एडुविजन इंडिया की डायरेक्टर डॉ. उज्मा कमर को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित 'राधाकृष्णन डिस्टिंक्शन अवार्ड' और 'सर्टिफाइड HiPATH लीडर अवार्ड' से नवाजा गया है। यह सम्मान लखनऊ स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में 'ग्लोबल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' (GETI) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'GETI लीडरशिप सर्कल' सम्मेलन में प्रदान किया गया। इस दौरान डॉ. कमर ने सीएमएस की विभिन्न शाखाओं का दौरा कर शैक्षणिक नवाचारों में सक्रिय भागीदारी निभाई। 'एजुकेशन पोस्ट' पहल की दिग्गजों ने की सराहना सम्मेलन के दौरान एडुविजन इंडिया की विशेष पहल 'एजुकेशन पोस्ट' को सीएमएस की संस्थापिका डॉ. भारती गांधी और जीईटीआई की संस्थापिका डॉ. सुनीता गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों प्रख्यात शिक्षाविदों ने शिक्षण सुधार और जागरूकता से जुड़े इन प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे शिक्षा जगत के लिए एक जरूरी कदम बताया। स्कूलों में घटती संवेदना और बढ़ती हिंसा पर चिंता कार्यक्रम के दौरान हाल ही में देश के विभिन्न स्कूलों से सामने आई हिंसक घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। विशाखापट्टनम में शिक्षक की पिटाई से छात्र की मौत, हरदोई में बच्ची की जान जाना, दिल्ली में मासूमों का टॉर्चर और हैदराबाद में प्रिंसिपल पर जानलेवा हमले जैसी घटनाओं को पूरे शैक्षणिक जगत के लिए झकझोर देने वाला बताया गया। गुस्सा आए तो खुद से पूछें- क्या गलत पेशा चुन लिया? शिक्षक दिवस पर संदेश देते हुए डॉ. उज्मा कमर ने कहा कि यह केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मपरीक्षण का समय है। यदि किसी शिक्षक को पढ़ाते वक्त बार-बार गुस्सा आता है या अनुशासन के नाम पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देनी पड़ती है, तो उन्हें रुककर सोचना चाहिए कि क्या उनमें वास्तव में शिक्षक बनने का एप्टीट्यूड है या उन्होंने गलत पेशा चुन लिया है। शिक्षण भय पर नहीं, बल्कि धैर्य, सहानुभूति और संवाद पर टिका होता है। मेंटल हेल्थ और भयमुक्त वातावरण पर जोर डॉ. कमर ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूलों में भयमुक्त और बाल-अनुकूल माहौल बनाना अनिवार्य है। शिक्षकों के लिए नियमित एटिट्यूड टेस्ट और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग बेहद जरूरी है ताकि क्लासरूम में संवेदना बची रहे। डॉ. कमर की इस उपलब्धि पर बरेली के शैक्षिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है।
जन्माष्टमी के मौके पर प्रयागराज में घर-घर नन्हे कान्हा और राधारानी नजर आए। परिजनों ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजाया। नन्हे कान्हा के सिर पर मोर मुकुट, हाथ में बांसुरी और गले में आभूषण सजाए गए, जबकि बच्चियों को लहंगा-चोली, चुनरी और गहनों से राधा का रूप दिया गया। बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में डांस करते भी नजर आए। बच्चों के तैयार होने के बाद परिवारों ने घरों में आकर्षक बैकग्राउंड बनाकर फोटोशूट कराया और उनकी मासूम अदाओं को कैमरे में कैद किया। अभिभावकों का कहना था कि जन्माष्टमी पर बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाने से त्योहार की खुशी और भी खास हो जाती है। देखिए तस्वीरें……
राजधानी लखनऊ में जन्माष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना और झांकियां सजाई गईं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: कान्हा के रंग में रंगी राजधानी, मंदिरों से थानों तक गूंजा जन्माष्टमी का उल्लास
कहीं फूलों के बंगले में विराजे लड्डू गोपाल, कहीं रोशनी और संगीत के बीच जीवंत होती डिजिटल झांकियां, तो कहीं राधा-कृष्ण बने बच्चों की मासूम अदाएं... श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राजधानी लखनऊ भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आई।
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बरेली पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बेहद धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान बारिश ने कुछ देर के लिए खलल जरूर डाला, लेकिन आयोजकों ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य समारोह को परेड ग्राउंड से रवींद्रालय में शिफ्ट कर दिया। स्थान बदलते ही माहौल पूरी तरह कृष्ण भक्ति के रंग में रंग गया और सभागार में मौजूद हर कोई कान्हा के जन्मोत्सव के उल्लास में डूब गया। नन्हे बच्चों और वृंदावन के कलाकारों ने बांधा समां कार्यक्रम की शुरुआत में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा रानी के भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद मथुरा और वृंदावन से आए सुप्रसिद्ध कलाकारों ने मंच संभाला। 'घुंघटा उठाए दे राधे', 'कजरारे तेरे काले-काले नैन' और 'जब कान्हा ने बंसी बजाई' जैसे लोकप्रिय भजनों पर कलाकारों के मनभावन नृत्य ने माहौल को वृंदावनमय बना दिया। साक्षात नजर आए बांके बिहारी जी के दर्शन वृंदावन के कलाकारों द्वारा सजाई गई बांके बिहारी जी के स्वरूप की झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। मंच पर सजी झांकी इतनी जीवंत और अलौकिक थी कि मानो पुलिस लाइन के रवींद्रालय में साक्षात वृंदावन धाम उतर आया हो। कलाकारों के सजीव चित्रण को देखकर सभागार में मौजूद अधिकारियों और अतिथियों ने करतल ध्वनि से तालियां बजाकर उनका जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया। वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी रहे मौजूद इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा और एएसपी शिवम आशुतोष सपरिवार उपस्थित रहे। इसके अलावा एसडीएम सदर आईएएस इशिता किशोर सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों और प्रतिष्ठित गणमान्य हस्तियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लिया।
झांसी में रात के 12 बजते ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल गूंज उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कई घंटे से बाल गोपाल के जन्म का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जन्म के साथ ही भक्त आस्था में डूब गए और जमकर नृत्य किया। शहर के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर दिनभर तैयारियां चलती रहीं। मंदिरों को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। शाम होते ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच भक्त आधी रात का इंतजार करते रहे। कई जगह भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को विशेष रूप से सजाया गया था। 250 किलो फूलों से सजा मुरली मनोहर मंदिरसिविल लाइन स्थित मुरली मनोहर मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर को करीब 250 किलो फूलों से सजाया गया। फूलों की सजावट के बीच मंदिर का परिसर आकर्षण का केंद्र बना रहा। शाम करीब 8 बजे से ही बारिश के बीच श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था।बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी। छाता लेकर लोग मंदिर पहुंचते रहे। मंदिर में पहुंचने के बाद श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल हुए और भगवान के जन्म का इंतजार करते रहे। जैसे-जैसे रात बढ़ी, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई।आधी रात को बाल स्वरूप के दर्शनरात 12 बजते ही श्रीकृष्ण का जन्म कराया गया। इसके साथ ही मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना शुरू हुई। भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। मंदिरों में लंबी लाइन में लगकर भक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं, भगवान के दर्शन कर जयघोष के बीच भक्तों ने नृत्य किया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी। मंदिर परिसर काफी देर तक कृष्ण भक्ति के रंग में डूबा रहा। पुलिस लाइन और थानों में भी आयोजन झांसी की पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। यहां भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को लेकर विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रम हुए। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने आयोजन में हिस्सा लिया।इसके अलावा जिले के थानों में भी जन्माष्टमी के मौके पर सजावट कराई गई थी। मंदिरों की तरह थानों में भी आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर पूजा-अर्चना और जयघोष हुआ। इससे पुलिस लाइन से लेकर थानों तक जन्माष्टमी का उल्लास नजर आया। नन्हे बच्चों को बयान कन्हैया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जहां श्रद्धालु भगवान की भक्ति में डूबे नजर आए तो दूसरी तरफ नन्हे बच्चे भी बाल कृष्ण बनकर मंदिर पहुंचे। उन्हें रंग बिरंगी पोशाक पहनाकर उनके मां-बाप श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में लाए थे, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा।
जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बरेली के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। शाम करीब 7 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात 1 बजे तक लगातार जारी रही। रिमझिम से तेज होती फुहारों के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। भक्त छाता ताने और भीगते हुए बांके बिहारी के दीदार के लिए घंटों लंबी कतारों में धैर्यपूर्वक खड़े रहे। श्रद्धालु बोले- दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगे मंदिर परिसर में पहुंचे भक्तों के चेहरे पर बारिश की थकान के बजाय प्रभु भक्ति का तेज नजर आया। दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि मौसम चाहे जैसा भी हो, वे अपने आराध्य के दर्शन किए बिना वापस नहीं लौटेंगे। वहीं दर्शन कर बाहर निकलीं एक महिला श्रद्धालु ने भावुक होते हुए बताया कि आज का आनंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, बिहारी जी की एक झलक पाकर पूरा जीवन धन्य हो गया। शहर भर के देवालयों में रही भारी भीड़ खराब मौसम के बावजूद केवल बांके बिहारी मंदिर ही नहीं, बल्कि मॉडल टाउन स्थित प्रसिद्ध हरि मंदिर और रामपुर गार्डन के आनंद आश्रम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात भर देवालयों के बाहर आस्थावानों की आवाजाही बनी रही और पूरा शहर कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। बच्चों की मनमोहक झांकियों ने मोहा मन मंदिर प्रांगण में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई राधा-कृष्ण की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने जब भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, तो उपस्थित भक्त भी खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' और 'नंद घर आनंद भयो' के गगनभेदी जयकारों से लगातार गुंजायमान रहा।
गोरखपुर में जन्माष्टमी पर बच्चा पैदा होने के बाद परिजनों में बेहद उत्साह नजर आया। जिला महिला अस्पताल में आए परिवारों में जिनको बेटा हुआ वे कान्हा पाकर खुश हुए, तो जिनको बेटी हुई उन्होंने राधा रानी का रूप बताया। इस खास मौके पर घंटाघर के एक परिवार में दो जुड़वां बेटियां पैदा हुई। पहली बार दादी बनने वाली सोनमती ने बताया कि मेरे घर एक साथ दो राधा ने जन्म लिया है। हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है। हम राधा रानी के नाम पर दोनों का नाम रखेंगे। मेरी बहू की पहली डिलीवरी थी। हमलोग यही मना रहे थे कि जन्माष्टमी पर ही डिलीवरी हो और यही हुआ। जब पता चला कि जुड़वां बच्चे हैं तो हम एक लड़का और एक लड़की चाह रहे थे। लेकिन दोनों बेटियां ही हुई हैं। हमारे घर की लक्ष्मी आई हैं। परिवार फलेगा- फूलेगा। चाहती थी कि मेरे घर राधा रानी ही आएं- मंदाकिनी वहीं नौसड़ की मंदाकिनी का कहना है कि मैं यही चाहती थी कि मेरे घर राधा रानी ही आएं। मेरा यह दूसरा बच्चा है। हर दिन पूजा करते वक्त यह मनाती थी कि जन्माष्टमी पर ही मेरी डिलीवरी हो। आज दिन में 12 बजकर 30 मिनट पर जब बेटी पैदा हुई तो बहुत खुशी दोगुनी हो गई। भगवान ने मेरी सुन ली। हमारे घर कान्हा जी आएं-वंदना वहीं नौसड़ की ही वंदना ने बताया कि मेरी लड़की सुधा को पहला बेटा हुआ है। जन्माष्टमी पर हमारे घर कान्हा जी आएं हैं। पूरा परिवार बहुत ही खुश है। बेटे के रूप में भगवान का आशीर्वाद हमारे परिवार को मिला है। इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। हम लोग यही मना रहे थे कि आज ही डिलीवरी हो और दिन में 1 बजकर 9 मिनट पर बच्चा पैदा हुआ। जिला महिला अस्पताल में जन्में 27 बच्चे SIC डॉ. अनिल झा ने जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में 27 बच्चों ने जन्म लिया। जिनमें 11 ( 5 लड़कियां और 6 लड़कियां ) नॉर्मल और 16 ( 8 लड़के और 8 लड़कियां ) सिजेरियन से पैदा हुई। सभी मां और नवजात दोनों ठीक हैं।
आजमगढ़ में रात 12 बजते ही जिले के चौक स्थित बिहारी जी मंदिर, पुलिस लाइन, शहर कोतवाली सहित प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हुए और भक्तों ने जयकारे लगाकर और श्री कृष्ण जी की स्तुति करके उनका पूजन किया। जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार की आधी रात जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, पूरा आजमगढ़ भक्तिमय हो उठा। पुलिस लाइन से लेकर शहर की कोतवाली और विभिन्न मंदिरों में आधी रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर घंटियों और जयकारों से गूंज उठे। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं जिले के शहर कोतवाली में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें राधा कृष्ण और शिव पार्वती के स्वरूप वाले कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शानदार धार्मिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्णा जन्म के समय मंदिरों में विशेष आरती और पूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और प्रसाद का वितरण किया। जिले के बिहारी जी के मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मदिन दो बार मनाया जाता है एक बार दिन में दोपहर 12 बजे जबकि दोबारा रात में 12 मनाया जाता है। ऐसे में देर रात तक बड़ी संख्या में भक्ति बिहारी जी के मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण पूजन दर्शन करने के लिए डटे रहे। पुलिस लाइन परिसर में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ श्रद्धालु पहुंचे। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय पूरे परिसर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। शहर कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी सुनील कुमार सिंह एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित हुए। नन्हे श्री कृष्ण ने मोहा मनआजमगढ़ पुलिस लाइन और शहर कोतवाली में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नन्हे श्री कृष्णा के रूप में बाल स्वरूप बच्चे आए जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। शहर कोतवाली में भंडारे का भी आयोजन किया गया जो की देर रात तक चलता रहा। जहां पर बड़ी संख्या में भक्ति भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण करते रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने का आदेश दिया है। यह आदेश मध्यप्रदेश समेत सात राज्यों में लागू होगा। राज्यों को जल्द से जल्द, संभव हो तो दो महीने के भीतर सेवा नियमों में बदलाव करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में बदलाव होने तक 60 साल की उम्र पूरी करने वाला कोई न्यायिक अधिकारी रिटायर नहीं होगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित हाई कोर्ट की ओर से अधिकारी को सेवा के लिए उपयुक्त पाया जाना जरूरी होगा। आदेश का लाभ पहले रिटायर हो चुके न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा। 31 मार्च 2026 या उसके बाद रिटायर हुए न्यायिक अधिकारी दोबारा सेवा में आने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके लिए जरूरी होगा कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद कोई दूसरी नौकरी न ली हो। 60 साल की उम्र पूरी होने पर संबंधित हाई कोर्ट उनके कामकाज, योग्यता और प्रदर्शन का आकलन करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सेवा में बनाए रखने से न्यायपालिका में खाली पदों के कारण पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।
इंदौर में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू करने को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। अब मकान मालिकों के साथ-साथ भवनों के नक्शे तैयार करने वाले आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर, इंजीनियर और कंसल्टेंट को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। पिछले तीन साल में स्वीकृत करीब 20 हजार भवन नक्शों से जुड़े 350 आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर, इंजीनियर और कंसल्टेंट को नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें सात दिन में जांच रिपोर्ट और मौके की तस्वीरें निगम में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में रिपोर्ट और फोटो जमा नहीं करने पर संबंधितों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक 6 हजार 545 भवनों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग शुल्क के रूप में 6 करोड़ 42 लाख रुपए वसूले जा चुके हैं। इसके अलावा निगम करीब 87 हजार भवन मालिकों को भी नोटिस जारी कर चुका है। बिल्डिंग परमिशन शाखा के बिल्डिंग अफसर सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि निगम में 650 आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर, इंजीनियर और कंसल्टेंट पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 350 को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का उद्देश्य भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित कर भूजल स्तर को बढ़ाना है।
