सांदीपनि स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और अतिशेष से संबंधित गाइडलाइन
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त्रिलोकपुरी में निगम कर्मचारी की मौत, AAP पार्षद पर खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज
त्रिलोकपुरी में सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या मामले में कल्याणपुरी पुलिस ने आप पार्षद विजय कुमार के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
महोबा में किसान अपने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि लगातार फसल नुकसान और साहूकारों के कर्ज व उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला खरेला थाना क्षेत्र के हले थर्ड मोहल्ले का है। पांच बीघा अपनी, 100 बीघा बटाई पर लेते थे किसान हरगोविंद प्रजापति (52) के पास पांच बीघा अपनी जमीन थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह गांव में करीब 100 बीघा जमीन बटाई और बलकट पर लेकर खेती करते थे। परिजनों के मुताबिक, पिछले चार साल से फसल अच्छी नहीं हो रही थी। इस साल फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। साहूकारों पर उत्पीड़न का आरोप मृतक के बेटे बाबूराम और रिश्तेदार दिलीप कुमार ने बताया कि लगातार नुकसान के कारण हरगोविंद साहूकारों के कर्ज में दब गए थे। उनका आरोप है कि रकम वापस न कर पाने पर साहूकार उन्हें अपमानित करते थे, फोन पर गालियां देते थे और रास्ता रोककर दबाव बनाते थे। परिजनों ने फसल बर्बादी और कथित उत्पीड़न को घटना की वजह बताया है। परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की हरगोविंद तीन बेटों के पिता थे। उनकी मौत से परिवार में मातम है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद देने और कथित उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विभाग से पूछा है कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति क्यों दी गई, जबकि बाकी याचियों को अब तक समान लाभ क्यों नहीं मिला। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। याचियों ने न्यायालय को बताया कि एक अंक के विवाद से प्रभावित 2249 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होना था। इसके बावजूद 7 मई 2026 को सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति मिली। याचियों का कहना था कि जब एक अभ्यर्थी को समान विवाद में नियुक्ति का लाभ मिला है, तो बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखने का कारण साफ किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जवाब मांगा है।
मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में दो सफाई कर्मियों ने बाथरूम में नहाने के दौरान एक महिला का वीडियो बना लिया। महिला ने उन्हें रोशनदान से वीडियो बनाते हुए देख लिया और शोर मचाया। पड़ोसियों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर उनकी पिटाई की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार शाम को आदर्शनगर कॉलोनी में हुई। कॉलोनी में मकान की पहली मंजिल पर दो महिलाएं अपने परिवार के साथ रहती हैं, जो रिश्ते में जेठानी और देवरानी हैं। मकान के पिछले हिस्से में रोशनदान वाला बाथरूम है। बुढ़ाना गेट निवासी राहुल और सोनू नाम के दो सफाई कर्मचारी बाथरूम के पीछे वाली गली में पहुंचे। उन्होंने रोशनदान के पास मोबाइल लगाकर महिला का नहाते समय वीडियो बनाना शुरू कर दिया। नहा रही महिला की नजर मोबाइल पर पड़ी। उसने तुरंत शोर मचाया, जिससे पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। लोगों ने दोनों आरोपियों की जमकर पिटाई की। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पकड़े जाने पर आरोपियों ने महिलाओं के पैर पड़कर माफी मांगी। हालांकि, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया और उनके खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिली है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल की जांच के बाद दोनों आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कांकेर में नाबालिग से गैंगरेप: सोशल मीडिया पर पहचान हुई, जंगल ले जाकर इज्जत लूटी, चार गिरफ्तार
कांकेर जिले के कोरर क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर एक किशोरी को जंगल ले जाकर चार युवकों द्वारा दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के घर न लौटने पर परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
बंद मकान का शटर काटकर लाखों के जेवर चोरी:निगरानी बदमाश समेत 2 गिरफ्तार, 3.50 लाख का माल बरामद
पुरानी बस्ती पुलिस ने सूने मकान में शटर काटकर लाखों के जेवर और नगदी चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पुलिस का निगरानी बदमाश है। दोनों ने प्रोफेसर कॉलोनी में मकान सूना पाकर शटर गेट काटा और अंदर घुसकर अलमारी से सोने-चांदी के जेवर, सिक्के और नगदी समेत अन्य सामान चोरी किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल बुलेट समेत करीब 3.50 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। 27 अगस्त को घर में ताला लगाया, 31 को चोरी का पता चला प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मकान मालिक 27 अगस्त को घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। 31 अगस्त को घर में काम करने वाली महिला ने फोन कर बताया कि मकान का शटर गेट कटा हुआ है और अंदर सामान बिखरा पड़ा है। इसके बाद मकान मालिक 1 सितंबर को वापस पहुंचे तो चोरी का पता चला। जांच करने पर अलमारी में रखे चांदी के सामान और जेवर, सोने के सिक्के, चेन, ईयररिंग, नोजपिन, ब्रेसलेट, मोती का हार, सैमसंग मोबाइल समेत अन्य सामान गायब मिला। इसके बाद पुरानी बस्ती थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। CCTV में तलाश, पुराने चोरों की कुंडली खंगाली मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पुरानी बस्ती पुलिस की टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ मकान मालिक, काम करने वाली महिला और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इलाके में लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। पुलिस ने चोरी के पुराने मामलों में जेल जा चुके आरोपियों और हाल ही में जेल से बाहर आए बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पुरानी बस्ती थाने का निगरानी बदमाश भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी घटना स्थल के आसपास संदिग्ध हालत में देखा गया था। पूछताछ में साथी का नाम बताया पुलिस ने भूपेन्द्र उर्फ गजनी को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने अपने साथी करण ताण्डी के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद करण को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की निशानदेही पर सोने-चांदी के विभिन्न जेवर, चांदी के सिक्के, नगदी और घटना में इस्तेमाल बुलेट वाहन बरामद किया गया। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3.50 लाख रुपए बताई गई है। दोनों पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके पुलिस के अनुसार भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी पुरानी बस्ती थाने का निगरानी बदमाश है। उसके खिलाफ इसी थाने में नकबजनी और चोरी के 4 मामले पहले से दर्ज हैं और वह इन मामलों में जेल जा चुका है। वहीं करण ताण्डी भी चोरी और नकबजनी के 2 मामलों में पुरानी बस्ती थाने से जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी (26) पिता स्व. रोहित पटेल, निवासी दंतेश्वरी चौक, गोपियापारा, पुरानी बस्ती, रायपुर। करण ताण्डी (24) पिता राजेश ताण्डी, निवासी दंतेश्वरी मंदिर के पीछे, डबरीपारा, कुशालपुर, पुरानी बस्ती, रायपुर।
बुलंदशहर में आगामी नवरात्र मेले एवं अखाड़ों के आयोजन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न अखाड़ा अध्यक्षों एवं प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान धार्मिक झांकियों एवं कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। संगठन की ओर से अखाड़ा अध्यक्षों को पत्र सौंपकर आग्रह किया गया कि धार्मिक झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूप को फिल्मी अथवा लोकगीतों पर नृत्य प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत न किया जाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नवरात्र मेले एवं अखाड़े केवल मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं। इन आयोजनों में भगवान श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण, गौरा-पार्वती तथा अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में उनके स्वरूप की प्रस्तुति करते समय धार्मिक भावनाओं एवं मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी भी धार्मिक आयोजन में बाधा डालना नहीं है, बल्कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखना है। इसी उद्देश्य से अखाड़ा अध्यक्षों एवं संचालकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आग्रह किया गया है कि झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूपों को मनोरंजन अथवा फिल्मी नृत्य का हिस्सा न बनाया जाए। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि मेले और अखाड़े हिंदू समाज की पुरानी परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। इसलिए सभी आयोजकों की जिम्मेदारी है कि कार्यक्रमों में ऐसी प्रस्तुति रखी जाए जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो और मेले की गरिमा भी बनी रहे। कार्यकर्ताओं ने अखाड़ा अध्यक्षों से आयोजन के दौरान अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सुनील, जिला मंत्री विनोद, पूर्व जिला सह गौ रक्षा प्रमुख अरुण हिन्दू, शक्ति गिरी, पवन कश्यप, दीपक ठाकुर, जिला गौ रक्षा प्रमुख हरिशंकर, ध्रुव ठाकुर, रुद्र सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बाड़मेर में अवैध फैक्ट्री की सूचना पर पुलिस डीएसटी टीम ने दबिश दी। वहां पर पनीर की फैक्ट्री बनाई जा रही थी। इस पर पुलिस ने फूड इंस्पेक्टर को सूचना दी गई। टीम ने वहां पर खाद्य पदार्थो के सैंपल लिए गए। जांच के लिए जोधपुर लेबोरेट्री भेजी गई है। वहीं करीब 250 किलो पनीर और 800 लीटर दूध को नष्ट करवाया गया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगी। कार्रवाई जैसलमेर रोड़ पेट्रोल पंप के पीछे शाम करीब चार बजे की है। दरअसल, बाड़मेर डीएसटी टीम को सूचना मिली थी कि जैसलमेर रोड सोढ़ा पेट्रोल पंप के पीछे अवैध फैक्ट्री चल रही है। इस पर डीएसटी टीम वहां पर दबिश दी। जांच पड़ताल करने पर पनीर बनाने की फैक्ट्री मिली। इस पर डीएसटी टीम ने खाद्य विभाग को सूचना दी। इस पर खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौका मुआयना किया। वहां पर चार ड्रमों में भरा करीब 800 लीटर दूध और 250 किलो पनीर मिला। संदेह लगने पर टीम ने दूध और पनीर को नष्ट करवाया गया। फूड इंस्पेक्टर ने बताया- मुकेश कुमार पुत्र मेवाराम खत्री मालिक वहां पर फैक्ट्री में पनीर बना रहा था। पनीर और दूध संदिग्ध लगने पर हमने उनको वहां पर नष्ट करवाया है। फिलहाल हमने दूध और पनीर सैंपल लेकर जांच के लिए लेबोरट्री भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल का अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम हाईकोर्ट ऑडिटोरियम में रखा गया। इसमें वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर खास मेहमान के तौर पर मौजूद थे। एसोसिएशन अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर का साफा पहनाकर स्वागत किया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्यों, सरकारी वकीलों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने फूल भेंटकर अतिथियों का अभिनंदन किया। वकीलों से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान करने की अपील स्वागत भाषण में अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने कहा- मुख्य न्यायाधीश का राजस्थान हाईकोर्ट में आना बार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से न्यायाधीशों की स्थायी सिटिंग, शनिवार को भी काम करने और न्यायाधीशों के स्वीकृत पद बढ़ाने जैसे वकीलों से जुड़े खास मुद्दों का जल्दी समाधान करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में हाईकोर्ट की न्यायिक प्रतिष्ठा और मजबूत होगी। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल ने वकीलों के प्रति प्यार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और बार के बीच मजबूत और अच्छा तालमेल न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाता है। एसोसिएशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीश को यादगार चिन्ह भी दिए गए। इस मौके पर महासचिव डॉ. अरुण कुमार झाझड़िया, सहसचिव डॉ. मिलाप चोपड़ा, कोषाध्यक्ष रघुवीर सिंह भाटी, पुस्तकालय सचिव कोमल आर. वर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, बार कौंसिल के सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्ता, सरकारी अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे।
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत गुरुवार को वाराणसी से होगी। अभियान के तहत वाराणसी से वडनगर तक बाइक यात्रा निकाली जाएगी। बुधवार को यात्रा की तैयारियों का कार्यकर्ताओं और युवाओं ने अवलोकन किया। इस दौरान काशी क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भाजपा काशी क्षेत्र के मनीष मौर्य ने बताया कि अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
जयपुर के स्वास्थ्य भवन में इन दिनों एक अलग ही मामला देखने को मिल रहा है। एक डॉक्टर अपनी अटेंडेंस (हाजिरी) रजिस्टर या ऑनलाइन करने के बजाए ऑफिस की दीवार पर दो दिन (15 और 16 सितंबर) से कर रहे हैं। डॉक्टर का ये मामला इन दिनों पूरे चिकित्सा महकमे में चर्चा का विशेष बना हुआ है। स्वास्थ्य भवन में जब यह बात फैली तो इसे लेकर पूरे महकमे में चर्चा शुरू हो गई। दरअसल डॉ. हंसराज भदालिया का पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने टोंक से तबादला करके जयपुर में अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित जैसे अहम पद पर कर दिया, लेकिन विभाग ने डॉ. भदालिया के जॉइनिंग करने से पहले ही इस आदेश में संशोधन करके उनका ट्रांसफर अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित जयपुर की जगह तोपखाना राजकीय डिस्पेंसरी जयपुर कर दिया। इस संशोधित आदेश के खिलाफ भदालिया ने कोर्ट में याचिका लगाई। जहां कोर्ट ने संशोधित आदेश को स्थगित करते हुए डॉ. भदालिया को पूर्व की जगह कार्यरत करने के निर्देश दिए। टोंक के बजाए जयपुर में बैठने लगे कोर्ट के इस आदेशों की प्रति लेकर डॉ. भदालिया स्वास्थ्य भवन में निदेशक के यहां पहुंचे और जॉइनिंग की अर्जी दी। इसके बाद भी निदेशक ने जयपुर के बजाए पूर्व में कार्यरत टोंक में ही दोबारा जॉइनिंग देने के लिए कहा। वहीं डॉ. भदालिया टोंक जॉइन करने के बजाए विभाग के ऑफिशियल बिना जॉइन करवाए जयपुर स्वास्थ्य भवन स्थित अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित के चैंबर में जाकर बैठने लग गए। रजिस्टर नहीं मिला तो दीवार पर लगा दी हाजिरी विभाग की बिना मंजूरी के अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित के चैंबर में जाकर बैठने पर विभाग ने डॉ. भदालिया की जॉइनिंग को ऑफिशियली नहीं माना। न ही उनकी हाजिरी जयपुर में अप्रूव की। इस पर डॉ. भदालिया जिस चैंबर में बैठे, वहां मौजूद कुर्सी के पीछे दीवार पर ही अपनी हाजिरी पैन से लिखकर लगा दी।
लखनऊ में गणपति महाराज का दुग्धाभिषेक:21 किलो दूध से किया गया, भक्तों को मिलेगा खीर का प्रसाद
लखनऊ के ऑस्कर योग साईं कृपा सेवा संस्थान की ओर से श्री गणेश महोत्सव में शिवाजी मार्ग के राजा गणपति महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को गणपति महाराज का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुभाष शर्मा और उनकी पत्नी ने आरती की। आरती के बाद मंत्रोच्चार के साथ गणपति महाराज का 21 किलो दूध से दुग्धाभिषेक किया गया। शाम को इसी दूध से खीर का भोग लगाया गया। इसके बाद भक्तों को खीर का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजक समिति के सदस्य गणेश शंकर पवार ने बताया कि आयोजन में श्वेता, सुमन, अमन विश्वकर्मा, ओम प्रजापति, उज्ज्वल समेत बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
लखनऊ के बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्रों को कचरा प्रबंधन और 4 बिन सिस्टम के बारे में बताया गया। यूको क्लब प्रभारी और विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह, नगर पंचायत बख्शी का तालाब और आईसीटी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से यह जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम में बच्चों को कचरे को स्रोत पर ही अलग करने के आसान तरीके सिखाए गए। उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के फायदे समझाए गए। साथ ही, गीले कचरे से घर पर जैविक खाद बनाने का तरीका भी बताया गया। कचरा जलाकर सोलर पैनल चार्ज करने का मॉडल तैयार हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि साफ-सफाई की शुरुआत घर से और कचरा अलग करने की शुरुआत स्रोत से होती है। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष गणेश रावत से कचरा प्रबंधन पर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि कचरा जलाकर सोलर पैनल चार्ज करने का एक नया मॉडल तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम से स्कूल में शिक्षकों और छात्रों की मदद से कचरा जोन बनाने में भी मदद मिलेगी। इस दौरान प्रधानाचार्य, आईसीटी सहायक प्रबंधक सुभाष चंद्र त्रिपाठी, कोऑर्डिनेटर अनुराग पांडेय समेत स्कूल का पूरा स्टाफ शामिल हुए।
नीमच में 21 लाख का डोडाचूरा पकड़ा:राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार, रतनगढ़ का आरोपी मौके से भागा
नीमच जिले की रतनगढ़ पुलिस ने काकरिया तलाई बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान एक बोलेरो नियो कार से 141 किलो 800 ग्राम अवैध डोडाचूरा पकड़ा है। इसकी कीमत करीब 21.27 लाख है। रतनगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार, काकरिया तलाई चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान राजस्थान की ओर से आ रही एक बिना नंबर की काले रंग की बोलेरो नियो को रोका गया। गाड़ी रुकते ही चालक के पास बैठा व्यक्ति अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकला। हालांकि, पुलिस ने कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर 7 प्लास्टिक के बोरों में भरा 141 किलो 800 ग्राम डोडाचूरा मिला। अजमेर का तस्कर गिरफ्तार पकड़े गए आरोपी की पहचान योगेंद्र सिंह उर्फ जॉनी (34), निवासी अजमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि फरार साथी गणेश धाकड़ है, जो रतनगढ़ थाना क्षेत्र के काकरिया तलाई का ही रहने वाला है। NDPS एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने 8 लाख रुपये कीमत की बोलेरो और 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत केस दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की जांच शुरू कर दी गई है।
लखनऊ में मिसिंग लिंक ट्रस्ट (MLT) ने बाल सुरक्षा के लिए खुली बात लॉन्च किया है। बच्चों की सुरक्षा हमेशा एक भरोसेमंद बातचीत से शुरू होती है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट के तहत 69,191 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 96 प्रतिशत से ज़्यादा मामलों में आरोपी करीबी लोग थे। बच्चों का शोषण न हो, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें रिश्तों की सीमा, सहमति और हेल्दी रिलेशन को समझने की जानकारी हो। उन्हें यह पता होना चाहिए कि कब और कैसे मदद लेनी है। ये सारे कदम बाल शोषण को रोकने के लिए आवश्यक हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि माता-पिता, शिक्षकों और बच्चों की देखभाल करने वालों के पास बच्चों की बात सुनने, जवाब देने और उनका साथ देने के लिए पर्याप्त जानकारी हो। MLT ने Capgemini India के साथ मिलकर 'खुली बात' लॉन्च किया। मिसिंग लिंक ट्रस्ट की फाउंडर ट्रस्टी और सीईओ, लीना केजरीवाल ने कहा, खुली बात एआई मॉडल से मिलने वाली कोई आम सलाह नहीं है। यह हमारे दस साल से अधिक समय तक किए गए ज़मीनी काम पर आधारित है। इसमें जोखिम के सही और स्थानीय पैटर्न को ध्यान में रखा गया है और यह भारतीय परिवारों की असल ज़िंदगी की स्थितियों के प्रति संवेदनशील है। हर जवाब एक सोच-समझकर तैयार किए गए नॉलेज बेस से आता है, जिसे पूर्वाग्रह, जेंडर और पावर डायनामिक्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि अलग-अलग स्तर की डिजिटल पहुँच और जानकारी रखने वाले वयस्क भी इसका इस्तेमाल कर सकें। यह सिर्फ़ जानकारी देने तक सीमित नहीं है। यह परिवारों को वास्तविक, स्थानीय सपोर्ट और रिपोर्टिंग के तरीकों से जोड़ता है। इसलिए इसका मकसद सिर्फ़ वयस्कों को जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझने में मदद करना है कि वे क्या देख रहे हैं और उसके हिसाब से सही कदम उठा सकें।
जालंधर निवासी को कार सवार तीन लुटेरों ने लूटा:सिर पर कड़ा मारकर घायल किया, 750 रुपये और मोबाइल छीना
