गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने नशीली कफ सिरप तस्करी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में वर्ष 2025 में पकड़ी गई 1,150 पेटी कफ सिरप की तस्करी के आरोप में विभोर राणा और विशाल सिंह को PIT-NDPS Act, 1988 के तहत 12 महीने के लिए निरुद्ध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) किया गया है। गाजियाबाद में इस अधिनियम के तहत यह पहली कार्रवाई है। यह मामला 11 नवंबर 2025 की रात का है, जब स्वाट टीम और नंदग्राम थाना पुलिस ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में संयुक्त अभियान चलाया था। इस दौरान चार ट्रकों में रखी 1,150 पेटी नशीली कफ सिरप बरामद की गई थी, जिसमें 850 पेटी एस्कफ और 300 पेटी फेंसिडिल कफ सिरप शामिल थीं। पुलिस ने मौके से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त, एक क्रेटा कार, 10 मोबाइल फोन और फर्जी मोहरें भी जब्त की गईं। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान विभोर राणा और विशाल सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) राजकरण नैय्यर ने बताया कि जांच में पता चला कि दोनों आरोपी लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में सक्रिय थे। उनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह आशंका थी कि जमानत मिलने पर वे दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इसी आशंका के मद्देनजर 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत दोनों को PIT-NDPS Act, 1988 के अंतर्गत निरुद्ध किया गया है। राजकरण नैय्यर ने यह भी बताया कि इससे पहले अपराध शाखा दोनों आरोपियों की करीब 15 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति भी फ्रीज कर चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, विभोर राणा और विशाल सिंह दोनों के खिलाफ पूर्व से विभिन्न जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों को पेशेवर तस्कर मानते हुए निवारक कार्रवाई की गई है। PIT-NDPS Act का उद्देश्य ऐसे आरोपियों को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने से रोकना है। इस अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 माह तक निरुद्ध रखा जा सकता है।
कौशांबी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत शिक्षकों को कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित उदयन सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर और चायल विधायक पूजा पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने अनिल कुमार सिंह, राम बाबू दिवाकर, विनय कुमार सिंह, ओमदत्त त्रिपाठी, विपिन कुमार, विभा सिंह, नीरज शुक्ला, सोनी केशरवानी, अनंत कुमार सिंह, आशीष शुक्ला, राकेश कुमार, मोहम्मद अयूब सिद्दीकी और धर्मेश कुमार मिश्रा सहित कई शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभावना प्रदान करने का आग्रह किया। राजेश सिंह सेंगर ने प्रधानमंत्री के 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें शिक्षकों का सहयोग महत्वपूर्ण होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष और चायल विधायक ने भी कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक एल.बी. मौर्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई और नगर परिषद (नप) थानेसर के टेंडरों को लेकर जजपा नेता की BJP की नप चेयरपर्सन माफी ढांडा के पति मलकीत ढांडा से बहस हो गई। जजपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके योगेश शर्मा ने नप की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए। वे बुधवार को नप कार्यालय में पहुंचे थे। यहां योगेश शर्मा और मलकीत ढांडा के बीच नप के कामों को लेकर काफी सवाल जवाब हुए। योगेश शर्मा ने शहर के विकास के लिए लगे टेंडर में धांधली और नालों की सफाई नहीं होने के आरोप जड़े। तो वहीं मलकीत ढांडा ने फाइल दिखाकर उनके आरोप का जवाब दिया। ढांडा से पूछा- यहां दो कुर्सियां कैसे ? योगेश शर्मा ने प्रतिनिधि मलकीत ढांडा से पूछा कि यहां कार्यालय में दो कुर्सियां क्यों पड़ी हैं? अगर पार्षद प्रतिनिधि नहीं आ सकता, तो आपको भी यहां आने का कोई अधिकार नहीं है। आपको किसी का कोई लेटर निकालने और अधिकारियों को धमकाने का कोई राइट नहीं है। हर साल बिगड़ रहे हालात- योगेश शर्मा पत्रकारों से बातचीत में योगेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में हर साल बरसात के दौरान हालात बिगड़ जाते हैं। कई कॉलोनियों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। कॉलोनियों में पानी भर जाता है। वे खुद अपने सेक्टर-3 में किश्ती चला चुके हैं। जलभराव की सबसे बड़ी वजह नालों की सफाई नहीं होना है। हर साइन पर 2 परसेंट कमीशन देनी पड़ती है योगेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद के टेंडरों में ठेकेदार 40 परसेंट तक कम रेट पर काम लेने को तैयार हो जाते हैं। अब सवाल उठता है कि इतने कम रेट में क्वालिटी वाला काम कैसे होगा। आरोप लगाया कि इसके बाद ठेकेदारों को हर फाइल पर 2 परसेंट कमीशन भी देना पड़ता है। एक साल में सफाई के दो-दो टेंडर, फिर भी नाले गंदे योगेश शर्मा ने आरोप लगाया कि एक साल के अंदर नालों की सफाई के लिए दो बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन आज भी शहर में कहीं भी नालों की सही तरीके से सफाई दिखाई नहीं देती। यह सफाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। अगर कोई भी व्यक्ति शहर में निकलकर देखे तो किसी भी नाले की सही सफाई नहीं मिलेगी। बोले- पूरे शहर का दौरा करा दो, हर गटर दिखाऊंगा अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे उन्हें शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक लेकर चलें। जहां जरूरत होगी, वे खुद गटर उठाकर दिखाने को तैयार हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद शहर की हालत नहीं बदली। इसलिए जब भी अधिकारी बातचीत के लिए आएं तो अपने साथ पूरा रिकॉर्ड लेकर आएं। सफाई पर खर्च का रिकॉर्ड करें सार्वजनिक योगेश शर्मा ने मांग की कि पिछले एक साल में सफाई के लिए किस ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान किया गया, इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। इससे लोगों को भी पता चल जाएगा कि कागजों में कितना काम दिखाया गया और जमीन पर वास्तव में कितना काम हुआ। वकील को अपनी जेब से बनानी पड़ी गली योगेश शर्मा ने कहा कि शहर की बदहाल व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि एक वकील को अपनी गली खुद अपने पैसे से बनवानी पड़ी। आज तक कोई अधिकारी यह पूछने तक नहीं पहुंचा कि ऐसी नौबत क्यों आई। इससे साफ पता चलता है कि अधिकारी जनता की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं। इन सबकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए आरोप लगाया कि जहां-जहां फाइल पर साइन होते हैं, वहां कमीशन देना पड़ता है। शहर के अधिकांश बुनियादी काम नगर परिषद के जिम्मे हैं। अगर नगर परिषद ही अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएगी तो शहर की हालत कभी नहीं सुधरेगी। सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, सड़क निर्माण और टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। काम नहीं करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर रहे- ढांडा उधर, नप की चेयरपर्सन के पति मलकीत ढांडा ने योगेश शर्मा के सवालों का जवाब भी दिया। वे बीच-बीच में उनके सवाल का जवाब देते रहे। उन्होंने कहा कि काम नहीं करने वाले ठेकेदारों का ब्लैकलिस्ट भी किया गया। शरह में नालों की सफाई का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नालों की सफाई का काम काफी समय से चल रहा है। कई बार किसी ना किसी कारण दिक्कत आ जाती है। वे खुद अधिकारियों को साथ लेकर फील्ड जाते हैं। शहर के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण गोंडा-अयोध्या को जोड़ने वाला ढेमवाघाट मार्ग आज बुधवार शाम 4 बजे पूरी तरह बंद हो गया। जलस्तर बढ़ने से मार्ग पर पानी आ गया है, जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। अब लोगों को आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था का इंतजार है। इस मार्ग के बंद होने से लाखों लोगों को परेशानी होगी। यह समस्या बाढ़ खत्म होने तक बनी रह सकती है। दरअसल, ढेमवाघाट पुल 4 साल पहले 2022 में आई भीषण बाढ़ में टूट गया था। चार साल बीत जाने के बाद भी यहां स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। कैसरगंज के बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह के अनुरोध पर यहां एक पीपा पुल का निर्माण किया गया था, जिससे लोग अयोध्या और गोंडा के बीच आवाजाही कर रहे थे। हालांकि, बढ़ते जलस्तर के कारण अब इस पीपा पुल को भी हटाया जा रहा है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय लोग अब नाव चलाने की मांग कर रहे हैं। यह मार्ग प्रतिदिन लाखों लोगों द्वारा व्यापार, शिक्षा और लखनऊ आने-जाने के लिए उपयोग किया जाता था। स्थानीय निवासी दिनेश और प्रदीप ने बताया कि काफी लंबे समय से हम लोग मांग कर रहे हैं जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ता है फिर हम लोगों का आवागमन पूरी तरीके से बंद हो जाता है हम लोगों को ज्यादा दूरी तय करके अयोध्या जाना पड़ता है। नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पानी बढ़ने के कारण मार्ग बंद कर दिया गया है। मानसून करीब आने और घाघरा नदी में पानी छोड़े जाने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नाव की व्यवस्था होने के बाद ही लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ-जा सकेंगे।
झालावाड़ में 11 और 13 जुलाई को दो महत्वपूर्ण आयोजन होंगे। 11 जुलाई को सैनिक विश्राम गृह में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा, जबकि 13 जुलाई को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन होगा। दोनों आयोजनों का उद्देश्य क्रमशः पूर्व सैनिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। पूर्व सैनिकों के लिए समस्या समाधान शिविर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, कोटा के तत्वावधान में 11 जुलाई को प्रातः 11 बजे झालावाड़ के सैनिक विश्राम गृह में समस्या समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें जिले के सभी पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं (विधवाएं) और उनके आश्रित भाग ले सकेंगे। शिविर का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। साथ ही उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने सभी पेंशनरों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं से अपील की है कि वे शिविर में डिस्चार्ज बुक, पीपीओ, पहचान पत्र तथा अन्य आवश्यक मूल दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया जा सके। 13 जुलाई को लगेगा पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेला कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 13 जुलाई को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), झालावाड़ में पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें विभिन्न प्रतिष्ठानों और उद्योगों द्वारा युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। अभ्यर्थी ये दस्तावेज लेकर पहुंचें आईटीआई के उपनिदेशक पीसी गुप्ता ने बताया कि मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा की तीन प्रतियां, तीन पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो, आधार कार्ड, दसवीं की अंकतालिका, आईटीआई उत्तीर्ण की अंकतालिका तथा प्रमाण-पत्र की छायाप्रतियां लेकर आना अनिवार्य होगा। मौके पर पंजीयन के बाद अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। देहदान करने वाले परिवारों का सम्मान, मेडिकल कॉलेज ने जताया आभार झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को प्राप्त देहदान के लिए देहदानी परिवारों तथा देहदान जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शाइन इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों का जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मान किया। कार्यक्रम संयोजक एवं मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि सम्मान समारोह में स्व. गिरधरी मोटवानी (भवानीमंडी), स्व. राजरानी अदलक्खा (छीपाबड़ौद), डॉ. जे.एल. लोढ़ा (झालावाड़) तथा मानव प्रभु के देहदान के लिए उनके परिजनों एवं संबंधित संस्थाओं को अभिनंदन-पत्र प्रदान किए गए। समारोह का उद्देश्य देहदान जैसी मानवीय पहल को प्रोत्साहित करना और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
नागौर में एक किसान ने कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दे दी। किसान ने आरोप लगाया कि कोर्ट स्टे के बावजूद उसके खेत की तारबंदी तोड़कर रास्ता निकाल दिया गया। उसने प्रशासन पर आरोपी के साथ मिलीभगत करने के आरोप लगाए। बुधवार को किसान कलेक्ट्रेट पहुंचा और ज्ञापन दिया। जिले के खींवसर उपखंड के गांव हमीराणा गांव के किसान अर्जुन पुत्र मोहनराम राव ने ज्ञापन में बताया- गांव में मेरी खातेदारी की जमीन (खसरा नंबर 903 और 904) में पड़ोसी खातेदार सवाई सिंह काफी समय से रास्ता देने की मांग कर रहा था। मैं और मेरा परिवार मजदूरी के लिए हिमाचल प्रदेश गए हुए थे, इसी दौरान सवाई सिंह ने मिलीभगत कर रास्ता घोषित करा लिया। इसके बाद मैंने उपखंड अधिकारी के आदेश के खिलाफ राजस्व अपील प्राधिकारी (नागौर) में अपील दायर की। वहां से 29 जून 2026 को आदेश की पालना पर स्थगन (स्टे) मिल गया। इसके बावजूद प्रशासनिक अमला, पुलिस और जेसीबी मशीन के साथ सवाई सिंह मौके पर पहुंचा और खेत में खड़ी फसल नष्ट कर दी। मेरे खेत की तारबंदी उखाड़ दी और पट्टियां भी तोड़ दी। पीड़ित किसान ने चेतावनी दी कि यदि मामले का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ तो वह जिला मुख्यालय पर आत्मदाह करने को मजबूर होगा। धमकाने-झूठे प्रकरण दर्ज कराने का आरोप किसान ने बताया- कार्रवाई का विरोध किया तो महिलाओं-बच्चों की बात भी नहीं सुनी गई। उन्हें जेल भेजने की धमकी दी। झूठी शिकायत के आधार पर हमें पाबंद कर नोटिस जारी कर दिया। पुलिस के जरिए भी दबाव बनाया। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग पीड़ित ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उसने कहा- दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सीनियर सेकेंडरी (12वीं) कंपार्टमेंट/अतिरिक्त विषय/अंक सुधार विषय की एक दिवसीय परीक्षा 9 जुलाई को एवं सेकेंडरी (10वीं) कंपार्टमेंट (E.I.O.P)/अतिरिक्त विषय/अंक सुधार विषयों की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई तक होंगी। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में कुल 95 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा का समय 2 बजे से 5 बजे तक रहेगा। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर धूपड़ एवं सचिव मुनीश शर्मा ने बताया कि 12वीं कंपार्टमेंट/अतिरिक्त विषय/अंक सुधार विषय की परीक्षा में 24 हजार 888 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे, जिनमें 15676 छात्र तथा 9212 छात्राएं शामिल हैं। 10वीं कंपार्टमेंट(E.I.O.P.)/अतिरिक्त विषय /अंक सुधार की परीक्षा में 25 हजार 979 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। जिसमें 16,269 छात्र तथा 9,710 छात्राएं शामिल हैं। फोटो स्टेट दुकानें रहेंगी बंदपरीक्षा के लिए 22 प्रभावी उड़नदस्तों (फ्लाइंग) का गठन किया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास परीक्षा के दौरान धारा-163 लागू रहेगी। परीक्षा वाले दिन शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए गए सभी परीक्षा केंद्र भवनों के आसपास 500 मीटर की परिधि तक फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे। सभी परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साइज पेपर पर ही प्रिंट करें। परीक्षार्थी आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किए गए रंगीन फोटो को प्रवेश-पत्र पर चिपकाते हुए किसी सरकारी/गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्राचार्य/मुख्याध्यापक या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाएं। प्रवेश-पत्र एवं मूल आईडी कार्ड/आधार कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र को लेमिनेशन न करवाएं, क्योंकि प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं। परीक्षा से 30 मिनट पहले पहुंचेउन्होंने बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर व स्मार्ट वॉच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देना एक दंडनीय अपराध है, यदि इस तरह का कोई परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पर पाया जाता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
ललितपुर में शिक्षक कैशलेस योजना का शुभारंभ:प्रतीकात्मक कार्ड देकर शिक्षकों को किया गया सम्मानित
ललितपुर में बुधवार दोपहर 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ किया गया। कल्याण सिंह सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन और सांसद प्रतिनिधि अनिल पटेरिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ से मुख्यमंत्री के लाइव प्रसारण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के तहत जनपद के हजारों शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कुल 3848 शिक्षक, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल के 5 शिक्षक, अशासकीय मान्यता प्राप्त स्ववित्त पोषित विद्यालयों के 3973 शिक्षक, 1360 शिक्षामित्र, 528 अनुदेशक और केजीबीवी के 82 कर्मी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इसके बाद, जिला विद्यालय निरीक्षक ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथियों ने शिक्षिका अंजुम स्वामी के परिवार, अनुदेशक अरविंद पंथ के परिवार, तथा शिक्षकों विकास राजपूत, अंकित सोनी, रामनरेश झां, साजदा बानो, अंशुल गुप्ता, अशोक कुमार, शिक्षामित्र और राघवेंद्र अनुदेशक को प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
पलवल पुलिस ने ढाबे के कर्मचारी की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर ढाबा संचालक से मारपीट के बाद कर्मचारी पर जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली है। शहर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि मिशन कम्पाउंड सोहना रोड निवासी विपिन दयाल उर्फ राजा ने शिकायत दर्ज कराई थी। विपिन रसूलपुर चौक पर रॉयल नाम से ढाबा चलाते हैं। शिकायत के अनुसार, 18-19 जून की रात को जब विपिन अपना ढाबा बंद कर रहे थे, तभी भमरोला जोगी (हाल कुशलीपुर) निवासी पालेन्दर उर्फ पाले और उसका साथी गौरव निवासी रसूलपुर रोड एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में ढाबे पर पहुंचे। दोनों शराब के नशे में थे और ढाबा बंद होने के बावजूद जबरन खाना मांगने लगे। ढाबा कर्मचारी पर दो बार चढ़ाई थी गाड़ी जब ढाबा संचालक ने खाना देने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने ढाबा संचालक विपिन और उसके कर्मचारी रंजीत निवासी बिहार के साथ लात-घूसों से मारपीट की। इसके बाद, आरोपी पालेन्दर उर्फ पाले ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को घायल रंजीत के ऊपर दो बार आगे-पीछे करके चढ़ा दिया। इस घटना में रंजीत की रीढ़ की हड्डी, कमर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इलाज के दौरान 19 जून को घायल कर्मचारी रंजीत की मृत्यु हो गई। शहर थाना की भवनकुंड चौकी प्रभारी संजय कुमार की टीम ने हत्या के मुख्य आरोपी पालेन्दर उर्फ पाले को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस फरार साथी के बारे में पूछताछ करेगी।
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में मुड़गांव के प्रधान सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान हुई मारपीट और फायरिंग में दो लोगों को गोली लगी थी, जबकि कुल सात लोग घायल हुए थे। पुलिस ने बुधवार दोपहर 2: 30 बजे इस मामले में प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। यह घटना 6 जुलाई को मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गैसिंगपुर में हुई थी। आरोप है कि मुड़गांव के प्रधान रामनारायण अपने समर्थकों के साथ ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर रहे थे। निसाई के प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र और उनके बेटों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद रामनारायण और उनके समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। सात लोग हमले में हुए थे घायल हमले में लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया और पिस्टल से फायरिंग भी की गई। फायरिंग में सत्येंद्र के एक बेटे और राहुल को गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। निसाई के प्रधानपति सत्येंद्र के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनका कानपुर में इलाज चल रहा है। कुल सात लोग इस हमले में घायल हुए थे। निसाई की प्रधान गीता देवी की शिकायत पर पुलिस ने पांच नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी रामनारायण, उनके बेटे मनीष, अजीत, रामनरेश और शिव नरेश को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बुधवार दोपहर 2:30 बजे एक प्रेस वार्ता में बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपी एक ही परिवार के हैं। उन्होंने बताया कि साक्ष्य संकलन के बाद पांचों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।इनके पास से घटना में प्रयुक्त जो लाइसेंसी असलहा था वह बरामद हुआ है तथा घटना में प्रयुक्त डंडे आदि बरामद हुआ है। बताया गिरफ्तार किए गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
