लखनऊ, 27 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास व रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेसी व सपाई नहीं गए, क्योंकि उन्हें वोटबैंक दिखाई देता था। इन्हें भय था कि कहीं जालीदार टोपी छिटक न जाए। सीएम ने चेताया कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन अवसर पर जन समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सीएमएस स्कूल, गोमतीनगर विस्तार में आयोजित समारोह में अशोक सिंहल के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। सीएम ने कहा कि सिंहल जी ने श्रीराम जन्मभूमि के ‘प्राण’ के रूप में अपना जीवन समर्पित किया था। उन्होंने जो ज्वाला प्रज्ज्वलित की थी, वह रामजन्मभूमि मात्र के लिए नहीं है, बल्कि हर मानबिंदु की प्राण प्रतिष्ठा के लिए है। गुलामी के हर चिह्नों को समाप्त करने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना है।बाबर के भक्तों की साजिशों को नाकाम करेंगे बजरंग बली के भक्तसीएम ने आरोप लगाया कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। राममंदिर का विरोध और रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले गाहे-बगाहे अपने को राम भक्त ठहराने का प्रयास कर रहे हैं, यह विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक विजय है। उन्होंने बजरंगियों को चेताया कि रामकाज में कालेनमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहना। बाबर के भक्त आपको अपमानित करने का प्रयास करेंगे, लेकिन बजरंग बली के भक्तों को इनकी साजिश को सफल नहीं होने देना है।अयोध्या को अपमानित करने वाले हमसे पूछ रहे प्रश्नसीएम ने कहा कि रामजन्मभूमि का मामला जब न्यायालय में पहुंचा तो अशोक जी की टीम में तथ्यों व प्रमाण के साथ अधिवक्ता, पुरातत्वविद, विषय विशेषज्ञ होते थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस, सपाइयों व वामपंथियों के अनर्गल प्रलाप व झूठे तथ्य होते थे। वे साजिश करते थे कि राममंदिर के पक्ष में फैसला न आए। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में शपथपत्र दिया था कि राम-कृष्ण का कोई वजूद नहीं है। जिन्होंने हिंदु समाज को अपमानित किया, वे लोग हमसे अयोध्या के बारे में प्रश्न पूछ रहे हैं।देश, सनातन और हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए अशोक जी का सर्वस्व समर्पित थासीएम योगी ने कहा कि अशोक जी ने जिस ज्योति को 1980 के दशक में प्रज्ज्वलित किया था, वह ज्वाला बनकर सकल हिंदू समाज के संरक्षण व संवर्धन के लिए अहर्निश लगी हुई है। अशोक जी से कोई जीवन का उद्देश्य पूछता था तो वह कहते थे कि तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूं। यह भाव अपने लिए नहीं बल्कि देश, सनातन, एकता-अखंडता और सकल हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए था।सनातन की सुरक्षा से किसी को छेड़छाड़ नहीं करने देंगेमुख्यमंत्री ने अशोक सिंहल के जीवन को याद करते हुए कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग करने के दौरान वह आरएसएस के संपर्क में आए। उन्होंने देश व सनातन धर्म के लिए जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आरएसएस के प्रचारक-कार्यकर्ता के रूप में काम किया। उस समय कोई मानने को तैयार नहीं था कि भारतीय जनसंघ आएगा और केंद्र-राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। उनका एक ही ध्येय था कि सनातन धर्म पर आंच नहीं आने देंगे और इसकी सुरक्षा से किसी को छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।500 वर्ष तक चुप नहीं बैठा समाजसीएम योगी ने कहा कि 1528 में प्रभु श्रीराम के मंदिर को तोड़कर विदेशी आक्रांता ने गुलामी का ढांचा बना दिया। इस 500 वर्ष में हिंदू समाज, धर्माचार्य, संत, नागा, सिखवीर, युवा, नारी, राजा कोई चुप नहीं बैठा। हर व्यक्ति निरंतर सिर पर कफन बांधकर रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए टूट पड़ता था। वे रामजन्मभूमि के लिए बलिदान देते रहे।हिंदू समाज को एक मंच पर लाया सिंहल जी नेसीएम ने कहा कि अवध क्षेत्र के दर्जनों गांव ऐसे थे, जिन्होंने 500 वर्ष तक चप्पल व साफा नहीं पहना। उस समय ताकत विभाजित थी, हम एकजुट होकर लड़ नहीं पा रहे थे। एक पक्ष मजबूत होता था तो दूसरा कमजोर। तब भी तोड़ने वाले विरोधियों व साजिशकर्ताओं की कमी नहीं थी। हिंदू समाज के पास उस समय भी शक्ति व सामर्थ्य था, सभी लोग लड़कर उसे वापस ले सकते थे, लेकिन उन्हें एक मंच पर लाने का अभाव था। अशोक सिंहल ने इस नेतृत्व की कमी को पूरा किया।जब तक राम का काम नहीं, तब तक विश्राम नहींसीएम ने कहा कि 1982 में अशोक जी को जब विहिप का दायित्व मिला। 1983 में राम जन्मभूमि मुक्त यज्ञ समिति का गठन हुआ, तब उनके जीवन का एक ही संकल्प था कि जब तक राम का काम नहीं होगा, तब तक विश्राम नहीं लूंगा। उन्होंने बिना रुके, झुके, डिगे चरैवेति-चरैवेति को जीवन का मंत्र बनाया और संतों को एक मंच पर लाने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में बिखरे हुए समाज को एकजुट किया और वनवासी क्षेत्रों व मलिन बस्तियों में एकल विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी की। गोरखनाथ मंदिर में ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय के एक कमरे में उन्होंने पूर्वोत्तर के बच्चों को लाकर पढ़ाने की व्यवस्था प्रारंभ की।रामद्रोही सरकार ने जब गोली चलाई, तब अशोक जी की सिंह-गर्जना सुनाई दीसीएम ने कहा कि 2 नवंबर 1990 को रामधुन गाते भक्तों पर तत्कालीन रामद्रोही सरकार ने लाठीचार्ज व गोलियां चलवाईं, तब अशोक सिंहल जी सीना तानकर खड़े हो गए। केसरिया गमछे व युवाओं की हुंकार से उनका मन प्रफुल्लित होता था। संतुष्टि है कि अशोक जी के सान्निध्य में हमने राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। उनका सपना अब भव्य राम मंदिर के रूप में दिख रहा है।जो कहा, करके दिखायासीएम ने कहा कि मेरे गुरुदेव अवेद्यनाथ जी महाराज श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष थे। अशोक सिंहल जी के साथ गोरखपुर व कारसेवकपुरम में राम मंदिर आंदोलन, निर्माण आदि को लेकर लगातार बैठकें होती थीं। सौभाग्य है कि अशोक जी के सपने को आज त्रेतायुगीन अयोध्या के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर हमें प्राप्त हुआ। कोई भी वाणी मंत्र तब बनती है, जब उसके वाचन व आचरण करने वाले में अंतर नहीं होता। अशोक जी ने जो कहा, वह करके दिखाया।अब 5 लाख से अधिक लोग एक साथ कर सकते राम की पैड़ी में स्नानसीएम ने कहा कि पहले अयोध्या में परिक्रमा करने पर रोक लगती थी, आज वहां भव्य दीपोत्सव होता है। अयोध्या ने पांच सौ वर्ष तक अपमान व उपेक्षा झेली है। वहां सड़क, बिजली, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। राम जी की पैड़ी में जल सड़ता था। 2017 में सरकार बनी तो तत्कालीन जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी को ऐसा बना दिया, जैसे हरिद्वार में हर की पैड़ी। अब 5 लाख से अधिक श्रद्धालु एक साथ राम की पैड़ी में स्नान कर सकते हैं। अयोध्या सोलर सिटी बन गईमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस अयोध्या में संकरी व टूटी गलियां थी, वहां अब रामपथ, धर्मपथ, भक्ति पथ व जन्मभूमि पथ फोरलेन से जुड़े हैं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मां शबरी के नाम पर भोजनालय, निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय हैं। संतों के नाम पर मंदिर-मूर्तियां भी हैं। कभी अंधेरे में रहने वाली अयोध्या अब सोलर सिटी बन गई है।7700 से अधिक गोशाला में 16 लाख गायों का संरक्षण कर रही सरकारसीएम ने कहा कि अशोक जी श्वेत वस्त्र में जितने प्रखर सनातनी थे, अंतःकरण से उतने कोमल हृदय के थे। गोरक्षा पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि पहले यूपी में अवैध बूचड़खानों में गोमाता कटती थी। 2017 में ये बूचड़खाने बंद हो गए। उप्र में सर्वाधिक सख्त कानून बनाया गया और 7700 से अधिक गोशाला का निर्माण कराया गया। हम यहां 16 लाख गायों का संरक्षण कर रहे हैं। हर गाय के संरक्षण के लिए हर महीने 1500 रुपये देते हैं। जो लोग अवैध बूचड़खाने संचालित कर रहे थे, गोमाता की तस्करी करा रहे थे। उनसे प्रश्न पूछिए। हमने अशोक जी से जो सीखा, उसे धरातल पर उतारा है।गो हमारी माता, पशु कहने वालों की बुद्धि पशुवतसीएम ने कहा कि नकलची गाय को पशु घोषित करने का ज्ञापन देते हैं। जो गो को पशु कह रहे हैं, उनकी बुद्धि पशुवत है। इस मुद्दे पर किसी को प्रश्न नहीं खड़ा करने देना चाहिए। सीएम ने अपील की कि भारतीय नस्ल की गोसेवा करें, पुण्य अर्जित करें और अशोक जी के संकल्पों के साथ जुड़कर संतों के सान्निध्य में राष्ट्र रूपी यज्ञ को मजबूती प्रदान करें।इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल, संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी, रविंद्र कीर्ति स्वामी जी, भंते शीलरत्न जी, सरदार निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्य गिरि, विहिप के प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, सीएमएस की संस्थापक भारती गांधी आदि की मौजूदगी रही।
शामली ने यूपी ट्रेड शो में किया जनपद के लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा
सहारनपुर: ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी ट्रेड शो में शामली से शामिल 10 वर्षों से भी अधिक समय से निर्यात कर रही करियर व्हीलस प्राइवेट लि. सहित जनपद की 10 कंपनियां भाग ले रही हैं। इन कंपनियों के उत्पादों के प्रति ट्रेड शो में विदेशी व्यापारियों का रुझान बढ़-चढ़ कर हो रहा है। जबकि रिटेल सेल की बात करें तो कैराना के साधु स्वीट्स एवं अग्रवाल स्वीट्स पर रिटेल सेल रिकॉर्ड तोड़ रही है।जनपद शामली ने ट्रेड शो के लिए निर्धारित लक्ष्य को किया शत-प्रतिशत पूरायूपी ट्रेड शो में शामली से सम्मिलित होने वाली कंपनियों में करियर व्हीलस प्राइवेट लिमिटेड, अमर स्प्लिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेजरिका प्राइवेट लिमिटेड, कैरा डाइम हेल्थ केयर, एलएलपी, आरव एग्रो फूड्स, श्री आयुर्वेदिक संस्थान, अंकित हैंडलूम तथा एक जनपद एक व्यंजन में साधु स्वीट्स अग्रवाल स्वीट्स की स्टाल लगी है। जनपद शामली ने निर्धारित किए गए लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा किया है।साधु स्वीट्स का पलंग तोड़ पेड़ा व बर्फी विदेशी महमानों की बन रहे पहली पसंदसाधु स्वीट्स के मालिक राकेश गर्ग ने बताया कि उनके स्टाल पर ट्रेड शो के पहले दिन से ही ग्राहकों की भारी भीड़ हो रही है। हालांकि उनकी स्टॉल पर सभी प्रकार की मिठाई हैं लेकिन ग्राहकों की पहली पसंद उनकी पलंग तोड़ बर्फी ब पलंग तोड़ पेड़ा बने हुए हैं। राकेश गर्ग कहते हैं कि प्रदेश सरकार के इस अभिनव प्रयास से उनके उत्पादन का स्वाद विदेशी मेहमानों तक भी पहुंच रहा है क्योंकि ट्रेड शो में अकेले हाल नंबर 17 में वियतनाम, रूस, बेलारूस तथा ऑस्ट्रिया के विदेशी व्यापारी ठहरे हैं जो भारत के इन व्यंजनों को काफी पसंद कर रहे हैं।---------हरिओम शर्मा
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के लॉ स्टूडेंट अक्षत त्रिपाठी ने 5 लाख रुपये के बांड नोटिस के मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को नोटिस पर की गई कार्रवाई के संबंध में गलत जानकारी दी। मामला कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के जुलाई में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। अक्षत की याचिका का 10 सितंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने उल्लेख हुआ था। इसी दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यूपी सरकार की ओर से कोर्ट को बताया था कि नोटिस जिलाधिकारी ने जारी नहीं किया था, बल्कि किसी अन्य अधिकारी ने जारी किया था और संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। DGP मुख्यालय की सफाई का दिया हवालानई अर्जी में अक्षत ने मीडिया की रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यूपी डीजीपी मुख्यालय ने बाद में स्पष्ट किया कि नोटिस का आधार बनने वाली रिपोर्ट तैयार करने वाले सब-इंस्पेक्टर शिव पांडेय को निलंबित किया गया है। नोटिस जारी करने वाले एसीपी (एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) को निलंबित नहीं किया गया। अक्षत ने अपनी अर्जी में कहा है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कार्रवाई को लेकर गलत बयान रखा। उनका कहना है कि बाद की यह जानकारी मामले की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित आधिकारिक दस्तावेज भी कोर्ट के रिकॉर्ड पर रखे जाएंगे। 4 सितंबर को जारी हुआ था नोटिसअक्षत को 4 सितंबर को BNSS की धारा 130 के तहत नोटिस जारी किया गया था। इसमें उन्हें धारा 126 और 135 के तहत 5 लाख रुपये के निजी बांड और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने को कहा गया था। पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि वह छात्रों को प्रस्तावित CJP धरने में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे और सरकार विरोधी बातें फैला रहे थे। नोटिस बाद में वापस ले लिया गया था। नोटिस की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर के उस आदेश के तीन दिन बाद हुई थी, जिसमें CJP से जुड़े जुलाई के प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ मामलों को लेकर राहत दी गई थी। 9 सितंबर को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने भी सवाल किया था कि जब कोर्ट पहले ही कार्रवाई को रद्द कर चुका है तो मजिस्ट्रेट ने नोटिस कैसे जारी किया। अक्षत की यह अर्जी अधिवक्ता सुभाष चंद्रन केआर के माध्यम से दाखिल की गई है।
कानपुर में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सेवायोजन विभाग की ओर से 28 सितंबर को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ एवं ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के तहत आयोजित मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां करीब 2600 रिक्तियों के साथ अभ्यर्थियों का चयन करेंगी। चयनित युवाओं को पद और योग्यता के अनुसार 10 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। सहायक निदेशक (सेवायोजन), कानपुर मंडल उज्जवल कुमार सिंह ने रविवार को जानकारी दी कि रोजगार मेला 28 सितंबर (सोमवार) को सुबह 10 बजे से संस्कार लॉन, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, एच-ब्लॉक, किदवई नगर में आयोजित होगा। मेले में मुख्य अतिथि के रूप में किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, आईटीआई और जीएनएम उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकेंगे। कंपनियों की ओर से विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार के बाद चयन किया जाएगा। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सेवायोजन विभाग के ‘रोजगार संगम’ पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में पहुंचकर साक्षात्कार में शामिल होना होगा।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा के इस्तीफे का मामला खत्म हो गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। प्रदीप धामा अब अपने पद पर बनी रहेंगी। प्रदीप धामा ने कुछ दिन पहले इस्तीफा दिया था। इसके बाद संगठन ने एक कार्यक्रम रखा, जिसमें उनके पद पर बने रहने को लेकर खुशी मनाई गई। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नरेश टिकैत के फैसले का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदीप धामा लंबे समय से संगठन से जुड़ी हैं और किसानों के मुद्दे उठाती रही हैं। उनके एनसीआर महासचिव पद पर बने रहने से संगठन को मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता बनाए रखने और किसानों की समस्याओं को उठाने पर जोर दिया। प्रदीप धामा ने बताया कि नरेश टिकैत ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया है और उन्हें पद पर बने रहने को कहा है। उन्होंने संगठन के निर्णय का सम्मान करते हुए आगे भी किसानों की आवाज उठाने की बात कही।
रिसाली नगर निगम में सफाई ठेका एजेंसी एलमेक टेक्नोक्रेट्स ने भुगतान न मिलने पर कर्मचारियों को जबरन पांच दिनों के अवकाश पर भेज दिया, जिससे 33 वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। अगस्त माह का वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंका। हालांकि निगम आयुक्त के कड़े रुख के बाद एजेंसी ने आदेश वापस ले लिया।
शहर में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाते हुए थाना सिटी पुलिस ने एक सफलता हासिल की है। पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 5 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसएचओ सिटी गुरइकबाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एसएसपी बटाला डॉ. महताब सिंह और डीएसपी सिटी सुखइंद्र सिंह के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सत्ता मसीह और अजय मसीह (दोनों निवासी कलानौर) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी की गई 5 मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गई हैं। एसएचओ गुरइकबाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और इनके खिलाफ पहले भी अलग-अलग पुलिस थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर रही है, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों और गिरोह के अन्य सदस्यों के खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीसीएआर) के अध्यक्ष और राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त कैप्टन विकास गुप्ता ने गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। 14 सितंबर को भेजे पत्र में उन्होंने डीएम पर आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति उदासीन और उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने की शिकायतों का उल्लेख किया है। कैप्टन विकास गुप्ता ने पत्र में कहा कि जिले के नागरिकों की ओर से डीएम की अनुपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने खुद भी जनसामान्य की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों के संबंध में डीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। हापुड़ में भी शिकायतों का किया जिक्रपत्र में कैप्टन विकास गुप्ता ने अपने पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में उन्हें हापुड़ की धौलाना विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया था। उस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच रहने पर तत्कालीन हापुड़ डीएम मेधा रूपम के प्रति असंतोष की शिकायतें सुनने को मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी शिकायतों के चलते मेधा रूपम को हापुड़ से हटाया गया था। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांगकैप्टन गुप्ता ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की बात सुनना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसलिए संबंधित अधिकारी के व्यवहार की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से डीएम को जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों एवं सुझावों के प्रति अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और सुलभ रहने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा ऐलान किया है। प्रयागराज पहुंचे चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। 'यूथ बोले तो' मंच के जरिए युवाओं से संवाद प्रयागराज में युवाओं से जुड़ने के लिए चिराग पासवान ने 'यूथ बोले तो' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एक सोच है, जिसके जरिए युवाओं को अपनी चिंताओं, सुझावों और आक्रोश को सामने रखने का एक खुला मंच (प्लेटफॉर्म) दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब बातों को रखने का मौका नहीं मिलता है, तब आक्रोश बढ़ता है और ज्वालामुखी तब फटता है जब उसे निकलने का रास्ता नहीं मिलता। आने वाले समय में इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए जाएंगे। परीक्षा रद्द होने पर विभाग उठाए छात्रों का खर्च पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाओं के सवाल पर उन्होंने छात्रों के अधिकारों की वकालत की। चिराग पासवान ने मांग रखी कि अगर कोई परीक्षा रद्द होती है, तो दोबारा परीक्षा देने आने वाले छात्रों के सफर का किराया और उनके रहने-खाने की पूरी जिम्मेदारी उसी विभाग की होनी चाहिए जो वह परीक्षा आयोजित करवा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं के इस अधिकार की मांग को उनकी पार्टी के सांसद अरुण भारती ने संसद में भी उठाया है। उत्तर प्रदेश में 'युवा आयोग' बनाने की मांग देश की सबसे बड़ी आबादी युवाओं की होने का जिक्र करते हुए चिराग ने कहा कि जिस तरह महिला आयोग और अल्पसंख्यक आयोग होते हैं, उसी तर्ज पर 'राष्ट्रीय युवा आयोग' होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी की मांग पर बिहार में युवा आयोग का गठन सफल रहा है और अब वे उत्तर प्रदेश में भी युवा आयोग बनवाने के लिए पहल करेंगे। 2027 के चुनावों पर स्थिति बिल्कुल साफ करते हुए चिराग ने कहा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रही है, इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।
