कासगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयर हाउस का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और अग्निशामक उपकरणों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। यह मासिक आंतरिक निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत किया गया। जिलाधिकारी ने वेयर हाउस में साफ-सफाई और बिजली संचालन की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी भी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने नगर पालिका सोरों के वदरिया स्थित शहीद भगत सिंह पार्क में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का भी औचक निरीक्षण किया। यह परियोजना 16 लाख रुपये की लागत से संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता का हो और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी सुश्री हर्षिता देवड़ा भी उपस्थित थीं।
मऊ में मंत्री ने पीएम आवास स्वीकृति पत्र बांटे:शहरी योजना के 2000 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
मऊ में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद मऊ के बहुद्देशीय भवन मंगलम में आयोजित किया गया। मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नगर पालिका परिषद मऊ क्षेत्र के लगभग दो हजार लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि हस्तांतरित की जा चुकी है। इनमें बड़ागांव और काझाखुर्द क्षेत्र की लगभग 650 महिलाएं भी शामिल हैं। कार्यक्रम में मंत्री ने इन महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से स्वीकृति पत्र सौंपे। देखिए तस्वीरें… मंत्री एके शर्मा ने कहा कि किसी भी कारण से योजना से वंचित रह गए पात्र व्यक्तियों को भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने पीओ डूडा को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। मंत्री ने आवास निर्माण के दौरान नाली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुनियोजित तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लाभार्थी महिलाओं ने मंत्री ए.के. शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित थे।
सदर थाना क्षेत्र के आसेला रोत फला में एक कच्चे मकान की दीवार को गिराते समय अचानक ढह गई। मकान मालिक ओर मजदूर नीचे दब गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में डूंगरपुर अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया है। वहीं, पुलिस घटना को लेकर जांच कर रही है। सदर थाना एएसआई पोपटलाल ने बताया मनीष रोत निवासी आसेला रोत फला की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इसमें बताया की गांव में उसके पुराने कच्चे घर को गिराने का काम चल रहा था। उसके पिता कांतिलाल रोत (60) कच्चे घर की दीवार गिराने का काम करवा रहे थे। मजदूर गौतमलाल (50) पुत्र धुला रोत निवासी आसेला एक दीवार को नीचे से खोदकर गिराने में लगा था। इस दौरान 15 फीट ऊंची मिट्टी की दीवार अचानक ढह गई। इससे कांतिलाल ओर गौतमलाल दोनों मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर लोगो की भीड़ इकट्ठी हो गई। लोग मलबा हटाने में जुट गए। करीब आधे घंटे बाद दोनों के मलबे से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद दोनों को डूंगरपुर अस्पताल लेकर आए। इमरजेंसी में जांच के दौरान डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस भी पहुंच गई। घटना की जानकारी लेने के बाद दोनों के शव को अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाया, जहां पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। नया मकान बनाने के लिए पुराना मकान गिरा रहे थे कांतिलाल रोत का पुराना मकान कच्चा मिट्टी का बना होने से उसे गिराने का काम चल रहा है। इसे गिराने के बाद कांतिलाल नया पक्का मकान बनाने वाले थे, लेकिन इस हादसे से परिवार में मातम पसर गया। कांतिलाल के 3 बच्चे है। तीनों की शादी हो चुकी है।
एटा जिले के जलेसर कस्बे में सवर्ण समाज के दर्जनों लोगों ने यूजीसी कानून का विरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को 'काला कानून' बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान गौरव प्रताप सिंह ने बताया कि यह यूजीसी कानून सर्व समाज के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग हो सकता है, इसलिए इसे जल्द वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च भी निकाला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी इस कानून का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह इस काले कानून के खिलाफ हैं और इसके विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि यह कानून समाज को बांटने का काम कर रहा है और उन्होंने गांव-गांव जाकर प्रधानमंत्री का विरोध करने की बात कही। ज्ञापन सौंपने वालों में करणी सेना के अध्यक्ष वरुण राणा मिश्रा, अनुज प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, नागेंद्र कान्हा, रानू ठाकुर, रविंद्र सिंह और रामगोपाल सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
कानपुर के एक ट्रैवल्स संचालक ने वाराणसी के एक होटल संचालक पर अपनी दो लग्जरी कारें बेचने का आरोप लगाया है। संचालक ने ये कारें मासिक किराए पर दी थीं, लेकिन तीन महीने से भुगतान न मिलने पर जब वह वाराणसी पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनकी गाड़ियां बेच दी गई हैं। इस मामले में कानपुर के चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। चकेरी के गिरिजा नगर निवासी कुलवीर सिंह अपनी ट्रैवल्स कंपनी चलाते हैं। उन्होंने अपनी हुंडई वरना और हुंडई ऑरा कारें लालबंगला निवासी सक्षम जायसवाल के माध्यम से वाराणसी के होटल प्रकाश पैलेस के संचालक हिमांशु गुप्ता को मासिक किराए पर दी थीं। तीन महीने तक कारों का किराया न मिलने पर कुलवीर सिंह और सक्षम जायसवाल वाराणसी स्थित हिमांशु गुप्ता के अस्सी घाट स्थित होटल पहुंचे। वहां उन्हें दोनों कारें नहीं मिलीं। पूछने पर हिमांशु ने बताया कि उसने सौरभ गुप्ता के साथ मिलकर दोनों कारें बेच दी हैं। जब कुलवीर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अपने नंबर बंद कर लिए। इसके बाद कुलवीर सिंह ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। कारों की बरामदगी के लिए एक टीम वाराणसी भेजी गई है। बरामदगी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बुधवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में 100 से अधिक ट्रैक्टरों और हजारों की संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। किसानों ने प्रशासन को पूर्व में ही ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। उनकी प्रमुख मांगों में ट्यूबवेलों के बिजली बिल माफ करना, खेतों में बिजली मीटर न लगाना और किसानों के बकाया का तत्काल भुगतान करना शामिल है। भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रदर्शन के बावजूद सरकार इन समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने बताया कि जर्जर बिजली के तारों के कारण किसानों के पशुओं की लगातार मौतें हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और बिजली विभाग इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने खाद की अनुपलब्धता और बिक्री केंद्रों पर इसकी कालाबाजारी का भी आरोप लगाया। चौधरी अरब सिंह ने स्पष्ट किया कि किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है, जिसे भारतीय किसान यूनियन अब बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक किसान कलेक्ट्रेट का घेराव जारी रखेंगे।
नूंह पुलिस ने मारपीट और लूट के आरोपी को पकड़ा:नकदी, मोबाइल और घड़ी बरामद, राजस्थान से किया गिरफ्तार
नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई लूटपाट की घटना का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मोहम्मद फैज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताकर यात्रियों से लूट की थी। बता दे कि यह घटना 23 जनवरी की रात फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी की पहचान राजस्थान के बेला सीकरी के रहने वाले मोहम्मद फैज के रूप में हुई है।पीड़ित राजू और दिलशाद दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी शमशाबाद टोल प्लाजा के पास खराब हो गई। नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान लूटा इस दौरान उन्होंने मदद के लिए कॉल किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।तभी मोहम्मद फैज अपने 4 साथियों के साथ एक बोलेरो कैंपर से वहां पहुंचा। उन्होंने पीड़ितों के साथ मारपीट की और उनसे 17 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और यूपीआई के माध्यम से 5,000 रुपये जबरन ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने दी साथियों की जानकारी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए फैज को राजस्थान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने फरार साथियों के बारे में भी जानकारी दी। धार्मिक संगठन का नाम बताकर की लूट पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और एक घड़ी बरामद की है। घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो कैंपर गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एक सुनियोजित लूट थी, जिसमें आरोपी ने धार्मिक संगठन का नाम इस्तेमाल कर यात्रियों को निशाना बनाया।
टीकमगढ़ में बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार और सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बस स्टैंड का जायजा लिया। यह निरीक्षण बस स्टैंड पर पीने के पानी की किल्लत और लंबे समय से खराब पड़ी पानी की टंकी की शिकायतों के बाद किया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बताया कि बस स्टैंड पर पानी की टंकी सालों से बेकार पड़ी है, जिससे यात्रियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। प्यास बुझाने के लिए लोग मानवीय संवेदना समिति के गर्मी में लगाए जाने वाले प्याऊ पर निर्भर रहते हैं। यात्रियों की इस परेशानी को देखते हुए नपा अध्यक्ष और सीएमओ ने तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने नई पानी की टंकी रखने और सभी नलों की टोंटियां बदलने के आदेश दिए हैं। साफ-सफाई और अधिकारियों की मौजूदगी निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड के पास बने पार्क की सफाई भी कराई गई। सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने दुकानदारों से अपील की कि वे बस स्टैंड परिसर में गंदगी न फैलाएं और सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। इस दौरान पार्षद ध्रुव यादव, अनीस खान और जल विभाग के उपयंत्री सहित नगर पालिका का अमला मौजूद रहा।
विदिशा में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद:विधायक-एसडीएम ने किया प्रभावित गांवों का दौरा, सर्वे शुरू
विदिशा जिले में मंगलवार रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को विदिशा विधायक मुकेश टंडन और एसडीएम क्षितिज शर्मा ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत की और खेतों में फसलों को हुए नुकसान का मुआयना किया। विधायक मुकेश टंडन ने विदिशा ग्रामीण क्षेत्र के हरऊखेड़ी, लश्करपुर, खैरुआ सहित गुलाबगंज क्षेत्र के हथियाखेड़ा, पटवारीखेड़ी, खिरिया, मुडरा, गणेशपुर, तेवरी और सिमराहर जैसे कई गांवों का निरीक्षण किया। उनके साथ विदिशा एसडीएम क्षितिज शर्मा, ग्रामीण तहसीलदार अजय पाठक, ग्यारसपुर एसडीएम शशि मिश्रा और गुलाबगंज तहसीलदार पलक पीडिया समेत राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। विधायक टंडन ने बताया कि ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान लश्करपुर गांव में हुआ है। इसके अतिरिक्त हरऊखेड़ी, पटवारीखेड़ी और गुनवा सहित अन्य गांवों में भी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। मुकेश टंडन ने कहा कि भाजपा सरकार इस मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं स्थानीय सांसद शिवराज सिंह चौहान से चर्चा की गई है। उनके निर्देश पर प्रशासन द्वारा प्रारंभिक सर्वे शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो खेत-खेत जाकर नुकसान का आकलन करेंगी। विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि दो दिनों के भीतर वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद शासन स्तर पर किसानों को फसल बीमा और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत मिल सके।
आचार्य प्रमोद कृष्णम हापुड़ पहुंचे:बोले- देश को तोड़ने की साजिश, एकता की जरूरत
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम बुधवार को हापुड़ पहुंचे। यहां उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े विवाद पर अपनी राय रखी। आचार्य कृष्णम ने कहा कि कुछ ताकतें देश को जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर बांटकर कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता पर जोर दिया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्पष्ट किया कि देश की एकता से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। उन्होंने जाति और धर्म के नाम पर होने वाले किसी भी भेदभाव को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता में निहित है। इस दौरान कल्कि पीठाधीश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से भी अपील की। उन्होंने कहा कि देश की एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने भारत में जातियों के नाम पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धरने और उससे जुड़े विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन को और अधिक संयम से काम लेना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि यह विवाद पहले प्रदेश स्तर तक सीमित था, लेकिन अब यह राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन चुका है, जो सनातन धर्म के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां जानबूझकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही हैं, जिससे सनातन परंपराओं को नुकसान पहुंचे और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो। उन्होंने सभी संतों, धर्माचार्यों और जिम्मेदार लोगों से संयम और समझदारी से काम लेने का आग्रह किया।
अलवर में लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका प्रशासन ने ग्राम पंचायत की ओर से अलॉट दुकानों पर दूसरे दिन भी बुलडोजर चलाया। एक साथ 5-5 बुलडोजर ने पक्की दुकाने व दो मंजिला मकानों को जमींदोज कर दिया। कई जगहों से बड़ा अतिक्रमण हटाया गया। पालिका प्रशासन ने पूर्व में दुकान मालिकों को नोटिस भेज दिया था, जिसकी समयावधि खत्म होने के बाद नगर पालिका ने दुकानों को ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया जाने लगा है। यहां के लोगों का कहना है कि मालाखेड़ा रोड पर पूर्व में ग्राम पंचायत की ओर से दुकानदारों को ये दुकानें अलॉट की गई थी। फिर भी अतिक्रमण मानते हुए कार्यवाही की है। जिसका आमजन में विरोध भी है। वहीं अन्य लोगों का कहना है कि रास्ता चौड़ा होने से सबको राहत मिलेगी। दुकानदारों का कहना है कि दुकानें हमें ग्राम पंचायत से अलॉट की गई थी, जिनका हमारे पास पट्टा भी है। अगर ये अतिक्रमण में आती है तो पहले अलॉट क्यों किया। अगर इन्हें तोड़ना है तो हमें मुआवजा भी दिया जाए। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़ एव कनिष्ठ अभियंता श्याम सुंदर पाण्डे ने बताया कि बावड़ी से भगतसिंह सर्किल तक सीसी सड़क निर्माण कार्य किया जाना है। जिसको लेकर अतिक्रमण की श्रेणी मे आने वाले दुकानों व मकानो को दूसरे दिन भी हटाया गया । दूसरे दिन दुकान मालिक ओर मकान मालिका स्वयं अपने स्तर पर चिन्हित की गई जमीन अतिक्रमण को हटाते हुए दिखाई दिए ।
छतरपुर में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्र कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंच गए हैं। इन प्रश्न पत्रों को जिला पंचायत सीईओ और बोर्ड के प्रतिनिधि की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाया गया है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1, छतरपुर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में प्रश्न पत्रों को रखा गया है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, बोर्ड के प्रतिनिधि और डीईओ शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। स्ट्रांग रूम में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे। प्रश्न पत्रों को लाने वाले जीपीएस सिस्टम से लैस ट्रक के सभी इलेक्ट्रॉनिक और सामान्य लॉकों की जांच जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं की। कुल 796 बॉक्स में अलग-अलग विषयों के प्रश्न पत्र स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। आगामी 6 और 7 फरवरी को इन प्रश्न पत्रों को केंद्रवार संबंधित पुलिस थानों में पहुंचाया जाएगा। वहां से परीक्षा के दिन इन्हें केंद्र अध्यक्षों और कलेक्टर द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों की उपस्थिति में परीक्षा केंद्रों तक ले जाया जाएगा। प्रश्न पत्र भी कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में ही खोले जाएंगे। एमपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर केवल कलेक्टर प्रतिनिधियों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य आवश्यक पासवर्ड, बच्चों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की जानकारी तुरंत भेजना है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बताया कि जिला प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सरगुजा में विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ममता पटेल की अदालत ने जमीन का नामांतरण करने व रिकार्ड दुरूस्त करने के लिए 10 हजार रुपये लेते पकड़े गए नजूूल आरआई को चार वर्ष की सजा एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। महिला द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सरगुजा एसीबी से की गई थी। अगस्त 2020 में आरआई को एसीबी की टीम ने 8 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त 2020 को सरगुजा एसीबी की टीम ने पटवारी कार्यालय फुंदुरडिहारी में तत्कालीन नजूल आरआई राजबहादुर सिंह को शिकायतकर्ता अर्चना खाखा से 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। नक्शा व रिकार्ड दुरूस्त करने मांगी थी रिश्वत अर्चना खाखा ने एसीबी सरगुजा से शिकायत की थी उसके पति राकेश खाखा ने ठाकुरपुर, अंबिकापुर 0.04 हेक्टेयर जमीन विक्रेता जानू अगरिया से वर्ष 2018 में खरीदी थी। उक्त जमीन का नामांतरण करने, नक्शा काटने एवं रिकार्ड दुरूस्त करने के लिए तत्कालीन आरआई राजबहादुर सिंह ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। आरआई ने उक्त जमीन की नाप की एवं 10 हजार रुपये मांगा। अर्चना खाखा ने उसे 2 हजार रुपये दिये एवं शेष रकम रिकार्ड दुरूस्त करने के बाद देने के लिए कहा। अर्चना खाखा ने इसकी शिकायत सरगुजा एसीबी से की थी। 07 अगस्त 2020 को सरगुजा एसीबी की टीम ने फुंदुरडिहारी पटवारी कार्यालय में ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरआई राजबहादुर सिंह को शिकायतकर्ता अर्चना खाखा से 8 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरआई को जेल भेज दिया गया था तथा विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था। जमानत पर छूटने के बाद निलंबन वापस कर दिया गया, और उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। 4 वर्ष कारावास, 5 हजार अर्थदंड की सजा एसीबी की टीम ने प्रकरण विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सरगुजा की अदालत में पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ममता पटेल ने बुधवार 28 जनवरी को मामले में अपना निर्णय दिया है। अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपी राजबहादुर सिंह को मामले में 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर 8 नए साइबर थाने, पुलिस आवासीय भवन और नए थाना भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों और जनता को इस काम के लिए शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल और आवासीय भवन सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। इन नए भवनों से पुलिसकर्मियों को सकारात्मक माहौल मिलेगा और वे अपने काम को और बेहतर ढंग से कर पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का मकसद है कि पुलिस और कर्मचारियों को बेहतर आवास और काम की सुविधाएं मिलें, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हो और सुरक्षा और बेहतर हो सके। 8 नए साइबर थाने शुरू गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में कई जगह साइबर थाने खोले जा रहे हैं। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव समेत कुल 8 नए साइबर थाने शुरू किए गए। पहले ही पांच जिलों में साइबर थाने काम कर रहे हैं और भविष्य में जरूरत के हिसाब से और थाने बनाए जाएंगे। साथ ही चार जिलों में भारत रक्षित वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी और आवासीय भवनों का भी लोकार्पण हुआ। इन जिलों में पुलिस भवन और आवासीय भवनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने बालोद, महासमुंद, धमतरी, रायपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर, दुर्ग, सूरजपुर और कोरिया जिलों में पुलिस भवन, चौकी, ट्रांजिट हॉस्टल और आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए भवनों और थानों से पुलिस को काम करने में आसानी मिलेगी और दूरदराज के इलाकों तक सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ अधिकारी और कई विधायक व जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
