल मीडिया पर आकाश का नाम ही दातून बॉय पड़ गया। इस माघ मेले में वह थार से पहुंचे। उनके साथ 30-40 लड़के भी आए। दातून बेचने के कई वीडियो बनाए और फिर सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इसे देखकर ही कई लड़के प्रभावित हुए और मेले में पहुंचे। आकाश के अलावा कई और लोगों ने स्क्रिप्टेड वीडियो बनाए। उसमें दावा किया कि हर दिन 1 हजार से 2 हजार रुपए कमा रहे हैं। दैनिक भास्कर को अपनी पड़ताल में पता चला कि सोशल मीडिया पर जैसा दिखाया जा रहा, वैसा कुछ भी नहीं। दातून की बिक्री एकदम नहीं है। इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि लोग घर से ब्रश-मंजन कर निकल रहे। जो यहां ठहरने आए हैं, वह अपने साथ लेकर आए हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में पाकिस्तानी मां-बेटी लापता, नागरिकता छिपा सरकारी नौकरी पाई, भांडा फूटते ही अंडरग्राउंड यूपी के जिला रामपुर से पाकिस्तानी मां-बेटी लापता हैं। दोनों पाकिस्तानी नागरिकता का फैक्ट छिपाकर सरकारी टीचर बनीं। जांच में पुष्टि हुई तो पहले सस्पेंशन, फिर बर्खास्तगी हुई। अब मां पर 3 दिन पहले रामपुर में FIR हुई है। कानूनी शिकंजा कसते ही मां-बेटी अंडरग्राउंड हो गई हैं। रामपुर में घर पर ताला लटका है। पढ़ें पूरी खबर
एक कमरा खाली कराने मकान मालिक को 24 साल लग गए
किराएदार से कमरा खाली कराने में मकान मालिक को 24 साल लग गए। सिविल कोर्ट, ट्रायल कोर्ट से मिली हार के बाद मकान मालिक अनिल कुमार कुशवाह ने 2010 में हाई कोर्ट में अपील पेश की। 13 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट ने अपील स्वीकार की और किराएदार को कमरा खाली करने का निर्देश दिया। कमरा एक माह के भीतर खाली करना होगा। मामला तानसेन रोड स्थित इंटक कार्यालय के सामने स्थित भवन का है। इसमें बने एक कमरे को अनिल कुमार कुशवाह ने 17 अक्टूबर 2001 को अनिल कुमार गुप्ता को किराए पर दिया था। हाई कोर्ट में दायर अपील में बताया गया कि कुछ समय के लिए ही कमरा किराए पर दिया गया था। जब किराएदार ने कमरा खाली नहीं किया तो 2001 के अंत में ही सिविल कोर्ट में केस लगाया गया। इसमें फैसला आने में आठ साल लग गए। सिविल कोर्ट ने किराएदार के पक्ष में फैसला दिया। मकान मालिक ने अपील की, वो भी खारिज हो गई जिसके बाद हाई कोर्ट में अपील पेश की गई। लगभग 15 साल कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने कमरा खाली कराने का आदेश दिया। इसके साथ ही 6 माह में इजरा पूरा करने का निर्देश भी दिया है। ताकि वास्तविक कब्जा मिलने में और देरी ना हो।
कुत्ते के काटने से घायल बच्चे के चेहरे पर 14 और पैर में तीन टांके आए, एक घंटे चला ऑपरेशन
एक्सपर्ट -डॉ.जितेंद्र ग्रोवर, वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल करियावटी गांव में रहने वाले आकाश कुशवाह साढ़े तीन साल के बच्चे प्रवीण पर आवारा कुत्ते ने हमला कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। बच्चे के चेहरे पर काफी बड़ा घाव था। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक सर्जन की टीम ने मंगलवार को बच्चे का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्चे का चेहरा खराब न हो और चेहरे की नसों को नुकसान न पहुंचे। बच्चे के चेहरे पर 14 और पैर में 3 टांके आए हैं। ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। बच्चे को 3 से 4 दिन में उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। प्रवीण बीते रोज वार्ड में भर्ती हुआ जहां मैंने (डॉ.जितेंद्र ग्रोवर) उसे देखा। बच्चे के घाव से खून साफ करने के बाद उसे एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए। मेरे साथ ऑपरेशन में डॉ. अन्नू, डॉ. चित्रांगद और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन थे। ऑपरेशन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा कि बच्चे की चेहरे की किसी नस को नुकसान न पहुंचे। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के निर्देश पर एचओडी डॉ. दिलीप गर्ग ने मरीज के ऑपरेशन नि:शुल्क कराया है। डॉग बाइट के दो दिन में आए 799 मरीजमंगलवार को शहर के प्रमुख 3 अस्पतालों में डॉग बाइट के 390 मरीज इलाज के लिए आए। इनमें सबसे ज्यादा 150 मरीज जिला अस्पताल मुरार में आए। इसके बाद 133 मरीज न्यू जेएएच के पीएसएम विभाग में और 107 मरीज सिविल अस्पताल हजीरा में इलाज के लिए आए। इन मरीजों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए। इनमें से किसी मरीज को पहला तो किसी को दूसरा या तीसरा इंजेक्शन लगाया गया।
नगर निगम के दायरे में सीवर युक्त पानी घरों के अंदर पहुंचने के प्रमाण मिले हैं। जनता और पार्षदों की बात को नकारने वाले अफसरों ने निगम की प्रयोगशाला के अंदर पानी के सैंपल के टैस्ट में 27 स्थानों पर 33 तरह के बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है। लैब के अंदर जांच में अकेले वार्ड 12 लाइन नंबर 3 में सप्लाई हो रहे पानी में ही 33 तरह के बैक्टीरिया ट्रेस हुए हैं। अब निगम के अफसरों ने पेयजल के 27 सैंपल जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला पीएचई (एनएबीएल द्वारा अधिकृत) को बैक्टीरियला जांच के लिए भेजे हैं। निगम ने इंदौर की घटना के बाद पानी के सैंपलों की जांच तेजी से कराना शुरू कर दी है। अधिकांश सैंपलों की रिपोर्ट ‘ओके’ बताकर अफसर खुश हो रहे हैं। जबकि सच्चाई उन बैक्टीरिया टेस्ट के पीछे छिपी रही, जो जल प्रदाय विभाग के अफसर सामने नहीं ला रहे थे। निगम की लैब में पानी की जांच में बैक्टीरिया का पता चलते ही सैंपल को गुपचुप तरीके से एनएबीएल की प्रयोगशाला में भेज रहे हैं। कांच की बोतल के अलावा प्लास्टिक की बोतल तक में पानी का सैंपल जांच के लिए पहुंचा रहे है। निगम आयुक्त संघ प्रिय का कहना है पानी में बैक्टीरिया की जांच के लिए अभी तक एनएबीएल लैब में 18 सैंपल भेजे जा चुके हैं। मेरी जानकारी में अभी तक कोई बैक्टीरिया के सैंपल फेल नहीं हुए है। डिटेल जानकारी कार्यपालन यंत्री से बात कर ली जाएगी। निगम के पीएचई विभाग की रिपोर्ट देखिए कहां-कितने बैक्टीरिया (नगर निगम के पीएचई विभाग की लैब में पानी की जांच के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के आंकड़े) जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) में जांच के लिए पानी के सैंपल देता निगमकर्मी। भास्कर टीम पहुंची NABL लैब... पानी के 3 सैंपल मिलेदैनिक भास्कर की टीम मंगलवार दोपहर में जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला पीएचई थाटीपुर पहुंची। यहां निगम का एक कर्मचारी कांच की तीन बोतल में सैंपल लेकर बैक्टीरिया की जांच कराने मौजूद था। इनमें वार्ड-44 का खुर्जे वाला मोहल्ला, वार्ड-30 शास्त्री भवन, वार्ड-59 का 1 सैंपल शामिल था। जल प्रदाय विभाग: इंजीनियर ने यहां से लिए पेयजल सैंपलनिगम के जल प्रदाय विभाग के इंजीनियर और पंप ऑपरेटरों ने महावीर चौक, गड्ढे वाला मोहल्ला, लाइन नंबर-3 बोरिंग, खेड़ापति काॅलोनी, लक्ष्मीबाई काॅलोनी मकान-73 और 75, मरीमाता महलगांव में मंगल और भोगराम का मकान, वार्ड-45 में सोनी जी वाली गली, तारागंज सकले का बाड़ा, आदर्श काॅलोनी आदि से सैंपल लिए। निगम ने पानी में बैक्टीरिया की जांच को 27 सैंपल भेजे हैं अभी तक नगर निगम की तरफ से पानी के 27 सैंपल भेजे जा चुके हैं। उनमें बैक्टीरिया सहित अन्य जांच करना है। रिपोर्ट आने में एक-दो दिन लग जाते हैं। -डीपी सिंह, प्रभारी जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला एक्सपर्ट - प्रो. राजीव जैन सेवानिवृत कुलगुरु, पांडिचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी एमपीएन और फीकल कॉलीफार्म टेस्ट जरूरीबैक्टीरिया का पता लगाने के लिए एमपीएन और फीकल कॉलीफार्म टेस्ट लगाया जाता है। एनपीएन टेस्ट से पता चलता है कि पानी में कितनी तरह के बैक्टीरिया, कितनी संख्या में हैं। वहीं फीकल कॉलीफार्म के टेस्ट से ई-कोलाई, एनटिरोबैक्टर और इरबीनिया की जानकारी मिलती है। इनसे पानी काफी दूषित हो जाता है।
धनापा ग्राम पंचायत की करीब दस हजार बीघा जमीन के मामले में एसडीएम ने कहा कि उन्होंने अपील को निरस्त किया था, न कि कोई हस्तांतरण किया, जो उनके क्षेत्राधिकार में है। यहां जमीन देश की आजादी से ही मगरा व पहाड़ में थी, जो आज भी बता रही है। लेकिन बीच में ग्राम पंचायत ने अपनी मनमर्जी से इसको गोचर में हस्तांतरित कर दिया था। लेकिन इसका रिकॉर्ड नहीं है। जब इस जमीन के नामांतरण को रद्द किया गया तो यह पुन: मगरा व पहाड़ में हस्तांतरित हुई है। ऐसे में सरकारी जमीन को बचाया गया है। जो पहले मगरा व पहाड़ में थी अब भी वो ही है। यह सब कार्य तहसीलदार की लिखित रिपोर्ट के बाद किया गया। एसडीएम पूनम चोयल के अनुसार धनापा ग्राम पंचायत में करीब 13 हजार बीघा जमीन पहाड़ी इलाका और मगरा भूमि की थी। इस जमीन को तत्कालीन सरकार ने 1974 में लीजों में आंवटित किया। सन 1987 में जे.के. व्हाइट सीमेंट कंपनी के नाम लीज आवंटित कर दिया। मगर 1978 में ग्राम पंचायत ने इस जमीन को गोचर दर्ज करा दिया था। इसको लेकर तहसीलदार ने लिखित रिपोर्ट में बताया कि गोचर होने के कोई कागज नहीं है तथा इसका कहीं रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में अपील को निरस्त करते हुए पुन: मगरा व पहाड़ के रूप में ही रखा। आदेश में स्पष्ट है कि उन्होंने जमीन का हस्तांतरण नहीं करके अपील को खारिज किया है। जो उनके क्षेत्राधिकार में है। दो सवाल: जो जांच का विषय है, इन पर कोई जवाब नहीं दे रहे1. अगर गोचर जमीन थी तो सरकार ने वहां लीजे आवंटित कैसे कर दी।2. अगर मगरा भूमि व पहाड़ की जमीन है तो फिर गोचर का दावा करना गलत है या एसडीएम का अपील निरस्त करने का आदेश गलत है।
फोलाई पंचायत के भैंसखेड़ा गांव में स्थित मिडिल स्कूल का बरामदा मंगलवार सुबह 10:45 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। इस दाैरान सभी बच्चे स्कूल परिसर में बाहर धूप में लगी क्लास में बैठे थे, जिससे अनहोनी टल गई। स्कूल में 38 बच्चों का नामांकन है, जिनमें से मंगलवार को 30 छात्र पढ़ रहे थे। घटना के समय तीन अध्यापक आठ कक्षाओं के बच्चों को पढ़ा रहे थे। छत गिरने का धमाका होते ही बच्चे भयवश भागे। ग्रामीण दौड़कर आ गए। सभी बच्चों और स्टाफ के सुरक्षित होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्राम पंचायत प्रशासक रामस्वरूप खींचा ने बताया कि स्कूल का भवन सत्र 2003 में निर्मित हुआ था। इस वर्ष पहले ही शिक्षा विभाग ने क्षतिग्रस्त तीन कक्षों को जमींदोज करवा दिया था, लेकिन बरामदे की छत की मरम्मत आपदा विभाग के तहत नहीं हो सकी। इस बीच गैंडोली थानाप्रभारी और शिक्षा विभाग के एईएन कैलाशचंद धाकड़, जेईएन गोवर्धन गुर्जर आ गए। छत गिरने वाले हिस्से को जेसीबी से तोड़कर अनुपयोगी घोषित कर दिया। स्कूल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एसएमसी की बैठक बुलाने और क्षतिग्रस्त भवन की जगह जल्द नए निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। घटनास्थल पर सरपंच रामस्वरूप खींचा, उपसरपंच हरिओम गोचर, एसएमसी उपाध्यक्ष धनराज मीणा व ग्रामीणों ने अधिकारियों से बच्चों की सुरक्षा और स्कूल भवन की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग रखी।
मतदाता सूची की जांच में बड़े पैमाने पर गलतियां सामने आ रही हैं। एसआईआर में अनमैप्ड मतदाताओं की संख्या तो 1.33 लाख है, लेकिन 9 विधानसभा क्षेत्रों में 5 लाख 79 हजार 275 मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके रिकॉर्ड में किसी न किसी तरह की विसंगति है। एसआईआर-2026 के तहत जारी मतदाता सूची में जो जानकारी सामने आई है, उसके रिकॉर्ड को सुधारना जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। सबसे गंभीर स्थिति पिता के नाम में असमानता की है। इस श्रेणी में 4 लाख 43 हजार 671 मामले सामने आए हैं। यह कुल विसंगति का करीब 76 प्रतिशत है। नाम की वर्तनी, हिंदी-अंग्रेजी ट्रांसलेशन, उपनाम के जोड़-घटाव और पुराने डेटा के बिना सत्यापन माइग्रेशन इसका बड़ा कारण सामने आया है। गलतियों के प्रमुख कारण, फैमिली मैपिंग ही नहीं की किस विधानसभा क्षेत्र में किस कैटेगरी में कितनी गलतियां सामने आईं
नमस्कार, कल की बड़ी खबर पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप के एक्टिव होने की जानकारी से जुड़ी रही। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में हुई संभल हिंसा से जुड़ी है। कोर्ट ने उस समय CO रहे अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस वालों पर FIR के आदेश दिए हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव, किसी भी हरकत का जवाब दिया जाएगा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पाकिस्तानी बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं। उन्होंने कहा कि हम नजर रखे हुए हैं और अगर किसी भी तरह की हरकत होती है तो जवाब जरूर दिया जाएगा। आर्मी चीफ ने बताया कि 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे। इनमें पहलगाम हमले के आतंकी भी थे, जिन्हें ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया। 1963 का पाक-चीन समझौता अवैध: आर्मी चीफ ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को अवैध मानता है। जिसके तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी में अपना क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। हम वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर... 2. ब्लिंकिट ने हटाया '10 मिनट में डिलीवरी' का दावा, हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों ने अब '10 मिनट में डिलीवरी' का दावा हटा दिया है। सरकार के साथ हुई बैठक में ब्लिंकिट के अलावा स्विगी और जेप्टो ने भी भरोसा दिया है कि वे अब ग्राहकों से समय सीमा का वादा करने वाले विज्ञापन नहीं करेंगे। यह बदलाव डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा को देखते हुए किया गया है। वर्कर्स की जान खतरे में नहीं होना चाहिए: सरकार ने कहा कि कंपनियों के बिजनेस मॉडल से किसी भी वर्कर्स की जान खतरे में नहीं होना चाहिए। 10 मिनट जैसी समय सीमा न केवल राइडर्स के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करती है। पढ़ें पूरी खबर... 3. यूपी में ASP अनुज चौधरी समेत 20 पर होगी FIR, संभल हिंसा में युवक को गोली मारने का आरोप संभल हिंसा में ASP अनुज चौधरी समेत 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों पर कोर्ट ने FIR के आदेश दिए हैं। आरोप है कि हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक युवक को गोली मार दी थी। युवक के पिता ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। आरोपियों में इंस्पेक्टर अनुज तोमर का नाम भी शामिल हैं। अनुज चौधरी हिंसा के समय संभल के CO थे। अब वे फिरोजाबाद में बतौर ASP ग्रामीण पोस्टेड हैं। वहीं, इस मामले को लेकर SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा- हिंसा की ज्यूडिशियल इन्क्वायरी हो चुकी है। इसलिए ये FIR दर्ज नहीं की जाएगी। हम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। पढ़ें पूरी खबर... 4. बांग्लादेश टी-20 वर्ल्डकप भारत में न खेलने पर अड़ा, कहा- खिलाड़ियों की सुरक्षा टॉप प्रायोरिटी बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में नहीं खेलना चाहता। उसने ICC से दोबारा मांग की है कि बांग्लादेश के सारे मैच श्रीलंका में कराए जाएं। बांग्लादेश सरकार ने अपने यहां IPL मैचों के प्रसारण पर भी रोक लगा दी। बांग्लादेश क्यों भारत में नहीं खेलना चाहता है: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद से खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर बांग्लादेश लगातार वेन्यू बदलने की मांग कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर... 5. ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या, जर्मनी बोला- ईरान में सरकार का खेल खत्म ईरान के हिंसक प्रदर्शन में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। यह दावा ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने किया है। उसने बताया कि ये हत्याएं पिछले 17 दिनों में हुई हैं, जो ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड है। भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है। ट्रम्प बोले- मदद रास्ते में है: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लें। मदद रास्ते में हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों की हत्या में शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। महंगाई के विरोध में प्रदर्शन: ईरान में प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के कारण हो रहे हैं। रियाल की कीमत गिरने से खाने-पीने और दवाओं के दाम बहुत बढ़ गए हैं। इस वजह से GenZ गुस्से में हैं। पढ़ें पूरी खबर... 6. चांदी दो दिन में ₹20,000 बढ़कर ₹2.63 लाख/kg हुई, सोना ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम बिक रहा सोने-चांदी ने लगातार दूसरे दिन भी ऑल टाइम का रिकॉर्ड बनाया। एक किलो चांदी की कीमत 6,256 रुपए बढ़कर 2,63,032 रुपए हो गई है। इससे पहले सोमवार को 13,968 रुपए बढ़ी थी। यानी दो दिन में चांदी 20,224 रुपए महंगी हो चुकी है। सोना ₹1.40 लाख पहुंचा: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 33 रुपए बढ़कर 1,40,482 रुपए के ऑल टाइम हाई पर ओपन हुआ। हालांकि, इसके बाद इसके दाम में गिरावट आई और ये 165 रुपए गिरकर 1,40,284 पर बंद हुआ। पढ़ें पूरी खबर... 7. बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, 28 साल के ऑटो ड्राइवर को घर लौटते वक्त मारा चाकू बांग्लादेश में अज्ञात बदमाशों ने 28 साल के हिंदू युवक समीर कुमार दास की पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी। उसका ऑटोरिक्शा भी लूट लिया। समीर रविवार शाम करीब 7 बजे ऑटोरिक्शा लेकर घर से निकला था। देर रात तक जब वह नहीं लौटा तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 2 बजे एक खेत में उसका शव मिला। 23 दिन में 7 हिंदुओं का मर्डर: बांग्लादेश में 23 दिनों के दौरान हिंदू की हत्या की ये 7वीं घटना है। भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... जेब में कोबरा लेकर डॉक्टर के पास पहुंचा शख्स मथुरा में एक शख्स को कोबरा सांप ने काट लिया। वह सांप को जेब में रखकर जिला अस्पताल पहुंच गया। डॉक्टर से कहा कि साहब इलाज कर दो, इसी सांप ने काटा है। इसके बाद उसका इलाज किया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों की बिजनेस में तरक्की के योग हैं। तुला राशि वालों का रुका काम आज बन सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