पंजाब में बेखौफ लुटेरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नकोदर के बिलगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत उमर कलां गांव के पास दिनदहाड़े लूट की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सफेद रंग की कार में आए तीन नकाबपोश लुटेरों ने लकड़ी का काम करने वाले एक युवक को घेरकर उससे नकदी छीन ली और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित दीपक कुमार (निवासी मोहल्ला भरैया, नूरमहल) ने बताया कि वह दोपहर करीब 3 बजे अपने ठेकेदार की मोटरसाइकिल से काम निपटाकर नूरमहल लौट रहे थे। जैसे ही वह उमर कलां गांव से निकले, तभी एक कार में सवार तीन बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। लुटेरों ने उन्हें जबरन घेरकर 750 रुपये नकद छीन लिए। जब लुटेरों ने देखा कि मोबाइल फोन सस्ता है, तो उन्होंने उसे पास के खेतों में फेंक दिया। इस दौरान एक लुटेरे ने अपने हाथ में पहने लोहे के भारी कड़े से दीपक के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। पुलिस के पास जाने से डर रहा था पीड़ित लहूलुहान हालत में किसी तरह नूरमहल पहुंचे पीड़ित ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। बेहद गरीब परिवार से संबंध रखने के कारण पीड़ित पुलिसिया कार्रवाई और डर के चलते शिकायत दर्ज कराने से कतरा रहा था। थाना प्रभारी ने दिया सुरक्षा व न्याय का भरोसा जब इस घटना के संबंध में बिलगा थाना प्रभारी (SHO) दिलबाग सिंह से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है; पुलिस पूरी मदद करेगी और आरोपियों को जल्द ढूंढकर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृतलाल रोहलडेकर को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर महिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) से गाली-गलौज करने, आपत्तिजनक बातें कहने और गलत तरीके से छूने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद की गई है। 15 सितंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में बताया गया है कि बेमेतरा कलेक्टर के पत्र और 24 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान महिला CHO के साथ-साथ दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी लिए गए। जांच में डॉ. रोहलडेकर पर लगाए गए आरोप पहली नजर में सही पाए गए। जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की थी। सरकारी नियमों के उल्लंघन का मामला जांच में सामने आए व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है। इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। अब उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जगदलपुर में रहेगा मुख्यालय निलंबन के दौरान डॉ. रोहलडेकर का मुख्यालय स्वास्थ्य सेवाएं संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय, जगदलपुर संभाग-बस्तर तय किया गया है। वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रयागराज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हरबंश सिंह ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अधिवक्ता हित को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। उन्होंने कहा कि वोट डालते समय अधिवक्ताओं को यह जरूर देखना चाहिए कि वे कैसी बार एसोसिएशन चाहते हैं। हरबंश सिंह ने जोर दिया कि एक-एक वोट अधिवक्ताओं के आने वाले साल का भविष्य तय करता है, इसलिए मतदान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हरबंश सिंह ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं को ऐसी बार एसोसिएशन बनाने के लिए मतदान करना चाहिए, जो उनकी समस्याओं और बातों को सुने। इसके बाद उन समस्याओं को बेंच और शासन के सामने रखकर उनके समाधान के लिए कोशिश की जा सके। उन्होंने समझाया कि जिस तरह कोई सामान खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को परखा जाता है, उसी तरह मतदान करते समय भी अधिवक्ताओं को अपने निर्णय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हरबंश सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि हाईकोर्ट की कार्यशैली हाईकोर्ट रूल्स और तय नियमावली के हिसाब से चलनी चाहिए। उनका कहना है कि अलग-अलग कोर्ट में अलग-अलग समय और प्रक्रिया के कारण अधिवक्ताओं को जो दिक्कतें होती हैं, उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं को अपने काम के दौरान जिन असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें दूर करने के लिए कोशिश की जाएगी। हरबंश सिंह का जोर हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को नियमों के अनुरूप बनाए रखने और अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने पर रहेगा।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बुधवार को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पांच महीने से धरने पर बैठी महिलाओं ने आपत्ति जताई। कार्रवाई के दौरान महिलाएं नाराज दिखाई दीं। उनका कहना था कि मकान और कारोबार खत्म होने के बाद अब उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद करीब 6:30 बजे से इलाके में बिजली और पानी की व्यवस्था बंद है। महिलाओं का कहना था कि बच्चों के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं है। महिलाओं ने कहा- मकान तोड़ दिए हमारे, हमारा बिजनेस सारा खत्म कर दिया। हम लोगों के पास पानी भी नहीं है, भूखे-प्यासे मर रहे हैं बच्चे हमारे। पांच महीने से धरने पर बैठी थीं महिलाएं महिलाओं ने बताया कि वे पिछले पांच महीने से धरने पर बैठी थीं। उनका आरोप है कि आवास विकास की ओर से लगातार मीटिंग के लिए बुलाया जाता रहा, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। महिलाओं ने कहा- हम लोग पांच महीने से धरने पर बैठे थे। कुछ भी नहीं हुआ। आवास विकास रोज बुला रहा है कि मीटिंग है। इनकी मीटिंग ही नहीं हो रही। रोज मीटिंग है, ये हो रहा है, वो हो रहा है। अचानक शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई महिलाओं का कहना था कि एक तरफ उनकी समस्याओं को लेकर लंबे समय से बातचीत चलती रही, वहीं बुधवार को अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उनका आरोप है कि कार्रवाई के बाद परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
जालौन में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और नशीला पदार्थ खिलाकर रेप के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। बुधवार शाम को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने अबरार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 53 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अबरार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत अपर जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज राजपूत और शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत के अनुसार, कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने 7 दिसंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 16 जनवरी 2022 को घर से चली गई थी। आरोप लगाया कि भगत सिंह नगर, कोंच निवासी अबरार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। बेटी के फोन के बाद पिता ने दी पुलिस को सूचना अभियोजन के मुताबिक, काफी समय बाद 7 दिसंबर को किशोरी ने फोन कर पिता को बताया कि उसकी जान को खतरा है और अबरार उसे जान से मारने की फिराक में है। पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी की धमकी के कारण वह पहले शिकायत नहीं कर सके। बेटी का फोन आने के बाद उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी। सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने अबरार को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में उसके कलमबंद बयान दर्ज कराए गए। किशोरी ने नशीला पदार्थ खिलाने का लगाया आरोप अदालत में दिए बयान में किशोरी ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी 2022 को अबरार उसे मंदिर ले गया था। वहां उसने लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। बेहोश होने के बाद आरोपी उसे दिल्ली ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के अनुसार, कुछ दिन बाद आरोपी उसके साथ मारपीट करने लगा, जिसके बाद उसने परिवार को घटना की जानकारी दी। जांच के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पुलिस ने जांच और किशोरी के बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद 9 फरवरी 2023 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने अबरार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 53 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
लखनऊ में पीड़ित परिवार से मुलाकात:पूजा शुक्ला ने सौंपी आर्थिक मदद, अखिलेश यादव ने दिया नौकरी आश्वासन
लखनऊ के भरतनगर में बुधवार को समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा शुक्ला ने स्वर्गीय मदन बिहारी तिवारी के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से दी गई एक लाख रुपये की सहयोग राशि परिवार को सौंपी। पूजा शुक्ला ने परिवार की अखिलेश यादव से फोन पर बात भी कराई। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए अखिलेश यादव का आभार जताया। अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। पूजा शुक्ला ने परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही। इस मौके पर पार्षद ललित तिवारी, अभिषेक मिश्रा, डॉ. हमज़ा बिलाल, सुधीर मौर्य, सरकार यादव, अनिरुद्ध त्रिपाठी, ऋषि यादव और अनुराग यादव आदि मौजूद रहे।
बालाघाट में पटवारियों ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन आदेश 2026 के खिलाफ प्रदर्शन किया। बुधवार को जिले के 300 से अधिक पटवारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नए आदेश को वापस लेने की मांग की। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष अरुण बिरनवार ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत आबादी की जमीन पर काबिज लोगों के अधिकार पत्र, खसरा और खतौनी तैयार हो चुके हैं। अब सरकार इनकी रजिस्ट्री में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता पक्ष) के रूप में शामिल कर रही है। पटवारियों का तर्क है कि सीमा, क्षेत्रफल या पारिवारिक विवाद कोर्ट में पहुंचने पर उन्हें बेवजह कानूनी पचड़ों में घसीटा जाएगा, जिसका आर्थिक बोझ उठाना उनके लिए संभव नहीं होगा। जियो टैग और फार्मर ID पर भी रखीं मांगें अपनी अन्य समस्याओं को लेकर भी पटवारियों ने प्रशासन के सामने मांगें रखीं। जियो टैग गिरदावरी में आ रही तकनीकी खामियों का समाधान होने तक काम पर रोक लगाई जाए। फार्मर ID बनने में आ रही प्रदेश स्तरीय तकनीकी देरी का ठीकरा पटवारियों पर न फोड़ा जाए और किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न हो।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन की ओर से 17 सितंबर को GIC मैदान में प्रस्तावित मजदूर-किसान महापंचायत को लेकर यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। कार्यक्रम के चलते गुरुवार शाम 4 बजे से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। पुलिस ने लोगों से महावीर चौक और सर्कुलर रोड की ओर जाने से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे के अनुसार, एसडी तिराहे से जानसठ फ्लाईओवर के नीचे होते हुए महावीर चौक की ओर रोडवेज बस, कार, बाइक और अन्य वाहनों का आवागमन शाम 4 बजे से प्रतिबंधित रहेगा। रोडवेज बसों को छोड़कर अन्य वाहन एसडी तिराहे से रोडवेज बस अड्डा और प्रकाश चौक होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। प्रकाश चौक से भारी वाहनों और बसों को महावीर चौक की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। जानसठ रोड स्थित टिकैत चौक से केवल दोपहिया और चारपहिया वाहन महावीर चौक की ओर जा सकेंगे। ई-रिक्शा, रोडवेज बस, निजी बस और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मिनाक्षी चौक से भी लोडर और भारी वाहनों को महावीर चौक की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। सुजडू चुंगी से दोपहिया वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों को सर्कुलर रोड पर महावीर चौक की ओर आने से रोका जाएगा। इसके अलावा महावीर चौक से सर्कुलर रोड पर A2Z फाटक चौराहे तक बाईं ओर का मार्ग बंद रहेगा। इस मार्ग पर यातायात दाईं ओर से संचालित किया जाएगा। रात में होगी महापंचायत GIC मैदान में होने वाली महापंचायत को लेकर भाकियू पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार कार्यक्रम रात में आयोजित किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, उसके दशकों पुराने संघर्ष के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी महापंचायत रात के समय होगी। भाकियू ने मुजफ्फरनगर के अलावा दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया है। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि इस बार महापंचायत में बड़े भंडारे की व्यवस्था नहीं होगी। संगठन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने साथ दो साथियों के लिए घर से भोजन लेकर आएं। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचने की संभावना को देखते हुए GIC मैदान में जगह भरने पर सड़क के दोनों ओर ट्रैक्टर खड़े कराने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम में रागिनी और पंजाबी गायकों की प्रस्तुतियां भी होंगी। संगठन के अनुसार, महापंचायत का समापन सुबह करीब 5 बजे होगा। महापंचायत को लेकर GIC मैदान में तैयारियां चल रही हैं। यातायात पुलिस ने लोगों से कार्यक्रम के दौरान असुविधा से बचने के लिए महावीर चौक और सर्कुलर रोड से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
सीहोर में बुधवार को दिनभर तेज धूप और उमस के बाद रात में मौसम अचानक बदल गया। रात करीब 8:30 बजे तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे दिनभर गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। दोपहर में शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप के साथ हवा में नमी अधिक होने से दिनभर उमस बनी रही और लोग पसीने से परेशान रहे। शाम के बाद मौसम बदला और रात में बारिश शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश की एक वजह स्थानीय संवहन (लोकल कन्वेक्शन) है। दिन में तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने और हवा में नमी अधिक होने से स्थानीय स्तर पर तेजी से गर्मी बढ़ी। इसके चलते वायुमंडल में संवहनी बादल बने, जो शाम के बाद बारिश में बदल गए। मानसून ट्रफ और कम दबाव का भी असर बारिश का दूसरा कारण सक्रिय मानसून ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आसपास ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण लगातार नमी आ रही है। इसी के असर से रात में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बुधवार रात हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने गुरुवार को गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना जताई है। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
रायपुर में त्योहारी सीजन से पहले नॉर्थ जोन पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नशीली दवा, अवैध शराब और ऑनलाइन सट्टे के मामलों में कार्रवाई की गई। पुलिस ने NDPS एक्ट में 4 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर 183 नशीली टैबलेट बरामद की हैं। वहीं अवैध शराब बेचने वाले एक आरोपी और ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एक व्यक्ति पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों के 8 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। इस तरह नॉर्थ जोन पुलिस ने एक दिन में कुल 14 लोगों के खिलाफ वैधानिक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। बाइक में रखी थीं नशीली दवा की 183 टैबलेट पुलिस के मुताबिक अपराध क्रमांक 469/2026 में 4 आरोपियों के खिलाफ धारा 21(बी) NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरोपियों के पास से एक यामाहा बाइक क्रमांक CG 04 LZ 9586 में रखी Nitrazepam की 19 पत्तियां मिलीं। इनमें कुल 183 टैबलेट थीं। उरला में 33 पाउच शराब के साथ आरोपी पकड़ा गया उरला थाना क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचते एक आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने लोकेश वघेल उर्फ डोंगा के खिलाफ अपराध क्रमांक 470/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी एक्ट में कार्रवाई की है। उसके पास से 33 पाउच देशी शराब बरामद की गई। शराब की कुल मात्रा 5.940 लीटर और कीमत करीब 2,640 रुपए बताई गई है। खमतराई में ऑनलाइन सट्टा, 8 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई खमतराई थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा लिखाने वाले एक आरोपी के खिलाफ भी संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह में 3, पंडरी में 1, गुढ़ियारी में 3 और खमतराई में 1 व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नॉर्थ जोन में लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग की जा रही है। नशीले पदार्थ, अवैध शराब, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नाथ नगरी में गणेश उत्सव आयोजित:बिहारीपुर खत्रियान में सजा पंडाल, श्रद्धालुओं ने लगाए बप्पा के जयकारे
बरेली में नाथ नगरी के राजा बिहारीपुर खत्रियान में श्री गणेश उत्सव के अवसर पर भव्य पंडाल सजाया गया। रंग-बिरंगी सजावट और फूलों से सजे पंडाल में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई। उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए। पूजा-अर्चना और भक्ति गीतों से आयोजन स्थल भक्तिमय हो गया। पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां हुईं।
बेमेतरा के बोरिया गांव में छोटे भाई ने विवाद के दौरान बड़े भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के आरोप में छोटे भाई अजीत कुर्रे (20) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। यह मामला बेरला थाना क्षेत्र का है। घटना 15 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी मालती कुर्रे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह घर की छत पर अपनी बड़ी बहन, उसके बेटे और छोटे बच्चों के साथ बैठी थी। इसी दौरान उन्होंने देखा कि उनके पति अभिषेक कुर्रे अपने छोटे भाई अजीत से गाली-गलौज करते हुए झगड़ रहे थे। इसके बाद दोनों घर से बाहर सड़क पर चले गए। विवाद के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई के सीने में घोंपा चाकू सड़क पर भी दोनों के बीच विवाद जारी रहा। इस दौरान अजीत ने अपने बड़े भाई अभिषेक से मारपीट की और फिर पास रखे चाकू से उसके सीने पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अभिषेक की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीन ऑफ क्राइम यूनिट (FSL) की टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने झगड़े के दौरान चाकू से वार करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू और अन्य जरूरी सबूत बरामद किए हैं। बेरला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
इंदौर के पुराने और प्रतिष्ठित मिठाई-नमकीन कारोबारी JMB ग्रुप के इंदौर स्थित तीन ठिकानों पर बुधवार को सेंट्रल GST विभाग की टीम ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। विभाग को अनियमितताओं और बिना बिल ड्रायफ्रूट्स की खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने समूह के तीन आउटलेट्स पर पहुंचकर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान दुकानों के शटर बंद रखे गए। अधिकारियों द्वारा स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड, बिल और कंप्यूटर में दर्ज कारोबारी डेटा का मिलान किया जा रहा है। इन तीन ठिकानों पर चल रही जांच टीम ने कलेक्टोरेट के समीप, स्कीम नंबर 104 और रेसकोर्स रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ पहुंची और जांच शुरू की। मिली जानकारी के मुताबिक सेंट्रल GST की जांच में ड्रायफ्रूट्स की बिना बिल खरीद-बिक्री को प्रमुखता से देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग को ऐसी जानकारी मिली थी कि मिठाई कारोबार में ड्रायफ्रूट्स की बढ़ती खपत के बीच बिना GST बिल के खरीदारी की जा रही है। इसी आधार पर अधिकारियों ने स्टॉक और लेखा-जोखा की जांच शुरू की है। 1954 में हुई थी JMB की शुरुआत JMB ग्रुप के इतिहास की बात करें तो इसकी स्थापना 1954 में इंदौर में की थी। फिलहाल विभाग की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों, स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। टैक्स चोरी या किसी अन्य अनियमितता की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मध्य प्रदेश श्री गणेश उत्सव विशेष: आल्हा की तपोभूमि में अलौकिक गजानन की प्राचीन प्रतिमा
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प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर पिकअप से बाइक को टक्कर मारकर पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हथुनिया थाना क्षेत्र के गोर्धनपुरा निवासी कुशाल खान पठान (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया-आरोपी हथुनिया थाने का हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी है। उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं। वारदात में इस्तेमाल पिकअप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीन साल पहले सात लाख रुपए उधार लिए थे पुलिस ने बताया- 6 सितंबर को मोखमपुरा निवासी जावेद खान पठान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके पिता शाहबाज खान पठान ने करीब तीन साल पहले कुशाल खान से 7 लाख रुपए उधार लिए थे। इसमें से कुछ पैसे वापस कर दिए थे। आरोप है कि कुशाल खान ब्याज पर ब्याज जोड़कर लगातार रुपए मांग रहा था। अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को बाइक से मारी टक्कर रंजिश के चलते 6 सितंबर को जावेद के पिता शाहबाज खान पठान और भाई शोयब खान पठान बाइक से प्रतापगढ़ जा रहे थे। आरोप है कि अवलेश्वर टोल से आगे बसाड़ गांव की सरहद में कुशाल खान ने पिकअप से पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं। बांसवाड़ा से मोबाइल फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल से सबूत जुटाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से मंदसौर तक करीब 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने भेष बदलकर की गश्त 13 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अजमेर दरगाह क्षेत्र और रेलवे स्टेशन के आसपास होटल, मुसाफिरखाने या गेस्ट हाउस में छिपा है। टीम ने अभय कमांड सेंटर के कैमरों की मदद से तलाश की। पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर इलाके में पैदल गश्त की। इसी दौरान दरगाह के पास एक गली में कुशाल खान दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाने और पिता-पुत्र को पिकअप से टक्कर मारने की बात स्वीकार की है। 15 सितंबर को आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों और साजिश के संबंध में पूछताछ कर रही है। … घटना से जुड़ी यह खबर पढ़ें अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को पिकअप ने टक्कर मारी, मौत:बड़े बेटे ने हत्या का शक जताया; कहा- बाइक से गिरने पर कुचलने की कोशिश की प्रतापगढ़ जिले में बाइक पर अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर घायल हो गए। उनको इलाज के लिए प्रतापगढ़ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)