आगरा में आज बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल:भारी बारिश के अलर्ट के चलते डीएम ने दिए आदेश
आगरा में 5 सितंबर को बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल, भारी बारिश के अलर्ट के चलते डीएम ने दिए आदेशआगरा में आज सभी स्कूल रहेंगे बंद, भारी बारिश के चलते डीएम ने जारी किया आदेशआगरा में भारी बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने 5 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं।डीएम के आदेश के अनुसार जिले के बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संचालित सभी विद्यालयों में अवकाश रहेगा। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी विद्यालय द्वारा आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।लगातार बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
झज्जर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस की थाना माछरौली टीम ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वाहन छीनने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों से छीना गया कैंटर और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है। वहीं, मोटरसाइकिल चोरी के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की बाइक भी बरामद कर ली गई। रास्ता रोककर चालक से मारपीट कर छीना था कैंटरथाना माछरौली प्रभारी उप निरीक्षक संदेश ने बताया कि पटरेड़ी, जिला गुरुग्राम निवासी सत्यम सिंह ने शिकायत दी थी कि उनका कैंटर लुहारी स्थित कंपनी की ओर जा रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने रास्ता रोककर कैंटर में सवार चालक के साथ मारपीट की और उसे गाड़ी से नीचे उतार दिया। इसके बाद आरोपी कैंटर लेकर फरार हो गए, जबकि उनका एक साथी स्कूटी पर सवार होकर मौके से भाग निकला।शिकायत के आधार पर थाना माछरौली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सहायक उप निरीक्षक राजीव कुमार की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अरुण निवासी बिरहेड़ा, जिला गुरुग्राम और विकास निवासी खेड़ी सुल्तान, जिला झज्जर को गिरफ्तार किया।पुलिस ने दोनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर छीना गया कैंटर और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद कर ली गई। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।कंपनी की पार्किंग से चोरी की थी मोटरसाइकिलवहीं, दूसरे मामले में माछरौली पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदेश कुमार ने बताया कि कन्होरी, जिला रेवाड़ी निवासी भीम ने शिकायत दी थी कि उसका भाई 28 अगस्त को मोटरसाइकिल लेकर लुहारी स्थित कंपनी में गया था। उसने बाइक कंपनी की पार्किंग में खड़ी की थी। कुछ समय बाद वापस लौटने पर मोटरसाइकिल वहां से गायब मिली।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गौरव निवासी रेवाड़ी और ललित निवासी सेहंलगा, जिला महेंद्रगढ़ को रेवाड़ी जेल के पास से काबू किया।दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत झज्जर में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इंदौर में एक कंटेनर को नशे में धुत ड्राइवर ने 3.7 किमी तक कंटेनर दौड़ाया। वह गुजरात से टायरों की खेप लेकर रायबरेली (यूपी) जा रहा था। इसी दौरान नो-एंट्री पॉइंट तोड़कर शहर के व्यस्त इलाकों में घुस गया। इस दौरान एएसआई ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने उन पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर मल्हारगंज पुलिस ने अंतिम चौराहे पर बैरिकेडिंग कर कंटेनर को रोका और चालक को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ ड्रिंक एंड ड्राइव का केस दर्ज किया गया है। चालक की पहचान सुनील कुमार (28), पिता रामप्रकाश नट, निवासी ग्राम बरियापुर, जिला जालौन (यूपी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूरी तरह नशे में धुत था। मेडिकल जांच में उसके ब्लड में 100 एमएल से अधिक शराब मिली है। चंदन नगर से गंगवाल बस स्टैंड तक मचाया हड़कंप एडिशनल डीसीपी (ट्रैफिक) संतोष कुमार कौल ने बताया कि घटना शाम 5:30 बजे की है। टायरों से भरा कंटेनर (KA 01 AP 7946) सिरपुर तालाब की ओर से नो-एंट्री तोड़ते हुए चंदन नगर इलाके में घुस गया। चेकिंग पॉइंट पर पुलिस के इशारे को नजरअंदाज करते हुए चालक ने कंटेनर गंगवाल बस स्टैंड मार्ग की ओर दौड़ा दिया।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। यहां आकर्षक झांकी, नृत्य और बच्चों की नाटिका के जरिए श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप और सतयुगी जीवन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सुंदर झांकी के साथ कई नृत्य प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने अपनी मनमोहक नाटिका से श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेश को दिखाया। इन प्रस्तुतियों को देखकर दर्शक काफी प्रभावित हुए और तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। बुरे गुणों पर काबू पाया जा सकता है राजयोगिनी राधा दीदी ने जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि कंस सिर्फ कोई बाहरी व्यक्ति नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के अंदर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे बुरे गुणों का प्रतीक है। राधा दीदी ने आगे कहा कि ज्ञान और राजयोग का अभ्यास करके इन आंतरिक बुरे गुणों पर काबू पाया जा सकता है। जब इंसान अपने बुरे गुणों पर नियंत्रण कर लेता है, तब उसके अंदर छिपा दिव्य और श्रेष्ठ स्वरूप सामने आता है। इसी पवित्र, निर्मल और दिव्य मानवीय स्वरूप को सतयुग के कृष्ण के रूप में दिखाया गया है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
फ्रेंडशिप डे पर रिसोर्ट में पार्टी, 200 युवक-युवतियां मिले नशे की हालत में इंदौर के शिप्रा स्थित मामा बोका रिसोर्ट में फ्रेंडशिप डे पर चल रही पार्टी में पुलिस ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 200 युवक-युवतियां नशे की हालत में मिले। पुलिस ने सभी को छोड़ दिया, जबकि रिसोर्ट संचालक विवेक पिता विष्णु पटेल, निवासी डकाच्या के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी (ग्रामीण) राजेंद्र वर्मा को रिसोर्ट में पार्टी आयोजित किए जाने की शिकायत मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस के मुताबिक, पार्टी में शराब परोसी जा रही थी और इसमें शामिल होने वाले युवक-युवतियों से मोटी रकम वसूले जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि पार्टी के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पार्टी के दौरान रिसोर्ट में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। अलग-अलग कमरों में युवक-युवतियों के रुके होने की जानकारी भी पुलिस को मिली। रिसोर्ट का डिजिटल रजिस्टर चेक करने पर कई लोगों की एंट्री में आधे-अधूरे नाम दर्ज मिले। कुछ लोगों के आधार कार्ड भी जमा नहीं कराए गए थे। रिसोर्ट मालिक ने कहा- पार्टी की परमिशन थी रिसोर्ट मालिक हैप्पी जेठवानी ने पुलिस के दावे से अलग बात कही है। उनका कहना है कि रिसोर्ट विवेक को किराए पर दिया गया था। रविवार को आयोजित पार्टी के लिए परमिशन ली गई थी और बार का लाइसेंस भी रिसोर्ट की ओर से लिया गया था। उन्होंने बताया कि पार्टी तय समय पर बंद कर दी गई थी।
लखनऊ की 35वीं वाहिनी पीएसी, महानगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाया गया। इस मौके पर विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आकर्षक झांकी सजाई गई। भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पीएसी के पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह मुख्य अतिथि थे। राज्यसभा सांसद बृजलाल, रेलवे/जीआरपी के पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी और पॉवर कॉरपोरेशन के अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस मौके पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही आधी रात में कान्हा का जन्म हुआ, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद विधि-विधान से पूजा और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के धर्म, सत्य, कर्तव्य और कर्मयोग के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन प्रसाद बांटने के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान 35वीं वाहिनी पीएसी का परिसर भक्ति और खुशी से भरा रहा।
लखनऊ के अमीनाबाद रोड स्थित न्यू गणेशगंज में मित्तल परिवार की ओर से छह दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 4 से 9 सितंबर तक यहां डिजिटल मूविंग झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शाम होते ही झांकी स्थल रोशनी और भक्ति के रंग में नजर आता है। जन्माष्टमी के पहले दिन डिजिटल झांकी में श्रीकृष्ण का गोकुल भ्रमण प्रसंग दिखाया गया। इसमें बाल कृष्ण अपने सखाओं के साथ गोकुल की गलियों में घूमते नजर आए। गोकुल में मेला सजा था, जहां रोजमर्रा के सामान की दुकानें, खेल-तमाशे और बड़े-बड़े झूले लगाए गए थे। गोकुल भ्रमण का आनंद लिया कृष्ण ने बाल सखाओं के साथ मेले में खरीदारी की। उन्होंने तरह-तरह की मिठाइयां खाईं, झूले झूले और खेल-तमाशे देखकर गोकुल भ्रमण का आनंद लिया। स्वचालित मूर्तियों के साथ लाइट एंड साउंड इफेक्ट ने पूरे प्रसंग को खास बना दिया। इसके अलावा सावन में झूला झूलते राधा-कृष्ण, बाबा अमरनाथ के दर्शन और भक्त हनुमान के हृदय में राम-सीता के दर्शन की स्वचालित झांकी भी लोगों को आकर्षित कर रही है। भालू-बंदर नचाते मदारी, सांप का खेल और राम नाम जपते तुलसीदास की झांकियां भी खास रहीं। शनिवार को माखन चोरी का दृश्य दिखाया जाएगा माखन चोरी करने पर कन्हैया को छड़ी लेकर दौड़ाती यशोदा माता की चलती झांकी बच्चों को खूब पसंद आ रही है। वहीं 20 फीट ऊंचे शिवलिंग से गंगा प्रकट होते हुए का सेल्फी कॉर्नर भी बनाया गया है। झांकी स्थल को फूल-पत्तियों, कोलकाता की एलईडी लाइट पैनल, झूमर और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। विशाल तोरण द्वारों पर भगवान कृष्ण के अलग-अलग रूपों को उकेरा गया है। सजावट का काम चौक के अग्रवाल इलेक्ट्रिकल के अंकुल ने किया है। झांकी संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि 5 सितंबर शनिवार को माखन चोरी लीला का दृश्य दिखाया जाएगा। श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक डिजिटल मूविंग झांकियों को देख सकेंगे।
लखनऊ के इंदिरानगर स्थित सिद्ध शक्तिपीठ सत्यतीर्थ आश्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी पर आश्रम और विश्वात्मा मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान कृष्ण की अलौकिक झांकी का अनावरण दिव्य शक्ति पूनम और दिव्य शक्ति योगीराज अभिनव महाराज ने किया। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर तक भक्ति में डूबे रहे। दिव्य शक्ति मां पूनम ने कहा कि सच्ची भक्ति केवल जन्माष्टमी मनाने तक सीमित नहीं है। सत्य और धर्म की रक्षा, प्राणीमात्र की सेवा और अधर्म के विरोध में खड़ा होना ही सच्ची भक्ति है। सीईओ डॉ. सुनील मोतीवाल ने कहा कि आश्रम में भक्ति के साथ कर्म का संदेश भी दिया जा रहा है। भगवान कृष्ण के जीवन से लोगों को ज्ञान, कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम का समापन मंगल आरती और भजनों के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
लखनऊ में RSS के सहयोग से कृष्ण जन्मोत्सव:मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए; बच्चों और बुजुर्गों ने लिया हिस्सा
लखनऊ के गोमती नगर स्थित महामना मालवीय विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग में भगवान कृष्ण जन्मोत्सव पर मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गोमती नगर के बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बच्चों ने खेलों और मटकी फोड़ प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान कृष्ण से जुड़ी प्रश्नोत्तरी से हुई। बच्चों से गीता, महाभारत, स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े पांच सवाल पूछे गए। बच्चों से पूछा गया कि भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश कहां दिया था? महाभारत ग्रंथ का मूल नाम क्या था? महाभारत का युद्ध कितने दिन चला? स्वामी विवेकानंद किस देश में विश्व हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे और कब? आरएसएस की स्थापना कब हुई थी? इसके बाद बच्चों के लिए विभिन्न खेल और मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए । बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ मटकी फोड़ने में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में अवध प्रांत के प्रांत सेवा प्रमुख डॉ. देवेंद्र अस्थाना, गोमती नगर के नगर संघ चालक महेश, नगर कार्यवाह राजीव, सह नगर कार्यवाह पवन, सुधाकर, प्रचार प्रमुख राममूर्ति, सेवा प्रमुख राजेश अद्यौलिया समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को पुरस्कार दिए गए। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चों को उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 4 सितंबर की मध्य रात्रि को गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंट-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया। भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन संध्या कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से ही जारी था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात करीब 11:30 बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। राधा-कृष्ण बने बच्चों को मिला सीएम योगी का स्नेह व उपहारश्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की। उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे, प्यार-दुलार करते रहे। कुछ बच्चों ने सीएम योगी को दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने उनके साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री सभी बच्चों का अनुरोध पूरा करते रहे। बालरूप सज्जा नयनाभिराम थीभगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में सजधज कर आए बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया। दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में हुई बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता में कोई श्रीकृष्ण के रूप में था तो कोई राधा। इन बच्चों के वेश और रूप से सभागार एकबारगी गोकुल का भान करा रहा था। दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रहे थे। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के कान्हा वर्ग में प्रथम पुरस्कार शर्विल पांडेय को, द्वितीय पुरस्कार सौम्या प्रजापति और तृतीय पुरस्कार हिमांशी श्रीवास्तव को दिया गया। गोपाल वर्ग में प्रथम पुरस्कार सार्थक, द्वितीय राजवीर और तृतीय पुरस्कार रूद्र को मिला। श्रीकृष्ण रूप सज्जा में विजेताओं को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर पुरस्कृत किया। निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई जबकि संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया। भजनों में गूंजा जय कान्हा-श्यामश्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में, डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की आराधना की गूंज रही। शुभारंभ पुनीत श्रीवास्तव ने एक सुमधुर भक्ति गीत से किया। इसके पश्चात हृदया त्रिपाठी व अनीता सिंह ने सोहर और लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने कृष्ण भजन सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत एवं सोहर के गायन से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वाद्य यंत्रों पर श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव हंसलोना, दीपक, आभास पाठक एवं सुधाकर सिन्हा ने संगत की। गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम ने सजाई भजन संध्याश्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की तरफ से रात आठ बजे से बारह बजे तक भजनों की प्रस्तुति की गई। जन्मोत्सव से पूर्व, गर्भगृह में भजनों का श्रवण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक और संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। तत्पश्चात सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से लोगों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का था। वाद्य यंत्र पर अजीत राज, शैलेश दुबे व रुद्राक्ष शुक्ला ने संगत की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वर्गीय वीरेश्वर द्विवेदी की तीसरी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित माधव सभागार में स्मृति सभा हुई। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे। इस कार्यक्रम में उनके जीवन, संघ कार्य और राष्ट्र सेवा से जुड़े संस्मरण साझा किए गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने युवाकाल से लेकर वीरेश्वर द्विवेदी के अंतिम समय तक के संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि वीरेश्वर जी की प्रेरणा आज भी सभी का मार्गदर्शन करती है। पार्क या जगह का नाम रखने की सिफारिश की जाएगी पाठक ने घोषणा की कि जल्द ही लखनऊ में किसी पार्क या जगह का नाम वीरेश्वर द्विवेदी के नाम पर रखने की सिफारिश की जाएगी। साथ ही उनकी प्रतिमा भी स्थापित कराई जाएगी।मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने कहा कि वीरेश्वर द्विवेदी की पूरी जिंदगी राष्ट्र और संघ कार्य के लिए समर्पित थी। उन्हें जहां जैसी जरूरत होती थी, वे कठिन से कठिन जगह जाने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। स्वान्त रंजन ने कहा कि उन्होंने अपने लिए कोई काम नहीं किया, बल्कि अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया।स्वान्त रंजन ने राष्ट्रधर्म पत्रिका का जिक्र करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी, दीनदयाल उपाध्याय और वचनेश त्रिपाठी जैसी महान परंपरा को वीरेश्वर द्विवेदी ने पूरी लगन और कुशलता से आगे बढ़ाया। पद्मश्री ब्रह्मदेव शर्मा को सम्मानित किया गया पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अशोक वाजपेई ने कहा कि वीरेश्वर द्विवेदी का व्यक्तित्व बहुत बड़ा था। उनमें हर व्यक्ति को अपना बनाने की खास क्षमता थी।कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ प्रचारक और विद्या भारती के संरक्षक पद्मश्री ब्रह्मदेव शर्मा को वीरेश्वर द्विवेदी की याद में सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के बाद पौधे लगाए गए। वहां मौजूद लोगों को गीता और तुलसी के पौधे भी बांटे गए। कार्यक्रम का संचालन शरद जगदीश मिश्र ने किया। इस दौरान यतींद्र, चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री, संघ प्रचारक सुभाष, हेमचंद, यशोदानंद, पवन पुत्र बादल, भाजपा प्रवक्ता संजय चौधरी, भाजपा नेता संजय सिंह, उमाशंकर मिश्र, अंतिमा अवस्थी ‘इति’, नवीन अवस्थी, ज्योति सिक्का, प्रदीप द्विवेदी, उदयन तिवारी, प्रदीप पांडे सहित कई लोग मौजूद रहे।
