प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज छात्र ने अपने भाई के साथ मिलकर अपहरण की झूठी साजिश रची। छोटे भाई ने घर पर बताया कि, बड़े भाई को कुछ लोग स्कॉर्पियो में जबरन बिठाकर उसे ले गए। परिजनों ने पुलिस को अपहरण कि शिकायत दी। पुलिस ने तत्काल छात्र की तलाश शुरू की। छात्र के भाई के बताए अनुसार पुलिस ने इलाके के करीब 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद छात्र को जालौन जिले के उरई रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। यह पूरा घटनाक्रम करीब नौ घंटे तक चला। छात्र के बरामद होने पर पता चला कि अपहरण कि कहानी झूठी थी। अब पढ़िए पूरा मामला विस्तार से… पिता की डांट से नाराज होकर निकाल था छात्र कौंधियारा थाना क्षेत्र के रहनेवाले अंकित प्रताप सिंह प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। उनके दो बेटे विकास (16) और आकाश (14) हैं। विकास कक्षा 10वीं का छात्र है और आकाश 9वीं में पढ़ता है। शुक्रवार की सुबह पिता ने दोनों भाइयों को पढ़ने के लिए डांट लगाई थी। पिता की डांट से नाराज होकर दोनों घर से निकल गए। थोड़ी देर बाद आकाश घर वापस आ गया लेकिन विकास उसके साथ नहीं था। आकाश ने परिजनों को बताया कि मवैया-कौंधियारा मार्ग पर काली स्कॉर्पियो सवार लोगों ने दोनों भाइयों को अगवा कर लिया था। आरोपियों ने आकाश को गांव के बाहर छोड़ दिया और बड़े भाई विकास को अपने साथ ले गए। आकाश की इस कहानी पर परिजनों ने तत्काल कौंधियारा थाने में बेटे के अपहरण की शिकायत दी। छोटे भाई ने घर में सुनाई अपहरण की कहानी आकाश ने अपहरण की बात घर वालों को बताई थी। इस आधार पर पुलिस ने आकाश से पूछताछ की। तत्काल उसके बयानों के आधार पर इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। फुटेज में दोनों भाई साइकिल से जाते हुए दिखाई दिए, जिससे अपहरण की कहानी पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान छोटा भाई आकाश लगातार अपने बयान बदलता रहा। सख्ती से पूछने पर कहा- भाई मुंबई जा रहा है सख्ती से पूछने पर उसने स्वीकार किया कि उसने बताया की बड़े भाई का अपहरण नहीं हुआ है। बल्कि वह पिता की डांट से नाराज होकर चचेरे भाई के पास मुंबई जाना चाहता था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विकास की फोटो सर्क्यूलेट की और आसपास की सीसीटावी फूटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने जालौन से किया बरामद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि विकास गांव से ई-रिक्शा लेकर कौंधियारा बस स्टॉप पहुंचा। वहां से वह बस द्वारा रामबाग स्टेशन गया और फिर प्रयागराज जंक्शन पहुंचा। प्रयागराज जंक्शन से वह सूबेदारगंज होते हुए वाराणसी से मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (01074) स्पेशल ट्रेन में सवार हो गया था। डीसीपी के निर्देश पर छात्र की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गईं। पुलिस ने बेलवा गांव से शहर तक 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहनता से जांच की। ट्रेन में छात्र के सवार होने की सूचना मिलने पर जीआरपी कानपुर और फिर उरई को अलर्ट किया गया। शाम 5:44 बजे उरई स्टेशन पर चलाए गए सर्च अभियान के दौरान रात करीब 10 बजे छात्र विकास को सकुशल बरामद कर लिया गया। डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया अपहरण की सूचना झूठी थी। छात्र का इरादा गलत नहीं था, बल्कि वह केवल अपने चचेरे भाई के पास जाने के लिए घर से निकला था। पुलिस ने छात्र को प्रयागराज लाकर उसके परिजनों को सौंप दिया है।
रायपुर में ग्रेडर की टक्कर से महिला की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने मशीन फूंकी, देर रात तक प्रदर्शन
रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र के सिवनीकला गांव में शुक्रवार 19 जून की रात को सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद जमकर बवाल मच गया। घर के बाहर खड़ी एक महिला ग्रेडर वाहन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्रेडर में आग लगा दी और देर रात तक पुलिस व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। अब पढ़े क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, गांव में सड़क निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान महिला अपने घर के बाहर खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रेडर चालक ने वाहन को लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए महिला को टक्कर मार दी। वाहन के नीचे आने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने ठेकेदार और मशीन चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण एक निर्दोष महिला की जान चली गई। ग्रेडर में लगाई ग्रामीणों ने आग गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर खड़े ग्रेडर में आग लगा दी। देखते ही देखते मशीन धू-धू कर जलने लगी। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने मुआवजा देने की मांग की घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अभनपुर थाने पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने दोषी चालक और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
तेज स्पीड कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई:पलटी खाकर दूसरी तरफ गिरी, 4 घायल; NH 62 पर हुआ हादसा
लूणी क्षेत्र के नेशनल हाईवे 62 (NH-62) पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार उछलकर सड़क के दूसरी तरफ जाकर पलट गई। घटना मोगड़ा के पास की है। कार में कुल चार लोग सवार थे। इनमें से दो लोगों को मामूली चोट आईं, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस के पायलट मेहराम पचार और ईएमटी जितेंद्र सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना वक्त गंवाए घायलों को प्राथमिक उपचार देकर जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती करवाया। हादसे की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस भी तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार पाली की तरफ से आ रही थी। मोगड़ा के पास आते ही ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ गया और कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। डिवाइडर से टकराने के बाद कार पलटते हुए दूसरी लेन में जा गिरी। इस हादसे में कार के ऊपर का और सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त (चकनाचूर) हो गया।
अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत मौर्य को लखनऊ में 'योग गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने और अपने पर्वतारोहण अभियानों के दौरान योग एवं ध्यान के महत्व को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया है। हरदोई जिले के कोथावां ब्लॉक के सांता गांव निवासी अभिनीत मौर्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। संसाधनों की कमी और कठिन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पर्वतारोहण के साथ-साथ, अभिनीत पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में अफ्रीका महाद्वीप की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट केन्या पर तिरंगा फहराना शामिल है। हरदोई जिले के एकमात्र पर्वतारोही के रूप में, उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। इस अभियान के दौरान, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों और अत्यधिक ठंड का सामना करते हुए सुबह 6 बजकर 8 मिनट पर चोटी फतह की और 77 फीट लंबा तिरंगा फहराकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था। पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उन्हें 'स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस राज्य पुरस्कार में 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र शामिल थे। 'योग गौरव सम्मान' उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण सम्मान है।
हाथरस में एक आलू व्यापारी का शव पेड़ से लटका मिला है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय विष्णु पुत्र मूलचंद के रूप में हुई है, जो सहपऊ के नगला रमजू गांव का निवासी था। उसका शव आज सुबह खोंडा गांव के पास एक पेड़ से बरामद किया गया। विष्णु आलू का व्यापार करता था और बताया जा रहा है कि उसे व्यापार में भारी घाटा हुआ था। उस पर कई लोगों का कर्ज भी हो गया था। मृतक के पिता मूलचंद ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके बेटे को कर्ज के लिए लगातार परेशान करते थे और धमकी भी देते थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मृतक अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गया है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु का दसवां दीक्षांत समारोह 29 जून को आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल समारोह की अध्यक्षता करेंगी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक प्रोफेसर मधुलिका अग्रवाल मुख्य अतिथि होंगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के दस वर्ष पूरे कर ग्यारहवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 37 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 25 शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। कुलपति ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति विद्यार्थियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से पर्यावरण वैज्ञानिक प्रोफेसर मधुलिका अग्रवाल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने ओजोन परत क्षरण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया है। विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए प्रतिबद्ध है और जुलाई से नियमित शैक्षणिक सत्र शुरू करेगा। दीक्षांत समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित बालगृह 'किलकारी' का लोकार्पण करेंगी। यह सुविधा शिक्षकों और कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त, पूर्णतः डिजिटल विश्वविद्यालय पुस्तकालय और दिव्यांग विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए विशेष सुविधाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा। समारोह का मुख्य आयोजन विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में होगा। प्रेक्षागृह की सीमित क्षमता को देखते हुए कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय भवनों सहित विभिन्न स्थानों पर सीधा प्रसारण कराया जाएगा। विज्ञान संकाय की 18 कक्षाओं समेत अनेक स्थानों पर बड़ी स्क्रीन और अन्य तकनीकी माध्यमों से कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थी और शिक्षक समारोह से जुड़ सकें। विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के चार शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक, शोध और संस्थागत योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए नामांकन और चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया के बाद अंतिम चयन किया जाएगा। दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में पिछले सात वर्षों के दौरान किए गए विकासात्मक, सामाजिक और शैक्षिक कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा। इसके साथ विश्वविद्यालय स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित ‘दीक्षा उत्सव’ का शुभारंभ पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण और विशेष व्याख्यान के साथ किया गया था। विश्वविद्यालय परिसर में मियावाकी पद्धति से पौधरोपण भी किया गया है। 25 जून तक चलने वाले इस उत्सव के अंतर्गत चित्रकला, भाषण, निबंध, काव्य पाठ, लोकनृत्य, देशभक्ति गीत सहित विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर के साथ संबद्ध महाविद्यालयों में भी इन गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय की मासिक समाचार पत्रिका ‘कैंपस कनेक्ट’ के मई अंक तथा दसवें दीक्षांत समारोह के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का विमोचन भी किया गया। कुलपति ने बताया कि यह पत्रिका विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। विश्वविद्यालय के दस वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुआ है। कुलपति ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए डिजिटल नवाचार, वैश्विक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की है। साथ ही उन्होंने नवाचार आधारित उद्यम, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा संसाधन, स्वदेशी निर्माण, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तथा विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा व्यक्त की है।
सीहोर शहर के भोपाल नाका क्षेत्र में बीती रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर प्रसिद्ध श्री बजरंग मंदिर की बाहरी दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। भोपाल नाका की ओर से आ रही थी कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दुर्घटना देर रात उस समय हुई जब भोपाल नाका की ओर से एक कार तेज गति से आ रही थी। अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे मंदिर की बाहरी दीवार से जा भिड़ी।स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण चालक कार को नियंत्रित नहीं कर सका। टक्कर की आवाज सुनकर जमा हुए लोग हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर तत्काल मौके पर पहुंच गए। दुर्घटना स्थल पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ लग गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मंदिर की दीवार का बड़ा हिस्सा ढहा कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि श्री बजरंग मंदिर की सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह टूट गया। दीवार के मलबे आसपास बिखर गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर के बाहर क्षति साफ दिखाई दे रही थी। दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन का बोनट, बंपर और सामने का हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर की मजबूत दीवार भी इसका सामना नहीं कर सकी। रात का समय होने से टली बड़ी दुर्घटना गनीमत रही कि हादसा देर रात हुआ, जब मंदिर परिसर और सड़क पर लोगों की आवाजाही बहुत कम थी। उस समय न तो मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी और न ही सड़क पर ज्यादा यातायात था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा दिन के समय होता तो मंदिर के आसपास मौजूद श्रद्धालुओं या राहगीरों की जान को खतरा हो सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। मुख्य गर्भगृह और प्रतिमा सुरक्षित हादसे में मंदिर की बाहरी सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा, लेकिन मंदिर के मुख्य गर्भगृह और प्रतिमा को किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई। यह जानकारी सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी जानकारी एकत्र की। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की और प्रारंभिक जानकारी जुटाई। क्रेन से हटाया गया क्षतिग्रस्त वाहन दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे फंसी हुई थी। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस ने क्रेन बुलाकर वाहन को मौके से हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। इसके बाद मार्ग को सामान्य बनाने के प्रयास किए गए ताकि आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। हादसे के कारणों की जांच जारी पुलिस इस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक रफ्तार और चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं पुलिस इस संभावना पर भी जांच कर रही है कि कहीं चालक को नींद आने या किसी अन्य कारण से वाहन अनियंत्रित तो नहीं हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने भोपाल नाका जैसे व्यस्त चौराहों और मोड़ों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड कंट्रोल उपाय, संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
रोहट में लापता अधेड़ का शव मिला:निर्माणाधी बाइपास के पास झाड़ियों में मिली बॉडी
पाली जिले के रोहट क्षेत्र में एक दिन से लापता चल रहे अधेड़ व्यक्ति का शव निर्माणाधीन बाइपास के पास झाड़ियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर रोहट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रोहट अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मृतक की पहचान रोहट निवासी लुणदास पुत्र गिरधारीदास के रूप में की है। रोहट थाना प्रभारी पदमपाल सिंह ने बताया कि लुणदास गुरुवार को घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी। शुक्रवार को निर्माणाधीन बाइपास के निकट झाड़ियों में एक शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां मृतक की पहचान लुणदास के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। आज शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है तथा मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजाब फतह की तैयारी में भाजपा, अमित शाह ने संभाली कमान; बंगाल मॉडल पर बनेगी चुनावी रणनीति
Punjab Assembly Election 2027 की तैयारियों में भाजपा ने तेजी लाई है। अमित शाह ने चुनावी कमान संभालते हुए संगठन मजबूत करने, ड्रग्स मुद्दा, कानूना व्यवस्था और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर रणनीति तैयार की है।
कन्नौज के लोहिया पार्क में शनिवार सुबह डीएम-एसपी ने दलबल के साथ श्रमदान किया। अधिकारियों ने पार्क में साफ-सफाई करते हुए नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। पार्क की साफ-सफाई करते वक्त डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। स्वच्छ वातावरण से न केवल स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है, बल्कि समाज में सकारात्मकता एवं अनुशासन की भावना भी विकसित होती है। एसपी बिनोद कुमार ने सभी लोगों से अपने घर, कार्यालय और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। स्वच्छता अभियान के तहत जिले के समस्त थाना, चौकी और विभिन्न शाखाओं में नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भी अपने-अपने कार्यालय परिसरों, थाना परिसर, बैरक, आवासीय परिसर और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक साफ-सफाई की गई। इस दौरान कूड़ा-कचरा एकत्रित कर उसका उचित निस्तारण कराया गया तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया गया। कन्नौज जिले के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का संकल्प लिया। स्वच्छता अभियान के माध्यम से आमजन को स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
लखनऊ में हॉस्पिटल के बाहर से MR की बाइक चोरी:CCTV में कैद हुआ चोर: डॉक्टर से मिलने गया था MR
लखनऊ के हसनगंज इलाके में ग्रीन हॉस्पिटल के बाहर खड़ी एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) की बाइक चोरी हो गई। घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में एक युवक बाइक ले जाता दिखाई दे रहा है। फैजुल्लागंज के लक्ष्मी नगर निवासी नरेंद्र कुमार शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह एमआर हैं। शुक्रवार को वह ग्रीन हॉस्पिटल में डॉ. रुखसाना खान से मिलने गए थे। अस्पताल परिसर में बाइक खड़ी कर वह अंदर चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर उनकी लाल रंग की पैशन प्रो बाइक (UP34 AR 3821) मौके से गायब मिली। नरेंद्र ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बाइक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक युवक बाइक ले जाता हुआ दिखाई दिया। पीड़ित की तहरीर पर हसनगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और बाइक बरामद करने के प्रयास में जुटी है।
हिंदू जागरण मंच सहित अन्य हिंदू संगठनों द्वारा शनिवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ बड़ा आक्रोश प्रदर्शन किया जा रहा है। सकल हिंदू समाज के बैनर तले सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे श्री गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में एकत्रित होंगे और यहां से रैली निकालकर एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। संगठनों का आरोप है कि पुलिस 'लव जिहाद' रोकने वाले कार्यकर्ताओं पर पक्षपातपूर्ण तरीके से झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। इस पूरे विवाद की जड़ कुछ दिन पहले हुई एक घटना है। विठ्ठल मंदिर क्षेत्र में एक युवती अपने मुस्लिम मित्र फैजान के साथ ऑटो में बैठी थी। आरोप है कि तभी कुछ लोगों ने नाम पूछकर फैजान के साथ मारपीट की थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत पर हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय अधिकारी हर्ष बाथम, अक्षय मालवीय और दो अन्य के खिलाफ मारपीट व धमकाने का केस दर्ज किया था। संगठन का दावा- बिना जांच दर्ज की नामजद एफआईआरहिंदू संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी निष्पक्ष जांच के उनके पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पदाधिकारियों के मुताबिक, युवती ने स्वयं संगठन के लोगों से बातचीत के दौरान हर्ष बाथम को पहचानने से साफ इनकार किया था। इसके बावजूद तुष्टीकरण की नीति के तहत उन पर केस दर्ज कर दिया गया। इसी कथित हठधर्मिता के विरोध में आज समाज के लोगों से भारी संख्या में जुटने की अपील की गई है। टीआई को निलंबित करने की मांग, बुधवार को भी हुआ था प्रदर्शनआंदोलनकारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग कोतवाली टीआई प्रवीण आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की है। अपनी इसी मांग को लेकर बुधवार को भी हिंदू संगठनों ने कोतवाली थाना परिसर के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक धरना दिया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने थाने के मुख्य गेट पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया था और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। पुलिस का पक्ष- साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट पर हुई कार्रवाईदूसरी तरफ, हिंदू संगठनों के आरोपों पर कोतवाली टीआई प्रवीण आर्य ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है और सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कोतवाली टीआई प्रवीण आर्य ने कहा, पुलिस ने किसी द्वेष भावना से काम नहीं किया है, बल्कि पीड़िता के बयान, मेडिकल परीक्षण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की है। इस पूरे मामले में युवती के कथनों की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
रायपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को आरटीओ के ई-चालान के नाम पर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। ठगों ने एपीके फाइल भेजकर पीड़ित के बैंक खाते से 2.63 लाख रुपये से अधिक की राशि पार कर दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामलपा आजाद चौक थाना पुलिस के अनुसार प्रेम नगर, मोवा निवासी 35 वर्षीय आशीष वर्मा हिंदूजा फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं और उनका कार्यालय आजाद चौक क्षेत्र में स्थित है। 6 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में आरटीओ का ई-चालान होने का दावा किया गया था और उसके साथ एक एपीके फाइल भेजी गई थी। आशीष वर्मा ने इसे वास्तविक ई-चालान समझकर फाइल को डाउनलोड कर ओपन कर लिया। इसके कुछ ही समय बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना ली। देखते ही देखते उनके एक्सिस बैंक खाते से कुल 2 लाख 63 हजार 673 रुपये की राशि विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर कर ली गई। घटना की जानकारी पीड़ित को बाद में हुई। बैंक खाते की जांच करने पर रकम गायब होने का पता चला। इसके बाद आशीष वर्मा ने आजाद चौक थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस-साइबर सेल ने शुरू की जांच पुलिस ने मामले की जांच के लिए साइबर सेल की सहायता ली है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश को बिना सत्यापन के डाउनलोड या ओपन न करें।
