मेरठ में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाएंगे। शहर की सड़कों के गड्ढे भी तय मानकों के अनुसार भरे जाएंगे। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए। ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर कराएं जरूरी काम डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग तय मानकों का पालन करें। शासन और सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देशों के अनुसार भी काम किया जाए। उन्होंने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां हादसों की रोकथाम के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। गड्ढे भरने में मानकों की अनदेखी पर नाराजगी बैठक में नगर निगम की ओर से सड़कों के गड्ढे भरने के काम में तय मानकों का पालन नहीं पाया गया। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम, एमडीए और लोक निर्माण विभाग को शहर की सभी सड़कों के गड्ढे मानकों के अनुसार भरने के निर्देश दिए। सर्दियों से पहले लगेंगे सोलर ब्लिंकर्स आने वाली सर्दियों को देखते हुए शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर सोलर ब्लिंकर्स और कैट्स आई लगाने को कहा गया। डीएम ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस विभाग को गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा नगर निगम, एमडीए और लोक निर्माण विभाग को शहर में चल रहे विकास कार्य जल्द पूरे करने को कहा गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन, एसपी सिटी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, संबंधित विभागों के अधिकारी और संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
लखनऊ के ठाकुरगंज के पसंद बाग स्थित बेगम अख्तर की मजार पर शुक्रवार को 13वीं हाज़िरी का आयोजन किया गया। हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका डॉ. संगीता नेरुरकर ने अपनी गायकी से बेगम अख्तर को सुरों भरी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ग़ज़लों के जरिए अख़्तरी बाई फ़ैज़ाबादी से मलिका-ए-ग़ज़ल बनने तक के उनके संगीत के सफर को याद किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने यादगार बनाया प्रस्तुति से पहले डॉ. संगीता नेरुरकर ने बेगम अख्तर की मजार पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और 'सावन घर आ जा' गाकर अपनी हाज़िरी पेश की। इसके बाद उन्होंने 'इतना तो जिंदगी में किसी की खलल पड़े' समेत कई मशहूर ग़ज़लें सुनाईं। उनकी आवाज में बेगम अख्तर की गायकी का अंदाज और शायरी का दर्द महसूस हुआ। उनके साथ तबले पर पंडित विनोद लेले, हारमोनियम पर पंडित धर्मनाथ मिश्र और सारंगी पर विनायक सहाय ने संगत की। तीनों कलाकारों के सुर और ताल ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया। 'बेगम अख्तर ने दिल से गाना सिखाया' डॉ. संगीता नेरुरकर ने कहा कि मजार पर हाज़िरी में गाना उनके लिए बेहद भावुक अनुभव है। वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें इस मौके पर बेगम अख्तर को सुरों के जरिए याद करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बेगम अख्तर ने दिल से और खुलकर गाना सिखाया। शास्त्रीय संगीत की गहरी तालीम के कारण वह शायरी को अलग-अलग तालों में खूबसूरती से पिरोती थीं। रागों के सुर और शेरों का मेल ही ग़ज़ल का असली रंग सामने लाता है। यही खास अंदाज उन्हें अपने दौर के दूसरे कलाकारों से अलग पहचान देता था। 2014 से जारी है हाज़िरी की परंपरा बेगम अख्तर की मजार पर हाज़िरी देने की परंपरा 2014 में शुरू हुई थी। इस साल इसका 13वां आयोजन किया गया। अख़्तरी बाई फ़ैज़ाबादी के नाम से संगीत की दुनिया में कदम रखने वाली बेगम अख्तर ने करीब 400 ग़ज़लों को अपनी आवाज दी। ग़ालिब, जिगर मुरादाबादी और फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ जैसे शायरों के कलाम को उन्होंने अपनी गायकी से अमर कर दिया।
गोदाम में रखे 80 हजार के पटाखे जब्त:मंदसौर में संचालक पर केस, कहां से खरीदे पुलिस पता कर रही
मंदसौर के अफजलपुर में पुलिस ने शुक्रवार को दरगाह रोड स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 80 हजार रुपए के पटाखे जब्त किए हैं। पुलिस ने नीम चौक अफजलपुर के रहने वाले गोदाम मालिक दीपक (45) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गोदाम से अनार, रॉकेट, सुतली बम, 12 शॉट, 25 शॉट और टिकड़ी रोल जैसे कई तरह के पटाखे मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पटाखे लाने के नेटवर्क की पड़ताल जारी अफजलपुर थाना प्रभारी विकास गहलोत ने बताया कि पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी इतने सारे पटाखे कहां से खरीदकर लाया था और इस धंधे में उसके साथ कौन-कौन शामिल हैं। रिहायशी इलाकों में पटाखे रखने पर रोक दीपावली पर आग लगने और हादसों के खतरे को देखते हुए पुलिस ने व्यापारियों और लोगों को सतर्क किया है। पुलिस की अपील है कि पटाखों का रख-रखाव और बिक्री नियम के मुताबिक इजाजत लेकर ही करें। आबादी वाले इलाकों में बिना अनुमति पटाखे रखे दिखने पर तुरंत पुलिस को खबर दें।
दिल्ली में अचानक मौसम ने करवट ली, जिससे अधिकतम तापमान 75 साल में अक्टूबर के सबसे निचले स्तर 20.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रिकॉर्ड तोड़ वर्षा के कारण दिन में ही सर्दी का अहसास हुआ और वायु गुणवत्ता में भी सुधार आया।
दिल्ली वोटर लिस्ट से हटाए गए 47.56 लाख नामों की दोबारा होगी जांच, घर-घर जाकर BLO करेंगे सत्यापन
दिल्ली चुनाव आयोग मसौदा सूची से हटाए गए 47.56 लाख मतदाताओं के नामों का घर-घर जाकर फिर से सत्यापन करने की तैयारी में है। इसके काम के लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों को लगाया जाएगा।
मध्यकालीन भारत के सिक्के सिर्फ लेन-देन का माध्यम नहीं थे, बल्कि उस दौर की सत्ता, संस्कृति, भाषा और अर्थव्यवस्था के दस्तावेज भी हैं। सिक्कों पर दर्ज शासकों के नाम, उपाधियां और अभिलेख तत्कालीन इतिहास की कई अहम जानकारियां देते हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्त्व निदेशालय की कार्यशाला में विशेषज्ञ ने इन पहलुओं को उदाहरणों के साथ समझाया। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्त्व निदेशालय की ओर से 29 से 31 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला 'भारतीय मुद्राशास्त्र : परंपरा, विकास एवं परिवर्तन' के दूसरे दिन मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के प्रो. दानिश मोइन ने व्याख्यान दिया। उन्होंने 'मध्यकालीन भारतीय मुद्रा : निरंतरता और बदलाव' विषय पर सचित्र प्रस्तुति दी। भाषा और लिपि में आए बदलावों को समझाया प्रो. मोइन ने बताया कि मध्यकालीन सिक्कों का अध्ययन उनके चित्रांकन और अभिलेखों के आधार पर किया जा सकता है। कुछ सिक्कों पर चित्र और लेख दोनों मिलते हैं, जबकि कुछ पर केवल अभिलेख अंकित होते हैं। उन्होंने महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी और गयासुद्दीन तुगलक के शासनकाल के द्विभाषी सिक्कों के उदाहरण पेश किए। इनके माध्यम से सिक्कों की धातु, भार, आकार, भाषा और लिपि में आए बदलावों को समझाया। इल्तुतमिश के मुद्रा सुधारों पर विशेष चर्चा व्याख्यान में दिल्ली सल्तनत की मुद्रा व्यवस्था का भी जिक्र हुआ। प्रो. मोइन ने बताया कि ममलूक शासक इल्तुतमिश ने मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए चांदी का टंका और तांबे का जीतल प्रचलित किया था। इन मुद्राओं ने सल्तनत की आर्थिक व्यवस्था को संगठित स्वरूप दिया। आगे के शासकों की मुद्रा परंपरा पर भी इसका प्रभाव पड़ा। उन्होंने सिक्कों पर अंकित अरबी और फारसी अभिलेखों, धार्मिक उद्घोषों, शासकीय उपाधियों और लेखन शैली की विशेषताओं को भी समझाया। कहा कि सिक्कों पर दर्ज नाम, उपाधियां और तिथियां तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के प्रमाण हैं। 150 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक रेनू द्विवेदी ने कहा कि इस तरह के अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी हैं। इससे इतिहास के अध्ययन और अनुसंधान को नई दिशा मिलती है।
टक्कर के बाद बोलेरो के नीचे फंसी बाइक, युवक घायल:5KM तक घसीटती गई; मतदान कर लौट रहा था
बांसवाड़ा के उदाजी का गढ़ा मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर बाइक से घर लौट रहे एक युवक को तेज रफ्तार बोलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। भीषण टक्कर लगने से बाइक सवार युवक उछलकर दूर जा गिरा, लेकिन उसकी बाइक बोलेरो के बंपर के नीचे बुरी तरह फंस गई। इसके बाद भी ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और खमेरा से घाटोल तक करीब 5 किलोमीटर की लंबी दूरी तक बाइक को सड़क पर घसीटते हुए ले गया। घायल युवक के चाचा पन्नाशंकर ने बताया कि बलोता का खेड़ा का निवासी उनका भतीजा गणेशलाल पुत्र प्रभुलाल, उदाजी का गढ़ा मतदान केंद्र पर वोट डालने गया था। मतदान के बाद जब वह शाम 6 बजे घर लौट रहा था, तब रास्ते में एटीएम के पास प्रतापगढ़ से बांसवाड़ा की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पीछे से उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इस टक्कर से गणेशलाल दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं उसकी बाइक बोलेरो के नीचे फंस गई। बोलेरो ड्राइवर बाइक को घसीटते हुए खमेरा से घाटोल तक ले गया। इस दौरान रास्ते में सड़क पर चिंगारियां निकलती रहीं। बाद में पीछा कर गाड़ी को रोका गया। ग्रामीणों ने बोलेरो को उठाकर एक तरफ पलटी किया, जिसके बाद उसके नीचे से बाइक को निकाला गया। हालांकि घटना स्थल पर मौजूद लोगों की मदद से घायल गणेशलाल को तुरंत महात्मा गांधी (एमजी) हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
गाजीपुर में बारिश और चक्रवात की चेतावनी:कल 8वीं तक के स्कूल बंद, बीएसए ने जारी किया आदेश
गाजीपुर में अत्यधिक बारिश और चक्रवात की चेतावनी को देखते हुए जिले में 31 अक्टूबर को कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, जिले के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त और अन्य बोर्डों से संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय शनिवार को बंद रहेंगे। प्रशासन ने खराब मौसम और संभावित आपदा की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया है।
कानपुर में सपा ने किया PDA सेमिनार:शहर की 5 विधानसभा सीटों के लिए बनाई बनाई जीत की रणनीति
समाजवादी पार्टी महानगर के संस्थापक अध्यक्ष एवं नगर निगम में पार्षद दल के पूर्व नेता स्व. हाजी सैय्यद महमूद की 29वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को आयोजित पीडीए (PDA) सेमिनार में सपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में कानपुर की पांचों सीटें जीतकर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का संकल्प लिया। सेमिनार में महानगर के 78 वार्डों के पदाधिकारी, व्यापारी, कामगार, छोटे दुकानदार, फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ता और 470 मलिन बस्तियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू ने किया। 110 वार्डों में पार्टी को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिकाश्रद्धांजलि सभा में सपा प्रदेश सचिव केके शुक्ला ने कहा कि हाजी सैय्यद महमूद ने पार्टी को महानगर के 110 वार्डों के प्रत्येक बूथ तक मजबूत करने का काम किया था। मुलायम सिंह यादव के आह्वान पर उनके नेतृत्व में 15 दिवसीय ऐतिहासिक 'हल्ला बोल' आंदोलन चलाया गया था। आंदोलन की सफलता पर मुलायम सिंह यादव ने उन्हें लखनऊ बुलाकर प्रदेश अध्यक्षों के सामने सम्मानित किया था। उन्होंने कहा कि सैय्यद महमूद को नगर निगम एक्ट की गहरी जानकारी थी। यही वजह थी कि हाउस टैक्स से जुड़े मामलों में तत्कालीन प्रशासक भी उनसे सलाह लेते थे।छात्राओं की स्नातक तक फीस होगी माफ, कामगारों को मिलेगा आवासमहानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि 2027 में कानपुर की पांचों विधानसभा सीटों पर सपा जीत दर्ज करेगी और प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर छात्राओं को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। उनकी पूरी फीस माफ होगी। इसके अलावा आवासहीन कामगारों को घर उपलब्ध कराकर हाजी सैय्यद महमूद के सपनों को पूरा किया जाएगा। इसके लिए पार्टी की युवा टीम घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेगी। सफाई व्यवस्था और गड्ढों को लेकर भाजपा पर निशानासपा महासचिव बंटी सेंगर ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और सड़कों पर हजारों गड्ढे हैं। सफाई व्यवस्था ठेकेदारों के हाथों में सौंपे जाने से शहर की हालत खराब हो गई है। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार बनने पर सफाई व्यवस्था ठेकेदारों से वापस लेकर सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से संचालित कराई जाएगी। सेमिनार में महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा भी उठा। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में जुटी है। नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव के बढ़ते जनाधार से भाजपा घबराई हुई है और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। अस्पताल और बाजार में मरीजों व गरीबों को बांटे फलपुण्यतिथि के अवसर पर महिला सभा की राष्ट्रीय महासचिव फलक नाज ने जाजमऊ स्थित नासिर हॉस्पिटल में गरीबों और मरीजों को फल वितरित किए। वहीं, पार्टी प्रवक्ता शमशुल अंसारी ने नवीन मार्केट में जरूरतमंदों को फल बांटकर हाजी सैय्यद महमूद को श्रद्धांजलि अर्पित की। ये रहे मौजूदकार्यक्रम में पूर्व विधायक सतीश निगम, जगदीश यादव, वीर सेन यादव, सत्यनारायण गहरवार, नरेंद्र सिंह पिंटू ठाकुर, रीता जितेंद्र बहादुर, केके मिश्रा, अंबर त्रिवेदी, कमलेश ओमर, महेंद्र सिंह, अरमान खान, अर्पित त्रिवेदी, सुलेखा यादव, रजत मिश्रा, शबाब अबरार, कीर्ति अग्निहोत्री, असर अख्तर, इशरत इराकी, ओमप्रकाश गुप्ता, शादाब आलम, हुकुम सिंह यादव, सुधांशु मिश्रा, परमवीर गंभीर, विनय गुप्ता, शमशुल हक, वीरेंद्र निषाद, राजन पटेल, मो. मेराज, मो. नसीम, हेमंत गुप्ता, खालिद रजा, यूनुस बदरी, सलीम गाजी, नीरज गुप्ता, फैज महमूद, मो. अकील, अमरजीत सलूजा, एहसास बॉबी और एहसान खान सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निवाड़ी में शुक्रवार को एपस्टीन मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पानी डालकर आग बुझा दी। इसके बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। मुख्य चौराहे पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता शहर के मुख्य चौराहे पर जुटे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। जिला कांग्रेस कमेटी ने हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ राजनीतिक जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, लेकिन एपस्टीन विवाद से जुड़े सवालों पर उसे जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई। पुरी और एपस्टीन की मुलाकातों को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल अमेरिकी कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और तस्वीरों को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद चल रहा है। हाल में सामने आई तस्वीरों और दस्तावेजों में हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन की मुलाकातों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने निवाड़ी में प्रदर्शन किया। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निवाड़ी दीपक बरार, जिला महासचिव सतीश घोष और धीरेन्द्र खरे, नरेश कुशवाहा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि दांगी, मंडलम अध्यक्ष आशीष, रिक्की चांदोरिया, लक्ष्मण अहिरवार और राज खान सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बड़वानी में दीपावली पर हिंगोट, कार्बाइड गन और लोहे या प्लास्टिक के पाइप से पटाखे फोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रतिबंधित आतिशबाजी की सामग्री जमा करने, खरीदने और बेचने पर भी रोक है। नियम तोड़ने वालों पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने पर एक लाख रुपए के बाउंड ओवर की कार्रवाई शुक्रवार रात 8 बजे शहर कोतवाली में टीआई बलजीत सिंह बिसेन ने नागरिकों, व्यापारी संघ और प्रबुद्धजनों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि हिंगोट, कार्बाइड गन और लोहे, पीवीसी या स्टील के पाइप में विस्फोटक पदार्थ भरकर पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित है। ऐसी सामग्री जमा करने और उसकी खरीद-बिक्री की भी अनुमति नहीं है। टीआई ने कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। ऐसे मामलों में पहले शामिल रहे आरोपियों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एक लाख रुपए के बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की जा रही है। बच्चों को प्रतिबंधित आतिशबाजी से दूर रखने की अपील टीआई ने नागरिकों से अपने मोहल्ले, कॉलोनी और परिवार में प्रतिबंधों की जानकारी साझा करने को कहा। उन्होंने बच्चों को लोहे या पीवीसी पाइप से बनी आतिशबाजी नहीं करने के लिए समझाने की अपील की। प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री की जानकारी पुलिस को देने को भी कहा। उन्होंने नागरिकों से दीपावली सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और नियमों का पालन कर पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड के चमथा रजौली बिचली गंगा ढाव में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोगों के परिजनों को प्रशासन ने चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी है। स्थानीय विधायक सुरेंद्र मेहता और सीओ प्रीतम गौतम की मौजूदगी में मृतकों के परिवारों को आपदा प्रबंधन के तहत चेक सौंपे गए। विधायक ने बताया कि घटना के 24 घंटे के भीतर दोनों परिवारों को सहायता राशि दे दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाले गए थे शव बताते चलें कि दो दिन पहले चमथा पंचायत-एक के बीचली दीरी ढाव क्षेत्र में नाव अचानक डूब गई थी। हादसे में दो लोग गहरे पानी में डूब गए थे। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला। मृतकों की पहचान चमथा-एक पंचायत के रजौली गांव निवासी हरदेव महतो की पुत्री रावो कुमारी और सोगारथ महतो के रूप में हुई थी। मुखिया संजय दास ने पहचान और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद राहत राशि बांटी गई। पत्नी और मां को सौंपे गए चेक मृतक सोगारथ महतो की पत्नी मन्नुता देवी और मृतका रावो कुमारी की मां बबीता देवी को चार-चार लाख रुपए के चेक दिए गए। इस दौरान विधायक सुरेंद्र मेहता ने दोनों परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है। विधायक ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध करा दी है। रजौली घाट पर बनेगा पुल नाव हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के सवाल पर विधायक ने कहा कि रजौली घाट पर पुल का निर्माण होना है। इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तेज धारा के कारण यहां ढाव बना हुआ है। आसपास के लोग खेती के काम से नाव के जरिए आते-जाते हैं। इसी दौरान यह हादसा हुआ। मौके पर चमथा-एक के मुखिया संजय दास, बीपीआरओ विश्वनाथ कुमार, जदयू प्रखंड अध्यक्ष विवेक पटेल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
हाईकोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच के बिना दंडात्मक कार्रवाई करना अवैधानिक है। हाईकोर्ट ने रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के उस आदेश निरस्त कर दिया है, जिसमें उन्होंने चौकीदार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को कर्मचारी को सेवा में वापस लेने और दो महीने के भीतर वेतन का काल्पनिक निर्धारण करने का निर्देश दिया है। हालांकि, सेवा से बाहर रहने की अवधि का पिछला वेतन नहीं मिलेगा। याचिकाकर्ता रामसिंह यादव की नियुक्ति यूनिवर्सिटी में 6 जुलाई 2002 को चौकीदार के पद पर हुई थी। परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद 8 जुलाई 2004 को उसे नियमित किया गया। उस पर 7 जून से 4 अगस्त 2011 तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगा। बीमारी का दिया हवाला, यूनिवर्सिटी ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्तियाचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी की नोटिस का जवाब दिया, जिसमें बीमारी और हृदय संबंधी परेशानी का हवाला दिया था। विश्वविद्यालय ने 10 सितंबर 2012 को 461 दिनों की अनुपस्थिति को बिना वेतन की अवधि मानते हुए एक वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिया। इसके बाद 16 अप्रैल 2013 को उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। न्याय के लिए हाईकोर्ट में लगाई याचिकाइस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अभ्यावेदन भी दिया था, जिसे11 जुलाई 2018 को खारिज कर दिया गया। जिससे परेशान होकर चौकीदार ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश दंडात्मक प्रकृति का था और इसे नियमित विभागीय जांच के बिना जारी किया गया था। विश्वविद्यालय ने बार-बार अनुपस्थिति और खराब कार्यप्रदर्शन का तर्क दिया, लेकिन कोर्ट ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी माना। इसके बाद दोनों आदेश निरस्त कर दिए।
मधुबनी। मधुबनी पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश एनके त्यागी की अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ चाकू की नोक पर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी विवेक कुमार झा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। इसके अतिरिक्त पीड़िता को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी संबंधित प्राधिकार को दिया गया है। इस संबंध में शुक्रवार शाम छह बजे विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) कुमारी मधु रानी ने बताया कि दोषी विवेक कुमार झा मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरवारी टोल का निवासी है। पीड़िता इसी थाना क्षेत्र के एक घर में पिछले तीन वर्षों से नौकरानी के रूप में काम करती थी। इसी दौरान एक रात विवेक कुमार झा ने चाकू की नोक पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह लगातार धमकी देकर उसके साथ यौन शोषण करता रहा। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि लगातार शोषण के कारण जब नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई, तब इस मामले को लेकर पंचायत भी बुलाई गई थी। हालांकि, विवेक कुमार झा ने पंचायत के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता के पिता के लिखित आवेदन के आधार पर 26 अक्टूबर 2016 को बेनीपट्टी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधु रानी ने अदालत के समक्ष दोषी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायाधीश एनके त्यागी की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को चार लाख रुपये मुआवजा उपलब्ध कराने का आदेश दिया। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में करीब साढ़े तीन साल पुराने दुलीचंद उर्फ निक्कू हत्याकांड में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-2 ने एक पति-पत्नी सहित 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 32 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जज तरुणकांत तिवाड़ी ने यह फैसला सुनाया। खेत में रखवाली कर रहे दुलीचंद से मारपीट, घर ले जाकर भी पीटा अपर लोक अभियोजक वेदप्रकाश ठंडी ने बताया - 13 मार्च 2023 की रात दुलीचंद उर्फ निक्कू (38) अपने खेत में पशुओं की रखवाली कर रहा था। इसी दौरान आरोपी खेत में पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद वे उसे उठाकर 14 एसजेडीएम स्थित कल्याणराम के घर ले गए। वहां भी दुलीचंद के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई थी मौत घटना की सूचना मिलने पर दुलीचंद का भाई रमेश कुमार और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में दुलीचंद को पहले समेजा कोठी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे श्रीगंगानगर जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 13 और 14 मार्च की रात उसकी मौत हो गई। भाई ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट दुलीचंद के भाई रमेश कुमार ने 14 मार्च 2023 को समेजा कोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कल्याणराम, विनोद कुमार, नरसीराम, निर्मला देवी, जोतराम और भागीरथ के खिलाफ हत्या, अपहरण, आपराधिक अतिक्रमण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। 20 गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट बनी सजा का आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान करवाए और कई दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने गैरकानूनी जमावड़ा बनाकर पहले खेत में दुलीचंद के साथ मारपीट की और फिर उसे कल्याणराम के घर ले जाकर पीटा। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में सिर की चोट को मौत का कारण बताया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, बरामदगी और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों की भूमिका को अहम माना। इसके बाद भारतीय दंड संहिता की धाराओं में सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 4 नवंबर को पहली बार गोरखपुर आएंगे। यह उनका दो दिवसीय दौरा होगा। वह लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे। इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी उपस्थित रहेंगे।राष्ट्रीय अध्यक्ष इसके अलावा क्षेत्र, जिला के पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में युवाओं के साथ संवाद करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 नवंबर को गोरखपुर से रवाना होंगे। पौने दो किलोमीटर पैदल चलेंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी लगभग पौने दो किलोमीटर पैदल चलेंगे। 4 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे महाराणा प्रताप इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष यात्रा में पहुंचेंगे। यहां सभा को संबोधित करेंगे। उसके बाद यहां से गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल की प्रतिमा तक जाएंगे। चुनावी तैयारियों की जमीनी हकीकत परखेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा की चुनावी तैयारियों की जमीनी हरकत को परखेंगे। पदयात्रा में शामिल होने के बाद वह योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके बाद जिला, क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वह यहां प्रदेश, क्षेत्रीय, जिला टीम के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके साथ ही पूर्व पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरखपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। उनसे भी वर्तमान माहौल के बारे में चर्चा करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के साथ भी बैठक करेंगे। तैयारियां जोरों पर पदयात्रा के क्षेत्रीय संयोजक व भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रणजीत राय बड़े ने बताया कि लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा की तैयारी अंतिम चरण में है। एमपी इंटर कालेज में इसके तहत सभा का आयोजन होगा। यहीं से पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार पटेल की प्रतिमा पर संपन्न होगी।
दिल्ली में नजफगढ़ नाले पर मुंगेशपुर और त्रिनगर में दो नए पुलों का निर्माण होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इन पुलों पर कुल 11.07 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
औरंगाबाद सदर अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से खड़ी मिलीं 10 निजी एंबुलेंस के मामले में नगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अस्पताल उपाधीक्षक के आवेदन पर कांड संख्या 718/26 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 318(4), 223 और 3(5) लगाई गई हैं। मामले की जांच एसआई अभिजीत कुमार को सौंपी गई है। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एक एंबुलेंस चालक को छोड़कर बाकी सभी चालक मौके से फरार मिले थे। डीएम के निर्देश पर हुआ था निरीक्षण जानकारी के अनुसार, डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था। टीम में एसडीओ गौरव सिंह, एसडीपीओ सुशील कुमार, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार और अस्पताल उपाधीक्षक शामिल थे। इस दौरान अस्पताल परिसर में 10 निजी एंबुलेंस अनधिकृत रूप से खड़ी मिलीं। अधिकारियों ने जब एंबुलेंस चालकों और संचालकों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की तो एक चालक को छोड़कर बाकी सभी मौके से गायब मिले। इसके बाद अस्पताल उपाधीक्षक ने नगर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर सभी 10 एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था। मरीजों के आवागमन और आपातकालीन सेवा पर असर की आशंका अस्पताल उपाधीक्षक ने आवेदन में कहा है कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस का अनधिकृत रूप से खड़ा रहना व्यवस्था और मरीजों की सुविधा के लिहाज से गंभीर मामला है। इससे मरीजों और उनके परिजनों के आने-जाने में परेशानी हो सकती है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में अस्पताल की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी दस्तावेजों की जांच भी प्रस्तावित है। इसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, अंबु बैग, इंट्यूबेशन उपकरण और आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता देखी जाएगी। इसके अलावा एंबुलेंस के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और तय मानकों की भी जांच की जाएगी। पुलिस खंगालेगी संचालकों और वाहन मालिकों की भूमिका प्राथमिकी दर्ज होने के बाद नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एसआई अभिजीत कुमार एंबुलेंस संचालकों की भूमिका, वाहनों के अस्पताल परिसर में खड़े होने की वजह और दर्ज आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच करेंगे। फरार चालकों और वाहन मालिकों की पहचान कर उनसे पूछताछ भी की जा सकती है। दर्ज धाराओं में बीएनएस की धारा 125 लापरवाही से किसी की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने, धारा 318(4) धोखाधड़ी कर संपत्ति हासिल करने, धारा 223 लोक सेवक के विधिवत जारी आदेश की अवहेलना और धारा 3(5) एक से अधिक लोगों की साझा मंशा से किए गए अपराध से संबंधित है। धारा 318(4) में दोष सिद्ध होने पर सात साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एंबुलेंस संचालकों की क्या भूमिका थी और किन परिस्थितियों में ये वाहन अस्पताल परिसर में खड़े किए गए थे।
दरभंगा में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की जानकारी देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने न्यायालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के जरिए जिले के सुदूर इलाकों के स्कूलों तक पहुंचकर बच्चों को बाल सुरक्षा कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। प्रधान जिला जज अजय कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिले के अलग-अलग स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों को जागरूक करने के लिए रथ के साथ पैनल अधिवक्ताओं और पारा विधिक स्वयंसेवकों को भी भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चे देश का भविष्य हैं। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। चार स्कूलों में हुए जागरूकता कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव सह एसीजेएम राजीव रंजन ने बताया कि अभियान के तहत शुक्रवार को मध्य विद्यालय दोनार, राजेंद्र प्रसाद बालिका उच्च विद्यालय, वंशीदास बालिका मध्य विद्यालय और बेनीपुर के महिनाम उच्च विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े जरूरी विषयों की जानकारी दी। शनिवार को कई स्कूलों में होंगे कार्यक्रम अभियान के पहले चरण का समापन 31 अक्टूबर को होगा। शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में आदर्श मध्य विद्यालय, लहेरियासराय में सुबह 9:15 बजे जागरूकता कार्यक्रम होगा। एमएल एकेडमी, लहेरियासराय में एडीजे-1 नीरज कुमार के नेतृत्व में सुबह 9:45 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा पांडासराय स्थित मिडिल स्कूल में विशेष पॉक्सो कोर्ट की न्यायिक पदाधिकारी सुलेखा झा के नेतृत्व में सुबह 9:30 बजे कार्यक्रम होगा। दरभंगा में एडीजे-7 उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में सुबह 9:45 बजे, सर्वोदय हाईस्कूल गंगासागर में एडीजे-10 आदि देव के नेतृत्व में सुबह 9:30 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मारवाड़ी हाईस्कूल में न्यायिक मजिस्ट्रेट नयन कुमार सिंह और मूसा शाह हाईस्कूल में न्यायिक मजिस्ट्रेट शैल कुमारी के नेतृत्व में सुबह 9:30 बजे बच्चों को जागरूक किया जाएगा। पॉक्सो, बाल विवाह और साइबर सुरक्षा की मिलेगी जानकारी कार्यक्रमों में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम और बाल विवाह रोकने से जुड़े कानूनों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में भी बताया जाएगा। अभियान का पहला चरण 26 से 31 अक्टूबर तक चलाया गया है। इसका दूसरा चरण नवंबर 2026 से नवंबर 2027 तक स्कूलों में संचालित होगा। इस दौरान जिले के सैकड़ों स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने की योजना है। अभियान में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ लीगल एड डिफेंस सिस्टम के सदस्य, पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक, पुलिस पदाधिकारी, एनजीओ और अन्य लोग भी भाग ले रहे हैं। जागरूकता रथ रवाना करने के मौके पर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद सौरव, लीगल एड डिफेंस के डिप्टी चीफ वीरेंद्र कुमार झा, पैनल अधिवक्ता संजीव कुमार झा सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब सीबीआई ने भी ट्रायल भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग का समर्थन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि भोपाल में मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई प्रभावित होने की आशंका है। आरोपी गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं और उनका प्रभाव है। ऐसे में आशंका है कि वे भोपाल में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश से बाहर कराना उचित होगा। दरअसल, ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है। इस याचिका पर सीबीआई ने अपना पक्ष रखते हुए पिता की मांग का समर्थन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा था। इससे पहले शीर्ष अदालत भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा चुकी है। 12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से शादी हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज हैं। शादी के कुछ महीने बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष उसे एम्स भोपाल लेकर पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने समर्थ और गिरिबाला पर साक्ष्य प्रभावित करने के आरोप लगाए। मामले में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते शव करीब 12 दिन तक एम्स की मर्चुरी में रखा रहा। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। गिरिबाला की जमानत पर फैसला सुरक्षित इधर, 26 अक्टूबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अंतिम बहस हुई। सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल ट्रांसफर की याचिका पर होने वाली सुनवाई भी इस मामले में अहम होगी।
