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लखनऊ के हजरतगंज में प्रदर्शन सवर्णों ने केंद्र सरकार से:सवर्णों ने केंद्र सरकार से यूजीसी बिल वापस लेने की उठाई मांग, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी

लखनऊ के हजरतगंज में सवर्णों की तरफ से यूजीसी एक्ट के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हजरतगंज एसीपी विकास जायसवाल ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे तो प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि जिलाधिकारी मौके पर आएं तभी धरना खत्म होगा। इस मौके पर लोगों का कहना है कि हम बीजेपी के लिए लाठियां खा रहे हैं,लेकिन इसके बदले हमें यह मिल रहा है। प्रदर्शन करने पहुंचे भानु पांडेय ने सरकार बोला कि जो कल तक हिन्दु‌ओं की नुमाइंदगी की बात करते थे वह आज समाज को बांटने में लगे हुए है, आखिर सवर्ण समाज की गलती क्या है। यही कि उसने अपना बोट देकर इनको सता प्रदान की। अगर यह काला बिल जल्द वापस न लिया गया तो हम लोग दिल्ली कूच करेंगे। इस अवसर पर ब्राहाण परिवार संगठन के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने बोला कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC अमेंडमेंट से सवर्ण समाज में आक्रोश का माहौल है। इस प्रकार के अनुशासन हीन लोकतंत्र से मौजूदा युवा वर्ग व भविष्य की आने वाली पीढ़ी में उच्च के शिक्षा के मन्दिरों (सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों/ संस्थाओं) में एक सुनियोजित तरीके से भय का माहौल बनाया जा रहा है। हम 21 वीं सदी जी रहे हैं, किसी समाज में जन्म लेने वाले व्यक्ति को कोई भी बेबुनियाद आरोप अपराधी कैसे बना सकता है। अग्निहोत्री ने चेतावनी दी कि सरकार द्वारा इस प्रकार के काले कानून को लाकर हिंदुओं को बांटने की गहरी साजिश रची गई है, मंशा आखिर क्या है, सरकार को जवाब देना होगा, अन्यथा परिणाम गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। UGC एक्ट के विरोध में आने वाले सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों व सवर्ण नेताओं के प्रति किसी प्रकार की द्वेषपूर्ण कार्यवाही ब्राहाण परिवार व सवर्ण समाज स्वीकार नही करेगा। उनकी स सम्मान पदों पर वापसी सरकार को तय करनी होगी। प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा बोले की भाजपा को यदि यह लगता है कि उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है तो वह भूल में है। जो राजनैतिक पार्टी इस काले क़ानून में उनके साथ खड़ी होगी वही सवर्ण का विकल्प बन जाएगी, अन्यथा सवर्ण अपना विकल्प खुद बना लेगा। इस कानून को लेकर लड़ाई नही थमेगी। आवश्यकता पड़ी तो संसद का भी घेराव किया जाएगा। सरकार को सवर्णों के प्रति अपनी जुमले बाजी बंद करनी होगी। UGC 2026 कानून में कोई अमेंडमेंट नहीं स्वीकार होगा इसे पूर्ण रूप से वापस ही लेना होगा, अन्यथा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार चाहेगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:42 pm

विशेष प्रेक्षक ने सिरकोनी में SIR का काम देखा:बीडीओ से 2003 के दस्तावेज मांगे, मतदाता सूची सुधारने के निर्देश

युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव और विशेष प्रेक्षक कुणाल ने गुरुवार को सिरकोनी विकास खंड मुख्यालय पर एसआईआर (SIR) के चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी दिनेश चंद्र भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान प्रेक्षक कुणाल ने एसआईआर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां लीं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी नीरज जायसवाल से उन लोगों की जानकारी मांगी, जिन्होंने ब्लॉक में 2003 के दस्तावेज जमा नहीं किए थे। खंड विकास अधिकारी जायसवाल ने सभी संबंधित मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराई। पहले 2 तस्वीरें देखिए… इसके बाद प्रेक्षक ने उन लोगों से भी पूछताछ की, जो नोटिस जारी होने के बाद अपने 2003 के दस्तावेजों के साथ ब्लॉक पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की मैपिंग नहीं हुई है और उन्हें नोटिस मिला है, वे 2003 के वैध दस्तावेजों के साथ आकर अपनी मतदाता सूची को सही करवा लें। प्रेक्षक कुणाल ने जिलाधिकारी से भी जिले में एसआईआर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ब्लॉक के बीडीओ सहित पांचों ईआरओ एहतेशामूल हक, सुनील कुमार गुप्ता, ऋत्विक श्रीवास्तव और अंशुल त्रिपाठी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:41 pm

इटावा में पूजन करते समय पूरे घर में लगी आग:बाबा और दो पौत्र झुलसे, कमरे में रखा सामान राख, तीन अस्पताल में भर्ती

इटावा के ईदगाह क्षेत्र में गुरुवार दोपहर पूजा के दीपक से एक मकान में आग लग गई। इस घटना में एक बुजुर्ग और उनके दो पौत्र झुलस गए। तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। शहर के ईदगाह के पास स्थित मकान में गुरुवार दोपहर पूजा के दौरान जलाया गया दीपक अचानक गिर गया। इससे आग तेजी से भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। कमरे में रखा सामान जलने लगा, जिससे घर में मौजूद परिवार के सदस्यों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से घर के बुजुर्ग मुन्नी लाल और उनके दो पौत्र गगन तथा हर्ष गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों और आसपास के लोगों ने साहस दिखाते हुए तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक घर में रखा फर्नीचर, कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो चुका था। इस घटना के बाद मोहल्ले में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। झुलसे बाबा मुन्नी लाल और दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की हालत पर नजर रखी जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण पूजा के दौरान जलाया गया दीपक ही बताया जा रहा है। मुन्नी लाल ने बताया कि घर मेरे दो पौत्र खेल रहे थे उसी समय पौत्र ने दीपक जलाया और उससे कपड़ों में आग लग गई जब तक मैने देखा तो आग जल रही थी, तभी मैने आग पर पानी डालकर बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग बुझ नहीं सकी, हमारे दोनों नाती आग में फंस गए, छोटे नाती को निकालते समय मैं भी झुलस गया, उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, एक नाती बड़ा वाला खुद निकल आया। करीब दो घंटे से आग जल रही है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:40 pm

यूजीसी बिल के विरोध में ब्राह्मण संगठनों का प्रदर्शन:प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा, अस्वीकार करने की कही बात

लखीमपुर खीरी में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों ने यूजीसी बिल के विरोध में संयुक्त प्रदर्शन किया। इस दौरान अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े ब्राह्मण नेताओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन ब्राह्मण समाज की समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित किया गया था। वक्ताओं ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए यूजीसी बिल में सवर्ण समाज को अपराधी की श्रेणी में दर्शाया गया है। ब्राह्मण समाज ने इस प्रावधान को अस्वीकार करने की बात कही। पहले 3 तस्वीरें देखिए… ज्ञापन में कहा गया है कि ब्राह्मण समाज न तो अपराधी है और न ही हिंसक। यह समाज सदैव सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला रहा है। वक्ताओं ने आशंका जताई कि इस प्रकार का कानून समाज में वैमनस्य फैला सकता है। समन्वय समिति ने राज्यपाल से मांग की है कि विश्वविद्यालयों में लागू यूजीसी बिल में संशोधन किया जाए और सभी छात्रों के लिए समान नियम बनाए जाएं। समिति ने चेतावनी दी कि यदि बिना संशोधन के बिल लागू किया गया, तो ब्राह्मण समाज सवर्ण समाज के साथ मिलकर आंदोलन करेगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:39 pm

श्रीरामपुर पुलिस ने स्कॉर्पियो से 10 पेटी शराब पकड़ी:वाहन चेकिंग के दौरान चालक गाड़ी छोड़कर फरार

देवरिया। श्रीरामपुर पुलिस ने गुरुवार तड़के वाहन चेकिंग के दौरान एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिंद्रा स्कॉर्पियो से 10 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की है। हालांकि, पुलिस को देखकर वाहन चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। थानाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम गुरुवार की भोर में क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिहार जाने वाली सड़क पर चित्रसेन बनकटा बॉर्डर पर बासोपट्टी पेट्रोल पंप से दक्षिण दिशा में स्थित एक पंचर की दुकान के पास पुलिस ने एक स्कॉर्पियो वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को अपनी ओर आते देख वाहन चालक स्कॉर्पियो को सड़क किनारे छोड़कर बांसोपट्टी गांव की ओर झाड़ियों में भाग निकला। पुलिस टीम ने चालक को दौड़ाकर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद पुलिस ने मौके पर खड़ी स्कॉर्पियो वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर BR 01 PG 4118) की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से कुल 10 पेटी देशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है। श्रीरामपुर पुलिस द्वारा इस संबंध में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। थानाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कुमार ने बताया कि बिहार सीमा से सटे क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:39 pm

महोबा में सवर्ण समाज का UGC कानून के खिलाफ प्रदर्शन:राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

महोबा में सवर्ण समाज ने केंद्र सरकार के यूजीसी कानून के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सवर्ण विचार मंच के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को 'काला कानून' बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। यह विरोध प्रदर्शन सवर्ण विचार मंच के आदर्श तिवारी के नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मांग पत्र लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और यूजीसी कानून को सामान्य वर्ग के भविष्य के लिए हानिकारक बताया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह कानून समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ जनों ने इसे 'काला कानून' और 'शरिया कानून' जैसी संज्ञा दी। अधिवक्ता योगेंद्र अवस्थी ने कहा कि जिस सवर्ण समाज ने भाजपा को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज उसी समाज के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कानून आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। देखें 3 तस्वीरें… इस विरोध प्रदर्शन में आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हुए। महाराज देवीचरण दास ने कहा कि उन्हें वर्तमान सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया या इसमें आवश्यक बदलाव नहीं किए गए, तो सवर्ण समाज एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए विवश होगा। समाजसेवी रवि तिवारी, जनक सिंह परिहार और विपिन भदोरिया ने भी इस कानून को सामान्य वर्ग के हितों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन के अंत में, राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को सौंपा गया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि सवर्ण समाज की इन मांगों और ज्ञापन को उचित मंच यानी उच्च अधिकारियों तक भेज दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:39 pm

पुलिस ने कोडीन सिरप की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ किया:फार्मा संचालक गिरफ्तार, औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट पर कार्रवाई

जनपद में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कोडीन युक्त सिरप की अवैध बिक्री में शामिल एक फार्मा संचालक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई औषधि निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। मामले के अनुसार, औषधि निरीक्षक बस्ती अरविंद कुमार ने 8 दिसंबर 2025 को थाना कोतवाली में एक तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि गणपति फार्मा, जामा मस्जिद रहमतगंज, गांधीनगर बस्ती का संचालक पंकज कुमार आपराधिक षड्यंत्र के तहत कोडीन युक्त सिरप की अवैध बिक्री कर रहा है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस टीम अभियुक्त की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में बुधवार, 28 जनवरी 2026 को देर शाम करीब 8:20 बजे कोतवाली पुलिस ने रोडवेज बस्ती क्षेत्र से अभियुक्त पंकज कुमार पुत्र पुतुल साहनी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त मूल रूप से वाराणसी के मोहल्ला ए-3/134 त्रिलोचन बाजार, थाना आदमपुर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दिनेश चंद्र चौधरी ने किया। टीम में निरीक्षक शुभनारायण दुबे, चौकी प्रभारी गांधीनगर उपनिरीक्षक सभाशंकर यादव और कांस्टेबल अभिषेक यादव शामिल थे। अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने बताया कि अभियुक्त से हुई पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं, पुलिस उस पर भी काम कर रही है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

रायगढ़ में आप पार्टी ने किया विरोध प्रदर्शन:किसानों की समस्या दूर करने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा आवेदन

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्या को लेकर विरोध जताया। धरना प्रदर्शन कर नारे लगाते हुए आप पार्टी के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्या को दूर करने की मांग की है। गुरूवार की दोपहर तकरीबन साढे़ 11 बजे आप पार्टी के पदाधिकारी व सदस्य अंबेडकर चौक पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों के हित में धरना प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद अंबेडकर चौक से आप पार्टी के सदस्य पैदल कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों की समस्या को दूर करने की मांग को लेकर नारे लगाए। वहीं मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री के नाम सौंपे गए आवेदन में बताया कि प्रदेश के किसानों का टोकन नहीं काटा जा रहा है और भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों का अपमान किया जा रहा है। पूर्व में एग्रोस्टेक में गड़बड़ी और सर्वर डाउन के कारण प्रदेश के लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया था। इसके बाद जबरदस्ती किसानों से रकबा समर्पण करवाया जा रहा है। प्रतिदिन लिमिट होने के कारण कई किसान आधे फसल ही बेंच पाए हैं। चूंकि किसानों ने लाखों रुपए का फसल के लिए कर्ज लेकर रखा है और उनकी धान नहीं बिकने पर प्रदेश के कई किसानों द्वारा अब तक आत्महत्या का प्रयास किया जा चुका है। धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांगआप पार्टी द्वारा प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश के किसानों को हो रही सभी प्रकार की परेशानियों का जल्द ही निराकरण किया जाए। धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक की जाए। ताकि हर किसान अपनी धान को बेच सके। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं होता है, तो आप पार्टी किसानों के साथ बड़ा आंदोलन करेगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

बालाघाट के हिन्दू सम्मेलन में हंगामा:आपत्तिजनक टिप्पणी और शांति भंग करने करने वाले 10 लोगों पर केस

बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में आयोजित एक हिन्दू सम्मेलन के दौरान हंगामा हो गया। 27 जनवरी को ग्राम घोटी नंदोरा में हुए इस सम्मेलन में एक विशेष समुदाय के लोगों पर हिन्दू समाज के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में प्रवक्ताओं के उद्बोधन के बाद सहभोज का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान विशेष समुदाय के कुछ लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और हिन्दुओं और हिन्दू समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों से आक्रोशित हिन्दू समाज के सदस्यों ने हिन्दूवादी संगठनों के साथ मिलकर रैली निकाली। उन्होंने लांजी पुलिस थाने में विशेष समुदाय के 10 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इनके नाम हुई एफआईआर लांजी पुलिस ने संगठन के सदस्य की शिकायत पर जाहिर हुसैन, आबिद उर्फ राजा हुसैन, सलमान बेग, आसिफ उर्फ कालू हुसैन, जावेद उर्फ बबलू हुसैन, सादिक हुसैन, अहफाज उर्फ कल्लू हुसैन, बबलू वायर मेन, समीनजंहा पति जाहिर हुसैन और खैरूननिशा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस इन पर आपत्तिजनक बातें कहने, शांति भंग करने, कार्यक्रम के संबंध में अभद्र टिप्पणी करने और सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध धारा 296बी, 351-3, 299 और 191-2 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद, ग्राम घोटी नंदोरा और आसपास के ग्रामीणों ने हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर लांजी स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

सहारनपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन:10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, 7 मार्च तक निर्णय न होने पर लखनऊ कूच की चेतावनी

सहारनपुर में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के बैनर तले गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी मनीष बंसल को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ बनकर पोषण, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, प्री-स्कूल शिक्षा और सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर संचालन कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक न तो सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सामाजिक सुरक्षा। मांगपत्र में प्रमुख रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, वेतनमान, पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और सवेतन चिकित्सा अवकाश जैसी सुविधाएं देने की मांग की गई है। साथ ही, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने और कोरोना काल से सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन लाभ देने की बात भी रखी गई। पदोन्नति प्रक्रिया को नियमित और आयु सीमा से मुक्त करने की मांग भी इसमें शामिल है। कार्यकत्रियों ने पोषण ट्रैकर ऐप पर ऑनलाइन कार्य के लिए 20 हजार रुपये मोबाइल सहायता और प्रतिमाह 2500 रुपये डाटा भत्ता देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सुविधा नहीं मिली तो अप्रैल 2026 से ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया जाएगा। ₹1500 प्रोत्साहन राशि को मानदेय में जोड़ने, किराए के भवनों का भुगतान सीधे मकान मालिक को करने और केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनसे बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्य जबरन कराए जाते हैं तथा राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने इस पर रोक लगाने और बैठकों में टीए-डीए (यात्रा भत्ता-दैनिक भत्ता) देने की मांग की। संगठन ने कहा कि यदि 7 मार्च 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 8 मार्च को लखनऊ कूच किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान संगठन के जिलाअध्यक्ष सुलेलता पंवार,संजुली शर्मा,आरती सैनी,संतोष,शशिबाला,पुष्पा,सरिता,मोहनी, सुमन,साधना, नीलम शर्मा, सीमा, भावना त्यागी, सुंदरी देवी, ममता राणा, मंजू, वर्षा, रेखा, लोकेश, लक्ष्मी, कल्पना, सलोचना, सुनीता, प्रतिभा त्यागी सहित कई अन्य कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

शाहजहांपुर में भीम आर्मी का प्रदर्शन:इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट पर जातिगत गतिविधियों के आरोप, जांच की मांग

शाहजहांपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। खिरनीबाग मैदान में हुए इस प्रदर्शन में अधिकारी पर जातिगत गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए विभागीय जांच की मांग की गई। भीम आर्मी के जिला संयोजक दिनेश कुमार गौतम के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा दिया है। उन पर प्रशासनिक पद पर रहते हुए ब्राह्मण समाज की एकजुटता और संगठन को लेकर गतिविधियां करने का आरोप है। इसके अलावा, उन पर सरकारी कार्यालय को निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल करने का भी आरोप है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ उच्च स्तरीय विभागीय जांच की जाए। उन्होंने उनके कार्यकाल के दौरान की गई कथित जाति आधारित, पक्षपातपूर्ण और समाज विभाजनकारी गतिविधियों की जांच की भी मांग की। भीम आर्मी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक अग्निहोत्री को किसी भी प्रशासनिक या संवैधानिक पद पर तैनात न किया जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य घोषित किया जाए। साथ ही, उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की भी जांच की जानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

यूजीसी कानून का विरोध, राष्ट्रपति को ज्ञापन:राष्ट्रवादी जन संग्रह पार्टी ने कानून रोकने की मांग की

मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रवादी जन संग्रह पार्टी ने यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस कानून को तत्काल रोकने की मांग की गई है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक्ट 2026 के नए नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरी असमानता और भेदभाव पैदा करने वाले हैं। उन्होंने इसे एकपक्षीय 'काला कानून' बताया, जिससे विशेष रूप से सवर्ण वर्ग के छात्रों का शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य बाधित होने की आशंका है। नेताओं ने जोर दिया कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन कर दूसरे वर्ग के लिए भूमि तैयार करना। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है, इसलिए किसी भी निर्णय समिति का संतुलित, बहुवर्गीय और समावेशी होना अनिवार्य है। राष्ट्रवादी जन संग्रह पार्टी ने मांग की कि यूजीसी के इस एकपक्षीय और सवर्ण छात्रों के विरुद्ध प्रभाव डालने वाले कानून को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। उन्होंने नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों के संतुलित और पारदर्शी प्रतिनिधित्व की भी मांग की। पार्टी ने यह भी कहा कि छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और राज्य सरकारों से व्यापक संवाद के बाद ही कोई नई नीति लागू की जानी चाहिए। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पांडेय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप दुबे, युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजीत उपाध्याय, गंगाधर दुबे और जिलाध्यक्ष उदय भान दुबे सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:37 pm

MLA ने महवा-करौली हाइवे की बदहाली का मुद्दा उठाया:बोले- टेंडर होने के बावजूद शुरू नहीं हुआ कार्य; प्रशासनिक लापरवाही का आरोप

महवा विधायक राजेंद्र मीना ने विधानसभा सत्र के दौरान महवा-करौली राजमार्ग (SH-22) की बदहाल और जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया। विधायक मीना ने सदन को अवगत कराया कि पिछले करीब दो दशकों से इस सड़क मार्ग पर वाहन चालकों से नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है, लेकिन इसके रखरखाव और मरम्मत की अनदेखी की गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। लापरवाही का लगाया आरोप उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए 39 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत हो चुका है, इसके बावजूद अब तक धरातल पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। विधायक ने पीडब्ल्यूडी मंत्री से आग्रह किया कि लोगों की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए महवा-करौली राजमार्ग का निर्माण कार्य जल्द प्रभाव से शुरू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के शीघ्र निर्माण से क्षेत्र की जनता को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलेगी तथा आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:36 pm