रियल एस्टेट कंपनी जंता लैंड प्रमोटर्स लिमिटेड (JLPL) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को 5 करोड़ रुपए का कानूनी नोटिस भेजा है। कंपनी का आरोप है कि अदालत में मामला लंबित होने और स्टे होने के बावजूद उसका नाम कथित डिफॉल्टरों की सूची में शामिल कर उसकी छवि खराब की गई है। कंपनी की ओर से भेजे गए नोटिस में GMADA के मुख्य प्रशासक को संबोधित करते हुए डिफॉल्टर सूची से नाम हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो आगे कानूनी कदम उठाए जाएंगे। कंपनी को न्यायालय से राहत मिली मोहाली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह, जो JLPL से जुड़े हैं, ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और कंपनी को न्यायालय से राहत मिली हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले पर स्टे है, तो GMADA ने कंपनी का नाम डिफॉल्टरों की सूची में कैसे शामिल कर दिया। कुलवंत सिंह ने कहा, मामला अदालत में लंबित है और हमें कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। इसके बावजूद हमारा नाम डिफॉल्टर सूची में डालना समझ से परे है। कांग्रेस नेता ने उठाया था बकाया राशि का मुद्दा यह विवाद उस समय सामने आया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि GMADA के अधीन काम करने वाले बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स से सरकार 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की बकाया राशि वसूलने में विफल रही है। सिद्धू ने दावा किया था कि 20 प्रमोटरों को डिफॉल्टर सूची में शामिल किया गया है और उन पर कुल बकाया राशि 1,000 करोड़ रुपए से अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि JLPL पर अकेले करीब 152 करोड़ रुपए की देनदारी बकाया है।
सोजत-देसूरी SDM का ट्रांफसर:अब रविप्रकाश सोजत और विश्वजीत होंगे देसूरी एसडीएम
संयुक्ता शासन सचिव डॉ धीरज कुमार सिंह ने एक आदेश जारी कर 178 प्रशासिनक अधिकारियों के ट्रांसफर किए है। पाली जिले से देसूरी और सोजत एसडीएम के भी ट्रांफसर हुए है। सोजत एसडीएम मासिंगाराम को मांगरोल (बारां) एसडीएम लगाया है। वही देसूरी एसडीएम सिद्धार्थ सांधु का ट्रांसफर एसडीएम लोहावट (फलौदी) किया। इसके साथ ही फलौदी एसडीएम रवि प्रकाश को सोजत (पाली) एसडीएम और बारां एसडीएम विश्वजीत का ट्रांसफर देसूरी एसडीएम के पद पर किया गया। सहायक कलेक्टर जहाजपुर (भीलवाड़ा) दीपक सांखला को सहायक निदेशक लोक सेवाएं, प्रशासनिक सुधार एवं समन्यव विभाग पाली के पद पर लगाया गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अस्पताल से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुए 6 साल के मासूम अंश मैना को मथुरा में सुरक्षित ढूंढ निकाला गया है। भोपाल पुलिस की तत्परता और मथुरा रेलवे पुलिस (GRP) की सजगता के चलते बच्चे को पातालकोट एक्सप्रेस से बरामद किया गया। भोपाल पुलिस की एक स्पेशल टीम मथुरा पहुंची और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को अपने साथ सुरक्षित वापस भोपाल ले गई है। बच्चे के गायब होने से परेशान परिजनों को जब उसके सकुशल बरामद होने की सूचना मिली तो उनकी जान में जान आई है। भोपाल के अस्पताल से अचानक ओझल हुआ मासूम मूल रूप से शाहजहानाबाद (भोपाल) की रहने वाली सिमरन अपने इलाज के लिए रॉयल मार्केट स्थित मल्टीकेयर अस्पताल में भर्ती थीं। 16 जून 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे उनका 6 वर्षीय बेटा अंश मैना अस्पताल से नीचे उतरा और अचानक कहीं लापता हो गया। अंश का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। परिजनों ने जब उसे हर संभावित जगह ढूंढ लिया और वह नहीं मिला, तो मां ने कोहेफिजा थाने में गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 137(2) के तहत अपहरण की आशंका का मुकदमा दर्ज किया और हाई अलर्ट जारी कर दिया था। रेलवे स्टेशन पर की तलाशी भोपाल पुलिस के इनपुट और अलर्ट के बाद रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ा दी गई थी। इसी दौरान मथुरा स्टेशन पर खड़ी पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में तैनात जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) की नजर एक लावारिस बच्चे पर पड़ी। उसका हुलिया भोपाल से लापता अंश से हूबहू मेल खा रहा था। जीआरपी ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित अपने पास रखा और कानूनी सुरक्षा घेरा देते हुए अगले ही दिन उसे मथुरा की चाइल्ड लाइन संस्था के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान बच्चा खुद को खेड़ली मध्य प्रदेश का बताने लगा। मथुरा पहुंची एमपी पुलिस मथुरा में बच्चा बरामद होने की सूचना GRP ने भोपाल पुलिस को दी। इसके साथ ही उसकी तस्वीरें भी भेजी। तस्वीरों में अंश ही नजर आया। जिसके बाद शुक्रवार को मध्य प्रदेश पुलिस मथुरा पहुंची। जहां उसने तमाम जरूरी कार्यवाही करने के बाद बच्चे को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। इसके बाद भोपाल पुलिस देर शाम बच्चे को लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई। अब इस एंगल पर जांच कर रही पुलिस मासूम अंश के सकुशल मिल जाने से उसकी मां सिमरन और पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि, पुलिस के सामने अब भी एक बड़ा सवाल खड़ा है। कोहेफिजा थाना पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चा खुद भटकते हुए भोपाल स्टेशन पहुंचकर पातालकोट एक्सप्रेस में चढ़ गया था, या फिर कोई शातिर दिमाग अज्ञात आरोपी उसे बहला-फुसलाकर भोपाल से मथुरा तक ले आया था।
नीमच जिले के कानका गांव में इन दिनों सन्नाटा पसरा है। गांव की गलियों में लोग धीमी आवाज में बात करते हैं, लेकिन चर्चा एक ही है- आधा बीघा जमीन के लिए छोटे भाई ने बड़े भाई और भाभी की जान ले ली। गणेश मंदिर के पास बने घर के बाहर बैठे ग्रामीणों की आंखों में गुस्सा भी है और दर्द भी। कोई कहता है- जमीन तो फिर भी मिल जाती, लेकिन भाई कहां से वापस आएगा? तो कोई उस परिवार को याद कर रहा है, जो कुछ दिन पहले तक सामान्य जिंदगी जी रहा था। 17 जून को हुए इस खूनी संघर्ष में 55 वर्षीय पूरणमल और उनकी पत्नी संपत बाई की मौत हो गई। उनका बेटा जीवनलाल गंभीर रूप से घायल है। वह अस्पताल में भर्ती है। खेत तक पहुंचने से पहले ही दिखने लगते हैं वारदात के निशान दैनिक भास्कर की टीम जब गांव से करीब एक किलोमीटर दूर उस खेत तक पहुंची, जहां घटना हुई थी तो वहां अब भी संघर्ष के निशान मौजूद थे। जमीन पर सूखा पड़ा खून, बिखरा हुआ मिर्च पाउडर, पूरणमल का जूता, टूटे हुए नकली दांत और संपत बाई की एक चप्पल घटना की भयावहता बयां कर रहे थे। पास में खून से सनी बोरी पड़ी थी। खेत के किनारे लगे सीमेंट के खंभे भी उखड़े और टूटे हुए दिखाई दिए। पूरा दृश्य देखकर ऐसा लगता था कि यहां कुछ मिनटों में नहीं, बल्कि लंबे समय तक हिंसा का तांडव चला होगा। सुबह खंभे गिरे मिले, दोपहर तक उजड़ गया परिवार अस्पताल में भर्ती जीवनलाल ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह वह मवेशियों के लिए चारा डालने खेत पहुंचा था। वहां देखा कि उनकी जमीन पर लगे सीमेंट के खंभे टूटे और गिरे हुए हैं। घर लौटकर उसने पिता पूरणमल को इसकी जानकारी दी। कुछ देर बाद चाचा रामनिवास का फोन आया। उन्होंने कहा कि पटवारी से जमीन की नपती करवा लेते हैं, खेत पर आ जाओ। परिवार को लगा कि शायद लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुलझ जाएगा, लेकिन खेत पर पहुंचते ही तस्वीर बदल गई। पहले आंखों में मिर्च झोंकी, फिर लाठी-डंडों से हमला जीवनलाल के मुताबिक, खेत पर पहले से ही रामनिवास, उसकी पत्नी, साले और बच्चे मौजूद थे। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। जैसे ही पूरणमल, संपत बाई और जीवनलाल वहां पहुंचे, उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया गया। अचानक हुए हमले से तीनों संभल भी नहीं पाए और जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद हमलावरों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला शुरू कर दिया। सबसे पहले पूरणमल को निशाना बनाया गया। पत्नी और बेटा उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन हमलावर उन पर भी टूट पड़े। करीब 15 मिनट तक तीनों पर लगातार हमला होता रहा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब वे बेसुध हो गए, तो आरोपी उन्हें मृत समझकर मौके से चले गए। जिस जमीन पर झगड़ा था, वह सिर्फ आधा बीघा थी ग्रामीणों और परिवार के अनुसार विवाद की जड़ सिर्फ आधा बीघा जमीन थी। परिवार का कहना है कि दादी ने पांच बीघा जमीन का बंटवारा किया था। दोनों भाइयों को दो-दो बीघा जमीन मिली थी, जबकि एक बीघा जमीन जीवनलाल के नाम की गई थी। आरोप है कि रामनिवास ने इसी हिस्से में से आधा बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया था। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला पुलिस, पटवारी और राजस्व अधिकारियों तक भी पहुंचा था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। बेटे को अब तक नहीं बताया गया कि माता-पिता नहीं रहे पूरणमल की बेटी वंदना राठौर के लिए सबसे कठिन काम अभी बाकी है। वह बताती हैं कि उनके भाई जीवनलाल के दोनों हाथ-पैर में गंभीर चोटें हैं। उसकी हालत ऐसी नहीं है कि उसे एक साथ इतना बड़ा सदमा दिया जा सके। परिवार ने अब तक उसे यह नहीं बताया है कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। वंदना कहती हैं- डर लगता है कि अगर उसे यह खबर अभी बता दी, तो उसकी हालत और बिगड़ सकती है। गांव वालों की जुबान पर एक ही सवाल गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि दोनों भाइयों के बीच पहले इतने तनावपूर्ण संबंध नहीं थे। कई लोगों का दावा है कि पूरणमल विवाद खत्म करने के लिए जमीन देने को भी तैयार हो गए थे। उनकी शर्त सिर्फ इतनी थी कि परिवार के कुछ पुराने खर्चों का हिस्सा चुका दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन या राजस्व विभाग ने हस्तक्षेप किया होता, तो शायद मामला यहां तक नहीं पहुंचता। जिस भाई को पढ़ाया-लिखाया, उसी पर हत्या का आरोप गांव के लोग बार-बार एक बात दोहराते हैं कि पूरणमल ने संघर्ष करके परिवार को संभाला था। सब्जी बेचकर घर चलाया और छोटे भाई का भी सहयोग किया। इसी वजह से गांव वालों को यह घटना और ज्यादा विचलित कर रही है। एक ग्रामीण ने कहा, “किसी ने नहीं सोचा था कि जमीन का विवाद इस अंजाम तक पहुंच जाएगा।” अब घर में कमाने वाला कोई नहीं इस घटना ने सिर्फ दो जानें नहीं लीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा छीन लिया। पिता की मौत हो चुकी है। मां भी नहीं रहीं। बेटा अस्पताल में है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत नहीं थी। घर की जिम्मेदारी अब बेटियों और रिश्तेदारों के कंधों पर आ गई है। कानका गांव के लोग आज भी उस खेत की ओर देखते हैं, जहां आधा बीघा जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद दो सगे भाइयों के रिश्ते, एक परिवार की खुशियां और दो जिंदगियां निगल गया। ……………………… यह खबर भी पढ़ें आंखों में मिर्च झोंक कर भाई-भाभी की हत्या: जमीन विवाद में मारे लाठी-डंडे नीमच जिले की जावद तहसील के कानका गांव में बुधवार को जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। एक शख्स ने लोगों के साथ मिलकर सगे भाई की हत्या कर दी। हमले में मृतक की पत्नी और बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। राजस्थान के उदयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की भी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व राजधानी भोपाल योगमय नजर आई। शहर के प्रमुख स्थलों से लेकर स्टेडियम तक योग का उत्साह देखा गया। टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने हजारों युवाओं के साथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि नई पीढ़ी अब फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से अधिक सजग हो रही है। स्टेडियम में सुबह से ही युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान पूरा वातावरण अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा रहा। यहां योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बताया। नियमित योग से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शांत और संतुलित बनता है। युवाओं से केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने अपील की कि वे इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग बड़ा तालाब (बोट क्लब) में आयोजित दूसरे योग कार्यक्रम में भी शामिल हुए। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित इस सत्र में हजारों युवाओं ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। तालाब किनारे योग करते युवाओं का दृश्य बेहद आकर्षक और प्रेरणादायक रहा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के 190 से अधिक देश इसे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा है, जो अब वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। सामूहिक भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भोपाल का युवा वर्ग न केवल फिटनेस के प्रति जागरूक है, बल्कि देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद में गोलीबारी हुई है। शुक्रवार देर रात हत्याकांड के मुख्य गवाह अजीत कुमार(40) को चार गोली मारी गई है। हमले का आरोप पाटीदारों पर लगा है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक बनी हुई है। घटना मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक अजीत कुमार का अपने पाटीदारों (पड़ोसियों) के साथ करीब 47 बीघा पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी जमीनी विवाद के कारण वर्ष 2019 में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें अजीत के बड़े भाई अखिलेश राय की हत्या कर दी गई थी। अजीत कुमार अपने भाई की हत्या मामले में मुख्य गवाह थे और उन पर गवाही न देने का दबाव भी बनाया जा रहा था। यह घटना ऐसे समय हुई है जब शनिवार को इसी जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों को राजस्व अधिकारी के समक्ष पेश होना था। जमीन की मापी और कागजातों की जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई थी। घायल अजीत का आरोप है कि रास्ते से हटाने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया। दरवाजे पर अपराधियों ने घेरा घायल अजीत कुमार ने बताया कि शुक्रवार को गांव में ही भोज खाकर घर लौटा था। इसके बाद अपने घर के दरवाजे पर सो गए। इसी बीच देर रात उनके पड़ोसी परिवार के 5 से 6 लड़के हथियार के साथ वहां पहुंचे, जिनसे जमीन का विवाद चल रहा है। इससे पहले कि कुछ समझ पाता, दरवाजे पर चढ़कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। टारगेट करके चार गोलियां मारी गई, जिससे वह लहूलुहान हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन दौड़े, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। डॉक्टर बोले- हालत गंभीर बनी हुई है घायल का इलाज कर रहे डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि कुल चार गोलियां लगी है। अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। शरीर के अंदर एक गोली फंसी हुई है। जिसे ऑपरेशन करके निकाला जाएगा। SSP बोले- तीन पड़ोसी हिरासत में, जांच जारी मामले में मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आपसी जमीनी विवाद में यह गोलीबारी हुई है। इस परिवार में पूर्व में भी हत्या का मुकदमा दर्ज है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घायल के प्रारंभिक बयान और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन पड़ोसियों को हिरासत में लिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
एलएलबी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा समाप्त:पहले सेमेस्टर के परिणाम का इंतजार जारी
मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में एलएलबी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुक्रवार को संपन्न हो गईं। हालांकि, छात्रों को अभी तक पहले सेमेस्टर का परिणाम नहीं मिल पाया है, जिससे उनमें चिंता बनी हुई है।मंडल के 34 कॉलेजों में एलएलबी पाठ्यक्रम के छात्र प्रथम सेमेस्टर के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने लगभग एक माह पहले बीए, बीकॉम और बीएससी के परिणाम जारी कर दिए थे। एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम कुछ कॉलेजों की लॉगिन आईडी पर भेजा गया था, जिससे छात्रों को पता चला था कि बड़ी संख्या में उनकी बैक आई है।परिणाम में देरी को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन भी किया था। उनकी मुख्य मांग थी कि दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं से पहले प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी किया जाए। छात्रों के विरोध के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 23 मई को आदेश जारी कर परीक्षाएं 5 जून तक के लिए स्थगित कर दी थीं। इसके बावजूद, परिणाम जारी नहीं हो सका और 5 जून से शुरू हुई परीक्षाएं 19 जून तक संपन्न हो गईं।विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश द्विवेदी ने बताया कि परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय स्तर पर पूरी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थ टीम के साथ लगातार संपर्क में हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से परिणाम को कॉन्फ़िगर करने में देरी हो रही है। समर्थ टीम ने एक-दो दिन के भीतर परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया है। परिणाम जारी होने के बाद छात्रों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो सकेगी।
बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में प्रशासन की टीम ने देर रात टीचर कॉलोनी स्थित पीर बाबा मजार के रास्ते की दीवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान आजाद समाज पार्टी के नेता और पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया है। शुक्रवार देर रात नायब तहसीलदार, राजस्व विभाग और पुलिस अधिकारियों की एक टीम मजार पर पहुंची। उन्होंने मजार के दोनों रास्तों की तरफ बनी दीवारों को गिरा दिया। मजार कमेटी के सदस्यों ने इस कार्रवाई को एकतरफा और पक्षपातपूर्ण बताया है। दरअसल, यह पूरा मामला धामपुर थाना क्षेत्र का है। टीचर कॉलोनी के कुछ निवासियों ने पिछले दिनों उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि पीर बाबा की मजार का रास्ता राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, लेकिन यह केवल पैदल चलने वालों के लिए खुला है। कॉलोनीवासियों ने इस रास्ते को पूरी तरह खुलवाने की मांग की थी। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने दो दिन पहले पैमाइश की थी। बुलडोजर कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी। सूचना मिलने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के मंडल महासचिव विवेक सेन और धामपुर के सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सीओ धामपुर ने विवेक सेन से नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें फटकार भी लगाई। विवेक सेन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंद्रशेखर आजाद एडवोकेट को भी अवगत करा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें बातों में उलझाकर बुलडोजर चलाकर दीवार तोड़ दी। उन्होंने प्रशासन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उधर हिंदू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि यहां पर कागज में काफी समय से रास्ता दर्ज है, रास्ता खुलवाने की मांग कॉलोनी में लोग पिछले काफी दिनों से कर रहे थे।
बिजनौर के शिवाला कलां थाना क्षेत्र में नहर से बरामद युवक के शव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुरादाबाद जिले के ग्राम भोले की मिलक निवासी इमरान ने अपने छोटे भाई बिलाल (21) की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। परिजनों के अनुसार, बिलाल 16 जून को अपने मामा राशिद खां के गांव मंझोला बिल्लौच जाने की बात कहकर घर से निकला था। तीन दिन बाद 19 जून को उसका शव नहर से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि बिलाल का अपने मामा राशिद की पुत्री सादमा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के रिश्ते का लड़की पक्ष लगातार विरोध कर रहा था। परिवार का दावा है कि इसी कारण बिलाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। शव पर चोट के निशान मिलने से गहराया शकमृतक के भाई इमरान का कहना है कि शव पर कई स्थानों पर चोट के निशान मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलाल जिस टी-शर्ट को पहनकर घर से गया था, वह भी शव पर नहीं मिली। परिजनों का दावा है कि चोटों की प्रकृति सामान्य डूबने की घटना से मेल नहीं खाती और हत्या की आशंका को मजबूत करती है। चार लोगों पर हत्या की साजिश का आरोपतहरीर में मामा राशिद, मामी समर जहाँ, ममेरे भाई सादिक और सादमा पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि कथित रूप से झूठी शान और पारिवारिक प्रतिष्ठा के नाम पर बिलाल की हत्या कर शव को नहर में फेंका गया, ताकि घटना को हादसा या आत्महत्या का रूप दिया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाईशिवाला कलां थाना प्रभारी त्रिवेंद्र राठी ने बताया कि परिजनों से तहरीर प्राप्त हुई है, जिसमें हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी पुलिस ने देर रात ओवरलोड वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान बालू, ईंट, पत्थर और सवारियां ले जा रहे सात ट्रैक्टरों को सीज किया गया। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देश पर कौशांबी के विभिन्न थानों द्वारा यह अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। पिछले एक महीने में जिले में हुए कई सड़क हादसों में लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। इन दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है। चेकिंग अभियान के दौरान थाना पिपरी में एक, थाना पश्चिम शरीरा में एक, थाना कौशांबी में दो और थाना सैनी में तीन ट्रैक्टरों को सीज किया गया। ये सभी ट्रैक्टर ओवरलोड थे और बालू, ईंट, पत्थर या सवारियां ढो रहे थे। 4 तस्वीरें देखिए- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए सभी ट्रैक्टरों को ट्रॉली समेत नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए सीज किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यह अभियान जिले में लगातार जारी रहेगा।
