कानपुर के हरबंस मोहाल में पत्नी के मायके चले जाने से आहत युवक ने बुधवार तड़के घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह करीब पांच बजे मां कमरे में पहुंचीं तो बेटे का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका देखकर चीख पड़ीं। उनकी आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना पर पहुंची हरबंस मोहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल कर मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र के दानाखोरी निवासी कल्लू कश्यप प्राइवेट कर्मचारी हैं। परिवार में पत्नी सागरा कश्यप और दो बेटे कुलदीप कश्यप (27) व निखिल हैं। कल्लू के मुताबिक, कुलदीप ने करीब चार साल पहले गोंडा निवासी महक से प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सबकुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। दोनों के बीच आए दिन कहासुनी होती थी। मंगलवार को विवाद के बाद पत्नी चली गई मायके कल्लू ने बताया कि मंगलवार दोपहर किसी बात को लेकर कुलदीप और उसकी पत्नी के बीच विवाद हो गया। इसके बाद महक मायके जाने लगी। उसने कोयला नगर निवासी अपनी मौसी रेनू से फोन पर बात की और कुलदीप से झकरकटी बस अड्डे तक छोड़ने के लिए कहा। कुलदीप बाइक से पत्नी को झकरकटी बस अड्डे लेकर पहुंचा, जहां उसकी मौसी रेनू भी मिल गईं। इसके बाद महक और रेनू रोडवेज बस से गोंडा चली गईं। परिजनों के मुताबिक, पत्नी के चले जाने के बाद कुलदीप काफी परेशान था। वह शराब पीने लगा। उसने पत्नी से वापस आने के लिए भी कहा, लेकिन वह नहीं लौटी। बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे कुलदीप शराब के नशे में घर पहुंचा और सीधे अपने कमरे में चला गया। मां ने कमरे में देखा तो मचा कोहराम करीब आधे घंटे बाद सुबह पांच बजे मां की नींद खुली। वह बेटे के कमरे में पहुंचीं तो कुलदीप का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। बेटे को इस हालत में देखकर उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी कमरे में पहुँचे ओर सूचना पुलिस को दी। सूचना पर हरबंस मोहाल थाने का फोर्स और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया पत्नी के मायके चले जाने के बाद युवक के परेशान होने की बात सामने आई है। मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई हरबंस मोहाल थाना प्रभारी ने बताया कि युवक शराब के नशे में तड़के घर आया था। उसकी पत्नी मायके चली गई थी, जिससे वह परेशान था। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी में आर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिगों का शोषण, 40 लड़कियां रेस्क्यू; संचालक समेत 12 पुरुष गिरफ्तार
नागौर में 14 सितंबर 2026 को हुई राजस्थान स्तर की सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक स्कूल, झालावाड़ की टीम उपविजेता रही। टीम ने कई मुकाबलों में बेहतरीन खेल और अनुशासन दिखाया। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर टीम ने स्कूल और झालावाड़ जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि से स्कूल में खुशी का माहौल है। स्कूल के प्रधानाचार्य केशुराम पाटीदार ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का नतीजा है। पाटीदार ने खिलाड़ियों के अच्छे भविष्य की कामना भी की। स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी। टीम के मुख्य कोच विशाल चौधरी, सहायक कोच कुलदीप सिंह झाला, प्रशिक्षक प्रवीण मीणा और खेल प्रभारी मोहित कुमार भील को भी इस सफलता पर बधाई मिली। यह जानकारी स्कूल के आचार्य आदित्य गौड़ ने दी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को दोगुना करने का फैसला लिया गया। अब उन्हें 3 हजार के बजाय 6 हजार रुपए मासिक प्रोत्साहन मिलेगा। यह वृद्धि दिल्ली में कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ताओं पर लागू होगी। अन्य प्रोत्साहन पहले की तरह जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ता दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने, टीकाकरण के लिए प्रेरित करने और गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं की देखभाल से जुड़ी सेवाओं में सहयोग करती हैं। स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस, जागरूकता कार्यक्रम, सर्वेक्षण और सामुदायिक बैठकों में भी उनकी अहम भूमिका है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी थीं। दिल्ली में 6,725 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। सामान्यतः एक आशा कार्यकर्ता करीब 2 हजार लोगों या 400 परिवारों से जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने पर सरकार लगातार विचार कर रही थी और यह उसकी प्राथमिकताओं में शामिल था। इस वृद्धि से आशा कार्यकर्ताओं की आर्थिक सुरक्षा और मनोबल बढ़ेगा। इससे उनकी सेवा निरंतरता मजबूत होने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
DM के औचक निरीक्षण में स्कूलों की खुली पोल:देवरिया में 50% से कम मिली छात्रों की उपस्थिति
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। विकासखंड बैतालपुर के कंपोजिट विद्यालय बटुलही और उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम पाई गई। शिक्षकों की हाजिरी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को शिक्षकों की समय पर उपस्थिति पक्की करने और स्कूलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने क्लास में जाकर बच्चों से बात की और उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा। उन्होंने खुद शिक्षक बनकर बच्चों को गणित भी पढ़ाया। बच्चों से सवाल पूछकर उनके सीखने के स्तर को समझा और शिक्षकों को क्लास में पढ़ाई को और असरदार बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का भी निरीक्षण किया। यहां भी छात्रों की संख्या कम मिली। 100 में से 91 छात्राएं मौजूद हालांकि, बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता ठीक पाई गई। डीएम ने छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ पढ़ाई की गुणवत्ता में और सुधार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) का भी दौरा किया। यहां 100 में से 91 छात्राएं मौजूद थीं और सभी शिक्षक भी उपस्थित मिले। स्कूल में पढ़ाई का स्तर भी अच्छा पाया गया। डीएम ने यहां की व्यवस्थाओं को बनाए रखने और पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को सभी स्कूलों की लगातार निगरानी करने को कहा। पढ़ाई को मजेदार बनाने के निर्देश उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षक तय समय पर स्कूल पहुंचें और बच्चों की उपस्थिति के साथ उनके सीखने के स्तर पर भी खास ध्यान दें। उन्होंने संदर्शिका और टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) का सही से इस्तेमाल करने और क्लास में पढ़ाई को मजेदार बनाने के निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिलौआ थाना क्षेत्र में राजपूत ढाबे के पास देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने गायों के झुंड को कुचल दिया। हादसे में 3 गायों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 4 घायल हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रक के पहियों में फंसी तीन गाय करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गईं। हादसे के बाद ढाबे पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने ट्रक का पीछा कर उसे रुकवाया। चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को हिरासत में लिया है। पीछा कर पकड़ा गया हरियाणा का चालक हादसा देखकर राजपूत ढाबे पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने अपनी गाड़ियों से ट्रक का पीछा किया। कुछ दूरी पर उन्होंने ट्रक को घेरकर रुकवाया और चालक को पकड़ लिया। चालक की पहचान इमरान खान निवासी मेवात, हरियाणा के रूप में हुई है। वह ग्वालियर से ट्रक लेकर झांसी की ओर जा रहा था। स्थानीय लोगों ने चालक का वीडियो भी बनाया, जिसमें वह गलती स्वीकार करते हुए गायों पर ट्रक चढ़ाने की बात कह रहा है। ट्रक जब्त, एफआईआर दर्ज पुलिस ने चालक इमरान खान को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया है। मृत गायों को हटाने और अंतिम संस्कार के लिए नगर परिषद व पशु चिकित्सा टीम को सूचना दी गई है। बिलौआ थाना प्रभारी ईला टंडन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर में प्रोपर्टी के विवाद में मां की हत्या करने वाले बेटे को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पचास हजार रुपए जुर्माना लगाया है। मामला दो साल पुराना और अजमेर के गंज पुलिस थाना क्षेत्र का है। अपर लोक अभियोजक हरसिंह रावत ने बताया- आरोपी अजयसर निवासी बबलू उर्फ बाबू (32) पुत्र शंकर ने अपनी मां हंजादेवी (55) की हत्या की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोष प्रमाणित माना। अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाह, 55 दस्तावेज व 13 आर्टिकल पेश किए गए। सुनवाई के बाद जज नीरज गुप्ता ने ये फैसला सुनाया। ये था मामला अजयसर निवासी बबलू उर्फ बाबू (32) पुत्र शंकर ने 9 नवम्बर 2024 दोपहर करीब 1 बजे अपनी मां हंजा देवी (55) की हत्या कर दी थी। आरोपी ने मां के सिर पर कुल्हाड़ी से 2 बार वार किए थे। घटना के दौरान मृतका का पति और 2 बेटे मजदूरी करने गए थे। वारदात के वक्त घर पर एक बेटी मौजूद थी। पड़ोसियों ने घर के बाहर वाले कमरे में बैठे आरोपी बेटे को पकड़ लिया था। लोगों की सूचना पर गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एफएसएल और एमओबी टीम ने मौके से सबूत जुटाए थे। पुलिस ने बॉडी को जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया था, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। मृतका के सबसे बड़े बेटे कालू (42) ने गंज थाने में शिकायत दी थी। पुलिस जांच में प्रॉपर्टी विवाद की बात सामने आई। आरोपी के पिता शंकर ने उस समय बताया था अजयसर में ही उनकी डेढ़ बीघा जमीन है। जमीन पत्नी हंजा के नाम पर है, लेकिन आपसी समझौते से जमीन के दो हिस्से कर रखे हैं। एक हिस्सा बेटे याकूब और दूसरा बबलू को दिया हुआ था। बेटे याकूब (30) पर कर्ज होने के कारण उसने जमीन का अपना हिस्सा बेच दिया था। बबलू को शक था कि उसकी भी जमीन का हिस्सा बेच दिया गया है। उसे समझाया था कि उसकी जमीन बेची नहीं है, लेकिन वह नहीं माना। गुस्से में घर पहुंचा और मां की हत्या कर दी।
नीमच जिले के जावद में गणेशोत्सव के मौके पर एक अनोखी कलाकृति सामने आई है। जावद के मशहूर माइक्रो आर्टिस्ट राजेश सोनी ने 6 मिलीमीटर लंबी और 70 मिलीग्राम वजनी चांदी की पट्टी पर भगवान गणेश के आठ स्वरूपों (अष्टविनायक) की बेहद छोटी कलाकृति बनाई है। यह कलाकृति इतनी छोटी है कि इसे चावल के दाने से भी छोटा बताया जा रहा है। इसे भगवान गणेश की प्रिय हरी दूर्वा की पत्ती पर भी आसानी से रखा जा सकता है। आकार में भले ही यह कुछ मिलीमीटर की हो, लेकिन इसमें कलाकार की लगन और धार्मिक आस्था साफ दिखती है। इस माइक्रो आर्ट में भगवान गणेश के आठ पौराणिक स्वरूपों - श्री मयूरेश्वर, श्री सिद्धिविनायक, श्री बल्लालेश्वर, श्री वरदविनायक, श्री चिंतामणि, श्री गिरिजात्मक, श्री विघ्नेश्वर और श्री महागणपति को उकेरा गया है। कलाकृति के श्रृंगार में पारंपरिक सामग्री जैसे हल्दी, कुमकुम, अक्षत (चावल) और दूर्वा का इस्तेमाल किया गया है। यह धर्म, अध्यात्म और प्राकृतिक कला का अनोखा उदाहरण है। माइक्रो आर्टिस्ट राजेश सोनी की यह पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वे सोने का दुनिया का सबसे छोटा अफीम डोडा, सूक्ष्म क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी और विश्व का सबसे छोटा ताजमहल बना चुके हैं। गणेशोत्सव के मौके पर चांदी से बनी यह अष्टविनायक कलाकृति अभी इलाके में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम क्षेत्र की संगठनात्मक बैठक आज बुधवार को पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय में होगी। बैठक को भाजपा यूपी के प्रदेश महामंत्री और पश्चिम के क्षेत्रीय प्रभारी रामप्रताप सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर संबोधित करेंगे।इस बैठक में पश्चिम क्षेत्र के सभी 14 जिलों के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष शामिल होंगे। क्षेत्रीय प्रभारी रामप्रताप सिंह चौहान सभी जिलाध्यक्षों को संबोधित करेंगे साथ ही सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी बैठक करेंगे। क्षेत्रीय कार्यालय हरमन सिटी मेरठ में बैठक होगी। बता दें कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा 30 दिन का सेवा संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। इसके बाद 20, 21 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिम के प्रवास पर रहेंगे। 20 सितंबर को सहारनपुर और 21 सितंबर को मेरठ में राष्ट्रीय अध्यक्ष बैठक करेंगे।चुनावी मोड में आ चुकी है पार्टी क्षेत्रीय कार्यकारिणी घोषित होने के बाद भाजपा पश्चिमी यूपी में चुनाव की तैयारी में पूरी तरह से जुट गई है। जल्द ही प्रकोष्ठों के क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा हो जाएगी। इसके साथ जिले के मोर्चों का भी गठन हो जाएगा। क्षेत्रीय प्रभारी और क्षेत्रीय अध्यक्ष का संबोधन होगा। 4800 शक्ति केंद्रों पर होंगे आयोजन भाजपा ने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया है। पश्चिमी यूपी में ऐसे करीब 4800 शक्ति केंद्र हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र पर संयोजक की भूमिका अहम है। वह संबंधित बूथों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय के साथ पार्टी के कार्यक्रमों, मतदाता संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में हजारों संयोजकों का एक मंच पर जुटना भाजपा के लिए सीधे बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा का अवसर होगा। सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नवीन मुख्य अतिथि रहेंगे। हालांकि जिले में यह कार्यक्रम कहां होगा और समय क्या रहेगा, इस पर मंथन चल रहा है।बूथ स्तर तक संगठन को करेगी सक्रिय सम्मेलन के जरिए भाजपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि चुनावी रणनीति केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर तैयार की जा रही है। यह सम्मेलन पश्चिमी यूपी में भाजपा के चुनावी नेटवर्क की ताकत और उसकी जमीनी सक्रियता का बड़ा परीक्षण भी माना जा रहा है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक त्रासदी से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पुरदिलनगर स्थित एन.पी. पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों और प्रबंधन ने मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश की है। स्कूल के बच्चों ने नगर में जन-जागरण व सेवा अभियान चलाकर कुल ₹38,293 की सहयोग राशि एकत्रित की, जिसे जिलाधिकारी हाथरस के माध्यम से नेपाल राहत कोष में भेजने का निर्णय लिया गया है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नगर भ्रमण कर नागरिकों से आपदा पीड़ितों की मदद की अपील की थी। नगरवासियों ने बच्चों के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए यथाशक्ति सहयोग दिया। बच्चों के इस प्रयास को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय प्रशासन व अन्य सहयोगकर्ता विशेष रूप से पूर्व पालिका अध्यक्ष हाथरस पंडित आशीष शर्मा भी आगे आए। विद्यालय के प्रधानाचार्य डी.एस. स्नेही ने बताया कि जिलाधिकारी को औपचारिक पत्र प्रेषित कर इस पूरी राशि को नेपाल बाढ़ पीड़ितों के अधिकृत राहत कोष तक पहुंचाने का विनम्र अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन जरूरतमंदों की मदद का जज्बा बड़ा होना चाहिए। इस अभियान से बच्चों ने सेवा, करुणा और सामाजिक दायित्व का वास्तविक पाठ सीखा है। डीडी स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पड़ोसी देश के प्रभावितों के प्रति बच्चों की यह संवेदनशीलता और सेवा भाव अत्यंत सराहनीय व प्रेरणादायी है। छोटी उम्र में ही समाज और मानवता के प्रति ऐसा उत्तरदायित्व निभाना बताता है कि हमारे संस्कार और शिक्षा सही दिशा में हैं। एन.पी. पब्लिक स्कूल के बच्चों, शिक्षकों और सभी सहयोगकर्ताओं का यह कदम पूरे समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सहायता राशि अविलंब अधिकृत माध्यम से जरूरतमंद पीड़ितों तक पहुंचे।
पंचकूला जिले में कालका के स्टैंडर्ड कॉलेज में छात्रों को दिए जाने वाले पीने के पानी के कैंपर में कॉकरोच मिले हैं। यह मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। कॉलेज प्रबंधक आरसी शर्मा ने बताया कि हिल टॉप आरओ वॉटर सर्विस नाम के प्राइवेट सप्लायर ने रोज की तरह कॉलेज में पीने के पानी के कैंपर पहुंचाए थे। 12वीं कक्षा के एक छात्र ने पानी पीने के लिए जैसे ही कैंपर का ढक्कन खोला, उसमें कॉकरोच तैरते हुए दिखे। छात्र ने तुरंत इसकी जानकारी कॉलेज प्रबंधन को दी। स्वास्थ्य विभाग ने लिए पानी के सैंपल प्रबंधक आरसी शर्मा ने तुरंत कालका के सब-डिविजनल अस्पताल को सूचना दी। अस्पताल की टीम कॉलेज पहुंची और पानी के सैंपल लेकर लैब भेजे। कालका अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर राजीव नरवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने एमपीएचडब्ल्यू राहुल को मौके पर भेजा था। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरसी शर्मा ने जल विभाग को भी इस बारे में बताया था। विभाग ने कहा कि वे कॉमर्शियल या निजी कैंपरों में पानी की सप्लाई नहीं करते हैं। कॉलेज प्रबंधक ने लोगों से अपील की है कि कैंपर का पानी इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें। पानी की जांच करने के बाद ही सेवन की अपील उन्होंने कहा कि त्योहारों में कैंपर के पानी का इस्तेमाल बढ़ जाता है, इसलिए पानी की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी सप्लायरों की लापरवाही से लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है और गंदा पानी पीने से गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।
शहडोल में स्कूली बच्चों को ऑटो में बैठाकर स्कूल ले जाना चालकों को महंगा पड़ा। बुधवार को यातायात पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा के लिए शहर में एक विशेष अभियान चलाया। स्कूलों के आसपास और शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच के दौरान 10 से ज्यादा ऑटो जब्त किए गए। इन वाहनों में स्कूली बच्चे सवार थे। यातायात पुलिस के मुताबिक, स्कूली बच्चों को ऑटो से लाने-ले जाने और वाहनों में क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने पहले भी ऑटो चालकों को समझाया था कि वे बच्चों के परिवहन के लिए सुरक्षा मानकों वाले स्कूली वाहनों का इस्तेमाल करें। इसके बावजूद ऑटो से बच्चों को स्कूल पहुंचाया जा रहा था। बुधवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने स्कूलों के पास वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान बच्चों को ले जा रहे ऑटो को रोककर उनके कागजात और परिवहन नियमों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन मिलने पर 10 से ज्यादा ऑटो जब्त कर यातायात थाने में खड़े कराए गए। पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बच्चों को ऑटो से उतारने के बाद उन्हें उनके हाल पर नहीं छोड़ा। जिन बच्चों को स्कूल पहुंचना था, उन्हें पुलिस वाहनों से स्कूल पहुंचाया गया। वहीं, छुट्टी के बाद घर जाने वाले बच्चों को भी पुलिस की व्यवस्था से उनके घर तक पहुंचाया गया। इससे बच्चों और अभिभावकों को कोई परेशानी नहीं हुई। यातायात पुलिस ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जब्त किए गए वाहनों को नियमों के हिसाब से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कासगंज शहर के नदरई गेट पर बने विशाल मेगा मार्ट की ऊपरी मंजिल में अचानक आग लग गई। आग लगने की खबर मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… दमकलकर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। आग की लपटों के साथ घना धुआं उठ रहा था, जो आसपास के इलाकों में फैल गया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और खांसी जैसी परेशानी होने लगी। हालात को देखते हुए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की टीमें भी मौके पर भेजी गईं। पुलिस ने भीड़ को हटाकर ट्रैफिक संभाला और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग मेगा मार्ट की ऊपरी मंजिल से शुरू हुई और तेजी से फैल गई। गनीमत रही कि अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दमकल विभाग की टीमें आग को पूरी तरह बुझाने और अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा।