संभल में बच्चों ने बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया है। यह पहल 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' अभियान के तहत बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय शहवाज़पुर में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में की गई। जिला प्रशासन और प्रयत्न संस्था के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में बच्चों को बाल अपराधों को रोकने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया गया। बच्चों ने शपथ ली कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी नाबालिग की शादी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर इसकी सूचना देंगे। प्रयत्न संस्था के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने जोर दिया कि वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब समाज का हर वर्ग मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने बच्चों से अपने परिवार और पड़ोसियों को भी जागरूक करने की अपील की। फील्ड कोऑर्डिनेटर सिराज अहमद ने बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और बाल अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे के साथ होने वाले शोषण या अपराध की समय पर जानकारी देना कई जिंदगियों को बचा सकता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय इंचार्ज मौ. जीशान, शिक्षक महा सिंह, सचिन कुमार, विजय पाल सिंह, फरमान हुसैन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शगुफ्ता सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने बाल अपराध मुक्त सम्भल बनाने और समाज से बाल विवाह, बाल मजदूरी व बाल तस्करी जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प दोहराया।
जबलपुर में संपत्ति विवाद के चलते एक बुजुर्ग महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। अधारताल निवासी मुन्नी बाई चक्रवर्ती ने अपनी बड़ी बहू, पोते और बहू के भाई पर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। बुधवार को मुन्नी बाई एसपी कार्यालय पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग की। मुन्नी बाई ने बताया कि पति के निधन के बाद से उनकी बड़ी बहू कलावती चक्रवर्ती संपत्ति के बंटवारे को लेकर लगातार विवाद कर रही है। बहू चाहती है कि वह मकान उसके नाम कर दें, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह ब्लड प्रेशर और शुगर की मरीज हैं तथा घर में अकेली रहती हैं। उनकी छोटी बहू पहले ही घर छोड़कर जा चुकी है। घर में घुसकर तोड़फोड़, हथियार लेकर पहुंचे मुन्नी बाई के मुताबिक, 6 जुलाई को उनकी बड़ी बहू कलावती चक्रवर्ती, पोता अभिषेक चक्रवर्ती और बहू का भाई प्रमोद चक्रवर्ती कुछ अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि पहले घर में तोड़फोड़ की गई, इसके बाद तलवार और पिस्तौल लेकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी लोग उनका मकान हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने अधारताल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी से परेशान होकर वह बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि वह वृद्ध हैं और बीपी व शुगर की मरीज होने के कारण खुद की सुरक्षा नहीं कर सकतीं। इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि आधारताल थाना पुलिस ने प्राप्त साक्ष्यों की जांच के आधार पर आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कानपुर में बुधवार सुबह करीब 7 बजे एक युवक ने बगीचे में नीम के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले युवक ने पेड़ के नीचे जमीन पर राम-राम लिखा। पिता और पत्नी को भी आत्महत्या करने की जानकारी दी। इसके बाद फंदे से लटककर जान दे दी। सूचना मिलते ही परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सुसाइड के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। मामला साढ़ थाना क्षेत्र खदरी गांव के पास एक बगीचे का है। मिट्टी पर लिखा 'राम-राम', फिर लगाया फंदा खदरी गांव के रहने वाले शशि कुमार पाल (35) तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसकी शादी हो चुकी थी। एक 2 साल की बेटी मान्या है। शशि कुमार पर बुधवार सुबह घर से निकले थे। बगीचे में पहुंचकर नीम के पेड़ के नीचे मिट्टी पर राम-राम लिखा। इसके बाद उन्होंने परिजनों को फोन कर कहा कि मैं जान देने जा रहा हूं और फिर फोन काट दिया। परिजनों ने तलाश की तो पेड़ से लटका मिला परिजनों ने तलाश शुरू की तो कुछ देर बाद शशि का शव नीम के पेड़ से नायलॉन की रस्सी के सहारे लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि आत्महत्या के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद देवेश शाक्य की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बुधवार शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, अमापुर विधायक हरिओम वर्मा, पटियाली विधायक नादिरा सुल्तान, विधान परिषद सदस्य रजनीकांत माहेश्वरी और जिलाधिकारी प्रणय सिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगर विकास, पशुपालन और कौशल विकास सहित कई विभागों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। सांसद ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने पर भी जोर दिया। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, सिंचाई व्यवस्था, फसल बीमा, मंडी सुविधाओं, पशु चिकित्सा सेवाओं और नगर निकायों की स्वच्छता से संबंधित मुद्दे उठाए। संबंधित अधिकारियों को इन सभी शिकायतों और सुझावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने और अगली बैठक में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने आश्वस्त किया कि दिशा समिति की बैठक में सांसद द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
मऊ में प्रांतीय चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ की द्विवार्षिक कार्यकारिणी (2026-28) का गठन बुधवार को हुआ। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में हुए चुनाव में डॉ. मार्कण्डेय यादव को अध्यक्ष और डॉ. बलवन्त कुमार को सचिव चुना गया। चुनाव प्रक्रिया दोपहर 3:30 बजे मुख्य चिकित्साधिकारी की देखरेख में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीणाकांत यादव और चुनाव पर्यवेक्षक डॉ. किसान बहादुर यादव व डॉ. राजेश यादव ने इसकी निगरानी की। नई कार्यकारिणी में डॉ. मार्कण्डेय यादव अध्यक्ष, डॉ. बलवन्त कुमार सचिव, डॉ. अमित सिंह उपाध्यक्ष और डॉ. विनोद कुमार वर्मा कोषाध्यक्ष चुने गए। सभी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया अन्य पदाधिकारियों में डॉ. सुजीत कुमार को आय-व्यय निरीक्षक, डॉ. नवनीता बसाक को सचिव (प्रचार एवं वैज्ञानिक संगोष्ठी), डॉ. सृष्टि सिंह को संगठन सचिव और डॉ. फूलचन्द को सचिव (प्रेस) का दायित्व सौंपा गया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 10 सदस्यों में से 9 सदस्य उपस्थित थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने नवगठित कार्यकारिणी के समर्थन में हस्ताक्षर किए और सर्वसम्मति से पदाधिकारियों के चयन का अनुमोदन किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मार्कण्डेय यादव और सचिव डॉ. बलवन्त कुमार ने सभी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी चिकित्सकों के हितों की रक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और संगठन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करेगी। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान, आपसी समन्वय और जनहित से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगा। चुनाव कार्यवाही पूरी होने के बाद इसकी प्रति मुख्य चिकित्साधिकारी मऊ और प्रांतीय चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को भेजी गई। नई कार्यकारिणी के गठन पर जनपद के चिकित्सकों ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रयागराज में बारिश के बीच करंट से दो लोगों की मौत हो गई। बहरिया थाना क्षेत्र के खालसा गांव में खेत में करंट उतरने से युवक और किशोर चपेट में आ गए। करंट लगने से खेत में तड़प दोनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 14 साल के अर्पित पुत्र सुरेंद्र कुमार तथा कमलेश कुमार पुत्र सीताराम (उम्र लगभग 29 वर्ष) के रूप में हुई है।बुधवार शाम पांच बजे दो लोगों की मौत से हंगामा मच गया। ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने पहुंच लोगों को शांत कराया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खबर अपडेट की जा रही है …
सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना शुरू:5 लाख तक मुफ्त इलाज, छात्रों को डीबीटी लाभ
सिद्धार्थनगर में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना से प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। साथ ही, 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। इसके अतिरिक्त, 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सिद्धार्थनगर के रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शिक्षकों की उपस्थिति में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद जगदंबिका पाल, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सांसद जगदंबिका पाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी की है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित अब 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवार को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दुर्घटना की स्थिति में सामाजिक सुरक्षा और बीमा का लाभ भी उपलब्ध होगा। पाल ने इस दिन को प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक बताया, क्योंकि सरकार ने शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा दोनों प्रदान की हैं।
मथुरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बुधवार दोपहर 2 बजे डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, बल्देव विधायक पूरन प्रकाश और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लाभार्थियों को कार्ड सौंपे। कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योजना शुभारंभ का लाइव प्रसारण भी देखा गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए योजना की शुरुआत की। साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए। शिक्षकों को सौंपे गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, विधायक पूरन प्रकाश, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति और जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण देखा कार्यक्रम में वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। मंत्री बोले- शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्राथमिकता गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि शिक्षकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह योजना गंभीर बीमारियों के उपचार में शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी। विकसित भारत-2047 में शिक्षकों की अहम भूमिका बल्देव विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान को लेकर लगातार काम कर रही है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि इस योजना से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, केजीबीवी स्टाफ, रसोइये और उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 7,832 शिक्षक एवं कर्मियों और उनके 39,160 परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,256 शिक्षक एवं कर्मियों तथा उनके 6,280 परिवार भी इस योजना से लाभान्वित होंगे।
कुशीनगर के दुदही ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में स्कूली बच्चों से नई पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वाहन में लोडिंग कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे नई किताबों के बंडल उठाकर वाहन तक ले जाते और उन्हें लोड करते दिखाई दे रहे हैं। जबकि नियमानुसार बीआरसी से परिषदीय विद्यालयों तक पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। इसके बावजूद विद्यालय में पढ़ने आए बच्चों से यह कार्य कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा ग्रहण करने आए बच्चों से इस प्रकार का श्रम कराना न केवल अनुचित है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों का समय पढ़ाई के लिए होना चाहिए, न कि किताबों की ढुलाई जैसे कार्यों में। मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि वह घटना के समय एक बैठक में थीं। उन्होंने कहा कि बीआरसी तक किताबें पहुंचाने और वहां से विद्यालयों तक वितरण कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की गहन जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित फर्म की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और शैक्षिक सत्र की डीबीटी योजना का शुभारंभ किया गया। जनपद स्तरीय यह कार्यक्रम देवरिया क्लब में आयोजित हुआ, जिसका सीधा प्रसारण वाराणसी स्थित हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम थीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य सहित शिक्षा विभाग व प्रशासन के कई अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में परिषदीय विद्यालयों के भौतिक संसाधनों, शैक्षणिक गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इसी के साथ शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए डीबीटी योजना का भी शुभारंभ किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना की रूपरेखा और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े सभी पात्र कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
फैमिली आईडी में त्रुटियां दूर करने का विकल्प शुरू:कैथल एडीसी बोले-शिकायत दें, मौके पर ही होगा समाधान
कैथल में फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं से परेशान लोगों को अब जल्द ही राहत मिलेगी। लोगों को इन समस्याओं से निजात पाने के लिए सरकारी कार्यालयों और सीएससी सेंटरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब फैमिली आईडी में आने वाली कई तरह की शिकायतों को तुरंत ठीक करने का विकल्प उपलब्ध हो गया है। गलत बिजली कनेक्शन दर्ज होना, फैमिली आईडी में गलत सदस्य जुड़ जाना, पेंशन संबंधी त्रुटियां और अन्य कई समस्याओं का समाधान अब मौके पर ही किया जा रहा है।इन शिकायतों का तेजी से निपटारा होगा। कर्मचारियों को दिए निर्देश एडीसी कैथल डॉ. सुशील मलिक ने कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें रोजाना पहुंच रही थी, जिनमें फैमिली आईडी में काफी त्रुटियां सामने आ रही थी। इन्हीं पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया गया। अब सरकार ने इस प्रकार की त्रुटियों को ठीक करने का विकल्प दे दिया है। लाभ से रहना पड़ रहा वंचित बता दें कि फैमिली आईडी में त्रुटियां होने पर लोगों पर सरकार द्वारा दी जानी वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में लोग कभी सीएससी केंद्रों तो कभी एडीसी कार्यालय में कर्मचारियों के पास चक्कर लगा रहे थे। अब त्रुटियों को दूर करने का विकल्प मिलने के बाद जहां लोगों की समस्या का समाधान होगा, वहीं लोगों को चक्कर काटने से भी छुटकारा मिलेगा। लोगों से की अपील कैथल ADC डॉ. सुशील मलिक ने लोगों से अपील की है कि यदि उनकी फैमिली आईडी में किसी भी प्रकार की त्रुटि है तो वे संबंधित कार्यालय में संपर्क कर उसे ठीक करवा सकते हैं। एक ही बार में संबंधित दस्तावेजों के आधार पर त्रुटियों को ठीक कर लोगों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
बैतूल के चर्चित महदगांव हत्याकांड में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने चार साल बाद फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश रईस खान ने चिकू उर्फ प्रियेश चौबे, माया चौबे और रितेश सोनारे को हत्या, हत्या के प्रयास और घर में घुसकर हमला करने का दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर दो-दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास, धारा 307/34 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास तथा धारा 450 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मोबाइल नंबर को लेकर शुरू हुआ विवाद अभियोजन के अनुसार, घटना 14-15 मार्च 2022 की रात की है। फरियादी मीनाक्षी उइके का परिवार रात में भोजन के बाद सो गया था। इसी दौरान आरोपी चिकू उर्फ प्रियेश चौबे ने अपने साथी राहुल के माध्यम से मीनाक्षी को फोन कराया और एक युवती का मोबाइल नंबर मांगा। मीनाक्षी के इनकार करने पर आरोपी ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। रात करीब एक बजे चिकू अपने साथियों के साथ मीनाक्षी के घर पहुंचा। आरोपियों ने पहले खिड़की पर पत्थर मारकर परिवार को जगाया और फिर घर में घुसकर हमला कर दिया। माया चौबे ने लोकेश का कॉलर पकड़ लिया, जबकि रितेश सोनारे ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में छोटू उर्फ सरयाम के गले पर चाकू लगने से उसकी मौत हो गई, जबकि लोकेश और सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध घटना के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना पूरी की तथा न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र के ग्राम खेतार में जंगल से पुटु (मशरूम) तोड़ने गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की मौत बिच्छू के डंक से हुई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। जानकारी के अनुसार, करतला के रामपुर निवासी नंदलाल मँझवार (32) अपनी पत्नी के साथ ससुराल ग्राम खेतार आए हुए थे। मंगलवार (7 जुलाई) दोपहर बारिश रुकने के बाद दोनों जंगल में पुटु (मशरूम) तोड़ने गए। इसी दौरान नंदलाल ने पत्नी को बताया कि उन्हें किसी जहरीले जीव, संभवतः बिच्छू ने डंक मार दिया है। झाड़-फूंक में गंवाया समय दोनों घर लौटे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। नंदलाल की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों ने गांव के बैगा से झाड़-फूंक और टोना-टोटका कराया। देर शाम उनकी हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। बिजली और नेटवर्क नहीं होने से नहीं मिली मदद ग्रामीणों के अनुसार, कई दिनों से गांव में बिजली आपूर्ति बंद थी, जिससे मोबाइल फोन भी बंद पड़े थे। इसी कारण परिजन 112 या एंबुलेंस सेवा से संपर्क नहीं कर सके और झाड़-फूंक का सहारा लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना की सूचना मिलने पर बालको पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत बिच्छू के डंक से हुई या किसी अन्य कारण से। ग्रामीणों ने उठाई सुविधाओं की मांग घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में लोगों को समय पर इलाज मिल सके और उन्हें अंधविश्वास का सहारा न लेना पड़े।
अमृतसर में 13 कनाल जमीन विवाद में जानलेवा हमला:चचेरे भाई ने चलाईं गोलियां, BMW गाड़ी समेत 3 गिरफ्तार