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के बाद बालिका की तलाश शुरू की और उसे सकुशल बरामद किया। जाँच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी बालिका पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को बालिका के परिजनों ने चांपा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बालिका घर से सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इस दौरान उसे लोचन यादव के साथ मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तलाश के दौरान बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। घुमाने के बहाने ले जाने का आरोप पुलिस के मुताबिक, विवेचना और पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी लोचन कुमार यादव बालिका को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया था। आरोप है कि इस दौरान उसने बालिका के साथ जबरन अनाचार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मेरठ में 45 वर्षीय मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट में मुकेश की मौत बीमारी के चलते होने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद पुलिस ने घर के उन दोनों कमरों की सील नहीं खोली है, जिन्हें मौत के बाद एहतियातन बंद कराया गया था। कमरों में परिवार के कपड़े और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाष नगर गली नंबर 3/1 निवासी मुकेश पुत्र प्रह्लाद सिंह की बुधवार को घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव घर के एक कमरे में पड़ा मिला था। घटना का पता उस समय चला, जब बुलंदशहर निवासी उसकी बहन सीमा भाई के घर पहुंची। सीमा ने बताया था कि उसे सपने में भाई के साथ अनहोनी होने का आभास हुआ था। इसी आशंका के चलते वह मेरठ पहुंची तो घर में मुकेश की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने इसी मकान में रहने वाले अपने बड़े भाई मनोज और उसके परिवार पर हत्या का अंदेशा जताया था। घर के कमरे सील कर लौटी पुलिस बहन की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया था। साथ ही घर के दो कमरों को सील कर दिया गया था। इनमें एक कमरा वह था, जहां मुकेश का शव मिला था, जबकि दूसरा बड़े भाई मनोज का था। इस कमरे में परिवार का सामान रखा हुआ था। पुलिस ने दोनों कमरों को सील करने के साथ ही जाते समय मनोज के परिवार का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया था। रिपोर्ट आई लेकिन नहीं खुली कमरों की सीलबुधवार को हुई मौत के बाद परिवार के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई थी। बहन सीमा ने बड़े भाई मनोज और उसके परिवार पर हत्या का अंदेशा जताया था। ऐसे में पुलिस ने दोनों कमरों को सील कर दिया था। गुरुवार रात पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो मुकेश की मौत का कारण बीमारी बताया गया। एसएचओ सिविल लाइन गौरव विश्नोई ने भी इसकी पुष्टि की। पुलिस ने घर में रहने वाले परिवार को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण बता दिया लेकिन दोनों कमरों की सील नहीं खोली। जरूरी सामान बंद, मोबाइल भी नहीं मिलापोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस दोनों कमरों को खोल देगी ताकि वह अपना सामान निकाल सके। हालांकि, शुक्रवार तक सील नहीं खुलने से परिवार की परेशानी बढ़ गई। कमरों में कपड़े और रोजमर्रा की जरूरत का काफी सामान रखा हुआ है। पुलिस की अनुमति के बिना परिजन कमरों को खोल नहीं सकते। दूसरी ओर, परिवार का मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में है। ऐसे में परिजन सामान और मोबाइल दोनों के लिए परेशान हैं। बहन की मौजूदगी में ही खुलेगी सीलएसएचओ सिविल लाइन गौरव विश्नोई ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुकेश की मौत बीमारी के कारण होने की पुष्टि हो चुकी है। परिवार के सदस्यों के बीच विवाद है। ऐसे में शनिवार को मृतक की बहन सीमा की मौजूदगी में ही दोनों कमरों की सील खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि सीमा की गैरमौजूदगी में कमरे खोले जाते हैं तो वह बाद में सामान गायब होने का आरोप लगा सकती है। परिवार का मोबाइल फोन भी शनिवार को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से 5 सितंबर को लापता हुए 29 वर्षीय किसलय की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, उसके दोस्तों ने ही हत्या करने के बाद शव रेवा नदी में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पारू थाना क्षेत्र से अनुकूल कुमार को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे आपसी विवाद और पैसे के लेनदेन की बात सामने आई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 5 सितंबर को किसलय के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की सूचना मिली थी। वह घर नहीं लौटा था और उसका मोबाइल भी बंद हो गया था। परिजनों ने अपने स्तर से काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उनके आवेदन पर अहियापुर थाने में कांड संख्या 1418/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। लॉज में विवाद की मिली थी जानकारी पुलिस के अनुसार, परिजनों की तलाश और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी में किसलय को कलमबाग चौक और गन्नीपुर स्थित एक लॉज में देखे जाने की बात सामने आई थी। वहां कुछ लोगों के साथ उसका विवाद होने की जानकारी भी मिली थी। परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते उसके साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। एसडीपीओ के नेतृत्व में बनाई गई टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के पर्यवेक्षण में एसडीपीओ टाउन-2 दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इसमें अहियापुर थानाध्यक्ष और जिला आसूचना इकाई की टीम को शामिल किया गया। पुलिस ने नामजद आरोपियों से पूछताछ की और तकनीकी व मानवीय साक्ष्य जुटाए। किसलय और उसकी मोटरसाइकिल की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई। जांच के दौरान पुलिस को हत्या और शव को रेवा नदी में फेंके जाने की जानकारी मिली। पैसे के विवाद में हत्या की आशंका सिटी एसपी के अनुसार, शुरुआती जांच में आपसी विवाद और पैसे के लेनदेन को हत्या की वजह माना जा रहा है। शुक्रवार को पारू थाना क्षेत्र से अनुकूल कुमार को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
शाजापुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय बालक महाविद्यालयीन छात्रावास में शुक्रवार को भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। छात्रों ने खाने में इल्लियां और कीड़े, जबकि पीने के पानी में चींटियां और कीड़े मिलने की शिकायत की। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राकेश यादव छात्रावास पहुंचे और विद्यार्थियों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। तय मीनू से नहीं मिलता भोजन छात्रों ने अधीक्षक सत्यनारायण कुंभकार पर शासन के तय मीनू के अनुसार भोजन नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह के नाश्ते की गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जाता। छात्रों का कहना है कि खाने में कई बार इल्लियां और कीड़े मिले हैं। पीने के पानी में भी चींटियां और कीड़े पाए गए, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की शिकायत करने पर अधीक्षक अभद्र व्यवहार करते हैं और संतोषजनक जवाब नहीं देते। छात्रों ने भोजन के लिए मिलने वाली राशि पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भोजन की राशि हर महीने निकाली जाती है, लेकिन उन्हें तय मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलता।नायब तहसीलदार के सामने रखीं समस्याएंछात्रों ने नायब तहसीलदार राकेश यादव के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसके बाद छात्रावास के सभी विद्यार्थियों की ओर से एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच, अधीक्षक को हटाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी और तय मीनू की जांच कराने की मांग की है। अब प्रशासन की ओर से शिकायत पर जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की खंडपीठ ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2018 लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राजस्थान राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अपील खारिज कर दी है। राजस्थान राज्य एवं अन्य बनाम शीतल अमेटा में निर्णय पारित करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी शीतल अमेटा की अभ्यर्थिता (कैंडिडेचर) पर टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में विचार किया जाए। ये है पूरा मामला प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा 31 जुलाई 2018 को विज्ञापन संख्या 5/2018 एवं 6/2018 जारी किए गए थे। इनके माध्यम से तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय के विज्ञान एवं गणित विषयों के पदों पर नॉन-टीएसपी एवं टीएसपी क्षेत्रों के लिए भर्ती की जानी थी। प्रारथी शीतल अमेटा का विवाह टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से हुआ था। उन्होंने उस समय लागू प्रावधानों के अनुसार स्वयं को नॉन-टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी मानते हुए विज्ञापन संख्या 5/2018 के तहत आवेदन किया था। उस समय ऐसा कोई सरकारी अधिसूचना प्रावधान प्रभावी नहीं था, जिसके तहत टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से विवाह करने वाली महिला को टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी माना जाता। इसी कारण उन्होंने विज्ञापन संख्या 6/2018 के तहत टीएसपी क्षेत्र के पदों के लिए अलग से आवेदन नहीं किया। बाद में राज्य सरकार ने 21 अक्टूबर 2019 को अधिसूचना जारी कर यह प्रावधान किया कि गैर-टीएसपी क्षेत्र की ऐसी महिला जिसका विवाह टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से हुआ है, उसे भी टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी माना जाएगा। इस अधिसूचना को 16 जून 2013 से प्रभावी किया गया। इसके बाद शीतल अमेटा ने अपनी अभ्यर्थिता पर टीएसपी क्षेत्र की श्रेणी में विचार किए जाने की मांग की, लेकिन राज्य सरकार द्वारा उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। परिणामस्वरूप उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील की। राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज एकलपीठ ने 23 जनवरी 2023 को याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि शीतल अमेटा को टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी मानते हुए तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) के पद पर चयन के लिए उपलब्ध नियमानुसार लाभ प्रदान किए जाएं। इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने खंडपीठ के समक्ष विशेष अपील दायर की। राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि अभ्यर्थी ने विज्ञापन संख्या 6/2018 के तहत टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में आवेदन नहीं किया था। यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी और इस स्तर पर राहत देने से अतिरिक्त अधिसंख्य पद सृजित करने की आवश्यकता पड़ सकती थी। पुराने फैसलों का दिया हवालावहीं, अभ्यर्थी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता वीएलएस राजपुरोहित ने तर्क दिया कि आवेदन प्रस्तुत करते समय लागू नियमों के अनुसार उन्होंने स्वयं को गैर-टीएसपी अभ्यर्थी मानकर सही आवेदन किया था। बाद में जारी अधिसूचना को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू किए जाने के कारण उनकी अभ्यर्थिता पर टीएसपी श्रेणी में भी विचार किया जाना आवश्यक था। इस संबंध में पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों का भी हवाला दिया गया। खंडपीठ की महत्वपूर्ण टिप्पणी मामले के तथ्यों, पक्षकारों के तर्कों और पूर्व न्यायिक निर्णयों का अवलोकन करने के बाद खंडपीठ ने माना कि आवेदन प्रस्तुत करने के समय शीतल अमेटा ने तत्कालीन स्थिति के अनुसार गैर-टीएसपी अभ्यर्थी के रूप में आवेदन किया था। बाद में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना, जिसमें टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से विवाह करने वाली महिलाओं को टीएसपी अभ्यर्थी मानने का प्रावधान किया गया था, उनकी अभ्यर्थिता पर विचार करने के लिए प्रासंगिक थी।न्यायालय ने मनीष कुमार नागदा एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य प्रकरण में दिए गए पूर्व निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें समान परिस्थितियों में गैर-टीएसपी क्षेत्र से टीएसपी क्षेत्र की भर्ती श्रेणी में अभ्यर्थियों पर विचार किए जाने का निर्देश दिया गया था। इन परिस्थितियों में खंडपीठ ने निर्देश दिया कि शीतल अमेटा की अभ्यर्थिता पर विज्ञापन संख्या 6/2018 दिनांक 31 जुलाई 2018 के अंतर्गत तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) के पदों के लिए टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में विचार किया जाये और अगर अभ्यर्थी मेरिट में आती है तो टीएसपी क्षेत्र में नियुक्ति प्रदान की जाए। खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील में कोई दम नहीं मानते हुए उसे खारिज कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। बैंक के मुख्य प्रबंधक और सर्कल मैनेजर अजय कुमार पांडे की शिकायत पर सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), गाजियाबाद ने जांच शुरू की है। महिला बैंककर्मी दीपांशी समेत कई लोगों पर धोखाधड़ी और खातों से अवैध तरीके से रकम निकालने का आरोप है। बैंक सर्कल मैनेजर की शिकायत के मुताबिक, करीब तीन साल से ग्राहकों के बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में हेराफेरी कर रकम निकाली जा रही थी। आरोप है कि दीपांशी ने दूसरे बैंक अधिकारियों की CBS यूजर आईडी का इस्तेमाल किया। इसके जरिए ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के बिना रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। फिर कई खातों के जरिए यह रकम अशुतोष पाठक और अन्य आरोपियों तक पहुंचाई गई। जांच में FD में भी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि फर्जी तरीके से जॉइंट होल्डर जोड़कर समय से पहले रकम निकाली गई। ग्राहकों के मोबाइल पर आने वाले ट्रांजेक्शन अलर्ट बंद करने और लेनदेन के वाउचर नष्ट करने का भी आरोप है। बैंक ने दीपांशी, अशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। बैंककर्मियों की अब तक की जांच में 10.24 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का जिक्र है। सीबीआई ने BNS, आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच डिप्टी एसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है। वही,बीटा-2 थाने में भी लोग लगातार शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। आज 6 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। अब तक कुल 36 लोग FD टूटने और खाते से रकम ट्रांसफर होने की शिकायत पर केस दर्ज करा चुके हैं। इन 36 खाताधारकों की शिकायतों में करीब 20 करोड़ रुपए के गबन की आशंका जताई गई है।
बहराइच के पयागपुर सीट से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत मिली है। कोर्ट ने धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम के तहत दाखिल आरोप पत्र पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मजिस्ट्रेट की ओर से आरोप पत्र पर संज्ञान लेकर जारी समन की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी गई है। खुद को विधायक बताकर भ्रमित करने का आरोप न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने मुकेश श्रीवास्तव की याचिका पर यह आदेश दिया। मामला बहराइच के पयागपुर थाने में 2023 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप था कि पूर्व विधायक विधानसभा के लेटरहेड का इस्तेमाल कर रहे थे और फेसबुक अकाउंट पर खुद को विधायक बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे थे। वकीलों ने कहा- धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता। पुलिस जांच के बाद पहले ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी। इसके बावजूद कोर्ट की अनुमति के बिना दोबारा जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया गया। वकीलों ने कहा कि यह प्रक्रिया कानून के मुताबिक नहीं है। कोर्ट ने मामले में विस्तार से सुनवाई की जरूरत मानते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2027 को होगी।
देवरिया के भाटपाररानी थाना क्षेत्र में युवती का रिश्ता तुड़वाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात मोबाइल नंबर से युवती के मंगेतर के व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। इनमें युवती के कई लड़कों और मंगेतर के साथ संबंध होने जैसी बातें लिखी गईं। युवती की मां की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार शाम 6 बजे अज्ञात नंबर धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाटपाररानी कस्बे के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का निकाह सलेमपुर क्षेत्र के एक गांव में तय हुआ है। निकाह नवंबर 2026 में होना है। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी के मंगेतर के व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। बेटी को बदनाम कर रिश्ता तुड़वाने का आरोप महिला के मुताबिक, संदेशों में युवती के कई लड़कों और उसके मंगेतर के साथ संबंध होने जैसी बातें लिखी गईं। साथ ही मंगेतर को युवती से निकाह न करने की सलाह दी गई। महिला का आरोप है कि इस तरह के संदेश भेजकर उनकी बेटी को समाज और रिश्तेदारी में बदनाम करने के साथ रिश्ता तुड़वाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से मोबाइल नंबर के धारक की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मोबाइल नंबर के आधार पर जांच कर रही पुलिस क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी मनोज कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। संदेश भेजने वाले की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनुग्रह नारायण रोड से औरंगाबाद टर्मिनल होते हुए सीमेंट प्लांट तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। जगदीशपुर और जोकहरी गांव के दर्जनों किसान शुक्रवार को समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने डीएम अभिलाषा शर्मा और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शार्दूल हसन खां को आवेदन देकर रेलवे लाइन के मौजूदा रूट पर आपत्ति जताई और इसे बदलने की मांग की। किसानों का आरोप है कि एक निजी सीमेंट कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। खेतों के बीच से लाइन गुजरने पर जताई आपत्ति किसानों का नेतृत्व कर रहे रामकरण सिंह ने कहा कि प्रस्तावित रेलवे लाइन जगदीशपुर और जोकहरी गांव के खेतों के बीच से निकाली जा रही है। इससे किसानों की जमीन दो हिस्सों में बंट जाएगी और खेती करना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि इस फैसले से हजारों किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है, लेकिन उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब रेलवे लाइन के लिए दूसरे रास्तों पर विचार किया जा सकता है तो कृषि भूमि से ही लाइन निकालने की योजना क्यों बनाई जा रही है? उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसी निजी कंपनी के व्यावसायिक फायदे के लिए किसानों की जमीन और रोजी-रोटी को संकट में नहीं डालना चाहिए। भू-अर्जन के नोटिस में गड़बड़ी का आरोप किसानों ने जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से जारी जमीन अधिग्रहण के नोटिस पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि तीन दिन पहले उन्हें नोटिस मिला है, लेकिन जमीन की विधिवत नापी-पैमाइश किए बिना ही इसे जारी कर दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि मापी के दौरान उन्हें मौजूद नहीं रखा गया। कुछ किसानों का यह भी कहना है कि नोटिस में उनकी जमीन का विवरण दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज है। किसानों के मुताबिक, कृषि ही उनके परिवारों की आय का मुख्य साधन है। रेलवे लाइन बनने से खेत छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाएंगे। सिंचाई के लिए नहर का पानी पहुंचाने में भी परेशानी होगी। इससे 50 एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित होने और खेती मुश्किल होने की आशंका है। रूट नहीं बदला तो आंदोलन करेंगे किसान किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे लाइन का रूट जगदीशपुर और जोकहरी की कृषि भूमि से हटाकर किसी दूसरे रास्ते से तय किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट जाएंगे और परिवार के साथ चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। किसानों ने साफ कहा कि वे अपनी जमीन और भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे, लेकिन मौजूदा नक्शे के अनुसार रेलवे लाइन नहीं गुजरने देंगे। अब किसानों की आपत्तियों पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के फैसले का इंतजार है।
मऊ में गैंगरेप के दो दोषियों को उम्रकैद:44,500-44,500 रुपए जुर्माना; 75% रकम पीड़िता को मिलेगी