पेंड्रा के नया बस स्टैंड के पास मुख्य मार्ग पर दो दिनों में दो दुकानों में छत काटकर चोरी की घटनाएं हुई हैं। दोनों वारदातों में चोर छत के रास्ते दुकान के अंदर घुसे। लगातार हुई चोरी से व्यापारियों में डर और नाराजगी है। नया बस स्टैंड के पास अजय ताम्रकार की ताम्रकार जांच दुकान में देर रात अज्ञात चोर छत के रास्ते अंदर घुसा। वह काफी देर तक दुकान में घूमता रहा और तिजोरी व गल्ले की तलाशी ली। इसके बाद करीब 3 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात चोरी की पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुकान संचालक अजय ताम्रकार के मुताबिक, चोरी की रकम कम होने के कारण उन्होंने अभी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। एक दिन पहले शोरूम से 30 हजार रुपए और DVR चोरी इससे एक दिन पहले पेंड्रा के मुख्य मार्ग पर स्थित नवीन फरमानिया के शोरूम में भी चोरी हुई थी। चोरों ने छत की शीट काटकर शोरूम में प्रवेश किया। वहां से 30 हजार रुपए नकद और सीसीटीवी का DVR लेकर फरार हो गए। व्यापारियों का कहना है कि मुख्य सड़क पर स्थित दुकानें भी सुरक्षित नहीं हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में 11-12 साल की बच्ची खुशी की नहर में डूबने से हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है। बच्ची के दादा जयपाल (62) ने अपनी बहू समेत तीन लोगों पर खुशी की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद संगरिया थाना पुलिस ने हत्या के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दादा जयपाल ने अपनी शिकायत में सोनादेवी पुत्री कृष्णलाल, राजेंद्र सिंह पुत्र भोला सिंह जटसिख और महकदीप कौर पुत्री राजेंद्र सिंह को आरोपी बनाया है। ये सभी मालारामपुरा, संगरिया के रहने वाले हैं। शिकायतकर्ता जयपाल ने बताया कि करीब 13-14 साल पहले उनके बेटे रामप्रताप की शादी भाखरांवाली निवासी सोनादेवी से हुई थी। शादी के बाद रामप्रताप और सोनादेवी की एक बेटी खुशी का जन्म हुआ था। करीब छह साल पहले सोनादेवी अपने ससुराल से नाराज होकर मायके चली गई थी। इसके करीब तीन साल बाद सोनादेवी अपनी बेटी खुशी को लेकर मालारामपुरा निवासी राजेंद्र सिंह के साथ उसकी ढाणी में रहने लगी। वह अभी भी राजेंद्र सिंह के साथ ही रह रही है। जयपाल का आरोप है कि इसके बाद खुशी को दोनों के लिए बाधा माना जाने लगा। उसे रास्ते से हटाने की साजिश की गई। इसी साजिश के तहत सोनादेवी, राजेंद्र सिंह और महकदीप कौर ने मिलकर खुशी को केएसडी नहर के पानी में डुबोकर मार दिया। आरोप है कि घटना को हादसा दिखाने के लिए यह कहानी बनाई गई कि खुशी और महकदीप कौर नहर में नहाने गई थीं, जहां खुशी डूब गई और महकदीप बच गई। दादा जयपाल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी काफी समय बाद मिली थी और शुरू में उन्होंने इसे हादसा ही माना था। बाद में एक महिला, जिसका मालारामपुरा में मायका है, से बच्ची की मौत को लेकर अलग जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर पता किया और उन्हें बच्ची की हत्या की साजिश किए जाने की जानकारी मिली। संगरिया के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से मिले आदेश पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच थाना प्रभारी अमर सिंह कर रहे हैं। पुलिस मामले में लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच कर रही है।
सासनी क्षेत्र के हरी नगर कॉलोनी, नानऊ रोड बगीची सासनी में आज श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर एक भव्य और आकर्षक कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और माहौल पूरी तरह से भक्तिमय नजर आया। कथा के मुख्य यजमान सत्यप्रकाश पंडित के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई। ढोल-नगाड़ों की गूंज और सुमधुर भजन-कीर्तन के बीच निकली इस यात्रा में क्षेत्र की तमाम महिलाओं और बालिकाओं ने विशेष रूप से सहभागिता की। इस दौरान सभी महिलाएं और बालिकाएं एक जैसे पीले वस्त्र धारण किए हुए थीं, जो यात्रा के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। सिर पर पवित्र कलश धारण किए महिलाओं के जयकारों से पूरा सासनी कस्बा गूंज उठा। इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में कथा व्यास के रूप में प्रख्यात संत स्वामी आधार चैतन्य के शिष्य राजकुमार चैतन्य (कासगंज वाले) अपने श्रीमुख से भक्तों को कथा का रसपान कराएंगे। आयोजन समिति के अनुसार आज कलश यात्रा के उपरांत कथा का शुभारंभ हुआ, जो आगामी 23 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक चलेगी। कथा के विश्राम और समापन के अवसर पर 23 सितंबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। इस आयोजन में समस्त क्षेत्रीय जनता और भक्तगणों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में भी स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग दिया, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और भव्य ढंग से संपन्न हुई।
गिरिडीह में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 17 सितंबर को उत्सव उपवन स्थित उनके आवासीय परिसर में होने वाले श्राद्धकर्म में करीब 20 से 25 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम को लेकर पूरे राज्य में करीब 50 हजार निमंत्रण कार्ड बांटे गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। चार पंडालों में हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था उत्सव उपवन परिसर में चार बड़े पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। इनमें एक साथ करीब पांच से छह हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा दो अलग-अलग श्रद्धांजलि सभा स्थल भी बनाए जा रहे हैं। आगंतुकों के भोजन की जिम्मेदारी धनबाद से आने वाली कैटरिंग टीम को दी गई है। मुख्य द्वार से कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह पेयजल स्टॉल लगाए जा रहे हैं। जिस स्थान पर सुदिव्य कुमार सोनू आम लोगों से मुलाकात किया करते थे, वहां भी उनकी बड़ी तस्वीर लगाई गई है। सीएम, गवर्नर सहित कई गणमान्य होंगे शामिल द्वादशा कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार के मंत्री तथा झामुमो, कांग्रेस, राजद समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों और विधायकों के शामिल होने की संभावना है। वीआईपी और आम लोगों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. विमल कुमार कार्यक्रम स्थल का लगातार जायजा लेकर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। शहर में जगह-जगह लगे ‘अंतिम जोहार’ के कटआउट सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए गिरिडीह शहर से लेकर डुमरी रोड, देवघर मार्ग, धनबाद मार्ग और जमुआ मार्ग तक जगह-जगह ‘अंतिम जोहार’ लिखे बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। इन कटआउट के माध्यम से लोगों की ओर से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जा रही है। कार्यक्रम स्थल पर भी सुदिव्य सोनू की बड़ी तस्वीर लगाई गई है। पूरे उत्सव उपवन परिसर को व्यवस्थित किया जा रहा है और आगंतुकों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बिजली की चपेट में आने से महिला की मौत:खेत में उड़द की तुड़ाई कर रही थी, गंभीर रूप से झुलसी
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। परिजन महिला को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11 बजे मौसम खराब हो गया। तेज गरज और चमक के साथ बिजली चमकने लगी। दुअसिया साकेत (55) अपने खेत में काम कर रही थीं। उस समय इलाके में रिमझिम बारिश हो रही थी। अचानक तेज गरज और चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में महिला आ गई। बिजली गिरने से महिला गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टर आरके पाठक ने महिला का परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना नईगढ़ी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
सतना जिले में बुधवार सुबह से रुक-रुककर हल्की बारिश हो रही है। शहर में सुबह 11 बजे के बाद बादल ज्यादा सक्रिय हुए और कुछ इलाकों में बारिश हुई। तराई क्षेत्र के साथ उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में भी मानसून सक्रिय है। लगातार बारिश के कारण कामदगिरि पर्वत से पानी तेजी से नीचे उतर रहा है। इससे कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर कई जगह पानी भर गया है और श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी हो रही है। शनि मंदिर के पास जमा हुआ बारिश का पानी कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर द्वितीय मुखारविंद के आगे वार्ड नंबर-3 में शनि मंदिर के पास बारिश का पानी जमा हो गया है। पानी का बहाव लगातार जारी है। इससे परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग से निकलने में दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का बहाव बढ़ने पर मार्ग के कुछ हिस्सों में स्थिति और बिगड़ सकती है। दुकानों और घरों में घुस रहा पहाड़ का पानी स्थानीय लोगों ने बताया कि कामदगिरि पर्वत से उतर रहा पानी परिक्रमा पथ के किनारे बनी दुकानों और घरों में भी पहुंच रहा है। लोगों को घरों और दुकानों का सामान सुरक्षित जगह पर रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। बारिश और जलभराव के कारण श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि परिक्रमा मार्ग पर जमा पानी जल्द बाहर निकाला जा सके। अगले एक-दो दिन बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक तराई क्षेत्र में अगले एक-दो दिन तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर निगरानी रखना जरूरी होगा।
रामसीन थाना क्षेत्र के बूगांव में बुधवार को ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में सरकारी भूमि से कथित अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई के दौरान संबंधित परिवार ने 1993 में जारी पट्टा दिखाते हुए विरोध किया। परिवार ने प्रशासन पर बिना नया नोटिस दिए एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखी और टीम ने करीब 5080 फीट के भूखंड से चारदीवारी व अन्य निर्माण हटा दिए। परिवार बोला- 30 से 40 साल से है कब्जा, 1993 में मिला था पट्टा परिवार के मनोहर सिंह ने बताया कि भूखंड पर उनका 30 से 40 साल से कब्जा है। तत्कालीन सरपंच माघु सिंह ने 16 अगस्त 1993 को इसका पट्टा जारी किया था। परिवार ने दावा किया कि करीब 3 लाख रुपए में भूखंड खरीदने के बाद यहां चारदीवारी और अन्य निर्माण कराया गया था। भूखंड के अंदर निर्माण सामग्री के रूप में पत्थर और ईंटें भी रखी थीं। मनोहर सिंह के अनुसार, इस मामले में पहले पंचायत की ओर से नोटिस मिल चुका था और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने का भी दावा किया गया। महिलाओं ने रोते हुए कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई मनोहर सिंह ने आरोप लगाया कि इस बार पंचायत की ओर से कोई नया नोटिस नहीं दिया गया। इसके बावजूद टीम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। परिवार की महिलाओं ने रोते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि पैसे देकर खरीदे गए भूखंड को अतिक्रमण बताकर हटाया जा रहा है। चारदीवारी के साथ पत्थर और ईंटें भी हटाईं कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार रविन्द्र सिंह, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी हरनेक सिंह और पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। परिवार के विरोध के बावजूद टीम ने चारदीवारी और अन्य निर्माण हटाए। मौके पर रखे पत्थर और ईंटों को भी हटा दिया गया। पंचायत बोली- गोचर भूमि पर किया गया था कब्जा ग्राम विकास अधिकारी हरनेक सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि संबंधित भूखंड गोचर भूमि का हिस्सा है और इस पर सुंदर कंवर पत्नी खेतसिंह की ओर से कब्जा किया गया था। पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एनएच-46 पर एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने सड़क पर मौजूद छह गौवंश को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन गाय और उनके तीन बछड़ों की मौत हो गई। वहीं, दो गाय घायल हो गईं। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उसमें सवार दो लोग अंदर फंस गए। यह हादसा सतनवाड़ा थाना से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुआ। टक्कर की तेज आवाज सुनकर थाना प्रभारी भोलाराम पुरोहित अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने कार में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा। कार में सवार दोनों व्यक्ति उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वे शिवपुरी से ग्वालियर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार सड़क पर मौजूद गौवंश से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि छह गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई और कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसे के बाद पुलिस ने मृत गौवंश को सड़क से हटवाया। तीन गाय और तीन बछड़ों के शवों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया। घायल दो गायों को इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस ने इस मामले में पशुपालक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर में पुरानी और कमजोर इमारतों को लेकर प्रशासन ने अब पहले से सुरक्षा इंतजाम करने की कवायद शुरू कर दी है। हाल के भवन हादसों के बाद डीसी निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के साथ बैठक की और शहर में चिन्हित 131 असुरक्षित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इन भवन मालिकों को नोटिस मिलने के बाद एक महीने के भीतर अपना जवाब देना होगा। प्रशासन की योजना है कि इमारतों की हालत खराब होने के बावजूद किसी हादसे का इंतजार न किया जाए। भवन मालिकों से उनकी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई कराने के बाद ही आगे की स्थिति तय की जाएगी। मालिक खुद करवाएं मरम्मत या विशेषज्ञ से जांचनोटिस के बाद भवन मालिकों के सामने दो विकल्प होंगे। पहला विकल्प यह है कि वे इमारत में जरूरी मरम्मत और सुरक्षा संबंधी काम करवाकर उसकी रिपोर्ट एस्टेट ऑफिस को दें। दूसरा रास्ता विशेषज्ञ से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट करवाने का होगा। ऑडिट में यह देखा जाएगा कि भवन की संरचना कितनी सुरक्षित है। कहीं उसकी मजबूती में गंभीर कमी तो नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित इमारत के संबंध में आगे का फैसला लिया जाएगा। 131 जर्जर इमारतों को नोटिस की तैयारी…
हापुड़ में खाली प्लॉट में मिला सड़ा-गला शव:कई दिन पुराना होने की आशंका, जांच शुरू
हापुड़। पिलखुवा कोतवाली इलाके के HPDA इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार को एक खाली प्लॉट में अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला। शव पानी और कीचड़ से भरे स्थान पर पड़ा था। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों और फैक्ट्री कर्मचारियों ने शव देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक शव पानी और कीचड़ में फंसा हुआ है। कर्मचारियों से पूछताछ शुरू शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान नहीं हो सकी। कीचड़ ज्यादा होने के कारण शव को बाहर निकालने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने आसपास के लोगों और इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतक कौन है और वह यहां कैसे पहुंचा। साथ ही मौत की वजह जानने के लिए भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। सभी पहलुओं की जांच की पिलखुवा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार बालियान ने बताया कि अज्ञात शव मिलने की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची है। शव करीब 10 दिन पुराना है। मृतक की पहचान कराने के साथ घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
शिवराज सिंह चौहान औऱ मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव का बोट से भी जायजा लिया।
अंबिकापुर के रसुलपुर इलाके में दिनदहाड़े तीन हमलावरों ने एक घर में घुसकर अधेड़ पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर पिस्टल लेकर घुसे थे। हमले में पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में दाखिल किया गया है। घटना की सूचना पर सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा, एसपी राजेश अग्रवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रसूलपुर निवासी बशीरुद्दीन (लज्जू) बुधवार सुबह घर में थे। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन अज्ञात हमलावर अचानक घर के भीतर घुसे और मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने बशीरुद्दीन पर चाकू से लगातार ताबड़तोड़ वार किया। उन्होंने बचने के लिए संघर्ष भी किया। हमले में गंभीर, मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी परिजनों के शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले। बशीरूद्दीन को तीन बार चाकू मारा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर गए। उन्हें परिजनों ने मिशन हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां पुलिस केस बताकर इलाज नहीं किया गया। परिजनों ने उन्हें फिरदौही हॉस्पिटल में दाखिल किया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना पर आईजी दीपक झा और एसएसपी राजेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे ओर पूछताछ की। एफएसएल और साइबर टीम मामले की जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार हमलावर पिस्टल लेकर घुसे थे, हालांकि गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। घायल की बेटी ने बताया है कि हमलावर उनके ससुराल पक्ष के हो सकते हैं। घायल की बेटी के ससुराल पक्ष से पीड़ित का विवाद चल रहा है। हमलावरों की पहचान में जुटी टीम अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि हमलावरों ने चाकू से हमला किया है। गोली चलने के सबूत नहीं मिले हैं। एफएसएल की टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है। सीएसपी ने बताया कि हमलावरों को परिजन पहचान नहीं सके हैं। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कोतवाली पुलिस टीम संदिग्धों की पहचान की कोशिश में जुटी है।
हनुमानगढ़ में एक किसान ने व्यापारी पर करीब 300 क्विंटल धान खरीदकर करीब 9 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, व्यापारी ने 3300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीदा और सात दिन में भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम नहीं दी। बार-बार पैसे मांगने पर टालमटोल करता रहा और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। कोर्ट में दी गई अर्जी पर टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 25 बीघा जमीन पर उगाई थी धान की फसल पुलिस के अनुसार, गुरजीत सिंह (31) पुत्र नाजम सिंह जटसिख निवासी गोदारा बास, फतेहगढ़ ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ के समक्ष अर्जी पेश की थी। इसमें प्रेम सेतिया पुत्र हाकमराय सेतिया निवासी सूरेवाला, तहसील टिब्बी, हाल नई आबादी, गली नंबर 10, टाउन को आरोपी बनाया गया है। अर्जी के अनुसार, गुरजीत सिंह और उनके पिता ने चक नंबर 22 एचएमएच में 25 बीघा जमीन ठेके पर लेकर धान की फसल उगाई थी। फसल तैयार होने के बाद उसे काटकर घर लाकर सुखाया गया। घर से धान उठाने की बात कही 3 दिसंबर 2024 को प्रेम सेतिया किसान के पास पहुंचा। उसने खुद को धान खरीद का कारोबारी बताते हुए बाजार भाव से 150 रुपए प्रति क्विंटल अधिक कीमत देने की बात कही। साथ ही घर से ही धान उठाने और गांव के अन्य किसानों से भी धान खरीदने की बात कही। किसान के अनुसार, दोनों के बीच 3300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से सौदा तय हुआ। सात दिन में भुगतान का भरोसा उसी दिन आरोपी ट्रक नंबर RJ 14 GA 3454 से धान ले गया। किसान ने भुगतान मांगा तो आरोपी ने सात दिन में पैसे देने की बात कही। इसके साथ ही उसने बाकी धान भी खरीदने का भरोसा दिया। इसके बाद 9 दिसंबर 2024 को आरोपी दोबारा किसान के पास पहुंचा और बाकी धान भी लोड करवाने को कहा। उसी दिन दूसरे ट्रक नंबर RJ 19 GD 2972 में भी बाकी धान लोड करवा दिया गया। भुगतान मांगने पर टालमटोल का आरोप किसान के अनुसार, दोनों बार धान ले जाने के बाद कुल मिलाकर करीब 300 क्विंटल धान आरोपी को बेच दिया गया। इसकी कीमत करीब 9 लाख रुपए बताई गई है। भुगतान का समय आने पर किसान ने रकम मांगी, लेकिन आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच भुगतान नहीं मिलने के बाद किसान ने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय की अर्जी पर टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस धान की खरीद, ट्रकों में लोडिंग, भुगतान के समझौते और करीब 9 लाख रुपए की बकाया राशि से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
सरीला (हमीरपुर)। चिकासी थाना क्षेत्र के मचहरी गांव में सोमवार को एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे 30 वर्षीय लखन सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल बन गया। मचहरी गांव निवासी करन ने बताया कि उसका भाई लखन सिंह गांव के ही हरी सिंह के निर्माणाधीन मकान में रोज मजदूरी करता था। सोमवार सुबह वह हमेशा की तरह काम करने पहुंचा था। काम के दौरान अचानक वह संदिग्ध परिस्थितियों में गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही मकान मालिक और साथी मजदूरों ने उसे तुरंत सीएचसी गोहांड पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत बताया। परिजनों के अनुसार, लखन सिंह मजदूरी के साथ-साथ पट्टे की जमीन पर खेती-बाड़ी करके परिवार चलाता था। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। मृतक अपने पीछे मां राममूर्ति, भाई करन व प्रेमचंद, पत्नी मीना तथा तीन बच्चे चंदन, योगेश और प्रिंसी को छोड़ गया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। चिकासी थानाध्यक्ष मयंक चंदेल ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस संदिग्ध परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
चारबाग रेलवे स्टेशन पर कॉनकोर्स निर्माण का काम अब ट्रेनों के संचालन को प्रभावित करेगा। निर्माण के लिए उत्तर रेलवे ने स्टेशन पर 27 दिन का ब्लॉक लिया है। 16 सितंबर से 12 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पूरी तरह बंद रहेंगे। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 1 और एमआर-1 पर आंशिक ब्लॉक रहेगा। इसके चलते करीब 85 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म और संचालन में बदलाव किया गया है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के मुताबिक कॉनकोर्स का ढांचा खड़ा करने के लिए यह ब्लॉक लिया गया है। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और प्लेटफॉर्म की जानकारी जरूर देखनी होगी। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर जानकारी ली जा सकती है। चार ट्रेनें लखनऊ के बजाय दूसरे स्टेशन तक चलेंगी ब्लॉक के दौरान कुछ ट्रेनों की यात्रा लखनऊ से पहले ही समाप्त कर दी जाएगी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ ट्रेन (64701/64702) अब लखनऊ के बजाय कानपुर सेंट्रल तक ही चलेगी। इसी तरह शाहजहांपुर-बालामऊ-लखनऊ (54338/54332) ट्रेनों की यात्रा आलमनगर में समाप्त होगी और यहीं से वापसी के लिए रवाना होंगी। यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस (22683/22684) उतरेठिया तक ही आएगी-जाएगी। कानपुर-लखनऊ ट्रेन (64212) को मानकनगर पर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। वहीं बनारस-लखनऊ (15107/15108) ट्रेन भी उतरेठिया तक ही चलेगी और यहीं से वापस रवाना होगी। 38 से ज्यादा ट्रेनों के रूट में बदलाव ब्लॉक के कारण लखनऊ जंक्शन आने वाली कई ट्रेनों को दूसरे रास्ते से चलाया जाएगा। इनमें प्रयागराज संगम-बरेली, हावड़ा-देहरादून, आनंद विहार-दानापुर, बरौनी-अंबाला, बनारस-नई दिल्ली, सूरत-मुजफ्फरपुर, गुवाहाटी-ओखा और आनंद विहार-गोरखपुर समेत 30 से ज्यादा ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों को उतरेठिया-ट्रांसपोर्ट नगर-आलमनगर और मानकनगर-ऐशबाग-मल्हौर के रास्ते चलाया जाएगा। इनका नियमित लखनऊ ठहराव रद्द रहेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए उतरेठिया और आलमनगर में अस्थायी ठहराव दिया गया है। इन तारीखों में लखनऊ जंक्शन आएगी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 22121/22122 लोकमान्य तिलक-लखनऊ एक्सप्रेस 19 और 26 सितंबर तथा 3 और 10 अक्टूबर को लखनऊ जंक्शन आएगी-जाएगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि ट्रेन पकड़ने के लिए घर से निकलने से पहले 139 या रेलवे के अधिकृत माध्यम से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति और स्टेशन की जानकारी जरूर जांच लें।
