सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को स्कूल जा रही एक नाबालिग छात्रा के अपहरण का दिनदहाड़े प्रयास किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। छात्रा के चीखने-चिल्लाने पर सतर्क ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए अपहरणकर्ताओं की वैन को घेर लिया। खुद को घिरता देख अपहरणकर्ता वैन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए, जिससे एक बड़ी वारदात टल गई। पीड़ित किशोरी के अनुसार वह साइकिल से स्कूल जा रही थी। जैसे ही वह ग्राम अर्थलपुर के पास पहुंची, तभी एक वैन में सवार कुछ लोग उसके पास आए और जबरन साइकिल से उतारकर गाड़ी में बैठा लिया। किशोरी का आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने असलहे के बल पर उसे धमकाते हुए वैन में बंद कर लिया और उसे लेकर भागने लगे। रास्ते में जब वैन पिरई नदी पुल के पास पहुंची और आसपास ग्रामीण दिखाई दिए, तो उसने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। किशोरी ने बताया कि उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े और वैन को चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों को एकत्र होता देख अपहरणकर्ता घबरा गए और वैन को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के पिता थाने पहुंचे और नामजद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। किशोरी ने बताया कि अपहरण की कोशिश में शामिल दो आरोपियों की पहचान अरमान निवासी मुर्गिहानपुरवा और युवक बंटी निवासी हरिकिशनपुर के रूप में हुई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छोड़ी गई वैन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इमलिया सुल्तानपुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
हनुमानगढ़ जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आत्मा योजना के तहत पांच दिवसीय अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम शुरू किया गया है। बुधवार को जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कलेक्ट्रेट परिसर से 100 किसानों के दो दलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर यादव ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भ्रमण नई तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिक खेती को समझने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे जिले की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चंद्र डूडी ने बताया कि कैफेटेरिया गतिविधि बी-4 के तहत गठित इन दो दलों में जिले के प्रगतिशील और युवा किसानों को शामिल किया गया है। यह भ्रमण 21 से 25 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान किसान लूणकरणसर, बीकानेर, जोधपुर और सूरतगढ़ स्थित प्रमुख कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन संस्थानों का दौरा करेंगे। किसान राजस्थान ओलिव कल्टीवेशन लिमिटेड, एटीसी बीकानेर, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, ऊंट अनुसंधान संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, काजरी संस्थान, केंद्रीय शुष्क वानिकी संस्थान, कृषि कौशल विकास केंद्र और केवीके मण्डोर जैसे संस्थानों में विशेषज्ञों से सीधा संवाद करेंगे। भ्रमण के दौरान किसानों को उन्नत बीज किस्में, जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक एवं कीटनाशी उपयोग, जैविक व समेकित खेती, संरक्षित खेती, उद्यानिकी, व्यवसायिक पशुपालन, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और फसल अवशेष प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। जिला कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे भ्रमण से प्राप्त ज्ञान को अपने खेतों में अपनाएं और अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित करें। भ्रमण दल में प्रथम समूह के प्रभारी परविन्द्र सिंह व सहप्रभारी संदीप तथा द्वितीय समूह के प्रभारी रामेश्वरलाल सहारण व सहप्रभारी नरेश कुमार नियुक्त किए गए हैं। इस मौके पर संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार, सहायक निदेशक कृषि बलकरण सिंह, डॉ. संजीव भादू, रामप्रताप गोदारा, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) करणजीत सिंह सहित कृषि विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
अलवर की एससी-एसटी विशेष न्यायालय ने घर में घुसकर हत्या के प्रयास के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। सरकारी वकील योगेन्द्र खटाणा ने बताया कि यह मामला 23 अगस्त 2023 का है। पीड़ित के बेटे रविंद्र ने थाना शिवाजी पार्क में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रविंद्र अपने पिता पप्पू राम के साथ शिवाजी पार्क स्थित एक मोबाइल शॉप पर मोबाइल खरीदने गया था। जब दोनों वापस घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी सुनील और उसका एक नाबालिग साथी उनके घर में घुसकर उसकी मां और बहन के साथ मारपीट कर रहे थे। जैसे ही रविंद्र और पप्पू राम ने विरोध किया, आरोपियों ने पप्पू राम के सिर पर लोहे के सरिये और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। हालत नाजुक होने पर उन्हें पहले अलवर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया। वहां पीड़ित का उपचार चला। पुलिस ने मामले में आरोपी सुनील उर्फ सोनू और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी सुनील उर्फ सोनू को 10 साल की सजा से दंडित किया।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सहरी गांव में एक बाइक कबाड़ से भरे मालवाहक से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक इलाज के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। घटना बुधवार शाम की है। कबाड़ से भरे मालवाहक से टकराई बाइक पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब सहरी गांव निवासी राजेश पिता होरी यादव और मगदूपुरा गांव निवासी खुमान पिता खिलान अहिरवार (40) अपनी बाइक क्रमांक एमपी 34 एमजे 5426 से झलौन से सहरी गांव की ओर जा रहे थे। उनकी बाइक एक कबाड़ से भरे मालवाहक क्रमांक एमपी 20 जीबी 5611 से टकरा गई। एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल टक्कर इतनी भीषण थी कि खुमान अहिरवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। राजेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें निजी वाहन से तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद मालवाहक क्षतिग्रस्त हालत में सड़क पर खड़ा मिला, लेकिन उसका चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने खुमान के शव को अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दादा बन गए हैं। दिल्ली एम्स में शिवराज के बडे़ बेटे कार्तिकेय की पत्नी अमानत ने बेटी को जन्म दिया। पोती के जन्म की खबर शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता बन गए, अमानत मां। कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा। कुणाल और ऋिद्धि चाचा और चाची। अनुपम जी नाना, रूचिता जी नानी और आर्यन मामा। 2025 में हमारे घर दो बेटियां आईं- अमानत और ऋद्धि। 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ। स्वागतम् लक्ष्मी….साधना-शिवराज। पोती को देख उछल पड़ीं साधना, बोलीं- बिटिया लाडली लक्ष्मी आई है शिवराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में हॉस्पिटल स्टाफ बेटी को लेकर ओटी से बाहर आता है। शिवराज की पत्नी साधना उन्हें इशारा करते हुए करीब आने को कहतीं हैं। कार्तिकेय बेटी को गोद में लेकर दुलार करते हैं। शिवराज की पत्नी साधना पोती को देखकर खुशी से उछल पड़ती हैं वे कहतीं हैं -बिटिया लाडली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय ने बेटी का नाम रखा इला कार्तिकेय से स्टाफ ने पूछा एक बार बोल दीजिए कौन आई है? कार्तिकेय कहते हैं इला आई है। फिर साधना कहतीं हैं ईला आ गई। और फिर अपनी समधन रूचिता को गले लगाती हैं। शिवराज गायत्री मंत्र जाप करते रहेजैसे ही शिवराज की पोती को डॉक्टर और हॉस्पिटल स्टाफ ओटी से बाहर लेकर आए। शिवराज गायत्री मंत्र गाते हुए दिखे। कार्तिकेय ने भी बेटी को गोद में लेने के बाद कुछ मंत्र गुनगुनाए। शिवराज ने पोती को पहली बार गोद में लेने के बाद उसे गायत्री मंत्र सुनाया। पिछले साल 6 मार्च को जोधपुर में हुई थी शादीकार्तिकेय की शादी राजस्थान के जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में प्रसिद्ध फुटवेयर कंपनी लिबर्टी फुटवेयर के डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी अमानत के साथ 6 मार्च 2025 को हुई थी।
कौशांबी की महेवाघाट थाना पुलिस ने बुधवार को 7 प्रतिबंधित लेदी बतख (सिलिह पक्षी/फ्लोरिडा डक) के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद सभी बतख मृत अवस्था में थे। पुलिस बुधवार दोपहर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर क्षेत्र के अलवारा झील के पास से युवक को पकड़ा गया। पकड़े गए युवक की पहचान शिवबली पुत्र बंशीलाल, निवासी गांव अलवारा, थाना महेवाघाट के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह रात में प्रतिबंधित पक्षियों का शिकार करने के लिए खाद्य पदार्थ में कीटनाशक मिलाकर झील के आसपास रख देता था। रात में पक्षी इसे खाकर मर जाते थे। सुबह वह मृत पक्षियों को उठाकर ले जाता था और उनका उपयोग भोजन के रूप में करता था। पुलिस ने बुधवार देर शाम आवश्यक लिखापढ़ी और विधिक कार्यवाही के बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
बुरहानपुर जिले में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत खकनार तहसील के डाभियाखेड़ा गांव में बुधवार को एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर उन मतदाताओं के लिए लगाया गया था, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था और जिन्हें वर्तमान में ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है। डाभियाखेड़ा गांव की खकनार तहसील मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूरी को देखते हुए प्रशासन ने गांव में ही शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य मतदाताओं को तहसील कार्यालय आने-जाने में होने वाली असुविधा और आर्थिक खर्च से राहत देना था। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चला शिविरबूथ क्रमांक 128 और 129 पर आयोजित यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान 100 से अधिक मतदाताओं ने अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन फॉर्म जमा किए। शिविर में नायब तहसीलदार कविता सोलंकी स्वयं डाभियाखेड़ा पहुंचीं और जमा किए गए फॉर्मों का मौके पर ही सत्यापन किया। प्रशासन की ओर से मतदाताओं की सुनवाई कर उनकी स्थिति दर्ज की गई। 185 मतदाता थे ‘नो मैपिंग’ श्रेणी मेंनायब तहसीलदार कविता सोलंकी ने बताया कि एसआईआर अभियान के तहत डाभियाखेड़ा गांव में कुल 185 मतदाताओं के नाम ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में पाए गए थे, जिन्हें पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। बुधवार को आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में मतदाता उपस्थित हुए। शेष मतदाताओं को खकनार बुलाया गयाशिविर में उपस्थित नहीं हो पाए शेष मतदाताओं को अब खकनार तहसील कार्यालय बुलाया गया है। संबंधित मतदाताओं को पुनः नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी ‘नो मैपिंग’ मामलों की जांच और मैपिंग प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाएगी।
जालोर की ग्राम पंचायत उम्मेदाबाद से जुड़े ग्राम बेरा इंगोरिया के ग्रामीणों ने ग्राम सीमांकन में हुई कथित त्रुटि को लेकर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट जालोर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में किए गए सीमांकन में बेरा इंगोरिया को गलत तरीके से ग्राम पंचायत धोरारामनगर में जोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बोले- परेशानी होगी ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से ग्राम पंचायत उम्मेदाबाद से जुड़े रहे हैं और उनके सभी राजस्व, शैक्षणिक व पहचान से जुड़े दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक खाते आदि इसी ग्राम पंचायत से संबंधित हैं। अचानक सीमांकन बदलने से उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों और बैंकों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जिससे मानसिक व आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि बेरा इंगोरिया भौगोलिक रूप से ग्राम पंचायत उम्मेदाबाद के अधिक निकट है, जबकि धोरारामनगर काफी दूर स्थित है। ऐसे में बेरा इंगोरिया को पुनः नए सिरे से सीमांकन कर ग्राम पंचायत उम्मेदाबाद में ही रखा जाए। न्याय की मांग की ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई कर न्याय प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके। इस दौरान जबराराम, भोमाराम, हरसन कुमार, चन्दनमल, महेन्द्र कुमार, मनोज कुमार, अजाराम,ऊषादेवी, नेनु देवी, नरसाराम, रमकु देवी, नगाराम, रेखा देवी, कमला देवी, भगाराम, गोपाराम, सरकीदेवी, कोकुदेवी, लीलादेवी, संगीता देवी गीता देवी, शांतिदेवी व रगुदेवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
धौलपुर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने आरएसी परेड ग्राउंड पर फर्स्ट एड शिविर का आयोजन किया। इसमें जिला मुख्यालय के दो दर्जन से अधिक स्कूलों के 1800 स्टूडेंट्स को फर्स्ट एड विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा ने सड़क दुर्घटना में घायलों को मदद करने के तरीके सिखाए। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने यह जानकारी दी। डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फर्स्ट एड तभी देना चाहिए जब व्यक्ति उसमें पूरी तरह निपुण हो। उन्होंने जोर दिया कि उनका उद्देश्य जिले के सभी बच्चों को फर्स्ट एड में पारंगत करना है, ताकि वे दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सही विधि से मदद कर सकें। उन्होंने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी, जिसमें 30 बार सीने पर 100-120 प्रति मिनट की गति से दबाव डालने का तरीका बताया। डॉ. वर्मा ने सीपीआर के सात चरणों को विस्तार से समझाया और बताया कि इसके माध्यम से किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रत्येक घर में कम से कम एक व्यक्ति को सीपीआर विधि की पूरी जानकारी होनी चाहिए। समारोह के दौरान परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने विद्यार्थियों को 'गुड सेमरिटर्न' और 'राहवीर योजना' के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अच्छे मददगार बनकर मानव धर्म निभाएं और इन योजनाओं के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भागीदार बनें। इस अवसर पर डिप्टी फिजिकल एलिमेंट्री चोब सिंह, हरिमोहन शर्मा, विजय उदैनीय, परमजीत सिंह, पूजा नरसल, शांति, अनु वशिष्ठ, संजीव श्रीवास्तव, मोहम्मद जाकिर हुसैन, विमल शर्मा, सौरभ गुर्जर, गौरव वर्मा और मनोज कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सिंगरौली के जियावन थाना क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को जियावन पुलिस ने बिना ट्रांजैक्ट परमिट (टीपी) के रेत ले जा रहे एक हाईवा वाहन को जब्त किया है। बिना टीपी के रेत का परिवहन करते हाइवा जब्त जब्त किए गए वाहन का क्रमांक MP53 ZC 2556 है। पुलिस ने वाहन को थाने में खड़ा कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हाईवा वाहन बिना टीपी के रेत का परिवहन करता पाया गया। पुलिस के अनुसार, वाहन ओवरलोड भी प्रतीत हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वाहन से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। ट्रांजैक्ट परमिट वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि खनिज विभाग के माध्यम से की जाएगी। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए चलाया जा रहा अभियान जियावन थाना प्रभारी रोशनी कुर्मी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मंगलवार को भी पुलिस ने एक ऐसे ट्रक को पकड़ा था, जिसका ट्रांजैक्ट परमिट समाप्त हो चुका था, फिर भी उसमें रेत का परिवहन किया जा रहा था। टीआई बोले-ओवरलोडिंग की भी हो रही है जांच थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि आज पकड़े गए हाईवा के मामले में ओवरलोडिंग और टीपी दोनों बिंदुओं पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोहराया कि अवैध रेत परिवहन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रयागराज में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में तैनात कार्यालय सहायक नीरज कुमार को 5,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह एक दुकानदार से सिक्योरिटी मनी वापस करने के नाम पर पैसे ले रहा था। दुकानदार की शिकायत पर एंटी करप्शन ने जाल बिछाया और उसे दबोच लिया। यह है पूरा मामला मिर्जापुर निवासी मनीष कुमार सोनकर ने एंटी करप्शन प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मिर्जापुर रोडवेज बस स्टेशन परिसर में उसे 01 फरवरी 2021 से 31 जनवरी 2024 तक जनरल मर्चेंट की दुकान का ठेका मिला था। ठेका स्वीकृत होने के दौरान उसने ₹28,800 की सिक्योरिटी मनी जमा की थी। रिश्वत की मांग का आरोप मनीष का कहना है कि ठेका अवधि समाप्त होने के बाद जब उसने सिक्योरिटी मनी वापस मांगी तो कार्यालय सहायक नीरज कुमार ने उससे रिश्वत की मांग की। कहा कि 5000 देने के बाद ही सिक्योरिटी मनी उसे वापस मिल सकेगी। एंटी करप्शन की ट्रैप कार्रवाई एंटी करप्शन के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच कराई गई तो आरोपी की आम शोहरत ठीक नहीं पाई गई। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही प्रतीत होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। ताई योजना के मुताबिक बुधवार को एंटी करप्शन टीम दो स्वतंत्र साक्षियों के साथ दोपहर में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय परिसर में पहुंची। 12 सदस्यीय टीम ने बिछाया जाल यहां शिकायतकर्ता ने फोन से संपर्क किया तो आरोपी कार्यालय सहायक ने उसे स्थापना कक्षा के सामने गैलरी में आने को कहा। वहां पहुंचने पर जैसे ही उसने शिकायतकर्ता से रुपए लिए, एंटी करप्शन की 12 सदस्य टीम ने आरोपी को दबोच लिया। इसके बाद उसे हिरासत पर लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम नीरज कुमार और खुद को मूल रूप से बलिया का रहने वाला बताया। यह भी बताया कि वह वर्तमान में बेली कॉलोनी में रहता है। कैंट थाने में लिखाया गया मुकदमा एंटी करप्शन प्रयागराज इकाई के इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना कैंट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
स्कूल ड्रेस में फांसी पर लटका मिला पांचवीं का छात्र:स्कूल नहीं गया था, लेकिन यूनिफॉर्म पहन रखी थी
रतलाम के बिरियाखेड़ी में पांचवीं के छात्र का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जब मां काम से घर लौटी तो बेटा हॉल के दरवाजे के बीच दुपट्टे के फंदे पर लटका मिला। मां ने तुरंत पड़ोसियों और रिश्तेदारों को खबर दी। पिता के पहुंचने तक लोगों ने उसे फंदे से उतार लिया था। परिजन उसे लेकर 80 फीट रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोपहर 4 बजे शव को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। शाम 5 बजे पिता और परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। डेढ़ साल के बेटे की पहले ही हो चुकी है मौतछात्र परिवार का इकलौता बेटा था। इससे पहले उनके एक और बेटे का डेढ़ साल की उम्र में बीमारी के कारण निधन हो चुका है। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव को मेडिकल कॉलेज में रखा गया है, जहां गुरुवार सुबह पोस्टमॉर्टम होगा। स्कूल जाने से मना किया था, पर पहनी थी यूनिफॉर्मछात्र का स्कूल का समय सुबह 10 बजे से था। बुधवार को वह स्कूल नहीं गया था, लेकिन उसने स्कूल यूनिफॉर्म पहन रखी थी। सुबह काम पर जाने से पहले मां ने उसका टिफिन भी बना दिया था। पिता ने भी सुबह पड़ोस में रहने वाली रिश्तेदार (काकी) के फोन पर बेटे से बात की थी, तब बेटे ने आज स्कूल जाने से मना कर दिया था।
आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाने की पुलिस ने महिला के घर में आग लगाकर जलाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पीड़िता महिला शीला चौरसिया ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि 19 जनवरी की रात में विपक्षियों द्वारा पीड़िता की मंडई में आग लगा दिया। आग लगने से जानवरों के लिए रखा भूसा जलकर राख हो गया। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में घरेलू सामान भी जल गए। इस मामले में पीड़ित आने लोदई जय हिंद और लाल वती सुनील यादव के विरुद्ध जहानागंज थाने में मुकदमा दर्द कराया था पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में गिरफ्तारी की गई है। चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार मामले की विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टर शिवम त्यागी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली की घटना में शामिल आरोपी जय हिंद यादव सुनील यादव लालमति देवी और लोधई की तलाश की जा रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि यह सभी आरोपी कहीं फरार होने वाले हैं। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। जहां से जेल रवाना किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) से जुड़े परिवारों को भविष्य में अब राशन की दुकान से गेंहू लेने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। परिवार का सदस्य जब चाहे तब अपने कोटे का गेंहू किसी भी समय एटीएम के जरिए उठा सकेगा। इसके लिए सरकार एक पायलट प्रोजेक्ट आने वाले कुछ माह में शुरू करने जा रही है, जिसमें तीन जिलों जयपुर, बीकानेर और भरतपुर को शामिल किया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया- हमने एटीएम मशीन की तरफ पर गेंहू का वितरण करने के लिए ग्रेन एटीएम (अनाज एटीएम) लगाने जा रहे है। इस एटीएम के जरिए NFSA से जुड़े लोग अपने कोटे का ले सकेंगे। जिस तरह एटीएम की सुविधा 24*7 दिन होती है, ठीक उसी तरह अनाज वितरण के लिए लगने वाले ग्रेन एटीएम में भी ये सुविधा होगी। इसका फायदा ये होगा, कि लोगों को राशन की दुकानों पर गेंहू लेने के लिए लाइन में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी उड़ीसा में ये सिस्टम शुरू सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में अभी उड़ीसा में ग्रेन सिस्टम की शुरूआत हो चुकी है। यहां चावल का वितरण ग्रेन एटीएम से किया जाता है। ये अनाज एटीएम बायोमेट्रीक तकनीक से लैस होता है। इसमें लाभार्थी को सिर्फ मशीन के फिंगर प्रिंट सेंसर पर अंगूठा लगाना है और मशीन अपने आप लाभार्थी की पहचान कर कोटे के अनुसार उसे राशन दे देगी। लाभार्थी को मिलने वाले अनाज और वजन की जानकारी मशीन के स्क्रीन पर दिखेगी। 4.35 करोड़ लाभार्थी एक्टिव वर्तमान में प्रदेश में NFSA सूची से 4 करोड़ 35 लाख 49,571 लोग जुड़े है, जो फ्री गेंहू उठा रहे है। सरकार की तरफ से चलाए जा रहे गिवअप अभियान में अब तक कुल 81 लाख व्यक्तियों ने स्वेच्छा और ई-केवाईसी नहीं करवाने के कारण सूची से बाहर हो चुके है। वहीं अब तक 72 लाख 78 हजार 723 नए पात्र व्यक्तियों को सरकार ने इस सूची में जोड़ा है।
