उत्तर प्रदेश के 2.34 करोड़ उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को मिलेगी मुफ्त रसोई गैस
भारत के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने प्रदेश की जनता को एक बहुत बड़ा और दीपावली तथा होली जैसे त्योहारों के पावन अवसर पर नायाब तोहफा देने का आधिकारिक फैसला किया है। राज्य के गरीब परिवारों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने तथा उनके रसोई घर के बजट को आसान बनाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को वर्ष में दो बार मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर रिफिल देने की अपनी योजना को पूरी तरह से धरातल पर उतार दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कुल सक्रिय कार्ड धारकों की संख्या लगभग 2.34 करोड़ तक पहुंच चुकी है, और इन सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में या प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से मुफ्त सिलेंडर की सब्सिडी सीधे पहुंचाई जाएगी। महंगाई के इस दौर में जब रसोई गैस के दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ते हैं, तब सरकार का यह संवेदनशील कदम करोड़ों गरीब महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम कर रहा है, जिन्हें अब चूल्हा फूंकने के धुएं से मुक्ति के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिल रही है।कैबिनेट बैठक में मुहर, पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी सहायता राशिहाल ही में लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे ने इसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। इस योजना के क्रियान्वयन में पूरी तरह से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे, और सही वक्त पर पात्र महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएं। जिला स्तर के आपूर्ति विभागों और गैस एजेंसियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे उज्ज्वला योजना के सभी कार्ड धारकों का शत-प्रतिशत सत्यापन (Verification) पूरा कर लें ताकि कोई भी वास्तविक हकदार इस लाभ से वंचित न रह जाए। सरकार के इस कदम से न केवल महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि उन्हें पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए भी लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि आम जनता के सीधे हितों से जुड़ी इस प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं सरकार की जमीनी पकड़ को और अधिक मजबूत करती हैं और यह साबित करती हैं कि शासन का मुख्य केंद्रबिंदु अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास है।स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार: आयुष इंटर्न्स के भत्ते और मानदेय में की गई उल्लेखनीय बढ़ोतरीउज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाले इस बड़े तोहफे के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण वर्ग यानी आयुष इंटर्न्स (Ayush Interns) के हितों का भी पूरा ख्याल रखा है। राज्य के विभिन्न आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे इंटर्न चिकित्सकों के लंबे समय से लंबित मानदेय और भत्ते बढ़ाने की मांग पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनके मासिक स्टाइपेंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। महंगाई और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के खर्चों को ध्यान में रखते हुए इंटर्न्स को मिलने वाली यह बढ़ी हुई वित्तीय सहायता उनके दैनिक जीवन और अध्ययन को आर्थिक रूप से काफी संबल प्रदान करेगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों युवा डॉक्टर जो कोविड काल से लेकर अब तक लगातार अपनी निष्ठावान सेवाएं दे रहे थे, बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं और उनका यह मानना है कि इससे उनकी मेहनत का वास्तविक सम्मान हुआ है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि वह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें संभालने वाले युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित कर रही है।आम जनता और युवाओं के बीच खुशी की लहर, भविष्य की विकास योजनाओं को मिल रही है नई गतिउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए इन दोनों बड़े निर्णयों—एक तरफ जहां महिलाओं के लिए रसोई गैस की मुफ्त सौगात और दूसरी तरफ युवाओं के लिए मानदेय वृद्धि—ने पूरे राज्य में एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया है। जब सरकार सामाजिक कल्याण और रोजगारोमुखी तथा छात्र-हितैषी फैसलों को एक साथ जमीन पर उतारती है, तो समाज के हर वर्ग को यह महसूस होता है कि राज्य का प्रशासन उनकी जरूरतों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील और सक्रिय है। आने वाले समय में इन योजनाओं के जरिए करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और ग्रामीण तथा शहरी अर्थव्यवस्था दोनों को एक समान गति मिलेगी। अंततः, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले यह साबित करते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास और जनसेवा के अपने एजेंडे पर पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रही है, जिससे राज्य के हर नागरिक का भविष्य और अधिक सुरक्षित और उज्ज्वल बनता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की सियासत में लखनऊ से लेकर सुल्तानपुर तक मुलाकातों का दौर और सुगबुगाहट
उत्तर प्रदेश की राजनीति अपनी अनूठी और پیچیدہ रणनीतियों के लिए हमेशा से देश भर में चर्चा का केंद्र बनी रहती है, जहाँ कब कौन सा नेता किससे मिल ले और समीकरण रातों-रात बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी आसान नहीं होता है। खासकर जब बात आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की हो, तो हर एक छोटी-सी मुलाकात या फोटो के भी कई सियासी मायने निकाले जाने लगते हैं। इन दिनों सुल्तानपुर जिले की चर्चित लंभुआ विधानसभा सीट से ताल्लुक रखने वाले पूर्व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक और विपक्षी दल के एक बड़े वरिष्ठ नेता के बीच राजधानी लखनऊ में हुई एक गुप्त मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अचानक भूचाल ला दिया है। इस मुलाकात के सामने आते ही तरह-तरह की चर्चाएं हवा में तैरने लगी हैं और यह कयास लगाया जा रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण सियासी मैदान में कोई बड़ा उलटफेर होने की तैयारी चल रही है। राजनीति के गलियारों में इस भेंट को लेकर जितनी मुंह उतनी बातें हो रही हैं, लेकिन इसके पीछे की असली इनसाइड स्टोरी कुछ और ही है जो सतह के नीचे चल रही राजनीतिक बिसात को बयां करती है।'परशुराम की प्रतीक्षा' और इस सियासी मुलाकात के बीच के गहरे और दिलचस्प मायनेइस पूरी चर्चा के केंद्र में सुल्तानपुर की लंभुआ सीट से पूर्व बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, जिन्होंने हाल ही में लखनऊ में समाजवादी पार्टी के एक शीर्ष और प्रभावशाली नेता से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान की एक तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में वायरल हुई, वैसे ही कयासों का बाजार गर्म हो गया कि क्या पूर्व विधायक पाला बदलने की तैयारी में हैं या फिर इसके पीछे कोई और अंदरूनी खिचड़ी पक रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी जातियों और समीकरणों की बिसात से जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं और सामाजिक संगठनों की भूमिका हमेशा से चुनाव परिणामों को तय करने में सबसे अहम मानी जाती रही है। हालांकि, इस भेंट के संदर्भ में जब तह तक टटोला गया, तो यह बात सामने आई कि भले ही यह मुलाकात केवल एक औपचारिक या शिष्टाचार भेंट प्रतीत होती हो, लेकिन इसके टाइमिंग और राजनीतिक निहितार्थों को नकारा नहीं जा सकता, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के मेल-मिलाप हमेशा बड़े संदेश देने का काम करते हैं।पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का पक्ष और क्षेत्र में आगामी चुनावों को लेकर मास्टर प्लानजब इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हुईं, तो पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी ने खुद सामने आकर इस पर अपनी सफाई दी और इस मुलाकात के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया। उनका कहना था कि यह पूरी तरह से एक शिष्टाचार भेंट मात्र थी, क्योंकि उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआती दौर और जिम्मेदारियां उसी वरिष्ठ नेता के गृह जनपद से जुड़ी रही हैं, और वे केवल उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जानने के लिए मिले थे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर आगामी विधानसभा चुनाव लंभुआ विधानसभा क्षेत्र से ही लड़ेंगे। दिलचस्प बात यह है कि विपक्षी नेता से मिलने से कुछ ही दिन पहले उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर उन्हें क्षेत्र के एक पौराणिक विकास कार्य और निमंत्रण के सिलसिले में शिरकत की थी। एक तरफ सत्ता के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क और दूसरी तरफ विपक्षी खेमे के दिग्गज नेता से भेंट, यह इस बात का संकेत है कि पूर्व विधायक अपनी जमीन को मजबूत करने के लिए सभी मोर्चों पर कड़े विकल्प खुले रख रहे हैं।टिकट और सांगठनिक समीकरणों पर टिकी हैं सबकी निगाहें, क्या लंभुआ में होगा कड़ा मुकाबला?वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट कटने के बाद से ही लंभुआ का यह सियासी घटनाक्रम काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जहाँ स्थानीय स्तर पर नेताओं की बयानबाजी और सक्रियता लगातार बनी हुई है। पूर्व विधायक का यह साफ कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि पार्टी उन्हें मौका देगी, लेकिन यदि किन्हीं कारणों से बात नहीं बनी तो वे जनता के बीच जाकर अपना अगला कदम तय करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बूथ स्तर पर अपनी व्यक्तिगत पकड़ को मजबूत किया है और क्षेत्र के एक सशक्त ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाए रखी है। लंभुआ सीट के जातिगत समीकरणों को अगर देखा जाए तो यहाँ हर एक दल के लिए जीत दर्ज करना कड़ी चुनौती रहता है, जहाँ क्षत्रिय, ब्राह्मण, यादव और दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अंततः, लखनऊ की इन बंद कमरों की मुलाकातों और 'परशुराम' से जुड़ी चर्चाओं के बीच यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि आने वाले दिनों में लंभुआ का यह सियासी दंगल क्या नया मोड़ लेता है और जनता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल से फैलाई गई सनसनी और दहशत
आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) ने इंसानी जीवन को आसान बनाने और विकास के नए रास्ते खोलने में अभूतपूर्व योगदान दिया है, वहीं इसके कुछ नकारात्मक और खतरनाक पहलू भी तेजी से समाज के सामने आने लगे हैं। कुछ लोग बिना किसी सामाजिक जिम्मेदारी के केवल सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने, रील्स को रातों-रात वायरल कराने या समाज में सनसनी फैलाने के लिए इस उन्नत तकनीक का दुरुपयोग करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक बेहद गंभीर और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला मामला हाल ही में प्रकाश में आया है, जहाँ एक युवक ने एआई जनरेटेड टूल्स का सहारा लेकर देश के प्रतिष्ठित सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक कैंप में भीषण बम धमाका होने का पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी वीडियो तैयार कर लिया। इस प्रकार के डीपफेक और एजी जेनरेटेड भ्रामक वीडियो न केवल आम जनता के भीतर भारी डर और असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी बेवजह का दबाव और सवालिया निशान खड़े कर देते हैं।इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड होते ही मचा हड़कंप, साइबर सेल ने शुरू की तुरंत छानबीनआरोपी युवक ने अपनी घटिया मानसिकता का परिचय देते हुए उस फर्जी और वीभत्स धमाके के वीडियो को बेहद शातिराना तरीके से एडिट करके लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर अपलोड कर दिया था। इंस्टाग्राम की एल्गोरिदम और रील्स के जरिए यह भ्रामक वीडियो कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया, जिसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच हड़कंप मच गया और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। चूंकि मामला देश के एक प्रमुख सुरक्षा बल यानी एसएसबी (SSB) कैंप से जुड़ा हुआ था, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों और साइबर सेल की निगाहें इस पर तुरंत पड़ गईं। राज्य की साइबर क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसियों ने बिना एक पल गंवाए इस वायरल वीडियो के सोर्स का तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) शुरू कर दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की राष्ट्र-विरोधी और अफवाह फैलाने वाली हरकत के पीछे आखिर किसका हाथ है। प्रारंभिक डिजिटल फुटप्रिंट्स और आईपी एड्रेस की जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वीडियो में दिखाई गई घटना पूरी तरह से काल्पनिक थी और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर की मदद से दुर्भावनापूर्ण तरीके से तैयार किया गया था।पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, आरोपी युवक धर दबोचा गयामामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष साइबर टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाकर उस आरोपी युवक को अंततः धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसने केवल सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने, लाइक और कमेंट्स बटोरने के लिए इस खतरनाक एआई वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया था। उसे इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि कानून इतनी सख्ती से उसके इस कदम की पड़ताल करेगा और उसे सलाखों के पीछे पहुंचना पड़ेगा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उस मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिनका इस्तेमाल इस फर्जी वीडियो को जनरेट करने और अपलोड करने के लिए किया गया था। इस त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर इस प्रकार की किसी भी असत्यापित, भ्रामक या देश की सुरक्षा से जुड़ी सामग्री को बिना सोचे-समझे आगे शेयर या फॉरवर्ड न करें।टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग पर कड़ा संदेश, भविष्य की चेतावनियों और सुरक्षा उपायों पर जोरयह पूरी घटना आज के समय में इस बात का सबसे बड़ा और कड़वा सबक है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी ताकतवर तकनीक यदि गलत हाथों में चली जाए, तो वह समाज और देश के लिए कितनी बड़ी आपदा साबित हो सकती है। सरकार, न्यायपालिका और सुरक्षा एजेंसियां अब इस प्रकार के साइबर अपराधों और एआई के दुरुपयोग को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति कानून के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके। इस मामले में गिरफ्तार किए गए युवक के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं, और उसे अदालत में पेश कर कड़ी सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है। अंततः, यह वाكया हम सभी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया की इस अंधी दौड़ में तकनीक का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है, अन्यथा एक छोटी सी सनसनीखेज हरकत किसी का पूरा जीवन और करियर हमेशा के लिए बर्बाद कर सकती है।
स्कूटी के अंदर छिपे बैठे मेहमान को देख सहम गए लोग, खड़े हो गए रोंगटे
भारत के विभिन्न इलाकों से आए दिन ऐसे हैरान करने वाले और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले सामने आते रहते हैं, जिन्हें देखकर इंसान की चीख निकल जाए। हाल ही में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया जब एक साधारण सी दिखने वाली स्कूटी के अंदर कोई और नहीं बल्कि करीब 6 फीट लंबा एक खतरनाक और जहरीला सांप आराम फरमा रहा था। जब स्कूटी के मालिक ने अपनी गाड़ी को स्टार्ट करने या उसके पार्ट्स की सफाई करने के लिए आगे का हिस्सा उठाया, तो उसके अंदर कुंडली मारकर बैठे इस लंबे सांप को देखकर उसके होश उड़ गए। इतनी सुबह-सुबह और अपने ही वाहन के भीतर इस अप्रत्याशित मेहमान को देखकर वाहन मालिक के पसीने छूट गए और उसने घबराकर तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही पलों में वहां भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस बात को लेकर सहम गया कि यदि यह सांप किसी को डस लेता तो नतीजा कितना भयानक हो सकता था। शहरी इलाकों में वाहनों और घरों के अंदर इस तरह से वन्यजीवों का छिप जाना इन दिनों एक आम समस्या बनती जा रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।पास जाने की किसी की नहीं थी हिम्मत, डर के मारे कांप उठे स्थानीय लोगस्कूटी के अंदर सांप के छिपे होने की खबर जैसे ही मोहल्ले और आसपास के दुकानदारों में फैली, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोई भी व्यक्ति उस स्कूटी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था क्योंकि वाहन का ढांचा बंद होने के कारण यह समझ पाना मुश्किल था कि सांप आखिर अंदर किस कोने में बैठा हुआ है। लोगों ने डर के मारे बच्चों को दूर हटाया और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एक अनुभवी स्नेक सेवर (सर्पमित्र) को दी ताकि समय रहते इस खतरे को टाला जा सके। गर्मी और नमी के मौसम में अक्सर सांप ठंडी जगहों या वाहनों के इंजन के आसपास शरण लेने के लिए चले जाते हैं, और ऐसा ही कुछ इस स्कूटी के साथ भी हुआ था। भीड़ में खड़े लोग अपने-अपने मोबाइल से इस दृश्य को कैद करने लगे, लेकिन किसी में भी इतनीकौशलता या साहस नहीं था कि वह अपने दम पर उस सांप को बाहर निकाल सके। हर कोई बस यही प्रार्थना कर रहा था कि जल्द से जल्द कोई विशेषज्ञ वहां पहुंचे और इस आफत से उन्हें मुक्ति दिलाए।स्नेक सेवर की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, छूटे पसीनेसूचना मिलते ही कुछ ही देर में पेशेवर स्नेक सेवर अपनी जरूरी उपकरणों और रेस्क्यू किट के साथ मौके पर पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने सबसे पहले स्कूटी के आसपास की भीड़ को पीछे हटाया ताकि सांप डरकर और अधिक आक्रामक न हो जाए। स्नेक सेवर ने जब स्कूटी के पैनल, प्लास्टिक कवर और इंजन के आसपास के हिस्सों को एक-एक करके खोलना शुरू किया, तो अंदर का नजारा देखकर उनके भी माथे पर पसीने की बूंदें चमक उठीं। वह लगभग 6 फीट लंबा सांप स्कूटी के बेहद संकरे और पेचीदा हिस्सों में पूरी तरह से लिपटा हुआ बैठा था, जिसे बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालना एक लोहे के चने चबाने जैसा कठिन काम था। अपनी जान की परवाह किए बिना और बेहद सावधानी के साथ सर्पमित्र ने घंटों तक उस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। कभी पेचकस से स्कूटी के नट खोलना तो कभी धीरे से सांप की पूंछ को नियंत्रित करना, यह प्रक्रिया बेहद तनावपूर्ण और जोखिम भरी थी, जिसमें जरा सी चूक भारी पड़ सकती थी।सुरक्षित बाहर निकाला गया सांप, जंगल में छोड़कर ली गई राहत की सांसलगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत, सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए आखिरकार स्नेक सेवर ने उस 6 फीट लंबे सांप को स्कूटी के अंदर से सुरक्षित बाहर खींचने में सफलता हासिल कर ली। सांप के बाहर आते ही वहां खड़े लोगों की अटकी हुई सांसें वापस लौटीं और सभी ने ईश्वर का शुक्र अदा किया कि किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। स्नेक सेवर ने उस खतरनाक सांप को तुरंत एक सुरक्षित और मजबूत प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया ताकि उसे इंसानी आबादी से दूर किसी सुरक्षित जंगल या प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सर्पमित्र की बहादुरी की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि वाहनों का इस्तेमाल करने से पहले विशेषकर ग्रामीण या बाहरी इलाकों में उनकी ठीक से जांच कर लेनी चाहिए और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।
कोटा में 3 से 30 फीट तक के रावण:20 हजार रुपए तक कीमत, जानिए साइज के हिसाब से कितनी है रेट
कोटा में दशहरे की तैयारियां शुरू हो गई है। सड़कों और बाजारों में रावण के पुतले बनकर तैयार हो गए हैं। रावण की बिक्री भी शुरू हो गई है। स्थानीय कारीगर कई सालों से दिन-रात मेहनत कर आकर्षक पुतले तैयार कर रहे हैं। रावण के पुतले बनाने वाले कारीगरों भारत कुमार और फिरोज ने बताया- हम लंबे समय से कोटा शहर में पुतले बनाने और बेचने का काम कर रहे हैं। पुतला बनाने में बांस, बल्ली, सुतली, चुन्नी, रद्दी अखबार, मैदा-अरारोट की लेई (गोंद) और विभिन्न रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। कारीगरों के अनुसार एक बड़ा पुतला तैयार करने में काफी मेहनत और 2,000 से 5,000 रुपए तक की लागत आती है। जो 20 हजार रुपए तक बिकता है। 5 साल से बना रहे रावत के पुतले पुतले बना रहे कारीगरों ने बताया- हम पिछले 5 साल से कोटा में आकर पुतले बनाने और बेचने का काम कर रहे हैं। एक रावण को तैयार करने के लिए बांस-बल्ली की कटाई से लेकर उसकी बुनाई तक में मेहनत लगती है। कारीगरों के अनुसार, सबसे पहले बांस और बल्ली का ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद सुतली, चुन्नी, रद्दी अखबार, अरारोट-मैदा की लेई (गोंद) और लाल, पीले, गुलाबी व काले रंगों का इस्तेमाल कर इसका रूप निखारा जाता है। 3 फीट का खिलौना रावण भी, 30 फीट का विशालकाय स्वरूप भी बाजार में हर वर्ग और बजट को ध्यान में रखते हुए छोटे-बड़े आकार के पुतले बिक्री के लिए रखे गए हैं। खरीदार अपनी जगह, क्षमता और पसंद के अनुसार पुतले बुक करवा रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि वे ग्राहकों की मांग के अनुसार 'सस्ते, टिकाऊ और वाटर-प्रूफ (प्लास्टिक कोटिंग)' पुतले भी तैयार करते हैं, ताकि अंतिम समय में किसी तरह का व्यवधान न आए।
