भक्ति के आगे गर्मी बेअसर; सुबह शुरू हुए हवन, दोपहर तक मंदिरों में लगी रहीं लाइनें
जालंधर | श्रीराम मंदिर छोटी अयोध्या, सूर्या एनक्लेव में भक्तों की ओर से मां बगलामुखी जयंती के उपलक्ष्य में हवन किया गया। इसमें विद्वानों ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाईं। हवन के बाद मंदिर परिसर में पवन कुमार ने श्री गणेश वंदना के बाद ‘श्याम हम दीवाने तेरे हम दीवानों से अखियां मिला ले’, ‘खाटू वाला श्याम बाबा देव हमारो है’ व अन्य भजन सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने देवी-देवताओं को भोग लगाकर व भव्य आरती के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। खास बात यह रही कि हवन के बाद भी देर शाम तक मां के भक्त आशीर्वाद लेने पहुंचते रहे। भास्कर न्यूज | जालंधर शहर में शुक्रवार को मां बगलामुखी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। हालांकि सुबह से ही तपिश बढ़ गई थी, लेकिन भक्तों की श्रद्धा के आगे गर्मी बेअसर दिखी। मंदिरों में लंबी कतारें लगीं, लेकिन भक्तों की आस्था बरकरार रही। मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में भक्तों की ओर से मां बगलामुखी जी के जयंती के पावन मौके पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। धार्मिक आयोजन में अध्यक्षता धाम के संचालक नवजीत भारद्वाज ने की। उन्होंने विधिवत पूजन करके भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाई। भारद्वाज ने कहा कि मानव का भविष्य कर्मों के आधार पर तय होता है। अच्छे कर्म करने वाले लोगों का जीवनकाल सुखमय, शांतिमय एवं निरोग व्यतीत होता है तथा बुरे काम करने वाले लोगों का जीवन दुखमय, अशांत तथा रोग भय होता है। बुरे कर्म करने वाले लोगों को नर्क की प्राप्ति होती है, जबकि स्वर्ग की प्राप्ति अच्छे कर्मों से होती है। बुरे कर्मों का प्रायश्चित माता-पिता, गुरुजनों के निस्वार्थ सेवा से होता है। उन्होंने कहा कि इस शरीर को चलाने वाले शक्ति को लोग नहीं समझते किंतु अहंकार को ज्यादा महत्व देते है। हवन के मौके उपस्थित श्रद्धालु। जालंधर | शिव मंदिर श्री विद्या बगलामुखी धाम न्यू प्रेम नगर में मां बगलामुखी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत हरिराम दास महाराज ने की। उनके सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भव्य हवन किया गया। भक्तों ने आहुतियां डालकर विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरा मंदिर परिसर जय मां बगलामुखी’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। हवन और पूजन की पूर्णाहुति के पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया। चीनू सहगल एंड पार्टी ने मां बगलामुखी जी की महिमा का गुणगान किया। भजनों की सुमधुर लहरियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। महंत हरिराम दास महाराज ने मां बगलामुखी के स्वरूप और उनकी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी शत्रुओं का नाश करने वाली और भक्तों के कष्टों को हरने वाली हैं। यहां आचार्य उमेश दुबे, महंत सुरेश दास, महंत शिव राम दास, हनुमंत तिवारी, राजेश विज, राजू शर्मा, सन्नी वर्मा, अरुण वर्मा, राकेश महाजन, मधु वर्मा, साक्षी सीमा व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे। जालंधर | डिफेंस कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर में मां बगलामुखी जयंती के अवसर पर श्रीराम सत्संग सभा की ओर से हवन-पूजन किया गया। इस मौके सभा के वरिष्ठ सदस्य आरसी शर्मा, प्रधान अश्विनी शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट नरेश मल्होत्रा और राकेश कालरा सहित विनीत ओबेरॉय, अशोक गुप्ता, प्रो. सोमनाथ शर्मा, अश्विनी कालिया, विनोद धवन, सतीश अरोड़ा, कंचन, पूनम कक्कड़, मोनिका शर्मा, वीणा शर्मा, सुमन वर्मा, संगीता शर्मा और पुष्पा चोपड़ा शामिल हुए।
मध्य प्रदेश के 26 हजार गांव डेयरी विकास योजना जुड़ेंगे: सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में समृद्धि लाने के मकसद से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर राज्य सरकार का जोर है