गाजियाबाद के विजयनगर थाना के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में मंगलवार शाम दसवीं की छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। बुधवार शाम विजयनगर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद छात्रा के शव को परिजनों को सौंप दिया। छात्रा के पिता और अन्य रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर चुप्पी साधे रहे। पिता बस इतना कहते कि यदि पढ़ाई का प्रेशर था तो बताना चाहिए था। अपनी मम्मी से भी कभी कुछ नहीं कहा। बेटी ही हमारे लिए बेटे के समान थी। लेकिन बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया। पढ़ाई के प्रेशर में किया था सुसाइड छात्रा ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें लिखा है- मैं पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती। पढ़ाई के दबाव की वजह से सुसाइड कर रही हूं। किसी को दोष नहीं देती। इसकी जिम्मेदार खुद को मानती हूं। मम्मी-पापा… I Love You. छात्रा के गिरने की आवाज सुनते ही गार्ड और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना पर विजयनगर पुलिस भी पहुंची। इस दौरान छात्रा के परिवार वहां वीडियो बनाने वालों पर गुस्सा गए। पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पैर से सिर तक सारी हड्डी टूटीं गौर सिद्धार्थम निवासी देवेंद्र सिंह फाइनेंस एडवाइजर हैं। उनके बेटा नहीं है, और परिवार में पत्नी और 2 बेटी थीं। जिनमें शनाया बिष्ट (16) इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार शाम करीब 6.45 बजे छात्रा फ्लैट की 15वीं मंजिल से कूद गई। छात्रा का सिर फट गया। चेहरा और शरीर खून से सना था। SHO विजयनगर धर्मपाल सिंह ने बताया कि छात्रा जहां से कूदी उसकी ऊंचाई 150 फीट के आसपास थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा की पैर से लेकर सिर तक सारी हड्डी टूटी हुईं बताई गईं। छात्रा के दोनों पैर के अलावा, हाथ और शरीर के बीच के भाग की हड्डी भी टूट गई। इनके अलावा गर्दन और सिर की हड्डी भी क्रेक मिलीं। जहां सिर का पीछे का हिस्से बिखर गया। इस मामले में परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया। पुलिस को मिला दो पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला। छात्रा ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होने की बात लिखी है। आगे लिखा- आप सब लोग जो भी मेरी चिंता कर रहे हैं, अब न करें। अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जियो। मैं किसी को दोष नहीं देती। जितने भी मेरे दोस्त हैं, कृपया मेरी वजह से आप लोग अपनी जिंदगी खराब मत करो। मम्मी-पापा आप दोनों की एक और बेटी है रिद्धि, कृपया मेरी वजह से उसका भविष्य खराब मत करना। मम्मी-पापा अपना, दादी का और रिद्धि का ध्यान रखना। मौसी-मौसा जी, मामा-मामी, चाचा-चाची और नानी आप सब भी खुश रहो। रिद्धि और मिष्ठी सॉरी यार, तुम लोग भी मेरे बारे में ज्यादा मत सोचो। सफल बनो।
दो हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त चार्ज को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। सिविल लाइंस व्यापार मंडल ने कहा है कि इस तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी असर डालेगा। उन्होंने वित्त मंत्री से इस चार्ज को जनहित और व्यापारिक हित में वापस लेने की मांग की है। अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि व्यापारी पहले से ही अपने कारोबार पर विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। व्यापारियों को माल की बिक्री पर जीएसटी देना पड़ता है। इसके अलावा अपनी कुल आय पर आयकर भी जमा करना होता है। ऐसे में 2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाया जाना व्यापारियों के लिए एक और आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। कारोबार की लागत पर पड़ेगा असरव्यापार मंडल अध्यक्ष के मुताबिक, किसी व्यापारी को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है तो उसका असर कारोबार की लागत पर पड़ेगा। व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को अपने उत्पाद या सेवा की कीमत में शामिल करने के लिए मजबूर हो सकता है। इसका अंतिम भार ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बाजार में काफी प्रतिस्पर्धा है। ऑनलाइन कारोबार और ई-कॉमर्स के कारण व्यापारियों को अपने उत्पाद कम मुनाफे पर बेचने पड़ रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगने से व्यापारियों के लिए लागत और बढ़ जाएगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग से पहले ही प्रभावित है कारोबारव्यापारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि व्यापारी पहले से ऑनलाइन ट्रेडिंग से प्रभावित हैं। ग्राहक बड़ी संख्या में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक दुकानदारों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ व्यापारियों के कारोबार को और प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने व्यापार और ग्राहकों के बीच भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया है। छोटे-बड़े कारोबार में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे में यूपीआई से जुड़े किसी भी अतिरिक्त शुल्क का असर बड़ी संख्या में व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है। राहत देने वाला कदम उठाएंसिविल लाइंस व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री से मांग की है कि 2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित चार्ज को वापस लिया जाए। व्यापार मंडल का कहना है कि यह फैसला व्यापारियों, ग्राहकों और व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। सुशील खरबंदा ने कहा कि व्यापारियों की पहले से ही कई तरह की लागत बढ़ी हुई है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय व्यापार को राहत देने वाले कदम उठाए जाने चाहिए।
आगरा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय ने 14 सितंबर को प्रथम काउंसलिंग की कट-ऑफ लिस्ट और परिणाम जारी किया था, लेकिन तीन दिन के अंदर तीन बार लिस्ट बदल दी गई। आरोप है कि पहली लिस्ट में जिन छात्रों के नाम थे, दूसरी और तीसरी लिस्ट में उनके नाम काट दिए गए। पीड़ित छात्रों का कहना है कि कई छात्रों ने तो पहली लिस्ट में नाम आने के बाद फीस भी जमा कर दी थी। इसके बाद पहली लिस्ट कैंसिल कर दी। दूसरी लिस्ट आई तो उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर घूस लेकर सीटें बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि हमारा नाम पहली लिस्ट में था, दूसरी लिस्ट आई तो नाम गायब था। ऐसा एक-दो नहीं, कई छात्रों के साथ हुआ है। इसके अलावा जारी परिणाम में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का कहीं भी उल्लेख नहीं है, जो नियमों के खिलाफ है। इसी को लेकर सोमवार को पीड़ित छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। शाम करीब 7 बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया की मांग की। हंगामे के बाद कुलपति और रजिस्ट्रार ने छात्रों से बात की। उन्होंने माना कि प्रवेश प्रक्रिया में खामियां हुई हैं। आश्वासन दिया कि जो कट-ऑफ लिस्ट जारी हुई है, उसे निरस्त कर नए सिरे से जारी किया जाएगा। जिन प्रोफेसरों ने बिना प्रोविजनल के प्रवेश लिए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। पूरी प्रवेश प्रक्रिया दोबारा कराई जाएगी। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है।
रामपुर के जिला जेल में बंद दो अलग-अलग बंदियों के परिजनों को बुधवार शाम फोन कर ठगी की कोशिश की गई। फोन करने वालों ने बंदियों की हालत गंभीर बताकर इलाज और खून चढ़ाने के नाम पर रुपए मांगे। एक मामले में बंदी की मौत होने और उसका शव भेजने की बात भी कही गई। परिजनों ने जेल प्रशासन से संपर्क किया तो दोनों बंदी सुरक्षित मिले। अब फोन नंबरों की जांच की जा रही है। इलाज के नाम पर मांगे रुपए पहला मामला अटाई नगर के एक बंदी के परिवार से जुड़ा है। फोन करने वाले ने बंदी की हालत गंभीर बताते हुए इलाज के लिए रुपए मांगे। परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने जेल प्रशासन से संपर्क किया। जांच में बंदी सुरक्षित मिला और फोन पर दी गई जानकारी गलत निकली। ब्लड के लिए मांगे 1980 रुपए दूसरा मामला स्योंडरा गांव के एक बंदी से जुड़ा है। बंदी के पिता को फोन कर बताया गया कि उनके बेटे को गंभीर चोट लगी है और काफी खून बह गया है। फोन करने वाले ने खून चढ़ाने के नाम पर 1980 रुपए मांगे। उसने यह भी कहा कि खून की व्यवस्था मिलिट्री कैंटीन से होगी। बाद में बंदी की मौत होने और शव भेजने की बात कहकर पिता को डराने का प्रयास किया गया। फोन नंबरों की जांच कर रहा जेल प्रशासन परिजनों की सूचना पर जेल प्रशासन ने दोनों बंदियों की स्थिति की जानकारी ली। दोनों सुरक्षित मिले। जिला जेल अधीक्षक ने बताया कि फोन करने वाले नंबरों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को संबंधित नंबरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सांवलिया सेठ को 25.60 करोड़ रुपए का चढ़ावा:चौथे राउंड में निकले 4.97 करोड़; कल भी होगी काउंटिंग
मेवाड़ के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में खोले गए भंडार की दान राशि की चौथे राउंड की काउंटिंग बुधवार को पूरी हुई। चौथे राउंड की काउंटिंग में 4 करोड़ 97 लाख 26 हजार 600 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही अब तक चार चरणों की काउंटिंग में कुल 25 करोड़ 60 लाख 82 हजार 600 रुपए की राशि गिनी जा चुकी है। अभी भी दान राशि बाकी है, जिसकी काउंटिंग गुरुवार, 17 सितंबर को पांचवें राउंड में की जाएगी। लगातार चार राउंड में करोड़ों रुपए की राशि सामने आने से एक बार फिर श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली है। 10 सितंबर को खोला गया था भंडार श्रीसांवलियाजी मंदिर की भंडार दानपेटी 10 सितंबर को चतुर्दशी के दिन खोली गई थी। इसके बाद मंदिर मंडल की ओर से दान राशि की काउंटिंग अलग-अलग राउंड में शुरू की गई। पहले राउंड की काउंटिंग में ही बड़ी राशि सामने आई थी। इसमें 7 करोड़ 53 लाख 60 हजार रुपए प्राप्त हुए थे। इसके बाद दूसरे राउंड की काउंटिंग में 7 करोड़ 51 लाख 94 हजार रुपए की राशि मिली। दोनों राउंड में ही करीब 15 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि गिनी जा चुकी थी। इसके बाद तीसरे राउंड में 5 करोड़ 58 लाख 2 हजार रुपए और जुड़ने के बाद कुल राशि 20 करोड़ 63 लाख 56 हजार रुपए पहुंच गई थी। बुधवार को चौथे राउंड की काउंटिंग पूरी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 25 करोड़ 60 लाख 82 हजार 600 रुपए हो गया। चार दिन रुकी रही थी काउंटिंग, फिर दोबारा शुरू हुई प्रक्रिया भंडार खुलने के बाद दान राशि की काउंटिंग लगातार नहीं हो सकी थी। 11 सितंबर को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं की गई थी। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण बैंक बंद रहे। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होने के कारण भी इन दिनों काउंटिंग का काम नहीं किया गया। इसके बाद 14 सितंबर को दोबारा काउंटिंग शुरू हुई। सोमवार को दूसरे राउंड की काउंटिंग पूरी की गई और मंगलवार को तीसरे राउंड की राशि गिनी गई। बुधवार को चौथे राउंड में बची हुई राशि की काउंटिंग पूरी की गई। मंदिर मंडल की ओर से हर राउंड की काउंटिंग के बाद राशि की जानकारी जारी की जा रही है। सोने-चांदी और ऑनलाइन दान की राशि की काउंटिंग अभी बाकी भंडार से निकली नकद राशि की काउंटिंग के अलावा सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती वस्तुओं का तौल अभी बाकी है। इसके साथ ही मनीऑर्डर और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दान राशि की काउंटिंग भी की जानी है। भेंट कक्ष में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य सामग्री का तौल पूरा होने के बाद ही मंदिर को मिले कुल दान का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। अभी तक जारी आंकड़ा सिर्फ भंडार से मिली नकद राशि का है जो अभी भी बाकी है। पांचवें राउंड में होगी बची राशि की काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार भंडार में अभी कुछ दान राशि बाकी है, जिसकी काउंटिंग गुरुवार 17 सितंबर को पांचवें राउंड में की जाएगी। इसके बाद भंडार से मिली कुल नकद राशि का अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है।
बलरामपुर में जंगल और आबादी के बीच बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अब घटना के बाद नहीं, बल्कि पहले से तैयारी की जाएगी। जोखिम की पहचान कर उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में बुधवार रात 8 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें वन क्षेत्र से सटे 120 संवेदनशील गांवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तरफ से पेश की गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए जोखिम प्रबंधन, पहले से तैयारी, तुरंत प्रतिक्रिया और मानव-वन्यजीवों के साथ रहने पर ध्यान दिया जाए। संवेदनशील गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। बैठक में पुराने संघर्षों के आंकड़ों के आधार पर वन सीमा से सटे इलाकों की हॉटस्पॉट और संवेदनशीलता मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। हर घटना का जियो-टैग्ड डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि वन्यजीवों की गतिविधियां किन इलाकों में और कैसे बढ़ रही हैं। इसी के हिसाब से निगरानी और बचाव की रणनीति बनाई जा सकेगी। बहुत संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप और नाइट-विजन उपकरणों का सही इस्तेमाल होगा। प्रभागीय स्तर पर 24x7 रैपिड रिस्पॉन्स टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि आबादी में वन्यजीव के पहुंचने की सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंच सके। डीएम ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं माना। उन्होंने सभी संबंधित विभागों की भूमिका तय की। बिजली विभाग को वन सीमा से लगे गांवों में रोशनी की व्यवस्था ठीक करने और ढीले व लटकते बिजली के तारों को सही करने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग को खुले में शौच रोकने और शौचालयों का पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही ग्राम प्रधानों के जरिए विलेज अलर्ट नेटवर्क शुरू करने के निर्देश दिए गए। जंगल से सटे इलाकों में ऐसी फसलों की जगह, जिनसे संघर्ष की आशंका बढ़ती है, हालात के हिसाब से दूसरी फसलें उगाने को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन विभाग पशुधन के टीकाकरण और सुरक्षित पशु बाड़ों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करेगा। स्वास्थ्य विभाग को सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आपात स्थिति से निपटने के लिए एंटी-वेनम, एंटी-रैबीज इंजेक्शन और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।पुलिस और एसएसबी को वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने पर वन विभाग के साथ तत्काल समन्वय कर भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जरूरत के अनुसार संयुक्त गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।डीएम ने ग्रामीणों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने के लिए विद्यालयों, ग्राम चौपालों, ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा। लोगों को स्पष्ट रूप से ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी दी जाएगी।ग्रामीणों से विशेष रूप से रात में वन सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा वन्यजीव दिखाई देने पर उसके आसपास भीड़ न लगाने की अपील की जाएगी। वन्यजीव को घेरने, भगाने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम अथवा कंट्रोल रूम को सूचना देने पर जोर रहेगा।संवेदनशील वन सीमाओं पर सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए 10 किलोमीटर अतिरिक्त सोलर चेनलिंक फेंसिंग के प्रस्ताव पर भी तेजी से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी विभागों को कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील गांवों में नियमित जागरूकता और निगरानी गतिविधियां जारी रखने को कहा।बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सोहेलवा, अपर जिलाधिकारी सहित वन विभाग एवं विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बागपत में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में बागपत की अदालत ने आरोपी अंकित को तीन साल छह महीने की जेल और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद 16 सितंबर 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफटीसी प्रथम की अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित किया गया था। 2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के मुताबिक, बड़ौत थाना क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव निवासी अंकित पुत्र धर्मवीर के खिलाफ 2022 में बिनौली थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में इसे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित किया गया। पुलिस और अभियोजन ने की पैरवी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस और अभियोजन विभाग ने अदालत में पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने केस से जुड़े साक्ष्य और तथ्य कोर्ट के सामने रखे। इस दौरान एडवोकेट इंद्रपाल ने भी पैरवी में भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित मामलों में पुलिस और अभियोजन विभाग अदालत में साक्ष्य व तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं। अभियान के तहत अन्य मामलों में भी प्रभावी पैरवी जारी रहेगी।
मरवाही में बिजली गिरने से 15 मवेशियों की मौत:किसान के 7 गाय और 8 बकरियों की गई जान, मुआवजे की मांग
मरवाही में अचानक मौसम बदलने से एक किसान के 15 मवेशियों की मौत हो गई। यह घटना सेमरदर्री ग्राम पंचायत के बीजाडांड में हुई है। जानकारी के अनुसार, किसान मोहरसिंह आयम अपने मवेशियों को चराने जंगल ले गए थे। शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इसी दौरान बिजली गिरने से वहां मौजूद 7 गाय, 7 बकरी और 1 बकरे की मौके पर ही मौत हो गई। कुल 15 मवेशी मारे गए। घटना के समय किसान लाल सिंह करीब 200 मीटर दूर था, जिससे उसकी जान बच गई। इस घटना से किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मदद और मुआवजे की मांग की है।
पायनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कालेज, कालीथान बलरामपुर में ‘हिन्दी दिवस‘ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डाॅ. एम.पी. तिवारी, कोषाध्यक्षा मीता तिवारी, प्रबन्धक इं. आकाश तिवारी, निदेशक प्रकृति तिवारी व उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय सहित अध्यापक/अध्यापिकाएं उपस्थित रहे। हिंदी दिवस का आयोजन हिंदी भाषा के प्रति विद्यार्थियों में प्रेम, सम्मान एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर डाॅ. एम.पी. तिवारी ने बताया कि 1947 में जब भारत आजाद हुआ, तो देश के सामने एक राजभाषा के चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल था। इसे ध्यान में रखते हुए 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में चुना गया। तभी से हर वर्ष इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। कक्षा 8 के अध्यापक टी.एन. शुक्ला ने विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से हिंदी दिवस के इतिहास, महत्व एवं हिंदी भाषा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। अध्यापक टी.एन. शुक्ला एवं अभिषेक जायसवाल द्वारा कक्षा 6, 7, 8 एवं 10 के छात्र-छात्राओं के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय, अध्यापिका पूनम चौहान एवं आयुशी सिंह, अध्यापक टी.एन. शुक्ला एवं अभिषेक जायसवाल सहित समस्त अध्यापक/अध्यापिकाओं ने बच्चों की गतिविधि एवं भाषण कार्यक्रम को देखकर सराहना की और बच्चों को प्रोत्साहित किया।
दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम, डीडीए ने इंदिरा कल्याण विहार में शुरू किया सर्वे
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इंदिरा कल्याण विहार में झुग्गी पुनर्वास के लिए सर्वे शुरू किया है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान करना है ताकि उन्हें दिल्ली स्लम एवं जेजे क्लस्टर पुनर्वास नीति-2026 के तहत लाभ मिल सके।
अनूपपुर के चर्चित शायर दीपक अग्रवाल को हैदराबाद के मशहूर रवींद्र भारती थिएटर में 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का न्योता मिला है। हैदराबाद की 'अंजुमन मोहब्बान-ए-उर्दू, तेलंगाना' संस्था सैयद मिस्कीन अहमद के मार्गदर्शन में हर साल 'पयाम-ए-अम्न' नाम से यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम आयोजित करती है। दीपक अग्रवाल पिछले 15 सालों से राष्ट्रीय मंचों पर अपनी आसान, असरदार और संवेदनशील शायरी के लिए पहचाने जाते हैं। साल 2024 में मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से अर्शिया पब्लिकेशन से प्रकाशित उनका उर्दू गजल संग्रह ‘रेत पर कश्तियां’ काफी चर्चित रहा है, जिससे उर्दू अदब में उन्हें खास पहचान मिली है। देश-विदेश के दिग्गज शायर होंगे शामिल इस अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में भारत के अलावा विदेशों से भी नामचीन शायर शिरकत करेंगे। विदेश से रूस से डॉ. श्वेता सिंह ‘उमा’, दुबई से डॉ. ज़ुबैर फारूक अल अर्शी, कुवैत से मो. अली ‘वफ़ा’ और नाजनीन ‘नाज़’। भारत से सरदार चरन सिंह ‘बशर’, नई दिल्ली से शाहिद अंजुम, आगरा से अनवर अमान, पुणे से असलम चिश्ती, कर्नाटक से रफीक सौदागर, मुंबई से अहमद फैजाबादी और सिद्धार्थ शांडिल्य जैसे दिग्गज मंच साझा करेंगे।