दमोह जिले के जबेरा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुंडेरी के ग्राम पुरेनहाऊ में शुक्रवार दोपहर तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल तेजगढ़ रेंज के वन विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी के अंदर चला गया। इस कारण उसका रेस्क्यू नहीं हो सका। मगरमच्छ गुरुवार रात भी गांव में सड़क पर घूमता दिखाई दिया था। खेत की मेड़ पर बैठा मिला था मगरमच्छ स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार रात एक किसान खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसे रतन सिंह के खेत की मेड़ पर मगरमच्छ बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले यही मगरमच्छ एक घर के आंगन तक भी पहुंच गया था। अब तालाब में उसकी मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा तेजगढ़ रेंज के डिप्टी रेंजर चंद्र नारायण चौबे ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हालांकि, मगरमच्छ पानी में चला गया, जिससे उसे पकड़ा नहीं जा सका। उसे पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा भी रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों से दोबारा लोकेशन मिलने पर टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास करेगी। ब्यारमा नदी में बड़ी संख्या में हैं मगरमच्छ जबेरा ब्लॉक से होकर गुजरने वाली ब्यारमा नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ पाए जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार मगरमच्छ नदी से बाहर निकलकर रहवासी इलाकों या छोटे तालाबों तक पहुंच जाते हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक मगरमच्छ के हमले में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं मिली है। तालाब और नदी से दूर रहने की अपील वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से तालाब और नदियों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या पकड़ने का प्रयास करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। पिंजरा लगाए जाने के बाद अब वन विभाग की टीम मगरमच्छ की लोकेशन मिलने का इंतजार कर रही है।
कोयलाकर्मियों की गाढ़ी कमाई और भविष्य की पूंजी के साथ एक बहुत बड़ा वित्तीय घोटाला
भारत के ऊर्जा क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले कोयला श्रमिकों की सालों-साल की मेहनत, पसीने और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए जमा किए जाने वाले प्रोविडेंट फंड (PF) की गाढ़ी कमाई को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देश के लाखों कोयलाकर्मियों के कल्याण और भविष्य के लिए सुरक्षित रखे जाने वाले फंड में से भारी-भरकम राशि को नियमों को ताक पर रखकर एक निजी हाउसिंग और रियल एस्टेट कंपनी में निवेश कर दिया गया था। जब इस वित्तीय हेरफेर और अनियोजित निवेश के परिणाम सामने आए, तो यह पता चला कि कुल 1300 करोड़ रुपये की इस भारी राशि में से लगभग 727 करोड़ रुपये पूरी तरह से डूब चुके हैं और उनका कोई अता-पता नहीं है। मेहनतखश मजदूरों की जिंदगीभर की जमापूंजी के इस तरह से पानी में मिल जाने की खबर ने न केवल श्रमिक संगठनों के होश उड़ा दिए हैं, बल्कि पूरे देश के प्रशासनिक और वित्तीय जगत में एक भूचाल ला दिया है। जिन मजदूरों के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था को रोशन करने की जिम्मेदारी है, उनके ही भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ होना एक बहुत बड़ा गंभीर अपराध है, जिसकी हर तरफ कड़ी निंदा की जा रही है।नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनी में किए गए थे करोड़ों के खतरनाक निवेशइस पूरे घोटाले की शुरुआती परतें जब उघड़ीं, तो यह बात सामने आई कि किस प्रकार कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और प्रबंधकों ने मिलीभगत करके नियमों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया था। कोयलाकर्मियों के पीएफ के पैसे को सुरक्षित सरकारी बॉन्ड या अधिकृत वित्तीय संस्थाओं में निवेश करने के बजाय अधिक मुनाफे या अन्य गुप्त स्वार्थों के चलते एक जोखिम भरी निजी हाउसिंग कंपनी के सुपुर्द कर दिया गया था। उस समय इस बात की कोई परवाह नहीं की गई कि यदि यह रियल एस्टेट कंपनी डूबी, तो इसके परिणाम कितने भयानक होंगे और इसका खामियाजा उन गरीब और ईमानदार मजदूरों को भुगतना पड़ेगा जो अपनी रिटायरमेंट के बाद इस पैसे पर निर्भर होते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का यह मानना है कि सरकारी और अर्ध-सरकारी ट्रस्टों के पैसों को इस तरह निजी कंपनियों में झोंकना सीधे तौर पर आपराधिक कदाचार और पद का दुरुपयोग है। जब कंपनी की वित्तीय स्थिति बिगड़ी और रियल एस्टेट बाजार में मंदी आई, तो वह पूरा पैसा धीरे-धीरे डूबने लगा, और जब तक जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी गंभीरता समझ में आती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और करोड़ों रुपये हवा हो चुके थे।हाई कोर्ट का कड़ा रुख, मामले की गहराई से तह तक जाने के लिए दिए CBI जांच के आदेशइस बहुचर्चित और गंभीर मामले में जब स्थानीय स्तर पर और संबंधित विभागों द्वारा लीपापोती करने के प्रयास किए गए, तो न्यायपालिका ने इसमें हस्तक्षेप करते हुए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। संबंधित उच्च न्यायालय ने इस पूरे वित्तीय फर्जीड़े, करोड़ों रुपये के डूबने और इसके पीछे शामिल बड़े चेहरों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने के लिए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को कमान सौंप दी है। अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि इतने बड़े पैमाने पर श्रमिकों के फंड के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हाईकोर्ट के इस सख्त फैसले के बाद से उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों और निजी कंपनियों के संचालकों की रातों की नींद उड़ गई है जो इस घोटाले में सीधे तौर पर संलिप्त बताए जा रहे हैं। सीबीआई की इस एंट्री से अब यह उम्मीद जग गई है कि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा और यह पता चलेगा कि आखिर किस-किस की शह पर मजदूरों के पैसे को इस तरह जुए की तरह लगाया गया था।कोयलाकर्मियों में भारी रोष और न्याय की उम्मीद, क्या दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा?इस सनसनीखेज खुलासे के बाद देश भर के कोयला खदानों में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के भीतर जबरदस्त गुस्सा और आक्रोश व्याप्त है, जो अपनी गाढ़ी कमाई को डूबते देख सकते हैं। श्रमिक संगठनों और यूनियनों ने एक स्वर में यह मांग की है कि इस घोटाले के मास्टरमाइंड्स की संपत्ति को जब्त किया जाए और उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो भविष्य के लिए एक कड़ा सबक बने। मजदूरों का कहना है कि वे दिन-रात अंधेरी खदानों में अपनी जान जोखिम में डालकर देश के लिए कोयला निकालते हैं, और यदि उनके ही बुढ़ापे की लाठी यानी पीएफ के पैसे को इस तरह लूटा जाएगा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। सीबीआई जांच के आदेश होने के बाद अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी कितनी जल्दी अपनी रिपोर्ट पेश करती है और इस काले कारोबार में शामिल कौन-कौन से बड़े नाम सलाखों के पीछे पहुंचते हैं। अंततः, यह मामला यह साबित करता है कि कितनी भी बड़ी ताकतें क्यों न हों, कानून और न्यायपालिका का पहरा हमेशा कमजोरों और मेहनतकशों के अधिकारों की रक्षा के लिए सबसे बड़ा कवच बनकर खड़ा रहता है।
लुधियाना के साहनेवाल इलाके में 26 वर्षीय रंजीत कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने करीब 40 दिन बाद मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए धारा 174 के तहत कार्रवाई की थी। हालांकि, मृतक के भाई के बयानों और तकनीकी सबूतों के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में बदलाव करते हुए 4 लोगों को नामजद किया है। मृतक के छोटे भाई आकाश ने बताया कि उसके बड़े भाई रंजीत कुमार की सगाई 8 अगस्त को सुनीता नाम की युवती से हुई थी। दोनों की शादी 2 दिसंबर को तय की गई थी और पूरा परिवार तैयारियों में जुटा था। इसी बीच रंजीत ने अपनी मंगेतर को किसी अन्य युवक के साथ देख लिया था, जिससे वह काफी परेशान और मानसिक तनाव में रहने लगा था। घटना से पहले मंगेतर के घर हुआ था विवाद आकाश के अनुसार, खुदकुशी करने से पहले रंजीत अपनी मंगेतर के घर गया था। वहां मंगेतर और उसके परिवार के सदस्यों के साथ उसकी तीखी नोकझोंक हुई थी। इस घटना के बाद से रंजीत की मानसिक परेशानी और बढ़ गई थी। कमरे में पंखे से लटका मिला शव, 6 मिनट की वीडियो कॉल आई सामने 30 अगस्त की रात रंजीत अपने कमरे में चला गया और पंखे से फंदा लगा लिया। 31 अगस्त की सुबह जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो आकाश ने कमरे में जाकर देखा। रंजीत का शव पंखे से लटक रहा था। आकाश ने जब भाई का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि मौत से ठीक पहले रंजीत और उसकी मंगेतर के बीच करीब 6 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। तकनीकी सबूतों के आधार पर 4 लोगों पर केस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। शुरुआत में इसे संदिग्ध मौत का मामला माना गया था, लेकिन मृतक के परिजनों के बयानों और कॉल डिटेल-वीडियो कॉल जैसे तकनीकी सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने धाराएं बदलकर मंगेतर समेत 4 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भिवानी के लोहारू क्षेत्र के गांव झुंपा कलां के युवा कलाकार आनंद नेहरा ने एक खास उपलब्धि हासिल की है। उनकी दो कलाकृतियों का पंजाब के अमृतसर स्थित इंडियन एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स की 91वीं अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी के लिए चयन हुआ है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में जगह मिलने से गांव, परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। आनंद नेहरा अभी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के दृश्य कला विभाग में छह वर्षीय एमएफए कोर्स के पांचवें साल में पढ़ रहे हैं। बचपन से ही कला में रुचि रखने वाले आनंद अपनी मेहनत से प्रतिभा को निखार रहे हैं। इससे पहले भी आनंद ने कई राष्ट्रीय कला प्रतियोगिताओं में नकद पुरस्कार, लैपटॉप और प्रमाण पत्र जीते हैं। लगातार मिल रही ये सफलताएं कला के प्रति उनके जुनून को दिखाती हैं। परिवार और शिक्षकों का रहा विशेष योगदान आनंद नेहरा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके माता-पिता प्रमिला देवी एवं रामपाल नेहरा और दादा-दादी ने हमेशा उनका उत्साह बढ़ाया तथा कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से उनके दादा दर्शनानंद नेहरा ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाए रखने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया। वहीं, महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग में शिक्षकों के मार्गदर्शन ने भी उनकी प्रतिभा को निखारने और कलात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सफलता से गांव झुंपा कलां सहित पूरे लोहारू क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर की कला प्रदर्शनी में उनकी दो कलाकृतियों का चयन अन्य युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
पश्चिम बंगाल: इतिहास से जोड़ने के बहाने नाम बदलने की पहल
बीजेपी सरकार ने इतिहास से जोड़ने के बहाने हर भाषा में पश्चिम बंगाल का नाम 'पश्चिम बंग' करने की दिशा में पहल की है.
मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रतलाम रेल मंडल से होकर गुजरने वाली और इंदौर सहित डॉ. अम्बेडकर नगर से चलने वाली कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। रेलवे ने 9 अक्टूबर को दो ट्रेनों को उनके निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से चलाने का निर्णय लिया है, जबकि चार ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है।
फरीदाबाद के तिलपत गांव में 25 वर्षीय बाउंसर की लोहे ही रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जिसका एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। मृतक की पहचान नूंह जिले के गांव बीसरू के रहने वाले वली मोहम्मद के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव तिलपत के रहने वाले ताहिर ने बताया कि गांव में उनके नए घर का प्रोग्राम था। वीरवार की रात को करीब 8 बजे उनके घर पर प्रोग्राम चल रहा था। पड़ोसी युवक ने ताहिर के भतीजे में बाइक से टक्कर मार दी। इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया। परिवार के लोगों में झगड़ा बढ़ते देख उनका भांजा वली मोहम्मद (25) बीच बचाव के लिए चला गया। लेकिन आरोपियों ने उस पर लोहे की रॉड से वार करना शुरू कर दिया। 4 साल बाद मामा के पास आया मृतक के मामा ताहिर ने बताया कि उसका भांजा 4 साल बाद उनके घर पर आया था। आरोप है साहिल ने उसके ऊपर लगातार लोहे की रॉड से वार किए। उसके सर पर कई वार किए गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जब उसको अस्पताल लेकर गए तो उसकी मौत हो चुकी थी। जबकि उसके भाई तैय्यब को घायल हालात में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पर उसका इलाज चल रहा है। गांव में चलाता था अखाड़ा मृतक वली मोहम्मद की शादी हो चुकी थी और उसके 2 बच्चे है। गांव में एक अखाड़ा चालाता था, जहां पर गावं के बच्चों को कुश्ती सिखाता था। वह खुद कुश्ती का शौकीन था और आस-पास में होने वाले दंगलो में भाग भी लेता था। वाली मोहम्मद पेशे से एक बाउंसर था। पुलिस कर रही मामले की जांच पल्ला थाना इंचार्ज सत्य प्रकाश के मुताबिक मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बांदा में बाइक की टक्कर से युवक की मौत:बाल कटवाकर लौट रहा था, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र के मछरिया डेरा भरहेता में गुरुवार शाम सामने से आ रही बाइक की टक्कर से घायल युवक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में जसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से बांदा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां देर रात करीब 10 बजे उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान हमीरपुर जिले के मौदहा थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव निवासी सचिन (20) पुत्र रामदीन उर्फ बच्चा के रूप में हुई है। वह बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। परिजनों के अनुसार, सचिन गुरुवार शाम करीब पांच बजे बाल कटवाने के लिए नाई की दुकान गया था। बाल कटवाने के बाद वह वहां से निकला था। इसी दौरान घर से करीब दो किलोमीटर दूर सामने से आ रही बाइक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के समय वह अकेला था। बताया गया कि उसने हेलमेट लगा रखा था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया हादसे के बाद परिजन घायल सचिन को जसपुरा सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बांदा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान देर रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जवान बेटे को खोने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सचिन चार भाइयों में एक था। उसकी मौत के बाद परिवार में अब तीन भाई और एक बहन हैं। सचिन बीए प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है।
ग्वालियर में लाड़ली बहना योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर 80 साल की बुजुर्ग महिला के गहने चोरी करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवती ऑटो में बैठाकर बुजुर्ग को दिनभर शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाती रही। इसके बाद भीड़ का डर दिखाकर उसके गहने उतरवाए और थैला लेकर फरार हो गई। घटना 5 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे से शाम 5 बजे के बीच की है। झांसी रोड थाना पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को मामला दर्ज कर संदेही युवती की तलाश शुरू कर दी है। CCTV में बुजुर्ग के साथ दिखी युवती पुलिस को एक स्पॉट के CCTV फुटेज मिले हैं, जिनमें बुजुर्ग महिला के साथ संदेही युवती दिखाई दे रही है। इसी आधार पर पुलिस उसकी पहचान करने और तलाश में जुटी है। नेल पॉलिश खरीदने आई थी दुकान पर गली नंबर-1 की रहने वाली विद्या बाई कुशवाह (80) घर में ही कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। पीड़िता ने बताया कि 5 अक्टूबर की सुबह करीब 11:30 बजे वह दुकान पर अकेली थीं। तभी गुलाबी रंग का सलवार-सूट पहने करीब 25-26 साल की एक युवती आई और नेल पॉलिश मांगने लगी। बातचीत के दौरान युवती ने उनसे पूछा कि 'आपको लाड़ली बहना योजना का पैसा मिलता है या नहीं?' बुजुर्ग ने मना किया तो उसने कहा कि ‘चलो, मैं अभी बाड़ा ऑफिस ले जाकर आपका फॉर्म भरवा देती हूं।’ इसके बाद वह बुजुर्ग महिला को ऑटो में बैठाकर बाड़ा नगर निगम के ऑफिस ले गई। ऑफिस का बहाना बनाकर दिनभर घुमाया शातिर युवती बुजुर्ग महिला को पहले बहोड़ापुर चौराहे ले गई। वहां कोई सरकारी दफ्तर न दिखने पर जब बुजुर्ग ने घर वापस छोड़ने को कहा, तो आरोपी युवती उन्हें पुरानी छावनी ले गई। बुजुर्ग के विरोध करने पर ऑटो वापस बाड़े की तरफ मोड़ा और सागर होटल वाली गली में ले जाकर उतार दिया। भीड़ का डर दिखाकर उतरवाए जेवर सागर होटल वाली गली में पहुंचकर युवती ने बुजुर्ग महिला से कहा महाराज बाड़ा पर बहुत भीड़ रहती है, कोई आपके जेवर काट लेगा। इन्हें उतारकर थैले में रख लो। युवती के झांसे में आकर विद्या बाई ने अपने सोने के टॉप्स, सोने के मोतियों वाला मंगलसूत्र और पेंडल उतारकर छोटे थैले में रख लिए। इस थैले में चांदी की अंगूठी, 200 रुपए नकद, घर की चाबियों के दो गुच्छे और PAN कार्ड, वोटर आईडी भी रखे थे। इसके बाद युवती ने बातों-बातों में चकमा दिया और जेवरों से भरा थैला लेकर रफूचक्कर हो गई। ई-रिक्शा चालक ने छोड़ा घर, CCTV में कैद हुई शाम करीब 5:30 बजे एक ई-रिक्शा (टमटम) चालक की मदद से बुजुर्ग महिला घर पहुंचीं और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन तुरंत उन्हें लेकर झांसी रोड थाने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मामला जांच में लिया। शुक्रवार को झांसी रोड थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। कुछ पॉइंट पर पीड़ित महिला के साथ आरोपी जालसाज युवती नजर आ रही है। थाना प्रभारी ने कहा- जल्द गिरफ्त में होगी झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव का कहना है कि इलाके के CCTV कैमरों की पड़ताल की गई है, जिसमें गुलाबी सूट पहने संदेही युवती नजर आई है। तलाश की जा रही है। जल्द वह पुलिस गिरफ्त में होगी।
संतकबीर नगर में सुभासपा के प्रदेश सचिव अब्दुल अजीम ने लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संतकबीर नगर जिले के ग्राम प्रधानों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया। अब्दुल अजीम ने मंत्री को ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के संचालन में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांवों के विकास और स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने ग्राम प्रधानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया। इस पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। अब्दुल अजीम ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को संबंधित पदाधिकारियों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुलाकात के दौरान उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी।
पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहकर पढ़ाई करने वाले दसवीं के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपए हारने के बाद अपने ही अपहरण की साजिश रच दी। दोस्तों से उधार लिए रुपए लौटाने के दबाव में उसने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी बनाई और परिजनों से 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। घबराए पिता ने छात्र के खाते में 75 हजार रुपए भी भेज दिए। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर छात्र को मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र मूल रूप से पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता बिजनेसमैन हैं। बुद्धा कॉलोनी थानेदार के मुताबिक, छात्र पटना में रहकर पढ़ाई करता है। दोस्तों से उधार लेकर खेला था ऑनलाइन गेम पुलिस के शुरुआती जांच में सामने आया कि छात्र ने दोस्तों से रुपए उधार लेकर ऑनलाइन गेम खेला था। इसमें वह करीब 1 लाख 45 हजार रुपए हार गया। इसके बाद दोस्तों ने उस पर पैसे लौटाने का दबाव बनाना शुरू किया। कर्ज चुकाने के लिए छात्र ने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी तैयार की। पिता को फोन कर मांगी 2 लाख की फिरौती पुलिस के मुताबिक, छात्र बुद्धा कॉलोनी स्थित अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड से बस पकड़कर मुजफ्फरपुर की ओर चला गया। रास्ते में उसने फोन कर बताया कि चार-पांच लोग उसे स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर ले जा रहे हैं। उसने दावा किया कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के बदले 2 लाख रुपए मांग रहे हैं। इसके कुछ देर बाद छात्र ने अपने पिता को फोन किया। बेटे के अपहरण की बात सुनकर पिता ने 75 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। स्कॉर्पियो खोजती रही पुलिस, बस से मिला छात्र शुरुआत में छात्र के बताए अनुसार पुलिस स्कॉर्पियो की तलाश कर रही थी। लेकिन तकनीकी जांच में उसकी टावर लोकेशन के आधार पर गांधी मैदान बस स्टैंड का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने बसों की जांच शुरू की। जांच के दौरान मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस में छात्र को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची- पुलिस शुरुआती जांच में ऑनलाइन गेम में हारे रुपए और कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