दिल्ली-एनसीआर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ा, जहां सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और तैयारियां जारी रहीं। आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म के साथ 'नंद के आनंद भयो' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, विशेष भोग और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की ओर से जारी तोड़फोड़ नोटिस को चुनौती देने वाले आनंद कुमार केडिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों का पूरा खुलासा नहीं किया। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की पीठ ने माना कि याचिका में संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट और कोर्ट के पहले के निर्देशों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की श्रेणी में माना। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से यह कहा गया कि उन्हें कुछ तथ्यों की जानकारी नहीं थी। इसे देखते हुए कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि सात दिन के भीतर मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर में जमा करनी होगी। इसकी रसीद हाईकोर्ट रजिस्ट्री में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 11 अगस्त के तोड़फोड़ नोटिस को दी थी चुनौती केडिया ने नगर निगम के भवन अधिकारी की ओर से 11 अगस्त 2026 को जारी नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उन्होंने मांग की थी कि नोटिस को रद्द किया जाए और नगर निगम को उनकी संपत्ति पर सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई करने से रोका जाए। केडिया का दावा था कि वे संपत्ति के वैध मालिक हैं और वर्ष 2017 में विक्रय विलेख के जरिए उन्होंने इसे खरीदा था। उनका यह भी कहना था कि बाद में राजस्व अधिकारियों ने संपत्ति का सीमांकन किया था। 2019 की मंजूरी और 2020 की भवन अनुमति का हवाला याचिका में केडिया की ओर से कहा गया कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने वर्ष 2019 में अनुमति दी थी, जबकि नगर निगम ने वर्ष 2020 में भवन निर्माण की अनुमति जारी की थी। इसके बावजूद बाद में इंदौर विकास योजना-2021 के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उनकी संपत्ति के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। उनकी ओर से आरोप लगाया गया कि सड़क का संरेखण बदल दिया गया और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 300-ए के तहत मिले अधिकारों का भी हवाला दिया। निगम का जवाब- सरकारी जमीन पर किया कब्जा नगर निगम ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि केडिया ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। निगम के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई इंदौर विकास योजना-2021 के तहत की जा रही है। निगम ने बताया कि सिटी फॉरेस्ट के रास्ते बायपास रोड को लाइटहाउस प्रोजेक्ट और प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने के लिए 20 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान है। निगम के अनुसार, विकास योजना को अंतिम रूप देने से पहले आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए गए थे। कोर्ट ने संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट को माना अहम सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि पूर्व में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने और उसे याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। केडिया की ओर से कहा गया कि उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि याचिका में इस महत्वपूर्ण तथ्य का पूरा उल्लेख नहीं किया गया था। कोर्ट के मुताबिक, प्रतिवादियों के जवाब से मामले की स्थिति याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए तथ्यों से अलग सामने आई। सरकारी जमीन को अपनी जमीन में शामिल करने का आरोप कोर्ट ने कहा कि याचिका में ऐसा प्रस्तुत करने की कोशिश की गई कि प्रस्तावित सरकारी जमीन के दक्षिणी हिस्से पर किसी अन्य व्यक्ति का अवैध कब्जा है और सरकारी एजेंसियां केडिया को उनकी वैध संपत्ति से हटाने की कार्रवाई कर रही हैं। वहीं, नगर निगम के जवाब से अलग तस्वीर सामने आई। कोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड में यह बात सामने आई कि सरकारी जमीन को अपनी संपत्ति में शामिल करते हुए वहां दीवार बनाई गई थी। दलीलें आकर्षक, लेकिन ठोस आधार नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से रखी गई दलीलें पहली नजर में आकर्षक दिखाई देती हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर उनमें ठोस आधार नहीं है। कोर्ट ने महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों को छिपाने को न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की स्थिति माना। पीठ ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण तथ्यों के खुलासे से संबंधित स्थापित न्यायिक सिद्धांत लागू होता है और तथ्य छिपाने वाले याचिकाकर्ता को राहत नहीं दी जा सकती। निगम की कार्रवाई में मनमानी नहीं मिली कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर नगर निगम की कार्रवाई में ऐसी कोई मनमानी या स्पष्ट गैरकानूनी प्रक्रिया नहीं पाई, जिसके आधार पर याचिकाकर्ता को राहत दी जा सके। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से यह कहा गया कि उन्हें संबंधित तथ्यों की जानकारी नहीं थी। इस दलील को देखते हुए कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और याचिका को खर्चे के साथ खारिज कर दिया। जुर्माने की राशि सात दिन में मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर में जमा करनी होगी और उसकी रसीद हाईकोर्ट रजिस्ट्री में पेश करनी होगी।
दक्षिणी दिल्ली के मदनपुर खादर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक रोहित पर बदमाशों ने गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी भूपेंद्र उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर शुक्रवार रात इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र के राजमोहल्ला स्थित कॉलोनी में गोगा नवमी के अवसर पर आयोजित छड़ी पूजा में शामिल होने पहुंचे थे। पूजा में करोसिया और बैरवे समाज के लोग मौजूद थे। पूजा संपन्न होने के बाद श्याम टेलर के वहां से निकलने के दौरान एक व्यक्ति द्वारा उन्हें घर ले जाकर खाना खिलाने की बात कहने पर विवाद की स्थिति बन गई। खाना खिलाने की बात पर शुरू हुई बहस सूत्रों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे श्याम टेलर छड़ी पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कॉलोनी में पहुंचे थे। पूजा पूरी होने के बाद जब वे वहां से रवाना होने लगे, तभी हेमंत नाम के व्यक्ति ने उन्हें अपने घर ले जाकर खाना खिलाने की बात कही। इस पर दूसरे पक्ष के अभिषेक के लोगों ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते बहस बढ़ने लगी। मौके पर विवाद की स्थिति बनती देख श्याम टेलर को तत्काल वहां से रवाना कर दिया गया। अध्यक्ष के जाने के बाद इलाके में हुआ विवाद श्याम टेलर के मौके से निकलने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया। सूचना मिलने पर मामला मल्हारगंज थाने तक पहुंचा। दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत देने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों के दो लोगों को मेडिकल के लिए भेजा है। टीआई नीरज बिरथरे ने विवाद की पुष्टि की है। उनका कहना है कि मारपीट की घटना हुई है, जिसमें आगे की कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के बीच थाने के सामने भी बहस हुई थी। इस पर पुलिस ने सभी को मौके से हटा दिया। युवा मोर्चा पदाधिकारी ने किया इनकार इस मामले में युवा मोर्चा के इंदौर अध्यक्ष सौगात मिश्रा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। वहीं, अन्य पदाधिकारी रजत शर्मा ने बताया कि वह कार्यक्रम में मौजूद थे। उनके मुताबिक, श्याम टेलर के जाने तक वहां कोई विवाद नहीं हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले से रंजिश चली आ रही है।
मुरादाबाद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर में कई धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। मंदिरों और दूसरे आयोजन स्थलों पर श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में डूबे हैं। भजन-कीर्तन, अभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच लोगों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को लेकर उत्साह दिख रहा है। इस्कॉन मंदिर की ओर से व्हाइट हाउस में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सत्यपाल अंतिल जैसे कई खास लोग मौजूद हैं। कार्यक्रम में बच्चे भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति गीतों पर प्रस्तुतियां दे रहे हैं। बच्चों की परफॉर्मेंस से लोगों का उत्साह बढ़ रहा है। कार्यक्रम स्थल पर कृष्ण भक्ति के गीतों से भक्ति का माहौल है। दिल्ली रोड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का खास कार्यक्रम चल रहा है। कृष्ण जन्म से पहले मंदिर में भजन-कीर्तन और भगवान के अभिषेक का कार्यक्रम जारी है। कई श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और भक्ति में डूबे हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर परिसर में जयकारों और भजनों से भक्ति का माहौल है। पुलिस विभाग की ओर से भी जन्माष्टमी पर कार्यक्रम किया जा रहा है। पुलिसकर्मी और उनके परिवार ने इसमें हिस्सा लिया हैं। यहां भी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। जगह-जगह पर श्रद्धालुओं और लोगों में जन्माष्टमी को लेकर उत्साह दिख रहा है।
Delhi Rain: द्वारका एक्सप्रेसवे अंडरपास में जलभराव, NH-8 और एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग पर लगा जाम
तेज वर्षा के कारण द्वारका एक्सप्रेसवे और आसपास के अंडरपास में जलभराव हो गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पानी निकालकर यातायात सामान्य किया, लेकिन वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ा।
गोरखपुर में जन्माष्टमी के खास मौके पर शहर भर में बच्चों को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिला। घर-घर में छोटे-छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के रूप में तैयार किया गया। सिर पर मोरपंख, हाथ में बंसी और पीले कपड़ें पहने नन्हें कान्हाओं की मनमोहक छटा देखते ही बन रही थी। वहीं, रंग-बिरंगे लहंगे और गहनों में सजी नन्हीं राधा रानी ने भी दिल जीत लिया। त्योहार को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने अपने बच्चों का विशेष रूप से श्रृंगार किया और उनके साथ तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कीं। बच्चों के इन प्यारे रूपों को देखकर लोग काफी खुश नजर आए। देखिए तस्वीरें…
ग्रीन पार्क रेजिडेंशियल अपार्टमेंट वेलफेयर सोसायटी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर महाआरती को लेकर गुरुवार रात शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात पुलिस के दखल के बाद खत्म हुआ। सोसायटी के सदस्यों और बिल्डर के बीच महाआरती के आयोजन को लेकर विवाद हुआ था। मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी और हस्तक्षेप के बाद रात करीब 11:30 बजे सोसायटी के मंदिर में सामूहिक महाआरती कराई गई।आरती में सोसायटी के कई सदस्य शामिल हुए। आयोजन पूरा होने के बाद सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। उन्होंने महाआरती को लेकर हुए विवाद के बीच आयोजन हो पाने को अपनी जीत बताया। इससे सोसायटी परिसर में देर रात तक उत्साह का माहौल रहा।बिल्डर से विवाद के बाद पुलिस तक पहुंचा मामलासोसायटी सदस्यों के मुताबिक, जन्माष्टमी पर रात में मंदिर में महाआरती और धार्मिक कार्यक्रम कराने को लेकर बिल्डर की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बनी। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और धार्मिक आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट कराई।इसके बाद रात करीब 11:30 बजे मंदिर में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। मगर खास बात यह रही कि बिल्डर या उनका परिवार इस आरती मेंं शामिल नहीं हुए। पहले भी होते रहे हैं धार्मिक आयोजनसोसायटी सदस्यों का कहना है कि परिसर में पहले भी धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। जन्माष्टमी से पहले भी सोसायटी में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। सदस्यों का तर्क है कि जब पूर्व में धार्मिक आयोजन होते रहे हैं तो जन्माष्टमी पर महाआरती को लेकर विवाद खड़ा होना उचित नहीं है। महाआरती के बाद सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि विवाद के बावजूद मंदिर में सामूहिक आरती होना उनकी सामूहिक जीत है।
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार के दावे के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को रोकने के लिए आंदोलन और कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है।
बदायूं में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार रात पुलिस लाइन में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। हल्की बूंदाबांदी के चलते इस बार कार्यक्रम खुले मैदान के बजाय हॉल में आयोजित किया गया। मथुरा से आए कलाकारों ने कृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं। स्कूली बच्चों ने भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। रात 12 बजे कृष्ण जन्म के साथ पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। डीएम-एसएसपी ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। मथुरा से आए कलाकारों ने कृष्ण की बाल लीलाओं और अन्य प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं। स्कूली बच्चों ने भी विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो मंदिर परिसर में जयकारे गूंज उठे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। डीएम और एसएसपी भी रात 12 बजे के बाद पुलिस लाइन मंदिर पहुंचे और प्रसाद वितरण में शामिल हुए। घरों में भी श्रद्धा से मनाई जन्माष्टमी शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अपने घरों में भी जन्माष्टमी मनाई। श्रद्धालुओं ने दिनभर व्रत रखा। घरों के मंदिरों को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने व्रत खोला। 7 सितंबर को मंदिरों में होगा मुख्य आयोजन शहर में जन्माष्टमी का उत्सव अभी जारी रहेगा। 7 सितंबर को एकादशी के मौके पर शहर के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिरों में इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंदिर समितियां तैयारियों में जुटी हैं।
