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यमुनानगर में सड़क हादसे में चाचा घायल, भतीजे की मौत:नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पर जा रहे थे, सामने से दूसरी बाइक की टक्कर

यमुनानगर के थाना छछरौली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में फैक्ट्री में काम करने जा रहे युवक की मौत हो गई, जबकि उसका चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों नाइट शिफ्ट के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। तेज रफ्तार और लापरवाही से गलत दिशा में आई एक अन्य मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा होते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने चाचा को मरहम पट्‌टी के बाद छुट्‌टी दे दी, जबकि उसके भतीजे को मृत घोषित कर दिया। जगाधरी सदर थाना पुलिस ने चाचा के बयान पर फरार बाइक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नाइट शिफ्ट में काम करते थे चाचा-भतीजा शिकायतकर्ता सुबे सिंह, निवासी गांव चुहड़पुर खुर्द, थाना छछरौली ने अपने बयान में बताया कि वह योर्क फैक्ट्री, मानकपुर में कार्यरत है। उसके पास दो बेटियां हैं। उसके साथ उसका भतीजा दिपांशु पुत्र जसबीर सिंह, उम्र 18 वर्ष, पिछले लगभग एक महीने से उसी फैक्ट्री में काम कर रहा था। दोनों की नाइट शिफ्ट रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक रहती थी और वे प्रतिदिन एक साथ ड्यूटी जाते थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक शाम करीब 7:15 बजे जब वह ड्यूटी पर जाने लगा तो उसकी मोटरसाइकिल अचानक खराब हो गई। इस कारण वह अपने भतीजे सोहिल स्पलेंडर बाइक लेकर भतीजे दिपांशु के साथ काम पर निकला, जिसमें मोटरसाइकिल दिपांशु चला रहा था। सिर व कान में से बहने लगा खून शिकायतकर्ता के अनुसार शाम करीब 7:50 बजे जब वे गांव पजेटो में धरम पब्लिक स्कूल के सामने पहुंचे, तभी जगाधरी की ओर से एक अन्य मोटरसाइकिल तेज रफ्तार, गफलत और लापरवाही से गलत दिशा में आती हुई उनकी साइड में घुस गई और सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर गए। सड़क पर गिरने के कारण शिकायतकर्ता को दाहिनी टांग, दाहिनी बाजू तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके भतीजे दिपांशु को सिर और कान की बाईं ओर गंभीर चोटें आईं और उसके सिर व कान से काफी खून बहने लगा। आरोपी बाइक छोड़ हुआ फरार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने दुर्घटना के बाद दूसरी मोटरसाइकिल का नंबर देखा, जो HR-71-D-7265 था। वह मोटरसाइकिल भी स्प्लेंडर कंपनी की थी, जिसका रंग काला व नीला था। उक्त मोटरसाइकिल का चालक मौके पर ही अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई और कुछ समय बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जिसने दोनों को उठाकर इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि अस्पताल में उसकी मरहम-पट्टी की गई, जिसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई, जबकि उसके भतीजे दिपांशु को डॉक्टरों ने जांच के उपरांत मृत घोषित कर दिया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा देह व्यापार:अलीगढ़ में दो सेंटरों पर छापा, बंगाल और नेपाल की युवतियां मिलीं; 14 गिरफ्तार

अलीगढ़ में स्पा-मसाज सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के धंधे पर पुलिस ने रविवार शाम कार्रवाई की। समद रोड स्थित मंगलम कॉम्प्लेक्स में पहले और दूसरे माले पर संचालित दो स्पा सेंटरों पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर सात युवतियों समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया है। मौके से कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। ग्राहक बनाकर भेजा था पुलिसकर्मी पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कॉम्प्लेक्स के पहले माले पर ‘क्लासिक’ और दूसरे माले पर ‘क्लाउड-7’ नाम से चल रहे स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है। अधिकारियों ने पहले एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा। वहां मसाज के नाम पर अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और इसके लिए 2500 रुपए शुरुआती शुल्क लेने की जानकारी सामने आई। संचालक और 5 ग्राहक भी पकड़े पुख्ता सूचना मिलने के बाद सीओ तृतीय सर्वम सिंह, एसीएम दिग्विजय सिंह और सिविल लाइंस थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों सेंटरों से कुल सात युवतियों को पकड़ा गया। इनमें कुछ बंगाल और नेपाल की बताई जा रही हैं। इसके अलावा ‘क्लाउड-7’ के संचालक पार्टनर संजय और उसका रिसेप्शनिस्ट भी हिरासत में लिया गया। वहीं, पांच ग्राहक भी मौके से पकड़े गए। आपत्तिजनक सामग्री बरामद तलाशी के दौरान दोनों सेंटरों में छोटे-छोटे कमरे बने मिले, जहां मसाज टेबल की जगह बेड लगाए गए थे। हर सेंटर में करीब छह-छह बेड थे। पुलिस ने मौके से कई संदिग्ध सामग्री और स्पा से जुड़े उत्पाद भी बरामद किए हैं। इसके बाद महिला थाना पुलिस को बुलाकर सभी को सिविल लाइंस थाने लाया गया। आरोपियों से हो रही पूछताछ कार्रवाई के दौरान क्लासिक सेंटर का एक कर्मचारी मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में दोनों सेंटरों के लंबे समय से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। कुछ दिन पहले भी हुआ था खुलासा कुछ दिन पहले बन्नादेवी थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने होटलों में चल रहे देह व्यापार के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। वहां कई कमरों से युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए थे। पुलिस ने होटल संचालकों पर भी कार्रवाई की थी। आरोपियों पर होगी FIR सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि समद रोड पर दो स्पा सेंटरों पर देह व्यापार का धंधा चलते पाया गया है। मौके से सात युवतियां के अलावा एक स्पा सेंटर का संचालक, कर्मचारी और पांच ग्राहक पकड़े गए हैं। स्पा सेंटरों से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। सभी का हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

कैथल में झुनझुने को लेकर गर्माई राजनीति:विधायक हंस के समर्थन में आए सांसद जेपी, कहा-हर समय विधायक के साथ खड़े

कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देंवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मामले के बाद कैथल की राजनीति गर्माई है। हिसार से सांसद जयप्रकाश जेपी अब विधायक देवेंद्र हंस के समर्थन में उतर आए हैं। सांसद जेपी ने कहा कि विधायक ने एसडीएम को झुनझुना देकर किसी सैनिक की भावना को आहत नहीं कियया। यह झुनझुना एक जन प्रतिनिधि द्वारा एक ऐसे अधिकारी को दिया गया है, जो जनप्रतिनिधि की कॉल तक रिसीव नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि विधायक को जहां भी जरूरत होगी, वे साथ खड़े होंगे। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि उन्हें पता चला था कि गुहला विधायक देवेंद्र हंस ने एसडीएम को झुनझुना दिया है। भले ही एसडीएम आर्मी कोटे से पद पर आए हैं, लेकिन इस समय वे सब डिवीजन मजिस्ट्रेट हैं। अगर कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाए तो उसका समर्थन नहीं करना चाहिए। बोले-अधिकारी काम नहीं करते तो झुनझुना ही बजाएं पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एसडीएम का समर्थन करने के मामले पर उन्होंने कहा कि फाैजी का पद सम्मानित होता है। उन्होंने कहा कि एसडीएम का रवैया गलत था, क्योंकि उन्होंने विधायक के कॉल नहीं उठाए। जब सरकारी अधिकारी काम नहीं करेंगे तो एमएलए और एमपी तो उनको कहेंगे ही। झुनझुना देने का मायना बताते हुए सांसद जेपी ने कहा कि इसे अधिकारियों को देने का मतलब है कि अधिकारी काम तो करता नहीं, ऐसे में झुनझुना ले और इसे बजाता रहे। प्रशासनिक अधिकारी किसी जनप्रतिनिधि की बात न सुनें तो ये भी अपराध सांसद ने कहा कि जैसे बच्चों को कोई काम तो होता नहीं और परिवार के लोग उनको झुनझुना दे देते हैं। ताकि व इसे बजाता रहे और वे खुद काम कर लें। ऐसा ही काम अब सरकार में हो रहा है। विधायक ने लोगों को समझाने के लिए झुनझुना दिया है। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ऐसा नहीं किया गया। विधायक के खिलाफ एसडीएम द्वारा दी गई शिकायत पर उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रशासनिक अधिकारी किसी जनप्रतिनिधि की बात न सुनें तो ये भी तो अपराध है। ये है मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

12वीं पढ़ा युवक नशा तस्कर बना, दो साल बाद गिरफ्तार:रिश्तेदार के साथ मिलकर चला रहा था डोडा-अफीम का कारोबार, एएनटीएफ ने पकड़ा

12वीं तक पढ़ा-लिखा और कभी सामान्य जीवन जीने वाला एक युवक आखिरकार नशा तस्करी के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। परिवार की जिम्मेदारियों और जल्दी पैसा कमाने की चाह में गलत रास्ता अपनाने वाला यह युवक पिछले दो साल से फरार चल रहा था। चित्तौड़गढ़ से उसकी गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया है कि पढ़ाई और काम के बावजूद गलत संगत किसी को भी अपराध की ओर ले जा सकती है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। ऑपरेशन न्यूनाल्प के तहत एएनटीएफ की कार्रवाई राजस्थान में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन न्यूनाल्प” के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने यह कार्रवाई की। एएनटीएफ की यह लगातार तीसरे दिन की कार्रवाई रही। एटीएस व एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी है और लगातार दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई में एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर और चित्तौड़गढ़ की टीम शामिल रही। कौन है गिरफ्तार किया गया इनामी आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल उर्फ कमलेश पुत्र भैरूलाल गुर्जर, उम्र 29 वर्ष, निवासी लुहारिया थाना पारसोली जिला चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में फरार था। उस पर बाड़मेर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी करता था। काम की तलाश से नशा तस्करी तक पहुंचा आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। पढ़ाई के बाद वह काम की तलाश में चित्तौड़गढ़ आया और लाइट फिटिंग का काम करने लगा। शादी के बाद खर्च बढ़ने और जल्दी पैसे कमाने की सोच के चलते वह गलत लोगों के संपर्क में आ गया। इसी दौरान उसका जुड़ाव नशा तस्करी से जुड़े लोगों से हुआ और धीरे-धीरे वह इस अवैध धंधे में शामिल हो गया। रिश्तेदार के साथ मिलकर शुरू किया अवैध धंधा जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने ही गांव के एक रिश्तेदार के संपर्क में आया, जो पहले से डोडा पोस्त और अफीम की तस्करी में सक्रिय था। उसी के साथ मिलकर आरोपी ने यह काम शुरू किया। दोनों चित्तौड़गढ़, बेगूं और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से मादक पदार्थ खरीदकर अन्य इलाकों में सप्लाई करते थे। इस काम से आरोपी को लगातार अवैध कमाई होती रही। कमाई इतनी की कि उसने अपनी एक होटल खोल ली और बड़ी-बड़ी गाड़ियां भी खरीद ली। एनडीपीएस मामले के बाद शुरू हुई फरारी साल 2024 में नागाणा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों से जुड़ा मामला सामने आया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से वह अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा और पुलिस से बचता रहा। फरारी के दौरान भी उसने तस्करी का काम बंद नहीं किया। मधुवन कॉलोनी से की गई गिरफ्तारी एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी चित्तौड़गढ़ की मधुवन कॉलोनी में आता-जाता रहता है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने निगरानी शुरू की। आरोपी के वहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर टीम ने इलाके की घेराबंदी की। सुबह करीब 5 बजे जब आरोपी गाड़ी में बैठने की तैयारी कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में जुटी पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई से संबंधित जानकारी मिल सकती है। एएनटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:39 am

सरदार राव मर्डर में लॉरेंस कैसे हुआ बरी?:जांच में 9 कमियां छोड़ीं, कॉल डिटेल-पैसों का लेनदेन तक साबित नहीं कर पाई पुलिस, गवाह मुकरे

सीकर के चर्चित पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को कोर्ट ने बरी कर दिया। 9 दोषियों को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने कहा कि प्रॉसीक्यूशन (पीड़ित पक्ष के वकील) की ओर से पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए। ऐसे में साक्ष्यों के अभाव में लॉरेंस को बरी किया गया। 9 साल तक चले इस केस में पीड़ित पक्ष ने कुल 76 गवाहों के बयान और 235 दस्तावेज पेश किए थे। हत्याकांड का मास्टरमाइंड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ही बताया गया था। आरोप था कि उसी ने जेल में बैठकर इस हत्या की साजिश रची। फिर आखिर कौन से वो सबूत थे, जिन्हें पुलिस जुटा नहीं पाई और उसका फायदा लॉरेंस को मिला? भास्कर ने इस मामले में कोर्ट का 146 पेज का ऑर्डर पढ़ा, लॉरेंस की भूमिका और उसके सबूत की कमी से जुड़ा एक-एक फैक्ट जुटाया। पढ़िए- ये रिपोर्ट सबसे पहले जानते हैं सरदार राव मर्डर केस में चार्जशीट के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई की भूमिका और आरोप क्या थे? अब वो आरोप, जिन्हें पुलिस साबित नहीं कर पाई और कमियां छोड़ीं 1. लॉरेंस से कोई फोन रिकवर नहीं हुआ, जिससे बात हुई हो लॉरेंस पर आरोप था कि उसने अजमेर जेल में बंद रहने के दौरान फोन के जरिए शूटर्स बुलवाए थे। पुलिस उससे फोन रिकवर नहीं कर पाई। फोन रिकवर होता तो यह अहम सबूत बन सकता था। 2. फोन नंबर लॉरेंस का, ये साबित नहीं हुआ लॉरेंस ने शूटरों से किस मोबाइल नंबर से बात की या संपर्क किया, शूटर पकड़े जाने के बाद भी कोई फोन नंबर ऐसा साबित नहीं हुआ, जिससे पता चले कि वह लॉरेंस का था। 3. एफएसएल की कोई भी रिपोर्ट पेश नहीं की गई किसी भी मर्डर में FSL अहम सबूत माना जाता है। अनुसंधान (जांच) अधिकारी ने इस मामले में FSL की रिपोर्ट पेश नहीं की, जिसमें साबित हो कि लॉरेंस और शूटरों के बीच किसी तरह की कोई बातचीत हुई हो। 4. लॉरेंस की वॉयस सैंपल रिकॉर्ड में ही नहीं लगाया 5. यतेंद्रपाल उर्फ टोपी की केस में भूमिका साबित नहीं हुई लॉरेंस के साथ इस मामले में यतेंद्रपाल उर्फ टोपी को सह अभियुक्त बनाया गया था। आरोप था कि यतेंद्रपाल उर्फ टोपी को लॉरेंस ने निर्देश दिए थे। लेकिन लॉरेंस बिश्नोई द्वारा शूटर्स को इंस्ट्रक्शन दिए गए हों या अपराध में मदद की हो, ऐसे कोई सबूत पेश नहीं किए गए। 6. हत्या के बदले पैसे की लेन-देन का सबूत नहीं कोर्ट के रिकॉर्ड में कोई ऐसे सबूत पेश नहीं किए गए, जिसमें यह तय हो कि लॉरेंस का सरदार राव की हत्या करने का कोई मोटिव था। 7. लॉरेंस के पास से पैसों की कोई रिकवरी नहीं हुई लॉरेंस ने यह हत्या पैसों के लिए की, इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया। लॉरेंस ने हरदेवाराम और उसके भतीजे सुभाष मूंड (सुभाष बराल) के साथ किसी प्रकार का पैसा लिया हो ऐसा कोई सबूत भी नहीं था। 8. सुभाष के साथ लॉरेंस का जेल में होने की थ्योरी कोर्ट ने नहीं मानी लॉरेंस का सरदार राव की हत्या करने का कोई मोटिव हो, ऐसा कोई साक्ष्य पुलिस नहीं जुटा पाई। चार्जशीट के अनुसार, वहां सुभाष बराल ने लॉरेंस को हत्या करवाने को कहा और लॉरेंस ने अपने शूटर को कॉल किया। लॉरेंस पक्ष के वकील के अनुसार यह आरोप इसलिए लगाया गया कि मर्डर के दौरान लॉरेंस अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में था और तब सुभाष बराल भी उसी जेल में बंदी था। कोर्ट के अनुसार दोनों का सेम टाइम पर एक जेल में होना लॉरेंस का इस हत्या में शामिल होना साबित नहीं करता। 9. जेल में लॉरेंस फोन पर बात करता था, गवाह मुकरा जांच अधिकारी ने बताया था कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के हॉस्पिटल में सुभाष मूंड के कहने पर लॉरेंस ने योजना बनाई और शूटर भेजे। इसकी गवाही नर्सिंग ऑफिसर राजवीर ने दी थी। लेकिन नर्सिंग ऑफिसर राजवीर बाद में पक्ष द्रोही (मुकरा) घोषित हुआ। क्या था सरदार राव मर्डर केस? मामला 23 अगस्त 2017 का है। 9 साल पहले सीकर में राजनीतिक रंजिश के चलते पूर्व सरपंच सरदार राव को किराने कि दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मर्डर के लिए चार शूटर्स सीकर आए थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की। चार्जशीट के अनुसार, इस मर्डर की पटकथा आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अजमेर सेंट्रल जेल में लिखी थी। मर्डर की सुपारी देने वाला भी सुभाष बराल का चाचा हरदेवा राम था। सितंबर 2017 में जुराठड़ा ग्राम पंचायत में उप चुनाव होना प्रस्तावित था। इससे पहले जुलाई 2017 में वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने का काम चल रहा था। 28 जुलाई को सरदार राव और हरदेवा राम अपने-अपने लोगों के नाम जुड़वाने के लिए सीकर कलेक्ट्रेट की निर्वाचन शाखा पहुंचे थे। यहां हरदेवाराम और सरदार राव का आमना-सामना हुआ था। तब हरदेवा राम ने सरदार राव को धमकी दी थी- चुनाव से पहले तुम्हें देख लूंगा और मरवा दूंगा। हरदेवा राम ने अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद अपने भतीजे और आनंदपाल गैंग के सदस्य सुभाष बराल को कॉल किया था। सुभाष बराल जेल में मोबाइल इस्तेमाल करता था। हरदेवा राम ने सरदार राव को रास्ते से हटाने की बात कही थी। तब सुभाष बराल ने जेल में रहते हुए ही सरदार राव को जान से मारने की प्लानिंग की थी। 9 साल सुनवाई, 13 जनवरी को दोषी करार कोर्ट ने 13 जनवरी को आरोपियों को दोषी करार दिया था। 22 जनवरी को इस केस में दोषियों को सजा सुनाई थी। कोर्ट ने सबूतों-गवाहों के आधार पर लॉरेंस और आरोपी यतेंद्र को दोषमुक्त कर दिया। 3 को आजीवन कारावास व 6 को दस-दस साल की सजा सुनाई गई। 14 को किया था गिरफ्तार, संपत नेहरा पर जांच पेंडिंग पुलिस ने मामले में सुपारी देने वाले हरदेवा राम, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, ओमप्रकाश मूंड, सुनीत, भानू प्रताप, विजयपाल नागवा, शूटर अंकित व संपत नेहरा, शूटर भेजने वाला रविंद्र सिंह के अलावा मुकेश कुमार, कुलदीप उर्फ बोदू, नरेंद्र कुमार और यतेंद्र पाल को गिरफ्तार किया था। मामले में एक शूटर अंकित भादू का पहले ही पंजाब के मोहाली में एनकाउंटर हो गया था। संपत नेहरा और इस हत्याकांड के लिए गाड़ी व हथियार उपलब्ध करवाने वाला जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ 173(8) में जांच पेंडिंग है। विजयपाल नागवा, रेडी, रवींद्र, संपत नेहरा और जग्गू भगवान पुरिया (कुल 5 लोग) के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173(8) में इन्वेस्टिगेशन पेंडिंग है। इन मामलों में भी लॉरेंस हो चुका है बरी लॉरेंस के वकील रघुनाथ राम सुला ने बताया- जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना में दर्ज हुए मामले में अनमोल और हरेन्द्र से तलाशी में मोबाइल रिकॉर्डिंग मिली थी। उस मोबाइल में लॉरेंस की रिकॉर्डिंग भी थी, लेकिन सीकर वाले मामले में अनमोल और हरेन्द्र से कोई पूछताछ नहीं की गई थी। इस मामले में हरेन्द्र और लॉरेंस बिश्नोई के आपस में बात होने का आरोप लगाया गया, लेकिन जांच अधिकारी ने सबूत पेश नहीं किया। सबसे महत्वपूर्ण गवाह राजवीर पक्षद्रोही हो गया। ऐसे में लॉरेंस के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने पर संदेह का लाभ देकर बरी किया गया। खबर में सहयोग : सुरेंद्र माथुर, सीकर यह खबर भी पढ़ेंः गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई पूर्व सरपंच मर्डर केस में बरी:3 को उम्रकैद, 6 को 10-10 साल की सजा; दुकान में घुसकर गोलियों से भूना था

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:36 am

77वें गणतंत्र दिवस पर विधानसभा में भव्य समारोह:राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार लेंगी परेड की सलामी

देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा पर मुख्य राजकीय समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट रूप से मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश की थीम पर कई विशेष प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लिए यह सातवां अवसर होगा, जब वह गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। वर्ष 2019 में राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद से वह लगातार हर वर्ष विधानसभा परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में परेड की सलामी लेती रही हैं। इस बार भी परंपरा के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड का निरीक्षण करेंगी और सलामी लेंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय झांकियां होंगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को इस समारोह में प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभागीय झांकियों के साक्षी बनेंगे। झांकियों के माध्यम से प्रदेश की विकास योजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 22 जनवरी के रिहर्सल की 3 तस्वीरें देखिए... 9 राज्यों के कलाकार और 65 मार्चिंग टुकड़ियां शामिल जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में देश के नौ अलग-अलग राज्यों से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही सात स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों की प्रस्तुतियां और संस्कृति विभाग द्वारा समन्वित विशेष मार्च भी कार्यक्रम में शामिल होगा।समारोह में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक इकाइयों और लखनऊ जिले के स्कूलों से कुल 65 मार्चिंग टुकड़ियां भाग लेंगी, जो मुख्य आयोजन की भव्यता और अनुशासन को दर्शाएंगी। पुलिस परेड और विभागीय झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण गणतंत्र दिवस समारोह में यूपी पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की परेड मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों, विकास कार्यों और सामाजिक संदेशों को प्रदर्शित किया जाएगा। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह को भावनात्मक ऊंचाई देंगे। 3 जोन और 9 सेक्टर में बांटा गया परेड क्षेत्र गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर लखनऊ में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। विधान भवन और परेड मार्ग के आसपास के क्षेत्रों को 3 जोन और 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS), पीएसी, आर्म्ड क्यूआरटी और नागरिक पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील और ऊंची इमारतों पर रूफ-टॉप ड्यूटी लगाई गई है, जबकि पूरे आयोजन क्षेत्र की ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। चारबाग रेलवे स्टेशन, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, प्रमुख बस स्टेशनों और मॉल में स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्तों के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 1343 पुलिसकर्मी, 3 पीएसी कंपनियां, 2 ATS टीमें मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के तहत फील्ड डिप्लॉयमेंट में कुल 1343 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 3 पुलिस उपायुक्त, 5 अपर पुलिस उपायुक्त और 14 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं।इसके अलावा 55 निरीक्षक, 322 उप-निरीक्षक, 853 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 131 होमगार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 3 पीएसी कंपनियां, 2 एटीएस टीमें, 14 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, 2 बम निरोधक दस्ते, 1 एंटी-माइन टीम, फायर सर्विस और एलआईयू की टीमें भी तैनात की गई हैं। हजरतगंज-विधानसभा-चारबाग रूट पर भारी वाहनों की एंट्री रहेगी बंद परेड और मुख्य समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए हजरतगंज, विधानसभा मार्ग और चारबाग की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस द्वारा विस्तृत रूट डायवर्जन चार्ट जारी किया गया है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे समय से पहले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हो सके।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:33 am

SYL पर CM का आज अधिकारियों के साथ मंथन:आवास पर मीटिंग बुलाई; कल पंजाब सीएम मान के साथ करेंगे चर्चा, केंद्र कर चुका किनारा

सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब के साथ होने वाली मीटिंग से पहले हरियाणा सीएम नायब सैनी ने आज मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सीनियर ऑफिसर शामिल होंगे। इसमें एसवाईएल से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। दरअसल, हरियाणा और पंजाब की चंडीगढ़ में 27 जनवरी (मंगलवार) को हरियाणा निवास में एसवाईएल को लेकर मीटिंग होनी है, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सहित दोनों सरकारों के सीनियर अफसर भी शामिल होने वाले हैं। इससे पहले भी SYL नहर विवाद को सुलझाने के लिए जुलाई, अगस्त और नवंबर 2025 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठकें हो चुकी हैं। इन दोनों बैठकों में कोई हल निकला था, जिसके बाद अब इस साल की एसवाईएल को लेकर ये पहली बैठक बुलाई गई है। केंद्र कर चुका है किनारा नवंबर में हुई बैठक में सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर केंद्र सरकार मध्यस्थता से पीछे हटते हुए दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र ने अपनी अगुआई में पंजाब और हरियाणा के बीच पांच दौर की द्विपक्षीय बैठकें करवाई, लेकिन किसी में भी ठोस नतीजा नहीं निकला है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों राज्य एसवाईएल नहर पर आपसी बातचीत कर समाधान खोजें। पत्र में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार दोनों राज्यों को आवश्यक सहयोग देगी। मंत्रालय ने बताया कि 5 अगस्त 2025 को हुई बैठक में दोनों राज्यों ने सकारात्मक भावना से आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी, इसलिए अब दोनों को अपनी प्रस्तावित योजनाओं पर बातचीत करनी चाहिए। उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में नदी पानी के सभी मुद्दे टाले 17 नवंबर को फरीदाबाद में हुई उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी पानी से जुड़े सभी मुद्दों को फिलहाल के लिए मुल्तवी कर दिया। इससे पहले चंडीगढ़ को राष्ट्रपति के सीधे नियंत्रण में लाने के प्रस्ताव का पंजाब में तीखा विरोध हो चुका है, जिसके बाद केंद्र को कदम पीछे खींचने पड़े थे। पंजाब पहले ही कह चुका कि, 'देने को एक बूंद पानी नहीं'वहीं जानकारों का कहना है कि अब जब केंद्र मध्यस्थता से हट गया है, तो पंजाब किसी भी सूरत में खुद बातचीत शुरू नहीं करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ कर चुके हैं कि पंजाब के पास देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल नहर निर्माण का सवाल ही पैदा नहीं होता। 214 किमी. में से 122 किमी. पंजाब का हिस्सा अटका कुल 214 किमी लंबी एसवाईएल नहर में से पंजाब का 122 किमी हिस्सा अभी भी बिना निर्माण के पड़ा है।जनवरी 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को पानी समझौते के मुताबिक नहर बनाने के लिए कहा था।हरियाणा नहर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुका है।8 अगस्त को इस मामले की आखिरी सुनवाई हुई थी। अगली तारीख तय नहीं है। मुख्यमंत्रियों की 5 बैठकें, मगर नहीं निकला कोई भी हल पहली बैठक: 18 अगस्त 2020 दूसरी बैठक: 14 अक्टूबर 2022 (चंडीगढ़) तीसरी बैठक: 4 जनवरी 2023 (दिल्ली) चौथी बैठक: जुलाई 2025 पांचवीं बैठक: 5 अगस्त 2025 में 1981 समझौता रद्द करने का विवाद भी जुड़ा 2004 में पंजाब के तत्कालीन CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा के जरिए 1981 के पानी समझौते को रद्द कर दिया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को अमान्य करार दिया। इसके बाद से मामला लगातार अदालत और केंद्र-राज्य स्तर की बैठकों में अटका हुआ है। जानें क्या है SYL विवाद, कब कब क्या हुआ SYL नहर का पूरा विवाद पंजाब ने हरियाणा से 18 नवंबर,1976 को 1 करोड़ रुपए लिए और 1977 को SYL निर्माण मंजूरी दी। बाद में पंजाब ने SYL नहर के निर्माण को लेकर आनाकानी करनी शुरू कर दी। 1979 में हरियाणा ने SYL के निर्माण की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पंजाब ने 11 जुलाई, 1979 को पुनर्गठन एक्ट की धारा 78 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। 1980 में पंजाब सरकार बर्खास्त होने के बाद 1981 में PM इंदिरा गांधी की मौजूदगी में दोनों राज्यों का समझौता हुआ। 1982 में इंदिरा गांधी ने पटियाला के गांव कपूरी में टक लगाकर नहर का निर्माण शुरू करवाया। इसके विरोध में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने SYL की खुदाई के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। 1985 में राजीव-लोंगोवाल समझौता हुआ, जिसमें पंजाब नहर के निर्माण पर सहमति जताई गई। 1990 में 3 जुलाई SYL के निर्माण से जुड़े दो इंजीनियरों की भी हत्या कर दी गई। हरियाणा के तत्कालीन CM हुकम सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि निर्माण का काम BSF को सौंपा जाए।1996 में सुप्रीम कोर्ट ने 2002 को पंजाब को एक वर्ष में SYL नहर बनवाने के निर्देश दिए। 2015 में हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने का अनुरोध किया। 2016 में गठित 5 सदस्यों की संविधान पीठ ने पहली सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को बुलाया। 8 मार्च को दूसरी सुनवाई में पंजाब में 121 किमी लंबी नहर को पाटने का काम शुरू हो गया। 19 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश देते हुए नहर पाटने का काम रुकवा दिया। 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य नहर का निर्माण नहीं करते हैं तो कोर्ट खुद नहर का निर्माण कराएगा। 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए नोटिस जारी किया है। 4 जनवरी 2023- दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तीसरी बैठक हुई। जुलाई 2025- दिल्ली में ही चौथी बैठक हुई।5 अगस्त 2025 को SYL के हल लिए पांचवी बैठक हुई। नवंबर 2025- केंद्र आपसी समझौते से पीछे हटा, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मिलकर हल निकालने के लिए पत्र लिखा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:32 am

गणतंत्र दिवस पर महिला सहित 9 कैदियों को मिलेगी आजादी:अच्छे आचरण के चलते ग्वालियर सेंट्रल जेल से होंगे रिहा; बाहर परिजन करेंगे स्वागत

ग्वालियर सेंट्रल जेल में एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर खुशी की लहर दौड़ने वाली है। जेल मुख्यालय के आदेश पर अच्छे आचरण के चलते एक महिला कैदी सहित 9 कैदियों को 26 जनवरी को रिहा किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इन कैदियों के परिजनों को सूचना दे दी है और रिहाई की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 77वें गणतंत्र दिवस के दिन जेल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद रिहा होने वाले कैदियों को भोजन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया जाएगा। जेल के बाहर उनके परिजन उनका बेसब्री से इंतजार करेंगे। केंद्रीय जेल में हर साल होती है ये परंपरा जेल अधीक्षक विदित सरवईया के अनुसार, इन कैदियों ने जेल में रहते हुए अपने साथी कैदियों की भी मदद की है। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान इन्होंने अपने व्यवहार से सभी को प्रभावित किया है। रिहाई के समय उनके साथी कैदी भी उन्हें भावभीनी विदाई देंगे। यह परंपरा हर साल की तरह इस साल भी जारी रहेगी, जिसमें अच्छे आचरण वाले कैदियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिहा किया जाता है। यह पहल कैदियों में सुधार और अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करने का एक सकारात्मक कदम है। इन कैदियों को कल मिलेगी जेल से रिहाई, हत्या के अपराध में 14 साल की जेल काट चुके हैं सभी आरोपी

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

लुधियाना में आज गणतंत्र दिवस पर टोल मुक्त:लाडोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का प्रदर्शन सरकार के प्रति रोष

लुधियाना आज जब पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और सरकारी कार्यालयों में तिरंगा फहराया जा रहा है वहीं लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा (देश के सबसे महंगे टोल में से एक) पर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की जंग छेड़ दी है। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) और भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) ने आज इस टोल को पूरी तरह फ्री करेंगे। एक तरफ राजधानी और जिलों में परेड हो रही है तो दूसरी तरफ किसान प्रशासन की वादाखिलाफी से नाराज हैं। उनकीं ओर से मुख माँग ससराली कॉलोनी बांध का अधूरा काम अगस्त की बाढ़ में टूटे सतलुज दरिया के बांध को 6 महीने बाद भी नहीं बनाया गया। किसानों की 300 एकड़ जमीन अभी भी बर्बादी की कगार पर है। वही किसान नेताओं इंद्रवीर सिंह कादियां और दिलबाग सिंह गिल का कहना है कि वे कई बार मांग पत्र दे चुके हैं लेकिन लालफीताशाही के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के साथ राहों रोड के निर्माण न होने और ट्रैफिक जाम से जनता त्रस्त है जिस पर प्रशासन मौन साधे बैठा है। आज की रणनीति: आर-पार की लड़ाई किसान नेताओं का साफ कहना है कि जहाँ आज सरकारें संविधान और अधिकारों की बात कर रही हैं वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि किसान आज भी अपनी सुरक्षा (बांध निर्माण) के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर है। अगर आज हमारे मसले हल नहीं हुए, तो लाडोवाल टोल से ही अगली बड़ी रणनीति का बिगुल बजेगा । आज टोल फ्री होने की खबर से नेशनल हाईवे पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है वहीं पुलिस प्रशासन भी इस प्रदर्शन को देखते हुए हाई अलर्ट पर है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

सीएम सुक्खू ने हिमाचल दिवस पर कृषि, बागवानी पैनल की घोषणा की

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने किसानों और बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की

देशबन्धु 26 Jan 2026 6:30 am

लखनऊ टुडे, 26 जनवरी- आपके काम की खबर:शहरभर में मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस; मेगा रूट डायवर्जन रहेगा, प्लान देखिए

नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 26 जनवरी, दिन सोमवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें-

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

अहमदाबाद रूट पर ब्लॉक, जोधपुर-दादर सहित 3 ट्रेनें डायवर्ट:सिग्नलिंग के काम से बदला रूट, 27 जनवरी को ट्रेनें होंगी प्रभावित

अहमदाबाद रेल मंडल पर चल रहे तकनीकी कार्य के कारण 27 जनवरी को जोधपुर से जुड़ी तीन ट्रेनें अपने निर्धारित रास्ते से नहीं चलेंगी। पश्चिम रेलवे ने सिग्नलिंग सिस्टम के काम के चलते इन गाड़ियों का रूट बदलने का फैसला किया है। सिस्टम अपग्रेडेशन का काम जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि अहमदाबाद-वीरमगाम रेलखंड पर ब्लॉक लिया जा रहा है। यह ब्लॉक साबरमती ए केबिन और साबरमती जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू करने के लिए लिया गया है। इस कारण संचालन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। ये ट्रेनें होंगी प्रभावित

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

युवराज मौत केस: फाइनल आग्र्यूमेंट खत्म, अगला कदम सीएम का:SIT रिपोर्ट पहुंचते ही होगा एक्शन, जिम्मेदारी तय होगी, 2–3 दिन में तय होगी कार्रवाई

युवराज मेहता की मौत के मामले में अब जांच लगभग अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। असली फैसला शासन स्तर पर होना है। रविवार दोपहर 12 बजे नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन ने अपने फाइनल आग्र्यूमेंट रख दिए। दो दिनों तक चले सवाल-जवाब और करीब 600 पन्नों के जवाबों के बाद अब एसआईटी दो से तीन दिन में अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। SIT की रिपोर्ट केवल घटनाक्रम का ब्योरा नहीं होगी, बल्कि इसमें स्पष्ट रूप से यह बताया जाएगा कि किस स्तर पर चूक हुई और किसने फैसले लेने में लापरवाही बरती। यही रिपोर्ट मुख्यमंत्री के लिए कार्रवाई का आधार बनेगी। ऐसे संकेत हैं कि इस मामले में प्रशासनिक ढिलाई और सिस्टम फैलियर को हल्के में नहीं लिया जाएगा। दरअसल, यह मामला अब केवल एक जांच का नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही से भी जुड़ गया है। युवराज की मौत के बाद उठे सवालों ने सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री के स्तर पर होने वाला फैसला यह संकेत देगा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को लेकर कितनी सख्त है। सबसे अहम बात यह है कि जांच पूरी हो चुकी है, तर्क रखे जा चुके हैं और दस्तावेज जमा हो चुके हैं। अब न कोई सफाई बाकी है, न कोई बहाना। ऐसे में रिपोर्ट पहुंचते ही एक्शन की घड़ी शुरू होगी। युवराज की मौत के मामले में अब सबकी निगाहें इसी फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि यह मामला सिर्फ फाइलों तक सीमित रहता है या जिम्मेदारी तय होकर कार्रवाई तक पहुंचता है। सीएम तक पहुंचेगी पूरी चेन ऑफ फैलियरजांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि SIT रिपोर्ट में सिर्फ फील्ड स्टाफ नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली पूरी चेन का आकलन किया गया है। किस अधिकारी के पास कौन-सी जिम्मेदारी थी, किस वक्त कौन-सा फैसला लिया गया या टाला गया। इन सभी बिंदुओं को मुख्यमंत्री के सामने तथ्यों के साथ रखा जाएगा। इससे यह तय होगा कि कार्रवाई प्रतीकात्मक रहेगी या संरचनात्मक और सख्त होगी। एसआईटी नोएडा नहीं आई, लेकिन रिपोर्ट पर काम तेजहालांकि रविवार को एसआईटी की टीम नोएडा नहीं पहुंची, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जांच की रफ्तार थमी है। टीम अब अंतिम चरण के मंथन में है और सभी विभागों के जवाबों का आपसी मिलान किया जा रहा है। जहां-जहां जवाबों में विरोधाभास है, उन्हें रिपोर्ट में अलग से चिह्नित किया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री को साफ तस्वीर मिल सके। सीएम के फैसले से तय होगी कार्रवाई की सीमामुख्यमंत्री को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि कार्रवाई केवल विभागीय नोटिस और तबादलों तक सीमित रहेगी या निलंबन और दंडात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की भूमिका गंभीर लापरवाही के दायरे में पाई गई है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:28 am

तेरह महीने बाद एमपीपीएससी अभ्यर्थी फिर धरने पर:सड़क पर बैठे, पुलिस बोली- यातायात नहीं रोक सकते, ये हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन

अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर एमपी पीएससी कार्यालय के सामने धरना दे रहे अभ्यर्थियों का चार दिवसीय धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना 27 जनवरी तक किया जाएगा। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के संयोजक राधे जाट ने बताया कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को धरना स्थल पर संविधान का पाठ किया गया। वहीं आज सुबह झंडा वंदन भी किया जाएगा। जाट ने कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो हम 27 से आगे भी धरना देंगे। तेरह महीने पहले 18 से 23 दिसंबर 2024 जनवरी तक धरना दिया था। मुख्यमंत्री ने हमें चर्चा के लिए बुलाया लेकिन हमारी मांगें पूरी नहीं की। इसलिए इस बार हम हाई कोर्ट से अनुमति लेकर धरना दे रहे हैं। सड़क पर धरना देने बैठे तो पुलिस से हुज्जत पुलिस के मुताबिक धरना दे रहे स्टूडेंट को हाईकोर्ट से निर्देश हैं कि वे यातायात बाधित नहीं करेंगे, ताकि पिछली बार की तरह ट्रैफिक डायवर्ट करने की नौबत न आए। लेकिन रविवार को छात्रों की संख्या बढ़ने पर गार्डन और फुटपाथ पर धरना दे रहे स्टूडेंट सड़क तक आ गए। इसे लेकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी बहस भी हुई। हालांकि स्टूडेंट ने कहा कि धरना पुलिस की निगरानी में दे रहे हैं। चारों ओर से आने-जाने वालों को कोई दिक्कत नहीं होने दे रहे हैं। 10 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन 27 जनवरी तक जारी रहेगा। धरने में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे हैं, जिनमें छात्राएं भी शामिल हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग परिसर के बाहर ही बिस्तर बिछा लिए हैं। अलाव जलाकर रात वहीं बिताई जा रही है। इस आंदोलन को अभ्यर्थियों ने ‘न्याय यात्रा 2.0’ नाम दिया है। जाट ने कहा कि पिछली बार के वादों से सीएम मुकर गए थे। लेकिन हमें जेल भेज दिया, केस भी दर्ज कर दिया। इससे बच्चों का सरकार से भरोसा टूटा है। अबकी बार विश्वासघात न हो इसकी हमारी पूरी तैयारी है। जाट ने आगे कहा कि हमारे धरने की बात सामने आने के बाद कोचिंग संचालकों ने जानबूझकर स्टूडेंट के टेस्ट रख लिए हैं, ताकि वे यहां शामिल नहीं हो सके। छात्रों को भी कई तरह से रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन हम स्टूडेंट की मांगों को पूरा कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे। रणजीत किसानवंशी, MPPSC अभ्यर्थी ने कहा कि वर्ष 2024 में उन्होंने बड़ा छात्र आंदोलन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री और MPPSC प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, जहां मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। जुलाई में आयोग को रिमाइंड ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। अक्टूबर-नवंबर में दोबारा ज्ञापन दिया गया, फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:20 am