सिद्धार्थनगर के उसका बाजार रेलवे स्टेशन के पास रेलवे विभाग ने 9 अक्टूबर को अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान रेलवे की जमीन पर बनी दर्जनों दुकानें और मकान ध्वस्त कर दिए गए। अवैध निर्माणों को हटाने के लिए दो बुलडोजर लगाए गए थे। दुकानों और मकानों के अलावा पानी की टंकियां और ठेले भी हटाए गए। अवैध निर्माणों को हटाने के लिए नोटिस जारी रेलवे प्रशासन ने पहले ही अवैध निर्माणों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। अतिक्रमण हटाने के लिए 9 और 10 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। तय समय सीमा में खुद से अतिक्रमण न हटाने पर रेलवे विभाग ने 9 अक्टूबर को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई से स्टेशन के आसपास के अतिक्रमणकारियों में बेचैनी दिखी।
यमुनानगर में पंजाब के कंबाइन ड्राइवर की मौत:खेत में शौच के दौरान तोड़ा दम, हार्ट अटैक आने की आशंका
यमुनानगर के साढ़ौरा क्षेत्र के गांव कुराली में खेतों में शौच के लिए गए पंजाब के एक कंबाइन ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह खेतों में बेहोशी की हालत में मिला था। खेतों में काम कर रहे किसानों ने उसे साढ़ौरा के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान पंजाब के बरनाला निवासी 45 वर्षीय गुरजंट सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पांच दिन पहले ही पंजाब से आया था जानकारी के अनुसार, गुरजंट सिंह कंबाइन पर ड्राइवर के तौर पर काम करता था और करीब पांच दिन पहले ही यमुनानगर फसल काटने आया था। उसके साथ काम करने वाले व्यक्ति के अनुसार, गुरजंट सिंह खेतों में शौच के लिए गया था। इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। खेतों में काम कर रहे अन्य लोगों ने उसे देखा तो तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर साढ़ौरा पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने परिजनों को किया सूचित सढौरा थाना प्रभारी लखविंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जगाधरी के सिविल अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की असल वजह पता चल पाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र की एक युवती ने आजमगढ़ के युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर रील बनाकर फेमस करने और अच्छी कमाई कराने का लालच दिया। इसके बाद उसे अपने साथ ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इस दौरान उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसका शोषण किया गया। शुक्रवार को युवती ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रील और कमाई का लालच देकर साथ ले गया पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को आजमगढ़ का एक युवक उसे इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर बनाने और अच्छी कमाई कराने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि युवक उसे एक सुनसान कमरे में ले गया। वहां उसके हाथ-पैर बांधकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शोषण का आरोप युवती का आरोप है कि वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और धमकियां दी गईं। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी का एक दोस्त भी इस पूरे मामले में शामिल रहा। शिकायत में युवती के गर्भवती होने की बात भी सामने आई है। पुलिस कर रही मामले की जांच पीड़िता ने शुक्रवार को मिर्जामुराद थाने पहुंचकर आजमगढ़ के युवक और उसके साथी के खिलाफ शिकायत की। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि और पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
उन्नाव में गंगाघाट नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 18 आर्य नगर में सूर्या गैलेक्सी के पीछे जलभराव की समस्या से परेशान लोगों का शुक्रवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। अभिषेक, रुचि, गीता और रमन समेत क्षेत्र के लोगों ने सुबह करीब 11 बजे नगर पालिका कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और हंगामा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नाली और बारिश का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि वार्ड में नालियों की नियमित सफाई और पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसके चलते आए दिन जलभराव की स्थिति बन जाती है। सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी सड़क से निकलना जोखिम भरा बना हुआ है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की समस्या लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध फैलने और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की समस्या भी बनी हुई है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक, जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी नगर पालिका में दो बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का कहना है कि समस्या के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने शिकायत पत्र में इस समस्या को गंगा नदी की बाढ़ से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में जलभराव का बाढ़ से कोई संबंध नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तरपर जल निकासी और पानी की निकासी के लिए उचित आउटलेट नहीं होने से यह स्थिति बन रही है। पूर्व की रिपोर्ट में पानी निकालने के लिए टैंकर या पंप की व्यवस्था का उल्लेख किए जाने पर भी लोगों ने सवाल उठाए।
अयोध्या में रामनगरी में दीपोत्सव महोत्सव-2026 को भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गुरुवार देर शाम कैंप कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपोत्सव से जुड़े सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। व्यवस्थाओं में लापरवाही न हो और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। बैठक में पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को शेष कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। राम की पैड़ी और सरयू नहर खंड क्षेत्र में विद्युत पोलों की नंबरिंग मानकों के अनुरूप कराने के लिए निर्देश दिया है। घाटों की सफाई और रोशनी पर जोर दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्य भी गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने पर्यटन और संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपने-अपने विभाग के कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि किसी भी स्तर पर काम लंबित न रहे। डीएम ने कहा कि दीपोत्सव को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करना होगा। निर्धारित समयसीमा में सभी व्यवस्थाएं पूरी करना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर दिनेश, एडीएम प्रशासन विशु राजा, मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
लखीमपुर में गुरुवार रात एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पुलिस इसे बेसहारा पशु के हमले से हुई मौत बता रही है, जबकि मृतक की बहन ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। घटना गोला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नाथूपुर गदियाना में हुई। देखिए 2 तस्वीरें- घर के पास मिला मिला युवक का शव जानकारी के अनुसार मृतक अरविंद कुमार पुत्र श्रीराम उम्र करीब 38 वर्ष निवासी ग्राम नाथूपुर गदियाना ग्राम पंचायत बसलीपुर का शव गुरुवार रात घर के पास मिला। घटना की सूचना मिलते ही गोला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। इस मामले में सीओ गोला जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि देर रात बाथरूम जाते समय एक युवक पर बेसहारा पशु ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गोला पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बहन बोली- धारदार हथियार से हुई हत्या वहीं दूसरी तरफ मृतक की बहन रामदेवी पत्नी रामऔतार निवासी ग्राम पल्हनापुर ने कोतवाली गोला में तहरीर देकर हत्या की आशंका व्यक्त की है। तहरीर में बताया कि उसका मायका ग्राम नाथूपुर गदियाना में है। उसके भाई की 8 अक्टूबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बहन का आरोप है कि उसके भाई की धारदार हथियार से हत्या की गई है और इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की जा रही है। बहन ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे पशु के हमले से हुई मौत बता रहे हैं तो कुछ लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सीओ गोला जितेंद्र सिंह परिहार का कहना है कि- पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में भारत ने दुनिया के सामने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की जरूरत को प्रमुखता से रखा। न्यूयॉर्क में महासभा की पूर्ण बैठक में भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को आज की वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप ज्यादा प्रभावी, जवाबदेह और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने का समय आ गया है। भारत ने महासभा की भूमिका को और मजबूत करने, उसके कामकाज को बेहतर बनाने, अलग-अलग समितियों के बीच तालमेल बढ़ाने और सुरक्षा परिषद में लंबे समय से लंबित सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान भारत के 15 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने किया। प्रतिनिधिमंडल 3 अक्टूबर को न्यूयॉर्क पहुंचा और 11 अक्टूबर को भारत लौटेगा। इस दौरान महासभा की पूर्ण बैठक में भारत ने महासभा के कामकाज को बेहतर बनाने पर अपना पक्ष रखा। महासभा को संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच बताया अपने संबोधन में सांसद सीपी जोशी ने कहा कि भारत स्वयं को गुटनिरपेक्ष आंदोलन की ओर से दिए गए वक्तव्य के साथ जोड़ता है। उन्होंने एडहॉक वर्किंग ग्रुप के को-चेयर्स रोमानिया और सेंट किट्स एंड नेविस के स्थायी प्रतिनिधियों के काम की सराहना करते हुए नए को-चेयर्स को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा की केंद्रीय भूमिका को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महासभा संयुक्त राष्ट्र का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला, लोकतांत्रिक और सार्वभौमिक मंच है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व और सभी देशों की भागीदारी के मामले में महासभा की बराबरी कोई दूसरा अंग नहीं कर सकता। इसलिए इसकी भूमिका का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके अनुरूप काम भी होना चाहिए। तीन बड़े सुधारों का सुझाव, दोहराव खत्म करने पर जोर सीपी जोशी ने महासभा की कार्यप्रणाली में तीन बड़े सुधार सुझाए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले महासभा की कार्यसूची को ज्यादा व्यावहारिक बनाया जाए। जिन विषयों पर बार-बार चर्चा होती है या जिनका विषय एक जैसा है, उन्हें एक साथ रखा जाए। जहां जरूरत हो, कुछ विषयों पर हर साल के बजाय दो या तीन साल में चर्चा की जा सकती है, ताकि बहस ज्यादा सार्थक और केंद्रित हो। दूसरा सुझाव यह था कि महासभा की मुख्य समितियों और पूर्ण बैठकों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए, जिससे कामकाज और प्रभावी हो सके। तीसरे सुझाव में उन्होंने कहा कि मानवाधिकार परिषद पहले से ही महासभा का एक महत्वपूर्ण निकाय है, इसलिए उसके कामों की दोबारा समीक्षा या दोहराव से बचना चाहिए और पूरी व्यवस्था को ज्यादा सुव्यवस्थित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत महासभा के अध्यक्ष के कार्यालय को जरूरी मानता है और उसकी कार्यकुशलता, पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी रखेगा। महासचिव की नियुक्ति और सुरक्षा परिषद में बदलाव पर भारत का साफ पक्ष अपने संबोधन में सीपी जोशी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव का चयन ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई बड़ी चुनौतियों से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सबसे योग्य व्यक्ति का चयन होना चाहिए और दूसरे वरिष्ठ पदों की तरह इसमें भी भौगोलिक संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए। भारत इस पूरी प्रक्रिया में महासभा की ज्यादा प्रभावी भूमिका का समर्थन करता है। उन्होंने संकल्प 79/327 के तहत हुई प्रगति और यूएन-80 पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा कुशल, प्रभावी, गतिशील और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शांति एवं सुरक्षा, विकास और मानवाधिकार जैसे संयुक्त राष्ट्र के तीनों प्रमुख क्षेत्रों में बेहतर काम होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार केवल महासभा तक सीमित नहीं रह सकता। सुरक्षा परिषद में स्थायी और निर्वाचित दोनों श्रेणियों में सदस्य देशों की संख्या बढ़ाना अब जरूरी हो गया है। सुरक्षा परिषद को आज की वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि वह वर्तमान चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सके। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत महासभा की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सभी सदस्य देशों के साथ रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से काम करता रहेगा। करीब पांच दशक बाद फिर बना एक ऐतिहासिक संयोग इस प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व के साथ एक ऐतिहासिक संयोग भी जुड़ा है। 4 अक्टूबर 1977 को तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उसी दौरान उन्होंने पहली बार संयुक्त राष्ट्र के मंच से हिंदी में भारत का संबोधन देकर इतिहास बनाया था। उससे पहले भारत की ओर से सभी भाषण अंग्रेजी में दिए जाते थे। लगभग पांच दशक बाद अक्टूबर महीने में ही भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए सीपी जोशी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का पक्ष रखा।
कानपुर में रामादेवी स्थित सीएमओ कार्यालय के बाहर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। आठ मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी रामादेवी स्थित सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा- कानपुर में ट्रेलर है, असली पिक्चर लखनऊ में बाकी है। संगठन के संरक्षक डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक NHM संविदा कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनकी अहम भूमिका है। कोरोना महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने सेवाएं दी थीं। संगठन के संरक्षक डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया- सीएमओ हरिदत्त नेमि को ज्ञापन सौंपकर मांगों को शासन तक पहुंचाया गया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि तीन दिन के प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारी लखनऊ में विशाल अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और वर्तमान वेतन में वृद्धि शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (DA), EPF, HRA और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई है। अन्य मांगों में गैरजनपद स्थानांतरण नीति बहाल करना, सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देना, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करना और नियमित पदों की भर्ती में NHM संविदा कर्मियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करना शामिल है। 12 अक्टूबर से लखनऊ में आंदोलन की तैयारी संगठन के कर्मचारियों ने हाथों मेंतख्ती लेकर 10 अक्टूबर तक सीएमओ दफ़्तर के बाहर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार और मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर NDA के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों को पटना बुलाया है। आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आवास (लोक सेवक आवास) पर अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में विधान परिषद चुनाव में NDA की साझा रणनीति बनाने के साथ गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी। बैठक में चुनाव जीतने की रणनीति पर चर्चा के साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने पर भी बातचीत हो सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ पार्टी के तीन विधायकों के विरोध और सारण शिक्षक सीट से रामपुकार सिन्हा के निर्दलीय नामांकन का मुद्दा भी उठ सकता है। इन विवादों के बीच NDA नेतृत्व की कोशिश गठबंधन के भीतर समन्वय बनाने और चुनाव में नुकसान की आशंका को कम करने की होगी। बैठक में इन 4 मुद्दों पर हो सकती है चर्चा अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच क्यों बढ़ा विवाद? JDU विधायक अनंत सिंह और पटना स्नातक सीट से पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अनंत सिंह खुलकर नीरज कुमार के विरोध में उतर चुके हैं। वह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होने के बाद अनंत सिंह ने 7 अक्टूबर को उनके समर्थन में रोड शो भी किया था। यह रोड को रास्ते में कई जगहों पर समर्थकों ने अनंत सिंह का स्वागत किया। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा था, ‘आप लोग जब भी बुलाएंगे, हम हमेशा हाजिर रहेंगे।’ अनंत सिंह के इस रुख से JDU के भीतर विवाद गहरा गया है। पटना स्नातक सीट पर पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार जारी रखा। ललन सिंह ने कहा था- अनंत सिंह पार्टी के साथ हैं विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को दी गई थी। 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें हैं। उनका कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ प्रचार किया गया था, लेकिन पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने कहा था कि कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी और ताली दोनों हाथों से बजती है। ललन सिंह के मुताबिक, उन्होंने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा था। अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी। हालांकि, इसके करीब 48 घंटे बाद ही अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किया। इससे पार्टी के भीतर विवाद फिर चर्चा में आ गया। संजय झा ने ललन सिंह के कदम को पार्टी हित में बताया था ललन सिंह के बयान पर JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि ललन सिंह ने पार्टी के हित में काम किया है। उन्होंने इस मामले पर फिलहाल इतना ही कहने की बात कही थी। इससे पहले 7 सितंबर को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सुलह कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी। 2 अक्टूबर को संजय झा ने कहा था कि यह मामला ललन सिंह के देखने का है। 5 अक्टूबर को नीतीश कुमार ने ललन सिंह से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई थी। इसके बाद नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7, सर्कुलर रोड पर संजय झा, डिप्टी सीएम विजय चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी पहुंचे थे। तीनों नेताओं ने नीतीश कुमार के साथ करीब 30 मिनट तक बंद कमरे में बैठक की थी। 6 अक्टूबर को संजय झा और विजय चौधरी ने ललन सिंह के प्रयास को पार्टी हित में बताया था। 7 अक्टूबर को नीतीश कुमार के आवास पर विधान परिषद चुनाव को लेकर हुई बैठक में भी अनंत सिंह-नीरज विवाद पर चर्चा हुई थी। नीरज कुमार के समर्थन में उतरे थे निशांत कुमार अनंत सिंह के विरोध के बीच JDU के कई नेता नीरज कुमार के समर्थन में सामने आए थे। 4 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा था कि अनंत सिंह गलत कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने की अपील की थी। 5 अक्टूबर को नीरज कुमार के नामांकन में निशांत कुमार भी शामिल हुए थे। पार्टी की ओर से लगातार यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पटना स्नातक सीट पर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिलकर नीरज कुमार के समर्थन में काम करना चाहिए। अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार के लिए गोली खाई अनंत सिंह पहले भी नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और उनके लिए नौ लोगों की कुर्बानी दी है, यहां तक कि गोली भी खाई है। हालांकि, नीरज कुमार को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। अनंत सिंह का कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब नीरज कुमार ने उनके खिलाफ प्रचार किया था, लेकिन पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी में नियम हैं तो वे सभी के लिए बराबर होने चाहिए। RLM में उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ तीन विधायक एकजुट विधान परिषद चुनाव को लेकर दूसरा विवाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा में सामने आया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की इच्छा के खिलाफ पार्टी के नेता रामपुकार सिन्हा ने सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया था। पार्टी के चार में से तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के समर्थन में उतर आए थे। इन विधायकों में माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह शामिल हैं। तीनों विधायकों ने इसे पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मान और हित से जुड़ा मामला बताया था। उनका कहना था कि वे लोकतांत्रिक तरीके से रामपुकार सिन्हा को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने समर्थन देने से इनकार कर दिया। माधव आनंद ने कहा था- कार्यकर्ताओं में नाराजगी RLM विधायक माधव आनंद ने कहा था कि जब परिवार के किसी व्यक्ति को पद देने की बात आती है, तब NDA में सबकुछ ठीक नहीं रहता। वहीं, जब कार्यकर्ता को पद देने की बात आती है, तब उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की बात होने लगती है। उन्होंने कहा था कि महीनों की तैयारी के बाद किसी प्रत्याशी को पीछे हटने के लिए कहना उचित नहीं है। माधव आनंद के मुताबिक, वह विधायक दल के नेता और शून्यकाल के सभापति के रूप में राज्यभर में घूम रहे थे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यकर्ताओं को केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर अपेक्षित सम्मान और सहयोग नहीं मिल रहा था। विधायकों ने उपेंद्र कुशवाहा पर लगाए थे आरोप तीनों विधायकों ने आरोप लगाया था कि वे सर्वसम्मति से रामपुकार सिन्हा को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समर्थन देने से मना कर दिया। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं के हितों की अनदेखी बताया था। माधव आनंद ने स्पष्ट किया था कि विधान परिषद चुनाव में पार्टी का सिंबल नहीं मिलता, बल्कि पार्टी या गठबंधन किसी उम्मीदवार को समर्थन देता है। ट उनके मुताबिक, चार विधायकों वाली पार्टी में तीन विधायकों ने लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लिया था। इसलिए रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने का फैसला पार्टी का निर्णय था, न कि विधायकों की बगावत। उपेंद्र कुशवाहा ने बगावत से किया था इनकार 5 अक्टूबर को उपेंद्र कुशवाहा पटना स्नातक सीट से NDA प्रत्याशी नीरज कुमार और पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव के नामांकन में शामिल हुए थे। इस दौरान पार्टी के भीतर बगावत को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि कोई बागी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि चुनावी राजनीतिक माहौल में लोग नशे की तरह मदहोश हो जा रहे हैं और ऐसा सत्ता पक्ष तथा विपक्ष, दोनों में हो रहा है। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग बिहार विधान परिषद की 8 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर चुनाव होना है। इसके लिए मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।