शराब के नशे में धुत्त ASI ने खड़ी कार को दो बार मारी टक्कर, मालिक से की बहस कोरबा में लोगों से उलझे
कोरबा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पावर हाउस रोड पर बुधवार देर रात शराब के नशे में धुत कुसमुंडा थाने के एएसआई अश्विनी वर्मा ने अपनी कार से सड़क किनारे खड़ी एक कार को दो बार जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया, तो एएसआई लड़खड़ाते हुए बहस करने लगे।
मेरठ में महिला की मौत से पहले का वीडियो सामने आया है। इसमें वह पति, ससुर, सास और ननद पर मारपीट की बात कह रही है। महिला को 19 सितंबर को उसे मोदीपुरम के शिवलोक अस्पताल ले जाया गया। जहां से एक व्यक्ति उसे मुजफ्फरनगर ले गया, जहां महिला की 24 सितंबर को मौत हो गई। महिला की मां शर्मिला का कहना है कि पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। एसएसपी से आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामला दौराला थाना क्षेत्र के टांडा गांव का है। अब पूरा मामला पढ़िए… मां शर्मिला ने कहा- बेटी नेहा की शादी 16 अप्रैल 2025 को मुजफ्फरनगर के खतौली निवासी विपिन गौतम से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पति विपिन, ससुर वीर सिंह, सास संतोष और ननद रणकेतोरी ने दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की दहेज मांग की। 23 जुलाई को ससुराल वालों ने नेहा के साथ मारपीट की और उसे छोड़कर चले गए। नेहा को अस्पताल ले जाया गया, पर हालत नहीं सुधरी। 19 सितंबर को उसे मोदीपुरम के शिवलोक अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वीर सिंह एक अज्ञात व्यक्ति के साथ पहुंचा और नेहा को जबरन मुजफ्फरनगर ले गया, जहां उसकी मौत हो गई। शर्मिला का दावा है कि मौत से पहले नेहा ने अस्पताल में पति समेत चार लोगों पर उसे मारने का बयान दिया था। मां ने एसएसपी से आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
खगड़िया के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क ECG जांच की सुविधा मिल रही है। जून से अगस्त 2026 के बीच जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 1,955 मरीजों की मुफ्त ECG जांच की गई। इससे सीने से जुड़ी तकलीफ और हृदय संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान में मदद मिल रही है। 7 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधा मुफ्त ECG जांच की सुविधा सदर अस्पताल खगड़िया, अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी, सीएचसी अलौली, चौथम, मानसी, परबत्ता और पीएचसी बेलदौर में उपलब्ध है। इस सुविधा से खासकर गरीब, बुजुर्ग और ग्रामीण मरीजों को राहत मिली है। उन्हें निजी जांच केंद्रों पर होने वाले खर्च और आने-जाने की परेशानी से भी बचत हो रही है। सीने में दर्द और सांस फूलने पर कराई जा रही जांच सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, घबराहट, अचानक कमजोरी और धड़कन अनियमित होने जैसे लक्षणों वाले मरीजों की ECG जांच कराई जा रही है। जांच के जरिए गंभीर हृदय संबंधी समस्या की आशंका होने पर मरीज को आगे के इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को तुरंत रेफर करने की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद आवश्यकता के अनुसार बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। जिलाधिकारी विक्रम वीरकर ने निर्देश दिया है कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई भी मरीज जांच या उपचार से वंचित नहीं रहे। ECG सेवा की नियमित समीक्षा सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को ECG जांच नियमित रूप से संचालित करने, मरीजों का अभिलेख रखने और गंभीर मरीजों के रेफरल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेश चंद्र और जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार संस्थानवार ECG जांच की उपलब्धि की समीक्षा कर स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय कर रहे हैं। लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, घबराहट, अचानक कमजोरी, चक्कर या धड़कन अनियमित होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने और जरूरत पड़ने पर निःशुल्क ECG जांच का लाभ लेने की अपील की गई है।
लखनऊ बायोस्कोप में रविवार को 10वें ‘म्यूजियम मिक्सर’ का आयोजन किया गया। इस बार कार्यक्रम में अवधी भाषा और क्षेत्र के सांस्कृतिक जीवन में उसके महत्व पर बातचीत हुई। कवि शादाब जावेद ने अवधी को रोजमर्रा के संवाद, मौखिक परंपराओं और लोगों के अनुभवों से जुड़ी भाषा के रूप में प्रस्तुत किया। चर्चा में कहा गया कि अवधी सदियों से लोगों के जीवन और संस्कृति का हिस्सा रही है। यह केवल एक बोली नहीं, बल्कि लोककथाओं, गीतों, कहावतों, मुहावरों, हास्य-बोध और रोजमर्रा के अनुभवों का जीवंत भंडार है। मौखिक परंपराओं के जरिए ये चीजें पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही हैं। शादाब ने साझा किए अवधी के मुहावरे गोंडा से आए कवि शादाब जावेद ने अवधी में होने वाले रोजमर्रा के संवाद और उससे जुड़े लोगों के रहन-सहन, आदतों पर बात की। उन्होंने अवधी के लोकप्रिय मुहावरों के उदाहरण भी साझा किए। इनमें ‘सूप बोले तो बोले, छलनी क्या बोले’ और ‘अपने मरे स्वर्ग दिखत है’ जैसे मुहावरे शामिल रहे। बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों में अवधी के शब्दों, उच्चारण और अभिव्यक्ति में बदलाव दिखाई देता है। बातचीत के दौरान यह मान्यता भी सामने आई कि अवधी करीब 80 कोस के अंतराल में अपना रूप बदलती है। अवधी गीत किए गए याद गीत-कविताओं के जरिए याद की जीऐ सांस्कृतिक विरासत । म्यूजियम मिक्सर में प्रतिभागियों ने अवधी की सांस्कृतिक स्मृति से जुड़े मुहावरों, कविताओं और पंक्तियों को साझा किया। रफ़ीक़ शादानी की रचनाओं ‘उल्लू हो’ और ‘कुपंथी औलाद’ की पंक्तियों का भी चर्चा हुई । वक्ताओं ने ‘पान खाए सैयाँ हमारो’ और ‘हमरी अटरिया पे आओ रे साँवरिया’ जैसे लोकप्रिय गीतों को याद किया ।
एमपी में 10 हजार शिक्षकों की जल्द होगी भर्ती... TET के बाद आ सकती है प्रमोशन की पहली सूची
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्राचार्यों के 72,901 पद रिक्त हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 3.38 लाख स्वीकृत पदों में करीब 2.65 लाख पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं।
पारा थाना क्षेत्र के भरोसा इलाके में हार्डवेयर-इलेक्ट्रिकल्स की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति पर बसुली से हमला किया गया है। हमलावरों ने केवल उसके चेहरे पर बार-बार बसुली मारी। दुकानदार की हालत नाजुक है। लोकबंधु अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल दुकानदार की पत्नी एडवोकेट कंचन कुरिल ने पारा थाने में संदीप रावत, रंजीव रावत और जितेंद्र रावत के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें लिखा है कि हमलावर लोग दुकानदार से पैसे और सामान भी उठा ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज खंगाल रही है। देवर ने फोन कर हमले की जानकारी दी कंचन के मुताबिक, उनके पति रामप्रकाश भरोसा में प्रकाश हार्डवेयर इलेक्ट्रिकल्स नाम की दुकान चलाते हैं। 26 सितंबर की शाम करीब पांच बजे वह दुकान पर पहुंचे थे। शाम करीब 7:48 बजे उनके देवर शिवदीन ने फोन कर बताया कि रामप्रकाश पर किसी ने जानलेवा हमला कर दिया है। सूचना मिलते ही कंचन ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। साथ ही 108 एंबुलेंस के लिए भी सूचना दी गई। घरवाले और पुलिस मौके पर पहुंचे तो रामप्रकाश घायल अवस्था में मिले। उन्हें एंबुलेंस से लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। होश आने पर 3 लोगों के नाम बताए शिकायत के अनुसार, लोकबंधु अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में रामप्रकाश को कुछ देर के लिए होश आया। पत्नी के पूछने पर उन्होंने बताया कि संदीप रावत का छोटा भाई जितेंद्र रावत हाथ में बसुली लेकर दुकान पर आया था। आरोप है कि जितेंद्र ने रामप्रकाश पर हमला किया और धमकी दी कि अगर वह बच गया तो दोबारा मारने आएगा। पुलिस ने कंचन की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। घायल की हालत और आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि होना बाकी है।
पश्चिम चंपारण के बेतिया में घोंघा करीब 70 परिवारों के लिए कमाई का जरिया बना हुआ है। पश्चिम चंपारण समेत बिहार के कई जिलों में इसकी खुलेआम खरीद-बिक्री होती है। घोंघा तालाब, पोखर और छोटी नदियों से मिलता है। ग्रामीण इसे इकट्ठा कर बाजार में बेचते हैं। फार्मिंग के साथ तालाबों से भी करते हैं संग्रह हरदिया पंचायत के हीरा लाल मांझी के अनुसार, उनके गांव के करीब 70 परिवार घोंघे के कारोबार से जुड़े हैं। ये परिवार घोंघे की फार्मिंग भी करते हैं और तालाबों से घोंघे जमा कर बाजार तक पहुंचाते हैं। स्थानीय स्तर पर घोंघे को ‘अइठा’ कहा जाता है। इसे पकड़ने के लिए बांस से बने खास औजार का इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में बेचने से पहले व्यापारी घोंघे का बाहरी खोल हटाकर अंदर के जीव को साफ करते हैं। 200 रुपए किलो तक है कीमत बाजार में घोंघे की कीमत करीब 200 रुपए प्रति किलो है। इसमें प्रोटीन, आयरन और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगस्त से अक्टूबर के बीच इसकी बिक्री बढ़कर करीब तीन क्विंटल तक पहुंच जाती है। सामान्य दिनों में करीब दो क्विंटल घोंघे की बिक्री होती है। तालाब, पोखर और छोटी नदियों से घोंघे एकत्र करने से लेकर बाजार में इसकी बिक्री तक कई ग्रामीण परिवार इस कारोबार से जुड़े हैं। पश्चिम चंपारण में घोंघे की खरीद-बिक्री ग्रामीणों के लिए स्थानीय आय का एक जरिया बनी हुई है।
खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र के सिराजपुर गांव में पुलिस ने हथियार लहराकर लोगों को डराने-धमकाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान तेमथा करारी गांव निवासी अर्पित कुमार, पिता सुभाष भगत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक लोडेड देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो मोबाइल बरामद किए हैं। चौकीदार के घर पर कर रहा था गाली-गलौज पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को सूचना मिली थी कि अर्पित कुमार सिराजपुर गांव में चौकीदार संजय पासवान के घर पहुंचकर गाली-गलौज कर रहा है। आरोप है कि इस दौरान वह हथियार लहराकर आसपास के लोगों को डरा-धमका रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस, तलाशी में हथियार बरामद सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और टीम गठित कर चौकीदार के घर भेजी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अर्पित कुमार को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियार जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 26 सितंबर को दर्ज हुआ केस मामले में परबत्ता थाना में 26 सितंबर 2026 को कांड संख्या 379/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले भी दर्ज हो चुका है आपराधिक मामला पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अर्पित कुमार का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ 22 अगस्त 2025 को भी एक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
बागपत में नशा मुक्ति अभियान के तहत जिला जाट सभा ने युवाओं के लिए दौड़ का आयोजन किया। इसका मकसद उन्हें नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेलकूद से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। युवाओं ने इसमें उत्साह से हिस्सा लिया। जिला जाट सभा बागपत के अध्यक्ष एडवोकेट सोमेंद्र ढाका ने कहा कि नशे की लत युवाओं की सेहत और भविष्य दोनों पर बुरा असर डालती है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और सामाजिक कामों में लगाने की अपील की। सोमेंद्र ढाका ने बताया कि नशा मुक्ति केवल किसी एक की जिम्मेदारी नहीं, पूरे समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। परिवार और समाज को भी युवाओं को नशे से बचाने में भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। इस मौके पर अनुज ढाका, अजित सिंह, अरुण ढाका, डॉ. सन्नी तोमर, ओमबीर ढाका, एडवोकेट चरण सिंह खोखर, प्रो. प्रदीप ढाका सहित अन्य लोग मौजूद थे।
सिरसा में लोहगढ़ माइनर का लिंक चैनल टूटा:धान के खेतों में फैला पानी; 5 घंटे बाद बहाल हुई सप्लाई
सिरसा जिले के डबवाली खंड में लोहगढ़ माइनर का लिंक चैनल शनिवार रात करीब 12 बजे टूट गया। सुबह किसानों ने देखा तो लखुआना सड़क के पास चैनल में 20 फुट चौड़ी दरार थी। नहरी पानी पास के धान के खेतों में फैल गया। किसान मिट्ठू कंबोज, प्रेम कुमार, सुनील धारणिया और दिलावर सिंह ने बताया कि प्रेम कुमार के खेत के पास चैनल टूटा। किसानों ने तुरंत नहरी विभाग को सूचना दी। दोपहर 12 बजे बेलदार विजय और जेई सुभाष मौके पर पहुंचे। 5 घंटे की मशक्कत के बाद किया ठीक लोडर और मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों से दरार भरने का काम शुरू हुआ। पानी के तेज बहाव से कर्मचारियों को मेहनत करनी पड़ी। 5 घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे दरार भर दी गई और पानी दोबारा छोड़ा गया। किसानों ने बताया कि यह लिंक चैनल पहले भी कई बार टूट चुका है। ठीक से देखभाल न होने से उन्हें सिंचाई के पानी की समस्या होती है। किसानों ने प्रशासन से इसकी स्थायी मरम्मत की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। 95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन अब पूरी तरह तैयार है। इसमें 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट अंतिम रेलखंड का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इस रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी इलाकों को रेल नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी। दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री ट्रेनें चल रही हैं। अब यह रेल संपर्क रावघाट तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना से जुड़ा वीडियो साझा किया। रेल मंत्री बोले- रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेल मंत्री ने कहा कि 95 किमी लंबी नई रेल लाइन से लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होगी। रायपुर और भिलाई से संपर्क भी होगा मजबूत रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा। रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ व्यापार से जुड़े कामों के लिए लोगों की आवाजाही आसान होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड के पूरा होने को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में आवागमन बेहतर होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व व्यापार के अवसरों को गति मिलेगी। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन में अहम दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रेल लाइन के जरिए लौह अयस्क के परिवहन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने में भी रेल संपर्क उपयोगी होगा। पर्यटन और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने परियोजना को जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और व्यापार के अवसर आसान होंगे। रेल संपर्क बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। 95 किमी लंबी इस रेल परियोजना का पूरा होना दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों का बड़े शहरों से संपर्क बढ़ेगा और लोगों को आवागमन के साथ स्थानीय व्यापार व अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
हरदोई की सरकारी टीचर शाहीन बानो की रविवार शाम 7:30 बजे लखनऊ के चरक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शाहीन ने बीईओ पर डांटने और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। डांटने के दौरान हीं शाहीन की तबीयत खराब हो गई थी। लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। शाहीन की मौत की सूचना मिलते ही शिक्षक संगठनों और साथी शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 21 सितंबर को स्कूल में हुआ था हादसा टिमरुख प्राथमिक विद्यालय में 21 सितंबर को मिड-डे मिल बनाते समय गैस भट्ठी और पाइप में लीकेज के बाद आग लग गई थी। हादसे में रसोइया अंजनी देवी और कमला देवी झुलस गई थीं। दोनों रसोइयों ने घटना के बाद एसडीएम संडीला को शिकायत दी थी। इसमें गैस भट्ठी और पाइप पहले से खराब होने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद स्कूल पहुंचे थे बीईओ शिकायत मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी विद्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इसी दौरान उन्होंने इंचार्ज शिक्षिका शाहीन बानो से फोन पर बातचीत की। उस समय शाहीन सीसीएल अवकाश पर थीं। बेटी का आरोप- फोन पर डांटने के बाद बिगड़ी तबीयत शाहीन की बेटी सायमा का आरोप है कि बीईओ ने फोन पर उनकी मां को डांटा और विद्यालय आने के लिए कहा। सायमा के मुताबिक बातचीत के बाद शाहीन की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गईं। हालांकि, बीईओ बृजेश कुमार त्रिपाठी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया था। संडीला में इलाज के बाद लखनऊ ले गए परिजनों के अनुसार शाहीन को पहले संडीला में उपचार दिलाया गया। वहां ब्रेन हेमरेज की बात सामने आने के बाद उन्हें लखनऊ के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार के मुताबिक शाहीन पहले से किडनी की बीमारी से पीड़ित थीं और नियमित डायलिसिस चल रहा था। रविवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दो जांच समितियां की गई थीं गठित 22 सितंबर को बीएसए प्रभात मिश्रा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो समितियां गठित की थीं। 23 सितंबर को शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और संडीला बीआरसी पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद बीईओ बृजेश कुमार त्रिपाठी को पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। शिक्षक संगठनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग शाहीन बानो की मौत के बाद शिक्षक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, वरुण गांधी जा सकते हैं राज्यसभा:अक्टूबर में होगी घोषणा; मौजूदा 4 सदस्यों को फिर मिल सकता है टिकट राज्यसभा में यूपी कोटे से 10 सीटों पर होने वाले चुनाव में भाजपा को 8 और सपा को 2 सीटें मिलना तय है। अक्टूबर के पहले हफ्ते में भाजपा अपने प्रत्याशियों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती है। पार्टी सूत्रों की मानें, तो हाल ही में राष्ट्रीय संगठन में पद पाने वाले दो बड़े चेहरों- पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी का यूपी से राज्यसभा जाना लगभग तय हो चुका है। इनके अलावा वरुण गांधी को भी पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। पूरी खबर पढ़ें