IGRS निस्तारण में लापरवाही पर देवरिया डीएम सख्त:97 अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) से संबंधित मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। मई माह के आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई विभागों में 50 प्रतिशत से भी कम संतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, 80 प्रतिशत से कम मामलों में ही शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई। इस स्थिति से जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित प्रावधानों का पूरी तरह से पालन हो। समीक्षा के दौरान, खंड विकास अधिकारी, भटनी द्वारा आईजीआरएस प्रकरणों का संतोषजनक निस्तारण न किए जाने पर उन्हें चेतावनी जारी की गई। इसके साथ ही, विभिन्न विभागों के लगभग 97 अधिकारियों को भी आगाह किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतकर्ताओं से नियमित संपर्क स्थापित करें और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। जिन अधिकारियों को आगाह किया गया है, उनमें उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी, अधिशासी अभियंता, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, एलडीएम बैंक, खान निरीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सेवायोजन अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सामान्य प्रबंधक उद्योग सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के समय 'स्पॉट मेमो' तैयार किया जाए। शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से बात की जाए और संतुष्टि या असंतुष्टि की स्थिति को पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही जारी रही, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शनिवार को पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा के लिए फिर रवाना होगा। यह जत्था महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर धार्मिक यात्रा पर जा रहा है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से जत्थे को रवाना करेंगे। इस बार हरियाणा से कुल 66 श्रद्धालु पाकिस्तान जाएंगे। इनमें 33 श्रद्धालु ऐसे हैं, जिन्हें 10 जून को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटना पड़ा था। अब गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें दोबारा यात्रा का मौका मिला है। आज यह जत्था अमृतसर पहुंचेगा और रात अमृतसर गुरुद्वारा में रुकेगा। 30 जून को जत्था वापस आएगा। पहले यात्रा अधूरी रह गई थी दरअसल, 9 जून को हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान में गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। जत्थे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ बसों में सवार होकर अटारी बॉर्डर पहुंचे थे। उन्हें 10 जून को पाकिस्तान में प्रवेश करना था। 19 को लौटना इंडिया यात्रा के दौरान गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने और विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने का कार्यक्रम तय था। श्रद्धालुओं को 19 जून को वापस लौटना था। श्रद्धालुओं के पास वीजा समेत सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन भारतीय गृह मंत्रालय से अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें अटारी बॉर्डर पर रोक दिया गया। देर रात तक नहीं मिली मंजूरी श्रद्धालु देर रात तक अनुमति का इंतजार करते रहे, लेकिन मंजूरी नहीं मिली और उन्हें लौटना पड़ा। सबसे ज्यादा निराशा इस बात को लेकर रही कि उसी दौरान पंजाब और दिल्ली से गए श्रद्धालुओं के जत्थों को पाकिस्तान में प्रवेश मिल गया था। उनके लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से जरूरी अनुमति पहले ही प्राप्त कर ली गई थी। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन शिरोमणि अकाली दल (SAD) हरियाणा के अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम 12 जून को DC विश्राम कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा था। SAD की ओर से मामले की जांच के लिए 5 मांग रखी गई थी। अब फिर मिला मौका करीब 10 दिन बाद हरियाणा के श्रद्धालुओं को एक बार फिर पाकिस्तान जाने का अवसर मिला है। इस बार 66 सदस्यीय जत्था शनिवार को रवाना होगा और रविवार को अटारी-वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह है। खास बात यह है कि पिछली बार निराश लौटे 33 श्रद्धालु अब दोबारा इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। जगदीश झींडा करेंगे जत्थे को रवाना HSGMC प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर हरियाणा से श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान भेजा जा रहा है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालु ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। यह यात्रा सिख संगत की लंबे समय से जुड़ी धार्मिक आस्था का हिस्सा है।
बदायूं में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने शुक्रवार देर रात पुलिस क्षेत्राधिकारियों (सीओ) की नई पोस्टिंग सूची जारी की। इस सूची के तहत गैर जिले से स्थानांतरित होकर आए अंशुमन श्रीवास्तव को बिसौली का नया सीओ बनाया गया है, जबकि सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को क्राइम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सूची के अनुसार, बिसौली के पूर्व सीओ संजीव कुमार को एक बार फिर सीओ एसएसपी ऑफिस की जिम्मेदारी दी गई है। अंशुमन श्रीवास्तव अब बिसौली सर्किल के कार्यों का संचालन करेंगे। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को उनके मौजूदा प्रभार के साथ-साथ सीओ क्राइम का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। अन्य तबादलों में, उझानी सर्किल की जिम्मेदारी सुनील कुमार सिंह पर पूर्ववत बनी हुई है। सुरेंद्र यादव को सीओ महिला अपराध नियुक्त किया गया है, जबकि सुनील अहलावत को सीओ ट्रैफिक का प्रभार दिया गया है। संजीव कुमार का जिले में यह तीसरा कार्यकाल है, वे पूर्व में दो बार बिल्सी और दो बार बिसौली के सीओ रह चुके हैं। उनके सीओ सिटी रहते हुए एक ई-रिक्शा चालक गुलफाम ने एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह किया था, जिसके बाद उनसे यह प्रभार वापस ले लिया गया था। बिल्सी के सीओ रहते हुए भी इस्लामनगर में प्रभात फेरी विवाद में उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। हाल ही में बिसौली से उनके हटाए जाने को फैजगंज बेहटा में गोमांस का वजन करते हुए तस्कर का वीडियो वायरल होने की घटना को दबाने से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अयोध्या-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। कुमारगंज थाना क्षेत्र के बरईपारा कट के पास उनकी मोटरसाइकिल गोवंश से टकरा गई थी। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अंबेडकर नगर जनपद निवासी हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार वर्मा पुत्र वासुदेव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कुमार वर्मा मोटरसाइकिल से कुमारगंज की ओर से अयोध्या की ओर जा रहे थे। बरईपारा हाईवे कट के निकट रात लगभग 9:30 बजे उनकी बाइक एक गोवंश से टकरा गई। टक्कर के बाद सुरेंद्र कुमार वर्मा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल कुमारगंज पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर घायल हेड कांस्टेबल को उपचार के लिए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज पहुँचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष कुमारगंज सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा हेड कांस्टेबल की मोटरसाइकिल के गोवंश से टकराने के कारण हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक की वर्तमान तैनाती के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मृतक अंबेडकर नगर जनपद का रहने वाला हैं। पुलिस ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है। आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। अगर नेशनल हाईवे पर हो रही दुर्घटनाओं की बात की जाए तो एक सप्ताह में कई लोगों की मौत हो चुकी है,
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के ध्यानाकर्षण के बाद बिलासपुर जिले में सर्पदंश के फर्जी आंकड़े और 17.24 करोड़ के मुआवजा घोटाले की जांच चल रही है। अब तक राजस्व विभाग के पत्र पर 14 मामलों में FIR दर्ज हो चुका है। मुआवजे के इस फर्जीवाड़े में तहसील और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ वकीलों और मृतकों के परिजन शामिल हैं। राजस्व विभाग की इस जांच पर विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि, शासन ने जांच कराई यह स्वागतेय है। लेकिन, वो इस जांच से संतुष्ट नहीं है। क्योंकि 400 केस में करोड़ों रुपए का मुआवजा घोटाला हुआ है, जिसकी बारीकी से जांच और दोषियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है। जिससे भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, नागलोक कहे जाने वाले जशपुर जिले में पिछले 3 साल में केवल 96 मौतें दर्ज हुईं। जबकि अकेले बिलासपुर में 431 मौतें बताकर 17 करोड़ 24 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया। विधानसभा में काफी हंगामे के बाद इस पर सदन में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी। सर्पदंश के फर्जी मामलों का खुलासा होने के बाद 24 दिनों के भीतर शहर के 5 थानों में 14 मामलों में FIR हो चुकी है। एक मामले में तहसीलदार ने रतनपुर पुलिस को एफआईआर के लिए पत्र लिखा है। इस तरह अबतक 15 मामले सामने आ चुके हैं। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ मामलों में बिना परिजनों की सहमति के आरोपी मुआवजा लेकर बंदरबांट कर चुके हैं। स्वास्थ्य, राजस्व, नगर निगम के दर्जन भर कर्मचारी शामिल पुलिस ने इन मामलों में अब तक तहसील कार्यालय में निगम से अटैच ड्राइवर गोविंद विश्वकर्मा, अधिवक्ता खांडेकर, बिल्हा रंजीत चतुर्वेदी समेत दर्जन भर लोगों को पुलिस ने उठाया है। वहीं, जांच में सिम्स और अन्य तहसीलों के स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं। फिलहाल, पुलिस डॉक्टरों के नाम का खुलासा नहीं कर रही है। तोरवा पुलिस ने 2 मामलों में बिल्हा के एक वकील समेत तीन लोगों को कोर्ट में पेश किया है। सरकंडा थाना में पांच मामले दर्ज है। सिविल लाइन और कोनी में 6 प्रकरण और कोतवाली थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। तहसील में वकील और बिचौलियों की फौज बताया जा रहा है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के साथ ड्राइवर, चपरासी की अधिवक्ताओं से सांठगांठ है। यहां निगम से अटैच ड्राइवर गोविंद विश्वकर्मा पूर्व नाजिर निहाल ध्रुव के समय से छोटे मोटे काम कराना शुरू किया। इसके बाद कम्प्यूटर ऑपरेटर बन गया। पुलिस ने इससे भी दिनभर पूछताछ की है। बिल्हा में परिजन और डॉक्टर के खिलाफ हो चुकी है FIR बिल्हा क्षेत्र में सर्पदंश से हुई एक कथित मौत के मामले में शासन से 4 लाख रुपए का मुआवजा हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। जांच में यह बात सामने आई कि महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी, सह-आरोपी कामता साहू ने सामान्य मौत को सर्पदंश बताया था। इस पर इनके खिलाफ बिल्हा थाने में मामला भी दर्ज है। विधानसभा में मुद्दा उछलने के बाद उच्चस्तरीय जांच के आदेश विधानसभा में 5 मार्च 2024 को सुशांत शुक्ला ने ध्यानाकर्षण के तहत जिले में सर्पदंश के फर्जी आंकड़ों और करोड़ों के मुआवजा घोटाले का मुद्दा उठाया था। सदन में आंकड़े पेश करते हुए बताया गया था कि छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला, जिसे नागलोक कहा जाता है वहां पिछले तीन सालों में केवल 96 मौतें दर्ज हुईं। इसके विपरीत अकेले बिलासपुर में 431 मौतें बताकर 17 करोड़ 24 लाख रुपए का मुआवजे की बंदरबांट हुई है। काफी हंगामे के बाद इस पर सदन में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी। जानिए मुआवजे लिए कैसे सामान्य मौत को बताया सर्पदंश शासन के नियमों के अनुसार, सांप काटने पर 4 लाख रुपए मुआवजे का प्रावधान है। यही वजह है कि सरकारी मुआवजा हासिल करने लोगों ने अपने परिजनों की सामान्य मौत को सर्पदंश बताकर सरकार से लाखों रुपए मुआवजा ले लिए। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और मौत का कारण बदलकर मुआवजे के लिए आवेदन जमा किया गया। जांच में सामने आया कि महमंद निवासी संतोष कुमार सूर्यवंशी, पिता छतलाल ने अपनी पत्नी लता सूर्यवंशी की मौत को सर्पदंश बताकर 4 लाख रुपए का मुआवजा लिया था। इसी तरह सफीना बानो ने अपने पति निसार खां की मौत को सर्पदंश से होना बताकर 4 लाख रुपए प्राप्त किए। जांच में पता चला कि दोनों मामलों में वास्तविक मौत का कारण छिपाया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी पंचनामा और मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई। सर्पदंश बताने के लिए इस तरह तैयार होती है रिपोर्ट एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि, मामला सिर्फ दो आरोपियों तक सीमित नहीं लग रहा है। किसी मौत को सर्पदंश साबित करने पटवारी का पंचनामा, कोटवार की गवाही और सरकारी डॉक्टर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जरूरी होती है। ऐसे में बिना विभागीय स्तर पर मिलीभगत के इतनी बड़ी शासकीय राशि स्वीकृत होना संभव नहीं है। पुलिस अब राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूछताछ में कई नाम और सामने आएंगे एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने कहा कि, बीते 24 दिन में 5 थानों में 14 केस दर्ज हुए हैं। सभी मामलों थाना प्रभारियों ने जांच शुरू कर दी। इनमें खातों में रुपए लेने मृतक के परिजनों को रुपए का लालच देकर सामान्य मौत को फर्जी तरीके से सर्पदंश बनाने वालों के नाम हैं। सभी से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसमें और कई नाम सामने आएंगे। ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… 18 माह बाद कब्र से निकाली लाश, दोबारा पोस्टमॉर्टम:सुसाइड को सर्पदंश दिखाकर मुआवजा लेने रची साजिश; वकील-डॉक्टर समेत 5 पर दर्ज है FIR छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फर्जी सर्पदंश मामले में 18 महीने पहले दफन किए गए शव को बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में की गई। इसके बाद शव को दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए सिम्स के मॉर्च्युरी भेजा गया। पढ़ें पूरी खबर…
एमवीडीए का अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर:सौख रोड पर दो अनाधिकृत कॉलोनियों में कार्रवाई
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने जनपद में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है। उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन के निर्देश पर, बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमानुसार अनुमति के विकसित की जा रही कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सचिव सचिन आशीष कुमार के नेतृत्व में सौख रोड पर स्थित दो अनाधिकृत कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार, सौख रोड पर अशोक पाइप फैक्ट्री के सामने प्रतुल अग्रवाल, अतुल मंगला और अन्य द्वारा लगभग 40 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विद्या इंडस्ट्रियल नामक कॉलोनी विकसित की जा रही थी। उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत इस मामले में वाद संख्या MTDA/Z4/ANI/2026/0000939 दर्ज किया गया था। इस पर 21 मई 2026 को ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए गए थे। इसी तरह, पंकज शर्मा और अन्य द्वारा मौजा सलेमपुर स्थित सौख रोड पर महाराजा वैशाली से लगभग 200 मीटर आगे, करीब 3 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में एक कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसमें सड़क और नाली का निर्माण भी किया गया था। इस मामले में वाद संख्या MTDA/Z4/ANI/2025/0000846 दर्ज किया गया था, जिसके ध्वस्तीकरण आदेश 20 अप्रैल को जारी किए गए थे। निर्धारित समय सीमा के भीतर अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाए जाने के कारण, शुक्रवार शाम को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने थाना हाईवे पुलिस के सहयोग से दोनों स्थलों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की। एमवीडीए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना अनुमति किए जा रहे सभी निर्माण कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ में 40°C पहुंचा तापमान:प्रदेश के 9 जिलों में और बारिश का अलर्ट, 24 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
आजमगढ़ में शनिवार का तापमान 40 सेंटीग्रेड पहुंच गया। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता हुआ दिख रहा है।मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 24 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही अगले 2 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं के चलने के साथ ही मौसम कहीं साफ रहेगा तो कहीं बादल रहेंगे। हालांकि इस दौरान तापमान में चार से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यूपी बॉर्डर पर मानसून पहुंच चुका है और निश्चित रूप से जल्दी प्रदेश के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी मानसून पहुंचने के बाद जिलों की जनता को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने 20 दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्री विमानों के लिए नाइट लैंडिंग सुविधा जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। इस संबंध में भाजपा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। सांसद ने बताया कि दरभंगा एयरफोर्स स्टेशन पर स्थापित कैट-2 प्रणाली का उपयोग यात्री विमान परिचालन के लिए भी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता है। देश के अधिकांश एयरबेस पर वॉच ऑवर सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक निर्धारित है, जबकि दरभंगा एयरबेस में यह अवधि अपेक्षाकृत कम है। वॉच ऑवर बढ़ने के बाद नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू करने में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं रहेगी। मुलाकात के दौरान सांसद ने 24 एकड़ क्षेत्र में चल रहे नाइट लैंडिंग संबंधी कार्यों और करीब 912 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन नए सिविल एन्क्लेव परियोजना भी की। उन्होंने कहा कि नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य समय पर पूरा होना चाहिए, ताकि इसका उद्घाटन एवं लोकार्पण निर्धारित समय पर किया जा सके। नाइट लैंडिंग शुरू करने में विशेष तकनीकी समस्या नहीं सांसद ने बताया कि नाइट लैंडिंग के लिए आवश्यक अधिकांश आधारभूत संरचना का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। करीब 900 मीटर क्षेत्र में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, 600 मीटर क्षेत्र में मिट्टी भराई, तीन ओर सुरक्षा दीवार, पक्की सड़क, लेवलिंग और ग्रेडिंग सहित अन्य कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे में नाइट लैंडिंग शुरू करने में अब कोई विशेष तकनीकी समस्या नहीं है। नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं होने के कारण विशेषकर सर्दियों में कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में कई बार विमानों का परिचालन रद्द करना पड़ता है या फिर उड़ानों को अन्य एयरपोर्टों की ओर डायवर्ट करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होती है। आवश्यक कदम उठाने का मिला आश्वासन सांसद के अनुसार रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह शीघ्र ही दरभंगा आकर एयरपोर्ट की स्थिति का जायजा लेंगे। नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे।
मेरठ में देहली गेट थाने और एसपी सिटी कार्यालय के पास स्थित घंटाघर अग्निशमन केंद्र से हाईटेक एमडीटी (मोबाइल डेटा टर्मिनल) उपकरण चोरी हो गया। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अग्निशमन विभाग की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अग्निशमन अधिकारी आकाश चौहान ने बताया कि यह घटना 14 जून को ड्यूटी के दौरान हुई। कर्मचारी कुशेंद्र कुमार वॉचरूम पर तैनात थे। जब वह शौचालय गए, उसी दौरान स्टेशन परिसर में रखा एमडीटी उपकरण गायब हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। परिसर की तलाशी ली गई और आसपास पूछताछ की गई, लेकिन उपकरण का कोई सुराग नहीं मिला। विभाग की तहरीर पर देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एमडीटी यानी मोबाइल डेटा टर्मिनल फायर ब्रिगेड के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण है। यह आग या अन्य आपातकालीन घटनाओं की सटीक लोकेशन, घटनास्थल तक पहुंचने का सबसे तेज मार्ग और अन्य आवश्यक जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध कराता है, जिससे दमकल वाहन तेजी से मौके पर पहुंच पाते हैं। जिस क्षेत्र में यह चोरी हुई है, वह अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। यहां पुलिस अधिकारियों का लगातार आना-जाना रहता है और देहली गेट थाना व एसपी सिटी कार्यालय भी पास में ही स्थित हैं। ऐसे सरकारी संस्थान से महत्वपूर्ण उपकरण की चोरी होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुटी है।
पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में एक बार फिर से फर्जी बिलिंग व जीएसटी चोरी का बड़ा मामला सामने आया है प्रवर्तन निदेशालय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹3,089.57 करोड़ के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले का खुलासा किया। ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए IDFC फर्स्ट बैंक के APMC खातों का इस्तेमाल किया है ताकि जल्दी से पकड़ में न आएं। ईडी के हाथ जब कुछ दस्तावेज लगे तो उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की। लंबी जांच के बाद ईडी ने फर्जी बिलिंग व जीएसटी चोरी करने वाले मंडी गोबिंदगढ़ के पांच आरोपियों के खिलाफ बाईनेम और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना जमालपुर में FIR दर्ज कर दी। ईडी की रडार पर बैंक अफसर व कुछ CA भी हैं। यह एफआईटार ईडी के दिल्ली में तैनात डिप्टी डायरेक्टर सूरज कुमार यादव की शिकायत पर दर्ज की गई। ईडी की पकड़ में कैसे आया मामला सिलसिलेवार जानिए… APMC खातों में होती है रोजाना करोड़ों की लेन-देन APMC का मतलब है कृषि उत्पाद बाजार समिति। यह राज्य सरकारों द्वारा गठित एक बोर्ड या समिति होती है, जिसका काम किसानों को उनकी फसल बेचने के लिए एक सुरक्षित बाजार (मंडी) उपलब्ध कराना है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को बड़े व्यापारियों या बिचौलियों के शोषण से बचाना और फसल का सही मूल्य दिलाना होता है। मंडी के भीतर होने वाले तमाम वित्तीय लेन-देन को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए बैंकों में विशेष खाते खोले जाते हैं, जिन्हें APMC खाते कहा जाता है। इन खातों में फसल का भुगतान किया जाता है। आढ़ती या व्यापारी किसानों को इन्हीं खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करते हैं। मंडी फीस व अन्य तरह का राजस्व सभी इन्हीं खातों में जमा होता है। इसके अलावा मंडी में होने वाले विकास कार्यों का फंड भी इन्हीं खातों से होता है। मंडियों में रोजाना करोड़ों-अरबों रुपये का अनाज और कमोडिटी खरीदी-बेची जाती है। इसलिए, इन खातों में अचानक भारी मात्रा में पैसा आना-जानाबैंकिंग सिस्टम और टैक्स अथॉरिटीज के लिए सामान्य बात लगती है। घोटालेबाज इसी का फायदा उठाते हैं। ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था में आज भी बहुत सारा काम नकद में होता है। किसानों को भुगतान करने के नाम पर इन खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा सकती है, जिससे संदिग्ध ट्रांजैक्शन आसानी से छुप जाते हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी की गई नवीनतम तबादला सूची के तहत सीमावर्ती जिले जैसलमेर के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के पद पर बड़ा फेरबदल किया गया है। जैसलमेर में कार्यरत युवा आईएएस अधिकारी सक्षम गोयल का तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर अब रामसर के वर्तमान एसडीएम रामलाल मीणा को जैसलमेर का नया उपखंड अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित जैसलमेर जिले में इस बदलाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा प्रशासनिक फेरबदल की यह कवायद कानून व्यवस्था, आमजन से जुड़े कार्यों में गति लाने और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से की गई है। निवर्तमान एसडीएम और आईएएस अधिकारी सक्षम गोयल ने अपने कार्यकाल के दौरान जैसलमेर क्षेत्र में कई विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाई थी। अब सरकार ने उनकी जगह पर अनुभवी आरएएस अधिकारी रामलाल मीणा पर भरोसा जताया है, जो वर्तमान में रामसर में उपखंड अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। नवनियुक्त एसडीएम के सामने होंगी ये चुनौतियां सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जैसलमेर में उपखंड अधिकारी की भूमिका अत्यंत जिम्मेदारी भरी होती है। नए एसडीएम रामलाल मीणा के सामने क्षेत्र में चल रही विभिन्न बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने, आगामी त्योहारों और मौकों पर कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने की मुख्य चुनौती होगी। इसके अलावा, पर्यटन हब होने के नाते जैसलमेर शहर की यातायात और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