किशनगंज पुलिस ने बहादुरगंज थाना क्षेत्र में ट्रक रोककर सोयाबीन तेल लूटने के मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए 189 डब्बे रिफाइंड तेल और वारदात में इस्तेमाल ट्रक बरामद किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और लूटे गए बाकी सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। NH-327E पर ट्रक रोककर बनाया था बंधक घटना 7-8 सितंबर 2026 की रात करीब 2 से 3 बजे की है। WB61B6566 नंबर का ट्रक जोगबनी से गुवाहाटी जा रहा था। ट्रक में सोयाबीन तेल के करीब 1500 डब्बे लदे थे। बहादुरगंज थाना क्षेत्र में NH-327E पर नटुआपाड़ा के पास ईंट भट्ठे के नजदीक अपराधियों ने ट्रक को रोक लिया। अपराधियों ने चालक और खलासी को बंधक बना लिया। इसके बाद ट्रक को एक सुनसान जगह ले जाया गया। वहां लदे सोयाबीन तेल में से करीब 450 डब्बे दूसरे ट्रक में लाद लिए गए और अपराधी सामान लेकर फरार हो गए। केस दर्ज होते ही जांच में जुटी पुलिस मामले में बहादुरगंज थाने में कांड संख्या 568/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने BNS की धारा 310(2)/311 के तहत कार्रवाई शुरू की। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी संतोष कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर और एसडीपीओ किशनगंज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर वारदात में इस्तेमाल ट्रक की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया। मेरठ से शहजाद ट्रक के साथ गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के किठौर थाना क्षेत्र के किठौर मंसूरपुरा निवासी करीब 35 वर्षीय शहजाद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल ट्रक भी बरामद किया। शहजाद से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और लूटे गए सामान के बारे में जानकारी मिली। उसकी निशानदेही पर पुलिस की दूसरी टीम को पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) भेजा गया। मोतिहारी से तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने पूर्वी चंपारण में कार्रवाई करते हुए तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें चकिया बाजार, केसरिया रोड निवासी संजय कुमार मखरिया और दीपक सुल्तानिया तथा मधुबन बाजार निवासी दीपक कुमार शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूटे गए कुल 189 डब्बे रिफाइंड तेल बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल ट्रक भी पुलिस के कब्जे में है। अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी पुलिस की कार्रवाई से इस मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क के सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और लूटे गए बाकी तेल को कहां रखा गया है, इसकी जांच अभी जारी है। बाकी सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। लूटे गए बाकी सामान की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। 4 गिरफ्तार, मेरठ से पूर्वी चंपारण तक जुड़ा गिरोह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के किठौर थाना क्षेत्र के मंसूरपुरा निवासी शहजाद के अलावा पूर्वी चंपारण के तीन आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहजाद, संजय कुमार मखरिया, दीपक सुल्तानिया और दीपक कुमार के रूप में हुई है। शहजाद किठौर मंसूरपुरा, किठौर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। वहीं, संजय कुमार मखरिया और दीपक सुल्तानिया पूर्वी चंपारण के चकिया बाजार, केसरिया रोड के निवासी हैं। चौथा आरोपी दीपक कुमार पूर्वी चंपारण के मधुबन थाना क्षेत्र के मधुबन बाजार का रहने वाला है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले में उनकी भूमिका और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
संभल में चौराहे पर बुधवार दोपहर 3 बजे दो गुटों के युवकों में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और बेल्ट से हमला किया। अचानक हुई मारपीट के बाद चौराहे पर मौजूद लोग भी वहां से हट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला असमोली थाना क्षेत्र के सैंधरी गांव का है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चौराहे पर अचानक दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने बेल्ट से भी एक-दूसरे पर हमला किया। मोबाइल से बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो में कई युवक एक-दूसरे को पीटते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस पहुंची तो मौके से भागे युवक मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के युवक वहां से जा चुके थे। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान करने में जुटी है। फोन करके चौराहे पर बुलाने का आरोप एक युवक ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के मुताबिक, उसे 16 सितंबर को फोन करके सैंधरी चौराहे पर बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर कुछ युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बेल्ट से हमला किया गया। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीजे को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई टांडा कोठी चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच डीजे को लेकर पुरानी रंजिश है। इसी रंजिश के चलते बुधवार को दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और झगड़े में शामिल युवकों की तलाश की जा रही है। शिकायत के आधार पर होगी कार्रवाई चौकी प्रभारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर भी मारपीट करने वाले युवकों की पहचान कर रही है।
छत्तीसगढ़: झीरम घाटी हमले के 10 दोषियों को फांसी की सजा, 13 साल बाद NIA कोर्ट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत, जगदलपुर ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के 10 दोषी कैडरों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
जैसलमेर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अरुण कुमार और विजय डांगरा ने उम्मीदवारी पेश की है, जबकि इंडियन नेशनल कांग्रेस की ओर से निर्मल पुरोहित और अशोक सिंह ने अपने नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए हैं। रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम वीरेन्द्र सिंह के समक्ष 4 नामांकन पेश किए गए। यहां सभापति के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार-अध्यक्ष पद के लिए आए इन सभी चार नामांकन पत्रों की गुरुवार, 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से बारीकी से जांच की जाएगी, जिसके बाद आगे की चुनावी तस्वीर साफ होगी। उपाध्यक्ष पद का चुनाव कार्यक्रम नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार, 22 सितंबर को सुबह 10 बजे नवनिर्वाचित पार्षदों की बैठक शुरू होगी। इसी दिन सुबह 11 बजे तक नामांकन प्रस्तुत किए जा सकेंगे, जिनकी जांच 11:30 बजे से होगी और दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। अगर जरूरत पड़ी, तो उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान इसी दिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा, जिसके तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
सीकर नगर परिषद के पार्षदों के चुनाव में इस बार कई रोचक तथ्य सामने आए। कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले सीकर में पिछले चुनाव के मुकाबले केवल 2 सीट बढ़ी। वहीं बीजेपी का वोट बैंक 4 प्रतिशत तक बढ़ा। वार्ड 18 में हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी साबिर बिसायती ने अपनी पत्नी और एक निर्दलीय को भी खड़ा किया था। दोनों ने कांग्रेस प्रत्याशी के वोट ही काट दिए। ऐसा नहीं होता तो पत्नी और बेटे के हिस्से आए 22 वोट लेकर साबिर जीत सकते थे। सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होते ही कांग्रेस की बिना आधिकारिक घोषणा के ही जीवण खां ने खतीजा बानो के वार्ड 15 से उम्मीदवारी के पोस्टर जारी कर दिए थे। चुनाव में ऐसे कई रोचक तथ्य सामने आए, विस्तार से पढ़िए- कांग्रेस प्रत्याशी हारा,पत्नी-निर्दलीय को बनाया था डमी प्रत्याशी सीकर के वार्ड 18 के रिजल्ट की सबसे ज्यादा चर्चा है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी साबिर बिसायती और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी यूनुस को बराबर 643 वोट मिले। लौटरी से यूनुस की जीत की घोषणा हुई। इस वार्ड में एक और रोचक तथ्य ये है कि लॉटरी में हारने वाले साबिर बिसायती ने डमी कैंडिडेट के रूप में पत्नी सोनिया बानो और बेटे वाहिद अली को निर्दलीय खड़ा किया था। सोनिया को 6 व वाहिद को 16 वोट मिले। इधर, साबिर बराबर वोट मिलने के बाद लॉटरी में चुनाव हार गए। पत्नी और निर्दलीय के मिलाकर 22 वोट साबिर के हिस्से आते तो परिणाम कुछ और हो सकता था। पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस की केवल 2 सीट बढ़ी पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस की सिर्फ 2 सीटें बढ़ी हैं। 2 निर्दलीय पार्षदों एडवोकेट असलम खान और मोहम्मद अकरम खत्री को कांग्रेस ने टिकट नहीं दी थी। अकरम लगातार दूसरी बार निर्दलीय पार्षद बने हैं। उन्होंने 4 बार के पार्षद रहे अब्दुल लतीफ चौहान को 1051 वोटों के बड़े अंतर से हराया है। वार्ड 30 के युवा पार्षद एडवोकेट असलम खान ने कांग्रेस के मो. रफीक को 533 वोटों से हराया है। टिकट वितरण के समय कांग्रेस ने इन दोनों वार्डों में गौर किया होता तो पार्षद कांग्रेस के हिस्से में गिने जाते। विधायक के वार्ड में कांग्रेस की हार चौंकाने वाला परिणाम तो सीकर के विधायक राजेंद्र पारीक के वार्ड में आया। कांग्रेस की सरकारों में कैबिनेट मंत्री तक रहे विधायक राजेंद्र पारीक के वार्ड 27 में कांग्रेस को लगातार 6वीं हार मिली। वहां से जीतने वाले भाजपा के चतुर्भुज कुमावत वही हैं, जिन्हें पिछली गहलोत सरकार के समय राजेंद्र पारीक ने मनोनीत पार्षद बनाया था। यही नहीं, हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश कुमावत पहले इसी वार्ड से भाजपा से पार्षद थे। अब शहरभर में चर्चा है कि इस वार्ड में तो प्रकाश भाजपा में रहते तो हारते नहीं और चतुर्भुज दल नहीं बदलते तो जीत नहीं पाते। पति-पत्नी के पोस्टरों की अदला-बदली रही चर्चा में पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो की पोस्टर की अदला-बदली भी चर्चा में रही। सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होते ही कांग्रेस की बिना आधिकारिक घोषणा के जीवण खां ने खतीजा बानो के वार्ड 15 से उम्मीदवारी के पोस्टर जारी कर दिए थे। इसके बाद पार्षदों की लॉटरी हुई तो वार्ड 15 अनारक्षित और वार्ड 16 ओबीसी के रिजर्व हो गया। फिर खुद की उम्मीदवारी को देखते हुए जीवण खां ने पत्नी खतीजा बानो को वार्ड 16 से चुनाव लड़वाया और खुद वार्ड 15 से चुनाव लड़कर जीते। वार्ड बदलते ही विरोधी एक्टिव हुए और जीवण खां को घेरने की कोशिश की। नतीजा ये हुआ कि मतदान के दिन इस वार्ड में जमकर लट्ठ बजे और ईवीएम को पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में ले जाना पड़ा। सभापति पद की 2 कथित दावेदार भी हारे सीकर में सभापति पद की 2 कथित दावेदारों का हारना भी चर्चा में रहा। पूर्व सभापति विमल कुल्हरी वार्ड 50 और वार्ड 47 से रेखा चुनाव हार गईं। विमल कुल्हरी कांग्रेस के बोर्ड में तत्कालीन सभापति सलमा शेख के निधन के बाद कार्यवाहक सभापति बनी थीं। विमल को इस बार कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। निर्दलीय विमल कुल्हरी, कांग्रेस की सुभिता से 365 वोटों से हार गईं। वहीं UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा के सबसे करीबी तेजप्रकाश सैनी के भतीजे सुरेश की पत्नी रेखा सैनी भी चुनाव हार गईं। भाजपा प्रत्याशी रेखा को कांग्रेस की कोमल सैनी ने 505 वोटों से हराया। माना जा रहा था कि कांग्रेस बहुमत नहीं मिलने पर विमल कुल्हरी को सभापति का उम्मीदवार बना सकती थी। वहीं, दूसरी ओर भाजपा का बोर्ड बनने पर UDH राज्यमंत्री की पैरवी से रेखा का सभापति बनना भी तय माना जा रहा था। पंवार परिवार की लगातार 6वीं जीत सीकर शहर में पंवार परिवार की लगातार 6वीं जीत भी चर्चा में है। वार्ड19 से कांग्रेस की टिकट पर पार्षद बनीं सूबे दौलत चौथी बार पार्षद बनी हैं। सूबे दौलत के पति अब्दुल रज्जाक पंवार भी 2 बार पार्षद रह चुके हैं। जिला कांग्रेस के कई पदों पर रहे हैं। स्थानीय कांग्रेस में जीवण खां से अदावत रखने वाले गुट के पार्षदों ने सभापति पद के लिए सूबे दौलत के लिए लॉबिंग भी की थी। हालांकि बाद में सभी ने विधायक राजेंद्र पारीक की बात पर अंतिम मुहर लगाकर खतीजा बानो के लिए एकराय बना ली। 2019 के मुकाबले बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने चुनाव से करीब सालभर पहले नगर निकायों के क्षेत्र का परिसीमन किया था। सीकर नगर परिषद के परिसीमन में स्थानीय भाजपा नेताओं ने खूब हाथ-पांव मारे लेकिन इन चुनावों में भाजपा को बहुमत नहीं लगा। हालांकि भाजपा की सीटों में 5 पार्षदों की बढ़ोतरी हुई है और वोट शेयर भी 2019 के मुकाबले करीब 4 प्रतिशत बढ़ गया लेकिन बहुमत कांग्रेस को ही मिला है। सीकर के चुनाव में पार्टी की अंदरखाने गुटबंदी हावी रही और पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की अगुवाई में हुए टिकट वितरण को भाजपा वालों ने ही गुपचुप नुकसान पहुंचाया।
बिहार में बाढ़ ने रोके टीचर ट्रांसफर, शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादलों के आवेदन की तारीख आगे बढ़ाई
बिहार में शिक्षकों के सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया में देरी होगी। शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादलों के लिए रिक्तियों के प्रकाशन और शिक्षकों के आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। इसकी वजह बाढ़ को बताया गया है।
गुजरात से 2017 में लापता हुईं रतन बेन (55) नौ साल बाद लखनऊ में मिलीं। मानसिक रूप से बीमार रतन बेन को जब उनका बेटा विशाल मिला तो दोनों एक-दूसरे से लिपटकर फफक पड़े। मां ने बेटे का हाथ पकड़ लिया और काफी देर तक नहीं छोड़ा। भावुक कर देने वाला यह मिलन देखकर पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। बुधवार शाम विशाल अपनी मां को लेकर गुजरात रवाना हो गया। उसने मां को तलाशने में मदद करने के लिए पुलिस का धन्यवाद किया। सड़क पर परेशान हालत में मिली थीं थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले बालू अड्डा के पास सड़क पर एक महिला परेशान हालत में मिली थीं। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रही थीं। पुलिसकर्मी उन्हें थाने लेकर आए। महिला पुलिसकर्मियों ने बातचीत कर उनकी पहचान और घर का पता जानने की कोशिश की, लेकिन वह टूटे-फूटे शब्दों में ही जवाब दे रही थीं। इसी दौरान महिला ने ‘फूलपाड़ा’ मोहल्ले का नाम लिया। पुलिस ने गूगल मैप पर इस नाम को तलाशा तो गुजरात का फूलपाड़ा सामने आया। इसके बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया गया। वहां पता चला कि वर्ष 2017 में रतन बेन की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। वीडियो कॉल पर मां को देखकर चौंक गया बेटा गुजरात पुलिस ने रतन बेन के परिवार से संपर्क किया। पता चला कि उनका बेटा विशाल जयेश भाई सूरत के फूलपाड़ा स्थित विराज पैलेस की तीसरी मंजिल पर रहता है और सूरत म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में काम करता है। हजरतगंज पुलिस ने मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिए विशाल की रतन बेन से बात कराई। मां को सामने देखकर विशाल कुछ पल के लिए भौचक्का रह गया। उसे यकीन नहीं हुआ कि नौ साल से जिस मां को तलाश रहा था, वह लखनऊ में मिल गई हैं। थाने में मां-बेटे का भावुक मिलन बुधवार को विशाल गुजरात पुलिस, अपने दोस्त प्रवीण और एक अन्य व्यक्ति के साथ हजरतगंज थाने पहुंचा। थाना प्रभारी के कमरे में रतन बेन कुर्सी पर बैठी थीं। बेटे को देखते ही वह फफककर रोने लगीं। विशाल कुछ सेकेंड तक मां को देखता रहा। उसकी आंखें नम हो गईं। इसके बाद वह मां से लिपट गया और दोनों रोने लगे। रतन बेन ने बेटे का हाथ पकड़ लिया और काफी देर तक नहीं छोड़ा। पुलिसकर्मियों ने दोनों को शांत कराया। पति और मायके में मौतों के बाद बिगड़ी हालत विशाल ने पुलिस को बताया कि पिता जयेश भाई रौठार, मामा और नानी की मौत के बाद उसकी मां गहरे सदमे में चली गई थीं। इसके बाद उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। वर्ष 2017 से पहले भी वह एक बार घर से निकल गई थीं, लेकिन कुछ दिन बाद वापस मिल गई थीं। विशाल के मुताबिक, उसकी शादी और बेटे के जन्म के बाद रतन बेन दोबारा घर से निकल गईं और फिर वापस नहीं लौटीं। परिवार ने गुजरात के कई थानों, आश्रयगृहों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। विशाल ने बताया कि मां के मिलने की उम्मीद उसने कभी नहीं छोड़ी। वह रोज पूजा के दौरान भगवान से मां के सकुशल होने की प्रार्थना करता था। बुधवार को नौ साल बाद उसकी यह प्रार्थना पूरी हुई।
यूपी के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह बुधवार को बरेली पहुंचे। उन्होंने कहा कि सपा के सर्वाधिक कार्यकर्ता अपराध बोध से ग्रस्त हैं। वे सत्ता के भूखे भेड़ियों की तरह जनता को नोचने के लिए सही अवसर का इंतजार कर रहे हैं। धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश की जनता सब समझती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को अवसर नहीं देगी और पूरी तरह अलग कर देगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। बोले- विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है और 2027 में फिर भाजपा की सरकार बनेगी। यूपी की कानून-व्यवस्था को लेकर सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गुंडाराज कायम था, जबकि योगी सरकार में अपराधियों में कानून का डर है। प्रयागराज में सपा नेता की हत्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि अपराध और हत्या बेहद गंभीर एवं दुखद घटनाएं हैं। किसी की भी हत्या होना गलत है और उन्हें घटना का गहरा दुख है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत और गंभीर प्रकृति का है, इसलिए इसे लेकर कानून-व्यवस्था को व्यापक रूप से कठघरे में खड़ा नहीं किया जाना चाहिए। द्वेष में गोली चलाना आपराधिक मानसिकता मंत्री ने कहा कि जिसके मन में द्वेष की भावना भरी हो और वह किसी पर हमला कर दे, यह उसकी आपराधिक मानसिकता है। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरने वाला कोई भी हो, उसकी हत्या गलत है। किसी की भी हत्या होने पर योगी सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। एनकाउंटर पर सवाल को लेकर अखिलेश पर हमला एनकाउंटर पर अखिलेश यादव के सवाल उठाने को लेकर भी धर्मपाल सिंह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपराधियों के एनकाउंटर पर इसलिए सवाल उठाते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक सपा के कई कार्यकर्ता अपराध बोध से ग्रस्त हैं। धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा के लोग सत्ता में लौटने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता का मन साफ है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बनगांव में अपनी शादीशुदा प्रेमिका की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने प्रेमिका की हत्या उसके पति के सामने बका मारकर की थी। बुधवार शाम उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। हत्या करने के बाद आरोपी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बुधवार को जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया, तब पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लिया। यह घटना 10 सितंबर की दोपहर 12 बजे हुई थी। आरोपी अज्जू उर्फ अजय दुबे (28) निवासी बनगांव ने अपनी प्रेमिका वर्षा विश्वकर्मा की हत्या उसके पति मोनू विश्वकर्मा के सामने की थी। पति मोनू विश्वकर्मा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पर हत्या का केस दर्ज किया था। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया है।
अंबिकापुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बीच हुई चर्चा का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में टीएस सिंहदेव कह रहे हैं कि तपस्या को बेच रहे हैं, कहां से काम चलेगा। दरअसल, सिंहदेव का राजनैतिक जीवन बेदाग रहा है और जमीनें बेचकर राजनीति करने के लिए जानें जाते हैं। इस संवाद को भी टीएस सिंहदेव की आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। सिंहदेव ने तपस्या खाली कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस के संभागीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे थे। प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करने के बाद भूपेश बघेल बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ के लिए रवाना होने वाले थे। प्रशिक्षण शिविर से निकलते समय टीएस सिंहदेव ने उन्हें शाम को कॉफी पर आने का निमंत्रण दिया। भूपेश ने पूछा-तपस्या आना है, सिंहदेव बोले-तपस्या बेच रहे हैं बलरामपुर रवाना होने से पहले भूपेश बघेल सिंहदेव के पास पहुंचे और पूछा कि कहां आना है, तपस्या। तपस्या वर्षों तक सिंहदेव का निवास रहा है। इस पर सिंहदेव ने हंसते हुए कहा कि तपस्या कहां, उसे तो बेच रहे हैं, कैसे चलेगा। इसपर भूपेश भी मुस्कुराते हुए वापस मुड़े और अपनी गाड़ी में सवार हो गये। शाम को कॉफी पर पहुंचे भूपेश बलरामपुर से लौटकर भूपेश बघेल, सिंहदेव के घर कॉफी पर पहुंचे। भूपेश बघेल के साथ पूर्व मंत्री अमरजीत भगत एवं दोनों के समर्थक अन्य नेता भी थे। भूपेश बघेल लंबे समय बाद कोठीघर पहुंचे तो माहौल अपनत्व का दिखा। सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो टीएस सिंहदेव जमीन बेचकर राजनीति के लिए जाने जाते हैं। भूपेश सरकार में मंत्री रहते हुए भी 2023 में सिंहदेव की संपत्ति 52 करोड़ रुपये घट गई थी। 2018 में चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, टीएस सिंहदेव के पास 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति थी। वहीं 2023 में यह घटकर 450 करोड़ से कम हो गई थी। सिंहदेव की ज्यादातर संपत्तियां अचल हैं, जिनकी कीमत बढ़ती है, लेकिन सिंहदेव की संपत्ति लगातार घटी है, यह जमीनें बेचने के कारण हुईं। इस कारण सिंहदेव का यह बयान फिर चर्चा में रही।
