भोपाल में सवर्ण समाज शनिवार, 26 सितंबर को अपनी तीन मांगों को लेकर शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालेगा। मार्च माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा से शुरू होकर राजभवन तक जाएगा। यहां समाज के प्रतिनिधि राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपेंगे। नए प्रावधानों को वापस लेने की मांग सवर्ण समाज की प्रमुख मांगों में यूजीसी के वर्ष 2026 में लागू किए गए नए प्रावधानों को वापस लेना, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करना और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई से पहले जांच का प्रावधान करना शामिल है। समाज का कहना है कि इन मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल मार्च के बाद राजभवन पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।
दिल्ली में सफाई के दौरान कबाड़ के बीच मिला कंकाल, एक स्कूल से जुड़े तार; असली है या बायोलॉजी डमी?
सेंट्रल दिल्ली में सफाई अभियान के दौरान कबाड़ में एक कंकाल मिला, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस जांच कर रही है कि यह वास्तविक मानव कंकाल है या किसी स्कूल से आया शैक्षणिक डमी मॉडल।
चित्रकूट में 26 दिन में दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात, मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर; एमपी-यूपी प्रशासन अलर्ट
महराजगंज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट:डीएम ने तटबंधों और नालों का जायजा लिया
महराजगंज जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कई नदियां उफान पर पहुंच गई हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शनिवार 11 बजे जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने फरेंदा तहसील क्षेत्र में पहुंचकर नदियों के जलस्तर और तटबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलस्तर और बाढ़ की तैयारियों की जानकारी ली। डीएम ने बेलसड़-रिगौली तटबंध का निरीक्षण कर उसकी स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने महाव नाला का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जाए। तटबंधों और नदी के किनारे के क्षेत्रों में किसी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए उससे निपटने में जुट जाएं। उधर, शनिवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 2.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में नदियों के जलस्तर को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। वहीं चंदन, प्यास, महाव, रोहिन, त्रिमुहानी, रोहिन बैराज और रतनपुर समेत कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंचने की स्थिति बताई गई है। जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर इससे नदी किनारे बसे गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की निगरानी के बीच नदी क्षेत्रों में जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बारां के कस्बाथाना क्षेत्र में एनएच-27 पर शाहिया तलाई के पास देर रात हादसा हुआ। गुजरात से कानपुर जा रहा टायरों से भरा एक ट्रक गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में कोई जान का नुकसान नहीं हुआ और ड्राइवर सुरक्षित बचा। कानीपुर निवासी ड्राइवर इकबाल ने बताया कि अचानक गाय सड़क पर आने से वह ट्रक संभाल नहीं पाया। उसे किसी प्रकार की चोट नहीं आई। सूचना पर एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन से पलटे ट्रक को हटाया। हादसे के कारण हाईवे पर ट्रैफिक रुक गया, जिसे बाद में एक तरफा किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में आवारा पशुओं और तेज रफ्तार के कारण अक्सर हादसे होते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा के सही इंतजाम करने और आवारा पशुओं को हटाने की मांग की है।
लगातार हो रही बारिश के बीच मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को दुबग्गा मंडी का औचक निरीक्षण किया। मंडी परिसर के कुछ हिस्सों में जलभराव मिलने पर उन्होंने मौके पर ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई। उन्होंने नालियों की सफाई अपनी मौजूदगी में कराई, जिसके बाद पानी की निकासी सुचारू हुई। नालियों की सफाई में मिली कमी, सचिव को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान मंडी निदेशक ने परिसर में नालियों और जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। कुछ स्थानों पर नालियों की सफाई ठीक नहीं मिलने पर उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाई। तत्काल सफाई कराने के साथ ही जल निकासी में आ रही रुकावट को दूर करने के निर्देश दिए। मंडी निदेशक ने कहा कि लगातार बारिश को देखते हुए परिसर में जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। जहां पानी जमा होने की आशंका है, वहां पहले से ही जरूरी इंतजाम किए जाएं। नालियों में कूड़ा और सिल्ट जमा न होने देने के साथ बारिश के दौरान पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश उन्होंने मंडी सचिव को चेतावनी दी कि सफाई और जल निकासी व्यवस्था में दोबारा लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सफाई कार्य में लगे ठेकेदार के काम की भी नियमित निगरानी करने और लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडी निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसानों और व्यापारियों को मंडी में आने-जाने और कारोबार करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जल निकासी और सफाई व्यवस्था लगातार सक्रिय रखी जाए और अधिकारी नियमित रूप से मंडी परिसर का निरीक्षण करते रहें।
बलरामपुर चीनी मिल यूनिट और एथेनॉल प्लांट के लिए मंगाया गया वेसल बेल्जियम से चलकर यूपी पहुंच गया है। यह वेसल वाराणसी से होकर लखीमपुरखीरी के कुंभी गांव स्थित बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट पहुंचेगा। 308 पहिये की बाहुबली ट्रक पर मौजूद 180 टन का यह वेसल कौतूहल का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को यह चंदौली से वाराणसी के लिए रवाना हुआ था। उस समय चंदौली में हजारों लोग हाइवे पर इसे देखने के लिए उमड़े थे। आज शाम तक इसके वाराणसी पहुंचने का अनुमान है। देखिये बाहुबली ट्रक और उसपर लदे चीनी मिल वेसल की फोटो… कैमूर के रस्ते पहुंचा उत्तर प्रदेश के चंदौली ओडिशा के पाराद्वीप से इसे पहले झारखंड होते हुए बिहार के रोहतास, गया, औरंगाबाद और कैमूर पहुंचाया गया। अब यह चंदौली के रास्ते यूपी में प्रवेश करने के बाद वाराणसी से गुजरेगा। ऐसे में NHAI ने खास इंतजाम किए हैं। वाराणसी में गुजरने पर कई फुट ओवरब्रिज हैं। जिन्हे अस्थायी रूप से कुछ हिस्सा हटाने की कवायद भी की जा रही है। इसके अलावा डाफी टोल प्लाजा पर अलग से लेन बनाई गई है। 308 चक्कों का है बाहुबली ट्रक बाहुबली ट्रक जिसमें 308 चक्के हैं। वह 24 घंटे में महज 8 से 10 किलोमीटर ही चल रहा है। जब यह बड़ा ट्रक हाईवे से गुजरता है, तो राहगीर और आसपास के लोग कुछ देर के लिए रुक जाते हैं। लोग अपने मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाते दिख रहे हैं। बताया गया है कि यह वेसल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के कुंभी गांव स्थित बलरामपुर चीनी मिल यूनिट के लिए जरूरी सामान है। लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के कुंभी (Kumbhi) में स्थित Balrampur Chini Mills Ltd. की कुंभी चीनी मिल एक प्रमुख चीनी उत्पादक इकाई है। लॉजिस्टिक्स कंपनी जेएम बक्सी हैवी को जिम्मेदारी मशीन और ट्रेलर का कुल वजन 200 टन से भी ज्यादा होने की वजह से यह काफिला बहुत ही धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। लॉजिस्टिक्स कंपनी जेएम बक्सी हैवी की निगरानी में चल रहा यह महा-ट्रक पूरे दिन में केवल 8 से 10 किलोमीटर का सफर ही तय कर पाता है। पूरे रास्ते में पड़ने वाले पुलों की भार क्षमता, तीखे मोड़ों और ओवरहेड बिजली तारों की पहले से ही पूरी इंजीनियरिंग जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
संतकबीरनगर 55 घंटों यानी गुरुवार सुबह से बारिश हो रही है। भारी बारिश से मेंहदावल में विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पिछले 30 घंटे से विद्युत आपूर्ति नही मिल पा रहा। जगह जगह पेड़ और पोल गिर गए है। विभाग सही करा रहा है। जिले में एहतियात के तौर पर आज स्कूल बंद रखे गए है। जिला प्रशासन सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रहा। और सभी उपजिलाधिकारी, ईओ, जिलाअधिकारी कार्यालय के नंबर जारी किए गए हैं। शुक्रवार की सुबह तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा और लगातार बारिश के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गयीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गयी। मेंहदावल शहर में पिछले 30 घंटे से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त है। कई मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। बिजली नहीं रहने के कारण घरों में पानी की मोटर, पंखे समेत अन्य विद्युत उपकरण बंद है. वहीं मोबाइल चार्ज करने और इंटरनेट सेवा को लेकर भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवा के कारण पेड़ की डालियां और टहनियां टूटकर गिरने से कुछ स्थानों पर रास्ते बाधित होने की सूचना है। बारिश के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम रही। जरूरी काम से निकले लोगों को बारिश से बचने के लिए दुकानों और अन्य जगहों पर रुकना पड़ा। जिला प्रशासन ने आपातकाल सेवा के लिए नंबर जारी किए। धनघटा क्षेत्र के लिए एसडीएम धनघटा मोबाइल नंबर 9454415927, एसडीएम मेंहदावल 9454415926, एसडीएम खलीलाबाद 9454415925, ईओ खलीलाबाद 9415584221, अधिशाषी अभियंता विद्युत 8853130537, जिला नियंत्रण कक्ष कलेक्ट्रेट कार्यालय संतकबीरनगर 1077,05547297227 है। इस पर कोई समस्या होने पर तत्काल सूचना दे।
बलरामपुर में लगातार बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन पर असर पड़ा है। डीएम डॉ.विपिन कुमार जैन और एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने शनिवार सुबह 10 से 12 बजे के बीच बलरामपुर,तुलसीपुर और उतरौला तहसीलों का दौरा किया। उन्होंने गिरे पेड़ों, बिजली सप्लाई ठप होने,सड़कों पर आवागमन में रुकावट और जलभराव का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को बारिश से हुई समस्याओं को तुरंत ठीक करने,बिजली-आवागमन जल्दी सामान्य करने और नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को नियमों के हिसाब से मदद देने के निर्देश दिए।उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो। उतरौला में डीएम पिपरा घाट पहुंचे और राप्ती नदी का जलस्तर देखा।शनिवार सुबह 10 बजे जलस्तर 103.00 मीटर था,जबकि खतरे का निशान 104.620 मीटर है।नदी का पानी चेतावनी स्तर 103.620 मीटर से सिर्फ 0.620 मीटर नीचे है।डीएम ने जलस्तर पर लगातार नजर रखने और तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरतने को कहा। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में मरम्मत में लगी हैं।विभिन्न मार्गों पर गिरे पेड़ों और अन्य अवरोधों का भी डीएम ने जायजा लिया।उन्होंने अधिकारियों को तत्काल अवरोध हटाकर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए।प्रमुख सड़कों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। डीएम के निर्देशन में एडीएम,सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।राजस्व,पुलिस,विद्युत और अन्य संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।बारिश से हुई क्षति का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीएम ने जनपदवासियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों,नदी-नालों,क्षतिग्रस्त बिजली के तारों और पोलों से दूर रहने तथा तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी।किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि जनपद में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आमजन की सुरक्षा के साथ बिजली,सड़क समेत आवश्यक सेवाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
परिषदीय विद्यालयों में बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों को पात्रता पूरी करने का अवसर देने के लिए पहली बार आयोजित की जा रही स्पेशल टीईटी में अब शिक्षामित्र भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए आवेदन पोर्टल खोल दिया गया है। शिक्षामित्र 4 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इससे प्रदेश में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों में से लगभग 73 हजार को टीईटी पास करने का अवसर मिलेगा। करीब 70 हजार शिक्षामित्र पहले ही यूपीटीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। शिक्षामित्रों ने स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उन्हें भी परीक्षा में शामिल करने की मांग उठाई थी। इसके बाद विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने का अनुरोध किया था। तर्क दिया था अन्य शिक्षकों को मौका तो शिक्षामित्रों को क्यों नहीं एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा था कि जब अन्य शिक्षकों, सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षक) और एजुकेटर्स को विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है तो लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षामित्रों को विभागीय स्तर पर स्पेशल टीईटी में शामिल करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर मिलने से वर्षों से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र अपनी पात्रता पूरी कर सकेंगे और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। 18 हजार रुपए मानदेय, टीईटी पास करने से पात्रता पूरी करने का मौका प्रदेश में शिक्षामित्रों को राज्य सरकार की ओर से वर्तमान में 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। स्पेशल टीईटी में शामिल होने का मौका मिलने से बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को निर्धारित पात्रता पूरी करने का अवसर मिलेगा। 5 सितंबर से शुरू है आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा विशेष टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो चुकी है। 4 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख है। परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। यह परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है। 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य सुप्रीम कोर्ट ने बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में विशेष टीईटी आयोजित की जा रही है। स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने से अब बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षामित्रों के लिए भी टीईटी पास करने का रास्ता खुल गया है, जो अभी तक इसकी पात्रता पूरी नहीं कर सके थे।
राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल रूण्डेड़ा के क्लास 12वीं के छात्र आशीष जणवा का राज्य स्तरीय रग्बी प्रतियोगिता में चयन हुआ है। वह 70वीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के अंडर-17 रग्बी वर्ग में भाग लेंगे । स्कूल के प्रिंसिपल रामेश्वर लाल मेघवाल ने बताया कि आशीष के चयन से स्कूल और रूण्डेड़ा क्षेत्र में खुशी है। टीम प्रभारी शंकर लाल मेघवाल और विकास चाहर ने जानकारी दी कि नवानिया में हुई जिला स्तरीय प्रतियोगिता में आशीष ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया। आशीष 30 सितंबर से सिरोही में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेलेंगे। उनके चयन पर परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने बधाई दी है।
उन्नाव में 3 दिन तक आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट:DM ने सावधानी बरतने, घर से न निकलने की सलाह दी
उन्नाव में मौसम को लेकर जिला प्रशासन ने 29 सितंबर तक अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। शनिवार को जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम मीणा ने जनपदवासियों से मौसम खराब होने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और निचले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। बिजली कड़कने और तेज हवा के समय खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने को कहा गया है। साथ ही बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। तेज हवाओं के दौरान पेड़, होर्डिंग्स, विद्युत पोल तथा अन्य अस्थायी संरचनाओं के आसपास जाने से भी बचने को कहा गया है। प्रशासन ने कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम की स्थिति अधिक खराब होने पर ऐसे स्थानों को छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और बच्चों को जलभराव वाले स्थानों तथा नदी-नालों के आसपास नहीं जाने देने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा जानकारी और चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है। इसके लिए सचेत (SACHET) ऐप तथा जिला प्रशासन की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं को देखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सूचना देने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली गिरने या तेज हवाओं की स्थिति में सुरक्षित भवन के अंदर रहने को प्राथमिकता दी जाए। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल अधिकृत स्रोतों से जारी मौसम संबंधी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र के खांडेपुर गांव में 82 साल की कुसमा देवी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उनके जेवरात लूट लिए। घटना के दौरान वृद्धा ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया, जिसके निशान मौके पर साफ दिखे हैं। कुसमा देवी के पति रामकुमार रिटायर्ड शिक्षक हैं। शुक्रवार को उनका बेटा दिनेश कुमार बीमार पिता को इलाज के लिए बरेली के भोजीपुरा अस्पताल ले गया था। घर में कुसमा देवी अकेली थीं। रात करीब 10 बजे पिता-पुत्र लौटे तो मुख्य दरवाजा खुला था। बरामदे में कुसमा देवी का शव मिला। बदमाशों ने उनके कानों के कुंडल, चांदी की पायल और सोने की अंगूठी लूट ली थी। गले पर उंगलियों के गहरे निशान थे। खिसकी चारपाई और जमीन पर घसीटे जाने के निशान विरोध की गवाही दे रहे थे। बदमाश शौचालय की दीवार कूदकर भागे, जहां खून के धब्बे भी मिले हैं। पुलिस ने बेटे दिनेश कुमार की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीसलपुर थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है।