केंद्र में जाट रिजर्वेशन के लिए 2011 में हुए काफूरपुर आंदोलन के सभी आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है। बरी होने वालों में अमरोहा की नौगावां सादात सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक समरपाल सिंह भी शामिल हैं। बता दें कि 5 मार्च 2011 को जाट समुदाय ने केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर अमरोहा (यूपी) के काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया था। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में जाट नेताओं ने अमरोहा के काफूरपुर में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। जाट बिरादरी के हजारों लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए थे। अपनी गाय-भैंसें भी इन्होंने रेलवे ट्रैक पर लाकर बांध दी थीं और यहीं खाना बनाकर खाने लगे थे।यूपी में उस समय मायावती की सरकार थी। प्रशासन ने जाटों की नाराजगी को भांपते हुए कोई सख्त रवैय्या अख्तियार नहीं किया था। 15 दिन तक रेल ट्रैक बंद रहने की वजह से पूरे देश में लेकर परेशानी होने लगी थी। बाद में हाईकोर्ट ने जाटों को रेलवे ट्रैक से हटाकर ट्रैक खाली कराने के आदेश दिए थे। जिसके बाद यूपी सरकार ने 19 मार्च 2011 को ट्रैक खाली कराया था। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तत्कालीन जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक और 1500 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज था। इसमें रेलवे एक्ट की धाराओं समेत विभिन्न धाराएं थीं। इसी मुकदमे में चौधरी समरपाल सिंह का भी नाम था। समरपाल सिंह इस समय अमरोहा की नौगावां सादात सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं।
सीडीओ ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की:मैनपुरी में 4909 छात्रों को नहीं मिली धनराशि, जताया असंतोष
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारियों और जिला समन्वयक को विद्यालयों का मानक के अनुसार निरीक्षण करने तथा शिक्षकों व छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया कि जनपद के 4909 छात्रों के खातों में अभी तक धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। सर्वाधिक छात्र करहल और जागीर खंड शिक्षा क्षेत्र में 14-14 प्रतिशत तथा किशनी में 07 प्रतिशत शेष हैं। उन्होंने संबंधित खंड अधिकारियों को छात्रों के अभिभावकों की आधार सीडिंग कराकर धनराशि खातों में भेजने के निर्देश दिए। ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा में पाया गया कि जनपद के अधिकांश विद्यालय 19 पैरामीटर पर संतृप्त हो चुके हैं। हालांकि, 129 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय, 36 में टाइलीकरण, 51 में किचन सेट और कुछ विद्यालयों में बालक व बालिका यूरिनल का कार्य शेष है। नगर क्षेत्र के नगला सेवारामपुर, गणेशपुरा, नगला खीजा, नगला मूले और नगरिया देहात के कुछ विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल का कार्य भी अधूरा है। सीडीओ ने इन पांचों विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल का आकलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 06 फरवरी तक होने वाली निपुण आकलन परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। कक्षा-01 और 02 के छात्रों का आकलन डायट द्वारा निर्धारित ऐप के माध्यम से किया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों को बच्चों में परीक्षा का भय न पैदा होने देने और निरंतर रिवीजन व अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को समय पर भोजन, मौसमी फल और दूध उपलब्ध कराने के साथ ही मसाले व तेल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, प्राचार्य डायट मनमोहन शर्मा और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) शहरवासियों को एक और बड़ी आवासीय सौगात देने जा रहा है। ऐशबाग इलाके में एलडीए 27 मंजिला रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ऐशबाग स्क्वायर बनाएगा। इस प्रोजेक्ट में करीब 1900 वर्गफुट क्षेत्रफल के 384 लग्जरी फ्लैट्स होंगे। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। फ्लैटों के लिए 29 जनवरी से 28 फरवरी तक पंजीकरण किया जा सकेगा। पंजीकरण केवल एलडीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से होगा। 5% पंजीकरण शुल्क, लॉटरी से होगा आवंटन फ्लैट के अनुमानित मूल्य का 5 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए यह राशि 2.5 प्रतिशत रखी गई है। फ्लैटों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। चारबाग, मेट्रो और बाजारों से होगी शानदार कनेक्टिविटी एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार ऐशबाग स्क्वायर की लोकेशन शहर के लिहाज से बेहद प्राइम है। यह पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले क्षेत्र में बनेगा, जहां बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन मिलना मुश्किल होता है। यहां से चारबाग रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, साथ ही नाका, अमीनाबाद और आलमबाग जैसे प्रमुख बाजार बेहद करीब होंगे। ऑनलाइन डिमांड सर्वे के बाद मिली मंजूरी उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले ऑनलाइन डिमांड सर्वे कराया गया था। सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही परियोजना को अंतिम मंजूरी दी गई। करीब 17,910 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले ऐशबाग स्क्वायर में 27 मंजिला के कुल 4 टावर होंगे। इसमें 3 बीएचके प्लस स्टडी श्रेणी के 384 फ्लैट बनाए जाएंगे। हर फ्लैट का क्षेत्रफल लगभग 1900 वर्गफुट होगा और कीमत 1.11 करोड़ रुपए से शुरू होगी। स्विमिंग पूल से लेकर 600 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। विशेष कार्याधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि सोसाइटी में स्विमिंग पूल पार्क क्लब हाउस किड्स प्ले एरिया पावर बैकअप 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, निवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिसर में कॉमर्शियल दुकानें भी बनाई जाएंगी। 3 साल में निर्माण, 5 साल में मिलेगा कब्जा ऐशबाग स्क्वायर का निर्माण 3 वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, 5 वर्ष के भीतर आवंटियों को फ्लैट का कब्जा दे दिया जाएगा। आवंटन के बाद फ्लैट की राशि 36 महीनों की किश्तों में जमा करनी होगी। अगर कोई आवंटी 45 से 90 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करता है, तो उसे 4 से 6 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
मध्य प्रदेश के शहपुरा में मूंग और उड़द की फसल का भुगतान 6 महीने से अधिक समय से लंबित होने से आक्रोशित किसानों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर भेड़ाघाट स्थित एमएलटी मजीठा वेयरहाउस पहुंचे और अपनी उपज वापस दिलाने की मांग की। किसानों के अनुसार, शासन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द का उपार्जन सेवा सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएसपी दर पर एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में कराया गया था। उपार्जन को पांच से छह माह बीत जाने के बावजूद किसानों को अब तक उनकी फसल का भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पीड़ित किसानों ने इससे पहले भी एसडीएम शहपुरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या बताई थी। उन्होंने खून से लिखा पत्र देकर भी भुगतान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज किसानों ने अब स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन भुगतान नहीं कर सकता, तो उनकी उपज उन्हें वापस की जाए। पूरा मामला यह है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन फसल मूंग-उड़द का उपार्जन सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में किया गया था। बाद में वेयरहाउस की जांच में अनियमितताएं और कम माल पाया गया, जिसके बाद समिति प्रभारी, वेयरहाउस संचालक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ किसानों के साथ धोखाधड़ी और खरीदी में घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप किसानों का आरोप है कि जांच में लगे कुछ अधिकारियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर किसानों को ही फर्जी बताने की साजिश रची है। इसी कारण करोड़ों रुपए का भुगतान आज तक अटका हुआ है, जिसका सीधा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान या उपज वापसी को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
रोहतक के पुराना आईटीआई मैदान में रात को खड़ी होने वाली गाड़ियों के शीशे तोड़कर सामान चुराने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे में ही काबू कर लिया। पुलिस तीनों आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी, जिसके बाद उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुराना आईटीआई मैदान में 27 जनवरी की रात 3 अज्ञात युवकों ने 4-5 गाड़ियों के शीशे तोड़कर सामान चुराया था। इस मामले में गाड़ी के मालिकों ने आर्य नगर थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को काबू कर लिया। गर्वित की शिकायत पर दर्ज किया था केस पुलिस ने पटेल नगर निवासी गर्वित की शिकायत पर केस दर्ज किया था। गर्वित ने बताया कि वह रात को शराब ठेके के पास गाड़ी खड़ी करके घर चला गया। सुबह जब आया तो गाड़ी के शीशे टूटे हुए थे। गाड़ी से स्क्रीन, बुफर, एम्प, छोटा स्पीकर व अन्य सामान चोरी किया गया था। गर्वित की गाड़ी के आस पास खड़ी अन्य गाड़ियों के भी शीशे टूटे हुए थे। सीसीटीवी में दिखाई दिए 3 युवक गाड़ियों के शीशे तोड़कर सामान चोरी करने वाली जगह पर एक सीसीटीवी लगा हुआ था, जिसमें पूरा मामला कैद हो गया। सीसीटीवी में 3 युवक दिखाई दे रहे है, जो नशे की हालत में थे और उनसे खड़ा भी नहीं रहा जा रहा। इन्हीं तीनों युवकों ने गाड़ियों के शीशे तोड़कर सामान चुराया था। आरोपियों की हुई पहचान गाड़ियों के शीशे तोड़ने के मामले में पकड़े गए आरोपियों में प्रिंस पुत्र शम्भू दास निवासी गांधी कैंप, प्रेम पुत्र अच्छे लाल निवासी गांधी कैंप व तुषार पुत्र देवेंद्र निवासी साईंदास कालोनी गोहाना अड्डा के रूप में हुई। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपियों को कल कोर्ट में किया जाएगा पेशआर्य नगर थाना एसएचओ बिजेंद्र ने बताया कि गाड़ियों के शीशे तोड़ने के मामले में तीनों आरोपियों को काबू कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
बालाघाट के उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र लामता के महकापाठा बीट में 'अनुभूति कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस शिविर में लामता, बुढ़ियागांव, चांगोटोला और बसेगांव के 112 स्कूली बच्चों को जंगल और वन्यजीवों के करीब लाकर पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया गया। जंगल भ्रमण और 'मैं हूं बाघ' थीम पर चर्चा कार्यक्रम की थीम 'मैं हूं बाघ' और 'हम हैं धरती के दूत' रखी गई थी। वनकर्मियों ने बच्चों को जंगल का भ्रमण कराया और पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों व वन्यजीवों के पगमार्ग (पैरों के निशान) की पहचान करना सिखाया। अधिकारियों ने बताया कि पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए बाघों का सुरक्षित होना क्यों जरूरी है। प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र रंगारे ने बच्चों को समझाया कि जंगल ही ऑक्सीजन, जल और वर्षा का मुख्य आधार हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने 'धरती के दूत' के रूप में पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा करने की शपथ ली। विभाग का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना है। देखें तस्वीरें..
UGC कानून का विरोध, सवर्ण समाज सड़क पर:विदिशा में रैली निकालकर पीएम-राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
विदिशा में यूजीसी के नए नोटिफिकेशन के विरोध में सवर्ण समाज, करणी सेना और राजपूत समाज के लोगों ने रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को सवर्ण समाज के लिए 'घातक' बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह यूजीसी कानून सामान्य वर्ग, ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग के बीच मतभेद पैदा करेगा। उनका आरोप है कि इससे समाज में विवाद की स्थिति बनेगी और लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि इस कानून से सवर्ण समाज के बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और वे कानूनी रूप से कमजोर होंगे। महिलाओं ने विशेष रूप से कहा कि यह कानून न केवल उनके वर्तमान को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी खतरे में डाल रहा है, जिसके कारण वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस यूजीसी नोटिफिकेशन को वापस नहीं लिया तो पूरे देश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बूंदी के गवर्नमेंट कॉलेज में बुधवार को हवाई हमले और बम विस्फोट की सूचना से हड़कंप मच गया। हालांकि, यह वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक मॉकड्रिल थी। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले और बम विस्फोट की स्थिति से निपटने के लिए शहर की तैयारियों का आकलन करना था। दोपहर बाद कॉलेज में हवाई हमले और बम विस्फोट की खबर फैलते ही सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं और उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज को चारों ओर से घेर लिया। मॉकड्रिल के दौरान कॉलेज परिसर में हवाई हमले और बम फटने जैसे दृश्य निर्मित किए गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं और तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। सिविल डिफेंस की टीम ने मॉकड्रिल में घायल दिखाए गए लोगों को स्ट्रेचर पर लादकर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, इस मॉकड्रिल में कुल 12 लोगों को घायल दर्शाया गया था, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी बूंदी लक्ष्मीकांत मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने मॉकड्रिल में शामिल विभिन्न टीमों के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मॉकड्रिल के सफल समापन के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहर में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना था। उन्होंने कहा कि यह मॉकड्रिल काफी सफल रहा और इससे सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी तैयारियों का आकलन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉकड्रिल भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकें।
डिंडोरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के घुसिया गांव में बुधवार को राघोपुर मरवारी बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर हजारों की संख्या में डूब प्रभावित किसान अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने पहुंचे। किसानों के विरोध के बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोक दिया। मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने निर्माण स्थल पर बने ठेकेदार के अस्थाई कैंप में कर्मचारियों को घेर लिया। सूचना मिलने पर शहपुरा के एसडीओपी अजय तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ नायब तहसीलदार भी मौजूद थे। लगभग तीन घंटे की समझाइश के बाद ग्रामीण समझौते के लिए तैयार हुए। डूब प्रभावित किसान अमर सिंह मार्को ने बताया कि राघोपुर मरवारी पावर बहुउद्देशीय परियोजना का ठेका एफकान कंपनी को मिला है। कंपनी ने घुसिया गांव के ढिमरान टोला में नर्मदा नदी किनारे अस्थाई कैंप बनाया है। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने लगभग डेढ़ हजार हरे-भरे पेड़ काट दिए हैं। किसानों की मुख्य मांग निर्माण कार्य रोकने की थी। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हुए समझौते के तहत ठेकेदार कंपनी अस्थाई कैंप खाली करने पर सहमत हुई है। नायब तहसीलदार शशांक शिंदे ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए तात्कालिक समझौता हुआ है, जिसके तहत ठेकेदार अपना सामान दूसरी जगह शिफ्ट करवा रहा है। इससे पहले 7 जनवरी को एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इसमें 48 गांवों के डूब प्रभावित किसान, नर्मदा घाटी प्राधिकरण के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी (नायब तहसीलदार शशांक शिंदे और शाहपुर थाना प्रभारी) मौजूद थे। इस बैठक में बांध निर्माण कार्य रोकने और सात दिन के अंदर निर्माण सामग्री हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। 22 जनवरी को किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था और 28 जनवरी को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया था।
मोतिहारी में बच्चों के विवाद पर हिंसक झड़प:दो पक्षों में जमकर चले ईंट-पत्थर, छह से अधिक घायल
मोतिहारी के पंचपकड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़हनिया गांव में बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद बुधवार को अचानक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। दो पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले, जिसमें छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए ढाका रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। 25 जनवरी को बच्चों के झगड़े से शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, खड़हनिया गांव में 25 जनवरी को बिलट महतो और उमेश साह के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते बच्चों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस घटना को लेकर पंचपकड़ी थाना में उमेश साह द्वारा मुन्ना महतो सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ और गांव में माहौल लगातार गरमाता रहा। स्कूल जाते बच्चे से मारपीट का आरोप मंगलवार को विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि उमेश साह के घर का एक बच्चा स्कूल जा रहा था। इसी दौरान आरोप है कि बिलट महतो के परिजनों ने उसके साथ मारपीट करने का प्रयास किया। बच्चा किसी तरह जान बचाकर घर पहुंचा और अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नाराजगी और आक्रोश और बढ़ गया। गाली-गलौज के बाद हुआ आमना-सामना बुधवार की सुबह विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया। आरोप है कि बिलट महतो अपने कुछ सहयोगियों के साथ उमेश साह के घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले बहस हुई, फिर देखते ही देखते दोनों ओर से लोग जुटने लगे और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे। लाठी-डंडों का भी खुलेआम इस्तेमाल किया गया। गांव में अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।इस हिंसक झड़प में रामकिशोर प्रसाद, अनिल कुमार, यासनी मिया, जोतनारायण, लालधारी प्रसाद, उमेश प्रसाद, अरविंद सिंह और ब्रजकिशोर साह समेत कई लोग घायल हो गए।वहीं पत्थरबाजी के दौरान वीरेंद्र साह की एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस पहुंची मौके पर, स्थिति पर पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही पताही और पंचपकड़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और हिंसा को फैलने से रोका।घायलों को तत्काल इलाज के लिए ढाका रेफरल अस्पताल भेजा गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और लगातार कैंप किया जा रहा है। गांव में तनाव, पुलिस रख रही कड़ी निगरानी घटना के बाद खड़हनिया गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी : थानाध्यक्ष पंचपकड़ी थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई है, जिसमें छह से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।उन्होंने कहा कि फिलहाल गांव की स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एटा महोत्सव के अंतर्गत चार दिवसीय जनपदीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी एटा महोत्सव के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन एसएसपी श्यामनारायण सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने किया। मुख्य अतिथि एसएसपी श्यामनारायण सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने फुटबॉल को किक मारकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष देवेंद्र यादव बंटी, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत प्रजापति और प्रोफेसर शुभम यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। राजीव यादव बॉबी संयोजक और अनूप द्विवेदी सह-संयोजक की भूमिका में थे। प्रतियोगिता का पहला मैच दून पब्लिक स्कूल और सेंट पॉल्स स्कूल के बीच खेला गया। मुख्य अतिथि एसएसपी श्यामनारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेलों से छात्रों के संपूर्ण व्यक्तित्व और नेतृत्व शक्ति का विकास होता है। उन्होंने छात्रों को खेलकूद में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। एसएसपी ने इस बात पर जोर दिया कि खेलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल भावना का अर्थ किसी को गिराने या नीचा दिखाने की भावना नहीं, बल्कि निष्पक्ष और सम्मानजनक तरीके से मुकाबला करना है। इस अवसर पर देवेंद्र चौधरी (अध्यक्ष), राजीव यादव (सचिव), अनूप दुबे (वरिष्ठ उपाध्यक्ष/टीम कोच उत्तर प्रदेश फुटबॉल टीम), मनीष दुबे (संयुक्त सचिव), सुशील यादव प्रधान (संयुक्त सचिव), राजीव वर्मा (कोषाध्यक्ष) भी उपस्थित थे। सदस्यों में शिवकुमार द्विवेदी, प्रभात ललित नॉक्स, सत्येंद्र कश्यप, डॉ. अनुमित द्विवेदी, सेवाराम और फुटबॉल कोच मनोज कुमार शामिल थे।
मोबाइल ऑन करते ही पकड़ाया लूटेरा:डेढ़ साल पहले वारदात को दिया था अंजाम; लाल-काले रंग की बाइक भी जब्त
