कानपुर में मंगलवार शाम श्री शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले एक कलश यात्रा निकाली गई। शाम 6 बजे शुरू हुई यह यात्रा करीब 3 किलोमीटर लंबी थी। बारिश और बादलों के बावजूद हजारों शिवभक्त इसमें शामिल हुए। सिर पर कलश लिए महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर यात्रा में आगे बढ़े। यह यात्रा रात 8:15 बजे तक चली। कलश यात्रा चकेरी के सुरक्षा विहार से शुरू हुई। यह इलेक्ट्रॉनिक बस चार्जिंग पॉइंट और अहिरवां गांव से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। रास्ते भर 'हर-हर महादेव' के नारों से माहौल गूंजता रहा। हजारों श्रद्धालुओं के जमा होने से क्षेत्र में भक्ति का नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि महादेव की भक्ति के आगे मौसम की परेशानी भी कम पड़ गई। शिवभक्तों के उत्साह ने बारिश को भी भक्ति के रंग में रंग दिया। कथा वक्ता प्रशांत प्रभु महाराज ने बताया कि सुरक्षा विहार में 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि कथा के दौरान हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महेश वर्मा और रजत पांडेय मुख्य यजमान रहेंगे। इस कलश यात्रा में राकेश तिवारी, पंकज पांडेय, अभय गुप्ता, महावीर तिवारी, सुशील कुशवाहा, श्याम सुंदर, प्रभाकर, कुसुम सिंह, प्रतिभा पांडेय, प्रियंका सिंह और माधुरी वर्मा समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।
सुल्तानपुर में मंगलवार सुबह से रात 8 बजे तक हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हाइवे से लेकर गांवों तक की सड़कों पर पानी भर गया। भदैया के शंभूगंज-हनुमानगंज मार्ग पर मुरारपुर में एक पेड़ की डाल गिर गई। इससे बाइक सवार भाजपा मंडल महामंत्री दिलीप सिंह घायल हो गए। हालांकि, उनके साथ मौजूद दो अन्य लोग सुरक्षित बच गए। इसी ब्लॉक के बजेठी गांव में जगन्नाथ शर्मा के मकान का छप्पर और दीवार ढह गई। इस घटना में भी लोग सुरक्षित रहे। अखंडनगर के भेलारा में किसान राम दयाल का पशु बाड़ा भी ढह गया, जिसमें 5 मवेशी दब गए। दुबेपुर ब्लॉक के कटावा में दुल्लापुर-बभनगवा स्कूल मार्ग पर काफी पानी भर गया। भदैया ब्लॉक की भीखमपुर ग्राम पंचायत और शिवगढ़ के सूर्यभान पट्टी जैसे कई इलाकों में भी पानी जमा होने से लोगों को चलने में परेशानी हुई। बारिश की वजह से बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ा। धनपतगंज फीडर से जुड़े 50 गांवों में 15 घंटे तक बिजली बंद रही, जिससे अंधेरा छा गया। लोलेपुर में भी 6 घंटे बिजली बंद रही और 30 गांवों में अंधेरा रहा। शहर के कई इलाकों में भी काफी पानी जमा हो गया। पिछले 24 घंटे के मौसम आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सामान्य से 1.2 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम था। इस दौरान 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और हवा की रफ्तार 14-22 किमी प्रति घंटा रह सकती है। इसमें 43 किमी प्रति घंटे तक के तेज झोंके भी शामिल होंगे। सुबह में 3.1 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है।
बीकानेर नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 69 से भाजपा की लीला गहलोत निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। इस वार्ड में भाजपा की लीला गहलोत और ममता सांसी के बीच ही मुकाबला था। कांग्रेस ने ममता सांसी को टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने कांग्रेस की बजाय आरएलपी से अपना नामांकन दाखिल किया था। जबकि आरएलपी ने उन्हें अपना प्रत्याशी ही नहीं बनाया था। इस कारण मंगलवार को हुई स्क्रूटनी में उनका पर्चा खारिज हो गया। दो ही प्रत्याशी थे मैदान में जानकारी के अनुसार, वार्ड 69 से कुल दो प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा की लीला गहलोत ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, जबकि ममता सांसी ने आरएलपी प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था। आरएलपी ने किसी तरह का टिकट ममता सांसी के नाम से जमा नहीं कराया और कांग्रेस ने अपनी लिस्ट में उसका नाम दिया था। नामांकन प्रक्रिया और जांच के बाद लीला गहलोत के सामने कोई दूसरा प्रभावी प्रत्याशी नहीं रहने से निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कांग्रेस का टिकट, आरएलपी के नाम से भरा पर्चा ममता सांसी को कांग्रेस की ओर से टिकट दिए जाने की जानकारी थी, लेकिन नामांकन के दौरान उन्होंने आरएलपी के प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। ऐसे में वार्ड में भाजपा और आरएलपी के बीच मुकाबला लग रहा था, लेकिन अब लीला गहलोत के निर्विरोध निर्वाचन के साथ वार्ड 69 में चुनावी मुकाबला खत्म हो गया है।
मंदसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों अपाचे बाइक से एमडी ड्रग्स और डोडाचूरा लेकर मंदसौर से सीतामऊ की ओर जा रहे थे। मंगलवार शाम पुलिस ने नाकाबंदी कर दोनों को रोका और तलाशी ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से 190 ग्राम एमडी ड्रग्स, 3.6 किलो डोडाचूरा, दो आईफोन और एक सैमसंग मोबाइल जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 21 लाख 47 हजार रुपए बताई गई है। लाभमुनि अस्पताल के पास नाकाबंदी कर पकड़ा पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से मादक पदार्थ लेकर मंदसौर से सीतामऊ की ओर जाने वाले हैं। सूचना के बाद थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने लाभमुनि नेत्र चिकित्सालय के पास मंदसौर-सीतामऊ रोड पर नाकाबंदी की। इसी दौरान काले रंग की टीवीएस अपाचे बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली। दोनों के बीच रखे बैग की जांच करने पर उसमें एमडी ड्रग्स और डोडाचूरा मिला। पुलिस ने नयापुरा मंदसौर निवासी नाजिश (19) और शाहरुख (28) को गिरफ्तार कर लिया। 190 ग्राम एमडी और 3.6 किलो डोडाचूरा मिला पुलिस के अनुसार, आरोपियों से 190 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली। इसकी कीमत करीब 19 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा 3.6 किलो डोडाचूरा जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 7 हजार रुपए है। टीवीएस अपाचे बाइक की कीमत करीब 70 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने दो एप्पल और एक सैमसंग मोबाइल भी जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 1.70 लाख रुपए आंकी गई है। राजस्थान से लाने की बात कही पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे मादक पदार्थ राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के हतुनिया निवासी अय्यूब पठान से लेकर आए थे। पुलिस ने अय्यूब पठान को मामले में फरार आरोपी बनाया है और उसकी तलाश की जा रही है। नई आबादी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 150/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 22 और 29 में केस दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी महंगे शौक पूरे करने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हुए थे। इनमें से शाहरुख एयरटेल कंपनी में काम करता है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपी अय्यूब पठान की तलाश के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है।
फफूंद-मुरादगंज मार्ग पर धर्मपुर गांव के सामने मंगलवार शाम करीब सात बजे एक बाइक की टक्कर से साइकिल सवार की मौत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों घायलों को सीएचसी दिबियापुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने नवादा मामरेजपुर निवासी रामवीर यादव (50) को मृत घोषित कर दिया। रामवीर यादव पुत्र कुंवर सिंह यादव साइकिल से अपने गांव जा रहे थे, तभी धर्मपुर के सामने एक अपाचे बाइक ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार अकबरपुर डांडा निवासी सुधीर (24) पुत्र तहसीलदार सिंह भी घायल हो गए। सुधीर का सीएचसी में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक रामवीर खेतीबाड़ी के साथ फफूंद कस्बे की एक ज्वेलर्स की दुकान पर करीब 13 साल से काम करते थे। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनका बेटा अभिषेक तीन महीने पहले अग्निवीर में भर्ती हुआ है और अभी ट्रेनिंग कर रहा है। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है।
UPTET 2026 परिणाम विवाद पर 5 सदस्यीय कमेटी बनी:ओएमआर रिजेक्ट, नॉर्मलाइजेशन पर विवाद, हुआ था प्रदर्शन
शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) का परिणाम जारी होने के बाद असंतोष बढ़ गया है। करीब 60 हजार अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट रिजेक्ट होने और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से फेल होने पर उन्होंने सोमवार को आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने परीक्षा परिणाम से जुड़ी सभी आपत्तियों के निष्पक्ष और तय समय में निपटारे के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। आयोग द्वारा बनाई गई यह 5 सदस्यीय कमेटी अभ्यर्थियों की ओर से रजिस्टर्ड डाक, ईमेल और व्यक्तिगत रूप से मिल रही सभी आपत्तियों और शिकायतों के हर तकनीकी और व्यावहारिक पहलू की बारीकी से जांच करेगी। कमेटी खासकर उन मामलों को देखेगी जहां अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट रिजेक्ट हुई हैं या नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के कारण उनके नंबरों पर असर पड़ा है। यह कमेटी सभी पक्षों और सबूतों की गहराई से जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सीधे आयोग को सौंपेगी। इस कमेटी की जांच रिपोर्ट के नतीजों को ही UPTET 2026 के अभ्यर्थियों के मामलों में आखिरी फैसले का मुख्य आधार बनाया जाएगा। आयोग ने कहा है कि जो अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम या अपनी आपत्ति के संबंध में आयोग से बात करना चाहते हैं, वे अपने सबूतों के साथ अपना प्रार्थना पत्र आयोग की आधिकारिक ई-मेल आईडी upesscprayagraj@gmail.com पर भेज सकते हैं। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि इस कमेटी के जरिए सभी पात्र और पीड़ित अभ्यर्थियों के मामलों पर सही विचार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में डीएलएड-2026 में दाखिले के लिए पहले चरण की काउंसलिंग पूरी हो गई है। इस चरण में प्रदेशभर में कुल 48,482 सीटें आवंटित की गई हैं। इनमें डायट की 10,600 सीटों में से 7,420 सीटें और निजी डीएलएड कॉलेजों की 41,062 सीटें शामिल हैं। अब बची हुई सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग 7 सितंबर से शुरू होगी। डीएलएड-2026 के लिए करीब 1.70 लाख उम्मीदवारों ने फीस जमा कर रजिस्ट्रेशन कराया है। पहले चरण में जिन्हें सीटें मिली हैं, उन्हें 25 सितंबर तक दाखिला लेना होगा। इसके बाद 28 सितंबर से प्रदेश के सभी डायट और निजी डीएलएड कॉलेजों में नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज के सचिव राजेंद्र प्रताप ने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग पूरी होने के बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू होगी। इसमें पहले चरण के बाद खाली बची सीटों को शामिल किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों को पहले चरण में सीट नहीं मिल पाई है, उनके लिए दूसरा चरण अहम होगा। सचिव ने यह भी बताया कि डीएलएड ट्रेनिंग का नया सत्र 28 सितंबर से शुरू होगा। डायट और निजी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले सभी छात्र-अध्यापकों के लिए कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल होना जरूरी होगा। डीएलएड के नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया के साथ पुराने सत्रों की परीक्षाएं भी होंगी। डीएलएड-2025 के पहले सेमेस्टर की परीक्षा 21 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें 73,082 उम्मीदवार शामिल होंगे। वहीं, डीएलएड-2024 के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 24 सितंबर से होगी। इसके लिए 56,112 छात्र-अध्यापक रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा, दूसरे सेमेस्टर की बैक पेपर परीक्षा 12 अक्टूबर को और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा 15 अक्टूबर से कराई जाएगी। इस तरह सितंबर महीने में डीएलएड-2026 के दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वहीं पुराने सत्रों के उम्मीदवारों की परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।
रायसेन जिले में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शासन के निर्देश पर 1 से 3 सितंबर तक सरकारी और निजी स्कूलों में श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं पर आधारित कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मंगलवार को सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों ने कृष्ण और राधा बनकर माखन-मटकी फोड़ने की लीला का मंचन किया। जन्माष्टमी को लेकर बाजार में भी उत्साह है। भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार का सामान, पोशाक और प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालु घर में स्थापना के लिए कृष्ण की प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। जामगढ़ में 2 सितंबर को होगा श्रीकृष्ण पर्व 2 सितंबर को बरेली तहसील के ऐतिहासिक जामगढ़ में संस्कृति विभाग प्रदेश स्तरीय ‘श्रीकृष्ण पर्व’ आयोजित करेगा। कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होगा। इसमें नृत्य, नाटक और कथाओं के जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े अनकहे प्रसंग बताए जाएंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘कृष्णायन- सुनो वो जो कभी कहा नहीं गया’ नाम की संगीतमयी प्रस्तुति होगी। इससे पहले श्रीकृष्ण पर आधारित महानाट्य भी दिखाया जाएगा। जामगढ़ के पास जामवंत गुफा है, जिसे श्रीकृष्ण और जामवंत की पौराणिक कथा से जुड़ा माना जाता है। 4 सितंबर को रायसेन में निकलेगी शोभायात्रा जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को रायसेन शहर में शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए यादव समाज की बैठक हुई। इसमें रोहित यादव को अध्यक्ष और राहुल यादव को उपाध्यक्ष चुना गया। शोभायात्रा सुबह 11 बजे रामलीला मैदान स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर से शुरू होगी। यह तालाब रोड, मईपुरा, तिपट्टा बाजार, पुराना थाना, भोपाल रोड चौराहा और महामाया चौक से होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। मंदिर में महाआरती के बाद प्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। दिनभर भगवान श्रीकृष्ण के झूले के साथ कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
हिसार जिले के सीसवाला गांव में एक विवाहिता ने जहर निगल लिया था। इलाज के दौरान हिसार के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान 19 वर्षीय पूनम के रुप में हुई है। पूनम के पिता के बयान पर सदर थाना पुलिस ने उसके पति, सास और 3 ननदों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस को दिए बयान में टोकस निवासी पूनम के पिता मनजीत ने बताया कि उनकी बेटी की शादी साल 2024 में सीसवाला निवासी मांगेराम से हुई थी। शादी के बाद उन्हें एक बेटी भी हुई। चावल खाने को लेकर पति से हुआ झगड़ा मनजीत ने बताया कि शादी के करीब डेढ़ साल बाद उनके दामाद मांगेराम, सास परमेश्वरी और ननद सुमन, रिंकू व धापा ने पूनम को परेशान करना शुरू कर दिया था। वे छोटी-छोटी बातों पर उससे झगड़ा करते थे। 5 अगस्त की रात को पूनम के पति मांगेराम, सास परमेश्वरी और ननद रिंकू ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसके बाल भी खींचे और झगड़ा किया। 6 अगस्त को पूनम के पति ने मनजीत को सूचना दी कि पूनम ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया है और उन्हें अस्पताल आने को कहा। होश आने पर पूनम ने बताया था कि चावल खाने को लेकर उसका पति से झगड़ा हुआ था। पति और सास समेत 5 के खिलाफ केस दर्ज मनजीत ने बताया कि पूनम ने जिंदल अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने पति मांगेराम, सास परमेश्वरी और ननद रिंकू, सुमन व धापा से परेशान होकर अपनी जान दी है। पूनम की मौत के बाद परिजनों ने उसका शव अस्पताल से अपने गांव टोकस ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने ससुराल वालों को शव नहीं ले जाने दिया। बालसमंद पुलिस चौकी इंचार्ज राजबाला ने बताया कि मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और तीन ननदों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
सरगुजा के उदयपुर एवं डूमरडीह पंचायतों को मिलाकर नगर पंचायत के गठन के लिए मंगलवार को दोनों पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। डूमरडीह के ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाने का जमकर विरोध किया और विरोध में प्रस्ताव पारित किया। उदयपुर पंचायत में कोरम पूर्ति नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ महोत्सव के दौरान उदयपुर और डूमरडीह पंचायतों को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए दोनों पंचायतों के ग्रामसभा की सहमति ली जानी है। उदयपुर में दुबारा ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। सरगुजा कलेक्टर के आदेश पर विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत उदयपुर व डुमरडीह में मंगलवार को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। डुमरडीह में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन का एकमत होकर विरोध किया। डुमरडीह के ग्रामीण नगरीय क्षेत्र में शामिल होने तैयार नहीं डुमरडीह के विशेष ग्राम सभा में कोरम पूरा करने हेतु 201 ग्रामीणों की उपस्थिति आवश्यक थी। यहां ग्रामसभा में कुल 378 ग्रामीणों ने भाग लिया। इनमें डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं शामिल रहीं। नोडल अधिकारी बेंजामिन तिर्की और पंचायत सचिव राजकुमार सिंह ने ग्रामीणों को नगर पंचायत गठन के प्रारूप एवं इससे संबंधित जानकारी दी। ग्रामीणों ने नगर पंचायत का विरोध करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्र में शामिल होने के बाद कर एवं शुल्क लागू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर कहा कि उन्हें नगर पंचायत नहीं चाहिए, ग्राम पंचायत ही ठीक है। एक भी ग्रामीण ने प्रस्ताव के समर्थन में हाथ नहीं उठाया। उदयपुर में दुबारा आयोजित होगी ग्राम सभा ग्राम पंचायत उदयपुर में विशेष ग्राम सभा में भी प्रस्ताव का जमकर विरोध हुआ। नोडल अधिकारी विपिन किशोर चौहान ने बताया कि ग्राम सभा का कोरम पूरा करने के लिए 679 ग्रामीणों के अभिमत आवश्यक थी, लेकिन विशेष ग्राम सभा में 641 ग्रामीण ही पहुंचे। निर्धारित संख्या से 38 लोगों की कमी के कारण ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं हो सका। उदयपुर में सिर्फ तीन लोगों ने नगर पंचायत बनाने का समर्थन किया और ग्रामीणों ने विरोध किया। कोरम पूरा नहीं होने के कारण दुबारा ग्राम सभा आयोजित होगी। नगर पंचायत बनने पर रोड़ा उदयपुर और डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने के लिए ग्रामसभा की सहमति जरूरी है। सरगुजा पांचवीं अनुसूची का क्षेत्र है। दोनों पंचायतों में इस निर्णय का विरोध हो रहा है। इसके कारण उदयपुर को नगर पंचायत बनाए जाने पर फिलहाल निर्णय हो पाना मुश्किल है।
बारिश के बाद लखनऊ की सड़कों पर भीषण जाम:शहीद पथ पर रेंगते रहे वाहन, लोहिया चौराहा पूरी तरह से चोक
लखनऊ में मंगलवार को हुई जोरदार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में भीषण जाम लग गया। शहीद पथ पर करीब 3 घंटे तक वाहन रेंगते रहे। टेढ़ी पुलिया पर भयंकर जाम लगा। लोहिया चौराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा पूरी तरह से चोक रहा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, कमता तिराहा, अमीनाबाद और कैसरबाग में भी जाम लगा। इस दौरान बाइक व साइकिल सवार खुद को बचाने की जद्दोजहद करते दिखे। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाला और लगातार जाम खुलवाते रहे। देखिए जाम की 4 तस्वीरें…