देवरिया जिले के पथरदेवा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) हिमांशु प्रताप सिंह के साथ गुरुवार की रात 11 बजे मारपीट कर उन्हें जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश का आरोप लगा है। नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह का आरोप है कि कुछ लोग ईओ से कराए गए कार्यों के एवज में कमीशन मांग रहे थे। घटना के बाद शुक्रवार को दिन में 12 बजे नगर पंचायत अध्यक्षों और सभासदों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के अनुसार, घटना में ईओ चोटिल होकर बेहोश हो गए थे। पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़ा भी है। नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह के मुताबिक, आठ अक्टूबर को ईओ हिमांशु प्रताप सिंह किसी काम से देवरिया गए थे। वहां कुछ लोगों द्वारा पीछा किए जाने की जानकारी उन्होंने अध्यक्ष को दी। इसके बाद अध्यक्ष ने उन्हें पथरदेवा स्थित अपने घर आने को कहा। शिकायत के अनुसार, रात करीब 11 बजे ईओ वहां पहुंचे। रात करीब 12 बजे अध्यक्ष घर पहुंचे तो ईओ डरे-सहमे थे। इसी दौरान विकास नाम का व्यक्ति फोन कर उन्हें पथरदेवा चौराहे पर बुला रहा था। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि अध्यक्ष ईओ को लेकर चौराहे पर पहुंचे तो वहां तीन चारपहिया वाहन खड़े थे। इनमें से एक वाहन का नंबर यूपी 52 सीसी 2242 बताया गया है। आरोप है कि धीरज, करुणेश, विकास और 10 से 12 अज्ञात लोग वाहनों से उतरे और ईओ से गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने ईओ को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपित हथियारों से लैस थे और उन्होंने बंदूक लहराते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। कमलेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर तरकुलवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर लोग भागने लगे। इस दौरान निलेश शुक्ला और विवेक दुबे नाम के दो लोगों को पकड़ लिया गया। अध्यक्ष ने अपहरण के प्रयास समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में रुद्रपुर नगर पंचायत प्रतिनिधि छोटेलाल निगम, पथरदेवा के अध्यक्ष क्रांति सिंह, तरकुलवा अध्यक्ष जनार्दन कुशवाहा, हेतिमपुर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव और सभासद सुशील पांडेय, प्रताप सिंह, तेज प्रताप सिंह, अजय सिंह, बबलू सिंह, अमित गुप्ता, अफजाल अंसारी, मदन पासवान व बृजेश शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
धौलपुर के गडरपुरा में एक विधिक सेवा शिविर लगाया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर हुए इस शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव की अध्यक्षता में ग्रामीणों की समस्याएं मौके पर ही सुलझाई गईं। शिविर का मकसद गरीब और पिछड़े लोगों तक कानूनी मदद और सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना था। सचिव रेखा यादव ने बाल विवाह नहीं करने की शपथ भी दिलाई।इस दौरान पालनहार योजना के 2 लाभार्थियों को लाभ मिला। खाद्य सुरक्षा, पेंशन, दिव्यांग प्रमाण पत्र, किसान सम्मान निधि, आवासीय पट्टे, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसी कई योजनाओं का फायदा भी मौके पर दिया गया।
Bihar : खगड़िया-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनें लेट, सलौना स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी
9 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय के बखरी स्थित खगड़िया-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों के विलंब से सलौना स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी हो रही है।
पीथमपुर में सफाई कर्मचारियों ने 8 सूत्रीय मांगों पर आंदोलन जारी रखा। महाराणा प्रताप बस स्टैंड से 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला गया, जो मुख्य मार्गों से सामुदायिक भवन पहुंचा। इसमें अखिल भारतीय मजदूर संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका सोलंकी शामिल थीं। प्रदर्शन में वक्ताओं ने कोरोना महामारी में वाल्मीकि समाज के योगदान को याद दिलाया। सरकार पर जायज मांगों को नजरअंदाज करने और नेताओं पर सफाई के ढोंग आरोप लगा। वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाई गई हैं। CMO आरती गरवाल ने ज्ञापन आयुक्त को भेजने, 7 नवंबर तारीख तक वेतन, सफाई उपकरण व ड्रेस कोड लागू करने का भरोसा दिया। कर्मचारियों ने कार्यपालन मजिस्ट्रेट बाबू सिंह निनामा को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया, वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल, हेमंत हीरोले, मोनिका सोलंकी, प्रेम पाटीदार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सभी की निगाहें शाम 5 बजे होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक के फैसले पर टिकी हैं। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
फतेहाबाद जिले में रतिया क्षेत्र में नहर किनारे बड़ी मात्रा में एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयां और विभिन्न फसलों के एक्सपायरी बीज खुले में फेंके मिलने का मामला सामने आया है। मौके पर सल्फास, चूहे मारने वाली दवाइयों सहित कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाइयां पड़ी मिलीं। इतनी बड़ी मात्रा में जहरीली और एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयां मिलने से क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अज्ञात व्यक्ति पर दवाइयां फेंकने का संदेह मामले को लेकर कृषि अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक्सपायरी कृषि दवाइयां वहां फेंकी गई थीं। इस मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है और जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गड्ढा खोदकर दबाई गईं एक्सपायरी दवाइयां कृषि अधिकारी के अनुसार, आमजन और पशुओं को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसके मद्देनजर सभी एक्सपायरी दवाइयों को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया है। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी कृषि सामग्री नहर किनारे कैसे पहुंची और इसे वहां किसने फेंका, यह जांच का विषय बना हुआ है। इंसानों, पशुओं और पर्यावरण की सुरक्षा पर उठे सवाल नहर किनारे जहरीली दवाइयों को खुले में फेंकना गंभीर चिंता का विषय है। सल्फास, कीटनाशक और चूहे मारने वाली दवाइयों के संपर्क में आने से इंसानों और पशुओं को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। वहीं, इन रसायनों के मिट्टी या पानी में मिलने से पर्यावरण भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच और एक्सपायरी कृषि रसायनों के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। फिलहाल, कृषि विभाग के अनुसार मामले की जांच जारी है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान एक्सपायरी दवाइयां फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान हो पाती है या नहीं और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
कोटा के राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) हॉस्टल में जहरीले सांपों का खतरा बना हुआ है। हॉस्टल के बाथरूम में आज करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा नजर आया, जिसे देखकर स्टूडेंट डर गए और गार्ड को सूचना दी। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने कोबरा का रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। इससे पहले गुरुवार को भी हॉस्टल में एक स्टूडेंट की मौत हो गई थी। कुछ स्टूडेंट्स ने उसकी मौत सांप के काटने से होने की आशंका जताई है। टूटी खिड़कियां और दीवारों में छेद, हॉस्टल में घुस रहे सांप हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स और सफाई कर्मचारी ने बताया कि यहां पहले भी कई बार जहरीले सांप और अजगर निकल चुके हैं। हॉस्टल के पीछे जंगल है। खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं, जबकि बाथरूम की दीवारों में भी छेद हैं। ऐसे में सांपों के अलावा मॉनिटर लिजार्ड भी हॉस्टल में घुस आते हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार सांप निकलने से हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों डर के साए में रहते हैं। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे। वहां करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा मिला, जिसका सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया।
रेलवे त्योहारों के सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए 2 स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।उत्तर-पश्चिम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 04250, अयोध्या कैंट–साबरमती स्पेशल ट्रेन एक ट्रिप के लिए चलेगी। यह 9 अक्टूबर को अयोध्या कैंट से शाम 6:20 बजे चलकर अगले दिन 10 अक्टूबर को शाम 7 बजे साबरमती पहुंचेगी। यह ट्रेन लखनऊ, कानपुर, जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन और पालनपुर जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में कुल 19 डिब्बे होंगे, जिनमें थर्ड एसी, सेकंड एसी, स्लीपर और साधारण श्रेणी के कोच शामिल हैं।इसी तरह, गाड़ी संख्या 04251, साबरमती–दिल्ली स्पेशल ट्रेन 10 अक्टूबर को रात 10:55 बजे साबरमती से चलेगी। यह अगले दिन 11 अक्टूबर को शाम 5:25 बजे दिल्ली जंक्शन पहुंचेगी। यह ट्रेन मेहसाणा, पालनपुर, अजमेर, जयपुर, रेवाड़ी और गुड़गांव जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें भी 19 डिब्बे होंगे।
भोजपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोठहुला गांव स्थित चीनी भट्टा के पास बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक सवार दो लड़कों को रौंद दिया। हादसे बाइक चला रहे नाबालिग की मौत हो गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, बाइक पर पीछे बैठा नाबालिग का मौसेरा भाई घायल हो गया, जिसका इलाज सदर अस्पताल में कराया गया। उधर, घटना के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। आरा के क्षत्रिय हाई स्कूल में 9वीं का छात्र था नाबालिग जानकारी के अनुसार, मृतक नवादा थाना क्षेत्र के बंधन टोला मोहल्ला के रहने वाले संतोष गिरी का 17 साल का बेटा सन्नी कुमार है। जबकि घायल उसी थाना क्षेत्र के श्री टोला के रहने वाले स्व. मिथिलेश पासवान का 14 साल का बेटा साहिल कुमार है। दोनों रिश्ते में मौसेरे भाई लगते है।मृतक आरा शहर के क्षत्रिय उच्च विद्यालय में 9 वीं क्लास का छात्र था। इधर, घायल साहिल कुमार ने बताया कि सन्नी कुमार का गोठहुला गांव में घर बन रहा है, जिसको लेकर दोनों शुक्रवार सुबह बाइक से गोठहुला गांव चावल लाने गए थे। जैसे ही वे दोनों गोठहुला गांव स्थित चिमनी भट्ठा के पास पहुंचे। तभी विपरीत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर उन्हें रौंद दिया। हादसे में दोनों जख्मी हो गए। साहिल ने बताया कि हादसे के बाद मैंने इसकी सूचना परिजन को दी। सूचना पाकर परिजन फौरन वहां पहुंचे और हम दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले आये। जहां जांच पड़ताल के बाद सन्नी कुमार को मृत घोषित कर दिया। उधर, मामले की जानकारी के बाद पुलिस ने नाबालिग के शव का पोस्टमॉर्टम कराया। मृतक सन्नी अपने तीन भाई और एक बहन में दूसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां पूनम देवी और दो भाई करण कुमार, अर्जुन कुमार और एक बहन काजल कुमारी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। उसकी मां पूनम देवी हम परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रयागराज के रावतपुर क्षेत्र में 8 अक्टूबर (गुरुवार) की सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। अपने काम पर जा रहे एक फाइनेंस कर्मी को विपरीत दिशा (गलत दिशा) से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान खमरियासी (दम गड़ा) निवासी सुशील कुमार मौर्य के पुत्र अभिषेक कुमार मौर्य के रूप में हुई है। अभिषेक एक स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) में फाइनेंस कर्मी के पद पर कार्यरत थे। वे रोजाना की तरह 8 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे अपने काम पर निकले थे, तभी रावतपुर के पास यह हादसा हो गया। पिता ने की न्याय की मांग हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता सुशील कुमार मौर्य ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन और पुलिस से दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नवादा में गुरुवार रात समाहरणालय के पास बुंदेलखंड थाना क्षेत्र के लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने एक बच्ची से रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ विरोध जताया। आरोपित की गिरफ्तारी न होने से लोगों ने हंगामा किया। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी से रेप हुआ है, पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। न्याय मांगने पर उन्हें झूठे मुकदमे की धमकी दी जा रही है। एक महिला ने आरोपित द्वारा पुलिस मौजूदगी में गाली-गलौज का भी आरोप लगाया। थानाध्यक्ष ने रेप का केस दर्ज करने से किया इनकार बुंदेलखंड थानाध्यक्ष धर्मवीर कुमार के मुताबिक, बुधवार को दो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक महिला ने 18, दूसरे पक्ष ने 5 लोगों पर मामला दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष ने रेप का मुकदमा दर्ज होने से इनकार किया है। हंगामे के बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है।
छत्तीसगढ़ में बड़े शहरों से सटे गांवों को नगरीय निकायों में शामिल करने की तैयारी शुरू हो गई है। 16वें वित्त आयोग के तहत लागू शहरीकरण प्रीमियम घटक के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने छह सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति गठित की है।
सिरोही के पदक विजेता खिलाड़ियों का हुआ सम्मान:स्टेट कराटे चैंपियनशिप में 8 प्लेयर्स ने जीते मेडल
सिरोही जिले के खिलाड़ियों ने श्रीगंगानगर के सादुलशहर में हुई 70वीं स्टेट कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। इस चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सिरोही के खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। पृथ्वीराज ने गोल्ड मेडल जीता। सिद्धार्थ सैनी, अरमान खान, वनिला चौधरी और डॉली ने रजत पदक हासिल किए। इसके अलावा लाव्या परिहार, भविष्य राजपूत और युवराज सिंह ने कांस्य पदक जीते। इन सभी पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान करते हुए शिहान आर.एस. राजपूत ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। डॉ. कनक सिंह राजपूत, जसवंत कुमार, महेश डामोर, मुकेश कुमार सोलंकी, धनराज सिंह राजपूत, अरविंद मीणा, ज्ञान चंद, कुंदन कुमार बैरवा और चंदा मीणा ने भी शुभकामनाएं दीं।
श्रावस्ती जिले में बिजली संकट से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल रही है। इकौना, भिनगा और जमुनहा तहसील के कई गांवों में करीब 15 दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। वहीं, हालिया बारिश और तेज हवाओं से कई क्षेत्रों में फिर बिजली संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार दोपहर 12:00 लोगों ने बताया कि बिजली के अभाव में लोगों के घरेलू कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और मोबाइल नेटवर्क पर असर पड़ रहा है। उधर, बिजली विभाग ने अगले दो दिनों में सभी ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है। बीते 24 और 25 सितंबर को तेज बारिश और तूफान से जिलेभर में हजारों बिजली के पोल टूट गए थे। करीब तीन दर्जन ट्रांसफार्मर खराब हुए थे और बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद से विभागीय कर्मचारी दिन-रात मरम्मत में जुटे हैं। शहरी क्षेत्रों और अधिकांश ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति बहाल हो चुकी है, लेकिन कई गांव अब भी अंधेरे में हैं। बिजली न आने से नाराज ग्रामीणों ने बीते बृहस्पतिवार को इकौना क्षेत्र के सीताद्वार पावर हाउस पर प्रदर्शन कर जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी। महादेव जगदीश, जानकीनगर खुर्द और परसौरा समेत कई गांव प्रभावित हैं। गिलौला क्षेत्र के मनकौरा, रामपुर और हरबंशपुर तथा जमुनहा क्षेत्र के चंदनकोटिया, इटहिया और खजूरी समेत कई गांवों में भी बिजली संकट बना हुआ है। गिलौला क्षेत्र के मोहम्मदापुर गांव में बीते मंगलवार को बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ था। पोल लगाने में सहयोग कर रहे दो ग्रामीणों की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मामले में लापरवाही के आरोप में चार बिजलीकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बिजली विभाग के अनुसार, प्रभावित गांवों में आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी लगाए गए हैं। मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है। विभाग ने अगले दो दिनों में सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा है। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि उन्हें इस लंबे बिजली संकट से कब तक राहत मिलती है।
कानपुर विकास प्राधिकरण के शताब्दी नगर स्थित हिमालय भवन के बी-ब्लॉक में एक फ्लैट का फर्श अचानक धंस गया। घटना रात करीब दो बजे की है। उस समय परिवार के सदस्य कमरे में सो रहे थे। अचानक फर्श का एक हिस्सा करीब दो फीट नीचे धंसने से बेड एक तरफ झुक गया। तेज हलचल के बीच परिजन घबरा गए और आनन-फानन में फ्लैट से बाहर निकल आए। कुछ देर बाद स्थिति देखने के लिए दोबारा अंदर पहुंचे तो एक कमरे का फर्श धंसा मिला, जबकि दूसरे कमरे में भी दरारें दिखाई दीं। फर्श पर लगी टाइलें उखड़ने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। फ्लैट के आवंटी वंशवीर गुप्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। फर्श का बेस अंदर से खोखला हो गया, जिसके चलते उसका एक हिस्सा अचानक धंस गया। अब प्रभावित हिस्से को तोड़कर दोबारा बनवाने की जरूरत पड़ रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकारी विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना में फ्लैट खरीदते समय उन्होंने उम्मीद की थी कि भवन का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होगा, लेकिन कुछ ही वर्षों में इस तरह की समस्या सामने आने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। आवंटी ने मामले की जानकारी केडीए को दी। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद केडीए के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण कराया। आवंटी के मुताबिक, कर्मचारियों ने एक कमरे की मरम्मत कराने की बात कही है। हालांकि, फर्श धंसने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी है। रात में अचानक धंसा फर्श, बेड झुका तो मची अफरातफरी वंशवीर गुप्ता पेशे से अधिवक्ता है। वह अपने माता पिता के साथ हिमालय आपर्टमेंट के बी 13 ब्लाक में रहते है। वंशवीर गुप्ता ने बताया कि रात करीब दो बजे वह और परिवार के सदस्य कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक फर्श का एक हिस्सा नीचे धंस गया। इसके चलते बेड एक तरफ झुक गया। नींद में अचानक हुई इस घटना से परिजन घबरा गए। किसी अनहोनी की आशंका के चलते सभी लोग फ्लैट से बाहर निकल आए। कुछ देर बाद जब वे दोबारा अंदर पहुंचे तो कमरे के फर्श की स्थिति देखकर हैरान रह गए। आवंटी का कहना है कि फर्श का एक हिस्सा करीब दो फीट तक धंस गया है। दूसरे कमरे में भी दरारें दिखाई दीं और फर्श पर लगी टाइलें उखड़ने लगीं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते इस समस्या का पता नहीं चलता या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई हादसा हो जाता तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। घटना के बाद से परिवार को फ्लैट में रहने और मरम्मत कराने को लेकर चिंता सता रही है। आवंटी का कहना है कि केवल ऊपर से टाइलें लगवा देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए फर्श के नीचे के बेस की जांच कराकर धंसाव की वजह का पता लगाना जरूरी है। 