अरुणाचल प्रदेश में सेना और आईटीबीपी ने किया संयुक्त युद्ध अभ्यास

भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में छह दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास 'अग्नि परीक्षा' का प्रथम चरण आयोजित किया, जिसका उद्देश्य अंतर-बल समन्वय और युद्ध की तैयारी को बढ़ाना था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

देशबन्धु 26 Jan 2026 6:10 am

पद्मश्री पुरस्कार:अंतर्राष्ट्रीय भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती को मिलेगा पद्मश्री, 48 देशों में दे चुके हैं प्रस्तुति

कैथवाड़ा निवासी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। जैसे ही केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा की उनके गांव में जश्न का माहौल बन गया और इसे बृज मेवात क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया गया। 26 सितम्बर 1962 को कैथवाड़ा में जन्मे गफरुद्दीन मेवाती भपंग वादन और पांडुक का कड़ा के लोकगायक है। पांडुक के कड़ा के एक मात्र कलाकार हैं। उन्हें इससे पहले राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा संगीत अकादमी का फैलोशिप सम्मान सहित अनेक राज्य स्तरीय पुरस्कार मिल चुके है। मेवाती ने भास्कर को बताया कि जब वे चार वर्ष के थे तो अपने पिता बुद्धसिंह जोगी के साथ गावो में जाकर अपनी शैली में विभिन्न हिंदू देवी देवताओं की पौराणिक कहानियां सुनाते थे। उनके पिता को सारंगी में महारत हांसिल थी। पांचवी तक शिक्षा गांव में पाने के बाद वे सीकरी पढ़ने आते थे क्लास 9 में स्कूल में हुए वार्षिकोत्सव में भपंग वादन की प्रस्तुति पर उन्हें पहला गोल्ड मेडल मिला इसके बाद उन्हें लगातार तीन गोल्ड मेडल मिले। उन्होंने बचपन से ही महाभारत, रामायण, भगवान श्री कृष्ण, शिवजी का ब्याहबला आदि का ज्ञान कर लिया और उसे भपंग के साथ सुनाने लगे।धीरे धीरे प्रसिद्धि बढ़ती गई और राज्य स्तर के कार्यक्रमों में बुलाया जाने लगा।उन्हें पाण्डुन का कड़ा के 2500 से अधिक दोहे याद है।वे रामायण को भी अपनी शैली में गाते है उनका कहना है कि मेवात में इसे लंका चढ़ाई के नाम से प्रसिद्धि मिली।इसके अलावा उन्होंने समाज को जागरूक करने के भी कई भजन गाए। गांव कैथवाड़ा में जश्न, पहली बार सीकरी में मिला था गोल्डमेडल 1992 में कनाड़ा में दी पहली प्रस्तुति गफरुद्दीन मेवाती अभी तक 48 देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुके है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में वे पहली बार कनाडा जाकर भपंग वादन करके आए थे।इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिलसिला शुरु हो गया और फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, लंदन सहित कुल 48 देशों में जाकर इस कला को प्रस्तुत कर चुके है। राष्ट्रपति पुरस्कार से हो चुके सम्मानित मेवाती 2024 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया गया था। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान दिया था। इसके अलावा वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उन्हें सम्मानित किया था। इसके अलावा 2024 में उन्हें संगीत अकादमी का फैलोशिप सम्मान भी मिल चुका है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:09 am

सोनीपत गणतंत्र दिवस पर मंत्री श्याम सिंह झंडा फहराएंगे:डिवीजन स्तर में 3 MLA को जिम्मेदारी; देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे

सोनीपत में 77वें गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोनीपत की पुलिस लाइन में आज होने वाले मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्य मेहमान शिरकत करेंगे। वहीं सोनीपत की अलग-अलग डिवीजन स्तर पर स्थानीय विधायकों की जिम्मेदारी लगाई गई है। डीसी सुशील सारवान ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी आस्था प्रकट करें तथा राष्ट्रीय पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे ध्वजारोहण डीसी सुशील सारवान ने बताया कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सोनीपत में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य मेहमान शिरकत करेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। मंत्री के कार्यक्रम का शेड्यूल मंत्री श्याम सिंह राणा द्वारा सबसे पहले युद्ध स्मारक पर शहीदों को 9:52 पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। उसके बाद सोनीपत की पुलिस लाइन में 9:58 पर मंत्री का आगमन होगा। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज 10:00 बजे फहराया जाएगा। उसके बाद परेड का निरीक्षण होगा। वही 10:15 पर मंत्री अपना संबोधन शुरू करेंगे।वहीं इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी और युद्ध वीरांगनाओं का सम्मान किया जाएगा। उपमंडल स्तर पर भी होंगे कार्यक्रमउन्होंने बताया कि जिले के सभी उपमंडलों में भी गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। गोहाना उपमंडल में सोनीपत से विधायक निखिल मदान, उपमंडल खरखौदा में विधायक पवन खरखौदा तथा उपमंडल गन्नौर में विधायक देवेंद्र कादियान राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्रसमारोह के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जो सरकारी योजनाओं, सामाजिक संदेशों और राष्ट्रीय मूल्यों को दर्शाएंगी।उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मानगणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित अन्य विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि समाज में सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:09 am

रिटायरमेंट के बाद भी 70 के उम्र में देश सेवा:सैकड़ों युवाओं को सेना में जाने का निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं रामायण महतो

“ए सोल्जर इज़ नेवर ऑफ ड्यूटी” - इस कथन को मंसूरचक प्रखंड क्षेत्र के कस्टोली गांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार रामायण महतो अपने जीवन से सत्य साबित कर रहे हैं। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे आज देश सेवा में निरंतर जुटे हुए हैं और अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र के नाम समर्पित कर रहे हैं। करीब 70 वर्ष की उम्र में भी रामायण महतो का उत्साह और देशभक्ति का जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे हर साल कई युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे गांव और आसपास के क्षेत्रों के नौजवानों में सेना के प्रति खास आकर्षण पैदा हुआ है। देशभक्ति की मिसाल बने रामायण महतो का चयन 19 दिसंबर 1983 को भारतीय सेना में सिपाही के पद पर हुआ था। उन्होंने 28 वर्षों तक निष्ठा और ईमानदारी से देश की सेवा की और सेवानिवृत्त हुए। हालांकि, उनका देश के प्रति समर्पण रिटायरमेंट के साथ समाप्त नहीं हुआ, बल्कि उसके बाद और भी मजबूत हुआ। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने यह ठान लिया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। इसी संकल्प के साथ वे आज भी युवाओं को अनुशासन, मेहनत और देशप्रेम का पाठ पढ़ा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा सेना में जाकर देश की रक्षा कर सकें। सूबेदार पद से हुए थे रिटायर्ड अपने सैन्य जीवन में उन्होंने लांस नायक, नायक, हवलदार, नायक सूबेदार और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी और 31 दिसंबर 2011 को सेवानिवृत्त हुए। 28 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद भी उनका उत्साह और जज्बा कम नहीं हुआ। सेवानिवृत्ति के बाद जहां अधिकांश लोग आराम करना पसंद करते हैं, वहीं रामायण महतो आज भी प्रतिदिन सुबह पांच बजे कस्टोली चौर में सैकड़ों युवक-युवतियों को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। कस्टोली चौर में सुबह से ही रहती है युवती चहल-पहल उनके प्रयासों से पहले वीरान रहने वाला कस्टोली चौर अब सुबह से ही चहल-पहल से गुलजार रहता है। आसपास के गांवों के बुजुर्ग भी यहां सुबह की सैर के लिए पहुंचते हैं। रामायण महतो ने बताया कि बरसात के मौसम में आंधी-बारिश के कारण प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को काफी परेशानी होती थी और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने अपने भाइयों से बात कर प्रशिक्षण स्थल के लिए कुछ जमीन बिहार सरकार के नाम कर दी, ताकि वहां स्थायी सुविधा विकसित की जा सके। युवाओं के लिए लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की गई है उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के तत्कालीन खेल मंत्री तथा वर्तमान डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने एक चक्रवात आश्रय स्थल के उद्घाटन समारोह के दौरान युवाओं की मांग पर एक लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की थी। हालांकि, यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हो सकी है। युवाओं को अब भी उम्मीद है कि मंत्री उनकी मांग पूरी कर उनके भविष्य निर्माण में सहयोग करेंगे। रामायण महतो का यह प्रयास न केवल युवाओं को प्रेरित कर रहा है, बल्कि समाज में देशभक्ति और सेवा भावना की मिसाल भी पेश कर रहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:08 am

फेज-4 मेट्रो से बदलेगा सोनीपत का सफर:26.463 कि.मी लाइन पर 21 स्टेशन; 4 साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

दिल्ली एनसीआर से सटे हुए सोनीपत में भी मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक अहम और निर्णायक कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-चार के शेष तीनों कॉरिडोर्स के लिए अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है। जिससे लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ सोनीपत जिले को मिलने जा रहा है, क्योंकि रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के माध्यम से सोनीपत पहली बार सीधे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे न केवल स्थानीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि हजारों दैनिक यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। फेज-चार के तीन कॉरिडोर को मिली मंजूरी की रफ्तार दिल्ली मेट्रो फेज-चार के तहत प्रस्तावित तीनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 47.225 किमी है। इन पर अनुमानित 14,630.80 करोड़ रुपए की लागत आएगी। दिल्ली सरकार ने इनमें से 3,386.18 करोड़ रुपए का अपना अंश जारी कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में आ रही वित्तीय बाधाएं दूर हो सकेंगी। परियोजनाओं को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रिठाला-कुंडली कॉरिडोर सोनीपत के लिए ऐतिहासिकफेज-चार का सबसे लंबा और महत्वपूर्ण कॉरिडोर रिठाला से कुंडली तक प्रस्तावित है। यह 26.463 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर कुल 21 स्टेशन बनाए जाएंगे। एक अंडरग्राउंड और 21 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह लाइन दिल्ली के रिठाला से शुरू होकर रोहिणी के विभिन्न सेक्टरों, बवाना और नरेला होते हुए कुंडली व नाथूपुर (सोनीपत) तक पहुंचेगी। इसके शुरू होने से सोनीपत जिले को पहली बार दिल्ली मेट्रो से सीधा और नियमित जुड़ाव मिलेगा। कॉरिडोर पर 6,230 करोड़ से अधिक की लागत रिठाला–कुंडली मेट्रो परियोजना की कुल लागत 6,230.99 करोड़ रुपए तय की गई है। इसमें दिल्ली सरकार का अंश 1,398.32 करोड़ रुपए और हरियाणा सरकार का हिस्सा 545.77 करोड़ रुपए होगा। शेष राशि केंद्र सरकार और अन्य वित्तीय स्रोतों से जुटाई जाएगी। फंड जारी होने के बाद अब इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेज होने की उम्मीद है। हजारों यात्रियों को होगा सीधा लाभकुंडली, नाथूपुर, नरेला और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों लोग काम, शिक्षा और व्यवसाय के लिए दिल्ली आते-जाते हैं। मेट्रो सेवा शुरू होने से लंबी दूरी की बसों और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे यात्रा समय घटेगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। सोनीपत से रोजाना करीब 50 हजार नौकरीपेशा लोग दिल्ली के बवाना, नरेला, नांगलोई, नजफगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में जाते हैं। मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से रोहिणी, रिठाला जैसे इलाकों तक पहुंच भी आसान होगी। छात्र, कर्मचारी और दैनिक यात्री सभी वर्गों को इससे सीधा और स्थायी लाभ मिलेगा।औद्योगिक और शैक्षणिक विकास को मिलेगी रफ्तारहरियाणा में मेट्रो का विस्तार सोनीपत से होने पर क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा। कुंडली सिंधु बॉर्डर के पास स्थित कुंडली, नाथूपुर और राई इंडस्ट्रियल एरिया को दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे उद्योगपतियों और निवेशकों को राहत मिलेगी। वहीं, सोनीपत की राई एजुकेशन सिटी में मौजूद कई यूनिवर्सिटियों में लाखों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। मेट्रो सुविधा मिलने से दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए प्रतिदिन की आवाजाही आसान होगी। मेट्रो कनेक्टिविटी से औद्योगिक क्षेत्रों, रिहायशी सेक्टरों और शैक्षणिक संस्थानों में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली का बयान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि दिल्ली मेट्रो का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार फेज-चार के तहत तीनों कॉरिडोर पर काम में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर रही है। दिल्ली सरकार द्वारा फंड जारी किए जाने से अन्य कॉरिडोरों के साथ-साथ रिठाला–कुंडली कॉरिडोर का काम भी तेजी से शुरू हो सकेगा। इससे हरियाणा, विशेषकर सोनीपत जिले के विकास को नया आयाम मिलेगा।कब मिली थी मंजूरीबता दें कि, करीब 12 साल से रिठाला -नरेला -नाथूपुर मेट्रो के निर्माण को लेकर पिछले साल जून में वित्त मंत्रालय के पब्लिक इन्वेस्टमेंट के बोर्ड द्वारा मंजूरी दी गई थी। जिसे लेकर मेट्रो के चौथे फेस के तहत छठें कॉरिडोर के लिए DDA ने 1000 करोड रुपए की ग्रांट मंजूरी की थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:06 am

भिवानी में आर्मी भर्ती 28 से:4 जिलों के 8800 युवा लेंगे भाग, जून-2025 में सीईई एग्जाम पास युवा शामिल

भिवानी के भीम स्टेडियम में 28 जनवरी से 12 फरवरी तक करीब 16 दिनों तक अग्निवीर भर्ती का आयोजन किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया में मुख्य रूप से जिला भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के युवा भाग लेंगे। भर्ती में कुल करीब 8800 युवाओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें लगभग 2000 युवा प्रदेश के अन्य जिलों से भी होंगे। सेना भर्ती 2025-2026 के तहत अग्निवीर योजना और स्थायी श्रेणी में ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके उम्मीदवारों के लिए भीम स्टेडियम, भिवानी में शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों का मेजरमेंट, दस्तावेज़ जांच, मेडिकल फिटनेस टेस्ट और दौड़ कराई जाएगी। इसके साथ ही युवाओं का ड्रग टेस्ट भी किया जाएगा। सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के निदेशक कर्नल के. संदीप ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों के युवाओं की प्रमुख भागीदारी रहेगी। कुल 8800 युवाओं के इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें करीब दो हजार युवा प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों से भी शामिल होंगे। इन पदों पर होगी भर्तीसेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के अनुसार अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल, अग्निवीर टेक्निकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन में सामान्य प्रवेश परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्धारित समय के अनुसार भीम स्टेडियम में उपस्थित होना होगा। भर्ती में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेजों के साथ-साथ एडमिट कार्ड भी अपने साथ लेकर आना होगा। सीईई परीक्षा पास युवा होंगे शामिल जून 2025 में जिन प्रार्थियों ने सीईई परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की, वे प्रार्थी ज्वाइनइंडियनआर्मी.एनईसी.इन से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करके निर्धारित स्थान व समय पर पहुंचकर शारीरिक दक्षता और मापदंड परीक्षा में भाग ले सकते हैं। शारीरिक दक्षता और मापदंड परीक्षा में पास होने वाले प्रार्थियों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों ने एक या एक से अधिक श्रेणियों में पंजीकरण किया है और सामान्य प्रवेश परीक्षा पास की है, उनके लिए एक ही बार दौड़ में भाग लेने की अनुमति होगी। ऐसे उम्मीदवारों के लिए एक ही एडमिट कार्ड मिलेगा, जिसमें सभी श्रेणियों को दर्शाया गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी सभी उम्मीदवार अपने साथ दस्तावेज का सत्यापन करने के लिए 10वीं व 12वीं पास की मार्कशीट, ऑनलाइन निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन, एनसीसी, खेल प्रमाण पत्र, सेना से संबंधित प्रमाण पत्र जैसे रिलेशन सर्टिफिकेट और एडमिट कार्ड व अन्य सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आना होगा। इसकी सूचना लिखित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भी भेजी गई है। डीसी ने लगाई अधिकारियों की ड्यूटी भिवानी डीसी साहिल गुप्ता ने भी सेना भर्ती को लेकर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को भीम स्टेडियम तक आने-जाने के लिए बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन तक बस सुविधा प्रदान की जाएगी। स्टेडियम में निर्बाध रूप से बिजली और पेयजल की आपूर्ति रहेगी। सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर परिषद को दिया है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:06 am

रिटायरमेंट के 2 साल बाद देश को 290 सैनिक दिए:पूर्व आर्मी मैन मुफ्त में देते हैं सेना-पुलिस की ट्रेनिंग, जनता सेवा के लिए खोला एकेडमी

आरा में एक आर्मी मैन हैं जो रिटायमेंट के बाद भी देश की सेवा में जुटे हुए हैं। वे युवाओं को सेना-पुलिस के लिए तैयार कर रहे हैं। आर्मी की डिसिप्लिन-जज्बा के साथ ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के लिए युवाओं से आर्मी मैन 3 महीने सिर्फ 1 हजार रुपए लेते हैं। ये रुपए अभ्यर्थियों को खाने-पिलाने में खर्च किए जाते हैं। ट्रेनिंग के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यानी युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण मिलता है। आर्मी मैन 2023 में रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने 2 साल में कुल 290 युवाओं को बिहार पुलिस-होमगार्ड और अग्निवीर में नौकरी दिलाई है। रिटायर्ड आर्मी मैन बक्सर के नवानगर थाना अंतर्गत सोनवर्षा गांव निवासी श्रीराम परवेज चौधरी के बेटे कमांडो सुनील कुमार चौधरी हैं। जो आरा शहर के अनाईठ मुहल्ले में अपने परिवार के साथ रहते हैं। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक घर पर रहे। जब मैदानों में तैयारी करने वालों बच्चों की परेशानियों देखी तो उन्होंने प्रशिक्षण देने का मन बनाया। रिटायर आर्मी मैन की कैसी होती ट्रेनिंग, प्रशिक्षण लेने वालों युवाओं का क्या कहना है, गणतंत्र दिवस के मौके पर पढ़िए रिपोर्ट... पहले ट्रेनिंग से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए... पूर्व कमांडो सुनील कई ऑपरेशन में रह चुके शामिल कमांडो सुनील कुमार चौधरी ने 16 फरवरी 1999 को दानापुर में बिहार रेजिमेंट ज्वाइन किया था। बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा लेकर देश के अलग-अलग बॉर्डर पर सेवा दी। सुनील चौधरी कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन का हिस्सा भी रहे हैं। साहस और तेज तर्रार व्यक्तित्व के कारण उन्हें जम्मू कश्मीर के उत्तरी कमान, उधमपुर में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केटी प्रणायक के की ओर से प्रशंसा पत्र से सम्मानित भी किया था। इसके बाद सुनील चौधरी को 5 बिहार बटालियन में 2016 में बटालियन हवलदार मेजर बनाकर NCC के बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए भेजा गया। करीब तीन तक NCC में रहकर हजारों छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग दी और उन्हें सेना के लिए काबिल बनाया। सैकड़ों NCC के लड़के आज देश सेवा में लगे है। इसके बाद 28 फरवरी 2023 में दानापुर से रिटायरमेंट लेकर वापस घर आ गए। लड़ाकू विमान तेजस के नाम पर एकेडमी पूर्व कमांडो ने आरा के वीर कुंवर स्टेडियम में भारतीय लड़ाकू विमान के नाम तेजस फिजिकल एकेडमी खोला। सुनील बताते हैं कि तेजस का मतलब चमक, दीप्ति, तेज, प्रकाश, उर्जा, बुद्धि और शक्ति होता है। जो व्यक्ति के प्रभावशाली और उर्जावान व्यक्तित्व को दर्शाता है। यही शक्ति हम अपने नौजवानों में देखना चाहतें हैं। कठोर शारीरिक अभ्यास, दौड़, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष जोर ट्रेनिंग के दौरान कठोर शारीरिक अभ्यास, दौड़, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष जोर दिया जाता है। पूर्व कमांडो का मानना है कि मजबूत शरीर के साथ मजबूत सोच ही एक सच्चे सैनिक की पहचान होती है। उनका उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्र के लिए समर्पित योद्धा के रूप में तैयार करना है। यही वजह है कि यहां से प्रशिक्षण लेने वाले कई युवक और युवतियां आज सेना और पुलिस में चयनित होकर देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क है। आर्थिक तंगी किसी भी युवा के सपनों में बाधा न बने, इसी सोच के साथ हर वर्ग के लड़के-लड़कियां यहां आकर अपने अरमानों को नई उड़ान दे रहे हैं। पैसे के अभाव में कई युवा तैयारी नहीं कर पाते हैं सुनील कुमार ने कहा कि मैंने 24 साल देश की सेवा की, उसके बाद अब जनता की सेवा करने का मौका मिला है। पिछले 2 साल से बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती पर एकेडमी चला रहा हूं। यहां के बच्चे बच्चियों के पास काफी जोश है, इसी जोश को उमंग में भरने के लिए तेजस फिजिकल एकेडमी खोला है। यहां के गरीब युवक और युवतियां फौज-पुलिस में जाना चाहते है, लेकिन पैसे के अभाव में अच्छे से तैयारियां नहीं कर पाते है। इसलिए निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। बच्चियों को फील्ड में लाना कठिन सुनील ने कहा कि बच्चों से 3 महीनों के लिए 1 हजार रुपए लिए जाते हैं। ताकि ट्रेनिंग के बाद उन्हें जूस, नारियल पानी या एनर्जी ड्रिंक्स पिलाया जा सके। अगर बच्चों को पैसा दे दिया जाता है तो वह इधर-उधर खर्च कर देते हैं। इन्हीं पैसों से खिला-पिलाकर सैनिक तैयार करते है। ताकि देश में अपना नाम रौशन कर सके। बच्चियों को फील्ड में लाना बहुत कठिन है, लेकिन बिहार सरकार लड़कियों को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा दे रही है। बच्चियों को ट्रेनिंग देना बहुत मुश्किल होता है। परिवार को विश्वास में लेना पड़ता है। कुछ बच्चियों के परिवार वाले काफी सपोर्ट करते है। इसी का नतीजा है कि इस साल 101 लड़कियों का सेलेक्शन बिहार पुलिस में हुआ। पिछले साल 75 लड़कियां बिहार पुलिस में बहाल हुईं थीं। होमगार्ड में 55 लड़कियां और 21 लड़के का चयन हुआ है। वहीं, अग्निवीर में 19 नौजवानों का सेलेक्शन हुआ है। SSC GD में 36 लड़के और 4 लड़कियां की बहाली हुई है। इसके साथ एयरफोर्स, दिल्ली पुलिस समेत अन्य क्षेत्रों में बच्चे-बच्चियों ने उपलब्धियां हासिल की है। पापा के कहने पर एकेडमी ज्वाइन की आरा शहर की मीरगंज निवासी राशी ने बताया कि CPO की परीक्षा फाइनल होने के बाद सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रही हूं। मेरे परिवार वाले मुझे काफी सपोर्ट करते हैं। पापा खुद बोलते हैं कि तुम जाओ और खूब तैयारी करो। इसके बाद मैंने तेजस फिजिकल एकेडमी को ज्वाइन किया। यहां अनुभवी सुनील सर अच्छे से तैयारियां कराते हैं। जब मैं दरोगा बन जाऊंगी तो सबसे ज्यादा गर्व मेरे परिवार वाले और सुनील सर को होगी। मेरे पिता एक बिजनेसमैन है, वो चाहते है कि बेटी देश की सेवा करे। परिवार को मोटिवेट कर मैदान में आएं बक्सर निवासी लक्की ने कहा कि दूसरों से पैसा मांगने से अच्छा है कि हम खुद अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। मेरा एयरफोर्स का रिजल्ट आया है। मैं अग्निवीर की तैयारी कर रही हूं। मेरी दौड़ काफी खराब थी, यहां आने से दौड़ में काफी सुधार हुआ है। मुझे लगता है कि इस बार मेरा फिजिकल पास हो जाएगा। सुनील सर एक एक्स आर्मी मैन है। अच्छे से ट्रेनिंग देते हैं, डिसिप्लिन में रखकर तैयारी करवाते हैं। मेरी फैमिली भी काफी सपोर्ट करती है। वैसी लड़कियां जो देश की सेवा करना चाहती हैं, लेकिन परिवार वालों के डर से बाहर नहीं निकल पाती हैं, वो अपने परिवार से बात करें, उन्हें मोटिवेट करें और उनका सपोर्ट लेकर मैदान में आकर तैयारी करे। जरूर आपको अपना मुकाम हासिल होगा। मेरी रनिंग बहुत अच्छी हो गई आरा निवासी शीतांशु कहते हैं मैं बिहार पुलिस की तैयारी करता हूं। मेरी रनिंग काफी खराब थी। शहर में कई फिजिकल एकेडमी चलते हैं लेकिन वैसा रिजल्ट नहीं है जो सुनील सर तेजस फिजिकल में कराते हैं। सुनील सर कमांडो से रिटायर किए है। आज मेरी रनिंग में काफी सुधार हुआ है। समय के अंदर दौड़ कम्प्लीट कर लेता हूं। फिजिकल में डर लग रहा था, पर अब मेरी दौड़ में सुधार आई है वहीं, सिट्टू सिंह ने बताया कि पिछले 5 महीने पहले मैंने चौधरी सर के फिजिकल एकेडमी को ज्वाइन किया है। मेरी दौड़, हाई जंप में काफी सुधार हुआ है। दौड़ में ज्यादा समय लगता था, लेकिन अब नहीं लगता है। दिल्ली पुलिस में रिजल्ट आया है, फिजिकल में डर लग रहा था कि कैसे पूरा कर पाएंगे, लेकिन सर की ट्रेनिंग कराने के बाद सब डर खत्म हो गया है। कई बार मेरा फिजिकल का रिजल्ट खराब हो गया था। चौधरी सर का नाम सुनकर यहां आए है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:06 am

पहाड़ों पर बर्फबारी से पंजाब-चंडीगढ़ में फिर बढ़ी ठंड:आज 3 जिलों में बारिश की संभावना; कल तेज हवाएं और ओले गिरने की चेतावनी

पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में सुबह-शाम के वक्त ठंड काफी बढ़ गई है। अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे बना हुआ है। सोमवार को मौसम विभाग की तरफ से कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश से लगते पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, 27 से 29 जनवरी तक तेज हवाओं, बिजली चमकने, ओले गिरने और घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में सबसे कम तापमान 3.4 डिग्री फिरोजपुर में दर्ज किया गया। बठिंडा में शीत लहर का असर देखा गया। न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री से 7.5 डिग्री के बीच और अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री से 17.2 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। आज फिर एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) जम्मू और हिमाचल प्रदेश के आसपास बना हुआ है। इसका असर हिमाचल और पास के पंजाब इलाकों में दिख रहा है। ऊंचाई पर हवाओं की एक लंबी पट्टी (ट्रफ) भी बनी हुई है। जो मौसम में बदलाव ला रही है। इसके अलावा, एक और हवा का दबाव क्षेत्र दक्षिण पंजाब से लेकर राजस्थान होते हुए कच्छ (गुजरात) तक फैला हुआ है। ऐसे में 27 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, बिजली चमक सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। जिनकी रफ्तार 40–50 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 27 जनवरी को कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। इसके बाद 30 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। 27 जनवरी को बारिश की संभावना मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, राज्य में 27 जनवरी को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 26 और 28 तारीख को कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 2 दिनों में तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है, और फिर उसके बाद 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। आने वाले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:05 am

जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व ‘की बायोडायवर्सिटी एरिया’ घोषित:रशियन रेप्टर्स रिसर्च नेटवर्क के डायरेक्टर ईगोर ने देखी साइट, भारतीय विशेषज्ञों के साथ रिसर्च करेंगे

पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए समर्पित 120 से अधिक देशों की एक प्रमुख वैश्विक साझेदारी संस्था बर्ड लाइफ इंटरनेशनल ने जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व को “की बायोडायवर्सिटी एरिया’’ घोषित किया है। बीकानेर में बर्ड टूरिज्म की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक कदम माना जा रहा है। बर्ड लाइफ इंटरनेशनल की ओर से इंपॉर्टेंट बर्डिंग एरिया (आईबीए) के साथ की बायोडायवर्सिटी एरिया (केबीए) घोषित करने से जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व की अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान कायम हो गई है। 56.47 वर्ग किमी में फैली एशिया की सबसे बड़ी ओपन डंपिंग साइट पर इन दिनों विभिन्न प्रजातियों के करीब 9 हजार प्रवासी शिकारी पक्षियों का जमावड़ा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इन्हें देखने के लिए चार महीने में लगभग 700 टूरिस्ट आ चुके हैं। कजाकिस्तान से जीपीएस और सेटेलाइट टैगिंग कर छोड़े गए वल्चर्स भी यहां देखे गए हैं। गौरतलब है कि जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व (गाढ़वाला) बीकानेर जिले में स्थित एक प्रमुख संरक्षित क्षेत्र है। मृत पशुओं की ओपन डंपिंग साइट होने के कारण यह विशेष रूप से गिद्धों और शिकारी पक्षियों के भोजन का मुख्य स्रोत है। 25 नवंबर 2008 को इसे अधिसूचित किया गया था। विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की संख्या (अनुमान) ट्रांजैक्ट मेथड से वल्चर्स, रेप्टर्स की गणना पूरी जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षित क्षेत्र में ट्रांजेक्ट मेथड से वल्चर्स और रेप्टर्स की गणना पूरी हो गई है। वन विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और डूंगर कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग ने संयुक्त रूप से दो दिन में यह गणना की है। डीएफओ वाइल्ड लाइफ संदीप छालानी ने बताया कि इसके आंकड़े कंपाइल किए जा रहे हैं। ऐसी ही गणना फरवरी और मार्च में भी होगी, जिससे पक्षियों की स्थिति की जानकारी पुख्ता की जा सकेगी। ट्रांजैक्ट मेथड से वल्चर्स, रेप्टर्स की गणना पूरी हो गई है। आंकड़े कंपाइल किए जा रहे हैं। जोड़बीड़ को केबीए साइट घोषित कर दिया गया है, लेकिन विभाग के पास इसकी अधिकृत सूचना नहीं है। -संदीप छालानी, डीएफओ, वाइल्ड लाइफ भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. दाऊलाल बोहरा जोड़बीड़ में मिलती हैं संकटग्रस्त प्रजातियां : जोड़बीड़, बीकानेर (IBA) ग्लोबल A1 / KBA 46934) संरक्षण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। यह ग्लोबल A1 मानदंड के तहत एक महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र (IBA) के रूप में योग्य है, क्योंकि यहां कई विश्व स्तर पर संकटग्रस्त शिकारी पक्षी और अन्य पक्षियों की प्रजातियां नियमित रूप से पाई जाती हैं, खासकर प्रजनन न करने और सर्दियों के मौसम में। मुख्य जैव विविधता क्षेत्र (KBA) 46934 के रूप में मान्यता प्राप्त, जोड़बीड़ अपने छोटे से क्षेत्र के बावजूद, भोजन खोजने, आराम करने और इकट्ठा होने के लिए एक महत्वपूर्ण आवास के रूप में काम करता है। वैश्विक क्षेत्रीय स्तर पर संकटग्रस्त पक्षियों की प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:05 am

इंदौर में आज गणतंत्र दिवस समारोह:सुबह 9 बजे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे ध्वजारोहण

इंदौर में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आज सुबह 9 बजे नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। समारोह में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ध्वजारोहण करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और कलेक्टर शिवम वर्मा ने नेहरू स्टेडियम पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। इस दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, आरके सिंह, अपर कलेक्टर पवार नवजीवन विजय, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न प्लाटूनों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट का अभ्यास किया, वहीं स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी रिहर्सल हुआ। झांकियां और मार्च पास्ट रहेंगे आकर्षणसमारोह में परेड के साथ राज्य शासन की योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। परेड का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त कुंदन मंडलोई करेंगे, जबकि उनका अनुकरण टीयूआईसी सूबेदार राजू सांवले करेंगे। परेड में आरएपीटीसी, विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियां, जिला पुलिस (पुरुष-महिला), होमगार्ड, यातायात पुलिस, एनसीसी, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, एसपीसी और सृजन दल सहित कई प्लाटून शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। गणतंत्र दिवस को लेकर शहर में हाई अलर्ट, मॉल-होटल में सघन तलाशीगणतंत्र दिवस के मद्देनजर इंदौर शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड ने क्षेत्रीय थाना स्टाफ के साथ शहर के प्रमुख मॉल, होटल और लॉज में सघन तलाशी अभियान चलाया। टीम ने सेंट्रल मॉल सहित अन्य व्यवसायिक परिसरों में दुकानों, पार्किंग और खड़े वाहनों की बारीकी से जांच की। इस दौरान डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास और एसीपी तुषार सिंह मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों पर इसी तरह की सघन जांच आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:05 am

खेल विभाग को नहीं पता हरियाणवी समर ओलिंपियन की डिटेल:खेल प्रेरक की RTI में खुलासा-गलत जानकारी भेजी तो अब पहुंचे फर्स्ट अपील

हरियाणा खेल विभाग के पास अपनी समर ओलिंपियन की सही जानकारी नहीं है। रोहतक के खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल ने विभाग से उनकी जानकारी मांगी तो उन्हें गलत व अधूरी जानकारी भेजी गई। जिस पर पंघाल अब फर्स्ट अपीलीय अधिकारी के पास पहुंच गए हैं।रोहतक निवासी राजनारायण पंघाल ने हरियाणा गठन से अब तक समर ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणवी खिलाड़ियों की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा प्रदेश के भीम अवॉर्डी और अर्जुन अवॉर्डी उन खिलाड़ियों की सूची भी मांगी, जो ओलिंपिक में हिस्सा ले चुके हैं तथा बिना ओलिंपिक में हिस्सा लिए ही जिन्हें ये अवॉर्ड मिल चुके हैं। विभाग के अधिकारी राजनारायण के सवाल ही नहीं समझ पाए। उन्होंने जिन खेलों में समर और ओलिंपिक शब्द जुड़े हुए थे, उनसे जुड़ी जानकारी पंघाल को उपलब्ध करवा दी। जो कि पूरी तरह से गलत है। गलत जानकारी मिलने के बाद अब पंघाल फर्स्ट अपीलीय अधिकारी जॉइंट डायरेक्टर खेल विभाग पंचकूला के पास पहुंच गए हैं। जहां पर उन्हें 20 जनवरी की डेट मिली थी, उस पर मौसम खराब के चलते वीसी के जरिए सुनवाई की मांग रखी थी, जिस पूरा नहीं किया गया। अब उन्हें आगामी डेट विभाग की ओर से दी जाएगी। 3 प्वाइंट में समझिए समर ओलिंपिक,भीम व अर्जुन अवार्ड... RTI मांगने वाले पंघाल कौन... पंघाल बोले: होना चाहिए पूरा रिकॉर्ड डिजिटल राजनारायाण पंघाल ने कहा कि हरियाणा खेलों में अग्रणी प्रदेश है। केंद्र सरकार हर चीज को डिजिटल करने पर फोकस कर रही है। ऐसे में हरियाणा के खेल विभाग को भी खेल से जुड़ी जानकारी को अपनी वेबसाइट पर अपडेट करना चाहिए। इसमें ओलिंपिक गेम्स, हरियाणा के ओलिंपियन, भीम अवॉर्डी विजेता, अर्जुन अवॉर्ड विजेता व खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों की सूची उपलब्ध हो, जिससे कि वो अभिभावक परेशान न हों, जो अपने बच्चों को खेल की दुनिया में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:04 am