मोतिहारी के सिसवा गांव में शिक्षक शमशाद की हत्या के बाद रविवार को राजद का प्रतिनिधिमंडल उनके घर पहुंचा। जिलाध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में पूर्व मंत्री डॉ. शमीम अहमद और पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायण यादव ने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। पिता की तेजस्वी यादव से कराई वीडियो कॉल पर बात डॉ. शमीम अहमद ने मृतक के पिता की नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से वीडियो कॉल पर बात कराई। पिता ने तेजस्वी को हत्या की पूरी घटना और परिवार की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। तेजस्वी यादव ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। स्पीडी ट्रायल की मांग राजद नेताओं ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए मामले का स्पीडी ट्रायल कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। स्कूल से लौटते समय हुआ था अपहरण जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर को शिक्षक शमशाद स्कूल से लौट रहे थे। इसी दौरान उनके साथ अपहरण और मारपीट की घटना हुई थी। गंभीर हालत में उनकी मौत हो गई थी। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी हत्याकांड में बंजरिया प्रखंड के पूर्व प्रमुख चमन द्वार समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास योजनाओं पर काम जारी है। रविवार को नगर सभापति अर्चना कुमारी ने शहर के दो वार्डों में करीब 46.07 लाख रुपये की सड़क और नाला निर्माण योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को आवागमन और जलनिकासी की सुविधा मिलने की उम्मीद है। वार्ड 28 में 25.65 लाख से बनेगी सड़क वार्ड संख्या-28 के कामा थान में 25.65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया जाएगा। सड़क बनने से स्थानीय लोगों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। वार्ड 4 में सड़क के साथ बनेगा आरसीसी नाला वार्ड संख्या-4 के शेखपुरा में 20.41 लाख रुपये की लागत से पीसीसी सड़क और आरसीसी नाला बनाया जाएगा। सड़क के साथ नाला निर्माण होने से बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या कम करने और पानी की निकासी बेहतर करने में मदद मिलेगी। सड़क के साथ जलनिकासी पर भी जोर उद्घाटन के दौरान नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि नगर परिषद का प्रयास है कि प्रत्येक वार्ड में जरूरत के अनुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ जलनिकासी की व्यवस्था मजबूत करना भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई क्षेत्रों में सड़क और नाला निर्माण की योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका सीधा लाभ नगरवासियों को मिले और उनकी दैनिक परेशानियां कम हों। स्थानीय समस्याओं और वार्ड प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों से जानीं क्षेत्र की समस्याएं कार्यक्रम के दौरान नगर सभापति ने स्थानीय लोगों से क्षेत्र की अन्य समस्याओं की जानकारी ली। लोगों ने सड़क, जलनिकासी समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जरूरतों से उन्हें अवगत कराया। नगर सभापति ने समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्यों में सहयोग करने और सड़कों व नालों को अतिक्रमण से मुक्त रखने की अपील की। जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग रहे मौजूद उद्घाटन कार्यक्रम में उप सभापति प्रतिनिधि मोहम्मद शाहबुद्दीन, वार्ड पार्षद बबलू कुमार, रणवीर कुमार, मोहम्मद नसीम, बिपिन राय, वार्ड 28 के पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार यादव, वार्ड 4 के पार्षद अमित कुमार गुड्डू समेत अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सोनीपत शहर में बैयापुर गांव के पास शनिवार शाम तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े सब्जी बेचने वाले ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सब्जी से भरा ऑटो पलट गया। हादसे में ऑटो चालक समेत सब्जी खरीदने आईं दो महिलाएं और उनके दो छोटे बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। आरोपी ड्राइवर अपनी कार मौके पर छोड़कर भाग गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम बैयापुर गांव के पास मेन रोड पर सब्जी बेचने वाला ऑटो सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार टाटा अल्ट्रोज कार ने ऑटो में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो सड़क पर पलट गया और उसमें मौजूद लोग घायल हो गए। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। कार ड्राइवर गाड़ी को छोड़कर भागा हादसे में कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद कार ड्राइवर गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि कार चालक नशे की हालत में हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ड्राइवर की तलाश कर रही पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों और ड्राइवर की स्थिति की भी जांच कर रही है।
समस्तीपुर में सब्जी चोरी के आरोपी में ग्रामीणों ने युवक को पेड़ से बांध दिया। सूचना पर डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को छुड़ाया। इसके बाद युवक को चकमहेसी थाना लाया गया। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिया गया युवक करुआ गांव का रहने वाला परवीन कुमार परवाना है। मामले से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है। जो रविवार सुबह की है। मामला चकमहेसी थाना क्षेत्र के हजपुरवा गांव की है। खेतों से सब्जियां चोरी होने का ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि करुआ और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से किसानों के खेतों से सब्जियां चोरी होने की शिकायत मिल रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग खेतों से सब्जियां चोरी करने के साथ ही कई जगह पौधों को भी काटकर नष्ट कर रहे थे। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से किसानों में नाराजगी थी। ग्रामीणों के अनुसार, सब्जी चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए किसान खेतों में निगरानी भी कर रहे थे। खेत से पकड़ने के बाद पेड़ से बांधा बताया गया कि रविवार को कुछ किसानों ने एक युवक को खेत से केला, गोभी और अन्य सब्जियां ले जाते हुए पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि युवक के पास से चोरी की गई सब्जियां बरामद हुई थी। युवक को पकड़ने के बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान युवक के साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद उसे घटनास्थल के पास एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया गया। उसके पास बरामद बताई जा रही सब्जियों को भी रखकर लोगों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में पेड़ से बंधा दिख रहा युवक वायरल वीडियो में एक युवक पेड़ से बंधा नजर आ रहा है। उसके पास एक टोकरी में गोभी, केला और अन्य हरी सब्जियां रखी हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो बनाने वाले लोग युवक पर किसानों के खेतों से सब्जियां चोरी करने का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि युवक सब्जियां लेकर जा रहा था। इसी दौरान किसानों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और उसकी पहचान सामने आने पर पुलिस को सूचना दी गई। आवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई चकमहेसी थानाध्यक्ष जितेंद्र सहनी ने बताया कि युवक को हिरासत में लिया गया है। पेड़ से बांधे जाने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। युवक को मुक्त कराकर थाने लाया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी किसान की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने आर्मी पब्लिक स्कूल जोधपुर की प्रिंसिपल डॉ. तबस्सुम खान को 5 अक्टूबर को कोर्ट में तलब किया है। यह मामला इलेक्ट्रिशियन महेंद्र सिंह शेखावत को अंतरिम आदेश के बावजूद सेवा में जारी नहीं रखने से जुड़ा है। जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बेंच ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। महेंद्र सिंह ने अपनी सेवा नियमित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका दायर करते समय वह स्कूल में कार्यरत थे। हाईकोर्ट ने 14 मार्च 2022 को अंतरिम आदेश दिया था, लेकिन स्कूल ने इसका पालन नहीं किया। इलेक्ट्रिशियन का काम स्थायी अवमानना याचिका की सुनवाई में स्कूल ने कहा- कोर्ट ने कर्मचारी को काम पर रखने का निर्देश नहीं दिया था, बल्कि उसकी जगह किसी और को नियुक्त न करने को कहा था। स्कूल ने माना कि महेंद्र सिंह को सेवा में नहीं रखा गया। कोर्ट ने कहा- इलेक्ट्रिशियन का काम स्थायी होता है। महेंद्र सिंह 13 जनवरी 2014 से 15 मार्च 2022 तक इस पद पर काम करते रहे थे। कोर्ट ने प्रिंसिपल को खुद आकर स्थिति साफ करने का निर्देश दिया है।
मोगा-लुधियाना रेल मार्ग पर स्थित अजीतवाल रेलवे स्टेशन के पास एक भीषण हादसे में अज्ञात महिला की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी (रेलवे पुलिस) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। हालांकि, काफी प्रयासों के बावजूद खबर लिखे जाने तक मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। रेलवे पुलिस चौकी इंचार्ज नरेश कुमारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही सहायक थानेदार त्रिलोक सिंह और हवलदार मनिंदर कौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला चलती ट्रेन से नीचे उतरने की कोशिश कर रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिरकर ट्रेन के पहियों की चपेट में आ गई। हादसे में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया शव पुलिस ने आसपास के लोगों और यात्रियों से महिला की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए मोगा सिविल अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। जीआरपी पुलिस आसपास के गांवों और थानों में महिला की फोटो भेजकर शिनाख्त कराने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी इस अज्ञात महिला या उसके परिवार के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत रेलवे पुलिस से संपर्क करें।
शेखपुरा में राजद नेता भाई वीरेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए हालिया चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की मांग भी की। ‘दो सदस्यों की सहमति के बावजूद मनमाना फैसला’ रविवार को पत्रकारों से बातचीत में भाई वीरेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कथित ‘वोट चोरी’ में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय आयोग में दो सदस्यों की सहमति के बावजूद ज्ञानेश कुमार ने मनमाने ढंग से काम किया। ‘सड़क से कोर्ट तक आंदोलन करेगा राजद’ भाई वीरेंद्र ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और कानूनी कार्रवाई शुरू होने तक राजद आंदोलन करेगा। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की योजना की भी जानकारी दी। सरकार पर ध्यान भटकाने के लिए एनकाउंटर का आरोप राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का इकबाल खत्म हो गया है और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर ध्यान भटकाने के लिए एक जाति विशेष के खिलाफ एनकाउंटर कराने का आरोप लगाया। नीतीश कुमार के राजद में आने पर गर्मजोशी से स्वागत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजद में आने के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी उनका स्वागत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पहले भी दो बार राजद में आ चुके हैं। यदि वह फिर पार्टी में आते हैं तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। मौके पर शेखपुरा के पूर्व विधायक विजय सम्राट समेत राजद के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मैनपुरी में दो दिन की रुक-रुक कर हुई बारिश से रविवार को आधा दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में जलभराव हो गया। नगला कीरत और काशीराम कॉलोनी के लोगों के घरों के आसपास अभी भी चार-चार फीट पानी भरा है। लोग प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस लाइन के पास मुख्य मार्ग पर भी पानी भरा है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही है। शाम को जहरीले कीड़ों का डर भी बना रहता है। गोला बाजार की एक कॉलोनी में भी मकानों के बाहर इतना पानी है कि लोग घरों में कैद हो गए हैं। बारिश से किसानों को भी नुकसान हुआ है। जगरूपपुर और तवेपुर गांवों के आसपास बाजरे की तैयार फसल खेतों में डूब गई है। धान की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश ने उनकी सारी फसलें खराब कर दी हैं।
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ नगर परिषद में इन दिनों पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव की धूम है। रविवार रात ऐतिहासिक किला परिसर स्थित प्राचीन बलदाऊ जी मंदिर में रामलीला के दूसरे दिन का मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्व दीपक मिश्रा ने की। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग रामलीला देखने पहुंचे। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में चित्रकूट के गुरुकुल संस्थान के कलाकारों ने धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वन गमन और केवट प्रसंग का जीवंत मंचन किया। धनुष टूटते ही गूंजा जयकारा, चारों भाइयों का हुआ विवाह लीला के दौरान दिखाया गया कि राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार जब बड़े-बड़े राजा और योद्धा शिव धनुष 'पिनाक' को हिला भी नहीं सके, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष को उठा लिया। जैसे ही उन्होंने प्रत्यंचा चढ़ाई, धनुष टूट गया और पूरी जनकपुरी श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी। माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली। इसके बाद राजा दशरथ जनकपुर पहुंचे और वैदिक रीती-रिवाज के साथ चारों भाइयों-श्रीराम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति का विवाह संपन्न हुआ। आगे ये होंगे प्रमुख प्रसंग एसडीएम निशांत भूरिया ने बताया कि महोत्सव में आगे के कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे। 28 सितंबर: दशरथ देवलोक गमन, भरत मिलाप और सीता हरण का मंचन। 29 सितंबर: शबरी प्रसंग, श्रीराम-सुग्रीव मित्रता और लंका दहन। 30 सितंबर: लंका युद्ध, रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी मिश्रा और संजय जैन समेत कई लोग मौजूद रहे।
मैनपुरी में बारिश से मकान का लेंटर ढहा:परिवार का मुखिया गंभीर घायल, सैफई पीजीआई रेफर
मैनपुरी के दन्नाहर थाना क्षेत्र के लालपुर सलोनी गांव में बारिश के दौरान एक मकान का लेंटर ढह गया। इस हादसे में 50 वर्षीय महिपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। महिपाल सिंह अपने मकान की छत पर पानी देखने गए थे, तभी यह घटना हुई। लेंटर गिरने से महिपाल सिंह मलबे में दब गए और चीखने लगे। परिवार के लोगों ने तुरंत उन्हें मलबे से बाहर निकाला। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया है।
बागपत लोकसभा सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने लघु एवं सीमांत किसान परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मांगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों की स्वास्थ्य समस्या बताई है। सांसद सांगवान ने कहा कि कई लघु एवं सीमांत किसान परिवार आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय या बीपीएल जैसी मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं। गंभीर बीमारी या दुर्घटना होने पर उन्हें महंगे इलाज के लिए आर्थिक परेशानी होती है। सीमित आय के कारण निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च उठाना मुश्किल होता है। कई बार उन्हें कर्ज भी लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। सांसद ने मांग की कि इन किसानों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना जैसी अलग स्वास्थ्य योजना शुरू हो। उन्होंने सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में निर्धारित सीमा तक कैशलेस इलाज का सुझाव दिया। इससे गंभीर बीमारी या दुर्घटना में किसानों को तुरंत उपचार मिलेगा और आर्थिक संकट से राहत मिलेगी।
आगरा के पिनाहट में बरामदे की छत गिरी:14 लोग मलबे में दब गए, चार की हालत गंभीर
आगरा में रविवार रात करीब 8 बजे मकान के बरामदे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वहां मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए। छत गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में कुल 14 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें आगरा रेफर किया गया है। 10 घायलों का पिनाहट सीएचसी में इलाज हो रहा है। घटना पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव की है। बताया गया है कि घर में गमी का माहौल था। इसी दौरान बरामदे की छत गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। हादसे में घायल होने वालों में नैतिक पुत्र रामसेवक (3 वर्ष), रामरति पत्नी दौलतराम (70 वर्ष), राजकुमारी पत्नी शिव सिंह (30 वर्ष), जालंधर पुत्र महावीर (14 वर्ष), रामरति पत्नी शिव सिंह (45 वर्ष), गीता देवी पत्नी महावीर सिंह (50 वर्ष), पूरन देवी पत्नी निहाल सिंह (55 वर्ष) और लाल देवी पत्नी बलिराम (45 वर्ष) शामिल हैं।
जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के मालवी गांव निवासी प्रवीन दलाल ने पंजाब के अकालगढ़ में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेस्ट रेडर का अवॉर्ड हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल के लिए आयोजकों की ओर से उन्हें फोर्ड कंपनी का ट्रैक्टर इनाम में दिया गया। प्रवीन की इस उपलब्धि से मालवी गांव के साथ-साथ पूरे जुलाना क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने उनकी जीत पर खुशी जताते हुए उनका जोरदार स्वागत किया। प्रवीन ने बताया कि अकालगढ़ में कबड्डी प्रतियोगिता 22 से 25 सितंबर तक आयोजित हुई थी। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपनी टीम के लिए कई शानदार रेड लगाईं और महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें प्रतियोगिता का बेस्ट रेडर चुना गया। इसके बाद पुरस्कार के रूप में उन्हें फोर्ड कंपनी का ट्रैक्टर प्रदान किया गया। दो बार बुलेट बाइक भी पुरस्कार में जीती प्रवीन किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उन्हें बचपन से ही कबड्डी खेलने का शौक रहा है। उन्होंने नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर अपने खेल में लगातार सुधार किया। इससे पहले भी वह कबड्डी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रवीन दो बार बुलेट बाइक भी पुरस्कार के रूप में जीत चुके हैं। प्रवीन के गांव लौटने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि प्रवीन ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा से गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
जालंधर जिले के नकोदर शहर में तेज रफ्तार और लापरवाही का एक खौफनाक मंज़र देखने को मिला, जहां एक बेकाबू टिप्पर ने बाइक सवार युवक को रौंद दिया। हादसे में मोटरसाइकिल सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी चालक अपना टिप्पर घटनास्थल पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। नकोदर सिटी पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। भाई के सामने घटी दर्दनाक घटना शाहकोट के गांव कोटली गजरां निवासी अमृतपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका भाई मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान राजस्थान नंबर के एक टिप्पर (RJ-13-GC-4292) के चालक ने बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनके भाई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। टिप्पर कब्जे में, आरोपी चालक की तलाश जारी मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी दविंदर सिंह ने बताया कि पीड़ित परिजनों के बयानों के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ धारा के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टिप्पर को अपने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, जल्द ही उसे काबू कर लिया जाएगा।
जैसे महिला-बाल आयोग वैसे युवा कमीशन बने; प्रयागराज में चिराग का यूथ संवाद
प्रयागराज में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में चिराग पासवान ने युवाओं की समस्याओं के लिए केंद्र स्तर पर राष्ट्रीय युवा आयोग बनाने की मांग उठाई। उन्होंने पेपर लीक या सरकारी लापरवाही से परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का यात्रा, ठहरने और भोजन खर्च विभाग द्वारा उठाने और अटेम्प्ट न जुड़ने की मांग की।
जशपुर के समडमा गांव में रविवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे चल रही बकरियों को कुचल दिया। हादसे में 15 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बेकाबू ट्रक ने एक एलपीजी सिलेंडर से भरे ट्रक और एक केमिकल टैंकर को भी टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर तपकरा पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने हादसे वाले ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।यह मामला तपकरा थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें LPG ट्रक और टैंकर से भी भिड़ा जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच ट्रक (CG 15 EA 1506) अंबिकापुर से ओडिशा की ओर जा रहा था। समडमा गांव के पास एक मोड़ पर ट्रक ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। बेकाबू ट्रक सड़क किनारे मौजूद बकरियों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। हादसे में 15 बकरियों की मौत हो गई। इसके बाद ड्राइवर ने ट्रक को रोकने के बजाय तेज रफ्तार में आगे बढ़ा दिया। कुछ दूर जाकर ट्रक की टक्कर एलपीजी गैस सिलेंडर से भरे ट्रक (MH 04 GR 3319) से हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एलपीजी लोड ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद बेकाबू ट्रक एक केमिकल टैंकर से भी जा टकराया और फिर जाकर रुका। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खेतों में काम कर रहे किसान-मजदूर और राहगीर मौके पर जमा हो गए। सड़क पर मरी हुई बकरियों के शव बिखरे पड़े थे। इसी दौरान मौका पाकर हादसा करने वाला ट्रक चालक वहां से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर तपकरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 461 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 341 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2025 में 458 दुर्घटनाओं में 310 लोगों की जान गई। वर्ष 2026 में सितंबर तक 362 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 263 लोगों की मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में शामिल है। जागरूकता के साथ कार्रवाई भी सड़क हादसों को कम करने के लिए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस जागरूकता अभियान के साथ लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई भी कर रही है। जिले में हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों के पालन के लिए जिले की पंचायतों की ग्राम सभाओं में प्रस्ताव भी पारित करवाए गए हैं। इसके अलावा वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर हादसों वाले ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है। इन जगहों में सुधार के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है।