गोरखपुर में UGC के नए कानून का जोरदार विरोध:पुलिस और छात्र नेताओं में झड़प, बोलें- कानून वापस नहीं तो करेंगे चक्का जाम

गोरखपुर में गुरूवार को UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं का कहना कहना है कि सरकार ये कानून वापस नहीं लेती है तो विरोध और तेज करते हुए चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन को तेज करते हुए छात्र नेता यूनिवर्सिटी गेट के सामने सड़क घेर कर बैठ गए। जिससे यातायात बाधित होने लगी। जिसको देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें सड़क हटाने की कोशिश की बीच प्रशासन और छात्र नेताओं के बीच जबरदस्त झड़प देखी गई। उन्होंने धक्का- मुक्की करते हुए नेताओं को किनारे करने की कोशिश की लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। विरोध करते हुए छात्र नेता सड़क पर ही लेट गए और लगातार नारे बाजी करते रहे। सवर्ण जनप्रतिनिधियों को सौंपी चूड़ियां डीडीयू के गेट पर छात्र नेता अपने साथ चूड़ियां लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि ये चूड़ियां उन सवर्ण जनप्रतिनिधियों के लिए है जो इस काले कानून के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते हैं। ऐसे नेताओं को समाज का जनप्रतिनिधि बनने का अधिकार नहीं है। जब वे जरूरत पड़ने पर समाज का साथ नहीं देंगे। इसलिए हम उन्हें चूड़ियां सौंप रहे हैं। वे चूड़ियां पहने और अपने घर बैठे हम अपनी लड़ाई खुद लड़ लेंगे जीतेंगे भी। कानून वापस ले या सुधार करे सरकार वहीं इन सवर्ण छात्र नेताओं का सीधा कहना है कि जब तक सरकार इस काले कानून नहीं लेती या उसमें सुधार नहीं करती तब तक ये विरोध जारी रहेगा आगे चक्का जाम भी हो सकता है। इसका हर्जाना उन्हें 2027 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा। एक छात्र नेता ने कहा कि सरकार हम लोगों को बांटना चाहती है। हम समाज में हर वर्ग के साथ रहते है कोई भेदभाव नहीं है ये लोग बस हमें बांटना चाहते हैं। अगर यह कानून वापस नहीं होता है तो यूनिवर्सिटी गेट के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करूंगा। उनका कहना है कि ये सवर्ण नेता आगे इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि उनके बच्चों की जिंदगियां दांव पर नहीं लगी है। उनके बच्चे विदेश में जाकर पढाई करते है तो भारत जे नियम से क्या लेना देना।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:36 pm

कुनबे के 100 लोग भिड़े, बहू-बेटियों के सिर फोड़े VIDEO:पहले गुत्थमगुत्था, फिर लाठी व पत्थर बरसाए, पशु बांधने वाले बाड़े का झगड़ा

अलवर के थानागाजी के प्रतापगढ़ के हमीरपुर के गेंडाला की ढाणी में एक ही कुनबे के 100 से अधिक लोग पशु बांध के बाड़े के झगड़े में गुत्थमगुत्था हो गए। करीब 20 से अधिक के सिर फूट गए। ज्यादातर घायलों में बहू व बेटियां हैं। झगड़े के दौरान का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें साफ दिख रहा है कि दो धड़े आमने-सामने हो गए। पहले महिलाएं उलझी। उसके बाद पुरुष व युवक भी आ गए। झगड़े में अधिकतर महिलाएं ही दिख रही हैं। करीब 20 मिनट तक जमकर पत्थरबाजी हुई। कइयों को पटक-पटक कर पीटा। कुछ ने सिर पर लाठियां बरसाई। डंडों से भी मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों ने पुलिस को रिपोर्ट दी है। पप्पूराम के परिवार से अधिक लोग घायल हुए हैं। ये घायल प्रतापगढ़ से रैफर ज्यादा घायलों में संतरा (17) पत्नी रामस्वरूप, पायल (17) पुत्री नेहरू, धौली (50) पत्नी रामस्वरूप,निर्मला (20) पुत्री हरफूल,बसबाई(20) पुत्री पप्पू, रामप्यारी (60) पुत्री सुआराम,छोटा(28) पुत्र रामस्वरूप, कोमल (17)पुत्री फैलीराम, बाबूलाल (28) पुत्र सूआराम, धोली (15) पुत्री प्रहलाद, राजेश (23) पुत्र मूलचंद हैं। ये सब प्रतापगढ़ सीएचसी से अलवर रैफर किए गए हैं। बाकी अन्य अस्पतालों में भी पहुंचे हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:35 pm

भिवानी पहुंचे ADGP:HS दून ने पुलिस लाइन में किया निरीक्षण, बोले- अपनी सेहत का ख्याल रखें व गुड पुलिसिंग का दिया संदेश

हरियाणा पुलिस किसी भी प्रकार के अपराध से निपटने के लिए पूर्णतया: सक्षम है। इसको लेकर प्रदेश पुलिस नई तकनीकों व बेहतरीन प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ रही है। यह बात हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हरदीप सिंह दून ने भिवानी पुलिस लाइन में अधिकारियों से मीटिंग के बाद पत्रकार वार्ता में कही। इस मौके पर उन्होंने भिवानी जिले के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग के दौरान किसी भी घटना पर तुरंत रिसपांस देने, पुलिस गश्त बढ़ाए जाने व पुलिसकर्मियों को आम जनता की बातों को बेहतरीन तरीके से समझने के साथ गुड पुलिसिंग को लेकर अधिकारियों को आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की बात भी कही। एडीजीपी हरदीप सिंह दून ने कहा कि हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर पुलिस को चुस्त व दुरुस्त रखने के लिए इस प्रकार की मीटिंगों का आयोजन किया जा रहा है। जिलों में जाकर कानून व्यवस्था व पुलिस कंपनियों का निरीक्षण के साथ ही पुलिस फोर्स वेलफेयर से संबंधित बिंदुओं की जानकारी लेकर उन्हें दुरुस्त करने को लेकर हरियाणा पुलिस कदम बढ़ा रही है। जमीनी स्तर पर पुलिसिंग में सुधार करने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि भिवानी में कानून व्यवस्था व अन्य मामलों में लोकल पुलिस बेहतर कार्य कर रही है। इसके लिए उन्होंने भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि जल्द ही हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल भिवानी जिले का दौरा करेंगे। पुलिस ने नवाचार के क्षेत्र में कदम उठाए एडीजीपी ने कहा कि पुलिस नवाचार के क्षेत्र में विभिन्न कदम उठाए गए है। आज की मीटिंग में सभी एसएचओ व डीएसपी को निर्देश दिए गए है कि वे अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना सुनिश्चित करें, ताकि अपराध को डिटेक्ट करने में आसानी रहे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में नशाखोरी के खिलाफ भी अभियान को तेज किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में क्राइम के आंकड़ों में कमी आई है। हरियाणा पुलिस हर प्रकार से अपराधियों से निबटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर हुल्लड़बाजी व हथियारों व गाड़ियों का प्रदर्शन करने वालों की मॉनिटरिंग भी बढ़ाई जा रही है तथा आवश्यक कदम पुलिस द्वारा उठाए जा रहे है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:34 pm

भदोही में बनवासी समुदाय के आवास रोके गए:ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

भदोही में ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को तहसील पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महबूबपुर मोहल्ले में बनवासी समुदाय के लोगों के प्रधानमंत्री शहरी आवास निर्माण पर रोक लगाए जाने के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आवास निर्माण की अनुमति देने की मांग की। फारवर्ड ब्लॉक के जिला महासचिव रामजीत यादव ने बताया कि बनवासी समुदाय की बदामा, गुजराती, मधु और धनमन्नी को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभ मिला है। उनके पति शिवनाथ, डिप्टी, कलेक्टर, रमाशंकर, उमाशंकर और सुरेंद्र, नन्हकू सहित अन्य परिवार महबूबपुर में पिछले 150 वर्षों से पुश्तैनी तौर पर आबाद हैं। श्री यादव ने आरोप लगाया कि जब ये सभी लोग अपना प्रधानमंत्री शहरी आवास बना रहे थे, तभी कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने बताया कि बनवासी समुदाय को उन्हीं के पूर्वजों द्वारा इस जमीन पर बसाया गया था। रामजीत यादव ने यह भी बताया कि जब यह जमीन महबूब ग्रामसभा का हिस्सा थी, तब तत्कालीन प्रधान द्वारा भी उनके आवास बनाए गए थे। वर्तमान में भी बनवासी समुदाय के लोगों के कच्चे मड़हे यहां मौजूद हैं। फारवर्ड ब्लॉक ने मांग की है कि बनवासी समुदाय के लोगों को उक्त जमीन पर प्रधानमंत्री शहरी आवास बनाने की अनुमति दी जाए। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, केशव प्रसाद विश्वकर्मा, उमाशंकर यादव, अदालत बनवासी, डिप्टी बनवासी, राजकुमार और महेंद्र कुमार सहित कई कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:34 pm

बुलंदशहर की पॉश कॉलोनियों में बारिश से बिगड़े हालात:सड़कें कीचड़ में तब्दील, जल निकासी के भी इंतजाम नहीं

बुलंदशहर में हुई बारिश ने नगर पालिका और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की पॉश कॉलोनियों में बारिश के बाद सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी, लेकिन मिट्टी और मलबा सड़क पर ही छोड़ दिया गया। बारिश के कारण यही मिट्टी दलदल में बदल गई। कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका और कार्यदायी संस्था के अधिकारी स्थिति से अनभिज्ञ बने हुए हैं। कई दिनों से सड़कें कीचड़ से अटी पड़ी हैं, लेकिन न तो मिट्टी हटाई गई है और न ही सड़कों की मरम्मत की गई है। इसके चलते वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिसलन के कारण लोग अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शहर की पॉश कॉलोनियों में भी हालात मलिन बस्तियों से बदतर हो गए हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है। इसके अतिरिक्त, कीचड़ और गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, सड़कों की मरम्मत कराई जाए और सड़क पर पड़ी मिट्टी को तुरंत हटवाया जाए। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:34 pm

निर्माणाधीन हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ने युवक को कुचला:सड़क के किनारे गेंद खेल रहा था, परिजनों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया

हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक निर्माणाधीन हाईवे पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 17 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना दौलतपुर गंगादास गांव के पास हुई, जहां अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने युवक को कुचल दिया। युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… मृतक की पहचान बाबूराम के 17 वर्षीय पुत्र श्यामू के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्यामू हाईवे के किनारे गेंद खेल रहा था। इसी दौरान गन्ने से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में श्यामू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को ई-रिक्शा में रखकर शाहाबाद कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:34 pm

आशा सहयोगिनियों ने घेरा कलेक्ट्रेट:कहा- 26 हजार मानदेय हमारा हक, शोषण बंद करे सरकारगांधी चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली;

अपनी लंबित मांगों और अल्प मानदेय के खिलाफ आज जिलेभर की आशा सहयोगिनियों ने लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांधी चौक पर एकत्रित होकर सैकड़ों की संख्या में आशा सहयोगिनियों ने विशाल रैली निकाली, जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान आशा सहयोगिनियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सड़कों पर उतरा 'महिला शक्ति' का सैलाब सुबह से ही जिले के विभिन्न ब्लॉकों और गांवों से आशा सहयोगिनियां गांधी चौक पर जुटना शुरू हो गई थीं। हाथों में तख्तियां और नारों की गूंज के साथ जब यह रैली कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी, तो शहर की रफ्तार थम सी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सरकार की तमाम स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर उतारती हैं, लेकिन बदले में उन्हें 'ऊंट के मुंह में जीरा' के समान मानदेय दिया जा रहा है। प्रमुख मांगें 4 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा है: समान काम-समान वेतन: आशा सहयोगिनियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करते हुए इसे न्यूनतम 26,000/- रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही, हर साल महंगाई भत्ते के अनुरूप इसमें बढ़ोतरी का प्रावधान हो। सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा: राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आशा सहयोगिनियों को भी रिटायरमेंट के समय 15 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाए, ताकि उनका बुढ़ापा सुरक्षित रह सके। डिजिटल संसाधन की उपलब्धता: वर्तमान में लगभग सभी काम ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य कर दिए गए हैं। ऐसे में आशाओं ने मांग की है कि उन्हें सरकार की ओर से टैबलेट या लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं ताकि कार्य में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर हों। पदोन्नति में आरक्षण और आयु सीमा में छूट: महिला पर्यवेक्षक, आशा सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ANM भर्ती में अनुभवी आशा सहयोगिनियों को आरक्षण का लाभ मिले और अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाए। काम का बोझ भारी, पर जेब हमारी खाली प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रसव पूर्व जांच से लेकर टीकाकरण और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में आशा सहयोगिनियां दिन-रात जुटी रहती हैं। ऑनलाइन फीडिंग का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा और आगामी समय में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:33 pm

जयपुर में ओवर स्पीड कार ने मचाया कहर, VIDEO:पांच गाड़ियों को मारी टक्कर, मॉल की दीवार में जाकर घुसी

जयपुर में ओवर स्पीड सफारी कार ने गुरुवार दोपहर कहर मचाया। आउट ऑफ कंट्रोल हुई कार ने टक्कर मारकर पांच गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। मॉल की दीवार तोड़कर अनियंत्रित कार जाकर रुकी। एक्सीडेंट थाना (ईस्ट) पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटवाकर बाधित ट्रैफिक को सुचारू करवाया। एक्सीडेंट थाना (ईस्ट) के ASI ईश्वर सिंह ने बताया- हादसा दोपहर करीब 1 बजे टोंक रोड पर किसान मार्ग स्थित रेड लाइट पर हुआ। एक सफारी कार बजाज नगर की ओर से सांगानेर की तरफ जा रही थी। इसी दौरान किसान मार्ग पर ओवर स्पीड के चलते आउट ऑफ कंट्रोल हो गई। अनियंत्रित होकर कार ने एक मॉल के बाहर दो कार और तीन बाइकर्स को अपनी चपेट में लिया। टक्कर मारते हुए पांचों गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करते हुए अनियंत्रित कार महिमा मगनेस मॉल की रेलिंग व दीवार तोड़ते हुए जा रुकी। लोगों की भीड़ को हटायाहादसे के बाद बड़ी संख्या में मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोगों ने टक्कर मारने वाली कार के ड्राइवर से मारपीट की कोशिश भी की। हादसे की सूचना पर एक्सीडेंट थाना (ईस्ट) पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ियों को घटनास्थल से हटवाया। पुलिस से मौके पर लगी भीड़ को हटाकर बाधित ट्रैफिक को चालू करवाया। पुलिस ने राउंडअप कर ड्राइवर को थाने भिजवाया। पुलिस का कहना है कि हादसा ओवर स्पीड के चलते माना जा रहा है। बताया जा रहा कि किसी वाहन को बचाने की कोशिश में कार अनियंत्रित हुई थी। बापू नगर के रहने वाले राजेश खण्डेलवाल की कार है। एक्सीडेंट में दो लोगों के मामूली चोट आई है। पुलिस की ओर से एक्सीडेंट के कारण का पता लगाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:33 pm

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय वृद्धि, मोबाइल फोन की मांग की:प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने बांदा में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मानदेय वृद्धि और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मोर्चा ने बताया कि वे कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। लगातार ज्ञापन, गोष्ठियों और संवाद के बावजूद अब तक समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ने सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में सार्वजनिक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। हालांकि, मोर्चा का कहना है कि ये घोषणाएं अब तक क्रियान्वित नहीं हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों के चलते, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का निर्णय लिया है। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। मोर्चा ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक बताया है। इस संबंध में शासन-प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारियों को पहले ही सूचना दे दी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से शासन स्तर तक पहुंचाया जा सके। संगठन के सभी जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने और जिला प्रशासन से समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा की गई है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार का टकराव नहीं है। यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अधिकार, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को सशक्त बनाने की दिशा में एक संगठित, संवैधानिक और निर्णायक पहल है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:32 pm

देवरिया में रेलवे ट्रैक पर शिक्षक का शव मिला:परिजनों ने बीएलओ कार्य के दबाव का आरोप लगाया

देवरिया में रेलवे ट्रैक पर एक परिषदीय विद्यालय के शिक्षक का शव मिला है। सदर कोतवाली क्षेत्र के पिपरपाती के समीप हुई इस घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के कार्य के कारण अत्यधिक मानसिक दबाव में थे। मृतक की पहचान खामपार थाना क्षेत्र निवासी जयश्याम प्रसाद (42) के रूप में हुई है। वे परिषदीय विद्यालय डेमुसा में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। जयश्याम प्रसाद शहर के तिलई बेलवा के समीप अपने परिवार के साथ रहते थे। परिजनों के अनुसार, जयश्याम प्रसाद बुधवार शाम को घर से टहलने निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान देर रात सदर कोतवाली पुलिस को पिपरपाती के पास रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पहचान कराने के बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। शव मिलने की खबर से परिवार में शोक छा गया। मृतक अपने पीछे एक पुत्र सिद्धार्थ और एक पुत्री कनक को छोड़ गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जयश्याम प्रसाद इन दिनों अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। वे बीएलओ का कार्य भी देख रहे थे, जिसके कारण उन पर लगातार दबाव बना हुआ था। परिजनों का मानना है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सदर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:31 pm

हापुड़ में यूजीसी के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन:भाजपा कार्यालय का घेराव, भारी पुलिस बल तैनात

हापुड़ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े प्रस्तावों के विरोध में करणी सेना का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिला कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के ये प्रस्ताव छात्र और शिक्षा के भविष्य के लिए हानिकारक हैं, जो युवाओं के अधिकारों को सीधे प्रभावित करेंगे। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया। भाजपा कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के लिए समझाया। इस दौरान करणी सेना के जिला अध्यक्ष युद्धिराणा ने कहा कि यूजीसी के प्रस्ताव पूरी तरह से छात्र विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इन प्रस्तावों को जल्द वापस नहीं लिया, तो करणी सेना प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। युद्धिराणा ने यह भी स्पष्ट किया कि करणी सेना का उद्देश्य किसी प्रकार की हिंसा या अराजकता फैलाना नहीं है। उनका लक्ष्य शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान छात्र हितों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष रवैया अपनाने की मांग की। भाजपा कार्यालय के घेराव के दौरान प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। तनाव पूर्ण स्थिति को देखते हुए भाजपा कार्यालय और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:30 pm

भागलपुर में सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान:ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को किया जागरूक, कहा- हेलमेट पहन कर बाइक चलाएं

भागलपुर में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान जीवन जागृति सोसायटी और भागलपुर ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त देखरेख में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। अभियान की शुरुआत भागलपुर ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार और जीवन जागृति सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ जिले के विभिन्न इलाकों, गली-मोहल्लों, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) और हाइवे पर जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देगा। रथ के माध्यम से पोस्टर, बैनर और माइक अनाउंसमेंट के जरिए ट्रैफिक नियमों के पालन का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील डॉ. अजय कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि ऐसा करने से दुर्घटना की स्थिति में जान बचाई जा सकती है। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि सड़क हादसे में घायल किसी व्यक्ति को अनदेखा न करें, बल्कि मानवीयता दिखाते हुए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए निर्धारित गति सीमा में गाड़ी चलाने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से आग्रह किया कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें, क्योंकि यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। डीएसपी ने आगे कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल और लेन नियमों का पालन करके अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोग सतर्क रहें और सुरक्षित यात्रा कर सकें। इस अभियान को शहरवासियों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:30 pm

31 जनवरी को लगेंगे विशेष ग्राम उत्थान शिविर:गिरदावर सर्किल पर केंद्र-राज्य की योजनाओं की मिलेगी जानकारी

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के उद्देश्य से 31 जनवरी को गिरदावर सर्किल स्तर पर विशेष ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर पंचायत समिति बाप की ग्राम पंचायत टेपू, पंचायत समिति घंटियाली की ग्राम पंचायत चांखू, देचू पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कलाऊ और पंचायत समिति आऊ की ग्राम पंचायत देनोक में लगेंगे। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होंगे। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों की भागीदारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:30 pm

अधिवक्ताओं ने यूजीसी कानून खत्म करने की मांग की:फर्रुखाबाद में कलेक्ट्रेट पर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