अफसर बोले- लेन-देन कर मामला खत्म करो, मैंने मना किया:हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कैसे पकड़ा 26 टन गो–मांस, उस रात की पूरी कहानी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गौ-मांस की तस्करी के मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को आखिरकार पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है और उससे यह जानने की कोशिश कर रही है कि 260 गायों के बराबर यह मांस आखिर आया कहां से? इस गिरफ्तारी से ज्यादा चौंकाने वाली कहानी उस रात की है, जब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। जब जय भवानी हिन्दू संगठन के अध्यक्ष भानू हिन्दू और उनकी टीम ने अपनी जान पर खेलकर गौ-मांस से भरे कंटेनर को रोका, और फिर सिस्टम के झूठ से पूरी रात और अगले 20 दिन तक लड़ाई लड़ी। पहली बार, इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार भानू हिन्दू के शब्दों में उस रात की सिलसिलेवार कहानी पढ़िए। कई दिनों से थी सूचना, 17 दिसंबर की रात बजा फोनइस पूरे खेल को उजागर करने वाले भानू हिन्दू ने भास्कर रिपोर्टर को बताया, हमें काफी दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित स्लॉटर हाउस से बड़े पैमाने पर गो-मांस की सप्लाई होने की खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं। हमें यह भी बताया गया था कि असलम चमड़ा नाम का शख्स शहर में मृत गायों को उठाने की आड़ में एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा है और उनका मांस अवैध रूप से सप्लाई कर रहा है। हम लगातार इस पर नजर बनाए हुए थे। वह बताते हैं, 17 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे थे। मेरे फोन की घंटी बजी। मेरे एक मुखबिर ने सूचना दी कि ट्रक नंबर (UP78-CT-7221) स्लॉटर हाउस के अंदर खड़ा है और उसमें गौ-मांस के पैकेट लोड किए जा रहे हैं। सूचना पक्की थी। नो-एंट्री खुलने का इंतजार और ट्रक का पीछाभानू हिन्दू के अनुसार, उनका अंदाजा बिल्कुल सटीक था। ट्रक के संचालक शहर में भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री खुलने का इंतजार कर रहे थे, जो रात 11 बजे खुलती है। ठीक 11 बजे के आसपास ट्रक स्लॉटर हाउस से रवाना हुआ। मेरे साथियों ने तुरंत मुझे इसकी जानकारी दी। ट्रक आयकर भवन से होते हुए जिला कोर्ट वाली रोड पर आया और वहां से पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की ओर बढ़ने लगा। तब तक मैंने अपने सभी साथियों को इकट्ठा कर लिया था। मैं अपनी बाइक से तेजी से महिला थाने के सामने पहुंचा और बीच सड़क पर बाइक लगाकर ट्रक को रोकने का इशारा किया। मैंने यह भी देखा कि दो लोग बाइक पर ट्रक को पायलट कर रहे थे, यानी उसे रास्ता दिखा रहे थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, वे बाइक घुमाकर भाग निकले। मेरा शक और गहरा हो गया। CM के काफिले का बहाना और पुलिस का ड्रामाजैसे ही ट्रक रुका, भानू ने ड्राइवर से पूछा,इसमें क्या है? ड्राइवर ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, बफेलो मीट है। भानू ने कहा, मुझे पक्की खबर है कि इसमें गाय का मांस है। यह सुनते ही ड्राइवर ने कुछ कागजों से भरा एक लिफाफा उनकी ओर बढ़ा दिया। इसी बीच एक अप्रत्याशित मोड़ आया। उस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला वहां से गुजरने वाला था, जिसके कारण सड़क पर भारी पुलिस बल और चेक पॉइंट्स लगे हुए थे। ट्रक रुकते ही पुलिसकर्मी दौड़कर वहां आए। भानू बताते हैं, पुलिसवालों ने मुझसे कहा कि सीएम साहब का काफिला गुजरने वाला है, जल्दी से यहां से ट्रक हटवाएं, रास्ता जाम मत करो। वे ट्रक को वहां से जल्द से जल्द रवाना करना चाहते थे। लेकिन मैं ट्रक के सामने अड़ा रहा और उसके बम्पर पर लटक गया। मैंने कहा कि जब तक इसकी जांच नहीं होगी, मैं इसे जाने नहीं दूंगा। अफसर बोले- यह तो बफेलो मीट है, शक कैसे कर सकते हैं?मामला बढ़ता देख और भीड़ को इकट्ठा होता देख, प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। रात के लगभग 3 बजे, प्रशासन के कहने पर पशु चिकित्सकों की एक टीम को मौके पर बुलाया गया। लेकिन यहां से शुरू हुआ झूठ और मामले को दबाने का असली खेल। भानू के अनुसार, टीम ने आते ही कह दिया कि उनके पास सैंपल लेने के लिए आवश्यक उपकरण और टीम नहीं है। उन्होंने बस दूर से देखकर ही फौरी तौर पर इसे 'बफेलो मीट' बता दिया, लेकिन भवानी संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक मांस का सैंपल लेकर लैब में जांच नहीं हो जाती, वे एक इंच भी नहीं हटेंगे। पूरी रात कड़ाके की ठंड में कार्यकर्ता ट्रक की घेराबंदी करके जागते रहे। अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे नगर निगम की एक टीम मौके पर पहुंची। निगम की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कार्यकर्ताओं पर ही सवाल उठा दिए। भानू ने बताया, निगम की अफसर ने हमसे कहा कि आप इस ट्रक को कैसे रोक सकते हैं? यह तो नगर निगम के आधिकारिक स्लॉटर हाउस से निकला है। इस पर संदेह का कोई आधार ही नहीं है। 20 दिन बाद रिपोर्ट और गुपचुप FIR भारी दबाव के बाद आखिरकार मांस के सैंपल लिए गए। भानू को बताया गया कि रिपोर्ट 3 दिन में आ जाएगी। लेकिन यह इंतजार 3 दिन की जगह 20 दिन लंबा हो गया। भानू बताते हैं, मैं लगभग हर दिन अरेरा हिल्स थाने जाकर पूछता था कि रिपोर्ट कब आएगी, लेकिन मुझे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता था। हर बार मुझे टाल दिया जाता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 20 दिन बाद जब रिपोर्ट आई और उसमें गौ-मांस होने की पुष्टि हुई, तब भी पुलिस ने शिकायतकर्ता भानू हिन्दू को इसकी जानकारी नहीं दी। पुलिस ने गुपचुप तरीके से FIR दर्ज की और आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर ली। भानू कहते हैं, हमें हमारे सूत्रों से पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और FIR भी हो गई है। बीच का रास्ता निकाल लो, लेन-देन कर लोभानू हिन्दू ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस रात उन्होंने ट्रक को रोक रखा था, उस दौरान कुछ अधिकारियों ने उन पर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, मुझसे कहा गया कि बीच का रास्ता निकालकर ट्रक को जाने दें। कुछ लेन-देन करके मामला खत्म करने की भी पेशकश की गई। लेकिन, मैंने साफ इनकार कर दिया। यह हमारी आस्था का सवाल था, हम सौदा नहीं कर सकते थे। स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद अब आदमपुर पर नजरइस बड़ी कार्रवाई के बाद जहांगीराबाद स्थित नगर निगम का स्लॉटर हाउस बंद कर दिया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह नेटवर्क इतना बड़ा है कि यह अब अपना नया ठिकाना तलाश रहा है। ऐसी आशंका है कि अब यह अवैध कारोबार आदमपुर या शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट हो सकता है, जहां निगरानी कम हो। फिलहाल, असलम चमड़ा पुलिस की गिरफ्त में है और कई और बड़े नामों के उजागर होने की उम्मीद है। लेकिन यह मामला सिर्फ गौ-तस्करी का नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम पर भी एक बड़ा सवाल है, जो व्हिसलब्लोअर को सहयोग देने के बजाय, झूठ बोलकर और जानकारी छिपाकर अपराधियों को बचाने की कोशिश करता नजर आया। ये खबर भी पढ़ें..... पुलिस, डॉक्टर, नगर निगम सभी गो-तस्कर के आगे सरेंडर:260 गायों का मांस बफेलो-मीट मानकर छोड़ा, असलम चमड़ा से पूछताछ से डर गए अफसर राजधानी भोपाल के सरकारी स्लॉटर हाऊस के ट्रक से गोमांस पकड़े जाने के बाद नगर निगम और पुलिस ने भले ही मामले की जांच शुरू कर दी है। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सस्पेंड कर दिया हो, लेकिन इस पूरे मामले में नगर निगम, पुलिस और डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:02 am

लुधियाना के जगराओं में 92 वर्षीय बुजुर्ग की जटिल सर्जरी:बुजुर्ग के गुर्दे में थी 85MM की फूल जैसी पथरी, ऐज फेक्टर था बड़ा चैलेंज

लुधियाना के जगराओं में सुखवीन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी की। 92 साल का एक बुजुर्ग पेट में दर्द और यूरिन पास न होने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने बुजुर्ग का चेकअप किया तो पता चला कि उसके गुर्दे में 85 MM की फूल जैसी पथरी फंसी है। पथरी की वजह से बुजुर्ग का यूरिन पास नहीं हो पा रहा। डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग का यूरिन ब्लेडर पूरी तरह से भरा था और वो किसी भी समय फट सकता था। ऐसे में बुजुर्ग की सर्जरी करने के अलावा कोई चारा नहीं था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बुजुर्ग की ओपन सर्जरी करने का फैसला किया। यूरोलॉजिस्ट डॉ दिव्यांशु ने बताया कि ऑपरेशन से पहले के प्रोटोकॉल पूरे किए गए। बीपी, हार्ट रेट चेक किए तो ऐज के मुताबिक ठीक पाए गए। फिर मरीज की कंसेंट ली गई और सर्जरी शुरू की। करीब पौने घंटे तक सर्जरी चली और मरीज के गुर्दे से पथरी निकाल दी गई। पहली बार निकाली इतनी बड़ी पथरी डॉ दिव्यांशु का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कभी इतनी बड़ी पथरी नहीं निकाली। इससे पहले वो 30MM तक की पथरी निकाल चुके हैं। उन्होंने बताया कि सामान्यतः: लाेग 10 एमएम से ऊपर की पथर निकाल देते हैं। बुजुर्ग गरीब थे तो वो 15 साल से पथरी लेकर चल रहे थे। राम रतन 15 साल से जूझ रहे थे बुजुर्ग राम रतन सिंह अयाली कलां के रहने वाले थे। वो 15 साल से पथरी के दर्द से जूझ रहे थे। गरीबी के कारण वो समय पर इसकी जांच नहीं करवा सके और दवाइयों के सहारे काम चलाते रहे। पथरी बढ़ती गई और अब करीब 1 महीने से यूरिन पास होने में दिक्कत हो रही थी। तब जाकर वो अस्पताल में पहुंचे। आयुष्मान योजना के तहत कवर हैं बुजुर्ग डॉ. दिव्यांशु गुप्ता ने बताया कि राम रतन सिंह आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत कवर थे, जिसमें उन्हें सालाना 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर था। अब उनकी इंश्योरेंस MMSBY में अपग्रेड हो गई है। ऐसे में बुजुर्ग की इस सर्जरी में उनका एक भी पैसा नहीं लगा। बुजुर्ग की सर्जरी इन तीन कारणों से थी जटिल, जानिए ऐज फैक्टर: डॉ दिव्यांशु ने बताया कि बुजुर्ग का ऐज फैक्टर सबसे बड़ी चुनौती थी। 92 साल की उम्र में सर्जरी करना डॉक्टरों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। बीपी, शुगर और हार्ट रेट मेंटेन रखना इस उम्र में बेहद मुश्किल हो जाता है। ऑपरेशन से पहले बुजुर्ग के टेस्ट किए तो वो सर्जरी प्रोटोकॉल में थे। पथरी का साइज: डॉ दिव्यांशु बताते हैं कि इस सर्जरी में दूसरी बड़ी चुनौती पथरी का साइट था। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी पथरी को दूरबीन से रिमूव करना संभव नहीं था। इसे न ही यूरिन पाइप के जरिए रिमूव किया जा सकता था। ओपन सर्जरी के अलावा कोई रास्ता नहीं था। एनेस्थिसिया के बाद होश में लाना: डॉ का कहना है कि इस उम्र में एनेस्थिसिया की डोज देने के बाद उन्हें वापस होश में लाना तीसरी बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन करने के बाद बुजुर्ग को लगातार टीम ने ऑब्जर्व किया और कुछ देर बाद वो होश में आ गए। शाम तक वो बातें करने लग गए।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:02 am

'गणतंत्र दिवस पर भी सैनिकों को कोई पूछने वाला नहीं':बर्फ-रेगिस्तान में रहते फिर भी न सरकारी लाभ और न सम्मान, रतनपुर गांव के जवानों में निराशा

दरभंगा का रतनपुर गांव जो सैनिकों का गांव कहलाता है। इस गांव से आज भी देश सेवा के लिए युवाओं का जज्बा कम नहीं हुआ है। दूसरी ओर आजादी से लेकर अब तक शहीद परिवार और पूर्व सैनिक सरकारी उपेक्षा को झेल रहे हैं। रतनपुर गांव में करीब 75 पूर्व सैनिक हैं, जबकि 150 से अधिक जवान वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं, पर यहां के सैनिकों को बड़ी निराशा है। वे कहते हैं कि हम सैनिक बर्फीले इलाकों, तेज धूप, और रेगिस्तान जैसे कठिन हालातों में रहकर देश की रक्षा करते हैं, पर हमें सम्मान नहीं मिलता। सरकार की योजनाएं हमें नहीं मिलती। सैनिकों की पेंशन बढ़ाने या यात्रा भत्ते जैसी सुविधाओं पर कभी गंभीर चर्चा नहीं होती। गणतंत्र दिवस जैसे मौके पर भी शहीद-फौजियों को पूछने वाला कोई नहीं। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार कहते हैं कि हमें कोई सुनने वाला नहीं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भास्कर की टीम जब गांव पहुंची, जहां सैनिकों की अपनी-अपनी पीड़ा बताई, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार ने क्या है... पढ़िए रिपोर्ट... हमें सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम नहीं होते सेना से सेवानिवृत्त दिनेश ठाकुर ने बताया कि मैंने 18 सितंबर 1979 को भारतीय सेना ज्वाइन की थी और 30 सितंबर 1996 को सेवानिवृत्त हुए। समस्याएं सैनिकों के जीवन का हिस्सा होती हैं और उनसे लड़ना ही एक सैनिक का धर्म है। संघर्ष करते हुए ही हम यहां तक पहुंचे हैं। देश में सैनिकों के सम्मान की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन वह सम्मान सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। समाज और प्रशासनिक स्तर पर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिलता। जिला से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक कभी किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने रिटायर्ड सैनिकों को बुलाकर सम्मानित करने का कार्यक्रम नहीं किया। चुनाव के समय सभी नेता सैनिकों के घर-घर पहुंचते हैं, लेकिन वोट समाप्त होते ही सब भूल जाते हैं। सरकार की अधिकांश योजनाएं सैनिकों पर लागू नहीं की जातीं, यह कहकर कि उन्हें पेंशन मिलती है। ट्रेन यात्रा में हमें अपमानित किया जाता दिनेश ने कहा कि कई बार ट्रेन यात्रा के दौरान सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अपमान का सामना करना पड़ता है। पे कमीशन के गठन और लागू करने में भी सरकार की लापरवाही सामने आ रही है। हर 10 वर्ष में पे कमीशन गठित करने का नियम है। पिछला पे कमीशन वर्ष 2016 में लागू हुआ था, जबकि नया पे कमीशन 2 वर्ष पूर्व ही गठित हो जाना चाहिए था। विलंब के कारण सैनिकों को 2026 से मिलने वाला लाभ अब 2027 से मिलने की संभावना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की पेंशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक, सांसद और मंत्री शपथ लेते ही वेतन और पेंशन के हकदार हो जाते हैं, जबकि सैनिकों की पेंशन बढ़ाने या यात्रा भत्ते जैसी सुविधाओं पर कभी गंभीर चर्चा नहीं होती। विधायक चुने जाते ही पेंशन योजना में आते हैं, हमारे लिए क्यों नहीं पूर्व सैनिक कैप्टन सह अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष नवल किशोर ठाकुर ने बताया कि जून 1971 में भारतीय सेना में सेवा ज्वाइन की थी और जून 2001 में सेवानिवृत्त हुए। समाज में कहीं-कहीं सैनिकों की सेवा का सम्मान नहीं होता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सैनिकों को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। मैं अपने परिवार और समाज के युवाओं को सबसे पहले सेना में जाने की सलाह देता हूं। यदि किसी का मन उस क्षेत्र में नहीं लगता है, तब वह अन्य क्षेत्र चुन सकता है, लेकिन देश सेवा और देश प्रेम पहले होना चाहिए। एक सैनिक को कम से कम 17 वर्ष की सेवा के बाद पेंशन का अधिकार मिलता है, जबकि सांसद, मंत्री और विधायक चुने जाते ही वेतन और पेंशन योजना के दायरे में आ जाते हैं। उन्होंने इसे असमान और अनुचित व्यवस्था बताया। पे कमीशन को लेकर असमंजस जताते हुए कहा कि समय पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार कब इसे लागू करेगी, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है, जिससे सैनिकों और पूर्व सैनिकों में निराशा व्याप्त है। दो शहीदों की प्रतिमाएं दयनीय स्थिति में हैग्रामीण हरिकेश्वर ठाकुर ने बताया कि 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मेरे गांव के दो युवकों को अंग्रेजी हुकूमत ने गोलियों से छलनी कर दिया था। गांव में दोनों वीर शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन आज उनकी स्थिति बेहद दयनीय है। प्रतिमाएं टूट-फूट चुकी हैं, न तो उनकी साफ-सफाई होती है और न ही कोई देखरेख। हरिकेश्वर ठाकुर ने बताया कि शहीदों के परिवार आज बदहाली का जीवन जी रहे हैं। न किसी के पास नौकरी है और न ही कोई स्थायी साधन। दशकों से वे मजदूरी कर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से आज तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। जानकारी मिली है कि शहीद स्थल के विकास के लिए फंड आया है, लेकिन वह राशि किसके पास है और कब काम होगा, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। रिटायर्ड फौजी नायक राकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि मैं अपने बेटों और बेटी को भी सेना में भर्ती कराने की तैयारी करवा रहा हूं। मैं स्वयं देश की सेवा कर चुका हूं और अब सेवानिवृत्त हो चुका हूं। युवाओं से की अपील, सेना में जाने का बनाएं लक्ष्य अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रमंडलीय प्रभारी पूर्व सूबेदार मेजर शंभू शरण चौबे ने कहा कि सेना में सेवा करने का अवसर व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि की रक्षा करने का सौभाग्य देता है और इससे आत्मसंतोष की अनुभूति होती है। देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होना गर्व की बात है, इसलिए युवाओं को बढ़-चढ़कर इसमें भाग लेना चाहिए। युवाओं से अपील है कि वे सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव से दूर रहें और स्वस्थ-फिट रहने के लिए सेना में जाने को लक्ष्य बनाएं। इसके लिए नियमित तैयारी करें और अनुशासित जीवन अपनाएं। दरभंगा जिले में 14 हजार से अधिक पूर्व सैनिक हैं, जो देश सेवा की एक सशक्त परंपरा का प्रमाण है। ससुर जी शहीद हुए थे, मैं बुजुर्ग हो गई पर सरकारी लाभ नहीं मिला शहीद प्रदीप शर्मा की बहू ने बताया कि सरकार की ओर से आज तक हमारे परिवार को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली। अब मैं बुजुर्ग हो चुकी हूं और जीवन के अंतिम पड़ाव पर हूं, लेकिन आज तक कोई सरकारी लाभ नहीं मिला। शहीद परिवार होने के बावजूद वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े, कागजी प्रक्रिया में काफी पैसा खर्च हुआ, लेकिन नतीजा शून्य रहा। सारी प्रक्रिया में घूसखोरी हुई और फाइलें दबा दी गईं। आज भी मेरे पास कुछ पुराने कागजात मौजूद हैं। दो बेटे हैं, जो किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। आज के दौर में भी उनका घर फूस का है, जो शहीद परिवार की बदहाली को दर्शाता है। मैं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं, पर मेरी स्थिति दयनीय शहीद प्रदीप शर्मा के पोते की पत्नी वंदना देवी ने बताया कि मैं एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय है। 18 वर्षीय बेटा पढ़ने की उम्र में है, लेकिन आर्थिक मजबूरी के कारण उसे बाहर मजदूरी करने भेजना पड़ा। पति पिछले एक वर्ष से बीमार हैं और इलाज चल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है। यदि घर की आर्थिक हालत बेहतर होती तो बच्चों की पढ़ाई कराई जाती, लेकिन मजबूरी में उन्हें कमाने भेजना पड़ा। देश आज आजाद है क्योंकि मेरे ससुर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने खून से आजादी की नींव रखी। यदि उन्होंने बलिदान नहीं दिया होता तो आज भी देश गुलामी में जकड़ा होता।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:01 am

कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:IPS बनकर ठगने वाले अरेस्ट, अजय राय बोले- CM झूठ बोल रहे; 9 सेकेंड में पहलवान को पटका

नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें… शहर में इंटरनेशनल दंगल हुआ। इसमें नेशनल मेडलिस्ट रोहतक की तन्नू और सोनीपत की शीतल आमने-सामने उतरीं। तन्नू ने सिर्फ 9 सेकेंड में शीतल को चित कर दिया। इसके अलावा, हरियाणा की स्वीटी ने रोहतक की कल्याणी को 30 सेकेंड में पटखनी दी। दंगल में पहलवान साक्षी मलिक भी पहुंची थीं। जाजमऊ क्षेत्र में टेनरी की लाइन टूटने से सड़क पर पानी भर गया। इससे कीचड़ हो गया। इससे वहां से गुजर रहे बाइक और स्कूटी सवार फिसलकर गिर रहे हैं। वहीं इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक युवक ने 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म किया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें 1. महिला पहलवान ने 9 सेकेंड में चित किया, VIDEO:दंगल में डिप्टी CM ने कमेंट्री की, कानपुर के अभिनायक ने इरानी पहलवान को धूल चटाई कानपुर में इंटरनेशनल दंगल हो रहा है। नेशनल मेडलिस्ट रोहतक की तन्नू और सोनीपत की शीतल आमने-सामने उतरीं। तन्नू ने सिर्फ 9 सेकेंड में शीतल को चित कर दिया। इसके अलावा, हरियाणा की स्वीटी ने रोहतक की कल्याणी को 30 सेकेंड में पटखनी दी। दंगल में ईरान के दो पहलवान हामिद, इरफान भी दांव-पेंच लड़ाएंगे। दंगल में पहलवान साक्षी मलिक भी पहुंची हैं। बिगुल बजाकर स्वागत किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कमेंट्री की। जोश से भरे अंदाज में उन्होंने कहा- मार धोबी पछाड़, मार चरखा, दांव दे पटखनी... ऐसे उत्साह भरे शब्दों से दर्शकों और पहलवानों का हौसला बढ़ाया। पढ़ें पूरी खबर 2. 'अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़कर झूठ बोल रहे CM':कानपुर में अजय राय बोले- प्रतिमा दिखाओ हम माफी मांगेंगे, संविधान बचाओ पदयात्रा निकाली कानपुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में संविधान बचाओ, मनरेगा बचाओ पदयात्रा निकाली गई। मीडिया बात करते हुए उन्होंने कहा- बनारस के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़कर मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं। हम चैलेंज करते हैं। मूर्ति दिखाओ। हम माफी मांगेंगे, हम सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। लेकिन अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति जनता के सामने नहीं लाई गई। वहीं माघ मेले में शंकराचार्य का अपमान किया। उनके शिष्यों की शिखा पकड़कर खींची गई। जूतों से मारा गया। इन सभी के विरोध में प्रदेश में पदयात्रा निकाली जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 3. इंस्टाग्राम दोस्त ने रेप किया, FIR:सचेंडी में मौसी के घर ले जाने का बहाना बनाया, रास्ते में दरिंदगी की कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती का फायदा उठाकर एक युवक ने 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म किया। आरोपी युवक किशोरी को मौसी के घर छोड़ने का बहाना बनाकर साइकिल से किसान नगर की ओर ले गया। सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। घर लौटकर किशोरी ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 4. सड़क पर फैला कीचड़, बाइक सवार गिरे- VIDEO:कानपुर में CM ग्रिड सड़क बनी मुसीबत, टेनरी लाइन टूटने से पानी भरा कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में गल्लागोदाम से लालबंगला पुलिस चौकी चौराहे तक सीएम ग्रिड सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान टेनरी की लाइन टूटने से सड़क पर पानी भर गया। देखते ही देखते मिट्टी कीचड़ में बदल गई, जिससे यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि बाइक और स्कूटी सवार फिसलकर गिर रहे हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक-एक कर कई दोपहिया वाहन सवार गिरते दिखाई दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर के ठग पूरे देश में कर रहे साइबर-ठगी:पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करते, पोर्न देखने पर जेल भेजने की धमकी देकर वसूली कानपुर के डीसीपी वेस्ट एसएम आसिम काबिदी ने पुलिस अफसर बनकर देश भर के लोगों से ठगी करने वाले सचेंडी के तीन शातिर साइबर ठगों को अरेस्ट किया है। शातिर पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करते और फिर किसी को ब्लू फिल्म देखने व पुलिस अफसर बनकर अलग-अलग तरह से झांसे में लेकर ठगी करते थे। लगातार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच के बाद छापेमारी करके बड़े सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीन शातिरों को अरेस्ट कर लिया। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि कानपुर का सचेंडी अब मिली जामताड़ा के रूप में बनकर उभर रहा है, यहां पर पूरे इलाके के लोग इसी तरह से साइबर ठगी का सिंडीकेट चला रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में सर्दी की पहली बारिश ने बदला मौसम:गलन बढ़ी, अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री गिरा, दो दिन फिर बारिश के आसार कानपुर में शनिवार को सर्दी के सीजन की पहली बारिश हुई, जिससे शहर के मौसम में बदलाव देखने को मिला। गलन बढ़ गई है। बर्फीली हवा चल रही है। लोग अलाव के पास बैठे दिखे। शहर में कुल 4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सीएसए की मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूनतम पारा 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। रात और सुबह के समय हल्की ठंड बनी रही, लेकिन न्यूनतम तापमान ज्यादा रहने के कारण लोगों को कड़ाके की सर्दी से राहत मिली। पढ़ें पूरी खबर 7. रिटायर महिला दरोगा से लूटकांड का दूसरा बदमाश भी अरेस्ट:पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोचा, लूट की चेन भी बरामद कानपुर के रावतपुर में सीबीसीआईडी से रिटायर्ड महिला दरोगा व डिप्टी जेलर की पत्नी से चेन लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लूटकांड में शामिल दूसरे बदमाश को भी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोच लिया। जबकि बदमाश का दूसरा साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पकड़े गए घायल बदमाश की पहचान शामली निवासी धनराज उर्फ विजय के रूप में हुई है। धनराज शातिर लुटेरा और पेशेवर अपराधी है। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर से काशी तक…10 मिनट में वर्चुअल रोमांच का सफर:चिड़ियाघर में बैठकर गोवा स्कूबा डाइविंग का एहसास कीजिए, टिकट 80 रुपए सोचिए, गोवा की गहराइयों में स्कूबा डाइविंग, चारों ओर नीला समंदर और मछलियों के बीच तैरने का एहसास… और पलक झपकते ही देश के पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन। यह अनोखा अनुभव अब कानपुर प्राणी उद्यान में हकीकत बन गया है। यहां शुरू हुए वर्चुअल रियलिटी (VR) जोन ‘मेटावर्जन 360 व्यू’ ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया है। बच्चे हों या बड़े, हर कोई इस रियल फील एडवेंचर का दीवाना नजर आ रहा है। पढ़ें पूरी खबर 9. जिला जेल में बंद गैंगस्टर की बीमारी से मौत:कानपुर में बेटी बोली- दो महीने पहले मिले थे, तब पापा ठीक थे कानपुर जिला कारागार में बंद गैंगस्टर के आरोपी रविंद्र कुशवाहा (56) की शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर बेटी करिश्मा अस्पताल पहुंची। कहा कि दो महीने पहले जेल में मुलाकात के दौरान पिता पूरी तरह स्वस्थ थे। चकेरी थाना क्षेत्र के शिव कटरा निवासी करिश्मा ने बताया कि उनके पिता रविंद्र कुशवाहा के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। करीब पांच महीने पहले उन्हें नवाबगंज थाने से गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल भेजा गया था और तब से वह जिला कारागार में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 10. गैंगरेप पीड़िता का भाई बोला- CM से करूंगा शिकायत:20 दिन में भी 50 हजार के इनामी दरोगा को नहीं ढूंढ सकी 40 पुलिसवालों की टीम कानपुर में गैंगरेप का आरोपी 50 हजार का इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। वारदात को अंजाम दिए हुए 20 दिन बीत चुके है, आरोपी की तलाश में एसटीएफ समेत चार टीमें 10 जनपदों की खाक छान रही है, लेकिन नतीजा जस का तस है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि– दरोगा विभाग की कार्यशैली से भलीभांति परिचित होने के कारण टीमों की गिरफ्त में नहीं आ पा रहा है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

महाराणा भूपालसिंह ने राष्ट्र भावना से चुना विलय का रास्ता:संविधान निर्माण में शामिल रहे वर्मा-मेहता, हस्ताक्षर कर स्वर्णिम इतिहास में बढ़ाया मेवाड़ का मान

भारत के गणराज्य बनने की कहानी सिर्फ आंदोलनों और संघर्षों की नहीं है, बल्कि उन रियासतों की भी है, जिन्होंने समय रहते इतिहास की दिशा पहचान ली। मेवाड़ ऐसी ही एक रियासत थी, जहां सत्ता का हस्तांतरण टकराव से नहीं, बल्कि राष्ट्र भावना से हुआ। 26 जनवरी 1950 को जब भारत ने संविधान लागू कर खुद को गणराज्य घोषित किया, तब उसके पीछे मेवाड़ के राजपरिवार विशेषकर महाराणा भूपाल सिंह का दूरदर्शी योगदान था। देश आजाद होने के बाद जब कई रियासतें विलय को लेकर विरोध के रास्ते पर थीं, तब महाराणा भूपाल सिंह ने बिना किसी राजनीतिक दबाव के भारत में विलय को स्वीकार किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मेवाड़ की पहचान अब राष्ट्र के साथ जुड़े भविष्य में सुरक्षित है। उनकी सहमति से ही मेवाड़ में संवैधानिक ढांचे की राह प्रशस्त हुई। यही कारण रहा कि मेवाड़ की आवाज संविधान निर्मात्री सभा तक पहुंची। माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता, मोहन सिंह मेहता जैसे प्रतिनिधि रियासतों के लोकतांत्रिक एकीकरण की पैरवी कर अपने हस्ताक्षर इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराने में अग्रणी रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह याद रखना जरूरी है कि मेवाड़ में लोकतंत्र की नींव सत्ता संघर्ष से नहीं, बल्कि राजकीय समझ और संवैधानिक सोच से रखी गई। मेवाड़ मॉडल : जहां राजसत्ता ने खुद चुना संविधान का रास्ता मेवाड़ का योगदान भारत के गणराज्य निर्माण में इसलिए विशिष्ट माना जाता है, क्योंकि यहां सत्ता परिवर्तन का मार्ग टकराव नहीं, सहमति से तय हुआ। महाराणा भूपाल सिंह ने आजादी के बाद भारत में विलय को केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं माना, बल्कि इसे राष्ट्रनिर्माण का नैतिक दायित्व समझा। उन्होंने न तो सत्ता बनाए रखने की जिद की और न ही विलय को सौदेबाजी का विषय बनाया।उनकी इस पहल का असर यह हुआ कि मेवाड़ में प्रशासनिक संक्रमण शांतिपूर्ण रहा। उत्तरदायी शासन की अवधारणा को स्वीकार किया गया और जनप्रतिनिधियों के लिए रास्ता खुला। इसी संवैधानिक माहौल में मेवाड़ से माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता, मोहन सिंह मेहता जैसे नेता संविधान निर्मात्री सभा तक पहुंचे, जिन्होंने रियासतों के भारत में लोकतांत्रिक एकीकरण का समर्थन किया। हालांकि मेवाड़ प्रजामंडल आंदोलन ने जनता को राजनीतिक रूप से जागरूक किया, लेकिन निर्णायक मोड़ तब आया जब राजपरिवार स्वयं आगे बढ़ा। यही वजह है कि मेवाड़ को उन चुनिंदा रियासतों में गिना जाता है, जहां राजसत्ता ने समय रहते संविधान और गणराज्य को स्वीकार कर इतिहास की सही तरफ खड़े होने का फैसला किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

15 अगस्त को तिरंगा फहराया, उग्रवादियों की गोली से शहीद:पूर्णिया में पूजे जाते हैं शहीद रवि रंजन, 10 साल से पत्नी-बेटियां गांव नहीं लौटीं

पूर्णिया के एक ऐसे जवान जो साहनी सैनिक थे। जिन्होंने 15 अगस्त 1996 में मणिपुर के सेमेन्यू फोर्ट पर पहली बार तिरंगा लहराया था। जिसके बाद उग्रवादियों ने उन्हें गोली मार दी थी। वे शहीद हो गए थे। तिरंगे के लिए उन्होंने अपनी कुर्बानी दी थी। शहर के के नगर चौक पर लगी शहीद मेजर रवि रंजन की प्रतिमा लगी है। पहले उनकी प्रतिमा वनभाग पुल के पास थी, लेकिन सड़क चौड़ीकरण के दौरान के नगर के पास कर दिया गया। प्रतिमा का अनावरण मंत्री लेसी सिंह ने कराया था। स्थानीय लोग हर साल 15 अगस्त को यहां झंडोत्तोलन कर शहीद को श्रद्धांजलि देते हैं, पर जिस गांव में प्रतिमा लगी है, वहां शहीद की पत्नी और बेटियों को आए हुए 10 साल बीत चुके हैं। जिस घर में शहीद पले-बढ़े वो घर आज सुना है। गांव वाले शहीद को भगवान मानते हैं। परिवार और रिश्तेदार गांव वालों के साथ मिलकर हर साल 15 अगस्त को शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं, पर शहादत के 29 साल बाद क्या उस वीर की कुर्बानी को वो सम्मान, वो वादे और वो सहारा मिला, जिसके वो और उनका परिवार हकदार था ? 1986 में 6 बिहार बटालियन में सेकेंड लेफ्टिनेंट बनें शहीद मेजर रवि रंजन कुमार के पिता उपेंद्र नारायण चौधरी 5 भाइयों में सबसे बड़े थे और साधारण किसान थे। परिवार काझा गणेशपुर गांव में रहता था। चचेरे भाई मनोरंजन चौधरी बताते हैं कि रवि रंजन बचपन से ही मेधावी थे और गांव के सरसी मिडिल स्कूल में पांचों भाई एक साथ पढ़ने जाते थे। चचेरे भाई मनोरंजन चौधरी बताते हैं कि रवि रंजन शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे। उनका सपना था कि वे फौज में जाकर देश की सेवा करें। इसी वजह से उनका चयन सैनिक स्कूल तिलैया में हुआ। सैनिक स्कूल से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत से एनडीए की परीक्षा पास की और वर्ष 1986 में 6 बिहार बटालियन में सेकेंड लेफ्टिनेंट बने। करीब 10 साल की सेवा में मेजर रवि रंजन की पहली पोस्टिंग सिक्किम में हुई। इसके बाद वे जम्मू-कश्मीर में कैप्टन बने और सियाचिन व लेह-लद्दाख जैसे दुर्गम इलाकों में देश की सीमाओं की सुरक्षा संभाली। 1996 में उनकी तैनाती मणिपुर के सेमेन्यू में थी, जो उग्रवाद से बेहद प्रभावित इलाका था। 15 अगस्त 1996 को उल्फा और बोरो उग्रवादियों ने चेतावनी दी थी कि अगर तिरंगा फहराया गया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। बावजूद मेजर रवि रंजन ने झुकने से इनकार कर दिया। मेजर ने कहा था, मैं पीठ दिखाने नहीं आया पूर्व मुखिया सुरेंद्र प्रसाद चौधरी कहते हैं कि मेजर को पहले ही बताया गया था कि सीनियर अधिकारी डर की वजह से छुट्टी पर चले गए हैं। मगर मेजर साहब ने साफ कहा था कि मैं पीठ दिखाने नहीं आया हूं, जान भी चली जाए तो तिरंगा फहराऊंगा। झंडोत्तोलन के बाद जब वे लौट रहे थे, उग्रवादियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे उनके माथे पर लगी और वे मौके पर ही शहीद हो गए। इस हमले में उनकी पत्नी लीला चौधरी और डेढ़ साल की बेटी करिश्मा भी घायल हो गईं। गोलियां दोनों के शरीर को छूती हुई निकल गईं। घर लौटते वक्त मारी गई थी गोली भतीजे दिवाकर चौधरी कहते हैं कि चाचा तिरंगा फहराकर लौट रहे थे। तभी फायरिंग शुरू हो गई। उन्होंने आखिरी सांस तक तिरंगे की आन नहीं छोड़ी। जिस वक्त शहादत की खबर गांव पहुंची, उसी समय उनके छोटे चाचा डॉ. यमुना प्रसाद चौधरी झंडोत्तोलन कर रहे थे। खबर मिलते ही वे फूट-फूट कर रो पड़े, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने झंडोत्तोलन पूरा किया। जब पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम यात्रा में पूर्णिया ही नहीं, बल्कि कोसी-सीमांचल के लोग शामिल हुए। पत्नी को टीचर की नौकरी मिल गई शहीद मेजर रवि रंजन कुमार की पत्नी लीला चौधरी को आर्मी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी मिली। बाद में वे पटना के दानापुर शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने एक फ्लैट खरीदा। परिवार को राजकीय सम्मान तो मिला, लेकिन गांव वालों का कहना है कि शहीद स्मारक और स्थायी देखरेख की जिम्मेदारी आज भी परिवार और ग्रामीण ही निभा रहे हैं। भतीजे श्यामल चौधरी कहते हैं कि सरकार की ओर से सम्मान मिला, लेकिन शहादत स्थल की देखभाल और हर साल झंडोत्तोलन हम लोग ही करते हैं। मेजर रवि रंजन कुमार की पत्नी लीला चौधरी ने अकेले ही तीन बेटियों की परवरिश की। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़ी बेटी अमेरिका में रहती हैं। दूसरी बेटी राष्ट्रपति भवन में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। सबसे छोटी बेटी करिश्मा मुंबई में एमबीए प्रोफेशनल हैं। बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए चाची ने बहुत संघर्ष किया, लेकिन आज तीनों बेटियां आत्मनिर्भर हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

महुआ डाबर: 1857 क्रांति का उजाड़ा गया गांव:अब संग्रहालय में जीवित हुआ शहीदों का इतिहास

बस्ती जिले के महुआ डाबर गाँव में 1857 की क्रांति का इतिहास एक संग्रहालय के रूप में फिर से जीवित हो उठा है। यह वही गाँव है जिसे ब्रिटिश हुकूमत ने प्रतिशोध में पूरी तरह उजाड़ दिया था और 'गैर-चिरागी' घोषित कर दिया था। अब यह संग्रहालय उस अदम्य साहस और बलिदान की कहानी कहता है जिसने ब्रिटिश सत्ता की नींव हिला दी थी। क्रांति की यह चिंगारी 10 जून 1857 को मनोरमा नदी के तट पर भड़की थी। शहीद पिरई खां के नेतृत्व में महुआ डाबर और आसपास के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी अफसरों के खिलाफ विद्रोह किया। इस संघर्ष में छह अंग्रेज अधिकारी मारे गए थे। इस घटना से आक्रोशित तत्कालीन ब्रिटिश कलेक्टर विलियम पेपे ने बदले की कार्रवाई करते हुए पूरे महुआ डाबर गाँव को 'गैर-चिरागी' (आबादी रहित) घोषित कर दिया था। अंग्रेजों ने गाँव के घरों को जला दिया, खेती-किसानी नष्ट कर दी और हजारों निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। इतिहासकार इस घटना को पूर्वांचल का 'जलियांवाला बाग' भी मानते हैं, जिसे जानबूझकर इतिहास के पन्नों से गायब करने का प्रयास किया गया। वर्ष 1999 में स्थापित महुआ डाबर संग्रहालय आज लगभग 5000 गुमनाम शहीदों की स्मृति को सहेजे हुए है। इसे राष्ट्रवाद की एक जीवंत पाठशाला के रूप में देखा जाता है। इस संग्रहालय में ब्रिटिश शासन के दुर्लभ दस्तावेज़ सुरक्षित हैं, जिनमें गाँव को नष्ट करने के फरमान दर्ज हैं। यहाँ शहीद पिरई खां और उनके साथियों के पारंपरिक हथियार जैसे किरच, भाला और ढाल भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, खंडहरों से मिली लखौरी ईंटें और मस्जिद के अवशेष उस समृद्ध समाज की याद दिलाते हैं जिसे मिटाने का प्रयास किया गया था। इस विरासत को दुनिया के सामने लाने का श्रेय म्यूज़ियम के निदेशक डॉ. शाह आलम राना को जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महुआ डाबर के शहीदों को पहचान दिलाने और दबे हुए इतिहास को सामने लाने में समर्पित कर दिया। डॉ. राना के इसी समर्पण को देखते हुए अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने उन्हें डी.लिट (D.Litt) की मानद उपाधि से सम्मानित किया। जनमानस ने उन्हें सम्मानपूर्वक ‘जिंदा शहीद’ की संज्ञा दी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

पानीपत में गूंजेगा गणतंत्र का जयघोष:कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार फहराएंगे तिरंगा, शहीदों को नमन करने के बाद परेड का करेंगे निरीक्षण

पानीपत में इस वर्ष का जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में पूरी गरिमा और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार शिरकत करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार सुबह 10 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेंगे और टुकड़ियों का निरीक्षण करेंगे। समारोह स्थल पर पहुँचने से पूर्व, मंत्री जिला सचिवालय स्थित शहीद स्मारक स्थल परिसर में जाएंगे। वहां वे अमर शहीदों की स्मृति में पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे। शिवाजी स्टेडियम देशभक्ति के रंग में रंगा होगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे कार्यक्रम आरंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपना स्थान ग्रहण कर लें। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सेशन जज फहराएंगे तिरंगाइधर, स्थानीय डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व पर न्यायिक परिसर में देशभक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 08:45 बजे होगी। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पानीपत मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और विधिवत रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। तिरंगा फहराने के पश्चात उपस्थित जनसमूह द्वारा राष्ट्रगान का गान किया जाएगा और तिरंगे को सलामी दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

दोहरीकरण पूरा, जोधपुर-रेवाड़ी और हिसार रूट की ट्रेनें बहाल:बीकानेर मंडल में काम पूरा, सालासर एक्सप्रेस सहित 6 ट्रेनें फिर अपने रूट पर लौटीं

जोधपुर मंडल के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। बीकानेर मंडल में चल रहे रेल दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद रविवार से जोधपुर से जुड़ी प्रमुख ट्रेनें फिर से शुरू कर दी गई हैं। इसमें हिसार, रेवाड़ी और दिल्ली जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं। 28 किलोमीटर का काम पूरा जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि बीकानेर मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर दोहरीकरण का काम चल रहा था। चूरू-आसलू-दूधवाखारा स्टेशनों के बीच करीब 28 किलोमीटर लंबे इस काम के चलते 19 से 24 जनवरी तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था। यह कार्य 24 जनवरी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ये ट्रेनें हुई बहाल डीआरएम त्रिपाठी के अनुसार ब्लॉक के कारण ट्रेन संख्या 14823/14824 जोधपुर-रेवाड़ी-जोधपुर और ट्रेन संख्या 14891/14892 जोधपुर-हिसार-जोधपुर एक्सप्रेस के कुछ फेरे अस्थाई रूप से रद्द किए गए थे। अब इनका संचालन रविवार से वापस शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली सराय रोहिल्ला से जोधपुर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 22421/22422 (सालासर एक्सप्रेस) को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा था। अब यह ट्रेन भी अपने निर्धारित पुराने रूट से ही संचालित होगी। दोहरीकरण से कम होगी देरी त्रिपाठी का कहना है कि रेल लाइन के दोहरीकरण से नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों का संचालन समय बचेगा और देरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। साथ ही यात्रा अधिक सुरक्षित व विश्वसनीय होगी। यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ माल परिवहन और आर्थिक विकास को भी गति देगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