अतिथि विद्वान महासंघ नें मंत्री, मुख्यमंत्री एवं मजदूर संघ का किया धन्यवाद
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मधेपुरा में रविवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस नेता निशांत यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भूपेंद्र चौक पर नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया। चुनाव आयोग के खिलाफ जताया विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे निशांत यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित होने का आरोप निशांत यादव ने कहा कि विपक्षी नेता लगातार चुनाव प्रक्रिया में भेदभाव और SIR को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल में चुनाव आयुक्तों की ओर से सामने आई आपत्तियों के बाद भी इस प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। उनके मुताबिक SIR की प्रक्रिया जटिल होने के कारण बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हुए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और कार्रवाई की मांग युवा कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का खिलवाड़ जनता स्वीकार नहीं करेगी। दर्जनों कार्यकर्ता प्रदर्शन में रहे मौजूद प्रदर्शन में युवा कांग्रेस नेता सोनू कुमार, लाल बहादुर कुमार, NSUI जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, रणधीर कुमार, आशीष कुमार, अमर कुमार, राहुल कुमार, शंकर कुमार, चंदन कुमार, सुदर्शन कुमार, दीपक कुमार, मिथलेश कुमार, अफरोज, उमेश कुमार, साजन कुमार और सत्यम कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य रविवार दोपहर अचानक हजरतगंज थाने पहुंच गए। उनका काफिला थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। थाना प्रभारी विक्रम सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी उन्हें रिसीव करने पहुंचे। प्रियंक कानूनगो ने करीब 45 मिनट तक थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, फरियादी रजिस्टर और दस्तावेजों के रखरखाव समेत थाने की अन्य व्यवस्थाओं को देखा।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली से लखनऊ आए थे। वह दोपहर के वक्त चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद अचानक हजरतगंज थाने के निरीक्षण का कार्यक्रम बना। उनका काफिला एक घंटे में थाने पहुंचा। मुंशी कक्ष से शुरू किया निरीक्षण थाना प्रभारी विक्रम सिंह उन्हें रिसीव कर सीधे मुंशी कक्ष ले गए। यहां प्रियंक कानूनगो ने दस्तावेजों के रखरखाव और अभिलेखों की स्थिति देखी। इसके बाद महिला हेल्प डेस्क और डे अफसर के कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि थाने में फरियादियों के कितने प्रार्थनापत्र आए हैं, उनमें से कितने मामलों का निस्तारण किया गया और फरियादियों से निस्तारण के बाद क्या फीडबैक मिला। उन्होंने फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। थाना प्रभारी से करीब 10 मिनट बातचीत निरीक्षण के बाद प्रियंक कानूनगो थाना प्रभारी के कक्ष में पहुंचे। यहां उन्होंने विक्रम सिंह से करीब 10 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किस तरह किया जाता है और शिकायतों के निस्तारण के दौरान किन बिंदुओं का ध्यान रखा जाता है, इसकी जानकारी ली। थाने की व्यवस्थाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आए प्रियंक कानूनगो ने थाना प्रभारी विक्रम सिंह की सराहना की। इसके बाद वह अपने काफिले के साथ थाने से रवाना हो गए।
गाजियाबाद में जरूरतमंद बच्चों को जूते उपलब्ध कराने के लिए चलाया जा रहा चरण पादुका अभियान रविवार को इंदिरापुरम स्थित नीरजा की फुटपाथशाला पहुंचा। अभियान के तहत 39 बच्चों को नए जूते दिए गए। इसके साथ ही अभियान के तहत अब तक वितरित जूतों की संख्या 5690 हो गई। अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि बच्चों को जूते उपलब्ध कराने का उद्देश्य उनके पैरों की सुरक्षा के साथ शिक्षा और अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास देना है। नीरजा की फुटपाथशाला पिछले करीब चार वर्षों से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दे रही है। संचालिका नीरजा सक्सेना बच्चों को पढ़ाई के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक करती हैं। यहां प्रतिदिन करीब 40 बच्चे पढ़ते हैं और फीस के रूप में बच्चों से वेस्ट प्लास्टिक लिया जाता है। इससे बच्चे अब तक हजारों इको ब्रिक्स तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा पौधारोपण और प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों में भी बच्चे भाग लेते हैं। चरण पादुका अभियान के तहत वर्ष 2023 और 2024 में भी फुटपाथशाला के बच्चों को जूते दिए गए थे। इस वर्ष 39 बच्चों को नए जूते उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में सुनीता शर्मा, प्रवीण कुमार शर्मा, पंकज गर्ग, अमित कुमार, गुरदीप सिंह, आस्था शर्मा और अंशिका ने सहयोग किया। फुटपाथशाला की संचालिका नीरजा सक्सेना का भी सहयोग रहा।
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर जलचल तेज हो गई है। भाजपा हर बार की तरह इस बार भी उम्मीदवारों के नामों को लेकर चौंका सकती है। फिलहाल भाजपा उम्मीदवारों की लिस्ट बना रही है। जल्द ही इसका ऐलान हो सकता है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रख-रखाव के चलते कई कॉलोनी में कल को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन से चार घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 8.15 से 11.30 तक यहां नहीं आएगी बिजली 11 केवी मानसरोवर फीडर से संबंधित क्षेत्र - मानसरोवर, रूप रजत टाउनशिप, रवि नगर, शांति विहार, शांति नगर, बालाजी नगर, अमरावती नगर, आदेश्वर नगर, गजानंद नगर, एवरग्रीन नगर, विश्वकर्मा नगर, मधुरम रॉयल होटल, मारुती धाम, भादू मार्केट पाल रोड्। 11 केवी मंगलदीप फीडर से संबंधित क्षेत्र - मंगलदीप एन्क्लेव, चिन्मय मिशन, सेंट जॉन्स स्कूल, गंगा विहार, थोरियो की ढाणी, सेंट जॉन्स स्कूल के पास स्थित फार्म हाउस। 11 केवी कस्तूरी फीडर से संबंधित क्षेत्र - कस्तूरी ऑर्चिड, आशापूर्णा नगर, डीपीएस स्कूल, भवानी होटल, डीपीएस स्कूल के सामने का क्षेत्र। 11 केवी जुनावां की ढाणी फीडर से संबंधित क्षेत्र - जुनावां की ढाणी, आशापूर्णा एन्क्लेव, आशापूर्णा प्लैटिनम, बेरा नगर, रॉयल एन्क्लेव, भवानी होटल, जुनावां कॉम्प्लेक्स, बायसा मंदिर, बीस दुकान, डर्बी कॉलोनी के पीछे का क्षेत्र, वीर तेजाजी कोलोनी, बाईपास रोड के आस-पास का क्षेत्र। 11 केवी रूपरजत फीडर से संबंधित क्षेत्र
बहराइच के वजीरबाग इलाके में 60 घंटे से बिजली नहीं आने से नाराज लोगों ने रविवार शाम करीब 7:40 बजे सड़क पर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में लोग बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। करीब 15 मिनट तक चले प्रदर्शन से रास्ते पर आवागमन प्रभावित रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। बिजली जल्द ठीक कराने के भरोसे के बाद लोगों ने जाम हटा लिया। बारिश और तेज हवा से टूटी बिजली की लाइनें बताया गया कि शुक्रवार से जिले में लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई थीं। इसके चलते वजीरबाग इलाके में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। दो दिन से बिजली नहीं आने के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बिजली विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन लगातार बिजली न आने से नाराज लोग रविवार शाम सड़क पर पहुंच गए। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस के समझाने पर हटाया जाम जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और बिजली जल्द ठीक कराने का भरोसा दिया। इसके बाद करीब 15 मिनट बाद लोगों ने जाम हटा लिया और अपने घर लौट गए।
देवास में रविवार को ग्रीन हाफ मैराथन के समापन के बाद कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम परिसर के सामने सांप दिखाई दिया। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सांप दोमुंहा था। मैराथन में शामिल एक धावक ने उसे लकड़ी की मदद से थैली में सुरक्षित किया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को अपने साथ ले गई। धावक ने थैली में सुरक्षित किया मौके पर मौजूद जितेंद्र गोस्वामी के मुताबिक, सांप दिखाई देने के बाद मैराथन में शामिल एक धावक ने लकड़ी की मदद से उसे थैली में सुरक्षित किया। इसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन विभाग की टीम सांप को ले गई कुछ देर बाद वन विभाग की टीम स्टेडियम पहुंची और सांप को अपने साथ ले गई। वन विभाग की ओर से सांप की प्रजाति और आगे की कार्रवाई की जानकारी इस कॉपी में उपलब्ध नहीं है।
बलौदा बाजार जिले के मुडियाडीह गांव में बाढ़ के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। महानदी में उफान के बाद गांव तक पहुंचने वाली एकमात्र पक्की सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मुडियाडीह गांव ब्लॉक मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर महानदी के किनारे बसा है। लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से धमनी से मुडियाडीह तक करीब 3 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। धमनी से मुडियाडीह तक 3 किमी सड़क डूबी ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल बाढ़ के दौरान सड़क पर दो से तीन दिन तक नाव चलाने की स्थिति बनती है। सड़क डूबने से गांव का सीधा संपर्क प्रभावित हो जाता है। करीब 1 हजार की आबादी, नाव से हो रही आवाजाही गांव की आबादी करीब एक हजार है। सड़क के डूब जाने से जरूरी काम के लिए बाहर जाने वाले ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है। स्कूल मिडिल तक, बाढ़ से पढ़ाई भी प्रभावित ग्राम पंचायत की सरपंच अनीता लिंकन गोयल ने बताया कि गांव में मिडिल तक ही स्कूल है। इसके बाद बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। सरपंच के मुताबिक, बाढ़ के कारण स्कूल-कॉलेज बंद हो गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बाढ़ के कारण सड़क और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से मुडियाडीह के ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां बढ़ गई हैं।
हिसार जिले के गांव किरतान में रविवार को खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से 16 वर्षीय किशोर अंश की मौत हो गई। अंश को डूबता देख उसे बचाने के लिए उसकी बड़ी बहन पूजा, मां और चाचा भी पानी की डिग्गी में कूद गए, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके। ग्रामीण युवकों ने करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद अंश को डिग्गी से बाहर निकाला। तब तक वह बेहोश हो चुका था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार रविवार करीब 3 बजे अंश खेत में बनी पानी की डिग्गी से खेत में सिंचाई का कार्य कर रहा था। ट्रैक्टर सिंचाई के टाइम पानी छोड़ गया था, उसी को चलाने के लिए अंश टैंक के करीब गया तो पांव फिसलने से डिग्गी में गिर गया। डिग्गी पानी से पूरी तरह भरी हुई थी। बचाने के लिए मां-बहन भी कूदी अंश को पानी में डूबता देखकर मौके पर मौजूद उसकी मां, बड़ी बहन पूजा उसे बचाने के लिए डिग्गी में कूद गए। उन्होंने अंश को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन पानी अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। फिर उसके चाचा ने पानी में छलांग लगा दी और उसकी मां बहन को बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। गांव के युवकों ने डिग्गी में उतरकर करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद अंश को बाहर निकाला। तब तक वह बेहोश हो चुका था। परिवार का इकलौता बेटा, पिता की हो चुकी मौत परिजन उसे तुरंत हिसार के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता फूल कुमार की पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। पिता की मौत के बाद अंश ही परिवार का इकलौता चिराग था और खेती के काम में परिवार का हाथ बंटाता था। बेटे की मौत से मां और बड़ी बहन पूजा सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलने पर बालसमंद चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की। परिजनों ने आवश्यक कार्रवाई के बाद अंश का अंतिम संस्कार कर दिया।
रीवा के महसांव में जनसुनवाई के दौरान जमीन से जुड़ी समस्या बताते हुए महिला के रोने पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुढ़ तहसीलदार अरुण कुमार यादव को फोन लगाया। महिला की परेशानी पर नाराज कलेक्टर ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए कहा ज्यादा उड़ रहे हो, अभी जमीन में उतार दूंगा। शर्म करो, तुम्हारे नाम से लोग रो रहे हैं। कलेक्टर ने प्रकरण की जानकारी लेकर महिला की समस्या का नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास मिला, जमीन के मामले में अटका कामरविवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी महसांव पहुंचे थे। यहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं। इसी दौरान एक महिला जमीन से जुड़े मामले की शिकायत लेकर पहुंची। उसने बताया कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, लेकिन जमीन के प्रकरण में तहसीलदार ने स्थगन लगा दिया है। महिला के मुताबिक, इसके बाद से वह लगातार तहसील कार्यालय के चक्कर काट रही है। रामजी, भारतलाल और कमलेश के नाम से प्रकरण चलने की बात भी उसने कलेक्टर को बताई। आवास मिलने के बावजूद जमीन संबंधी कार्रवाई के कारण निर्माण में परेशानी होने की बात कहते हुए वह भावुक होकर रो पड़ी। कलेक्टर ने मौके से तहसीलदार को फोन कियामहिला की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने मौके से ही गुढ़ तहसीलदार अरुण कुमार यादव को फोन लगाया। उन्होंने प्रकरण की स्थिति और स्थगन लगाए जाने की वजह पूछी। बातचीत के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने महिला की समस्या का समाधान करने और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। फटकार का वीडियो सामने आयाकलेक्टर और तहसीलदार के बीच फोन पर हुई बातचीत का वीडियो अब सामने आया है। इसमें कलेक्टर तहसीलदार को नाराजगी जताते हुए दिखाई दे रहे हैं। महिला की शिकायत के बाद हुई इस कार्रवाई की मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा रही। ग्रामीणों ने राजस्व मामलों की शिकायतें बताईंमहसांव में कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की शिकायतें भी सामने आईं। कलेक्टर ने संबंधित मामलों को सुनकर नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए।
बक्सर के डुमरांव स्टेशन रोड पर नो-एंट्री का उल्लंघन करना ट्रक चालकों को महंगा पड़ गया। एसडीएम राजीव कुमार के निर्देश पर डुमरांव पुलिस ने शनिवार रात विशेष अभियान चलाकर नो-एंट्री में प्रवेश कर रहे 19 ट्रकों को पकड़ा। कार्रवाई से ट्रक चालकों में हड़कंप मच गया। स्टेशन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक स्टेशन रोड की खराब हालत को देखते हुए प्रशासन ने यहां भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद लगातार ट्रकों के नो-एंट्री में प्रवेश करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस को सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार रात स्टेशन रोड और आसपास के इलाकों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान खाली और बालू लदे कुल 19 ट्रकों को पकड़ा गया। बालू लदे ट्रक खनन विभाग को सौंपे पुलिस ने बालू लदे ट्रकों को आगे की कार्रवाई के लिए खनन विभाग को सौंप दिया। खनन विभाग की ओर से ट्रकों में ओवरलोडिंग की जांच की गई और नियमानुसार कार्रवाई की गई। खाली ट्रकों से वसूला गया जुर्माना वहीं, खाली ट्रकों के चालकों से नो-एंट्री उल्लंघन का जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कुल 19 ट्रक पकड़े गए हैं। खाली ट्रकों से जुर्माना वसूला गया, जबकि बालू लदे ट्रकों को खनन विभाग को सौंप दिया गया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की डेड बॉडी मिली, FB पर 9 लाख और INSTA पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
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महराजगंज में नगर पंचायत चौक स्थित गुरु गोरखनाथ प्रांगण में सृजन कला महोत्सव ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत चौक के सभासद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के महाराजगंज जिलाध्यक्ष विशाल पुष्कर ने पुरस्कृत कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। विशाल पुष्कर ने कहा कि कलाकारों का सम्मान वास्तव में प्रतिभा, संस्कृति और समाज की रचनात्मक शक्ति का सम्मान है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कलाकारों और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नगर पंचायत चौकवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन उन्हें निरंतर सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बाबा गोरखनाथ से नगरवासियों की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र के कलाकारों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। उपस्थित लोगों ने कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
खरगोन के पीजी कॉलेज सभागार में श्रीमंत बाजीराव पेशवे प्रथम की 326वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर उनके शौर्य, पराक्रम और रणनीतिक कुशलता को याद किया गया। सेवानिवृत्त आर्किटेक्ट चंद्रकांत भालेराव और सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी नीलमाधव भुसारी ने बाजीराव पेशवे के जीवन पर एक दृश्य प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में उनके बचपन से महाप्रयाण तक के प्रसंगों को युद्ध कौशल के प्रमाणों के साथ दिखाया गया। पालखेड़, दिल्ली और भोपाल के युद्धों से उनकी निर्णय क्षमता और नेतृत्व को समझाया गया। भालेराव ने बाजीराव की गुरिल्ला युद्ध कला को विश्व प्रसिद्ध बताया। वक्ताओं ने फिल्मों में बाजीराव के जीवन को केवल मस्तानी के प्रेम तक सीमित करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का महज 10 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि 90 प्रतिशत गौरवशाली जीवन को सामने लाना चाहिए। कार्यक्रम में इतिहास प्रेमी, साहित्यकार और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पलवल में रविवार को कांग्रेस ने ब्लॉक स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने इसमें भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, भेदभाव और अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में अधिकारी गांवों में जाकर लोगों की शिकायतें सुनते थे। दलाल ने कहा कि पलवल में जलभराव, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अवैध कॉलोनियों जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। उन्होंने किसानों की समस्याओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा भी उठाया। पुलिस पर अपराध रोकने के बजाय चालान काटने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया। ‘कांग्रेस में संगठन की कमी रही, भाजपा ने फायदा उठाया’ जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने कहा कि कांग्रेस में संगठन की कमी रही, जिसका भाजपा ने फायदा उठाया। अब संगठन को मजबूत किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन का संयोजन ब्लॉक अध्यक्ष अनूप पाराशर ने किया, जबकि मंच संचालन राजेश्वर गर्ग ने किया।