2018 में बना था भवन, 2024 में खरीदा फ्लैट आवंटी के मुताबिक, हिमालय भवन का निर्माण वर्ष 2018 में कराया गया था। उन्होंने वर्ष 2024 में इस भवन में फ्लैट खरीदा था। यानी भवन के निर्माण के करीब छह साल बाद उन्होंने फ्लैट लिया। खरीदारी के समय उन्हें उम्मीद थी कि भवन की संरचना और निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक होगी और उन्हें जल्द ही बड़ी मरम्मत कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, फर्श धंसने और टाइलें उखड़ने की समस्या ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। आवंटी का कहना है कि फ्लैट खरीदने में उनकी जीवनभर की कमाई का बड़ा हिस्सा लगा है। अब निर्माण संबंधी खामी के चलते मरम्मत पर अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ रही है। उनका सवाल है कि यदि भवन में निर्माण के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का उचित ध्यान रखा गया था तो इतनी जल्दी फर्श धंसने जैसी समस्या कैसे सामने आ गई। आवंटी ने भवन के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, फर्श के बेस और जल निकासी की व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। छत और टंकी के पानी की निकासी का इंतजाम नहीं होने का आरोप वंशवीर गुप्ता का आरोप है कि भवन में बारिश के पानी और टंकी से फैलने वाले पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। छत से पानी नाली तक पहुंचाने का उचित इंतजाम नहीं होने के कारण पानी के रिसाव की समस्या बनी रहती है। फ्लैट के बाहर भी नाली की व्यवस्था को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। आवंटी का कहना है कि पानी के लगातार रिसाव से फर्श के नीचे की मिट्टी या बेस प्रभावित हुआ होगा। इससे धीरे-धीरे फर्श कमजोर होकर खोखला हो गया और आखिरकार उसका एक हिस्सा धंस गया। हालांकि, पानी के रिसाव और फर्श के धंसाव के बीच संबंध की अभी तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक वजह विशेषज्ञों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। आवंटी ने मांग की है कि फर्श की मरम्मत के साथ ही जल निकासी की व्यवस्था का भी निरीक्षण कराया जाए। यदि पानी के रिसाव या किसी अन्य निर्माण संबंधी खामी के कारण समस्या पैदा हुई है तो उसे जड़ से दूर किया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने। आठ साल में मरम्मत नहीं होने का दावा आवंटी के मुताबिक, वर्ष 2018 में भवन का निर्माण होने के बाद से अपार्टमेंट में व्यापक मरम्मत का कोई काम नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि भवन के रखरखाव, जल निकासी और निर्माण संबंधी कमियों की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए थी, ताकि छोटी समस्याएं गंभीर रूप न लेतीं। उनका आरोप है कि यदि फर्श के बेस या पानी के रिसाव की समस्या पहले सामने आई होती तो समय रहते मरम्मत कराकर नुकसान को रोका जा सकता था। अब फर्श धंसने के बाद उन्हें मरम्मत की चिंता के साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। आवंटी चाहते हैं कि केडीए केवल प्रभावित कमरे की मरम्मत तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे भवन की स्थिति का आकलन कराए। उनका कहना है कि एक फ्लैट में इस तरह की समस्या सामने आने के बाद अन्य फ्लैटों और भवन के साझा हिस्सों की भी जांच होनी चाहिए। केवल टाइलें बदलने से नहीं होगा समाधान फर्श धंसने की घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि समस्या की जड़ क्या है। क्या फर्श के नीचे बेस तैयार करने में कोई कमी रह गई थी, पानी के रिसाव से जमीन कमजोर हुई या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण है? इन सवालों का जवाब विस्तृत निरीक्षण और तकनीकी जांच से ही मिल सकता है। आवंटी का कहना है कि यदि केवल ऊपर की टाइलें बदलकर मरम्मत करा दी गई तो समस्या दोबारा सामने आने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए प्रभावित हिस्से को खोलकर फर्श के नीचे की स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही, भवन की जल निकासी व्यवस्था और अन्य संभावित कमजोरियों का भी आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विशेषज्ञों की टीम भेजकर तकनीकी रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में समस्या के कारणों के साथ मरम्मत के स्थायी उपाय भी बताए जाने चाहिए, ताकि परिवार को दोबारा इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य के तौर पर रखे आवंटी पक्ष का कहना है कि फर्श धंसने, टाइलें उखड़ने और मरम्मत की स्थिति से संबंधित तस्वीरें व वीडियो उनके पास मौजूद हैं। इनका इस्तेमाल समस्या की गंभीरता को अधिकारियों के सामने रखने के लिए किया जा सकता है। वंशवीर गुप्ता का कहना है कि यदि निर्माण संबंधी खामी की समय रहते पहचान कर उसका स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ऐसे में उनकी मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए भवन की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाए। हालांकि, फर्श धंसने के वास्तविक कारण और निर्माण में किसी मानक की अनदेखी होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए तकनीकी जांच और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण जरूरी होगा। जांच के साथ मुआवजे की भी मांग वंशवीर गुप्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि केडीए को यह स्पष्ट करना चाहिए कि फर्श धंसने की वजह क्या है और इस तरह की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। आवंटी ने मरम्मत में होने वाले खर्च और निर्माण संबंधी खामी से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सरकारी आवासीय योजना में फ्लैट खरीदने वाले लोगों को निर्माण की गुणवत्ता में कमी के कारण अपनी जेब से अतिरिक्त रकम खर्च करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उनकी मांग है कि तकनीकी जांच में यदि निर्माण संबंधी खामी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, मरम्मत का काम इस तरह कराया जाए कि भविष्य में फर्श धंसने या अन्य संरचनात्मक समस्या का खतरा न रहे। केडीए की कार्रवाई पर टिकी नजर शिकायत के बाद केडीए के कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने और एक कमरे की मरम्मत कराने की बात कहे जाने की जानकारी आवंटी ने दी है। हालांकि, मामले में विस्तृत तकनीकी जांच, मरम्मत की समयसीमा और मुआवजे को लेकर प्राधिकरण का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि केडीए इस मामले में केवल प्रभावित हिस्से की मरम्मत कराता है या भवन की निर्माण गुणवत्ता, फर्श के बेस और जल निकासी व्यवस्था की व्यापक जांच भी कराता है। आवंटी को उम्मीद है कि शिकायत पर ठोस कार्रवाई होगी और उन्हें मरम्मत के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। फिलहाल, इस घटना ने केडीए की आवासीय योजनाओं में निर्माण गुणवत्ता, भवनों के रखरखाव और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्श धंसने की असल वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर के भुवनपुर गांव में सुबह करीब 6 बजे एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। मायके वालों ने दहेज न मिलने पर हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय शिवानी पत्नी अभय के रूप में हुई है। उनकी शादी 8 मई 2026 को प्रेम विवाह के तौर पर हुई थी। शिवानी की मां सुषमा और पिता नर सिंह ने आरोप लगाया कि दहेज न मिलने पर उनकी बेटी को मारकर लटकाया गया। उन्होंने जेठ रजत और शिवम समेत अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। भाई पंकज ने थाने में तहरीर दी। सूचना पर थाना अध्यक्ष राजीव पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। पुलिस ने पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसीलदार शशांक सिंह और लेखपाल भी मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं में हाथापाई हुई, पुलिस ने बीच-बचाव किया।
छत्तीसगढ़ में 18 पुलिस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के एसपी और एएसपी बदले गए
छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में बड़ा फेरबदल किया है।
9 अक्टूबर को दोपहर दो बजे के बाद प्रारंभिक स्टेशन से चलकर 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन को लेकर निर्णय लिया गया है।
फतेहाबाद में त्योहारों से पहले प्रशासन ने बाजारों से अतिक्रमण हटाया है। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली को देखते हुए बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट है। आज नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने थाना रोड के मुख्य बाजार और आसपास के इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर रखा सामान जब्त कर नगर परिषद की ट्रॉली में डाला गया। खुद सामान समेटते दिखे दुकानदार मल्टीपर्पज पार्किंग के पास की गली से अवैध फड़ियां और रास्ते में रखी टेबलें भी हटाई गईं। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार खुद ही अपना सामान समेटते दिखे। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे त्योहारों के दौरान अपनी दुकानों की तय सीमा में ही सामान रखें। प्रशासन ने साफ किया कि दोबारा अतिक्रमण करने पर बिना सूचना सामान जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को दी चेतावनी वहीं अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग का अभियान बाजारों में लगातार जारी रहेगा, इसलिए दुकानों के बाहर दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास न करें, ऐसा करने पर सामान जब्त कर लिया जाएगा। अतिक्रमण के कारण जनता को भी बाजारों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Bihar : कृष्णगढ़ थाने के सरैया बाजार में शॉर्ट सर्किट से सोलर लाइट में लगी आग, मची अफरातफरी
9 अक्टूबर, शुक्रवार: भोजपुर के कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के सरैया बाजार में बिजली के पोल पर लगी सोलर लाइट में शॉर्ट सर्किट से आग लगी।
दहीखेड़ा में सट्टा खेलते 18 आरोपी गिरफ्तार:31,460 रुपए, दो कार और पांच बाइक जब्त
झालावाड़ के जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 अक्टूबर को पनवाड़ थाना क्षेत्र के दहीखेड़ा कस्बे में दबिश दी। यहां सट्टे की पर्चियों पर अंक लगाते 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31,460 रुपए की सट्टा राशि, सट्टा खेलने के उपकरण, दो कार और पांच मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जिला विशेष टीम के साथ दी दबिश पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि एडिशनल एसपी भागचंद मीणा और खानपुर डीवाईएसपी गरिमा जिंदल के निर्देश पर पनवाड़ थानाधिकारी सम्पतराज वैष्णव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम ने जिला विशेष टीम के साथ मिलकर दहीखेड़ा गांव में दबिश दी। इस दौरान सट्टे की पर्चियों पर अंक लगाते मिले 18 लोगों को पकड़ लिया गया। दहीखेड़ा से लेकर कोटा-बारा तक के आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ईरफान (36), तारीफ अंसारी (45), कन्हैयालाल (59), भूपेंद्र (26), रामकल्याण (64), चंद्रप्रकाश (40), धनराज (51), भोला बिहारी (38), कमल (40), अब्दुल सलाम (34), सिद्दीक मोहम्मद (52), धर्मराज (35), ईरशाद (36), कमलाशंकर (46), महेश कश्यप (23), बंशीलाल (75), जगदीश (59) और ब्रजराज (40) शामिल हैं। आरोपियों में दहीखेड़ा सहित खानपुर, पनवाड़, बारां और कोटा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। वहीं, एक आरोपी बिहार के चंपारण जिले का रहने वाला है। मामला दर्ज, आगे की जांच जारी पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्रकरण में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में सट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र में एक लोडर चालक का शव खेत में मिला है। हसायन कोतवाली क्षेत्र के ढडौली गांव के पास सुबह 7 बजे शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 32 वर्षीय बॉबी पुत्र कालीचरन के रूप में हुई है, जो हसायन कस्बे का रहने वाला था। बॉबी रात को ट्रैक्टर लोडर लेकर मिट्टी खनन के लिए गया था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। उसका ट्रैक्टर लोडर शव से थोड़ी दूर पड़ा था। सूचना मिलने पर उसके परिवार के लोग भी वहां पर पहुंच गए। पुलिस भी घटनास्थल पर आ गई। परिवार के लोगों ने बॉबी की हत्या का आरोप लगाया है। उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। सूचना मिलने पर इलाका पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और लोगों से पूछताछ की। आशंका जताई जा रही है कि अवैध खनन को लेकर हुए विवाद में बॉबी की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। बॉबी अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गया है। पहले भी यहां अवैध खनन की शिकायत है लगातार मिलती रही हैं।
प्रयागराज में मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं में गड़बड़ियों का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहुंच गया है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार प्रजापति के मुताबिक, उनकी शिकायत पर PMO ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। इसमें मामले में उचित कार्रवाई करने, शिकायतकर्ता को जवाब देने और कार्रवाई की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि सैदाबाद ब्लॉक की खेरूवा ग्रामसभा में तालाब की खुदाई और मनरेगा कार्यों में जमकर गड़बड़ी की गई। वो पिछले 1 साल से शिकायतें कर रहे थे, लेकिन विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे थे। अब PMO के अनुभाग अधिकारी वैभव पन्नेवाल की ओर से 15 सितंबर 2026 को मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया। पत्र का पंजीकरण नंबर PMOPG/D/2026/0171451 है। पत्र में शिकायत पर उचित कार्रवाई करने और उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को देने को कहा गया है। कार्रवाई की प्रति PMO के जन शिकायत पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि, पत्र जारी होने का अर्थ आरोपों की पुष्टि होना नहीं है। शिकायतों की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। जुलाई 2025 से शिकायत करने का दावा भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मंत्री और खेरूवा निवासी दिलीप प्रजापति का कहना है कि वह जुलाई 2025 से ग्रामसभा में गड़बड़ियों की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने तत्कालीन ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और पंचायत सचिव पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। दिलीप का आरोप है कि सैदाबाद ब्लॉक स्तर पर पहले कराई गई जांच में मौके का ठीक से निरीक्षण नहीं किया गया। उन्होंने सहायक विकास अधिकारी दयाशंकर पटेल और राकेश यादव की जांच टीमों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच में माप पुस्तिका (MB), तकनीकी मूल्यांकन, मास्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति और बैंक अभिलेखों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया। उन्होंने रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए मामले को दबाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मनरेगा में मशीन से काम कराने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तालाब खुदाई जैसे मनरेगा कार्य मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से कराए गए। फर्जी जॉब कार्ड और मजदूरों की कथित फर्जी उपस्थिति के जरिए मजदूरी निकालने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने हैंडपंप रीबोर और मरम्मत के नाम पर करीब 7.80 लाख रुपये निकालने का दावा किया है। उनका आरोप है कि संबंधित स्थानों पर हैंडपंप मौजूद नहीं हैं। स्ट्रीट लाइट, पक्की नाली और इंटरलॉकिंग के कामों में पुरानी संरचनाओं को नया दिखाकर भुगतान लेने की शिकायत भी की गई है। आवास, शौचालय और पौधरोपण में भी गड़बड़ी की शिकायत शिकायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्र लोगों को लाभ देने और गलत फोटो के जरिए जियोटैगिंग किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि कई जरूरतमंद परिवार अब भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधूरे शौचालयों को कागजों में पूरा दिखाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा मिड-डे मील और मियांवाकी पौधरोपण से जुड़े कार्यों में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। ब्लॉक से बाहर स्वतंत्र जांच कराने की मांग दिलीप प्रजापति ने मामले की जांच ब्लॉक स्तर से हटाकर किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी (BDO) की भूमिका की जांच कराने की भी मांग उठाई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि स्थलीय निरीक्षण, अभिलेखों की जांच और वीडियोग्राफी के जरिए कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता के आरोपों और PMO के पत्र से संबंधित है। कथित घोटालों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
जालंधर में नगर निगम कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और पार्षदों ने पंजाब सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में लापरवाही, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शहर में चिट्टे की बिक्री पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप लगाए। जिला प्रधान अजय सरीन हिक्की के नेतृत्व में प्रर्दशन किया गया। भाजपा नेताओं और वर्करों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और सरकार के खिलाफ रोष जताया। इसके अलावा धरने में काउंसलर बब्बल भगत और दीपक तेलू सहित कई नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शहर में साफ-सफाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की कथित खुलेआम बिक्री और युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। गम में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करवाएं भाजपा नेताओं ने नगर निगम में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने तथा नशे के अवैध कारोबार समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।
झालावाड़ के धामनिया गांव में जमीनी विवाद को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच झगड़ा हो गया। इस खूनी संघर्ष में कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे 3 लोग घायल हो गए। घायलों को झालावाड़ अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर कर दिया गया है। घायल भोजराज ने पुलिस को बताया कि रात में वे घर पर खाना खा रहे थे। तभी उसके चाचा हेमराज और चचेरे भाई भोलाराम वहां आए और उसके पिता व भाई पर हमला कर दिया। जब भोजराज बचाने पहुंचा, तो उसके साथ भी मारपीट की गई।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में विवाद का कारण जमीन का मामला बताया गया है। रायपुर पुलिस ने भोजराज के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने सवाल उठाए हैं। बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह भगवान श्री परशुराम वैदिक संस्कृत गुरुकुल के छह बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य मरीजों की कतार में लगने के बावजूद पर्चा बनवाने के लिए एक घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड पर धक्का-मुक्की और उसकी पत्नी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पूर्व सांसद ने उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखकर मामले की जांच और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कराने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। पर्चा काउंटर पर लंबी कतार का आरोप पूर्व सांसद के मुताबिक, वह छह बच्चों के साथ सामान्य मरीजों की कतार में खड़े हुए और एक रुपये का पर्चा बनवाना चाहा। उनका आरोप है कि पर्चा काउंटर पर केवल एक कर्मचारी तैनात था, जिससे लंबी कतार लग गई। महिलाओं के लिए अलग कतार में भी मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा था। पर्चा और टोकन मिलने में देरी से मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में परेशानी होने की आशंका थी। गार्ड से विवाद के बाद पहुंचे अधिकारी अनिल शुक्ला वारसी ने आरोप लगाया कि इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और गार्ड की पत्नी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विवाद बढ़ने पर वह सीढ़ियों पर बैठ गए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, चिकित्सक, अधिकारी और अकबरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पूर्व सांसद ने संबंधित गार्ड की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टरों की उपस्थिति और दवा स्टॉक पर भी सवाल पूर्व सांसद ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड देखने का प्रयास करने की बात कही। उनके अनुसार, इस संबंध में नायब तहसीलदार को भी बुलाया गया था। उन्हें बताया गया कि उपस्थिति वॉइस आधारित ऑनलाइन प्रणाली से दर्ज होती है, लेकिन आरोप है कि संबंधित रिकॉर्ड या प्रिंटआउट उपलब्ध नहीं कराया गया। दवाओं के स्टॉक और वितरण से जुड़े अभिलेख भी स्पष्ट रूप से नहीं दिखाए जाने की बात कही गई। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ चिकित्सक सरकारी ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहकर निजी प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बिना जांच किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डिप्टी सीएम को पत्र लिखकर रखीं मांगें पूर्व सांसद ने पत्र में मेडिकल कॉलेज का बिना पूर्व सूचना निरीक्षण कराने, बायोमेट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उपस्थिति रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा पिछले महीनों की उपस्थिति और वेतन भुगतान का मिलान कराने की मांग की है। उन्होंने डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर, ओपीडी रजिस्टर और मरीजों की संख्या की जांच कराने के साथ दवाओं की खरीद, वितरण और शेष स्टॉक का ऑडिट कराने का अनुरोध भी किया है। इसके अलावा पर्चा-टोकन व्यवस्था में सुधार और कथित धक्का-मुक्की की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर जांच कराने की मांग की गई है। पूर्व सांसद ने कहा कि जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित चिकित्सकों, कर्मचारियों या सुरक्षा गार्ड के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
