यूजीसी के नए कानून को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है। इसी क्रम में मैनपुरी में सर्व ब्राह्मण समाज ने सरकार और यूजीसी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। समाज के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूजीसी कानून वापस लेने के लिए सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कानून वापस नहीं लिया गया या इसमें आवश्यक संशोधन नहीं किए गए, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन की शुरुआत मैनपुरी से होगी। प्रेस वार्ता में आशुतोष मिश्रा ने कहा कि यूजीसी द्वारा लागू किया गया नया कानून सवर्ण समाज पर थोपा गया है। उन्होंने इसे सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ एक साजिश बताया। मिश्रा ने सवाल उठाया कि इस कानून में झूठी शिकायतों का शिकार होने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान हैं और झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख क्यों नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामान्य वर्ग के छात्रों का भी सम्मान है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिश्रा ने सरकार और यूजीसी को शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा बनाना बंद करने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह भेदभावपूर्ण कानून वापस नहीं लिया गया, तो सर्व ब्राह्मण समाज पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर जाम और उग्र प्रदर्शन करेगा। आशुतोष मिश्रा ने सरकार में बैठे विधायकों और सांसदों पर भी सवाल उठाए, यह पूछते हुए कि वे इस मुद्दे पर किसके साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार हिंदुत्व की बात करती है, वही समाज को जातियों में बांटने का काम कर रही है। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है और 72 घंटे के बाद इसकी व्यापक शुरुआत मैनपुरी से की जाएगी।
पन्ना में कोयले से भरा ट्रक पेड़ से टकराया:भैंस बचाने में हुआ हादसा, 11000 KV विद्युत लाइन टूटी
पवई-अमानगंज मुख्य मार्ग पर बुधवार, 28 जनवरी को दोपहर में एक बड़ा हादसा टल गया। कटनी से कोयला लेकर आ रहा एक अनियंत्रित ट्रक अमानगंज के पास टाई मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, कोयले से भरा यह ट्रक कटनी की ओर से आ रहा था। तभी अचानक सड़क पर एक भैंस सामने आ गई। भैंस को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क किनारे से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन के खंभे क्षतिग्रस्त होकर गिर पड़े। तार टूटने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत ठप हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बिजली विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक को मार्ग से हटवाने की कार्यवाही की जा रही है।
10 साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार:बूंदी पुलिस ने झालावाड़ में पकड़ा
बूंदी पुलिस ने 10 साल से फरार चल रहे एक स्थाई गिरफ्तारी वारंटी इमरान उर्फ इन्ना को गिरफ्तार किया है। उसे झालावाड़ के झालरापाटन से पकड़ा है। जिले की डाबी थाना पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई करते हुए इमरान उर्फ इन्ना पुत्र रफीक भाई उर्फ उस्ताद को झालरापाटन के मुकैरी मोहल्ले से दबोचा। आरोपी झालरापाटन में ही रह रहा था। उसके खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट तालेड़ा न्यायालय ने स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।इस गिरफ्तारी को डाबी थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया। टीम में हेड कॉन्स्टेबल महावीर प्रसाद, कॉन्स्टेबल भूपेंद्र और कॉन्स्टेबल विजय सिंह शामिल थे।
राजपुर पुलिस ने पकड़ी अवैध अंग्रेजी शराब:दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लीटर शराब जब्त
बलरामपुर जिले की राजपुर पुलिस ने अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 45 पौआ यानि करीब 11 लीटर अंग्रेजी शराब और एक बाइक जब्त की है। यह कार्रवाई 27 जनवरी को की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति एक बाइक पर बैग में अंग्रेजी शराब भरकर शंकरगढ़ की ओर अवैध रूप से ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी राजपुर ने तत्काल टीम गठित कर बूढ़ा बगीचा के पास घेराबंदी की। आरोपियों के पास नहीं थे वैध दस्तावेज घेराबंदी के दौरान बाइक (क्रमांक CG 30 C 1334) पर सवार शिवप्रसाद (28 वर्ष) और ओमप्रकाश दिवान (30 वर्ष) को रोका गया। दोनों बलरामपुर के ग्राम कमारी के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने शराब परिवहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 45 पौआ अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसमें 35 नग जम्मू स्पेशल व्हिस्की (180 मिलीलीटर, कीमत 120 रुपये प्रति पौआ) और 10 नग पार्टी स्पेशल (180 मिलीलीटर, कीमत 160 रुपये प्रति पौआ) शामिल हैं। जब्त शराब की कुल कीमत 5800 रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 18/2026 दर्ज किया गया है। उन्हें 28 जनवरी 2026 को माननीय JMFC न्यायालय राजपुर में पेश किया गया। यह पूरी कार्रवाई निरीक्षक भारद्वाज सिंह के निर्देशन में प्रधान आरक्षक राजेंद्र ध्रुव, प्रधान आरक्षक पवन सिंह, आरक्षक रूपेश गुप्ता, आरक्षक अजय शुक्ला और सैनिक शैलेंद्र गुप्ता द्वारा की गई।
2 लाख के रोलिंग पेपर जब्त, 9 दुकानें सील:‘गोगो पेपर’ नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा एक्शन
रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गांजा सेवन में इस्तेमाल होने वाले ‘गोगो पेपर’ और हुक्का सामग्री की अवैध बिक्री करने वाले दुकानदारों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। कार्रवाई में करीब 2 लाख रुपए के रोलिंग पेपर जब्त किए गए हैं, वहीं COTPA एक्ट के तहत 9 दुकानों को सील किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर और डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर (IPS) के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ऐसे पान ठेले और गुमटियों को चिन्हित किया गया, जहां युवाओं को नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री खुलेआम बेची जा रही थी। गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाला ‘गोगो पेपर’ जब्त पुलिस जांच में सामने आया कि शहर के कई इलाकों में ‘गोगो/रोलिंग पेपर’ और चिलम की बिक्री हो रही थी, जिनका इस्तेमाल गांजा की सिगरेट (जॉइंट) बनाने में किया जाता है। नॉर्थ जोन पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में रोलिंग पेपर जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपए आंकी गई है। COTPA एक्ट के तहत 9 दुकानें सील अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त (उरला) पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने COTPA एक्ट के उल्लंघन पर कार्रवाई की। शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास अवैध रूप से तंबाकू, हुक्का फ्लेवर और नशे से जुड़ी सामग्री बेचने वाले 9 संस्थानों को सील कर दिया गया। सप्लाई चेन तक पहुंची पुलिस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रोलिंग पेपर और हुक्का सामग्री की सप्लाई चेन का भी खुलासा किया है। पूछताछ में थोक विक्रेताओं और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं, जो शहर में इन सामग्रियों की अवैध सप्लाई कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन मुख्य कड़ियों पर भी छापेमारी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
शाजापुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे हिंदू जागरण युवा मंच के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन शाजापुर एडीएम बीएस सोलंकी और डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे को सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा कारणों से कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रवेश बंद कर दिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। ज्ञापन लेने पहुंची डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे ने कहां की अपने गेट पर ताला क्यों लगाया है हम अंदर ही ज्ञापन देंगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गेट तोड़ने की चेतावनी देते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में ही ज्ञापन देने की बात कही। उसके बाद डिप्टी कलेक्टर वापस चली गई और फिर एटीएम के साथ डिप्टी कलेक्टर भी वापस कार्यकर्ताओं से मिलने आई। स्थिति बिगड़ती देख एडीएम मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर अंदर प्रवेश दिलाया गया, जिसके बाद शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ग्राम पंचायत लसुल्डिया जगमाल, तहसील मोहन बडोदिया के अंतर्गत ग्राम पिपलिया नौलाया स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 333, 333/5, 335, 336 और 337 पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। उक्त भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा लंबे समय से कब्जा किया गया है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि यहां आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ-साथ बाहरी घुसपैठियों की मौजूदगी है। इन लोगों द्वारा अवैध और देश-विरोधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे आसपास के गांवों और दुपाड़ा मेन रोड से गुजरने वाले राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। हिंदू जागरण मंच ने दावा किया कि वर्ष 2007 से प्रशासनिक स्तर पर अतिक्रमण हटाने के प्रयास हुए, लेकिन कथित मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। जबकि राजस्व मंडल, सिविल न्यायालय और उच्च न्यायालय से अतिक्रमणकारियों को कोई राहत नहीं मिली है, और अनुविभागीय अधिकारी द्वारा भूमि मुक्त कराने के आदेश भी दिए जा चुके हैं। l हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक प्रेम सिंह राजपूत ने कहा कि यदि प्रशासन 7 दिन में यह कार्रवाई नहीं करता है तो हिंदू समाज उग्र आंदोलन करेगा जिसकी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि हमारा प्रशासन और हमारे सत्ताधारी लोग सोए हुए हैं इस कारण से इस तरह की स्थिति बन रही है।
शहडोल के बुढार थाना क्षेत्र के मरजाद गांव में मंगलवार शाम ट्रैक्टर पलटने से नाबालिग चालक की मौत हो गई। हादसे में चालक इंजन के नीचे दब गया था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर के इंजन को सीधा किया और चालक को बाहर निकाला। घायल को तत्काल बुढार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। मृतक की पहचान आकाश कोल के रूप में हुई है, जिसे नाबालिग बताया जा रहा है। अवैध खनन और परिवहन के कार्य में लगा था ड्राइवर घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस ट्रैक्टर से यह हादसा हुआ, वह अवैध खनन और परिवहन के कार्य में लगा हुआ था। उनका यह भी कहना है कि हादसों के कुछ ही देर बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से हटा लिया गया, जिससे मामले में संदेह और गहरा गया है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि नाबालिग से ट्रैक्टर चलवाया जा रहा था, तो यह गंभीर लापरवाही और कानून का उल्लंघन है। टीआई बोले-सभी एंगल से जांच जारी बुढार थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार ने बताया कि ट्रैक्टर पलटने से चालक इंजन के नीचे दब गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। थाना प्रभारी ने आगे बताया कि ट्रैक्टर कहां से आ रहा था, कहां जा रहा था और क्या वह किसी अवैध गतिविधि में संलिप्त था, इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फतेहाबाद में सीआईए पुलिस ने सब्जी मंडी के पास से एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को भारी मात्रा में गांजा सहित काबू किया। उसकी पहचान कबीर बस्ती निवासी बलराम के तौर पर हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जानकारी अनुसार, सीआईए फतेहाबाद प्रभारी उप-निरीक्षक वेदपाल ने बताया कि एएसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कबीर बस्ती निवासी बलराम सब्जी मंडी के मुख्य गेट के पास गांजा बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना को विश्वसनीय मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मुखबिरी वाले स्थान पर घेराबंदी की और एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान कबीर बस्ती, फतेहाबाद निवासी बलराम के रूप में हुई। तलाशी लेने पर आरोपी के हाथ में पकड़े मोमी लिफाफे से 1 किलो 510 ग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपी बलराम के खिलाफ फतेहाबाद शहर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20b-61-85 के तहत मुकदमा संख्या 38/26 दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
मिहिपुरवा विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत गंगापुर से मधवापुर (अशोक लाट तक) बन रही पक्की सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी है। सड़क की ऊपरी परत टूटकर बिखरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बदहाल सड़क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नई बनी सड़क को जगह-जगह से उखड़ते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उनका कहना है कि ठेकेदार ने गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करते हुए जल्दबाजी में काम पूरा किया। यह मार्ग ग्रामीणों के लिए एक मुख्य संपर्क सड़क है, जिसका उपयोग किसान, छात्र और आम नागरिक रोजाना करते हैं। सड़क के उखड़ने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध किया और संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की। इस मामले में जेई आशीष गौरव ने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है और जांच जारी है।
भदोही जिले में यूजीसी कानून का लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 'यूजीसी कानून वापस लो' के नारे लगाए और कानून को समाप्त करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस प्रदर्शन में ब्राह्मण युजन सभा के जिलाध्यक्ष अमरीश तिवारी, छात्र संगठन के शिवम शुक्ला, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आनंद पांडे और विकास प्रभात पांडे सहित अधिवक्ता समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए। छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून लाकर ब्राह्मण, क्षत्रिय और सवर्ण समाज के लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है और उन्हें 'गुंडा माफिया' बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस कानून को 'काला कानून' बताते हुए कहा कि यह सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित करने की कोशिश है। समाज को सड़कों पर लाने का प्रयास प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि जहां पहले विद्यालयों में छात्र सद्भावना के साथ शिक्षा ग्रहण करते थे, वहीं अब इस कानून के कारण जातिगत भावनाएं बढ़ेंगी, जिससे शिक्षा के मंदिरों से 'गुंडा माफिया' पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज को शिक्षा से वंचित कर उन्हें सड़कों पर लाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन सदन से लेकर सड़क तक जारी रहेगा। इस अवसर पर राज दीक्षित, अनूप पांडे, टिंकू पांडे, विकास पांडे, योगेश पांडे, सागर राय, रोहित पांडे सहित सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण, अधिवक्ता और क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे।
रेवाड़ी के भोहतावास अहीर के मोहित और खेतावास की निधि ने परिवार के खिलाफ जाकर 24 सितंबर को इंटर कास्ट लव मैरिज की थी। 27 जनवरी की दोपहर निधि का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला था। मौत से पहले 26 को निधि ने पिता को फोन किया था। जिसमें मोहित के शराब पीने और मारपीट करने की बात कही थी। रामपुरा थाना पुलिस ने पिता की शिकायत पर मोहित के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।24 घंटे बाद पोस्टमार्टम गांव खेतावास की निधि एससी और भोहतावास का मोहित अहीर है। मंगलवार दोपहर को निधि का शव कमरे में फंदे पर लटकता मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही घटना की सूचना निधि के परिजनों को दे दी थी। परिजन बुधवार को रामपुरा थाना पहुंचे और करीब 24 घंटे बाद शव के पोस्टमार्टम का रास्ता साफ हो पाया।दोस्त के पास गया था मोहितमोहित ईको गाड़ी चलता है और सोमवार को वह गांव से बाहर अपने किसी दोस्त के पास था। बताया जाता है निधि और मोहित में रात करीब 11 बजे तक फोन पर बात हुई थी। मोहित के घर न पहुंचने पर निधि अपने कमरे में सो गई। दोपहर को जब मोहित के पिता ने खाना खाने के लिए निधि को बुलाने के लिए दिखा तो कमरे में वह फांसी के फंदे पर लटकती मिली थी। रेवाड़ी में हुई थी मुलाकातनिधि गांव से पढ़ने के लिए रेवाड़ी आती थी। इसी दौरान मोहित का भी रेवाड़ी आना जाना था। दोनों में जान पहचान के बाद बातचीत शुरू हुई और प्यार हो गया। दोनों के परिवारों को निधि और मोहित की प्रेम कहानी पंसद नहीं थी। जिस कारण निधि और मोहित ने 24 सितंबर को परिवार की सहमति के बिना प्रेम विवाह कर लिया। प्रेम विवाह के समय निधि सैंकेड ईयर में पढ़ती थी।मारपीट से पेरशान थी निधिगांव खेतावास निवासी निधि के पिता धनपत ने बताया कि उसकी बेटी ने उनकी सहमति के बिना प्रेम विवाह किया था। जिससे उनकी कम बातचीत होती थी। 26 जनवरी को निधि ने उसे फोन किया था। फोन पर निधि ने बताया था कि मोहित अपने काम के लिए घर से पैसे लाने की डिमांड करता है और शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। उन्होंने कहा कि शायद इसी परेशानी के चलते निधि ने आत्महत्या की है। पिता की शिकायत पर केस दर्जरामपुरा थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि पुलिस ने पिता के बयान पर मोहित के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभी शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और यूपी पुलिस अधीक्षक डी के शाही का सिलेक्शन राष्ट्रपति पुरस्कार के हुआ है। सिलेक्शन के बाद डी के शाही पहली बार गोरखपुर पहुंचे। जिसके बाद जिला वॉलीबॉल संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के वॉलीबॉल ग्राउंड पर उनका भव्य स्वागत किया। संघ के सचिव बैजनाथ मिश्र ने डीके शाही का माल्यापर्ण किया। साथ ही अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान बैजनाथ मिश्र ने कहा- डी के शाही उत्तर प्रदेश पुलिस की शान बढ़ाने वाले अधिकारी ही नहीं बल्कि उतर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के भी गौरव हैं। सभी खिलाड़ियों ने उनका उत्साह पूर्वक स्वागत किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के सचिव सुनील कुमार तिवारी ने भी बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डी के शाही की इस उपलब्धि पर उतर प्रदेश वालीबाल एसोसिएशन गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
अब तक सड़क और गली मोहल्ले में ही महिलाओं के गले से चेन लूटने का मामले सामने आ रहे थे लेकिन अब बीकानेर शहर में स्थित बड़े बाजार में दिन दहाड़े घर में घुसकर एक महिला के से लूट का मामला सामने आया है। महिला के गले से सोने की चेन लूटकर युवक फरार हो गया। मामला मंगलवार शाम का है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है। बुधवार सुबह मावा पट्टी के पास एक नकाबपोश युवक घर में घुसा और महिला से मारपीट कर हाथों में पहने सोने के कड़े और गले से सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं जिससे लुटेरे की तलाश की तलाश की जा रही है। शहर का सबसे व्यस्त एरिया शहर के परकोटे में स्थित सबसे व्यस्त बड़ा बाजार में मावा पट्टी के पास सुरेश कुमार बांठिया का मकान है। मंगलवार को सायंकाल वे अपने रिश्तेदार से मिलने गए थे और घर पर उनकी पत्नी अकेली थी। इस दौरान 7.12 बजे एक नकाबपोश युवक घर में घुसा और पुष्पा से मारपीट की। गला दबाया और महिला के हाथों में पहने सोने के कड़े और गले से सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। महिला डर के कारण बेसुध हो गई। पति सुरेश कुमार बांठिया घर पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी मिली। उसके होश में आने पर घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी। मारवाड़ी में बोल रहा था इत्तला मिलने पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसएचओ सविता डाल ने बताया कि घर में घुसे युवक ने कपड़े से चेहरा ढंक रखा था। सीसीटीवी में उसके फुटेज आए हैं जिसके आधार पर तलाश की जा रही है। घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला युवक मारवाड़ी में बोल रहा था जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह स्थानीय युवक है। उसने पहले रैकी की जिससे पता चल गया कि महिला घर में अकेली है। घर में घुसकर महिला से मारवाड़ी में बात की और अचानक गला दबाकर मारपीट करने लगा। महिला असहाय हो गई तो लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।
पंजाब में लगातार मिल रही बम की धमकियों के मद्देनजर फाजिल्का जिला प्रशासन अलर्ट पर है। इसी कड़ी में अबोहर में पुलिस और जीआरपी ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। बुधवार को यह अभियान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। इस विशेष अभियान का नेतृत्व सिटी वन थाना प्रभारी रविंदर सिंह भीट्टी ने किया। पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद प्रत्येक यात्री के बैग की गहन जांच की। इसके अतिरिक्त, रेलवे गाड़ियों और स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र की भी बारीकी से तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या असामाजिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। पुलिस ने नागरिकों से की अपील पुलिस अधिकारियों ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी कोई संदिग्ध बैग, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या थाने को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनता की सतर्कता से ही किसी भी बड़ी घटना को रोका जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और तत्पर है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को सिर उठाने नहीं दिया जाएगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फाजिल्का जिला पुलिस और जीआरपी की यह संयुक्त कार्रवाई सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है। यहां देखें फोटो…
संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, मध्य प्रदेश की जिला इकाई नरसिंहपुर ने बुधवार को कलेक्टर के नाम एक मांगपत्र सौंपा। यह मांगपत्र जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र नागेश को दिया गया। मांगपत्र में आगामी राज्य स्तरीय संविदा महासम्मेलन में सहभागिता के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। यह महासम्मेलन संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, मध्य प्रदेश (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यह महासम्मेलन शुक्रवार, 30 जनवरी को भोपाल में आयोजित होगा। इसमें मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों एवं योजनाओं में कार्यरत संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे। मंच ने मांग की है कि जिले के सभी अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत संविदा अधिकारी एवं कर्मचारियों को 30 जनवरी 2026 को कार्यदिवस मानते हुए महासम्मेलन में शामिल होने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संविदा संयुक्त संघर्ष मंच ने प्रशासन से इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
अब डेस्टिनेशन वेडिंग और बिग फैट वेडिंग ट्रेंड बन चुका हैं, जिसमें लाखों-करोड़ों खर्च होता है। वहीं उदयपुर के बिजनेसमैन ने देसी अंदाज और में अपने गांव मालपुरा (टोंक) में शादी की। दुल्हन पास के डिग्गी की है। इस शादी में भारत जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन, अर्जेंटीना समेत 10 देशों से मेहमान आए। मेहमानों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। विदेशी मेहमानों ने भी देसी संस्कृति और शादी के रीति-रिवाजों को अपने कैमरे में कैद किया। प्रधानमंत्री ने भी एक पत्र के जरिए वर-वधु को आशीर्वाद भेजा। शादी में शामिल मेहमानों की PHOTOS विदेशी मेहमानों ने 4 दिन रहकर शादी की रस्मों को देखामालपुरा (टोंक) के रहने वाले अंकित जैन का उदयपुर में स्टार्टअप एग्री स्टार्टअप ईएफ पॉलीमर है। अंकित जैन की 24 जनवरी को डिग्गी मालपुरा (टोंक) के पास डिग्गी की रहने वाली अदिति से शादी हुई है। अदिति ने पोस्ट ग्रेजुएशन किया और अब पीएचडी कर रही है। अंकित ने अपनी शादी में भारत समेत जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन में अपने दोस्त और परिचितों को भी इनवाइट किया था। शादी में शामिल होने विदेशी मेहमान भी उनके गांव मालपुरा में 21 जनवरी को ही आ गए थे। वे 24 जनवरी को शादी के दिन तक रूके। विदेशी ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर बारात में गए विदेशी मेहमानों ने गांव की देसी शादी, यहां की परंपरा और संस्कृति और मेहमान नवाजी का लुत्फ उठाया। बारात कार सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली में गई। विदेशी युवक-युवती भारतीय परिधान पहनकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही बैठकर लड़की वालों के घर गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही बैठकर डांस किया। विदेशी लड़कों ने कुर्ता-पायजामा और लड़कियों ने सलवार-सूट पहना। विदेशियों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मेहमानों का राजस्थानी जायका परोसाविदेशी मेहमानों को खाने में राजस्थानी जायका परोसा गया। खींचड़ा, मक्की के ढोकले, चूरमा, मटर की बाटी, लपसी, मक्की की रोटी, कड़ी और सरसो का साग, दाल-बाटी, गेंहू, मक्का और बेसन तीन प्रकार का चूरमा परोसा गया। मिठाई में काजू अखरोट हलवा, मालपुआ, चीकू रस मलाई, दूध के लडडू, इमरती आदि रहे। चारों दिन अलग-अलग मैन्यू रहा। स्टार्टअप से देश-दुनिया में बनाया नामअंकित ने अपनी पढ़ाई उदयपुर के सरकारी प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) कॉलेज में पूरी की। 2017 से 2021 तक यहां पर एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बीटेक पूरी की। एक साल पहले एग्री स्टार्टअप ईएफ पॉलीमर ने फोर्ब्स इंडिया के नवंबर एडिशन के कवर पेज पर जगह बनाई थी। इस स्टार्टअप को फोर्ब्स इंडिया ने एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के सबसे इनोवेटिव टेक स्टार्टअप में शामिल किया है। यह स्टार्टअप अपने जैविक उत्पाद ‘फसल अमृत’ के जरिए किसानों को कम पानी में बेहतर फसल उत्पादन का स्थायी समाधान दे रहा है। राइजिंग राजस्थान में ईएफ पॉलीमर स्टार्टअप को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहा। ईएफ पॉलीमर के को-फाउंडर, सीबीडीओ अंकित जैन मालपुरा के रहने वाले है। ईएफ पॉलीमर भारत, जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन, अर्जेंटीना समेत 10 देशों में कार्यरत हैं। अंकित ने कहा कि बड़ी-बड़ी रॉयल वेडिंग्स की चर्चा दुनिया में जरूर होती है लेकिन हमारी परंपरा और संस्कृति गांव की शादियों में होती है। इसलिए उन्होंने भी अपने पैतृक गांव टोंक के डिग्गी मालपुरा से शादी का फैसला किया।
संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर आख्या रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट 2 फरवरी 2026 तक संबंधित थाने से तलब की गई है। यह मामला ASP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 20 पुलिसकर्मियों से जुड़ा है। यह पूरा प्रकरण संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद के सर्वे से संबंधित है। 24 नवंबर 2024 को कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। संभल कोतवाली क्षेत्र के नई सराय निवासी यामीन पुत्र शराफत अली ने 6 फरवरी 2025 को CJM न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि पुलिस की गोली लगने से उनके बेटे आलम को चोटें आई थीं। 9 जनवरी 2026 को तत्कालीन CJM विभांशु सुधीर ने संभल कोतवाली पुलिस को ASP अनुज चौधरी और एक इंस्पेक्टर सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश देने वाले पूर्व CJM विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर हो गया है, जिसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया था। मंगलवार को आलम के पिता की ओर से अधिवक्ता नूरजहां ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। इसमें संभल कोतवाली पुलिस से आख्या तलब करने की मांग की गई है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद रिपोर्ट क्यों दर्ज नहीं की गई। यदि FIR दर्ज की गई है, तो उसकी प्रति न्यायालय में मंगाई जाए। प्रार्थना पत्र में FIR दर्ज न करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है। न्यायालय ने पहले 7 दिन के भीतर रिपोर्ट दर्ज कर आख्या मांगी थी, जो अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मीडिया में खुलेआम बयान दिया है कि वे न्यायालय के आदेश को नहीं मानेंगे और मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे। एसपी के इस बयान के बाद प्रार्थी और उसका परिवार भयभीत है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संबंधित थाने से 2 फरवरी 2026 तक आख्या रिपोर्ट तलब की है।
गोपालगंज में डेढ़ वर्षीय बच्ची से रेप के बाद उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, उसे बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया है। बच्ची का इलाज अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने आरोपी के ठिकाने पर जमकर तोड़फोड़ की। मौके से एक आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहम्मद शारिक डेढ़ वर्षीय बच्ची को अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने पर आरोपी उसे घर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान बच्ची की मां ने उसे देख लिया। मां के शोर मचाने पर स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और भाग रहे आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।बच्ची की मां अपने पति से अलग रहकर एक छोटी फैक्ट्री में मजदूरी करती है और बच्ची का पालन-पोषण करती है। वह करीब छह महीने पहले ही गोपालगंज के इस इलाके में किराए के मकान में रहने आई थी। आरोपी मोहम्मद शारिक भी उसी मकान के सामने किराए पर रहता था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और गोपालगंज में एक मोटरसाइकिल गैरेज में पेंटिंग का काम करता था। मजदूरी के लिए आया था आरोपीपुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र में लगभग दो वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी और अन्य टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद शारिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यहां मजदूरी के लिए आया था और बच्ची के घर के सामने ही रहता था। बच्ची की मां फोन पर बात कर रही थी, इसी बीच आरोपी रोड क्रॉस कर के बच्ची को उठाकर अपने साथ ले गया और गलत हरकत की। जांच में जुटी FSL की टीम घटना स्थल पर एफएसएल की टीम पहुंची आवश्यक साक्ष्य एकत्रित की। बहुत सारे वैज्ञानिक साक्ष्य मिले है। बायलॉजिकल सैंपल भी कलेक्ट हुए है। घटनास्थल से भी साक्ष्य मिले हैं। अपराधी को जेल भेजा जा रहा हैं। एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद चार्जशीट कर के तत्काल सजा दिलाने का काम करेंगे।। डीएसपी लाइन को इंचार्ज बनाया गया है। हम लोगो का लक्ष्य है कि दस दिन में स्पीडी ट्रायल चलाकर कर आरोपी को सजा दिलाएंगे
बलिया के वरिष्ठ मीडियाकर्मी पंडित प्रमोद उपाध्याय का नई दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है। वे मूल रूप से जनपद के विकासखंड सोहांव के सरयां गांव के निवासी थे और वर्तमान में नगर के चंद्रशेखर नगर कॉलोनी में रहते थे।पूर्व उनके पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और पूर्व रेलमंत्री छोटे लोहिया पंडित जनेश्वर मिश्र से भी करीबी संबंध थे। जनपद के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उनकी मजबूत पकड़ थी। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव सरयां (उजियार भरौली) में गंगा तट पर होगा। पंडित प्रमोद उपाध्याय के निधन पर प्रग्रापए के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्र, प्रदेश महासचिव सिंधु तिवारी, विजेंद्र नाथ सिंह, शशिकांत ओझा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
लखनऊ की समिट बिल्डिंग की पार्किंग में कारोबारी को थार से कुचलने वाले दोनों आरोपियों को जमानत मिल गई है। पुलिस ने उनका शांति भंग में चालान किया था। इस वजह से उन्हें आसानी से जमानत मिल गई। हालांकि, मामले में हत्या की कोशिश की धारा में मुकदमा दर्ज है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। घटना में घायल कारोबारी के एक पैर की 3 जगह से हड्डी टूटी है। दूसरे पैर में भी गहरा जख्म है। इस वजह से वह चल-फिर नहीं पा रहे हैं। उनके दोस्त के सिर और कान में गंभीर चोट हैं। उनका भी उपचार चल रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने पीड़ित कारोबारी, उनके दोस्त और पुलिस से इस मामले में बातचीत की तो यह बातें सामने आईं। कारोबारी ने बताया कि दबंगों ने उनके ऊपर करीब 25 मिनट तक थार चढ़ाए रखा, जिससे वह बेहोश हो गए। अस्पताल में होश आया। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... देखिए 3 तस्वीरें... पहले पढ़िए घटनाक्रम... मूल रूप से फतेहपुर निवासी पवन पटेल सरोजनीनगर के न्यू गुडोरा में रहकर बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव से कुछ दोस्त आए थे। जिन्होंने रात में घूमने की इच्छा जाहिर की तो समिट बिल्डिंग में 22 जनवरी की रात पार्टी कराने ले आए। दोस्त प्रशांत सचान और अन्य साथियों के साथ समिट बिल्डिंग स्थित किंग क्लब में पार्टी की। रात करीब एक बजे सभी लोग कार से घर जाने के लिए पार्किंग से बाहर निकले। इस दौरान परिसर में एक थार और कार सवार कुछ युवक आपस में झगड़ा कर रहे थे। पवन ने बताया कि उन्होंने दोस्तों के साथ बीच-बचाव करने की कोशिश की। जिस पर आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। आरोपियों ने प्रशांत की चेन लूटने का प्रयास किया। उनके ऊपर थार चढ़ा दी। अब पढ़िए पीड़ितों ने जो बताया... दबंगों ने 25 मिनट तक थार चढ़ाए रखा पवन ने बताया कि प्रशांत के साथ मारपीट के दौरान उसने वहां से भागकर किसी तरह खुद को बचाया। इस दौरान अन्य साथी भी पहुंच गए। मामले की जानने की कोशिश, लेकिन आरोपी युवक लगातार गाली- गलौज करते रहे। इसकी वजह से वह मदद लेने के लिए बाहर की तरफ भागे। सिक्योरिटी गार्ड से गेट बंद करने के लिए कहा। तभी पीछे से थार सवार दबंगों ने उन्हें टक्कर मार दी। वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद दबंगों ने थार को बैक करके उनके ऊपर चढ़ा दी। करीब 25 मिनट तक थार उनके दोनों पैरों पर चढ़ी रही। इसके बाद वह बेहोश हो गए। उसके बाद क्या हुआ यह उन्हें नहीं पता चला। उन्हें होश आया तो अस्पताल में थे। 3 जगह से टूटी पैर की हड्डी पवन ने बताया कि घटना में उनके एक पैर की हड्डी 3 जगह से टूट गई है। उस पर कच्चा प्लास्टर चढ़ा है। दूसरे पैर में भी गंभीर जख्म हुए हैं। उस पैर में सूजन बनी हुई है। वह वॉकर के सहारे चल रहे हैं। डॉक्टरों ने 4 दिन बाद पक्का प्लास्टर चढ़ाने को कहा है। दूसरे के विवाद में हम लोगों को पीटा पवन के दोस्त प्रशांत ने बताया कि वह लोग पार्टी करके लौट रहे थे। रास्ते में दो पक्ष विवाद कर रहा था। वहां से गुजरने में दिक्कत हो रही थी। जिसके चलते आपत्ति जताई तो दबंगों ने हमला कर दिया। हम लोग अलग क्लब से निकले और आरोपी लड़के अलग क्लब से निकले। दूसरे के विवाद का बदला लेने के लिए हम लोगों से मारपीट करने लगे। दो गाड़ियों से दबंग आए थे। घटना में एक स्विफ्ट डिजायर भी थी। थार को गेट बंद करके रोक लिया गया लेकिन डिजायर वाले भाग गए। दबंगों ने हत्या करने की नीयत से पवन के ऊपर थार चढ़ाई। अस्पताल में एक घंटे बाद होश आया प्रशांत ने बताया कि दबंग पवन के ऊपर से थार हटा ही नहीं रहे थे। शोर-शराबा होने पर पुलिस भी आ गई। पुलिस और लोकल सिक्योरिटी के साथ मिलकर थार हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने दबंगों से चाबी लेकर थार हटाई। पवन को थार के नीचे से निकालकर लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। जहां करीब एक घंटे बाद उन्हें होश आया। पुलिस ने मौके से उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी आकाश यादव और मोहित मेवाड़ी को गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल समिट बिल्डिंग के गेट नंबर- 4 से सटी हुई पुलिस चौकी है। जो घटना स्थल से मुश्किल से 30 मीटर पर होगी। बावजूद इसके आरोपियों को कोई डर नहीं था। करीब आधे घंटे से पार्किंग में विवाद चलता रहा, लेकिन पुलिस को पता भी नहीं चला। हालांकि, पुलिस का दावा है कि 12 बजे क्लब बंद करवा दिया जाता है। अंदर की सिक्योरिटी 12.30 से 1 बजे तक पूरी पार्किंग खाली करवा देती है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना में इस्तेमाल थार को कब्जे में ले लिया गया है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अक्सर विवादों में रहती है समिट बिल्डिंग घटना -1 लखनऊ के विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग में 31 दिसंबर की रात पार्टी के बाद दो पक्ष आपस में भिड़ गए। जिसके बाद दोनों में जमकर लात-घूसे चले। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग किया। घटना - 2 कंचन पुरम त्रिवेणी नगर अलीगंज के रहने वाले दीपू जायसवाल पुत्र प्रभु दयाल जायसवाल 12 जनवरी 2025 की रात करीब 10 बजे समिट बिल्डिंग में फायरफ्लाई बार में गए थे। उनके साथ दो दोस्त यश और मयंक भी थे। रात करीब 12.45 बजे बाउंसर से किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई। इसके बाद बाउंसर ने उनको गंदी-गंदी गालियां दी। वहां से उनको धक्का देकर भगाने लगे। जिसका दीपू ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बाउंसर रोहतास अपार्टमेंट के सामने गेट नंबर-1 तक मारते हुए लाए। दीपू के गले की सोने की चेन भी छीन ली थी।
महोबा में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संस्थान ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में अधिसूचित 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस' पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उनका तर्क है कि ये नए नियम सामान्य वर्ग के शिक्षकों और छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकते हैं। यह विरोध महोबा के जिलाधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान के महामंत्री बी.के. तिवारी के नेतृत्व में किया गया। इसमें अनुभवी शिक्षाविदों और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। मामला उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए UGC के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस' से संबंधित है। पहले दो तस्वीरें देखिए… संस्थान ने स्पष्ट किया है कि वे भेदभाव-मुक्त शिक्षा व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं। हालांकि, उनका कहना है कि नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा इतनी व्यापक और अस्पष्ट रखी गई है कि इससे सामान्य अकादमिक निर्णयों पर भी जातिगत आरोपों का खतरा मंडरा रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है। संस्थान के अनुसार, शिकायत दर्ज होने से पहले किसी भी प्राथमिक जांच का स्पष्ट प्रावधान न होना निर्दोष शिक्षकों और संस्थानों के लिए मानसिक दबाव का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, इक्वल अपॉर्चुनिटी सेल की वर्तमान संरचना में संतुलन की कमी दिखाई देती है, जिससे निर्णयों की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। पेंशनर्स सेवा संस्थान ने चिंता व्यक्त की है कि यदि इन नियमों में सुधार नहीं किया गया, तो शिक्षकों की अकादमिक स्वतंत्रता और निष्पक्ष मूल्यांकन की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी। उन्होंने आशंका जताई कि इससे शिक्षा का माहौल भय और आपसी अविश्वास से भर सकता है। संस्थान ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि साल 2012 के पुराने नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाए और वर्तमान नियमों को अधिक न्यायसंगत बनाया जाए। उनकी मांग है कि उच्च शिक्षा में समता तो आए, लेकिन वह अकादमिक गुणवत्ता और प्राकृतिक न्याय की कीमत पर न हो। इस मौके पर सुनील शर्मा, बी.के. तिवारी, राम प्रकाश पुरवार, राम सजीवन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे है।
जमुई जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय इन दिनों कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जिला प्रशासन एवं कला संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यहां 6 दिवसीय बसंत पंचमी महोत्सव का आयोजन किया गया है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। पूरे महोत्सव का केंद्र बिंदु चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय परिसर ही है, जहां प्रतिदिन सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। महोत्सव का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन द्वारा किया गया था। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… युवाओं को कला से जुड़ने की प्रेरणाइस अवसर पर उन्होंने कहा कि संग्रहालय न केवल ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि यह जिले की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच भी बन रहा है। ऐसे आयोजनों से संग्रहालय को जीवंत रूप मिलता है और युवाओं को कला से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कला प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्रचंद्रशेखर सिंह संग्रहालय में आयोजित महोत्सव के तहत कला प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। संग्रहालय परिसर में चित्रकला, फोटोग्राफी, मूर्तिकला एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता सह प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें स्थानीय कलाकारों की रचनात्मक कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 26 जनवरी को जिलाधिकारी द्वारा किया गया था। संग्रहालय की दीर्घाओं में सजी कलाकृतियां दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं और जमुई की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।
शिक्षक भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे डीएड-बीएड संघ के अभ्यर्थियों ने आज शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे एक डीएड अभ्यर्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। 24 दिसंबर से जारी है आंदोलन डीएड-बीएड संघ के अभ्यर्थी 24 दिसंबर से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक के सैकड़ों पद खाली हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसी मांग को लेकर वे पहले अनिश्चितकालीन अनशन और अब मौन व्रत पर बैठे हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025 में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विधानसभा में भी उठ चुका है मामला 17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। इस पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया था कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से 1319 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अब भी रिक्त हैं। हालांकि, इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा को लेकर मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। 1:3 के अनुपात में भर्ती की मांग शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन किया जाए शिक्षक भर्ती 2023 के सभी 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अयोध्या में बुधवार को मौसम पूरी तरह बदल गया है।अयोध्या में सुबह बरसात हुई, फिर सूर्य दिख्रे और अब बादल छाए हुए हैं। वातावरण में हवाओं के साथ ठंडक महसूस की जा रही है।इस सबके बीच श्रद्धालुओं का आवामन जारी है। हर परिस्थितयों में आस्था के कदम आगे बढ़ते देखे गए। खराब मौसम में बावजूद एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान किया।इनमें से आधे से ज्यादा ने हनुमानगढ़ी और रामलला का दर्शन किया।इससे पहले सरयू के पवित्र जल से भगवान श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित नागेश्वरनाथ महादेव का अभिषेक किया।