वाराणसी (काशी) में ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस घाट का निर्माण 1771 में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा कराया गया था। 1791 में देवी अहिल्याबाई ने इसका जीर्णोद्धार करवाया था। ऐतिहासिक धरोहर के साथ ही मोक्ष, आस्था और सनातन परंपरा के जीवंत प्रतीक इस घाट को विकास के नाम पर धराशायी करने से समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी है। वाराणसी प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर इंदौर में आक्रोश है। विरोध में धनगर समाज, पाल, बघेल समेत कई समाजों ने 15 जनवरी को बैठक प्रस्तावित है। इसमें रणनीति तय की जाएगी। समाज का कहना है कि अहिल्याबाई होलकर के त्रिशताब्दी वर्ष के समापन पर उनकी विरासत का ऐसा अनादर आहत करने वाला है। 84 प्रमुख घाटों में शामिल ढाई सौ वर्ष से ज्यादा प्राचीन मणिकर्णिका घाट काशी के 84 प्रमुख घाटों में शामिल है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर माता पार्वती की कर्णिका (कान की मणि) गिरी थी, जिससे इसका नाम मणिकर्णिका पड़ा। घाट पर पारंपरिक पत्थर की सीढ़ियां, धार्मिक प्रतीक व शिल्पकला के अवशेष मौजूद हैं। देवी अहिल्या ने यहां तीर्थ यात्रियों के लिए कई सुविधाएं विकसित कराई हैं। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक्ट में कड़े प्रावधान हैं प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम (AMASR), 1958 ऐतिहासिक स्मारकों और स्थलों के संरक्षण के लिए प्रमुख कानून है। इस अधिनियम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को राष्ट्रीय विरासत से जुड़े स्मारकों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके आसपास होने वाली गतिविधियों को नियंत्रित करने का अधिकार है। इसके तहत स्मारकों के चारों ओर 100 मीटर का प्रतिबंधित क्षेत्र और 200 मीटर का नियंत्रित क्षेत्र निर्धारित किया गया है, ताकि अनधिकृत निर्माण रोका जा सके। वर्ष 2010 के संशोधन में प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण पर रोक को और सख्त किया गया है। मणिकर्णिका घाट पर 21 मंदिर, धर्मशाला भी, यहां तोड़फोड़ दुखद है देवी अहिल्या के अच्छे कामों को इस तरह ध्वस्त किया जाना दुखद है। इस पर चर्चा होनी चाहिए। जिस घाट को ध्वस्त किया गया, वहां देवी अहिल्या ने 5 करोड़ से 21 मंदिर, धर्मशाला, अन्न क्षेत्र व स्नान घाट भी बनवाए हैं। इसका महत्व काशी विश्वनाथ से जुड़ा है।- जफर अंसारी, इतिहासकार देवी अहिल्या की विरासत को सरकार सहेजे ^विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन देवी अहिल्याबाई होलकर की दूरदर्शिता और विरासत को सुरक्षित रखते हुए ही होने चाहिए थे। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लापरवाही की जांच, दोषियों पर कार्रवाई, मूर्तियां ट्रस्ट को सौंपने और उनके पुनः प्रतिष्ठापन का आग्रह किया है।- यशवंतराव होलकर, प्रेसीडेंट, खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटिज ट्रस्ट
राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) के फेज थर्ड इलाके में रहने वाला जाहिद की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या हो जाती है। कई साल गुजर गए, लेकिन जाहिद के हत्यारे का सुराग नहीं लगा। हर अंधेरी सड़क उस रात की गवाही देती रही। वह रात जब घर से काम के लिए निकला जाहिद कभी लौटकर नहीं आया। जाहिद की हत्या के बाद इलाके में दहशत का जो माहौल बना, वह धीरे-धीरे सामान्य तो हो गया, लेकिन डर और सवाल दोनों जिंदा रहे। पुलिस जांच पूरी कर चुकी थी। चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी। मामला अदालत में चल रहा था, लेकिन इंसाफ की राह आसान नहीं थी। 14 साल बाद आखिरकार वह दिन आया, जब उस रात की पूरी कहानी अदालत के सामने साफ होने लगी। जांच और अदालत में दर्ज गवाहों के बयानों से यह साफ हो गया कि जाहिद की हत्या कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था। यह न तो लूट का मामला था और न ही किसी गहरी दुश्मनी का नतीजा। इसके पीछे एक ऐसी वजह थी, जिसे उस वक्त किसी ने गंभीरता से नहीं लिया था। घटना से एक दिन पहले गांव की उसी बाहरी सड़क पर एक मामूली-सा विवाद हुआ था। जाहिद ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। उसी दौरान रास्ते में एक मुर्गी ट्रैक्टर के नीचे आकर मर गई। मुर्गी मालिक राजवीर ने जाहिद से बहस की। आवाजें तेज हुईं। कुछ लोग इकट्ठा हो गए। गांव वालों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। जाहिद ने माफी भी मांग ली थी। सबको लगा कि यह रोज़मर्रा का झगड़ा है, जो यहीं खत्म हो जाएगा। मामला वहीं खत्म नहीं हुआ था। विवाद के बाद राजवीर और उसके साथियों के भीतर गुस्सा और बदले की भावना पनप चुकी थी। इसी गुस्से के चलते जाहिद को सबक सिखाने का फैसला लिया गया। अगले ही दिन हत्या की योजना बनाई गई। फिर उस रास्ते को चुना, जहां शाम के वक्त आवाजाही कम रहती थी। अंधेरा जल्दी छा जाता था और आसपास झाड़ियां थीं। यही वजह थी कि वारदात को अंजाम देना आसान था। जाहिद जैसे ही उस सड़क से गुजरा, राजवीर और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। पहले उसके साथ मारपीट की गई। जब उसने विरोध किया और बचने की कोशिश की, तभी बेहद नजदीक से उस पर गोली चला दी गई। गोली सीधी उसकी छाती में लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश में शामिल राजवीर उसी इलाके का रहने वाला था। उसी ने हत्या की प्लानिंग बनाई और अपने साथ संजय और सुभाष को शामिल किया। कुल मिलाकर इस हत्याकांड में पांच आरोपी शामिल थे। हालांकि, समय के साथ मामला जटिल होता चला गया। एक आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस आज तक नहीं कर सकी। एक अन्य आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो गई। अंततः तीन आरोपियों के खिलाफ ही मुकदमा चला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा था कि जाहिद की मौत गोली लगने से हुई। गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी। इससे यह साबित हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरी तरह योजनाबद्ध हत्या थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट और मौके से जुटाए गए सबूतों ने भी अभियोजन पक्ष के दावे को सही ठहराया। गोली की दिशा, घाव की स्थिति और घटनास्थल के निशान सबने एक ही कहानी बयान की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 24 गवाह पेश किए। इनमें गांव के लोग, मौके पर पहुंचे पहले व्यक्ति, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे। हर गवाह ने उस रात की कहानी का एक-एक टुकड़ा जोड़ा। किसी ने विवाद की पुष्टि की, किसी ने आरोपियों की मौजूदगी बताई, तो किसी ने घटना के बाद का हाल बताया। धीरे-धीरे सबूतों की कड़ी जुड़ती चली गई और अदालत के सामने पूरी तस्वीर साफ हो गई। अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घर से काम के लिए निकले युवक का मर्डर:गांव के बाहर पड़ी मिली लाश, गांव का ही था हत्यारा, पार्ट-1
टमाटर के बिना दाल-सब्जी का स्वाद नहीं बनता, लेकिन टमाटर 50 रुपए किलो तक मिल रहा है। पहले हफ्ते में 2 किलो लेते थे, अब आधा–एक किलो लेकर काम चला रहे हैं। किचन में सब्जी बना रही ममता कहती हैं कि खाने का स्वाद इस समय टमाटर की वजह से थोड़ा फीका है। इसकी वजह है टमाटर के दाम। ममता अकेली नहीं हैं, प्रदेश की हर रसोई में यही चिंता है। जनवरी में सभी सब्जियों के साथ टमाटर के दाम 15 से 20 रुपए किलो रहते थे, लेकिन इस साल अभी भी टमाटर 50 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। चिंता की बात इसलिए है क्योंकि देश में टमाटर की सबसे ज्यादा पैदावार एमपी में ही होती है। यहां का टमाटर दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। लेकिन इस बार एमपी की मंडियों में दूसरे राज्यों से टमाटर आ रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने बीते सालों में टमाटर के दाम की तुलना की तो पता चला कि 5 साल में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब टमाटर के दाम जनवरी महीने में 50 रुपए हैं। सवाल ये है कि देश में सबसे ज्यादा टमाटर पैदा करने वाले राज्य में ही टमाटर महंगा होने की वजह क्या है? टमाटर के रेट कब तक कम होंगे? लोकल मार्केट से टमाटर नहीं आया, इसलिए बढ़े दाम भोपाल के सब्जी व्यापारी उमेश गुप्ता का कहना है कि इस समय मंडी में मूली-पालक, आलू और दूसरी सब्जियां 15-20 रुपए किलो है जबकि टमाटर 40 से 50 रुपए किलो बिक रहा है। दूसरे सालों में जनवरी तक लोकल किसानों के टमाटर मंडी तक पहुंच जाते थे तो इसका दाम मुश्किल से 15-20 रुपए किलो तक रहता था, लेकिन इस साल लोकल किसानों से अच्छी क्वालिटी के टमाटर नहीं आ पा रहे हैं। इंदौर, धार, देवास, खरगोन, शिवपुरी बेल्ट में कई किसानों की फसल बारिश के कारण प्रभावित हुई। लोकल मंडी में टमाटर की आवक 30–40% तक घट गई। जाहिर है आवक घटने का असर इसकी कीमतों पर भी पड़ रहा है। लोकल सप्लाई की कमी पूरी करने के लिए मंडी को कर्नाटक (बेंगलुरू) और महाराष्ट्र (नासिक, सांगली) से टमाटर मंगाना पड़ रहा है। बाहरी सप्लाई पर ट्रांसपोर्ट, लोडिंग–अनलोडिंग और नुकसान का खर्च जुड़ता है। यही लागत सीधे दाम में जुड़ जाती है। व्यापारियों के मुताबिक बेंगलुरु से आने वाला टमाटर थोक में 35–40 रुपये किलो पड़ रहा है। इसमें मंडी शुल्क और खुदरा मार्जिन जोड़ते ही रेट 50–60 रुपये पहुंच जाता है। दूसरी हरी सब्जियां सस्ती जनवरी में गोभी, गाजर, मूली, मटर जैसी सब्जियों की पैदावार चरम पर रहती है। ठंडा मौसम इन फसलों के अनुकूल है, इसलिए सप्लाई ज्यादा और दाम कम हैं। किसानों को मिल रहा अच्छा दाम जनवरी के दौरान टमाटर के दाम सामान्य ही रहते हैं। पिछले 5 सालों में टमाटर 15 से 30 रुपए किलो तक के ही आस-पास रहा, लेकिन इस साल कीमतें दोगुनी से तीन गुना तक है। इंदौर में टमाटर व्यापारी पवन के मुताबिक इस साल टमाटर का बाजार अच्छा जा रहा है। जिन किसानों ने टमाटर की फसल लगाई थी, वो खुश हैं। दिवाली के समय हल्की बारिश से मप्र और बाहर भी टमाटर की फसल खराब हुई। लेकिन जो बची हुई फसल है, उसके अच्छे दाम मिल रहे हैं। खरगोन बामनपुरी के किसान धर्मेंद्र को इस साल टमाटर के अच्छे दाम मिल रहे हैं। धर्मेंद्र ने हाईब्रीड और देसी दोनों तरह के टमाटर खेत में लगाए हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि बीते सालों में भी फसल खराब और कम दाम मिलने के कारण किसानों ने इस सीजन में टमाटर का रकबा कम कर दिया। इसके कारण उत्पादन पर भी असर पड़ा है। अक्टूबर में हल्की बारिश से कुछ किसानों की फसलें खराब भी हो गई, इसलिए अच्छे दाम मिल रहे हैं। अभी फौरी राहत मिलेगी, फरवरी में शादी सीजन में फिर बढ़ेंगे दाम सब्जी के थोक व्यापारी पवन का मानना है कि अभी ठंड के कारण टमाटर की आवक कम थी लेकिन धूप निकलने के कारण खेत में ही टमाटर पकने लगे हैं, जिससे अब टमाटर के दाम गिरने शुरू होंगे। फरवरी के पहले पखवाड़े तक कीमतें 30 रुपए तक गिर सकती हैं। लेकिन जैसे ही फरवरी में विवाह का सीजन आएगा, फिर कीमतों में उछाल आएगा। बाजार डिमांड और सप्लाई के गणित पर काम करता है। फरवरी में शादियों का सीजन है, इसलिए मांग बढ़ने से कारण दाम में ज्यादा कमी नहीं आएगी।
इंदौर की पहली जल सुनवाई:निगम पर भरोसा नहीं... लोग टंकी से कैन भरकर ले गए, शिकायत नहीं की
नगर निगम ने मंगलवार को शहर के 85 वार्डों में पहली बार पानी की समस्या सुनने के लिए जल सुनवाई रखी। टेबल-कुर्सी और बैनर लगाकर कर्मचारी बैठे, पर 50 वार्डों में शिकायतें ही नहीं आईं। कई वार्ड ऐसे थे जहां पानी गंदा आता है इसलिए टंकी पर लोग कैन लेकर पानी भरने पहुंचे, लेकिन इन्होंने भी शिकायत नहीं की। पूछने पर बोले- पहले कई बार शिकायतें की लेकिन ये लोग कुछ करते ही नहीं। भरोसा नहीं रहा, इसलिए अब शिकायत करना ही बंद कर दीं। कुछ वार्डों में पार्षद सक्रिय हुए, तो गंदे पानी, कम प्रेशर, कम पानी मिलना, पानी की जांच, नल कनेक्शन, सप्लाई की दिक्कतों, बोरिंग में गंदा पानी की शिकायतें मिलीं। 85 वार्डों में कुल 309 आवेदन मिले। पलासिया टंकी पर दोपहर 1 बजे तक सिर्फ चार शिकायतें आईं। गोयल नगर टंकी पर 27 लोग पहुंचे और कम पानी और प्रेशर कम होने की शिकायत की। स्कीम नंबर 71 में द्वारकापुरी से आए एके पागारानी ने बताया, कुछ समय तक बदबूदार पानी आता है। द्रविड़ नगर टंकी पर तो कर्मचारी शिकायतकर्ता का इंतजार करते रहे। लोग बोले- नल में गंदा पानी आने की कई बार शिकायतें की, नतीजा सिफर परदेशीपुरा: कैन लेकर पहुंचे भाई-बहन कोई शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा। एक रहवासी ने कहा कि घर में गंदा पानी आता है, इसलिए टंकी से ही ले जाते हैं। शिकायत नहीं कर रहे क्योंकि कोई कार्रवाई नहीं होती। भाई-बहन कुणाल और काव्या स्कूटी पर चार कैन लेकर पहुंचे। वे बोले- घर में गंदा आता है। हम पहले कई बार शिकायत कर चुके। हवा बंगला: ड्रेनेज लाइन की शिकायत इसमें सुदामा नगर, सूर्यदेव नगर व आसपास की कॉलोनियां आती हैं। कर्मचारी तैयारी से बैठे थे। 12 बजे तक इक्का-दुक्का शिकायतें ही पहुंची। लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में शुरुआत के 15 मिनट गंदा पानी आता है। ई सेक्टर से घरों के आगे ड्रेनेज लाइनें डालने की शिकायत ले कर भी पहुंचे थे। राजमोहल्ला में स्टाफ अनजान राजमोहल्ला में जल सुनवाई तय थी, लेकिन वहां ऐसी कोई हलचल नहीं थी। निगम के आदेश में जिन इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई थी, पूछने पर वहां मौजूद स्टाफ अचरज में था कि हमें तो किसी ने बताया ही नहीं। उपयंत्री कहां हैं? जवाब मिला - जयरामपुर वाली टंकी पर हैं। भागीरथपुरा में तीन शिकायतें दूषित पानी से जिस भागीरथपुरा में 23 मौतें हुईं वहां तीन शिकायतें आईं। लेकिन ये गंदे पानी की नहीं, टैंकर नहीं मिलने की थीं। करीब 11 बजे यहां महापौर पहुंचे। कुछ देर रुके, इसके बाद यहां से निकल गए। यहां रोज निगम की टीमें घूम रही हैं, इसलिए जल सुनवाई का असर नहीं दिखा। सत्य साईं टंकी यहां 21 शिकायतें आईं। अधिकांश शिकायतें बापू गांधी नगर और मालवीय नगर से थीं। बापू नगर के सुरेश कुमार ने बताया कि कम प्रेशर से पानी आता है। बर्फानी धाम टंकी क्षेत्र से 18 शिकायतें दर्ज की गईं। सुखलिया टंकी क्षेत्र में 20 से ज्यादा शिकायतें सामने आईं। आंबेडकर नगर टंकी दोपहर 1 बजे तक 9 शिकायतें मिलीं क्योंकि पार्षद ने लोगों को बुलवाकर शिकायत दर्ज करवाई। सोनिला मिमरोट और आनंद नामदेव ने बताया कि पानी नहीं आता है। गायत्री वैद्य ने शिकायत की कि पानी प्रेशर से नहीं आता है। विमल नरवाल ने बताया कि पहले पानी 80 मिनट आता था, अब 15 मिनट आ रहा है।
राजस्थान में बारिश का अलर्ट, आज चलेगी शीतलहर:दिन का तापमान बढ़ा, 4 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम
राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से अब राहत शुरू हो गई। मौसम विभाग ने 14 जनवरी को 5 जिलों में सर्दी का यलो अलर्ट जारी किया है। कल से प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और शीतलहर से लाेगों को राहत मिलेगी। वहीं, 19 जनवरी से प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है। उत्तरी हवा कमजोर होने और दिन में तेज धूप रहने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। दिन में कोल्ड-डे जैसी स्थिति खत्म हाे गई। वहीं, सुबह-शाम की गलनभरी तेज सर्दी से भी थोड़ी राहत मिली। अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक पहुंचा पिछले 24 घंटे का मौसम देखें तो राजस्थान के सभी शहरों में आसमान साफ रहा, दिन में तेज धूप रही। गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों को छोड़कर शेष सभी शहरों में मंगलवार दिन का अधिकतम तापमान 20 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। उत्तरी हवा कमजोर पड़ने से शेखावाटी एरिया में भी दिन की सर्दी में कमी आई और यहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। सीकर में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, फतेहपुर में 24.2 डिग्री दर्ज हुआ। जमाव बिंदु से ऊपर आया पारा अधिकतम तापमान के अलावा शेखावाटी के इलाकों में मंगलवार को न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई। इससे इन शहरों में तापमान जो जमाव बिंदु या उससे नीचे (माइनस) में था, वह चढ़कर 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मंगलवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस करौली में दर्ज हुआ। जयपुर में भी मंगलवार को न्यूनतम तापमान दो डिग्री से ऊपर चढ़कर डबल डिजिट यानी 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। 19 जनवरी से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में 18 जनवरी तक प्रदेश में मौसम साफ रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। 19 जनवरी से प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इस सिस्टम के असर से भरतपुर, जयपुर संभाग के अलावा बीकानेर संभाग के एरिया में मौसम बदल सकता है। आसमान में बादल छा सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। इस सिस्टम का प्रभाव 2 से 3 दिन रहने की संभावना है।