सलूम्बर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। शहर के मंदिरों, विद्यालयों और कार्यक्रम स्थलों पर दिनभर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। जगह-जगह आकर्षक झांकियां सजाई गईं। नन्हे बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नजर आए, वहीं मटकी फोड़ सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर विधिनिकेतन स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छोटे बच्चे राधा-कृष्ण की सुंदर वेशभूषा में पहुंचे। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनमोहक दृश्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राधा-कृष्ण के रूप में सजे मासूम बच्चे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मटकी फूटते ही स्कूल परिसर 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयघोष से गूंज उठा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभिभावकों और मौजूद लोगों का मन मोह लिया। रावली पोल में सजा बाबा श्याम का दरबार सलूम्बर के रावली पोल प्रांगण में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। रावली पोल प्रांगण में बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुए नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों और बच्चों ने प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। राधा-कृष्ण बने बच्चों ने फोड़ी मटकी कार्यक्रम में बच्चों के लिए खास मटकी फोड़ प्रतियोगिता रखी गई। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे छोटे बच्चों ने मटकी फोड़ने के लिए पूरे जोश के साथ प्रयास किया। बच्चों की मासूम अदाओं और उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिरों, विद्यालयों और कार्यक्रम स्थलों पर देर तक 'राधे-राधे' और 'जय श्रीकृष्ण' के जयकारे गूंजते रहे।
बिहार में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार तक राज्य के 13 जिलों के 28 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हो गए। पटना, बक्सर, नालंदा, भागलपुर, बेगूसराय समेत कई जिलों में अलग-अलग इलाकों में घर, सड़क, स्कूल आदि जलमग्न हो चुके हैं। भागलपुर शहर में बाढ़ प्रवेश कर गई।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने शुक्रवार को उनके घर पहुंचकर मुनादी कराई और मकान पर नोटिस चस्पा किया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश होने की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई से फरार आरोपियों के परिवार वालों में हड़कंप मच गया है। सब इंस्पेक्टर विकास कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी सलमान ऑडी उर्फ अजरुद्दीन पुत्र रियाजुद्दीन और साद उर्फ टट्टी पुत्र सजाउद्दीन उज्जवल गार्डन के रहने वाले हैं। ये दोनों हत्या के प्रयास के मामले में काफी समय से फरार चल रहे थे। पुलिस टीम आरोपियों के घर पहुंची। वहां उनके मकान के बाहर मुनादी कराई गई। दोनों आरोपियों के मकान पर नोटिस भी चस्पा किया गया। पुलिस ने आसपास के लोगों को भी इस कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस ने साफ किया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों को तय समय में कोर्ट में पेश होना होगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जो आरोपी मुकदमों में वांछित हैं और पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, उनके खिलाफ कोर्ट के नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में इन दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा वारंट की कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आसपास के लोग जमा हो गए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को बताएं। लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी दलवीर सिंह ने कहा कि फरार आरोपियों को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। अगर वे जल्द कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो उनके मकान कुर्क कर लिए जाएंगे। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए आगे भी छापेमारी और दूसरी कार्रवाई जारी रहेगी।
दिल्ली में प्रदूषण पर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, बिना वैध PUCC दौड़ रहे 238 वाहनों के चालान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तरी रेंज में बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 238 चालान जारी किए गए और वाहन चालकों से प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने की अपील की गई।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम, बांकेबिहारी को अर्पित होगा 31 किलो का ‘पाग केक’
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मथुरा और वृंदावन भक्तिमय माहौल में डूबे हुए हैं। रात 12 बजे नंदगोपाल के प्राकट्य के साथ ही महाअभिषेक और दिव्य आरती का आयोजन होगा
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत चार दिनों में 5.45 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। नए नाम जोड़ने से ज्यादा मौजूदा विवरण में बदलाव के लिए आवेदन आए हैं।
भगवान श्री कृष्ण का जन्म हो गया। जन्म के साथ मंदिरों में घंटे घड़ियाल बज उठे। पूरा बाड़मेर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... से गूंज उठा। वैदिक मंत्रो के बीच कमल पुष्प अर्पित किए गए। आपको बतादें कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार 15 साल बाद अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शहर के मंदिरों में 4 सितंबर की रात 11:50 जन्मोत्सव प्रोग्राम शुरू हुआ। इससे पहले मंदिरों में राधा-कृष्ण के लिए पुष्पों का झूला सजाया गया है, जहां रात 12 बजे प्राकट्य उत्सव, अन्नकूट झांकी व महाआरती की गई। रात 9 बजे के बाद स्टेशन रोड पर लोगों का जन सैलाब उमड़ गया। नन्हें बच्चे भगवान कृष्ण की वेशभूषा में भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार 12 बजे तक किया। शहर में पुराना जाटावास, कल्याणपुरा, रॉय कॉलोनी समेत जगह-जगह दही हांडी फोड़ प्रोग्राम आयोजित किए गए। बच्चे, युवा महिलाएं व बुजुर्ग सभी कृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए। रात में मंदिरों में बच्चे, महिलाएं सहित भक्तों मंदिर में दर्शन करते नजर आए। मंदिरों में फूल मालाओं से विशेष सजावट की गई। शहर के आजाद चौक से हनुमान जी मंदिर, स्टेशन रोड में भक्तों का जमावड़ा नजर आया। कृष्ण जन्म के बाद भक्त घर के लिए रवाना हुए। मंदिरों में कृष्ण भगवान के दर्शन करने के लिए लंबी-लबी लाइन लग गई। कृष्ण जन्म के साथ बरसाए फूल भगवान कृष्ण के जन्म से के समय में मंदिरों में श्रद्धालु भजन कीर्तन करते नजर आए। वहीं मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। कृष्ण जन्म के साथ ही नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की आरती से कृष्ण मंदिर गूंज उठे। वहीं भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं गुलाब के फूल बरसाकर भगवान कृष्ण का स्वागत किया। मंदिर में पुजारी ने श्रृंगारित प्रतिमाओं को भोग लगाया और महाआरती के साथ भगवान कृष्ण की महाआरती के साथ कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिरों में अजवाइन बनी घूंट और पंचामृत का भी वितरण किया गया। अलग-अलग जगह पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं शहर के अलग-अलग जगहों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं हुई। राय कॉलोनी में करीब 20 फीट मटकी फोड़ने के लिए युवाओं को मशक्कत करनी पड़ी। युवा टीम ने आखिरकार मटकी फोड़ प्रतियोगिता को जीता। जन्माष्टमी प्रोग्राम कृष्ण जन्म तक चला। लोगों ने व्रत कृष्ण जन्म के बाद खोले। कृष्ण जन्म के समय भगवान के दर्शन करने के लिए भक्त इंतजार करते नजर आए।
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र के मलियाना में एक 18 साल के युवक ने खुद को गोली मार ली। युवक ने यह कदम एडमिशन को लेकर परिजनों से नाराज होकर उठाया। उसे गंभीर हालत में मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। दिनेश विहार निवासी दीपक का बेटा हनि इस साल 12वीं कक्षा पास कर चुका है। वह आगे किसी कोर्स में एडमिशन लेना चाहता था। इसी बात को लेकर उसकी परिजनों से चर्चा चल रही थी, लेकिन परिजनों ने उसके एडमिशन का विरोध किया। आरोप है कि इस बात से हनि काफी नाराज और तनाव में था। शुक्रवार को हनि ने अपने घर पर ही अपनी छाती में गोली चला दी। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए इलाज शुरू किया। युवक की हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही टीपीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने किस हथियार से गोली चलाई और वह हथियार उसके पास कैसे आया। पुलिस परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, हनि के पिता दीपक किसान हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। युवक के बयान और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।
भोपाल के परवलिया इलाके में स्कूल की शिक्षिका के साथ रेप का मामला सामने आया है। वारदात को पीड़िता के सहकर्मी शिक्षक ने अंजाम दिया है। दोनों के बीच बीते एक साल से परिचय था। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताया था और पीड़िता से जल्द शादी करने का वादा किया था। अब आरोपी ने पीड़िता से शादी करने से इनकार कर दिया और हर तरह का रिश्ता खत्म कर दिया, तब शुक्रवार को थाने पहुंची महिला की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। पुलिस के मुताबिक, 22 वर्षीय पीड़िता गोविंदपुरा इलाके में रहती हैं, वह एक शासकीय प्रशिक्षण संस्थान में बतौर शिक्षिका पदस्थ है। उन्हीं के शिक्षण संस्थान में 48 वर्षीय महेंद्र ठाकुर पदस्थ है। साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच पहले दोस्ती फिर प्रेम प्रसंग हो गया। 1 साल पहले आरोपी ने पहली बार पीड़िता से जल्द शादी करने का भरोसा दिलाकर परवलिया इलाके में पहली बार शारीरिक संबंध बनाएं, इसके बाद अलग-अलग स्थान पर कई बार उसके साथ रेप किया। अब आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया, तब थाने पहुंच कर पीड़िता ने एफआईआर दर्ज कराई है, पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
मंदसौर जिला जेल में शुक्रवार रात कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्ति और आस्था का अनोखा नजारा दिखा। जन्माष्टमी के लिए जेल को बिजली की रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। जेल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सुंदर झांकियां बनाई गईं, जिन्हें देखने और कान्हा के दर्शन के लिए जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जेल में कंस वध, रासलीला और भगवान शिव की झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहीं। झूले में बैठे भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाने के लिए भी भक्तों की लंबी लाइन लगी थी। हल्की बारिश के बावजूद लोगों की आस्था कम नहीं हुई और देर रात तक वे जेल आते रहे। मंदसौर जिला जेल में जन्माष्टमी पर झांकियां बनाने और उत्सव मनाने की यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। जेल प्रशासन के मुताबिक, इसकी तैयारी हर साल करीब एक महीने पहले से शुरू हो जाती है। जन्माष्टमी की रात जिलेभर से लोग यहां झांकियां देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। जेल अधीक्षक यशवंत मांझी ने बताया कि जिला जेल में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। इस बार भी सुंदर झांकियां तैयार की गई हैं। रात 12 बजे तक करीब 10 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर जेल में बंद कैदी भी जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करते हैं। लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से उन्हें झांकियां देखने की इजाजत नहीं दी गई। भक्तों की भीड़ को देखते हुए जेल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और उन्होंने व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ था। इसी वजह से वे हर साल मंदसौर जेल में जन्माष्टमी पर होने वाली खास सजावट और झांकियां देखने यहां आते हैं।
दिल्ली के चार कचरा-से-बिजली संयंत्रों को 'रेड' से 'ब्लू' श्रेणी में रखने पर एक नए विश्लेषण में सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि इनका संयुक्त प्रदूषण सूचकांक 100 है। सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (सीएफए) ने इसे 'ब्लूवॉशिंग' बताते हुए कहा है कि इससे पर्यावरण निगरानी कमजोर होगी और प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के विपरीत, दिल्ली ने चार माह पहले ही साल भर की वर्षा का कोटा पूरा कर लिया है। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश के बाद राजधानी में औसत वार्षिक वर्षा का आंकड़ा पार हो गया।
समझ नहीं रहे हो मैं ग्राम प्रधान हूं...बाइक सवार युवक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को धमकाया, वीडियो वायरल
शाहजहांपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में खुद को ग्राम प्रधान बताने वाला एक व्यक्ति यातायात पुलिसकर्मी से भिड़ता नजर आ रहा है। दोनों के बीच काफी बहसबाजी हो रही है।
शंकर आश्रम मेरठ में श्री शंकर भगवान ट्रस्ट एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजय नगर के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजकर अनेक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांत प्रचारक अनिल कुमार ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य, सत्य और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके जीवन से युवाओं और बच्चों को निरंतर सीख लेने की आवश्यकता है। उत्सव के दौरान बच्चों ने कृष्ण के बाल स्वरूप और राधा के रूप में विभिन्न प्रस्तुतियां देकर जन्माष्टमी के माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का समापन शाखा के युवा स्वयंसेवकों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम के साथ हुआ। युवाओं ने उत्साह के साथ मटकी फोड़ी, जिसके बाद पूरा परिसर जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और शिक्षाविदों के सम्मान में प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड 2026 के 15वें संस्करण का आयोजन 6 सितंबर को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया जाएगा। आयोजन थार सर्वोदय संस्थान, सिम्पली जयपुर और रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में होगा। आयोजन की जानकारी जारी प्रेस नोट में दी गई है। इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 148 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्री-स्कूल, सरकारी व निजी विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। जयपुर के अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों तथा दिल्ली, लखनऊ, वृंदावन, छत्तीसगढ़ और बहरोड़ से आए शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। सात वरिष्ठ शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे सात वरिष्ठ शिक्षकों को माला माथुर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन प्रदान किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में प्रो. बी.के. शर्मा, डॉ. दीपक सक्सेना, डॉ. रश्मि पाटनी, डॉ. जयश्री भार्गव, श्रीमती अनुराधा टंडन, डॉ. सिद्धार्थ मोथड़िया और श्रीमती लवलीना सोगानी शामिल हैं। आयोजक सोमेंद्र हर्ष ने कहा कि यह अवॉर्ड शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की मेहनत, समर्पण, नवाचार और उपलब्धियों को सम्मान देने की पहल है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनकी रचनात्मक सोच विकसित करने और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। थार सर्वोदय संस्थान की ट्रस्टी अंशु हर्ष ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जो अपने ज्ञान और निरंतर प्रयासों से विद्यार्थियों के भविष्य को आकार दे रहे हैं। समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड पिछले 15 वर्षों से शिक्षा जगत के उत्कृष्ट शिक्षकों और प्राचार्यों को सम्मानित करने का मंच बना हुआ है।
पहले की बच्चे की पिटाई की अनदेखी, अब हिरासत में प्ले स्कूल की प्रिंसिपल बोली- गलती हुई; टीचर फरार
मौजपुर के प्ले स्कूल में बच्चे से मारपीट मामले में प्रधानाचार्य नीलम से पूछताछ हुई, जिन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। हालांकि, आरोपित शिक्षिका और निदेशक अभी भी फरार हैं, जबकि स्कूल सील होने से 300 बच्चों का भविष्य अधर में है।
गोपालगंज जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। इनमें थावे दुर्गा मंदिर, बाल खंडेश्वर महादेव मंदिर और दुर्गामंदिर शामिल हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। हर तरफ ढोलक, झाल, मंजीरे और दूसरे वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरों और पूजा पंडालों में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी कृष्ण भक्ति में डूबे हैं। देर रात तक चलने वाले भजन-कीर्तन में महिलाएं सोहर और पारंपरिक गीत गाकर बाल गोपाल का स्वागत कर रही हैं। मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा पुरुषों की टोली ढोलक की थाप और झाल की झंकार के साथ 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे लगा रही है। श्रद्धालु बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब रात 12 बजेगी। मान्यता है कि मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। इसके बाद पूरा गोपालगंज 'जय श्री कृष्णा' के जयकारों से गूंज उठेगा। 12 बजते ही भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, उन्हें मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा और आरती की जाएगी। प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस तैनात जन्माष्टमी पर कई श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत भी रखा है। वे 12 बजे जन्मोत्सव और दर्शन-पूजन के बाद ही व्रत खोलेंगे। मंदिरों में पुरुष और महिलाएं लाइन में लगकर भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन और झूला झुलाने का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस प्रशासन भी तैनात है। पूरा गोपालगंज इस समय कान्हा की भक्ति में डूबा हुआ है।