करनाल जिले के 7 से ज्यादा नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह के समय स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई थी। जब तक ईमेल की जांच की गई, तब तक बच्चे कक्षाओं में पहुंच चुके थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अभिभावकों को सूचना दी गई। इसके बाद स्कूल परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली करवाया गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई। ईमेल चेक होते ही प्रबंधन ने लिया फैसलाधमकी का यह ईमेल करनाल के प्रकाश कौर पब्लिक स्कूल और प्रताप पब्लिक स्कूल को मिला। स्कूल की प्राचार्या अनुप्रिया ने बताया कि स्कूल स्टॉफ ने स्कूल शुरू होने के बाद ईमेल की जांच की, जिसमें स्कूल को उड़ाने की धमकी लिखी हुई थी। सूचना मिलते ही बिना घबराहट के सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बच्चों को कक्षाओं से बाहर निकाला गया और स्कूल को पूरी तरह खाली कराया गया। इसके अलवा घरौंडा, बस्तली, असंध व के स्कूल नामी स्कूलो को भी यह ईमेल प्राप्त हुई। करनाल में प्रताप पब्लिक स्कूल, दायाल सिंह स्कूल सहित अन्य स्कूलों को भी बाम से उड़ाने की धमकी दी गई है। अभिभावकों को कॉल कर तुरंत बुलाया गयासभी स्कूलों के प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी अभिभावकों को फोन कर बच्चों को लेने के लिए बुलाया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान स्कूल परिसर में शांति बनाए रखी गई, ताकि बच्चों में डर का माहौल न बने। साइबर थाना करनाल में दी गई शिकायतप्रकाश कौर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अनुप्रिया ने बताया कि धमकी वाला ईमेल स्कूल समय में चेक किया गया था। इसके बाद तुरंत आवश्यक कदम उठाए गए और स्कूल को खाली करवा दिया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता थी। घटना की शिकायत साइबर थाना करनाल को दे दी गई है। पुलिस जांच में जुटी, ईमेल की हो रही पड़तालसाइबर थाना करनाल की टीम धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है। ईमेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजा गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा' विनियम, 2026 पर गंभीर चिंता जताई है। 13 जनवरी, 2026 को अधिसूचित ये नियम देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में चर्चा और विरोध का विषय बने हुए हैं। ये नियम रोहित वेमुला और पायल तड़वी के मामलों में उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद तैयार किए गए थे। इनका मुख्य उद्देश्य परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करना है। हालांकि, आलोचकों और कई छात्र संगठनों का तर्क है कि ये नियम केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को ही 'पीड़ित' के रूप में परिभाषित करते हैं। इससे सामान्य वर्ग के छात्रों को भेदभाव के खिलाफ समान कानूनी सुरक्षा नहीं मिल पाती है। ज्ञापन में 'साक्ष्य की आवश्यकता न होना' और 'गोपनीयता' जैसे प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि झूठी शिकायतों के लिए दंड का प्रावधान न होने से निर्दोष छात्रों के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की संभावना बढ़ सकती है। विभिन्न मंचों पर यह चिंता भी व्यक्त की जा रही है कि ये नियम परिसरों में 'जातीय ध्रुवीकरण' को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे शिक्षकों और छात्रों के बीच पारंपरिक संबंधों में अविश्वास पैदा होने की आशंका है।इन विनियमों की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। इसमें मांग की गई है कि भेदभाव की परिभाषा को 'जाति-निरपेक्ष' बनाया जाए, ताकि सभी वर्गों के छात्रों को समान सुरक्षा मिल सके। वर्तमान में, कई छात्र और सामाजिक संगठन #UGCRollback जैसे अभियानों के माध्यम से इन नियमों में संशोधन या इन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
गोपालगंज जिले के बथुआ हॉल्ट के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान ऊंचकागांव थाना क्षेत्र के कैथवलिया गांव निवासी शिवजी साह के बेटे शंभू कुमार गुप्ता (35) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पटना में इंटरव्यू देने गया था बताया गया है कि शंभू कुमार गुप्ता किसी काम के सिलसिले में पटना में इंटरव्यू देने गए थे। वापस लौटते समय रात होने पर उन्होंने अपने एक रिश्तेदार को फोन कर स्टेशन पर बुलाया था, ताकि वे उनके साथ घर जा सकें। जब रिश्तेदार स्टेशन पहुंचने से पहले उनके मोबाइल पर फोन किया, तो वह रिसीव नहीं हुआ। परिजनों के स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने रेलवे ट्रैक पर शंभू का शव देखा और उसकी पहचान की। इसके बाद पूरे परिवार को घटना की जानकारी मिली। परिजनों ने बताया कि शंभू विदेश में सेफ्टी सुपरवाइजर का काम करते थे। वे 17 दिन पहले ही घर लौटे थे और परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे थे। इसी बीच, वे दूसरे काम के लिए पटना में इंटरव्यू देने गए थे। परिजनों के अनुसार, लौटते समय ट्रेन से उतरते वक्त उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक शंभू कुमार गुप्ता के दो छोटे बच्चे हैं।
इंदौर के नंदबाग इलाके में रहने वाली सिक्योरिटी गार्ड महिला की 5 दिन पहले उसके घर में लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस एक्टिवा सवार दो लोगों की तलाश कर रही थी। पुलिस ने करीब 300 से ज्यादा कैमरों को खंगालते हुए आरोपियों की जानकारी निकाली। आरोपियों ने रुपए के लेनदेन के चलते सिक्योरिटी गार्ड महिला की हत्या की थी। दो सगे भाईयों को पुलिस ने पकड़ा डीसीपी राजेश व्यास की टीम ने बाणगंगा में हुए गायत्री कुर्मी के हत्याकांड का खुलासा किया है। मामले में दो भाईयों अमित मोर्य और सुमित मोर्य व उनके एक अन्य साथी को पकड़ा है। आरोपियों ने रुपए के लेनदेन के चलते गायत्री की गला घोटकर हत्या की थी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए थे। आरोपी को ढूंढने के लिए अलग-अलग टीमे बनाई गई थी। जिसमें मोबाइल डिटेल के साथ कैमरों को खंगाला गया था। आरोपी दो कैमरों में शुरूआत में गायत्री के घर के आसपास दिखे थे। इसके बाद से पुलिस उनकी आगे तलाश कर रही थी। अफसर इस मामले में पीसी कर जानकारी साझा करेंगे।
बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र में धामपुर मार्ग स्थित ईदगाह मोड़ के पास बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सुबह करीब 4:30 बजे ट्रक और कैंटर की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। हादसे में ट्रक चालक कमल (25 वर्ष), निवासी मिर्जापुर चांदपुर और कैंटर चालक मोहम्मद रफी (46 वर्ष), निवासी सरावत, सिविल लाइन मुजफ्फरनगर घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नहटौर में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी फुटेज आया सामनेहादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कैंटर को अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से टकराते हुए देखा जा सकता है। फुटेज के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस कर रही जांचथाना अध्यक्ष धीरज नागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया।
सुल्तानपुर जिले के घरहां खुर्द गांव में एक वृद्ध विधवा महिला की जमीन पर कथित तौर पर भूमाफिया ने अवैध निर्माण शुरू कर दिया है। आरोप है कि असलहे से लैस दबंग मौके पर मौजूद होकर धमका रहे हैं, जबकि यह मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़िता सफरून निशा, पत्नी स्व. मुख्तार अहमद, ने बुधवार को जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र दिया। इसमें उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 631, 632 और 633 में अदालती बंटवारा हो चुका है। इसके बावजूद विपक्षी सलमान आजाद, शमीम उर्फ पिन्टू, शेखू और फैयाज ने उनकी जमीन पर नींव खोदना शुरू कर दिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी भूमाफिया और अपराधी किस्म के लोग हैं, जो हाल ही में जेल से छूटे हैं। पीड़िता ने बताया कि मंगलवार को 112 नंबर पुलिस को बुलाया गया था, लेकिन बुधवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें असलहा लिए दबंग मौके पर मौजूद होकर धमकाते दिख रहे हैं। सफरून निशा ने अपनी शिकायत में कहा कि वह एक वृद्ध और बेवा महिला हैं, जो लड़ाई-झगड़ा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि अवैध निर्माण को तुरंत नहीं रोका गया, तो किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। यह मामला सिविल कोर्ट सुलतानपुर की कोर्ट नंबर 15 में विचाराधीन है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से अवैध निर्माण रुकवाने और मौके पर शांति व्यवस्था कायम कराने का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी ने मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मंडला जिले के मधुपुरी गांव में भीषण पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों ने मंगलवार को पदमी-रामनगर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब सात दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के इस प्रदर्शन से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार, पीएचई विभाग के कर्मचारी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में एमपीआरडीसी द्वारा पदमी-रामनगर सड़क का निर्माण किया गया है, जो मधुपुरी गांव से होकर गुजरती है। सड़क निर्माण से पूर्व राजस्व विभाग ने लगभग 58 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके परिणामस्वरूप, सीमित जगह में सड़क तो बन गई, पर नाली और पाइपलाइन बिछाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा। सड़क निर्माण के दौरान गांव की पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। अब जब नई पाइपलाइन बिछाने और नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया है, तो अतिक्रमणकारियों द्वारा इसमें बाधा डाली जा रही है। इसी वजह से पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि पहले अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि पाइपलाइन और नाली निर्माण का कार्य पूरा हो सके और गांव में नियमित पानी की आपूर्ति बहाल की जा सके। मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने इस स्थिति को प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि गांव में पानी की टंकी बन चुकी है और पाइपलाइन कनेक्शन का काम वर्ष 2022 में ही पूरा होना था, लेकिन यह अब तक अधूरा है। उन्होंने स्थानीय विधायक और पीएचई मंत्री पर भी सवाल उठाए। फिलहाल, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है। वे ग्रामीणों से बातचीत कर चक्काजाम समाप्त करने और उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दे रहे हैं।
भिवानी के भीम स्टेडियम में बुधवार से आर्मी भर्ती शुरू हो गई। जिसमें भिवानी के युवाओं ने भाग लिया। इसको लेकर युवाओं उत्साह था और युवा कई दिनों से इसकी तैयारी कर रहे थे। आर्मी भर्ती में भाग लेने पहुंचे युवाओं के अभिभावकों गांव दिनोद निवासी मनीष, गांव निमड़ी वाली निवासी पवन कुमार व गांव दिनोद निवासी दिनेश ने बताया कि बच्चों में काफी उत्साह था। इस तरह की भर्ती होती रहनी चाहिए। क्योंकि युवाओं में देशभक्ति का जुनून है। इसलिए वे आर्मी में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते है। उन्होंने कहा कि आर्मी भर्ती के लिए युवा कई दिनों से दौड़ व अन्य अभ्यास में जुटे हुए थे। बुधवार को केवल भिवानी के युवाओं को भर्ती में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। वहीं आने वाले दिनों में महेंद्रगढ़, चरखी दादरी व रेवाड़ी जिले के युवा शामिल भाग लेंगे। जिनकी एंट्री सुबह करीब 4 बजे से शुरू हो गई। 8798 उम्मीदवारों होंगे शामिलसेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के निदेशक कर्नल के. संदीप ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत सेना भर्ती कार्यालय, चरखी दादरी ने भर्ती के लिए महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी और भिवानी जिले के सभी ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण 8798 उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षण के लिए तारीख अनुसार अलग-अलग श्रेणियों के लिए प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं। युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए 1600 मीटर दौड़ लगानी होगी। इसके अतिरिक्त कम से कम 6 और अधिकतम 10 चिनप्स (बीम), 9 फीट डिच जम्प और जिग जैग बैलेंस आदि टेस्ट भी लिया जाएगा। फिजिकल टेस्ट में पास उम्मीदवारों को अगले दिन चिकित्सा परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। युवा बोले- देश सेवा का सुनहरा अवसरभर्ती रैली में पहुंचे युवा सौरभ व हर्ष ने बताया कि भर्ती रैली में पहुंचकर उन्हें देश सेवा में शामिल होने का सुनहरा अवसर मिला है। यहां पर दौड़ के लिए बेहतर ट्रैक बनाया गया है। सेना के अधिकारियों द्वारा शारीरिक जांच बेहतर तरीके से की जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी दौड़ सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। अब अन्य शारीरिक व मेडिकल परीक्षाएं देगें। उम्मीदवारों ने बताया कि इस भर्ती रैली के माध्यम से उन्हें देश सेवा करने का मौका मिलेगा। वे भारतीय सेना में जाकर देश सेवा का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका सेना में जाने का बचपन से सपना रहा है, जो अब साकार होता दिखाई दे रहा है। 12 फरवरी तक होगी भर्तीभिवानी के भीम स्टेडियम में 28 जनवरी से 12 फरवरी तक सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी द्वारा अग्निवीर के विभिन्न पदों की भर्ती की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी निदेशक कर्नल के. संदीप ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में मुख्य रूप से भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिले से युवा भाग लेंगे। भर्ती प्रक्रिया में करीब 8798 युवा भाग लेंगे। इनमें करीब 2 हजार युवा प्रदेशभर के अन्य विभिन्न जिलों के भी शामिल हैं। भर्ती में अग्निवीर जेडी, क्लर्क, स्टोरकीपर, टेक्निकल और ट्रेडमैन के पद शामिल हैं। प्रतिदिन करीब 650 युवा भर्ती में शामिल होंगे। सुबह 4 बजे होगी एंट्रीभर्ती प्रक्रिया के लिए करीब 4 बजे भीम स्टेडियम में युवाओं की एंट्री होगी। भर्ती में शामिल युवाओं का मेजरमेंट, डॉक्यूमेंट चेक, मेडिकल फिटनेस टेस्ट और दौड़ होगी। दौड़ चिकित्सकों की मौजूदगी में होगी। भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं का ड्रग टेस्ट भी होगा। मूल दस्तावेजों के साथ एडमिट कार्ड अनिवार्यसेना भर्ती 2025-2026 अग्निवीर स्कीम और स्थायी श्रेणी के तहत ऑनलाइन परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों के लिए 28 जनवरी से 12 फरवरी के बीच भीम स्टेडियम भिवानी में शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा का आयोजन किया जा रहा। सामान्य प्रवेश परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्धारित समय के अनुसार भीम स्टेडियम में उपस्थित रहना सुनिश्चित करें। भर्ती में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेजों के साथ-साथ एडमिट कार्ड भी अपने साथ जरूर लेकर आएं।
यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सवर्ण समाज के अन्य लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने वहां धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राम जादौन ने किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसे राम जादौन ने अपने खून से लिखा था। ज्ञापन में राष्ट्रपति से यूजीसी कानून को तुरंत समाप्त करने की मांग की गई है। सवर्ण समाज का कहना है कि वे छात्रों के साथ किसी भी जाति विशेष के भेदभाव के खिलाफ हैं और केंद्र सरकार को इस कानून में तत्काल बदलाव करना चाहिए। पहले 3 तस्वीरें देखिए… ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कानून में बदलाव नहीं किया गया, तो हाथरस जनपद का सवर्ण समाज सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेगा। ठाकुर राम जादौन ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति के नाम यह पत्र कलेक्ट्रेट में अधिकारियों को सौंपा है। इस मौके पर शिवा ठाकुर, रजत ठाकुर, दिनेश ठाकुर, अमरसिंह, केके शर्मा, सत्येंद्र सिंह, आशीष कुमार सिंह सहित कई लोग मौजूद थे। आरएसपी ने भी सौंपा ज्ञापन... इसी बीच, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने भी इस कानून का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा। इसमें भी कानून वापस लेने की मांग की गई है। इस दौरान अभय गौतम, अमन गौतम, मोहित चौधरी, विशाल उपाध्याय, वंश सोनी, हेमंत शर्मा, रंश प्रभाकर आदि उपस्थित थे।
शेखपुरा में इंटरमीडिएट परीक्षा के कदाचारमुक्त और सफल संचालन के लिए बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त बैठक की। परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। वीक्षकों को योगदान के बाद परीक्षा की गोपनीयता और संबंधित निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। प्रतिदिन वीक्षकों का रैंडमाइजेशन भी किया जाएगा। कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगेप्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी, लेकिन प्रत्येक कक्ष में कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगे। एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सीटिंग प्लान तैयार किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सघन फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी ताकि किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल, स्मार्टफोन या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न हो। परीक्षार्थियों के बैठने की दूरी कम से कम 3 फीट होनी चाहिए। केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, रोशनी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जूता पहनकर आने की अनुमति नहीं होगीपरीक्षार्थी केवल अपना प्रवेश पत्र लाएंगे और उन्हें जूता/मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश गेट पर गहन जांच की जाएगी। आवश्यकतानुसार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 500 मीटर की दूरी पर एक फोटोग्राफर नियुक्त किया जाएगा। सभी वीक्षक अपने आवंटित कक्ष में फ्रिस्किंग का कार्य करेंगे। परीक्षा केंद्र के बाहर CCTV निगरानी संबंधी प्लेकार्ड लगाना अनिवार्य होगा। केंद्र के बाहर सीटिंग प्लान और सभी कक्षों का रूट चार्ट प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा प्रारंभ के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होगीप्रथम एवं द्वितीय पाली के परीक्षा समय और प्रवेश समय को परीक्षा केंद्र के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्य द्वार बंद होने के बाद यदि कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से प्रवेश का प्रयास करता है, तो इसे आपराधिक अतिक्रमण (क्रिमिनल ट्रेसपास) माना जाएगा। परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। संबंधित परीक्षा केंद्र के कर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सभी केंद्राधीक्षक प्रश्नपत्र वितरण चार्टपालीवार तैयार करेंगे तथा प्रश्नपत्र खोलने संबंधी निर्देशों का पालन करेंगे। कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी केंद्राधीक्षक एवं वीक्षकों की होगी। सभी केंद्राधीक्षक या विक्षक अपना अपना आईडी कार्ड लगाकर उपस्थित रहेंगे। कदाचार में संलिप्त पाए जाने पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
देवास जिले में मंगलवार रात आंधी के साथ तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हाटपीपल्या और बागली क्षेत्र के कई गांव ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां फसल पूरी तरह से खेत में आड़ी हो गई। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के अनुसार जिले के प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार की अध्यक्षता में एक दल खेतों में पहुंचकर मौका मुआयना करेगा। राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत क्षति दर्ज करने, पंचनामा तैयार करने और प्रभावित किसानों से आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गई। कुछ देर की बारिश और ओले से सब तबाह हो गया। बारिश से गेहूं, चना, प्याज और लहसुन की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने मुआवजे की मांग की है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार- बारिश के कारण अधिकतम और न्यूनतम पारे में 2-2 डिग्री की गिरावट आई है।
राजनांदगांव जिला-सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुबह करीब 11:30 बजे सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पूरे न्यायालय परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। धमकी की सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम न्यायालय परिसर पहुंची। टीम ने कोर्ट के कमरों, गलियारों, पार्किंग एरिया सहित पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। एनआईए कोर्ट होने से मामला संवेदनशील बताया जा रहा है कि राजनांदगांव जिला न्यायालय परिसर में एनआईए (NIA) कोर्ट संचालित होती है। यहां नक्सल मामलों से जुड़े कई संवेदनशील प्रकरण लंबित हैं और बड़े नक्सली आरोपियों की नियमित पेशी होती रहती है। आशंका जताई जा रही है कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने या दबाव बनाने के उद्देश्य से नक्सल समर्थकों की ओर से इस तरह की धमकी दी गई हो सकती है। कुछ समय के लिए बना रहा भय का माहौल सर्च ऑपरेशन के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों के बीच कुछ समय के लिए चिंता और भय का माहौल रहा। हालांकि, पुलिस की तत्परता से स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया। स्थिति सामान्य, न्यायिक कार्रवाई शुरू घंटों की जांच के बाद परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौटी। सुरक्षा को देखते हुए न्यायालय परिसर में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद न्यायालय की कार्रवाई फिर से सुचारू रूप से शुरू कर दी गई। ASP कीर्तन राठौर का बयान एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। न्यायालय में सामान्य कामकाज जारी है। उन्होंने आम नागरिकों और वकीलों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पुख्ता है।
पंचकूला के PWD रेस्ट हाऊस में मंत्री विपुल गोयल ग्रीवांस कमेटी में समस्याएं सुनने के लिए आज पहुंचेंगे। मीटिंग में करीब 10 नए परिवादों पर सुनवाई होगी। मीटिंग में पिछली बार कांग्रेस MLA चंद्रमोहन का नहीं आना चर्चा का कारण बना रहा। पंचकूला ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में हर बार कांग्रेस एमएलए चंद्रमोहन रहते हैं। लेकिन पिछली 2 बार से उनके साथ भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा छींटाकशी की जा रही है। जिसके कारण वो नाराज भी हो गए थे। हालांकि मीटिंग में ही मंत्री विपुल गोयल ने मामला सुलझा दिया था। इस बार राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा भी अपनी एमएलए मां शक्ति रानी शर्मा के साथ मीटिंग में पहुंचे। वहीं राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा भी मीटिंग में शामिल हुई। पिछली बार ग्रीवेंस कमेटी मीटिंग में उठे ये मुद्दे...
राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 का एग्जाम इस बार तीन पारियों के बजाय दो पारियों में ही होने की संभावना है। इस परीक्षा में करीब पौने आठ लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किए हैं। पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स के कारण रद्द हुई पिछली एसआई भर्ती-2021 की गलतियों से सबक लेते हुए आयोग ने इस बार विशेष तैयारियां की है। इस बार होने वाले एग्जाम में कई बडे़ बदलाव देखने को मिलेंगे, जो पिछली भर्ती में इस्तेमाल नहीं हुए थे लेकिन बाद में लागू किए। बता दें कि आयोग ने इस परीक्षा की डेट 5 अप्रैल प्रस्तावित कर रखी है। एसआई भर्ती में हिन्दी व जीके का पेपर होता है। पिछली एसआई भर्ती परीक्षा तीन पारियों में हुई थी। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (आईएएस) आशुतोष गुप्ता ने कहा.... पिछली बार हुई एसआई भर्ती और इस बार हो रहे भर्ती एग्जाम में सुरक्षा को लेकर कईं बडे़ बदलाव आरपीएससी में हुए है। इन नवाचारों से पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स की सम्भावना नहीं होगी। साथ ही कईं सुरक्षा के उपाय किए गए है। जानिए-पिछली एसआई भर्ती-2021 और इस बार में क्या होगा फर्क.... सेंटर पर आधे घंटे पहले पेपर पहुंचेंगेआयोग की ओर से अब परीक्षा के पेपर सेंटर पर आधे घंटे पहले ही पहुंचते है। इससे पेपर लीक की संभावना कम हो गई है। साथ ही इसमें डिजिटल लॉक व सिक्योरिटी सिस्टम है। पेपर पहुंचने से लेकर खुलने व बंटने तक की वीडियोग्राफी होती है। इसका पूरा प्रोसेस की भी एंट्री होती है। एक घंटे पहले ही सेंटर पर एंट्रीसभी कैंडिडेट्स की एंट्री परीक्षा के निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही हो जाती है। जबकि पेपर आधे घंटे पहले सेंटर पर पहुंचते है। ऐसे में पेपर लीक की सम्भावना भी कम हो गई है। लाइव फोटो कैप्चर की सुविधावन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया है। डमी कैंडिडेट और फोटो टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स पर लगाम लगाने के लिए लाइव फोटो कैप्चर शुरू किया गया है। परीक्षा के दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जाता है। हाथ से लिखे नमूने लेने की व्यवस्था होगीउम्मीदवार को परीक्षक के सामने हस्ताक्षर करने और अंगूठे का निशान लगाना होता है। उम्मीदवार की हस्तलेखन का नमूना उपस्थिति पत्र में कैप्चर किया जाएगा। उम्मीदवार को निरीक्षक की उपस्थिति में एक वाक्य लिखना होगा और इसे सत्यापित करके हस्ताक्षर करना होगा। एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड व वाटर मार्क होगाअब कैंडिडेट्स की ओर से एडमिट कार्ड को आसानी से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। एडमिट कार्ड में वाटरमार्क और क्यूआर कोड स्कैनर है। वाटरमार्क में उम्मीदवार की फोटो होती है और क्यूआर कोड में उम्मीदवार का विवरण होता है। जो पिछली भर्ती में नहीं था। ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प मिलेगाओएमआर शीट में पांच विकल्प दिए है। सभी विकल्पों में से एक को चुनना अनिवार्य है। इससे पहले, उम्मीदवारों को चार विकल्पों में से एक उत्तर को बोल्ड करना होता था। अब यदि उम्मीदवार प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं तो पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर नेगेटिव मार्किंग व अपात्र घोषित करने का प्रावधान है। जो पिछली बार नहीं था। इंटरव्यू में टोकन सिस्टमइंटरव्यू में टोकन प्रणाली शुरू की गई है। इसमें एक उम्मीदवार गुमनाम रूप से टोकन चुनता है और साक्षात्कार बोर्ड को उसी आधार पर आवंटित किया जाता है। ऐसे में इंटरव्यू से पहले किसी को पता नहीं चलता कि कौनसा कैंडिडेट किस बोर्ड में इंटरव्यू देगा। बडे़ आकार की फोटो अनिवार्यउपस्थिति पत्रक प्रोफार्मा में भी सुधार किया गया है, जिसमें बड़े आकार की फोटो और उम्मीदवार की उंगलियों के निशान शामिल हैं। जो पिछली बार की परीक्षा में नहीं थे। ..अब जानते है पिछली भर्ती के बारे में.... एसआई भर्ती 2021 को कोर्ट ने किया था रद्द राजस्थान हाई कोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को एसआई भर्ती 2021 रद्द कर दी थी। 859 पदों के लिए एग्जाम हुआ था। पेपर लीक में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे। इस पेपर लीक में आरपीएससी के 6 सदस्यों की भूमिका थी। पेपर को रद्द करते हुए कोर्ट ने इसके पद 2025 की भर्ती में जोड़ने के आदेश दिए थे। इसलिए अब भर्ती के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। एसआई भर्ती 2021 में हुई थी बड़ी गिरफ्तारियां.... 1. पूर्व RPSC मेंबर और बेटे-बेटी अरेस्ट हुए थेसब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका, उसके बेटे देवेश राईका और शोभा राईका की भी गिरफ्तारी हुई थी। देवेश राईका और शोभा राईका को जमानत मिल चुकी है। रामू राम राईका को 4 जुलाई 2018 को तत्कालीन बीजेपी राज (वसुंधरा राजे सरकार) के दौरान RPSC का मेंबर बनाया गया था। राईका 4 जुलाई 2022 तक मेंबर रहा था। रामू राम राईका अब भी जेल में है। 2. बाबूलाल कटारा से रामूराम राईका ने लिया था पेपरसीनियर टीचर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा भी एसआई भर्ती पेपर लीक में शामिल था। रामू राम राईका ने एसओजी को बताया था कि वह अपने बेटे-बेटी के लिए बाबूलाल कटारा से पेपर लेकर आया था। 3. पूर्व सीएम गहलोत के PSO को अरेस्ट किया थापूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार यादव ने बेटे के लिए पेपर खरीदा था। इसके बाद अपने दूधवाले को भी पेपर बेचा था। आरोपी राजकुमार को 8 अगस्त 2025 को पकड़ा गया था। ये खबर भी पढ़ें...
मैनपुरी के तहसील क्षेत्र में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सामने आया है। ग्राम जरामई के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें सरकारी भूमि को अवैध बाउंड्री से मुक्त कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में बंजर नवीन परती व ऊसर के रूप में दर्ज ग्राम सभा की सुरक्षित भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सभा की गाटा संख्या 639, 1096 और 1392 पर अजय गुप्ता और संध्या पत्नी अजय कुमार ने कथित तौर पर अवैध रूप से बाउंड्री बनाकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। यह जमीन ग्राम सभा के सार्वजनिक कार्यों के लिए आरक्षित थी, लेकिन अवैध कब्जे के कारण विकास कार्यों में लगातार बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी है। हालांकि, कथित प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्राम सभा की अन्य जमीनें भी अवैध कब्जे की चपेट में आ सकती हैं। प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर भूमि की पैमाइश कराई जाए। साथ ही, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर बाउंड्री को ध्वस्त कराया जाए। इस दौरान गिरिराज, रघुराज, नरेंद्र, अजब सिंह, गिरीश चंद्र, राजवीर सिंह, अर्पित, भंवर सिंह, बंटू, फुलवारी और सुरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराने का आग्रह किया।
सहरसा के सौरबाजार थाना क्षेत्र के धमसेना वार्ड संख्या 02 में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में एक पक्ष के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों की पहचान 20 वर्षीय छोटू कुमार, 35 वर्षीय पंकज रजक, 60 वर्षीय शंकर रजक, 50 वर्षीय मीरा देवी और 22 वर्षीय रतनी कुमारी के रूप में हुई है। ये सभी धमसेना वार्ड संख्या 02 के ही निवासी हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे निगरानी में हैं। 2 कट्ठा 3 धूर जमीन को लेकर विवाद घायल छोटू कुमार ने बताया कि गांव के चंदेश्वरी रजक से दो कट्ठा तीन धूर जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अचानक करीब 20 लोग उनके घर पहुंचे और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में घर के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। घटना की सूचना मिलते ही सौरबाजार थाना पुलिस सक्रिय हो गई। सौरबाजार थानाध्यक्ष प्रभाकर भारती ने बताया कि यह मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। घायलों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और दोषियों की पहचान की जा रही है।
सीकर के ईदगाह चौराहे से लेकर बुच्याणी तक अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई ईद के त्यौहार के बाद की जाएगी। बता दें कि मोचीवाड़ा इलाके की इस रोड को 40 फीट चौड़ा करने का प्लान है। इसके लिए अवैध अतिक्रमण और निर्माण को चिन्हित करने का काम पहले ही पूरा हो चुका है। सीकर नगर परिषद के रेवेन्यू ऑफिसर प्रमोद कुमार सोनी ने बताया कि सीकर की मोचीवाड़ा रोड की चौड़ाई करने का प्लान है। इसके लिए अवैध अतिक्रमण और निर्माण को चिन्हित करने का काम पूरा करके अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके थे। नगर परिषद में आयुक्त शशिकांत शर्मा की उन लोगों से वार्ता हुई है। जिसमें अतिक्रमण करने वाले लोगों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें ईद तक का समय दिया जाए। ताकि वह खुद ही अपने स्तर पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण को तोड़ लें। इस पर नगर परिषद ने निर्णय किया है कि ईद के त्यौहार के बाद ही अवैध अतिक्रमण और निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रेवेन्यू ऑफिसर प्रमोद कुमार सोनी ने कहा कि लोग खुद के स्तर पर ही अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ लें तो ज्यादा बेहतर रहता है क्योंकि जब प्रशासन तोड़ने की कार्रवाई करता है ज्यादा नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। बता दें कि ईदगाह चौराहे से बुच्याणी तक लोगों ने इतना ज्यादा अतिक्रमण और अवैध निर्माण किया हुआ है कि कहीं-कहीं पर तो सड़क की चौड़ाई केवल 20 फीट तक ही है। कई बार जब इस रास्ते से शव लेकर अंतिम यात्रा निकाली जाती है तो लोग ट्रैफिक में फंस जाते हैं।
करौली में सवर्ण समाज ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर UGC के नए नियमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान भी किया। सवर्ण समाज के सदस्यों ने पुरानी नगर पालिका क्षेत्र से एक रैली निकाली। यह रैली फूटाकोटा, बड़ा बाजार, वजीरपुर गेट और पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने लगभग आधे घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रैली निकाली, नारेबाजी कीप्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जनवरी 2026 में लागू किए गए UGC के नए नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के नाम पर एकतरफा व्यवस्था थोपते हैं। उनका दावा है कि ये नियम केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांग छात्रों पर केंद्रित हैं, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है। वक्ताओं ने नियमों के तहत गठित की जाने वाली इक्विटी कमेटियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों को बिना किसी दंडात्मक प्रावधान के जांच का अधिकार देना, झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को बढ़ावा दे सकता है, जिससे शैक्षणिक परिसरों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना कीप्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि देश की एक बड़ी आबादी सामान्य वर्ग से संबंधित है, और इस तरह की नीतियां उनके समान अवसर के अधिकार को कमजोर करती हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी कानून का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि सामाजिक संतुलन को बिगाड़ना। धरना स्थल पर विरोध के प्रतीक के रूप में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई। इसके बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें UGC नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने 1 फरवरी को भारत बंद के माध्यम से देशव्यापी विरोध दर्ज कराने की बात दोहराई।
उदयपुर के चार युवाओं ने साइकिलिंग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चारों साइक्लिस्ट ने उदयपुर से नैनीताल स्थित कैंची धाम तक 1050 किलोमीटर की दूरी तय की। जितेन्द्र पटेल, ऋषभ जैन, रचित सिंघवी और शुभम कोठारी ने यह यात्रा 5 दिनों में पूरी की। इस दौरान इन्हें रास्ते में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और बारिश का सामना करना पड़ा। टीम ने राजाना 200 से 250 किलोमीटर साइकिल चलाई। दल 22 जनवरी को सरदारपुरा स्थित हनुमान मंदिर से रवाना हुआ था। फिर उदयपुर, अजमेर, कोटपुतली, गाजियाबाद, हल्द्वानी होते हुए नैनीताल पहुंची। टीम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन कैंची धाम पहुंची और तिरंगा झंडा फहराया गया। युवाओं ने फिटनेस और एकजुटता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान लवदेव बागड़ी और कार्तिकेय सिंघवी क्रू मेंबर के रूप में साथ रहे। दोनों ने करब 450 किलोमीटर तक साइक्लिंग कर टीम का मनोबल बढ़ाया।
UGC कानून के विरोध में जोधपुर स्थित एक होटल में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि यदि यह काला कानून वापस नहीं लिया गया तो आगामी 1 फरवरी को भारत बंद किया किया जाएगा। वक्ताओं ने बताया कि इस आंदोलन को लेकर व्यापारिक संगठनों से बातचीत हो चुकी है और उन्होंने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही 36 कौमों के लोग इस आंदोलन से जुड़कर इसे सफल बनाएंगे। ब्राह्मण महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल पारीक ने बताया कि यूजीसी के अंतर्गत हाल ही में कुछ ऐसे प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं, जो समानता के नाम पर लागू किए गए, लेकिन वास्तव में वे समाज को अंदर ही अंदर विभाजित करने का कार्य कर रहे हैं। इन बदलावों से हिंदू समाज को अलग-अलग वर्गों में बाँटने की कोशिश की जा रही है। इसी कारण हम इस काले कानून का विरोध करते हैं और इसके खिलाफ 1 फरवरी को जोधपुर बंद तथा देशव्यापी भारत बंद का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संगठनों और समाज के 36 कौम के बंधुओं से अपील करते हैं कि वे इस भारत बंद में सहयोग करें, ताकि हम सब एकजुट रह सकें। कुछ राजनीतिक नेता अपने स्वार्थ के लिए समाज को बाँटना चाहते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। पारीक ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग का नहीं है। ओबीसी, एससी, एसटी, ब्राह्मण, बनिया, जैन, माहेश्वरी सहित सभी समाजों से आग्रह है कि वे एक साथ आएँ, भाईचारे को मजबूत करें और देश की एकता को बनाए रखें। विभिन्न संगठनों से बातचीत जारी राष्ट्रीय स्तर पर संवाद को लेकर उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठनों से बातचीत चल रही है। करणी सेना, ब्राह्मण समाज के बड़े संगठन, माहेश्वरी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों से संपर्क में हैं और सभी मिलकर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं। ओबीसी वर्ग और 36 कौम के लोग भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा। समाज में जो आक्रोश है, उसे सकारात्मक और लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त किया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले पंचायत चुनावों में मतदान के बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार किया जा सकता है। समाज को बांटने वाला कानून वहीं, ब्राह्मण महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष हस्तीमल सारस्वत ने कहा कि इस काले कानून के खिलाफ़ युवाओं में जो भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, वह अब सड़कों पर साफ़ दिखाई देने लगा है। पूरे हिंदुस्तान में जिस तरह युवा आंदोलनरत हैं, उससे साफ़ संकेत मिलता है कि सरकार काफी हद तक हिल चुकी है। इससे बड़ा विरोध और क्या हो सकता है कि उत्तर प्रदेश के बरेली से सिटी मजिस्ट्रेट ने भी इस कानून के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि सभ्य और जागरूक समाज में इस कानून को लेकर कितनी गहरी नाराज़गी है। जिस प्रकार समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। यदि सरकार ने समय रहते इस पर पुनर्विचार नहीं किया, तो इसका खामियाज़ा सरकार को ही नहीं, बल्कि पूरे देश और जनता को भुगतना पड़ेगा। जनता के हित में और देश को किसी बड़े नुकसान से बचाने के लिए सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपने निर्णय को वापस ले और इस कानून पर पुनः विचार करे। तिलक, तराजू और तलवार अन्याय और सहन नहीं करेंगे करणी सेना के संभाग प्रभारी मानसिंह मेड़तिया ने कहा कि। हमारे समाज को ऐसे कानूनों के कारण यह महसूस हो रहा है कि मानो हमारे बच्चों का भविष्य छीना जा रहा हो। जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूँ,तिलक, तराजू और तलवार अन्याय को अब और सहन नहीं करेंगे। हम सड़कों पर उतरेंगे, लेकिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से। हमारे समाज में पढ़े-लिखे, समझदार और बुद्धिजीवी लोग हैं, जो अनुशासन और शांति के साथ अपनी बात रखेंगे। फिर भी यदि हमारी शांतिपूर्ण आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। जब हालात ऐसे बन जाएँ कि समाज को यह महसूस हो कि उसके बच्चों के जन्म तक पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, तो विरोध स्वाभाविक है। हमारा समाज हमेशा से बलिदान देता आया है। इतिहास इसका साक्षी है। आज हम हथियार नहीं, बल्कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो समाज एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। वहीं, शिक्षक नेता शंभू सिंह मेड़तिया ने कहा कि यदि युवा वर्ग को आंदोलन के दौरान हिंसात्मक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया गया, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और कानून व्यवस्था की होगी। ये रहे मौजूद प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत,कन्हैया लाल पारीक, मानसिंह मेड़तिया, गजेंद्र सिंह राठौड़, अनिल माथुर, दिनेश गौड़, प्रकाश जैन, श्याम सिंह साजडा, राधेश्याम डागा सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जालौन के उरई में विभिन्न सामाजिक संगठनों और सर्वण समाज ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2026 के नए नियमों का विरोध किया है। इन संगठनों ने राष्ट्रपति भारतवर्ष को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। करणी सेना भारत, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा और श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जैसे संगठनों के पदाधिकारियों ने यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी द्वारा 13 जनवरी 2026 को बनाए गए नियम 15 जनवरी 2026 को राजपत्र में अधिसूचित किए गए, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं। संगठनों का आरोप है कि इन नियमों से समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है और वर्ग भेद को बढ़ावा मिल रहा है। उनके अनुसार, उच्च समाज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। विरोध करने वालों ने तर्क दिया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऐसे नियम सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि ये नियम समानता के अधिकार, भेदभाव से मुक्ति और सम्मानपूर्वक जीवन के अधिकार को प्रभावित कर रहे हैं। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर नहीं दिए गए, तो इसका पूरे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। संगठनों ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि जनभावनाओं और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी 2026 नियमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में शिक्षा से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय से पहले सभी वर्गों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
जींद जिले के जुलाना के किलाजफरगढ़ गांव के पास एनएच-152डी पर बीती रात एक सड़क हादसा हुआ। दो ट्रकों की टक्कर में पीछे वाले ट्रक के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही जुलाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घटना रात करीब 9:30 बजे हुई। राजस्थान से पंजाब की ओर जा रहा एक ट्रक किलाजफरगढ़ टोल प्लाजा के पास धीमा हुआ। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ड्राइवर की मौके पर ही मौत, क्लीनर घायल हादसे में पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक का ड्राइवर, राजस्थान निवासी द्वारिका, गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने उसे निकालने का प्रयास किया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ट्रक में सवार क्लीनर भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे एंबुलेंस से जींद के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जुलाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जींद के सामान्य अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
खेलो एमपी यूथ गेम्स के तहत बुधवार से प्रदेशभर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। जबलपुर जिले को खो-खो प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। यह प्रतियोगिता महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज ग्राउंड में आयोजित की जा रही है। इस खो-खो प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के 46 जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया है। प्रदेशभर से कुल 1490 खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें अंडर-18 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं। मध्य प्रदेश खो-खो संघ के सचिव संजय यादव ने बताया कि जबलपुर में तीन दिवसीय खो-खो प्रतियोगिता खेलो एमपी यूथ गेम्स के तहत आयोजित की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 28 जनवरी को सुबह से शाम तक लगभग 60 से 70 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनके परिणाम शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे। यह प्रतियोगिता मध्य प्रदेश खेल विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है। संजय यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करते हैं। खेलो एमपी यूथ गेम्स युवा खिलाड़ियों के लिए एक सशक्त मंच है। इन टीम के बीच आज मुकाबला बालक वर्ग इन शहरों की टीम उज्जैन / अशोकनगरजबलपुर / उज्जैनश्योपुर / सीधीमंदसौर / नीमचबुरहानपुर / शहडोलनरसिंहपुर / रतलामग्वालियर / सतनाखंडवा / अनूपपुरदेवास / बैतूलमंदसौर / सतनाश्योपुर / नरसिंहपुरइंदौर / शहडोलजबलपुर / अशोकनगरसागर / अनूपपुरउमरिया / हरदाविदिशा / रीवासिहोर / खरगोनउज्जैन / मंडलाबड़वानी / रायसेनसीधी / भोपालसिंगरौली / अलीराजपुरधार / हरदाबालिका वर्ग इंदौर / विदिशाजबलपुर / ग्वालियरशहडोल / मैहरहरदा / रामनगरसतना / सागरसीधी / देवासदमोह / उमरियागुना / कटनीसिंगरौली / सिवनीइंदौर / दतियाजबलपुर / बालाघाटसिहोरा / खजुराहोश्योपुर / राजगढ़ सीहोर / खंडवाछतरपुर / अलीराजपुर