गाजीपुर में 21 जून को NEET-UG परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। जिले के कुल 7 परीक्षा केंद्रों पर 3,336 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा, जिसके बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को सभी परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। परीक्षा के नोडल अधिकारी और एडीएम वेद सिंह चौहान ने बताया कि निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए 2 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी रहेगी। अभ्यर्थियों को विभिन्न केंद्रों पर आवंटित किया गया है। इनमें स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 576, एमएएच इंटर कॉलेज में 480, लूदर्स कॉन्वेंट बालिका इंटर कॉलेज में 480, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 480, राजकीय सिटी इंटर कॉलेज में 480, आदर्श इंटर कॉलेज में 480 और डीएवी इंटर कॉलेज में 360 अभ्यर्थी शामिल हैं। जिला प्रशासन का मुख्य ध्यान परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने पर है।
खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्र में हाईटेक पुलिस चौकी बनेगी:यूपीसीडा ने भवन के लिए जमीन आवंटित की
संतकबीरनगर। खलीलाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में हाईटेक पुलिस चौकी भवन के निर्माण के लिए जमीन आवंटित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की पहल पर यूपीसीडा कानपुर मुख्यालय ने यह चिन्हांकन किया है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस कर्मियों को स्थायी भवन मिल सकेगा और उद्यमियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। खलीलाबाद औद्योगिक विकास निगम की स्थापना वर्ष 1973-74 में हुई थी। यह औद्योगिक क्षेत्र हाईवे से सटा हुआ है और 231.34 एकड़ में फैला है। इसमें कुल 353 भूखंडों पर 272 इकाइयां स्थापित हैं। पूर्व में उद्यमियों की सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान न दिए जाने के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं। हालांकि, अब शासन की औद्योगिक नीति के प्रभाव से उद्यमियों का रुझान इस क्षेत्र की ओर बढ़ा है। इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और राजस्व में भी इजाफा हुआ है। यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पिछले चार-पांच वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में एसोसिएशन ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हाईटेक पुलिस चौकी भवन बनाने की मांग यूपीसीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी से की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने बताया कि यह मांग पत्र 15 जुलाई 2024 को सौंपा गया था। पहले खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस चौकी बंद पड़ी ओसवाल फैक्ट्री के जर्जर भवन में संचालित होती थी। इससे पुलिस कर्मियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। लगभग एक साल पहले फैक्ट्री मालिक ने यह भवन खाली करवा लिया था। वर्तमान में पुलिस चौकी फायर स्टेशन के भवन के एक कमरे से संचालित की जा रही है, जिससे पुलिस कर्मियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। एक स्थायी पुलिस चौकी भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। एसपी की तरफ से मानक के अनुसार स्थायी पुलिस चौकी का निर्माण कराए जाने के लिए डिजाइन मैप उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें सबसे बड़ा पेंच पुलिस चौकी के लिए जमीन का फंसा था। अभी हाल में ही यूपीसीडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीक्षा जैन औद्योगिक क्षेत्र के भ्रमण पर आई थीं। उन्हें समस्या से अवगत कराया तो वह जमीन उपलब्ध कराने का वादा दोहराई थीं। उन्हीं के निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस चौकी के स्थापना के लिए सड़क संख्या- 23 पर स्थित पार्क में 450 वर्ग मीटर क्षेत्रफल जमीन चिन्हित की गई है।
अपहरण-दुष्कर्म मामले में 16 साल बाद फैसला:कुशीनगर में पीड़िता के बयान बदलने पर भी दो दोषी करार
कुशीनगर की एक अदालत ने 16 साल पुराने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। यह फैसला तब आया जब सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने पूर्व बयान से मुकर गई थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-2) ने रेहान पुत्र यासीन निवासी रेतपुरवा, गोरखपुर, और सलमान पुत्र स्वर्गीय जब्बार निवासी पडरौना शहर को दोषी करार दिया। यह मामला वर्ष 2009 में थाना कोतवाली पडरौना में मुकदमा अपराध संख्या 584/2009 के तहत दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 3 अप्रैल 2009 को हुई थी, जब 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण या उत्प्रेरण) और 376 (दुष्कर्म) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चिकित्सकीय साक्ष्य, विवेचना अधिकारी की गवाही और अन्य दस्तावेजी प्रमाण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता आरोपी के साथ रह रही थी और अदालत में अपने पूर्व बयान से पलट गई थी। हालांकि, न्यायालय ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए आरोप सिद्ध पाया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को धारा 363 आईपीसी के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, धारा 366 आईपीसी के तहत उन्हें सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोषियों द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर दिलाने के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का निर्देश दिया गया है।
रायबरेली के गुरुबक्सगंज कस्बे में देर रात एक घर में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में गृहस्थी का सामान, अनाज, कपड़े और छप्पर पूरी तरह जल गए। हादसे के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। यह घटना कस्बे के निवासी सकठू पुत्र बिंदा के घर में हुई। पीड़ित के अनुसार, देर रात अचानक छप्पर के एक कोने से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुआं आग में बदल गया और लपटें पूरे घर में फैल गईं। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात वजह से यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने किया बचाव, लेकिन नहीं बच सका सामान आग की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर का सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था। घटना में परिवार की रोजमर्रा की जरूरत का पूरा सामान, खाद्यान्न और कपड़े राख हो गए। आग बुझने के बाद परिवार के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। '10 साल से आवास की मांग कर रहा था' पीड़ित सकठू ने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पक्का मकान मिल गया होता तो शायद इतनी बड़ी क्षति नहीं होती। प्रशासन से मुआवजे की मांग हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। स्थानीय प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
राम मंदिर दान राशि मामला: सबूत जुटाने में जुटी एसआईटी, 45 दिन के CCTV बैकअप ने बढ़ाई जांच की चुनौती
राम मंदिर दान राशि मामले में SIT जांच तेज, 45 दिन के CCTV बैकअप के कारण पुराने सबूत जुटाना चुनौतीपूर्ण। फोरेंसिक जांच और बयानों के आधार पर आगे बढ़ रही पड़ताल।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की प्रत्येक विधानसभा में 2026-27 तक 50-50 करोड़ रुपये की नए विकास परियोजनाएं चलाई जाएंगी। इन विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से तीन दिन के भीतर विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रस्ताव ऐसे कार्यों के हों जिनसे आम जनता का सीधा जुड़ाव हो और उन्हें लाभ मिले, न कि किसी व्यक्ति विशेष को। इन प्रस्तावों के साथ विस्तृत विवरण भी मांगा गया है, ताकि उन पर जल्द मुहर लगाकर विकास कार्य शुरू किए जा सकें। इन नई कार्य योजनाओं के तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण निवासियों को आवागमन में होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाना है।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गोंडा जिले के सातों विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कराए जाने वाले 50-50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। वे स्थानीय लोगों से चर्चा कर इन प्रस्तावों को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिन्हें तीन दिन के भीतर जमा करना है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में गोंडा दौरे पर आए थे। उन्होंने यहां नई कार्य योजनाओं को लेकर एक बैठक की थी। इसी बैठक के बाद प्रत्येक विधानसभा में 50-50 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।गौरा से भाजपा विधायक प्रभात वर्मा ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में 50-50 करोड़ रुपये के नए विकास कार्य कराए जाएंगे, जिसके प्रस्ताव तीन दिन के अंदर मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा समय से पहले प्रस्ताव बनाकर जिला स्तरीय अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा, ताकि उनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य समय पर हो सकें। भाजपा विधायक करनैलगंज अजय कुमार सिंह ने कहा कि कल ही बैठक में हम लोगों ने व्यापक चर्चा की थी और अब निर्देश दिया गया है कि 3 दिन के अंदर प्रस्ताव बना करके दे देना है तो समय से पहले हम लोगों द्वारा दे दिया जाएगा हमारे विधानसभा में कई विकास के कार्य और होने हैं। भाजपा विधायक तरबगंज प्रेम नारायण पांडे ने कहा कि लगातार कम द्वारा चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो चाहे वह नगरीय क्षेत्र हो वहां पर विकास कार्यों को लेकर के लगातार चिंतित रहते हैं और अब प्रतीक विधानसभा में 50 करोड रुपए की लागत से मए विकास के कार्य कराए जाएंगे।
कटिहार सहयोग शिविर में 151 आवेदनों का समाधान हुआ:188 आवेदन मिले, लंबित आवेदनों पर कार्रवाई जारी
कटिहार नगर निगम द्वारा 19 जून 2026 को आयोजित सहयोग शिविर में नागरिकों की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। इस शिविर में कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 151 का संबंधित विभागों द्वारा निष्पादन कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा कर रहा है ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। शेष लंबित आवेदनों पर कार्रवाई जारी है और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त संतोष कुमार के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक में, सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों और कर्मियों को आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कटिहार नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को सहयोग शिविर के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं। इसका उद्देश्य पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
राज्य सरकार ने आधी रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में बाड़मेर और बालोतरा जिले में बड़ा फेरबदल किया है। बाड़मेर एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत का ट्रांसफर जालोर एडीएम पद पर किया गया। वहीं रविंद्र कुमार को बाड़मेर एडीएम पद पर लगाया गया है। कुछ दिन पहले सेड़वा से बायतु एसडीएम पद पर लगाए बद्रीनारायण विश्नोई का तबादला धोरीमन्ना एसडीएम पद पर किया गया है। बाड़मेर जिले से 4 आरएएस अधिकारियों को अन्य जिलों में और तीन आरएएस अधिकारी को बाड़मेर लगाया गया है। बालोतरा के तीन आरएएस अधिकारी का ट्रांसफर बालोतरा में तीन उपखंड अधिकारियों के तबादलें किए गए है। इसमें सिणधरी एसडीएम कर्मवीरसिह का तबादला उपनिदेशक राजस्व आसूचना जयपुर किया गया है। वहीं सिणधरी एसडीएम रणछोड़ लाल को लगाया गया है। धोरीमन्ना एसडीएम भंवरलाल शर्मा का तबादला जिले में ही गुड़ामालानी एसडीएम पद पर किया गया है। वहीं गुड़ामालनी एसडीएम केशव कुमार मीणा का तबादला बाड़मेर के बायतु उपखंड अधिकारी पद पर लगाया गया है। बाड़मेर एडीएम होंगे रविंद्र कुमार बाड़मेर अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेद्र चांदावत का तबादला जालोर एडीएम पद पर किया गया है। वहीं बाड़मेर एडीएम रविंद्र कुमार को लगाया गया है। रामसर एडीएम रामलाल मीणा का तबादला जैसलमेर एसडीएम पद पर किया गया है। RAS विकास शर्मा का ट्रांसफर भीम से उपखंड अधिकारी सेड़वा के पद पर किया गया है।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जबरन वसूली और फायरिंग की वारदातों में शामिल एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके 4 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी विदेश में बैठे आपराधिक हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्हीं के इशारे पर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 आधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी से पंजाब के दो बड़े जिलों में टारगेट किलिंग और दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर रची जा रही थी साजिश जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और गैंग के चार गुर्गों को हथियारों समेत दबोच लिया। शुरुआती जांच और पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी सीमा पार यानी विदेशों में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे। ये हैंडलर्स इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए इन्हें टारगेट और फंडिंग मुहैया करा रहे थे। जालंधर और SBS नगर में फायरिंग की योजना पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में फायरिंग की कई बड़ी घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल थे। इनका मुख्य मकसद व्यापारियों और रसूखदार लोगों को डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम वसूलना था। इस गैंग ने हाल के दिनों में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए कई जगहों पर रेकी भी की थी। पुलिस समय रहते इन्हें दबोचकर बड़ी वारदातों को टालने में कामयाब रही है। आरोपियों के पास से बरामद 3 आधुनिक पिस्तौल बेहद घातक हैं, जिन्हें विशेष रूप से वारदातों के लिए सप्लाई किया गया था। भार्गो कैंप थाने में FIR दर्ज, इस मामले को लेकर जालंधर कमिश्नरेट के थाना भार्गो कैंप में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। पुलिस इस जांच में जुटी है कि इन अपराधियों को हथियार कहां से सप्लाई किए गए थे और इन्हें स्थानीय स्तर पर कौन-कौन मदद पहुंचा रहा था। इस नेटवर्क के पिछले और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए तकनीकी टीमों की भी मदद ली जा रही है।
बरेली नगर निगम में राजस्व निरीक्षक (आरआई) सच्चिदानंद सिंह को लेकर विवाद गहरा गया है। मेयर डॉ. उमेश गौतम और कई पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार, अभद्रता और जनप्रतिनिधियों का अपमान करने के आरोप लगाए हैं। मेयर ने साफ कहा कि ऐसे अधिकारी सरकार और नगर निगम की छवि खराब कर रहे हैं तथा उनके खिलाफ निलंबन और तबादले की कार्रवाई कराई जाएगी। महिला और पूर्व उपसभापति से अभद्रता का आरोप मेयर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि वार्ड-8 की पार्षद सोनिया कपूर के पति एवं पूर्व उपसभापति अतुल कपूर एक महिला के हाउस टैक्स से जुड़े मामले में जनहित की बात रखने जोन-4 कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां आरआई सच्चिदानंद सिंह ने पहले महिला के साथ दुर्व्यवहार किया और बाद में अतुल कपूर से भी अभद्र भाषा में बात की। मेयर का दावा है कि पूरी घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसमें आरआई को जनप्रतिनिधि से मेरे कमरे से निकल जाओ कहते हुए सुना जा सकता है। वीडियो है सबूत, कार्रवाई जरूरी मेयर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि संबंधित महिला ने भी थाने में शिकायत दी है। मामले को लेकर पार्षदों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। सात साल से एक ही पद पर तैनाती पर उठाए सवाल मेयर ने आरआई की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार किसी अधिकारी या कर्मचारी को एक ही पद पर तीन से पांच साल से अधिक नहीं रहना चाहिए, जबकि सच्चिदानंद सिंह पिछले सात वर्षों से उसी पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त, विभागीय मंत्री, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी तथा अधिकारी के खिलाफ निलंबन और स्थानांतरण की मांग की जाएगी। क्या है पूरा मामला शाहदाना निवासी सीमा रानी पर नगर निगम का 61,143 रुपये हाउस टैक्स बकाया है। सीमा रानी का आरोप है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले आरआई सच्चिदानंद सिंह ने टैक्स संबंधी मामला निपटाने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उनका कहना है कि रकम न देने पर समस्या का समाधान नहीं किया गया। महिला का आरोप है कि हाल ही में आरआई ने दोबारा 20 हजार रुपये की मांग की और रकम न देने पर मकान कुर्क करने की धमकी दी। नगर निगम कार्यालय में आधे घंटे तक हंगामा 17 जून को सीमा रानी, पार्षद पति अतुल कपूर, व्यापारी मोहित अरोड़ा समेत कई लोगों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। वहां शिकायत को लेकर आरआई और पक्षकारों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और करीब आधे घंटे तक नगर निगम परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर सीमा रानी ने बारादरी थाने में आरआई सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। वहीं आरआई सच्चिदानंद सिंह ने भी पुलिस को तहरीर देकर उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। अब पुलिस और नगर निगम प्रशासन दोनों स्तरों पर मामले की जांच की जा रही है।
सीकर शहर के विभिन्न इलाकों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। नागरिकों ने भास्कर समाधान ऐप के माध्यम से सड़क, सीवरेज, जलभराव और बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज कर प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। कई शिकायतों को दर्ज हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं हो पाया है। बरसात के मौसम में ये समस्याएं और गंभीर हो गई हैं। कहीं सड़कों पर गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है तो कहीं खुले सीवरेज चैंबर और जलभराव लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। हालांकि कुछ मामलों में विभागों ने कार्रवाई कर राहत भी दी है, लेकिन कई नागरिक अभी भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क, सीवरेज और जलभराव जैसी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। समय पर कार्रवाई नहीं होने पर ये समस्याएं बड़े हादसों और जन असुविधा का कारण बन सकती हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) एक साल से बदहाल सड़क से लोग परेशान न्यू जनता कॉलोनी निवासी नरेंद्र यादव ने समस्या पोस्ट कर बताया कि पिपराली चौराहे से पुलिया तक की सड़क पिछले करीब एक साल से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जो रास्ता सामान्य स्थिति में 10 मिनट में तय हो सकता है, उसे खराब सड़क के कारण 30 मिनट तक में पार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। कलेक्ट्रेट के पीछे जलभराव और करंट का खतरा श्री कल्याण सिंह सर्किल से राजेंद्र महला ने समस्या पोस्ट कर बताया कि जिला कलेक्ट्रेट के पिछले गेट के पास हर बारिश में पानी भर जाता है। सड़क पर लंबे समय तक जलभराव रहने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि जलभराव वाले स्थान के पास ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, जिससे करंट फैलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान यहां से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। टूटे सीवरेज चैंबर से हादसे की आशंका मनीष कुमार ने रेलवे अंडरपास और जैन मंदिर के पास टूटे सीवरेज चैंबर की समस्या उठाई है। शिकायत के अनुसार सड़क पर कई जगह सीवरेज चैंबर क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी कोई व्यक्ति या वाहन दुर्घटना का शिकार हो सकता है। उन्होंने बताया कि चैंबरों की मरम्मत के साथ सड़क की हालत भी सुधारने की जरूरत है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खुले नाला चैंबर से विद्यार्थियों को परेशानी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग स्थित न्यू जनता कॉलोनी में अतुल ने खुले नाला चैंबर की समस्या पोस्ट की है। उनका कहना है कि चैंबर खुला होने के कारण विशेष रूप से बारिश के मौसम में खतरा बढ़ जाता है। आसपास स्कूल और कोचिंग जाने वाले विद्यार्थियों को यहां से गुजरते समय सावधानी बरतनी पड़ती है। स्थानीय लोग लंबे समय से चैंबर को ढंकने और मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं। मोहन कॉलोनी में बिजली समस्या का हुआ समाधान वहीं मोहन कॉलोनी वार्ड नंबर-1 निवासी पवन कुमार मितावा ने कम वोल्टेज और बिजली आपूर्ति संबंधी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में कई दिनों तक बिजली की समस्या बनी हुई थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कर दिया। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। वाटर लाइन क्षतिग्रस्त होने की समस्या का हुआ समाधान फतेहपुर रोड से हरीश ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनकी कॉलोनी में वाटर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क पर लगातार पानी जमा हो रहा था। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर समस्या का समाधान कर दिया। अब सड़क पर पानी भरने की समस्या समाप्त हो गई है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। आज के स्टार ऑफिसर: जेईएन हरिराम भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर जेईएन हरिराम रहे। फतेहपुर रोड से हरीश ने कॉलोनी में क्षतिग्रस्त वाटर लाइन की समस्या पोस्ट की थी। शिकायत मिलने के बाद जेईएन हरिराम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम को मौके पर भेजा और समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उनके प्रयासों से वाटर लाइन की मरम्मत करवाई गई और सड़क पर पानी भरने की समस्या दूर हुई। क्षेत्रवासियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए उनका आभार जताया। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, सड़क की समस्या से मिली राहत:सीकर में जलापूर्ति, टूटी सड़क, पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 2.फतेहपुर रोड पर पानी की समस्या का हुआ समाधान:महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढा और पाइपलाइन लीकेज से बढ़ी परेशानी 3.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:'भास्कर समाधान' पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 4.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.सीकर में जनसमस्याओं का अंबार, नालिया जाम:जलभराव और अधूरे विकास कार्यों से नागरिक परेशान, समाधान की राह देख रहा शहर 6.पैराडाइज सिटी में पानी की समस्या से मिली राहत:संबंधित विभागों की कार्रवाई से लोगों को मिली राहत, किरण बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 7.भास्कर समाधान का असर: 62 से ज्यादा समस्याओं का समाधान:504 शिकायतें मिली, कई समस्याओं पर काम जारी , लोगों को मिली राहत 8.सीकर के सबलपुरा में 8 दिन में बनी सड़क:स्टेशन रोड पर लीकेज ठीक; बस स्टैंड पर कचरा और पिपराली रोड पर गंदे पानी की सप्लाई 9.भास्कर समाधान में जलभराव की समस्या हुई ठीक:जनसुविधाओं की बदहाली, शिकायतों के बीच कई समस्याओं का हुआ समाधान 10.भास्कर समाधान का असर, पानी लीकेज की समस्या दुरस्त:सीकर में स्ट्रीट लाइट, खुली नाली और गंदगी की समस्याएं बनी चिंता का कारण
चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाले में गिरफ्तार आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव को अभी भी वेबसाइट पर क्रेस्ट का सीईओ दिखाया गया है। वहीं असिस्टेंट सीईओ के पद पर भी नवनीत कुमार श्रीवास्तव का ही नाम दर्ज है। गौरतलब है कि 17 जून को CBI ने उन्हें करीब 75 करोड़ रुपये कथित तौर पर शेल कंपनियों को ट्रांसफर किए जाने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय क्रेस्ट के CEO श्रीवास्तव ही थे। फिलहाल CBI ने श्रीवास्तव को तीन दिन की रिमांड के बाद जेल भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया कि जो राशि एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर की गई थी, उसमें उनकी पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार भी निदेशक (Director) हैं। क्या है क्रेस्ट क्रेस्ट को मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार (MNRE) ने चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए बनाया था। मॉडल सोलर सिटी के लिए मास्टर प्लान द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) ने तैयार किया था। सोलर सिटी के मास्टर प्लान को MNRE ने जनवरी 2012 में मंजूरी दी थी। यूटी चंडीगढ़ का साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंड रिन्यूएबल एनर्जी डिपार्टमेंट क्रेस्ट के माध्यम से यूटी चंडीगढ़ में सोलर, EV पॉलिसी और अन्य प्रोजेक्ट्स को लागू करने की नोडल एजेंसी है। क्रेस्ट के मुख्य उद्देश्यों में समुदाय में वैज्ञानिक सोच और जागरूकता पैदा करना, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी संस्थाओं और उद्योगों तक विज्ञान संबंधी जानकारी पहुंचाना, को-जनरेशन और वैकल्पिक ईंधन जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा देना, पॉलिसी निर्माण के लिए ऊर्जा डेटा एकत्र करना, शहर में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) अपनाने को बढ़ावा देना तथा प्रशासन को योजना संबंधी सुझाव देना शामिल है। तीन पॉइंट में समझें पूरा घोटाला 1. बैंक खातों से फंड का अवैध ट्रांसफर (Fund Diversion) CREST संस्था चंडीगढ़ में सोलर एनर्जी और सब्सिडी प्रोग्राम को बढ़ावा देने का काम करती है। संस्था के IDFC First Bank (सेक्टर-32 शाखा) में तीन मुख्य खाते थे। आरोपियों ने इन खातों में जमा सरकारी धन को अवैध रूप से ट्रांसफर करना शुरू किया। जांच के मुताबिक, इस हेराफेरी को छिपाने के लिए 303 बार अवैध ट्रांजैक्शन किए गए, जिनमें पैसे को कई बार निकालकर और घुमाकर वापस डाला गया ताकि ऑडिट में आसानी से पकड़ में न आए। 2. बैंक अधिकारियों और सरकारी स्टाफ की मिलीभगत यह घोटाला बिना अंदरूनी मदद के संभव नहीं था। इसमें बैंक और CREST के जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलकर काम किया। बैंक के तत्कालीन मैनेजर रिभव ऋषि और अन्य स्टाफ (रिलेशनशिप मैनेजर, मेकर और चेकर) ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। क्रेस्ट के तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अबरोल और अकाउंटेंट साहिल कुक्कड़ पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर इन अनधिकृत ट्रांजैक्शनों को हरी झंडी दी। 3. शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) का इस्तेमाल घोटाले की रकम को सीधे अपने खातों में लेने के बजाय आरोपियों ने कई शेल एंटिटीज (कागजी कंपनियां) बनाईं। क्रेस्ट के खातों से पैसा पहले इन फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया और वहां से इसे अलग-अलग निजी लाभार्थियों (Private Beneficiaries) के खातों में भेजा गया।
सीतापुर के खैराबाद कस्बे के कई मोहल्ले में कई दिनों से जारी बिजली समस्या को लेकर शुक्रवार देर रात को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार बाधित विद्युत आपूर्ति और बार-बार तार जलने की समस्या से परेशान उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में लगे ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। अधिक भार पड़ने से बिजली के तार बार-बार जल जाते हैं, जिससे घंटों और कभी-कभी कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न मिलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। विभाग की ओर से अस्थायी मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है। हंगामे की सूचना पर बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर समस्या की जानकारी ली। जेई ने ट्रांसफार्मर पर बढ़े लोड की जांच कर आवश्यक तकनीकी सुधार और वैकल्पिक व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर या अन्य उचित व्यवस्था कर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी समाधान होने पर फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
अमरोहा में झूठे मुकदमे की कोशिश:युवक ने पुलिस के सामने दीवार में सिर मारा, वीडियो वायरल
अमरोहा में एक युवक द्वारा खुद को चोटिल कर दूसरे पक्ष को झूठे मुकदमे में फंसाने की कथित कोशिश का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि युवक ने पुलिस की मौजूदगी में दीवार में अपना सिर मार लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह मामला अमरोहा जनपद के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र का है। यहां दो पक्षों के बीच का एक विवाद अमरोहा न्यायालय में विचाराधीन है। जानकारी के अनुसार, रईस, इशरत और अशफाक हयात नामक व्यक्तियों ने अरशद के घर पहुंचकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। जब अरशद नहीं माने, तो उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में ही, आरोपियों में से एक युवक ने कथित तौर पर दीवार में अपना सिर मार लिया। वायरल वीडियो में युवक पुलिस के सामने दीवार के पास खड़ा दिख रहा है और जानबूझकर खुद को घायल करने का प्रयास कर रहा है, ताकि दूसरे पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सके। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच पहले से चल रहे विवाद के दौरान पुलिस की उपस्थिति में यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ पर जोधपुर शहर की बुनियादी जरूरतों की रियल टाइम हकीकत तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। इन 20 दिनों में ‘भास्कर समाधान’ पर नाली, बिजली, पानी, सीवरेज और साफ–सफाई से जुड़ी 1800 से ज्यादा शिकायतें हमें मिली हैं। दैनिक भासकर एप की इस पहल को शहर से यूजर्स का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है। इन शिकायतों के भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद विभाग उनके समाधान भी करवा रहा है। जोधपुर में दैनिक भास्कर एप की यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच उस सेतु का काम कर रहा है जो दोनों ओर के हालात से रुबरु करवाने का काम कर रहा है। आइए डालते हैं एक नजर अधिकारियों के करवाए समाधानों और यूजर की ओर से भेजी उन समस्याओं पर जो उनके दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 1 से हेमंत थानवी ने गंदे दूषित पानी की समस्या दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके एरिया सेक्टर 10 सर्किल के हरा भरा महादेव मंदिर क्षेत्र में कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी नलों से आ रहा है। यह बिल्कुल भी पीने योग्य नहीं है। बेसहारा कुत्तों का झुंड काट रहा लोगों को 'भास्कर समाधान' पर शहर के रामऋषि आश्रम, सिंवाची गेट, भिश्तियों का बास से आश्रम ट्रस्टी सुरेश बिस्सा ने बेसहारा कुत्तों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं पर यहां मौजूद दर्जन भर से ज्यादा कुत्ते हमला करते हैं। खासकर बच्चों को कई बार काटने की घटनाएं हो चुकी है। इनसे आश्रम के आसपास काफी डर का माहौल बन गया है। इसका जल्दी समाधान करवाएं। पांच दिन से रुका रोड का काम, सीवरेज टूटी रातानाडा रोड स्थित समृद्धि सोसायटी से दीपक शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर रोड का काम रुका होने से क्षेत्र में व्याप्त समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि उनके एरिया में बीते कुछ दिनों से सीसी रोड डालने का काम कयिा जा रहा था। लेकिन अब पांच दिनोंसे इसका काम रोक दिया गया है। रोड बनाने के समय एरिया की सीवर लाइन टूट जाने से कॉलोनी के लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है। इस समस्या का जल्द समाधान करवाए। 20 दिन से ओवरफ्लो सीवरेज लाइन झालामंड से मुकेश ने पोस्ट किया है कि उनके एरिया में बीते 20 दिनों से सीवर लाइन का पानी ओवरपु्लो हो रहा है। सड़कों और गलियों में जमा होने पर इससे तेज दुर्गंध आ रही है। इसे ठीक करने के लिए उन्होंने 181 नंबर पर भी 4–5 बार कॉल किया था लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। समस्या बताने के तीन चार दिन बाद मैसेज आया कि आपकी समस्या का हल हो गया है, जबकि मौके पर हालात जस के तस हैं। इसका समाधान करवाएं। अब एक नजर उन समाधानों पर जो ‘भास्कर समाधान’ की पहल पर हुए… सफाई प्रभारी ने की समस्या हल जोधपुर के भगत सिंह मार्ग, नागौरी गेट, पावटा से विपिन मनिहार ने गंदगी और नियमित सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया में स्थित चारण सभा भवन को शादी–समारोहों के लिए किराए पर दिया जाता है। कार्यक्रम के बाद कर्मचारी सारा कचरा गली के नुक्कड़ पर डाल देते हैं। जिससे पूरे एरिया में गंदगी फैली रहती है। सफाई प्रभारी रमेश चौधरी ने इस पर एक्शन लेते हुए कर्मचारियों को पाबंद कर सफाई करवा दी है। पोस्ट के बाद हुआ पावर कट का समाधान भादु मार्केट से सुरेश लोहिया ने बार बार पावर कट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया में बिजली दिनभर आती जाती रहती है। कई बार तो बहुत लंबे कट के बाद लाइट आती है। गर्मी में इस तरह बिना पूर्व सूचना के बेवक्त पावर कट से लोगों का रात को सोना दूभर हो गया है। मौसम खराब न होने पर भी पावर कट हो जाता है। कॉल सेंटर पर कॉल करने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। कैलाश यादव बने आज 'पब्लिक के स्टार' जोधपुर के वैशाली अवेन्यू, भादु मार्केट से सुरेश लोहिया ने बार बार पावर कट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया में बिजली दिनभर आती जाती रहती है। कई बार तो बहुत लंबे कट के बाद लाइट आती है। रात को भी बहुत बिजली काटी जाती है। इसका स्थायी समाधान किया जाए। समस्या का डिस्कॉम कॉल सेंटर एवं एफआरटी टीम के प्रोजेक्ट मैनेजर कैलाश यादव ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 3.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 4.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 6.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
जयपुर शहर की स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसके जरिए एक तरफ जहां प्रशासनिक अनदेखी उजागर हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ जनप्रतिनिधियों की तत्परता से जनता को राहत भी मिल रही है। ताजा मामलों में सुदर्शनपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में रेलवे लाइन के पास रोजाना कचरा जलाने से लोग जहरीले धुएं से परेशान हैं, तो सांगानेर के शिकारपुरा श्मशान घाट रोड पर सड़क न बनने और मिट्टी-कीचड़ के कारण राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। इसी तरह सिविल लाइन्स के वीर पथ पर पिछले 15 दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण पूरी गली अंधेरे में डूबी है, जबकि गोपालपुरा के सूर्या नगर में सड़क निर्माण के बाद छोड़ी गई मिट्टी अब बारिश में कीचड़ और सूखे में धूल का सबब बन चुकी है। दूसरी ओर, 'भास्कर समाधान' पर समस्या आने के बाद तुरंत कार्रवाई भी देखने को मिली है। अजमेर रोड के भांकरोटा में पिछले 15 दिनों से फैली गंदगी को विभाग ने टीम भेजकर साफ करवा दिया है। वहीं, मजदूर नगर की गणपति कॉलोनी में बंद रोड लाइट की समस्या मिलते ही स्थानीय पार्षद दशरथ सिंह शेखावत ने तुरंत टीम भेजकर लाइटें ठीक करवाईं। जनहित में दिखाई गई इसी मुस्तैदी के कारण पार्षद दशरथ सिंह शेखावत आज 'पब्लिक के स्टार' बनकर उभरे हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) हर दिन कचरा जलाने से लोगों को परेशानीजयपुर शहर के सुदर्शनपुरा इंडस्ट्रियल एरिया रेलवे लाइन के पास रहने वाले प्रदीप जैन ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की है। प्रदीप ने लिखा कि रेलवे लाइन के पास रोज कचरा फैंका जाता है, जिसे हर दिन जलाया भी जाता है। आस-पास के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सांगानेर में रोड पर मिट्टी होने से बढ़ी समस्यासांगानेर के शिकारपुरा श्मशान घाट रोड की खराब स्थिति की भी समस्या 'भास्कर समाधान' पर सामने आई है। क्षेत्रवासी राजेंद्र प्रसाद यादव ने फोटो पोस्ट कर बताया कि सड़क लंबे समय से बनी नहीं है। रोड पर मिट्टी होने के कारण कीचड़ हो गई है। वाहन चालक हो या पैदल चलने वाले लोग सभी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 15 दिनों से खराब स्ट्रीट लाइटसिविल लाइन्स के वीर पथ भगत वाटिका 2 से हिमांशु कुमावत ने बंद स्ट्रीट लाइट के संबंध में समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि 15 दिनों से ज्यादा समय से रोड लाइट खराब है। गली में अंधेरा होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़क बनाने के बाद रोड पर छोड़ गए मिट्टीगोपालपुरा के सूर्या नगर के भारत मार्ग से पंकज भूटरा ने समस्या पोस्ट करते हुए बताया कि 1 महीने पहले सड़क बनाने के बाद रोड पर मिट्टी डाल कर छोड़ दी गई है। जिससे रोड होने के बाद भी बारिश के दिनों में कीचड़ हो रहा है और जब बारिश न हो तब मिट्टी उड़ कर घरों में आ रही है। कचरे की समस्या का हुआ समाधानजयपुर के अजमेर रोड के भांकरोटा से राजकुमार शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। राजकुमार ने लिखा था कि 15 दिनों से रोड पर गंदगी पड़ी हुई है और सफाई वाले नहीं आ रहे है। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले में कार्रवाई कर सफाई करवा दी है। कुछ ही दिनों में हुआ स्ट्रीट लाइट का समाधानशहर के योगी मार्ग मजदूर नगर से संतो पाल ने 'भास्कर समाधान' पर गणपति कॉलोनी से बंद रोड लाइट के बारे में पोस्ट किया था। खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट होने के बाद पार्षद ने लाइट ठीक करवा दी है। दशरथ सिंह शेखावत बने आज 'पब्लिक के स्टार'जयपुर शहर के मजदूर नगर के रहने वाले संतो पाल ने गणपति कॉलोनी की खराब रोड लाइट की समस्या के बारे में पोस्ट किया था। समस्या पोस्ट होने के बाद पार्षद दशरथ सिंह शेखावत ने टीम को भेजकर समाधान करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 2.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 3.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 4. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान 5.जयपुर में बिजली पोल की समस्या का समाधान:स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर शहर में असुविधाओं की हकीकत:कहीं मलबा तो कहीं अंधेरे की शिकायत; मालवीय नगर में कार्रवाई कर निधि जैन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 7.जयपुर में घरों के पानी से सड़क पर जलभराव:मकानों पर लटके मीटर के तार दे रहे बड़े हादसे को न्योता, ओवरफ्लो सीवर लाइन दुरस्त 8.जयपुर में जनता की आवाज बनी असरदार:समस्याओं के बीच सामने आया समाधान का उदाहरण, नगर निगम की कार्रवाई से मिली राहत 9.जयपुर के सुमेल में सुधरी बिजली:घाट गेट में नालियां साफ; मेयर कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 10.भास्कर समाधान का असर, स्ट्रीट लाइट की समस्या हुई दूर:पानी, सड़क और सफाई की समस्याओं से जूझ रहे लोग, शिव कुमार बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
उदयपुर शहर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर जागरूक नागरिकों ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी आवाज उठाई है। पहाड़ा की जैन कॉलोनी (100 फीट रोड) में बिजली के तार डालने के लिए खोदी गई सड़क लंबे समय से अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। वहीं, रेबारियों का गुड़ा क्षेत्र में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां लोग बदबूदार और कचरे वाली परत का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इसी क्षेत्र की धिंक्ली रोड पर पिछले 5 सालों से स्ट्रीट लाइट न होने के कारण पूरी गली अंधेरे में डूबी हुई है। इसके अलावा, हिरण मगरी सेक्टर 14 के खाली प्लॉट अब 'कचरा घर' में तब्दील हो चुके हैं, जिससे इलाके में भयंकर बदबू और गंदगी फैल रही है। हालांकि, इस निराशा के बीच 'भास्कर समाधान' का सकारात्मक असर भी देखने को मिला है। सेक्टर 14 में पिछले 10 दिनों से बंद पड़ी रोड लाइट को समस्या पोस्ट होने के बाद कुछ ही दिनों में दुरुस्त कर दिया गया। वहीं, एयरपोर्ट रोड पर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर जमा खतरनाक कीचड़ और मिट्टी को नगर निगम के वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साफ करवाया। उनकी इस तत्परता के कारण स्थानीय जनता ने उन्हें आज का 'पब्लिक का स्टार' चुना है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) बिजली के तार डालने के लिए खोदी रोडउदयपुर शहर के पहाड़ा की जैन कॉलोनी 100 फीट रोड से रविंद्र कुमार माली ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर लंबे समय से सड़क की मरम्मत न होने के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें रविंद्र ने लिखा कि बिजली के तार जमीन में डालने के बाद से अभी तक रोड नहीं बनाई गई है। लोगों को आवागमन में परेशानी आ रही है। गंदा पानी पीने के लिए लोग मजबूरउदयपुर के रेबारियों का गुड़ा क्षेत्र से सुरभि ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा कि इस एरिया में पानी की सप्लाई होने के बाद भी लोगों तक साफ पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों का कहना है कि पानी में बदबू और गंदगी आ रही है। पानी के ऊपर रखे-रखे कचरे की परत जम जाती है। ये पानी पीने लायक नहीं है, जिससे इलाके के लोग परेशान है। गली में अंधेरा रहने के कारण लोगों हो रहे परेशानउदयपुर के रेबारियों का गुड़ा क्षेत्र की धिंक्ली रोड से मनमोहन सिंह ने रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने लिखा कि 5 साल से रोड लाइट नहीं है। गली में अंधेरा रहने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। सेक्टर 14 से कचरे की समस्या आई सामनेहिरण मगरी के सेक्टर 14 से राकेश परमार ने इंदिरा गांधी नगर से कचरे की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। राकेश ने बताया कि कॉलोनी में बने खाली प्लॉट में लोगों ने कचरा जमा किया हुआ है। जिससे बदबू और गंदगी की समस्या हो रही है। कुछ ही दिनों से स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधानउदयपुर शहर के हिरण मगरी के सेक्टर 14 से दिनेश चंद्र जैन ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर बंद रोड लाइट की समस्या के बारे में पोस्ट किया था। ये लाइट 10 दिनों से बंद थी, जिससे गली में अंधेरा हो रहा था। समस्या पोस्ट होने के बाद कुछ ही दिन के अंदर इसे ठीक कर दिया गया। सड़क पर पड़े कीचड़ को किया गया साफउदयपुर के एरयपोर्ट रोड पर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के मेन गेट के बाहर से धर्मवीर सिंह ने कीचड़ की समस्या पोस्ट की थी। धर्मवीर ने लिखा था कि काफी समय से रोड पर पानी और मिट्टी फैली हुई है, जो कि दुर्घटना का कारण बन सकती है। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के वार्ड 44 के सुपरवाइजर ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। कमल मूलचंद बने आज 'पब्लिक के स्टार'राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के मेन गेट के बाहर रोड पर हो रहे कीचड़ की समस्या सामने आई थी। जिसमें लंबे समय से सड़क पर पड़ी गंदगी को हटना के मांग की जा रही थी। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद ने इसका समाधान करवा दिया है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में गंदगी और जलभराव से जनता परेशान:फतेहसागर झील के पास कचरा, रेलवे पुलिया के नीचे भरा पानी; हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें सुधरी 2.भास्कर समाधान: पांच दिन से बंद रोड लाइट हुई ठीक:खुले बिजली तार, कचरा और सड़क सुरक्षा की समस्याओं से लोग परेशान; गिरीश मारीवाला बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.भास्कर समाधान का असर, लाइट की समस्या का हुआ समाधान:खुले ट्रांसफार्मर, बंद स्ट्रीट लाइट और नाले में अतिक्रमण से लोग परेशान 4.सेक्टर 11 में 33 KV लाइन का गड्ढा रिपेयर:कचरा साफ करवाकर मोहम्मद यासीन बने 'पब्लिक के स्टार', 'भास्कर समाधान' जनता ने उठाई आवाज 5.'भास्कर समाधान' में उठीं शहर की समस्याएं:कहीं कचरे का ढेर तो कहीं बंद स्ट्रीट लाइट, कई मामलों में हुआ तुरंत समाधान 6.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' बना जनता की आवाज:ज्ञान विहार, जैन कॉलोनी में बिजली और कचरे की समस्या से राहत, हिरण मगरी में कचरे की समस्या का नहीं हुआ समाधान 7.उदयपुर में सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान:शहर की सड़कों से पार्क तक समस्याओं का अंबार, शिकायतों पर कुछ जगह मिली राहत 8.‘भास्कर समाधान’ के 12 दिन पूरे:शहरभर से सैकड़ों शिकायतें, कई समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 9.उदयपुर में भास्कर समाधान से राहत:कई समस्याओं पर अफसरों ने लिया एक्शन; कई इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात 10.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:चित्रकूट नगर में रोशन हुईं स्ट्रीट लाइटें, सेक्टर 4 का खुला चैंबर ठीक करने वाले JEN हिमांशु बने ‘स्टार ऑफिसर’
हरियाा रोहतक जिले में कांग्रेस विधायक के कार्यालय पर फायरिंग कर दी। हमलावर बाइक से आए थे और ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए। गोलियां चलने की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में दहशत मच गई। हैरानी की बात यह रही कि महम थाने के ठीक सामने ही विधायक का कार्यालय है, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक बलराम दांगी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को कार्यालय के दरवाजों और शीशों में गोलियां फंसी मिलीं। पुलिस घटनास्थल पर सीसीटीवी खंगाल रही है। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा घटनाक्रम…. हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….