कोरबा में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के मंदिरों, चौक-चौराहों और गलियों में लोग पूरे उत्साह के साथ यह पर्व मना रहे हैं। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बारिश के बावजूद श्रद्धालु मंदिरों तक पहुंच रहे हैं और मटका फोड़ प्रतियोगिता का आनंद ले रहे हैं। शहर के बस स्टैंड स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ मटका फोड़ प्रतियोगिता हुई। डीजे की धुन पर भक्त झूमते दिखे। छोटे बच्चे शंकर-पार्वती और राधा-कृष्ण की वेशभूषा में लोगों का ध्यान खींच रहे थे। मंदिर परिसर में सजी झांकियां भी भक्तों को खूब पसंद आ रही हैं। गौरी शंकर मंदिर और सीतामढ़ी मुख्य मार्ग पर स्थित सत्यदेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। इन मंदिरों में सजी झांकियां भी लोगों के लिए खास आकर्षण का विषय बनी हुई हैं। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों में मंदिर समितियां लगी हुई हैं। शहर के चौक-चौराहों और गलियों में भी भारी भीड़ नजर आई। जन्माष्टमी के मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मंदिर और चौक-चौराहों पर नजर रख रही है, ताकि कोई अव्यवस्था न फैले। भीड़भाड़ वाले इलाकों और मंदिरों के पास एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। कुल मिलाकर, कोरबा में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बारिश भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर पाई है। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी कृष्ण भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं।
टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो बेचने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला 500 से 2000 रुपये लेकर ग्राहकों को टेलीग्राम के जरिए पोर्न वीडियो भेजती थी।
उन्नाव में शुक्रवार शाम एक पति ने पत्नी को गंगा नदी में फेंक दिया। दोनों के बीच पुल के बींचोबीच झगड़ा हुआ। इसके बाद पति ने पत्नी को गंगाजी में धक्का दे दिया। घटना के तुरंत बाद पति ने खुद पुलिस को कॉल करके कहा- मेरी पत्नी गंगा नदी में कूद गई है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पति अपनी पत्नी पर अफेयर को लेकर शक करता था। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि पति ने झगड़े के दौरान पत्नी को पुल से नीचे धक्का दे दिया। घटना सफीपुर इलाके की है। पुलिस गोताखोरों की मदद से महिला की तलाश में जुटी हुई है। 2024 में हुई थी सुजीत-उषा की शादी बिठूर थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव के रहने वाले सुजीत राजपूत (20) की शादी 14 दिसंबर, 2024 को उषा (19) से हुई थी। उषा का मायका सफीपुर थाना क्षेत्र के मरौंदा मंझवारा गांव में है। कुछ दिन पहले उषा का साढ़ू नए बने मकान की बीम से गिर गया था। हादसे में उसका हाथ टूट गया था। इसके बाद वह मायके में रहकर इलाज करा रहा था। शुक्रवार को सुजीत, पत्नी उषा को लेकर उसके मायके गया था। वहां उसने अपने साढ़ू का हालचाल पूछा। शाम करीब 7 बजे दोनों वहां से वापस लौट रहे थे। पुल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, परियर-बिठूर पुल पर पति-पत्नी का झगड़ा होने लगा। पति कहने लगा कि तुम्हारा किसी से चक्कर चल रहा। पत्नी के विरोध के बाद पति ने उसे पुल से नीचे गंगा में फेंक दिया। आरोपी ने खुद पुलिस को दी सूचना घटना के बाद सुजीत ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। उससे पूछताछ की तो बोला- मेरी पत्नी खुद ही नीचे कूद गई। उसने पेट दर्द की बात कहकर बाइक रुकवाई थी। पुलिस ने सुजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तेज बहाव के चलते अब तक नहीं मिली उषा गंगा में इन दिनों पानी का बहाव तेज है। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से महिला की तलाश कराने की कोशिश की, लेकिन देर रात होने और तेज बहाव के कारण गोताखोर नदी में नहीं उतर सके। अंधेरा होने के चलते रात में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन भी नहीं चलाया जा सका। परियर चौकी इंचार्ज अनिल राजपूत ने बताया- शनिवार सुबह रोशनी होने पर महिला की तलाश दोबारा शुरू कराई जाएगी। इसके लिए गोताखोरों और अन्य संसाधनों की मदद ली जाएगी। महिला के नदी में गिरने की घटना की पुष्टि और उसकी बरामदगी के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- पिता बोले- पत्नी की बेवफाई से परेशान था बेटा:फतेहपुर में 5 लोगों पर तलवार से किया था हमला, भीड़ ने पीटकर मार डाला ‘बेटा घबराया हुआ घर आया था। बड़बड़ा रहा था कि अब सब सही गया है। मैंने हाथ जोड़कर पूछा कि बेटा क्या हुआ है, लेकिन उसने नहीं बताया। 15 मिनट बाद ही चला गया। उसे औरत का दुख था, बार-बार बच्चों को भी फोन करता था, लेकिन कोई बात नहीं करता था। उसे यही तकलीफ थी कि जिन्हें जिंदगी भर खिलाया वो आज बाहर भाग रहे हैं।’ पढ़िए रिपोर्ट…
कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और लोरमी विधायक अरुण साव अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने महामाया मार्ग स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में भक्तिमय माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। मंदिर में विशेष पूजा और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान अरुण साव ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। अरुण साव ने राधा-कृष्ण बने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के रास्ते पर चलने की सीख देता है। जन्माष्टमी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में मंदिर के महंत, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नेता, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर उत्साह और भक्ति का माहौल रहा।
चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार, 4 सितंबर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी को लेकर पूरे शहर में भक्तिमय माहौल है। प्रमुख कृष्ण मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। निंबाहेड़ा में जन्माष्टमी के मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित झांकियां हैं। शहर के प्रसिद्ध जेके राधा कृष्णा मंदिर और श्री कल्लाजी वेदपीठ में बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां सजाई गई हैं। झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 50 क्विंटल पंजीरी का भोग, भक्तों में होगा वितरण जन्माष्टमी पर हर साल की तरह इस बार भी 50 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया गया है। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पंजीरी का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। मंदिरों में ठाकुरजी का पंचामृत से अभिषेक कर नए वस्त्र और आभूषणों से विशेष शृंगार किया गया है। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी और माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा जाएगा। श्री राम गोशाला में होगा मुख्य दही हांडी कार्यक्रम इस बार निंबाहेड़ा का मुख्य दही हांडी कार्यक्रम श्री राम गोशाला में आयोजित किया जा रहा है। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विभिन्न टीमें हिस्सा लेंगी। विजेता टीम के लिए विशेष और आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के साथ जयकारों और महाआरती से शहर का माहौल और भक्तिमय हो जाएगा।
रात 12 बजते ही मध्य प्रदेश में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठे। उज्जैन, भोपाल, इंदौर, रतलाम, खंडवा, भिंड और टीकमगढ़ समेत प्रदेशभर के मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने आरती की, कान्हा को पालना झुलाया और प्रसाद चढ़ाया। उज्जैन में भगवान महाकाल का श्रीकृष्ण स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया, जबकि ISKCON मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त जन्मोत्सव में शामिल हुए।भोपाल सेंट्रल जेल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान उन्होंने पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की विशेष छूट देने की घोषणा की। उज्जैन में ISKCON में उमड़ी भीड़ जन्माष्टमी पर भगवान महाकाल का आकर्षक कृष्ण स्वरूप में श्रृंगार किया गया। उन्हें मोर पंख और वैष्णव तिलक से सजाया गया। वहीं ISKCON मंदिर में बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भजन-कीर्तन के बीच भक्त कृष्ण भक्ति में झूमते नजर आए। भोपाल सेंट्रल जेल में CM की घोषणासेंट्रल जेल में बंदियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी और लघु नाटिका प्रस्तुत की। भजनों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का पूजन और आरती की। इसके बाद पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की विशेष छूट देने का ऐलान किया। प्रदेश के मंदिरों से जन्मोत्सव की तस्वीरें… इंदौर में राजवाड़ा से बड़ा गणपति तक जन्माष्टमी की धूम इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर और बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही। बांके बिहारी मंदिर में राजकमल बैंड ने भजनों की प्रस्तुति दी। बड़ा गणपति मंदिर पर युवाओं की टोली ने करीब 30 फीट ऊंची मटकी फोड़ी। कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। रतलाम में दही-हांडी, ढोल-ताशों पर झूमे भक्त रतलाम के धानमंडी चौराहे पर क्रेन से दही-हांडी बांधी गई। महाराष्ट्र की ढोल-ताशा टीम की प्रस्तुति ने माहौल में उत्साह भर दिया। बड़ा गोपाल जी मंदिर में कान्हा का विशेष श्रृंगार किया गया और भक्त जयकारे लगाते हुए झूमे। खंडवा में चार जगह मटकी फोड़, 31 हजार का इनाम खंडवा शहर में चार स्थानों पर मटकी फोड़ आयोजन हुए। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के कार्यक्रम में क्रेन से मंच पर मौजूद नेताओं को माला पहनाई गई। प्रतियोगिता में विजेता टीम के लिए 31 हजार रुपए का पुरस्कार रखा गया है। आयोजन देर रात तक चलेंगे। भिंड और ओंकारेश्वर में भी जन्मोत्सव भिंड में मंदिरों के साथ खंडा रोड पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। ओंकारेश्वर के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजन, अभिषेक और श्रृंगार किया गया। जन्म के मौके पर मंदिरों में आरती और धार्मिक अनुष्ठान हुए। खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए।
नवादा का धर्मशीला अस्पताल सील, मरीजों को निकाला गया; राजबल्लभ और विभा देवी के बेटे की मौत में ऐक्शन
नवादा के धर्मशीला देवी अस्पताल को सील कर दिया गया है। पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव एवं जदयू विधायक विभा देवी के बेटे की मौत के बाद लगे आरोपों के सही पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। उसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जसरापुर के मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी पर सजावट:श्रद्धालुओं ने दर्शन और पूजा-पाठ किया; लगे जयकारे
जसरापुर क्षेत्र में कृष्ण जन्मोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी पर क्षेत्र के कई मंदिरों में खास सजावट की गई है। यह सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जसरापुर के प्राचीन बिहारी मंदिर को भी खास तौर पर सजाया गया है। यहां पुजारी गिरधारी पांडे की देखरेख में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-पाठ कर रहे हैं। गोपीनाथ मंदिर में पुजारी रमाकांत शर्मा की देखरेख में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस मंदिर में भी विशेष सजावट की गई है। इसके अलावा सीताराम , संकटमोचन हनुमान, रघुनाथ बड़ा मंदिर, लक्ष्मी नारायण, सिद्धिविनायक, सत्यनारायण भगवान और नरसिंह भगवान के मंदिरों में भी खास सजावट की गई है। सभी मंदिरों में गायक कलाकार भजन गा रहे हैं, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया है। मानोता जाटान स्थित हनुमान मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष पूजा और आकर्षक सजावट की गई है। जन्माष्टमी के चलते सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ है। श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन कर पूजा कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं। जसरापुर क्षेत्र के मंदिरों में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव के लिए मंदिरों में खास तैयारियां की गई हैं। भजन-कीर्तन, धार्मिक कार्यक्रम और मंदिरों की सजावट से पूरा इलाका कृष्णमय दिख रहा है।
लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित 15वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर–‘भारत उद्योग दर्शन’ 2026 का आयोजन 23 से 26 अक्टूबर तक गांधीनगर स्थित हेलिपैड ग्राउंड में किया जाएगा। मेले की तैयारियों और आयोजन के उद्देश्यों को लेकर लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर उन्हें मेले में सहभागिता और उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय खान एवं कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे से भेंट की। एमएसएमई को मिलेगा नए बाजार और कारोबार का मंच प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्रियों को इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर–उद्यम 2026 की तैयारियों और आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। मेले में गुजरात सहित देशभर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के साथ विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, वस्त्र, फार्मा और ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी भाग लेंगे। आयोजन के माध्यम से उद्यमियों को नए बाजार, व्यापारिक संपर्क और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लघु उद्योग भारती के अनुसार मेला देश के एमएसएमई क्षेत्र की क्षमता, नवाचार, स्वदेशी उत्पादों और उद्यमशीलता को व्यापक मंच प्रदान करेगा। ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा लघु उद्योग भारती ने बताया कि मेले के माध्यम से ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, एमएसएमई क्षेत्र की भागीदारी के जरिए आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल प्रतिनिधिमंडल में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशजी भाई साहब, राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू, राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश गुप्ता, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री नरेश पारीक, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर पटेल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव भाई प्रजापति, कार्यकारिणी सदस्य एवं अखिल भारतीय पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वजूभाई वाघासिया, चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष महेश हुरकट, कपिल गुप्ता, असम के उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, पल्लवी लड्ढा, कर्णावती संभाग महामंत्री अशोक पटेल तथा कर्णावती प्रमुख जयकल्प पटेल शामिल रहे। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री नरेश पारीक ने बताया कि दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के दौरान उन्हें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर–भारत उद्योग दर्शन 2026 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया।
सारसोप के चार भुजा नाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर कीर्तन:मंदिर परिसर को सजाया; भक्तों को बांटा प्रसाद
जन्माष्टमी के अवसर पर सारसोप केचार भुजा नाथ मंदिर को खास तरह से सजाया गया है। मंदिर परिसर में जन्माष्टमी को लेकर धार्मिक और भक्ति का माहौल है। मंदिर के पुजारी हरीश पाराशर और भक्तों ने मिलकर मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया है। हरीश पाराशर मंदिर में रोजाना सेवा करते हैं। चार भुजा नाथ मंदिर सहित गांव के सभी मंदिरों से पूरे गांव के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद रात 12 बजे भोग लगाया जाएगा। इसके बाद बच्चों और गांव के लोगों को प्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर की सजावट और इस आयोजन में गांव के सभी लोगों का सहयोग मिला है। पुजारी हरीश पाराशर ने बताया कि इस आयोजन में गांव के लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं में खास उत्साह और भक्ति का माहौल है। रात में जागरण का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें गांव के सभी भक्त मौजूद हैं।
सारसोप के राम लक्ष्मण मंदिर में जन्माष्टमी पर सजावट की गई। मंदिर के पुजारी भानु गौतम ने मंदिर परिसर में जन्माष्टमी पर भक्तिमय माहौल बन गया। जन्माष्टमी पर उन्होंने बहुत उत्साह से मंदिर को सजाया। राम लक्ष्मण मंदिर समेत गांव के सभी मंदिरों से गांव वालों की आस्था जुड़ी है। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म के बाद खीर का भोग लगेगा। इसके बाद यह प्रसाद बच्चों और गांव वालों में बांटा जाएगा। मंदिर की सजावट और इस आयोजन में सभी गांव वालों का सहयोग रहा है। पुजारी भानु गौतम ने बताया कि इस आयोजन में गांव वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। जन्माष्टमी पर मंदिर में श्रद्धालुओं में खास उत्साह और भक्ति का माहौल है।
यूपी में हर समीकरण की सीमा लांघने वाला यक्ष प्रश्न- योगी जैसा नेता और कौन?
