मध्य प्रदेश में 13 जिला पंचायतों के CEO बदले - Madhya Pradesh Zila Panchayats CEOs transfer list
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पहाड़ से कूदने जा रहा था बेटा, बचाने पहुंचे माता-पिता भी खाई में गिरे; तीनों की दर्दनाक मौत
पहाड़ से कूदने जा रहा था बेटा, बचाने पहुंचे माता-पिता भी खाई में गिरे; तीनों की दर्दनाक मौत
मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में एक दलित परिवार ने जातिसूचक भेदभाव, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने, पैसे लेने और उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखने का भी आरोप लगाया है। मामले में पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्राम धोवा निवासी सर्वेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति धानुक समाज से हैं। उनके अनुसार, 29 जुलाई 2026 की शाम करीब आठ बजे गांव में गमा देवी पूजा का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान हवन में पूजा सामग्री डालने को लेकर विवाद हो गया। सर्वेश कुमार का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी जाति को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि धानुक समाज के लोग पूजा में शामिल नहीं होंगे। पीड़ित के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर नामजद आरोपियों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस मारपीट में सर्वेश कुमार के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनकी पत्नी सरोज तथा पुत्र रामू और धीरेंद्र को भी चोटें आईं। गांव के अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर परिवार को बचाया। सर्वेश कुमार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी। प्रार्थना पत्र में एक उपनिरीक्षक पर पांच हजार रुपये लेने और बाद में उनके पुत्र दीपू को थाने में बंद करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की इस कार्यशैली से गांव के दबंगों का मनोबल बढ़ गया है और उनका परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
रामपुर में डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने स्कूल संचालकों को छात्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी स्वयं उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन का दायित्व है, न कि अभिभावकों का। यह निर्देश शुक्रवार शाम चार बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव, यातायात प्रभारी नोडल अधिकारी, पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। डीएम द्विवेदी ने स्कूल संचालकों से दो टूक कहा कि छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। स्कूल प्रशासन अभिभावकों पर परिवहन की जिम्मेदारी छोड़कर अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सड़क हादसों या यातायात संबंधी कार्रवाई के बाद अक्सर स्कूल प्रबंधन यह कहकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करते हैं कि अभिभावक बच्चों को रिक्शा, साइकिल या अन्य निजी वाहनों से स्कूल भेजते हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी और आवश्यक परिवहन इंतजाम करने होंगे। डीएम ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं के आवागमन में उपयोग होने वाले वाहनों की स्थिति, चालकों की योग्यता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने वाली व्यवस्था सुरक्षित और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्कूलों के आसपास यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बार और लायर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 10 और 11 सितंबर को बार एसोसिएशन लान में प्रांतीय सम्मेलन होगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों पर विचार कि या जाएगा। अधिवक्ताओं के हित, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रस्ताव पास होंगे। इन प्रस्तावों पर न्यायपालिका और सरकार को भेजते हुए अमल कराने का प्रयास होगा। पदाधिकारी बोले- ऐसे निर्णय से पड़ेगा विपरीत प्रभाव बार एसोसिएशन कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेन्द्र अवस्थी लल्लन, महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा, लायर्स एसोसिएसन अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा और महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने बार कौंसिल आफ इंडिया और सभी बार कौंसिल को निर्देश जारी किया है कि कोई भी अधिवक्ता हड़ताल नहीं करेगा। बार कौंसिल स्थानीय बार संघों से इस बात की अंडरटेकिंग ले, कि वह किसी बिंदु पर हड़ताल नहीं करेंगे। यह अधिवक्ता हितों पर कुठाराघात है। इसी तरह हाई कोर्ट ने मो. कफील बनाम राज्य सरकार की याचिका पर कहा है कि जिन अधिवक्ताओं के ऊपर सात साल की सजा के मुकदमे दर्ज हैं, उनका ट्रायल अन्य जिलों में किया जाएगा। ऐसे निर्णय से अधिवक्ताओं पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। अध्यक्ष योगेन्द्र अवस्थी ने कहा कि कानपुर बार व लॉयर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से दोनों ही मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की है। प्रदेश भर के अधिवक्ता आमंत्रित होंगे दोनों संस्थाओं ने हड़ताल को लेकर अंडटेकिंग लेने से मना कर दिया है। मो. कफील बनाम राज्य सरकार के आदेश को चैलेंज करने के लिए एक याचिका दाखिल की जाएगी। इसी तरह एडवोकेट एक्ट 1961 में बार कौंसिल आफ इंडिया द्वारा वर्तमान में किए गए ज्यादातर संशोधन अधिवक्ता हितों के विपरीत है। इन पर पुनर्विचार की जरूरत है। दोनों एसोसिएशन ने आपत्तियां व सुझाव भेजे हैं। पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं को प्रांतीय सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। जिसमें दोनों मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सीकर में मंदिर छोड़ने के बहाने युवक को जंगल ले गए, न्यूड वीडियो बनाकर 15 हजार और मोबाइल लूटा
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एटा के शांति नगर स्थित जीजीआईसी कॉलेज के बाबू जगजीवन राम छात्रावास परिसर में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नए सत्र का शुभारंभ किया गया। डीएम अरविंद सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता का आधार बनाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत विशेषज्ञ विषय शिक्षकों और अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को ई-लर्निंग, विषयवार अध्ययन सामग्री, करेंट अफेयर्स, मॉक टेस्ट और आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि आर्थिक संसाधनों के अभाव में अब किसी भी मेधावी विद्यार्थी के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के सपने अधूरे नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना जेईई, नीट, यूपीएससी, पीसीएस, एनडीए, सीडीएस, एसएससी और बैंकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री प्रदान करती है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने छात्राओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास व दृढ़ संकल्प के साथ उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशिक्षण केंद्र में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर और अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से युक्त स्मार्ट कक्षाएं तैयार की गई हैं। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकों से सुसज्जित एक लाइब्रेरी भी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने केंद्र का निरीक्षण कर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने जनपदवासियों से अपील की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बाद अनुपयोगी हो चुकी अच्छी स्थिति की पुस्तकें अभ्युदय योजना की लाइब्रेरी में दान करें। उन्होंने कहा, “आपकी पुरानी किताब, किसी बच्चे के भविष्य की नई शुरुआत बन सकती है।” उन्होंने कहा कि पुस्तक दान केवल अध्ययन सामग्री देना नहीं, बल्कि किसी प्रतिभावान और जरूरतमंद विद्यार्थी के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है। योजना के तहत कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी जेईई और नीट की तैयारी, जबकि स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी यूपीएससी और पीसीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। बीएड, बीटीसी, बैंकिंग, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी निर्धारित योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास आकाश ने किया।
लड़कियों को इंप्रेस करने की 5 बेस्ट ट्रिक्स: दिखावे से नहीं, व्यक्तित्व से बनाएं जगह
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करनाल के बस्तली गांव के एक परिवार ने जिस बेटे को बेहतर भविष्य और घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कर्ज लेकर विदेश भेजा था, अब उसी बेटे का शव भारत लाने के लिए सरकार और प्रशासन से गुहार लगानी पड़ रही है। आर्मेनिया में राजीव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार की एक ही मांग है कि बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए, ताकि वह उसे आखिरी बार देख सकें। काम से लौटे रूममेट ने बेड पर देखा, हिलाया तो सांस नहीं थीमृतक के भाई अभिषेक ने बताया कि राजीव के साथ आर्मेनिया में रहने वाले रूममेट ने फोन कर परिवार को उसकी मौत की जानकारी दी। अभिषेक के अनुसार, काम खत्म करने के बाद राजीव का दोस्त कमरे पर पहुंचा तो उसका भाई बेड पर लेटा हुआ था। कुछ समय बाद उसने राजीव को हिलाकर देखा तो उसकी सांस नहीं चल रही थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और राजीव को मृत घोषित कर दिया।अभिषेक ने बताया कि राजीव बिल्कुल खुश था। दिन में भी परिवार से उसकी बातचीत हुई थी। अचानक उसकी मौत कैसे हुई, इसके कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। परिवार के अनुसार राजीव रोजाना घरवालों से फोन पर बात करता था और घर बनवाने के काम की जानकारी भी लेता रहता था। भाई रोज भेजता था मकान की फोटो, अब परिवार के सपने टूटेअभिषेक ने बताया कि परिवार ने कर्ज उठाकर राजीव को आर्मेनिया भेजा था। कुछ समय पहले ही परिवार ने मकान बनाने की शुरुआत की थी। वह अपने छोटे भाई को रोजाना मकान की फोटो भेजता था और राजीव भी परिवार से लगातार संपर्क में रहता था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में काम करके वह आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा, लेकिन उसकी मौत से परिवार के सारे सपने टूट गए।अभिषेक ने कहा कि उनके सिर पर पिता का साया भी नहीं है। परिवार में सिर्फ दो भाई राजीव और अभिषेक हैं। राजीव छोटा बेटा था और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए वर्ष 2022 में काम की तलाश में आर्मेनिया गया था। मां बोली- कुछ नहीं चाहिए, बस बेटे का चेहरा दिखा दोराजीव की मां कमलेश ने रोते हुए सरकार और प्रशासन से मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटे को कर्ज लेकर विदेश भेजा था, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सके। बेटा रोज फोन करता था, लेकिन कल बार-बार फोन मिलाने के बावजूद उससे बात नहीं हो सकी। इसके बाद उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़ दिया। ऐसा दिन देखना पड़ेगा कभी कल्पना नहीं की थीकमलेश ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में ऐसा दिन देखने की कभी कल्पना नहीं की थी। अब उन्हें किसी चीज की जरूरत नहीं है, वह सिर्फ आखिरी बार अपने बेटे राजीव का चेहरा देखना चाहती हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए। मां ने कहा कि बेटे की मौत के बाद उनकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी है और परिवार पूरी तरह टूट गया है।
नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव को लेकर चूरू के बीदासर में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा और पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने शुक्रवार को बीदासर क्षेत्र का दौरा कर ईवीएम संग्रहण केंद्र, स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा करते हुए ईवीएम की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और कानून-व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ईवीएम केंद्र और स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण अधिकारियों ने उपखंड मुख्यालय स्थित ज्ञान ज्योति उच्च माध्यमिक स्कूल में ईवीएम संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान ईवीएम के सुरक्षित भंडारण, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रवेश-निकास व्यवस्था समेत मतगणना स्थल पर आवश्यक प्रबंधों की जानकारी ली गई। पुलिस थाने में हुई चुनावी तैयारियों की समीक्षा बीदासर पुलिस थाने में आयोजित बैठक में नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव को लेकर चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को संयुक्त रूप से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। नगर निकाय निर्वाचन के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। लापरवाही पर नहीं होगी सहनशीलता सुराणा ने कहा कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने और आवश्यक सुधार समय रहते करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और भ्रमण बढ़ाने, असामाजिक एवं संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से ली तैयारियों की जानकारी बैठक में एसपी ने निर्वाचन तैयारियों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली। बीदासर एसडीएम अमीलाल यादव ने चुनाव तैयारियों, गतिविधियों और प्रबंधन की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। ये अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर सुजानगढ़ एएसपी पवन कुमार, डीएसपी सुखदेव सिंह, तहसीलदार इंद्रराज बारूपाल, ईओ द्वारकाप्रसाद, एसएचओ सुभाष, एसएचओ महेंद्र सिंह और एईएन इंद्रपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शाजापुर में एक ही नंबर से चल रहीं दो बाइक्स:पीड़ित युवक ने पुलिस, आरटीओ में दर्ज कराई शिकायत
शाजापुर में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर से दो मोटरसाइकिलें चलने का मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी असली बाइक का नंबर किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपनी मोटरसाइकिल पर लगाकर कथित तौर पर चोरी और दुर्घटना की वारदातों में इस्तेमाल किया। इस मामले में पीड़ित बाइक मालिक ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे यातायात थाना, आरटीओ और सुनेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम कोंटा निवासी 21 वर्षीय अरविंद मेवाड़ा ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पास काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP-42-MS-9375 है। उन्होंने यह बाइक वर्ष 2023 में देवश्री मोटर्स सलसलाई से खरीदी थी और यह वाहन वर्तमान में उनके नाम पर पंजीकृत है। अरविंद के अनुसार, 10 जुलाई को उन्हें इंदौर के तेजाजी नगर थाने से फोन आया था। पुलिस ने बताया कि इसी नंबर की बाइक से एक दुर्घटना हुई है। जांच करने पर सामने आया कि दुर्घटना में शामिल बाइक उनकी नहीं थी, बल्कि किसी अन्य वाहन पर उनका नंबर लगा हुआ था। इसके बाद 20 अगस्त को शुजालपुर सिटी पुलिस ने उन्हें फोन कर सूचित किया कि पेंढोल पेट्रोल पंप पर चोरी की वारदात के दौरान सीसीटीवी फुटेज में उनकी बाइक के नंबर वाली मोटरसाइकिल दिखाई दी है। थाने पहुंचने पर सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया गया तो वह वाहन भी अरविंद का नहीं निकला। अरविंद ने आशंका जताई है कि यदि फर्जी नंबर प्लेट लगाने वाले व्यक्ति का पता नहीं चला तो भविष्य में उन्हें किसी गंभीर अपराध में बेवजह फंसाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से इस मामले की गहन जांच कर आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। नियमानुसार कार्रवाई करेंगे यातायात थाना प्रभारी मोनिका सिंह ने बताया कि मामले में शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ है। मामला पुलिस के संज्ञान में भी आ चुका है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के छोटे तालाब के धोबीघाट के पास किशोर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को पुलिस आरोपी आमिर कुरैशी को लेकर उसके घर पहुंची। एसीपी कोतवाली संतोष पटेल सहित जांच टीम के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस घर की सर्चिंग कर रही है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आमिर सीधे घर पहुंचा था और यहां नहाने के बाद उसने कपड़े बदले थे। पुलिस इन्हीं कपड़ों की तलाश और जब्ती के लिए उसे घर लेकर पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपियों ने किशोर की हत्या के बाद उसके प्राइवेट पार्ट निकालने की कोशिश की थी। ऐसे में पुलिस हत्या के समय पहने गए कपड़ों को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर तलाश रही है। टीम यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने कपड़ों को धोने, साफ करने या छिपाने का प्रयास तो नहीं किया। गुरुवार को क्राइम सीन रीक्रिएट किया था गुरुवार को शामला हिल्स और तलैया थाना पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर धोबीघाट पहुंची थी। पुलिस ने उनसे घटनाक्रम दोहरवाया और पूछा कि हत्या के बाद शव से अंग निकालकर उन्हें किस रास्ते से ले जाया गया और तालाब में किस जगह फेंका गया। आरोपियों के बताए स्थान पर पुलिस ने किशोर के प्राइवेट पार्ट की तलाश की थी। इससे पहले भी पुलिस तालाब में गोताखोरों की मदद से सर्चिंग कर चुकी है, लेकिन अब तक अंग बरामद नहीं हुए हैं। 1.20 करोड़ में प्राइवेट पार्ट बेचने की साजिश पुलिस की मुताबिक, मामले में आमिर कुरैशी (18) और जोहेब खान (20) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, जोहेब ने करीब एक महीने पहले एक विधि-विरुद्ध बालक से दोस्ती की थी। उसने खुद को मेडिकल की पढ़ाई करने वाला बताया और एप्रन व आला पहनकर उससे मिलता था। पुलिस का दावा है कि जोहेब ने आमिर और नाबालिगों को मोबाइल पर एक वीडियो दिखाया था, जिसमें बेहोश व्यक्ति के प्राइवेट पार्ट निकालने का तरीका बताया जा रहा था। इसके बाद करीब 1.20 करोड़ रुपए में प्राइवेट पार्ट बेचने का लालच दिया गया और 15-16 साल के लड़के की तलाश करने को कहा गया। 100 रुपए देने का झांसा देकर ले गए 6 अगस्त को दो विधि-विरुद्ध बालक इकबाल मैदान पहुंचे, जहां किशोर पेन और चाबी के छल्ले बेचता था। उसे लड़ाई के लिए साथ चलने और बदले में 100 रुपए देने का लालच दिया गया। रास्ते में रेतघाट के पास आमिर और दो अन्य नाबालिग भी उनके साथ हो गए। चारों किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट ले गए। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आमिर ने जोहेब को फोन किया। जोहेब मौके पर नहीं आया और पहले दिखाए वीडियो के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद शव से दोनों प्राइवेट पार्ट निकालकर प्लास्टिक की थैली में रखे गए। बाद में उन्हें बेचने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः आरोपियों ने उन्हें छोटे तालाब में फेंक दिया। 10 अगस्त को धोबीघाट के पास शव मिला था। 15 अगस्त को हाथ पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान हुई। पुलिस अब आरोपियों के घरों से साक्ष्य जुटाने के साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
डिंडौरी जिले के करंजिया में शुक्रवार को जनपद अध्यक्ष राजू सिंह और भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद दर केश के साथ ग्रामीणों ने बिजली दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। यह विरोध चंदू वान टोला गांव की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद किए जाने के खिलाफ था। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। जनपद अध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि गांव में करीब 100 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से केवल 36 लोगों का बिजली बिल बकाया था, लेकिन कंपनी ने पूरे गांव की बिजली काट दी। बिल जमा करने वाले लोगों के घरों में भी अंधेरा छा गया और ग्रामीणों को पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी। सिंह ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के पूरे गांव की लाइट गुल करना गलत है और बकाया वसूली के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कंपनी बोली- 36 में से केवल 2 लोगों ने भरा बिल मामले पर एक्सक्यूटिव इंजीनियर आर.के. बघेल ने बताया कि ट्रांसफार्मर से जुड़े 36 उपभोक्ताओं में से सिर्फ दो लोगों ने ही बिल जमा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी के नियमों के मुताबिक जिस गांव में 90 प्रतिशत तक बिल बकाया होता है, वहां बिजली बंद कर दी जाती है। कंपनी उन्हीं निर्देशों का पालन कर रहा है।