जबलपुर में करीब 7 किमी का फ्लाई ओवर मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है। 1100 करोड़ की लागत से यह 6 साल में बनकर तैयार हुआ। 23 अगस्त 2025 में इसका शुभारंभ हुआ था। अब 5 महीने पूरे होने जा रहे हैं। बावजूद इसके अब तक खामियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसके बड़े-बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड में भी आगे आने वाली जगहों की दिशाएं गलत दिखाई जा रही हैं। सीधे जाने वाले रास्ते पर राइट टर्न के संकेत दिख रहे हैं। इससे राहगीर भ्रमित हो रहे हैं। इसी भुलभुलैया से लोगों को बचाने के लिए एक कॉन्स्टेबल ने वीडियो बनाया था। जिसे तेजी से सर्कुलेट कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस ब्रिज का जायजा लिया। मौके पर कई खामियां दिखीं। लोगों से भी बात की। पढ़िए, यह रिपोर्ट... रास्ता सीधा, डिस्प्ले बोर्ड बता रहा दाहिने जाइएगोहलपुर से ब्रिज पर चढ़ते ही करीब एक किमी आगे बढ़ने पर दमोह नाका चौराहा आता है। यहां से सीधा जाने पर रानीताल और मदन महल आएंगे। जबकि दमोह नाका चौराहा पर जो डिस्प्ले बोर्ड लगा है उसमें रानी ताल और मदन महल जाने के लिए दाहिनी तरफ जाने का संकेत दिखाई दे रहा है। इसके चलते लोगों को कन्फ्यूजन होता है। वे गलती से दाहिने तरफ मुड़ जाते हैं। इसके बाद उन्हें कई किलोमीटर गलत घूमना पड़ जाता है। साथ ही साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी बनती है। इस तरह के कई डिस्प्ले बोर्ड नए लोगों को गलत दिशा में भेजने वाले इंडिकेशन दे रहे हैं। कॉन्स्टेबल ने खामियां गिनाते हुए बनाया वीडियोजबलपुर के एक पुलिस काॅन्स्टेबल शशांक तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वे एमपी के सबसे लंबे फ्लाईओवर की खामियों की बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिस जवान कह रहे हैं कि यह मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है लेकिन ये फ्लाईओवर हमारे जबलपुर के लोगों के लिए बहुत ही बड़ा भुलभुलैया साबित होता है। यहां पर कोई इंडिकेशन ठीक तरीके से नहीं दिए गए हैं। जो भी इंडिकेशन दिए हैं, वे ऐसे हैं कि लोगों को समझ नहीं आते हैं कि इंडिकेशन के हिसाब से सड़क से किस तरफ से उतरें। उन्होंने वीडियो में कुछ तरीके बताए जिससे लोग कन्फ्यूजन से बच सकते हैं। पूरा ब्रिज लेफ्ट टर्न के कॉन्सेप्ट पर बनाइस समस्या को लेकर हमने क्षेत्रीय ट्रैफिक डीएसपी संतोष शुक्ला से बात की। हमने उन्हें समस्या बताई। उन्होंने कहा इस समस्या को समझना पड़ेगा। यह डिस्प्ले बोर्ड पीडब्ल्यूडी के ईई शिवेंद्र सिंह की देखरेख में लगा था और काफी सोच समझकर लगा है। फोन पर कोई स्टेटमेंट नहीं दे सकता हूं। हमने वीडियो दिखाने की बात कही तो उन्होंने कहा बिना सामने से देखे समझ नहीं आएगा। सभी डिटमरेक्शन सही लगे हुए हैं। पूरा ब्रिज लेफ्ट टर्न के कॉन्सेप्ट पर बना है। राइट टर्न सिर्फ चौराहों पर है। जैसे दमोह नाका और मदन महल यही से राइट टर्न अलाउड है। यह खबर भी पढ़ें... जबलपुर में MP का सबसे लंबा फ्लाईओवर जबलपुर में एमपी का सबसे लंबा फ्लाईओवर ब्रिज बनकर तैयार है। इस फ्लाईओवर की खासियत यह भी है कि इसमें रेल मार्ग के ऊपर देश का सबसे लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज भी बना है, जिसकी लंबाई 385 मीटर है। इस फ्लाईओवर की लागत करीब 1100 करोड़ रुपए है। ब्रिज के नीचे 50 हजार पौधे, बास्केटबॉल कोर्ट और पार्क भी बनाए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों के लिए कैशलेस हेल्थ स्कीम लाने की तैयारी में है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की टीम ने सुझाव लेने का काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से योजना तैयार की जा रही है। जिसे लेकर कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक कर सुझाव लिए हैं। एक वॉट्सऐप नंबर जारी कर भी सुझाव मांगे हैं। इसके अलावा, पावर पाइंट प्रजेंटेशन देकर प्रस्तावों की जानकारी दी गई है। जिसमें बताया है कि प्रदेश और राज्य के बाहर के अस्पताल चिह्नित भी किए जा रहे हैं। 4 स्लैब बताए, सुझाव लेकर फाइनल करेंगे ड्राफ्टयोजना में 4 स्लैब में पैसे 250, 500,750,1000 कटेंगे। दरअसल, कमलनाथ सरकार के समय में भी ड्राफ्ट तैयार किया था लेकिन तब इसे लागू नहीं किया जा सका था। ड्राफ्ट तैयार हुआ तब वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन एसीएस फाइनेंस के पद पर थे। जिसमें जैन की सक्रिय भूमिका थी। अब एक बार फिर इसको लेकर कवायद शुरू हुई है। सभी कर्मचारी संगठनों से मांगे सुझावबैठक में अपर सचिव जीएडी दिनेश कुमार मौर्य, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी थे। मंत्रालय कर्मचारी अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक भी इस बैठक में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने के लिए सुझाव देने को कहा है। कर्मचारी संगठनों से कहा है कि सभी संगठनों के सुझाव आने के बाद ड्राफ्ट को फाइनल किया जाएगा। कर्मचारी-पेंशनर्स को दिए जाएंगे ये लाभ
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के अनुसार मकर संक्रांति सूर्योदय कालीन पर्व माना जाता है। जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हुए उदित होता है, उसी दिन यह पर्व मनाने का विधान है। संस्थान के अनुसार 14 जनवरी को मकर संक्रांति का क्षण अपराह्न काल, यानी दोपहर के बाद पड़ रहा है। ऐसे में 15 जनवरी को सूर्य का उदय मकर राशि में होगा। इसी कारण देशभर में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। पर्व के साथ ही ब्रह्म मुहूर्त से स्नान, दान और पुण्य काल की शुरुआत हो जाएगी। मान्यता है कि संक्रांति काल में पवित्र नदियों और जलाशयों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है। मकर संक्रांति का स्नान रोग नाशक माना गया है। इस दिन तिल, कंबल और गर्म वस्तुओं के दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। संक्रांति उत्सव में पतंग उड़ाने की परंपरा का उल्लेख रामचरितमानस में भी मिलता है, जिसका संबंध हनुमान से जोड़ा जाता है। मकर संक्रांति के बाद शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी हो जाती है। इस दिन कई श्रद्धालु उत्तरायण सूर्य का व्रत रखते हैं। मकर संक्रांति के अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य माने जाते हैं। इसी पर्व के साथ ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और खेतों में हरियाली, फसलों और फूलों से प्रकृति मनोहारी रूप धारण करती है। यह पर्व उल्लास और आनंद का संदेश देता है।
राज्य सरकार ने बजट में घोषणाएं करके विकास के दावे तो किए, लेकिन धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें तो दो साल की करीब 13 बजट घोषणाएं अब तक पेंडिंग चल रही हैं। इक्का-दुक्का हैं, जिनमें काम शुरू हुआ है। बाकी सभी के प्रस्ताव जिला कलेक्टर से लेकर चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की फाइलों में ही दफन होकर रह गए हैं। इधर आगामी बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। प्रभारी मंत्री एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने हाल ही में नए प्रस्ताव मांगे हैं। पीबीएम में अल्ट्रा एडवांस्ड बर्न केयर सेंटर के बजट पर कैंची चल गई। स्पाइनल इंजरी सेंटर की घोषणा 2024-25 के बजट में हुई थी। बाद में इसे 2025-26 के बजट में भी शामिल कर लिया गया, लेकिन अब तक नहीं बना। इसी प्रकार भुजिया बाजार डिस्पेंसरी के लिए एक करोड़ और जिला अस्पताल में ड्रग स्टोर के एक करोड़ रुपए पश्चिम के विधायक ने सरकार से मांगे थे। दो साल बाद भी नहीं मिले। हालात यह हैं कि वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति तो दूर की बात है, 2024-25 की बजट घोषणाओं के काम ही अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। इसका मूल कारण फाइनेंस की स्वीकृति बताया जा रहा है। एसपी मेडिकल कॉलेज से प्रस्ताव बनाकर चिकित्सा शिक्षा निदेशालय भेजे गए थे। वहां से वित्त विभाग को भेजे जाने हैं। यानी दो साल से पत्राचार के जरिए केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है। नए बजट प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं। प्रभारी मंत्री को भी कॉपी दे दी गई है। पुराने लंबित बजट प्रस्तावों पर काम चल रहा है। बर्न यूनिट के लिए हमने पूरा पैसा मांगा है। जिला अस्पताल के काम पेंडिंग हैं। उनके लिए भी अलग से लिखा गया है। — डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा,प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज बड़ी घोषणाएं अब तक अधूरी 2026-27 के लिए नए बजट प्रस्ताव
नए साल में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खुश खबर आई है। पार्क में हाल ही दो मादा भेड़ियों ने 12 शावकों को जन्म दिया है। अब यहां भेड़ियों की संख्या 21 से बढ़कर 33 हो गई है। भेड़िया वर्तमान में संकटापन्न श्रेणी में है। आवास नष्ट होने व मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण इनकी देशभर में संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में बायो पार्क में एकसाथ 12 भेड़ियों का जन्म इनके संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भेड़िया एक स्वस्थ ईको-सिस्टम का संकेतक प्राणी है। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क में भेड़ियों के पुनर्वास से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन लौटा था। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़िये को जहर देकर, फंदा लगाकर भेड़ियों को मारने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। क्योंकि, भेड़िये बकरी, गाय के बछ़डे आदि का शिकार कर देते हैं। भेड़ियों के प्रजनन के अनुकूल केंद्र के रूप में उभरा बायो पाकराजस्थान में भी कभी कुंभलगढ़ अभयारण्य भेड़ियों के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते दशकों में इनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में बायो पार्क इनके प्रजनन के लिए अनुकूल केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। भेड़ियों के कुनबे में हुई यह वृद्धि न केवल पार्क की जैव विविधता को समृद्ध करेगी, बल्कि वन्यजीव पर्यटन को भी नया आयाम देगी। इससे आने वाले समय में बायो पार्क की पहचान भेड़िया संरक्षण के एक सफल मॉडल के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा:टीआई पटेल को तुरंत हटाएं; कई मामलों में एक ही गवाह पेश हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें कार्य से हटाने के मौखिक निर्देश दिए हैं। थाने में दर्ज होने वाले प्रकरण में पटेल अपने बनाए हुए गवाहों के बयान करवा देते थे। दर्जनों प्रकरण में एक ही गवाह को सबूत के रूप में पेश करवा देते थे। कोर्ट ने माना कि उनकी यह बदमाशी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से यह सामने आया है कि संबंधित अधिकारी ने अपने ही बनाए गवाहों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया, जो आपराधिक न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह टिप्पणी मंगलवार 13 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान की गई। मामला एक आरोपी की जमानत याचिका से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड में एक ही गवाहों के नाम दर्जनों और सैकड़ों मामलों में दोहराए गए हैं। कोर्ट ने पाया कि कुछ गवाहों को अलग-अलग मामलों में नियमित रूप से पेश किया गया, जबकि मामलों की प्रकृति और घटनास्थल अलग थे। सरकार से पूछा-क्या कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रमणि पटेल को तत्काल प्रभाव से काम से हटाने के निर्देश दिए और राज्य सरकार से पूछा कि ऐसे मामलों में अब तक क्या विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले की अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब और रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिवक्ता मनोज बिनीवाले के मुताबिक चंदन नगर ही नहीं बल्कि शहर के कई थानों में गवाह बाकायदा नियुक्त हैं। जांच अधिकारी मौके पर जाकर जांच, गवाहों की सूची तैयार नहीं करते बल्कि अपने ही मुखबिर या एजेंट को सिखा-पढ़ाकर कोर्ट में पेश कर देते हैं। एएसपी के फर्जी साइन करने वाला बर्खास्त एएसआई बहाल, लेकिन सिपाही बनाया पुलिस महकमे में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां फर्जीवाड़े में छीनी गई खाकी तो वापस मिल गई, लेकिन रसूख पूरी तरह खत्म हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उईके के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में बर्खास्त किए गए बहरोल थाने की सेसई चौकी के पूर्व प्रभारी एएसआई रामजी सिंह राजपूत को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, उन्हें डिमोशन देकर एएसआई से आरक्षक बना दिया गया है। दरअसल, चौकी प्रभारी रहते हुए रामजी सिंह ने मर्ग ड्राफ्ट में लापरवाही की थी। इसे छिपाने के लिए उन्होंने एएसपी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज एफएसएल भेज दिए। संदेह होने पर मामला उजागर हुआ। विभागीय जांच के बाद सेवा समाप्त की गई थी। अपील पर आईजी हिमानी खन्ना ने बहाली के आदेश दिए, लेकिन अगले दो साल तक उन्हें आरक्षक के पद पर ही ड्यूटी करनी होगी। आरक्षक के पद पर बहाली मैं अभी अवकाश पर हूं, लेकिन जानकारी मिली है कि फर्जी हस्ताक्षर मामले में बर्खास्त हुए एएसआई रामजी सिंह राजपूत को डिमोशन देकर आरक्षक के रूप में बहाल किया गया है।'- डॉ. संजीव उईके, एडिशनल एसपी
संक्राति पर्व से श्री महाकाल लोक में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। ये आयोजन 14 से 18 जनवरी तक महाकाल महालोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय में किया जाएगा। पहले दिन उद्घाटन सत्र में सीएम डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे और मंच से ख्यात सिंगर पद्मश्री शंकर महादेवन द्वारा ‘शिवोऽहम्’ की दिव्य प्रस्तुति होगी। अभ्युदय मध्यप्रदेश एवं स्वाभिमान पर्व–2026 के अंतर्गत उज्जैन में श्री महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, वीर भारत न्यास एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा। बुधवार को इसकी शुरुआत महाकाल लोक से होगी। भव्य मंच से शंकर महादेवन अपने दो बेटों के साथ प्रस्तुति देंगे।वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ शाम 7:00 बजे श्री महाकाल महालोक में होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर धर्मेन्द्र सिंह लोधी (राज्यमंत्री – संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व), गौतम टेटवाल (राज्यमंत्री – कौशल विकास एवं रोजगार), अनिल फिरोजिया (सांसद, उज्जैन), बालयोगी उमेशनाथ महाराज (राज्यसभा सांसद), मुकेश टटवाल (महापौर, उज्जैन) एवं कलावती यादव (अध्यक्ष, नगर निगम उज्जैन) की उपस्थिति रहेगी। शुभारम्भ समारोह का आकर्षण “शिवोऽहम्” प्रस्तुतिवीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी के अनुसार, उद्घाटन संध्या पर “शिवोऽहम्” शीर्षक से विशेष संगीतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रसिद्ध पार्श्वगायक पद्मश्री शंकर महादेवन (सिद्धार्थ-शिवम) द्वारा अपने सुपुत्रों के साथ शिव-भक्ति से ओतप्रोत संगीतमय प्रस्तुति देंगे। जनजातीय एवं लोक कला प्रस्तुतियांस्वाभिमान पर्व–2026 की भावना के अनुरूप, महोत्सव के अंतर्गत रोजाना शाम 4:00 से 6:00 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में जनजातीय लोकनृत्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें भारिया जनजातीय भड़म नृत्य, दादूलाल डांडोलिया एवं साथी (छिंदवाड़ा), गोंड जनजातीय ठाठ्या नृत्य, अर्जुन वाघमारे एवं साथी (बैतूल), काठी नृत्य अशोक मौर्य एवं साथी (हरदा), भील जनजातीय भगोरिया नृत्य मनीष सिसोदिया एवं साथी (धार) की विशेष प्रस्तुति होगी। कला यात्रा से जन-जन तक संदेशअभ्युदय मध्यप्रदेश के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “कला यात्रा” का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें शिव बारात (भाव शैली) – कृष्णा वर्मा एवं साथी, उज्जैन द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। कला यात्रा बुधवार दोपहर 4 बजे देवास गेट बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मालिपुरा, फव्वारा चौक, इंदौर गेट होते हुए श्री महाकाल लोक तक पहुंचेगी।
सागौन के 13 लट्ठे चुराए:पिकअप पलटी तो लकड़ी छोड़ भागे तस्कर
तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि सरकारी कटाई के बाद कूप (वन विभाग के क्षेत्र) में रखे 1.50 लाख रुपए के करीब 2.356 घनमीटर सागौन के लट्ठे चोरी कर लिए। वन अमले की चौकसी धरी रह गई। बैतूल की गवासेन रेंज के कुरसना कूप पर कटकर रखे सागौन के लट्ठे तस्कर सोमवार रात पिकअप में भरकर ले गए। इंदौर-बैतूल नेशनल हाइवे पर टेमागांव रेंज के उसकल्ली फूटान के समीप तड़के करीब 3 बजे पिकअप का पहिया निकलने से पलट गई। सागौन के 13 लट्ठे निकलकर हाइवे किनारे बिखर गए। टेमागांव, सिवनी मालवा और बैतूल वन विभाग की टीम ने सागौन के लट्ठे जब्त किए, हालाँकि तस्कर भाग निकले। बैतूल डीएफओ (उत्पादन) नवीन गर्ग ने वनरक्षक व कूप प्रभारी संतोष मर्सकोले को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 3 जिलों की टीम इन्हें पकड़ने में रही नाकाम गवासेन रेंज की टीम ने तस्करों की पिकअप का करीब 20 किमी तक पीछा किया। इसके अलावा टेमागांव और सिवनी मालवा रेंज की टीम ने घेराबंदी की। तस्कर हाथ नहीं आए। इससे वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो हाइवे किनारे वाहन पलटने वाले स्थान पर खून के निशान मिले हैं। इससे पता चलता है कि तस्कर घायल थे। इसके बाद भी तस्कर भाग निकले।
अलीगढ़ में फर्जी आधार कार्ड और जन्म–मृत्यु जैसे अहम सरकारी प्रमाणपत्र बनाने वाले रैकेट का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल को अंजाम देने वाले युवक केवल 8वीं पास हैं। जवां थाना पुलिस ने सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए दोनों जनसेवा केंद्र संचालकों को जवां कस्बे से गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना जवां क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड और जन्म–मृत्यु समेत अन्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापा मारा और दो युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ शुरू हुई तो पुलिस भी चौंक गई। सामने आया कि 8वीं पास दोनों आरोपी न सिर्फ फर्जी दस्तावेज बना रहे थे, बल्कि कंप्यूटर और ऑनलाइन पोर्टल का ऐसा इस्तेमाल कर रहे थे कि शुरुआती जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में ही न आए। अतरौली के जनसेवा केंद्र से चला खेल जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विक्की कुमार और तीरथ, निवासी नगला बंजारा नाथपुर, थाना अतरौली (अलीगढ़) हैं। दोनों अतरौली क्षेत्र में जनसेवा केंद्र संचालित करते थे। यहीं से फर्जी आधार कार्ड, जन्म–मृत्यु, निवास और आय प्रमाणपत्र बनाने का पूरा खेल चल रहा था। दोनों आरोपी जवां में भी आकर लोगों से पैसे लेकर यह काम करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मोटी रकम लेकर बाहरी राज्यों के लोगों के भी प्रमाणपत्र बना दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं। Native.exe एप से तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने मंगलवार को पुलिस लाइन में घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक पीड़ित ने फर्जी आधार कार्ड और जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान विक्की और तीरथ के नाम सामने आए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाने या नाम–पता बदलने के लिए पोर्टल पर Native.exe एप की मदद लिया करते हैं। आरोपी एप पर फर्जी जन्म, मृत्यु, निवास और आय प्रमाणपत्र तैयार कर अपलोड करते थे। इसके बाद आवेदन किया जाता था। कुछ ही समय में प्रमाणपत्र बन जाता, जिस पर वे जनसेवा केंद्र की मुहर लगाकर ग्राहक को सौंप देते थे। इसके बदले हर दस्तावेज के हिसाब से तय रकम वसूली जाती थी। तीसरा आरोपी फरार, SIR तक जांच इस रैकेट में शामिल तीसरा आरोपी लक्की राजपूत, निवासी डिबाई, बुलंदशहर, फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कहीं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में तो नहीं किया गया। आरोपियों से यह सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाला पूरा सेटअप बरामद किया है। इसमें एक लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, आयरिश स्कैनर, वेब कैमरा, जनसेवा केंद्र की मोहर, यूएसबी 4-पोर्ट, 39 अवैध प्रिंटआउट, एक मोबाइल फोन और 18 आधार कार्ड टोकन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। नेटवर्क के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस फर्जीवाड़े से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान:वाधवानी पर शिकंजा... काली कमाई को वैध करने साजिश रची