रायसेन शहर में मतदाता सूची में नाम जोड़ने या काटने को लेकर पूर्व कांग्रेस पार्षद सहित करीब 1400 मतदाताओं पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग मिलकर मतदाताओं के नाम काटने का षड्यंत्र कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जिन नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, वे गलत हैं और आपत्ति दर्ज करने वाले व्यक्ति दूसरी विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं, जो नियमानुसार अनुचित है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इन आपत्तियों पर बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने पंचनामे बनाए हैं, जबकि आपत्ति दर्ज कराने वाले संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निवासी ही नहीं हैं। रायसेन नगर में ऐसे कई नामों पर आपत्तियां लगाई गई हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं, उनके वोटर कार्ड और पासपोर्ट तक बने हुए हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के साथ कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन नायक तहसीलदार को सौंपा कांग्रेस ने फर्जी आपत्ति लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। वार्ड आठ से कांग्रेस की पूर्व पार्षद फरजाना के नाम पर भी आपत्ति लगाई गई है। पार्षद प्रतिनिधि असलम खान ने आपत्ति लगाने वाले व्यक्ति को फोन कर जानकारी ली। उस व्यक्ति ने बताया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उसने कोई आपत्ति दर्ज कराई है। शहर के अन्य वार्डों से भी इसी तरह की आपत्तियों के मामले सामने आए हैं।
गोपालगंज के हथुआ प्रखंड में 'प्रशासन जनता के द्वार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान हथुआ विधायक रामसेवक सिंह और जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। दोनों अतिथियों ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर उपलब्ध सेवाओं, योजनाओं की जानकारी ली और आम जनता को दिए जा रहे लाभों की समीक्षा की। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टॉल पर आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना लक्ष्य जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोग बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। पवन कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी पदाधिकारी प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जनता दरबार का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे नागरिक अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे, जिससे समयबद्ध और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। प्रशासन की पारदर्शिता जन उत्तरदायित्व को मजबूत करेगी जिला पदाधिकारी ने जोर दिया कि यह पहल प्रशासन की पारदर्शिता और जन उत्तरदायित्व को मजबूत करेगी। विधायक रामसेवक सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आमजन को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होता है। उन्होंने जनता से इन अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने इसमें भाग लिया और स्टॉलों पर जाकर योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
सुपौल में अपहृत युवक सकुशल बरामद, दो किडनैपर गिरफ्तार:बसबिट्टी चौक के पास से बदमाशों ने किया था अगवा
सुपौल के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बसबिट्टी पोखर के पास दिनदहाड़े युवक के अपहरण की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण अपहृत युवक को कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया गया, वहीं इस मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि मंगलवार को मोहित यादव, पिता-सीताराम यादव, ग्राम पोस्ट-सितुहर नयानगर, थाना व जिला-सुपौल ने सदर थाना में एक लिखित आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटा राजदीप कुमार (19) को बसबिट्टी पोखर के पास से उजले रंग की स्कॉर्पियो (नंबर BR07BE 9774) पर सवार अज्ञात सात युवकों ने पहले मारपीट की और फिर जान मारने की नीयत से जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। बरामदगी के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई इधर, बुधवार की शाम सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि इस संबंध में सुपौल थाना कांड संख्या 50/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुपौल जिले के सभी थानों को सूचित किया गया तथा अपहृत युवक की बरामदगी के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निर्मली एवं नदी थाना क्षेत्र में लगातार छापेमारी की। इसी क्रम में नदी थाना के सहयोग से मुगराहा पुल के पास से अपहृत राजदीप कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों क्रमशः रामाशीष यादव, पिता-पवन यादव, निवासी धोबियाही वार्ड संख्या-05, थाना-निर्मली तथा अजय कुमार, पिता-अनिल कुमार यादव, निवासी परिकोच, थाना व जिला-सुपौल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना का कारण पुरानी रंजिश बताया है। वहीं पुलिस ने बताया कि घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो की बरामदगी तथा अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी है। पुलिस की तत्परता से अपहृत युवक के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
बीएनएसडी में स्काउट-गाइड शिविर का समापन:500 से अधिक छात्रों ने सीखी सेवा, अनुशासन की सीख दी
कानपुर के बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में 19 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस अवसर पर सहायक प्रादेशिक आयुक्त, कानपुर एवं चित्रकूट मंडल श्री आर.सी. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन और स्काउट प्रार्थना दया कर दान भक्ति का के सामूहिक गायन से हुआ। अपने संबोधन में श्री शर्मा ने स्काउटिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने इसे एक स्वयंसेवी, गैर-सरकारी शैक्षिक आंदोलन बताया जो बिना किसी भेदभाव के समाजसेवा और राष्ट्रसेवा का अवसर प्रदान करता है। बताया कि, स्काउटिंग की स्थापना 1907 में इंग्लैंड में लॉर्ड बेडन पॉवेल द्वारा की गई थी, जबकि भारत में इसकी शुरुआत 1920 में हुई। उन्होंने जोर दिया कि स्काउट एवं गाइड अनुशासन, सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करते हैं। आपदा के समय उनके राहत एवं बचाव कार्य समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। जिला स्काउट मास्टर संजय कुमार तिवारी ने शिविर की आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसमें 500 से अधिक कब, बुलबुल, स्काउट एवं गाइड्स ने भाग लिया। शिविर के दौरान प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, अनुशासन, टीमवर्क और सामाजिक सेवा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। स्काउट मास्टर सभाशंकर द्विवेदी ने अतिथियों का परिचय कराया। सह संयोजक छात्र परिषद यश त्रिपाठी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय की छात्राओं ने सामूहिक गीत परोपकारी हमें बनाना प्रस्तुत किया। समापन समारोह में प्रशिक्षक संजय तिवारी, अनीता अवस्थी, मीना द्विवेदी, आकाश बाजपेयी, प्रीति तिवारी सहित प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह, उपप्रधानाचार्या मंजूबाला श्रीवास्तव, नीतू मेहरोत्रा और अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा और समाजसेवा के संकल्प के साथ किया गया।
पचपेड़वा में लाइनमैन पर हुआ था हमला:बिजली बिल वसूली के दौरान की पिटाई, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बलरामपुर के पचपेड़वा में बिजली बिल राहत योजना 2025-26 के तहत राजस्व वसूली में जुटे बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमले थम नहीं रहे हैं। 15 जनवरी 2026 को 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र पचपेड़वा (आईपीडीएस) में तैनात संविदा लाइनमैन रवि सिंह के साथ बर्बर मारपीट की गई। इस मामले में अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से विभागीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। 24 दिसंबर 2025 को पुरानी बाजार पचपेड़वा क्षेत्र में बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत डोर-टू-डोर राजस्व वसूली अभियान चलाया गया था। इस दौरान बकायेदार उपभोक्ताओं की बिजली लाइनें काटी गई थीं। इसी रंजिश में 15 जनवरी की शाम करीब 8:30 बजे, जब लाइनमैन रवि सिंह पंप नंबर-03 का फ्यूज जोड़कर शटडाउन लेकर वापस लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि नसीम शब्बीर (रिक्शा चालक), सलमान, असलम कुरैशी, उसमान, रेहान, असलम सहित कई अन्य लोगों ने बैट और हॉकी से लैस होकर रवि सिंह को घेर लिया और बेरहमी से पीटा। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे रवि सिंह को गंभीर चोटें आईं। घटना की एफआईआर थाना पचपेड़वा में दर्ज कराई गई है, लेकिन आरोप है कि केवल दो लोगों को औपचारिक गिरफ्तारी के बाद छोड़ दिया गया। हमलावरों ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर स्टेटस भी लगाया है। इतना ही नहीं, अब यही लोग कर्मचारियों को खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यदि किसी बकायेदार की लाइन काटी गई तो “रवि सिंह जैसा हाल किया जाएगा।” प्रभावी कार्रवाई न होने से बिजली विभाग के कर्मचारी भयभीत हैं और राजस्व वसूली सहित अन्य कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसी के विरोध में बुधवार को विद्युत वितरण उपखण्ड पचपेड़वा पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने जिलाधिकारी बलरामपुर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बहाल होगा और सरकारी योजनाओं का निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।
झाबुआ जिले के बनी स्थित श्री हरिहर आश्रम में देवेंद्र शास्त्री के सानिध्य में शिव-शक्ति महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। यज्ञाचार्य रविंद्र भट्ट के निर्देशन में 11 ऋषिकुमारों के किए गए सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। रायपुरिया के रमेशचंद्र भटेवरा यज्ञ के प्रधान यजमान हैं, जबकि बरवेट के अशोक भटेवरा सह यजमान के रूप में आहुतियां दे रहे हैं। बसंत पंचमी पर निःशुल्क सामूहिक विवाह इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर आयोजित होने वाला 11 कन्याओं का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। आचार्य डॉ. देवेंद्र जी शास्त्री के अनुसार, इसका उद्देश्य समाज में विवाहों पर होने वाले अनावश्यक खर्चों और कुरीतियों को रोकना है। आयोजन समिति ने वधु पक्ष को लहंगा, श्रृंगार सामग्री और दूल्हों को कोट-पैंट, सेहरा और अन्य आवश्यक उपहार प्रदान किए हैं। दानदाताओं का विशेष सहयोग इस कार्य में कई दानदाताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नारायण गोवर्धनलाल जाट कन्यादान मनोरथी हैं, जबकि सुनील शिवनारायण गेहलोत विवाह मनोरथी के रूप में सहयोग कर रहे हैं। मदनलाल पाटीदार गंगाजल उद्यापन, बंशीलाल काबरा गौ-वृषोत्सव और जितेंद्र पाटीदार ने मंगलसूत्र का दान किया है। 25 जनवरी तक चलेगा अनुष्ठान गोशाला प्रबंधक हरिराम पाटीदार ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान 25 जनवरी तक चलेगा। महायज्ञ और विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए श्री हरिहर निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति और गोशाला परिवार के सदस्य सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। प्रतिदिन होने वाले वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक आयोजनों में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
जालौन के विकासखंड रामपुरा की ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जन चौपाल उस समय भावनाओं से भर उठा। जब 8 वर्षीय मासूम राधिका कांपती आवाज में मंच पर बोली- मेरी मां मर गई है और पापा मुझे छोड़कर चले गए… लेकिन मैं पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बनना चाहती हूं। ”राधिका के ये शब्द सुनते ही मंच पर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। शासन की मंशा के अनुरूप जालौन जिला प्रशासन द्वारा जन चौपालों के माध्यम से पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित जन चौपाल के दौरान राधिका मंच पर पहुंची और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा साझा की। उसने बताया कि मां के निधन और पिता के छोड़ देने के बाद वह असहाय स्थिति में जीवन यापन कर रही है, लेकिन उसके सपने अब भी जिंदा हैं। जिला प्रशासन उठाएगा पूरी जिम्मेदारी मासूम की बात सुनकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार भावुक हो उठे। दोनों अधिकारियों ने राधिका को मंच पर अपने पास बैठाया और उसे ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने मौके पर ही सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि राधिका की शिक्षा और आवश्यक जरूरतों की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन उठाएगा। डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह केवल एक बच्ची नहीं, बल्कि जिले का भविष्य है। उसके सपनों को पूरा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राधिका को बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाया जाए। ताकि उसकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। बच्चों के खेलने के लिए कोई खेल मैदान नहीं जन चौपाल के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने गांव का पैदल भ्रमण कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए कार्यों का सत्यापन किया गया। जहां भी कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गांव में बच्चों के खेलने के लिए कोई खेल मैदान नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान का निर्माण पूर्ण कराने का आदेश दिया। साथ ही गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण, पाथवे निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें। राधिका की यह कहानी सिर्फ एक अनाथ बच्ची की सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संवेदनशील प्रशासन, सुशासन और मानवीय दृष्टिकोण की एक जीवंत मिसाल बन गई। यह घटना साबित करती है कि जब प्रशासन जनता से सीधे संवाद करता है और उनकी पीड़ा को समझता है, तो सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर इंसानियत का रूप ले लेती हैं।राधिका की हिम्मत और जज्बे ने न केवल प्रशासन को झकझोरा, बल्कि पूरे गांव के विकास को भी नई दिशा दे दी।
जशपुर में धान उपार्जन केंद्र में हुए 6.55 करोड़ रुपए से ज्यादा के धान घोटाला मामले का मुख्य आरोपी और फरार प्रबंधक जयप्रकाश साहू को पकड़ कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। यह मामला तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान उपार्जन केंद्र का मामला है। पुलिस के मुताबिक, जयप्रकाश बहुत शातिर अपराधी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद वह पहले दमोह (मध्यप्रदेश) भाग गया और पुलिस के दबाव में कोरबा के विकास नगर कुसमुंडा चला गया। यहां वह बार-बार मोबाइल सिम बदलकर अपने परिचितों के नाम से संपर्क में रहता था। फिर भी जशपुर पुलिस ने उसे आखिरकार पकड़ ही लिया। इस प्रकरण में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पुलिस पहले ही 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य चार आरोपी अब तक फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अब जानिए पूरा मामला मामला खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 का है। जांच में पता चला कि कोनपारा केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान खरीदी दिखाई गई थी, लेकिन मिलों और संग्रहण केंद्रों को सिर्फ 1,40,663 क्विंटल ही दिया गया। यानी 20,586 क्विंटल धान गायब हुआ। इस गायब हुए धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल से 6 करोड़ 38 लाख रुपए के करीब आंकी गई है। इसके अलावा, 4,898 बारदाने भी गायब पाए गए, जिनकी कीमत लगभग 17 लाख रुपए है। कुल मिलाकर शासन को 6.55 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी रामकुमार यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने FIR दर्ज की। जांच में सामने आया कि समिति के कुल 6 कर्मचारी/अधिकारियों की भूमिका भी है। विशेष टीम और साइबर यूनिट की अहम भूमिका एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर यूनिट को भी शामिल किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से घेराबंदी कर उसे दबोचा गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया धान खरीदी केंद्र कोनपारा में 6.55 करोड़ रुपए की अनियमितता के मामले में दूसरे आरोपी जयप्रकाश साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष चार फरार आरोपियों की सघन पतासाजी जारी है, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की विवेचना लगातार जारी है।
बिधनू के खड़ेसर गांव में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। ग्राम कठारा में ग्राम प्रधान और लेखपाल की सांठ गांठ से सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य हो रहा है। ग्रामीण ने सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत कानपुर डीएम कार्यालय पहुंचकर की है। डीएम ने जांच के आदेश दिए है। बिधनू थाना क्षेत्र के खड़ेसर गांव निवासी योगेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र स्व श्रीपाल सिंह ने कानपुर डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र देकर बताया कि ग्राम कठारा (III) की आराजी संख्या 3649, जो कि राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज सरकारी भूमि है। उस पर ग्राम के कुछ अराजक तत्वों द्वारा स्थानीय लेखपाल और ग्राम प्रधान से सांठ-गांठ करके अवैध निर्माण कराया जा रहा है। योगेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने 22 दिसंबर 2025 को इस बाबत एसडीएम को लिखित शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस कारण सरकारी भूमि पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है, जिससे कानून और प्रशासन की अनदेखी सामने आ रही है। कानपुर सदर के एसडीएम ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कड़ी में अमृतसर देहाती क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 140 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी अमृतसर देहाती के एसएसपी सुहेल मीर ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी। एसएसपी सुहेल मीर ने बताया कि पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत राज्यभर में 72 घंटे का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 12 हजार पुलिस मुलाजिमों को मैदान में उतारा गया है, जिनमें लगभग 2 हजार पुलिसकर्मी गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और उनसे जुड़े नेटवर्क की गहन जांच में जुटे हुए हैं। गैंगस्टरों के हर नेटवर्क पर पुलिस की कड़ी नजर उन्होंने कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में इस ऑपरेशन को पूरी सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। गैंगस्टरों के हर नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जा रही है, चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले हों, पनाह देने वाले हों या फिर अन्य किसी भी तरह से अपराधियों की मदद करने वाले लोग हों। अलग-अलग गिरोहों से जुड़े 140 आरोपी दो दिन में गिरफ्तार एसएसपी ने बताया कि बीते दिन अमृतसर देहाती में अलग-अलग गैंगस्टर गिरोहों से जुड़े करीब 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो गैंगस्टरों को रहने की जगह, पैसे, मोबाइल सिम, वाहन या अन्य सुविधाएं मुहैया कराते थे। इसके अलावा, आज भी लगभग 50 अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनका किसी न किसी रूप में गैंगस्टर गतिविधियों से संबंध पाया गया है। एसएसपी सुहेल मीर ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर नेटवर्क कई स्तरों पर काम करते हैं, जिनमें मास्टरमाइंड, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले और शूटर शामिल होते हैं। पंजाब पुलिस इन सभी मॉड्यूल्स को पूरी तरह तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ‘ऑपरेशन प्रहार’ आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने सिरोही शिवगंज विधायक और राज्य मंत्री ओटा राम देवासी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने एम्बुलेंस कर्मचारियों को नियमों में शामिल करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से उनके नाम जारी करने की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह देवड़ा की अगुआई में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत पायलट पिछले 15 से 17 साल से लगातार आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं। ये सेवाएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजस्थान सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं। इन कर्मचारियों ने हर आपदा, महामारी और विषम परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर जन सेवा की है। यूनियन ने बताया कि वर्ष 2022 में जोधपुर न्यायालय ने 108 और 104 एम्बुलेंस ड्राइवरों के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बावजूद, आज तक न तो उन्हें 2022 के नियमों में शामिल किया गया है और न ही हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि राजस्थान सरकार द्वारा संविदा, निविदा, यूटीबी, एचएम प्लेसमेंट एजेंसी और ठेका प्रथा के तहत कार्यरत उन कर्मचारियों की स्कैनिंग और सत्यापन प्रक्रिया मांगी गई है, जिनकी सेवा अवधि 5 से 10 वर्ष या उससे अधिक है। इस प्रक्रिया में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। हालांकि, एम्बुलेंस 108 और 104 सेवाओं में कार्यरत ड्राइवर, जो 15 से 17 साल से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। यूनियन का कहना है कि यह स्थिति गंभीर भेदभाव को दर्शाती है और कर्मचारियों के साथ अन्याय है, जो प्रतिदिन जीवन रक्षक और आपातकालीन सेवाएं प्रदान करते हैं। समान प्रकृति की सेवा देने वाले अन्य ठेका एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों को स्कैनिंग में शामिल करना और एम्बुलेंस कर्मचारियों को बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है। यूनियन ने बताया कि उनकी फाइल वित्त मंत्री दिया कुमारी को सौंप दी गई है। उनके प्रतिनिधिमंडल लगातार सक्रिय रहकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे निराशा हुई है। यूनियन ने यथाशीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।