दौसा में रोड जाम करने वालों पर 35 दिन बाद FIR, वीडियो में जाने गुर्जर समाज में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी
दर्जनों युवाओं ने ली AAP की सदस्यता:पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर झाबुआ में विस्तार
झाबुआ के पेटलावद क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) का विस्तार हुआ है। सोमवार को पार्टी की नीतियों और 'काम की राजनीति' से प्रभावित होकर दर्जनों युवाओं ने AAP की सदस्यता ग्रहण की। राहुल भाबोर के नेतृत्व में मुकेश निनामा, भूराल मुनिया, राकेश मावी, सूरज मकवाना, राहुल मचार, विदेश भूरिया, दुबेसिंह सिंगाड, सोनू चारेल और वकील मेडा सहित कई युवाओं ने पार्टी का दामन थामा। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश सचिव कोमल, प्रदेश संगठन मंत्री रालू निनामा, जिला अध्यक्ष कमलेश सिंगाड, वरिष्ठ नेता मुख्तियार पठान, मुनसिंह अजनार, जुवान डामोर एवं नानजी मईड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। वरिष्ठ नेताओं ने सभी नए कार्यकर्ताओं को पार्टी का गमछा पहनाकर और फूलमाला डालकर स्वागत किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष कमलेश सिंगाड ने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की राजनीति करती है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं के पार्टी से जुड़ने से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी। प्रदेश संगठन मंत्री रालू निनामा ने कहा कि AAP भ्रष्टाचार के खिलाफ और आम जनता की आवाज बनकर लगातार संघर्ष कर रही है। नए शामिल हुए कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएंगे। साथ ही, क्षेत्र की समस्याओं को उठाकर उनके समाधान के लिए काम करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। बैठक की अन्य तस्वीरें…
रणथंभौर में घर के बाहर खेल रहे 3 साल के बच्चे को लेपर्ड उठा ले गया, फुटेज में देंखे मां के सामने हुई मौत; गुस्साए ग्रामीणों ने बाइक फूंकी
मौलाना मेराज अहमद की 11वीं पुण्यतिथि:बाराबंकी में सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा हुई आयोजित
बाराबंकी में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय मौलाना मेराज अहमद की 11वीं पुण्यतिथि मनाई गई। जिला पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव हिमांशु यादव ने किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौलाना मेराज अहमद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि मौलाना मेराज अहमद में सामान्य कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता थी। उनका अध्यक्षीय कार्यकाल सफल और स्वर्णिम रहा, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए संघर्ष किया। गोप ने आगे कहा कि मौलाना मेराज अहमद ने पार्टी सिद्धांतों के अनुरूप बूथ स्तर पर रणनीति बनाकर संगठन को मजबूत किया। उनके नेतृत्व में वर्ष 2012 में जिले की सभी विधानसभा सीटों पर सपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता के लिए मौलाना साहब की कार्यशैली और संगठनात्मक रणनीति को अपनाने पर जोर दिया। पूर्व मंत्री राकेश वर्मा ने बताया कि मौलाना साहब कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान के लिए हमेशा तत्पर रहते थे और संगठन हित में कठोर निर्णय लेने से भी नहीं हिचकिचाते थे। सदर विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव और विधायक गौरव रावत ने भी मौलाना मेराज अहमद को संघर्षशील, कर्मठ और पार्टी का मजबूत स्तंभ बताते हुए श्रद्धांजलि दी। जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने बचपन से ही उन्हें पार्टी के विस्तार और मजबूती के लिए संघर्ष करते देखा है। उन्होंने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलते हुए संगठन को मजबूत करना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक, पूर्व एमएलसी, पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय मौलाना मेराज अहमद के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
छत्तीसगढ के दुर्ग जिले के भिलाई में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने दिल्ली के जेन-जी प्रोटेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित गाली-गलौज को लेकर युवाओं के संस्कारों पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यासपीठ से कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह देना, ये कौन से संस्कार हैं? इसके बाद कथा सुनने आए जेन-जी लड़के-लड़कियों को खड़ा कर देश की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने व्यासपीठ से अपील करते हुए कहा बच्चों को कार भले मत दिलाओ। कार दिलाओगे तो बच्चे बेचकर खा जाएंगे। बच्चों को संस्कार दिलाओ तो वे कारों की लाइन लगा देंगे। प्रधानमंत्री को गाली देने पर जेन-जी के संस्कारों पर सवाल आज देखिए, क्या हो रहा है? कहीं न कहीं हमारे बच्चे संस्कारों से दूर हो रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले हमने दिल्ली का नजारा देखा था। क्या संस्कार थे? भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल करने वाले और विदेशों में भी जिस भारत का डंका बज रहा है, जो हर सनातनी के दिल में निवास करते हैं, ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, जो राजगद्दी पर बैठे हैं, उन्हें तुम अपशब्द कह रहे हो। ये जेन-जी है? क्या ये आज की जनरेशन है? इसे संस्कार कहेंगे?” कथा में युवाओं को खड़ा कर दिलाई शपथ प्रदीप मिश्रा ने कथा में मौजूद युवा लड़के-लड़कियों को खड़ा कराया और देश के प्रति जिम्मेदारी की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से भारत की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखने का संकल्प लेने को कहा। शपथ के दौरान उन्होंने युवाओं से कहलवाया कि हम भारत के हैं और भारत हमारा है। भारत की मर्यादा और संस्कारों के लिए कभी हम अपनी शिक्षा को लज्जित नहीं होने देंगे। खूब पढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ और देश को भी आगे बढ़ाएंगे। महंगे कॉलेज में पढ़ाओ, लेकिन संस्कार भी दो प्रदीप मिश्रा ने पेरेंट्स से कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, महंगे से महंगे कॉलेज में पढ़ाएं, अच्छे कपड़े और अच्छा भोजन दें, लेकिन इसके साथ उन्हें अच्छे संस्कार और ज्ञान भी दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारों में ढालने से एक ऐसा इतिहास बनेगा, जिसमें हम गर्व से कह सकेंगे हमर छत्तीसगढ महान, मेरा छत्तीसगढ़, मेरा देश महान कहेंगे। स्कूलों में मंत्र और राष्ट्रगीत का भी किया जिक्र प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने की तारीफ की। कहा कि छत्तीसगढ़ से सभी स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र महापुरुषों के जीवन का वाचन शांति मंत्र कराया जा रहा है। इसे सनातनी पहल और भारत को विश्वगुरु बनाने की पहल बताया। कहा कि आने वाली पीढ़ी जब संस्कारों में ढलेगी तो उसके भीतर देश और छत्तीसगढ़ के प्रति गर्व की भावना पैदा होगी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की तारीफ की। 'बच्चों की शादी सादगी से करो' कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शादी, धन और वैभव के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संस्कारों के साथ हुई थी। बच्चों के विवाह के लिए आप कर्ज नहीं लीजिए उनके विवाह सादगी के साथ करें। उन्होंने माता-पिता से बच्चों की शादी में दिखावे और ज्यादा खर्च से बचने की अपील की। कहा कि बच्चों की शादी में जरूरत से ज्यादा खर्च करने के बजाय सादगी से विवाह करें और बच्चों को संस्कार दें। ……………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कंगना पर किसी का कंट्रोल नहीं, लाइसेंस मिला है: कहा- छत्तीसगढ़ सरकार अब डबल इंजन नहीं, केंद्र की खींची हुई बोगी है छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अलग-अलग मुद्दों पर बयान दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर में हुए आंदोलन को सरकार की विफलता का आंदोलन बताया। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनता को डराकर राज कर रही है, ये रावण राज है। पढ़ें पूरी खबर…
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र शुक्रवार को शाम 5 बजे हॉस्टल के बाहर किताब, बैग और कपड़े लेकर धरने पर बैठ गए। ये छात्र बिरला ए छात्रावास की अव्यवस्थाओं से नाराज हैं। छात्रों के हाथों में छात्रावास की अव्यवस्थाओं से जुड़ी 50 से अधिक तस्वीरें थीं। तस्वीरों के जरिए छात्रों ने हॉस्टल की स्थिति दिखाई और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किताब और नोट्स तक खराब होने का आरोप धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। छात्र करीब एक साल से इन समस्याओं को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। एक छात्र ने अपनी किताब और नोट्स दिखाते हुए कहा कि इन्हें दीमक ने खराब कर दिया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के लिए जरूरी सामान खराब होने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी का आरोप छात्रों ने आरोप लगाया कि समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर उन्हें हॉस्टल से बाहर निकलवाने की धमकी भी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि वे कई बार अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते हॉस्टल की समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें विरोध के लिए किताब, बैग और कपड़े लेकर बाहर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती। एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे छात्रों के धरने की जानकारी मिलने के बाद एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को बताया कि उनकी शिकायतें प्रशासन को भेज दी गई हैं। साथ ही जल्द समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, छात्रों ने कहा कि उन्हें पिछले एक साल से इसी तरह आश्वासन दिया जा रहा है। उनका कहना था कि जब तक हॉस्टल की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार नहीं होता, तब तक केवल शिकायत भेजे जाने की बात से उनकी समस्या हल नहीं होगी। वार्डन बोले- समस्याओं के समाधान में लगेगा समय बिरला ए छात्रावास के वार्डन सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छात्रों की सभी समस्याओं को लिखकर विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन जल्द ही आवश्यक सुधार कराया जाएगा। धरने पर बैठे छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया की वार्डन द्वारा छात्र को धक्का दिया गया। वह अपनी समस्या को लेकर उनके पास गया था।
सोने की अंगूठी और पति से 'अफेयर' का शक: सागर में पीली कोठी के सामने भिड़ीं दो सहेलियां, वीडियो वायरल
मकरोनिया क्षेत्र निवासी दो युवतियां पुरानी बात को लेकर सड़क पर भिड़ गईं। दोनों ने एक-दूसरे को थप्पड़, लात-घूंसे मारे और एक-दूसरे को जमीन पर पटककर पीटा।
UP के बरेली में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। अटेवा (ATEWA) पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले शिक्षकों, विकास भवन और रेलवे कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा बिशप मंडल इंटर कॉलेज से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। 'नो एनपीएस, नो यूपीएस... ओनली ओपीएस'प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों और शिक्षिकाओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तिरंगा देश की आन-बान-शान है और पुरानी पेंशन उनका संवैधानिक अधिकार व बुढ़ापे का एकमात्र सहारा है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें न तो एनपीएस (NPS) चाहिए और न ही यूपीएस (UPS), उनकी एकमात्र मांग सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन (OPS) है। 2027 चुनाव को लेकर दिया 'वोट फॉर ओपीएस' का नाराशिक्षिका प्राची शर्मा और अन्य कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को पेंशन मिल सकती है, तो 60 साल तक सेवा देने वाले सरकारी कर्मचारियों की पेंशन क्यों छीनी जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में कर्मचारी 'वोट फॉर ओपीएस' (Vote for OPS) की रणनीति पर काम करेंगे। निजीकरण और वित्तीय तर्कों पर उठाए सवालकर्मचारियों ने निजीकरण को देश के लिए घातक बताते हुए कहा कि सरकार फिजूलखर्ची और बड़ी-बड़ी योजनाओं के नाम पर फंड जारी करती है, लेकिन कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा की बात आते ही राजकोषीय घाटे का बहाना बनाया जाता है। अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी इस लड़ाई को पुरानी पेंशन बहाल होने तक जारी रखेंगे।
श्योपुर नगर पालिका परिषद की साधारण सभा की बैठक में नेता प्रतिपक्ष सलाउद्दीन ने अग्रसेन मार्केट के नामकरण, मूर्ति निर्माण और कई करों में वृद्धि के प्रस्तावों पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनके विरोध के बावजूद बैठक में सभी एजेंडों को पारित कर दिया गया। यह बैठक शुक्रवार दोपहर 3 बजे नगरपालिका सभागार में आयोजित हुई। इसमें शहर के विकास, निर्माण और अन्य प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कई एजेंडों पर चर्चा की गई। नेता प्रतिपक्ष सलाउद्दीन ने विशेष रूप से अग्रसेन मार्केट के नामकरण एवं अग्रसेन जी की मूर्ति निर्माण के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संपत्तिकर, समेकितकर, जलकर और विविध करों की दरों में प्रस्तावित वृद्धि का भी विरोध किया। इन दोनों मुद्दों पर बैठक में विस्तृत चर्चा और बहस हुई। बैठक में यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय निर्माण, महिला पिंक शौचालय, नालों के इंटरसेप्शन एवं डायवर्सन तथा एसटीपी की डीपीआर जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे गए। इन प्रस्तावों पर हुई चर्चा अन्य प्रस्तावों में परशुराम चौराहे पर परशुराम शस्त्र एवं स्तंभ निर्माण, स्टेडियम के बाहर दुकान निर्माण, विभिन्न स्थानों पर पार्किंग निर्माण, नवीन बस स्टैंड परिसर में नवनिर्मित दुकानों की नीलामी, मैरिज गार्डन व ऑडिटोरियम के नामकरण, और ट्रेड लाइसेंस की दरें निर्धारित करना शामिल था। मछली मार्केट निर्माण, जतीघाट एवं कर्बला घाट के सौंदर्यीकरण, नाला-पुलिया निर्माण और शहर की प्रमुख सड़कों के डामरीकरण जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। पार्षदों ने शहर के विकास कार्यों को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग और सीएमओ नरेंद्र जाटव भी उपस्थित रहे।
अयोध्या कोतवाली नगर पुलिस ने लूट और टप्पेबाजी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा करते हुए चार पुरुष और एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को रायबरेली रोड पर उसरू नहर के पास एमबी पब्लिक स्कूल के सामने से पकड़ा। इनके कब्जे से लूट और टप्पेबाजी के 2 लाख 5 हजार रुपये, दो अवैध 12 बोर तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। सोने-चांदी का लालच देकर बनाते थे शिकार पुलिस के मुताबिक गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी लोगों को खुदाई में मिले सोने-चांदी के जेवरात बताकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद जरूरत बताकर उनसे रकम ऐंठने या लूटने की वारदात को अंजाम देते थे। अयोध्या में आरोपी सूरज राय ने भी एक पीड़ित को सोने की माला के दाने और चांदी का सिक्का दिखाया। उसने खुद को पांच-छह लाख रुपये की जरूरत बताते हुए पीड़ित को झांसे में लिया। 2 लाख रुपये लेकर पहुंचा तो असलहा तान दिया पीड़ित जब दो लाख रुपये लेकर आरोपियों के बताए स्थान पर पहुंचा तो गिरोह के सदस्यों ने असलहे के बल पर उससे रुपये छीन लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की जांच में पुलिस को गिरोह के अन्य वारदातों में शामिल होने के सुराग मिले। पूछताछ और जांच के दौरान अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में हुई टप्पेबाजी की घटना से भी गिरोह का कनेक्शन सामने आया। कई जिलों में फैला है नेटवर्क पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी बहराइच, इटावा, उन्नाव और अन्य जिलों से जुड़े हुए हैं। गिरोह के खिलाफ अयोध्या और अलीगढ़ में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। बरामद असलहों के संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह की अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना सदर थाना क्षेत्र के गांव गाहड़ा में भैंस चोरी का प्रयास उस समय विफल हो गया, जब एक ग्रामीण ने चोरों को भैंस ले जाते हुए देख लिया। युवक के शोर मचाते ही ग्रामीण जाग गए, जिसके बाद आरोपी दोनों भैंसों को गांव में ही छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। जानकारी के अनुसार, गांव गाहड़ा निवासी नरेंद्र कुमार शर्मा की दो भैंसें घर में बंधी हुई थीं। देर रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच चार-पांच बदमाश एक पिकअप वाहन में गांव पहुंचे और दोनों भैंसों को चोरी कर ले गए। कुत्तों को खिलाया नशीला पदार्थ ग्रामीणों का आरोप है कि चोरों ने गांव में घुसने के बाद कुत्तों को कोई नशीला पदार्थ खिलाया, जिससे वे बेहोश हो गए और भौंक नहीं सके। इसके बाद बदमाश भैंसों को गांव के अड्डे के पास खड़ी पिकअप में चढ़ाने लगे। युवक की पड़ी नजर इसी दौरान वहां से अपने खेतों की ओर गुजर रहे अजय नामक युवक की नजर उन पर पड़ गई। उसने भैंसों को पहचान लिया और समझ गया कि चोरी की जा रही है। अजय ने तुरंत शोर मचा दिया, जिससे आसपास के ग्रामीण जाग गए। पुलिस को दी सूचना ग्रामीणों के एकत्रित होते ही बदमाश दोनों भैंसों को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए। पिकअप चालक भी वाहन लेकर भाग निकला। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत डायल-112 पर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ आसपास के खेतों व अन्य संभावित स्थानों पर आरोपियों की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
मैनपुरी जंक्शन पर यात्री से मारपीट:जीआरपी ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
मैनपुरी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक यात्री से मारपीट के मामले में जीआरपी मैनपुरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। यह कार्रवाई रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत की गई। जीआरपी थाना मैनपुरी जंक्शन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस महानिदेशक रेलवे के आदेश तथा पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे इटावा के मार्गदर्शन में जीआरपी टीम ने यह कार्रवाई की। घटना 21 अगस्त को हुई, जब कालिंदी एक्सप्रेस से उतरते समय एक यात्री के साथ आठ से दस अज्ञात व्यक्तियों ने मारपीट की थी। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर जीआरपी थाना मैनपुरी में मुकदमा अपराध संख्या 08/2026 धारा 191(2), 115(2), 351 और 352 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें सर्वेश कुमार, राजेश कुमार, विष्णु कुमार, अमन कुमार, धर्मेंद्र सिंह और अरविंद कुमार शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम किशोरपुर, थाना दन्नाहार, जनपद मैनपुरी के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद धारा 170 बीएनएसएस के तहत माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक बजपाल सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय सिंह, कांस्टेबल हरीश शर्मा, कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल यशपाल सिंह शामिल रहे। जीआरपी की इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन परिसर में अपराधियों के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में ठगों ने एक दुकानदार के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए उसमें तीन अलग-अलग खातों के जरिए 97 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिए। रकम आने के अगले दिन पीड़ित व्यक्ति ने दुकानदार को फोन कर बताया कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है और ठगी की रकम उसके खाते में भेजी गई है। जानकारी होने पर दुकानदार ने खाते में रकम मंगवाने वाले युवक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दुकानदार ने कल्याणपुर थाने में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन अलग अलग खातों में मंगवाई रकम कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर नई बस्ती निवासी अमित पाल ने पुलिस को बताया कि पनकी रोड पर उनकी मां दुर्गा मार्बल नाम से दुकान है। उनके मुताबिक 16 अगस्त को प्रखर सचान उनकी दुकान पर आया था। उसने बताया कि उसके कुछ रुपये कहीं फंसे हुए हैं और बैंक खाते में समस्या होने के कारण उसे तत्काल रुपयों की जरूरत है। प्रखर ने अमित से उनका बैंक खाता नंबर मांगा और कहा कि उसमें रुपये मंगवाए जा सकें। अमित के मुताबिक प्रखर की बात पर भरोसा करते हुए उन्होंने उसे अपना बैंक खाता नंबर दे दिया। इसके बाद 16 अगस्त को उनके खाते में तीन अलग-अलग लेनदेन हुए। पहले 50 हजार रुपये, फिर 30 हजार रुपये और इसके बाद 17 हजार रुपये खाते में जमा हुए। तीनों लेनदेन के बाद खाते में कुल 97 हजार रुपये पहुंच गए। अमित ने बताया कि रकम आने के अगले दिन एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। उसने बताया कि उसके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है और ठगी के रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। यह जानकारी मिलने के बाद अमित के होश उड़ गए। उन्होंने प्रखर सचान से संपर्क कर रुपये के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन प्रखर ने कोई जवाब नहीं दिया। वह लगातार कई बार फोन किया मगर उसके बाद भी कोई जवाब मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमित ने तत्काल कल्याणपुर पुलिस को सूचना दी और प्रखर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस खाते में आई रकम, तीनों लेनदेन और प्रखर सचान की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी की रकम किन खातों से होकर दुकानदार के खाते तक पहुंची और इस पूरे मामले में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं। एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
