एक ही परिवार के 4 लोग पार्वती नदी में डूबे:नहाते समय हुआ हादसा, शादी में शामिल होने आए थे
बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में मंगलवार को पार्वती नदी में नहाने गए 4 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में 3 युवक और 1 महिला शामिल हैं। ये सभी गूगौर स्थित पार्वती नदी में एक शादी समारोह में शामिल होने छबड़ा आए थे। जानकारी के मुताबिक चारों लोग शादी समारोह के दौरान पार्वती नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वे अचानक नदी के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे पानी में समा चुके थे। मृतकों में मां-बेटा भी शामिलसूचना मिलने पर छबड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद चारों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर छबड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया, जहां पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। छबड़ा थाना प्रभारी राजेश खटाना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों में 3 युवक और एक महिला शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चारों नदी में नहाने के दौरान गहराई में चले गए, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है। खबर अपडेट की जा रही है…
सुलतानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने और परिवहन करने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2 किलो 145 ग्राम अवैध गांजा और नकद रुपए बरामद किए गए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि दोस्तपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध गांजा बेचा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप-निरीक्षक जगदीश सिंह ने अपनी टीम के साथ चेकिंग और सुराग लगाने का काम शुरू किया। टीम में हेड कांस्टेबल दीपक कुमार पटेल, कांस्टेबल अमित सिंह यादव, अवनीश कुमार और लोकेश प्रजापति शामिल थे। मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 155 के पास, खालिसपुर दुर्गा अंडरपास के नीचे दबिश दी। पुलिस ने मौके से घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सत्य नारायण पाल पुत्र सीताराम, निवासी करैथा गोसरपुर, थाना दोस्तपुर, और अशोक कुमार निषाद पुत्र स्व. अम्मर, निवासी उस्मापुर तारापुर, थाना मालीपुर, अंबेडकर नगर के रूप में हुई है। सीओ कादीपुर विनय गौतम ने बताया कि अभियुक्त सत्य नारायण पाल ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले करीब 7-8 साल से दोस्तपुर चौराहे के पास भांग का ठेका चलाता था। भांग का ठेका बंद होने के बाद, उसने अपने पुराने सहयोगी अशोक कुमार निषाद के साथ मिलकर गांव के पास ही जमीन पर छिपकर अवैध गांजा बेचने का धंधा शुरू कर दिया। वे आने-जाने वाले लोगों को उनकी मांग के अनुसार 50 रुपये, 100 रुपये और 200 रुपये की पुड़िया बनाकर गांजा बेचते थे। ग्राहकों से नगद के साथ-साथ पेटीएम के माध्यम से भी पैसे लिए जा रहे थे। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 2.145 किलोग्राम गांजा, 2300 रुपये नगद (बिक्री के पैसे), एक मोबाइल फोन (जिसमें पेटीएम नंबर संचालित था) और एक पेटीएम क्यूआर कोड मय माइक बरामद किया है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की अग्रिम विवेचना उप-निरीक्षक भवानी प्रसाद मिश्रा को सौंपी गई है।
लड़ावद के छात्रों ने स्कूल बस सेवा की मांग की:सुविधा नहीं मिलने पर बेटियों की पढ़ाई बंद होने का डर
ग्राम लड़ावद के छात्र-छात्राओं ने शाजापुर कलेक्टर कार्यालय में स्कूल बस सेवा शुरू करने की मांग की है। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे विद्यार्थियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए गांव तक बस सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की। ज्ञापन में बताया गया कि ये छात्र-छात्राएं ग्राम लड़ावद के निवासी हैं और वर्तमान में सांदीपनी स्कूल, गौलाना में अध्ययनरत हैं। उन्हें रोजाना लड़ावद से बस स्टॉप रीछोंदा तक लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस आवागमन में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि बस सुविधा न होने के कारण विशेष रूप से छात्राओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के चलते कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों की पढ़ाई बंद करने पर विचार करना शुरू कर दिया है, जिससे छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि उनके भविष्य और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्राम लड़ावद तक स्कूल बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। इससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था मिल सकेगी और किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
रेवाड़ी के गांव पाली से दुकानदार के लापता होने पर ननद भाभी में ठन गई है। बहन ने ढाई माह से लापता भाई की तलाश के लिए पुलिस से गुहार लगाई है। पत्नी ने कहना है कि मुझे कूटने के बाद घर से निकला था। मुझे तो एबुंलेंस अस्पताल लेकर गई थी। बच्चे भी घर नहीं थे। 20 साल से यही नाटक देख्ती आ रही हूं। पहले भी कई बार ऐसा कर चुका था। बस इस बार वापस नहीं आया। साले ने घर आकर की पिटाई महेंद्रगढ़ के गांव नांगल काठा निवासी बिरमा देवी ने कहा कि वह पाली गांव की बेटी है।उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। भाई सत्यप्रकाश पत्नी और तीन बच्चों के साथ गांव में रहता है। गांव में उसकी परचून की दुकान है। वह 30 अप्रैल से लातपा है। भाई ने फोन करके भाभी से झगड़े की बात बताई थी। उसने कहा था कि उसके साले ने अपने दोस्तों के साथ उसकी पिटाई की और पक्का इलाज करने की धमकी दी। जिसके बाद से वह लातपा है और उसका कहीं कोई सुराग नहीं लग रहा। बहन ने पुलिस से लापता भाई को तलाश करने की गुहार लगाई। तीन बच्चों में दो बेटियां सत्यप्रकाश के 3 बच्चें (दो बेटी और एक बेटा ) है। बड़ी बेटी सीकर राजस्थान में 11वीं कक्षा में पढ़ती है। छोटी बेटी 10वीं और बेटा आठवीं कक्षा में रेवाड़ी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। 30 अप्रैल को विवाद के समय पति-पत्नी ही घर पर थे। 20 साल में कई बार कूटी महेंद्रगढ़ के निम्बी छाजियावास निवासी अनीता ने बताया कि 2007 में हमारी शादी हुई थी। इन 20 सालों में मुझे कई बार कूट चुका है। मुझे कूटने के बाद अक्सर बैग में पैसे लेकर घर से चले जाते थे, परंतु कुछ दिन बाद वापस आ जाते थे। इस बार ऐसा नहीं हुआ। 30 अप्रैल को पहले मुझे कूटा और फिर बैग में पैसे भरकर चला गया। गांव के पुराने सरपंच आसपास ही थे। पुलिस ने एबुलेंस से मुझे अस्पताल पहुंचाया। बच्चे स्कूल गए थे तथा पड़ोसियों को घर की चाबी देकर गई थी। 17 मई को मेरी ननद सास के साथ आई थी। मेरे साथ झगड़ा करके वापस चलीं गई। इससे पहले दीपावली के दिन मेरा सिर फोड़ा, सर्दियों में पैर तोड़ा और 30 अप्रैल को कान का पर्दा फाड़ा। बहन की ससुराल कच्चे रास्ते से आधे घंटे में जा सकते हैं। शादी के बाद से ही मैं कूटती आ रही हूं। बहन ने उसे छुपाया है या कहीं अपनी मर्जी से गया है, पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकती। जांच के बाद होगी कार्रवाई कुंड चौंकी इंजार्च एएसआई सुमित ने कहा कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस के मंत्रियों पर निशाना साधा है। पलामू दौरे पर पहुंचे रघुवर दास ने कहा कि भाषा समाज को जोड़ने का माध्यम होती है, उसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंत्री सरकार में रहकर विरोध का नाटक कर रहे हैं। रघुवर दास ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस के चारों मंत्री मौजूद थे और भाषा संबंधित निर्णय उनकी सहमति से लिया गया था। अब बैठक से बाहर निकलकर पत्र लिखना और विरोध जताना केवल राजनीतिक दिखावा है। क्षेत्रीय भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस के मंत्रियों को वास्तव में भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाए जाने पर आपत्ति है, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाषाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जिस जिले में जिस भाषा को बोलने वालों की संख्या अधिक है, वहां शैक्षणिक कार्यों में उस भाषा को उचित महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाएं क्षेत्र की पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हैं, और इनके सम्मान के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रघुवर दास ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में शामिल रहकर फैसलों का समर्थन करना और बाद में जनता के बीच जाकर विरोध करना दोहरी राजनीति है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और ऐसे विरोध की सच्चाई को समझती है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं के सम्मान के लिए सरकार से सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया, ताकि राज्य के किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत न हों।
बागपत में ग्राम पंचायत प्रशासकों ने सौंपा ज्ञापन:अधिकारों, सुविधाओं की मांग; सीडीओ ने दिया आश्वासन
बागपत में ग्राम पंचायत प्रशासकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के बैनर तले दिया गया। ज्ञापन में ग्राम पंचायत प्रशासकों के अधिकार, दायित्व, सुविधाएं और ग्राम पंचायतों के सुचारु संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। प्रशासकों का कहना है कि स्पष्ट अधिकारों, संसाधनों और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उन्हें कार्य करने में कठिनाई हो रही है। प्रशासकों ने मांग की है कि उनके अधिकार और दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएं। उन्हें विकास कार्यों की स्वीकृति और प्रशासनिक निर्णय लेने के लिए पर्याप्त अधिकार प्रदान किए जाएं। साथ ही, प्रभावी कार्य संचालन के लिए उचित मानदेय और यात्रा भत्ता भी निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रशासकों ने नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने, डिजिटल सुविधाओं और आवश्यक अभिलेखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विवादों में कानूनी सुरक्षा और स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की भी अपील की। ज्ञापन में पंचायत सचिवों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रशासकों ने बताया कि जनपद की कई ग्राम पंचायतों में सचिवों के पद रिक्त होने से विकास कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की। ग्राम पंचायत प्रशासकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने और पंचायतों के संचालन को अधिक सक्षम एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) और सीडीओ से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
मुजफ्फरनगर में भगवान दक्ष प्रजापति चौक के निर्माण की सालों पुरानी मांग एक बार फिर उठाई गई है। राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ ने इस संबंध में प्रदेश सरकार के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति के मुजफ्फरनगर आगमन पर समाज के प्रतिनिधियों ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। महासंघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह प्रजापति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताया कि नगर में भगवान दक्ष प्रजापति चौक के निर्माण की मांग वर्ष 2010 से लगातार की जा रही है। इस संबंध में नगर पालिका, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित प्रस्ताव दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महासंघ का तर्क है कि नगर में विभिन्न महापुरुषों के नाम पर चौक और स्मारक बनाए गए हैं, जबकि प्रजापति समाज के आराध्य भगवान दक्ष प्रजापति के नाम पर अब तक कोई चौक स्थापित नहीं किया गया है। इससे समाज में उपेक्षा और भेदभाव की भावना पनप रही है। इसके बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंत्री कपिलदेव अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर भगवान दक्ष प्रजापति चौक के शीघ्र निर्माण की मांग की। साथ ही, राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के लिए सरकारी दरों पर निःशुल्क भूमि आवंटित किए जाने की भी मांग रखी गई, ताकि शिक्षा, कौशल विकास, दिव्यांग सहायता, हस्तकला और जनकल्याण से जुड़े कार्य संचालित किए जा सकें। इस प्रतिनिधिमंडल में संजीव संगम प्रजापति, सोहोनपाल सिंह प्रजापति, इंद्रपाल प्रजापति, नरेंद्र कुमार प्रजापति, धीरज कुमार प्रजापति और बिट्टू प्रजापति सहित समाज के कई गणमान्य सदस्य शामिल थे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रहने वाली एक महिला का बैग और पर्स को अज्ञात चोर ने पार कर दिया। उज्जैन से बिलासपुर आते समय नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में चोर ने घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद मामले की सूचना पर जीआरपी थाना में अपराध दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक इंदिरा नगर क्षेत्र के केशर परिसर कॉलोनी में रहने वाली पद्मावती थवाईत 34 साल ने जीआरपी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह अपने पति अरूण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से उज्जैन से बिलासपुर आ रही थी। वे कोच बी4 के सीट नंबर 5 व 6 में सफर कर रहे थे। तभी रात लगभग 12 बजे उसे नींद आने पर वह अपने सीट पर सो गई। जब सुबह करीब 6 बजे ट्रेन नीवार स्टेशन के पास पहुंची तो उसका नींद खुला। ऐसे में उसने देखा कि उसके तकिए के पीछे रखा हुआ पर्स नहीं है और सीट के नीचे रखा बैग भी गायब है। जिसमें मोबाईल चार्जर, पावर बैंक, कास्मेटिक सामान व कुछ कपडे़ समेत 90 हजार का सामान रखा था। ट्रेन के बाथरूम में मिला खाली पर्सऐसे में उसने आसपास काफी तालाश की, तो ट्रेन के बाथरूम में पर्स मिला, लेकिन वह खाली था। ऐसे में वह समझ गई कि अज्ञात चोर ने सभी सामान को पार कर दिया है। जिसके बाद वे लोग बिलासपुर पहुंचे, पर रायगढ़ के लिए तत्काल ट्रेन मिलने से उन्होंने बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराया। बल्कि रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाना में इसकी सूचना दी। जहां जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ धारा 305(c)-BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। लगातार घटित हो रही घटनायात्री ट्रेनों में इन दिनों चोर सक्रिय हैं। यही कारण है कि लगातार यात्री ट्रेनों में चोरी की घटनाएं घटित हो रही है। इससे पहले करीब सप्ताह भर पहले चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई बरैठ 48 साल अपनी बेटी के साथ बहन के घर अकलतरा जाने के लिए बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन चढ़ी, तो किसी ने सोने का मंगलसूत्र पार कर दिया था। इसके अलावा ओड़िशा के सिंदरिया का रहने वाला शेख इमामुद्दीन 34 साल भुवनेश्वर से बिलासपुर जाने के लिए बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी-1 कोच की सीट नंबर 18 पर सफर कर रहे थे। तभी किसी ने उनके बैग को पार कर दिया। बैग में लैपटॉप, पर्स, दो क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान रखा था।
गुना में नेशनल हाईवे-46 पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कानपुर से उज्जैन होते हुए रतलाम जा रही समय शताब्दी ट्रेवल्स (UP78 FN1071) की एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी और पेड़ों से टकरा गई। इस हादसे में पति-पत्नी और ड्राइवर-हेल्पर समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सुबह करीब साढ़े 4 बजे बिलोनिया के पास गुना बायपास मोड़ से पहले हुआ। घटना के वक्त बस खचाखच भरी हुई थी। इसमें छोटे बच्चों के अलावा उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने जा रहे कई श्रद्धालु भी सवार थे। जैसे ही बस खाई में पलटकर पेड़ों से टकराई, स्लीपर सीटों पर सो रहे यात्री सीधे फर्श पर आ गिरे। अचानक हुए इस हादसे से पूरी बस में चीख-पुकार मच गई और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू, घायलों में परीक्षार्थी भी शामिलघटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों में कानपुर निवासी दंपती अतुल वाजपेयी और अल्का वाजपेयी के अलावा रेलवे की परीक्षा देने जा रहा युवक प्रशांत गौतम शामिल हैं। साथ ही, बस के ड्राइवर राहुल मिश्रा और हेल्पर इमरान को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। नींद का झोंका या तकनीकी खराबी, क्लियर नहींहादसे के वास्तविक कारणों को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। अस्पताल में भर्ती बस ड्राइवर राहुल मिश्रा का दावा है कि बस का अचानक ऑयल निकल गया था। इसके कारण स्टीयरिंग जाम हो गया और वह बस से अपना नियंत्रण खो बैठा। इसके विपरीत, बस में सवार यात्रियों ने आरोप लगाया है कि रास्ते में ड्राइवर की शिफ्ट बदली गई थी। यात्रियों का कहना है कि नए ड्राइवर को नींद का झोंका आ गया, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है।
जौनपुर में आगामी मुहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिलाधिकारी ने मुहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित मार्गों और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नई परंपरा को शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मुहर्रम के दौरान आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसमें एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं को जुलूस मार्गों की सड़कों की मरम्मत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जुलूसों में नेहरू युवा केंद्र और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। तहसील के अधिकारियों को सतर्क रहने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि जनपद में पूर्व के सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं और मुहर्रम भी उसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसपी ने दोहराया कि कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी और ताजियों की ऊंचाई व चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी सूचना या समस्या के लिए पुलिस और प्रशासन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। मुहर्रम के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाएगी ताकि आमजन को कोई असुविधा न हो।
इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में 6 साल के बच्चे की मौत हो गई। प्रियांशु तोमर अपने पिता के साथ बाइक से जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बच्चे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने हुआ हादसा पुलिस के अनुसार हादसा नेमावर रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने हुआ। मृतक की पहचान प्रियांशु (6) पुत्र सचिन तोमर निवासी हम्माल कॉलोनी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि प्रियांशु सोमवार को अपने पिता के साथ बाइक से एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। परिजनों का आरोप है कि वाहन चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल प्रियांशु को तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। भंवरकुआं थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और वाहन चालक की भूमिका की जांच कर रही है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ओबीसी समाज से बसपा का साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 2007 की तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में भी ओबीसी समाज पूर्ण बहुमत दिलाकर बसपा की सरकार बनाए। मायावती ने कहा कि दूसरी पार्टियों ने ओबीसी समाज को सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया, जबकि बसपा ने ही उन्हें सत्ता और संगठन दोनों में सच्ची भागीदारी दी। बसपा प्रमुख मायावती पिछले कई दिनों से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर लगातार बैठकें कर रही हैं। इन बैठकों में उन्होंने ओबीसी भाईचारा कमेटी को दिए गए दिशा-निर्देशों की जमीनी तैयारियों, जनाधार बढ़ाने और कार्यकलापों की विस्तृत समीक्षा की। “ओबीसी का असली कल्याण बसपा में ही” मायावती ने कहा, “पिछले तमाम अनुभवों के आधार पर मैं स्पष्ट रूप से कह सकती हूं कि ओबीसी समाज का वास्तविक हित और कल्याण बसपा व बहन मायावती की सरकार में ही निहित है।” उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज बसपा को छोड़कर दूसरी पार्टियों के साथ जाकर देख चुका है। उन पार्टियों ने न तो संगठन में और न ही सरकार में ओबीसी समाज को कभी आगे बढ़ाया या पर्याप्त भागीदारी दी। मायावती ने आरोप लगाया कि बसपा को छोड़कर अन्य पार्टियां ओबीसी समाज के किसी व्यक्ति को तभी आगे बढ़ाती हैं, जब उन्हें चुनावी लाभ चाहिए होता है। लेकिन पूरे ओबीसी समाज का सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास कभी भी उनके एजेंडे में नहीं रहा। संविदा और ठेके पर नौकरी देकर छीन रहे आरक्षण बसपा प्रमुख ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण संबंधी मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू करने का इन पार्टियों ने खुलकर विरोध किया था। आजकल की सरकारें आरक्षण को निष्क्रिय बनाने के लिए संविदा और ठेके की नौकरियां दे रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मंडल रिपोर्ट लागू कराने में बसपा ने सबसे अधिक प्रयास किए। बसपा सरकार में ओबीसी समाज को उनका वाजिब हक दिया गया। मायावती ने कहा कि ओबीसी समाज के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों जैसे महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायण गुरु आदि को बसपा ने पूरा सम्मान दिया। मायावती का आह्वान शोषित से शासक बनिए बहन मायावती ने बताया कि दलित और ओबीसी वर्ग के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक विकास के लिए देश में पहली बार बसपा सरकार ने अलग-अलग मंत्रालय, मंत्री, आयोग और विशेष विकास योजनाएं बनाईं। दूसरी पार्टियों की सरकारों में ये काम सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए क्योंकि उनकी नीयत और नीति में ईमानदारी नहीं है। इसी कारण ओबीसी समाज की हालत सुधर नहीं पा रही है। मायावती ने ओबीसी समाज से आह्वान किया, “रोना-धोना समस्या का समाधान नहीं है। असली हल सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेने से होगा। बसपा को सत्ता में पहुंचाकर शोषित से शासक बनिए।”
हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मंगलवार को पहली बार जींद पहुंचीं। यहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान एक पत्रकार वार्ता में डॉ. गुप्ता ने कहा कि वह आज बहू बनकर नहीं, बल्कि भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष बनकर लोगों के बीच आई हैं। उन्होंने कहा कि बहू बनकर तो वह वर्षों से यहां आती रही हैं, लेकिन अब वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाते अपने कार्यकर्ताओं से मिलने आई हैं। पीएम के कार्यकाल को बताया सुशासन उन्होंने संगठन में 33% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें इस दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिला सांसदों और विधायकों की संख्या बढ़ेगी। डॉ. अर्चना गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को 'विश्वास, जनकल्याण और सुशासन' का बताया। उन्होंने कहा कि ये 12 वर्ष प्रधानमंत्री की कड़ी तपस्या और परिश्रम का परिणाम हैं, जिससे गरीब व्यक्तियों, महिलाओं और किसानों का उत्थान हुआ है। उषा प्रियदर्शनी से अच्छे कार्यों की उम्मीद : अर्चना गुप्ता महिला आयोग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पूर्व चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने पिछले चार वर्षों में कार्य किया है। उन्होंने बताया कि अब महिला मोर्चा की उषा प्रियदर्शनी महिला आयोग की नई चेयरपर्सन बनी हैं, और उनसे भी अच्छे कार्यों की उम्मीद है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि महिला आयोग में पहले भी काम हुआ है और आगे भी बेहतर काम होगा।
महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी, बीकानेर के नए परिणाम संशोधन-2026 नियम का विरोध कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं व छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। छात्र एसडी बिहाणी कॉलेज में विरोध-प्रदर्शन कर कॉलेज बंद करवा रहे थे। इसी दौरान जवाहर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को हिरासत में लेकर घसीटते हुए थाने ले गई। जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान ने कहा- यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लाया गया यह नया नियम पूरी तरह कानूनन गलत है। यूनिवर्सिटी ने तुगलकी फरमान जारी कर यह नियम छात्रों पर थोप दिया है। एनएसयूआई इसकी कड़ी निंदा करता है और इसके समर्थन में नहीं है। आज जब एनएसयूआई के कार्यकर्ता व छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने ले गई। मान ने कहा- जब-जब प्रशासन डरता है पुलिस को आगे करता है। लेकिन जब तक यह फरमान वापस नहीं ले लिया जाता विरोध-प्रदर्शन करते रहेंगे। छात्र डरने वाले नहीं है।मान ने कहा कि यूनिवर्सिटी अब स्नातक या स्नातकोत्तर परीक्षा में किसी भी विषय में सप्लीमेंट्री आने पर छात्र आगामी कक्षा में एडमिशन नहीं ले पाएगा। उसे सप्लीमेंट्री क्लियर करने के लिए 6 महीने इंतजार करना पड़ेगा। इससे हजारों छात्रों को डिग्री हासिल करने में 2-3 साल की जगह 5 साल लग जाएंगे। इस संशोधन की कोई पूर्व सूचना न यूनिवर्सिटी को दी गई और न ही स्टूडेंट्स को। अचानक थोपे गए इस आदेश से पूरे जिले में छात्रों में भारी असमंजस और गुस्सा फैल गया है। एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उच्च शिक्षा मंत्री और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस विवादित नियम संशोधन-2026 को तुरंत वापस नहीं लिया तो जिलेभर में छात्र आंदोलन करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार, यूनिवर्सिटी प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष सम्यक भादू, महासचिव वरजिन्द्र सिंह, सचिव यश गोयल, दीपांशु वर्मा व जितेन्द्र भाटी, कृष्णा शर्मा, आयुष नारंग, पारस शर्मा, युवराज अग्रवाल, रमन सुथार, काव्य कथुरिया सहित एनएसयूआई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने के साथ ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने सबसे मजबूत सामाजिक समीकरण को फिर से सक्रिय करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी प्रमुख मायावती ने ओबीसी समाज की समीक्षा बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और वर्ष 2007 जैसी राजनीतिक परिस्थितियां तैयार करने पर जोर देते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि आगामी चुनाव में पिछड़ा वर्ग बसपा की रणनीति का प्रमुख केंद्र रहेगा।
चिकित्सा और तकनीक के क्षेत्र में अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल ने मंगलवार को नया इतिहास रच दिया। अब यहां आने वाले मरीजों को अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया। खास बात यह रही कि उद्घाटन के मौके पर ही रोबोट की मदद से तीन सफल सर्जरी कर नई तकनीक की शुरुआत कर दी गई। यह सौगात JLN मेडिकल कॉलेज के 1965 बैच के पूर्व छात्र और सीटीवीएस सर्जन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने अपनी मातृसंस्था को ‘गुरुदक्षिणा’ के रूप में दी है। स्वदेशी रोबोटिक सर्जरी तकनीक विकसित करने वाले डॉ. श्रीवास्तव ने मेडिकल कॉलेज की डायमंड जुबली के दौरान रोबोट देने की घोषणा की थी, जिसे अब साकार रूप मिला है। प्रिंसिपल डॉ.अनिल सामरिया ने बताया कि अस्पताल को ₹9-9 करोड़ की लागत वाले दो अत्याधुनिक रोबोट प्राप्त हुए हैं। इनमें से एक रोबोट को सीटीवीएस यूनिट में स्थापित कर दिया गया है। मूल रूप से जोधपुर के रहने वाले डॉ. सुधीर श्रीवास्तव अमेरिका में 4 हजार से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी कर चुके हैं और तकनीकी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए केंद्र सरकार भी उन्हें सम्मानित कर चुकी है। उद्घाटन के साथ ही 3 सफल ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होते ही अस्पताल में तीन जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। जनरल सर्जरी विभाग: नोडल अधिकारी डॉ. शिवकुमार बुनकर के नेतृत्व में गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) और हर्निया के दो सफल ऑपरेशन किए गए। सीटीवीएस विभाग: डॉ. अनुराग गोयल और डॉ. तेजकरण सोनी की टीम ने रोबोटिक तकनीक की सहायता से एएसडी (ASD) रिपेयर की जटिल कार्डियक सर्जरी को अंजाम दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर केवल जनरल सर्जरी तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसका उपयोग स्त्री रोग, कैंसर, हार्ट और यूरोलॉजी विभाग की जटिल सर्जरी के लिए भी किया जाएगा। मरीजों को होंगे ये बड़े फायदे प्रिंसिपल डॉ.अनिल सामरिया और नोडल अधिकारी डॉ. शिवकुमार बुनकर ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। अजमेर बनेगा रोबोटिक सर्जरी का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर रोबोटिक सर्जरी परियोजना के लिए वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिवकुमार बुनकर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि इस तकनीक के विशेष प्रशिक्षण के लिए चार सदस्यीय टीम, जिसमें डॉ. अनिल सामरिया, डॉ. मीनाक्षी सामरिया, डॉ. शिवकुमार बुनकर और डॉ. अनुराग शामिल हैं, गुरुग्राम गई हुई है। प्रशिक्षण के साथ ही अजमेर को रोबोटिक सर्जरी के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। भविष्य में देश और प्रदेश के अन्य डॉक्टरों को भी यहीं प्रशिक्षण दिया जाएगा। देवनानी बोले- चिकित्सा शिक्षा और नवाचार के नए युग की शुरुआत राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है। यह सिर्फ एक मशीन की शुरुआत नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और नवाचार के एक नए युग का प्रारंभ है। हमने JLN के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए 240 करोड़ स्वीकृत कराए हैं और आज ही सेटेलाइट अस्पताल को 27 लाख की लागत से नई सोनोग्राफी मशीन की सौगात भी दी है। हमारा प्रयास है कि इस रोबोटिक सुविधा को मां योजना से जोड़ा जाए, ताकि गरीब से गरीब मरीज को भी इसका मुफ्त और बेहतरीन लाभ मिल सके। 227 नर्सिंग कर्मियों का विरोध प्रदर्शन एक ओर अस्पताल में चिकित्सा के नए युग की शुरुआत हो रही थी, वहीं दूसरी ओर संविदा से हटाए गए 227 नर्सिंग कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। परमानेंट नर्सिंग कर्मचारियों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया।जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे, नर्सिंग कर्मियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशासन ने विरोध को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को स्पीकर से दूर रखा। बाद में परमानेंट नर्सिंग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चेतन प्रकाश ने अपनी मांगों को लेकर देवनानी को ज्ञापन सौंपा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बदायूं में आंधी-बारिश से अब तक चार की मौत:युवक छत से गिरा, मासूम भाई-बहन और युवती की भी जान गई
बदायूं में सोमवार देर शाम आई तेज आंधी-बारिश ने चार लोगों की जान ले ली। शहर में एक युवती की पेड़ गिरने से मौत हो गई, जबकि हजरतपुर में ट्रांसफार्मर गिरने से मासूम भाई-बहन की जान चली गई। उसावा में एक युवक छत से गिरकर मारा गया। सोमवार देर शाम 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके बाद करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई स्थानों पर भारी नुकसान भी पहुंचाया। शहर के गद्दीचौक के पास आंधी के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक विशाल पेड़ अचानक ऑटो के ऊपर आ गिरा। ऑटो में सवार मोहल्ला जालंधरी सराय निवासी शवा अलीम (23), पुत्री अहमद अली खान, और चालक संतोष (निवासी उसहैत) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में शवा की मौत हो गई। युवती के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, थाना हजरतपुर इलाके के गांव जमालपुर में संतोष राठौर के खेत में लगे ट्यूबवेल के पास एक झोपड़ी पर ट्रांसफार्मर और उसके पोल गिर गए। झोपड़ी में संतोष का बेटा विशेष (11) और उसकी पांच वर्षीय बेटी अनामिका बैठे थे। झोपड़ी धंसने से दोनों मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम रात में ही कराया गया। इसके अलावा, उसावा थाना क्षेत्र के भवन नगला गांव निवासी कप्तान सिंह (30) आंधी के दौरान अपनी छत पर टिनशेड ठीक करने गए थे। तेज हवाओं के कारण वह छत से नीचे गिर गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि आंधी-बारिश में अभी तक तीन लोगों की मौत की रिपोर्ट मिली है। इनमें से दो का पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतकों के आश्रितों को दैवीय आपदा राहत कोष के तहत आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
बेगूसराय के चांदपुरा स्थित +2 विद्यालय के जर्जर खपरैल भवन के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेगूसराय नगर विधायक कुंदन कुमार सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा, जिसका नेतृत्व प्रशांत कुमार ने किया। ज्ञापन में बताया गया कि विद्यालय में 845 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि 25 शिक्षक कार्यरत हैं। इसके बावजूद, विद्यार्थियों को जर्जर खपरैल भवन में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के दौरान पर्याप्त कमरों के अभाव में छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्रों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय के लिए एक +2 मॉडल भवन के निर्माण की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में वेदप्रकाश, नयन कुमार, गुलशन कुमार, राजा कुमार, अमन कुमार, अभिषेक कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इस मामले पर विधायक कुंदन कुमार सिंह ने गंभीरता दिखाते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से विद्यालय को जल्द ही नया भवन उपलब्ध होगा, जिससे छात्रों को एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
बांग्लादेश में 10 से 14 जून तक आयोजित हुए मेंस आईएचएफ (IHF) ट्रॉफी में भारतीय हैंडबॉल टीम में बिहार के भाग लेने वाले एकलौते खिलाड़ी बेगूसराय के शिवा कुमार आज गांव लौटे। भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले शिवा के बेगूसराय पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रिफायनरी टाउनशिप गेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिवा को सम्मानित किया और इसे न केवल बेगूसराय और बिहार के साथ देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। शिव को मेडल, गुलदस्ता और अंगवस्त्र से सम्मानित करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि शिवा भारत की ओर से बांग्लादेश खेलने गए थे। वहां से मेडल लेकर आए हैं, यह केवल बेगूसराय के लिए और बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। दुलारपुर के रहने वाले शिवा बेगूसराय और देश के भविष्य हैं। जैसे समस्तीपुर के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी यहां से खेलते हुए आज देश के लिए खेल रहे हैं। इस तरह से शिव ने भी अद्भुत खेल प्रदर्शन किया है। गिरिराज बोले- मोदी सरकार ने देश में खेल के लिए बजट बढ़ा कर माहौल बनाया हैंडबॉल में हमारे बेगूसराय का लड़का आज इतना ऊंचा गया। भारत के लिए मेडल लेकर वापस आया, यह पूरे देश के लिए गौरव है तो बेगूसराय के लिए जितना कहिए कम होगा। नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, देश में खेल के लिए सिर्फ बजट नहीं बढ़ाया, बल्कि खेल का माहौल बनाने का काम किया है। शिवा कुमार ने बताया कि बिहार में हैंडबॉल की शुरुआत हमारे गांव दुलारपुर से हुई थी। दुलारपुर के ढ़ेर सारे खिलाड़ी गांव से दूर-दूर तक खेलने जाते थे तो उन्हें देखकर उत्साह जगा। हमने गांव में ही मिट्टी के मैदान से खेलना शुरू किया। मिट्टी के ग्राउंड और इंडोर ग्राउंड में काफी फर्क होता है। वह मैट लगे होते हैं, अपने यहां भी इंडोर ग्राउंड की जरूरत है। शिवा बोले- पटना एकलव्य में ट्रेनिंग ली, गुजरात में सीख रहे हैं गांव से खेलना शुरू किया तो पटना एकलव्य में प्रशिक्षण लिया। फिर साई में ट्रायल दिया तो सक्सेस हो गया और गुजरात में सीख रहे हैं। अभी IHF खेला है, इससे पहले कुवैत जाकर खेले थे। आगे भी बहुत कुछ खेलना है, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम में खेल कर मेडल जीतना हमारा सपना है, उसमें सफल होंगे। मौके पर हैंडबॉल एसोशिएशन ऑफ बेगूसराय के बाबुल कुमार सहित अन्य खिलाड़ी उपस्थित थे। सबों ने शिवा कुमार को उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही भरोसा दिलाया कि शिवा को आगे खेलने के लिए जो भी जरूरत होगा, उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
झालावाड़ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत प्रभुलाल तंवर, पांचूलाल, रामलाल तंवर और उनके सहयोगियों की करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी अब इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। पुलिस इसे नशा माफियाओं की आर्थिक जड़ों पर सीधा प्रहार मान रही है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। ऑपरेशन दिव्य प्रहार-1 की सफलता के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार-2.0 का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाना है। गोपनीय जांच के बाद संपत्तियां चिन्हित एसपी कार्यालय की एमओबी शाखा ने तस्करों और उनके सहयोगियों की संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया। इसके बाद अकलेरा और मनोहरथाना थाना पुलिस ने जांच कर उन संपत्तियों को चिन्हित किया, जिन्हें कथित तौर पर मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था। जांच के आधार पर संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। राजस्व और पीडब्ल्यूडी विभाग का भी सहयोग कार्रवाई के दौरान जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागों ने चिन्हित संपत्तियों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया और उनके वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की। इन तस्करों की संपत्तियां आईं जांच के दायरे में जांच के दौरान प्रभुलाल तंवर, पांचूलाल, उसके पुत्र मुकेश मीणा, रामलाल तंवर और उसके भाई दुर्गाशंकर के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों को चिन्हित किया गया। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों को मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था, जिसके बाद इन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। पहले भी हुई थी बड़ी बरामदगी इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज एनडीपीएस मामलों में पूर्व में बड़ी मात्रा में डोडा-चूरा और स्मैक बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए गए कई दोपहिया और चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए थे। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए आंकी गई थी। काली कमाई पर सीधा वार पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि एक आर्थिक नेटवर्क भी है। ऐसे में ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के जरिए तस्करों की काली कमाई और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई कर उनके पूरे नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी ऐसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, ताकि जिले को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
जैसलमेर जिले के ग्रामीण इलाके में देर रात एक सूखे टांके (पानी का हौद) में एक साथ कई जहरीले जीवों के निकलने से हड़कंप मच गया। जैसलमेर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित जावंध जूनी गांव में एक घर में बने 15-20 फीट गहरे पानी के टांके में पानी भरने के लिए जैसे ही ढक्कन खोला गया, तो अंदर नर-मादा कोबरा का जोड़ा और 5-6 जहरीले बिच्छू रेंगते मिले। ग्रामीणों की सूचना पर स्नेक कैचर साहिल खान अपने सहयोगी ईश्वर चौधरी के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद सूझबूझ और बहादुरी से करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद सभी जहरीले जीवों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। देर रात पानी भरने खोला टांका, उड़ गए होश जावंध जूनी गांव में एक परिवार का पीने के पानी का टांका लंबे समय से खाली पड़ा था। देर रात जब परिवार ने इसमें पानी स्टोर करने के लिए इसका ढक्कन हटाया, तो नीचे दो विशालकाय कोबरा सांप कुंडली मारे बैठे थे। टॉर्च की रोशनी में काले नागों को देखकर पूरे परिवार के पैर तले जमीन खिसक गई। ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव प्रेमी और स्नेक कैचर साहिल खान को दी गई। 15 फीट गहरे अंधेरे में था दोहरा खतरा सूचना मिलते ही साहिल खान अपने साथी ईश्वर चौधरी के साथ देर रात ही गांव पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। साहिल जब सुरक्षा उपकरणों के साथ 15 फीट गहरे टांके में उतरे, तो वहां का नजारा और भी खौफनाक था। कोबरा के जोड़े के ठीक बगल में 5 से 6 बेहद जहरीले बिच्छू भी मौजूद थे। उमस और तंग जगह के बावजूद टीम ने करीब 15 मिनट में दोनों खतरनाक सांपों और बिच्छुओं को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित काबू कर लिया। इन्हें दूर घने जंगल में आजाद किया गया, जिसके बाद ग्रामीण अब टांके में पानी भर सके। सांप दिखने पर क्या करें और क्या न करें स्नेक कैचर साहिल खान ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए सांपों से बचाव और सर्पदंश की स्थिति में जीवन रक्षक उपाय साझा किए:
कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में एक महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने और पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। रसूलाबाद तहसील के सिठऊमताना गांव निवासी मंजू देवी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी पुश्तैनी भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया है। मंजू देवी के अनुसार, वह कई वर्षों से अपनी जमीन वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। मंजू देवी ने बताया कि राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद धारा-24 के तहत दो बार कब्जा हटवाकर उन्हें भूमि दिलाई गई थी। हालांकि, आरोपित लोग बार-बार जमीन पर दोबारा कब्जा कर लेते हैं। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार दबंगों ने उन्हें और उनके परिजनों को कमरे में बंद कर मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनका कहना है कि कई बार थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। मंजू देवी ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और लगातार हो रहे विवाद तथा उत्पीड़न के कारण उनके परिवार का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से भूमि पर दोबारा कब्जा दिलाने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पीड़िता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। इस संबंध में रसूलाबाद तहसील की एसडीएम शिखा शंखवार ने बताया कि यह मामला धारा 134 के तहत न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने जिलाधिकारी के यहां शिकायत दी है और उन्हें कार्यालय बुलाया गया है। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अरथूना थाना क्षेत्र के जौलाना-नाहली रोड पर मंगलवार दोपहर में दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में दोनों बाइकों पर सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गम्भीर बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जौलाना सीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। 2 बाइक आपस में भिड़ी हादसा जौलाना के पास नाहली रोड पर हुआ। माजिया गांव निवासी प्रवीण और प्रभुलाल बाइक से अपने गांव की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे खोखरवा निवासी हिमांशु और हीरालाल की बाइक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और चारों सवार सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। प्रभुलाल का पैर टूटा भीषण हादसे में माजिया निवासी प्रभुलाल का पैर फ्रैक्चर हो गया, वहीं अन्य तीनों युवकों को भी सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची अरथूना थाना पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत जौलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बांसवाड़ा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को जब्त कर थाने भिजवा दिया हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा केंद्र वाले जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, यातायात, बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। 30 जिलों के 283 केंद्रों पर होगी परीक्षा प्रदेश में NEET (UG) 2026 परीक्षा 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता और कार्यकुशलता के साथ किया जाए। परीक्षार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त समय इस वर्ष केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा की कुल अवधि सवा तीन घंटे निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिरिक्त समय से जुड़े दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाए और इसकी जानकारी सभी परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाई जाए। सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। परीक्षा के दिन योग दिवस भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन भी होने हैं। ऐसे में इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यातायात का बेहतर नियोजन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी परीक्षार्थी निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंच जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आवागमन की समस्या हो, तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी शासकीय वाहन और आवश्यकता पड़ने पर अपने वाहन से भी उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें।
मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका की मुख्य पानी टंकी के सप्लाई वाल्व में खराबी आने से पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है। टंकी में भरा गया लगभग 5 लाख लीटर पानी वाल्व लीकेज के कारण बह गया। जिससे आसपास के घरों, सड़कों और स्कूलों में 2 फीट तक पानी भर गया। नगर के 8 वार्डों में सुबह से पीने के पानी की सप्लाई नहीं हो सकी है, जिससे 8 हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। 8 महीने पहले ही लगाया गया था नया वाल्व यह घटना वार्ड क्रमांक 6 में स्थित पानी टंकी के पास हुई, जहां पानी के सैलाब के कारण आसपास बसे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस पानी टंकी में लगभग 8 माह पूर्व ही नया वाल्व लगाया गया था, जो फिर से खराब हो गया है। जल्द दूर कर दी जाएगी समस्या इस मामले में लोरमी नगर पालिका के जल संसाधन विभाग के सभापति राजेंद्र सलूजा ने बताया कि वाल्व में लीकेज की वजह से यह समस्या आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसे जल्द ही दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ठेकेदार दीपेश गांधी के आवास पर दबिश दी है। ईडी की यह कार्रवाई पिछले चार घंटे से अधिक समय से जारी है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना घोटाला या उससे जुड़े अन्य मामलों से संबंधित हो सकती है। हालांकि ईडी की ओर से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। ईडी की टीम सुरक्षा बलों के साथ दो वाहनों में धमतरी पहुंची और कोतवाली थाना क्षेत्र के आमापारा वार्ड स्थित दीपेश गांधी के निवास पर जांच शुरू की। मकान के भीतर 6 से अधिक अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान टीम ने घर में मौजूद परिजनों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए हैं। साथ ही अलग-अलग दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। बता दें कि दीपेश गांधी पेशे से ठेकेदार है। वह अलग-अलग सरकारी और निजी परियोजनाओं में बड़े ठेकेदारों के साथ काम करता है। पूर्व मंत्री के भाई के घर ED रेड पड़ी थी बता दें कि इससे पहले भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुरूद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। साथ ही कुरूद में ही राइस मिलर रौशन चंद्राकर के यहां रेड मारी गई थी। जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया। क्या है भारत माला परियोजना ? भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। यह कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे। देश के अधिकांश फ्रेट ट्रैफिक को इन्हीं मार्गों से ले जाने की योजना है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का अहम हिस्सा है। ..………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धमतरी में पूर्व मंत्री के भाई के घर ED रेड: 12 से ज्यादा अधिकारी खंगाल रहे दस्तावेज; अभनपुर में भी एक्शन, भारतमाला से जुड़ा मामला छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी के कुरूद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही कुरूद में ही राइस मिलर रौशन चंद्राकर के यहां रेड मारी गई। पढ़ें पूरी खबर…
शाजापुर में घर में आग लगी:टीवी-कूलर सहित घरेलू सामान जलकर खाक
शाजापुर शहर के सोमवारिया बाजार स्थित बालवीर हनुमान मंदिर के पास मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एक मकान में अचानक आग लग गई। इस घटना में घर में रखा टीवी, कूलर, पंखा, पलंग सहित अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि क्षेत्र में धुआं फैल गया, जिससे आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और अफरा-तफरी मच गई। यह आगजनी की घटना बालवीर हनुमान मंदिर के समीप रहने वाले अशोक शर्मा के घर में हुई। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और डायल-112 के पायलट कमलेश तथा आरक्षक निलेश मौके पर पहुंचे। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक घर का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं।
फर्रुखाबाद जनपद के कंपिल थाना क्षेत्र के गांव ग्रासपुर निवासी मुसाफिर की तहरीर पर सपा नेता और कंपिल नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव, सूर्यदेव और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी और फायरिंग के आरोप हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित मुसाफिर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 4 जून की रात करीब 10 बजे वह ग्राम शंकरपुर हरहरपुर से अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में सुखबीर सिंह के घर के पास पहले से मौजूद उदयपाल सिंह यादव, सूर्यदेव और उनके तीन अज्ञात साथियों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मुसाफिर ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ थप्पड़ों और घूंसों से मारपीट की गई। मुसाफिर का आरोप है कि वह किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे, लेकिन आरोपी उनका पीछा करने लगे। इसी दौरान पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव ने बंदूक निकालकर जान से मारने की धमकी दी और उन पर दो फायर किए। दोनों गोलियां मुसाफिर के पास से निकल गईं, जिससे वह बाल-बाल बच गए। आरोप है कि आरोपियों ने भविष्य में भी जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि चुनाव के दौरान सहयोग न करने के कारण आरोपी उनसे रंजिश मानते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं तथा उन पर गुंडा एक्ट और जिला बदर जैसी कार्रवाई भी हो चुकी है। 15 जून को तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने उदयपाल सिंह यादव, सूर्यदेव और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वहीं, मुसाफिर का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच चार लोगों की मौजूदगी में समझौता भी हो गया था। दूसरी ओर,उदयपाल सिंह यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में केवल कहासुनी हुई थी,जिसके बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया था। थानाध्यक्ष नितिन चौधरी ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। चुनाव में नहीं की मदद तो मानने लगा रंजिशपीड़ित ने बताया कि चुनाव में मदद नहीं की इसी के चलते वह रंजिश मानने लगे। दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह दबंग प्रवृत्ति का है। जिस पर कम्पिल थाना सहित अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। राजनीति और धनबल के कारण लोग शिकायत करने से भी डरते हैं। मालूम होकि वर्ष 2012 में उदयपाल कम्पिल नगर पंचायत का अध्यक्ष बना था, तब से नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट पर उसके परिवार का कब्जा है।
गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के चट्टी गांव में एक वृद्ध व्यक्ति की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान धना उरांव के रूप में हुई है। यह घटना मंगलवार तड़के सुबह की है। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के नाती ने बताया कि मंगलवार तड़के धना उरांव शौच के लिए घर से निकले थे। घर से कुछ दूरी पर गांव के ही छोटू उरांव ने उन पर मोटे डंडे से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण धना उरांव की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी गांव में ही घूम रहा था। सूचना मिलने पर घाघरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त किए गए लाठी डंडे आदि जप्त कर लिए और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे आशंका थी कि यदि वह वृद्ध को नहीं मारता, तो वृद्ध उसे मार देता। इसी डर से उसने हमला किया। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, पुलिस सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में जमीन विवाद या अंधविश्वास के चलते भी कई हत्याएं होती रही हैं, जिनकी पुलिस गहनता से छानबीन करती है।
यात्रियों के लिए तेजी से विकसित किए जा रहे जबलपुर के मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां लगी लिफ्ट में यात्री फंस गए। करीब 30 से 40 मिनट तक लिफ्ट में फंसे यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। भीषण गर्मी के बीच आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और लिफ्ट को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। उसके पहुंचने पर लिफ्ट ठीक हुई और यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए। रविवार रात हुई इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मदनमहल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट रविवार रात ओवरलोड होने के कारण बीच रास्ते में रुक गई। लिफ्ट में लगभग 15 यात्री अपने भारी सामान के साथ सवार थे, जो काफी देर तक अंदर फंसे रहे। गर्मी और डर के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर निकलने के बाद उन्होंने रेलवे की यात्री सेवाओं पर सवाल खड़े किए। लिफ्ट बीच रास्ते में हुई बंद रात में ट्रेन संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस के मदनमहल स्टेशन पहुंचते ही बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट में सवार हो गए। लिफ्ट कुछ ही ऊपर गई थी कि सिग्नल के साथ बंद हो गई। लिफ्ट विशेषज्ञों के अनुसार, क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण लिफ्ट पर अत्यधिक भार पड़ गया, जिससे वह बीच रास्ते में लॉक हो गई। लिफ्ट में फंसे यात्रियों की घबराहट बढ़ने लगी और कुछ देर बाद बच्चों व महिलाओं के रोने-चीखने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए मदनमहल स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के एएसआई विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। उन्होंने लिफ्ट में फंसे लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें शांत रहने के लिए समझाते रहे। मुख्य स्टेशन से मैकेनिक बुलाकर आवश्यक तकनीकी सुधार किया गया, जिसके बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया जा सका। सकुशल बाहर आने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। रात 9:40 बजे से लेकर 10:30 बजे तक यात्री लिफ्ट के अंदर फंसे रहे। मुख्य स्टेशन से विशेषज्ञ बुलाकर किया गया रेस्क्यू यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञ की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए, क्योंकि कब और कहां जरूरत पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। मदनमहल स्टेशन पर एक रैंप और प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर एक लिफ्ट है। ट्रेन आने पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ के कारण यात्रियों में जल्द बाहर निकलने की होड़ लग जाती है। इस घटना के बाद स्टेशन के दूसरे छोर पर भी फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर की आवश्यकता महसूस की जा रही है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय उससे संबंधित सभी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
हिसार शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल लक्ष्मी बाई चौक से टाउन पार्क तक का सफर आने वाले समय में अधिक सुगम और तेज होने जा रहा है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को राहत देने के लिए इस मार्ग को 4-लेन से 6-लेन में अपग्रेड किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने करीब 30.08 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्वीकृति के बाद परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। यह मार्ग शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ता है, जहां दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है। सड़क चौड़ी होने से न केवल यातायात सुचारू होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। हिसार को जाम मुक्त बनाने के प्रयास जारी : गंगवा गंगवा ने कहा कि हिसार को जाम मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से गठित कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इस परियोजना को मंजूरी मिली है। सड़क के दोनों ओर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहतर शहरी ढांचा विकसित किया जा सके। गंगवा बोले- आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि सड़क विस्तार का लाभ व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर के विकास को नई गति मिलेगी। गंगवा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हिसार सहित सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी नई परियोजनाएं लाई जाती रहेंगी।
दतिया शहर के भांडेरी फाटक क्षेत्र में एक दलित युवक के साथ बीच सड़क पर लाठी-डंडों से की गई मारपीट का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया था। वीडियो में तीन युवक और एक नाबालिक पीड़ित को उसके घर के बाहर घेरकर बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर चारों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का पीतांबरा चौराहे पर जुलूस निकालते हुए न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार भांडेरी फाटक बंगर की हवेली निवासी 24 वर्षीय करन वाल्मीकि ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 10 जून की सुबह अग्रसेन इंडेन गैस एजेंसी की सिलेंडर वितरण गाड़ी के कर्मचारियों से उसका विवाद हुआ था। फरियादी का आरोप है कि इसी विवाद से नाराज होकर दोपहर करीब एक बजे वीरेंद्र कुशवाह, आकाश कुशवाह, नितिन कुशवाह और एक नाबालिक लाठी-डंडे लेकर उसके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। एफआईआर में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि, आरोपियों ने जातिसूचक अपमानजनक शब्द कहे और लाठी-डंडों से हमला कर उसके सिर, हाथ, पीठ, पेट, कमर और पैरों में चोट पहुंचाई। घटना के दौरान क्षेत्र के लोगों ने बीच-बचाव किया। जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। जाते-जाते उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट में घायल युवक उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। बाद में 12 जून को अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार पुलिस ने आरोपियों का पीतांबरा चौराहे पर जुलूस निकालकर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।
पटना में एक युवती के साथ दो बदमाशों ने लूटपाट की थी। उसके गले से सोने की चेन छीन लिया था। पीड़िता आरोही सिंह (25) सुबह 5:32 बजे जिम के लिए पैदल जा रही थी। वैधम हॉस्पिटल के पास वो पहुंची थी। तभी पीछे से बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे। उनके हाथ में पिस्टल भी था। उनलोगों ने हथियार दिखाकर आरोपी के गले से सोने की चेन छीन ली। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी आया है। जिसमें दोनों बदमाश दिख रहा है। एक ने हेलेमट पहना था दूसरे ने चेहरा ढंक कर रखा था। मामला 10 जून का है, अब वीडियो सामने आया है। घटना कंकड़बाग के RMS कॉलोनी की है। वारदात की चार तस्वीरें… एक गिरफ्तार, दूसरे को पुलिस कर रही तलाश कंकड़बाग थानेदार अभय कुमार सिंह ने बताया कि लूट में शामिल एक आरोपी को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान कदमकुंआ इलाके के सागर राम के तौर पर हुई है। फिलहाल इसकी निशानदेही पर दूसरी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेड जारी है। चेन रिकवरी की भी कोशिश की जा रही है। सागर का लंबा आपराधी इतिहास है। बाइक चोरी, स्नैचिंग, फ्लैट में चोरी इसके लिए आम बात है। हाल के दिनों में रूपसपुर के एक अपार्टमेंट के तीन फ्लैट में चोरी हुई थी। इसमें भी इसकी संलिप्त सामने आई है। लूटपाट के बाद दिल्ली-कलकोता पार्टी करने जाते हैं पूछताछ में सागर ने बताया है कि दूसरा साथी बिहार छोड़कर फरार हो गया है। झारखंड का सीमावर्ती इलाका या कोलकाता में छिपा है। सागर बताया है की चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद मौज मस्ती करने के लिए अक्सर सभी साथी कोलकाता-दिल्ली जैसे दूसरे प्रदेशों में चले जाते थे।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्या के मामले में कांग्रेस सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जयराम ने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते गंभीरता बरती होती, तो इस घटना को रोका जा सकता था। जयराम ठाकुर ने कहा कि मृतक महिला पिछले कुछ समय से अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस और सरकार से लगातार गुहार लगा रही। बावजूद इसके महिला को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला द्वारा जताई गई आशंकाएं अंततः सच साबित हुईं और उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा- यह घटना सरकार की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू को जिम्मेदार ठहराया नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ने तर्क दिया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। राज्य में निरंतर बढ़ रही ऐसी घटनाएं जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे और अपराधियों में कानून का डर बना रहे। बीते 12 अप्रैल की ही मंडी के सरकाघाट में स्कूल जा रही बच्ची की दराट से दिनदाहाड़े काटकर हत्या कर दी गई थी। कुछ समय पहले चंबा में एक युवक की नृशंस हत्या की गई। दो दिन पहले भी चंबा में ही एक युवक का मर्डर कर शव नाले में फेंका गया।
डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, दादा की मौत:अशोकनगर में पोता घायल, चालक वाहन छोड़कर फरार
अशोकनगर जिले के ईसागढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चला रहे 60 वर्षीय टहल सिंह सिख की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय पोता लक्ष्यराज सिंह घायल हो गया। यह घटना लहदपुर गांव के पास हुई। दादा-पोता अपने घर से ईसागढ़ दूध बेचने जा रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर क्रेशर से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टहल सिंह को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डंपर बाइक के ऊपर से निकल गया, जिससे मोटरसाइकिल का आधा हिस्सा चकनाचूर हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ईसागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, वहीं घायल पोते लक्ष्यराज सिंह का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
फफूंद में सड़क हादसे में 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से दो साथी घायल, इलाज जारी