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इंदौर द्वारा दाखिल की गई प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट (पीसी) पर पीएमएलए कोर्ट, इंदौर ने 12 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले लिया है। यह पीसी 30 अक्टूबर 2025 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ दायर की गई थी। पीसी किशोर वाधवानी, नितेष वाधवानी, पूनम वाधवानी और कंपनी के खिलाफ पेश की गई है। ईडी ने यह कार्रवाई इंदौर के तुकोगंज थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच के बाद की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकार को धोखा देने और अवैध कमाई को वैध दिखाने की साजिश रची। ईडी के अनुसार, दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्रा. लि. का सीधा संबंध एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड से था, जिस पर अवैध सिगरेट वितरण का आरोप है। ईडी ने बताया कि अवैध सिगरेट बिक्री से मिली नकद राशि को फर्जी सर्कुलेशन आंकड़ों, फर्जी विज्ञापनों और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए टैक्स इनवॉइस के जरिए अखबार के खातों में दर्शाया गया। इस रकम को कई लेन-देन के माध्यम से घुमाकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की गई। जांच में 11.66 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोसीड्स ऑफ क्राइम सामने आई है। इससे पहले ईडी 11.33 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले में मंगलवार को डायरिया के 5 मरीज सामने आए। हालांकि गंभीर नहीं होने से उन्हें सामान्य ट्रीटमेंट ही दिया गया। अस्पताल में एडमिट मरीज 39 से घटकर 33 हो गए हैं। इनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें से तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। जो मरीज वेंटिलेटर पर हैं उनके नाम एकनाथ सूर्यवंशी, पार्वतीबाई और हीरालाल हैं। तीनों ही बुजुर्ग हैं। अन्य मरीजों की हालत में कुछ सुधार है। इस मामले में अब तक 436 मरीज एडमिट हुए। इनमें से 23 की मौत हो गई जबकि 403 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के 187 सदस्यों ने यहां सर्वे किया। महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांचें की गई। ब्लड प्रेशर, शुगर और एनीमिया की जांचें भी की गई। पिछले तीन दिनों में कुल 16208 नागरिकों की जांच की गई। इसमें 278 लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और 161 लोग डायबिटीज के मिले। आशा कार्यकर्ताओं ने रहवासियों को समझाइश दी कि पानी को उबाल कर ही पीएं और यदि उपचार चल रहा है तो दवाइयों का डोज पूर्ण करें। शाम को टेस्टिंग के लिए आधा घंटा हुआ वाटर सप्लायपिछले दिनों एसीएस नीरज मंडलोई द्वारा भागीरथपुरा मामले में बैठक लेने के बाद मंगलवार को वाटर सप्लाय शुरू कर सैंपल लिए जाने थे लेकिन दिनभर यह नहीं हो सका। हालांकि अलसुबह निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल भागीरथपुरा पहुंच गए थे और टीम को दिशा-निर्देश भी दिए थे। दिनभर इसका कारण स्पष्ट नहीं हुआ। टीम ने बताया कि मुख्य पाइप लाइन से अभी कुछ कनेक्शन काटे जाना है। शाम 6.30 बजे फिर टंकी से वाटर सप्लाय शुरू हुआ। इसकी आपूर्ति भागीरथपुरा नई बस्ती में हुई। हालांकि यह सप्लाय लीकेज चेक करने और सैंपल को लेकर था। इस पर लोगों ने पानी नहीं भरा। इस दौरान नई बस्ती क्षेत्र से ही अलग-अलग स्थानों से 10 सैंपल लिए गए। इसमें क्लोरिन की मात्रा स्टैंडर्ड मिली। इसकी रिपोर्ट दो दिन बाद मिलेगी। पहली जल सुनवाई में तीन शिकायतेंउधर, मंगलवार को भागीरथपुरा जोन की पहली जल सुनवाई में रहवासियों द्वारा तीन शिकायतें क्षेत्र में टैंकर नहीं आने को लेकर की। इस पर उन्हें बताया गया कि अभी पाइप लाइन खुदाई के कारण टैंकर अंदर आना संभव नहीं है। उन्हें मुख्य मार्ग पर आकर पानी भरने की सलाह दी गई। ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में बदबूदार, झाग और कीड़े वाले पानी की सप्लाई इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 23 मौत हो चुकी है। अभी 39 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। अब यहां टैंकरों से पानी दिया जा रहा है।पढे़ं पूरी खबर...
राज्य सरकार ने मंगलवार को 898.82 करोड़ लागत की तीन अहम सिंचाई प्रोजेक्ट को मंजूर दे दी है। मंगलवार को जल संसाधन विभाग की ओर से इन के प्रस्ताव कैबिनेट में रखे गए थे। इन के पूरा होने पर रायसेन व राजगढ़ जिले की तीन तहसीलों में 82 गांव की 31 हजार 740 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई क्षमता का विकास होगा। इनमें रायसेन जिले की 386.22 करोड़ से बारना उदवहन (लिफ्ट) सिंचाई से बरेली तहसील के 36 गांव की 15 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। रायसेन में ही 115.99 करोड़ से सुल्तानपुर उदवहन सिंचाई प्रोजेक्ट से सुल्तानपुर तहसील के 20 गांव की 5700 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। राजगढ़ में 396.21 करोड़ से मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई प्रोजेक्ट से सारंगपुर तहसील के 26 गांव की 11 हजार 40 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। जल संसाधन विभाग एक साल के भीतर इन पर काम शुरू करेगा। दावा- मप्र स्पेसटेक नीति से सैटेलाइट निर्माण सेक्टर में आएगा 1 हजार करोड़ का निवेश मोहन कैबिनेट ने मप्र स्पेसटेक नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। इस के लागू होने से उपग्रह निर्माण और स्पेस रिसर्च से जुड़े निवेशकों के मप्र में आने का द्वार खुलेगा। इसके साथ ही जियो स्पेसियल (भू-स्थानिक), जीपीएस व जीआईएस तकनीक पर रिसर्च और अन्य प्रोजेक्ट आ सकेंगे। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इस नीति के लागू होने पर मप्र में एक हजार करोड़ का निवेश आने और एक हजार लोगों के लिए रोजगार की संभावना पैदा होगी। सांदीपनि स्कूल : राज्य सरकार अगले पांच साल में 200 नए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) खोलेगी। कैबिनेट ने सांदीपनि स्कूल योजना के दूसरे चरण में इन स्कूलों के लिए 3,660 करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी दे दी है। इनमें से 90 विद्यालय जनजातीय आबादी बहुल विकासखंडों में खोले जाएंगे। इससे पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 275 सीएम राइज स्कूल (अब सांदीपनी) खोलने की मंजूरी दी गई थी।
मुख्यमंत्री बोले-:12 लाख से ज्यादा लखपति दीदी बनाई गई, अब मिलेनियर दीदी बनने की ओर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 19 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर 12 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई और अब लखपति दीदी मिलेनियर दीदी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के आखिरी दो वर्षों (फरवरी 2022 से दिसंबर 2023 तक) की तुलना में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अपराधों में 12 प्रतिशत तक की कमी आई है। शर्मा ने आश्वस्त किया कि महिला प्रतिनिधियों के सुझावों को बजट 2026-27 में यथासंभव शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे। शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महिलाओं, युवाओं सहित उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, कर सलाहकार एवं युवा प्रोफेशनल्स के साथ बजट पूर्व चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास भवानी सिंह देथा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। उद्योग व युवा प्रोफेशनल्स के साथ बजट पूर्व चर्चा मुख्यमंत्री ने उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, कर सलाहकार एवं युवा प्रोफेशनल्स के साथ बजट पूर्व चर्चा की। उन्होंने कहा कि उद्योगों की समृद्धि से ही विकास को नई गति मिलती है। एमएसएमई, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में उद्यमशीलता ने प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाया है। राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। डूंगरपुर जिले के युवाओं के साथ संवाद मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर से आए युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और राजस्थान का गौरव हैं। वागड़ क्षेत्र आदिवासी बहुल क्षेत्र है तथा हमारी सरकार आदिवासियों के सशक्तीकरण के लिए निरन्तर निर्णय ले रही है। वागड़ क्षेत्र में भी विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान बेणेश्वर धाम के सौन्दर्यीकरण को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा मौजूद रहे।
बिहार सरकार का 2026-27 का बजट 3 फरवरी को आने की उम्मीद है। करीब 4 लाख करोड़ रुपए का यह बजट आकार में अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है। पिछले बजट से 83 हजार करोड़ रुपए अधिक संभव है। प्रचंड बहुमत से सरकार में लौटे नीतीश कुमार ने अपने पहले पहले बजट में युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस किया है। इसमें 2 लाख सरकारी नौकरी और आठवें पे कमीशन का ऐलान हो सकता है। महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने का इंतजाम होगा। भास्कर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, इस बजट की 5 खास बातें 1- युवाओं के लिए खास नौकरी/रोजगार: बिहार सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा नौकरी और रोजगार पर पैसा खर्च करेगी। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देना है। बजट में इसका असर दिखेगा। नए साल में 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में होगी। 1,42,041 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग में 46,000 पदों पर बहाली होगी। 36 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी। शिक्षा: सरकार स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए खर्च बढ़ाने जा रही है। इस मद में रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। तकनीकी शिक्षा आदि पर जोर रहेगा। क्लास 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए पैसे का इंतजाम किया जाएगा। पिछले बजट में भी शिक्षा विभाग को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा (19.24%) मिला था। बच्चों को पढ़ाने के लिए 60,946 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। 2- सरकारी कर्मचारियों के लिए खास बजट में सरकारी कर्मियों के लिए 8 वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की गुड न्यूज मिल सकती है। बिहार में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं 1 अप्रैल 2017 को प्रभावी हुई थीं। केंद्रीय कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं प्रभावी हो गई हैं। 3- महिलाओं के लिए खास जीविका दीदियों को 2-2 लाख: चुनाव से पहले बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकर आई। करीब डेढ़ करोड़ जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए दिए गए। अब कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने हैं। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बिहार की सभी जीविका दीदियों को 2-2 लाख रुपए देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए 2.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक जुटाने होंगे। इसे देखते हुए कारोबार शुरू करने की शर्त रखी गई है। पिंक बस सेवाओं का विस्तार: यात्रा करने में महिलाओं को सुविधा हो इसके लिए सरकार पिंक बस सेवाओं का विस्तार करने जा रही है। इस बस में सिर्फ महिलाएं यात्रा करती हैं। अभी पटना समेत 5 जिलों में पिंक बस चल रहे हैं। इसे सभी जिलों तक ले जाने की योजना है। ये बसें महिलाएं चलाएंगी। 4- बुजुर्गों के लिए क्या चुनाव से पहले सरकार ने विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए प्रति माह की थी। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों को घर पर ही इलाज मिल सके, इसके लिए भी व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है। 5- इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या सड़क पुल-पुलिया का निर्माण: सरकार ने किसी भी जिले से पटना आने में लगने वाले समय को 4 घंटे करने का लक्ष्य रखा है। इसे 2027 तक पूरा करना है। इसके लिए सड़क, पुल और पुलिया जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाएगा। बड़े शहरों में रिंग रोड, बाइपास, फ्लाईओवर आदि पर खर्च बढ़ेंगे। बिहार सरकार 5 नए एक्सप्रेस वे बनाने पर काम कर रही है। इसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इन सड़कों का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से होगा। रोड बनाने वाली कंपनी टोल वसूलकर लागत निकालेगी। इसके बाद सड़क सरकार को देगी। बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। ये हैं पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस। एयरपोर्ट: मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, बीरपुर (सुपौल) और वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट बनाए जाने हैं। गया एयरपोर्ट का विस्तार होगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सिविल एविएशन डिपार्टमेंट बनाया है। लग सकते हैं ये दो बड़े झटके 1- जमीन खरीदना होगा महंगा बिहार सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसे 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इससे जमीन खरीदने की लागत बढ़ेगी। शुल्क के रूप में सरकार को ज्यादा आमदनी होगी। सरकार ग्रामीण इलाकों में 12 साल तो शहरी इलाकों में 9 साल बाद सर्किल रेट बढ़ाने वाली है। 2- बढ़ सकती है बिजली की दरें बिजली की दरें 35 पैसा प्रति यूनिट बढ़ाई जा सकती है। अभी इसके लिए बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। विद्युत विनियामक आयोग द्वारा इसपर जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद फैसला होगा। क्या है नीतीश सरकार के बजट का आकार? बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.16 लाख करोड़ रुपए का मूल बजट पेश किया था। इसके बाद 57,946 करोड़ रुपए का पहला और 91,717.11 करोड़ रुपए का दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। तीनों को जोड़ दें तो कुल आंकड़ा 4.66 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच जाता है। साल दर साल बजट आकार में 2016-2025 तक हुई वृद्धि को देखें तो यह औसतन करीब 10 फीसदी रहा है। 2016 में सबसे अधिक 19% वृद्धि हुई थी। सबसे कम 3 फीसदी वृद्धि 2021-22 में हुई थी। वित्त वर्ष 2026-27 में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। ऑनलाइन बन रहा बजट 2026-27 बिहार सरकार हाइटेक हो गई है। 2026-27 का बजट ऑनलाइन बनाया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को चार दिन की ट्रेनिंग दी थी।
सुलह कराने का खंडेलवाल फॉर्मूला...:तनातनी खत्म करने में जुटी भाजपा, बंटी-शेषराव तलब
भाजपा बड़े नेताओं के बीच तनातनी को खत्म करने में जुटी है। मंगलवार को पार्टी दफ्तर में छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को तलब किया गया। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने साफ हिदायत दी कि आगे किसी तरह की खींचतान नहीं होनी चाहिए। दरअसल, जिलाध्यक्ष की बैठकों में सांसद शामिल नहीं हो रहे थे। इसकी वजह जिलाध्यक्ष द्वारा सांसद के खिलाफ बयानबाजी मानी जा रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच सीनियर-जूनियर वाला ‘ईगो’ टकराव चर्चा में था। सागर में भूपेंद्र के साथ गए और राजपूत के साथ लौटे पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के बीच फिर अनबन ठीक करने की कोशिश की गई। खंडेलवाल सागर में हुए कार्यक्रम में जाते समय भूपेंद्र सिंह को अपने साथ वाहन में ले गए और बीना से लौटते समय राजपूत के साथ आए। सीएम से मिले कैलाश- दो दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैलाश विजयवर्गीय से अलग से बात की। इससे पहले खंडेलवाल ने सीएम और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के बीच भी समन्वय कराने की कोशिश की थी।