मऊ में गैंगरेप के करीब सात साल पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट छांगुर राम की अदालत ने मदन कुमार और सुमित कुमार पर 44,500-44,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की रकम जमा होने पर उसका 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को दिया जाए। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। शौचालय से लौटते समय किया था गैंगरेप अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता की मां ने सरायलखंसी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि 29 जून 2019 की रात करीब 10 बजे पीड़िता घर के बाहर बने शौचालय से लौट रही थी। इसी दौरान मदन कुमार और सुमित कुमार ने उसके साथ गैंगरेप किया। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि दोनों आरोपियों ने घटना का वीडियो बना लिया और बाद में पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगे। पुलिस ने मदन कुमार पुत्र उपेन्द्र राम और सुमित कुमार पुत्र रामअवध, दोनों निवासी चोरपाकला, थाना सरायलखंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376-डी, 341, 354, 504 और 506 के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं 5(छ)/6 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सात गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट प्रवीण कुमार मिश्रा, रामचंद्र चौहान और विमल कुमार ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। दोनों पक्षों की बहस सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मदन कुमार और सुमित कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 44,500-44,500 रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माने की 75 प्रतिशत रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
दिल्ली में कैसा रहेगा कल का मौसम, फिर होगी बारिश या निकलेगी धूप? IMD ने जारी किया अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, हालांकि बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। IMD की ओर से अगले पांच दिनों में तापमान में वृद्धि की भी संभावना जताई गई है।
मगध विश्वविद्यालय छात्र जदयू के अध्यक्ष अमरजीत कुशवाहा और गया जिला छात्र जदयू के अध्यक्ष अमित शर्मा बनाए गए हैं। जिला जदयू अध्यक्ष इंजीनियर अजय कुशवाहा ने शुक्रवार को बिसार तालाब स्थित जदयू कार्यालय में प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की सहमति और निर्देश पर दोनों को यह जिम्मेदारी दी गई है। इंजीनियर अजय कुशवाहा ने कहा कि दोनों लंबे समय से छात्र जदयू से जुड़े हैं और विद्यार्थियों के बीच उनकी पहचान है। उम्मीद है कि वे विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। छात्र संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। अंगीभूत कॉलेजों में संगठन विस्तार पर जोर नवनियुक्त मगध विश्वविद्यालय छात्र जदयू अध्यक्ष अमरजीत कुशवाहा ने जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मगध विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में छात्र जदयू के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इस मुकाम तक पहुंचने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और साथियों के सहयोग की अहम भूमिका रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, छात्र जदयू प्रभारी व इस्लामपुर विधायक रोहित रंजन, छात्र जदयू प्रदेश अध्यक्ष गिरिराज कुमार और गया जिला जदयू अध्यक्ष इंजीनियर अजय कुशवाहा के प्रति आभार जताया। अमरजीत ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत कॉलेजों में छात्र जदयू को मजबूत किया जाएगा। संगठन का जमीनी स्तर पर विस्तार कर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ने का प्रयास होगा। नामांकन, परीक्षा और परिणाम से जुड़े मुद्दे उठाएंगे अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों में विद्यार्थियों को नामांकन, परीक्षा, परिणाम, प्रमाणपत्र और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। छात्र-छात्राओं की आवाज बनकर उनकी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि छात्र जदयू सिर्फ संगठन विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन के सदस्य विद्यार्थियों के बीच रहकर उनकी समस्याएं समझेंगे और समाधान के लिए पहल करेंगे। हर अंगीभूत कॉलेज में संगठन को सक्रिय बनाया जाएगा, ताकि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए मंच मिल सके। निशांत कुमार के हाथों को मजबूत करने की बात कही अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि आने वाले समय में निशांत कुमार के हाथों को मजबूत करने में छात्र जदयू अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए युवाओं को संगठन से जोड़ने और विश्वविद्यालय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जिला जदयू अध्यक्ष इंजीनियर अजय कुशवाहा ने कहा कि पार्टी का भविष्य युवाओं से जुड़ा है। छात्र जदयू को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों से आपसी समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाने और छात्रहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने की अपेक्षा जताई। प्रेसवार्ता के दौरान दोनों अध्यक्षों के मनोनयन पर जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। नेताओं ने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अमरजीत कुशवाहा और अमित शर्मा विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर छात्र जदयू की गतिविधियों को गति देंगे।
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र में कौशल्या चौक के पास मामूली विवाद में बदमाशों ने एक ट्रैवल एजेंसी संचालक पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में संचालक समेत तीन युवक घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संचालक की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। ऑफिस बंद कर स्टाफ के साथ लौट रहा था संचालक घायल ट्रैवल एजेंसी संचालक की पहचान सरेया वार्ड नंबर-1 निवासी स्व. यासिम अहमद के बेटे बिट्टू अहमद के रूप में हुई है। उनके साथ घायल हुए स्टाफ मोहम्मद नसीम के बेटे शमीर और बसडिला वार्ड नंबर-6 निवासी अली अख्तर के बेटे मंसूर आलम हैं। बताया जाता है कि बिट्टू विदेश भेजने से संबंधित काम के लिए ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। वह ऑफिस बंद करने के बाद अपने स्टाफ के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान कौशल्या चौक के पास कुछ स्थानीय लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार चाकू से बिट्टू पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे साथियों को भी पीटा हमले में बिट्टू के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके दोनों साथियों के साथ भी मारपीट की गई, जिससे वे घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद तीनों घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, CCTV फुटेज की जांच घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल में घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
युवक को सिर के बल सड़क पर पटका:ग्रेटर नोएडा में पुलिस के सामने हुई मारपीट
ग्रेटर नोएडा के बीटा प्लाजा में दो गुटों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में एक युवक दूसरे को पकड़कर सिर के बल सड़क पर पटकता दिख रहा है। मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। शुक्रवार को वायरल हुए वीडियो की शुरुआत में एक चलती कार दिखती है। उसकी पिछली खिड़की से हाथ बाहर निकालकर एक युवक उंगली दिखाते हुए पुलिस के सामने हो गाली देता नजर आता है। इसके बाद वहां काले रंग की थार पहुंचती है और उसकी खिड़की खुलने पर कुछ युवक बाहर दिखाई देते हैं। वीडियो में चार युवक एक युवक को घेर लेते हैं। उनमें से एक उसे पकड़कर किसी फिल्मी सीन की तरह सड़क पर सिर के बल पटक देता है। इसके बाद तीन लोग सड़क पर गिरे युवक पर लात-घूंसों से हमला करते हैं।जमकर उसको डंडों से पीटते है, आसपास लोगों की भीड़ जमा है। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक विवाद और मारपीट होती दिखती है। मौके पर कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। सपा नेता मोहित नागर ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘आखिर पुलिस किस लिए होती है, पुलिस के सामने ही युवक को.....’ उन्होंने वीडियो पोस्ट कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस के मुताबिक, यह हाल की घटना नहीं, बल्कि करीब एक महीने पुरानी है। बीटा-2 कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। अब पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 का प्रचार शुरू होने और दीपावली नजदीक आने के बीच आबकारी विभाग ने अवैध शराब की तस्करी और बिक्री रोकने के लिए छापेमारी की। मोगा में टीम को सतलुज दरिया के किनारे से करीब 5,500 लीटर लाहन और 11 से 12 तिरपाल मिले। विभाग को मिली शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया। आबकारी कमिश्नर फिरोजपुर राजेश एरी और सहायक कमिश्नर फरीदकोट रेंज सुनील गुप्ता के निर्देश पर टीम ने छापे मारे। अधिकारी बोले- अभियान जारी रहेगा टीम ने मोगा जिले की सीमा में धर्मकोट हलके के गांव भोइपुर समेत सतलुज दरिया किनारे के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापे मारे। अधिकारियों के मुताबिक, लाहन का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया जाता है। आबकारी अधिकारी मोगा विजय कुमार ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान जारी रहेगा। तस्करों के ठिकानों पर भी छापे मारे जाएंगे उन्होंने कहा कि लाहन से शराब बनाकर बेचने वाले अन्य तस्करों के ठिकानों पर भी छापे मारे जाएंगे। विजय कुमार ने लोगों से अवैध शराब न पीने की अपील की और कहा कि इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। टीम में आबकारी अधिकारी मोगा विजय कुमार, फिरोजपुर से गुरबख्श सिंह, इंस्पेक्टर धर्मकोट बलजीत सिंह, आबकारी इंस्पेक्टर शाहकोट साहिल और इंस्पेक्टर जीरा राजवीर सिंह शामिल थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बलरामपुर की ग्राम पंचायत रूपनगर की मतदाता सूची से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने आयोग से शपथपत्र देकर बताने को कहा है कि किन आधारों पर कुछ लोगों के नाम हटाए गए और नए नाम जोड़े गए। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने संतोष कुमार समेत 32 लोगों की याचिका पर यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर 2026 को होगी। गलत तरीके से नाम हटाने का आरोप याचिकर्ताओं का कहना है कि पंचायत की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनके नाम गलत तरीके से हटाए गए। याचिका के मुताबिक, ग्राम पंचायत रूपनगर, ब्लॉक तुलसीपुर, जिला बलरामपुर की वर्ष 2025 की अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल नहीं थे। गांव में नहीं रहने वालों के नाम जोड़ने का आरोप याचियों ने आरोप लगाया कि गांव में नहीं रहने वाले प्रतिवादी संख्या 6 से 53 तक के लोगों के नाम भी सूची में गलत तरीके से जोड़े गए। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या 6 से 53 तक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त और संबंधित अधिकारियों से यह भी बताने को कहा है कि याचियों के नाम किस आधार पर हटाए गए और अन्य लोगों के नाम किस आधार पर जोड़े गए।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल स्थित शाहपुरा तालाब के सीमांकन की रिपोर्ट मांगी है। राज्य शासन को 3 सप्ताह में रिपोर्ट देना होगी। शाहपुरा तालाब के संरक्षण एवं उससे संबंधित विषयों पर दायर दो प्रकरण की संयुक्त सुनवाई में यह फैसला लिया गया। पहले प्रकरण को स्वत: संज्ञान लेकर प्रारंभ किया गया था। दूसरा प्रकरण पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने मध्यप्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण एवं अन्य के विरुद्ध प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने की। इस दौरान आवेदक की ओर से अधिवक्ता ने पीठ को अवगत कराया कि पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन में कार्यपालक अधिकारियों द्वारा विलंब किया जा रहा है। अपेक्षित रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है। सीमांकन पूरा करने की बात कहींमध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से अधिवक्ता पारुल भदौरिया ने स्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कलेक्टर द्वारा संबंधित क्षेत्र के सीमांकन एवं पहचान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। सीमांकन एवं पहचान की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। राज्य शासन की ओर से बताया गया कि संबंधित क्षेत्र तीन से चार अलग-अलग संभाग/तहसीलों में आता है। जिसके कारण संबंधित तहसील अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक था। विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उसे प्रस्तुत करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। तीन सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेंप्रकरण में प्रस्तुत तथ्य एवं दलीलों पर विचार करते हुए पीठ ने राज्य शासन को निर्देशित किया कि वह तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें और उसकी प्रति विपक्षी पक्षकारों को भी उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, जिन अन्य प्रतिवादी पक्षकारों द्वारा अभी तक जवाब अथवा स्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, उन्हें भी तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब/प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
उत्तराखंड के चारधाम हवाई मार्ग पर हेलिकॉप्टर हादसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस सालों में आठ दुर्घटनाएं और एक गंभीर घटना दर्ज की गई है।
प्रयागराज में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री और प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शनिवार, 31 अक्टूबर को एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आयोजित दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सुबह लखनऊ से रवाना होंगेनिर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मंत्री सुबह 10:15 बजे लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से प्रयागराज के लिए रवाना होंगे। वह कार से बछरावां, रायबरेली और गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते दोपहर करीब 1:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। दोपहर दो बजे सोरांव के लिए निकलेंगेप्रयागराज पहुंचने के बाद प्रभारी मंत्री सबसे पहले सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक महापौर गणेश केसरवानी हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री दोपहर दो बजे सोरांव के लिए रवाना होंगे। प्रभारी मंत्री का दूसरा कार्यक्रम सोरांव के ददौली खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। दोपहर 2:45 बजे वह यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की जिम्मेदारी भाजपा युवा मोर्चा के गंगापार जिलाध्यक्ष नवीन पटेल को दी गई है। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मंत्री शाम 3:45 बजे प्रयागराज से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। वह गंगा एक्सप्रेसवे, रायबरेली और बछरावां के रास्ते शाम करीब 6:30 बजे लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पहुंचेंगे।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में ओलंपियन शमशेर की टीम के लिए आशीष तानी पूर्ति ने हैट्रिक लगाई। इस जीत के बाद स्ट्राइकर्स का गोल अंतर +2 हो गया है। वहीं, मैनपाट टाइटन्स को टूर्नामेंट में पांच मैच खेलने के बाद पहली हार का सामना करना पड़ा। आशीष ने इस मैच में तीन गोल किए और टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या 12 पहुंचा दी। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स अपने सभी पांच मैच खेल चुकी है। अब टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बैलाडीला बुल्स के चक्रधर चैंपियंस के खिलाफ मुकाबले के नतीजे पर निर्भर रहना होगा। बैलाडीला हारती है या जीत का अंतर चार गोल से कम रहता है, तो स्ट्राइकर्स की सेमीफाइनल की उम्मीदें बनी रहेंगी। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों का डिफेंस मजबूत मैनपाट टाइटन्स की डिफेंस लाइन टूर्नामेंट में सबसे मजबूत रही है। मैच 14 तक टीम ने सिर्फ सात गोल खाए थे। इसी मजबूती का असर मुकाबले के पहले क्वार्टर में भी दिखा। दोनों टीमों ने गोल के मौके बनाए, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहला क्वार्टर 0-0 पर खत्म हुआ। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष तानी पूर्ति ने जोरदार ड्रैग-फ्लिक लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस शॉट को मैनपाट के अनुभवी गोलकीपर प्रदीप मोर भी नहीं रोक सके। इसके बाद दोनों टीमों को कुछ मौके मिले, लेकिन हाफ-टाइम तक स्कोर 1-0 ही रहा। तीसरे क्वार्टर में दो गोल कर पूरी की हैट्रिक तीसरे क्वार्टर में आशीष ने एक बार फिर पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग-फ्लिक से गोल किया। इसके बाद उन्होंने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की। उनके लगातार हमलों के सामने मैनपाट की मजबूत डिफेंस भी बेबस नजर आई। मैच के आखिरी पलों में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने चौथा गोल किया। शाहरुख के पास पर ओम कुमार यादव ने फील्ड गोल कर टीम को 4-0 से जीत दिलाई। हार के बावजूद मैनपाट सेमीफाइनल में मैनपाट टाइटन्स को भले ही इस मुकाबले में पहली हार मिली, लेकिन टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। पांच मैचों में उसके प्रदर्शन ने उसे खिताब का मजबूत दावेदार बनाए रखा है। वहीं, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बैलाडीला बुल्स और चक्रधर चैंपियंस के मुकाबले के नतीजे का इंतजार करना होगा।
मोहाली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3.55 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी करने के आरोपी वाईखोम रॉबर्ट सिंह को कोर्ट से झटका लगा है। मोहाली की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने कहा कि मामले में ठगी की रकम काफी बड़ी है। साथ ही देश में डिजिटल गिरफ्तारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत देने पर उसके दोबारा इसी तरह का अपराध करने और जांच प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर खाते से निकलवाए 3.55 करोड़ पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी रॉबर्ट सिंह ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता गुरनाम सिंह सलूजा को डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर डराया-धमकाया। आरोपियों ने इस तरीके से शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 3.55 करोड़ रुपए दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जिस खाते में रकम गई, वह कंपनी के नाम पर था जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई, वह 'रोबिसम क्राफ्टलाइन ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की फर्म के नाम पर पंजीकृत था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रॉबर्ट सिंह और उसके सह-आरोपी इस फर्म के रजिस्टर्ड पार्टनर थे। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में उनकी भूमिका की जांच की। लैपटॉप, 12 चेकबुक और 8 डेबिट कार्ड बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई सामान बरामद किए हैं। इनमें एक लैपटॉप, 12 चेकबुक, 8 डेबिट कार्ड, 6 अलग-अलग स्टांप पेपर, 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 3 साउंड बॉक्स और 2 पीओएस मशीनें भी बरामद की गई हैं। 4 सितंबर से हिरासत में है आरोपी आरोपी वाईखोम रॉबर्ट सिंह निवासी मणिपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह 4 सितंबर 2026 से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। दोबारा ठगी और जांच प्रभावित करने की आशंका कोर्ट ने आदेश में कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आरोपों की गंभीरता और ठगी की बड़ी रकम को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी आशंका जताई कि रिहा होने पर आरोपी दोबारा इसी तरह का अपराध कर सकता है और मामले की निष्पक्ष जांच में हस्तक्षेप कर सकता है। इन धाराओं में दर्ज है केस इस मामले में पंजाब स्टेट साइबर क्राइम थाना, फेज-4, मोहाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 308 और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत केस दर्ज किया गया है।
कटिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के साथ ही कटिहार जिले के 1,99,534 पात्र किसानों के बैंक खातों में करीब 39 करोड़ 90 लाख 68 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 2,000 रुपये की किस्त मिली। राशि जारी होने के बाद किसानों के बैंक खातों में पैसे आने शुरू हो गए हैं। जिला कृषि कार्यालय में हुआ लाइव प्रसारण इस अवसर पर जिला कृषि कार्यालय के सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इसमें जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार, उपनिदेशक कृषि अभियंत्रण, जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और कृषि समन्वयक शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 50 किसान भी मौजूद रहे। सभी 16 प्रखंडों में आयोजित हुए कार्यक्रम जिले के सभी 16 प्रखंड कृषि कार्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय किसानों और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। सालाना मिलते हैं छह हजार रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजनाओं में पारदर्शिता रखने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी योजनाओं को समय पर लागू करने और उनका लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा।
ऑपरेशन से बेटे को जन्म, मां की मौत:मुरैना में परिवार के लोगों एम्बुलेंस में शव रखकर सड़क की जाम
मुरैना के श्री हरि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार को ऑपरेशन से बेटे को जन्म देने के बाद 33 वर्षीय कृष्णा राठौर की मौत हो गई। डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर किया था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर वापस अस्पताल पहुंचे और सामने सड़क पर जाम लगा दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। सुबह 6 बजे प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचे थे जानकारी के अनुसार, नंदेपुरा रोड स्थित कृष्णा बिहार कॉलोनी निवासी बलबीर सिंह राठौर (34) शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पत्नी कृष्णा (33) को जेएस गार्डन के पास स्थित श्री हरि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन से डिलीवरी कराई। कृष्णा ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में मौत हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने कृष्णा को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एंबुलेंस में शव रखकर अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। मर्ग कायम, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार हंगामे की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह महिला का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। सीएसपी कविन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के परिवार से जुड़ा विला-कॉटेज खरीद मामला अब सियासी तूल पकड़ने लगा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लेटर लिखकर मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग की है। बेनीवाल ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि करीब 40 विला-कॉटेज की खरीद और 1.80 करोड़ रुपए सालाना लीज से जुड़े मामले में वास्तविक निवेशक कौन है। संपत्तियों का बाजार मूल्य कितना है और खरीद के लिए पैसा कहां से आया। उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर हुई खरीद, भुगतान के स्रोत और वास्तविक निवेशक की भूमिका की जांच की मांग की है। APO करना कार्रवाई नहीं बेनीवाल ने कहा- सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO कर दिया, लेकिन सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में CMO में IAS अग्रवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं। ऐसे में जांच होनी चाहिए कि उनके कार्यकाल में संबंधित कंपनी या कारोबारी समूहों को कोई प्रशासनिक फायदा तो नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने मांग की है कि जांच में उद्योग विभाग, RIICO और निवेश संवर्धन से जुड़े फैसलों को भी शामिल किया जाए। मदन राठौड़ और विधायक कोष में कमीशनखोरी का मुद्दा भी उछाला RLP सुप्रीमो ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का नाम भी पत्र में शामिल किया। उन्होंने कहा- विला-कॉटेज मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चाओं में राठौड़ का नाम सामने आ रहा है। साथ ही विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD) में कथित 40 प्रतिशत कमीशनखोरी का मामला उठाते हुए भाजपा विधायकों से जुड़े आरोपों और कथित वीडियो का जिक्र किया। बेनीवाल का आरोप है कि सरकार ने जांच और कार्रवाई के दावे किए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं हुई। छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग बेनीवाल ने CBI से समय पर जांच, CVC-DOPT से अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और संपत्ति विवरण की समीक्षा, आयकर विभाग से वित्तीय लेनदेन की जांच और बेनामी संपत्ति कानून के तहत जांच की मांग की है। इसके अलावा CMO, उद्योग विभाग और RIICO के फैसलों की जांच, संपत्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दोष साबित होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ये भी पढ़ें… विला-कॉटेज खरीद मामला,IAS शिखर अग्रवाल को सभी पदों से हटाया:IPS पत्नी के साथ खरीदी थी प्रॉपर्टी, फिर उसी कंपनी को लीज पर दी
कटिहार के मुफ्फसिल थाना इलाके में पुलिस ने 828 ग्राम स्मैक के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो मोटरसाइकिल भी जब्त कीं। स्मैक की कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई है। तीन लोग पुलिस को देखकर भागने लगे एसडीपीओ विशाल आनंद ने बताया कि मुफ्फसिल थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि दो मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोग पश्चिम बंगाल से मनिया की ओर स्मैक ले जा रहे हैं। सूचना की जांच के लिए पुलिस ने सुरतुलसी सड़क के पास वाहन जांच शुरू की। मनिया पुल के नीचे दो मोटरसाइकिल के साथ मौजूद तीन लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। 828 ग्राम स्मैक और दो मोटरसाइकिल जब्त पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों की पहचान शमशुल आलम (20), पिता कलीमुद्दीन, इस्लामपुर, थाना शमशेरगंज, जिला मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल; मो. इशारुल (20), पिता मो. रफीक, मकईया, थाना रतुआ, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल; और गोकुल कुमार (32), पिता गोपाल चौरसिया, सुरतुलसी कॉलेज, थाना मुफ्फसिल, जिला कटिहार के रूप में हुई है। तीनों की तलाशी में 828 ग्राम स्मैक और दो मोटरसाइकिल मिलीं। पुलिस ने बताया कि स्मैक का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 80 लाख रुपये है। इस मामले में मुफ्फसिल थाने में कांड संख्या 415/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। 828 ग्राम स्मैक और दो मोटरसाइकिल जब्त किया गया।
बरनाला में त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सेखा रोड स्थित एक मिठाई कारखाने पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। यहां से 910 किलो संदिग्ध मिल्क केक और 3 क्विंटल खोया बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मिठाई बेहद गंदगी और अस्वच्छ माहौल में तैयार की जा रही थी। मिल्क केक बाजार में महज 250 रुपए प्रति किलो के भाव से सप्लाई किया जा रहा था। कम कीमत और मौके पर मिले सामान के आधार पर इसके नकली और मिलावटी होने का संदेह जताया गया है। मिठाई से भरी एक डिलीवरी वैन को रोका फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर चरणजीत सहोता ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे हंडियाया चौक पर विशेष नाका लगाया गया था। इस दौरान मिठाई से भरी एक डिलीवरी वैन को रोका गया। ड्राइवर से पूछताछ के बाद टीम सेखा रोड स्थित गोदाम पहुंची और वहां छापा मारा। जांच के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। मौके से स्किम्ड मिल्क पाउडर के बैग, वनस्पति घी और रिफाइंड तेल के टीन भी बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार, इनका इस्तेमाल खोया और मिल्क केक तैयार करने में किया जा रहा था। सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट फूड लैब भेजे विभाग की टीम ने बरामद मिल्क केक और खोये के कानूनी सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट फूड लैब भेज दिए हैं। इसके साथ ही पूरे गोदाम को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जमुई में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने बरहट थाना क्षेत्र के नुमर गांव के समीप विदेशी शराब से लदी एक हुंडई कार जब्त की है। कार से 34 पेटी में रखी 768 बोतलें बरामद हुई हैं। इनमें कुल 304.560 लीटर शराब थी। छापेमारी के दौरान तस्कर टीम को देखकर कार छोड़कर फरार हो गया। वह अपने साथ कार की चाबी भी ले गया। लावारिस हालत में खड़ी थी कार उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि विभाग की टीम को नुमर गांव के समीप एक हुंडई कार लावारिस हालत में खड़ी होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिली। कार की चाबी लेकर भागा तस्कर बताया गया कि उत्पाद विभाग की टीम को देखकर कार के पास मौजूद तस्कर मौके से फरार हो गया। वह वाहन की चाबी भी अपने साथ ले गया। इसके बाद उत्पाद विभाग के कर्मियों ने कार और उसमें रखी शराब जब्त कर ली। वाहन मालिक की पहचान में जुटा विभाग फिलहाल उत्पाद विभाग की टीम कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
किशनगंज में जुगाड़ वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर जिला परिषद सदस्य नासिक नादिर शुक्रवार को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। DTO के आश्वासन के बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया। नासिक नादिर ने बताया कि वे पिछले 48 घंटे से जिला परिवहन पदाधिकारी को फोन कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठाया जा रहा था। 12-12 हजार रुपए मांगने का आरोप इससे नाराज होकर वे जुगाड़ वाहन चालकों के साथ DTO कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। नादिर ने आरोप लगाया कि रिक्शा और फटफटिया (जुगाड़ वाहन) चालकों को परेशान किया जा रहा है और उनसे 12-12 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “फटफटिया शहर में प्रतिबंधित है तो यह बात जनप्रतिनिधि ही पहुंचाएगा। लेकिन आप जिला परिषद सदस्य का ही कॉल नहीं उठा रहे हैं।” समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलने पर धरना ख़त्म उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों से फटफटिया चालक आए हैं। अगर उनकी गाड़ियां नहीं छोड़ी गईं, तो वे यहीं से जेल जाएंगे। नादिर ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिले में बालू चोरी, मादक पदार्थ, खाद्य और मवेशियों की अवैध सप्लाई होती है, तब प्रशासन ध्यान नहीं देता, लेकिन गरीबों को परेशान किया जाता है। धरने की सूचना मिलने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने फोन पर नासिक नादिर से बात की और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया।
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 2026 के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मुख्य अतिथियों की सूची
<
भोपाल से जब्त 705Kg पनीर के 5 नमूने फेल:मुरैना से ट्रेन के जरिए लाया गया था; टेस्ट में एनालॉग निकला
भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर से जब्त 705 किलो पनीर के पांचों सैंपल फेल हो गए। टेस्ट में यह एनालॉग निकला। यह पनीर मुरैना से भोपाल लाया गया था। वहां भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस पनीर को बुधवार को भोपाल में सप्लाई से पहले जब्त किया गया था। इससे यह आम लोगों के पास नहीं पहुंचा। आशंका के चलते सैंपल लिए थेइस पनीर के एनालॉग पनीर होने की आशंका के आधार पर पांच नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए थे। यहां से शुक्रवार को रिपोर्ट मिल गई। जिसमें यह फेल हो गए। मुरैना कलेक्टर को दी थी जानकारीस्थानीय फूड इंस्पेक्टर को मुखबिर से खबर मिली थी कि उक्त पनीर जिला मुरैना स्थित निर्माण इकाई से ट्रेन के जरिए भोपाल भेजा जा रहा था। तभी भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर से पनीर जब्त किया गया था। इस मामले की मुरैना कलेक्टर को भी जानकारी दी गई। इसके बाद मुरैना में भी छापा मार कार्रवाई की गई।
नोएडा में दूसरी कक्षा के बच्चे को पीटा:पिता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नोएडा सेक्टर-71 स्थित ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में दूसरी कक्षा के बच्चों ने उनके बेटे को बेरहमी से पीटा। घटना में बच्चे को गंभीर चोटें आईं। पिता का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सीसीटीवी फुटेज दिखाने में भी आनाकानी की। पीड़ित पिता की शिकायत पर फेज-तीन थाना पुलिस ने स्कूल के अज्ञात बच्चों और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-61 स्थित रॉयल गार्डन एस्टेट निवासी चिराग ढिंगरा का बेटा निष्कर्ष ढिंगरा ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दो-ई में पढ़ता है। एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक 27 अक्टूबर की सुबह करीब 7:40 बजे पिता अपने बेटे को स्कूल छोड़कर आए थे। स्कूल का समय सुबह 7:45 बजे से है। कुछ देर बाद बच्चा घर लौट आया और उसने परिजनों को बताया कि कक्षा के बच्चों और दूसरी कक्षा के कुछ छात्रों ने उसे स्कूल के फ्लोर पर गिराकर बुरी तरह पीटा है। बच्चे ने मारपीट के दौरान काफी दर्द होने की बात भी बताई। बेटे की बात सुनकर पिता ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और घटना की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाने की मांग की। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन, कक्षा अध्यापक, कोऑर्डिनेटर, वाइस प्रिंसिपल और प्रिंसिपल ने सुबह से शाम तक फुटेज दिखाने में आनाकानी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि काफी अनुरोध के बाद भी उन्हें तत्काल फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें मोबाइल बाहर रखने के लिए कहा और इसके बाद फुटेज दिखाई। 20 से 30 मिनट तक की फुटेज देखने का दावाशिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में दिखाई गई सीसीटीवी फुटेज में घटना से जुड़े करीब 20 से 30 मिनट के दृश्य मौजूद थे। उनका दावा है कि फुटेज में बेटे के साथ मारपीट होने की बात सामने आई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कक्षा में शिक्षिका सुबह 8:05 बजे आती हैं, जबकि बच्चे को सुबह 7:40 बजे स्कूल छोड़ा गया था। पिता ने इस दौरान बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने, मामले को दबाने और सीसीटीवी साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए पुलिस से फुटेज सुरक्षित कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दो धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमापुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 125(ए) लगाई गई हैं। एफआईआर में स्कूल के अज्ञात बच्चों और स्कूल प्रबंधन को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पत्रकार को अगवा कर 10 लाख की फिरौती मांगी:पुलिस ने 6 घंटे में पत्रकार को छुड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार
कटिहार में पत्रकार को अगवा कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने 6 घंटे के भीतर उन्हें छुड़ा लिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। SDPO विशाल आनंद ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 को गुलाम मुर्तजा (44), पिता शेख अबुज, निवासी इमाम नगर, थाना आजमनगर, ने लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वे अपने पत्रकार साथी मो. कलीम के साथ प्राणपुर समाचार संकलन के लिए जा रहे थे। हथियार दिखाकर जबरन कार में बैठाया शिकायत के मुताबिक, खाद की कालाबाजारी से जुड़ी खबर प्रकाशित करने को लेकर मो. आशिक ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद आरोपियों ने काले रंग की कार से उनका पीछा किया। लाभा जीरो माइल के आगे हथियार दिखाकर उन्हें जबरन कार में बैठाया और मारपीट करते हुए मनिहारी के रास्ते अमदाबाद ले गए। वहां उनकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपये मांगे गए। शिकायत में आरोप है कि रकम नहीं देने पर उन्हें दियारा इलाके में ले जाकर हत्या करने की बात कही गई। पत्रकार को छुड़ाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया इस मामले में रोशना थाना कांड संख्या 205/26 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, घटना के 6 घंटे के भीतर पत्रकार को छुड़ाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार और एक मोबाइल भी बरामद गिरफ्तार आरोपियों के नाम मो. आशिक (37), पिता मो. सीताबुद्दीन, निवासी सोड़ाडॉगी, थाना मनिहारी; मो. साबिर आलम (21), पिता अब्दुल अगीतज, थाना मनिहारी; और मनिष कुमार गोस्वामी (21), पिता नारायण गोस्वामी, निवासी बोरनी, थाना मनिहारी हैं। तीनों कटिहार जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद करने के साथ ही घटना में प्रयुक्त एक कार और एक मोबाइल भी बरामद किया है। अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भी पता नहीं है कि ज्ञापन कहां दिया जाता है और याचिका कहां दायर की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। शुक्रवार को कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच बेहतर समन्वय को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। सीएम बोले- सरकार ने 900 से ज्यादा अनुपयोगी कानून खत्म किए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद 900 से अधिक अनुपयोगी कानूनों को समाप्त किया गया है। सरकार का प्रयास पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर व्यवस्था को सरल बनाना है। मुख्यमंत्री ने भारत के पड़ोसी देशों की लोकतांत्रिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर चुनौतियां सामने आई हैं। वहीं, भारत में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चीफ जस्टिस बोले- संविधान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि प्रशासन और लोकतंत्र के अलग-अलग स्तंभों की भूमिकाएं भले ही अलग हों, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य एक ही है। संविधान की रक्षा करना, नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखना और प्रत्येक व्यक्ति को बिना भय या पक्षपात के निष्पक्ष न्याय दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच संबंध आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता, पेशेवर ईमानदारी और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित होने चाहिए। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संविधान की रक्षा हमारा साझा उद्देश्य होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने एडवोकेट जनरल की भूमिका को सराहा मुख्य न्यायाधीश ने एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल का कार्यालय अधिवक्ताओं को अनुभव और पेशेवर दक्षता विकसित करने का अवसर देता है। यह उन्हें समाज में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करता है। उन्होंने अपने सम्मान के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री, साथी न्यायाधीशों, एडवोकेट जनरल, आयोजकों और अधिवक्ता समुदाय का आभार जताया। साथ ही कहा कि संविधान के आदर्शों की रक्षा करना और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। शाम साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम करीब साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। शहपुरा के कैफे में कुल्हड़ वाली चाय का आनंद लिया इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर से जबलपुर आते समय शहपुरा स्थित एक कैफे पहुंचे। यहां उन्होंने कुल्हड़ में चाय पी और युवाओं से बातचीत की। व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर युवा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। चाय पर चर्चा के दौरान युवाओं से संवाद हुआ। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति अपना उत्साह और समर्पण जताया।
कोरबा पुलिस ने कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचने और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक में नकदी जमा करने की पर्ची और वारदात में इस्तेमाल आई-10 कार जब्त की गई है। पुलिस की पूछताछ में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और आईएफएल जैसी कंपनियों में भी कम कैरेट के सोने के आभूषण गिरवी रखकर लोन लेने की जानकारी सामने आई है। 45 हजार रुपए में बेचा 18 कैरेट का लॉकेट मामले में ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास (46), पिता दाउराम श्रीवास ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गांव के इंद्रेश साहू ने उन्हें 3.75 ग्राम वजन का एक लॉकेट दिखाया और उसे 22 कैरेट का सोना बताते हुए कीमत 49 से 50 हजार रुपए बताई। इसके बाद 45 हजार रुपए में बेचने की बात कही। 28 अक्टूबर को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर कोरबा के पास पहुंचा। यहां संजय से 45 हजार रुपए लेकर उसे लॉकेट दे दिया। बाद में संजय ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई तो वह 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट का निकला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की। घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ा शिकायत पर पुलिस ने प्रार्थी के लॉकेट को गवाह विकास साहू और गजेंद्र साहू की मौजूदगी में जब्त किया। इसके बाद घेराबंदी कर मुख्य आरोपी इंद्रेश को उसके तीन साथियों के साथ आई-10 कार सहित पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 18 और 20 कैरेट के सोने के आभूषणों को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा इन्हीं आभूषणों को गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर लोन भी लेते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और आईएफएल जैसी कंपनियों में सोना गिरवी रखने के तथ्य सामने आए हैं। नकदी, आभूषण और कार जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग सामान जब्त किया है। इसमें इंद्रेश साहू से 2,100 रुपए नकद और 40 हजार रुपए की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची, लिलेश्वर सिन्हा से 1,000 रुपए नकद और मनीष देवांगन से हुंडई आई-10 कार (CG05AE-8013) शामिल है। वहीं, आशीष गर्ग उर्फ आशु के पास से 7.89 ग्राम वजन के दो लॉकेट, 13.40 ग्राम की दो जोड़ी झुमकी (20 कैरेट), 6.54 ग्राम की दो लेडिस अंगूठियां (20 कैरेट), 3.80 ग्राम की एक जेंट्स अंगूठी और मिनी डिजिटल तौल मशीन जब्त की गई है। रायपुर, दिल्ली और कोरबा के रहने वाले आरोपी पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31), निवासी कोरबी धतुरा, कोरबा; लिलेश्वर सिन्हा (52), निवासी गुढ़ियारी, रायपुर; मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47), निवासी सुंदरनगर, रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु (29), निवासी नरेला, दिल्ली शामिल हैं। सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
हापुड़ में पत्नी की हत्या के पति को उम्रकैद:4 साल पुराने मामले में फैसला, 26 हजार जुर्माना लगाया
हापुड़ की अदालत ने शुक्रवार को पत्नी की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति नवाब को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम मिताली गोविंद राव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों को देखने के बाद यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही दोषी पर ₹26,000 का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। शादी के बाद से ही बाइक और 2 लाख रुपये की कर रहा था मांग विशेष लोक अभियोजक करुणा नागर ने बताया कि मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव फफूड़ा निवासी सचिन ने 27 मई 2022 को हापुड़ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। सचिन ने बताया कि उनकी बहन नीलम की शादी 22 अप्रैल 2016 को हापुड़ के शिवगढ़ी निवासी नवाब से हुई थी। शादी के बाद से ही नवाब और उसके परिजन नीलम को कम दहेज का ताना देकर प्रताड़ित करते थे और बाइक व दो लाख रुपये नकद की मांग करते थे। संतान न होने पर बांझ कहकर भूखा-प्यासा रखता था पति पीड़ित पक्ष का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने के साथ-साथ संतान न होने पर भी नीलम को 'बांझ' कहकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उसे भूखा-प्यासा रखा जाता था। नीलम ने कई बार अपने मायके वालों को अपनी जान के खतरे की आशंका जताई थी। 27 मई 2022 को मिला था पीड़िता का शव 27 मई 2022 को नवाब की सूचना पर जब नीलम के मायके वाले हापुड़ पहुंचे, तो वह मृत अवस्था में पड़ी मिली और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों को सही मानते हुए नवाब को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
30 अक्टूबर, शुक्रवार: भभुआ में डीएम कुमार अनुराग ने सीएमआर चावल आपूर्ति की समीक्षा की। जिले की 18 पैक्स समितियों पर 1940.26 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति बाकी है। सरकार ने बकाया चावल जमा करने की समय सीमा बढ़ाकर 10 नवंबर कर दी है।
टोंक में नेशनल हाईवे-52 पर बनास पुलिया पर चलते कंटेनर ट्रेलर का टायर फट गया। टायर फटते ही ट्रेलर के निचले हिस्से में आग लग गई। कंटेनर में प्लास्टिक का आइटम था। ऐसे में आग तेजी से फैली। वक्त रहते ड्राइवर-क्लिनर ने उतरकर जान बचाई। गनीमत रही कि ट्रेलर बेकाबू नहीं हुआ। घटना शुक्रवार शाम को हुई। लपटें और गुबार देख हाईवे पर गाड़ियों की कतार लग गई। मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर सदर और बरौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंचीं और ट्रैफिक को वन-वे कराया। इसके बाद दमकल ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका और यातायात सुचारु हुआ। उत्तराखंड से गुजरात जा रहा था कंटेनर जानकारी के अनुसार कंटेनर उत्तराखंड से टोंक होते हुए गुजरात की ओर जा रहा था। इसी दौरान बनास पुलिया पर अचानक उसका टायर फट गया। कंटेनर में भरे प्लास्टिक का सामान ने तेजी से आग पकड़ी। लपटों ने पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने भीड़ को घटनास्थल से दूर रखा, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। कोटा जाने वाली गाड़ियों को किया डायवर्ट सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने जयपुर से कोटा की ओर जाने वाले वाहनों को बनास पुलिया पर बने दूसरे पुल से डायवर्ट कर निकाला। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर टायर फटने के बाद आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स का महंगाई राहत (डीआर) तीन फीसदी बढ़ा दिया है। सीएम भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद शुक्रवार को डीए बढ़ाने के आदेश हो गए हैं। इसके साथ ही दिवाली पर 6 लाख कर्मचारियों को 7 हजार तक बोनस देने का भी आदेश जारी हो गए। राजस्थान में करीब 7 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी और 5 लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारियों का डीए बढ़ाया है। इससे सरकार पर करीब 820 करोड़ का आर्थिक भार आएगा। अब तक राजस्थान में कर्मचारियों को 60 फीसदी डीए और पेंशनर्स को 60 फीसदी महंगाई राहत (डीआर) मिल रहा था। अब बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को 63 फीसदी डीए और पेंशनर्स को 63 फीसदी डीआर मिलेगा। अप्रैल में दो फीसदी बढ़ा था डीए राज्य सरकार ने इसी साल अप्रैल में कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए दो फीसदी बढ़ाया था। अप्रैल में डीए 58% से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया था। राजस्थान में पिछले लंबे समय से केंद्र की घोषणा के बाद कुछ समय बाद ही राज्य सरकार भी डीए बढ़ाती रही है। अप्रैल में केंद्र सरकार के डीए बढ़ाने की घोषणा के पांचवें दिन राजस्थान सरकार ने भी DA बढ़ा दिया था। 500 से लेकर 4500 रुपए तक होगा फायदा डीए में तीन फीसदी की बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों और अफसरों को वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग फायदा होगा। एल-1 से लेकर एल-24 तक वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग राशि बनती है। डीए बढ़ने से 500 से लेकर 4500 रुपए तक प्रति माह वेतन में बढ़ोतरी होगी। बढ़ा हुआ डीए जुलाई से लागू होगा डीए बढ़ाने से चालू वित्त वर्ष में 820 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बढ़ा हुआ डीए जुलाई से लागू होगा। जुलाई से अक्टूबर तक के DA का बकाया कर्मचारियों के GPF (सामान्य भविष्य निधि) खातों में जमा किया जाएगा। बढ़ा हुआ DA कर्मचारियों को नवंबर के वेतन के साथ नकद दिया जाएगा। पेंशनभोगियों को 1 जुलाई से बढ़ा हुआ DR नकद में दिया जाएगा। 6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपए तक एडहॉक बोनस 6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपए तक एडहॉक बोनस मिलेगा। बोनस का लाभ पे-मैट्रिक्स लेवल L-12 तक के कर्मचारियों को ही मिलता है। चालू वित्त वर्ष में बोनस से सरकार पर 406 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बोनस का 75% हिस्सा नकद दिया जाएगा, और 25% हिस्सा कर्मचारियों के GPF खातों में जमा किया जाएगा।
हांसी के उत्तम नगर में गली के लेवल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को गली निर्माण के दौरान एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी और हंगामा हो गया। इसके बाद एक पक्ष की महिलाएं कुछ लोगों के साथ विधायक विनोद भयाना के आवास पर पहुंचीं और गली के लेवल में बदलाव नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। विधायक ने अधिकारियों को गली का लेवल सही रखने के निर्देश दिए। महिलाओं ने विधायक से कहा कि उनके निर्देशों के बावजूद गली का निर्माण पहले की तरह ही किया जा रहा है और लेवल में कोई बदलाव नहीं किया गया। उनका कहना था कि मौजूदा लेवल के कारण कॉलोनी के पानी की निकासी ड्रेन की ओर नहीं हो पाएगी, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। पहले भी बुलानी पड़ी थी पुलिस गली के लेवल को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। उस दौरान मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी थी, जिसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ा। हालांकि, शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग फिर एकत्रित हो गए और गली के लेवल पर विरोध जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण ऐसा होना चाहिए, जिससे पूरी कॉलोनी के पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। वहीं, विवाद के चलते गली निर्माण का मामला लगातार उलझता जा रहा है।
30 अक्टूबर, शुक्रवार: भभुआ में पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्षों ने धान खरीद और चावल भुगतान की समस्याओं को लेकर बैठक की। इसके बाद डीएम कुमार अनुराग को 11 सूत्री ज्ञापन सौंपा। अध्यक्षों ने किसानों को 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, लंबित भुगतान और अतिरिक्त ब्याज के शीघ्र भुगतान की मांग की।
बलरामपुर में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब बलरामपुर में भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मौसम के बदले मिजाज ने शुक्रवार को पूरे इलाके की फिजा ही बदल दी। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच मध्यम गति से हवाएं चलती रहीं और हल्की बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक घोलनी शुरू कर दी। दिनभर मौसम के इसी उतार-चढ़ाव के बाद शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने रफ्तार पकड़ ली और सड़कों, गलियों तथा खुले मैदानों पर पानी की बूंदों ने दस्तक देनी शुरू कर दी। मध्यम गति की हवाओं के साथ लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट महसूस की गई। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम के इस बदले अंदाज ने बड़ी राहत दी। बारिश के चलते वातावरण खुशनुमा हो गया और ठंडी हवाओं ने लोगों को सुहावने मौसम का एहसास कराया। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, बलरामपुर में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हवा की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बदले मौसम ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
जयपुर के जवाहर नगर स्थित सेंट एडमंड्स स्कूल का एनुअल फंक्शन 30 अक्टूबर 2026 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में आयोजित किया गया। इस साल समारोह की मुख्य थीम ‘AI और मैं – तकनीक सोच सकती है, इंसान महसूस कर सकते हैं’ रही, जिसके माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय अन्तः शक्ति के बीच के संबंध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय रणबीर सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का स्मरण किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश भोजवानी, निदेशक, संतोकबा इंस्टीट्यूट ऑफ डाइजेस्टिव सर्जिकल साइंसेज़ का पारंपरिक तिलक एवं फूल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रधानाचार्या अनु भाटिया जी ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति और विविध गतिविधियों का उल्लेख किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना और सिम्फनी की मनमोहक संयुक्त प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं संगीतमय बना दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मनमोहक मुस्कान एवं मनोहारी प्रस्तुतियाँ रहीं जिन्होंने पूरे वातावरण को उल्लास और उमंग से भर दिया। इसके अतिरिक्त नृत्य, नाटक, संगीत और नवाचारी मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, ऊर्जा एवं सृजनात्मकता का परिचय देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( ए. आई. ) और मानवीय बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। आकर्षक वेशभूषा, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और उत्कृष्ट मंचीय समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। समारोह में यह विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों का परस्पर संतुलन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस प्रकार, वार्षिकोत्सव न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव बना, बल्कि आधुनिक तकनीक के युग में मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और जीवन-मूल्यों की प्रासंगिकता को भी रेखांकित कर गया। इस थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह प्रेरणादायी संदेश दिया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ज्ञान और कार्यक्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, किंतु जीवन की वास्तविक सार्थकता आंतरिक शक्ति एवं मूल्यों में निहित है। तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपनी स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता, नैतिकता और संवेदनशीलता को बनाए रखना आवश्यक है। इस प्रकार, विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनने की प्रेरणा मिली। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजन को सफल बनाने वाले अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ। प्रत्येक प्रस्तुति विद्यार्थियों के समर्पण, अथक परिश्रम और सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब रही। उन्होंने अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार से मंच को एक भव्य एवं यादगार उत्सव में परिवर्तित कर दिया।