नालंदा की पावापुरी पुलिस ने डेढ़ साल पुराने लूट कांड मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरियक थाना क्षेत्र के नीचली बाजार में छापेमारी कर एक लुटेरे को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई लाल-काले रंग की बाइक (बीआर-21आर-3033) भी बरामद कर ली गई है । डीएसपी राजगीर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटना 23 जुलाई 2024 की है। लहेरी थाना क्षेत्र के मथुरिया मोहल्ला निवासी अविनाश कुमार अपनी बाइक से एनएच-20 के रास्ते जा रहे थे। तभी पावापुरी ओवरब्रिज के पास अभिलाषा होटल के पास दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका और मारपीट कर मोबाइल व पैसे लूट लिए थे । तकनीकी जांच से मिली सफलता पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि लूटे गए मोबाइल को सर्विलांस पर रखा गया था। 27 जनवरी 2026 को मोबाइल की लोकेशन ट्रेस हुई । इसके आधार पर एक टीम गठित कर गिरियक में छापेमारी की गई और अनीश कुमार को उसके घर से दबोच लिया गया । घटना में शामिल तीन अन्य बदमाश विजय यादव, अखिलेश कुमार का सत्यापन कर लिया गया है। जिसमें यह पता चला कि गिरियक थाना से आर्म्स एक्ट के केस में न्यायिक हिरासत में है। जबकि अन्य एक अज्ञात व्यक्ति के नाम पता का सत्यापन किया जा रहा है। छापेमारी टीम में पावापुरी थाना अध्यक्ष गौरव कुमार सिंह,अंजनी कुमार राय, राहुल कुमार और गिरियक थाना की पुलिस टीम शामिल रही।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने विद्युत विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर आरोपी ने किसान से घूस की डिमांड की थी। मामला दीपका थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित किसान का नाम श्यामता टंडन है। वह ग्राम रलिया में रहता है। वह अपने खेत में ट्रांसफार्मर लगवाना चाहता था, जिसके लिए उसने विद्युत विभाग के दफ्तर में आवेदन दिया था। जिसके बदले असिस्टेंट इंजीनियर सत्येंद्र दिवाकर ने 80 हजार रुपए की डिमांड की। किसान पहले ही असिस्टेंट इंजीनियर को 30 हजार रुपए चुका था। लेकिन बाकी 50 हजार रुपए वह नहीं देना चाहता था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में की। जिस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने बुधवार को आरोपी के घूस लेते ट्रैप किया। वहीं, अंबिकापुर में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले RI (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) को कोर्ट ने 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी आरआई ने पीड़ित महिला से जमीन का नक्शा काटने और रिकॉर्ड करेक्ट करने के बदले घूस की डिमांड की थी। कोरबा में रिश्वतखोर असिस्टेंट इंजीनियर अरेस्ट पहला मामला कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र का है। दरअसल, ग्राम रलिया के रहने वाले श्यामता टंडन के दोस्त के पिता का ग्राम दर्री में कृषक जमीन है। जहां ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन के बाद असिस्टेंट इंजीनियर सत्येंद्र दिवाकर ने मौके का निरीक्षण किया। असिटेंट इंजीनियर ने ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर चालान शुल्क के अलावा नाश्ता-पानी के नाम पर 80 हजार रुपए की मांग की। आरोपी पहले ही 30 हजार रुपए ले चुका था। बाकी 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। ऐसे में श्यामता टंडन ने मामले की शिकायत बिलासपुर एसीबी कार्यालय में की। शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप योजना बनाई गई। 28 जनवरी को शिकायतकर्ता श्यामता को 50 हजार रुपए के साथ आरोपी के दीपका स्थित कार्यालय भेजा गया। आरोपी ने जैसे ही रिश्वत की रकम ली, एसीबी टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से 50 हजार रुपए रिश्वत की राशि बरामद की गई। इस मामले में डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने दोहराया कि भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और रिश्वत मांगने की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। अंबिकापुर में रेवेन्यू इंसपेक्टर को 4 साल की सजा दूसरा मामला सरगुजा के अंबिकापुर का है। जानकारी के मुताबिक, कृष्णानगर अंबिकापुर निवासी अर्चना खाखा ने 17 जुलाई 2020 को डीएसपी एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया था कि साल 2018 में उनके पति राकेश खाखा ने सरगुजा जिले में खसरा नंबर 542/12 की 0.04 हेक्टेयर जमीन ठाकुरपुर निवासी जानू अगरिया से खरीदकर रजिस्ट्री कराई थी। भूमि का नक्शा कटवाने और रिकॉर्ड ठीक कराने के बदले राजस्व निरीक्षक राजबहादुर सिंह ने 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत की जांच के दौरान आरोपी ने साफ कहा कि वह 10 हजार रुपये से कम एक भी रुपया नहीं लेगा। अगले दिन जमीन की नापजोख के बाद उसने फिर 10 हजार रुपए मांगे। इस दौरान प्रार्थिया ने 2 हजार रुपए दिए और बाकी 8 हजार रुपए नक्शा कटने और रिकॉर्ड ठीक होने के बाद देने की बात कही। एसीबी ट्रैप में गिरफ्तारी 7 अगस्त 2020 को एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई की। अंबिकापुर के फुंदुलडिहारी स्थित पटवारी कार्यालय सह निवास में आरोपी राजबहादुर सिंह को अर्चना से 8 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। न्यायालय का फैसला जांच पूरी होने के बाद 22 जून 2021 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के बाद 28 जनवरी 2026 को न्यायालय ने राजबहादुर सिंह को 4 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
18 किलो डोडाचूरा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार:प्रतापगढ़ में 2.80 लाख का मादक पदार्थ, कार-बाइक भी जब्त
प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 किलो 640 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत 2 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्रसिंह जोधा, रंठाजना थाना टीम और जिला स्पेशल टीम (DST) ने की। घटना 27 जनवरी 2025 की है। रंठाजना थानाधिकारी विजेंद्र सिंह और डीएसटी टीम साकरिया से चेनियाखेड़ी जाने वाले रास्ते पर नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान साकरिया की तरफ से एक बाइक और उसके पीछे एक कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस टीम ने वाहनों को रोकने का इशारा किया, तो कार चालक ने गाड़ी को वापस घुमाने की कोशिश की। डीएसटी प्रभारी ने कार को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कार चालक ने वाहन को तेज गति से पीछे ले जाकर आगे बढ़ते हुए डीएसटी के वाहन को टक्कर मार दी, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए। टक्कर के बाद पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली, जिसमें 18 किलो 640 ग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ, जिसे जब्त कर लिया गया। पुलिस ने मौके से बाइक सवार आसिफ पुत्र हबीब खां अजमेरी (25) निवासी गादोला, थाना रंठाजना और पर पीछे बैठे फैजान पुत्र दादू खां अजमेरी (30) निवासी गादोला, थाना रंठाजना, वहीं कार से लक्ष्मण पुत्र भीम मीणा (35) निवासी मोटीखेड़ी, थाना सुहागपुरा को गिरफ्तार किया।
मेरठ में दो लाख रूपए की रिश्वत लेते ट्रैप हुए सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर को बुधवार को विजिलेंस की टीम ने कोर्ट में पेश किया। विजिलेंस ने जूनियर इंजीनियर को पेश करते हुए स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट से रिमांड मांगा था, जिसे मंजूर कर लिया गया। इसके बाद जूनियर इंजीनियर को 14 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पहले एक नजर पूरे मामले पर इंचोली निवासी धर्म सिंह की डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से फार्म है। वह उम्रदराज हैं, इसलिए उनके बेटे अंकुर सिंह उनका कामकाज संभालते हैं। उनके द्वारा लगभग 8 लाख रूपए का एक काम किया गया था। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह ने पूरा पेमेंट कराने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी। मंगलवार को अंकुर की शिकायत के बाद विजिलेंस की टीम ने ब्रजराज सिंह को 2 लाख रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 3.71 लाख के पेमेंट को मांगे 3 लाख रूपए शिकायतकर्ता अंकुर ने बताया कि ऑफलाइन टेंडर के जरिए 1 दिसंबर, 2025 को उन्हें गाजियाबाद के मछरी माइनर (0.800 किलोमीटर से 1.600 किलोमीटर दूरी तक) के पुनर्स्थापना का कार्य मिला था। 30 दिसंबर को काम पूरा हो गया और अंकुर ने पिता की तरफ से पेमेंट की फाइल लगा दी। 4,32,644 रूपए का पेमेंट भी हो गया लेकिन शेष पेमेंट जो लगभग 3.71 लाख रूपए था, उसका पेमेंट करने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी और ना देने पर धमकी दी। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा बुधवार को विजिलेंस की टीम ने रिमांड के लिए जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान सुना दिया। विजिलेंस टीम शाम को जूनियर इंजीनियर को लेकर जेल पहुंची और दाखिल करा दिया। कोर्ट के बाहर परिजनों की लगी भीड़ इससे पहले विजिलेंस की टीम आरोपी ब्रजराज सिंह को लेकर कोर्ट पहुंची तो वहां परिजनों का जमावड़ा लग गया। ब्रजराज सिंह की पत्नी, मां और परिवार के अन्य लोग वहां मौजूद दिखे। सिंचाई विभाग के भी कुछ कर्मचारी भी परिवार के साथ मौजूद थे। पत्नी और मां को रोता हुआ देख परिजनों ने वहां से घर भेज दिया। उसके बाद विजिलेंस की टीम जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को लेकर रवाना हो गई।
बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। पटना के जन सुराज पार्टी कार्यालय में पीसी के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (हिमाचल) जय प्रकाश सिंह ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि साल 2015 से 2024 के बीच बिहार में आपराधिक मामलों में 80 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़ोतरी सिर्फ 24 प्रतिशत है। ग्रामीण बिहार में नहीं आई अपराध में कमी जेपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 चुनावी साल था, इस कारण चुनाव से संबंधित हिंसा और अपराध भी हुए। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2025 में हत्या के मामलों में 7 से 8 प्रतिशत की कमी जरूर आई है, लेकिन यह कमी मुख्य रूप से शहरी इलाकों तक ही सीमित है। अर्बन एरिया में हत्या और किडनैपिंग के मामलों में कुछ गिरावट दिखती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं और वहां अपराध में कोई खास कमी नहीं आई है। बिहार में 100% केस दर्ज ही नहीं होते जेपी सिंह ने बिहार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में आज भी थानों में 100 प्रतिशत मामलों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। कई बार पीड़ितों को केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट, खासकर सीजेएम कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है, जो एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है। जब आज की स्थिति में भी सभी मामले दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, तब अगर 100 प्रतिशत केस दर्ज होने लगे तो अपराध के आंकड़े और भी भयावह नजर आएंगे। शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार बने बड़े कारण जेपी सिंह ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ने के पीछे सबसे बड़े कारणों में शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार हैं। जिला स्तर पर पुलिस की प्राथमिकता संगीन अपराधों को रोकने के बजाय शराबबंदी लागू कराने और अवैध बालू उठाव पर कार्रवाई करने तक सीमित रह गई है। इन दोनों क्षेत्रों में “कमाई” की संभावना अधिक रहती है, इसलिए पुलिस का फोकस वहीं रहता है। नतीजतन हत्या, अपहरण, रेप जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता सूची में पीछे चले गए हैं। 10 साल में 80 हजार से 1 लाख केस पेंडिंग जेपी सिंह ने बताया कि बिहार में पिछले 10 साल में करीब 80 हजार से 1 लाख ऐसे मामले पेंडिंग हैं, जिनमें वारंट जारी हो चुके हैं या कुर्की-जब्ती का आदेश दिया जा चुका है, फिर भी वे लंबित हैं। राज्य में कुर्की-जब्ती के करीब 10 से 15 हजार मामलों में आदेश होने के बावजूद अब तक तामील नहीं हो सका है। अपराधियों का बढ़ता मनोबल उन्होंने कहा कि जब समय पर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती और अदालत के आदेशों का भी पालन नहीं होता, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। कई मामलों में स्थानीय प्रभाव या पैसों के लोभ के कारण थाना स्तर पर ही आरोपियों को नहीं पकड़ा जाता, जिससे अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं और नए अपराधों को अंजाम देते हैं। पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल जेपी सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में कुछ ऐसे तत्व आ गए हैं जो कर्तव्यनिष्ठा और प्रोफेशनलिज्म का पालन नहीं करते। दबाव और लालच में आकर कुछ अधिकारी अपराधियों पर कार्रवाई से बचते हैं, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करे और बताएं कि आखिर 10 साल में अपराध क्यों बेलगाम हो गया। पार्टी ने कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
निषाद पार्टी ने कुशीनगर से पदयात्रा शुरू की:समान अधिकार, आरक्षण की मांग उठाई; 75 जिलों से गुजरेगी
निषाद पार्टी ने उत्तर प्रदेश में समान अधिकार और संवैधानिक आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को कुशीनगर से एक पदयात्रा शुरू की है। यह यात्रा प्रदेश के सभी 75 जिलों से होकर गुजरेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने समाज में भेदभाव पैदा किया है, जबकि पहले सभी लोग मिल-जुलकर रहते थे, जैसे भगवान राम और निषादराज की मित्रता थी। यूजीसी बिल के विरोध से जुड़े सवाल पर डॉ. संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि देश के शिक्षा मंत्री इस पर अपना पक्ष पहले ही बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य सबको समान अधिकार देना है और यदि कोई इसका दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. निषाद ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार देश के हर वर्ग के लोगों के हित में कार्य कर रही है। पार्टी का कहना है कि आजादी के समय अंग्रेजों से लड़ने वाले कई समाज आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और समानता के अधिकार से वंचित हैं। निषाद पार्टी ऐसे पिछड़े और वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान चला रही है। डॉ. निषाद ने समाज में समानता और सभी लोगों के लिए अवसर होने पर जोर दिया। उनके अनुसार, आरक्षण और यूजीसी बिल अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि सदियों से लोग अनपढ़ रहे हैं और अंग्रेजों तथा मुगलों ने उन्हें सताया व उजाड़ा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में 40% लोग भूमिहीन हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। भगवान बुद्ध की धरती कुशीनगर से शुरू हुई यह पदयात्रा प्रदेश के सभी जिलों में निकलेगी, जिसका लक्ष्य वंचितों को उनके अधिकार दिलाना है।
कानपुर की धरती एक बार फिर बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट से गूंज रही है। अपनी खास पहचान और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर गूगल गोल्डन बाबा उर्फ मनोज आनंद महाराज ने अब छात्रों के भविष्य और स्वर्ण समाज के हितों के लिए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाते हुए केंद्र सरकार के नए यूजीसी बिल पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है,यह बिल स्वर्ण समाज के छात्रों के सुनहरे भविष्य के रास्ते में एक बड़ी बाधा बन सकता है, इसलिए इस पर पुनर्विचार करना समय की सबसे बड़ी मांग है। गोल्डन बाबा ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि, सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जो 'सर्व समाज' को स्वीकार्य हो। अगर आज इस बिल के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। वह इसे केवल एक कानून नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ मान रहे हैं। इस विरोध को एक नई धार देने के लिए बाबा ने कानपुर में एक भव्य 'रथ यात्रा' निकालने की घोषणा की है। यह रथ पूरे शहर में भ्रमण कर लोगों को इस बिल के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। हालांकि, बाबा ने अपने समर्थकों और संत समाज को एक कड़ा संदेश भी दिया है। उन्होंने कहा कि,हमारा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से मर्यादा में होगा। उन्होंने एक बेहद प्रभावशाली नारा दिया कि हम 'कानून को साथ में लेंगे, हाथ में नहीं'। इसका मतलब साफ है कि यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक, सरल और प्रशासन के मार्गदर्शन में होगा। गोल्डन बाबा ने यह भी साफ कर दिया कि विरोध का तरीका शक्ति प्रदर्शन न होकर 'निर्मलता' और 'सरलता' वाला होगा। इसी कड़ी में समस्त संत समाज एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय जाएगा और वहां अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। बाबा का मानना है,कि लोकतंत्र में अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखना ही सबसे बड़ा हथियार है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी इस आवाज को गंभीरता से सुनेगी।
फर्रुखाबाद में भारतीय गौवंश एवं पर्यावरण संरक्षण समिति दिल्ली के गौ रक्षा राष्ट्रीय अध्यक्ष और द्वारकाधीश पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास महाराज ने फतेहगढ़ के भोलेपुर मंदिर में गौ हत्या पर सख्त बयान दिया। उन्होंने पूरे भारत में गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने और कसाइयों को फांसी की सजा देने की मांग की। महामंडलेश्वर ने कहा कि सभी कत्लखानों को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि वे अपने अधीन चल रहे कत्लखानों के लाइसेंस रद्द करें। उन्होंने गौ माता को वैदिक परंपरा की धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने राज्य सरकार में संतों की भूमिका में आई जागृति की सराहना की, जिससे गौशालाओं की स्थिति में सुधार हुआ है। महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे संतों के आने से गौशालाओं में बड़ा परिवर्तन आया है। महंत रामेश्वर दास ने कई गौशालाओं का दौरा करने के बाद बताया कि पिछले 10 वर्षों की तुलना में अब स्थिति बेहतर है। गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर गौशालाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों द्वारा भी गौ संवर्धन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनमानस से गौ माता के संवर्धन और संरक्षण में स्वयं से पहल करने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की कि राज्य में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है और वहां भगवा ही नजर आएगा। उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की भी मांग की। कोलकाता में आधे से ज्यादा बांग्लादेशीमहंत ने कहा की कोलकाता में वहां की राज्य सरकार आधे से ज्यादा बांग्लादेशियों को भरी थी। केंद्र सरकार की जागृति पर आज कोलकाता के अंदर जो बम पंथी विचारधारा की सरकारी बैठी हुई हैं। भारतीय जनमानस सनातनी हिंदू वहां पर निवास करते हैं। उनके साथ जो मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। जमीन व्यवसाय क्षेत्र राज्य सरकार वामपंथी विचारधारा के लोग सिमी संगठन आतंकवादी विचारधारा यह सभी लोग मिलकर हिंदुओं को उनके पद चिन्हों से भटकने का कार्य कर रहे हैं। मैं आशा रखता हूं कोई बंगाल और कोलकाता के हिंदू जागृत हो गए हैं। कहीं न कहीं कुछ दिनों के अंदर ही राज्य सरकार में बहुत बड़ा परिवर्तन आपको देखने को मिलेगा। समस्त भारतीय जनमानस समस्त संत समाज समस्त भारतीय जो गौ माता की उपासक हैं। जल्द ही कोलकाता और बंगाल के अंदर शांति की स्थापना दिखेगी। भगवा का रूप दिखेगा।भारतीय जन मानस की जागृति से पूरे बंगाल की दशा और दिशा बदलने वाली है। उन्होंने भारत माता के जयकारे भी लगाए। शंकराचार्य महाराज हमारे हिंदू समाज के आराध्य देव भगवान हैप्रयागराज में शंकराचार्य के चल रहे बवाल को लेकर पूछे गए सवाल पर महंत ने कहा शंकराचार्य महाराज हमारे हिंदू समाज के आराध्य देव भगवान हैं। हम उनके चरणों में कोटि-कोटि दंडवत करते हैं। हम तो तुच्छ साधु हैं भगवान के विषय में हमको बोलना उचित नहीं है। हमारी तरफ एक संत है दूसरी तरफ शंकराचार्य हैं। ऐसे मझधार में हम फंसे हुए हैं। आंतरिक शुद्धिकरण कर समाज को समरसता और शांति का संदेश दें उन्होंने भारत माता के जयकारे भी लगाए।
शहर के एलिवेटेड कॉरिडोर, सेंट्रल डिवाइडर और बीआरटीएस से जुड़े अधूरे कार्यों को लेकर हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने टेंडर दस्तावेज की अस्पष्टता और निर्णयों में विरोधाभास पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही का खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जारी टेंडर दस्तावेज में कार्य के दायरे को लेकर स्पष्टता नहीं है। कहीं केवल स्क्रैप उठाने की बात कही गई, तो कहीं ध्वस्तीकरण और आदेश के अनुपालन का जिक्र नहीं मिला। इस पर जस्टिस शुक्ला ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति आगे चलकर कानूनी विवाद को जन्म दे सकती है। सुनवाई में याचिकाकर्ता राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बगाडिया और एडवोकेट शिरीन सिलावट ने पक्ष रखा। काम चाहिए, बहाने नहीं अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उसका उद्देश्य किसी ठेकेदार को दंडित करना नहीं है, बल्कि शहर से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा कराना है। जस्टिस शुक्ला ने यह भी पूछा कि यदि टेंडर प्रक्रिया बार-बार अटक रही है, तो क्या कार्य किसी सरकारी एजेंसी से नहीं कराया जा सकता। एलिवेटेड कॉरिडोर पर विरोधाभासी जवाब अधिकारियों के बयानों पर भी कोर्ट ने असंतोष जताया। एक तरफ कहा गया कि एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर यह भी बताया गया कि पीडब्ल्यूडी फरवरी में काम शुरू करेगा। कोर्ट ने इस विरोधाभास को गंभीर माना। अधूरे डिवाइडर से बढ़ रही जनता की परेशानी सेंट्रल डिवाइडर और अस्थायी बैरिकेडिंग को लेकर अदालत ने कहा कि अधूरे निर्माण के कारण रोजाना ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने 3.1 किमी का कार्य तीन महीने में पूरा करने की बात कही, लेकिन कोर्ट ने इस देरी पर चिंता जताई। 20 दिन का अल्टीमेटम, अगली सुनवाई 25 फरवरी सरकारी पक्ष ने टेंडर में हुई चूक स्वीकार करते हुए 20 दिन का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दी। साथ ही निर्देश दिए कि निर्माण कार्य ऐसा हो जिससे यातायात प्रभावित न हो। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी 2026 को तय की गई है।
गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बुधवार को दुर्ग आगमन हुआ। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अभियान के तीसरे चरण के अंतर्गत दुर्ग पहुंचे हैं। वे यहां भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन करेंगे। दुर्ग आगमन के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश में जारी शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वहां अत्यधिक तामझाम और अव्यवस्था के कारण उन्हें रोका गया। इस पूरे प्रकरण को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इन विवादों के बीच जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिना स्नान के लौट रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराजप्रयागराज में चल रहे माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस अधिकारियों ने रथ के साथ जाने से रोक दिया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस हो गई थी। भक्तों से दुर्व्यवहार के वीडियो भी सामने आए थे। अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें संगम में स्नान करने से रोका गया। इसके बाद बुधवार 28 जनवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने घोषणा की कि वे इस माघ मेला में स्नान नहीं करेंगे और उन्हें दुखी मन से मेले से जाना पड़ रहा है। दुर्ग के अंडा गांव में आयोजनजगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का विचार किसी के विरोध में नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों का मार्ग दिखाता है। दुर्ग प्रवास के दौरान वे संतों, बुद्धिजीवियों और आम श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे तथा हिंदू राष्ट्र अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम दुर्ग जिले के अंडा ग्राम में आयोजित किया जा रहा है।
औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड के चपरा में प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र श्री पंचदेव धाम स्थित है। इसमें पंचदेव धाम महोत्सव का भव्य आयोजन आज से 1 फरवरी तक किया जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत हवनात्मक श्री महामृत्युंजय महायज्ञ, वेद पाठ, देव पूजन, अखंड हरि कीर्तन सहित अनेक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। महोत्सव के पहले दिन आज गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर गंगा सरोवर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल-भरी की गई। श्रद्धालु कलश लेकर मंदिर परिसर स्थित श्री श्री सूरज नारायण परिक्षेत्र यज्ञशाला मंडप पहुंचे, जहां मंत्रोच्चार के साथ कलश की स्थापना की गई। इस अवसर पर पंचदेव धाम के संस्थापक अशोक कुमार सिंह सपत्नीक शामिल हुए। उनके साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष किरण देवी, उनके पति और पंचदेव धाम के सचिव सुबोध कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अन्य वैदिक अनुष्ठान विधिवत हुए यज्ञशाला मंडप में देवताओं का पूजन, अरणी मंथन और अन्य वैदिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न कराए गए। आयोजन समिति के अनुसार, आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 8 बजे से संध्या 6 बजे तक चलेंगे। गुरुवार से 31 जनवरी तक वेद पाठ, देव पूजन, हवन और आरती का आयोजन किया जाएगा। 1 फरवरी को वेद पाठ, देव पूजन, पूर्णाहुति और ब्रह्म भोग के साथ महायज्ञ का समापन होगा। 1 फरवरी को दोपहर 1 बजे से सीता रसोई परिक्षेत्र में भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। हवनात्मक श्री महामृत्युंजय महायज्ञ को काशी के सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य श्री मथुरा प्रसाद शुक्ला समस्त वैदिक विधानों के साथ संपन्न करा रहे हैं। 21 नवंबर से 1 साल के अखंड कीर्तन का आयोजन बता दें कि एक साल की अवधि के लिए आयोजित अखंड हरि कीर्तन, जिसकी शुरुआत 21 नवंबर 2025 को श्री सीताराम मंदिर से हुई थी, ये 10 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। यह अखंड हरि कीर्तन लगातार चल रहा है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचदेव धाम परिसर में गूंजते वैदिक मंत्रों से वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है। इस आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और आम जनों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने जिलेवासियों से इस आध्यात्मिक महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने करने की अपील की है।
मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह जन शिकायतों, विशेषकर भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने कई भूमि विवादों में स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की है। उनके निर्देश पर सार्वजनिक भूमि से अनाधिकृत कब्जे हटाकर ग्रामसभा को सौंपे गए हैं। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई निर्माण कार्य रुकवाए गए। खतौनी में दर्ज गलत नामों और गाटा संख्याओं को भी मौके पर सही कराया गया है। जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को भूमि विवादों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर भेजकर कार्रवाई करेगी। अनाधिकृत कब्जा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सीमांकन और पैमाइश के बाद यदि दोबारा कब्जा किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को भू-माफिया के रूप में चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इसी कड़ी में, जन-सुनवाई के दौरान रमईहार निवासी अनोखेलाल और रामकिशोर ने शिकायत की। उन्होंने बताया कि मौजा रमईहार में उनके गाटा संख्या-30 पर एक प्रॉपर्टी डीलर जबरन कब्जा कर रहा है और जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से मामले की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद प्रभारी तहसीलदार हरेंश कर्दम को तत्काल टीम गठित कर जमीन की पैमाइश कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पैमाइश पूरी होने तक किसी भी पक्ष द्वारा कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। इस दौरान राजस्व निरीक्षक बृजेश राठौर, अनिल कुमार सक्सेना, अनुज कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल अमित राजपूत भी उपस्थित थे।
उज्जैन में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के तहत चार खेलों का आयोजन किया जा रहा है। राजमाता सिंधिया खेलो स्टेडियम परिसर में कुश्ती प्रतियोगिता से इसकी शुरुआत हुई है। लोटी मैदान में मलखंब प्रतियोगिता चल रही है, जबकि आगामी दिनों में योगासन और रस्साकशी का आयोजन किया जाएगा। दरअसल, भोपाल के तात्या टोपे स्टेडियम में मंगलवार को खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025-26 का राज्य स्तरीय शुभारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन कर खिलाड़ियों को शपथ दिलाई और विभिन्न संभागों से आए खिलाड़ियों को सम्मानित किया था। मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर से चयनित खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है। आयोजन में 1300 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खिलाड़ियों के आवास, भोजन और परिवहन की समस्त व्यवस्थाएं शासन द्वारा की गई हैं। अनुष्का बौरासी और गौरव ने जीता स्वर्णउज्जैन में हुई कुश्ती प्रतियोगिता के प्रारंभिक परिणाम भी सामने आए हैं। अनुष्का बौरासी और गौरव यादव (जबलपुर) ने स्वर्ण पदक जीता। कात्यायनी देवी (रीवा) और गौतम पटौना (उज्जैन) ने रजत पदक हासिल किया। भूमिका (उज्जैन), फरहान खान (छिंदवाड़ा) और पृथ्वी जोशी (इंदौर) को कांस्य पदक मिला। जिला खेल अधिकारी ओपी हरोड़ ने बताया कि खेलो एमपी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, शहरी और आदिवासी अंचलों से खिलाड़ियों को जोड़ना है। इस संस्करण में एक लाख से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित खिलाड़ी 28 खेलों में राज्य स्तरीय मुकाबलों में भाग ले रहे हैं। पारंपरिक और आधुनिक खेलों को बढ़ाना लक्ष्यउज्जैन नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई खेलो इंडिया पहल से प्रेरणा लेकर प्रदेश स्तर पर खेलो एमपी की शुरुआत की गई है। इसका लक्ष्य कुश्ती सहित अन्य पारंपरिक और आधुनिक खेलों को बढ़ावा देना है। इससे पहले वर्ष 2023 में खेलो इंडिया का आयोजन हुआ था, जिसमें देश के 27 राज्यों के खिलाड़ी शामिल हुए थे। उसी तर्ज पर खेलो एमपी को भी प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है।
सवाई माधोपुर में UGC बिल का विरोध:पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बोले, UGC बिल सवर्णों के लिए भस्मासुर
UGC एक्ट का देशभर में विरोध हो रहा है। जिसका असर अब सवाई माधोपुर में भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में आज सवर्ण एकता मंच सवाई माधोपुर की ओर से भारत सरकार की ओर लाए गये UGC एक्ट को वापस लेने और केन्द्र में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के सरलीकरण एवं आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव में EWS को लागू किए जाने की मांग की गई। इसे लेकर सवर्ण एकता मंच की ओर से बजरिया स्थित गौतम आश्रम में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने किया बिल का विरोध प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह भाया ने बताया कि दुख है कि वह जन्मजात भाजपा का सिपाही रहा हूं। उनकी 65 साल उम्र हो गई है। भाजपा के वटवृक्ष को सिंचने में कोई कसर नहीं रखी है। केंद्र में जो हमारी सरकार है वो सवर्ण समाज के बच्चों के लिए भस्मासुर का रोल अदा कर रही है। इस कानून से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं।पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भाया ने कहा वह भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे, पूर्व प्रदेश का कार्यकारिणी का सदस्य और किसान मोर्चा का प्रदेश महामंत्री रहा हूं। अगर भाजपा की बिल को वापस नहीं लेती है तो उन्हें मजबूरन भाजपा से संबंध तोड़ना पड़ेगा और भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जब तक यह बिल वापस नहीं लिया जाता, तब इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस UGC एक्ट के द्वारा सामान्य वर्ग के युवाओं को आगामी भविष्य में होने वाले नुकसान एवं मानसिक प्रताडना का सामना करना पडेगा। इस एक्ट के कारण सामान्य वर्ग के युवाओं को बिना किसी जांच एवं बिना किसी जानकारी के शिक्षा से वंचित किया जा सकता है, जिससे युवा का कैरियर बर्बाद हो जायेगा। UGC एक्ट के कारण युवाओं में सुरक्षा का अभाव, पूर्वाग्रह की आशंका, शिकायत तंत्र का दुरूपयोग, झूठे आरोप, प्रमाण का बोझ, योग्यता बनाम आरक्षण, कट ऑफ में भारी अंतर भी इस एक्ट के कारण देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से सवर्ण एकता मंच इस एक्ट को वापस लेने की मांग करता है। वहीं श्री करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह खिजूरी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा EWS सर्टिफिकेट का सरलीकरण पूरे देश में राजस्थान की तर्ज पर किया जाए। जिससे सामान्य वर्ग का युवा ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके और पंचायती एवं निकाय चुनाव में EWS को लागू किया जाए।
चतरा जिले में जंगली हाथियों के हमले से दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हाथियों के हमले में घायल हुए एक और युवक विकास भुइयां की हजारीबाग में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। वन विभाग की कथित निष्क्रियता के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को कुंदरी के पास अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस उपाय किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क जाम नहीं हटाएंगे। हजारीबाग में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया कुंदरी क्षेत्र में हाथियों के लगातार हमलों से ग्रामीण भयभीत हैं। हाल ही में हुए इन हमलों में मनोज भुइयां की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल विकास भुइयां ने भी हजारीबाग में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इन दो मौतों और कई पालतू जानवरों के मारे जाने के बाद सोनपुर और रामपुर के ग्रामीण प्रशासन से नाराज हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे। बीती रात भी हाथियों ने सोनपुर गांव में घुसकर कई पालतू जानवरों को मार डाला और फसलों को नुकसान पहुंचाया। अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे: ग्रामीण स्थानीय ग्रामीण अनिल सिंह ने वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम आती है और पटाखे लाने की बात कहकर चली जाती है, लेकिन फिर वापस नहीं लौटती। पुलिस भी आने का आश्वासन देती है, पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मृतकों के परिजनों को चेक के माध्यम से मुआवजा और मारे गए मवेशियों का हर्जाना नहीं मिलता, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। सड़क जाम के कारण चतरा-सिमरिया मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उनकी रातों की नींद हराम हो चुकी है और अब वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग की टीम मौके पर आकर लिखित रूप से सुरक्षा की गारंटी दे। फिलहाल, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बना हुआ है। देखना होगा कि वन विभाग की नींद कब खुलती है और क्या ग्रामीणों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।
संभल के गुन्नौर स्थित धनारी राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में भारतीय किसान यूनियन (असली, अराजनैतिक) का धरना आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। 5 जनवरी से शुरू हुए इस प्रदर्शन में किसानों की मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने से आंदोलनकारियों में रोष है। किसान नेता ऋषिपाल सिंह यादव ने बताया कि यह आंदोलन केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता से जुड़ी उन समस्याओं के समाधान के लिए भी है जिनकी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन पर किसानों की आवाज को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। धरने पर बैठे किसानों ने गुन्नौर तहसील प्रशासन पर खनन माफियाओं और भू-माफियाओं के साथ मिलकर आम जनता का शोषण करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवैध खनन और भूमि संबंधी मामलों में प्रशासन निष्क्रिय है। किसानों ने आवारा गोवंश की समस्या भी उठाई, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। धरना स्थल पर विजय सिंह, ओमप्रकाश, मेघ सिंह, अतर सिंह, हरपाल सिंह, किशनलाल, गजराम सिंह, नंदपाल सिंह और पाल पूरन सिंह जैसे कई वरिष्ठ किसान नेता मौजूद हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। भारतीय किसान यूनियन (असली, अराजनैतिक) ने 31 जनवरी 2026 को एक राष्ट्रीय महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। इसमें देशभर के किसान नेता और संगठन शामिल होंगे, जहां आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसानों का कहना है कि यह धरना उनके हक और न्याय की लड़ाई है। गुन्नौर तहसील प्रशासन के सामने अब किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की चुनौती है, अन्यथा आंदोलन और तेज हो सकता है।
देवरिया से डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 15949 व 15950 डिब्रूगढ़–गोमतीनगर–डिब्रूगढ़ अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस के नियमित संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन डिब्रूगढ़ से 30 जनवरी 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को तथा गोमतीनगर से 1 फरवरी 2026 से प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी। ट्रेन संख्या 15949 डिब्रूगढ़–गोमतीनगर अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को डिब्रूगढ़ से रात्रि 9 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन मराणहाट, शिमलगुड़ी, मरियानी, फरकाटिंग, दीमापुर, लामडिंग, गुवाहाटी, न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार, बरौनी, छपरा, सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट तथा बाराबंकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करते हुए तीसरे दिन दोपहर 1:30 बजे गोमतीनगर पहुंचेगी। देवरिया सदर स्टेशन पर इस ट्रेन का आगमन सुबह 4:52 बजे निर्धारित है। वापसी यात्रा में, ट्रेन संख्या 15950 गोमतीनगर–डिब्रूगढ़ अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को गोमतीनगर से शाम 6:40 बजे प्रस्थान करेगी। यह बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया सदर, छपरा, बरौनी, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी और गुवाहाटी सहित प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरते हुए तीसरे दिन दोपहर 12:40 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। देवरिया सदर स्टेशन पर इसका ठहराव सुबह 3:00 बजे रहेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन के संचालन से देवरिया सहित पूर्वांचल के यात्रियों को पूर्वोत्तर राज्यों तक सीधी, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
शेखपुरा के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार को इंजीनियरिंग छात्रों के लिए मैनेजमेंट में करियर के अवसरों पर एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान (CIMP), पटना के सहयोग से हुआ, जिसका उद्देश्य अंतिम वर्ष के इंजीनियरिंग छात्रों को मैनेजमेंट क्षेत्र और भविष्य के करियर विकल्पों से परिचित कराना था। सेमिनार में चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान, पटना से डॉ. मनीष मोहन और डॉ. नितिश निगम ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की वर्तमान प्रासंगिकता और इससे करियर में होने वाले फायदों पर विस्तार से चर्चा की। आज के दौर में केवल तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं डॉ. मनीष मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। यदि छात्रों के पास मैनेजमेंट की समझ भी हो, तो उन्हें करियर में बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। डॉ. नितिश निगम ने जोर दिया कि मैनेजमेंट की पढ़ाई से छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और सही निर्णय लेने की समझ बढ़ती है। भविष्य के करियर के लिए पूरी तरह तैयार हों छात्र कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि कॉलेज का लक्ष्य है कि छात्र केवल इंजीनियरिंग तक सीमित न रहें, बल्कि भविष्य के करियर के लिए पूरी तरह तैयार हों। ऐसे सेमिनार उन्हें नई दिशा प्रदान करते हैं। सेमिनार को छात्रों के लिए अत्यंत लाभदायक बताया कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डॉ. जयशंकर प्रसाद केशरी ने सेमिनार को छात्रों के लिए अत्यंत लाभदायक बताया, जिससे उन्हें इंजीनियरिंग के बाद के विभिन्न रास्तों को समझने में मदद मिली। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. संदीप कुमार ने चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान, पटना की टीम का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही। इस सेमिनार में बड़ी संख्या में अंतिम वर्ष के छात्रों ने भाग लिया और वक्ताओं से सीधे प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
बेतिया राज कचहरी मैदान में केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना द्वारा आयोजित पांच दिवसीय 'विकसित भारत @ 2047' चित्र प्रदर्शनी सह जन-जागरूकता अभियान का समापन हो गया है। यह कार्यक्रम 24 से 28 जनवरी, 2026 तक चला, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना था। समापन समारोह की मुख्य अतिथि महापौर, बेतिया गरिमा देवी सिसकारिया ने कहा कि ऐसे आयोजन नागरिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना की। इस अभियान का प्रमुख केंद्रबिंदु VB-G RAM-G योजना (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025) रही। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गारंटीशुदा रोजगार के दिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण आबादी को अधिक लाभ मिलेगा। पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान योजनाओं का प्रचार रोचक और आकर्षक ढंग से किया गया। इसमें क्विज प्रतियोगिताएं, परिचर्चाएं, संवाद सत्र, लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन और जादू के शो शामिल थे, जिन्होंने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। भारतीय डाक विभाग, बेतिया द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर नागरिकों को तत्काल सेवाएं प्रदान की गईं। इस दौरान 150 बाल आधार कार्ड बनाए गए, 50 सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए और 40 डाक बीमा सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। आईसीडीएस सहित अन्य सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए निरोजा ग्रीन इंडिया परिवार फाउंडेशन ने लगभग 270 पौधों का निःशुल्क वितरण किया। इसके साथ ही, 'संदेश टू प्रधानमंत्री' अभियान के तहत नागरिकों ने पोस्टकार्ड भेजकर अपने विचार और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ग्यास अख्तर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जावेद अंसारी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम सफल रहा।
बांगड़ हॉस्पिटल परिसर में बुधवार को सिकंदर भाटी एम्बुलेंस सेवा पाली एवं भाईजान ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। कुल 51 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में योगदान दिया। शिविर में अतिथि के रूप में बांगड़ हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार, उपाधीक्षक डॉ. आर.के. विश्नोई, डॉ. बालगोपाल भाटी, डॉ. नूरैन मिर्जा, मुस्लिम समाज सदर हकीम भाई, कांग्रेस नेता मेहबूब टी, अमजद अली रंगरेज, मोहसीन खत्री, उमर चढ़ावा तथा पूर्व उपसभापति राकेश भाटी मौजूद रहे। अतिथियों ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रक्तदान शिविर समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को रक्त के लिए भटकना न पड़े। शिविर के दौरान जिशान अली रंगरेज, सिकंदर भाटी, मुनाजिर अली, इमरान तंवर, रिजवान चढ़ावा, जाहिद गौरी, जावेद सिरोहा, कलीम अख्तर सहित अन्य कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुटे रहे।