बिहार में अभी ठंड से अभी राहत मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने आज 15 जिलों के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 जनवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। 20 से ठंड बढ़ने की आशंका है। पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बिहार में बारिश भी हो सकती है। फिलहाल 18 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे है। 24 घंटे में भागलपुर के सबौर में 5.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। पटना सहित पूरे राज्य में सुबह के समय कुहासा दिखा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप निकल आई। धूप खिलने से लोगों को ठिठुरन भरी ठंड से कुछ राहत मिली है। दिनभर तेज धूप रहने से राज्य का अधिकतम बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक राज्य में धूप निकलेगी। मंगलवार से कुहासा भी घटने लगेगा। 18 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे है 18 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान भागलपुर के सबौर में 5.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। औरंगाबाद में 7.1, जीरादेई में 7.3, गया में 7.5 और समस्तीपुर में 7.7 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। जबकि डेहरी, सासाराम और बक्सर में 8.0, मधेपुरा और भागलपुर में 8.1, वाल्मीकिनगर में 8.4, छपरा में 8.5 और मधुबनी में 8.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं पूर्णिया और अरवल में 9.1, वैशाली में 9.2, जबकि अगवानपुर और मुंगेर में 9.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिलहाल कमजोर मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिलहाल कमजोर पड़ा है। हवा की रफ्तार कम होने और नमी की मात्रा अधिक रहने के कारण सुबह के समय कोहरा बन रहा है। दिन में आसमान साफ रहने से धूप निकल रही है, जिससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यही कारण है कि दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि सुबह और रात में ठंड बनी हुई है। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों तक बिहार में मौसम ऐसा ही रहेगा। सुबह घना कुहासा और दिन में तेज धूप देखने को मिलेगी। न्यूनतम तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंड से पूरी राहत भी नहीं मिलेगी। पटना में कैसा रहेगा मौसम राजधानी में भी सुबह घना कोहरा छाने के बाद दिन में तेज धूप निकल रही है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने पटना में अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी ने सिर्फ शरीर नहीं छीने, बल्कि पूरे-पूरे परिवार उजाड़ दिए। इस जहरीले पानी ने 23 लोगों की जिंदगियां काल के गाल में समा दीं और सैकड़ों लोगों को अस्पताल तक पहुंचा दिया। किसी ने अपना मासूम खो दिया, तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। किसी की मां हमेशा के लिए बच्चों से जुदा हो गई। इतना ही नहीं, इस दूषित पानी ने उन जीवनसाथियों को भी अलग कर दिया, जिन्होंने वर्षों तक एक-दूसरे का साथ निभाया था। ऐसा ही दर्दनाक हादसा तुलसीराम जरारिया के साथ हुआ। उनकी जीवनसंगिनी कमला बाई (55) दूषित पानी के कारण हमेशा-हमेशा के लिए मौत की नींद सो गईं। 30 साल का साथ कुछ ही पलों में छूट गया और अब तुलसीराम अपने जीवनसाथी के बिना जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। तुलसीराम ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके दोनों बच्चे शुरू से ही नानी के यहां रहते हैं। यहां वे और उनकी पत्नी ही रहते थे। वह पुताई और मजदूरी का काम करते थे। कभी काम मिल जाता था तो कर लेते थे, नहीं तो घर लौट आते थे। इसी तरह उनका घर चलता था। उन्होंने बताया कि वे पहले भागीरथपुरा में नहीं रहते थे। करीब 20 दिन पहले ही वे यहां आए थे। गणेश नगर में जहां वे पहले किराए से रहते थे, वहां मकान को लेकर नोटिस आ गया था। इसके बाद उन्होंने तुरंत वह मकान खाली किया और अपने एक परिचित के यहां किराए के कमरे में शिफ्ट हो गए। एक ही कमरे में बसी थी गृहस्थी तुलसीराम भागीरथपुरा के जिस किराए के मकान में रहते हैं। वह एक ही कमरा है, उसी में दोनों पति-पत्नी अपनी गृहस्थी बसाकर रह रहे थे। कमरे में उनके घर का सामान रखा था। आलम यह है कि उनके घर में सोने के लिए पलंग तक नहीं है। छोटी-छोटी जरूरत की चीजें कमरे में रखी हुई थी। तुलसीराम जब अपनी पत्नी के साथ जब यहां शिफ्ट हुए तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि उनके साथ ऐसा कुछ हो सकता है। तबीयत बिगड़ती अस्पताल ले गएतुलसीराम ने बताया कि 5-6 जनवरी को उनके जीनवसाथी यानी कमलाबाई की तबीयत बिगड़ना शुरू हुई। सर्दी-खांसी और उल्टी-दस्त होने लगे। वे मेडिकल से दवा भी लेकर मगर उन दवाओं से भी तबीयत में कोई फर्क नहीं पड़ा। तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो वे उन्हें एमवाय अस्पताल ले गए। यहां पर बाहर से कई चीजें लाकर दी। कमला को नली डाली थी, मैं उससे बातचीत भी करने की कोशिश करता, लेकिन बात नहीं हो पाती थी। फिर 9 जनवरी की सुबह 6 से 7 बजे के बीच कमला की सांसें हमेशा के लिए थम गई और 30 सालों का साथ कुछ ही पल में छूट गया। उस कमरे में अकेले, पत्नी की फोटो के साथ अब भागीरथपुरा के उस कमरे में वे अकेले हैं। पत्नी का फोटो लगा है, जिस पर उनका नाम और स्वर्गवास की तारीख लिखी है, फोटो पर माला चढ़ी है। फोटो के पास ही दीपक, अगरबत्ती और एक बंदी का पैकेट भी रखा था। तुलसीराम ने बताया कि इस कमरे में वे दोनों ही रहते थे। अब उनका जीवनसाथी चला गया और वे अकेले ही रह गए हैं। उनका आरोप है कि दूषित पानी के कारण उनका जीवनसाथी उनसे बिछड़ गया। दोषियों पर कार्रवाई के सवाल पर वे कहते हैं कि मैं तो अनपढ़ व्यक्ति हूं, क्या बता सकता हूं। ये खबर भी पढ़ें... हे भागीरथ! पानी से मौतें कब तक? फिर जानें गईं इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या नहीं थम रही है। सोमवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है। मृतक का नाम भगवानदास पिता तुकाराम भरणे (64) है। 30 दिसंबर की रात उन्हें अचानक उल्टी-दस्त शुरू हुए थे। रात करीब 11.30 बजे उन्हें नर्सिंग होम ले जाय गया था, जहां बेड नहीं होने पर उन्हें शैल्बी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। तब से वे आईसीयू में थे। पूरी खबर पढ़ें
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ग्वालियर व्यापार मेले 2026 में वाहनों पर लगने वाले टैक्ट में 50 प्रतिशत की छूट का मामला कैबिनेट बैठक में उठा। चर्चा हुई तो वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने कहा कि जीएसटी पहले ही घट चुका है। इसी से 10 लाख रुपए तक के वाहन पर एक लाख रुपए तक का लाभ हो गया है, फिर छूट क्यों देनी चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से जुड़े जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर छूट के लिए अड़ गए। तोमर ने कहा कि ऐसे तो गाड़ी ही नहीं बिकेगी। फिर नुकसान कैसा। तुलसी और गोविंद ने कहा, काफी समय से यह परंपरा रही है। इसे रोकना नहीं चाहिए। इस बार भी टैक्स छूट दी जाती है तो लोगों को फायदा होगा। बहस बढ़ी तो रस्तोगी ने कहा, जब जीएसटी ही केंद्र सरकार ने कम कर दिया तो अलग से राज्य कर में छूट देना सही नहीं होगा। इससे राजस्व कलेक्शन में कमी होती है। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मंत्रियों के सामने हिसाब-किताब रख दिया। उन्होंने कहा, ग्वालियर व्यापार मेले और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में इतनी गाड़ियां बिक जाती है कि सरकार को 250 से 300 करोड़ का नुकसान होगा। टैक्स छूट लेने के लिए दिखावा.... कैबिनेट में यह भी कहा गया कि ग्वालियर और उज्जैन में तो टैक्स छूट लेने के लिए कार विक्रेता एजेंसियां सिर्फ दिखावा करती हैं। गाड़ियां भोपाल, जबलपुर या इंदौर में ही खरीदी-बेची जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेले से ही गाडि़यां खरीदी-बेची जाएं, इसका ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने लंबी चर्चा के बाद उज्जैन और ग्वालियर मेले में वाहन टैक्स पर छूट देने की मंजूरी दे दी।
क्या कांग्रेस के विधायक पार्टी छोड़ने वाले हैं। और अगर छोड़ते हैं तो जाएंगे कहां? इन दिनों यह सवाल बिहार की सियासत में हर कोई पूछ रहा है। इसका कारण भी है… दरअसल, सदाकत आश्रम में ‘दही-चूड़ा भोज’ से पार्टी के सभी 6 विधायक गायब दिखे। यह लगातार दूसरा मौका रहा, जब पार्टी के आयोजन में विधायक नहीं आए। अब तो उनका फोन भी बंद आ रहा है। ऊपर के दोनों सवालों का जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः कांग्रेस के विधायक कौन हैं और नाराजगी की अटकलें क्यों लग रही? जवाबः बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी महागठबंधन की तरफ से 243 में से 61 सीटों पर चुनाव लड़ी। जिसमें से सिर्फ 6 सीटों पर उसे जीत मिली। कांग्रेस के विधायक लगातार पार्टी के दो आयोजनों से खुद को दूर रखे हुए हैं। पहला- 9 जनवरी को सदाकत आश्रम में मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को लेकर हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें सिर्फ 3 विधायक अबिदुर रहमान, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास ही शामिल हुए। दूसरा- 12 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (सदाकत आश्रम) में ‘दही-चूड़ा स्नेह भोज’ का आयोजन हुआ। इसमें पार्टी के सभी 6 विधायक नहीं आए। हालांकि, विधायकों के भोज में शामिल नहीं होने के सवाल पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने गोल-मटोल जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, ऐसे मौके पर राजनीति नहीं होती। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए, कौन हैं विधायक… सुरेंद्र प्रसादः पहली बार विधायक बने, NDA से लड़ चुके हैं चुनाव वाल्मीकि नगर से सुरेंद्र प्रसाद पहली बार चुनाव जीते हैं। 2015 में वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP से NDA की तरफ से चुनाव लड़ चुके हैं। तब हार गए थे। कुशवाहा समाज से आते हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में सुरेंद्र ने JDU के धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 1,675 वोटों से हराया है। पाला बदलने के अटकलों के पीछे तर्कः सुरेंद्र प्रसाद को उपेंद्र कुशवाहा का काफी करीबी नेता माना जाता है। 2015 में सुरेंद्र को टिकट देने के लिए उपेंद्र ने यह सीट भाजपा से ली थी। हालांकि, तब भितरघात से सुरेंद्र चुनाव हार गए थे। उसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में चले आए। अभिषेक रंजनः पुराने कांग्रेसी, जनसुराज के वोट बंटवारे से जीते चुनाव अभिषेक रंजन चनपटिया विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए हैं। कलवार मतलब EBC समाज से आते हैं। भूमिहार बहुल चनपटिया सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। अभिषेक रंजन ने भाजपा के उमाकांत सिंह को 602 वोटों से हराया है। एक्सपर्ट अभिषेक की जीत में जनसुराज पार्टी के कैंडिडेट मनीष कश्यप की अहम भूमिका मानते हैं। मनीष कश्यप को 50,366 वोट मिला और भाजपा कैंडिडेट 602 वोट से हारे। पाला बदलने के अटकलों के पीछे तर्कः अभिषेक रंजन छात्र राजनीति से ही कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। पहली बार जीते हैं और युवा है। उनको इलाके में अपनी पैठ बनाने के लिए काम करना होगा। काम तब ही कर पाएंगे जब प्रशासन सहयोग करेगा। फिलहाल कांग्रेस की ऐसी स्थिति नहीं है कि वह सरकार पर दबाव बना सके। चनपटिया NDA का गढ़ है। वहां आगे की राजनीति NDA से आसान हो सकती है। मनोज विश्वासः JDU- RJD से पुराना नाता, चुनाव से पहले कांग्रेस में आए फारबिसगंज से पहली बार विधायक बने 38 साल के मनोज विश्वास RJD से कांग्रेस में आए हैं। केवट मतलब EBC समाज से आते हैं। मनोज विश्वास ने भाजपा के विद्या सागर केशरी को 221 वोटों से हराया है। पहली बार विधायक बने हैं। पाला बदलने के अटकलों के पीछे तर्कः यह पहले भी पार्टी बदलते रहे हैं। इनका पॉलिटिकल करियर JDU से शुरु हुआ। 5 साल JDU में रहने के बाद 2018 में RJD में शामिल हुए। अबिदुर रहमान-मो. कमरूल होदाः सीमांचल में धौंस जमाने के लिए छोड़ सकते पार्टी अररिया से चुनाव जीते अबिदुर रहमान खानदानी कांग्रेसी हैं। इनके पिता भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, किशनगंज से चुनाव जीते मो. कमरुल होदा AIMIM से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। होदा 2019 में AIMIM से उपचुनाव जीते थे। 2020 विधानसभा में चुनाव AIMIM के टिकट पर हार गए। इसके बाद कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने 2025 में टिकट दिया और जीत गए। पाला बदलने के अटकलों के पीछे तर्कः NDA बड़ी जीत के साथ सत्ता में आई है। घुसपैठ और विकास की बातें हो रही है। सीमांचल में घुसपैठ का मामला उठता रहा है, अगर यह जोर पकड़ा तो सत्ता का संरक्षण चाहिए होगा। दोनों विधायक नीतीश के साथ जाकर एक तीर से दो निशाना साध सकते हैं... मनोहर प्रसाद सिंहः नीतीश के कहने पर कांग्रेस में गए थे मनिहारी से चौथी बार विधायक बने मनोहर प्रसाद सिंह पुराने JDU के नेता हैं। IPS अफसर से रिटायरमेंट के बाद 2005 में JDU से जुड़े। 2010 में JDU के टिकट पर मनोहर प्रसाद चुनाव जीते थे। सवाल-2ः कांग्रेस के विधायक पार्टी छोड़ेंगे तो किसमें शामिल होंगे? जवाबः JDU के साथ जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, भाजपा से भी बातचीत चलने की चर्चा है। अभी पिक्चर पूरी तरह क्लियर नहीं है, लेकिन पूरी संभावना है कि विधायक पार्टी छोड़ेंगे। क्योंकि कांग्रेस के जीते हुए 6 में से 4 विधायक दूसरी पार्टी में भी रह चुके हैं। JDU में शामिल होने की ज्यादा संभावना इसलिए… सवाल-3ः नीतीश कुमार कांग्रेस के विधायक को क्यों तोड़ सकते हैं? जवाबः मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नीतीश कुमार को विधानसभा में नंबर-1 पार्टी बनने की इच्छा है। फिलहाल भाजपा 89 सीटें जीतकर पहली बार विधानसभा चुनाव में नंबर-1 पार्टी बनी है। JDU के पास 85 विधायक हैं। अगर उनको नंबर-1 बनना है तो 90 विधायक होने चाहिए। कांग्रेस के पास 6 विधायक हैं। अगर यह आते हैं तो JDU के 91 विधायक हो जाएंगे। मने भाजपा से 2 अधिक। अगर कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए तो नीतीश कुमार नंबर-2 के पोजिशन पर ही रह जाएंगे। भाजपा पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी। कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने से नीतीश को 3 बड़े फायदे... 1. मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित नंबर-1 पार्टी बनने से नीतीश कुमार के पास कम से कम संवैधानिक रूप से मजबूती रहेगी। तोड़फोड़ की स्थिति में राज्यपाल विधानसभा में नंबर-1 पार्टी को ही सरकार बनाने का न्योता देते हैं। नीतीश कुमार अगर 90 तक पहुंच गए तो स्वाभाविक रूप से मजबूत हो जाएंगे। उनके लिए संवैधानिक लड़ाई कम से कम मजबूत रहेगी। इसे ऐसे समझिए… चूंकि इस बार भाजपा मजबूत है तो नीतीश कुमार अगर पाला बदलते हैं तो वह सीधे हाथ से बाजी तो नहीं जाने देगी। ऐसी स्थिति में उनको विधानसभा में नंबर-1 पार्टी बनने का फायदा मिल सकता है। हालांकि, राज्यपाल सरकार बनाने का न्योता अपने विवेक के आधार पर लेते हैं। 2. निशांत को मिलेगी मजबूत पार्टी नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का राजनीति में आना करीब-करीब तय हो गया है। अगले कुछ महीनों में वह कभी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। 3. भाजपा का प्रेशर कम होगा फिलहाल नीतीश कुमार भाजपा, LJP(R), HAM और RLM की मदद से सरकार चला रहे हैं। फिलहाल अप्रत्यक्ष तौर पर नीतीश कुमार भाजपा के दबाव में ज्यादा दिख रहे हैं। दबाव का असर ही है कि पहली बार उनको गृह मंत्रालय छोड़ना पड़ा है। ऐसे में नंबर-1 पार्टी बनने से उसका मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा। सवाल-4ः भाजपा क्या कांग्रेस विधायकों को तोड़ सकती है? जवाबः बिल्कुल। बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल सिंह तो बयान दे चुके हैं हमारे संपर्क में 20 विधायक हैं। मकर संक्रांति के बाद खेला होगा। सीनियर जर्नलिस्ट अभिरंजन कुमार कहते हैं, ‘कांग्रेस विधायकों को भाजपा यूं ही नहीं जाने देगी। वह कोशिश करेगी कि हमारे साथ जुड़ जाए। अगर भाजपा अपने पाले में ला लेती है तो उसे नीतीश कुमार पर एक बार फिर बढ़त मिल जाएगी।’ इसे ऐसे समझिए…
आज मकर संक्रांति है। इस मौके पर जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन रखा है। इसके लिए उन्होंने CM से लेकर लालू यादव और तेजस्वी यादव तक को न्योता दिया है। इधर, चिराग पासवान, रत्नेश सदा ने भी अपने-अपने आवास के दही-चूरा भोज रखा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और NDA के कई मंत्री और नेता शामिल हो सकते हैं। वहीं, राबड़ी आवास पर इस बार सन्नाटा पसरा रहेगा। 7 महीने बाद राबड़ी आवास पहुंचे तेजप्रताप तेजप्रताप यादव मंगलवार को 7 महीने बाद राबड़ी आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव को दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया। इस दौरान उन्होंने भतीजी कात्यायनी को गोद में लेकर खिलाया। इससे पहले 1 जनवरी को तेजप्रताप राबड़ी यादव के बर्थडे पर उनके आवास पहुंचे थे और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी। राबड़ी आवास पर तेजप्रताप की 4 तस्वीरें... विपक्ष और सत्ता पक्ष को एक मंच पर लाने की कोशिश तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज की सबसे बड़ी खासियत है कि उन्होंने सत्ता और विपक्ष के नेताओं को न्योता दिया है। उन नेताओं को भी न्योता दिया है, जिनकी राजनीति सीधी तौर पर RJD की विचारधारा के खिलाफ मानी जाती है। यह कदम बिहार की सियासत में नए संदेश और संभावित समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। दिल्ली में लालू यादव को न्योता पार्टी और परिवार से निष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव ने पहली बार दिल्ली में अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पटना में आयोजित दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें इस आयोजन के लिए पिता का आशीर्वाद मिल गया है। वे खास तौर पर निमंत्रण देने और आशीर्वाद लेने दिल्ली पहुंचे थे। साधु यादव को न्योता, पुरानी कड़वाहट पर राजनीति भारी तेज प्रताप यादव ने अपने मामा और पूर्व सांसद साधु यादव को भी दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया है। यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि साधु यादव लंबे समय से लालू परिवार और खासकर तेज प्रताप यादव के कटु आलोचक रहे हैं। तेज प्रताप और साधु यादव के रिश्ते वर्षों से खराब चल रहे थे। ऐश्वर्या राय विवाद के दौरान साधु यादव ने तेज प्रताप के खिलाफ कई बयान दिए थे। यहां तक कि जब लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से बाहर किया था, तब साधु यादव ने उस फैसले का समर्थन भी किया था। अब कई साल बाद हुई यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में नए संकेत दे रही है। लालू यादव की परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश दही-चूड़ा भोज की परंपरा लालू यादव की पहचान रही है। हर साल उनका यह आयोजन बिहार के राजनीतिक कैलेंडर का अनौपचारिक लेकिन असरदार इवेंट माना जाता रहा है। इस बार लालू यादव खुद भोज का आयोजन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में तेज प्रताप यादव इसे अपने तरीके से आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए तेज प्रताप अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत पहचान को मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं। कल विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे थे तेजप्रताप उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कल अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा। इस भोज में तेजप्रताप यादव भी शामिल हुए। इस दौरान विजय सिन्हा से जब सवाल किया गया कि तेजप्रताप को आप NDA में आने का निमंत्रण देंगे। इस पर विजय सिन्हा ने कहा, वक्त पर सब पता चल जाएगा। वहीं तेजप्रताप ने भी कहा कि समय आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, मेरा विजय सिन्हा से व्यक्तिगत संबंध है। हमने भी दही चूड़ा का भोज आयोजित किया है। इन्हें निमंत्रण दिया है। राज्यपाल से लेकर सीएम तक को आमंत्रण तेज प्रताप यादव ने खुद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई नेताओं को भोज का निमंत्रण दिया है। इसके अलावा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, कृषि मंत्री राम कृपाल यादव, मंत्री अशोक चौधरी, मदन सहनी, दीपक प्रकाश, लेसी सिंह और संतोष सुमन सहित कई अन्य मंत्री और नेता भी आमंत्रित किए गए हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई नेता ऐसे हैं, जो वैचारिक रूप से RJD के विरोधी माने जाते हैं।