रोहतास महिला कॉलेज में यूनिफेस्टा 2026 का ऑडिशन, संगीत-नृत्य और मॉडलिंग में छात्रों ने दिखाया हुनर
21 अगस्त, शुक्रवार: सासाराम के रोहतास महिला कॉलेज में यूनिफेस्टा 2026 के लिए ऑडिशन आयोजित हुआ। संगीत, नृत्य और मॉडलिंग समेत विभिन्न विधाओं में छात्रों ने प्रतिभा दिखाई। पटना में 1 से 5 दिसंबर तक होने वाले राष्ट्रीय महोत्सव में 100 से अधिक विश्वविद्यालयों के कलाकार शामिल होंगे।
नौहट्टा में सोन नदी का पानी सड़क पर पहुंचा, एक दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन बंद
21 शुक्रवार, अगस्त: सासाराम के नौहट्टा प्रखंड में सोन नदी का पानी पहाड़ी नदी के रास्ते सड़क पर आ गया। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों और यदुनाथपुर थाना का आवागमन बाधित हो गया है।
पलवल पुलिस ने अरेस्ट किया नशा तस्कर:बाइक पर सप्लाई करने जा रहा, भागते हुए फिसल कर गिरा, हेरोइन बरामद
पलवल में एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10.47 ग्राम हेरोइन बरामद की है। यह कार्रवाई अंधरोला रोड बाईपास के पास नाकाबंदी के दौरान की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एएनसी स्टाफ के एएसआई सिराजुद्दीन ने बताया कि उनकी टीम गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि कलसाड़ा गांव निवासी प्रवीन उटावड़ की तरफ से अपनी बाइक पर हेरोइन लेकर सप्लाई के लिए आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत अंधरोला रोड बाईपास पर नाकाबंदी कर दी। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास नाकाबंदी के दौरान उटावड़ की तरफ से आ रहे संदिग्ध बाइक सवार ने पुलिस को देखते ही बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, उसकी बाइक फिसल गई और वह नीचे गिर गया। पुलिस ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसकी जेब से 10.47 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस ने हेरोइन और बाइक को कब्जे में लेकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह यह नशीला पदार्थ हेरोइन कहां से और किससे लेकर आता है, तथा यहां किसे सप्लाई करता है। पुलिस का उद्देश्य नशे के कारोबार से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना है।
आगरा में ज्वैलर्स से पुराने आभूषण खरीदने के बहाने सोने के कंगन लेकर फरार हुए तीन आरोपियों को ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। घटना 19 अगस्त की शाम की है। ताजगंज के नगला कली निवासी सुनील कुमार की वीएसआर ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। सुनील के अनुसार, उनके परिचित संजय वर्मा ने बताया था कि उसके कुछ परिचित पुराने आभूषण खरीदते हैं। इसके बाद संजय, सुनील को विकास नगर शाहदरा स्थित इमरान उर्फ रहीम के कार्यालय पर लेकर पहुंचा। वहां इमरान और ननूआ उर्फ लियाकत भी मौजूद थे। सुनील ने अपने पुराने आभूषण दिखाए, जिनमें से आरोपियों ने सोने की चूड़ी की एक जोड़ी और ब्रेसलेट पसंद किया। जांच कराने के बहाने आभूषण लेकर हुआ फरार जब सुनील ने भुगतान मांगा तो आरोपियों ने पहले सुनार से आभूषणों की जांच कराने की बात कही। इसके बाद ननूआ उर्फ लियाकत आभूषण लेकर जांच कराने के बहाने चला गया। काफी देर तक उसके वापस न लौटने पर संजय और इमरान भी सुनील को कार्यालय में छोड़कर चले गए। तीनों के वापस न आने पर सुनील को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने 20 अगस्त को ट्रांस यमुना थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर तीनों दबोचे 21 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने झरना नाला के पास से ननूआ उर्फ लियाकत, इमरान उर्फ रहीम और संजय वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी ननूआ उर्फ लियाकत के खिलाफ पहले से अलीगढ़ और आगरा में कई मुकदमे दर्ज हैं। इन पुलिसकर्मियों की रही कार्रवाई में भूमिका आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार के साथ उपनिरीक्षक विपुल कुमार, अविषेक कुमार, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार तथा कांस्टेबल अनुज कुमार और कपिल कुमार शामिल रहे।
पुरानी पेंशन बहाली को अटेवा की तिरंगा यात्रा:जिला मुख्यालय पर पीएम-सीएम को सौंपा ज्ञापन
अटेवा (ऑल टीचर्स/एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन) के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों की संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने देशभक्ति के नारे लगाते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह यात्रा दोपहर 3 बजे घंटाघर स्थित शहीद पार्क से शुरू होकर जिलाधिकारी परिसर स्थित शहीद स्मारक पर समाप्त हुई। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी हरेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। जिला संयोजक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह तिरंगा यात्रा अपने हक और सम्मान की आवाज बुलंद करने के लिए देश भर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जा रही है। अटेवा लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहा है। उनका तर्क है कि जब देश में एक समान कानून और चुनाव व्यवस्था लागू की जा सकती है, तो पेंशन व्यवस्था भी एक जैसी क्यों नहीं हो सकती। कर्मचारियों ने सरकार द्वारा लाई गई नई एकीकृत पेंशन व्यवस्था को सिरे से नकार दिया है। जिला महामंत्री विनय कुमार ने कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) थोपे जाने को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार गारंटी योजना के तहत टीईटी का नियम बनने से पहले जिन शिक्षकों ने पात्रता पूरी कर नियुक्ति पाई है, उन पर अब जबरन टीईटी थोपना उनके सम्मान के विरुद्ध है। इस अवसर पर कैलाश बाबू मिश्रा, जगदीश सिंह, मयंक यादव, अमित यादव, विपिन कुमार, जितेश गौरव, अल्केश कुमार, जितेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, करण सिंह, कप्तान सिंह, अमित दुबे, महेंद्र सिंह बलगारिया, नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभात कुमार, समर सिंह, अमित द्विवेदी, गौरव राजपूत, हेमंत, मनोज कुमार गुप्ता, भानु प्रताप सक्सेना और सत्यम सिंह सहित कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में शुक्रवार को कांग्रेस के चौथे चरण के ‘संगठन सृजन अभियान’ की समीक्षा बैठक हुई। शगुन फार्म हाउस में आयोजित बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक चेतन चौहान, पीसीसी पर्यवेक्षक रिजवान कुरैशी, नरेंद्र चौहान और पंकज तेजानिया शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षकों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। बैठक में जिलेभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचे। एआईसीसी पर्यवेक्षक चेतन चौहान ने कहा कि कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से संगठन को लेकर सुझाव लिए जा रहे हैं। साथ ही जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष पद के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। 16 महीने में संगठन मजबूत करने का दावा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने अपने 16 महीने के कार्यकाल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अवधि में संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है। उनके अनुसार इस दौरान सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क और बैठकें की जा रही हैं। गंगाजल भेंट कर पर्यवेक्षक का सम्मान कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता एडवोकेट शहजादा चौधरी ने किया। इस दौरान पूर्व प्रदेश सचिव डॉ. शोएब, त्रिनेत्र गोयल और संजीव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने एआईसीसी पर्यवेक्षक चेतन चौहान को गंगाजल भेंट कर सम्मानित किया। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद बैठक में पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व प्रदेश महासचिव विजय गोयल, पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन, पूर्व गढ़ विधायक प्रत्याशी आभा चौधरी, पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी, गढ़मुक्तेश्वर नगर अध्यक्ष मुकेश कौशिक, पिलखुवा नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी और गढ़ ब्लॉक अध्यक्ष बिजेंद्र त्यागी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रोहतास के नए SP मिस्टर राज ने संभाला पदभार, बेहतर पुलिसिंग और जनता की सेवा प्राथमिकता
21 अगस्त, शुक्रवार: सासाराम में रोहतास के नए SP मिस्टर राज ने शुक्रवार को जिला पुलिस मुख्यालय डेहरी स्थित कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान SP रौशन कुमार ने उन्हें कार्यभार सौंपा। मिस्टर राज ने बेहतर पुलिसिंग जारी रखने और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता बताया।
सीधी जिले के गोपद बनास क्षेत्र के बंजारी गांव में एक किसान का दूध में पानी मिलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे वीडियो सामने आया। इसके बाद दूध की गुणवत्ता और कीमत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्राहकों ने महंगे दूध की शिकायत की ग्राहकों का कहना है कि क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक दूध नहीं मिल रहा है। कई बार दूध उपलब्ध नहीं होता और मिलने पर भी उसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। सीधी में दूध करीब 70 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। डेयरी से लेने पर इसकी कीमत 80 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। ग्राहकों का कहना है कि इतनी कीमत देने के बाद दूध में पानी मिलना उनके साथ धोखा है। स्थानीय निवासी प्रशांत तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में दूध की उपलब्धता की समस्या बनी हुई है। कई बार दूध में मिलावट होने या महंगे दाम पर मिलने की शिकायत रहती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायतें भी की गई हैं। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशांत तिवारी ने कहा कि दूध का इस्तेमाल परिवार बच्चों के पोषण के लिए करते हैं। ऐसे में दूध में ज्यादा पानी होने से बच्चों को ठीक से पोषण नहीं मिल पाएगा। कलेक्टर बोले- पर्याप्त दूध उपलब्ध कराने के प्रयास जारी सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन जिले में दूध की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण और पोषणयुक्त दूध मिले, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से बाबा बैद्यनाथ धाम तक जाने वाले कच्ची कांवड़िया पथ पर शिवभक्ति के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। इस मार्ग पर बोल बम के जयकारे और भगवा रंग का सैलाब उमड़ रहा है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल से आए शिवभक्तों की विशेष कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कुछ शिवभक्तों ने अपनी कांवड़ पर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की हैं। वहीं, कुछ अन्य भक्तों ने भगवान शिव के परम भक्त रावण की प्रतिमा को कांवड़ पर बैठाकर बाबा बैद्यनाथ धाम ले जाने का संकल्प लिया है। ये कांवड़ें शिवभक्ति और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही हैं। कोलकाता, पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालु मोहन यादव और उनके साथियों ने एक ऐसी विशाल कांवड़ बनाई है, जिस पर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन प्रतिमाओं का वजन लगभग 110 से 120 किलोग्राम है, जिसमें जल का वजन शामिल नहीं है। फाइबर, रुई और अन्य सामग्री से निर्मित इन प्रतिमाओं को 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए विशेष रूप से मजबूत बनाया गया है। आकर्षक लाइटों से कावड़ को श्रद्धालुओं ने सजाया इस कांवड़ को आकर्षक लाइटों से भी सजाया गया है। भक्तों के अनुसार, रात में रोशनी के बीच महादेव और माता पार्वती की प्रतिमा का दृश्य अत्यंत मनमोहक प्रतीत होगा। मोहन यादव बताते हैं कि वे वर्ष 2014 से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। हर साल उनकी कोशिश रहती है कि बाबा की भक्ति में कुछ नया और अनोखा किया जाए। उनका कहना है कि इतनी भारी कांवड़ उठाना सामान्य इंसान के लिए आसान नहीं है, लेकिन जब कंधे पर कांवड़ हो और दिल में महादेव का नाम, तो थकान और परेशानी का एहसास ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना सिर्फ अपने लिए नहीं है। वे बाबा भोलेनाथ से पूरे समाज, परिवार, वातावरण और पशु-पक्षियों के कल्याण की कामना करते हैं। महादेव के सबसे बड़े भक्त रावण को बाबा धाम ले जा रहे भक्त इसी कच्ची कांवड़िया पथ पर पश्चिम बंगाल के हावड़ा मैदान से आए 22 श्रद्धालुओं का एक और दल लोगों का ध्यान खींच रहा है। इन श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के परम भक्त माने जाने वाले रावण की विशाल प्रतिमा को कांवड़ पर विराजमान किया है। करीब 150 किलोग्राम से अधिक वजन वाली इस विशेष कांवड़ को लेकर श्रद्धालु अजगैबीनाथ धाम से बाबा बैद्यनाथ धाम की करीब 105 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। कांवड़ संघ पेलकल घाट रेलवे कॉलोनी से जुड़े श्रद्धालु दीपक कुमार पासवान, सूरज कुमार और सत्यम मंडल सहित अन्य भक्तों का कहना है कि वे रावण को उसके आराध्य भगवान शिव से मिलाने के लिए बाबा धाम लेकर जा रहे हैं। श्रद्धालु बोले- 10 साल से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पिछले 8 से 10 वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। पहले वे साधारण पिट्ठू कांवड़ लेकर यात्रा करते थे, लेकिन इस बार सभी साथियों ने मिलकर कुछ अलग करने का फैसला किया। इसके बाद हावड़ा से विशेष रूप से रावण की प्रतिमा तैयार कराई गई और उसे कांवड़ पर स्थापित किया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान भोलेनाथ का सबसे बड़ा भक्त रावण था। इसलिए इस बार उनके मन में भाव आया कि रावण को कांवड़ पर बैठाकर बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक ले जाया जाए। 150 किलो से अधिक वजन उठाने की चुनौती के बावजूद उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि अद्भुत उत्साह नजर आ रहा है। उनका कहना है कि कांवड़ भारी जरूर है, रास्ता लंबा जरूर है, लेकिन आस्था के सामने मुश्किलें छोटी पड़ जाती हैं। उनका विश्वास है कि “जब महादेव का हाथ सिर पर हो तो कोई भी भार भारी नहीं होता। बाबा की कृपा से यह यात्रा पूरी होगी और भोलेनाथ अपने भक्तों की नैया पार लगाएंगे।” श्रद्धालुओं ने बताया कि इस यात्रा को पूरा करने में लगभग चार दिन का समय लगेगा। रास्ते में विश्राम करते हुए वे लगातार बाबा धाम की ओर बढ़ेंगे। उनकी कोई व्यक्तिगत या सांसारिक इच्छा नहीं है। वे बाबा से अपने परिवार, समाज और पूरी दुनिया के लिए सुख, शांति और कल्याण का आशीर्वाद मांग रहे हैं। बोल बम के जयकारों से गूंज रही शिवनगरी कच्ची कांवड़िया पथ पर इन अनोखी कांवड़ों के साथ चल रहे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। कोई कंधे पर भारी कांवड़ लेकर दौड़ रहा है, तो कोई भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए धीरे-धीरे बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। उधर बाबा नगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं में भी जबरदस्त उत्साह है। दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन के बाद कहा कि वे किसी सांसारिक इच्छा के लिए नहीं, बल्कि बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उनका कहना है कि बाबा के दरबार में पहुंचते ही मन को ऐसी शांति मिलती है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। “हम दिल्ली से बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने आए हैं। बोल बम का नाम लेते हुए बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई है। अब बाबा ही अपने भक्तों की नैया पार लगाएंगे।” सुल्तानगंज से देवघर तक इस समय हर कदम शिवमय है। कंधों पर कांवड़, जुबां पर बोल बम और दिल में महादेव की भक्ति लिए लाखों श्रद्धालु अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। कहीं कांवड़ पर महादेव और माता पार्वती विराजमान हैं, तो कहीं उनके परम भक्त रावण को बाबा के दरबार तक पहुंचाने का संकल्प है। यही आस्था श्रावणी मेले को सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और समर्पण का विराट उत्सव बना रही है।
फाजिल्का के गांव झुग्गे गुलाब सिंह में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प में धारदार हथियारों के साथ ईंट-पत्थर भी चले। घटना में करीब 10 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें फरीदकोट रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में सरपंच समेत दोनों पक्षों के 20 से अधिक लोगों के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज किया है। गांव निवासी कुलविंदर सिंह और मनजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने बताया कि सरपंच समेत कुछ लोग उनकी गली में पहुंचे थे। बाहर लगे कैमरों को तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि इसके बाद बाहर से आए लोगों ने ईंट-पत्थर बरसाए, जिससे उनके घर के सामान को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि आसपास के करीब छह घरों में भी तोड़फोड़ हुई है। घटना में करीब 10 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। दो घायलों को गंभीर हालत में फरीदकोट रेफर किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस अधिकारी बोले- पारिवारिक मामले को लेकर था दोनों में विवाद पुलिस अधिकारी बलकार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले पारिवारिक मामले को लेकर विवाद हुआ था। बाद में गांव स्तर पर दोनों पक्षों के बीच राजीनामा करवाया गया था। कुछ समय बाद फिर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। इसी दौरान मामला और बढ़ गया और आरोप है कि सरपंच समेत कई लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला कर दिया। इस दौरान ईंट-पत्थर चलने के साथ वाहनों में तोड़फोड़ और घरों के गेट तोड़े जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों पर क्रॉस केस दर्ज कर 20 से अधिक लोगों को नामजद किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों व आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