धमतरी में बस्ती के पास फिर दिखा तेंदुआ:राहगीरों ने बनाया वीडियो; वन अमला ने गांव में अलर्ट जारी किया
धमतरी जिले में एक बार फिर बस्ती के पास तेंदुआ नजर आया है। राहगीरों ने तेंदुए का वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कार सवार लोग तेंदुए को देखकर उसे चीता या तेंदुआ कहते हुए चर्चा करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो अर्जुनी थाना क्षेत्र के लीलर गांव का है। यहां सड़क किनारे एक घर के पास तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। इसी दौरान कार से गुजर रहे राहगीरों की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने तेंदुए का वीडियो बना लिया। कार के पास आते ही तेंदुआ सड़क पार कर जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान कार में बैठे लोग आपस में तेंदुआ या चीता होने को लेकर चर्चा करते रहे। शाम के बाद जंगल की ओर जाने से मना किया तेंदुआ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। शाम और देर रात के समय जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। बच्चों को भी शाम होते ही घर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। शहर से लगे इलाकों में भी दिखते हैं तेंदुए डीएफओ कृष्ण जाधव ने बताया कि धमतरी शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए नजर आते रहते हैं। तेंदुए इन इलाकों में घूमते रहते हैं और फिर जंगल की ओर चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि शहर से लगे रुद्री, गंगरेल, अछोटा, भोयना समेत अन्य इलाकों में भी तेंदुए नजर आते रहते हैं। आसपास के सभी इलाकों के ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मेरठ में चरस-गांजे के धंधे का वीडियो:लिसाड़ी गेट का बताया जा रहा, पुलिस जांच में जुटी
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में चरस और गांजे के कथित कारोबार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में एक युवक के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी गतिविधियां दिखने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान जावेद उर्फ राठौर के रूप में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो लिसाड़ी गेट क्षेत्र की गली नंबर-6 का है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से चरस और गांजे की बिक्री का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और गतिविधियों को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। यह भी पता लगाया जाना बाकी है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया था, साथ ही इसमें दिख रहा व्यक्ति वास्तव में कौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, तो पुलिस को इसकी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस द्वारा जांच किए जाने पर ही कथित नशे के कारोबार की सच्चाई सामने आएगी। लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी दलवीर सिंह ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है और क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध काम नहीं होने दिए जाएंगे।
रायबरेली में कार और डंपर की टक्कर:युवक की मौके पर मौत, महिला गंभीर घायल
रायबरेली के गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र में बुधवार समय 11.30 सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डंपर में जा घुसी। इस हादसे में कार सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ में बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना गंभीरपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, सरेनी थाना क्षेत्र के बोडी खेड़ा (धामपुर) निवासी भरत लाल तिवारी (29) और सागर (सरेनी) निवासी पदमा सिंह (50) पत्नी कुंवर बहादुर सिंह क्विड कार (UP 33 BR 6879) से लालगंज से बछरावां की ओर जा रहे थे। गंभीरपुर पेट्रोल पंप के सामने कार ने पहले एक साइकिल सवार को टक्कर मारी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद चालक ने मौके से भागने की कोशिश की। इस दौरान कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे डंपर में पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों सवार भीतर ही फंसे रह गए। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 पीआरवी (UP 32 DG 8911) तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने जल्दी से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जतुवा टप्पा पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर बृजेश कुमार ने भरत लाल तिवारी को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं, पदमा सिंह के सिर पर गंभीर चोटें थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने डंपर और क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आगर मालवा में जैन श्वेतांबर समाज का पर्यूषण पर्व बुधवार को खत्म हो गया। इस मौके पर श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक संघ आगर ने जैन ओसवाल भवन में सामूहिक पारणा और क्षमायाचना कार्यक्रम रखा। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। सभी ने एक-दूसरे से मिलकर बीते साल हुई गलतियों और भूलों के लिए मन, वचन और शरीर से माफी मांगी। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एक-दूसरे के पैर छूकर, हाथ जोड़कर और गले मिलकर माफी मांगी। सभी ने आपसी मनमुटाव, कड़वाहट और दुश्मनी को दूर कर एक-दूसरे को माफ किया। इस दौरान 'मिच्छामी दुक्कड़म' कहते हुए सभी ने सद्भाव और दोस्ती का भाव दिखाया। जैन धर्म में पर्यूषण पर्व के आखिर में होने वाली क्षमायाचना को बहुत खास माना जाता है। यह मौका खुद के बारे में सोचने और मन को शुद्ध करने का होता है। साल भर में जाने-अनजाने में किसी के प्रति मन, वचन या काम से हुई गलती के लिए माफी मांगना और दूसरों को माफ करना जैन धर्म की अहिंसा, संयम और दोस्ती की भावना को दिखाता है। इस मौके पर समाज के लोगों ने मन की कड़वाहट और दुश्मनी को मिटाकर सभी जीवों के प्रति दया और माफी का भाव रखने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मारू, अध्यक्ष विनोद जैन और सचिव मनीष गांधी समेत कई समाजजन मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से माफी मांगी और माफ किया। इससे पूरे आयोजन में धार्मिक माहौल के साथ-साथ आपसी भाईचारे और मेलजोल का वातावरण बना रहा।
बहराइच में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष सुहेल के नेतृत्व में बुधवार दोपहर करीब 11 बजे एक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या की घटनाओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले का जिक्र था। इसके अलावा पंचायत सहायकों की मांगों, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया। दोषियों पर कार्रवाई की मांग पार्टी ने ज्ञापन में बताया कि 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र के बूढ़वल में चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोका गया था। इस दौरान पथराव और हिंसक हमले की शिकायत मिली थी। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच, सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा के लिए तुरंत खतरे का आकलन कराने और जरूरत के हिसाब से सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की गई। पार्टी ने लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। इसके अलावा, 68,500 शिक्षक भर्ती में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन करने और प्रभावित उम्मीदवारों को नियम के मुताबिक न्याय दिलाने की भी मांग की गई। सहारनपुर समेत अन्य जगहों पर धार्मिक स्थलों के संबंध में की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और तय कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई।
रायसेन में जैन समाज का 10 दिवसीय दशलक्षण महापर्व बुधवार से शुरू हो गया। सुबह से ही श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर और श्री 1008 शांतिनाथ जिनालय में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पहले दिन श्री शांतिनाथ जिनालय में ध्वजारोहण के साथ महापर्व की शुरुआत हुई। इसके बाद ढोल-ताशों के साथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। आत्मशुद्धि और संयम का पर्व है दशलक्षण जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि और संयम का पर्व है। दस लक्षण नीति, न्याय और धर्म के दस गुणों के प्रतीक माने जाते हैं। इन 10 दिनों में श्रद्धालु पाप, राग-द्वेष जैसी प्रवृत्तियों का त्याग कर साधना, संयम और उपवास के माध्यम से आत्मशुद्धि करते हैं। सुबह पूजन, दोपहर में विधान और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम महापर्व के दौरान हर दिन सुबह 7 बजे सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा और पूजन होगा। दोपहर में विधान और शाम को आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 21 सितंबर को धूप-दशमी का कार्यक्रम होगा। इसके बाद अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। दशलक्षण महापर्व के समापन के बाद क्षमावणी पर्व का आयोजन होगा। 13 सितंबर को मंदिर परिसर की सफाई आयोजन समिति के अनुसार महापर्व की तैयारियों के तहत 13 सितंबर को मंदिर परिसर की साफ-सफाई और श्रीजी का मार्जन किया गया था। समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म आराधना, संयम और त्याग में हिस्सा लें।
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में दो माह पहले हुई दवा व्यापारी महेंद्र सोनी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार रात एक दंपति सहित पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यापार में दिए गए उधार रुपये और ब्याज की वसूली को लेकर महेंद्र और उनकी पत्नी पर दबाव बना रहे थे। नुकसान के बाद समय पर नहीं दे पा रहे थे राशि पुलिस के अनुसार, ओमेक्स सिटी निवासी 45 वर्षीय महेंद्र सोनी, जो मूल रूप से भानपुर, भोपाल के रहने वाले थे, ने 2 जुलाई की दोपहर घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। महेंद्र ने दवा का व्यापार शुरू करने के लिए गोल्डी खुराना, उनकी पत्नी पूजा खुराना, मोहित सोनी, भूपेंद्र चौहान और राहुल चौहान से रुपये उधार लिए थे। शुरुआत में व्यापार में मुनाफा होने पर महेंद्र सभी के खातों में नियमित ऑनलाइन भुगतान करते थे। पिछले एक साल से व्यापार में नुकसान होने के कारण वे समय पर राशि नहीं दे पा रहे थे। घर आकर धमकाया, बाजार में भी बातें कीं रुपये नहीं मिलने पर आरोपियों ने महेंद्र को फोन और मैसेज कर तकादा करना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घर आने लगे और धमकियां देने के साथ दवा बाजार में महेंद्र को लेकर गलत बातें करने लगे। इससे उनकी व्यावसायिक साख प्रभावित हुई और व्यापार में परेशानी बढ़ गई। इसके बाद आरोपियों ने महेंद्र की पत्नी तृप्ति पर भी तय समय में ब्याज सहित रुपये लौटाने का दबाव बनाया। लगातार दबाव के बाद महेंद्र ने घर आना-जाना छोड़ दिया और बाद में जहर खा लिया। सुसाइड नोट और कॉल रिकॉर्डिंग से सामने आई जानकारी घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में महेंद्र ने पांचों आरोपियों के नाम लिखे थे। उनकी मौत के बाद लसूड़िया पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग की जांच की। पुलिस के मुताबिक, जांच में लगातार धमकियों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके आधार पर पांचों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो की तलाश जारी है।
कानपुर में दरोगा के दामाद ने फांसी लगाई:8 साल के बेटे ने देखा पिता का शव, पड़ोसियों को दी सूचना
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में बुधवार को 40 वर्षीय युवक ने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला, जब उसका आठ वर्षीय बेटा कमरे में पहुंचा। पिता का शव पंखे के सहारे फंदे से लटकता देख बच्चे के होश उड़ गए। वह चीखते-चिल्लाते हुए बाहर भागा और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोविड के दौरान छोड़ दी थी नौकरी, घर पर बच्चों की देखभाल करते थे नवनीत पनकी के भरत राम पाल पुलिस विभाग में दरोगा के पद से वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी नेहा की शादी वर्ष 2014 में पनकी निवासी नवनीत पाल (40) पुत्र जवाहर लाल पाल से हुई थी। नवनीत पीएसआईटी कॉलेज में पढ़ाते थे, लेकिन कोविड काल के दौरान उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। नवनीत और नेहा के दो बच्चे हैं। परिजनों के मुताबिक, नवनीत की पत्नी सिद्धार्थनगर में सरकारी शिक्षिका हैं और वहीं किराये के कमरे में रहकर नौकरी करती हैं। ऐसे में नवनीत घर पर रहकर दोनों बच्चों की पढ़ाई और देखभाल करते थे। बच्चों से कहा- थोड़ी देर आराम कर लो, फिर पढ़ना परिजनों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर बच्चे स्कूल से घर लौटे थे। खाना खाने के बाद नवनीत ने दोनों बच्चों से कहा कि थोड़ी देर आराम कर लो, इसके बाद पढ़ाई करना। बच्चे अपने कमरे में चले गए, जबकि नवनीत दूसरे कमरे में चले गए। इसी दौरान उन्होंने दुपट्टे के सहारे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद बच्चे कमरे में पहुंचे तो पिता को फंदे से लटका देखा। दोनों बच्चे घबराकर चीखते हुए घर से बाहर भागे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
हिसार के डाबड़ा चौक पर स्कॉर्पियो से दो बाइक सवारों को टक्कर मारने और करीब 100 मीटर तक घसीटने के आरोप में गिरफ्तार 23 साल की पारुल को दूसरी बार भी जमानत नहीं मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की कोर्ट ने उसकी दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। कोर्ट ने मामले के तथ्यों को गंभीर मानते हुए कहा कि पहली नजर में यह मामला सिर्फ लापरवाही से गाड़ी चलाने तक सीमित नहीं लगता। पाांच महीने पहले हुई थी घटना पुलिस के मुताबिक, यह घटना 14 मई 2026 को डाबड़ा चौक के पास हुई थी। एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। जांच में सामने आया कि हादसे के बाद दोनों बाइक सवार स्कॉर्पियो के साथ करीब 100 मीटर तक घसीटते चले गए। इसके बाद गाड़ी चलाने वाला मौके से भाग गया, जिससे यह मामला हिट एंड रन का भी बन गया। इस हादसे में एक युवक सचिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र ने 22 मई को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सचिन के भाई जय प्रकाश ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने डाबड़ा चौक के पास दोनों मोटरसाइकिलों को पीछे से टक्कर मारी थी। जांच में युवती निकली कार ड्राइवर डाबड़ा चौक पर हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को वहां से दो टूटी हुई मोटरसाइकिलों के साथ स्कॉर्पियो की टूटी नंबर प्लेट, गाड़ी पर लगा कंपनी का लोगो और क्षतिग्रस्त ग्रिल मिली। जांच के दौरान पुलिस ने गाड़ी मालिक से पूछताछ की और पारुल को गाड़ी चलाने वाली के तौर पर पहचाना। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए, गाड़ियों की जांच करवाई और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी निकाले। जांच पूरी होने के बाद पारुल को 19 मई को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने का भी आरोप है। पहली जमानत 30 मई को खारिज, हाईकोर्ट से अर्जी वापस सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि पारुल हिसार की रहने वाली है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। पुलिस और शिकायतकर्ता पक्ष ने जमानत का विरोध किया। पारुल की पहली नियमित जमानत अर्जी 30 मई को इसी अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट में दायर जमानत अर्जी 16 जून को वापस ले ली गई थी। अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दूसरी नियमित जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।
मऊ के कलेक्ट्रेट में बुधवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने इंदारा-दोहरीघाट रेलखंड पर कोपागंज ब्लॉक के ढेकवारा गांव में पक्की सड़क के सामने अंडरपास बनाने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, गोरखपुर को ज्ञापन भेजा गया। किसानों का कहना है कि अंडरपास नहीं होने से ढेकवारा समेत आसपास के करीब दर्जनभर गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश महासचिव और किसान नेता देव प्रकाश राय ने बताया कि ढेकवारा घनी आबादी वाला गांव है। गांव का स्कूल, बाजार, अस्पताल, थाना और ब्लॉक मुख्यालय समेत कई जरूरी स्थान रेलवे लाइन के पश्चिमी हिस्से में हैं। आसपास के कई गांवों के लोगों को भी रोजाना रेल लाइन के दोनों तरफ आना-जाना पड़ता है। 4 से 5 किमी ज्यादा दूरी तय करने को मजबूर ग्रामीण किसानों के मुताबिक, रेलवे लाइन के कारण गांव की ओर आने-जाने वाले वाहनों को करीब 4 से 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुराना एनएच-29 और नई फोरलेन सड़क भी रेल लाइन के पश्चिमी तरफ है। ऐसे में पक्की सड़क के सामने अंडरपास बनने से गांव और मुख्य मार्ग के बीच सीधा संपर्क हो सकता है। पहले भी रेलवे को भेजे जा चुके हैं पत्र किसानों ने कहा कि अंडरपास नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी के साथ हादसे का खतरा भी रहता है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से रेलवे विभाग को पहले भी कई बार पत्र भेजकर समस्या बताई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक अंडरपास बनाने की दिशा में कोई समाधान नहीं हुआ। ज्ञापन में सुरक्षित रास्ते की मांग प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि इंदारा-दोहरीघाट रेलखंड पर ढेकवारा गांव के सामने अंडरपास बनाया जाए। उनका कहना है कि इससे ढेकवारा और आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित और आसान आवागमन मिल सकेगा। प्रदर्शन में किसान नेता देव प्रकाश राय के साथ राकेश सिंह, संजय कुमार, राम सोच, केदार राम समेत अन्य किसान शामिल रहे।
मेरठ में पुलिस मुठभेड़ के बाद गोकशी के आरोपी अरेस्ट:दोनों के पैर में लगी गोली, तमंचा और औजार बरामद
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस और स्वाट टीम ने मिलकर गोकशी के दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उनके पास से देशी तमंचा और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कंकरखेड़ा क्षेत्र के जटौली कट पर संदिग्ध गाड़ियों और लोगों की जांच चल रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर गाड़ी सवार आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि जटौली कट के पास आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की कोशिश में फायरिंग कर दी। अपनी बचाव में पुलिस ने भी गोली चलाई। इसमें जावेद और शाहआलम के बाएं पैर में गोली लगी। घायल हालत में दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जावेद (पावली खास, कंकरखेड़ा) और शाहआलम (ऊंचा सद्दीक नगर, लिसाड़ी गेट) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने 13 सितंबर को कंकरखेड़ा के जंगेठी गांव में हुई गोकशी की घटना में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आरोपियों का एक साथी शोएब उर्फ कादिर उर्फ छोटू अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है और संभावित जगहों पर दबिश दे रही है।
चंदौली में लोकजन सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम चंद्र मोहन गर्ग को 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था। पार्टी ने जेठवारा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह पर कार्रवाई समेत पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष भोलानाथ विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि जेठवारा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि इस घटना से पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में प्रदेशभर में पार्टी की ओर से प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे हैं। पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ितों को न्याय दिलाने और जेठवारा थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। भोलानाथ विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जाति देखकर न्याय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस व्यवस्था का विरोध करती है और सभी के लिए समान न्याय की मांग करती है। हर सप्ताह शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने का ऐलान जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पार्टी की ओर से हर सप्ताह शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन की कानून और संविधान में आस्था है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए भोलानाथ विश्वकर्मा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि घटना से प्रदेश के युवा, दलित और ओबीसी समाज में नाराजगी है। ज्ञापन देने के दौरान ओम प्रकाश विश्वकर्मा, अवधेश विश्वकर्मा, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, सोनू विश्वकर्मा, मुन्ना विश्वकर्मा और भगवान विश्वकर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मजदूरी के 1.70 लाख रुपए मांगे तो कारीगर से मारपीट:जान से मारने की मिली धमकी, 4 के खिलाफ केस दर्ज