उत्तर प्रदेश का आगामी चुनावी संग्राम जब आकार लेगा, तब एक मौलिक और यक्ष प्रश्न सतह पर आएगा- आखिर वह क्या है, जो इस विशाल प्रदेश में केवल योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं, कोई अन्य नहीं?
देवर और जेठ ने महिला को कुल्हाड़ी से काट डाला, पति और बेटे को भी पहुंचा दिया अस्पताल
बांदा में गोबर डालने को लेकर हुए विवाद में देवर और जेठ ने मिलकर अपनी भाभी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। देवर ने महिला के पति और पुत्र को भी नहीं छोड़ा।
लक्ष्मणगढ़ में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। मंदिरों और घरों में विशेष सजावट की गई। जगह-जगह रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। कस्बे के प्राचीन श्री रघुनाथजी का बड़ा मंदिर, श्री विजय रघुनाथजी मंदिर, श्री मुरली मनोहर मंदिर और श्री कृष्ण वाटिका मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और कृष्णलीला मंचन की तैयारियां की गईं। शुक्रवार रात विभिन्न मंदिरों में भजन संध्या और जागरण का आयोजन हुआ। शेखावाटी के साधु-संतों के सान्निध्य में स्थानीय लोक कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक किया गया। मध्यरात्रि 12 बजे कृष्ण जन्म के साथ मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयकारों से गूंज उठा। रघुनाथजी मंदिर में विग्रह का अभिषेक कस्बे के श्री रघुनाथजी के बड़े मंदिर में भव्य जागरण के साथ भगवान के विग्रह का अभिषेक किया गया। जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। बिदावत जी मंदिर में आतिशबाजी और महाआरती मुख्य बस स्टैंड स्थित श्री रघुनाथजी (बिदावत जी) मंदिर में साधु-संतों के सान्निध्य में जागरण का आयोजन किया गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ आतिशबाजी और महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को पेड़े और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। बच्चों को खिलौने और टॉफियां भी बांटी गईं। संतों के सान्निध्य में हुआ जागरण श्री विजय रघुनाथजी मंदिर में आयोजित जागरण में श्री नाथजी आश्रम लक्ष्मणगढ़ से प्रकाशनाथ महाराज, चुवास से निश्चल नाथ महाराज, शिवमठ धाम गाड़ोदा से महावीर जति महाराज और मीरण धाम से मुक्तिनाथ महाराज सहित कई संतों का सान्निध्य रहा। जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही पूरे कस्बे में उत्साह का माहौल रहा। मंदिरों के साथ लोगों ने अपने घरों में भी कृष्ण की झांकियां सजाईं। श्रद्धालु मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मंदिरों में पहुंचे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आक्रांताओं के तमाम हमलों के बावजूद भी भारत की धार्मिक-सांस्कृति विरासत पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नहीं।
लाम्बा जाटान में शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान कई गांवों में भगवान कृष्ण की पूजा की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। घंटों की आवाज और भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्ति से भर गया। जन्माष्टमी को लेकर लोगों में काफी उत्साह था। महिला, पुरुष और बच्चों ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की। पर्व के चलते बाजारों में दिनभर चहल-पहल दिखी। लोगों ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, माखन-मिश्री, नए कपड़े और सजावट का सामान खरीदा। शाम होते ही मंदिरों और पूजा स्थलों को रोशनी, रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी सामानों से सजाया गया। कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-राधा की झांकियां रहीं। बच्चों ने भगवान कृष्ण का बाल स्वरूप धारण कर उनकी नटखट लीलाएं दिखाईं। कान्हा के रूप में सजे बच्चों की मासूम अदाओं और प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। पंडित शोभाराम ब्राह्मण, कानाराम, नवीन दाधीच, पवन दाधीच, महंत 1008 लक्ष्मण दास महाराज और लोकप्रिय संत सुखदेव महाराज ने बताया कि हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का खास धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर दिनेश सुराणा, लच्छू दास महाराज, रामावतर भाम्बू, गोविंद भाम्भू, सुखराम दास महाराज, रामप्रसाद भाम्बू, पवन टेलर, नवीन दाधीच, गोवर्धन दाधीच और पवन दाधीच सहित कई लोग मौजूद रहे।
मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर 17 वर्षीय किशोरी को प्रेमजाल में फंसाने और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। किशोरी ने गुरुवार को थाने में लिखित आवेदन देकर आरोपितों पर शादी का झांसा देने, वीडियो वायरल करने की धमकी देने और देह व्यापार के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। वीडियो वायरल होने के डर से मां की सोने की बाली बेचकर 70 हजार रुपये जुटाए। किशोरी के अनुसार, यह रकम आरोपितों के बताए एक बिचौलिए को दी गई। इसके बावजूद आरोपितों ने बाकी 1.30 लाख रुपए की मांग जारी रखी। बाद में आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पुलिस फर्जी इंस्टाग्राम आईडी, मोबाइल नंबर, वीडियो वायरल किए जाने और रुपये के लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। ‘फैसल’ नाम से बनाई फर्जी आईडी, बातचीत के बाद बढ़ाई नजदीकी किशोरी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि इंस्टाग्राम पर ‘फैसल’ नाम की आईडी से एक युवक ने उससे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपित ने उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी ली और सहानुभूति जताकर धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाईं। आरोप है कि इसके बाद शादी का झांसा देकर किशोरी को विश्वास में लिया गया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया गया। वीडियो हाथ लगने के बाद उसे वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया जाने लगा। होटल में ग्राहकों के पास जाने का दबाव डालने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि आरोपित और उसके पिता मुझपर बड़े होटलों में ग्राहकों के पास जाकर देह व्यापार करने के लिए दबाव बनाया। इसके बदले ज्यादा पैसे मिलने का लालच भी दिया गया। ऐसा करने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसके वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और दो लाख रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर तेजाब फेंकने की धमकी का आरोप पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि वीडियो वायरल किए जाने का विरोध करने पर फोन पर गाली-गलौज की गई। साथ ही चेहरे पर तेजाब फेंककर बदसूरत करने की धमकी दी गई। पुलिस फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, उससे जुड़े मोबाइल नंबर, बातचीत, वीडियो वायरल किए जाने और 70 हजार रुपए के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और किशोरी को ब्लैकमेल करने के पीछे पूरा नेटवर्क क्या है। पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विभाग ने ग्वालियर जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 5 सितंबर को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने यह फैसला छात्रों की सुरक्षा के लिए लिया है। इस आदेश के बाद जिले के सभी स्कूलों में 5 सितंबर को नर्सरी से 8वीं तक की पढ़ाई नहीं होगी। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, ग्वालियर जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, साथ ही सीबीएसई, आईसीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल और अन्य सभी बोर्ड से जुड़े स्कूलों पर यह लागू होगा। इन स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के छात्रों की 5 सितंबर को छुट्टी रहेगी। प्रशासन ने बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी और जलभराव को देखते हुए यह कदम उठाया है। जिले में लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भर जाता है और आवागमन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि, आदेश में यह भी साफ किया गया है कि छुट्टी सिर्फ छात्रों के लिए रहेगी। स्कूलों में शिक्षक और बाकी स्टाफ तय समय पर मौजूद रहेंगे और अपने सरकारी व विभागीय काम करेंगे। इसके अलावा, अगर किसी स्कूल में पहले से कोई खास गतिविधि या परीक्षा तय है, तो वह पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जन्माष्टमी पर इस बार कृष्णधाम सांवलियाजी में रात होते ही आसमान में 1100 ड्रोन की रोशनी ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को जीवंत कर दिया। तीन साल बाद फिर आयोजित हुए ड्रोन शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। मंदिर परिसर से लेकर डोम पार्किंग और यशोदा विहार चौक तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की नजर आसमान पर थी। जैसे-जैसे ड्रोन अलग-अलग आकृतियां बनाते गए, श्रद्धालुओं की तालियां और जयकारे पूरे परिसर में गूंजते रहे। इस बार जन्माष्टमी महोत्सव में परंपरा और आधुनिक तकनीक का ऐसा मेल देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को और खास बना दिया। दिन में अखाड़ा, मटकी फोड़ और धार्मिक जुलूस ने माहौल को भक्तिमय बनाया, जबकि रात में ड्रोन शो इस महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया। 1100 ड्रोन से आसमान में दिखाई भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की झलकियां शुक्रवार रात ठीक 8 बजे दिल्ली की बोटलैब डायनॉमिक्स कंपनी ने एक साथ 1100 ड्रोन उड़ाकर करीब 15 मिनट का भव्य शो प्रस्तुत किया। इस शो की तैयारी के लिए कंपनी की 20 सदस्यीय टीम तीन दिन पहले ही सांवलियाजी पहुंच गई थी। ड्रोन शो को राजस्थान के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले साल 2023 की जन्माष्टमी पर यहां 1000 ड्रोन का शो हुआ था, लेकिन इस बार ड्रोन की संख्या भी बढ़ाई गई और नई थीम भी जोड़ी गई। मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव ने बताया कि शो की पूरी थीम भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्री सांवलियाजी मंदिर पर आधारित थी। ड्रोन की रोशनी से आसमान में श्रीकृष्ण जन्म, शेषनाग की छत्रछाया, गोवर्धन पर्वत उठाने का दृश्य, बाल कृष्ण का रूप, बांसुरी बजाते कान्हा, महाभारत में अर्जुन के सारथी बने श्रीकृष्ण, कालिया नाग पर नृत्य करते हुए भगवान, माखन खाते बाल गोपाल, राधा-कृष्ण की झलक, श्री सांवलियाजी मंदिर और सांवरा सेठ की आकर्षक आकृतियां उभरीं। हर दृश्य के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया और पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। ड्रोन शो देखने डोम पार्किंग और यशोदा विहार चौक पर उमड़ी भीड़ ड्रोन शो देखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास पहले से ही विशेष व्यवस्था की गई थी। डोम वाली पार्किंग और यशोदा विहार चौक को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया, जहां शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। परिवारों के साथ आए लोग खुले आसमान के नीचे बैठकर शो का इंतजार करते रहे। जैसे ही ड्रोन ने उड़ान भरी, पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस अनोखे दृश्य का आनंद लिया। कई श्रद्धालु अपने मोबाइल से लगातार वीडियो और तस्वीरें बनाते रहे। शो खत्म होने के बाद भी लोग इसकी चर्चा करते नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि उन्होंने पहली बार भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को इतनी अलग और आधुनिक शैली में देखा। अखाड़े के कलाकारों ने दिखाए करतब ड्रोन शो से पहले जन्माष्टमी महोत्सव के तहत दिनभर धार्मिक और पारंपरिक कार्यक्रमों की धूम रही। दोपहर बाद श्री सांवलियाजी मंदिर परिसर में उज्जैन जिले के पिपलोदा स्थित द्वारिकाधीश की बजरंग व्यायामशाला के कलाकारों का स्वागत किया गया। मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव, सदस्य पवन तिवारी और जन्माष्टमी महोत्सव समिति के विपिन मंडोत सहित अन्य पदाधिकारियों ने कलाकारों का उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया। इसके बाद पहलवान हुकुमचंद गुड्डू के सानिध्य में अखाड़ा प्रदर्शन शुरू हुआ। अर्जुन पहलवान, मुकेश भाई, देवेंद्र जैन, जितेंद्र सोलंकी, बिट्टू सरदार और अन्य कलाकारों ने पारंपरिक व्यायाम और हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों की खूब तालियां बटोरीं। कलाकारों ने जुलूस के रूप में गुर्जर चौक, कबूतरखाना, ब्रह्मपुरी, पुराने मंदिर मार्ग और मीरा सर्किल होते हुए यशोदा विहार चौक तक प्रदर्शन किया। पूरे रास्ते लोग उनका स्वागत करते रहे और करतब देखने के लिए बड़ी संख्या में सड़क किनारे खड़े रहे। मटकी फोड़ की परंपरा निभाई जुलूस के दौरान गुर्जर चौक, कबूतरखाना, जैन मोहल्ला और पुराने मंदिर मार्ग के प्रमुख चौराहों पर मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में मटकी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत किया। हर बार मटकी फूटने पर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। छोटे बच्चों और युवाओं में इस कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह दिखाई दिया। कई जगह स्थानीय लोगों ने कलाकारों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था भी की। इससे पूरे कस्बे में जन्माष्टमी का उत्सव और भी जीवंत नजर आया। यादगार बना जन्माष्टमी महोत्सव इस बार सांवलियाजी में जन्माष्टमी महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। एक ओर अखाड़ा, मटकी फोड़ और पारंपरिक जुलूस ने सालों पुरानी परंपराओं को जीवंत रखा, तो दूसरी ओर 1100 ड्रोन के जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया गया। यही वजह रही कि दिनभर मंदिर परिसर और पूरे कस्बे में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और रात में ड्रोन शो ने पूरे आयोजन को भव्य समापन दिया। परंपरा, आस्था और तकनीक के इस अनोखे संगम ने जन्माष्टमी महोत्सव को पहले से ज्यादा भव्य और यादगार बना दिया।