फफूंद। थाना क्षेत्र के सिंगलामऊ गांव निवासी 50 वर्षीय शिवकुमार की सोमवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से हुए इस हादसे में उनके दो साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, शिवकुमार अपने गांव के साथी अमर सिंह और नगला पाठक निवासी रामू के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। मुरादगंज रोड पर गांव से कुछ दूरी पहले किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर भिजवाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद शिवकुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि अमर सिंह और रामू का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने शिवकुमार के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से मृतक के परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है।
घोसी मेडिकल स्टोर में अनियमितताएं, कार्रवाई शुरू:मऊ में औषधि विभाग ने शुरू की वैधानिक प्रक्रिया
मऊ के घोसी में एक मेडिकल प्रतिष्ठान पर औषधि विभाग ने सोमवार को कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान कई आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न होने और नियमों के संभावित उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्म के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। जिलेभर में औषधि अनुज्ञप्तियों की वैधता, औषधियों के भंडारण, सक्षम व्यक्तियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों और पृथक गोदाम संचालन संबंधी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में औषधि निरीक्षक ने मेसर्स एस.डी. मेडिसिन सेंटर, नरोखर पोखरा के निकट, घोसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय फर्म स्वामी और विक्रय हेतु अनुमोदित व्यक्ति मौके पर मौजूद थे। टीम को फर्म द्वारा बेची जा रही अन्य कंपनियों का विवरण तो मिला, लेकिन संबंधित औषधि अनुज्ञप्तियों से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त होने की तिथि से लेकर निरीक्षण की तारीख तक सक्षम व्यक्ति के अनुभव प्रमाण-पत्र, वेतन भुगतान अभिलेख, वेतन पंजिका, शपथ पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसके अतिरिक्त, परीक्षण के लिए तीन संदिग्ध औषधियों के नमूने भी लिए गए हैं। औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख नियमानुसार प्रस्तुत न किए जाने और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के नियम 65 के संभावित उल्लंघन के मद्देनजर, फर्म को छह कार्य दिवस के भीतर प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। औषधि निरीक्षक द्वारा तैयार की गई निरीक्षण आख्या को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), आजमगढ़ मंडल को भेज दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में सभी थोक औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
हरदोई के हार्दिक गुप्ता को चेन्नई स्थित आईएफएमआर (IFMR) यूनिवर्सिटी से फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिसर्च की फेलोशिप डिग्री प्रदान की गई है। इस उपलब्धि से हार्दिक ने राष्ट्रीय स्तर पर हरदोई जिले का नाम रोशन किया है। यह डिग्री उन्हें 13 जून को चेन्नई स्थित म्यूजिक एकेडमी, टीटीके रोड में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई। समारोह में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, देश के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ सत्यनारायण आर. चक्रवर्ती, यूनिवर्सिटी के चांसलर लक्ष्मी नारायण और वाइस चांसलर डॉ. निर्मला राव सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. निर्मला राव ने हार्दिक गुप्ता को फेलोशिप डिग्री सौंपी। इस अवसर पर हार्दिक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की। हार्दिक गुप्ता हरदोई के लखनऊ रोड निवासी वरिष्ठ पत्रकार पी.के. गुप्ता ‘बबलू’ के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। हार्दिक ने कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 1917 में स्थापित आईएफएमआर संस्थान में प्रवेश लिया था। फेलोशिप डिग्री हासिल कर उन्होंने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। जिले के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य लोगों ने हार्दिक गुप्ता को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इसे हरदोई के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।
शेखपुरा नगर थाना क्षेत्र के मनियंडा गांव में मंगलवार को शराब कारोबारी द्वारा एक महिला पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब देने से मना करने पर कारोबारी ने महिला के ऊपर लकड़ी के मोटे डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया। घायल महिला की पहचान मनियंडा गांव निवासी बिरजू मांझी की पत्नी रेखा देवी के रूप में हुई है। महिला की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पावापुरी हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल से भेजा गया है। पति की शराब की आदत से परेशान थी पत्नी घायल महिला की पुत्री ने बताया कि उसके पिता बिरजू मांझी गांव के ही शराब कारोबारी नीरज चौधरी के यहां जाकर रोज शराब पीते थे। शराब पीने के बाद वह दिनभर नशे में रहते थे। उसने बताया कि शराब पीने के लिए उसके पिता अक्सर उसकी मां से पैसे की मांग करते थे। इससे पूरा परिवार परेशान था। इसी परेशानी को देखते हुए उसकी मां रेखा देवी ने शराब कारोबारी नीरज चौधरी से उसके पति को शराब नहीं देने की बात कही थी। शराब देने से रोकने पर भड़का कारोबारी परिजनों का आरोप है कि रेखा देवी द्वारा पति को शराब देने से मना करने की बात नीरज चौधरी को नागवार गुजरी। इसी गुस्से में उसने लकड़ी के मोटे डंडे से महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल पहुंचाया। आरोपी पर अवैध शराब कारोबार का आरोप घायल महिला की पुत्री ने आरोप लगाया कि नीरज चौधरी अवैध रूप से शराब का कारोबार करता है। उसने बताया कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है और पहले भी कई लोगों को परेशान कर चुका है। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने भी शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लिखित शिकायत मिलने के बाद होगी कार्रवाई मामले को लेकर नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। अभी पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलने का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल महिला का इलाज पावापुरी में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुरैना जिले के दिमनी क्षेत्र स्थित सहरियन का पुरा गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की सिर में सरिया मारकर बेहरमी से हत्या कर दी। सोमवार दोपहर खाना परोसने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। मारपीट से तंग आकर जब पत्नी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने जा रही थी, तभी पति ने पीछा कर खेत के पास इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे आरोपी धर्मेंद्र जाटव का अपनी पत्नी निशा से खाना परोसने की बात पर विवाद हो गया था। धर्मेंद्र ने गुस्से में आकर निशा को लात-घूंसों और डंडे से बुरी तरह पीटा। वह देर शाम तक उसे पीटता रहा। मारपीट से परेशान होकर निशा रिपोर्ट दर्ज कराने दिमनी थाने के लिए घर से निकली। इसी दौरान धर्मेंद्र ने पीछा किया और खेत के पास निशा के सिर पर पीछे से लोहे के सरिये से दो बार जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चचेरी बहन ने दी मायके और पुलिस को सूचनामृतका निशा की चचेरी बहन दिव्या ने इस घटना की सूचना निशा के मायके वालों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दिमनी पुलिस मौके पर पहुंची और देर शाम शव को कब्जे में लेकर मुरैना जिला अस्पताल के मर्चुरी हाउस भेज दिया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम (PM) कराया गया। दिव्या धर्मेंद्र के चचेरे भाई की पत्नी भी है। 15 साल पहले हुई थी शादी, अक्सर करता था मारपीटमृतका के छोटे भाई कोमल जाटव ने बताया कि उसकी बड़ी बहन निशा की शादी 15 साल पहले धर्मेंद्र से हुई थी और उनके एक बेटा तथा तीन बेटियां हैं। धर्मेंद्र अक्सर छोटी-छोटी बातों पर निशा के साथ मारपीट करता था। इसकी शिकायत ससुराल वालों से की गई और सामाजिक स्तर पर पंचायत भी हुई, लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद वह फिर मारपीट करने लगता था। शरीर पर लात-घूंसों से पीटने के निशान दिमनी थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र दोहरे ने बताया, मृतका के शरीर पर चोट के काफी निशान हैं। पति ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की है। हत्या सिर पर लोहे का सरिया मारने से हुई है, लेकिन शरीर पर लात-घूंसों के निशान भी स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। वहीं, डीएसपी (मुख्यालय) विजय भदौरिया ने कहा, मृतका मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जा रही थी, तभी पति ने सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी पति फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
जालंधर के शाहकोट के पास स्थित गांव कनियां कलां से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंजाब पुलिस के एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) इंस्पेक्टर हरभजन सिंह (68) ने मानसिक तनाव के चलते जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पत्नी के अनुसार, न्यूजीलैंड में रहने वाले बेटे-बहू के बीच चल रहे विवाद और इसके बाद लड़की पक्ष द्वारा दर्ज कराए गए झूठे मुकदमे व लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें कई लोगों के नाम दर्ज हैं। शाहकोट थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घरेलू विवाद और अदालती मामले से परेशान थे रिटायर्ड इंस्पेक्टर मॉडल थाना शाहकोट की पुलिस को दिए बयानों में मृतक हरभजन सिंह की पत्नी कुलवंत कौर ने बताया कि उनके पति पंजाब पुलिस से रिटायर होने के बाद गांव में ही खेतीबाड़ी का काम संभाल रहे थे। उनके तीन बच्चे हैं (दो बेटियां और एक बेटा), जो सभी शादीशुदा हैं और इस समय न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे अमरप्रीत सिंह की शादी 5 मई 2025 को गुरदासपुर के गांव पनियार की रहने वाली नवदीप कौर के साथ हुई थी। शादी के करीब 18 दिन बाद दोनों पति-पत्नी न्यूजीलैंड चले गए। लेकिन वहां जाने के बाद दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि अमरप्रीत सिंह ने न्यूजीलैंड की अदालत में तलाक का केस दायर कर दिया, जो अभी विचाराधीन है। लड़की पक्ष पर प्रताड़ना और झूठा केस दर्ज कराने का आरोप कुलवंत कौर ने आरोप लगाया कि तलाक के मामले से बौखलाकर उनकी बहू नवदीप कौर ने अपने पिता रछपाल सिंह के जरिए उनके पूरे परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। लड़की पक्ष ने उन्हें परेशान करने की नीयत से थाना सिटी बटाला (गुरदासपुर) में रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरभजन सिंह, उनके बेटे अमरप्रीत सिंह, दोनों बेटियों और दामाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया था। इस पुलिस केस के दर्ज होने के बाद से ही हरभजन सिंह मानसिक रूप से बेहद तनाव में रहने लगे थे। कुलवंत कौर ने बताया कि वह और उनके पति 10 जून 2026 को ही न्यूजीलैंड से भारत लौटे थे, लेकिन यहां आने के बाद भी लड़की वाले उन्हें लगातार डरा-धमका रहे थे। सुसाइड नोट छोड़कर दी जान, पुलिस कर रही छापेमारी पत्नी के मुताबिक, बहू नवदीप कौर, उसके पिता रछपाल सिंह और न्यूजीलैंड व पंजाब के रहने वाले कई अन्य सहयोगियों द्वारा दी जा रही लगातार धमकियों से तंग आकर हरभजन सिंह ने 14 जून 2026 की शाम करीब 5 बजे जहरीली चीज खा ली। गंभीर हालत में उन्हें जालंधर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएचओ दिलबाग सिंह ने यह भी बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बाराबंकी जिले के जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित रमताराम चतुर्भुज मंदिर की करीब 1200 बीघा भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर प्रबंधन समिति और वर्तमान में नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहारी पुरवा स्थित मंदिर में रह रहे बाबा कमलदास इस संपत्ति पर आमने-सामने हैं। मंदिर समिति से जुड़े आनंद मोहन ने आरोप लगाया है कि समय के साथ कमलदास ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताना शुरू कर दिया और अब वे मंदिर की बड़ी संपत्ति पर अधिकार जताने का प्रयास कर रहे हैं। समिति ने इस संबंध में प्रशासन से शिकायत कर पूरे मामले की जांच की मांग की है। समिति का कहना है कि रमताराम चतुर्भुज मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है। यहां प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला रामपुर महोत्सव दूर-दूर से श्रद्धालुओं और संतों को आकर्षित करता है। ऐसे में मंदिर की संपत्तियों और व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी तरह का विवाद गंभीर विषय है। वहीं, बाबा कमलदास ने मंदिर समिति के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वह वर्षों तक रमताराम चतुर्भुज मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और सेवा कार्य करते रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में उन्हें मंदिर से अलग किया गया और अब उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कमलदास का कहना है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पक्ष में उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। फिलहाल दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे प्रशासन के सामने प्रस्तुत कर दिए हैं। मामला अब जांच के दायरे में है और प्रशासनिक स्तर पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही मंदिर संपत्ति और उससे जुड़े दावों का वास्तविक आधार स्पष्ट हो सकेगा। रमताराम चतुर्भुज मंदिर के महंत शिवकुमार दास के शिष्य एवं मुख्य सेवादार आनंद मोहन (कुलदीप वर्मा) ने बताया कि बाबा कमलदास का रमता राम चतुर्भुज मंदिर से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। उनके अनुसार वर्ष 2018 में उन्हें केवल साधु होने के नाते मानवीय आधार पर मंदिर परिसर में रहने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्हें कभी भी मंदिर प्रबंधन, महंत पद अथवा किसी प्रशासनिक जिम्मेदारी से नहीं जोड़ा गया।
मध्य प्रदेश की रहने वाली महाकुंभ की वायरल गर्ल ने अपनी और पति फरमान खान की सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केरल पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। वीडियो में वायरल गर्ल कह रही है- दुनिया में कौन शादी नहीं करता? मैंने किसी जानवर से शादी नहीं की है, बल्कि एक इंसान से की है। मैं किसी हिंदू-मुस्लिम के भेदभाव को नहीं मानती, मेरे लिए सभी धर्म एक समान हैं। फिर हमें इस तरह की प्रताड़ना और धमकियां क्यों दी जा रही हैं? वायरल वीडियो में मोनालिसा बेहद डरी हुई नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने मोबाइल स्क्रीन को दिखाते हुए आरोप लगाया कि एक अज्ञात व्यक्ति उन्हें और उनके पति को लगातार फोन और सोशल मीडिया मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकियां दे रहा है। मोनालिसा ने वीडियो में एक विशिष्ट मोबाइल नंबर का जिक्र करते हुए कहा कि धमकी देने वाले व्यक्ति का कहना है कि वह महाकुंभ से वायरल हुई थी और अब उसने किसी पाकिस्तानी से शादी कर ली है। मैंने जानवर से शादी नहीं की, सर्वधर्म मानती हूं उस अज्ञात व्यक्ति ने खुलेआम धमकी दी है कि मोनालिसा और उसके पति जिस दिन भी उसे दिखाई देंगे, उन्हें गोली मार दी जाएगी। सोशल मीडिया पर उन्हें काटने और सरेआम मारने की बातें भी की जा रही हैं। मोनालिसा ने अपनी बात रखते हुए कहा, क्या मैंने अकेले ने ही शादी की है? तीन राज्यों से हस्ताक्षेप की मांग विवाह के बाद से ही दोनों को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब यह मामला सीधे तौर पर जानलेवा धमकियों तक पहुंच गया है। वीडियो में मोनालिसा के साथ उनके पति फरमान खान भी दिखाई दे रहे हैं। फरमान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तीनों राज्यों (MP, UP, केरल) की पुलिस प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। आरोपी पर FIR हो फरमान खान ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जो भी व्यक्ति खुलेआम उन्हें जान से मारने और डराने की कोशिश कर रहा है, उसकी पहचान कर उस पर तत्काल FIR दर्ज की जाए और कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके पास सुरक्षा का कोई साधन नहीं है और वे बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में एक घरेलू विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया। सोमवार देर रात वार्ड नंबर-6 स्थित एक घर पर लगभग एक दर्जन लोगों द्वारा पथराव करने और कार में तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने इस घटना का वीडियो भी बनाया है, जो अब सामने आया है। पीड़ित श्यामकरण के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी को पार्लर का कोर्स करने जाने से रोका था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। श्यामकरण का आरोप है कि सोमवार रात करीब 12 बजे पत्नी के परिजन उनके घर पहुंचे और पथराव किया। इस दौरान घर के दरवाज़े पर खड़ी एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की गई। श्यामकरण ने बताया कि जिस कार में तोड़फोड़ की गई, वह उनके एक रिश्तेदार की थी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर छोड़कर जाते समय उनकी पत्नी 70 से 80 हज़ार रुपये नकद और कुछ जेवरात भी अपने साथ ले गई। घटना के समय श्यामकरण घर में मौजूद थे और उन्होंने इस पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। इस मामले में सुमेरपुर थाना प्रभारी दुर्गेश राय ने जानकारी दी कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में सौतली बेटी की प्रेम विवाह से नाराज मां ने जहर खा ली। गंभीर हालत में परिजन इलाज के लिए मायागंज लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान बांका जिला के कोहिंडा निवासी रीना देवी(45) के तौर पर हुई है। पति मोहन ने बताया कि 2002 में डिलीवरी के दौरान पहली पत्नी की मौत हो गई थी। जिसके बाद उसने रीना से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से एक बेटी पूजा कुमारी(19) है। ग्रेजुएशन में पढ़ती है। 29 मई को बेटी अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली थी। जिसके बाद से रीना परेशान थी। मैं उसे बार-बार समझा रहा था कि अब उससे बात मत करो। अगर उसने घर से भागकर शादी कर ली है तो हमलोग उससे नाता तोड़ लेंगे। लेकिन मेरी पत्नी रीना मानने को तैयार नहीं थी। वो पूजा से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उस दिन बात नहीं हुआ। ‘बेटी की फटकार से रीना परेशान थी’ मोहन ने आगे बताया कि काफी कोशिश के बाद उससे संपर्क हुआ। रीना ने उसे फोन करके कहा कि तुमको बचपन से पाल-पोसकर बड़ा किया, आज तुमने अपनी मर्जी से शादी कर ली। इस पर उसने जवाब दिया कि ‘तुम मुझे मत बोलो। मेरी जिंदगी में पहले मेरे पति आए, उसके बाद तुम।’ इसी बात से आहत होकर रीना ने जहर खा लिया। इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। काफी कोशिश के बाद भी उसकी जान नहीं बची।
अररिया जिलास्तरीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद समिति की बैठक मंगलवार को डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित समाधान और बाजार व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण वस्तु और सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार है। किसी भी उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी, अनियमितता या शोषण को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतों का समय पर निष्पादन करने का निर्देश डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता जब अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास आते हैं तो उन्हें त्वरित न्याय मिलना चाहिए। इससे लोगों का विश्वास सरकारी व्यवस्था पर मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का प्रभावी तरीके से पालन कराया जाए और आम लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए। बाजारों में चलेगा विशेष जांच अभियान बैठक के दौरान डीएम ने बाजारों में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विशेष टीम गठित कर दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला मापतौल पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि दुकानों में इस्तेमाल होने वाले माप-तौल उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि ग्राहकों को कम सामान देना, गलत माप-तौल करना या किसी तरह की अनियमितता उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सख्ती से निपटने की जरूरत है। जागरूकता के बिना मजबूत नहीं होगी उपभोक्ता व्यवस्था बैठक में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को सभी नगर निकाय क्षेत्रों में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, उपभोक्ता अधिकारों और कानूनी प्रावधानों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक अपने अधिकारों को लेकर जागरूक नहीं होंगे, तब तक उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर अधिकारियों ने जताई प्रतिबद्धता बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला मापतौल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बाजार व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और आम लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