मऊगंज के पीएम श्री शहीद केदार नाथ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने थाना कोतवाली का भ्रमण किया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे ‘जन सुरक्षा एवं युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को थाने की कार्यप्रणाली, FIR दर्ज करने और पुलिस की अलग-अलग व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। डायल 112 और महिला हेल्प डेस्क देखी भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को थाना परिसर के अलग-अलग कक्ष, डायल 112 वाहन, CCTV कंट्रोल रूम और महिला हेल्प डेस्क दिखाई गई। थाना प्रभारी ने उन्हें प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। छात्रों को डायल 112 के रिस्पांस टाइम और शहर में लगे CCTV कैमरों के जरिए अपराधों पर नजर रखने के तरीके भी बताए गए। साइबर अपराध और यातायात नियमों की जानकारी दी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के तहत हुए इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को कानूनी प्रक्रियाओं से जोड़ना और जागरूक करना है। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के पालन की जानकारी भी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे संवाद से युवाओं और पुलिस के बीच दूरी कम करने और पुलिस पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भाजपा ने मध्यप्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। इसके विरोध में शुक्रवार शाम हरदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नारायण टॉकीज चौक पर पुरी का पुतला जलाया और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। एपस्टीन से संबंधों को लेकर उठाए सवाल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पुरी का नाम बाल यौन शोषण के आरोपी जेफ्री एपस्टीन से संबंधों को लेकर सामने आया है। पार्टी ने सवाल उठाया कि भाजपा उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजना क्यों चाहती है। कांग्रेस ने इसे प्रदेश का अपमान बताया। मंत्री से इस्तीफे की मांग ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि भारत को नारी शक्ति का सम्मान करने वाला राष्ट्र कहा जाता है। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का नाम गंभीर आरोपों में आने पर उन्हें नैतिकता के आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। व्यास ने आरोप लगाया कि इस मामले से देश की छवि धूमिल हो रही है, जबकि सरकार चुप है। जांच होने तक विरोध जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सुपौल में छठ पर्व की तैयारियों को लेकर शुक्रवार शाम डीएम सावन कुमार ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने जिले के छह नगर निकायों और प्रखंडों के छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। डीएम ने नगर निकायों के घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा। घाटों से गाद और कचरा हटाने, ब्लीचिंग पाउडर व चूने का छिड़काव करने और पहुंचने वाले रास्तों की मरम्मत के निर्देश दिए गए। खतरनाक जगहों पर बैरिकेडिंग करने को कहा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी और महिला व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम बनाने को भी कहा गया। जिले के प्रखंडों के घाटों पर भी सफाई, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। घाटों तक जाने वाले रास्ते ठीक करने और खतरनाक जगहों पर बैरिकेडिंग करने को कहा गया। सुविधा, सुरक्षा और सफाई प्रशासन की प्राथमिकता डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने इलाके के घाटों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने घाटों पर पर्याप्त संख्या में गोताखोर तैनात करने और संवेदनशील व खतरनाक घाटों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि छठ के दौरान श्रद्धालुओं और व्रतियों की सुविधा, सुरक्षा और सफाई प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को तय समय में तैयारियां पूरी करने को कहा गया। बैठक में डीडीसी इंद्रवीर कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण, नगर परिषद सुपौल और त्रिवेणीगंज के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत सिमराही, पिपरा और निर्मली के कार्यपालक पदाधिकारी और सभी बीडीओ मौजूद थे। सभी एसडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।
हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित आवास विकास कॉलोनी में सीजीएसटी विभाग की जांच में एक फर्म से जुड़े करीब 4 करोड़ रुपए के कर अपवंचन का मामला प्रथम दृष्टया सामने आया है। विभाग ने सर्वश्री मोहम्मद खालिद एंड सन्स पर फर्जी खरीद-बिक्री के बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने और करमुक्त बिक्री के नाम पर टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है। फर्म एनिमल मीट, टैलो और बोन मील की ट्रेडिंग करती है। अधिकारियों की जांच शाम 7 बजे तक जारी रही। सीजीएसटी विभाग के अनुसार, फर्म ने तमिलनाडु की 11 अस्तित्वहीन फर्मों से 135.95 लाख रुपए की फर्जी ITC ली। अपर आयुक्त ग्रेड-2 राम केश्वर के नेतृत्व में टीम ने फर्म के व्यापार स्थल की जांच की। मौके पर आवासीय परिसर मिला, लेकिन माल का कोई स्टॉक नहीं मिला। अधिकारियों को खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज जरूर मिले। फर्म के मालिक मोहम्मद अमजद ने बताया कि उनकी फर्म तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली से माल खरीदती है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बिक्री बिल-टू-शिप-टू व्यवस्था के तहत होती है। बिलों में हापुड़ में डिलीवरी, लेकिन माल पहुंचने का रिकॉर्ड नहीं अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों और बिलों के मिलान में गड़बड़ी मिली। रिकॉर्ड में माल की डिलीवरी हापुड़ में दिखाई गई थी, लेकिन माल यहां पहुंचने के प्रमाण नहीं मिले। ई-वे बिल पोर्टल पर भी संबंधित राज्यों से हापुड़ तक माल लाने वाले वाहनों की आवाजाही दर्ज नहीं थी। विभाग को आशंका है कि वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना केवल बिल जारी कर खरीद-बिक्री दिखाई गई। जांच में वर्ष 2024-25 में 15.06 करोड़ रुपए की खरीद के मुकाबले 8.78 करोड़ रुपए की बिक्री घोषित मिली। वहीं, वर्ष 2025-26 में 5.72 करोड़ रुपए की खरीद के मुकाबले 1.14 करोड़ रुपए की बिक्री दिखाई गई। अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी शेष माल की बिक्री का विवरण नहीं दे सका। चार साल में अतिरिक्त ITC क्लेम करने का भी मामला जांच में वर्ष 2024-25 के दौरान तमिलनाडु की 11 अस्तित्वहीन फर्मों से 135.95 लाख रुपए की फर्जी ITC लेने की बात सामने आई। इसके अलावा वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच 39.76 लाख रुपए की अतिरिक्त ITC क्लेम कर कर देयता समायोजित करने का मामला भी सामने आया है। विभाग के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों और शुरुआती जांच के आधार पर करीब 4 करोड़ रुपए के कर अपवंचन का मामला प्रथम दृष्टया सामने आया है। फर्म के खिलाफ आगे की जांच की जा रही है। इन अधिकारियों की टीम ने की जांच कार्रवाई अपर आयुक्त ग्रेड-2 राम केश्वर के नेतृत्व में की गई। टीम में संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह, उपायुक्त विमल कुमार, राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी और हरिशंकर शिवहरे शामिल रहे।
औरैया के देवरपुर गांव में रिश्तेदारी में आए 27 वर्षीय विनय की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए थे। शुक्रवार शाम 7 बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विनय इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के लालपुरा के रहने वाले थे। उनकी शादी पांच साल पहले दिबियापुर थाना क्षेत्र के चिटकाइयां पुरवा निवासी जगराम की बेटी स्वेता (25) से हुई थी। उनका तीन साल का बेटा है। स्वेता अपने पति विनय के साथ देवरपुर गांव में अपनी बुआ कमला के घर आई थीं। करवा चौथ का व्रत पूरा होने के बाद बीती रात विनय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल औरैया ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वेता पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके पिता जगराम की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। विनय की मौत के बाद स्वेता और उनके मायके के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। चिटकाइयां पुरवा में उनके ननिहाल में शोक का माहौल है। दिबियापुर थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि विनय का पोस्टमॉर्टम चिचौली में किया जाएगा।
दिल्ली में बेअसर है 'नैचुरल वॉशआउट', बारिश के 5 दिन बाद ही हवा में क्यों लौट आते हैं जहरीले कण?
दिल्ली में बारिश के बाद हवा साफ तो होती है, लेकिन प्रदूषण के कण पांच दिनों के भीतर वापस लौट जाते हैं। एक नए शोध के मुताबिक बारिश प्रदूषण का स्थायी समाधान नहीं है।
मारपीट में चाकू लगने से 4 किशोर घायल:गोपालगंज में आपसी विवाद के बाद भिड़े 2 पक्ष
गोपालगंज। जिले के बरौली थाना क्षेत्र के सरफरा गांव में आपसी विवाद में दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई। इस दौरान के दोनों पक्षों जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट मामले एक ही परिवार के चार किशोर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वही अन्य परिजनों द्वारा तत्काल सभी जख्मियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया जहां सभी का ईलाज डॉक्टर की देखरेख में चल रहा है। धारदार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया दरअसल घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि सरफरा गांव में दो पक्षों के बीच किसी पुराने आपसी विवाद को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा था। घटना के दिन यह विवाद अचानक बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया। आरोप है कि आक्रोशित हमलावरों ने कानून-व्यवस्था को ताक पर रखते हुए किशोरों को निशाना बना लिया और उन पर धारदार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया इस अचानक हुए कातिलाना हमले में चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके की तरफ दौड़े। ग्रामीणों को आते देख हमलावर मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में चारों देख परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और परिजनों के सहयोग से सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया गया। जख्मी लोगो में गौतम पांडेय का बेटा मिंटू पाण्डेय, विकाश कुमार पांडेय,अंकित पांडेय और सुशील कुमार पांडेय का बेटा रवि पांडेय शामिल हैं। इस घटना के बाद से सरफरा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
कैमूर में स्नेक बाइट से युवती की मौत:चारपाई पर सो रही थी, हायर सेंटर ले जाते समय दम तोड़ा
कैमूर के भभुआ थाना क्षेत्र के चांदोरुइया गांव में सांप के डसने से 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। वह रात में अपनी चारपाई पर सो रही थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया। गंभीर हालत में सदर अस्पताल से हायर सेंटर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान गांव के बीरबल बिंद की पुत्री सुंदरी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुंदरी रोज की तरह खाना खाने के बाद चारपाई पर सो रही थी। इसी दौरान अंधेरे में आए सांप ने उसे डस लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। शोर सुनकर घर के लोग पहुंचे और उसे तत्काल भभुआ सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल से किया गया था रेफर सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने युवती का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर हायर सेंटर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
कोटा में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में दो पंचायत समितियों में 47 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए 84.82% वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा खैराबाद पंचायत समिति में 85.17% में मतदान हुआ जबकि चेचट पंचायत समिति में 84.51% वोट पड़े। देर रात तक रिजल्ट आएंगे। खैराबाद ग्राम पंचायत में सरपंच पद की मतगणना शुरू होने से पहले ही केंद्र के बाहर जश्न का माहौल नजर आया। समर्थकों ने अपने प्रत्याशी की जीत की उम्मीद में पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। जिले में पहले चरण में 4 पंचायत समितियों में 162 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए 78 प्रतिशत वोटिंग हुई। जबकि गिरधरपुरा ग्राम पंचायत में पंच-सरपंच निर्विरोध चुने गए थे। पहले चरण में लाडपुरा पंचायत समिति में 82.61%, सांगोद पंचायत समिति में 78.43%, इटावा पंचायत समिति में 77.70% व सुल्तानपुर पंचायत समिति में 76% वोटिंग हुई थी। यहां देखे सरपंचों का रिजल्ट
IIT पटना के रजिस्ट्रार ए.के. ठाकुर की ओर से दलित समाज को लेकर की गई कथित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को गर्दनीबाग स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) थाने में लिखित शिकायत देकर रजिस्ट्रार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। आदित्य पासवान के मुताबिक, थाना प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर ली है और प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामला कथित टिप्पणी ‘काबिल मत बनो, दलित बनो, सफलता झक मारकर आएगी’ से जुड़ा है। आदित्य पासवान ने कहा कि इस तरह की कथित टिप्पणी दलित समाज के संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने की आकांक्षाओं का अपमान है। शिक्षा और आत्मसम्मान से जुड़ा मामला बताया उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद दलित परिवार अपने बच्चों को शिक्षित कर बेहतर भविष्य देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षा, संगठन और संघर्ष के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि दलित समाज शिक्षा को सामाजिक बराबरी और आत्मसम्मान का माध्यम मानता है। उनके अनुसार, किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से समानता और प्रगतिशील सोच को बढ़ावा देने की अपेक्षा की जाती है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और IIT पटना प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। आदित्य पासवान ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ निजी लड़ाई नहीं, बल्कि जातिगत पूर्वाग्रह और भेदभाव की मानसिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि दलित समाज के सम्मान, शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
बांदा में पति की मौत के बाद एक विवाहिता को उसके बेटे के साथ घर से निकालने का मामला सामने आया है। महिला ने ससुराल वालों पर बुलेट मोटरसाइकिल और 3 लाख रुपए मांगने, मारपीट करने, गहने छीनने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सास-ससुर, जेठ-जेठानी और ननद के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को मिली शिकायत के आधार पर 30 अक्टूबर को शाम 6 बजे केस दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली नगर के क्योटरा मुक्तिधाम मार्ग निवासी स्नेहा उर्फ काजल ने शिकायत में बताया कि उसकी शादी 25 फरवरी 2024 को फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के कुन्हू का डेरा निवासी मोनू कश्यप से हुई थी। शादी में उसके माता-पिता ने 5 लाख रुपए नकद, घरेलू सामान और सोने-चांदी के गहने दिए थे। स्नेहा का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद सास सावित्री उर्फ भूरी, ससुर रामशरन कश्यप, जेठ सोनू कश्यप, जेठानी रेशमा और ननद प्रियंका कम दहेज लाने का ताना देने लगे। वे मायके से बुलेट और 3 लाख रुपए लाने का दबाव बनाते थे। स्नेहा ने बताया कि 10 फरवरी 2025 को बेटे अक्षत के जन्म के बाद उसके माता-पिता सोने-चांदी के गहने लेकर ससुराल पहुंचे थे। इसके बाद भी ससुराल वाले बुलेट और 3 लाख रुपए मांगते रहे। मांग पूरी नहीं होने पर उसे सूरत स्थित मकान से निकाल दिया गया। स्नेहा के मुताबिक, उसके पति मोनू की 24 दिसंबर 2025 को सूरत के डॉ. राज इमैजिन सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद ससुराल वालों का उत्पीड़न बढ़ गया। आरोप है कि 18 जनवरी 2026 को सास, ससुर, जेठ, जेठानी और ननद ने मिलकर स्नेहा से मारपीट की। उन्होंने चढ़ाव के गहने और स्त्रीधन छीनकर उसे बेटे के साथ घर से निकाल दिया। विवाहिता ने बताया कि उसके माता-पिता सूरत पहुंचे और पंचायत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुरालीजन अपनी मांग पर अड़े रहे। आरोप है कि उन्होंने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की धमकी भी दी। इसके बाद माता-पिता उसे बेटे सहित बांदा ले आए। तब से वह मायके में रह रही है।
लोक आस्था के महा पर्व छठ को लेकर अपने घर लौटने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों की लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से रामनगर और पाटलिपुत्र के बीच विशेष पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने की औपचारिक घोषणा की गई है। इस नई विशेष ट्रेन सेवा के शुरू होने से त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले हजारों लोगों को सीट की किल्लत से मुक्ति मिलेगी और उनकी राह काफी आसान होगी। प्रत्येक रविवार को पाटलिपुत्र से रवाना होगी रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए ट्रेन संख्या 05080/05079 रामनगर-पाटलिपुत्र-रामनगर पूजा स्पेशल का परिचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 7 नवंबर से 21 नवंबर के बीच प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी। इस अवधि के दौरान यह ट्रेन कुल तीन फेरे पूरा करेगी। वापसी दिशा में यह ट्रेन 8 नवंबर से 22 नवंबर के बीच प्रत्येक रविवार को पाटलिपुत्र से रवाना होगी और कुल तीन फेरे लगाएगी। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली यह पूजा स्पेशल ट्रेन रास्ते में कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए जाएगी। संबंधित रेल मंडलों को आवश्यक निर्देश जारी गोपालगंज जिले के निवासियों के लिए यह स्पेशल ट्रेन विशेष रूप से राहत लेकर आई है। गोपालगंज स्टेशन पर यह ट्रेन रात 09:50 बजे पहुंचेगी और 10:00 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में गोपालगंज स्टेशन पर इसका आगमन रात 08:15 बजे होगा तथा 08:25 बजे यह रामनगर के लिए प्रस्थान करेगी। छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे मुख्यालय ने संबंधित रेल मंडलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन का समय पर संचालन सुनिश्चित करने, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और स्टेशनों पर अतिरिक्त रेल स्टाफ तैनात करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मोतिहारी के हरसिद्धि में मानिकपुर चौक के पास पुलिस ने एक युवक से 19 लाख 98 हजार 500 रुपये बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, ये रुपये नोट डबलिंग गिरोह के थे। गिरोह एक रुपये के बदले चार रुपये के जाली नोट देने का झांसा देकर कारोबार करता था। गिरफ्तार युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज निवासी हरेराम शाही के बेटे रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है। डायल 112 की टीम को मिली थी सूचना रोहित की निशानदेही पर पुलिस ने पश्चिम चंपारण जिले के बेलवा गांव में अशोक मिश्र के घर छापा मारा। वहां से रायफल के 10 कारतूस मिले। अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को हरसिद्धि थाना परिसर में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायल 112 की टीम को सूचना मिली थी कि मोतिहारी की ओर से फॉर्च्यूनर और नेक्सन कार में गिरोह के सदस्य रुपये लेकर अरेराज जा रहे हैं। अन्य साथी कार लेकर फरार टीम ने इसकी जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात को दी। उनके निर्देश पर डायल 112 की टीम, थानाध्यक्ष सुनील कुमार, अपर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार और पुलिस बल ने मानिकपुर चौक के पास घेराबंदी की। इस दौरान तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर पुलिस को चकमा देकर निकल गई। पुलिस ने पीछे से आ रही नेक्सन कार को रोककर तलाशी शुरू की। तभी एक युवक बैग लेकर कार से उतरा और भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। उसके अन्य साथी नेक्सन कार लेकर फरार हो गए। गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में भेजा रोहित के बैग से 500 रुपये के नोटों में कुल 19 लाख 98 हजार 500 रुपये मिले। पूछताछ में उसने बताया कि गिरोह एक रुपये के बदले चार रुपये के जाली नोट देने का काम करता है। वे इसी सिलसिले में रुपये लेकर बेतिया जा रहे थे। डीएसपी ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में फैला है। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