दामाद के भाई ने की ससुर की हत्या:सीने-माथे में मारी गोली, पूर्णिया में जमीन का था झगड़ा; महिला ने किया सरेंडर

पूर्णिया में जमीन विवाद में दामाद के सगे भाई ने ससुर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुराने जमीन विवाद और बांस काटने को लेकर आपसी कहासुनी शुरू हुई। इसी को लेकर ससुर के ऊपर ताबड़तोड़ तीन गोलियां फायर की गई। इसमें एक गोली सीने और दो गोली माथे में लगी। जिससे मौके पर ही ससुर की मौत हो गई। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रानीपतरा श्रीनगर गांव की है। मृतक की पहचान रानीपतरा के श्रीनगर गांव निवासी दिनेश यादव (60) के रूप में हुई है। हत्या के बाद एक महिला ने सरेंडर किया है। घटना की जानकारी देते हुए मृतक के बेटे मुकेश कुमार ने बताया कि उनके पिता दिनेश यादव अपनी बहन के हिस्से की जमीन में लगे बांस की कटाई करवा रहे थे। तभी उनके दामाद का सगा भाई देवदत्त यादव अपने रिश्तेदार नीलम देवी, सचिन, प्रभु और शम्भू यादव के साथ कार और चार बाइक से वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर देवदत्त यादव ने कमर से पिस्टल निकालकर दिनेश यादव पर लगातार तीन गोलियां फायर कर दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जमीन को लेकर 5 साल से था विवाद परिजनों का आरोप है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पिछले 5 साल से विवाद चल रहा था। कोर्ट से डिग्री मिलने के बावजूद विपक्ष की ओर से विवाद को तुल दिया जा रहा था और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल की टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से कारतूस का एक खोखा बरामद किया है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर और मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदिन राम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस मामले में 8 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 2 की प्रत्यक्ष संलिप्तता पाई गई है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला बांस काटने और पुराने जमीन विवाद से जुड़ा पाया गया है। मुफस्सिल थाना में एक महिला आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार के साथ सरेंडर किया है। महिला ने हत्या करने की बात पुलिस को बताई है। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची है और जांच शुरू कर दी है। महिला आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

मरीजों के लिए राहत वाली:जेके लोन में 40 बेड का डे-केयर वार्ड बनेगा, सरकार ने दी अनुमति

एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े जेके लोन अस्पताल में इलाज के लिए आने वालों के लिए राहत वाली खबर है। थैलेसीमिया और हिमोफीलिया बीमारी से पीड़ित बच्चों को आने वाले दिनों में बेड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी वार्ड की छत पर एक करोड़ रुपए की लागत से 40 बेड का डे-केयर वार्ड अगले चार माह में बन जाएगा। अस्पताल में बनने वाले डे-केयर वार्ड बनाने के लिए सरकार की ओर से अनुमति मिल चुकी है। वार्ड सीएसआर फंड के तहत रोटरी क्लब बनवाएगा। बच्चों को बेड मिलना आसान जेके लोन में रोजाना ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए थैलेसीमिया के 35 से 40 और हिमोफीलिया के फेक्टर के लिए 10 से 15 मरीज आते है। ये सुबह आकर शाम तक प्रोसेस होने के बाद चले जाते है। मौजूदा स्थिति में जेके लोन में करीबन 15 बैड है। जिसके कारण इन्हे परेशानी का सामना करना पड़ता है। डे-केयर वार्ड बनने के बाद न केवल बैड मिलना बल्कि इलाज भी आसान होगा। सरकार की ओर से एनजीओ के जरिए डे-केयर वार्ड बनाने की अनुमति मिल चुकी है। अगले चार माह में बनकर पूरा हो जाएगा। मौजूदा स्थिति में बेड कम होने के कारण थैलेसीमिया और हिमोफीलिया से पीड़ित बच्चों को परेशानी होती है। -डॉ. आरएन सेहरा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:57 am

झांसी में 56 एनकाउंटर करने वाले SOG प्रभारी को पदक:7 टुकड़ों में काटी गई महिला के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाले SI को भी मेडल

झांसी में 56 हाफ एनकाउंटर करने वाले एसओजी प्रभारी जितेंद्र तक्खर को डीजीपी ने रजत पदक से नवाजा है। वहीं, 7 टुकड़ों में काटी गई महिला के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाले तत्कालीन टोड़ी फतेहपुर थाना प्रभारी SI अतुल कुमार को भी मेडल दिया गया है। दोनों को गणतंत्र दिवस के मौके पर मेडल दिए जाएंगे। झांसी के खाते में 9 पदक आए है। यह पदक अदम्य साहस एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर दिए जाते हैं। झांसी रेंज के आईजी आकाश कुलहरि को राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया। इसके अलावा एसआई जितेंद्र तक्खर, अतुल कुमार, मुख्य आरक्षी मोहम्मद शरीफ को शौर्य के आधार पर पदक मिला। वहीं, निरीक्षक कुलदीप तिवारी, जीआरपी एसआई नूर मोहम्मद सिद्दिकी और जीआरपी ड्राइवर बालकृष्ण को सेवा अभिलेख के आधार पर सराहनीय सेवा सम्मान से नवाजा गया। विजिलेंस झांसी सेक्टर में तैनात किरण पाल को पुलिस पदक दिया गया है। आईजी को मिला राष्ट्रपति पदक आईजी आकाश कुलहरि को उत्कृष्ठ सेवा श्रेणी में राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया है। इसके पहले भी उनको पुलिस महानिदेशक पदक दिया जा चुका। 2006 बैच के आईपीएस अफसर आकाश कुलहरि प्रयागराज समेत कई जनपदों के एसएसपी रह चुके हैं। झांसी में तैनाती के दौरान जनसुनवाई की अपनी विशेष शैली के चलते वह काफी चर्चित रहे हैं। झांसी में उन्होंने तकनीकी आधारित पुलिसिंग की भी शुरूआत की। जनपद स्तर पर भी इसे अब अपनाया जा रहा है। लाश के टुकड़े कुएं और नदी में फेंके 13 अगस्त 2025 को टोड़ी फतेहपुर के किशोरपुरा गांव में एक कुएं में महिला के लाश के टुकड़े मिले थे। सिर समेत अन्य पार्ट्स गायब थे। तब टोड़ी फतेहपुर के अतुल कुमार थाना प्रभारी थे। वे अपनी टीम के साथ महिला के शव की शिनाख्त में जुट गए। 7 दिन के अंदर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सिर समेत अन्य पार्ट नदी के अंदर से बरामद हुए थे। महिला के अंधे कत्ल का खुलासा करने का अतुल को शौर्य के आधार पर पुलिस महानिदेशक सिल्वर पदक दिया गया है। 56 से अधिक मुठभेड़ करने पर जितेंद्र को सिल्वर एसओजी प्रभारी के तौर पर रिकॉर्ड मुठभेड़ करने वाले उपनिरीक्षक जितेंद्र तक्खर को पुलिस महानिदेशक के सिल्वर मेडल से नवाजा गया। जितेंद्र तक्खर के कार्यकाल के दौरान 56 से अधिक बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हुए। इस दौरान 110 से अधिक बदमाश पकड़े गए। इनमें कई खूंखार एवं वांछित बदमाश भी शामिल रहे। एसओजी प्रभारी जितेंद्र तक्खर की अगुवाई में यह अधिकांश मुठभेड़ हुई। इस वजह से उनको डीजी सिल्वर मेडल के लिए चुना गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक को स्वर्ण झांसी जेल में आधुनिकीकरण समेत अन्य सुधार कार्य कराने के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार को महानिदेशक कारागार ने स्वर्ण पदक के लिए चुना। विनोद कुमार के कार्यभार संभालने के बाद जिला कारागार के अंदर सुधार कार्य कराए गए। मॉनिटरिंग मजबूत कराए जाने के साथ साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सुधार लाया गया। पूरे प्रदेश में बरेली के साथ झांसी को ही इस श्रेणी के लिए चुना गया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:57 am

गुमला के रोशन महतो टमाटर की खेती कर बने मिसाल‎:छत्तीसगढ़ से लाए ग्राफ्टिंग टमाटर के पौधे, अब दूसरे किसानों को दे रहे जानकारी

कृषि के क्षेत्र में पारंपरिक खेती से हटकर नए प्रयोग करने वाले किसान न केवल अपनी किस्मत बदल‎ रहे हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। बसिया प्रखंड के बर्रई गांव में इन दिनों एक ऐसी ही सफलता की कहानी चर्चा का‎ केंद्र बनी हुई है। किरिंगलोया निवासी रोशन महतो उर्फ छोटू महतो ने ढाई एकड़ भूमि पर ग्राफ्टिंग टमाटर (कलमी टमाटर) की खेती‎ कर पूरे प्रखंड में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने ढाई एकड़ जमीन लीज पर ली और लगभग ढाई लाख रुपए की पूंजी‎ निवेश की। उन्होंने छत्तीसगढ़ से ग्राफ्टिंग टमाटर के पौधे 14 रुपए प्रति पीस की दर से मंगाए और अक्टूबर माह में इसकी रोपाई की।‎ इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पौधे का निचला हिस्सा बैंगन का है और ऊपरी हिस्सा टमाटर का। ग्राफ्टिंग की वजह‎ से यह पौधा बीमारियों के प्रति अधिक सहनशील है और लंबे समय तक फल देने की क्षमता रखता है। आकर्षण का केंद्र है ग्राफ्टिंग खेती ​ यह खेती कुम्हारी-गुमला मुख्य‎ सड़क के किनारे होने के कारण आकर्षण का केंद्र बन गई है। वहां से गुजरने वाले लोग अक्सर अपने वाहन रोककर इस आधुनिक‎ खेती को निहारते हैं। इतना ही नहीं, रोज दस किसान रोशन महतो से ग्राफ्टिंग की विधि, खाद-पानी के प्रबंधन और लागत की‎ जानकारी ले रहे हैं। वे सहर्ष साथी किसानों को यह तकनीक सीखा रहे हैं।‎ कम लागत में बंपर मुनाफे की उम्मीद मुनाफे के गणित पर बात करते हुए रोशन महतो बताया कि पौधे, खाद, मजदूरी और जमीन का‎ किराया मिलाकर ₹2.5 लाख खर्च हुए जबकि ​अनुमानित आय ₹8 लाख तक होने की संभावना है। यह पौधा लगभग छह महीने तक‎ लगातार फल देगा। वर्तमान में टमाटर ₹50 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जिससे अच्छे लाभ की उम्मीद है। सही तकनीक और‎ दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसान कम मेहनत और सीमित संसाधनों में भी बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।‎ अन्य किसान आत्मनिर्भर बने इस के लिए मिलकर करेंगे खेती‎ रोशन महतो का लक्ष्य सिर्फ खुद मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि वे अन्य किसानों को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया‎ कि अगले वर्ष निनई, बनतरिया, लुंगटु और बर्रई के कई किसान उनके साथ मिलकर इस तकनीक से खेती शुरू करेंगे। वे इन किसानों को तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेंगे। ​बसिया प्रखंड के किसानों के लिए रोशन महतो का यह प्रयास गौरव की बात है।‎ जानिए... कौन हैं रोशन महतो‎ बसिया के रोशन महतो के पास अधिक जमीन नहीं है लेकिन अपनी जिजीविषा और इच्छाशक्ति के कारण किसानों के लिए‎ उदाहरण बने हैं। मि​डिल स्कूल तक पढ़े रोशन अपने पिता के साथ पारंपरिक खेती ही करते थे लेकिन अब वे व्यवसायिक अंदाज‎ में खेती करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। चार अनाथ भगीने का भी लालन पालन उनके कंधों पर है। छत्तीसगढ़ घूमने के दौरान‎ उन्होंने ग्राफ्टिंग खेती की जानकारी ली। वहां के किसानों से बीज लिए और अपने यहां आकर टमाटर की खेती की। खूब मुनाफा‎ कमाया।‎

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:56 am

नारनौल में तीसरे बाईपास की तैयारी:किसानों के विरोध के बीच सर्वे शुरू, रिंग रोड बनाने की योजना से लॉजिस्टिक हब और हाईवे जुड़ेंगे

नारनौल शहर में बढ़ते यातायात दबाव और भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एक और नए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बाईपास के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रस्तावित बाईपास शहर से सटे गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा। यह मार्ग मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-11 और एनएच-152डी से जोड़ेगा। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कई किसान विरोध जता रहे हैं। नारनौल शहर में पहले से ही दो बाईपास बने हुए हैं। इनमें से एक बाईपास नई अनाज मंडी से शुरू होकर शहर के दया नगर, कोरियावास मोड़, कुलाजपुर रोड और सिंघाना रोड से होते हुए महेंद्रगढ़ रोड को नसीबपुर के पास जोड़ता है। यह बाईपास करीब 12 वर्ष पूर्व बनाया गया था, जिसका निर्माण कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुआ था। इसके अलावा दूसरा बाईपास गांव कांवी गांव से शुरू होता है तथा एनएच 148 बी को नेशनल हाईवे नंबर 11 व 152 डी को जोड़ता है। यह कांवी से मंढाणा, सेका, कादीपुरी, नीरपुर होते हुए लहरोदा गांव तथा वहां से रघुनाथपुरा गांव के दूसरे छोर तक जाता है। रिंग रोड बनाने की स्कीम दूसरे बाईपास को आगे बढ़ाने तथा इसको रिंग रोड बनाने के लिए नया बाईपास बनाने का प्लान किया जा रहा है। जिसके तहत प्रशासन की ओर से सर्वे का काम भी किया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम किया जाएगा। भारी वाहनों को रखा जाएगा शहर से दूर इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों को बाहर की ओर मोड़ना है, ताकि नारनौल में लगने वाले रोज़ाना के जाम से लोगों को राहत मिल सके। वर्तमान में लॉजिस्टिक हब तक पहुंचने के लिए भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। मेडिकल कॉलेज के लिए होगा सुगम मार्ग यह नया मार्ग न केवल मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ेगा, बल्कि ढोसी पर्यटन स्थल और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की कनेक्टिविटी भी बेहतर करेगा। इसके अलावा एनएचएआई द्वारा रघुनाथपुरा से मांदी की दिशा में सड़क को लॉजिस्टिक हब से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है। कई किसानों में नाराजगी हालांकि इस प्रस्तावित बाईपास को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों ने इस परियोजना का विरोध शुरू कर दिया है। किसान प्रदीप यादव, भूपेंद्र यादव, अमित कुमार और सुधीर का कहना है कि पहले ही रघुनाथपुरा सहित आसपास के गांवों के किसानों की कई एकड़ भूमि हाईवे और अन्य सरकारी परियोजनाओं में अधिगृहीत हो चुकी है। अब नए बाईपास के नाम पर फिर से किसानों की जमीन ली जाएगी, जो उनके लिए बड़ा नुकसान है। तीन किलोमीटर दूरी पर पहला बाईपास किसानों का तर्क है कि पहले से ही लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर एक बाईपास मौजूद है, ऐसे में नए बाईपास की आवश्यकता समझ से परे है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग या अन्य समाधान पर विचार किया जाए। फिलहाल प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण कार्य जारी है, जबकि किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:55 am

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस:आरयूएचएस में अगले माह खुलेगी एलर्जी क्लिनिक, जांच के साथ होगा सही इलाज

देश में 30 फीसदी लोग किसी ना किसी तरह की एलर्जी से प्रभावित है। तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल में एलर्जी क्लिनिक अगले माह से काम करना प्रारंभ कर देगी। यह जानकारी आरयूएचएस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.प्रमोद येवले ने रविवार को एलर्जी की दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि क्लिनिक पर मेडिसिन, चेस्ट एवं ईएनटी के डॉक्टर तैनात रहेंगे। क्लिनिक पर आने वाले मरीजों का डेटा तैयार किया जा सकेगा। साथ ही जांच से यह पता लग जाएगा कि किसी तरह की एलर्जी किसके कारण हो रही है। कान्फ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष डॉ.मोहनिश ग्रोवर एवं साइंटिफिक के डॉ.राघव प्रकाश ने बताया कि कान्फ्रेंस में आए डॉक्टरों को देश में तेजी से बढ़ रहे एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, फूड-ड्रग एलर्जी जैसे रोगों के प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी। इस मौके पर कार्यक्रम के संरक्षक डॉ.विनोद जोशी, आरयूएचएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता उपस्थित थे। अनुभव को साझा किया कान्फ्रेंस के दौरान डॉ. हरविंदर एवं डॉ. थेवगी (मलेशिया), डॉ. सोमा (सिंगापुर), डॉ. येओन (बर्मिंघम) ने वैश्विक दृष्टिकोण, नवीनतम शोध एवं प्रमाण-आधारित एलर्जी निदान एवं प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए। अकादमिक सत्रों में एलर्जी डायग्नोस्टिक्स, स्किन प्रिक टेस्टिंग, स्पाइरोमेट्री, मेडिकल मैनेजमेंट, एलर्जी में सर्जरी की भूमिका, तथा एलर्जी से जुड़े सामान्य मिथकों एवं भ्रांतियों पर चर्चा की।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:53 am

जेडीए द्रव्यवती पर बनाएगा 10 पुलिया:15 दिन में बनेगी रिपोर्ट, 500 कॉलोनियों को फायदा होगा

जेडीए राजधानी के बीच से गुजर रही द्रव्यवती के किनारे आमने-सामने बसी कॉलोनियों को कनेक्टिविटी का प्लान तैयार करेगा। 47 किमी लंबी रिवर पर विद्याधर नगर से सीतापुरा तक घनी आबादी क्षेत्र की कॉलोनियों को आने-जाने के लिए पुलिया (कलवर्ट) का निर्माण होगा ताकि एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़े और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने अधिकारियों के साथ द्रव्यवती का दौरा कर प्लान करने के निर्देश दिए हैं। जेडीए इंजीनियरिंग विंग 15 दिन में एक रिपोर्ट तैयार करेगी और इसके बाद तय होगा, किन-किन इलाकों में पुलिया का निर्माण होने से ज्यादा फायदा मिलेगा। घनी आबादी वाले इलाकों में कनेक्टिविटी के लिए शुरुआत में 10 पुलिया बनाने का प्लान है, ताकि 3 से 4 किमी तक एरिया कवर हो सके। खाली पड़ी स्पोर्ट्स एक्टिविटी जोन नियमानुसार जेडीए द्रव्यवती के किनारे पर पड़ी खाली जमीनों को बेच नहीं सकता है लेकिन खाली पड़ी जमीनों से रेवेन्यू कलेक्शन जनरेट करने के लिए जेडीए एक सर्वे करेगा और इन जमीनों को डेवलप कर मैरिज गार्डन, स्पोर्ट्स एक्टिविटी जोन (बैडमिंटन कोर्ट, लॉन टेनिस कोर्ट) बनाए जाएंगे। जेडीसी ने बताया कि वर्तमान में कनेक्टिविटी न होने के कारण लोगों को एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी जाने के लिए मुख्य सड़कों पर आकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। कलवर्ट बनने से कनेक्टिविटी के साथ मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। द्रव्यवती पर वन-वे या टू-वे कलवर्ट का निर्माण होगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:50 am

मथुरा में उमड़ी भीड़:वृंदावन -  बरसाना की गलियां हुईं पैक,5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

गणतंत्र दिवस पर हुई छुट्टियों के चलते मथुरा के बरसाना और वृंदावन में भीड़ का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां मंदिरों से लेकर गलियां तक श्रद्धालुओं के कारण पैक हो गयी। हर तरफ श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आये। शहर के अंदर श्रद्धालुओं के चलते तो बहार गाड़ियों के कारण जाम के हालात बने रहे। बांके बिहारी के दर्शनों को उमड़ी भीड़ वीकेंड और गणतंत्र दिवस के चलते हुई छुट्टियों का असर वृंदावन और बरसाना में देखने को मिला। यहां भगवान के दर्शनों के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ बांके बिहारी मंदिर और उसके आसपास की गलियों में दिखाई दी। यहां स्थिति यह हो गयी कि मंदिर में भीड़ का दबाब न बने इसके लिए पुलिस होल्डिंग एरिया बनाकर वहां श्रद्धालुओं को रोक रोक कर आगे बढ़ा रही थी। दौड़ लगाते दिखे श्रद्धालु होल्डिंग एरिया से जैसे ही पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं को आगे के लिए छोड़ते वैसे ही श्रद्धालु दौड़ लगाने लगते। बच्चे,बुजुर्ग,महिला,युवा सभी भगवान बांके बिहारी जी के दर्शनों को आतुर नजर आये। यहां स्थिति यह थी कि मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते,गलियां श्रद्धालुओं से भरे नजर आये। मुख्य रास्ते में पैर रखने की जगह नहीं थी। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के चलते स्थानीय निवासी घरों में पैक होने को मजबूर हो गए। प्रेम मंदिर पर दिखा भीड़ का सैलाब भीड़ का सैलाब बांके बिहारी ही नहीं जगद्गुरु कृपालु ट्रस्ट द्वारा बनाये गए प्रेम मंदिर पर भी दिखा। यहां नेशनल हाई वे की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ते की एक तरफ की सड़क श्रद्धालुओं से भर गयी। जितने भक्त मंदिर के अंदर नहीं थे उससे कई गुना मंदिर के बहार सड़क पर नजर आये। यहां से निकलने वाले राहगीर भीड़ के कारण जद्दोजहद करते दिखे। निधिवन की गलियां हुई पैक भीड़ की स्थिति बांके बिहारी जी की प्राकट्य स्थली निधिवन में भी देखने को मिली। यहां उमड़ी भीड़ में महिला,बच्चे बिलखते नजर आये। निधिवन के आसपास स्थित बाजार में आलम यह हो गया कि पैर रखने की जगह नहीं बची। दर्शन को पहुंचे भक्तों को कई कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ का असर उत्तर भारत के विशालतम दक्षिण भारतीय शैली के रंगनाथ मंदिर में भी देखने को मिला। यहां जब तक मंदिर के पट नहीं बंद हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई। बरसाना श्री जी मंदिर में उमड़ी भीड़ भीड़ की स्थिति वृंदावन ही नहीं बरसाना में भी देखने को मिली। यहां ब्रह्मांचल मंदिर पर स्थित प्रसिद्ध श्री जी मंदिर में विराजमान राधा रानी की एक झलक पाने को श्रद्धालु आतुर नजर आये। मंदिर की तरफ जाने वाली सीढ़ियां भक्तों से भर गयी। रोप वे से जाने वाले श्रद्धालुओं को कई कई घंटे तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा था। भीड़ की यह स्थिति मंगलवार तक बनी रहने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:50 am

स्कूल की अनफिट बस से छात्र की मौत:इंश्योरेंस-पॉल्यूशन और फिटनेस सभी पेपर थे फेल, स्कूल पर 5 लाख का जुर्माना

दरभंगा में स्कूल की अनफिट गाड़ी की वजह से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। जिस स्कूल वाहन से वो घर लौट रहा था, उसका इंश्योरेंस, पॉल्यूशन और फिटनेस नहीं था। गाड़ी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी थी, फिर भी स्कूल वाले उसका इस्तेमाल कर रहे थे। 20 जनवरी को चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगाई तो चलती गाड़ी का दरवाजा खुल गया और कक्षा 2 में पढ़ने वाला समर सड़क पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। अमन के साथ 5 अन्य बच्चे भी घायल हो गए थे। इस घटना के बाद अगले दिन डीटीओ की टीम स्कूल पहुंची और अन्य गाड़ियों की भी जांच की। जिसमें पता चला कि 4 बसों का भी यहीं हाल था, उनके पेपर फेल थे। डीटीओ ने चारों बसों को जब्त कर लिया और 5 लाख का जुर्माना लगाया है। वहीं, घटना के 5 दिन बाद स्कूल के 10 किमी दूर दुर्घटनाग्रस्त स्कूल वाहन को जब्त किया गया है। घटना वाले दिन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया था। मृतक छात्र के परिजन का कहना है कि स्कूल पर सिर्फ जुर्माना नहीं बल्कि उसका लाइसेंस रद्द होना चाहिए। घटना सदर थाना क्षेत्र के लोआम गांव में हुई थी। गाड़ी अमन एकेडमी की गाड़ी से हुई थी। गाड़ी जब्ती में विरोध का करना पड़ा सामना घटना के अगले दिन बुधवार को स्कूल परिसर में डीटीओ, एमवीआई (मोटर वाहन निरीक्षक) समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की करीब 15 गाड़ियां लगी हुई थीं। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी और स्कूल को पूरी तरह बंद रखा गया था। स्कूल प्रबंधन से जुड़ा कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। जांच के बाद डीटीओ ने 4 बसों को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से बसों की चाबी मांगी, लेकिन किसी ने चाबी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद क्रेन मंगाकर बसों को ले जाया गया। जैसे ही पहली बस को ले जाया गया, करीब 25 से 30 महिलाएं और 30 पुरुष स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंच गईं और विरोध शुरू कर दिया। ये लोग स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग थे। महिलाओं ने कहा कि अब एक भी बस नहीं जाने दी जाएगी। मौके पर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। अधिकारी लगातार महिलाओं को समझाने और हटाने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ। अंधेरा होने के बाद हालात और बिगड़ गए। देर शाम डीटीओ और एमवीआई अधिकारियों को हार माननी पड़ी और शेष बसों को वहीं छोड़कर वे दरभंगा के लिए रवाना हो गए। मौके पर सदर थानाध्यक्ष मनोज कुमार लगातार लोगों को समझाने में लगे रहे, लेकिन विरोध शांत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में करीब 10 घंटे तक दर्जनों अधिकारी डटे रहे, लेकिन विरोध के चलते पूरी कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। स्कूल बसों के निरीक्षण में मिली खामियां - किसी भी बस में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था।- फायर एक्सटिंगिवीशर की व्यवस्था नहीं मिली।- बसों की सीटों की स्थिति खराब पाई गई।- सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे।- बसों के इंश्योरेंस, फिटनेस, प्रदूषण समेत सभी कागजात फेल पाए गए। अनफिट गाड़ियों की वजह से मेरे बेटे की मौत हुई है मृतक छात्र के पिता मो. चमन ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि जर्जर और अनफिट वाहन में बच्चों को ढोया जा रहा था। इस कारण हादसा हुआ है। मेरा बेटा तीन साल से स्कूल में पढ़ा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि अमन एकेडमी की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। बेटे की हालत गंभीर है। सीता पेट्रोल पंप के पास पहुंचने को कहा। जब मौके पर पहुंचा तो देखा कि स्कूल वाहन में सवार अन्य 5 बच्चे भी घायल थे और रो रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि आपके बेटे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। स्कूल की गाड़ी बदलने के लिए कहा था, पर नजरअंदाज किया पिता ने बताया कि घटना के बाद स्कूल के हेडमास्टर और स्कूल प्रबंधन को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्कूल के प्रिंसिपल मो. सलमान और स्कूल के ऑनर मो. वसीम से भी संपर्क नहीं हो सका। करीब 3 घंटे तक स्कूल गेट पर परिजनों के साथ बैठे रहे, लेकिन स्कूल प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति बातचीत के लिए सामने नहीं आया। पहले भी स्कूल प्रबंधन से कई बार शिकायत की थी कि स्कूल की गाड़ियां जर्जर हैं और दरवाजे लॉक नहीं होते हैं। स्कूल प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने कहा था, अगर आपको समझ में नहीं आता तो अपने बच्चा स्कूल से हटा लीजिए। पिता ने बताया कि जिस मैजिक वाहन से बच्चे आते-जाते थे, उसमें 18 बच्चों को एक साथ भेड़-बकरी की तरह ठूंस कर बैठाया जाता था। स्कूल को बंद किया जाना चाहिए, दूसरे बच्चे के साथ ऐसा न हो मृतक के पिता ने कहा कि अमन एकेडमी में करीब 900 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और स्कूल के पास करीब 20 मैजिक वाहन हैं, जिनकी हालत बेहद खराब है। प्रशासनिक जांच के दौरान स्कूल की कई गाड़ियों के कागजात फेल पाए गए हैं। पीड़ित पिता ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग से मांग की है कि अमन एकेडमी स्कूल का लाइसेंस रद्द किया जाए। सभी निजी स्कूलों के वाहनों की व्यापक जांच हो। स्कूल प्रबंधन पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे की कोई गलती नहीं थी। स्कूल की लापरवाही ने मेरी दुनिया उजाड़ दी। आज मेरे साथ हुआ है, कल किसी और के साथ न हो, इसलिए ऐसे स्कूलों को बंद किया जाना चाहिए। भाई को सिर में चोट लगी थी मृतक की बहन, जो कक्षा एक की छात्रा है और उसी वाहन में सवार थी। उसने बताया कि गाड़ी में अचानक तेज ब्रेक लगा, जिससे वाहन का पिछला हिस्सा उछल गया। इसी दौरान गाड़ी का गेट खुल गया और समर नीचे गिर गया। गिरने से पहले उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। स्थानीय लोग नहीं होते तो 5 बच्चों का क्या होता मृतक छात्र के चाचा मो. अशरफ ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद वाहन चालक गाड़ी को मौके पर छोड़कर फरार हो गया था। बच्चे सदमे में थे, रो रहे थे और पूरी तरह घबराए हुए थे। अगर उस समय स्थानीय लोग मौके पर नहीं पहुंचते और मदद नहीं करते, तो उन पांच बच्चों के साथ क्या होता, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। विद्यालय प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति न तो घटनास्थल पर पहुंचा और न ही घायल बच्चों की देखरेख के लिए सामने आया। भतीजे की जान चली गई, लेकिन जो बच्चे जिंदा बचे थे और जिन्हें हल्की चोटें आई थीं, कम से कम उनकी जिम्मेदारी तो स्कूल को लेनी चाहिए थी। मो अशरफ ने प्रशासन से मांग की कि स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।उन्होंने कहा कि “मेरा भतीजा अब इस दुनिया में वापस नहीं आएगा, लेकिन हम चाहते हैं कि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े। इसलिए स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:49 am

77वें गणतंत्र दिवस पर 8 बदलाव:पहली बार 2 चीफ गेस्ट, महिला कमांडेंट के नेतृत्व में पुरुष रेजिमेंट, सेना के युद्ध का लाइव डिस्प्ले

भारत 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई बदलाव नजर आएंगे। इनमें कुछ इतिहास में पहली बार हैं। पहली बार दो चीफ गेस्ट हैं। CRPF की पुरुष रेजिमेंट का नेतृत्व महिला अधिकारी करेंगी। सेना के युद्ध का लाइव डिस्प्ले और पशुओं की परेड भी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:49 am

जेडीए का कारनामा:खुद की महल योजना में 25 साल पहले आवंटित भूखंडों पर निजी खातेदारी की दुकानों की लीज जारी

शहर के जगतपुरा इलाके में जेडीए का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसमें उसने खुद की महल आवासीय योजना में सालों पहले आवंटित भूखंडों पर ही निजी खातेदार के फायदे के लिए उसकी दुकानों की लीज डीड जारी कर दी। चौंकाने वाली बात यह है लीज डीड एक ही व्यक्ति रेणु अग्रवाल के नाम से जारी की है। वहीं जेडीए निजी खातेदार पर इतना मेहरबान हो गया कि दुकानों की लीज जहां पूर्व में आवंटित भूखंडों पर की तो दुकानों के लिए ग्रीन बेल्ट की जगह का इस्तेमाल करने को भी अनदेखा कर दिया। जबकि जेडीए के नक्शे में स्पष्ट तौर पर ग्रीन बेल्ट, बरसाती नाले, सड़क व आवंटित भूखंडों और निजी खातेदारी श्रीराम विहार का उल्लेख कर रखा है। लेकिन जेडीए के अफसरों की ओर से जेडीए अधिकरण में दिए जवाब में ग्रीन बेल्ट के बारे में उल्लेख नहीं किया है, जबकि जेडीए के नक्शे में ग्रीन बेल्ट मौजूद है। जेडीए ने ही वहां पौधारोपण कर उनका रख रखाव किया है। लेकिन महल आवासीय योजना की विकास समिति के जागरुक रहने के चलते फिलहाल मामला अटक कर जेडीए ट्रिब्यूनल में लंबित हो गया है। अब इस मामले में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी विकास समिति के अभ्यावेदन पर जेडीए से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। ग्रीन बेल्ट पर भू-माफियाओं की नजर, बी-ब्लॉक में अतिक्रमण का खुलासा जेडीए ने जगतपुरा में महल आवासीय योजना विकसित की और साल 2000 में आवंटियों को भूखंडों का आवंटन कर दिया। इस योजना के बी ब्लॉक में भूखंड संख्या एक से लेकर 546 तक की संख्या तक के भूखंड हैं। इनमें ज्यादातर भूखंडों पर आवंटी मकान बना कर रह भी रहे हैं। लेकिन इस दौरान ही स्थानीय विकास समिति को जेडीए अधिकरण में ग्रीन बेल्ट में दुकानों की लीज डीड का मामला सामने आने का पता चला। मामले से जुड़े अधिवक्ता व विकास समिति के महासचिव संदेश खंडेलवाल ने बताया कि महल आवासीय योजना (बी-ब्लॉक) विकास समिति ने जेडीए के नक्शे में दर्शाई गई ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण, अवैध निर्माण व भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में जेडीए अधिकरण में रेफरेंस पेश किया था। इसमें कहा था कि ग्रीन बेल्ट जेडीए की ओर से संरक्षित है और उसमें करोड़ों रुपए खर्च कर जेडीए ने पेड़ लगाए हैं। लेकिन अब भू-माफिया ग्रीन बेल्ट की जमीन पर जबरन कब्जा कर अतिक्रमण कर रहे हैं। इसके खिलाफ जेडीए कानूनी कार्रवाई करे। जोन-9 उपायुक्त ने अधिकरण में रिकाॅर्ड के विपरीत गलत तथ्य बताए मामले की सुनवाई के दौरान जेडीए जोन-9 की उपायुक्त तारामती वैष्णव ने अपने शपथ पत्र व जवाब में कहा कि महल योजना के बी ब्लॉक का अनुमोदित नक्शा व तकनीकी शाखा की रिपोर्ट के अनुसार महल योजना के भूखंड संख्या बी-504 से 544 पर अनुमोदित योजना में श्री राम विहार की दुकान संख्या एसई-एक से एसई-37 की लीज डीड जारी की जा चुकी है। जबकि यह योजना जेडीए की ओर से अनुमोदित ना होकर जेडीए की स्वामित्व की योजना है। जोन उपायुक्त की ओर से ग्रीन बेल्ट के संबंध में अधिकरण के आदेश के पालन में जेडीए के जोन- 9 ने अपना जवाब पेश किया। जेडीसी ने मामले की जांच के निर्देश दिए जेडीसी ने अधिकरण में जोन उपायुक्त की ओर से गलत तथ्य पेश करने को गंभीरता से लेते हुए दुकानों की लीज डीड जारी करने व ग्रीन बेल्ट की मौजूदा स्थिति की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन उपायुक्त के अधिकरण में दिए गए शपथ पत्र की भी जांच के लिए कहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:47 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:धर्मेन्द्र-रोहित शर्मा को पद्म अवार्ड; बांग्लादेश में सोते वक्त हिंदू को जलाया, UP के शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र; शंकराचार्य बोले- हर जुल्म सहूंगा

नमस्कार, कल की बड़ी खबर ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. धर्मेन्द्र को पद्म विभूषण, रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान;131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार का ऐलान केंद्र सरकार ने 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत नेता शिबू सोरेन और बॉलीवुड सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण दिया जाएगा। रोहित, हरमनप्रीत को पद्मश्री: क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी प्लेयर सविता पूनिया और एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पद्म पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएं: जिन 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा। उनमें 19 महिलाएं हैं। 6 विदेशी/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के लोग भी हैं। 16 हस्तियां ऐसी हैं, जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र: सेना के 3 अफसरों को कीर्ति चक्र, 13 को शौर्य चक्र गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सर्विस मेडल की घोषणा की। एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं तीन अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 को शौर्य चक्र दिया जाएगा। शुभांशु अंतरिक्ष में 18 दिन रहे थे: शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। उत्कृष्ट सेवा के लिए 982 मेडल: इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े 982 कर्मियों को बेहतरीन (उत्कृष्ट) सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल्स) भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा; डिप्टी CM प्रयागराज पहुंचे प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा। दो दिन पहले शिविर पर इकठ्ठे हुए लोग: दरअसल शनिवार को कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन के 10 युवकों ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में घुसने की कोशिश की थी। 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने इस घटना को अपने ऊपर हमला बताया। कहां से शुरू हुआ था विवाद: 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... यूपी में दो पत्नियों के बीच 'पति' का बंटवारा, एक दिन छुट्टी उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक शख्स की दो पत्नियां हैं। विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत ने पति का बंटवारा करने का फैसला सुनाया है। समझौते के तहत पति 3 दिन पहली और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि रविवार को उसे 'वीकली ऑफ' मिलेगा। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: चीन के सबसे ताकतवर जनरल झांग पद से क्यों हटाए गए; अबतक दो-तिहाई टॉप ऑफिसर्स गायब या बर्खास्त, क्या जिनपिंग का तख्तापलट होगा 2. नोएडा के युवराज को सिस्टम ने मारा, 7 जिम्मेदार: 16 जनवरी को नाले में डूब गए थे; SIT का सवाल- 2 घंटे तक क्यों नहीं निकाला 3. भास्कर एक्सप्लेनर- रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती:पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स' 4. 1857 के गुमनाम शहीद- 168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल: अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क 5. संडे जज्बात- लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे: 30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया 6. जरूरत की खबर- गले में दर्द हो सकता है टॉन्सिलाइटिस: डॉक्टर से जानें ये क्या है, क्यों होता है, लक्षण और बचाव की जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों के लिए नए काम की शुरुआत के लिहाज से सही समय है। तुला राशि वालों के रुके काम चल पड़ेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:46 am

गोरखपुर में खिचड़ी मेले में भारी भीड़:रविवार की छुट्टी ने बढ़ाई रौनक, उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, पुलिस प्रशासन अलर्ट

गोरखपुर के खिचड़ी मेले में रविवार को श्रद्धा और उत्साह का जबरदस्त सैलाब देखने को मिला। साप्ताहिक अवकाश होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ मंदिर परिसर की ओर उमड़ पड़ी। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर के मुख्य गेट से लेकर मेला क्षेत्र के हर कोने तक केवल लोगों का हुजूम ही नजर आ रहा था और स्थिति ऐसी बनी कि परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। झूला झूलने के इंतजार करते रहे लोग मेले में आए बड़े और छोटे झूलों पर युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह दिखा, जहां हर झूले पर लोग अपनी बारी के लिए घंटों वेटिंग में खड़े रहे। मेले के बाजार ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। खरीदारी के उमड़ा हुजूम यहां सजी दुकानों पर महिलाओं ने गृहस्थी के सामानों की खरीदारी की, तो वहीं पुरुषों और बच्चों के लिए भी विभिन्न प्रकार के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। शॉपिंग एरिया में खरीदारों का हुजूम नजर आया। पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदअत्यधिक भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला परिसर में जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मियों ने भीड़ प्रबंधन की कमान संभालते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोगों के होने के बावजूद व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही। बाबा गोरखनाथ के दरबार में आस्था और मनोरंजन का यह अद्भुत संगम देर रात तक जारी रहा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:46 am

शंकराचार्य भगवान के लिए केशव अकेले लड़ रहे:चंद्रशेखर ने पंजे को दी पटखनी, साहब के तिरस्कार पर 2 अफसर नपे

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है....