फर्रुखाबाद में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने कचहरी में मार्च निकाला। वे हाथों में तख्तियां लिए हुए थे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक कानून को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून जाति आधारित भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तक सीमित करता है। अधिवक्ताओं के अनुसार, इस नियम के तहत सामान्य वर्ग के लोगों को जातिगत भेदभाव की शिकायत करने का अधिकार नहीं है, जिससे सवर्ण समाज के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून सवर्ण विरोधी है और सामान्य वर्ग को 'डिफॉल्ट अपराधी' के रूप में देखता है। ज्ञापन में बताया गया कि इस नियम में गलत शिकायत पाए जाने पर भी किसी सजा का प्रावधान नहीं है। अधिवक्ताओं ने आशंका व्यक्त की कि झूठी शिकायतों से नौकरी की इच्छा रखने वाले छात्रों का करियर बर्बाद हो सकता है। उन्होंने बीएनएसएस कानून के दुरुपयोग का भी हवाला दिया। अधिवक्ताओं ने इस कानून को आरक्षण की तरह एकतरफा नीति बताया, जो जातिगत समरसता को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक मूल ढांचे के भी खिलाफ है और देश के कई छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। अधिवक्ताओं ने जोर दिया कि यूजीसी का यह नियम, जो संसद द्वारा अधिकृत नहीं है, कानून की तरह लागू होता है। उन्होंने इसे समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14 और 16) और संविधान के अनुच्छेद 15 और 21 के तहत नागरिकों को मिले मौलिक अधिकारों का पूर्ण उल्लंघन बताया। अधिवक्ताओं ने इसे समाप्त करने हेतु उचित कदम उठाए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा अन्यथा इसके विरुद्ध एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस दौरान सीओ सिटी सहित कलेक्ट्रेट पर फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। बोले अधिवक्ताअधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री किशोर मिश्रा ने कहा यह समाज और संविधान विरोधी कानून है। संविधान हमारा कहता है सभी को समता का अधिकार होना चाहिए। इस यूजीसी में समता का अधिकार नहीं रखा गया है। सवर्ण को बोलने तक का अधिकार नहीं है। अगर उसके खिलाफ कोई आवाज आती है तो बिना जांच के ही उस पर कार्रवाई की जा सकती है। इस काले कानून के विरोध में हम सभी अधिवक्ता गढ़ हैं। शीघ्र से शीघ्र इस कानून को वापस किया जाए। कहा पूरे देश की अधिवक्ता हड़ताल पर जा सकते हैं। अधिवक्ता आशीष गुप्ता ने कहा हम प्रधानमंत्री से कहना चाहती हैं यह कानून सामान्य वर्ग के छात्र से पढ़ने का अधिकार छीन रहा है। इस कानून से छात्रों का मानसिक एवं शारीरिक शोषण होता। यह नियम संविधान विरोधी है। यह नियम सवर्णों के लिए मीठा जहर है। यह समझ में विघटन पैदा करने वाला नियम है। कहा यह अगर वापस नहीं हुआ तो अधिवक्ता उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में इसका जबरदस्त विरोध करेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने बताया यूजीसी की धारा 8बी में सीधे पुलिस एक्शन की बात कही गई है। न किसी इंक्वारी की बात है और न किसी जांच की बात है। यह भी नहीं है की शिकायत अगर झूठी पाई जाती है तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई होगी या नहीं। यह तो बिल्कुल लड़ाने वाला एक्ट है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:30 pm

ERSS-112 और पुलिस डाटा सेंटर भवन को मंजूरी:बिहार में आपात सेवाएं होंगी और मजबूत, G+7 भवन बनेगा; 172.80 करोड़ होंगे खर्च

बिहार में पुलिस व्यवस्था और आरापतकालीन सेवाओं को प्रभावी बनाया जा रहा है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) और राज्य पुलिस डाटा सेंटर के स्थायी भवन के निर्माण को स्वीकृति दी है। परियोजना पर कुल 172 करोड़ 80 लाख रुपए की अनुमानित लागत आएगी। इस रुपए से मॉर्डन भवन, फर्नीचर, तकनीकी ढांचा और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित भवन B+2 और G+7 संरचना का होगा, जिसमें ईआरएसएस (112) और राज्य पुलिस डाटा सेंटर के सभी आधुनिक कार्यालय, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और तकनीकी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यह भवन पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस होगा, ताकि राज्यभर से आने वाली आपात कॉल और डाटा का त्वरित और सुरक्षित संचालन किया जा सके। पुलिस को मिलेगा बेहतर कार्य वातावरण उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मजबूत और आधुनिक पुलिस भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाएंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण भी उपलब्ध कराएंगे। इससे पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और आम जनता को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भवन के बन जाने से बिहार में आपातकालीन सेवाओं की रिस्पॉन्स टाइम और कार्यक्षमता दोनों में बड़ा सुधार होगा। पुलिस, अग्निशमन सेवा, एम्बुलेंस और अन्य आपात एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगी। डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम राज्य पुलिस डाटा सेंटर के निर्माण से बिहार पुलिस की डिजिटल क्षमता, डाटा सुरक्षा और विश्लेषण प्रणाली और मजबूत होगी। इससे अपराध नियंत्रण, निगरानी और जांच प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक और तेज बनाया जा सकेगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:30 pm

डूंगरपुर में विराट हिंदू सम्मेलन:वक्ताओं ने एकजुटता का दिया संदेश, कहा- बंटे रहने से बने गुलाम

डूंगरपुर के ग्राम मेताली में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में पीपलादा, रामपुर, बियोला और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में एकजुटता का संदेश देना था। यह कार्यक्रम गांव के महादेव मंदिर मेताली के परिसर में आयोजित हुआ। इसमें विद्या भारती के क्षेत्रीय सचिव नारायण लाल भाई और लसूडिया धाम के गांधीपति विक्रमदास महाराज मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। नारायण लाल भाई ने अपने संबोधन में कहा कि भारत देश विविधता में एकता का प्रतीक है और इसे बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इतिहास की गलतियों का जिक्र करते हुए बताया कि जात-पात, भेदभाव और भाषाओं में बंटे रहने के कारण ही हम लंबे समय तक गुलाम रहे। उन्होंने सभी से इन गलतियों से सीख लेकर फिर से एकजुट होने का आह्वान किया। लसूडिया धाम के गांधीपति विक्रमदास महाराज ने भी समस्त सनातनियों को संबोधित करते हुए वर्तमान में एकता दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज जातियों में बंटा रहा, तो विधर्मी आकर हमें फिर से गुलाम बना सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में काजल देवी ने सभी मौजूद लोगों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद, छोटी-छोटी बालिकाओं ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी प्रतिभागियों को महाप्रसाद का भोज कराया गया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:29 pm

हाथरस में बुजुर्ग महिला की हत्या:घर में मिला शव, लूटपाट की आशंका, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी

हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र के इन्द्रनगर सिकतरा गांव में एक बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी गई। उनका शव गुरुवार सुबह घर के बरामदे में मिला। महिला के कान और नाक से सोने के आभूषण गायब थे, जिससे लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतका की पहचान 62 वर्षीय मालती देवी उर्फ मुन्नी देवी पत्नी केंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार रात करीब 9 बजे तक उनका गेट खुला था और वह दूध गर्म कर रही थीं। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे जब मालती देवी नहीं दिखीं, तो पड़ोसियों ने उनके घर का दरवाजा भिड़ा हुआ पाया, लेकिन अंदर से कुंडी नहीं लगी थी। अंदर का दरवाजा खुला था और महिला बरामदे में मृत पड़ी थीं। मृतका के कान और नाक से कुंडल व लोंग जैसे सोने के आभूषण गायब थे, और उनके कान से खून भी निकला हुआ था। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी ने लूटपाट के इरादे से उनकी हत्या की है। सूचना मिलते ही हसायन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तत्काल फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मालती देवी के पति केंद्रपाल सिंह का करीब नौ साल पहले पथरी के इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनकी कोई संतान नहीं थी और उनके नाम पर लगभग 25 बीघा जमीन थी। पुलिस उपाधीक्षक जैनेन्द्र नाथ अस्थाना और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद्र गौतम ने बताया कि 62 वर्षीय महिला का शव उनके घर में मिला है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस घटना के बाद इन्द्रनगर सिकतरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका के मायके वालों को भी सूचना दे दी गई है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:28 pm

फिरोजाबाद में ब्राह्मण महासभा का यूजीसी नियमों पर विरोध:केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, 'सवर्ण विरोधी' कानून वापस लेने की मांग

फिरोजाबाद में उत्तर प्रदेश ब्राह्मण जागृति महासभा (पंजीकृत) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा, जिसमें यूजीसी के कथित सवर्ण विरोधी काले कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। महासभा के पदाधिकारियों का आरोप है कि नए नियमों में प्रवेश और मूल्यांकन व्यवस्था में भेदभाव किया गया है। उनका कहना है कि इससे सवर्ण विद्यार्थियों, विशेषकर चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। संगठन ने विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग अंक-मानक तय करने को समान अवसर और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। ज्ञापन में विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित शिकायत/अनुशासन समिति की संरचना पर भी आपत्ति जताई गई है। पदाधिकारियों ने दावा किया कि समिति को दिए गए अधिकार सवर्ण छात्रों के खिलाफ मनमानी कार्रवाई की आशंका को बढ़ाते हैं। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों में संशोधन नहीं किया गया, तो छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। महासभा की प्रमुख मांगों में यूजीसी के कथित सवर्ण विरोधी नियमों को तुरंत रद्द करना शामिल है। इसके साथ ही, शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठन ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयी समितियों के अधिकार और प्रक्रिया स्पष्ट व संतुलित होनी चाहिए ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिला, नगर और युवा इकाई के पदाधिकारी तथा सदस्य उपस्थित रहे। महासभा ने केंद्र सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि न्याय न मिलने पर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:27 pm

यूजीसी कानून के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर वापसी की मांग, भेदभाव पूर्ण बताया

मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें कानून को वापस लेने की मांग की गई है। यह प्रदर्शन यूजीसी द्वारा 'समानता' के नाम पर अधिसूचित विनियमन 2026 के खिलाफ था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह विनियमन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भेदभाव को बढ़ावा देता है, योग्यता को कम करता है और संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करता है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि यह विनियमन संविधान की समानता की भावना के विपरीत है। उन्होंने राष्ट्रपति का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि इसके व्यावहारिक और विधिक प्रभाव संविधान की समानता की भावना के विपरीत हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार, भारत का संविधान वास्तविक, संतुलित और न्यायोचित समानता को स्वीकार करता है। हालांकि, यूजीसी के इन नए नियमों का एकतरफा प्रभाव एक विशेष वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जो न्यायिक दृष्टि से मनमाना और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस विनियमन का दुरुपयोग हो सकता है, क्योंकि इसमें गलत शिकायत करने वालों के खिलाफ कोई प्रावधान नहीं है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यह नियम केवल जातीय संघर्ष और समाज में खाई पैदा करेगा, जिससे विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा केंद्रों में पठन-पाठन का माहौल समाप्त हो जाएगा। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि वे विनियमन 2026 की संवैधानिक वैधता और व्यावहारिक दुष्प्रभावों की उच्च स्तरीय समीक्षा कराएं। उन्होंने केंद्र सरकार को इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित और राष्ट्रहितकारी बनी रहे। इस दौरान दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:26 pm

कवर्धा में नए UGC कानून का विरोध:ब्राह्मण समाज ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

कवर्धा जिले में नए UGC कानून “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम 2026” के विरोध में ब्राह्मण समाज ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। 29 जनवरी को समाज के प्रतिनिधियों ने इस कानून को सामान्य वर्ग के लिए काला कानून बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। शिक्षा प्रणाली को कमजोर करने की कही बात ज्ञापन में समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित UGC कानून उच्च शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा करेगा और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन करेगा। उनका आरोप है कि इस कानून के माध्यम से मेरिट आधारित शिक्षा प्रणाली को कमजोर किया जा रहा है, जिससे प्रतिभावान छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सामाजिक न्याय के विरोध में नहीं हैं, लेकिन समानता के नाम पर सामान्य वर्ग को हाशिये पर डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी और उग्र रूप दिया जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को वापस ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान समाज के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से उच्च शिक्षा नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की। कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे, जिससे कुछ समय के लिए प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित माध्यम से आगे भेजने का आश्वासन दिया गया। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:26 pm

UGC के विरोध में अगड़ी जातियों ने शव यात्रा निकाली:सैदपुर में घड़ा फोड़ा, पांच फेरे लिए; पीएम के खिलाफ नारेबाजी की

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए गए इक्विटी रेगुलेशन नियम 2026 के विरोध में गुरुवार को सैदपुर में अगड़ी जातियों के लोगों ने शव यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार, अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर तक मार्च किया। गांधी आश्रम के पास से शुरू हुई इस यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने तहसील परिसर में प्रतीकात्मक शव रखकर उसके पास घड़ा फोड़ा और पांच फेरे लिए। इसके बाद प्रतीकात्मक शव को आग लगाकर उस पर डंडे और जूते बरसाए गए, जो विरोध का एक अनोखा तरीका था। नारेबाजी के बीच, सैदपुर के नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से, उन्होंने इस बिल को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा संस्थानों के लिए प्रतिकूल बताया। उन्होंने कहा कि यह नियम शिक्षा की स्वायत्तता, सामाजिक न्याय और समान अवसर पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। प्रदर्शनकारियों ने इस नए नियम पर पुनर्विचार करने और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। यह बताया जा रहा है कि इक्विटी रेगुलेशन नियम 2026 का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों में धर्म, जाति, विकलांगता, जेंडर और पृष्ठभूमि के आधार पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म करना है। इसके तहत, प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ (कंप्लेंट सेल) बनाना अनिवार्य होगा, जो छात्रों की शिकायतों का त्वरित निपटारा करेगा। इन नियमों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है। विरोध प्रदर्शन में मनोज सिंह, गौरव सिंह, चंद्रकांत चतुर्वेदी, अनूप सिंह, सुनील सिंह, अरुण कुमार मिश्रा, दिवाकर राय, रमेश यादव, विशाल, योगेंद्र, अजीत, दिनेश और गुड्डू सहित कई लोग शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:26 pm

टीकमगढ़ में कपड़े उतारकर यूजीसी बिल का किया विरोध:सवर्ण समाज ने केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, बिल वापसी की मांग

टीकमगढ़ में गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के बैनर तले सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कपड़े उतारकर विरोध जताया। केंद्र सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नगर में रैली निकाली। इसके बाद एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम संजय दुबे को ज्ञापन सौंपा। राम रतन दीक्षित ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस 'काले कानून' को वापस नहीं लेती है, तो टीकमगढ़ सहित पूरे प्रदेश और देश में सवर्ण समाज उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव का आरोप ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति का ध्यान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से जारी 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस गाइडलाइंस 2026' की ओर आकर्षित किया गया। इसमें कहा गया कि इन नियमों का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को रोकना है, लेकिन इनके वर्तमान स्वरूप में कई प्रावधान सामान्य (सवर्ण) वर्ग के छात्रों के लिए भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण प्रतीत होते हैं। यूजीसी बिल को बताया काला कानून ज्ञापन में बताया गया कि नए नियमों में झूठी शिकायतों के खिलाफ सुरक्षा का अभाव है। फरवरी 2025 के ड्राफ्ट में झूठी शिकायत करने वाले के खिलाफ दंड का प्रावधान था, लेकिन फाइनल रूल्स 2026 से इस प्रावधान को हटा दिया गया है। सुरक्षा उपायों के हटने से सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इन नियमों के दुरुपयोग की प्रबल संभावना है, क्योंकि शिकायतकर्ता को अपनी पहचान बताए बिना भी शिकायत करने की छूट दी गई है। राष्ट्रपति से यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने की मांग इक्विटी कमेटी में प्रतिनिधित्व की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। संस्थानों में न्याय निर्णय के लिए गठित 'इक्विटी कमेटी' में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिलाएं और दिव्यांगजनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, लेकिन इसमें सामान्य वर्ग का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं किया गया है। इससे यदि किसी सामान्य वर्ग के छात्र के साथ भेदभाव होता है, तो उसकी बात सुनने वाला कमेटी में कोई नहीं होगा। संगठन और सवर्ण समाज के लोगों ने राष्ट्रपति से यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:26 pm

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का कलेक्ट्रेट में विशाल प्रदर्शन:मांग न पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी, DPO को ज्ञापन दिया

गोंडा जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया है। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उ.प्र. के बैनर तले एकजुट हुई इन महिलाओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को एक ज्ञापन सौंपकर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और तकनीकी अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई। कार्यकर्त्रियों का मुख्य आरोप है कि केंद्रों पर लाभार्थियों को समय से पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया जाता। इसके बावजूद, विभाग द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप पर राशन वितरण की फीडिंग (एफ.आर.एस.) करने के लिए उन पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। पहले दो तस्वीरें देखिए… उनका कहना है कि बिना राशन मिले ऐप पर डेटा दर्ज करना गलत है। इसके अतिरिक्त, ऐप के बार-बार बदलते वर्ज़न और उचित प्रशिक्षण के अभाव के कारण इसके संचालन में भारी कठिनाई आ रही है। प्रदर्शन के दौरान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि समस्त परियोजनाओं में अधिकारियों द्वारा उनसे अवैध वसूली की जा रही है। कार्यकर्त्रियों ने बताया कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क न होने के कारण उन्हें दिए गए सरकारी मोबाइल बेकार हो चुके हैं, जिससे विभागीय कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने नए मोबाइल उपलब्ध कराने और मुख्य सेविकाओं को केंद्रों पर जाकर सहयोग करने के निर्देश देने की मांग की। ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगों में बिना पोषाहार उपलब्ध कराए पोषण ट्रैकर पर जबरन फीडिंग बंद करना, ऐप के नए वर्ज़न के लिए समय-समय पर उचित प्रशिक्षण देना, अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध धनउगाही पर तत्काल रोक लगाना, खराब हो चुके विभागीय मोबाइलों के स्थान पर नए मोबाइल सेट उपलब्ध कराना है। संघ के पदाधिकारियों के साथ अधिकारियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करना शामिल है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कुमारी यादव, प्रदेश महामंत्री नीलम पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष दीपा तिवारी, और जिला महामंत्री नीरा जायसवाल सहित कई पदाधिकारियों ने किया। कार्यकर्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:25 pm

गुरदासपुर में बस की टक्कर से महिला की मौत:बच्ची के लिए दवा लेने बाइक से जा रहे थे दंपती, पति व बेटी घायल

गुरदासपुर के बहरामपुर कस्बे के पास एक तेज रफ्तार निजी बस ने मोटरसाइकिल सवार परिवार को कुचल दिया, जिससे एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 44 वर्षीय सुदेश कुमारी के रूप में हुई है। इस भीषण दुर्घटना में सुदेश कुमारी के पति और बेटी को भी मामूली चोटें आई हैं। दिल दहला देने वाली यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो अब जांच का मुख्य आधार बनी है। मिली जानकारी के मुताबिक, सुरेश कुमार अपनी पत्नी सुदेश कुमारी और बेटी के साथ गांव मरादा से दीनानगर की ओर जा रहे थे। परिवार किसी स्वास्थ्य समस्या के चलते डॉक्टर से दवा लेने के लिए घर से निकला था। जैसे ही वे बहरामपुर के पास पहुंचे, सामने से आ रही अनियंत्रित बस ने उनकी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों सड़क पर गिर पड़े और महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल सुदेश कुमारी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार बहुत अधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार बसों के कारण सड़कों पर मंडराते खतरे को उजागर कर दिया है। शोक संतप्त परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए बस चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है। पजनों का कहना है कि लापरवाही से वाहन चलाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और का परिवार इस तरह न उजड़े। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की तफ्तीश कर रही है और आरोपी चालक की तलाश जारी है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:25 pm

डांसर की लाश मिलने का मामला, समाज ने किया प्रदर्शन:परिवार ने हत्या का शक जाहिर किया, मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग

अजमेर के नाले में मिली डांसर की लाश के मामले में डोली समाज ने गुरुवार को एसपी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने मृतक डांसर की नाले में मिली लाश के मामले में हत्या का शंक जाहिर किया है। परिवार ने आरोप लगाया कि जेवराज चोरी होने की शिकायत देने के बाद से लगातार उसे धमकियां मिल रही थी। समाज और परिवार ने इसे लेकर अजमेर एसपी वंदिता राणा को ज्ञापन दिया और मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित बहन लक्ष्मी राव ने बताया कि 20 जनवरी को उसके भाई सुनील ने क्रिश्चियन गंज थाने में एक चोरी की रिपोर्ट दी थी। जिसे उसने मकान से सोनी-चांदी के जेवर चोरी होने का आरोप लगाया था। उसके भाई द्वारा तनिष्क गुर्जर, समीर, स्वाति, पूनम, पिंटू गुर्जर, शिवम गुर्जर पर चोरी करने का शक जाहिर किया था। बहन ने बताया कि पुलिस द्वारा दो-तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं करने पर उसके भाई को उन व्यक्तियों के द्वारा चोरी करने की जानकारी इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट की थी। जिसे देखने के बाद उसे जान से मारने की धमकियां मिलना शुरू हो गई। जिसके कारण वह परेशान था। पीड़ित भाई ने बताया कि 26 जनवरी को उसके भाई के नाले में लाश मिली थी। उस दिन भी सुबह आरोपी लोग उसके भाई को मकान पर ढूंढने के लिए आए थे। बहन ने आरोप लगाया कि उन्हें अंदेशा है कि उसके भाई ने सुसाइड नहीं किया उसकी आरोपियों द्वारा हत्या की गई है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर परिवार को न्याय दिया जाए। यह खबर भी पढ़ें….. अजमेर में डांसर की मिली लाश:इंस्टा पर लिखा- मेरे साथ बुरा हुआ, पुलिस सपोर्ट नहीं कर रही; घर से जेवर चोरी हुए थे अजमेर में नाले में एक डांसर की लाश मिली। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। सिविल डिफेंस की मदद से बॉडी को बाहर निकाला गया। क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे का मामला है। बलदेव नगर भक्ति धाम निवासी सुनील राव (30) मेल डांसर था। डांसर ने मरने से पहले अपने इंस्टाग्राम आईडी पर पांच स्टोरी लगाई। इसमें सुनील ने लिखा- उसके साथ बहुत बुरा हुआ है। ( पढ़ें पूरी खबर )

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:25 pm

भाजपा विधायक ने की UGC बिल में संशोधन की मांग:स्वर्ण समाज के साथ खड़े हुए अनिल सिंह, बोले-सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नहीं होना चाहिए भेदभाव

नवादा के हिसुआ विधानसभा से चार बार के भाजपा विधायक अनिल सिंह ने केंद्र सरकार के यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 (यूजीसी बिल) के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने सत्ता में रहते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह बिल सामान्य वर्ग (स्वर्ण समाज) के छात्रों और शिक्षकों के साथ भेदभाव करता है। विधायक सिंह ने स्पष्ट किया कि वे स्वर्ण समाज के साथ हैं और सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखेंगे। विधायक अनिल सिंह ने इस बिल को 'एकतरफा' बताया। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी 2026 को जारी इस अधिसूचना में एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के लिए शिकायत निवारण समिति का प्रावधान है, लेकिन सामान्य वर्ग के बच्चों के खिलाफ भेदभाव या फर्जी शिकायतों पर कोई मजबूत सुरक्षा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नहीं होना चाहिए भेदभाव उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई का पुराना प्रावधान हटा दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ गया है। अनिल सिंह ने सवाल उठाया कि जब किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए, तो सामान्य वर्ग के साथ क्यों हो रहा है। उन्होंने 2012 की दिग्विजय सिंह कमेटी का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, लेकिन वर्तमान मसौदा इसके विपरीत काम कर रहा है। बिल में तत्काल संशोधन की मांग विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के नारे का जिक्र करते हुए बिल में तत्काल संशोधन की मांग की। उन्होंने संकेत दिया कि शिक्षा मंत्री और पार्टी के कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं देखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं निकला तो यह माना जाएगा कि कॉलेजों में जाति के नाम पर बंटवारा किया जा रहा है। नवादा में युवाओं के विरोध प्रदर्शन तेज हो चुके हैं, जहां भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया और प्रधानमंत्री मोदी तथा अमित शाह के पुतले दहन किए गए। अनिल सिंह का यह रुख भाजपा के भीतर असंतोष को उजागर करता है, क्योंकि सामान्य वर्ग पार्टी का एक मजबूत वोट बैंक है। उन्होंने कहा, जो भी करना पड़ेगा, सड़क पर उतरेंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। यह घटना भारत में सत्ता पक्ष के किसी विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के बिल के खिलाफ इस तरह की खुली बगावत का एक दुर्लभ उदाहरण है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:23 pm

UGC के नियम पर रोक,BHU स्टूडेंट ने डाली थी याचिका:बोले- यह हमारी पहली जीत है,आज निकालेंगे शांति मार्च ‌

सुप्रीम कोर्ट आज उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाली नियमावली, 2026 पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। 2012 के पुराने नियम ही फिलहाल लागू रहेंगे। इस पर रोक लगाने के लिए याचिका डालने वाले बीएचयू के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी ने न्यायालय को धन्यवाद कहा है उन्होंने कहा कि यह हमारी पहली जीत है। लेकिन हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार इन नियम में बदलाव नहींकरता। आपको बता दें कि यूजीसी के इन नए नियमों पर आरोप लगाया गया था कि ये सामान्य श्रेणी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ इन रिट याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिका में दावा है कि नए नियमों से भेदभाव बढ़ेगा। कोर्ट ने भी इस बात से सहमति जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘क्या हम उल्दी दिशा में जा रहे हैं? हमें जातिविहीन समाज की तरफ बढ़ना चाहिए। जिन्हें सुरक्षा चाहिए उनके लिए उचित व्यवस्था हो।’ अब जानिए मृत्युंजय तिवारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में क्या कहा मृत्युंजय ने कहा - हमने 15 फरवरी को या याचिका दायर की थी 24 को फाइल हो गई थी और 29 जनवरी यानी आज का तारीख मिला था इस याचिका को डालने वाला में पहला स्टूडेंट था। मेरे खिलाफ सोशल मीडिया में तमाम पोस्ट भी चलाए गए। मेरी बात बहुत से लोगों ने याचिका को डाला आज सुप्रीम कोर्ट ने सभी को एक साथ सुना। हमें खुशी है कि हमारे अपील को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले से रोक लगाने की बात कही है। अब लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा आंदोलन मृत्युंजय ने कहा कि हम विश्वविद्यालय में आज शांति मार्च निकालने जा रहे हैं यह मार्च सरकार के खिलाफ है। जिसमें हम मांग करते हैं कि अब सरकार भी इस नियम को समाप्त करने की नोटिफिकेशन जारी करते तब हमारी फाइनल जीत होगी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ कई ऐसे स्टूडेंट है जो इस नियम के आने के बाद काफी भय में थे। उनका कहना था कि इस नियम के अनुसार तो हम पहले ही दोषी हो जाएंगे। हम सरकार से अपील करते हैं कि ऐसे नियम न लागू किए जाएं जिससे आपस में विद्रोह हो।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:22 pm

UGC के विरोध में आगरा का सर्वण सड़को पर:बोले-सरकार छात्रों को लड़वाने का काम न करे,मुगलों और अंग्रेजों के बाद UGC के विरोध में सरकार से भी लड़ेंगे

आगरा में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। सर्वण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और काले कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहन है कि यूजीसी के नए नियम सवर्णों के खिलाफ हैं और उन्हें भेदभाव का शिकार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि इन नियमों से समाज में जातिगत तनाव बढ़ेगा और छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ेगा। बता दें कि यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम लागू किए हैं, जिनमें जातिगत भेदभाव रोकने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, सवर्ण समाज के लोगों का आरोप है कि इन नियमों से उन्हें भेदभाव का शिकार बनाया जा रहा है। आगरा कॉलेज आगरा के छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने यूजीसी रोलबैक के नारे लगाए और बिल को वापस करने की मांग उठाई। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों को भेदभाव के नाम पर लड़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, आज से पहले भी एससी, एसटी, ओबीसी और जनरल के छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ते थे, सरकार आपस में लड़ने का काम ना करें। छात्रों ने कहा कि यूजीसी के नए नियम छात्रों के भविष्य के लिए खतरा हैं और उन्हें वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह छात्रों के हित में निर्णय ले और यूजीसी के नए नियमों को वापस ले। भोगीपुरा शाहगंज स्थित सर्वण समाज के युवाओं ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिल को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा, जब हम मुगलों और अंग्रेजों से लड़ सकते हैं तो सरकार से भी लड़ने में हमें कोई डर नहीं। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और सरकार को उनकी बात सुननी होगी। इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी बात यह रही कि इसमें जनरल के साथ एससी, एसटी और ओबीसी के जुड़े युवा भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे एकजुट होकर सरकार के खिलाफ लड़ेंगे और अपने अधिकारों को हासिल करेंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:22 pm

पलवल में दो स्मैक तस्कर अरेस्ट:पुलिस को देखकर भागने की कोशिश, पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, लाखों का नशा बरामद

पलवल में एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने हथीन-अंधरोला रोड पर बाइपास के पास से लाखों रुपए की स्मैक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनके कब्जे से कुल 13.69 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी विश्व गौरव ने बताया कि उनकी टीम एएसआई सिराजूद्दीन के नेतृत्व में हथीन रेस्ट हाउस पर मौजूद थी। इस दौरान उन्हें सूचना मिली थी कि गुराकसर गांव निवासी अजरुदीन और आमीर लंबे समय से स्मैक बेचने का धंधा कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, वे हथीन बाइपास रोड पर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर खड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस की गाड़ी देखकर दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीएसपी महेंद्र वर्मा को मौके पर बुलाया गया। डीएसपी की देखरेख में ली गई तलाशी डीएसपी महेंद्र वर्मा की देखरेख में आरोपियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी अजरुदीन के पास से 8.02 ग्राम और आमीर के पास से 5.67 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने बरामद स्मैक को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। हथीन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह नशा कहां से लाए थे और उनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का उद्देश्य इस नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:22 pm

बस ने बाइक सवार को टक्कर मार 100मीटर तक घसीटा:भिंड में लोगों ने डेढ़ घंटे सड़क जाम रखी; मच्छर-मछरिया बायपास पर एक साल में 3 मौत

भिंड जिले के मिहोना बायपास पर गुरुवार को तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस युवक को करीब सौ मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने रिपुदमन स्कूल के पास जाम लगा दिया। हादसे में मृतक की पहचान जसवंत जाटव (35) पुत्र रणधीर जाटव, निवासी वार्ड क्रमांक 14 मिहोना के रूप में हुई है। बताया गया कि जसवंत मच्छर रोड से मछरिया रोड होते हुए अपने घर की ओर जा रहा था। इसी दौरान रोने की ओर से आ रही धर्मेंद्र ट्रैवल्स की बस ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी तेज थी कि बाइक सवार जसवंत बस के नीचे फंस गया और चालक उसे करीब सौ मीटर तक घसीटता ले गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। डेढ़ घंटे बायपास पर जामघटना की सूचना मिलते ही मिहोना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन जब तक घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक पुलिस शव को पीएम हाउस ले जा चुकी थी। इससे नाराज स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने रिपुदमन स्कूल के पास बायपास पर जाम लगा दिया, जो करीब डेढ़ घंटे तक चला। इस दौरान तेज रफ्तार बस चालक और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस से तीखी बहस भी हुई। एक साल में तीसरी मौतस्थानीय लोगों का कहना है कि मच्छर-मछरिया बायपास एक्सीडेंटल पॉइंट बन चुका है। यहां से गुजरने वाले वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं, जिससे बायपास पार करने वाले लोग अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों के मुताबिक, बीते एक साल में यह तीसरी मौत है, जबकि 5 से 6 गंभीर दुर्घटनाओं में लोग घायल भी हो चुके हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:20 pm

MLA रविंद्रसिंह भाटी बोले- 50 लाख खेजड़ी काटने की तैयारी:पशुधन, चारागाह का नाश हुआ, पलायन बढ़ा; संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाया जाए

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने गुरुवार को विधानसभा में खेजड़ी, ओरण और गोचर का मुद्दा उठाया। प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण को लेकर कानून लगाू करने की मांग की। भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में 26 लाख खेजड़ी काटी जा चुकी है। और 50 लाख खेजड़ी के पेड़ और काटने की तैयारी है। खेजड़ी बचाने के लिए जन आंदोलन हो रहे है। सरकार को खेजड़ी संरक्षण कानून बनाना चाहिए। दरअसल, बाड़मेर, जैसलमेर समेत पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में सोलर कंपनियां सोलर लगाने का काम कर रही है। इस दौरान खेजड़ी के पेड़ों को काटा जा रहा है। वहीं जैसलमेर में ओरण को सरकार रिकॉर्ड में दर्ज करने को लेकर जैसलमेर से जयपुर तक पैदल यात्रा निकाली जा रही है। 15 सालों में जोधपुर, जैसलमेर बाड़मेर में काटे गए 26 लाख खेजड़ियां शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में शून्यकाल में खेजड़ी, ओरण और गोचर के संरक्षण के संबंध में बोलते हुए कहा- खेजड़ी मात्र पेड़ नहीं है। मरुस्थलीय राजस्थान में जल, जीवन और जलवायु, जीविका का आधार है। मां अमृतादेवी समेत 363 लोगों ने खेजड़ी की रक्षा के लिए अपनी प्राण का बलिदान देकर खेजड़ी पेड़ को बचाया। आज उसी खेजड़ी को अंधाधुंध काट जा रहा है। जिससे क्षेत्र की संस्कृति, पर्यावरण, पारिस्थितिकी, सामाजिक और आर्थिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पिछले 15 सालों से जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर ओर बीकानेर में 26 लाख से अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे जा चुके है। 50 लाख खेजड़ी के पेड़ काटने की तैयारी भाटी ने कहा कि आने वाले समय में 50 लाख और खेजड़ी के पेड़ काटने की तैयारी है। राजस्थान उस मोड़ पर खड़ा है जहां उसका राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण तीनों विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुका है। कहीं हम आखरी पीढ़ी तो नहीं है। जो पाबूजी, गोगाजी, मेहाजी हड़बू जी, जाम्भोजी, रामदेव जी, तेजा जी, आलाजी, पनराज जी जैसे हमारे पूर्वजों की ओर से गोधन, खेजड़ी और ओरण की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान के स्वर्णिम इतिहास को समाप्त कर रहे है। हमने अपनी पीढ़ियों की धरोहर सोंपी है। लेकिन स्थानीय लोगों को न बिजली मिली, न सीएचआर का लाभ मिला ओर न ही युवाओं को रोजगार मिला। पारिस्थितिकी तंत्र, पशुधन और चारागाह का नाश हुआ है और पलायन बढ़ा है। खेजड़ी संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाया जाए आज प्रत्येक जिला ओरण, गोचर और खेजड़ी की रक्षा के लिए खड़ा है। मैं इन जन आंदोलन कों पूर्ण समर्थन देता हूं और प्रदेश सरकार से विशेष आग्रह करता हूं कि खेजड़ी संरक्षण कठोर कानून बनाया जाए ताकि इनको बचाया जा सके। रविंद्र भाटी बोले- पश्चिमी राजस्थान में 50 लाख खेजड़ी काटने की तैयारी विधानसभा में शून्यकाल के दौरान निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थाान में खेजड़ी के पेड़ काटने से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण कानून लागू करने की मांग की। भाटी ने कहा- मां अमृता देवी जैसे सैकड़ों लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर जिस खेजड़ी को बचाया, उस खेजड़ी की आज अंधाधुंध कटाई हो रही है। 26 लाख खेजड़ी के पेड़ काटे जा चुके हैं। आने वाले समय में पश्चिमी राजस्थान में 50 लाख खेजड़ी के पेड़ और काटने की तैयारी है। पश्चिमी राजस्थान से पलायन बढ़ा है। खेजड़ी बचाने के लिए जनआंदोलन हो रहे हैं। सरकार को खेजड़ी संरक्षण कानून बनाना चाहिए।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:19 pm

मेरठ में कर्ज से परेशान युवक का LIVE सुसाइड:बोला इतनी उधारी चढ़ी कि चुका नहीं सकता, इसलिए मर रहा हूं

मेरठ के सिविल लाइन थानाक्षेत्र के यादगारपुर में कर्ज से परेशान युवक गोविंद ने सुसाइड कर लिया। गोविंद ने सुसाइड से पहले अपने 3 वीडियो बनाए। इन वीडियो में उसने कहा कि उस पर इतना कर्ज है कि वो उसे चुका नहीं पा रहा। उसकी पत्नी के जेवर भी वो गिरवी रख चुका है। बेइंतहा मेहनत करने के बावजूद भी वो इस कर्ज को चुका नहीं पा रहा। इसलिए सुसाइड ही उसे अब अंतिम रास्ता नजर आ रहा है। कहा कि कर्जदारों ने मुझे फोन करके परेशान कर दिया है। मेरी वीडियो बनाकर कर्जदार मुझे दुखी करते हैं, इसलिए अब मैं जी नहीं पाऊंगा। मैं अब फांसी लगाकर मरने जा रहा हूं। यह कहते हुए गोविंद ने मफलर का फंदा बनाया और सुसाइड कर लिया। पीड़ित परिवार ने थाना पुलिस को तहरीर देकर मामले में कार्यवाही की गुहार लगाई है तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। वहीं पूरे मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि सिविल लाइन क्षेत्र के यादगारपुर में एक युवक द्वारा सुसाइड करने की जानकारी मिली थी मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। उसके कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:18 pm

फाजिल्का में पशुओं लड़ाई में बाल-बाल बचे स्कूली बच्चे:सड़क पर घूम रहे गोवंशों से हो रहे हादसे, पकड़ने का अभियान बंद

पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर शहर में आवारा पशुओं का आतंक जानलेवा होता जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी भय और रोष व्याप्त है। गुरुवार सुबह गली नंबर-4 स्थित प्रवीण मॉडल स्कूल के पास एक भयावह मंजर देखने को मिला, जब दर्जनों सांड एक गाय के पीछे दौड़ते हुए अचानक गली में आ धमके। गनीमत रही कि स्कूल जा रहे बच्चों और राहगीरों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और स्कूल परिसर के अंदर पहुंचा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासी रॉकी बेदी और अन्य लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासियों का आरोप है कि सरकार जनता से भारी-भरकम 'काऊ सेस' तो वसूल रही है, लेकिन बेसहारा पशुओं के प्रबंधन के नाम पर जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा है। शहर की सड़कों पर सैकड़ों आवारा पशु घूम रहे हैं, जो न केवल यातायात में बाधा बनते हैं बल्कि राहगीरों की जान के दुश्मन भी बने हुए हैं। लंबे समय से पशुओं के पकड़ने का अभियान बंद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पशु पकड़ने का अभियान लंबे समय से बंद पड़ा है। पशुओं की बढ़ती संख्या और प्रशासन की उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिन नई आबादी क्षेत्र में सांडों के आपसी संघर्ष में एक गाय की जान चली गई। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई में जुटा है, जबकि जमीनी हकीकत में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। बेसहारा गायों को गोशाला में भेंजें निवासियों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में आवारा पशुओं की वजह से कोई जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने मांग की है कि कम से कम बेसहारा गायों को तत्काल गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाए। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में इन पशुओं के कारण सैकड़ों लोग दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती अब भी बरकरार है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:16 pm

शिवहर में सुप्रीम कोर्ट निर्देश पर मध्यस्थता अभियान 2.0 शुरू:90 दिन का अभियान, जन-जागरूकता रथ रवाना, लंबित मामलों का त्वरित और निःशुल्क निपटारा

शिवहर व्यवहार न्यायालय परिसर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू किए गए मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत जन-जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और मैत्रीपूर्ण निपटारा करना है। यह राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय विशेष अभियान 2 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसका लक्ष्य न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करना और आम लोगों को त्वरित, निःशुल्क एवं गोपनीय न्याय उपलब्ध कराना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश ललन कुमार रजक की अगुवाई में इस प्रचार रथ को रवाना किया गया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को मध्यस्थता के लाभों के प्रति जागरूक करेगा। मध्यस्थता एक स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रियाइस अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से वैवाहिक विवाद, भूमि-जायदाद से जुड़े मामले, चेक बाउंस तथा उपभोक्ता विवाद जैसे सुलह योग्य मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने बताया कि मध्यस्थता एक स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया है, जिसमें पक्षकार अपनी सहमति से समाधान तक पहुंचते हैं। इस प्रक्रिया में अनुभवी मध्यस्थों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं की सहायता से विवादों का निपटारा किया जाता है। मध्यस्थता से समय और धन दोनों की बचतउन्होंने कहा कि मध्यस्थता से समय और धन दोनों की बचत होती है, साथ ही आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। न्यायाधीश रजक ने मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान को न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देता है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:16 pm