CBI ने शुरू की PNB बैंक फ्रॉड केस की जांच:ग्रेटर नोएडा में महिला कर्मचारी समेत 8 पर FIR
नोएडा के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर-पाई शाखा में 10.24 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। CBI की गाजियाबाद एंटी करप्शन ब्रांच ने बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि ग्राहकों के खातों से बिना अनुमति रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। एफडीआर में भी हेरफेर किए जाने की बात सामने आई है। आरोपियों में आशुतोष कुमार पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी शामिल हैं। बैंक की शुरुआती जांच के बाद मामला CBI तक पहुंचा। अब एजेंसी ने लेनदेन और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। पासबुक अपडेट कराने पहुंची महिला के खाते से हुए तीन ट्रांजैक्शन बैंक के चीफ मैनेजर अजय कुमार पांडे की शिकायत के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-पाई स्थित शाखा में संगीता नाम की महिला का खाता है। 16 सितंबर 2026 को वह अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने पहुंचीं। पासबुक में उनके खाते से तीन ट्रांजैक्शन दर्ज थे, जिनकी उन्हें जानकारी नहीं थी। संगीता ने इस बारे में ब्रांच हेड से बात करनी चाही, लेकिन वे उस समय मौजूद नहीं थे। इसके बाद बैंक कर्मचारी दीपांशी ने उनसे बात की और लेनदेन को सही बताया। शिकायत पर पति को ही बताया रकम ट्रांसफर करने वाला शिकायत बैंक मैनेजर तक पहुंची तो उन्होंने दीपांशी से पूछताछ की। इस पर दीपांशी ने बताया कि संगीता ने अपने पति से फोन पर बात की थी और उन्हें प्रॉपर्टी में निवेश के लिए रकम आशुतोष पाठक के खाते में ट्रांसफर करने की जानकारी दी थी। हालांकि, बैंक की जांच में इन तीनों ट्रांजैक्शन से जुड़े वाउचर नहीं मिले। इससे बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ और दीपांशी से दोबारा पूछताछ की गई। पूछताछ में लॉगिन का गलत इस्तेमाल करने की बात सामने आई बैंक की शिकायत के अनुसार, पूछताछ में दीपांशी ने कथित तौर पर बताया कि ये ट्रांजैक्शन आशुतोष पाठक के निर्देश पर किए गए थे। उसने बैंक अधिकारियों की जानकारी और मंजूरी के बिना उनके लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों के खातों से रकम निकाली थी। आरोप है कि इन ट्रांजैक्शन से जुड़े वाउचर भी नष्ट कर दिए गए, क्योंकि रकम निकालने के लिए न तो ग्राहकों के निर्देश थे और न ही शाखा अधिकारियों की अनुमति। दीपांशी ने ही खुलवाया था आशुतोष का खाता शिकायत के मुताबिक, बैंक ने आशुतोष पाठक के खाते की जांच की तो पता चला कि यह खाता दीपांशी ने ही खुलवाया था। इसके अलावा कई ग्राहकों के खातों से आशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई थी। बैंक को संदेह है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम सीधे या अलग-अलग खातों के जरिए घुमाकर आशुतोष पाठक के खाते तक पहुंचाई गई। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित तरीके से रकम दूसरी जगह भेजने का पैटर्न बताया गया है। बैंक की शिकायत के आधार पर CBI ने दीपांशी समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में कथित घोटाले की रकम 10 करोड़ 24 लाख रुपए बताई गई है। मामले में बैंक खातों, अनधिकृत ट्रांजैक्शन और एफडीआर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सीकर में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से आर्ट्स कॉलेज में एक युवक उर्दू का असिस्टेंट प्रोफेसर नौकरी लग गया। जांच में उसका झूठ सामने आया। कॉलेज आयुक्तालय के द्वारा उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दादिया थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में आर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार के द्वारा सीकर के दादिया पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है कि यूपी के बलिया का रहने वाला मोहम्मद परवेज आलम पुत्र मोहम्मद अली ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से कॉलेज में उर्दू विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर नौकरी भी ज्वाइन कर ली। जब कॉलेज आयुक्तालय के द्वारा सर्टिफिकेट की जांच करवाई गई तो इसका खुलासा हुआ। सर्टिफिकेट के अनुसार- मोहम्मद परवेज पद के लिए पात्र नहीं था। ऐसे में उसे नौकरी से बर्खास्त किया गया और अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
गांजा बेचने वाला युवक गिरफ्तार:1.206 किलो गांजा और बाइक जब्त; आरोपी छोटी पुड़िया बनाकर बेचता है
सिवनी जिले के घंसौर में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर गांजा बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 किलो 206 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने गांजा ले जाने में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी जब्त की। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने शाम 6:30 बजे बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। एक युवक मोटरसाइकिल से गांजा लेकर बिक्री के लिए घंसौर-मंडला तिराहा समनापुर रोड की ओर आने वाला था। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। बाइक से आ रहा युवक पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में युवक की पहचान आदित्य उर्फ अज्जू उर्फ अजय यादव (32), पिता स्व. जमना प्रसाद यादव, निवासी पुरानी बस्ती घंसौर के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से 1 किलो 206 ग्राम गांजा मिला। गांजे के वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस के मुताबिक, युवक ने बताया कि वह किसी अज्ञात व्यक्ति से गांजा खरीदकर लाता था और छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था।
यूपी में फर्जी शिक्षकों पर शिकंजा, नियुक्ति और दस्तावेजों की जांच शुरू, STF को जाएगी रिपोर्ट
यूपी में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी पाए शिक्षकों के खिलाफ शिकंजा कस गया है। यूपी के तीन लाख शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई हे। जांच के बाद रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जाएगी। इसके बाद गिरफ्तारी शुरू होगी।
सपा नेता राम गोपाल के वोट काटने के आरोप पर आयोग सीईओ ने मांगे साक्ष्य, बोले-सख्त कार्रवाई होगी
सपा नेता राम गोपाल के वोट काटने के आरोप पर यूपी चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साक्ष्य मांगें हैं। जिससे वह इन आरोपों की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई कर सकें।
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर एक कार से 211 किलो 99 ग्राम गांजा जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, गांजे की अनुमानित कीमत 21 लाख 19 हजार 900 रुपए है। कार चालक पुलिस को देखकर जंगल की ओर भाग गया। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने बताया कि प्रदेशभर में एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चल रहा है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अमगवां से कुछ संदिग्ध कारें तेज गति से राजेंद्रग्राम की ओर आ रही हैं। उनमें अवैध सामान लदा है। सूचना पर राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार बरकरे ने टीम के साथ ग्राम अचलपुर के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद छत्तीसगढ़ नंबर की डस्टर कार (CG 16 CA 9735) आती दिखी। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस को पास आते देख चालक ने कार सड़क किनारे रोकी और खेतों की तरफ से जंगल में भाग गया। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर वह निकल गया। कार से मोबाइल और पर्स भी जब्त कार की तलाशी में पिछली सीट और डिग्गी में गांजे से भरे कई बोरे मिले। पुलिस ने गांजे के साथ कार, एक मोबाइल फोन और एक पर्स भी जब्त किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इनपुट में दो कारों से पायलटिंग की बात भी कही गई है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को एक भ्रष्टाचार मामले में अधिकतम सजा से अधिक समय जेल में बिताने के बाद रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, अन्य गंभीर आपराधिक मामलों के कारण वह अभी भी जेल में ही रहेगा।
कैमूर के भभुआ धान खरीद में आ रही समस्याओं और बकाया भुगतान को लेकर पैक्स एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भभुआ के एक निजी होटल में हुई बैठक में प्रतिनिधियों ने 10 सूत्री मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने और बकाया भुगतान होने तक धान की खरीद बंद रखी जाएगी। बैठक में सांकेतिक अनशन की रणनीति पर भी चर्चा की गई। सासाराम-भभुआ सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पैक्स और व्यापार मंडल की ओर से सरकार के सामने 10 मुद्दे रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि पैक्स अध्यक्षों पर पांच से दस लाख रुपये तक अतिरिक्त ब्याज का बोझ पड़ चुका है। इससे कई अध्यक्षों के डिफॉल्टर होने की स्थिति बन गई है। एसएफसी का ब्याज सीधे बैंक को देने की मांग प्रतिनिधियों ने मांग की कि एसएफसी का ब्याज सीधे बैंक को दिया जाए और समितियों को ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट उपलब्ध कराया जाए। एसएफसी की जवाबदेही तय करने के लिए पहले की तरह त्रिपक्षीय समझौता लागू करने की मांग भी की गई। फिलहाल समझौता केवल बैंक और पैक्स के बीच होता है। मिल टैगिंग और अनुदान में बदलाव की मांग बैठक में मिल टैगिंग के दौरान पैक्स को अपनी पसंद की मिल चुनने की छूट देने की मांग उठाई गई। इसके अलावा प्रबंधकीय अनुदान सीएमआर चावल के बजाय धान पर देने तथा बकाया अनुदान और बोरों की राशि का जल्द भुगतान करने को कहा गया। प्रतिनिधियों ने जिले के कुल धान खरीद लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत पैक्स को आवंटित करने की मांग भी रखी। झूठी शिकायतों पर एफआईआर का लगाया आरोप भगवानपुर पैक्स के इंद्रजीत पांडेय ने कहा कि किसान खुद ओटीपी देते हैं और चेकबुक पर हस्ताक्षर करते हैं। इसके बावजूद झूठी शिकायतों के आधार पर पैक्स अध्यक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। उन्होंने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। खरीद बंद रखने और आमरण अनशन की चेतावनी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान और मांगें पूरी होने तक धान खरीद नहीं की जाएगी। उन्होंने हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी। बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी देने की बात कही गई।
लखनऊ में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 20वीं अंतर-सीमांत लॉन टेनिस प्रतियोगिता-2026 का समापन शुक्रवार को सीमान्त मुख्यालय, लखनऊ में हुआ । तीन दिन तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। टीम चैंपियनशिप से लेकर ओपन सिंगल्स और डबल्स के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में एसएसबी के विभिन्न सीमांत मुख्यालयों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विजेता और उपविजेता हुए सम्मानित खिलाड़ियों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ कोर्ट पर अपनी प्रतिभा दिखाई। हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों ने पूरा दम लगाया। प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि बल मुख्यालय, नई दिल्ली के महानिरीक्षक संजीव शर्मा शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों व टीमों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि खेल बलकर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आपसी समन्वय भी मजबूत होता है। एकता और टीम भावना को बढ़ावा देना उद्देश्य प्रतियोगिता का उद्देश्य बलकर्मियों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और विभिन्न सीमांत मुख्यालयों के बीच आपसी सौहार्द व एकता मजबूत करना था। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी देते हैं।
यूपी में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। फर्रुखाबाद में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और शाम करीब 7 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम ठंडा हो गया। कभी तेज बूंदें पड़ रही हैं तो कभी हल्की फुहार आ रही है। बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी धान की फसल भीगने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश हुई तो फसल को नुकसान हो सकता है। तेज हवा, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने फर्रुखाबाद के लिए शुक्रवार और शनिवार को अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, तेज हवा के साथ बिजली चमकने, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका है। शनिवार को भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। अलर्ट के बाद सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
सहरसा में 31 अक्टूबर से बारिश का अनुमान:3 नवंबर से मौसम साफ रहने की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, सहरसा में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। इसको लेकर कृषि मौसम विज्ञान रामानंद पटेल ने शुक्रवार की शाम जानकारी दी। साइक्लोन का असर 31 अक्टूबर तक 31 अक्टूबर को 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और 18 मिमी बारिश होने की संभावना है। 1 नवंबर को 60 मिमी और 2 नवंबर को 40 मिमी बारिश का अनुमान है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को मौसम साफ रह सकता है। अगवानपुर स्थित कृषि अनुसंधान संस्थान के कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि अर्बन साइक्लोन का असर 31 अक्टूबर तक रहने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को बारिश हो सकती है। उन्होंने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार खेती के काम करने की सलाह दी है। खेतों में पानी जमा न होने देने की अपील पटेल ने बताया कि तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है, फल झड़ सकते हैं और पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं। कटाई हो चुकी धान की फसल को सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी गई है। अधपकी फसल की कटाई 80 से 85 प्रतिशत पकने पर ही करें। खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी की व्यवस्था रखें। नमी बढ़ने से फफूंदजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। मक्का की तैयार फसल समय पर काटें। रबी मक्का की बुआई फिलहाल टालें और मौसम साफ होने के बाद ही करें। मौसम साफ होने तक बुआई रोकने को कहा लौकी और कद्दू वर्ग की तैयार सब्जियां तोड़ लें और खेतों में पानी की निकासी रखें। पशुपालकों को खराब मौसम में पशुओं को खुले स्थान या पेड़ों के नीचे न बांधने की सलाह दी गई है। फूलगोभी, बंदगोभी और गांठगोभी की नर्सरी तैयार करने वाले किसान खेतों में पानी की निकासी रखें। मौसम साफ होने तक बुआई रोकने को कहा गया है। मौसम की जानकारी के लिए किसानों से मेघदूत ऐप और वज्रपात की सूचना के लिए दामिनी ऐप डाउनलोड करने की अपील की गई है।
पलवल के मिंडकोला गांव के रहने वाले ब्रजलाल के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 90 हजार रुपए निकाल लिए गए। उनकी शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्रजलाल ने पुलिस को बताया कि उनका खाता सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में है। जुलाई में यूपीआई के जरिए मारुफ अली नाम के व्यक्ति के खाते में 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए। खाते की पुष्टि के लिए एक-एक रुपए के दो ट्रांजेक्शन वापस किए गए। इसके तुरंत बाद मनिंदर सिंह के नाम की यूपीआई आईडी से 40 हजार रुपए और निकाल लिए गए। साइबर ठगी का हुआ शिकार ब्रजलाल ने बैंक जाकर जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। ब्रजलाल ने बताया कि उन्हें दिल की बीमारी है, इसलिए वे समय पर थाने में बयान दर्ज कराने नहीं जा सके। तबीयत में सुधार के बाद उन्होंने 28 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस जांच कर रही है कि जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर हुए, वे किसके हैं।
बालाघाट जिले में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे लालबर्रा-सिवनी मार्ग पर मजार के पास कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार करण राऊत (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। रिश्तेदारों को लेकर लौट रहे थे कार सवार जानकारी के मुताबिक, बघोली पंचायत के पूर्व सरपंच के बेटे मुशर्रफ पटेल कार से रिश्तेदारों को लेने लालबर्रा आए थे। दो रिश्तेदारों को लेकर वे बघोली लौट रहे थे। इसी दौरान बरघाट की ओर से आ रही बाइक उनकी कार से टकरा गई। लालबर्रा के खमरिया पांडेवाड़ा निवासी करण बरघाट से लालबर्रा की ओर जा रहे थे। टक्कर के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे में कार और बाइक दोनों क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कार में सवार तीनों लोग सुरक्षित रहे। प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल भेजा सूचना मिलने पर डायल 112 की मदद से करण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा पहुंचाया गया। यहां बीएमओ डॉ. ऋतु धुर्वे ने उनका प्राथमिक इलाज किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
ललितपुर में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, बढ़ी ठंड:बूंदाबांदी से तापमान 23 डिग्री पहुंचा, किसान अलर्ट
ललितपुर में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शुक्रवार को देखने को मिला। शाम करीब 6 बजे से फुहार शुरू हो गई, जिससे सड़कें भीग गईं और मौसम में ठंडक बढ़ गई। ठंड बढ़ने के कारण लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना बनी हुई है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी फुहार और बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार शाम 6 बजे अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले गुरुवार को भी दिनभर बादल छाए रहे थे और दोपहर में बूंदाबांदी हुई थी। बादलों के कारण रात में चांद भी दिखाई नहीं दिया।