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

ड्रोन VIDEO में देखिए 26 जनवरी पर चमकता लखनऊ:तिरंगे के रंगों में दुल्हन जैसी सजीं इमारतें; लोगों ने सेल्फी ली, REEL बनाई

लखनऊ में 79वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। तिरंगे के रंग में शहर की प्राइवेट-सरकारी इमारतें रंगी हुई थीं। रात के अंधेरे में जगमग धरोहरों का नजारा बेहद दिलचस्प था। आकर्षक सजावट को लोग अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद करते दिखे। लोगों ने खूब सेल्फी ली और रील बनाई। ड्रोन VIDEO में देखिए नजारा...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

क्या केशव मौर्य अविमुक्तेश्वरानंद को मनाएंगे?:शंकराचार्य बोले- पीछे नहीं हटूंगा, मगर डिप्टी सीएम पर नरम रुख; VIDEO में देखिए

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज माघ मेले में 8 दिन से धरने पर बैठे हैं। इस बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य बार-बार शंकराचार्य से हठ छोड़कर संगम स्नान की विनती कर रहे हैं। शंकराचार्य का भी केशव मौर्य पर नरम रुख है। वे केशव को समझदार नेता बता चुके हैं। तो क्या डिप्टी सीएम केशव संकट मोचक बनेंगे? सरकार और शंकराचार्य विवाद का पटाक्षेप कराएंगे? VIDEO में देखिए दो दिन में क्या-क्या हुआ...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

नाबालिग को बेचने के मामले में रेप की धारा बढ़ी:गोरखनाथ इंसपेक्टर हटाए गए; दो और गिरफ्तार

गोरखनाथ थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की का अपहरण कर बेचने और बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर रेप की धारा बढ़ा दी है। पुलिस ने इस मामले में लड़की के इंस्टाग्राम दोस्त और स्पा नेटवर्क से जुड़े पिपराइच के आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, गोरखनाथ के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह गुलरिहा के थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह को गोरखनाथ की जिम्मेदारी दी गई है।पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बरामद किए जाने के बाद लड़की ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया था। इसलिए उसके बयान के आधार पर इस केस में रेप की धारा बढ़ाई गई है। पुलिस की पूछताछ में कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। अब उनकी भी लाश चल रही है। पहले जानिए क्या है मामलागोरखनाथ थाना क्षेत्र की रहने वाली 13 साल की लड़की की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए एक किशोर से हो गई थी। लगभग 6 महीने तक दोनों की बात होती रही और लड़की किशोर के बहकावे में आ गई। 5 जनवरी को लड़की घर से गायब हो गई और उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई। पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि लड़की किशोर के बहकावे में आकर उसके साथ चली गई। किशोर उसे लेकर भूमि पैलेस होटल लेकर गया। वहां लड़की से रेप करने के बाद वह भाग गया। आरोप है कि लड़की को अकेला जानकर होटल मालिक धीरेंद्र उर्फ अभय सिंह ने उसे होटल में बंधक बना लिया। आरोप है कि तीन दिनों तक अलग-अलग लोगों ने उसके साथ रेप किया। उसके बाद बड़हलगंज स्थित ग्रीन डायमंड स्पा को बेच दिया गया। वहां एक सप्ताह तक लड़की को बंधक बनाकर रखा गया। बाद में उसकी तबियत बिगड़ने पर नौसढ़ स्थित होटल पहुंचा दिया गया। यहीं से पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। लड़की के बयान के बाद हुई गिरफ्तारी इस मामले में लड़की के बयान के आधार पर शनिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ व जांच में होटल मालिक, मैनेजर व स्पा सेंटर के मैनेजर की मिलीभगत सामने आयी थी। तीनों को जेल भेज दिया गया है। रविवार को दो और लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बंद कराया गया स्पाबड़हलगंज स्थित ग्रीन डायमंड स्पा को बंद करा दिया गया है। होटल भूमि पैलेस की वैधता की जांच के लिए जीडीए को पत्र लिखा गया है। यदि मानक के अनुरूप निर्माण नहीं मिला तो इस होटल को सील किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

9 दिन से शिविर नहीं गए, वैनिटी-वैन शंकराचार्य का घर:लग्जरी सुविधाओं से लैस, वॉशरूम से लेकर बेड तक मौजूद

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद जारी है। पिछले 9 दिनों से शंकराचार्य ने अपने शिविर में प्रवेश नहीं किया है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनसे माफी नहीं मांगता, ससम्मान मौनी अमावस्या वाला स्नान नहीं करवाता, तब तक वह शिविर के बाहर ही रहेंगे। शंकराचार्य अपनी बात पर अटल हैं। शिविर के अंदर नहीं गए हैं। उन्होंने अब अपनी गाड़ी को ही अपना घर बना लिया है। हालांकि इस गाड़ी में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो किसी व्यक्ति की जरूरत होती हैं। आज हम इसी गाड़ी की बात करते हैं.... फोर्स मोटर्स भारत की प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी है। यह पुणे में स्थित है। कंपनी मुख्य रूप से कामर्शियल गाड़ियां बनाती हैं। इनमें वैन, मिनी-बस और ट्रैवलर शामिल हैं। ये कंपनी मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों के लिए इंजन भी बनाती है। अविमुक्तेश्वरानंद के पास 17 सीटर अर्बानिया 4400 डब्ल्यूबी गाड़ी है। इस गाड़ी की शोरूम कीमत करीब 30 लाख रुपए है। इसकी कीमत राज्य और शहर के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है। लेकिन, जब यही गाड़ी सड़क पर उतरती है तो इसकी कीमत 37 लाख रुपए तक हो जाती है। क्योंकि इसमें आरटीओ चार्ज के रूप में करीब 4 लाख, इंश्योरेंस के रूप में डेढ़ लाख और अन्य सुविधाओं के लिए करीब 30 हजार रुपए का खर्च आता है। यह डीजल गाड़ी है और एक लीटर में करीब 11 किलोमीटर चलती है। मॉडिफाई में 40 से 50 लाख रुपए खर्च हुएशंकराचार्य की इस गाड़ी की सीटें बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों की तरह हैं। पीछे की नॉर्मल सीटों को हटाकर प्रीमियम सोफा लगाया गया है। इंटीरियर डिजाइन ऐसा किया गया है, जैसे किसी 5 फाइव स्टार होटल की छतों में होता है। शंकराचार्य जिस सीट पर बैठते हैं, उसके ठीक बगल वैसी ही एक सीट है, जिस पर वह अपने भगवान रखते हैं। जब कभी गौमुख यात्रा पर निकलते हैं तो लोग उनके साथ भगवान के भी दर्शन करते हैं। प्रीमियम सोफा, शंकराचार्य की सीट और ऊपरी इंटीरियर तो नजर आता है, लेकिन उसके पीछे के हिस्से को इस वक्त पर्दा लगाकर ढक दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होती। अंदर क्या कुछ है, इसके बारे में कोई भी कैमरे पर बात नहीं करता। गाड़ी के अंदर शॉवर और फ्रिज भी मौजूदअर्बानिया की जितनी भी गाड़ियां मॉडिफाई होकर वैनिटी वैन बनीं, उनमें टॉयलेट, सिंक, शावर, छोटा फ्रिज और माइक्रोवेव भी जोड़ा गया है। शंकराचार्य की इस गाड़ी में भी इस तरह की सुविधाएं हैं। गाड़ी में पानी भरने के लिए 4 तरह से सुविधाएं हैं। जिस वक्त ड्राइवर इसमें पानी भर रहे थे, हमारी टीम वहीं मौजूद थी। ड्राइवर कहते हैं कि शुरुआत में एक ही तरफ से यह सुविधा थी। लेकिन, बाद में इसमें यह सुविधा बढ़ाई गई। अब 4 तरफ से पानी भरा जा सकता है। इस गाड़ी में हाईटेक कैमरे भी लगाए गए हैं। जिस जगह शंकराचार्य बैठते हैं, वहां कंट्रोल रूम पैनल बनाया गया है। वहां से वह ड्राइवर से बात कर सकते हैं। साथ ही इसमें जो स्क्रीन लगी है, उसके जरिए वह ड्राइवर को देख सकते हैं। सामने और पीछे की भी स्थिति को लगातार देख सकते हैं। बेहतर एयर कंडीशनिंग की सुविधा है। इसके लिए लगातार गाड़ी को स्टार्ट नहीं रखा जाता, बल्कि अंदर ही एक इन्वर्टर भी होता है। ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बात करने पर समझ आता है कि इस वैनिटी वैन को मॉडिफाई करवाने में 40 से 50 लाख रुपए खर्च होते हैं। मतलब जो गाड़ी 35 लाख की होती है, वह मॉडिफाई करने के बाद 80 से 85 लाख रुपए की हो जाती है। शंकराचार्य के शिविर में इसी तरह की एक और गाड़ी खड़ी है। हालांकि, उसे पर्दे के पीछे रखा गया है। वहां जाने की मनाही है। शंकराचार्य की इस गाड़ी का नंबर भी स्पेशल है। छत्तीसगढ़ की इस गाड़ी का नंबर 1008 है। मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करने देने से शुरू हुआ था विवादशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच इस विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन से शुरू हुई थी। शंकराचार्य पुल नंबर-2 से संगम जाने के लिए निकले थे। उस दिन यह पुल बंद था। शंकराचार्य की पालकी लेकर चल रहे लोगों ने इस पुल को खोल दिया और आगे बढ़ने लगे थे। संगम के पास जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस प्रशासन ने उनके साथ मौजूद शिष्यों, साधुओं को पकड़ा और हिरासत में लेकर चले गए। हिरासत में पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। करीब 3 घंटे तक शंकराचार्य पालकी पर वहीं बैठे रहे। इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस के जवान आए और शंकराचार्य की पालकी को धक्का देते हुए संगम से करीब 500 मीटर दूर अक्षयवट मार्ग पर छोड़कर चले आए। वहां वह अकेले खड़े रहे। इसके बाद प्रशासन के लोग उन्हें पुल पार कराते हुए शिविर के बाहर छोड़कर आ गए। शंकराचार्य को जहां छोड़ा गया था, वह वहीं बैठ गए। पिछले 9 दिनों से वह उसी जगह पर बैठे हैं। वहीं वैनिटी वैन खड़ी होती है। वह रात में उसमें रहते हैं। शिविर के अंदर प्रवेश नहीं करते। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... अविमुक्तेश्वरानंद-प्रशासन विवाद का हल क्या; एक छोटी घटना कैसे बनी यूपी की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद ने सनातन समाज से लेकर सियासत तक को दो फाड़ कर दिया है। पालकी में गंगा स्नान की जिद, पुलिस के साथ झड़प और फिर बटुकों की पिटाई ने यूपी की सियासत में उबाल ला दिया है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

खुद के विमान नहीं, किराए पर उड़ानें:स्पाइसजेट-इंडिगो की 4 फ्लाइट लीज एयरक्राफ्ट से, नतीजा- बार-बार लेट और रद्द

भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के पास खुद के विमानों की कमी साफ नजर आने लगी है। इसी कारण एयरलाइंस विदेशी कंपनियों से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए फ्लाइट संचालन कर रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर बीते कुछ समय में ऐसे विदेशी विमानों की संख्या लगातार बढ़ी है। हालात ऐसे हैं कि यात्री जब विमान देखते हैं तो उसके डिजाइन और रंग-रोगन से चौंक जाते हैं। यात्रियों ने टिकट भारतीय एयरलाइंस की वेबसाइट से बुक की होती है, लेकिन विमान विदेशी कंपनियों के लोगो वाले होते हैं। हालांकि इससे यात्रियों की यात्रा पर सीधा असर नहीं पड़ रहा, लेकिन विमानों की कमी का असर फ्लाइट्स की नियमितता पर जरूर दिख रहा है। स्पाइसजेट की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावितस्पाइसजेट की जयपुर से संचालित फ्लाइट्स आए दिन घंटों लेट या फिर ऐनवक्त पर रद्द कर दी जाती हैं। शुक्रवार को स्पाइसजेट की दुबई फ्लाइट एसजी-57 13 घंटे से ज्यादा लेट रही। यह 15 दिनों में 5 बार फ्लाइट रद्द की जा चुकी है। अन्य दिनों में 3 से 22 घंटे तक लेट रही। जयपुर से रोज 4 से 5 फ्लाइट्स विदेशी एयरलाइंस से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए संचालित हो रही हैं। इंडिगो और स्पाइसजेट विदेशी कंपनियों से ले रहे विमान इंडिगो एयरलाइन तुर्किए की फ्री बर्ड एयरलाइन से और स्पाइसजेट ब्रिटेन की एसेंड एयरवेज से लीज पर विमान लेकर संचालन कर रही है। जयपुर से स्पाइसजेट की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय 3 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, जिनमें से 2 फ्लाइट्स विदेशी कंपनियों के लीज्ड एयरक्राफ्ट से उड़ान भर रही हैं। जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग बंदजयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब यहां से जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। पहले कुआलालंपुर के लिए फ्लाइट एयरबस A-330 से संचालित होती थी। इससे पहले सिंगापुर के लिए स्कूट एयरलाइंस की फ्लाइट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से उड़ान भरती थी। वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट से केवल छोटे और मध्यम श्रेणी के एयरक्राफ्ट ही संचालित किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, जयपुर से कुल्लू के लिए अलायंस एयर की फ्लाइट सबसे छोटे विमान से संचालित हो रही है। यह फ्लाइट वीटी-यूडीबी विमान से उड़ान भरती है, जो 48 सीटर है और जयपुर से चलने वाली शेड्यूल्ड फ्लाइट्स में सबसे छोटा विमान है। अब जयपुर से कुआलालंपुर की फ्लाइट भी एयरबस A-330 की बजाय एयरबस A-320 विमान से संचालित हो रही है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

2027 चुनाव से पहले अखिलेश की सॉफ्ट पॉलिटिक्स:सीएम के करीबी के घर पहुंचे, वाघेला-पटनायक से मुलाकात-शंकराचार्य से बात; मायने क्या?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की हाल के दिनों की एक्टिविटी सियासत के गलियारों में चर्चा का विषय बनी है। मुख्यमंत्री के सबसे करीबी विनोद कुमार शाही के बेटे के निधन पर उनके घर जाना हो या फिर बिकरू कांड में आरोपी बनी नई नवेली दुल्हन की मां का इलाज का मामला। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला से मुलाकात हो या फिर आमतौर पर भाजपा का साथ देने वाले नवीन पटनायक से भुवनेश्वर में उनके घर पर मुलाकात। जानकार इसे राजनीति में अखिलेश के बड़े होते चेहरे के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या अखिलेश यादव अपने पारंपरिक ढर्रे को बदल रहे? या फिर 2027 के चुनाव को लेकर ये उनकी रणनीति है? क्या अखिलेश यादव पीडीए के इतर भी अपना वोटबैंक मजबूत करना चाहते हैं? भाजपा को सॉफ्ट पॉलिटिक्स के जरिए कोई संदेश देना चाहते हैं? ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को लेकर क्या रुख है? कांग्रेस को लेकर क्या रुख है? वे अपने नेताओं को क्या नसीहत दे रहे? इस खास खबर में इन सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे... पहले अखिलेश की कुछ गतिविधियों पर एक नजर मुख्यमंत्री के करीबी के घर सांत्वना देने पहुंचेअखिलेश यादव बीते दिनों अदालतों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एएजी विनोद शाही के घर सांत्वना देने पहुंचे। विनोद शाही के 27 साल के बेटे का निधन हो गया था। अखिलेश के इस कदम ने लोगों को चौंका दिया। इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इससे जो अखिलेश यादव की आलोचना भी करते हैं, वे भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके। विकास दुबे की समधन का इलाज करायाबिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे की मां के इलाज में अखिलेश सक्रिय दिखे। खुशी दुबे, गैंगस्टर विकास दुबे की बहू है। खुशी की मां गंभीर बीमार थीं, इलाज के लिए पैसे की कमी थी। अखिलेश ने सर्जरी के लिए फंडिंग की और मदद उपलब्ध कराई। खुशी दुबे ने खुद वीडियो जारी कर अखिलेश का धन्यवाद किया। यह कदम ब्राह्मण समुदाय में सपा की इमेज सुधारने का प्रयास माना जा रहा है। शंकराचार्य से फोन पर बात कीमाघ मेले में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उपजे विवाद पर अखिलेश यादव खुलकर शंकराचार्य के साथ दिखे। साथ ही फोन पर बात कर उन्हें भरोसा भी दिलाया। इसी तरह मणिकर्णिका घाट को लेकर भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पर सीधा हमला करते नजर आए। टिकट को लेकर साफ संकेत दिएअखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांगने वालों को भी साफ संदेश देने से नहीं बच रहे। रोज-रोज पार्टी दफ्तर आने वालों का रिकॉर्ड मेंटेन किया जा रहा है। अखिलेश यादव को पता है कि कौन क्षेत्र में मेहनत कर रहा है और कौन सिर्फ पार्टी दफ्तर के चक्कर लगा रहा? बीते दिनों ऐसे ही एक नेता की अखिलेश यादव ने जमकर क्लास लगाई थी। रिकॉर्ड मंगाया गया तो पता चला कि महीने के 17 दिन वे पार्टी ऑफिस में ही थे। ऐसे ही पूर्वांचल के एक नेता अपने सांसद को लेकर टिकट की पैरवी के लिए पहुंचे, तो उन्होंने एसआईआर को लेकर सीधा सवाल कर दिया। नेता जी बगले झांकने लगे। अखिलेश ने कहा कि सरकार तब बनेगी, जब विधायक जीतकर आएंगे। विधायक वही बनेगा, जो क्षेत्र में लोगों के बीच होगा। जो क्षेत्र में रहकर पार्टी का काम कर रहा होगा। टिकट भी उन्हें ही मिलेगा। कई राजनीतिक मुलाकात भी चर्चा में रहीं, मायने क्या?वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं- अखिलेश यादव ने बीते कुछ दिनों में अपने तौर-तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब वे तंज कसने के बजाय दो-टूक बात करने लगे हैं। अखिलेश ने बीते कुछ दिनों में अपने रवैए में काफी बदलाव किया है। वे अनावश्यक रूप से किसी से उलझने से न सिर्फ बच रहे, बल्कि सॉफ्ट राजनीति के जरिए विरोधियों को भी अपना मुरीद बना रहे। मामला कांग्रेस का हो, ओवैसी का या 2027 के चुनाव के लिए टिकटों का। वे सबको दो-टूक संदेश दे रहे। मसलन बीते दिनों सांसदों के साथ बैठक में अखिलेश ने अपने नेताओं से कहा कि एसआईआर की जिम्मेदारी सिर्फ कार्यकर्ताओं और विधायकों की नहीं, आपकी भी है। इसके साथ ही अखिलेश ने सबसे उनके क्षेत्रों की रिपोर्ट ली। इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव के टिकटों की पैरवी पर दो टूक कहा कि आप सब अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में हर विधानसभा क्षेत्र से तीन-तीन नाम दें। इससे दो चीजें होंगी। पहली- अखिलेश ने भार सांसदों पर डाल दिया। दूसरा- जिले में भी सांसदों की कद्र बढ़ जाएगी, जिससे पार्टी की बाउंडिंग और मजबूत होगी। सांसद भी सोच-समझकर अपने नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष को सुझाएंगे। इसके अलावा अखिलेश यादव सर्वे भी करा रहे हैं कि किस सीट पर कौन मजबूत है? राजेंद्र कुमार कहते हैं- अखिलेश अब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की राजनीति के नक्शे-कदम पर चल निकले हैं। पार्टी की गुटबाजियों को खत्म करने के लिए साफ संदेश दे रहे हैं। अनावश्यक बयानबाजी से लोगों को रोक रहे। ओवैसी और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बयानबाजी से बचने की नसीहत दे रहे। उनका साफ कहना है कि ओवैसी न तो यूपी में सरकार बनाएंगे और न ही वे मंत्री बनने जा रहे। उन्होंने दूसरे राज्यों में किसे फायदा पहुंचाया और यहां किसे फायदा पहुंचाएंगे, यह लोगों के बीच जाकर बताना है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में कुछ पुराने कांग्रेसी नेताओं के साथ-साथ जनता दल से अलग हुए नेताओं से भी मुलाकात की है। इनमें गुजरात के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात शामिल हैं। ओवैसी के डेंट से बचाने की चुनौतीराजनीतिक विशेषज्ञ और मुस्लिम मामलों के जानकार हसन एजाज कहते हैं- ओवैसी के बिहार और महाराष्ट्र के प्रदर्शन को लेकर सपा के नेताओं का चिंतित होना स्वाभाविक है। ऐसे में अखिलेश यादव के लिए मुश्किल यह है कि वे खुलकर मुस्लिमों की बात करेंगे, तो भाजपा निश्चित रूप से इसे भुनाने का प्रयास करेगी। वहीं, ओवैसी के खिलाफ आक्रामक होंगे तो मुस्लिमों का एक वर्ग नाराज होगा। एजाज अहमद कहते हैं- इससे पहले भी यूपी में कई ऐसे छोटे-छोटे दल सक्रिय रहे हैं। ये दल कुछ सीटों पर अपना असर दिखाते रहे हैं और मुस्लिम वोट अपनी ओर खींचते रहे हैं। इनमें पीस पार्टी, मोमिन कॉन्फ्रेंस जैसे दल शामिल हैं। ऐसे में ओवैसी भाजपा को कैसे फायदा पहुंचा रहे, इसका तर्कसंगत जवाब देने के लिए अपने नेताओं को समझा रहे हैं। जनता के बीच जाकर इस बात को कहने की बात कर रहे हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें... MLC को टांगकर ले गई पुलिस; सांसद धरने पर बैठे, मणिकर्णिका घाट जा रहा था सपा प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में सपा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाने पर अड़ा हुआ है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के रवाना होने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने सपा पदाधिकारियों और पार्टी से जुड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया। इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाने की कोशिश कर रहा है। कई जगह पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

DCP साउथ और सेंट्रल को मिलेगा राष्ट्रपति पदक:ADCP अंजिल विश्वकर्मा को सिल्वर मेडल से नवाजा जाएगा, इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार

डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी और डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होंगे। वहीं 10 देशों से 1500 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले महाठग रवींद्र नाथ सोनी को जेल भिजवाने वाली एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा को डीजीपी की ओर से प्रदान किए गए प्रशंसा चिह्न रजत से नवाजा जाएगा। इसके अलावा कांस्टेबल जितेंद्र कुमार को प्रशंसा चिह्न गोल्ड समेत 24 पुलिसकर्मी उत्कृष्ट सेवा सम्मान, सराहनीय सेवा चिह्न, प्रशंसा चिह्न से सम्मानित होंगे। अखिलेश दुबे गिरोह का किया था खुलासा डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने भाजपा नेता समेत कारोबारियों से रंगदारी के लिए झूठे मुकदमे कराने के आरोपी चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके गिरोह के कई आरोपियों को जेल भेजा था। उनके कार्यकाल में ही हत्या, लूट, चोरी की बड़ी घटनाओं का भी खुलासा हुआ। इसी तरह से डीसीपी सेंट्रल आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव जब डीसीपी क्राइम के पद पर थे, तो उन्होंने 3 दर्जन से ज्यादा साइबर ठगों को सलाखों के पीछे भिजवा लाखों लोगों की ठगी की रकम वापस दिलाई। अतुल कु़मार श्रीवास्तव शहर में दूसरी बार तैनात हुए हैं। इससे पहले वह लगभग नौ साल पहले वह एसपी साउथ के पद पर तैनात रह चुके हैं। दोनों ही अधिकारियों के उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। ये पुलिसकर्मी भी होंगे सम्मानित डीजीपी द्वारा सेवा अभिलेख और शौर्य के आधार पर उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न, सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न व प्रशंसा चिह्न सम्मान के लिए चयनित पुलिसकर्मियों में हरबंश मोहाल थाना प्रभारी ललित कुमार, बजरिया थाना प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा, गोविंद नगर थाना प्रभारी रिकेश कुमार सिंह, निरीक्षक लिपिक दिनेश वर्मा, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, पवन प्रताप, गौरव अत्री, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, अमित फौजदार, मुख्य आरक्षी बृजेन्द्र सिंह, अजय कुमार, दीपक कुमार, धर्मेंद्र तिवारी, आरक्षी चालक संतलाल, सौरभ पांडेय, हंस बालियान, अतुल कुमार, गौरव शामिल हैं। दो महिलाओं समेत पांच पुलिसकर्मियों को मिलेगा महाकुंभ सेवा पदक महाकुंभ के दौरान उत्कृष्ट कार्याें के लिए महिला थाना में तैनात आरती सिंह, नवाबगंज थाना में तैनात प्रीति शर्मा, अनवरगंज में मो. इमरान अहमद, हरबंश मोहाल थाने में तैनात नरसिंह व जेल सुरक्षा में तैनात आरक्षी सूरज कुमार महाकुंभ सेवा पदक व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित होंगे।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:41 am

एसएमएस अस्पताल का मामला:200 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी में इमरजेंसी ओटी बनाया ही नहीं, फ्रेक्चर और नेफ्रो के गंभीर मामलों में भी तत्काल इलाज नहीं मिलता

200 करोड़ रु. से बने 7 मंजिला एसएमएस सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में पेशाब बंद होना, किडनी में चोट या पथरी का तेज दर्द, किडनी में स्टेंट डालने जैसी मेडिकल इमरजेंसी पर भी तत्काल इलाज नहीं मिल रहा है। कई केसेज में तो एक सप्ताह तक मरीज को इंतजार करना पड़ता है। इसका कारण- इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर का नहीं होना है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। जबकि पिनाइल और टार्सन फ्रेक्चर ऐसे हैं, जिनका तुरंत ऑपरेशन करना जरूरी होता है। हर माह सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में 25 से 30 मरीज पहुंचते हैं। यहां रूटीन ऑपरेशन तो हो जाते है लेकिन बड़े ऑपरेशन के लिए मरीज को भटकना पड़ता है। इसके अलावा पार्किंग और कैंटीन की सुविधा नहीं होने से भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि एसएसबी में 311 बेड संचालित हैं। जगह कम पड़ने लगी यूरोलोजी, नेफ्रोलॉजी एवं गेस्ट्रोएंट्रोलोजी में रोबोटिक सर्जरी, लेप्रोस्कोपिक, एंडोस्कोपी, डायलिसिस जैसी आधुनिक सुविधाओं के चलते तीन साल में तीन गुना मरीज बढ़े है। जिससे तीनों के आउटडोर और अन्य सुपर स्पेशलिटी खोलने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। ऐसे में पास में खाली पड़ी जगह मिलने पर ही सुविधाएं बढ़ सकेगी। यह सुविधा भी नहीं सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में आने वाले मरीजों एवं परिजनों के लिए कैंटीन एवं पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। जिससे उन्हें बाहर खाना पड़ता है। यहां तक कि मरीजों के परिजनों को ठहरने के लिए कॉटेज रुम तक नहीं होने से सर्दी-गर्मियों में दिन-रात इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। मरीज की गंभीर स्थिति होने पर वार्ड या आईसीयू के बाहर रहना पड़ता है। तीनों सुपर स्पेशलिटी में इलाज की अच्छी सुविधा होने से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। एसएसबी के पीछे खाली पड़ी जगह के लिए सरकार को पत्र लिखा है। जगह मिलने पर सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में मरीजों की संख्या दो से तीन गुना बढ़ गई है। इलाज की आधुनिक सुविधा के कारण आउटडोर, इनडोर की संख्या के हिसाब से जगह कम पड़ने लगी है। इमरजेंसी ओटी, पार्किंग, कैंटीन, कॉटेज रूम बनाना प्रस्तावित है। -डॉ. नचिकेत व्यास, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:40 am

गलवान शहीद का 6 साल बाद भी नहीं बना स्मारक:मांगे पूरी नहीं होने से ग्रामीण नाराज, सालभर पहले दुःख में पिता का भी निधन

पटना के बिहटा प्रखंड स्थित तारानगर सिकरिया गांव के हवलदार सुनील कुमार की शहादत को लगभग छह साल हो चुके हैं। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के छह साल बाद गांव में स्मारक और सड़क बनाने की मांग अब तक अधूरी है। इस बीच एक साल पहले शहीद सुनील कुमार के पिता का निधन हो गया। हालांकि, अब उनका पूरा परिवार दानापुर में रहता है। पैतृक गांव के घर में केवल सुनील कुमार और उनके पिता की तस्वीरें हैं। परिवार ने इस मामले पर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। पैतृक गांव में सूना पड़ा घर, सिर्फ तस्वीरें बचीं दैनिक भास्कर की टीम उनके पैतृक गांव तारानगर सिकरिया पहुंची। यहां ग्रामीणों ने बताया कि शहादत के दिन कई मंत्री, विधायक और सांसद उनके गांव पहुंचे थे। शहीद के परिवार और ग्रामीणों ने मांग की थी कि गांव में शहीद सुनील कुमार का स्मारक बनाया जाए और उनके नाम पर गांव की सड़क का नामकरण हो। परिवार के सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि, शहादत के बाद बिहार सरकार के मंत्री, विधायक और सांसद सभी लोग पहुंचे थे और कई वादे किए थे, जो आज भी अधूरे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग है कि गांव की सड़क का नाम शहीद हवलदार सुनील कुमार के नाम पर रखा जाए और सिकरिया चौक के पास उनका स्मारक बने। स्थानीय सांसद-विधायक से ग्रामीण नाराज स्थानीय पंचायत प्रतिनिधी विवेक कुमार ने बताया कि, सरकार शहीद परिवार के लिए क्या अपनी छवि रखती है, वह दिख रहा है। घटना के 6 साल होने को है, लेकिन अभी तक सरकार से की गई मांग पूरी नहीं हो सकी। स्थानीय सांसद-विधायक सभी लोग अब चुप बैठे हैं। कई बार हम लोगों ने उनसे बात भी किया, लेकिन वह बात को महत्व नहीं दे रहे। शहीद के पिता इसी दुख में रहते गए और उनका निधन हो गया। उनकी मां की भी तबीयत खराब है। पूरा परिवार अब दानापुर में रह रहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:40 am

उज्जैन को मिला गौरव, आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री सम्‍मान

उज्जैन के लिए यह अत्यंत गौरव और सम्मान का क्षण है, जब देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री-2026 की घोषणा में शहर के वरिष्ठ पुरातत्वविद् (आर्कियोलॉजिस्ट) डॉ. नारायण व्यास का नाम शामिल किया गया है।

देशबन्धु 26 Jan 2026 5:40 am

बेतिया, बगहा समेत 5 जिलों में कोहरा, विजिबिलिटी 100 मीटर:28 जनवरी को बारिश का अलर्ट, भागलपुर से सबसे ठंडा

बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। ठंडी हवाओं ने दिन और रात में फिर ठंड बढ़ा दी है। सोमवार को सुबह-सुबह बेतिया, बगहा, गोपालगंज में कोहरा छाया है। विजिबिलिटी 100 मीटर के आसपास है। बीते 24 घंटे में भागलपुर सबसे ठंडा जिला रहा। यहां 9.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। 5 जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा देखने को मिला। बेतिया, बगहा, गोपालगंज समेत 5 जिलों में विजिबिलिटी 100 मीटर के आसपास रही। वहीं, अगले 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में सुबह और देर शाम मध्यम से घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग ने वेस्ट चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, शिवहर और सीतामढ़ी में बारिश होने की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल उत्तर भारत में किसी भी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय नहीं होने के कारण मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो रहा है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे ठंड का प्रभाव सीमित बना हुआ है। इसी कारण दिन में तापमान बढ़ रहा है, जबकि रात और सुबह में हल्की ठंड बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के मौसम में इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में नमी कम है, जिस वजह से कोहरे का असर भी सीमित क्षेत्रों तक ही रह रहा है। आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी या नहीं मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों तक ठंड में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। यदि कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तभी तापमान में गिरावट संभव है। फिलहाल ठंड का असर हल्के स्तर पर ही बना रहेगा। पटना में आज सामान्य रहेगा मौसम राजधानी में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विभाग की माने तो 24 घंटों में पटना के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस की जाएगी, जबकि दिन में मौसम सामान्य और शुष्क रहेगा। फिलहाल ठंड बढ़ने की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:36 am

अलीगढ़ में तमंचे वाली बहू पर FIR:टप्पल के हामिदपुर गांव में पति को चारपाई से बांधने और हथियार का वीडियो वायरल

अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के हामिदपुर गांव में एक महिला का अपने पति काे चारपाई से बांधने और तमंचे के साथ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में महिला पति को शराब के कारण बांधने का आरोप लगाती दिख रही है। वहीं, उसकी सास ने पिटाई करने और तमंचा दिखाकर डराने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने महिला के एफआईआर दर्ज कर ली है। वायरल फोटो के आधार पर दर्ज हुई कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक युवती की अवैध हथियार के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। उपनिरीक्षक अमित रावत ने वायरल फोटो की जांच के लिए हामिदपुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। गांव निवासी संदीप ने महिला की पहचान सोनी पत्नी प्रदीप के रूप में की। आरोप है कि सोनी आए दिन यह फोटो दिखाकर परिवार को डराती-धमकाती है, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों की मदद से किया रस्सी से मुक्त वायरल वीडियो में युवक चारपाई से बंधा नजर आ रहा है और उसकी पत्नी उस पर गुस्सा उतारती दिख रही है। महिला का कहना है कि उसका पति शराब पीकर रोज घर में हंगामा करता है, इसलिए उसे काबू में करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। बाद में ग्रामीणों और युवक की मां ने मिलकर उसे रस्सियों से मुक्त कराया। सास ने लगाया था बहू के पास तमंचा होने का आरोप पीड़ित युवक की मां सुमन का आरोप है कि उनकी बहू सोनी पिछले दो साल से बेटे प्रदीप को प्रताड़ित कर रही है। सुमन का कहना है कि बहू के पास अवैध तमंचा है और वह अक्सर हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देती है। उन्होंने घर में हथियार खोजने की कोशिश भी की, लेकिन बहू ने उसे कहीं छिपा दिया। न्याय के लिए विधायक तक पहुंची मां सुमन 23 जनवरी को स्थानीय विधायक के पास भी पहुंची थीं। उनका आरोप था कि महिला होने के नाते पुलिस बहू पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बेटे की सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी। इस घटना के बाद पुलिस गांव पहुंची और पूछताछ की। वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:36 am

दावोस में इंदौर की बेटी का सरकार से सवाल:वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व अच्छा, लेकिन झंडा क्यों नहीं, पाकिस्तान का झंडा तीसरे नंबर पर

यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में जय श्री राम का नारा लगाकर और भारत के दलितों की तुलना दूसरे देशों से बेहतर बताकर चर्चाओं में आई पीएचडी स्कॉलर और इंदौर की बेटी डॉ. रोहिणी घावरी ने रविवार को सरकार से सवाल पूछा है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार से पूछा है कि दावोस (स्विट्जरलैंड) में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में भारत का प्रतिनिधित्व बेहतरीन होता है, पर वहां हमारा झंडा नहीं है। जानिए क्या लिखा है... दावोस में भारत का प्रतिनिधित्व बेहतरीन होता है लेकिन फिर भी इस बार दावोस के मेन कांफ्रेंस हॉल जहां पर ट्रम्प और अन्य नेताओं ने काॅन्फ्रेंस की वहां पर भारत का झंडा नहीं था !! क्या वजह हो सकती है पाकिस्तान जैसे देश का झंडा तीसरे नंबर पर था लेकिन भारत का नहीं क्यों? रोहिणी ने कहा कि भारत का झंडा नहीं होने से ज्यादा निराशा पाकिस्तान का झंडा होने से मिली। दावोस और WEF में पाकिस्तान का मुकाम भारत की तुलना में बहुत कम है। रोहिणी ने इस ट्वीट को पीएमओ के साथ #WEF2026 #switzerland #Davos2026 को भी टैग किया है। रोहिणी ने उस जगह का फोटो भी शेयर किया है। रोहिणी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि इसमें कोई शक नहीं कि यहां भारत को नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, और जल्द ही यूरोपियन यूनियन के साथ मदर ऑफ ऑल डील्स करने जा रही है। ताकि यूरोपीय देशों की चीन पर निर्भरता कम की जा सके। रोहिणी ने आगे कहा कि वहां भारत के अलग-अलग राज्यों के दस मुख्यमंत्री भी शामिल हुए, जो WEF में हमारी ताकत दिखाता है। लेकिन दावोस (स्विट्जरलैंड) में जहां विश्व के सभी नेता, उद्योगपति और नीति-निर्माता हर साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के दौरान संबोधित करते हैं, उस कांग्रेस सेंटर पर भारत का झंडा नहीं होना निराशाजनक रहा है। इंदौर में वाल्मिकी परिवार की बेटी हैं डॉ. रोहिणी घावरी डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली हैं और वाल्मीकि समुदाय से आती हैं। उनके पिता इंदौर के एक बीमा अस्पताल में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। बेहद साधारण बैकग्राउंड से आने के बावजूद रोहिणी ने शिक्षा और आत्मविश्वास के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की और पीएचडी के लिए एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप भी हासिल की थी। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी की है। इससे पहले उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉमर्स से फॉरेन ट्रेड में बीबीए किया और उसके बाद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग में एमबीए की पढ़ाई की थी। रोहिणी बीते पांच सालों से स्विट्जरलैंड में यूएन में स्कॉलर हैं और एक NGO भी चला रही हैं, जो सामाजिक मुद्दों पर काम करता है। साल 2019 में वह पढ़ाई के सिलसिले में विदेश गई थीं और वहीं से उनका संपर्क यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद से हुआ। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और रोहिणी ने आत्महत्या की धमकी दी थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:35 am

आज 77वां गणतंत्र दिवस, पटना में राज्यपाल फहराएंगे तिरंगा:गांधी मैदान में 128 CCTV से निगरानी; 12 विभागों की निकलेगी झाकियां

आज पूरे देश में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। पटना के गांधी मैदान में बिहार के राज्यपाल मो.आरिफ खान 8 बजे तिरंगा फहराएंगे। इसको लेकर गांधी मैदान को सजाया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित तमाम बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे। ध्वजारोहण के बाद 21 टुकड़ियों की परेड निकाली जाएगी। 12 विभागों की झांकियां निकलेगी। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने गांधी मैदान और आसपास के इलाके को चार सेक्टर में बांटा है। हर सेक्टर में वरीय दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। कुल 136 दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात हैं। साथ ही महिला बल, लाठी बल और अन्य पुलिस बल भी मुस्तैद हैं। आम पब्लिक के लिए व्यवस्था दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए गांधी मैदान में टेंट लगाया गया है। पेयजल के लिए वाटर टैंक, वाटर एटीएम और नल चालू रखे गए हैं। मैदान में 3 प्राथमिक चिकित्सा शिविर गेट के पास लगाए गए हैं। एक मेडिकल कैंप कंट्रोल रूम के पास भी है। किसी आपात स्थिति के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध हैं। दो अग्निशमन दस्ता तैनात हैं। एक यूनिट स्टेट बैंक के पास और एक VIP पार्किंग के पास मौजूद है। गणतंत्र दिवस को देखते हुए पटना में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। गांधी मैदान के आसपास के इलाकों में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। कार्यक्रम को लेकर कई रूट्स डायवर्ट किए गए हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऑप्शनल मार्गों का इस्तेमाल करें। पार्किंग की अलग-अलग जगह चिह्नित की गई है, जहां वाहन खड़े किए जाएंंगे। परेड और झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र इस बार परेड में 21 टुकड़ियां हिस्सा ले रही हैं। बिहार सरकार के 12 विभागों की झांकियां निकलेगी, जिनमें सरकार की योजना, विकास कार्यों और सामाजिक संदेशों को खूबसूरती से दिखाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:34 am

बिहार बदलने वाले IAS अफसरों की कहानियां:10 हजारी स्कीम वाले अफसर सवा रुपए के लिए पैदल चले, अमृत प्रत्यय ने कैसे पहुंचाई घर-घर बिजली