बीमार-पिता के इलाज के लिए बैंक से नहीं मिला पैसा:कई बार चक्कर लगा चुका परिवार; वीडियो बनाकर बैंक मैनेजर पर लगाए आरोप

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विजयनगर के रहने वाले उमेश यादव अपने बीमार पिता जोगी यादव (62 साल) के इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने में भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। पिता गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत है। आर्थिक तंगी के बीच बैंक से राशि निकालने में हो रही देरी ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, उमेश यादव ने विजयनगर समिति में 679 बोरी धान की बिक्री की थी। इसके बाद उन्होंने अपने पिता के इलाज के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा रामानुजगंज से 20-20 हजार रुपये की दो बार निकासी की। हालांकि, जोगी यादव की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के कारण उनके लिए बार-बार रामानुजगंज आना मुश्किल होता जा रहा था। कई बार लगाए बैंक के चक्कर इस समस्या को देखते हुए उमेश यादव ने अपने पिता के नाम से चेक बुक के लिए आवेदन किया। कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बाद उन्हें चेक बुक तो मिल गई, लेकिन अब खाते से राशि आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) कराने के लिए भी बैंक प्रबंधन द्वारा उन्हें बार-बार बुलाया जा रहा है। उमेश यादव का कहना है कि जिस काम को सामान्यतः एक दिन में पूरा किया जाना चाहिए, उसके लिए कई दिनों से परेशान किया जा रहा है। बीमार पिता के साथ वीडियो वायरल इसी बीच, बैंक के बाहर पैसे निकालने में हो रही परेशानी को लेकर उमेश यादव अपने बीमार पिता के साथ दिखाई दिए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बैंक प्रशासन की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराने की मांग परिजनों का कहना है कि जोगी यादव की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। यदि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला, तो उनकी बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने बैंक प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:15 pm

जनता कॉलोनीवासी निगम पहुंचे,कहा-कच्ची बस्ती से भी बुरे हालात:निगम से यूआईटी चक्कर कटवा रहे अधिकारी;लोग घर बेचने को मजबूर

अलवर शहर की मुंगस्का जनता कॉलोनी में सड़क नहीं बनने से परेशान कॉलोनीवासी नगर निगम पहुंचे और निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन भी किया। लोगों ने नगर निगम और यूआईटी दोनों पर लापरवाही का आरोप लगाया। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जब वे सड़क की शिकायत नगर निगम में करते हैं तो उन्हें यूआईटी भेज दिया जाता है और यूआईटी में शिकायत करने पर वापस निगम भेज दिया जाता है। इस तरह दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामला टाल रहे हैं। कॉलोनी के चारों तरफ की सभी सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन केवल जनता कॉलोनी का करीब 200 मीटर का रास्ता अब तक अधूरा पड़ा है। सड़क नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनीवासी और आर्मी से रिटायर्ड कैप्टन प्रदीप सिंह ने बताया कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क की हालत कच्ची बस्ती से भी बदतर हो जाती है। पानी भर जाने से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते। उन्होंने बताया कि इस कॉलोनी में करीब 15 आर्मी से रिटायर्ड जवान अपने परिवारों के साथ रहते हैं, लेकिन हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग मजबूरी में अपने मकान बेचने के लिए तैयार बैठे हैं।कॉलोनीवासियों का कहना है कि शहर में रहने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा के लिए भी भटकना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सिर्फ 200 मीटर की सड़क बनाने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:15 pm

घोरावल अमृत सरोवर की दीवार ढही:2 करोड़ की लागत से बना तालाब, घटिया निर्माण से ध्वस्त

सोनभद्र जनपद के घोरावल नगर पंचायत स्थित थनहवा तालाब में निर्मित अमृत सरोवर की दीवारें ध्वस्त हो गई हैं। लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस सरोवर का निर्माण घटिया सामग्री से होने का आरोप है। दो वर्ष पूर्व शासन की अमृत सरोवर सुंदरीकरण योजना के तहत इस तालाब का सुंदरीकरण कराया गया था। इसमें तालाब की खुदाई, दीवारों का निर्माण और संपर्क मार्ग का कार्य शामिल था। एक वर्ष पहले ही तालाब की दक्षिणी दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका मरम्मत कार्य अपर्याप्त साबित हुआ। इस वर्ष की बरसात में तालाब की उत्तरी और दक्षिणी दोनों भीटा की दीवारें ढह गईं। इसके बावजूद नगर पंचायत और विभागीय अधिकारी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं। घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन अनुत्तरित रहा। नगर पंचायत के रहवासी कृष्ण कुमार, दीपक कुमार, अशोक कुमार, बाबा, काजू और कन्हैया लाल सहित अन्य नागरिकों ने जिलाधिकारी से इस समस्या पर ध्यान देने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:15 pm

शहडोल के MPWLC गोदाम में लगी आग, VIDEO:बारदाना, धान और बीज जलकर खाक, 5 घंटे बाद फायर बिग्रेड ने पाया काबू

शहडोल के नरसरहा स्थित मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के गोदाम में आग लग गई। आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को पांच घंटे से अधिक का समय लगा। इस घटना में गोदाम में रखा बारदाना, धान और बीज जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना गुरुवार तड़के की है। 8 से अधिक दमकल वाहनों को बुलाया गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तड़के गोदाम परिसर से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तेज लपटों में बदल गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए 8 से अधिक दमकल वाहनों को बुलाया गया। गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग बार-बार भड़कती रही, जिससे इसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिलायंस कंपनी की फायर टीम से भी मदद मांगी गई। अतिरिक्त संसाधनों के साथ पहुंची इस टीम ने आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग किया। 5 घंटे बाद आग पर पाया काबू कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग को सीमित दायरे में लाया गया, लेकिन इस पर पूरी तरह से देर सुबह तक ही काबू पाया जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और एसडीएम सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर किसी जनहानि से इनकार किया है, हालांकि आर्थिक नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। MPWLC-1, 2 और 3 गोदाम आग की चपेट में आए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का सही आकलन जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। यह गोदाम MPWLC की शहडोल शाखा के अंतर्गत आता है, जिसकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 2800 मैट्रिक टन है। नरसरहा परिसर में स्थित MPWLC-1, 2 और 3 गोदाम आग की चपेट में आए हैं। फिलहाल, आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और इसे अज्ञात कारणों से लगी आग बताया जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:15 pm

रायगढ़ में माजदा-हाईवा में भिड़ंत, 1 ड्रायवर की मौत:3 लोग मामूली रूप से घायल, बारात से लौटते समय हुआ हादसा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में हाईवा वाहन के चालक ने माजदा वाहन को सामने से जबरदस्त टक्कर मार दिया। इससे गंभीर रूप से घायल माजदा वाहन के चालक की मौत हो गई। वहीं वाहन में सवार 3 लोग मामूली रूप से घायल हो गए। घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को ग्राम अयोध्यापुरी कोरबा से गांव के पौलुस सोरेंग की बारत माजदा वाहन में सवार होकर कई लोग सीमडेगा झारखंड गए थे। वाहन को कोरबा जमनीपाली दर्री का रहने वाला मनोज मिंज चला रहा था। शादी पूरा होने के बाद बुधवार की रात को तकरीबन साढ़े 8 बजे सभी कोरबा वापस अपने घर आने के लिए निकले थे। माजदा वाहन को मनोज मिंज चला रहा था और सामने निर्मल मिंज, जोसेफ सोरेंग व वालटन बैठे थे। वहीं वाहन के पीछे रोशन खाखा, सुमित मिंज, अनिकेत खाखा व अन्य लोग सवार थे। तभी जब माजदा वाहन घरघोड़ा के बैहामुड़ा के आगे छाल रोड मेन रोड पर पहुंची, तो सामने की ओर से आ रही तेज रफ्तार हाईवा के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे जबरदस्त ठोकर मार दी। माजदा चालक की मौके पर मौतइससे चालक मनोज मिंज गंभीर रूप से जख्मी हो गया और मौके पर उसकी मौत हो गई। साथ ही निर्मल मिंज, जोसेफ सोरंेग व वालटन मामूली रूप से घारूल हो गए। हाईवा की टक्कर से माजदा वाहन के सामने का हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई, तो वे मौके पर पहुंचे और मामले की सूचना घरघोड़ा पुलिस को दी गई। घायलो को ईलाज के लिए अस्पताल भेजवायाजहां पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और शव को गाड़ी से बाहर निकाल कर उसका पंचनामा किया गया। साथ ही शव को पोस्टमार्टम और मामूली रूप से घायलो को ईलाज के लिए अस्पताल भेजवाया गया। फिलहाल घटना में पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:14 pm

गोरखपुर में अल्टीमेटम के बाद दुकानदरों ने खुद हटाया अतिक्रमण:सेवई-भौवापार संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण में बाधा, 19 घर चिन्हित

सेवई-भौवापार संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण में अवैध कब्जों के कारण आ रही बाधा अब दूर होती दिख रही है। बृहस्पतिवार को एक दुकानदार ने स्वयं ही अपना अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया। यह कार्रवाई प्रशासन के सक्रिय होने से पहले ही शुरू हो गई। प्रशासन ने पूर्व में सड़क पर कब्जा कर किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित करते हुए 19 घरों को कब्जा खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, उसके बाद राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उदासीन हो गए थे। जानकारी के अनुसार, सेंवई चौराहे से भौवापार गांव और प्रसिद्ध मुंजेश्ववर नाथ शिव मंदिर को जाने वाले इस मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण का निर्माण कार्य एक वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। शासन द्वारा इसके लिए तीन लाख उनसठ हजार रुपये अवमुक्त किए गए थे। कार्यदायी संस्था ने सड़क की पैमाइश कराए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। सड़क की चौड़ाई कम होने की आशंका पर ग्रामीणों ने बिना सीमांकन के कार्य पर रोक लगवा दी। इस मार्ग को 5.5 मीटर चौड़ा होना है, जिसके दोनों तरफ एक-एक मीटर चौड़ा नाला भी बनना है। लेकिन, सड़क कहीं-कहीं बमुश्किल तीन मीटर ही चौड़ी बन रही थी और नाला बनाने के लिए जमीन ही नहीं दिख रही थी। ठेकेदार जहां जितनी जगह पा रहा था, उतने में ही सड़क निर्माण करा रहा था। ग्रामीणों ने मानक से हटकर कार्य करने पर काम बंद करा दिया और निर्माणदायी संस्था से सड़क की चौड़ाई मानक के अनुसार करने की गुहार लगाई। बीते दिनों लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार सिंह ने उपजिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर सीमांकन कराने का अनुरोध किया था। जिस पर उपजिलाधिकारी सदर ने मामले का संज्ञान लेकर नायब तहसीलदार खोराबार की अध्यक्षता में एक राजस्व निरीक्षक सहित छह लेखपालों की टीम गठित कर पैमाइश कराई थी। सड़क सीमांकन में सेंवई चौराहे पर ही अवैध निर्माण सहित कुल 19 दीवारें अवैध निर्माण की जद में आई थीं। इसी क्रम में, सेवई चौराहे स्थित अतिक्रमण की जद में आई दुकान को एक दुकानदार ने बृहस्पतिवार को स्वयं से तोड़ना शुरू कर दिया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:13 pm

कैथल में रिटायर्ड कर्मी के खाते से निकाले 30 हजार:एप एक्टिवेशन के नाम पर मांगी बैंक डिटेल, वॉट्सऐप पर की कॉल

कैथल जिले के चीका में अज्ञात आरोपी ने एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से हजारों रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने उसे बैंक की एप एक्टिवेट करने के नाम पर खाते की डिटेल ले ली। बाद में उसके खाते से राशि निकाल ली। इस संबंध में रिटायर्ड कर्मचारी ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मोबाइल में चलाता है बैंक की एप केशव नगर वार्ड नंबर आठ चीका के श्यामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह शिक्षा विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी है। उसका SBI बैंक पटियाला रोड चीका में खाता है, जिसके साथ उसका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। वह अपने मोबाईल में बैंक की YONO एप चलाता है। कुछ दिन पहले उसने नया मोबाइल लेकर उसमें YONO एप डाउनलोड की और बैंक को एक्टिवेशन रिक्वेस्ट डाली। इसके बाद उसके पास एक मोबाइल नंबर से वॉट्सऐप पर कॉल आई। खुद को बैंक कर्मचारी बताया कॉल करने वाले ने कहा कि वह बैंक से बात कर रहा है और उसकी एप को एक्टिवेट करना है। उसने अपने बैंक खाते से संबंधित सभी डिटेल आरोपी को बैंक कर्मचारी समझकर उसके साथ शेयर कर दी। उसके कुछ समय बाद उसके खाते से 30 हजार रुपए कट गए। जब उसने आरोपी के पास कॉल करनी चाही, तो उसने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस चीका थाना के जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:13 pm

तुलसीपुर के गैसड़ी CDPO पर अवैध वसूली का आरोप:बाबू को हटाने के विरोध में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, बहाल तक जारी

तुलसीपुर के गैसड़ी ब्लॉक में तैनात सीडीपीओ शिवकुमार मिश्र पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि वसूली का विरोध करने पर कार्यालय के संविदा कर्मी बाबू वीरेंद्र सिंह चौहान को फर्जी रिपोर्ट लगाकर हटवा दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने देवीपाटन मंदिर पहुंच कर पीठाधीश्वर से मुलाकात की। कार्यकत्रियों का आरोप है कि सीडीपीओ शिवकुमार मिश्र द्वारा प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री से दो-दो हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। जब संविदा कर्मी वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस वसूली का विरोध किया, तो उन्हें अधिकारियों को गलत सूचना देकर हटवा दिया गया और उनका स्थानांतरण उतरौला कर दिया गया। कार्यकत्रियों का कहना है कि संविदा कर्मी को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने देवीपाटन मंदिर परिसर में प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेशम सिंह ने बताया कि सीडीपीओ शिवकुमार मिश्र द्वारा अवैध वसूली शुरू किए जाने से पहले विभागीय कार्य सुचारु रूप से चल रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पैसा न देने पर सीडीपीओ द्वारा गाली-गलौज की जाती थी। प्रदर्शनकारी कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सीडीपीओ को हटाया नहीं जाएगा और बाबू वीरेंद्र सिंह को पुनः गैसड़ी ब्लॉक में बहाल नहीं किया जाएगा, तब तक सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कार्य बहिष्कार जारी रखेंगी। प्रदर्शन के दौरान, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने देवीपाटन पीठाधीश्वर से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। पीठाधीश्वर ने ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और न्याय दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में रेशम सिंह, बिना सिंह, सरिता भारती, रीता यादव, मधु भारती, संतोष पांडे, सरोज पांडे, प्रभावती, ममता, हरजीत कौर, रात्रि देवी, संजू गुप्ता, अमिता मिश्रा, शाहिद सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:12 pm

शाजापुर में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद:किसानों ने मुआवजे की मांग, सीएम-कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

शाजापुर जिले में 27 जनवरी को हुई ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान शाजापुर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के नाम नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाले किसानों ने बताया कि खेरखेड़ी, टांडा, मीरपुरा, बामनिया खेड़ी, भदोनी, जादमी, पतोली, गिरवर, हरणगांव, बारवा, भांडेडी और हामली सहित कुल 12 गांवों में तेज ओलावृष्टि हुई है। किसानों के अनुसार, गेहूं, चना, राई, आलू और प्याज जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इस नुकसान से उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। किसानों ने यह भी बताया कि फसल नुकसान को लेकर संबंधित ग्राम पंचायतों के पटवारियों द्वारा पंचनामा तैयार किया गया है, जिसे ज्ञापन के साथ संलग्न किया गया है।किसानों का कहना है कि फसलें पूरी तरह बर्बाद होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इससे आगामी कृषि कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराया जाए। उन्होंने प्रभावित किसानों को शीघ्र ही क्षतिपूर्ति के रूप में मुआवजा राशि प्रदान करने की अपील की।किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत प्रदान करेगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:11 pm

नूंह में ज्वेलर्स से लूट का तीसरा आरोपी अरेस्ट:तमिलनाडू से पकड़कर लाई पुलिस, यूपी का रहने वाला, दो पहले ही पकडे़ जा चुके

हरियाणा के नूंह जिले के पिनगवां कस्बे में 27 नवंबर को हुई ज्वेलर्स दुकान लूट की वारदात में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 27 नवंबर को पिनगवां में हथियारबंद बदमाशों ने एक ज्वेलर्स की दुकान से सोने-चांदी के आभूषण लूटे थे। इस मामले में पुलिस पहले ही यादराम और अर्जुन नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लूटे गए जेवर की जानकारी जुटा रही पुलिस रिमांड के दौरान इन दोनों आरोपियों से पूछताछ में तीसरे आरोपी आर्य सिंह उर्फ भारत का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान आर्य सिंह उर्फ भारत के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के धनपुरा गांव का रहने वाला है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान लूट में शामिल अन्य लोगों और लूटे गए आभूषणों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:09 pm

लोहरदगा से गुमला पहुंचा 22 हाथियों का झुंड:वीडियो बनाने के लिए पास जाते दिखे लोग, झुंड में हाथियों के छोटे बच्चे भी हैं शामिल

गुमला का भरनो प्रखंड में गुरुवार को 22 हाथियों का झुंड पहुंचा है। हाथी लोहरदगा जिले की ओर से अम्लीय क्षेत्र में आए हैं। इधर, हाथियों को देखने और उनका वीडियो बनाने के लिए लोग उनके पास जाते भी नजर आए, जो खतरनाक हो सकता है। हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे भी हैं और उनकी सुरक्षा को देखते हुए हाथी लोगों पर हमला कर सकते हैं। इधर, ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया। हाथी आसपास के सीमावर्ती जंगलों में डेरा डाले हुए हैं। ग्रामीणों से हाथियों के पास न जाने की अपीलग्रामीणों के अनुसार, लोहरदगा जिले की ओर से छोटे-बड़े करीब 22 हाथियों का यह झुंड क्षेत्र में प्रवेश किया है। हाथियों के आने से ग्रामीण और किसान दहशत में हैं। जंगली हाथियों के झुंड की सूचना मिलते ही स्थानीय वन कर्मी सक्रिय हो गए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों की रेकी कर रही है। जिला वन पदाधिकारी बेलाल अहमद ने ग्रामीणों से हाथियों के पास न जाने की अपील की है। बेलाल अहमद ने बताया कि विभाग पूरी तरह सक्रिय है और सभी वन कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों को अप्रिय घटना से बचाने के लिए उन्हें हाथियों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। धान की फसल को नुकसान हुआ थायह भी बताया गया है कि पूर्व में भी 22 हाथियों का एक झुंड इस क्षेत्र में सक्रिय हुआ था। तब वे दो-तीन दिनों तक डेरा डाले रहे थे, जिससे धान की फसल को नुकसान हुआ था। हाथी भगाओ दस्ते द्वारा उन्हें सुरक्षित क्षेत्र की ओर पहुंचाया गया था। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों में आलू, गोभी, मटर जैसी सब्जियों के अलावा गेहूं और रबी की फसलें लगी हुई हैं। हाथियों के झुंड से उन्हें भारी नुकसान होने की आशंका है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:07 pm