झालावाड़ में बाजारों में इन दिनों जामुन की बहार है। गढ़ परिसर, सब्जी मंडी, जयराज पार्क और माम भानेज चौराहा सहित कई स्थानों पर जामुन बिकते हुए देखे जा सकते हैं। जून की शुरुआत के साथ ही बाजार में जामुन की आवक शुरू हो गई थी, जो अब लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण किसान और महिलाएं अच्छी गुणवत्ता के जामुन बेचने के लिए झालावाड़ मुख्यालय पहुंच रहे हैं। यह मौसमी फल स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है। झालावाड़ आयुर्वेद अस्पताल के आयुर्वेद डॉक्टर रिंकेश यादवेंद्र ने बताया कि आयुर्वेद में जामुन को जंबू कहा जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसके फल, बीज, छाल और पत्तियां सभी औषधीय उपयोग में लाई जाती हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, जामुन कफ और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक है। फल, बीज, छाल और पत्तियां भी उपयोगीजामुन के बीजों का चूर्ण मधुमेह रोगियों के लिए विशेष रूप से लोकप्रिय है। इसमें पाया जाने वाला जंबोलिन तत्व रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसे मधुमेह नियंत्रण के लिए अत्यंत उपयोगी माना गया है। हालांकि, किसी भी औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ या वैद्य की सलाह लेना आवश्यक है। पाचन तंत्र को बनाता है मजबूतआयुर्वेद डॉक्टर रिंकेश यादवेंद्र ने बताया कि जामुन में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। यह अपच, गैस, एसिडिटी तथा दस्त जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। इसके कसैले गुण पेट को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। जामुन की छाल का काढ़ा गरारे के रूप में उपयोग किया जाता है। यह मसूड़ों की सूजन, मुंह के छाले और गले की खराश जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में सहायक माना जाता है। जामुन का रस और शहद मिलाकर लगाने से त्वचा की तैलीयता और मुंहासों में लाभ मिलने की बात कही जाती है। वहीं बीजों का पेस्ट त्वचा के दाग-धब्बों को हल्का करने में मददगार माना जाता है। इम्युनिटी बढ़ाने में सहायकजामुन विटामिन सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। इसके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। आयरन की मौजूदगी शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी सहायक मानी जाती है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार जामुन का सिरका, जूस या बीजों का चूर्ण बनाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, इसके लाभ पूरे वर्ष प्राप्त किए जा सकते हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को हापुड़ में केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार को कमजोरी का लक्षण बताया और कहा कि इससे चोरी की संभावना बढ़ जाती है। शंकराचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र में एक ही सरकार है, लेकिन 'डबल इंजन' की सरकार में एक इंजन कमजोर है। उन्होंने इसकी तुलना ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेन से की, जिसमें एक इंजन कमजोर होने पर दूसरा लगाया जाता है। इसे उन्होंने गुण नहीं, बल्कि अवगुण करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक छलावा है और अलग-अलग पार्टियों की सरकारें होनी चाहिए। इससे दोनों सरकारें एक-दूसरे को सचेत कर सकेंगी और भ्रष्टाचार या चोरी रुक सकेगी। आगामी चुनावों को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू उसी को वोट देगा जो गौ माता की रक्षा करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौ माता की रक्षा की सरकार बनेगी। गौ रक्षा के लिए जारी अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से कई क्षेत्रों और राज्यों में लोगों को जागरूक किया गया है। उन्होंने गौ माता के मुद्दे को राष्ट्रीय मुद्दा बताया और कहा कि जहां-जहां उन्होंने यात्रा की, वहां लोगों ने गौ माता की रक्षा का संकल्प लिया। इसी दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह राजनेता हैं, कोई संत नहीं। शंकराचार्य हापुड़ के असौड़ा में दीपोत्सव में आयोजित गौ रक्षा से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया और आशीर्वाद लेकर गौ संरक्षण का संकल्प लिया।
लखनऊ मुख्यालय से लगातार हो रही औषधि विभाग की छापेमारी कार्रवाई को लेकर आगरा के दवा व्यापारियों ने अपनी चिंता प्रशासन के सामने रखी। सोमवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने कहा कि लगातार हो रही कार्रवाई से कारोबारी असहज महसूस कर रहे हैं और दूसरे जिलों के व्यापारियों के साथ कारोबार करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल अवैध और फर्जी लाइसेंस के जरिए कारोबार करने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर आयोजित बैठक में नगर मजिस्ट्रेट, आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारी, औषधि व्यापारी और जनपदीय औषधि निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत आगरा के दो दवा कारोबारियों स्व. कमल कुमार और स्व. प्रेम जैसवानी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त कर की गई। बैठक में आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल ने कहा कि 12 और 13 जून को लखनऊ मुख्यालय की टीम द्वारा की गई छापेमारी के बाद शहर के सम्मानित व्यापारी भी असहज महसूस कर रहे हैं। आगरा फार्मा एसोसिएशन के महामंत्री महेश अग्रवाल और मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने भी लगातार हो रही कार्रवाई पर चिंता जताई। इस पर अपर जिलाधिकारी (नगर) ने बताया कि प्रदेश स्तर पर थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी, निष्क्रिय या बंद पड़े प्रतिष्ठानों के लाइसेंसों के जरिए हो रहे अवैध औषधि व्यापार पर रोक लगाना है। अभियान के तहत नकली, अधोमानक, नशीली दवाओं और फिजीशियन सैंपल के अवैध कारोबार की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों और गोदामों के मुख्य शटर पर फर्म का नाम, औषधि लाइसेंस संख्या, जीएसटी नंबर, संपर्क नंबर और स्वामी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें। साथ ही लाइसेंस की शर्तों और औषधि नियमों के अनुसार ही कारोबार संचालित करें। अपर जिलाधिकारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि नियमों के अनुसार कारोबार करने वाले लाइसेंसधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अभियान केवल अवैध गतिविधियों में शामिल प्रतिष्ठानों के खिलाफ है। बैठक में व्यापारिक संगठनों ने भी विभाग को सहयोग देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
प्रदेश में चिकित्सा विभाग द्वारा 16 जून से 31 जुलाई तक 'स्टॉप डायरिया' कैंपेन चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया की रोकथाम, समय पर इलाज, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और जन-जागरूकता बढ़ाना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि डायरिया आज भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। गर्मियों और बारिश के मौसम में बच्चे दस्त रोग से अधिक प्रभावित होते हैं, और समय पर इलाज न मिलने पर यह घातक भी हो सकता है। यह कैंपेन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत 'स्वच्छ जल, समुचित इलाज, डायरिया से बचें हर बार' की थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य डायरिया की रोकथाम और इलाज से संबंधित सेवाओं को मजबूत करना है। केंद्र सरकार ने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, शहरी कार्य और ग्रामीण विकास जैसे विभिन्न विभागों को भी चिकित्सा विभाग के साथ आवश्यक सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। बच्चों को दस्त से बचाने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं, जिनमें जन्म के बाद पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना, नियमित टीकाकरण, स्वच्छ पेयजल का सेवन, साबुन से हाथ धोना और साफ-सफाई बनाए रखना शामिल है। इसके अतिरिक्त, इलाज के लिए सभी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए गए हैं।
रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र में फोरलेन के पास खेत में दो युवकों के शव बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना भदानीनगर के बनगड्ढा स्थित फोरलेन पर सड़क किनारे हुई। मृतकों की पहचान सौंदा डी जयनगर निवासी अमरजीत भुंईया और सोनू कुमार के रूप में हुई है। स्थानीय लोग इसे संदिग्ध अवस्था में हुई मौत मान रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि यह सड़क हादसा होता तो अभी तक बाइक बरामद नहीं हुई है। इस कारण हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलने पर भदानीनगर थाना प्रभारी अख्तर अली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। ग्रामीण खेत की ओर जा रहे थे और इसी दौरान उनकी नजर इन दोनों शव पर पड़ी। लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। थाना प्रभारी अख्तर अली ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सड़क दुर्घटना का मामला प्रतीत होता है। आशंका है कि युवक तेज रफ्तार में रहे होंगे, जिससे अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर दूर खेत में जा गिरे और पेड़ से टकराने से उनकी मौत हो गई। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन की तलाश में जुटी है। पुलिस ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ कर रही है।
पूर्वांलच में शूटरों, लुटेरों और अपराधियों को हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह 7 तस्करों को पुलिस ने दबोच लिया। गिरोह के अपराधियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क बनाया था, इसके बाद उनकी फ्रेंड लिस्ट में तमाम अपराधी जुड़ते चले गए। तस्कर अपने हथियारों की डिलीवरी देने कटारी अंडरपास पर आए थे, सर्विलांस से उनकी लोकेशन ट्रैस कर रही पुलिस ने 7 तस्करों को दबोच लिया, उनके कुछ साथी फरार हो गए। उनके कब्जे से अलग-अलग बोर की पांच पिस्टल, कारतूस समेत तमाम अपराधियों का डाटा मिला है। सभी की गिरफ्तारी के बाद थाने में पुलिस ने पूछताछ की तो बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस इनसे जुड़े अपराधियों की तलाश करेगी। मंगलवार को डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने पुलिस लाइन सभागार में शातिर तस्करों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार 7 अपराधी बेहद शातिर और सक्रिय हैं। बड़े पैमाने पर गैर प्रदेशों से लाकर लंबे समय से हथियारों की सप्लाई देते हैं। कमिश्नरेट की साइबर क्राइम मॉनिटरिंग, सोशल नेटवर्किंग सर्च और जमीनी खुफिया तंत्र को जोड़कर चोलापुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। चोलापुर पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने कटारी ब्लाक के पीछे अंडरपास के पास से अपराधियों को गिरफ्तार किया है पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे शौक के लिए अवैध पिस्टल, तमंचा और कारतूस नहीं रखते थे, बल्कि वे इसके जरिए आम लोगों को डरा-धमका कर चोरी, छिनैती और लूट जैसी संगीन घटनाओं को अंजाम भी देते थे। अधिक पैसा कमाने के लालच में वे राह चलते लोगों और अपराधियों को महंगे दामों पर तमाम अवैध असलहे बेच दिया करते थे। आज भी गिरोह को एक आर्डर मिला था। इन हथियारों की डीलिंग के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन पुलिस ने दबोच लिए गए। सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की भी तैयारी में थे। इन सभी अपराधियों का पुराना क्राइम रिकार्ड 1. अखिलेश उर्फ मोनू राजभर (27 वर्ष) निवासी रैचनपुर, चोलापुर, इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। 2. अरुण राजभर (उम्र 21 वर्ष) निवासी अटेसुआ, चोलापुर थाने में केस दर्ज है। 3. हिमांशू कुमार उर्फ सनी (उम्र 28 वर्ष) निवासी धौरहरा, चौबेपुर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का भी मामला दर्ज है। 4. आभाष सिंह (उम्र 23 वर्ष) – निवासी शिवरामपुर, चोलापुर। 5. विशाल सिंह (उम्र 19 वर्ष) – निवासी नेहियाँ, चोलापुर। 6. अनिकेत चौहान (उम्र 20 वर्ष) – निवासी गोसाईंपुर मोहांव, चोलापुर। 7. नमन मिश्रा उर्फ अस्तीशू (उम्र 25 वर्ष) – निवासी गुरवट, चोलापुर। कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और चोरी का सामान बरामद 1 रिवाल्वर (.32 बोर) एवं 6 कारतूस (.32 बोर) 1 पिस्टल (7.65 MM) एवं 2 कारतूस (7.65 MM) 1 पिस्टल (9 MM) एवं 2 कारतूस (9 MM) 1 तमंचा(.315 बोर) एवं 3 कारतूस (.315) 1 चोरी की मोटरसाइकिल समेत 6 मोबाइल फोन
बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस (RTPS) काउंटर पर कार्यरत एक क्लर्क को निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राज कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। निगरानी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई उस समय की, जब क्लर्क शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत की रकम ले रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई। जमाबंदी अनलॉक करने के लिए मांगी थी रिश्वत मामले के अनुसार राज कुमार मिश्रा पिछले करीब पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। आरोप है कि वह एक जमाबंदी को अनलॉक करने के नाम पर आवेदक से रिश्वत की मांग कर रहे थे। बताया गया कि आवेदक बालेश्वर कुमार से पिछले करीब छह महीनों से लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत नहीं देने पर काम लंबित रखा जा रहा था। इसके बाद परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने पहले शिकायत की सत्यता की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही राज कुमार मिश्रा ने 15 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें दबोच लिया। कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में मचा हड़कंप क्लर्क की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कुछ देर तक कार्यालय में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। निगरानी टीम ने आरोपी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है या नहीं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शिकायत मिलने पर सत्यापन के बाद इसी तरह कार्रवाई की जाती रहेगी।
मंडीदीप शहर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात एक सफेद क्रेटा कार ने सड़क किनारे खड़े युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी योगेश विश्वकर्मा (49), निवासी रायल पार्क सिटी मंडीदीप जो भोपाल स्थित एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने थाना पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 15 जून की रात करीब 10:30 बजे वे अपने दोस्त नवमीत भट्ट के साथ कॉलोनी के गेट के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की क्रेटा कार तेज रफ्तार में वहां पहुंची। कार चालक, जिसकी पहचान धर्मेन्द्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है, कथित रूप से शराब के नशे में था। आरोप है कि उसने आते ही दोनों को गालियां देना शुरू कर दीं।स्थिति बिगड़ते देख नवमीत ने योगेश को पीछे खींचकर बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच आरोपी ने तेज रफ्तार में गाड़ी बढ़ाते हुए नवमीत को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नवमीत दूर जाकर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना में नवमीत के सिर के पीछे, बाएं कान में चोट आई, जिससे कान से खून बहने लगा। इसके अलावा उसके हाथ-पैर और कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना को योगेश की पत्नी बबली विश्वकर्मा, पंकज ढोंगरे, चिंटू सिंह सहित आसपास के कई लोगों ने देखा। स्थानीय लोगों की मदद से घायल नवमीत को तत्काल आरोग्य अस्पताल मंडीदीप में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने की बात सामने आ रही है।
जहानाबाद में जन स्वराज पार्टी जिलाध्यक्ष के घर चोरी:खिड़की तोड़कर 8 लाख के जेवरात और नगद ले गए चोर
जहानाबाद में चोरी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। ताजा मामला नगर थाना क्षेत्र के होरिलगंज मोहल्ले का है, जहां जन स्वराज पार्टी के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार के घर चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर की खिड़की तोड़कर अंदर दाखिल हुए और कमरे में रखे नगद रुपये समेत करीब 8 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। घटना के बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। रात में सो रहा था परिवार, आवाज सुनकर खुली नींद पीड़ित मुकेश कुमार ने बताया कि घटना देर रात की है। परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक बगल वाले कमरे से कुछ आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। जब तक लोग मौके पर पहुंचते, चोर वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। इसके बाद तुरंत डायल-112 पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे चोर मुकेश कुमार के अनुसार चोरों ने घर की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने कमरे में रखे सामान को खंगाला और अलमारी में रखे कीमती जेवरात और नगद राशि लेकर भाग निकले। उन्होंने बताया कि चोरी गए सामान की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। घटना के बाद परिवार के लोग दहशत में हैं। चोरी की सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई। शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि जहानाबाद शहर में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई मोहल्लों में चोरी की वारदात सामने आ चुकी हैं। लोगों का आरोप है कि कई मामलों में अब तक अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। मोहल्लेवासियों ने पुलिस प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। CCTV फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश घटना के बाद नगर थाना पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को कितने लोगों ने मिलकर अंजाम दिया और वे किस रास्ते से आए और भागे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही चोरी में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल पुलिस चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
कबीरधाम पुलिस ने आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत विद्युत सामग्री के गबन और चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने करीब 29 लाख रुपये मूल्य की विद्युत सामग्री और वाहनों को जब्त किया है। मामला 14 मई का है। ग्राम टोंहड, जिला रायपुर निवासी शैलेन्द्र वर्मा ने चौकी दशरंगपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ग्राम कोसमंदा में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी की आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत कार्य चल रहा था। आरोप है कि योजना में उपयोग के लिए लाई गई केबल, कंडक्टर और अन्य सामग्री को अधिकृत प्रतिनिधि सोनु तिवारी और उसके साथियों ने मिलकर चोरी-छिपे बाहर बेच दिया। पूछताछ में कबूला अपराध आरोप है कि योजना में उपयोग के लिए लाई गई केबल, कंडक्टर और अन्य सामग्री को अधिकृत प्रतिनिधि सोनु तिवारी और उसके साथियों ने मिलकर चोरी-छिपे बाहर बेच दिया। शिकायत के आधार पर दशरंगपुर चौकी, पिपरिया थाना और साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण करने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद संदिग्धों से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने विद्युत सामग्री के गबन और बिक्री में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। 5 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के निवासी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं- सोनु तिवारी (40), जिला बहराइच, उत्तर प्रदेश दिनेश प्रताप शर्मा (46), जिला श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश अभिषेक बघेल (24), जिला भिंड, मध्यप्रदेश ददनु तिवारी (36), जिला श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश घनश्याम आजाद (31), जिला बहराइच, उत्तर प्रदेश 29 लाख की संपत्ति बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2470 किलोग्राम विद्युत केबल और कंडक्टर बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया आईशर ट्रक (यूपी-14 आरटी-6618) जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये और एक महिंद्रा एक्सयूवी 3XO वाहन जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये है, उसे भी जब्त किया गया है। बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 29 लाख रुपये बताई गई है। कोर्ट में किया गया पेश पुलिस ने सभी आरोपियों को 15 जून 2026 को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कबीरधाम की अदालत में पेश किया। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