मुझे नीतीश सरकार ने 10 हजार रुपए दिए। इससे मैंने दुकान खोली है। आगे और पैसा मिलेगा तो दुकान बढ़ाऊंगी। उम्मीद है आगे भी ऐसे ही काम करेंगे।- प्रभावती देवी, मोतिहारी 2005 के पहले 5-5 दिन बिजली नहीं रहती थी। आ जाए तो कब चली जाएगी, कोई ठिकाना नहीं रहता था। आज रोज 23 घंटे बिजली मिलती है। - राजेश बिहारी श्रीवास्तव, छपरा शराबबंदी से औरतों को काफी राहत मिली है। घरेलू हिंसा रुकी। समाज में पति को पियक्कड़ कहा जाता था। इससे शर्मिंदा होती थी। अब बच्चों को अच्छा संस्कार मिल रहा है।- बबीता पांडेय, बेतिया ये अनुभव उन लोगों के हैं, जिन्होंने 20 साल में बिहार को बदलते देखा है। ये योजनाएं तो सरकार लाती है, पर इनके पीछे होते हैं ऐसे IAS जो पॉलिसी से लेकर एग्जीक्यूशन तक में लगे रहते हैं। गणतंत्र दिवस पर मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए, बिहार की तस्वीर बदलने वाली 7 योजनाएं और इसे लागू कराने वाले IAS अधिकारियों का आइडिया …। बिहार को बदलने वाले अधिकारियों की 5 रोचक कहानियां, कोई एक कॉल पर दिल्ली छोड़कर आया, कोई सवा रुपए के लिए 20 km पैदल चला। कहानी 1: सीनियर IAS के एक कॉल पर दिल्ली छोड़ बिहार लौट आए थे प्रत्यय अमृत अपने करियर के शुरुआती दिनों में झारखंड के दुमका और सिमडेगा में काम करने के बाद बिहार के मौजूदा चीफ सेक्रेटरी प्रत्यय अमृत सेंट्रल डेपुटेशन पर दिल्ली गए थे। 2005 में बिहार में NDA की सरकार बनी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 2006 में बिहार के सीनियर IAS ने प्रत्यय अमृत को फोन किया। कॉल करने वाले अधिकारी ने कहा, ‘घर लौट आओ, यहां बहुत काम है।’ इसके बाद प्रत्यय बिहार लौटे और यहां के हालात बदलने में जुट गए। बिहार लौटने पर उन्हें सबसे पहली जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की मिली। तब यह लगभग बंद होने के कगार पर था। इन्होंने इसकी पूरी तस्वीर बदल दी। 7 साल में 1,123 पुल बनवाए, ग्रामीण सड़कों का पूरी तरीके से कायापलट कर दिया। देखते ही देखते प्रत्यय अमृत नीतीश के भरोसेमंद IAS बन गए। CM को जहां तस्वीर बदलने की जरूरत लगती, इन्हें तैनात कर देते थे। अमृत ने सड़क और पुल के बाद गांव-गांव तक बिजली पहुंचाई। इसके लिए हर घर बिजली योजना को जमीन पर उतारा। कोरोना महामारी के दौरान बिहार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। कहानी 2: महिलाओं को 10 हजार रुपए देने वाले मीणा सवा रुपए के लिए 20 km पैदल चलते थे बिहार में NDA सरकार की 2025 में वापसी का असली श्रेय महिलाओं को 10 हजार रुपए देने की योजना को जाता है। योजना तैयार करने के पीछे का चेहरा तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी अमृत लाल मीणा हैं। मीणा ने इसे न केवल दूसरे राज्यों के मुकाबले सफल बनाया, बल्कि अलग भी किया। इन्होंने हर महीने सहायता के तौर मिलने वाली छोटी राशि को एक स्टैंडर्ड अमाउंट में बदल कर एक साथ देने का निर्णय लिया। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार करने में मदद मिली, बल्कि सरकार पर भी आर्थिक दबाव कम हुआ। बिहार के मुख्य सचिव तक का सफर तय करने वाले अमृत लाल मीणा मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा के डाबरा गांव के हैं। उनका जन्म साधारण किसान परिवार में हुआ था। मीणा को पढ़ने का बहुत शौक था, लेकिन परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। घर में बिजली तक नहीं थी। ऐसे में अमृत लाल रातभर दीये की रोशनी में पढ़ाई करते। सवा रुपए बस किराया बचाने के लिए घर से 20 km दूर स्कूल पैदल जाते थे। बचपन से युवावस्था तक संघर्ष किया। IAS बनने के बाद लोगों की जिंदगी आसान बनाने की योजनाएं जमीन पर उतारीं। कहानी 3: इन्फ्रास्ट्रक्चर बदलने वाले IAS चंचल कुमार से मंत्री भी डरते थे बिहार की खस्ताहाल तस्वीर को वैश्विक स्तर पर बदलने में एक काम जिसका श्रेय दिया जाता है, वो है वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का। पटना से लेकर भागलपुर और गया से लेकर दरभंगा तक, राज्य के हर इलाके में उन्होंने मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़े किए। सीएम नीतीश कुमार के इस ड्रीम के पीछे जिस शख्स को क्रेडिट दिया जाता है वो हैं IAS अफसर चंचल कुमार। सीएम के प्रधान सचिव और भवन निर्माण विभाग में सचिव रहते हुए उन्होंने बदलाव की जो नींव रखी उसकी चर्चा आज देश भर में होती है। अभी सेंट्रल डेपुटेशन पर हैं। IAS अफसर चंचल कुमार सिर्फ एक ब्यूरोक्रेट नहीं थे। वह टेक्नोक्रेट भी माने जाते हैं। चंचल आईआईटी कानपुर से एमटेक करने के बाद IAS अफसर बने थे। नीतीश कुमार रेल मंत्री बने तो चंचल कुमार को अपनी टीम में शामिल किया। चंचल कितने पावरफुल थे, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि उनसे मंत्री भी डरते थे। विवाद करने से बचते थे। अगर विवाद हो जाए तो मंत्री का विभाग बदल दिया जाता था। कहानी 4: सीएम की साइकिल योजना को अंजनी सिंह ने जमीन पर उतारा शिक्षा विभाग में प्रधान सचिव रहे अंजनी कुमार सिंह वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परामर्शी हैं। वे चार साल तक बिहार सरकार में मुख्य सचिव भी रहे। सरकारी स्कूलों में लड़कियों को साइकिल देने को बिहार में बदलाव की बड़ी कहानी से जोड़ कर देखा जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साइकिल योजना लेकर आए तब शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह थे। उन्होंने इस योजना को जमीन पर उतारा। महिलाओं को शिक्षा से जोड़ कर एम्पावर करने में इस योजना की बड़ी भूमिका साबित हुई। अंजनी सिंह की बड़ी भूमिका पार्कों से जुड़ी मुख्यमंत्री की सोच को जमीन पर उतारने में भी रही। अंजनी सिंह के बगीचे में हैं 4000 तरह के पौधे अंजनी सिंह को कांटे वाले पौधों से गहरा लगाव है। उनके पास 4 हजार से अधिक पौधों का कलेक्शन है। इनमें से करीब 2 हजार कांटे वाले पौधे हैं। उन्होंने अपने बगीचे में सैकड़ों दुर्लभ प्रजाति के पौधे लगाए हैं। खुद इसकी देखरेख करते हैं। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से बहुत से पौधे मंगाए हैं। वह करीब 30 साल से पौधे जुटा रहे हैं। कहानी 5: केके पाठक से नाराज हो गईं थीं राबड़ी, नीतीश के बने करीबी केके (केशव कुमार) पाठक का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था। 1990 में इनकी पहली पोस्टिंग कटिहार में हुई थी। 2005 में गोपालगंज के डीएम थे। राबड़ी देवी के भाई और तब के सांसद साधु यादव द्वारा मुहैया कराए गए फंड से बने अस्पताल का उद्घाटन सफाईकर्मी से करा दिया था। इससे राबड़ी नाराज हो गई थीं। सरकार बदली तो नीतीश कुमार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी। BIADA का MD बनाया। शराबबंदी के आदेश को जमीन पर उतारने में केके पाठक की बड़ी भूमिका थी। उनके नेतृत्व में बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुआ था।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:32 am

क्या पार्टी बचाने के लिए तेजस्वी बने कार्यकारी अध्यक्ष:रोहिणी की बगावत, लालू का साया, प्रशांत किशोर का डर, तेजस्वी की ताजपोशी की कहानी

तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का राष्ट्रीय कार्यवाहक (कार्यकारी) अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके साथ ही एक तरह से पार्टी में लालू यादव का दौर खत्म हो गया, अब पार्टी तेजस्वी युग में प्रवेश कर गई। हालांकि, 2028 तक लालू यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। तेजस्वी यादव की यह ताजपोशी ऐसे समय में हुई है जब पार्टी का विधानसभा चुनाव में 2010 के बाद सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। पार्टी में छोटे-छोटे स्तरों पर नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं। चुनाव में हार के बाद अचानक तेजस्वी को क्यों कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है। जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। तेजस्वी को क्यों बनाया गया कार्यवाहक अध्यक्ष 25 जनवरी को पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया। RJD नेता भोला यादव ने प्रस्ताव रखा, इसके बाद सर्वसम्मति से उन्हें चुन लिया गया। तेजस्वी की ताजपोशी के पीछे 3 बड़े कारण… 1. बगावत और असंतोष बढ़ने से पहले पार्टी की ली कमान बिहार विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर सिमटने के बाद तेजस्वी यादव घर से लेकर पार्टी तक में असंतोष के सुर झेल रहे। इसी बीच भाजपा लगातार दावा कर रही है कि RJD के 20 विधायक हमारे संपर्क में हैं। कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अंदर और नाराजगी एवं असंतोष ना बढ़े उससे पहले ही तेजस्वी ने पूरी पार्टी को अपने हाथ में ले ली है। ताकि पार्टी को मैनेज किया जा सके। सीनियर जर्नलिस्ट सत्यभूषण सिंह कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव ने सही समय पर पार्टी की कमान हाथ में ली है। आज की तारीख में भाजपा बहुत मजबूत पार्टी बनकर उभरी है। ऐसे में वह तोड़ने का प्रयास कर सकती है। जैसा उसके बयानों से लग रहा है। भाजपा से टक्कर लेने के लिए तेजस्वी को फ्री हैंड देना जरूरी था।’ पार्टी और परिवार के अंदर असंतोष को इन दो आवाज से समझिए… 2. जंगलराज का दाग धोना चाहती है RJD चुनाव प्रचार में NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के हर नेता PM नरेंद्र मोदी, CM नीतीश कुमार, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान तक ने जंगलराज को मुद्दा बनाए रखा। सबने लोगों को लालू-राबड़ी शासन काल की याद दिलाई। इसका नतीजा हुआ कि तेजस्वी के विकास के मुद्दे दब गए और RJD बुरी तरह हार गई। लोगों के मन में कथित जंगलराज का खौफ क्यों? लालू-राबड़ी काल (1990-2005) में हत्या, किडनैपिंग और जातीय हिंसा खूब फैली। आंकड़ों से समझिए… 3. नए कलेवर में पार्टी को ढालने की कोशिश तेजस्वी यादव पहले से ही पार्टी के अधिकतर बड़े फैसले लेते रहे हैं। संगठनात्मक मामलों से लेकर राजनीतिक रणनीति तक में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। अब जब कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं तो पार्टी में लालू राज के लोगों का दबदबा कम होगा और तेजस्वी अपनी नई टीम बिना रोक-टोक खड़ी कर सकते हैं। अब तक ऐसा करना थोड़ा मुश्किल था। इसे ऐसे समझिए… 2025 विधानसभा चुनाव में RJD के टिकट बंटवारे को देखें तो पता चलता है कि पार्टी दबंग छवि और बाहुबलियों को छोड़ नहीं पाई। RJD 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसमें 9 कैंडिडेट बाहुबली या उनके परिवार वाले थे। ये वो बाहुबली थे, जिनका रूतबा लालू-राबड़ी शासन काल में बहुत था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर बाहुबलियों को टिकट लालू की पसंद के कारण मिला था। तभी तो जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर RJD को लेकर कहते हैं, ‘लालू-राबड़ी शासन काल के नेता आज भी RJD में हैं। अगर सत्ता में आए तो वही लोग पार्टी और सरकार चलाएंगे। 20 सालों में सिर्फ चेहरा बदला है। लालू की जगह तेजस्वी।’ तेजस्वी के सामने 3 बड़ी चुनौतियां अब जब तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष बन गए हैं तो उनके सामने 5 बड़ी चुनौतियां हैं… 1. लालू-राबड़ी के सामाजिक आधार का विस्तार करना लालू यादव दशकों तक M-Y यानी मुस्लिम-यादव समीकरण की राजनीति करते रहे हैं। अभी भी पार्टी के पास वही आधार बना हुआ है। तेजस्वी यादव अपने पिता के बनाए सामाजिक आधार का विस्तार करना चाहते हैं। वह लगातार A टू Z की बातें करते हैं, लेकिन यह सिर्फ बातें ही रही। उसे जमीन पर नहीं उतार पाते हैं। 2. RJD को मुख्य विपक्षी दल बनाए रखना तेजस्वी यादव चुनाव हार गए हैं। इस बार प्रशांत किशोर भी उनके सामने हैं। प्रशांत किशोर भी अपनी रणनीति बना रहे हैं। लोगों के बीच जा रहे हैं। 3.3% वोट मिला है। 2025 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो नीतीश सरकार से नाराज लोगों का तेजस्वी पर कम, प्रशांत किशोर पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। इसे 2025 विधानसभा चुनाव के डेटा से समझिए… मतलब तीसरा विकल्प तलाश रहे लोगों की पसंद तेजस्वी से ज्यादा प्रशांत किशोर हैं। यही कारण है कि एक्सपर्ट तेजस्वी यादव के लिए प्रशांत किशोर को बड़ा खतरा मानते हैं। 3. महागठबंधन की जटिल राजनीति को ठीक करना चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर RJD से नाता तोड़ने की बातें उठने लगी है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव के साथ लालू का एंटी इनकंबेंसी काम कर रहा है। सीनियर जर्नलिस्ट संजय सिंह बताते हैं, ‘लेफ्ट की पार्टियां (माले, CPI, CPIM) चुनाव के रिजल्ट के बाद नए सिरे से अपने गठबंधन पर विचार कर सकती हैं। चूंकि, ये पार्टियां बीजेपी को रोकने के लिए ही तेजस्वी के साथ थी। अगर आगे उनको लगेगा कि भाजपा को कोई दूसरी पार्टी रोक सकती है, तो वह उसके साथ हो सकती है।’

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:31 am

युवकी की हत्या, 200 से ज्यादा कैमरे खंगाले:स्कूटर से आए दो लड़के ही संदिग्ध, टीमें लोकेशन से बढ़ रही आगे

इंदौर के बाणगंगा में शुक्रवार को गायत्री कुर्मी की हत्या के मामले में पुलिस को एक्टिवा से आए दो आरोपियों पर ही शंका है। आरोपी हत्याकांड के पहले ओर बाद के समय इलाके में दिखे हैं। पुलिस अब तक 200 से ज्यादा कैमरे खंगाल चुकी है। वही लोकेशन के हिसाब से आगे बढ़ रही है।बाणगंगा में सिक्योरिटी गार्ड महिला की हत्या के मामले में पुलिस लगातार आरोपियों की सर्चिंग कर रही है। पुलिस को सबसे पहले घर के पास दो संदिग्ध स्कूटर सवार दिखे थे। जो घर से कुछ दूरी पर गायत्री के घर के आसपास दिखे थे। लेकिन उनके फुटेज धुंधले थे।इसके बाद फिर से दोनों आरोपी वहां से आगे की लोकेशन पर दिखाई दिए। पुलिस जवानों ने गायत्री के घर की तरफ आने जाने वाले सभी रास्तों के फुटेज चेक किए हैं। दोनों स्कूटर सवारों पर ही पुलिस की निगाहें टिकी हुई हैं। उन्होंने हत्याकांड को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया है।मोबाइल डिटेल नही आई सामनेगायत्री की आखिरी समय रात में ही बात हुई थी। घटना के पहले ओर बाद में उसके मोबाइल रिसीव कॉल नहीं था। एक दो दिन में डिटेल आने के बाद पुलिस को और दिशा मिल जाएगी। पुलिस के मुताबिक हत्यारे स्थानीय ही है। वह नंदबाग इलाके से बाहर नहीं निकले हैं। हत्याकांड को लेकर आसपास भी डिटेल खंगाली जा रही है। जल्द इस हत्याकांड से पर्दा उठाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:31 am

झारखंड में मौसम शुष्क, पारा चढ़ा:अगले एक हफ्ते तक सुबह कोहरा, दिन रहेगा साफ, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में गर्मी

पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड का मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। राज्य के कई इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध देखने को मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मौसम साफ हो गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतम तापमान में 2.1 से 4.0 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। कई स्थानों पर तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में दर्ज हुआ। मौसम में इस बदलाव की वजह ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया जा रहा है, जिससे ठंडी हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ा है। सुबह कोहरा, दिन रहेगा साफ मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। सुबह के समय राज्य के कई जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा या धुंध छा सकती है। हालांकि दिन बढ़ने के साथ आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने के संकेत हैं। विभाग का कहना है कि फिलहाल राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसके बाद तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे ठंड से आंशिक राहत मिलेगी। 6 जिलों में 30 डिग्री तक जाएगा अधिकतम पारा जिलावार तापमान की बात करें तो उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिमी जिलों कोडरमा, चतरा, गढ़वा और पलामू में भी दिन का तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, गुमला और खूंटी में अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं दक्षिणी झारखंड के पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां राज्य के सबसे गर्म इलाके रहेंगे, जहां तापमान 31 डिग्री तक पहुंच सकता है। रांची में 29 जनवरी तक कोहरे की संभावना रांची और आसपास के क्षेत्रों में 25 से 29 जनवरी तक सुबह कोहरा या धुंध के बाद आंशिक बादल या साफ आसमान रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल राज्य के किसी भी हिस्से के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि सुबह के समय कोहरे और दिन में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:31 am

‘बैटल ऑफ गलवान’ में बिहार के 5 जवानों की कहानियां:संतोष बाबू की भूमिका में दिखेंगे सलमान खान; पढ़िए शहीद जवानों के परिवारों का क्या है हाल

गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हुए। इसमें 5 बिहार के थे। शहीदों की शहादत को 6 साल होने वाले है। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर सलमान खान ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म भी बना रहे हैं। सलमान की इस फिल्म में बिहार के 5 जवानों की कहानी भी दिखाई देगी। वो कैसे लड़े और शहीद हुए। 14 अप्रैल को सलमान की मूवी रिलीज होगी। इस बीच 26 जनवरी के मौके पर दैनिक भास्कर के रिपोर्टर्स ने उन शहीदों के परिजन से मुलाकात की। शहीदों के परिवार आज किस हाल में हैं? उनकी शहादत कैसे हुई थी, सरकार की तरफ से उन्हें क्या मदद मिली? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट… सबसे पहले, सलमान खान गलवान जंग में जिस संतोष बाबू का कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं, उस शहीद की कहानी गलवान में चीनी सैनिकों से झड़प में बिहार रेजिमेंट के 11 जवान शहीद थे। बिहार बटालियन का नेतृत्व कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू कर रहे थे। शहीद संतोष बाबू तेलंगाना के सूर्यापेट के रहने वाले थे। शहीद संतोष ने हैदराबाद के सैनिक स्कूल में पढ़ाई की, फिर वे एनडीए के लिए चुने गए थे। शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू की पत्नी संतोषी ने भास्कर से बातचीत में कहा, 'बेटा तो बहुत छोटा है, लेकिन बेटी को अपने पापा की बहुत याद आती है। अक्सर पूछती है कि, पापा कहां हैं? कब घर आएंगे? वो क्या कर रहे हैं?' बेटी के इन सवालों के जवाब में, संतोषी उन्हें पापा के पुराने फोटो दिखाती हैं। वो वीडियो दिखाती हैं, जो कभी साथ में शूट किए थे। पिकनिक की फोटो दिखाती हैं। संतोषी कहती हैं, 'बेटा, पापा अभी लद्दाख में हैं। देश के दुश्मनों से लड़ रहे हैं। बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए सरकार उन्हें पुरस्कार दे रही है।' शहीद संतोष के परिवार में माता-पिता और पत्नी के अलावा बेटी अभिगना (10) और बेटा अनिरुद्ध (5) हैं। संतोषी कहती हैं कि अगर मेरा बेटा भी सेना में जाना चाहेगा तो सपोर्ट करूंगी। पति को यूनिफॉर्म में देखकर बहुत गर्व होता था। यादें तो इसके अलावा भी बहुत सारी हैं। अब उन्हीं यादों के सहारे पूरी जिंदगी बितानी है। 2- पटना बिहटा के शहीद सुनील कुमार सुनील कुमार पटना के बिहटा ब्लॉक के सिकरिया पंचायत के तारापुर के रहने वाले थे। अब उनका पूरा परिवार सगुना मोड़ में रहता है। सुनील कुमार की शहादत को लगभग छह साल हो चुके हैं। उनकी शहादत के छह साल बाद गांव में स्मारक और सड़क बनाने की मांग अब तक अधूरी है। इस बीच एक साल पहले शहीद सुनील कुमार के पिता का निधन हो गया। सुनील 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। गलवान में हुई झड़प के करीब एक साल पहले उनकी तैनाती पूर्वी लद्दाख के दुर्गम इलाके में हुई थी। गलवान युद्ध के समय उनकी उम्र 38 साल थी। पैतृक गांव के घर में केवल सुनील कुमार और उनके पिता की तस्वीरें हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शहादत के दिन कई मंत्री, विधायक और सांसद हमारे गांव पहुंचे थे। शहीद के परिवार और ग्रामीणों ने मांग की थी कि गांव में शहीद सुनील कुमार का स्मारक बनाया जाए और उनके नाम पर गांव की सड़क का नामकरण हो। परिवार के सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि, शहादत के बाद बिहार सरकार के मंत्री, विधायक और सांसद सभी लोग पहुंचे थे और कई वादे किए थे, जो आज भी अधूरे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग है कि गांव की सड़क का नाम शहीद हवलदार सुनील कुमार के नाम पर रखा जाए और सिकरिया चौक के पास उनका स्मारक बने। स्थानीय सांसद-विधायक से ग्रामीण नाराज स्थानीय पंचायत प्रतिनिधी विवेक कुमार ने बताया कि, सरकार शहीद परिवार के लिए क्या अपनी छवि रखती है, वह दिख रहा है। स्थानीय सांसद-विधायक सभी लोग अब चुप बैठे हैं। कई बार हम लोगों ने उनसे बात की, लेकिन वह बात को महत्व नहीं दे रहे। शहीद के पिता इसी दुख में गुजर गए। उनकी मां की भी तबीयत खराब है। पूरा परिवार अब दानापुर में रह रहा है। पत्नी रीति देवी को पटना में क्लर्क की सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उनकी तैनाती फिलहाल मनेर ब्लॉक में है। सबसे बड़ी बेटी सोनाली 16 साल की है। दो बेटे भी हैं, जिसमें 15 साल का आयुष और 10 साल का विराट है। शहीद सुनील कुमार की पत्नी रीति देवी ने बताया, 'वह दिसंबर 2019 में घर आए थे। तब एक महीने रुके थे। नवंबर में शादी की सालगिरह थी। जब सुनील घर आए थे तो उन्होंने अपनी सालगिरह भी मनाई थी। उनका हैदराबाद पोस्टिंग के लिए लेटर आ चुका था। उनकी यही प्लानिंग थी कि वापस आकर हैदराबाद शिफ्ट होंगे। उनके वापस जाने से पहले आने का टिकट भी हो चुका था। वे 15 अप्रैल को घर आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते घर नहीं आ पाए।' शहादत की खबर सुनकर आंखों के सामने छा गया था अंधेरा 15 जून 2020 को खबर आई कि चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई है। जब हमने फोन लगाया तो बताया गया कि बिहार रेजिमेंट में ही एक और सुनील कुमार हैं। आपके पति ठीक हैं। मगर सुबह 8 बजे उनके शहीद होने की सूचना दी गई। इसके बाद टीवी पर भी न्यूज चलने लगा।' 3- वैशाली के शहीद जयकिशोर सिंह वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के चकफतेह गांव के रहने वाले राज कपूर सिंह के बेटे जय किशोर सिंह 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। तब उनकी उम्र 22 साल थी। उनकी गलवान में पहली पोस्टिंग थी। ये चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई नंद किशोर भी सेना के जवान हैं। उनके पिता राज कपूर सिंह किसान हैं। जय किशोर सिंह की शादी नहीं हुई थी। गांव के स्कूल की जमीन पर शहीद जय किशोर सिंह की मूर्ति लगी है। पिता राज कपूर सिंह कहते हैं कि गांव के ही हरिनाथ राम को पता नहीं क्या दिक्कत थी कि इसका निर्माण बीच में ही रोक दिया था, लेकिन जब मैंने इसकी शिकायत थाना अध्यक्ष से की, तो उन्होंने भी हरिनाथ का ही पक्ष लिया। फिलहाल, मूर्ति के पास न तो बाउंड्री है और न ही उसे सही तरीके से बनाया गया है। एक बेटा शहीद हुआ है, एक और भेजेंगे लेकिन डरेंगे नहीं जब जयकिशोर सिंह शहीद हुए थे, तब उनके बड़े भाई नंद किशोर सिक्किम में पोस्टेड थे। पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि जय किशोर की शहादत की खबर नंद किशोर को सबसे पहले मिली थी। वे बताते हैं कि मेरा बेटा सेना में भर्ती हुआ था, तब काफी खुश था। जब भी बात होती थी तो कहता था कि कोई दिक्कत नहीं है और मन लग रहा है। राज कपूर सिंह कहते हैं कि एक और छोटा बेटा है, उसे भी हम सेना में भेजेंगे। एक के शहीद होने से हम डरने वाले नहीं हैं। उलड़ाई लगा है तो पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। हमेशा कदम अगाड़ी रहता है। तुम एक मारोगे हम इधर से एक और भेजेंगे। गांव के लोग नहीं बनने दे रहे हैं स्मारक शहीद के पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि बिहार सरकार की तरफ से छोटे बेटे को नौकरी मिली है, लेकिन दुख इस बात का है कि अभी तक मेरे भाई का स्मारक नहीं बना है। जब भी प्रशासन के पास जाता हूं तो आज आना कल आना करके टाल देते हैं। हम जमीन देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन गांव के लोग अड़चन लगा रहे हैं। 4- समस्तीपुर के शहीद अमन कुमार सिंह मेरा बेटा 16 जून 2020 में देश के लिए शहीद हो गया। 20 जून को उसके पार्थिव शरीर के सामने बिहार सरकार से तत्कालीन मंत्री महेश्वर हजारी ने गांव में शहीद के नाम पर सड़क बनाने की घोषणा की थी। उनके साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी थे, लेकिन 6 साल होने को हैं, लेकिन सड़क नहीं बना, बेटे का स्मारक भी नहीं बना। सड़क बनाना तो मेरे वश की बात नहीं है, लेकिन बेटे का स्मारक अब खुद के पैसे से ही बनाऊंगा। सरकार का अब इंतजार नहीं कर सकता हूं। ये कहते हुए बेटे की याद में शहीद अमन कुमार सिंह के पिता सुधीर कुमार सिंह की आंखें नम हो जाती हैं। जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीननगर के सुल्तानपुर गंगा दियारा के छोटे गांव में शहीद अमन सिंह का मकान है। देश के लिए शहीद होने से एक साल पहले ही अमन सिंह की शादी हुई थी। सुधीर सिंह बताते हैं कि जब अमन आखिरी बार घर से निकले थे तो कहा था कि लौटूंगा तो आपका और मम्मी का इलाज सेना के हॉस्पिटल में कराऊंगा। सुधीर कुमार सिंह बताते हैं कि आज 77वां गणतंत्र दिवस है, लेकिन हमारे गांव में आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में लोगों को पानी में घुसकर गांव आना-जाना पड़ता है। वे बताते हैं कि सरकार की ओर से उनकी बहू को सरकारी नौकरी मिली है। वो अंचल कार्यालय में पोस्टेड है। 15 महीने पहले हुई थी शादी सुधीर सिंह बताते हैं कि शहादत से मात्र 15 महीने पहले ही अमन की शादी हुई थी। 24 साल के अमन 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। पिछले दो साल से वे गलवान में तैनात थे। साल 2020 में उनकी पोस्टिंग हैदराबाद के लिए हुई थी, लेकिन कोरोना के चलते वे नहीं जा सके। सुधीर सिंह कहते हैं कि अमन आखिरी बार फरवरी में घर आया था और जुलाई में आने की बात कही थी। उनसे फोन पर भी नेटवर्क के चलते रोज बात नहीं होती थी। हफ्ते में एक दो बार ही फोन आता था। आखिरी बार शायद 11 तारीख को मेरी बात हुई थी। तब तक सब कुछ ठीक था। उन्होंने चीन या किसी तरह के तनाव की बात नहीं बताई थी। 16 जून की रात उसके यूनिट से शहादत की खबर मिली थी। 5- सहरसा के शहीद कुंदन कुमार सहरसा के सत्तरकटैया प्रखंड के आरण गांव के रहने वाले निमेंद्र यादव के दो बेटे में कुंदन सबसे छोटे थे। कुंदन 2012 में बिहार रेजीमेंट 16वीं बटालियन में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश फिर जम्मू कश्मीर उसके बाद लद्दाख में की गई थी। कुंदन कुमार यादव के परिवार को सरकारी वादों का अब भी इंतजार है। उनका परिवार आज भी जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी पटना तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। पिता ने बताया कि शहादत के बाद बिहार सरकार ने 5 कट्टा जमीन देने का वादा किया था, लेकिन 6 साल बाद भी जमीन का वादा पूरा नहीं किया जा सका है। कुंदन के पिता ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से स्मारक का वादा पूरा किया जा चुका है और शहीद बेटे की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ-साथ मुआवजे की रकम भी मिल चुकी है। राज्य सरकार ने कुंदन की पत्नी बेबी कुमारी को सहरसा के डीसीएलआर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी दी है। कुंदन को दो बेटे 9 साल का रोशन और 6 साल का राणा है। 'बेटा शहीद हुआ तो क्या, अब दोनों पोतों को भी फौज में भेजेंगे' जब कुंदन शहीद हुए थे, तब उनके पिता निमेंद्र यादव ने कहा था कि मेरा बेटा शहीद हो गया, दुख तो बहुत है। उसी पर घर-परिवार का सारा अरमान था। हम खेती-किसानी करते हैं। इकलौता वही कमाने वाला था। कहकर गया था कि अबकी बार छुट्टी लेकर आएंगे तो मकान बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस दिन मुझे उसकी शहादत की खबर मिली उसी दिन मन में ठान लिया कि अपने दोनों पोतों को भी फौज में भेजूंगा। आखिरी बार 11 जून को उनकी बात कुंदन से हुई थी। पहाड़ों पर नेटवर्क नहीं होने के चलते हफ्ते में एक बार बात होती थी। जल्द ही छुट्टी लेकर घर आने की बात उन्होंने पत्नी से कही थी। कुंदन साल 2012 में सेना में शामिल हुए थे। 2013 में उनकी शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरबा गांव की बेबी कुमारी से हुई थी। अब जानिए, 15-16 जून की रात को गलवान में क्या हुआ था, झड़प की कहानी क्या है? गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों में झड़प की वजह पड़ोसी देश की एक ऑब्जर्वेशनल पोस्ट थी। चीन ने ठीक एलएसी पर एक ऑब्जर्वेशन पोस्ट बना ली थी। भारतीय सेना को इस स्ट्रक्चर पर आपत्ति थी। 16 बिहार इन्फैन्ट्री रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू इसे लेकर कई बार चीनी कमांडर को आपत्ति दर्ज करवा चुके थे। एक बार उनके कहने पर चीन ने इस कैम्प को हटा भी दिया, लेकिन 14 जून को अचानक फिर से ये कैम्प खड़ा कर दिया गया। कर्नल संतोष के जवान उस कैम्प को खुद उखाड़ फेंकना चाहते थे, लेकिन तभी उन्होंने खुद कैम्प तक जाकर चीन के सैनिकों से बात करने का फैसला किया। शाम 4 बजे के आसपास वो अपने 40 जवानों के जवानों को लेकर पैदल उस कैम्प तक चले गए। जैसे ही कर्नल संतोष ने सवाल किया एक चीनी सैनिक ने आकर उन्हें धक्का दिया और गालियां देने लगा। ऐसा देखते ही 16 बिहार इंफैन्ट्री रेजिमेंट के सैनिकों को गुस्सा आ गया और उन्होंने चीन के सैनिकों को पीटना शुरू कर दिया। मुक्केबाजी में दोनों ओर के सैनिक घायल हो गए। गुस्साए भारतीय सैनिकों चीन के ऑब्जर्वेशन पोस्ट को तहस-नहस कर दिया। इसी बीच कर्नल संतोष ने घायल सैनिकों को वापस पोस्ट पर भेज दिया और वहां से और सैनिकों को बुलवाया। 15 जून की शाम को शुरू हुई लड़ाई आधी रात तक चलती रही धीरे-धीरे अंधेरा होने लगा था और वहां भारतीय और चीन सैनिक जमावड़ा बढ़ता जा रहा था। तभी अचानक एक बड़ा पत्थर कर्नल संतोष के सिर पर आकर गिरा। फिर दोनों ओर से पथराव होने लगा और एक घंटे तक ये गुत्थम-गुत्था झगड़ा चलता रहा। कुछ ही देर में ये खूनखराबे में बदल गया। चीन के लगभग 300 सैनिक थे और इनका सामना करने के लिए भारतीय जवानों की संख्या 45 से 50 थी। भारतीय सैनिकों के पास हथियार तो थे, लेकिन वो उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। वहीं चीन के सैनिकों ने इस झगड़े की प्री-प्लानिंग के लिए कंटीले तार बंधे डंडे, लोहे की रॉड और बड़े बोल्डर पत्थर जमाकर रखे थे। मानों वो भारतीय सैनिकों के इंतजार में बैठे हों। उस रात इंडियन आर्मी ने कर्नल समेत 20 जवानों को खोया चीन के सैनिक जब इन सब सामान का इस्तेमाल कर भारतीय जवानों पर हमला कर रहे थे। तब तक हर इन्फेंट्री बटालियन में तैनात भारतीय सेना की घातक प्लाटून वहां पहुंच गई। उन सैनिकों ने चीन के सोल्जर्स पर जमकर हमला किया, जिसमें चीन के सैनिकों की गर्दन और रीढ़ की हड्‌डी तक टूट गई। झगड़ा गलवान घाटी के किनारे खड़ी खाई के ठीक पास चल रहा था। यही वजह थी कि जब चीन और भारतीय सैनिक के बीच खूनखराबा हुआ तो कुछ सैनिक जाकर नीचे गलवान नाले में गिर गए। इनमें भारतीय भी थे और चीन के सैनिक भी। उस रात भारतीय सेना ने कर्नल संतोष समेत 20 जवानों को खोया, जबकि चीन के 16-20 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 17 गंभीर घायल जवानों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

पद्मश्री के लिए चुना गया, मुझे बेहद खुशी है : शफी शौक

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित होने पर कश्मीरी कवि प्रोफेसर शफी शौक ने खुशी जाहिर की है।

देशबन्धु 26 Jan 2026 5:30 am

प्रदूषण के मामले में पानीपत नंबर-2 पर:AQI मीटर बंद करके निर्माण कार्य जारी, ग्रैप-3 लागू, जहरीली हवा के बीच प्रदूषण बोर्ड की लापरवाही

औद्योगिक नगरी पानीपत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 800 के पार पहुंच चुका है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हाथ पर हाथ धरे बैठा है। ताजा मामला जिला सचिवालय के वीआईपी गेट का है, जहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर लगा एयर क्वालिटी मॉनिटर (AQI Meter) दिवाली के बाद से ही बंद पड़ा है। आरोप है कि इस मीटर को जानबूझकर बंद रखा गया है ताकि वहां चल रहे निर्माण कार्य से खराब हो रही हवा का असल आंकड़ा सामने न आ सके। जब जिले में ग्रैप-3 (GRAP-3) लागू है, तब इस तरह का निर्माण कार्य और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की अनदेखी उनकी कार्यशैली पर बड़ा सवालियां निशान लगाती है। प्रदूषण के मामले में पानीपत 'नंबर-2' पर पानीपत हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर रहा है। इतना ही नहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पानीपत उन 9 जिलों और 32 शहरों में शामिल है, जो ड्रेन के माध्यम से यमुना के पानी को सबसे ज्यादा प्रदूषित कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पानीपत के कई गांवों का भूजल अब पीने लायक नहीं बचा है। बाहरी टीमें कर रही कार्रवाई, स्थानीय बोर्ड मौन शहर में प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय बोर्ड की निष्क्रियता का आलम यह है कि हाल ही में बाहर से आई टीमों ने पानीपत की 4 फैक्ट्रियों को सील किया। वहीं, सीएम फ्लाइंग की टीम ने ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल युक्त पानी डालने वाले टैंकरों पर शिकंजा कसा। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। क्या होगी इन पर कार्रवाईअधिकारियों की नाक के नीचे चल रही इस लापरवाही ने शहर की जनता को 'गैस चैंबर' और 'जहरीले पानी' के भरोसे छोड़ दिया है। क्या इस मामले में प्रदूषण बोर्ड के उच्च अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी?