कोटा में दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ पर शहर के विभिन्न वार्डों से यूजर अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं से जुड़ी फोटो–वीडियो शेयर कर रहे हैं। कोटा में सड़क, सफाई और पानी पब्लिक की सबसे बड़ी बुनियादी समस्याएं हैं। इसके अलावा बिजली, नाली, सीवरेज और अतिक्रमण से भी लोग परेशान हैं। हालांकि अधिकारी और जन प्रतिनिधी भी अपने स्तर पर इन समस्याओं के जल्द समाधान का प्रयास कर रहे हैं लेकिन प्रभावी मॉनिटरिंग न होने से कुछ इलाकों में समस्याओं के हल लंबित हैं। आइए एक नजर डालते हैं अधिकारियों के करवाए समाधानों और यूजर की ओर से भेजी उन समस्याओं पर जो दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। खुले नाले से कॉलोनी वाले परेशान कोटा से दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर वार्ड नंबर 11, प्रेम नगर फर्स्ट, राजपूत कॉलोनी से महेंद्र सिंह ने कॉलोनी में बह रहे खुले नाले की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में इस खुले नाले की वजह से संक्रमण, मच्छर जनित रोग, बदबू और कचरा डालने की वजह से इसके आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। लीकेज के कारण बह रहा पानी कोटा के 80 फीट लिंक रोड, जयहिंद नगर 1, पुलिस लाइन से संतोष जेवानी ने व्यर्थ पानी बहने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके एरिया में काफी समय से लीकेज पाइपलाइन से पानी दिन–रात बह रहा है। कोटा में पहले ही पीने के पानी की बहुत समस्या है। इस लीकेज को ठीक कर हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहने से बचाएं। बस्ती के आसपास कचरे का ढेर 'भास्कर समाधान' पर तलवंडी के सेक्टर बी से खुश्बू ने गंदगी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि तलवंडी एरिया में पहले उदया बस्ती हुआ करती थी लेकिन अब यहां कचरे का ऐर लगा रहता है। यहां बाहर से आकर भी लोग अपना कचरा फेंककर जा रहे हैं। बार–बार हम स्थानीय निवासियों के समझाने के बावजूद लोग नहीं सुन रहे हें। इससे हम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। स्ट्रीट लाइट खराब, ठीक नहीं कर रहे रावतभाटा रोड, आधारशिला चौक से मोहम्मद इर्फान ने स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि उनके एरिया में लगी सार्वजनिक सटद्यीट लाइट पास की रोड लाइट से कनेक्ट है लेकिन किन्हीं कारणों से यह चालू नहीं है। आसपास काफी अंधेरा रहता है और अप्रिय घटनाएं होने का अंदेशा रहता है। अब एक नजर उन समाधानों पर जो ‘भास्कर समाधान’ की पहल पर हुए… पोस्ट होने के बाद साफ हुई नालियां कोटा–बपावर रोड, रायपुरा से नंदबिहारी सुमन ने चोक नालियों की समस्या पोस्ट की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि कॉलोनी में प्रवेश करते ही घरों के बाहर से निकल रहीं नालियां चोक पड़ी हैं, जिनमें ठहरा गंदा पानी बदबू मारता है, ओवरफ्लो होकर गलियों में बहता है। विभाग ने सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। ठीक हुई दो साल से लीकेज लाइन अर्जुनपुरा मेन रोड से कुंजबिहारी नागर ने दो साल से पानी की पाइपलाइन लीकेज होने और गंदे पानी की सप्लाई की समस्या पोसट की थी। उन्होंने बताया था कि गर्मी में पानी की भारी कमी होने के कारण जहां शहर में लोग कुछ वार्ड में पानी के टैंकर मंगाने को मजबूर हैं, ऐसे में लंबे समय से पानी का यूं बहना कतई उचित नहीं है। इस पर जलदाय विभाग ने एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। नितेश मीना बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ कोटा के वार्ड 19, अर्जुनपुरा मेन रोड से कुंजबिहारी नागर ने दो साल से पानी की पाइपलाइन लीकेज होने और गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि लीकेज के कारण हजारों लीटर पानी बह जाता है। कई बार इसकी जानकारी दे चुके लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। समस्या पोस्ट होने के बाद पीएचईडी (PHED ) की जेईएन नितेश मीना ने लीकेज सही करवा समाधान कर दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 2.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
नामकरण संस्कार में फायरिंग, टेंट मालिक घायल:फर्रुखाबाद में खाना खाते समय हाथ में लगी गोली
फर्रुखाबाद जनपद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के पिथनापुर कोटियापुर गांव में शुक्रवार देर रात हर्ष फायरिंग हुई। इस घटना में एक टेंट मालिक के हाथ में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल टेंट मालिक की पहचान गांव पिथनापुर कोटियापुर निवासी 35 वर्षीय वीरेंद्र के रूप में हुई है। वीरेंद्र ने बताया कि गांव के ही एक अन्य वीरेंद्र के बेटे का 10 दिन पहले जन्म हुआ था, जिसका शुक्रवार को नामकरण संस्कार था। वीरेंद्र के अनुसार, कार्यक्रम में उसका टेंट लगा हुआ था। रात करीब 11 बजे जब वह खाना खा रहा था, तभी एक व्यक्ति ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसके हाथ में लगी। इससे वह घायल हो गया। वही मामले की जानकारी पर उसके परिवार के लोग भी पहुंचे। घटना की सूचना तत्काल थाना पुलिस को दी गई। उसे चिकित्सक की यहां भर्ती भी कराया गया। शनिवार सुबह घायल वीरेंद्र को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
अम्बेडकरनगर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) का दोहरा लाभ लेने वाले पांच लाभार्थी सामने आए हैं। इन सभी का अब सत्यापन किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन के लिए उनसे योजना की राशि की वसूली की जाएगी। नियमों के अनुसार, कोई भी पात्र व्यक्ति केवल एक ही आवासीय योजना का लाभ ले सकता है, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण। हालांकि, जिले में पांच लाभार्थियों ने पीएम आवास शहरी और ग्रामीण दोनों योजनाओं का लाभ उठाया है, जिससे वे दोहरी सहायता प्राप्त कर रहे थे। पीएम आवास शहरी योजना के तहत लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये मिलते हैं, साथ ही एक वर्ष में निर्माण पूरा करने पर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। वहीं, पीएम आवास ग्रामीण योजना में 1 लाख 20 हजार रुपये के अतिरिक्त 90 दिन की मनरेगा मजदूरी और व्यक्तिगत शौचालय का लाभ भी मिलता है। जिन लाभार्थियों ने दोहरा लाभ लिया है, उनमें विकासखंड जहांगीरगंज की ग्राम पंचायत भदया के लालमन साहनी, कटेहरी की ग्राम पंचायत धर्मा मुबारकपट्टी की सुशीला देवी, टांडा के गौरा गूजर की नौशाबा अंजुम, अकबरपुर के मझियारी अठवारा की विद्या देवी और भियांव के बोदरा के बालमुकुंद शामिल हैं। पीएम आवास शहरी और ग्रामीण दोनों का लाभ लेने वाले इन चिह्नित लाभार्थियों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विदिशा में फिल्टर प्लांट का ट्रांसफार्मर जला:48 घंटे से आधे शहर में लोग पानी के लिए हो रहे परेशान
विदिशा शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। नगर पालिका के फिल्टर प्लांट का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण पिछले 48 घंटों से शहर की आधे से अधिक आबादी को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है और कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। फिल्टर प्लांट की खराबी से रुकी जलापूर्ति शहर के वाटर वर्क्स रोड स्थित फिल्टर प्लांट से विभिन्न पानी टंकियों को भरकर अलग-अलग क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाती है। इसी प्लांट का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से बुधवार से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई। इसके चलते कई इलाकों में लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिविल लाइन पार के इलाकों में सबसे ज्यादा असर जलापूर्ति बाधित होने का सबसे अधिक असर सिविल लाइन पार स्थित मोहल्लों में देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दो दिनों से पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया है और लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है। पानी के लिए भटकते रहे लोग शहर के कई मोहल्लों में नलों से पानी नहीं पहुंचा तो लोग बर्तन, बाल्टियां और पानी की टंकियां लेकर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। कई परिवारों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी ने उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। निजी साधनों का लेना पड़ रहा सहारा जलापूर्ति बंद होने के बाद कई परिवारों ने पड़ोसियों के ट्यूबवेल और अन्य निजी जल स्रोतों का सहारा लिया। कुछ लोगों ने निजी वाहनों और बर्तनों के जरिए दूर-दराज के स्थानों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी कीं। हालांकि सभी लोगों के पास ऐसे संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टैंकरों से पानी पहुंचाने की कोशिश स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने कुछ वार्डों में पानी के टैंकर भेजने की व्यवस्था शुरू की है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था लोगों की जरूरतों के मुकाबले पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। टैंकर पहुंचते ही उमड़ी भीड़ हरिपुरा वार्ड क्रमांक-25 में देर रात पानी का टैंकर पहुंचा तो पानी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। लोगों ने जल्द से जल्द पानी भरने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही समय में टैंकर का पानी समाप्त हो गया।इसके कारण कई परिवारों को बिना पानी लिए वापस लौटना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर उठे सवाल स्थानीय नागरिकों ने महत्वपूर्ण जलापूर्ति व्यवस्था के लिए वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि शहर की जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था एक ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरी तरह प्रभावित हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि जब जलापूर्ति का संचालन एक निजी कंपनी को सौंपा गया है तो खराबी दूर करने में इतना समय क्यों लग रहा है। नगर पालिका ने जल्द सुधार का दिया भरोसा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) दुर्गेश सिंह ठाकुर ने बताया कि फिल्टर प्लांट का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। तकनीकी टीम द्वारा खराबी की जांच और सुधार का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर को जल्द ठीक कर पानी की आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पहुंचाया जा रहा पानी सीएमओ ने बताया कि जब तक तकनीकी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर पालिका की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलापूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संभल में 41 डिग्री पारा, AQI 167:शाम को मौसम बदलने और बादल छाने का अलर्ट
संभल में तेज धूप और उमस भरी गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। शनिवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो बीते शुक्रवार के मुकाबले 1 डिग्री अधिक है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 167 दर्ज किया गया है। पिछले छह दिनों से दोपहर में तीन से चार घंटे तक सड़कें सुनसान रहती हैं। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। शनिवार सुबह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने दोपहर के बाद आंशिक रूप से बादल छाने और देर शाम तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, रात में मौसम ठंडा रहता है, जबकि दिन में भीषण गर्मी पड़ रही है। जून महीने में अब तक 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस महीने की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी, जब अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस था, जो आज के तापमान से 2 डिग्री कम है। अप्रैल में 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा था, और इस बार नौतपा का असर भी नहीं दिखा। लगातार हुई बारिश के कारण जून महीने में संभल तहसील में मक्का की 25-30 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, चंदौसी और गुन्नौर तहसीलों में किसानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मानसून 25 जून के बाद दस्तक देने की उम्मीद है। स्थानीय निवासी आसिफ ने बताया कि गर्मी का प्रकोप बहुत अधिक है, और तेज धूप में पसीना पानी की तरह बहता है। उन्होंने कहा कि बारिश से थोड़ी राहत मिली थी, और अब और बारिश होने से सुकून मिलेगा। राहुल कुमार ने भी कहा कि लगातार गर्मी के कारण दोपहर में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
थाने में रील बनाने वाला युवक गिरफ्तार:रायबरेली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर की कार्रवाई
रायबरेली जिले के डलमऊ थाना परिसर के भीतर रील (वीडियो) बनाना एक युवक को महंगा पड़ा। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, डलमऊ थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर निवासी अमन तिवारी (पुत्र अभिषेक तिवारी) ने डलमऊ थाना परिसर के अंदर एक वीडियो रील बनाई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल उठे। वीडियो का संज्ञान लेते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। डलमऊ पुलिस ने आरोपी अमन तिवारी के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और उसका चालान कर दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी संस्थान या थाना परिसर की मर्यादा का ध्यान रखें। परिसर के अंदर वीडियो बनाना या अनुशासन भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल होना कानूनी अपराध है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे कृत्यों पर भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोटपूतली शहर के नगर परिषद के पार्क में शुक्रवार शाम एक झूला टूटकर 13 वर्षीय बच्चे के सिर पर गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसके नाक और कान से खून बहने लगा। गंभीर हालत को देखते हुए बीडीएम अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह झूला लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि झूलों की खराब स्थिति को लेकर नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मुज़फ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के गांव लडवा में बारात से लौट रहे युवकों पर हुए मुस्लिमों के कथित हमले को लेकर योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत बुलाई जाएगी। स्वामी यशवीर महाराज ने जारी बयान में दावा किया कि गांव लडवा में कश्यप समाज के एक परिवार में बारात आई थी। आरोप है कि बारात में आए कुछ युवकों का गांव के कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने शांत करा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बारात में आए युवक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी गांव के बाहर कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा उन पर जानलेवा हमला किया गया। उनके अनुसार हमलावरों ने वाहन में तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वामी यशवीर महाराज ने यह भी दावा किया कि हमलावरों ने कथित रूप से धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो इसे गंभीर सामाजिक विषय मानते हुए पंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने मुज़फ्फरनगर पुलिस से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी दोषियों की पहचान कर उन्हें गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र में पांच रुपए के लेनदेन को लेकर आटा चक्की पर विवाद हिंसक हो गया। शुक्रवार शाम खैरियातोर मोड़ स्थित चक्की पर पिसाई के पैसों को लेकर हुए विवाद में संचालक ने ग्राहक का कान दांत से काट लिया। हमले में ग्राहक मौरोली गांव निवासी धान सिंह भदौरिया के कान का एक हिस्सा कटकर अलग हो गया। घायल ने मेहगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस जांच कर रही है। धान सिंह भदौरिया ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने खैरियातोर मोड़ पर स्थित पप्पू ओझा की चक्की पर साढ़े 37 किलो गेहूं पिसवाने के लिए दिए थे। शुक्रवार शाम जब वह आटा लेने पहुंचा तो उसे करीब 36 किलो आटा वापस दिया गया। इसी दौरान पिसाई के पैसों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। 45 की जगह 40 रुपए देने पर भड़का संचालक शिकायतकर्ता के अनुसार, चक्की संचालक पप्पू ओझा ने पिसाई के बदले 45 रुपए मांगे थे, जबकि धान सिंह ने 40 रुपए दिए। पांच रुपए के अंतर पर दोनों में तीखी बहस हुई। विवाद हाथापाई तक पहुंच गया और गुस्से में संचालक ने धान सिंह के कान को दांत से काट लिया। कान के निचले हिस्से का एक भाग कटकर अलग घायल धान सिंह ने बताया कि हमले में उसके कान के निचले हिस्से का एक भाग कटकर अलग हो गया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद पीड़ित लहूलुहान हालत में थाने पहुंचा और आरोपी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस बोली- दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही मेहगांव थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर घटना की जांच शुरू की है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। मेहगांव थाना प्रभारी महेश शर्मा ने बताया, युवक का कान काटे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के विजयनगर इलाके में रहने वाले कंस्ट्रक्शन व्यवसायी प्रशांत तोमर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने क्रेडिट कार्ड की KYC अपडेट करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल किया और एक लिंक भेजी। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से करीब 2 लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए गए। मामले में साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद विजयनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एप डाउनलोड करने के बाद आया कॉल पुलिस के अनुसार 9 जून की शाम प्रशांत तोमर ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड का एप डाउनलोड किया था। कुछ समय बाद उनके व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड का फ्रेश वेरिफिकेशन और KYC अपडेट करना जरूरी है। इसके लिए उसने प्रशांत को एक लिंक भेजी और उस पर क्लिक करने को कहा। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से कट गए रुपए प्रशांत ने जैसे ही लिंक खोली, उनका मोबाइल हैक हो गया। उन्हें कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत कॉल काट दी और मोबाइल बंद कर दिया। लेकिन तब तक उनके खाते से दो ट्रांजेक्शन में करीब 2 लाख 10 हजार रुपए निकल चुके थे। कार्ड ब्लॉक कराया, फिर साइबर हेल्पलाइन से संपर्क ठगी का पता चलते ही प्रशांत ने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद बैंक की हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद मामला विजयनगर थाने पहुंचा। पुलिस ने शुक्रवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी का केस दर्ज कर लिया। पुलिस कर रही जांच विजयनगर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और KYC अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल्स से सावधान रहें।
बिहार में 21 जून को चलेंगी 'परीक्षा स्पेशल' ट्रेनें, नीट अभ्यर्थियों के लिए दानापुर मंडल ने की घोषणा
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए दानापुर मंडल ने 21 जून को छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया
मंदसौर शहर में शुक्रवार रात मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक चौकी का आयोजन श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया गया। नयापुरा क्षेत्र से निकली इस चौकी में हजारों मुस्लिम समाजजन शामिल हुए और कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह चौकी नयापुरा से प्रारंभ होकर नयापुरा रोड, शुक्ला चौक, घंटाघर सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। देर रात करीब 12:30 बजे मंडी गेट पर इसका समापन हुआ। समाजसेवी नाहरू खान मेव द्वारा चौकी को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप में तैयार कराया गया था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। चौकी निकाले जाने के दौरान कव्वाली और कलाम की प्रस्तुतियों ने माहौल को रूहानी बना दिया। चौकी के दौरान युवाओं ने पारंपरिक अखाड़ों के माध्यम से हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इन करतबों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे, जिन्होंने युवाओं के प्रदर्शन का खूब उत्साह बढ़ाया। आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की गई थी। एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर, सिटी कोतवाली, वायडी नगर एवं नई आबादी थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी और तहसीलदार पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वहीं, मुस्लिम समाज की ओर से भी स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था, जिन्होंने आयोजन को व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उल्लेखनीय है कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी के साथ इस्लामी नए वर्ष की शुरुआत होती है। मुस्लिम समाज में मुहर्रम को शोक, त्याग, सब्र और बलिदान का महीना माना जाता है। यह महीना कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन द्वारा इंसानियत, न्याय और सत्य की रक्षा के लिए दी गई शहादत की याद दिलाता है।
भोजपुर में गंगा नदी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से शव को पानी से बाहर निकाला गया। मृतका मुन्नी कुंअर उर्फ मुन्नी देवी(53) कृष्णागढ़ के बभनगावां गांव की रहने वाली थी। घटना सिन्हा थाना क्षेत्र के महुली घाट की है। मृतका के भतीजे दीपक कुमार ने बताया कि गांव की पांच महिलाओं के साथ मेरी चाची गंगा स्नान के लिए गई थी। इस दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गई। सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हमलोग वापस लौट आए। शुक्रवार दोपहर सूचना मिली कि एक महिला नदी किनारे दिखी है। जिसके बाद परिवार के लोग फिर से पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद डेड बॉडी को पानी को बाहर निकाला गया। घर में मचा कोहराम सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया। मृतका को सिर्फ एक बेटी है। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-2 क्षेत्र में एक मौजूदा पार्षद निक्कू भारती के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। पार्षद ने आरोप लगाया है कि ये लोग डराकर 2-2 हजार रुपए वसूलते हैं। फिलहाल पुलिस ने भाजपा नेता विक्की सहोता, उसके भाई सहित सात लोगों के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी ढोलेवाल पुल के नीचे काम करने वाले लोगों से कथित रूप से अवैध वसूली करते हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों के साथ-साथ 3–4 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता निक्कू भारती ने पुलिस को बताया कि वह वार्ड नंबर-30 का मौजूदा पार्षद है। 18 जून को उन्हें एक फोन आया। बताया गया कि कुछ लोग ढोलेवाल पुल के नीचे उस स्थान पर वीडियो बना रहे हैं, जहां लोगों की सुविधा के लिए वाटर कूलर लगाने की तैयारी की जा रही थी। पार्षद के अनुसार, जब वह मौके पर पहुंचे और आरोपियों को समझाने की कोशिश की, तो उन्होंने बहस शुरू कर दी और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि जब वह वापस जाने लगे, तो आरोपियों ने उन्हें घेरकर मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान आरोपी विक्की सहोता, उसका भाई राकेश उर्फ टिड्डा, यश सहोता तथा 3-4 अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया। यह भी आरोप है कि विक्की सहोता की पत्नी सपना भी मौके पर पहुंची और गाली-गलौज की। 2-2 हजार रुपए आरोपी करते थे इक्ट्ठे पीड़ित ने बताया कि उसे बचाने आए युवक भूपिंदर पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया और जान से मारने की धमकियां दीं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ये लोग पहले भी इलाके में लोगों को डराकर कथित तौर पर अवैध वसूली करते हैं और 2-2 हजार रुपए वसूलते हैं। थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस ने शिकायत के आधार पर विक्की सहोता, राकेश उर्फ टिड्डा, यश सहोता तथा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस टीम पर हमला करने के आरोपी जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू को गाजियाबाद पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। मोहम्मद शमी मुरादाबाद जिला पंचायत बोर्ड का सदस्य और एमजेपी इंटर कॉलेज का प्रबंधक है। शमी पर आरोप है कि उसने साइबर ठगी के मामले में छापा मारने आई गाजियाबाद पुलिस की टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया था। इस मामले में मूढापांडे थाने पर शमी और उसके साथियों के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी।मूंढापांडे थाने में गाजियाबाद के साइबर थाने के सब इंस्पेक्टर रिंकू सिंह ने सप्ताहभर पहले मुरादाबाद के जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू, उसके भाई राशिद और नन्हें समेत 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें सब इंस्पेक्टर ने कहा था कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में करीब 43 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य के भाई राशिद अली के खाते में आए हैं। पुलिस टीम राशिद अली को पकड़ने आई थी, लेकिन जिला पंचायत सदस्य ने हमला करके राशिद को पुलिस टीम से छुड़ा लिया था।शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर मोहम्मद शमी को गिरफ्तार कर लिया है।