हनुमानगढ़ के भिरानी थाना क्षेत्र में फर्नीचर कारीगर की 1.70 लाख रुपए की मजदूरी रोकने और पैसे मांगने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कारीगर सरजीत सिंह का आरोप है कि मजदूरी की रकम मांगने पर मुकेश नाम के व्यक्ति ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद आरोपी अपने तीन साथियों के साथ उसके घर भी पहुंचा और परिवार को धमकाया। करीब एक साल तक किया फर्नीचर का काम पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता सरजीत सिंह (27) पुत्र मोमनराम यादव, निवासी रतनपुरा, भादरा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट भादरा के समक्ष शिकायत पेश की थी। शिकायत में मुकेश पुत्र सीताराम यादव निवासी गढ़ड़ा, भादरा और तीन अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। सरजीत सिंह ने शिकायत में बताया कि वह फर्नीचर का काम करता है। उसने 9 अक्टूबर 2024 से करीब एक साल तक मुकेश के कहने पर फर्नीचर का काम किया। काम अधिक होने के कारण उसने तीन हेल्पर और एक अन्य मिस्त्री को भी अपने साथ काम पर लगाया था। हिसाब के बाद भी 1.70 लाख रुपए बाकी शिकायत के मुताबिक, मुकेश ने समय-समय पर कुछ रकम का भुगतान किया और हेल्पर व मिस्त्री का हिसाब भी कर दिया। हालांकि, सरजीत की मजदूरी का पूरा हिसाब करने के बाद 1 लाख 70 हजार रुपए बाकी रह गए। सरजीत का आरोप है कि जब उसने बची हुई रकम मांगी तो मुकेश टालमटोल करने लगा। बार-बार पैसे का तकाजा करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। 'कार्रवाई की तो जान को खतरा' देने का आरोप शिकायतकर्ता के अनुसार, मारपीट के दौरान उसे धमकी दी गई कि अगर उसने इस मामले में कार्रवाई की तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद मुकेश अपने तीन साथियों के साथ सरजीत के घर पहुंचा। घर पहुंचकर पत्नी और परिवार को भी धमकाया सरजीत ने आरोप लगाया कि घर पहुंचने पर आरोपियों ने उसकी पत्नी रेनू को भी धमकाया। परिवार के साथ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि मजदूरी के पैसे नहीं दिए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने के लिए लाखों रुपए तक खर्च किए जा सकते हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया केस न्यायालय से मिले आदेश के आधार पर भिरानी थाना पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक ओमप्रकाश को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए मारपीट, मजदूरी की रकम रोकने और धमकी के आरोपों की जांच कर रही है।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क से आया जंगली हाथी 'ई-5' पिछले 10 दिनों से मैहर वनमंडल की अमरपाटन रेंज में रुका हुआ है। यह हाथी बाणसागर डैम तैरकर इस इलाके में पहुंचा था। 7-8 सितंबर की रात से यह लगातार अपनी जगह बदल रहा है। मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात हाथी गोरसरी पहाड़ से नीचे उतरकर सीधे रामनगर के आबादी वाले इलाके में घुस गया। हाथी ने गोरसरी गांव के बरहा टोला में आदिवासी पिंटू कोल के मकान की दीवार गिरा दी। वह मकान के अंदर सो रहे थे।अच्छी बात यह रही कि पिंटू कोल बच गए। इसके बाद हाथी देवेंद्र सिंह के खेत में घुस गया। वहां उसने धान की फसल खाई और कुचलकर बहुत नुकसान किया। गांववालों के मुताबिक, हाथी दिनभर गोरसरी पहाड़ के घने जंगलों में छिपा रहता है। शाम होते ही वह खाने की तलाश में नीचे उतर आता है। बांधवगढ़ से दो प्रशिक्षित 'कुमकी' हाथी सूर्या और रामा को मौके पर तैनात किया गया है। सूत्रों ने बताया कि जंगली हाथी 'ई-5' रात में कुमकी हाथियों के पास आता है और फिर कुछ देर बाद पहाड़ी इलाके में लौट जाता है। हाथी के आबादी वाले इलाके में घुसने की खबर मिलते ही वन विभाग और पुलिस ने काम संभाला। सुरक्षा के लिए असर वाले गांवों की बिजली काट दी जाती है। इससे गांववालों को बहुत परेशानी हो रही है और वे अंधेरे में डर का सामना कर रहे हैं। अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि डीएफओ और रेंजर समेत करीब 30 कर्मचारियों की टीम पिछले 10 दिनों से जमीन पर तैनात है। हाथी के गले में लगे रेडियो कॉलर से उसकी हर पल की लोकेशन देखी जा रही है। वन विभाग ने गांववालों से अपील की है कि वे हाथी का पीछा न करें, न ही उसका वीडियो बनाएं या उसे भगाने की कोशिश करें। पिछले 10 दिनों से फसलों और मकानों को हो रहे नुकसान से गांववालों में गुस्सा बढ़ रहा है।गौरतलब है कि 7-8 सितंबर की रात रामनगर में प्रवेश किये जँगली हाथी E5 के हमसे से 50 वर्षीय किसान कन्छेदी यादव की मौत हो चुकी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस में बुधवार 12 बजे सुनवाई टल गई। भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडेय ने धार्मिक आयोजन में व्यस्त होने का हवाला देते हुए बहस के लिए समय मांगा। राहुल गांधी के वकील काशी शुक्ला ने बताया कि एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने वकील को चेतावनी के साथ यह अंतिम मौका दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। इससे पहले, राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का फॉरेंसिक लैब से मिलान कराने की याचिका ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट दोनों से खारिज हो गई थी। इस आदेश को चुनौती देने वाली भाजपा नेता विजय मिश्र की याचिका को हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। पिछली सुनवाई में शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। भाजपा नेता ने मानहानि का केस दर्ज किया था राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। इसी मामले में 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। इस मामले में कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए बुलाया था। वारंट जारी होने के बाद राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश हुए और जमानत ली। उन्होंने 25-24 हजार रुपये के दो मुचलके जमा किए थे। 20 फरवरी को राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उनका बयान दर्ज किया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का मिलान कराने के लिए याचिका दी थी। इस याचिका को ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ दायर याचिका भी सेशन कोर्ट से 15 जुलाई को खारिज हो गई थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को भी अपना बयान दर्ज कराया था।
गोरखपुर में सदर तहसील के सर्वे चेयरमैन पर 72 हजार रुपए घूस लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला और उसके बेटों का नाम सरकारी कागज पर चढ़ाने के लिए उन्होंने रिश्वत मांगी। महिला ने बड़ी मुश्किल से उन्हें रुपए दे भी दिए, जिसके बाद भी काम नहीं करवाया गया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी को निलंबित कर दिया। अब कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का FIR दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी है। जानिए पूरा मामला… खजनी थाना क्षेत्र के रहने वाले शंकर दिग्विजय निषाद ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दी। जिसके आधार पर न्यायालय के आदेश के बाद कैंट थाने में मंगलवार को FIR दर्ज हुआ है। FIR माध्यम से बताया गया कि सदर तहसील के सर्वे चेयरमैन अशोक ने शंकर दिग्विजय की बहन कालिन्दी और उनके बेटों चन्द्रकेश मणि, इन्द्रजीत और नन्दलाल का नाम सरकारी कागज पर चढ़ाने के लिए फरवरी 2026 में 72,000 रुपए का डिमांड किया। मांग पर कालिन्दी ने अलग-अलग तारीखों पर थोड़ा- थोड़ा करके उनके खाते में पूरे रुपए भेज दिए। आरोप है कि सरकारी पद का गलत इस्तेमाल करते हुए आलोक ने रुपए मांगे और देने के बावजूद कोई काम नहीं करवाया। पूछताछ करने पर बार- बार टाल- मटोल करता रहा। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में कई बार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मामला कोर्ट तक पहुंचा। शिकायत पर आरोपी निलंबित हुआ तहरीर के मुताबिक मामले से जुड़ा वीडियो और ऑडियो को एक पेनड्राइव के माध्यम से गोरखपुर और बलिया के सहायक अभिलेख अधिकारी के ऑफिस में जमा कराया गया। जिसके आधार पर आरोपी को तत्काल उसके पद से निलंबित कर दिया गया। शंकर का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद पीड़ित को आश्वासन दिया गया था कि आगे की जांच करते हुए उनके रुपए लौटाए जाएंगे। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के मुताबिक कोर्ट के निर्देश के आधार पर तहरीर के हिसाब से आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है।
गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र में सागर तालाब में 14 सितंबर को मिला 19 वर्षीय रितिका दुबे का शव डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। बुधवार सुबह 11 बजे आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना से पहले रितिका को उसकी मां ने डांटा था। इसके बाद वह नाराज होकर विष्णुपुरी कॉलोनी स्थित घर से अकेले पैदल निकल गई थी। करीब 500 मीटर दूर सागर तालाब पहुंचने के बाद उसने तालाब में छलांग लगा दी। नगर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, रविवार को किसी बात को लेकर रितिका की मां ने उसे डांटा था। इसके बाद वह काफी नाराज थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डांट से आहत होकर रितिका रविवार रात घर से पैदल निकल गई। वह अकेले करीब 500 मीटर की दूरी तय कर सागर तालाब पहुंची थी। अगले दिन तालाब में उतराता मिला शव रितिका के घर से निकलने के बाद परिजन को घटना की जानकारी नहीं थी। सोमवार 14 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे सागर तालाब में उसका शव उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बुधवार सुबह आई रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। CCTV में अकेले तालाब की ओर जाती दिखी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने तालाब और आसपास के इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रितिका अकेले और परेशान हालत में तेजी से तालाब की तरफ जाती दिखाई दे रही है। उसके साथ कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने विष्णुपुरी कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम में रितिका की मौत डूबने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच में मां की डांट के बाद उसके घर से निकलने की बात सामने आई है। पूछताछ के दौरान रितिका की मां रो रही थीं और घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में रितिका के अकेले तालाब तक जाने की बात सामने आई है।
पानीपत शहर के NFL नाका के पास कार से 3 लाख 80 हजार रुपए की बड़ी चोरी की वारदात का CIA-2 की टीम ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने टक्कर मारकर चालक को बातों में उलझाने और चोरी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिल, साजिद, काला और वाजिद के रूप में हुई है। सभी आरोपी पानीपत के सिवाह पीर क्षेत्र के रहने वाले हैं और पेशे से ऑटो चालक हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी लत को पूरा करने के लिए ऐसी वारदातों को अंजाम देते थे। चारों आरोपियों पर पहले भी मारपीट, चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। साजिश का तरीका: कुछ मिनटों की बहस और लाखों की चपत सीआईए-2 की जांच में बदमाशों का बेहद शातिराना प्लान सामने आया है। सीआईए-2 की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद सीआईए-2 की टीम ने इलाके के सुराग और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर पूरे गिरोह को दबोच लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस टक्कर मार गिरोह ने अब तक ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
हापुड़ में नर्स से ऑटो में छेड़छाड़:विरोध करने पर दांत तोड़े, चलते ऑटो से धक्का देकर भागा ड्राइवर
हापुड़ के कपूरपुर थाना क्षेत्र में एक नर्स से ऑटो ड्राइवर ने छेड़छाड़ और मारपीट की। नर्स के विरोध करने पर आरोपी ने उसके दांत तोड़ दिए। इसके बाद सिरोधन बाईपास के पास आरोपी ने नर्स को चलते ऑटो से धक्का देकर फरार हो गया। घायल नर्स को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नर्स ने अपनी शिकायत में बताया कि मंगलवार रात करीब 9.15 बजे वह गुलावठी से अपने गांव लौट रही थी। घर जाने के लिए उसने रास्ते में एक ऑटो लिया था। सिरोधन गांव से निकलने के बाद ऑटो ड्राइवर ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। नर्स ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। नर्स ने पुलिस से शिकायत की नर्स का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके दांत टूट गए। इसके बाद सिरोधन बाईपास के पास आरोपी ने उसे चलते ऑटो से धक्का दे दिया। सड़क पर गिरने से वह घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी ऑटो लेकर मौके से भाग गया। घटना की जानकारी मिलने पर नर्स ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने उसकी शिकायत पर ऑटो ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि नर्स की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है। आरोपी ऑटो ड्राइवर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
हिसार में पेट्रोल पंप पर हुई युवक की हत्या का CCTV वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि युवक पेट्रोल पंप के केबिन में जाकर गेट बंद कर लेता है। बाहर मौजूद दूसरे युवक गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश करते हैं। युवक बचने के लिए तेजधार हथियार से उन पर वार करता है। इसके बाद युवक गेट तोड़कर अंदर घुस जाते हैं और उसे पीटते हुए गर्दन दबोचकर बाहर ले जाते हैं। बाहर तेजधार हथियार से वार कर उसकी हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो जाते हैं। वारदात 13 सितंबर को आदमपुर के खारा बरवाला गांव में हुई थी। पुलिस इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गांव के युवकों से चल रही थी रंजिश मृतक की पहचान खारा बरवाला निवासी रजनीश (19) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ 6 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। रजनीश के भाई गौतम ने आदमपुर पुलिस को शिकायत दी है। इसमें उसने बताया कि रजनीश और विष्णु की गांव के ही जयराम और अक्षय जाजूदा से रंजिश चल रही थी। 13 सितंबर की रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच गौतम और रजनीश मोटरसाइकिल पर मंडी आदमपुर से दूध लेकर खारा बरवाला जा रहे थे। बाइक में हवा कम होने पर उन्होंने पंवार फिलिंग स्टेशन पर बाइक रोक ली। आरोप है कि इसी दौरान जयराम और अक्षय ने अपने साथियों के साथ मिलकर तेजधार हथियार और लकड़ी के डंडों से दोनों पर हमला कर दिया। हमले में रजनीश की मौत हो गई। 13 नामजद, 15 अन्य पर FIR; 5 गिरफ्तार आदमपुर थाने में खारा बरवाला निवासी जयराम, अक्षय, सुमित, रोडू, नैना, शेखर, बब्बर, रुपेश उर्फ भकलू, गजराज उर्फ संदीप, सुनील, जैलदार उर्फ कुलदीप, अनिल उर्फ कुकिया और अजय को नामजद किया गया है। इनके अलावा 15 अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पहले जयराम और अक्षय को गिरफ्तार किया। इसके बाद आदमपुर निवासी संदीप और समीर तथा जवाहर नगर निवासी उमेश को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।। आरोपी अक्षय पर दो मामले दर्ज हैं।
पन्ना जिले के पर्यटन ग्राम मंडला में फसल खराब होने से परेशान किसान ने केन नदी में छलांग लगा दी थी। घटना सोमवार 14 सितंबर की है। ग्रामीणों के अनुसार, वह फसल खराब होने और खेती में लगातार हो रहे नुकसान से मानसिक तनाव में थे। मंगलवार को देर रात तक सर्चिंग के बाद भी शव नहीं मिला था। आज बुधवार को एसडीआरएफ की टीम ने किसान का शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान किसान रणधीर यादव (32) पिता राममिलन यादव के रूप में हुई है। किसान 7-8 साल से खेती कर रहे थे ग्रामवासी बाबूलाल यादव ने बताया कि किसान पिछले 7-8 सालों से केन नदी के किनारे अपनी 2 से 3 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर खेती कर परिवार का गुजारा कर रहे थे। इससे पहले वह पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए ड्राइविंग का काम करते थे। उन्होंने बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चों की देखभाल के लिए गांव में रहकर खेती करने का फैसला किया था। पिछले कई सालों से प्राकृतिक आपदा (कभी सूखा तो कभी ज्यादा बारिश) के कारण खेती में लगातार घाटा हो रहा था। बारिश से पूरी फसल खराब हो गई थी इस साल भी तेज बारिश के कारण उनकी पूरी फसल खराब हो गई थी। इस वजह से वह बहुत तनाव में थे। 14 सितंबर को किसान खेत में चारा काट रहे थे। तभी उनकी पत्नी प्रीति ने उन्हें नदी की तरफ जाते देखा था। जब काफी देर तक वह घर नहीं पहुंचे, तो पत्नी और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी किनारे सिर्फ किसान की चप्पलें मिलीं। इससे किसी अनहोनी की आशंका हुई। देर रात तलाश के बाद भी नहीं मिला था शव ग्रामीणों और परिजनों ने देर रात 12 बजे तक नदी किनारे खोजबीन की। कुछ पता न चलने पर उन्होंने मंडला थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना की सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की बचाव टीमों ने केन नदी में तलाशी अभियान चलाया। 15 सितंबर को देर शाम तक बचाव अभियान के बावजूद किसान का कोई सुराग नहीं मिला। तीन किलोमीटर दूर मिला शव इसके बाद 16 सितंबर की सुबह फिर से बचाव अभियान चलाया गया। घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर किसान का शव बरामद कर लिया गया। परिवार के सामने आर्थिक संकट थाना प्रभारी बखत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में वैधानिक जांच की जा रही है। रणधीर अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
शिमला पुलिस ने चिट्टे की सप्लाई चेन तक पहुंचते हुए दो अलग-अलग मामलों में पंजाब और चंडीगढ़ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर उन लोगों तक पहुंच बनाई, जो शिमला में चिट्टे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी फाजिल्का से चिट्टा लेकर मोहाली में सप्लाई करता था, जबकि दूसरे आरोपी पर नौकरी के साथ चिट्टे की बिक्री कर आर्थिक लाभ कमाने का आरोप है। अब दोनों मामले सिलसिलेवार पढ़ें। ढली केस में फाजिल्का से मुख्य सप्लायर गिरफ्तारपहला मामला ढली थाना क्षेत्र का है। 28 अगस्त को पुलिस ने भट्टाकुफर-ढली टनल मार्ग पर एक टैक्सी की जांच के दौरान सुन्नी निवासी दुष्यंत वर्मा (25) और आनी निवासी अक्षय शर्मा (24) को पकड़ा था। तलाशी में दोनों के कब्जे से 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ था। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस चिट्टे की सप्लाई करने वाले तक पहुंची। बैकवर्ड लिंकेज खंगालने पर जांच में सामने आया कि फाजिल्का निवासी अजय कुमार (24) ने इन्हें चिट्टा सप्लाई किया था। पुलिस के मुताबिक, अजय ने फाजिल्का से चिट्टा हासिल कर मोहाली में अक्षय शर्मा को सप्लाई किया था। फाजिल्का के मोजेवाला गांव से गिरफ्तारीपुलिस को दोनों के बीच 10,500 रुपए के लेन-देन और फोन कॉल की डिटेल से भी संपर्क की कड़ियां मिलीं। इसके बाद ढली थाना पुलिस की टीम ने पंजाब में कार्रवाई करते हुए 14 सितंबर को फाजिल्का के गांव मोजेवाला से अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। सदर केस में चंडीगढ़ से बैंक कर्मचारी पकड़ादूसरा मामला सदर थाना शिमला का है। 8 सितंबर को पुलिस ने कृष्णानगर निवासी सनमजीत (25) और सुमित सपरा (22) को 5 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस को चिट्टे की सप्लाई से जुड़े आगे के लिंक मिले। चिट्टे की बिक्री से आर्थिक लाभ कमा रहा थाजांच के आधार पर पुलिस ने मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी गौरव तिशावर (31) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गौरव एक सहकारी बैंक में नौकरी करता है। आरोप है कि वह नौकरी के अलावा चिट्टे की बिक्री से भी आर्थिक लाभ कमा रहा था। पुलिस ने आरोपी के मनीमाजरा स्थित घर की तलाशी ली तो 9.31 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सिरसा के डबवाली में रामा मंडी-रिफाइनरी रोड के निर्माण कार्य में लगे तीन युवक देर रात सड़क हादसे में घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब काम खत्म कर बाइक से लौट रहे युवकों की आंखों पर सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी पड़ी। इससे बाइक बेकाबू होकर सड़क किनारे धान के खेत में गिर गई। राहगीरों, पुलिस और एम्बुलेंस की मदद से तीनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। युवक ने रात में अकेले गांव जाने से मना किया अस्पताल में भर्ती घायल अमन निवासी केराखेड़ा, अबोहर ने बताया कि वह रिफाइनरी रोड पर ट्रेंडर मशीन का ड्राइवर ऑपरेटर है। उसके साथ गांव हाकूवाला निवासी गुरप्रीत और कालांवाली निवासी अजय भी सड़क बनाने के काम में लगे हुए हैं। अमन ने बताया कि रात ज्यादा होने के कारण गुरप्रीत ने अकेले गांव हाकूवाला जाने से मना कर दिया था। इस पर अमन और अजय अपनी बाइक पर गुरप्रीत को उसके गांव हाकूवाला छोड़ने के लिए साथ निकल पड़े। उनकी योजना थी कि गुरप्रीत को छोड़कर दोनों अपनी मंजिल की ओर चले जाएंगे। सामने से आ रहे वाहन की रोशनी पड़ने से हुआ हादसा जैसे ही उनकी मोटरसाइकिल गांव मिड्डूखेड़ा के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक वाहन की तेज लाइट सीधा चालक की आंखों में पड़ी। तेज रोशनी से आंखें चौंधिया गईं और बाइक का संतुलन बिगड़ गया। तीनों युवक बाइक समेत सड़क किनारे धान के खेतों में गिर गए। हादसे के तुरंत बाद पंजाब पुलिस की इमरजेंसी सेवा 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पंजाब डायल 112 की टीम और जनसेवा एकता ट्रस्ट के एम्बुलेंस संचालक मनोज वर्मा मौके पर पहुंचे। दोनों गाड़ियों की मदद से पंजाब सीमा में हुए इस हादसे के तीनों घायलों को इलाज के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया।