राजस्थान की माटी से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में सशक्त पहचान बनाने वाले महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सिरोही के मूल निवासी राज के पुरोहित का 18 जनवरी को मुंबई निधन हो गया था। यह समाचार मिलते ही सिरोही सहित पूरे राजस्थान और प्रवासी समाज में शोक की लहर दौड़ गई थी। सिरोही के रामदेव गार्डन में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने भावांजलि व पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को जनसेवा, संगठन और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। इस अवसर पर विधायक समाराम गरासिया ने कहा कि जब भी प्रवासियों की समस्याओं को लेकर उनसे संपर्क किया गया, उन्होंने तत्परता से रुचि लेकर काम किया। उन्होंने अपने चुनाव में भी पुरोहित के आर्थिक सहयोग का उल्लेख किया। उपस्थित लोगों ने पुरोहित की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन जनसेवा, संघर्ष और सिद्धांतों से भरा रहा। जनसेवा और विविध क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डालते हुए महावीर जैन ने कहा कि उनके निधन से प्रवासियों की एक दबंग आवाज चली गई है। भाजपा प्रदेश मंत्री नारायण पुरोहित ने भी उन्हें एक बड़ा नेता बताते हुए कहा कि उनकी क्षति समाज और पार्टी के लिए अपूरणीय है। समाजसेवी रघुनाथ माली ने पुरोहित के स्मरण साझा करते हुए बताया कि अपनी मातृभूमि के लिए उनके मन में बहुत प्यार और श्रद्धा थी। एडवोकेट वीरेंद्रसिंह चौहान, दिलीपसिंह मंडानी, एडवोकेट अशोक पुरोहित, लोकेश खंडेलवाल, सुरेश सगरवंशी, सुरेश जुगनू, काशीराम रावल, हरीश दवे, जय गोपाल पुरोहित, मनोज पुरोहित, हिम्मत सुथार और मोहम्मद यूसुफ सहित कई अन्य लोगों ने भी उनके साथ बीते पलों को याद करते हुए अपनी भावांजलि अर्पित की और उनके संघर्षपूर्ण जीवन का स्मरण किया। सभा में उपस्थित लोगों का राज के पुरोहित कुटुंब परिवार की ओर से दीपाराम पुरोहित ने आभार व्यक्त किया। सिरोही से मुंबई तक संघर्ष की प्रेरक यात्रा श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने बताया कि स्व. राज के पुरोहित ने अपनी कॉलेज शिक्षा सिरोही में पूर्ण करने के पश्चात मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने संघर्ष, परिश्रम और ईमानदारी के बल पर राजनीति में स्थान बनाया। नगरसेवक के रूप में जनसेवा की शुरुआत कर वे महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने जनहित, प्रवासी समाज और संगठन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनका सार्वजनिक जीवन सदैव निष्कलंक, अनुशासित और जनसमर्पित रहा। वक्ताओं ने कहा- एक युग का अंत सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान की धरती से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में लंबी, सशक्त और सम्मानजनक पारी खेलने वाले ऐसे दूरदर्शी एवं ऊर्जावान जननेता का जाना एक युग का अंत है। वे वर्षों तक देशभर में प्रवासियों के अधिकारों की सशक्त पैरवी करने वाले, भाजपा महाराष्ट्र के मजबूत स्तंभ, मारवाड़ी समाज के प्रेरणास्रोत और संगठन के प्रति समर्पित नेता रहे। इस अवसर पर लोकेश खंडेलवाल ने कहा कि स्व. राज के पुरोहित से उनका व्यक्तिगत संबंध वर्षों पुराना रहा। जब-जब वे सिरोही पधारे, आत्मीयता से मिलना और स्नेहपूर्वक स्मरण करना उनका स्वभाव रहा। उनका सरल व्यक्तित्व, संगठन के प्रति निष्ठा और समाज सेवा का भाव सदैव स्मृतियों में जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। शोक संवेदना एवं प्रार्थना -सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि दी गई तथा ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।इनकी रही उपस्थित -श्रद्धांजलि सभा में बड़ी तादाद में गणमान्य सहित आमजन ने शिरकत की। इनमें जगदीश माली, एडवोकेट दिनेश पुरोहित, देवेंद्र डांगी, जयविक्रम हरण, दुदाराम पुरोहित, एडवोकेट महेंद्र चौहान, एडवोकेट कुलदीप रावल, खेताराम माली, व्यापार संघ के माधोसिंह, पुखराज पुरोहित, धर्माराम मीना, हेमलता पुरोहित, भंवरलाल माली, एडवोकेट वीरेंद्र एम चौहान, सुशील पुरोहित, तग़सिंह राजपुरोहित, पर्वतकेपी, स्वरूप पुरोहित, कालूराम माली, हीरालाल माली सहित कई लोग मौजूद रहे।
125 ऑटो चालकों और 80 बस चालकों का नेत्र परीक्षण:शिवपुरी में 150 एनसीसी कैडेट्स को यातायात नियम बताए
शिवपुरी पुलिस मुख्यालय पीटीआरआई भोपाल के निर्देश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 'सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा' थीम पर आधारित इन कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार, 21 जनवरी 2024 को यातायात थाना शिवपुरी ने विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। इस अभियान के तहत खिन्नी नाका स्थित 35वीं बटालियन एनसीसी कैम्प में 150 एनसीसी कैडेट्स को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने जैसे सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कैडेट्स को हिट एंड रन योजना के तहत राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि के बारे में भी बताया गया। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार की 'राह-वीर योजना' की जानकारी दी गई, जिसके तहत सड़क दुर्घटना के घायलों को 'गोल्डन आवर' में अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसी क्रम में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिवपुरी के सहयोग से पोहरी बस स्टैंड पर एक नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 125 ऑटो चालकों और 80 बस चालकों का नेत्र परीक्षण किया गया। उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। यातायात पुलिस के अनुसार, इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है।
महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह बुधवार को मेरठ पहुंचीं। सर्किट हाउस में उन्होंने समीक्षा बैठक की, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा महिला सुरक्षा और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष चर्चा के साथ संबंधित अधिकारीयों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए बैठक के बाद कमलावती सिंह ने महिला सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रहन–सहन, भोजन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। कमलावती ने बताया कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए चाइल्ड केयर, वन स्टॉप सेंटर, छात्रावास और वृद्धा आश्रम जैसी व्यवस्थाएं निगम के माध्यम से संचालित की जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कई कार्य किए जा रहे हैं और विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बताया और कहा कि लखनऊ में छात्रावास संचालित है, विधवा महिलाओं का आश्रय गृह वृन्दावन में और एक नोएडा में है जहां लड़कियां निवास कर रही हैं। कई पुराने प्रोजेक्ट जर्जर स्थिति में हैं, जिनका नवीनीकरण किया जा रहा है। मेरठ में श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना सुभारती विश्वविद्यालय के पास 48 करोड़ की लागत से तैयार होगी, जिसमें 500 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। कमलावती ने कहा कि निगम के माध्यम से महिलाओं को रोजगार प्रशिक्षण, कन्या मंगल योजना, विधवा कल्याण, वृद्धा सहायता, चाइल्ड केयर, गोद लेने की प्रक्रिया और पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। कोविड अवधि का उल्लेख करते हुए बताया कि जिन बच्चों ने अपने माता - पिता या दोनों को खो दिया है, उन्हें बाल सेवा योजना के तहत सहायता दी जा रही है, जिसमें ऐसे 400 बच्चे शामिल हैं । अध्यक्ष ने कहा—“महिलाओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारा काम गरीब महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उनका सहयोग करना है।” उन्होंने महिला आयोग और महिला कल्याण निगम के कार्यों में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां महिला आयोग न्याय दिलाने का काम करता है, वहीं महिला कल्याण निगम योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान करता है और साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाता है।
रायपुर में दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 23 जनवरी 2026 को विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशेष रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर सिविल लाइन्स में आयोजित होगा। इसमें निजी क्षेत्र की कंपनी द्वारा सीधे साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती की जाएगी। प्लेसमेंट कैम्प में स्क्वेयर बिजनेस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 10,500 से 14,500 रुपए प्रतिमाह वेतन के साथ ईपीएफ, इंसेंटिव और मेडिकल सुविधा का लाभ मिलेगा। चयनित उम्मीदवारों की पदस्थापना नया रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग, सेक्टर-21 में होगी। 27 साल तक के लोग कर सकते हैं आवेदन इस कैम्प में छत्तीसगढ़ के ऐसे दिव्यांग महिला और पुरुष आवेदक शामिल हो सकते हैं, जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों। साथ ही उम्मीदवारों को कंप्यूटर का ज्ञान, अंग्रेजी समझने की क्षमता तथा हिंदी बोलने और लिखने का ज्ञान होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 27 वर्ष तय की गई है। ये डॉक्यूमेंट लाना होगा इच्छुक अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवास, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने होंगे। कैम्प में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है, हालांकि स्थल पर ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में 0771-4044081 पर संपर्क किया जा सकता है।
खीरी पुलिस ने लूट, चोरी, फायरिंग का खुलासा किया:चार आरोपी गिरफ्तार, अवैध हथियार और नकदी बरामद
लखीमपुर खीरी। खीरी पुलिस ने लूट, चोरी और जानलेवा फायरिंग की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इन मामलों में चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक खीरी के निर्देश और थानाध्यक्ष खीरी निराला तिवारी के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से तीन अवैध तमंचे (315 बोर), एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, जेवरात (पायल और सिक्का) और 8,400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वारदात में इस्तेमाल की गई एक डिजायर कार (संख्या UP32 JE 5609) भी जब्त की गई, जिसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान पंकज पुत्र माताप्रसाद (निवासी बेलवा डिंगरा, थाना लहरपुर, सीतापुर), सुरेन्द्र कुमार उर्फ कल्लू पुत्र सोबरनलाल (निवासी देवीसहायपुरवा, थाना शारदानगर), सरवन पुत्र दीनबन्धु (निवासी लोनियपुरवा) और भानू सिंह पुत्र भगवानबक्श सिंह (निवासी चाऊपुर पड़री, थाना व जिला खीरी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों के खिलाफ थाना खीरी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्त पंकज का पहले से भी आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पिछले दिनों प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शंकराचार्य और उनके साथ चल रहे संतों के साथ हुई घटना पर समाजवादी पार्टी ने रोष व्यक्त किया है। आगरा में बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कहा-लोकतंत्र में किसी साधु-संत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान साधु-संतों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। साथ ही दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्वामी अविमक्तेश्वरानंद के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने पिछले दिनों प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शंकराचार्य पर हुई कार्रवाई का विरोध किया। इसमें के कई मुस्लिम कार्यकर्ता भी शामिल थे। कार्यकर्ताओं ने लगभग आधा घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की।महानगर अध्यक्ष का कहना था-प्रयागराज में हुई घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। इस देश में जब साधु और संतों के साथ ही इस तरह का व्यवहार होगा तो आमजन की क्या स्थिति होगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने प्रयागराज की घटना की निंदा करते हुए पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
जवाहरपुर मेवला में पुस्तकालय निर्माण की मांग:उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, ग्रामीणों ने उठाई आवाज
बागपत के जवाहरपुर मेवला गांव में पुस्तकालय निर्माण की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने यह ज्ञापन देते हुए ग्रामीण छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस प्रमुख समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया। ज्ञापन में बताया गया है कि विकास खंड बागपत के ग्राम जवाहरपुर मेवला में अब तक कोई पुस्तकालय नहीं है। इस अभाव के कारण ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए उचित संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मजबूरन दूर-दराज के कस्बों और शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद होता है। पुस्तकालय की अनुपस्थिति से ग्रामीण युवाओं का शैक्षिक और बौद्धिक विकास प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में जिला और तहसील स्तर के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि गांव में पुस्तकालय की स्थापना की जाती है, तो छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलेगा। इससे ग्रामीण शिक्षा स्तर में सुधार होगा और युवाओं को एक सकारात्मक दिशा भी मिलेगी। पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि ग्राम जवाहरपुर मेवला में शीघ्र पुस्तकालय निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया जाए। साथ ही, संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना है कि पुस्तकालय बनने से गांव के हजारों छात्रों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने भी इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी इस महत्वपूर्ण समस्या को गंभीरता से लेगी और जल्द ही इसका समाधान करेगी।
सुल्तानपुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक ग्राहक के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्ति ने एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से ₹53,000 निकाल लिए। यह घटना बुधवार को सुबह करीब 11:50 बजे हुई। पीड़ित दीपक कोरी सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरेभवानी-सेवक, मौजा-हलियापुर के निवासी हैं। उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की इनिसेपुर शाखा में है, जिसका खाता संख्या है। दीपक कोरी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद, बदले हुए एटीएम कार्ड का उपयोग करके खमूलेपुर स्थित एटीएम से कुल ₹53,000 की निकासी की गई। दीपक कोरी ने इस संबंध में हलियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस बाबत थाना अध्यक्ष वंदना अग्रहरि ने बताया मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है।
लापता युवक का नदी में मिला शव:परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, थाने के गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन
हरदोई जिले के मझिला थाना क्षेत्र में तीन दिन से लापता एक युवक का शव सुखेता नदी में मिला है। मृतक की पहचान सिकंदरपुर (मजरा मझिला) निवासी 32 वर्षीय विद्याप्रकाश उर्फ बेटी के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। परिजनों के मुताबिक, विद्याप्रकाश तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। इसकी सूचना थाने में दर्ज कराई गई थी। बुधवार को उसका शव नदी में उतराता हुआ पाया गया। विद्याप्रकाश अविवाहित था और खेती-किसानी का काम करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले विद्याप्रकाश का पड़ोस के गांव के कुछ व्यक्तियों से विवाद हुआ था। उस दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। परिजनों का मानना है कि पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो आक्रोशित परिजनों ने उसे थाने के गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र के गांव पिपली में सती माता मंदिर के पास चल रहे विकास कार्य के दौरान अचानक पुराने सिक्के और जेवर मिलने से चर्चा बनी हुई है। रात के समय मंदिर के पास बैठे कुछ युवकों को खुदाई स्थल पर पुराने सिक्के दिखाई देने की बात सामने आई, जिसके बाद देखते ही देखते यह खबर गांव भर में फैल गई। मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने पंचायत तक बुला ली, लेकिन अभी तक सिक्कों और जेवर की सच्चाई को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। खुदाई के दौरान सामने आई पुराने सिक्कों की चर्चाग्रामीणों के अनुसार सती माता मंदिर तक जाने वाले रास्ते को पक्का करने और मंदिर की चारदीवारी करवाने का कार्य पंचायत की ओर से किया जा रहा है। इसी क्रम में लोडर मशीन से खुदाई की जा रही थी। खुदाई के बाद जब ताजा निकली मिट्टी फैली, तो उसमें कुछ पुराने सिक्के दिखाई देने की चर्चा शुरू हो गई।रात में बैठे युवकों को मिले सिक्के और जेवरबताया जा रहा है कि रात के समय मंदिर के पास बैठे कुछ युवकों को मिट्टी में पुराने सिक्के नजर आए। इसके बाद गांव में यह भी चर्चा फैल गई कि सिक्कों के साथ कुछ जेवर भी मिले हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों के अलावा किसी ने इन वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा। दो युवकों ने तीसरे युवक को सामान देने की बात मानीग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में दो युवकों ने स्वीकार किया है कि खुदाई स्थल से मिला सामान उन्होंने अपने साथ मौजूद एक तीसरे युवक को दे दिया था। इसके बाद से वह युवक गांव में दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।मामले को लेकर बुलाई गई पंचायतघटना की जानकारी फैलते ही गांव में पंचायत बुलाई गई, ताकि सिक्कों और जेवर को लेकर स्थिति साफ की जा सके। पंचायत में दोनों युवक तो पहुंचे, लेकिन वह तीसरा युवक मौजूद नहीं हुआ, जिसे लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है।पंचायत के बाद ग्रामीण सती माता मंदिर पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को लेकर आपस में विचार-विमर्श किया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे से मिली जानकारियों को साझा किया, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके। सिक्कों और जेवर की संख्या पर बना हुआ है संशयअब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिक्के और जेवर कितनी संख्या में मिले हैं और वे कितने पुराने या प्रामाणिक हैं। गांव में फिलहाल सभी की निगाहें उसी तीसरे युवक पर टिकी हैं, जिसके सामने आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाराबंकी में प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग और ग्राम समाज की जमीन पर किए गए निर्माण पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई रियल एस्टेट कंपनी एचएम सिटी द्वारा कराए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए की गई। प्रशासन के मुताबिक, एचएम सिटी रियल एस्टेट कंपनी ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया था। साथ ही, सरकारी रास्ते पर भी अतिक्रमण किया गया था। जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी नवाबगंज आनंद तिवारी और क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था। कंपनी के डायरेक्टर अबू बकर उर्फ बाबा पठान ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र के सभी नक्शे पास हैं, इसके बावजूद प्रशासन ने निर्माण ध्वस्त कर दिया। पठान ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, ग्राम समाज की भूमि और सार्वजनिक मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग और कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अररिया में रोड एक्सीडेंट, महिला की मौत:बेटी के घर जा रही थी, निर्मली के पास ई-रिक्शा से गिर गई