राजस्थान में के तीन नगर निगम उदयपुर, अजमेर और अलवर में भाजपा-कांग्रेस ने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। उदयपुर में भाजपा को बहुमत मिला था और अलवर में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। वहीं कांग्रेस अजमेर में सबसे बड़ी पार्टी थी। ऐसे में दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन का दौर चला और आखिर में नाम का ऐलान हुआ। भाजपा-कांग्रेस की ओर से मेयर के लिए मैदान में उतारे गए प्रत्याशियों का राजनीतिक बैक ग्राउंड, किस नेता के करीबी है, कैसे उनके नाम पर मुहर लगी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट… उदयपुर: संघ की पसंद, पार्षदों से वन-टू-वन का सिंघवी को मिला लाभ उदयपुर में मेयर पद के लिए दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर का नाम चल रहा था। वहीं पारस सिंघवी तीसरे नंबर पर थे, लेकिन सामर और भट्ट के नाम पर पार्षदों की सहमति नहीं मिलने से पार्टी ने ऐनवक्त पर सिंघवी को चुना। वहीं RSS की पहली पसंद, निगम में पिछली बार डिप्टी मेयर का उनका अनुभव, बाड़ाबंदी में 50 पार्षदों से वन-टू-वन का सिंघवी को लाभ मिला। सिंघवी ने 52 पार्षदों में से सिर्फ प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट से समर्थन नहीं मांगा था। वहीं कांग्रेस से पूनम कुंवर ने मेयर पद के लिए नामांकन किया। पूनम उदयपुर में शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी हैं। हालांकि कांग्रेस के पास उदयपुर में मेयर पद के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। पूरी खबर पढ़ें अलवर: भाजपा में तीन दावेदार.. भूपेंद्र यादव से अनामिका पर सहमति, कांग्रेस में जूली की पसंद अलवर में बीजेपी प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल के नाम पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कारण आखिरी समय में मुहर लगने की चर्चा है। मेयर पद के तीन दावेदार नेहा मनचंदा, अपूर्वा शर्मा और सुमनलता अग्रवाल को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर बुधवार सुबह 6 बजे ले जाया गया। संगठन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद यहां प्रत्याशी का नाम तय हुआ। इसके बाद पार्षद नेहा मनचंदा और अपूर्वा शर्मा को उत्तराकाशी में वापस बाड़ेबंदी में भेज दिया गया। वहीं अलवर में केवल सुमनलता अग्रवाल को लेकर आया गया। केंद्रीय मंत्री के घर पर दोपहर बाद सुमन के पति अजय अग्रवाल के परिवार के साथ वन राज्य मंत्री संजय शर्मा पहुंचे। अजय अग्रवाल बीजेपी से नगर परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी कमलेश शर्मा के चयन के पीछे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का गणित माना जा रहा है। जूली जीतने वाले पार्षदों को अपने पक्ष में लाने के लिए रात-रातभर घूमे। पूरी खबर पढ़ें अजमेर: कांग्रेस में दो पर सहमति नहीं हुई तो किरण गढ़वाल का नाम फाइनल अजमेर नगर निगम में भाजपा ने बुधवार सुबह 6 बजे अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाने का निर्णय ले लिया था। भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा पहली बार पार्षद बनी हैं। परिवार में आज तक किसी ने चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में नया चेहरा है। हालांकि ससुर सीताराम शर्मा विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी के करीबी हैं। भाजपा ने मंगलवार रात को जीते हुए 32 पार्षदों से रायशुमारी की थी और तीन-तीन नाम मांगे थे। इसमें नलिनी शर्मा, मोनिका जैन सहित अन्य के नाम थे। बाद में प्रदेश स्तर से अनामिका शर्मा के नाम पर मुहर लगी। कांग्रेस ने भी जीते हुए सभी 37 पार्षदों से रायशुमारी की। हालांकि किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। रश्मि हिंगोरानी और रश्मि शर्मा के नाम पर भी एक मत नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस ने सभी नाम प्रदेश स्तर पर भेजे और आखिरकार किरण गढ़वाल के नाम पर मुहर लगी। किरण गढ़वाल भी राजनीति में नई है। किरण के पति दिलीप गढ़वाल ब्लॉक उपाध्यक्ष हैं। पूरी खबर पढ़ें ………. यह खबर भी पढ़ें...पूर्व मंत्री के भतीजे को मेयर उम्मीदवार बनाने पर बगावत:विधायक के भाई को पीटा, 4 निगमों में निर्दलीयों की मान-मनोव्वल; 5 जगह भाजपा की निर्विरोध जीत तय राजस्थान में बुधवार को 305 निकायों में मेयर, चेयरमैन और पालिकाध्यक्ष के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला को मेयर कैंडिडेट बनाया है। इसके बाद यहां कांग्रेस में बगावत हो गई और नवरतन डागा ने निर्दलीय नामांकन भर दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
राजधानी दिल्ली का एक ऐसा गांव, जहां ग्रामीणों को खुद देना पड़ता है ठीकरी पहरा; चोरों का बढ़ा आतंक
बाहरी दिल्ली के रानीखेड़ा गांव में चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए 'ठीकरी पहरा' शुरू किया है। पुलिस की गश्त बढ़ाने की मांग के बावजूद, ग्रामीणों को रात में खुद निगरानी करनी पड़ रही है, जबकि पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के बीच बुधवार को राहत भरी खबर आई। तीन बंद बिजली प्लांट चालू होने से कटौती में कुछ कमी आई है। अगले दो दिन में करीब 1250 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में बिजली आपूर्ति को सामान्य करने में मदद मिलेगी। कोयला संकट के चलते यूपी में इस बार बिजली कटौती करनी पड़ रही है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बुधवार को भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जहां से भी बिजली उपलब्ध हो सकती है, वहां से लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास किए जाएं। तीन यूनिट चालू होने से 1,300 MW बिजली मिली बुधवार सुबह तक अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई और ओबरा-बी की यूनिट-10 फिर से चालू हो गए। इससे बिजली की उपलब्धता में औसतन करीब 1,300 मेगावाट की वृद्धि हुई है। अगले 1-2 दिनों में NPGC सिंगरौली की यूनिट-2, TRN Energy की यूनिट-1, घाटमपुर की यूनिट-1 और जवाहरपुर की बंद इकाइयों के चालू होने की उम्मीद है। जवाहरपुर की इकाइयां बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद थीं। इनके चालू होने से करीब 1,250 मेगावाट और बिजली उपलब्ध होगी। 7 राज्यों से मिल रही 2,400 MW पावर बैंकिंग बिजली की कमी को पूरा करने के लिए यूपी दूसरे राज्यों से पावर बैंकिंग के जरिए बिजली ले रहा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से पीक आवर्स में औसतन करीब 2,400 मेगावाट बिजली मिल रही है। बुधवार को केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) के डायरेक्टर ऑपरेशन शिव एस. दास और उनकी टीम के साथ बैठक भी हुई। इसमें अगले पांच वर्षों के लिए गर्मी के महीनों में पावर बैंकिंग के जरिए 500-600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेने पर सहमति बनी। कोयले की कमी से 1,500-2,000 MW का झटका पिछले कुछ दिनों से कोयला खदान वाले इलाकों में भारी बारिश और जलभराव के कारण थर्मल पावर प्लांटों को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते कई इकाइयां कम क्षमता पर चल रही हैं। जबकि कुछ बंद करनी पड़ी हैं। उत्तर प्रदेश को सिंगरौली, रिहंद, खुर्जा, मेजा, लैंको, रोजा और बारा जैसी केंद्रीय, राज्य और निजी क्षेत्र की परियोजनाओं से औसतन 1,500 से 2,000 मेगावाट बिजली कम मिल रही है। NCL क्षेत्र की जयंत कोल माइंस में कोल साइलो गिरने से भी कोयला आपूर्ति प्रभावित हुई है। देश में 35 हजार MW उत्पादन प्रभावित ऊर्जा विभाग के अनुसार कोयले की कमी का असर दूसरे राज्यों पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु में भी औसतन 1,000 से 2,000 मेगावाट तक उत्पादन प्रभावित हुआ है। सितंबर 2025 में देश की अधिकतम बिजली मांग करीब 240 गीगावाट थी, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 269 गीगावाट तक पहुंच गई है। कोयले की कमी के कारण करीब 35 गीगावाट उत्पादन प्रभावित होने का अनुमान है। विंड और हाइड्रो पावर उत्पादन में भी कमी आई है। एक्सचेंज में 10 रुपए यूनिट तक पहुंची बिजली बिजली की उपलब्धता कम होने का असर पावर एक्सचेंज पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार 15 सितंबर को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में करीब 16 घंटे तक बिजली की दर 10 रुपए प्रति यूनिट रही। रात में पावर एक्सचेंज में क्लीयरेंस भी नगण्य रहा। 15 सितंबर को यूपी की अधिकतम मांग करीब 29,800 मेगावाट थी, जबकि संकट के कारण करीब 27,000 मेगावाट तक आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकी। दिन में महंगी बिजली खरीदकर कटौती से राहत प्रबंधन का दावा है कि उपलब्धता बढ़ने पर दिन में बिजली खरीदकर सभी क्षेत्रों में कटौती कम की जा रही है। 10 रुपए प्रति यूनिट की दर पर भी बिजली खरीदकर दिन के समय कटौती मुक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, रात में 2,000 से 3,000 मेगावाट की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित कटौती करनी पड़ रही है। अनपरा का कोयला लैंको को डायवर्ट, 700 MW का फायदा बिजली उपलब्धता बढ़ाने के लिए अनपरा के कोयले को लैंको की ओर डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा बारा को कोयला आपूर्ति में सुधार किया गया है। इससे रात के समय अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करने में मदद मिली और करीब 700 मेगावाट बिजली की उपलब्धता एवं आपूर्ति बढ़ी है। 2017 और 2021 जैसा कोयले का संकट ऊर्जा विभाग के मुताबिक मौजूदा कोयला संकट वर्ष 2017 और 2021 में आई आपदा जैसी परिस्थितियों के समान है। इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से दिन में सभी क्षेत्रों में कटौती मुक्त आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और केरल जैसे यूपी की तुलना में कम बिजली खपत वाले राज्यों में भी संकट के कारण कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। वहीं, यूपी का ऊर्जा विभाग कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए कोयला मंत्रालय के लगातार संपर्क में है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने मेसर्स आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन की बुधवार को याचिका खारिज कर दी। मामला जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के टिकरिया और प्रतापपुर स्थित लौह अयस्क खदानों में वर्ष 2004 से 2017 के बीच कथित अतिरिक्त खनन से जुड़ा है। राज्य द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर जबलपुर ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। टिकरिया खदान के लिए ₹1,13,81,94,280 और प्रतापपुर के लिए ₹1,20,69,41,910 की वसूली प्रस्तावित किए जाने का उल्लेख हाईकोर्ट के आदेश में है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि मामला अभी कारण बताओ नोटिस के स्तर पर है और कलेक्टर ने कंपनी की अंतिम देयता तय नहीं की है। इसलिए इस स्तर पर हाईकोर्ट के असाधारण रिट अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप का आधार नहीं है। जांच रिपोर्ट में ₹443 करोड़ से ज्यादा जमा कराने का उल्लेखहाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, जांच रिपोर्ट के अंतिम हिस्से में संबंधित कंपनियों से ₹4,43,04,86,890 (₹443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890) तथा उसके अनुसार GST की राशि जमा कराने को उचित बताया गया था। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच समिति की रिपोर्ट स्वयं अंतिम रिकवरी आदेश नहीं है। यह कलेक्टर पर बाध्यकारी भी नहीं है। कलेक्टर को कंपनी की आपत्तियों, जांच रिपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड पर विचार करते हुए कानून के अनुसार स्वतंत्र और कारणयुक्त आदेश पारित करना है। कलेक्टर को 4 महीने में कार्यवाही पूरी करने के निर्देशहाईकोर्ट ने कलेक्टर जबलपुर को कंपनी की आपत्तियों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करते हुए कानून के अनुसार स्वतंत्र एवं कारणयुक्त आदेश पारित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कार्यवाही शीघ्र पूरी करने तथा प्रमाणित आदेश प्राप्त होने के बाद यथासंभव चार माह के भीतर अंतिम निर्णय करने की अपेक्षा व्यक्त की। कंपनी ने जांच समिति और नोटिस को चुनौती दी थीयाचिकाकर्ता ने कलेक्टर जबलपुर द्वारा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(5) के तहत जारी कारण बताओ नोटिस, जांच समिति के गठन और उसकी रिपोर्ट को चुनौती दी थी। उसका तर्क था कि जांच समिति का गठन बिना किसी वैधानिक अधिकार के किया गया, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ और मामले में कोई अंतिम क्षेत्राधिकार नहीं बनता। शिकायतकर्ता ने कहा- अब पारदर्शी जांच जरूरीमामले के मुख्य शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित ने कहा कि न्यायालय के आदेश में ₹443 करोड़ से अधिक की राशि और उस पर GST का उल्लेख आया है। अब पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तथ्यों की जांच करते हुए कानून के अनुसार अंतिम निर्णय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने फिलहाल कंपनी की वास्तविक देयता पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अब सभी संबंधित पक्षों को कलेक्टर के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और कलेक्टर को बिना किसी पूर्वाग्रह के कानून के अनुसार निर्णय करना होगा। संजय पाठक से जुड़ी माइनिंग कंपनी को झटकाभाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी माइनिंग कंपनी को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कहा कि जबलपुर कलेक्टर के सामने ही अपना पक्ष रखें, इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर को यह भी निर्देश दिए हैं कि चार माह में प्रकरण का निराकरण करें। आनंद माइनिंग पर साल 2004 से 2017 तक अतिरिक्त खनन का आरोप लगाया था। जबलपुर में सिहोरा की दो आयरन और खदानों से अधिक खनन का यह पूरा मामला है। जबलपुर कलेक्टर ने कंपनी को ₹423 करोड़ रुपए की रिकवरी का नोटिस दिया था, जिस पर कंपनी ने कलेक्टर के क्षेत्राधिकार से बाहर बातकर नोटिस को चुनौती दी थी।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में NSUI ने ABVP को इनवाइट किया, यही है मध्य प्रदेश की पहचान
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गोपालगंज के बंजारी में निजी स्कूल के पास से सातवीं कक्षा के 12 वर्षीय छात्र गोपाल द्विवेदी के लापता होने से हड़कंप मच गया। करीब नौ घंटे बाद छात्र को उत्तर प्रदेश के देवरिया से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। छात्र की बरामदगी की सूचना मिलते ही परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली। गोपालगंज पुलिस की टीम छात्र को लेने के लिए देवरिया रवाना हो गई है। गोपाल द्विवेदी भोरे थाना क्षेत्र के जागीरदारी बगहवा गांव का रहने वाला है। उसके पिता सुमन्त द्विवेदी बंधन बैंक में ब्रांच सेल्स मैनेजर हैं। फिलहाल परिवार अधिवक्ता नगर में किराए के मकान में रहता है। गोपाल अपने नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले भाई के साथ स्कूल गया था। छुट्टी के बाद भाई को नहीं मिला स्कूल की छुट्टी होने के बाद गोपाल का बड़ा भाई उसे तलाशता रहा, लेकिन वह नहीं मिला। भाई के घर लौटने के बाद भी गोपाल घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई और उसकी तलाश शुरू की गई। स्कूल पहुंचे पिता, CCTV देखकर बढ़ा शक गोपाल के पिता स्कूल पहुंचे तो वहां लगे CCTV कैमरों की जांच की गई। कैमरे चालू थे, लेकिन DVR से छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। परिवार का आरोप है कि घटना से जुड़े साक्ष्य छिपाने के लिए स्कूल के DVR में बदलाव किया गया। स्कूल प्रशासन के बयान से उलझा मामला जांच के दौरान स्कूल प्रशासन और परिवार के बयानों में अंतर सामने आया। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि गोपाल उस दिन स्कूल आया ही नहीं था। वहीं परिवार का कहना है कि वह अपने भाई के साथ स्कूल गया था। परिवार के मुताबिक स्कूल के मुख्य रास्ते के पास एक निजी मकान में लगे CCTV कैमरे की फुटेज में गोपाल स्कूल कैंपस की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इस फुटेज के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन के दावे पर सवाल उठने लगे। पुलिस ने क्लासरूम तक खंगाले मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम स्कूल परिसर में पहुंची और हर क्लासरूम की बारीकी से जांच की। पुलिस ने स्कूल में मौजूद संभावित साक्ष्यों को खंगाला। इस दौरान स्कूल प्रशासन ने मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। FSL टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य पुलिस की सूचना पर एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने स्कूल परिसर की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस स्कूल परिसर में जांच कर ही रही थी, तभी गोपाल के पिता के मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि गोपाल उत्तर प्रदेश के देवरिया में है। साथ ही यह भी बताया गया कि नकाबपोश बदमाशों ने उसका अपहरण किया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। SDPO के नेतृत्व में टीम देवरिया रवाना बच्चे की लोकेशन देवरिया में मिलने के बाद SDPO के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम तत्काल उत्तर प्रदेश के लिए रवाना की गई। पुलिस का मुख्य फोकस बच्चे को सकुशल बरामद करना था। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने छात्र को तलाश लिया। सुरक्षित बरामदगी के बाद कई सवाल बाकी गोपाल के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह देवरिया तक कैसे पहुंचा। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि छात्र खुद किसी कारण से वहां पहुंचा था या उसके साथ किसी ने कुछ किया। नकाबपोश बदमाशों द्वारा अपहरण किए जाने की सूचना की भी पुलिस जांच कर रही है। CCTV-DVR और कॉल की जांच अहम पूरे मामले में स्कूल के CCTV-DVR से छेड़छाड़, निजी मकान के कैमरे में छात्र के स्कूल परिसर में जाने की फुटेज और पिता के मोबाइल पर आई कॉल जांच के अहम बिंदु हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है। छात्र के बयान और आगे की जांच के बाद ही उसके स्कूल से देवरिया पहुंचने की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
मुरैना में पोरसा जनपद पंचायत की CEO सुनीता शर्मा बुधवार दोपहर ग्राम पंचायत नंद का पुरा में पहुंचीं। यहां जलभराव की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची CEO और एक ग्रामीण के बीच बहस हो गई। बताया जा रहा है कि पानी की निकासी के लिए निजी जमीन से नाला निकालने की बात पर विवाद हुआ। इसी दौरान ग्रामीण ने कथित तौर पर CEO से कहा, मैडम, नाला यहां से नहीं निकलेगा, नहीं तो गोलियां चलेंगी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हुआ विवाददरअसल, मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के तहत आगामी 18 सितंबर को कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ का ग्राम पंचायत नंद का पुरा में दौरा प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम की तैयारियों और स्थल निरीक्षण के लिए बुधवार दोपहर जनपद CEO सुनीता शर्मा गांव पहुंची थीं। इसी दौरान एक ग्रामीण ने गांव में एक स्थान पर जलभराव की समस्या बताई। शिकायत के बाद CEO मौके पर पहुंचीं। यहां पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण को लेकर ग्रामीण से बातचीत शुरू हुई। बताया जा रहा है कि जिस स्थान से नाला निकालने की बात हो रही थी, वह निजी जमीन है। जमीन के मालिक ने नाला निर्माण का विरोध किया और इसी बात को लेकर CEO से उसकी बहस हो गई। ग्रामीण की धमकी का वीडियो सामने आयाविवाद के दौरान ग्रामीण को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, मैडम, नाला यहां से नहीं निकलेगा, नहीं तो गोलियां चलेंगी। घटना का वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है, जो अब सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीण के बयान और सरकारी अधिकारी के साथ हुए विवाद को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। CEO ने फोन नहीं उठायाइस मामले में दैनिक भास्कर संवाददाता ने जनपद CEO सुनीता शर्मा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। फिलहाल विवाद के संबंध में CEO का पक्ष सामने नहीं आया है।
ग्वालियर की युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में शहर का नाम रोशन किया है। जूनियर महिला हॉकी एशिया कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस ऐतिहासिक जीत में शामिल रहीं ग्वालियर की कृष्णा शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में फॉरवर्ड के रूप में अपने तेज खेल, ड्रिब्लिंग और आक्रामक अंदाज से प्रभाव डाला। मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से खेलते हुए आगे बढ़ीं कृष्णा के लिए भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। करीब आठ से दस साल के संघर्ष और लगातार अभ्यास के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिला। खिताब जीतने के बाद ग्वालियर लौटने पर परिजनों और शुभचिंतकों ने उनका शानदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर कृष्णा पर फूल बरसाए गए और उन्हें मालाएं पहनाकर बधाई दी गई। इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए। कृष्णा ने कहा कि उन्हें इस उपलब्धि पर बहुत खुशी है। उन्होंने ग्वालियर से हॉकी की शुरुआत की थी और जो लक्ष्य उन्होंने तय किया था, उसे धीरे-धीरे पा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना और वहां खेलना आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने कई वर्षों तक संघर्ष किया है। एशिया कप की जीत से उन्हें संतोष मिला है, लेकिन उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम के साथ उन्हें नए खिलाड़ी जैसा नहीं लगा। कोच, स्टाफ और साथी खिलाड़ियों ने उन्हें पूरा सहयोग दिया और सभी ने उनका बहुत अच्छे से साथ दिया। अब उनका पूरा ध्यान अभ्यास और अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी पर है। कृष्णा ने कहा कि वह लगातार मेहनत करेंगी, ताकि उनका विश्व कप के लिए चयन हो और वह भारत की जर्सी में वहां भी खेल सकें।