प्रतापगढ़ में लोहे के गेट के नीचे दबने से मासूम की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अधिक शर्मा के रूप में हुई है। परिवार भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा के घर में किराए पर रहता है। मामला रविवार शाम करीब 6:30 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के सेनानी नगर स्थित मीरा भवन का है। पढ़िए पूरा मामला… गेट पर झूलते समय हुआ हादसा अधिक शर्मा के पिता रजनीश शर्मा एरिया सेल्स मैनेजर हैं। उनका परिवार मूल रूप से लखनऊ के कृष्णानगर का रहने वाला है। करीब तीन साल से सेनानी नगर में किराए पर रह रहा था। अधिक कक्षा तीन का छात्र था। रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिक घर पर था। शाम करीब 6:30 बजे वह लोहे के गेट पर झूल रहा था। इसी दौरान अचानक गेट गिर गया और अधिक उसके नीचे दब गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में अधिक को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। बताया गया कि अधिक के पिता रजनीश शर्मा रविवार को ही महाकाल दर्शन कर वापस लौटे थे। हादसे के बाद परिजन शव लेकर लखनऊ रवाना हो गए। सीओ सिटी अशुतोष मिश्रा ने बताया कि घर में लगे गेट पर झुलते समय टुटकर मासूम के ऊपर गिर गया। जिससे मासूम की मौत हो गई। घटना की शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ----------------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… आग का गोला क्यों बन जाती हैं स्लीपर बसें: पश्चिम के देशों में बैन; भारत में लगातार हादसे, फिर भी प्रतिबंध क्यों नहीं 23 सितंबर की रात 9:30 बजे एक लग्जरी स्लीपर बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा (यूपी) के लिए निकली। रात 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे पर इसमें आग लग गई। 9 यात्री जल गए। शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचानना नामुमकिन था। इंग्लैंड, जर्मनी, चीन समेत कई देशों में ये बसें बैन हैं, लेकिन भारत में नहीं। लेकिन भारत में लगातार हादसों के बाद भी स्लीपर बसें प्रतिबंधित नहीं हैं। छोटे से हादसे के बाद ही ये बसें आग का गोला कैसे बन जाती हैं? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। नामांकन प्रक्रिया के बाद रविवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें सभी 30 नामांकन वैध पाए गए हैं, जबकि अध्यक्ष पद के लिए 5 दावेदार मैदान में हैं। इस बार चुनाव मैदान में भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के बेटों के साथ भाजपा कार्यकर्ता और विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के सचिव भी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अब दावेदारों ने वोटरों से संपर्क साधने की कवायद तेज कर दी है। RCA के चुनावी पिच पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अध्यक्ष पद से लेकर सचिव और अन्य पदों तक कई दिग्गज नाम मैदान में हैं। अब नाम वापसी के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी, लेकिन फिलहाल RCA के भीतर चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। अध्यक्ष पद पर 5 नाम, मुकाबले में बड़े राजनीतिक परिवार अध्यक्ष पद के लिए धनंजय सिंह खींवसर, दीनदयाल कुमावत, पराक्रम सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत और बृज किशोर उपाध्याय के नामांकन वैध पाए गए हैं। यानी फिलहाल अध्यक्ष की कुर्सी के लिए 5 दावेदार मैदान में हैं। इनमें धनंजय सिंह खींवसर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे हैं, जबकि पराक्रम सिंह राठौड़ पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद की लड़ाई में राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों की मौजूदगी ने चुनाव को खास बना दिया है। दूसरी ओर दीनदयाल कुमावत, राजेश सारस्वत और बृज किशोर उपाध्याय भी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। अब इन दावेदारों की नजर उन जिला क्रिकेट संघों के सचिवों पर है, जो RCA चुनाव में वोटर की भूमिका में हैं। उपाध्यक्ष में भी 5 दावेदार, सचिव पद पर सबसे ज्यादा खींचतान उपाध्यक्ष पद के लिए पवन दिलावर, मोहित यादव, मनोज कुमार शर्मा, रतन सिंह शेखावत और मनोज चौधरी के नामांकन वैध हुए हैं। इनमें पवन दिलावर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे हैं, जबकि मोहित यादव भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे हैं। सचिव पद पर सबसे ज्यादा 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें मोहित यादव, आशीष तिवारी, सुमेंद्र तिवारी, मनोज कुमार शर्मा, बृज किशोर उपाध्याय और पिंकेश कुमार जैन शामिल हैं। आशीष तिवारी राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी के बेटे हैं। इस तरह RCA के अलग-अलग पदों पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के परिवारों से जुड़े कई चेहरे एक साथ चुनावी मैदान में हैं। संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर भी सीधा मुकाबला संयुक्त सचिव पद के लिए विनोद सहारण, रतन सिंह शेखावत, सुशील जैन, गोविंद स्वरूप उपाध्याय और राजेश सारस्वत के नामांकन वैध पाए गए हैं। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए आशीष तिवारी, सुशील जैन, विष्णु प्रकाश अग्रवाल, राजेश कुमार माथुर और पिंकेश कुमार जैन चुनाव लड़ रहे हैं। कार्यकारी सदस्य के पद पर शोभना गुर्जर, अरिष्ट सिंघवी, धर्मवीर सिंह शेखावत और राकेश चौधरी के नामांकन वैध पाए गए हैं। यानी RCA के सभी छह पदों पर फिलहाल मुकाबला खुला हुआ है। अब असली खेल वोटरों को साधने का नामांकन पत्रों की जांच पूरी होते ही अब RCA चुनाव में असली राजनीतिक और संगठनात्मक कवायद शुरू हो गई है। जिला क्रिकेट संघों के सचिव RCA के वोटर हैं और ऐसे में सभी उम्मीदवार इन वोटरों से संपर्क साधने में जुट गए हैं। अलग-अलग गुटों की ओर से समर्थन जुटाने के दावे भी किए जा रहे हैं। बृज किशोर उपाध्याय और पिंकेश जैन से जुड़े गुट की ओर से सबसे ज्यादा वोटरों के समर्थन का दावा किया जा रहा है। वहीं धनंजय सिंह खींवसर गुट भी लगातार जिला क्रिकेट संघों के सचिवों से संपर्क कर रहा है। दूसरी तरफ पराक्रम सिंह राठौड़ और दीनदयाल कुमावत भी अपने स्तर पर वोटरों से संपर्क में हैं। ऐसे में नामांकन के बाद अब RCA का चुनाव मैदान सिर्फ नामांकन तक सीमित नहीं है। हर वोटर को साधने, समर्थन जुटाने और अंतिम समय तक समीकरण अपने पक्ष में करने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि, कौन किस पैनल के साथ रहेगा, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नाम वापसी के बाद बदलेगी चुनाव की तस्वीर निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी सूची में सभी 30 नामांकन वैध पाए गए हैं। अब अगला बड़ा पड़ाव नाम वापसी का होगा। नाम वापसी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 6 पदों पर कितने उम्मीदवार अंतिम रूप से चुनाव मैदान में रहते हैं और कौन-कौन से पैनल आमने-सामने होंगे। फिलहाल अध्यक्ष पद पर पांच और सचिव पद पर छह दावेदार होने से RCA चुनाव में मुकाबला बहुकोणीय दिखाई दे रहा है। राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों, जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े नेताओं की मौजूदगी ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के इस चुनाव को प्रदेश के क्रिकेट जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। ---------------- ये खबरें भी पढ़ें… RCA चुनाव में 5-नेताओं के बेटों की एंट्री:पूर्व और वर्तमान चिकित्सा मंत्री के बेटों ने अध्यक्ष, शिक्षामंत्री के बेटे ने उपाध्यक्ष के लिए भरा नामांकन राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन से जुड़े 5 प्रभावशाली नेताओं के बेटों की एंट्री हुई है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद पर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी ने कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन भरा है। (पूरी खबर पढ़ें…)
एसआईआर पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, सीएम सम्राट चौधरी बोले- जिन्हें शिकायत है वे कोर्ट जाएं
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में पात्र व्यक्ति का नाम नहीं काटा गया। आपत्ति एवं दावे के लिए पूरी प्रक्रिया उपलब्ध रही। विपक्ष भ्रम फैला रहा है।
मेरठ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र समेत उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव की प्रक्रिया मंगलवार 29 सितंबर से शुरू हो जाएगी। नामांकन शुरू होने से पहले रविवार को मेरठ में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दीं। मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में नामांकन के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है। नामांकन मंडलायुक्त न्यायालय में होगा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कार्यालय परिसर में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित मार्ग से ही प्रवेश की व्यवस्था की जा रही है। नामांकन पत्र मेरठ मंडल के कमिश्नर एवं निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन नामांकन और संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है। यह रहेगी नामांकन से नतीजे तक की प्रक्रिया मेरठ में नामांकन की तैयारी तेजमेरठ में नामांकन प्रक्रिया को लेकर रविवार से ही प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दीं। मंडलायुक्त कार्यालय के रास्ते पर लोहे के पाइप लगाकर बैरिकेडिंग की जा रही है। कार्यालय परिसर में किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नामांकन के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था तय की जा रही है।
झाबुआ के खरडू बड़ी गांव में सापन नदी के पास रविवार दोपहर लूट हुई। दो बाइकों पर चार नकाबपोश बदमाशों ने कार सवार पति-पत्नी को ओवरटेक कर रोका। उन्होंने पीथमपुर हॉस्टल के अधीक्षक-शिक्षक की पत्नी विमला वास्केल के गले से सोने की चेन खींची। वे बच्चों के साथ गांव कालीदेवी गोला जा रहे थे (कार नंबर GJ 05 JA 8154)। बदमाशों ने विमला वास्केल से झूमाझटकी कर सोने की चेन छीनी। वे एक बैग ले गए, जिसमें हॉस्टल के सरकारी कागजात, बैंक की चेकबुक और नकदी थी। पति के दो मोबाइल समेत तीन मोबाइल फोन लूटे गए। घटना के बाद बदमाश भाग गए। खरडू बड़ी इलाके के सीसीटीवी कैमरों में उनकी हरकतें रिकॉर्ड हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज से तलाश सूचना पर झाबुआ थाना प्रभारी आरसी भास्करे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से जानकारी ली, घटनास्थल की जांच की। सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सबूतों पर आरोपियों की तलाश जारी है, पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में एक युवती से कथित अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया था। उसे करीब दो घंटे बाद छोड़ दिया गया, जिससे लोगों में गुस्सा फैल गया। इस मामले पर रविवार को किसान नेता राव मानसिंह के नेतृत्व में सामुदायिक भवन में 36 बिरादरी की पंचायत बुलाई गई। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। पंचायत में आरोपी की गिरफ्तारी और उसके सामाजिक बहिष्कार की मांग रखी गई, जिस पर सभी ने सहमति जताई। थाना प्रभारी ने मांगा समय इसके बाद लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने सुबह तक का समय मांगा और कार्रवाई का भरोसा दिया। लोगों ने साफ कहा कि अगर सुबह तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदर्शन तेज किया जाएगा। पुलिस कर रही मामले की जांच इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जांच के तथ्यों के आधार पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई होगी। पंचायत के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
UPI पर शुल्क लगाए जाने के विरोध में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट - CAIT) के आह्वान पर व्यापारी महासंघ ने रविवार को ‘नो UPI डे’ मनाकर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों ने UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क के विरोध में अपनी दुकानों पर लगे QR कोड को काले कपड़े से ढक दिया और डिजिटल भुगतान लेने से इनकार करते हुए केवल नकदी में लेन-देन किया। व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र चौकसे ने कहा कि देश को कैशलेस और 'डिजिटल इंडिया' बनाने में छोटे व्यापारियों का अहम योगदान रहा है। ऐसे में UPI लेन-देन पर चार्ज थोपना व्यापारी व आम उपभोक्ता दोनों के साथ अन्याय है। शुल्क लगने से डिजिटल व्यवस्था प्रभावित होगी और लोग पुनः नकदी की ओर लौटेंगे। व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि UPI सेवाओं को पूरी तरह नि:शुल्क रखा जाए। शुल्क वापस न लेने की स्थिति में आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी गई है। विरोध प्रदर्शन में कैट के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार खंडेलवाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स से देवेंद्र गिल्ला, जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, टाइल्स-मार्बल एसोसिएशन से अध्यक्ष उदित द्विवेदी, जिला लघु उद्योग संघ से गौरव सेठ, अजय रत्नानी, रेडीमेड होजरी थोक विक्रेता संघ से अध्यक्ष गोविंद मूलचंदानी, व्यापारी कल्याण महासंघ से अध्यक्ष महेंद्र चौकसे, प्लाईवुड हार्डवेयर संघ से अध्यक्ष नूतन अग्रवाल, सुरेश मखीजा, सोनू अग्रवाल, के के चौकसे, पीली गुमटी से अध्यक्ष धर्मेंद्र सनकत, मीडिया प्रभारी जाकिर खान समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
नीमच जिले के महू-नसीराबाद हाईवे पर रावतखेड़ा फंटे के पास रविवार देर शाम हादसा हो गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बिना किसी संकेतक के जुगाड़ से लादे गए बिजली के खंभों में पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि एक बिजली का खंभा कार के आगे के कांच को चीरता हुआ सीधे पीछे के कांच से पार निकल गया। हादसे में कार चला रहे 50 साल के शख्स के सिर में गंभीर चोट आई है, वहीं कार में बैठी उनकी पत्नी और 8 साल की पोती बाल-बाल बच गईं। सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहा था परिवार जानकारी के मुताबिक, गिरदौड़ा गांव के रहने वाले शरदचंद सुथार (50) अपनी पत्नी विद्या बाई और 8 साल की पोती प्रियांशी के साथ मंदसौर से एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार रावतखेड़ा फंटे के पास पहुंची, तभी आगे चल रहे ट्रैक्टर से लदे बिजली के खंभे कार के कांच को फोड़ते हुए अंदर घुस गए। टक्कर का धमाका इतना तेज था कि आसपास के ढाबा संचालक और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में शरदचंद की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि उनकी पत्नी और पोती को मामूली चोटें आई हैं। नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था खंभों का परिवहन हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। बताया जा रहा है कि यह ट्रैक्टर बिजली कंपनी के किसी ठेकेदार का है, जिस पर बिना किसी सुरक्षा नियम या रेडियम संकेतक (रिफ्लेक्टर) के खंभे ले जाए जा रहे थे। घटना की खबर मिलते ही नीमच सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है।
उज्जैन रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में महिला यात्रियों को निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग करने वाली गैंग का GRP-RPF ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ और पुलिस रिमांड में गैंग के दो अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी हैं और फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में रेलवे पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई है। चार महीने से हो रही थीं घटनाएं पिछले तीन-चार महीने में उज्जैन रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में महिलाओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र झपटने की कई घटनाएं सामने आई थीं। शिकायतों के बाद GRP ने मामले दर्ज कर जांच शुरू की। GRP थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता और RPF प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र यादव के नेतृत्व में संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने स्टेशन, शहर और ट्रेनों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद संदिग्धों की पहचान की गई। बैगों से महिला को घेरकर करते थे वारदात पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य ट्रेन के स्टेशन पर खड़े होने के दौरान यात्रियों के बीच घुल-मिल जाते थे। जैसे ही यात्री ट्रेन में चढ़ते, आरोपी कंधे पर टंगे बड़े बैगों से महिला यात्री को चारों तरफ से घेर लेते थे। आरोपी इस तरह रास्ता रोकते थे कि आसपास मौजूद यात्रियों को वारदात का पता नहीं चलता था। महिला के गले में सोने की चेन दिखाई देते ही एक आरोपी उसे झपटकर साथी को सौंप देता था। इसके बाद सभी अलग-अलग होकर मौके से निकल जाते थे। पुलिस को आरोपियों के इसी तरीके से चेन स्नेचिंग करने का CCTV फुटेज भी मिला है। मालगोदाम से महिला समेत 6 गिरफ्तार पुलिस टीम ने 26 सितंबर को उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 स्थित मालगोदाम से एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें राखी पिता राजेंद्र, राहुल पिता आलमगीर, अभिजीत पिता शंकर, रोहन पिता अर्जुन, सोमनाथ पिता नयन और नेपाल पिता दुलाल शामिल हैं। सभी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। पूछताछ में दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश के साथ गैंग के सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
गाजियाबाद में रविवार दोपहर किराना दुकान पर सामान लेने पहुंचे दिल्ली के अधिवक्ता को कुछ युवकों ने दुकान से खींचकर मारपीट की। आरोपियों ने उन्हें सड़क पर गिराकर लात-घूंसों और करीब 17 डंडे मारे। बचाने पहुंचीं पत्नी के धक्का-मुक्की और मारपीट की। आसपास के दुकानदारों और लोगों ने किसी तरह दोनों को बचाया। अधिवक्ता के मुताबिक, उनके मकान से सटाकर एक बिल्डिंग में बेसमेंट बनाया गया है। इससे मकान में दरारें आने पर उन्होंने पुलिस और लखनऊ में शासन के अधिकारियों से शिकायत की थी। इसी शिकायत को लेकर युवक वहां पहुंचे और उन्हें धमकाते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। घटना रविवार दोपहर 1ः47 बजे साहिबाबाद थाना क्षेत्र में हुई। 3 तस्वीरें देखिए…. बेसमेंट बनाने को लेकर चल रहा है विवाद साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर के रहने वाले आशीष पन्नू दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं। आशीष ने बताया कि मेरे मकान से सटाकर एक बिल्डिंग में बेसमेंट बनाया गया है। इससे मेरे मकान में दरारें आ गई हैं। आशीष का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पुलिस अधिकारियों और लखनऊ में शासन के अधिकारियों से शिकायत की थी। इसी शिकायत को लेकर आरोपी नाराज थे। रविवार दोपहर करीब 1:40 बजे मैं अपनी पत्नी प्रेषिका और बच्चों के साथ वेन्यू कार से घर से करीब एक किलोमीटर दूर किराना दुकान पर सामान लेने गए थे। कार सड़क किनारे खड़ी करने के बाद मैं दुकान के अंदर चला गया। इसी दौरान 5-6 युवक लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे। एक युवक मुझे दुकान से खींचकर सड़क पर ले आया। इसके बाद आरोपियों ने मुझे जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों व डंडों से पीटना शुरू कर दिया। करीब 17 डंडे मारे, पत्नी को भी धक्का देकर पीटा आशीष ने बताया कि मुझे करीब 17 डंडे मारे। मारपीट के दौरान मेरी पत्नी कार से उतरकर बचाने के लिए दौड़ीं। आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। मारपीट देखकर किराना दुकानदार और आसपास के लोग बचाने के लिए पहुंचे। लोगों ने किसी तरह बचाया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। हमलावरों ने गाली देते हुए कहा कि सुशील गुप्ता के मकान की शिकायत क्यों कर रहे हो। आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आशीष ने बताया कि मारपीट में उनके चेहरे और पेट में चोट आई है। हाथ में फ्रैक्चर भी हुआ है। उन्होंने साहिबाबाद थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल के CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें- कार की टक्कर के बाद धू-धूकर जला ऑटो:झांसी में 4 यात्री झुलसे, महिला बोली- पैर जले, चल नहीं पाई तो घिसटकर जान बचाई झांसी में रविवार सुबह एक लग्जरी कार ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ऑटो आग का गोला बन गई और 20 फुट ऊंची लपटे उठने लगीं। इसमें ड्राइवर समेत 4 लोग झुलस गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर….