अररिया के नरपतगंज प्रखंड में एक टोटो दुर्घटना में महिला सोनिया देवी (50) की मौत हो गई। यह हादसा नरपतगंज-सुपौल मार्ग पर निर्मली के समीप हुआ, जब सोनिया देवी अपनी बेटी के घर मुंडन समारोह में शामिल होने जा रही थीं। राजगंज वार्ड संख्या 3 की निवासी सोनिया देवी टोटो से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। दरभंगा ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दरभंगा के हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, दरभंगा ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने शव को घर लाकर नरपतगंज थाना को सूचित किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। बुधवार को सदर अस्पताल, अररिया में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा मृतका सोनिया देवी अरुण पासवान की पत्नी थीं। उनके भांजे अरविंद कुमार पासवान ने बताया कि उनकी मामी बेटी के घर जा रही थीं, तभी निर्मली के पास टोटो से गिर गईं। नरपतगंज थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने पुष्टि की कि पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और परिजनों से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में टोटो जैसे छोटे वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ओवरलोडिंग और लापरवाही के कारण ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। स्थानीय लोग बेहतर सड़क और यातायात सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चल रहे श्री राम नगरिया मेले में बुधवार को 'गाय गंगा भारतीय संस्कृति संरक्षण' संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन रेखा है। इस मेले में हजारों की संख्या में संत और श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। पहले 2 तस्वीरें देखिए... कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि हम सभी गर्व महसूस करते हैं कि गंगा मैया हमारे पास हैं, जिससे हमें जब चाहें उनका आशीर्वाद मिल जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं है, बल्कि यह जीवन रेखा है जो हमें जन्म देती है, जीवित रखती है और हमारे जीवन में सबसे बड़ा योगदान देती है। जल, जीवन और भोजन सब कुछ गंगा मैया की ही देन है। रजनी तिवारी ने गाय के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र का विशेष स्थान है। उन्होंने प्राचीन भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पश्चिमी संस्कृति का उदय भी नहीं हुआ था, तब हमारे यहां नालंदा और तक्षशिला जैसे शिक्षण संस्थान थे और वेदों की ऋचाएं लिखी गई थीं। उन्होंने अपनी वैदिक संस्कृति और धरोहर पर गर्व करने का आह्वान किया। राज्य मंत्री ने कहा कि हमें अपनी गाय की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि गाय हमें जीवन देती है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के महत्व को भी रेखांकित किया, जिसे ऋषि-मुनियों ने पहले ही बताया था और अब हम उस पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने मोटे अनाज के सेवन को भी जीवन के लिए उपयोगी बताया, जिसका जिक्र हमारे शास्त्रों में बहुत पहले से है। उन चीजों का उपयोग अब हम समझ रहे हैं जबकि हमारे ऋषि मुनियों ने बहुत पहले यह सब वेदों में लिख दिया था। विज्ञान जिसको अब बता रहा है वह भी हमारे वेदों और शास्त्रों में बहुत पहले ही लिख दिया गया था। सत्य ही सनातन है यह सारी चीज हमारे वेदों में लिखी हैं। हमें कभी नहीं भूलना चाहिए हमें अपने शस्त्रों पर गर्व होना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। अपनी संस्कृति अपनी साहित्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़े। अंत में उन्होंने कार्यक्रम संयोजक विपिन शुक्ला और विनीत को धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं मंच का संचालन कविता पांडेय ने किया। इस दौरान मंच पर जूना अखाड़ा के महंत सत्य गिरी महाराज, डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
न्यायाधीश ने बुजुर्गों से पूछे उनके हाल:साफ-सफाई, भोजन और सुविधाओं की जानकारी ली; जरूरी निर्देश दिए
झालावाड़ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झालावाड़ की सचिव एवं अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश शशि गजराना ने खानपुर स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। यह वृद्धाश्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, झालावाड़ के तहत संचालित है। निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश गजराना ने वृद्धाश्रम परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था और भोजनशाला का जायजा लिया। उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों से भोजन सामग्री, डाइट चार्ट, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही, बुजुर्गों की मासिक चिकित्सकीय जांच के बारे में भी पूछा। निरीक्षण के समय वृद्धाश्रम में निवास कर रहे व्यक्तियों की उपस्थिति पंजिका और संधारित की जा रही पत्रावलियों का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान वृद्धाश्रम में कुल 11 बुजुर्ग मौजूद पाए गए, जबकि केयर टेकर गैरमौजूद मिला। इस अवसर पर मौजूद बुजुर्गों को 'अवेयरनेस मॉड्यूल फॉर सीनियर सिटीजन' अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं, पेंशन योजनाएं, राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 और भरण-पोषण संबंधी कानून शामिल थे। उन्हें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित “मीडिएशन फॉर द नेशन” अभियान और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी बताया गया।
पलवल जिले के अलीगढ़ रास्ते पर पुलिस ने गोकशी के लिए ले जाई जा रही तीन गोवंश को मुक्त कराया है। इस मामले में दो गो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दे कि चांदहट थाना के हवलदार शमशुद्दीन अपनी टीम के साथ चांदहट चौक पर मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक वाहन में गोकशी के इरादे से गोवंश भरकर अलीगढ़ की तरफ से मेवात ले जाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत नाकेबंदी कर दी। ड्राइवर ने किया भागने का प्रयास कुछ ही देर बाद संदिग्ध वाहन आता दिखा। पुलिस का इशारा मिलने पर ड्राइवर ने वाहन रोकने के बजाय उसे पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और उस पर काबू पा लिया।पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली, तो उसमें तीन गोवंश मिलीं। रस्सियों से क्रूरतापूर्वक बांधा गया था इन गोवंश को रस्सियों से क्रूरतापूर्वक बांधा गया था और उनके लिए चारे-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।वाहन में मौजूद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कृपा शंकर मिश्रा और अन्नू के रूप में हुई है। पैसों का दिया था लालच पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ये गोवंश यूपी के जेवर से भरी थीं और कोसीकलां (यूपी) में किसी व्यक्ति को बेचने जा रहे थे, जिसने उन्हें गोकशी के बदले अच्छे पैसे देने का लालच दिया था।पुलिस ने वाहन और तीनों गोवंश को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बड़वानी में बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी किसान-मजदूरों ने अपने सम्मान और अस्तित्व के अधिकार के लिए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने रोजगार, जमीन और नागरिकता पर कथित हमलों के खिलाफ राष्ट्रपति और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एसआईआर में गलत तरीके से नाम हटाने का लगाया आरोप आदिवासियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) में उनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। हजारों आदिवासियों को अब नोटिस जारी कर नागरिकता का सबूत मांगा जा रहा है, जिससे उनकी नागरिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 261 रुपए देकर आदिवासियों से बेगारी करवाने का भी आरोप संगठन के हरसिंग जमरे ने बताया कि जहां हजारों आदिवासी पलायन को मजबूर हैं, वहीं रोजगार के साधन बढ़ाने के बजाय 'विकसित भारत ग्राम जी' कानून पारित कर रोजगार गारंटी को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद 467 रुपए प्रतिदिन को न्यूनतम आवश्यकता मानती है, लेकिन नरेगा में इसका आधा, यानी 261 रुपए देकर आदिवासियों से बेगारी करवाई जा रही है। आदिवासियों का कहना है कि पिछले 10-15 सालों में किसी को भी 100 दिन का काम नहीं मिला, और अब 125 दिन का झूठा वादा किया जा रहा है। इस कानून में काम कहां और कब खुलेगा, यह तय करने का अधिकार शासन-प्रशासन के पास रखा गया है, जो पेसा कानून का उल्लंघन है। ग्राम सभा से काम तय करने का अधिकार छीन लिया गया है। बहाना बनाकर काम न देने जैसी समस्याओं का भी किया जिक्र उन्होंने फर्जी बिजली बिल वसूलने का भी आरोप लगाया, जिसमें बिना मीटर रीडिंग के किसानों से गेहूं सिंचाई के समय बिजली सप्लाई के बदले पैसे लिए जा रहे हैं। मोबाइल हाजिरी, जियो-टैगिंग और आधार-केवाईसी के जरिए मजदूरी और भुगतान रोकने तथा बजट न होने का बहाना बनाकर काम न देने जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया गया। संगठन की ना बाई ने बताया कि जिन लोगों ने देश की आजादी और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सबसे पहले कुर्बानी दी, आज उन्हीं के बच्चों को रोजगार, दाम और पहचान से वंचित किया जा रहा है। जागृत आदिवासी दलित संगठन ने मध्य प्रदेश शासन-प्रशासन द्वारा एसआईआर में आदिवासियों और अन्य गरीबों के वोट के अधिकार छूटे जाने के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई है।
कुशीनगर में एक पति ने पत्नी को उसके प्रेमी के साथ कमरे में पकड़ लिया। जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के एक वार्ड में बुधवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। चंडीगढ़ से घर लौटे पति ने अपनी पत्नी को एक अन्य व्यक्ति के साथ कमरे में पाया। पति ने जब प्रेमी को पकड़ने की कोशिश की तो पत्नी ने उसे रोका। शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों ने प्रेमी और प्रेमिका दोनों को बिजली के खंभे से बांध दिया। जब उन्हें खोला गया, तब भी प्रेमिका अपने प्रेमी से चिपकी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले गई। दो बच्चों की मां मंजू अपने प्रेमी सौम्य वीर कश्यप के साथ जाने पर अड़ी रही। पुलिस अब दोनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के निवासी इस युवक की शादी करीब पांच साल पहले मंजू देवी से हुई थी। उनके दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र तीन और दो साल है। करीब दो महीने पहले एक युवक घर आया था, जिसे पत्नी ने अपनी मौसी का बेटा बताकर दो दिन तक घर पर रखा। पति को कुछ संदेह हुआ और उसने पूछताछ भी की, लेकिन पत्नी अपनी बात पर अड़ी रही। इसके बाद वह युवक चला गया। कुछ दिनों बाद पति चंडीगढ़ मजदूरी करने चला गया। उसकी पत्नी अपनी बेटियों के साथ घर पर रह रही थी। घर पर सास-ससुर भी थे, लेकिन वे मंदबुद्धि बताए गए हैं। बुधवार को युवक सुबह पांच बजे ट्रेन से उतरकर घर पहुंचा। उसने पत्नी को आवाज दी। जब पत्नी ने दरवाजा खोला, तो पति अपने बिस्तर पर उस युवक को देखकर दंग रह गया। पति उस युवक को पकड़ने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन पत्नी उसके सामने आ गई और उसे पकड़ने नहीं दिया। इसके बाद काफी संख्या में भीड़ जुट गई। पूछताछ में युवक की पहचान सौम्य वीर कश्यप के रूप में हुई, जो शाहजहांपुर जिले के एक गांव का रहने वाला है और कुशीनगर से लगभग 600 किलोमीटर दूर है। पत्नी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों का एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पत्नी अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी रही, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि सूचना पर आई पुलिस ने प्रेमी प्रेमिका दोनों और दोनों बच्चियों को थाने लेकर गई। फिर प्रेमिका की मां बाप को सूचना दिया गया। परिजन भी पहुंचे तो प्रेमिका प्रेमी के साथ जाने की जिद्द पर अड़ी हैं।
मऊ में श्रीमद्भागवत कथा की तिथियां तय:कथावाचक शान्तनु महाराज दिसंबर 2026 में करेंगे आयोजन
मऊ में रामायणम फाउंडेशन के संस्थापक और प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शान्तनु महाराज का आगमन नगर के आरएस पैलेस में हुआ। उनके आगमन पर रामायणम परिवार ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें वर्ष 2026 में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा की तिथियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। इस कथा का वाचन स्वयं आचार्य शान्तनु महाराज करेंगे। नगरवासियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पहले 2 तस्वीरें देखिए... इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक आर्यम उपस्थित रहे। रामायणम परिवार मऊ की कोर टीम से निखिल वर्मा, संदीप, शिवा, प्रशांत राय, विजय वर्मा, सौरभ बर्नवाल और शशि भूषण सिंह भी बैठक में शामिल हुए। भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजा आनंद ज्योति सिंह और गणेश सिंह ने भी बैठक में सहभागिता की। विश्व हिंदू परिषद मऊ के जिलाध्यक्ष पारस मणि सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और जनसहयोग पर भी चर्चा हुई। आचार्य शान्तनु महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक रूप से सशक्त करती है। उन्होंने मऊ की धरती पर कथा आयोजन को अपने लिए विशेष सौभाग्य बताया। अंत में राजा आनंद ज्योति सिंह ने बताया कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यहां मौजूद सभी लोगों ने इस कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने का संकल्प लिया है। रामायणम परिवार मऊ ने नगरवासियों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
एक ही परिवार के 5 लोगों को रौंदने वाला गिरफ्तार:मां-बेटी की हुई थी मौत, बोलेरो भी बरामद
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में 19 जनवरी को हुए सड़क हादसे के आरोपी चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में एक मां और बेटी की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दुर्घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन भी बरामद कर लिया है। ताजोपुर गांव स्थित बाबा के पूरा में धूप सेंक रहे एक ही परिवार के पांच लोगों पर तेज रफ्तार चार पहिया वाहन चढ़ गया था। हादसे में गंभीर रूप से घायल मां और बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय रीता देवी और उनकी लगभग 25 वर्षीय बेटी गोल्डी राजभर के रूप में हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। सरायलखंसी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक राजन राजभर पुत्र राजेश राजभर को गिरफ्तार किया है। राजन राजभर ताजोपुर पश्चिमपुरा का निवासी है। पुलिस ने सैनिक स्कूल ताजोपुर के पास से दुर्घटना में शामिल बोलेरो वाहन को भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी क्रियान्वयन में मधुबनी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 'स्कैन एंड शेयर' सुविधा के तहत ओपीडी टोकन जनरेट करने के मामले में मधुबनी जिला राज्य के शीर्ष जिलों में शामिल है और दिसंबर 2025 से लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को एक एकीकृत, डिजिटल, सुरक्षित और सुगम इकोसिस्टम में बदलना है, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें। इसके तहत प्रत्येक नागरिक को एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान (ABHA ID) मिलती है, जिससे उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और इलाज का रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से जुड़ा रहता है। सभी सरकारी अस्पतालों में क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध वर्तमान में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध है। मरीज अपने आभा ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत ओपीडी टोकन जनरेट कर सकते हैं। इस टोकन नंबर को ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दिखाकर मरीज बिना कतार में लगे अपनी पर्ची प्राप्त कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया भी सरल हो जाती है। आयुष्मान से सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी ABDM सक्षम HMIS (अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली) को अपनाया गया है, जहां आभा आईडी निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड (EHR) लिंकिंग का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में मधुबनी जिले में ABDM के तहत सराहनीय प्रगति हुई है। सरकारी डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण पूरा मधुबनी 'स्कैन एंड शेयर' के माध्यम से ओपीडी रजिस्ट्रेशन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग में राज्य के शीर्ष 5 जिलों में शामिल है और दिसंबर से प्रथम स्थान पर है। जिले के लगभग 100% सरकारी डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य संस्थानों का HPR (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री) और HFR (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री) पंजीकरण पूरा हो चुका है। फार्मेसी का 50% से अधिक HFR पंजीकरण पूरा हो चुका बुधवार दोपहर तक जिले में कुल 24,20,113 आभा आईडी का सृजन किया जा चुका है, जिसके साथ मधुबनी राज्य में छठे स्थान पर है। निजी स्वास्थ्य संस्थानों में अस्पताल और फार्मेसी का 50% से अधिक HFR पंजीकरण पूरा हो चुका है, शेष पर कार्य प्रगति पर है। ABDM अपनाने में उत्कृष्ट कार्य के लिए बिहार राज्य को जनवरी 2026 में 'सर्वश्रेष्ठ राज्य' का पुरस्कार प्रदान किया गया, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज की अनुमति के बिना कोई भी स्वास्थ्य डेटा साझा नहीं किया जा सकता है।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह में इस बार बिहार की झांकी शामिल नहीं होगी। इसके चलते बिहार के लोगों को इस बार अपने राज्य की झांकी का दीदार नहीं होगा। 9 साल बाद पिछले साल 2025 में झांकी के रूप में बिहार की विरासत की झलक देखने को मिली थी, लेकिन इस बार फिर राज्य को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। हालांकि, पिछले वर्ष लंबे अंतराल के बाद बिहार को मौका मिलने से उम्मीद जगी थी कि इस बार भी राज्य की झांकी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बिहार की झांकी क्यों नहीं की गई शामिल? पिछले कुछ समय में झांकियों के चयन को लेकर विवाद होता रहा है, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक रोटेशन नीति (बारी-बारी से मौका देने की नीति) लागू कर दी है। इसके तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन वर्षों के दौरान कम से कम एक बार अपनी झांकी प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। बिहार के सूचना विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि इसी नीति के तहत इस बार बिहार को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत की थीम पर 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित मुख्य विषय के साथ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की 30 झांकियां एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी राष्ट्रीय प्रगति को प्रदर्शित करेंगी। अपनी झांकी प्रस्तुत करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। सेनाओं के साथ ही कई विभागों की दिखेंगी झांकियां वायु सेना मुख्यालय, नौसेना मुख्यालय, सैन्य मामलों के विभाग, संस्कृति मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय (NDMA और NDRF), गृह मंत्रालय (BPRD), आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (CPWD), सूचना और प्रसारण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भी अपनी झांकियां प्रस्तुत करेंगे। पिछले साल नालंदा की दिखी थी विरासत 2025 में गणतंत्र दिवस की झांकी में कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी के माध्यम से नालंदा की प्राचीन विरासत, उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों और नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना को दर्शाया गया था। इसमें शिक्षा के केंद्र के रूप में बिहार को वैश्विक मानचित्र पर फिर से स्थापित करने के प्रयास को दिखाया गया था। इसके अलावा झांकी में भगवान बुद्ध की दिव्य और भव्य प्रतिमा के साथ-साथ घोड़ा कटोरा झील को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की पहल को भी दर्शाया गया था।
रोहतक में 2 गुटों के बीच गैंगवार का मामला:फायरिंग मामले में 5वां आरोपी काबू, 2 दिन का लिया रिमांड
रोहतक के गांव रिटौली में 2 गुटों के बीच हुई फायरिंग मामले में शामिल रहे 5वें आरोपी को पुलिस ने काबू किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है। अब तक पुलिस 4 आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। गांव रिटौली में 19 दिसंबर 2025 को सांय करीब 5:15 बजे फ्रोंक्स कार सवार 5 युवकों ने फॉरच्यूनर गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। वारदात में गोली लगने से घायल युवक दीपक की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। फायरिंग के दौरान 70 से अधिक गोलियां चली थी, जिसमें एक हमलावर की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया था। वहीं, सन्नी रिटौलिया का साथी दीपक भी घायल हुआ था। सन्नी रिटौलिया पर किया था हमला हिमांशु भाऊ व सन्नी रिटौली में लम्बे समय से रंजिश चल रही है। हिमांशु भाऊ फरार चल रहा है। रिटौली गांव स्थित शराब ठेका सन्नी रिटौली ने ले रखा है। शुक्रवार शाम सन्नी ठेके पर था। ठेके पर उसके साथ दीपक व अन्य कर्मचारी भी थे। फायरिंग के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चली और तीन लोग घायल हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई। 5वें आरोपी पर 3 मामले दर्ज सीआईए वन इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने फायरिंग मामले में 5वें आरोपी को काबू किया, जिसकी पहचान रिंकू पुत्र मुकेश निवासी कानौंदा जिला झज्जर के रूप में हुई। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। आरोपी के खिलाफ हत्या, लड़ाई-झगड़े के 3 मामले दर्ज है। आरोपी जमानत पर बाहर आया हुआ है। आरोपी ने वारदात में शामिल रहे मुख्य आरोपियों की मदद की थी। दोनों गुटों में 2020 से चल रही रंजिशहिमांशु उर्फ भाऊ व सन्नी दोनों एक ही गांव के हैं। 2020 से दोनों में रंजिश चल रही है। झगड़े की शुरुआत बसों की किस्तों को लेकर हुई। सन्नी ने हिमांशु के चाचा के लड़के बजरंग की हत्या मार्च 2022 में की थी। उसका बदला लेने के लिए हिमांशु ने सन्नी के साथी हंसराज की हत्या की थी। उसके बाद से दोनों के बीच लगातार रंजिश चल रही है। इसी साल जून महीने में सन्नी के चाचा का मर्डर किया था। अभी तक रंजिश में पांच मर्डर हो चुके हैं।
माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से लगातार राजनीतिक नेताओं की मुलाकातों के चलते सियासी हलचल तेज हो गई है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय सेक्टर-चार स्थित शंकराचार्य के शिविर पहुंचे, उनसे मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और हालिया घटनाक्रम को लेकर समर्थन जताया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार से सनातन समाज आहत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शंकराचार्य के दर्शन के साथ-साथ उनके प्रति समर्थन और संवेदना व्यक्त करने पहुंचे हैं। सपा नेता ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा सत्र शुरू होने पर यह मुद्दा सदन में उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और उस समय प्रशासन क्या कर रहा था। गौ-हत्या के मुद्दे पर भी दोनों के बीच चर्चा हुई। माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि भले ही इस विषय पर कानून बने हुए हैं, लेकिन उनका मानना है कि गौ-हत्या पूरी तरह बंद होनी चाहिए। इसके लिए वे अलग से पहल करेंगे और सरकार पर दबाव बनाएंगे। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार सनातन का नाम तो रोज लेती है, लेकिन वास्तव में सनातन परंपरा और संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सनातन और शिव मंदिर के सम्मान की बात करना केवल दिखावा है। यहां तक कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सनातनी होने के दावों पर भी सवाल खड़े किए। उल्लेखनीय है कि सेक्टर-चार स्थित अपने शिविर के बाहर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती श्रद्धालुओं और समर्थकों से लगातार संवाद कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी माघ मेला पहुंचे थे और शंकराचार्य से मुलाकात कर अपना समर्थन व्यक्त किया था।
नीमच में पेंशनरों ने आगामी बजट सत्र से पहले अपनी मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले पेंशनरों की रैली कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां उन्होंने तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत को ज्ञापन सौंपा। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग ज्ञापन में पेंशनरों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आगामी बजट में न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह की जाए। पेंशनरों का आरोप है कि वे वर्षों से कोश्यारी समिति की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ईपीएफओ फंड और जीवनयापन पर जताई चिंता पेंशनरों ने ईपीएफओ फंड की स्थिति पर भी रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि फंड स्थापना के समय से ही अधिशेष में है, जबकि श्रम मंत्रालय संसद में फंड की कमी का हवाला दे रहा है। उन्होंने बताया कि सेवाकाल में लाखों रुपए का योगदान देने के बावजूद, पेंशन राशि इतनी कम है कि बुजुर्ग दंपत्तियों के लिए जीवनयापन और दवाइयों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। अन्य मांगें भी रखी पेंशनरों ने न्यूनतम पेंशन के साथ महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने और बुजुर्ग दंपत्तियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की। राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने कहा कि देशभर के 81 लाख पेंशनरों की नजरें इस बजट पर हैं। स आंदोलन की चेतावनी दी समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। NAC के अनुसार 20 से 23 जनवरी के बीच देशभर के जिला कार्यालयों पर प्रदर्शन और क्रमिक उपवास का आयोजन किया जाएगा, ताकि सरकार पर बजट से पहले दबाव बनाया जा सके।
प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर हर माह आयोजित होने वाले किसान दिवस का आयोजन आज विकास भवन में हुआ। जिलाधिकारी वीके सिंह की अनुपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल ने इसकी अध्यक्षता की। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति का कारण पूछा। सीडीओ नूपुर गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री कल खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचेंगे, जिसकी तैयारियों में जिलाधिकारी व्यस्त हैं। इस पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने गन्ना भवन पर मुख्यमंत्री द्वारा मुलाकात कराने के वायदे को याद दिलाया। उन्होंने मांग की कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाया जाए। चौधरी ने कहा कि यदि जिला प्रशासन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाने में असमर्थ है, तो वे स्वयं ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर सालावा पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने जिलाधिकारी को यह सूचना देने का आश्वासन देकर किसान दिवस की बैठक संपन्न करने का आह्वान किया। बैठक शुरू होते ही तालाब सफाई के नाम पर बार-बार मिल रहे आश्वासनों पर जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी भड़क गए। उन्होंने इसे किसानों के साथ मजाक बताया और कहा कि आंदोलन के समय वायदे किए जाते हैं, लेकिन बाद में बजट न होने जैसी बातें कहकर टाल दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि किसान दिवस की समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जाए, अन्यथा किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। आज की बैठक में मेरठ एक्सप्रेस-वे के पांचवें चरण में खानपुर और नगलापातु गांवों के किसानों के खेतों में जाने के रास्ते बंद होने पर भी नाराजगी जताई गई। सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर अमित सोनी भी मौजूद थे, जिनसे किसानों ने खेत में आने-जाने के लिए सर्विस रोड की मांग की। सोनी ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया और इसे बनवाने का प्रयास करने की बात कही। किसानों की मुख्य समस्याओं में गन्ना भुगतान, आवारा पशुओं की समस्या, तालाब सफाई, और बिजली एकमुश्त समाधान योजना का सही न होना शामिल रहीं। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ देशपाल, बिट्टू, भोपाल, मेजर, वीरेंद्र, विनीत, विनोद, हरेंद्र, लाला, सत्यवीर, बबलू गुर्जर, सत्येंद्र और राजकुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुधवार को प्राचीन गौरीहार मंदिर की बारादरी को ध्वस्त करने की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। इस कार्रवाई के लिए एक पोकलैंड मशीन और चार जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। वहीं मौके पर जिले भर के प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद है। मंदिर परिसर के आसपास छह थानों की पुलिस तैनात की गई है। तीन एसडीएम मौके पर है। प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप संत समाज के विरक्त मंडल अध्यक्ष संघ के अधिक महाराज ने बताया कि प्रशासन मनमानी कर रहा है, क्योंकि यह एक प्राचीन मंदिर है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रशासन से कई बार बातचीत और बैठक हुईं। लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। महाराज ने यह भी बताया कि जब जेसीबी मशीनें चलने लगीं, तो मंदिर परिसर के संतों ने जबलपुर हाई कोर्ट से स्टे ले लिया, जो मार्च तक प्रभावी रहेगा। प्राचीन मंदिर में जेसीबी मशीनें चलने के बाद संत समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। आरोप है कि गोधन मंदिर के महंत के प्रयागराज कल्पवास पर जाने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई शुरू करने का 'मौका' देखा। जब इस संबंध में प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।
सपा का मतदाता जागरूकता अभियान जारी:नए नाम जोड़ने, त्रुटि सुधार के लिए गांव-गांव पहुंच रहे कार्यकर्ता
देवरिया जिले के बरहज विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाता जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में यह अभियान नई मतदाता सूची में नाम जांचने, नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने और नो-मैपिंग जैसी त्रुटियों को ठीक कराने पर केंद्रित है। यह अभियान बीते कई दिनों से लगातार जारी है और अब तक लगभग तीन दर्जन गांवों तक पहुंच चुका है। अभियान के तहत, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी हुई नई मतदाता सूची के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है। सपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपनी वोटर लिस्ट जांचने, नाम जोड़ने और त्रुटि सुधार की प्रक्रिया के बारे में बता रहे हैं। सपा नेता विजय रावत ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी वोटर लिस्ट की जांच अवश्य कर लें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका नाम सूची से कटा तो नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की प्रक्रिया भी चल रही है। रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी आशंका को लेकर समाजवादी पार्टी ने यह अभियान शुरू किया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। उनके अनुसार, वोट का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इस पहल को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। कई गांवों में युवाओं और महिलाओं ने भी अभियान में सक्रिय रुचि दिखाई और अपने नामों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। अभियान में सपा के सेक्टर प्रभारी, बूथ प्रभारी और पीडीए प्रहरी भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। इस दौरान विकास यादव, अनिरुद्ध, संजय सिंह, राहुल प्रजापति, अखिलेश कुमार, अनिश शर्मा सहित कई अन्य सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पलिया बार एसोसिएशन की FIR दर्ज नहीं:अध्यक्ष पर केस दर्ज होने के बाद एसपी से हस्तक्षेप की मांग
लखीमपुर खीरी में पलिया बार एसोसिएशन ने अपनी शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होने और अपने अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) लखीमपुर-खीरी से हस्तक्षेप की मांग की है। बार एसोसिएशन पलिया के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मेनरो एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने 19 जनवरी 2026 को कोतवाली पलिया कलां के प्रभारी निरीक्षक को लिखित तहरीर दी थी। इसमें प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसी प्रकरण के संबंध में 17 जनवरी 2026 को बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी लखीमपुर-खीरी को भी ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद, बार एसोसिएशन अध्यक्ष के विरुद्ध मु0अ0सं0 0019/2026 दर्ज कर लिया गया। जबकि बार की ओर से दी गई तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और प्रभारी निरीक्षक को उनकी तहरीर के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दें।
भोपाल के 35 से अधिक इलाकों में गुरुवार को 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें हमीदिया रोड, राजीव नगर, तुलसी नगर, बसंतकुंज, भारत नगर, भेल नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
गुजरात द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज मंगलवार को दो दिवसीय प्रवास पर सिवनी पहुंचे। उनके आगमन से पूरे जिले में उत्साह और भक्ति का माहौल है। शंकराचार्य का यह प्रवास सीलादेही स्थित आश्रम में होने वाले आगामी 'द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव' की तैयारियों को लेकर बेहद खास माना जा रहा है। प्रवास के पहले दिन, 21 जनवरी को शंकराचार्य ने संतोष सहज आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने महोत्सव की आयोजन समितियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और वैदिक शुद्धता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। दोपहर में उन्होंने महिलाओं की विशेष बैठक ली, जहां उनके सुझाव सुने और महोत्सव को समावेशी बनाने पर चर्चा की। इसके बाद वे नरेला में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। 22 जनवरी को शिष्यों के साथ अहम बैठक अपने प्रवास के दूसरे दिन यानी 22 जनवरी को सुबह 11 बजे शंकराचार्य अपने शिष्यों और श्रद्धालुओं के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान वे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करेंगे। जिलेभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए सिवनी पहुंच रहे हैं। फरवरी में होगा राष्ट्रीय महोत्सव सीलादेही के शंकराचार्य आश्रम में 21 से 28 फरवरी तक द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जाएगा। यह एक राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होगा, जिसमें देश भर के संत-महात्मा और विद्वान शामिल होंगे। इस आठ दिवसीय महोत्सव में वैदिक अनुष्ठान, श्रीमद्भागवत कथा, विशाल धार्मिक मेला, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर और भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति इस महोत्सव को भव्य बनाने के लिए जनभागीदारी पर विशेष जोर दे रही है।
सोनभद्र में हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार:पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में 25 लाख रुपए बताई कीमत
सोनभद्र पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में मंगलवार की रात में 248 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 25 लाख रुपए बताई जा रही है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस टीम और एसओजी टीम ने घुवास बाजार से मेहुड़ी-सजौर मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान इन दोनों को हेरोइन की खरीद-बिक्री करते हुए पकड़ा। अधिकारियों को सूचित करने के बाद मेहुड़ी-सजौर पुलिया के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अटल बिहारी यादव और दीपक कुमार भारती के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अटल बिहारी यादव के पास से 123 ग्राम और दीपक कुमार भारती के पास से 125 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसका कुल वजन 248 ग्राम है। उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और 1300 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में अभियुक्त अटल बिहारी यादव ने बताया कि वह हेरोइन लखनऊ से ला रहा था और इसे नशे के आदी लोगों को बेचने की फिराक में था। दीपक कुमार भारती ने भी इसी बात की पुष्टि की। एडिशनल एसपी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, संग्रहण और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र से अटल बिहारी (पुत्र अयोध्या प्रसाद, निवासी चैनपुर, थाना बभनी) और दीपक कुमार भारती (पुत्र संजय कुमार भारती, निवासी सोनारी, थाना रॉबर्ट्सगंज) को पकड़ा गया। एडिशनल एसपी ने आगे बताया कि सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण या परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।इस संबंध में रॉबर्ट्सगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव से 14 वर्षीय मुन्नी कुमारी 24 दिन से लापता है। 28 दिसंबर को पिकनिक के दौरान लापता हुई मुन्नी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने जांच की कमान खुद संभाल ली है। अब इस मासूम की तलाश में जिले की पुलिस के साथ-साथ एक विशेष जांच टीम (SIT) भी जंगलों और पहाड़ों में सघन तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने मुन्नी के बारे में जानकारी देने वाले के लिए इनाम की घोषणा भी की है। एसपी सुमित अग्रवाल ने एक उच्च-स्तरीय एसआईटी का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल कर रहे हैं, जिसमें डीएसपी वाशिम रज्जा और इंस्पेक्टर सनोज चौधरी जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। गांगपुर और उसके आसपास के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पुलिस का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। पुलिस टीमें तकनीकी संसाधनों और सर्विलांस का उपयोग कर रही हैं। साथ ही घने जंगलों में पैदल गश्त कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही हैं। शहर से लेकर दूरदराज के गांवों तक मुन्नी की तस्वीरें वाले पोस्टर लगाए गए हैं। एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने बताया कि किशोरी की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुन्नी तक पहुंचने के लिए हर पहलू पर काम कर रही है। पुलिस ने अब इस मामले में 20 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। सटीक जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
जिले के अलाय क्षेत्र को नवसृजित पंचायत समिति का मुख्यालय बनाने की मांग ने अब तूल पकड़ लिया है। अपनी मांगों को लेकर पिछले लंबे समय से आंदोलित ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर उग्र रुख अपनाते हुए अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि जब तक अलाय को मुख्यालय घोषित नहीं किया जाता, उनका यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। दिसंबर से जारी है अनिश्चितकालीन धरना उल्लेखनीय है कि श्रीबालाजी-अलाय नई पंचायत समिति के गठन की घोषणा के बाद से ही मुख्यालय के स्थान को लेकर विवाद गहराया हुआ है। मुख्यालय की मांग को लेकर ग्रामीण बीते 17 दिसंबर से लगातार जिला मुख्यालय पर महापड़ाव डाले हुए हैं। कड़ाके की सर्दी के बावजूद ग्रामीणों का हौसला डिगा नहीं है और वे दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार उनकी जायज मांग की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरन इस तरह के कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। भौगोलिक स्थिति और संसाधनों का दिया हवाला प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का तर्क है कि अलाय न केवल भौगोलिक दृष्टि से केंद्र में स्थित है, बल्कि यहां आवश्यक संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर है। ग्रामीणों के अनुसार, अलाय को मुख्यालय बनाने से क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और प्रशासनिक कार्य सुलभ हो सकेंगे। इसी प्राथमिकता को आधार बनाकर ग्रामीण लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर अब उन्होंने अर्धनग्न प्रदर्शन कर प्रशासन को चेताने का प्रयास किया है। 26 जनवरी को कलेक्ट्रेट में देंगे धरना ग्रामीण हिम्मताराम का कहना है कि हम 36 दिन से धरने पर बैठे हैं और हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब 26 जनवरी को कलेक्ट्रेट पर फिर प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो हम हाइवे जाम करेंगे।
मेरठ के युवक का आतंकी कनेक्शन सामने आया है। यह युवक आतंकी संगठन से जुड़ा था, जिसके साक्ष्य ATS और जम्मू कश्मीर पुलिस हाथ लगने का दावा कर रही है। दो दिन पहले यह दोनों टीम उजैद के घर पूछताछ के लिए आई थीं जिसके न मिलने पर वह घर के बाहर नोटिस चस्पा कर लौट गई। पहले जानते है पूरा मामलाजम्मू कश्मीर पुलिस और ATS को कुछ दिन पहले एक आतंकी संगठन का वॉट्सऐप ग्रुप हाथ लगा। इस ग्रुप से जुड़े एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया था। जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार युवक के वॉट्सऐप चैट से सिक्योरिटी फोर्स पर सुसाइडल अटैक का खुलासा हुआ था। ग्रुप में सिक्योरिटी फोर्स से जुड़ी काफी ऐसी गतिविधियां मिली, जिसने खलबली मचा दी। ग्रुप से जुड़े लोगों के नेटवर्क को खंगाला गया तो पता चला की इन्हीं में मेरठ के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला बनियापाड़ा निवासी मोहम्मद उजैद कुरैशी पुत्र मोहम्मद साजिद कुरैशी भी शामिल है। हालांकि उसके द्वारा इस चैट ग्रुप पर केवल एक मैसेज ही किया गया था। ATS ने गुपचुप खंगाली उजैद की कुंडलीATS जम्मू कश्मीर पुलिस के संपर्क में आई और गुपचुप तरीके से उजैद की कुंडली खंगालने में जुट गई। खुलासा हुआ कि वर्ष 2024 में उजैद काम के सिलसिले में जम्मू कश्मीर आया था। जहां उसने संदिग्ध तत्वों से संपर्क किया। भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी प्लानिंग को किया गया था साझा जम्मू-कश्मीर पुलिस की पूछताछ में उजैद के नाम और चैट का जिक्र आने के बाद मेरठ में कार्रवाई शुरू हुई। उजैद के द्वारा इस ग्रुप पर जो टिप्पणी की गई थी, असल में उस टिप्पणी को लेकर ही जम्मू कश्मीर और ATS एक्टिव हुई थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि इस वॉट्सऐप ग्रुप पर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी प्लानिंग को साझा किया गया था। दो दिन पहले एटीएस की टीम ने सरायबहलीन में दबिश दी, लेकिन उजैद फरार मिला। उसके घर और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया गया। आतंकी मॉड्यूल को बेनकाब करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमएटीएस के अधिकारियों ने बताया- यह मामला बेहद संवेदनशील है और आतंकी मॉड्यूल को बेनकाब करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उजैद के ठिकाने की जानकारी जुटाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। खबर अपडेट हो रही है...