बालाघाट में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया। परिषद ने दो महीने में चुनाव नहीं कराने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग एबीवीपी ने महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग की है। नगर मंत्री कलश असाटी ने कहा कि लंबे समय बाद चुनाव की चर्चा शुरू होने से विद्यार्थियों में उत्साह था, लेकिन चुनाव में देरी से नाराजगी बढ़ रही है। परिषद का कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव से विद्यार्थी अपने प्रतिनिधियों का सीधे चुनाव कर सकेंगे। इससे छात्र प्रतिनिधि विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे उठाने की जिम्मेदारी ले सकेंगे। कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया एबीवीपी ने जिले के महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुधारने की मांग भी की। इसमें बेहतर बैठक व्यवस्था, आधुनिक पुस्तकालय और साफ-सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। परिषद ने जिन विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं, वहां शिक्षकों की व्यवस्था करने की बात कही। दो महीने में चुनाव नहीं तो आंदोलन की चेतावनी एबीवीपी ने सरकार से दो महीने के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है। परिषद ने कहा कि तय अवधि में चुनाव नहीं हुए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा एवं जिम्मेदारियों के 25 वर्ष पूर्ण होने और जन्मदिन की अवसर पर सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ होगा। नर्मदापुरम में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसके तहत मां नर्मदा के प्रमुख घाटों की साफ-सफाई, दीपोत्सव एवं मां नर्मदा की महाआरती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर शाम को मुख्य कार्यक्रम दीपोत्सव और महाआरती होगी। जिसमें मां नर्मदा का तट प्राचीन सेठानी घाट को 51 हजार दीपकों की रोशनी से सजाया जाएगा। कार्यक्रम में मप्र के मुख्य सचिव ( चीफ सेक्रेटरी) अशोक बर्णवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जो मां नर्मदा की महाआरती करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का बुधवार शाम को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, एसपी सांई कृष्णा एस थोटा, संयुक्त कलेक्टर नितिन टाले, सिटी मजिस्ट्रेट सीमा बडोले समेत अधिकारियों ने मुआयना किया। स्वच्छता अभियान में मां नर्मदा के घाटों की साफ-सफाईसेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम के अंतर्गत सुबह 7 बजे से 9 बजे तक सेठानी घाट एवं पर्यटन घाट पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए नर्मदा घाटों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। शाम 6.30 बजे से सेठानी घाट पर मां नर्मदा की महाआरती एवं आतिशबाजी होगी। इससे पहले दीपों की रोशनी से नर्मदा तट को सजाया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम जनसहभागिता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं मां नर्मदा के प्रति आस्था को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से घाटों की स्वच्छता बनाए रखने तथा स्वच्छ और सुंदर नर्मदापुरम के निर्माण में सहभागिता की अपील की गई है। मोहासा औद्योगिक क्षेत्र जाएंगे प्रमुख सचिव मुख्य सचिव ( चीफ सेक्रेटरी) अशोक बर्णवाल नर्मदापुरम जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। दोपहर में वे मोहासा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा करेंगे। जहां ग्रु सोलर एनर्जी, आईनाक्स ऑक्सीजन प्लांट अन्य कंपनियों का सिविल वर्क देखेंगे। उद्योगपतियों और सिविल वर्क का काम ठेकेदारों के साथ संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन के रवानगी के दौरान नीमच स्टेशन पर जमकर हंगामा हुआ। यात्रा पर जाने से रोके जाने से नाराज 15 से ज्यादा बुजुर्गों ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने विरोध दर्ज कराया। बुजुर्गों का आरोप है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद उन्हें रोककर कम उम्र के लोगों को यात्रा पर भेज दिया गया। नीमच सिटी निवासी 75 वर्षीया चंदाबाई समेत पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे 10 दिनों से यात्रा की तैयारी कर रही थीं और उनका मेडिकल टेस्ट भी हो चुका था। चंदाबाई का आरोप है कि स्टेशन पर अचानक उनके यात्रा बैज से फोटो बदलकर दूसरे का फोटो लगा दिया गया और विरोध करने पर नेताओं-अधिकारियों ने उन्हें चुप करा दिया। निराश होकर बुजुर्ग महिलाएं शाम को कलेक्टर ऑफिस पहुंचीं और रैंडमाइजेशन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम बोले- वेटिंग लिस्ट में थे हंगामा करने वाले बुजुर्ग दूसरी ओर, नीमच एसडीएम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है। उन्होंने बताया कि हंगामा करने वाले बुजुर्गों के नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल थे। नियमानुसार मुख्य सूची का कोई यात्री यात्रा रद्द करता, तभी वेटिंग वालों को मौका मिलता। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है और बुजुर्गों को प्रक्रिया समझने में गलतफहमी हुई है।
नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ का ऐतिहासिक व्यापारिक इलाका सोहसराय इन दिनों गणेशोत्सव के बीच प्रशासनिक पाबंदियों को लेकर चर्चा में है। यहां आजादी से पहले से चली आ रही करीब नौ दशक पुरानी गणेश पूजा की परंपरा के आयोजक इस बार साउंड सिस्टम और भक्ति जागरण की अनुमति को लेकर परेशान हैं। आयोजकों का कहना है कि डीजे पर रोक का वे पहले से पालन करते आए हैं, लेकिन अब सामान्य लाउडस्पीकर और पारंपरिक भक्ति कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलने से पूजा और मेले की रौनक प्रभावित हो रही है। 1932 में आलू-प्याज मंडी से शुरू हुई थी गणेश पूजा सोहसराय में गणेश पूजा की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई थी। उस समय यह इलाका उत्तर भारत की बड़ी आलू-प्याज मंडियों में शामिल था। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत दूसरे राज्यों से व्यापारी यहां महीनों तक खरीद-बिक्री के लिए आते थे। स्थानीय कारोबारी भी व्यापार के सिलसिले में महाराष्ट्र और बंबई जाते थे। महाराष्ट्र में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की ओर से शुरू किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव से प्रभावित होकर सोहसराय के आढ़तियों ने यहां भी सार्वजनिक गणेश पूजा शुरू की। इसी क्रम में वर्ष 1932 में पहली बार ‘गोला गणेश जी’ की स्थापना की गई। धीरे-धीरे यह पूजा सोहसराय की पहचान बन गई। 14 दिनों तक चलता है गोला गणेश जी का अनुष्ठान श्री गोला गणेश पूजा समिति के अध्यक्ष विनीत कुमार ने बताया कि करीब 15-20 साल पहले बाजार समिति बनने के बाद आलू-प्याज की गद्दियां यहां से दूसरी जगह चली गईं, लेकिन पूर्वजों की शुरू की धार्मिक परंपरा आज भी जारी है। उन्होंने बताया कि यहां गणेशोत्सव का आयोजन 14 दिनों तक चलता है। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद सुबह-शाम आरती, भजन और महाप्रसाद का आयोजन होता है। आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया की रात शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। विसर्जन के साथ आयोजन पूरा होता है। विनीत कुमार का कहना है कि इतने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को इस बार प्रशासनिक सख्ती के कारण पहले की तरह आयोजित करना मुश्किल हो रहा है। डीजे बंद किया तो माना, अब सामान्य साउंड पर भी रोक का आरोप सोहसराय के साईं मंदिर के पास वर्ष 2000 से गणेश पूजा का आयोजन कर रही समिति के सदस्य पिंटू कुमार ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से प्रशासन ने डीजे पर रोक लगाई है। समिति ने इसे स्वीकार किया, क्योंकि डीजे से ध्वनि प्रदूषण और विवाद की आशंका रहती है। उनका कहना है कि इस बार डीजे के साथ सामान्य साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर को लेकर भी अनुमति नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में डीजे बजते हैं, तो धार्मिक मेलों में पारंपरिक साउंड सिस्टम पर भी रोक क्यों लगाई जा रही है। ‘सड़क पर मेला है तो दो भोंपू से कैसे चलेगा’ पिंटू कुमार ने कहा कि समिति ने लाइसेंस के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन किया है और प्रशासन की सभी शर्तों का पालन करने को तैयार है। उनके अनुसार, समिति को सिर्फ दो छोटे लाउडस्पीकर लगाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर होने वाली पूजा और सड़क पर लगने वाले सार्वजनिक मेले की जरूरत अलग होती है। डीजे पर रोक रहे, लेकिन पूजा और मेले के दौरान भक्ति गीत और जरूरी घोषणाओं के लिए बुनियादी साउंड सिस्टम की अनुमति मिलनी चाहिए। 1960 से गणेश प्रतिमा स्थापित कर रहा क्रांति युवा संघ सोहसराय के कटहल टोला, मनिहारी गली हनुमान मोड़ में क्रांति युवा संघ वर्ष 1960 से गणेश प्रतिमा स्थापित कर रहा है। समिति के सदस्यों के अनुसार, वर्ष 2005 में तत्कालीन नालंदा जिलाधिकारी ने शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन के लिए समिति को ‘नालंदा का गौरव’ सम्मान दिया था। समिति के सदस्य गुड्डू और पूर्व कार्यकर्ता श्रवण कुमार ने बताया कि पहले यहां बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। बाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति से जुड़ी पाबंदियों के बाद समिति ने अपने आयोजन को भक्ति जागरण में बदल दिया। इसके बाद कई वर्षों तक गणेशोत्सव के दौरान रात में भक्ति जागरण होता रहा और बाहर से भजन गायक भी आते रहे। दो साल से जागरण की अनुमति नहीं मिलने का दावा श्रवण कुमार ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों से प्रशासन की ओर से भक्ति जागरण के लिए लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अनुमति मांगने पर अधिकारियों की ओर से ऊपर से सख्त आदेश होने की बात कही जाती है। समिति के सदस्यों का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं। इसलिए उनका आग्रह है कि भजन-कीर्तन और जागरण जैसे कार्यक्रमों के लिए नियमों के तहत अनुमति दी जाए। आयोजकों ने कहा- परंपरा और नियम दोनों साथ चलें सोहसराय के अलग-अलग पूजा पंडालों के आयोजकों का कहना है कि वे प्रशासन की ओर से तय नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके साथ करीब 90 साल पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। आयोजकों ने मांग की है कि डीजे पर प्रतिबंध बरकरार रखते हुए पूजा, भक्ति गीत, जागरण और मेले के संचालन के लिए नियमों के तहत सामान्य साउंड सिस्टम की अनुमति दी जाए। एसडीओ बोले- आवेदन आएगा तो जागरण की अनुमति दी जाएगी बिहारशरीफ सदर एसडीओ कृषलय श्रीवास्तव ने बताया कि अगर आयोजकों की ओर से जागरण कराने के लिए आवेदन आता है तो उसे स्वीकृत किया जाएगा।
जसोल के श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे। उन्होंने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में श्रद्धा से दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने अपने और परिवार के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्री राणीसा भटियाणीसा के जयकारों से पूरा जसोल धाम भक्ति से भर गया। पंचमी के इस मौके पर मंदिरों को खास फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। इस दौरान पारंपरिक गैर नृत्य और ढोल-थाली की आवाज से मालाणी लोकसंस्कृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। श्रद्धा, भक्ति और लोकसंस्कृति के इस मेल ने मंदिर परिसर के माहौल को और भी सुंदर बना दिया। इसी मौके पर छप्पन भोग के लाभार्थी भीनमाल निवासी जितेंद्र सिंह ने सभी मंदिरों में श्रद्धा से छप्पन भोग चढ़ाया। इसके बाद यह प्रसाद जसोल धाम में मौजूद श्रद्धालुओं में बांटा गया। लाभार्थी परिवार ने सभी समाज की कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए संस्थान द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। स्वच्छता एवं श्रद्धालु सेवा से जुड़े कार्मिक भी अपने निर्धारित स्थानों पर सक्रिय एवं सतर्क रहकर श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं के संचालन में लगे रहे। संस्थान के प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा, “जसोल धाम प्रत्येक श्रद्धालु की सेवा एवं सुविधा के लिए सदैव तत्पर है। प्रत्येक श्रद्धालु हमारे लिए सर्वोपरि है। संस्थान द्वारा श्रद्धालु सुविधाओं के निरंतर विस्तार, धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करने तथा प्रत्येक आयु वर्ग के श्रद्धालु के लिए दर्शन को सहज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
नीति आयोग के भारत विद्युत वाहन परिवहन सूचकांक 2025 में दिल्ली ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जिसमें उसे 84 अंक मिले हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक 14 हजार इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारना और चार्जिंग सुविधाएँ बढ़ाना है, जिससे टिकाऊ परिवहन व्यवस्था बने।
उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। जस्टिस एसवीएन भाटी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ में यह मामला सुबह 11:45 बजे सूचीबद्ध हुआ। सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने पक्ष रखा। करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की। सुनवाई के दौरान आरक्षित वर्ग के अधिवक्ताओं ने भी अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों को सुना जाएगा और किसी पक्ष को सुने बिना आदेश नहीं दिया जाएगा। पहले राकेश मिश्रा की सबमिशन पर वही बताएं सुनवाई की शुरुआत में अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने 69 हजार शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया का घटनाक्रम कोर्ट के सामने रखना शुरू किया। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू हुई, कितने अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और कितने सफल हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह चयनित शिक्षकों की ओर से बहस कर रही हैं और अधिवक्ता राकेश मिश्रा की ओर से दाखिल सबमिशन पर अपना पक्ष रखेंगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब सबमिशन राकेश मिश्रा ने तैयार किया है तो पहले वह खुद उसका पक्ष रखें। इसके बाद शोभा गुप्ता को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। शोभा गुप्ता ने कहा कि उन्हें ही सबमिशन पर बहस करनी है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि वह अपनी दलील रख सकती हैं। आयु, फीस और अंकों में छूट पर कोर्ट ने पूछा सवाल शोभा गुप्ता ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती में दी गई छूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग को आयु, फीस और अंकों में छूट दी गई है। उनके मुताबिक यह रिलैक्सेशन नहीं, बल्कि आरक्षण की श्रेणी में आता है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब राज्य सरकार यह छूट दे रही है और संविधान आरक्षित वर्ग को यह अधिकार देता है तो इसे कैसे रोका जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिलैक्सेशन को आरक्षण नहीं माना जा सकता। TET में आरक्षण को ‘दोहरा आरक्षण’ बताने पर कोर्ट का सवाल इसके बाद अधिवक्ता ने TET और ATRE का मुद्दा उठाया। उन्होंने दलील दी कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी TET में भी आरक्षण का लाभ ले चुके हैं और सहायक अध्यापक लिखित परीक्षा में भी आरक्षण ले रहे हैं। इसलिए इसे दोहरे आरक्षण के रूप में देखा जाना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब TET पात्रता परीक्षा है तो इसमें दोहरा आरक्षण कैसे हो गया? इस सवाल पर चयनित पक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। ‘आदेश लागू हुआ तो 10 हजार शिक्षक बाहर हो जाएंगे’ सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट से राहत की मांग करते हुए कहा गया कि यदि 13 अगस्त 2024 के लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश को लागू किया जाता है तो पिछले करीब छह साल से नौकरी कर रहे लगभग 10 हजार चयनित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। दलील दी गई कि भर्ती में आरक्षित वर्ग के काफी अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जबकि अनारक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की संख्या कम है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ने पर केवल करीब 817 अनारक्षित अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल पाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह नियम और कानून के विपरीत जाकर कोई फैसला नहीं देगा। कोर्ट ने कहा कि जो सही होगा, उसी के अनुसार आदेश दिया जाएगा। ‘जो चयनित होने का अधिकार रखता है, उसे प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कोई ऐसा तर्क नहीं है जिसके आधार पर कानून से अलग जाकर फैसला दिया जा सके। कोर्ट ने 1981 की बेसिक शिक्षा नियमावली और 1994 की आरक्षण नियमावली का संदर्भ देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार जो अभ्यर्थी चयनित है या चयनित होने का अधिकार रखता है, उसे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए। सिंगल बेंच के आदेश पर कोर्ट ने टोका चयनित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने यह भी कहा कि सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि आरक्षित श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने 65% से कम अंक हासिल किए हैं, उन्हें माइग्रेट नहीं किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके सामने लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच का आदेश चुनौती में है, सिंगल बेंच का आदेश नहीं। इसलिए दलीलें भी डबल बेंच के 13 अगस्त 2024 के आदेश के संदर्भ में ही रखी जाएं। इसके बाद करीब 1 बजे चयनित पक्ष की ओर से बहस समाप्त हो गई। अब आरक्षण पीड़ित याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रखेंगे पक्ष कोर्ट अब मामले में सभी पक्षों को बारी-बारी से सुन रही है। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से दलील पूरी होने के बाद अब आरक्षण से प्रभावित याची अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अपना पक्ष रखेंगे। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
उदयपुर पुलिस ने जिलेभर में रेड और एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए 156 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनसे 180 पावर बाइक जब्त की है। जिले में पुलिस की 108 टीमों के 610 पुलिसकर्मियों ने बुधवार अलसुबह एक साथ अचानक आरोपियों के घर पहुंचकर दबिश दी। एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया- जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर अभियान के तहत कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने रणनीतिक रूप से धरातल पर उतरकर संवेदनशील इलाकों में एरिया डोमिनेशन किया। इसमें सक्रिय और आदतन अपराधियों के ठिकानों पर अचानक दबिश दी। पुलिस ने थानों पर लाकर इन बदमाशों से पूछताछ की। अपराधियों की गतिविधियों को खंगाला, आर्म्स की चेकिंग की एनडीपीएस एक्ट में 3 साल में मादक पदार्थों की तस्करी और इस एक्ट के मामलों में चालानशुदा अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों को खंगाला गया। वहीं, आर्म्स एक्ट में अवैध हथियार रखने, तस्करी करने, हवाई फायरिंग के मामले में पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की चेकिंग की गई। इसी तरह हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधियों में से जिले के टॉप व आदतन बदमाशों के ठिकानों पर रेड की और वर्तमान स्थिति की जांच की गई। इसी तरह अवैध वाहन मामले में संदिग्ध, बिना नंबर, वैध दस्तावेजों के संचालित होने वाले अवैध वाहनों की धरपकड़ की गई। एसपी डॉ. दुहन ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों, तस्करों और उन्हें पनाह देने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
जींद जिले में दा फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन उचाना मंडी के प्रधान पद के लिए बुधवार को चुनाव हुए। इसमें सत्यवान पेगां ने 19 मतों से जीत हासिल की। कुल 306 आढ़तियों में से 303 ने वोट डाले। सत्यवान पेगां को 161 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी हरिकेश चहल को 142 मत प्राप्त हुए। चुनाव महाराजा अग्रसेन मंदिर धर्मशाला में कराया गया। चुनाव देखरेख कमेटी की निगरानी में पूरी हुई। मा. रामप्रसाद ने चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली। प्रधान पद का कार्यकाल इस बार भी दो साल का रहेगा। सत्यवान पेगां दूसरी बार मंडी एसोसिएशन के प्रधान चुने गए हैं। जीत के बाद जताया आढ़तियों का आभार जीत के बाद सत्यवान पेगां ने सभी आढ़तियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आपसी भाईचारे का चुनाव है। जिस तरह पहले सभी को साथ लेकर काम किया, उसी प्रकार आगे भी सभी के सहयोग से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधान के रूप में मिली जिम्मेदारी को पहले से बेहतर ढंग से निभाने का प्रयास करेंगे। किसान, आढ़ती और मजदूरों के हितों के लिए लगातार काम किया जाएगा और किसी को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस मौके पर अनूप श्योकंद, जस्सा नगूरां, राजेंद्र कंदौला, विक्रम बूरा, अनूप सहरावत, नरेश खरकभूरा सहित कई आढ़ती मौजूद रहे।