कोटपूतली में शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मौहल्ला बुचाहेड़ा स्थित श्री सीताराम बड़ा मंदिर ट्रस्ट परिसर में सजीव झांकियां सजाई गईं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश नीलम मीणा ने दीप प्रज्वलित कर जन्माष्टमी महोत्सव का उद्घाटन किया। श्री सीताराम बड़ा मंदिर में पिछले 18 वर्षों से लगातार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस बार भी मंदिर परिसर को ताजे और विदेशी फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया। सजीव झांकियों में छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण सहित विभिन्न देवी-देवताओं का रूप धारण किया। शहर के विभिन्न मंदिरों में सजाई गईं झांकियां, देखिए Photos- अमरनाथ गुफा और राधा-कृष्ण की झांकी रही खास आकर्षण जन्माष्टमी महोत्सव में अमरनाथ गुफा की बर्फीली झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इसमें श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन कराए गए। वहीं यमुना किनारे कदम के पेड़ की छांव में झूला झूलते राधा-कृष्ण की झांकी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। कंस की जेल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और कन्हैया की माखन चोरी की लीलाओं को भी सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा ग्रामीण संस्कृति और मां काली के स्वरूप की झांकियां भी सजाई गईं। भारत माता की झांकी के जरिए राष्ट्रीयता और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया गया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम झांकियां देखने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और सुरक्षा वॉलंटियर तैनात किए गए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। जन्माष्टमी महोत्सव की झांकियों और व्यवस्थाओं को सफल बनाने में कमेटी के घनश्याम अथोनिया, अमित यादव, मनीष यादव, अमरजीत सिंह शेखावत, हनुमान बली और सुरेश संघई सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सेवाएं दीं। कार्यकर्ताओं ने झांकियों की तैयारी से लेकर श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं तक जिम्मेदारियां संभालीं।
बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति द्वारा शुक्रवार को आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों के क्रम में पारंपरिक विधि-विधान से काठामो पूजा की गई। पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा निर्माण की पवित्र प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। इस दौरान समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक मौजूद रहे। काठामो पूजा बंगाली दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा के मूल ढांचे यानी काठामो का पूजन किया जाता है। इसी ढांचे पर आगे मिट्टी की परतें चढ़ाकर मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम स्वरूप दिया जाता है। समिति के सदस्यों के अनुसार, काठामो पूजा के साथ ही मां दुर्गा के आगमन की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ माना जाता है। पूजा में समिति के अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी, महासचिव अभय मुखर्जी और पूजा सचिव सुब्रतो बिस्वास सहित पदाधिकारियों व सदस्यों ने हिस्सा लिया। अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि काठामो पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां दुर्गा के आगमन की पहली अनुभूति है। यह वर्षों पुरानी बंगाली सांस्कृतिक परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। महासचिव अभय मुखर्जी ने कहा कि काठामो पूजा के साथ मां दुर्गा के भव्य आगमन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति की ओर से पूजा के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी चरणबद्ध तरीके से की जाएंगी। पूजा सचिव सुब्रतो बिस्वास ने बताया कि काठामो पूजा से लेकर विसर्जन तक दुर्गा पूजा की हर परंपरा का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। आज की पूजा के साथ प्रतिमा के निर्माण की यात्रा शुरू हो गई है। आयोजन में दीप्ति चौधरी, रीना सेन, मोहिनी मुखर्जी, अभिनव दत्ता, विश्वजीत विश्वास, अजय मुखर्जी, मैना विश्वास, चित्रा सरकार, मैत्री विश्वास, सत्यजीत मुखर्जी और डॉ. सुब्रतो सेन समेत समिति के सदस्यों व स्वयंसेवकों का सहयोग रहा। समिति ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं को आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव में सपरिवार शामिल होने का निमंत्रण दिया।
कानोड़ नगर पालिका चुनाव के लिए कुल 20 वार्डों के लिए 52 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 20-20 उम्मीदवार हैं, जबकि 12 प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। 9 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा। वहीं, 10 वार्डों में त्रिकोणीय और वार्ड नंबर 19 में चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। 4 सितंबर को अंतिम प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दे दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रचार अभियान भी जोर पकड़ गया है। निर्दलीय उम्मीदवारों को टॉफियां, टेलीविजन, बांसुरी, अलमारी और सेब जैसे चुनाव चिह्न मिले हैं। कानोड़ में चुनाव की गहमागहमी बढ़ने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता भी सक्रिय हो गए हैं। भाजपा की ओर से विधायक उदयलाल डांगी, पूर्व विधायक रणधीर सिंह भिंडर और चुनाव प्रभारी कन्हैयालाल मीणा कानोड़ पहुंचे। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से मिलकर वार्डवार चुनावी स्थिति पर चर्चा कर रणनीति बनाई। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने भी कानोड़ का दौरा किया। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर वार्डवार मतदाताओं से संपर्क, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। अब सभी उम्मीदवारों का जोर घर-घर जाकर संपर्क करने पर रहेगा। पार्टी उम्मीदवार जहां अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के भरोसे चुनाव लड़ेंगे, वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए व्यक्तिगत जनसंपर्क ही सबसे बड़ा सहारा है।
बाढ़ के पानी में बहने से बच्चे की मौत:दरवाजे पर खेल रहा था, पानी की धार में 200 मीटर दूर गया
बेगसराय में गंगा नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से एक बड़ा हादसा हो गया है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 कमरुद्दीनपुर में अपने घर के बाहर खेल रहा एक मासूम बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। काफी मशक्कत और 200 मीटर दूर तक खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने उसे पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक मौत चुकी थी। मृतक बच्चे की पहचान सिंघौल थाना क्षेत्र स्थित कमरुद्दीनपुर वार्ड नंबर-5 के रहने वाले रौशन यादव के पुत्र गोलू कुमार (7) के रूप में हुई है। घर के लोग अपने काम में व्यस्त थे मृतक गोलू के चाचा बीरबल यादव ने बताया कि हादसा शाम करीब 5:30 बजे हुआ। शाम के समय घर के बड़े लोग मवेशियों के चारे और खाना बनाने की लकड़ियों के इंतजाम में व्यस्त थे। इसी दौरान गोलू घर के बाहर खेलते-खेलते पानी के करीब चला गया और पानी की तेज धारा में बह गया। जब तक घर के लोगों को भनक लगती, बच्चा धारा के साथ बहकर करीब 200 मीटर आगे चला गया। सड़क से गुजर रहे एक ग्रामीण ने बच्चे को डूबते देखा और शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पानी में उतरकर खोजबीन शुरू की। करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को लगभग 200 मीटर दूर पानी से बाहर निकाला गया। परिजन आनन-फानन में गोलू को लेकर पास के डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुआवजे की मांग इधर हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। मृतक के चाचा बीरबल यादव ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गंगा का पानी फैल चुका है और धार बहुत तेज है। लेकिन इसके बावजूद नगर निगम, पुलिस या जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी का कोई बोर्ड लगाया गया है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण आज यह दर्दनाक हादसा हो गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवक की दौड़ लगाते समय मौत, रेस के बीच बैठा फिर गिर पड़ा
पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक की दौड़ लगाते समय अचानक मौत हो गई। वह अपने साथियों के साथ पुलिस लाइन मैदान में दौड़ रहा था। कुछ देर बाद अचानक बैठ गया और आराम करने के बाद दोबारा दौड़ने लगा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा।
नगर निगम आम चुनाव 2026 को लेकर शुक्रवार को 244 प्रत्याशियों में सिंबल बांटे गए। इस दौरान एक ही सिंबल के लिए एक से ज्यादा प्रत्याशियों ने डिमांड की। ऐसे में लॉटरी निकालकर उनमें सिंबल बांटे गए। सिंबल मिलने के बाद अब प्रत्यााशियों का चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। 11 सितम्बर को पाली नगर निगम के 65 वार्डों में खड़े 244 प्रत्याशियों के लिए वोटिंग होगी और 14 सितंबर को काउंटिंग होगी। चप्पल, आलमारी और सेव का सिंबलप्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह में किसी को मोतियों का हार तो किसी को चप्पलें का सिंबल मिला तो किसी को हारमोनियम तो किसी को आइस्क्रीम का सिंबल मिला। इसी तरह किसी को बांसुरी, आलमारी, सेब, सिलाई मशीन, बोतल, बाल्टी, गैस का चूल्हा, फूलगोभी, हॉकी और बॉल, टेलीफोन, टेलीविजन, गुब्बारा, साइकिल पम्प जैसे चुनाव चिन्ह मिले। 118 निर्दलीयों में बांटे सिंबल नगर निगम चुनाव रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि 244 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 64, कांग्रेस के 59 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भीम आदिवासी और आम आदमी पार्टी के 01-01 प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं 118 निर्दलीय प्रत्याशियों को भी चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। इन वार्डों में लॉटरी से आवंटित हुए चुनाव चिन्ह सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि कुछ चुनाव चिन्हों के लिए एक से अधिक प्रत्याशियों ने दावा किया। ऐसे में वार्ड संख्या 12, 17, 18, 19, 32, 36, 41, 52, 54 एवं 59 में लॉटरी के माध्यम से चुनाव चिन्हों का आवंटन किया गया।
औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के कथरुआ में शुक्रवार की शाम डॉ. आसित रंजन के अस्पताल के पीछे नाले से एक अज्ञात युवक का शव मिला। नाले में शव देख स्थानीय लोगों ने तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। नाले में पानी कमर से अधिक होने के कारण पुलिस को शव निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के आसपास प्रतीत हो रही है। उसने टी-शर्ट और लोअर पहन रखा था। शव का चेहरा पानी की तरफ था। दो-तीन दिन से पानी में पड़े रहने के कारण शव काफी सड़ चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस शव मिलने की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी। नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि युवक की कहीं दूसरी जगह हत्या कर शव को नाले में फेंका गया हो सकता है। हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी आशंका की पुष्टि नहीं की है और सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहचान के लिए सोशल मीडिया का लिया जा रहा सहारा पुलिस मृतक की पहचान कराने के लिए उसकी तस्वीर आसपास के विभिन्न थानों को भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी तस्वीर प्रसारित कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक कौन है, वह कथरुआ कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक पुलिस अभिरक्षा में रखा जाएगा। इस दौरान पहचान होने पर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पहचान नहीं होने की स्थिति में सरकारी प्रावधान के तहत पुलिस द्वारा शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प पूरा करेंगे, लोजपा ने कर दिया चुनावी प्लान का ऐलान
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की सरकार बनाकर चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प पूरा करेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने भी 2029-30 में चिराग को सीएम बनाने की बात कही है।
कटिहार में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए डीएस कॉलेज ओपी (आउटपोस्ट) की शुरुआत कर दी गई है। एसपी परिचय कुमार ने नई ओपी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही इलाके में पुलिसिंग मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। नई ओपी का मुख्य उद्देश्य अपराध पर तेजी से अंकुश लगाना, आम लोगों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाना और घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ओपी के सक्रिय होने से क्षेत्र में निगरानी बढ़ेगी और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से तेज होगी। पांच पुलिस अधिकारियों की तैनाती डीएस कॉलेज ओपी की जिम्मेदारी संभालने के लिए पांच पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। ओपी के शुरू होने से आसपास के इलाकों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराध की घटनाओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। लोगों का भरोसा जीतने पर जोर पुलिस प्रशासन का कहना है कि नई ओपी के जरिए लोगों को त्वरित और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ पुलिस आम लोगों का भरोसा मजबूत करने और शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने पर भी ध्यान देगी।