कोर्ट कर्मचारी रेगुलर स्टूडेंट की तरह नहीं कर सकेंगे पढ़ाई:कर्मचारी को दी गई अनुमति निरस्त, हाईकोर्ट बोला- इससे कामकाज और प्रशासनिक अनुशासन पर पड़ेगा सीधा असर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि अदालतों में कार्यरत कोई भी कर्मचारी सेवा में रहते हुए नियमित छात्र की तरह शैक्षणिक डिग्री हासिल नहीं कर सकता। साथ ही कहा कि नियमित छात्र के तौर पर पढ़ाई करने से कार्यालय के कामकाज और प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा असर पड़ता है। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को रद्द कर दिया है। बता दें कि सिंगल बेंच ने एक कर्मचारी को नियमित छात्र के तौर पर एलएलबी फाइनल ईयर की पढ़ाई करने की अनुमति दे दी थी। रायपुर जिला कोर्ट में असिस्टेंट ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत अजीत चौबेलाल गोहर ने अपनी परिवीक्षा अवधि के दौरान एलएलबी की पढ़ाई शुरू की थी। उसे प्रथम और द्वितीय वर्ष की अनुमति दी गई थी। लेकिन, सत्र 2025-26) में विभाग ने तीसरे वर्ष की पढ़ाई करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। विभाग का कहना था कि नए नियमों के तहत नियमित छात्र के तौर पर पढ़ाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। विभाग के अनुमति नहीं देने पर लगाई थी याचिकाकर्मचारी ने विभाग से अनुमति नहीं देने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सिंगल बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि चूंकि उसने दो साल की पढ़ाई पूरी कर ली है, इसलिए तीसरे वर्ष की अनुमति मिलनी चाहिए। जिसके बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की थी। नए नियम में प्राइवेट- पत्राचार से पढ़ाई की अनुमतिहाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नए नियमों का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ जिला न्यायपालिका स्थापना नियम 2023 के नियम 11 के तहत कोई भी कर्मचारी नियमित उम्मीदवार के रूप में परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता। केवल निजी या पत्राचार के माध्यम से ही पढ़ाई की जा सकती है। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के 10 दिसंबर 2025 के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही विभाग द्वारा 4 सितंबर 2025 को कर्मचारी को अनुमति देने से इनकार करने के आदेश को बरकरार रखा है। सिंगल बेंच ने विभाग का पक्ष नहीं सुनाहाईकोर्ट ने पाया कि सिंगल बेंच पीठ ने विभाग को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना ही पहली सुनवाई में आदेश जारी कर दिया था। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और न्यायिक अनुशासन के खिलाफ है। कहा कि नियमित छात्र के तौर पर पढ़ाई करने से कार्यालय के कामकाज और प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा असर पड़ता है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:07 pm

भदोही में यूजीसी कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन:राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, कानून वापसी की मांग

भदोही में यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने तीसरे दिन भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह कानून समाज में भेदभाव पैदा करेगा। उनके अनुसार, शिक्षा के मंदिरों में जहां पहले छात्र सद्भावना से शिक्षा ग्रहण करते थे, अब वहां जातिगत भावनाएं उत्पन्न होंगी। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का उपयोग क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य समाज को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए भी किया जा सकता है। सवर्ण समाज ने इस कानून को किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं बताया और सवाल उठाया कि जब किसी ने इसकी मांग नहीं की थी, तो सरकार ने इसे क्यों लागू किया। प्रदर्शनकारियों ने कानून को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की, ताकि किसी के साथ कोई भेदभाव उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज प्राचीन काल से सभी वर्गों के साथ मिलकर शिक्षा ग्रहण करते थे और कोई समस्या नहीं आती थी। उनका मानना है कि सरकार यह कानून लाकर उन्हें बांटने और लड़ाने का काम करेगी। इस अवसर पर शुभम पांडे, पंकज शुक्ला, अमित दुबे, अभिषेक तिवारी, रितेश तिवारी, अवधेश मिश्रा, अमित मिश्रा, ऋषि अमित सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:06 pm

कोरबा जिला सेनानी बोलीं- विभाग की छवि धूमिल हो रही:नगर सैनिकों को सामंजस्य के साथ काम करने की सलाह दी; कहा-समस्या का निराकरण होगा

कोरबा में नगर सैनिकों के लगातार विरोध के बाद जिला सेनानी अनुज एक्का को रायपुर अटैच कर दिया गया है। उनके स्थान पर गुरुवार को योगिता साहू ने जिला सेनानी का प्रभार संभाला। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने सैनिकों के साथ एक सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान योगिता साहू ने सैनिकों को सामंजस्य के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समस्या का निराकरण किया जाएगा। नवपदस्थ जिला सेनानी ने कहा कि विभाग की छवि धूमिल हो रही है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है। जिला सेनानी योगिता साहू 2017 से विभाग में सेवा दे रही हैं। उन्होंने साढ़े चार साल तक जशपुर जिले में सेवाएं दीं। इसके बाद उनका तबादला जांजगीर-चांपा जिले में हुआ, जहां वे पिछले दो साल से सक्ती जिले का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं। दो माह से नगर सैनिकों का विरोध कोरबा में तैनात नगर सैनिक पिछले दो माह से पूर्व जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सैनिकों ने उच्च अधिकारियों से शिकायतें भी की थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति तब गंभीर हो गई जब बर्खास्तगी से परेशान एक सैनिक ने जहर का सेवन कर लिया। आक्रोशित सैनिक धरने पर बैठे इस घटना के बाद मंगलवार को आक्रोशित सैनिक धरने पर बैठ गए। खबर मिलते ही विभाग के उच्च अधिकारी एक्टिव हुए। उन्होंने जांजगीर-चांपा की जिला सेनानी योगिता साहू को कोरबा का प्रभार संभालने का आदेश जारी किया। सैनिकों की समस्याएं सुनी गईं प्रभार संभालने के तुरंत बाद आयोजित सम्मेलन में महिला और पुरुष सैनिकों ने अपनी समस्याएं बताईं। जिला सेनानी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सभी सैनिक उनके लिए समान हैं। सीधे शिकायत करने की सुविधा उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे अपनी समस्याओं की जानकारी सीधे उन्हें दे सकते हैं और उन्हें कभी भी सामंजस्य की कमी महसूस नहीं होगी। सैनिकों ने अपने एक साथी की बर्खास्तगी का मुद्दा भी उठाया, जिसे जिला सेनानी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने सैनिकों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करने का आग्रह किया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:06 pm

गोला ओवरब्रिज मार्च तक पूरा करने के निर्देश:डीएम की फटकार के बाद सुरक्षा उपाय, विधायक ने निरीक्षण किया

लखीमपुर खीरी में गोला गोकरननाथ ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी आई है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की फटकार और लगातार हुए हादसों के बाद प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार किया है। लोक निर्माण विभाग ने गोला और फरधान ओवरब्रिज से पहले रखे बोल्डर के आगे मिट्टी खुदवाकर उस पर मिट्टी से भरी बोरियां रखी हैं। इन बोरियों पर रेडियम भी चिपकाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नेशनल हाईवे पर पड़ने वाले चौराहों और तिराहों पर ड्रम रंगवाकर संकेतक लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहले ही ऐसी व्यवस्था की होती, तो लखनऊ के राहुल अग्रवाल की कार बोल्डर से न टकराती और उनकी मौत नहीं होती। विभाग की लापरवाही के कारण ही फरधान ओवरब्रिज का उद्घाटन भी रोका गया था। बुधवार को गोला विधायक अमन गिरि ने गोला ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य को हर हाल में मार्च से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने ठेकेदार को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने की हिदायत दी और इस विषय पर नेशनल हाईवे के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की। इस ओवरब्रिज के निर्माण से गोला वासियों सहित बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी और यातायात के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:05 pm

यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज ने निकाला जुलूस:आजमगढ़ में डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

आजमगढ़ में यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए नियमों एवं बिल को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता है। गुरुवार के दिन सवर्ण समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय में जुलूस निकाला। इस दौरान लोगों ने UGC गो बैक, मोदी सरकार होश में आओ के नारे लगाते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यूजीसी एक्ट को वापस लिया जाए। उसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर नरेंद्र सिंह गंगवार को सौंपा। यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने अथवा उसमें व्यापक संशोधन की मांग किया। चेतावनी दिया कि अगर केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया या बिल में संशोधन नहीं किया तो 2029 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा। संशोधन हो या वापस हो बिल इस बारे में नीरज सिंह का कहना है कि यूजीसी एक्ट लाकर सवर्ण समाज को अलग थलग कर दिया गया है। वर्तमान समय में जनरल खुद शोषित और वंचित हो गया है। ऐसे में या तो इसमें संशोधन किया जाए अन्यथा जांच समिति में किसी सवर्ण को भी शामिल किया जाए। हम लोग अपने यूनिवर्सिटी के समय में जाति और धर्म के नाम से दोस्ती नहीं करते थे पर आज जिस तरह से यह कानून लाया जा रहा है या फिल्टर करने का काम करेगा। हम लोगों की मांग है कि इस काले कानून को वापस किया जाए अन्यथा 2019 के चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित रहे और प्रदर्शन करते रहे। वही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात किया था।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:05 pm

कानपुर जू में शेर-चीते बहुत देख लिए, अब उठाइए धनुष-बाण:तीरंदाजी शुरू हुई, 50 रुपए में बनें शहर के नए 'अर्जुन'

उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर के चिड़ियाघर का नजारा अब पूरी तरह बदलने वाला है। अब तक लोग यहां पिंजरों में शेर, हिरण और भालू देखने आते थे, लेकिन अब कानपुर जू ने सैलानियों को एक नया रोमांच देने की तैयारी कर ली है। चिड़ियाघर प्रशासन की नई पहल के तहत यहां आर्चरी यानी धनुष-बाण से निशानेबाजी की सुविधा शुरू की गई है, जिसने शहरवासियों के बीच खासा उत्साह पैदा कर दिया है। 3 तस्वीरें देखिए- जंगल सफारी के रास्ते पर तीरों की सरसराहटचिड़ियाघर में जंगल सफारी की ओर बढ़ते ही अब तीरों की सरसराहट सुनाई दे रही है। क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम के मार्गदर्शन में शुरू किया गया आर्चरी पॉइंट सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। आर्चरी पॉइंट के संचालक आमिर खान का कहना है कि अक्सर लोग केवल जानवर देखकर ऊब जाते थे और कुछ नया चाहते थे। इसी सोच के तहत यह पहल की गई। खास बात यह है कि कानपुर जैसे बड़े शहर में प्रोफेशनल आर्चरी के विकल्प बेहद सीमित हैं, ऐसे में जू में शुरू हुई यह सुविधा लोगों को खूब भा रही है। जेब पर हल्का, रोमांच में भारी अनुभवआर्चरी पॉइंट की सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती दरें हैं। जहां प्रोफेशनल आर्चरी क्लब आमतौर पर महंगे होते हैं, वहीं यहां महज 50 रुपये में वयस्कों को 5 शॉट और बच्चों को 50 रुपये में 10 शॉट दिए जा रहे हैं। यही वजह है कि बच्चे ही नहीं, उनके माता-पिता भी धनुष थामकर निशाना आजमा रहे हैं और परिवार के साथ इस नए अनुभव का आनंद ले रहे हैं। तनाव दूर करने का नया स्ट्रेस बस्टरप्रतापगढ़ से नौकरी के सिलसिले में कानपुर आए रोहित सरोज ने बताया कि प्राकृतिक माहौल और वन्यजीवों के बीच तीरंदाजी करना एक अलग ही अनुभव है। यह खेल न सिर्फ रोमांच से भरपूर है, बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव को भी काफी हद तक कम करता है। वहीं, बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पारिवारिक पिकनिक का नया ठिकानाक्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम ने बताया कि आर्चरी पॉइंट परिवार के साथ समय बिताने का बेहतरीन जरिया बन रहा है। इससे न सिर्फ मनोरंजन बढ़ा है, बल्कि लोगों में इस प्राचीन खेल के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। अगर आप इस वीकेंड कुछ अलग और रोमांचक करने की सोच रहे हैं, तो कानपुर चिड़ियाघर का रुख कर सकते हैं—हो सकता है आपके भीतर छिपा ‘अर्जुन’ भी यहीं जाग जाए।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:05 pm

मेरठ में युवक ने की आत्महत्या:मफलर का बनाया फंदा बनाकर पंखे से लटका, मौत से पहले तीन वीडियो बनाकर टॉर्चर करने का आरोप लगाया

मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के यादगारपुर में कर्ज के दबाव से परेशान एक युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक की मौत से पहले बनाए गए वीडियो सामने आने के बाद परिजनों ने कुछ लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यादगारपुर निवासी गोविंद पुत्र ओमप्रकाश पेशे से प्लंबर था। परिजनों के अनुसार, उसने हाल के दिनों में मोहल्ले के कुछ लोगों से उधार लिया था। आर्थिक तंगी के चलते वह मानसिक दबाव में था। परिजनों का आरोप है कि कर्ज देने वालों की ओर से उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। इसी तनाव के बीच बुधवार रात उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि गोविंद ने मौत से पहले तीन वीडियो रिकॉर्ड किए थे। इन वीडियो में उसने कर्ज और कथित प्रताड़ना का जिक्र किया है, साथ ही कुछ लोगों को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। रात में जब उसका भाई गौरव कमरे में पहुंचा तो घटना का पता चला। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गोविंद अपने माता-पिता, भाई-भाभी, पत्नी तनु और दो छोटे बच्चों के साथ रहता था। उसकी मौत के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिवार ने थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि सिविल लाइन क्षेत्र के यादगारपुर में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:04 pm

सोनीपत में युवक की गला घोंटकर हत्या:हमलावरों ने NH-44 पर दिया वारदात को अंजाम; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

सोनीपत जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 पर एक युवक की डेड बॉडी मिली है। युवक के गले पर निशान मिले हैं और आशंका है कि गला घोंटकर हत्या की गई है। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के पास हाईवे किनारे शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सोनीपत पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की कई टीमें पहुंची और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल हॉस्पिटल भेज दिया है। हाईवे 44 पर शव मिलने से मचा हड़कंप सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राहगीरों ने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के पास एक युवक का शव पड़ा देखा। मृतक की पहचान मध्यप्रदेश निवासी दिवाकर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के एरिया में पूछताछ करने में जुटी है। गला घोंटकर हत्या की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक की गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। शव की हालत को देखते हुए यह मामला सुनियोजित हत्या का लग रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस के मुताबिक शव की पहचान डी. दिवाकर के रूप में की है, जो मध्यप्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के सोनीपत पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। मौके पर पहुंची सोनीपत पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए सोनीपत क्राइम ब्रांच की कई टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके। पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल में भिजवा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोनीपत पुलिस का कहना है कि मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है और हर एंगल से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दिवाकर यहां कैसे पहुंचा, उसके साथ कौन-कौन लोग थे और हत्या के पीछे क्या वजह रही।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:04 pm

जिला सैनी सभा ने यूजीसी कानून का समर्थन किया:डीएम को सौंपा पत्र, सरकार से कानून लागू करने की मांग

अमरोहा में जिला सैनी सभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए विनियमों का समर्थन किया है। सभा के पदाधिकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को इस संबंध में एक पत्र सौंपा। सभा ने बताया कि यह कानून समानता को बढ़ावा देता है और इसके लागू होने से समाज में भेदभाव समाप्त होगा। अमरोहा का सैनी समाज इस कानून का समर्थन करता है और सरकार से इसे लागू रखने की मांग करता है। भारत सरकार ने 13 जनवरी 2026 को 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम-2026' लागू किया है। इसका उद्देश्य धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव को समाप्त करना है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और दिव्यांगजनों के विरुद्ध भेदभाव को खत्म करना इसका लक्ष्य है। यह उच्च शिक्षा संस्थानों में हितधारकों के बीच पूर्ण समता और समावेशन को बढ़ावा देगा, जिससे विश्वविद्यालयों में भेदभाव रहित माहौल सुनिश्चित होगा। इन नए नियमों से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों को उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता मिलेगी। सैनी सभा के अनुसार, इससे सामान्य जाति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, सामान्य जाति के कुछ वर्ग इन नियमों को वापस लेने के लिए प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जिला सैनी सभा, जनपद अमरोहा, उत्तर प्रदेश के माध्यम से सैनी समाज के सभी व्यक्ति, जो शैक्षिक और आर्थिक रूप से अति पिछड़े वर्ग से हैं, सरकार के इस विनियम को लागू करने का पूर्ण समर्थन करते हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:03 pm

पटियाला में सरकारी स्कूलों में दाखिला अभियान शुरू:डीसी ने खुद भरे बच्चों के फार्म, बोले- सरकारी स्कूल प्राइवेट से बेहतर, 2 स्टूडेंट्स सम्मानित

पटियाला के डिप्टी कमिश्नर वीरजीत वालिया ने सरकारी स्कूलों में दाखिला अभियान शुरू किया है। गवर्नमेंट एलिमेंट्री स्मार्ट स्कूल, मॉडल टाउन (ब्लॉक पटियाला-3) में इस अभियान का शुभारंभ करते हुए उन्होंने पेरेंट्स से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की अपील की। वालिया ने कहा कि सरकारी स्कूल हर तरह से निजी स्कूलों से बेहतर हैं और पेरेंट्स को अच्छी शिक्षा के लिए इनका लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर, स्कूल ऑफ एमिनेंस, फीलखाना के दो छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पेरेंट्स को सरकारी स्कूलों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और छात्र-अनुकूल सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। निजी स्कूलों से कम नहीं सरकारी स्कूल : डीसी वालिया ने कहा कि पंजाब का भविष्य सुरक्षित हाथों में है क्योंकि सरकारी स्कूलों के शिक्षक अत्यंत योग्य और समर्पित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सरकारी स्कूल किसी भी मायने में निजी स्कूलों से कम नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में शिक्षा क्रांति का उल्लेख किया। इसके तहत पंजाब के सरकारी स्कूलों को विश्व स्तरीय विद्यालयों के रूप में विकसित किया गया है और शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए गए हैं। पटियाला जिले में कितने स्कूल डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पटियाला जिले में कुल 939 एलिमेंट्री, 170 मिडिल, 96 हाई और 109 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें 10 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 29 पीएमश्री स्कूल, 33 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस और एक स्कूल ऑफ ब्रिलियंस शामिल हैं, जो सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर वीरजीत वालिया ने शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, क्योंकि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है। उन्होंने छात्रों से भी आह्वान किया कि वे सरकारी स्कूलों में उपलब्ध बेहतरीन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:02 pm

गुना की ट्रेजरी में 2.70 करोड़ की गड़बड़ी:3.74 करोड़ के स्टाम्प बेचे गए, एंट्री की केवल 1.01 करोड़ की; बाबू पर FIR

जिले के कोषालय में स्टाम्प देने के मामले में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कोषालय के बाबू पर ही गड़बड़ी करने का आरोप है। लगभग 2.70 करोड़ की गड़बड़ी के मामले में कैंट थाने में FIR दर्ज की गई है। बाबू पर आरोप है कि 3.74 करोड़ के स्टाम्प जारी किए गए, लेकिन केवल 1.01 करोड़ की ही एंट्री की गई। बाबू पर भ्रष्टाचार अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। कैंट थाने में बुधवार को दर्ज हुई FIR के अनुसार जिले के कोषालय अधिकारी राकेश कुमार ने 21 जनवरी को कैंट थाने को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने का निवेदन किया। इस पत्र में बताया गया कि कोषालय गुना में संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा ग्वालियर द्वारा कोषालय 17 और 18 दिसंबर को निरीक्षण किया गया। इसमें IFMIS रिपोर्ट और भौतिक स्टॉक में अंतर मिला। वरिष्ठ कार्यालय के प्रतिवेदन पर मामले की दूसरी जांच की गई। इस जांच में सामने आया कि 1.01 करोड़ के चालान की तो एंट्री है, लेकिन 2.70 करोड़ बकाया है। यानि लगभग 3.74 करोड़ के चालान हुए, लेकिन उसमें से सिर्फ 1.04 करोड़ की एंट्री ही की गई। संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा ग्वालियर द्वारा जाँच प्रतिवेदन में बताया गया कि वर्ष 2018 से 2025 तक की अवधि में चालान भौतिक रूप से इशू किए गए, लेकिन IFMIS में उसकी एंट्री नहीं की गई। इससे राजस्व को हानि होना प्रतीत होता है। जिला कोषालय में पदस्थ कर्मचारी केशव वर्मा द्वारा प्रस्तुत आवेदन में उनके द्वारा यह स्वीकार किया है कि निरीक्षण के दौरान जो स्टाम्प कम पाये गये हैं, वह उन्होंने बिना कम्यूटर प्रविष्टि एवं कोषालय अधिकारी के संज्ञान में लाये बिना भूल वश दे दिए हैं। उन्होंने यह भी प्रमाणीकरण दिया कि उन स्टाम्पों पर किसी वेंडर द्वारा दावा किया जाता है, तो व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेवार होंगे। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि केशव वर्मा, सहायक ग्रेड-3 (खंजाची) द्वारा वास्तिविक आवश्यकता से ज्यादा मात्रा में शासकीय स्टाम्प दे दिए गए। स्टाम्प वेंडरों को बिना सक्षम अनुमति एवं बिना किसी पावती के स्टाम्प प्रदान किये गये है। IFMIS COMPUTER प्रणाली के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। ट्रेज़री के डबल लॉक सिस्टम से बिना अनुमति के सिंगल लॉक में लाकर दे दिए गए। बैंक/वेंडर स्टाम्प रसीद सुरक्षित नहीं रखी गई। कैंट थाने को लिखे पत्र में कहा गया कि प्रथम दृष्टयता यह स्पष्ट है कि शासन को हुई मूल हानि का कारण मप्र कोषालय संहिता 2020 के सहायक नियम 16 से 24 के अनुसार कोषालय से संबंधित अभिलेखों, स्टॉक और संधारित विवरणों का विधिवत संधारण नहीं किया गया। इसके परिणाम स्वरूप शासकीय स्टाम्पों के निर्गमन, चालान प्रविष्टियों और पावती संधारण में गंभीर अनियमितता उत्पन्न हुई, जो काफी समय तक चिन्हित नहीं हो सकी। प्रकरण में गंभीर वित्तीय अनियमित्ता के कारण शासन को हानि हुई, जिसके लिये खंजाची केशव वर्मा उत्तरदायी है। कोषालय अधिकारी की पत्र के बाद कैंट थाने में केशव वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:01 pm

ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से धान परिवहन ठप:उमरिया में किसानों के 50 करोड़ भुगतान अटका; 9 हजार टन खुले में पड़ा

उमरिया जिले में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के कारण धान का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। चंदिया स्थित एमपी वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन के ओपन कैप में पिछले दो दिनों से लगभग 85 ट्रक धान से लदे खड़े हैं। इसके अलावा, जिले भर की सोसायटियों में करीब 9 हजार मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा है, जिससे बदलते मौसम के कारण उसकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। धान परिवहन ठप, किसानों का 50 करोड़ भुगतान अटका धान परिवहन बाधित होने से किसानों के भुगतान पर भी गहरा असर पड़ा है। जिले के किसानों को लगभग 50 करोड़ रुपए का भुगतान होना है, जो परिवहन ठप होने के कारण रुका हुआ है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार से ही वेयरहाउस में ट्रक खड़े हैं। ड्राइवरों से मारपीट की घटना के बाद ट्रक चलाने से इनकार कर दिया है, जिससे पूरे जिले में धान का परिवहन बाधित है। प्रशासन बोला- समस्या सुलझते ही शुरू होगा परिवहन इस मामले को लेकर जिला प्रशासन ड्राइवरों की समस्या के समाधान में जुटा हुआ है। खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि ट्रक ड्राइवरों की समस्या का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन का प्रयास है कि धान को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि किसानों का भुगतान किया जा सके। अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले तीन दिनों से धान परिवहन पूरी तरह बंद है और जब तक परिवहन फिर से शुरू नहीं होगा, किसानों को भुगतान करना संभव नहीं हो पाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:01 pm

शेखपुरा में रास्ता विवाद में भाई-भाभी पर जानलेवा हमला:एक आरोपी गिरफ्तार, हायर सेंटर रेफर हुआ था भाई, पुलिस दूसरे की तलाश में

शेखपुरा जिले के शेखोपुर सराय थाना पुलिस ने जानलेवा हमले के एक आरोपी सोनू चौधरी को गिरफ्तार किया है। कबीरपुर गांव में छापेमारी कर उसे पकड़ा गया। सोनू चौधरी पर एक सप्ताह पहले रास्ता विवाद को लेकर अपने भाई और भाभी पर हमला करने का आरोप है। यह घटना गत 22 जनवरी को कबीरपुर गांव में हुई थी। सोनू चौधरी और उसके बड़े भाई बबलू चौधरी के परिवार के बीच रास्ता विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई थी। इस मारपीट में बबलू चौधरी और उनकी पत्नी बुरी तरह घायल हो गए थे। बबलू चौधरी को गंभीर चोटों के कारण हायर सेंटर रेफर करना पड़ा था। स्थानीय थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थीथानाध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें दो लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी सोनू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सोनू चौधरी को पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है। छापेमारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी और एएसआई नागेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया था। पुलिस फरार दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 2:01 pm

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत फिर बिगड़ी:देवरिया जेल से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, इलाज के बाद वापस भेजा

देवरिया जिला कारागार में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत बुधवार सुबह एक बार फिर बिगड़ गई। पेट में तकलीफ की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेजा। जांच और उपचार के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अस्पताल में रुकने से इनकार कर दिया। बुधवार सुबह अमिताभ ठाकुर ने जेल चिकित्सक से पेट में तेज दर्द और असहजता की शिकायत की। प्राथमिक जांच में स्थिति सामान्य न पाए जाने पर जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां मेडिसिन विभाग में प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें सर्जरी विभाग में रेफर किया गया। सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने परीक्षण कर उन्हें भर्ती होने की सलाह दी, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने आवश्यक दवाइयां और परामर्श देकर उन्हें वापस जेल भेज दिया। 10 दिसंबर को हुए थे गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 10 दिसंबर को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर देवरिया जेल भेजा गया था। उन्हें इस मामले में 19 जनवरी को जमानत मिल गई थी, लेकिन लखनऊ में दर्ज एक अन्य मामले में वारंट जारी होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी। वह वर्तमान में भी जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन लगातार रख रहा नजर लगभग तीन सप्ताह पहले भी अमिताभ ठाकुर की तबीयत गंभीर रूप से खराब हुई थी। तब उन्हें सीने में दर्द और भारीपन की शिकायत के बाद एसजीपीजीआईएमएस के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रूपाली खन्ना की निगरानी में उनका इलाज चला था, जिसके बाद उन्हें वापस देवरिया जेल भेज दिया गया था। तबीयत बिगड़ने की इस घटना के बाद जेल प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:59 pm

सहरसा में घायल स्टूटेंड की मौत:अज्ञात बाइक ने मारी थी टक्कर, BA पार्ट-1 का छात्र था विकास, बैजनाथपुर थाना ने कराया पोस्टमार्टम

सहरसा के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में घायल छात्र विकास कुमार की गुरुवार को पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि एक अज्ञात वाहन ने छात्र को टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सहरसा नगर निगम के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 निवासी विजय कुमार मेहता के 30 वर्षीय पुत्र विकास कुमार के रूप में हुई है। विकास सहरसा इवनिंग कॉलेज में बीए पार्ट वन का छात्र था और सहरसा के कैलाशपुरी मोहल्ले में रहकर पढ़ाई कर रहा था। अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दीयह घटना 25 जनवरी, रविवार की शाम करीब 4 बजे हुई। विकास 23 जनवरी को सरस्वती पूजा मनाने अपने गांव गया था। जब वह बैजनाथपुर डीएल कॉलेज के पास आ रहा था, तभी एक अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दियास्थानीय लोगों ने तुरंत उसे लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की सूचना बैजनाथपुर थाने को दी गई। बैजनाथपुर थाना अध्यक्ष अमित रंजन ने बताया कि सड़क हादसे में घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हुई है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:58 pm

महिला का फांसी पर लटका शव मिला:कल्याणपुर में पुलिस ने सबूत जुटाए, घर में अकेली थी; 8 साल पहले शादी हुई

कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आठ साल पहले हुई थी शादीकल्याणपुर के बैरी अकबरपुर गांव निवासी ओमकार नाथ डॉक्टर हैं और बिठूर के टिकरा में क्लीनिक चलाते हैं। परिवार में दो बेटे हैं। छोटे बेटे विशाल कनौजिया की शादी आठ साल पहले नरवल निवासी शिवानी उत्तम से हुई थी। दंपती का एक सात साल का बेटा है, जो पढ़ाई करता है। घर पर अकेली थी महिलापति विशाल के मुताबिक वह रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे आरओ प्लांट पर चला गया था, जबकि बेटा सुबह 9 बजे स्कूल गया था। पत्नी घर पर अकेली थी। कुछ समय बाद कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीमघटना की जानकारी मिलते ही 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कल्याणपुर थाने का फोर्स, फॉरेंसिक टीम और एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसीपी बोले- प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामलाएसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पति से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर नहीं पहुंचे हैं। उनकी ओर से कोई तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:58 pm

जबलपुर में 2 चोरों को कॉलोनी वालों ने पकड़ा:पिटाई कर पुलिस को सौंपा, करीब 3 घंटे घरों की छत पर छिपे रहे

जबलपुर में विजय नगर थाना क्षेत्र की जगदम्बा कॉलोनी में देर रात चोरी की एक बड़ी वारदात टल गई। कॉलोनी में घुसे तीन चोरों में से दो को रहवासियों ने रंगे हाथ पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। चोर औजारों और हथियारों से लैस होकर कॉलोनी में दाखिल हुए थे। वे करीब तीन घंटे तक घरों की छतों पर छिपे रहे। संदिग्ध गतिविधि देखकर कुछ रहवासियों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने एकजुट होकर निगरानी बढ़ाई। रहवासियों ने चोरों को पकड़ लिया। पकड़े गए चोरों की पिटाई के बाद घटना की सूचना विजय नगर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि रहवासियों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से कॉलोनी में बड़ी चोरी की वारदात होने से पहले ही रुक गई। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:57 pm

दरभंगा में घर में फंदे से लटकी मिली नवविवाहिता:2 महीने पहले शादी हुई थी, पति बोला- काम पर गया था, घर में कोई नहीं था

दरभंगा के बहादुरपुर में एक नवविवाहिता की बुधवार देर शाम उसके घर में फंदे से लटकी हुई लाश मिली। महिला की 2 महीने पहले शादी हुई थी। घटना के वक्त घर पर नवविवाहिता अकेली थी। पति कमतौल के एक होटल में काम करता है और घटना के दौरान बाजार गया था। शाम को जब वो घर लौटा तो पत्नी को फंदे से लटका देखा। घटना श्रीपुर गांव स्थित अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-4 की है। मृतका की पहचान 21 साल की प्रियांशु कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी राहुल कुमार से हुई थी। राहुल शाम को जब घर लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी कोशिश के बाद जब उसने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी पत्नी प्रियांशु फांसी के फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि शव फंदे से लटका मिला था। आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। परिवारिक विवाद, दहेज की डिमांड से इनकार मृतका के परिजन का कहना है कि बेटी और दामाद के बीच किसी बात को लेकर कोई विवाद नहीं था, न ही दहेज डिमांड जैसी कोई बात थी। शादी अरेंज मैरिज हुई थी और प्रियांशु कुमारी ससुराल में खुश थी। मृतका के सास-ससुर का पहले ही निधन हो चुका है। मृतका का मायका पूर्वी चंपारण जिले के बारह चकिया थाना क्षेत्र के बॉसघाट टोला कोनिया वार्ड संख्या-1 में है। घटना की सूचना मिलते ही मृतका की मां, मौसा और चाचा मौके पर पहुंचे थे। परिजनों ने बताया कि मृतका दो भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी थी, जबकि उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस संबंध में एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मृतका मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:57 pm

हाथरस में संदिग्ध हालत में मिला बुजुर्ग महिला का शव:शरीर से गहने गायब, ग्रामीणों ने जताई लूटपाट के इरादे से हत्या की आशंका

हाथरस जनपद के हसायन कोतवाली क्षेत्र के इन्द्रनगर सिकतरा गांव में एक विधवा बुजुर्ग महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके घर के बरामदे में मिला। महिला के कान और नाक से सोने के आभूषण गायब थे, और कान से खून भी निकला हुआ था। ग्रामीणों ने लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई है। सूचना मिलने पर हसायन कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सिकंद्राराऊ क्षेत्राधिकारी जेनेन्द्र नाथ अस्थाना के साथ,फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। मृतक की पहचान मालती देवी उर्फ मुन्नी देवी (लगभग 62 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय केंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। गांव के महेंद्र पाल सिंह सिकतरा निवासी ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे तक महिला को दूध गर्म करते और अलाव तापते देखा गया था। पड़ोसियों को बरामदे में पड़ा मिला शव गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे जब वह दिखाई नहीं दीं,तो पड़ोसियों ने देखा कि बाहर का दरवाजा भिड़ा हुआ था,लेकिन अंदर से कुंडी नहीं लगी थी। अंदर का दरवाजा खुला था और मालती देवी बरामदे में मृत पड़ी थीं।पड़ोसियों ने पाया कि मालती देवी के कान और नाक से सोने के कुंडल और लोंग गायब थे,साथ ही उनके कान से खून भी निकला हुआ था। लूटपाट के इरादे से की गई हत्या इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी ने लूटपाट के इरादे से महिला की हत्या की है। जानकारी के अनुसार, मृत महिला के पति केंद्रपाल सिंह का लगभग नौ साल पहले पथरी के इलाज के दौरान निधन हो गया था। मालती देवी की कोई संतान नहीं थी और उनके नाम पर करीब पच्चीस बीघा जमीन थी। उनके पति तीन भाई थे। मामले में जांच में जुटी पुलिस इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक सी.ओ.सिकन्दराराऊ जैनेन्द्र नाथ अस्थाना व कोतवाली प्रभारी गिरीश चन्द्र गौतम ने बताया कि बासठ वर्षीय महिला का शव घर में पाया गया है।महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति उत्पन्न हो पाएगी कि महिला की मौत कैसे हुई है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:56 pm

राजसमंद में भजनों पर नाचे श्रद्धालु:गौराजी कालाजी मंदिर में वैदिक मंत्रों के साथ कलश की स्थापना, दर्शन के लिए लगी भीड़

राजसमंद शहर के कलालवाटी क्षेत्र में स्थित श्री गोराजी कालाजी भैरूनाथ मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय नौ कुण्डीय महाभैरव रूद्र यज्ञ महोत्सव सम्पन्न हुआ। महोत्सव के तहत आज मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति एवं कलश स्थापना की गई। इस अवसर पर मंदिर में गौराजी कालाजी का विशेष श्रृंगार किया गया। दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। स्टेडियम में भजन संध्या का आयोजन 25 जनवरी से प्रारंभ हुए इस मांगलिक आयोजन के चौथे दिन बुधवार रात्रि को अरविंद स्टेडियम में भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में मेवाड़ के प्रसिद्ध भजन गायक भगवत सुथार ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजन संध्या की शुरुआत गणेश वंदना एवं गुरु वंदना से हुई। इसके पश्चात ‘वीर हनुमाना अतिबलवाना’, ‘राम-राम रसियों रे प्रभु मन बसियों’ सहित अन्य भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों के दौरान श्रोता न केवल सुर में सुर मिलाते नजर आए, बल्कि जमकर नृत्य भी किया। पांडाल के साथ-साथ मंच पर भी श्रद्धालु झूमते नजर आए। ‘गौराजी कालाजी’, ‘हेला पे हेलो देऊ मारी मां’ और ‘सोना रा झांझर बाजणा’ जैसे भजनों पर पूरा पांडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:55 pm

खरवार जाति प्रमाण पत्र पर बेतिया में सहमति:युवा खरवार महासभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से की वार्ता

युवा खरवार महासभा, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने बेतिया जिले का दौरा कर खरवार जाति के लोगों के लिए जाति प्रमाण पत्र जारी करने के मुद्दे पर जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान योग्य परिवारों को प्रमाण पत्र सुचारू रूप से जारी करने पर सहमति बनने की बात कही गई। सरकारी आदेश के अनुपालन का हवाला प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यह पहल सामान्य प्रशासन विभाग, पटना के पत्रांक 17839, दिनांक 19.09.2025 के आदेश के अनुपालन में की गई। उन्होंने सहयोग के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आभार जताया। समाज से एकता और शिक्षा पर जोर राजेश खरवार ने समाज के लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि समाज अब जागरूक हो रहा है। उन्होंने एकता बनाए रखने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। बेतिया में बड़ी आबादी, संगठन मजबूत करने पर बल उन्होंने कहा कि बेतिया जिले में खरवार समाज की बड़ी आबादी निवास करती है। समाज को अपने अधिकार और सम्मान के लिए आपसी समन्वय और संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगामी चुनावों में समाज की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही। सरकार के प्रयासों का उल्लेख प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की वर्तमान एनडीए सरकार खरवार समाज के उत्थान के लिए प्रयासरत है। इस संदर्भ में उन्होंने उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी मौजूद इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश खरवार सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:55 pm

फरीदकोट की मॉडर्न जेल में चलाया सर्च ऑपरेशन:4 मोबाइल बरामद, तीन कैदियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज

फरीदकोट जिले की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत भेजकर 3 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज इस दौरान ब्लॉक नंबर 7 की बैरक नंबर 7 की तलाशी लेने पर वहां बंद हवालाती श्रीगंगानगर (राजस्थान) का त्रिलोक सिंह, गुरदीप सिंह और फाजिल्का का रहने वाला विक्रम सिंह के पास से कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने थाना सिटी फरीदकोट में उक्त तीनों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब पुलिस द्वारा नामजद किए गए हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि जांच के दौरान किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी केस में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:54 pm

1 किलो चांदी का भाव 4 लाख रुपए पहुंचा:राजस्थान में सोना एक दिन में 15 हजार 500 बढ़ा; जानिए- क्या है कीमत

दुनियाभर के वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता का सीधा असर अब कीमती धातुओं पर साफ नजर आने लगा है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजस्थान में गुरुवार को सोने-चांदी के भाव में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है। एक ही दिन में स्टैंडर्ड सोने के भाव में 15 हजार 500 रुपए की जोरदार उछाल देखने को मिली, जिसके बाद 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 1 लाख 84 हजार रुपए के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई है। वहीं चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। एक दिन में 27 हजार रुपए की छलांग के बाद 1 किलो चांदी का भाव 4 लाख रुपए तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। कई दुकान से भाव पूछकर लौट रहे ग्राहकलगातार बढ़ते दामों ने आम खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। शादी-विवाह और पारंपरिक खरीदारी के सीजन में कीमतें आसमान छूने से सर्राफा बाजारों में रौनक कम होती नजर आ रही है। कई जगहों पर ग्राहक सिर्फ भाव पूछकर लौट रहे हैं, जबकि वास्तविक खरीदारी में भारी गिरावट आई है। जयपुर सर्राफा एसोसिएशन के राकेश खंडेलवाल ने बताया कि बीते कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन हाल के दिनों में आई तेजी ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अचानक आई इस भारी तेजी के चलते सर्राफा बाजार में खरीदारी पर असर पड़ा है और ग्राहकों की संख्या घट गई है। हालांकि, ऊंचे दामों का फायदा उठाते हुए कई लोग सोना-चांदी बेचकर मुनाफा भी कमा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन समेत कई देश बड़े पैमाने पर सोने और चांदी का भंडारण कर रहे हैं। इसके साथ ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों का सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव कीमतों को लगातार सहारा दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी कीमती धातुओं के दामों में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जयपुर सर्राफा कमेटी की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार- विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि मौजूदा हालात में कीमतों में अचानक गिरावट या और तेजी दोनों की संभावना बनी हुई है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:53 pm

जिनका 26 जनवरी पर सम्मान हुआ, उन्हें अगले दिन नोटिस:चार जिलों के हॉस्पिटल अधीक्षकों से पूछा कारण; डिपार्टमेंट ने माना-काम में लापरवाही से करोड़ों का नुकसान