घुलघुली सब स्टेशन में पदस्थ कर्मचारी विनय मिश्रा का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह रात में अपने दोस्तों के साथ कार्यालय में बैठे दिख रहे हैं। वीडियो में कार्यालय के अंदर शराब की बोतलें, पानी की बोतल और नमकीन के पैकेट पड़े हुए हैं। कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकलते भी नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को यह वीडियो सामने आने के बाद बिजली कंपनी ने इसे गंभीरता से लिया। बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता योगेश उइके ने जूनियर इंजीनियर को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नौकरी से हटाने का नोटिस जारी जूनियर इंजीनियर रीतेश लखेरा ने बताया कि कर्मचारी विनय मिश्रा को नौकरी से हटाने का नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नर्मदापुरम जिले में सामान्य बारिश के मुकाबले इस साल 39% कम वर्षा हुई है। अब तक करीब 33 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे का 61% है। कम बारिश से कई क्षेत्रों में धान की फसल प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। तवा डैम भी निर्धारित स्तर से 12% कम भर पाया है। किसानों की समस्या को देखते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कलेक्टर को पत्र लिखकर वर्षा और फसल की स्थिति का वैज्ञानिक सर्वे कराने और प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। गांव-गांव सर्वे कर नुकसान का आकलन करने की मांग जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। इस साल अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है, जिसका असर फसलों की पैदावार पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को शासन से तत्काल राहत और सहयोग की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि गांव-गांव जाकर खेतों की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए। प्रत्येक विकासखंड में बारिश, फसल की स्थिति और वास्तविक नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। केसला को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग जिले के आदिवासी ब्लॉक केसला में जलस्तर नीचे रहने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। कम बारिश के कारण जनपद पंचायत सदस्यों ने भी सामूहिक रूप से केसला ब्लॉक को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। इसके बाद तहसीलदार इटारसी को सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसान संघ के साथ बैठक में उठीं समस्याएं जिला प्रशासन ने कृषि उप संचालक कार्यालय में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उप संचालक रविकांत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की गई। किसान पदाधिकारियों ने कम बारिश से फसल नुकसान, फसल बीमा, खाद के लिए ई-टोकन व्यवस्था, फौती नामांतरण, नहरों की सफाई और टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने, रबी फसलों के लिए अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति जैसे मुद्दे उठाए। बैठक में जिला विपणन अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम के प्रतिनिधि, उपायुक्त सहकारिता, सिंचाई और बिजली विभाग के प्रतिनिधि तथा एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अंबाला शहर के नदी मोहल्ला में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को दुकानदार के विरोध का सामना करना पड़ा। दुकान के शेड और थड़े पर कार्रवाई के दौरान दुकानदार ने पास में बनी जर्जर इमारत का मुद्दा उठाते हुए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। दुकानदार का कहना है कि निगम अतिक्रमण हटाने के लिए तो पहुंच गया, लेकिन पास की जर्जर इमारत की हालत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आशंका जताई कि इमारत का मलबा या कोई हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर विज का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले दुकानदार को नोटिस दिया गया था और व्यक्तिगत रूप से भी समझाया गया था। जर्जर इमारत के संबंध में भी नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार बोला- मेरे शेड पर ही कार्रवाई क्यों दुकानदार बग्गा ने आरोप लगाया कि उसे शेड हटाने के लिए पहले कोई नोटिस नहीं मिला था। उसके अनुसार, उसने अपनी दुकान का छज्जा पहले ही तोड़ दिया था, लेकिन बाद में निगम की टीम ने शेड और थड़े को भी अतिक्रमण बताते हुए कार्रवाई की बात कही। दुकानदार ने सवाल उठाया कि यदि सड़क पर अन्य दुकानों के बाहर भी शेड लगे हैं, तो कार्रवाई केवल उसकी दुकान पर ही क्यों की जा रही है। दुकानदार ने पास की जर्जर इमारत की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि उसकी हालत काफी खराब है और वहां से पत्थर गिरने के कारण उसे पहले चोट भी लग चुकी है। उसने बताया कि इस संबंध में निगम को शिकायत और आवेदन भी दिया था, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। दुकानदार ने सवाल उठाया कि यदि रास्ते से गुजरते समय किसी व्यक्ति के साथ हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। बिल्डिंग इंस्पेक्टर बोले- पहले नोटिस दिया गया था नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर विज ने दुकानदार के आरोपों पर कहा कि शेड और थड़े को लेकर मामला चल रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित दुकानदार को नोटिस दिया गया था और व्यक्तिगत रूप से भी मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। उनके अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत शेड और थड़े पर कार्रवाई करना जरूरी था। जर्जर इमारत को लेकर अंबाला नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने कहा कि निगम हादसे का इंतजार नहीं कर रहा है। संबंधित इमारत के संबंध में भी नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यूपी कैबिनेट की बैठक हुई। इसके बाद योगी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने नोएडा एयरपोर्ट का नाम बदलने का ऐलान किया। योगी ने कहा- अब जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर होगा। सीएम ने बताया- पीएम मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। पीएम मोदी और यूपी का रिश्ता आत्मीय है, जो लगातार गहरा हुआ। उन्होंने यूपी के विकास को प्राथमिकता दी। इसके चलते प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। पीएम ने राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया और भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। पीएम मोदी ने 28 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन किया था। 4 फेज पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। एयरपोर्ट के पहले फेज में 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए गए हैं। यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे। इस पर करीब 11 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मैदान आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए जिस मैदान का किराया 14 लाख रुपए से अधिक लिया गया, उसी प्राधिकरण ने विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध करा दी। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि भाजपा के आयोजन के लिए क्या कोई शर्त या शुल्क तय किया गया था। इन मुद्दों को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर IDA कार्यालय पहुंचकर सीईओ का घेराव करेंगे। कांग्रेस की मांग है कि दोनों आयोजनों के लिए जमीन आवंटन की अनुमति, किराए की राशि और लागू शर्तों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जमीन के आवंटन में सभी आयोजनों के लिए नियम समान होने चाहिए और शुल्क निर्धारण का आधार भी स्पष्ट होना चाहिए। 40 दिन के पटाखा बाजार का किराया भी सवालों में विवाद सिर्फ राजनीतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है। पिपल्याराव स्थित रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान पर थोक पटाखा बाजार के लिए 41 अस्थायी दुकानें बनाई जा रही हैं। यहां जनरेटर रूम, लाइट टावर और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक दुकानों का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन IDA ने अब तक किराए की अंतिम राशि तय नहीं की है और आधिकारिक डिमांड नोट भी जारी नहीं किया है। इस बीच बाजार के लिए 5 से 7 लाख रुपए किराया होने की चर्चा है। पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने फिलहाल प्रत्येक दुकान लगाने वाले व्यापारी से एक-एक लाख रुपए जुटाने को कहा है। इसमें दुकान निर्माण, मैदान का किराया, बिजली, सुरक्षा और अन्य खर्च शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि 3-4 दिन के आयोजन के लिए 14 लाख रुपए से अधिक शुल्क लिया गया, तो करीब 40 दिन चलने वाले व्यावसायिक बाजार के लिए किराया किस आधार पर तय होगा। भाजपा के आयोजन में कौन-सी शर्तें लागू हुईं? कांग्रेस ने विजय नगर में 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए भाजपा के कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराई गई जमीन का हिसाब भी मांगा है। पार्टी जानना चाहती है कि इस आयोजन के लिए IDA ने कितनी राशि ली, क्या कोई शुल्क माफ किया गया और मैदान के उपयोग को लेकर आयोजकों पर कौन-सी शर्तें लागू थीं। कांग्रेस ने पिछले साल और इस साल के पटाखा बाजार के आवंटन, शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने आशंका जताई है कि शुल्क निर्धारण में अंतर या प्रक्रिया में अनियमितता होने से शासन को राजस्व का नुकसान हो सकता है। हालांकि, भाजपा के कार्यक्रम को जमीन मुफ्त दिए जाने और आवंटन में नियमों की अनदेखी होने के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। कांग्रेस का कहना है कि IDA को सभी आयोजनों के लिए आवंटन की शर्तें और शुल्क सार्वजनिक करने चाहिए। अब प्राधिकरण के जवाब से स्पष्ट होगा कि अलग-अलग आयोजनों के लिए किराया और नियम किस आधार पर तय किए गए।
महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी अदालत में पेश हुए। दिल्ली पुलिस ने मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर की ओर से भी शुक्रवार को जवाब दाखिल नहीं किया गया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है। दिल्ली पुलिस को अधिकारियों से चर्चा के बाद देना होगा जवाब सुनवाई के दौरान एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट के जज दिग्विनय सिंह ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि वह इस मामले में दायर अपील पर अपना पक्ष रखना चाहती है या नहीं। इस पर पुलिस की ओर से कहा गया कि जवाब दाखिल करने से पहले संबंधित अधिकारियों के साथ आंतरिक स्तर पर चर्चा करना जरूरी है। इसके लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा गया, जिसे मंजूर कर लिया गया। दिल्ली पुलिस को अब 28 अक्टूबर से पहले अपना जवाब दाखिल करना होगा। बृजभूषण के वकील बोले- नोटिस का जवाब दिया जाएगा बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता ऋषभ भाटी ने बताया कि अदालत के नोटिस के जवाब में उनका पक्ष रखा जाएगा। शुक्रवार को उनकी ओर से लिखित जवाब दाखिल नहीं किया गया। अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को भी अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। निचली अदालत की पूरी कार्यवाही की डिजिटल कॉपी देने के निर्देश अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत में शुरू से लेकर फैसले तक हुई पूरी कार्यवाही की डिजिटल कॉपी तैयार करने के निर्देश दिए। यह कॉपी पेन ड्राइव में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मामले से जुड़े सभी पक्षों को रिकॉर्ड मिल सके। इसमें महिला पहलवानों, बृजभूषण शरण सिंह, विनोद तोमर और दिल्ली पुलिस को डिजिटल कॉपी दी जाएगी। 28 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी। इसके बाद अपील पर बहस शुरू होने की तारीख निर्धारित की जाएगी। 3 अगस्त को निचली अदालत ने सुनाया था बरी करने का फैसला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। महिला पहलवानों ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी है। अपील में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया और कुछ तथ्यों को चुनिंदा ढंग से देखा। याचिका में फैसले को अनुमान और अटकलों पर आधारित बताते हुए उसकी कानूनी वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। अपील में यह भी कहा गया है कि निचली अदालत ने यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के व्यवहार को लेकर रूढ़िवादी धारणाओं का सहारा लिया। पहलवानों का पक्ष है कि शिकायतकर्ताओं के लंबे समय तक चुप रहने या आरोपियों के साथ सामान्य संबंध बनाए रखने जैसे पहलुओं के आधार पर आरोपों को खारिज करना उचित नहीं था। उन्होंने निचली अदालत के फैसले की समीक्षा कर उसे रद्द करने की मांग की है। इन धाराओं में दाखिल हुई थी चार्जशीट दिल्ली पुलिस ने मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A, 354D और 506(1) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। ये धाराएं क्रमशः महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग, यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी से संबंधित हैं। विनोद तोमर के खिलाफ इन धाराओं के अलावा IPC की धारा 109 के तहत भी आरोप लगाए गए थे, जो अपराध के लिए उकसाने या सहायता करने से संबंधित है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कथित घटनाएं 2016 से 2019 के बीच भारतीय कुश्ती संघ के कार्यालय, बृजभूषण के आधिकारिक आवास और विदेशों में हुई थीं। हालांकि, एक नाबालिग महिला पहलवान की ओर से दर्ज कराए गए अलग POCSO मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। निचली अदालत ने फैसले में इन बातों का किया था उल्लेख बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी करते समय निचली अदालत ने शिकायतकर्ताओं के बयानों में विरोधाभास, लंबे समय तक शिकायत नहीं करने और आरोपियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने जैसे पहलुओं पर विचार किया था। अदालत ने कहा था कि इन परिस्थितियों से अभियोजन पक्ष के दावों पर संदेह पैदा होता है। फैसले में उन तस्वीरों का भी उल्लेख किया गया था, जिनमें बृजभूषण शरण सिंह को पहलवानों के पारिवारिक कार्यक्रमों और शादियों में आमंत्रित किए जाने की बात सामने आई थी। अदालत ने माना था कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर रहते हुए बृजभूषण के प्रभाव के कारण महिला पहलवानों को अपना करियर प्रभावित होने का डर हो सकता था। हालांकि, अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि यदि ऐसा था तो पहलवानों के उनके साथ लंबे समय तक अच्छे संबंध क्यों बने रहे। इन परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने माना था कि पुलिस आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रही। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह को IPC की धारा 354, 354A और 506(1) के तहत बरी कर दिया गया था। विनोद तोमर को भी मामले में बरी कर दिया गया था।
बलरामपुर- भारत-नेपाल सीमा से सटे सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग की ओर से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। 2 से 8 अक्टूबर तक आयोजित वन्यजीव सप्ताह के तहत जंगल से सटे करीब 120 गांवों में लोगों को वन्यजीवों की सुरक्षा, प्राकृतिक आवास के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन के बाद वन विभाग ने आगामी सर्दियों के मौसम को देखते हुए स्थानीय लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। वन विभाग की ओर से स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों के सहयोग से लोगों तक वन्यजीव संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। इस दौरान चित्रकला प्रतियोगिताओं, पर्चों और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से वन्यजीवों के महत्व और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार की जानकारी दी गई। जंगल का भ्रमण कराया गया जरवा इको टूरिज्म स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 100 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों को वन्यजीवों के महत्व की जानकारी देने के साथ जंगल का भ्रमण कराया गया। उन्हें जंगली जानवरों से बचाव, वन क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानियों और वन्यजीवों के दिखाई देने पर अपनाए जाने वाले व्यवहार के बारे में भी बताया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके संरक्षण से पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। जंगलों और जैव विविधता की सुरक्षा के साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। वन्यजीव दिखाई देने पर उनके नजदीक जाने, उन्हें परेशान करने या उकसाने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई। वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी गौरव गर्ग ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य लोगों को वन्यजीवों की उपयोगिता, जंगलों में उनकी मौजूदगी और मानव जीवन में उनके महत्व के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सोहेलवा वन क्षेत्र में कई प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने के साथ अपनी सुरक्षा को लेकर भी जागरूक रहना चाहिए।
चौमूं के ग्राम महारकलां में गुरुवार देर रात पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में एक सांड गिर गया। इस घटना से निर्माण कार्यों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। वाहन चालक मोहनलाल कपूरिया ने सांड के गड्ढे में गिरने की सूचना सामोद गौ रक्षक दल को दी। सूचना मिलते ही गौ रक्षक दल के अध्यक्ष गिरिराज कुम्हार, गिरिराज प्रजापत, कैलाश सैनी और राहुल राणा मौके पर पहुंचे और सांड को बाहर निकाला। यह घटना खुले गड्ढों से राहगीरों और पशुओं को होने वाले खतरे को उजागर करती है। निर्माण कार्य करवाने वाले विभाग और ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि वे कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत जैसे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करें। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
धौलपुर जिले के कंचनपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जपावली में गुरुवार रात एक रात्रि चौपाल रखी गई। यह चौपाल पंचायत चुनाव को देखते हुए आयोजित की गई। इसमें सभी समाज के नागरिक, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं, पुरुष, मतदाता और संभावित प्रत्याशी शामिल हुए। चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव करवाने को लेकर बात की। थानाधिकारी और जपावली चौकी प्रभारी एएसआई गजन सिंह ने ग्रामीणों से आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपीलउन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी दबाव, लालच या विवाद से दूर रहें। साथ ही, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस अधिकारियों ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी डर या दबाव के वोट डालें। पुलिस प्रशासन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने पुलिसिंग में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में दो थानेदारों को लाइन हाजिर कर दिया है। भरगामा और घूरना थाने के इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। भरगामा थाना क्षेत्र में 500 मीटर दूर अवैध पटाखा निर्माण और सप्लाई का कारोबार चल रहा था। हाल ही में हुए एक विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई। जांच में थानाध्यक्ष राजेश कुमार की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद एसपी ने कार्रवाई की। आपत्तिजनक भाषा का किया इस्तेमाल वहीं, घूरना थानेदार पर अनुशासनहीनता का आरोप है। एक वायरल ऑडियो में उन पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की बात सामने आई है। जांच पूरी होने तक उन्हें पुलिस केंद्र भेजा गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने साफ किया कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोनों थानों में जल्द नए थानेदार तैनात किए जाएंगे।
CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा- 57 मेट्रो स्टेशन के गेट रहेंगे बंद
दिल्ली पुलिस की ज्वॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने बताया कि CJP के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था। प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही का मुद्दा उठाना था।
मेरठ में शुक्रवार सुबह 4 बजे से रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती की दौड़ शुरू हुई। पांचवें और आखिरी दिन दोपहर करीब 12 बजे तक चली प्रक्रिया के दौरान 13 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें 3 के पैर में फ्रैक्चर हुआ, जबकि 1 अभ्यर्थी को गंभीर हालत में ICU में भर्ती कराया गया। अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार एंबुलेंस को भर्ती केंद्र से निकलते देख बाहर इंतजार कर रहे परिजन परेशान हो गए। प्रभावित अभ्यर्थियों में कुछ ने अस्पताल जाने से मना भी कर दिया। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। भर्ती के आखिरी दिन शुक्रवार को दौड़ के लिए 903 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें 36 अनुपस्थित रहे, जबकि 867 ने दौड़ में हिस्सा लिया। इनमें से 744 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए और 123 निर्धारित मानक पूरा नहीं कर सके। 25 मिनट में 4.8 किलोमीटर दौड़ने की चुनौती कॉन्स्टेबल भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थियों को 25 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होती है। महिला अभ्यर्थियों के लिए 14 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दूरी तय करने का मानक है। निर्धारित समय में दौड़ पूरी करने के दबाव के बीच अभ्यर्थियों को अपनी गति बनाए रखनी होती है। एंबुलेंस पहुंचीं तो परिजन हुए परेशान भर्ती केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान मैदान में दौड़ रहे अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। अचानक कई एंबुलेंस को निकलते देख बाहर खड़े परिजन अपने बच्चों की स्थिति जानने के लिए चिंतित हो गए। स्टेरॉयड के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं दौड़ में प्रदर्शन बेहतर करने के लिए कुछ अभ्यर्थियों द्वारा स्टेरॉयड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। हालांकि, शुक्रवार को प्रभावित हुए 13 अभ्यर्थियों में से किसी ने स्टेरॉयड लिया था या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तबीयत बिगड़ने को स्टेरॉयड से जोड़ने वाली कोई चिकित्सकीय रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है। अभ्यर्थियों के नाम अस्पताल भेजे गए अस्पताल पहुंचाए गए अभ्यर्थियों में ध्रुव तोमर, आफताब अली और वंश निवासी बागपत; विशु राठी निवासी मुरादनगर, गाजियाबाद; सूरज कुमार निवासी शामली; विशाल सेन निवासी सहारनपुर; राहुल कुमार और सोहेल निवासी नोएडा; राजकुमार निवासी बलेनी, मेरठ; अरुण निवासी बुढ़ाना; तुषार निवासी गाजियाबाद और राहुल निवासी नोएडा के नाम बताए गए हैं। तबीयत बिगड़ने की वजह स्पष्ट नहीं भर्ती में शारीरिक दक्षता का परीक्षण जरूरी है, लेकिन इसके साथ अभ्यर्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी अहम है। एक ही दिन में कई अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने और तीन के पैर में फ्रैक्चर होने के बाद घटना के कारणों का पता लगाना जरूरी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के पीछे क्या वजह रही।