सतना के धवारी स्थित तक्षशिला मिडिल स्कूल में एक अनोखा एडमिशन हुआ है। यहां लड्डू गोपाल का बाकायदा दाखिला कराया गया है। स्कूल के रिकॉर्ड में उनका नाम श्याम पांडेय दर्ज है। यह अनोखी कहानी 8 साल की आयुषी और लड्डू गोपाल के मासूम रिश्ते को दिखाती है, जिसमें लड्डू गोपाल उसके लिए भगवान से बढ़कर छोटे भाई और लल्ला हैं। धवारी गली नंबर-1 निवासी नरेंद्र कुमार पांडेय और रेखा पांडेय भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं। उनकी बेटी आयुषी कक्षा दूसरी में पढ़ती है। आयुषी के लिए लड्डू गोपाल सिर्फ पूजा की मूर्ति नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य हैं। वह उन्हें अपने साथ खिलाती, सुलाती और उनकी देखभाल करती है। आयुषी कुछ देर के लिए भी लड्डू गोपाल को अकेला नहीं छोड़ना चाहती। परिवार कहीं बाहर जाता है तो लड्डू गोपाल भी उनके साथ जाते हैं। आयुषी उन्हें अपने छोटे भाई की तरह हर जगह साथ रखती है। परिवार के मुताबिक, आयुषी के भाई अभिषेक पांडेय पढ़ाई के लिए वृंदावन के संस्कृत विद्यालय चले गए थे। भाई के दूर जाने से आयुषी उदास रहने लगी थी। तब मां ने उसे समझाया कि लड्डू गोपाल के साथ रहो, वे तुम्हें अकेला महसूस नहीं होने देंगे। इसके बाद आयुषी का लड्डू गोपाल से लगाव और गहरा हो गया। परिवार वर्ष 2025 में लड्डू गोपाल को वृंदावन से लेकर आया था। उनके कपड़े भी वृंदावन से ही मंगाए जाते हैं। यह परिवार सात्विक जीवनशैली अपनाता है। छह महीने तक एडमिशन को लेकर असमंजसस्कूल संचालक सूर्य प्रकाश सिंह के मुताबिक, पांडेय परिवार ने जब लड्डू गोपाल के एडमिशन की बात कही तो स्कूल प्रबंधन के लिए यह बिल्कुल नया अनुभव था। परिवार भी कई महीनों तक इस बात को लेकर संकोच में रहा। बाद में वे लड्डू गोपाल को स्कूल लेकर पहुंचे और प्रवेश का आग्रह किया। परिवार की आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने इसे स्वीकार कर लिया। जन्माष्टमी पर हुआ विशेष पूजनजन्माष्टमी के मौके पर स्कूल में श्याम पांडेय यानी लड्डू गोपाल का विशेष पूजन-अर्चन किया गया। स्कूल स्टाफ और अभिभावकों की मौजूदगी में वैदिक रीति-रिवाज से पूजा हुई। आज स्कूल के बाकी बच्चों की तरह लड्डू गोपाल भी परिवार की नजर में स्कूल का हिस्सा हैं और आयुषी के लिए उनके लल्ला भी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को शहर के मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार 15 साल बाद अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शहर के मंदिरों में 4 सितंबर की अर्धरात्रि 11:50 से 12:10 बजे तक जन्मोत्सव होगा। कालीबेरी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में राधा-कृष्ण के लिए पुष्पों का झूला सजाया गया है, जहां रात 12 बजे प्राकट्य उत्सव, अन्नकूट झांकी व महाआरती होगी। भीतरी शहर के गंगश्यामजी मंदिर में रात 12 बजे पंचामृत अभिषेक के बाद 21 किलो मेवों का केक काटा जाएगा। जालोरी गेट, पब्लिक पार्क और उम्मेद उद्यान में रात 12 बजे मटकी फोड़ के आयोजन होंगे। तनावड़ा फांटा मुख्य सालावास रोड़ स्थित इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जालोरी गेट स्थित मंदिर के बाहर शाम 8 बजे से जन्माष्टमी रात 12 बजे युवा मटकी फोड़ेंगे। उम्मेद उद्यान स्थित शिव मंदिर प्रांगण में रात 9 बजे कृष्ण स्वांग रचकर आने वाले बच्चों का सम्मान और रात 11 बजे बच्चों के लिए 8 फीट पर मटकी फोड़ आयोजन होगा। रात 12 बजे युवा 22 फीट पर लगी मटकी फोड़ेंगे। चौपासनी जूना खेड़ापति मंदिर में भी आयोजन होगा।
VIDEO: डीजल के पैसे मांगने पर बवाल, सेल्समैन का हाथ शीशे में फंसाकर 5 KM तक घसीटा
हापुड़ में डीजल के रुपये मांगने पर पेट्रोल पंप के सेल्समैन को स्कॉर्पियो के शीशे में हाथ फंसाकर करीब पांच किलोमीटर तक घसीटा। घटना की सीसीटीवी फुटेज होने के बाद पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली।
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जमुई की नई एसडीपीओ बनीं IPS दीप्ति मोनाली:अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता
जमुई के पुलिस प्रशासन में बदलाव किया गया है। युवा आईपीएस अधिकारी दीप्ति मोनाली को जमुई का नया एसडीपीओ बनाया गया है। उनके पदभार संभालने के बाद जिले में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। जमुई एसडीपीओ के पद पर तैनात सतीश सुमन का करीब एक सप्ताह पहले तबादला किया गया था। उन्हें अब समस्तीपुर एसडीपीओ-1 की जिम्मेदारी दी गई है। उनके स्थान पर दीप्ति मोनाली को जमुई की कमान सौंपी गई है। अपराध नियंत्रण-लंबित मामलों का निपटारा चुनौती नई एसडीपीओ के सामने जिले में अपराध नियंत्रण के साथ लंबित मामलों के त्वरित निपटारे की चुनौती होगी। इसके अलावा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई पर नजर अपराध के बदलते तरीकों के बीच पुलिसिंग को मजबूत करना नई एसडीपीओ के लिए अहम जिम्मेदारी होगी। पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर भी लोगों की नजर उनकी कार्यशैली पर रहेगी। पदभार संभालने के बाद सामने आएगी रणनीति सतीश सुमन के तबादले के बाद अब दीप्ति मोनाली जमुई में पुलिस की कमान संभालेंगी। नई एसडीपीओ के पदभार ग्रहण करने और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी रणनीति पर जिले के लोगों की नजर है। आने वाले दिनों में उनकी प्राथमिकताओं और पुलिसिंग के तरीके से जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
औरंगाबाद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह और भक्ति का माहौल है। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड और ग्रामीण क्षेत्रों तक मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। औरंगाबाद शहर में कामा बीघा रोड, बाइपास स्थित पंचदेव धाम मंदिर, काली क्लब, नावाडीह, साईं मंदिर, यमुनानगर, शाहपुर समेत विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी की विशेष तैयारी की गई। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां और बाल स्वरूप में प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। जन्माष्टमी का उत्साह केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहा। घर-घर में भगवान कृष्ण के जन्म की बधाइयां गूंजती रहीं। बच्चे कृष्ण-कन्हैया का रूप धारण कर लोगों का मन मोहते दिख रहे। किसी ने पीला वस्त्र पहनकर कान्हा का रूप बनाया तो किसी ने सिर पर मुकुट और मोरपंख सजाया। बच्चों ने कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी प्रस्तुतियां भी दीं। श्रृंगार और पूजा सामग्री की दुकानों पर कृष्ण के वस्त्र, मुकुट, माला, मोरपंख और अन्य सामग्री की खूब मांग रही। इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव शहर के फार्म एरिया स्थित रघुनंदन नगर के इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का आगाज अधिवास कीर्तन से हुआ। 4 सितंबर को मुख्य जन्माष्टमी आयोजन में शाम चार से सात बजे तक विशेष हरिनाम संकीर्तन हुआ। शाम 7 बजे भगवान श्रीकृष्ण का भव्य महाभिषेक किया गया। रात 9 बजे से सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए। मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेगा ‘सीधी बात प्रभुजी के साथ’ आध्यात्मिक संवाद, भव्य महाआरती और मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रस्तावित इस्कॉन मंदिर का 3डी मॉडल श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला और हस्तकला प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। 5 सितंबर को नंदोत्सव के साथ इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी का आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा। दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक विशाल निःशुल्क भंडारा प्रसाद का आयोजन होगा। इस्कॉन औरंगाबाद बिहार के अध्यक्ष अभय अच्युत दास ने शहरवासियों से परिवार सहित महोत्सव में शामिल होने की अपील की। जनसंपर्क प्रमुख युगनायक दास ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अंबा के सतबहिनी मंदिर परिसर में 6 साल से मन रहा जन्माष्टमी उत्सव कुटुंबा प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी को लेकर उत्साह है। मां सतबहिनी मंदिर, दुर्गा मंदिर, राधे-कृष्ण मंदिर दोस्ताना परसांवा, रसलपुर ठाकुरबारी, श्रीकृष्णपुरी ठाकुरबारी, कल्पवृक्ष धाम परता और पंचदेव धाम चपरा समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए गए। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया और भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां स्थापित की गईं। मां सतबहिनी मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण कन्हैया सतबहिनी सेवा समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया गया। समिति पिछले 6 वर्षों से यह आयोजन करती आ रही है। भव्य पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक आकृतियां और सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। रात में 12:00 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। महोत्सव के दूसरे दिन औरंगाबाद के दानिका संगीत महाविद्यालय के कलाकार सांस्कृतिक एवं भक्तिमय प्रस्तुति देंगे। तीसरे दिन भव्य भंडारा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक पाठक, उपाध्यक्ष विनय गुप्ता, सचिव सुधीर सिंह, कोषाध्यक्ष सोनू कुमार, उप-सचिव बिहारी साव सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या में कृष्ण की लीलाओं और भक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। जन्माष्टमी बनी संस्कृति, शिक्षा और सेवा का संगम जिले के अन्य प्रखंडों में भी जन्माष्टमी की धूम रही। देव, गोह, रफीगंज, हसपुरा, मदनपुर, बारुण, दाउदनगर और नबीनगर में मंदिरों को सजाया गया और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता और भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। रफीगंज में समाज सेवा समिति बिहार की ओर से निजी हॉल में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं सरस्वती शिशु मंदिर वार में राधा-कृष्ण बाल रूप सजा प्रतियोगिता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।गोह प्रखंड मुख्यालय में श्रीकृष्ण सामाजिक सेवा संस्थान के महोत्सव में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और समाजसेवा को भी जोड़ा गया। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
गन्ने के बहाने पश्चिमी यूपी में रालोद बदल रहा खेल, समीकरणों की नई पटकथा लिखेंगे जयंत चौधरी!
रामपुर मनिहारान की रैली में जयंत चौधरी का हमला सिर्फ गन्ने के दाम तक सीमित नहीं रहा। मंच से जिस तरह एथेनॉल, किसान हित, चौधरी चरण सिंह की विरासत और लोकदल के राजनीतिक आधार को एक साथ जोड़ा गया, उससे साफ है कि रालोद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पहचान को फिर मजबूती से रेखांकित करना चाहता है।
कटिहार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाना पुलिस ने पटेल चौक स्थित शिव शक्ति फार्मा और उसके गोदाम में छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… कफ सिरप और हजारों नशीली गोलियां बरामद डीएसपी विशाल आनंद के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि शिव शक्ति फार्मा में कफ सिरप और नशीली गोलियों की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने दुकान व गोदाम में छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही एक व्यक्ति मौके से भागने लगा। जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान संजय कुमार सिन्हा के रूप में हुई। 357 बोतल कोडिन कफ सिरप जब्त गोदाम की तलाशी के दौरान पुलिस को 357 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप और 13,720 नशीली गोलियां मिलीं। पुलिस के मुताबिक, बरामद नशीली दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 19 लाख रुपये है। 46 तरह की दवाओं के 51 कार्टन भी जब्त छापेमारी के दौरान कई ऐसी दवाएं भी मिलीं, जिनके भंडारण और बिक्री से संबंधित जरूरी कागजात व बिल मौजूद नहीं थे। ड्रग इंस्पेक्टर ने 46 प्रकार की दवाओं के 51 कार्टन जब्त किए हैं। NDPS एक्ट में केस, नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं कहां से मंगाई गई थीं और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है।
इंदौर के पूर्व अपर जिला कलेक्टर (एडीएम) बीबीएस तोमर का 66 वर्ष की आयु में शुक्रवार शाम इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले करीब दो महीनों से गंभीर बीमारी के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। तोमर ने इंदौर कलेक्टोरेट में सहायक भू-अधीक्षक से लेकर अपर कलेक्टर तक विभिन्न पदों पर सेवाएं दी थीं। बीबीएस तोमर को इंदौर में लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान प्रोटोकॉल व्यवस्था और बड़े आयोजनों के कुशल प्रबंधन के लिए खास तौर पर जाना जाता था। VVIP दौरों के साथ प्रवासी भारतीय सम्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजनों में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे वर्ष 2022 में रिटायर्ड हुए थे। बड़े आयोजनों की जिम्मेदारी संभालने में माहिर थेतोमर की कार्यशैली ऐसी थी कि बड़े आयोजनों में आने वाले अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उनका सहज और सम्मानजनक व्यवहार चर्चा में रहता था। प्रोटोकॉल से जुड़े काम में उनकी पकड़ और मौके के मुताबिक तुरंत निर्णय लेने की क्षमता के चलते उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती थीं। दो महीने से चल रहा था इलाजपरिजनों के अनुसार बीबीएस तोमर पिछले दो महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। किडनी की समस्या के साथ ब्रेन हेमरेज हो गया था। शुक्रवार शाम इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अंतिम यात्रा 5 सितंबर सुबह 10.30 बजे उनके निज निवास H-4, रतलाम कोठी से जूनी इंदौर मुक्तिधाम जाएगी।
हरदा में शुक्रवार शाम को जन्माष्टमी के मौके पर हिन्दू उत्सव समिति ने शहर में पालकी यात्रा निकाली। इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों को जन्माष्टमी के अवसर पर आकर्षक ढंग से सजाया गया। शाम होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। पालक अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाकर मंदिर पहुंचे। यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन था। नगर के सौ साल पुराने सत्यनारायण मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। प्रताप टॉकीज चौक स्थित पंढरीनाथ मंदिर में रामसत्ता का आयोजन हुआ। घंटाघर चौक के पास स्थित प्राचीन मदन मोहन मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। बड़े मंदिर में भगवान के बाल रूप को सजाया गया और मंदिर को फूलों से सजाया गया था। सभी मंदिरों में रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पालकी यात्रा शाम को बायपास रोड के केसरीनंदन हनुमान मंदिर से शुरू हुई। समिति सदस्य सुभाष शर्मा ने बताया कि सामाजिक समरसता बढ़ाने और भगवान की लीलाओं को बताने के लिए हर साल यह यात्रा निकाली जाती है। यात्रा में सजी-धजी पालकी में विराजमान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रास्ते में भक्तों ने फूलों की बारिश कर भगवान का स्वागत किया। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नाचते हुए चलते रहे। शोभायात्रा में आदिवासी समाज के युवाओं ने पारंपरिक नृत्य किया, जो सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
यूपी में बेकाबू ट्रक ने तीन को रौंदा, पहले एक की मौत के बाद बचकर भागने में दो और को कुचल मारा
यूपी के कुशीनगर में बेकाबू डीसीएम ने आधा घंटे में अलग अलग तीन हादसे करते हुए तीनों लोगों को रौंद दिया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। डीसीएम में बाइक फंसने पर भी ड्राइवर भगाता रहा गाड़ी।