लखीमपुर के बडखेरवा में युवक का शव मिला:घर के कमरे में पंखे से लटकता मिला, पुलिस जांच में जुटी
लखीमपुर के बडखेरवा में एक युवक का शव उसके घर के कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला। यह घटना बुधवार, 28 जनवरी 2026 की सुबह सामने आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के बरखेड़ा निवासी आकाश का शव आज सुबह उसके परिजनों ने देखा। जब घरवाले उठे तो उन्होंने आकाश के कमरे का दरवाजा बंद पाया। झांक कर देखने पर उन्हें आकाश का शव पंखे से लटकता हुआ दिखाई दिया। मृतक के ताऊ रामकिशोर वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आकाश का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, लेकिन तब तक आकाश की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक के शव का आज पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
दमोह में डंपर की टक्कर से दो युवक घायल:आंजनी गांव के पास हुई घटना, वाहन लेकर फरार हुआ आरोपी ड्राइवर
दमोह के बटियागढ़ थाना क्षेत्र में आंजनी गांव के पास एक अज्ञात डंपर की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया है। घटना बुधवार शाम की है। बाइक से ग्राम खेजरा जा रहे थे युवक जानकारी के अनुसार, आंजनी की टपरियों निवासी छोटू (22) अपने रिश्तेदार बहादुर सिंह (40) के साथ बाइक से ग्राम खेजरा जा रहे थे। इसी दौरान आंजनी गांव के पास पीछे से आ रहे एक अज्ञात डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक ड्राइवर लेकर फरार हो गया। दोनों घायल इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर राहगीरों ने तुरंत घायलों की मदद की और डायल 112 को सूचना दी। मगरोन थाना से पायलट दीनदयाल पटेल और एएसआई शिवकुमार कलासिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बटियागढ़ पहुंचाया। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
बांदा में रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार:लेटर लिखकर दी थी जान से मारने की धमकी, तमंचा और कारतूस बरामद
बांदा पुलिस ने एक दुकानदार से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। तिंदवारी थाना क्षेत्र में 26 जनवरी 2026 को एक दुकानदार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 21 जनवरी 2026 को उसकी दुकान में एक धमकी भरा पत्र मिला था। इस पत्र में रंगदारी की मांग की गई थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया था। इस मामले में पहले 26 जनवरी 2026 को शनि पुत्र रनमत नामक एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा चुका है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इस मामले का वांछित अभियुक्त बबेरू रोड स्थित क्योटरा बहिंगा के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आज, 28 जनवरी 2026 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध 12 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान भानू पुत्र राजकुमार, निवासी अमलीकौर, थाना तिंदवारी, जनपद बांदा के रूप में हुई है।
आगरा नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख एतिहासिक एवं सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में पालीवाल पार्क में 100 फीट ऊंचे फ्लैग पोल (ध्वज स्तंभ) के निर्माण की योजना बनाई गई है। जिस पर विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जोंस लाइब्रेरी के पास स्थान भी चिह्नित कर लिया गया है।नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बुधवार को पालीवाल पार्क एवं जोंस लाइब्रेरी में चल रहे पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। कहा-निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित मानकों, तकनीकी मानदंडों एवं समय सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। कहा-पालीवाल पार्क शहर की ऐतिहासिक धरोहर है और यहां 100 फीट ऊंचे फ्लैग पोल की स्थापना से न केवल पार्क की भव्यता बढ़ेगी, बल्कि यह नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने पार्क में हरियाली, पाथवे, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जोंस लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक इमारतों के पुनरुद्धार में उनकी मूल पहचान और वास्तुकला को सुरक्षित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।निरीक्षण के समय सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम, क्षेत्रीय अवर अभियंता हरी ओम सहित निर्माण विभाग के अधिकारी एवं आर्किटेक्ट भी उपस्थित रहे । अधिकारियों ने नगर आयुक्त को कार्यों की प्रगति से अवगत कराया तथा आवश्यक तकनीकी जानकारियां साझा कीं।
चित्रकूट कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में 'किसान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके प्रभावी समाधान के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति, चकबंदी, नाला सफाई, नहर, लघु सिंचाई, ट्रांसफार्मर मरम्मत और बंदरों के आतंक से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रेलवे से संबंधित सड़क समस्याओं पर जिलाधिकारी ने किसानों को बताया कि इनका समाधान डीआरएम, प्रयागराज के कार्यक्षेत्र में आता है। उन्होंने कृषकों को उचित पैरवी के लिए एक बार व्यक्तिगत रूप से डीआरएम से भेंट करने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने बीमा कंपनियों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के दावों का त्वरित भुगतान करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने उप-कृषि निदेशक को लाभार्थियों की सूची ऑनलाइन सार्वजनिक करने का निर्देश दिया, ताकि प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। किसानों द्वारा पंचायत भवनों में सचिव और लेखपाल की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बैठक के लिए एक रोस्टर निर्धारित किया जा चुका है। संबंधित कर्मचारी तय रोस्टर के अनुसार ही ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहेंगे। अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को सचेत किया कि निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निस्तारित शिकायतों का रैंडम फीडबैक लिया जाएगा, और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में उप-कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, डीसी मनरेगा, किसान यूनियन के अध्यक्ष राम सिंह, शैलेन्द्र सिंह, यशवंत सिंह, देवेन्द्र सिंह और अन्य जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संभल में बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में हेड कांस्टेबल विकुल देव (35) की मौत हो गई। वह रजपुरा थाने से डाक लेकर बहजोई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा रहे थे। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। यह सड़क हादसा जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र में बहजोई रोड पर फरीदपुर तिराहा स्थित मंदिर के पास हुआ। विकुल देव पुत्र जयपाल सिंह, गांव चक फतेहपुर, थाना हीमपुर दीपा, जनपद बिजनौर के निवासी थे। लगभग 3 बजे दोपहर में, जब विकुल देव अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने लापरवाही से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सिपाही को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने विकुल देव के पैर में फ्रैक्चर और गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें चंदौसी के सीएचसी अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, बेहतर इलाज के बावजूद, सड़क हादसे के लगभग 2 घंटे बाद, शाम 5 बजे के आसपास उन्होंने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि सड़क हादसे में हेड कांस्टेबल विकुल देव की मृत्यु हुई है। उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है।
उदयपुर और डूंगरपुर के जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत की सतर्कता के कारण एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। डूंगरपुर जिले की कई ग्राम पंचायतों में उन लोगों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, जो इसके पात्र ही नहीं थे। जब सांसद को इसकी भनक लगी और जांच हुई, तो आंकड़े बेहद चौंकाने वाले निकले। मामले में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया कि जिले की बारों का शेर, बोलाडरा, बटका फला और गुमानपुरा जैसी पंचायतों में भारी गड़बड़ी हो रही है। सांसद ने बकायदा एक सूची भी सौंपी और बताया कि जिन्हें लाभ मिल रहा है, वे डूंगरपुर के मूल निवासी ही नहीं हैं, बल्कि बाहरी लोग हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डूंगरपुर कलेक्टर को तुरंत जांच के आदेश दिए। कलेक्टर ने जब छानबीन करवाई, तो सांसद की आशंका सही साबित हुई। जांच के लिए कुल 550 लोगों की लिस्ट तैयार की गई और संबंधित तहसीलदारों को हर एक नाम की हकीकत जानने का जिम्मा सौंपा गया। जांच के बाद जो रिपोर्ट आई, उसने सबको हैरान कर दिया। जिन 550 लोगों की जांच हुई थी, उनमें से केवल 17 व्यक्ति ही पात्र पाए गए, जबकि 533 लोग पूरी तरह अपात्र निकले। अधिकतर मामलों में अपात्रता की सबसे बड़ी वजह यह थी कि ये लोग उस क्षेत्र के मूल निवासी ही नहीं थे और न ही इनसे कोई संपर्क हो पा रहा था। ग्राम पालगामडी, बारो का शेर, बोलाडरा, मानतफला, बटका फलां, मेताली, गुमानपुरा और सेरावाडा में पटवारी और तहसीलदार की जांच में लगभग सभी लोग फर्जी लाभार्थी निकले। इस खुलासे के बाद सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि न केवल इन अपात्र लोगों पर कार्रवाई हो, बल्कि इस साजिश के पीछे जो भी लोग शामिल हैं जिन्होंने इनके नाम लिस्ट में जोड़े, उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अभी तो जांच की शुरुआत हुई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और गांवों से ऐसे ही फर्जी नाम सामने आएंगे। सांसद डॉ रावत ने अपात्र लोगों तथा इनके नाम जोडने की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कडी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पिकअप वैन से 1258 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद:आलू के बोरों में छिपाकर ले जा रहा था अवैध शराब, चालक फरार
कोडरमा जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। डोमचांच थाना क्षेत्र में आलू के बोरों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही 1258 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कोडरमा-गिरिडीह मुख्य सड़क के रास्ते एक पिकअप वैन से अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए एसपी के निर्देश पर डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पडिहारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कोडरमा-गिरिडीह रोड पर निरूपहाड़ी के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान एक संदिग्ध पिकअप वैन के चालक ने पुलिस को देखकर वाहन को एक पेट्रोल पंप के आगे खड़ा कर दिया और फरार हो गया। पुलिस टीम ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा। इसके बाद पुलिस ने पिकअप वैन की तलाशी ली। वाहन के डाला में आलू के बोरों के बीच विभिन्न कंपनियों और मात्रा की कुल 1258 बोतल अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई थी, जिसे बरामद कर लिया गया। मौके पर वाहन का चालक, मालिक या कोई अन्य दावेदार नहीं मिला और न ही कोई वैध कागजात उपलब्ध कराए गए। बरामद शराब और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया है। इस संबंध में डोमचांच थाना में उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह अवैध शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई गई है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजियाबाद में नाती ने नाना को लूटा, दो गिरफ्तार:कर्ज चुकाने के लिए साथियों संग कैश लूटकर हुए थे फरार
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में अपने नाना को लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए 75 हजार रुपये नकद, उसी पैसे से खरीदा गया एक आईफोन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। यह घटना 10 जनवरी 2026 की रात को हुई थी। खोड़ा में गजक की थोक दुकान चलाने वाले राजीव गुप्ता अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर जा रहे थे। उनके बैग में दुकान की बिक्री के पैसे थे। रास्ते में बाइक सवार युवकों ने उनसे बैग छीन लिया और फरार हो गए। राजीव गुप्ता की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के इलाकों में लगातार चेकिंग की जा रही थी। 27 और 28 जनवरी की रात को पुलिस ने इंदिरापुरम अंडरपास के पास दो युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से नकद पैसे, आईफोन और मोटरसाइकिल मिली, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांशु और यश गुप्ता के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि यश, पीड़ित राजीव गुप्ता का नाती है। यश ने कुछ साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी और अपने शौक पूरे करने के लिए उस पर कर्ज चढ़ गया था। उसने दीपांशु से 50 हजार रुपये उधार भी लिए थे। इसी कर्ज को चुकाने के लिए यश ने अपने नाना को लूटने की योजना बनाई। उसे पता था कि त्योहारों के कारण गजक की बिक्री अच्छी चल रही है और उसके नाना रोज रात को बड़ी रकम कैश लेकर घर जाते हैं। घटना वाली रात यश बाइक चला रहा था, जबकि उसके साथियों ने राजीव गुप्ता से बैग छीना। लूट के बाद सभी ने पैसे आपस में बांट लिए। दीपांशु के हिस्से के पैसों से एक महंगा आईफोन खरीदा गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उनके अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ने का दावा किया है।
9 लाख की अवैध शराब पुलिस ने नष्ट की:नीमच में 2600 मामलों के जब्त मुद्देमाल पर चला रोड रोलर
नीमच जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के आदेश पर विभाग ने ग्राम भोलियावास स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में लगभग 9 लाख रुपये मूल्य की 4400 लीटर अवैध शराब और मदिरा निर्माण सामग्री को नष्ट किया। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दर्ज करीब 2600 प्रकरणों के निराकरण के लिए की गई। नष्टीकरण समिति की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर पराग जैन ने की। जिला आबकारी अधिकारी बसंत कुमार भीटे के निर्देशन में जेसीबी और रोड रोलर की सहायता से शराब की बोतलों और न्यायालय से प्राप्त मुद्देमाल को पूरी तरह नष्ट किया गया। इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी बी एल सिंगाड़ा, आबकारी उपनिरीक्षक संजय कुमार कवारे, पंकज राठौर और दीपक आंजना सहित आबकारी विभाग, नगर पालिका तथा ट्रेचिंग ग्राउंड का स्टाफ मौजूद रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून का उल्लंघन करने पर जब्त की गई सामग्री को इसी प्रकार नष्ट किया जाएगा।
गोंडा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तीसरे चरण के तहत 148 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। परसपुर के भाव्या पैराडाइज मिझौरा में आयोजित इस कार्यक्रम में दो मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी इस्लामिक रीति-रिवाजों से हुआ है। कार्यक्रम के लिए कुल 166 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 148 जोड़ों का विवाह हिंदू और इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। मौलवी साहिबे आलम ने मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया है। देखिए तस्वीरें… गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, करनैलगंज के भाजपा विधायक अजय सिंह और कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विवाह संपन्न होने के बाद, नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया और उनके वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सभी जोड़ों को उपहार भी भेंट किए है। इस अवसर पर भाजपा विधायक अजय सिंह ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी गरीब परिवार की बेटी का विवाह रुके नहीं, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म की हो। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 60,000 रुपये की सहायता सीधे उनके खाते में दी जाती है। कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार गरीबों और पिछड़ों की आवाज सुन रही है। उन्होंने बताया कि नकद राशि के अतिरिक्त, जोड़ों को चांदी की पायल, बिछिया, स्टील का डिनर सेट, पांच लीटर का प्रेशर कुकर, कन्या के लिए दो जोड़े कपड़े, वर के लिए एक जोड़ा कपड़ा, दीवाल घड़ी, सौंदर्य प्रसाधन किट और गृहस्थी का सामान भी दिया जाता है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि अधिक से अधिक शादियां कराने का लक्ष्य रखा गया है ताकि सभी पात्र लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को बधाई दी।
गोपालगंज में जिला समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी ने भूकंप सुरक्षा पखवाड़े का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन विभाग के तत्वावधान में एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता को भूकंप से संबंधित आपदाओं के प्रति जागरूक करना और तैयारियों को बढ़ावा देना है। इस पखवाड़े के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रचार वाहन, नुक्कड़ नाटक, पैम्फलेट वितरण, बैनर प्रदर्शन और प्रशासन जनता के द्वार जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एसडीआरएफ द्वारा विभिन्न विद्यालयों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आपातकालीन तैयारी, प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजन जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर भूकंप सुरक्षा पखवाड़े का आयोजन जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर किया जा रहा है। इसमें शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। आपदा प्रतिरोधक क्षमता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उद्देश्य इन समन्वित प्रयासों के माध्यम से जिला प्रशासन का लक्ष्य नागरिकों को भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, क्या करें और क्या न करें के बारे में शिक्षित करना है। साथ ही, सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रतिरोधक क्षमता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें और एक सुरक्षित एवं आपदा-रोधी समाज के निर्माण में सहयोग करें।
मथुरा में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा और माथुर चतुर्वेद परिषद ने जगतगुरु शंकराचार्य के साथ माघ मेले में हुए कथित दुर्व्यवहार का कड़ा विरोध किया है। दोनों संस्थाओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में राज्य सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए इसे सनातन परंपरा का अपमान बताया। संस्था के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि शंकराचार्य के साथ किया गया व्यवहार एक सोची-समझी साजिश का परिणाम लगता है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। पाठक ने मांग की कि राज्य सरकार इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से शंकराचार्य जी से माफी मांगे। पाठक ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब जगतगुरु शंकराचार्य माघ मेले से बिना स्नान किए लौट गए। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, सरकार का दायित्व था कि वह शंकराचार्य जी का सम्मानपूर्वक स्वागत करती, उन्हें स्नान कराती और आदर के साथ विदा करती। प्रेस वार्ता में बताया गया कि दोनों संस्थाएं जल्द ही शंकराचार्य जी के समर्थन में एक औपचारिक पत्र जारी करेंगी। मामले की निष्पक्ष जांच और मार्गदर्शन के लिए माथुर चतुर्वेद परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के मंत्री संजय चतुर्वेदी 29 जनवरी को शिवपुरी, इलाहाबाद में जगतगुरु शंकराचार्य से भेंट करेंगे। संस्थाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि शंकराचार्य जी द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ पालन किया जाएगा। इस प्रेस वार्ता में गिरधारी लाल पाठक, नवीन नागर, लाला पहलवान, शिवकुमार चतुर्वेदी, अनिल पमपम और नीरज चतुर्वेदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भिवानी में हेरोइन के साथ 2 आरोपी काबू:हिसार से खरीदकर लाए थे, 2 दिन के पुलिस रिमांड पर होगी पूछताछ
भिवानी की एंटी नारकोटिक सेल ने 2 आरोपी मादक पदार्थ हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम आरोपियों के कब्जे से 23.23 ग्राम मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की है। डीएसपी अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत दोनों आरोपियों को पकड़ा है। एंटी नारकोटिक सेल भिवानी के उप-निरीक्षक अमरजीत सिंह अपनी टीम के साथ गश्त व पड़ताल ड्यूटी के दौरान बस अड्डा गांव जमालपुर क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि पपोसा रोड जमालपुर स्थित सत्संग भवन के पास दो युवक मादक पदार्थ बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर रेड की गई। पुलिस टीम ने मौके से दो व्यक्तियों को मादक पदार्थ सहित काबू किया। 2 दिन के रिमांड परगिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव जमालपुर निवासी अवतार सिंह तथा सुरजीत के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से 23.23 ग्राम मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की गई। आरोपियों के विरुद्ध थाना बवानीखेड़ा में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हिसार से लाए थे मादक पदार्थप्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अवतार सिंह नशा करने का आदी है, जबकि आरोपी सुरजीत के विरुद्ध पूर्व में एनडीपीएस एक्ट व आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह मादक पदार्थ पीरावाली, हिसार क्षेत्र से लेकर आए थे। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, आपूर्ति तथा एनडीपीएस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