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

हरियाणा में PPP की गलतियां सुधारने के लिए पोर्टल शुरू:अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, प्रदेश कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दी जानकारी

हरियाणा में महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुके परिवार पहचान पत्र (PPP) में गलत दर्ज आय, नाम, आयु और प्रॉपर्टी को ठीक करवाने के लिए अब आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। कोई भी व्यक्ति घर बैठे मेरा परिवार पोर्टल पर जाकर इन गलतियों को सही कर सकता है। इसके लिए पोर्टल में अलग अलग माड्यूल बनाए गए हैं। इसके लिए आपको सिटीजन आईडी पर अपनी फैमिली आईडी के साथ, वन टाइम पासवर्ड के साथ अपना लॉगिंग बनाना होगा। जिसमें जाकर आप PPP में दर्ज गलतियों को ठीक कर सकते हैं। जिसे पोर्टल स्वयं वेरिफाई करेगा। यह कहना है परिवार पहचान प्राधिकरण के प्रदेश कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला का। PPP एक आधार बेस दस्तावेज परिवार पहचान एक आधार कार्ड बेस दस्तावेज है। जिसमें अधिकतर एंट्री आधार कार्ड से आटोमैटिक ली गई है। ऐसे में जिस व्यक्ति के आधार पर जितनी सर्विस और प्रॉपर्टी दर्ज थी, उसे PPP में एंट्री मिली। हालांकि कुछ जानकारी मेरी फसल, मेरा ब्योरा, आयकर डेटा, बिजली विभाग, राजस्व विभाग इत्यादि के डॉटा को भी स्थान मिला है। बावजूद इसके अधिकतर जानकारी आधार कार्ड की ही दर्ज हैं। अक्सर यह आती हैं शिकायतें आधार कार्ड में अक्सर आय, उम्र, नाम, पीला कार्ड, बुढ़ापा पेंशन, PPP अलग करने, बिजली मीटर, गाडी, प्लॉट, मकान की गलत एंट्री की शिकायतें अधिक आती है। जिन्हें ठीक करवाने के लिए पहले सीएससी सेंटर जाना होता था। अब सरकार ने इसके लिए मेरा परिवार हरियाणा डॉट कॉम पोर्टल बनाया है। जिसमें मॉड्यूल पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी गलती ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है। अलग-अलग करेक्शन का अलग-अलग मॉड्यूल मेरा परिवार पोर्टल पर अलग-अलग गलतियों के लिए अलग-अलग करेक्शन मॉड्यूल दिया गया है। जैसे सिटिजन आईडी ऑप्शन दिया है। जिसमें करेक्शन मॉड्यूल और बैनिफिसरी मॉड्यूल बनाया गया है। जहां कोई भी व्यक्ति संबंधित माड्यूल चुनकर अपनी गलती ठीक करने के लिए स्वयं अप्लाई कर सकता है। इसके बाद आटोमैटिक डेटा का मिलान होने पर सही पाया गया तो गलती ठीक हो जाएगी अन्यथा रिजेक्ट हो जाएगी। यदि कोई रीजैक्शन से संतुष्ट नहीं है तो वह संबंधित अधिकारी गांव, वार्ड, ब्लॉक और जिला स्तर पर क्रिड विभाग के पास फिजिकल वैरिफिकेशन का आवेदन कर सकता है। आयु की गलती : नाम ठीक करने के लिए एसएलसी, 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या 5 साल पुरानी वोटर आईडी मान्य है। इन्हीं में से कोई एक दस्तावेज आपको करेक्शन मॉड्यूल में अपलोड करना होगा। इनके अलावा कोई दस्तावेज इसमें मान्य नहीं होगा। नाम की गलती : परिवार पहचान पत्र में दर्ज नाम यदि आधार कार्ड से अलग है तो करेक्शन मॉड्यूल में जाकर नाम को सही किया जा सकता है। यदि आधार कार्ड में भी नाम गलत है तो उसे पहले आधार कार्ड में सही करवाना होगा। इसके लिए भी क्रिड विभाग ने ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था की हुई है। प्रॉपर्टी की गलत एंट्री : गांव और शहर में सभी की प्रॉपर्टी आईडी आधार कार्ड बेस है। एसओपी से ही सभी के नाम PPP में जुड़ते हैं। मेरा परिवार पोर्टल पर सिटिजन कार्नर में ट्रिपल पी ऑप्शन रिपोर्ट ग्रीवांस में जाकर प्रॉपर्टी और व्हीकल की गलती ठीक करने की शिकायत दर्ज करवा सकते है। इसके अलावा कार, मकान, प्लॉट इत्यादि की गलती ठीक करवाने के लिए संबंधित विभाग में जाकर फिजिकल वैरिफिकेशन करवा सकते हैं। प्रोएक्टिव मोड में यह सेवा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन, विधवा, विधुर, दिव्यांग, अविवाहित, लाडली योजना, निराश्राति इत्यादि सेवाओं को PPP से जोड़ा गया है। इनके लिए अब किसी को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्रों को स्वयं ही यह लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। ऐसी होगी वैरिफिकेशन मेरा परिवार पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी वैरिफिकेशन होगी। यदि आवेदक गांव या वार्ड पर क्रिड पंचायत ऑपरेटर की वैरिफिकेशन से संतुष्ट नहीं है तो उसे पहले ब्लॉक और फिर जिला और अंत में प्रदेश स्तर पर सुना जाएगा। कोई भी व्यक्ति समाधान शिविर में जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इन्होंने उठाया सिटिजन आईडी का फायदा गांव बवाना गुर्जर की कविता, सुषमा और बबली ने रेवाड़ी में डॉ. सतीश खोला के अपनी शिकायत लेकर आई। जहां से उनकी शिकायत एडीसी कार्यालय में भेजकर फिजिकल वैरिफिकेशन का आवेदन करवाया। रेवाड़ी शहर के संघी का बास निवासी सुनीता की बुढ़ापा पेंशन नहीं बन रही थी। सुनीता की PPP में जन्म तिथि वेरिफाई नहीं थी। जिसकी सतीश खोला के कार्यालय से सिटिजन आईडी से वोट कार्ड के साथ आवेदन करवाया। शहर के भाड़ावास निवासी रोशन लाल का PPP से बैंक खाता अटैच नहीं था। जिस कारण बुढ़ापा पेंशन खाते में नहीं आ रही थी। PPP स्टेट कोऑर्डिनेटर के रेवाड़ी कार्यालय ने सिटिजन आईडी से बैंक खाता अटैच करने का आवेदन करवाया। सवालों पर क्या बोले कोऑर्डिनेटर सवाल : परिवार पहचान पत्र में कई खामियां है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।उत्तर : अब कोई भी व्यक्ति मेरा परिवार के सिटिजन पोर्टल पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) से खुद अपनी गलतियां ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए PPP में खामियां के लिए स्टेट से गांव/वार्ड स्तर पर व्यवस्था की गई है। सवाल: क्या अब खुद कोई भी व्यक्ति गलतियां खुद ठीक कर सकता है।उत्तर : गलती ठीक करने के लिए आवेदन या अपील खुद कर सकता है। जिसके लिए संबंधित शिकायत से संबंधित दस्तावेज लगाने होंगे। इसके बाद पोर्टल उसे स्वयं वेरिफाइ करेगा और सही पाए जाने पर गलती स्वयं ठीक हो जाएगी अन्यथा उसे रिजेक्ट कर देगा। ऐसी स्थिति में आवेदक फिजिकल वैरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है। समाधान शिविर में गलती ठीक करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। सवाल : आप कह रहे हैं कि इसे आसान बना दिया, समस्याएं तो अब भी बहुत है।उत्तर : किसी भी नई चीज के शुरूआती दौर में ऐसा होता है। समय के साथ उसमें सुधार होता है। PPP में भी समय के साथ काफी सुधार हुआ है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगा। सवाल: PPP आने से लोगों की समस्याएं काफी बढ़ी है। आय, नाम, आयु जैसी कई समस्याएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।उत्तर : सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, जिससे बिना किसी बाधा के पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। समस्याओं के समाधान के लिए मेरा परिवार पोर्टल बनाया गया है। जिससे कोई भी व्यक्ति खुद गलतियां ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

आरती के बाद राव नरबीर की खामोशी से बढ़ा सस्पेंस:पार्टी ने कसा शिकंजा या किसी और तैयारी में, राजनीतिक पंडितों बढ़ने लगी धड़क्कने

दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में पिछले दो दिन खामोशी देखने को मिली। शनिवार को महेंद्रगढ़ में आरती राव और रविवार को रेवाड़ी में राव नरबीर सिंह राजनीति पर बोलने से बचते नजर आए। अहीरवाल की राजनीति के दो धुर विरोधी दिग्गज परिवारों खामोशी ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। पिछले कुछ माह से एक दूसरे के खिलाफ हमलावर दोनों दिग्गजों पर पार्टी ने शिकंजा कसा है या फिर बड़े सियासी तूफान के आने की आहड़। इससे अब राजनीति के जानकारों की धड़कने भी बढ़ने लगी हैं। राव नरबीर सिंह रविवार को महंत आजाद नाथ योगी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने रेवाड़ी पहुंचे थे। कार्यक्रम में राव नरबीर सिंह ने सरकार की योजनाएं गिनवाई और ग्रामीणों से मुलाकात की। रास्ते में जगह जगह स्वागत समारोह कर समर्थकों ने विरोधियों को राव नरबीर सिंह की ताकत का एहसास करवाने का प्रयास किया। पत्रकारों ने रास्ते में हुए स्वागत कार्यक्रम में पहुंचने पर सवाल किया तो अक्सर मुखर रहने वाले राव नरबीर ने सधा हुआ जवाब दिया। राव नरबीर बोले भाजपा हमेशा चुनाव के मूड में रहती है। इसे 2029 के चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। महेंद्रगढ़ में बोली थी आरती, कुछ नहीं कहूंगी दक्षिणी हरियाणा के अपने 5 दिवसीय दौरे के दौरान शनिवार को आरती राव महेंद्रगढ़ की अटेली विधानसभा के गांवों में थी। आरती ने विभिन्न गांवों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। सरकार की योजनाओं से भी ग्रामीणों को अवगत करवाया। आरती राव ने राव इंद्रजीत सिंह और विरोधियों के विवाद पर सवाल पर चुप्पी साध ली। आरती राव बोली- इस पर राव साहब बहुत कुछ कह चुके हैं। मैने भी काफी कुछ बोला है। अब इस पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। एक दूसरे को दिलाई थी याद सियासी जंग के बीच राव इंद्रजीत सिंह ने 2009 के चुनाव में राव नरबीर को मिले चौथे स्थान को लेकर तंज कसा था। राव नरबीर ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि मैने तो अपनी राजनीति ही जाटुसाना में राव इंद्रजीत सिंह को हराकर की थी। शायद उम्र के कारण उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है। इससे पहले भी दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमले किए थे। जिसमें आरती राव भी पीछे नहीं रही थी। आरती ने भी पहले रेवाड़ी और फिर मानेसर में राव इंद्रजीत सिंह के विरोधियों पर हमले किए थे। अब अचानक दोनों तरफ की चुप्पी चर्चा का विषय बनने लगी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

रायसेन के किसान ने नौकरी नहीं...खेती को बनाया मिशन:4 एकड़ जमीन में सालाना 12 लाख तक मुनाफा, गांव के लोगों को भी दे रहे रोजगार

रायसेन के बनगवां गांव के किसान डॉ. योगेश पटेल ने नौकरी की बजाय अपनी खेती को आगे बढ़ाने का फैसला किया। आज वे जैविक और मल्टी-क्रॉप सब्जी खेती के जरिए चार एकड़ जमीन से सालाना 11-12 लाख रुपए तक का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। वे पेशे से पशु चिकित्सक हैं। डॉ. योगेश पटेल ने अपने खेत में मल्टी-लेयर वेजिटेबल क्रॉपिंग सिस्टम अपनाया है। यही नहीं वे गांव के लोगों से एक रुपए प्रति किलो के भाव से गोबर खरीद कर गोबर गैस भी तैयार कर रहे हैं। इस गोबर गैस से गर्मी के दिनों में जब बिजली नहीं होती है, तब जनरेटर चलाकर अपने खेतों की सिंचाई भी करते हैं। गोबर से जैविक खेती और ग्रामीणों को दिला रहे फायदाकिसान डॉ. योगेश पटेल ने अपने खेत पर गोबर गैस प्लांट बनाया है। उसे नियमित रूप से चलाने के लिए उन्होंने ग्रामीणों से 1 जनवरी 2025 से 1 रुपए प्रति किलो के भाव से गोबर खरीदना शुरू किया है। इससे गांव के लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने लगा है। गोबर के बदले तुरंत नकद भुगतान किया जा रहा है। जिससे लोग खुद अपने साधनों से भी गोबर लाकर बेच रहे हैं। गोबर से बायो गैस बनाई जा रही है, जिसकी स्लरी को आधा इंच पाइपलाइन के माध्यम से बोरवेल मोटर से जोड़कर स्प्रिंकलर द्वारा खेत के सभी पौधों तक पहुंचाया जाता है। इसी स्लरी और गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाती है, जिसे 10 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचते हैं। जैविक सब्जियों की बढ़ रही डिमांडकिसान डॉ. योगेश पटेल ने बताया कि 28 एकड़ में से 4 एकड़ में जैविक सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। शेष जमीन में धान, चना और गेहूं की फसल लगाकर उसका उत्पादन ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैविक बैंगन से 6 से 6.5 लाख रुपए (6 महीने में), पत्ता गोभी से 3 से 3.5 लाख रुपए (4 महीने में), धनिया व अन्य सब्जियों से लगभग 2 लाख रुपए की आमदनी हो रही है। खेती में लागत कम रखने के लिए वे आधुनिक मशीनों का उपयोग कर रहे हैं। खेत की तैयारी के लिए बेड मेकर मशीन और निराई-गुड़ाई के लिए मिनी टिलर का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे मजदूरी खर्च नियंत्रित रहता है। 10 से अधिक मजदूरों को मिला रोजगारडॉ. योगेश पटेल ने अपनी खेती के माध्यम से 10 से अधिक मजदूरों को स्थायी रोजगार भी उपलब्ध कराया है। ये मजदूर खेत में निराई-गुड़ाई, देखरेख और सब्जियों की तुड़ाई का कार्य करते हैं। इससे कम से कम 10 परिवारों का भरण-पोषण हो रहा है। डॉ. योगेश पटेल का यह मॉडल साबित करता है कि यदि जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और सही योजना को अपनाया जाए, तो खेती न केवल किसान को समृद्ध बना सकती है, बल्कि गांव में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी तैयार कर सकती है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

भोपाल में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह:राज्यपाल फहराएंगे ध्वज, परेड की लेंगे सलामी; झांकियाें में दिखेगी एमपी की झलक

आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया है। कार्यक्रम सुबह 9 बजे लाल परेड मैदान पर शुरू होगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में झंडा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी जाएगी। हर्ष फायर के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी जाएगी। समारोह में सशस्त्र बलों और पुलिस की संयुक्त परेड का आयोजन होगा। जिसमें विभिन्न बलों की कुल 23 टुकड़ियां शामिल होंगी। परेड में अश्वारोही दल और श्वान दस्ता भी शामिल रहेगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सजीं इमारतें... 22 विभागों की झांकियों होंगी प्रस्तुतगणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रदेश सरकार के 22 विभागों की झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इन झांकियों से विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। झांकियों में उद्यानिकी, आयुष, उच्च शिक्षा, कृषि, गृह, जनजातीय कार्य, नगरीय विकास, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, वन, स्कूल शिक्षा सहित अन्य विभाग शामिल होंगे। राज्य स्तरीय समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहेंगे। आयोजन को लेकर प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उज्जैन में रहेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादववहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में रहेंगे। वे शिप्रा नदी के किनारे स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड पर सुबह 9 बजे से आयोजित समारोह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह 8:55 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। 9 बजे राष्ट्र ध्वज फहराएंगे। तत्पश्चात परेड की सलामी, परेड निरीक्षण, मार्च पास्ट, परेड कमांडरों से परिचय, राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगान होगा। फिर परेड का निरीक्षण भी करेंगे। मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस पर प्रदेश के नाम संदेश का वाचन करेंगे। MP की 4 हस्तियों को मिला पद्म सम्मानइधर, साल 2026 के पद्म अवॉर्ड्स का ऐलान किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस साल 5 हस्तियों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें मध्य प्रदेश की 4 हस्तियां शामिल हैं। भोपाल के लेखक कैलाश चंद्र पंत, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, सागर के मार्शल आर्ट कलाकार भगवानदास रैकवार और नारायण व्यास को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। भगवानदास रैकवार को खेल, कैलाश चंद्र पंत को साहित्य एवं शिक्षा, मोहन नागर को समाज सेवा और नारायण व्यास को पुरातत्व क्षेत्र से समान के लिए चुना गया है। यह खब भी पढ़ें...सुबह 6 बजे से लागू रहेगा ट्रैफिक प्लान 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह लाल परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के मद्देनजर शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नगरीय यातायात पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी की सुबह 6 बजे से आवश्यकता अनुसार प्रवेश, पार्किंग और डायवर्सन व्यवस्था लागू रहेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

उज्जैन में पहली बार शिप्रा किनारे CM फहराएंगे ध्वज:राज्यपाल भोपाल, तोमर ग्वालियर में रहेंगे; MP में पूर्व संध्या पर आकर्षक रोशनी से सजी इमारतें

आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में हैं। वे कार्तिक मेला ग्राउंड पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे। यह पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री शिप्रा तट पर ध्वज फहराएंगे। दरअसल, दो साल बाद इसी क्षेत्र में सिंहस्थ कुंभ आयोजित होगा। कुंभ का मुख्य आयोजन कार्तिक मेला ग्राउंड के पास दत्त अखाड़ा और रामघाट पर होगा। ऐसे में सिंहस्थ मेला क्षेत्र को प्रमोट करने के उद्देश्य से इस बार गणतंत्र दिवस की परेड और मुख्य समारोह के लिए इसी क्षेत्र को चुना है। वहीं, भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ध्वज फहराएंगे। ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल सागर, जगदीश देवड़ा इंदौर में रहेंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पारिवारिक कारणों के चलते छुट्‌टी पर हैं। दूसरी ओर, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश की प्रमुख इमारतों को सजाया है। आकर्षक रोशनी से महाकाल मंदिर जगमगा उठा है। जबलपुर विद्युत वितरण कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों पर विशेष रोशनी की है। इसी तरह भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम कार्यालय समेत कई इमारतों को विद्युत सज्जा की गई है। तस्वीरों में देखिए इमारतों की सजावट... राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगानउज्जैन में मुख्यमंत्री सुबह 8:55 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। 9 बजे राष्ट्र ध्वज फहराएंगे। इसके बाद परेड की सलामी, निरीक्षण, मार्च पास्ट, परेड कमांडरों से परिचय, राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगान होगा। मुख्यमंत्री परेड का निरीक्षण करेंगे और प्रदेश के नाम संदेश का वाचन करेंगे। इसके बाद पीटी, मलखंब और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी। इस वर्ष समारोह में पुलिस के विशेष रूप से प्रशिक्षित 12 स्पेशल डॉग स्क्वाड का प्रदर्शन भी होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात विभिन्न विभागों की झांकियों का प्रदर्शन होगा। कार्यक्रम में पुलिस, आरपीएफ, बीएसएफ, एसएएफ, जिला पुलिस बल (पुरुष एवं महिला प्लाटून), जिला होमगार्ड प्लाटून, एनसीसी, सीआरपीएफ बैंड और डॉग स्क्वाड शामिल होंगे। उज्जैन में होंगे ये आयोजन यह खबर भी पढ़ें... उज्जैन में राहगीरी...सीएम ने मंच से गदा लहराई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन दौरे पर है। वे आज राहगीरी आनंदोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने बैलगाड़ी की सवारी की। कुश्ती संघ के मंच से गदा भी लहराई। इस दौरान वे आम लोगों के साथ स्वास्थ्य, फिटनेस और अलग-अलग सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

NEET छात्रा रेप–मौत, SIT की जांच में 7 खामियां:कपड़े पर लगा स्पर्म किसका, रेप हॉस्टल में हुआ या बाहर, पिता की DGP को भावुक चिट्ठी

NEET छात्रा रेप-मौत केस में 10 दिन में तीसरी जांच एजेंसी की एंट्री हुई है। पहले लोकल पुलिस ने जांच की। मामले ने तूल पकड़ा तो SIT बनी। SIT की जांच में बड़ी कमियां सामने आईं तो अब CID को जांच हैंडओवर करने की तैयारी की जा रही है। FSL की रिपोर्ट में साफ है कि छात्रा के अंडर गारमेंट्स पर स्पर्म मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि प्राइवेट पार्ट में जख्म लगे। ऐसे में साफ इशारा रेप की ओर है। डीजीपी को सौंपी गई बेसिक रिपोर्ट में भी एसआईटी की कई खामियां सामने आई हैं। छात्रा के साथ रेप किसने किया? यह घटना कहां घटी, हॉस्टल में या बाहर? कपड़े पर लगा स्पर्म किसका है? CID को अब इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे। इस बीच पिता ने डीजीपी को एक पत्र लिखा है, जिसमें कई अहम सवाल उठाए गए हैं। भास्कर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, SIT की जांच में क्या 7 खामियां रहीं। इस मामले में CID की एंट्री क्यों हो रही है? अब CID के सामने क्या चुनौती है? सबसे पहले जानिए, SIT की जांच क्यों सवालों में आई, 7 खामियां? 1- जांच की स्पीड स्लो और थ्योरी गढ़ते रहे NEET छात्रा रेप-मौत केस में अब यह साफ होता जा रहा है कि SIT की जांच न सिर्फ सुस्त रही, बल्कि कई मुख्य पॉइंट पर भटकती भी दिखी। शुरुआती जांच से ही एसआईटी थ्योरी गढ़ने में उलझी नजर आई। रेप जैसे गंभीर अपराध के संकेत सामने होने के बाद भी जांच की दिशा देर से बदली। अब, जब फोरेंसिक रिपोर्ट ने बता दिया है कि मामला रेप का है तो सवाल सिर्फ अपराध का नहीं रहा। सवाल यह है कि रेप कहां हुआ? कैसे हुआ? SIT यह सवाल समय रहते क्यों सुलझा नहीं पाई? दो पुलिसकर्मियों का निलंबन, CID की एंट्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी की सख्ती यह संकेत देती है कि सरकार भी मान रही है कि यह जांच सही पटरी पर नहीं थी। शुरुआत से ही SIT ने इस केस को मारपीट या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की थ्योरी पर रखा। रेप की आशंका को शुरुआती दौर में प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि इसी समय सबूत सुरक्षित करना चाहिए था। हॉस्टल सील करना था, लेकिन हुआ इसका उलट। जांच का फोकस हॉस्टल से हटाकर जहानाबाद के गांव और परिवार के आसपास ले जाया गया। 2- शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर नरमी, परिवार पर सख्ती शंभू गर्ल्स हॉस्टल इस पूरे केस का केंद्र है। छात्रा यहीं रहती थी। यहीं से बेहोशी की हालत में मिली। इसके बाद भी हॉस्टल मालिक को रिमांड पर नहीं लिया गया। यहां तक कि संचालक, स्टाफ और केयर टेकर से भी सख्ती से पूछताछ नहीं हुई। CCTV अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि फुटेज मौजूद है या नहीं। अगर है तो कहां? इसके उलट, परिवार के लोग (मां, पिता, मामा और ममेरा भाई) लगातार पूछताछ के दायरे में रहे। परिजन खुलकर कहते रहे, ‘हमारी बेटी मरी और पुलिस हम पर ही शक कर रही है।’ 3- AIIMS से पूछा मेडिकल निष्कर्ष, पूरे डॉक्यूमेंट नहीं दिए SIT ने मेडिकल निष्कर्ष के लिए AIIMS का रुख किया, लेकिन यहां भी बड़ी चूक सामने आई। AIIMS को 9 दिन बाद भी पूरे डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं कराए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी, फोरेंसिक और इलाज की पूरी चेन, इन सबके बिना AIIMS ने साफ कहा कि कोई निष्कर्ष देना जल्दबाजी होगी। इसके बावजूद SIT ने DGP को एक ‘बेसिक रिपोर्ट’ सौंप दी। सवाल उठता है- जब मेडिकल जांच अधूरी थी तो रिपोर्ट किस आधार पर? यही वह पॉइंट है, जहां SIT की विश्वसनीयता कमजोर पड़ती दिखी। 4- फोरेंसिक रिपोर्ट ने बदली कहानी FSL की रिपोर्ट से केस का सबसे निर्णायक मोड़ आया। फोरेंसिक रिपोर्ट में बताया गया कि छात्रा के कपड़े से स्पर्म मिला है। इससे रेप की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। यह वही बात है जिसे परिजन शुरू से कहते रहे और जिसे SIT ने देर से गंभीरता से लिया। यह फोरेंसिक सबूत केस की दिशा तय करता है। इससे साफ है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा हुई। अब बहस इस पर नहीं कि रेप हुआ या नहीं। अब असली सवाल यह है कि रेप कहां हुआ और कैसे हुआ? 5- रेप कहां हुआ, हॉस्टल में या बाहर? अब सबसे बड़ा सवाल यही है, जिसका जवाब SIT अब तक नहीं ढूंढ पाई कि रेप कहां हुआ है? SIT इन संभावनाओं की गहराई से जांच नहीं कर पाई। न तो हॉस्टल को पूरी तरह फोरेंसिक जांच के दायरे में लाया गया, न ही मूवमेंट और लोकेशन की सख्त टाइमलाइन बनाई गई। अब यह काम CID के जिम्मे किया जा सकता है। 6- रेप कैसे हुआ? इस सवाल से भी बचती रही SIT रेप सिर्फ कहां हुआ? यह जानना काफी नहीं। यह जानना भी जरूरी है कि कैसे हुआ। इन सवालों के जवाब मेडिकल, फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों से निकलते हैं। लेकिन जब शुरुआती दौर में सबूतों को उसी नजर से नहीं देखा गया तो जवाब भी देर से सामने आएंगे। 7- बयान से लोग मुकरने लगे SIT ने जिन लोगों के बयान दर्ज किए थे (ड्राइवर, मेडिकल स्टोर कर्मी और यहां तक कि परिजन) उनमें से कई अब कह रहे हैं कि उनके बयान गलत संदर्भ में दर्ज किए गए या दबाव में लिए गए। यह जांच प्रक्रिया पर एक और गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर बयान ही विवादित हो जाएं, तो जांच कैसे टिकेगी? मृतक छात्रा के पिता ने DGP को लिखा पत्र, की ये 8 मांग मृतक छात्रा के पिता ने बिहार के DGP को पत्र लिखकर SIT को निष्पक्ष जांच के निर्देश देने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही 8 मांग की हैं। SIT और पुलिस आखिर किसे बचा रही हैं? यह सवाल यूं ही नहीं उठ रहा। जांच के पैटर्न, कार्रवाई की दिशा और कुछ किरदारों के साथ बरती गई नरमी इस शक को जन्म दे रही है कि मामले में किसी प्रभावशाली या राजनीतिक व्यक्ति का कनेक्शन हो सकता है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े लोगों (संचालक, स्टाफ या भवन से जुड़े किरदार) पर कार्रवाई बेहद सीमित रही। रिमांड नहीं, कस्टोडियल पूछताछ नहीं, CCTV सार्वजनिक नहीं। इसके उलट, पूरा प्रशासनिक दबाव पीड़ित परिवार पर दिखा। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में कुछ नामों पर ‘ऊपर तक बात होने’ की चर्चा पुलिस गलियारों में भी रही। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी स्तर पर नहीं की गई। यही वजह है कि जांच की रफ्तार और दिशा को लेकर संदेह गहराया। अगर मामला सिर्फ एक सामान्य अपराध का होता तो इतनी देर, इतनी चुप्पी और इतनी हिचक क्यों होती? राजनीतिक संरक्षण की आशंका इसलिए भी मजबूत होती है, क्योंकि जैसे ही मामला सार्वजनिक दबाव और मीडिया की निगरानी में आया-तुरंत निलंबन हुए, CID की एंट्री हुई और गृह मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा। सवाल यह है कि अगर सब कुछ सही चल रहा था, तो यह सख्ती पहले क्यों नहीं दिखी? यही वजह है कि अब यह चर्चा तेज है कि SIT की जांच सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:29 am

सोनीपत में फर्जी रजिस्ट्री पर नायब तहसीलदार पर लटकी तलवार:डीसी ने विभाग को लिखा लेटर; रजिस्ट्रेशन पावर लेने की सिपारिश, FIR करने के आदेश

सोनीपत के गन्नौर तहसील में पेपरलेस सिस्टम के तहत हुई पहली फर्जी रजिस्ट्री के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसी सुशील सारवान ने एडीसी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। वहीं बेचने वाला और खरीदार व अन्य सभी आरोपितों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरोपित नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री पावर छीने जाने की सिफारिश की गई है और फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर करने के निर्देश दिए गए हैं। अब 2 पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला...10 जनवरी को मालिक को पता चला: दिल्ली के शालीमार बाग, बी-ब्लॉक निवासी बिकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम वर्ष 2011 से गन्नौर बाय रोड पर दो रजिस्ट्रियों में कुल 36 कनाल जमीन दर्ज है। 10 जनवरी को उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई है।फर्जी अथारिटी लेटर बनाकर खुद को मालिक बताया:शिकायतकर्ता के अनुसार नसीरपुर बांगर निवासी प्रमोद कुमार ने उनकी फर्म का फर्जी अथारिटी लेटर तैयार कराया और खुद को जमीन का मालिक बताते हुए जमीन बेच दी। जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के आधार पर जींद के पिल्लूखेड़ा निवासी बलबीर सिंह को करीब 6.16 करोड़ रुपए में जमीन बेची गई। छुट्टी के दिन डीसी ने बुलाई बैठक, दिनभर चला मंथनमामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी सुशील सारवान ने रविवार को छुट्‌टी के दिन जिला राजस्व अधिकारी, तहसील स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कैंप कार्यालय बुलाया। दिनभर चले मंथन और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद डीसी ने चार अहम प्रशासनिक फैसलों पर आदेश जारी किए। एडीसी की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय जांच कमेटीपूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एडीसी लक्षित सरीन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। एडीसी को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार किसी भी अधिकारी को कमेटी में शामिल कर सकते हैं। कमेटी को 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।एफआईआर दर्ज करने के आदेशडीसी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी विक्रेता, फर्जी खरीदार, गवाह, नंबरदार और डीड राइटर सहित सभी आरोपितों पर आपराधिक केस दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री शक्तियां छीने जाने की सिफारिशवहीं सोनीपत के डीसी सुशील सारवान ने फर्जी रजिस्ट्री करने के आरोप में गन्नौर के नायब तहसीलदार अमित कुमार की रजिस्ट्रेशन पावर तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश की है। इसी को लेकर डीसी ने राजस्व विभाग की वित्तायुक्त सुमिता मिश्रा को लेटर लिखा है और कार्रवाई करने को कहा है। जांच पूरी होने तक आरोपी अधिकारी को रजिस्ट्री से संबंधित किसी भी कार्य से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट के आदेश से ही रद्द होगी फर्जी रजिस्ट्रीनए पेपरलेस सिस्टम के तहत रजिस्ट्री होने के बाद उसे न तो मैन्युअल और न ही वेब हैलरिस पोर्टल पर रद्द किया जा सकता है। इसी कारण डीसी ने गन्नौर की तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद ही रजिस्ट्री निरस्त होगी। गवाह, नंबरदार और डीड राइटर भी घेरे में27 नवंबर को हुई रजिस्ट्री के दौरान गोहाना के गांव बरोदा निवासी प्रवीन कुमार को गवाह और गांव बाय निवासी रविंद्र को नंबरदार दर्शाया गया था। इसके अलावा डीड राइटर विनय कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। शिकायतकर्ता ने इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी।मामला खुलने पर नायब तहसीलदार ने लिखा पत्रफर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद 13 जनवरी को रजिस्ट्री करने वाले नायब तहसीलदार अमित कुमार ने भी खुद को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पुलिस को पत्र लिखकर फर्जी विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। प्रभावशाली लोगों के नाम जुड़ने के कारण उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। राजस्व मंत्री ने भी मांगे दस्तावेजराजस्व मंत्री विपुल गोयल ने इस फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए हैं। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और कार्यालय खुलते ही इस प्रकरण की अलग से जांच कमेटी गठित कराई जाएगी। जांच में लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।गुरुग्राम में भी विवादों में रहे हैं आरोपी अधिकारीयह पहला मामला नहीं है जब नायब तहसीलदार अमित कुमार विवादों में आए हों। वर्ष 2024 में गुरुग्राम की कादीपुर तहसील में उनके कार्यकाल के दौरान रजिस्ट्री घोटालों के आरोप लगे थे। उस समय राजस्व मंत्री ने जांच और आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।गन्नौर में पहले भी हो चुका है रजिस्ट्री फर्जीवाड़ागन्नौर तहसील में रजिस्ट्री में अनियमितताओं का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2023 में तत्कालीन नायब तहसीलदार शिवराज द्वारा नगर पालिका क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों में 63 रजिस्ट्रियां बिना नगर पालिका एनओसी और प्रॉपर्टी टैक्स के कर दी गई थीं। मामले में जांच के बाद अधिकारी को पहले हटाया गया और बाद में निलंबित किया गया था।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:28 am

लाइब्रेरी पर ताला-खेत बंजर, ऐसा है पंतजी का गांव:UP के पहले CM के परिवार के 7 सदस्य गांव में बचे, सड़क-पानी भी नहीं

यहां पर पंत परिवार के मुश्किल से 7 घर बचे हैं। जो बचे हैं, उनकी मजबूरी है। न यहां मेडिकल सुविधा है, न स्कूल, और न ही रोजगार। हम हाउस वाइफ हैं, एक गाय पाल रखी है, बस उसी के सहारे दिन काट रहे हैं। रास्ते इतने जर्जर हैं कि कोई सुध लेने वाला नहीं है। हमारी पीढ़ी तो जैसे-तैसे कट गई, लेकिन बच्चों का भविष्य यहां अंधकार में है यह दर्द भरी दास्तां रमा पंत की है। यह किसी आम महिला का बयान नहीं, बल्कि उस गांव की एक बाशिंदे की आवाज है, जिस गांव ने देश को 'भारत रत्न' गोविंद बल्लभ पंत दिया। आज 26 जनवरी है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। तिरंगा शान से लहरा रहा है और हम आजादी के नायकों को नमन कर रहे हैं। लेकिन, ठीक इसी वक्त, उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृह मंत्री गोविंद बल्लभ पंत का पैतृक गांव 'खूंट' (अल्मोड़ा) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। दैनिक भास्कर की टीम जब इस गांव में पहुंची, तो वहां गणतंत्र का जश्न नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का मातम पसरा मिला। खूंट गांव में घुसते ही जो पहली चीज आपका स्वागत करती है, वह है- सन्नाटा। पहाड़ की वादियों में गूंजता हुआ सन्नाटा। यह सन्नाटा सुकून का नहीं, बल्कि वीराने का है। गांव की एक और निवासी रश्मि आर्या का दर्द भी रमा पंत जैसा ही है। वे कहती हैं, यहां पर 7 परिवार अभी तक बचे हैं। पलायन का कारण साफ़ है... न अस्पताल है, न स्कूल की ढंग की सुविधा। बच्चे बेरोजगार पड़े हैं। हम औरतों के लिए भी कुछ नहीं है। सिवाय जानवरों को संभालने के हमारे पास कोई काम नहीं। रास्तों की हालत देखिए, लगता है सालों से किसी ने इनकी खबर नहीं ली। यह बयान उस हकीकत पर मुहर लगाता है जिसे सरकारी फाइलें अक्सर छुपा ले जाती हैं। खूंट ग्राम पंचायत, जिसके अंतर्गत खूंट और बालसा दो गांव आते हैं, आज डेमोग्राफिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आंकड़े गवाह हैं कि इस क्षेत्र में सबसे अधिक पलायन उसी 'पंत परिवार' का हुआ है, जिसके नाम पर यह गांव जाना जाता है। गोविंद बल्लभ पंत के वंशज और रिश्तेदार, जो कभी इस गांव की रौनक हुआ करते थे, अब शहरों में बस गए हैं। सुविधाओं के अभाव ने उन्हें अपनी जड़ों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया। गांव में अब पंत और भोज परिवारों की आबादी सिमट गई है। जो युवा पढ़-लिख गए, वे सबसे पहले निकले। पीछे रह गए हैं तो सिर्फ बुजुर्ग, महिलाएं या वो लोग जिनके पास जाने का कोई विकल्प नहीं था। पानी के लिए संघर्ष: एक पेड़ जिसे दो साल से हटाया नहीं गया गांव की मूलभूत समस्याओं की गहराई को समझने के लिए हमने मीना पंत से बात की। उनकी बात सुनकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रशासन यहां कितना निष्क्रिय है। मीना पंत एक नौले (प्राकृतिक जल स्रोत) की तरफ इशारा करते हुए बताती हैं, हम लोग यहां पीने का पानी भरने आते हैं। रास्ते में यह पेड़ टूटा पड़ा है, इसे गिरे हुए दो साल हो गए हैं। हमने कितनी बार कंप्लेन कर दी, लेकिन इसे हटाने वाला कोई नहीं है। रास्ता इतना उबड़-खाबड़ है कि पानी सिर पर रखकर लाने में जान निकल जाती है। हमारी उम्र अब इतनी हो गई है कि शरीर साथ नहीं देता, लेकिन मजबूरी है। कोसी नदी का पानी आता तो है, लेकिन वो पीने लायक नहीं है। पीने के लिए हमें इसी खतरनाक रास्ते से होकर नौले तक आना पड़ता है। सोचिये, जिस गांव के बेटे ने देश की जल और बिजली परियोजनाओं की नींव रखी हो (रिहंद बांध आदि), आज उसी के गांव की बुजुर्ग महिलाएं एक टूटे हुए पेड़ को रास्ते से हटवाने के लिए दो साल से गुहार लगा रही हैं। यह सिर्फ एक पेड़ नहीं है, यह प्रशासन की संवेदनहीनता का स्मारक है। स्मारक या खंडहर? 'भारत रत्न' का अपमान गांव के बीचोबीच वह स्थान है जहाँ 10 सितंबर 1887 को गोविंद बल्लभ पंत का जन्म हुआ था। 1987 में, उनकी जन्म शताब्दी पर यहां एक स्मारक बनाया गया था। तब तत्कालीन उपराष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा आये थे। वादे हुए थे, भाषण हुए थे। आज उस स्मारक की हालत देखिये। बाहर से रंग-रोगन करके चमका दिया गया है, लेकिन हकीकत पीछे की दीवारों पर लिखी है। गांव के शंकर सिंह भोज हमें वो असली तस्वीर दिखाते हैं। वे कहते हैं, भारत रत्न पंडित जी का यह ऐतिहासिक भवन अब बस अवशेष बनकर रह गया है। पहले दीवारें ऊंची थीं, अब पत्थर गिर रहे हैं। पीछे देखिये, जंगली झाड़ियाँ और बिच्छू घास उग आई है। क्या प्रशासन यहां एक सफाई कर्मचारी भी नियुक्त नहीं कर सकता? बाहर से पर्यटक आते हैं, पंत जी की धरोहर देखने, और उन्हें यहां झाड़ियाँ और गिरते पत्थर मिलते हैं। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में यहां कुछ नहीं बचेगा। शंकर सिंह की चिंता वाजिब है। 10 सितंबर को जब पंत जी की जयंती होती है, तो नेताओं का तांता लग जाता है। मालाएं चढ़ती हैं, फोटो खिंचती हैं, और फिर अगले एक साल के लिए गांव को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। स्मारक पर चढ़ी वो सूखी मालाएं आज भी लटकी हैं, जो 10 सितंबर को चढ़ाई गई थीं। यह सूखापन केवल फूलों का नहीं, बल्कि सरकारी दावों का भी है। ताले में बंद भविष्य: गांव में सिर्फ नाम की लाइब्रेरी शिक्षा पंत जी के जीवन का मूल मंत्र था। गांव वालों की मांग पर यहां एक वाचनालय और पुस्तकालय भवन बनाया गया। भवन खड़ा है, लेकिन दरवाजे पर ताला जड़ा है। गांव के युवा रोहित पंत हमें उस बंद इमारत के सामने ले जाते हैं। उनके शब्दों में गुस्सा और हताशा दोनों है। रोहित कहते हैं, मेरे पीछे जो बिल्डिंग आप देख रहे हैं, यह पुस्तकालय है। जब से बना है, तब से बंद है। इसे बनाने का क्या फायदा जब इसमें ताला ही लटकाना था? अगर यहां किताबें होतीं, अखबार आते, कंप्यूटर होता, तो हम जैसे गरीब बच्चे यहीं रहकर एसएससी (SSC) या समूह-ग की तैयारी कर सकते थे। हमें अल्मोड़ा जाकर महंगा किराया नहीं देना पड़ता। बच्चे यहां से पलायन क्यों कर रहे हैं? क्योंकि यहां संसाधन होकर भी नहीं हैं। इस ताले को खोलिये, इसमें इंटरनेट दीजिये, ताकि गांव का युवा भी दुनिया से जुड़ सके। रोहित का यह सवाल सिस्टम के मुंह पर तमाचा है। लाखों रुपये खर्च करके ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर देना विकास नहीं है। उसका उपयोग होना विकास है। आज खूंट का युवा पढ़ना चाहता है, लेकिन उसे पढ़ने के लिए अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। डर के साये में खेती: बाघ, बंदर और सुअर का राज पहाड़ की रीढ़ खेती है, लेकिन खूंट में खेती अब घाटे और जान के जोखिम का सौदा बन गई है। धामस निवासी संतोष सिंह बिष्ट बताते हैं कि कैसे जंगली जानवरों ने जीना मुहाल कर दिया है। संतोष कहते हैं, यहां स्वास्थ्य और रोजगार की तो दिक्कत है ही, लेकिन जंगली जानवरों का आतंक सबसे बड़ा है। बंदर, सुअर और बाघ... इनका डर सुबह-शाम बना रहता है। दिनदहाड़े बाघ दिख रहे हैं। सुअर रात भर में पूरी खेती खोद डालते हैं। पिछले तीन साल से गांव में रबी की फसल बोना ही बंद कर दिया गया है। लोग खेती छोड़ रहे हैं क्योंकि फसल बचाने के लिए जान जोखिम में कौन डाले? बच्चों के खेलने के लिए कोई स्टेडियम नहीं है, जबकि दूसरे गांवों में बन रहे हैं। यहां विकास के नाम पर शून्य है। खेत बंजर हो रहे हैं। जब खेत बंजर होते हैं, तो पेट नहीं भरता, और जब पेट नहीं भरता, तो इंसान घर छोड़ने को मजबूर होता है। खूंट का पलायन इसी चक्रव्यूह का नतीजा है। बुजुर्गों की यादों में पंत, हकीकत में सिर्फ मलाल गांव के 79 वर्षीय बुजुर्ग आनंद सिंह भोज, पंत जी के दौर की कड़ियां जोड़ते हैं। वे कहते हैं, पंत जी हमारे दादाजी की उम्र के थे। हमने सुना है कि उनका बचपन यहीं बीता। यह जो खंडर दिख रहा है, यहीं वो पैदा हुए थे। पहले यहां गड़महल का पेड़ था, बच्चे खेलते थे। सरकार ने स्मारक तो बना दिया, लेकिन गांव को नहीं बचा पाई। अब यहां पंत परिवार के सिर्फ 5-7 मवासे (परिवार) बचे हैं। बाकी सब सप्लाई (पलायन) कर गए। आनंद सिंह की आंखों में वो चमक नहीं है जो किसी 'भारत रत्न' के पड़ोसी होने पर होनी चाहिए। उनकी आंखों में एक खालीपन है—एक ऐसा खालीपन जो तब आता है जब आप अपने ही लोगों को एक-एक करके जाते हुए देखते हैं। जमीन की लूट: धरोहर पर भू-माफिया की नजर जिस दौरान हम गांव में थे तो दबी जबान में लोगों ने ऑफ कैमरा बताया कि 'भारत रत्न' के गांव की मिट्टी अब बिकाऊ हो गई है। कुछ स्थानीय बिचौलिए ग्रामीणों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए में जमीनें खरीदी जा रही हैं और बाहरी रसूखदारों को 15-20 लाख रुपए में बेची जा रही हैं। बाहरी लोग यहां रिसॉर्ट या हॉलिडे होम बनाने की फिराक में हैं। जिस गांव में पंत जी ने सादगी और स्वावलंबन का पाठ पढ़ा था, वहां अब कंक्रीट के जंगल उगने की तैयारी है। गांव वाले डरते हैं, इसलिए कैमरे के सामने नाम नहीं लेते, लेकिन दबी जुबान में सब कह रहे हैं- हमारी जमीनें लुट रही हैं और हम कुछ नहीं कर पा रहे। गोविंद बल्लभ पंत ने कहा था, भारत की आत्मा गांवों में बसती है। विडंबना देखिये कि उनकी अपनी ही आत्मा (उनका गांव) तिल-तिल कर मर रही है। धामस का छोटा सा केंद्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। एम्बुलेंस तक नहीं है। लाइब्रेरी में ताला है, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। मनरेगा के अलावा कोई काम नहीं। पगडंडियां टूटी हैं, पेड़ रास्तों को रोके खड़े हैं। पलायन कर चुके पंत परिवारों के बंद घरों के दरवाजों पर लटके जंग लगे ताले संकेत दे रहे हैं- हमें याद मत करो, बस हमें बचा लो। दैनिक भास्कर की टीम जब हम गांव से लौट रही थी, तो पीछे पंत जी की प्रतिमा खड़ी थी। धूप ढल रही थी और प्रतिमा की परछाईं उन झाड़ियों पर पड़ रही थी जिन्हें काटने वाला कोई नहीं है। शायद यही आज के भारत की सबसे सच्ची और कड़वी तस्वीर है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:27 am