चंडीगढ़ में सड़क किनारे करीब एक घंटे तक ‘स्टैच्यू’ बन बैठे युवक का वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने उसे ढूंढ निकाला और उसकी आपबीती जानी। युवक ने बताया कि वह करीब दो महीने से कथित “जॉम्बी ड्रग” की चपेट में है, जहां दोस्तों ने ही उसे इस नशे में धकेला। उसने कहा कि पहले हेरोइन लेते थे, लेकिन अब इंजेक्शन के जरिए लिए जाने वाले इस खतरनाक नशे का आदी हो चुका है, जिसके असर से शरीर सुन्न पड़ जाता है और इंसान घंटों तक एक ही पोजीशन में जड़ हो जाता है। PGI में सफाई कर्मी की नौकरी छूटने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ी। इलाज और काउंसलिंग के बावजूद वह दोबारा नशे में लौट गया। जानिए कौन है युवक, कैसे नशे की लत में फंसा…युवक की जुबानी, पूरी कहानी… ये बताईं ये बड़ी बातें… अजय के भाई ने ये बातें बताईं… *********** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में एक घंटे स्टैच्यू बन बैठा रहा युवक,VIDEO: हाथ में बीड़ी, पी नहीं पाया; पंजाब-चंडीगढ़ से 6 वीडियो सामने आ चुके; जॉम्बी ड्रग का शक चंडीगढ़ में युवक एक घंटे तक रोड के किनारे एक ही तरह से बैठा रहा। युवक का सिर झुका हुआ था और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसके हाथ में बीड़ी थी लेकिन वह उसे पी नहीं पा रहा था। लोगों ने उससे बात करने की भी कोशिश की लेकिन वह हिल तक नहीं पाया। इसे जॉम्बी ड्रग के असर से जोड़कर देखा जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है, इसमें 6 पंजाब से हैं। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इसके बाद वह भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल को पार्टी की सदस्यता दिलाई। राघव ने बताया कि राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल के अलावा हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। राघव ने बताया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने यह फैसला लिया। इसलिए दलबदल कानून लगने का कोई मतलब नहीं है। राघव चड्ढा ने कहा पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। उधर, सीएम भगवंत मान ने कहा कि राघव का यहां दम घुटने लग गया। साइकिल का भी स्टैंड होता है। कहीं तो खड़े हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे। अशोक मित्तल के यहां ईडी का एक छापा था। यह मेले वाले अमरूद बनकर रह गए हैं। इन्हें कौन पूछेगा। राघव की 3 बड़ी बातें… सीएम मान की 4 बड़ी बातें… 2024 के लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं। राघव ने 2 साल पहले दिए थे अलगाव के संकेत राघव के साथ पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों के बारे में जानिए… ************ ये खबरें भी पढ़ें: राघव चड्ढा विवाद- इससे पहले 35 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 20 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; कुमार विश्वास का न इस्तीफा, न निकाला राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 35 बड़े नेता इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले प्रमुख चेहरों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले AAP के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। इसमें 6 सांसद पंजाब के हैं। AAP के ‘चाणक्य’ डॉ संदीप पाठक व ‘सुपर CM’ कहे जाने वाले राघव चड्ढा अब BJP में शामिल हो गए। उनकी यहां की राजनीति में गहरी पैठ मानी जाती है। 