आगरा में सुबह हल्के बादल छाए, तपिश कम हुई:दिन में 41°C तापमान का अनुमान, शाम तक बूंदाबांदी के आसार
शनिवार सुबह शहर में हल्के बादल छाए हैं। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। बादलों की वजह से सुबह के समय धूप की तपिश अपेक्षाकृत कम महसूस हुई। फिलहाल शहर का तापमान करीब 33C दर्ज किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज अधिकतम तापमान 41C और न्यूनतम तापमान 27C रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई है। ऐसे में दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस बनी रह सकती है। अगले सात दिनों में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार से मौसम फिर मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है और 24-25 जून तक अधिकतम तापमान 43C तक पहुंचने का अनुमान है। फिलहाल शनिवार को ही बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है पिछले सात दिनों में ऐसा रहा मौसम पिछले एक सप्ताह में आगरा के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला। 13 जून को बारिश और तेज हवाओं के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। इसके बाद मौसम फिर शुष्क होने लगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से दिन में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और एक-दो दौर की हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालांकि अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।
मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध नागद्वारी यात्रा और नागपंचमी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और पिपरिया एसडीएम आकिब खान ने अधिकारियों के साथ नागद्वारी मार्ग की पैदल ट्रैकिंग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 7 अगस्त से शुरू होगी नागद्वारी यात्रा नागद्वारी यात्रा इस वर्ष 7 और 8 अगस्त से शुरू होकर नागपंचमी तक चलेगी। इस दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित नागद्वारी गुफा पहुंचकर नाग देवता के दर्शन करते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन को देखते हुए प्रशासन पहले से तैयारियों में जुट जाता है। संयुक्त निरीक्षण कर परखी गई व्यवस्थाएं शुक्रवार को नागपंचमी पर्व के पूर्व आयोजित होने वाले प्रसिद्ध नागद्वारी मेले की तैयारियों को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान नागद्वारी मंदिर तक जाने वाले ट्रैकिंग मार्ग और मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा। कठिन मार्ग पर पैदल पहुंचकर लिया जायजा कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने अधिकारियों के साथ कठिन पहाड़ी मार्ग का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन, चित्रशाला, स्वर्गद्वार, पश्चिमद्वार, नागद्वारी मंदिर और काजरी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का सघन निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति को देखा तथा आवश्यक सुधारों को लेकर चर्चा की। पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा इंतजाम, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, मार्ग सुधार, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। ट्रैकिंग मार्ग सुधारने के निर्देश कलेक्टर मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैकिंग मार्गों का समय पर सुधार किया जाए। जहां-जहां मार्ग क्षतिग्रस्त हैं या सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मेला क्षेत्र में सभी मूलभूत सुविधाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं। विश्राम स्थलों और संकेतक बोर्डों पर भी फोकस निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्राम स्थलों, संकेतक बोर्डों और पर्यटक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संकेतक लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को रास्ता खोजने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही विश्राम स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है नागद्वारी मेला कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि नागद्वारी मेला प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। सभी विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय पर करें और आपसी समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सफाई, संचार और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की उप संचालक ऋषभा नेताम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं महादेव मेला समिति के अध्यक्ष हिमांशु जैन, पिपरिया एसडीएम एवं महादेव मेला समिति के सचिव आकिब खान, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा, एसडीओपी पिपरिया मोहित यादव, तहसीलदार वैभव बैरागी सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, होमगार्ड, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 178 आरएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। इस सूची में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कई उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) के पदस्थापन भी शामिल हैं, जिनमें पावटा, विराटनगर और नीमराना में नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस आदेश के तहत कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नीमराना के उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह यादव को शासन उप सचिव एवं स्थापक अधिकारी, विभाग जांच, जयपुर के रिक्त पद पर ट्रांसफर किया गया है। उनके स्थान पर नवलगढ़, झुंझुनू से कुलदीप सिंह शेखावत को नीमराना का नया उपखंड अधिकारी नियुक्त किया गया है। बृजेश कुमार होंगे पावटा के नए एसडीएम पावटा की एसडीएम साधना शर्मा को अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (एग्स) एवं पदेन परियोजना अधिकारी (माडा), जयपुर लगाया गया है। अकलेरा, झालावाड़ से बृजेश कुमार को पावटा का नया उपखंड अधिकारी बनाया गया है। लालाराम यादव विराटनगर एसडीएम विराटनगर के उपखंड अधिकारी कपिल कुमार का ट्रांसफर सहायक कलेक्टर, सीकर के पद पर किया गया है। उनकी जगह कठूमर, अलवर के सहायक कलेक्टर लालाराम यादव को विराटनगर का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, बहरोड़ के सहायक कलेक्टर जगदीश प्रसाद का तबादला केशोरायपाटन, बूंदी में उपखंड अधिकारी के तौर पर किया गया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए वाणिज्य व्याख्याताओं की रिट अपील को खारिज कर दिया है। वहीं, राज्य सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत अतिशेष घोषित कर ट्रांसफर किए गए शिक्षकों को राहत देने से इनकार कर दिया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि जब मूल स्कूल में संबंधित विषय का एक भी छात्र नहीं है, तो वहां शिक्षकों को पदस्थ रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। दरअसल, जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिवनी में शकुंतला राठौर और कृष्णा देवी साहू कॉमर्स व्याख्याता के पद पर कार्यरत थीं। राज्य सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत जांच में पाया गया कि इस स्कूल में कॉमर्स विषय का एक भी छात्र नहीं है। छात्र संख्या शून्य होने के कारण दोनों शिक्षिकाओं को अतिशेष घोषित कर दिया गया और काउंसलिंग के माध्यम से उनका तबादला मुंगेली जिले के दासरंगपुर और कोना के स्कूलों में कर दिया गया था। भेदभाव का आरोप लगाकर लगाई थी याचिका शिक्षिकाओं ने इस ट्रांसफर को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए तर्क दिया कि, काउंसलिंग के दौरान जिले के खाली पदों को छिपाया गया और विभाग ने मनमाने ढंग से भेदभावपूर्ण कार्रवाई की है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ट्रांसफर पूरी तरह युक्तिकरण नीति की धारा 7(सी)(2) के तहत किए गए हैं। इस नीति के अनुसार यदि किसी स्कूल में संबंधित विषय का कोई छात्र नहीं है, तो वहां के शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। वरिष्ठ शिक्षकों को पहले जिला स्तर पर मौका दिया गया, जिसके बाद संभाग स्तर की काउंसलिंग से नियमानुसार पोस्टिंग दी गई है। पसंद की जगह पर जमे रहने का अधिकार नहीं सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि, ट्रांसफर और एडजस्टमेंट पूरी तरह से नियोक्ता के प्रशासनिक दायरे का काम है और इसमें न्यायिक समीक्षा सीमित होती है। शिक्षक अपनी पसंद की जगह या गृह जिले में ही जमे रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं जता सकते। जब सिवनी स्कूल में कॉमर्स का कोई छात्र ही नहीं था, तो सरकार का उन्हें दूसरे स्कूल में भेजना नीति के तहत सही कदम है।
“मैं कुएं के पास पहुंचा तो ऐसा लगा जैसे वहां कभी कुआं था ही नहीं। मैं मां... मां... और प्रियंका... प्रियंका... चिल्लाता रहा, लेकिन कहीं से कोई आवाज नहीं आई। करीब 6 घंटे तक खुदाई चलती रही। हर बार मशीन मिट्टी हटाती तो उम्मीद जागती कि शायद मां और पत्नी जिंदा मिल जाएं, लेकिन शाम होते-होते उम्मीद टूट गई। पहले मां, फिर पत्नी का शव मलबे में दबा मिला।” राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र के बामनगांव निवासी कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य मुकेश दांगी जब यह कहते हैं तो उनकी आंखें भर आती हैं। 17 जून की सुबह उनके खेत में जो कुछ हुआ, उसने एक पल में पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। खेत में बना नया कुआं अचानक धंस गया और उसकी चपेट में आकर उनकी मां रूपा बाई दांगी (52) और पत्नी प्रियंका उर्फ पिंकी दांगी (30) की मौत हो गई। हादसे के तीन दिन बाद भी बामनगांव में सन्नाटा पसरा है। गांव की गलियों में लोग बस इसी घटना की चर्चा कर रहे हैं। हर कोई यही कहता है कि मां जैसी सास और बेटी जैसी बहू एक साथ चली गईं। पढ़िए रिपोर्ट… देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें मुझे क्या पता था कि मां से हुई वह बातचीत आखिरी होगी… भास्कर टीम सबसे पहले मुकेश दांगी के घर पहुंची। घर के हॉल में रिश्तेदार बैठे थे। पूरा माहौल गमगीन था। मुकेश दो साल के बेटे मितांश को पास में बैठाकर मोबाइल पर उसकी मां की तस्वीरें दिखा रहे थे। मितांश कभी मोबाइल स्क्रीन देखता तो कभी दरवाजे की ओर। शायद उसे अब भी लग रहा था कि उसकी मां कहीं गई है और थोड़ी देर में लौट आएगी। जब भास्कर ने मुकेश से घटना के बारे में पूछा तो मां और पत्नी का जिक्र आते ही उनकी आवाज भर्रा गई। आंसू छलक पड़े। कुछ पल खामोश रहे। फिर धीमे स्वर में बोले- मुझे क्या पता था कि घर से निकलते समय मां से हुई बात आखिरी बातचीत होगी। मुकेश के घर की तस्वीरें कुछ देर पहले ही अंकल का बेटा कुएं में उतरा था मुकेश बताते हैं कि खेत में पहले से एक पुराना कुआं था, जिसे पक्का बनाने का काम करीब 15 दिनों से चल रहा था। कुएं को मजबूत करने के लिए करीब 5 क्विंटल सरिया, 100 बोरी सीमेंट, रेत और गिट्टी का उपयोग किया गया था। मंगलवार तक निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था। रात में पुराने कुएं से नए कुएं तक एक नाली खुदवाई गई थी, जिसमें पाइप डालकर ऊपर से मिट्टी भर दी गई। योजना थी कि संतरों की सिंचाई के लिए नए कुएं में पानी भरा जाए। मुकेश कहते हैं- बुधवार सुबह करीब 9 बजे मैं खेत पहुंच गया था। मजदूर और कारीगर भी आ चुके थे। घर से निकलते समय मम्मी से कहा- जब आप आना तो मजदूरों व कारीगरों के लिए भी खाना लेती आना। खेत पर पहुंचकर मैं, दो चचेरे भाई, तीन मजदूर और कारीगर काम में जुट गए। करीब 11 बजे मां रूपा बाई और पत्नी प्रियंका खाना लेकर पहुंचीं। मां मेरे लिए कपड़े में आम लपेटकर लाई थी मुकेश बताते हैं- मां दो टिफिन लाई थी। एक मेरे और मजदूरों के लिए, दूसरा अपने और प्रियंका के लिए। मां के आने के बाद अंकल का बेटा कुएं में उतरा। उसने मोटर नीचे रखी। मैंने भी मोटर की पाइप इधर से उधर की। हम तराई का काम कर रहे थे। मां ने मुझसे कहा- मैं देखती हूं। तुम लोग जाकर खाना खा लो। हम अपने लिए भी खाना लेकर आए हैं। उसे अलग रख देना। मुकेश कहते हैं- इसके बाद मां ने मुझे संतरे के बगीचे के पास पानी की टंकी बनाने की सलाह दी। कुएं के आसपास बिखरी गिट्टी को वह समेटने लगीं। प्रियंका भी उनके साथ काम में जुट गई। मैं, कारीगर और मजदूर संतरे के बगीचे को पार कर करीब 300 मीटर दूर खेजड़ी के पेड़ के नीचे जाकर बैठ गए। पहले हमने खाना खाया। फिर निर्माण कार्य का हिसाब-किताब करने लगे। कपड़े में बंधा आम वैसे ही रखा मिला, टिफिन की दाल सूख गई थी भास्कर की टीम उस खेजड़ी के पेड़ के नीचे पहुंची, जहां मुकेश ने कारीगरों और मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया था। वहीं मां और पत्नी के लिए टिफिन में रखा खाना भी जस का तस रखा हुआ था। मुकेश के लिए कपड़े में बांधकर जो आम रूपा बाई लाई थीं, वह भी उसी तरह बंधा हुआ पड़ा मिला। मुकेश ने सोचा था कि मां बाद में आम के साथ रोटी खा लेंगी, लेकिन वह आम वैसे ही रखा रह गया। टिफिन भी उसी तरह बंधे हुए थे। जब भास्कर टीम ने टिफिन खोले तो एक में रोटियां, दूसरे में गिलकी की सब्जी और तीसरे में दाल मिली। तीन दिन से रखा होने के कारण दाल अब सूख चुकी थी। आंटी बोलीं- न तेरी मम्मी है, न बहू और न कुआं मुकेश बताते हैं- मैं खाना खाकर पेड़ के नीचे बैठा हिसाब-किताब कर रहा था, तभी आंटी सुमित्रा बाई आईं। पूछा- भाभी रूपा बाई और बहू प्रियंका कहां हैं? मैंने कहा- दोनों कुएं के पास हैं। आंटी उनकी मदद करने वहां गईं, लेकिन कुछ देर बाद दौड़ते हुए आईं। घबराकर बोलीं- वहां न कुआं दिख रहा, न तेरी मम्मी और न बहू। मुकेश बताते हैं कि आंटी ने कहा- मेरी आंखें खराब तो नहीं हो गईं, तू चलकर देख। मैं दौड़कर मौके पर पहुंचा। वहां देखा कि कुआं पूरी तरह समतल हो चुका था। मैं मां... मां... और प्रियंका... प्रियंका... चिल्लाता रहा मुकेश बोले- जब मैं वहां पहुंचा तो ऐसा लगा जैसे वहां कभी कुआं था ही नहीं। मैं मां... मां... और प्रियंका... प्रियंका... चिल्लाता रहा। कहीं से कोई आवाज नहीं आई। कुछ ही देर में गांव के लोग मौके पर जुटने लगे। कोई ट्रैक्टर लेकर पहुंचा तो कोई जेसीबी बुलाने दौड़ा। देखते ही देखते हजारों ग्रामीण खेत पर इकट्ठा हो गए। प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें भी वहां पहुंच गईं। करीब 6 घंटे तक लगातार खुदाई चलती रही। हर बार मशीन मिट्टी हटाती तो परिवार की उम्मीद जागती कि शायद दोनों जिंदा मिल जाएं, लेकिन शाम होते-होते सारी उम्मीदें टूट गईं। पहले करीब 12 फीट नीचे रूपा का शव खड़ी अवस्था में मिला। इसके बाद 20 फीट की गहराई में प्रियंका का शव लेटी अवस्था में मिला। ग्रामीणों का अनुमान है कि प्रियंका कुएं के ज्यादा करीब रही होंगी। जैसे ही कुआं धंसा, वह उसमें समाने लगीं, उन्हें बचाने रूपा बढ़ी होंगी, लेकिन वह भी मलबे में दब गईं। मां-बेटी जैसा था सास-बहू का रिश्ता गांव की सरपंच पूनम दांगी बताती हैं- रूपा बाई और प्रियंका के बीच सास-बहू से बढ़कर मां-बेटी जैसा रिश्ता था। दोनों घर और खेत का अधिकांश काम मिलकर करती थीं। जिस कुएं पर हादसा हुआ, वह एक दिन पहले ही तैयार हुआ था। हादसे के वक्त दोनों महिलाएं उसके आसपास सफाई कर रही थीं। तीन बच्चों के सिर से उठ गया मां का साया मुकेश और प्रियंका की शादी 2013 में हुई थी। उनकी 11 साल की बेटी सपना, 4 साल की शारदा और 2 साल का बेटा मितांश है। इस हादसे ने बच्चों से उनकी मां छीन ली, जबकि मुकेश ने एक ही दिन में मां और जीवनसाथी दोनों को खो दिया। बामनगांव में आज भी लोग उस धंसे हुए कुएं को देखकर ठिठक जाते हैं, क्योंकि वहां सिर्फ मिट्टी नहीं धंसी, एक परिवार की खुशियां भी उसी मलबे के नीचे दब गईं। ………………………. यह खबर भी पढ़ें राजगढ़ में कुआं धंसा, कांग्रेस नेता की मां-पत्नी दबीं: 6 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मलबे से निकाले शव मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र के बामन गांव में बुधवार दोपहर कुआं धंस गया। हादसे में कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) की 60 वर्षीय मां रूपा बाई और 30 वर्षीय पत्नी पिंकी बाई मिट्टी के मलबे में दब गईं। करीब 7 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव मलबे से बाहर निकाले गए। पढ़ें पूरी खबर
शहर के एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने किसान संगठन से जुड़े होने का दावा करने वाले एक नेता और उसके सहयोगी पर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर के चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह लंबे समय से चिकित्सा सेवा से जुड़े हैं और उनकी सामाजिक व पेशेवर प्रतिष्ठा है। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष पहले भी उनके खिलाफ विभिन्न विभागों और अधिकारियों से शिकायतें करता रहा है, लेकिन जांच में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया। डॉ. शर्मा के अनुसार, इसके बावजूद आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने और परेशान करने का प्रयास करते रहे। हाल ही में हुई एक मुलाकात के दौरान आरोपियों ने उन्हें और अन्य चिकित्सकों को धमकाते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो शहर में उनकी प्रैक्टिस बंद करा दी जाएगी। अस्पतालों पर ताला लगवाने की धमकी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर अस्पतालों पर ताले लगवाने, सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर छवि खराब करने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। चिकित्सक का कहना है कि इन धमकियों से डॉक्टरों में भय का माहौल बन गया है। सुरक्षा की मांग, पुलिस ने शुरू की जांच डॉ. शर्मा ने अपनी और अन्य चिकित्सकों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद प्रदेश की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया गया है। शुक्रवार देर रात जारी आदेशों में राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के कई अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। अजमेर जिले में चार आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कैलाश चंद शर्मा को राजस्व मंडल में अतिरिक्त निबंधक लगाया गया है। वहीं एपीओ रहे मोहनलाल खटनावलिया को राजस्व मंडल में उप निबंधक नियुक्त किया गया है। अजमेर विकास प्राधिकरण में उपायुक्त अनिल कुमार चौधरी को किशनगढ़ में उपखंड अधिकारी तथा मोहनगढ़ जैसलमेर में सहायक आयुक्त उपनिवेशन पद पर रहे गजेंद्र शर्मा को सरवाड़ उपखंड अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब देखिए- 178 आरएएस की ट्रांसफर लिस्ट…. …. राजस्थान में ट्रांसफर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए राजस्थान में आधी रात 178 आरएएस का ट्रांसफर:पिंकी मीणा को साढ़े 5 साल बाद पोस्टिंग, बीज निगम में घूसकांड के बीच MD को हटाया
विदिशा के जनपद पंचायत नटेरन में पदस्थ इंजीनियर रविंद्र सिंह ठाकुर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। उनके अचानक गायब होने से परिवार में चिंता का माहौल है। परिजनों ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल की टीम उनकी तलाश में जुट गई है। निजी काम से भोपाल जाने की बात कहकर निकले थे जानकारी के अनुसार रविंद्र सिंह ठाकुर गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अपने बालाजीपुरम स्थित निवास से निकले थे। घर से निकलते समय उन्होंने परिवार को बताया था कि वे निजी कार्य से भोपाल जा रहे हैं और काम निपटाने के बाद वापस लौट आएंगे। पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत शाम करीब 5:30 बजे रविंद्र सिंह की अपनी पत्नी रतना से मोबाइल फोन पर आखिरी बार बातचीत हुई थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि वे भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मौजूद हैं और इंटरसिटी ट्रेन से विदिशा लौट रहे हैं। परिजनों के अनुसार यह उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो सका। देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो बढ़ी चिंता रविंद्र सिंह के देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली। रेलवे स्टेशन पार्किंग में मिली मोटरसाइकिल जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो उनकी मोटरसाइकिल विदिशा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 की ओर स्थित शेरपुरा पार्किंग स्टैंड में खड़ी मिली। बाइक मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई, क्योंकि इसके बावजूद रविंद्र सिंह का कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत रविंद्र सिंह का पता नहीं चलने पर प्रदीप ठाकुर ने अन्य परिजनों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस और साइबर सेल की टीमें सक्रिय मामले की जांच के लिए पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम भी जुट गई है। जांच अधिकारी मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर रविंद्र सिंह की तलाश कर रहे हैं। पुलिस विभिन्न संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटा रही है। हुलिया जारी कर लोगों से मांगी मदद परिवार और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को रविंद्र सिंह ठाकुर के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। रविंद्र सिंह का रंग गोरा है, चेहरा लंबा है और उनकी लंबाई करीब 5 फीट 7 इंच है। घटना के समय पीली शर्ट और काली जींस पहनी थी परिजनों के अनुसार घर से निकलते समय रविंद्र सिंह ठाकुर ने पीले रंग की शर्ट और काले रंग की जींस पहन रखी थी। पुलिस ने उनके हुलिए के आधार पर भी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल की टीम हर पहलू से जांच कर रही है और इंजीनियर की सुरक्षित तलाश के प्रयास जारी हैं।
जोधपुर में कार रिपेयर करवाने आए दो युवकों पर बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला किया। दोनों कार के पास में बैठे थे। 5-6 बदमाश स्कूटी और बाइक से आए थे। इस दौरान उन्होंने युवक पर फायरिंग भी की। युवक विक्की के सिर और सन्नी के पीठ पर गोली लगी है। घटना देवनगर थाना क्षेत्र में रात 10:30 बजे बॉम्बे मोटर चौराहे की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरत कविराज मौके पर पहुंचे। इधर, बॉम्बे मोटर चौराहे पर हुई पूरी घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें बदमाश युवकों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। बाइक और स्कूटी से आए बदमाशों ने किया हमला जानकारी के अनुसार घायल सन्नी हंस (35) और विक्की फाइटर दोनों बॉम्बे मोटर चौराहे के पास स्कॉर्पियो सही करवाने आए थे। दोनों कार के पास में बैठे थे। इसी दौरान बाइक और स्कूटी पर सवार होकर आए 5 से 6 बदमाशों ने दोनों पर अचानक धारदार हथियारों से हमला कर दिया। दोनों को बदमाशों ने अधमरा कर दिया और वहां से फरार हो गए। हमले में घायल सन्नी और विक्की को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के इमरजेंसी ट्रॉमा वार्ड लाया गया। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद डीसीपी कमल शेखावत, एडीपीसी नरेंद्र सिंह देवड़ा और शास्त्री नगर थानाधिकारी जुल्फीकार अली एमडीएम हॉस्पिटल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अब देखिए घटना से जुड़े फोटोज… युवक पर लगातार करते रहे वार घटना की जानकारी मिलने के बाद कमिश्नर शरत कविराज मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस हमले के दौरान फायरिंग भी हुई है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपियों को नामजद भी कर लिया है। विवाद क्या था, इसकी जांच की जा रही है। बदमाशों ने 3 राउंड फायर भी किए इधर, ये पूरा घटनाक्रम एक कॉम्पलेक्स के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि सन्नी और विक्की दोनों स्कॉर्पियो के पास बैठे थे तभी हथियारों से लैस बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। इनमें एक युवक बॉम्बे मोटर चौराहे की तरफ भागा, जबकि दूसरा पास के ही कॉम्पलेक्स में जान बचाने के लिए दौड़ा। इसी दौरान वह नीचे गिर गया। बदमाश घायल युवक पर लगातार हमला करते रहे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने इस दौरान करीब 3 राउंड फायर भी किए। आरोपियों की तलाश के लिए बनाई टीमें एडीसीपी वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया-प्रारंभिक जानकारी में ये विवाद पुरानी रंजिश को लेकर हुआ था। इसे लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में बदमाशों की पहचान कर ली गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए राजीव गांधी, कुड़ी भगतासनी और प्रताप नगर सदर थानाधिकारी के नेतृत्व में तीन टीमें बनाई गई हैं। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में आपसी विवाद में देर रात फायरिंग:धारदार हथियार से किया हमला; बाइक और स्कूटी पर आए थे हमलावर जोधपुर में शुक्रवार देर रात दो गुटों के बीच में झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कार सवार दो युवकों पर धारदार हथियार के साथ हमला किया। घटना देर रात शहर के देवनगर थाना क्षेत्र के 10:30 बजे बॉम्बे मोटर चौराहे के पास की है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में कथित भारी मुनाफाखोरी और दवा मूल्य नियंत्रण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक व सर्जन डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ दवाओं पर वास्तविक कीमत की तुलना में 16 गुना तक अधिक वसूली की जा रही है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर-2 में 23 जून को निर्धारित है। डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में दवा सप्लाई चेन में रिटेलर्स और अस्पतालों की ओर से किए जा रहे कथित अनैतिक मुनाफे पर रोक लगाने तथा ड्रग्स प्राइसेज कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ)-2013 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कई फार्मा कंपनियां नियमों को दरकिनार कर मरीजों से दवाओं की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक राशि वसूल रही हैं। याचिका में एंटीबायोटिक दवा टाइगेबेक्स (Tigebex) का उदाहरण दिया गया है। इसके अनुसार दवा की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 5,635 रुपये है, जबकि यह दवा बाजार और अस्पतालों को करीब 350 रुपये में उपलब्ध हो जाती है। डॉ. कुलश्रेष्ठ का कहना है कि डीपीसीओ-2013 के तहत खुदरा विक्रेता के लिए सीमित मार्जिन का प्रावधान है, फिर भी दवाओं पर अत्यधिक लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने याचिका में सवाल उठाया है कि जब निर्धारित लाभ सीमा सीमित है तो 90 प्रतिशत से अधिक मार्जिन कैसे दिया जा रहा है। कॉरपोरेट अस्पतालों पर लगाए शोषण के आरोप याचिका में बड़े और कॉरपोरेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। डॉ. कुलश्रेष्ठ का आरोप है कि कई अस्पताल मरीजों को अस्पताल परिसर की फार्मेसी से ही दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां दवाएं पूरी एमआरपी पर बेची जाती हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में अस्पताल के कुल बिल का 40 प्रतिशत तक हिस्सा केवल दवाओं का होता है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। एंटीबायोटिक के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में यह भी कहा है कि एंटीबायोटिक दवाओं पर अधिक मुनाफे के कारण उनका अनावश्यक उपयोग बढ़ रहा है। इससे देश में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस यानी सुपरबग का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति भविष्य में सामान्य संक्रमणों के इलाज को भी मुश्किल बना सकती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से दवा मूल्य नियंत्रण नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं की जवाबदेही तय करने तथा मरीजों को राहत देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