भिवानी में महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि जो नए गाने आए हैं, उनको लेकर इस तरह के मंच दिए जाते हैं। जहां मंच के माध्यम से पुरानी संस्कृति व संस्कारों को जिंदा रखने के लिए ही प्रयास किया जाता है। गन कल्चर के गानों को लेकर सांसद धर्मबीर सिंह कहा कि उससे सब लोग तंग है, उसको कौन कल्चर कहता है, हमारा कल्चर अलग है। यह मानकर चलों कि वह समाज को खराब करने की कल्चर है। वैश्य कॉलेज में केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे बता दें कि सांसद धर्मबीर सिंह वैश्य कॉलेज में सांसद निधि कोष से नवनिर्मित सांस्कृतिक गतिविधि एवं अभ्यास केंद्र के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के पदाधिकारी शिवरतन गुप्ता, अजय गुप्ता, डॉ. पवन कुमार बुवानीवाला, बृजलाल सर्राफ व प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार गोयल आदि मौजूद रहे। पैदा होने से मरने तक हेल्थ सबसे जरूरी भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह ने किसी भी बच्चे के लिए पैदा होने से लेकर मरने तक सबसे जरूरी है कि उसकी हेल्थ ठीक रहे। हेल्थ के लिए खेल व सांस्कृतिक प्रोग्राम से स्वास्थ्य ठीक रहता है। इसको लेकर वैश्य कॉलेज मैनेजमेंट खास ध्यान रखते हैं। इसके साथ-साथ हमारी संस्कृति को भी ना भूलें। पुरानी संस्कृति व पुराने संस्कारों को लेकर आगे चलेंगे, तो हमारे समाज में आने वाली बुराईयां भी नहीं रहेंगे। पश्चिमी सभ्यता के कारण एक कार्यक्रमों में हम भटक जाते हैं। 2047 तक विकसित भारत बनाना लक्ष्य उन्होंने कहा कि हम हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना है। वह तभी संभव है, जब हर बच्चा अपना योगदान देगा और हर क्षेत्र में योगदान देगा। जीवन के इस उम्र में हमें जो ये 4-5 साल मिले हैं, उसमें हम पूरी लग्न के साथ परिवार व समाज ही नहीं देश के बारे में भी सोचे।
कासगंज में बुधवार दोपहर आजाद समाज पार्टी के 150 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने सोरों गेट स्थित अम्बेडकर पार्क पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए पार्क के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई थी। पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग भी की। मौके पर तहसीलदार और एसडीएम भी पहुंचे। जब भीम आर्मी के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की तरफ जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने सिर्फ 4 लोगों को ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट जाने की अनुमति दी। भीम आर्मी ने जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चार सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों, 68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी मामले और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को उठाया गया। ज्ञापन में बताया गया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी, तथा अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोका गया था। इस दौरान पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सीसीटीवी सहित इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की। पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा का तत्काल थ्रेट असेसमेंट कराने और जरूरत के हिसाब से सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की। ज्ञापन में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने, और 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी मामले में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन कराने की मांग भी की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा में आज (17 सितंबर) से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत पूरे प्रदेश में 'आशीर्वाद के दीये' जलाकर की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी महेंद्रगढ़ से अभियान और दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। साथ ही विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता व लाभ बांटे जाएंगे। अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जिला उपायुक्तों (DC) के साथ चंडीगढ़ में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को मौके पर ही मिले, किसी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। सीएम की बैठक के 5 बड़े फैसले… बैठक में ये रहे मौजूद समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।
छतरपुर में हमा तिराहा के पास बुधवार को सड़क हादसे में टैक्सी सवार एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। छतरपुर की तरफ आ रही टैक्सी को गुरु कृपा कंपनी की यात्री बस ने टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। नानी की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रही थी बच्ची जानकारी के अनुसार, बच्ची अपनी नानी की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए टैक्सी से जा रही थी। हमा तिराहा के पास टैक्सी बस की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। बच्ची की मौत से परिवार में मातम छा गया। नाराज ग्रामीणों ने करीब 30 मिनट लगाया जाम हादसे के बाद नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक हाइवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली टीआई सतीश सिंह ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात फिर से शुरू हो गया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। नानी की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रही बच्ची की रास्ते में मौत से परिवार सदमे में है।
लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायत सहायकों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उनका मानदेय 3 हजार रुपए बढ़ा दिया गया है। अब उन्हें 6 हजार की जगह 9 हजार रुपए मिलेंगे। पंचायती राज मंत्री राजभर ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा- सीएम योगी से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायक हैं। राजभर ने कहा- अब किसी पंचायत सहायक को ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से पद से नहीं हटा सकेंगे। पंचायत सहायक को हटाने से पहले डीएम के नेतृत्व में गठित कमेटी जांच करेगी। जांच के बाद ही सेवा समाप्त करने का फैसला लिया जा सकेगा। राजभर ने कहा, 'धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। अब मानदेय की राशि अब सीधे पंचायत सहायक के बैंक खाते में भेजी जाएगी।’ पहले सैलरी ग्राम प्रधान के खाते में आती थी। सचिव और ग्राम प्रधान के सिग्नेचर के बाद पैसे निकलते थे। 24 अगस्त से पंचायत सहायक लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। उनके समर्थन में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा था- सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल और सांसद चंद्रशेखर भी धरना स्थल पर पहुंचे थे और पंचायत सहायकों को समर्थन दिया था। 2 दिन पहले मंत्री ने कहा था- दिमाग से निकाल दो, 20 से 25 हजार मिलेंगे 14 सितंबर को धरनारत पंचायत सहायकों ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की थी। तब उन्होंने कहा था- बजट के प्रावधानों को देखते हुए 12 हजार या 15 हजार रुपए का मानदेय देना संभव नहीं है। यह दिमाग से निकाल लो कि आपको 20 से 25 हजार रुपए मिल जाएंगे। ऐसा कतई नहीं होगा। उन्होंने कहा था- मैंने गांवों में देखा है कि लोग ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के लिए जनसेवा केंद्र जाते हैं। यह काम आप लोगों का है। लोग बाहर इसलिए जाते होंगे, क्योंकि आप लोग काम नहीं करते होंगे। सिर्फ वेतन देने के लिए नियुक्ति नहीं दी गई है। सभी लोग काम करते तो इस पर विचार होता। लोग बैठे-बैठे मानदेय ले रहे हैं। अधिकतर लोग प्रधान या किसी पहुंच वाले के घर के लोग भर्ती हो गए हैं। पंचायत सहायक क्या-क्या करते हैं? ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक यानी अकाउंटेंट-कम-डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) पंचायत के डिजिटल और प्रशासनिक कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके प्रमुख काम इस प्रकार हैं…. आखिरी में राजभर की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 2 बातें पढ़िए- ‘गठबंधन कर लें, NDA के एक दल का भी मुकाबला नहीं कर सकते’ मंत्री राजभर ने कहा- ऐसा है ना कि ‘न नौ मन गेहूं होई, न राधा यौवने जईहे’। ओवैसी जी कहते हैं कि हम मुख्यमंत्री बनेंगे तो वो मानेंगे, कोई मानेगा? कैसे गठबंधन होगा? कांग्रेस कहती है 200 सीट चाहिए। अखिलेश यादव कहते हैं कि हम 300 के नीचे लड़ेंगे ही नहीं। प्रयास सब लोग कर रहे हैं, लेकिन प्रयास निरर्थक है। भाजपा के पास आज एक बड़ा जनाधार है। भाजपा के साथ NDA में यूपी में चार दल हैं। चारों दलों में प्रदेश में वोट दिलाने की कूवत है। जितने गठबंधन हो रहे हैं, हम देख रहे हैं। वे गठबंधन कर लें, हम तो समझते हैं कि NDA गठबंधन के सहयोगी एक दल का भी मुकाबला नहीं कर सकते हैं। 2.- अखिलेश मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करें राजभर ने कहा- अखिलेश यादव मुसलमान भाई को लेकर परेशान हैं। मुसलमान भाई अखिलेश यादव को लेकर परेशान हैं। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। UCC से पहले अखिलेश यादव को ऐलान कर देना चाहिए कि अगर हमारी सरकार बनेगी तो हम मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे। उन्होंने कहा- अखिलेश यादव मुसलमानों के लिए बहुत हमदर्द हैं। चार बार मुसलमानों ने वोट देकर यादव जी को मुख्यमंत्री बनाया है। अब उनका कर्तव्य बनता है कि एक बार उनको भी मौका दें, ताकि उन्हें यह कहने का अवसर न मिले कि हमारा वोट लेकर लोग सरकार बनाते हैं। ज्यादा वोट तो अखिलेश यादव पाते हैं, हम लोग NDA गठबंधन वाले हैं, थोड़ा कम मिलता है। इसलिए वो ऐलान करें। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है….
16 सितंबर, बुधवार:बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र के इनियार व पनसल्ला गांव के बीच NH-31 किनारे महिला का शव मिलने से सनसनी। दोनों आंख फोड़कर हत्या कर शव फेंकने की आशंका।
देवघर में जसीडीह थाना क्षेत्र के मानिकपुर सरासनी गांव में बुधवार को एक बेटे ने अपने माता-पिता पर हमला कर दिया। इस घटना में मां की जान चली गई, जबकि पिता कामदेव मांझी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में हलचल मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि बुधवार को परिवार के सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। देखते ही देखते झगड़ा बढ़ गया और बेटे ने कथित तौर पर अपने माता-पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में मां को गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। पिता कामदेव मांझी भी बुरी तरह घायल हुए। घायल पिता को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया है। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जरूरी जानकारी इकट्ठा की। पुलिस ने ग्रामीणों और परिवार के लोगों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि पारिवारिक झगड़ा किस बात को लेकर शुरू हुआ था और हमला किन हालात में हुआ। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच पूरी होने के बाद घटना के असली कारण और हमलावर का रोल साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस सभी बातों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। गांव में दुख का माहौल है। पुलिस ने मामले में जरूरी कानूनी एक्शन का काम शुरू कर दिया है।
रायबरेली में बुधवार दोपहर 11:45 बजे भाकपा माले ने नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने सहारनपुर में प्राचीन मस्जिद गिराए जाने और गोंडा में बर्तन व्यवसायी विनोद साहनी की हत्या का मुद्दा उठाया। नेताओं ने दोनों मामलों में सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माले राज्य कमेटी सदस्य कामरेड विजय विद्रोही ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहारनपुर में 1911 में बनी मस्जिद को गिराना राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश है। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद व्यापारी की हत्या का मुद्दा उठाया विजय विद्रोही ने गोंडा के बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। माले नेताओं ने इस घटना को कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने का लगाया आरोप कामरेड उदय पटेल ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को नजरबंद और हाउस अरेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेताओं की व्यक्तिगत जानकारियां जुटाकर दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह निगरानी और पुलिस व्यवस्था के जरिए विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया। चुनाव से पहले डराने-धमकाने का लगाया आरोप कामरेड राम चंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय चुनाव से पहले डराने-धमकाने, बुलडोजर कार्रवाई और विभाजनकारी राजनीति का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में नईम, इंद्र बहादुर, रविंद्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
झारखंड : एसआईआर के तहत नाम जोड़ने और संशोधन की अंतिम तिथि बढ़कर हुई 30 सितंबर
झारखंड के तमाम मतदाताओं और लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेने के इच्छुक योग्य युवाओं के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की ओर से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या किसी भी प्रकार की त्रुटि में सुधार कराने के लिए मिलने वाली समय-सीमा को एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि आम जनता और विभिन्न राजनीतिक दलों के अनुरोध के साथ-साथ भारी संख्या में मिल रहे आवेदनों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 30 सितंबर कर दिया है। यह दूसरा और अंतिम अवसर है जब इस प्रक्रिया की समय-सीमा में विस्तार किया गया है, जिससे उन तमाम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है जो किसी वजह से अब तक अपने फॉर्म नहीं जमा कर पाए थे।क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान और क्यों पड़ी इसकी आवश्यकता?भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा झारखंड राज्य में मतदाता सूचियों की शुद्धता, पारदर्शिता और त्रुटिहीनता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में देश का कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और किसी भी अपात्र या फर्जी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो सके। अभियान के शुरुआती चरणों के तहत जब राज्य में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था, तब बड़ी संख्या में नाम इधर-उधर होने या सूचियों से गायब मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद से ही लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मतदाता अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कराने के लिए प्रशासनिक कार्यालयों और बूथ लेवल अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, जिसे देखते हुए आयोग ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के जरिए कैसे मिलेगा जनता को सीधा लाभ?निर्वाचन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस बढ़ाई गई अवधि के दौरान नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं। यदि किसी युवा नागरिक की आयु एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है और उसका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 (Form-6) भरकर नए मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण करवा सकता है। इसके अलावा, यदि किसी मृत या स्थानांतरित व्यक्ति का नाम सूची से हटवाना है तो उसके लिए फॉर्म-7 (Form-7) का उपयोग किया जा सकता है, हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल फॉर्म भर देने से नाम स्वतः नहीं कटेगा बल्कि पूरी जांच और सुनवाई के बाद ही वैधानिक कार्रवाई होगी। वहीं, नाम, पते या अन्य विवरणों में सुधार करने के साथ-साथ एक मतदान केंद्र से दूसरे केंद्र पर अपना नाम स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 (Form-8) सबसे उपयोगी माध्यम है।ऑनलाइन ईसीआइनेट और बीएलओ के माध्यम से आसानी से ऐसे करें आवेदनझारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी पात्र नागरिकों और विशेष रूप से युवा वर्ग से अपील की है कि वे अंतिम तिथि यानी 30 सितंबर का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और सुगम बनाया गया है, जिसके तहत नागरिक निर्वाचन आयोग के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर अपने क्षेत्र के संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से सीधा संपर्क करके आवश्यक घोषणा पत्र के साथ अपना फॉर्म ऑफलाइन भी जमा कर सकते हैं। विभाग ने राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) और प्रशासनिक अमले को भी निर्देश दिए हैं कि वे आम जनता को इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग प्रदान करें ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाया जा सके।लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदमकिसी भी स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र की असली ताकत उसकी त्रुटिहीन मतदाता सूची में निहित होती है, क्योंकि सही मायनों में मताधिकार का प्रयोग तभी संभव है जब हर एक योग्य मतदाता का नाम सूची में पूरी सटीकता के साथ दर्ज हो। झारखंड में एसआईआर अभियान की समय-सीमा 30 सितंबर तक बढ़ाए जाने से सुदूर ग्रामीण इलाकों और आदिवासी अंचलों के उन लोगों को भी पर्याप्त समय मिल गया है जो जानकारी के अभाव में पीछे छूट गए थे। निर्वाचन विभाग की इस जनहितैषी पहल से राज्य की चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आगामी चुनावी गतिविधियों के लिए एक बेहद स्पष्ट और सटीक मतदाता डेटाबेस तैयार होने में मदद मिलेगी, जिससे आम नागरिकों में भी काफी संतोष देखा जा रहा है।
रायपुर के संतोषी नगर इलाके में 8 साल की बच्ची से पिता के ही दोस्त ने रेप करने की कोशिश की। आरोप है कि पड़ोसी सुलेमान कुरैशी नाबालिग के घर में घुसा और चिप्स देने के बाद उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। नाबालिग ने आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाया और वहां से भाग निकली। घटना के बाद परिजनों ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाने में की है। पुलिस ने आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। चिप्स देने के बाद करने लगा जबरदस्ती पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को आरोपी नाबालिग के घर में घुसा था। उसने पहले नाबालिग को चिप्स दिए। इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती करने और रेप की कोशिश करने का आरोप है। नाबालिग ने विरोध किया और आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाकर वहां से भाग गई। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में 9-साल की बच्ची से 5 दिन तक रेप:बोली- चूड़ीवाला घर ले जाता था, प्राइवेट पार्ट में दर्द होने पर चाची को बताया रायपुर में 9 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। जहां 55 साल के अधेड़ व्यक्ति ने लगातार 5 दिनों तक दुष्कर्म किया है। आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी बच्ची को चॉकलेट देकर अपने साथ ले जाता और उससे दुष्कर्म करता था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं और खासकर बहुप्रतीक्षित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और सेटिंग के मामलों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और सीआईडी (CID) के हाथ एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। जांच एजेंसियों ने इस हाई-प्रोफाइल स्कैम में संलिप्त एक शातिर यूट्यूबर और एक ट्रस्ट संचालक को धर दबोचा है। आरोप है कि ये दोनों आरोपी भोले-भाले और मेहनत करने वाले उम्मीदवारों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की अवैध वसूली कर रहे थे और परीक्षा की चयन प्रक्रिया में भारी फेरबदल यानी 'सेटिंग' कराने का काला कारोबार चला रहे थे। इस ताजा गिरफ्तारी के बाद से झारखंड के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सनसनी फैल गई है, और यह सवाल फिर से खड़ा हो गया है कि आखिर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस रैकेट के तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं।क्या है पूरा मामला और कैसे खुला JSSC CGL परीक्षा में धांधली का यह जाल?झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुचिता को बनाए रखना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, और जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा भी इससे अछूती नहीं रह पाई। परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ संगठित गिरोह और सॉल्वर गैंग सक्रिय हैं जो अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर उनसे भारी-भरकम रकम ऐंठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार और जांच एजेंसियों ने इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से छानबीन शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले नाम सामने आए। पुलिस की गिरफ्त में आए यूट्यूबर और ट्रस्ट संचालक पर यह आरोप है कि वे सोशल मीडिया और अपने संपर्कों के माध्यम से नौकरी के आकांक्षी युवाओं से संपर्क करते थे और उन्हें सिस्टम के भीतर ऊंचे रसूख का हवाला देकर परीक्षा पास कराने का झूठा भरोसा देते थे।यूट्यूबर और ट्रस्ट संचालक की भूमिका: सोशल मीडिया की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबारजांच एजेंसियों की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किया गया यूट्यूबर और ट्रस्ट का मुख्य संचालक बेहद शातिर तरीके से अपनी ऑनलाइन गतिविधियों की आड़ में इस गैरकानूनी धंधे को अंजाम दे रहा था। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहुंच और युवाओं के बीच लोकप्रियता का गलत इस्तेमाल करते हुए ये लोग छात्रों का विश्वास जीतते थे और फिर प्रश्नपत्र लीक कराने या ओएमआर शीट (OMR Sheet) में हेरफेर करने के नाम पर लाखों रुपए वसूलते थे। इन जालसाजों ने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया और उनसे पैसे ऐंठे, जिससे न केवल योग्य उम्मीदवारों का हक मारा गया बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए। सीआईडी और एसआईटी की टीमों ने तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) और पुख्ता सबूतों के आधार पर इन दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया है, और इनके पास से कई डिजिटल उपकरण व दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।परीक्षा में 'सेटिंग' करने वाले गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी एजेंसियांझारखंड सीआईडी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई यहीं रुकने वाली नहीं है, क्योंकि इस पूरे रैकेट में कई अन्य बड़ेचोरों, बिचौलियों और सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ भ्रष्ट लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर और ट्रस्ट संचालक से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है और परदे के पीछे रहकर इन तक जानकारियां कौन पहुंचा रहा था। राज्य के बेरोजगार युवाओं और छात्र संगठनों ने इस खुलासे के बाद दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सबसे कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी गिरोह युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके। सरकार और जांच एजेंसियां भी यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि इस भ्रष्टाचार में शामिल एक-एक चेहरे को बेनकाब किया जाए और कानून के कटघरे में खड़ा किया جائے۔युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे गंभीर सवालJSSC CGL परीक्षा में सामने आए इस तरह के बड़े घोटालों ने एक बार फिर से देश भर की प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंताएं पैदा कर दी हैं। रात-दिन मेहनत करने वाले लाखों युवा जब अपनी योग्यता के बल पर परीक्षा देने उतरते हैं, तब ऐसे पैसे के दम पर नौकरी खरीदने वाले लोग उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इस पूरी घटना से यह सबक मिलता है कि प्रशासनिक स्तर पर परीक्षा तंत्र को और अधिक फुल-प्रूफ (Foolproof) बनाने की जरूरत है ताकि किसी भी बिचौलिए या यूट्यूबर को सिस्टम में सेंध लगाने का मौका न मिल सके। झारखंड के आम नागरिकों और छात्रों की निगाहें अब इस जांच के अगले कदमों पर टिकी हैं, और हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचकर दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगी।