श्रावस्ती जनपद में अचानक बदले मौसम और तापमान में गिरावट के चलते शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के बाद प्रशासन द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए लगातार राहत कार्य किए जा रहे हैं। रेडक्रॉस सोसायटी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कंबल वितरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र से सटे पिपरहवा गांव के लोगों को रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से कलेक्ट्रेट मे कंबल वितरित किए गए। वहीं जिलाधिकारी एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष अश्विनी कुमार पांडेय स्वयं उपस्थित रहे और जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल प्रदान किए। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि शीतलहर की शुरुआत से ही प्रशासन द्वारा अलाव जलाने, कंबल वितरण एवं अन्य राहत कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद ठंड में इजाफा हुआ, जिसके चलते कंबल वितरण की गति और तेज कर दी गई है। वर्तमान में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जिससे कुछ राहत मिली है। फिर भी प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ शीतलहर से बचाव के सभी आवश्यक उपाय कर रहा है। उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशों के क्रम में इस वर्ष पहली बार आपदा मित्रों ने जनपद की सभी तहसीलों में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। इस दौरान आपदा मित्रों ने अपने सहायक उपकरणों का प्रदर्शन करते हुए आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ मिलकर समुदाय की सुरक्षा का संकल्प लिया। आपदा मित्रों की सक्रिय भागीदारी से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि शीतलहर के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन या आपदा मित्रों से संपर्क करें।
बिहार राज्य कबड्डी संघ की देखरेख में लखीसराय कबड्डी संघ की मेजबानी में तीन दिवसीय 51वीं बिहार राज्य सीनियर पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को शहर स्थित केआरके मैदान में हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन के साथ ही लखीसराय खेल प्रेमियों के लिए कबड्डी के रोमांचक मुकाबलों का गवाह बन गया। डीएम और संरक्षक ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा एवं प्रतियोगिता के संरक्षक डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डीडीसी सुमित कुमार, नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान, कबड्डी संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। मैदान में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। राज्य भर से 16 टीमें ले रहीं हिस्सा आयोजकों ने जानकारी दी कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के आठ जोनों के विजेता और उपविजेता सहित कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें बेगूसराय, गया जी, नवादा, मुंगेर, सासाराम, पूर्वी चंपारण, बक्सर और मेजबान लखीसराय सहित राज्य के विभिन्न जिलों की टीमें शामिल हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में लीग और नॉकआउट आधार पर मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजन समिति को उम्मीद है कि दर्शकों को राज्य के शीर्ष कबड्डी खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले देखने को मिलेंगे। उद्घाटन मुकाबले में लखीसराय की दमदार जीत प्रतियोगिता के पहले दिन उद्घाटन मुकाबला नवादा और लखीसराय की टीमों के बीच खेला गया। घरेलू मैदान पर खेल रही लखीसराय की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।रेड और डिफेंस दोनों में लखीसराय के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल दिखाया, जिससे नवादा की टीम दबाव में नजर आई। मैच के अंत में लखीसराय की टीम ने नवादा को 23 अंकों से पराजित कर प्रतियोगिता में शानदार जीत के साथ आगाज किया। खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ उत्साह बढ़ाया। दर्शकों में दिखा जबरदस्त उत्साह केआरके मैदान में कबड्डी प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। हर सफल रेड, टैकल और बोनस प्वाइंट पर दर्शकों की तालियों से मैदान गूंज उठा। स्थानीय खेल प्रेमियों ने कहा कि लंबे समय बाद लखीसराय में इस स्तर की खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ है, जिससे जिले के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है। ‘लखीसराय के लिए ऐतिहासिक अवसर’ : डीएम इस अवसर पर जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि लखीसराय के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, जब जिले में राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है।उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के खिलाड़ियों का हौसला और जज्बा काबिले-तारीफ है। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलता है। डीएम ने कहा कि बिहार राज्य कबड्डी संघ के सहयोग से लखीसराय जैसे छोटे जिले में कबड्डी के “महाकुंभ” का आयोजन खेल के क्षेत्र में एक अत्यंत सकारात्मक पहल है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका आयोजन समिति के अनुसार, इस प्रतियोगिता के माध्यम से राज्य स्तर की बेहतरीन प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी, जिन्हें भविष्य में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिल सकता है।तीन दिनों तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में अब सभी की निगाहें आने वाले मुकाबलों और फाइनल पर टिकी हैं, जहां बिहार की सर्वश्रेष्ठ कबड्डी टीम का फैसला होगा।
रोहतक में कांग्रेस शहरी ईकाई का विस्तार करने पर बनाई 31 सदस्यों की कमेटी के सदस्यों को कांग्रेस भवन में सम्मानित किया गया। इस मौके पर कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष कुलदीप केडी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचार व घोटालों की सरकार चल रही है। कुलदीप केडी ने कहा कि कांग्रेस कमेटी पूरे प्रदेश में भाजपा का पर्दाफाश करेगी। कांग्रेस सरकार के समय सड़कों का निर्माण करवाया गया था, लेकिन भाजपा सरकार के राज में गड्ढो में सड़क है। हर तरफ गदंगी के ढेर लगे हुए है। बदमाशी आज चरम सीमा पर है। लोगों से फिरौती मांगी जा रही है। हरियाणा भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है। भाजपा का काम जातिपाती में बांटना कुलदीप केडी ने कहा कि भाजपा का काम विकास करना नहीं, बल्कि जातिपाती में बांटना है। आज प्रदेश में हिटलरशाही चल रही है। संविधान को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस संविधान पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगी। मनरेगा में 8 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया, लेकिन भाजपा ने मात्र 2100 लोगों को काम दिया तो कहां विकास होगा। भाजपा विकास के नाम पर जीरो है। भाजपा ने लूट खसोट के सिवाय कोई काम नहीं कियाकुलदीप केडी ने कहा कि भाजपा ने कौन सा अस्पताल, यूनिवर्सिटी पिछले 11 साल में बनाई है। कौन सा रोड बनवाया है। भाजपा ने केवल लूट खसोट मचाई है, इसके अलावा कोई काम नहीं किया। भाजपा विकास के मामले में जीरो है। कुलदीप ने कहा कि इनेलो तो भाजपा की बी टीम है। पहले कांग्रेस बोल रही थी, अब भाजपा नेता खुद बोल रहे हैं। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सहित बनी 31 सदस्यों की कमेटी कुलदीप केडी ने कहा कि कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष समेत 31 सदस्यों की शहरी कमेटी बनाई है, जिसमें जिलाध्यक्ष के अलावा 4 जिला उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष, एक आर्गेनाइजर जनरल सेक्रेटरी, 8 जनरल सेक्रेटरी, 16 सेक्रेटरी बनाए गए है। सभी मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने का काम करेंगे।
धार जिले में धारा 163 लागू:त्योहारों, परीक्षाओं के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
धार जिले में आगामी त्योहारों और परीक्षाओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश संपूर्ण धार जिले की राजस्व सीमा में लागू किया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी संजीव केशव पांडेय ने ये निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, वक्ता या राजनीतिक दल किसी धर्म, जाति या व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। साथ ही, सांप्रदायिक उन्माद या जातिगत तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री का प्रचार-प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करना और यातायात व्यवस्था में बाधा डालना भी वर्जित है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पाँच या पाँच से अधिक व्यक्ति धरना, जुलूस, रैली या प्रदर्शन के लिए एकत्रित नहीं हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कोई भी व्यक्ति हथियार, अग्निशस्त्र, विस्फोटक सामग्री या आक्रमण में प्रयुक्त होने वाले चाकू, तलवार, भाला, बरछी आदि लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा और न ही इनका प्रदर्शन करेगा। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहन के अतिरिक्त किसी भी बोतल या कंटेनर में पेट्रोल-डीजल का विक्रय न करें। होटल, लॉज, धर्मशाला और गेस्ट हाउस संचालकों को प्रत्येक आगंतुक का विवरण गेस्ट रजिस्टर में दर्ज करने और पहचान सत्यापन के बाद ही कमरा आवंटित करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन प्रतिबंधित रहेगा। होली पर्व के दौरान जबरन रंग या पानी डालना तथा नशे की हालत में उत्पात करना भी वर्जित किया गया है। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भीड़ जुटाने, लाउडस्पीकर या डीजे के उपयोग पर रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 27 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
संभल के चंदौसी में व्यापारियों और छात्रों ने भारत सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। सर्व समाज के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कानून को वापस लेने की मांग करते हुए पुतला फूंका गया और नारेबाजी की गई। बुधवार दोपहर 2 बजे चंदौसी कोतवाली कस्बा क्षेत्र के फुब्बारा चौक पर बड़ी संख्या में व्यापारी और छात्र एकत्र हुए। उन्होंने इस कानून को यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए 'काला कानून' बताते हुए तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। प्रदर्शन में अभिनव शर्मा, मोहन गौतम, बंटू शर्मा, ललित वार्ष्णेय, बृजेश वार्ष्णेय, ऋतिक वार्ष्णेय, नितांत शर्मा, गौरव शंखधार, मोहित ठाकुर, सचिन वार्ष्णेय, कौशल उपाध्याय, अमोल शर्मा और शिवराम वत्स सहित कई लोग शामिल थे। व्यापारी अनुज वार्ष्णेय ने कहा कि यह कानून उनके लिए 'काला कानून' है। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षण संस्थान ऐसे स्थान होते हैं जहां कोई जातिगत भेदभाव नहीं होता और सभी मिलजुलकर रहते हैं। उनके अनुसार, इस एक्ट से समाज में जातिभाव पैदा होगा, इसलिए सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। विकास उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी विशेष जाति, राजनीति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने सभी को समान मानते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत शिकायत करता है, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने नए बदलाव को 'काला कानून' बताया क्योंकि उनके अनुसार, इसमें शिकायत की सत्यता जांचे बिना केवल एक पक्ष पर दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने कॉलेजों में बनने वाली समितियों में सवर्ण वर्ग के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की ताकि निष्पक्षता बनी रहे। विकास मिश्रा ने यूजीसी के नए गजट को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्र मैत्रीपूर्ण व्यवहार के साथ रहते हैं और किसी तरह का भेदभाव नहीं मानते। उनके अनुसार, इस कानून से सामान्य वर्ग के छात्रों में डर और भय का माहौल पैदा हो गया है।
सीतामढ़ी में जदयू नेता, वरिष्ठ अधिवक्ता और जेपी सेनानी विमल शुक्ला ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माननीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्ला ने कहा कि उन्होंने हाल ही में फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से स्वयं को ‘आज़ाद’ बताया था, लेकिन उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ की स्थिति में आकर उनके खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई करवाई। विमल शुक्ला ने बताया कि वे चार-पांच दिन पहले तक लोक अभियोजक के पद पर कार्यरत थे, जिस पद से उन्हें हटाने में सांसद की अहम भूमिका रही। सरकारी पद से हटने के बाद उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ली थी, इसके बावजूद उन्हें जदयू की सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किए जाने की सूचना प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित कदम बताया। ''कभी दबाव में नहीं झुके और आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे'' जेपी आंदोलन से जुड़े अपने लगभग 50 सालों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए विमल शुक्ला ने कहा कि वे कभी दबाव में नहीं झुके और आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समाजवादी कार्यों का समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार के भीतर मौजूद कुछ लोग गलत कार्यों से सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। विमल शुक्ला ने सांसद पर आरोप लगाया कि वे सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में जनता का विश्वास खो चुके हैं। इसका प्रमाण यह है कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए के अधिकांश उम्मीदवारों का उन्होंने खुलकर विरोध किया। उन्होंने सांसद पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में हस्तक्षेप, कमीशनखोरी, भूमाफियाओं से सांठगांठ और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। ''किसी पद या पार्टी की सदस्यता के मोहताज नहीं'' अंत में विमल शुक्ला ने कहा कि वे किसी पद या पार्टी की सदस्यता के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की आवाज़ मजबूत है और आने वाला समय सीतामढ़ी की जनता सब कुछ तय करेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
हरदोई रामलीला में रावण-कुंभकरण की तपस्या का मंचन:वृंदावन के कलाकारों ने दिग्विजय लीला प्रस्तुत की
हरदोई में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव के दौरान बुधवार, 28 जनवरी 2026 को रावण, कुंभकरण और विभीषण की तपस्या तथा उनके दिग्विजय का सजीव मंचन किया गया। वृंदावन से आए कुशल कलाकारों ने रामलीला मैदान में यह प्रस्तुति दी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंचन में रावण द्वारा अपने भाइयों के साथ ब्रह्मा जी की घोर तपस्या का दृश्य दिखाया गया। ब्रह्मा जी के प्रकट होने पर रावण ने अमरता और अजेय होने का वरदान मांगा, जिसमें उसने वानर और मनुष्य जाति को छोड़कर किसी से न मारे जाने की शर्त रखी। कुंभकरण ने छह मास की निद्रा का वरदान प्राप्त किया, जबकि विभीषण ने प्रभु भक्ति का वरदान मांगा। लीला में आगे दर्शाया गया कि दानव पुत्री मंदोदरी से विवाह के बाद रावण ने अपने पराक्रम से सोने की लंका पर विजय प्राप्त की। कथा के अनुसार, रावण के अहंकार और अत्याचार बढ़ते गए, जहाँ उसके पुत्र मेघनाद ने इंद्र को परास्त कर देवताओं को बंदी बना लिया। रावण द्वारा संतों को दिए गए कष्टों और उनके श्राप के प्रसंग ने दर्शकों को प्रभावित किया। संतों ने श्राप दिया कि अत्याचारों से एकत्रित किया गया यही रक्त एक दिन रावण के विनाश का कारण बनेगा। इस अवसर पर मुख्य आयोजक श्री राम प्रकाश शुक्ला, श्री प्रेम शंकर द्विवेदी, विनीत मिश्रा और त्रिलोकी नाथ सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक व महिलाएं उपस्थित रहीं। कमेटी ने सूचित किया है कि 29 जनवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे से 'पृथ्वी पुकार' एवं 'श्री राम जन्म' की लीला का मंचन किया जाएगा।
झज्जर में मोटर बैरिंग बदलते समय लगा फंदा:युवक की मौत, कुई में रस्सा बांधकर उतरते समय हुआ हादसा
झज्जर जिले के गांव मारौत में मोटर ठीक करने के दौरान युवक को फांसी का फंदा लग गया। जिसके कारण युवक की मौत हो गई। घटना आज दोपहर बाद की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और झज्जर के नागरिक अस्पताल में परिजनों के बयान पर शव का पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान रिंकू पुत्र नंदल के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गांव मारौत में छुछकवास के रोड पर रह रहे परिवार का बेटा दोपहर बाद खेत में काम कर रहा था। उसी दौरान मोटर न चलने के कारण युवक कुई में रस्सा बांधकर उतरा था। उसी दौरान उसके गले में रस्सा उलझ गया और युवक की मौत हो गई। कुई में उतरते समय हुआ हादसा परिजनों ने बताया कि रिंकू खेत में पानी लगाने के लिए मोटर चला रहा था। लेकिन मोटर में कोई खराबी आ गई। जिसके बाद रिंकू मोटर की बैरिंग को देखने के लिए कुई में उतर रहा था। रिंकू ने कुई में उतरने के लिए रस्से का सहारा लिया था। सहारे के लिए लिया रस्सा बना फंदा परिजनों ने बताया कि रस्सी के सहारे कुई में उतरने के दौरान रस्सा गले में अटक गया और फंदा लग गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर शव का पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया। मृतक युवक दो भाइयों में छोटा था। वह खेती बाड़ी का काम करता था।
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून के विरोध में बुधवार को भिंड शहर में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। बड़ी संख्या में युवक और बुजुर्ग एकत्र हुए और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अर्धनग्न प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा, गेट का कांच टूटना और एक युवक की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस से तीखी नोकझोंक जैसी घटनाएं सामने आईं। करीब तीन घंटे तक चले इस आंदोलन ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सवर्ण समाज के लोग धनमंतरी कॉम्प्लेक्स पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में सभी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। रैली के दौरान युवाओं ने यूजीसी कानून को “काला कानून” बताते हुए विरोध जताया और कुछ युवकों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, जिससे शहर में गहमागहमी बढ़ गई। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर पुलिस ने बैरीकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारियों ने बैरीकेड हटाकर अंदर प्रवेश कर लिया। काफी देर तक ज्ञापन लेने कोई अधिकारी बाहर नहीं आया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद कुछ युवक कलेक्टर चेंबर की ओर बढ़े। गेट की चैनल खोलने के दौरान अंदर से लॉक होने के कारण धक्का-मुक्की हुई और कलेक्ट्रेट गेट का कांच टूटकर जमीन पर गिर गया। पुलिस बल ने तत्काल स्थिति संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। इसी बीच पुलिस ने आंदोलन के दौरान गौरव दीक्षित बाबा को हिरासत में लेकर थाने ले जाने की कार्रवाई की। यह खबर फैलते ही आंदोलनकारियों का आक्रोश भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को घेर लिया और “जेल भरो आंदोलन” की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद हालात बिगड़ते देख पुलिस को कदम पीछे खींचने पड़े और गौरव दीक्षित बाबा को मौके पर ही छोड़ दिया गया। गौरव दीक्षित बाबा ने आरोप लगाया कि उन्हें एक स्थानीय नेता के इशारे पर पकड़ा गया और उनके खिलाफ पूर्व में भी कथित तौर पर फर्जी मामला दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पहले ही भिंड एसपी से शिकायत की थी, जिस पर निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला था। गिरफ्तारी वापस होने के बाद आंदोलनकारियों ने एसडीएम और सीएसपी की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा। यूजीसी कानून के विरोध में यह आंदोलन करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। परशुराम सेना के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