इटावा में पुलिस मुठभेड़, एक बदमाश गिरफ्तार:पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में लगी गोली
इटावा में वैदपुरा थाना पुलिस ने बीती रात एक मुठभेड़ के बाद एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस के साथ ही घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस द्वारा वांछित और वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। बीती रात वैदपुरा थाना पुलिस महोला जेल रोड अंडर रेल पास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल आती दिखी। पुलिस टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो मोटरसाइकिल सवार ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में मोटरसाइकिल सहित मौके से गिरफ्तार कर लिया। सीओ सैफई केपी सिंह ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान राजा कंजड़ उर्फ राजा उर्फ विकास पुत्र छुन्ना लाल, निवासी मोहल्ला रामलीला जसवंतनगर, इटावा के रूप में हुई है। उसकी तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई। इस मामले में वैदपुरा थाने में बदमाश के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई वैदपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बांसवाड़ा मे सल्लोपाट थाना क्षेत्र के अनास चौकी मेन रोड पर हुई अवैध शराब जब्ती के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए शराब से भरे ट्रक कंटेनर के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। बीती 7 जनवरी 2026 को पुलिस ने नेशनल हाईवे-56 पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक कंटेनर को रोका था। तलाशी लेने पर उसमें चंडीगढ़ निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब के 500 कार्टन बरामद हुए थे। मौके से पुलिस ने चालक हीरासिंह को गिरफ्तार किया था। ड्राइवर ने बताया था मालिक का नाम सल्लोपाट थाने में दर्ज आबकारी अधिनियम के मामले की जांच आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार को सौंपी गई थी। गिरफ्तार ड्राइवर हीरासिंह से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि ट्रक और उसमें भरी शराब का असली मालिक हंगामीलाल है। ब्यावर से पकड़ा आरोपी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ब्यावर जिले के बदनौर थाना क्षेत्र की मदद ली। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी हंगामीलाल पिता छितर (34) निवासी कुम्हारों का मोहल्ला, बदनौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह शराब चंडीगढ़ से कहां भरी गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। इस कार्रवाई में थानाधिकारी कपिल पाटीदार, एएसआई कल्याण सिंह, एएसआई जितेन्द्र सहित अन्य पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही।
भोपाल के करोंद चौराहा स्थित सबसे पुरानी शहीद भगत सिंह की प्रतिमा मेट्रो निर्माण के दौरान क्रेन की टक्कर से टूट गई। इससे हिंदूवादी संगठनों में नाराजगी है। बुधवार को वे करोंद थाने पहुंचे और नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें 26 जनवरी तक उसी जगह पर भगत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग की गई। वर्ना, 27 जनवरी को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। प्रतिमा टूटने के मामले में मेट्रो कॉर्पोरेशन और नगर निगम एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि मूर्ति विस्थापित करने के लिए नगर निगम को अप्रैल 2025 में पत्र लिखा था। तर्क दिया था कि मेट्रो वायाडक्ट निर्माण के दौरान इस चौराहा पर बड़ी मशीनरी का बार-बार आवागमन होगा, इसलिए सुरक्षार्थ प्रतिमा को हटा दिया जाए। हालांकि, निगम अफसरों ने जवाब दिया कि हमें प्रतिमा विस्थापन के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। यह प्रतिमा सोमवार-मंगलवार की रात में हुई थी। क्रेन में बिजली के तार फंस गए। इन्हें छुड़ाने में टक्कर से प्रतिमा टूट गई। निशातपुरा थाने पहुंचे कई लोगकरोंद चौराहे पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा टूटने के मामले में लोगों में नाराजगी है। इसके चलते बुधवार को कई लोग निशातपुरा थाने पहुंचे और शिकायत की। पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 26 जनवरी तक उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो अगले ही दिन बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
कटिहार में शांति समिति की बैठक:सरस्वती पूजा शांतिपूर्ण तरीके से मनाने पर चर्चा, अफवाहों पर नजर
कटिहार में आगामी सरस्वती पूजा के शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और विधि-व्यवस्था के अनुकूल आयोजन के उद्देश्य से नगर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई। इसकी संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने की। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) अभिजीत सिंह, नगर थाना अध्यक्ष और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शांति समिति के कई गणमान्य सदस्य भी उपस्थित थे। इस दौरान सरस्वती पूजा के आयोजन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने पूजा पंडालों की स्थापना, प्रतिमा निर्माण, विसर्जन जुलूस, विधि-व्यवस्था संधारण, यातायात प्रबंधन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा। साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की गई। आपसी सहयोग और समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों से आपसी सहयोग और समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। भाईचारे, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं पर्व जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आमजन से अपील की गई कि वे पूजा पर्व को आपसी भाईचारे, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। शांति समिति के सदस्यों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सुझाव और विचार साझा किए। बैठक के अंत में आगामी पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रदेश के कई जिलों में प्रभार के सहारे चल रही अपर कलेक्टरों की व्यवस्था इस साल आधा दर्जन अपर कलेक्टरों के रिटायर होने के बाद और बिगड़ सकती है। इन हालातों में प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कामों में कसावट के लिए राज्य सरकार को ऐसे जिलों में अपर कलेक्टरों की पोस्टिंग करना होगी। वर्ष 2026 में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थ उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव समेत 9 अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी रिटायर हो जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों की अधिवार्षिकी सूची के जरिए इस साल रिटायर होने वाले अफसरों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर स्तर के 19 अफसरों के नाम शामिल हैं। सबसे अधिक तीन अधिकारी अगस्त में रिटायर होंगे। यहां गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त हैं। यहां सीईओ जिला पंचायत को ही अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी शासन ने सौंप रखी है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों को भी नई जिम्मेदारी के लिए पदस्थापना का इंतजार है। ये अधिकारी होंगे इस साल रिटायर राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन 19 अधिकारियों का रिटायरमेंट 2026 में होना है उनमें रीवा में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर गणेश प्रसाद अग्रवाल का नाम सबसे पहले है। अग्रवाल इसी माह रिटायर हो जाएंगे। इसके अलावा अपर कलेक्टर नर्मदापुरम राजीव रंजन पांडेय और अपर कलेक्टर नाथूराम गौड़ फरवरी में, संयुक्त कलेक्टर धार जगदीश मेहरा और संयुक्त कलेक्टर गुना महेश कुमार बमनहा मार्च में सेवानिवृत्त होंगे। सीहोर जिले के अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह अप्रैल में और अनूपपुर के अपर कलेक्टर मई में रिटायर हो जाएंगे। धुर्वे, वर्मा, जमील भी होंगे सेवानिवृत्त इसके साथ ही जून में महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल मनोज कुमार वर्मा जून में, प्रताप सिंह धुर्वे उप संचालक पंचायत राज संचालनालय और राम प्रसाद वर्मा अपर कलेक्टर आगर मालवा जुलाई में सेवा निवृत्त होंगे। संयुक्त कलेक्टर सीहोर दिनेश सिंह तोमर और संयुक्त कलेक्टर नर्मदापुरम अनिल कुमार जैन तथा संयुक्त कलेक्टर सीहोर जमील खान अगस्त में रिटायर होने वाले हैं। सितम्बर में अपर कलेक्टर भिंड लक्ष्मीकांत पांडेय, अक्टूबर में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय संजय कुमार श्रीवास्तव और संयुक्त कलेक्टर राजगढ़ वीरेंद्र सिंह दांगी व उपायुक्त राजस्व उज्जैन संभाग उज्जैन रणजीत कुमार नवम्बर में एवं रमेश चंद्र खतेड़िया संयुक्त कलेक्टर खंडवा व अखिलेश कुमार सिंह संयुक्त कलेक्टर रीवा दिसम्बर 2026 में सेवा निवृत्त होंगे।
करौली में चल रही विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नियमों की अनदेखी कर बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की गोपनीय कोशिश की जा रही है। इस संबंध में पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी नीलाभ सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 12 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित थी। इलेक्ट्रॉल मैनुअल 2023 के पैरा 11.3.2 (2) के अनुसार, बल्क आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं। प्रत्येक मतदाता को केवल एक ही फॉर्म प्रस्तुत करना होता है, जिसमें पूर्ण विवरण, मोबाइल नंबर, साक्ष्य और अंडरटेकिंग अनिवार्य है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि करौली जिले के विभिन्न एसडीएम कार्यालयों में एक विशेष राजनीतिक दल से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा नियमों के विपरीत एक ही दिन में सैकड़ों से हजारों की संख्या में फॉर्म-7 और फॉर्म-6 बल्क में जमा कराए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से जुड़े विधायक, प्रत्याशी और पदाधिकारी/कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से 200 से 300 फॉर्म-7 भरकर मतदाताओं के नाम कटवाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, जिले में 20 से 30 हजार वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की आशंका है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 5 से 6 हजार फॉर्म-7 संबंधित उपखंड अधिकारियों के पास लंबित बताए गए हैं। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बनाकर नाम विलोपित कराए जा रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि बल्क में भरे गए फॉर्म-6, 7 और 8 पर कोई संज्ञान न लिया जाए। इसके अलावा, ऐसे सभी फॉर्मों की प्रतियां पार्टी को उपलब्ध कराई जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने विकलांग कर्मचारियों को अलग-अलग अंक देने की राज्य की ट्रांसफर पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हरियाणा को एक नोटिस जारी किया है। यह मानते हुए कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है, हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने मामले को 18 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है और सूबा सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया। हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और रोहित कपूर की पीठ के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं में ट्रांसफर पॉलिसी को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है 40 % या उससे अधिक विकलांगता से पीड़ित कर्मचारी विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत एक समरूप वर्ग बनाते हैं, और विकलांगता की विभिन्न डिग्री के आधार पर अंक देना अस्वीकार्य है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रकार का भिन्न अंकन अधिनियम में निहित वैधानिक योजना और समान व्यवहार के सिद्धांत का उल्लंघन करता है। 40% या उससे अधिक विकलांगता पर कोर्ट का ध्यान एक मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एलके गोलेन पेश हुए, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता जेएस तूर, वकील अधिराज तूर और जसबीर सिंह ने अन्य याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व किया। दोनों पक्षों की दलीलें दर्ज करते हुए, न्यायालय ने इस तर्क पर ध्यान दिया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता से पीड़ित कर्मचारी एक समरूप समूह बनाते हैं, और इसलिए, विकलांगता की भिन्न-भिन्न सीमा के आधार पर अंक देना विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। इस संबंध में 6 नवंबर को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक पूर्व निर्णय का हवाला दिया गया। सरकार बोली- ये हमारे अधिकार क्षेत्र में इस चुनौती का विरोध करते हुए, राज्य ने कहा कि नीति में सभी विकलांग कर्मचारियों को लाभ दिया गया है और अधिक विकलांगता वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। न्यायालय ने राज्य के इस रुख को दर्ज किया कि स्थानांतरण नीति के तहत सभी विकलांग कर्मचारियों को उचित लाभ दिया गया है और राज्य को अधिक विकलांगता वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देने की स्वतंत्रता है। कोर्ट ने ये की टिप्पणी प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “मामले पर विचार करने की आवश्यकता है। तदनुसार, इसने प्रस्ताव की सूचना जारी की। अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज मिड्ढा ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से सूचना स्वीकार की और उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
शेखपुरा में बुधवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में पंचायती राज विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में विकास कार्यों की गति तेज करना और योजनाओं में पारदर्शिता लाना था। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्माणाधीन 30 पंचायत सरकार भवनों की कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो भी भवन निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि गुणवत्ता और समय का पालन सुनिश्चित हो सके। लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पुरा करने के निर्देश DM ने मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत 'गली-नाली पक्की करण' कार्य की समीक्षा करते हुए लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। वहीं, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर लाइट योजना के तहत सौर ऊर्जा अधिष्ठान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन वार्डों में अभी तक सोलर लाइट नहीं लगी है, वहां अविलंब कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने सौर ऊर्जा लाइट लगाने का कार्य ससमय और मानक के अनुसार करने पर जोर दिया। सरकार की सभी योजनाओं का फायदा सुलभ तरीके से मिलना चाहिए जिला पदाधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि जो पंचायत सरकार भवन पूर्ण हो चुके हैं, वहां आम जनता को सरकार की सभी योजनाओं का फायदा सुलभ तरीके से मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित पदाधिकारी और कर्मी अपने निर्धारित कार्यालय (पंचायत सरकार भवन) में ससमय उपस्थित रहें। ड्यूटी से गायब रहने वाले या कार्य में कोताही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पंचायत स्तर पर ही आरटीपीएस (RTPS) व अन्य सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि ग्रामीणों को जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी और अन्य संबंधित तकनीकी सहायक उपस्थित थे।
शिवपुरी पुलिस ने कोलारस कस्बे में एक ज्वेलर्स की दुकान से हुई करीब दो करोड़ रुपए की चोरी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत की 46 किलो चांदी बरामद की है। यह चांदी आरोपियों ने जमीन में गड्ढे खोदकर छिपा रखी थी। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, 26 और 27 जुलाई की दरमियानी रात कोलारस कस्बे के सदर बाजार में स्थित ज्वेलर्स गिरीश कुमार जैन की दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोर सोने-चांदी के आभूषण चुरा ले गए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। 200 CCTV खंगाले, 100 संदिग्धों से पूछताछ पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि चोरी का पता लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी कोलारस संजय मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए। चांदी बेचने आया और पकड़ा गया 20 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमन रावत चोरी का माल बेचने शिवपुरी आ रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से चांदी के आभूषण बरामद हुए। मामा के साथ मिलकर की थी वारदात पूछताछ में आरोपी अमन रावत (22), निवासी खोंकर रोड सेसई सड़क ने कबूला कि उसने यह चोरी अपने मामा संजय रावत, जानकी रावत और मामा के दोस्त अभिषेक रावत के साथ मिलकर की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी अभिषेक रावत (19), निवासी ग्राम कुलवारा को भी गिरफ्तार कर लिया। वारदात में शामिल संजय रावत और जानकी रावत अभी फरार हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से चोरी की चांदी को जमीन में गड्ढे खोदकर गाड़ दिया था और चांदी के दाम बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। पैसों की जरूरत पड़ने पर अमन रावत ने कुछ चांदी बेचने की कोशिश की, इसी दौरान वह पुलिस के हाथ लग गया। आरोपी अमन रावत की निशानदेही पर खोंकर में ठाकुर बाबा के चबूतरे के पास जमीन खोदकर चांदी निकाली गई। वहीं अभिषेक रावत की निशानदेही पर उसके गांव से भी जमीन में गाड़ी गई चांदी बरामद की गई। इस तरह पुलिस ने कुल 46 किलो चांदी और सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
राजस्थान में दंगा प्रभावित या तनावग्रस्त इलाकों में हिंदू-मुस्लिम बिना परमिशन के एक दूसरे को प्रॉपर्टी नहीं बेच पाएंगे। बेचने से पहले कलेक्टर से मंजूरी लेना जरूरी होगा। नियम तोड़ने पर कलेक्टर सौदा कैंसिल कर सकता है और प्रॉपर्टी भी सीज हो सकती है। प्रदेश में एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने के लिए ‘डिस्टर्ब एरिया एक्ट’ को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गई है। अब अगले सप्ताह विधानसभा में होने वाले बजट सत्र में बिल पेश किया जाएगा। इसके बाद इसे कानूनी रूप देने की तैयारी की जाएगी। गुजरात में यह कानून पहले से लागू है। वहीं, इसके कुछ प्रावधान नगालैंड, असम, मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी लागू हैं। इस कानून को लागू करने वालों में गुजरात के बाद राजस्थान का नाम शामिल करने की तैयारी है। अब इस एक्ट को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। जैसे- राजस्थान में इसकी जरूरत क्यों पड़ी? सेंसेटिव एरिया में रहने वाले अपनी प्रॉपर्टी कैसे बेच पाएंगे? एक्ट में किस तरह के प्रावधान होंगे? नहीं मानने पर कितने साल की सजा होगी? भास्कर ने लीगल और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से ऐसे ही सवालों के जवाब जाने। सवाल : ‘डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट’ क्या है और इसके प्रावधान क्या हो सकते हैं?जवाब : कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब राजस्थान विधानसभा में ‘डिस्टर्ब्ड एरिया बिल’ लाया जाएगा। यहां पारित होता है, तो राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ये कानून का रूप ले लेगा। जब ये कानून का रूप ले लेगा, तब उसके प्रावधानों के तहत किसी क्षेत्र में दो समुदायों के बीच दंगा-फसाद होता रहता है या ऐसी कोई संभावना रहती है, कलेक्टर उसे डिस्टर्ब एरिया घोषित कर सकेंगे। उस क्षेत्र में कोई व्यक्ति किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ प्रॉपर्टी का सीधे सौदा नहीं कर पाएंगे। पहले उसे जिला कलेक्ट्रेट से मंजूरी लेनी होगी। सूत्रों के अनुसार इस बिल में कहीं भी हिंदू या मुस्लिम या किसी समुदाय का जिक्र नहीं होगा। लेकिन दोनों तरह की मेजोरिटी (हिंदू या मुस्लिम) को संबंधित डिस्टर्ब एरिया में घर बेचने से पहले कलेक्टर से परमिशन लेनी होगी। वहीं, किसी इलाके में चाहे मुस्लिम मेजोरिटी में हों या हिंदू मेजोरिटी में हों, तब भी यही प्रोसेस फॉलो करना होगा। सूत्रों के अनुसार इस बिल में ये मुख्य प्रावधान होंगे... सवाल : गुजरात के जैसे राजस्थान में भी इस कानून की जरूरत है क्या?जवाब : एक्सपट्र्स के अनुसार डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट का उद्देश्य दंगा प्रभावित क्षेत्रों से पलायन रोकने, जबरन या किसी डर से संपत्ति के होने वाले सौदों को रोकने आदि से है। एक्सपट्र्स के अनुसार जयपुर सहित अन्य जिलों में भी कहीं न कहीं दंगे भड़क जाते हैं। वहीं पलायन होने के मुद्दे भी बार-बार उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार संबंधित क्षेत्रों की प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त के मामलों में अपनी निगरानी रखना चाह रही है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जो दबाव में या डर से अपनी प्रॉपर्टी बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। गुजरात में भी संबंधित एक्ट के पीछे सरकार का मकसद दंगों की वजह से पलायन को रोकना था। इधर, सरकार का भी तर्क है कि इस एक्ट को केवल मुस्लिमों के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। ये सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होगा। यदि कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया है, तो वहां हिंदू भी मुस्लिम से प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकेगा। सवाल : कलेक्टर कैसे तय करेगा कि संबंधित क्षेत्र एक डिस्टर्ब्ड एरिया है?जवाब : सूत्रों के अनुसार एक्ट के प्रावधानों के तहत डिस्टर्ब्ड एरिया तय करने के लिए अमूमन उस इलाके में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास देखा जाएगा। गुजरात में भी इसी तरह से स्थानीय प्रशासन (कलेक्टर) संबंधित एरिया को डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित करता है। गुजरात में हर 5 साल में एक बार डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट में संशोधन किया जाता है। सवाल : यदि कानून बनने के बाद प्रॉपर्टी बेचने की इजाजत नहीं ली, तो क्या कार्रवाई हो सकती है?