अमृतसर के राजासांसी इलाके में 13 कनाल जमीन का विवाद उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया, जब एक ही परिवार के सदस्यों के बीच कथित तौर पर जानलेवा हमला हो गया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने अपने ही रिश्तेदारों पर गोली चलाने, मारपीट करने और बुजुर्ग महिला से बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। BMW ने रोकी कार, रास्ते में हमला पीड़ित गुरजीत सिंह, जो मोगा के दशमेश नगर का रहने वाला है, ने बताया कि वह अपनी दादी और अन्य परिजनों के साथ अपने पैतृक गांव कुहाला जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में काली फिल्म लगी एक BMW कार ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और गांव कुक्कड़ांवाली के पास उनकी कार को रोक लिया। गुरजीत सिंह का आरोप है कि उसके चाचा का बेटा ईश्वरजोत सिंह, जो खुद को हाई कोर्ट का वकील बताता है, ने रिवॉल्वर से उस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। गुरजीत का दावा है कि वह बाल-बाल बच गया और परिवार की मदद से हथियार छीनकर तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान गुरजीत के पिता की पगड़ी उतारकर उनकी दाढ़ी खींची गई, जबकि उसकी बुजुर्ग दादी सुखवंत कौर के साथ धक्का-मुक्की की गई। परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार समझौते के लिए धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को अब भी खतरा बना हुआ है। तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी उधर, राजासांसी थाना पुलिस के एसएचओ हरजीत सिंह के अनुसार, गुरजीत सिंह के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने ईश्वरजोत सिंह, उसके पिता जसपाल सिंह और उनके निजी गनमैन यादविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई काली फिल्म लगी BMW कार भी कब्जे में ले ली गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
पलवल एसटीएफ यूनिट ने ई-कॉमर्स कंपनियों के ट्रकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है। उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह बिहार के अररिया जिले में एक गंभीर मामले में वांछित था। आरोपी को गुप्त सूचना पर नूंह से पकड़ा गया। एसटीएफ यूनिट पलवल के प्रभारी अनिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नईम, जो नूंह के सतपुतिया गांव का निवासी है, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के कीमती सामान ले जाने वाले ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का संचालन करता था। वह ट्रक चालकों की मिलीभगत से वारदातों को अंजाम देता था। 10 से 15 वारदातों में रहा शामिल नईम लूटे गए सामान को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से ठिकाने लगवाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 10 से 15 वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें से कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2023 में फरीदाबाद के सेक्टर-58 थाने में दर्ज एक ट्रक लूट के मामले में भी करीब तीन साल से फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। बिहार पुलिस उससे आगे की पूछताछ करेगी, ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में PAT 2023-24 की मेरिट लिस्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। तीन जुलाई को जारी मेरिट लिस्ट में कथित गड़बड़ी, रोस्टर नियमों के उल्लंघन और मेधावी छात्रों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए संयुक्त छात्र संगठनों ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। छात्र नेताओं ने कुलपति पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों ने गुरुवार दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की है। एफआईआर के बाद और तेज हुआ आंदोलन PAT मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद से छात्र संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में संयुक्त छात्र संगठन के प्रतिनिधि कुलपति से मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे थे। इस दौरान हुए विवाद के बाद कुलसचिव के लिखित आवेदन पर छात्र नेता डॉ. चंदन यादव सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राथमिकी में बिना अनुमति कुलपति आवास परिसर में प्रवेश करने और कुलपति से अमर्यादित भाषा में बातचीत करने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद छात्र संगठनों ने इसे आंदोलन दबाने की कोशिश बताते हुए विरोध और तेज करने का निर्णय लिया है। ‘रोस्टर नियमों की अनदेखी कर तैयार की गई मेरिट लिस्ट’ विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छात्र नेता डॉ. चंदन यादव ने कहा कि PAT 2023-24 की मेधा सूची तैयार करने में रोस्टर नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गोल्ड मेडलिस्ट और टॉपर छात्रों को मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने चहेते लोगों को सूची में जगह दी है। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। छात्र संगठनों ने शुरू से ही इस मेरिट लिस्ट का विरोध किया था और इसका बहिष्कार भी किया था। कुलपति पर लगाए गंभीर आरोप प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेताओं ने कुलपति पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय आंदोलन करने वालों पर मुकदमे दर्ज करा रहा है। डॉ. चंदन यादव ने आरोप लगाया कि इतिहास और भूगोल विभाग के कई मेधावी और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को भी मेरिट सूची से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी व्यवस्था समाप्त होती जा रही है और छात्रों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है। गोल्ड मेडलिस्ट कल से बैठेंगे अनशन पर संयुक्त छात्र संगठनों ने घोषणा की कि यदि विवादित मेरिट लिस्ट वापस लेकर रोस्टर के अनुसार नई सूची जारी नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट छात्र गुरुवार दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच कर मेरिट लिस्ट में हुई कथित गड़बड़ियों को दूर नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग की छात्र संगठनों ने मांग की है कि PAT 2023-24 की पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए, रोस्टर नियमों का पालन करते हुए नई मेरिट लिस्ट जारी की जाए और आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
हाथरस में पुलिस ने भाई की हत्या के आरोपी युवक को आज बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुनील कुमार ने पैसों के विवाद में अपने भाई राजेश कुमार की डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है। घटना 19 जून को हसायन थाना क्षेत्र के खेड़ा सुल्तानपुर गांव में हुई थी। मृतक राजेश कुमार के बेटे दीपक कुमार ने 20 जून को हसायन थाने में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया था कि 19 जून को उनके पिता राजेश अपने दोस्तों के साथ न्योता खाने जा रहे थे, तभी चाचा सुनील ने उनके सिर पर चौखट की लकड़ी (डंडे) से वार कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे आरोपी सुनील कुमार पुत्र भुजवीर सिंह को गांव हुसैनपुर, सिकंदराऊ-अलीगढ़ मार्ग के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी खेड़ा सुल्तानपुर, थाना हसायन का निवासी है। पूछताछ में आरोपी सुनील कुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 19 जून की रात करीब 8 बजे वह अपने घर पर था, तभी उसका भाई राजेश कुमार पैसों को लेकर उससे गाली-गलौज करने लगा। जब सुनील ने गाली देने से मना किया, तो राजेश उससे लिपट गया। गुस्से में आकर सुनील ने राजेश को धक्का दे दिया, जिससे वह गिर गया। पास में पड़े दरवाजे की चौखट की लकड़ी (डंडे) से सुनील ने राजेश के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मध्य रेलवे के ठाकुरबाड़ी-मंकी हिल स्टेशनों के बीच हुए लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के कारण जोधपुर समेत राजस्थान से चलने वाली 2 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर कई अन्य ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द (शॉर्ट टर्मिनेट) किया गया है। दरअसल, भारी बारिश के बाद ठाकुरबाड़ी और मंकी हिल के बीच ट्रैक पर लैंडस्लाइड होने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है। जोधपुर के डीआरएम (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया- मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भगत की कोठी-गांधीधाम और गांधीधाम-भगत की कोठी ट्रेनों को रद्द रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य ट्रेनों को भी आंशिक रूप से रद्द किया गया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े। ये 6 ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी: ट्रेन नंबर 12479 (जोधपुर-बांद्रा टर्मिनस): 7 जुलाई को जोधपुर से रवाना हुई यह ट्रेन वापी से बांद्रा टर्मिनस के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी (यानी यह केवल वापी तक ही जाएगी)। ट्रेन नंबर 12480 (बांद्रा टर्मिनस-जोधपुर): 8 जुलाई को यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस के स्थान पर वापी से संचालित होगी (यानी बांद्रा टर्मिनस से वापी के बीच रद्द रहेगी और वापी से जोधपुर के लिए चलेगी)। ट्रेन नंबर 12489 (श्रीगंगानगर-दादर): 7 जुलाई को श्रीगंगानगर से रवाना हुई यह ट्रेन वापी से दादर के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी (यानी यह केवल वापी तक ही जाएगी)। ट्रेन नंबर 12490 (दादर-श्रीगंगानगर): 8 जुलाई को यह ट्रेन दादर के स्थान पर वापी से चलेगी (यानी दादर से वापी के बीच रद्द रहेगी)। ट्रेन नंबर 14707 (हनुमानगढ़-दादर): 7 जुलाई को हनुमानगढ़ से रवाना हुई यह ट्रेन केवल वलसाड तक ही संचालित होगी (यानी वलसाड से दादर के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी)। ट्रेन नंबर 14708 (दादर-हनुमानगढ़): 8 जुलाई को यह ट्रेन दादर के स्थान पर वलसाड से रवाना होगी (यानी दादर से वलसाड के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी)।
ग्वालियर जिला अस्पताल में भले ही प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हो गया हो और नए सिविल सर्जन ने कार्यभार संभाल लिया हो, लेकिन अस्पताल की कार्यप्रणाली में फिलहाल कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ी समस्या डॉक्टरों के समय पर ओपीडी में नहीं पहुंचने की है, जिसका खामियाजा हर दिन इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार-बुधवार सुबह अस्पताल की ओपीडी का निर्धारित समय 9 बजे शुरू हो चुका था। मरीज समय पर अस्पताल पहुंचकर रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची बनवाने के बाद अपने-अपने विभागों के बाहर पहुंच गए, लेकिन सुबह करीब 9:30 बजे तक कई डॉक्टरों के केबिन खाली पड़े रहे। इलाज की उम्मीद लेकर आए मरीज डॉक्टरों के इंतजार में घंटों बैठे रहे। राउंड लेने गए होंगे अस्पताल के मेडिसिन विभाग के तीनों कक्ष उस समय खाली मिले। न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टर भी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। मनोरोग विशेषज्ञ के कक्ष में भी कोई चिकित्सक नहीं मिला। दंत रोग विभाग के केबिनों पर ताले लटके हुए थे, जबकि ठीक बगल में उनकी ऑपरेशन थिएटर मौजूद है। वहीं पहली मंजिल पर संचालित नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में डॉक्टर तो दूर, कोई कर्मचारी भी दिखाई नहीं दिया। नहीं मिले डॉक्टर तो बैठ गए मरीज हालांकि इस अव्यवस्था के बीच सर्जरी विभाग से राहत भरी तस्वीर सामने आई। यहां सभी चिकित्सक समय पर अपनी सीट पर मौजूद थे और मरीजों की जांच कर रहे थे। सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को ऑपरेशन की जिम्मेदारी भी निभानी होती है, इसलिए वे नियमित रूप से समय पर पहुंचते दिखाई दिए। सर्जरी विभाग में मौजूद मिले चिकित्सक डॉक्टरों के नहीं मिलने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। पर्ची बनवाने के बाद जब वे संबंधित कक्षों तक पहुंचे तो डॉक्टरों के न मिलने पर कई मरीज नंबर छूटने के डर से केबिनों के बाहर ही बैठकर इंतजार करते रहे। अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि रोज की स्थिति है। अधिकांश विभागों में डॉक्टर देर से आते हैं और ओपीडी का समय समाप्त होने से पहले ही चले जाते हैं, जिससे मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाता। सुबह 9:30 बजे क्या मिली स्थिति इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल का कहना है कि मेडिसिन विभाग के डॉक्टर संभवतः वार्ड राउंड पर गए होंगे। उन्होंने माना कि दंत रोग विभाग के चिकित्सकों को अपनी ओपीडी में मौजूद रहना चाहिए क्योंकि उनकी ओटी वहीं स्थित है। वहीं न्यूरोसर्जरी के डॉक्टर सप्ताह में केवल एक दिन ही अस्पताल आते हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि सभी चिकित्सकों को समय पर ओपीडी में उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाएंगे और अस्पताल की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाएगा।
गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुकेश शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान विधायक मुकेश शर्मा ने शहर के समग्र विकास, जनहित के कार्यों और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों से केंद्रीय गृह मंत्री को विस्तार से अवगत कराया। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की प्रगति को लेकर काफी लंबी और सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक के दौरान विधायक मुकेश शर्मा ने गुरुग्राम की वर्तमान विकासात्मक आवश्यकताओं को केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने शहर के सर्वांगीण विकास को गति देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को मिलने वाली नागरिक सुविधाओं में सुधार करने जैसे विषयों पर एक विस्तृत रूपरेखा साझा की। विधायक ने बताया कि गुरुग्राम न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का एक प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र है, इसलिए यहाँ की बुनियादी जरूरतों और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। अमित शाह ने सभी विषयों को बेहद गंभीरता से सुना और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणास्रोतकेंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी का दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित कार्यशैली देश के प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है। उनके मार्गदर्शन में काम करना और क्षेत्र की समस्याओं को उनके सामने रखना हमेशा ऊर्जा प्रदान करता है। विकास और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकताविधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि शहर का तीव्र विकास और यहां के लोगों के हितों की रक्षा करना उनकी राजनीति और जनसेवा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा एकमात्र उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ऊर्जावान नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर जन कल्याण के कार्यों में जुटी हुई है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से गुरुग्राम में चल रहे विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने के लिए लगातार धरातल पर प्रयास किए जा रहे हैं।
कोटपूतली में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के नौ मामलों में जब्त किए गए 105 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया है। ये कार्रवाई मोहनपुरा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में की गई। मादक पदार्थों को जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में विधिक प्रक्रिया के अनुसार सीमेंट फैक्ट्री के किलन में जलाकर नष्ट किया गया। इस दौरान एसपी सतवीर सिंह भी मौजूद रहे। नष्ट किए गए ये मादक पदार्थ पुलिस थाना बहरोड़, प्रागपुरा और पनियाला के एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न प्रकरणों से संबंधित थे। इस दौरान एडिशनल एसपी नाजिम अली, डीएसपी लक्ष्मी सुथार, थानाधिकारी सरूंड यशपाल सिंह, थानाधिकारी बहरोड़ अंकित सामरिया, उपनिरीक्षक जयराम (थाना प्रागपुरा) और सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र पाठक (थाना पनियाला) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सहरसा नगर निगम कार्यालय के समक्ष बुधवार दोपहर अखिल भारतीय सफाई मजदूर संगठन के बैनर तले सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और नगर आयुक्त को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाग्र कुमार 'गब्बर' ने किया। उन्होंने बताया कि नगर निगम में सफाईकर्मियों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सौंपे गए मांग पत्र में प्रमुख रूप से फर्जी सफाईकर्मियों को हटाकर कार्य क्षमता के अनुसार वास्तविक सफाईकर्मियों की नियुक्ति करने की मांग की गई है। अन्य प्रमुख मांगों में सभी सफाईकर्मियों को हर महीने समय पर वेतन का भुगतान, सवेतन (सश्रम वेतन) नियम लागू करना, एसीपी का भुगतान सुनिश्चित करना और एनजीओ के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों के ईपीएफ का अविलंब भुगतान शामिल है। इसके अतिरिक्त, पिछले छह वर्षों से लंबित दैनिक वेतन भोगियों की अंतर राशि का भुगतान, फर्जी और गलत तरीके से की गई सुपरवाइजरों की नियुक्तियों को रद्द करने की मांग भी की गई। पेमेंट सेक्शन में कार्यरत कथित अयोग्य कर्मी मधु वर्मा को तत्काल हटाने और सफा चालकों के वेतन में उचित बढ़ोतरी की मांग भी उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो सफाईकर्मी चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सफाईकर्मी और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। सहरसा नगर निगम नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा नगर निगम 266 सफाई कर्मियों को रखा है। उनका भुगतान ससमय में किया जा चुका है। जिस एजेंसी को रखा गया है उसके द्वारा कई सफाई कर्मियों को हटाए जाने की कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना (सम्बल) के तहत लाभुकों को मिली बैटरी चालित तिपहिया साइकिलों की तकनीकी समस्याओं के समाधान और उन्हें सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की ओर से विशेष शिविरों की श्रृंखला शुरू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके आवागमन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, यह सुनिश्चित करना है। शिविरों में अधिकृत तकनीकी विशेषज्ञों की ओर से न केवल गाड़ी की गहन जांच की जा रही है, बल्कि गारंटी अवधि के अंतर्गत आने वाली खराब बैटरी और चार्जर को भी मौके पर ही मुफ्त में बदला जा रहा है। अनुमंडल स्तर पर लगेंगे कैंप प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, नालंदा के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। 8 जुलाई को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग कार्यालय में शिविर के आयोजन के बाद अब आगे की प्रक्रिया अनुमंडलों में होगी। इसी क्रम में 9 जुलाई को हिलसा अनुमंडल के सभी प्रखंडों के लाभुकों के लिए करायपरशुराय प्रखंड कार्यालय में और 10 जुलाई को राजगीर अनुमंडल के सभी प्रखंडों के लिए सिलाव प्रखंड कार्यालय में शिविर का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। इन सभी स्थानों पर शिविर का समय सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक रखा गया है। कोषांग की ओर से योजना के सभी लाभुकों को सूचित किया गया है कि यदि उनकी बैटरी चालित तिपहिया साइकिल में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी है या उनके उपकरण वारंटी के भीतर खराब हो चुके हैं, तो वे संबंधित तिथि और समय पर अपनी साइकिल और जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थल पर उपस्थित हों। प्रशासन की इस तत्परता से दिव्यांगजनों को काफी राहत मिल रही है, क्योंकि अब उन्हें अपनी साइकिल की मरम्मत के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के अंतर्गत नौ दिन में की गई विभाग वार प्रमोशन कार्यवाही का ब्यौरा तलब किया है। सीएम के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों से आज शाम तक विभागवार और पदवार पदोन्नति का विवरण सचिवालय द्वारा जारी की गई लिंक पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जल्दी ही इसकी समीक्षा करने वाले हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से कहा है कि सभी विभागों में पदोन्नति होना चाहिए और सभी वर्गों को इसका लाभ मिलना चाहिए। मंत्रालय में कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई जानकारी के उपरांत सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को अब तक की गई पदोन्नतियों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारियों को पत्र भेजकर विवरण देने कहा गया है। विभाग द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार सभी विभागों को अब तक की गई पदोन्नतियों की जानकारी निर्धारित ऑनलाइन लिंक https://tinyurl.com/pramoshandetail पर तत्काल दर्ज करनी होगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि यह जानकारी आज ही अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए। कुछ विभागों द्वारा पदोन्नति नहीं किए जाने की शिकायत दरअसल कुछ विभागों के अधिकारियों द्वारा पदोन्नति नहीं किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची है। इसके बाद पहले मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों और अफसरों को पदोन्नति के मामले में गंभीरता बरतने और सभी पदोन्नत होने वाले अफसरों, कर्मचारियों को पदोन्नत करने के लिए कहा। बाद में सीएम सचिवालय ने आज तक हुई पदोन्नति की जानकारी मांग ली है। बताया जाता है कि कई विभागों में पदोन्नति की बाट जोह रहे अफसरों और कर्मचारियों से वसूली के लिए सीनियर अफसर यह कह रहे हैं कि शिकायत आई है, इसलिए पदोन्नति नहीं हो पाएगी। इस तरह की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय एक्टिव हो गया है।