ACB ने अटल बंद थाने में तैनात ASI गोविंद मीणा को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ASI ने परिवादी से क्रॉस केस में मदद करने के एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। ACB के एडिशनल एसपी अमित सिंह ने बताया कि परिवादी ने दो दिन पहले ACB कार्यालय में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसके साथ मारपीट हुई थी और इस संबंध में अटल बंद थाने में मामला दर्ज कराया गया था। दूसरे पक्ष की ओर से भी उसके खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराया गया था। मदद करने के बदले मांगे 30 हजार रुपएमामले की जांच ASI गोविंद मीणा कर रहे थे। आरोप है कि कार्रवाई में मदद करने के बदले उन्होंने परिवादी से 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत के बाद ACB ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। मंगलवार को परिवादी 15 हजार रुपए की पहली किस्त देने ASI के पास पहुंचा। इसी दौरान ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए ASI को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल ACB आरोपी ASI से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर मंगलवार शाम मेडुआ गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक सड़क पर आए सांड़ से टकरा गई। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन महिलाएं घायल हो गईं। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला। एंबुलेंस आने में देरी होती देख पुलिस ने इंतजार नहीं किया और अपनी गाड़ी से घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। मुरादाबाद के डिडौली थाना क्षेत्र के कटाई गांव निवासी राजेंद्र सिंह अपने परिवार के सदस्यों के साथ कार से कानपुर जा रहे थे। कार में उनकी पत्नी शांति, बेटी खुशी, बेटा मौलिक, बहन अनूप सिंह, उनके पति अखिलेश और बच्चे नंदिनी व यश सवार थे। बताया गया कि जैसे ही कार कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर मेडुआ गांव के पास पहुंची, तभी सड़क पर अचानक एक सांड़ आ गया। कार की रफ्तार तेज होने के कारण चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और कार सीधे सांड़ से टकरा गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा टूट गया और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। इस टक्कर में कार सवार शांति, अखिलेश और नंदिनी घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस द्वारा समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से घायलों को तुरंत इलाज मिल सका। थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि सड़क पर अचानक आए सांड़ से कार की टक्कर होने के कारण यह हादसा हुआ है। क्षतिग्रस्त कार और घायल सांड़ को सड़क से हटा दिया गया है।
संभल में मंगलवार को एक ग्रामीण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजन करीब चार घंटे तक पुलिस को जानकारी दिए बिना अंतिम संस्कार की तैयारी करते रहे। इसी दौरान एक ग्रामीण ने डायल-112 पर सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामला गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के अजीजपुर गांव का है। पुराने कमरे में फंदे से लटका मिला जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे वीरपाल यादव (मृतक) ने अपने मकान के पुराने कमरे में लकड़ी की कड़ी से फांसी का फंदा लगा लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी बीच किसी ग्रामीण ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पीआरवी ने घटना की पुष्टि करने के बाद थाना पुलिस को जानकारी दी। परिवार ने नहीं बताई आत्महत्या की वजह वीरपाल की पत्नी का नाम श्यामकली है। उसके दो बेटे विपिन कुमार और अजय कुमार तथा एक बेटी धर्मवती है। वीरपाल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिजनों ने पुलिस को आत्महत्या की कोई वजह नहीं बताई है। हालांकि, ग्रामीणों के बीच जमीन के घरेलू बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद की चर्चा है। पुलिस भी ग्रामीणों से पूछताछ कर इस पहलू की जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई जुनावई थाना प्रभारी धीरज सिंह ने बताया कि ग्रामीण की फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है, लेकिन परिवार ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी है। ग्रामीणों से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पटना में डेंगू से पहली मौत, 30 साल के स्कूल कर्मचारी की जान गई; अगले दो महीने हो सकते हैं जानलेवा
पटना में मंगलवार को 30 साल के एक स्कूल कर्मचारी की डेंगू से मौत हो गई। बीते 5 दिनों से वह अस्पताल में भर्ती था। पटना में डेंगू से इस सीजन यह पहली मौत है।
वन विभाग की मकान पर दबिश, अवैध सागौन पकड़ी:9 सागौन की लकड़ी और औजार जब्त किए
सागर के देवरी में वन विभाग की टीम ने मंगलवार को एक मकान पर दबिश देकर अवैध रूप से रखी सागौन की लकड़ी पकड़ी है। मौके पर लकड़ी चीरने का काम चल रहा था। टीम ने कार्रवाई कर मौके से 9 नग सागौन और औजार जब्त किए हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी जीपी शाक्य ने बताया कि सुभाष वार्ड स्थित एक घर में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी का चिरान किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। जांच के दौरान घर में सागौन की लकड़ी का चिरान कार्य संचालित पाया गया। सगौन की लकड़ी और औजार जब्तकार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से सागौन की लकड़ी, चिरान सामग्री और औजार जब्त किए। घर में मौजूद चक्रेश विश्वकर्मा को हिरासत में लेकर वन विभाग कार्यालय देवरी लाया गया। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
कानपुर के गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र की मायापुरम बस्ती के रविदासपुरम में पांडू नदी का पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बस्ती में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भर गया है। जलभराव की समस्या को लेकर मंगलवार को आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशल वाल्मीकि ने कहा कि बस्ती के बीच भरे पानी में उतरकर प्रदर्शन करने का मकसद सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर खींचना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा किया था, लेकिन 14 साल बाद भी शहर की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। 'करोड़ों का बजट मिलने के बाद भी हालात बदहाल'कौशल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि कानपुर को करोड़ों रुपए का बजट मिलने के बावजूद मायापुरम जैसी बस्तियों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हर साल बारिश और नदी का पानी आने पर बस्ती के लोगों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बस्ती में पानी के बीच वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो में दावा किया गया कि जलभराव के कारण कई लोग अपने घरों में ताला लगाकर दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं। पानी भरने से लोगों की पढ़ाई, खाने-पीने और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। 'वोट चाहिए, लेकिन हाल पूछने कोई नहीं आता'कौशल वाल्मीकि ने कहा कि वार्ड-9 के रविदासपुरम क्षेत्र में अब तक कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि बस्ती के लोगों का हाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सभी को यहां के लोगों का वोट चाहिए, लेकिन समस्या आने पर कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। उन्होंने कहा कि संभव है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नेता और अधिकारी बस्ती में पहुंचें, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी लोगों को स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद कम है। आजाद समाज पार्टी के विधानसभा प्रभारी भी पहुंचेप्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी के गोविंदनगर विधानसभा प्रभारी तुलसी राम वाल्मीकि भी बस्ती पहुंचे। उन्होंने भी पानी के बीच जाकर कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी की और जलभराव की समस्या पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन में भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशल वाल्मीकि के अलावा मयंक राज, शौर्य सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संतकबीरनगर में मंगलवार शाम करीब 5 बजे राप्ती नदी में एक व्यक्ति का शव मिला। बिशनपुर कछार के पास नदी में शव उतराया दिखाई देने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। पुलिस को डायल-112 के जरिए सूचना मिली थी कि बिशनपुर कछार के पास राप्ती नदी में एक शव बह रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो शव बिशनपुर कछार-बढ़या ठाठर के पास नदी किनारे भंवर में फंसा हुआ था। काफी देर बाद शव नदी के किनारे आ लगा। पुलिस के अनुसार, शव कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मामला मेहदावल थाना क्षेत्र का है। मौके पर मौजूद लोगों से कराई पहचान पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी मृतक को पहचान नहीं सका। मृतक ने ब्लैक टी-शर्ट और नेवी ब्लू रंग की पैंट पहन रखी थी। पैरों में नीले रंग की क्रॉक्स चप्पल भी मिली है। शव की पहचान के लिए पुलिस ने शरीर पर मौजूद पहचान चिह्नों को भी दर्ज किया है। मृतक के दाहिने हाथ पर ‘ॐ’ का निशान और ‘SS’ का टैटू बना हुआ है। पुलिस इन्हीं पहचान चिह्नों के आधार पर मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। मेंहदावल थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है। शव की पहचान कराने के साथ ही मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में श्रृंगार:सुगंधित ताजे फूलों और भस्म से अलौकिक रूप में सजे भगवान शिव
लखनऊ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में 'श्री बुद्धेश्वर श्रृंगार समूह' के तत्वावधान में देवाधिदेव महादेव का अत्यंत भव्य और दिव्य श्रृंगार संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बाबा के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। धार्मिक अनुष्ठान मुख्य पुजारी रामू पुरी के पावन सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और विशेष पूजन के साथ संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण की संपूर्ण व्यवस्था और देखरेख धीरज बाबा की देखरेख में सुचारू रूप से संचालित हुई। श्रृंगार सेवादारों द्वारा बाबा बुद्धेश्वर का सुगंधित ताजे फूलों, भस्म, चंदन, भांग, बेलपत्र और सूखे मेवों से मनमोहक श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के उपरांत भगवान शिव की भव्य महाआरती उतारी गई। 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आरती के बाद बाबा को विशेष भोग अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस भव्य आयोजन एवं सेवा कार्य में श्री बुद्धेश्वर श्रृंगार समूह के अरविन्द सिंह, अभिषेक द्विवेदी, आदेश शुक्ला एवं ओंकार सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्य पुजारी रामू पुरी ने सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर जनकल्याण की कामना की।
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2047 पर चर्चा के लिए दिल्ली के सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मास्टर प्लान में कई नए विषय शामिल करने के सुझाव दिए। उन्होंने इसे दिल्ली के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि इसके जरिए राजधानी में विकास और सुविधाओं का संतुलन बनाया जा सकेगा। बिधूड़ी के अनुसार, भाजपा सांसदों-विधायकों के साथ विपक्षी विधायकों ने भी उनके सुझावों का समर्थन किया। बैठक में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल तथा डीडीए के सदस्य विधायक ओमप्रकाश शर्मा और करतार तंवर भी मौजूद रहे। डीडीए उपाध्यक्ष डॉ. एन. सरवन कुमार ने भी सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाया। 30-40 लाख नए घरों का लक्ष्य बिधूड़ी ने कहा कि मास्टर प्लान-2047 का उद्देश्य दिल्ली को आधुनिक, हरा-भरा और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाना है। इसमें किफायती आवास पर जोर देते हुए 30 से 40 लाख नए घरों का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि मेट्रो नेटवर्क को 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर करने और 52 किलोमीटर साइकिल ट्रैक विकसित करने का लक्ष्य भी प्रस्तावित है। नरेला और ओखला जैसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को आईटी पार्क और स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की योजना है। गांवों और कॉलोनियों को नियमित करने की मांग बिधूड़ी ने सुझाव दिया कि ओ-जोन के गांवों और कॉलोनियों तथा 69 एफ्लुएंट कॉलोनियों को 1,511 नियमित कॉलोनियों की सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने एमसीडी द्वारा सर्वे के आधार पर कमर्शियल किए जाने की अनुशंसा वाली 351 सड़कों को कमर्शियल रोड घोषित करने की मांग की। साथ ही दिल्ली की अन्य सड़कों का भी सर्वे कर 70 फीसदी से अधिक दुकानें होने वाली सड़कों को कमर्शियल रोड घोषित करने का सुझाव दिया। उन्होंने एक एकड़ वाली जीडीए पॉलिसी लागू करने और गांवों के लाल डोरे से बाहर की एक्सटेंडेड आबादी को भी नियमित करने की मांग की। पुरानी कॉलोनियों और बाजारों को राहत देने का सुझाव बिधूड़ी ने विभाजन के बाद दिल्ली आकर बसे लोगों की कॉलोनियों की लीज बढ़ाने और उन्हें फ्रीहोल्ड करने का सुझाव दिया। इसके अलावा लाजपत राय मार्केट के दुकानदारों को मालिकाना हक, डीडीए की पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना अधिकार देने और उन्हें फ्रीहोल्ड करने की मांग की। उन्होंने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में सील पड़ी करीब 13 हजार दुकानों को डी-सील करने का भी सुझाव दिया। बिधूड़ी ने कहा कि इन प्रस्तावों से दिल्ली में आवास, व्यापार और विकास से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सकता है।
मंत्री विजय शाह के खिलाफ क्रिमिनल केस के लिए नेता प्रतिपक्ष राज्यपाल से मिले
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मेरठ के शास्त्रीनगर प्रकरण को लेकर 2 सितंबर को प्रस्तावित मेरठ बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने मंगलवार को भी जनसंपर्क अभियान चलाया। व्यापारी शहर के अलग-अलग बाजारों और क्षेत्रों में पहुंचे और दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। इस दौरान लोगों को बंद के उद्देश्य और आंदोलन से जुड़ी मांगों की जानकारी भी दी गई। जनसंपर्क के दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए दुकानदारों से कल बाजार बंद रखकर आंदोलन को समर्थन देने का आह्वान किया। व्यापारियों के मुताबिक, जिन-जिन क्षेत्रों में जनसंपर्क किया गया, वहां अधिकांश स्थानों पर उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई व्यापारियों ने बंद में सहयोग करने और अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का भरोसा भी दिया। व्यापारियों का कहना है कि शास्त्रीनगर प्रकरण को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी है। इसी के चलते 2 सितंबर को मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। व्यापारियों ने कहा कि व्यापारियों के हितों की आवाज मजबूती से प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सभी व्यापारियों का एकजुट होना जरूरी है। बंद को लेकर अन्य संगठनों की ओर से भी समर्थन मिलने की बात कही गई है। मेरठ बार एसोसिएशन ,प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन ने भी बंद को पूर्ण समर्थन दिया है। वहीं नरसिंघ वाहिनी और कमिश्नरी राजस्व अधिवक्ताओं की ओर से भी बंद को पूर्ण समर्थन देने की बात कही गई। व्यापारियों ने कहा कि मंगलवार को किए गए जनसंपर्क में कई बाजारों से समर्थन मिला है।व्यापारियों ने सभी दुकानदारों और लोगों से अपील की कि 2 सितंबर को अपने प्रतिष्ठान बंद रखें, आंदोलन में शामिल हों और बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचकर बंद को सफल बनाएं।
अलवर के गोविंदगढ़ में रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक मर्सिडीज कार पीछे से चलते कंटेनर में घुस गई थी। हादसे में कार सवार कारोबारी के बेटे की मौत हो गई थी। घटना का सीसीटीवी मंगलवार को सामने आया है। हादसा सिरमौर पुलिया के पास चैनल नंबर 94 पर हुआ था। जयपुर से दिल्ली जा रहा था युवक बड़ोदामेव थाना अधिकारी राजकुमार मीना ने बताया -मृतक की पहचान जयपुर के वैशाली नगर स्थित गांधी पथ निवासी प्रियांशु (22) पुत्र रमेश चौधरी के रूप में हुई है। पिता रमेश चौधरी आरसी पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड के चेयरमैन हैं। प्रियांशु नोएडा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। रविवार को वह कार से जयपुर से दिल्ली की ओर जा रहा था। सिरमौर पुलिया के पास उसके आगे चल रहे कंटेनर का टायर फट गया। टायर फटने के बाद कंटेनर एक्सप्रेसवे की पहली लेन में रुक जाता है। इसी दौरान कार सीधे कंटेनर के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे लोगों ने एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी। NHAI की टीम मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायल प्रियांशु को बड़ौदा मेव अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को हादसे की जानकारी दी। परिजन अलवर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। युवक को झपकी आई पुलिस ने बताया- हादसे के दौरान प्रियांशु को झपकी आने की बात सामने आई है। इसी दौरान कार आगे रुके कंटेनर से टकरा गई। हालांकि पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
कानपुर देहात में पेरियार ललई सिंह यादव की 115वीं जयंती पर उनकी जन्मभूमि कझारा में भव्य माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उनके अनुयायियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रपौत्र ललई भूपेंद्र ने बताया कि शाम तक अनुयायियों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। पेरियार ललई सिंह यादव के प्रपौत्र ललई बृजेंद्र यादव ने कहा कि पेरियार ललई सिंह यादव ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता, तर्कवाद और शोषण के खिलाफ संघर्ष को समर्पित किया। उनका संदेश था कि समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति और ऊंच-नीच के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पेरियार ललई सिंह यादव के विचारों को पढ़ना और समझना चाहिए। सामाजिक समानता के लिए आगे आना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी नेता राजवीर यादव, बिलासपुर के भीमस्वामी राहुल, सौरभ यादव, अवनीश वर्मा, अरविंद यादव प्रधान समेत कई लोग मौजूद रहे।