जवाब : बिना इजाजत के संपत्ति बेचने का सौदा किया, तो डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट के तहत दोनों पर केस दर्ज हो सकेगा। कानून का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की जेल होने के प्रावधान इस कानून में लागू हो सकते हैं। साथ ही प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री रद्द कर दी जाएगी। हालांकि इस कानून को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अगर कलेक्टर के आदेश पर डील रद्द हो गई है, तो प्रॉपर्टी का खरीदार हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकता है। इसके बाद जज इस मामले पर फैसला सुना सकते हैं। गुजरात में ऐसे कई मामलों में वहां हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सवाल : गुजरात में हिंदू महिला की प्रॉपर्टी क्या इसी एक्ट के तहत सीज हुई थी, मामला क्या था?जवाब : गुजरात में डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट, 1991 लागू है। साल 1986 में गुजरात विधानसभा में इसका विधेयक पेश किया गया और 1991 में यह कानून बना। सरकारी दस्तावेज में इस एक्ट का पूरा नाम ‘द गुजरात प्रॉहिबिटेशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम इविक्शन फ्रॉम प्रिमिसिस इन डिस्टर्ब एरिया एक्ट' है। इस एक्ट के तहत सूरत कलेक्टर ने सलाबतपुरा एरिया को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया हुआ था। मामले के तहत जून 2025 में सूरत में एक हिंदू महिला अपनी प्रॉपर्टी किसी मुस्लिम महिला को बेच रही थी। इसका एडवांस पैसा भी ले लिया था। सोसाइटी के लोगों को खरीदार से ही आपत्ति थी। वे नहीं चाहते थे कि कोई संबंधित धर्म का खरीदार सोसाइटी में आकर रहे। सौदे की शिकायत सोसाइटी के लोगों ने ही कलेक्टर तक पहुंचा दी। प्रॉपर्टी की मालिक अपने फैसले पर अड़ी रही। उसने सौदे का पूरा पैसा ले लिया। इसके बाद उसने प्रॉपर्टी बेचने के डॉक्यूमेंट्स तैयार करवाए। शिकायत के बाद सूरत कलेक्टर ने डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट यानी अशांत क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर प्रॉपर्टी सील कर दी। साथ ही सौदे पर रोक लगा दी थी। एक्सपर्ट का मानना है कि यह मामला तो सोसाइटी के अन्य निवासियों की अपनी राय या इच्छा पर आधारित था। शायद वहां संबंधित हिंदू महिला के पलायन जैसी स्थिति नहीं थी। सवाल : क्या सरकार के इस कदम के पीछे कोई राजनीति छिपी हुई है?जवाब : एक्सपट्र्स के अनुसार बीजेपी को गुजरात में जिस तरह की सफलता मिली और उसके बाद देश में और यूपी सहित अन्य राज्यों में, उसके पीछे हिंदू-मुस्लिम मुद्दों का बड़ा योगदान है। बीजेपी की राजनीति को ऐसे मुद्दे सूट करते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि जयपुर की वॉल सिटी हो या अजमेर का दरगाह क्षेत्र, यहां हिंदुओं ने मकान खाली किए हैं और मुस्लिमों ने खरीदे हैं। पलायन एक बड़ा मुद्दा रहा है। यदि कानून वाकई पलायन को रोकता है, तो उद्देश्य पर कोई शंका नहीं रहेगी। लेकिन एक आशंका और है कि डिस्टर्ब एरिया में संपत्ति खरीद-फरोख्त के लिए सरकारी मशीनरी से मंजूरी लेने के मामले में कहीं नए भ्रष्टाचार को हवा न मिल जाए। मंजूरी के लिए 'दक्षिणा' का चलन कहीं भी किसी से छिपा हुआ नहीं है। गुजरात के डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट में धर्म का सीधा जिक्र नहीं है। इसमें दंगा, भीड़ की हिंसा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन कई एक्टिविस्ट मानते हैं कि इस एक्ट के जरिए मुसलमानों को कुछ क्षेत्रों तक सीमित किया जा रहा है। ... यह खबर भी पढ़ें... एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने कानून लाएगी राजस्थान-सरकार:अल्पसंख्यक इलाकों को अशांत क्षेत्र घोषित कर सकेगी, प्रॉपर्टी बेचने पर रहेगी रोक
किशनगंज जिला मुख्यालय के तीन केंद्रों पर बुधवार को पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) पद की दूसरे चरण की लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। कुल 2865 परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए, जबकि 1110 अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी विशाल राज, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, एसडीएम अनिकेत कुमार, एसडीपीओ गौतम कुमार, ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार, इंस्पेक्टर राजा और सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। एसडीएम अनिकेत कुमार ने पुष्टि की कि दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई है। परीक्षार्थी तय समय से डेढ़ घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचने लगे परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले ही निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश द्वार पर गहन जांच के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, पेन, पेपर, पेंसिल, इरेज़र आदि ले जाना पूरी तरह वर्जित था। परीक्षा समाप्त होने के बाद, परीक्षार्थियों की भीड़ अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़ी। अधिकांश परीक्षार्थी बक्सर, आरा, छपरा, सिवान, भागलपुर, मुंगेर, बांका जैसे दूर-दराज के जिलों से आए थे और वे अपने-अपने रूट की बसें व ट्रेनें पकड़ रहे थे।
देवरिया में यूपी के परिवहन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह के एआरटीओ और डीडीओ ने पैर छुए। एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मंत्री जैसे ही अपनी गाड़ी से उतरे बुके लेकर खड़े डीडीओ सुशील कुमार सिंह आगे बढ़े। मंत्री को गुलदस्ता देकर पैर छुआ। मंत्री ने आशीर्वाद देते हुए उनके कंधे पर हाथ रखा। इसके बाद उनके पीछे खड़े एआरटीओ आशुतोष शुक्ला ने बुके देकर मंत्री दयाशंकर के पैर छुए। वहीं वीडियो-फोटो सामने आने के बाद एआरटीओ ने सफाई दी। कहा- मेरा फोटो एआई जनरेटेड है। वहीं डीडीओ ने कहा- वीडियो सही है। मंत्री से हमारे निजी संबंध हैं। मामला मंगलवार का है। वीडियो-फोटो बुधवार को सामने आया है। फिलहाल अफसरों के पैर छूने का मामला चर्चा में है। अब जानिए पूरा मामला... मंगलवार दोपहर ढाई बजे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह बलिया से देवरिया आ रहे थे। उन्हें विकास खंड लार के रोपन छपरा गांव में पूर्व विधायक ठाकुर भद्रसेन सिंह की 15वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम में शामिल होना था। बलिया से देवरिया की सीमा में प्रवेश करते ही भागलपुर पुलिस चौकी के पास प्रशासनिक अधिकारी उनके स्वागत में खड़े थे। इस दौरान जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सुशील कुमार सिंह और एआरटीओ आशुतोष शुक्ला भी मौजूद थे। एआरटीओ बोले- वीडियो में मेरा चेहरा स्पष्ट नहींपैर छूने का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद कुछ लोग इसे व्यक्तिगत सम्मान और संस्कार से जोड़कर देख रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे प्रशासनिक पदों की गरिमा, निष्पक्षता और सरकारी सेवा नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। मामले में एआरटीओ आशुतोष शुक्ला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा- फोटो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेटेड है, यह वास्तविक नहीं है, क्योंकि इसमें चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा है। डीडीओ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो सही है। मैं मंत्री के स्वागत के लिए गया था। प्रभारी मंत्री से हमारे निजी संबंध हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें शारिक साठा के घर से डिब्बे तक ले गई पुलिस, संभल हिंसा का मास्टरमाइंड, दुबई में छिपा बैठा संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात फरार गैंगस्टर शारिक उर्फ साठा पर पुलिस का एक्शन जारी है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस उसके घर की कुर्की कर रही है। सुबह 11 बजे से ही 5 थानों नक्खाशा, रायसत्ती, संभल कोतवाली, हयातनगर और AHTU के 100 से अधिक पुलिसवाले साठा के घर पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें
जोधपुर में एसडीएम के मुंह पर ज्ञापन फाड़कर फेंकने के मामले को लेकर उठे विवाद पर यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने बुधवार को पाली में मीडिया से से कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन यह समझ से परे है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि अधिकारी ज्ञापन लेने तक के लिए अपने चेंबर से बाहर नहीं आ सकते। अधिकारी सरकार के एजेंट बने हुए हैंउन्होंने कहा कि अधिकारी भी हमारे बीच से ही निकलते है। वे भी किसी किसान, व्यापारी के बेटे ही होंगे। लेकिन वर्तमान में कई अधिकारी एसी चैंबर में बैठे रहते है। ऐसे लग रहा है जैसे सरकार के एजेंट बनकर काम कर रहे है। आमजन, किसानों की बात तक नहीं सुनना चाहते है। मनरेगा का नाम बदलो लेकिन रोजगार दोमनरेगा का नाम बदलने के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदले लेकिन लोगों को 100 दिन का रोजगार देवे। लेकिन स्थिति यह है कि वर्तमान सरकार 30 दिन साल भर में मनरेगा में रोजगार नहीं दे पा रही है। ठेकेदारी प्रथा से मनरेगा चलाना चाहती है। आमजनों के हितों के लिए यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरा हुआ है ताकि उन्हें उनका हक दिला सके। हर जगह बैठे है भाजपा के दलालउन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कई कार्यकर्ता एजेंट के रूप में काम कर रहे है। कोई थाने में तो कोई तहसील कार्य में दलाली कर आमजन को ठग रहा है। यह भी पढ़े - *कांग्रेस विधायक ने SDM के मुंह पर ज्ञापन फाड़कर फेंका:* पुलिस ने कलेक्ट्रेट में जाने से रोका, 1 घंटे तक सड़क पर बैठकर इंतजार किया
कटनी में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़वारा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को पुलिस ने परसेल गांव के पास से अवैध रेत से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली जब्त की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़वारा थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि परसेल गांव के आसपास अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल योजना बनाकर बताए गए स्थान पर दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस ने रेत ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली को रोका। पूछताछ में चालक की पहचान राहुल रौतेला के रूप में हुई। जब उससे रेत परिवहन से संबंधित रॉयल्टी या अन्य वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई संतोषजनक कागजात पेश नहीं कर सका। वाहन मालिक के खिलाफ केस दर्ज वैध दस्तावेजों के अभाव में रेत का अवैध परिवहन पाए जाने पर पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर लिया। वाहन को बड़वारा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है और वाहन मालिक के खिलाफ खनिज अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
कार ने मारी दो युवकों को टक्कर, एक की मौत:फतेहाबाद में दुकान में कर रहे थे काम, दूसरे की हालत गंभीर
फतेहाबाद जिले में टोहाना के गांव अमानी में एक तेज रफ्तार कार ने शटरिंग की दुकान पर काम कर रहे दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का इलाज जारी है। बता दे कि मृतक की पहचान 25 वर्षीय आकाश के रूप में हुई है, जो अविवाहित था। टक्कर के बाद उसे नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरा घायल युवक कुलदीप है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दुकान पर कर रहे थे काम बता दे कि यह घटना गांव अमानी के बस स्टैंड पर शाम के समय हुई, जब आकाश और कुलदीप अपनी शटरिंग की दुकान पर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी विशाल ने बताया कि एक तेज रफ्तार रिट्ज कार बेकाबू होकर आई और उसने आकाश और कुलदीप को टक्कर मार दी। आरोपी पर कार्रवाई की मांग मृतक आकाश के पिता दिलबारा राम ने सदर पुलिस थाने में पहुंचकर आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि शाम को जब आकाश घर नहीं आया तो उन्हें हादसे की सूचना मिली। सदर पुलिस ने परिजनों के बयान पर आरोपी कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
जमुई में रात्रि प्रहरियों की सैलरी पेंडिंग:DM और DEO को आवेदन देकर भुगतान की लगाई गुहार
जमुई में कार्यरत रात्रि प्रहरियों का वेतन लंबे समय से लंबित है। इसके कारण वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अपनी इस समस्या को लेकर बुधवार को दर्जनों रात्रि प्रहरियों ने समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी (डीएम) नवीन और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दयाशंकर को लिखित आवेदन सौंपा। महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण रात्रि प्रहरी और उनके परिवार भुखमरी की स्थिति में हैं। बच्चों की शिक्षा, इलाज और घर-परिवार का खर्च चलाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की रात्रि प्रहरी संगठन के जिला अध्यक्ष सुजीत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में बुधवार दोपहर 3 बजे ये सभी रात्रि प्रहरी समाहरणालय पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। जिला अध्यक्ष सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत रात्रि प्रहरियों को नियमित रूप से मानदेय नहीं मिल रहा है। कई-कई महीनों से भुगतान लंबित है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ''समय पर वेतन न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'' संगठन के प्रतिनिधि संतोष कुमार और सागर अंसारी सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि रात्रि प्रहरी विद्यालयों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रातभर जिम्मेदारी निभाने के बावजूद समय पर वेतन न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है। रात्रि प्रहरी संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए, ताकि सभी रात्रि प्रहरी सम्मानजनक जीवन जी सकें। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है और पीड़ित रात्रि प्रहरियों को राहत मिलती है।
रेवाड़ी के सीवर विवाद पर दो माजरा भालखी गांव के सरपंचों के विवाद में ग्रामीण भी कूद गए हैं। बुधवार को दर्जनों की संख्या में ग्रामीण रेवाड़ी पहुंचे। ग्रामीणों ने एसपी से मिलकर माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी पर हमले के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। एसपी ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पंच बोला, गड्ढा भरवा रहा था सरपंच माजरा पंचायत के पंच रवि कुमार ने बताया कि ढाणी में सीवर लाइन ब्लॉक हो गई थी। जिसके लिए खोदे गए गड्ढे से हादसे हो रहे थे। सरपंच रविंद्र हाथी उस गड्ढे को भरवा रहे थे। जब सरपंच उसे देखने गए तो भालखी के सरपंच प्रतिनिधि के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। कार्रवाई होने तक यहां से नहीं जाएंगेगांव ढाणी माजरा निवासी महिला रचना ने कहा कि रविंद्र ने धोलियां से बात करके काम शुरू किया था। जब रविंद्र काम करवा रहा था उस समय सुरेंद्र उर्फ धोलियां ने माजरा के सरपंच रविंद्र पर हमला करवा दिया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे।यह था मामला गांव माजरा की ढाणी में सीवर को लेकर दो माजरा और भालखी के सरपंच के बीच विवाद हुआ था। माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी ने भालखी के सरपंच सुरेंद्र उर्फ धोलिया के समर्थकों पर काम रुकवाने और हमला करवाने का आरोप लगाया था। अस्पताल पहुंचे रविंद्र हाथी ने आरोप लगाया था कि हमले में उसके सिर, पैरों और हाथों में चोटें आई।
भिवानी जिले में CIA-1 स्टाफ ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। करीब एक माह पहले गांव नौरंगाबाद में दो पक्षों में आपसी विवाद में फायरिंग हो गई थी। जिसमें 3 लोगों को गोली लगी थी। गांव नौरंगाबाद निवासी अजय ने थाना सदर भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 26 दिसंबर को आरोपी उपेंद्र, नसीब, सतीश, प्रमोद और अन्य आरोपी उनके घर पर आए और जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। इस घटना में अजय पुत्र सतबीर के हाथ में और अजय पुत्र राजेंद्र के पैर में गोली लगी। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया। नौरंगाबाद निवासी पवन गिरफ्तारCIA-1 स्टाफ के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस केस में 5वें आरोपी को नौरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव नौरंगाबाद निवासी पवन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 25 दिसंबर की रात को शिकायतकर्ता अजय गली में बैठा था। उसी दौरान आरोपी उपेंद्र गली से अपनी गाड़ी निकालते समय कीचड़ उछलने को लेकर शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच विवाद हो गया। जो बाद में फायरिंग की घटना में बदल गया। केस में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं और उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा।
नोएडा में सेक्टर-71 स्थित जनता फ्लैट के बाहर चार युवकों ने ढाबा मालिक को बेटे के सामने पीटा। विरोध करने पर पीड़ित को कार के बोनट पर डालकर ले गए। बेटे ने बाइक से पीछा किया तो करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद छोड़कर भाग गए। फेज-तीन थाना पुलिस ने चार में से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। जनता फ्लैट में रहने वाले अमित कुमार ने पुलिस को बताया कि पिता रामदयाल मूलरूप से बस्ती जिले के रहने वाले हैं। पिछले कई सालों से नोएडा में परिवार सहित रह रहे हैं। वह सोसाइटी के निकट ही वेंडिंग जोन में ढाबा चलाते हैं। पिछले कुछ समय से उन्हें सोसाइटी में रहने वाले शिव राज गौर, सत्य प्रकाश तिवारी, दिनेश गौर और अंकुर मिश्रा परेशान करते हैं। वह ढाबा लगाने का विरोध करते हैं। चारों युवक कार लेकर उनके ढाबे पर सोमवार रात नौ बजे आए थे। युवक उनके पिता राम दयाल को ढाबा से बाहर निकलने और ढाबा बंद करने का दबाव देने लगे। आरोप है कि चारों युवक फिल्मी स्टाइल में बोले कि अब से सेक्टर के आसपास सारी दुकान उनके इशारे पर बंद होंगी और खुलेंगी। जिसका राम दयाल ने विरोध किया। इसके बाद कार से दो अन्य युवक उतरे और राम दयाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में अमित भी ढाबे पर पहुंच गया। उसने पिता को किसी तरह बचाया। कार सवार युवकों ने कुचलने का किया प्रयासआरोप है कि कार सवार युवकों ने रामदयाल के ऊपर कार चढ़ाने का प्रयास भी किया, जिससे वह जान बचाकर कार के बोनट पर चढ़ गए। आरोपी तेज रफ्तार में कार लेकर भाग गए। रामदयाल कार के बोनट पर ही डटे रहे। अमित एक बाइक लेकर आरोपियों के पीछे पिता को बचाने के लिए दौड़ा। दावा है कि आरोपियों ने करीब 1.5 किलोमीटर दूर साईं अपार्टमेंट के पास सर्विस रोड पर ले जाकर उनके पिता को छोड़ा और धमकी देकर भाग गए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलइस घटना के पांच वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें कई लोग के बीच कहासुनी हो रही है। तभी एक कार तेजी से ढाबा मालिक को टक्कर मारते हुए बोनट पर लटका आगे बढ़ जाती है। इसी घटना से जुड़ा एक अलग वीडियो भी सामने आया है। जिसमें घायल बेहोशी के हालत में स्ट्रैचर पर लेटा हुआ है। ढाबा मालिक को कार के बोनट पर ले जाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है। आसपास ठेला लगाने को लेकर है विवादआरोपियों और पीड़ित के बीच आसपास ठेला लगाने को लेकर विवाद है। आरोपी भी फास्ट फूड बेचते हैं। इसको लेकर पूर्व में भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो चुकी थी। जिस स्थान पर मारपीट हुई, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, जबकि कार जाते समय के वीडियो सामने आए हैं। घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
फलोदी में जेसीबी से फॉर्च्यूनर कार को पलटकर तोड़ने और फायरिंग के मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी जाम्बा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ फलोदी, जोधपुर, बीकानेर के थानों में मारपीट अपहरण, चोरी, लूट जैसे 12 मामले दर्ज है। मारपीट और फायरिंग का भी आरोप थाना प्रभारी भंवराराम ने बताया- 5 जनवरी 2025 को बैंगटी खुर्द निवासी युसुफ खां ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि पकड़े गए आरोपी अजीज और अन्य ने मलार रिण में उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को जेसीबी से पलटकर तोड़ दिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और फायरिंग भी की। गोलियों के छर्रे उसके बाएं हाथ की उंगलियों पर लगे। भागते समय एक अन्य आरोपी मकसूद ने एक और फायर किया, जो उसके ऊपर से निकल गया। 3 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके मामले में एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने पहले ही इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों मकसूद, उमर खां और अब्दुल वाज को गिरफ्तार कर लिया था। अब इस मामले में चौथे फरार आरोपी अजीज खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अजीज चारणाई, जाम्बा का निवासी है और वर्तमान में मलार रिण में रह रहा था।