मिर्जापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे के दौरान बुधवार को कांग्रेस नेताओं को उनसे मिलने से रोक दिया गया। वे जनसमस्याओं पर ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें अष्टभुजा डाक बंगले के परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया, जहां मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक कर रहे थे। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार पटेल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री को जनपद की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे। इनमें अहरौरा और विंध्याचल टोल प्लाजा से जुड़े मुद्दे, जिले की जर्जर सड़कें, खाद की कमी, किसानों की परेशानियाँ और अन्य जनहित के मामले शामिल थे, जिनके शीघ्र समाधान की मांग की जानी थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें डाक बंगले के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। डॉ. शिवकुमार पटेल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कुछ मिनट का समय देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें नजरबंद जैसी स्थिति में रखकर अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर नहीं दिया। विपक्ष की बात सुनना सरकार का दायित्व कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की बात सुनना सरकार का दायित्व है। यदि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को भी जनता की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का अवसर नहीं मिलेगा, तो आम लोगों की आवाज कैसे सुनी जाएगी। इस घटना के दौरान नगर अध्यक्ष राजन पाठक को भी हाउस अरेस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर चित्रकूट के लिए उड़ान भरने के बाद ही कांग्रेस नेताओं को वहाँ से जाने दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में गुलाब चंद्र पांडेय, रामनाथ दुबे, कन्हैया लाल पाठक, राम लखन भारती, कैलाश प्रजापति, कपिल सोनकर, विनोद, राजकुमार पटेल, राजू, संतोष मिश्रा और अजय पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
शिवपुरी शहर के नाई की बगिया क्षेत्र में एक घर और स्टेशनरी दुकान में चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित मनीष गर्ग का आरोप है कि बदमाशों ने परिवार को बेहोश कर वारदात को अंजाम दिया। घटना के तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाई है। मनीष गर्ग ने बताया कि 4 जुलाई की रात वह परिवार के साथ घर में सो गए थे। नीचे स्थित उनकी हर्ष स्टेशनरी दुकान भी बंद थी। 5 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे उठने पर घर और दुकान का सामान बिखरा मिला। दुकान के गल्ले का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे करीब 25 हजार रुपए नकद गायब थे। सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्ध पीड़ित का दावा है कि पूरी वारदात पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में देर रात कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि बदमाश हथियारों से लैस थे और उन्होंने किसी गैस या अन्य पदार्थ का इस्तेमाल किया, जिससे पूरा परिवार गहरी नींद में सोता रहा और किसी को चोरी की भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। मनीष गर्ग ने बताया कि 5 जुलाई को उन्होंने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर मामला दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। घटना के बाद से पीड़ित परिवार भय के माहौल में है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। एडिशनल एसपी संजीव मुले ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण दौरा किया। गडकरी का काफिला सोहना से रतलाम तक निरीक्षण यात्रा पर रहा। हादसे के घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही थी, लेकिन केंद्रीय मंत्री का काफिला घटनास्थल पर नहीं रुका। करीब दो दर्जन गाड़ियों का काफिला तेज रफ्तार से घटनास्थल पार कर गया। इसके बाद करीब 35 किलोमीटर दूर डूंगरपुर इंटरचेंज पर लालसोट विधायक रामबिलास मीणा ने केंद्रीय मंत्री का 21 किलो की माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बता दें कि दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के उद्देश्य से इस निरीक्षण दौरे की घोषणा की गई थी। काफिले में डिप्टी सीएम दीया कुमारी, NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, समेत तकनीकी टीम तथा सड़क परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। देखिए- केंद्रीय मंत्री के दौरे की तस्वीरें
नई दिल्ली। देशव्यापी स्वच्छता अभियान के तहत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भाटी वार्ड में मेगा सैनिटेशन ड्राइव चलाकर धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की व्यापक सफाई कराई। अभियान के दौरान प्रसिद्ध शमी धाम मंदिर परिसर, आसपास की सड़कें, गलियां, पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाया गया तथा पूरे इलाके को साफ-सुथरा बनाया गया। अभियान की अगुवाई दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने की। वे स्वयं झाड़ू लेकर सफाई अभियान में शामिल हुए। उनके साथ असिस्टेंट कमिश्नर, स्वच्छता निरीक्षक, निगम अधिकारी और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने क्षेत्र में सफाई कार्य किया। इस दौरान स्थानीय लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया गया। नियमित सफाई एमसीडी की प्राथमिकता : डिप्टी कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने कहा कि धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई एमसीडी की प्राथमिकता है। ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसके स्थायी परिणाम मिल सकते हैं। शमी धाम मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे सफाई व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी आने वाले दिनों में भी विभिन्न वार्डों में इसी तरह के विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करेगी।
कपूरथला नगर निगम के मेयर चुनाव में बुधवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थन से कांग्रेस पार्षद नरिंदर सिंह मंसू को मेयर चुना गया। इसके साथ ही AAP पार्षद समीर शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और कांग्रेस पार्षद कामाक्षी दुग्गल को डिप्टी मेयर चुने जाने का दावे किए गए हैं। इस नतीजे के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, निगम चुनावों में 50 पार्षदों में से 32 सीटें जीतकर कांग्रेस को बहुमत मिला था। इसके बावजूद मेयर चुनाव से पहले पार्षदों की जोड़-तोड़ को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बागी पार्षदों के समर्थन से नरिंदर सिंह मंसू के मेयर बनने का दावा किया गया, जिसे विधायक राणा गुरजीत सिंह के गुट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल चुनाव के बाद विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे अवैध घोषित किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास 26 पार्षदों के साथ उनका अपना एक वोट मिलाकर कुल 27 वोट थे, जबकि दूसरी तरफ केवल 24 पार्षद होने के बावजूद मेयर चुने जाने का दावा किया जा रहा है। मेयर बोले-शहर का विकास करेंगे राणा ने अपने समर्थक पार्षदों को मीडिया के सामने पेश कर संख्याबल प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर वह हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उधर, नवनिर्वाचित मेयर नरिंदर सिंह मंसू ने आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी पार्षदों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कपूरथला शहर का विकास होगा और नगर निगम में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
बिजनौर के राजमिलन बैंकट हॉल में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे समाजवादी पार्टी ने एक समन्वय सम्मेलन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह सम्मेलन बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी दानिश अख्तर के समर्थन में आयोजित किया गया था। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और प्रबंधकों ने भाग लिया। इस अवसर पर लाल बिहारी यादव ने मदरसों की जांच संबंधी सरकार के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षक पढ़ा रहे हों और बच्चे पढ़ रहे हों, वहां आतंकवादी गतिविधियों से क्या संबंध। कार्यक्रम में नूरपुर विधायक राम अवतार सैनी, नजीबाबाद विधायक हाजी तस्लीम अहमद, चांदपुर विधायक स्वामी ओमवेश, सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल, मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा, वरिष्ठ नेता डॉ. रमेश तोमर, राहुल सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन सहित कई सपा नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे। लाल बिहारी यादव ने बताया कि वे बिजनौर में हाजी दानिश अख्तर के चुनाव में मतदान की अपील करने आए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाजवादी पार्टी यह चुनाव निश्चित रूप से जीतेगी। यादव ने जीत का कारण बताते हुए कहा कि प्रदेश में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय, जो अखिलेश यादव की सरकार में मिलता था, मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि सपा सरकार बनने पर इन शिक्षकों को फिर से मानदेय दिया जाएगा।
भोपाल के टाइगर मूवमेंट एरिया स्थित पहाड़ी पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इसके चलते लोग विरोध में उतर आए। उन्होंने मामले में पुलिस से भी शिकायत की है। मामला सुबह 11 बजे सामने आया। जेसीबी और पोकलेन की मदद से पहाड़ी को समतल किया जा रहा था। जिसकी जद में कई पेड़ भी आ गए और वे उखड़ गए। यह जमीन अकबरपुर गांव के सर्वे नंबर-तीन पर है, जो कि सरकारी भूमि है। बाघ एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया कि यहां अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करके अवैध उत्खनन एवं ढलान की समतल करने की प्रकिया चल रही है एवं अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इसकी पहले भी एनजीटी में शिकायत की जा चुकी है। एनजीटी के आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सरकारी भूमि का कलेक्टर के माध्यम से एवं रेवेन्यू रेंडर्स के आधार पर पूर्ण सीमांकन किया जाए एवं कॉलोनी की जो जमीन उसका भी सीमांकन करके उसकी भी सीमा निर्धारित किया जाए। खुदाई की देखिए 2 तस्वीरें… खसरों से छेड़छाड़ का आरोपपर्यावरणविद् नूर ने बताया, रसूखदारों ने खसरों से छेड़छाड़ की है। जिला प्रशासन से मांग की गई है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से जांच कराई जाए। दानिश सेक्टर-3 और 5 में अवैध कब्जे के प्रकरण तहसील न्यायालय में चल रहा है। मास्टर प्लान के हिसाब से आठ डिग्री से ज्यादा ढाल पर निर्माण की अनुमति नहीं है। बावजूद प्लाटिंग की गई है।
संतकबीरनगर होजरी क्लस्टर को मिली सैद्धांतिक स्वीकृति:कॉमन प्रोसेसिंग व मार्केटिंग सेंटर होगा स्थापित
संतकबीरनगर में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना के तहत स्वीकृत होजरी सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) क्लस्टर परियोजना की स्थापना को लेकर बुधवार शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रकाश ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें परियोजना को शीघ्र लागू करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि संतकबीरनगर होजरी क्लस्टर को 23 अप्रैल 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की 23वीं बैठक में सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। बैठक में एमएसएमई, भारत सरकार के सह निदेशक संजय कुमार मौर्य एवं वैभव खरे तथा ई एंड वाई के जोनल कंसल्टेंट अनुराग कुमार सिंह ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। एसपीवी प्रतिनिधि अरविंद कुमार पाठक ने जानकारी दी कि क्लस्टर के तहत होजरी निर्माताओं और बुनकरों के लिए कॉमन प्रोसेसिंग सेंटर, मार्केटिंग सेंटर तथा रॉ मैटेरियल बैंक स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे उद्यमियों को प्रतिस्पर्धी दरों पर कच्चा माल मिलेगा और प्रसंस्करण व विपणन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय उद्योग को नई गति मिलेगी। अपर जिलाधिकारी ने एसपीवी प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि वे सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराएं और जोनल कंसल्टेंट के साथ समन्वय स्थापित करें। उन्होंने शीघ्र डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजने को कहा। बैठक में एमएसएमई, भारत सरकार के अधिकारियों, उद्योग विभाग के सहायक आयुक्त सतीश कुमार, जितेंद्र कुमार गौतम तथा एसपीवी के सदस्य भी उपस्थित रहे।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन से झांसी रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम खबर है। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे रेलवे ने झांसी मंडल के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–मानिकपुर रेलखंड पर लाइन दोहरीकरण के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किए जाने के कारण कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। बुधवार को जारी रेलवे की सूचना के अनुसार, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कुछ ट्रेनें निरस्त रहेंगी, कुछ का संचालन आंशिक रूप से किया जाएगा, जबकि कई ट्रेनें निर्धारित समय से विलंब से चलेंगी। इसका सीधा असर कानपुर सेंट्रल से झांसी रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही जिन यात्रियों ने आरक्षित टिकट कराया है, वे यात्रा की तिथि और ट्रेन संचालन में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना आवश्यकतानुसार संशोधित कर लें, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
गयाजी. धनबाद रेल मंडल सभागार में संसदीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद बीडी राम ने की। इस मौके पर चतरा सांसद कालीचरण सिंह, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से गया संसदीय क्षेत्र प्रतिनिधि ई. नंदलाल मांझी ने भाग लिया। उन्होंने गया क्षेत्र के यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 18 प्रमुख जनहित की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। इन मांगों पर बैठक में गंभीर चर्चा और समीक्षा की गई। स्टेशनों पर ओवरब्रिज और अंडरपास की मिलेगी सुविधा गया संसदीय क्षेत्र के गुरपा, पहाड़पुर, टनकुप्पा और बंधुआ रेलवे स्टेशन पर रेलवे अंडरपास और ओवरब्रिज की बड़ी समस्या है। बैठक में बताया गया कि टनकुप्पा स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास अंडरपास की स्वीकृति मिल चुकी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है और जल्द ही निर्माण काम शुरू होगा। इसके अलावा बंधुआ रेलवे फाटक और पहाड़पुर स्टेशन के पास ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। ग्राम रसलपुर में भी समपार फाटक या मोटरसाइकिल ब्रिज की मांग की गई है। सांसद प्रतिनिधि ने विकास के लिए महत्वपूर्ण मांगें रखीं नई रेल लाइन: इस्लामपुर (नालंदा) से मानपुर तक केउर, महकार और टेउसा होते हुए नई रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दी जाए। सीधी रेल सेवा: गया जंक्शन से उत्तर बिहार के जयनगर तक नई रेल सेवा शुरू हो। इसके साथ ही, सेना के जवानों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गया से सीधे श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) तक नई ट्रेन चलाई जाए। विभिन्न ट्रेनों का ठहराव और किराया सुधार जनता की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव और परिचालन में बदलाव की मांग की गई पहाड़पुर स्टेशन पर हावड़ा-मुंबई मेल और धनबाद-फिरोजपुर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की गई। कोडरमा-वैशाली फास्ट मेमू ट्रेन का ठहराव टनकुप्पा और पहाड़पुर स्टेशनों पर सुनिश्चित करने को कहा गया। दानापुर इंटरसिटी ट्रेन को गया जंक्शन तक चलाने की मांग की गई, ताकि रेलवे का राजस्व बढ़े। वर्तमान में यह बंधुआ से सीधे तिलैया चली जाती है। पर्यटन स्थल गुरपा स्टेशन पर हटिया-पूर्णिया एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कोरोना काल में पैसेंजर ट्रेनों को स्पेशल बनाकर जो एक्सप्रेस का किराया लागू किया गया था, उसे वापस लेने की मांग की गई, क्योंकि सुविधाएं अभी भी पैसेंजर ट्रेन वाली ही मिल रही हैं। आरक्षित टिकट प्रणाली शुरू करने की मांग की बैठक में पिछड़ा क्षेत्र माने जाने वाले टनकुप्पा स्टेशन पर आरक्षित टिकट प्रणाली शुरू करने की मांग की गई। इसके साथ ही, रेल पटरियों पर काम करने वाले रेल पथ कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रक्षक उपकरणों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। इन सभी विकास कार्यों से गया और आसपास के रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
बीच बाजार युवक ने कंधे पर उठाई बाइक:हापुड़ में अकेले उठाई, देखने के लिए लगी भीड़
हापुड़ के पिलखुआ नगर में फ्लाईओवर के पास बाजार में एक युवक द्वारा कंधे पर मोटरसाइकिल उठाकर बाजार में घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। पिलखुआ कोतवाली पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार दोपहर लगभग एक बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई। यह घटना पिलखुआ के व्यस्त मुख्य बाजार में हुई। वीडियो में एक युवक बिना किसी बाहरी मदद के, अकेले ही एक भारी मोटरसाइकिल को अपने कंधों पर उठाए हुए दिखाई दे रहा है। लोगों ने बनाया वीडियो वह बाइक को कंधे पर लादकर बाजार के बीचो-बीच आसानी से घूम रहा था। आमतौर पर एक मोटरसाइकिल का वजन 100 से 150 किलोग्राम के बीच होता है। युवक के इस अकल्पनीय शारीरिक प्रदर्शन को देखकर वहां मौजूद राहगीर और दुकानदार ठिठक गए। कई लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकालकर इस दृश्य को रिकॉर्ड कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, युवक के बाइक उठाते ही बाजार में कौतूहल का माहौल बन गया। लोग अपनी दुकानों से बाहर निकल आए और राहगीर अपनी गाड़ियां रोककर इस हैरतअंगेज नजारे को देखने लगे। पिलखुआ कोतवा ली पुलिस को जब यह वीडियो मिला, तो उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लिया। पिलखुआ थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल चौहान ने बताया कि वायरल वीडियो अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है और मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
मंदसौर शहर के अंबेडकर चौराहे से कोर्ट रोड तक की जर्जर सड़क को लेकर बुधवार को स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और बारिश के कारण फैले कीचड़ से परेशान लोगों ने चक्काजाम कर नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी पुनर्निर्माण की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह शहर का प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग जिला न्यायालय, पशुपतिनाथ मंदिर और शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचते हैं। इसी मार्ग से न्यायाधीश, अधिवक्ता, कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी आवागमन करते हैं। कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई अभिभाषक राघवेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं। इसकी मरम्मत के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक और स्कूली बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई बार चारपहिया वाहन भी गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्थायी निर्माण होने तक सड़क के गड्ढों को तत्काल भरा जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके। साथ ही ट्रेंचिंग ग्राउंड की समस्या का स्थायी समाधान कर आसपास फैली गंदगी हटाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सीतापुर में झमाझम बारिश से उमस से मिली राहत:15 मिनट की बारिश से तापमान गिरा, उमस से परेशान थे लोग