कानपुर के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गीता पार्क में मंगलवार दोपहर घर के दरवाजे पर लगे बिजली के मीटर के पास लटक रही कटी केबल एक ऑटो चालक के लिए जानलेवा साबित हुई। शराब के नशे में ऑटो लेकर घर पहुंचे युवक का दरवाजा खटखटाते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह मीटर के पास लटक रहे कटे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। करंट लगते ही युवक तार से चिपक गया और काफी देर तक उसी अवस्था में खड़ा रहा। हादसा देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने सूखे डंडे की मदद से युवक को तार से अलग किया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तत्काल पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही नवाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कटा तार बना मौत का कारण, पुलिस जाँच पड़ताल में जुटी नवाबगंज थाना क्षेत्र के गीता पार्क निवासी चंद्रप्रकाश (40) ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी साधना और बेटी नैंसी हैं। पत्नी साधना ने बताया कि मंगलवार दोपहर चंद्रप्रकाश ऑटो लेकर घर लौटे थे। वह शराब के नशे में थे और घर का दरवाजा खटखटाने लगे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह दरवाजे के पास मीटर के समीप लटक रही कटी केबल की चपेट में आ गए। करंट लगते ही तार से चिपक गया युवक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिजली का करंट लगने के बाद चंद्रप्रकाश तार से चिपक गए। वह काफी देर तक तार से अलग नहीं हो सके। युवक को करंट से झुलसता देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। किसी ने बिजली की आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया तो पड़ोसियों ने सूखे डंडे की मदद से उसे तार से अलग किया। तार से अलग होते ही चंद्रप्रकाश जमीन पर गिर पड़े। परिजन आनन-फानन उन्हें लेकर पास के निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बैतूल में बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने भैंसदेही में प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने नगर में रैली निकाली और बिजली विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बिजली बिलों की जांच और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की गई। यह प्रदर्शन आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, कांग्रेस विधानसभा प्रभारी गोविंद व्यास और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल अचानक बढ़ गए हैं। उन्होंने दावा किया कि दो कमरों के मकानों और कम बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को भी चार से पांच हजार रुपए तक के बिल मिल रहे हैं। ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि ज्यादा बिल आने वाले उपभोक्ताओं के मीटर और बिलों की निष्पक्ष जांच हो। वास्तविक बिजली खपत के आधार पर बिलों में सुधार किया जाए। जांच पूरी होने तक जरूरतमंद उपभोक्ताओं के कनेक्शन न काटे जाएं। साथ ही स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं। कांग्रेस नेता बोले- बढे़े बिजली बिलों से जनता परेशान आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि बढे़े बिजली बिलों से जनता परेशान है। सरकार जनता को राहत देने की बजाय उस पर और बोझ डाल रही है। विधानसभा प्रभारी गोविंद व्यास ने कहा कि भारी बिजली बिलों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने कहा कि महंगाई से जनता पहले ही परेशान है। अब बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों पर और आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बता दें कि कांग्रेस स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में इससे पहले आमला, बैतूल और सारणी में भी प्रदर्शन कर चुकी है। भैंसदेही के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी मौजूद थे।
मोहनियां में शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. लक्ष्मण शरण सिंह पर जानलेवा हमला, एक आरोपी गिरफ्तार
1 सितंबर, मंगलवार: भभुआ के मोहनियां में महाराणा प्रताप कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. लक्ष्मण शरण सिंह पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया। मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर अन्य की तलाश शुरू कर दी है।
सागर में घाटी पर पलटा ऑटो, 4 लोग घायल:मथुरा वृंदावन जाने रेलवे स्टेशन जा रहे थे, मोड़ पर 2 पलटी खाईं
सागर के कैंट थाना क्षेत्र में स्थित कगदयाऊ घाटी पर तेज रफ्तार ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना में आटो में सवार 4 यात्री घायल हुए हैं। घटना देख राहगीर मौके पर पहुंचे और घायल को आटो से बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार, रामकृष्ण यादव, चिटिया यादव, बलीराम यादव और संतोष यादव सभी निवासी शाहगढ़ मथुरा वृंदावन जाने के लिए सागर पहुंचे। वे आटो में बैठकर रेलवे स्टेशन जा रहे थे। तभी कगदयाऊ घाटी पर मोड़ में तेज रफ्तार आटो अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना में आटो दो पलटी खाया। घटना में आटो में सवार चार लोग घायल हुए। ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।
सोमवार को लखनऊ स्थित जवाहर भवन में आयुक्त, ग्राम्य विकास, प्रमोद कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जीरो पॉवर्टी लाभार्थियों के पंजीकरण एवं आवास स्वीकृति की प्रगति की समीक्षा करते हुए 04 सितंबर तक शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2025-26 के लगभग 10 हजार शेष आवासों को प्राथमिकता के आधार पर सितंबर 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। आयुक्त महोदय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लंबित किश्तों के भुगतान हेतु एफटीओ जनरेट कर 04 सितंबर तक भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद स्तर की तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय से टेक्निकल वीसी करने के निर्देश भी दिए। बैठक में समस्त जनपदों के परियोजना निदेशक एवं जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को आयुक्त महोदय ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त, ग्राम्य विकास व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों में H1N1 वायरस की जांच (RTPCR) के नाम पर मनमानी वसूली पर रोक लगाने की तैयारी की गई है। सीएमओ की अध्यक्षता में मंगलवार को निजी अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटर संचालकों की बैठक हुई। इसमें अधिकतम दर 3000 रुपए तय कर दी गई। यह दर निजी अस्पताल और पैथोलॉजी केंद्रों में लागू होगी। वहीं, लखनऊ में मंगलवार को स्वाइन फ्लू के 4 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। संक्रमितों में 2 महिलाएं और 2 पुरुष हैं। इनमें दो संक्रमित SGPGI, एक महिला संक्रमित लोहिया संस्थान और एक संक्रमित की निजी अस्पताल में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सभी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। चार नए मरीज मिलने के बाद इस सीजन में लखनऊ में H1N1 संक्रमित मरीजों की संख्या 21 पहुंच गई है। वहीं संक्रमण की चपेट में आई एक महिला मरीज की बलरामपुर अस्पताल में मौत भी हो चुकी है। शिकायतों के बाद उठाया कदम लखनऊ में H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने के बाद जांच की मांग बढ़ी है। ऐसे में निजी केंद्रों पर जांच कराने वाले मरीजों से जमकर वसूली की शिकायतें सामने आ रही थीं। दर तय होने के बाद मरीजों को जांच की कीमत पहले से पता होगी। निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क लिए जाने पर शिकायत की जा सकेगी। प्रशासन की ओर से निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों को निर्धारित दर के अनुरूप ही जांच शुल्क लेने के निर्देश दिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक में इन अस्पताल के प्रतिनिधि हुए शामिल जूम के माध्यम से हुई बैठक में शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें मेदांता हॉस्पिटल, अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल, आरएमएल पैथोलॉजी, मैक्स हॉस्पिटल, खन्ना डायग्नोस्टिक, चंदन हॉस्पिटल, चरक डायग्नोस्टिक, लाल पैथ लैब और नारायण डायग्नोस्टिक समेत अन्य प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें स्वाइन फ्लू की RTPCR जांच की दर निर्धारित करने पर चर्चा हुई। SGPGI में 2400 में हो रही जांच सीएमओ डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि SGPGI में इसी जांच के लिए 2400 रुपये शुल्क निर्धारित है। इसके आधार पर निजी क्षेत्र में जांच की अधिकतम दर 3000 रुपये तय करने पर सहमति बनी।
सीतापुर में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे बारिश के दौरान एक मकान की कच्ची दीवार अचानक गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से चाचा और 5 साल की भतीजी की मौत हो गई, जबकि 8 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। मामला कमलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम गौरा का है। बारिश के बीच अचानक गिरी दीवार जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर शाम बारिश हो रही थी। इसी दौरान मकान की कच्ची दीवार अचानक गिर गई। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आसपास मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में नेकराम पुत्र बचनू लाल (32) और उसकी भतीजी लक्ष्मी पुत्री अमित (5) मलबे में दब गए। वहीं मोहित पुत्र गुड्डू (8) भी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया। ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कमलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर मलबा हटाया और दोनों मृतकों को बाहर निकाला। घायल बच्चे मोहित को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। सीएचसी में रखे गए शव पुलिस के अनुसार, दोनों मृतकों के शव सीएचसी कसमंडा में रखवाए गए हैं। शवों के पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। घटना की सूचना सिधौली के उपजिलाधिकारी को भी दे दी गई है। बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से हुई इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी ने बताया कि हादसे में घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
नीमच जिले की जीरन थाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर हाईवे पर गश्त के दौरान सोयाबीन की चूरी की आड़ में ले जा रहे 12 क्विंटल 70 किलोग्राम डोडाचूरा पकड़ा। इस मामले में राजस्थान के जोधपुर निवासी दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। एक ट्रक भी जब्त किया गया। जब्त डोडाचूरा और वाहन समेत कुल 77.40 लाख रुपए का सामान बरामद हुआ है। जीरन थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम हाईवे पर गश्त कर रही थी। तभी उन्हें मुखबिर से खबर मिली कि राजस्थान नंबर के एक ट्रक (RJ 18 GA 9130) में अवैध मादक पदार्थ की खेप ले जाई जा रही है। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोका। पुलिस टीम ने जब ट्रक की तलाशी ली, तो ऊपरी हिस्से में सोयाबीन की चूरी के बोरे भरे थे। गहराई से जांच करने पर बोरियों की परतों के बीच छिपाकर रखे 12 क्विंटल 70 किलो डोडाचूरा के बोरे मिले। इनको किया गिरफ्तार पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों की पहचान जोधपुर के ओशियां तहसील निवासी सुखा राम (35 वर्ष) पिता धन्नाराम जाट और कालूराम (22 वर्ष) पिता रूपा राम जाट के रूप में हुई है। सुखा राम तरनो की ढानी, बारा कल्ला का रहने वाला है, जबकि कालूराम ग्राम चांदरक का निवासी है। जीरन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि यह डोडाचूरा कहाँ से लाया गया था और इसे राजस्थान में कहां पहुंचाना था।
गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ की छात्राओं ने उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता की जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगिता का आयोजन श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में किया गया। प्रतियोगिता के अंतर्गत संस्कृत गीत एवं संस्कृत सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। संस्कृत गीत प्रतियोगिता में कक्षा 7 की छात्रा चांदनी सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में कक्षा 8 की छात्रा सिमरन यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान हासिल किया। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर चांदनी सिंह और सिमरन यादव ने मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। विद्यालय की प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ ने छात्राओं को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी तथा मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भभुआ में अतिक्रमण हटाओ अभियान, 20 लोगों पर जुर्माना; नगर परिषद ने वसूले 10 हजार
1 सितंबर, मंगलवार: भभुआ में नगर परिषद ने एकता चौक से सदर अस्पताल तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वाले 20 लोगों पर जुर्माना लगाकर 10 हजार रुपये वसूले गए। दोबारा अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज और उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् के सहयोग में मंगलवार को ‘ग्लोबल मार्केट फोर्सेस और भारत का युवा : एक विमर्श’ विषय पर परिचर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् गायन से हुई। मुख्य वक्ता आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और मोटिवेशनल स्पीकर ओमेंद्र भारत ने वैश्विक बाजार की ताकतों और भारत के युवाओं पर इंटरैक्टिव सत्र में विचार रखे। उन्होंने डिजिटल वर्क और ग्लोबल मार्केटिंग के बीच बढ़ते तालमेल और इसके व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। युवाओं के लिए डिजिटल क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए डिजिटल क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं। युवाओं को इन बदलावों के अनुरूप अपनी क्षमता और कौशल विकसित करने की जरूरत है। मुख्य अतिथि दुर्गेश त्रिपाठी ने युवाओं के भविष्य और बदलते वैश्विक परिदृश्य पर विचार साझा किए। करीब 200 छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. विशाल शुक्ल, हेमधर द्विवेदी, उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् के उपाध्यक्ष योगेश तिवारी, युवा व्यवसायी शिवा और अर्पित वर्मा मौजूद रहे। कॉलेज के शिक्षक और करीब 200 छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।अंत में कॉलेज के डीन एकेडमिक्स प्रो. लक्ष्मी शंकर अवस्थी ने अतिथियों का आभार जताया।
लखनऊ के खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में मंगलवार को दो दिवसीय राज्यस्तरीय युवा महोत्सव ‘उड़ान-2026’ शुरू हो गया हैं । इसका आयोजन विज्ञान फाउंडेशन और कॉलेज के सहयोग से किया गया है। इस बार महोत्सव की थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण थे। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ डॉ. अश्विनी कुमार मिश्र रहे। अतिथियों ने गुब्बारे उड़ाकर और दीप जलाकर महोत्सव की शुरुआत की। महोत्सव में 10 से ज्यादा कॉलेजों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। चार जिलों की किशोरियां भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल हुईं। पेंटिंग और डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिताएं कराईं सांस्कृतिक क्लब ‘कलायनम’ ने रंगोली, मेहंदी, फेस पेंटिंग और डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिताएं कराईं। वहीं, खेल क्लब ‘क्रियायनम’ ने शतरंज, कैरम, पंजा लड़ाना, रस्साकशी और कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। मुख्य अतिथि असीम अरुण ने छात्राओं को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जीत हारने वाले को प्रेरित करे और हार जीतने वाले को सिखाए। नैतिक मूल्यों को व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने की अपील प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया की मांग पर उन्होंने कॉलेज में ई-लाइब्रेरी शुरू करने पर सहमति दी। इसके लिए कंप्यूटर लैब लगवाने का भरोसा भी दिया। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार मिश्र ने छात्राओं से मेहनत, लगन और नैतिक मूल्यों को व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने के लिए कहा। उन्होंने महापुरुषों के उदाहरण देते हुए छात्राओं को रचनात्मक बनने और नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में विज्ञान फाउंडेशन की ओर से संजय प्रताप सिंह और प्रबंध समिति की ओर से निरंजन शर्मा मौजूद थे। खेल संयोजक प्रो. चेतना सामंत तोमर और सांस्कृतिक संयोजक विजेता दीक्षित थीं। महोत्सव का आयोजन प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया की देखरेख में हुआ।
बांसवाड़ा जिले में नगर निकाय आम चुनाव-2026 के नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 119 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं। अब कुल 397 वैध अभ्यर्थी चुनावी मैदान में है। साथ ही प्रशासन ने तीनों निकायों के लिए अंतिम मतदाता सूची भी जारी कर दी है। जांच के बाद नामांकन पत्रों की स्थिति नगर परिषद बांसवाड़ा (60 वार्ड): यहां 58 नामांकन पत्र निरस्त किए गए। इसके बाद 219 नामांकन पत्र और कुल 213 वैध अभ्यर्थी मैदान में बचे हैं। नगर पालिका कुशलगढ़ (20 वार्ड): इस निकाय में 10 नामांकन पत्र खारिज हुए। जांच के बाद 52 नामांकन पत्र और इतने ही यानी 52 अभ्यर्थी वैध पाए गए। नगर पालिका परतापुर-गढ़ी (25 वार्ड): यहां सबसे ज्यादा 51 नामांकन पत्र खारिज हुए, जिसके बाद 136 नामांकन पत्र और 132 अभ्यर्थी वैध घोषित किए गए। बांसवाड़ा जिले के तीनों निकायों को मिलाकर कुल 407 वैध नामांकन पत्र शेष रहे हैं और कुल वैध उम्मीदवारों की संख्या 397 है। जिले में कुल 1.22 लाख से अधिक मतदाता तय करेंगे प्रत्याशियों का भाग्य चुनाव आयोग के निर्देश पर मंगलवार को तीनों नगरीय निकायों की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर दिया गया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक जिले के 105 वार्डों में कुल 1,22,319 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। बांसवाड़ा नगर परिषद: 60 वार्डों में कुल 94,121 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 47,182 पुरुष, 46,933 महिला और 6 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। कुशलगढ़ नगर पालिका: 20 वार्डों में कुल 8,867 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जिनमें 4,269 पुरुष, 4,595 महिला और 3 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। परतापुर-गढ़ी नगर पालिका: 25 वार्डों में कुल 19,331 मतदाता पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 9,626 पुरुष, 9,704 महिला और 1 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल है।
लखनऊ में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) अराजनैतिक संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया । किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर सदर तहसील खरगापुर में भीगते हुए 5 घंटे तक धरना दिया । संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि 19 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं मगर LDA और संबंधित विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। अशोक यादव ने कहा कि वर्ष 1984-85 में यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) द्वारा ग्राम सभा धांवा व गोयला के किसानों की भूमि ग्रहण कर टाटा मोटर्स को 90 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी । चार दशक बीतने के बावजूद कई किसानों को न तो भूमि का पूरा भुगतान मिला और न ही वादे के अनुसार प्रत्येक किसान परिवार को स्थायी नौकरी । टाटा मोटर्स के द्वारा सीधे तौर पर किसानों के साथ छल किया गया ना नौकरी मिली और ना भुगतान। प्रदर्शनकारी किसानों कि मांग किसानों ने गोमती नगर उजरियांव योजना (फेज-2) के तहत भूमि ग्रहण के 41 वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा भुगतान न होने पर नाराजगी जताई । यूनियन ने मांग की कि किसानों को वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए । इसके अलावा मुआवजे से काटी गई 11.2 प्रतिशत इनकम टैक्स की राशि तत्काल वापस की जाए। किसानों को 4000 विकसित आवासीय भूखंड, गांवों में बारात घर, पेयजल व्यवस्था, श्मशान घाटों का संरक्षण, चिनहट तिराहे से 24 वर्ष पुराना अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग किया। खाली जमीनों पर हल चलाने कि चेतावनी निर्धारित समय के अंदर मांग पूरी न होने पर प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो किसान अपनी खाली पड़ी जमीनों पर स्वयं हल चलाकर कब्जा वापस लेगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व एलडीए की होगी।
मुरादाबाद में मंगलवार देर शाम एक सिपाही ने सरकारी रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी कमरे के पास पहुंचे। खून से लथपथ सिपाही को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे चुके हैं। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। सीने से सटाकर चलाई गोली मृतक सिपाही की पहचान मोनू सांगवा (30) के रूप में हुई है। उसकी तैनाती बिलारी कोतवाली क्षेत्र की सहसपुर चौकी पर थी। पुलिस के मुताबिक, मोनू ने कमरे में सरकारी रायफल की नाल सीने से सटाकर गोली चलाई। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सिपाही मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला था और बिलारी में किराए के कमरे में रहता था। सीओ बिलारी ने बताया कि सिपाही ने आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने सिपाही के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। खबर अपडेट की जा रही है...