मेडिकल एज्युकेशन डिपार्टमेंट का एक बड़ा ही अजीब वाकया सामने आया है। डिपार्टमेंट ने जिन हॉस्पिटलों के अधीक्षकों या प्रभारियों (डॉक्टर्स) को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया, उन्हें अगले ही दिन खराब काम के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए। यही नहीं डिपार्टमेंट ने एक प्राइवेट सेक्टर के व्यक्ति को भी सम्मानित कर दिया। 26 जनवरी को जिनको सम्मानित किया गया उनमें से एक डॉक्टर के खिलाफ तो वित्तीय अनियमितता का मामला भी विभाग में लंबित चल रहा है। दरअसल, मेडिकल एज्युकेशन डिपार्टमेंट ने 26 जनवरी को हॉस्पिटल में अच्छा काम करने पर जयपुर के सैटेलाइट हॉस्पिटल बनीपार्क के अधीक्षक डॉ. पीडी मीणा, एस.आर गोयल राजकीय हॉस्पिटल, सेठी कॉलोनी जयपुर के अधीक्षक डॉ. गोवर्धन मीणा, राज बहादुर मेमोरियल हॉस्पिटल, भरतपुर के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और अजमेर स्थित महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. पूर्णिमा पचौरी को सम्मानित किया था। ये सम्मान डिपार्टमेंट के कमिश्नर नरेश कुमार गोयल ने दिया। 27 जनवरी को दिए कारण बताओ नोटिस लेकिन उसके अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को कमिश्नर नरेश कुमार ने इन तीनों हॉस्पिटल अधीक्षकों यानी डॉक्टरों को काम में गंभीर लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। ये नोटिस मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत भर्ती हुए मरीजों के इलाज की एवज में उठाए जाने वाले क्लेम के रिजेक्ट होने के संबंध में था। डिपार्टमेंट ने माना कि हॉस्पिटल प्रशासन और अधिकारियों की लापरवाही के कारण ये क्लेम बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया, जिससे हॉस्पिटल और सरकार दोनों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। प्राइवेट सेक्टर के व्यक्ति का भी कर दिया सम्मान मेडिकल एज्युकेशन डिपार्टमेंट में डॉक्टर्स के सम्मान का ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के एक व्यक्ति के सम्मान की भी चर्चा है। 26 जनवरी के दिन डिपार्टमेंट ने आर्किटेक्ट डॉ. अनूप बरतिया को भी सम्मानित कर दिया। बरतिया एक प्राइवेट आर्किटेक्ट हैं, जिन्होंने आईपीडी टॉवर और अन्य दूसरे हॉस्पिटलों की डिजाइन तैयार की है। डिपार्टमेंट में चर्चा है कि क्या विभाग में कर्मचारी-अधिकारी कम पड़ गए थे, जो एक प्राइवेट सेक्टर के अधिकारी को राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। इन हॉस्पिटल को नोटिस मेडिकल एज्युकेशन कमिश्नर नरेश गोयल ने एस.आर गोयल राजकीय हॉस्पिटल, सेठी कॉलोनी जयपुर के अधीक्षक को नोटिस जारी किया। इस हॉस्पिटल में MAA योजना के तहत एक जून से 30 नवंबर 2025 तक 13.64 लाख रुपए के क्लेम जनरेट किए गए। जिसमें से 6.61 लाख रुपए के क्लेम ही कंपनी ने पास किए, जबकि शेष 5.58 लाख रुपए (38.35 फीसदी) क्लेम रिजेक्ट हो गए। नोटिस देना केवल अधिकारी को जगाना है मेडिकल एज्युकेशन कमिश्नर नरेश गोयल ने कहा कि अधिकारी एक ही नहीं बल्कि कई सेक्टर में अच्छा काम करते हैं, जिनके आधार पर उनको सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भरतपुर हॉस्पिटल अधीक्षक के खिलाफ क्या वित्तीय अनियमितता का मामला चल रहा है, वह मुझे एक बार देखना पड़ेगा, उसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:51 pm

विक्रमोत्सव-2026 में जुटेंगे देश-विदेश के कलाकार:उज्जैन में सोनू निगम करेंगे परफॉर्म, 15 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजन

उज्जैन में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन 15 फरवरी से 19 मार्च तक होगा। इस उत्सव में देश और विदेश के कलाकार भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में बैठक कर विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का साहस, शौर्य और योगदान भारतीय संस्कृति को मजबूत करता है। नई पीढ़ी को उनके जीवन और कार्यों से जोड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन भव्य हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर का नजर आए। विक्रमोत्सव के दौरान उज्जैन में कई तरह के सांस्कृतिक, साहित्यिक और वैचारिक कार्यक्रम होंगे। उत्सव की शुरुआत शिव पूजा और शिवनाद जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों से होगी। कार्यक्रमों में नाट्य समारोह, इतिहास और शोध पर संगोष्ठियां, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, वेद अंताक्षरी और संगीत से जुड़े विचार विमर्श शामिल रहेंगे। इन आयोजनों से भारतीय संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पौराणिक फिल्म महोत्सव भी होगा उज्जैन के लोगों के लिए खास आकर्षण 13 से 17 मार्च तक होने वाला अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव रहेगा। इसमें 20 से ज्यादा देशों की पौराणिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को अलग-अलग संस्कृतियों को समझने का मौका मिलेगा। इसके अलावा विज्ञान, कृषि और लोकसंस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक पशुओं की प्रतियोगिता और कृषि प्रदर्शनी किसानों और आम लोगों के लिए उपयोगी रहेंगी। 19 मार्च को वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस और उज्जयिनी गौरव दिवस के मौके पर शिप्रा तट पर मुख्य समारोह होगा। इस दिन सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण दिया जाएगा, विक्रम पंचांग का लोकार्पण होगा और भव्य आतिशबाजी होगी। मुख्य समारोह में प्रसिद्ध गायक सोनू निगम की प्रस्तुति भी होगी। विक्रमोत्सव-2026 ऐसा आयोजन होगा, जो उज्जैन की संस्कृति, इतिहास और परंपरा को नई पहचान देगा और हर नागरिक को इससे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:51 pm

रतलाम में ट्रक में घुसा स्कूटी सवार युवक, मौत:फोरलेन पर खड़ा था हैवी वाहन, ई-बाइक स्कूटी टूटी; बिलपांक दुकान जा रहा था लड़का

रतलाम में फोरलेन पर सड़क किनारे खड़े ट्रक में स्कूटी सवार 20 वर्षीय युवक पीछे से टकरा गया। युवक ने हेलमेट भी लगा रखा था, वह खुलकर दूर जा गिरा। सिर में चोट आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है। घटना गुरुवार सुबह करीब 7.40 बजे रतलाम-इंदौर फोरलेन के धराड़ के पुल के आगे की है। मृतक का नाम हर्ष (20) पिता चैनसिंह गुर्जर निवासी डोंगरेधाम कॉलोनी है। हर्ष सुबह अपनी ई-बाइक स्कूटी क्रमांक एमपी 43 जेडएल 0536 से बिलपांक में अपनी दुकान जा रहा था। धराड़ क्रॉस करने के बाद पुलिस चौकी के पहले ट्रक क्रमांक एमपी 04 जीए 6587 रोड के सड़के किनारे ले बाय लाइन से सट कर खड़ा था। हर्ष ट्रक के रोड की तरफ ट्रक के कौने से पीछे से ट्रक में घुस गया। घटना में स्कूटी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बिलपांक थाना पुलिस पहुंची। एम्बुलेंस से शव को रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा। पीएम कर शव परिजनों को सौंपा। 20 युवक की मौत के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। कोहरे से हादसे की संभावनागुरुवार सुबह कोहरा भी था। संभावना जताई जा रही है कि कोहरे के कारण युवक को दूर से ट्रक दिखा नहीं होगा। पास में आने पर उसने बचने की कोशिश की होगी, इसी दौरान वह ट्रक में जा घुसा। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुबह ठंड तेज थी। युवक ने हेलमेट लगा रखा था कि संभवत नींद की झपकी आने से हादसा हो सकता है। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है। ट्रक चालक की लापरवाही ट्रक में टेंट का सामान रखा था। जिसमें बड़े डोम के एंगल रखे हुए थे जो कि ट्रक से बाहर निकले हुए थे। घटना में प्राथमिक जांच में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आ रही है। चालू रोड के किनारे से रोड पर ट्रक खड़ा कर रखा था। ट्रक पर किसी भी प्रकार के सुरक्षा की दृष्टि से रेडियम नहीं लगा रखे थे, ताकि दूर से पता चल सके कि कोई वाहन खड़ा है। बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया कि ट्रक को जब्ती में ले लिया है। ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। केस दर्ज किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:51 pm

बेतिया में 16 साल की किशोरी लापता:शादी की नीयत से ले जाने का आरोप, 4 लोगों पर FIR, पुलिस छापेमारी में जुटी

बेतिया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव से 16 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया गया है। किशोरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर किशोरी को शादी की नीयत से ले जाने का आरोप है। थानाध्यक्ष सम्राट सिंह ने बताया कि इस मामले में गोलू उर्फ दीपक पासवान, संतोष पासवान, मुन्ना पासवान और रेणु देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 12 जनवरी की सुबह हुई थी। शादी की नीयत से ले गयाकिशोरी के पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे और परिवार के अन्य सदस्य काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। उनकी 16 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी गोलू उर्फ दीपक पासवान वहां पहुंचा और किशोरी को बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से अपने साथ ले गया। घटना के बाद परिजनों ने किशोरी की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटना के 15 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही किशोरी को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:51 pm

बरेली में भीमआर्मी ने अलंकार अग्निहोत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए:UGC कानून का किया समर्थन, आईआईटी और आईआईएम में भी लागू करने की मांग

यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर देश में छिड़ी बहस अब 'अगड़ा बनाम पिछड़ा' की सीधी जंग में तब्दील हो गई है। बरेली में सवर्ण समाज इन नियमों का विरोध कर रहा है। वहीं भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी (DM) को सौंपा और यूजीसी के नए नियमों का पुरजोर समर्थन किया। इस दौरान पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए गए। आईआईटी और आईआईएम में भी लागू हो कानून ज्ञापन के जरिए भीम आर्मी ने मांग की है कि 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026' को किसी भी कीमत पर वापस न लिया जाए। संगठन का कहना है कि ये नियम दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक छात्रों की सुरक्षा के लिए ढाल हैं। उन्होंने मांग की कि इन नियमों को न केवल विश्वविद्यालयों, बल्कि देश के सभी आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में भी तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। नए नियमों की आवश्यकता है भीम आर्मी के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2019 से 2024 के बीच जाति आधारित भेदभाव के मामलों में 118.4% की भयावह वृद्धि हुई है। उन्होंने रोहित वेमुला, पायल तडवी और दर्शन सोलंकी जैसे छात्रों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए इसे 'संस्थागत हत्या' करार दिया। संगठन का तर्क है कि 2012 के नियम निष्प्रभावी रहे, इसलिए नए कड़े नियमों की नितांत आवश्यकता है ताकि कॉलेजों में दलित और आदिवासी छात्र सुरक्षित महसूस कर सकें। झूठी शिकायत पर कार्रवाई न होना बना मुद्दा यूजीसी के इन नए बदलावों में सबसे बड़ा विवाद शिकायतों के निस्तारण को लेकर है। नए नियमों के तहत शिकायतकर्ता (SC/ST/OBC वर्ग) को विशेष रियायत दी गई है। यदि जांच में शिकायत झूठी भी पाई जाती है, तो भी शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। सवर्ण समाज इसी बिंदु को 'स्वघोषित अपराधी' बनाने वाला नियम बता रहा है, जबकि दलित संगठनों का मानना है कि यह सुरक्षा के लिए जरूरी है ताकि कोई छात्र शिकायत करने से डरे नहीं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:50 pm

श्रीगंगानगर में HDFC बैंक के पूर्व कर्मचारी के साथ ठगी:आरोपी ने पुरानी कार दिलाने के नाम पर पैसे हड़पे, अब ब्लैकमेल कर रहा

श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में पुरानी फोर्ड फिगो कार दिलाने के नाम पर एचडीएफसी बैंक के पूर्व कर्मचारी से ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता को सस्ती गाड़ी दिलाने का झांसा देकर पैसे हड़प लिए और अब ब्लैकमेल कर रहा है। सूरतगढ़ सिटी पुलिस स्टेशन में दी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता अवनोद कुमार ने बताया- वह पूर्व में एचडीएफसी बैंक सूरतगढ़ शाखा में कार्यरत था। इसी दौरान कार बाजार से जुड़े रवि कुमार से उनकी जान-पहचान हुई, क्योंकि दोनों एक ही बिरादरी के थे। 2019 में अवनोद को सेकंड हैंड कार की जरूरत थी। तब रवि कुमार ने अवनोद से गाड़ी दिलाने की बात कही। जिसके बाद रवि ने अवनोद को फोर्ड फिगो मॉडल 2012 कार दिखाई। यह कार विजेंदर सिंह मान के नाम रजिस्टर्ड थी। रवि ने इसे अपनी खरीदी हुई बताकर अवनोद के साथ 1 लाख 90 हजार में सौदा तय किया। जिसके बाद अवनोद ने 1 लाख रुपए नगद दिए और बाकी 90 हजार रुपए 10 हजार की 9 किश्तों में देने को कहा गया। सिक्योरिटी के तौर पर रवि ने अवनोद से एक खाली 500 रुपए का स्टांप पेपर, दो खाली चेक और एक भरा हुआ 95 हजार रुपए का आईसीआईसीआई बैंक का चेक ले लिया। जिसके बाद अवनोद को कार सौंप दी गई और वादा किया गया कि किश्तें पूरी होने पर आरसी ट्रांसफर कर डॉक्यूमेंट दे दिए जाएंगे। अवनोद का दावा है कि उसने ब्याज सहित टोटल 1.03 लाख रुपए रवि कुमार व उसके पुत्र पार्थ और उनकी फर्म ओएसिस केबल के खाते में जमा करवा दिए। जब अवनोद ने बाकी डॉक्यूमेंट और चेक वापस मांगे तो रवि ने देने से मना कर दिया। बाद में वह ब्लैकमेल करने लगा कि 2 लाख रुपए और दो, वरना चेक डिसऑनर करवाकर अवनोद को फंसा देगा। आरोप है कि रवि ने फर्जी डिलीवरी रिपोर्ट बनाई, जिसमें बकाया राशि 1.80 लाख रुपए दिखाई गई। वहीं, रवि ने खुद बयान दिए थे कि सौदा 1.90 लाख में हुआ और 95 हजार बकाया थे, जो अब की फर्जी रिपोर्ट से मेल नहीं खाता। अवनोद ने चेक का भुगतान रुकवाया तो रवि ने उसी चेक के आधार पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल धूप सिंह कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:49 pm

फाजिल्का अस्पताल में स्कूटी चोर की पिटाई:मालिक ने एक घंटे निगरानी कर रंगेहाथ दबोचा, अपनी गाड़ी बता रहा था आरोपी

फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में स्कूटी चोरी करते हुए पकडे़ गए युवक की जमकर पिटाई की गई। पुलिस को बुलाया गया और आरोपी युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। लोगो ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। जानकारी देते हुए गांव मुहार खीवा के रहने वाले सूखचैन सिंह ने बताया कि वह अपनी मां के साथ दवाई लेने के लिए सरकारी अस्पताल आया था। जहां उन्होंने अस्पताल के ओपीडी ब्लाक के बाहर अपनी स्कूटी पार्क की थी। स्कूटी पर बैठकर करता रहा छेड़छाड़ सुखचैन सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पताल में बाइक और स्कूटी चोरी की काफी वीडियो उसने देखी है। इसलिए वह अपनी स्कूटी पर नजर बनाए हुए था। इस दौरान एक युवक आकर उसकी स्कूटी पर बैठ गया। करीब एक घंटे तक आरोपी युवक उसकी स्कूटी से छेड़छाड़ कर रहा था। आखिरकार सुखचैन ने आरोपी से पूछा कि वह यहां क्या कर रहा है तो आरोपी ने पहले तो उसकी स्कूटी को अपनी स्कूटी बताया। फिर कहने लगा कि मेरे दोस्त की है। जिस पर सुखचैन को शक हुआ और उन्होंने उसे पकड़ लिया। मौके पर अस्पताल में आए लोग एकत्र हो गए, जिन्होंने चोरी की कोशिश कर रहे युवक को पकड़ धुनाई कर दी। बाद में सूचना पुलिस को देते हुए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:49 pm

हांसी पुलिस की जांच पर मानवाधिकार आयोग सख्त:सीवरेज हादसे में दो की मौत केस, एसपी-डीएसपी तलब, दोषियों को बचाने का आरोप

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हांसी जिले में हुए सीवर हादसे की पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दिल्ली रोड स्थित एक होटल की सीवर लाइन साफ करते समय धनतेरस के दिन जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत हो गई थी। आयोग ने पुलिस की जांच को पक्षपातपूर्ण, संदिग्ध और वास्तविक दोषियों को बचाने की मंशा से की गई कार्रवाई बताया है। अपराध की गंभीरता कम करने का प्रयास पूर्ण आयोग ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें होटल के कथित सहायक प्रबंधक का नियुक्ति पत्र बिना तिथि का पाया गया, जो घटना के बाद तैयार किया गया प्रतीत होता है। आयोग ने इस पर संदेह व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त, उप जिला अटॉर्नी द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 को बदलकर 106 करने की कानूनी राय को भी आयोग ने अपराध की गंभीरता कम करने का प्रयास बताया है। दोबारा जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे एसपी आयोग ने मामले को केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संस्थागत स्तर पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हांसी एसपी को दोबारा जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने और अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच अधिकारी डीएसपी और संबंधित उप जिला अटॉर्नी को भी तलब किया गया है। योजना के तहत परिवारों को दी गई राशि आयोग ने स्पष्ट किया है कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा देना न्याय का विकल्प नहीं हो सकता। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस बीच, श्रम विभाग ने गढ़ी के सोमवीर और गांव जमावड़ी के वीरेंद्र के परिजनों को श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 30-30 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की है। प्रशासन की ओर से दोनों परिवारों को चेक सौंपे गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:48 pm

महिला से छेड़छाड़-मारपीट, आरोपी को 6 साल कारावास:दांत तोड़ने वाले आरोप से बरी; जबरदस्ती करने पर मिली सजा

दुर्ग जिले के नंदिनीनगर क्षेत्र में एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में स्पेशल कोर्ट ने आरोपी परदेशी यादव को 6 साल कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, न्यायालय ने आरोपी को अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के आरोपों से बरी कर दिया। यह घटना साल 2018 में ग्राम पिटौरा में हुई थी। 9 फरवरी 2018 की रात करीब साढ़े 9 बजे पीड़िता अपने घर के सामने बोरिंग पर बर्तन धो रही थी। उसी दौरान गांव का निवासी आरोपी परदेशी यादव वहां पहुंचा। आरोपी ने महिला का हाथ पकड़कर उसे अंधेरे की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के विरोध करने और चिल्लाने पर परदेशी यादव ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उसने महिला के सिर और मुंह पर मुक्कों से हमला किया, जिससे उसका एक दांत टूट गया और दो दांत ढीले हो गए। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद बदहवास हालत में पीड़िता घर पहुंची और अपने पति व परिजनों को पूरी घटना बताई। पीड़िता के पति, देवर और देवरानी ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए, जिसमें उन्होंने बताया कि पीड़िता रोते-चिल्लाते हुए घर आई थी और आरोपी द्वारा किए गए कृत्य की जानकारी दी थी। पीड़िता की रिपोर्ट पर नंदिनीनगर आरक्षी केंद्र में अपराध क्रमांक 38/2018 दर्ज किया गया। प्रारंभिक तौर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (छेड़छाड़) और 323 (मारपीट) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, घटना स्थल का नक्शा तैयार किया गया और धारा 164 के तहत न्यायिक कथन दर्ज किए गए। चोट की गंभीरता को देखते हुए बाद में धारा 325 जोड़ी गई। पीड़िता द्वारा जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद यह मामला विशेष अनुसूचित जाति एवं जनजाति न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया गया था। कोर्ट में 8 गवाह, मेडिकल रिपोर्ट ने किया समर्थनमामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 8 गवाह पेश किए, जिनमें पीड़िता, उसके परिजन, जांच अधिकारी और दो चिकित्सक शामिल थे। डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट के जरिए पुष्टि की कि पीड़िता को गंभीर चोटें आई थीं और दांत टूटना स्वेच्छया घोर उपहति की श्रेणी में आता है। न्यायालय ने माना कि यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़िता का बयान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और केवल चश्मदीद गवाह न होने के आधार पर उसे खारिज नहीं किया जा सकता।SC-ST एक्ट के आरोप क्यों नहीं टिके?न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर कि पीड़िता अनुसूचित जाति से है, SC-ST एक्ट स्वतः लागू नहीं होता। अभियोजन पक्ष यह सिद्ध नहीं कर सका कि आरोपी ने जातिगत आधार पर अपराध किया। इसी कारण आरोपी को SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(b)(1) से दोषमुक्त कर दिया गया।अंतिम फैसला: 6 साल की सश्रम कैदविशेष न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने आरोपी परदेशी यादव को धारा 354 IPC के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना , धारा 325 IPC के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना की सजा सुनाई। दोनों सजाएं अलग-अलग प्रभावी होंगी। यह फैसला 28 जनवरी 2026 को दुर्ग विशेष न्यायालय द्वारा सुनाया गया।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 1:46 pm