भाद्रपद पूर्णिमा से पितृपक्ष शुरू होते ही बेतवा नदी के बड़वाले घाट पर श्रद्धालु पहुंचने लगे। लोगों ने जल, कुशा, काले तिल और दूध से पितरों का तर्पण किया। घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने पूर्वजों को याद कर श्राद्ध कर्म किए। पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इन 16 दिनों में तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाएंगे। तर्पण के बाद पितरों को लगाया भोग पितृपक्ष में तर्पण के बाद पितरों की पसंदीदा चीजों का भोग लगाया गया। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की कामना की। बेतवा तट की पुरानी धार्मिक मान्यता पंडित राजेंद्र दुबे ने बताया कि बेतवा तट की धार्मिक मान्यता पुरानी है। मान्यता है कि यहां श्रीराम के चरण पड़े थे। कालिदास ने भी बेतवा की पवित्रता का उल्लेख किया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृपक्ष में तर्पण करने से पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। दीपक सक्सेना ने बताया कि तर्पण के लिए परिवार के बड़े सदस्य की बाध्यता नहीं है। परिवार का कोई भी सदस्य तर्पण कर सकता है। उन्होंने बताया कि गया जी में पिंडदान करने के बाद भी पितृपक्ष में तर्पण करना जरूरी माना जाता है। प्रमुख घाटों पर बढ़ाई सुरक्षा पितृपक्ष में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने को देखते हुए पुलिस ने बड़वाले घाट, रामघाट और महल घाट सहित प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। होमगार्ड, एसडीआरएफ और आपदा मित्रों की टीम पितृपक्ष के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
छत्तीसगढ़ के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी करने के लिए बेहतर अवसर है। इसके लिए 7 और 8 अक्टूबर 2026 को रायपुर के बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 2 दिन राज्यस्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मशीन ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियर, क्वालिटी इंस्पेक्टर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर, डिलीवरी बॉय और अप्रेंटिस समेत कई पदों पर भर्ती होगी। अब तक 36 नियोजकों और प्लेसमेंट संस्थाओं से 8,720 खाली पदों की जानकारी विभाग को मिल चुकी है। इन पदों के लिए 10वीं-12वीं पास से लेकर ITI, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट क्वालिफिकेशन वाले युवा आवेदन कर सकेंगे। ई-रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। इन कंपनियों में है खाली पोस्ट रोजगार मेले के लिए अब तक क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स–सतलज टेक्सटाइल्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरटेल पेमेंट बैंक, इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, एनआईआईटी, आइसेक्ट, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स, फर्स्ट फ्लाई कॉर्पोरेट समेत कई कंपनियों ने रिक्तियां उपलब्ध कराई हैं। विभाग बाकी कंपनियों से भी लगातार संपर्क कर रहा है। अभ्यर्थियों से अपनी प्रोफाइल अपडेट कर जल्द आवेदन करने की अपील की गई है। उद्योग और नियोजक रोजगार मेले में भागीदारी के लिए 7999385638 और 7000397968 पर संपर्क कर सकते हैं। 8 अक्टूबर को ऑफर लेटर मिलेगा रोजगार मेले के दूसरे दिन 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की अध्यक्षता में चयनित युवाओं को ऑफर लेटर दिए किए जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मंत्री ने युवाओं से लाभ उठाने की अपील कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि, इससे प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का अधिकाधिक लाभ उठाने और अपनी योग्यता के अनुरूप उपलब्ध पदों के लिए आवेदन करने की अपील की है। व्यापक प्रचार-प्रसार और नियोजकों से सीधे समन्वय के निर्देश कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने रोजगार मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयोजन का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। जिससे इसकी जानकारी प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवाओं तक भी पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और नियोजकों से सीधे संपर्क स्थापित कर अतिरिक्त रिक्तियां प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उद्योगों और नियोजकों से भी रोजगार मेले में सक्रिय भागीदारी कर अपने संस्थानों में उपलब्ध अधिक से अधिक रिक्त पदों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। प्रमुख उद्योगों से लगातार किया जा रहा संपर्क संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) ने बताया कि राज्यस्तरीय रोजगार मेले के लिए विभागीय स्तर पर रिक्तियों के संकलन का कार्य लगातार जारी है। अब तक 36 नियोजकों और प्लेसमेंट संस्थाओं से 8,720 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है। उपलब्ध रिक्तियों को ई-रोजगार पोर्टल पर प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य प्रमुख उद्योगों एवं नियोजकों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। मेले में अधिक से अधिक रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ई-रोजगार पोर्टल से कर सकेंगे आवेदन इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल https://www.erojgar.cg.gov.in/ पर उपलब्ध रिक्तियों को देखकर अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर अभ्यर्थियों की प्रोफाइल के आधार पर नियोजक शॉर्टलिस्टिंग और प्रारंभिक चयन भी कर सकेंगे।
सहारनपुर से दिल्ली जाते समय शुक्रवार देर रात टटीरी के पास हुए सड़क हादसे में सहारनपुर के राघव धवन की मौत हो गई। राघव अपनी क्रेटा कार से दिल्ली जा रहे थे। रात करीब 1:30 बजे टटीरी के पास उन्होंने लघुशंका के लिए कार सड़क किनारे रोकी थी। कार से उतरने के बाद जब वह वापस कार की ओर पहुंचे, तभी पीछे से तेज गति से आए अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में राघव गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राघव को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजनों को दी। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रात में ही बागपत के लिए रवाना हो गए। राघव धवन सहारनपुर की जुबली पार्क रामलीला कमेटी के संयोजक रम्मी धवन के बेटे थे। उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार के साथ रामलीला कमेटी से जुड़े लोगों और पंजाबी समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद राघव का शव दोपहर करीब 12:15 बजे सहारनपुर के नुमाइश कैंप स्थित उनके आवास पर लाया गया। शव घर पहुंचने की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों, परिचितों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोगों ने भी परिवार को ढांढस बंधाया। पंजाबी समाज के अध्यक्ष पाली कालड़ा समेत समाज के कई लोग रम्मी धवन के आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। पाली कालड़ा ने बताया कि राघव शुक्रवार देर रात क्रेटा कार से दिल्ली के लिए निकले थे। टटीरी के पास उन्होंने कार रोककर लघुशंका के लिए नीचे कदम रखा था। इसी दौरान पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि राघव की जान नहीं बच सकी। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस अब आसपास के क्षेत्र में घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। हादसा किस वाहन से हुआ और चालक कौन था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार में जवान बेटे की अचानक मौत से मातम पसरा हुआ है।
पीलीभीत में लगातार तेज बारिश के कारण शनिवार सुबह कलीनगर तहसील के नवादिया धनेश गांव में कामता प्रसाद का कच्चा मकान अचानक गिर गया। खतरे का अहसास होते ही कामता प्रसाद और उनके बच्चे तुरंत बाहर निकल गए, जिससे वे बाल-बाल बच गए। कामता प्रसाद का परिवार कच्चे मकान में रहता था, जिसकी मिट्टी की दीवारें बारिश से कमजोर हो चुकी थीं। सुबह 10 बजे वे बच्चों के साथ घर में थे, तभी दीवार दरकने लगी। खतरे का डर होने पर वे बच्चों को लेकर बाहर भागे। उनके निकलते ही मकान का एक बड़ा हिस्सा तेज आवाज के साथ गिर गया। घटना में किसी को चोट नहीं आई, पर राशन, कपड़े और सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। छत छिनने से परिवार खुले में रहने को मजबूर है। पीड़ित कामता प्रसाद ने प्रशासन से नुकसान का आकलन, आर्थिक सहायता और पक्का घर मांगा है।
बालाघाट के बिरसा में 24 घंटे में 4 इंच वर्षा:बीते साल से 3 इंच कम हुई बारिश, भीमगढ़ बांध के गेट खुले
बालाघाट जिले में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में बिरसा तहसील में सबसे ज्यादा 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मॉनसून सीजन में बालाघाट तहसील में 58 इंच वर्षा हुई है। जिले में 26 सितंबर तक कुल 45 इंच बारिश हुई, जो सामान्य औसत से 11 इंच कम है। भीमगढ़ बांध का जलस्तर 519.38 मीटर पहुंचने पर 26 सितंबर को इसके दो गेट (नंबर 5 और 6) 0.30-0.30 मीटर तक खोले गए। इससे वैनगंगा नदी में 96 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने वैनगंगा नदी के निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से मना किया है। आपात स्थिति में कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम के नंबर 07632-240102 पर संपर्क कर सकते हैं। 26 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, बालाघाट तहसील में सबसे ज्यादा 58 इंच और कटंगी में सबसे कम 27 इंच बारिश दर्ज हुई है।
भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र स्थित 12 नंबर मल्टी में शुक्रवार रात एक युवक की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रमोद ओसवाल पिता प्रकाश ओसवाल के रूप में हुई है। वह पुताई ठेकेदारी का काम करता था। परिजन का आरोप है कि चरित्र शंका को लेकर पत्नी से हुए विवाद के बाद उसे बालकनी से धक्का दे दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। लव मैरिज के बाद से होता था विवाद प्रमोद के भाई प्रदीप ने बताया कि करीब 9 साल पहले प्रमोद ने अपने ही मोहल्ले की रहने वाली दुर्गा से लव मैरिज की थी। शादी के बाद से दोनों के बीच चरित्र शंका को लेकर अक्सर विवाद होता था। शुक्रवार रात प्रमोद काम से लौटकर घर पहुंचा तो उसने पत्नी को एक अन्य युवक के साथ देखा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। बालकनी से धक्का देने का आरोप, आरोपी फरार परिजन का आरोप है कि विवाद के दौरान फ्लैट में मौजूद युवक और पत्नी ने मिलकर प्रमोद को चौथी मंजिल की बालकनी से नीचे धक्का दे दिया। नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के समय प्रमोद का 8 साल का बेटा घर में मौजूद था और उसने पूरी घटना देखी। घटना के बाद पत्नी और उसके साथ मौजूद युवक मौके से फरार हो गए। डीजे और ढोल के शोर में दब गई चीख-पुकार प्रमोद के चाचा सपनेश नहरे ने बताया कि घटना के वक्त इलाके में गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते तेज आवाज में डीजे और ढोल बज रहे थे। इस शोर के कारण घर के अंदर हुए विवाद और चीख-पुकार की आवाज आसपास के लोगों तक नहीं पहुंच सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर होगी कार्रवाई हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के मुताबिक, फिलहाल मर्ग कायम किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस अब बच्चे और परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर-खीरी में मौसम विभाग ने बहुत बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने प्री-प्राइमरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों में पढ़ाई बंद की। लोगों से बिना वजह घर से न निकलने की अपील की गई। डीएम ने लोगों को बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने, कच्चे मकानों में न रहने और सुरक्षित पक्के घरों में जाने की सलाह दी। जलभराव होने पर बीडीओ या क्षेत्रीय लेखपाल से संपर्क करें। आकाशीय बिजली और बादल गरजने के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंची चीजों के नीचे खड़े न हों। सांप व जहरीले जीव-जंतुओं से भी सावधान रहें। किसी भी इमरजेंसी के लिए जिला आपदा राहत कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077, 05872-298410/412865 या मोबाइल नंबर 9454416588 पर सूचना दें। एडवाइजरी का तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रचार करने के निर्देश हैं।
लखीमपुर खीरी के शंकरपुर के पास देर रात हुए सड़क हादसे में कार सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कार खाई में गिरी और मोरंग लदी ट्रॉली भी उस पर आ गई, जिससे कार बुरी तरह टूट गई। अर्टिगा कार (यूपी 80 डी क्यू 0621) में दो युवक सवार थे। शंकरपुर के पास सड़क किनारे खड़ी मोरंग से भरी ट्रॉली से कार अनियंत्रित होकर टकराई। इस हादसे में भोजपुर, थाना कोतवाली सदर के सुधांशु पाठक (25) और रंगीला नगर, थाना कोतवाली सदर के उदित शर्मा (24) की जान चली गई। पीआरबी 7931 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी कोशिश के बाद शवों को कार से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है।
30 घंटे की बारिश में जर्जर मकान भरभराकर गिरा:जालौन में गृहस्थी का सामान मलबे में दबा, परिवार बेघर
जालौन में पिछले 30 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह करीब 8:45 मिनट कर कालपी नगर के काजीपुरा मोहल्ले में एक पुराना और जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से घर में रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि होने से टल गई। जानकारी के अनुसार काजीपुरा मोहल्ला निवासी संतोष विश्वकर्मा का मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। शनिवार सुबह करीब 8:45 बजे लगातार बारिश के बीच अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते घर का सामान मलबे में दब गया। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने मलबा हटाने में मदद की। मकान ढहने के बाद गरीब परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। सिर से छत छिन जाने के कारण संतोष विश्वकर्मा का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। परिवार का कहना है कि मकान गिरने से उनकी गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया है और दोबारा घर बनाने की स्थिति में वे नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराने और पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता व मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। 2 से 3 फीट तक पानी भर गया वहीं कोंच नगर में भी लगातार बारिश के चलते सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है, लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने राजस्व कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, साथ ही प्रभावित इलाकों का दौरा कर वहां की जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
फतेहाबाद जिले के रत्ताखेड़ा गांव के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का शनिवार को एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रों की हाजिरी, कक्षाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने मिड-डे मील की व्यवस्था भी जांची। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और उसे बनाने की प्रक्रिया देखी। उन्होंने स्टाफ को छात्रों को पौष्टिक और अच्छा भोजन देने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम ने छात्रों से पढ़ाई पर बात की और उन्हें मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को शिक्षा और सुविधाओं से जुड़े कामों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।इसके अलावा, एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने खेतों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह काम तय समय में पूरा करने को कहा। एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का मकसद खेतों में बोई गई फसलों का सही डिजिटल रिकॉर्ड बनाना है। इससे किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
गुरुग्राम के फर्रुखनगर में एसजीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हरियाणा का मान बढ़ाया है। उन्होंने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर ऑडिटोरियम में हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति 24 और 25 सितंबर को हुए 7वें कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइव्स सम्मेलन में दी गई। विद्यार्थियों के रंगारंग नृत्य ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा। इस सम्मेलन में 15 से ज्यादा देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें नर्सिंग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। हरियाणवी ड्रेस पहनकर किया डांस TNAI हरियाणा स्टेट ब्रांच की ओर से विद्यार्थियों ने पारंपरिक हरियाणवी ड्रेस पहनकर नृत्य किया। उन्होंने हरियाणा की लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई। इस मौके पर TNAI हरियाणा की अध्यक्ष प्रो. सुनीता कुमारी और डीन नर्सिंग प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार दुलड़ ने नेतृत्व किया। यह आयोजन कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइव्स फेडरेशन (CNMF) और ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) ने मिलकर किया था। विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिला और हरियाणा की संस्कृति वैश्विक स्तर पर पहुंची।
अंबाला में तोपखाना माल रोड निवासी नरेश कुमार के घर हुई चोरी के मामले में अंबाला कैंट सदर थाना पुलिस ने चोरों के बाद चोरी का सोना खरीदने वाले ज्वैलर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी ज्वैलर के कब्जे से डायमंड का हार, दो अंगूठियां और डायमंड का ब्रेसलेट बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे चोरी के बकाया सामान के बारे में पूछताछ की जाएगी। दरअसल, 9 सितंबर को नरेश कुमार के घर की अलमारी से करीब 15 से 20 लाख रुपए कीमत के सोने के जेवरात और नकदी चोरी हो गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने पुलिस पोस्ट तोपखाना में चार बार शिकायत दी, लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद मामले में पुलिस पोस्ट तोपखाना के इंचार्ज ASI सुखविंदर सिंह को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था। तीन आरोपी पहले पकड़े, पूछताछ में ज्वैलर का नाम आया अंबाला कैंट सदर थाना प्रभारी धर्मवीर सैनी ने बताया कि पुलिस ने चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी का सोना अंबाला कैंट स्थित श्री कुंज बिहारी ज्वैलर्स के करण को बेचा था। इसके बाद पुलिस ने ज्वैलर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के जेवर बरामद किए। पुलिस के अनुसार बरामद सामान में एक डायमंड हार, दो डायमंड अंगूठियां और एक डायमंड ब्रेसलेट शामिल है। पुलिस का कहना है कि ज्वैलर ने ये सामान कम कीमत पर खरीदा था। बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ चोरी का सामान खरीदने का मामला दर्ज किया गया है। अन्य ज्वैलर्स और कबाड़ियों को चेतावनी SHO धर्मवीर सैनी ने चोरी का सामान खरीदने वाले अन्य ज्वैलर्स और कबाड़ियों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकानदार या कबाड़ी चोरी का सामान खरीदता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी ज्वैलर से चोरी के बाकी सामान और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… अंबाला में कार्रवाई नहीं करने पर 2 ASI सस्पेंड:चोरी पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप; अंबाला में मंत्री विज के सामने उठाया था मुद्दा जनता दरबार में पहुंची शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के मामले में अंबाला पुलिस के दो ASI को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने 21 सितंबर 2026 को दोनों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबित पुलिसकर्मियों में ASI गुरदेव सिंह और ASI सुखविंदर सिंह शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइंस अंबाला भेजा गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सिदगोड़ा के जिला स्कूल घाट पर शुक्रवार देर रात दो युवक ट्यूब के सहारे नदी में उतरे और तेज बहाव में लापता हो गए। लापता युवकों की पहचान अमित सिंह और अमित उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। नदी के तेज बहाव में बहने की खबर मिलते ही स्थानीय लोग घाट पर जमा हो गए। सिदगोड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस और बचाव दल नदी में खोज अभियान चला रहे हैं, पर अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। प्रशासन ने स्वर्णरेखा और खरकई नदियों से दूर रहने की चेतावनी दी थी, पर युवक नहीं माने। प्रशासन ने लोगों से बारिश में नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अमित सिंह की पत्नी ने बताया कि वह रात 10 बजे बाढ़ देखने निकले थे। अमित उर्फ बिट्टू की बहन के अनुसार, वह शाम 5 बजे दुर्गा पूजा का चंदा लेने निकले थे। वे वापस नहीं लौटे।