सीतापुर में बुधवार को दिनभर उमस भरी गर्मी और बादलों की आवाजाही के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ली। दोपहर करीब 4:30 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को भीषण उमस से बड़ी राहत दिलाई। करीब 15 मिनट तक हुई तेज बारिश से मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। सुबह से ही आसमान में धूप और बादलों का डेरा था, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस लगातार लोगों को परेशान कर रही थी। दोपहर बाद अचानक तेज बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में झमाझम बारिश में बदल गई। बारिश के चलते सड़कों पर चल रहे राहगीर और दोपहिया वाहन चालक भीगते नजर आए। कई लोगों ने दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार किया, जबकि बच्चों ने बारिश का आनंद लिया। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत की सांस ली। सुबह अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि बारिश के बाद रात का तापमान घटकर करीब 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में आई इस गिरावट से मौसम काफी खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम और सक्रिय रहने की संभावना है। विभाग ने तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि धान सहित खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिल सकेगी। हालांकि, अचानक हुई बारिश के कारण अधिकांश लोगों ने इस बारिश का स्वागत किया और उमस भरी गर्मी से मिली राहत को बड़ी राहत बताया।
उदयपुर की पेराफेरी पंचायतों में पट्टों की मांग को लेकर पेराफेरी जिला संघर्ष समिति ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। संघर्ष समिति के संयोजक चंदन सिंह देवड़ा के नेतृत्व में एक कोर कमेटी ने बुधवार को कलेक्टर गौरव अग्रवाल से मुलाकात की। समिति ने आबादी भूमि हस्तांतरण (ट्रांसफर) के काम में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई है। संघर्ष समिति ने संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने बताया कि अधीनस्थ तहसीलदारों और यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) सचिव के नेतृत्व वाली कमेटी को साफ निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आबादी हस्तांतरण का काम अधूरा पड़ा है। काम पूरा नहीं होने से कई परिवार पट्टों के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। इस पर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि वो इस काम में तेजी लाएंगे और आबादी भूमि को नगर निगम और संबंधित पेराफेरी पंचायतों को ट्रांसफर करवाकर आम जनता को पट्टे दिलवाएंगे। असल में कलेक्टर ने 25 जून को निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार के नाम दर्ज आबादी भूमि को तुरंत संबंधित निगम और पंचायतों के नाम किया जाए। इसके बावजूद गिर्वा तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारी आधे-अधूरे आराजी (जमीन) की रिपोर्ट बनाकर बार-बार ऊपर से मार्ग दर्शन मांग रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ आबादी नामांतरण खोलना है। 41 गांवों की एनओसी कलेक्टर को दी यूडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने आबादी हस्तांतरण के लंबित पड़े 41 गांवों के मामलों में एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) कलेक्टर ऑफिस भेज दी है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि इसके अलावा भी पेराफेरी गांवों की आबादी से लगती हुई जो भी जमीन है, जिस पर लोग बसे हुए हैं, उसे तुरंत संबंधित पंचायत को ट्रांसफर किया जाए ताकि लोगों को पट्टे मिल सकें। हाईकोर्ट में पार्टी बनने को तैयार है संघर्ष समिति हाल में हाईकोर्ट ने राजकीय भूमि नियमन पर अंतरिम रोक लगाई है। इस मामले में संघर्ष समिति अब जनता की तरफ से कोर्ट में पार्टी बनने को तैयार है। संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि जब 40 सालों में सरकारों के आदेश के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने आबादी विस्तार नहीं किया, तो इसका खामियाजा आम जनता क्यों भुगते? सरकारी जमीन पर सालों से बसे लोगों को राहत मिलनी ही चाहिए। अतिक्रमण के पक्ष में नहीं, लेकिन हक लेकर रहेंगे समिति ने साफ किया है कि वे खाली जमीन पर नए अतिक्रमण या उसके नियमन के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। लेकिन जो लोग सालों से बसे हैं, उन्हें पट्टे हर हाल में मिलने चाहिए। अगर इसमें कोई भी रुकावट आएगी, तो प्रभावित जनता अपनी लड़ाई खुद लड़ेगी। कलक्टर से मुलाकात के दौरान कोर कमेटी के सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें प्रकाश प्रजापत, ईश्वर पारगी, हेमराज गुर्जर, शंभू लाल, मोहन सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, लोकेश पालीवाल, नवलराम डांगी, चेनराम, देवकिशन सुथार, सोहन लाल और विक्रम कालबेलिया शामिल थे।
हरदोई में 11 जुलाई से जनसंख्या दिवस अभियान:सीएमओ बोले- 3 लाख से अधिक महिलाओं ने परिवार नियोजन अपनाया
हरदोई में बढ़ती आबादी पर नियंत्रण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से 11 से 18 जुलाई तक विशेष 'विश्व जनसंख्या दिवस अभियान' चलाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि जनपद में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। सीएमओ के अनुसार, बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3 लाख से अधिक महिलाओं ने विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों को अपनाया है। इनमें 1.55 लाख से अधिक महिलाओं ने माला-एन और 1.19 लाख से अधिक ने छाया गोली का उपयोग किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,790 महिलाओं और 4 पुरुषों ने नसबंदी कराई। इसके अतिरिक्त, 14,402 महिलाओं ने आईयूसीडी, 27,040 महिलाओं ने प्रसवोत्तर आईयूसीडी (PPIUCD) और 32,473 महिलाओं ने त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन का लाभ उठाया। इस वर्ष अभियान का स्लोगन जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखा गया है। डॉ. पांडे ने बताया कि दो बच्चों के बीच 2 से 3 साल का अंतर रखने से एनीमिया और शिशु मृत्यु दर के जोखिम को कम किया जा सकता है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद सचान ने बताया कि अभियान के दौरान आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर नवविवाहित जोड़ों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करेंगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पुरुष व महिला नसबंदी के साथ-साथ अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली, कॉपर-टी और कंडोम जैसे गर्भनिरोधक साधन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राम स्तर पर गोष्ठियों और रैलियों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडे ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर इन परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाएं और स्वस्थ व खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) टीम ने राजधानी में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए अचार, जैम, जेली, मुरब्बा, सॉस और केचप बनाने व बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई की। दो दिन चले अभियान में 25 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। जांच के दौरान 200 किलो खराब खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए, जबकि 479 किलो खाद्य पदार्थ सीज किए गए। दो दिन चला अभियान, कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर 6 और 7 जुलाई को लखनऊ में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित खाद्य निर्माण इकाइयों, गोदामों और बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया गया। अभियान का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना था। खराब अचार नष्ट, बड़ी मात्रा में सॉस सीज सीतापुर रोड स्थित शांति पिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में निरीक्षण के दौरान 160 किलो कटा नींबू और पल्प खराब मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं जेडी फूड्स एंटरप्राइजेज, सीतापुर रोड में 40 किलो एक्सपायर अचार भी नष्ट कराया गया।इसी तरह बरावन कला स्थित केशव फूड से 210 किलो ग्रीन वेजिटेबल सॉस और 166 किलो रेड वेजिटेबल सॉस सीज किया गया। चिनहट स्थित न्यू राजधानी ट्रेडिंग कंपनी से 103 किलो सोया सॉस भी जब्त किया गया। बड़े ब्रांडों के भी लिए गए नमूने अभियान के दौरान वॉलमार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सुषांत गोल्फ सिटी से विभिन्न ब्रांड के मिक्स अचार और टोमेटो केचप के नमूने लिए गए। इसके अलावा रामबंधु, किसन, टैंगी, 9 AM, विंग्रीन, चैटकारा, पिकलियो और अन्य ब्रांडों के अचार, सॉस, सिरका और टोमेटो प्यूरी के भी नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। 25 नमूने लैब भेजे गए एफएसडीए की टीम ने कुल 25 खाद्य नमूने संग्रहित कर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। 679 किलो खाद्य पदार्थ पर कार्रवाई अभियान के दौरान कुल 200 किलो खराब खाद्य पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6,600 रुपये थी, नष्ट कराया गया। वहीं 479 किलो खाद्य पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15,168 रुपये आंकी गई है, को सीज किया गया।
जोधपुर नगर निगम की टीम बुधवार को जब एक फास्ट फूड कार्ट को हटाने लगी, तो एक बुजुर्ग JCB के आगे खड़ा हो गया। वह रोने लगा और टीम के आगे हाथ जोड़ते हुए अधिकारियों के पैर पकड़ने लगा। वह गुहार लगाते हुए कहने लगा- मैंने इसे ले जाने के लिए क्रेन बुलाई है। मुझे इसे खुद घर ले जाने दो। यह घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। दरअसल, नगर निगम की टीम बुधवार को शास्त्री सर्किल के चारों ओर बने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने गई थी। जब टीम बाबूदास का केबिन हटाने लगी, तो वह जेसीबी के आगे खड़ा हो गया और उसे जब्त करने का विरोध करने लगा। आखिरकार, अधिकारियों की समझाइश के बाद बुजुर्ग खुद क्रेन की मदद से अपने केबिन को हटाकर दूसरी जगह ले गया। अब देखिए, मामले से जुड़ी PHOTOS… बिन जब्त करने लगी टीम, तो हाथ जोड़कर रोने लगा बुजुर्ग नगर निगम की टीम शास्त्री सर्किल पर बने फुटपाथ से अवैध फास्ट फूड के केबिन और कार्ट को हटाने की कार्रवाई कर रही थी। यहां पर बाबूदास का भी एक केबिन था। जब उसके केबिन को हटाने के लिए टीम JCB लेकर पहुंची, तो वह पहले टीम के आगे हाथ जोड़ता रहा और मिन्नतें करते हुए कहता रहा- मैं इसे यहां से खुद हटा रहा हूं, इसे जब्त करके मत ले जाओ। लेकिन जब टीम ने उसकी बात नहीं मानी, तो उसने वहां हंगामा शुरू कर दिया और टीम के सदस्यों को अपशब्द कहने लगा। इसके बाद जब अधिकारियों ने उसे समझाया, तो वह फिर से हाथ जोड़कर रोने लगा और उनके पैर पकड़ लिए। जेसीबी के आगे खड़ा हुआ बुजुर्ग, केबिन पर चढ़ने का किया प्रयास बाबूदास ने अपना केबिन खुद हटाने के लिए क्रेन भी बुलाई थी, लेकिन नगर निगम की टीम इसे अतिक्रमण मानते हुए जब्त करने पर अड़ी रही। इस बात पर बुजुर्ग बाबूदास जोर-जोर से रोने लगा। बुजुर्ग ने टीम के सदस्यों के आगे हाथ जोड़े और उनके पैर पकड़ने लगा। इसके बाद वह केबिन के आगे बैठ गया और अड़ गया कि इसे कहीं नहीं ले जाने दूंगा। इस बीच जब वह केबिन (कार्ट) के ऊपर चढ़ने का प्रयास करने लगा, तो वहां मौजूद एक युवक ने उसे पकड़कर नीचे उतारा। इसके बाद वह हाथ जोड़ते हुए सीधे JCB के आगे खड़ा हो गया। कहने लगा- मैं इसे खुद घर ले जा रहा हूं, मुझे ले जाने दो। नगर निगम की टीम उसे लगातार समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन वह रोता रहा। आखिरकार, अधिकारियों की समझाइश के बाद बुजुर्ग खुद क्रेन की मदद से अपने केबिन को हटाकर दूसरी जगह ले गया। बुजुर्ग का आरोप- बिना नोटिस दिए की गई कार्रवाई बाबूदास का कहना था कि वह पिछले 10 साल से यहां फास्ट फूड का कार्ट लगा रहे हैं। उन्हें इस कार्रवाई से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही किसी तरह की पूर्व सूचना दी गई। अचानक आकर केबिन हटाना गलत है। पहले ही दी गई थी चेतावनी दूसरी ओर, अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया कि शास्त्री सर्किल पर लगातार अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। यहाँ फूड कार्ट लगाने वालों को पहले ही चेतावनी दे दी गई थी। लेकिन जब उन्होंने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया, तो निगम को मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी। सीबी से उठाते समय सड़क पर गिरा केबिन, रोकना पड़ा ट्रैफिक कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने कई अवैध फूड कार्ट और केबिनों को हटाकर जब्त कर लिया। इसी दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बचा; जब एक केबिन को जेसीबी (JCB) से उठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाला जा रहा था, तो वह अचानक असंतुलित होकर बीच सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए वहां ट्रैफिक को रोकना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर शास्त्री नगर थाने की पुलिस भी तैनात रही। वेंडर्स ने किया विरोध, स्थानीय लोगों ने जताया समर्थन फूड स्ट्रीट वेंडर्स (ठेला चालकों) ने कड़ा विरोध जताया। उनका आरोप था कि प्रशासन बिना किसी पूर्व नोटिस के यह एकतरफा कार्रवाई कर रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि इन अवैध केबिनों और ठेलों के कारण शाम के समय यहां पैर रखने तक की जगह नहीं बचती और गाड़ियां पार्क करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
भिवानी में बुधवार को झमाझम बरसात हुई। जिसके चलते शहर में जगह-जगह जलभराव भी हो गया। वहीं सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। दोपहर तक बादलवाई रही और ठंडी हवाएं भी चली। दोपहर को करीब डेढ़-दो बजे बरसात शुरू हुई जो करीब चार-साढ़े चार बजे तक बरसात हुई। करीब ढाई-तीन घंटे तक बरसात होती रही। जिसके कारण शहर के हनुमान गेट, हनुमान ढाणी, न्यू हाउसिंग बोर्ड (दादरी गेट), दिनोद गेट, चंद्र गिरी स्कूल के पास, सब्जी मंडी, हालुवास गेट, पुराना बस स्टैंड आदि एरिया में जलभराव की स्थिति बनी। इस दौरान शहर के नीचले इलाकों में स्थित घरों व दुकानों में भी पानी घुस गया। जिसको निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। जिसके कारण लोगों को परेशानी करना पड़ा। यहां तक कि सड़कों पर जलभराव होने से वहां से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं आगामी दिनों में भी भिवानी जिले में भी बरसात की संभावना जताई जा रही है। आईएमडी चंडीगढ़ के अनुसार 9 जुलाई को भिवानी में 50-75 प्रतिशत तक, 10 जुलाई को 25-50 प्रतिशत तक, 11 जुलाई को 0-25 प्रतिशत तक बरसात की संभावना है। प्रशासन पानी निकासी के करे प्रबंधराष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक भारद्वाज ने सरकार से अपील की है कि पहली बारिश में शहर के नीचले स्थानों पर जलभराव हुआ है। नाले ओवरफ्लो हुआ है। ऐसे में पहली बारिश के बाद शहर का यह हाल हुआ है। इसलिए प्रशासन समय रहते पानी निकासी का उचित प्रबंध करें। ताकि मानसुन में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। बारिश से संबंधित फोटो…
हिसार पुलिस ने महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में सख्ती बरतते हुए उकलाना थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से रेप करने एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसे नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा। थाना उकलाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि 16 जून 2026 को पीड़ित लड़की की माता ने थाना उकलाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ आरोपी ने रेप किया तथा घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ शिकायत मिलते ही थाना उकलाना पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रणधीर बिठमड़ा, जिला हिसार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी से मामले के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर उसे पुलिस रिमांड पर लेकर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी, ताकि मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित हो सके। पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही : एसपी पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में हिसार पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें शीघ्र न्याय दिलाना हिसार पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही आमजन से अपील की कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध किसी भी अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
गोपालगंज जिले में कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है। जिला मुख्यालय सहित मीरगंज, बरौली, हथुआ, कटेया और कुचायकोट जैसे कई प्रखंडों व ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज बदला और झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई की शुरुआत से ही जिले में उमस का स्तर काफी बढ़ा हुआ था। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। न्यूनतम तापमान 27C दर्ज किया गयाआज अधिकतम तापमान 32C और न्यूनतम तापमान 27C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, लगभग आधे घंटे तक हुई इस वर्षा को 7.39 मिलीमीटर रिकॉर्ड किया गया है। यह बारिश आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जून में सामान्य से लगभग 72% कम बारिश होने और आर्द्रा नक्षत्र के बिना बरसे बीत जाने से किसान चिंतित थे। खेतों की मिट्टी सूख रही थी और धान के बिचड़े प्रभावित हो रहे थे। इस बारिश से फसलों को लाभ हुआ है, जिससे अब जिले में धान की रोपनी में तेजी आने की उम्मीद है। किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गयामौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गोपालगंज और इसके आसपास के इलाकों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
आईआईटी कानपुर में 'कलासंगम' का आयोजन:एक ही छत के नीचे दिखीं मधुबनी, वर्ली और पिचवई समेत कई लोक कलाएं
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में बुधवार दोपहर 3 बजे विमेन एसोसिएशन की ओर से पारंपरिक लोक कला प्रदर्शनी 'कलासंगम' का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों की लोक कला शैलियों को कैनवास पर उकेरकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। इसमें आईआईटी कैंपस की महिलाओं, उनके परिवारों और मित्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन में मधुबनी, पिचवई, वर्ली, लिप्पन, ऐपण, कालीघाट, मंडला, थांगका और पट्टचित्र जैसी पारंपरिक लोक कलाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों की रचनात्मकता को मंच देना और भारतीय लोक कला परंपराओं को बढ़ावा देना था। कैंपस की महिलाओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह रही कि इसमें आईआईटी कानपुर विमेन एसोसिएशन की सदस्यों, उनके परिवारों और मित्रों ने टीम बनाकर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक सोच और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न लोक कला शैलियों को कैनवास पर जीवंत किया। 'कलासंगम' में बिहार की मधुबनी, राजस्थान की पिचवई, महाराष्ट्र की वर्ली, गुजरात की लिप्पन कला के अलावा उत्तराखंड की ऐपण, पश्चिम बंगाल की कालीघाट, मंडला, थांगका और ओडिशा की पट्टचित्र कला का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। विशेष रूप से मिट्टी और दर्पण से तैयार की जाने वाली लिप्पन कला ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। टीम वर्क और संस्कृति का मिला संदेश कार्यक्रम का समन्वयन राशि पंत और पूर्वा गोरे ने किया। विमेन एसोसिएशन की सचिव अमृता के. भूषण ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभागियों में रचनात्मकता और उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ आपसी सहयोग और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करते हैं। सांस्कृतिक विरासत को मिला मंच उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोग रहते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से सभी को एक मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को साझा करने का अवसर मिलता है।
बस्ती में 24 घंटे में खुला सरिया चोरी का मामला:ट्रक चालक समेत चार गिरफ्तार, 14 क्विंटल सरिया बरामद