2022 विधानसभा चुनाव में इसी 'जोड़ी' ने पंजाब में AAP का 92 सीटों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था, अब वही जोड़ी AAP के किले में सेंध लगाने की तैयारी में है। दावा है कि पार्टी के 30 से 35 विधायक से उनकी काफी नजदीकियां हैं। इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंजाब में भी बगावत की बात चलने लगी, तो पाठक तुरंत दिल्ली से पंजाब आए और उन्होंने सभी विधायक तलब कर बगावत को कंट्रोल किया था। इसकी कारण अब राघव चड्ढा व संदीप पाठक के भाजपा जॉइन करने से आम आदमी पार्टी में टूट का खतरा बढ़ गया है। चड्ढा व पाठक अब अपने नजदीकी विधायकों को भाजपा के खेमे में ला सकते हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में पंजाब में टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी की कैंपेन का जिम्मा डॉ संदीप पाठक के पास था और फाइनेंस का पूरा जिम्मा राघव चड़ढा के हाथ में था। ऐसे में पंजाब में जितने भी विधायक हैं, सबकी टिकटें इनके हाथों से होकर निकलीं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि जिस तरह से एक साथ 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, उसका असर आने वाले समय में विधायकों पर भी पड़ सकता है और चुनाव से पहले AAP के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।…पढ़ें पूरी रिपोर्ट राघव AAP के ‘सुपर CM’, 3 पॉइंट में जानिए संदीप AAP के ‘चाणक्य’, 3 पॉइंट में जानिए सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर पॉलिटिकल एक्सपर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। डॉ संदीप पाठक के पास सब की रिपोर्ट है। ऐसे में वो उन विधायकों से भी संपर्क साध सकते हैं, जिनकी टिकट कटने का खतरा है। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्टी पॉलिटिकल एक्सपर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्री मंडल से छुट्टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अमृतसर में डीएम रंधावा सुसाइड केस के दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल को अपनी पत्नी का हत्यारा तक बता दिया था। अनमोल गगन मान ने भी राजनीति छोड़ने का किया था ऐलान खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी नेताओं ने उन्हें मना लिया और वो फिर से सक्रिय राजनीति में आ गईं। बंगाल चुनाव पंजाब की राजनीति तय करेगा- औलख पॉलिटिकल एक्सपर्ट और पीएयू के पूर्व वीसी डॉ किरपाल सिंह औलख ने कहा कि संदीप पाठक और राघव चड्ढा पंजाब में आम आदमी पार्टी की रीढ़ रहे हैं। वो पंजाब आप को अंदर से जानते हैं। ऐसे में विधायकों के साथ उनका अच्छा तालमेल होगा। जिस तरह से सात सांसद एक साथ पार्टी छोड़कर बीजेपी में गए हैं, वैसे पंजाब में भी खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि यह खतरा अगले कुछ दिनों में होगा, ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर पार्टी के नेता पाला बदल सकते हैं। तब तक संदीप पाठक व राघव चड्ढा उनसे संपर्क करके पूरी रणनीति बनाएंगे और सही मौके पर पार्टी में शामिल करवाएंगे। उनका कहना है कि बंगाल का चुनाव पंजाब की राजनीति को तय करेगा। उन्होंने बताया कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बनाने में कामयाब हो गई तो फिर इस बार भाजपा पंजाब में पूरी आक्रमकता के साथ आएगी। भाजपा नेता- अपने कृत्यों के कारण टूट रही AAP भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने कृत्यों के कारण टूट रही है। अभी समय और गुजरने दो और लोग भी आएंगे। जो लोग भाजपा की नीतियों से प्रभावित हो रहे हैं। उनको भाजपा में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देखते जाओ कितने लोग भाजपा में आते हैं। वडिंग बोले- AAP के 50 विधायक भी बीजेपी में जा सकते कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी में टूट होना तय था, क्योंकि इस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है। उन्होंने AAP नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी सिर्फ सांसद ही गए हैं, लेकिन पार्टी को अपने विधायकों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि AAP के करीब 50 विधायक भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। सांसदों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में इन सांसदों की अब कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है। सीएम बोले- 6-7 गए हैं, ये पंजाब के गद्दार उधर, सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये छह सात गए हैं, ये पंजाब के गद्दार हैं। इन्हें बिना वोट मांगे राज्यसभा मिल गई। वहां