ईस्ट दिल्ली के विवेक विहार इलाके में दो पक्षों के बीच झगड़े के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर हवा में फायरिंग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की पहचान कर ली है।
कांकेर जिले के सारंगपाल में बने पुल से एक ग्रामीण ने महानदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों व नगर सेना की टीम को बुलाकर ग्रामीण की तलाश शुरू कराई गई। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण सुबह करीब 10:30 बजे अपनी मोपेड से पुल पर पहुंचा था। उसने पुल पर अपना सामान रखा और इसके बाद महानदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद पुल पर उसकी मोपेड, मोबाइल फोन और चप्पल मिले हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण कांकेर से लगे किरगोली गांव का रहने वाला है। गोताखोर और नगर सेना चला रहे रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। ग्रामीण की तलाश के लिए गोताखोरों और नगर सेना की टीम नदी में खोजबीन कर रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रेस्क्यू अभियान के दौरान तहसीलदार, एसडीएम समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है। टीम लगातार अभियान की निगरानी कर रही है। कांकेर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र साहू ने बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। अभी तक ग्रामीण का पता नहीं चल सका है।
एसडीएम-तहसीलदारों को सक्रिय रहने के ADM ने दिए निर्देश:कन्नौज में भारी बारिश के चलते येलो अलर्ट जारी
कन्नौज में अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने भारतीय मौसम विभाग की 26 सितंबर को भारी वर्षा की आशंका पर सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तहसील स्तर पर सतर्कता, त्वरित सूचना तंत्र और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखने को कहा। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि भारी वर्षा से उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। क्षेत्रीय लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को आमजन को संभावित भारी वर्षा की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही, जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन कराने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भारी वर्षा से जनहानि, पशुहानि, मकान या फसल क्षति होने पर तुरंत सूचना दी जाए। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार जांच के बाद सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए। उधर मौसम विभाग ने शनिवार को भी भारी बारिश की संभावना के चलते जिले में येलो अलर्ट जारी किया है। जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सत्ता से बाहर रहने को लेकर हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सत्ता पाने के लिए इतनी तड़प क्यों है और इसके लिए राजनीतिक मर्यादाओं की सीमाएं क्यों लांघी जा रही हैं। महिपाल ढांडा ने कहा कि जब कांग्रेस के पास सत्ता थी, तब उन्हें प्रदेश की सेवा करने का पूरा अवसर मिला था। अगर उस दौरान कांग्रेस ने जनता के हित में काम और अच्छे कर्म किए होते, तो आज उन्हें सत्ता से बाहर रहकर इस तरह उतावलापन नहीं दिखाना पड़ता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भी सालों तक विपक्ष में रही, लेकिन कभी इस तरह की उतावली राजनीति नहीं की। कांग्रेस ने सत्ता में रहकर केवल भ्रष्टाचार और लूट-खसोट की, यही वजह है कि अब सत्ता हाथ से निकलने पर उनकी बेचैनी साफ झलक रही है। सेवा संकल्प अभियान: अजीजुल्लापुर में पौधारोपण, सिविल अस्पताल में बांटे फल राजनीतिक हमले के साथ-साथ शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के तहत आयोजित कई सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अजीजुल्लापुर गांव के पास पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर नैनो वन के रूप में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद महिपाल ढांडा पानीपत के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से उनका हाल-चाल जाना और उन्हें फल व पौष्टिक आहार वितरित किए। कांग्रेस सत्ता के बिना रह नहीं पा रही है। जब जनता ने सेवा का मौका दिया था, तब भ्रष्टाचार किया। अब सत्ता जाने के बाद उनके नेता मर्यादाएं लांघ रहे हैं।
महराजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इन दिनों खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बदलते मौसम और लगातार बारिश के कारण बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल आने वालों में बच्चे, बुजुर्ग और सभी उम्र के लोग शामिल हैं। डॉक्टर रोमा गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने से सर्दी, खांसी और बुखार जैसी आम बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों को बारिश में भीगने से बचने, साफ पानी पीने और खानपान पर ध्यान देने को कहा। ठंडे पानी और खुले में बिकने वाले खाने से भी बचने की सलाह दी। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि बुखार, खांसी या जुकाम के संकेत दिखें तो लापरवाही न करें, समय पर डॉक्टर से सलाह लें। बिना सलाह के घर पर दवा लेने से बचें। साफ-सफाई रखें और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की गुजारिश की।
हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के ऊंचा गांव रसमई में कबड्डी खेलते समय घायल हुए 11 साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। निखिल पुत्र सियाराम 17 सितंबर को कबड्डी खेलते समय चोटिल हुआ था। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उसे आगरा ले गए, जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। निखिल 17 सितंबर को गांव में कबड्डी खेल रहा था। इसी दौरान उसे गंभीर चोट लग गई। चोट लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग उसे इलाज के लिए आगरा लेकर गए। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। देर रात निखिल ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। निखिल की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर ऊंचा गांव रसमई पहुंचे। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब बच्चे को लगी चोट और उसकी मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। बहनोई ने लगाया मारपीट का आरोप मृतक के बहनोई दीपक ने आरोप लगाया है कि कबड्डी खेलते समय कुछ लोगों ने निखिल के साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि इसी दौरान निखिल को गंभीर चोटें आईं और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, मारपीट के आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि खेल के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और निखिल को किस तरह चोट लगी। कक्षा 4 में पढ़ता था निखिल निखिल कक्षा चार का छात्र था। उसके पिता सियाराम खेती करते हैं। परिवार के लिए बच्चे की मौत से बड़ा दुख सामने आया है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के आरोप और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी की ओर से आयोजित होने वाली सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी और डीएलएड की परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत ये आदेश जारी किए हैं। जिले में बोर्ड परीक्षाएं 1 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होंगी। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। 200 मीटर के दायरे में पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार प्रत्येक परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न हो और केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। इस दायरे में आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, गंडासी, चाकू सहित अन्य हथियार लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। फोटोस्टेट और साइबर कैफे पर भी रहेगी पाबंदी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में आने वाली फोटोस्टेट/जेरॉक्स की दुकानों और साइबर कैफे को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रतिबंध 1 से 24 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को छूट आदेश में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा लाठी के इस्तेमाल तथा लंबे समय से चली आ रही परंपरा के तहत अधिकृत समुदायों द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार हथियार रखने पर भी छूट रहेगी। हालांकि, किसी व्यक्ति द्वारा हिंसा करने या कानून एवं सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने की स्थिति में यह छूट लागू नहीं मानी जाएगी। उल्लंघन पर धारा 223 के तहत कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि परीक्षा अवधि के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना है।
आंध्र प्रदेश के एक गरीब किसान परिवार के लिए बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे को भेजे गए 20 हजार रुपये बहुत बड़ी रकम थी। फोनपे के जरिये रुपये ट्रांसफर करते समय महज एक अंक गलत दर्ज होने से यह पूरी रकम उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक अनजान खाते में चली गई। जब पीड़ित परिवार ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय थाने में गुहार लगाई, तो पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए बैंक जाने को कह दिया। बैंक के चक्कर काटे तो अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए और ऐप प्रबंधन से बात करने की सलाह देकर लौटा दिया। हर तरफ से निराश हो चुके परिवार को तब उम्मीद की किरण दिखी जब उन्होंने खुद तकनीकी सुराग तलाशना शुरू किया। ट्रूकॉलर से मिला यूपी का सुराग, वेबसाइट से तलाशा अफसर का नंबरपीड़ित छात्र के चचेरे भाई सिद्धार्थ ने जब उस मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर पर जांचा, तो उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश की निकली। इसके बाद सिद्धार्थ ने यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट खंगालकर बरेली के सीओ नगर द्वितीय (डीएसपी) नितिन कुमार का सरकारी नंबर निकाला। उन्होंने आंध्र प्रदेश से सीधे सीओ को फोन मिलाया और रुंधे गले से अपनी परेशानी बताई कि कैसे उनके किसान चाचा ने बेटे के खर्च के लिए 20 हजार रुपये भेजे थे और वह गलत खाते में चले गए हैं। संबंधित व्यक्ति ने रकम मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया था। दो घंटे में मलूकपुर चौकी पुलिस ने खोज निकाला खाताधारकडीएसपी नितिन कुमार ने बिना किसी औपचारिकता में उलझाए मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और सर्विलांस व मलूकपुर चौकी पुलिस को सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर और तकनीकी ब्योरे के आधार पर संबंधित खाताधारक को तत्काल ट्रेस कर लिया। ट्रांजेक्शन के पुख्ता प्रमाण सामने रखकर जब पुलिस ने सख्ती से बात की, तो खाताधारक ने रकम मिलने की बात स्वीकार कर ली। फोन आने के महज दो घंटे के भीतर खाताधारक से पूरे 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार के खाते में वापस ट्रांसफर करा दिए गए। वीडियो संदेश भेजकर बोला छात्र- 'सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना चेहरा देखे की मदद'मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सिद्धार्थ ने भावुक होकर एक वीडियो संदेश जारी किया और यूपी पुलिस व डीएसपी नितिन कुमार का आभार जताया। वीडियो में सिद्धार्थ ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश से हैं और हिंदी भी ठीक से नहीं बोल पाते, बरेली के अफसर ने कभी उनका चेहरा तक नहीं देखा था, इसके बावजूद एक फोन पर दूसरे राज्य के गरीब किसान की पीड़ा को समझा और सिर्फ दो घंटे में रकम वापस दिला दी। उन्होंने खाकी के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे को दिल से सलाम किया है।
पवन साय बनाए गए नए संगठन महामंत्री, सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ पार्टी का यह बड़ा समीकरण
झारखंड की राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सियासी हलचल मचाने वाली खबर सामने आ रही है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठन में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बदलाव किया है। झारखंड बीजेपी के नए संगठन महामंत्री के रूप में अनुभवी और जमीनी पकड़ रखने वाले नेता पवन साय (Pawan Sai) को कमान सौंप दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने के लिए बीजेपी ने यह बहुत ही सोच-समझकर और रणनीतिक दांव चला है। पवन साय का झारखंड की स्थानीय राजनीति, आदिवासी समुदायों (Tribal Communities) और संगठन के भीतर गहरी पैठ होना जगजाहिर है। ऐसे में उन्हें संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपकर बीजेपी ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ एक मजबूत और धारदार 'आदिवासी कार्ड' खेल दिया है। राज्य में विपक्षी दलों की रणनीतियों का मुकाबला करने और पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिहाज से इस नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।झारखंड में पिछले कुछ समय से राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज चल रही है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हर मुद्दे पर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है। ऐसे में संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने, गुटबाजी को खत्म करने और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से पवन साय के कंधों पर आ गई है। संघ पृष्ठभूमि और लंबे समय से संगठन में निष्ठापूर्वक काम करने वाले पवन साय की कार्यशैली को काफी सख्त और परिणाम-उन्मुख माना जाता है। बीजेपी हाईकमान ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए पार्टी किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आइए विस्तार से जानते हैं कि पवन साय कौन हैं, बीजेपी के इस नए आदिवासी कार्ड के क्या सियासी मायने हैं और इससे झारखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ने वाला है।कौन हैं पवन साय और क्यों सौंपी गई है उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी?पवन साय झारखंड बीजेपी के जाने-माने और बेहद मंजे हुए संगठनात्मक नेता हैं, जिन्होंने इससे पहले भी राज्य में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद रखते हैं और उन्हें चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रेरित करने में माहिर माने जाते हैं। झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ के कारण पार्टी को हमेशा से जमीनी स्तर पर फायदा मिलता रहा है। जब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड में संगठन को पुनर्जीवित करने और एक नई दिशा देने का फैसला किया, तो तमाम विकल्पों में से पवन साय के नाम पर सबसे मुहर लगी। उनकी नियुक्ति से न केवल पार्टी का वैचारिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि आने वाले दिनों में हर मोर्चे पर सरकार को घेरने की रणनीति भी अधिक आक्रामक हो सकेगी।हेमंत सोरेन के खिलाफ बीजेपी का 'आदिवासी कार्ड' और इसके गहरे सियासी मायनेझारखंड की राजनीति में आदिवासियों का वोट बैंक हमेशा से किंगमेकर की भूमिका निभाता रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी जेएमएम राज्य के मूलवासियों और आदिवासियों के मुद्दों को लेकर अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार करती रही है। ऐसे में बीजेपी द्वारा पवन साय को संगठन की इतनी बड़ी कमान सौंपना इस बात का साफ संकेत है कि पार्टी अब आदिवासी नेतृत्व को और अधिक प्रमुखता के साथ आगे बढ़ाना चाहती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों और उनके वोट बैंक में सेंध लगाने का एक सधा हुआ राजनीतिक प्लान है। पवन साय के नेतृत्व में बीजेपी अब आदिवासी बस्तियों और क्षेत्रों में जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी और जनता के बीच अपनी पैठ को और अधिक मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में इस नए समीकरण के बेहद दूरगामी और रोचक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का झारखंड में तांडव: लगातार 96 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश
झारखंड राज्य इन दिनों प्रकृति के बेहद आक्रामक और विकराल रूप का सामना कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान 'अर्णब' (Cyclone Arnab) और गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले 96 घंटों यानी चार दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आसमान से बरस रही इस आफत ने पूरे झारखंड का जनजीवन पूरी तरह से थाम कर रख दिया है। राजधानी रांची से लेकर जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और पलामू तक हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार चार दिनों से हो रही इस झमाझम बारिश के चलते राज्य के कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और कई जगहों पर सड़कों का संपर्क टूट जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रणाली (Power Supply System) पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ट्रांसफार्मर जलने और कई घंटों तक बिजली गुल रहने से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है।चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से उत्पन्न इस आपदा ने प्रशासन और आम नागरिकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों से पेड़ उखड़ने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और जलभराव की वजह से ट्रैफिक जाम की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार बरस रहे बादलों के कारण राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है। किसानों की धान और अन्य खरीफ फसलें जो पककर तैयार थीं, इस भयंकर बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का अंदेशा सता रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का झारखंड में कितना व्यापक असर देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग के अनुसार राज्य के लोगों को इस मुसीबत से कब तक राहत मिलने की उम्मीद है।चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के कारण झारखंड के विभिन्न जिलों का बुरा हालपिछले 96 घंटों से लगातार जारी इस मूसलाधार बारिश के चलते झारखंड के प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे इस चक्रवाती सिस्टम ने झारखंड के आसमान पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है, जिसके चलते रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी है। रांची में कई जगहों पर सड़कों पर नदियां जैसा नजारा देखने को मिल रहा है और लोगों के घरों तथा बेसमेंट में पानी घुस गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। बिजली विभाग के कर्मचारी युद्धस्तर पर फॉल्ट सुधारने में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बिजली बहाल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।कब थमेगा बारिश का यह दौर और कब मिलेगी राहत?झारखंड के आम नागरिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार इस मूसलाधार बारिश और चक्रवाती संकट से उन्हें कब छुटकारा मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने राहत भरी खबर देते हुए बताया है कि चक्रवाती तूफान 'अर्णब' अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और इसका असर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो जाएगी और मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन ने अभी भी एहतियात के तौर पर लोगों से उफनती नदियों और कमजोर इमारतों के पास न जाने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
मुजफ्फरनगर में जाट महासभा उत्तर प्रदेश की ओर से मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं अलंकरण समारोह का आयोजन 27 सितंबर यानी कल किया जाएगा। कार्यक्रम परिक्रमा मार्ग पर श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज में होगा। समारोह की अध्यक्षता बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शनिवार सुबह करीब 10 बजे जिला अध्यक्ष धर्मवीर बालियान के आवास पर बैठक हुई। अध्यक्षता धर्मवीर बालियान ने की, जबकि संचालन जयवीर सिंह ने किया। बैठक में समारोह को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में अतिथियों के स्वागत, मेधावी छात्र-छात्राओं के पंजीकरण, मंच व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। आयोजन में CMO डॉ. सुनील तेवतिया और जैस्मिन फौजदार मुख्य अतिथि होंगे। डॉ. राम मोहन, श्री राम तोमर, सुभाष चंद्र, भारत बालियान, राम सिंह कुल्हारी, अमित कुमार और सचिन राणा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। डॉ. अनीता चौधरी और डॉ. लोकेंद्र बालियान आयोजन में सहयोग करेंगे। जाट महासभा के प्रेस प्रवक्ता बिट्टू सिखेड़ा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे होगा। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं से समय पर पहुंचकर पंजीकरण कराने की अपील की है। बैठक में यशपाल सिंह, विराज तोमर, राकेश बालियान, अनुज भौराकला, राहुल पवार, विनीत बालियान, प्रदीप सिंह और रमेश बालियान सहित महासभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाजवादी नेता रामगोविन्द चौधरी के निधन के बाद शनिवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। अखिलेश यादव ने रामगोविन्द चौधरी के बेटे रंजीत यादव और परिवार के दूसरे सदस्यों को सांत्वना भी दी। इस दौरान यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी उस दौर के नेता थे, जब समाजवादी अपनी पहचान बना रहे थे। उन्होंने समाजवाद के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। अखिलेश ने कहा कि उनके जाने से समाजवादी आंदोलन और पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है। वह जेपी आंदोलन, प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेताओं के साथ काम कर चुके थे। सदन में भी वे अपनी बात प्रभावी ढंग से रखते थे। बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का निधन शुक्रवार की रात लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। वह 82 वर्ष के थे। पिछले करीब दो वर्षों से वह हृदय रोग की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।आठ बार के विधायक तथा तीन बार मंत्री रहे राम गोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार को दोपहर बाद बलिया पहुंचने की संभावना है।पूर्व नेता प्रतिपक्ष का अंतिम संस्कार बलिया में होगा। लखनऊ से बलिया आने के बाद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता का पार्थिव शरीर जनता दर्शन के लिए रखा जायेगा।बता दें कि राम गोविन्द चौधरी के निधन की खबर मिलते ही बलिया समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संवेदना व्यक्त की। राम गोविंद चौधरी का जन्म सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गोसाईपुर गांव में 9 जुलाई 1946 को हुआ था। रामगोविन्द चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह बलिया शहर के टीडी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार चिलकहर विधानसभा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वह चिलकहर विधानसभा से पांच बार विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह विधानसभा से विजय हासिल कर तीन बार विधायक बने। रामगोविन्द चौधरी तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री तथा एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रहें। रामगोविन्द चौधरी 1990 में उद्यान प्रसंस्करण मंत्री रहें। दूसरी बार वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव के मंत्रीमंडल में बाल विकास पुष्टाहार मंत्री बने। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में रामगोविन्द चौधरी वर्ष 2012 से 2017 तक बेसिक शिक्षा व बाल विकास पुष्टाहार मंत्री पद पर भी कार्य किया। रामगोविन्द चौधरी वर्ष 2017 से 2022 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद पर विराजमान रहें।
सागर में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाले युवा संगम कार्यक्रम के दिन और स्थान में बदलाव किया गया है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला कार्यक्रम अब 29 सितंबर को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय महाविद्यालय, मकरोनिया बुजुर्ग में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। पहले यह कार्यक्रम 28 सितंबर को संभागीय आईटीआई सागर में होना था। रोजगार और अप्रेन्टिसशिप मेले में होगा चयन युवा संगम में रोजगार मेला और अप्रेन्टिसशिप मेला भी लगाया जाएगा। इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे उपस्थित आवेदकों का साक्षात्कार लेकर विभिन्न पदों के लिए चयन करेंगे। स्वरोजगार योजनाओं की मिलेगी जानकारी कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पात्र युवाओं को योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया जाएगा। ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी रोजगार मेले में साक्षात्कार के लिए आने वाले आवेदकों को रोजगार कार्यालय का पंजीयन, समग्र आईडी, दो पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची व प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
पलवल पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के लिए अब डॉग स्क्वॉड को मैदान में उतारा है। एसपी डॉ. दीप्ति गर्ग के निर्देश पर शनिवार को उटावड़ थाना क्षेत्र में स्नीफर डॉग डेनी के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने व्यस्त बाजारों, दुकानों, मेडिकल स्टोरों और प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध वाहनों व जगहों की तलाशी ली। उटावड़ थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की डिग्गी, सीटों और अंदरूनी हिस्सों की डेनी के जरिए जांच कराई गई। एसपी बोलीं- आगे भी जारी रहेगा अभियान इसका मकसद अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर रोक लगाना था। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एसपी डॉ. दीप्ति गर्ग ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों पर रोक और आमजन में सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने लोगों से आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना देने की अपील की है। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर परिवार के लोगों को बंधक बना लिया और करीब एक करोड़ रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। वारदात शुक्रवार रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद धौज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए घर में रखी थी रकम जानकारी के अनुसार फतेहपुर तगा निवासी अब्दुल करीम प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। वह पूर्व सरपंच असरद के भाई बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि उन्हें शनिवार को जमीन की कुछ रजिस्ट्रियां करानी थीं। इसके लिए उन्होंने घर में बड़ी रकम रखी हुई थी। यह रकम उनके द्वारा बेची गई जमीन से प्राप्त हुई थी। इसी नकदी को बदमाशों ने निशाना बनाया। रात ढाई बजे घर में घुसे बदमाश पुलिस सूत्रों के मुताबिक रात करीब ढाई बजे करीब पांच हथियारबंद बदमाश घर में दाखिल हुए। बदमाशों ने अब्दुल करीम को हथियारों के बल पर अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें बंधक बनाकर रखा। इसके बाद घर में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद परिवार के लोगों ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लूट की सूचना प्रारंभिक जानकारी में घर से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी लूटे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक लूटी गई रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घर में इतनी बड़ी रकम कब और किस तरह लाई गई थी। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य वारदात की सूचना मिलते ही धौज थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घर से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के आने-जाने के रास्ते और उनकी पहचान के बारे में सुराग मिल सके। पुलिस कई एंगल से कर रही जांच धौज थाना प्रभारी अनिल कुमार कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बदमाशों की संख्या, उनके पास मौजूद हथियार और वारदात के तरीके को लेकर परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि बदमाशों को घर में इतनी बड़ी रकम रखे होने की जानकारी कैसे मिली। फिलहाल पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
मैहर, अमरपाटन समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शनिवार सुबह तक अमरपाटन में 2.79 इंच, मैहर में 2.29 इंच और रामनगर में 1.27 इंच बारिश दर्ज हुई। तीनों क्षेत्रों में शनिवार सुबह तक औसत बारिश 2.11 इंच रही। भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जगह जलभराव की स्थिति है। पुलघटा पुल और हरनामपुर स्थित तालाब समेत कई इलाकों में पानी भरा है। जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील प्रशासन ने लोगों को सावधान करने के लिए जगह-जगह बोर्ड लगाए हैं। लोगों से तालाबों के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं। इससे कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। मानसून सीजन में रामनगर में सबसे अधिक बारिश 1 जून से 26 सितंबर तक अमरपाटन में 43.18 इंच, मैहर में 36.38 इंच और रामनगर में 58.38 इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक जिले की औसत बारिश 45.96 इंच रही। इसमें रामनगर में सबसे ज्यादा 58.38 इंच बारिश दर्ज हुई है।
राज्यपाल रामेन डेका 28 सितंबर को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण करेंगे। छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CBPS) ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से यह केंद्र तैयार किया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहेंगे। दो एकड़ क्षेत्र में विकसित इस केंद्र में जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां हाईटेक प्रयोगशालाएं, BSL-3 सुविधा, एनालिटिकल और टेस्टिंग सुविधाएं, किट एवं तकनीक विकास इकाइयां, वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम और को-वर्किंग व इनक्यूबेशन स्पेस बनाए गए हैं। स्टार्टअप को तकनीक बदलने में मिलेगी मदद केंद्र का उद्देश्य ‘लैब से टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी से उद्यम’ की दिशा में काम करना है। एग्री-बायोटेक्नोलॉजी, बायोफर्टिलाइजर, बायोकंट्रोल एजेंट्स, हेल्थ एवं डायग्नोस्टिक्स, फूड और पर्यावरणीय जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़े स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को लैब सुविधा, प्रशिक्षण, मेंटरिंग, परीक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा। केंद्र युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, नए स्नातकों और उभरते उद्यमियों को बायोटेक्नोलॉजी आधारित विचारों पर काम करने का अवसर देगा। यहां वे अपने आइडिया को उत्पाद, तकनीक और उद्यम में बदलने के लिए जरूरी सुविधाएं और मार्गदर्शन ले सकेंगे। 28 से 30 सितंबर तक यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव कृषि मंडपम, रायपुर में 28 से 30 सितंबर तक छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026 होगा। इसमें देशभर से 1000 से अधिक उद्यमी, नवाचारकर्ता, शोधकर्ता, विद्यार्थी, निवेशक और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्र, स्टार्टअप पिचिंग और नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
झालावाड़ में रजिस्टर्ड सीरते मुस्तफा मददगार सोसायटी 11 अक्टूबर को 27 जोड़ों का दूसरा निशुल्क इज्तिमाई शादी सम्मेलन आयोजित करेगी। यह सम्मेलन ईदगाह मैदान में होगा। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सोसायटी के चीफ सदर हाजी अब्दुल हुसैन, सम्मेलन सदर मकसूद खान और इंतजामिया सदर हाजी अब्दुल बशीर खान ने बताया कि 20 सितंबर तक 27 जोड़ों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए 20 कमेटियां बनाई गई हैं, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसमें झालावाड़, झालरापाटन, कोटा, बारां, सुकेत, रामगंजमंडी, भवानीमंडी और मध्यप्रदेश से जोड़े शामिल होंगे। हर जोड़े की तरफ से 50-50 मेहमान आएंगे। मेहमानों की सुविधा के लिए अलग कमेटियां बनी हैं। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
जशपुरनगर जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग की जांच के मुताबिक, जंगल और खेत की सीमा पर वन्यजीवों के शिकार के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक बिजली का तार बिछाया गया था। इसी तार की चपेट में आने से हाथी की मौत होने की आशंका है। मामले में वन विभाग ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि 5 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। 24 सितंबर को जंगल में मिला था हाथी का शव हाथी का शव 24 सितंबर की सुबह ढोढ़ीआरा गांव के नोनपानी जंगल में मिला था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जंगल और खेत की सीमा पर करीब 1.5 किलोमीटर तक करंट वाले तार बिछाए गए थे। वन विभाग के अनुसार, यह तार जंगली सूअर या अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए बिछाया गया होने की आशंका है। इसी के संपर्क में आने से हाथी की मौत होने की बात सामने आई है। तीन घरों की तलाशी में तार और शिकार सामग्री मिली जांच के दौरान संदिग्ध लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने ढोढ़ीआरा गांव में तीन मकानों की विधिवत तलाशी ली। इस दौरान बिजली का करंट लगाने में इस्तेमाल होने वाले तार और अन्य सामग्री बरामद हुई। एक मकान से मोर के पंख और वन्यजीवों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला फंदा भी मिला। वन विभाग ने सभी बरामद सामग्री को जब्त कर सीलबंद किया है। निशानदेही पर जंगल से भी बरामद किया तार वन विभाग के मुताबिक, पोनहारी गांव के सलिंदर और रूपेश से पूछताछ में मिली जानकारी और उनकी निशानदेही पर जंगल के भीतर करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास छिपाकर रखा गया विद्युत तार भी बरामद किया गया। तार बिछाए जाने के मार्ग, घटनास्थल और बरामदगी की प्रक्रिया की फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि जांच के दौरान सभी साक्ष्यों का विधिवत दस्तावेजीकरण हो सके। 11 लोगों के समूह के शामिल होने की जानकारी वन विभाग के अनुसार पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि करीब 11 लोगों का समूह वन्यजीवों के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाने में शामिल था। आरोप है कि हाथी की मौत के बाद तार को घटनास्थल से हटाकर कुछ सामग्री एक घर में और कुछ सामान जंगल में छिपा दिया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों और बरामद साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने आरोपितों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की। 18 घंटे में 6 गिरफ्तारी, 5 की तलाश वन विभाग के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के करीब 18 घंटे के भीतर संदिग्ध आरोपितों की पतासाजी, गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब तक छह आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपितों में समीर टोप्पो निवासी धुरीअंबा, अगसतुस एक्का निवासी कोहड़ाफारी, रूपेश एक्का निवासी धुरीअंबा, दिनेश राम निवासी ढोढ़ीआरा, सलिंद्र राम निवासी कोहड़ाफारी और तरसियुस राम निवासी कोहड़ाफारी शामिल हैं। पांच अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। 25 सितंबर को कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई गिरफ्तार आरोपितों का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद 25 सितंबर की शाम उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरगुजा से पहुंचे पशु चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम मृत नर हाथी का निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया गया। सरगुजा से आए पशु चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं। हाथी की मौत के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच और संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीव और छत्तीसगढ़ शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार मृत हाथी को विधिवत दफना दिया गया। पुराने वन्यजीव अपराधों की भी होगी जांच वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है। गिरफ्तार आरोपितों के पूर्व में संभावित वन्यजीव अपराधों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है। साथ ही विद्युत विभाग से तकनीकी परीक्षण और बिजली आपूर्ति से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी लिए जा रहे हैं। जशपुर DFO शशि कुमार ने बताया कि ढोढ़ीआरा के नोनपानी जंगल में करंट लगने से हाथी की मौत हुई थी। मामले में शामिल 11 लोगों में से छह आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं और पांच अन्य की तलाश जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विभाग की चेतावनी, जानिए कहीं आपके जिले में तो नहीं होगी झमाझम बरसात
उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल गया है और मानसून की विदाई से ठीक पहले बादलों ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अपना आक्रामक रुख दिखाना शुरू कर दिया है। आंचलिक विज्ञान केंद्र और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा चेतावनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आगामी 27 सितंबर तक मूसलाधार बारिश (Heavy Rainfall), तेज हवाओं और कई जगहों पर आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का हाई अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से उमसभरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता को इस झमाझम बारिश से भले ही गर्मी से राहत मिली हो, लेकिन लगातार हो रही इस मानसूनी गतिविधि ने किसानों और आम नागरिकों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में बादलों का डेरा जमा हुआ है, जिसके चलते लगातार बारिश का यह दौर अभी अगले एक-दो दिनों तक पूरी तीव्रता के साथ जारी रहने की पूरी संभावना है।राज्य की राजधानी लखनऊ समेत कई अन्य जिलों में पिछले चौबीस घंटों से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे मौसम सुहाना हो गया है लेकिन सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से तराई वाले इलाकों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासनों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है क्योंकि धान की फसलें इस वक्त पकने की कगार पर हैं या खेतों में खड़ी हैं, और तेज हवा के साथ होने वाली बारिश से फसलों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार किन-किन जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलने वाला है।यूपी के किन जिलों में जारी किया गया है भारी बारिश का अलर्ट?मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 सितंबर तक चलने वाले इस खराब मौसम के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन प्रमुख जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है उनमें गोरखपुर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, संत कबीर नगर, बस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों जैसे बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और मुरादाबाद में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम लोगों को सलाह दी है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें।वज्रपात (आकाशीय बिजली) से बचाव के लिए प्रशासन की विशेष एडवाइजरीमानसून के इस आखिरी चरण में बादलों की गरज और चमक के साथ गिरने वाली आकाशीय बिजली (Thunderstorms) सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों से आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों के हताहत होने की दुखद खबरें भी सामने आई हैं। इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें किसानों, पशुपालकों और खुले में काम करने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम खराब होने पर तुरंत किसी पक्के आश्रय में चले जाएं। अपने स्मार्टफोन पर मौसम की सटीक जानकारी देने वाले एप्स (जैसे मौसम या दामिनी ऐप) का उपयोग करके समय रहते सतर्क रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
नर्मदापुरम में माखननगर रोड स्थित वरदान गार्डन के पास शुक्रवार रात सैलून संचालक पर तीन लोगों ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले उनकी बाइक में लात मारकर उन्हें सड़क पर गिराया और इसके बाद चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में सैलून संचालक के पेट और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, हमले की वजह सैलून के कारोबार को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा सामने आई है। घायल सतीश उर्फ गब्बर सराठे ने हमलावरों में विकास सराठे का नाम बताया है। पुलिस ने आरोपी विकास सराठे और उसके दो साथियों की तलाश शुरू कर दी है। कर्मचारी को छोड़कर लौट रहे थे सैलून संचालकपुलिस के मुताबिक, सतीश उर्फ गब्बर सराठे की मीनाक्षी चौक पर सैलून की दुकान है। इसी क्षेत्र में आरोपी विकास सराठे की भी सैलून की दुकान है। दोनों के बीच कारोबार को लेकर प्रतिस्पर्धा बताई जा रही है। शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे सतीश अपने एक कर्मचारी को छोड़ने माखननगर रोड स्थित वरदान गार्डन के सामने गए थे। कर्मचारी को छोड़ने के बाद वे बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए तीन लोगों ने उनकी बाइक में लात मार दी। सड़क पर गिरते ही चाकुओं से किया हमलाबाइक का संतुलन बिगड़ने से सतीश सड़क पर गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में उनके पेट और कमर में गहरे घाव आए हैं। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। घायल सतीश ने हमलावरों में विकास सराठे का नाम पुलिस को बताया है। पुलिस बोली- प्रतिस्पर्धा को लेकर हुआ हमलाटीआई गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि घायल सतीश सराठे और आरोपी विकास सराठे की मीनाक्षी चौक पर अलग-अलग सैलून दुकानें हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच कारोबार को लेकर प्रतिस्पर्धा की बात सामने आई है। टीआई ने बताया कि हमले में विकास सराठे और उसके साथियों के नाम सामने आए हैं। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।
अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, बकाया किश्तों पर ब्याज में भी भारी छूट
उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपना खुद का छोटा मकान या प्लॉट बनाने का सपना देखने वाले लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे भूखंडों (Small Plots) के आवंटन, रजिस्ट्री, नक्शा पास कराने या बकाया किश्तों के भुगतान को लेकर आम लोगों को महीनों और सालों तक सरकारी विभागों, विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) और आवास विकास परिषदों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। आम जनता की इन परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक क्रांतिकारी और जनहितैषी फैसला लिया है, जिसके तहत अब छोटे प्लॉट धारकों को दफ्तरों के चक्कर काटने से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से आसान व पारदर्शी बना दी गई हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने कोविड काल या अन्य कारणों से अटकी हुई बकाया किश्तों पर लगने वाले भारी-भरकम ब्याज और पेनल्टी में भी भारी छूट देने का बड़ा ऐलान किया है, जिससे राज्य के लाखों छोटे प्लॉट मालिकों को करोड़ों रुपये की सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हाउसिंग डिपार्टमेंट और आवास विकास परिषद द्वारा लाई गई इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को घर के कागजात और मालिकाना हक पाने में आने वाली अड़चनों को दूर करना है। अक्सर छोटे प्लॉट खरीदने वाले लोग जब किश्तों का भुगतान समय पर नहीं कर पाते थे, तो उन पर कंपाउंड इंटरेस्ट (Compound Interest) और भारी पेनल्टी लग जाती थी, जिससे मूल रकम से ज्यादा ब्याज का बोझ उनके सिर पर आ जाता था। इस नई वन-टाइम सेटलमेंट (One-Time Settlement) और ब्याज माफी योजना के तहत अब लोग बेहद आसानी से अपने प्लॉट का पूरा भुगतान करके उसकी रजिस्ट्री अपने नाम करा सकेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस नए फैसले से आम जनता को क्या-क्या बड़े फायदे मिलने वाले हैं और इसके लिए क्या प्रक्रिया तय की गई है।ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से खत्म हुए सरकारी दफ्तरों के चक्करउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद अब एलडीए (LDA), यूपी आवास विकास परिषद और अन्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन (Online Portal) कर दी गई हैं। अब छोटे प्लॉट धारकों को अपनी बकाया किश्तों की जानकारी लेने, बिल जमा करने या नाम ट्रांसफर (Mutation) कराने के लिए बाबुओं और दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे पोर्टल के जरिए ही सारी प्रक्रियाएं कुछ ही क्लिक में पूरी हो जाएंगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी विकास प्राधिकरणों में छोटे प्लॉट धारकों की शिकायतों के निपटारे के लिए एक विशेष सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) बनाया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।ब्याज और पेनल्टी में छूट का लाभ कैसे उठाएं?बकाया किश्तों पर मिलने वाली इस विशेष छूट के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लोग एकमुश्त भुगतान (Lump sum payment) करेंगे, उनके ब्याज का बड़ा हिस्सा माफ कर दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए आवंटी सीधे अपने संबंधित विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी शिविरों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से उत्तर प्रदेश के घर खरीदारों और छोटे निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और इसे आगामी चुनावों से पहले सरकार का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
श्रावस्ती में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए जनपद के आपदा विशेषज्ञ एवं रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अरुण कुमार मिश्र को लगातार दूसरी बार उत्कृष्ट सेवा सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया। शनिवार सुबह 11:00 बजे विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में रेडक्रास के महासचिव रामानंद कटियार ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। रेडक्रास सचिव के रूप में अरुण कुमार मिश्र ने जिले में आपदा पीड़ितों की सहायता के साथ बाढ़, हीटवेव सहित विभिन्न आपदाओं के दौरान राहत एवं जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें रेडक्रास की आपदा प्रबंधन समिति का अध्यक्ष भी बनाया जा चुका है। उन्होंने रेडक्रास का पुनर्गठन कर बाढ़ पीड़ितों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सहायता, कंबल वितरण, हीटवेव के दौरान प्याऊ, ओआरएस वितरण, रक्तदान एवं मेडिकल कैंप जैसे कई जनसेवा कार्यक्रमों में योगदान दिया। गौशालाओं में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन में भी उनकी भूमिका रही है। उत्तराखंड के सिल्क्यारा टनल हादसे के दौरान राहत कार्य में योगदान के लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा राहत आयुक्त और जिलाधिकारी स्तर से भी उन्हें विभिन्न अवसरों पर सम्मान मिला है। सम्मान मिलने पर अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसे पुरस्कार बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने भविष्य में भी पूरी मेहनत और लगन के साथ आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा के क्षेत्र में योगदान जारी रखने की बात कही।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम सम्राट चौधरी दानापुर स्कूल की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में शामिल, छात्र ने पेश किया विकसित भारत का विजन।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बीजेपी ने तैयार किया मास्टर ब्लूप्रिंट
उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों से एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी दलों के राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है। साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी से ही अपनी चुनावी रणनीति का एक बेहद सख्त और अचूक ब्लूप्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है। विश्वसनीय सूत्रों और पार्टी के अंदरूनी गलियारों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, बीजेपी इस बार के चुनाव में टिकट वितरण को लेकर पूरी तरह से नो-मर्सी (No Mercy) और परफॉर्मेंस-बेस्ड नीति अपनाने जा रही है। पार्टी हाईकमान और संगठन द्वारा विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से लगातार कराए जा रहे ग्राउंड सर्वे (Ground Surveys) और परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स के आधार पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार के चुनाव में पार्टी अपने मौजूदा लगभग आधे विधायकों (Sitting MLAs) के टिकट काट सकती है। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) को मात देना, खराब प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों की छुट्टी करना और नए, ऊर्जावान तथा जनता के बीच लोकप्रिय चेहरों को मैदान में उतारना है ताकि राज्य में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई जा सके।उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी का यह कदम ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा चुनाव से इतने पहले इस तरह की कठोर आंतरिक समीक्षा और फिल्टरिंग प्रक्रिया शुरू करना पार्टी के अंदर बड़े बदलाव का संकेत देता है। पिछले कुछ महीनों से राज्य के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लगातार गोपनीय सर्वे करवाए जा रहे हैं, जिसमें विधायकों की सक्रियता, जनता के बीच उनकी छवि, विकास कार्यों की स्थिति और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इन रिपोर्ट्स में कई विधायकों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक पाया गया है, जिसके बाद से पार्टी ने यह कड़ा रुख अख्तियार किया है। जैसे-जैसे 2027 का चुनावी रण नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे विधायकों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं और पार्टी कार्यालयों से लेकर स्थानीय स्तर तक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बीजेपी के इस नए चुनावी ब्लूप्रिंट की मुख्य बातें क्या हैं और इससे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ने वाला है।क्या है बीजेपी का नया चुनावी ब्लूप्रिंट और परफॉर्मेंस क्राइटेरिया?बीजेपी के इस नए मास्टर ब्लूप्रिंट के तहत पार्टी किसी भी उम्मीदवार को केवल इसलिए टिकट नहीं देगी कि वह पहले से विधायक या पार्टी का पुराना पदाधिकारी है। इस बार टिकट का एकमात्र आधार 'काम बोलता है' वाला फॉर्मूला होगा, जिसमें जनता का फीडबैक सबसे ऊपर रखा गया है। ब्लूप्रिंट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:ग्राउंड सर्वे रिपोर्ट: हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम तीन अलग-अलग माध्यमों से विधायकों के कामकाज का आकलन कराया जा रहा है, और जिन विधायकों का रिपोर्ट कार्ड खराब है, उनका पत्ता काटना तय माना जा रहा है।जनता से सीधा संवाद और लोकप्रियता: क्षेत्र की जनता के बीच विधायक की स्वीकार्यता कितनी है और क्या वे जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़े रहे हैं, इस बात को प्राथमिकता दी जा रही है।परिवारवाद और सिफारिशों पर रोक: इस बार पार्टी ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत सिफारिश या पारिवारिक दबाव के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा, केवल जिताऊ और जुझारू उम्मीदवार को ही मौका मिलेगा।विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और राजनीतिक विश्लेषकों का आकलनबीजेपी के इस आंतरिक मंथन और संभावित टिकट कटने की खबरों के सामने आने के बाद से राज्य के विपक्षी दल भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस जैसी पार्टियां इस स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं और उनका मानना है कि मौजूदा विधायकों के प्रति जनता में जो नाराजगी है, बीजेपी उसे छिपाने के लिए ऐसे पैंतरे अपना रही है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि राजनीति के जानकारों के बीच बीजेपी की यह रणनीति बेहद मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है, क्योंकि एंटी-इम्कबेंसी को समय रहते खत्म करने का यह सबसे कारगर तरीका होता है। जब पार्टी खुद अपने खराब काम करने वाले नेताओं की छंटनी कर देती है, तो जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाता है कि पार्टी सुधार के लिए पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें पास आएंगी, उत्तर प्रदेश की राजनीति में टिकट के इस घमासान और नए चेहरों की सुगबुगाहट का पारा और अधिक चढ़ने की पूरी उम्मीद है।