जिले के सीनियर आदिवासी छात्रावास में छात्रों के भोजन में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार रात छात्रों को परोसी गई खिचड़ी में इल्लियां (कीड़े) रेंगते मिले। अपनी थाली में इल्लियां देख बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्र खाना छोड़कर रात करीब 8 बजे लगभग 2 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए और आला अधिकारियों से घटिया भोजन की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रातों-रात जांच शुरू की। अगले ही दिन छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया। फ्रिज खाली और किचन मिला गंदा छात्रों की शिकायत मिलते ही जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम रात में ही हॉस्टल पहुंच गई। जांच के दौरान जो दिखा, वह चौंकाने वाला था। भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी; खिचड़ी में साफ तौर पर इल्लियां नजर आईं, जबकि कढ़ी में दाल-बेसन से ज्यादा पानी था। इसके अलावा किचन में भारी गंदगी पसरी थी, मसाले खुले में रखे हुए थे और फ्रिज पूरी तरह खाली पड़ा था। हद तो तब हो गई जब मौके पर कोई रसोइया भी मौजूद नहीं मिला। इन गंभीर खामियों और अव्यवस्थाओं को लेकर डिप्टी कलेक्टर ने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई। फूड डिपार्टमेंट ने लिए सैंपल खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी कमलेश डावर ने बताया कि टीम ने मौके से परोसे गए खिचड़ी और कढ़ी के सैंपल ले लिए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट आने के बाद संबंधितों पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधीक्षक सस्पेंड, नए को सौंपा अतिरिक्त प्रभार जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में साफ तौर पर भारी लापरवाही और अनियमितताएं सामने आई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हुए इस खिलवाड़ के चलते छात्रावास अधीक्षक सम्राट सोनवणे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए फिलहाल उत्कृष्ट बालक छात्रावास के अधीक्षक सुरेश करोड़ा को इस हॉस्टल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
भदोही में सुरियावां थाना क्षेत्र के भोरी गांव में घरेलू हिंसा का मामला सामने आया है। पति के परदेस में रहने के दौरान ससुराल वालों पर एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों को पीटकर घर से निकालने का आरोप है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम भोरी निवासी ऊषा देवी पत्नी कमलेश बिन्द ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी शादी 10 वर्ष पूर्व हुई थी। उनके 8 साल का बेटा और 4 साल की बेटी है। ऊषा देवी के पति कमलेश दिल्ली में मजदूरी करते हैं। पीड़िता का आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी में सास संतारा देवी, ससुर उदयराज और ननद गुड़िया देवी उन्हें व उनके बच्चों को घर में नहीं रहने देते। आरोपी आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़िता के अनुसार, बीते 13 अगस्त को आरोपियों ने उनके और बच्चों के साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया। सुरियावां पुलिस ने ऊषा देवी की शिकायत पर आरोपी सास संतारा देवी, ससुर उदयराज और ननद गुड़िया देवी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 352, 351(3) और 329(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की इटावा इकाई ने शुक्रवार को अनूठी पहल की। संगठन की ओर से कुर्मी समाज के 19 वरिष्ठ नागरिकों को लायन सफारी का भ्रमण कराया गया। दोपहर करीब 1 बजे कार्यक्रम की शुरुआत साईं उत्सव गार्डन से हुई। यहां बुजुर्गों का माल्यार्पण, पटका पहनाकर और चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद सभी को लायन सफारी ले जाया गया। पांचों क्षेत्रों का कराया भ्रमण लायन सफारी पहुंचने के बाद वरिष्ठ नागरिकों ने बाहरी पार्क और संग्रहालय का भ्रमण किया। इसके बाद बस से सफारी के सभी पांचों क्षेत्रों का भ्रमण कराया गया। सफारी में वन्यजीवों को देखकर बुजुर्गों में खासा उत्साह नजर आया। इस दौरान उन्होंने अपने युवावस्था के दिनों को याद किया और उस समय के बीहड़ तथा वर्तमान में विकसित लायन सफारी के स्वरूप में आए बदलाव को करीब से देखा। निदेशक ने बुजुर्गों के साथ काटा केक लायन सफारी के निदेशक डॉ. अनिल पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ केक काटकर विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया। उन्होंने सभी को स्वल्पाहार कराया और सफारी भ्रमण के अनुभव भी जाने। निदेशक ने अपने छह वर्ष के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए सफारी के विकास से जुड़ी जानकारी भी दी। बोले- सफारी का अनुभव हमेशा याद रहेगा वरिष्ठ नागरिकों ने सफारी भ्रमण को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें काफी आनंद मिला और पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें परिवार और समाज के बीच सम्मान तथा अपनापन महसूस कराते हैं। सफारी के रेंजर रुपेश श्रीवास्तव ने स्टाफ के साथ भ्रमण के दौरान पूरा सहयोग किया। महासभा के पदाधिकारी रहे मौजूद इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की ओर से अरुण कुमार वर्मा, इंजीनियर राजेश कुमार वर्मा, डॉ. श्रीकांत वर्मा, डॉ. हरीशंकर पटेल, श्रीनिवास वर्मा, नीलकमल, सुधांशु कुमार, सचिन वर्मा, राकेश बाबू और इंजीनियर राजकुमार पटेल समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
जयपुर में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- BRICS देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने के लिए जयपुर डिक्लेरेशन तैयार किए गया है। इसमें सदस्य देशों के सहयोग का फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। ब्रिक्स पर्यटन कार्य समूह की 19 और 20 अगस्त को आयोजित बैठक में सदस्य देशों के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग को को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस पर बैठक की चर्चाओं पर मीडिया से शुक्रवार को बात करते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह कहा। उन्होंने कहा- भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत पर्यटन ट्रैक की थीम बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी रखी गई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र की चार प्रमुख प्राथमिकताओं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्यटन, सतत और जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन क्षेत्र में कौशल और क्षमता निर्माण और यात्रा सुविधा पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा- चीन के मंत्री ने जानकारी दी है कि उन्होंने 55 देशों में वीजा फ्री एंट्री शुरू की है। विदेशी प्रतिनिधियों ने बगरू प्रिंटिंग, मीणा बुनाई, लाख की चूड़ी निर्माण और मिट्टी और कागज से बने हस्तशिल्प देखा। पर्यटन में होगा एआई का इस्तेमाल शेखावत ने कहा- पर्यटन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में BRICS देशों के बीच एआई के जिम्मेदार और मानव-केंद्रित उपयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। तकनीक का इस्तेमाल पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, पर्यटन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा- बदलती तकनीक के साथ पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले मानव संसाधन को भी तैयार करना जरूरी है। इसके लिए BRICS देशों के बीच प्रशिक्षण, कौशल विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। एक दशक में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा घरेलू पर्यटन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- भारत में घरेलू पर्यटन में एक दशक के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। देशी पर्यटकों की यात्राओं में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है। भारत की भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विविधता उसे वैश्विक पर्यटन के क्षेत्र में विशेष अवसर देती है। उन्होंने कहा- देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद प्राकृतिक, सांस्कृतिक और विरासत स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। इसके लिए पर्यटन उत्पादों के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यावरण-संसाधनों से पर्यटन में चुनौतियां शेखावत ने कहा- दुनिया के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर अत्यधिक पर्यटन के कारण पर्यावरण, संसाधनों और स्थानीय समुदायों के सामने नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं। इसलिए पर्यटन का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी और हित भी सुनिश्चित हों। उन्होंने बताया- भारत में डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन की व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। सीमलेस ट्रैवल पर भी हुई चर्चा BRICS देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीमलेस ट्रैवल पर भी चर्चा हुई। शेखावत ने कहा- प्रत्येक देश की वीजा व्यवस्था उसके अपने नियमों और नीतियों के अनुसार तय होती है, लेकिन यात्रियों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने और असुविधा कम करने की दिशा में सभी देश मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत की ई-वीजा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा- कई देशों के पर्यटक घर या कार्यालय से ऑनलाइन आवेदन कर भारत आने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आसान यात्रा व्यवस्था से BRICS देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिलेगी। विदेशी प्रतिनिधियों ने देखा राजस्थान का हेरिटेज और कल्चर जयपुर बैठक में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध विरासत, संस्कृति और पारंपरिक कला से भी परिचित कराया गया। प्रतिनिधियों ने हवामहल, सिटी पैलेस और आमेर किले जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें राजस्थान की पारंपरिक कला एवं शिल्प की झलक भी दिखाई गई। इन गतिविधियों के माध्यम से राजस्थान की सदियों पुरानी कला परंपराओं और स्थानीय कारीगरों की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया। ‘टूरिज्म केवल स्मारकों का भ्रमण नहीं’ शेखावत ने कहा- भारत के लिए पर्यटन केवल स्मारकों के भ्रमण तक सीमित नहीं है। पर्यटन देश की संस्कृति, परंपराओं, जीवनशैली और विविधता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। पर्यटन के माध्यम से विभिन्न देशों के लोगों और सभ्यताओं को एक-दूसरे के करीब लाया जा सकता है। उन्होंने कहा- पर्यटन को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद बढ़ाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध और क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सरमथुरा इलाके में चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्थर व्यवसायी, सर्व समाज के लोग और आसपास के ग्रामीण शामिल होकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। आंदोलनकारियों ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के कारण रोजगार के अवसरों पर पड़ने वाले प्रभाव, बढ़ती बेरोजगारी और पलायन की समस्या को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह रिजर्व स्थानीय लोगों के जीवनयापन को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। धरना स्थल पर लगे पोस्टरों के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विस्तार को रोकने की मांग की। उन्होंने रिजर्व के कारण बढ़ रही बेरोजगारी और पलायन पर रोक लगाने, क्षेत्र में रोजगार के साधन विकसित करने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर दिलाने और स्थानीय जनता की सहमति के बिना कोई भी निर्णय न लेने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिए जाने चाहिए। धरना स्थल पर सर्व समाज के लोगों और पत्थर व्यवसायियों की भारी मौजूदगी रही। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का संकल्प दोहराया।
फतेहपुर से भारतीय दोसर वैश्य महासमिति के जिलाध्यक्ष नारायण बाबू गुप्ता के नेतृत्व में समाज के लोगों की एक बस चित्रकूट के लिए रवाना हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने शुक्रवार शाम 4 बजे गुरु पैलेस से बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी भक्तों ने कामतानाथ बाबा के जयकारे लगाते हुए चित्रकूट के लिए प्रस्थान किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कामतानाथ बाबा से विश्व शांति के लिए प्रार्थना करना है। राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि चित्रकूट पहुंचकर सभी भक्तों ने बाबा कामतानाथ के दर्शन किए और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। इस अवसर पर मातृशक्तियों की भी उपस्थिति रही। चुरियानी निवासी उदय गुप्ता द्वारा चित्रकूट में राम झरोखा चित्रकूट पीठाधीश्वर 1008 स्वामी राम स्वरूपाचार्य जी के आश्रम में भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा 19 अगस्त से 25 अगस्त तक जारी रहेगा, जिसमें सभी भक्त शामिल हुए। इस अवसर पर संजय गुप्ता, गुरु प्रसाद गुप्ता, शिवम गुप्ता, आशीष गुप्ता, रज्जन गुप्ता, राजू मोदनवाल, कविता गुप्ता, नम्रता गुप्ता, नैंसी गुप्ता, प्रीतिजा गुप्ता, सुमन गुप्ता, ज्योत्सना गुप्ता, रेखा गुप्ता, सीमा गुप्ता, जागृति, बबिता, गीता गुप्ता, मधु गुप्ता और रेखा गुप्ता सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी नाथ कॉरिडोर योजना को साकार करने के क्रम में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब शहर के दो प्रमुख प्रवेश मार्गों-नैनीताल रोड और पीलीभीत रोड पर भव्य 'सोमनाथ द्वार' एवं 'विश्वनाथ द्वार' का निर्माण कराएगा। आध्यात्मिक विरासत से सजेगी शहर की पहचाननैनीताल रोड पर सोमनाथ द्वार और पीलीभीत रोड पर विश्वनाथ द्वार का निर्माण नाथ परंपरा और ज्योतिर्लिंग स्वरूप के अनुरूप होगा। ये द्वार देश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के माध्यम से बरेली के प्रवेश मार्गों को विशिष्ट पहचान देंगे। विरासत और आधुनिक शहरी विकास का संगमप्रदेश सरकार के सांस्कृतिक व आधुनिक विजन के तहत धार्मिक धरोहरों को नगरीय विकास से जोड़ा जा रहा है। बीडीए इसी क्रम में नाथ परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान को शहर के सौंदर्यीकरण का हिस्सा बना रहा है। पहले से मौजूद प्रवेश द्वारों की श्रृंखला का विस्तारनाथ कॉरिडोर के तहत शहर में अवैधनाथ द्वार, अलखनाथ द्वार, त्रिवटीनाथ द्वार और केदारनाथ द्वार पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। अब सोमनाथ और विश्वनाथ द्वार बनने से इस स्थापत्य श्रृंखला को नया विस्तार मिलेगा। नैनीताल रोड पर भव्य सोमनाथ द्वारनैनीताल रोड पर बनने वाला सोमनाथ द्वार प्रथम ज्योतिर्लिंग की आध्यात्मिक और स्थापत्य परंपरा से प्रेरित होगा। इसकी वास्तुकला में पारंपरिक भारतीय शैली के साथ आधुनिक डिजाइन तत्वों का बेहतर समन्वय रहेगा। पीलीभीत रोड पर विश्वनाथ द्वारपीलीभीत रोड पर बनने वाला विश्वनाथ द्वार काशी विश्वनाथ की सनातन आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाएगा। यह मार्ग से गुजरने वाले नागरिकों और आगंतुकों को शहर की समृद्ध धार्मिक पहचान की पहली झलक कराएगा। भव्य पत्थर का स्थापत्य और बारीक नक्काशीदोनों प्रवेश द्वारों का निर्माण नक्काशीदार पत्थरों से होगा। इसमें भगवान शिव की प्रतिमा, त्रिशूल और पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा, जो भारतीय स्थापत्य और आधुनिक तकनीक का संगम होंगे। रात में चमकेगी विशेष फसाड लाइटिंगद्वारों पर आधुनिक फसाड लाइटिंग की व्यवस्था रहेगी। रात्रि के समय विशेष रोशनी से वास्तुकला, शिव प्रतिमा और अन्य संरचनाएं निखरेंगी, जिससे यह दिन और रात दोनों समय आकर्षक दिखेंगे।प्रवेश मार्गों पर मिलेगी भव्य अनुभूतिनैनीताल और पीलीभीत रोड से बरेली में प्रवेश करते ही लोगों को शहर के आध्यात्मिक वैभव का अहसास होगा। बीडीए का उद्देश्य इन्हें केवल ढांचा न बनाकर शहर के गौरव का प्रतीक बनाना है। लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण पर रहेगा जोरद्वारों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में लैंडस्केपिंग और समग्र मार्ग सौंदर्यीकरण का कार्य भी होगा, जिससे शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दें।बीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया विजनबीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय, IAS ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप शहर की समृद्ध धार्मिक विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ा जा रहा है। ये दोनों द्वार बरेली की सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र बनेंगे। पहली झलक में दिखेगा ऐतिहासिक वैभवयह निर्माण कार्य प्रशासनिक मार्गदर्शन में गति पकड़ रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य बरेली आने वाले हर व्यक्ति को पहली नजर में ही नाथ परंपरा, आध्यात्मिक गौरव और आधुनिक विकास का भव्य संगम दिखाना है।
नरसिंहपुर बस ऑपरेटरों ने ASP को सौंपा ज्ञापन:लोकल बसों के अवैध संचालन पर कार्रवाई की मांग
नरसिंहपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संदीप भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें लोकल बस ऑपरेटरों पर मनमानी और अवैध संचालन का आरोप लगाया गया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि लोकल बसों के परमिट की जांच कर नियम विरुद्ध पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में एसोसिएशन ने बताया कि वे शासन द्वारा जारी स्थाई परमिट के तहत सागर से नरसिंहपुर के बीच बसों का संचालन करते हैं। उनका आरोप है कि नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों से राजमार्ग तक चलने वाली कुछ लोकल बसों के पास वैध परमिट नहीं हैं, फिर भी उनका संचालन जारी है। ऑपरेटरों ने यह भी आरोप लगाया कि लोकल बसों के चालक, परिचालक और हेल्पर उनकी बसों में यात्रियों को बैठने नहीं देते। यात्रियों को लेकर दोनों पक्षों के कर्मचारियों के बीच अक्सर विवाद होता है। एसोसिएशन के अनुसार, कई बार उनके चालक, परिचालक और हेल्पर के साथ अभद्रता और मारपीट भी की गई है। पहले कम होता था विवाद एसोसिएशन ने ज्ञापन में पुराने बस स्टैंड की व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग भी की है। ऑपरेटरों का कहना है कि पहले सागर सहित अन्य मार्गों की बसों और लोकल बसों का संचालन अलग-अलग स्थानों से होता था। इससे बसों के संचालन में सुविधा रहती थी और विवाद की स्थिति भी कम होती थी। एसोसिएशन ने बताया कि यात्रियों की कमी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिससे समय पर टैक्स और अन्य देनदारियां चुकाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से परमिटों की जांच कर उचित कार्रवाई करने और बस संचालन की पुरानी व्यवस्था को बहाल करने का आग्रह किया है।
सागर के तिली तिगड्डा के पास रविवार को ड्राइवर सौरभ अहिरवार के मकान से मिले करीब 3.2 करोड़ रुपए के मामले में लोकायुक्त ने एफआईआर दर्ज की है। एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर लोकायुक्त ने भोपाल के रिटायर्ड इंजीनियर रमेश कुमार अहिरवार, उनकी पत्नी सहोद्रा बाई समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त ने मामले को जांच में लिया है। लोकायुक्त ने पुलिस कार्रवाई में जब्त नकदी को अपनी कस्टडी में ले लिया है। इसके साथ ही वह अलमारी भी जब्त की गई है, जिसमें नोटों से भरे बैग मिले थे। मामले की जांच के लिए सागर लोकायुक्त ने डीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की है। टीम नकद राशि और मामले से जुड़े लोगों की अनुपातहीन संपत्ति की जांच कर रही है। अलमारी में मिले थे नोटों से भरे बैग 16 अगस्त को गोपालगंज पुलिस ने तिली क्षेत्र में हथियार की सूचना पर सौरभ अहिरवार के घर दबिश दी थी। तलाशी के दौरान घर की अलमारी में नोटों से भरे बैग मिले थे। गिनती के बाद पुलिस ने करीब 3.2 करोड़ रुपए जब्त किए थे। पूछताछ में परिजन ने बताया था कि यह रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की है। हालांकि, रिटायर्ड इंजीनियर ने इस दावे को निराधार बताया था। चार लोगों पर FIR दर्ज सागर लोकायुक्त एसपी डीके राठौर ने बताया कि जिला पुलिस एसपी के प्रतिवेदन पर जांच के बाद रमेश अहिरवार समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नकद राशि और अलमारी जब्त कर ली गई है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बंदूक तलाशने पहुंची पुलिस, ड्राइवर के घर 3 करोड़ मिले मध्यप्रदेश के सागर में रविवार को पुलिस एक युवक के घर बंदूक की तलाश में पहुंची थी। सोशल मीडिया पर पिस्तौल के साथ फोटो मिलने के बाद पुलिस उसकी तस्दीक करने पहुंची। तलाशी के दौरान बंदूक तो नहीं मिली, लेकिन एक लॉक अलमारी से बैग में करीब 3 करोड़ रुपए कैश मिला। नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। पुलिस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