डर से छात्र उज्जैन भागा, मिला तो स्कूल ने निकाल दिया
मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में 145 आवेदन पहुंचे। इसमें टीचर की मारपीट के डर से छात्र के भागने, एक्सीडेंट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने जैसे मामले प्रमुख रहे। इधर, फरहत अफजा वार्ड- 41 के रहवासियों ने कलेक्टर को शिकायत देकर 10 साल से लंबित मुख्य सड़क के निर्माण को लेकर प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। 12 दिसंबर को भाग छात्र ... बैरसिया के कढैया कोटा गांव की रहने वाली सीमा गुर्जर ने बताया कि उसका भाई अंकित गुर्जर 9वीं कक्षा का छात्र है। नवोदय विद्यालय रातीबड़ में पढ़ता है। टीचर द्वारा उसके साथ मारपीट की जाती थी। जिसके डर से वो 12 दिसंबर 2025 को स्कूल से भाग गया था। अंकित 9 दिन बाद उज्जैन में मिला है। लेकिन प्रिंसिपल ने अंकित को स्कूल से निकाल दिया। सीमा की मांग है कि भाई को वापस रख लिया जाए। 14 महीने बाद भी नहीं दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट- बैरसिया के रहने वाले रामस्वारूप ने कलेक्ट्रेट में अपना आवेदन दिया। उनका कहना है कि बैरसिया सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 9 नवंबर 2024 को उनके बेटे की मौत हो गई थी। 14 महीने बीतने के बाद भी अस्पताल द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। अस्पताल से संपर्क करने पर उनके द्वारा मौत का सही कारण भी नहीं बताया जा रहा है। एक्सीडेंट मामले में कलेक्टर को दिया आवेदन : 21 दिन पहले स्कूल बस एक्सीडेंट मामले में छात्रों के परिजनों ने कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया। उनका कहना है कि बस का बीमा नहीं था। साथ ही बस चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। उनका इलाज जारी है। उनकी मांग है कि स्कूल का संचालन बंद किया जाना चाहिए।
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई मौत के बाद प्रदेशभर में शुरू की गई ‘जल सुनवाई’ के तहत भोपाल नगर निगम के 85 वार्डों में मंगलवार को पानी की जांच और शिकायतें दर्ज की गईं। इस दौरान 18 वार्डों से कुल 49 लोग अपने-अपने क्षेत्रों के पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए पहुंचे। निगम अमले द्वारा की गई प्राथमिक जांच में केवल एक स्थान जोन नंबर 12 के वार्ड 44 में गंदे पानी की शिकायत दर्ज की गई। जल सुनवाई के दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता भी कई वार्ड कार्यालयों में मौजूद रहे। जांच में तीन स्थानों पर पानी में क्लोरीन की मात्रा शून्य (0) पाई गई, हालांकि अन्य पैरामीटर सामान्य रहे। विशेषज्ञों के अनुसार क्लोरीन का शून्य होना इस बात का संकेत है कि पानी में बैक्टीरिया की आशंका हो सकती है। इंदौर के भागीरथपुरा मामले में भी फीकल कोलिफार्म और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले थे। 1: रास्ता बना नाला, नीचे से गुजर रही है पानी की लाइन जवाहर चौक स्थित सरस्वती नगर (वार्ड 32) में हाउसिंग बोर्ड ब्लॉक-6 के सामने का आम रास्ता लंबे समय से सफाई न होने के कारण नाले में तब्दील हो गया है। इसी नाले के नीचे से पीने के पानी की पाइप लाइन गुजर रही है, जिससे कभी भी पानी दूषित होने का खतरा बना हुआ है। 2: वार्ड 77 में सीवेज और पेयजल लाइन साथ-साथ बिछी मिली वार्ड 77 के जैन नगर, देवकी नगर और पन्ना नगर में गंदे पानी की शिकायतें सामने आईं। रहवासियों रिंकू सैनी, कमरुनिशा, परमानंद और नंदनी कुशवाहा की शिकायतों के बाद सैंपल लिए गए। जांच में सामने आया कि इस वार्ड के कई इलाकों में सीवेज और पेयजल पाइप लाइनें साथ-साथ बिछी हुई हैं, जिससे दूषित पानी मिलने की आशंका बढ़ रही है। 3: लुंबिनी परिसर में बोरिंग के गंदे पानी की शिकायत रिवेरा टाउनशिप के पास लुंबिनी परिसर में बोरिंग के पानी में गंदगी की शिकायत है। स्थानीय रहवासी अंकित सिंह ने बताया कि बोरिंग से पानी लेने पर शुरुआती 15 मिनट पानी फेंकना पड़ता है। हाउसिंग बोर्ड द्वारा लगाए गए नर्मदा लाइन के सार्वजनिक नलों से पानी साफ आ रहा है, लेकिन वहां भीड़ और समय की समस्या बनी हुई है। 18 वार्डों से आए 49 सैंपल - वार्ड 11 से 5, वार्ड 23 से 2, वार्ड 34 से 2, वार्ड 27 से 1, वार्ड 29 से 1, वार्ड 52 से 9, वार्ड 57 से 1, वार्ड 60 से 2, वार्ड 62 से 3, वार्ड 63 से 1, वार्ड 64 से 3, वार्ड 67 से 2, वार्ड 68 से 1, वार्ड 73 से 1, वार्ड 74 से 1, वार्ड 77 से 4, वार्ड 78 से 2 और वार्ड 1 से 1 सैंपल जांच के लिए लाए गए। तर्क- जहां क्लोरीन नहीं मिली, वहां जांच कराएंगे इंदौर की घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल सहित पूरे प्रदेश में प्रत्येक मंगलवार को जल सुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी नगरीय निकायों में यह प्रक्रिया शुरू की गई है। भोपाल में हुई सुनवाई के दौरान वार्ड नंबर 8 के कार्यालय में भोईपुरा (बुधवारा) से एक महिला पानी का सैंपल लेकर पहुंचीं, जिसमें क्लोरीन 0 मिली। इसी तरह वार्ड नंबर 77 और 78 के सैंपलों में भी क्लोरीन की रीडिंग शून्य पाई गई। नगर निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर उदित गर्ग ने बताया कि फिल्टर प्लांट पर पानी को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए क्लोरीन मिलाई जाती है और यह पानी सप्लाई के दौरान घरों तक पहुंचनी चाहिए। जिन स्थानों पर क्लोरीन नहीं मिली है, वहां विस्तृत बैक्टीरियोलॉजिकल जांच कराई जाएगी। सुनवाई के दौरान जोन- 12 के वार्ड 44 में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि नल चालू होने पर शुरुआत में गंदा पानी आता है। निगम अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर ली है। बुधवार को मौके पर जांच करेंगे।
वृंदावन के कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव एवं जगतगुरु रामानंदाचार्य महाराज की जयंती महोत्सव पर श्री कृष्ण जन्मस्थान का मुद्दा उठा। यहां साधु संतों की मौजूदगी में पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति विधि और जनजागरण से ही संभव है। हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति आस्था का विषय होने के साथ-साथ ऐतिहासिक सत्य और विधिसम्मत अधिकार का प्रश्न है। संत संगोष्ठी का हुआ आयोजन वृंदावन में परिक्रमा मार्ग स्थित कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य चतुर्थ दिवस संत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां नाभा पीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत सुतीक्ष्ण महाराज के सानिध्य में हुए इस आयोजन में संत, विद्वान और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। महोत्सव को संबोधित करते हुए हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण को रखते हुए संतों के समक्ष अभी तक की स्थिति को रखा। श्री कृष्ण का प्राकट्य स्थल है शाही ईदगाह: महेंद्र प्रताप सिंह महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि जिस स्थान पर वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद स्थित है, वही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य स्थल है और इस संबंध में उनके पास ठोस व प्रामाणिक साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग ढाई एकड़ भूमि को लेकर दाखिल किया गया वाद सबसे पहले स्वीकार किया गया है और यह मामला उच्च न्यायालय में पूरी तरह विधिसम्मत तरीके से लड़ा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालयी प्रक्रिया के साथ जन-जन में जागरण और समर्थन आवश्यक है, ताकि सांस्कृतिक आस्था से जुड़े इस विषय का समाधान संविधान के दायरे में शांतिपूर्ण ढंग से हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का मार्ग कानून और तथ्यों पर आधारित रहेगा। मठ मंदिर सुरक्षित रहेंगे सनातन सुरक्षित रहेगा महोत्सव को संबोधित करते हुए सेवा मंगलम के महंत एवं विद्वान गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब उसके मंदिर और मठ सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय केवल एक स्थल का नहीं, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है, जिसके लिए समाज को संगठित और सजग रहना होगा। वहीं स्वामी गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज की सेवा का फल आज दिखाई दे रहा है जब उनके आगमन का शताब्दी समारोह आयोजित हो रहा है। उन्हीं के आशीर्वाद से आज सुदामा कुटी सेवा के लिए 24 घंटे तत्पर है। यह रहे मौजूद इस अवसर पर संत रमेश बाबा, महंत रामानंद दास, महंत शिव शंकर दास, महंत फूलडोल बिहारी दास, स्वामी घनश्याम आचार्य महाराज, महंत रामजी दास, महंत इंद्र कुमार दास, महंत रामलोचन दास, महंत पुरुषोत्तम दास, महंत जगदेव दास, राधे कृष्ण महाराज, रामविलास चतुर्वेदी, पार्वती वल्लभ महाराज, नागेंद्र दत्त महाराज, प्रकाश कौशिक, सत्यानंद महाराज, श्याम दास, रामानुज दास आदि मौजूद रहे। संचालन स्वामी जयराम दास देवाचार्य एवं महंत सुदर्शन दास ने किया। महंत अमर दास महाराज ने आभार जताया।
बाबा बनकर 14 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी तांत्रिक निहाल बेग को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार पीड़िता के पिता ने डिजिटल एजुकेशन का बिजनेस शुरू किया था। इसमें नुकसान होने पर आरोपी उनके संपर्क में आया। उसने कहा कि उनके काम में रुकावट है, उनके ऊपर (बंधेज) जादू-टोना किया गया है। उसे खत्म करना पड़ेगा। उसकी बातों में आकर वे उसे घर ले आए थे । इसी दौरान आरोपी घर के सभी सदस्यों को बारी-बारी कमरे में लेकर गया। जब वो पीड़िता को कमरे में लेकर गया, तो वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह पीड़िता के साथ डेढ़ साल तक हफ्ते में दो बार दुष्कर्म करता रहा। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला व नवीन श्रीवास्तव ने पैरवी की है। घटना 7 सितंबर 2021 की हबीबगंज थाना क्षेत्र की है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसके इलाके में फल का ठेला लगाता था। बिजनेस में नुकसान होने पर पिता निहाल को तंत्र-मंत्र के लिए घर लाए थे । जब आरोपी उनके घर पहुंचा तो पीड़िता से कहा कि उसे उसके साथ संबंध बनाने होंगे, जिससे जादू-टोने का असर कम होगा। ऐसा नहीं किया तो उसके माता-पिता की मौत हो जाएगी। 29 मार्च 2023 को आरोपी ने जादू-टोने का असर खत्म होने की बात कही। इसके बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया। प्रार्थना कराता था, मंत्र पढ़कर पानी पिलाता था आरोपी निहाल घर के सभी सदस्यों को बारी-बारी कमरे में लेकर जाता था। इसके बाद वो एक ग्लास में पानी लेकर उसमें मंत्र पढ़कर फूंकता था। इसके बाद पीड़िता से प्रार्थना करवाता था और उससे पानी पीने को कहता था। आरोपी पीड़िता से कहता था जादू-टोने का असर उस पर आ गया है, इसलिए वो उसके साथ संबंध बनाता है। आरोपी ने पीड़िता से कहा था कि उसे और भी कई लोगों के साथ संबंध बनाने होंगे। कोर्ट ने दिलाई 5 लाख रुपए क्षतिपूर्ति कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख रुपए की राशि दिलाई है। कोर्ट का कहना है कि पीड़िता ने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर ली है। उसके पिता का भी देहांत हो चुका है। पीड़िता नर्सिंग की पढ़ाई करना चाहती है। जिसके लिए उसे 5 लाख रुपए की राशि कोर्ट की ओर से दिलाई जाती है। मां ने कहा- जमानत पर छूटने के बाद भी आरोपी ने बदनाम किया आरोपी को सजा सुनाने से पहले पीड़िता की मां को कोर्ट में बुलाया गया था। इस दौरान उन्होंने बताया कि जमानत पर छूटने के बाद भी आरोपी ने परिवार को परेशान करना जारी रखा। आरोपी निहाल ने मनुआभान टेकरी पर पीड़िता का मोबाइल नंबर लिख दिया था और उसके नीचे उसने कार्ल गर्ल लिख दिया था। इसके बाद से पीड़िता को अंजान लोगों के कॉल आना शुरू हो गए थे। इसके बाद पुलिस में इसकी भी शिकायत की गई थी।
जालंधर में माननीय राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। उपायुक्त के निर्देशों पर 15 से 16 जनवरी 2026 तक पूरे जालंधर जिले को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोका जा सके। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-सह-अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत जालंधर जिले की सीमा में किसी भी प्रकार के सिविल ड्रोन, रिमोट या पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और हेलिकॉप्टर उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, इस आदेश में माननीय राष्ट्रपति, भारत सरकार और अन्य वीवीआईपी के आधिकारिक हेलिकॉप्टर व विमानों को छूट दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर लिया गया है। राष्ट्रपति आने वाले जालंधर दौरे पर प्रशासन के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति जालंधर दौरे पर आ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहेंगी और जिले भर में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। आदेशों के उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर ड्रोन या अन्य उड़ने वाले उपकरण जब्त किए जाएंगे और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य जिले में शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना है।
ठंड हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों पर भारी पड़ रही है। बीते 12 दिनों में ही शहर में इनसे 20 से अधिक मरीजों की मौत हुई है। पिछले एक महीने में केवल सरकारी अस्पतालों में ही ऐसी 56 मौतें दर्ज की गई हैं। एम्स, हमीदिया और निजी अस्पतालों के पिछले एक महीने के आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में हार्ट अटैक के 406 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए, जबकि 220 से ज्यादा मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक के कारण इलाज की जरूरत पड़ी। हमीदिया के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आयुष दुबे के अनुसार, सामान्य दिनों में रोज औसतन तीन ब्रेन स्ट्रोक के मरीज आते थे, लेकिन ठंड बढ़ने के बाद यह संख्या चार से पांच और कई दिनों में छह तक पहुंच रही है। ब्रेन स्ट्रोक में साढ़े 4 घंटे अहम डॉ. दुबे बताते हैं कि सर्दी में खून का गाढ़ापन बढ़ने से नसों में थक्के बनने की आशंका बढ़ जाती है। जब यह थक्का दिमाग की नसों में फंस जाता है तो ब्रेन स्ट्रोक होता है। कई मामलों में इसके लक्षण अचानक सामने आते हैं। ब्रेन स्ट्रोक में 4.5 घंटे का समय ‘गोल्डन आवर’ माना जाता है। इस दौरान इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। 30-50 वालों में कार्डियेक अरेस्ट बढ़े... एम्स भोपाल के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट प्रो. डॉ. भूषण शाह का कहना है कि हर दिन छह से 7 मरीज हार्ट अटैक केस आ रहे हैं, जबकि सामान्य तौर पर 2-3 आते हैं। इनमें 30-50 उम्र वाले भी हैं। तापमान में एक डिग्री की गिरावट से बढ़ते हैं 1.6 फीसदी हार्ट के मरीज नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में 2023 में छपी एक स्टडी के मुताबिक तापमान में सिर्फ एक डिग्री की गिरावट आती है, तो हार्ट के मरीजों में 1.6 फीसदी का इजाफा होता है। यही नहीं, इसके लक्षण 1.2 फीसदी बढ़ जाते हैं। ऐसे में ठंड में लोगों में हार्ट की बीमरी जैसे लक्षण कुछ बढ़ जाते हैं, जैसे- छाती में जकड़न या सांस लेने में असहजता। यह हार्ट अटैक के लक्षणों जैसे ही महसूस होते हैं। बस फर्क यह है कि ज्यादातर लोग खराब जीवनशैली वाले ही हैऔर रूटीन चेकअप नहीं कराते हैं।
मकर संक्रांति बुधवार को है। इस दिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में मौसम साफ रहेगा। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत अधिकांश शहरों में धूप खिलेगी। हालांकि, रातें सर्द ही रहेंगी। ग्वालियर-चंबल के साथ सागर और रीवा संभाग में तेज ठंड का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से ज्यादा जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी तक रही। यानी, मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के शौकीन लोगों के लिए मौसम बेहतर रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, बुधवार को मौसम ड्राई रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। कोल्ड वेव या कोल्ड डे का अलर्ट भी नहींमौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश में कहीं भी कोल्ड वेव यानी, शीतलहर का अलर्ट नहीं है। न ही कहीं कोल्ड डे रहेगा। ऐसे में लोग मकर संक्रांति का पर्व अच्छे तरीके से मना सकेंगे। इंदौर, उज्जैन संभाग यानी, मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मकर संक्रांति पर जमकर पतंगबाजी होती है। मौसम साफ होने से पतंगबाजी में किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आएंगी। ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडाप्रदेश के उत्तरी हिस्से में बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। इस कारण यहां के शहरों में सबसे ज्यादा ठंड है। सोमवार-मंगलवार की रात में ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी सबसे ठंडे रहे। ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में पारा 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर कोहरे का असर भी देखने को मिला। इस वजह से ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों लेट रही। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला-राजगढ़ में 6.4 डिग्री और रीवा में पारा 6.5 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में भी उत्तरी हिस्सा ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री, श्योपुर में 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़-उमरिया में 24 डिग्री, मलाजखंड में 23 डिग्री दर्ज किया गया। कल से नया सिस्टम, एमपी में 2-3 दिन बाद असरपश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से 2 से 3 दिन बाद एमपी के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने के आसार है। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असरनए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