समस्तीपुर जिले में एक बाक फिर लड़की से बदसलूकी का मामला सामने आया है है। चार दिनों के अंदर ऐसा तीसरा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवती के साथ कुछ युवक मारपीट और बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस की साइबर और डीआईयू टीम वीडियो की जांच करते हुए घटनास्थल और उसमें नजर आ रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से वीडियो के स्थान और घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो जिस युवक की आईडी से वायरल हुआ है, वह बेगूसराय के बखरी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। बखरी क्षेत्र खगड़िया और समस्तीपुर के विभूतिपुर-विथान थाना क्षेत्रों के आसपास पड़ता है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि वीडियो इन सीमावर्ती इलाकों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने तक पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मौके से आई 2 तस्वीरें… अब जानिए वीडियो में क्या है? वायरल वीडियो में एक युवती कुछ युवकों के सामने हाथ जोड़कर उसे छोड़ देने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। लगातार मिन्नत करने के बावजूद युवक उसकी बात नहीं मानते और उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। हालांकि, वीडियो कब का है, कहां का है और इसमें नजर आ रहे युवक कौन है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। डीएसपी स्तर के एक पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम वीडियो की जांच कर रही है। सबसे पहले यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कहां का है। घटनास्थल की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। चार दिनों में सामने आए तीन वीडियो बता दें, पिछले चार दिनों में समस्तीपुर जिले में लड़कियों के साथ बदसलूकी से जुड़े तीन वीडियो सामने आ चुके हैं। पहला वीडियो कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से वायरल हुआ था। यह वीडियो बूढ़ी गंडक नदी के बाईपास बांध का बताया गया था। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से एक दूसरा वीडियो सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो करीब डेढ़ वर्ष पुराना बताया जा रहा है। अब नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस फिर सक्रिय हो गई है। पुलिस वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ युवती और युवकों की पहचान करने में जुटी है। वीडियो की वास्तविकता और घटनास्थल की पुष्टि के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हटही गांव के रहने वाले पिता प्रमोद कुमार गौतम की पिटाई से बीते गुरुवार रात 9 बजे 6 साल की बेटी महक की मौत हो गई थी। कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने महक का कल शुक्रवार को देर शाम पोस्टमार्टम कराया है। जहां आज शनिवार सुबह 11:00 बजे पीएम रिपोर्ट सामने आई है पीएम रिपोर्ट में 6 वर्षीय महक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। मौत का कारण जानने के लिए भी बिसरा प्रिजर्व करके जांच के लिए भेजा गया है अब दूसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। आरोप था कि प्रमोद कुमार गौतम चिकन बनाने के लिए मुर्गा लेकर आए थे। अपनी पत्नी लक्ष्मी बनाने के लिए दिया। पत्नी ने बनाने से मना किया। पत्नी की पिटाई कर दी। जब माता-पिता बचाने आए तो माता-पिता की पिटाई कर दी। इस दौरान जब पत्नी लक्ष्मी भाग कर छिप गई तो गुस्से में आकर अपनी 6 साल की बेटी महक की भी पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मृतक महक की दादी रामादेवी ने अपने बेटे प्रमोद कुमार गौतम पर डंडे से पिटाई करके हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस को इन्होंने बताया है कि गुरुवार को मेरा बेटा प्रमोद चिकन बनाने के लिए मुर्गा लेकर आया था उसकी पत्नी ने बनाने से मना किया। पहले पत्नी के साथ मारपीट किया फिर हम लोगों ने जब मना किया तो हम लोगों के साथ मारपीट किया। फिर अपनी बेटी में को भी डंडे से मार दिया जिससे उसकी मौत हो गई हम चाहते हैं पुलिस पूरे मामले में कठोर कार्रवाई करें। कर्नलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। सभी बिंदुओं पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस द्वारा पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है मृतक महक का आज शनिवार को सुबह परिजनों द्वारा रीति रिवाज से अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।
उन्नाव में रबी बीज वितरण की तैयारी:लॉटरी से किसानों का चयन, 50% अनुदान भी मिलेगा
उन्नाव रबी फसलों की बुवाई के लिए बीज प्राप्त करने वाले किसानों को इस बार ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसानों को बीज का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद लॉटरी सिस्टम से किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को बीज पर 50 फीसदी अनुदान का लाभ मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी शशांक ने शनिवार को बताया कि रबी 2026-27 सीजन के लिए बीज की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। किसान कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों की सुविधा के लिए विकासखंड स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार पर भी नि:शुल्क ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई है। फार्मर आईडी धारक किसानों को ही दिया किसान बीज भंडार पर पहुंचकर कर्मचारियों की मदद से अपना आवेदन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ केवल किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी धारक किसानों को ही दिया जाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद पात्र किसानों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। चयनित किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत 50 फीसदी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग ने साफ किया है कि बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसी भी किसान को ऑफलाइन माध्यम से बीज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। बीज भंडार की सहायता लेने की अपील ऐसे में किसान अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते ऑनलाइन बुकिंग करा लें। विभाग ने किसानों से किसी व्यक्ति या बिचौलिए के माध्यम से आवेदन कराने के बजाय स्वयं पोर्टल पर आवेदन करने अथवा राजकीय कृषि बीज भंडार की सहायता लेने की अपील की है। वहीं, मिनी किट बीज पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। मिनी किट के लिए किसानों को बीज की कीमत नहीं देनी होगी। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की इसका वितरण विभाग की निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के अनुसार किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि रबी सीजन की तैयारियों के तहत बीज की आवश्यकता के अनुसार जल्द ऑनलाइन बुकिंग कराएं। इससे आवेदन प्रक्रिया समय से पूरी हो सकेगी और चयन के बाद पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
बृजभूषण शरण सिंह की बरी के खिलाफ चार महिला पहलवानों की अपील पर 26 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी। जानें मामले की पूरी कहानी।
बैतूल के मांडई खुर्द गांव में शुक्रवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाब में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी। इसके साथ ही पुलिस को भी सूचना दी गई। खबर मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। डेढ़ घंटे बाद निकला शव, मजदूरी करते थे शंकर करीब डेढ़ घंटे की खोजबीन के बाद टीम ने शव को तालाब से बाहर निकाला। मृतक की पहचान मांडई खुर्द निवासी शंकर दयाल सिंगर (41) के रूप में हुई। शंकर पेशे से मजदूरी करते थे और उनके दो बेटे हैं। गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा, जांच जारी शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शंकर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए तालाब में उतरे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
बठिंडा में दुकानों की छतों पर लगे AC के आउटडोर यूनिट से कॉपर पाइप चोरी करने वाले गिरोह का थाना कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 मामलों की जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सैडी पाल उर्फ संनी, जतिंदर कुमार, बलवीर उर्फ बिल्ला, सुरेश कुमार और राम सिवार्थ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 2 किलो 213 ग्राम कॉपर पाइप और एक साइकिल रेहड़ी बरामद की है। थाना कोतवाली के इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह के अनुसार, आरोपी रात के समय दुकानों की छतों पर पहुंचते थे और AC के आउटडोर यूनिट से कॉपर पाइप काटकर चोरी कर लेते थे। उन्होंने न्यू सुभाष मार्केट और संतपुरा रोड की दुकानों को निशाना बनाया। न्यू सुभाष मार्केट में मोबाइल रिपेयर दुकान संचालक विशालपाल सिंह ने शिकायत दी थी कि 6 और 7 सितंबर की मध्यरात्रि को उनकी दुकान की छत पर लगे ब्लू स्टार AC की कॉपर पाइप चोरी कर ली गई। जांच में दुकान नंबर 42, 45 और 36 के AC आउटडोर यूनिट से भी पाइप चोरी होने की बात सामने आई। पुलिस ने इन मामलों में अलग-अलग केस दर्ज किए। शिव ट्रेडिंग कंपनी में हुई वारदात दूसरी वारदात संतपुरा रोड स्थित शिव ट्रेडिंग कंपनी में हुई। संचालक रिशु ने बताया कि 16 और 17 सितंबर की रात दुकान की छत पर लगे एलजी AC की कॉपर पाइप काटकर चोरी कर ली गई। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने सैडी पाल, जतिंदर और बलवीर को नामजद कर 24 और 25 सितंबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ आगे बढ़ने पर सुरेश कुमार और राम सिवार्थ की भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। जतिंदर के खिलाफ पहले से चोरी के दो मामले दर्ज पुलिस के मुताबिक, जतिंदर के खिलाफ पहले से चोरी के दो मामले दर्ज हैं। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की कॉपर पाइप कहां बेची जाती थी और इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं, इसका पता लगा रही है।
एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल में टीम ने ईरान को 37-34 से हराया। इस जीत में हिसार जिले की मनीषा रोहिल और निकिता कुमारी ने अहम भूमिका निभाई। भिवानी रोहिल्ला गांव की मनीषा रोहिल ने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के डिफेंस में लेफ्ट कवर की जिम्मेदारी संभाली। फाइनल में भी उन्होंने मजबूत डिफेंस से टीम को जीत दिलाने में योगदान दिया। चीन में स्वर्ण पदक जीत चुकी मनीषा किसान परिवार से आने वाली मनीषा ने गांव से ही कबड्डी खेलना शुरू किया था। वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप और चीन में हुई एशियाई कबड्डी प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। हिसार के हसनगढ़ गांव की निकिता कुमारी भारतीय महिला कबड्डी टीम में लेफ्ट रेडर हैं। ईरान के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में उन्हें अंतिम समय में मौका मिला था, जहां उन्होंने टीम के लिए 10 महत्वपूर्ण अंक जुटाए। फाइनल में भी उनकी भूमिका अहम रही। बेस्ट कैचर रहकर जीती थी बाइक मनीषा की कबड्डी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह जींद के बीबीपुर में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में बेस्ट कैचर रहकर बाइक जीत चुकी हैं। गांव के सरपंच बलजीत नंबरदार के अनुसार, प्रतियोगिता के आयोजकों ने बेस्ट कैचर के लिए बाइक का पुरस्कार रखा था। मनीषा ने अपने शानदार खेल के दम पर यह पुरस्कार अपने नाम किया था। हॉकी में भी दीपिका ने चमकाया हिसार का नाम एशियन गेम्स में हिसार से जुड़ी हॉकी खिलाड़ी दीपिका सहरावत ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। रोहतक के भैसरू खुर्द की मूल निवासी दीपिका का बचपन हिसार में बीता और वह हिसार के खेल परिसर से जुड़ी रही हैं। एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल किए। इसके बाद थाईलैंड के खिलाफ भारत की 20-1 की जीत में दीपिका ने अकेले नौ गोल दागे। वह एशियन गेम्स के एक मुकाबले में नौ गोल करने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं। कबड्डी में मनीषा और निकिता के स्वर्णिम प्रदर्शन तथा हॉकी में दीपिका के रिकॉर्ड गोल ने एशियन गेम्स में हिसार और आसपास के क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं इन खिलाड़ियों की उपलब्धि से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह है।
'अर्बन माइंडसेट' लिखी टी-शर्ट पर टिप्पणी, SUV से पीछा कर छात्रा से छेड़छाड़; दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के मुखर्जी नगर में हिंदू कॉलेज की दो छात्राओं से छेड़छाड़ और एक को कार में खींचने की कोशिश के मामले में दो आरोपी अभिमन्यू और अभिनव को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर झाबुआ जिले के कालीदेवी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसा हुआ। हादसे में कालीदेवी बस स्टैंड के पास एक ट्राले ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान भेरू (45) पिता तोलिया निवासी गोला बड़ी के रूप में हुई है। बाइक का नंबर MP 45 MJ 9190 और ट्राले का नंबर CG 04 NT 4026 है। भीड़ जमा होने से यातायात प्रभावित हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर कालीदेवी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने भीड़ को हटाया और शव बरामद किया। मृतक की पहचान पता करने में जुटी पुलिस कालीदेवी के प्रभारी थाना प्रभारी रामसिंह चौहान ने बताया कि ट्राला चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही मृतक की पहचान भेरू (45) के रूप में हुई है। परिजन अभी थाने पर पहुंचे है। फिलहाल पुलिस ने ट्राला जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
हापुड़ के छजरासी गांव के क्रिकेट खिलाड़ी चेतन कुमार को नेशनल डेफ प्रीमियर लीग (NDPL) 2026 में गुजरात किंग्स टीम का कप्तान बनाया गया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कप्तानी मिलने से उनके परिवार, गांव और खेल जगत में खुशी है। NDPL क्रिकेट टूर्नामेंट 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा। चेतन कुमार एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। चेतन कुमार श्रीलंका, बांग्लादेश और दुबई में अंतरराष्ट्रीय डेफ क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब NDPL में गुजरात किंग्स की कप्तानी उनके लिए नई जिम्मेदारी होगी, जिसमें उन्हें टीम की रणनीति और नेतृत्व संभालना होगा। उनकी इस उपलब्धि पर हापुड़ जिले में समर्थकों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। बधिर समुदाय में भी उत्साह है।
भिवानी डीसी साहिल गुप्ता ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में समाधान शिविर, जन संवाद और सीएम विंडो पोर्टल की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं को एक ही छत के नीचे समाधान करने के लिए ही सरकार द्वारा समाधान शिविर शुरु किए गए हैं। अधिकारी समाधान शिविरों, जनसंवाद और सीएम विंडो पोर्टल को गंभीरता से लें। डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी समाधान शिविर, सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल की स्वयं समीक्षा करते हैं। ऐसे में कोई भी अधिकारी लापरवाही ना बरतें। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर गौर से कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी नियमित रूप से निगरानी हो। डीसी ने कहा कि यदि किसी समस्या का समाधान जिला स्तर पर नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता को समस्या का समाधान न होने के कारण बताएं ताकि उनकी संतुष्टि हो। उन्होंने निर्देश दिए भूमि संबंधित मामलों का उन पर नियमानुसार कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर एटीआर स्पष्ट रूप से भरी जाए। अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों पर कोई कार्य ना छोडें। विभागाध्यक्ष समाधान शिविर में रहें मौजूदडीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि अक्सर समाधान शिविरों में पंचायत विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, बिजली निगम, क्रीड, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित शिकायतें आती हैं। ऐसे में इन विभागों के जिलाधिकारी स्वयं समाधान शिविरों में मौजूद रहें और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि फरियादियों को बार-बार समाधान शिविरों और चंडीगढ़ मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के पास अपनी शिकायत लेकर ना आना पड़े। अधिकारी संवेदनशीलता के साथ समस्या का समाधान करें। बैठक में उप वन संरक्षक विपिन कुमार सिंह, सीटीएम अनिल कुमार, एसडीएम सिवानी विजया मलिक, एसडीएम तोशाम संदीप कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
इटावा के सर्राफा कारोबारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया। शुक्रवार शाम दिल्ली के यशोभूमि स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में आयोजित ‘सिल्वर शो ऑफ इंडिया’ में इटावा के सर्राफा कारोबारी एवं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश सह प्रभारी और शगुन ज्वैलर्स के ऑनर आकाशदीप जैन तथा इब्जा के सचिव राजीव चन्देल को सम्मानित किया गया। दोनों कारोबारियों को उत्कृष्ट सर्राफा कारोबार के लिए सम्मान मिला। समारोह में उन्हें शॉल, मोतियों की माला और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर इटावा के दो प्रतिनिधियों को सम्मान मिलने को स्थानीय सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। समारोह में इब्जा के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी, नेशनल सेक्रेटरी सुरेन्द्र मेहता सीए और नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल इब्जा के डायरेक्टर मनोज पुंडीर ने आकाशदीप जैन और राजीव चन्देल को सम्मानित किया। इस दौरान सर्राफा और आभूषण कारोबार से जुड़े देशभर के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। आभूषण कारोबार से संबंधित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खन्ना ज्वैलर्स के डायरेक्टर विजय खन्ना, विशिष्ट अतिथि अजय तल्ला जम्मू और एसएसआई के चेयरमैन डॉ. चेतन कुमार मेहता सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए सर्राफा एवं आभूषण उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन में चांदी और आभूषण कारोबार से संबंधित कारोबारी, निर्माता और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आकाशदीप जैन और राजीव चन्देल लंबे समय से सर्राफा कारोबार से जुड़े हैं। दोनों इब्जा के माध्यम से व्यापारियों को संगठित करने और सर्राफा कारोबार से जुड़े मुद्दों को मंच देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सर्राफा बाजार की पहचान राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सम्मान मिलने से इटावा के सर्राफा बाजार की पहचान को भी मजबूती मिली है। दिल्ली में आयोजित समारोह में इटावा के प्रतिनिधियों को सम्मान मिलने की जानकारी पर स्थानीय सर्राफा व्यापारियों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। व्यापारियों ने बधाई दी।
पितृ पक्ष के पहले दिन यमुना घाटों पर उमड़ी आस्था:पूर्वजों की आत्मशांति के लिए किया तर्पण
पितृ पक्ष के पहले दिन शनिवार को फतेहाबाद के यमुना घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जनेश्वर घाट पर सुबह से ही लोगों ने यमुना नदी में स्नान कर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान किया। इस दौरान घाट पर मेले जैसा माहौल रहा। घाट पर पंडित शिवकुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं को तर्पण की विधि बताते हुए अनुष्ठान संपन्न कराया। उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में पूर्वजों को जल अर्पित करने और दान-दक्षिणा देने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है तथा परिवार में सुख-समृद्धि आती है। पितृ पक्ष का समापन 16 दिन बाद सर्वपितृ अमावस्या पर होगा। भीड़ को देखते हुए घाट पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। वहीं, व्यवस्थाएं संभालने में समाजसेवी उत्तमचंद ज्वेलर्स और कपिल वर्मा आदि का विशेष सहयोग रहा।
हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांधी बाजार में शनिवार सुबह करीब 10 बजे बिजलीघर के पास एक मार्केट की छत पर 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिलने से इलाके में हलचल मच गई। शव दिखाई देने पर लोगों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान मोहल्ला गढ़ी निवासी महमूद अली के रूप में हुई। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से किया इनकार पुलिस के अनुसार, महमूद अली के शरीर पर बाहर से किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने और कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। परिजन शव को अपने साथ ले गए। मानसिक हालत ठीक नहीं थी, अक्सर घर से बाहर रहते थे परिजनों ने पुलिस को बताया कि महमूद अली की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वह अक्सर घर से बाहर रहते थे। शनिवार सुबह कुछ लोगों ने मार्केट की छत पर उनका शव देखा। इसके बाद पुलिस और परिवार को जानकारी दी गई। पुलिस ने शुरू की जांच सीओ मुनीश चंद्र ने बताया कि शव पर बाहर से चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:एक साल पहले हुई थी शादी, साले से बहस के बाद उठाया कदम