शेखपुरा में बुधवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की एक बैठक मंथन सभागार, समाहरणालय में आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आईसीडीएस, जीविका, नगर निगम, पंचायती राज और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो किसी व्यक्ति के जीवन को कष्टदायक बना देती है। लोगों को इस बीमारी से बचाने के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) का आयोजन किया जाता है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए जिले के सभी विभागों से सहयोग की अपील की। समिति बैठक से जुड़ी तस्वीरें… जिले का माइक्रो फाइलेरिया रेट 1%जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान में शिक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, जीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की बहनें, विकास मित्र, राशन डीलर और नगर निगम के कर्मचारी भी लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खाने के लिए जागरूक करने में मदद करेंगे। इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शेखपुरा जिले में हाल ही में कराए गए नाइट ब्लड सर्वे के अनुसार, जिले का माइक्रो फाइलेरिया रेट 1% है। इसमें बरबीघा प्रखंड का माइक्रो फाइलेरिया रेट सर्वाधिक 1.6% पाया गया है। बीमार लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगीइस स्थिति को देखते हुए, जिले के सभी प्रखंडों में आगामी 10 फरवरी से एमडीए राउंड शुरू होगा। इस दौरान लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा के रूप में अल्बेंडाजोल, डीईसी और आईवरमेक्टिन का सेवन कराया जाएगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी। अभियान के लिए जिला स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। शेखपुरा जिले की कुल 8,14,364 जनसंख्या में से 6,92,209 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार, वीडीएस मनोज कुमार, पिरामल के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बस्ती में बाइक सवार युवक की मौत:तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, पुलिस ने कार समेत चालक को पकड़ा
बस्ती के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बस्ती-बांसी मार्ग पर बरगदवा गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। बाइक सवार बस्ती की ओर से बांसी मार्ग पर जा रहा था, तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरा और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और कार चालक से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को हादसे का कारण बताया जा रहा है। कार में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए।
बिहार में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर राज्य में नई नीति लागू की जाएगी। यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस घोषणा के बाद की जा रही है, जिसमें उन्होंने सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही थी। सात निश्चय-3 के तहत होगा मंथन नई नीति तैयार करते समय राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “सात निश्चय-3” के तहत “सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन” की अवधारणा पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आम जनता को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर, सस्ती और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। उच्चस्तरीय कमेटी कमियों का अध्ययन कर सौंपेगी रिपोर्ट उच्चस्तरीय कमेटी मौजूदा व्यवस्था, डॉक्टरों की सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य तंत्र की कमियों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसी के आधार पर राज्य में नई और सख्त नीति लागू की जाएगीस्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित इस कमेटी का अध्यक्ष निदेशक प्रमुख रेखा झा और पीएमसीएच के अधीक्षक को बनाया गया है। कमेटी के सदस्यों में शामिल किए गए हैं: अस्पतालों की होगी सख्त जांच, बनेगा विशेष निरीक्षण दल सरकारी और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए राज्य भर में विशेष निरीक्षण दल का गठन किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। इसमें निजी अस्पतालों और निजी जांच घरों पर भी सख्ती से निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तर पर गठित जांच टीमें इन स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करेंगी: दलालों पर कसेगा शिकंजास्वास्थ्य विभाग को लगातार यह सूचना मिल रही है कि कुछ दलाल मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों और जांच घरों में भेज रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने निर्देश दिया है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पकड़े जाने पर दलालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। हर हाल में विभाग को भेजनी होगी रिपोर्टजिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाए। Action Taken Report (कार्रवाई प्रतिवेदन) हर हाल में सौंपना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अब स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी डॉक्टरों की जवाबदेही तय होगी और मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर इलाज मिले, यही इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य है।
बैतूल जिले के बैतूल बाजार थाना क्षेत्र के हणोतिया गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में काम कर रही एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। मिली जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय कमलती पति पंजाब राव परते खेत में बकरियों के लिए पत्तियां तोड़ने पेड़ पर चढ़ी थीं। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिरने लगीं। गिरते समय उन्होंने खेत के पास से गुजर रही बिजली की मेन लाइन का तार पकड़ लिया। तार में तेज करंट होने के कारण महिला को जोर का झटका लगा और वह जमीन पर गिर पड़ीं। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और खेत मालिक ने तुरंत महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस चौकी के माध्यम से शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। पति की पहले हो चुकी मौतबताया गया है कि कमलती मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। उनके पति का पहले ही बीमारी के चलते निधन हो चुका है। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, एक बेटी पढ़ाई कर रही है और एक छोटा बच्चा है। महिला की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मदद देने की मांग की है।
मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से बुधवार को राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का आयोजन मध्यप्रदेश शिक्षक संघ भोपाल द्वारा किया गया है, जो अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध है। कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में शिक्षक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन का इंतजार कर रहे हैं। सम्मेलन में शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पढ़ाने वाली शिक्षिका और अन्य शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। सम्मेलन सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन किया। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सम्मेलन में प्रदेशभर के उन शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए हैं और जिनके विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सम्मेलन न केवल शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगा, बल्कि प्रदेश की शैक्षिक गुणवत्ता को नई दिशा देने का भी प्रयास है।
हरदोई में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी नए विनियम 2026 के विरोध में छात्रों ने 'जनाक्रोश मार्च' निकाला। 'ब्राह्मण परशुराम संगठित समाज संरक्षण विश्व फाउंडेशन' और सी.एस.एन. कॉलेज के वर्तमान व पूर्व छात्र-छात्राओं ने इस कानून को 'विभेदकारी' और 'काला कानून' बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन स्टेशन रोड स्थित राम जानकी मंदिर से शुरू हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर पर धरना देने के बाद कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता अक्षय प्रताप सिंह 'रानू', अमरेन्द्र विक्रम सिंह, सूर्यांश प्रताप सिंह और हर्ष मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित यह कानून उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के नाम पर वैमनस्य फैलाएगा। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया। इसमें उल्लेख किया गया है कि यह विनियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समता के अधिकार) का उल्लंघन करता है। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि यह कानून प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। इसमें आरोपी के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, लेकिन झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ किसी कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। छात्रों ने आशंका व्यक्त की कि इससे सामान्य वर्ग के शिक्षकों और छात्रों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न बढ़ सकता है। राम जानकी मंदिर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन कलेक्ट्रेट में धरने के साथ समाप्त हुआ। वक्ताओं ने कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' के नारे के बावजूद, ऐसे जाति और वर्ग आधारित कानून समाज को खंडित करेंगे। युवाओं ने इस कानून को तत्काल निरस्त करने की मांग की है, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
देवरिया में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों का विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में तहसील बार एसोसिएशन देवरिया के अध्यक्ष सामंत कुमार मिश्र ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन को सौंपा है। यूजीसी के इन नियमों के विरोध में बुधवार को जिले में सवर्ण समाज द्वारा एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। प्रशासन भी इस स्थिति को लेकर सतर्क है। अपने इस्तीफा पत्र में सामंत कुमार मिश्र ने यूजीसी के नए नियमों को ब्रिटिश शासनकाल के रोलेट एक्ट 1919 का ब्लूप्रिंट बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों का उद्देश्य बिना समुचित जांच-पड़ताल के सवर्ण समाज के छात्रों पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजना है। मिश्र ने कहा कि यह कानून आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि यूजीसी का यह नियम समाज में वैमनस्यता बढ़ाएगा और जाति व धर्म के नाम पर समाज को बांटने का काम करेगा। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा और छात्रों में भय का माहौल बनेगा। उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव के विरुद्ध नियम, 2026' लागू किए हैं। यूजीसी का दावा है कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए लाए गए हैं। हालांकि, इन नियमों के विरोध में कई सामाजिक और पेशेवर संगठन सामने आ रहे हैं। सामंत कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया कि वह इन नियमों का पुरजोर विरोध करते हैं और नैतिक आधार पर तहसील बार अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद बार एसोसिएशन की राजनीति भी गरमा गई है।
गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में 15 साल के कृष्ण निषाद की घर में फंदे से लटकी लाश मिली। जिसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। वहीं पुलिस ने भी जांच पड़ताल की तो मामला सुसाइड का सामने आया। मंगलवार की सुबह कमरे में लगे पंखे में फंदे के सहारे कृष्ण का शव घरवालों ने देखा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि सोमवार की रात में ही किसी समय कृष्ण ने कमरे में लगे पंखे में फंदा लगाकर सुसाइड किया था। कृष्ण काे रील बनाने का शौक था। सोमवार को मरने से पहले उसने भोजपुरी गाने पर नीली जींस और पीले रंग की टीशर्ट में पूरे दिन 25 रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट की थी। इसके बाद उसी कपड़े में उसका फंदे से लटका शव घर के अंदर मिला। पुलिस अब सुसाइड की वजह रील के जरिए तलाश रही है। वहीं प्यार मोहब्बत में भी ऐसा कदम उठाने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल घरवाले कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि रात को खाना खाकर कृष्ण अपने कमरे में गया। सुबह उसकी कमरे में फंदे के सहारे लटकी लाश मिली। देखें तीन तस्वीरें- दिन भर घर से बाहर था, रात में घर आकर रोया था कृष्ण की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि सोमवार को सुबह से ही बेटा घर नहीं आया था। बड़ी चिंता हो रही थी। रात के समय जब घर आया तो उसे खूब डांट फटकार भी लगाई। तब वह बैठकर रोने लगा। वह पहले से ही काफी दुखी लग रहा था। उससे वजह भी पूछी, लेकिन कुछ नहीं बताया। सोचा सुबह बात करूंगी, लेकिन उसकी कमरे में लटकी लाश मिली। मां का कहना है कि अगर रात में ही बेटे का दर्द समझकर उसे समझा लिया होता तो, वह ऐसा काम नहीं करता। अब विस्तार से जानें पूरा मामला खजनी थाना क्षेत्र के खोरठा गांव का रहने वाले कृष्ण निषाद के पिता बेचू निषाद मुंबई में पेंट पालिश का काम करता है। कृष्ण दो भाई और एक बहन में सबसे मझले नंबर पर था। उसका बड़ा भाई भी पिता के साथ मुंबई में पेंट पालिश का ही काम करता है। घर पर मां और 12 साल की छोटी बहन रहती हैं। परिजनों ने बताया कि कृष्ण को रीन बनाने का शौक था। इसके चक्कर में उसने 6 क्लास के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी थी। दिन भर वो रील बनाता रहता था। घर में भी वह किसी की बात नहीं सुनता था। 26 जनवरी को वह पूरे दिन घर से बाहर था। रात के समय आया। सबके साथ खाना भी खाया। इसके बाद वह सोने चला गया। 27 जनवरी सुबह जब वह नहीं उठा, तब मां उसे बुलाने गई। तब उन्होंने देखा कि कमरे में फंदे से कृष्ण का शव लटक रहा है। इसके बाद वह चीखने चिल्लाने लगीं। आस-पास के लोग पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लाश कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवाया। जहां देर शाम पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद रात में परिजन लाश एंबुलेंस से लेकर घर आए। इसके बाद रात के समय ही परिजनों ने दाह संस्कार भी करा दिया। घटना की सूचना पर मुंबई से पिता बेचू निषाद बड़े बेटे के साथ घर के लिए रवाना हो गए थे। गांव के रहने वाले राजकिशोर ने बताया कि कृष्ण सामान्य स्वभाव का था, उसे रील बनाने का बहुत शौक था। लेकिन बीते कुछ दिनों से वह चुपचाप रहने लगा था। फिलहाल घटना को लेकर कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
गाजीपुर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने बुधवार को यूजीसी रेगुलेशन, 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के युवा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान युवा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 15 जनवरी 2026 को अधिसूचित यह नियमावली गंभीर संवैधानिक और कानूनी सवाल खड़े करती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अधिसूचना के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों का गठन किया जाना है। इन कमेटियों को शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है।राजकुमार सिंह का आरोप है कि यह अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में निहित समानता के अधिकार की भावना के अनुरूप नहीं है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… उनका कहना है कि नियमावली में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग छात्रों के अधिकारों पर तो विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। सिंह ने आगे कहा कि यह नियम समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करता है और संविधान की मूल संरचना के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर किसी प्रकार के दंडात्मक प्रावधान का न होना इस अधिसूचना के दुरुपयोग की आशंका को बढ़ाता है। संगठन ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इस नियम के लागू होने से विश्वविद्यालय परिसरों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। महासभा युवा का कहना है कि देश की बड़ी आबादी सामान्य वर्ग की है और इस तरह की नीतियां उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने सरकार से मांग की है कि UGC की इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और सभी वर्गों के छात्रों के लिए एक निष्पक्ष, संतुलित और संविधानसम्मत नीति बनाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक अधिसूचना वापस नहीं ली जाती, तब तक वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध जारी रखेगा।इस मौके पर मंडल महासचिव भूपेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, अनिल सिंह, अमन सिंह, शेषनाथ सिंह, शिवम सिंह, हंसराज सिंह, विशाल सिंह, विनोद सिंह और रवि प्रताप सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुंगेर में ई-रिक्शा चालक का मिला शव:परिजन ने हत्या का लगाया आरोप, डीलर के बेटे के साथ गया था शख्स
मुंगेर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र स्थित छोटी मिर्जापुर मैदान में मंगलवार सुबह एक 30 वर्षीय ई-रिक्शा चालक गंभीर अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान विदवारा निवासी स्वर्गीय जोगिंदर मंडल के पुत्र धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। घटनास्थल पर खून बिखरा हुआ था, जिससे परिजनों ने धर्मेंद्र की हत्या की आशंका जताई है। मौके से प्लास्टिक के ग्लास और पानी की बोतल भी मिली है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि घटना से पहले वहां शराब पार्टी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र अंतिम बार एक डीलर के बेटे के साथ देखा गया था। FSL ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने पर कासिम बाजार थाना पुलिस और सदर डीएसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने एफएसएल टीम को भी बुलाया, जिसने घटनास्थल से खून के नमूने, मिट्टी, प्लास्टिक ग्लास और पानी की बोतल सहित अन्य साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और मामले की आगे की जांच में जुटी है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। खाना खाकर दोस्त के साथ गया था बाहर मृतक की मां दाना देवी ने बताया कि सोमवार की शाम करीब पांच बजे धर्मेंद्र घर पर भोजन करने के बाद ई-रिक्शा लेकर दोस्त बीचागांव निवासी डीलर नंद किशोर यादव का पुत्र नितिन उर्फ छोटू के साथ निकला था। इसके बाद देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए और उसकी तलाश शुरू की। इस बीच नितिन के घर पर जाकर खोजबीन किया गया मगर उसके बारे कोई जानकारी नहीं दी गई। मृतक के बड़े भाई की हुई थी हत्या मृतक के मां ने बताया कि धर्मेंद्र तीन भई था, जिसमें 15 वर्ष पूर्व उसके बड़े भाई सतीश कुमार की हत्या कर दी थी। जबकि छोटा भाई शशि विक्षिप्त है। पिता और बड़ा भाई की मौत हो जाने के बाद धर्मेंद्र ही अपने घर की जिम्मेदारी को उठाया हुआ था। वहीं उसके मौत हो जाने के बाद वृध मां दाना देवी, पत्नी वर्षा कुमारी को अब बच्चों के साथ घर की चिंता सताने लगी। परिजनों ने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण मृतक के श्राद्ध कर्म के लिए भी परिजनों को चिंता सता रही है। परिजन ने जिला प्रशासन और सरकार से आश्रितों को सहायतार्थ राशि देने की मांग की। मृतक अपने पिछे 10 वर्षीय पुत्र प्रशांत कुमार, 7 वर्षीय पुत्री पल्लवी कुमारी, और पांच वर्षीय स्वीटि कुमारी को छोड़ गए। घटना के बाद पत्नी और मां सदमा में है।CCTV देख रही पुलिस कासिम बाजार थानाध्यक्ष रूबिकांत कच्छ्प ने बताया कि घटना को लेकर जांच चल रही है। सीसीटीवी फुजेट भी देखा जा रहा है। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
जूना अखाड़ा के संरक्षक व अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज मंगलवार रात को परमट स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर कानपुर पहुंचे। नारायण गिरी महाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धर्मगुरु भाई भी हैं। इस दौरान उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ पीएम की रेस में हैं। उनके साथ इंटरनेशनल षड़यंत्र भी हो सकता है। इसके साथ ही बटुकों से अभद्रता पर बोले कि बटुकों ने भी पुलिस कर्मियों से मारपीट और उनके बिल्ले नोचे, गलती दोनों तरफ से हुई है। इसके साथ ही उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर कहा कि इसके पीछे उनका निजी स्वार्थ भी हो सकता है। यूजीसी की नई नियमावली को उन्होंने कहा कि देश में दंगा कराने की यह एक बड़ी साजिश है। इस तरह कई सवालों के जवाब उन्होंने बेबाकी से दिया, पढ़ें दैनिक भास्कर की खास बातचीत…। सवाल- प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी विवाद पर आपका क्या कहना है…? जवाब- योगी जी प्रधानमंत्री के रेस में हैं। देश लोग प्रधानमंत्री के रूप में चाहते हैं। इसके पीछे इंटरनेशनल षड्यंत्र भी हो सकता हैं। साधू संतों को लड़ना, उनकी छवि को खराब करना बहुत से कारण हैं। शंकाराचार्य जी पअने संत रूप में हैं वो पूजनीय हैं। शंकराचार्य हैं या नहीं हम इस विवाद में नहीं जाते हैं। वो पूजनीय हैं उनका भी सम्मान होना चाहिए। यहां कुछ समाजवादी मानसिकता के अधिकारी हैं जो इस तरह का माहौल बना रहे हैं। योगी जी ने इस विवाद पर अपनी तरफ से कुछ भी कहा नहीं है। अगर हरियाणा में जाकर उन्होंने किसी सभा में कोई उदाहरण दिया तो वह स्वामी मुक्तेश्वरानंद जी पर लागू नहीं होता है। यह एक बड़ा षड़यंत्र हैं। सवाल- बटुकों के साथ जो मारपीट हुई इस पर आपका क्या कहना है…? जवाब- ये जो छोटे-छोटे बच्चों के साथ हुआ यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आपने देखा होगा कि कुछ वीडिया ऐसा भी आया कि जिसमें बटुकों ने पुलिस से हाथापाई की है। उनका सामान छीन लिया। बटुकों का भी बर्ताव ठीक नहीं था। दोनों तरफ से इस तरह की घटना हुई है। छोटे-छोटे बच्चे जिस तरह के बयान दे रहे हैं, शंकराचार्य जी को समझाना चाहिए, उनके शिष्य हैं। नाबालिग बच्चों को समझ नहीं है। समझाना चाहिए कि पूरे विश्व में भारत का संदेश गलत जाता है। इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अपने राष्ट्र की बदनामी हो रही है। शंकराचार्य को भी चाहिए कि वह अपने शिष्यों को अनुशासन में रखें। सवाल- क्या किसी शंकराचार्य को उसके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगना ठीक है…? जवाब- देखिए प्रशासन का काम है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। शांति व्यवस्था बनाना, कौन शंकराचार्य है, कौन नहीं है…? यह बात तो काशी और अखाड़ा परिषद तय करता है। अफसरों को कोई अधिकार नहीं है कि वह किसी साधु से प्रमाण पत्र मांगे। कोई साधु है कि नहीं है। पूरी तरह सरासर गलत और नासमझी है। सवाल- क्या लगता है अब इस पूरे विवाद को लेकर राजनीति हो रही है…? जवाब- मैं नहीं समझता कि राजनीति हो रही है, लेकिन ये जो कुछ भी हो रहा है यह सब दुर्भाग्यपूर्ण है। सवाल-पीसीएस अफसर अलंकार ने इस्तीफा दे दिया, इस पर आपका क्या कहना है…? जवाब- वो तो कहीं न कहीं उसके मन में कोई और भावना हो और कोई व्यक्तिगत स्वार्थ हो। जैसे इस तरह के मौके पर लोग नाजायज फायदा उठा लेते हैं। इस समय पूरे देश में इसी तरह का माहौल बना हुआ है। चलो हम भी लाभ उठा लें, इस प्रकार से उनका कोई व्यक्तिगत स्वार्थ भी हो सकता है। सवाल-यूजीसी के नए नियम पर आपका क्या कहना है…? जवाब- ये नियम तो देश में जातीय दंगा कराने की बड़ी साजिश है। इस नियम को तत्काल प्रभाव से वापस होना चाहिए। ये यूजीसी की नई नियमावली देशहित में नहीं है। संसोधन नहीं होना चाहिए, इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।