बीकानेर में हार्ट अटैक से पिता की मौत के सदमे में बेटी ने सुसाइड कर लिया। पिता का शव देखकर बेटी ने खेत में फार्म पौंड में छलांग लगा दी। लोगों ने पानी में कूदकर तुरंत बाहर निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन जान नहीं बच सकी। घटना बज्जू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुई। पिता और बेटी का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। निर्माणाधीन मकान में रात को अकेले रुके, सुबह मिला शव ऋतु के चचेरे भाई पवन गोदारा ने पुलिस को बताया - बज्जू के चक 3 बीजीएएम (ए) निवासी पतराम गोदारा सोमवार शाम को बज्जू कस्बे में अपने निर्माणाधीन मकान पर आए थे। वे रात को वहीं अकेले रुके हुए थे। मंगलवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि पतराम मकान में मृत अवस्था में पड़े हैं। प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत हार्ट अटैक से होना माना जा रहा है। सदमा नहीं सह पाई बेटी, फार्म पौंड में लगाई छलांग मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सुबह पतराम का शव उनके चक स्थित घर लाया गया तो परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए। पिता की मौत का बेटी ऋतु गोदारा (22) बर्दाश्त नहीं कर सकी। घर के पास खेत में फार्म पौंड में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों ने पौंड में कूदकर ऋतु को बाहर निकालकर तुरंत बज्जू के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक साथ होगा अंतिम संस्कार सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बज्जू उप जिला हॉस्पिटल लाया गया है। अब एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लुधियाना के जगराओं के होटल मालिक का सच का पर्दाफाश एक सीसीटीवी फुटेज ने कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में होटल मालिक जगराओं की हीरा बाग कॉलोनी में कोरियर देने आई महिला कर्मी से मारपीट करता हुआ दिख रहा है। महिला कर्मी ने होटल मालिक पर मारपीट करने के आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी। वहीं होटल मालिक ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर खुद को बेगुनाह बताया था और कहा था कि कोरियर कंपनी की महिला कर्मी आराम से उसके घर के अंदर से बाहर जा रही है। होटल मालिक ने बाकायदा महिला कर्मी का घर से निकलते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वहीं अब नई सीसीटीवी फुटेज सामने आई है जिसमें दिख रहा है कि जब महिला घर के बाहर निकली तो होटल कारोबारी ने पीछे से जाकर उसे दबोच लिया और फिर दोनों हाथों से उसका गला पकड़ लिया। होटल कारोबारी उस फुटेज में महिला को गले से पकड़कर अपने घर के अंदर ले जाने की कोशिश करता हुआ दिख रहा है। हालांकि उसके बाद महिला अपना गला छुड़ाने में कामयाब रही और वहां से निकल गई। उसने होटल मालिक के खिलाफ एसएसपी जगराओं को शिकायत दी और पुलिस ने होटल मालिक मनमोहन कत्याल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। हालांकि पुलिस अभी उसे गिरफ्तार नहीं किया। कोरियर कंपनी की महिला कर्मचारी से मारपीट की घटना सिलसिलेवार जानिए… सीसीटीवी जारी कर खुद को बताया था निर्दोष आरोपी होटल मालिक ने सीसीटीवी फुटेज जारी करके खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि लड़की जब उसके घर के अंदर से बाहर जा रही थी तब बिल्कुल सही हालत में थी। जिससे साफ है कि उसके साथ कोई मारपीट हुई ही नहीं। आरोपी होटल मालिक यह भूल गया कि उसके आगे की फुटेज बाहर आई तो उसकी पोल खुल जाएगी।
गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नेशनल हेल्थ मिशन के निर्देशों के तहत स्टॉप डायरिया अभियान 2026 शुरू किया है। यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया से होने वाली मौतों को शून्य करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना है। अभियान की तैयारियों के तहत सेक्टर-31 स्थित पॉलीक्लिनिक में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों को स्वच्छता, साफ पानी के सुरक्षित भंडारण, डायरिया से बचाव और ओआरएस-जिंक थेरेपी के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया। ओआरएस के पैकेट किए जाएंगे वितरित इस अवसर पर गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डायरिया आज भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। उन्होंने जोर दिया कि ओआरएस (ORS) और जिंक का समय पर उपयोग, साथ ही साफ-सफाई व बेहतर स्वच्छता की आदतों को अपनाकर डायरिया से होने वाली लगभग सभी मौतों को रोका जा सकता है। अभियान के तहत जिलेभर में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों वाले घरों में ओआरएस पैकेट और जिंक टैबलेट का वितरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर लोगों को ओआरएस घोल तैयार करने और उसके सही उपयोग का प्रदर्शन भी करेंगे। चलाया जाएगा जागरूकता अभियान डायरिया से बचाव, डिहाइड्रेशन के प्रबंधन, बीमारी के दौरान बच्चों को लगातार स्तनपान कराने और खतरे के संकेतों की पहचान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में हाथ धोने के सही तरीके का प्रदर्शन भी किया जाएगा। शहरी झुग्गी-झोपड़ियों, प्रवासी बस्तियों, निर्माण स्थलों, अनाथालयों और शेल्टर होम्स जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष आउटरीच गतिविधियां संचालित होंगी।
लखनऊ में 1912 कॉल सेंटर पर कर्मचारियों का हंगामा:वेतन में मनमानी कटौती, PF नियमों के उल्लंघन का आरोप
लखनऊ में 1912 बिजली उपभोक्ता सेवा केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी सीवाई फ्यूचर पर वेतन भुगतान और कटौती को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें हर महीने समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जबकि शासन के निर्देशों के अनुसार वेतन का भुगतान माह की 1 से 5 तारीख के बीच किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के अनुसार कंपनी की ओर से वेतन 18 से 20 तारीख के बीच जारी किया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पीएफ कटौती में अनियमितता बरती जा रही है। उनका कहना है कि कर्मचारी अंशदान के साथ-साथ नियोक्ता (कंपनी) का हिस्सा भी उनके वेतन से काटा जा रहा है, जो श्रम नियमों के विपरीत है। कर्मचारियों का आरोप है कि उपस्थिति के आधार पर भी अत्यधिक सख्ती बरती जा रही है। लॉगिन समय में एक-एक सेकंड की देरी या कमी पर वेतन कटौती की जा रही है। इतना ही नहीं, 8 घंटे की ड्यूटी अवधि में एक सेकंड भी कम होने पर कर्मचारियों को हाफ डे चिह्नित कर दिया जाता है, जिससे उनके वेतन पर सीधा असर पड़ता है। कर्मचारियों ने संबंधित विभाग और प्रबंधन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और कार्यस्थल पर असंतोष बढ़ रहा है।
अजमेर सहित जिले के 19 सरकारी कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के 103 पदों पर ‘विद्या संबल योजना’ के तहत भर्ती निकाली गई है। इसमें 800 रुपए प्रति कालांश का मानदेय मिलेगा। इच्छुक कैंडिडेट्स 20 जून शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान की ओर से सत्र 2026-27 के लिए ‘विद्या संबल योजना’ के तहत नियमित और राजसेस के अंतर्गत स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर पूर्णतया अस्थाई आधार पर अध्यापन कार्य के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए अजमेर में 7 नोडल कॉलेज तय किए गए हैं। अभ्यर्थी को संबंधित नोडल कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में व्यक्तिगत या डाक द्वारा आवेदन करना होगा। जानिए-किस कॉलेज में किस सब्जेक्ट के पद पर होगी भर्ती …. पढ़ें ये खबर भी…. राजस्थान बोर्ड-डॉक्युमेंट्स में करक्शन के नियमों का सरलीकरण:रिजल्ट के एक साल में ही करना होगा, जानिए-क्या होगी फीस राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व प्रमाण-पत्रों में नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियमों को सरल कर दिया हैं। अब परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक साल के भीतर ही विद्यार्थी इन जानकारियों में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। पूरी खबर पढें
लुधियाना में दुकान का शटर उखाड़ की चोरी:एक्टिवा पर आई महिला और 2 नकाबपोश युवक; वारदात CCTV में कैद
लुधियाना के रामनगर इलाके में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे हथियारों के साथ सरेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। रामनगर की गली नंबर 11 33 फुटी रोड पर स्थित एक करियाना (किराना) दुकान को निशाना बनाते हुए बदमाशों ने शटर तोड़कर अंदर रखे करीब ₹8,000 की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक महिला और दो युवक दिखाई दे रहे हैं। तड़के 3:50 बजे दिया वारदात को दिया अंजाम दुकानदार के बेटे सत्यम ने बताया कि यह घटना रात करीब 3:50 बजे की है। सत्यम ने कहा रात को जब पहली बार हल्का सा शटर खुलने की आवाज आई तो मेरी नींद खुली। मुझे लगा कि शायद कोई भ्रम हुआ है, इसलिए मैंने ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब दोबारा तेज आवाज आई, तो मैं बाहर आया। मैंने देखा कि दुकान के अंदर टॉर्च जल रही थी।सत्यम ने तुरंत अपनी मां से चाबी मंगवाई और जैसे ही वे दुकान के अंदर की तरफ बढ़े, चोर वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। सत्यम के अनुसार, चोर गल्ले में रखी सारी नकदी समेट कर ले गए। सीसीटीवी में दिखे 3 लोग: महिला के हाथ में थे हथियार घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने पर एक काली रंग की एक्टिवा पर सवार तीन लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें दो युवकों ने अपने मुंह ढके हुए थे, जबकि उनके साथ एक महिला भी शामिल थी। पीड़ित परिवार के अनुसार सीसीटीवी में दिख रहा है कि महिला के हाथ में लोहे की रॉड जैसा कोई हथियार था। आरोपियों में एक युवक थोड़ी बड़ी उम्र का लग रहा है, जबकि बाकी दोनों कम उम्र के दिखाई दे रहे हैं। पुलिस गश्त पर उठे सवाल, लोगों में भारी रोष स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में पुलिस की गश्त न के बराबर है। पीड़ित सत्यम ने प्रशासन पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा,गर्मियों के दिनों में सुबह 4 बजे के आसपास उजाला हो जाता है। अगर सरेआम इस समय चोरियां हो रही हैं, तो पुलिस का खौफ कहां है। इलाके में सुबह से शाम तक नशेडियों का जमावड़ा लगा रहता है जिसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि वारदात के बाद पुलिस ने उल्टा उन्हीं से सवाल किया कि गल्ले पर लॉक क्यों नहीं लगाया था। पुलिस का दावा: जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी मामले की जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी ने बताया कि राम समुझ पाल की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने कहा,हमे सुबह करीब 3:30 बजे की घटना की शिकायत मिली है, जिसमें दुकान के अंदर से करीब ₹8,000 की चोरी की बात कही गई है। हम विमल जी के घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं। देरी से पहुंचने के आरोपों को नकारते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि जैसे ही मुंशी के पास सूचना आई, पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। इलाके में बढ़ रही चोरियों पर उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा एक्टिव रहती है और कुछ दिन पहले ही स्नैचर्स को भी पकड़ा गया था। इस मामले में भी आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लग्जरी कार से 5 लाख की शराब जब्त:गुजरात ले जाई जा रही थी खेप, तस्कर फरार
डूंगरपुर में जिला स्पेशल पुलिस टीम (डीएसटी) ने राजस्थान-गुजरात हाइवे पर मोतली मोड़ के पास एक लग्जरी कार से 5 लाख रुपए की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह शराब गुजरात ले जाई जा रही थी, लेकिन तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे। डीएसटी टीम जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में टीम को सूचना मिली थी कि उदयपुर से गुजरात की ओर जा रहे नेशनल हाईवे पर एक क्रेटा कार में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद, डीएसटी टीम ने सदर थाना क्षेत्र के मोतली मोड़ के पास हाईवे पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान, टीम को गुजरात नंबर की एक सफेद क्रेटा कार आती दिखी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवर ने कार को सर्विस रोड की ओर मोड़कर तेजी से भगा दिया। टीम ने पीछा किया, तो ड्राइवर एक ढाबे के पीछे कार खड़ी कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली, जिसमें विभिन्न ब्रांड की कुल 58 पेटी अंग्रेजी शराब भरी हुई मिली। जब्त की गई शराब और वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए सदर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस फरार ड्राइवर की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शराब की यह खेप गुजरात ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई में डीएसटी टीम के मोहनपाल सिंह, भंवरसिंह, मगन, जितेंद्र, आशीष सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
बार एसोसिएशन चुनाव का दूसरा चरण आज:दो पदों के लिए 10 प्रत्याशी मैदान में, देर शाम आएंगे परिणाम
बुलंदशहर में बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को होगा। चुनाव अधिकारियों ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान संपन्न होने के बाद देर शाम मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव के पहले चरण में 11 जून को अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पदों के लिए मतदान हुआ था। इसमें रविन्द्र शर्मा अध्यक्ष, धर्मेन्द्र खालोर सचिव और कविता रानी कोषाध्यक्ष चुनी गई थीं। दूसरे चरण में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सह-सचिव पदों के लिए अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला है। इस पद पर मौ. फारूख अंसारी, जयभगवान जाटव और मौ. आबिद अली मैदान में हैं। अधिवक्ताओं को इस पद के लिए केवल एक प्रत्याशी का चयन करना होगा। सह-सचिव पद के लिए कुल आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें अरविन्द कुमार, अलीमुद्दीन, ब्रह्मदेव, बृजमोहन सिंह, पुलकित गुप्ता, राहुल शर्मा, सुनील कुमार और योगेश कुमार शामिल हैं। मतदाता अधिवक्ता सह-सचिव पद के लिए दो प्रत्याशियों का चयन कर सकेंगे। प्रत्याशियों ने पिछले कई दिनों से जनसंपर्क अभियान तेज कर रखा है। वे कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। चुनाव समिति ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। मतदान के बाद देर शाम परिणाम घोषित होने के साथ ही विजयी प्रत्याशियों के नाम सामने आ जाएंगे, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
पुरुषोत्तम मास समापन पर पक्का तालाब में भक्ति:छप्पन भोग और दीपदान से जगमगाया इटावा का परिसर
इटावा में पुरुषोत्तम मास के विश्राम दिवस के अवसर पर शहर के पक्का तालाब परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सनातन धर्म प्रचारक पं. मनुपुत्र दास जी के संयोजन में आयोजित भव्य धार्मिक अनुष्ठान में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा जी को विधि-विधान के साथ छप्पन भोग अर्पित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘श्री श्री गौर निताई परिवार’ (ब्रह्म मध्व गौड़ीय सम्प्रदाय) के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। आयोजकों के अनुसार इस धार्मिक आयोजन को त्रिदंडी स्वामी श्री श्रीमद भक्ति गौरव केशव गोस्वामी जी महाराज और जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। भगवान जगन्नाथ के लिए तैयार किए गए छप्पन भोग की विशेषता उसकी शुद्धता और सात्विक परंपरा रही। आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि भगवान को अर्पित किए गए सभी 56 प्रकार के व्यंजन वैदिक परंपराओं के अनुसार तैयार किए गए। भोग में उपयोग की गई सामग्री में ‘वेदलक्षणा’ देसी गाय के शुद्ध घी और दूध का प्रयोग किया गया। प्राचीन वैदिक पद्धति के अनुसार तैयार किए गए इन व्यंजनों की सुगंध और दिव्यता ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। छप्पन भोग तैयार करने की प्रक्रिया में भी विशेष नियमों का पालन किया गया। आयोजकों के अनुसार महाप्रसाद बनाने की जिम्मेदारी ऐसे वैष्णव भक्तों को दी गई, जो नियमित रूप से 16 माला महामंत्र का जाप करते हैं। कंठी-तिलक धारण किए हुए भक्तों ने भगवान के नामों का स्मरण करते हुए बिना चखे और पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद तैयार किया। कार्यक्रम में दीपदान का भी विशेष आयोजन किया गया। पुरुषोत्तम मास में दीपदान को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। शाम के समय हजारों श्रद्धालुओं ने मिट्टी के दीप जलाकर भगवान जगन्नाथ की आरती की। दीपों की रोशनी से पूरा पक्का तालाब परिसर जगमगा उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।
पार्क में कबाड़ और स्क्रैप से बनाया शेर-हाथी:24 लाख की लागत से तैयार हो रहा 'वंडर पार्क'
डूंगरपुर शहर स्वच्छता और नवाचार की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। डूंगरपुर नगरपरिषद की ओर से शहर के वसुंधरा विहार स्थित तीर्थंकर पार्क को एक विशेष 'वंडर पार्क' के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 24 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस पार्क की मुख्य विशेषता यह है कि यहां बेकार पड़े कबाड़ और स्क्रैप मटेरियल से आकर्षक कलाकृतियां तैयार की गई हैं।यह अनूठा प्रयास न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ा रहा है, बल्कि लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश भी दे रहा है। कई राज्यों से जुटा 5 टन स्क्रैपनगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि इस पार्क को भव्य रूप देने के लिए 24 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था।प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का जिम्मा 'हुनर ट्राइब फाउंडेशन' की टीम को सौंपा गया है। पार्क को सजाने के लिए करीब 4 से 5 टन स्क्रैप का उपयोग किया गया है। यह मटेरियल केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजस्थान, बंगाल और मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों से जुटाया गया था। 1 हजार टायरों से बनाया हाथीअलग-अलग राज्यों से आए हुनरमंद कलाकारों की टीमों ने लगभग 50 से 60 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इस बेजान स्क्रैप को खूबसूरत आकृतियों में तब्दील कर दिया है। वंडर पार्क में 1 हजार किलो पुराने वेस्ट टायरों का उपयोग करके एक विशाल हाथी की कलाकृति बनाई गई है। इसके साथ ही 350 किलो बोतल के ढक्कनों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता हुआ ग्लोब तैयार किया गया है। वेस्ट मेटल का उपयोग कर भारत का सुंदर नक्शा भी बनाया गया है। इसके अलावा 1,500 किलो स्क्रैप से शेर, 200 किलो मेटल से झाड़ू पकड़े व्यक्ति की प्रतिमा, और ऑक्सीजन मास्क व सिलेंडर लगाए हुए बच्चे की आकृति भी बनाई गई है। यह पार्क न केवल शहरवासियों के लिए मनोरंजन और सेल्फी पॉइंट बनेगा, बल्कि स्वच्छता की प्रेरणा का एक बड़ा केंद्र भी साबित होगा। 5 फोटोज में देखिए कलाकृतियां
गोंडा घाघरा नदी पर बने संजय सेतु पर आज दो महीने बाद बड़े वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो गया है। आज सुबह से ही गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से गोंडा की ओर बड़े वाहन गुजर रहे हैं। यह पुल बीते 16 अप्रैल से बड़े वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिसके बाद मरम्मत का कार्य चल रहा था। हाल ही में छोटे वाहनों के लिए इसे ट्रायल के आधार पर खोला गया था।।पुल बंद होने के कारण गोंडा से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को अयोध्या होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। इस वजह से उन्हें अतिरिक्त किराया भी चुकाना पड़ता था। अब यात्रियों को अतिरिक्त किराया नहीं देना पड़ेगा। वे सीधे गोंडा से करनैलगंज होते हुए संजय सेतु के रास्ते लखनऊ जा सकेंगे। इसी तरह लखनऊ से गोंडा और बलरामपुर आने वाले यात्रियों को भी अयोध्या होकर नहीं जाना पड़ेगा। इस फैसले से यात्रियों के साथ-साथ बड़े वाहन चालकों को भी राहत मिली है, जिन्हें पहले गोंडा, बलरामपुर और नेपाल जाने के लिए अयोध्या के रास्ते घूमकर जाना पड़ता था। गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि गोंडा-घाघरा संजय सेतु पर आज से बड़े वाहनों का आवागमन बहाल कर दिया गया है।
महाराजगंज नगर पालिका परिषद द्वारा रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता मंगल ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत फरेंदा रोड से हुई, जहाँ अध्यक्ष ने सफाई कार्य की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने संबंधित उपकरणों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, सड़क किनारे नालों की सफाई, कूड़ा उठान और जल निकासी व्यवस्था में तेजी लाने को कहा। इसके बाद डॉ. पुष्पलता मंगल ने सिविल लाइन स्थित रामजानकी मंदिर के पास पोकलेन मशीन से चल रहे नाली सफाई कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव की समस्या से बचाव के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए शहर की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस निरीक्षण के दौरान सज्जाद रिशीज पटेल, सफाई सचिव उमाशंकर और सफाई नायक इंद्राशन हदीस सहित कई प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका द्वारा चलाए जा रहे इस सफाई अभियान की सराहना की।
मोहाली में नशे की होम डिलीवरी का मामला सामने आया है। गांव झंझेड़ी में कार सवार दो युवक नशे की सप्लाई करने आए थे। उन्हें फोन पर ऑर्डर मिला था। जैसे ही इस बात की सूचना गांव वालों को मिली, उन्होंने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों युवक पंजाब के मुक्तसर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पिछले 2 साल से कर रहे थे सप्लाई इस मामले में ग्रामीण अमित खान ने बताया कि ये लोग पिछले दो साल से गांव में नशा सप्लाई कर रहे थे। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उन्हें पकड़ने की योजना बनाई। आज जब ये अपनी गाड़ी में नशा सप्लाई करने आए, तो ग्रामीणों ने घेरकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर पुलिस को बुलाया गया और दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी मोहाली के खरड़ सदर थाना प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को काबू कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि वे नशा कहां से लाते थे। ग्रामीणों के बयानों के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं….