महिला को घर में घुसकर लाठी डंडों से पीटने की घटना में मुरादाबाद की अदालत ने 4 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उन्हें 3-:3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर अदालत ने 15-15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामला संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव जेनेटा का है। घटना के समय यह मुरादाबाद जिले का ही हिस्सा था। जेनेटा में रहने वाले हातिम पुत्र काले ने अब्दुल रहीम पुत्र मौला बख्श, पप्पू पुत्र अब्दुल रहीम, आरिफ पुत्र अब्दुल रहीम, छोटा उर्फ मोहब्बत पुत्र अब्दुल रहीम के खिलाफ बनियाठेर थाने में FIR दर्ज कराई थी।इसमें हातम पुत्र काले ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने घर में घुसकर उसकी मां के साथ मारपीट की। उसे लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले की सुनवाई मुरादाबाद ADJ-7 शैलेंद्र वर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष एडीजीसी नीलम वर्मा ने रखा। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने अभियुक्त अब्दुल रहीम और उसके तीन बेटों पप्पू, आरिफ और छोटा उर्फ मोहब्बत को दोषी करार दिया। अदालत ने चारों दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शेखपुरा के घाटकुसुम्भा प्रखंड के पानापुर गांव में बुधवार को जीविका और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पशु स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल को लेकर जागरूक करना था। शिविर में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों और पशुपालकों की भागीदारी देखने को मिली। संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया शुभारंभ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जीविका जिला इकाई एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन करने वालों में पशुपालन विभाग के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लवकुश और डॉ. राजबल्लाभ कुमार, जीविका जिला इकाई से प्रभारी डीपीएम निरंजन कुमार, प्रबंधक मानव संसाधन जितेंद्र कुमार, प्रबंधक सामुदायिक वित्त धीरेंद्र साहू, पशुधन प्रबंधक कुलदीप राम, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ दिवाकर कुमार, सुकेश कुमार एवं नीरज कुमार शामिल थे। जीविका–पशुपालन विभाग के समन्वय से आयोजन घाटकुसुम्भा प्रखंड परियोजना प्रबंधक विभूति शंकर रमन के नेतृत्व में जीविका एवं पशुपालन विभाग के आपसी समन्वय से इस शिविर का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य पशुपालकों को सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। पशु स्वास्थ्य को लेकर दी गई अहम जानकारियां पशु स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारियों ने पशुपालकों को पशुओं की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। डॉक्टरों ने बताया कि पशुओं को समय-समय पर स्वच्छ पानी, मिनरल मिक्चर और कृमिनाशक दवाएं देना बेहद जरूरी है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि किसी भी बीमारी की आशंका होने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और बिना सलाह दवा का प्रयोग न करें। मौसम के अनुसार देखभाल पर दिया गया जोर डॉक्टरों ने कहा कि इस मौसम में पशुओं की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। उचित पोषण, साफ-सुथरा आवास और नियमित स्वास्थ्य जांच से पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे समय-समय पर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराएं, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके। 273 मवेशियों की जांच, मुफ्त इलाज और दवा वितरण इस शिविर में 185 जीविका दीदियों और पशुपालकों ने अपने 273 मवेशियों की जांच कराई। पशुओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार दवाइयां एवं मिनरल मिक्चर का भी मुफ्त वितरण किया गया। पशुपालकों ने बताया कि इस तरह की सुविधा गांव में मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है, क्योंकि निजी इलाज में अधिक खर्च आता है। आवास प्रबंधन और पशुपालन गतिविधियों पर जागरूकता शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुओं के आवास प्रबंधन, साफ-सफाई, चारा प्रबंधन और अन्य पशुपालन गतिविधियों पर भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बेहतर आवास व्यवस्था से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है और बीमारियों का खतरा कम होता है। बड़ी संख्या में अधिकारी और जीविका प्रतिनिधि रहे मौजूद इस अवसर पर सामुदायिक समन्वयक कुमारी मंजुस रानी, राकेश कुमार, रोहित कुमार, जीविका समुदाय की सीएम रबिता, बिंदु और मांटि मौजूद रहीं। वहीं पशुपालन विभाग से पाराभेट अजीत कुमार, गुडू और सूरज ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर को पशुपालकों ने बेहद उपयोगी बताया। जीविका और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिल सके और उनकी आजीविका मजबूत हो।
जनपद मऊ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत 10 फरवरी 2026 को होने वाले अभियान की तैयारियों को लेकर एक जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के तहत 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के कुल 12 लाख 54 हजार बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 फरवरी को अनुपस्थित रहने वाले बच्चों को 13 फरवरी को माप-अप दिवस पर दवा दी जाए। यह कार्यक्रम सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12) तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होगा।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से मुक्त करना है, जिससे वे एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें। उन्होंने कहा कि यह अभियान बच्चों के समग्र स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (एनएचएम) संतोष सिंह ने जानकारी दी कि अभियान की सफलता के लिए सभी ब्लॉकों में एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से निजी विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने पर जोर दिया। साथ ही, सभी विद्यालयों में एल्बेंडाजोल की गोलियां और आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।डीईआईसी प्रबंधक अरविंद वर्मा ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ब्लॉकवार लक्ष्य और तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को 10 फरवरी से पहले एक गूगल लिंक के माध्यम से पंजीकृत करना होगा और अभियान के बाद उसी लिंक पर रिपोर्ट भरनी होगी।जिला समन्वयक अजय नारायण दूबे ने अभियान के बाद की रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रपत्र निर्धारित समय सीमा में भरे जाएं।
बिहार सरकार के उद्योग और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल आज पूर्णिया पहुंचे। वे बनभाग स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित विकसित भारत अभियान के तहत वी बी जी राम जी योजना को लेकर एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जी राम जी योजना की विशेषताएं बताई। योजना को मनरेगा से कहीं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की कार्यक्रम के बाद उन्होंने अहम प्रेस वार्ता बुलाई और कई अहम मुद्दों पर विस्तार से अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह नई योजना विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की गई है। जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का आरोप कांग्रेस ने सालों तक गरीबों के नाम पर केवल राजनीति की, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का काम किया। मनरेगा जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और बिचौलियों का अड्डा बन गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार वी बी जी राम जी जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सीधा लाभ, स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, जिससे वास्तविक अर्थों में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। मंत्री बोले- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा प्रेस को संबोधित करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी कर दिया है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, अब फर्जीवाड़ा अब नहीं होगा। पहले मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था। अब लगभग 185 दिन रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जो कमियां थी उनको विकसित भारत जी राम जी में दूर करने का प्रयास केंद्र सरकार ने किया है। नाम बदलने का उद्देश्य केवल पहचान बदलना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा 'जी राम जी' नाम को लेकर कहा कि इसमें कहीं भी भगवान का नाम शामिल नहीं है, बल्कि यह योजना को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने का एक नया ढांचा है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि सरकार का ध्यान इस योजना को धरातल पर अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने पर है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि अब इस योजना में मजदूरों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। योजना की सघन निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा, जिससे फर्जी हाजिरी और फंड की हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखेगा आगे मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखाई देगा। इसलिए वे गड्ढा बताओ इनाम पाओ स्कीम लेकर आए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की सड़कों पर एक भी गड्डा न रहे। इसके लिए फरवरी-मार्च में नई सड़क मेंटेनेंस पॉलिसी लाई जा रही है। पॉलिसी के तहत अगर कहीं सड़क खराब होगी, तो 72 घंटे के अंदर रोड एंबुलेंस पहुंचकर उसकी मरम्मत करेगी। बिहार अब असंभव को संभव करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में सड़क और उद्योग दोनों मामले में बिहार देश के लिए रोल मॉडल बनेगा।
रघुवंशी गांव में माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता शिविर:महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन बांटे, रैली भी निकाली
करौली जिले के रघुवंशी गांव में स्वच्छ भारत अभियान के तहत माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर एसबीआई फाउंडेशन और आंचल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। शिविर में महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों के उपयोग, संक्रमण से बचाव और समग्र स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सही माहवारी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। 240 प्रतिभागियों ने लिया हिस्साकार्यक्रम के दौरान एसबीआई संजीवनी- क्लिनिक ऑन व्हील्स के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की गईं। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। शिविर में जरूरतमंदों को सैनिटरी नैपकिन भी वितरित किए गए।इस जागरूकता शिविर में कुल 240 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से माई हेल्थ मैटर्स नारे के साथ एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। ग्रामवासियों ने एसबीआई फाउंडेशन और आँचल चैरिटेबल ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया।
शेखपुरा पुलिस द्वारा गठित अभ्या ब्रिगेड ने ईंट भट्ठा पर कार्यरत महिला मजदूरों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस पहल का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस अधीक्षक बलराम कुमार चौधरी के निर्देश पर नगर थाना की पुलिस पदाधिकारी कुमारी शुभम् सिंहा ने ईंट भट्ठा का दौरा किया। उन्होंने महिलाओं को अभ्या ब्रिगेड के गठन और उसके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से संपर्क करने हेतु अपना, थाने का और एसपी का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया। आपात स्थिति में 112 डायल करने की सलाह दी महिलाओं को किसी भी आपात स्थिति में 112 डायल करने की सलाह दी गई। पुलिस पदाधिकारी ने महिला सुरक्षा से संबंधित उनके विभिन्न अधिकारों और कार्यस्थल पर किसी भी बाधा की स्थिति में पुलिस की पूर्ण सहायता के बारे में भी बताया। ईंट भट्ठा पर काम करने वाली महिलाओं ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अपने लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शेखपुरा में अभ्या ब्रिगेड का गठन किया गया गौरतलब है कि सरकार के निर्देशों के तहत शेखपुरा में अभ्या ब्रिगेड का गठन किया गया है। यह ब्रिगेड स्कूल और कोचिंग जाने वाली बच्चियों को मनचलों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी लगातार गश्त करती है।
अवैध हथियार बनाने वाले तीन युवक गिरफ्तार:फर्रुखाबाद में राइफल, देशी बंदूक समेत हाथियार बरामद
फर्रुखाबाद के कायमगंज में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से पुलिस ने अवैध शस्त्र और शास्त्र बनाने के उपकरण भी बरामद किए। मामले को लेकर एसपी ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता की। पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने बुधवार को खुलासा किया। कायमगंज कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के कलाखेल निवासी तारिक खान, मुख्तियार खान और असद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी राइफल 315 बोर, एक देशी बंदूक 12 बोर, एक देशी पिस्टल .32 बोर, तीन देशी तमंचे 315 बोर और चार नाजायज तमंचे 12 बोर बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 12 बोर के 70 पुनः भरे हुए देशी कारतूस, 315 बोर के 20 कारतूस, 17 पुनः भरे हुए देशी कारतूस और .32 बोर के चार जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने शस्त्र बनाने के उपकरण जैसे नाल, बड़ा हथौड़ा, छोटी हथौड़ी, प्लास, वेल्डिंग पाइप और अन्य सामान भी जब्त किया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों में से असद के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में ओलावृष्टि से 10 से अधिक गांवों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, चना, मक्का और पपीता जैसी फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। कसरावद के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में फसलों को अधिक क्षति पहुंची है। राजस्व विभाग ने बुधवार को क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें भेजीं। प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर फसल क्षति की पुष्टि हुई है। एसडीएम सत्येंद्र बेरवा ने बताया कि प्रभावित किसानों की फसल नुकसानी के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि नियमानुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। किसानों ने राजस्व सर्वे दल को बताया कि बारिश और ओलावृष्टि के बाद खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसलों के और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि इस समय अधिकांश फसलें पकने की अवस्था में हैं, और यदि बारिश जारी रही तो दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी तथा उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। पटवारी अनिल पाटीदार ने प्रारंभिक सर्वे के आधार पर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान की पुष्टि की है। एसडीएम सत्येंद्र बेरवा के निर्देश पर गवला, अहिल्यापुरा और छोटी कसरावद सहित अन्य गांवों में सर्वे टीमें भेजी गई हैं।
सीधी अधिवक्ता संघ का शपथ ग्रहण समारोह दो महीने की देरी के बाद आयोजित तो हुआ, लेकिन यह पूरी तरह विवादों में घिर गया। मतभेदों के चलते समारोह अधूरा रहा और अब इसे दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह और उनके छह साथियों ने शपथ ली, जबकि सचिव और अन्य सदस्य दूसरे चरण में शपथ लेंगे। समारोह में शामिल हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल पर गंभीर आरोप लगे हैं। अधिवक्ता संघ के सचिव रविंद्र गौतम ने कहा कि विधायक केवल एक विशेष वर्ग का पक्ष ले रहे हैं और ब्राह्मण समाज की अनदेखी कर रहे हैं। उनके अनुसार, संघ के भीतर चल रही खींचतान को सुलझाने के बजाय विधायक ने एक पक्ष का खुलकर समर्थन किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। अध्यक्ष के व्यवहार पर उठे सवाल सचिव रविंद्र गौतम ने संघ के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अक्सर गाली-गलौज और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे संघ की गरिमा खराब हो रही है। इस मामले की शिकायत जिला न्यायाधीश से भी की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ढाई सौ से ज्यादा वकीलों ने बनाई दूरी विवाद का असर कार्यक्रम की उपस्थिति पर भी साफ दिखा। शपथ ग्रहण समारोह में कुल ढाई सौ से ज्यादा वकील शामिल नहीं हुए और केवल 60 अधिवक्ताओं की मौजूदगी में कार्यक्रम निपटाया गया। इतनी बड़ी संख्या में वकीलों की अनुपस्थिति ने संघ के भीतर चल रहे भारी असंतोष को उजागर कर दिया है।
कानपुर के आनन्देश्वर मन्दिर मंदिर मे जूना अखाड़ा के अन्तराष्ट्रीय प्रवक्ता प्रस्तावित कॉरीडोर का निरीक्षण करने के लिये पहुंचे। मंगलवार की देर रात महंत नारायण गिरी महाराज शहर पुहंच गये। इसके बाद दर्शन किये। बुधवार को उन्होंने मन्दिर परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद ग्रीनपार्क चौराहे पहुंच कर गेट बनाये जाने वाले स्थान का निरीक्षण किया। चौराहे पर लागाये जाने विशाल त्रिशूल वाले स्थान पर भी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान साधु संत भी मौजूद रहे। इसके बाद नरायण गिरी महाराज बाबा पहंचे। महाराज जी के साथ ब्रहाम्णों ने मंत्रोंउच्चारण के साथ मंदिर मे यहां दर्शन, पूजन किया। समाधि पूजन के बाद कन्याभोज कराया गया। मीडिया से बाद करते हुये उन्होने कहा कि कॉरीडोर के हो रहे कार्य से वो संतुष्ट नहीं है। कार्य बहुत ही धीमी गति से किया जा रहा है। यहां तक गंगा के किनारे जाने पर देखा की गंदगी है। उन्होने कहां गंदगी देख लग रहा है, यहां कोई देखने वाला नहीं है। 4 महीने से नहीं लग सका जूना अखाड़ा का त्रिशूल … जूना अखाड़ा के हरिगिर महाराज ने कानपुर के परमठ मन्दिर के लिये विशाल त्रिशूल लगवाने के लिये भिजवाया था। बैंग्लौर की कंपनी ने इसको तैयार किया है। त्रिशूल की कीमत एक करोड रुपाये है। उन्होने कहा चार महीने से त्रिशूल रखा हुआ है। लेकिन अभी तक उसे लगाने की जगह नहीं मिल सकी है। महाराज जी ने कहा कि कॉरीडोर के निर्माण के लिये योगी जी के निर्देश होनें के बाद भी ठीक तरह से काम नहीं हो रहा है।
चंडीगढ़ की ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। लंबित किराया या मकान की किस्तों पर लिए जा रहे 12 प्रतिशत ब्याज हटाने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने राहत देने के संकेत दिए हैं। यह मुद्दा आपकी आवाज पार्टी, चंडीगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को जनता दरबार के दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के सामने रखा। ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमपाल चौहान ने कहा कि शहर की ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों में रहने वाले ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। रोजगार और आमदनी सीमित होने के कारण वे समय पर मकान की किस्तें जमा नहीं कर पाते। ऐसे में प्रशासन बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज वसूलता है, जिससे लोगों पर बोझ और बढ़ जाता है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कई परिवारों के मकान सील होने की नौबत आ गई। इस पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश भी जारी किए। इस दौरान पहले से सील किए गए मकानों को बहाल करने की मांग भी रखी, जिस पर प्रशासक ने उचित समाधान का भरोसा दिलाया। मालिकाना हक देने की भी मांग पार्टी ने ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों के निवासियों को मकानों का मालिकाना हक दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। चौहान ने कहा कि वर्षों से लोग इन मकानों में रह रहे हैं, लेकिन आज भी वे असुरक्षा की स्थिति में हैं। प्रतिनिधि मंडल ने शहर की कॉलोनियों में तेजी से बढ़ रहे नशे का मामला भी उठाया। चौहान ने कहा कि कॉलोनियों में शराब के ठेकों की संख्या बढ़ रही है और युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। इससे न सिर्फ उनकी जिंदगी बर्बाद हो रही है, बल्कि चोरी, मारपीट, लूट और हत्या जैसे अपराध भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की, जिस पर प्रशासक ने विचार करने का आश्वासन दिया। ठेकेदारी प्रथा और रिश्वतखोरी का मुद्दा इस दौरान शहर में चल रही ठेकेदारी प्रथा से जुड़े शोषण का मुद्दा भी उठाया गया। चौहान ने आरोप लगाते बोला ठेकेदार बदलते ही कर्मचारियों से रिश्वत मांगी जाती है और मना करने पर नौकरी से निकालने का दबाव बनाया जाता है। हाल ही में एलआईसी के कई कर्मचारियों को इसी वजह से नौकरी से निकाला गया।इस पर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा जाए और ठेकेदारी सिस्टम में हो रही गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जालंधर के बीएसएफ चौक पर पंजाब रोडवेज की बस की चपेट में आने से एक स्कूटी सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा कार को ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ। स्कूटी सवार कार से टकराकर बस के टायरों के नीचे आ गया। हादसे के बाद चौक पर जाम लग गया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के एएसआई हरबंस लाल ने बताया कि स्कूटी सवार एक कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह कार से टकराकर साथ चल रही रोडवेज बस के टायरों के नीचे आ गया। बस के टायर सिर के ऊपर से गुजरने के कारण व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। कार से आगे निकलने के प्रयास में बस से टकराया बस ड्राइवर संदीप सिंह ने बताया कि वह बस स्टैंड से बस लेकर अमृतसर जा रहा था। बीएसएफ चौक पर जाम लगा हुआ था और एक स्विफ्ट डिजायर कार खड़ी थी। स्कूटी सवार उसी कार से आगे निकलने का प्रयास कर रहा था कि वह कार से टकराकर उनकी बस के टायरों के नीचे आ गया। सूचना मिलने पर सड़क सुरक्षा बल और थाना बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्कूटी और बस को कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। थाना बारादरी के प्रभारी रविंदर कुमार ने बताया कि बस ड्राइवर संदीप सिंह को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पारित हुए 9 विधेयक (बिल) अलग-अलग कारणों से विधानसभा को लौटा दिए। राज्यपाल ने इन बिलों के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए वापस भेजा है। ये बिल साल 2019 से लेकर 2023 में पारित करवाए गए थे। वहीं, वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल के दौरान साल 2008 में पारित एक बिल भी लौटाया है। पिछली गहलोत सरकार के दौरान साल 2019 में ऑनर किलिंग और मॉब लिंचिंग के खिलाफ पारित दोनों बिल फिर से विचार करने के लिए लौटाए हैं। ऑनर किलिंग पर उम्रकैद और पांच लाख जुर्माने का प्रावधान था। मॉब लिंचिंग पर भी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया था। इन दोनों बिलों के कई प्रावधान पहले आईपीसी में थे। राज्यपाल ने इन बिल के प्रावधान केंद्रीय कानूनों से टकराने के कारण लौटाए हैं। गहलोत राज में पारित दो प्राइवेट यूनिवर्सिटी के बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए लौटाया है। वसुंधरा राजे सरकार में पारित राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 को सरकार पहले ही वापस लेने का फैसला कर चुकी है। इसकी जगह धर्मांतरण विरोधी कानून लाया जा चुका है। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के जवाब में गहलोत सरकार लाई थी बिलकेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस ने देशभर में अभियान चलाया था। उस समय गहलोत सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों की काट के तौर पर 2 नवंबर 2020 को कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक लेकर आई थी। 2 नवंबर 2020 को दोनों बिल पारित हुए थे। बाद में केंद्र सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए थे। केंद्रीय कानून के जवाब में राज्य के कानूनों की वैधानिकता पर उस समय भी सवाल उठे थे। केंद्र के कानून वापस लेने के बाद इन दोनों बिल का कोई औचित्य नहीं रह गया था। राज्यपाल ने दोनों बिल के कानूनी आधार और औचित्य नहीं होने का तर्क देते हुए वापस भेजा है। बिल लौटाने के पीछे कानूनी आधार, राज्यपाल पहले भी लौटाते रहे हैं बिलराज्यपाल पहले भी बिल लौटाते रहे हैं। अगर राज्य के किसी बिल के प्रावधान केंद्रीय कानूनों के प्रावधानों से टकराते हैं तो राज्यपाल इन्हें वापस भेज देते हैं। केंद्र और राज्य के बीच कानून बनाने को लेकर साफ प्रावधान है। राज्य केवल राज्य सूची के विषयों पर ही कानून बना सकते हैं। समवर्ती सूची में केंद्र और राज्य, दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन यहां भी केंद्रीय कानून ही मान्य होंगे। राज्य का कोई कानून केंद्रीय प्रावधानों को नहीं पलट सकता। वसुंधरा राजे सरकार के समय पारित धर्म स्वातंत्रय विधेयक को तत्कालीन राज्यपाल प्रतिभा पाटिल ने लौटा दिया था। इसके बाद यह बिल केंद्र सरकार में अटक गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही विधेयक बनता है कानून विधानसभा से पारित कोई भी बिल राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद ही कानून बनता है। राज्यपाल कानूनी, संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देकर बिल लौटा सकते हैं। राज्यपाल को बिल विधानसभा से मंजूरी के लिए भेजे जाते हैं, इसलिए लौटाया भी विधानसभा को जाता है। राज्यपाल के बिल रोकने की समय सीमा नहीं है। इसे लेकर कई बार कानूनी बहस भी छिड़ती रही है। बिल के प्रावधानों पर विधानसभा के जरिए सरकार से राज्यपाल स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।