खंडवा के माता चौक स्थित शराब दुकान के अहाते पर मंगलवार देर शाम प्रशासन ने जेसीबी चला दी। करीब 2 हजार वर्ग फीट में बने टीनशेड को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अहाता तोड़े जाने की कार्रवाई रुकवाने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का फोन सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के पास आया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कलेक्टर के आदेश का हवाला देते हुए सांसद से कलेक्टर से बात करने को कहा। नगर निगम ने जेसीबी और अमला नहीं भेजा सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई के लिए नगर निगम से जेसीबी और अमला मांगा था। लेकिन निगम की ओर से जेसीबी नहीं भेजी गई। अधिकारियों ने शाम के बाद ड्यूटी खत्म होने की बात कही। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बाजार से निजी जेसीबी बुलवाई और अहाता तोड़ने की कार्रवाई कराई। कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी चंदन सिंह मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। शहर में कई जगह अहाते चलने का दावा जानकारी के अनुसार, शहर में शराब दुकानों के पास अहाते संचालित हो रहे हैं। पूर्व की शिवराज सरकार के दौरान इन अहातों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद इन्हें अवैध बताया गया था। इसके बावजूद आनंद नगर, इंदौर नाका, लालचौकी और सिहाड़ा सहित कई जगह अहाते संचालित होने का दावा किया गया है। इन अहातों के संचालकों को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का करीबी बताया गया है। दावा है कि कुछ लोगों ने अहाते 2,500 से 3,000 रुपए रोज के किराए पर दे रखे हैं। इसे प्रोटेक्शन के रूप में वसूलने का भी आरोप लगाया गया है। माता चौक शराब दुकान का ठेका मनोज जायसवाल के पास माता चौक स्थित शराब दुकान का इस साल का ठेका झिरन्या निवासी मनोज जायसवाल को मिला है। मनोज जायसवाल भाजपा नेता हैं और झिरन्या जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष हैं। सावन महीने में मनोज जायसवाल ने कांवड़ यात्रा निकाली थी। इस यात्रा में शामिल होने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने वीडियो जारी कर लोगों से अपील की थी।
लुधियाना जिले के खन्ना में एक हादसे में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की रजबाहे में डूबने से मौत हो गई। बच्चे की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है। काफी देर तक परिवार और आसपास के लोगों को हादसे का पता ही नहीं चला। बच्चा पानी के तेज बहाव में करीब आधा किलोमीटर तक बहता चला गया। बाद में एक राहगीर ने उसे पानी में देखा, तब हादसे का पता चला। जानकारी के अनुसार, कार्तिक अपनी मां मधु और दिव्यांग नाना के साथ रजबाहे के किनारे बनी झुग्गी में रहता था। मधु पास के एक होटल में काम करती है। वह रोज काम पर चली जाती थी और पीछे से उसके दिव्यांग पिता बच्चे की देखभाल करते थे। मंगलवार को भी मधु काम पर गई हुई थी। इसी दौरान कार्तिक खेलते-खेलते रजबाहे के पास पहुंच गया और अचानक पानी में गिर गया। राजबाहे किनारे पर रहता है परिवार हादसे के बाद बच्चा पानी के बहाव के साथ करीब आधा किलोमीटर दूर तक बह गया। परिवार को काफी देर तक पता नहीं चला कि कार्तिक कहां है। इसी दौरान रजबाहे के किनारे से गुजर रहे एक राहगीर की नजर पानी में पड़े बच्चे पर पड़ी। उसने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद बच्चे को रजबाहे से बाहर निकाला। परिवार के लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मां मधु को जब बेटे की मौत का पता चला तो वह सदमे में आ गई। जिस मासूम को वह घर पर छोड़कर काम पर गई थी, वह उसे हमेशा के लिए छोड़ चुका था। रिश्तेदार अनिल मांझी ने बताया कि एक महिला ने रजबाहे में बच्चे को देखा था, जिसके बाद लोगों को हादसे की जानकारी मिली। होटल कर्मचारी लखविंदर सिंह ने बताया कि रजबाहे के किनारे कई परिवार झुग्गियों में रहते हैं और सुरक्षा के सही इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ।
इंदौर के डेली कॉलेज में मंगलवार को साहित्य और संवाद का रंग देखने को मिला। कॉलेज के वार्षिक साहित्यिक उत्सव जी-लिट्राटी 2026 के पांचवें संस्करण का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के साहित्य प्रेमियों और विद्यार्थियों ने शिरकत की। लेखकों ने अपनी किताबों, लेखन के अनुभवों और साहित्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों से बातचीत की। वहीं विद्यार्थियों को लेखकों से सीधे संवाद करने और उनकी रचनात्मक यात्रा को करीब से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में 1985 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और वैली ऑफ वर्ड्स अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक उत्सव के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ लेखिका विद्या नेसरीकर, हुतुका सुमी, नवनीत नीरव, अदिति कृष्णकुमार, शिवकुमार मोहंका और उपासना ने विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि किताब पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। साहित्य अलग-अलग भाषाओं और शैलियों के माध्यम से समाज, जीवन और मानवीय अनुभवों को समझने का अवसर देता है। किताबों पर चर्चा, लेखकों से सीधे सवालजी-लिट्राटी में किताबों को केंद्र में रखते हुए कई सत्र आयोजित किए गए। इनमें लेखकों के साथ साक्षात्कार, बातचीत और खुले मंच पर विचार-विमर्श हुआ। विद्यार्थियों ने लेखकों से उनके लेखन, पात्रों, विषयों और रचनात्मक प्रक्रिया को लेकर सवाल किए। साहित्यिक समीक्षा के लिए इस बार छह पुस्तकों का चयन किया गया था। इनमें विद्या नेसरीकर की ‘अ पैच ऑफ सन, अ पैच ऑफ शेड’, हुतुका सुमी की ‘जाइंट्स’, नवनीत नीरव की ‘नाच’, अदिति कृष्णकुमार की ‘द व्हाइट लोटस’, शिवकुमार मोहंका की ‘अबव एंड बियॉन्ड’ और उपासना की ‘उड़ने वाला फूल’ शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने बनाए किताबों पर पोस्टरआयोजन को सिर्फ लेखकों की बातचीत तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों ने चयनित पुस्तकों पर आकर्षक पोस्टर तैयार किए और किताबों को पढ़ने के बाद अपने विचार भी साझा किए। इससे साहित्य को लेकर विद्यार्थियों की समझ और उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति सामने आई। महिषासुर मर्दिनी पर नृत्य प्रस्तुति ने बांधा समांकार्यक्रम के दौरान डेली कॉलेज के विद्यार्थियों ने महिषासुर मर्दिनी के आख्यान पर आधारित नृत्य-रचना प्रस्तुत की। भारतीय पौराणिक कथा और नृत्य के सुंदर संयोजन वाली इस प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। डेली कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गुनमीत बिंद्रा ने लेखकों को प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
जेन-जी के आंदोलन के बाद राजस्थान में नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने भी युवाओं को टिकट दिया है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा में कांग्रेस ने जहां 49 GenZ प्रत्याशी बनाए हैं। वहीं भाजपा ने सिर्फ 21 GenZ उम्मीदवारों को ही टिकट दिया है। जयपुर में भाजपा ने सिर्फ 6 GenZ उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने 12 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। ऐसे ही जोधपुर में बीजेपी ने 7 GenZ को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने 10 GenZ को टिकट दिया है। उदयपुर में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 6 और बीजेपी ने 2 प्रत्याशियों का नामांकन करवाया है। अजमेर में भाजपा ने 4 और कांग्रेस ने 5 GenZ को प्रत्याशी बनाया है। कोटा में दोनों पार्टियों ने कुल 18 GenZ प्रत्याशी बनाए हैं। इनमें कांग्रेस ने 16 और भाजपा ने 2 को उम्मीदवार बनाया है। इन पांच शहरों में कुल 510 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा ने 70 GenZ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं। ऐसे में 13.72 प्रतिशत GenZ प्रत्याशी हैं। GenZ की आयु 21 से लेकर 29 साल के बीच की है। यह डाटा उम्मीदवारों के अब तक अपलोड की गई लिस्ट के हिसाब से है। अब पढ़ें किसने कितने युवाओं को दिया टिकट जयपुर में दोनों पार्टियों में 21 साल की सबसे कम उम्र की युवा जयपुर नगर निगम चुनाव में 150 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रमुख पार्टियों की ओर से जारी किए अधिकृत प्रत्याशियों की स्थिति में इस बार बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस ने Gen-Z को ज्यादा टिकट देकर मैदान में उतारा है। जबकि बुजुर्ग उम्मीदवारों (60 साल या उससे ज्यादा उम्र के) में भी कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। बीजेपी ने 6 Gen-Z उम्मीदवार उतारे हैं। वार्ड नं. 150 से शालू मीणा (23), वार्ड नं. 119 से यश राणावत (22), वार्ड नं. 10 से पलक यादव (21), वार्ड नं. 143 से निधि जैन (29), वार्ड नं. 115 से सूरज गोडीवाल (29), वार्ड नं. 63 से अजय टेपण (29) है। वहीं कांग्रेस ने अपनी 150 प्रत्याशियों की सूची में 12 प्रत्याशी बिल्कुल युवा उतारे हैं, जो GEN-Z श्रेणी में आते हैं। इनमें सबसे कम उम्र का प्रत्याशी वार्ड नं. 71 से फैज हसन (21) है। इसके अलावा वार्ड नं. 128 से मोहम्मद सोहेल मंसूरी (27), वार्ड नं. 95 से मानवेन्द्र सिंह (22), वार्ड नं. 88 से श्रुति भारद्वाज (26), वार्ड नं. 72 सुमन भाटी (22), वार्ड नं. 46 से हर्षिता जैन (23), वार्ड नं. 18 से वंदिता शर्मा (27), वार्ड नं. 1 से नवरत्न शर्मा (28), वार्ड नं. 13 से धनराज सैनी (29), वार्ड नं. 55 से संजय बड़ोदिया (28), वार्ड नं. 137 से सलमान मंसूरी (29) और वार्ड नं. 148 से आशा सैनी (28) को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी में श्रवण बोहरा सबसे उम्रदराज प्रत्याशी: बीजेपी ने 150 सीटों में से 10 सीटे ऐसी हैं, जहां बुजुर्ग (60 या उसे ज्यादा उम्र) प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इसमें सबसे उम्रदराज प्रत्याशी वार्ड नं. 1 से श्रवण बोहरा (66) है। इसके अलावा वार्ड नं. 16 से महेश कुमार संघी (62), वार्ड नं. 17 से सुमेर सिंह जोधा (65), वार्ड नं. 35 से विमल कटियार (60), वार्ड नं. 42 से अशोक रावतानी (65), वार्ड नं. 43 से शैलेन्द्र भार्गव (65), वार्ड नं. 66 से नारायण लाल नैनावत (62), वार्ड नं. 74 से रामपाल जैन (60), वार्ड नं. 98 से सुभाष सिंघी (63) और वार्ड नं. 112 से सुनील कोठारी (63) को मैदान में उतारा है। कांग्रेस में बिवाल सबसे उम्रदराज प्रत्याशी: कांग्रेस ने युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग प्रत्याशियों को भी मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने 13 प्रत्याशी ऐसे उतारे हैं, जो 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं। सबसे उम्रदराज प्रत्याशी वार्ड नं. 115 से सुरेश बिवाल (67) हैं। इसके अलावा वार्ड नं. 9 कैलाशी देवी (61), वार्ड नं. 15 से बद्री कुमावत (66), वार्ड नं 31 से जयकुमार जैन (63), वार्ड नं. 35 से अनिल (63), वार्ड नं. 51 से मनमोहन गुर्जर (64), वार्ड नं. 58 से रामप्यारी देवी (60), वार्ड नं. 64 कैलाश मीणा (60), वार्ड नं. 76 से प्रदीप जैन (65), वार्ड नं. 82 से महेश यादव (61), वार्ड नं. 100 से विनीत कूलवाल (62), वार्ड नं. 118 से सुनीता मावर (66) और वार्ड नं. 145 से अर्चन चतुर्वेदी (61) को उतारा है। जोधपुर: भाजपा-कांग्रेस से 17 जेन जी लड़ेंगे पार्षद का चुनाव, 5-कुंवारे जोधपुर में इस बार 17 जेनजी भी चुनावी मैदान में उतरे हैं। कांग्रेस ने सबसे कम उम्र 21 साल की प्रत्याशी सरस्वती को वार्ड नंबर 51 से चुनावी मैदान में उतारा है। सरस्वती की साल 2025 में ग्रेजुएशन पूरी हुई थी और अब भी वह पढ़ाई कर रही है। इसी तरह भाजपा ने भी वार्ड नंबर 24 से एमए स्टूडेंट भाग्यश्री को पहली बार टिकट देकर पार्षद बनने का मौका दिया है। कांग्रेस ने सबसे कम उम्र 21 साल की प्रत्याशी सरस्वती को वार्ड नंबर 51 से चुनावी मैदान में उतारा है। सरस्वती की साल 2025 में ग्रेजुएशन पूरी हुई थी और अब भी वह पढ़ाई कर रही है। एक वार्ड ऐसा भी है, जहां कांग्रेस के 27 साल के कैंडिडेट का मुकाबला बीजेपी के 66 साल के सीनियर नेता से होने वाला है। खास बात ये है कि इन 17 जेनजी में 5 कुंवारे भी हैं। बीजेपी ने 7 और कांग्रेस ने 11 जेन जी को दिया मौका: बीजेपी ने 7 जेन जी को चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें दो प्रत्याशी संजू कंवर और भाग्यश्री आचार्य हैं, जिनकी उम्र 24 साल की है। मनीष चौधरी 27 साल के हैं। असीम अकरम (28) और स्वीटी चावड़ा (28) और निकिता गहलोत (29) और पूजा सोनी (29) को टिकट दिया गया है। सायना बानो (24) और सोनिया (24), नसीम बानो (25), आनंद राठी (27) और मोहम्मद दानिश (27), सोमेश्वर गुर्जर (28) के साथ ही मूमल प्रजापति (29), सिद्धार्थ मेहरा (29)और योगेश्वरी (29) को पार्षद का चुनाव लड़ने का मौका दिया है। कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों की संख्या उदयपुर: BJP-कांग्रेस से 8 Gen-Z लड़ेंगे पार्षद चुनाव; स्वयंसेविका से लेकर लॉ स्टूडेंट मैदान में उदयपुर नगर निगम चुनाव में BJP और कांग्रेस ने Gen-Z को भी चुनावी मैदान में उतारकर युवा चेहरों पर भरोसा जताया है। दोनों पार्टियों से कुल 8 युवा प्रत्याशी पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। उदयपुर में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 6 और बीजेपी ने 2 प्रत्याशियों का नामांकन करवाया है। इनमें BJP ने 26 साल की राष्ट्र सेविका समिति की स्वयंसेविका और इंटीरियर डिजाइनर को टिकट दिया है। बीजेपी ने वार्ड नंबर 38 से प्रज्ञा पाटीदार को टिकट दिया है। 26 साल की प्रज्ञा पेशे से इंटीरियर डिजायर हैं, जो करीब 8 राष्ट्र सेविका समिति की स्वयंसेविका है और समिति में शिक्षिका भी है। 6 महीने पहले प्रज्ञा की शादी हुई है। बीजेपी ने वार्ड 31 से 27 साल की नसरीन बानो को टिकट दिया है। नसरीन हाउस वाइफ है और उनके 7 साल का बेटा है। उन्होंने 8वीं तक पढ़ाई की है। उनके पति अब्दुल कादिर बीजेपी के अल्ससंख्यक मोर्चा में प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य हैं, जो रियल स्टेट से जुड़ा काम करते हैं। कांग्रेस ने भी वार्ड 55 से जैसिका राव (23) को मैदान में उतारा है। जैसिका अनमैरिड हैं और बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। कांग्रेस से वार्ड 61 में 25 साल की सीमा डांगी को मिला टिकट: कांग्रेस ने वार्ड 61 से 25 साल की सीमा डांगी को टिकट दिया है। उनके पति विशाल डांगी यूथ कांग्रेस में महासचिव रहे हैं और कानपुर ग्राम पंचायत के वार्ड पंच भी रहे हैं। 10वीं तक पढ़ी सीमा हाउस वाइफ है और उनकी 2 बेटियां है। वार्ड नंबर 65 से किशन भील (27), वार्ड 62 से सविता गमेती (28), वार्ड 13 से उषा गमेती (23) और वार्ड 42 से खुशी गमेती (24) को टिकट दिया है। इनके अलावा वार्ड नंबर 10 से बीएपी ने भी साकिब खान (26), वार्ड नंबर 43 से शांतिलाल (26), सीपीआईएम ने वार्ड नंबर 31 से मुस्कान राही (23) और कुल 8 जेन-जी जनरेशन के युवाओं ने निर्दलीय नामाकंन दाखिल किया है। अजमेर: 9 जेन-जी चुनावी मैदान में अजमेर नगर निगम चुनाव में इस बार लंबे राजनीतिक अनुभवी चेहरों के साथ युवाओं का जोश, नई सोच और जेन-जी का कॉन्फिडेंस भी चुनावी मैदान में दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने 5 और बीजेपी ने 4 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। कांग्रेस की ओर से वार्ड 28 में अर्चित शर्मा (29), वार्ड 36 में निहाल सिंह शेखावत (29), वार्ड 46 में मोक्ष नोनिया (26), वार्ड 53 में कुशाल कोमल और वार्ड 12 में पूजा टांक को सिंबल दिया गया है। वहीं भाजपा ने वार्ड 11 से पूजा भावनानी (27), वार्ड 26 से मोहित चौहान (22), वार्ड 69 से निहारिका त्रिपाठी और वार्ड 80 से कश्यपि साखला पर भरोसा जताया है। उम्रदराज चेहरों पर भी पार्टियों का भरोसा कायम: भाजपा ने 40 साल तक की उम्र के 19, 41 से 60 साल के 47 और 60 साल से अधिक उम्र के 10 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने 40 साल तक की उम्र के 18, 41 से 60 साल के 45 और 60 साल से अधिक उम्र के 10 प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। दोनों प्रमुख दलों ने 41 से 60 साल की उम्र वाले प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा है। भाजपा ने इस आयु वर्ग में 47 और कांग्रेस ने 45 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। वहीं 60 साल से अधिक उम्र के 10-10 प्रत्याशी दोनों दलों से मैदान में हैं। ऐसे में इस बार चुनाव में एक तरफ युवा चेहरे नई सोच के साथ दस्तक दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ अनुभवी प्रत्याशी अपने राजनीतिक अनुभव के दम पर मैदान संभाल रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों की संख्या कोटा: कांग्रेस ने 16 जेन-जी उम्मीदवारों को दिया टिकट; बीजेपी के दो युवा चेहरे कोटा नगर निगम चुनाव में शहरी सरकार बनाने के लिए इस बार 21 से 29 वर्ष के कई युवा मैदान में उतर चुके हैं। कांग्रेस ने अपने टिकट बंटवारे में 16 युवा चेहरों को मौका दिया है। इनमें दिव्या मीना (22), रिद्धम शर्मा (23), भुवनेश ऋषि (24), संदीप सिंह (24), अर्पित जैन (24), निधी राजावत (25), अमन गौतम (25), कुनाल शर्मा (25), दीपक कुमार भील (26), धीरज नागर (26), ऋषभ दुबे (26), आयुष पारेता (26) और फैजाल बेग (27) शामिल हैं। वहीं बीजेपी ने इस सूची में 2 चेहरों को मौका दिया है, जिसमें 24 साल के ललित कुशवाहा (वार्ड 70) और 29 वर्षीय नैना गर्ग (वार्ड 67) से चुनाव लड़ रही हैं। 41 साल से ज्यादा उम्र के उम्मीवार: भाजपा ने 41-60 साल की उम्र के 64 प्रत्याशी और 60 से ज्यादा उम्र के 7 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने 41-60 साल के 45 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं 60 साल से ज्यादा के 7 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों की संख्या ये खबरें भी पढ़ें... भाजपा-कांग्रेस से 17 जेन जी लड़ेंगे पार्षद का चुनाव,5-कुंवारे:दोनों पार्टी ने दो स्टूडेंट को दिया टिकट; 27 साल के युवक के सामने भाजपा के सीनियर नेता उदयपुर में BJP-कांग्रेस से 8 Gen-Z लड़ेंगे पार्षद चुनाव:राष्ट्र सेविका समिति की स्वयंसेविका से लेकर लॉ स्टूडेंट तक मैदान में अजमेर निगम चुनाव में 61 जेन-जी चुनावी मैदान में:बीजेपी-कांग्रेस ने युवा नेताओं को बनाया दावेदार; सबसे ज्यादा 49 युवा निर्दलीय लड़ेंगे कांग्रेस ने 16 जेन-जी उम्मीदवारों को दिया टिकट:सबसे ज्यादा 37 युवा चेहरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे, बीजेपी के दो युवा चेहरे
झांसी स्टेशन पर काम के चलते 4 ट्रेनें रद्द:3 के रूट बदले, नवंबर-दिसंबर में यात्रियों पर असर
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 को बैलेस्ट रहित बनाने का काम किया जाएगा। इसके चलते रेलवे ने नवंबर और दिसंबर 2026 में कुछ ट्रेनों को रद्द किया है। जबकि कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। इसका असर मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन के चलने और रूट की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। यात्रा से पहले 139 पर लें जानकारी रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले 139 हेल्पलाइन पर ट्रेन के चलने और रूट की ताजा जानकारी ले लें। रेलवे के शेड्यूल में आखिरी समय में बदलाव भी संभव है। यह जानकारी बैतूल के पूर्व मुख्य यातायात निरीक्षक अशोक कटारे ने यात्रियों के लिए साझा की है।
श्रीगंगानगर में जस्सा सिंह मार्ग स्थित ड्रीम वाटिका में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। विवाहिता कमरे में फंदे पर लटकी मिली। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या के आरोप लगाए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता राजकुमार (55) निवासी दुल्लापुर केरी, हिन्दुमलकोट ने बताया कि 31 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे उसने बेटी पूजा को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद दामाद नवीन को भी फोन किया, लेकिन उसने भी कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मृतका के देवर रवि कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे भी बात नहीं हुई। कुछ देर बाद सूचना मिली कि पूजा ने फांसी लगा ली है। तब वह (राजकुमार) अपनी पत्नी सुनीता रानी, बहू रेनू और भाभी उषा रानी के साथ ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचकर देखा कि पूजा की लाश बेड पर पड़ी हुई है। ससुराल वालों का कहना था कि उसने खुद फांसी लगा ली, लेकिन पिता का आरोप है कि बेटी को फांसी लगाकर मार दिया गया। इसके बाद पिता ने महिला थाना में मामला दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर पति नवीन, सास कलावती, ननद चांदनी और देवर रवि कुमार के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, घटना के विरोध में और आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर परिजनों ने श्रीगंगानगर के सरकारी हॉस्पिटल में धरना दिया। शाम को करीब 5:30 बजे पुलिस की परिजनों के साथ सहमति बनी। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना उठा लिया और शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। पुलिस अब घटनास्थल की परिस्थितियों, मौत के असल कारण और ससुराल पक्ष की भूमिका की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि मृतका ने सुसाइड किया है या उसका मर्डर हुआ है। फिलहाल जांच जारी है।