शेखपुरा में पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सामाजिक अपराधों, साइबर अपराध, लैंगिक असमानता, बाल सुरक्षा, बाल विवाह और महिला सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में महिला थानाध्यक्ष रिशु कुमारी और करन्डे थानाध्यक्ष ममता गिरी के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला थाना द्वारा सदर प्रखंड के महसार पंचायत में शिविर लगाया गया, जबकि करन्डे थाना क्षेत्र में दलित विद्यालय बेलछी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास इन शिविरों में स्कूली बच्चों को कानूनी तौर पर सशक्त बनाने के लिए पोस्टर और बैनर वितरित किए गए। महिलाओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए सेनेटरी पैड भी बांटे गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिले में गठित 'पुलिस दीदी' टीमें विद्यालयों में स्कूली बच्चों, खासकर बालिकाओं को मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही हैं। बालिकाओं को किसी भी अपराध के प्रति हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें स्मार्टफोन का प्रयोग कम करने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। 1930 पर कॉल कर ली जा सकती है मदद साथ ही, अंजान लिंक के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी विकट स्थिति में वे स्थानीय थाना से संपर्क कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस की डायल सेवा 112 और साइबर सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल 1930 पर मुफ्त में कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस दीदी सादे कपड़ों और पुलिस वर्दी में स्कूल आने-जाने के समय हमेशा इन बालिकाओं की सुरक्षा में लगी रहती हैं।
हापुड़ में शिक्षक संगठन ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल करने, शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थाओं के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 2005 में पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी नई पेंशन व्यवस्था (NPS) के दायरे में आ गए हैं। संगठन का दावा है कि NPS से कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी हुई है। संगठन ने कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए OPS को दोबारा लागू करने की मांग की है। शिक्षक संगठन ने RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक 20 से 25 सालों से लगातार शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में, लंबे समय से सेवा दे रहे इन शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। संगठन ने इस मामले में सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में सरकारी संस्थाओं के निजीकरण पर भी चिंता व्यक्त की गई। संगठन ने कहा कि निजीकरण से सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर आम जनता और युवाओं पर पड़ता है। पदाधिकारियों ने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।
दमोह में नया सीएसपी कार्यालय जल्द ही बनकर तैयार होगा। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने शुक्रवार दोपहर अधिकारियों के साथ पुराने सीएसपी कार्यालय का निरीक्षण किया और नए भवन के लिए जगह चिन्हित की। वर्तमान में पुराना सीएसपी कार्यालय काफी जर्जर हालत में है। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) से नए सीएसपी कार्यालय के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने शुक्रवार को पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान नए सीएसपी भवन के निर्माण के लिए स्थान तय किया गया। पुरानी इमारत में कई समस्याएं पुराने थाने पर संचालित सीएसपी कार्यालय की इमारत बहुत पुरानी है और इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। छत से पानी टपकने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इसी स्थिति को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय से नए कार्यालय के लिए स्वीकृति मांगी थी। अब स्वीकृति मिलने के बाद, जल्द ही नए सीएसपी कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह नया भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्यस्थल प्रदान करेगा।
एटा में कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ई-लॉटरी के माध्यम से 130 किसानों का चयन किया गया। जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष हुई इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। चयनित किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर करीब 1.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ मिलेगा। कुल 576 आवेदनों में से लाभार्थियों का चयन किया गया। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इस दौरान कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन में किसी प्रकार की सिफारिश या हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। किसानों द्वारा बताए गए नंबर सिस्टम में दर्ज कर रैंडमाइजेशन के आधार पर चयन किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया में अनियमितता की संभावना नहीं रही। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) तथा फसल अवशेष प्रबंधन योजना (सीआरएम) के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर ई-लॉटरी से लाभार्थियों का चयन किया गया। निष्पक्ष तरीके से ई-लॉटरी कराई गई चयनित किसानों को सुपर सीडर, कस्टम हायरिंग सेंटर, रोटावेटर, मल्टी क्रॉप थ्रेसर, लेजर लैंड लेवलर, मिनी राइस मिल, किसान ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर और स्ट्रॉ रीपर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। चयनित किसानों के मोबाइल फोन पर चयन संबंधी संदेश भेजे गए। संदेश मिलते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। उपस्थित किसानों ने पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से ई-लॉटरी कराए जाने पर संतोष जताया। जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों की मेहनत और उत्पादन लागत कम करने के साथ कृषि कार्यों को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के दौरान जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र अवागढ़ के वैज्ञानिक, लीड बैंक मैनेजर सौरभ वर्मा, प्रगतिशील किसान, कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि और आवेदक किसान मौजूद रहे।
डीडवाना के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल की छात्राओं ने श्रीगंगानगर में आयोजित सीबीएसई क्लस्टर नंबर-14 की अंडर-17 बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने इस प्रतियोगिता में सेकंड रनर-अप का स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि मॉडल स्कूल डीडवाना की टीम ने पहली बार सीबीएसई के किसी खेल आयोजन में हिस्सा लिया था। अपने बेहतरीन खेल के दम पर छात्राओं ने पदक जीतकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद शुक्रवार को विद्यालय में विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार ने किया। प्रधानाचार्य प्रदीप पूनिया और विद्यालय के समस्त स्टाफ ने अंडर-17 बालिका बास्केटबॉल टीम का स्वागत किया। छात्राओं को अपर्णा ओढ़ाकर, मिठाई खिलाकर और घोष वादन के साथ सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान, छात्रा वर्षा ने तीन बार 'बेस्ट वैल्युएबल प्लेयर' का खिताब जीता, जबकि सेजल शर्मा को एक बार यह पुरस्कार मिला। टीम के साथ राजकुमार ने कोच और सरोज ने टीम मैनेजर की भूमिका निभाई। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नागौर कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को प्रमुख जिंसों के भाव में मिला-जुला रुख रहा। मसाला फसलों में जीरा और इसबगोल की स्थिति मजबूत दिखाई दी, जबकि मूंग, सौंफ और अन्य जिंसों में गुणवत्ता व आवक के हिसाब से भावों में अंतर देखने को मिला। जीरा अधिकतम 20,100 रुपए और इसबगोल 12,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा। वहीं मूंग का अधिकतम भाव 7,500 रुपए रहा। मसाला फसलों में मजबूती, दलहन में सीमित दायरा मंडी के आज के भावों को देखें तो मसाला फसलों में बाजार अपेक्षाकृत मजबूत नजर आ रहा है। जीरे का औसत भाव 18,800 रुपए और इसबगोल का 11,500 रुपए रहा। सौंफ का औसत भाव 10,500 रुपए रहा, हालांकि इसके न्यूनतम और अधिकतम भाव में 5 हजार रुपए का अंतर है। इससे गुणवत्ता के आधार पर बोली में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। दूसरी ओर मूंग 5 हजार से 7,500 रुपए और ग्वार 5,400 से 5,850 रुपए के दायरे में रहा। यानी दलहन और ग्वार में भावों की चाल फिलहाल सीमित दायरे में है। जीरा 20 हजार के पार जीरे की बात करें तो शुक्रवार को भाव 16 हजार से 20 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल रहे। औसत भाव 18,800 रुपए दर्ज किया गया। इस तरह ऊंची गुणवत्ता के जीरे की मांग मजबूत बनी हुई है। न्यूनतम और अधिकतम भाव में 4,100 रुपए का अंतर रहा, जो अलग-अलग क्वालिटी की उपज के बीच बाजार अंतर को दर्शाता है। इसबगोल में भी मजबूत कारोबार इसबगोल का भाव 9 हजार से 12 हजार 500 रुपए तक रहा। औसत भाव 11,500 रुपए रहा। पिछले दिनों की तुलना में इसबगोल की बाजार स्थिति मजबूत बनी हुई है। अच्छी गुणवत्ता की उपज को ऊंचे भाव मिल रहे हैं। सौंफ में 5 हजार रुपए का अंतर सौंफ 7 हजार से 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी। इसका औसत भाव 10,500 रुपए रहा। सौंफ के न्यूनतम और अधिकतम भाव में 5 हजार रुपए का अंतर रहा। इससे साफ है कि मंडी में सौंफ की गुणवत्ता के आधार पर कीमतों में काफी अंतर है। मूंग 7,500 और ग्वार 5,850 तक मूंग का भाव 5 हजार से 7,500 रुपए और औसत 6,500 रुपए रहा। ग्वार 5,400 से 5,850 रुपए तक बिका। चना 5,400 से 5,700 रुपए के बीच रहा। यानी इन तीनों जिंसों में बाजार अपेक्षाकृत सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। तिल और अन्य जिंसों में भी अच्छी बोली काला तिल 9,500 से 11,200 रुपए और सफेद तिल 10 हजार से 11,500 रुपए तक रहा। सिंधी सुवा 6 हजार से 7,900 रुपए, दाना मेथी 6 हजार से 6,500 रुपए और असालिया 5,600 से 6 हजार रुपए तक बिकी। तारामीरा का भाव 5,800 से 6,200 रुपए रहा। ज्वार 4 हजार से 5,500 रुपए तक बिका। सरसों यानी रायड़ा का भाव 40 प्रतिशत तेल की गुणवत्ता के आधार पर अधिकतम 8 हजार रुपए दर्ज किया गया। कुल मिलाकर नागौर मंडी में मसाला फसलों में मजबूती, जबकि दलहन और अन्य जिंसों में गुणवत्ता व आवक के अनुसार उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। मंडी भाव रोजाना आवक, गुणवत्ता और बोली के अनुसार बदल सकते हैं।
सुल्तानपुर में स्मार्ट मीटर फटने से एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के बघराजपुर आवास विकास कॉलोनी में हुई। सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित सुमित अग्रहरी ने बताया कि जब वे घर के बाहर थे, तब उन्हें पड़ोसियों से स्मार्ट मीटर फटने और घर में शॉर्ट सर्किट होने की सूचना मिली। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि आग और शॉर्ट सर्किट के कारण परिवार के सदस्य झुलस चुके थे और घर को भी काफी नुकसान हुआ था। हादसे में सुमित अग्रहरी की पत्नी प्रीति अग्रहरी (30), उनकी बेटी राजवी अग्रहरी (3) और सुमित के छोटे भाई धीरज अग्रहरी की पत्नी कंचन अग्रहरी (27) गंभीर रूप से घायल हो गईं। कंचन अग्रहरी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और वे झुलस भी गई हैं। घटना के तुरंत बाद, घायलों को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) ले जाया गया। हालांकि, वहां पर्याप्त सुविधाओं और भीड़ के कारण डॉक्टरों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। वर्तमान में, उनका इलाज शहर के जसलोक अस्पताल में चल रहा है। सुमित अग्रहरी ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग के कर्मचारी केवल मीटर लगाने और बिल वसूलने पर ध्यान देते हैं, जबकि पेड़ों की छंटाई या बिजली लाइनों के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के लगभग डेढ़ घंटे बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
बेगूसराय में डीडीसी की मनमानी के विरोध में जिला पार्षदों ने दिया धरना
21 शुक्रवार, अगस्त: बेगूसराय में अपनी मांगों के समर्थन और डीडीसी की कथित मनमानी के विरोध में जिला पार्षदों ने जिला परिषद कार्यालय के पास धरना दिया। अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान के नेतृत्व में पार्षदों ने समान रूप से योजनाएं देने की मांग की।
जयपुर के बगरू में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा आज पूरे देश में चर्चा का कारण बन गया है। शुक्रवार को इस स्कूल में पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमला हो गया। भास्कर ने भी इस स्कूल के हालात जाने। सामने आया कि इस सरकारी स्कूल में बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं। सिर पर पुराना टीन शेड है। इस बाड़े में 5वीं क्लास तक के बच्चों का स्कूल चल रहा है। सबसे पहले दो शर्मनाक तस्वीर… जो बच्चे तबेले में पढ़ रहे, उन्हें ही थमा दिए हमारा स्कूल शिक्षा का मंदिर के पोस्टर दीवार पर लिखा मेरा सुरक्षित स्कूल, लेकिन दीवार ही सुरक्षित नहीं आगे पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय का करीब 100 गज में बना भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों ने छत की पट्टियों को गिरने से रोकने के लिए लोहे के एंगल गा दिए। इस बीच 25 जुलाई 25 को झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने के बाद रामपुरा गांव के स्कूल के जर्जर भवन को खाली करवा दिया गया था। बच्चों की पढ़ाई बंद न हो, इसलिए पास ही बने एक बाड़े में स्कूल का चलाना शुरू कर दिया गया। जहां पशुओं के लिए ज्यादा जगह, वहीं बच्चे भी पढ़ने को मजबूर करीब 150 गज के इस बाड़े में जहां बच्चे पढ़ते हैं, वहीं पशुओं के लिए चारा रखा रहता है। जो पढ़ने की जगह से भी बड़ा है। इसके पास पुराने टीन शेड के नीचे बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। बारिश, गर्मी और मौसम की परेशानियों के बीच ही बच्चों की पढ़ाई चल रही है। डेढ़ साल से ग्रामीण लगा रहे गुहार रामपुरा निवासी राजेश कुमार शर्मा ने बताया- करीब डेढ़ साल से स्कूल की हालत खराब है। झालावाड़ हादसे के बाद जब जर्जर भवन को खाली कराया गया तो सामने बने बाड़े में स्कूल चलाया जाने लगा। ग्रामीणों ने कई बार शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर स्कूल की स्थिति सुधारने की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, हाल ही में स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा ने स्वतंत्रता दिवस पर विधायक फंड से 12 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति जारी की है। इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि स्वीकृत राशि से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को बाड़े में बैठकर पढ़ाई करने से मुक्ति मिल सके। स्कूल ही नहीं, पूरा गांव बदहाली से परेशान स्थानीय निवासी छोटा देवी ने कहा- गांव के हालात बदतर हैं। पूरे गांव में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। पिछले करीब पांच साल से स्कूल की स्थिति खराब होती जा रही है। गांव में रास्तों की समस्या भी है। हालात इतने खराब हैं कि शवों को ले जाने में भी परेशानी होती है। छोटा देवी ने कहा- ग्रामीण सरकार से लगातार गुहार लगाकर थक चुके हैं। उनका कहना है कि गांव की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सरकार को इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने CJP नेताओं के गांव आने का विरोध करते हुए कहा कि गांव की समस्याओं के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण बोले- पहले स्कूल बने, राजनीति बाद में स्थानीय निवासी लालचंद शर्मा ने कहा- गांव की जनता चाहती है कि बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल बने। स्कूल की ओर से 12 लाख रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा- सरकार जल्द से जल्द काम शुरू कराए। यदि इसके बाद भी स्कूल निर्माण के लिए राशि कम पड़ती है तो ग्रामीण अपने स्तर पर पैसा जुटाकर बच्चों के लिए बेहतर स्कूल बनाने की कोशिश करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल उपलब्ध कराना है। आशुतोष बोले- तबेले में पढ़ने को मजबूर बच्चों की आवाज उठाएंगे कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने कहा कि बगरू विधानसभा क्षेत्र के इस स्कूल की स्थिति अभी खराब नहीं हुई है, बल्कि लंबे समय से बदहाल है। उन्होंने कहा कि वह पिछले साल भी स्कूल का दौरा कर चुके हैं और उस समय भी सरकार से स्कूल की व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और खराब हो गई। रांका ने कहा कि आज बच्चों को एक तबेले जैसे बाड़े में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे बेहतर शिक्षा के हकदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द स्कूल की स्थिति नहीं सुधारी तो CJP राजस्थान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। ये भी पढ़ें… जयपुर- CJP प्रवक्ता को पीटा,मंत्री को 48 घंटे का अल्टीमेटम:डोटासरा बोले- हमला करने वाले भाजपा कार्यकर्ता; दिलावर ने कहा- कॉकरोच मुंह छिपाकर भागे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर जयपुर में हमला हुआ है। रांका शुक्रवार सुबह 10 बजे बगरू के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तभी ग्रामीणों ने उन्हें पीटकर वहां से खदेड़ दिया। उनकी गाड़ियों पर भी पथराव किया गया। रांका के साथ मौजूद महिला समर्थकों पर गांव की महिलाओं ने मिट्टी फेंकी। (पूरी खबर पढ़ें)
रोहतक की हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी को ग्रुप ए व बी डॉक्टरों की स्थाई भर्ती करने के लिए हरियाणा सरकार ने अनुमति मिल गई है, जिसके बाद प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में चल रही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने सरकार से ग्रुप सी की भर्ती करने के लिए भी परमिशन मांगी है। हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. एचके अग्रवाल ने बताया कि हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी केवल अपने संस्थान की ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की भर्तियां भी करेगा। इसके लिए 18 अगस्त को हरियाणा सरकार ने लेटर भेज दिया है। जिसके चलते 24 अगस्त को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डायरेक्टर की मीटिंग बुलाई गई है। इन मेडिकल कॉलेजों में होगी नई नियुक्ति वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कोरियावास मेडिकल कॉलेज, भिवानी मेडिकल कॉलेज और जींद मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के नए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य क्लास-ए व क्लास-बी श्रेणी के पदों पर यूएचएस के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी। सरकार ने 2021 में बंद की थी व्यवस्था वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी 2008 में बनाई गई थी, जिसके बाद भर्ती करने की प्रक्रिया यूनिवर्सिटी ही करती थी। लेकिन सरकार ने 2021 में व्यवस्था को बदल दिया और यूनिवर्सिटी से भर्ती करने का हक छीन लिया। अब काफी प्रयासों के बाद दोबारा यूनिवर्सिटी को स्थाई भर्ती करने का अधिकार मिला है। छह महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्यडॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में छह महीने के भीतर विज्ञापन से लेकर नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया करवाने का प्रयास किया जाएगा। पीजीआई के साथ-साथ भिवानी, जींद और कोरियावास जैसे नए मेडिकल कॉलेजों में भी समय पर योग्य फैकल्टी और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
बलिया में ज्वैलर से लूट का खुलासा, 6 गिरफ्तार:राह चलते लूटा था बैग, 86,400 रुपये समेत ज्वैलरी बरामद