बस्ती पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सरिया चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार, 8 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने चोरी किए गए 14 क्विंटल सरिया भी बरामद किया। यह गिरफ्तारी बस्ती-गोरखपुर फोरलेन के अलग-अलग स्थानों से की गई। पुलिस के अनुसार, पटेल ढाबा एंड रेस्टोरेंट, परसाजाफर के पास खड़े एक ट्रक से सरिया चोरी होने के संबंध में पुरानी बस्ती थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक शशांक शेखर राय के नेतृत्व में थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम का गठन किया गया था। संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर बुधवार सुबह करीब 11 बजे कार्रवाई कर चारों आरोपियों को पकड़ा। कब्जे से चोरी किया गया सरिया बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ट्रक चालक रवि सिंह (निवासी एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ), ट्रैक्टर मालिक शुभम चौधरी (निवासी भुड़ली, थाना मुंडेरवा), गयासुद्दीन (निवासी नरियांव) और सुरेश (निवासी रमवापुर, थाना मुंडेरवा) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किया गया पूरा सरिया बरामद कर लिया। सीओ सदर सतेंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर घटना का सफल अनावरण किया है। चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया गया है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
गोपालगंज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक जिला सम्मेलन का आयोजन किया। शहर के एक निजी मैरेज हॉल में हुए इस सम्मेलन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष संदीप कुमार गिरि ने किया। इसमें कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहेइस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना जीवन भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित किया। उनका बलिदान भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय चेतना का एक अमिट अध्याय है। मंत्री तिवारी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार डॉ. मुखर्जी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों को डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाएँ और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। संगठन को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धगोपालगंज के भाजपा विधायक सुभाष सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरणास्रोत है। भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गिरि ने बताया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके आदर्शों को आत्मसात कर संगठन को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गिरि ने जोर दिया कि यह जिला सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का एक अभियान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार, जनसंपर्क और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुँचाने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, संगठन को मजबूत बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
सीहोर जिले के भेरूंदा में सोमवार को टवेरा कार सड़क पर 4 पलटी खाकर प्लाट में उतर गई। हादसे का सीसीटीवी वीडियो बुधवार को सामने आया है। हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्राम भादाकुई के पास एक तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जानकारी के अनुसार, टवेरा वाहन में सवार सभी लोग खंडवा के निवासी थे और नरसिंहपुर जा रहे थे। भेरूंदा मार्ग पर स्थित ग्राम भादाकुई के पास पहुंचने पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।देखें तस्वीरें… सीसीटीवी वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार टवेरा कार सड़क से नीचे उतरकर हवा में उछली और कई बार पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग बाहर जा गिरे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा देखने के बाद आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को वाहन से निकालकर भेरूंदा अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृत युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मामले में एसडीओपी भेरूंदा रोशन जैन का कहना है कि यह वाहन टकराया नहीं था, खुद ही पलटा था इस मामले की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस नियम अनुसार कार्रवाई कर रही है।
करौली जिले में बुधवार को हुई अच्छी बारिश ने कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन बारिश के साथ ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आई, जिससे नगर व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुल गई। जिला एवं सत्र न्यायालय और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि हाल ही में नालों की सफाई कराए जाने के बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई। जिलेभर में अच्छी बारिश बुधवार सुबह 8 बजे तक जारी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, करौली में 35 मिमी, हिंडौन में 14 मिमी, टोडाभीम में 37 मिमी, सपोटरा में 4 मिमी, नादौती में 36 मिमी, श्रीमहावीरजी में 31 मिमी, पांचना बांध पर 23 मिमी, जगर बांध पर 25 मिमी तथा कालीसिल बांध क्षेत्र में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसतन 20.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इस मानसून सत्र में अब तक कुल 58.5 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक जिले में मानसून के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है। गर्मी से राहत, दिनभर छाए रहे बादल बारिश के चलते बुधवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए और आसमान बादलों से घिरा रहा। लगातार बनी ठंडक से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना बना रहा। कोर्ट और रेलवे क्षेत्र में जलभराव से बढ़ी परेशानी एनएच-23 स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव होने से अधिवक्ताओं, वादकारियों और फरियादियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों की आवाजाही भी प्रभावित रही। इसी तरह रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने भी सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। नाला सफाई पर उठे सवाल गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एनएच-23 के किनारे बने नालों की सफाई के लिए उनके फेरो कवर काटकर सफाई कराई गई थी। इसके बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में जलभराव की स्थिति बनने से नाला सफाई कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इटावा के विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में बुधवार को डीबीटी कैशलेस जागरूकता एवं डीबीटी वेरिफिकेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया तथा लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रति परिवार लगभग ₹3,000 का वार्षिक प्रीमियम वहन करेगी। बच्चों को निर्धारित आयु तक तथा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग बच्चों को आजीवन योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इटावा में इस योजना से कुल 9,812 परिवारों को सुरक्षा कवच मिलेगा। इनमें 4,929 शिक्षक परिवार, 3,450 रसोइया परिवार, 1,286 शिक्षामित्र परिवार, 102 अनुदेशक परिवार, 28 विशेष शिक्षक परिवार तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 17 परिवार शामिल हैं। शहर में पहली बारिश के बाद हुए जलभराव के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि वह स्वयं पानी से होकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बेहतर जानकारी जिलाधिकारी दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षा से भूजल स्तर बढ़ेगा और यह शुभ संकेत है। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने योजना को शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा बताया। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक में वेतन खाता खुलवाने पर लाभार्थियों को ₹1 करोड़ तक का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की ओर से ऊर्जा विभाग पर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछली सरकार में भर्तियों में अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने पंचायत सचिवों की नियुक्तियों में भी पक्षपात का आरोप लगाया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
बदायूं में एंटी करप्शन बरेली की टीम ने बुधवार दोपहर एंटी पावर थेफ्ट थाने में तैनात दरोगा कृष्णपाल सिंह को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। टीम उसे थाने से उठाकर सिविल लाइंस थाने ले गई, जहां आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एंटी करप्शन के अनुसार, अलापुर थाना क्षेत्र के गांव नैथू निवासी हेमराज ने शिकायत की थी। हेमराज का आरोप था कि बिजली चोरी के एक मुकदमे में जेल न भेजने और मामले का निस्तारण कराने के लिए एसआई कृष्णपाल सिंह 6 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत की जांच के बाद एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। बुधवार दोपहर करीब 12:28 बजे, शिकायतकर्ता ने उपनिरीक्षक को तय रकम दी। ट्रैपिंग टीम ने एंटी पावर थेफ्ट थाने के परिसर में स्थित द्वितीय विद्युत वितरण खंड कार्यालय में छापा मारकर आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा। यह पूरी कार्रवाई ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक रामलाल पांडेय के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी के TFC आडिटोरियम में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इसके पहले उन्होंने परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। यहां छात्र छात्राओं से करीब 10 मिनट तक उन्होंने संवाद किया। दरअसल, 15 बच्चे अलग अलग स्टाल पर मौजूद थे, उनके साथ स्कूल टीचर भी थीं। मुख्यमंत्री प्रत्येक स्टाल पर गए और छात्रों से संवाद किए। स्मार्ट क्लास के स्टाल पर पहुंचे तो वहां कक्षा सातवीं के अंश पांडेय मौजूद थे। उन्होंने पूछा स्मार्ट क्लास से कैसे पढ़ते हो? अंश ने बिना किसी देरी के तत्काल डिजिटल बोर्ड पर लिखना शुरू कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने शाबाशी दी। अंश पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय चंदापुर हरहुआ के छात्र हैं। यहां सहायक अध्यापिका सुप्रिया सिंह व पद्मा मिश्रा से भी उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम योगी ने प्रदर्शनी में बच्चों के उत्साह की सराहना की। कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा-3 के बच्चे वाक्य बनाने और पढ़ने में निपुण दिख रहे थे। उनकी भाषा, अंकगणित के ज्ञान की सराहना की। सीएम ने कहाकि पीएम मोदी का विजन है कि निपुण भारत अभियान में हर बच्चे को उसके क्षेत्र में योग्य व पारंगत बना सकें क्योंकि सशक्त भवन सुदृढ़ नींव पर ही तैयार हो सकता है। 12 प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को सीएम ने किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने मंच से 12 प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का सम्मानित किया। इसमें संभल के प्राथमिक विद्यालय इटैला माफी कपिल कुमार मलिक, पीलीभीत के प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी मनीष कुमार, चित्रकूट के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़छापा के हरिशंकर त्रिपाठी, बरेली के प्राथमिक विद्यालय सहजनी के राजीव सिंह, बदायूं के कंपोजिट विद्यालय आमगांव की संगीता शर्मा, रायबरेली के प्राथमिक विद्यालय दौतरा में आशीष प्रताप सिंह, सहारनपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय लबडौला कुतुबपुर के संजीव कुमार, श्रावस्ती के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर में रानी कैसर जहां, जालौन के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच की वंदना वर्मा, प्रयागराज एयरफोर्स स्कूल मनौरी के जावेद खान, वाराणसी के जवाहर नवोदय विद्यालय गजोखर के नागेश कुमार मिश्र, मेरठ के दयावती मोदी एकेडमी की डॉ. ऋतु दीवान को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने इन 15 लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड दिया बेसिक शिक्षा विभाग1- सारिका साकोरिकर सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय डुमरी, काशी विद्यापीठ)2- अरविंद सिंह (कंपोजिट विद्यालय अइली, चिरईगांव वाराणसी)3- शिक्षामित्र कुसुम देवी (प्राथमिक विद्यालय परिजनपुर, आराजी लाइन वाराणसी)4- अनुराधा कुशवाहा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुर्दहा, हरहुआ)5- सोनी रसोइया (प्राथमिक विद्यालय दशनीपुर, हरहुआ) 6- कल्पना (पूर्णकालिक शिक्षिका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, शिवपुरी, नगर क्षेत्र, वाराणसी) माध्यमिक शिक्षा1- शालिनी कुमारी, सहायक अध्यापक (निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज, महमूरगंज)2- दीपक पटेल, सहायक अध्यापक (श्री अंबिका प्रसाद सिंह इंटर कॉलेज, भैरवनाथ)3- नीरज कुमार, प्रवक्ता (प्रवक्ता, सुभद्रा कुमारी इंटर कॉलेज, बसनी)4- सरफुद्दीन, सहायक अध्यापक (ए.ओ. मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा) 5- आशुतोष मिश्र (श्री अन्नपूर्णा ब्रह्मचर्य ऋषिकुल आश्रम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवपुर) शिक्षक के परिवार के 4 सदस्यों को दिया चिकित्सा कार्डपारिवारिक लाभ का प्रतीकात्मक संदेश देने के लिए सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार मौर्य (प्राथमिक विद्यालय जाल्हूपुर प्रथम, चिरईगांव) के परिवार का भी चयन किया गया। सीएम ने नरेंद्र मौर्या, उनकी धर्मपत्नी राजकुमारी मौर्या, पिता सुरेश कुमार मौर्य, माता राजेश्वरी मौर्या को भी कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किया।
जयपुर में तेज रफ्तार ट्रोले ने बाइक सवार पिता-पुत्री को टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बुधवार को करणी विहार थाना इलाके में स्थित हीरापुरा 200 फीट बाइपास पर हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लहूलुहान हालत में पिता को नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, बच्ची के शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। एक दिन पहले (मंगलवार को) भी इसी जगह पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ था। उस हादसे में एक बेकाबू ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी थी, जिससे तीन मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… यह खबर भी पढ़िए… जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। पढ़ें पूरी खबर
मधेपुरा में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत जिला नियोजनालय की ओर से 11 जुलाई को संयुक्त श्रम भवन में एकदिवसीय जॉब कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इसमें टाटा मोटर्स (फ्लिस्कॉन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड), मधेपुरा विभिन्न पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेगी। जॉब कैंप में कुल 9 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। 22 हजार रुपये तक निर्धारित किया गयाइनमें टीम लीडर का एक पद, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर (सीआरओ) का एक पद, टेक्नीशियन के दो पद, इलेक्ट्रीशियन के दो पद, डेंटेक्स का एक पद तथा ऑफिस हाउस कीपर के दो पद शामिल हैं। इन पदों के लिए योग्यता मैट्रिक, इंटर और डिप्लोमा निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। विभिन्न पदों के अनुसार मासिक वेतन 9 हजार रुपये से 22 हजार रुपये तक निर्धारित किया गया है। भर्ती मुख्य रूप से मधेपुरा स्थित कार्यस्थल के लिए होगी। जिला नियोजन पदाधिकारी लरविन कुमार ने बताया कि बिहार के किसी भी जिला नियोजनालय में एनसीएस पोर्टल पर निबंधित अभ्यर्थी इस जॉब कैंप में भाग ले सकते हैं। व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील कीइच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आकार का फोटो, बायोडाटा तथा सभी शैक्षणिक एवं आवश्यक मूल प्रमाण-पत्रों की छायाप्रति लेकर आना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति से संबंधित सभी शर्तों के लिए नियोजक स्वयं जिम्मेदार होगा तथा जिला नियोजनालय केवल सुविधा प्रदाता की भूमिका निभाएगा। जिला नियोजनालय ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों तक सूचना पहुंचाने के लिए इस जॉब कैंप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की है।
बालाघाट में कूलर में आए करंट से युवती और उसके पड़ोसी के पालतू कुत्ते मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर कटंगी के वार्ड नंबर 4 की है। सूचना मिलने पर पहुंची कटंगी थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। जानकारी के मुताबिक, पूनम उर्फ मोना नामदेव नाम की युवती दोपहर करीब एक बजे अपनी छोटी बहन को स्कूल से लेकर घर लौटी थी। अपनी बहन को नहलाने के बाद वह जैसे ही फ्री हुई, उसे पड़ोस में रहने वाले चुटेलकर परिवार के घर से उनके डॉगी के रोने की तेज आवाज सुनाई दी। जब मोना मदद के लिए पड़ोसी के घर पहुंची, तो उसने देखा कि डॉगी कूलर के नीचे फंसा हुआ था। कूलर में फैल रहा था करंट मोना जैसे ही डॉगी को कूलर के नीचे से बाहर निकालने लगी, वह कूलर में आ रहे तेज करंट की चपेट में आ गई। करंट इतना जोरदार था कि मोना और डॉगी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय चुटेलकर परिवार के लोग घर पर नहीं थे, उनका बेटा भी काम पर गया हुआ था। बाद में जब परिवार के लोग लौटे, तब उन्होंने कूलर का प्लग निकाला। माना जा रहा है कि कूलर का प्लग बोर्ड में लगे रहने की वजह से उसमें अर्थिंग करंट फैल गया था। माता-पिता के बिना अकेले रह रही थीं बहनें युवती के परिवार की स्थिति काफी दर्दनाक है। मोना के पिता पवन नामदेव की पहले हत्या हो चुकी है, और उसी हत्या के मामले में उसकी मां सरिता नामदेव इस समय जेल में बंद हैं। घर पर केवल 6 से 7 साल की छोटी बहन और मोना रह रही थी। पुलिस ने बताया कि युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए कटंगी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शेखपुरा में विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत बुधवार को सदर प्रखंड के सिरारी पंचायत में आयोजित शिविर का अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। यह अभियान जिले में 03 जुलाई से 14 अगस्त तक सभी पंचायतों और वार्डों में चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वयं उपस्थित लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी दिया। डॉ. सिंह ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि संभावित टीबी मरीजों की पहचान और उनकी जांच व उपचार प्रक्रिया में कोई ढिलाई न बरती जाए। यह विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान स्वास्थ्य विभाग, समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग, जीविका, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित सहयोग से संचालित हो रहा है। इसके तहत घर-घर जाकर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, स्क्रीनिंग और आवश्यकतानुसार जांच की जा रही है, ताकि रोगियों का समय पर उपचार शुरू किया जा सके। डॉ. सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, वजन में कमी, भूख न लगना या रात में अधिक पसीना आने जैसी समस्या हो, तो वे इसे नजरअंदाज न करें। उन्होंने लोगों को निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में निःशुल्क जांच कराने की सलाह दी, क्योंकि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जांच व नियमित दवा से इसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों और आम नागरिकों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। इसका उद्देश्य टीबी मुक्त शेखपुरा, टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का वाराणसी से शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। जौनपुर के कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में बुधवार दोपहर 11 बजे से इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी 1,200 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। साथ ही, शिक्षकों और संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। जौनपुर में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चंद्र यादव ने किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत प्रजापति, डॉ. अजय सिंह और जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया कार्यक्रम के दौरान, जनप्रतिनिधियों ने जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, स्पेशल एजुकेटरों और रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए। माध्यमिक शिक्षा से भी5शिक्षकों को ये कार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों,अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्मिकों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस योजना से प्रदेश के लगभग12लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। मंत्री यादव ने आगे कहा कि यह योजना बेहतर और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करेगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि गुरुजनों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में सरकार का एक संवेदनशील और दूरदर्शी कदम है। शिक्षकों को समाज निर्माण का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का निर्माण करने वाले गुरुजनों के स्वास्थ्य और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कांगड़ा जिले की नूरपुर जिला पुलिस की सीआईए टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डमटाल थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पंजाब के एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 274 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस मामले में अमृतसर और बटाला के 3 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को सीआईए स्टाफ नूरपुर की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली कि अमृतसर और बटाला से 3 युवक एक स्विफ्ट कार (PB06U-7122) में भारी मात्रा में हेरोइन लेकर भदरोआ, कंडवाल और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सप्लाई करने आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत भदरोआ के समीप वन विभाग विश्राम गृह के पास नाकाबंदी की। कुछ ही देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने घेरकर रोक लिया। तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट कार की जब्त कार की तलाशी लेने पर, पीछे की सीट पर बैठे आरोपी कुनाल अरोड़ा के काले रंग के स्लिंग बैग से 274 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही नशीले पदार्थ का वजन कर उसे जब्त कर लिया। तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। इस संबंध में डमटाल थाने में एफआईआर संख्या 116/2026 (एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत) दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: गहन पूछताछ जारी, खुलेंगे कई बड़े राज जांच में यह साफ तौर पर अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का मामला लग रहा है। पुलिस अब आरोपियों से रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ कर रही है कि वे यह खेप पंजाब में कहां से लाए थे और यहां स्थानीय स्तर पर इसे किन-किन पैडलर्स या युवाओं को सप्लाई किया जाना था। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