दरभंगा शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव को लेकर जनसुराज की मंगलवार को एकमी घाट चौक के पास एक रिजॉर्ट में बैठक हुई। बैठक के दौरान बेगूसराय के भाजपा नेता डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की। डॉ. राय 2020 में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं और रनर-अप रहे थे। वे बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं और नेताओं की राय ली बैठक में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शामिल हुए और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से चुनाव को लेकर राय ली। बैठक में दरभंगा, मधुबनी, झंझारपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय से संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस दौरान आगामी एमएलसी चुनाव के संभावित प्रत्याशियों, चुनाव की तैयारियों और अभियान की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संभावित प्रत्याशियों को लेकर अपनी राय भी रखी। नेताओं ने चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों को तेज करने पर जोर बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं के बीच पहुंच बढ़ाने तथा चुनाव को लेकर प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी मंथन किया गया। पार्टी नेताओं ने चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों को तेज करने पर जोर दिया। उनके जन सुराज में शामिल होने को आगामी शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में चुनाव को लेकर संगठन के विस्तार और अनुभवी नेताओं को साथ जोड़ने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जनसुराज के ये नेता रहे शामिल कार्यक्रम में जन सुराज के दरभंगा जिला अध्यक्ष निर्मल मिश्रा, महामंत्री मुमताज अंसारी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष शोएब अहमद खान, जिला प्रवक्ता अमन चौधरी, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मोहन यादव, युवा जिला अध्यक्ष शिव बोधन साहू, कोषाध्यक्ष सह कार्यालय प्रभारी उपेंद्र कुमार शर्मा, ओबीसी प्रभारी अमरेश कुमार अमर, महिला अध्यक्ष प्रतिभा झा, संसदीय चुनाव प्रभारी बिल्टू साहनी सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके अलावा मधुबनी जिला अध्यक्ष अनिल मिश्रा, झंझारपुर जिला अध्यक्ष राज नारायण यादव, महिला जिला महामंत्री रानी शाह समेत पांचों जिलों से आए संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
रोहतक पुलिस की अपराध शाखा-1 टीम ने गश्त के दौरान एक युवक को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो देसी पिस्तौल और चार कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। सहायक उप-निरीक्षक विनोद दलाल ने बताया कि अपराध शाखा-1 रोहतक की टीम गिझी रोड रोहतक के पास मौजूद थी। सूचना के आधार पर टीम ने गिझी से सांपला रोड पर गांव गिरधरपुर निवासी एक युवक को पकड़ा। युवक की पहचान मोहित निवासी गिरधरपुर, जिला झज्जर के तौर पर हुई। उसके पास से दो देसी पिस्तौल और चार कारतूस बरामद हुए। मोहित के खिलाफ सांपला थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
लखनऊ में 80 साल के बुजुर्ग को शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ठगों ने 97 लाख ठग लिए। ठगों ने पहले फेसबुक के जरिए संपर्क किया और निवेश के नाम पर रकम जमा कराई। बाद में फर्जी एप पर भारी मुनाफा दिखाकर उसे निकालने के लिए टैक्स, कन्वर्जन चार्ज और इंश्योरेंस के नाम पर लाखों रुपये और जमा करा लिए। आशियाना सेक्टर-एच निवासी सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त जेई हरिमोहन (80) ने बताया 26 अप्रैल को वह फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क गणेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से हुआ। उसने शेयर ट्रेडिंग के जरिए डॉलर में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया और एक एप डाउनलोड कराया। 12 मई को हरिमोहन ने आरोपी के कहने पर दो बार में निवेश के लिए 26 लाख रुपये जमा कर दिए। कुछ समय बाद एप पर उन्हें 2.40 लाख डॉलर का मुनाफा दिखने लगा। एप में यह रकम लंदन की वर्कले बैंक में जमा होने की बात लिखी थी। मुनाफा निकालने के लिए मांगे 71.20 लाख जब हरिमोहन ने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की तो उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को कस्टम विभाग का रेवेन्यू ऑफिसर हार्दिक पटेल बताया। उसने मुनाफे की रकम जारी करने के लिए कैपिटल टैक्स, कन्वर्जन चार्ज और इंश्योरेंस के नाम पर 71.20 लाख रुपये जमा करने को कहा। हरिमोहन ठगों की बातों में आ गए और परेशान होकर यह रकम भी जमा कर दी। इसके बावजूद न तो उनकी मूल रकम वापस मिली और न ही एप में दिखाया जा रहा मुनाफा। रकम मांगने पर दी FIR की धमकी पीड़ित ने जब हार्दिक पटेल से रकम वापस करने को कहा तो आरोपी भड़क गया। उसने दावा किया कि हरिमोहन के निवेश किए गए 26 लाख रुपये में से नौ लाख रुपये ठगी की रकम के हैं। आरोपी ने उन्हें डराते हुए कहा कि उनकी पूरी निवेश राशि अब आरबीआई दिल्ली के पास है और मामले की जांच की जाएगी। साथ ही तमिलनाडु क्राइम ब्रांच से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी भी दी गई। इससे घबराए हरिमोहन ने परिवार के सदस्यों को भी ठगी की जानकारी नहीं दी। उनकी परेशानी देखकर घरवालों ने पूछताछ की तो सोमवार को उन्होंने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार के साथ साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि ठगी की घटना को काफी समय बीत चुका है, इसलिए रकम को फ्रीज कराने में कुछ दिक्कत आ रही है।
सहरसा में बंद घर से चोरी का खुलासा, 2 गिरफ्तार:1.44 लाख रुपए कैश और 18 ग्राम सोने के गहने बरामद
सहरसा पुलिस ने एक बंद घर में हुई चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से चोरी के 18 ग्राम सोने के गहने और 1 लाख 44 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह चोरी 5 अगस्त की रात सदर इलाके में एक बंद घर में हुई थी। चोरों ने घर में घुसकर अलमारी का ताला तोड़ा और उसमें रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली थी। CCTV फुटेज से पुलिस ने संदिग्धों को पहचाना पीड़ित की शिकायत पर सदर थाने में केस नंबर 943/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की जांच के लिए सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान के नेतृत्व में एक खास पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज की बारीकी से जांच की। वैज्ञानिक जांच, तकनीकी सबूतों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने संदिग्धों को पहचाना। चोरी की कैश और सोने के गहने बरामद इसके बाद गुप्त सूचना पर छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से चोरी की कैश और सोने के गहने बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र यादव (पिता सुखदेव यादव, निवासी रामविशनपुर देहपौरी, वार्ड नंबर 06, थाना राघोपुर, जिला सहरसा) शामिल है। दूसरा आरोपी अनिल कुमार (पिता मधुकेंगा) है, जो मूल रूप से उदनवाड़ी, वार्ड नंबर 12, थाना सवोला, जिला सोलापुर (महाराष्ट्र) का रहने वाला है। उसका अभी का पता सिराही, वार्ड नंबर 12, थाना राघोपुर, जिला सुपौल है। इस कार्रवाई में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान, पुलिस अवर निरीक्षक गुंजन कुमार (TOP-03), पुलिस अवर निरीक्षक अमित कुमार, जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम और सदर थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
दूदू पालिका चुनाव, 48 नामांकन निरस्त:25 वार्डों में 123 उम्मीदवार मैदान में, 3 सितंबर तक नाम वापसी
दूदू नगर पालिका चुनाव के लिए दाखिल 48 नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। जांच के बाद यह कार्रवाई हुई है। नगर पालिका के 25 वार्डों के लिए कुल 171 नामांकन मिले थे। चुनाव अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर नामांकन राजनीतिक दलों के फॉर्म 'क' और 'ख' जमा न करने की वजह से खारिज हुए हैं। एक नामांकन इसलिए रद्द किया गया क्योंकि प्रस्तावक पहले ही किसी और उम्मीदवार का प्रस्तावक था। इनके नामांकन निरस्त हुए सूची के मुताबिक, वार्ड 1 में सलीम मोहम्मद और अजीज मोहम्मद, वार्ड 2 में गीता, वार्ड 4 में रामबाबू, वार्ड 5 में ईरशाद खान और निर्दलीय धर्मराज, वार्ड 6 में रज्जाक और वार्ड 7 में गोपाल सिंह का नामांकन रद्द हुआ है। इसी तरह, वार्ड 8 में हेमराज और हमीद मोहम्मद, वार्ड 9 में बद्री जाट, वार्ड 10 में प्रिया जोरावत, शबाना बानो और गुलाब देवी, वार्ड 11 में सईदा, खातून बेगम और गुलशन बानो, वार्ड 12 में चंद्र प्रकाश और जाकिर हुसैन, वार्ड 13 में जीतराम रैगर, मालचंद साथीवाल और विष्णु गुसाईवाल, वार्ड 14 में खुर्शीदा बानो, रिजवाना परवीन, माया कंवर, शैफाली साहू और नेराज के नामांकन भी रद्द हुए हैं। वार्ड 15 में नरेंद्र, हंसराज, मुकेश धोबी और राकेश कुमार के नामांकन खारिज किए गए। इसके अलावा, वार्ड 16 में शीला और अंशिका दायमा, वार्ड 17 में मनीषा, हार्ली और रीना जैन, वार्ड 19 में राधा देवी दायमा, वार्ड 20 में सरदार सिंह नाहर, वार्ड 21 में ज्योति पारीक, शकुंतला और मीना जांगिड़ के नामांकन भी रद्द हुए हैं। वार्ड 23 में विजय कुमार, रूपनारायण और प्रदीप, वार्ड 24 में मनोज कुमार, रवि जांगिड़ और मनोज, तथा वार्ड 25 में गजेंद्र सिंह का नामांकन भी खारिज किया गया है।
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के चुनावी मैदान से बाहर होने के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस के 70 प्रत्याशियों के सिंबल में से 17 सिंबल तय समय तक निर्वाचन अधिकारी के पास नहीं पहुंच सके। इसके चलते संबंधित प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ सके। घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मनोज पालीवाल ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और स्थानीय स्तर पर देहात कांग्रेस के कथित महासचिव महेश सोनी को जिम्मेदार ठहराया है। पालीवाल ने इसे प्रदेश नेतृत्व की गंभीर लापरवाही और सिंबल प्रबंधन में हुई बड़ी चूक बताया है। 70 में से सिर्फ 53 सिंबल समय पर पहुंचेपालीवाल ने मंगलवार को एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने भीलवाड़ा नगर निगम के सभी 70 वार्डों में प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया पूरी की थी। ऑनलाइन आवेदन मंगवाने के बाद पैनल तैयार किए गए और जिला नेताओं से चर्चा के बाद प्रदेश नेतृत्व ने प्रत्याशियों के नाम अंतिम किए। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी और दोपहर 3 बजे तक पार्टी के अधिकृत सिंबल निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचना जरूरी था। पालीवाल के अनुसार, निर्धारित समय तक 70 में से केवल 53 सिंबल ही निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जा सके। बाकी 17 सिंबल समय पर नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण संबंधित प्रत्याशियों के नामांकन पार्टी प्रत्याशी के रूप में मान्य नहीं हो सके। बोले- 17 प्रत्याशियों के नुकसान पर जिम्मेदारी तय होपालीवाल ने कहा कि इस चूक का सीधा खामियाजा कांग्रेस के 17 संभावित पार्षद प्रत्याशियों को भुगतना पड़ा। उनका आरोप है कि यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि सिंबल प्रबंधन में हुई ऐसी चूक है, जिसने पार्टी को चुनावी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अधिकृत सिंबल निर्वाचन अधिकारी तक तय समय में पहुंचाना पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में 17 सिंबल का समय पर नहीं पहुंचना गंभीर मामला है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। 'सिंबल सीलबंद पैकेट में नहीं, खुले में भेजे गए'पालीवाल ने सिंबल भेजने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि सभी 70 सिंबल सीलबंद पैकेट में भेजने के बजाय खुले में भेजे गए और इन्हें देहात कांग्रेस का एक कथित पदाधिकारी लेकर घूमता रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी के अधिकृत सिंबल किसी स्थानीय पदाधिकारी के पास किस अधिकार से रहे? जब इन्हें निर्धारित समय के भीतर निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाना था, तो 17 सिंबल आखिर समय पर क्यों नहीं पहुंचे? डोटासरा पर लगाया भेदभाव का आरोपपालीवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ प्रशासनिक या तकनीकी चूक मानकर नजरअंदाज नहीं की जा सकती, क्योंकि इससे सीधे तौर पर चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं का राजनीतिक भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के सिंबल समय पर नहीं पहुंचने से 17 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले से बाहर हो गए। ऐसे में इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। खड़गे को भेजा पत्र, राष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांगपालीवाल ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्तर पर हुई कथित लापरवाही की राष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने के लिए जांच कमेटी गठित करने और दोषी पाए जाने वालों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की है। पालीवाल का कहना है कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को इस घटनाक्रम से बड़ा चुनावी नुकसान हुआ है। 17 प्रत्याशियों का अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान से बाहर होना संगठन के लिए मामूली घटना नहीं है। सिंबल वितरण से जमा होने तक पूरी प्रक्रिया की जांच की मांगपीसीसी सदस्य ने मांग की कि सिंबल वितरण से लेकर उन्हें निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि 70 सिंबल किसे सौंपे गए, उन्हें निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी और निर्धारित समय तक 17 सिंबल क्यों नहीं पहुंच सके। पालीवाल ने चेतावनी दी कि यदि इतने बड़े मामले में जांच और जवाबदेही तय नहीं की गई तो कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाएगा कि चुनावी प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक के बावजूद संगठन में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं होती।
शेखपुरा में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का 70वां स्थापना दिवस मंगलवार को स्थानीय सेटेलाइट कार्यालय में मनाया गया। LIC की स्थापना 1 सितंबर 1956 को हुई थी। कार्यक्रम की शुरुआत अधिकारियों और अभिकर्ताओं ने दीप जलाकर की। कार्यक्रम में शाखा प्रबंधक अमित कुमार, प्रशासनिक पदाधिकारी खरवार, डेवलपमेंट ऑफिसर रोहित लाल, सहायक चंदन कुमार, दीपक कुमार और ब्रजेश कुमार सुमन समेत बड़ी संख्या में अभिकर्ता मौजूद रहे। '70 साल से जनता के भरोसे पर खरी उतरी LIC' शाखा प्रबंधक अमित कुमार ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश की सरकारी बीमा कंपनियों में प्रमुख संस्था है। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से LIC आम लोगों के भरोसे पर खरी उतर रही है और गरीब से लेकर अमीर वर्ग तक के ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बीमा योजनाएं उपलब्ध कराती है। नई और उपयोगी पॉलिसियां लॉन्च करती है LIC अमित कुमार ने कहा कि LIC की योजनाओं में निवेश को लेकर भारत सरकार की गारंटी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पॉलिसियों की मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर लागू नियमों के अनुसार कर लाभ भी मिल सकता है। LIC समय-समय पर ग्राहकों की जरूरत के अनुसार नई और उपयोगी पॉलिसियां भी लॉन्च करती रहती है। वरिष्ठ अभिकर्ताओं ने भी लिया हिस्सा इस अवसर पर वरिष्ठ अभिकर्ता रामानंद गुप्ता, ब्रजेश कुमार सुमन, सुभाष प्रसाद वर्णवाल, राजकुमार, आशुतोष, विजय कुमार, गौतम और पंकज समेत कई अन्य अभिकर्ता उपस्थित रहे।
सफेद टाइगर के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर के प्राणी संग्रहालय में अब शेरों का कुनबा भी लगातार बढ़ रहा है। जू की शेरनी सुंदरी ने दो शावकों को जन्म दिया है। दोनों शावक स्वस्थ हैं और फिलहाल अपनी मां के साथ ही हैं। इनके जन्म के बाद चिड़ियाघर में शेरों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। जू प्रबंधन के मुताबिक, सुंदरी पिछले करीब एक सप्ताह से नजर नहीं आ रही थी। उसका जेस्टेशन पीरियड चल रहा था, इसलिए पहले से ही अंदाजा था कि वह जल्द शावकों को जन्म दे सकती है। पिछले तीन-चार दिनों से उसके लगातार गायब रहने पर कर्मचारियों ने माना कि वह गुफा के अंदर प्रसव की तैयारी कर रही है। अब सामने आया है कि सुंदरी ने करीब तीन दिन पहले दो शावकों को जन्म दिया है। अभी मां के साथ ही हैं दोनों शावकजू प्रभारी उत्तम यादव ने बताया कि सुंदरी और दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। फिलहाल दोनों बच्चे सुंदरी के साथ ही हैं, इसलिए उनका जेंडर आइडेंटिफिकेशन नहीं किया गया है। जू प्रबंधन लगातार सुंदरी के व्यवहार और शावकों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। शावकों के जन्म के बाद सुंदरी अपने बच्चों की अच्छी तरह देखभाल कर रही है। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कर्मचारियों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। 8 महीने पहले मेघा ने दिया था 3 शावकों को जन्मइंदौर जू में शेरों का कुनबा पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रहा है। करीब आठ महीने पहले शेरनी मेघा ने तीन शावकों को जन्म दिया था। अब सुंदरी के दो शावकों के जन्म के बाद यहां शेरों की संख्या 14 हो गई है। शेरों के कुनबे में लगातार हो रही बढ़ोतरी से जू स्टाफ में भी उत्साह है। सफेद हिरण के बाद अब शेरों के शावक बने आकर्षणइंदौर जू में लगातार नए आकर्षण जोड़कर दर्शकों को लुभाने की कवायद की जा रही है। कुछ दिन पहले यहां दुर्लभ सफेद हिरण ने भी जन्म लिया था, जिसे देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह रहा। अब शेरनी सुंदरी के दो शावकों के जन्म से जू में आने वाले लोगों के लिए एक और आकर्षण बढ़ गया है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की अनिवार्यता को लेकर मध्यप्रदेश से दिल्ली तक शिक्षकों का आंदोलन तेज हो गया है। लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षक अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टीईटी की अनिवार्यता से राहत की मांग कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस भी शिक्षकों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकार से मांग की है कि जिस तरह मंत्री विजय शाह के मामले में अभियोजन की मंजूरी को लेकर कैबिनेट में प्रस्ताव लाया गया, उसी तरह प्रदेश के लाखों शिक्षकों को राहत देने के लिए कैबिनेट की बैठक में टीईटी को रद्द करने का प्रस्ताव लाया जाए। जौरा विधायक की मांग विशेष सत्र बुलाया जाए जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को सदन में चर्चा कर ठोस फैसला लेना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों के तहत हुई थी, जब उनके लिए टीईटी अनिवार्य नहीं थी, उनसे अब वर्षों की नौकरी के बाद दोबारा पात्रता परीक्षा पास करने की शर्त लगाना न्यायसंगत नहीं है। खासकर ऐसे शिक्षकों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है, जिन्होंने 15 से 20 वर्ष या उससे भी अधिक समय तक सरकारी स्कूलों में सेवा दी है। भोपाल से दिल्ली तक आंदोलन कर चुके शिक्षक प्रदेश में इस मुद्दे पर शिक्षक संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल में दिल्ली में हुए प्रदर्शन में मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के शिक्षक शामिल हुए। दिल्ली में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के करीब 5 हजार शिक्षक जुटे थे। मध्यप्रदेश में आंदोलन का असर इतना बढ़ा कि दिल्ली जा रहे छिंदवाड़ा के शिक्षकों को पातालकोट एक्सप्रेस से उतारे जाने और उनके मोबाइल लिए जाने की खबर भी सामने आई। शिक्षकों का कहना था कि वे दिल्ली में प्रस्तावित टीईटी विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। सिंघार बोले: विजय शाह की तरह शिक्षकों के हित में टीईटी रद्द करने कैबिनेट फैसला ले उमंग सिंघार और आरिफ मसूद का कहना है कि सरकार यदि मंत्री विजय शाह के मामले में कैबिनेट के जरिए निर्णय ले सकती है तो शिक्षकों के मामले में भी कैबिनेट को पहल करनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को शिक्षकों के हित में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव लाना चाहिए और जरूरत हो तो केंद्र तथा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल परीक्षा देने का मामला नहीं है, बल्कि हजारों शिक्षकों की नौकरी, पदोन्नति और वर्षों की सेवा से जुड़ा प्रश्न है। इसलिए इसे केवल विभागीय आदेश के स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। वे वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से संरक्षण देने की मांग पहले भी उठा चुके हैं।
देवास में गजरा गियर चौराहे से बीएनपी गेट तक सड़क बनाने का काम शुरू हुआ है। मंगलवार शाम को बीजेपी विधायक गायत्री राजे पवार ने इसका भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने सड़क बनाने वाले ठेकेदार को गुणवत्ता को लेकर साफ निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि नगर निगम भी सड़क की गुणवत्ता की जांच करेगा। इसके साथ ही वे खुद भी मौके पर आकर काम की गुणवत्ता देखेंगी। उन्होंने ठेकेदार से कहा- यह बहुत अहम रास्ता है। यह देवास का आखिरी छोर है। इसे भी हमें सुंदर बनाना है। अब इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पूरा ध्यान ठेकेदार के काम पर रहेगा। गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। विधायक बोलीं- सड़क बनाने में अच्छी सामग्री का इस्तेमाल हो विधायक ने सड़क बनाने में अच्छी सामग्री और तय गहराई का खास ध्यान रखने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अच्छा माल इस्तेमाल होगा और जितने इंच की सड़क बननी है, उसकी गहराई सही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगर रास्ते के निर्माण में जगह बचती है, तो नगर निगम के माध्यम से और पैसे लेकर उस हिस्से को भी बेहतर बनाया जाएगा।
अलवर नगर निगम चुनाव में इस बार लंबे राजनीतिक दलों ने अनुभवी चेहरों के साथ इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चित जेन-ज़ी को भी चुनाव मैदान में उतारा है। नगर निगम चुनाव में Gen-Z उम्मीदवारों को टिकट देने के मामले में कांग्रेस भाजपा से आगे नजर आ रही है। 65 वार्डों में भाजपा ने सिर्फ एक 29 वर्षीय प्रत्याशी को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने 5 Gen-Z उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। दोनों दलों की रणनीति में यह अंतर युवा वोटरों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। 1997 से 2012 तक जन्म लेने वालों को जनरेशन ज़ी कहा जाता है। कांग्रेस ने जेन-जी महिलाओं को भी उतारा है। यही नहीं बुजुर्ग प्रत्याशियों को मैदान में उतारने में भी कांग्रेस आगे हैं। कांग्रेस में करीब 6 प्रत्याशी 60 से ज्यादा उम्र के हैं। वहीं बीजेपी में उम्रदराज प्रत्याशी 4 हैं। 29 साल से कम उम्र के प्रत्याशी (29 साल से कम) भारतीय जनता पार्टी (BJP) में मोहित चावरिया की उम्र 29 वर्ष है। वहीं कांग्रेस में वार्ड 5: केशव – 24 वर्ष, वार्ड 26: भानुप्रताप – 27 वर्ष, वार्ड 37: सुनीता मीना – 27 वर्ष, वार्ड 63: मोहित सिंह – 25 वर्ष, वार्ड 35 से हितेश - 26 साल के हैं। 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के प्रत्याशी भी कांग्रेस में ज्यादा भारतीय जनता पार्टी वार्ड 25: कमलेश यादव – 61 वर्ष, वार्ड 33: दीनदयाल सैनी – 62 वर्ष, वार्ड 44: कुंदन लाल – 62 वर्ष के हैं। वहीं कांग्रेस में वार्ड 14: हरीओम गुप्ता – 65 वर्ष, वार्ड 18 से ओम प्रकाश – 67 वर्ष, वार्ड 22 से नन्द लाल शर्मा –65 वर्ष, वार्ड 43 से मान स्वरूप 69 वर्ष, वार्ड 42 से दूलीचन्द – 64 वर्ष के हैं। जानिए, आपके वार्ड के प्रत्याशी की उम्र व शैक्षणिक योग्यता