IFS अधिकारियों की मेहनत गिनाकर IRS निशा उरांव ने BRICS बैठक विवाद पर आलोचकों को करारा जवाब दिया
सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों अपनी बेबाक बयानी और अनूठे अंदाज के लिए जानी जाने वाली चर्चित आईआरएस (IRS) अधिकारी निशा उरांव एक बार फिर से सुर्खियों में छा गई हैं। हाल ही में संपन्न हुई अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स (BRICS) बैठक से जुड़े एक हालिया विवाद और सोशल मीडिया पर चल रही तीखी बहसों के बीच उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मशहूर फॉर्मेट अंदाज में आलोचकों पर जोरदार तंज कसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने विचारों को खुलकर रखने वाली अधिकारी निशा उरांव ने भारतीय विदेश सेवा यानी आईएफएस (IFS) के अधिकारियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत, कूटनीतिक सफलताओं और जमीनी चुनौतियों का विस्तृत ब्योरा देते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उनके इस अनोखे और तंज भरे अंदाज ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां लोग उनके इस बेबाक रुख की जमकर चर्चा कर रहे हैं और यह मामला प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।क्या है पूरा मामला और क्यों गरमाया है ब्रिक्स बैठक से जुड़ा यह नया विवाद?दुनिया के उभरते हुए सबसे बड़े आर्थिक और रणनीतिक मंचों में शुमार ब्रिक्स (BRICS) की बैठकों में भारत की कूटनीतिक भागीदारी को लेकर हाल ही में कुछ हलकों में अनावश्यक बयानबाजी और आलोचनाएं देखने को मिल रही थीं। भारत के प्रशासनिक और कूटनीतिक प्रतिनिधि वैश्विक मंचों पर देश के हितों को मजबूती से रखते हैं, लेकिन कई बार सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के नीतियों और अधिकारियों के काम पर सवाल उठा दिए जाते हैं। इसी संदर्भ में, प्रशासनिक सेवा की एक वरिष्ठ और सक्रिय अधिकारी निशा उरांव ने आगे आकर कूटनीति के पर्दे के पीछे काम करने वाले उन तमाम सरकारी नुमाइंदों और अधिकारियों के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना और व्यक्तिगत सुखों का त्याग करके देश के मान-सम्मान को वैश्विक मंचों पर ऊंचा उठाने का काम करते हैं।KBC अंदाज में तंज: निशा उरांव ने किस तरह दी आलोचकों को सीख?अपने तीखे और रचनात्मक कटाक्ष के लिए पहचानी जाने वाली आईआरएस निशा उरांव ने सोशल मीडिया पर केबीसी (KBC) के मशहूर स्टाइल यानी 'कंप्यूटर महाशय' और 'ऑप्शन' वाले अंदाज का सहारा लेते हुए आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि जैसे क्विज शो में बिना सोचे-समझे गलत विकल्प चुनकर लोग बाहर हो जाते हैं, वैसे ही बिना कूटनीति की गहरी समझ और प्रशासनिक मेहनत को जाने बिना सोशल मीडिया पर बैठकर देश की विदेश नीति की आलोचना करने वाले लोग वास्तविकता से कोसों दूर होते हैं। उन्होंने बहुत ही सरल लेकिन प्रभावी शब्दों में यह समझाया कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैठक को सफल बनाने के लिए महीनों पहले से जो कूटनीतिक ताना-बाना बुना जाता है और जिस तरह से भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी रात-दिन एक करके देश की प्राथमिकताओं को दुनिया के सामने रखते हैं, वह किसी साधारण व्यक्ति के लिए कल्पना करना भी कठिन होता है।IFS अधिकारियों की मेहनत और कूटनीतिक चुनौतियों का किया गया विस्तृत जिक्रआईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी किस प्रकार विदेशी धरती पर बिना अपने परिवार की परवाह किए केवल देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए काम करते हैं, इस पर निशा उरांव ने खुलकर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स जैसे विशाल वैश्विक सम्मेलनों में भाषा के अनुवाद से लेकर संधियों के दस्तावेजों को अंतिम रूप देने और देशों के बीच आपसी मतभेदों को पाटने में हमारे राजनयिकों की वर्षों की तपस्या और उच्च स्तर की पेशेवर काबिलियत जुड़ी होती है। जब कोई बाहरी व्यक्ति या आलोचक बिना किसी जमीनी हकीकत को जाने इन बैठकों की सफलता पर सवालिया निशान लगाता है, तो यह न केवल उन अधिकारियों की कड़ी मेहनत का अपमान होता है बल्कि देश के कूटनीतिक मनोबल को भी कमजोर करने का प्रयास होता है।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और प्रशासनिक अधिकारियों की अभिव्यक्ति की आजादी पर चर्चानिशा उरांव के इस तंज भरे और बेबाक अंदाज के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया है, जहां एक तरफ बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं और कह रहे हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों को देश के काम की सच्चाई सामने रखनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ कुछ हलकों में इस पर बहस भी शुरू हो गई है। डिजिटल युग में सोशल मीडिया का दायरा इतना व्यापक हो चुका है कि अब देश के नीति-निर्धारक और प्रशासनिक पदों पर बैठे युवा अधिकारी भी आम जनता के बीच सीधे अपनी बात रखने लगे हैं। ब्रिक्स बैठक विवाद के बहाने ही सही, लेकिन इस पूरी घटना ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि भारत के अधिकारी अपने देश के सम्मान और अपनी सेवाओं के समर्पण के खिलाफ उठने वाली हर आवाज का जवाब देने के पूरी तरह से सक्षम हैं।
बिलासपुर में RPF ने रेलवे कॉपर केबल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। दिल्ली से अनूपपुर आकर चोरी करने वाले इस गिरोह के 10 चोर और 7 रिसीवर समेत 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों के पास से चोरी की गई कॉपर केबल, रेलवे की अन्य तांबे की सामग्री और रेकी में इस्तेमाल 4 स्कूटर जब्त किए गए हैं। बुढ़ार, सिंहपुर, छादा और शहडोल क्षेत्र में रेलवे कॉपर केबल चोरी की कई घटनाएं हुई थीं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, बिलासपुर के निर्देश पर RPF बिलासपुर और अनूपपुर की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी दिल्ली से आकर अनूपपुर क्षेत्र में किराए के मकानों में रहते थे। इसके बाद स्कूटर से रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में घूमकर कॉपर केबल और अन्य तांबे की सामग्री की रेकी करते थे। मौका देखकर केबल चोरी कर लेते थे। चांदनी चौक की कबाड़ मंडी में बेचते थे सामान पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई रेलवे सामग्री को दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कबाड़ मंडी में बेचा जाता था। गिरोह में चोरी करने वालों के साथ चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवर भी शामिल थे। उमरिया में ट्रेन से भागते दो आरोपी पकड़े RPF ने प्रभावित रेलखंडों में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को उमरिया में ट्रेन से भागने के दौरान पकड़ा गया। वहीं एक आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। बड़ी मात्रा में चोरी की रेलवे सामग्री बरामद आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में चोरी की गई कॉपर केबल और रेलवे की अन्य तांबे की सामग्री बरामद की गई है। रेकी के लिए इस्तेमाल किए गए 4 स्कूटर भी जब्त किए गए हैं। खरीदारों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच RPF की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के साथ चोरी की रेलवे सामग्री खरीदने वाले लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
किशाऊ परियोजना से यूपी को सिंचाई के लिए मिलेगा बंपर पानी, बुंदेलखंड समेत इन जिलों की बदलेगी तस्वीर
उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदलकर रख देगी। लंबे समय से कागजों और आपसी प्रशासनिक बैठकों में अटकी पड़ी बहुप्रतीक्षित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना (Kishau Dam Project) को अब आखिरकार अमलीजामा पहनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की विशेष मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस महत्वाकांक्षी 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना के समझौता ज्ञापन (MoU) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस ऐतिहासिक और सहयोगात्मक समझौते के बाद अब उत्तर प्रदेश को सिंचाई और पेयजल के लिए भारी मात्रा में पानी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे राज्य के किसानों के चेहरे पर एक नई खुशी और चमक देखने को मिल रही है।क्या है किशाऊ बांध परियोजना और किन नदियों पर हो रहा है इसका निर्माण?उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदी 'टौंस' (Tons River) पर किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण किया जाना है। इस परियोजना के तहत टौंस नदी पर लगभग 232 से 236 मीटर ऊंचा एक विशाल कंक्रीट का गुरुत्व बांध बनाया जाएगा, जिसकी जल भंडारण क्षमता बहुत अधिक होगी। दशकों पुराने इस जल विवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करते हुए इसकी 90 प्रतिशत लागत का वित्तीय भार खुद उठाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जबकि शेष 10 प्रतिशत खर्च आपसी सहमति से तय राज्यों द्वारा उठाया जाएगा। इस बांध के बनने से न केवल उत्तर भारत के राज्यों को पनबिजली का लाभ मिलेगा, बल्कि पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रहे मैदानी इलाकों के लिए यह किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा।उत्तर प्रदेश को मिलेगा कितना पानी और किन-किन जिलों को होगा इसका सबसे ज्यादा फायदा?जल बंटवारे के तय समझौते के अनुसार, उत्तर प्रदेश को इस वृहद परियोजना से सालाना लगभग 3.72 अरब घन मीटर (BCM) पानी आवंटित किया गया है। इस अपार जलराशि के मिलने से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के साथ-साथ कई अन्य जिलों की प्यास बुझेगी और खेतों को पर्याप्त सिंचाई मिल सकेगी। मुख्य रूप से सहारनपुर, मेरठ, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक जिलों के किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी मिलेगा। इसके साथ ही पानी की कमी का सामना करने वाले बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्रों तक भी जल पहुंचाने के लिए इस योजना के माध्यम से सुगम रास्ते तैयार किए जा रहे हैं, जिससे बंजर और असिंचित जमीन भी लहलहा उठेंगी।किसानों की आय में होगा इजाफा और खेती को मिलेगी नई रफ्तारउत्तर प्रदेश के कृषि प्रधान जिलों में सिंचाई की सुविधा बेहतर होने से धान, गेहूं और अन्य फसलों के उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां आज भी बड़े पैमाने पर खेती मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है, जिसके कारण कई बार सूखा पड़ने या समय पर बारिश न होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किशाऊ परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद किसानों को न केवल बारह महीने सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, बल्कि भूजल स्तर (Groundwater Table) में भी तेजी से सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस समझौते पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह कदम 'विकसित उत्तर प्रदेश से विकसित भारत' के सपने को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगा और इससे राज्य के अन्नदाताओं का भविष्य और अधिक सुरक्षित व समृद्ध बनेगा।बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदमकेवल सिंचाई और पीने का पानी ही नहीं, बल्कि किशाऊ बांध परियोजना पर्यावरण और सुरक्षा के लिहाज से भी उत्तर प्रदेश समेत पूरे यमुना बेसिन के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। मानसून के दिनों में पहाड़ों से आने वाले अत्यधिक पानी के कारण जो नदियां उफान पर होती हैं और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तबाही मचाती हैं, उन पर इस बांध के जरिए काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। इसके अलावा गर्मियों के महीनों में जब नदियां सूखने लगती हैं और यमुना नदी में पानी का स्तर बहुत कम हो जाता है, तब इस परियोजना से छोड़े जाने वाला अतिरिक्त जल पर्यावरण प्रवाह (Environmental Flow) को बनाए रखेगा। इससे आगे चलकर यमुना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के अभियान को भी अभूतपूर्व गति मिलेगी, जो अंततः प्रयागराज में गंगा नदी की स्वच्छता में भी अपना सकारात्मक योगदान देगा।
अमृतसर में नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस ने कार्रवाई की है। काउंटर इंटेलिजेंस ने सीमा पार से चलाए जा रहे एक तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 27 किलो हेरोइन, विदेशी निर्मित .30 बोर पीएक्स5 पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के साथ संपर्क में थे। उनके निर्देशों पर नशे की खेप को आगे सप्लाई करने का काम कर रहे थे। जांच के दौरान इस मॉड्यूल के दुबई स्थित एक व्यक्ति के साथ संपर्क होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर दुबई में बैठे इस ऑपरेटर और सीमा पार के तस्करों के साथ तालमेल बनाकर काम कर रहे थे। काउंटर इंटेलिजेंस की कार्रवाई के बाद मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। 27 किलो हेरोइन की यह खेप कहां से लाई गईजांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि 27 किलो हेरोइन की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के पीछे और आगे के संपर्कों यानी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच कर रही है। हथियारों की तस्करी पर लगातार नजर पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध हथियारों की सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पंजाब पुलिस के मुताबिक, सीमा पार से होने वाली नशे और हथियारों की तस्करी पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
वैशाली के बाढ़ प्रभावित तेरसिया पहुंचे शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी, केले की बर्बाद फसल देखी
16 सितंबर, बुधवार: वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित तेरसिया में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे। दोनों नेताओं ने बाढ़ से बर्बाद हुई केले की फसल का जायजा लिया और किसानों की स्थिति देखी।
जिले की रुदौली तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले चल रहा किसानों का धरना बुधवार को अधिकारियों के भरोसे के बाद खत्म हो गया। किसानों ने रुदौली एसडीएम को अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार सुबह से तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे। वे अलग-अलग समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और अपनी समस्याओं के पक्के हल की मांग पर अड़े थे। मंगलवार रात करीब दो बजे तक चली लंबी बातचीत के बाद तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता और रुदौली एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने किसानों को समझा-बुझाकर घर भेजा दिया था । अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बुधवार 16 सितंबर को सुबह उनका ज्ञापन सही तरीके से लिया जाएगा और उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों से जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसी भरोसे के बाद बुधवार को किसान दोबारा तहसील परिसर में इकट्ठा हुए। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष रवि शंकर पांडे के नेतृत्व में किसानों ने रुदौली एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में इलाके की जमीनी समस्याओं और किसानों से जुड़ी मांगों को खास तौर पर रखा गया है। अधिकारियों की ओर से समस्याओं के हल का भरोसा मिलने के बाद किसानों में संतोष है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन अब उनके मुद्दों पर गंभीरता से काम करेगा। तहसील अध्यक्ष रवि शंकर पांडे ने कहा कि अधिकारियों ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना है और हल का भरोसा दिया है। हमें उम्मीद है कि दिए गए भरोसे पर जल्द काम होगा। इस मौके पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष शंकर पाल पांडे, मंडल सचिव भोला सिंह टाइगर, ब्लॉक अध्यक्ष रामू चंद्र विश्वकर्मा, सुरेश रावत, राजकुमार यादव, विजय बहादुर यादव, लक्ष्मीकांत तिवारी, मालती, मीना, राजकुमारी सहित कई भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य की सियासत का पारा अचानक बहुत अधिक बढ़ा दिया है। एनडीए सरकार में सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं की गतिविधियों ने राजनीतिक विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, और इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar)। निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद द्वारा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे (Mata Prasad Pandey) से मुलाकात किए जाने के ठीक बाद, अब ओम प्रकाश राजभर ने भी उनके स्वास्थ्य का हाल जानने और मुलाकात करने का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी गठबंधन के भीतर घटित हो रहे इन घटनाक्रमों के बाद से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो गया है, और लोग यह कयास लगाने लगे हैं कि क्या आने वाले समय में यूपी के पिछड़ों और दलितों की राजनीति करने वाले क्षेत्रीय दल कोई नया समीकरण बनाने की फिराक में हैं।क्या है संजय निषाद और माता प्रसाद पांडे की मुलाकात की पृष्ठभूमि और क्यों गरमाई है सियासत?इस पूरी राजनीतिक हलचल की शुरुआत तब हुई जब निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडे से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई थी जब गोंडा के एक चर्चित हत्याकांड के बाद संजय निषाद ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ तेवर दिखाए थे और धरने पर बैठ गए थे। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक और शिष्टाचार भेंट बताया गया, जिसमें माता प्रसाद पांडे की अस्वस्थता का हवाला दिया गया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत गहरे निकाले जा रहे हैं। संजय निषाद पिछले लंबे समय से अपने समाज के आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, और कई मौकों पर उनके तीखे बयानों ने एनडीए के भीतर आंतरिक कल ̧ की ओर इशारा किया है। ऐसे में विपक्षी दल के सबसे कद्दावर ब्राह्मण चेहरों में शुमार और नेता प्रतिपक्ष से उनकी इस गुप्त या खुली बैठक ने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।ओम प्रकाश राजभर के अगले कदम और उनके बयानों से क्यों तेज हुई नई अटकलें?संजय निषाद के इस कदम के बाद अब सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का यह कहना कि वे भी जल्द ही सपा नेता माता प्रसाद पांडे से मुलाकात करने जाएंगे, ने इस पूरी कहानी में एक नया मोड़ ला दिया है। हमेशा अपने बेबाक बयानों और राजनीतिक पैंतरेबाजी के लिए जाने जाने वाले राजभर ने हाल ही में संजय निषाद के हालिया बयानों पर चुटकी लेते हुए कहा था कि कोई भी नेता डूबते जहाज पर सवार नहीं होना चाहता, लेकिन खुद उनका विरोधी खेमे के वरिष्ठ नेता से मिलने का फैसला इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दल अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने के लिए हर संभव विकल्प खुले रखना चाहते हैं। राजभर और संजय निषाद दोनों ही उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में पिछड़ों, अति पिछड़ों और दलित-शोषित जातियों के बड़े नेता माने जाते हैं, जिनका राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत प्रभाव है। चुनाव से पहले इस प्रकार के सियासी मेल-जोल इस बात को दर्शाते हैं कि क्षेत्रीय दल अपनी शर्तों पर दबाव की राजनीति (Pressure Politics) खेलने में माहिर हैं और वे सरकार के भीतर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं।क्या यह महज शिष्टाचार भेंट है या आने वाले 2027 के चुनाव का कोई बड़ा पूर्वाभ्यास?राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि उत्तर प्रदेश में जब भी कोई क्षेत्रीय दल का नेता विपक्ष के किसी बड़े नेता से मिलता है, तो उसे केवल व्यक्तिगत शिष्टाचार तक सीमित नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसके पीछे हमेशा एक दूरगामी राजनीतिक संदेश छिपा होता है। माता प्रसाद पांडे समाजवादी पार्टी के एक ऐसे अनुभवी और सम्मानित नेता हैं जिनकी पकड़ राज्य के राजनीतिक समीकरणों और जातीय गणित पर बेहद मजबूत है, और हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनसे मुलाकात की थी। ऐसे में एनडीए के दो प्रमुख सहयोगी मंत्रियों का एक के बाद एक सपा के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में आना इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार पर रणनीतिक दबाव बना रहे हैं। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ये नेता पाला बदलने जा रहे हैं या नहीं, लेकिन इन मुलाकातों ने यह साबित कर दिया है कि यूपी का सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, यह आने वाला समय ही तय करेगा और हर छोटी घटना पर सभी की पैनी नजर बनी हुई है।क्षेत्रीय दलों की दबाव की राजनीति और उत्तर प्रदेश का बदलता हुआ सियासी मिजाजउत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से जातियों के समीकरण और क्षेत्रीय क्षत्रपों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जहां हर छोटा और बड़ा दल अपने वजूद को बचाने और बढ़ाने के लिए नए समीकरण तलाशता रहता है। चाहे वह निषाद समाज का आरक्षण मुद्दा हो या फिर पिछड़ों के अधिकारों की लड़ाई, ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद जैसे नेता अपनी राजनीति को धार देने के लिए लगातार जनता के बीच मुखर रहते हैं। माता प्रसाद पांडे से हो रही इन मुलाकातों ने भले ही प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में और भी कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिलेंगे। जनता और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता इस बात पर नजर गड़ाए बैठे हैं कि क्या यह मेल-जोल केवल एक राजनीतिक चाल है या फिर उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में किसी नए और बड़े राजनीतिक उलटफेर की नींव साबित होने वाली है।