बस्तर जिले के करपावंड क्षेत्र में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक (आरआई) समेत अधिकारियों के साथ धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई। हालांकि, पुलिस ने किसी तरह स्थिति को कंट्रोल किया। बताया जा रहा है कि, पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। इस बवाल का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला करपावंड थाना क्षेत्र का है। ये है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, प्रशासन को सूचना मिली थी कि करपावंड क्षेत्र की सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान राजस्व निरीक्षक देवेंद्र श्रीवास सहित अन्य अधिकारियों के साथ बदसलूकी और धक्कामुक्की की गई। स्थिति बिगड़ती देख पहले से मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस ने उपद्रव करने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। इसके बाद लखनऊ दहलाने की साजिश थी। दुबई में बैठे तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) के सदस्य आवेश राजपूत उर्फ राणा और सहजाद उर्फ शाहनवाज आलम उर्फ भट्ठी ने इसका फरमान जारी कर दिया था। इसके लिए अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी 17 जून को दोपहर ट्रेन से कानपुर रवाना भी हो गया था। लेकिन रांची पुलिस ने दोनों को गझंडी स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में अमन अंसारी ने यह खुलासा किया। उसने बताया कि सितंबर 2025 में वह नौकरी के लिए मुंबई गया था। वहां से जिशान नामक एजेंट ने दुबई भेज दिया। वहां मरमुम स्टार टेक्निकल सर्विस एलएलसी कंपनी में एसी बनाने का काम मिला। वीजा समाप्त होने के बाद कंपनी के सुपरवाइजर अहमद अली ने इसी साल उसे वापस मुंबई भेज दिया। फिर वहां से झारखंड लौट आया। यहां आने के बाद अहमद अली ने ही राणा से फोन पर संपर्क कराया। उसे आरएसएस कार्यालय पर बम फेंकने के लिए तीन लड़कों को तैयार करने के लिए कहा गया। इसकी एवज में पैसे देने की बात कही गई। दुबई से भेजा गया था फोटो और लोकेशन अमन ने पुलिस को बताया कि दुबई से राणा ने 15 जून की रात उसके वॉट्सएप पर रांची आरएसएस कार्यालय का फोटो और लोकेशन भेजा। पेट्रोल बम फेंक कर आरएसएस कार्यालय में आग लगाने का निर्देश दिया। तय योजना के अनुसार सैफ और अमन 16 जून की रात अपने दोस्त सायम सुजान के साथ आरएसएस कार्यालय के पास पहुंचा। सैफ ने पेट्रोल बम फेंका, जबकि अमन पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। पहला बम नहीं फटा, जिसकी सूचना राणा को दी। सुनते ही राणा भड़क गया और दूसरा बम फेंकने को कहा। दूसरा बम फेंकने के बाद धमाका हुआ तो तीनों वहां से फरार हो गए। अगले दिन सुबह राणा ने फोन कर कहा-वहां से निकलकर कानपुर चले जाओ। कानपुर से लखनऊ जाकर दूसरी घटना को अंजाम देना है। मोबाइल अमन के पास, दुबई से वॉट्सएप चला रहा था राणा अमन अंसारी ने बताया कि अपने दोस्त हैदर अली से एक मोबाईल और सिमकार्ड 9334314899 लिया था। हैदर ने यह मोबाइल और सिमकार्ड लोहरदगा में रहने वाले एक युवक से गिरवी के रूप में रखा था। युवक ने पैसे देने में देर की तो हैदर ने वह मोबाइल अमन को बेच दिया। अमन इस नंबर का इस्तेमाल अलग-अलग लोगों को फोन करने में करता था। जबकि दुबई में बैठा राणा 10 जून के बाद इसी नंबर से वाट्सएप अकाउंट बनाकर इस्तेमाल कर रहा था। वॉट्सएप अकाउंट बनाने के लिए अमन ने ही राणा को ओटीपी उपलब्ध कराया था। पहले गोली चलवाने की थी योजना अमन ने पुलिस को बताया कि राणा और भट्ठी पहले गोली चलवाकर दहशत फैलाना चाहते था। इसके लिए पाकिस्तान से हथियार रांची भेजने का प्लान था। अमन 8 जून को टाटा-अमृतसर एक्सप्रेस से अमृतसर के लिए निकला। लेकिन डालटनगंज में आनंद विहार जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। वह 10 जून को अमृतसर पहुंचा और राजू मेहता के होटल में रुका। इसके बाद राणा ने फोन कर बताया कि हथियार उपलब्ध नहीं हो पाया है, वापस लौट जाओ। 12 जून को वह रवाना हुआ और दिल्ली से ट्रेन पकड़कर लोहरदगा आ गया। फिर प्लान बदला। राणा ने पेट्रोल बम से हमला करने का आदेश दिया। आरोपियों के ठिकाने पर एटीएस की छापेमारी झारखंड एटीएस की टीम ने शुक्रवार की अहले सुबह लोहरदगा स्थित सैफ अंसारी और अमन अंसारी के अलावा रांची में सायन सुजान के घर पर छापेमारी की। एटीएस की एक टीम ने लोहरदगा स्थित दोनों आरोपियों के घर की तलाशी ली। एक-एक सामान की जांच की। इसके बाद घर में मौजूद सैफ के बड़े भाई चांद अंसारी से लंबी पूछताछ भी की। आरोपी अमन की मां से भी कई सवाल किए। एटीएस की दूसरी टीम लोअर बाजार थाना क्षेत्र के कर्बला चौक के पथलकुदवा में सायम सुजान के घर पहुंची जहां घर के एक-एक कोने में गहन तलाशी ली।
री-नीट 2026 परीक्षा से पहले संभावित पेपर लीक की आशंका को देखते हुए खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सूत्रों के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने पिछले पांच दिनों में जयपुर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से करीब 30 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की है। किसी की नहीं हुई गिरफ्तारी जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भी जयपुर ईस्ट जिले में स्थानीय पुलिस की मदद से पांच लोगों से पूछताछ की गई। हालांकि अब तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया, लेकिन एजेंसियों ने उनके बयान और गतिविधियों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एक दर्जन से ज्यादा पर नजर सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर आईबी और जयपुर पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को निगरानी सूची में रखा है। इन व्यक्तियों की गतिविधियों, संपर्कों और सोशल मीडिया नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियां लगातार फील्ड इनपुट जुटा रही बताया जा रहा है कि परीक्षा से पहले किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या संगठित नकल गिरोह की गतिविधियों को रोकने के लिए खुफिया एजेंसियां लगातार फील्ड इनपुट जुटा रही हैं। इसी क्रम में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी निगरानी की कार्रवाई जारी है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर किसी भी पेपर लीक की पुष्टि नहीं की गई है और न ही अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है। जांच एजेंसियां एहतियात के तौर पर संभावित नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।
प्रस्तावित री-नीट एग्जाम और प्रशासन शहरों के संग शिविरों के चलते आज उदयपुर शहर के बाजारों में आज बिजली कटौती नहीं होगी। बिजली निगम की ओर से शेड्यूल किए गए पावर कट को अब कैंसिल कर दिया गया है। बिजली निगम ने शुक्रवार की शाम को उदयपुर शहर के सूरजपोल, बापूबाजार सहित प्रमुख बाजारों में पावर कट का कार्यक्रम जारी किया था लेकिन विभाग की ओर से इसे कैंसिल करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। इसके तहत आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बापूबाजार, देहलीगेट, नेहरू बाजार, सूरजपोल, मुखर्जी चौक, गुलाबबाग, भटियानी चोहटा, उदियापोल, मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड, सवेरा गली, कालाजी-गोराजी, कमलावाड़ी, लाल घाट, नावघाट, कसारों की ओल, मामाजी की हवेली और यूनिवर्सिटी रोड स्थित जय जिनेंद्र कॉम्प्लेक्स में बिजली बंद नहीं रहेगी।
बांसवाड़ा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किराने के सामान की आड़ में गुजरात से लाया जा रहा 1200 लीटर पेट्रोल-डीजल पकड़ा है। पुलिस ने एक लोडिंग टेम्पो जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा टेम्पो पुलिस को गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि गुजरात के फतेहपुरा क्षेत्र से एक टेम्पो में अवैध रूप से पेट्रोल और डीजल लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आनंदपुरी थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने नाकाबंदी कर टेम्पो को रुकवाया। शुरुआती पूछताछ में चालक सामान के बारे में सही जानकारी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने टेम्पो की तलाशी ली। किराने के सामान के नीचे छिपा रखा था ईंधन तलाशी के दौरान किराने के सामान के नीचे बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल छिपाकर रखा मिला। पुलिस ने टेम्पो से 900 लीटर पेट्रोल और 300 लीटर डीजल, कुल 1200 लीटर ईंधन बरामद किया। पुलिस ने ईंधन और टेम्पो को जब्त कर लिया है। मामले की जांच जारी है। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए जिला रसद विभाग को भी सूचना दे दी गई है। ये आरोपी गिरफ्तार इनकी रही अहम भूमिका कार्रवाई आनंदपुरी थानाधिकारी और डीएसटी प्रभारी भंवरलाल के नेतृत्व में की गई। टीम में हेड कांस्टेबल विश्वराज चौबीसा तथा कांस्टेबल दिनेश कुमार, जगपाल सिंह, गुणवीर सिंह, जितेंद्र बुनकर और श्रवण कुमार शामिल रहे।
पूर्णिया में शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार आर.एन. शाह चौक पर एक कथित मोबाइल चोर को पकड़कर लोगों ने सबक सिखाया। युवक ने एक राहगीर का मोबाइल उड़ाया था, लेकिन भागने से पहले ही लोगों के हत्थे चढ़ गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गुस्साई भीड़ ने पहले युवक की जमकर फजीहत की, फिर उसका सिर मुंडवा दिया। इसके बाद उसके गले में जूतों की माला डालकर चौक और आसपास के इलाकों में घुमाया गया। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जुट गई। इस दौरान कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आए। चोरी की घटना से लोगों में आक्रोश वायरल वीडियो में युवक शर्मसार हालत में दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास मौजूद लोग उसे चोरी न करने की नसीहत देते सुनाई पड़ रहे हैं। देखते ही देखते यह वीडियो फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया और शहर में चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में मोबाइल चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। इसी गुस्से का नतीजा यह घटना मानी जा रही है। कार्रवाई पर उठ रहे सवाल हालांकि कानून के जानकारों का कहना है कि किसी आरोपी को सजा देना पुलिस और न्यायालय का काम है, भीड़ द्वारा इस तरह की कार्रवाई कानून हाथ में लेने की श्रेणी में आ सकती है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद पूरे शहर में इसी घटना की चर्चा है। कुछ लोग भीड़ की कार्रवाई पर सवाल भी उठा रहे हैं।
मेरठ में तेज धूप ने बढ़ाई गर्मी:तापमान 38°C तक पहुंचेगा, अगले 24 घंटों में बारिश के आसार
मेरठ में शनिवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। समय बढने के साथ गर्मी का असर और बढ़ गया, जिससे सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम नजर आई। गर्म हवाओं और बढ़ी नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, आज का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से पहले उमस बढ़ना सामान्य मौसमीय प्रक्रिया है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। बारिश होने की स्थिति में रविवार तक मौसम सुहावना होने और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल लोगों को तेज धूप और उमस के कारण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश होने पर तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत हैं। मेरठ में भी तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बीच शहर की हवा की गुणवत्ता भी मध्यम से खराब श्रेणी में रही।
बुरहानपुर पुलिस ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, यातायात संचालन को सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटा हुआ है। ताजिया चल समारोह मार्गों का लिया जायजा इसी क्रम में शुक्रवार शाम पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे ने मोहर्रम पर्व के दौरान निकलने वाले ताजिया चल समारोह मार्गों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों की स्थिति का अवलोकन करते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और संवेदनशील स्थलों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन स्थानों को भी चिह्नित किया गया जहां भीड़ अधिक रहने की संभावना है, ताकि वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें। विसर्जन घाटों की व्यवस्थाओं की जांच अधिकारियों ने ताजिया विसर्जन के लिए निर्धारित घाटों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच मार्ग, भीड़ नियंत्रण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मार्गों से बाधाएं हटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ताजिया जुलूस मार्गों पर आने वाली सभी बाधाओं को समय रहते हटाया जाए। मार्गों को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनाया जाए ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की रुकावट उत्पन्न न हो। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और यातायात डायवर्जन की योजना को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी परखी ताजिया चल समारोह मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यक्षमता की जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी कैमरे सुचारू रूप से काम करें और निगरानी व्यवस्था में कोई कमी न रहे। पुलिस का उद्देश्य जुलूस मार्गों पर हर गतिविधि पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करना है। घाटों पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था होगी मजबूत विसर्जन घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा घेरा बनाने, गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आपातकालीन सहायता दल तैनात करने और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम पर्व के दौरान जिले के सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी अधिकारी लगातार निगरानी बनाए रखें। ड्रोन कैमरों से भी होगी निगरानी एसपी ने कहा कि ताजिया जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। इससे भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी विशेष नजर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रतिबद्ध पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने कहा कि बुरहानपुर पुलिस मोहर्रम पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि नागरिक निर्भय होकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें। निरीक्षण के दौरान सीएसपी गौरव पाटिल, थाना प्रभारी कोतवाली नीता देयरवाल, थाना प्रभारी यातायात राजेश बारवाल, थाना प्रभारी गणपति नाका सुरेश महाले, थाना प्रभारी शिकारपुरा संदीप चौरसिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उमरिया। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल शुरू की है। अब खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरक की बिक्री तथा यूरिया के अवैध औद्योगिक उपयोग की जानकारी देने वाले व्यक्तियों को एक हजार रुपये का नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा। जांच में शिकायत सही मिलने पर मिलेगा लाभ उप संचालक कृषि ने बताया कि शासन द्वारा ‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना’ लागू की गई है। योजना के तहत प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो प्रोत्साहन राशि सीधे सूचना देने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में जमा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार योजना का उद्देश्य उर्वरकों की कालाबाजारी पर नियंत्रण स्थापित करना और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना है। कोई भी नागरिक दर्ज करा सकता है शिकायत योजना के तहत राज्य और जिले का कोई भी नागरिक, किसान या व्यापारी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए शासन ने हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी किया है। शिकायत मिलने पर संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पहचान रखी जाएगी गोपनीय कृषि विभाग ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इससे लोग बिना किसी संकोच के अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। विभाग ने नागरिकों से खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नकली उर्वरकों के कारोबार की जानकारी मिलने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। यह प्रोत्साहन योजना 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।
जबलपुर का कविता डेथ केस हाईकोर्ट पहुंचा:पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, सुनवाई की तारीख तय होना बाकी
जबलपुर के बहुचर्चित कविता नागार्जुन मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। कविता के पिता ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में याचिका दायर की है। याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय होने की संभावना है। गौरतलब है कि 9 जून 2025 को कविता नागार्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। कविता की शादी करीब तीन महीने पहले हुई थी। परिजनों के अनुसार वह शादी के बाद अपने पति मेजर डॉ. ओम नागार्जुन के साथ रहने के लिए जिस दिन जबलपुर पहुंची थी, उसी दिन उसकी मौत हो गई। ससुराल वालों ने हार्ट फेल होना बताया ससुराल पक्ष ने घटना को बाथरूम में गिरने के बाद हार्ट फेल होने का मामला बताया था। वहीं कविता के पिता का आरोप है कि अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि बाथरूम में गिरने की कथित घटना के करीब तीन घंटे बाद कविता को अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कविता के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका दावा है कि शादी में करीब 100 तोला सोना और लगभग 3 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से 2 करोड़ रुपए और मांगने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों ने मामले को दहेज हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी को लेकर हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की याचिका दायर की गई है। अब इस मामले में सभी की नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
कोटा में एक युवक के मोबाइल फोन में लड़कियों के हिंदू देवी देवताओं के प्रतिकों के साथ अश्लील वीडियो मिले है। बजरंग कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने युवक के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। बजरंग दल का आरोप है कि ये 'जिहाद अल अकबर' है। युवक हिंदू से मुस्लिम बना। बाद में उसका बाकायदा खतना हुआ। उद्योग नगर थाना थाना सीआई मांगेलाल ने बताया बजरंग दल कार्यकर्ता ने 15 जून को शिकायत दी थी। शिकायत पर युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं में युवक के पर नजर रखना शुरू किया बजरंग दल कार्यकर्ता योगेश रेनवाल ने बताया-युवक जन्म से हिंदू था। 10वीं तक पढ़ा लिखा है। किसी की दुकान पर काम करता था। साल 2021 में शादी हुई। उसके 4 साल का बच्चा है। युवक की कुछ महीने से संदिग्ध गतिविधियां लगी। बजरंग दल हेल्पलाइन नंबर पर उसके खिलाफ शिकायत मिली। इसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं में युवक के पर नजर रखना शुरू किया। तब जाकर पूरे मामले का पता चला। युवक के मोबाइल फोन में हिंदू देवी देवताओं को अपमानित करने, लड़कियों के अश्लील वीडियो, जिहाद अल अकबर मुहिम की ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत हजारों फोटो वीडियो है। टेलीग्राम पर बना रखा चैनल योगेश रेनवाल ने बताया कि हिंदू नाबालिग युवतियों व महिलाओं के धर्मांतरण के लिए सोशल मीडिया पर 'पठान साहब' 'सनातनियों की नीलामी' 'मुस्लिम सांडो का वर्चस्व' 'टेलीग्राम इंटरफेथ' इंटर लव जोन जैसे ग्रुप बना रखे है। युवक भी टेलीग्राम, स्नैपचैट, डिस्कार्ड चैनल के जरिए ऐसे ही ग्रुपों से जुडा हुआ है। जो खास मकसद 'जिहाद अल अकबर' को अंजाम देने में जुटे है। जिहाद अल अकबर के तहत पहले हिंदुओं को हिंदू से मुसलमान बनाकर उनसे ही हिंदू नाबालिग़ लड़कियों और महिलाओं को फंसाया जाता है। उनके मन में सनातन के खिलाफ जहर भरा जाता है। फिर हिंदू देवी देवताओं के प्रतिको के साथ युवतियों का अश्लील वीडियो बनवाया जाता है। ये वीडियो दूसरे चैनलो में भेजा (फॉरवर्ड) जाता है। रेनवाल ने बताया कि इन चैनलो को पाकिस्तान से ऑपरेटर किया जा रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा के जरिए हिंदू देवी देवताओं का अपमान करके ईशनिंदा करवाना और विश्व में हिंदू धर्म को नीचा दिखाना है। ताकि हिंदुओं के अंदर ही हिंदू धर्म के प्रति नफरत का बीज बोया जा सके। बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का अपमान करके धर्म परिवर्तन करवाया जा सके। यह सब सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाकर किया जा रहा। इसके जरिए राष्ट्रहित में काम करने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वसेवक संघ को भी निशाना बनाया गया है। यह देश की अंतरिक्ष सुरक्षा व अखंडता के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) के ऑनलाइन प्रसारण के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई गृह मंत्रालय से संबद्ध एजेंसी एनसीएमईसी (NCMEC) से प्राप्त सूचना और सोशल मीडिया कंपनी मेटा की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। साइबर टिपलाइन से मिली थी सूचना साइबर क्राइम थाना पुलिस के अनुसार साइबर टिपलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि इंस्टाग्राम मैसेंजर पर बच्चों से संबंधित अश्लील फोटो और वीडियो सामग्री साझा की जा रही है। सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मेटा की ओर से उपलब्ध कराई गई तकनीकी रिपोर्ट में दो संदिग्ध सोशल मीडिया खातों की पहचान हुई। पुलिस ने इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी जानकारियों का सत्यापन किया। बिहारीगढ़ क्षेत्र के युवकों तक पहुंची जांच पुलिस जांच में दोनों संदिग्ध खातों का संबंध थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव टांडा मान सिंह निवासी दो युवकों से पाया गया। प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी डेटा का परीक्षण किया जा रहा है। NCMEC और मेटा की रिपोर्ट बनी आधार अधिकारियों के अनुसार एनसीएमईसी (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन) बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करता है। सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध सामग्री मिलने पर इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराती हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर भारत में साइबर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई करती है। पुलिस ने जारी की चेतावनी साइबर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का निर्माण, संग्रहण, डाउनलोड, प्रसारण या साझा करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई संदिग्ध सामग्री दिखाई दे तो उसकी तत्काल सूचना साइबर पुलिस या संबंधित एजेंसी को दें।
एमपी के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कॉलेजों में ही परीक्षा कराने की अनुमति दी है। मध्यप्रदेश के करीब 800 नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच में केवल 245 कॉलेज पात्र पाए गए थे। हाईकोर्ट ने इन कॉलेजों के सत्र 2021-22 के लगभग 8 हजार छात्रों की परीक्षा कराने की अनुमति दे दी है। वहीं, अपात्र घोषित और मान्यता संबंधी कमियों वाले नर्सिंग कॉलेजों की परीक्षाओं पर फिलहाल रोक बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन कॉलेजों के मामले पर बाद में विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब नर्सिंग काउंसिल और मेडिकल यूनिवर्सिटी पात्र कॉलेजों के सत्र 2021-22 की परीक्षाओं का शेड्यूल जल्द जारी कर सकती हैं।