अलवर के कोतवाली थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए तीसरी क्लास पास साइबर ठग को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते में आए करीब 50 लाख रुपए फ्रीज कर दिाए हैं। आरोपी म्यूल अकाउंट के जरिए कई लोगों से ठगी कर चुका है। कोतवाली थाना एसएचओ रमेश सैनी ने बताया- साइबर सेल की तकनीकी सहायता से सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के रोड नंबर दो स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में एक युवक के खाते में संदिग्ध रूप से करीब 50 लाख रुपए जमा हुए हैं। सूचना के आधार पर बैंक से खाते की डिटेल प्राप्त की गई।जांच के बाद पुलिस ने असपाक (24) निवासी थाना इसनाका, जिला डीग को गिरफ्तार किया। आरोपी से फिलहाल पूछताछ जारी है। एंटीक कॉइन बेचने के नाम पर ठगा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा था। उसके खिलाफ पहले से ही ब्रजनगर थाने में ठगी का मामला दर्ज है। आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर एंटीक कॉइन बेचने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में ठगी की पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में आई राशि में महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से करीब 16 लाख रुपये और पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने दोनों पीड़ितों से संपर्क कर लिया है। इसके अलावा अन्य लोगों से भी 5 लाख रुपये या उससे कम की अलग-अलग रकम खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस के लिए हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ा-लिखा है, इसके बावजूद वह साइबर ठगी के गिरोह में एक एक्सपर्ट की तरह काम कर रहा था।
अशोकनगर में रंग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय करीला मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। इन तैयारियों के संबंध में बुधवार को माता जानकी धाम करीला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्वालियर संभाग के आयुक्त मनोज खत्री और आईजी अरविंद सक्सेना शामिल हुए। इस बार करीला मेले में पिछली बार की कमियों को दूर करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर परिसर में पहले लगी लोहे की सीढ़ियों को हटाकर कंक्रीट की नई सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान ये सीढ़ियां झुक गई थीं, इससे हादसा होने से टल गया था। जिसके बाद इन्हें बदलने का निर्णय लिया गया। निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। पिछले वर्ष मेले में जाम की स्थिति निर्मित हुई थी। इससे निपटने के लिए इस बार दो नए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जा रहे हैं। योजना के अनुसार, एक मार्ग से श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा, जबकि दूसरे मार्ग से वे बाहर निकल सकेंगे, जिससे यातायात सुचारू रहेगा और जाम की समस्या नहीं होगी। पार्किंग स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगेमेला परिसर के सौंदर्यीकरण, पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और वीआईपी आवाजाही के मद्देनजर पुख्ता पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शन की बेहतर व्यवस्था भी की जाएगी। आयुक्त और आईजी ने मेला परिसर में चल रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। बैठक में करीला मेला की तैयारी और व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर साकेत मालवीय ने विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए कार्यों के पालन प्रतिवेदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त ग्वालियर संभाग मनोज खत्री और आईजी अरविंद सक्सेना ने करीला धाम पर मां जानकी माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सीढ़ी और अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राजस्थान की सड़कों पर दौड़ रहे अनफिट वाहनों और परिवहन विभाग में फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर चल रहे 'जुगाड़ सिस्टम' पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की डिवीजन बेंच ने कहा कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने हाल ही राज्य सरकार की ओर से दायर विभिन्न अपीलों का निस्तारण किया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि 15 अप्रैल से पूरे राजस्थान में वाहनों की फिटनेस जांच आवश्यक रूप से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशंस से ही होगी। इसके बाद मैनुअल तरीके से नए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जाएंगे। सरकार की अपील स्वीकार, संसाधनों की कमी पर मिला समयराज्य सरकार ने एकल पीठ के 25 सितंबर 2025 को पारित आदेशों को चुनौती दी थी। इनमें फिटनेस सेंटर्स को लेकर कुछ रियायतें दी गई थीं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि सरकार ऑटोमेटेड सिस्टम लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वर्तमान में परिचालन और ढांचागत बाधाओं के कारण इसे तुरंत प्रभाव से हर जगह लागू करने में कठिनाई है। इस पर खंडपीठ ने व्यावहारिकता देखते हुए सरकार को 15 अप्रैल तक का समय दिया है, ताकि व्यवस्था सुचारू की जा सके। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस तारीख से यह योजना पूरी तरह और सख्ती से लागू मानी जाएगी। नजदीकी सेंटर पर जाना होगा, मैनुअल की छूट नहींकोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया- 15 अप्रैल के बाद भले ही किसी क्षेत्र में ऑटोमेटेड सिस्टम (एटीएस) की सुविधा सीमित स्थानों पर ही उपलब्ध हो। वाहन मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए पास के सेंटर पर जाना होगा। सुविधाओं की कमी या दूरी का हवाला देकर मैनुअल जांच की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 20 लाख की सिक्योरिटी और आवेदन प्रक्रिया सिक्योरिटी डिपॉजिट: कोर्ट ने एकल पीठ के उस निर्णय को बरकरार रखा है। इसमें सेंटर स्थापित करने के लिए 20 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि जमा कराना अनिवार्य किया गया था। 60 दिन में निपटाएं आवेदन: कोर्ट ने विभाग को निर्देश दिया कि एटीएस खोलने के लिए जो आवेदन पहले से प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें 60 दिनों में प्राथमिकता से प्रोसेस किया जाए। साथ ही 31 जुलाई 2025 से पहले प्राप्त आवेदनों पर 31 जनवरी तक निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। ये 14 फिटनेस सेंटर्स थे मामले में शामिलमामले में कुल 14 फिटनेस सेंटर्स प्रतिवादी के रूप में शामिल थे। इनमें नोखा (बीकानेर) स्थित राजस्थान व्हीकल फिटनेस सेंटर (संचालक शिवलाल डूडी), उदयपुर का उदयपुर फिटनेस सेंटर (संचालक भूपेंद्र सिंह यादव), पीपाड़ सिटी (जोधपुर) का नवदीप फिटनेस टेस्ट सेंटर (संचालक दीपक सोमानी) और जोधपुर का महादेव फिटनेस सेंटर (संचालक कंचन) शामिल हैं। इसके अलावा मेहलावास (जोधपुर) स्थित रॉयल मोटर्स फिटनेस सेंटर (संचालक रामसिंह चौधरी), नागौर का मारवाड़ फिटनेस सेंटर (संचालक लिखमाराम), डेगाना (नागौर) का अलवर फिटनेस सेंटर (संचालक शिवकुमार), ब्यावर (अजमेर) का पवन व्हीकल फिटनेस सेंटर (संचालक पवन कुमार मित्तल) और मेड़ता सिटी का मीरा फिटनेस सेंटर (संचालक इंदरचंद फिरोदा) शामिल हैं। इनके अलावा मंगलाना (नागौर) का वाहन फिटनेस सेंटर (संचालक राजेंद्र सिंह राठौड़), सिरोही का प्रेरणा परिवहन फिटनेस सेंटर (संचालक अनिल परिहार), दौसा का शिवकृपा फिटनेस सेंटर (संचालक नवदीप लाला), बोरुंदा (जोधपुर) का प्रेक्षा परिवहन फिटनेस सेंटर (संचालक इंदरचंद) और स्वरूपगंज (सिरोही) का बालाजी एलायंस (संचालक खूम सिंह सोलंकी) भी शामिल हैं। आम जनता और ट्रांसपोर्टर्स पर संभावित असर! इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे: सख्ती: अब हेडलाइट, ब्रेक, स्टीयरिंग और प्रदूषण की जांच मशीनों से होगी। मशीन का डेटा सीधे सर्वर पर जाएगा, जिसे बदला नहीं जा सकेगा। महंगाई: एटीएस स्थापित करने की लागत करोड़ों में होती है, इसलिए संभव है कि भविष्य में फिटनेस जांच की फीस में बढ़ोतरी हो। सुरक्षा: सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अनफिट कॉमर्शियल वाहन, जो अक्सर हादसों का कारण बनते हैं, सड़कों से हट जाएंगे। समय: वाहन मालिकों को अब अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने के लिए दूसरे शहरों का चक्कर भी लगाना पड़ सकता है, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों खर्च होगा।
बूंदी में पुलिस ने रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाकर लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाले एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नवीन आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। एसपी राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामगंज बालाजी, बूंदी के पास हुई। कोटा से बूंदी की ओर आ रहे एक लोडिंग वाहन का ड्राइवर 1 किलोमीटर से अधिक दूरी तक गलत दिशा में लापरवाही और तेज गति से वाहन चला रहा था। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर ड्राइवर से पूछताछ की। ड्राइवर ने अपना नाम प्रभुसिंह पुत्र देवीसिंह, निवासी गुढ़ा, थाना मसूदा, जिला ब्यावर बताया। उसके पास वाहन चलाने का लाइसेंस भी नहीं था। पुलिस ने मौके पर वाहन जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लियायह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, यातायात, राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे एक माह के सड़क सुरक्षा अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और जन-जागरूकता बढ़ाना है।
पंजाब सरकार द्वारा राज्य में रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) के गठन के बाद सड़क सुरक्षा प्रणाली में सुधार हुआ है। दुर्घटना स्थलों पर SSF की त्वरित प्रतिक्रिया, पीड़ितों को प्राथमिक उपचार और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से राज्य में सड़क हादसों में मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। तरनतारन के विधायक हरमीत सिंह संधू ने जानकारी देते हुए बताया कि एक समय पंजाब सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था। उन्होंने कहा कि अब यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है, और पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर तथा समय पर इलाज देकर जानें बचाई जा रही हैं। SSF में 1,597 प्रशिक्षित जवान शामिल विधायक संधू ने बताया कि SSF में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान शामिल हैं, जिन्हें 144 आधुनिक और पूरी तरह सुसज्जित वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। यह बल पिछले साल फरवरी में अपनी शुरुआत के बाद से प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। हादसों की आशंका वाले जगहों पर होती तैनाती विधायक ने बताया कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर लंबे उन राजमार्गों पर तैनात है जहां सड़क हादसों की आशंका अधिक होती है। अपने निर्धारित क्षेत्रों में गश्त करने के अलावा, SSF यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में भी कार्य करती है। लोगों का सामान और नकदी की वापसी सुनिश्चित की विधायक ने बताया कि SSF ने सड़क हादसों में घायल लोगों के कीमती सामान और नकदी की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की है।संधू ने यह भी बताया कि मान सरकार पूरे राज्य में 43,000 किलोमीटर उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बना रही है, जो गांवों को बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों ने भी इस मॉडल में रुचि दिखाई है, और प्रधानमंत्री ने भी 'मन की बात' में देश के लिए सड़क सुरक्षा के महत्व का उल्लेख किया है।
नमस्कार, कानपुर में आज (बुधवार) की बड़ी खबरें… यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने सिर मुंड़वाया। सीएसए विश्वविद्यालय में छात्रों ने पैदल मार्च निकला। यूजीसी का पुतला फूंका। बिग बॉस सीजन-19 के विनर गौरव खन्ना बोले- इस सीजन को जीतना आसान नहीं था। लोगों ने मुझे नीचे खींचना चाहा। बुराई की, ताने मारे, अपशब्द भी बोले। जूना अखाड़ा के संरक्षक नारायण गिरी महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पीएम की रेस में हैं। उनके साथ इंटरनेशनल षड़यंत्र भी हो सकता है। प्रयागराज माघ मेले में बटुकों ने भी पुलिस कर्मियों से मारपीट की। उनके बिल्ले नोचे। आरपीएच ओल्ड विद्युत उपकेंद्र में आग लग गई। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।
धार के तिरला थाना पुलिस ने अवैध अफीम की खेती करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खेत से 310 हरे अफीम के पौधे जब्त किए, जिनका कुल वजन 11 किलो 640 ग्राम है। जब्त अफीम की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 17 हजार रुपये बताई गई है। तिरला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बड़पीपली निवासी दिलावर पिता अब्बास पटेल (55) ने अपने खेत में अवैध रूप से अफीम के पौधे लगा रखे हैं। इस सूचना के आधार पर तिरला थाना पुलिस ने एक टीम गठित कर दबिश दी। मौके पर पुलिस को देखकर एक व्यक्ति खेत से भागने का प्रयास करने लगा, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम दिलावर पिता अब्बास पटेल, निवासी ग्राम बड़पीपली, थाना तिरला बताया। पुलिस ने आरोपी के खेत की तलाशी ली, जहां मटर की फसल की मेड़ पर लहसुन और धनिया के पौधों के बीच छोटे-बड़े अफीम के हरे पौधे पाए गए। पुलिस ने मौके पर सभी 310 पौधों को उखाड़कर गिना और विधिवत तौल कर पंचों के समक्ष जब्त किया। इस मामले में तिरला थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी दिलावर पटेल को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है। तिरला थाना प्रभारी ज्योति पटेल ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बूंदी के आजन्दा गांव में नाले से अतिक्रमण हटाया:कृषि भूमि के लिए पानी निकासी का रास्ता हुआ साफ
बूंदी जिले के आजन्दा गांव में एक किसान की कृषि भूमि से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नाले से अतिक्रमण हटाया गया है। यह कार्रवाई आरआईडीसीओआर (RIDCOR) विभाग की ओर से पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। आजन्दा निवासी भूरालाल मीणा ने अपनी कृषि भूमि से पानी की निकासी में आ रही समस्या को लेकर जिला कलेक्टर बूंदी को प्रार्थना पत्र दिया था। उनकी यह भूमि पाटन तहसील के आजन्दा गांव में स्थित है। यह कृषि भूमि कोटा-लालसोट मेगा हाईवे के किनारे है। मेगा हाईवे के किनारे बनी यह ड्रेन (नाली) आरआईडीसीओआर विभाग के अंतर्गत आती है। इस ड्रेन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही थी।अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए RIDCOR के परियोजना निदेशक, सवाई माधोपुर ने पुलिस जाब्ते की मांग की थी। आरआईडीसीओआर ने 12 दिसंबर 2025 को पत्र क्रमांक 8870 जारी कर 28 दिसंबर 2026 को मौके पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान देईखेड़ा थानाधिकारी दारा सिंह, नायब तहसीलदार राजेश जैन, कानूनगो धीबेश शर्मा और आजन्दा हल्का पटवारी बृजेश मीणा मौके पर मौजूद रहे।
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के घर के बाहर जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और 'गुरुजी' के नाम से चर्चित केबी त्रिपाठी पहुंचे, तो तीखे सवालों की बौछारो से सियासी गलियारा थर्रा उठा। इंटरव्यू उस समय बेहद विवादास्पद हो गया जब त्रिपाठी ने यूजीसी के नए नियमों को 'रातों-रात थोपा गया काला कानून' करार दिया। हालांकि, असली मोड़ तब आया जब उनसे पूछा गया कि 'जिस कमेटी ने ये नियम बनाए, उसमें आपकी ही पार्टी के दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज शामिल थे, फिर कांग्रेस चुप क्यों है?' इस पर त्रिपाठी ने सीधे जवाब देने के बजाय इसे सरकार की साजिश और लोकतंत्र की हत्या बताकर अपनी पार्टी का बचाव किया। भ्रष्टाचार, विवादित नियुक्तियों और राहुल गांधी की चुप्पी पर हुए इन तीखे सवालों ने इंटरव्यू को बेहद सनसनीखेज बना दिया है। UGC के नए नियम आजाद भारत का सबसे 'दुर्भाग्यपूर्ण दौर'बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आवास के बाहर मचे घमासान के बीच राजनीति और शिक्षा जगत का पारा चढ़ गया है। 'गुरुजी' के नाम से मशहूर और सिविल सर्विसेज कोचिंग के संचालक, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूजीसी (UGC) के नियमों में हुए रातों-रात बदलाव को उन्होंने आजाद भारत का सबसे 'दुर्भाग्यपूर्ण दौर' करार दिया है। लोकतंत्र या तानाशाही? रातों-रात वेबसाइट पर लोड कर दिया 'काला कानून'केबी त्रिपाठी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश 'कियॉस' (अराजकता) की स्थिति में है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को ताक पर रखकर नियम बनाए जा रहे हैं। त्रिपाठी के मुताबिक, हमने किताबों में पढ़ा था कि कानून बनाने की एक प्रक्रिया होती है, लेकिन यहाँ तो यूजीसी ने रातों-रात रेगुलेशन जारी किया और वेबसाइट पर डाल दिया। क्या देश अब इसी तरह चलेगा? जनता में आक्रोश है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। अफसरों की पीड़ा और गुरुओं का अपमान: क्या यही है नया भारत?निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने पहुंचे त्रिपाठी को जब अंदर जाने से रोका गया, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि आज अधिकारी इस्तीफे दे रहे हैं और धर्मगुरुओं का मार्गदर्शन लेना यह पीढ़ी भूल गई है। बरेली की इस घटना को उन्होंने प्रशासनिक अराजकता का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या स्थितियाँ पैदा हो गई हैं कि अधिकारियों को इस तरह के कदम उठाने पड़ रहे हैं और विपक्ष को उनसे मिलने तक नहीं दिया जा रहा। भर्ती परीक्षाओं में 'अंधेरगर्दी': पीसीएस के रिजल्ट का पता नहीं, छात्र बेहालसिविल सर्विसेज की कोचिंग चलाने वाले त्रिपाठी ने छात्रों की बेचैनी पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश पीसीएस की मुख्य परीक्षा हो चुकी है, लेकिन परिणाम कब आएगा, इसका किसी को पता नहीं। चाहे राज्य लोक सेवा आयोग हो या संघ लोक सेवा आयोग, हर जगह अराजकता है। यूपीएससी में फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर चयन के मामलों ने सिस्टम की साख पर बट्टा लगा दिया है। जब 'अपनों' पर आई बात तो बोले- 'राहुल गांधी ने तो साफ कहा है लोकतंत्र खत्म'इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि यूजीसी की जिस कमेटी को वो 'काला कानून' बनाने वाली बता रहे हैं, उसमें उनकी अपनी पार्टी के दिग्गज नेता जैसे दिग्विजय सिंह भी शामिल हैं, तो त्रिपाठी थोड़ा असहज दिखे। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर सीधा जवाब देने के बजाय गेंद सरकार के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा, राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि संसद में कैमरे बंद कर दिए जाते हैं और कमेटियां मनमाने तरीके से बनाई जाती हैं। जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे प्रधानमंत्री और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा दिए, तो फिर किसी लिस्ट का क्या मतलब रह जाता है? विपक्ष की भूमिका पर रार: क्या फर्जी है नेताओं की लिस्ट?जब उनसे बार-बार पूछा गया कि क्या वो उस कमेटी की लिस्ट को फर्जी मानते हैं जिसमें कांग्रेस नेता शामिल हैं, तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा कि आज देश में चुनाव आयोग और राष्ट्रपति भवन तक पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है, लेकिन सत्ताधीशों से सवाल पूछने के बजाय विपक्ष को कटघरे में खड़ा करना समझ से परे है।