जसोलधाम में भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिनों में 4,20,941 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यह संख्या पिछले साल से 34.11 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान 44,398 वाहन पार्किंग में दर्ज हुए और 50,460 श्रद्धालुओं ने भोजन-प्रसादी ग्रहण की। पिछले साल की तुलना में ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में 12 से 26 सितंबर तक चले इस आयोजन में देश-प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचे। पिछले साल की तुलना में इस बार 1,07,063 ज्यादा श्रद्धालु आए। दर्शनार्थियों की संख्या में 34.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। बढ़ी हुई भीड़ को देखते हुए संस्थान ने दर्शन, पार्किंग, भोजन, पानी और सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए थे। पूरे शुक्ल पक्ष में हर दिन रात में जागरण और विशेष धार्मिक कार्यक्रम हुए। संस्थान अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन में ये सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हुए। राणीसा भटियाणीसा जन्मोत्सव एवं धर्मध्वजारोहण से बढ़ी उत्सव की भव्यता भाद्रपद शुक्ल पक्ष के दौरान श्री राणीसा भटियाणीसा का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं रात्रि जागरण आयोजित हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जसोलधाम पहुंचकर माँ माजीसा के दर्शन किए और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की। इसी अवधि में विधि-विधान एवं माँ माजीसा के जयकारों के बीच धर्मध्वजारोहण किया गया। धार्मिक आयोजनों के साथ पारंपरिक गैर नृत्य, ढोल-थाली एवं नगाड़ों की प्रस्तुतियां, घोड़ा नृत्य तथा पुष्कर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न अवसरों पर आतिशबाजी ने धार्मिक उत्सव की भव्यता को और बढ़ाया। धार्मिक आस्था एवं लोक संस्कृति के इस समागम ने पूरे आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। पार्किंग व्यवस्थाओं में 44,398 वाहन दर्ज श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए संस्थान की पार्किंग एवं संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में निःशुल्क पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिवसों में दोनों पार्किंग व्यवस्थाओं में कुल 44,398 वाहन दर्ज किए गए। पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करवाने एवं श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए संबंधित टीमें तैनात रहीं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालु बसों, सार्वजनिक परिवहन एवं अन्य यात्री परिवहन साधनों से बस स्टैंड की ओर से जसोलधाम पहुंचे। पार्किंग क्षेत्र एवं बस स्टैंड—दोनों दिशाओं से श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए 23 से 25 सितम्बर तक संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में निःशुल्क भोजन-प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी संचालित की गई। छोटे बच्चों के साथ आए श्रद्धालुओं एवं वृद्धजनों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था इस वर्ष श्रद्धालु सुविधा की दृष्टि से एक विशेष नवाचार किया गया। छोटे बच्चों के साथ दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं तथा वृद्धावस्था के कारण लंबी कतार में अधिक समय तक खड़े रहने में असमर्थ श्रद्धालुओं को निर्धारित सीधी कतार के माध्यम से सहज दर्शन की सुविधा प्रदान की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से उन्हें लंबी जिग-जैग कतार में प्रतीक्षा करने से राहत मिली और छोटे बच्चों, वृद्धजनों एवं उनके साथ आए परिजनों को सुविधापूर्वक दर्शन का अवसर मिला। विशेष भीड़ वाले दिवसों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी रही। दोनों ओर फुटवियर स्टैंड एवं दिशा-सूचक व्यवस्था पार्किंग क्षेत्र एवं बस स्टैंड—दोनों दिशाओं से मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए फुटवियर स्टैंड उपलब्ध रहे। श्रद्धालु निर्धारित स्थानों पर अपने जूते-चप्पल रखकर दर्शन मार्ग की ओर आगे बढ़े। विभिन्न दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक एवं सूचना संकेतक लगाए गए। इनके माध्यम से दर्शन मार्ग, प्रसाद क्षेत्र, भोजनशाला, पेयजल, पार्किंग, धर्मशाला, प्रवेश-निकास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। प्रसाद क्षेत्र एवं टोकन प्रणाली की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद क्षेत्र को सुव्यवस्थित किया गया तथा प्रसाद रखने के लिए टोकन प्रणाली की व्यवस्था संचालित रही। श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर प्रसाद जमा कर टोकन प्राप्त करते और दर्शन के बाद निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपना प्रसाद प्राप्त करते रहे। इससे विशेष भीड़ वाले दिवसों में भी प्रसाद रखने एवं वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया क्रमबद्ध और सुचारु बनी रही। जिग-जैग कतार, मिस्टिंग सिस्टम एवं छायादार व्यवस्था दर्शनार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए जिग-जैग कतार प्रणाली संचालित की गई। निर्धारित दर्शन मार्ग से श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया गया, जिससे विशेष भीड़ वाले दिवसों में भी दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। कतार एवं प्रतीक्षा क्षेत्रों में मिस्टिंग सिस्टम तथा छायादार टेंट की व्यवस्था की गई, जिससे दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं को धूप एवं गर्मी से राहत मिली। फुट ओवरब्रिज से सुरक्षित एवं सुगम पैदल आवागमन श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम पैदल आवागमन में फुट ओवरब्रिज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दर्शन के बाद मंदिर के निकासी द्वार से पार्किंग एवं धर्मशाला परिसर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा पार्किंग एवं धर्मशाला क्षेत्र से बस स्टैंड की दिशा में जाने वाले श्रद्धालुओं ने फुट ओवरब्रिज का उपयोग किया। इससे मंदिर के निकासी द्वार, पार्किंग, धर्मशाला परिसर एवं बस स्टैंड के बीच पैदल श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बना रहा। विशेष भीड़ वाले दिवसों में फुट ओवरब्रिज श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित रखने में उपयोगी रहा। सीसीटीवी निगरानी एवं पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग, कतार क्षेत्र, प्रवेश-निकास एवं प्रमुख आवागमन स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी गई। भीड़ की स्थिति एवं श्रद्धालुओं के आवागमन पर सतत नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं में समन्वय किया गया। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन, सुरक्षा, मार्गदर्शन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं समय-समय पर उपलब्ध कराई गईं। पेयजल, व्हीलचेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध रही। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन एवं चलने में असुविधा वाले श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर तथा व्हीलचेयर अनुकूल आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए गोल्फ कार्ट का संचालन किया गया, जिससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। 50,460 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया माँ का प्रसाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिवसों के दौरान संस्थान की भोजनशाला एवं निःशुल्क भोजन-प्रसादी व्यवस्था के माध्यम से कुल 50,460 श्रद्धालुओं ने माँ का प्रसाद ग्रहण किया। भोजन-प्रसादी की व्यवस्था प्रतिदिन सुव्यवस्थित रूप से संचालित रही। श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए 23 से 25 सितम्बर तक संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में भी निःशुल्क भोजन-प्रसादी की विशेष व्यवस्था संचालित की गई, जिससे पार्किंग क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वहीं माँ का प्रसाद ग्रहण करने की सुविधा मिली। दूर-दराज क्षेत्रों से जसोलधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए संस्थान द्वारा ठहरने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। ठहराव स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। सामूहिक सेवा एवं समन्वय से सफल हुआ आयोजन — रावल किशन सिंह जसोल संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि माँ माजीसा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के फलस्वरूप इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 15 दिवसों में 4.20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जसोलधाम पहुंचना माँ माजीसा के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा एवं विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बीच धार्मिक आयोजनों एवं श्रद्धालु सुविधाओं का शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन सामूहिक सेवा एवं बेहतर समन्वय से संभव हुआ। मंदिर संस्थान, पुलिस एवं प्रशासन, ट्रस्ट सदस्यों, कर्मचारियों, सुरक्षा कार्मिकों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, भोजनशाला एवं प्रसाद सेवा से जुड़े सेवाभावियों, पार्किंग टीम, सफाईकर्मियों, स्वयंसेवकों तथा लाभार्थी परिवारों ने अपने-अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रावल किशन सिंह जसोल ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देश-विदेश से जसोलधाम पधारे श्रद्धालुओं द्वारा व्यवस्थाओं में बनाए रखे गए अनुशासन एवं सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन में तकनीक और समन्वय रहा प्रभावी — कर्नल शंभू सिंह देवड़ा संस्थान के ट्रस्टी एवं सुरक्षा समिति अध्यक्ष कर्नल शंभू सिंह देवड़ा ने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे शुक्ल पक्ष में सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी गई। पार्किंग एवं बस स्टैंड की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवाह, प्रवेश-निकास, जिग-जैग कतार, दर्शन मार्ग तथा फुट ओवरब्रिज सहित प्रमुख क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रमुख क्षेत्रों की सतत निगरानी तथा पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से समयानुसार सूचनाओं के प्रसारण ने भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष भीड़ वाले दिवसों में श्रद्धालुओं के प्रवाह के अनुरूप सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती एवं व्यवस्थाओं में आवश्यक परिवर्तन किए गए। संस्थान की सुरक्षा टीम एवं पुलिस के बीच समन्वय से दर्शन एवं सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रही। जसोलधाम में भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिनों में 4,20,941 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यह संख्या पिछले साल से 34.11 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान 44,398 वाहन पार्किंग में दर्ज हुए और 50,460 श्रद्धालुओं ने भोजन-प्रसादी ग्रहण की। पिछले साल की तुलना में ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में 12 से 26 सितंबर तक चले इस आयोजन में देश-प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचे। पिछले साल की तुलना में इस बार 1,07,063 ज्यादा श्रद्धालु आए। दर्शनार्थियों की संख्या में 34.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। बढ़ी हुई भीड़ को देखते हुए संस्थान ने दर्शन, पार्किंग, भोजन, पानी और सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए थे। पूरे शुक्ल पक्ष में हर दिन रात में जागरण और विशेष धार्मिक कार्यक्रम हुए। संस्थान अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन में ये सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हुए। राणीसा भटियाणीसा जन्मोत्सव एवं धर्मध्वजारोहण से बढ़ी उत्सव की भव्यता भाद्रपद शुक्ल पक्ष के दौरान श्री राणीसा भटियाणीसा का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं रात्रि जागरण आयोजित हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जसोलधाम पहुंचकर माँ माजीसा के दर्शन किए और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की। इसी अवधि में विधि-विधान एवं माँ माजीसा के जयकारों के बीच धर्मध्वजारोहण किया गया। धार्मिक आयोजनों के साथ पारंपरिक गैर नृत्य, ढोल-थाली एवं नगाड़ों की प्रस्तुतियां, घोड़ा नृत्य तथा पुष्कर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न अवसरों पर आतिशबाजी ने धार्मिक उत्सव की भव्यता को और बढ़ाया। धार्मिक आस्था एवं लोक संस्कृति के इस समागम ने पूरे आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। पार्किंग व्यवस्थाओं में 44,398 वाहन दर्ज श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए संस्थान की पार्किंग एवं संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में निःशुल्क पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिवसों में दोनों पार्किंग व्यवस्थाओं में कुल 44,398 वाहन दर्ज किए गए। पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करवाने एवं श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए संबंधित टीमें तैनात रहीं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालु बसों, सार्वजनिक परिवहन एवं अन्य यात्री परिवहन साधनों से बस स्टैंड की ओर से जसोलधाम पहुंचे। पार्किंग क्षेत्र एवं बस स्टैंड—दोनों दिशाओं से श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए 23 से 25 सितम्बर तक संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में निःशुल्क भोजन-प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी संचालित की गई। छोटे बच्चों के साथ आए श्रद्धालुओं एवं वृद्धजनों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था इस वर्ष श्रद्धालु सुविधा की दृष्टि से एक विशेष नवाचार किया गया। छोटे बच्चों के साथ दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं तथा वृद्धावस्था के कारण लंबी कतार में अधिक समय तक खड़े रहने में असमर्थ श्रद्धालुओं को निर्धारित सीधी कतार के माध्यम से सहज दर्शन की सुविधा प्रदान की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से उन्हें लंबी जिग-जैग कतार में प्रतीक्षा करने से राहत मिली और छोटे बच्चों, वृद्धजनों एवं उनके साथ आए परिजनों को सुविधापूर्वक दर्शन का अवसर मिला। विशेष भीड़ वाले दिवसों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी रही। दोनों ओर फुटवियर स्टैंड एवं दिशा-सूचक व्यवस्था पार्किंग क्षेत्र एवं बस स्टैंड—दोनों दिशाओं से मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए फुटवियर स्टैंड उपलब्ध रहे। श्रद्धालु निर्धारित स्थानों पर अपने जूते-चप्पल रखकर दर्शन मार्ग की ओर आगे बढ़े। विभिन्न दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक एवं सूचना संकेतक लगाए गए। इनके माध्यम से दर्शन मार्ग, प्रसाद क्षेत्र, भोजनशाला, पेयजल, पार्किंग, धर्मशाला, प्रवेश-निकास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। प्रसाद क्षेत्र एवं टोकन प्रणाली की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद क्षेत्र को सुव्यवस्थित किया गया तथा प्रसाद रखने के लिए टोकन प्रणाली की व्यवस्था संचालित रही। श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर प्रसाद जमा कर टोकन प्राप्त करते और दर्शन के बाद निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपना प्रसाद प्राप्त करते रहे। इससे विशेष भीड़ वाले दिवसों में भी प्रसाद रखने एवं वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया क्रमबद्ध और सुचारु बनी रही। जिग-जैग कतार, मिस्टिंग सिस्टम एवं छायादार व्यवस्था दर्शनार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए जिग-जैग कतार प्रणाली संचालित की गई। निर्धारित दर्शन मार्ग से श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया गया, जिससे विशेष भीड़ वाले दिवसों में भी दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। कतार एवं प्रतीक्षा क्षेत्रों में मिस्टिंग सिस्टम तथा छायादार टेंट की व्यवस्था की गई, जिससे दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं को धूप एवं गर्मी से राहत मिली। फुट ओवरब्रिज से सुरक्षित एवं सुगम पैदल आवागमन श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम पैदल आवागमन में फुट ओवरब्रिज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दर्शन के बाद मंदिर के निकासी द्वार से पार्किंग एवं धर्मशाला परिसर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा पार्किंग एवं धर्मशाला क्षेत्र से बस स्टैंड की दिशा में जाने वाले श्रद्धालुओं ने फुट ओवरब्रिज का उपयोग किया। इससे मंदिर के निकासी द्वार, पार्किंग, धर्मशाला परिसर एवं बस स्टैंड के बीच पैदल श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बना रहा। विशेष भीड़ वाले दिवसों में फुट ओवरब्रिज श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित रखने में उपयोगी रहा। सीसीटीवी निगरानी एवं पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग, कतार क्षेत्र, प्रवेश-निकास एवं प्रमुख आवागमन स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी गई। भीड़ की स्थिति एवं श्रद्धालुओं के आवागमन पर सतत नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं में समन्वय किया गया। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन, सुरक्षा, मार्गदर्शन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं समय-समय पर उपलब्ध कराई गईं। पेयजल, व्हीलचेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध रही। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन एवं चलने में असुविधा वाले श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर तथा व्हीलचेयर अनुकूल आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए गोल्फ कार्ट का संचालन किया गया, जिससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। 50,460 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया माँ का प्रसाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष के 15 दिवसों के दौरान संस्थान की भोजनशाला एवं निःशुल्क भोजन-प्रसादी व्यवस्था के माध्यम से कुल 50,460 श्रद्धालुओं ने माँ का प्रसाद ग्रहण किया। भोजन-प्रसादी की व्यवस्था प्रतिदिन सुव्यवस्थित रूप से संचालित रही। श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए 23 से 25 सितम्बर तक संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग में भी निःशुल्क भोजन-प्रसादी की विशेष व्यवस्था संचालित की गई, जिससे पार्किंग क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वहीं माँ का प्रसाद ग्रहण करने की सुविधा मिली। दूर-दराज क्षेत्रों से जसोलधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए संस्थान द्वारा ठहरने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। ठहराव स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। सामूहिक सेवा एवं समन्वय से सफल हुआ आयोजन-रावल किशन सिंह जसोल संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि माँ माजीसा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के फलस्वरूप इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 15 दिवसों में 4.20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जसोलधाम पहुंचना माँ माजीसा के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा एवं विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बीच धार्मिक आयोजनों एवं श्रद्धालु सुविधाओं का शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन सामूहिक सेवा एवं बेहतर समन्वय से संभव हुआ। मंदिर संस्थान, पुलिस एवं प्रशासन, ट्रस्ट सदस्यों, कर्मचारियों, सुरक्षा कार्मिकों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, भोजनशाला एवं प्रसाद सेवा से जुड़े सेवाभावियों, पार्किंग टीम, सफाईकर्मियों, स्वयंसेवकों तथा लाभार्थी परिवारों ने अपने-अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रावल किशन सिंह जसोल ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देश-विदेश से जसोलधाम पधारे श्रद्धालुओं द्वारा व्यवस्थाओं में बनाए रखे गए अनुशासन एवं सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन में तकनीक और समन्वय रहा प्रभावी-कर्नल शंभू सिंह देवड़ा संस्थान के ट्रस्टी एवं सुरक्षा समिति अध्यक्ष कर्नल शंभू सिंह देवड़ा ने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे शुक्ल पक्ष में सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी गई। पार्किंग एवं बस स्टैंड की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवाह, प्रवेश-निकास, जिग-जैग कतार, दर्शन मार्ग तथा फुट ओवरब्रिज सहित प्रमुख क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रमुख क्षेत्रों की सतत निगरानी तथा पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से समयानुसार सूचनाओं के प्रसारण ने भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष भीड़ वाले दिवसों में श्रद्धालुओं के प्रवाह के अनुरूप सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती एवं व्यवस्थाओं में आवश्यक परिवर्तन किए गए। संस्थान की सुरक्षा टीम एवं पुलिस के बीच समन्वय से दर्शन एवं सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रही। श्रद्धालु केंद्रित व्यवस्थाओं एवं नवाचार पर रहा विशेष ध्यान-कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में दर्शनार्थियों की संख्या में 34.11 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद संस्थान का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित दर्शन सुविधा उपलब्ध कराना रहा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं में विशेष नवाचार किया गया। छोटे बच्चों के साथ आए परिवारों एवं वृद्धजनों के लिए निर्धारित सीधी कतार के माध्यम से दर्शन की सुविधा इसी सोच का हिस्सा रही। पार्किंग एवं बस स्टैंड दोनों दिशाओं में फुटवियर स्टैंड, दिशा-सूचक एवं सूचना संकेतक, सुव्यवस्थित प्रसाद क्षेत्र एवं टोकन प्रणाली, जिग-जैग कतार, मिस्टिंग सिस्टम, छायादार व्यवस्था, फुट ओवरब्रिज, शुद्ध एवं शीतल पेयजल, व्हीलचेयर एवं गोल्फ कार्ट जैसी सुविधाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं के आगमन से लेकर दर्शन एवं निकास तक की व्यवस्था को सहज बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या के अनुरूप संस्थान द्वारा श्रद्धालु सुविधाओं को और अधिक बेहतर, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा के साथ आवश्यकतानुसार उनमें सुधार एवं विस्तार किया जा रहा है, ताकि जसोलधाम आने वाले श्रद्धालुओं को सहज दर्शन के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि जागरण, श्री राणीसा भटियाणीसा जन्मोत्सव, धर्मध्वजारोहण, विशेष धार्मिक अनुष्ठान तथा विभिन्न अवसरों पर लाभार्थी परिवारों द्वारा भोजन-प्रसादी, छप्पन भोग एवं फल-प्रसाद की सेवाओं के साथ 15 दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच 4,20,941 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, पार्किंग व्यवस्थाओं में 44,398 वाहन दर्ज हुए तथा 50,460 श्रद्धालुओं ने माँ का प्रसाद ग्रहण किया। संस्थान की व्यापक श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा एवं सेवा से जुड़ी टीमों की तत्परता और श्रद्धालुओं के अनुशासन एवं सहयोग से संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में दर्शनार्थियों की संख्या में 34.11 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद संस्थान का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित दर्शन सुविधा उपलब्ध कराना रहा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं में विशेष नवाचार किया गया। छोटे बच्चों के साथ आए परिवारों एवं वृद्धजनों के लिए निर्धारित सीधी कतार के माध्यम से दर्शन की सुविधा इसी सोच का हिस्सा रही। पार्किंग एवं बस स्टैंड दोनों दिशाओं में फुटवियर स्टैंड, दिशा-सूचक एवं सूचना संकेतक, सुव्यवस्थित प्रसाद क्षेत्र एवं टोकन प्रणाली, जिग-जैग कतार, मिस्टिंग सिस्टम, छायादार व्यवस्था, फुट ओवरब्रिज, शुद्ध एवं शीतल पेयजल, व्हीलचेयर एवं गोल्फ कार्ट जैसी सुविधाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं के आगमन से लेकर दर्शन एवं निकास तक की व्यवस्था को सहज बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या के अनुरूप संस्थान द्वारा श्रद्धालु सुविधाओं को और अधिक बेहतर, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा के साथ आवश्यकतानुसार उनमें सुधार एवं विस्तार किया जा रहा है, ताकि जसोलधाम आने वाले श्रद्धालुओं को सहज दर्शन के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। छप्पन भोग लगाया भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि जागरण, श्री राणीसा भटियाणीसा जन्मोत्सव, धर्मध्वजारोहण, विशेष धार्मिक अनुष्ठान तथा विभिन्न अवसरों पर लाभार्थी परिवारों द्वारा भोजन-प्रसादी, छप्पन भोग एवं फल-प्रसाद की सेवाओं के साथ 15 दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच 4,20,941 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, पार्किंग व्यवस्थाओं में 44,398 वाहन दर्ज हुए तथा 50,460 श्रद्धालुओं ने माँ का प्रसाद ग्रहण किया। संस्थान की व्यापक श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा एवं सेवा से जुड़ी टीमों की तत्परता और श्रद्धालुओं के अनुशासन एवं सहयोग से संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ
दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्युषण महापर्व के समापन पर रविवार को शहर में दो भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। इस दौरान जैन श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास के साथ डांडिया रास किया और आत्मशुद्धि के इस पावन पर्व का समापन किया। रविवार शाम 4:30 बजे महालक्ष्मी चौक स्थित वासुपूज्य मंदिर से भव्य शोभायात्रा की शुरुआत हुई। यह आजाद चौक, पिपली चौक और चंद्रपोल गेट से होते हुए गांधी मूर्ति (पृथ्वी क्लब) पर संपन्न हुई। यहां भगवान वासुपूज्य की महाआरती उतारी गई। इस दौरान समाज के महावीर बोहरा बोहरा, मनोज सिंघवी, प्रदीप भंवरा, विकास नायक जनमेश किकावत, कल्पेश किकावत, रितेश नानी, बंसीलाल जैन, शैलेंद्र जैन, रमेश किकावत, अशोक भंवरा सहित समाज के अन्य लोग शामिल रहे। वहीं, शहर की खांदू कॉलोनी स्थित श्रेयांसनाथ भगवान मंदिर से भी एक अन्य भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा सिंटेक्स मिल गेट व विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। यहां भगवान श्रेयांसनाथ की महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु सम्मिलित हुए। खांदू कॉलोनी आयोजन में अमृतलाल सेठ, जिनेंद्र पचौरी, वर्धमान नायक, सोहनलाल पचौरी, अजीत हाथी, महेंद्र मेघावत, मनोज पचौरी, राकेश मलावत और शैलेंद्र पचौरी आदि मौजूद रहे। समाजजनों ने बताया कि पर्युषण महापर्व जैन धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जो मुख्य रूप से आत्मशुद्धि, तप और संयम का प्रतीक माना जाता है। इन दिनों में जैन अनुयायी विशेष उपवास, प्रतिक्रमण, सामायिक, प्रार्थना और धर्म चर्चा में पूर्ण रूप से संलग्न रहते हैं। समापन के इन आयोजनों से पूरे शहर में धार्मिक और उत्साह का माहौल देखने को मिला। देखिए- तस्वीरें
रायपुर के खमतराई इलाके में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 37 पौवा गोवा स्पेशल व्हिस्की जब्त की है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है। जब्त शराब की मात्रा 6.660 बल्क लीटर और कीमत करीब 4,440 रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर को खमतराई पुलिस इलाके में पेट्रोलिंग और अवैध गतिविधियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के बालाजी चौक के पास मुखबिर से सूचना मिली कि छोटापारा की आरव्हीएच कॉलोनी में एक व्यक्ति घर के बाहर बोरी में अवैध शराब रखे हुए है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को पकड़कर पूछताछ की। उसने अपना नाम ई. सुरेश रॉव (25), पिता ई. तारकेश्वर रॉव, निवासी आरव्हीएच कॉलोनी छोटापारा बताया। बोरी की तलाशी में मिले 37 पौवा पुलिस ने युवक के कब्जे में रखी हरे रंग की प्लास्टिक बोरी की तलाशी ली। इसमें 180-180 एमएल के 37 पौवा गोवा स्पेशल व्हिस्की मिले। शराब के संबंध में युवक कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने शराब जब्त कर ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खमतराई थाने में अपराध क्रमांक 1048/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आदित्य पांडे और एसीपी उरला पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में खमतराई पुलिस ने की। पुलिस का कहना है कि इलाके में अवैध शराब और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अलीगढ़ में रामलीला, दशहरा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। 3 अक्टूबर से अचलताल स्थित रामलीला मैदान में मुख्य रामलीला का मंचन शुरू होगा। आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए नगर निगम ने शहर को 4 सेक्टर में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए रूट प्लान तैयार कर रही है। नगर निगम ने आयोजन स्थलों पर सफाई, प्रकाश, पेयजल और कूड़ा उठान समेत जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अचलताल रामलीला मैदान में मंच और पंडाल तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। अगले 2-3 दिनों में प्रमुख तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य है। 3 अक्टूबर को उद्घाटन के बाद दशहरा तक नियमित मंचन होगा। बरौला में स्थानीय कलाकार निभाएंगे पात्र बरौला क्षेत्र की रामलीला में इस बार भी स्थानीय कलाकार ही अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाएंगे। यहां मंचन के लिए बाहर से मंडली नहीं बुलाई जाती। क्षेत्र के लोग पात्रों का चयन करते हैं और कलाकार खुद रिहर्सल कर मंचन की तैयारी करते हैं। आयोजकों के मुताबिक स्थानीय लोगों की भागीदारी ही बरौला की रामलीला की पहचान है। वहीं नगला तकोना की रामलीला के लिए बाहर से मंडली बुलाई जा रही है। अचलताल की मुख्य रामलीला में भी बाहरी मंडली के कलाकार मंचन करेंगे। 4 सेक्टर में बांटा शहर, अफसरों को जिम्मेदारी नगर निगम ने रामलीला और दशहरा आयोजनों को देखते हुए शहर को 4 सेक्टर में बांटा है। सेक्टर-1 में सिविल लाइंस और क्वार्सी थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव को दी गई है। सेक्टर-2 में क्वार्सी और मऊआखेड़ा क्षेत्र के प्रभारी जोनल अधिकारी मयंक चौधरी रहेंगे। सेक्टर-3 में सासनी गेट और कोतवाली क्षेत्र की व्यवस्था निर्धारित अधिकारी आशीष कुमार सेट देखेंगे। सेक्टर-4 में देहली गेट और रोरावर थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी सहायक नगर आयुक्त परितोष मिश्रा को सौंपी गई है। रामलीला और रावण दहन स्थलों पर नियमित सफाई, कूड़ा उठान, चूना छिड़काव, एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई जाएगी। आयोजन स्थलों पर पेयजल के लिए पानी के टैंकर लगाए जाएंगे। पंडाल और मेला क्षेत्र के आसपास खराब स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के मुताबिक, व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। 8 अक्टूबर से धार्मिक जुलूस शुरू होंगे 8 अक्टूबर को रामबारात टीकाराम मंदिर से शुरू होकर अतरौली अड्डा, देवत्रय हॉस्पिटल, विष्णुपुरी बजरिया, सुदामापुरी और हर्जी अड्डा पुल होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी। 10 अक्टूबर को अचल सरोवर में सरयू पार लीला होगी। 13 अक्टूबर को काली मेला रामलीला मैदान से शुरू होगा। जुलूस गली मंदिर, आर्य समाज मंदिर, आगरा रोड, जिंदल रोड, मीरीमल चौराहा, मालगोदाम और अप्सरा टॉकीज के सामने से जीटी रोड होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। 15 अक्टूबर को हनुमान जी की सवारी महावीर गंज स्थित श्री हनुमान जी मंदिर से शुरू होगी। यह बारहद्वारी, पत्थर बाजार, मीरीमल की प्याऊ, मामूभांजा रोड, बस स्टैंड और जीटी रोड होते हुए रामलीला भवन पहुंचेगी। 20 अक्टूबर को सिंहासन मेला दोपहर 1 बजे रामलीला भवन से शुरू होगा। जुलूस समाज रोड, आगरा रोड, जिंदल रोड, मीरीमल चौराहा, पत्थर बाजार, बांस मंडी चौराहा, होली चौक और सिटी कॉलेज के पीछे से होते हुए जीटी रोड स्थित मित्तल गेट से प्रदर्शनी मैदान पहुंचेगा। इन आयोजनों को देखते हुए नगर निगम और पुलिस स्तर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य रामलीला मैदान और जुलूस मार्गों पर सफाई, प्रकाश, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
कटिहार में आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसपी परिचय कुमार के निर्देश पर पुलिस केंद्र में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन का अभ्यास कराया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और क्यूआरटी टीमों को आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… दंगा नियंत्रण उपकरणों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग अभ्यास के दौरान जवानों को दंगा नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी दी गई। साथ ही टियर गैस के सुरक्षित इस्तेमाल और अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति में तेजी से कार्रवाई का अभ्यास कराया गया। क्यूआरटी टीमों को त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास क्यूआरटी टीमों को भीड़ को नियंत्रित करने, टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने और आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रशिक्षण दिया गया। जवानों ने टीमवर्क और भीड़ प्रबंधन की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया। पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी पुलिस का उद्देश्य पर्वों के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना है। पुलिस ने लोगों से शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की है। सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस लगातार नजर रखेगी।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से 17 वर्षीय छात्र लवकुश धवल की मौत का CCTV फुटेज सामने आया है। खुरैरी चौराहे के पास शुक्रवार शाम हुए हादसे में लवकुश अपने दोस्त प्रशांत कुमार के साथ बाइक से लौट रहा था। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दोनों छात्र सड़क पर गिर जाते हैं। इसी दौरान लवकुश ट्रक के पहिए की चपेट में आ जाता है। पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में प्रशांत भी घायल हुआ है। पीछा करने पर ट्रक छोड़कर भागा चालक हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भाग रहे ट्रक का पीछा किया। पुलिस को पीछे आता देख चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने RJ 11-GB 2235 नंबर का ट्रक जब्त कर लिया है और चालक की तलाश कर रही है। लवकुश भिंड जिले के गोहद के संतोष नगर का रहने वाला था और कक्षा 12वीं का छात्र था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। शनिवार को जिला अस्पताल मुरार में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गोहद का रहने वाला था लवकुश लवकुश भिंड जिले के गोहद के संतोष नगर का रहने वाला था और कक्षा 12वीं में पढ़ता था। शुक्रवार को वह अपने दोस्त से मिलने खुरैरी आया था। शनिवार दोपहर जिला अस्पताल मुरार में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। लवकुश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसके अलावा एक छोटी बहन है। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है मुरार थाना टीआई मैना पटेल ने बताया कि सड़क हादसे में एक नाबालिग की मौत हुई है, जबकि उसका दोस्त घायल है। पुलिस ने दुर्घटनाकारित ट्रक जब्त कर लिया है। चालक फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश और गंडक नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए मोतिहारी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। रविवार को जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संग्रामपुर अंचल के कई गांवों और गंडक नदी के किनारे बसे क्षेत्रों का वाटर बोट से निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अपर समाहर्ता और बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, मोतिहारी के अभियंता भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सभी तटबंध सुरक्षित पाए गए। हालांकि, गंडक नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का ट्रेंड सामने आने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को अगले कुछ घंटों में बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे माइकिंग, लोगों को दी जाएगी सूचना डीएम ने नदी तटीय क्षेत्रों में तत्काल माइकिंग कराने का निर्देश दिया। इसके माध्यम से लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे की जानकारी दी जाएगी। नदी किनारे बसे सभी टोलों को नजदीकी आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई से टैग करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी न हो। संभावित प्रभावित इलाकों की पहले से पहचान कर वहां आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए संबंधित क्षेत्रों में नावों की अग्रिम व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। नावों पर लाल झंडा और बैनर लगाने के निर्देश प्रशासन ने बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाली नावों को भी चिह्नित करने की तैयारी की है। डीएम ने नावों पर लाल झंडा लगाने और आवश्यक बैनर-फ्लेक लगाने का निर्देश दिया है, ताकि बाढ़ की स्थिति में नावों की पहचान आसानी से की जा सके। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि नावों और अन्य बचाव संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए। आपात स्थिति आने के बाद संसाधनों की व्यवस्था करने के बजाय उन्हें पहले से तैयार रखा जाए। तटबंधों की निगरानी के लिए होमगार्ड तैनात गंडक नदी के तटबंधों पर लगातार नजर रखने के लिए होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। जवान तटबंधों की निगरानी के साथ नियमित पेट्रोलिंग करेंगे। प्रशासन की ओर से तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने और किसी तरह की क्षति या पानी के दबाव की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है। सभी अंचलों में पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन शीट का स्टॉक रखने का निर्देश भी दिया गया है। जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पॉलिथीन शीट और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। एसडीआरएफ को तैयार रखने के निर्देश आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य शुरू करने के लिए एसडीआरएफ कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य को लेकर अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को भी तैयारी से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने मुखिया और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें नदी के जलस्तर और संभावित स्थिति की जानकारी देने को कहा है। पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीणों तक प्रशासन की ओर से जारी जरूरी सूचनाएं पहुंचाएंगे। पुलिस बल और मेडिकल टीम भी रहेगी तैयार आकस्मिक स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को पर्याप्त बल तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्य में पुलिस की भूमिका भी तय की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लिए मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैयार अवस्था में रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में बीमार और घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए और स्थिति में किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाए। फिलहाल तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा है।
घरेलू कलह में युवक ने फंदे से लटककर जान दी:औरैया में घर के कमरे में लगाई फांसी, परिवार में पसरा मातम
औरैया के बिधूना कोतवाली क्षेत्र में घरेलू कलह के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुरवा मके गांव के 35 साल के सूरज उर्फ सोनू ने रविवार शाम अपने घर के कमरे में साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। मृतक की पत्नी रेनू का रो-रोकर बुरा हाल है। सूरज के दो छोटे बच्चे भी हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 5:45 बजे सूरज एक साड़ी लेकर कमरे में गया था। पुलिस कर रही मामले की जांच काफी देर तक वह बाहर नहीं आया, तो पड़ोस के एक युवक ने कमरे में देखा। वहां सूरज का शव फंदे पर लटका मिला। युवक ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे जल्दी से बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नवादा पुलिस कार्यालय में रविवार को पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) राजेंद्र कुमार भील ने जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक से पहले पुलिस कार्यालय पहुंचने पर गार्ड की ओर से डीआईजी को सलामी दी गई। एसपी अभिनव धीमान ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई बैठक में जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीआईजी ने अधिकारियों को जिले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जिन मामलों में आरोपी लंबे समय से फरार हैं, उनमें गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज करने और अनुसंधान की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। सोशल मीडिया पर भी नजर रखने का निर्देश डीआईजी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली ऐसी सामग्री पर पुलिस की नजर रहे, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वाले लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही राजनीतिक गतिविधियों, धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पर्व-त्योहार पर बढ़ेगी पेट्रोलिंग आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों को नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी प्रभावी होनी चाहिए। पर्व के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर लगातार सूचनाएं जुटाने और जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया। यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर पर्व-त्योहार के दौरान बाजारों और प्रमुख सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। जाम की स्थिति बनने पर तत्काल कार्रवाई करने और यातायात को सुचारू रखने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया। महिलाओं से जुड़ी घटनाओं पर विशेष निगरानी बैठक में महिलाओं से संबंधित घटनाओं को लेकर भी निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि ऐसी शिकायतों और मामलों की स्थानीय स्तर से लेकर पुलिस नियंत्रण कक्ष तक प्रभावी निगरानी होनी चाहिए। महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया समय पर हो और शिकायतों के निपटारे में लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि ड्यूटी में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस-पब्लिक संबंध मजबूत करने पर जोर डीआईजी ने पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस के प्रति आम लोगों का भरोसा बनाए रखना भी जरूरी है। स्थानीय लोगों से लगातार संवाद करने और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी लेने से पुलिस को अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। बैठक में जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। डीआईजी ने सभी अधिकारियों को निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने को कहा।
बेतिया नगर निगम बेतिया में दो दशक से अधिक समय से पदस्थ कनीय अभियंता (जेई) सुजय सुमन से जुड़े मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र के बाद कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विभागीय स्तर से पत्र जारी होने के बाद अब नगर निगम में भी मामले को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं। उप महापौर गायत्री देवी ने महापौर के नाम पत्र भेजकर सशक्त स्थायी समिति की बैठक जल्द बुलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के अवर सचिव की ओर से नगर निगम से संबंधित मामले में पत्र भेजा गया है। इसमें मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित अभिलेख सशक्त स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। विभागीय पत्र के बाद बढ़ी सक्रियता उप महापौर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह मामला लंबे समय से लंबित है। अब नगर विकास एवं आवास विभाग ने भी आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। ऐसे में मामले को और लंबित रखने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने विभागीय निर्देश के आलोक में संबंधित अभिलेखों की जांच कर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। समिति के सामने रखे जाएं सभी अभिलेख उप महापौर ने महापौर से जल्द सशक्त स्थायी समिति की बैठक बुलाकर मामले को समिति के समक्ष रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद ही नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के बाद स्पष्ट होगा अगला कदम उप महापौर के अनुसार, लंबे समय से लंबित इस मामले में विभागीय पत्र के बाद अब कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय संबंधित अभिलेखों की जांच और सक्षम स्तर से नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 'न्यायिक शिक्षा के क्षितिज का विस्तार' विषय पर आयोजित दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हो गया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 27 सितंबर को दो अलग-अलग सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने डिजिटल चुनौतियों और समावेशी न्याय प्रणाली पर अपनी बात रखी। पहला सत्र: तकनीक से न्याय में तेजी, पर चुनौतियां भी कम नहीं दिन के पहले सत्र 'न्यायिक शिक्षा का डिजिटल रूपांतरण: अवसर, चुनौतियां और आगे का रास्ता' में कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंद राज और मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सुधाकर कालगांवकर ने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बना रही है और इसके लिए न्यायिक अधिकारियों को किस प्रकार प्रशिक्षित करने की जरूरत है। दूसरा सत्र: संवेदनशील व समावेशी न्याय व्यवस्था पर जोर दूसरे सत्र 'संवेदनशील और समावेशी न्याय के लिए न्यायिक सक्षमताओं का निर्माण' विषय पर गुजरात हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी और उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुभाशीष तालपत्रा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समाज के हर वर्ग तक निष्पक्ष और संवेदनशील न्याय पहुंचाने के पहलुओं को रेखांकित किया। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने दिया धन्यवाद भाषण कार्यक्रम के अंत में मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति जी. एस. अहलूवालिया ने दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के सभी सत्रों के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया और ज्ञानार्जन के मुख्य पहलुओं को साझा करते हुए आभार व्यक्त किया। BSF के डॉग शो ने मोहा मन दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बीएसएफ टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा एक विशेष डॉग शो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित श्वानों के करतबों को सराहा गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बूंदी की जनता ने नगरीय निकाय चुनावों में विश्वास और भरोसे के साथ जनप्रतिनिधियों को चुनकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अब सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे सेवा, संवेदना और समर्पण के साथ जनता के इस विश्वास पर खरे उतरें। वे टाउन हॉल में आयोजित संपर्क संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। बिरला ने कहा कि जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल नगर परिषद या नगरपालिका के कार्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी प्रत्येक कठिनाई, दर्द और समस्या में उसका जनप्रतिनिधि उसके साथ खड़ा है। बूंदी को विकास का मॉडल बनाने का लक्ष्य बिरला ने कहा कि इस बार बूंदी जिले में नगरीय निकायों में जनता ने व्यापक जनादेश दिया है। यह जनता के आशीर्वाद के साथ कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और निरंतर सेवा का परिणाम है। आने वाले समय में बूंदी के विकास को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा, जो राजस्थान में विकास का मॉडल बने। हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजना का लाभ बिरला ने कहा कि आधार कार्ड, खाद्य सुरक्षा, पालनहार, पेंशन, किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोटा-बूंदी क्षेत्र में जो व्यक्ति जिस योजना का पात्र है, उसे उस योजना का लाभ मिले। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे प्रत्येक परिवार के दस्तावेजों की जांच करें। जहां आधार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों में विसंगति है, वहां उसे ठीक करवाने में सहयोग करें। उन्होंने बूंदी में आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी केंद्र प्रारंभ किए जाने की बात भी कही। किसानों को खाद और सिंचाई के पानी की कमी नहीं आने देंगे किसानों का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता सामने आने पर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार के स्तर पर चर्चा कर नहरों में पानी छुड़वाने का प्रयास किया गया, जिससे किसानों की फसल को राहत मिली। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं आने देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। समर्थन मूल्य पर खरीद हो, खाद की उपलब्धता हो, पीने का पानी हो या खेतों तक सिंचाई का पानी—किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के बदनहाई डोंगरी में 25 सितंबर को 22 वर्षीय गोवर्धन कोल का शव झाड़ियों में मिला था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को हत्या के आरोप में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सूरज राठौर, राहुल सिंह राठौर, तेजराज राठौर, दिनेश गोड और राहुल राठौर शामिल हैं। इनमें से चार को कोर्ट में पेश किया गया है, जबकि एक आरोपी की उम्र की जांच की जा रही है। पुलिस ने 48 घंटे के अंदर इस मामले का खुलासा किया। थाना प्रभारी गोकुलानंद पाण्डेय ने बताया कि मृतक के पिता प्रेमलाल कोल के अनुसार, 23 सितंबर की रात गोवर्धन अपने साथियों मिथुन कोल और राजेश यादव के साथ गणेश विसर्जन के लिए घर से निकला था। रात 10 बजे मिथुन ने गोवर्धन के फोन से बताया कि सूरज और उसके साथी गोवर्धन को पीट रहे हैं। परिजनों ने गोवर्धन की तलाश की। 24 सितंबर को उसकी बाइक का टूटा क्लच केबल और चप्पल मिली। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पांचों आरोपी पकड़े गए। शराब पीने के बाद विवाद हुआ मुख्य आरोपी सूरज राठौर ने बताया कि उस रात वह अपने साले के साथ शराब पी रहा था, तभी गोवर्धन, मिथुन कोल, राजेश यादव के साथ पहुंचा। यहां सूरज उसके साल के साथ बैठकर शराब पीने बैठ गए। तभी बातों बातों ने गोवर्धन कोल ने आरोपी के परिवार की एक लड़की को भगाकर ले जाने की बात कही। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। साथ मारपीट के दौरान भागे विवाद को देखते मिथुन कोल, राजेश यादव ने गोवर्धन को साथ लेकर बाइक से घर वापसी करने लगे, तभी सूरज ने फोन पर अन्य साथियों को बुला लिया, जहां गोवर्धन की बाइक का पीछा कर रास्ते में मारपीट करने लगे। मारपीट को देखकर गोवर्धन के दोनों साथी भाग निकले। इसी दौरान सूरज सहित अन्य साथी मारपीट करते बेल्ट से गला घोंट कर हत्या कर दी। वहीं दोनों घुटने को किसी धारदार से काटने का प्रयास किया। आरोपी के पिता ने भी दिया साथ घटना के बाद सूरज की खोज में निकला सूरज का पिता मौके स्थल पहुंचा। जहां पुत्र के साथ मिलकर शव को अपनी कार में लादकर मृतक के घर के पास से गुजरते गांव के पीछे डोंगरी में झाड़ियों के पीछे फेंक दिया।