बलिया पुलिस ने नरही थाना क्षेत्र में 15 अगस्त को आभूषण व्यवसायी से हुई लूट का शुक्रवार को खुलासा कर दिया। सर्विलांस/स्वाट टीम और नरही थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूट में इस्तेमाल दो बाइक, आठ मोबाइल, 86,400 रुपए नकद, चांदी की दो जोड़ी पायल और सोने की दो नाक की कील बरामद हुई हैं। इसके अलावा तमंचा, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को नरही थाना क्षेत्र के भरौली-गाजीपुर मार्ग पर आभूषण व्यवसायी दुकान बंद करने के बाद बेटे के साथ बाइक से घर जा रहा था। उसके पास आभूषण और नकदी से भरा बैग था। इसी दौरान दो बाइक पर सवार बदमाशों ने मुख्य सड़क पर ही बैग लूट लिया और फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर 16 अगस्त को नरही थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सीसीटीवी और डंप डाटा से बदमाशों तक पहुंची पुलिस घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित सोनार व उसके बेटे से जानकारी ली। इसके बाद घटनास्थल से दुकान और घर तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। डंप डाटा और वीटीएस डाटा का भी विश्लेषण किया गया। जांच में पुलिस ने घटना में शामिल नौ लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करते हुए पुलिस ने 20 अगस्त की रात करीब 9:05 बजे बघौना मोड़ के पास घेराबंदी की। यहां दो बाइक पर सवार चार बदमाश पकड़े गए। पूछताछ के आधार पर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। चार ने छीना था बैग, चार ने की थी रेकी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूट में कुल नौ लोग शामिल थे। विकास प्रधान, राजू चौरसिया, कृष्ण कुमार उर्फ धनु यादव और अमन महतो उर्फ रामलखन ने दो बाइक से पहुंचकर सोनार का बैग छीना था। पुलिस के अनुसार, मदन कुमार वर्मा, विशाल चौधरी, रोहित यादव और प्रेम कुमार ने घटना से पहले रेकी और मुखबिरी की थी। वहीं, आभूषण व्यवसायी लड्डू सेठ उर्फ चंद्र प्रकाश वर्मा पर भी घटना में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसने बदमाशों को दुकान और आने-जाने के रास्तों की जानकारी दी थी। आरोपियों ने बताया कि 13 अगस्त को घटना से दो दिन पहले दुकान और रास्ते की रेकी की गई थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। तीन आरोपी फरार, तलाश जारी पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपी अभी फरार हैं। इनमें लड्डू सेठ उर्फ चंद्र प्रकाश वर्मा, प्रेम यादव और दीपू यादव उर्फ रोहित कुमार शामिल हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। दो बाइक, आठ मोबाइल और नकदी बरामद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो बाइक और आठ मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनमें सात मोबाइल आरोपियों के हैं, जबकि एक मोबाइल घटना में इस्तेमाल किया गया था, जिसमें सिम भी लगा था। इसके अलावा .315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो चाकू, 86,400 रुपए नकद, सफेद धातु की दो सेट पायल और पीली धातु की दो नाक की कील बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद पायल पर केपी ज्वेलर्स का नाम अंकित है। कई मामलों में दर्ज हैं केस पुलिस के मुताबिक, राजू चौरसिया के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाने में हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं। गाजीपुर जीआरपी में भी लूट और चोरी का माल बरामद होने से संबंधित मुकदमा दर्ज है। मदन कुमार वर्मा के खिलाफ बिहार में बैंक लूट समेत कई लूट के मामले बताए गए हैं। विकास प्रधान, कृष्ण कुमार यादव उर्फ धन्नू यादव, विशाल चौधरी और अमन महतो के खिलाफ भी बिहार में शस्त्र अधिनियम, चोरी और हत्या समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास जुटा रही है। पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम एसपी बलिया ओमवीर सिंह ने लूट का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। कार्रवाई करने वाली टीम में सर्विलांस सेल के प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ यादव, नरही थाना प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह, स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक अजय साहनी, उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक महेंद्र रावत समेत सर्विलांस और स्वाट टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
मुंगेर के पूरवसराय थाना क्षेत्र के कमेला मोहल्ले में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक घर से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पूरवसराय थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि कमेला मोहल्ले में कुछ व्यक्ति अपने घर से अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और तस्करी कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया इस टीम में पूरवसराय थानाध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला सूचना इकाई को शामिल किया गया। टीम ने चिन्हित घर की घेराबंदी कर विधिवत छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोहम्मद इरशाद नामक व्यक्ति को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक दोनाली बंदूक, एक राइफल, चार देसी कट्टा और विभिन्न बोर के 145 जिंदा कारतूस के साथ एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किया गया। हथियार बरामदगी को लेकर पूरवसराय थाना में कांड दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी इरशाद से पूछताछ की गई। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही पुलिस एसपी ने बताया कि इस कांड में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष दल का गठन कर छापेमारी की जा रही है। एसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि उसका मोहल्ले में ही किसी व्यक्ति से विवाद था, जिसके कारण ये लोग हथियार जमा कर रहे थे। इसके साथ ही, इन लोगों द्वारा हथियार की तस्करी करने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
नोएडा प्राधिकरण में विभिन्न कामों में लगे करीब 5700 आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था अब बदलने जा रही है। इन कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण में इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है। शासन की ओर से गुरुवार को प्राधिकरण को इस संबंध में आदेश भेजा गया है। इसके बाद प्राधिकरण ने सभी दस वर्क सर्किल से उनके क्षेत्र में काम कर रहे अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों का पूरा विवरण जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों को 15 दिन के भीतर यह डेटा शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल से सफाई तक कर्मचारियों का जुटाया जा रहा ब्योराप्राधिकरण में सिविल, जल, वन, सफाई समेत अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। अभी इन कर्मचारियों की सेवाएं अलग-अलग ठेकेदारों और सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड निगम के डिजिटल सिस्टम पर दर्ज होगा। यूपीसीओएस के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार निगम का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति, वेतन और वैधानिक लाभों को एकीकृत और पारदर्शी तरीके से संचालित करना है। निगम के माध्यम से ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान समय से जमा कराने की व्यवस्था भी की गई है। कर्मचारियों को मिलेंगे सामाजिक सुरक्षा के लाभनई व्यवस्था में कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई के अलावा स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। यूपीसीओएस की व्यवस्था में कर्मचारियों के वेतन और ईपीएफ-ईएसआई रिकॉर्ड को भी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों के वेतन और वैधानिक लाभों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज रहेगी। निगम की व्यवस्था में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मियों का वेतन समय से बैंक खाते में पहुंचाने और ईपीएफ-ईएसआई अंशदान जमा कराने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। ठेकेदारों की मनमानी पर भी लगेगा अंकुशप्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन में ठेकेदारों की भूमिका सीमित होगी। कर्मचारियों को रखने से लेकर उनके रिकॉर्ड और वैधानिक सुविधाओं की निगरानी तक की प्रक्रिया निगम के तय नियमों के अनुसार होगी। इससे कर्मचारियों की ओर से मानदेय, ईपीएफ-ईएसआई और अन्य सुविधाओं को लेकर आने वाली शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है। यूपीसीओएस को इसी उद्देश्य से पारदर्शी भर्ती, समय पर भुगतान और श्रम अधिकारों के अनुपालन की निगरानी के लिए बनाया गया है।
नवादा में नूतन उदया फाउंडेशन ने महिलाओं के उत्थान, बेटियों की सुरक्षा और रोजगार के अवसरों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक वाटर पार्क में फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव की देखरेख में संपन्न हुई। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। बैठक के दौरान, प्रगति श्रीवास्तव ने महिलाओं और बेटियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सलाह दी कि अनजान लोगों से संपर्क करने में सावधानी बरतें, किसी अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल फोन न दें और बिना सोचे-समझे व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। देखें, मौके से आई तस्वीरें… श्रीवास्तव ने अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को लेकर भी सतर्क रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कॉल को सावधानीपूर्वक देखना चाहिए और आवश्यकता न होने पर उन्हें रिसीव नहीं करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सतर्कता को अत्यंत आवश्यक बताया। आगामी दिनों में सरकारी विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। इन अभियानों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया। फाउंडेशन की सचिव संध्या सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर रेशम सिन्हा, डॉ. नीतीश श्री, कानक सिन्हा, सरिता गुप्ता, अंजुला गुप्ता,शीतल कुमारी, मंजू भट्ट, सिमरन कुमारी, रिंकी कुमारी, मेघा गुप्ता, शोभा कुमारी और प्रिया सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी उपस्थित लोगों ने महिलाओं के उत्थान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर अपने विचार साझा किए।
चूरू के रतनगढ़ स्थित जालान अस्पताल में मल्टी टास्क वर्कर योजना के तहत कार्यरत 13 कर्मचारियों को अचानक कार्यमुक्त कर दिया गया है। इन कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम मिथिलेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ये 13 कार्मिक प्लेसमेंट एजेंसी और संवेदक के माध्यम से दो से दस साल से अस्पताल में मरीजों की सेवा और व्यवस्थाओं में सक्रिय थे। नई चतुर्थ श्रेणी भर्ती के बाद सरकार या प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें हटा दिया गया। इस अचानक हटाए जाने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित कार्मिकों ने अपने अनुभव और निरंतर सेवाओं को देखते हुए जिला जालान अस्पताल, सीएचसी अथवा पीएचसी में रिक्त समकक्ष पदों पर संविदाकर्मी के रूप में नियुक्ति देने की मांग की है। इस अवसर पर इमरान खान, सुनील, नरेंद्र, भोजराज और भगवानाराम सहित अनेक लोग मौजूद थे। ज्ञापन की प्रतियां चिकित्सा मंत्री, पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि, जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को भी भेजी गई हैं।
नागौर के डांगावास में 5 दलितों की हत्या में 40 आरोपियों के बरी होने के मामले में भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार से मिले। वहीं, शहीद स्मारक पर सैंकड़ों की संख्या में दलित समाज के लोग जुटे। चंद्रशेखर शहीद स्मारक से विधानसभा कुच करने की तैयारी में हैं। चंद्रशेखर अपने समर्थकों के साथ शहीद स्मारक के बाहर बैठ गये है। वहीं कलेक्टर से बात करने के लिए एक डेलिगेशन गया है। भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस का भारी जाब्ता भी तैनात किया गया है। शहीद स्मारक के बाहर बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही ड्रोन से निगरानी की जा रही है। चंद्रशेखर ने कहा- कुछ घटनाएं तकलीफ देती हैं। गहरे जख्म छोड़ जाती हैं। डांगावास प्रकरण उसमें से एक है। देश की सबसे बड़ी एजेंसी सीबीआई भी सबूत नहीं जुटा पाई। ऐसा क्यों हुआ। चंद्रशेखर बोले- यह लोकतंत्र है सामंतवादी सोच को कुचलेंगे चंद्रशेखर ने कहा- डांगावास दोबारा न हो इसीलिए हमें सामंतवादी सोच को पैरों तलों कुचलना होगा। क्योंकि यह लोकतंत्र है। आरोपियों की रिहाई पर उन्होंने कहा कि सरकारी वकील हायर किए जा सकते थे, जिससे दलितों को न्याय मिलता। जयपुर से डांगावास पैदल यात्रा करेंगे उन्होंने कहा- हम डांगावास से जयपुर के लिए पैदल यात्रा करेंगे। अगर उनकी हत्या नहीं हुई तो मेरे भाईयों को धरती निगली या आसमान निगल गए। मै संसद में आवाज उठाने वाले था, लेकिन हाउस नहीं चला । क्या है डांगावास मामला 14 मई 2015 को जमीन विवाद में रतनाराम मेघवाल, पोखरराम मेघवाल, पांचाराम मेघवाल, खेमाराम मेघवाल, गणपतराम मेघवाल और दूसरे पक्ष के रामपाल गोसाईं की हत्या हुई थी। इनमें 3 हत्या ट्रैक्टर से कुचलकर की गई थी। इस घटना की जांच CBI को सौंपी गई थी।
छत्तीसगढ़ NSUI ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की अनुशंसा पर ये नियुक्तियां की हैं। इनमें 4 विधानसभा अध्यक्ष और 5 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पाटन से कांकेर तक नई टीम विधानसभा स्तर पर डेविड बघेल को पाटन, नंद कुमार नेताम को भानुप्रतापपुर, विक्रम मलिक को अंतागढ़ और नूतन पटेल को कांकेर विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला स्तर पर दुष्यंत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद, रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण और समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर की जिम्मेदारी दी गई है। यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच हुई नई नियुक्तियां NSUI में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बीच युवा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका ने 17 से 19 अगस्त तक छत्तीसगढ़ का दौरा किया था। इस दौरान प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनी गईं। इसके बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच NSUI की नई नियुक्तियों को संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्र हितों और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी NSUI ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की रीति-नीति और संविधान के अनुरूप काम करने की अपेक्षा जताई है। उन्हें छात्र हितों की रक्षा के साथ संगठन को मजबूत, सक्रिय और जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।इन नियुक्तियों के जरिए NSUI ने विधानसभा और जिला स्तर पर अपनी संगठनात्मक टीम को और मजबूत करने की कोशिश की है।
फर्रुखाबाद लूट, चौथा आरोपी सोनू गिरफ्तार:फैक्ट्री मुनीम से लूटे थे 30 लाख; तीन पहले ही पकड़े जा चुके
फर्रुखाबाद में फैक्ट्री मुनीम से 30 लाख रुपये की लूट के चौथे आरोपी सोनू को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस को 1 लाख 3 हजार 490 रुपये बरामद हुए है। यह घटना बीते दिनों मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के इटावा-बरेली हाईवे पर हुई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही कार चालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।इन तीनों आरोपियों से 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। बाइक सवार तीन बदमाशों ने कार में सवार फैक्ट्री के मुनीम संदीप गौतम से रुपयों से भरा बैग लूटा था।जांच में सामने आया कि यह लूट कार चालक शिवकुमार की मिलीभगत से हुई थी। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी कुंवर बहादुर सिंह उर्फ सोनू ने बताया कि उसका भाई शिव कुमार शिकोहाबाद की जीबीए स्टील कंपनी में चालक है। शिव कुमार फर्म के मुनीम संदीप गौतम के साथ रुपये लाने-ले जाने का काम करता था। उसे पहले से जानकारी थी कि 18 अगस्त को संदीप फर्रुखाबाद से रुपये लेकर जाएगा। इस सूचना पर शिव कुमार ने सोनू, विशाल और उमेश के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। योजना के तहत, शिव कुमार ने खाटू श्याम मंदिर के पास बेवर रोड पर एक सुनसान जगह पर हॉर्न चेक करने के बहाने कार रोक दी। इसी दौरान विशाल और उमेश मोटरसाइकिल से पहुंचे और सोनू ने संदीप को तमंचा दिखाया। उन्होंने मिलकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया। लूटे गए बैग को वीरपुर गांव के पास झाड़ियों में छिपा दिया गया। 19 अगस्त को चारों आरोपी रुपये निकालने पहुंचे, तो बैग में कुल 30 लाख रुपये मिले, जिन्हें उन्होंने आपस में बांट लिया। सोनू के हिस्से में 6 लाख रुपये आए। सोनू ने अपने हिस्से के 6 लाख रुपये में से 4 लाख 76 हजार 500 रुपये अपने भाई मोनू को दे दिए थे। जब उसे पता चला कि उसके भाई और साथियों को पकड़ लिया गया है, तो वह उनका पता लगाने फर्रुखाबाद आया था। रास्ते में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सोनू के पास से एक तमंचा, एक कारतूस और 1 लाख 3 हजार 490 रुपये बरामद किए हैं।
संगरूर के अंबेडकर नगर में सीवरेज और पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर पंजाब एससी कमीशन ने संज्ञान लिया है। कमीशन के सदस्य गुलजार बॉबी ने अधिकारियों के साथ मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। अंबेडकर नगर के निवासियों ने शिकायत की थी कि मोहल्ले में गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सीवरेज का गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है, जिससे लोगों को बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि वे समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। SC आयोग के सदस्य मौके पर पहुंचे शिकायत के बाद एससी कमीशन सदस्य गुलजार बॉबी, सीवरेज बोर्ड के अधिकारी और नगर परिषद के ईओ अश्वनी मौके पर पहुंचे। गुलजार बॉबी ने मोहल्ले की विभिन्न गलियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समस्या के समाधान में देरी पर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 दिनों के भीतर सभी समस्याओं को दूर किया जाए। ईओ अश्वनी ने कहा कि कमीशन की ओर से दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि निर्धारित समय में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसी दौरान जेपी कॉलोनी के निवासी भी अधिकारियों से मिले। उन्होंने बताया कि फ्लश टॉयलेट का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में गंदगी फैला रहा है। गुलजार बॉबी ने उनकी शिकायत पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि काम पूरा होने के बाद कमीशन दोबारा मौके का जायजा लेगा।
रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन शुद्धि के तहत टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर 86 किलो अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपए है। तस्करी में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की काले रंग की किआ कार भी जब्त की गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 680 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई चेकिंग पुलिस के अनुसार गुरुवार को लोढ़ी टोल प्लाजा से पहले ईको प्वाइंट के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि तीन लोग बिना नंबर प्लेट की किआ कार से उड़ीसा से गांजा लेकर वाराणसी की ओर आ रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने इलाके में सघन चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद ईको प्वाइंट की ओर से आती काले रंग की किआ कार को मुखबिर ने पहचान लिया। पुलिस को देखकर कार सवारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर शाम करीब 7:30 बजे कार को पकड़ लिया। चार बोरियों में मिले 35 बंडल पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डिग्गी और सीटों के पास खाकी रंग के टेप से लिपटी चार प्लास्टिक की बोरियां मिलीं। इनमें कुल 35 बंडल रखे थे। बंडल खोलने पर कुल 86 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। उड़ीसा से वाराणसी पहुंचानी थी खेप पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे फुलवानी, उड़ीसा से गांजा लेकर वाराणसी पहुंचाने जा रहे थे। उनके अनुसार बिहार के भोजपुर (आरा) का एक व्यक्ति गांजा मंगाने के लिए पैसे और वाहन की व्यवस्था करता है। इसके बाद उसके बताए स्थान पर गांजे की खेप पहुंचाने के लिए उन्हें भेजा जाता है। डिलीवरी के लिए तय थी अलग-अलग रकम पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि गांजा पहुंचाने के बदले उन्हें अलग-अलग रकम दी जानी थी। कार चालक राजकुमार पासवान को करीब 30 हजार रुपए, उसके बगल में बैठे विकास कुमार राय को 25 हजार रुपए और पीछे बैठकर गांजा ले जा रहे विनोद साव को करीब 15 हजार रुपए मिलने थे। ऑनलाइन भेजे जाते थे गांजा खरीदने के पैसे पूछताछ में यह भी सामने आया कि रास्ते में होने वाले अन्य खर्चों की व्यवस्था भी भोजपुर निवासी व्यक्ति ही करता था। आरोपियों के मुताबिक वह आगे-पीछे चलकर वाहन की लोकेशन और रास्ते की जानकारी देता था। गांजा खरीदने के लिए ऑनलाइन माध्यम से पहले ही पैसे भेजे जाने की बात भी सामने आई है। मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों से नेटवर्क की जांच पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खेत में घास काट रही महिला को सांप ने डसा:जमुई में हालत गंभीर, सदर अस्पताल में इलाज जारी