किशोरी का शव संदिग्ध हालात में मिला:कमरे में फंदे से लटका मिला, घर पर कोई भी नहीं था मौजूद
उन्नाव के दही थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। यह घटना मंगलवार देर शाम बाबूखेड़ा मजरा इछौली गांव में हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, बाबूखेड़ा मजरा इछौली गांव निवासी राम नरेश की बेटी सुमन (15) ने कथित तौर पर मंगलवार देर शाम घर में दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था, क्योंकि परिजन खेत और बाजार गए हुए थे। शाम को जब परिजन वापस लौटे, तो उन्होंने घर का दरवाजा अंदर से बंद पाया। सुमन को आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजनों ने कच्ची छत को खोदकर कमरे में प्रवेश किया, जहां सुमन का शव फंदे पर लटका देख वे सन्न रह गए। घटना की सूचना तत्काल दही थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। मृतका के परिजनों ने बताया कि सुमन ने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल जाना छोड़ दिया था। हालांकि, परिजन आत्महत्या के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सके। पुलिस फिलहाल इसे संदिग्ध आत्महत्या मानकर जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि किशोरी किसी मानसिक दबाव या पारिवारिक समस्या से तो नहीं जूझ रही थी। घटना के बाद मृतका की मां रामकुमारी, पिता राम नरेश, भाई गोविंद, बहन माला और रोली सहित अन्य परिजनों का बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत, सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब, जिला प्रशासन के सहयोग से 'हमारे बुजुर्ग, हमारा अभिमान' अभियान के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन करेगा।यह शिविर वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए 6 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे सिविल अस्पताल तरनतारन में लगाया जाएगा। इस विशेष शिविर की तैयारियों को लेकर सहायक आयुक्त (जनरल) डॉ. करणवीर सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। डॉ. करणवीर सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को लगने वाले इस शिविर में बुजुर्गों का मेडिकल चेकअप किया जाएगा। मुफ्त में दी जाएंगी दवाइयां इसमें आंखों, नाक, कान, गले, हड्डियों से जुड़ी समस्याओं, फिजियोथेरेपी, छाती संबंधी समस्याओं, रक्त और शुगर की जांच शामिल होगी। जांच के बाद उन्हें मुफ्त दवाइयां भी दी जाएंगी।इसके अतिरिक्त, सीएम योग शाला के योग विशेषज्ञ बुजुर्गों को स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न योगासनों की जानकारी देंगे। बुजुर्गों को शिविर में मिलेगी सहायता बता दे कि यह पहल बुजुर्गों को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रखने में मदद करेगी।शिविर में उन पुरुष बुजुर्गों (65 वर्ष से अधिक) और महिला बुजुर्गों (58 वर्ष से अधिक) के लिए बुढ़ापा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे, जिनकी पति-पत्नी दोनों की जमीन की सीमा ढाई एकड़ नहरी या 5 एकड़ बारिश से उपजाऊ जमीन है। आवश्यकता पड़ने पर मिलेगी कानूनी सहायता जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण बुजुर्गों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए एक विशेष स्टॉल लगाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता भी प्रदान करेगा। अन्य विभाग भी बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाएंगे। प्रशासन ने की अपील सहायक आयुक्त डॉ. करणवीर सिंह ने तरनतारन जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपने बुजुर्गों को इस शिविर में लाएं और सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर अंधभक्ति और इतिहास को नकारने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भगवान श्रीराम के वनवास काल में साथ देने वाली वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी और यह बात केवल मान्यता नहीं बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक ग्रंथों में दर्ज ऐतिहासिक तथ्य है। तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखता हूं: सिंघार उमंग सिंघार ने कहा कि वे हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं, न कि अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा के अनुसार। उन्होंने गोंड धर्म के ग्रंथ सद्विचार के पृष्ठ संख्या 10 का हवाला देते हुए बताया कि उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान जैसे वानर वीर गोंड, कोल और कोरकू समाज से जुड़े धर्म योद्धा थे। रामायण में उल्लेख शबरी भील समाज से थीं सिंघार ने माता शबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि रामायण में स्वयं वर्णित है कि शबरी भी भील समाज से थीं, जिनके प्रेमपूर्वक दिए बेर भगवान राम ने स्वीकार किए थे। यह आदिवासी समाज के योगदान और सम्मान का प्रमाण है। होमो सेपियंस शब्द यह बताता था है कि मानव की उत्पत्ति वानर वंश से हुई उमंग सिंघार ने विज्ञान का हवाला देते हुए कहा कि मानव विकास की प्रक्रिया भी इस सांस्कृतिक सत्य की पुष्टि करती है। होमो सेपियंस शब्द यह संकेत देता है कि मानव की उत्पत्ति वानर वंश से जुड़ी विकासात्मक प्रक्रिया से संबंधित है, जो कोई राजनीतिक बयान नहीं बल्कि वैज्ञानिक निष्कर्ष है। बीजेपी को दी चुनौती नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे ईमानदारी से इतिहास और धर्मग्रंथों के पन्ने पलटें, तो इन तथ्यों को झूठ कहने का साहस नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा यह मानने को तैयार नहीं है कि हनुमान जी सहित वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी, तो उन्हें गोंड समाज से उनके धर्मग्रंथों के बारे में पूछना चाहिए। सिंघार ने कहा कि किसी भी समुदाय के इतिहास को नकारना केवल अज्ञानता नहीं बल्कि उस समाज के अस्तित्व और सम्मान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार आदिवासी समाज की ऐतिहासिक भूमिका को कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंतरराज्यीय चोर गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार:प्रतापगढ़ में मंदिरों-दुकानों से चोरी की 7 वारदातें कबूली
मंदिरों और दुकानों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का प्रतापगढ़ की सालमगढ़ थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मोबाइल दुकान में हुई चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी का माल बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने 7 अन्य चोरी की वारदातें कबूल की हैं। दुकान से चुराए थे 8 मोबाइल सालमगढ़ थानाधिकारी दीपक कुमार ने बताया- इस मामले में मध्यप्रदेश के रतलाम के जावरा हाल दलोट, प्रतपागढ़ निवासी प्रदीप ने मामले में शिकायत दी थी। प्रदीप ने शिकायत में बताया कि उसकी प्रियंशी मोबाइल दुकान दलोट मेन बाजार, हाट चौक में स्थित है। 20 जनवरी 2026 की रात चोरों ने दुकान से आठ मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। थाना क्षेत्र के रहने वाले दो आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूतों के आधार पर दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भाटभमरिया, सालमगढ़ निवासी कमलेश और बाजनी, सालमगढ़ निवासी प्रकाश उर्फ रवि के रूप में हुई है। आरोपियों ने 7 अन्य वारदात करना भी कबूल किया पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 7 अन्य चोरी की वारदातें करने की बात कबूल की। इनमें करीब तीन माह पहले रतलाम जिले के कस्बा सरवन स्थित शनि मंदिर, जावरा से लगभग 10 किलोमीटर दूर रतलाम हाईवे पर स्थित एक मंदिर से दो स्पीकर और 2 से 3 हजार रुपये नकदी, पिपलोदा बस स्टैंड के सामने स्थित मंदिर से दानपात्र चोरी करना भी उन्होंने कबूला। इसके अलावा, आरोपियों ने बताया कि करीब एक माह पहले रतलाम के बाहर सैलाना बस स्टैंड के आगे चौराहे पर स्थित एक मोबाइल दुकान से ईयरफोन, पावर बैंक, घड़ियां और नकदी चोरी की थी। उसी रात उन्होंने पास की नमकीन दुकान से तीन हजार रुपए नकद भी चुराए थे। जावरा बाहर पिपलोदा चौपाटी स्थित एक अन्य नमकीन दुकान से दो हजार रुपए नकद और वहीं स्थित किराना दुकान से आठ हजार रुपए नकद व एक मोबाइल चोरी करना भी उन्होंने स्वीकार किया है।
अखिल भारतीय मजदूर संघ ने फतेहपुर जिले की सदर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रविंद्र कुमार को सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन बुधवार को दिया गया, जिसमें कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निदान की मांग की गई। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरज कुमार ने ज्ञापन देने के बाद बताया कि नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों की कई समस्याएं हैं, जिनका समाधान उनके हित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संगठन की तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, संविदा सफाई कर्मचारियों का बकाया पीएफ तुरंत दिया जाए। दूसरी, ड्यूटी के दौरान मृत या सेवानिवृत्त हो चुके संविदा सफाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों को पीएफ का पैसा प्रदान किया जाए। तीसरी मांग के तहत, पिछले कई वर्षों से कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दो-दो साल से जमा न हुआ पीएफ उनके खातों में जमा करवाया जाए और उन्हें पीएफ पर्ची भी उपलब्ध कराई जाए। धीरज कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सफाई कर्मियों के हितों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि वे आम जनता के लिए स्वच्छता बनाए रखते हैं। उन्होंने इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।
बाराबंकी में केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी नियम लागू किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने यूजीसी नियम का विरोध करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की मांग की है। भाकपा ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में पार्टी ने राष्ट्रपति से इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री को आवश्यक निर्देश देने का भी आग्रह किया है। पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने ज्ञापन में कहा कि यूजीसी नियम का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो दलितों, पिछड़ों और समाज के कमजोर तबकों पर अत्याचार करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व समाज में घृणा फैला रहे हैं और संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। रणधीर सिंह सुमन ने आगे कहा कि इस तरह की गतिविधियां देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही हैं और इससे देश का माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।
UGC के नोटिफिकेशन के खिलाफ शहर में नागरिकों ने प्रदर्शन किया। इसमें कई समाजों के लोग शामिल हुए। उनका कहना है कि इस नोटिफिकेशन को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। यह सवर्ण समाज के खिलाफ है। सरकार ने वोट तो सभी सवर्ण समाज से लिए, लेकिन अब उन्हें ही अपराधी घोषित कर दिया है। सवर्ण समाजों के नागरिक हनुमान चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां नगरपालिका के सामने पहले सभा की गई। इसमें कई नागरिकों ने अपनी बात रखी। महिलाओं ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस नोटिफिकेशन को तत्काल वापस लेने की मांग की। ‘हिंदू एकता की बात, कानून से समाज में बंटवारा’- प्रदर्शनकारियों का आरोप उन्होंने कहा कि अभी पूरे देश में नारे लगे हिन्दू हिन्दू भाई भाई, जात पात की करो विदाई। हिंदू सम्मेलन के जरिए समाज को एकत्रित किया, लेकिन इस कानून से समाज को बांटने का काम किया गया। मोदी जी ने तीन बार मोदी ही को प्रधानमंत्री बनाया। हमने क्या उन्हें OBC समझ के वोट किया। नहीं, हमने उन्हें हिंदू हृदय सम्राट समझकर वोट किया। भाजपा को सवर्ण समाज के लोगों ने 90% गेट दिया। हमने भाजपा को अपना परिवार माना, लेकिन भाजपा ने धोखा दिया। करणी सेना की संभाग अध्यक्ष प्रतीक्षा सिंह ने कहा कि हमारा भविष्य तो खराब किया ही है, अब हमारे बच्चों का भविष्य खराब करने की भी कोशिश की जा रही है। आज हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ना है। राधिका चौहान ने कहा कि हम सब को मिलकर आवाज उठाने होगी। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा के सभी नेता यह याद रखें कि अगर हम आपको सिंहासन पर बिठा सकते हैं, तो उतार भी सकते हैं। किसी भ्रम में मत रहना। सवर्ण समाज शांत है, मूर्ख नहीं है। इसके बाद हनुमान चौराहे पर UGC का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन के बाद हनुमान चौराहे से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां UGC के खिलाफ नारेबाजी की गई। साथ ही राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन के जरिए इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की गई। तस्वीरों में देखिए प्रदर्शन… UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सिफारिश की थी सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी कमेटी' के गठन को अनिवार्य करने की सिफारिश संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने की थी। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह हैं। समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 9 सांसद शामिल हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद शामिल हैं। रोहित और डॉ. पायल का सुसाइड और SC का सख्त निर्देश UGC का यह नियम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों, सामाजिक दबाव और रोहित वेमुला और पायल तड़वी के सुसाइड जैसे मामलों से बने हालात का परिणाम बताया जा रहा है। अब जानिए रोहित और पायल के बारे में... रोहित वेमुला हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर थे। उन्होंने 17 जनवरी 2016 को सुसाइड किया। आरोप लगा कि रोहित दलित थे, इसलिए उनके साथ संस्थागत जातिगत भेदभाव हुआ। रोहित की मौत के बाद आत्महत्या के बाद देशव्यापी आंदोलन भी हुआ। जवाबदेही की मांग उठी। डॉ. पायल तड़वी मुंबई में मेडिकल की पोस्टग्रेजुएट छात्रा थीं। उन्होंने 2019 में सुसाइड किया। आरोप लगे कि आदिवासी समुदाय से होने के कारण पायल के सीनियर डॉक्टरों ने उनके साथ जातिगत भेदभाव किया था। लगातार उत्पीड़न के पायल ने सुसाइड किया। हालांकि इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। यह मामले सुप्रीम कोर्ट तक गया था। इनके अलावा भी अनिकेत अंभोरे मामला (AIIMS दिल्ली), सेंथिल कुमार मामला (JNU, 2008),अमन कच्छू मामला (हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज, 2009) इनके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के और भी जातिगत भेदभाव के मामले भी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई है।
पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के घर पर आज ED और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रेड की। टीम ने उनके होशियारपुर स्थित आवास पर पहुंची। यहां दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। तड़के ED के अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ सुंदर शाम अरोड़ा के निवास पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि टीम के साथ आए अधिकारियों ने घर के सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया है और किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें… जालंधर में महिला ने छत से लगाई छलांग, अस्पताल में मौत जालंधर के रामामंडी स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में बुधवार सुबह एक घर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग से बचने के प्रयास में 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला परमजीत कौर ने छत से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल परमजीत कौर को जोहल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, परमजीत कौर अपने पति लक्खा के साथ घर की ऊपरी मंजिल पर रहती थीं। पूरी खबर पढ़ें… BJP पार्षद के भांजे ने खुद को मारी गोली, लाइसेंसी हथियार से फायर जालंधर के वेस्ट हलके के अंतर्गत आने वाले बस्ती शेख, उजाला नगर में एक 21 वर्षीय युवक ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की। घायल युवक भाजपा पार्षद मनजीत सिंह टीटू के भांजे का बेटा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, युवक कारोबार में घाटे और पैसों के लेन-देन के कारण मानसिक तनाव में था। गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा पार्षद मनजीत सिंह टीटू मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका रिश्तेदार (भांजे का बेटा) पिछले कुछ समय से व्यापार में हुए नुकसान के कारण काफी परेशान चल रहा था। आज सुबह परिजनों को इस घटना का पता चला, जिसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। पूरी खबर पढ़ें… लुधियाना में मानसिक तनाव में सरपंच ने निगला जहर, मौत लुधियाना के थाना जोधा के अंतर्गत गांव रत्ना में सरपंच और पेशे से प्रतिष्ठित वकील मनपिंदर सिंह ने जहरीली वस्तु निगलकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव और वकीलों में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मनपिंदर सिंह पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि उनका अपने परिवार के साथ पिछले कई सालों से मनमुटाव चल रहा था। घर में चल रही रोज-रोज की कलह और विवाद से वे अंदरूनी तौर पर काफी टूट चुके थे। इसी मानसिक परेशानी के चलते उन्होंने कल यह खौफनाक कदम उठाया और कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। पूरी खबर पढ़ें… बठिंडा में कोहरे के कारण 2 कार की टक्कर, महिला की मौत बठिंडा जिले के तलवंडी साबो रोड पर कोहरे के कारण हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना तलवंडी साबो के पास उस समय हुई जब एक होंडा कार की माइक्रा कार से टक्कर हो गई। घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे एम्स बठिंडा रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा एक परिवार इस हादसे का शिकार हो गया। मृतकों में अमरजीत कौर (45), पत्नी सतनाम सिंह, शामिल हैं। उनके बेटे अमनदीप सिंह (22) को पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बेटी मनजिंदर कौर (25) के सिर में गंभीर चोट लगी है। ये सभी तलवंडी साबो से बठिंडा की ओर जा रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
विदिशा में मौसम बदला, कई गांवों में ओलावृष्टि:रबी फसलों को नुकसान की आशंका, तापमान में गिरावट
विदिशा जिले में मंगलवार रात अचानक मौसम बदल गया। लश्करपुर, खैरूआ और लटेरी समेत कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। रात करीब 8 बजे के बाद कुछ जगह चने से भी बड़े ओले गिरे। लश्करपुर और बमूरिया गांव में घरों के आसपास ओलों की परत जम गई। पीपलखेड़ा, सिरोंज और लटेरी क्षेत्रों में भी बारिश हुई। रात करीब 10 बजे विदिशा शहर में भी रुक-रुक कर बारिश शुरू हो गई। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और मौसम विभाग ने पहले ही बारिश की संभावना जताई थी। गेहूं और चने की फसल को नुकसानतेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं और चने की फसल पकने की अवस्था में है। ओले गिरने से फसल की बालियां झुक गईं और चने की फसल को भी नुकसान हुआ है। लश्करपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि के बाद तापमान गिर गया, जिससे ठंड बढ़ गई। बुधवार सुबह से विदिशा में हल्की बारिश होती रही। बाद में मौसम साफ हो गया, लेकिन ठंडक बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक जिले में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ जगह हल्की बारिश हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ओलावृष्टि ज्यादा नहीं हुई तो फसलों को आंशिक नुकसान ही होगा।
जालंधर के वेस्ट हलके के अंतर्गत आने वाले बस्ती शेख, उजाला नगर में एक 21 वर्षीय युवक ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की। घायल युवक भाजपा पार्षद मनजीत सिंह टीटू के भांजे का बेटा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, युवक कारोबार में घाटे और पैसों के लेन-देन के कारण मानसिक तनाव में था। गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा पार्षद मनजीत सिंह टीटू मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका रिश्तेदार (भांजे का बेटा) पिछले कुछ समय से व्यापार में हुए नुकसान के कारण काफी परेशान चल रहा था। आज सुबह परिजनों को इस घटना का पता चला, जिसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। बैंगलोर से कल ही लौटा था युवक सूत्रों के हवाले से खबर है कि युवक पैसों के लेन-देन के किसी मामले को लेकर बैंगलोर चला गया था। परिजन उसे काफी समझा-बुझाकर कल ही वापस घर लेकर आए थे। लेकिन मानसिक तनाव इतना गहरा था कि घर लौटने के अगले ही दिन उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस कर रही है मामले की जांच सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना के पीछे के असल कारणों की पुष्टि की जा सके। अस्पताल में चल रहा है इलाज फिलहाल युवक का इलाज जालंधर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे गहन निगरानी (ICU) में रखा गया है।