बांका के शंभूगंज प्रखंड के छोटी भरतशिला गांव में रविवार को लोहागढ़ नदी में नहाने गए 12 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी अंगुरी पंडित के पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई। विद्यालय में छुट्टी होने के कारण आनंद गांव के अन्य बच्चों के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह नदी की गहरी खाई में चला गया और डूब गया। करीब चार घंटे की तलाश के बाद ग्रामीणों ने उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। आनंद को अचेत अवस्था में बाहर निकालने के बाद परिजन उसे तत्काल फुल्लीडुमर अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां कौशल्या देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार अचेत हो रही थीं। घटना के बाद गांव में भी मातम पसरा है। नहाते समय गहरी खाई में चला गया ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को स्कूल की छुट्टी थी। आनंद गांव के कुछ बच्चों के साथ घर के पास से गुजरने वाली लोहागढ़ नदी में नहाने गया था। सभी बच्चे नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान आनंद नदी के एक ऐसे हिस्से में चला गया, जहां पानी के अंदर गहरी खाई थी। वह अचानक उसमें डूब गया। उसके साथ नहा रहे दूसरे बच्चों को शुरुआत में इसकी जानकारी नहीं हुई। कुछ देर बाद एक बच्चे की नजर पानी के अंदर आनंद के हाथ पर पड़ी। उसने तुरंत शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ नदी के पास जुट गई। चार घंटे तक नदी में तलाश आनंद के डूबने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में काफी देर तक खोजबीन की। गहराई अधिक होने के कारण तलाश में परेशानी हुई। ग्रामीण करीब चार घंटे तक नदी में आनंद को खोजते रहे। शाम के समय उसे नदी की गहरी खाई से बाहर निकाला जा सका। उस समय वह अचेत था। परिजन उसे लेकर फुल्लीडुमर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दो भाई-बहनों में सबसे बड़ा था आनंद आनंद अपने माता-पिता की दो संतानों में सबसे बड़ा था। वह गांव के ही विद्यालय में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। परिजनों के अनुसार, रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह गांव के बच्चों के साथ खेलने और नहाने के लिए नदी की ओर गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटे बाद घर में उसकी मौत की खबर पहुंचेगी। बेटे की मौत के बाद मां कौशल्या देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को खोने के गम में वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिजनों की चीख-पुकार से घर का माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाई और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। घटना के बाद पंचायत के मुखिया विनय प्रसाद सहित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शोक जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कई जगह गहराई अधिक है। ऐसे स्थानों पर बच्चों के जाने से हादसे का खतरा बना रहता है। आनंद की मौत के बाद ग्रामीणों ने नदी के ऐसे खतरनाक हिस्सों की पहचान कर सुरक्षा के इंतजाम करने की भी जरूरत बताई है।
बिलासपुर। चकरभाठा में मदद करने के बहाने एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी कर उसके और उसकी मां के बैंक खातों से 2.84 लाख रुपए निकालने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के बाद 48 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, नए कपड़े और 15 हजार रुपए नकद समेत करीब 75 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। चारों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बारिश में बेहोश हुए थे सूरज, मदद के बहाने मोबाइल ले गए पुलिस के अनुसार, घटना 8 सितंबर की है। चकरभाठा के इंडियन कॉफी हाउस के पास बारिश के दौरान सूरज सतनामी बेहोश हो गए थे। आरोप है कि चार लड़कों ने मदद करने के बहाने सूरज और उनके दोस्त का मोबाइल चोरी कर लिया। इसके बाद सूरज को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। नए मोबाइल पर मिला बैंक से रकम निकलने का मैसेज पुलिस के मुताबिक, 25 सितंबर को नया मोबाइल लेने के बाद सूरज को बैंक खातों से रुपए निकलने के मैसेज मिले। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से चोरी किए गए मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलकर उसमें मौजूद गैलरी से आधार नंबर की फोटो की जानकारी हासिल की। इसके बाद फोन पे और पेटीएम समेत ऑनलाइन भुगतान माध्यमों को आधार से लिंक कर रीसेट किया और सूरज तथा उनकी मां के खातों से 2.84 लाख रुपए निकाल लिए। निकाली रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस का कहना है कि गौरीशंकर ने सूरज और उनकी मां के खातों से निकाली गई रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग आईडी क्रीकबेट में भी रुपए डाले गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रकम का इस्तेमाल खाने-पीने, कार से घूमने और शॉपिंग में किया। CCTV और बैंक जानकारी से चारों तक पहुंची पुलिस मामले में अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ गवाहों के बयान और बैंक से मिली जानकारी का भी विश्लेषण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मदद के बहाने मोबाइल चोरी करने और बाद में ऑनलाइन रुपए निकालने की पूरी घटना सामने आई। 4 मोबाइल, 15 हजार नकद समेत 75 हजार का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, खरीदे गए नए कपड़े और चोरी की रकम में से 15 हजार रुपए नकद बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विवेक वर्मा, करन नायक, गौरीशंकर उर्फ लालू साहू और गगन उर्फ शिबू साहू को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद चारों को जेल भेज दिया गया। पुलिस की अपील- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना चकरभाठा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिलने पर डायल-112 या नजदीकी थाने में तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
आगरा में तेज रफ्तार बस ने बुलेट सवार को रौंदा:कानपुर हाईवे पर 50 मीटर तक घिसटता गया, शव के चिथड़े हुए
आगरा में बुलेट बाइक सवार तेज रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आ गया। बाइक सवार करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके शव के चिथडे़ हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना थाना एत्माद्दौला अंतर्गत हाईवे पर गल्ला मंडी के सामने की है। हादसा रात करीब शाम साढे़ 7 बजे हुआ। लोगों ने बताया कि फिरोजाबाद से आगरा की ओर जाने वाले रोड पर मंडी समिति के सामने पीछे से आ रही रोडवेज बस ने बुलेट सवार को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक सवार बस के साथ करीब 50 मीटर तक घिसटता गया। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार के चिथडे़ हो गए। हादसे के बाद लग गया जाम हादसे के बाद लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर थाना पुलिस भी आ गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे के बाद जमा की स्थिति बन गई। वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने जाम खुलवाया। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी विवेकानंद ने रविवार को पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर प्रभावी रोक लगाना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गंभीर मामलों की जांच में तेजी के निर्देश बैठक में हत्या, लूट, डकैती और महिला उत्पीड़न समेत गंभीर आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई। आईजी ने ऐसे मामलों की जांच में तेजी लाने और लंबित कांडों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने को भी कहा गया। गश्ती व्यवस्था पर विशेष जोर आईजी ने रात और दिन की गश्ती को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। गश्ती वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग और अचानक जांच के जरिए पुलिस की सक्रियता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को नियमित रूप से गश्ती व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया। हथियार तस्करी पर कार्रवाई अवैध शराब, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया। आईजी ने खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि संभावित आपराधिक घटनाओं की जानकारी पहले ही मिल सके और उन्हें रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके। थाने में फरियादियों से अच्छा व्यवहार आईजी ने थानों में आने वाले फरियादियों के साथ बेहतर व्यवहार करने और उनकी शिकायतों पर तत्काल ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। बैठक में एसटीएफ डीआईजी नीरज कुमार सिंह, एसपी जितेंद्र कुमार, एसडीपीओ सुशील कुमार, डीएसपी मुख्यालय संतोष कुमार पोद्दार, डीएसपी साइबर रघुनाथ सिंह, डीएसपी रक्षित सुधीर कुमार समेत सभी सर्किल इंस्पेक्टर, पुलिस अधिकारी और थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
रेलवे ट्रैक पर शख्स का शव मिला:पहचान नहीं हो सकी, शरीर पर पेशाब की थैली और हाथ में नीडल लगी थी
सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत जगमोरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार को रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला। सबसे पहले आसपास के ग्रामीणों ने शव देखा और तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (डायल 112) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इसकी खबर दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंच गई, वहीं RPF की टीम ने भी पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। RPF और पुलिस की टीमें आसपास के इलाकों में पूछताछ कर मृतक की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही हैं। गुलाबी टी-शर्ट और लूंगी पहने था मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने उसका हुलिया जारी किया है। मृतक ने गुलाबी रंग की धारीदार टी-शर्ट और चेकदार लंगोट/लूंगी पहन रखी थी। खास बात यह है कि मृतक के शरीर पर मेडिकल उपकरण लगे मिले हैं। उसके पेट के पास पेशाब की थैली (यूरिन बैग) लटकी हुई थी और हाथ में ड्रिप लगाने वाली सुई (कैनुला) भी लगी हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि वह किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा था। हादसा या खुदकुशी? दोनों एंगल से जांच जारी शरीर पर मिले मेडिकल उपकरणों के आधार पर पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं बीमारी से तंग आकर उसने खुदकुशी तो नहीं कर ली। हालांकि, RPF और पुलिस हादसे (ट्रेन की चपेट में आने) के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह और पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
भाजपा के 7 में से 6 अग्रिम मोर्चों की प्रदेश टीमों की घोषणा एक-दो दिन में हो सकती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने 27 सितंबर, रविवार को दिनभर अग्रिम मोर्चों की प्रदेश टीमों में शामिल होने वाले सदस्यों के नाम फाइनल कर लिए हैं। खासबात ये रही कि अग्रिम मोर्चों की प्रदेश टीमों के गठन में मोर्चों के प्रदेश प्रभारियों से रायशुमारी नहीं की गई है, उन्हें बैठक में भी आमंत्रित नहीं किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… टीम गठन को लेकर 2 घंटे तक चली बैठक भाजपा प्रदेश मुख्यालय में रविवार को आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों के साथ उनकी टीम के गठन को लेकर बैठक की। प्रत्येक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष के साथ टीम को गठन को लेकर करीब एक से 2 घंटे तक चली बैठक में मोर्चे के प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम फाइनल किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, युवा मोर्चा की प्रदेश टीम की घोषणा नवरात्रि में की जाएगी। युवा मोर्चा की मौजूदा टीम इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही यात्रा कर रही है। इसलिए यात्रा समाप्त होने के बाद युवा मोर्चा की नई टीम का गठन किया जाएगा। सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश जानकारी के मुताबिक अग्रिम मोर्चों की प्रदेश टीम में भी अधिकांश नए चेहरे शामिल किए गए हैं। बैठक में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा, अनसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष अशोक रावत, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विद्याभूषण गोंड, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह शामिल थे। लेकिन बैठक में महिला मोर्चा के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, एससी मोर्चा के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एसटी मोर्चा की प्रदेश प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका रावत, किसान मोर्चा के प्रभारी प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, ओबीसी मोर्चा के प्रभारी एवं प्रदेश महामंत्री संजय राय को बैठक में शामिल नहीं किया गया। मोर्चा प्रभारियों को टीम गठन की बैठक में शामिल नहीं करने को लेकर पार्टी पदाधिकारियों में तरह तरह की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा मीडिया टीम की घोषणा भी जल्द भाजपा की प्रदेश टीम टीम की घोषणा जल्द होगी। मीडिया टीम में करीब 15 से 20 प्रवक्ता, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी और पैनलिस्ट शामिल किए जाएंगे। प्रवक्ता पद के दावेदार प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा, मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित और मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह के यहां अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मीडिया प्रभारी यतेंद्र शर्मा महामंत्री संगठन के करीबी हैं। इसलिए मीडिया टीम के गठन में दोनों का महत्व बढ़ गया है।
मारवाड़ राजपूत सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत के रविवार को पाली आने पर राजपूत समाज की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत ने अपने संबोधन में EWS से संबंधित प्रावधानों के सरलीकरण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम तरीके से मिलना चाहिए। भामाशाह भंवर सिंह मंडली ने साफा पहनाकर माल्यार्पण किया। विमलेन्द्र सिंह राणावत ने शिक्षा के महत्व को बताया। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान पार्षद विक्रमपाल सिंह चौहान और मारवाड़ राजपूत सभा के उपाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान का भी साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंच संचालन बलवीर सिंह राणावत ने किया। श्री राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अजयपाल सिंह हेमावास ने बताया कि कार्यक्रम में गोपाल सिंह शेखावत, बाघ सिंह कुंपावत, महावीर सिंह कुंपावत, दलपत सिंह कुंपावत, वीरेन्द्र सिंह नरूका, छोटू सिंह उदावत, छैल सिंह कुंपावत, जितेंद्र सिंह भाटी, जवान सिंह मानी, दिलीप सिंह जोधा, चंद्रेशपाल सिंह, महेंद्र सिंह चांदावत, गुलाब सिंह गिरवर, पर्वत सिंह वेलार, उम्मेद सिंह टेवाली, प्रवीण सिंह भाटी, प्रताप सिंह कुंपावत एवं शक्ति सिंह हेमावास सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक हितों, समाज की एकता और संगठन की मजबूती को लेकर चर्चा की गई।
बिहार: लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा का डेट आ गया; योग्यता, सिलेबस, उम्र सीमा का डिटेल जान लीजिए
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा, 2026 को लेकर रविवार को अधिसूचना जारी कर दी है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन एक अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक लिये लाएंगे।
गुरुग्राम में पानी की टंकी की दीवार गिरी:2 बच्चों की मौत, ठेकेदार पर FIR; 3-4 दिन पहले ही बनाई थी
गुरुग्राम जिले के सेक्टर-83 स्थित जी-21 सोसाइटी के पास झुग्गियों में बनी सीमेंट की पानी की टंकी की दीवार गिरने से 4 साल की बच्ची सुमैया प्रवीन समेत 2 बच्चों की मौत हो गई। हादसे में एक महिला और उसका बच्चा भी मलबे में दब गए थे। खेड़की दौला थाना पुलिस ने मृत बच्ची के पिता शरीफ अली की शिकायत पर ठेकेदार अजय के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। शरीफ अली राजमिस्त्री का काम करते हैं। आसपास में बनी इन झुग्गियों में करीब 60-70 परिवार रहते हैं। 3-4 दिन पहले 10 फुट लंबी सीमेंट की टंकी बनवाई आरोप है कि ठेकेदार ने 3-4 दिन पहले 10 फुट लंबी सीमेंट की टंकी बनवाई थी, लेकिन पूरी तरह तैयार होने से पहले ही उसमें पानी भर दिया गया। 25 सितंबर की शाम सुमैया की मां उसे नहलाने टंकी के पास ले गई थीं, तभी दीवार फटकर गिरी। अस्पताल ले जाने पर सुमैया को मृत बताया गया। बाद में दूसरे बच्चे की भी मौत की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता ने टंकी निर्माण में खराब सामान इस्तेमाल करने और अधूरी टंकी में पानी भरने का आरोप लगाया है।
गोपालगंज में अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ ‘दीया’ की ओर से 3 अक्टूबर को गोपालगंज शहर स्थित गायत्री मंदिर परिसर में एक दिवसीय सेमिनार सह ‘यूथ एक्सपो’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। ‘मनःस्थिति बदले तो, परिस्थिति बदले’ पर होगा मार्गदर्शन सेमिनार के मुख्य वक्ता नेशनल यूथ मोटिवेटर एवं कोऑर्डिनेटर मनीष कुमार होंगे। वे युवाओं को ‘मनःस्थिति बदले तो, परिस्थिति बदले’ विषय पर मार्गदर्शन देंगे। वे बताएंगे कि बाहरी परिस्थितियों में बदलाव के लिए सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। परीक्षा तनाव और पढ़ाई में एकाग्रता पर चर्चा कार्यक्रम में विद्यार्थी जीवन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा होगी। परीक्षा और पढ़ाई के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और पढ़ाई पर फोकस बनाए रखने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी। समय प्रबंधन से लेकर रोजगार तक की जानकारी सेमिनार में समय का बेहतर उपयोग, अनुशासित दिनचर्या और व्यक्तित्व विकास को लेकर भी टिप्स दिए जाएंगे। इसके अलावा बेरोजगारी की चुनौती से निपटने, कौशल विकास और आत्मनिर्भर बनने के रास्तों पर युवाओं को मार्गदर्शन दिया जाएगा। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास आयोजकों के अनुसार, सही मार्गदर्शन के अभाव में कई युवा भटकाव का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में सेमिनार का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक सोच, सही दिशा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। स्थानीय टीम ने जिले के छात्र-छात्राओं, युवाओं और अभिभावकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।
हिसार जिले के बनभौरी गांव के पास एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर गाड़ी और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में 11 साल का एक नाबालिग भी शामिल है। घायल युवक को प्राथमिक इलाज के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, गांव सरहेड़ा निवासी 22 वर्षीय मोनू, 11 वर्षीय पुनीत और रवि एक ही बाइक पर सवार होकर जींद जिले के मखंड गांव में खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे थे। जब वे बनभौरी गांव के पास पहुंचे, तो सामने से आ रही फॉर्च्यूनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि अनियंत्रित होकर बाइक एक अन्य मोटरसाइकिल से भी टकरा गई। हादसे के बाद राहगीरों की मदद से तीनों घायल युवकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने मोनू और पुनीत को मृत घोषित कर दिया। रवि की गंभीर हालत के कारण उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की खबर मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों शवों को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगरपालिका के रविवार को उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी संगीता व्यास जीत गईं। संगीता व्यास ने कांग्रेस प्रत्याशी निरंजन शर्मा को 2 वोटों से हराया। निर्वाचन अधिकारी कपिल उपाध्याय ने बताया- नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के लिए 2 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। कांग्रेस पार्टी की ओर से वार्ड नंबर 14 के पार्षद निरंजन शर्मा मैदान में थे। वहीं वार्ड नंबर 16 की निर्दलीय पार्षद संगीता व्यास को भाजपा ने समर्थन देकर मैदान में उतारा। मतदान की प्रक्रिया में नगरपालिका के सभी 20 निर्वाचित पार्षदों ने वोट किए। नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष विनीता पूनियां सभी कांग्रेसी पार्षदों के साथ मतदान करने पहुंचीं। शाम 5 बजे मतदान समाप्त होते ही तुरंत मतगणना हुई। मतगणना के नतीजों में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी संगीता व्यास को 11 वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार निरंजन शर्मा को 9 वोट मिले। संगीता व्यास के 2 वोटों से जीतते ही समर्थकों ने खुशी जाहिर की। एक दिन पहले कांग्रेस की चेयरमैन बनी थीं सीकर के खाटूश्यामजी नगरपालिका में शनिवार को 5 दिन बाद नगर पालिका अध्यक्ष का परिणाम जारी हुआ था। कांग्रेस की विनीता पूनिया एक वोट से चुनाव जीत गई थीं। सीकर के खाटूश्यामजी में वार्ड नंबर 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी के वोट नहीं डालने की वजह से चुनाव परिणाम 5 दिन से अटका हुआ था। कोर्ट के निर्देशों के बाद निर्वाचन आयोग ने रविवार सुबह 10 बजे से मतगणना करवाई। इसके बाद परिणाम जारी हो गया। सीकर में 13 नगर निकायों के अध्यक्ष का परिणाम 21 सितंबर को जारी हो गया था, लेकिन खाटूश्यामजी में वोटों की गिनती नहीं हुई थी।