हम अपने परिवारों से दूर कमाने के लिए गए थे। हमने एजेंट पर भरोसा किया, परिवार से रुपए लिए। किसी ने ब्याज पर 50 हजार तक कर्ज लिया। अब दुबई पहुंचने के बाद हमें लग रहा है कि रोजगार के नाम पर हमारे साथ धोखा हुआ है। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही सपने टूट गए। काम के नाम दूसरी सप्लाई कंपनी के हवाले कर दिया गया। हमारे पोसपोर्ट ले लिए। सुबह 4 बजे ही उठा देते हैं। 16 घंटे तक काम करवाते हैं। भारत वापस भेजने के लिए एक व्यक्ति से 80 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। कंपनी कमरों से बाहर निकाल दिया। रहने-खाने की व्यवस्था नहीं है। ‘हमने क्या बुरा किया था कि हमें ऐसी कंपनी में भेज दिया?’ अगर हमारे साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए एजेंट और संबंधित कंपनी जिम्मेदार होंगे। ये कहना है दुबई में फंसे शेखावाटी के युवाओं का… एक वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा बताई है। एक युवक रोते हुए बोला… मेरे से नहीं हो रहा है। चक्कर आते हैं। 50 मंजिल चढ़ना-उतरना पड़ता है। पढ़िए … दुबई में फंसे लोगों का दर्द एजेंट को 50 हजार दिए, दुबई पहुंचते ही पासपोर्ट भी चला गया झुंझुनूं के डाबड़ी धीरसिंह निवासी मेहबूब अली टाइल मेसन हैं। मेहबूब का कहना है कि मैंने झुंझुनूं के एजेंट सुरेश कुमार को 50 हजार रुपए दिए थे। एजेंट ने मुझे दुबई की MBM कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। मेरा इंटरव्यू भी इसी कंपनी के लिए हुआ और वीजा भी इसी कंपनी का दिया गया। मेहबूब ने बताया- दुबई पहुंचने के बाद मुझे MBM के बजाय ABC कंपनी में ड्यूटी पर लगा दिया गया। यह सप्लाई कंपनी है। मुझे भारत में जिस कंपनी और काम के बारे में बताया गया था, यहां वैसा नहीं मिला। दुबई पहुंचते ही मेरा पासपोर्ट भी ले लिया गया। अब मेरे पास अपनी पहचान का कोई दस्तावेज नहीं है। मुझे बताया जा रहा है कि दो महीने बाद सैलरी मिलेगी। ऐसे में दो महीने तक खाने का इंतजाम कैसे करूं? परिवार से पैसे मांगकर आखिर कितने दिन गुजारा करूंगा? मेहबूब का कहना है - भारत वापस आने की बात करने पर मुझसे करीब 3 हजार दिरहम (80 हजार रुपए) मांगे जा रहे हैं। मैंने पहले ही दुबई आने में 50 हजार रुपए खर्च कर दिए हैं। ऐसे में मेरे लिए वापस आना भी मुश्किल हो गया है। एजेंट बोला- मेरा काम आपको दुबई भेजना था, अब मुझे कुछ पता नहीं झुंझुनूं निवासी मोहम्मद शोहेब अली भी इसी परेशानी में फंसे हैं। शोहेब का कहना है कि मैंने भी एजेंट सुरेश को 50 हजार रुपए देकर दुबई जाने का इंतजाम किया था। मुझे भारत में एक कंपनी और नौकरी के बारे में बताया गया था, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद वह कंपनी ही नहीं मिली। शोहेब बताते हैं कि यहां न तो बताई गई कंपनी है और न ही काम मिल रहा है। जब मैंने एजेंट से बात की तो उसने कहा- मेरा काम आपको दुबई भेजना था। अब मुझे कुछ पता नहीं कि वहां क्या हो रहा है। शोहेब का कहना है कि मेरे पास खाने तक के पैसे नहीं हैं। जिस कंपनी के हवाले हमें किया गया है, वहां भी हमारी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। वीडियो जारी कर बताई पीड़ा … सुबह 4 बजे उठते हैं, रात 8-9 बजे तक काम दुबई में फंसे युवाओं ने एक वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई है। उनका कहना है कि एजेंट ने भारत में करीब 8 घंटे की ड्यूटी करने की बात कही थी, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद हालात अलग निकले। हमें सुबह करीब 4 बजे उठना पड़ता है। सुबह 5 से 5:30 बजे तक काम के लिए निकल जाते हैं और रात 8-9 बजे तक काम करते हैं। यानी हमें तय ड्यूटी से कई घंटे ज्यादा काम करना पड़ रहा है। सैलेरी कब मिलेगा, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। हमें दो महीने बाद सैलरी देने की बात कही जा रही है। रहने की ठीक व्यवस्था नहीं, खाने के पैसे भी नहीं युवाओं का कहना है कि हमारे रहने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। खाने की समस्या अलग है। हमारे पास रोजमर्रा का खाना खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं। ऐसे में बिना वेतन के दो महीने गुजारा करना बेहद मुश्किल है। युवाओं के मुताबिक, जब हम अपने पासपोर्ट वापस मांगते हैं तो हमसे पैसे मांगे जाते हैं। वहीं, कमरों से बाहर निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
9 अक्टूबर, शुक्रवार: पटना में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध और SIR मुद्दे पर बयान दिया।
लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक युवक सई नदी में कूद गया। लतीफ नगर गांव की ग्राम प्रधान मालती शुक्ला का 22 साल का बेटा आश्रय शुक्ला उर्फ कल्लू सुबह करीब 9 बजे घर से 200 मीटर दूर पुल पर पहुंचा और नदी में छलांग लगा दी। उसे मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। नदी के तेज बहाव में वह बह गया। उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। आश्रय के नदी में कूदने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने परिवार और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। आसपास के गांवों से गोताखोर भी बुलाए गए हैं, जो नदी में आश्रय की तलाश कर रहे हैं। सरोजनीनगर के तहसीलदार जेपी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बात की और तलाश की जानकारी ली। आश्रय के पिता अजय शुक्ला की गांव में शुक्ला हार्डवेयर के नाम से दुकान है। परिवार में उसकी मां स्नेहलता और बड़ा भाई तरुण भी हैं। घटनास्थल की तस्वीरें देखिए…
आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के चंदाभारी गांव के सिवान में शुक्रवार को नदी किनारे जंगल में ईंट-भट्ठे के पास एक पेड़ से लटकता हुआ अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से डेड बॉडी को नीचे उतरवाया और पहचान के प्रयास किया जा रहे हैं। हालांकि अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। ईंट भट्ठे के पास पेड़ लटकी थी डेड बॉडीआजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के चंदाभारी गांव के सिवान में नदी किनारे जंगल की ओर स्थित ईंट-भट्ठे के पास लोगों ने पेड़ से लटकता हुआ एक व्यक्ति का शव देखा। इसके बाद ग्राम प्रधान ने घटना की सूचना निजामाबाद थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की।पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लिया। मृतक ने हाफ पैंट और टी-शर्ट पहन रखी थी। शव काफी सड़ जाने के कारण उसकी तत्काल पहचान नहीं हो सकी। इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक व्यक्ति हाफ शर्ट और पैंट पहना हुआ है।
सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुए के बाद अब चीते भी पहुंच गए हैं। 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुहली रेंज में बनाए गए सॉफ्ट रिलीज बोमा में दो चीतों को छोड़ा। इसके बाद टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में वन विभाग ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान शुरू किया है। गांवों से युवक-युवतियों का चयन कर उन्हें ‘चीता मित्र’ और ‘बाघिन दीदी’ बनाया गया है। इन्हें वन्यजीवों के व्यवहार और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े उपायों की ट्रेनिंग दी जा रही है। ग्रामीणों के डर को दूर करने गांव-गांव पहुंच रहे चीता मित्र चीता मित्र धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि चयन के बाद वन विभाग ने उन्हें ट्रेनिंग दी। इसमें बाघ, तेंदुआ, चीता समेत अन्य वन्यजीवों के व्यवहार की जानकारी दी गई। अब वे गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को वन्यजीवों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि चीता सामान्य तौर पर इंसानों के लिए खतरा नहीं माना जाता। यदि कोई चीता जंगल से निकलकर आबादी की ओर आ जाए तो उसके पास जाने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें। ग्रामीणों में चीते को लेकर डर है, इसलिए उन्हें सुरक्षित तरीके और वन्यजीवों के व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। चीता मित्र और बाघिन दीदी को दी जा रही ट्रेनिंग टाइगर रिजर्व के वनकर्मी मो. जाहिद खान ने बताया कि आसपास के गांवों से युवक और युवतियों का चयन चीता मित्र और बाघिन दीदी के लिए किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी उन्हें लगातार ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसमें वन्यजीवों के व्यवहार, लोगों को जागरूक करने और वन्यजीव आबादी में आने पर स्थिति संभालने की जानकारी दी जा रही है। चीता मित्र गांवों में पहुंचकर लोगों को बताते हैं कि जंगल से कोई वन्यजीव गांव की ओर आए तो घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग को सूचना दें। ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच सेतु का काम चीता मित्र वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। वे लोगों को चीते समेत दूसरे वन्यजीवों के बारे में जानकारी देकर डर कम करने का प्रयास कर रहे हैं। किसी वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में पहुंचने पर वन विभाग को सूचना देने और भीड़ को नियंत्रित रखने में भी मदद करते हैं। वहीं, ‘बाघिन दीदी’ के रूप में चयनित महिलाएं खासकर महिलाओं और बच्चों को बाघ, तेंदुए और चीते के व्यवहार के बारे में जानकारी दे रही हैं। उन्हें वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, जंगल की सुरक्षा और वन विभाग के साथ मिलकर काम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बाघ-तेंदुए के बाद अब चीते का नया ठिकाना वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों की एंट्री के साथ मध्यप्रदेश में यह चीतों का तीसरा ठिकाना बन गया है। इससे पहले कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में चीते हैं। टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूलन और निगरानी के लिए मुहली रेंज में करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
सिरसा जिले के डबवाली में भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने खाद वितरण में गड़बड़ी बताई। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने किसानों को समय पर खाद (डीएपी और यूरिया) देने के लिए 60% कोटा को-ऑपरेटिव और 40% प्राइवेट सेक्टर के लिए तय किया था। मकसद था कि दूर-दराज के किसानों को पैक्स और उनके बिक्री केंद्रों से आसानी से खाद मिले। सिरसा जिले में 38 पैक्स और उनके अधीन 201 बिक्री केंद्र हैं, जो पूरे जिले के गांवों को कवर करते हैं। इसके बावजूद, गांवों की पैक्स को खाद का सही बंटवारा नहीं मिल रहा। औलख ने बताया कि जब उन्होंने हैफेड के डीएम राजेश हुडा से बात की, तो उन्होंने जिम्मेदारी से बचते हुए कहा कि पैक्स मांग नहीं भेजते। फिर को-ऑपरेटिव बैंक के जीएम ऋषि पाल से मिलने पर भी कोई सही जवाब नहीं मिला। अधिकारियों का एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालना दिखाता है कि प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान हैं। खाद की बंदरबांट और रसूखदारों का कब्जा औलख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा एफपीओ, प्राइवेट मल्टीपरपज कोआॅपरेटिव सोसाइटी और अन्य नई सोसाइटियां बनवाई गई हैं। इन सोसाइटियों के संचालन में कई पुराने खाद कारोबारी, बड़े पूंजीपति और प्रशासनिक व राजनीतिक रसूख वाले लोग शामिल हो चुके हैं। हैफेड, इफको और कृभको द्वारा आने वाले हर रैक में से पैक्स और किसानों के बिक्री केंद्रों को उचित आवंटन देने के बजाय, इन नई बनी प्राइवेट कोऑपरेटिव सोसाइटियों को हजारों की संख्या में कट्टे सीधे सप्लाई किए जा रहे हैं। सिरसा ही नहीं, पड़ोसी जिले फतेहाबाद में भी खाद की इसी तरह खुलेआम बंदरबांट जारी है। सरकार और कृषि महानिदेशक को भेजी शिकायत औलख ने बताया कि इस पूरे प्रकरण और खाद वितरण खेल की विस्तृत जानकारी एक शिकायत पत्र के माध्यम से हरियाणा सरकार तथा कृषि महानिदेशक को भेज दी गई है। शिकायत में उन विशिष्ट लोगों व सोसाइटियों के नाम भी उजागर किए गए हैं, जिन्हें हर रैक में से नियम दरकिनार कर हजारों खाद के कट्टे दिए जा रहे हैं। संघर्ष की दी चेतावनी लखविंद्र सिंह औलख ने स्पष्ट किया कि अब गेंद कृषि विभाग और राज्य सरकार के पाले में है। यदि विभाग इस पूरे खेल पर तुरंत अंकुश नहीं लगाता और गांवों की पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को खाद का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित नहीं करता, तो किसानों के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
देवास की अमृतवार कॉलोनी में सीवरेज की समस्या से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। लंबे समय से सीवरेज चेंबर चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई पक्का समाधान न होने से नाराज रहवासियों ने गंदे पानी में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और सीएम हेल्पलाइन पर बताने के बाद भी उनकी समस्या वैसी ही बनी हुई है। सड़क पर गंदा पानी फैलने से गंदगी और बदबू है, जिससे बीमारियों का डर भी सता रहा है। रहवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला। नगर निगम से फोन भी आया था, पर सीवरेज का गंदा पानी बहना बंद नहीं हुआ। लोगों का सवाल है कि शिकायत के बाद भी समस्या का हल क्यों नहीं हो रहा। चेंबरों की सफाई नहीं होने से बिगड़े हालातरहवासी सुरेंद्र राव ने बताया कि कॉलोनी में लंबे समय से सीवरेज की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार इसका स्थायी समाधान नहीं कर पाए हैं। नगर निगम की ओर से फोन जरूर आया था, लेकिन समस्या का निराकरण अब तक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि अधिकांश सीवरेज चेंबर चोक हो चुके हैं और उनकी सफाई की आवश्यकता है। रहवासियों की मांग है कि नगर निगम तत्काल सीवरेज चेंबरों की सफाई कराए और सड़क पर बह रहे गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान करे।
Bihar : जदयू बैठक, MLC चुनाव और तेजस्वी यादव के मार्च पर बोले जदयू नेता जमा खान
9 अक्टूबर, शुक्रवार: पटना में जदयू नेता जमा खान ने जदयू बैठक, एमएलसी चुनाव और तेजस्वी यादव के मार्च व दिल्ली दौरे पर बयान दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह बना रही हैं। इसकी मिसाल देसही देवरिया ब्लॉक के शामपुर टीला टाली गांव की वंदना मिश्रा हैं। अम्बे महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष वंदना ने समूह से मिले 50 हजार रुपये के ऋण से सिलाई का व्यवसाय शुरू किया। इस धनराशि से उन्होंने सिलाई मशीन, कच्चा माल और जरूरी सामान खरीदा। वंदना ‘संगीता पूर्वांचल सिलाई घर’ के माध्यम से कपड़े से बने विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करती हैं। उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ दूसरी महिलाओं को भी सिलाई का प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। अब तक करीब 350 महिलाओं को सिलाई और व्यवसाय संबंधी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें 67 महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया है। वहीं, वंदना के व्यवसाय से 21 महिलाओं की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी है। वंदना का प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मिसाल बन रहा है।
महराजगंज में बाइक चोरी की कोशिश करते पकड़ा गया चोर:व्यापारियों ने पुलिस को सौंपा, अज्ञात पर केस दर्ज
महराजगंज के सिंदूरिया चौराहे पर गुरुवार की शाम बाइक का लॉक खोलने का प्रयास कर रहे एक संदिग्ध को व्यापारियों ने रंगेहाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिस संदिग्ध को व्यापारियों ने खुद पकड़कर पुलिस को सौंपा, अब उसी मामले में सिंदूरिया पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। बाइक स्वामी से तहरीर लेकर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और अब गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है। चौराहे पर संदिग्ध को पकड़ने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना गुरुवार की शाम की है। सिंदूरिया चौराहे पर एक दुकानदार की बाइक खड़ी थी। इसी दौरान एक व्यक्ति चाभी लगाकर बाइक का लॉक खोलने का प्रयास करने लगा। उसकी गतिविधियों पर व्यापारियों की नजर पड़ी तो उन्होंने उसे पकड़ लिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। व्यापारियों ने संदिग्ध को पुलिस के हवाले कर दिया। इस तरह बाइक चोरी के कथित प्रयास में संदिग्ध को पकड़ने की पहली कार्रवाई व्यापारियों की ओर से की गई। इसके बाद पुलिस ने बाइक स्वामी को थाने बुलाया और उससे तहरीर लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है। हालांकि, घटनास्थल पर संदिग्ध को पकड़कर पुलिस को सौंपे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। इस पूरे घटनाक्रम में व्यापारियों की सक्रियता अहम रही, जिन्होंने संदिग्ध को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
राजधानी दिल्ली में 10 अक्तूबरको कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और जाम की आशंका को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों को निरस्त करने का फैसला लिया है।
ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजनों ने उपचार पर सवाल उठाए। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू की।
डूंगरपुर में पंचायतीराज चुनावों को लेकर पहले चरण के लिए 7 पंचायत समितियों में नामांकन के पहले दिन गुरुवार को एक भी नामांकन जमा नहीं हुआ। दिनभर निर्वाचन अधिकारी और कर्मचारी प्रत्याशियों के आवेदन के लिए आने का इंतजार करते रहे। हालांकि कई रिटायर्ड कर्मचारी, संगठनों के पदाधिकारी या प्रत्याशी आवेदन लेकर गए है। इधर भाजपा, कांग्रेस या बीएपी की ओर से अब तक किसी भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। पहले चरण के लिए 13 अक्टूबर तक आवेदन जमा होंगे।सरकारी छुट्टियों को छोड़कर 13 अक्टूबर तक सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास नामांकन जमा होंगे। पंचायतीराज चुनावों को लेकर डूंगरपुर जिला परिषद के 37 वार्ड और 14 पंचायत समितियों में 234 में चुनाव होने है। इसके अलावा 442 ग्राम पंचायतों में सरपंच, वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। 7 पंचायत समितियों में 22 को मतदानपहले चरण के तहत 22 अक्टूबर को 7 पंचायत समितियों सागवाड़ा, पाडवा, गलियाकोट, सीमलवाड़ा, झोंथरी, भंडारी, चिखली में जिला परिषद सदस्यों ओर पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव होंगे। इसके लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 233 ग्राम पंचायतों में 24 को मतदान13 अक्टूबर तक नामांकन प्रक्रिया होगी। हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।पहले चरण के तहत ही 24 अक्टूबर को 233 ग्राम पंचायतों में भी सरपंच और वार्ड अंकों के चुनाव होंगे। इसके लिए 595 मतदान बूथ बनाए जाएंगे। पहले चरण का शिड्यूल इन 7 पंचायत समितियों में दूसरे चरण में चुनाव:पंचायत समिति डूंगरपुर पाल देवल, बिछीवाड़ा, गामड़ी अहाड़ा, साबला, आसपुर के दोवड़ा में दूसरे चरण में चुनाव होंगे। इसमें 205 ग्राम पंचायतों में 572 मतदान बूथ बनाए जाएंगे। जिला परिषद सदस्य और सभी पंचायत समिति सदस्यों के लिए एक साथ नामांकन प्रक्रिया होगी। दूसरे चरण के लिए 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी। 16 अक्टूबर को नामांकन पत्र पेश करने की आखिरी तारीख है। 27 अक्टूबर को मतदान दलों की रवानगी होगी। 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। अगले दिन 29 अक्टूबर को ग्राम पंचायत में वार्ड पंच और सरपंच के लिए नामांकन होगा। 30 अक्टूबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना और परिणाम जारी किया जाएगा। दूसरे दिन 31 अक्टूबर को उपसरपंच के चुनाव होंगे। पंचायत समिति और जिला परिषद की मतगणना 20 नवंबर को होगी। 25 नवंबर को जिला प्रमुख, 26 नवंबर को उपजिल प्रमुख, 27 नवंबर को प्रधान और 28 नवंबर को उपप्रधान पद के लिए चुनाव होंगे।
हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है। सोनीपत के अभिषेक सरोहा ने 394.50 अंक के साथ पहली रैंक हासिल की। टॉप 10 में छह महिला उम्मीदवार शामिल हैं। देखें टॉपर्स की सूची
उज्जैन में जूते-चप्पल की दुकान में आग:दमकल की एक गाड़ी का नोजल खराब, दूसरी में पानी कम