ग्वालियर में 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को IPS अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाकर 1.12 करोड़ रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड में अब प्रधानमंत्री मोदी के नाम की एंट्री हो गई है। फर्जी आईपीएस अधिकारी ने बुजुर्ग को यह कहते हुए डराया था कि यह मनी लॉन्ड्रिंग केस की कार्रवाई बड़ी गोपनीय है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है यह कार्रवाई गोपनीय रहे और जो मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे हैं वह पकड़े जाएं।यदि आप अपने बच्चों को बताते हैं और यह कार्रवाई लीक हो जाती है तो जो आरोपी हैं वह विदेश भाग जाएंगे। बुजुर्ग को लगा कि बहुत संवेदनशील मामला है। इसलिए उसने किसी से जिक्र नहीं किया। वह ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों की बात मानता गया। अपने SBI के अकाउंट से ठगों के बताए इंडसइंड बैंक के दो, ICICI व यूको बैंक के एक-एक खाते में 1.12 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। मेरा ऐसा ब्रेन वॉश किया कि सब कुछ भूल गयाऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता ने बताया कि आईपीएस बनकर मुझे वीडियो कॉल करने वाला नीरज ठाकुर सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक कई वीडियो कॉल पर रखकर नजर रखता था। वह कहता था कि घर से कहीं भी जाएंगे तो मुझे बताकर जाएंगे। यदि किसी से बातचीत करें तो भी बताएं। आपका मोबाइल हमारी निगरानी में है। उस फर्जी IPS ने मेरा एक ब्रेन वॉश किया कि मैं सब कुछ भूल गया था। म्यूचुअल फंड की निकाल ली थी जानकारीबुजुर्ग ने बताया कि जो आईपीएस अधिकारी बनकर मुझसे बात कर रहा था उसने मुझसे मेरी संपत्ति के बारे में पूछताछ की थी। उसे पता था कि मेरे नाम पर म्यूचुअल फंड हैं। उसने सबसे पहले मुझसे म्यूचुअल फंड कैश कराने के लिए कहा। जब मैंने ऐसा किया तो कैश अकाउंट में आते ही उसने मुझसे 30 लाख रुपए एक अकाउंट नंबर देकर RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) करने के लिए कहा, जो मैंने उसे कर दिया था। चार बेटे, तीन विदेश में, किसी को नहीं बतायाऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए बुजुर्ग रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता के चार बेटे हैं। उनमें से तीन विदेश में मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करते हैं, जबकि एक इंडिया में किसी सॉफ्टवेयर कंपनी में है। घटना के बाद भी बुजुर्ग ने अपने बच्चों को ठगी के बारे में नहीं बताया। उनके एक दोस्त से चर्चा की तो उसने भोपाल में पदस्थ एक एएसपी से बात कराई। फिर उनकी मदद से हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत जीरो-FIR प्लेटफार्म पर मामले की शिकायत की। ऐसे समझिए पूरा मामलाखेड़ापति कॉलोनी 57-बी निवासी 75 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता उप पंजीयक पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में चार बेटे हैं और चारों बेटे बाहर रहते हैं और मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। बिहारी लाल और उनकी पत्नी रहते हैं। 16 नवंबर 2025 को बुजुर्ग के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया।कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी रोहित शर्मा बताते हुए कहा कि आपका मोबाइल नंबर व आधार कार्ड बंद होने वाला है। जब बुजुर्ग ने पूछा ऐसा क्यों होने वाला है तो ट्राई का फर्जी अधिकारी बोला कि आपको गिरफ्तार करने के आदेश हैं। अभी आपके पास हमारे एक IPS ऑफिसर का कॉल आएगा। उसने एक मोबाइल नंबर भी बताया कि इस नंबर से कॉल आएगा। खुद को बताया था IPS अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता के पास उसी नंबर से वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल आया। उसने खुद का परिचय IPS नीरज ठाकुर के रूप में दिया। बताया कि संदीप कुमार नाम का युवक मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया है। उसने पूछताछ में बताया है कि उसने तुमको 2 लाख रुपए देकर तुम्हारा ICICI बैंक का खाता लिया है। इसके बाद डराते हुए बुजुर्ग से 1.12 करोड़ रुपए चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। ये खबर भी पढ़ें... 75 साल के रिटायर्ड अफसर से ₹1.12 करोड़ की ठगी ग्वालियर में एक 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट किया और 1.12 करोड़ रुपए ठग लिए। 16 नवंबर 2025 को रिटायर्ड उप पंजीयक के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर उनकी सिम बंद करने और गिरफ्तारी आदेश होने की बात कही। इसके बाद एक आईपीएस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल आया। पूरी खबर पढ़ें
सख्ती:अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई नहीं, कलेक्टर बोले- आदेश के बाद भी एफआईआर क्यों नहीं
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई को लेकर कलेक्टर कौशेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को सख्ती दिखाई। टाइम लिमिट बैठक में सभी एसडीएम को सख्त निर्देश दिए। कहा कि आदेश के बावजूद पिछले 10 दिनों से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिन कॉलोनियों पर आदेश पारित हो चुके हैं, उनमें अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई, यह स्पष्ट किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जब 113 से अधिक अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने एसडीएम से कहा कि इस पूरे मामले की मॉनीटरिंग वे खुद करेंगे। कलेक्टर ने एसपी देहात को फोन कर थानों में भेजे गए आवेदनों पर एफआईआर न होने की वजह पूछी और निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जब तक अवैध कॉलोनियों के नए नियम लागू नहीं होते, तब तक पुराने प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बिल्डर सस्ती कृषि भूमि खरीदकर खेतों में मुरम डालकर प्लॉट काट रहे हैं और कॉलोनी बताकर बेच रहे हैं। कई जगह सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, फिर भी प्लॉट ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इससे आम लोग भविष्य में रजिस्ट्री और सुविधाओं की गंभीर समस्याओं में फंस सकते हैं। इसी को देखते हुए जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं। डोर-टू-डोर जाएं अफसर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त और ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों की तिथि तय करने और पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाने को कहा। अभियान की समीक्षा टीएल बैठक में कलेक्टर ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की जानकारी ली। यह अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
राजस्थान में नए समीकरणों को देखते हुए 12 जिला परिषदों को छोड़कर सभी पंचायतों के चुनाव मार्च में होंगे। पुरानी 11283 पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और प्रशासक नियुक्त हैं। दूसरी तरफ, 113 पालिकाओं और निगमों में चुनाव पर हाईकोर्ट का स्टे है। इनको छोड़कर बाकी 196 के चुनाव अप्रैल में होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी पूरी है। इसमें ओबीसी आयोग की रिपोर्ट महत्वपूर्ण है। आयोग की रिपोर्ट दिसंबर तक आनी थी, जिसे अब 31 जनवरी से पहले देने को कहा है। इस बीच, सरकार ने ओबीसी आयोग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ा दिया है। राजस्थान में संभवतया पहली बार ऐसा होगा जब 2026 में पंचायत चुनाव और विधानसभा सत्र, संसद सत्र साथ-साथ चलेंगे। 28 जनवरी से बजट सत्र होगा जो संभवतया मार्च तक चल सकता है। संसद सत्र भी इसी दौरान चलेगा जिसका 2 अप्रैल तक के लिए कार्यवाही तय हो चुकी है। सीधी बात- राजेश्वरसिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्त संसद और विधानसभा सत्र के साथ क्या चुनाव संभव है?संसद और विधानसभा सत्र तो चुनाव के समय चलेंगे, यह सही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल तक कराने को कहा है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है, क्या 15 अप्रैल से पहले चुनाव संभव है?ओबीसी आयोग की रिपोर्ट तो आनी चाहिए। पहले दिसंबर में रिपोर्ट देना तय था। अब तो 31 जनवरी तक आने वाली है। क्या सभी पंचायतों के एक साथ चुनाव करा पाएंगे?नहीं, जिनका संभव है उनका एक साथ करा देंगे। कितनी जिला परिषदों का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है?12 जिला परिषदों का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, उनको छोड़कर बाकी जिलों के करवा सकते हैं। क्या निकायों के चुनाव भी एक साथ नहीं होंगे?113 नगरीय निकायों के बिना क्षेत्र परिवर्तन और बिना जनसंख्या परिवर्तन के वार्ड बढ़ाए गए हैं, उन 113 में हाईकोर्ट ने स्टे लगा रखा है। उसके खिलाफ सरकार एसएलपी में गई है। स्टे वैकेट हुआ तो ही चुनाव हो पाएंगे। अन्यथा साथ-साथ नहीं होंगे। जिनका संभव है उनका चुनाव करा देंगे। ओवरआल पंचायत और निकाय की क्या तैयारी है?हम पंचायत चुनाव मार्च में और बिना स्टे वाले निकायों के चुनाव अप्रैल में कराने की पूरी तैयारी में हैं। राजस्थान में कुल निकाय...309113 निकायों में स्टे है।196 में चुनाव करा सकते हैं। कुल ग्राम पंचायतें- 1469911283 का कार्यकाल पूरा हो चुका है12 जिला परिषदों का कार्यकाल बाकी3416 नई ग्राम पंचायत बनाई गई हैं
पहाड़ों में बर्फबारी के कारण यूपी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। मंगलवार को मुजफ्फरनगर 2.1C तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। बरेली, बिजनौर समेत 23 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते 48 ट्रेनें लेट हुईं और कई जगह ट्रेन की रफ्तार घटाई गई। बिजनौर में बस पलटने से 38 यात्री घायल हुए। लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स भी देर से चल रही हैं। राजस्थान में 10 शहरों में तेज सर्दी का यलो अलर्ट जारी किया है। अलवर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री के करीब रहा। उदयपुर, चित्तौड़गढ़ में सुबह कोहरा भी रहा। राज्य के 10 से ज्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज हुआ। हरियाणा के गुरुग्राम का तापमान सोमवार को 0.6C रहा। 60 साल पहले 5 दिसंबर 1966 में मिनिमम टेंपरेचर 0.4C रहा था। चंडीगढ़ में ठंड और कोहरे के कारण प्रशासन ने सभी स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड के 4 जिलों में नदी का पानी जम गया है। नदी के ऊपर पाले और बर्फ की मोटी चादर दिख रही है। पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में झरने जम गए हैं। इन इलाकों में पानी की पाइपलाइन जम चुकी है। IMD के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन कोल्ड वेव बनी रही। न्यूनतम तापमान 3.0C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4C कम रहा और तीन साल में जनवरी की सबसे ठंडी सुबह रही। कई स्टेशनों पर भी करीब 3C तापमान रिकॉर्ड हुआ। देशभर में मौसम की 2 तस्वीरें... अगले 2 दिन मौसम का हाल... 15 जनवरी: पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश में घने कोहरे का अलर्ट, कड़ाके की सर्दी हो सकती है। 16 जनवरी: हिमाचल में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट हिमाचल प्रदेश में 16 से 18 जनवरी के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के बालोद में जंबूरी रोवर-रेंजर कार्यक्रम में टेंडर, खर्च और अध्यक्ष पद विवादों से घिरा रहा। रायपुर में होने वाला कार्यक्रम अचानक बालोद शिफ्ट कर दिया गया। कार्यक्रम में टेंडर खुलने से पहले टेंट लगा दिया गया। इस पर कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरा। वहीं विवाद के बीच BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। याचिका में कहा है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने के लिए न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई सुनवाई का मौका दिया गया। 10 करोड़ की गड़बड़ी का भी दावा किया है। हाईकोर्ट ने बृजमोहन अग्रवाल की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने पूछा है कि बृजमोहन अग्रवाल को स्काउट गाइड जंबूरी अध्यक्ष के पद से कैसे और किस आधार पर हटाया गया। इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जंबूरी कार्यक्रम में खर्च की बात करें तो टेंट में करीब 1 करोड़ 43 लाख रुपए खर्च हो गए। टॉयलेट और नहाने की व्यवस्था पर 1 करोड़ 68 लाख 60 हजार रुपए खर्च कर दिए गए। 30 VIP टॉयलेट लगाए गए थे, जिन पर करीब 10 लाख खर्च हुए, जबकि 10 VVIP टॉयलेट पर 4 लाख और जोड़े गए। वहीं खाने-पीने के खर्च की बात करें तो 1 हजार अधिकारियों पर कुल 2 लाख 65 हजार रुपए खर्च किए गए। करीब 10 हजार छात्र और प्रतिभागियों पर 12 लाख 49 हजार रुपए भोजन खर्च दिखाया गया। इस तरह कुल मिलाकर 23 लाख 59 हजार रुपए खाने-पीने में खर्च किए गए। इसके अलावा VIP पर 80 हजार, चाय-बिस्किट पर 1 लाख, स्टेज पर भोजन व्यवस्था पर 65 हजार और पानी सप्लाई पर 6 लाख रुपए शामिल हैं। इस रिपोर्ट में जंबूरी कार्यक्रम की इनसाइड स्टोरी पढ़िए कैसे विवाद शुरू हुआ, हाईकोर्ट कैसे पहुंचा मामला, बिना टेंडर टेंट कैसे लगा, कहां कितने खर्च हुआ ? पहले कार्यक्रम से जुड़ी ये 3 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए रोवर-रेंजर जंबूरी ? दरअसल, जंबूरी शब्द अफ्रीकी भाषा से लिया गया है। जिसका अर्थ होता है आनंदपूर्ण मिलन। स्काउटिंग जंबूरी की अवधारणा विश्व स्काउट आंदोलन से जुड़ी हुई है। इसका उद्देश्य दुनियाभर के स्काउट्स और गाइड्स को एक मंच पर लाकर आपसी सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देना है। अब जानिए कहां हुआ कितना खर्च ? जंबूरी आयोजन में सबसे बड़ा खर्च शौचालय और स्नान व्यवस्था पर हुआ। 400 सामान्य अस्थायी टॉयलेट पर ही 88 लाख खर्च हुए। इसके अलावा 100 पुरुष टॉयलेट पर 18 लाख, 200 महिला टॉयलेट पर 36 लाख और 100 पुरुष-महिला यूरिन ब्लॉक पर 13 लाख दिखाए गए। VIP-VVIP टॉयलेट में खर्च हो गए 14 लाख इसके अलावा अलग से 30 VIP टॉयलेट लगाए गए, जिन पर ₹9.60 लाख खर्च हुए, जबकि 10 VVIP टॉयलेट पर ₹4 लाख और जोड़े गए। खाने-पीने के खर्च की बात करें तो 1,000 अधिकारियों पर कुल 2 लाख 65 हजार रुपए खर्च किए गए। सुबह के नाश्ते पर 65 हजार, दोपहर के भोजन पर 1 लाख और रात के भोजन पर भी 1 लाख खर्च हुआ। यानी अधिकारियों को दिनभर खिलाने पर प्रति व्यक्ति औसतन आम प्रतिभागियों से कई गुना ज्यादा पैसा लगाया गया। प्रतिभागियों को 12 लाख 49 हजार रुपए का भोजन वहीं 10,000 छात्र और प्रतिभागी इस जंबूरी का असली हिस्सा थे, जिन पर कुल 12 लाख 49 हजार रुपए का भोजन खर्च दिखाया गया। सुबह के नाश्ते पर 2.49 लाख, दोपहर के भोजन पर 5 लाख और रात के भोजन पर भी 5 लाख खर्च हुए। इसके अलावा 100 VIP और विशेष अधिकारी, जिन पर कुल ₹80 हजार रुपए खर्च हुए। इन 100 लोगों के नाश्ते पर 20 हजार, दोपहर के भोजन पर 30 हजार और रात के भोजन पर भी 30 हजार खर्च हुआ। यानी VIP का प्रति व्यक्ति खर्च छात्रों से लगभग दस गुना तक ज्यादा रहा। अब जानिए रोवर-रेंजर जंबूरी पर कैसे शुरू हुआ विवाद ? विवाद की शुरुआत आयोजन स्थल को लेकर हुई। शुरुआती चर्चाओं में जंबूरी को नवा रायपुर में आयोजित करने की बात सामने आई थी। नवा रायपुर में पहले भी बड़े आयोजन हो चुके हैं। वहां बुनियादी ढांचा, ठहरने और परिवहन की बेहतर व्यवस्था मानी जाती है, लेकिन बाद में अचानक आयोजन स्थल बदलकर बालोद कर दिया गया। इस फैसले के पीछे क्या ठोस कारण थे। इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई। यही वजह रही कि स्थल चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठे। यह चर्चा शुरू हुई कि क्या यह निर्णय पूरी तरह संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया या इसमें राजनीतिक दखल भी रहा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष होने के नाते कार्यक्रम को स्थगित करने की घोषणा करता हूं। मैं अध्यक्ष हूं और कार्यक्रम के बारे में मुझे पता ही नहीं है। आयोजन नवा रायपुर में होना था, लेकिन गलत तरीके से बालोद में व्यवस्था की गई। भाजपा के भीतर विवाद, मंत्री गजेन्द्र बनाम सांसद बृजमोहन दरअसल, स्कूल शिक्षा मंत्री को स्काउट-गाइड संगठन का पदेन प्रदेश अध्यक्ष माना जाता है। बृजमोहन अग्रवाल स्कूल शिक्षा मंत्री थे, तब वे स्वाभाविक रूप से इस पद पर रहे। जानकारी के अनुसार, बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद राज्य स्काउट-गाइड कार्य परिषद की एक बैठक हुई। इसमें उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस अवधि के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास भी स्कूल शिक्षा विभाग का प्रभार रहा। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार के तहत स्कूल शिक्षा विभाग का दायित्व गजेन्द्र यादव को सौंपा गया। इसके साथ वे स्काउट-गाइड संगठन के पदेन प्रदेश अध्यक्ष बने। हालांकि, बृजमोहन अग्रवाल के कार्यकाल विस्तार से पहले नियमों में किसी प्रकार के परिवर्तन किए गए थे या नहीं, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने डिलीट कर दिया X पोस्ट, कांग्रेस ने घेरा विवाद के बीच CM विष्णुदेव साय की ओर से किया गया एक ट्वीट भी चर्चा में रहा, जिसे कुछ समय बाद डिलीट कर दिया गया। ट्वीट हटाए जाने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई विस्तृत सफाई नहीं दी गई, लेकिन इस घटना ने विवाद को और बढ़ाया। टेंडर प्रक्रिया पर सवाल: काम पहले, नियम बाद में ? जंबूरी कार्यक्रम में सबसे गंभीर आरोप टेंडर प्रक्रिया को लेकर लगे। कांग्रेस प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने टेंडर वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जंबूरी आयोजन के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर 3 जनवरी को सुबह 12 बजे खुलनी थी, लेकिन इसके पहले ही आयोजन स्थल पर एक निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया था। सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि कई कामों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया। नियमों के मुताबिक पहले टेंडर, फिर स्वीकृति और उसके बाद काम शुरू होना चाहिए, लेकिन यहां प्रक्रिया के उलट होने के आरोप सामने आए। कहा गया कि कुछ एजेंसियों को बिना औपचारिक आदेश के काम सौंप दिया गया और बाद में कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। इन आरोपों ने आयोजन की प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। कोर्ट तक मामला: ACB-EOW में शिकायत विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस की ओर से एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए। राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। कांग्रेस की ओर से दाखिल की गई शिकायत याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अदालत ने मामले की पहली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख तय की है। याचिका स्वीकार होने के बाद अब आयोजन से जुड़े खर्च, टेंडर प्रक्रिया और लिए गए प्रशासनिक फैसलों की न्यायिक समीक्षा की जाएगी। जांच एजेंसियों तक मामला पहुंचने के बाद यह साफ हो गया कि यह विवाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है। बृजमोहन ने रखी थी राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी की नींव- कृष्ण कुमार खंडेलवाल भारत राष्ट्रीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त कृष्ण कुमार खंडेलवाल ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री रहते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने ही इस राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी की नींव रखी थी। बृजमोहन अग्रवाल ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आयोजन के लिए सहमति भी बनाई थी। खंडेलवाल के मुताबिक संगठन की मंशा थी कि बृजमोहन अग्रवाल इस कार्यक्रम का सक्रिय हिस्सा बनें, लेकिन वे आयोजन में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर संगठन को दुख है, क्योंकि बृजमोहन अग्रवाल एक वरिष्ठ और बड़े नेता हैं। वहीं मंत्री गजेन्द्र यादव ने बृजमोहन अग्रवाल को मनाने की बात कही थी। दूसरे राज्यों में जंबूरी का बड़ा बजट था स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त कृष्ण कुमार खंडेलवाल ने कहा कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के लिए कुल 5 करोड़ 20 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था, जिसके तहत आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं की गईं। इसमें किसी बड़े घोटाले की आशंका नहीं लगती है।