जाकर तिड़कम करने लग गए। इनको गली मोहल्लों में हाथ नहीं जोड़ने पड़े। भाजपा असल में जनता की पार्टी नहीं है। बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तोड़ने की कोशिश की। महाराष्ट्र में शरद पंवार की पार्टी तोड़ी। ये पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जो लोग पंजाब के नहीं हो सके वो लोगों के कैसे हो जाएंगे। ************ ये खबर भी पढ़ें: AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में: कहा- 10 में से 7 सांसद साथ, अशोक मित्तल ने ED छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इसके बाद वह भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल को पार्टी की सदस्यता दिलाई। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब के जिला मुक्तसर के गांव फतेहपुर मणियांवाला में सिरफिरे प्रेमी ने 2 बच्चों की मां का कत्ल कर दिया। महिला को मारने के लिए अमृतसर के अजनाला से मुक्तसर 231 किलोमीटर 2 बार आया। पहले दिन कत्ल नहीं कर पाया। दूसरे दिन सुबह 8 बजे आते ही पेपर कटर से गला रेत दिया। कत्ल के बाद भागा, रास्ते में गाड़ी वालों से लिफ्ट ली। कुछ किलोमीटर चलने के बाद गाड़ी वालों की नजर हाथों की तरफ गई तो खून लगा था। शक होने पर गाड़ी वालों ने रास्ते में उसे गांव दित्तण खेड़ा के पास उतारा और चले गए। इसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम करनदीप बताया। आरोपी 12वीं पास है। गांव में ही कबड्डी टूनामेंट खेलता है। पूरा घटनाक्रम 22 अप्रैल का है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो कत्ल की कई परतें खुलती गईं। आरोपी करनदीप और महिला महिला रमनदीप कौर एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए, आरोपी ने कत्ल क्यों हुआ, कत्ल से पहले क्या हुआ, कैसे मारा…जानिए पूरी कहानी…। 6 पाइंट में जाने कत्ल और प्रेम की पूरी कहानी… अब जानें महिला के पति ने क्या कहा-
फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र के गांव ढाणी भोजराज में इंटरकास्ट लव मैरिज से जुड़ी पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। घायल हुए लोगों को इलाज के लिए भूना स्थित सीएचसी में दाखिल करवाया गया। घायलों में एक पक्ष के सुभाष चंद्र, अंकित कुमार, साहिल और राजेश कुमार शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से विकास कुमार को चोटें आई हैं। मामले के बाद भूना पुलिस भी गांव में पहुंची और पूरी जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोपी विकास व उसके साथियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द उसे गिरफ्तार नहीं किया तो सिरसा-चंडीगढ़ स्टेट हाईवे जाम कर देंगे। इंटरकास्ट लव मैरिज से जुड़ा पुराना विवाद बना कारण जानकारी के अनुसार, एक पक्ष से आरोपी विकास कुमार गांव के सचिन का भाई है। एससी वर्ग से संबंध रखने वाले सचिन ने कुछ समय पहले सामान्य जाति की लड़की के साथ प्रेम विवाह किया था। इसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। विकास का परिवार अब हिसार में रह रहा है। शुक्रवार को विकास गांव में आया हुआ था। इसी दौरान यह झड़प हो गई। वहीं, विकास कुमार का कहना है कि उसके भाई के अंतरजातीय विवाह के कारण उसे बेवजह विवाद में घसीटा जा रहा है और जान बूझकर निशाना बनाया जा रहा है। वह गांव में आया हुआ था कि नंबरदार परिवार ने बच्चों के जरिए गाली-गलौच करवाई। जब उसने रोकने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की गई। दुकान में बैठे दुकानदार पर किया गया हमला वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि बच्चों को लेकर विवाद था। दुकानदार राजेश कुमार दोनों पक्षों को छुड़ाने के लिए गया था। इसके बाद दुकान पर बैठे हुए राजेश कुमार पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया गया। बच्चों से भी मारपीट की गई। दुकानदार पर हमले का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। जिसमें एक युवक आकर दुकानदार राजेश पर कापे से हमला करता नजर आता है। दुकानदार डिब्बा उठाकर अपना बचाव करता है। डिब्बे