झारखंड के हजारीबाग जिले में एनटीपीसी की बादम कोल खनन परियोजना के लिए काम करने वाली बीजीआर इंफ्रा माइनिंग के अंबाजीत स्थित साइट कार्यालय पर मंगलवार तड़के बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों ने धावा बोलकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं। घटना तड़के करीब पांच बजे की बताई जा रही है।
डीग जिले के बुडली गांव में मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ने पहुंची सीकरी थाना पुलिस पर आरोपी और उसके परिजनों ने हमला कर दिया। हमले में 5 पुलिसकर्मियों को चोटें आई है। जिन्हें आरबीएम अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना सोमवार देर रात की है। पुलिस अवैध हथियारों की सूचना पर आरोपी को पकड़ने पहुंची थी। आरोपी के परिजन उसे छुड़ाकर अपने साथ ले गए। आरोपी से एक 12 बोर की बंदूक जब्त कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने बताया- मुखबिर ने सूचना दी थी कि- बुडली गांव का रहने वाला भट्टू अवैध हथियार का कारोबार करता है। पुलिस की टीम देर रात आरोपी भुट्टू को पकड़ने के लिए गांव में पहुंची। गांव में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भुट्टू से एक 12 बोर की बंदूक को जब्त कर लिया गया। 50 लोगों ने किया पुलिस पर हमला कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने बताया- जब पुलिस आरोपी को लेकर थाने आ रही थी तो, उसने शोर मचाया। तभी वहां भुट्टू के परिजन और गांव के करीब 50 लोग लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट कर दी। घटना में 5 पुलिसकर्मियों के चोटें आई हैं। साथ ही आरोपियों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की है। 5 पुलिसकर्मियों को चोटें आई कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने बताया- घटना में ASI दशरथ सिंह, कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, RAC कांस्टेबल सुरेश चंद, RAC कांस्टेबल रघुवीर सिंह के चोटें आई। जिन्हें इलाज के लिए आरबीएम अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं आरोपी हमला करके फरार हो गए। इनपुट- उमेश बंसल, सीकरी, डीग
जालंधर में 'वीर दा ढाबा' पर आज नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह ढाबा कथित तौर पर नशा तस्कर धर्मेंद्र सिंह से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। कार्रवाई का विरोध करते हुए धर्मेंद्र की पत्नी रज्जी ने दावा किया कि इस संपत्ति की रजिस्ट्री तथा ढाबा चलाने की अनुमति उसके नाम पर है। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चार थानों की पुलिस और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था नगर निगम की टीम का कहना है कि इस अवैध निर्माण को लेकर ढाबा संचालक को पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर नोटिस का कोई जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने आज यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ढहाने की कार्रवाई की गई है। ढाबा मालिक की पत्नी का कड़ा विरोध दूसरी ओर, इस प्रशासनिक कार्रवाई का ढाबा मालिक की पत्नी रज्जी ने कड़ा विरोध किया है। रज्जी का कहना है कि वह पिछले 10 वर्षों से अपने पति धर्मेंद्र से अलग रह रही है और अपने बच्चों का पालन-पोषण अकेले कर रही है। उसका दावा है कि इस संपत्ति की रजिस्ट्री उसके नाम पर है और ढाबा संचालित करने के लिए उसके पास सभी आवश्यक अनुमति भी मौजूद हैं। 2 साल पहले भी प्रशासन ने की थी तोड़फोड़ रज्जी ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले भी प्रशासन ने इस ढाबे पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। इसके लगभग 7-8 महीने बाद उसने यहां दोबारा दीवार बनवाई थी। उसका आरोप है कि मौजूदा नोटिस भी उसके पति धर्मेंद्र के नाम पर जारी किया गया है, जबकि वह यहां नहीं रहता। रज्जी ने कहा कि उसने इस मामले की जानकारी अपने वकील को दे दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मौके पर पुलिस की भारी फोर्स तैनात कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह का हंगामा या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर चार अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी भूमिका केवल नगर निगम की टीम को सुरक्षा उपलब्ध कराना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना था।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि बिना किसी ठोस वजह के जांच और चार्जशीट में 6 साल से अधिक की देरी करना आरोपी को प्रताड़ित करने जैसा है। यह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले जल्द सुनवाई के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। इस टिप्पणी के साथ ही डिवीजन बेंच ने महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। बिलासपुर के सरकंडा निवासी याचिकाकर्ता श्रिया पांडेय साल 2018 में एक न्यूज चैनल में बतौर रिपोर्टर काम कर रही थीं। तब पुलिसकर्मियों का आंदोलन चल रहा था। इस दौरान 20 जून 2018 को पुलिस अफसरों ने आंदोलनकारी पुलिसकर्मियों की पत्नी को महिला थाने में बैठा लिया था। उन्हें बिना वजह हिरासत में रखे जाने की खबर मिलने पर श्रिया अपनी टीम के साथ पड़ताल करने के लिए देर रात महिला थाना पहुंची थीं। पुलिसकर्मियों ने किया दुर्व्यवहार, एफआईआर भी दर्ज आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से इस संबंध में जानकारी मांगी, तो पुलिसकर्मियों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (धारा 186, 353), मारपीट (धारा 323) और मिलीभगत (धारा 34) के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया था। न्याय के लिए हाईकोर्ट में लगाई याचिका पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ श्रिया पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि घटना 2018 की है, जबकि पुलिस ने चार्जशीट नवंबर 2024 में पेश की। इस 6 साल की लंबी देरी का पुलिस विभाग के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। हाईकोर्ट ने माना-याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई साक्ष्य नहींसभी पक्षों को सुनने के बाद फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि केस डायरी और चार्जशीट देखने से साफ है कि पूरा मामला सिर्फ पुलिसकर्मियों और उनके जुड़े हुए गवाहों के बयानों पर टिका है, मौके पर कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। बयानों में भारी विरोधाभास है और पत्रकार द्वारा अपराध करने का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है । ऐसे में मामले को आगे खींचना कानून का दुरुपयोग होगा।
जबलपुर नगर निगम में प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पदस्थ पोला राव के घर मंगलवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह कार्रवाई की गई। टीम ने विजय नगर के मुस्कान प्लाजा में स्थित उनके निवास पर घंटों तक जांच की और आय तथा संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए। जानकारी के मुताबिक मूल रूप से आंध्रप्रदेश निवासी पोला राव वर्तमान में सिविल लाइन स्थित नगर निगम स्वास्थ्य कार्यालय में पदस्थ हैं। प्रारंभिक जांच में ईओडब्ल्यू को जबलपुर में उनके नाम एक फ्लैट और करीब 10 हजार वर्गफुट का प्लॉट मिलने की जानकारी मिली है। बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज जब्त ईओडब्ल्यू के डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आंध्रप्रदेश में करीब एक एकड़ कृषि भूमि होने के दस्तावेज भी सामने आए हैं। इसके अलावा 15 से 16 लाख रुपए कीमत के चार दोपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन भी मिले हैं। टीम ने बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और नकद लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। फिलहाल सभी संपत्तियों और निवेश का मूल्यांकन किया जा रहा है तथा आय और संपत्ति के बीच अंतर का आकलन किया जा रहा है। बहन और बहनोई के घर भी जांच डीएसपी मनजीत सिंह के अनुसार पोला राव की बहन और बहनोई भी जबलपुर में रहते हैं। उनका मकान नजूल भूमि पर बना होना बताया जा रहा है, जिसकी भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में पोला राव के पास नगर निगम के वार्ड क्रमांक 6, 8, 9 और 10 का प्रभार है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि देर शाम तक जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोला राव कुल कितनी संपत्ति के मालिक हैं और उनकी आय के मुकाबले संपत्ति कितनी अधिक है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी सैमुअल एन पाल को सौंपा। इस ज्ञापन में प्रदेश के व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। महामंत्री आरिफ हबीब ने मांग की कि जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और दुकानों में आगजनी जैसी घटनाओं से सुरक्षा हेतु 1 करोड़ रुपये तक का बीमा किया जाए। इसके अतिरिक्त, विभागीय बकाया या रिटर्न देर से जमा करने पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने यह भी मांग की कि विभिन्न विभागों के लाइसेंस आजीवन बनाए जाएं। ज्ञापन में व्यापारियों पर होने वाले सर्वे और छापों को कानून सम्मत तरीके से संचालित करने की बात कही गई। साथ ही, बिजली बिल में मीटर रीडिंग के आधार पर बिलिंग होने के कारण फिक्स चार्ज और न्यूनतम चार्ज समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करेगी। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष धनश्याम साहू, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु, कोषाध्यक्ष उमेशचंद गुप्त, नगर महामंत्री आलोक रंजन सिन्हा, युवा ज़िला अध्यक्ष अरुण शुक्ल और युवा ज़िला उपाध्यक्ष सुमित कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
नूंह जिले से करोड़ों रुपए की सुपारी लेकर गायब हुए कंटेनर ड्राइवर के मामले में पुलिस ने 16 घंटे के भीतर राजस्थान के चोपानकी क्षेत्र से खाली कंटेनर बरामद कर लिया है। हालांकि, कंटेनर में भरी करीब 2 करोड़ 13 लाख 51 हजार 750 रुपए मूल्य की सुपारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बिग स्टॉक लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के ट्रैफिक इंचार्ज विनोद जोशी ने जयसिंहपुर चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के सिमोगा-सिरसी क्षेत्र से डीएस ग्रुप, नोएडा के लिए सुपारी से भरा एक कंटेनर रवाना किया गया था। ड्राइवर और वाहन का संपर्क टूटा इस कंटेनर को अंतिम बार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे स्थित उजीना टोल प्लाजा पर ट्रेस किया गया था। इसके बाद ड्राइवर नासिर और वाहन दोनों से संपर्क टूट गया था। विनोद जोशी पानीपत के पुराना चांदनी बाग के निवासी हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ड्राइवर नासिर सहित चार लोगों के खिलाफ गबन और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और लगातार छानबीन के बाद पुलिस ने राजस्थान के चोपानकी क्षेत्र से कंटेनर बरामद कर लिया। वाहन खाली मिला और उसमें लदी करोड़ों रुपये की सुपारी गायब थी। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश चौकी जयसिंहपुर प्रभारी सूबे सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस टीम गठित कर कंटेनर की तलाश शुरू कर की गई। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहायता और विभिन्न स्थानों पर जांच के आधार पर कंटेनर बरामद किया गया। सुपारी और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सुपारी को कहीं और ठिकाने लगाया है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग करते हुए 17 और 18 जून को चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों में 17 जून को बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इसी दिन मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा। इसके बाद 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी। पार्टी ने जिला, शहर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ-साथ सांसद प्रत्याशियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, मोर्चा संगठनों, प्रकोष्ठों और जनप्रतिनिधियों को आंदोलन में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिजली दरों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं के साथ किसानों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए सरकार को बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस लेनी चाहिए। पार्टी ने आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। क्या है नई बिजली दरें, कितना बढ़ेगा बिल? छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी होगी। कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24% बढ़ोतरी को खारिज करते हुए औसतन 6.23% वृद्धि को मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। आयोग का दावा: आम उपभोक्ताओं पर असर सीमित CSERC के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला के मुताबिक औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। राज्य में बिजली बिल हाफ योजना लागू है। 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक छूट मिलती रहेगी। आयोग के अनुसार प्रदेश के 70 से 75 फीसदी घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का प्रभाव उन पर अपेक्षाकृत कम पड़ेगा। आयोग का कहना है कि बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि वर्तमान दरों पर उसे 6.71 रुपए प्रति यूनिट की आय हो रही है। कांग्रेस का आरोप कांग्रेस का कहना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे कारोबारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने 17 जून को बिजली कार्यालयों के घेराव और 18 जून को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का ऐलान किया है।
गोपालगंज में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। श्रीपुर थाना क्षेत्र के बंशी बतरहा गांव के पास हुई गोलीबारी में उत्तर प्रदेश का एक कुख्यात शराब तस्कर गोली लगने से घायल हो गया। घायल तस्कर की पहचान यूपी निवासी किशन कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घायल तस्कर को हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया। शराब की बड़ी खेप आने की मिली थी सूचना पुलिस के अनुसार श्रीपुर थाना क्षेत्र में शराब की बड़ी खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बंशी बतरहा गांव के पास घेराबंदी कर जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध तस्कर पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो तस्करों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। गोली लगने के बाद जमीन पर गिरा तस्कर मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली एक तस्कर किशन कुमार को लग गई। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा। पुलिस जवानों ने तुरंत उसे कब्जे में लिया और इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति गंभीर बताई। शरीर में लगी गोली को देखते हुए उसे पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक घायल तस्कर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और शराब तस्करी के कई मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान घटनास्थल से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुठभेड़ के समय कितने तस्कर मौजूद थे और उनके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। अन्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में घायल तस्कर से पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस टीम अन्य फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं इलाके में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है।
शहीदों की भूमि झुंझुनूं से प्रशासनिक अनदेखी और वीरों के अपमान की एक बड़ी तस्वीर बदलने की सुखद खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय पर स्थापित ऐतिहासिक टी-55 टैंक, जो पिछले तीन साल से रात के अंधेरे में गुम हो जाता था, अब रोशनी से नहा उठा है। दैनिक भास्कर द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद झुंझुनूं नगर परिषद हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर में भव्य फोकस लाइटें स्थापित कर दी हैं। अब यह ऐतिहासिक टैंक दिन के साथ-साथ रात के सन्नाटे में भी पूरी शान से चमक रहा है। कलेक्टर बंगले के पास अंधेरे के भरोसे था ‘युद्ध का हीरो’ करीब साढ़े तीन साल पहले, जिला कलेक्टर के बंगले के ठीक पास और शहीद स्मारक के निकट एक ऊंचे प्लेटफार्म पर इस ऐतिहासिक टी-55 टैंक को स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाना और इस वीर भूमि के गौरवशाली इतिहास को बयां करना था। दिन के समय तो यह टैंक हर गुजरने वाले के मन में राष्ट्रप्रेम की लहर पैदा करता था, लेकिन रात होते ही यहां पसरा अंधेरा सिस्टम की बेरुखी बयां करता था। पूरा शहर लाइटों से जगमगाता था, मगर शहीदों के सम्मान में बने इस परिसर और टैंक के पास लगे गौरवमयी शिलालेख को देखने के लिए रोशनी तक नहीं थी। स्थानीय लोगों और पूर्व सैनिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश था। जब झुंझुनूं पहुंचा था यह 'महाबली', तो उमड़ पड़ा था जनसैलाब यह कोई साधारण सैन्य वाहन नहीं है, बल्कि सन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का वह असली हीरो है जिसने दुश्मन सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। 16 अक्टूबर 2022 को इस टैंक को पुणे के आर्म्ड फाइटिंग व्हीकल डिपो (किरकी) से ट्रेलर के जरिए झुंझुनूं लाया गया था। 'इंडियन अयूब' और झुंझुनूं का वह ऐतिहासिक पराक्रम इस वीर भूमि के सैन्य इतिहास में पूर्व कप्तान अयूब खान का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए कैप्टन अयूब खान ने अपनी जान की बाजी लगाकर पाकिस्तान के कुख्यात अमेरिकी 'पैटन टैंकों' को नेस्तनाबूद कर दिया था। वे दुश्मन की सीमा में घुसकर उनका एक टैंक भी छीन लाए थे। उनकी इसी जांबाजी से प्रभावित होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें 'इंडियन अयूब' का नाम दिया था और उन्हें 'वीर चक्र' से नवाजा गया था। उनकी पुत्रवधू शबनम खान ने सालों पहले सेना और प्रशासन को पत्र लिखकर इस टैंक को झुंझुनूं लाने की मांग उठाई थी, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस वीरता से रूबरू हो सकें।
सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम ने मंगलवार को फतेहाबाद में रेड की। टीम ने नई सब्जी मंडी में अनियमितताओं की शिकायतों के मद्देनजर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी विक्रमजीत सिंह भादू के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मंडी परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड और विभिन्न गतिविधियों की गहन जांच की। जांच के लिए मार्केट कमेटी बरवाला के सचिव मनदीप राणा तथा मार्केट कमेटी फतेहाबाद के सचिव अमित रोहिल्ला की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मंडी में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। अधिकारियों ने मंडी में उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के बाद संयुक्त टीम मार्केट कमेटी कार्यालय फतेहाबाद पहुंची, जहां रिकॉर्ड का सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स को भी खंगाला गया। जुर्माना लगााने की बात पर भड़का दुकानदार इस दौरान चार फर्मों पर मार्केट कमेटी सचिव अमित रोहिल्ला ने पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना लगाने की बात कही। इस पर दुकानदार भड़क गया। उसने कहा कि जब पक्की बही में एंट्री दर्ज है, फिर किस चीज का जुर्माना लगाया जाएगा। बेवजह दबाव बनाने की कोशिश क्यों हो रही है। बाद में दूसरे दुकानदारों ने उसे शांत किया। इस पर सचिव ने कहा कि, कच्चा बिल देने पर हाईकोर्ट बैन लगा चुका है। इसलिए पक्का बिल ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, अगर पक्का बिल दिखा दिया जाएगा तो जुर्माना नहीं लगेगा। डीएसपी बोले-गुप्त सूचना मिली थी, उनकी जांच करवा रहे डीएसपी विक्रमजीत ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि सब्जी मंडी फतेहाबाद में काफी अनियमितताएं हो रही हैं। उनकी जांच के लिए बरवाला मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप राणा को सक्षम अधिकारी नियुक्त करवाया गया। उनको साथ लेकर रेड की गई है। जो गुप्त सूचना मिली है, उनकी चेकिंग करवा रहे हैं। जो कमियां मिलेगी, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई जगह दुकानें स्ट्रक्चर के हिसाब से नहीं बनी है, कईयों की फीस पेंडिंग है। कुछ दुकानें ऐसी भी हैं, जिनको सब्जी मंडी के परिसर में नहीं चलाया जा सकता है। इस तरह की शिकायतें मिली थी। उनकी जांच हो रही है।