लखनऊ में ई-रिक्शा चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक साल पहले उसकी शादी हुई थी। ससुरालवालों से विवाद के बाद युवक ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मड़ियांव में सेमरागौढी निवासी अभिषेक गोस्वामी (22) ई-रिक्शा चलाता था। भाई हिमांशु ने बताया कि शुक्रवार रात काम से लौटा। घर में खाना पीना खाकर अपने कमरे में चला गया। काफी देर बाहर नहीं आया तो परिवार देखने गया। जहां कमरे में फंदे के सहारे लटका मिला। फंदे से लटका देख आनन फानन में उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एक साल पहले हुई थी शादी अभिषेक की एक साल पहले कम्मो से शादी हुई थी। शादी के बाद थोड़ा बहुत झगड़ा होता था। शुक्रवार को किसी बात को लेकर साले आर्यन से विवाद हुआ था। इसके बाद आत्महत्या कर ली। वहीं मामले में पुलिस का कहना है शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक संगोष्ठी के तीसरे लोकतंत्र की जननी है भारत पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व के इतिहासकारों ने पुस्तकों में अनेक भ्रांतियां प्रस्तुत की हैं। यह पढ़ाया गया कि वास्को-डि-गामा ने भारत की खोज की। अंग्रेजों को लोकतंत्र का जनक बताया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में वैदिक काल से ही लोकतांत्रिक परंपराएं विद्यमान रही हैं। अंग्रेजों ने भारतीयों मं इस प्रकार की हीनभावना भर दी कि हम अपनी वैदिक संस्कृति को कमतर और पाश्चात्य संस्कृति को श्रेष्ठ मानने लगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोकमत और राजनय (डिप्लोमेसी), दोनों की प्रधानता होती है और यह व्यवस्था भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पूजा-पद्धति और अपने इष्टदेव का चयन करने की स्वतंत्रता रही है। यहां तक कि राजा का चयन भी लोक की इच्छा के अधीन रहा। आज हम समाज को विभिन्न जातियों और संप्रदायों में बांटकर देखते हैं, जबकि रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करें तो उनमें भी सामाजिक एवं राजकीय व्यवस्था के लोकतांत्रिक स्वरूप के अनेक उदाहरण मिलते हैं। प्रो. सिंह ने कहा कि भारत में हजारों वर्ष पूर्व लिच्छवी गणराज्य जैसी लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं विद्यमान थीं। भारत का स्वभाव और प्रकृति ही लोकतांत्रिक रही है। यहां प्रत्येक व्यवस्था में समाज के विभिन्न अंगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती रही है। जब लोकनय कमजोर होता है, तब योगी आदित्यनाथ जैसे योगी महापुरुष राजनेता के रूप में सामने आते हैं। भारत सांस्कृतिक राष्ट्र है और लोकतंत्र उसकी संस्कृति का मूल हिस्सा है। हम राजनीतिक रूप से गुलाम रहे, लेकिन सांस्कृतिक रूप से कभी गुलाम नहीं हुए। हमारे पर्व, त्योहार और संस्कार किसी राजा के अधीन नहीं, बल्कि लोक परंपरा से संचालित होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भ्रामक इतिहास की पुस्तकों के अध्ययन से जो दृष्टिदोष उत्पन्न हुआ है, उसे दूर करने का समय आ गया है। जब हम भारत के गौरवशाली अतीत को जानेंगे, तब यह स्पष्ट होगा कि भारत लोकतंत्र की जननी रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हनुमानगढ़ी, अयोध्या के महंत राजूदास ने कहा कि भारत का लोकतंत्र अन्य देशों से इसलिए विशिष्ट है, क्योंकि यहां जन-जन की भावनाओं का सम्मान किया जाता है। भगवान राम के समय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब एक सामान्य व्यक्ति अपने घर में अपनी पत्नी को डांटते हुए माता सीता को लेकर टिप्पणी करता है, तो राजा रामचंद्र ने लोकमत की मर्यादा को सर्वोपरि रखते हुए सीता जी का परित्याग किया। इससे बड़ा उदाहरण दुनिया में कहीं नहीं मिलता। इसी आदर्श भावना के कारण लोकतंत्र की मर्यादा हमारे प्राचीन काव्यों में हजारों स्थानों पर दिखाई देती है। वर्तमान में भी देश और प्रदेश की सरकारों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को देखा जा सकता है। नीमच, मध्य प्रदेश से पधारे योगी लालनाथ ने कहा कि प्राचीन काल में राजा होने के बावजूद गांवों और क्षेत्रों में छोटी-छोटी पंचायतें होती थीं। वहां के निर्णय जनता की सहमति और सहभागिता पर आधारित होते थे, जिन्हें राजा की मान्यता भी प्राप्त होती थी। अंग्रेजों ने भारत की इस व्यवस्था को देखा और उसका अनुकरण अपने देशों में किया, जबकि भारत को उस व्यवस्था से वंचित रखा गया। स्वतंत्रता के बाद देश में पुनः लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई। संगोष्ठी को अयोध्या से आए महंत रामबालक दास, हिंगवा, राजस्थान से पधारे महंत डॉ. योगी महेंद्रनाथ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठ के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने की।
शामली में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर शुक्रवार देर शाम हुए हादसे में रिसर्च साइंटिस्ट विशाल की मौत हो गई। वह दिल्ली से दोस्त की कार लेकर यमुनानगर स्थित घर जा रहे थे। शनिवार शाम उन्हें कंपनी के वार्षिक कार्यक्रम में परिवार के साथ शामिल होना था। एक साल के बेटे से मिलने की खुशी भी थी, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही हादसे में उनकी जान चली गई। बाबरी थाना क्षेत्र में तेज टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विशाल की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाहन के अंदर से उनका शव बरामद किया। पढ़िए पूरी खबर… गोवा के कैसिनो में 20 लाख हारा था सुब्रत:नशे की वजह से अवार्ड सेरेमनी में नहीं पहुंचा, कारोबारी पिता से हुआ था झगड़ा दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के हत्यारोपी बेटे सुब्रत अपने महंगे शौक की वजह से लाखों के कर्ज में डूबा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि महंगी शराब, कैसिनो में जुआ खेलने और सट्टेबाजी की लत के कारण उस पर कर्ज लगातार बढ़ता गया। सुब्रत पिछले साल IPL मैच और गोवा के कैसिनो में 20 लाख रुपए हार गया था, जिसे चुकाने के लिए उसने कारोबारी करोड़पति पिता से पैसों की डिमांड की थी, लेकिन वह पूरी नहीं हुई। फिर बाप-बेटे के बीच झगड़ा भी हुआ था। सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जेल में बंद शालू को क्लीनचिट दी थी। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने अधिकारियों संग बैठक कर जल्द ही क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद सोमवार को शालू जेल से रिहा हो सकती है। पढ़िए पूरी खबर… प्रयागराज में अकाउंटेंट ने यमुना में छलांग लगाई: पुराने पुल के पास लावारिस हाल में बाइक मिली, पुलिस 5 घंटे से चला रही सर्च ऑपरेशन प्रयागराज में एक अकाउंटेंट ने पुराने यमुना पुल के पास नदी में छलांग लगा दी। उसकी बाइक पुल के पास लावारिस हालत में मिली। घटना की सूचना पर पहुंची कीडगंज थाना पुलिस ने गोताखोरों की मदद से यमुना में तलाश शुरू कराई। करीब 5 घंटे से सर्च ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन अकाउंटेंट का कोई सुराग नहीं मिला है। लापता अकाउंटेंट की पहचान तुषार केशरवानी (35) निवासी अतरसुइया के रूप में हुई है। वह शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बाइक लेकर घर से निकला था। देर रात तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को पुरानी यमुना पुल पर उसकी बाइक लावारिस हालत में मिली। पुलिस घटना की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ कर रही है। पढ़िए पूरी खबर… आगरा में भतीजे ने चाचा का मर्डर किया: दोस्त के साथ मिलकर मारा, कमरे में मिला था करोड़पति साधु का खून से लथपथ शव आगरा में भतीजे ने दोस्त के साथ मिलकर चाचा की हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह अछनेरा थाना क्षेत्र के सहाई गांव के बाहर प्लॉट पर बने कमरे में साधु का खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने पारिवारिक विवाद और जमीन को वारदात की वजह बताया। पुलिस ने शुक्रवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। साधु रोज सुबह गाय को चारा डालने के लिए आते थे। शुक्रवार सुबह 9 बजे तक नहीं पहुंचे तो परिजन प्लॉट पर उन्हें देखने गए। कमरे के अंदर शव पड़ा था और पास में खून से सनी ईंट मिली। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पढ़िए पूरी खबर… गोंडा में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर; प्रिंसिपल की मौत, बाजार से लौट रहे थे गोंडा में बाइक सवार प्रिंसिपल की सड़क हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार को हादसे का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें प्रिंसिपल बाइक से आते दिख रहे हैं। सामने से आ रहे तेज रफ्तार दूसरे बाइक सवार से उनकी टक्कर हो जाती है। हादसे में प्रिंसिपल गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। मौके पर भीड़ लग जाती है। सूचना पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचती है। उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर जाती है। घटना 23 सितंबर यानी बुधवार की है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे इलाज के दौरान प्रिंसिपल ने दम तोड़ दिया। पढ़िए पूरी खबर
धौलपुर में पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार को तीर्थराज मचकुंड पर हुई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच लोगों ने विधि-विधान से पितरों को जल अर्पित कर तर्पण किया। आत्मशांति और मोक्ष के लिए अनुष्ठान हुए। पितृ पक्ष के दौरान मचकुंड पर तर्पण और श्राद्ध के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। महंत कृष्णदास ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में मांगलिक कार्यक्रम बंद रहते हैं। पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मसंतुष्टि को तर्पण होता है। मान्यता है कि इससे पूर्वज प्रसन्न होकर परिवार की बाधाएं दूर करते हैं। शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष में पूर्वज पितृ चंद्रलोक पहुंचते हैं। आखिरी तारीख पर पितरों को तर्पण के बाद ही मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। जल तर्पण के साथ ब्राह्मणों को भोजन कराने और गीता का पाठ करने का खास महत्व है।
फतेहाबाद में गणपति विसर्जन:जयकारे लगे, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
फतेहाबाद कस्बे और ग्रामीण अंचल में 10 दिनों तक विराजमान रहने के बाद शुक्रवार को भगवान गणेश की प्रतिमाओं का यमुना नदी में विधि-विधान से विसर्जन किया गया। राजपूत मोहल्ला सहित अन्य पंडालों व ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ शोभायात्रा निकालते हुए घाटों पर पहुंचे। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। प्रशासन ने विसर्जन के लिए शंकरपुर, बरीपुरा, स्वारा और जोनेश्वर घाट चिन्हित किए थे। एसएचओ फतेहाबाद ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी घाटों पर पुलिस बल, गोताखोरों और नावों की मुस्तैद व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन संपन्न कराया गया।
अयोध्या के इनायत नगर में दिखा तेंदुआ:दीवार पर टहलते हुए तस्वीर सामने आई, गांव वाले दहशत में
अयोध्या के इनायतनगर क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिया है। शनिवार सुबह में इसका वीडियो सामने आया यही। इसमें दीवार पर तेंदुए बैठा दिखाई दे रहा है। लोग इसे राजकीय इंटर कॉलेज टकसरा के पास का बता रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने अभी तक तेंदुआ दिखने की पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार 22 सितंबर की शाम कुछ लोग खेतों में फसल की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान राजकीय इंटर कॉलेज के पास खेत के किनारे उन्हें तेंदुए जैसा जानवर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो जानवर खेतों की तरफ भाग गया। इसके बाद लोगों ने इनायतनगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी जानकारी दी। पिंजरे में मुर्गी रखकर निगरानी जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने जानवर को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा लगाया। पिंजरे के अंदर मुर्गी को चारे के तौर पर रखा गया है, ताकि जानवर खाने के लालच में पिंजरे तक पहुंचे। हालांकि चार दिन बीतने के बाद भी जानवर दोबारा दिखाई नहीं दिया और न ही पिंजरे के पास उसके पहुंचने के संकेत मिले हैं। वन रेंज अधिकारी बोले- वायरल फोटो टकसरा की नहीं कुमारगंज के वन रेंज अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने शनिवार को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो टकसरा क्षेत्र की नहीं है। उन्होंने बताया कि फोटो में दिखाई दे रही दीवार बिल्कुल सादी है, जबकि टकसरा में जिस जगह जानवर दिखने की बात कही जा रही है, वहां की दीवारों पर डिजाइन बनी हुई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में निगरानी के लिए वन विभाग की दो टीमें लगाई गई हैं। एक टीम दिन में और दूसरी रात में इलाके में भ्रमण कर रही है। इसके अलावा पिंजरा भी लगाया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से सतर्क रहने और कहीं भी तेंदुए या किसी अन्य हिंसक जानवर के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है।
नवंबर से शुरू होगा काम, 40 से 50 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा रिकॉर्ड।
संयुक्त बाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार दोपहर कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई। मोर्चा ने एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूचियों से गलत तरीके से हटाए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली बहाल करने पर जोर दिया। ज्ञापन में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था बदलने की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित चयन समिति (जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश हों) के आधार पर नई व्यवस्था लागू करने को कहा गया। इस मौके पर रंजीत यादव, भान सिंह मौर्य, इंद्र देवपाल, राजेंद्र प्रसाद, श्रीराम बिन्द, रामलाल यादव, मनोज कुमार, भू लाल, अख्तर, अहमद अली, ज्ञान प्रकाश और संतोष कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
पटना में जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए जाने का मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है। RJD सांसद मीसा भारती शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराने सचिवालय थाना पहुंचीं। करीब 5-6 घंटे थाने में रहने के बाद उन्होंने पुलिस पर आवेदन नहीं लेने का आरोप लगाया और अपना आवेदन फाड़ दिया। वहीं, JDU विधायक श्याम रजक ने मीसा भारती और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'इन लोगों को घटनाओं की संवेदना नहीं है, इनका उद्देश्य सिर्फ TRP बढ़ाना है।' मीसा बोलीं- 6 घंटे थाने में बैठी, FIR दर्ज नहीं हुई मीसा भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट से जमुई पीड़ित परिवार की तस्वीर सार्वजनिक की गई, जो उनके अनुसार POCSO एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह सांसद के रूप में कई घंटे सचिवालय थाने में बैठी रहीं, लेकिन उनकी FIR दर्ज नहीं की गई। मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब मीसा भारती ने कोर्ट जाने की बात भी उन्होंने कही। पुलिस बोली- मीसा के आवेदन पर भी कार्रवाई होगी सचिवालय DSP अनु कुमारी ने कहा कि घटना को लेकर पुलिस के बयान पर पहले ही प्राथमिक दर्ज हो चुकी है और उस मामले में अनुसंधान शुरू हो गया है। मीसा भारती ने जो आवेदन दिया है, उस पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों को एकत्र करने के बाद विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। DSP ने मीसा का आवेदन नहीं लेने के आरोप पर कहा कि पुलिस पहले ही FIR दर्ज कर चुकी थी। मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारी सागर प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। श्याम रजक बोले- घटनाओं की संवेदना नहीं, TRP बढ़ाना उद्देश्य JDU विधायक श्याम रजक ने मीसा भारती और विपक्षी नेताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि इन लोगों को इन घटनाओं की संवेदना नहीं है। उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी TRP बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ये लोग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं नहीं उठाते। उन्होंने मीसा के बयान को संस्कारहीन और संवेदनहीन बताया। बोले- सरकार किसी का पक्ष नहीं लेती श्याम रजक ने कहा कि सरकार न किसी का पक्ष लेती है और न किसी को बचाती है। जो सही है, उस पर पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 के बाद बिहार में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराधी गरीब हो या अमीर, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है और उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। श्याम रजक के मुताबिक, जिस तरह कार्रवाई शुरू हुई है, उससे अपराधियों में कानून का डर पैदा हुआ है और अपराध करने वाले को कानून के शिकंजे से बचने का मौका नहीं मिलेगा।
बारां जिले के भंवरगढ़ थाना क्षेत्र में NH-27 लिंक रोड पर शुक्रवार शाम एक सड़क हादसा हुआ। यहां गाय से टकराकर एक बाइक पलट गई, जिससे पिता और उसका 2 साल का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। कालू पुत्र खेमा बंजारा (25) अपने बेटे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। तभी हाईवे पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में बाइक का संतुलन बिगड़ा और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही भंवरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरगढ़ पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए 108 एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल बारां रेफर कर दिया गया। फिलहाल, दोनों का इलाज बारां जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिरोजपुर पुलिस ने शनिवार को काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात रहे इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 3 किलो 350 ग्राम हेरोइन, 6 पिस्तौल, 4 मैगजीन और 17 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक ऑडी-20 कार (PB-05-AC-6517) और 6 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। घल्ल खुर्द थाना एसएचओ को सूचना मिली थी कि इंस्पेक्टर बलदेव सिंह अपनी ऑडी-20 कार में नशीले पदार्थ और नाजायज हथियार लेकर जा रहा है। इस जानकारी पर पुलिस ने नाकाबंदी की और कार को रोककर बलदेव सिंह को पकड़ा। बरामद सामान के स्रोत का पता लगा रही पुलिसपुलिस ने थाना घल्ल खुर्द में एफआईआर नंबर 132 दर्ज की है। यह मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/27 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और बरामद सामान के स्रोत का पता लगा रही है।