सलूम्बर नगर परिषद सलूम्बर के सभापति पद के चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। अंतिम दिन वार्ड नंबर 8 के पार्षद कैलाश गांधी को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर उनका नामांकन दाखिल कराया गया। इससे एक दिन पहले कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 2 के पार्षद नरेश कुमार जैन नामांकन दाखिल कर चुके हैं। दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी मैदान में आने के साथ ही सभापति चुनाव की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। अब 21 सितंबर को होने वाली चुनाव प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। कैलाश गांधी को घोषित किया प्रत्याशी भाजपा में सभापति पद के प्रत्याशी के चयन को लेकर सोमवार से ही मंथन चल रहा था। काफी मशक्कत के बाद वार्ड 8 के पार्षद कैलाश गांधी के नाम पर सहमति बनी। इसके बाद पार्टी की ओर से उन्हें अधिकृत सिंबल दिया गया और उन्होंने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शांता अमृतलाल मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष, नगर मंडल अध्यक्ष सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। 25 पार्षदों का बोर्ड, बहुमत के लिए 13 का आंकड़ा सलूम्बर नगर परिषद में कुल 25 पार्षद हैं। 14 सितंबर को हुई मतगणना के परिणाम के अनुसार भाजपा के 12, कांग्रेस के 11, बीएपी का एक और एक निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुआ है। सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 13 पार्षद है। भाजपा को बहुमत के लिए एक अतिरिक्त पार्षद के समर्थन की जरूरत है,जबकि कांग्रेस को दो पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में बीएपी और निर्दलीय पार्षद की भूमिका चुनावी गणित में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, अंतिम स्थिति संबंधित पार्षदों के निर्णय और चुनाव प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट होगी। कांग्रेस के नरेश जैन पहले ही मैदान में कांग्रेस ने सभापति पद के लिए वार्ड नंबर 2 के पार्षद नरेश कुमार जैन को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने सोमवार को ही नामांकन दाखिल कर दिया था। भाजपा की ओर से कैलाश गांधी के नामांकन के साथ अब दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।21 सितंबर को होगा फैसला नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभापति पद के चुनाव की अगली प्रक्रिया 21 सितंबर को होगी। 25 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में दोनों दलों के मौजूदा संख्या बल के बीच एक-एक पार्षद के समर्थन का गणित चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेगा। सभापति पद पर अंतिम फैसला 21 सितंबर को सामने आएगा। …. यह खबर भी पढ़ें सलूंबर में पूर्व सभापति पार्षद का चुनाव हारे:वार्ड 14 में लॉटरी से बीजेपी प्रत्याशी को मिली जीत, निर्दलीय-बाप पार्षद बने किंगमेकर सलूंबर में बाप-निर्दलीय के हाथ में सभापति पद की चाबी:बीजेपी को एक और कांग्रेस को 2 पार्षदों की जरूरत, वार्ड 14 में लॉटरी से निकला रिजल्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम शहर में निर्माणाधीन एचएन सिंह चौक से हड़हवा फाटक होते हुए जगेसर पासी चौराहे तक की टूलेन और फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हर हाल में आवागमन योग्य बनाया जाए। दो स्थानों पर रुककर देखा सड़क का काम मुख्यमंत्री ने करीब 495.24 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का दो स्थानों पर रुककर जायजा लिया। उन्होंने स्मार्ट बाजार के सामने और हड़हवा फाटक के आगे निर्माण कार्य देखा। इस दौरान कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार लेआउट मॉडल भी देखा और अधिकारियों से सड़क की लंबाई, चौड़ाई और अब तक हुए निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर चल रहे काम और उसकी गति को देखा। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई और निर्माण कार्य को तेज करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी, जल निगम और सेतु निगम को चेतावनी इस परियोजना में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी है। सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग करा रहा है, जबकि सड़क के नीचे सीवर लाइन डालने का काम जल निगम कर रहा है। वहीं, हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम की ओर से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने तीनों विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने हिस्से के काम को तेजी से पूरा करें, ताकि सड़क निर्माण में अनावश्यक देरी न हो। त्योहार से पहले सड़क चालू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए निर्माण कार्य की ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि त्योहारों से पहले सड़क को हर हाल में आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। सड़क पर काम चलता रहे, लेकिन लोगों को आने-जाने में अनावश्यक दिक्कत न हो। इसके लिए अधिकारियों को जरूरी वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। जलनिकासी की व्यवस्था पर भी जोर मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के साथ जलनिकासी की व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलनिकासी की व्यवस्था हेड टू टेल पूरी तरह मुकम्मल होनी चाहिए, ताकि सड़क और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण, सीवर लाइन और ओवरब्रिज के काम को आपस में समन्वय बनाकर तेजी से पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
झाबुआ पुलिस के ‘ऑपरेशन मर्यादा’ के तहत तीन दिन में 339 लोगों पर कार्रवाई की गई है। अभियान के तीसरे दिन 16 सितंबर को पुलिस ने 60 कार्रवाई कीं। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के साथ सड़क सुरक्षा, स्टंट और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर पुलिस का विशेष फोकस है। स्कूल-कॉलेज के आसपास गश्त बढ़ाई पुलिस स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय और शाम-रात में संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है। छात्राओं के आने-जाने वाले रास्तों, स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल के आसपास पुलिस टीमें निगरानी कर रही हैं। महिलाओं और छात्राओं से छेड़छाड़, बदतमीजी या अन्य गलत गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। स्टंट और खतरनाक ड्राइविंग पर नजर पुलिस तेज रफ्तार, खतरनाक स्टंट और लापरवाही से वाहन चलाने वालों की चेकिंग कर रही है। सोशल मीडिया पर स्टंट और हुड़दंग से जुड़े वीडियो और रील्स पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिगों के वाहन चलाने पर माता-पिता पर कार्रवाई अभियान के दौरान नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में उनके माता-पिता पर भी कार्रवाई की जा रही है। तीन सवारी बैठाने, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की दी जा रही जानकारी कार्रवाई के साथ पुलिस बच्चों, छात्रों और आम लोगों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक भी कर रही है। पुलिस के अनुसार, अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बाड़मेर नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। यहां 35 दिन पहले भाजपा में शामिल हुए उम्मीदवार के सभापति बनने की पूरी संभावना है। दरअसल, वार्ड 15 से निर्वाचित पार्षद गौतम जैन (बॉबी) को भाजपा ने सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने वार्ड 32 से जीते पार्षद जयमल सिंह को पार्टी सिंबल देकर मैदान में उतारा है। 55 वार्ड वाली नगर परिषद में भाजपा के 29, कांग्रेस के 21 और 5 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। ऐसे में भाजपा के पास 5 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के साथ बहुमत का आंकड़ा है। सभापति पद के लिए नामांकन के अंतिम दिन भाजपा की ओर से गौतम जैन, गंगाविशन अग्रवाल और सुनील सिंघवी के नाम से नामांकन दाखिल करवाए गए। इसके बाद पार्टी ने गौतम जैन को सिंबल देकर अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि साख बचाने के लिए कांग्रेस की ओर से दो पार्षदों के नाम से 3 नामांकन दाखिल करवाए गए थे। इनमें से जयमल सिंह को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया। अब पढ़िए- प्रत्याशियों की प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण 35 दिन पहले भाजपा में शामिल हुए थे बॉबीगौतम जैन ने करीब 35 दिन पहले भाजपा की सदस्यता ली थी। उस समय भाजपा जिलाध्यक्ष अनंरात विश्नोई और महामंत्री महावीर सिंह चूली ने उनके घर पहुंचकर भाजपा का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल किया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें वार्ड 15 से टिकट दिया। जैन ने कांग्रेस प्रत्याशी कपिल जैन को 107 वोट से हराकर चुनाव जीता। उन्हें 524 वोट मिले। गौतम जैन के सभापति उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे उनकी आरएसएस बैकग्राउंड को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के साथ ही उनका नाम सभापति पद के संभावित चेहरों में चर्चा में आ गया था। वार्ड 15 में लंबे समय से कांग्रेस का प्रभाव रहा है और भाजपा को यहां मजबूत उम्मीदवार की तलाश थी। ऐसे में पार्टी पदाधिकारियों ने गौतम जैन से संपर्क कर उन्हें भाजपा में शामिल कराया और चुनाव मैदान में उतारा। गौतम जैन 11वीं पास हैं और चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उनकी संपत्ति करीब 2.15 करोड़ रुपए है। उनके बड़े भाई पारसमल जैन लंबे समय से भाजपा समर्थक रहे हैं। जैन परिवार का कोयला ट्रेडिंग और पेट्रोल पंप का कारोबार है। उनके दो बेटियां और एक बेटा है। बेटा अहमदाबाद में कपड़ा कारोबार करता है। गौतम जैन दो बार नाकोड़ा ट्रस्ट के ट्रस्टी भी रह चुके हैं और वर्तमान में भी ट्रस्टी हैं। बाइक पर लिखे ‘बॉबी’ से पड़ा नाम गौतम जैन को बॉबी कहे जाने के पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा भी मशहूर है। उनके चाचा के अनुसार, उन्होंने गौतम को एक राजदूत बाइक दी थी, जिस पर ‘बॉबी’ लिखा हुआ था। इसके बाद लोगों ने बाइक पर लिखे नाम से ही गौतम को बॉबी कहना शुरू कर दिया और यही नाम उनकी पहचान बन गया। कांग्रेस ने जयमल सिंह पर जताया भरोसा कांग्रेस ने वार्ड 32 से जीते जयमल सिंह को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले उनकी पत्नी लक्ष्मी कंवर पार्षद रह चुकी हैं। जयमल सिंह प्रॉपर्टी डीलर हैं और 12वीं पास हैं। चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उनकी संपत्ति करीब 74.20 लाख रुपए है। बाड़मेर में छठी बार जैन समाज से सभापति बाड़मेर नगर परिषद में अब तक 12 बोर्ड बने हैं। इनमें छह बार जैन समाज से सभापति रहे हैं। सुरतानमल जैन दो बार, जबकि सुशीला मेहता, मेवाराम जैन, उषा जैन और लूणकरण बोथरा एक-एक बार सभापति रहे हैं। अब 13वां बोर्ड बनने जा रहा है। बाड़मेर शहर के कई वार्डों में जैन समाज के मतदाताओं की संख्या प्रभावी मानी जाती है, जिससे सभापति पद के चुनाव में भी समाज की भूमिका चर्चा में रहती है। ……………………………….बाड़मेर चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बाड़मेर में 15 साल बाद भाजपा को बहुमत:नगर परिषद के 55 में से 29 वार्डों में जीती; चौहटन में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा ने बढ़त बनाते हुए 29 वार्डों में जीत दर्ज की है। पार्टी ने करीब 15 साल बाद बहुमत हासिल किया है। जबकि कांग्रेस को 21 वार्डों में जीत मिली है। वहीं 5 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। पूरी खबर पढ़िए बाड़मेर में सभापति की दौड़ में 4 नाम आगे:भाजपा में गौतम, कैलाश और गंगाविशन के नाम पर मंथन; कांग्रेस से 3 पार्षद कर सकते हैं नामांकन बाड़मेर नगर परिषद और चौहटन नगर पालिका में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब सभापति और अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। भाजपा ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी है और अब एक-एक पार्षद से वन-टू-वन रायशुमारी कर संभावित चेहरों पर मंथन किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़िए
आज विदिशा जिले के अटारी खेजड़ा में सर्व समाज एकता मंच के नेतृत्व में एक बड़ी रैली और जनसभा हुई। यह प्रदर्शन यूजीसी रेगुलेशन 2026 को रद्द करने, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया। इसमें आसपास के करीब 40 गांवों और विदिशा जिले से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बाद में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक 12 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। सर्व समाज के लोग बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए। यहां से एक रैली निकली, जो मुख्य मार्ग से होते हुए सभा स्थल पर पहुंची। लोगों ने हाथों में अपनी मांगों से जुड़ी तख्तियां ले रखी थीं और विभिन्न मुद्दों पर नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए सुभाष बोहत ने कहा कि वे खुद दलित समाज से हैं और यूजीसी रेगुलेशन 2026 को खत्म करने की मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं बनना चाहिए, जिससे समाज में दूरी या भेदभाव बढ़े। सरकार को सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर इस विषय पर फिर से सोचना चाहिए। विजय दीक्षित ने कहा कि सर्व समाज की एकता तभी मजबूत होगी, जब सभी वर्गों के अधिकारों और हितों को बराबर महत्व मिलेगा। उन्होंने बताया कि रैली के जरिए मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाया गया है। विनीत दांगी ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन को लेकर समाज में जो सवाल और चिंताएं हैं, सरकार को उन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोचन सिंह राजपूत ने सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद समाज में भेदभाव बढ़ाना नहीं, बल्कि सभी वर्गों के बीच भाईचारा और एकता बनाए रखना है। सपाक्स जिलाध्यक्ष संजय तिवारी ने बताया कि सर्व समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को तहसील स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग तहसीलों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे।
तिलवाड़ा के रावल मल्लीनाथ राणी रूपादे संस्थान के अधीन राणी रूपादे मंदिर, पालिया में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छप्पन भोग सेवा शुरू की गई है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी को पहली बार श्रद्धा से छप्पन भोग चढ़ाया गया। इस मौके पर धार्मिक आस्था के साथ मालाणी लोकसंस्कृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। गैर नृत्य और ढोल-थाली की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्ति से भर गया। छप्पन भोग के पहले लाभार्थी जितेंद्र सिंह, बेटा शैतान सिंह जागीरदार राव, निवासी भीनमाल ने राणी रूपादे के चरणों में श्रद्धा से भोग चढ़ाया और पुण्य कमाया। भोग चढ़ाने के बाद प्रसाद राणी रूपादे मंदिर, पालिया में आए श्रद्धालुओं में बांटा गया। लाभार्थी परिवार ने पूजा कर अपने परिवार और पूरे समाज के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं और आसान व अच्छी दर्शन व्यवस्था की गई है। संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन का लाभ मिले, इसके लिए जरूरी इंतजामों पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
बाजना से करणपुर माता मंदिर के लिए निकली पदयात्रा के दौरान बुधवार को एक हादसा हो गया। आशाकी वॉच टावर के पास तालाब में स्नान करते समय 13 साल का अभिषेक प्रजापति गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथ चल रहे श्रद्धालुओं ने उसे बाहर निकाला और तुरंत करणपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार बाजना निवासी श्रद्धालुओं का एक समूह करणपुर माता मंदिर में दर्शन के लिए पदयात्रा कर रहा था। पदयात्रा के दौरान अभिषेक प्रजापति पुत्र राजाराम प्रजापति आशाकी वॉच टावर के पास स्थित तालाब में नहाने गया था। स्नान करते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद साथी श्रद्धालुओं ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद बालक को तालाब से बाहर निकाला जा सका। हादसे के बाद श्रद्धालु अभिषेक को तुरंत करणपुर अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और बालक के परिजनों में दुख छा गया। अभिषेक प्रजापति सपोटरा क्षेत्र के बाजना गांव का रहने वाला था। इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तालाब में स्नान करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
उदयपुर में एस्ट्रोलॉजी के नाम पर एक महिला से ज्वेलरी ठगी कर ली। सवीना थाना क्षेत्र में महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। इसके अनुसार महिला के इंस्टाग्राम पर एस्ट्रोलॉजी सांई कृष्णा के नाम से एक विज्ञापन आया। इसके बाद महिला ने विज्ञापन में बताए नंबर पर संपर्क किया। महिला ने उसे बताया कि उसकी शादी को 6 साल हो गए। उसके एक बच्ची है और लड़का नहीं है। महिला ने लड़के की चाह को लेकर बात की। इसके बाद खुद को एस्ट्रोलॉजिस्ट बताने वाले व्यक्ति ने स्कैनर भेजकर फीस के नाम पर महिला से 9 हजार रुपए ले लिए। फिर महिला को उसके चाह अनुसार समाधान करने का आश्वासन देता रहा और फोन पर बात करता रहा। इतना ही नहीं आरोपी जुलाई महीने में एक दिन उदयपुर आकर महिला से मिला। उस दौरान महिला से दो सोने की चैन और 6 तोले के 2 पैडल सेट ले गया। फिर वही व्यक्ति कुछ बाद वापस महिला से मिला और 7 तोला वजनी सोने के जेवर ले गया। बाद में महिला को ठगी का पता लगा। आरोपी ने महिला को बातचीत गुप्त रखने को कहा मामले की जांच कर रहे थाने के एएसआई मोहन लाल ने बताया- लड़के की चाह को लेकर महिला ने सोशल मीडिया पर आए विज्ञापन के जरिए एस्ट्रोलॉजिस्ट बताने वाले एक व्यक्ति से संपर्क किया था। वह महिला को उसकी बताई इच्छाओं को पूरी कराने का प्रलोभन देता रहा। आरोपी ने दोनों की बातचीत गुप्त रखने की बात कही और घर में किसी को नहीं बताने को कहा था। महिला ने इस संंबंध में कुछ स्क्रीन शॉट और नंबर पुलिस को सौंपे। इसके आधार पर पुलिस आरोपी का पता कर रही है। पुलिस तकनीकी मदद के जरिए आरोपी को तलाश कर रही है।
हरियाणा में कल 17 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ने जा रहा है। अब 1.80 लाख रुपये तक सालाना पारिवारिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी योजना के दायरे में आएंगी। इससे प्रदेश में करीब 17 लाख नई महिलाएं योजना से जुड़ सकेंगी। पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत कल प्रदेशभर में इस अभियान की शुरुआत होगी। अभी तक योजना में 1 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की महिलाएं पात्र थीं। योजना में कल नईं पात्र महिलाओं का रजिस्ट्रेशन होगा। ये बात कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कही। बेदी आज शाम को ब्रह्मसरोवर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां परखने आए थे। कल इस कार्यक्रम के दौरान CM नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहेंगे। DC बोले- 3 लाख से ज्यादा दीए जलाएंगे DC विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत कुरुक्षेत्र में बड़ा आयोजन होगा। कुरुक्षेत्र में इसका बड़ा कार्यक्रम ब्रह्मसरोवर पर होगा। यहां 1.25 लाख दीयों के बीच 500 ड्रोन का शो होगा। ड्रोन के जरिए हरियाणा की उपलब्धियों और देश की योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। जिलेभर में 3 लाख से ज्यादा दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। ब्रह्मसरोवर के अलावा ज्योतिसर तीर्थ, महाभारत अनुभव केंद्र ज्योतिसर, श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय, सरस्वती तीर्थ पिहोवा, श्री मारकंडेश्वर मंदिर, शिवाला रामकुंडी, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक थानेसर और स्थाणेश्वर महादेव मंदिर सहित जिले की सभी गौशालाओं में दीप जलाए जाएंगे। 5 जिलों की टीमें इकट्ठा करेंगी रक्तदान बेदी ने कहा कि अभियान के पहले दिन 23 जिलों में रक्तदान शिविर लगेंगे। कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के वीआईपी घाट पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक रक्तदान शिविर चलेगा। इसमें 5 जिलों की टीमें रक्त एकत्र करने के लिए पहुंचेंगी। साथ ही स्वच्छता अभियान, एक वृक्ष मां के नाम, बच्चों के लिए भाषण और लेखन प्रतियोगिताएं तथा नुक्कड़ नाटक भी होंगे। पंजाब सरकार पर बेदी का हमला बातचीत के दौरान बेदी ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पगड़ी का अपमान किया जा रहा है। पंजाब सरकार ने पांच साल तक केवल भाषणबाजी की। वहां किसान, कर्मचारी और महिलाएं परेशान हैं। पंजाब की जनता अब BJP का हरियाणा मॉडल चाहती है। 650 सफाई कर्मियों को करवाया जाएगा ज्वाइन बेदी ने कहा हड़ताल के बाद जिन सफाई कर्मचारियों की दोबारा ज्वाइंनिग नहीं जल्दी वे ड्यूटी पर लौटेंगे। उनकी अधिकारियों के साथ बातचीत हो गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जल्द उनको ज्वाइंन करवाया जाए।
देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित 'ब्रिक्स' (BRICS) सम्मेलन के दौरान पंजाब के मानसा जिले की बरेटा मंडी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है। सम्मेलन के तहत आयोजित विशेष पौधारोपण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 11 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों ने बरेटा मंडी के स्थानीय कारीगर गुरनाम सिंह द्वारा तैयार किए गए फावड़ों का इस्तेमाल किया। उपहार में मिली स्टिक से मिला 14 फावड़ों का ऑर्डर कारीगर गुरनाम सिंह ने इस उपलब्धि की कहानी साझा करते हुए बताया कि कुछ समय पहले एक ग्राहक उनसे लकड़ी की एक स्टिक लेकर गया था, जिसे उसने दिल्ली में किसी व्यक्ति को उपहार स्वरूप भेंट किया था। उस कारीगरी से प्रभावित होकर उन्हें विशेष खुरपे और फावड़े तैयार करने का ऑर्डर मिला। पहले सैंपल के तौर पर एक फावड़ा लिया गया, जिसके पसंद आने पर उन्हें 14 विशेष फावड़े बनाने का काम सौंपा गया। इन्हीं औजारों का उपयोग दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले पौधारोपण समारोह में किया गया। मिला था सम्मेलन में शामिल होने का न्योता गुरनाम सिंह ने इसे अपने और पूरे पंजाब के लिए बड़े गर्व का क्षण बताया कि बरेटा मंडी जैसे छोटे कस्बे में बने औजारों को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थान मिला। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा उन्हें ब्रिक्स सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने का निमंत्रण भी भेजा गया था, लेकिन अत्यधिक व्यस्तता के कारण वे दिल्ली नहीं जा सके। हालांकि, अपने हुनर को इस स्तर पर सम्मानित होता देख वे बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। बेटे ने पिता के हुनर को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प कारीगर गुरनाम सिंह के बेटे जतिन ने अपने पिता की इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे अपने पारिवारिक पेशे को ही आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश के युवाओं को 'कौशल विकास' (Skill Development) को अपनाने का संदेश देते हैं। इसी प्रेरणा से वे अपने पिता की इस पारंपरिक कारीगरी को नए आयाम देंगे और इसे ही अपना करियर बनाएंगे।