जमुई के सदर प्रखंड स्थित भगवना गांव में शुक्रवार को खेत में घास काट रही एक महिला को जहरीले सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे तत्काल सदर अस्पताल जमुई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घायल महिला की पहचान भगवना गांव निवासी 50 वर्षीय चम्पा देवी, पत्नी नारायण मोदी, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, चम्पा देवी शुक्रवार को अपने खेत में घास काट रही थीं। इसी दौरान घास के बीच छिपे एक सांप ने उनके पैर में काट लिया। सांप के काटने के बाद उन्हें परेशानी होने लगी और उनकी हालत बिगड़ने लगी। बारिश के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी महिला की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें तुरंत वाहन से सदर अस्पताल जमुई ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद चम्पा देवी का इलाज शुरू किया। वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद महिला के परिजनों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में खेतों और आसपास के इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। परिजनों ने समय पर अस्पताल पहुंचाने को महिला के इलाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आजमगढ़ डीएम रविन्द्र कुमार ने शुक्रवार को अटल आवासीय विद्यालय गंभीरवन और प्राथमिक विद्यालय ऊंजी जलाईपुर का औचक निरीक्षण किया। दोनों विद्यालयों में उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अटल आवासीय विद्यालय में जिलाधिकारी बच्चों से शिक्षक की भूमिका में संवाद करते नजर आए। वहीं प्राथमिक विद्यालय में छोटे बच्चों के बीच नीचे बैठकर उनसे प्यार-दुलार के साथ बातचीत की। अटल आवासीय विद्यालय गंभीरवन के निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों में रुचि और भविष्य के लक्ष्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपनी रुचि के क्षेत्र में लगातार मेहनत कर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ उनकी प्रतिभा और रुचि को बढ़ावा देना भी जरूरी है। संगीत कक्षा में पहुंचकर अच्छी बच्चों की प्रतिभाडीएम ने संगीत कक्षा में पहुंचकर बच्चों की प्रतिभा भी देखी। संगीत में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों से उन्होंने विभिन्न वाद्य यंत्र बजवाए और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय में बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू की जानकारी भी सीधे छात्र-छात्राओं से ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। विद्यालय परिसर में अग्निशमन उपकरणों का निरीक्षण करते हुए डीएम ने सभी उपकरणों की नियमित जांच और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो और जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों व स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन की जानकारी भी दी जाए। बच्चों से पूछे सवाल डीएम रविंद्र कुमार ने बच्चों से किताबें पढ़वाईं और सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता परखी। कक्षा एक और दो के छोटे बच्चे टाइल्स पर बिछी दरी पर पढ़ रहे थे। डीएम भी बच्चों के बीच नीचे बैठ गए और प्यार-दुलार के साथ उनसे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से विद्यालय में मिलने वाले भोजन के बारे में भी जानकारी ली। विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने के साथ ही बालक और बालिका शौचालयों की स्थिति भी देखी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को शौचालयों और पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सरगुजा के बिसरपानी में पत्नी एवं उसके पत्नी की फावड़ा मारकर हत्या करने के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने पत्नी को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था, जिसके बाद दोनों की फावड़ा मारकर हत्या कर दी थी। मामला कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बिसरपानी गांव के दारापारा का रहने वाला बाबूलाल मझवार (35) सोमवार शाम अपने खेत की ओर गया था। वह वापस लौटा तो घर में उसने पत्नी नईहारो बाई के साथ शराब पी। वह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदार गांव के ही सोमारू मझवार के घर पहुंचा, जहां गांव का ही युवक बेंजे बड़ा (35) भी पहुंच गया। आपत्तिजनक अवस्था में देखकर की हत्या तीनों में आपस में विवाद होने के बाद सोमारू मझवार उन्हें छोड़कर चला गया। इस बीच बाबूलाल मझवार गांव में दूसरे घर में शराब खोजने चला गया। वह करीब आधे घंटे बाद लौटा तो उसने पत्नी नईहारो को बेंजे बड़ा के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस बात को लेकर तीनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर बाबूलाल ने फावड़े से अपनी पत्नी और बेंजे बड़ा पर कई बार हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना कमलेश्वरपुर पुलिस को दी गई। घटना के समय नईहारो और बेंजे बड़ा नशे में थे। आरोपी बाबूलाल भी शराब के नशे में था। आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। सरगुजा पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस ने बाबूलाल मझवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में अवैध संबंध की आशंका पर दोनों की फावड़ा मारकर हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने आज आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया है। …………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पिता बोले-दूसरी महिला से अफेयर के कारण बेटी की हत्या:कहा- दामाद ने ही मारकर कुएं में फेंका, तैरना जानती थी, खुद नहीं गिर सकती राजधानी रायपुर से लगे आरंग में एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दामाद का दूसरी महिला से अफेयर था और इसी वजह से वह आए दिन बेटी के साथ मारपीट करता था। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर…
रक्षाबंधन से पहले लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने काकोरी के हरदोईया लालनगर में मिठाई बनाने वाली एक दुकान पर छापा मारा। यहां मिठाई निर्माण की जगह के आसपास 40-50 भैंसें बंधी मिलीं। गंदगी के बीच तैयार मिठाइयों पर मक्खियां और दूसरे कीड़े बैठे थे। मिठाई बनाने के लिए रखे करीब 1000 लीटर घोल में मरी हुई मक्खियां मिलीं। टीम ने 1675 किलो खराब मिठाई और 1000 लीटर घोल को जमीन में नष्ट कराया गया। 15 पदार्थों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खुदरा लाइसेंस पर बड़े स्तर पर बना रहे थे मिठाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने 20 अगस्त को काकोरी के हरदोईया लालनगर स्थित Shivachhi Sweet का निरीक्षण किया। दुकान संचालक संजीत कुमार की मौजूदगी में हुई जांच में पता चला कि प्रतिष्ठान के पास खुदरा श्रेणी का खाद्य लाइसेंस था, जबकि यहां बड़े स्तर पर कई तरह की मिठाइयां बनाई जा रही थीं। टीम को निर्माण स्थल पर बेहद गंदगी मिली। 40-50 भैंसें बंधी थीं, मिठाइयों पर गिर रहा था गोबर जिस जगह मिठाइयां तैयार की जा रही थीं, उसी परिसर में करीब 40 से 50 भैंसें बंधी मिलीं। पुलिस-प्रशासन के मुताबिक, भैंसों के गोबर और गंदगी के छींटे तैयार मिठाइयों पर गिर रहे थे। निर्माण स्थल की दीवारों पर प्लास्टर नहीं था और पास में खुली नाली में गंदा और बदबूदार पानी जमा था। इससे पूरा परिसर अस्वच्छ पाया गया। 1000 लीटर घोल में मिलीं मरी हुई मक्खियां टीम को गंदे प्लास्टिक के ड्रमों में करीब 1000 लीटर स्किम्ड मिल्क पाउडर, चीनी और पानी का घोल मिला। इसमें मक्खियां गिरी हुई थीं और कुछ मरी हुई भी मिलीं। इसके अलावा परिसर में 1675 किलो मिठाइयां तैयार और पैक मिलीं। इनमें 1000 किलो कलाकंद, 300 किलो डोडा बर्फी, 350 किलो चिकनी बर्फी और 25 किलो पेड़ा शामिल था। इन मिठाइयों पर मक्खियां और दूसरे कीड़े बैठे मिले। 25 कर्मचारियों का हेल्थ टेस्ट भी नहीं कराया जांच में यह भी सामने आया कि यहां काम करने वाले करीब 25 कर्मचारियों का हेल्थ टेस्ट नहीं कराया गया था। कर्मचारी हेड कवर, एप्रन और ग्लव्स जैसी जरूरी सुरक्षा सामग्री का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। प्रतिष्ठान में कीट नियंत्रण के लिए पेस्ट कंट्रोल और मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच भी नहीं कराई जा रही थी। फिटकरी और सफेद पाउडर समेत 686 किलो सामान सीजखाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई के दौरान 686 किलो विभिन्न खाद्य पदार्थ सीज किए, जिनकी अनुमानित कीमत 79,170 रुपए बताई गई है। इनमें स्किम्ड मिल्क पाउडर, सूजी, फिटकरी, काजू, मूंगफली, बूंदी और सफेद दानेदार पाउडर शामिल हैं। वहीं 2675 किलो संदूषित खाद्य पदार्थ, जिसकी कीमत करीब 2.77 लाख रुपए है, नष्ट कराने के लिए चिन्हित किया गया।कार्रवाई गुरुवार देर रात तक चलने के कारण मौके पर मिठाइयां नष्ट नहीं हो सकीं। सभी सामान को एक कमरे में रखकर कमरा सील कर दिया गया है।
शुक्रवार को ऑल टीचर्स एंड इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के बैनर तले शिक्षकों और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोकने और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2005 के बाद करीब 15 लाख शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन व्यवस्था (NPS) लागू की गई। उनका कहना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के हित में नहीं है और इससे प्रदेश सरकार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। NPS से भविष्य को लेकर असुरक्षा का दावा प्रदर्शनकारियों ने कहा कि NPS के कारण शिक्षक और कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रदेश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में योगदान देते हैं। ऐसे में उन्हें पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए। वर्षों से कार्यरत शिक्षकों से TET की अनिवार्यता हटाने की मांग शिक्षकों ने लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को भी गंभीर मुद्दा बताया। उनका कहना है कि देशभर में 25 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हैं। 20 से 25 वर्षों से सेवा कर रहे शिक्षकों के लिए दोबारा TET की अनिवार्यता को उन्होंने अव्यावहारिक बताया और इससे शिक्षकों में परेशानी होने की बात कही। निजीकरण बंद करने की मांग शिक्षकों ने सरकारी संस्थाओं के निजीकरण का भी विरोध किया। उनका कहना है कि निजीकरण से कई संस्थाओं की जवाबदेही प्रभावित होती है, जिसका असर प्रदेश की जनता, युवाओं और छात्रों पर लंबे समय तक पड़ सकता है। उन्होंने सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोकने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अनिल भट्ट, राहुल कुमार सिंह, मुन्ना लाल यादव, शिल्पी जायसवाल सहित अन्य शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
लखनऊ में आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ को पत्र भेजकर समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन के महामंत्री उमेश कुमार पांडे ने कहा कि कई महीनों से शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर समस्या बनी हुई है। परियोजना कार्यालय से मानदेय मिलने के बाद भी समय पर शिक्षामित्रों के खातों में राशि नहीं पहुंचती। संगठन ने मांग की कि परियोजना कार्यालय से मानदेय प्राप्त होने के 3 से 5 दिन के भीतर शिक्षामित्रों के खातों में भुगतान किया जाए। संगठन के अनुसार, जिले में हर महीने 2 से 5 शिक्षामित्रों का मानदेय जिले से लगने के कारण छूट जाता है। इसकी जांच कर समस्या का निस्तारण कराने की मांग की गई। पत्र में एफएलएन प्रशिक्षण-2025 की राशि का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण की राशि नहीं मिली है। पूरे वर्ष संगठन की ओर से कार्यालय को इसकी जानकारी दी जाती रही है। शेष भुगतान की मांग संगठन ने शेष राशि का भुगतान कराने की मांग की। संगठन ने अधिकारियों से सभी समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान कराने की अपील की। इससे शिक्षामित्र मानसिक रूप से स्वतंत्र होकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बलिया के ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के गोदामों में पहुंचकर सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया। इनमें 357-बेल्थरारोड (अ.जा.), 358-रसड़ा, 359-सिकन्दरपुर, 360-फेफना, 361-बलिया नगर, 362-बांसडीह और 363-बैरिया विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी इंतजाम भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। CCTV कंट्रोल रूम और रिकॉर्डिंग व्यवस्था देखी जिलाधिकारी ने CCTV नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली कि कंट्रोल रूम में कितनी स्क्रीन लगाई गई हैं और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था किस प्रकार की गई है। उन्होंने लॉग बुक का भी अवलोकन किया और सभी गतिविधियों का नियमित व विधिवत रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, सीआरओ गुलशन जी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अख्तर हसन के अलावा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हाजीपुर सदर अस्पताल में 4 महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप, महिला गार्ड से मारपीट और गाली-गलौज
21 अगस्त, शुक्रवार: हाजीपुर सदर अस्पताल में पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर DPM से मिलने पहुंची महिला सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों के बीच आक्रोश की स्थिति बताई जा रही है।
रीवा की मनगवां तहसील के ग्राम पंचायत बांस में शुक्रवार को गहरे पानी में गिरने से 78 वर्षीय किसान बुद्धसेन मिश्रा की मौत हो गई। घर से भैंस सुबह चरने के लिए गई थी। उसे ही तलाशने किसान घर से निकले थे। इसी दौरान बावली के पास से गुजरते समय बारिश के कारण उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। कुछ घंटे बाद स्थानीय लोगों ने पानी में शव तैरता देखा और परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो किसान का शव पानी में तैरता मिला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए तत्काल डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही लालगांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पंचनामा और राहत कार्रवाई के निर्देशघटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र तिवारी को भी दी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दी। वहीं गढ़ वृत के नायब तहसीलदार अजय मिश्रा को घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने मामले को गंभीरता लिया। संबंधित हल्का पटवारी को मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई करने और प्राकृतिक आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलने के बाद हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा सहित प्राकृतिक आपदा से संबंधित आवश्यक कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि पिछले दिनों रीवा जिले में हुई भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी है तो कहीं मकान गिरने और डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर राजस्व अमले को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का जायजा लेने और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में हल्का पटवारी सहित अन्य मैदानी अमला लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
शेखपुरा में प्लास्टिक वेस्ट यूनिट स्थापित:DDC ने किया उद्घाटन, कचरे से बनेंगे उपयोगी सामान
शेखपुरा में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत एक प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMWU) का उद्घाटन किया गया। जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) राकेश कुमार ने शुक्रवार को शेखपुरा प्रखंड कार्यालय परिसर में इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस यूनिट में तीन प्रकार की मशीनें स्थापित की गई हैं: डस्ट रिमूवर मशीन, प्लास्टिक श्रेडर मशीन और प्लास्टिक बेलर मशीन। PMWU का मुख्य उद्देश्य कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करना है। इसके संचालन के लिए प्रखंड कार्यालय ने पटना स्थित सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। सड़क निर्माण और प्लास्टिक पेवर ब्लॉक में प्लास्टिक का इस्तेमाल ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) से प्लास्टिक कचरा PMWU तक लाया जाएगा, जहाँ उसे बिक्री योग्य बनाया जाएगा। डस्ट रिमूवर मशीन प्लास्टिक की बोतलों और पॉलीथिन को साफ करती है। प्लास्टिक बेलर मशीन 50-60 किलोग्राम के पॉलीथिन और प्लास्टिक की बोतलों के बंडल बनाती है, जिससे उन्हें बेचना आसान हो जाता है। प्लास्टिक श्रेडर मशीन प्लास्टिक को छोटे टुकड़ों में काटती है। भविष्य में इस कटे हुए प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण और प्लास्टिक पेवर ब्लॉक बनाने में किया जाएगा। इस अवसर पर जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आर्य गौतम, प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीसी स्वच्छता पर्यवेक्षक सहित अन्य कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने विधानसभा हलका भोआ के 4 गांवों में लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़कों का नींव पत्थर रखा। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। मंत्री कटारूचक्क ने केवल औपचारिकताओं तक सीमित न रहते हुए अपनी कुर्सी छोड़कर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने सड़कों के अतिरिक्त पानी की कमी, जल निकासी, गलियों की खराब स्थिति और अन्य स्थानीय मुद्दों को भी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से इन क्षेत्रों की समस्याओं पर किसी भी राजनीतिक दल ने ध्यान नहीं दिया था। खराब सड़कों के कारण उन्हें लंबे समय से परेशानी हो रही थी। अब सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों में खुशी का माहौल है। समस्याओं के शीघ्र समाधान का मंत्री ने दिया आश्वासन कैबिनेट मंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों ने सड़कों के निर्माण के लिए सरकार और कैबिनेट मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उनके क्षेत्र की सुध ली गई है।
नर्मदापुरम में रुक-रुककर बारिश जारी:तवा डैम अभी भी 17.7 फीट खाली, पिछले साल से 16.87 इंच कम बारिश
नर्मदापुरम में शुक्रवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। शहर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे मौसम में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग ने 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसमविद एचएस पांडे के अनुसार, बंगाल की खाड़ी की ओर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। वहीं एक ट्रफ लाइन प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से से होकर गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। जिले में अब तक 23 इंच बारिश नर्मदापुरम जिले में इस साल मानसून की शुरुआत से ही बारिश कम हुई है। अब तक 23 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह पिछले साल की तुलना में 16.87 इंच कम है। यह आंकड़ा अब तक के औसत कोटे से भी कम है। पिछले साल 21 अगस्त तक औसतन 39.87 इंच बारिश हो चुकी थी। तवा डैम 46% भरा कम बारिश का असर तवा डैम के जलस्तर पर भी पड़ा है। डैम अभी 46% ही भरा है। इसका जलस्तर 1144.30 फीट है। डैम के पूरी तरह भरने के लिए जलस्तर 1166 फीट होना चाहिए। फिलहाल 31 अगस्त तक डैम का गवर्निंग लेवल 1162 फीट है। मौजूदा जलस्तर इस स्तर से 17.7 फीट नीचे है। डैम भरने के लिए इसके कैचमेंट एरिया पचमढ़ी और बैतूल में अच्छी बारिश की जरूरत है।