मुरादाबाद में सीवेज निस्तारण की पुरानी समस्या को दूर करने के लिए 228 करोड़ की बड़ी परियोजना अब जमीन पर उतर रही है।
हरियाणा के करनाल में गेहूं अनुसंधान केंद्र के बाहर एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। सुबह राहगीरों ने सड़क पर युवक का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल हत्या के कारणों और आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। आगरा का रहने वाला था मृतक मृतक की पहचान आगरा निवासी कालीचरण के रूप में हुई है। वह करनाल के मॉडल टाउन स्थित गोवर्धन पेठे की दुकान पर काम करता था। जानकारी के अनुसार, कालीचरण बुधवार रात ट्रेन से करनाल पहुंचा था। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात की कड़ियां जोड़ने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कालीचरण रात में कहां गया था और उसके साथ कौन लोग थे। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही हत्या के कारणों और आरोपियों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिरसा जिले में डबवाली क्षेत्र के गांव जंडवाला बिश्नोइयां के रहने वाले विक्रम बिश्नोई ने वन्य जीवों को बचाने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने चौटाला नहर में करीब दो किलोमीटर तक सीढ़ियों का निर्माण किया है, ताकि नहर में गिरे वन्य जीव सुरक्षित बाहर निकल सकें। दरअसल, चौटाला नहर का नए सिरे से निर्माण हो रहा है। इसकी दीवारें सीमेंट की होने के कारण वन्य जीव एक बार नहर में गिरने के बाद बाहर नहीं निकल पाते। कई बार ऐसे मामले देखने के बाद विक्रम ने वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए कदम उठाया। नहरी विभाग से की भी सीढ़ियां बनाने की मांग विक्रम ने नहर पक्की करने वाले ठेकेदार से वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए सीढ़ियां बनाने की मांग की थी। उन्होंने नहरी विभाग से भी संपर्क किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद विक्रम ने खुद ही सीढ़ियों का निर्माण करने का फैसला किया। विक्रम बिश्नोई ने बताया कि हर रोज वन्य जीव नहर में गिर जाती है। इससे उनका निकलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है। इसलिए हम हर जगह प्रयास कर रहे हैं, ताकि जानवरों को निकलने में मदद मिल सकें। विक्रम बिश्नोई ने बताया कि राजस्थान नहर के पास साइफन के पास एक कुआं करीब 30 से 35 फीट गहरा है, जहां जानवरों के निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर कोई जानवर केयहां गिर जाता है, तो उसके लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। चौटाला नहर में बनाया जाए जाल उन्होंने ने हरियाणा सरकार से वन्य जीवों के जीवन की रक्षा करने की मांग की है। वन्य प्रेमी का कहना है कि चौटाला नहर में एक जाल बनाया जाए। आठ-दस फीट का गउ घाट बनाया जाए, ताकि जानवरों को सुरिक्षत बाहर निकाला जा सकें। बता दें कि, विक्रम बिश्नोई पहले भी गोवंश की रक्षा के लिए काम करते रहे हैं। वह सोशल मीडिया के जरिए गोवंश के लिए क्राउड फंडिंग भी करते हैं। वे लंबे समय से गोवंश और वन्य जीवों की रक्षा में सक्रिय हैं।
पानीपत में सिवाह स्थित नए बस अड्डे पर एक शातिर युवती द्वारा महिला को बातों में उलझाकर उसके बैग से सोने के जेवरात और नकदी चोरी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मदद का झांसा देकर महिला को बातों में उलझाया सोनीपत जिले के टांडा गांव की रहने वाली पीड़िता ममता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 12 सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे सिवाह बस अड्डे पर अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए खड़ी थी।उसी समय एक अज्ञात युवती उसके पास आई और अपना मोबाइल फोन गुम होने की बात कहकर पीड़िता से फोन मांगने लगी। पीड़िता ने मदद के नाते अपना फोन दे दिया। युवती ने अपने नंबर पर कॉल की, जिससे उसका फोन पास ही घास में पड़ा मिल गया। चिप्स मंगवाने के बहाने निकाले गहने और नकदी फोन मिलने के बाद युवती ने पीड़िता को चिप्स लाने के लिए भेजा। पीड़िता अपना बैग वहीं युवती के पास छोड़कर चिप्स लेने चली गई। जब पीड़िता ने घर पहुंचकर अपना बैग चेक किया, तो उसमें रखा छोटा पर्स गायब था। पर्स में दो सोने के टॉप्स, दो सोने की छोटी बालियां, एक अंगूठी, एक पतली सोने की चैन और ₹10 हजार की नकदी रखी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी युवती की तलाश पीड़िता ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि चिप्स लेने जाने के दौरान ही उक्त युवती ने बैग से पर्स निकाला है। पीड़िता ने पुलिस को उस युवती का मोबाइल नंबर भी सौंपा है, जिस पर घटना के वक्त कॉल की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बस स्टैंड परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपी युवती की तलाश शुरू कर दी है।
फसल बचाने के लिए खेत के आसपास लगाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक 62 वर्षीय किसान की मौत हो गई। किसान गायों को चराने के दौरान तार की चपेट में आ गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
नीमच जिले की जावद कृषि उपज मंडी में मंगलवार रात हम्मालों के दो गुटों में मारपीट हो गई। यह विवाद ट्रक से माल खाली करने की मामूली बात पर शुरू हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि माल उतारने को लेकर हम्माल ने बुजुर्ग से बदसलूकी की। बुजुर्ग ने भी पहले मजदूर की पिटाई कर दी। इसके बाद वहां मौजूद अन्य हम्माल भड़क गए। उन्होंने बुजुर्ग को घेरकर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट होते ही मची भगदड़ मारपीट शुरू होते ही मंडी में भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। किसानों और व्यापारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। मौके पर मंडी प्रशासन का कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था। बता दें कि इन दिनों मंडी में ऊटी लहसुन की बहुत आवक हो रही है। मंगलवार रात भी लहसुन से भरी गाड़ियों की भीड़ थी, जिससे किसान, व्यापारी और मजदूर बड़ी संख्या में मौजूद थे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 19 सितंबर को निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा-2025 का आयोजन सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक और निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा-2025 का आयोजन दोपहर 3 से शाम 5.30 बजे तक किया जाएगा। इन ऑनलाइन परीक्षाओं के रिहर्सल के लिए मॉक टेस्ट आयोग की वेबसाइट के कैंडिडेट इनफॉर्मेशन ऑप्शन में जाकर कंप्यूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी मॉक टेस्ट का अभ्यास कर सकते हैं। कैंडिडेट्स को आवंटित परीक्षा जिला की जानकारी पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। आज परीक्षा के प्रवेश पत्र भी आयोग की वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है। एक घंटे पहले तक ही मिलेगी एंट्री परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम सेंटर पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के लगभग 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए उपस्थित हों। ताकि सुरक्षा जांच, पहचान का काम समय पर पूरा हो सके। फोटो युक्त पहचान जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा सेंटर पर नया कलर आधार कार्ड लेकर आना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र जैसे मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें कलर और नई स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नई कलर फोटो ही चिपकाएं। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अपील- बहकावे में नहीं आएं अभ्यर्थी आयोग की ओर से अपील की गई है कि आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग के कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचना दें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने और अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। …….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम की तैयारी पूरी,2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:11 जिलों के 666 सेंटर बनाए; 17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के री-एग्जाम में 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। (पूरी खबर पढें)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में होगा। कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने खाली जमीन पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें छात्रों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बुरहानपुर कांग्रेस कमेटी ने भी संपर्क अभियान शुरू किया है। शहर कांग्रेस जिला महामंत्री आशीष भगत ने घर-घर जाकर युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया। कार्यक्रम में सिर्फ छात्र और युवा रहेंगे शहर कांग्रेस जिला महामंत्री आशीष भगत ने बताया कि कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ सिर्फ छात्र और युवा मौजूद रहेंगे। सभी पदाधिकारी बाहर रहकर व्यवस्था संभालेंगे और कोई भी नेता कार्यक्रम स्थल के अंदर नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में एक लाख छात्र और युवाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। कॉलेज और कोचिंग सेंटरों पर रजिस्ट्रेशन की अपील भगत ने कांग्रेस पदाधिकारियों से कहा कि युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग सेंटरों में जाकर युवाओं का रजिस्ट्रेशन कराएं। वहीं ब्लॉक, वार्ड, शहर और जिला कांग्रेस के पदाधिकारी घर-घर जाकर युवाओं से संपर्क करें और उनका पंजीयन कराएं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता खुद का पंजीयन करने के बजाय अपने परिवार में पढ़ाई कर रहे बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवाएं। युवाओं से कॉलेज, मित्र समूह और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का क्यूआर कोड ज्यादा से ज्यादा साझा करवाने की अपील की गई है। स्कूल, छात्रावास और कैंटीन तक पहुंचाने की तैयारी कांग्रेस की ओर से कॉलेज, छात्रावास, कोचिंग सेंटर और स्कूलों तक संपर्क करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों के बैठने वाले स्थानों जैसे रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों और कैंटीन आदि पर भी क्यूआर कोड उपलब्ध कराने की बात कही गई है। भगत ने कार्यकर्ताओं से बैनर, होर्डिंग, पोस्टर, स्टीकर और पर्चों के माध्यम से क्यूआर कोड का बड़े पैमाने पर प्रचार करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा छात्रों और युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ना है।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम हथनेवरा में हसदेव नदी के किनारे युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान वार्ड नंबर 17 के पंच जय कुमार केवट के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना चांपा थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी कमलेश सांडे ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5 बजे हसदेव नदी किनारे एक युवक के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मृतक की पहचान हथनेवरा गांव के वार्ड नंबर 17 निवासी जय कुमार केवट के रूप में की। शव को बीडीएम अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि जय कुमार केवट शराब पीने का आदी था। आशंका है कि मंगलवार को भी वह शराब पीने के लिए घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। पीएम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह बुधवार को पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की असली वजह का पता चल पाएगा। पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की जांच की जाएगी। पंच और मूर्तिकार थे जय कुमार गांव के लोगों ने बताया कि जय कुमार केवट वार्ड नंबर 17 हथनेवरा गांव का पंच होने के साथ एक अच्छे मूर्तिकार भी थे। वे देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियों के साथ रावण के पुतले बनाने में भी माहिर थे। इस घटना से गांव और परिजनों में शोक का माहौल है।
गोरखपुर की महिला ठग पर 10वीं एफआईआर एम्स थाने में एक शिक्षक की तहरीर पर दर्ज की गई। शिक्षक का आरोप है कि बैंककर्मी बनकर गरिमा सिंह ने उनके नाम पर चार बैंकों से 72.80 लाख रुपये लोन कराया है। लोन के बदले लाभ का लालच दिया था। जिससे गरिमा की बातों में शिक्षक फंस गए। गरिमा अपने पिता के साथ मिलकर अब तक 12 करोड़ रुपये ठगी कर हड़प चुकी है। कुशीनगर के अहिरौली बाजार विशुनपुरा गांव निवासी प्रवीण कुमार सिंह गोंडा के सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। प्रवीण की तहरीर पर मंगलवार को एम्स थाने में झारखंडी कालोनी की गरिमा सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, विशाल यादव,संदीप, जितेंद्र निषाद, अरशद अली, रवि कुमार और रीना साहनी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस तरह बाप-बेटी ने मिलकर जाल में फंसाया प्रवीण सिंह ने बताया कि ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह दूर की रिश्तेदार हैं। गरिमा ने बताया था कि वह बैंक में काम करती है। बैंक से जुड़ा कोई काम होगा तो तुरंत करा देगी। गरिमा ने प्रवीण सिंह को गोरखपुर में जमीन दिलाने का लालच दिया। तब प्रवीण सिंह ने आर्थिक परेशान बताकर इन्कार कर दिया था। तब गरिमा ने बताया कि वह एचडीएफसी बैंक में काम करती है। बैंक का आरबीआई स्कीम से आईअप है। इसके तहत एक लोन कराने की बात कही। उसने कहा कि इसकी ईएमआई मैं भरूंगी। लोन कराने पर आपको अधिक लाभ मिलेगा, जिससे आप जमीन खरीद लेंगे। बाकी रकम बिजनेस में लगाउंगी। एक साल के अंदर ईएमआई भर दूंगी। गोरखपुर बुलाकर एक ही दिन में कराया 4 लोन प्रवीण सिंह का आरोप है कि झांसा देकर गरिमा ने गोरखपुर अपने घर बुलाया। यहां गरिमा के पिता ध्रुव नारायण सिंह से बात की। उन्होंने कहा कि गरिमा का अच्छा जुगाड़ है। मेरा भी लोन कराई थी, अब माफ हो गया। उनकी बातें सुनकर प्रवीण लोन के लिए तैयार हो गए। आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 में गरिमा एक फाइनेंस कंपनी लेकर गई। वहां उसके अन्य सदस्य भी आए। अपने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मुझसे कई कागजों पर साइन कराया। वहीं पर केवाईसी हुई। कुछ ही देर में चार बैंकों से 72.80 लाख रुपये का लोन हो गया। रकम मेरे बैंक खाते में आ गई। इसके बाद मेरे नंबर पर ओटीपी आई। गरिमा के सहयोगी विशाल ने मुझसे ओटीपी ली। इसके बाद सारा पैसा संदीप, जितेंद्र निषाद, अरशद अली, रवि कुमार, रीना साहनी के खाते में चला गया। इसका मोबाइल पर मैसेज भी आया। इसके बाद गरिमा ने मेरे बैंक खाते में 9.50 लाख रुपये अलग-अलग अकाउंट से भेजे। मुझे जमीन खरीदनी थी, इसलिए ज्यादा पूछताछ नही की। हर माह 1.55 लाख आती थी ईएमआई प्रवीण ने बताया कि हर माह लोन की 1.55 लाख ईएमआई आने लगी। जब ईएमआई जमा नहीं हुई तब मेरे पास चारो बैंकों से कॉल आने लगी। इस बारे में गरिमा से पूछने पर वह टाल मटोल करने लगी। बैंक का लगातार दबाव बनने से मेरी मानसिक स्थित खराब होने लगी। इधर पता चला कि वह कई लोगों के साथ ठगी कर चुकी है। एम्स थाना प्रभारी महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि गरिमा सिंह और अन्य आरोपियों पर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले की जांच उप निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह को सौंपी गई है। गरिमा और उसके पिता दोनों ही जेल में बंद हैं। अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है। अब जानिए महिला ठग की पूरी कहानी… शॉटकर्ट अरबपति बनना चाहती थी गरिमा महिला ठग गरिमा सिंह शॉर्टकट से अरबपति बनना चाहती थी। इस चाहत में अफसरों, डॉक्टर और टीचर से करीब 12 करोड़ की ठगी की। इसमे से 10 करोड़ रुपए फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में लगाए। 1 करोड़ की डिफेंडर खरीदने वाली थी, लेकिन अपनी करतूत की वजह से इससे पहले रेलवे अफसर पिता के साथ जेल पहुंच गई। जेल जाने के बाद लगातार नए-नए कारनामे उसके सामने आ रहे हैं। अब तक 10 पीड़ितों की शिकायत पर गोरखपुर और महराजगंज के थाने में 10 एफआईआर लिखी जा चुकी है। गरिमा सिंह पर 12 करोड़ की ठगी का अब तक आरोप लग चुका है। कई और शिकायतें भी आई हैं, जिनकी जांच चल रही है। आने वाले समय में शिकायतें बढ़ने के साथ ही ठगी की रकम भी बढ़ सकती है। गरिमा सिंह ने खर्च कर दिए 10 करोड़ रुपए गरिमा सिंह के जैसे-जैसे कारनामे सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे अलग-अलग थानों में एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। 10 एफआईआर होने के बाद 10 अलग-अलग विवेचक उसकी जांच में भी जुट गए हैं। विवेचक साइबर एक्सपर्ट की भी मदद ले रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि गरिमा सिंह 10 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। वह अरबपति बनने के लिए फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में ठगी के पैसे लगाती थी। करीब 4 करोड़ रुपए उसने ट्रेडिंग में लगाए थे, जो बर्बाद हो गए। इसी तरह बैंक में जल्दी लोन कराने के लिए 4 करोड़ रुपए कमीशन पर खर्च कर दिया। जिन लोगों का लोन कराया था, वहां विश्वास जमाने के लिए 2 करोड़ रुपए की किस्त भी भरी थी। इस तरह कुल 10 करोड़ रुपए उसने पानी की तरह बहा दिए। यह सब जानकर अब शिकायतकर्ता भी परेशान हैं कि आखिर अब गरिमा सिंह पैसे कहां से लाकर देगी। दूसरी तरफ लगातार बैंक वाले रिकवरी करने उनके घर पहुंच रहे हैं। पेशे से डॉक्टर और सरकारी नौकरी वाले शिकायतकर्ताओं की रात की नींद उड़ गई है। सभी बैंक के अधिकारियों के खिलाफ महाराजगंज में FIR एम्स और महाराजगंज के घुघली थाने में भी गरिमा सिंह और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। महाराजगंज के घुघली थाने में आरोपियों के साथ ही लोन देने वाले 6 बैंक के अधिकारियों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। महाराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के बारीगांव हरखी गांव निवासी डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने 17 अगस्त को तहरीर दी थी। दिलीप महाराजगंज के बरगदवां में पशु चिकिसाधिकारी पद पर तैनात हैं। घुघली थाने में तहरीर के आधार पर गरिमा सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, विशाल यादव, साधना मल्ल, मोहन सिंह, दिनकर मणि त्रिपाठी, भानू प्रताप सिंह, बंधन बैंक, चोला मंडलम, यश बैंक, आईसीआईसीआई, एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई है। डॉक्टर ने बताया कि गरिमा सिंह दूर की रिश्तेदारी में आती थी। इसलिए अक्सर घर पर आना जाना होता था। मेरा कार लोन चल रहा था। गरिमा ने बताया कि वह कार लोन माफ करा देगी। जो वह कहती गई, वह करता गया। इस तरह उसने मेरे नाम पर 1.37 करोड़ रुपए लोन निकाल लिया। एम्स में स्टेशन अधीक्षक ने कराई FIR एम्स थाने में स्टेशन अधीक्षक ब्रह्मानंद सिंह ने 18 अगस्त को तहरीर देकर एफआईआर कराई है। ये गरिमा सिंह पर 9वीं एफआईआर है। ब्रह्मानंद सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर 45 लाख रुपए की ठगी गरिमा और उसके गिरोह के लोगों ने की है। तहरीर के आधार पर एम्स थाने में गरिमा सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, भानू प्रताप सिंह, विशाल यादव, चंद्र प्रकाश और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गरिमा की ठगी के शिकार डॉक्टर ने किया था सुसाइड गोरखपुर में गरिमा सिंह का एक ताजा मामला 13 अगस्त को सामने आया। गरिमा की ठगी का शिकार 45 साल के डॉ. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए महिला ठग गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर से गरिमा सिंह ने 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसके बाद से वह सदमे में थे। बाप-बेटी कैसे ठगी करते थे, जानिए सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) अपने ही विभाग के कर्मचारियों और अफसरों को बेटी गरिमा (29) के ठगी के जाल में फंसाते थे। दोनों दो तरह के लोगों को निशाना बनाते थे। पहला तरीका- जिन्हें लोन की जरूरत होती थी। ऐसे लोगों से गरिमा कहती थी कि आप लोन ले लीजिए, उसकी किस्त मैं भर दूंगी। बैंक से जितना लोन पास होता था, उसका 10 से 20% हिस्सा वह लोन लेने वाले को दे देती थी। बाकी रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेती थी। शुरुआत में वह कुछ किस्तें खुद भरती थी, जिससे लोगों का भरोसा कायम हो जाता था। इसके बाद वह उनसे संपर्क तोड़ देती थी। दूसरा तरीका- ऐसे लोगों को गरिमा निशाना बनाती थी, जिन्होंने पहले से लोन ले रखा था। उसकी किस्तें चुकाने में परेशानी हो रही थी। ऐसी ही दिक्कत गोरखपुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के सामने थी। सत्य प्रकाश के मुताबिक, गरिमा ने उनसे कहा कि आपका लोन चुटकियों में बंद करा दूंगी। इसके लिए आपको नया पर्सनल लोन लेना होगा। उसकी रकम मेरे खाते में डालनी होगी। हर महीने की किस्त मैं भरूंगी। सत्य प्रकाश के मुताबिक, गरिमा ने उनके दस्तावेज लेकर 6 बैंकों ICICI, HDFC, यस बैंक, स्टेट बैंक, SMFG और बंधन बैंक से कुल 1.67 करोड़ रुपए का लोन पास करा लिया। उसने करीब 10 लाख रुपए उनके खाते में भी भेजे और कहा कि यह आपका फायदा है। महिला ठग ने डायरी में लिखा था- मैं अरबपति बनूंगी पुलिस को ठग गरिमा के पास से एक डायरी मिली। इसमें लिखा था- ‘मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है। गरिमा सिंह करोड़पति है। धन्यवाद भगवान।’ गैंगस्टर लगाने की तैयारी, गरिमा से होगी पूछताछ गोरखनाथ पुलिस गरिमा के गिरोह के सभी सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। गरिमा सिंह और उसके गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर लगाने की तैयारी है। पुलिस अपने मुकदमे में तलब करने के लिए सोमवार को कोर्ट में एप्लिकेशन भी देगी। इसके साथ ही गरिमा को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए भी एप्लिकेशन दी जाएगी। बहुत जल्द पुलिस गरिमा सिंह से पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी। डॉ. परमात्मा के सुसाइड के बाद गोरखनाथ क्षेत्र से डॉक्टर का परिवार मऊ चला गया है। वहीं पर डॉक्टर का अंतिम संस्कार किया गया था। अन्य कार्यक्रम भी वहीं पर होंगे। वहां से आने के बाद परिजनों का भी पुलिस बयान लेगी। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV: लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। पढ़ें पूरी खबर…
फाजिल्का में पारिवारिक विवाद के बीच गोलीबारी का मामला सामने आया है। नशे का आदी बेटा अपने साथियों के साथ घर पहुंचा और परिवार पर कई राउंड फायरिंग कर दी। इस दौरान उसकी मां के पैर में गोली लग गई। घायल महिला को इलाज के लिए फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे फरीदकोट रेफर कर दिया गया। मामले में पुलिस ने घायल महिला के बेटे समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नशे के लिए बेटे ने पति की जमीन बेच दीमामला ढाणी मोहना राम का है। घायल महिला परमजीत कौर ने बताया कि उसके पति ओम सिंह सरपंच की मौत हो चुकी है। उसका बेटा परविंदर सिंह (22) नशे का आदी है। आरोप है कि नशे की लत पूरी करने के लिए उसके बेटे ने उसके पति की जमीन बेच दी। अब बाकी बची जमीन को भी बेचने का प्रयास कर रहा था। महिला की टांग में लगी गोलीपरिवार के सदस्य उसे जमीन बेचने से रोकते थे, जिसके चलते विवाद चल रहा था। परमजीत कौर के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते परविंदर सिंह अपने साथियों के साथ घर आया और हमला करते हुए फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली उसकी टांग में लगी। महिला ने आरोप लगाया कि उसका बेटा उसे जान से मारने की धमकियां भी देता है। उसने पुलिस से अपने बेटे और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने पुलिस से इंसाफ मांगामहिला के भाई बलविंदर सिंह ने बताया कि परिवार में करीब सवा एकड़ जमीन परविंदर सिंह के नाम थी। इसमें से करीब पांच कनाल जमीन बेच दी गई है। अब परिवार के सदस्य उसे बाकी जमीन बेचने से रोक रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय परिवार का बड़ा लड़का घर पर मौजूद नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि अगर बड़ा बेटा घर पर होता तो उसके साथ भी कोई अनहोनी हो सकती थी। परिवार ने पुलिस से इंसाफ की मांग की है।
जयपुर नगर निगम में बीजेपी को बहुमत मिला है। ऐसे में अब मेयर और डिप्टी मेयर के पद के लिए नेताओं ने लॉबिंग शुरू कर दी है। जयपुर में वैश्य समाज से मेयर बनाने की चर्चा सबसे ज्यादा है। वहीं डिप्टी मेयर के पद के लिए ब्राह्मण और राजपूत नेताओं ने भी लॉबिंग शुरू कर दी है। इसके साथ ही पार्टी मूल ओबीसी से भी डिप्टी मेयर बना सकती है। बाड़ेबंदी में बंद बीजेपी पार्षदों से भी इस बारे में रायशुमारी की गई है। वहीं दूसरी तरफ जयपुर शहर के विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व को साफ कह दिया है कि मेयर उनकी विधानसभा क्षेत्र से नहीं बनाया जाए। विधायकों का कहना है कि जहां पार्टी विधायक नहीं हैं, उस विधानसभा से विधायक बनाने को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि विधायकों की इस राय को लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक नहीं चाहते हैं कि उनकी विधानसभा में कोई उनका प्रतिद्वंदी पैदा हो। मेयर पद के लिए सुनील कोठारी-पुनीत कर्नावट में मुकाबला दरअसल, वैश्य समाज से मेयर बनाने के पीछे बड़ी वजह सोशल इंजीनियरिंग है। जयपुर शहर से तीन ब्राह्मण, दो राजपूत, एक वैश्य और एक दलित कोटे से विधायक हैं। वहीं ब्राह्मण कोटे से सीएम भजनलाल शर्मा और राजपूत कोटे से दो मंत्री भी जयपुर शहर से ही हैं। जयपुर शहर से एक मात्र वैश्य विधायक कालीचरण सराफ को भी इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। ऐसे में पार्टी इस बार पर वैश्य समाज से खासतौर पर जैन समुदाय से मेयर बनाने पर विचार कर रही है। विधायकों की राय, पार्षदों से हुई रायशुमारी, वरिष्ठता और वित्तीय स्थिति के आंकलन के बाद पार्टी की पहली पसंद इस पद पर सुनील कोठारी हैं। लेकिन निर्वतमान डिप्टी मेयर पुनीत कर्नावट उन्हें टक्कर दे रहे हैं। कर्नवाट भी जैन समुदाय से आते हैं। वहीं उन्हें सीएम भजनलाल शर्मा का करीबी माना जाता है। लेकिन संभवत विधायक कालीचरण सराफ नहीं चाहेंगे कि वे मेयर बने। टिकट बंटवारे में भी इसके संकेत मिल चुके हैं। पार्टी ने पुनीत कर्नावट को टिकट दिया था, लेकिन कालीचरण सराफ ने कुलदीप मिश्रा को पार्टी सिंबल दे दिया। जिसके बाद पार्टी के सामने अजीब स्थिति पैदा हो गई थी। ब्राह्मण समाज से बन सकता है डिप्टी मेयर वैश्य समाज से मेयर बनाने के बाद पार्टी किसी ब्राह्मण चेहरे को डिप्टी मेयर बनाने पर विचार कर रही हैं। इसे लेकर भी पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा हैं। दरअसल जयपुर शहर में पार्टी का सबसे बड़ा वोट बैंक ब्राह्मण हैं। वहीं इस बार बड़ी संख्या में ब्राह्मण पार्षद भी जीतकर पहुंचे हैं। इसके अलावा जयपुर नगर निगम के इतिहास को देखें तो इस सीट पर कभी ब्राह्मण मेयर फुल टाइम के लिए नहीं बना। केवल 2009 में करीब 5 महीने के लिए पंकज जोशी मेयर पद पर रहे थे। वहीं पवन शर्मा और घनश्याम शर्मा कार्यवाहक मेयर रहे हैं। ऐसे में पार्टी मेयर ना सही, लेकिन अपने बड़े कोर वोट बैंक को साधने के लिए डिप्टी मेयर ब्राह्मण समाज से बना सकती है। डिप्टी मेयर के लिए शैलेन्द्र भार्गव सबसे प्रबल दावेदार शैलेन्द्र भार्गव इस सीट पर सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी में शहर बीजेपी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है, लेकिन पार्टी ने उन्हें अभी तक कोई बड़ा पद नहीं दिया है। उन्हें टिकट मिलने के साथ ही मेयर-डिप्टी मेयर पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं अगर पार्टी किसी युवा चेहरे को डिप्टी मेयर बनाने पर विचार करती है तो सीएम के ओएसडी आनंद शर्मा की पत्नी प्रतिभा शर्मा और सिविल लाइन विधानसभा के वार्ड से पार्षद बने शशि प्रकाश शर्मा के नाम को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। राजपूत समाज ने लॉबिंग शुरू की इसके अलावा डिप्टी मेयर के पद के लिए राजपूत समाज के नेताओं ने भी लॉबिंग शुरू कर दी हैं। राजपूत समाज से कभी मेयर और डिप्टी मेयर नहीं बना। वहीं यूजीसी रोलबैक के मुद्दे पर समाज में पार्टी को लेकर नाराजगी भी है। इसका खामियाजा पार्टी को निकाय चुनावों में भी उठाना पड़ा है। ऐसे में पार्टी डैमेज कंट्रोल के तहत राजपूत समाज से भी डिप्टी मेयर बनाने पर विचार कर सकती है। कुमावत समाज को डिप्टी मेयर पर विचार हो सकता है वहीं एक संभावना मूल ओबीसी में माली और कुमावत समाज से किसी को डिप्टी मेयर बनाने की भी है। दरअसल जयपुर में इन दोनों समाजों की बड़ी संख्या है और यह दोनों समाज हमेशा से बीजेपी के साथ रहे हैं। पार्टी ने इस बार इन दोनों समुदाय के लोगों को भी खूब टिकट दिए हैं। इसके साथ ही पिछली बार मेयर की सीट ओबीसी रिजर्व होने पर भी पार्टी ने इन दोनों समाजों से मेयर नहीं बनाकर गुर्जर समाज से मेयर बनाया था। ऐसे में इस बार डिप्टी मेयर पर इस समीकरण पर भी विचार किया जा सकता है। ----------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में मेयर की रेस में सुनील-पुनीत सहित 4 नाम:उदयपुर में कटारिया के रिश्तेदार, कोटा में स्पीकर की पसंद अहम; जानिए निगमों के प्रमुख दावेदार नगर निकाय चुनावों के नतीजे आ गए हैं। प्रदेश के 10 नगर निगमों में से बीजेपी 4 में आसानी से बोर्ड बनाते हुए नजर आ रही है। वहीं, कांग्रेस को बीकानेर नगर निगम में पूर्ण बहुमत मिला है और पाली में निर्दलीयों की मदद से आसानी से बोर्ड बना लेगी। अलवर में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। जोधपुर, अजमेर और भरतपुर नगर निगम में स्थिति फिलहाल साफ नहीं है। (पढ़िए पूरी खबर) ------------ जयपुर में भाजपा-कांग्रेस में कौन मेयर का सबसे बड़ा दावेदार:BJP में वैश्य समाज को साधने की रणनीति, कांग्रेस में जेन-जी को मिल सकता है मौका जयपुर निगम के 150 वार्डों के लिए सोमवार को बीजेपी प्रत्याशियों ने नामांकन भर दिया है। अगर बीजेपी को बहुमत मिलता है तो बीजेपी के पास मेयर पद के लिए कई बड़े चेहरे हैं। लेकिन सामाजिक और जातिगत समीकरण के लिहाज से माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार जयपुर में वैश्य समाज से मेयर बना सकती है। (पढ़िए पूरी खबर)
शहर कोतवाली के एक पुलिसकर्मी पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा, अलग-अलग उत्पादों में 1450 करोड़ से अधिक का होता है कारोबार
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2025 के मुख्य परीक्षा परिणाम पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। 265 पदों के लिए हुई भर्ती में मुख्य परीक्षा के बाद 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। कांग्रेस का कहना है कि नियम के अनुसार पदों की संख्या से तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए। इस हिसाब से 265 पदों के लिए 795 अभ्यर्थियों को मौका मिलना चाहिए था। कांग्रेस ने 187 अभ्यर्थी कम बुलाए जाने पर आयोग से नियम और चयन प्रक्रिया का आधार स्पष्ट करने की मांग की है। न्यूनतम पासिंग मार्क्स पर भी सवाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष और खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला समेत कई नेताओं ने पत्रकार वार्ता में CGPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, आयोग का तर्क है कि 187 अभ्यर्थी तय न्यूनतम पासिंग मार्क्स हासिल नहीं कर सके। कांग्रेस ने सवाल किया कि इन अभ्यर्थियों के कितने नंबर थे और न्यूनतम पासिंग मार्क्स किस आधार पर तय किए गए। पार्टी ने आयोग से इसका आधार और संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। एक जैसे जवाबों पर अलग-अलग नंबर देने का आरोप कांग्रेस ने राज्य सेवा परीक्षा-2024 की कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं के उदाहरण भी दिए। पार्टी ने मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कांग्रेस के मुताबिक, कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं में एक ही सवाल का सही जवाब लिखने के बावजूद एक अभ्यर्थी को शून्य नंबर मिले, जबकि दूसरे को पूरे नंबर दिए गए। इसी तरह महाभिनिष्क्रमण से जुड़े सवाल के एक जैसे जवाबों में भी अलग-अलग नंबर दिए जाने का दावा किया गया। कांग्रेस ने होमरूल लीग से जुड़े सवाल का भी उदाहरण दिया। पार्टी का दावा है कि एक अभ्यर्थी ने सही जवाब लिखा, जबकि दूसरे का जवाब गलत था। इसके बावजूद दोनों को बराबर नंबर दिए गए। पार्टी ने सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराने की मांग की है। इंटरव्यू से पहले कॉपियां देने की मांग कांग्रेस ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के इंटरव्यू शुरू होने से पहले अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अभ्यर्थियों को यह देखने का अधिकार होना चाहिए कि उनकी कॉपियों का मूल्यांकन किस तरह किया गया। कांग्रेस ने चयनित अभ्यर्थियों के साथ इंटरव्यू से बाहर हुए अभ्यर्थियों को भी उत्तर-पुस्तिकाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग की है। मॉडल उत्तर और मूल्यांकन के मानदंड सार्वजनिक करें पार्टी ने मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट और पारदर्शी मानदंड तय करने की मांग की है। साथ ही मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर सार्वजनिक करने और मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है। कांग्रेस ने सरकार और आयोग से कहा है कि उठाए गए सवालों का स्पष्ट निराकरण होने तक इंटरव्यू प्रक्रिया स्थगित की जाए। पार्टी ने पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। भाजपा के चुनावी वादे का भी जिक्र कांग्रेस ने इस मुद्दे को भाजपा के 2023 विधानसभा चुनाव के घोषणा-पत्र से भी जोड़ा। पार्टी ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने CGPSC की परीक्षाएं UPSC की तर्ज पर पारदर्शी तरीके से कराने और तत्कालीन कथित PSC घोटाले की जांच कराने का वादा किया था। कांग्रेस के अनुसार, मार्च 2024 में राज्य सरकार ने भी CGPSC की परीक्षाओं को UPSC की तर्ज पर अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार दो परीक्षाओं में मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठना सरकार और आयोग के लिए गंभीर विषय है। पार्टी ने उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन, मॉडल उत्तर जारी करने, अभ्यर्थियों को कॉपियां उपलब्ध कराने और इंटरव्यू के लिए 1:3 का अनुपात सुनिश्चित करने की मांग की है।
मुरादाबाद जिले में विकास की तस्वीर बदलने के लिए चल रहीं आधा दर्जन से अधिक केंद्रीय योजनाएं कागजों में तो जिंदा हैं, लेकिन बजट और लक्ष्य बिना इन योजनाओं का जमीन पर दम निकलने लगा है।
मंडला जिले के अंजनिया-मेढ़ाताल के बीच हाईवे किनारे देर रात एक बाघ दिखाई दिया। इससे इलाके में दहशत फैल गई। कार सवार युवकों ने बाघ का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वन विभाग ने भी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात की है। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया। जानकारी के अनुसार, अंजनिया के कुछ युवक रात करीब 2 बजे बिछिया की ओर जा रहे थे। तभी अंजनिया-मेढ़ाताल के बीच हाईवे किनारे उन्हें बाघ नजर आया। कार रोककर बनाया वीडियो अचानक सड़क किनारे बाघ को देखकर कार सवार युवक घबरा गए। उन्होंने गाड़ी से ही बाघ का वीडियो बनाया। वन विभाग के मुताबिक, इलाके में बाघ के पगमार्क मिले हैं, जिससे उसकी आवाजाही की पुष्टि हुई है। जंगल में पेड़ कटने पर ग्रामीणों ने जताई चिंता स्थानीय लोगों का कहना है कि कान्हा के बफर क्षेत्र से लगे वन विकास निगम के जंगलों में प्रोजेक्ट के तहत पेड़ काटे गए हैं। इसके बाद सागौन के पौधे लगाए जाते हैं। इससे प्राकृतिक वनस्पति और वन्यप्राणियों के रहने की जगह पर असर पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक, कान्हा क्षेत्र में जगह कम होने पर बाघ आसपास के क्षेत्रीय वन मंडल और गांवों के नजदीक आ जाते हैं। बाद में वे वापस जंगल की ओर चले जाते हैं। गांवों के नजदीक पहुंच रहे बाघ कुछ दिन पहले भी अंजनिया और मोहगांव प्रोजेक्ट की सीमा से लगे जंगल में बाघ की गतिविधियां देखी गई थीं। लगातार हो रही आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और रात के समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लुधियाना में एक युवक ने ठेकेदार की प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड कर लिया। युवक ने अपने ही कमरे में पंखे की कुंडी से चुन्नी बांधकर फंदा लगाया। मामला बुधवार सुबह फील्ड गंज इलाके का है। परिजनों का आरोप है कि मजदूरी के महज 4-5 हजार रुपए के लिए ठेकेदार उसे रोज भिखारी की तरह जलील कर रहा था। परिजनों और मोहल्ले वालों से पूछताछ में सामने आया है कि ठेकेदार ने युवक की पेमेंट रोक रखी थी। ठेकेदार उसे पैसों के लिए तरह तरसा रहा था। वह रोज उसे सबके सामने जलील करता था। सुसाइड से ठीक पहले पैसों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और लड़ाई भी हुई थी। घर का इकलौता चिराग बुझा, जॉइंट फैमिली में रहता थामृतक के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। उसकी विधवा मां की दूसरी जगह शादी हो चुकी है। वह घर का इकलौता सहारा था। वह अपने चाचा और बाकी जॉइंट फैमिली के साथ ही रहता था। उसकी मौत के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांगमृतक के चाचा ने बताया कि उन्होंने इस पूरे विवाद और आत्महत्या के मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दे दी है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से साफ गुहार लगाई है कि युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने और जलील करने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
नशा तस्करी एवं नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हिसार पुलिस की CIA बरवाला टीम ने पुरानी ऑटो मार्केट हिसार में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 450 ग्राम 60 मिलीग्राम अफीम सहित गिरफ्तार किया है। CIA बरवाला प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि ASI राजकुमार अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। टीम अपराध एवं नशाखोरी की रोकथाम के संबंध में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नशीला पदार्थ लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्ति को काबू कर लिया। पूछताछ एवं नियमानुसार तलाशी के दौरान उसकी पहचान जसवंत निवासी राखी खास, जिला हांसी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 450 ग्राम 60 मिलीग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ थाना शहर हिसार में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अफीम सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से अफीम कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किसे की जानी थी तथा नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से वार कर ऑटो चालक का मर्डर करने वाले आरोपी को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। दरअसल, जेके लोन हॉस्पिटल के ऑटो स्टैंड पर मंगलवार शाम 2 ऑटो चालकों में विवाद हो गया था। इसके बाद एक ऑटो चालक ने दूसरे चालक का मर्डर कर दिया था। पुलिस ने अब इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मृतक की पहचान मुजाहिद अंसारी के रूप में हुई है। आरोपी शराफत हुसैन ने मुजाहिद के सीने पर नुकीली धारदार चीज से वार कर दिया। गंभीर हालत में उसे एमबीएस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मर्डर की वारदात के बाद आज बुधवार को नयापुरा थाना पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नयापुरा थाना अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान मुजाहिद हुसैन अंसारी उम्र 44 साल के रूप में हुई है। वार इतना गंभीर था कि उसके हार्ट में चोट पहुंची और वह पंचर हो गया। डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के छोटे भाई मुजम्मिल हुसैन ने आरोप लगाया कि आरोपी शराफत ने शराब पी रखी थी और मामूली बात को लेकर विवाद के बाद उसने हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। नयापुरा थाना अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि आरोपी शराफत हुसैन नेहरू कॉलोनी का रहने वाला है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी को डिटेन किया है। --- ये खबर भी पढ़ें… कोटा के जेकेलोन अस्पताल के बाहर ऑटो ड्राइवर की हत्या:धारदार हथियार से सीने पर किया हमला, इलाज के दौरान मौत; आरोपी भागा कोटा के जेकेलोन अस्पताल के बाहर ऑटो ड्राइवर पर नुकीली धारदार वस्तु से जानलेवा हमला कर दिया गया। सीने में गंभीर चोट लगने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। (पूरी खबर पढ़ें)
हिमाचल प्रदेश: मृतक के नाम पीएम आवास, 65 हजार की किस्त जारी… अब पंचायत सचिव निलंबित; जानें पूरा खेल
चंबा की सेईकोठी पंचायत में मृत व्यक्ति के नाम पीएमएवाई-जी आवास मंजूर करने पर तत्कालीन पंचायत सचिव प्रताप सिंह निलंबित। 65 हजार की पहली किस्त जारी होने का मामला।