एमजी रोड पर प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी की ओर से अंडर ग्राउण्ड मेट्रो के लिए किए जा रहे बदलावों को लेकर स्थगन आवेदन पर दलीलें रखी गईं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बदले गए प्लान की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले में अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि भूमिगत मेट्रो की पूर्व प्रस्तावित योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ऐसे में 22 अगस्त 2024 के गजट नोटिफिकेशन में संशोधन किया जाना जरूरी है। उनका दावा है कि नए प्लान के कारण एमजी रोड और आसपास के क्षेत्र में करीब 20 से 25 हजार भवन प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन प्रभावित होने वाले भवन मालिकों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। याचिका में तीन प्रमुख आपत्तियां मेट्रो का प्रस्ताव किसका? स्थिति स्पष्ट नहीं याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सवाल उठाया गया कि अंडर द्राउण्ड मेट्रो प्रोजेक्ट का मूल प्रस्ताव जिला प्रशासन का है या नगर निगम का, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। साथ ही प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित लोन की वसूली किस तरह और किन भवन मालिकों से की जाएगी, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई। धरोहर क्षेत्र में निर्माण को लेकर अनुमति पर सवाल याचिकाकर्ता ने एमजी रोड के आसपास मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि धरोहर के 300 मीटर के दायरे में निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और गजट नोटिफिकेशन उपलब्ध नहीं है। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड और जेल तक का प्रावधान है। ऐसे में अंडर ग्राउण्ड मेट्रो निर्माण शुरू करने से पहले सभी वैधानिक अनुमतियां स्पष्ट होना जरूरी है। भूमिगत जल और पर्यावरणीय अनुमति का मुद्दा याचिका में भूमिगत जल स्तर को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक एमजी रोड के उत्तर दिशा में करीब 650 मीटर और दक्षिण दिशा में 555 मीटर क्षेत्र में मध्य रेखा के नीचे करीब 80 मीटर गहराई में अंडर ग्राउंड मेट्रो रेल डाली जा रही है। दलील में यह भी कहा गया कि करीब 5 हजार वर्गमीटर के प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरणीय अनुमति नहीं ली गई है। इस संबंध में कलेक्टर की ओर से भी कोई निर्णय नहीं दिए जाने का दावा किया गया। कोर्ट ने मांगी बदली गए प्लान की रिपोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रोजेक्ट में किए गए बदलावों की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब अगली सुनवाई में शासन और संबंधित विभागों की ओर से बदली हुई प्लान और उससे जुड़े दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे जाएंगे। याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए भवनों, धरोहर, पर्यावरण और भूमिगत जल से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट में आगे सुनवाई होगी। अब सुनवाई अगले हफ्ते प्रस्तावित है।
समस्तीपुर नगर पुलिस ने शहर के माधुरी चौक के पास मंगलवार को छापेमारी कर 412 ग्राम हेरोइन के साथ एक महिला तस्कर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार महिला की पहचान बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के अतरुआ गांव निवासी अजीत पासवान की पत्नी बेबी कुमारी के रूप में की गई है। वहीं, गिरफ्तार तीन अन्य आरोपितों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के मगरदही मोहल्ला निवासी गौतम कुमार, अमन कुमार और मनोज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस को देख महिला भागने लगी, चारों को पकड़ा घटना के संबंध में नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिलीगुड़ी से एक महिला तस्कर हेरोइन की बड़ी खेप लेकर ट्रेन से समस्तीपुर पहुंचने वाली है। वह इस खेप की डिलीवरी शहर के मगरदही मोहल्ला में करने वाली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने माधुरी चौक के पास घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस ने एक महिला को तीन युवकों के साथ आते देखा। पुलिस को देखते ही महिला भागने लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया। पुलिस ने महिला के झोले की तलाशी ली तो उसमें काले रंग का एक पॉली पैकेट मिला। पॉली पैकेट को खोलने पर उसके अंदर से 412 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि मगरदही मोहल्ला निवासी मनोज कुमार, अमन कुमार और गौतम कुमार ने उससे हेरोइन मंगवाई थी। वह सिलीगुड़ी से हेरोइन की खेप लेकर समस्तीपुर पहुंची थी। महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मनोज कुमार लंबे समय से हेरोइन की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर इलाके में उसकी सप्लाई करता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और हेरोइन की आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच कर रही है। 10 दिन पहले डेढ़ करोड़ की हेरोइन की खेप पकड़ी थी समस्तीपुर जिले में हाल के दिनों में हेरोइन तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। करीब 10 दिन पहले भी शहर के एससी-एसटी थाना क्षेत्र के पास से पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की थी। उस मामले में एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा पटोरी और मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्रों में भी हाल के दिनों में हेरोइन बरामदगी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस कई कथित तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और गिरफ्तार चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
खगड़िया जिले के सभी प्रखंडों की दो-दो ग्राम पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए गए। इसी क्रम में तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी विक्रम विरकर खुद पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अलग-अलग विभागों के स्टॉल का जायजा लेकर लोगों को मिल रही सेवाओं की जानकारी भी ली। तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में 12 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें खाद्य आपूर्ति, सांख्यिकी, जन्म-मृत्यु निबंधन, बिजली विभाग और आरटीपीएस समेत अन्य विभाग शामिल थे। ग्रामीणों ने स्टॉल पर पहुंचकर अपनी समस्याएं और आवेदन अधिकारियों को दिए। साथ ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी ली। आवेदन लिखने और ऑनलाइन प्रक्रिया में मिली मदद शिविर में ऐसे लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिन्हें आवेदन लिखने या पढ़ने-लिखने में परेशानी होती है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में भी ग्रामीणों की मदद की गई। योग्य लोगों को योजनाओं से जोड़ने का निर्देश डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे। शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और संबंधित लोगों को कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा। छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे डीएम विक्रम विरकर ने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए प्रखंड और जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर ही अधिक से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवेदनशीलता से शिकायतों का समाधान करने के निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और शिकायतों के समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। शिविर के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद हुआ, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली।
जबलपुर-भोपाल मार्ग का शहपुरा (भिटौनी) टोल अस्थायी रूप से बंद रहेगा। फ्लाईओवर ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने और लगातार हो रहे विरोध के बीच यह निर्णय लिया है। मंगलवार को विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इसके निर्देश दिए हैं। साथ ही एनएचएआई की निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के कार्यों की भी समीक्षा की है। उज्जैन-झालावाड़ एक्सप्रेसवे की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने सहित जबलपुर-दमोह मार्ग की मरम्मत शीघ्र कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। वृहद सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रदेश में किए जा रहे निर्माण कार्यों तथा भविष्य के लिए प्रस्तावित वृहद सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वर्तमान में प्रगतिरत परियोजनाओं की स्थिति तथा प्रस्तावित नई परियोजनाओं की कार्ययोजना की जानकारी दी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, सड़क सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता तथा वर्षाकाल के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण मंत्री ने भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा उज्जैन-झालावाड़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के संबंध में आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण इन वृहद सड़क परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित स्तरों पर आवश्यक कार्रवाई तेजी से की जाए। जबलपुर रिंग रोड की समीक्षाबैठक में जबलपुर रिंग रोड की प्रगति की समीक्षा भी की गई। रिंग रोड का कार्य कुल पांच पैकेज में किया जा रहा है। चार पैकेजों में कार्य की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि पांचवें पैकेज में अपेक्षित गति से कार्य नहीं होने पर मंत्री राकेश सिंह ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि चार पैकेजों का कार्य दिसंबर 2026 तक तथा पांचवें पैकेज का कार्य जून 2027 तक पूर्ण किया जाए, ताकि संपूर्ण जबलपुर रिंग रोड का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके। शहपुरा टोल पर अस्थायी रूप से कलेक्शन बंदजबलपुर-भोपाल मार्ग पर शहपुरा रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। इसके चलते शहपुरा स्थित टोल पर टोल वसूली को लेकर स्थानीय समुदाय में असंतोष की स्थिति बनी हुई है। इस विषय पर मंत्री राकेश सिंह ने शहपुरा टोल नाके पर अस्थायी रूप से टोल कलेक्शन समाप्त करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव पर विशेष जोर बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग किसी न किसी अनुबंध के अंतर्गत संधारित किए जा रहे हैं। जिन सड़कों पर परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि समाप्त हो चुकी है। जिनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, उनके रखरखाव के लिए शॉर्ट टर्म मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट तथा लॉन्ग टर्म मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से मरम्मत एवं संधारण कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव के स्तर को बेहतर बनाया जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने नई प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रक्रियाओं को भी गति देने के निर्देश दिए। बैठक में जबलपुर-दमोह मार्ग पर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वहीं, उज्जैन-गरोठ मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी सामने आई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा निर्माण गुणवत्ता की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास केवल नई सड़क परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता, नियमित रखरखाव और सड़क सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बाड़मेर डीएसटी और रामसर थाना पुलिस ने रामसर थाना क्षेत्र के रोडी नाडी गांव में दबिश देकर खेत में बनी झोपड़ी से 19 किलो 650 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। सूचना के बाद घर पर दी दबिशएसपी चूनाराम जाट ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और वांटेड आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी पदमदान के सुपरविजन में डीएसटी व थाना पुलिस की टीम गठित की गई थी। इसी दौरान डीएसटी टीम को सूचना मिली कि रामसर थाना क्षेत्र के मौजा रोडी नाडी गांव निवासी थानाराम पुत्र तेजाराम अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता है। सूचना को पुख्ता करने के बाद डीएसटी ने रामसर थाना पुलिस के साथ मिलकर आरोपी के घर पर दबिश दी। प्लास्टिक कट्टों में छिपाकर रखा था डोडा-पोस्तपुलिस टीम ने तलाशी ली तो आरोपी के खेत में बनी झोपड़ी में प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखा गया डोडा-पोस्त बरामद हुआ। वजन करने पर कुल 19 किलो 650 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त मिला। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी थानाराम को गिरफ्तार कर लिया। अब सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिसपुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी डोडा-पोस्त कहां से लेकर आया था और इसे आगे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब आरोपी से जुड़े मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क और संभावित सप्लायरों की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के आधार पर मामले में आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत खन्ना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर 460 नशीले कैप्सूल बरामद किए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक रछपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 16,500 रुपए की कथित ड्रग मनी भी बरामद हुई है। रछपाल सिंह गांव कोट पनेच का रहने वाला है और फिलहाल खन्ना के गुरु हरिकृष्ण नगर में रहता है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। मेडिकल स्टोर को सील किया ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. संदीप कौशिक ने बताया कि दवाइयों की बिक्री का रिकॉर्ड मांगने पर संचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि रछपाल सिंह के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी। नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने साफ किया कि नशा बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के साथ मिलकर ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मौके पर स्पेशल ब्रांच इंचार्ज जरनैल सिंह, सदर थाना एसएचओ पवित्र सिंह और महिला सब-इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को एक अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव छिटही हनुमान नगर पंचायत के वार्ड नंबर-6 में सुपौल उप-शाखा नहर के पास झाड़ियों के बीच पानी से भरे गड्ढे से बरामद हुआ। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची भपटियाही थाना पुलिस ने शव को गड्ढे से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों ने नहर के पास झाड़ियों के बीच पानी में शव पड़े होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। महिला की उम्र फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। वह जींस और शर्ट पहने हुई थी। शव काफी दिनों तक पानी में रहने के कारण सड़-गल गया है, जिससे तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। 72 घंटे तक शवगृह में रखा जाएगा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक शवगृह में रखा जाएगा। आसपास के थानों को भेजी गई सूचना महिला की पहचान के लिए आसपास के विभिन्न थानों को सूचना दी गई है। पुलिस स्थानीय स्तर पर भी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला कौन थी और वह इस इलाके में कैसे पहुंची। मौत की परिस्थितियों की जांच में जुटी पुलिस पुलिस मामले की विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। शव नहर के पास पानी भरे गड्ढे में कैसे पहुंचा, महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी आपराधिक घटना की भूमिका है या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और महिला की पहचान के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दुर्ग जिले में बाढ़ के तेज बहाव में ग्रामीण फंस जाएं और उन्हें निकालने पहुंची मोटर बोट ही पलट जाए तो बचाव दल क्या करेगा? नदी में डूबे व्यक्ति को पानी के अंदर कैसे खोजा जाएगा और बाहर निकालने के बाद उसकी जान कैसे बचाई जाएगी? इन सवालों का जवाब देने के लिए मंगलवार को SDRF दुर्ग के जवानों ने मॉक ड्रिल के जरिए पूरा बचाव अभियान करके दिखाया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल प्रथम वाहिनी भिलाई-दुर्ग परिसर में कमांडेंट की मौजूदगी में बाढ़, आग और शुरुआती इलाज से जुड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें जवानों ने अलग-अलग आपदा की स्थिति बनाकर बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में करीब 150 से 200 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मॉक ड्रिल से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए नाव पलटने पर जवानों ने संभाला मोर्चा मॉक ड्रिल में ऐसी स्थिति बनाई गई, जिसमें बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के दौरान SDRF की मोटर बोट अचानक पलट जाती है। जवानों ने इस दौरान खुद को सुरक्षित रखते हुए पानी में फंसे लोगों और टीम के सदस्यों को बचाने की प्रक्रिया दिखाई। तेज बहाव में रेस्क्यू करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी गई। गोताखोरों ने पानी में खोजा डूबा व्यक्ति अभ्यास के दौरान नदी में एक व्यक्ति के डूबने की स्थिति बनाई गई। इसके बाद SDRF के गोताखोर पानी में उतरे और बचाव उपकरणों की मदद से डूबे व्यक्ति को तलाशने और सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया करके दिखाई। पानी से निकालते ही CPR का प्रदर्शन डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद उसकी हालत गंभीर होने की स्थिति में जवानों ने तत्काल प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन किया। CPR के जरिए सांस और धड़कन वापस लाने की प्रक्रिया समझाई गई। आग और अन्य आपदाओं की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास भी कराया गया। आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी दी कार्यक्रम में SDRF के पास मौजूद विभिन्न बचाव उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। जवानों ने बताया कि बाढ़, नदी हादसे, आग और दूसरी आपदाओं में किस परिस्थिति में कौन-सा उपकरण इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों को उपकरणों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई। आपदा में घबराने के बजाय सावधानी जरूरी SDRF अधिकारियों ने बताया कि आपदा के समय बचाव दल की तैयारी के साथ आम लोगों का जागरूक होना भी जरूरी है। संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने, बचाव दल के निर्देशों का पालन करने और राहत कार्य में सहयोग करने से जान बचाने में मदद मिल सकती है।
जयपुर में सालाना सितंबर जयपुर पोलो सीजन 2026 का मंगलवार को शानदार आगाज हुआ। राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर आरपीसी कप टूर्नामेंट (04 गोल्स) के पहले मुकाबले के साथ सीजन की शुरुआत हुई। पहले मैच में टीम जयपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम रामबाग/मेफेयर पोलो को एकतरफा मुकाबले में 7-3 से शिकस्त दी। मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण सवाई पद्मनाभ सिंह रहे, जिन्होंने टीम जयपुर की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए अकेले सातों गोल किए। पूरे मुकाबले में उनका दबदबा देखने को मिला और उन्होंने लगातार गोल कर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। पद्मनाभ सिंह का शानदार प्रदर्शन टीम जयपुर की ओर से महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के साथ विश्वराज सिंह राठौड़, अक्षय मलिक और कुलदीप सिंह राठौड़ मैदान पर उतरे। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। पद्मनाभ सिंह ने बेहतरीन राइडिंग और सटीक शॉट्स के जरिए एक के बाद एक गोल दागे। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम जयपुर ने सात गोल का स्कोर खड़ा किया। खास बात यह रही कि टीम के सभी सात गोल पद्मनाभ सिंह के खाते में गए।मैच के फोटोज यहां देखिए…. दूसरी ओर टीम रामबाग/मेफेयर पोलो की ओर से हुर्र अली ने दो गोल किए, जबकि लोकेंद्र सिंह धीरावत ने एक गोल दागा। टीम में आरके सिद्धांत सिंह और प्रताप सिंह कानोता भी शामिल रहे। हालांकि टीम ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन टीम जयपुर की मजबूत रणनीति और पद्मनाभ सिंह के लगातार गोलों के सामने वह टिक नहीं सकी। पहले मुकाबले से ही रोमांच सितंबर जयपुर पोलो सीजन शहर के प्रमुख वार्षिक खेल आयोजनों में शामिल है। सीजन के पहले ही मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर मौजूद दर्शकों ने भी मुकाबले का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। चार गोल हैंडीकैप श्रेणी के आरपीसी कप टूर्नामेंट के जरिए शुरू हुए सीजन में आने वाले मुकाबलों को लेकर भी पोलो प्रेमियों में उत्साह है। पहले मैच में टीम जयपुर की बड़ी जीत ने टूर्नामेंट की शुरुआत को खास बना दिया। बुधवार को आरपीसी और गोहिलवाड़ आमने-सामने आरपीसी कप टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला बुधवार, 2 सितंबर को खेला जाएगा। राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर होने वाले इस मुकाबले में टीम आरपीसी का सामना टीम गोहिलवाड़ से होगा। मुकाबला शाम 5 बजे से शुरू होगा। पहले मैच में टीम जयपुर की जीत के बाद अब दर्शकों की नजरें अगले मुकाबले पर टिकी हैं। सितंबर पोलो सीजन के आगामी मैचों में भी देश-विदेश के पोलो खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलने की उम्मीद है।