फरीदाबाद में क्रिकेट स्टेडियम का काम फिर अटका:90 करोड़ के नए इस्टीमेट की मंजूरी का इंतजार; विधायक बोले- जल्द कार्य शुरू होगा

फरीदाबाद में पिछले पांच वर्षों से बंद पड़े राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के काम को जनवरी के अंत में शुरू कराने का दावा किया गया था, लेकिन नगर निगम द्वारा तैयार किए गए 90 करोड़ रुपए के इस्टीमेट को अब तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में शहरवासियों को स्टेडियम के शुरू होने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पहले इस स्टेडियम का निर्माण FMDA (फरीदाबाद मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा किया जाना था, लेकिन अब सरकार ने इसके अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को सौंप दी है। नगर निगम ने पहले से प्रस्तावित 123 करोड़ रुपए की लागत के अलावा 90 करोड़ रुपए का नया इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा है, जिसे अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस मामले में बडखल विधायक धनेश अद्लखा ने कहा कि सरकार जल्द ही नए इस्टीमेट को मंजूरी दे देगी और 2026 में स्टेडियम का काम बहुत जल्दी शुरू किया जाएगा। पांच साल से ठप पड़ा निर्माण कार्य राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है। साल 2023 में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) को सौंपी गई थी, लेकिन नगर निगम से एनओसी न मिलने और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के चलते एफएमडीए भी काम शुरू नहीं करा सका। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सरकार ने स्टेडियम का काम दोबारा नगर निगम को सौंप दिया। अक्टूबर में बड़खल विधायक धनेश अद्लखा ने स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई का काम शुरू कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह काम भी बंद हो गया और तब से स्टेडियम में कोई गतिविधि नहीं हो पाई है। 1981 में बनाया गया स्टेडियम फरीदाबाद के एनआईटी में बने राजा नाहर सिंह के नाम से किक्रेट खेल स्टेडियम को 1981 में बनाया गया था। उस समय इसमें 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके निर्माण की तारीख से लेकर 37 सालों में अभी तक महज 8 इंटरनेशनल मैच ही यहां पर हो पाए हैं। इस स्टेडियम में आखरी मैच साल 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था, जो एक दिन का वन-डे मैच था। मनोहर लाल सरकार में बनी योजना स्टेडियम की स्थिति काफी खराब होने के चलते इसे नए सिरे से बनाने की योजना बनाई गई थी। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसे लेकर नगर निगम ने 135 करोड़ रूपए का बजट तैयार किया, लेकिन सरकार ने उसमें से 115 करोड़ रूपए को ही मंजूरी दी। जिसके बाद जनवरी 2019 में स्टेडियम को नई तकनीकी से बनाने का काम शुरू कर दिया गया। साल 2020 तक स्टेडियम का काम ठीक चलता रहा, लेकिन साल के बीच में आकर निर्माण कर रही कंपनी ने काम बंद कर दिया। सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनना था राजा नाहर सिंह स्टेडियम को सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनाने के लिए साल 2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी को इसका कार्य दिया गया। लेकिन कंपनी ने बजट कम होने का हवाला देकर काम को बंद कर दिया। जिसके बाद साल 2023 में हरियाणा के सीएम नायाब सैनी के सामने एफएमडीए की बैठक में स्टेडियम का मामला उठा। सीएम ने अधिकारियों से काम में देरी होने को लेकर जानकारी ली। जिसके बाद स्टेडियम के निर्माण की जांच करने के लिए एसीबी को जिम्मेदारी सौंपी गई। दो सालों में एसीबी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। जिसके कारण स्टेडियम का काम बंद रहा। FMDA ने 292 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया साल 2023 में इस स्टेडियम को एफएमडीए ने टेकओवर कर लिया। लेकिन एसीबी की जांच रिपोर्ट के चलते वह काम शुरू नहीं करा पाए । एफएमडीए ने इसके निर्माण के लिए 292 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट तैयार किया था। काम शुरू करने से पहले एफएमडीए ने नगर निगम को पत्र लिखकर एनओसी मांगी थी, लेकिन FMDA भी इस काम को शुरू नहीं करा पाई। अब नगर निगम पूरा कराएगा काम सरकार ने अब स्टेडियम के काम को पूरा कराने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को दे दी है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, काम को बीच में छोड़ने वाली गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी ही इस काम को पूरा करेगी। अब इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 123 करोड़ रूपए मंजूर किए गए। जिसमें से 71 करोड़ रूपए का काम कपंनी इस स्टेडियम के अंदर कर चुकी है।लेकिन अब 90 करोड़ रुपए का इस्टीमेट मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। बडखल से विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि, स्टेडियम के चारों तरफ तीन फुट चौड़ा नाला बनवाने का काम बढ़ा दिया गया है, ताकि बरसात के मौसम में पानी की निकासी को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या न रहे। स्टेडियम में ये मिलेंगी सुविधाएं स्टेडियम के निर्माण में नई चीजों को भी जोड़ा गया है। स्टेडियम के साथ ही फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन कोर्ट, बॉलीवाल मैदान और स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेडियम में लगाई गई लाइट का लक्स लेवल 1500 से बढ़ाकर तीन हजार मीटर किया जाएगा। स्टैंड ऊपर सीट, फुटवाल मैदान, एथलीट मैदान, स्विमिंग पूल आदि का काम किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:26 am

ग्वालियर में बनता है उच्च गुणवत्ता का तिरंगा:9 मानकों पर खरा उतरने के बाद 55 दिन की मेहनत से लेता है आकार

भारत में राष्ट्रीय ध्वज दो ही स्थानों पर उच्च मानकों के साथ तैयार किया जाता है। इनमें से एक ग्वालियर स्थित मध्य भारत खादी संघ है, जबकि दूसरा संस्थान कर्नाटक के बेंगिरी गांव में है। ग्वालियर का मध्य भारत खादी संघ ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) द्वारा ISI प्रमाणित भारतीय तिरंगा बनाता है। यह संस्थान देश के उन चुनिंदा केंद्रों में से एक है, जहां राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण के लिए निर्धारित कड़े मानकों का पालन किया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। कपास की कताई, बुनाई और डाई सहित कुल 9 मानकों पर खरा उतरने के बाद ही तिरंगा झंडा अपना अंतिम आकार लेता है। धागे से लेकर तैयार झंडे तक के इस सफर में कई कारीगरों और बुनकरों की कला के साथ-साथ लगभग 55 दिनों की कड़ी मेहनत लगती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक झंडा उच्चतम गुणवत्ता और निर्धारित विशिष्टताओं के अनुरूप हो। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के लाल किले पर भी ग्वालियर में महिला-पुरुष कारीगरों द्वारा निर्मित झंडा फहराया जा चुका है, जो इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। ग्वालियर शहर से 16 राज्यों में भेजते हैं झंडा मध्य भारत खादी संघ की वर्कशॉप ग्वालियर के जीवाजी गंज में स्थित है। जहां स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस से कुछ महीनों पहले से कारीगर दिन-रात काम में जुटे रहते हैं ताकि देशभर से आने वाली मांग की पूर्ति की जा सके। देशभर में फहराए जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज में से 40 प्रतिशत ग्वालियर में बनाए जाते हैं। यहां से देश के 16 राज्यों में झंडा बनकर भेजा जाता है। राष्ट्रध्वज बनने की पूरी प्रक्रिया को जाननेदैनिक भास्कर की टीम वर्कशॉप में पहुंची। यहां एक बड़े से हॉल में 15 से 16 महिला और पुरुष कारीगर झंडा बनाने में व्यस्त थे। कोई झंडे की सिलाई कर रहा था तो कोई उसकी नपाई। महिलाएं झंडों की सिलाई करने में व्यस्त थीं। एक दिन में उन्हें लगभग 650 झंडे सिलने होते हैं। तिरंगे झंडे की हाथ से सिलाई करती बुजुर्ग महिला सीसल वुड की रस्सी से फहराया जाता है। झंडा सिल रहीं महिला रानी सावंत ने बताया कि वह पांच साल से सिर्फ झंडे ही सिल रही हैं। 26 जनवरी और 15 अगस्त के वक्त काम बढ़ जाता है। जहां झंडों की सिलाई का काम चल रहा था, वहीं पास में धीरेंद्र जमीन पर बैठकर झंडे को साधने वाली रस्सी गूंथ रहा था। हमें बताया गया कि जिस रस्सी से झंडा साधा जाता है वह आम नहीं होती। सीसल वुड से यह रस्सी बनती है। इसके पास ही लैब में झंडों की फाइनल टेस्टिंग की जा रही थी। पास ही एक कमरा था जहां तैयार झंडे रखे हुए थे। लैब की इंचार्ज नीलू मैकले ने बताया कि सबसे पहले झंडों की नपाई और उसके बाद झंडे को फोल्ड करने का भी नियम होता है। केसरिया रंग अंदर आता है और हरा रंग ऊपर आता है। झंडे को बांधने वाली रस्सी और लकड़ी की गुल्ली भी खास होती है। झंडे में लगने वाली रस्सी सीसल वुड की होती है। यह देश में कम ही पाई जाती है। यह रस्सी पहले विदेश से मंगाई जाती थी, पर अब पश्चिम बंगाल में ही मिल जाती है। यह 495 रुपए किलो मिलती है। कर्नाटक और मध्यप्रदेश में ही बनता है राष्ट्रीय ध्वजतिरंगा बनाने का काम देश में तीन स्थानों महाराष्ट्र के मुंबई, कर्नाटक के हुबली और मध्यप्रदेश के ग्वालियर में किया जाता था, लेकिन अब महाराष्ट्र में झंडे नहीं बनते हैं। फिलहाल हुबली और ग्वालियर में ही झंडे बनाने का काम हो रहा है। ग्वालियर के मध्य भारत खादी संघ में बने झंडों की डिमांड 16 से 17 राज्यों में है।यही कारण है कि देश के 40 प्रतिशत झंडे यहीं से सप्लाई होते हैं। इसके लिए खादी संघ ने नई मशीनें लगाई हैं। जहां लैबोरेटरी में टेस्ट करके 9 मानकों के आधार पर झंडे बनाकर सप्लाई किए जाते हैं। फिलहाल सालाना एक से सवा करोड़ रुपए के झंडे ग्वालियर में ही तैयार हो रहे हैं। तीन साइज के बनाए जाते हैं राष्ट्रीय ध्वजमध्य भारत खादी संघ में BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) प्रमाणित तीन साइज के तिरंगे तैयार किए जाते हैं। जिनमें 2 बाई 3, 6 बाई 4, और 3 बाई 4.5 फीट के झंडे शामिल हैं। राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए मानकों का ख्याल रखना होता है, जिसमें कपड़े की क्वालिटी, रंग और चक्र का साइज बहुत जरूरी है। उसके बाद खादी संघ में इन सभी चीजों का टेस्ट किया जाता है। इस साल 60 से 70 लाख रुपए के झंडे के ऑर्डर आ चुके हैं।मध्य भारत खादी संघ के मंत्री रमाकांत शर्मा ने बताया इन राज्यों में जाते हैं तैयार किया तिरंगे झंडेग्वालियर में बने झंडे 16 से 17 राज्यों में जाते हैं। यहां तक कि लालकिले पर भी ग्वालियर में बना झंडा फहराया जा चुका है। ग्वालियर में बना झंडा मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा, अंडमान निकोबार सहित देश की एम्बेसी सहित अन्य शासकीय व अर्द्ध शासकीय संस्थाओं में जाता है। सन 1925 में चरखा केंद्र से शुरू हुई थी तिरंगा बनाने की यात्राग्वालियर में स्थित इस केंद्र की स्थापना साल 1925 में चरखा संघ के तौर पर हुई थी। साल 1956 में मध्य भारत खादी संघ को आयोग का दर्जा मिला। इस संस्था से मध्य भारत की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी जुड़ी हैं। उनका मानना है कि किसी भी खादी संघ के लिए तिरंगे तैयार करना बड़ी मुश्किल का काम होता है, क्योंकि सरकार की अपनी गाइडलाइन है उसी के अनुसार तिरंगे तैयार करने होते हैं। यही कारण है कि जब यहां तिरंगे तैयार किए जाते हैं तो बारीकी से उनकी मॉनिटरिंग की जाती है। कड़े परीक्षण और कई दौर की जांच के बाद 2016 में मध्य भारत खादी संघ को BIS से तिरंगा बनाने की अनुमति मिली थी, जिसके बाद अब ग्वालियर देश का दूसरा सबसे बड़ा झंडा निर्माण केंद्र बन गया है। खादी केंद्र इकाई का टर्नओवर पिछले साल लगभग 4.18 करोड़ रुपए हुआ था। वहीं डिमांड बढ़ने के बाद 1 अप्रैल 2025 से 15 अगस्त 2025 की अवधि के दौरान इसका व्यापार बढ़कर 99 लाख रुपए हो गया है। इस दौरान संघ ने 26 हजार से ज्यादा झंडे बनाकर सप्लाई किए हैं। इस साल 26 जनवरी पर मध्य भारत खादी संघ के पास 1.30 करोड़ लाख रुपए के झंडे के ऑर्डर आ चुके हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:25 am

शौर्य प्रदर्शन:आज सिंदूर फॉर्मेशन में जो लाइव होगा, हूबहू 5-6 घंटे बाद गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा

दिल्ली में सोमवार को कर्तव्यपथ पर हाेने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय वायु सेना सिंदूर सहित 8 फॉर्मेशन का शौर्य दिखाएगी। भास्कर में सुबह 5-6 बजे आप तक यह फोटो होंगे। टीवी व अन्य माध्यमों पर यह नजारा सुबह करीब 11 बजे दिखेगा, क्योंकि लड़ाकू विमान भी तभी परेड में यह करतब दिखाएंगे। दरअसल, गणतंत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को फुलड्रेस ​रिहर्सल हुई। इसी के यह एक्सक्लूसिव फोटो भास्कर ने अपने पाठकों के लिए वायुसेना से विशेष आग्रह पर लिए। हूबहू यही नजारा परेड में दिखेगा। गत मई में फ्रंट लाइन फाइटर जेट्स ने पाक को कैसे परास्त किया, इसकी झलक राफेल, सुखोई, मिग 29 व जगुआर लड़ाकू विमान सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर दिखाएंगे। 29 लड़ाकू विमान और 8 स्वदेशी फॉर्मेशन जोधपुर से उड़ेंगे, दिल्ली पहुंचेंगे जोधपुर से राफेल, सुखोई 30 एमकेआई, सी 17 ग्लोबमास्टर ​सहित अन्य विमान उड़ेंगे। ये दिल्ली में कर्तव्य पथ के आसमां में 20 सेकंड में सांसें थामने वाला प्रदर्शन करेंगे। विमानों से सिंदूर और व्रज रंग तथा वर्टिकल चार्ली जैसी 8 फॉर्मेशन दिखाई जाएगी। जोधपुर सहित अन्य एयरबेस से 29 विमान उड़ान भरेंगे। परेड पूरी होने के बाद फ्लाई पास्ट का डिस्प्ले होगा। सुबह 11:15 बजे के बाद 5 मिनट अतिथियों, दर्शकों एवं टीवी पर लाखों लोगों की आंखें आसमां में टकटकी लगाए होंगी। एक सप्ताह से प्रतिकूल मौसम के बावजूद वायुसेना फॉर्मेशन की प्रैक्टिस जारी रखे हुए थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:24 am

रिषिका को मिला मिस फोटोजेनिक खिताब

दतिया। जयपुर में 8 जनवरी को आयोजित जूनियर मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले में रिषिका वर्मा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कल्चर राउंड, वेस्टर्न राउंड और गाउन राउंड आयोजित किए गए। कल्चर राउंड में रिषिका ने मध्यप्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत कर जजों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं वेस्टर्न राउंड और गाउन राउंड में उन्होंने रैंप वॉक के जरिए आत्मविश्वास और संतुलन का प्रदर्शन किया। रिषिका ने इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन भागीदारी की थी। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मिस फोटोजेनिक का खिताब प्रदान किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:24 am

डीएवीवी का दीक्षांत समारोह फरवरी में, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि:214 मेडल दिए जाएंगे, 250 से अधिक शोधार्थियों को मिलेगी पीएचडी डिग्री

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) का दीक्षांत समारोह 16 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 के मेधावी विद्यार्थियों को एक साथ सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगु भाई पटेल रहेंगे। कुलगुरु डॉ. राकेश सिघई और रजिस्ट्रार प्रज्ज्वल खरे ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि मेधावी विद्यार्थियों की सूची तीन दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड की जाए। रविवार को खुला रजिस्ट्रेशन पोर्टलदीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों और शोधार्थियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। पंजीयन प्रक्रिया 25 जनवरी से शुरू होकर 15 दिन तक चलेगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान विद्यार्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड (मालवी पगड़ी, अंगवस्त्र और खादी जैकेट) के लिए तय शुल्क भी जमा करना होगा। बजट निर्धारण के लिए चार सदस्यीय समिति गठितसमारोह के बजट निर्धारण के लिए विश्वविद्यालय ने चार सदस्यीय वित्तीय समिति का गठन किया है। समिति खर्च का विस्तृत एस्टीमेट तैयार करेगी, जिसे जनवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली कार्यपरिषद (ईसी) की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। बजट स्वीकृत होते ही टेंडर प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाएं शुरू की जाएंगी। 250 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधिदीक्षांत समारोह में 250 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही बीकॉम, बीएससी, एमकॉम, एमबीए, एलएलबी, एमएससी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी। समारोह में कुल 214 मेडल प्रदान किए जाएंगे। इनमें 192 गोल्ड और 22 सिल्वर मेडल शामिल हैं। 2023-24 और 2024-25 सत्र 96 विद्यार्थियों को गोल्ड और 11 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल दिए जाएंगे। 5 नए मेडल अगले सत्र से मिलेंगेविश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष घोषित किए गए 5 नए पदक इस बार नहीं, बल्कि अगले सत्र के दीक्षांत समारोह से वितरित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। खेल, एनएसएस और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विशेष पदकशिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों और एनएसएस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘द प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया डॉ. शंकरदयाल शर्मा स्वर्ण पदक’ से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, एनसीसी कैडेट्स को भी पहली बार पदक प्रदान किया जाएगा। इसके लिए राजेंद्र कुमार यादव की स्मृति में विशेष पदक स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन पदकों के लिए चयनित विद्यार्थियों की सूची 30 जनवरी तक जारी कर दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:22 am

गणतंत्र दिवस पर जिनके हाथ नहीं, उनको मिलेंगे इलेक्ट्रिक हैंड:​​​​​​​खाना, लिखना और डिजाइनिंग जैसे काम कर सकेंगे, भोपाल सिविल अस्पताल में मेगा कैंप

मध्यप्रदेश में अब बिना हाथ वाले लोगों के सरकार गणतंत्र दिवस पर इलेक्ट्रिक हैंड लगवाएगी। जिससे वे खाना, लिखना, डिजाइनिंग और वस्तुओं को पकड़ने जैसे दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। इसके लिए राजधानी के हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में मेगा कैंप का आयोजन किया गया है। कैंप में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उनके आधार कार्ड की फोटो कॉपी और उनकी फोटो के साथ रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिससे उन्हें यह इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक्स हैंड्स मुफ्त में लगाए जा सकें। यह कैंप 26 जनवरी के साथ साथ 27 जनवरी को भी आयोजित किया जाएगा। डिवाइस मॉडर्न तकनीक पर बेस्ड है इसके लिए मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने इनाली फाउंडेशन के साथ करार किया है। अधिकारियों के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह डिवाइस मॉडर्न तकनीक पर बेस्ड है। जिसकी मदद से वर्तमान में जो लोग हाथ ना होने के कारण जीवन में कठिनाई महसूस करते हैं, उन्हें यह काफी राहत देगा। साथ ही, दैनिक कार्य से जुड़े काम भी इलेक्ट्रिक हैंड से कर सकेगा। 26 और 27 जनवरी को लगेगा मेगा कैंप स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए 26 और 27 जनवरी को मेगा कैंप आयोजित किया जा रहा है। जिसमें यह मुफ्त इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हैंड्स लगवाए जाएंगे। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई है। किन लोगों को मिलेगा इसका फायदा CMHO बोले- डीईआईसी में भी कर सकते हैं संपर्क मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनके कोहनी से निचला हिस्सा नहीं है, वे नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा कोई परेशानी होने पर जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:17 am

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा:चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों ने कांग्रेस सरकार में किया था फर्जीवाड़ा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में नव मतदाताओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों में वर्ष 2019 में फर्जीवाड़ा किया था। एक मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्व कांग्रेस सरकार को सूचना भी दी थी, लेकिन वे साढ़े चार साल तक मामले को दबाए बैठे रहे और आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पेपरलीक और ओएमआर शीट प्रकरण पर कहा कि पेपरलीक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बिलकुल स्पष्ट है। जो कोई भी अपराध करेगा, उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसओजी को भर्तियों में गड़बड़ी की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए है। हमने किसी विशेष सरकार, किसी विशेष समय-काल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत निर्देश नहीं दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसओजी उन मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्यवाही कर रही है, जहां ठोस साक्ष्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने सुनी पीएम के मन की बात मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में देशभर में 200 करोड़ पौधे लगाए जाने का जिक्र किया है। राजस्थान में भी हमारी सरकार ने इस अभियान से प्रेरणा लेकर 5 वर्ष में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प किया है। सीएम ने करवाया हेल्थ सिस्टम का चेकअप, 854 अस्पतालों पर छापा सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रविवार को प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चले अभियान में अधिकारियों ने एक ही दिन में 854 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इनमें 84 जिला, उप जिला और सैटेलाइट अस्पताल, 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 554 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 16 मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल रहे। अधिकारियों ने अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मानव संसाधन और इलाज की गुणवत्ता को परखा। सीएम ने कहा कि जहां भी कमियां मिली हैं, वहां तत्काल सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:15 am

रायपुर में राज्यपाल, बिलासपुर में सीएम साय फहराएंगे तिरंगा:117 टुकड़ियां, पुलिस डॉग स्क्वाड भी करेगा परफॉर्म, पुलिस परेड ग्राउंड कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आज सुबह 9 बजे राज्यपाल रमेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। सीएम साय प्रदेश के दूसरे सीएम होंगे जो बिलासपुर के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी साल 2001 से लेकर 2003 तक गणतंत्र दिवस पर बिलासपुर में ही राष्ट्रीय ध्वज फहराते रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे। दिल्ली में छत्तीसगढ़ की झांकी में डिजिटल संग्रहालय और वीर नायक वहीं, दिल्ली में होने वाले आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्ट झांकी देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी को मुख्य समारोह के लिए चयनित किया है, जिसमें जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई जाएगी। 117 टुकड़ियां परेड में होंगी शामिल गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के अवसर पर रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में देश की सुरक्षा, अनुशासन और एकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। परेड में कुल 117 टुकड़ियां शामिल होंगी, इनमें इसके साथ ही घुड़सवार दल, बैंड प्लाटून और डॉग स्क्वॉड समारोह को और आकर्षक बनाएंगे। पुलिस डॉग स्क्वॉड करेगा परफॉर्म गणतंत्र दिवस पर 12 सदस्यीय पुलिस डॉग स्क्वॉड की परफॉर्मेंस आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्वान दल अपने अनुशासन, फुर्ती और प्रशिक्षण क्षमता से सभी का ध्यान खींचेंगे। ये जांबाज स्वान हत्या, चोरी-डकैती और मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। इनकी प्रस्तुति छत्तीसगढ़ पुलिस स्वान दल की पेशेवर दक्षता और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करेंगे। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बढ़ाएंगी रंग समारोह में प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता और शक्ति का संदेश देंगे। प्रमुख प्रस्तुतियां- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सरगुजा - “विकसित भारत, बढ़ता भारत”शिवोम विद्यापीठ, दुर्ग (सांकरा) - “जयतु जयतु भारत”पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, शांति नगर रायपुर - 'आरंभ है प्रचंड”इन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृति, नारी शक्ति, युवा सामर्थ्य और विकसित भारत की झलक देखने को मिलेगी। FDR में परखी तैयारियां इससे पहले शनिवार को पुलिस परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल किया गया। रिहर्सल के दौरान डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार दल और कई सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने अनुशासन, तालमेल और दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार हुआ अभ्यास फुल ड्रेस रिहर्सल में मार्च पास्ट, गार्ड ऑफ ऑनर, पदक अलंकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप से परखा गया। सभी गतिविधियां निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार संचालित की गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया रिहर्सल का जायजा शनिवार को रिहर्सल के दौरान पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।राज्यपाल की भूमिका निभाते हुए डीएसपी गिरीश कोरी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:12 am

साइबर ठगी का मामला:कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेज सास-बहू को 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा, 48 लाख रुपए की साइबर ठगी

करणीनगर में दो महिलाओं को घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपए की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करणीनगर, लालगढ़ निवासी कांता शर्मा और उनकी पुत्रवधू शिखा पांडे को 21, 22, 23 को घर में ही डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी ऑर्डर और अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप पर भेजे। उन्हें तीन दिन तक अलग-अलग नंबरों से कॉल करके मानसिक प्रताड़ना देता रहा। वीडियो कॉल कर ऑफिस दिखाया, जिसमें दीवार पर एनआईए का लोगो लगा था। तीन-चार अन्य लोग भी खड़े नजर आए। यह देख दोनों इस कदर डर गए कि घर में शिखा के दोनों बच्चों तक को कमरे में नहीं आने दिया। आरोपी के सामने गिड़गिड़ाने लगे तो उसने 40 लाख रुपए मांगे। महिलाओं ने हां कर दी। आरोपी ने हिदायत दी कि घर से सीधे बैंक जाना है और पैसा ट्रांसफर कर वापस आना है। किसी से कोई बात नहीं करनी है। दोनों महिलाएं केईएम रोड स्थित एसबीआई शाखा पहुंचीं, जहां कांता ने अपनी दो एफडी तुड़वाईं। रकम सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर आरोपी के बताए नंबरों पर 48 लाख रुपए दो अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिए। परिवादी ने साइबर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि हम जांच कर रहे हैं। साइबर और डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के मामलों से लोगों को सावधान रहना चाहिए। अनजान कॉल अटेंड ना करें। ठगी के कॉल आने पर साइबर थाने सूचना दें।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:11 am

प्रगतिशील किसान:बारिश का पानी सहेज धोरों में शुरू की गूगल व ग्वारपाठा की खेती, बकरी के दूध से साबुन बना रहे‎

मरुस्थल में बसे लोगों से ज्यादा पानी का मोल कोई‎ नहीं जान सकता। इन्हीं में से‎ एक हैं बाड़मेर जिले के झाक‎ निवासी किसान देवाराम‎ पंवार। गर्मियों में यहां का‎ तापमान 50 डिग्री तक जाता‎ है। मगर युवा किसान पंवार ने इसका तोड़ निकाल‎ लिया। वे बारिश में न केवल मीठा पानी एकत्र कर रहे‎ हैं बल्कि उसी से गूगल और ग्वारपाठा जैसी औषधीय‎ फसलों की खेती तक कर रहे हैं।‎ भेड़ बकरियों व मकान के लिए बनाई गई 20‎ हजार स्क्वेयर फीट की छत को फार्म पौंड से जोड़ा‎ हुआ है। दो फार्म पौंड में 42 लाख लीटर वर्षा जल‎ सहेज चुके हैं। खेत में 300 खेजड़ी के पौधे लगाए।‎ साथ ही लुप्त होती औषधीय प्रजाति गूगल के 500‎ पौधे भी रोपे। बारिश के दौरान सिंचाई की जरूरत क‎म रहती है, जबकि रबी में उसी पानी से सिंचाई कर‎ रहे हैं। क्षेत्र में पूरे साल में 300 मिमी बारिश ही होती है‎ लेकिन इन्होंने कम पानी में कृषि और पशुपालन का‎ सफल मॉडल बनाया है। कोरोना में औषधि‎ फसलों की खेती करने का विचार आया। स्टेट‎ मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सहयोग से 1 हेक्टेयर खेत‎ में गूगल के पौधे लगाए। सहजन, एलोवेरा, तुलसी,‎ गिलोय, सनाय का भी पौधरोपण किया। औषधीय खेती के साथ बकरी‎ पालन को आय का स्रोत बनाने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 525 ‎बकरियों के लिए आवेदन किया। जिसके‎ परिणामस्वरूप बाड़मेर जिले के प्रथम लाभार्थी बने।‎ हाल ही में राजस्थान‎ सरकार ने डेनमार्क में सात दिवसीय कृषि व पशुपालन‎ प्रशिक्षण के लिए भेजा। बकरी के दूध व एलोवेरा का‎ साबुन भी बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:07 am

CM मान होशियारपुर में फहराएंगे तिरंगा:फाजिल्का में स्टेट लेवल गणतंत्र दिवस प्रोग्राम, राजपथ पर दिखेगी पंजाब की झांकी

पंजाब में गणतंत्र दिवस पर स्टेट लेवल प्रोग्राम इस बार पाकिस्तान से लगते जिले फाजिल्का में होगा। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया वहां तिरंगा फहराएंगे और लोगों को सम्मानित करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में तिरंगा फहराएंगे। वहीं, जिलों में मंत्री तिरंगा फहराएंगे। इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पंजाब की झांकी भी दिखाई जाएगी। यह झांकी गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व को समर्पित है। इस दौरान 24 पुलिस मुलाजिमों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब पुलिस के 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। जबकि, पंजाब-चंडीगढ़ की 4 बड़ी हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इनमें क्रिकेटर हरमनदीप कौर, संत निरंजन दास और हॉकी कोच बलदेव सिंह व चंडीगढ़ की सड़कों को साफ करने वाले पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह का नाम शामिल है। जिन्हें सम्मान मिल रहा उनके बारे में जानिए... महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री भारत की मशहूर महिला क्रिकेटर और टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री देने का ऐलान किया गया है। इन्होंने वल्र्ड कप जीतने वाली टीम की अगुवाई की थी। वे पंजाब के मोगा जिले की रहने वाली हैं।हरमनप्रीत कौर को खेल के क्षेत्र में उनके बेहतरीन योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें महिला क्रिकेट को नई पहचान देने, टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने और युवाओं के लिए प्रेरणा बनने के लिए दिया गया। पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिद्धू को पद्म श्री 88 साल के पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें पद्म पुरस्कार 2026 के तहत सामाजिक कार्य के क्षेत्र में दिया जाएगा। वे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हैं। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 (IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी) में रहते हैं। वहां पिछले 10 से ज्यादा वर्षों से वे सेनिटेशन कार्ट उधार लेकर हर दिन सुबह 6 बजे सड़कें और नालियां साफ करते हैं। उन्हें सामाजिक कार्य करने और कई लोगों को प्रेरित करने के लिए पद्म श्री अवॉर्ड मिल रहा है। उनकी यह मेहनत कई बार सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई है। संत निरंजन दास को धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री पंजाब के संत निरंजन दास जी को भी उनके धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री मिलेगा। वो एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता और धर्म गुरु हैं। वे डेरा सचखंड बल्लां (Dera Sachkhand Ballan) के प्रमुख संत हैं, जो सबसे बड़े रविदासिया धार्मिक समुदायों में से एक का नेतृत्व करता है। हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्म श्री भारतीय हॉकी को कई स्टार प्लेयर देने वाले हॉकी कोच बलदेव सिंह को इस बार पद्म श्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। शाहाबाद (हरियाणा) में उन्होंने लंबे समय तक हॉकी अकादमी चलाई, जो महिला हॉकी की नर्सरी के रूप में प्रसिद्ध हुई। रानी रामपाल जैसे प्लेयर उन्होंने दिए है। अब वह मोगा में अकाडमी चलाते है। बाद में उन्होंने खालसा कॉलेज हॉकी अकादमी, अमृतसर में भी भूमिका निभाई है, जहां युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलता रहा है। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों में रानी रामपाल-भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, नवजोत कौर, भूपिंदर कौर, सुरिंदर कौर, जितसीत कौर, राजविंदर कौर, रीतू रानी, ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सहित लगभग 16 खिलाड़ी शामिल हैं। हिमाचल कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल को भी पद्म श्री इस सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम का नाम भी शामिल है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। डॉ. प्रेम लाल गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज सोलन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र में देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और कूटू सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ के आईजी-इंस्पेक्टर को मिलेगा राष्ट्रपति पदक गणतंत्र दिवस 2026 पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (स्वर्ण, रजत और कांस्य) देने की घोषणा की गई है। आईजी पुष्पेंद्र कुमार, वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, जिन्होंने 11 फरवरी 1992 को एएसआई के रूप में सेवा शुरू की थी, वर्तमान में थाना मलोया में एसएचओ के रूप में कार्यरत हैं। दोनों को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल सुरिंदर पाल को भी राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी। 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पद पंजाब के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार के लिए एक पीपीएस अधिकारी डीएसपी सुनाम उधम सिंह वाला हरविंदर सिंह और चार पुलिस अधिकारियों के नामों की घोषणा की है, जिनमें इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सुखमनप्रीत सिंह, एएसआई बलबीर चंद तथा सीनियर कॉन्स्टेबल धर्मपाल सिंह शामिल हैं। इसी प्रकार एआईजी एसपी बलजीत सिंह, एसपी मुख्यालय फरीदकोट मनिंदर वीर सिंह, डीएसपी इन्वेस्टिगेशन दलजीत सिंह तथा एसपी दविंदर सहित चार पीपीएस अधिकारी उन 19 अधिकारियों/कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्हें ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक हेतु चुना गया है। शेष 15 अधिकारियों/कर्मचारियों में इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर रुशिका, इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, इंस्पेक्टर सुमित मोर, इंस्पेक्टर पुष्विंदर सिंह, एसआई गुरपाल सिंह, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई गुरजंट सिंह, एएसआई गुरवीर सिंह, एएसआई गुरप्रीत सिंह, एएसआई कुलजीत सिंह, एचसी मनदीप सिंह, एचसी सुखविंदर सिंह तथा सीनियर कॉन्स्टेबल अनु बाला शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान ने भी सभी को बधाई दी। यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची... चंडीगढ़ में ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा चंडीगढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड के आसपास 26 जनवरी को ट्रैफिक में बड़े बदलाव किए गए हैं। समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस एडवाइजरी जारी की है। सुबह साढ़े 6 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई सड़कों को बंद करने और डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इन सड़कों पर केवल आपातकालीन वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति होगी। इन सड़कों पर रहेगा ट्रैफिक बंद

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:05 am

देश सेवा जज्बे की पहचान बना बूंदी का उमर गांव:इस गांव में हर घर से सेना में दो जवान, 500 से ज्यादा सैनिक कर चुके देशसेवा

देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा बूंदी जिले के उमर गांव की पहचान बन चुका है। एनएच-52 से करीब 4 किमी दूर हिंडौली उपखंड में स्थित इस गांव में देश सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। आजादी से लेकर अब तक इस गांव से सैकड़ों सैनिक भारतीय सेना में शामिल हुए और कई जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया। इसलिए उमर गांव को इसलिए सैनिक गांव के रूप में जाना जाता है, जहां लगभग हर घर से देश सेवा के लिए दो जवान निकले हैं। तत्कालीन सरपंच खेमराज मीणा ने बताया कि उमर गांव से अब तक करीब 500 से अधिक सैनिक सेना में सेवा दे चुके हैं। गांव के दो सैनिक शहीद हुए, जिनमें 1965 के युद्ध के दौरान रघुनाथ मीणा जम्मू क्षेत्र में मुठभेड़ में शहीद हो गए, जबकि वर्ष 2000 में वीर बहादुर जगदेवराज सिंह मीणा बिहार में चुनाव ड्यूटी के दौरान शहीद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांव के करीब 25 सैनिकों ने दुश्मनों से लोहा लिया था। गांव से भारतीय सेना में 12 कैप्टन, 15 सूबेदार, 8 नायब सूबेदार सहित हवलदार और सिपाही स्तर के सैकड़ों सैनिकों ने सेवा दी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:05 am

सर्द हवा से फिर कांपा MP, कोल्ड-डे जैसी स्थिति:कल से 2 दिन गिरेगा मावठा, भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर भी भीगेंगे; पारा भी लुढ़केगा

मध्य प्रदेश में तेज ठंड फिर लौट आई है। रविवार को कई शहरों में धूप नहीं खिली और पारा 22 डिग्री से भी नीचे आ गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, गुना समेत 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति रही। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। वहीं, 27 और 28 जनवरी को प्रदेश में मावठा गिरेगा। इससे भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी भींग जाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इससे ट्रफ भी जुड़ी है। वहीं, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी भी है। इस वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। रविवार को पूरे प्रदेश में असर दिखा। सोमवार को भी कुछ जिलों में कोहरे का असर देखने को मिला। वहीं, सर्द हवा का भी असर है। सर्द हवाओं की वजह से ठंड बढ़ीमौसम विभाग के अनुसार, रविवार को कई शहरों में दिन में तेज ठंड रही। गुना में सबसे कम तापमान 19.1 डिग्री रहा। नौगांव में 20 डिग्री, दतिया में 20.1 डिग्री, श्योपुर में 20.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 20.7 डिग्री, रतलाम-शिवपुरी में 21 डिग्री, खजुराहो में 21.2 डिग्री, धार में 21.4 डिग्री, रीवा में 21.6 डिग्री, दमोह में 21.8 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 21 डिग्री, इंदौर में 21.8 डिग्री, उज्जैन में 22.5 डिग्री, ग्वालियर में 22.3 डिग्री और जबलपुर में 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सीधी, रायसेन, उज्जैन, दमोह, सतना, उमरिया, राजगढ़, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सागर, मलाजखंड में भी कोहरा छाया रहा। रात के तापमान में भी गिरावटइससे पहले शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया। दतिया में 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, पचमढ़ी-श्योपुर में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री और रतलाम-रीवा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 11.9 डिग्री, इंदौर में 13.2 डि्ग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15 डिग्री रहा। मध्य प्रदेश के इन जिलों में बारिश क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंसमौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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