का सामान दुकान में बिखर जाता है। पुलिस बोली-दोनों पक्षों की शिकायत पर कर रहे जांच भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दिन- शुक्रवारतापमान- 42 डिग्री सेल्सियसजगह- औरंगाबाद मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर मदनपुर प्रखंड के बेरी टोला का पूरन बिगहा गांव। गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर एक चापाकल पर कुछ लड़कियां, महिलाएं छोटे-छोटे बर्तनों में पानी भर रही थीं। उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बुधवार को हमारे गांव में अचानक आग लग गई थी। आग से गांव के 67 घरों में से करीब 20 घर जलकर राख हो गए। जिन घरों में आग लगी, उन घरों में न खाने को अन्न बचा है और न पहनने-ओढ़ने को कपड़ा। गांव के एक व्यक्ति ने कहा कि बेटी की शादी को लेकर कुछ पैसे और दहेज के सामान रखे थे, सब जल गया। अब परिवार खाने तक को मोहताज है। महिलाओं ने बताया कि देर शाम जब आग ठंडी हुई तो हम लोगों ने अपने-अपने घरों में जले सामानों को ये सोचकर हटाया कि कुछ तो बचा होगा, लेकिन कोई ऐसा सामान नहीं बचा, जिसका यूज किया जा सके। टीन के बने बक्से में कपड़े रखे थे, वो भी जलकर राख हो गए। सबसे पहले आग की तीन तस्वीरें देखिए अब पहले उस गांव की कहानी, जहां आग ने 20 घरों को राख बना दिया औरंगाबाद मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर करीब 30 बीघा का एक प्लॉट है। ये जमीन औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील सिंह की है। इस जमीन पर करीब 20 साल से मदनपुर प्रखंड के ही खिरियावां गांव से करीब 60 से अधिक परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ये सभी लोग भुईयां समाज से आते हैं। गांव के सभी लोग पेशे से मजदूर हैं। इनके पास न अपनी जमीन है और न ही अपनी खेती। गांव की महिला माधो देवी ने बताया कि घटना के बाद स्थानीय विधायक प्रमोद सिंह गांव पहुंचे थे और चापाकल लगवाने का आश्वासन दिया था। अगले दिन बोरिंग के लिए मशीन भी आई, लेकिन कुछ लोगों ने विवाद शुरू कर दिया, जिससे काम रुक गया है। हमलोग पिछले 20 वर्षों से इस जमीन पर बसे हैं, लेकिन जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। खाना बनाते समय तेज हवा के कारण लगी आग माधो देवी ने बताया कि आग लगने की घटना के करीब 10 मिनट बाद दमकल की पहली गाड़ी गांव में पहुंची, जबकि दूसरी गाड़ी करीब एक घंटे बाद पहुंची। इन दोनों दमकल गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि एक घर में मेहमानों के लिए खाना बन रहा था। इसी दौरान तेज हवा चली, जिससे एक चिंगारी निकलकर पास के शिवकुमार भुइयां के मकान तक पहुंच गई। कच्चा घर होने के कारण आग लग गई। तेज हवा की वजह से देखते ही देखते 19 और घर आग की चपेटे में आ गए। कुछ ही मिनटों में सबकुछ जलकर राख हो गया। घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित हर परिवार को 12-12 हजार रुपए का चेक दिया है, जबकि रेड क्रॉस संस्था की ओर से तिरपाल के साथ-साथ कुछ जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए है। आज गांव के दो घरों में दो बेटियों की शादी आज यानी 25 अप्रैल को गांव के दो घरों में दो बेटियों की शादी होनी है। रंजीत भुइयां ने अपनी बड़ी बेटी की शादी के लिए घर में करीब 1 लाख रुपए की ज्वेलरी, 50 हजार रुपए के कपड़े, 50 हजार रुपए कैश, पलंग, अनाज रखा था, जो जलकर राख हो गया है। वहीं, धर्मेन्द्र भुइयां के घर उनके भाई शंकर और बहन की भी आज शादी होनी है। आग ने धर्मेंद्र भुइयां के घर में रखे शादी का सारा सामान जलाकर राख हो गए है। शादी के घर में जो मेहमान आए थे, उनके भी कपड़े और ज्वेलरी जलकर राख हो गए। इसके अलावा, 20 घरों में रखे मोबाइल, आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी कागजात, चौकी-खटिया, अनाज का एक-एक दाना जलकर राख हो गया। आग की लपटों में एक बकरी और कई मुर्गियां भी जिंदा जल गईं, जो गरीब परिवारों की आजीविका का साधन थीं। अब जानिए जिन घरों में आग लगी, उनका क्या कहना है? गांव के रहने वाले रंजीत भुइयां ने बताया कि मेरी बेटी की शादी थी। 