जोधपुर में 4 अगस्त को नहीं आएगा पानी:शहर के इलाकों का शेड्यूल भी बदला, जानें-क्या रहेगा नया समय
जोधपुर में पानी स्टोरेज और मेंटेनेंस के चलते शहर के सभी फिल्टर हाउस से जुड़े एरिया में 4 सितंबर को पानी की सप्लाई बंद रहेगी।इस दौरान शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबन्धित सभी क्षेत्रों में 4 सितंबर को होने वाली पाली सप्लाई 5 सितंबर को और 5 सितंबर को होने वाली सप्लाई 6 सितंबर को होगी। ये रहेगा नया समयपीएचईडी के एसई राजेंद्र मेहता ने बताया- झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े एरिया सरस्वती नगर और कुडी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रो में 4 सितंबर को सुबह 10ः00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रुप से होगी। इन एरिया में 5 सितंबर को की जाने वाली सप्लाई 6 को और 6 सितंबर को होने वाली सप्लाई 7 सितंबर को होगी।
करौली पंचायत समिति में मंगलवार को गीतादेवी चतुर्वेदी ने प्रधान का कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले प्रधान हुकमबाई और उप प्रधान आशा देवी माली को सरकार ने निलंबित कर दिया था। गीतादेवी चतुर्वेदी करौली पंचायत समिति के वार्ड नंबर 2 से सदस्य हैं। वह मंगलवार को सेसरीपुरा स्थित पंचायत समिति कार्यालय पहुंचीं। विकास अधिकारी मानसिंह ने उन्हें कार्यभार दिलवाया। इस मौके पर करौली विधायक दर्शनसिंह गुर्जर, प्रधान प्रतिनिधि अशोक चतुर्वेदी सेसरीपुरा, चतुर्वेदी समाज के जिलाध्यक्ष कैप्टन परमानंद चतुर्वेदी, करौली ब्राह्मण समाज अध्यक्ष मदनमोहन पचौरी मौजूद थे। इनके अलावा पूर्व सरपंच धर्मचंद, छुट्टन लाल, गिर्राज, रामस्वरूप चतुर्वेदी, रणगमां तालाब समिति अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंघल, केशव भारद्वाज, सुरेश शुक्ला और गोपाल भारद्वाज भी वहां मौजूद थे। इससे पहले पंचायत समिति की प्रधान हुकमबाई को निलंबित किया गया था। उनके निलंबन आदेश में विकास कार्यों में पैसों के गलत बंटवारे का आरोप था। साथ ही, हर महीने साधारण सभा की बैठक नहीं करने और बैठक की कार्रवाई में सिर्फ कार्यों की संख्या व राशि बताने, लेकिन उनका विवरण नहीं देने के लिए उन्हें जिम्मेदार माना गया था। इस मामले में उन्हें आरोप पत्र भी दिया गया था। पंचायती राज विभाग ने 16 अगस्त को हुकमबाई के निलंबन का आदेश जारी किया था। इसके बाद राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग ने उप प्रधान आशा देवी माली को भी निलंबित कर दिया था।
पंडौल की दो पंचायतों में लगा सहयोग शिविर:81 फरियादियों की समस्या सुनी गई, मौके पर शिकायतों का समाधान
मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड की बेलाही और मेघौल पंचायत भवन में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया। इसका मकसद आम लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान करना था। शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें कई ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। सहयोग शिविर के दौरान मेघौल पंचायत में करीब 45 और बेलाही पंचायत में लगभग 36 फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों को बताईं। इस तरह दोनों पंचायतों में कुल 81 लोगों की शिकायतें सुनी गईं। ग्रामीणों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। शिविर में पंडौल अंचल अधिकारी प्रीति मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू, प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी राजू कुमार मौजूद रहे। इनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और बेलाही पंचायत की मुखिया प्रमोद देवी भी उपस्थित थीं। अधिकारियों ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए। इस दौरान अधिकारियों ने कई मामलों को मौके पर ही सुलझा दिया, जिससे फरियादियों को मदद मिली। जिन मामलों का तुरंत समाधान नहीं हो सका, उनके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को जांच-पड़ताल कर जल्द निपटाने का भरोसा दिया गया। शिविर में आए लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिलने पर खुशी जताई। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में पत्रकारों से बात करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके पंचायत स्तर पर सुनकर उनका जल्द समाधान करना है। उन्होंने कहा कि शिविर में मिली कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया है, जबकि बाकी मामलों की जांच कर नियमानुसार जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत जिले के गन्नौर तहसील में तैनात तहसीलदार ललिता को हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी आदेश में राज्यपाल की ओर से निलंबन को मंजूरी दी गई है। फिलहाल, यह जानकारी नहीं है कि किस वजह से सस्पेंड किया गया है। निलंबन के साथ ही सरकार ने उनका मुख्यालय भी बदल दिया है। अब निलंबन अवधि के दौरान तहसीलदार ललिता का मुख्यालय उपायुक्त कार्यालय, भिवानी रहेगा। विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गन्नौर की तहसीलदार ललिता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। यह आदेश हरियाणा की वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, आईएएस की ओर से जारी किया गया है। आदेश के बाद अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भिवानी होगा निलंबन अवधि का मुख्यालय सरकार ने निलंबन अवधि में तहसीलदार ललिता का मुख्यालय उपायुक्त, भिवानी का कार्यालय निर्धारित किया है। उन्हें निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय पर उपस्थित रहना होगा। साथ ही उपायुक्त भिवानी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में आदेश में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। 6 महीने मिलेगा निर्वाह भत्ता निलंबन आदेश के अनुसार, पहले 6 महीनों के दौरान तहसीलदार ललिता को हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स, 2016 के नियम 83 के तहत निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह राशि उस अवकाश वेतन के बराबर होगी, जो आधे वेतन पर अवकाश की स्थिति में देय होती है। इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र देना होगा कि निलंबन अवधि के दौरान वह किसी अन्य रोजगार, कारोबार, पेशे या व्यवसाय में शामिल नहीं हैं। डीसी को चार्जशीट तैयार करने के निर्देश सरकार ने आदेश की प्रति उपायुक्त सोनीपत को भेजकर निर्देश दिया है कि निलंबन आदेश तहसीलदार ललिता को उसी दिन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उनके खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विसेज (पेनल्टी एंड अपील) रूल्स, 2016 के नियम-7 के तहत ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार करने को कहा गया है। चार्जशीट के साथ संबंधित सभी रिकॉर्ड भी सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। भिवानी डीसी को भुगतान की जिम्मेदारी आदेश की प्रति उपायुक्त भिवानी को भी भेजी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान तहसीलदार को किसी रिक्त पद के विरुद्ध निर्धारित नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ते का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। विभाग की ओर से यह आदेश 31 अगस्त को चंडीगढ़ से जारी किया गया था। इसके बाद 1 सितंबर को एंडोर्समेंट जारी कर संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रतियां सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गईं। अब तहसीलदार ललिता के खिलाफ विभागीय जांच आगे बढ़ेगी और चार्जशीट के जरिए उनके खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों व संबंधित रिकॉर्ड की औपचारिक जांच की जाएगी।
रामनगर थाना पुलिस ने मंगलवार शाम ट्रॉली चोरी के एक मामले में चोरी में इस्तेमाल ट्रैक्टर और चोरी हुई ट्रॉली को बरामद किया है। इस मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया, जिसे पूछताछ के बाद मुचलके पर रिहा कर दिया गया। थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि एक हफ्ते पहले 24 अगस्त को ग्राम भलवाही निवासी देव सिंह गोंड (56 वर्ष) ने रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात के समय कोई अज्ञात शख्स उनके घर के बाहर खड़ी ट्रॉली क्रमांक BAF-117319 चुरा ले गया है। चोरी हुई ट्रॉली की कीमत 1 लाख 25 हजार रुपए थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी और उनकी टीम लगातार चोर की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भेड़वाटोला गांव में छापेमारी की। वहां से चोरी में इस्तेमाल स्वराज ट्रैक्टर क्रमांक CG 31 C 2790 और चोरी हुई ट्रॉली को जब्त किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग को भी हिरासत में लिया। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने जरूरत के लिए चोरी की थी। ट्रैक्टर को घर के पीछे बाड़ी में छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने ट्रैक्टर और ट्रॉली जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती:चौराहों पर फोटो खींचकर होंगे चालान, ड्रोन से भी निगरानी
इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। इंदौर में अलग-अलग जगह चल रही कार्रवाई के तहत डीसीपी त्रिपाठी ने अधिकारियों और यातायात पुलिसकर्मियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर लिया व्यवस्था का जायजा डीसीपी त्रिपाठी ने हुकुमचंद घंटाघर चौराहा सहित प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रॉन्ग साइड वाहन चलाने, रेड लाइट जंप करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने और लेफ्ट टर्न बाधित करने वालों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। मोडिफाइड साइलेंसर पर भी कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस तेज आवाज करने वाले और निर्धारित मानकों के विपरीत लगाए गए मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ भी अभियान चला रही है। खासकर बुलेट सहित ऐसे वाहनों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है, जिनमें मानक से अलग साइलेंसर लगे पाए जा रहे हैं। फोटो खिंची तो समझिए चालान तय ट्रैफिक पुलिसकर्मी अब चौराहों पर नियम तोड़ने वाले वाहनों की फोटो भी खींच रहे हैं। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने, रॉन्ग साइड आने, लेफ्ट टर्न रोकने या अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तस्वीर लेकर संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन से भी निगरानी, भागकर बचना मुश्किल चौराहों पर यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फोटो और ड्रोन के जरिए निगरानी का मकसद वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश देना है कि नियम तोड़कर मौके से निकल जाने पर भी कार्रवाई से बचना मुश्किल है। पुलिस ने आमजन से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है।
राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने चंद्रवीर चौधरी को संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रवक्ता नियुक्त किया है। संगठन की ओर से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई भूमिका में चौधरी संगठन की गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ उसके संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों में भूमिका निभाएंगे। राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के अनुसार संगठन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। संगठन की ओर से सनातन धर्म के मूल्यों, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें धार्मिक आयोजन, मंदिरों से जुड़े कार्य, गौ सेवा और सामाजिक सेवा जैसी गतिविधियां शामिल हैं। युवाओं और समाज को जोड़ने पर जोर संगठन का कहना है कि, वह सनातन संस्कृति और परंपराओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को सामाजिक और सेवा गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करता है। संगठन ने अपने कार्यों का उद्देश्य धर्म, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना बताया है। संगठन के विस्तार में निभाएंगे भूमिका राष्ट्रीय सनातन सेना भारत की ओर से संगठनात्मक ढांचा राष्ट्रीय, राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर संचालित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर चौधरी की भूमिका विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के बीच समन्वय और संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़ी होगी। वहीं प्रवक्ता के रूप में वे संगठन का आधिकारिक पक्ष रखने और गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक करने का काम करेंगे।
कोटपूतली में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार शाम को कोटपूतली के गंगा सागर तालाब पर दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ। इसमें दीप जलाकर लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही, लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। दीपों की रोशनी से मतदाता जागरूकता, लोकतांत्रिक सहभागिता और शत-प्रतिशत मतदान का संदेश फैलाया गया। वोट के लिए प्रेरित करने की अपील इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने कहा- मतदान लोकतंत्र में हर नागरिक का अहम अधिकार और जिम्मेदारी है। हर मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दे। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन बिना किसी दबाव, लालच या डर के बेझिझक होकर वोट डालें। साथ ही, अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के दूसरे मतदाताओं को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने खास तौर पर युवाओं से अपील की कि वे खुद भी मतदान करें और अपने परिवार व समाज में मतदान के लिए अच्छा माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं दी हैं, ताकि उन्हें वोट डालने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने योग्य दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं से इन सुविधाओं का फायदा उठाकर वोट डालने की अपील की। साथ ही, दूसरे मतदाताओं को भी लोकतंत्र के इस बड़े पर्व में शामिल होने के लिए प्रेरित करने को कहा। वोट डालने का लिया संकल्प कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दीप जलाकर मतदान करने और दूसरों को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। स्वीप गतिविधि के जरिए नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि हर वोट अहम है। मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही लोकतंत्र और ज्यादा मजबूत बनता है। इस मौके पर जिला स्वीप नोडल और एसीईओ गोपाल मीणा, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, कोटपूतली बीडीओ भागीरथ मल मीणा, डीईओ नंदलाल मीणा के साथ कर्मचारी और आम लोग मौजूद थे।
बिहार में लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा की डेट की घोषणा कर दी गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा-2026 आयोजित की जाएगी। परीक्षा 19 नवंबर से 10 दिसंबर 2026 के बीच होगी। परीक्षा का रिजल्ट दिसंबर के आखिरी सप्ताह में जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारी बिहार बोर्ड की ओर से बाद में जारी की जाएगी। 15 सितंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होगी, अभ्यर्थी 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवेदन और परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी बिहार बोर्ड की ओर से बाद में जारी की जाएगी। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में रिजल्ट का लक्ष्य बिहार बोर्ड ने विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा 2026 का रिजल्ट दिसंबर के आखिरी सप्ताह में जारी करने का लक्ष्य रखा है। परीक्षा की तिथि, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश से संबंधित जानकारी बोर्ड की ओर से आधिकारिक रूप से बाद में जारी की जाएगी। बिहार में 18 साल से लाइब्रेरियन की नियमित बहाली नहीं हुई है आखिरी बार 2008 में पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली हुई थी। इसके बाद से अभ्यर्थी लगातार भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के हजारों पद खाली होने का दावा किया जा रहा है। बहाली की मांग को लेकर अभ्यर्थी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अब इस परीक्षा का आयोजन के बाद जो अभ्यर्थी इसमें क्वालीफाई करेंगे वो लाइब्रेरियन के बहाली के लिए फॉर्म भर सकते है। जिनकी सेवा 2 वर्ष से कम बची, उनका ट्रांसफर नहीं होगा इधर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवा 2 वर्ष या उससे कम बची है, उनका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार ने ऐसे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। शिक्षक स्थानांतरण नीति पूरी तरह ऐच्छिक है। यह किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है। शिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
भागलपुर के राघोपुर में गंगा का भीषण कटाव, 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर नदी में समाया
1 सितंबर, मंगलवार: भागलपुर के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से करीब 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर नदी की तेज धार में समा गया। काजीकोरैया जमींदारी बांध के दोनों ओर कटाव तेज है। इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच कर रही है।
शेखपुरा शहर के ऐतिहासिक अरघौती धाम पोखर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा और जन्माष्टमी का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के तहत मंगलवार को शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 251 कुंवारी कन्याओं और महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर करीब 5 किलोमीटर की परिक्रमा की। कलश यात्रा की शुरुआत अरघौती पोखर से हुई। महिलाएं और कन्याएं पोखर से कलश में जल लेकर महादेवनगर होते हुए गिरिहिंडा चौक गोलंबर तक पहुंचीं। इसके बाद गोलंबर से ढोल-बाजे, रथ, घोड़े और झंडे-पताकों के साथ जयकारे लगाते हुए वापस अरघौती पोखर पहुंचीं, जहां यात्रा का समापन हुआ। हजारों श्रद्धालु हुए शामिल कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु नाचते-गाते और भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा। वृंदावन की कथावाचिका ने किया नेतृत्व कलश यात्रा का नेतृत्व वृंदावन से आईं कथावाचिका किशोरी कृष्णंदनी जी और बनारस से आए समाधि बाबा ने किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारी महेश पासवान के नेतृत्व में पुलिस बल भी तैनात रहा। कलश यात्रा के बाद भागवत कथा शुरू आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव डॉ. अशोक कुमार, विक्की कुमार, पवन कुमार, प्रदीप गुप्ता समेत कई सदस्य जुटे हैं। कलश यात्रा के बाद सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा भी शुरू हो गई है।
रायपुर में पुलिस थाने से करीब 200 मीटर दूर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की NIT शाखा में चोरों ने सेंधमारी की कोशिश की है। अज्ञात आरोपी खिड़की की ग्रिल काटकर बैंक के अंदर दाखिल हुए। उन्होंने बैंक के अंदर लगे CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाया और मैनेजर के केबिन से CPU की हार्ड डिस्क, RAM और SSD चोरी कर लिए। चोर इसके बाद स्ट्रांग रूम तक पहुंचे। उन्होंने वहां लगे ग्रिल गेट और दरवाजे के चार ताले तोड़ दिए। लॉकर रूम के चार तालों में से एक ताला भी टूटा मिला। हालांकि, आरोपी लॉकर तक पहुंचकर उसमें रखी रकम चोरी करने में सफल नहीं हो सके। इससे बैंक में रखा कैश और लॉकर में मौजूद रकम सुरक्षित बच गई। CCTV कैमरों के तार काटे वारदात के दौरान आरोपियों ने बैंक की निगरानी व्यवस्था को भी निशाना बनाया। CCTV कैमरों को तोड़ने के साथ उनके तार काट दिए गए। आशंका है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने और घटना से जुड़े सबूत मिटाने के लिए ऐसा किया। पुलिस अब बैंक के बाहर और आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। खिड़की की ग्रिल काटकर घुसे पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी खिड़की की ग्रिल काटकर बैंक में दाखिल हुए। अंदर पहुंचने के बाद उन्होंने पहले कंप्यूटर से जुड़े उपकरण चोरी किए और फिर स्ट्रांग रूम की ओर बढ़े। चार ताले तोड़ने के बावजूद वे लॉकर में रखी रकम तक नहीं पहुंच पाए। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने पर सरस्वती नगर पुलिस मौके पर पहुंची और बैंक का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और उन्होंने बैंक की रेकी कब से शुरू की थी।