सीएम योगी ने लखनऊ में शुक्रवार को जापानी छात्रों से मुलाकात की। बच्चों ने जापानी गीत सुनाया तो योगी ने ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। फिर सभी छात्रों ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान छात्र दूर से ही सेल्फी ले रहे थे तो योगी ने छात्रों को पास बुलाया। फिर साथ में मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाई। एक छात्र ने तो सीएम योगी के कंधे पर हाथ रखकर सेल्फी ली। तभी सीएम ठहाके लगाकर हंसने लगे। इस मौके पर यूपी के ईशान ने भगवान श्रीराम को समर्पित 'कौशल्या दशरथ के नंदन' गीत गाया। जापानी छात्रा मियागी मोतो ने कहा- मैंने पहली बार बिंदी लगाई और मुझे यह बहुत अच्छा लगा। भारत का अनुभव अपने आप में अलग है। देखिए तस्वीरें- योगी ने ‘ओहायो गोजाइमासु’ से किया स्वागत सीएम योगी ने यूपी-जापान निवेश बैठक के तहत मुख्यमंत्री आवास पर ‘ए डायलॉग विद द फ्यूचर’ कार्यक्रम आयोजित रखा। इसमें जापान के 13 छात्रों और उनके फैकल्टी सदस्यों ने लखनऊ के छात्रों के साथ संवाद किया। योगी ने जापानी अभिवादन ‘ओहायो गोजाइमासु’ के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ से अधिक आबादी वाला देश का सबसे बड़ा राज्य है। यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। योगी बोले- दो देशों की युवा पीढ़ियों का मिलन सीएम योगी ने कहा कि यह सिर्फ विद्यार्थियों का मिलन नहीं है, बल्कि भारत और जापान की दो संस्कृतियों, परंपराओं और युवा पीढ़ियों के बीच संवाद है। ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के बीच दोस्ती और संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि जापान से आए विद्यार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश की यात्रा यहां की आध्यात्मिकता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर भी है। …………….. ये खबर भी पढ़िए… योगी विधानसभा चुनाव में टिकट फाइनल करेंगे:लोकसभा चुनाव से सबक, भाजपा ने 'फ्री हैंड' दिया; गठबंधन दिल्ली से तय होगा लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए भाजपा ने यूपी में बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सीएम योगी को 'फ्री हैंड' दे दिया है। चुनाव में टिकट बांटने से लेकर पूरी रणनीति तय करने तक की कमान सीधे उनके हाथों में होगी। पढ़ें पूरी खबर…
जिले के तलवाड़ा पंचायत समिति के भचड़िया ग्राम पंचायत में श्मशान घाट जर्जर अवस्था में है। जिससे ग्रामीणों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जालम पटेल सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट पर न तो टीन-शेड की व्यवस्था है, न ही बैठने के लिए कोई चबूतरा बना है। आलम यह है कि अंतिम संस्कार के लिए कोई उचित रास्ता तक नहीं है। बारिश में परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। खुले में ही दाह-संस्कार करना पड़ता है। यदि नदी में पानी का स्तर थोड़ा भी बढ़ जाए, तो हमें मजबूरी में नदी के किनारे गंदगी के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है, उन्होंने अपनी पीड़ा साझा कर जल्द नए श्मशान घाट निर्माण की मांग की है। प्रशासन से समाधान की मांग ग्रामीणों का कहना है कि वे 2024 से लगातार पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट का तुरंत निरीक्षण करवाकर वहां टीन-शेड, चबूतरा, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार संपन्न हो सके।
दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर बिहिया स्टेशन के पूरब साइड स्थित अप लाइन पर शुक्रवार की सुबह चलती ट्रेन से गिरकर एक पिकअप ड्राइवर की मौत हो गई। घटना को लेकर लोगों के बीच अफरा-तफरी मच रही। मृतक की पहचान जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बड़हर टोला गांव के रहने वाले 22 साल के रोहित कुमार के रूप में हुई है। इधर, मृतक के बड़े भाई मलू कुमार ने बताया कि रोहित शुक्रवार की सुबह पिकअप लेकर आरा आया था और पिकअप आरा लगाकर वापस ट्रेन से घर लौट रहा था। इसी बीच बिहिया स्टेशन के पूरब साइड अप लाइन पर चलती ट्रेन से गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद रेल पुलिस की ओर से उसके क्षतिग्रस्त मोबाइल से सिम निकाल कर दूसरे मोबाइल में लगाया गया और तब इसकी सूचना उसके परिजन को दी गई। चार भाई और एक बहन में तीसरे नंबर पर था रोहित सूचना पाकर परिजन आरा रेल थाना पहुंचे। इसके बाद पुलिस में शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक अपने चार भाई व एक बहन में तीसरे स्थान पर था। रोहित के परिवार में मां कुसुम देवी व तीन भाई मलू कुमार, रंजन कुमार, मोहित कुमार एवं एक बहन निक्की कुमारी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उसकी मां कुसुम देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी इलाके में 20 अगस्त की सुबह 8 बजे कगास और हरफरी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से भीषण बाढ़ आ गई। इस दौरान अमृत 2.0 जल योजना के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहे चार मजदूर बाढ़ में फंस गए। सीधी से आई SDRF की टीम ने तीन मजदूरों को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन एक मजदूर तेज बहाव में बह गया। उसका शुक्रवार शाम 5 बजे तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। बाढ़ में बहने वाले मजदूर की पहचान बिहार (पश्चिमी चंपारण) निवासी 24 साल के आकाश कुमार (पिता कपिल देव चौधरी) के रूप में हुई है। SDRF की टीम ने मनोज कुमार, मुन्ना शर्मा और हरिओम कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। साइट इंजीनियरों की सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर आकाश की तलाश शुरू कर दी है और मजदूरों के घर वालों को भी खबर भेज दी गई है। बाढ़ से भारी तबाही, 5 हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत बाढ़ का पानी कई गांवों और बस्तियों में घुसने से लोगों का भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ में फंसकर पशुपालक जोखू लाल बहेलिया की 5 बकरियां मर गईं, उन्होंने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। यूनुस खान के पोल्ट्री फार्म में पानी भरने से 5 हजार से ज्यादा मुर्गा-मुर्गी के बच्चे डूबकर मर गए और पास का मछली पालन भी बह गया। अब्दुल जाहिद खान, मोहम्मद इस्लाम और मुस्तकीम खान समेत कई लोगों के घरों में पानी घुसने से लाखों का अनाज और सामान बर्बाद हो गया, वहीं रामाधार बेलदार का कच्चा मकान ढह गया हालांकि उनका परिवार सुरक्षित है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा देने की मांग की है।
सासाराम में चीनी के दाम बढ़े, 50 से 70 रुपये किलो पहुंची कीमत; मिठाई कारोबार पर असर
21 अगस्त, शुक्रवार: सासाराम में चीनी की कीमत बढ़ने से आम लोगों और किराना-मिठाई दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। कुछ समय पहले करीब 50 रुपये किलो मिलने वाली चीनी अब खुदरा बाजार में 70 रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ती लागत से मिठाई की कीमत और कारोबार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
‘हमने सांई रेसीडेंसी में जमीन खरीदी। उसकी रजिस्ट्री कराई और अब प्रशासन बार-बार नोटिस भेज रहा है। ऐसा व्यवहार कर रहा, जैसे हम कोई अपराधी हो’। यह कहना है संतराम अहिरवार का। शुक्रवार को वे कोलार एसडीएम ऑफिस में लगे जनविश्वास शिविर में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने सांई रेसीडेंसी में प्लाट लिया था। पाई-पाई जोड़कर आशियाना बनाया। अब नोटिस मिल रहा है कि हमने मकान अवैध तरीके से बनाया है। इसलिए यहां समस्या सुनाई है। संतराम की तरह ही कमलाबाई समेत कई लोग ऐसे थे, जो कॉलोनी में सड़क, स्ट्रीट लाइट, पानी समेत अन्य समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचे थे। जोन-19 के लोग समस्याएं सुनाने पहुंचे। शिविर का शुभारंभ हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने किया। यह समस्याएं सामने आईंशिविर में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रकरण, किसान आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। वहीं, जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके लिए समय-सीमा तय की गई। मीटिंग कम, काम ज्यादा करना अभियान का उद्देश्यविधायक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन-विश्वास अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य मीटिंग कम और काम ज्यादा करना है। प्रशासनिक अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में कई लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण हुआ, जबकि अन्य मामलों के लिए समय-सीमा दी गई है। सरकारी योजनाओं के तहत पात्र लोगों को आर्थिक सहायता और अन्य लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। कॉलोनी से जुड़े सबसे ज्यादा मामलेकलेक्टर मिश्रा ने बताया कि शिविर में कोलार क्षेत्र की कॉलोनियों से जुड़े बड़ी संख्या में मामले आए। इसके अलावा राजस्व और गरीबी रेखा के कार्ड से संबंधित शिकायतें भी मिलीं। कॉलोनी से जुड़े मामलों के लिए अलग से कॉलोनी सेल का काउंटर लगाया गया था। संबंधित अधिकारी शिकायतों पर कार्रवाई कर लोगों को जानकारी देंगे। कलेक्टर ने कहा कि कोलार तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां मध्यमवर्गीय और उच्च मध्यमवर्गीय आबादी के साथ इंडस्ट्रियल एरिया भी विकसित हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र का सुनियोजित विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे भी इस तरह की जनसुनवाई जारी रखी जाएगी। हर शुक्रवार चलेगा अभियानमुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान प्रदेश में 7 अगस्त से शुरू हुआ है। इसके तहत 8 जनवरी 2027 तक हर शुक्रवार को शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के दौरान अधिकारी कार्यालयों से निकलकर सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।
राजस्थान में प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के विरोध में मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतरे। शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने मोती डूंगरी रोड स्थित मुसाफिर खाने में बड़ी धार्मिक सभा का आयोजन किया। सभा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। वक्ताओं ने UCC को लेकर अपनी आपत्तियां रखते हुए राज्य सरकार से कानून लागू नहीं करने की मांग की। इस दौरान समुदाय से जुड़े धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर भी चर्चा की गई। सभा में सामाजिक, धार्मिक और मानवाधिकार संगठनों के साझा मंच ने प्रस्तावित कानून को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। मंच ने सरकार से UCC के प्रस्ताव पर विस्तृत श्वेतपत्र जारी करने और कानून बनाने से पहले संबंधित समुदायों, महिला संगठनों, विधि विशेषज्ञों, धार्मिक विद्वानों और सिविल सोसाइटी से व्यापक परामर्श करने की मांग की। विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने विधानसभा कूच भी किया, हालांकि, पुलिस ने उन्हें एमडी रोड पर ही समझाइश के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन लिया। सात दशक से चर्चा में UCC मंच से वक्ताओं ने कहा कि भारत में समान नागरिक संहिता का मुद्दा पिछले 7 दशकों से संविधान सभा की बहसों से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों, चुनावी घोषणापत्रों और विधानसभाओं तक चर्चा का विषय रहा है। उत्तराखंड ने वर्ष 2024 में राज्य स्तर पर UCC लागू किया। इसके बाद गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कुछ राज्यों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। राजस्थान सरकार ने राज्य स्तरीय UCC का मसौदा तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का मुद्दा सभा में वक्ताओं ने कहा कि UCC केवल कानूनी सुधार का विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध धर्म, संस्कृति, पहचान, महिला अधिकार, आदिवासी परंपराओं और संघीय ढांचे से भी है। राजस्थान जैसे बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक राज्य में किसी समान कानून के अलग-अलग समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए। मंच ने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए कहा कि राज्य को समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, अनुच्छेद 25 और 26 नागरिकों और धार्मिक समुदायों को धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक मामलों के प्रबंधन का अधिकार प्रदान करते हैं। मंच के अनुसार, अनुच्छेद 44 नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है और अनुच्छेद 37 के तहत नीति-निर्देशक तत्व शासन के लिए मार्गदर्शक हैं। ऐसे में इनका क्रियान्वयन मौलिक अधिकारों को प्रभावित करने की कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए। बहुसांस्कृतिक स्वरूप प्रभावित होने की आशंका साझा मंच ने आशंका जताई कि अगर UCC के जरिए विभिन्न समुदायों को उनकी मौजूदा धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से अलग किसी वैधानिक व्यवस्था का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है, तो इससे संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19, 21, 25, 26 और 29 के तहत प्राप्त अधिकारों को लेकर गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े हो सकते हैं। मंच का कहना है कि अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों में मौजूद विविधता भारत की बहुलतावादी सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना का हिस्सा है। इसलिए व्यक्तिगत कानूनों में किसी भी बदलाव से पहले संबंधित समुदायों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक संवाद जरूरी है। सरकार से UCC लागू नहीं करने का आह्वान साझा मंच ने प्रदेश के सामाजिक, धार्मिक और मानवाधिकार संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया। मंच ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी एक समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, धार्मिक स्वतंत्रता और देश की बहुलतावादी विरासत की रक्षा करना है। सभा के दौरान राजस्थान सरकार से मांग की गई कि UCC लागू करने से पहले इसके संवैधानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श कराया जाए और राजस्थान में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जाए।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सोनीपत जिले में अगस्त 2026 के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण करवाए जा रहे हैं। इन सर्वेक्षणों का मुख्य उद्देश्य परिवारों की आय, रोजगार, ऋण एवं निवेश, घरेलू परिस्थितियों, असंगठित क्षेत्र के उद्यमों तथा प्रवासन से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े एकत्रित करना है। इन आंकड़ों का उपयोग केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं विकास कार्यों के बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन में किया जाता है। यह सर्वेक्षण देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। डीसी बोलीं- आवश्यक और सही जानकारी उपलबध कराएं उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के लिए उनके घर, संस्थान अथवा प्रतिष्ठान पर पहुंचने वाली अधिकृत टीमों को आवश्यक एवं सही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार द्वारा तैयार की जाने वाली योजनाओं और नीतियों की सफलता के लिए सही एवं विश्वसनीय आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उपायुक्त ने बताया कि नागरिकों का सहयोग समाज और जिले के बेहतर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा इन सर्वेक्षणों में एकत्रित की गई सभी सूचनाओं को पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है। सर्वेक्षण में शामिल परिवारों अथवा संस्थानों की व्यक्तिगत पहचान किसी भी रिपोर्ट या प्रकाशित आंकड़ों में उजागर नहीं की जाती है। एकत्रित आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाता है। जिले में विभिन्न क्षेत्रों में ये सर्वेक्षण किए जा रहे हैं
कटिहार शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए नगर निगम कटिहार ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान मिरचाईबाड़ी हनुमान मंदिर से हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय, मिरचाईबाड़ी तक के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया गया। निगम की टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों से कुल 27 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला। देखें, मौके से आई तस्वीरें… फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों से कब्जे हटाए अभियान के तहत सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अतिक्रमणकारियों को भविष्य में सार्वजनिक मार्गों पर दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई। फुटपाथ पर सामान रखकर अतिक्रमण न करें नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और आम लोगों की आवाजाही में बाधा न आए, इसके लिए सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखना आवश्यक है। प्रशासन ने दुकानदारों और आम लोगों से अपील की है कि वे सड़क या फुटपाथ पर सामान रखकर अतिक्रमण न करें। इस अभियान में नोडल पदाधिकारी सह सिटी मैनेजर, सहायक अभियंता अभय कुमार, कनीय अभियंता अजय सिंह सहित नगर निगम के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नगर निगम प्रशासन ने संकेत दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटी, स्कॉलरशिप बंद हो रही, बिहार भारी कर्ज में: तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया है कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। राज्य भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की राशि घटा दी। छात्रवृति भी बंद की जा रही है।
मोगा में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, एसएएस नगर के दिशा-निर्देशों के तहत 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत मोगा, निहाल सिंह वाला और बाघापुराना की अदालतों के अलावा स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगी सेवाएं), मोगा में भी लगेगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण मोगा नीलम अरोड़ा ने बताया कि लोक अदालत में अदालतों में लंबित तथा प्री-लिटिगेटिव स्तर के समझौता योग्य मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। लोक अदालत में दीवानी मामले, घरेलू विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, भूमि विवाद, बिजली चोरी, चेक बाउंस, ट्रैफिक चालान, रिकवरी सूट और श्रम संबंधी मामलों सहित अन्य समझौता योग्य प्रकरणों का निपटारा कराया जा सकता है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे आपसी सहमति से सुलझाए जा सकने वाले मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाकर इस सुविधा का लाभ उठाएं। सिमरन सिंह बोलीं- लोक अदालत से जल्द निपटारा होता है मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव सिमरन सिंह ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का सरल और जल्द निपटारा होता है, जिससे समय और धन की बचत होती है। आपसी सहमति से विवाद खत्म होने पर भाईचारा भी मजबूत होता है। लोक अदालत में मामले का निपटारा होने के बाद जमा कोर्ट फीस वापस मिलने का प्रावधान है। इसका फैसला दीवानी अदालत की डिक्री के बराबर माना जाता है और इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती।
गोरखपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैम्पियरगंज में शुक्रवार को मुफ्त कैंसर जांच और ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल और सीएमओ के सहयोग से आयोजित कैंप में 129 मरीजों की जांच कर मुफ्त दवाएं दी गईं। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक चले शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों, आशा संगिनियों और आम लोगों को कैंसर के लक्षण और बचाव की जानकारी दी गई। कैंसर अस्पताल के डॉक्टर नरेंद्र बिरबिया और डॉ. तरुण कांति राजन ने मरीजों की जांच कर जरूरी सलाह दी। कैंप में पहुंचे ज्यादातर लोगों ने मुंह में छाले, ब्रेस्ट में गांठ, पाचन संबंधी परेशानी और भूख न लगने की शिकायत बताई। तंबाकू और नशे से बढ़ता है खतरा डॉ. तरुण कांति राजन ने बताया कि ओरोफेरिन्जियल कैंसर टॉन्सिल, जीभ के पिछले हिस्से और गले की दीवार में होता है। गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और शराब का सेवन करने वालों में इसका खतरा अधिक रहता है। शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि देश में हर साल कैंसर के करीब 11 लाख नए मामले सामने आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों का पता बीमारी बढ़ने के बाद चलता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और जांच की सुविधा बढ़ाना जरूरी है। शिविर में लोगों को कैंसर जागरूकता से जुड़ी किताबें और पर्चे भी बांटे गए। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनय कुमार वर्मा, डॉ. प्रभात मद्धेशिया, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी समेत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