चुनावों में फेसियल रिकग्निशन तकनीक पर चिंता:शामली में आज़ाद अधिकार सेना ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
शामली में आज आज़ाद अधिकार सेना ने उत्तर प्रदेश के चुनावों में फेसियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) के संभावित उपयोग को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मतदाताओं की निजता, बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष अंकित कश्यप के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि चुनाव प्रक्रिया में फेसियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाता है, तो उसके लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान, पारदर्शी प्रक्रिया और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि तकनीक से संबंधित सभी नियम, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), डेटा संरक्षण नीति और स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। व्यवस्था लागू करने की मांग इसके अतिरिक्त, मतदाताओं के फेसियल इमेज और बायोमेट्रिक डेटा के उपयोग, संग्रहण, संरक्षण और साझा करने के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने की बात कही गई। संगठन ने चुनाव समाप्त होने के बाद निर्धारित समय सीमा में डेटा नष्ट करने की व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। आज़ाद अधिकार सेना ने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी मतदाता को तकनीकी त्रुटि या गलत पहचान के आधार पर मतदान से वंचित न किया जाए। संगठन ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि चुनावों में किसी भी नई तकनीक को लागू करने से पहले उसकी पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा, नागरिक अधिकारों की रक्षा और स्वतंत्र विशेषज्ञों की समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहे।
कौशांबी पुलिस ने मोबाइल लूट का किया खुलासा:3 आरोपी गिरफ्तार, तमंचे और लूटा मोबाइल बरामद
कौशांबी की सरायअकिल पुलिस ने करीब तीन सप्ताह पहले हुई मोबाइल लूट की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटा गया की-पैड मोबाइल, दो अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 16 जून 2026 को बाबा का पूरा निवासी शिव शंकर पुत्र गणेश पासी ने सराय अकिल थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि रात करीब 9:30 बजे सब्जी बेचकर घर लौटते समय तीन युवकों ने उन्हें रोका। नींबू मांगने के बहाने उनसे मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में सराय अकिल थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बुधवार दोपहर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सराय पुलिया के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश कुमार पुत्र रामबाबू पासी, राज उर्फ अजीत पुत्र बच्चा लाल, निवासीगण मंदर देह माफी, थाना पुरामुफ्ती, प्रयागराज, तथा पिंटू कुमार पुत्र कमलेश कुमार, निवासी चंदूपुर, थाना सराय अकिल, कौशांबी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक की-पैड मोबाइल, दो देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया। बरामद दोपहिया वाहन को सीज कर दिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 15 जून की रात उन्होंने जवाहरगंज मार्ग के पास एक अन्य व्यक्ति को तमंचा दिखाकर डराया-धमकाया था और उसका मोबाइल छीन लिया था।पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कांवड़ यात्रा से पहले मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट:ADG, DIG और SSP ने सड़क पर उतरकर परखी सुरक्षा
आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। बुधवार को मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) भानु भास्कर, सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) अभिषेक सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने खुद सड़क पर उतरकर पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने थाना नई मंडी, मंसूरपुर, खतौली, खालापार और कोतवाली नगर क्षेत्र से गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। टीम ने खतौली गंग नहर, बागोवाली कट, भैंसी कट, शिव चौक, मीनाक्षी चौक, रामपुर तिराहा और राष्ट्रीय राजमार्ग-58 सहित कई संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। विशेष रूप से शिव चौक की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई, जहां हर वर्ष लाखों कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, रूट मैनेजमेंट और ट्रैफिक संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ADG भानु भास्कर ने अधिकारियों से संभावित श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं, फायर ब्रिगेड, आपातकालीन रिस्पॉन्स और पुलिस बल की तैनाती की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तराखंड पुलिस और आसपास के जिलों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों, संकेतक बोर्डों, प्रकाश व्यवस्था और डायवर्जन प्लान की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, दुर्घटना या जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समय रहते तैयारियां पूरी करें। इस दौरान SP सिटी अमृत जैन, SP देहात अक्षय संजय महाडीक, CO नई मंडी राजू कुमार साव, CO खतौली रूपाली रॉय चौधरी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
ढाई लाख की धोखाधड़ी, युवक गिरफ्तार:रतनगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में 2 लाख रुपए बरामद किए
चूरू के रतनगढ़ में ढाई लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग दो लाख रुपए भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई मामला दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर की गई। प्रतिक रंजन सोनी ने रतनगढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रतिक एसबीआई बैंक के एक केंद्र का संचालन करते हैं, जहां नकदी लेनदेन का काम होता है। उनके केंद्र पर श्रीगंगानगर निवासी संजय सैन कार्यरत था। प्रतिक ने 4 जुलाई को संजय को बैंक में जमा कराने के लिए साढ़े तीन लाख रुपए नकद दिए थे। संजय ने इसमें से एक लाख रुपए बैंक में जमा कर दिए, लेकिन शेष ढाई लाख रुपए लेकर फरार हो गया। यह घटना 6 जुलाई को दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच का जिम्मा एएसआई धर्मेंद्र को सौंपा गया, जिन्होंने आरोपी की तलाश में सूरतगढ़ तक पीछा किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने संजय सैन को सूरतगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 1 लाख 99 हजार 100 रुपए बरामद किए गए। पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश करेगी।
श्रीगंगानगर में सदर थाना क्षेत्र के खुराना आयशर ट्रैक्टर शोरूम में शातिर चोरों ने मंगलवार रात को चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने शोरूम की तीसरी मंजिल से चढ़ाई की और फर्स्ट फ्लोर पर आकर दीवार में छेद किया और गेट खोलकर अंदर घुस गए। इसके बाद शोरूम से 2 लाख रुपए की चांदी की शील्ड्स, गल्ले में रखे 5 हजार कैश और अन्य सामान चुराकर फरार हो गए। चोरी के दौरान चोरों ने शोरूम के फ्रिज से पानी की पांच बोतलें निकालकर पी लीं। साथ ही कोका-कोला और जीरा की बोतलें भी खाली कर दीं। शोरूम के मालिक विनोद खुराना ने बताया कि बुधवार सुबह जब वे शोरूम पहुंचे तो गेट टूटा हुआ मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अब आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुट गई है।
धान के खेत से युवक का नग्न शव मिला:मोतिहारी में शादी के भोज से लौटते समय लापता, गांव में सनसनी
मोतिहारी के मलाही थाना क्षेत्र के बड़हरवा गांव में धान के खेत से एक युवक का शव बरामद होने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बुधवार सुबह ग्रामीण खेत की ओर गए थे, जहां उन्होंने धान के खेत में एक युवक का नग्न शव देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना मलाही थाना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष सुमन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। शादी के भोज में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थेमृतक की पहचान बड़हरवा गांव निवासी 35 वर्षीय चंद्रकिशोर साह के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि चंद्रकिशोर साह पिछले लगभग एक वर्ष से मानसिक रूप से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात वह गांव में एक शादी के भोज में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें रात करीब एक बजे तक गांव में देखा गया था, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। गांव में शोक और दहशत का माहौलबुधवार सुबह शव मिलने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अरेराज डीएसपी रवि कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आपसी रंजिश सहित सभी संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।
शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिला निबंधन कार्यालय में जमुआरा/कटनीकौल स्थित 5 एकड़ भूमि को 30 वर्षों के लिए लीज पर देने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह कार्रवाई एडीएम लखींद्र पासवान की उपस्थिति में संपन्न हुई। भवन निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होगा-एडीएम एडीएम लखींद्र पासवान ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने का प्रयास रहेगा, ताकि बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। उन्होंने बताया कि इस केंद्रीय विद्यालय के खुलने से जिले के हजारों ग्रामीण छात्रों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। एडीएम ने आगे कहा कि जमुआरा/कटनीकौल क्षेत्र में मिली यह 5 एकड़ भूमि विद्यालय को खेल का मैदान, आधुनिक लैब और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करेगी। यह 30 साल की लीज शेखपुरा में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला निबंधन पदाधिकारी, केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य और अंचलाधिकारी, शेखपुरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बिलासपुर में अघोषित बिजली कटौती से परेशान सकरी के नागरिकों और व्यापारियों ने बुधवार (8 जुलाई) को सकरी बंद रखा। व्यापारियों ने बाजार बंद कर बिजली कार्यालय का घेराव किया और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा। सकरी व्यापारी संघ के अनिल कौशिक ने बताया कि पिछले चार महीनों से सुबह के समय लगातार बिजली कटौती हो रही है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को तीन बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में व्यापारी संघ ने सकरी बंद का निर्णय लिया, जिसे क्षेत्रवासियों का भी समर्थन मिला। बाजार बंद, व्यापार पर असर बुधवार सुबह सकरी के अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली नहीं रहने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो जाते हैं, ग्राहक परेशान होते हैं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पानी की समस्या भी बढ़ी व्यापारियों ने बताया कि सुबह बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कारोबार ठप होने से दुकानदार अपने कर्मचारियों को समय पर मजदूरी तक नहीं दे पा रहे हैं। बिजली कार्यालय का घेराव व्यापारी और स्थानीय नागरिक बिजली कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी व्यापारी संघ ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे सकरी क्षेत्र की जनता की समस्या को लेकर है। यदि अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा चक्का जाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।
बारिश ने खोली नगर पालिका के दावों की पोल:घुमना बाजार, तलैया मोहल्ला में जलभराव; वाहन बंद, लोग परेशान
फर्रुखाबाद में बुधवार को हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के प्रमुख बाजारों और मोहल्लों, जैसे घुमना बाजार, तलैया मोहल्ला और मदारबाड़ी, में डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इससे सड़कों पर जलभराव हो गया और राहगीरों व दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के सबसे व्यस्त घुमना बाजार की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। दुकानों के सामने पानी भर जाने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई, और कई लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। मदारबाड़ी और तलैया मोहल्ले में भी सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे स्थानीय लोगों को घंटों आवागमन में दिक्कतें हुईं। जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जिन्हें लोगों को धक्का लगाकर निकालना पड़ा। स्थानीय दुकानदार इस्लाम भाई ने बताया कि यह समस्या हर बारिश में होती है। उन्होंने नगर पालिका पर नालियों की समय पर सफाई न कराने का आरोप लगाया, जिससे बारिश का पानी नहीं निकल पाता। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव से व्यापार भी प्रभावित होता है, क्योंकि ग्राहक बाजार आने से कतराते हैं। कई बार दुकानों के अंदर तक पानी पहुंचने का खतरा रहता है। दुकानदारों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी प्रणाली की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका हर वर्ष नालों और नालियों की सफाई के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों ने जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और नियमित नालियों की सफाई की मांग की है। ग्रामीण क्षेत्र में भी हो रही बारिश ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो कायमगंज, कमालगंज, अमृतपुर, नवाबगंज, मोहम्मदाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हो रही है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। खेतों में जो मक्का खड़ी हुई है उसके लिए भी यह बारिश लाभदायक है।
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के एक रोड शो के दौरान भगवान बजरंगबली के स्वरूप के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का मामला अब मुजफ्फरनगर भी पहुंच गया है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस पूरे प्रकरण को बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मोर्चा ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मोर्चा का कहना है कि 5 जुलाई 2026 को लखनऊ में आयोजित रोड शो के दौरान बजरंगबली का स्वरूप धारण किए एक व्यक्ति के हाथ में भाजपा का झंडा देकर प्रस्तुति कराई गई। संगठन का आरोप है कि इस प्रकार धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर उपयोग सनातन धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र गौतम ने कहा कि किसी भी देवी-देवता या धार्मिक स्वरूप का चुनावी अथवा राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा देवी-देवताओं के स्वरूप या धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि इस प्रकार के विवाद दोबारा पैदा न हों। मोर्चा ने यह भी मांग की कि संबंधित प्रकरण पर भाजपा नेतृत्व सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करे। संगठन का कहना है कि धार्मिक आस्था किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर है और उसका सम्मान सभी को करना चाहिए। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आंदोलन करेगा।
तेलंगाना के गाचीबोली स्टेडियम में जूनियर राष्ट्रीय बालिका रग्बी चैंपियनशिप (6-8 जुलाई ) आयोजित हुई। इसमें बिहार की टीम ने अपना लोहा मनवाते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया है। मंगलवार को खेले गए रोमांचक और निर्णायक मुकाबले में बिहार ने पश्चिम बंगाल को 37–5 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त देकर तीसरा स्थान हासिल किया। नालंदा की बेटियों का शानदार प्रदर्शन बिहार की इस ऐतिहासिक जीत में नालंदा की दो होनहार खिलाड़ियों, कोमल कुमारी और खुशी कुमारी ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने मैदान पर जबरदस्त आक्रामक खेल दिखाया। विशेषकर कांस्य पदक मुकाबले में उन्होंने कई महत्वपूर्ण 'ट्राई' कर टीम को एकतरफा जीत दिलाने में बड़ी मदद की। रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंशी राकेश राज ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि इनकी प्रतिभा ने न केवल नालंदा, बल्कि पूरे बिहार का मान राष्ट्रीय पटल पर बढ़ाया है। खेल जगत में खुशी की लहर बिहार टीम की इस सफलता पर खेल प्रेमियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है। ग्रामीण विकास मंत्री सह रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के संरक्षक श्रवण कुमार, अध्यक्ष संजय प्रकाश मयूख और सचिव पंकज ज्योति ने पूरी टीम को बधाई दी है। जिला खेल पदाधिकारी आलोक चंद चौधरी, रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष मुन्नालाल, डॉ. रवि चंद कुमार, संजय कुशवाहा (निदेशक, एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट एंड स्पोर्ट्स ज़ोन) और विवेक कुमार समेत खेल संघ के अनेक पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। टीम की इस उपलब्धि से राज्य में रग्बी के प्रति युवाओं का उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।
बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने भोपाल में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव सौंपे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 13 प्रमुख सड़कों के निर्माण की स्वीकृति देने का आग्रह किया। 13 ग्रामीण सड़कों के निर्माण का रखा प्रस्ताव विधायक मंजू दादू ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे पत्र में बाड़ा जैनाबाद, बाकड़ी, चाकबारा, चिड़ियामाल, हैदरपुर, असीर, धुलकोट और सांईखेड़ाकला सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली 13 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। साथ ही विकसित भारत ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ विधायक ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से गांवों की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, जबकि विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों का आवागमन भी आसान होगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलेगी। शिवराज सिंह चौहान ने दिया आश्वासन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेपानगर क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए प्रस्तावों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। विधायक मंजू दादू ने उम्मीद जताई कि स्वीकृति मिलने के बाद हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत बनाने की यह पहल नेपानगर विधानसभा के विकास में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