फर्रुखाबाद में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई बारिश के कारण शहर के मोहल्ला नेकपुर कला एसएआर वाली गली में जलभराव हो गया। मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया और करीब दो दर्जन घरों में भी गंदा पानी घुस गया। इससे गुस्साए स्थानीय निवासियों ने फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। बारिश के कारण नेकपुर कला एसएआर कोल्ड स्टोर वाली सड़क पर भारी जलभराव हुआ। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा निर्मित नाला गलत तरीके से बनाया गया है, जिससे हर बरसात में यह समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे गंदे पानी में गिरते हैं और उन्हें निकालने में भी परेशानी होती है। पहले 5 तस्वीरें देखिए… वाहनों की लंबी कतार लगी बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर पहुंचे। उन्होंने ई-रिक्शा और अन्य वाहनों को आड़े-तिरछे लगाकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका के खिलाफ नारे भी लगाए। कोतवाली पुलिस पहुंची जाम की सूचना मिलने पर फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उच्च अधिकारियों को बुलाने और मौके पर स्थिति का जायजा लेने की मांग पर अड़े रहे। करीब 30 मिनट तक जाम लगा रहा, जिसके बाद पुलिस के समझाने पर इसे खोल दिया गया। मामले में फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया जाम की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे और जाम को खुलवा दिया गया है। ईओ नगर पालिका विनोद कुमार ने बताया जहां जल भरा हुआ था। वहां मशीन पहुंच गई है पानी को निकाला जा रहा है। पानी निकालने पहुंचे नगर पालिका के टैंकरमामले की सूचना पर नगर पालिका के दो टैंकर मुख मार्ग पर भरे पानी को निकालने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं। जो पानी को निकाल रहे हैं। शिव चौहान ने बताया घुटनों तक सड़क पर पानी भरा है। निकालने में काफी दिक्कत हो रही है। हर बार यही समस्या रहती है इसी को लेकर जाम लगाया गया है।सभासद के भतीजे अरुण त्रिवेदी ने बताया मेन रोड से मसैनी चौराहा तक जो नाला का निर्माण कराया गया है। नल का निर्माण गलत हुआ है। बताया कि मिली भगत कार्य नाला बना है इसमें लाखों रुपए का घपला भी हुआ है। मलिन बस्ती में आए दिन घरों में पानी भर जाता है। शिकायत करते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती है। आईजीआरएस का भी फर्जी निस्तारण कर दिया जाता है। घरों में करीब एक-एक फिट पानी भरा हुआ है। नगर पालिका के अधिकारियों को कॉल की जाए तो बोल दिया जाता है कि देखते हैं। घरों में गंदा पानी भरा हुआ है इसी मजबूरी के चलते जाम लगना पड़ा।एडवोकेट श्याम सुंदर शुक्ला ने बताया फर्रुखाबाद फतेहगढ़ मार्ग से मसेनी चौराहे तक जो मार्ग जाता है। इसमें जो भी नाला बने हैं। सभी का पानी सड़क पर भरता है। कई बार से कहते थे लेकिन सभी का निस्तारण बैठ-बैठ कर दिया जाता है। कोई भी अधिकारी मौके पर देखने नहीं आता है। जो लोग यहां जाम लगाने आए हैं सभी के घर में पानी भरा हुआ है मलिन बस्ती भी यहां निवास करती है। कोई सुनने और देखने वाला नहीं है। ईओ कभी मौके पर नहीं आते हैं। नेकपुर कला एसएआर कोल्ड निवासी गुड्डी देवी ने बताया सड़क पर भी पानी भरा है घर में भी पानी भरा है। नाली बंद हो गई है। इसके चलते पानी भर गया है। बताया परेशानी बहुत है रात भर सो नहीं पाए।शिवानी ने बताया बरसात और नल का पानी घर में भर गया है। बताया रात को पानी भर गया था सुबह के समय कमरे से पानी निकला है लेकिन घर के आंगन में अभी भी पानी भरा हुआ है। बताया काफी समय से दिक्कत है कोई सुनने वाला नहीं है। जब बरसात होती है तब समस्या आ जाती है।
उमरिया के करकेली विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में बुधवार को लगभग 20 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी, जिसके बाद शिक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। स्कूल परिसर में किया जा रहा बच्चों का इलाज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी बीमार बच्चों का प्राथमिक इलाज शुरू कर दिया है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज स्कूल परिसर में ही किया जा रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। गांव में भी जांच कर रही है स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम एहतियातन गांव में भी जांच कर रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। करकेली विकासखंड के विकासखंड स्त्रोत समन्वयक विनीत चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। बच्चों का इलाज जारी है और उनकी लगातार देखरेख की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं मौके पर पहुंच रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुसैनी चौक निवासी सैयद आकिब अली के घर मंगलवार को चोरी हो गई। चोर सोने का हार, कान के लटकन सहित सोने और चांदी का सामान ले गए। आकिब ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराते हुए परिचित शानू उर्फ शहनबाज पुत्र नासिर खान पर संदेश जताया। पूछताछ में शानू ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया और पुलिस ने उससे जेवर बरामद कर लिए। आकिब और उसकी पत्नी मकान में ताला लगाकर शादी में गए थे, तभी मौके का फायदा उठाकर चोर ने हाथ साफ कर दिया। चोर ने मकान का ताला तोड़कर सोने का हार, कान के लटकन, सोने की चेन, पैंडल, चांदी की पायल और तीन जोड़ी बिछिया चोरी कर लिए। संदेश के आधार पर पुलिस ने शानू को पकड़ा और पूछताछ की, तो उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से सभी जेवर बरामद कर लिए हैं। क्राइम ब्रांच ने पकड़ा अकाउंट होल्डरक्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आलोक भार्गव ने शिकायत की थी कि नामी कंपनी के नाम पर इनवेस्टमेंट करवाने को लेकर उनसे 8 लाख रुपए ठगे गए थे। जिसमें अलग-अलग अकाउंट में रुपए जमा हुए थे। इसमें से 3 लाख 50 हजार रुपए अनंतुल्लाह शंकर निवासी सुल्तानाबाद जिला करीमनगर तेलंगाना के अकाउंट में गए थे। अनंतुल्लाह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। क्राइम ब्रांच ने यह अकाउंट फ्रीज करवाया था। बुधवार को क्राइम ब्रांच के अफसरों ने उसकी गिरफ्तारी ली है। अब उससे पूछताछ की जा रही है कि उसके अकाउंट में किस व्यक्ति ने रुपए डलवाने की बात कही थी। इश्योरेंस पॉलिसी के नाम की ठगी,आरोपी पकड़ायाक्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि उनकी टीम ने परमदीप सिंह निवासी इंदौर को पकड़ा है। आरोपी ने स्वयं को बैंक मैनेजर बताकर कई लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है। ममता तंवर और परमदीप सिंह ने मिलकर वीरेन्द्र सिंह अरोरा, महेश वर्मा, महेश चंद, शिवप्रसाद विश्वकर्मा, चन्द्र सिंह ,कैप्टन शिवचरण पंड्या, द्वारकादास से पॉलिसी देने के नाम पर रुपए लेने के बाद पॉलिसी दी न ही रुपए वापस लौटाए। क्राइम ब्रांच दोनों की तलाश में जुट गई थी। क्राइम ब्रांच ने बुधवार को आरोपी परमजीत को पकड़ लिया। उसकी महिला साथी की तलाश की जा रही है।
यूपी के सभी 27 राज्य विश्वविद्यालयों को IIT कानपुर के एक्सपर्ट AI की ट्रेनिंग देंगे। देश के दिग्गज AI और IIT कानपुर में पढ़े प्रो.नितिन सक्सेना ने कहा कि सभी को ट्रेनिंग देने के लिए बड़ी वर्क फोर्स की जरूरत होती है। पर हम कुछ चुनिंदा टॉप यूनिवर्सिटी को ऑन कैंपस ट्रेनिंग दे सकते है। बाकी को 'हब-स्पोक मॉडल' पर ट्रेनिंग दी जा सकती है। वो AI सम्मेलन के संयोजक और कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो.विनय पाठक के सवाल का जवाब दे रहे थे। प्रो.नितिन सक्सेना ने बताया कि अब समय आ गया है कि सभी यूनिवर्सिटी कैंपस को इस दिशा में बेझिझक आगे आना होगा और खुद से AI एक्सपोजर के लिए पहल करनी होगी। लखनऊ के AKTU कैंपस में चल रहे 2 दिवसीय AI मंथन सम्मेलन के दूसरे दिन बुधवार को IIT कानपुर के एक्सपर्ट प्रो. नितिन सक्सेना अपना सेशन ले रहे थे। मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने की लिए भी पहल संभव KGMU कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद ने AI के जरिए मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और हाई रिस्क प्रेगनेंसी के आइडेंटिफिकेशन को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में एक्सपर्ट प्रो.नितिन सक्सेना ने बताया कि ये जरूर संभव हैं, बशर्ते हमें PHC-CHC लेवल से लेकर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल तक की सभी प्रसूताओं का रेगुलर हेल्थ अपडेट मिलता है। इसके लिए रियल टाइम और रेगुलर मॉनिटरिंग ग्राउंड लेवल से मेडिकल कॉलेज स्तर तक किए जाने की जरूरत। दूसरी दिन भी राज्यपाल रही मौजूद AI मंथन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की पहल पर किया जा रहा है। दूसरे दिन भी सत्र के शुरुआत से ही राज्यपाल की मौजूदगी रही। समापन सत्र में वो खुद भी संबोधित करेंगी। इससे पहले मंगलवार को सत्र के पहले दिन भी उन्होंने सभी सत्रों में भाग लिया था। टॉप एक्सपर्ट्स ने AI को लेकर अपनी बात रखी थी। अब जान लीजिए पहले दिन यानी मंगलवार को AI मंथन में क्या हुआ... मंगलवार को सत्र के पहले दिन AI के बढ़ते प्रभाव पर लखनऊ में 290 शिक्षाविद मंथन करने पहुंचे थे। इसमें यूपी के विश्वविद्यालयों के कुलपति भी शामिल रहे। यह ग्रैंड सेमिनार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर आयोजित किया गया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में 27 जनवरी से दो दिवसीय सेमिनार शुरू हुआ था सेमिनार में प्रमुख इंडस्ट्री से जुड़े AI विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं, जो उच्च शिक्षा में AI के व्यावहारिक इस्तेमाल और नवाचार को बढ़ावा देने पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल भी शामिल हुए। आज के दौर में AI की जानकारी जरूरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि AI शिक्षा, शोध और प्रशासन में एक उपयोगी औजार है। राज्यपाल के ओएसडी डा. सुधीर एम. बोबडे ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी। CSJMU के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि प्रदेश सरकार AI विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार दे रही फेलोशिप इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि अमेरिका और चीन AI के क्षेत्र में काफी आगे हैं, लेकिन भारत तेजी से अंतर को कम कर रहा है। अब तक 50 AI आधारित एप विकसित किए जा चुके हैं। छात्रों को फेलोशिप दी जा रही है और डेटा लैब्स के माध्यम से छोटे शहरों के छात्र डेटा साइंटिस्ट बनने का अवसर पा रहे हैं। AI के जिम्मेदार उपयोग और प्राम्प्टिंग व्यवहार पर निगरानी पर भी जोर दिया। IIT खड़गपुर के प्रो. पीपी चक्रबर्ती ने उच्च शिक्षा में AI के प्रयोग के माडल पेश किए और बताया कि चैटजीपीटी जैसे एलएलएम राकेट, मिसाइल डिजाइन से लेकर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण तक में सक्षम हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने लिया सेशन तकनीकी सत्र में आइटी और इलेक्ट्रानिक्स विभाग की विशेष सचिव नेहा जैन ने ‘AI प्रज्ञा’ पर प्रकाश डाला। टीसीएस के चीफ टेक्निकल आफिसर डा. हैरिक विन ने कहा कि AI एप्स के माध्यम से शिक्षण संस्थानों में अधिक सटीक और प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। प्राविधिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने कहा कि भारत नई तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब स्वदेशी एआइ एप्लीकेशन विकसित करने की जरूरत है। सब मिलकर AI पर चर्चा कर रहे हैं AKTU के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मकसद बदलते दौर में इंडस्ट्री डिमांड और AI के इन्वॉल्व होने से हो रहे स्वरूप को समझना है। AI का रोल सिर्फ हमारे एकेडमिक में नहीं जीवन के हर पहलू में है। सबसे अहम यह है कि AI को लेकर यूपी में बहुत काम हो रहा है। यूपी बड़ी संख्या में हर साल दुनिया को टेक्निकल मैन पावर देता है, ऐसे में सब मिलकर इस पर चर्चा करेंगे तो बेहतरीन परिणाम मिलना तय है। यूनिवर्सिटीज के पूरे इको सिस्टम को फायदा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के एडवाइजर और कलाम सेंटर के CEO सृजन पाल सिंह ने बताया कि इस 2 दिवसीय AI मंथन से यूनिवर्सिटीज के पूरे इको सिस्टम को फायदा होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि खुद राज्यपाल सभी सत्र में भाग ले रही हैं। इसका मतलब वह खुद इसकी अहमियत को समझ रही हैं।
गोरखपुर में छाए काले बादल:लोग बोले- मौसम सुहावना हुआ, 48 घंटे तक चलेगी तेज हवा
गोरखपुर में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छाएं और तेज ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी। थोड़ी-थोड़ी देर में हल्की बूंदा- बांदी भी हुई। 10 -12 किलोमीटर प्रति घंटे हवाओं के रफ्तार दर्ज की गई। सुबह सामान्य धूप खिली थी, जिसकी वजह से लोग हल्के गर्म कपड़ों में घर से बाहर निकले लेकिन बाद में मौसम बिगड़ने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ लोगों ने इसे सुहावना मौसम बताते हुए आनंद लिया। अगले 48 घंटों में 5 डिग्री गिरेगा तापमान मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडेय ने बताया की अगले 48 घंटों में गोरखपुर समेत पूर्वी प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की और गिरावट संभव है। हवाओं की रफ्तार भी इसी तरह बनी रहेगी। विभाग ने बताया कि यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और ठंडी हवाओं के कारण हो रही है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तापमान में कमी का यह दौर कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। निहारिका बोलीं- अच्छा महसूस हो रहा चटोरी गली घूमने आई निहारिका गुप्ता ने कहा- भले ही ठंड बढ़ गई है, लेकिन मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। कल तक तेज धूप था आज जो हवाएं चल रही हैं, उससे अच्छा महसूस हो रहा है। गर्म कपड़े फिर निकालने पड़ेंगे सोनी ने बताया- ऐसा लग रहा था कि सर्दी खत्म हो गई अब। गरम कपड़े अंदर रख दी थी लेकिन मौसम ऐसे ही बना रहा तो फिर से कपड़े बाहर निकलने पड़ेंगे, पर ये मौसम अच्छा लग रहा है। सुहावने मौसम में घूमने निकले लोग तान्या वर्मा ने बताया- सुबह धूप देखकर बिना स्वेटर के बाहर निकल गई। अचानक मौसम बदला और बारिश होने लगी। अब ठंड तो लग रही लेकिन इसका अलग ही मजा है। मौसम देखकर हम लोग घूमने निकल गए।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक हालिया निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में करणी सेना और ब्राह्मण परशुराम संगठित समाज संरक्षण विश्व फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के इस फैसले को देश की शैक्षणिक व्यवस्था में असंतुलन पैदा करने वाला बताया गया है। उन्होंने इसे योग्यता, परिश्रम और समान अवसर की संवैधानिक भावना के विपरीत करार दिया। करणी सेना से जुड़े युवाओं और ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूजीसी के इस निर्णय से शिक्षाविदों, छात्रों और अभिभावकों में व्यापक असंतोष है। उनका कहना है कि यह मुद्दा राष्ट्रीय मीडिया, सामाजिक मंचों और जनचर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… दोनों संगठनों ने बताया कि देशभर में कई सामाजिक और शैक्षणिक संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिससे इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता स्पष्ट होती है। संयुक्त ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह विरोध किसी वर्ग विशेष के अधिकारों के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्यायपूर्ण, संतुलित और योग्यता-आधारित शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है। पदाधिकारियों ने आशंका व्यक्त की कि शिक्षा नीति में असंतुलन से समाज में असहमति और वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो राष्ट्रहित में नहीं होगा। राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि यूजीसी के इस विवादित निर्णय को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। साथ ही, सभी संबंधित पक्षों, शिक्षाविदों और संगठनों से संवाद स्थापित कर इस पर पुनर्विचार किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में करणी सेना तथा ब्राह्मण परशुराम संगठित समाज के शिवम गुप्ता, पंडित रमाकांत पाण्डेय, मनोज सिंह, सुधांशु पाठक सहित सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता शामिल थे।
पलवल के होडल में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। दो शातिर युवकों ने एक बुजुर्ग को मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और उनके खाते से 50 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि खटैला गांव निवासी कर्ण सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। कर्ण सिंह अग्रवाल धर्मशाला के सामने स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम से पैसे निकालने गए थे। वहां पहले से दो युवक मौजूद थे। बुजुर्ग को एटीएम मशीन चलाने में हिचकिचाते देख आरोपियों ने मदद की पेशकश की। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान युवकों ने उनका पिन नंबर देख लिया और बातों-बातों में बड़ी चालाकी से उनका असली एटीएम कार्ड बदलकर उन्हें एक फर्जी कार्ड थमा दिया। बुजुर्ग बदले हुए कार्ड को लेकर घर लौट गए। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 50 हजार रुपए निकाल लिए। जब कर्ण सिंह को मोबाइल पर पैसे निकलने के मैसेज मिले और उन्होंने अपना कार्ड जांचा, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। तत्काल, पीड़ित बैंक पहुंचे और अपना एटीएम कार्ड बंद कराया। उन्होंने इस घटना की शिकायत होडल थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए एटीएम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
कोटा में एक बार फिर गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटने का मामला आया है। जिसका एक वीडियो आज सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। घटना रामगंजमंडी में घाटोली पंचायत की 27 जनवरी की है। वीडियो शेयर होने के बाद घाटोली पंचायत के सचिव ने गोशाला के महाराज को नोटिस देकर पाबंद करने की बात कही है। कोटा में गाय के शव घसीटने की 12 दिन में यह दूसरी घटना है। इससे पहले खेड़ा रूधा पंचायत में भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी। पंचायत सचिव बाली शेखावत ने बताया की घटना मंगलवार 27 जनवरी की है। घाटोली में मेघवाल बस्ती में निर्मला गोशाला में गाय की मौत हो गई थी। गोशाला संचालक ने पंचायत को सूचना नहीं दी। उन्होंने गांव के किसी व्यक्ति को बुलवाकर शव को उठाया। जबकि पंचायत की तरफ से मुर्दा मवेशी उठाने के लिए एक व्यक्ति लगा रखा है। इस संबंध में गोशाला के महाराज को नोटिस जारी किया जाएगा। निर्मला गोशाला के महाराज रामकुमारदास ने बताया कि गोशाला में 220 गाय हैं। मंगलवार को बारिश हुई थी। शाम करीब 6 बजे गोशाला के बाहर लावारिस गाय मरी हुई पड़ी थी। इसकी सूचना देने पंचायत में एक लड़के को भेजा था, लेकिन पंचायत में कोई नहीं मिला। इसके बाद रवि नाम के एक लड़के को बुलाया। गली में जेसीबी लाने की जगह नहीं थी। इसलिए वह गाय के शव को गली के बाहर ट्रैक्टर से ले गया था। फिर वहां से जेसीबी से उठाकर गांव के बाहर दफनाकर आया था। उन्होंने बताया कि रवि मृत पशुओं को उठाकर ले जाते है, जिसकी एवज में गांव वाले हर साल रवि को 5 किलो अनाज देते हैं। ये खबर भी पढ़ें कोटा में गाय के शव को 1 किलोमीटर तक घसीटा;VIDEO:हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई; पंचायत ने ट्रैक्टर ड्राइवर को नोटिस किया जारी कोटा में एक व्यक्ति ने गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर 1 किलोमीटर तक घसीटा। चेचट थाना क्षेत्र की खेड़ा ग्राम पंचायत में किसी व्यक्ति की पालतू गाय का निधन हो गया था। उसने गाय के शव को दूसरी जगह डलवाने के लिए ट्रैक्टर बुलाया। ड्राइवर ने गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधा और घसीटते हुए ले गया। उसने गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर सुनसान जगह पर शव डाल दिया (पढ़िए पूरी खबर)
दतिया में मंगलवार को अचानक मौसम बदला और रात में तेज बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ करीब 20 मिनट तक पानी गिरा। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर फसल आड़ी हो गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में रात को औसत 5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम बदलने से सर्दी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार- बारिश तेज नहीं थी। ओले भी नहीं गिरे, जिस कारण अधिकांश फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। सरसों की फसल को जरूर हल्का नुकसान है। विभाग की माने तो बुधवार को भी कहीं, तेज तो कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। चार सिस्टम सक्रिय, इसलिए बदल रहा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडेय के अनुसार वर्तमान में एक साथ चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिससे नमी आ रही है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं, पूर्वोत्तर अरब सागर से पश्चिमी राजस्थान होते हुए उत्तर पंजाब तक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो रही है। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश होने से गुरुवार सुबह घना कोहरा छा सकता है। 30 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच फिर बारिश होने के आसार हैं। कहां कितनी बारिश दतिया - 25 एमएम सेवढ़ा - 18 एमएम भांडेर - 12 एमएम इंदरगढ़ - 6 एमएम
युवा कांग्रेस के बिहार के सह-प्रभारी और मध्य प्रदेश के प्रभारी रह चुके अर्जुन अमित श्रीवास्तव को भारतीय युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय प्रवक्ता/ मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति संगठन में युवाओं की भूमिका को और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अर्जुन अमित श्रीवास्तव भारतीय युवा कांग्रेस के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के बाद अब उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने की नियुक्ति की घोषणा उनकी नियुक्ति की घोषणा भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने की। संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस नियुक्ति पर खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि अर्जुन अमित श्रीवास्तव अपने अनुभव और ऊर्जा से संगठन की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
लखनऊ में किसान ने सुसाइड किया:साड़ी के फंदे से लटकता मिला शव, पत्नी से हुआ था झगड़ा
लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में 30 साल के युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घर में साड़ी के फंदे से उसका शव लटकता मिला। पत्नी के शोर मचाने पर घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पृथ्वी नगर इटौंजा निवासी चंद्रभाल (30) पुत्र गोविंद प्रसाद किसानी करते थे। भाई रामजीवन ने बताया मंगलवार को भाई चंद्रभाल और पत्नी रामश्री का झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद दोनों कमरे में चले गए। कुछ देर बाद रामश्री कमरे का चिल्लाते बाहर आई। इस पर परिवार व आसपास के लोग अंदर जाकर देखा तो चंद्रभाल दरवाजे के छाले के सहारे साड़ी के फंदे से लटक रहे थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। आनन-फानन उन्हें पंखे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में इंस्पेक्टर इटौंजा का कहना है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और शिकायती पत्र के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। सवर्ण युवाओं के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन दिया, जिससे शहर में व्यापक यातायात जाम लग गया। प्रदर्शनकारी सबसे पहले शहर के सुभाष चौक चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए एक जुलूस जिलाधिकारी आवास, सिविल लाइन और कचहरी रोड होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ा। युवाओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और जिलाधिकारी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। पहले प्रदर्शन की 6 तस्वीरें देखिए… प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए कानून को तत्काल वापस लेने की मांग करना था। इस दौरान 'यूजीसी कानून वापस लो' और 'काला कानून नहीं चलेगा' जैसे नारे लगाए गए। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर डटे रहे। जब उन्हें बताया गया कि जिलाधिकारी बैठक में व्यस्त हैं और ज्ञापन नहीं ले पाएंगे, तो आंदोलनकारियों का आक्रोश बढ़ गया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर ही बैठकर धरना शुरू कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम लगभग दो किलोमीटर तक फैल गया। स्कूल बसें, एंबुलेंस, दोपहिया और चारपहिया वाहन सभी इस जाम में फंस गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने लगातार आंदोलनकारियों से सड़क खाली कराने और यातायात बहाल करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित थेभाय गांव के निवासी शिक्षक डॉ. प्रदुमन कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने मध्य विद्यालय थेभाय परिसर में अपनी निजी कमाई से लगभग 350 वर्ग फीट का एक आधुनिक बाल मंच तैयार कराया है। यह मंच जल्द ही विद्यालय के बच्चों को समर्पित किया जाएगा। यह छतनुमा और आकर्षक बाल मंच बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा। इसका उपयोग खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रार्थना सभा, भाषण, कविता-पाठ और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। मंच के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं ली गई डॉ. प्रदुमन कुमार ने बताया कि विद्यालय में कार्य करते हुए उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए एक सुसज्जित मंच की कमी महसूस की थी। इसी आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने यह पहल की। इस पूरे निर्माण में किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं ली गई है, बल्कि इसे पूरी तरह से उनके निजी संसाधनों से तैयार किया गया है। वर्तमान में डॉ. प्रदुमन कुमार प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित टोला नयागांव में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस पहल से विद्यालय के बच्चों में काफी उत्साह है। स्थानीय ग्रामीणों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और समाज के हित में एक संवेदनशील प्रयास बताया है।
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं अब आम लोगों और डॉक्टरों के लिए कहीं ज्यादा आसान होने वाली हैं। राज्य सरकार एक ऐसा इंटीग्रेटेड ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रही है, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रमाण पत्र, पंजीकरण और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में पारदर्शिता आए और तकनीक का सही उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी पहले ही मरीजों की सेवा में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में कागजी औपचारिकताओं में उनका समय खराब होना उचित नहीं है। पेशेवर डॉक्टरों को होगा फायदा यह पोर्टल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए बनाया गया एक ऑल-इन-वन डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपने जरूरी दस्तावेजों से जुड़े सभी काम ऑनलाइन कर सकेंगे। अब आवेदन, जांच और प्रमाण पत्र जारी होने की पूरी प्रक्रिया इंटरनेट के जरिए होगी। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस पोर्टल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, आयुष और होम्योपैथी से जुड़े पेशेवर इसका उपयोग कर सकेंगे। अगले चरण में नर्सिंग और फिजियोथेरेपी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। कौन-कौन से प्रमाण पत्र मिलेंगे ऑनलाइन इस पोर्टल के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट और पंजीकरण प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप से जारी किए जाएंगे। ये प्रमाण पत्र सीधे डॉक्टर के पंजीकृत ई-मेल पर भेजे जाएंगे और तुरंत डाउनलोड किए जा सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पोर्टल से मिलने वाले सभी प्रमाण पत्र डिजीलॉकर से भी जुड़े होंगे। मोबाइल एप और एआई की तैयारी उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस पोर्टल का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि डॉक्टर कहीं से भी अपने काम निपटा सकें। इसके अलावा सरकार इसे एआई-सक्षम बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। भविष्य में एआई चैटबॉट के जरिए सामान्य सवालों के जवाब और मार्गदर्शन भी मिल सकेगा। जब डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रशासनिक दिक्कतें कम होंगी, तो वे मरीजों को ज्यादा समय दे पाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। एक जगह से ही हो सकेगी मॉनिटरिंग मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. मनदीप सचदेवा का कहना है कि इससे आवेदकों को संबंधित काउंसिल के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके शुरू होने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी। इस एकीकृत पोर्टल की मदद से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। सभी काउंसिल की प्रक्रियाएं एक जगह से मॉनिटर की जा सकेंगी। पोर्टल के विकास का कार्य अंतिम चरण में है। इसे जल्द ही जनता के लिए शुरू किया जाएगा। आवेदकों को एक ही प्लेटफॉर्म से सभी काउंसिल की सेवाएं मिलेंगी। फिजिकल वेरिफिकेशन की आवश्यकता घटेगी। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। प्रशासनिक कानों में दक्षता बढ़ेगी।
घाटमपुर में 400 मीटर सड़क घोटाला:बनते ही उखड़ने लगी सड़क, ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत
घाटमपुर तहसील क्षेत्र के झंडापुर गांव में 400 मीटर सड़क निर्माण घोटाले का एक और मामला सामने आया है। रातों-रात बनाई गई सड़क बनते ही उखड़ने लगी है। हालत यह है कि सड़क पर साइकिल सवार ब्रेक लगा दे तो गिट्टी और डामर उखड़ने लगता है। मानकों को दरकिनार कर कराए गए इस घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल समेत संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य बीते दिनों देर रात शुरू कराया गया था। केवल 24 घंटे के भीतर पूरी सड़क बना दी गई, लेकिन इसमें मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद कई जगह से सड़क उखड़ने लगी, जबकि कई स्थानों पर सड़क धंस भी गई है। झंडापुर गांव निवासी अभय, सौरभ, गोविंद, सुमित, सुनील, पुनीत समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार पीयूष कुशवाहा द्वारा सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान घटिया काम का विरोध किया था, लेकिन ठेकेदार ने उनकी बात अनसुनी करते हुए मनमानी ढंग से रातों-रात काम पूरा करा दिया और मशीनें लेकर मौके से चला गया। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के किनारों पर जगह-जगह धंसने का कारण यह है कि बिना उचित भराव (पुराई) किए और रोड रोलर चलाए बिना ही सड़क निर्माण करा दिया गया। इसके चलते सड़क बेहद कमजोर बन गई है और रोजाना उखड़ रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत सीएम पोर्टल के साथ-साथ अधिकारियों को फोन पर दी है और जल्द ही कानपुर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत करने की बात कही है। डीएम से जिला पंचायत सदस्य ने की थी शिकायतबीते दिनों पतारी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य राजनारायण कुरील ने कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र भेजकर 400 मीटर सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिला पंचायत के अंतर्गत ठेकेदार पीयूष कुशवाहा द्वारा सड़क निर्माण में नाप में फेरबदल कर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। पंचायत सदस्य के अनुसार, मानकों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कराया गया। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए आम बजट को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति बनाई है। इसके तहत प्रदेशभर के सभी जिलों में विशेष कमेटियों का गठन किया गया है, जो बजट में शामिल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएंगी। भाजपा संगठन की ओर से नियुक्त की गई इन कमेटियों में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल किए गए हैं। ये कमेटियां गांव-गांव, वार्ड स्तर पर बैठकें, संवाद कार्यक्रम एवं जनसंपर्क के माध्यम से केंद्र सरकार के बजट की प्रमुख विशेषताओं को जनता के सामने रखेंगी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि बजट में किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बजट से जुड़ी योजनाओं, टैक्स राहत और विकास से संबंधित प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दें, ताकि आम नागरिक बजट के लाभों को समझ सकें। खंडवा में 7 लोगों की टोली की उपाध्यक्ष को कमान खंडवा में केंद्रीय बजट के प्रचार-प्रसार के लिए 7 लोगों की कमेटी बनाई गई है, इस टोली का संयोजक जिला उपाध्यक्ष सुधांशु जैन को बनाया गया हैं। वहीं बाकी सदस्यों में जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष राजपालसिंह तोमर ने बताया कि यह अभियान तय कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा और इसमें अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
औरंगाबाद में अलग-अलग जगहों पर मारपीट हुई है। जिसमें कुल 9 लोग घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां कुछ की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहली घटना जम्होर थाना क्षेत्र के करहारा गांव की है, जहां मारपीट में दोनों पक्षों के 5 लोग घायल हो गए, जिनमें 3 की हालत गंभीर है। गंभीर रूप से घायल सत्यदेव कुमार, रिशु कुमार और आनंदी कुमार को औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों ने बताया कि वे गांव के पीपल के पेड़ के पास बैठे हुए थे, तभी 20 से 25 की संख्या में लोग वहां पहुंचे और अचानक हमला कर दिया। घायलों ने धनिक लाल मंडल समेत अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। सत्यदेव कुमार ने बताया कि 1 दिन पहले सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान ‘बबुआन वाला गाना’ बजाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसे उस समय ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था, लेकिन मंगलवार की देर शाम उसी विवाद को लेकर हमला किया गया। घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया दूसरी घटना रिसियप थाना क्षेत्र अंतर्गत सड़सी गांव के पास की है। घटना में सड़सा गांव निवासी मुकेश कुमार सिंह के बेटे उत्पल राज घायल हो गए। परिजनों ने बताया कि मंगलवार की शाम उत्पल रिसियप बाजार जा रहा था, तभी सड़सी गांव निवासी महेंद्र सिंह के बेटे रवि कुमार ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को परिजनों की ओर से सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। मूर्ति विसर्जन के दौरान हमला तीसरी घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेंदुआ गांव की है। यहां मारपीट की घटना में रमन यादव और उनके बेटे अनूप कुमार घायल हो गए। घायलों ने रामजी यादव के बेटे पप्पू कुमार और गोलू कुमार पर लाठी-डंडे से हमला करने का आरोप लगाया है। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान घायल अनूप कुमार ने बताया कि सोमवार को मूर्ति विसर्जन को लेकर विवाद हुआ था। मंगलवार को जब वे गाय को चारा देने जा रहे थे, तभी आरोपितों ने रास्ते में घेरकर हमला कर दिया। इस घटना में दोनों पिता-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें परिजनों के सहयोग से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। शराब के नशे में कर दी पिटाई चौथी घटना फेसर थाना क्षेत्र के बघोई गांव की है। यहां गांव निवासी रामबली राम मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। मंगलवार की रात उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। घायल रामबली राम ने गांव के ही सोनू चौहान पर शराब के नशे में धुत्त होकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। बताया गया कि यह घटना पुरानी रंजिश को लेकर हुई है। डायन का आरोप लगाकर मारपीट की पांचवीं घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजोई गांव की है, जहां मारपीट की घटना में मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों की पहचान नगीना देवी और उनकी बेटी सुमित्रा कुमारी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल नगीना देवी ने आरोप लगाया कि गांव के ही जैन पासवान ने डायन होने का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की। पुलिस इस मामले में भी जांच कर रही है।
एटा जिले के अलीगंज कस्बे में बेमौसम बारिश के बाद मोहल्ला सुदर्शनदास की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। नाले-नालियों का गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए निवासियों ने सुबह उठकर आम रास्ता बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले एक साल से वे इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पालिका प्रशासन पर साफ-सफाई न करवाने और झूठे आश्वासन देकर टरकाने का आरोप लगाया गया है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… स्थानीय निवासी शिवनंदन ने बताया कि यह मोहल्ला सुदर्शनदास का वार्ड नंबर तीन है, जहां आए दिन गंदा पानी भर जाता है। उन्होंने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आलाधिकारियों और नगरपालिका को भी सूचित किया गया, पर सफाई कर्मचारी केवल खानापूर्ति करके चले जाते हैं। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी होती है और वे गिर जाते हैं। एक अन्य स्थानीय निवासी गिरीश कुमार ने जानकारी दी कि वार्ड नंबर तीन और चार की स्थिति बेहद खराब है। सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ जमा है, जिससे स्कूली बच्चों, राहगीरों और मोहल्ले के लोगों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। पूर्व में नगरपालिका को शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले पर उपजिलाधिकारी अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि समस्या संज्ञान में आते ही तत्काल नगरपालिका के ईओ को निर्देशित किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम के साथ मौके पर पहुंचकर समस्या का निस्तारण करवाया जाएगा। आक्रोश जताने वालों में रिंकू, दिलीप, राजू दुकानदार, रामवीर, विवेक, विनोद, सतीश और रोहित शामिल रहे।
जींद जिले के सफीदों तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव रत्ता खेड़ा में चोरों ने एक ठेकेदार के सूने घर को निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के समय परिवार के सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रत्ता खेड़ा गांव के सतीश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पेशे से ठेकेदार है। मंगलवार, 27 जनवरी को वह काम के सिलसिले में जींद गए हुए थे और उनकी पत्नी किसी कार्यवश सफीदों गई हुई थी। उनकी माता गांव में ही आयोजित एक सत्संग में शामिल होने गई थीं। उसने बताया कि इस दौरान घर पर केवल उनके पिता थे, जो मानसिक रूप से बीमार रहते हैं। चोरों ने इसी स्थिति का लाभ उठाया और सुबह 11 बजे से शाम के बीच घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। ईंट मारकर तोड़ा ताला, ये सामान चुराया सतीश ने बताया कि चोरों ने घर के कमरे का कुंडा और ताला ईंट मारकर तोड़ दिया और अंदर रखे सामान की चोरी कर ली। चोर घर से एक सोने का हार, तीन सोने की अंगूठी, तीन जोड़ी चांदी की पाजेब, तीन चांदी के सिक्के और 30 हजार रुपए की नकदी चोरी करके ले गए हैं। घर लौटते ही खुला चोरी का राज सतीश ने बताया कि शाम को जब उनकी माता सत्संग से वापस लौटीं, तो उन्होंने देखा कि मुख्य गेट खुला हुआ है और कमरे का ताला टूटा पड़ा है। कमरे के अंदर लाइट जल रही थी और अलमारी का सामान बिखरा हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सतीश को दी। घर पहुंचने पर जब सामान की पड़ताल की गई, तो जेवरात और नकदी गायब मिले। सतीश ने अपने स्तर पर आसपास पूछताछ की, लेकिन जब चोरों का कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने दर्ज किया केस सदर थाना सफीदों पुलिस ने सतीश कुमार की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा नंबर 24 दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीम ने मौके का मुआयना किया है और संदिग्धों की पहचान के लिए गांव व आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया जाएगा।
मेरठ परिक्षेत्र के हापुड़ और बुलंदशहर जनपदों ने दिसंबर 2025 की सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) रैंकिंग में प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवाएं, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जारी मासिक रैंकिंग में हापुड़ ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि बुलंदशहर नौवें स्थान पर रहकर टॉप-10 जनपदों में शामिल हुआ है। DIG कलानिधि नैथानी ने बताया कि सीसीटीएनएस रैंकिंग के लिए कुल 16 पैरामीटर्स निर्धारित किए गए हैं। इनमें डेटा सिंक्रोनाइजेशन, अपराध विश्लेषण पोर्टल पर प्रविष्टियां, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, गिरफ्तार अभियुक्तों एवं गुमशुदा व्यक्तियों की ऑनलाइन फीडिंग जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिसंबर 2025 की रैंकिंग जारी की गई। डीआईजी नैथानी ने यह भी बताया कि पूर्व माह में मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों की सीसीटीएनएस प्रगति की गहन समीक्षा की गई थी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के परिणामस्वरूप, जनपद हापुड़ और बुलंदशहर की पुलिस टीमों ने अपनी तकनीकी कार्यप्रणाली को मजबूत किया, जिसका सकारात्मक परिणाम इस रैंकिंग में दिखाई दिया। इस उपलब्धि पर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने पुलिस अधीक्षक हापुड़ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर की सराहना की। उन्होंने परिक्षेत्र के अन्य जनपदों को भी सीसीटीएनएस के सभी चयनित पैरामीटर्स पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने और तकनीकी मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। पुलिस विभाग की इस सफलता को कानून व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
झारखंड के चाईबासा वन प्रमंडल के टोंटो और झींकपानी थाना क्षेत्र में हाथियों की आपसी भिड़ंत में एक हाथी की मौत हो गई। टोंटो थाना क्षेत्र के सागरकाट्ठा और रोंमारा गांव के बीच मृत हाथी का शव मिला। घटनास्थल से हाथी का दांत गायब पाया गया, जिससे वन विभाग में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग के अनुसार, झींकपानी क्षेत्र में हाथियों का एक झुंड सक्रिय था। मंगलवार देर रात झुंड के दो नर हाथियों के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प हुई। इस संघर्ष में एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टीम के पहुंचने पर दांत गायब मिला विभाग ने बताया कि भिड़ंत के दौरान हाथी का एक दांत टूटकर अलग हो गया था। हालांकि, बुधवार सुबह जांच टीम के पहुंचने से पहले ही वह दांत वहां से गायब मिला। चाईबासा के वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य नारायण अपनी टीम के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं और मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। वन विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दांत किसी ग्रामीण ने उठाया है या इसके पीछे किसी अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हाथ है। ड्रोन और गश्ती दलों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। ट्रेनों का परिचालन लगभग एक घंटे तक बाधित रहा इसी बीच, चाईबासा-डंगवापोसी रेल खंड पर झींकपानी के पास हाथियों का एक अन्य झुंड रेल की पटरियों पर आ गया। इससे हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन लगभग एक घंटे तक बाधित रहा। वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने मशालों और सायरन का उपयोग कर हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा, जिसके बाद रेल यातायात बहाल हो सका। विभाग का मुख्य उद्देश्य अब लापता दांत की बरामदगी और झुंड के बाकी हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र में वापस भेजना है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नवीन नियमों के विरोध में बुधवार को स्वर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पटेल नगर चौराहा पर इकट्ठा होकर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट का घेराव कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में UGC कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि नए UGC नियमों से समाज में भ्रम, असुरक्षा और वैमनस्य की भावना उत्पन्न हो रही है, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है। स्वर्ण समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि यह कानून योग्यता आधारित शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को खतरे में डालता है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… उन्होंने कहा कि स्वर्ण समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करता रहा है, लेकिन इस कानून के जरिए सरकार ने छात्रों और शिक्षकों को मानसिक दबाव में डाल दिया है। उन्होंने मांग की कि इस कानून से जुड़ी भ्रांतियों का उच्च स्तर पर समाधान किया जाए, इसकी परिभाषा शिक्षण तक सीमित रहे, सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ समान दंड का प्रावधान लागू किया जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि UGC कानून को वापस नहीं लिया गया, तो जनसैलाब के साथ दिल्ली पहुंचकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं, उन्हें जाति आधारित प्रयोगशाला नहीं बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में शाश्वत गर्ग, अभय सिंह, विजय तिवारी, ओम त्रिवेदी, विवेक दुबे, हरिओम द्विवेदी, राजकिशोर, रूपेश, पंकज तिवारी, देवनारायण मिश्रा, संग्राम सिंह, अतुल अवस्थी, पुष्पराज सिंह सहित कई लोग शामिल रहे। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया।