21 को तिलक थी, 24 को मड़वा था और 25 को बरात आने वाली है। इसी बीच आग से घर में रखे सारे सामान जलकर राख हो गए। गहना और कपड़ा जो कुछ बेटी के लिए खरीदा था, वो सब बर्बाद हो गया। रंजीत ने बताया कि घटना की जानकारी अपने होने वाले समधी और दामाद को भी दी। उन्होंने मुझसे पूछा कि आगे क्या करना है, मैंने उनसे कहा है कि आप लोग तय तारीख पर बारात लेकर आइए, मुझसे जितना और जैसे बन पड़ेगा, मैं खातिरदारी करूंगा। ‘बेटा स्कूल जाता था, उसका स्कूल बैग, किताब सबकुछ जलकर राख हो गया’ उषा देवी ने बताया कि घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। झोपड़ी लगाकर किसी तरह बच्चों के साथ रह रहे हैं, जहां छाव होती है, वहां बच्चों को लेकर रह रहे हैं। मेरे तीन बच्चे हैं। बड़ा बच्चा 10 साल का है, जो स्कूल जाता था। उसका भी किताब, स्कूल बैग जलकर राख हो गया। उषा देवी ने बताया कि गांव में बोरिंग भी नहीं है। पानी लाने के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जिस जमीन पर रह रहे हैं, वो प्राइवेट जमीन है। अगर कही सरकारी जमीन नहीं मिलेगी, तो सड़क पर जाकर रहना पड़ेगा। फूस के छत, सुखी लकड़ियों की वजह से आग ने विकराल रूप लिया शंकर ने बताया कि मेरी छोटी बहन की शादी है। अब कुछ नहीं बचा है, किसी तरह हाथ-पैर जोड़कर बहन की शादी करानी है। लड़के वालों को घटना के बारे में बताया है, अगर वो हमारी मजबूरी समझ लेंगे तो इससे अच्छा कुछ और नहीं हो सकता है। 'जीविका का रजिस्टर रखा था, जलकर राख हो गया' संगीता ने बताया कि मैं जीविका समूह में काम करती हूं। यहां तीन महिलाओं को लोन भी दिलाया था। जिन महिलाओं को लोन दिलाया था, उनके घर जीविका से जुड़े और कागजात भी रखे थे, जो जलकर राख हो गए। रजिस्टर में सब हिसाब लिखा था, अब किसका कितना बकाया है, किससे कितना लेना था, कुछ पता नहीं चल रहा है। ‘नेताओं को वोट देकर विधायक बनाया, हमारा राशन कार्ड तक नहीं बना’ लकेसरी देवी ने बताया कि 20 साल से अधिक समय से हम लोग रह रहे हैं। झोपड़ी में ही बच्चों को पालकर बड़ा किया। हम लोगों को आज तक आवासीय योजना का लाभ नहीं मिला। जिस जमीन पर हम लोग रह रहे हैं, वो प्राइवेट जमीन है, लेकिन गांव के मुखिया को हम लोगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना चाहिए था। लकेसरी देवी ने बताया कि हम लोगों ने वोट देकर नेताओं को विधायक बनाया, जिला परिषद भी बनाया, लेकिन हम लोगों को आज तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला, न राशन कार्ड है। अब हम लोग बेटे-बेटी, बहू, पोते-पोतियों को लेकर कहां जाएंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र ने दक्षिण बिहार के 5 जिलों में आज हॉट डे को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन पांच जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि लू जैसी स्थिती नहीं रहेगी, लेकिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान होंगे। वहीं, उत्तर बिहार के कुछ जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। लेकिन इससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे में रोहतास सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पटना में 40.6 डिग्री टेंपरेचर रिकॉर्ड किया गया। मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें… पिछले 5 सालों में अप्रैल महीने का तापमान पिछले पांच साल के मुकाबले इस बार अप्रैल में गर्मी ने फिर से परेशानी बढ़ा दी है। बिहार में इस साल अब तक अप्रैल महीने में रोहतास के डेहरी का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पिछले 5 सालों का रिकॉर्ट टूटा है। इससे पहले 2024 में अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा बक्सर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जबकि 2025 में रोहतास के डेहरी में 42.4 डिग्री, 2023 में औरंगाबाद में 42.6 डिग्री और 2022 में बक्सर में 43.