4 महीने से बिजली का इंतजार कर रहा बीज गोदाम:1.20 लाख जमा, फिर भी नहीं मिला कनेक्शन
चंदौली के सकलडीहा स्थित राजकीय बीज गोदाम में बिजली कनेक्शन का इंतजार अब चार महीने से ज्यादा लंबा हो गया है। विभाग ने कनेक्शन के लिए आवेदन करने के साथ ही विद्युत विभाग में 1.20 लाख रुपये की धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी में जहां गोदाम के अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं, वहीं ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावित होने से किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ई-पास मशीन और कंप्यूटर बंद, ऑनलाइन काम प्रभावित राजकीय बीज गोदाम में वर्तमान समय में बीज वितरण से लेकर अन्य विभागीय कार्य ऑनलाइन माध्यम से किए जाते हैं। बिजली नहीं होने के कारण ई-पास मशीनें और कंप्यूटर संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन में किसानों को विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध कराने में कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 80 लाख से ज्यादा लागत से बना था मल्टीपरपज सीड स्टोर सकलडीहा का यह मल्टीपरपज सीड स्टोर वर्ष 2021 में 80.14 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ था। इसके शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों को बीज समेत अन्य कृषि सुविधाएं मिलने लगी थीं। विभाग ने इसी साल मार्च महीने में गोदाम के लिए सात किलोवाट बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी समय पर जमा कर दिया गया, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण अब तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है। केबल नहीं होने का दिया जा रहा हवाला बीज गोदाम प्रभारी गौतम मौर्या ने बताया कि कनेक्शन के लिए आवेदन और भुगतान किए हुए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है। उन्होंने कहा कि बिजली न होने से विभागीय कार्यों में बाधा आ रही है। विद्युत विभाग से संपर्क करने पर केबल उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि बिजली विभाग के ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम अटका हुआ है। कर्मचारी का कहना है कि ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। किसानों ने उठाए सवाल, अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि जब सरकारी संस्थान में ही बिजली व्यवस्था समय पर नहीं हो पा रही है तो आम उपभोक्ताओं की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। किसान अनिल सिंह, किसान सिंह और मिंटू सिंह ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण महत्वपूर्ण कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन देकर गोदाम की व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध हो सके। एसडीओ ने मामले से पल्ला झाड़ा, एक्सईएन के पास भेजा मामला बिजली कनेक्शन में देरी को लेकर जब एसडीओ सियाराम यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला एक्सईएन साहब के संज्ञान में है, उन्हीं से बात की जाए। अब देखना होगा कि चार महीने से लंबित पड़े इस कनेक्शन को लेकर विद्युत विभाग कब तक कार्रवाई करता है, ताकि किसानों को मिलने वाली सुविधाएं फिर से पटरी पर आ सकें।
न्यू नोएडा परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने लगी है। किसानों से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने पांच लेखपाल तैनात किए हैं। इनमें से एक लेखपाल ने बुधवार को प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित कार्यालय में ज्वाइन भी कर लिया। सभी लेखपाल औपचारिकताएं पूरी होने के बाद न्यू नोएडा में शामिल 80 गांवों का सर्वे और जमीनी आकलन शुरू करेंगे। प्राधिकरण के मुताबिक किसानों से जमीन जबरन नहीं ली जाएगी। भूमि अधिग्रहण पूरी तरह आपसी सहमति के आधार पर होगा। इसके लिए लेखपाल गांव-गांव कैंप लगाएंगे और किसानों से सीधे बातचीत कर उन्हें मुआवजा नीति की जानकारी देंगे। पहले चरण में 37 गांवों से होगी शुरुआत भूमि अधिग्रहण के पहले चरण में 37 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें बुलंदशहर के 24 और गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव हैं। इन्हीं गांवों में सबसे पहले कैंप लगाकर किसानों से सहमति लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। 80 गांवों का बनेगा GIS मैप न्यू नोएडा को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने के लिए 80 गांवों का जीआईएस (Geographic Information System) आधारित डिजिटल मैप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए नदियों, नहरों, तालाबों, मुख्य और आंतरिक सड़कों, हाईवे समेत सभी प्राकृतिक और आधारभूत संरचनाओं का डेटा जुटाया जा रहा है। इसी आधार पर शहर की विस्तृत प्लानिंग होगी। चार चरणों में विकसित होगा नया शहर 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसने वाले न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। 2023-2027: 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास 2027-2032: 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित होगा 2032-2037: 5,908 हेक्टेयर में विकास कार्य 2037-2041: 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा पहले चरण की समयसीमा नजदीक होने के कारण प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। किसानों को दो विकल्प प्राधिकरण ने यमुना प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा नीति लागू की है। 4300 रुपए प्रति वर्गमीटर मुआवजा उन किसानों को मिलेगा जो विकसित प्लॉट नहीं लेना चाहते। 3800 रुपए प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 7% विकसित भूखंड का विकल्प उन किसानों के लिए होगा, जो विकसित प्लॉट लेना चाहेंगे। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया किसानों की सहमति और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी।
हजरतगंज में साल 2022 में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे स्पेशल पॉक्सो प्रथम कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 51-51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा पुलिस कमिश्नरेट के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद सुनाई गई। 7 नवंबर 2022 को दर्ज हुआ था मुकदमापुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2022 को हजरतगंज कोतवाली में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 386/2022 दर्ज कर जांच शुरू की।विवेचना के दौरान पुलिस ने दादू उर्फ आकाश पुत्र हरिश्चंद्र कनौजिया निवासी चौपड़ हॉस्पिटल, नवल किशोर रोड, हजरतगंज को गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ने पर तुसी उर्फ आदित्य गुप्ता निवासी भेड़ी वाली कोठी, हजरतगंज का नाम भी सामने आया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।एक महीने में दाखिल कर दी गई थी चार्जशीट पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद 8 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 365, 376डी, 323, 504 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामला एडीजे स्पेशल पॉक्सो प्रथम कोर्ट में विचाराधीन था। किन धाराओं में कितनी सजा मिली अदालत ने दोनों दोषियों को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अपराध में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 363 (अपहरण) में 5 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना। धारा 365 (अपहरण कर बंधक बनाना) में 5 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना।धारा 323 (मारपीट) में 1 वर्ष का कारावास और 1 हजार रुपये जुर्माना। सभी धाराओं को मिलाकर प्रत्येक दोषी पर कुल 51-51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ विकासखंड की ग्राम पंचायत देवगढ़ के कलकोट गांव में मनरेगा के तहत बनी पुलिया पहली तेज बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई। वर्ष 2020 में करीब 12 से 13 लाख रुपए की लागत से बनी पुलिया का एक हिस्सा तेज बहाव में बह गया। इससे गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया का निर्माण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराया गया था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। पुलिया बनने के कुछ समय बाद ही उसमें दरारें दिखाई देने लगी थीं। इस बार मानसून की पहली तेज बारिश में उसका एक हिस्सा बह गया। गांव का संपर्क प्रभावित, एम्बुलेंस पहुंचना मुश्किल पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आदिवासी बहुल कलकोट गांव के दो हिस्सों के बीच आवागमन लगभग ठप हो गया है। यही पुलिया गांव का मुख्य संपर्क मार्ग थी। नदी में पानी बढ़ने पर लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं की चिंता बढ़ गई है। बारिश के दौरान स्कूली बच्चों को क्षतिग्रस्त पुलिया और उफनते नाले के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द नई व मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। जनपद पंचायत मोहखेड़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डी.के. कर्पे ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र में 27 और 28 जून को हुई जानलेवा हमला और फायरिंग की वारदातों के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर महिपाल सिंह(35) पुत्र बलवीर सिंह निवासी खारड़ी को गिरफ्तार को पकड़ा है। मारवाड़ जंक्शन थानाधिकारी राजेंद्र खदाव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। साथ ही तकनीकी संसाधनों और लगातार की जा रही तलाश के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया। कार को टक्कर मारने और फायरिंग का आरोपजानकारी के अनुसार, 27 जून को सूर्यनगर स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास मूलसिंह उर्फ अर्जुन सिंह निवासी गुड़ा रामसिंह की कार को टक्कर मारकर उन पर जानलेवा हमला किया गया था। इसके अगले दिन 28 जून की दोपहर मारवाड़ जंक्शन थाने जा रहे मूलसिंह उर्फ अर्जुन सिंह और उनके साथ मौजूद ग्रामीणों पर नृरसिंहपुरा चौराहे के पास जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिपाल सिंह इन दोनों घटनाओं का मुख्य आरोपी है। आरोपी के खिलाफ पहले से चार मामले दर्ज हैं। इनमें सदर थाना, सोजत रोड थाना, सिरियारी थाना और मारवाड़ जंक्शन थाना में एक-एक मुकदमा शामिल है। सोजत रोड थाने में वर्ष 2017 में उसके खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों एवं घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।
नीमच में प्रदेश सरकार के पटवारियों की पदोन्नति न किए जाने के आदेश के खिलाफ जिलेभर के पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिला पटवारी संघ के बैनर तले पटवारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में उनकी पांच सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिस पद पर भर्ती, उसी से हो रहे सेवानिवृत्त पटवारियों का कहना है कि वे जिस पद पर भर्ती होते हैं, वर्षों की सेवा के बाद भी उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकार की इस नीति के कारण पटवारी संवर्ग में गहरा आक्रोश है और उन्होंने इसे अपने साथ अन्याय बताया है। अटके कैडर रिव्यू समेत उठाईं पांच सूत्रीय मांगें ज्ञापन में पटवारियों ने शासन स्तर पर अटके कैडर रिव्यू प्रस्ताव को तत्काल लागू करने और अन्य विभागों की तर्ज पर पदोन्नति देने की मांग की है। इसके अलावा पदोन्नति से वंचितों को समयमान वेतनमान देने, पिछले 25 वर्षों में केवल एक बार हुई नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा को दोबारा कराने, नियमित परामर्शदात्री बैठकें करने और जिले से बाहर स्थानांतरित पटवारियों को कार्यमुक्त करने की मांग शामिल है। नवंबर में मिला आश्वासन अब तक अधूरा पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात के दौरान महाधिवेशन का आश्वासन मिला था। हालांकि, अब तक इसकी तारीख तय न होने और कोई आदेश जारी न होने से पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम को सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरिजाघर पर धरना‑प्रदर्शन किया । सपाईयों का आरोप है कि भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ भ्रामक और झूठी बातें फैलाई हैं। प्रदर्शन में समाजवादी नेताओं ने कहा कि पिछले ढाई साल में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की टिन्नू यादव से 980 बार बात होने जैसी आरोपात्मक खबरें फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। छवि खराब करने की साजिशसपा एमएलसी डॉ मानसिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर चंदा चोरी वाले सांसद निशिकांत दुबे द्वारा भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। अखिलेश यादव की विगत ढाई सालों में टिन्नू यादव से लगभग 980 बार बात हुई है। उनका कहना है कि संवैधानिक पदों पर बैठ करके इस तरीके का ये भ्रम समाज में फैलाएंगे? और जब राम ने इनकी चोरी की पोल खोल दी, अब इन्हें जब कोई ठिकाना नहीं मिल रहा है, तो ये जनता को गुमराह करने के लिए, ध्यान भटकाने के लिए इस तरीके का अनर्गल बयान दे रहे हैं। जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि धूमिल हो रही है। जिसको लेकर के हम लोगों ने सोमवार यानी परसों रात में धूमनगंज थाने पर जाकर के एफआईआर (FIR) के लिए अपना प्रत्यावेदन दिया और थाने के द्वारा ये कहा गया कि आपको हम 7-8 घंटे के अंदर-अंदर ये एफआईआर की कॉपी दे देंगे। मंगलवार को जब संगठन के पूरे लोग थाने का घेराव किए। थाना अध्यक्ष बोले कि हम 5-6 घंटे में एफआईआर की कॉपी दे देंगे। जब हम लोगों ने बात किया शीर्ष अधिकारियों से, तो बोल रहे हैं कि ऊपर का दबाव है। ये सरकार संविधान से चलेगी कि ऊपर और नीचे की दबाव से चलेगी? पहले फैसला हो जाए और लोकतंत्र और संविधान को जिस तरीके से ये सरकार खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है, समाजवादी पार्टी के लोग चुप नहीं बैठेंगे और जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, हम लोग चैन से नहीं बैठेंगे। अहिंसात्मक पूर्ण तरीके से हमारे समाजवादी के लोग धरना देते रहेंगे। BJP राम के नाम पर चंदा चोरों को बचा रही सपा नेता संदीप यादव बोले कि भारतीय जनता पार्टी भगवान राम के चंदा चोरी, डकैती में उन डकैतों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसलिए इस तरीके से बयानबाजी करवा रही। झूठ परोस करके भारतीय जनता पार्टी हमेशा झूठ और धर्म के नाम पर लड़ा करके इस तरीके से राज करना चाहते हैं। जिस तरीके से निशिकांत दूबे के द्वारा ये जो कृत्य किया गया है यानी एक संवैधानिक पदों पर बैठा हुआ व्यक्ति इस तरीके से झूठ बोल रहा है। अभी तक ये लोग 46 में 56 जो झूठ फैलाते थे, तमाम तरीके की भ्रामक खबरें फैलाते थे, लेकिन हम समाजवादी लोग अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। इसको लेकर के हम लोग तब तक धरना स्थल पे हम लोग का चलता रहेगा धरना, जब तक मुकदमा नहीं हो जाता है। संवैधानिक पद की गरिमा गिरा रहे सांसद सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दान बहादुर मधुर का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी और उसके जो अपंजीकृत संगी साथी हैं, इन लोगों ने मिलकर के देश के धार्मिक स्थलों में जो अराजकता पैदा की है । इनके सांसदों द्वारा हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ऊपर भ्रामक टिप्पणी की गई है, बेबुनियाद टिप्पणी की गई है। जो व्यक्ति अभियुक्त है चंदा चोरी के मुकदमे में, उसके नाम को जोड़ करके लिया जा रहा है, इससे समाजवादी पार्टी की पूरी प्रदेश इकाई, प्रदेश के लोग, देश के लोग, जो भी समर्थक और शुभचिंतक हैं, सभी आक्रोशित हैं। थाना प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है।
करनाल पुलिस की सीआईए-1 टीम ने स्नैचिंग की एक वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की यह कार्रवाई एएसआई संजीव कुमार के नेतृत्व में की गई। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों को सेक्टर-16 टी-प्वाइंट क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पकड़े गए युवकों की पहचान आकाश, मनीष और सन्नी निवासी जनकपुरी गली नंबर-4, करनाल के रूप में हुई है। तीनों से पूछताछ के दौरान स्नैचिंग की वारदात का खुलासा हुआ। 4 जुलाई की वारदात का खुलासा मामले के जांच अधिकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने थाना शहर करनाल में दी शिकायत में बताया था कि बीती 4 जुलाई की शाम वह नई अनाज मंडी के पास से काम करके घर लौट रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए तीन युवकों ने उसे रोका, हाथापाई की और उसका मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता शिकायत के आधार पर थाना शहर करनाल में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-1 टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय ने स्नातक चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम (सत्र 2025-29) के सकेंड सेमेस्टर जून-2026 की प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा 10 जुलाई से 14 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरुण कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को अपने-अपने महाविद्यालय से संपर्क कर संबंधित विषयों की प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा की तिथि, समय और अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया है। परीक्षा का आयोजन संबंधित महाविद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। ऑनलाइन अपलोड करने का भी निर्देश दिया इधर, परीक्षा विभाग ने सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अलग से पत्र जारी कर प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा के सफल संचालन के लिए संबंधित महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र तथा प्राचार्य को केंद्राधीक्षक नियुक्त किया है। परीक्षा नियंत्रक ने निर्देश दिया है कि परीक्षा समाप्त होने के तीन दिनों के भीतर विषयवार प्रश्नपत्र, अंक पत्रक, उपस्थिति पत्रक सहित सभी आवश्यक अभिलेख विश्वविद्यालय कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा सभी महाविद्यालयों को 18 जुलाई तक यूएमआईएस (UMIS) पोर्टल पर परीक्षार्थियों के अंक ऑनलाइन अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि परिणाम प्रकाशित करने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। साथ ही परीक्षा संबंधी सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है।
कटनी पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गुम हुए 110 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है। बुधवार SP अभिनय विश्वकर्मा ने कंट्रोल रूम में 110 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस किए। अपना मोबाइल दोबारा पाकर लोगों ने कटनी पुलिस का दिल से धन्यवाद किया। इस मौके पर वहां आए लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई। लापरवाही के कारण गिरे थे मोबाइल, पुलिस ने ऐसे ढूंढा पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर मोबाइल फोन खुद मालिकों की लापरवाही की वजह से गुम हुए थे। कोई साप्ताहिक हाट-बाजारों में मोबाइल गिरा बैठा था, तो किसी का भीड़-भाड़ वाले इलाकों में छूट गया था, या फिर सफर के दौरान जेब से फिसल गया था। इन सभी लोगों ने इसकी शिकायत कटनी साइबर सेल और भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई थी। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने साइबर सेल को तुरंत काम पर लगाया था। साइबर टीम ने तकनीकी जांच-पड़ताल की और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों की साइबर सेल और पुलिस थानों से तालमेल बिठाकर इन 110 मोबाइलों को ट्रैक करके अपने कब्जे में ले लिया। मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें ये काम एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने जनता से अपील की है कि अगर कभी भी आपका मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो बिल्कुल भी देर न करें। तुरंत भारत सरकार के असली CEIR PORTAL पर जाएं और वहां अपने मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर ब्लॉक करवा दें।