शेखपुरा के बरबीघा प्रखंड के तेउस गांव में बुधवार को जीविका और पशुपालन निदेशालय के संयुक्त देखरेख में एक पशु स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 275 मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें मुफ्त दवाएं वितरित की गईं। शिविर का उद्घाटन बरबीघा के प्रखंड परियोजना प्रबंधक वरुण कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन और एमएमवी वीओ डॉ. अविनाश कुमार ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने पशुपालकों को पशुओं की उचित देखभाल, पोषण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉक्टरों ने आवश्यक निर्देश और चिकित्सीय सलाह भी प्रदान की इस आयोजन में पशुपालन विभाग से टीवीओ डॉ. राजीव रंजन और डॉ. अविनाश कुमार (एमएमवी-वीओ) उपस्थित रहे। जीविका जिला इकाई से प्रशिक्षण प्रबंधक निरंजन कुमार, पशुधन प्रबंधक कुलदीप राम, प्रबंधक कृषि - प्रभारी आभा कुमारी, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ सुकेश कुमार, दिवाकर कुमार और नीरज कुमार सहित अन्य सदस्य भी मौजूद थे। शिविर में टीवीओ ने पशुओं की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें नियमित पानी, मिनरल, कृमिनाशक दवाएं और पशु चिकित्सक से समय पर सलाह लेना शामिल था। कुल 205 जीविका दीदियों और पशुपालकों ने अपने 275 मवेशियों की जांच कराई। डॉक्टरों ने आवश्यक निर्देश और चिकित्सीय सलाह भी प्रदान की। पशुओं का निशुल्क इलाज किया गया इस अवसर पर पशुओं का निशुल्क इलाज किया गया और उन्हें निशुल्क दवाएं तथा मिनरल मिक्सचर वितरित किए गए। पशुपालकों को आवास प्रबंधन और अन्य पशुपालन गतिविधियों के बारे में भी जागरूक किया गया। यह शिविर जीविका द्वारा पूरी तरह निशुल्क आयोजित किया गया था, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पशुओं से संबंधित हर प्रकार की बीमारियों की जांच की। शिविर में क्षेत्रीय समन्वयक प्रीति कुमारी, सामुदायिक समन्वयक प्रीति माला, रेखा कुमारी, रिंकू कुमारी, देश दीपक, बाबुचन्द के साथ-साथ जीविका समुदाय की पशु सखी कविता पासवान और पशुपालन विभाग से पाराभेट निराज कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
औरंगाबाद में रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद सिंह के सत्येंद्र नगर स्थित आवास पर मिलन समारोह सह सदस्यता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों से मोहभंग कर आए सैकड़ों लोगों ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ली। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के आईटी सेल के पूर्व अध्यक्ष रवि सिंह राजपूत के नेतृत्व में लगभग एक सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक रूप से जदयू का दामन थामा। जिले के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास काम और उनकी नीतियों पर भरोसा जताते हुए जदयू की सदस्यता ली। नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत रफीगंज विधायक प्रमोद सिंह और जदयू जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने पार्टी में शामिल हुए सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया और उनके प्रति आभार प्रकट किया। सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद सिंह ने कहा कि सामान्यतः कोई भी सरकार पांच साल सत्ता में रहने के बाद एंटी इनकैंबेंसी का सामना करती है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करिश्माई नेतृत्व और “विकसित बिहार” की स्पष्ट सोच के कारण जनता बार-बार उनके पक्ष में निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में चहुमुखी विकास हुआ है और जनता यह भली-भांति जानती है कि अन्य दलों के पास बिहार को देश की अग्रणी पंक्ति में खड़ा करने की कोई ठोस सोच नहीं है। विधायक ने विश्वास जताया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जनता एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं के पार्टी से जुड़ने से संगठन और अधिक मजबूत होगा और विकास को नई दिशा मिलेगी। कांग्रेस के आईटी सेल अध्यक्ष भी हुए जदयू में शामिल कांग्रेस के पूर्व आईटी सेल अध्यक्ष रवि सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विजन पूरी तरह स्पष्ट है और उनके नेतृत्व में बिहार निरंतर विकास की नई इबारत लिख रहा है। नीतीश कुमार ने बिहार को अंधकारमय दौर से बाहर निकाला और राज्य को अराजकता और नक्सलवाद से मुक्त कराया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के विकास में रफीगंज विधायक प्रमोद सिंह के नेतृत्व में हम सभी सहभागी बनेंगे। इसी विश्वास और उम्मीद के साथ उन्होंने अपने समर्थकों सहित जदयू की सदस्यता ग्रहण की।कार्यक्रम के अंत में संगठन को और मजबूत करने और विकास के काम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
हरियाणा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 649वां प्रकाशोत्सव इस बार ऐतिहासिक स्वरूप में मनाया जाएगा। 31 जनवरी को कुरुक्षेत्र के उमरी (पीपली क्षेत्र) में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित होगा, जिसमें करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यह जानकारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया ने दी। बंतो कटारिया आज बुधवार को यमुनानगर पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने मेयर हाउस में प्रेसवार्ता कर राज्य स्तरीय समारोह के बारे में जानकारी दी। समारोह में सीएम व केंद्रिय मंत्री रहेंगे उपस्थित उन्होंने बताया कि हाल ही में संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित समाज के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर जयंती समारोह को भव्य बनाने की रूपरेखा तय की थी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और एकता का सशक्त संदेश देगा। समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी। बंतो कटारिया ने बताया कि कुरुक्षेत्र के पीपली क्षेत्र के उमरी गांव में गुरु रविदास जी की पीठ को विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 89 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। भव्य मंदिर व रिसर्च सेंटर किया जाएगा स्थापित इस परियोजना के अंतर्गत पिपली में भव्य मंदिर, योग पीठ और गुरु रविदास जी के जीवन व विचारों पर आधारित रिसर्च सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की नींव लोकसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा रखी गई थी। नगर निगम मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने जातिविहीन समाज और समान अधिकारों का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। वर्तमान भाजपा सरकार संत महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कमेटी का गठन कर चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान उन्होंने बताया कि प्रकाशोत्सव को भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार और समाज के स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कमेटी का गठन कर जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, पूर्व चेयरपर्सन रोजी मलिक आनंद, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सतपाल बहमनी, भाजपा नेत्री दीक्षा बराड, सुंदर लाल, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग, सन्नी राजपूत और सुमित ओबराय भी मौजूद रहे।
बैतूल के भैंसदेही में निजी स्कूल वैन हादसे के बाद क्षेत्र के विधायक महेंद्र सिंह चौहान बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों और परिजनों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान विधायक चौहान ने शासन और प्रशासन दोनों को आइना दिखाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक क्षेत्र की बात नहीं है, पूरे मध्यप्रदेश में कहीं न कहीं खामियां हैं। जितने भी अधिकारी वर्ग हैं, वे सिर्फ शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देते हैं। ग्रामीण इलाकों की पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है। विधायक ने आगे कहा कि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूल ही चलते हैं, लेकिन तहसील और ब्लॉक स्तर पर कुछ निजी स्कूल भी हैं, जिन पर निगरानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई हो, इस पर हम शासन से बात करेंगे। व्यक्तिगत चर्चा भी करूंगा और पत्र भी लिखूंगा ताकि ग्रामीण स्कूलों में चल रहे निजी संस्थानों की मॉनिटरिंग बढ़े। फिलहाल विधायक ने मृतक बच्ची और घायलों के परिजनों को विधायक निधि से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं उनके इस बयान के बाद प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है। यह खबर पढें...बैतूल में स्कूल वैन-तूफान वाहन की टक्कर बैतूल में बुधवार सुबह भैंसदेही गुदगांव रोड पर गैस गोदाम के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। विद्या संस्कार पीठ की स्कूल वैन और तूफान वाहन (एमपी 06 पी 0902) के बीच हुई जोरदार टक्कर में 7 वर्षीय छात्रा हर्षिता पाटणकर पिता पवन की मौत हो गई। मृतक बच्ची स्कूल वैन चालक सोनू पाटणकर की भतीजी थी और हादसे के वक्त वह उसके पास की सीट पर बैठी थी। पूरी खबर पढ़ें
करौली में नगर परिषद की कार्रवाई में समानता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि नगर परिषद और प्रशासन सभी मामलों में एक जैसे मापदंड अपनाएं और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई से बचें। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद क्षेत्र में अवैध या नियमविरुद्ध निर्माण के कई मामले पहले से चिह्नित हैं। इनमें से कुछ संपत्तियों पर केवल जुर्माना लगाकर निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुछ मामलों में सीज करने के बाद भी आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि यदि नियमों का उल्लंघन समान प्रकृति का है, तो कार्रवाई भी समान रूप से क्यों नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है और उसकी संपत्ति पर पहले ही सीज की कार्रवाई की जा चुकी है। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि भविष्य की किसी भी कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। आमजन ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वह राजनीतिक या किसी भी प्रकार के दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष निर्णय ले। उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही चेतावनी दी कि असंतुलित या एकतरफा कदमों से अनावश्यक तनाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया है कि सभी तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि कानून के तहत सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
किशनगंज के बहादुरगंज से AIMIM विधायक तौसीफ आलम ने संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान पर असहमति जताई है। उन्होंने अपने एक बयान के कथित तोड़-मरोड़ पर भी स्पष्टीकरण दिया और पटना के एक हॉस्टल में छात्रा के साथ हुए कथित बलात्कार मामले में अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की। विधायक आलम ने एआर रहमान के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें रहमान ने कहा था कि कुमार सानू और मोहम्मद रफी का दौर बीत चुका है और अब नए संगीत तथा नए गायकों का समय है। तौसीफ आलम ने कहा कि वे रहमान के इस विचार से सहमत नहीं हैं। दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं,जहां राय रखने का अधिकार उन्होंने भारत में बोलने की आजादी पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं हैं जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी को अपनी राय रखने और कानूनी लड़ाई लड़ने का अधिकार हो। उन्होंने रहमान के बयान को संगीत की विविधता और इतिहास की अनदेखी बताया। इस दौरान, विधायक ने एक मीडिया चैनल पर उनके जलसे के वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। तौसीफ आलम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जलसे में कहा था कि हाफिज-ए-कुरान बनना अच्छी बात है और एक हाफिज-ए-कुरान आईएएस बन चुका है। उन्होंने युवाओं से हाफिज, मौलाना बनने के साथ-साथ आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और जज बनने का भी आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील तौसीफ आलम ने पटना के एक हॉस्टल में छात्रा के साथ कथित बलात्कार मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बलात्कार को सबसे बड़ा अपराध बताते हुए मांग की कि इस मामले में जल्दबाजी या गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले सभी पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने पीड़ित को तुरंत न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
पन्ना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय महिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े धार्मिक आयोजनों की रेकी करता था। कार्यक्रमों में भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से सोने के जेवर चुराता था। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में छह महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के चुराए थे सोने के मंगलसूत्र यह मामला 19 जनवरी का है, जब सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामगिरी में प्रसिद्ध अच्युतानंद स्वामी जी का सत्संग चल रहा था। कार्यक्रम स्थल पर हेलिकॉप्टर उतरने के बाद भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान उत्तर प्रदेश से आईं इन महिलाओं ने फरियादिया सुधा सिंह गौड़ और उनकी देवरानी के गले से सोने के मंगलसूत्र चुरा लिए। यूपी से किराए की कार लेकर पन्ना पहुंची थी आरोपी महिलाएं पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर बड़े धार्मिक कार्यक्रमों और सत्संगों की जानकारी जुटाता था, जहां लाखों की संख्या में भीड़ जुटने की संभावना होती थी। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश से किराए की इको कार (UP 54 BA 6961) लेकर पन्ना पहुंची थीं। पन्ना एसपी निवेदिता नायडू के निर्देश पर सलेहा थाना प्रभारी बलबीर सिंह की टीम ने मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई की। कलदा क्षेत्र में कुछ संदिग्ध महिलाओं के छिपे होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दबिश दी और छह महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 1 लाख रुपए के दो सोने के मंगलसूत्र और घटना में इस्तेमाल की गई लगभग 5 लाख रुपए की इको कार जब्त की है। कुल मिलाकर 6 लाख रुपए का सामान बरामद किया गया है। गिरफ्तार की गई महिलाएं उत्तर प्रदेश के मऊ और जौनपुर जिले की रहने वाली हैं। इनकी पहचान गीता, सुमन, किरण, सीमा, प्रभावती और सुनीता के रूप में हुई है। ये महिलाएं दो-दो की टोलियां बनाकर भीड़ में शामिल होती थीं ताकि किसी को शक न हो। एएसपी बोलीं-बड़े कार्यक्रमों में अपने सामान की खुद सुरक्षा करें एडिशनल एसपी ने अपील की है कि धार्मिक आयोजनों में भीड़ का फायदा उठाने वाले असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। अपनी कीमती वस्तुओं की सुरक्षा स्वयं करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
देवास के वार्ड क्रमांक 5 स्थित प्रताप नगर और आसपास की कॉलोनियों में बुधवार सुबह नगर निगम की जलप्रदाय लाइन से दूषित और बदबूदार पानी आया। इस घटना से क्षेत्र के रहवासी परेशान हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन से चार दिन के अंतराल के बाद नल आए थे। पानी भरते समय करीब 15 मिनट तक मटमैला और बदबूदार पानी आता रहा। जब साफ पानी आना शुरू हुआ, तब तक निगम कर्मचारियों ने नल बंद कर दिए, जिससे कई लोग पीने योग्य पानी नहीं भर पाए। दूषित पानी आने से बढ़ी परेशानी रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र का भूजल केमिकल युक्त होने के कारण वे पूरी तरह से नगर निगम की जलप्रदाय लाइन पर निर्भर हैं। ऐसे में दूषित पानी की आपूर्ति से उनकी परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गया है। इस मामले में महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बताया कि शिकायत मिलते ही निगम कर्मचारियों को तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का निवारण किया जाएगा।
अररिया में राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम शुरू:'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत 5 दिवसीय उत्सव
अररिया में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत एक पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम, अररिया द्वारा आयोजित यह उत्सव 20 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगा। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन बुधवार को जिले के दो कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में हुआ। इनमें नरपतगंज प्रखंड का सोनापुर और फारबिसगंज प्रखंड का सिमराहा स्थित विद्यालय शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने बालिकाओं, किशोरियों और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण किसी भी समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करने पर विशेष ध्यान वक्ताओं ने जोर दिया कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करने से ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया। सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बाल विवाह उन्मूलन को लेकर एक विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें इसके सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की। प्रसिद्ध फिल्म 'दंगल' का प्रदर्शन कार्यक्रम में बच्चों के लिए आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें दौड़, पास द बॉल, पेंटिंग, क्विज और कविता पाठ शामिल थे। महिला सशक्तिकरण पर आधारित प्रसिद्ध फिल्म 'दंगल' का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने सभी को प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को ट्रॉफी, मेडल, पेंसिल बॉक्स, ज्योमेट्री बॉक्स और कलर सेट जैसे पुरस्कार दिए गए। 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' लोगो युक्त टोपी, टी-शर्ट और अल्पाहार वितरित सभी प्रतिभागियों को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' लोगो युक्त टोपी, टी-शर्ट और अल्पाहार वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना प्रबंधक की निगरानी में हुआ। डीएचईडब्ल्यू के कर्मी, कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन सहित सभी उपस्थित लोगों ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। यह पहल अररिया जिले में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
टीकमगढ़ नगर पालिका के वार्ड नंबर 10 और 11 में बुधवार को नई जल पाइपलाइन के लिए भूमि पूजन किया गया। नपा अध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना से इन वार्डों में लंबे समय से बनी जल संकट की समस्या दूर होने की उम्मीद है। नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने बताया कि कादरी मस्जिद के पास नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसका उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, ताकि गर्मियों में पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़े। स्थानीय पार्षद जसवंत वाल्मीकि और पार्षद प्रतिनिधि फरीद खान ने बताया कि इस परियोजना से लगभग 100 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। विधायक बोले- पाइपलाइन से जल संकट कम होगा कार्यक्रम में उपस्थित विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि पिछले 20 सालों से नगर पालिका में भाजपा की परिषद रही, लेकिन लोगों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस पाइपलाइन से जल संकट काफी हद तक कम होगा। यह रहे उपस्थित भूमि पूजन कार्यक्रम में सूर्य प्रकाश मिश्रा, जसवंत वाल्मीकि, फरीद खान, अनीश अहमद, देवी अहिरवार, जावेद खान, नीतेश बिलगईयां सहित कई स्थानीय नेता और वार्डवासी मौजूद रहे।
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और संदिग्ध मौत सहित राज्यभर में बढ़ती महिला हिंसा की घटनाओं के विरोध में आइसा सड़क पर उतरी है। पटना कॉलेज के मेनगेट पर आइसा कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आइसा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े किए। “बिहार में महिलाओं के लिए भयमुक्त माहौल नहीं”- आइसा इस दौरान आइसा बिहार उपाध्यक्ष मनीषा यादव और आइसा नेत्री सबा ने कहा कि, बिहार में महिलाओं को सुरक्षा देने में सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। हाल के दिनों में पटना के हॉस्टल में जहानाबाद की छात्रा और औरंगाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत, बक्सर में बंदूक की नोक पर छात्रा से रेप, खगड़िया, मधेपुरा और सारण समेत कई जिलों में हुए रेप-हत्या की घटनाओं ने पूरे बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि इन मामलों में पुलिस गंभीरता से जांच करने के बजाय लीपापोती में लगी हुई है। औरंगाबाद की छात्रा की मौत 6 जनवरी को ही हो गई थी, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट सामने आई है। निजी हॉस्टलों की निगरानी के लिए स्वतंत्र बॉडी की मांग आइसा नेताओं ने सरकार से मांग की कि निजी हॉस्टलों के संचालन और निगरानी के लिए एक स्वतंत्र नियामक संस्था (Independent Regulatory Body) बनाई जाए और इसके लिए सख्त नियमावली तय की जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पहले रेप से इनकार, बाद में पुष्टि- पुलिस की भूमिका पर सवाल आइसा राज्य सह सचिव ने कहा कि, पटना में नीट की तैयारी कर रही दोनों छात्राओं की मौत के मामले में उनके परिजनों ने शुरू से ही रेप और हत्या का आरोप लगाया था। पहले पुलिस ने बिना किसी ठोस जांच के ही रेप से इनकार कर दिया। बाद में जांच में रेप की पुष्टि हुई। यही रवैया औरंगाबाद की छात्रा के मामले में भी अपनाया गया, जहां अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही निष्पक्ष जांच के संकेत मिल रहे हैं।' सुशासन नहीं, कुशासन का राज- आशीष साह आइसा राज्य संयुक्त सचिव आशीष साह और आइसा नेता नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा-जदयू की सरकार महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। जिस सरकार को सुशासन का दावा करना चाहिए, वहां हर दिन हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। आइसा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री राज्य भ्रमण पर निकले हैं, लेकिन इन गंभीर घटनाओं पर एक शब्द तक नहीं बोल रहे हैं।' वहीं, गृह मंत्री सम्राट चौधरी की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और कहा कि 'सरकार पूरे मामले पर मौन साधे हुए है।' दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग आइसा ने सभी मामलों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। सभी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