अब रास्ता नहीं रोकेगी वल्लभ भवन की रोटरी
वल्लभ भवन चौराहे पर लोगों को मंगलवार दोपहर राहत मिल गई है। पीडब्ल्यूडी ने यहां बनाई गई 45 मीटर परिधि वाली अस्थायी बेरिकेडिंग हटा दी है। बिना ट्रैफिक पुलिस से सलाह लिए की गई यह व्यवस्था वाहन चालकों के लिए परेशानी बन रही थी। मंगलवार के अंक में इससे जुड़ा समाचार दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद विभाग ने स्थिति की समीक्षा की और बेरिकेडिंग हटाने का फैसला ले लिया। बेरिकेडिंग से ग्रीन सिग्नल सिंक्रोनाइज न होने के कारण वाहन चालकों को पूरा चक्कर लगाकर निकलना पड़ रहा था। एक तरफ ग्रीन सिग्नल चालू रहता और दूसरी तरफ अचानक ग्रीन सिग्नल मिल जाने से दोनों तरफ के वाहन आमने सामने आ जाते।
खुद की पोस्टिंग के लिए फाइल बढ़ाई, BRCC का आदेश रद्द
भोपाल से बैरसिया में बीआरसीसी पद पर खुद की पोस्टिंग कराने के मामले में हुई गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद कलेक्टर ने आदेश निरस्त कर दिया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले की जांच डीपीसी रवीश श्रीवास्तव को सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, 12 जनवरी को कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक के हस्ताक्षर से जारी आदेश में बालेंद्र सिंह को बीआरसी फंदा ग्रामीण और रामकिशन गुर्जर को बीआरसीसी बैरसिया पदस्थ किया गया था। साथ ही डॉ. रूपाली को डीपीसी कार्यालय में एपीसी पद पर अटैच किया गया था। लेकिन यह आदेश नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर 13 जनवरी को रद्द कर दिया गया। जांच में सामने आया कि रामकिशन गुर्जर ने खुद को बैरसिया बीआरसीसी पद पर पदस्थ कराने के लिए फाइल स्वयं पुटअप की, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था। डीपीसी ने भी बिना जांच फाइल आगे बढ़ा दी। बाद में स्पष्ट हुआ कि गुर्जर न तो बीआरसीसी पद के लिए पात्र थे और न ही 2022 की मेरिट सूची में उनकी स्थिति ऊपर थी। इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ाई गई, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता माना गया।
हरियाणा को केंद्र सरकार से बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने सूबे का झारखंड कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द कर दिया है। केंद्रीय मंत्रालय के द्वारा इसको लेकर सरकार को नोटिस जारी किया था। इस आवंटन रद्द करने की 3 वजहें बताई जा रही हैं। हालांकि हरियाणा सरकार की ओर से नोटिस का जवाब भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि कोल ब्लॉक को पिछले 1.5 साल से हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) की ओर से डेवलप किया जा रहा है। काफी काम हो चुका है, इस काम में करीब 2.5 करोड़ रुपए भी खर्च किए जा चुके हैं। कोल ब्लॉक के डिमार्केशन के साथ ही फैंसिंग का भी काम पूरा हो चुका है। ऐसे में कोल ब्लॉक के आवंटन रद्द होने से हरियाणा को काफी दिक्कतें आ जाएंगी। ऐसे में सरकार की ओर से आग्रह किया गया है कि ये आवंटन रद्द न किए जाए। सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में हरियाणा के सामने इस फैसले से बिजली संकट गहरा सकता है। आवंटन रद्द होने की ये रहीं 3 वजहें... सर्वे एजेंसी देरी से फाइनल हुई: दरअसल, केंद्रीय कोयला मंत्रालय की ओर से एक विशेष सर्वे एजेंसी के द्वारा ही ब्लॉक का सर्वे काम किया जाता है। इस सर्वे एजेंसी के आवंटन में भी देरी की गई, जिसके कारण हरियाणा सरकार को प्रोसेस शुरू करने में देरी हुई। हरियाणा के पत्राचार का नहीं मिल जवाब: जब सर्वे एजेंसी आवंटित हो गई तो हरियाणा सरकार की ओर से कोल ब्लॉक को लेकर काफी पत्राचार किया गया, लेकिन एजेंसी के द्वारा कोई भी सही या समय पर जवाब नहीं दिया गया। इसके कारण भी कई सालों तक सरकार इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं कर पाई। जहां आवंटन वह नक्सल प्रभावित एरिया: सूत्रों की मानें तो जहां हरियाणा सरकार को झारखंड में कोल का आवंटन किया गया था, वह एरिया नक्सल प्रभावित एरिया था। इस कारण सर्वे एजेंसी के साथ ही सरकार को भी काम शुरू करने में काफी दिक्कतें आईं। यहां पढ़िए कोल ब्लॉक के बारे में अब तक क्या... कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक झारखंड में है। हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) द्वारा इसको डेवलप किया जा रहा था। इसका उद्देश्य हरियाणा के बिजली संयंत्रों के लिए कोयला सुरक्षित करना है; इस ब्लॉक के लिए माइन डेवलपर और ऑपरेटर (MDO) चुनने की प्रक्रिया भी चल रही थी, जिसमें बोली लगाने के बाद कुछ कानूनी अड़चनें भी आई थी। हालांकि हरियाणा इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करता रहा, इस पूरे प्रोसेस में करीब 18 साल का समय लग गया। हरियाणा सरकार को अपनी कोयला खदान दिलाने की प्रक्रिया 2024 में तेज हुई, जब कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक के लिए टेंडर निकला और बोली प्रक्रिया शुरू हुई, जो 8 साल की देरी के बाद आगे बढ़ पाई यहां पढ़िए कोल ब्लॉक के बारे में... हरियाणा सरकार को आवंटित यह कोल ब्लॉक झारखंड में है। इस कोल ब्लॉक से लगभग 102.35 मिलियन टन कोयला भंडार का अनुमान है। इस ब्लॉक में अनुमानित खनन लागत लगभग ₹1,501 प्रति टन है, और 33 साल की अवधि के लिए कुल अनुमानित संविदा मूल्य लगभग ₹15,364 करोड़ है। हरियाणा के लिए क्या होगी दिक्कत यमुनानगर थर्मल प्लांट (दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट) हरियाणा का एक महत्वपूर्ण कोयला-आधारित बिजली संयंत्र है, जिसकी मौजूदा क्षमता 600 मेगावाट है और हाल ही में एक 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट का शिलान्यास खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। ये प्लांट के लिए सरकार इस कोल ब्लॉक को तैयार कर रही थी। इस प्लांट को बनने में करीब तीन साल का समय लगेगा। सूत्रों की मानें तो ब्लॉक को डेवलप करने में भी करीब सरकार को तीन साल का ही समय लगा, ऐसे में सरकार को आवंटन रद्द करने से दिक्कतें आ सकती हैं। क्या बोले मंत्री जी ऊर्जा मंत्री अनिल विज कहा कि केंद्रीय मंत्रालय से नोटिस आया था, जिसका जवाब दे दिया गया है। केंद्रीय मंत्रालय से सरकार की ओर से अनुरोध किया गया है सरकार इसको डेवलप कर रही है, इस पर करबी ढाई करोड़ रुपए खर्च किया जा चुका है। इसका आवंटन रद्द न किया जाए।
घर तोड़ने पर मछली परिवार को हाईकोर्ट से राहत
हाईकोर्ट ने कहा- परिवार उचित फोरम जा सकता है मछली परिवार को हाईकोर्ट जबलपुर ने बड़ी राहत दी है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि मछली परिवार की सम्पत्ति को पहुंचे नुकसान के लिए परिवार फोरम में मुआवजे के लिए जा सकता है। मछली परिवार की ओर से वकील ने हाईकोर्ट में मांग की थी उनकी कोठी भी तोड़ी गई है। इसके लिए परिवार को उचित फोरम में मुआवजे के लिए भेजा जाए। इससे पहले हाईकोर्ट ने परिवार के 8 सदस्यों के बैंक अकाउंट को अनफ्रीज (खोले) जाने का आदेश दिया था। एडवोकेट खुशआलम अली ने बताया कि मछली परिवार की ओर से साजिदा बी, शाहिद अहमद, शारिक अहमद, शैहरेयार अहमद, सोहेल अहमद, तारिक अहमद, शकील अहमद, शावेज अहमद हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। हाईकोर्ट में सरकार की ओर से वकील ने बताया कि इन 8 लोग के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। संभावना के आधार पर उनके बैंक खाते फ्रीज किए गए थे।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के पहाड़ों से चल रही बर्फीली हवाओं की वजह से पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड बढ़ गई है। मंगलवार को इस सीजन में पहली बार नवांशहर में शून्य डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। वहीं, न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 6.3 डिग्री नीचे चल रहा है। आज (बुधवार को) कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति आगे भी जारी रहेगी। 18 और 19 जनवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि आज से स्कूल भी खुल रहे हैं। 6 जिलों में गंभीर शीतलहर चलने की संभावनामौसम विभाग के मुताबिक आज गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और लुधियाना में घने से बहुत घना कोहरे की संभावना है। वहीं, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में शीतलहर से गंभीर शीतलहर चलने की संभावना है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और मालेरकोटला में कहीं-कहीं घना कोहरा रहने की संभावना है। नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और मानसा में शीत लहर कहीं-कहीं चल सकती है। मौसम ड्राई (सूखा) रहने की संभावना है। हालांकि, मंगलवार को अमृतसर में जीरो, लुधियाना में 20, बठिंडा 500, फरीदकोट 50, पटियाला 40 मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। लुधियाना और पटियाला में कोल्ड-डे और गुरदासपुर में घना कोहरा दर्ज किया गया। 18 और 19 जनवरी को बारिश की संभावनाचंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 15 जनवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इससे वहां मौसम में बदलाव आ सकता है। 16 और 17 जनवरी को पहाड़ों पर मौसम अच्छा रहेगा।18 और 19 तारीख को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद धूप निकलना शुरू हो जाएगी। अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
हरियाणा के हिसार में ज्वेलर कपिल सोनी की गोली लगने से मौत अभी रहस्य बनी हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह सुसाइड है या गलती से गोली चली। पुलिस जांच में सामने आया कि मंगलवार सुबह कपिल (38) घर से चंडीगढ़ जाने की बात कहकर निकले थे। दोपहर 1 बजे पिता ने सबसे पहले दुकान में कपिल की खून से लथपथ लाश देखी। कपिल ने अंतिम बार कॉल अपनी पत्नी और हांसी के भाटला गांव में रहने वाले अपने दोस्त को की थी। पुलिस इन दोनों को जांच में शामिल करेगी कि आखिर क्या बात हुई थी? पिता भगत सोनी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि या तो उनके बेटे ने आत्महत्या की है या तिजोरी में सामान निकालने के दौरान रिवॉल्वर चल गई। अभी पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर जांच शुरू की है। सिटी थाना प्रभारी अमित कुंडू का कहना है कि बुधवार को कपिल का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। उसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। अभी जांच का विषय यह भी है कि कपिल घर से चंडीगढ़ जाने की बात कहकर निकला था। पुलिस को दिए बयान में पिता ने ये बातें कहीं... बहनोई बोले- मेरी 8 घंटे पहले बात हुई थीवहीं, कपिल के बहनोई उकलाना निवासी विक्की ने सिविल अस्पताल में बताया कि कपिल से उनकी 8 घंटे पहले ही बात हुई थी। वह खुश था और उसकी बातों से नहीं लगा कि वह परेशान है। उसने अभी ऋषिनगर में मकान बनाया था। उसके 2 छोटे बच्चे हैं। वह अपनी लाइफ में खुश था और सदा दूसरों की मदद करता था। 3 पॉइंट्स में जानिए पूरा घटनाक्रम... DSP ने कहा- सभी एंगल से जांच हो रहीमौके पर जांच के लिए पहुंची DSP श्रद्धा सिंह ने कहा- हम अभी जांच कर रहे हैं। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सभी एंगल से जांच की जा रही है। CCTV में भी कुछ नहीं आया है। यह मौत का मामला है, इसलिए कुछ भी सीधे तौर पर कहना जल्दबाजी होगा। प्रॉपर छानबीन के बाद जो भी सामने आएगा, वह बताया जाएगा। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें :- हिसार में ज्वेलर के पेट में गोली लगने से मौत:दुकान के अंदर लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर गया, पिता बाहर बैठे थे; इकलौता बेटा था हरियाणा के जिले हिसार में मंगलवार दोपहर गांधी चौक के पास एक ज्वेलर को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। ज्वेलर को गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर...
पंजाब के होशियारपुर में नशेड़ी युवती ने अंकल कह मीठी-मीठी बातें कर एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। चिट्टा खरीदने के लिए वह बहाने से बुजुर्ग को अपने साथ ले गई। फिर सामान लाने के बहाने उसे अंदर ले गई। अंदर जाते ही उसके कपड़े उतार दिए। फिर अश्लील वीडियो बना लिया। तभी अचानक युवती के 2 और साथी वहां आ गए। उन्होंने बुजुर्ग से मारपीट की। ATM कार्ड छीन लिया। फिर जबरन उसके अकाउंट से रुपए निकलवाए। जिससे उन्होंने नशा खरीदा। मामला 11 जनवरी का है लेकिन बुजुर्ग ने पुलिस को शिकायत की तो पूरा मामला सामने आया। बुजुर्ग ने खुद नशे के आदी युवती और युवकों के गैंग के जाल में फंसकर लूट और मारपीट की पूरी कहानी बताई... बुजुर्ग की बताई पूरी कहानी... एक लड़की आई...पूछा-अंकल आप फ्री होमेरा नाम मंगल सिंह है। मेरा गांव मलिकपुर बोदला है। मैं शाम 5 बजे के करीब बस स्टैंड की मछली मार्केट के पास खड़ा था। मेरे पास एक लड़की आई। 20 से 25 साल उम्र की थी। कहने लगी कि आप फ्री हो। मैंने कहा कि हां फ्री हूं। मुझे कहा कि गांव लोधी चक्क जाना है। वहां से अटैची लानी हैं। मुझे पूछा कि कितने पैसे लोगे। मैंने कहा कि 500 रुपए लगेंगे। इस पर लड़की ने कहा कि ठीक है अंकल। मैंने ऑटो स्टार्ट किया और लड़की को बिठा लिया। यहां से वह मेरे साथ अकेले ही गई। लोधी चक्क पहुंचते ही ऑटो रुकवायाजब गांव लोधी चक्क में पहुंची तो एक घर के पास मेरा ऑटो रुकवाया। लड़की उतरी और कहने लगी कि अंकल अटैची अंदर हैं। बाहर लानी है। क्या आप उठाने में मदद कर दोगे। मैंने कहा कि भारी नहीं उठा पाऊंगा। इस पर कहने लगी कि भारी नहीं हैं। इतना कहकर लड़की मेरे आगे-आगे अंदर गई। मैं पीछे-पीछे था। घर के अंदर घुसते ही 2 लड़के आ गए। इन्होंने आते ही मेरे साथ धक्कामुक्की करनी शुरू कर दी। कमरे में ले जाकर मेरे कपड़े उतार वीडियो बनायामुझे कमरे के अंदर ले गए और मेरे कपड़े उतरवा दिए। मेरे गले में चांदी के चेन थी, वो उतार ली। इसके बाद मेरा पर्स और एटीएम भी ले लिए। इसके बाद मेरी जेब से चाबी निकाली और ऑटो में से बड़ा पर्स ले आए। इसमें मेरी बैंक की कॉपियां थीं। लड़की और लड़कों ने पूछा कि बैंक में कितने पैसे हैं। मैंने कहा कि पैसे ज्यादा नहीं हैं। इस पर फिर से मेरी पिटाई की। मैंने बताया कि 25 हजार रुपए हैं। ऑटो में बिठाकर हस्सी पिंड के ATM में ले गएइसके बाद वे मुझे ऑटो में बिठाकर एटीएम ले गए और कहने लगे कि कोड बताओ। मैंने गलत कोड बता दिया, इस पर फिर मुझसे मारपीट की गई। मैं बहुत डर गया था। मैंने सोचा पैसे जाते तो जाते रहें, किसी तरह जान बचे। इसके बाद मैंने सही कोड बता दिया और कहा कि मुझे एटीएम यूज करना नहीं आता। इस पर लड़के ऑटो में बैठे रहे और लड़की एटीएम बूथ के अंदर गई? लेकिन उससे पैसे नहीं निकले। मुझे धमकाकर पैसे निकलवाए, नशा खरीद भागेलड़कों ने कहा कि तुम जाओ और बैंक वालों से कहकर पैसे निकलवाओ। मैं डर चुका था, इसलिए मैंने किसी से मदद मांगकर 25 हजार रुपए निकलवाकर उनको दे दिए। पैसे लेकर वे फिर मुझे टांडा शहर से 2 किलोमीटर दूर हस्सी पिंड ले गए। यहां पर लड़की ने चिट्टा या कोई और नशा खरीदा। बाद में यहां से निकल गए। 3 घंटे तक ऑटो में घुमाते रहेबुजुर्ग ने बताया कि लड़की उसको ऑटो में लेकर शाम करीब 5 बजे गई और रात को 8 बजे के बाद उसको छोड़ा गया। बुजुर्ग ने बताया कि आरोपी उसके पर्स में रखे 5 हजार रुपए और ऑटो में रखे छुट्टे पैसे भी ले गए। इसके साथ ही उसकी चांदी की चेन ले गए। बुजुर्ग ने बताया कि उसे ये तो नहीं पता कि चेन का वजन कितना था, लेकिन काफी समय पहले उसने 15 हजार रुपए में चेन खरीदी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस इलाके में बुजुर्ग के साथ ये घटना हुई, उसी इलाके में करीब 1 किलोमीटर दूर एमएलए का निवास है। हस्सी पिंड नशे का गढ़ है और यहां सरेआम चिट्टा बिकता है। पुलिस ने कई बार कार्रवाई की लेकिन तस्कर फिर से काम शुरू कर देते हैं। पुलिस बोली- बुजुर्ग के बयान दर्ज किए, जांच चल रही हैइस संबंध में एसएचओ टांडा गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने बताया कि मंगल सिंह के बयान दर्ज कर लिए। उनके बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके के CCTV कैमरे भी चैक करवाए जा रहे हैं। इस मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपियों के ठिकाने की पुख्ता जानकारी मिलते ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