उज्जैन में महिदपुर गांधी मार्ग पर शुक्रवार सुबह गांधी मार्ग पर जूते-चप्पल की दुकान में आग लग गई। आग से दुकान का फर्नीचर, जूते-चप्पल और कैश जलकर खाक हो गए। दुकानदार अतीक के मुताबिक, करीब 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की दो गाड़ियां बुलानी पड़ीं। आग बुझाने के दौरान अव्यवस्था के आरोप बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने अतीक की स्टैंडर्ड जूता-चप्पल नाम से दुकान है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे कुछ लोगों ने दुकान से धुआं निकलते देखा और अतीक को सूचना दी। आग तेजी से फैलने लगी। आसपास के रहवासियों और दुकानदारों ने दुकान का शटर तोड़कर आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। पहली गाड़ी का नोजल नहीं चला, दूसरी में पानी कम स्थानीय लोगों ने दमकलकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दुकान से महज 200 मीटर दूर फायर ब्रिगेड होने के बावजूद गाड़ी देरी से पहुंची। पहली गाड़ी का नोजल काम नहीं कर रहा था, जबकि दूसरी गाड़ी में पानी कम पड़ गया। इससे आग बुझाने में देरी हुई। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े मामले में श्री अकाल तख्त साहिब पेश होने जा रही पीड़ित महिलाओं को धमकियां मिलने का आरोप लगा है। पूर्व अकाली नेता बीबी रूप कौर संधू ने आज वीडियो जारी कर यह दावा किया है। उन्होंने पंजाब के DGP से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। बीबी रूप कौर संधू ने पंजाब के DGP और श्री अकाल तख्त साहिब की टास्क फोर्स से पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इन महिलाओं को साथ लेकर अकाल तख्त साहिब में पेश होने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्हें भी वहां न जाने के लिए दबाव डाला गया। जत्थेदार साहिब से मिलकर सभी सबूत सौंपना चाहती हैरूप कौर संधू के मुताबिक, पीड़ित महिला खुद जत्थेदार साहिब से मिलकर सभी सबूत सौंपना चाहती है। वह संगत के सामने भी अपना पक्ष रखना चाहती है। संधू ने चेतावनी दी कि अगर सुरक्षित माहौल नहीं मिला, तो वे सोशल मीडिया के जरिए जनता के सामने सभी सबूत और अपना पक्ष रखेंगी। अब विस्तार से पढ़िए क्या है पूरा मामला… खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गयाइस मामले को सिख मर्यादा और धार्मिक अनुशासन का उल्लंघन (बजर कुराहित) मानते हुए, 20 सितंबर 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब के पंज सिंह साहिबान (पांच मुख्य पुजारियों) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। अमरजीत सिंह चावला और ज्ञानी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित (छेका) कर दिया गया है। पद संभालने पर आजीवन रोक लगा दीसाथ ही सिख समुदाय को आदेश दिया गया है कि वे इनसे किसी भी तरह का संबंध न रखें। दोनों पर जीवन भर के लिए किसी भी सिख संस्था, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी या धार्मिक मंच पर सेवा करने या पद संभालने पर आजीवन रोक लगा दी गई।
औरैया में मशीन के करंट से युवक की मौत:खेत पर फसल की रखवाली करने गया था, सुबह मिला शव
औरैया के अयाना थाना क्षेत्र के सेंगनपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक 30 वर्षीय युवक की मशीन के करंट से मौत हो गई। युवक खेत पर फसल की रखवाली करने गया था। शुक्रवार सुबह उसका शव खेत में पड़ा मिला, जिससे परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, सेंगनपुर निवासी राजू दुबे का बेटा लल्लू गुरुवार रात को रोजाना की तरह खेत पर गया था। शुक्रवार सुबह जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खेत पहुंचने पर लल्लू मृत मिला। मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी बताया जा रहा है कि खेत में लगी झटका मशीन के करंट की चपेट में आने से उसकी जान गई। लल्लू अपने पिता राजू दुबे का इकलौता बेटा था। उसकी अचानक मौत से परिवार सदमे में है। घटना की सूचना मिलने पर गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। गांव में शोक का माहौल है।
कासगंज पुलिस आगामी त्योहारों और शोभायात्राओं के लिए सतर्क है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देश पर नवीन पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण अभ्यास (बलवा ड्रिल) किया गया। इसमें जिले के क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी शामिल हुए। अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों को अचानक पैदा होने वाली स्थितियों और भीड़ को काबू करने का तरीका सिखाया गया। उन्होंने बलवा ड्रिल, एंटी राइट गन और टीयर गैस गन जैसे दंगा नियंत्रण उपकरणों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने उन्हें मुश्किल हालात में धैर्य, सतर्कता और तेजी से काम करने के लिए कहा। दंगा रोकने वाले उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल, रखरखाव और जरूरत पड़ने पर तुरंत चलाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में टीम तुरंत कार्रवाई कर सके।
रेवाड़ी जिले के गांव पीथनवास में पिछले करीब तीन साल से रह रहे बिहार के करीब 24 वर्षीय युवक की लाठी-डंडों से निर्मम हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने हत्या के बाद शव को गांव की ढाणी में एक खाली प्लॉट में छिपा दिया। ग्रामीण की सूचना पर पहुंची कसोला थाना पुलिस पहुंची। वहीं पुलिस करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नग्न अवस्था में बरामद किया। बताया जा रहा है अभी आरोपी युवक फरार है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिहार का रहने वाला यह युवक पिछले करीब तीन साल से गांव पीथनवास में रह रहा था और खेतों में फसल कटाई का काम करता था। बताया जा रहा है कि रात करीब 10 बजे गांव के ही एक युवक ने लाठी-डंडों से पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अंधेरे का फायदा उठाते हुए शव को पीथनवास की ढाणी वाले रोड पर स्थित खाली प्लॉट में छिपा दिया गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस इसी दौरान गांव के एक युवक ने संदिग्ध गतिविधि देख ली और कसोला थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। पुलिस ने शव बरामद कर घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश जारी है। वहीं शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
कानपुर में सड़क निर्माण कार्यों की हकीकत जानने के लिए सांसद रमेश अवस्थी गुरुवार देर रात निरीक्षण करने निकले। उन्होंने CM ग्रिड परियोजना के तहत बन रही सड़कों का जायजा लिया। दीप टॉकीज चौराहे से गौशाला रोड तक निर्माण की गुणवत्ता परखी और अधिकारियों को काम तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा- आप लोगों को दिन-रात सड़क पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए रात में देखने निकला हूं। सड़क ठीक करने का काम तय तिथि पर समय से पूरा हो जाए, एक दिन भी देरी न हो। डेढ़ घंटे तक किया निरीक्षण सांसद रमेश अवस्थी ने करीब डेढ़ घंटे तक शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क की स्थिति, गड्ढों और निर्माण की गुणवत्ता के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और तय मानकों के पालन पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान सांसद ने अधिकारियों से कहा, ‘आप लोगों को दिन-रात सड़क पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए रात में देखने निकला हूं। सड़क ठीक करने का काम तय तिथि पर समय से पूरा हो जाए, एक दिन भी देरी न हो।’ गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश सांसद ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि काम में तेजी लाई जाए, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और लापरवाही से बचने पर भी जोर दिया। गड्ढामुक्त सड़कें बनाने पर जोर सांसद ने कहा कि शहर में मजबूत और गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए CM ग्रिड परियोजना के कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को समय पर परियोजनाएं पूरी करनी होंगी।
टीकमगढ़ के वृंदावन तालाब का जलस्तर गिरने के बीच नगर पालिका ने क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर (एक तरह का छोटा बांध) की मरम्मत करा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुरानी वेस्ट वियर नीचे होने की वजह से तालाब का पानी नाले में बह रहा था। इसके लिए कई लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी की थी। करीब एक सप्ताह से चल रहा मरम्मत कार्य शुक्रवार को पूरा हुआ, जिसके बाद से तालाब का पानी नाले में बहना बंद हो गया है। अब स्थानीय लोगों ने तालाब से जलकुंभी हटाने की मांग की है। औसत से ज्यादा बारिश के बावजूद गिरा जलस्तर जानकारी के अनुसार, इस साल टीकमगढ़ तहसील में 44 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 40 इंच से 4 इंच अधिक है। इसके बावजूद वृंदावन तालाब का जलस्तर तेजी से गिरने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले 40 इंच बारिश होने पर तालाब लबालब भर जाता था, जबकि इस बार स्थिति अलग है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब का जलस्तर करीब 6 फीट तक घट गया था। इसकी वजह तालाब के पुराने वेस्ट वियर को तोड़कर करीब 3 फीट नीचे नई नाली बनाए जाने को बताया जा रहा है। आरोप है कि इस नाली से तालाब का पानी नाले में बह रहा था। दो दिशाओं में अवैध कॉलोनियां बनने का आरोप समाजसेवी अजय रावत के अनुसार, तालाब का जलस्तर गर्मियों के स्तर तक पहुंच गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाब के पूर्व और उत्तर दिशा में अवैध कॉलोनियां बनाई गई हैं और कई मकान कैचमेंट एरिया में आते हैं। 60 एकड़ के इस तालाब में दो तरफ से भू माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। एनजीटी की सख्त चेतावनी के बाद भी जिला प्रशासन और नगर पालिका ने यह अवैध कब्जा नहीं हटाया है। रावत के मुताबिक, पहले तालाब के ओवरफ्लो वाले नाले में लोहे का गेट लगाया जाता था, जिससे पानी का बहाव रोका जा सके। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से गेट गायब है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में नगर पालिका के सीएमओ से शिकायत की थी। मरम्मत के बाद जलकुंभी हटाने की मांग स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिकायत के बाद नगर पालिका ने पक्की दीवार बनाकर पानी का बहाव रोकने का काम कराया। उनका कहना है कि यह काम बारिश के मौसम से पहले हो जाना चाहिए था। लोगों ने अब तालाब में फैली जलकुंभी हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि तालाब की सफाई के साथ जलस्तर और पानी के बहाव की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। ---------------------- टीकमगढ़: 44 इंच बारिश के बाद भी वृंदावन तालाब खाली:भूमाफिया ने वेस्ट वियर तोड़ी, पानी नाले में बह रहा; प्रशासन सुस्त टीकमगढ़ में इस साल सामान्य औसत बारिश के बावजूद वृंदावन तालाब का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। टीकमगढ़ तहसील में अब तक औसत से 4 इंच…. यह खबर भी पढ़ें।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आगे नतमस्तक होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान के हटाने जैसा नजारा एक बार फिर यूपी के अलीगढ़ में देखने को मिल रहा है।
उन्नाव के सफीपुर कस्बे स्थित मिनी औद्योगिक आस्थान की जमीन को लेकर शुक्रवार को सैकड़ा से अधिक उद्यमियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। उद्यमियों ने उद्योग विभाग की भूमि और संपत्ति में अनधिकृत हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में प्रभावित उद्यमियों ने जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को सामूहिक प्रार्थना-पत्र भी दिया है। उद्यमियों का आरोप है कि उन्हें उद्योग केंद्र की ओर से व्यवसाय के लिए भूखंड आवंटित किए गए थे। नियमानुसार रजिस्ट्री कराने के बाद उन्होंने जमीन की कीमत बैंक के माध्यम से जमा की और अपने उद्योग स्थापित किए। अनूप गौड़ ने बताया कि उनके भूखंड की रजिस्ट्री करीब 12 वर्ष पहले हुई थी और करीब आठ वर्ष से वह वहां मकान व उद्योग का संचालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने वर्षों तक किसी ने जमीन को लेकर आपत्ति नहीं की। उद्यमियों का आरोप है कि करीब एक माह से विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है। नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव सफीपुर चेयरमैन के पति सौरभ बाजपेयी की ओर से कथित तौर पर उद्यमियों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया। उद्यमियों का कहना है कि जब जमीन उद्योग विभाग ने आवंटित की है और उसकी रजिस्ट्री भी विभागीय प्रक्रिया के तहत हुई है तो निजी स्तर पर किसी व्यक्ति द्वारा जमीन पर दावा या निर्माण रोकने का अधिकार नहीं है। बाउंड्री बना दिए जाने से आवागमन प्रभावित प्रार्थना-पत्र में गाटा संख्या 1038 की पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की गई है। उद्यमियों का आरोप है कि सड़क के बीच गेट और बाउंड्री बना दिए जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा आस्थान की चारदीवारी तोड़े जाने, सरकारी जेसीबी व ट्रैक्टर समेत अन्य संसाधनों के कथित इस्तेमाल और बिना अनुमति कैमरे लगाए जाने की भी जांच की मांग की गई है। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से ‘रिमाइंडर एंड फाइनल नोटिस’ भेजकर परिसर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। चेयरमैन प्रतिनिधि से इस सम्बंध में फोन से प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नही हुआ। मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत उनका कहना है कि मामले की शिकायत उद्योग विभाग और डीएम से कई बार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। तहसील स्तर से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर उद्यमियों ने अपनी-अपनी रजिस्ट्री और बयान भी उपलब्ध कराए, लेकिन अभी तक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग उद्यमियों ने राजस्व, उद्योग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम से मौके की जांच, सीमांकन कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
बांसवाड़ा के देवदा गांव में शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रोले ने युवक को कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा सुबह 10 बजे हुआ। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक के बॉडी का लेफ्ट हिस्सा पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद ड्राइवर ट्रोला छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर एमजी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। मामला घाटोल थाना क्षेत्र का है। घाटोल की तरफ से आ रहा था ट्रोला ASI नारायण लाल ने बताया- शुक्रवार सुबह देवदा गांव में सड़क हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। जांच के दौरान मृतक की पहचान दिनेश (35) पुत्र हीरालाल पारगी, निवासी देवदा के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, दिनेश अपने घर से पैदल मुख्य सड़क की ओर जा रहा था। इसी दौरान घाटोल की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रोले के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। हादसे में दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। वह मजदूरी करता था। ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस इस मामले में पुलिस फरार ट्रोले ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने शव को एमजी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों की रिपोर्ट के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। हादसे के बाद फरार हुए ट्रोला चालक की तलाश की जा रही है।
हनुमान मंदिर में प्रतिमा से चोला उतारकर जलाया:शिव परिवार के ऊपर रखकर लगाई आग, लोगों में फैला आक्रोश
धौलपुर के कॉलेज रोड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति ने हनुमान जी की प्रतिमा से चोला उतारकर जला दिया।अज्ञात व्यक्ति ने प्रतिमा से चोला उतारा और उसे शिव परिवार मंदिर के ऊपर रखकर आग लगा दी। मंदिर का पर्दा भी जला मिला, उसका पाइप गायब है। शाम को दर्शन करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने चोला उतरा और जला हुआ देखा। उसने पुजारी को बताया, जिसके बाद लोग मौके पर जमा हो गए।लोगों की सूचना पर सीओ सिटी प्रदीप नेहरा और रेल चौकी प्रभारी मुकेश शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जानकारी जुटाई।सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना को किसने और किस मकसद से अंजाम दिया, इसका पता लगाया जा रहा है।
सीहोर में चलती बाइक पर गिरा तार, जलकर खाक:आग लगते ही पिता-पुत्र ने कूदकर बचाई जान
सीहोर-इछावर मार्ग पर डाकपुलिया के समीप शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया। चलती बाइक पर अचानक 11 केवी हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर गिर गया, जिससे बाइक में भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त बाइक पर सवार पिता और पुत्र ने तत्परता दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे वे बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पिता के अनुसार वे अपने पुत्र के साथ बाइक पर सवार होकर इछावर रोड से गुजर रहे थे। जैसे ही वे डाकपुलिया के पास पहुंचे, तभी ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन का एक तार टूटकर सीधे उनकी चलती बाइक पर आ गिरा। तार गिरते ही बाइक में जोरदार चिंगारी उठी और देखते ही देखते बाइक ने आग पकड़ ली। पिता-पुत्र ने कूदकर बचाई जानबिजली का तार गिरते और आग की लपटें उठते ही पिता और पुत्र ने सूझबूझ का परिचय दिया और तुरंत चलती बाइक से नीचे कूद गए। हालांकि बाइक पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई और धू-धू कर जलने लगी, लेकिन गनीमत यह रही कि दोनों सवार सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। सड़क किनारे जलकर खाक हुई बाइकहादसे के बाद सड़क किनारे खड़ी बाइक आग का गोला बन गई और उसमें से धुएं का गुबार उठने लगा। राहगीरों और आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बाइक काफी हद तक जलकर खाक हो चुकी थी। घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित रही। घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर और ढीले तारों की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि समय रहते रखरखाव किया जाता, तो यह बड़ा हादसा टल सकता था। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच और नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
सीकर में शुक्रवार को स्कूल के सामने सड़क पर युवक का शव मिला। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। युवक की जेब की तलाशी लेने पर जहर मिला। मोबाइल चेक करने पर कई मिस कॉल थी, जिस पर बात करने पर उसकी पहचान हो पाई। हादसा दादिया थाना इलाके में गुमाना का बास का है। युवक की पत्नी सरकारी टीचर है। दादिया थाना SHO संजय पूनियां ने बताया कि एफएसएल टीम को बुलाकर सबूत जुटाए हैं। प्राथमिक तौर पर मामला सुसाइड का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। युवक की पहचान नवलगढ़ के चेलासी निवासी सुमेर लांबा (40) के रूप में हुई है। वह सीकर में अपने परिवार के साथ मोजिका अपार्टमेंट में रहता था। जानकारी अनुसार- युवक गुरुवार रात करीब 8 बजे बाइक लेकर घर से निकला था। परिवार ने उसके मोबाइल पर कई बार फोन किया था लेकिन उसने रिसीव नहीं किया।
भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 22 वर्षीय युवक और उसकी 16 वर्षीय प्रेमिका के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। गुरुवार रात युवक ने अपने दोस्त को ऑडियो मैसेज भेजकर कहा- ‘लव यू मेरे भाई, तूने आज तक जो किया मेरे लिए बहुत कुछ किया। तेरा एहसान मेरे ऊपर रहेगा। जा रहा हूं, अलविदा।’ ऑडियो सुनकर दोस्त युवक के कमरे पर पहुंचा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांकने पर उसने दोनों को फंदे पर लटका देखा। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ये तस्वीरें देखिए… परिवार नेपाल गया था, घर में अकेला रह रहा था युवक पुलिस के मुताबिक, अमन सारूमगर (22), पिता तारा बहादुर, अरेरा कॉलोनी के E-7 क्षेत्र में मकान नंबर 57 में रहता था। वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। परिवार में उससे बड़ा एक भाई और छोटी बहन है। उसका परिवार बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। अमन की मां इसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन और उसके पिता 11 नंबर स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला लगाते थे। अमन का परिवार करीब एक सप्ताह पहले नेपाल गया था। इस दौरान वह घर में अकेला रह रहा था। गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने को कहा था। शराब देने के बाद आर्यन अपने कमरे पर चला गया। रात 8 बजे दोस्त को भेजा ऑडियो मैसेज गुरुवार रात करीब 8 बजे अमन ने आर्यन को मोबाइल पर ऑडियो मैसेज भेजा। मैसेज सुनकर आर्यन को अनहोनी की आशंका हुई। वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांकने पर उसे अमन और उसकी नाबालिग प्रेमिका फंदे पर लटके मिले। इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, एक साल से रिलेशनशिप में थे इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अमन और नाबालिग लड़की की दोस्ती करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। बाद में दोनों की बातचीत बढ़ी और वे रिलेशनशिप में आ गए। लड़की हबीबगंज इलाके की रहने वाली थी और दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार की इकलौती बेटी थी। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन हैं। परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की प्रेगनेंसी टेस्ट किट की फोटो जानकारी के मुताबिक, आत्महत्या से पहले अमन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रेगनेंसी टेस्ट किट की फोटो पोस्ट की थी। हालांकि, इस पोस्ट का घटना से क्या संबंध है, यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने भी इसे आत्महत्या की वजह नहीं बताया है। पुलिस जांच में जुटी, सुसाइड नोट नहीं मिला जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक, दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्युरी में कराया जा रहा है। शुरुआती जांच में आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। …………………………… यह खबर भी पढ़ें PG डॉक्टर ने EX-गर्लफ्रेंड डॉक्टर पर दागीं 3 गोलियां भोपाल में एक पीजी डॉक्टर ने 27 वर्षीय एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर पर तीन राउंड फायर कर दिए। गनीमत थी कि गोली लेडी डॉक्टर की कनपटी को छूते हुई निकल गई। वहीं, आरोपी पीजी डॉक्टर नवीन रोहिला भी घायल है। उसे सीने और पेट में चोट है। घटना मंगलवार रात गांधी नगर थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर…