फिरोजपुर पुलिस ने काउंटर इंटेलीजेंस के इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को फिरोजपुर-मोगा रोड पर गिरफ्तार किया है।
पन्ना जिले में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा है। सड़कों और नदी-नालों में तेज बहाव के कारण लोग घरों में रुकने को मजबूर हैं। बृजपुर की बाघिन नदी फिर उफान पर है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और खतरे की स्थिति बन गई है। कलेक्टर भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय की 26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 106.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश हुई। अजयगढ़ में सबसे ज्यादा 180.2 मिमी पानी बरसा, जबकि पन्ना केंद्र में 143.2 मिमी दर्ज की गई। 1 जून 2026 से अब तक जिले में कुल औसत वर्षा 1234.2 मिमी (48.6 इंच) हुई है, जो सामान्य वर्षा (1176.4 मिमी) से ज्यादा है। यह पिछले साल की तुलना में 47.9 मिमी अधिक है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मोतिहारी के मजूरहा के हरदिया में 13 करोड़ रुपए की लागत से बने आरसीसी पुल के अप्रोच पथ की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने अप्रोच पथ की चार बार मरम्मत कराई। इसके बावजूद कुछ समय बाद ही सड़क के कई हिस्सों में फिर दरारें आ गईं। बारिश में बढ़ सकती है परेशानी अप्रोच पथ में बार-बार दरार आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। तेज बारिश के दौरान सड़क और खराब हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने खराब अप्रोच पथ को तोड़कर दोबारा बनाने की मांग की है। तीन सदस्यीय टीम ने की थी जांच इससे पहले मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने तीन दिनों तक मोतिहारी में रहकर सड़क और अप्रोच पथ की जांच की थी। जांच के बाद टीम की ओर से प्रेस वार्ता भी की गई। हालांकि, टीम के लौटने के बाद भी अप्रोच पथ में दरारें दिखाई देने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय बार-बार मरम्मत करा रहा है। पूर्व विधायक ने भी निर्माण पर उठाए थे सवाल पुल निर्माण को लेकर राजद नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र राम भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अप्रोच पथ को दोबारा तोड़कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि पुल निर्माण में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया था कि करीब 13 करोड़ रुपए की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है और इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक की मिलीभगत की जांच जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौथी बार दरार आने के बाद कार्रवाई का इंतजार अप्रोच पथ में लगातार चौथी बार दरार सामने आने के बाद अब ग्रामीण विभागीय कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत कराने के बजाय सड़क की गुणवत्ता की जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
लखीसराय के सूर्यगढ़ा में 1994 में शुरू हुई हैवतगंज गंगा पंप नहर योजना पर अब तक करीब 36.50 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच सका।
मेरठ में राष्ट्रीय लोकदल आज शनिवार को अपना सामाजिक समरसता सम्मेलन करने जा रही है। सम्मेलन लालकुर्ती के एसजीएम गार्डन में होगा। सम्मेलन में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी मुख्य अतिथि होंगे। वहीं उनके साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार भी सम्मेलन में पहुंचेंगे। रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव प्रतीक जैन ने बताया कि आगामी 2027 के चुनाव में पार्टी की क्या रणनीति होगी इसको लेकर ये बैठक आयोजित की जा रही है। इस सम्मेलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, प्रबुद्ध कुमार, पूर्व विधायक विनोद कुमार हरित, नरेन्द्र सिंह खजूरी, संगीता दोहरे मौजूद रहेंगे। जयंत चौधरी ने मुजफ्फरनगर से किया था आगाज रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर से राष्ट्रीय लोक दल के सामाजिक समरसता सम्मेलनों का आगाज किया है। जनता इंटर कॉलेज में हुए इस सम्मेलन से जयंत चौधरी ने सामाजिक एकता का संदेश दिया था। अब यह मेरठ में पार्टी का दूसरा सम्मेलन है। मुजफ्फरनगर के सम्मेलन में जयंत चौधरी ने कहा था कि भेदभाव नहीं, संवाद और समन्वय से समाज मजबूत होगा। साथ ही किसान, नौजवान और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को लेकर अभियान चलाने का आह्वान किया। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल ने मुजफ्फरनगर से सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने के लिए अभियान का आगाज किया है। उन्होंने मंच से सर्व समाज के लोगों को साथ लेकर चलने, आपसी भेदभाव समाप्त करने और गांव-गांव संवाद बढ़ाने की बात की। 31 अक्टूबर तक चलेगा समरसता अभियान रालोद के ये सामाजिक समरसता सम्मेलन आगामी 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहेंगे। जो अलग-अलग जिलों में होंगे। इस दरम्यान रालोद कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर सामाजिक समरसता का संदेश देंगे। गांवों, बस्तियों में जाकर लोगों को रालोद के कार्यों व आगामी नीतियों की भी जानकारी देंगे। 23 दिसंबर को नूरपुर में कार्यक्रम का निमंत्रण आगामी 23 दिसंबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम होगा। इस बार कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह के गांव नूरपुर में होगा। संभावना है कि इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चौधरी साहब के गांव में आ सकते हैं।
शिवपुरी में पितृपक्ष की शुरुआत के साथ ही शनिवार को शहर के बाणगंगा और भदैयाकुंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। सुबह करीब 7 बजे से ही दोनों जगहों के घाटों पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। लोग पूजा सामग्री लेकर पहुंचे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया। घाटों पर पंडितों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान किए। शहर के अलग-अलग इलाकों से परिवार अपने पितरों के निमित्त कर्मकांड कराने पहुंचे। तर्पण और श्राद्ध की विशेष मान्यता पंडित शिव नारायण शर्मा ने बताया कि पितृपक्ष में पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने की विशेष मान्यता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और तिथि के अनुसार पूर्वजों के निमित्त पूजा और तर्पण करते हैं। इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग तिथियों पर श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के अनुष्ठान करेंगे। सुबह से घाटों पर पहुंचने लगे लोग पितृपक्ष के पहले दिन सुबह से ही बाणगंगा और भदैयाकुंड के घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवार के लोग पूजा सामग्री लेकर घाट पर पहुंचे और पंडितों की देखरेख में अनुष्ठान संपन्न कराए। दिन बढ़ने के साथ घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ती रही।
लुधियाना के मंजू सिनेमा के पास जंडू टावर में चोरों ने एआर इंटरप्राइजेज के ऑफिस में बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर रेलवे ट्रैक के रास्ते बिल्डिंग में दाखिल हुए और ऑफिस के बाहर लगे CCTV कैमरों की तारें काट दीं। इसके बाद शटर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी का लॉकर तोड़कर करीब 20 से 25 लाख रुपए की नकदी चोरी कर फरार हो गए। वारदात के दौरान बदमाशों ने CCTV कैमरा भी तोड़कर फेंक दिया। चोरी के बाद भागते समय उन्होंने बिल्डिंग में स्थित एक अन्य CA के ऑफिस में भी घुसने की कोशिश की। वहां बदमाश दरवाजे का ताला तोड़ने में सफल रहे, लेकिन अंदर से कोई सामान चोरी कर पाए या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। सुबह चपड़ासी ने फोन कर दी जानकारी AR इंटरप्राइजेज के मालिक कमल शर्मा ने बताया कि सुबह उनके चपड़ासी ने फोन कर जानकारी दी कि ऑफिस का ताला टूटा हुआ है। अंदर जाकर देखा तो अलमारी के ताले भी टूटे हुए थे और पूरा सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे तो ऑफिस में चोरी होने का पता चला। कमल शर्मा ने बताया कि उनकी फर्म शैलर में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की बिक्री और सर्विस का काम करती है। उनके मुताबिक ऑफिस में करीब 20 से 25 लाख रुपए की नकदी रखी हुई थी, जिसे चोर चोरी कर ले गए। रात 3 बजे के बाद बिल्डिंग में घुसे चोर कमल शर्मा के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोर रात करीब 3 बजे के बाद रेलवे ट्रैक की तरफ से बिल्डिंग में दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले CCTV कैमरों की तारें काटीं और कैमरे को तोड़कर फेंक दिया। इसके बाद ऑफिस का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी का लॉकर तोड़कर नकदी निकाल ली। फोरेंसिक टीम ने जुटाए फिंगरप्रिंट घटना की सूचना मिलने के बाद मिल्लरगंज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने अलमारी और टूटे हुए तालों से फिंगरप्रिंट समेत अन्य सबूत जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल मिल्लरगंज चौकी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
राजसमंद के नाथद्वारा में दस दिवसीय गणेश उत्सव का शुक्रवार देर रात्रि को समापन हुआ। इस अवसर पर नाथद्वारा और कांकरोली में बड़े स्तर पर शोभायात्रा निकाली गई। नाथद्वारा में घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने के बाद शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गणेश पांडालों और घरों में स्थापित लगभग 100 प्रतिमाएं शामिल हुईं। सुबह से ही श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पहुंचना शुरू हो गए थे। मित्र मंडलों ने बड़े डीजे और साउंड सिस्टम लगाए, जिससे पूरा नगर गणपति बप्पा के जयकारों और भजनों से गूंज उठा।शोभायात्रा बस स्टैंड, कुम्हारवाड़ा, गांधी रोड, चौपाटी, मंदिर परिक्रमा, लाल बाजार और नया रोड होते हुए इमली चैक पहुंची। इसके बाद प्रतिमाओं को कांटीमाला ले जाया गया, जहां पालिका प्रशासन की ओर से विसर्जन की व्यवस्था की गई। जल प्रदूषण रोकने के लिए यमुना स्वरूपा बनास नदी के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासन ने केवल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को ही नदी में विसर्जित करने की अनुमति दी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज जेन अल्फा से बातचीत की। वो शनिवार को दानापुर के रामजीचक स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में आयोजित PTM और पेंटिंग कॉम्पिटिशन में शामिल हुए। यहां उन्होंने स्टूडेंस से उनकी पेंटिंग पर बात की, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर बात की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा, अगर पढ़ाई करनी है, आगे बढ़ना है तो मोबाइल तो छोड़ना होगा। सीएम ने बच्चों के पेरेंट्स से भी बात की। साथ ही पेंटिंग करते नजर आए। वो सूरज की फोटो में कलर भरते दिखे। इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश यादव के साथ-साथ रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे। PTM में पहुंचे सीएम सम्राट की कुछ तस्वीरें…. बच्ची ने 189 मार्क्स लाए, सीएम बोले- 280 का टारगेट रखिए मुख्यमंत्री ने एक छात्रा के अभिभावक से पूछा कि बच्ची की पढ़ाई कैसी चल रही है और स्कूल में क्या सुविधाएं मिल रही हैं। अभिभावक ने बताया कि स्कूल में निजी स्कूल जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्रा से उसके अंक पूछे। 300 में 189 अंक आने की जानकारी पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में और सुधार करना होगा। उन्होंने छात्रा को कम से कम 280 अंक लाने का लक्ष्य रखने की सलाह दी। ‘पढ़ाई सुधारने पर काम करें’ PTM के दौरान मुख्यमंत्री ने दूसरे बच्चों से भी उनके अंक और उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। एक छात्र के 179 अंक आने पर उन्होंने कहा कि अभी काफी सुधार की जरूरत है। उन्होंने बच्चों से पूछा कि आगे अच्छा प्रदर्शन करने के लिए वे क्या योजना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8वीं से 12वीं तक का समय पढ़ाई की नींव मजबूत करने का महत्वपूर्ण दौर है। इस दौरान बच्चों को नियमित पढ़ाई और मेहनत पर ध्यान देना चाहिए। ‘सभी को मोबाइल छोड़ना होगा’ मुख्यमंत्री ने बच्चों से मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय मोबाइल से दूरी बनानी होगी। मोबाइल का इस्तेमाल करना हो तो उसे सही तरीके से कैसे किया जाए, इस पर ध्यान देना चाहिए। एक छात्रा निशा से मोबाइल इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर उसने बताया कि वह करीब आधा घंटा मोबाइल इस्तेमाल करती है। मुख्यमंत्री ने उसे भी मोबाइल से दूर रहने और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। अभिभावकों से कहा- बच्चों का सहयोग करें मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखें और जहां कमी दिखे, वहां शिक्षक के साथ मिलकर सुधार की कोशिश करें। जीवन में आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए शिक्षा जरूरी है। अगले कुछ वर्षों की पढ़ाई ही भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्कूल को बेहतर बनाने के लिए मांगे सुझाव मुख्यमंत्री ने स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों से विद्यालय को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, अंक और पढ़ाई के स्तर पर नियमित ध्यान देने की बात कही। PTM का उद्देश्य भी स्कूल, शिक्षक और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ाकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर मिलकर काम करना है। बिहार के हाईवे पर अब 58 गश्ती वाहनों की तैनाती बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। हाईवे पर जाम, वाहन खराब होने, सड़क दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में लोगों को जल्द मदद उपलब्ध कराने के लिए 58 हाईवे गश्ती वाहनों की तैनाती की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज संवाद भवन से इन गश्ती वाहनों को रवाना करेंगे। इसके बाद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित रूप से गश्त करते हुए यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर नजर रखेंगे।
बुरहानपुर के हैदरपुर गांव में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने कच्ची, पक्की और देशी-विदेशी शराब की बिक्री रोकने की मांग को लेकर एक दिन पहले शुक्रवार को प्रदर्शन किया। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अवैध कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है। वहीं पुलिस ने एक महिला पर केस दर्ज किया। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। नशे में लोग गाली-गलौज और मारपीट करते हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। कच्ची शराब मिलने पर केस दर्जहाल ही में एक घर से शराब बेचने की सूचना पर महिलाएं वहां पहुंचीं और विरोध जताया। नावरा चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब पांच लीटर कच्ची शराब जब्त की और एक महिला पर केस दर्ज किया। नावरा चौकी प्रभारी सुनील पाटिल ने कहा, एक महिला से 5 लीटर कच्ची शराब मिलने पर केस दर्ज किया गया है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिक्री बंद नहीं हुई तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगी। उन्होंने प्रशासन से हैदरपुर में कथित ठिकानों की जांच कर स्थायी रोक लगाने की मांग की है।
पलवल के जोधपुर गांव में 20 साल पुरानी रंजिश से परेशान एक बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान किशोर सिंह के रूप में हुई। मृतक के बेटे सतपाल की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सतपाल ने पुलिस को बताया कि 23 सितंबर की रात गांव के चंद्रपाल, करन और कृष्ण शराब के नशे में उनके घर आए। उन्होंने उसके पिता किशोर सिंह और मां भगवती के साथ मारपीट की। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। धमकी से डरकर किशोर सिंह उसी रात घर से चले गए। 24 सितंबर को परिजनों को सूचना मिली कि उन्होंने हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर कोटवन गांव के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जेब से मिली डायरी, लिखा- सारी जगह दबाई मृतक की जेब से एक छोटी डायरी मिली है, जिसमें लिखा है कि, 20 साल से लड़ाई चल रही है, सारी जगह दबाई, जबरदस्ती मेरा जीने का अधिकार खत्म किया, सारे इकट्ठे होकर मारते हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सदर थाना पुलिस ने चंद्रपाल, करन, कृष्ण, परवीन, कुलदीप और गोपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया है।
गुना में सिंध नदी में डूबा अशोकनगर का युवक:प्रतिमा विसर्जन करने के लिए दोस्तों के साथ आया था
अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सिंध नदी में डूबने से 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा गुना-अशोकनगर जिले की सीमा पर सिंध नदी में हुआ। मृतक की पहचान शाढ़ौरा निवासी प्रदीप बुनकर पिता मनोज बुनकर (23) के रूप में हुई है। वह दोस्तों के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी पर गया था। शनिवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब 20 से 30 मीटर दूर एनीकट के पास उसका शव मिला। शाम 5 बजे प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी में डूबा मिली जानकारी के अनुसार प्रदीप अपने कुछ दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से सिंध नदी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए गया था। शाढ़ौरा प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आधिकारिक विसर्जन स्थल तय किया था। बताया जा रहा है कि प्रदीप और उसके साथी वहां न जाकर नदी के दूसरे हिस्से में चले गए। शाम करीब 5 बजे प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से प्रदीप गहरे पानी में चला गया और डूब गया। अंधेरा होने पर रात में रोकना पड़ा रेस्क्यू घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जल पुलिस और गोताखोरों ने युवक की तलाश शुरू की। अंधेरा होने के कारण रात करीब 9 बजे रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद शनिवार सुबह फिर से गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया। टीम ने घटनास्थल से करीब 20-30 मीटर दूर एनीकट के पास युवक का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की शाढ़ौरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद शाढ़ौरा क्षेत्र में मातम का माहौल है।
वीडियो: करवट बदलेगा माैसम, शिमला में छाए बादल, चार दिन बारिश के आसार
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