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के पीछे ये सिस्टम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल क्षेत्र से होकर 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना चक्रवाती परिसंचरण निम्न दबाव क्षेत्र में जुड़ चुका है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर लगभग 12.6 KM की ऊंचाई पर 80 से 90 नॉट्स की रफ्तार से पछुआ हवा चल रही है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बादल बन रहे हैं, जबकि दक्षिण बिहार में गर्मी अधिक महसूस की जा रही है। पटना में आज 41 डिग्री पहुंच सकता है तापमान पटना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में पटना का मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दिन में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। गर्म पछुआ हवा से लोगों को अधिक गर्मी महसूस होगी। दोपहर में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। हॉट डे और हीट वेव में क्या अंतर है हॉट डे की स्थिति तब मानी जाती है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक हो और गर्मी के कारण दिनभर असहज स्थिति बनी रहे। इसमें तेज धूप और गर्म वातावरण रहता है, लेकिन लू जैसी स्थिति जरूरी नहीं होती। वहीं, हीट वेव तब घोषित की जाती है, जब अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए या तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर लगातार बना रहे। हीट वेव के दौरान लू चलने, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने खास इंतजाम किया है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ऐशबाग से गोरखपुर के बीच अनारक्षित विशेष ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। तीन दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन रेलवे प्रशासन के अनुसार, विशेष गाड़ी संख्या 05050 ऐशबाग से गोरखपुर के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को चलाई जाएगी। यह ट्रेन रात 8:45 बजे ऐशबाग से रवाना होगी और रास्ते में बादशाहनगर, बाराबंकी, जरवल रोड, करनैलगंज, गोंडा, मनकापुर, बस्ती और खलीलाबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह 3:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी के लिए भी सुविधा परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की वापसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने गोरखपुर से ऐशबाग के बीच भी विशेष ट्रेन चलाने की व्यवस्था की है। गाड़ी संख्या 05049 गोरखपुर से 26 और 27 अप्रैल को सुबह 4:55 बजे रवाना होगी और विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए सुबह 10:20 बजे ऐशबाग पहुंचेगी।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
सदन में तेजस्वी का फाइनेंस फेल:विधायक जी बन गए रिपोर्टर, नजराना लेके फंस गए अधिकारी बाबू
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
‘दाखिल खारिज की पक्की नकल मांगने पर CO साहब ने तीन थप्पड़ मेरे गाल पर मारे। इंदिरा आवास के लिए अधिकारी ने 40 हजार रुपए मांगे। नहीं दिया तो मेरी बहू का नाम काट दिया। सीएम साहेब आप एक्शन लें।’- राम गुलाम सिंह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जनता दरबार में लगाई गई ये फरियाद तो सिर्फ बानगी है। सम्राट ने सीएम बनने के बाद 3 दिन जनता दरबार लगाया। 775 लोग उनसे मिले, इनमें 315 फरियादी थे, जिन्होंने अफसरों के खिलाफ शिकायत की। सीएम के सामने सबसे अधिक शिकायतें अधिकारियों की आ रही हैं। रिश्वतखोरी के गंभीर इल्जाम लग रहे हैं। इसके बाद मारपीट, जमीन विवाद और प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर मामलों से जुड़ी शिकायतें हैं। सम्राट चौधरी के जनता दरबार में लोग क्या शिकायतें लेकर आए? पूर्व सीएम नीतीश कुमार और वर्तमान सीएम सम्राट चौधरी के जनता दरबार में क्या अंतर है? पढ़िए रिपोर्ट..। मुख्यमंत्री के जनता दरबार की तस्वीर देखिए पहले जानिए चार फरियादियों का दर्द 1- नकल की कॉपी मांगने पर अंचल के सीओ ने मारे तीन थप्पड़ मुख्यमंत्री के सामने गुरुवार को जनता दरबार में जय श्री राम के नारे लगाने वाले बुजुर्ग राम गुलाम सिंह मधुबनी जिला के लदनीयां थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया, 'दाखिल खारिज की नकल मांगने पर अंचल के सीओ ने मेरे गाल पर तीन थप्पड़ मारे। इंदिरा आवास के अधिकारी ने 40 हजार रुपए घूस मांगे। नहीं देने पर मेरी बहू का नाम इंदिरा आवास से हटा दिया।’ 