अलीगढ़ में दिल्ली रेप कांड के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मैरिस रोड चौराहे पर जुटे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम एसीएम प्रथम को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने ज्ञापन में मांग की है कि किशोरी के साथ हुई घटना के आरोपियों को कठोर सजा दी जाए। दोष साबित होने पर फांसी की सजा दी जाए। पार्टी ने पीड़िता को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। पीड़िता को आर्थिक मदद की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू होनी चाहिए। बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ऐसी घटनाओं की शिकायत मिलने पर तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विवेक बंसल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के खिलाफ अपराध खत्म करने के दावे करते हैं। सोशल मीडिया पर भी महिला अपराधों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का प्रचार किया जाता है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को केवल दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने से ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। चौराहे पर प्रदर्शन के बाद सौंपा ज्ञापन कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार को पहले मैरिस रोड चौराहे पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता एसीएम प्रथम कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर सोमवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष नवेद खान, पार्षद विजेंद्र सिंह बघेल, आलोक गौड़, डॉ. राकेश सारस्वत, मोहम्मद सोहेल अख्तर, कुतुबुद्दीन, ओम प्रकाश सिंह, कैलाश वाल्मीकि, सलाउद्दीन वसी, डॉ. शेरपाल सविता, नदीम गफूर, डॉ. शंकर लाल, सुशील कुमार बॉबी, जतन अग्रवाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस ने स्कूल वाहनों की जांच का अभियान शुरू किया है। मंगलवार को खरसिया डिवीजन के खरसिया, छाल और भूपदेवपुर थाना-चौकी क्षेत्र में पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर बस और अन्य स्कूल वाहनों की जांच की। इस दौरान वाहन के दस्तावेज, फिटनेस और चालकों की जानकारी देखी गई। पुलिस ने लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। RC, बीमा और फिटनेस की जांच पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की जानकारी ली। टीम ने वाहनों की आरसी बुक, बीमा, फिटनेस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जांचे। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और चरित्र सत्यापन की स्थिति भी देखी गई। क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए तो कार्रवाई पुलिस ने स्कूल वाहनों की निर्धारित क्षमता और उसमें बैठाए जा रहे बच्चों की संख्या की भी जांच की। स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि क्षमता से अधिक बच्चों को किसी भी हालत में वाहन में न बैठाया जाए। वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा को प्राथमिकता देने कहा गया। तेज रफ्तार और मोबाइल इस्तेमाल से बचें पुलिस टीम ने चालकों को बच्चों को लेकर वाहन चलाते समय गति पर विशेष नियंत्रण रखने की हिदायत दी। तेज रफ्तार, लापरवाही से ड्राइविंग और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए। यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने कहा गया। शराब पीकर स्कूल वाहन चलाया तो होगी कार्रवाई पुलिस ने चालकों को विशेष रूप से चेतावनी दी कि शराब या किसी अन्य नशे की हालत में स्कूल वाहन चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर चालक के साथ नियमानुसार जिम्मेदार अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि बच्चों के परिवहन में लगाए गए हर वाहन के दस्तावेज और फिटनेस की नियमित जांच कराई जाए। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल चालक की जिम्मेदारी नहीं है। स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक को भी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
गुना के महू गढ़ा गांव की 11 साल की दिव्या वंशकार को मंगलवार सुबह परिजनों के मुताबिक अज्ञात कीड़े ने काट लिया था। उसे सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को कई घंटे तक इलाज नहीं मिला। बाद में इंजेक्शन और बोतल लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। शाम करीब 6 बजे बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। दादा पोती का शव गोद में लेकर वार्ड से नीचे आए और अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार नर्सों पर FIR दर्ज करने और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची, परिवार FIR पर अड़ा हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी TI राजकुमार शर्मा पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस परिवार से आवेदन देने की बात कर रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि पहले वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए और नर्सों पर FIR दर्ज की जाए। परिवार का कहना है कि इसके बाद ही बच्ची का शव यहां से हटाया जाएगा। वहीं, इस मामले में अस्पताल के डॉक्टरों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन वे बात करने से बचते रहे। सिविल सर्जन को भी कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। पिता बोले- आंखों के नीचे निशान था, गले में कुछ चुभ रहा था बच्ची के पिता ने बताया कि दिव्या की आंखों के नीचे केवल एक निशान था। वह कह रही थी कि उसके गले में कुछ चुभ रहा है। पिता के मुताबिक, बच्ची को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल लाने के बाद बच्ची का केवल ब्लड सैंपल लिया गया। इसके बाद कई घंटे तक इलाज शुरू नहीं किया गया। परिवार ने गुना में रहने वाले एक परिचित को बुलाया। उनके स्टाफ से बात करने के बाद बच्ची का इलाज शुरू किया गया। इंजेक्शन और बोतल लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत परिजनों के अनुसार, इलाज शुरू होने के बाद बच्ची को एक इंजेक्शन और एक बोतल लगाई गई। इसके बाद शाम को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल स्टाफ ने उसे भोपाल रेफर कर दिया। परिवार के अनुसार, इसी दौरान शाम करीब 6 बजे बच्ची की मौत हो गई। दादा को वार्ड से भगाने का आरोप बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उसके दादा वार्ड में बच्ची के पास जाने लगे, तो नर्सों ने उन्हें वहां से भगा दिया। परिवार का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों ने नर्सों को संरक्षण देकर वार्ड से बाहर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, बच्ची के इलाज के दौरान मौजूद तीनों नर्स फिलहाल वार्ड में नहीं हैं। नर्सों को सस्पेंड करने की मांग बच्ची की मौत के बाद परिवार ने वार्ड में हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि इलाज में लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हुई। उन्होंने नर्सों को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं आते और नर्सों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव नहीं हटाएंगे। --------------यह खबर भी पढ़ें 4 घंटे झाड़ियों में पड़ी रही नवजात, चीटियां काटती रहीं रायसेन में मंगलवार को कटीली झाड़ियों और बारिश के पानी के बीच एक नवजात बच्ची मिली। बच्ची करीब 3 से 4 घंटे तक जंगल में पड़ी रही और चीटियां उसे काटती रहीं। उसके शरीर पर कटीली झाड़ियों से चोट के निशान भी मिले हैं। पानी में पड़े रहने से उसका शरीर अकड़ गया था। बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर
जींद के इरानी तालाब के पास मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा उठाने पहुंचे। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच महिला सफाईकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध जताया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। महिला कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार हड़ताल कर रही हैं। लेकिन सरकार उनकी समस्याएं सुलझाने के बजाय दूसरे कर्मचारियों के जरिए शहर में कूड़ा उठवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सफाई कर्मचारियों के बीच जानबूझकर तनाव पैदा किया जा रहा है, ताकि उनका आंदोलन कमजोर हो और हड़ताल नाकाम हो जाए। महिला कर्मचारी बोली- उनका मकसद लोगों को परेशान करना नहीं महिला कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उनका मकसद शहर के लोगों को परेशान करना नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी जायज मांगों को जल्द मानकर लागू किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मांगें पूरी होते ही सफाई कर्मचारी खुद शहर की सफाई व्यवस्था संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि सफाई का काम करने वाले कर्मचारी शहर की स्थिति को बेहतर तरीके से समझते हैं। अगर उन्हें काम पर लौटने का मौका दिया जाए, तो वे पूरी लगन से शहर को साफ रख सकते हैं। महिला कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कर्मचारियों और नगर निगम की टीम के बीच विरोध जारी रहा। सरकार ने जारी नहीं किया लेटर वहीं दूसरी ओर, नरवाना में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं, लेकिन अभी तक उन्हें लागू करने संबंधी कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। सफाई कर्मचारी नरवाना इकाई के प्रधान बंटी बेदी ने बताया कि सरकार दूसरे लोगों से शहर में कूड़ा उठवा रही है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा करे। बंटी बेदी ने दावा किया कि कर्मचारी काम पर लौटते ही महज दो घंटे में शहर को साफ कर देंगे। वे नहीं चाहते कि शहरवासियों को किसी तरह की परेशानी हो, लेकिन सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। सरकार को 2 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा, उसके अनुसार आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
खरगोन के बलगांव में 28 अगस्त की रात शिव डोले में भगवान भूतेश्वर भोलेनाथ की पालकी और संत समाज पर कथित पथराव के विरोध में मंगलवार को कसरावद में सकल हिंदू समाज ने रैली निकाली। दोपहर बस स्टैंड से शुरू हुई रैली जय स्तंभ होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। यहां लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से संतोष पटेल ने बताया कि सकल हिंदू समाज ने 28 अगस्त की कथित पथराव की घटना में दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। समाज ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि पथराव सहित पुरानी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। बलगांव में हर साल होता है शिव डोला ज्ञापन में बलगांव की धार्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख किया गया। संतोष पटेल ने बताया कि यहां प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर है, जहां हर साल शिव डोले का आयोजन होता है। ज्ञापन में 31 मई और 12 जुलाई की कथित घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। समाज ने नर्मदा तट पर महिलाओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने, मोबाइल चोरी और महिलाओं व युवतियों से कथित छेड़छाड़ की शिकायतों का जिक्र किया। इसके अलावा ढालखेड़ा में अवैध मछली पकड़ने और धार्मिक आयोजनों में अनावश्यक फोटो-वीडियो बनाए जाने की शिकायतें भी प्रशासन के सामने रखी गईं। धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग सकल हिंदू समाज ने बलगांव और ढालखेड़ा में धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया एसडीएम अनिल जैन ने ज्ञापन लिया। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया।प्रदर्शन के दौरान टीआई इंद्रेश कुमार त्रिपाठी, संत समाज और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
धौलपुर में नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में जिला एवं सत्र कोर्ट ने एक आरोपी को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला साल 2021 में राजाखेड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मांगो ने इस मामले की सुनवाई की। उन्होंने मौजूद सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। सरकारी वकील भगवान सिंह नारौलिया ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने जो सबूत और गवाह पेश किए, उनसे आरोपी का जुर्म साबित हुआ। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह भी बताया कि कोर्ट द्वारा सुनाई गई यह सजा नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में कानून कितना सख्त है, यह दिखाती है।
अशोक कुमार सिंह बने डीजी:मुथा अशोक जैन के रिटायरमेंट के बाद खाली हुआ था डीजी रैंक का एक पद
1995 बैच के आईपीएस अशोक कुमार सिंह का एडीजी से डीजी रैंक में प्रमोशन हो गया है। 31 अगस्त को डीजी फायर सर्विसेज अशोक मुथा जैन के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई रैंक में अशोक कुमार सिंह के पदोन्नति का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया गया। यूपी में डीजी रैंक के कुल सात काडर पद और इतने ही एक्स कॉडर पोस्ट हैं। यानी डीजी रैंक में 14 अफसर प्रदेश में नियमित रूप से रहते हैं। किसी अफसर के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने पर भी अर्हताएं पूरी करने वाले अफसर को पदोन्नति दे दी जाती है। अगले साल डीजी बनेंगे 1995 बैच के बाकी अफसर मौजूदा समय में 1995 बैच के तीन अफसर जो डीजी पद के लिए अर्हताएं पूरी करते हैं, वे पद खाली न होने की वजह से एडीजी रैंक में ही सेवाएं दे रहे हैं। इसमें गोरखपुर जोन के एडीजी राम कुमार, मानवाधिकार के एडीजी राज कुमार और कानपुर जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ शामिल हैं। इन्हें अब अगले साल यानी 2027 में प्रमोशन मिलेगा।
मध्यप्रदेश में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती होगी। कर्मचारी चयन मंडल ने भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। आवेदन 9 सितंबर से शुरू होंगे और 23 सितंबर तक किए जा सकेंगे। भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर से दो पालियों में शुरू होगी। सबसे ज्यादा 312 पद उप निरीक्षक (जिला पुलिस बल) के हैं। इसके अलावा 81 पद सूबेदार और 69 पद उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) के लिए हैं। बाकी पद आर्म्स, फोटो, फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी शाखाओं के लिए तय किए गए हैं।ऑनलाइन आवेदन में संशोधन 28 सितंबर तक किया जा सकेगा। सूबेदार और सब इंस्पेक्टर दोनों कैडर के लिए लेवल-9 के तहत 36,200 से 1,14,800 रुपए वेतनमान तय किया गया है। शासन के नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी। आवेदन शुल्क 250 से 500 रुपए अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपए परीक्षा शुल्क देना होगा। वहीं MP के निवासी ओबीसी, SC, ST और EWS उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपए तय किया गया है। कियोस्क के माध्यम से आवेदन करने पर 60 रुपए और अलग से आवेदन करने पर MP ऑनलाइन पोर्टल शुल्क 20 रुपए लगेगा। विभागीय उम्मीदवारों के लिए भी अलग परीक्षा शुल्क तय किया गया है। अनारक्षित उम्मीदवारों से 200 रुपए, जबकि SC, ST, OBC और EWS उम्मीदवारों से 100 रुपए लिए जाएंगे। विशेष सशस्त्र बल SI के लिए केवल पुरुष पात्रनियम पुस्तिका के अनुसार उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) पद के लिए केवल पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। अन्य पदों पर महिला अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण का प्रावधान रहेगा। आवेदन से पहले दस्तावेज और पात्रता जांच लेंअभ्यर्थियों को आवेदन से पहले शैक्षणिक योग्यता, आयु, आरक्षण श्रेणी, मूल निवास और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पात्रता सुनिश्चित करनी होगी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान निर्धारित प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा। गलत जानकारी या पात्रता में कमी मिलने पर किसी भी चरण में उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है। यह खबर भी पढ़ें.. निरंजन बने साइबर सेल के एडीजी, सूबेदार, टीआई के प्रमोशन मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने आईजी साइबर सेल को प्रमोट कर एडीजी बनाया है। इसके बाद आईजी साइबर सेल निरंजन बी वायंगणकर अब एडीजी साइबर सेल होंगे। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की रिव्यू डीपीसी में कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक बनाए गए 169 सूबेदार में से सिर्फ 30 ही रक्षित निरीक्षक के पद पर प्रमोट हो सके हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
कोटा नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद BJP और कांग्रेस के सामने बागियों की चुनौती खड़ी हो गई है। शहर के 27 वार्डों में दोनों पार्टियों के 32 बागी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। सबसे दिलचस्प मामला वार्ड-46 का है, जहां प्रेरक गौतम ने कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय—तीनों रूप में फॉर्म भर दिया। अब नामांकन वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी कि कितने बागी मैदान में टिकते हैं और किस वार्ड में पार्टी प्रत्याशियों का गणित बिगाड़ते हैं। दरअसल, कोटा नगर निगम चुनाव में 548 कैंडिडेट में कुल 600 नॉमिनेशन भरे। 27 वार्डों में बीजेपी-कांग्रेस के 32 बागी चुनावी मैदान में हैं। इनमें सबसे ज्यादा 15 वार्डों में 17 बागी भाजपा के और 12 वार्डों में 15 बागी कांग्रेस के हैं। इसके अलावा निर्दलीय भी मैदान में है। कई प्रत्याशियों ने पार्टी के साथ-साथ निर्दलीय के रूप में भी नामांकन दाखिल किया है। इससे दोनों प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने वोटों के बंटवारे की चुनौती पैदा हो गई है। इन वार्डों में भाजपा के बागी प्रत्याशी कोटा से भाजपा में सबसे ज्यादा बागी प्रत्याशी भाजपा में सबसे ज्यादा बागी प्रत्याशी सामने आए हैं। वार्ड 1 में रूपचंद मीणा, वार्ड 3 में नम्रता मीणा, वार्ड 21 में विश्वास, वार्ड 22 में नारायण शर्मा, वार्ड 29 में राकेश कुमार मेहरा, वार्ड 30 में मनीष चोबदार, वार्ड 37 में नीतू सिंह चौहान, वार्ड 52 में दिनेश कुमार कराड़, वार्ड 61 में मुक्ता जादौन, वार्ड 71 में वंदना फौजदार, वार्ड 89 में प्रेरणा जायसवाल और वार्ड 100 में सत्यनारायण ने भाजपा के साथ निर्दलीय नामांकन भी दाखिल किया है। वार्ड 8 व 64 में दो,-दो ने निर्दलीय भी भरा फॉर्म वार्ड 8 और 64 भाजपा के लिए खास चुनौती वाला बन गया है। वार्ड 8 में बजरंगी और हेमलता ने भाजपा के साथ साथ निर्दलीय नामांकन भरा है। जबकि, भाजपा ने यहां से सुगना बाई को प्रत्याशी बनाया है। वहीं वार्ड 64 में मंजू रानी व शरणजीत कौर ने बीजेपी के साथ-साथ निर्दलीय के भी नॉमिनेशन दाखिल किया है। इन वार्डों में कांग्रेस के बागी प्रत्याशी कांग्रेस कांग्रेस में भी कई बागी मैदान में कांग्रेस में भी बगावत का असर दिखाई दे रहा है। वार्ड 10 में प्रतिष्ठा नागर ने कांग्रेस और निर्दलीय के रूप में भी फॉर्म दाखिल किया है। यहां से कांग्रेस ने मीना कुमारी को प्रत्याशी बनाया है वार्ड 14 में दुष्यंत सिंह हाड़ा, वार्ड 15 में जतिन कुमार लोधा और वार्ड 16 में अनुराधा मेघवाल निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह वार्ड 18 में मंजू कुमारी मीना, वार्ड 19 में निखिल गौतम, वार्ड 20 में सियाराम नायक व अजय बंजारा, वार्ड 34 में विजय पंडित, वार्ड 41 में निमांशु नरवाला, वार्ड 48 में मोहम्मद अख्तर और वार्ड 49 में बृजराज सिंह राठौड़ व संदीप सिंह गौड़ ने कांग्रेस के साथ निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के बाद अब दोनों प्रमुख दलों की नजर नाम वापसी पर है। यदि बागी प्रत्याशी मैदान में बने रहते हैं तो कई वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए वोटों का बंटवारा बड़ी चुनौती बन सकता है।
कांग्रेस के सीनियर नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कथित राजनीतिक और दुर्भावनापूर्ण मुकदमे के विरोध में मंगलवार को गया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह मार्च निकाला गया। विरोध मार्च राजेंद्र आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। मार्च कलेक्ट्रेट रोड स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचकर समाप्त हुआ। इसका नेतृत्व गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और भाजपा के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की। गयाजी कांग्रेस अध्यक्ष बोले- भाजपा, आरएसएस की जनविरोधी, जातिवादी मानसिकता सामने आ रही जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की जनविरोधी और जातिवादी मानसिकता लगातार सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान कथित जातिवादी कृत्य किया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया था। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने सत्ता के दबाव में उनके खिलाफ झूठा और राजनीति से प्रेरित मुकदमा दर्ज किया है। रजनीश कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम में कथित जातिवादी कृत्य करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रजनीश कुमार ने कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ा है। विरोध मार्च में डॉ. शशि शेखर सिंह, प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, रामाश्रय सिंह और प्रदीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
कोटा में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तरफ बंद मकान से चोरी हुए करीब 25 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात 24 घंटे से भी कम समय में बरामद कर लिए, वहीं अपहरण और हनीट्रैप के मामले में फरार चल रही 5 हजार रुपए की इनामी आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई किशोरपुरा थाना क्षेत्र में हुई। बजरंग बस्ती निवासी तेजप्रकाश वर्मा 28 अगस्त को परिवार के साथ राखी मनाने ससुराल गए थे। 31 अगस्त की सुबह वापस लौटे तो घर के बेडरूम में सामान बिखरा मिला और अलमारी का ताला टूटा हुआ था। अलमारी और दीवान में रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे। रिपोर्ट पर किशोरपुरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण करवाया और एमओबी टीम से साक्ष्य जुटाए। चोरी का समय और आरोपी के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से गहन पूछताछ की। पुलिस ने 24 घंटे से कम समय में चोरी गए सभी जेवर फरियादी की छत से बरामद कर लिए गए। बरामद सोने के आभूषणों का वजन करीब 140 ग्राम और चांदी के आभूषणों का वजन करीब 1100 ग्राम है। इनकी बाजार कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी कार्रवाई अनंतपुरा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने अपहरण और हनीट्रैप के मामले में वांछित 39 वर्षीय रुबीना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मई 2026 में एक महिला ने लोन दिलाने के बहाने परिवादी को पेट्रोल पंप पर बुलाया था। बाद में वह उसकी कार में बैठकर झालावाड़ रोड की तरफ गई। रास्ते में उसके साथियों ने कार रुकवाकर परिवादी से मारपीट की, चाकू दिखाकर धमकाया और झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उसे कार में बैठाकर अंता और बारां ले जाया गया तथा एटीएम से जबरन 95 हजार रुपए निकलवाए गए। मामले में फरार रुबीना पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने आसूचना तंत्र और मुखबिरों की मदद से उसे 1 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ और अनुसंधान जारी है।