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिसर में बिहार का पहला ‘मिट्टी कैफे’ शुरू किया गया है। कैफे का उद्देश्य विशेष रूप से दिव्यांग समुदाय को रोजगार, आजीविका और वित्तीय स्वतंत्रता का अवसर देना है। यहां दिव्यांग वयस्कों को काम के साथ सम्मानजनक और बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कैफे के उद्घाटन के मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह, जिलाधिकारी कुमार गौरव, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा सुप्रीम कोर्ट से ली गई है। वहां शुरू किए गए इसी तरह के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए सिविल कोर्ट परिसर में मिट्टी कैफे शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए विशेष रूप से दिव्यांग समुदाय को यहां जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें काम का समान अवसर मिले और वे सम्मानजनक तरीके से काम कर सकें। उन्होंने बताया कि यह पहल सिविल कोर्ट को ज्यादा समावेशी और संवेदनशील स्थान बनाने की दिशा में एक कदम है। देखिए कुछ तस्वीरें.. खाने-पीने की कई सुविधाएं मिलेंगी कैफे में सामान्य कैफे की तरह खाने-पीने की कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां मील्स, बेवरेजेस और स्नैक्स के साथ दक्षिण भारतीय, चाइनीज और भारतीय व्यंजन भी मिलेंगे। कैफे को ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ के आधार पर संचालित किया जाएगा। बाहर के बाजार की तुलना में यहां कीमतें कम रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को उचित दर पर खाने-पीने की चीजें उपलब्ध हो सकें। दिव्यांगों को मिलेगा काम का अवसर मिट्टी कैफे एक ऐसी कैफे श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक रूप से दिव्यांग वयस्कों को रोजगार से जोड़ना है। इसके जरिए उन्हें आजीविका के साथ वित्तीय स्वतंत्रता और समाज में सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कैफे में ज्यादा से ज्यादा विशेष रूप से दिव्यांग लोगों को ही काम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यदि पर्याप्त लोग उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। देश के कई प्रमुख स्थानों पर है मिट्टी कैफे मिट्टी कैफे देशभर में 50 से अधिक स्थानों पर संचालित होने की जानकारी दी गई। इनमें सुप्रीम कोर्ट परिसर, राष्ट्रपति भवन, मुंबई और बेंगलुरु के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा कॉरपोरेट पार्क और शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं। अब मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिसर में भी इसकी शुरुआत की गई है।
पठानकोट के सुजानपुर थाना क्षेत्र के अधीन आते मलिकपुर गोल चौक के पास देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। स्विगी कंपनी में ऑनलाइन डिलीवरी का काम करने वाले एक युवक का ब्लैक महिंद्रा एक्सयूवी कार सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया। आरोपी पीड़ित को गाड़ी में जबरन बैठाकर सरना ओवरब्रिज की तरफ ले गए, जहां उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई और धमकी देकर कैश, जबरन UPI और स्क्रीन लॉक पासवर्ड पूछ कर मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी डिलीवरी बॉय से मारपीट कर उसे नरोट मेहरा पुली के पास फैंक कर फरार हो गए। युवक किसी तरह पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने पर थाना सुजानपुर पुलिस ने 3 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑर्डर का इंतजार कर रहा था डिलीवरी बॉय शिकायतकर्ता राकेश कुमार निवासी खानपुर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दिन में स्कूल वाहन चलाता है और शाम को स्विगी कंपनी में होम डिलीवरी बॉय का काम करता है। बीती रात वह अपनी मोटरसाइकिल PB-35-AJ-5359 पर सुजानपुर डिलीवरी देने गया था। वापसी में आधी रात करीब 12:30 बजे वह नए ऑर्डर के इंतजार में मलिकपुर गोल चौक के पास खड़ा था। XUV गाड़ी में आए 3 युवक, जबरन कार में घसीटा इसी दौरान सुजानपुर की तरफ से एक काले रंग की महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी (नंबर PB-02-CJ-7876) आई। गाड़ी में 3 युवक सवार थे, जिनमें से 2 पगड़ीधारी और 1 बिना पगड़ी का था। चालक ने गाड़ी राकेश के पास रोकी और तीनों युवकों ने नीचे उतरकर उससे वहां खड़े होने का कारण पूछा। जब राकेश ने बताया कि वह डिलीवरी बॉय है और ऑर्डर का इंतजार कर रहा है, तो आरोपियों ने जबरन उसे खींचकर अपनी कार में बैठा लिया और सरना ओवरब्रिज के पास सुनसान इलाके की ओर ले गए। मारपीट कर कैश, मोबाइल और UPI पासवर्ड लिया आरोपियों ने चलती गाड़ी और सुनसान जगह पर राकेश के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकियां दीं। बदमाशों ने जबरन उसका मोबाइल फोन जिसमें 2 सिम कार्ड थे और पर्स में पड़े ₹1,800 नकद छीन लिए। इसके बाद मारपीट कर उसका मोबाइल डिस्प्ले लॉक और UPI पिन/नंबर भी हासिल कर लिया। पीड़ित ने बताया कि उसके एक बैंक खाते में ₹700 और दूसरे खाते में लगभग ₹10,000 से ₹12,000 थे, जिन्हें आरोपियों द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने का अंदेशा है। नरोट मेहरा पुल के पास फेंककर हुए फरार; एफआईआर दर्ज लूटपाट और मारपीट करने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को नरोट मेहरा पुल के पास गाड़ी से नीचे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर थाना सुजानपुर के एएसआई नरेश कुमार पुलिस टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। पीड़ित राकेश कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात तीनों एक्सयूवी सवार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) (डकैती/लूटपाट), 140(3) (अपहरण) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में 15 मिनट में हार्ट का ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई गई। इतने कम समय में मरीज के एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी दोनों की गई। खास बात ये थी कि इस दौरान मरीज वेंटिलेटर पर था। मरीज को सीपीआर और हाई शॉक देकर दिल की धड़कनो को लौटाया गया। नागौर से रेफर हुआ था, सीसीयू में शिफ्ट करते ही हार्ट अटैक आया एमडीएम हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. रोहित माथुर ने बताया- 7 सितंबर को 41 साल के युवक को एक्सीडेंट होने के बाद नागौर से रेफर किया गया था। सड़क हादसे में पसलियों में फ्रैक्चर होने से उसे खून पतला करने वाला इंजेक्शन नहीं दिया जा सका। घटना के साढ़े 3 घंटे बाद वह एमडीएम इमरजेंसी पहुंचा। कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) में आते ही मरीज को कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) हो गया। सीपीआर और शॉक देकर लौटाई दिल की धड़कन डॉ. रोहित माथुर ने बताया- सीसीयू टीम ने तुरंत सीपीआर के साथ इंट्यूबेट कर शॉक दिया। काफी मशक्कत के बाद दिल की धड़कन वापस आई, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर थी। इस दौरान मरीज कोमा में था। इसके साथ ही पुतलियां फैली हुई, बीपी रिकॉर्ड नहीं हो रहा था और इको में हार्ट सिर्फ 10-15% ही काम कर रहा था। मरीज को वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर किया ऑपरेशन डॉक्टर रोहित माथुर ने बताया- आमतौर पर ऐसी स्थिति में सिर्फ सपोर्टिव इलाज दिया जाता है, लेकिन टीम ने भरोसा दिखाते हुए रेस्क्यू एंजियोप्लास्टी का फैसला लिया। मरीज को वेंटिलेटर पर ही कैथ लैब शिफ्ट किया गया। लैब में भी उसे बार-बार खतरनाक वीटी/वीएफ हुआ, जिसके लिए शॉक देना पड़ा। जांच में दिल की मुख्य धमनी एलएडी 100% बंद मिली। टीम ने मात्र 15 मिनट के अंदर एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कर धमनी को खोल दिया। 3 दिन बाद हटाया वेंटिलेटर, 10 दिन बाद हॉस्पिटल से मिली छुट्टी डॉक्टर रोहित माथुर ने बताया 41 साल युवक को हार्ट अटैक के बाद कार्डियक अरेस्ट होने के बावजूद नया जीवन मिला। इस ऑपरेशन के बाद मरीज वेंटिलेटर और हाई-डोज दवाओं पर रहा। उन्होंने बताया कि मरीज के पास आरजीएचएस कार्ड नहीं था। इस पर हॉस्पिटल सुप्रीटेंडेंट डॉ. विकास राजपुरोहित की सहमति पर पूरा इलाज फ्री में किया गया। इस दौरान टीम में डॉ. राकेश करणावत, डॉ. भरत व उनकी एनेस्थीसिया टीम और कार्डियोलॉजी के डीएम रेजिडेंट्स और पूरे नर्सिंग टीम का भी सहयोग रहा।
प्रतापगढ़ में कलेक्टर शुभम चौधरी ने बुधवार को धमोतर के उप तहसील कार्यालय, उप पंजीयक कार्यालय और पुलिस थाने का दौरा किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने कार्यालयों में चल रहे कामों, रिकॉर्ड रखने के तरीके और लोगों को मिल रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने उप पंजीयक और उप तहसील कार्यालय में चल रहे कामों की प्रगति पूछी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे सभी काम समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरे करें। कलेक्टर ने कहा कि आम लोगों से जुड़े मामलों को जल्दी निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारियों के कामों की नियमित समीक्षा करने और निरीक्षण करने को भी कहा। इस मौके पर तहसीलदार मदनलाल सालवी, नायब तहसीलदार नवीन जैन और दूसरे अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। इसके बाद जिला कलेक्टर ने धमोतर पुलिस थाने का भी निरीक्षण किया। उन्होंने थाने की व्यवस्थाएं, रिकॉर्ड रखने का तरीका और अलग-अलग मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने पुलिस अधिकारियों से कानून-व्यवस्था से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बात की। उन्होंने निर्देश दिए कि आम लोगों की शिकायतों और अर्जियों पर संवेदनशीलता के साथ तुरंत कार्रवाई की जाए। इस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारी भी वहां मौजूद थे।
अंबिकापुर में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा के सुसाइड मामले में पीजी कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई की है। कॉलेज ने आरोपी छात्र नेता ज्ञान तिवारी का एडमिशन रद्द कर दिया है। ज्ञान तिवारी ने पीजी कॉलेज में एमए फर्स्ट सेमेस्टर में दाखिला लिया था। मामले में एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर शरण सिंहदेव ने सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञान तिवारी एनएसयूआई की यूनिवर्सिटी विंग का उपाध्यक्ष था। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उसकी कांग्रेस और एनएसयूआई की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है। जानकारी के मुताबिक, एमसीबी जिले के चिरमिरी गोदरीपारा की रहने वाली अंतरा शाह (19) अंबिकापुर के पीजी कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। 11 सितंबर की सुबह उसका शव बाथरूम में फांसी पर लटका मिला था। अंतरा शाह की सहेलियों ने परिजनों को बताया कि छात्र नेता ज्ञान तिवारी उसे ब्लैकमेल करता था। उसके पास अंतरा के कुछ निजी चौट और वीडियो थे। इन्हें परिजनों को दिखाने की धमकी देकर वह छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था। मामले में गांधीनगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छात्र नेता ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। कॉलेज प्रबंधन ने की कार्रवाई मामले में पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डा. अनिल कुमार सिन्हा ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान तिवारी का एडमिशन निरस्त कर दिया है। ज्ञान तिवारी ने एमए इतिहास के प्रथम सेमेस्टर में एडमिशन लिया था। प्रिंसिपल ने ज्ञान तिवारी का कॉलेज परिसर में भी प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। कांग्रेस ने कहा-निष्पक्ष जांच करें एबीवीपी ने आरोप लगाया था कि ज्ञान तिवारी को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। वहीं, एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव ने सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में सिंहदेव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अपने पद या पहुंच का गलत इस्तेमाल कर किसी महिला या छात्रा के सम्मान को ठेस न पहुंचा सके।
जोधपुर जिले की 6 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद के लिए आज नामांकन दाखिल किए गए। इन 6 नगरपालिकाओं में से 2 में कांग्रेस और 3 में भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बना है। एक नगरपालिका में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। यहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस ने मथानिया और भोपालगढ़ में जीत दर्ज की है। वहीं, भाजपा ने तिंवरी, बिलाड़ा और बालेसर में जीत दर्ज की। पीपाड़ में भाजपा ने बढ़त बनाई है, लेकिन स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। इन नगरपालिकाओं में 9 सितंबर को मतदान हुआ था। 14 सितंबर को नतीजे जारी किए गए थे। तिंवरी में दो नामांकन, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने तिंवरी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के आखिरी दिन 2 नामांकन जमा हुए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लक्ष्मण कालकर को और कांग्रेस ने चंपालाल कटारिया को अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी के उम्मीदवार लक्ष्मण कालकर राज नट समाज से आते हैं। तिंवरी में समाज के करीब 100 परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें से किसी के पास भी अपनी पट्टा शुदा आवासीय जमीन नहीं है। परिवार सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में उसी समाज के व्यक्ति का नगर पालिका के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक दावेदारी तिंवरी के लिए सामाजिक बदलाव की एक अलग तस्वीर पेश करता है। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार चंपालाल कटारिया मेघवाल समाज से आते हैं। कटारिया स्नातक हैं। लंबे समय से लोगों के बीच रहकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभाते रहे हैं। पेशे से वे एलआईसी का काम करते हैं। तिंवरी नगर पालिका में कुल 25 पार्षद हैं। चुनाव नतीजों में भाजपा के 13, कांग्रेस के 11 और एक निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं। अध्यक्ष बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 13 पार्षदों का है। ऐसे में भाजपा के पास साफ बहुमत है। उसके 13 पार्षद होने से बोर्ड बनाने में उसकी स्थिति मजबूत दिख रही है। वहीं, कांग्रेस के पास 11 पार्षद हैं। एक निर्दलीय पार्षद की भूमिका संख्या के हिसाब से अहम हो सकती है। मथानिया में भाजपा ने पार्षद का चुनाव हारी इंद्रा देवी को बनाया उम्मीदवार मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए वार्ड 11 से कांग्रेस की लीला देवी और भाजपा की इंद्रा देवी ने अपने पर्चे जमा किए। यह पद अनुसूचित जाति (एससी) महिला के लिए आरक्षित है। खास बात यह है कि इंद्रा देवी वार्ड 11 से ही चुनाव में लीला देवी से हार गई थीं। इसके बाद भी भाजपा के पास कोई एससी महिला पार्षद नहीं होने की वजह से इंद्रा देवी को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है। मथानिया नगर पालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 16, भाजपा ने 7 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 सीटें जीती हैं। बालेसर में कांग्रेस का निर्दलीय को समर्थन बालेसर नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी ने निरमा सांखला को अपना प्रत्याशी बनाया है। निरमा का नामांकन शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने खुद साथ में जाकर करवाया। निरमा पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और ग्रेजुएट हैं। स्वंय गृहणी हैं। पति और ससुर के माईन्स का कारोबार है। वहीं, कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारकर निर्दलीय को दिया सर्मथन दिया है। कांग्रेस ने वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी भावना सोलंकी को कांग्रेस पार्टी का सर्मथन देकर उनका नामाकंन दाखिल करवाया। नामांकन दाखिल करवाने के लिए पीसीसी सदस्य उम्मेदसिंह राठौड़ कई पदाधिकारी साथ पहुंचे। भावना भी पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। वे आठवीं पास हैं। स्वंय गृहणी हैं। पति का माईन्स का कारोबार है। पीपाड़ नगरपालिका में भाजपा से मनु कच्छवाहा और कांग्रेस से आशा देवी प्रत्याशी भाजपा ने पीपाड़ नगरपालिका से मनु कच्छवाहा को अध्यक्ष पद प्रत्याशी घोषित किया है। उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया है। मनु कच्छवाहा पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह कच्छवाहा की पुत्रवधू और मंडल अध्यक्ष आदित्य की पत्नी हैं। भाजपा ने नगरपालिका के 35 में 16 वार्ड में जीत हासिल की है। यहां चार निर्दलीयों ने भाजपा का समर्थन किया है। ऐसे में भाजपा बोर्ड बनने के आसार है। कांग्रेस 15 सीटों पर जीती है। वहीं, कांग्रेस ने आशा देवी को उम्मीदवार बनाया है। आशा देवी कांग्रेस नेता सुरेश कच्छावाह की पत्नी है। कांग्रेस में अध्यक्ष पद के कई बड़े दावेदार पार्षद चुनाव हार गए। भोपालगढ़ में कांग्रेस से पांच पार्षदों का नामांकन भोपालगढ़ में कांग्रेस में बड़ा दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। भोपालगढ़ में कांग्रेस से चार पार्षदों ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया। इसमें जमुना देवड़ा को कांग्रेस का सिंबल मिला, जबकि शिवकरण सैनी, रामदीन, नारायण राम जाखड़ ने भी कांग्रेस के बैनर तले अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया। दूसरी तरफ कांग्रेस के ही पार्षद नारायण राम जाखड़ ने निर्दलीय भी आवेदन किया। कांग्रेस से कुल पांच आवेदन हुए हैं। दूसरी तरफ भाजपा से देवेश चौधरी ने नामांकन पेश किया। देवेश ओमप्रकाश चोटिया के पुत्र हैं। वहीं,बिलाड़ा नगरपालिका में कुल 40 वार्ड हैं। यहां 3 कैंडिडेट्स द्वारा 3 नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
नूंह जिले के रावली गांव में बुधवार को घरेलू विवाद में 68 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसके बाद बुजुर्ग ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी कर ली। हमले में पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, रावली गांव के रहने वाले कमरू (68) मानसिक रूप से परेशान थे। इसी वजह से उनका अपनी पत्नी सकुरन (62) से अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था। दोपहर में दंपती में हुई थी कहासुनी बुधवार दोपहर किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर कमरू ने कथित तौर पर पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे सकुरन घायल हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने मृतक कमरू के शव को कब्जे में लेकर अल-आफिया जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सदर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर बीएनएस 194 के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पत्नी पर हमला करने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस संबंध में कोई शिकायत आती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
चांदनी चौक से कोसी पुल तक सड़क जर्जर:अररिया में कांग्रेस जिला अध्यक्ष की DM से जल्द निर्माण की मांग
अररिया शहर की एक मुख्य सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। चांदनी चौक से डीबी88 स्टेशन रोड, नवरतन चौक, जैन धर्मशाला और कोसी पुल तक जाने वाली इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। रात में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इस समस्या को लेकर अररिया कांग्रेस जिला अध्यक्ष मो. मासूम रेजा ने जिला पदाधिकारी विनोद दुहन को आवेदन दिया है। उन्होंने सड़क का अच्छी क्वालिटी से फिर से बनाने की मांग की है। मासूम रेजा ने कहा कि जब तक सड़क का स्थायी निर्माण नहीं होता, तब तक गड्ढों को तुरंत भरा जाए और जरूरी मरम्मत कराई जाए। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी। तुरंत लगाया जाए सही ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम इस आवेदन की एक कॉपी पूर्णिया प्रमंडल आयुक्त को भी जानकारी के लिए भेजी गई है। आवेदन में सिर्फ इस सड़क की बात नहीं है। मासूम रेजा ने अररिया शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या पर भी डीएम का ध्यान खींचा है। उन्होंने खासकर मौलाना अबुल कलाम आजाद चौक (जीरोमाइल) की हालत को चिंताजनक बताया है। यह शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहां रोज जाम और सड़क दुर्घटनाओं की शिकायतें मिलती हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि जीरोमाइल पर ओवरब्रिज या फ्लाईओवर बनाने की पहल की जाए। जब तक यह नहीं हो पाता, तब तक आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल और सही ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम तुरंत लगाया जाए। समस्या का स्थायी हल निकालने की अपील इसके साथ ही, जीरोमाइल के सौंदर्यीकरण के लिए अबुल कलाम साहब का तोरण द्वार बनाने का भी अनुरोध किया गया है। जीरोमाइल से चांदनी चौक तक के रास्ते पर अक्सर लंबा जाम लगता है। इस रास्ते पर अस्पताल समेत कई जरूरी संस्थान हैं। जाम के कारण एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। यह एक बहुत गंभीर मुद्दा है। मासूम रेजा ने अतिक्रमण की जांच, ट्रैफिक कंट्रोल और दूसरे जरूरी कदम उठाकर जाम की समस्या का स्थायी हल निकालने की अपील की है। अररिया जैसे छोटे शहर में सड़क और यातायात की ये समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन इन मांगों पर जल्द ध्यान देगा और शहरवासियों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में गांजा तस्करी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 11.33 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.20 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपियों से मोबाइल और नकदी समेत कुल 2 लाख 32 हजार 350 रुपए का सामान जब्त किया गया है। जानकारी के मुताबिक, बोराई थाना पुलिस की टीम बैरियर नाका के पास वाहनों और यात्रियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा से धमतरी आ रही यात्री बस (क्रमांक CG 04 EA 2476) को रोका गया। यात्रियों की जांच के दौरान बस में बैठे दो युवकों की हरकतें संदिग्ध लगीं। गांजा के साथ दो आरोपी पकड़े गए तलाशी लेने पर उनके पास से गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा जब्त कर दोनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल वर्मा (26) निवासी सतवास, जिला देवास और मोहित गोदरा (28) निवासी गोलागुठान, थाना सतवास, जिला देवास, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 11.33 किलो गांजा, दो मोबाइल फोन और 2,350 रुपए नकद बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 2,32,350 रुपए आंकी गई है। बोराई थाने में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। एसपी भावना पांडेय ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गांजा ओडिशा से कहां से लाया गया था। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इसे मध्यप्रदेश में किसे पहुंचाया जाना था। तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गांजा सप्लाई की पूरी कड़ी की भी जांच की जा रही है।