चित्तौड़गढ़ के वल्लभ विहार में एक सूने मकान में चोरों ने निशाना बनाया है। चोरों ने लाखों रुपए के जेवर, नकदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। परिवार गर्मी की छुट्टियां मनाने महाराष्ट्र गया हुआ था। पड़ोसी ने फोन पर मकान मालिक को चोरी होने की सूचना दी। मकान मालिक के छोटे भाई ने पुलिस को सूचना दी इस पर मकान मालिक ने शिवलोक कॉलोनी संगम मार्ग पर रहने वाले अपने छोटे भाई विद्यासागर व्यास को सूचना दी। उन्होंने वहां जाकर देखा तो घर का पूरा सामान बिखरा हुआ था। ऐसे में विद्यासागर ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज में तीन नकाबपोश संदिग्ध नजर आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। मौके पर पहुंचे परिजन शिवलोक कॉलोनी संगम मार्ग निवासी विद्यासागर व्यास ने कोतवाली थाने में दी रिपोर्ट में बताया- उनके बड़े भाई मनोज व्यास वल्लभ विहार स्थित मकान में रहते हैं। मनोज व्यास नौकरी के कारण वर्तमान में अहमदनगर (महाराष्ट्र) में रहते हैं। उनकी पत्नी और बच्चे भी गर्मी की छुट्टियों के चलते इन दिनों अहमदनगर गए हुए थे। सोमवार शाम करीब 8 बजे मनोज व्यास का फोन आया और उन्होंने घर में चोरी होने की जानकारी दी। इसके बाद विद्यासागर व्यास तुरंत वल्लभ विहार स्थित मकान पर पहुंचे। घर के अंदर बिखरा मिला सामान विद्यासागर व्यास ने बताया- पड़ोसियों और पुलिस टीम की मौजूदगी में जब घर के अंदर जाकर देखा गया तो कमरों में रखा सामान बिखरा हुआ था। चोरों ने अलमारी और अन्य जगहों की तलाशी ली थी। जांच के दौरान एक सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायजेब, बिछिया, चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियां, कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और करीब 10 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी गए सामान की कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के बाद आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई। जिसमें तीन नकाबपोश व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूमते नजर आए हैं। इतना ही नहीं संदिग्ध नकाबपोश आरोपी घर में घुसते और निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। मामले में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को वोटिंग है। वोटिंग से पहले NDA ने अपने सभी 24 विधायकों को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। जानकारी के मुताबिक, रेडिसन होटल में 32 कमरे बुक किए गए हैं, जिसमें सभी विधायकों को ठहराया जाएगा। NDA ने निर्दलीय प्रत्याशी और उद्योगपति परिमल नाथवानी भी रेडिशन ब्लू होटल में रूके हुए हैं। यहां से उन्हें वोटिंग के दिन बसों के जरिए सीधे विधानसभा ले जाया जाएगा। राज्यसभा की जिन दो सीटों पर मतदान होना है, उनमें एक सीट JMM संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की है, जो उनके निधन के बाद खाली हुई है। जबकि दूसरी सीट भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। दो सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इसी वजह से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन की ओर से JMM के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में है। चुनाव में कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है। जबकि JMM के बैजनाथ राम की जीत पहले से ही तय मानी जा रही है। आज से CM आवास में इंडिया की बैठक राज्यसभा चुनाव को लेकर I.N.D.I.A. गठबंधन ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। गठबंधन के सभी विधायक और प्रमुख नेता 16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास पर जुटेंगे। इस दौरान विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ मॉक पोल भी कराया जाएगा, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की तकनीकी गलती की संभावना न रहे। गठबंधन की योजना के अनुसार मतदान के दिन सभी विधायक पहले मुख्यमंत्री आवास पर एकत्र होंगे। इसके बाद सभी एक साथ विधानसभा पहुंचकर मतदान में हिस्सा लेंगे। इस बीच मनोज पांडे ने कहा कि I.N.D.I.A. गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और किसी भी विधायक को खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, हमारे विधायक एकजुट हैं। कोई उन्हें खरीद नहीं सकता। राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवानी और मुख्यमंत्री की मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों पर मनोज पांडेय ने कहा कि नाथवानी एक बड़े औद्योगिक घराने से जुड़े हैं। शिष्टाचारवश या समर्थन मांगने के लिए यदि वे मुख्यमंत्री से मिले हों, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल है और I.N.D.I.A. गठबंधन राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। जानिए पेंच कहां फंस रहा राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार की जीत के लिए करीब 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता है। मौजूदा संख्या बल के आधार पर I.N.D.I.A. गठबंधन (झामुमो, कांग्रेस और राजद) दोनों सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है, क्योंकि उसके पास दोनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त विधायक हैं। वहीं, भाजपा के पास अपने 24 वोट हैं। ऐसे में NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को जीत सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 4 अतिरिक्त प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी। यही 4 वोटों का ‘शॉर्टफॉल' ही इस राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं और बयानों की कड़वाहट की असली वजह है। परिमल नाथवानी द्वारा ‘अंतरात्मा की आवाज' और ‘सोरेन परिवार' से पुराने रिश्तों की दुहाई देना, सत्तापक्ष के खेमे में सेंधमारी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
शाहजहांपुर ओवरब्रिज के नीचे मिला संदिग्ध बैग:पुलिस ने घेरा बनाया, बम निरोधक दस्ते को बुलाया
शाहजहांपुर में एक ओवरब्रिज के नीचे संदिग्ध परिस्थितियों में एक लावारिस बैग मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। लोगों को बैग के पास जाने से रोका गया और बम निरोधक दस्ते को सूचित किया गया है। यह घटना थाना खुटार क्षेत्र के पूरनपुर रोड पर स्थित एक ओवरब्रिज के नीचे की है। स्थानीय लोगों ने काफी देर तक बैग को लावारिस हालत में पड़ा देखा। जब कोई भी व्यक्ति बैग के पास नहीं आया, तो उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल खुटार पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी अरविंद सिंह तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बैग के आसपास घेरा बनाया और लोगों को सख्त हिदायत दी कि कोई भी व्यक्ति बैग के करीब न जाए और न ही उसे छूने की कोशिश करे। पुलिस बल को तैनात कर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। पुलिस ने बम डिस्पोजल दस्ते को सूचना दी है, जो मौके के लिए रवाना हो गया है। इस दौरान, बैग को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसमें शव होने की आशंका जता रहे हैं, तो कुछ बम होने की बात कह रहे हैं। वहीं, कुछ का मानना है कि कोई यात्री अपना बैग यहां भूल गया होगा। आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, जिससे बैग रखने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पा रही है। थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने पुष्टि की है कि लोगों को बैग से दूर रहने की हिदायत दी गई है और बम डिस्पोजल दस्ता जल्द ही मौके पर पहुंचने वाला है।
पीलीभीत में अवैध और नियम विरुद्ध संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) सुशील मिश्रा के नेतृत्व में पीलीभीत शहर के आसाम चौराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, नियमों का उल्लंघन कर रही चार डग्गामार बसों का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त, बिना किसी वैध परमिट के चल रही एक बस को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से डग्गामार बस संचालकों में हड़कंप मच गया। चेकिंग अभियान में एआरटीओ सुशील मिश्रा के साथ यात्री कर अधिकारी (टीटीओ) वर्डीस चतुर्वेदी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के एआरएम प्रांशु पाठक भी शामिल थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रभावित यात्रियों के लिए परिवहन विभाग और रोडवेज प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की। एआरएम प्रांशु पाठक की देखरेख में सभी यात्रियों को रोडवेज की अनुबंधित और सरकारी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया गया। एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया कि जनपद में नियम विरुद्ध तरीके से बसों या अन्य व्यावसायिक वाहनों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना परमिट और फिटनेस के चलने वाले वाहन सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं। मिश्रा ने चेतावनी दी कि शासन के निर्देश पर यह अभियान लगातार जारी रहेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के पंढरीनाथ क्षेत्र में 30 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़ित के यहां काम करने वाला एक रिटायर्ड आर्मीमैन कर्मचारी कथित रूप से पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। उसी ने अपने साथियों को रकम की आवाजाही की जानकारी देकर लूट की योजना तैयार कराई थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने घटना के बाद मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब 25 पुलिसकर्मियों की टीम आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच में जुटी हुई थी। कर्मचारी ने दी थी रकम की जानकारी पुलिस जांच में मनय उर्फ मुकेश अग्रवाल के यहां काम करने वाले कर्मचारी चंद्रशेखर मुकाती की भूमिका सामने आई। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों प्रवीण और अमर सिंह निवासी परदेशीपुरा के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने देर रात दोनों संदिग्धों को भी हिरासत में ले लिया। प्रवीण उज्जैन का रहने वाला है। जबकि अमर मूल रूप से भोपाल का है उस पर करीब आधा दर्जन अपराध भी दर्ज है। लूट के बाद वह राजस्थान भाग गए थे। जिसमे चंद्रशेखर उन्हे पूरी जानकारी दे रहा था। पहले की रेकी, फिर बनाई लूट की योजना जांच में सामने आया है कि चंद्रशेखर मुकाती रिटायर्ड आर्मीमैन है। उसने कथित रूप से पहले पीड़ित की गतिविधियों की रेकी की और यह जानकारी जुटाई कि मनय अग्रवाल कब और किस रास्ते से नकदी लेकर आते-जाते हैं। पुलिस के अनुसार इसी जानकारी के आधार पर लूट की योजना बनाई गई और वारदात को अंजाम दिया गया। लूटी गई रकम की तलाश जारी पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर लूटी गई रकम की बरामदगी और उसके ठिकाने के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में जल्द ही पुलिस की ओर से आधिकारिक खुलासा किए जाने की संभावना है।
नालंदा में सोमवार सुबह चोरी के शक में उग्र भीड़ ने 2 युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जिसके बाद से गांव में तनाव का माहौल है। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया है। सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। ‘जात पूछकर मारा, 24 घंटे में हो गिरफ्तारी’ वहीं, डबल मर्डर के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लोजपा(रा.) जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पासवान 'मुकुट' ने आरोप लगाया कि बच्चे राजगीर मेला घूमने गए थे। सुबह होने पर शौच जा रहे थे, तभी अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। लड़कों से जात पूछी गई। पासवान सुनकर उनकी हत्या कर दी गई। अगर 24 घंटे के अंदर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई और पीड़ित परिवार को 20-20 लाख रुपए मुआवजा-सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो लोजपा समर्थक सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। मलमास मेले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, मजिस्ट्रेट और सुरक्षाबल तैनात हैं। इसके बावजूद युवकों को एक-दो घंटे तक बेरहमी से पीटा गया और पुलिस नदारद रही। अगर पुलिस समय पर पहुंचती तो जान नहीं जाती। उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग जनसुराज नेता सत्येंद्र पासवान ने भी इसे प्रशासन का पूर्ण 'फेलियर' बताया। उन्होंने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश है। मंदिर परिसर के मुख्य पंडा की मिलीभगत से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। 'आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी' इस संबंध में राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई में जुटी है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला राजगीर में मलमास मेला देखने गए श्रवण और पिंटू की चोरी के शक में सोमवार तड़के 3 बजे पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। करीब 20 से अधिक लोगों ने दोनों की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से आधे घंटे तक पिटाई की। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, श्रवण का एक हाथ टूट गया था। लिंचिंग के दौरान श्रवण और पिंटू को अंदरूनी चोटें आई थी। इंटर्नल ब्लिडिंग की वजह से दोनों की मौत हुई है। हालांकि, मौत की असली वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगी। परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार दीपनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले गंजपर गांव के रहने वाले 24 साल के पिंटू पासवान और 22 साल के श्रवण पासवान चचेरे भाई थे। दोनों के घरवालों ने मृतकों के दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतकों के घरवालों ने बताया कि श्रवण और पिंटू के दोस्त रविवार शाम उनके घर आए थे। मलमास मेला का बहाना बनाकर अपने साथ ले गए और उनकी हत्या कर दी। चोरी का आरोप झूठा है। पुलिस इस मामले की पड़ताल करे और हम लोगों को न्याय दिलाए।
अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ‘क्लीन पंजाब मिशन’ के तहत सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने करीब ढाई से तीन घंटे तक वॉल्ड सिटी और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई प्रबंधों की समीक्षा की। मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि अमृतसर में अब रात के समय विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत रोजाना रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक सड़कों और प्रमुख मार्गों की सफाई की जाएगी, ताकि सुबह श्री दरबार साहिब में माथा टेकने आने वाली संगत को एक साफ-सुथरा और सुंदर शहर देखने को मिले। उन्होंने कहा कि यह पहल अभी शुरुआत है। आने वाले समय में इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। मंत्री बैंस ने यह भी बताया कि वह हर सप्ताह किसी भी रात अचानक निरीक्षण करेंगे, ताकि सफाई व्यवस्था की जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके और सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी रहे। लोगों से सफाई में सहयोग की अपील सोमवार देर रात निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सफाई के बाद लोग दोबारा कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे शहर को साफ रखना मुश्किल हो जाता है। जितना अमृतसर साफ और सुंदर होगा, उतना ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय व्यापारियों की आय में भी वृद्धि होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि हेरिटेज स्ट्रीट के लिए विशेष योजना पर काम चल रहा है, जिसमें रोजाना धुलाई, सड़क मार्किंग और सीवरेज डी-सिल्टिंग जैसे कार्य शामिल हैं, ताकि बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी पूरा शहर पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, लेकिन सुधार के प्रयास लगातार जारी हैं।
तलाक का डर दिखाकर पत्नी का हलाला कराया:भाई के साथ पत्नी की तरह रहने का दबाव बनाता था, तीन पर केस
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक पति पर अपनी पत्नी को तलाक का डर दिखाकर देवर से हलाला कराने का आरोप लगा है। पुलिस ने पति सहित उसके दो भाइयों के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शहर के एक मोहल्ला की निवासी महिला का निकाह 3 मई 2015 को मऊदरवाजा के बीबीगंज निवासी युवक से हुआ था। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें एक पुत्री और तीन पुत्र शामिल हैं। महिला के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों से ही पति उस पर दबाव बनाता था कि वह उसके भाई के साथ भी पत्नी की तरह रहे। महिला के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसे तीन तलाक का भय दिखाया और देवर के साथ हलाला करने पर मजबूर किया। 10 मई को पति और उसके दो देवरों ने महिला की पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद 23 मई को पति ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से महिला को तीन तलाक का नोटिस भिजवाया। सोमवार को महिला ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसका पति बच्चों के साथ भी मारपीट और क्रूरता करता है। उसने अपने बच्चों को वापस दिलाने की मांग की। फतेहगढ़ कोतवाली के प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीमांचल की बहुप्रतीक्षित जलालगढ़–किशनगंज नई रेल लाइन परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। रेलवे के हालिया दस्तावेजों, आरटीआई से मिली जानकारी और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रस्तावित नक्शे ने परियोजना के एलाइनमेंट (रूट) में संभावित बदलाव की चर्चा को तेज कर दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा नए नक्शे में कानकी क्षेत्र के शामिल होने को लेकर हो रही है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच इसे लेकर उम्मीदें और सवाल दोनों बढ़ गए हैं। हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक रूट परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 2008-09 में मिली थी मंजूरी, अब बदला नजर आ रहा स्वरूप जलालगढ़–किशनगंज नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2008-09 में मंजूरी मिली थी। उस समय परियोजना की कुल लंबाई 50.87 किलोमीटर निर्धारित की गई थी। हाल ही में सामने आई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार अब इसकी लंबाई बढ़कर 51.632 किलोमीटर हो गई है। इसके साथ ही परियोजना की अनुमानित लागत भी बढ़कर करीब 1852.32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रेलवे परियोजनाओं में समय के साथ एलाइनमेंट में तकनीकी बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया माना जाता है। पिछले करीब 18 वर्षों में क्षेत्र की आबादी, भौगोलिक परिस्थितियों, सड़क नेटवर्क और भूमि उपलब्धता में काफी बदलाव आया है। इन्हीं कारणों से रूट में संशोधन की संभावना जताई जा रही है। वायरल नक्शे में कानकी जुड़ने से बढ़ी चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डिजिटल नक्शे के अनुसार प्रस्तावित रेल मार्ग कानकी क्षेत्र से होकर गुजरता दिखाई दे रहा है। इसके बाद सीमांचल के लोगों में नई उम्मीद जगी है। यदि यह एलाइनमेंट अंतिम रूप लेता है तो किशनगंज के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी ग्रामीण इलाकों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि नए रूट को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के जुड़ने और कुछ पुराने प्रस्तावित इलाकों के बाहर होने की चर्चा भी सामने आ रही है। आधिकारिक नक्शा जारी करने की मांग रूट को लेकर बढ़ती उत्सुकता के बीच स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने रेलवे से परियोजना का आधिकारिक नक्शा सार्वजनिक करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्पष्ट नक्शा सामने आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि कौन-कौन से गांव रेल लाइन से जुड़ेंगे, कहां स्टेशन बनेंगे और किन क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी। इसके अलावा किसानों को मिलने वाले मुआवजे और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी स्थिति साफ हो सकेगी। रेल संपर्क बढ़ने से सीमांचल को मिल सकती है नई रफ्तार जलालगढ़–किशनगंज रेल लाइन को सीमांचल के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। यह क्षेत्र लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग करता रहा है। नई रेल लाइन बनने से किशनगंज समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों को बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही कृषि उत्पादों, छोटे कारोबार और स्थानीय बाजारों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना को लेकर रेलवे की ओर से आधिकारिक स्थिति का इंतजार है, लेकिन रूट में संभावित बदलाव की चर्चा ने इलाके में एक बार फिर विकास की उम्मीद जगा दी है।
27 दिन के समर वेकेशन के बाद आज मंगलवार से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में फिर से रौनक लौट आई। स्कूल पहुंचने पर तिलक लगाकर स्टूडेंट्स का स्वागत हुआ। कुछ जगह आरती भी उतारी गई और गिफ्ट देकर उनका वेलकम किया गया।हालांकि, पहले दिन विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम रही, लेकिन जो बच्चे पहुंचे उनका जोरदार स्वागत हुआ। छुट्टियों के बाद स्कूल पहुंचे सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर काफी खुश नजर आए। पहले देखिए तस्वीरें.. पहले दिन उत्सव की तरह मनाएं बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालय खुलने के पहले दिन को उत्सव की तरह मनाने की तैयारी की गई थी। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत करें और सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण करने को कहा गया था। लंबे अवकाश के बाद विद्यालय लौट रहे बच्चों को सहज महसूस कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई में पुनः जुड़ सकें। पहले दिन प्रार्थना सभा के माध्यम से बच्चों को नई कक्षा, पाठ्यक्रम और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी देने के निर्देश जारी किए गए थे। सभी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश जारी विद्यालय खुलने के साथ ही नियमित शिक्षण कार्य, खेलकूद गतिविधियां, पुस्तकालय संचालन, मिड डे मील योजना और अन्य सह-शैक्षणिक कार्यक्रम भी प्रारंभ हुए। विभाग ने सभी विद्यालयों को साफ-सफाई, नामांकन सत्यापन, छात्र उपस्थिति और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैछात्राओं और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