2- अधिकारी कहते हैं पैसा दोगे, तभी काम होगा औरंगाबाद के रफीगंज थाना के कृष्णा साव ने कहा, ‘हम लोग 2 भाई हैं। मैं झारखंड में कमा खा रहा हूं। मेरे भाई ने सारी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि केस लड़ें। अधिकारियों के पैर पकड़कर थक गया हूं।’ उन्होंने कहा, 'सम्राट अगर मेरा काम कर देंगे तो इनका जय जयकार करेंगे। नहीं करेंगे तो समझ जाएंगे कि एक ही दूध के सब धोए हुए हैं।' गृह मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री को दे चुके हैं आवेदन कृष्णा साव ने गृह मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को आवेदन लिखा है। आरोप लगाया है कि उनके भाई ने उनकी पुश्तैनी जमीन और मकान पर अवैध कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। घर में घुसने नहीं दिया जाता है। वह पिछले करीब 20 वर्षों से अपने परिवार के साथ झारखंड में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। पंचायत से लेकर जिला स्तर के अधिकारी मांगते हैं रिश्वत कृष्णा साव ने कहा, ‘जमीन और मकान से संबंधित सभी कागजात मेरे पास हैं। इस मामले में सिविल कोर्ट औरंगाबाद में केस संख्या 260/12 भी लंबित है। इसके बाद भी न्याय नहीं मिल रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘पंचायत से लेकर अंचल और जिला स्तर तक अधिकारी काम कराने के नाम पर 10 से 50 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे हैं। मेरे पास इतना पैसा नहीं है।’ 3- एसपी ने मेरा वेतन रुकवा दिया पटना के विजय कुमार दास ने आरोप लगाया, ‘पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने हमारा शोषण किया है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पदों पर अवैध नियुक्ति कर हमारा वेतन छीन लिया गया। हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया, लेकिन इसका भी अनुपालन नहीं किया गया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे पूरा बिहार घुमाकर आरा में तैनात किया गया। आरा में मैंने काम किया, लेकिन विभागीय पदाधिकारी और आरा एसपी रहे मुरारी लाल मीना ने मेरा निबंधित डाक दबाकर वेतन रुकवा दिया। 1990 से मुझे वेतन नहीं मिला। मुझे रोड पर ला दिया। अब तक आदेश का पालन नहीं किया गया है।’ 4- सरकारी कर्मचारी जमीन मामले में लापरवाही करते हैं कटिहार जिला स्थित फलका अंचल से आए महेंद्र ऋषि ने कहा, ‘अंचलाधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। पूर्वज से मिली जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा है। सरकार ने कहा है कि भू-माफियाओं को खत्म करेंगे, लेकिन अभी भी ख़त्म नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि, 'विजय सिन्हा के आने से सारे कार्य ठप पड़ गए। हमलोग का कोई सुनवाई नहीं हो रहा है। नई सरकार आई है तो उम्मीद है कि सही फैसला होगा। अब जानिए मुख्यमंत्री के जनता दरबार में कैसे लगा सकते हैं फरियाद सम्राट चौधरी के जनता दरबार में बिहार का कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या फरियाद लेकर जा सकता है। 4 देश रत्न मार्ग के मुख्य द्वार पर सिक्योरिटी गार्ड्स लगाए गए हैं। ये सीएम के दरबार में जाने वाले लोगों की जांच करते हैं। आवेदन के अलावा किसी भी व्यक्ति को कोई भी सामान अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है। सबसे पहले मुख्य द्वार पर एक पर्चा दिया जाता है, जिसमें लोग अपना नाम और पता भरकर अंदर जा सकते हैं। अंदर जाने के बाद मुख्यमंत्री से मिलकर अपना आवेदन देते हैं। सीएम को दिए आवेदन का क्या होता है? जनता दरबार में सीएम लोगों से मिलते हैं, उनकी पीड़ा सुनते हैं और आवेदन ले लेते हैं। सीएम आश्वसन देते हैं कि आपकी परेशानी का हल होगा। वह आवेदन पास मौजूद अधिकारियों को देते हैं। जनता दराबार में सीएम के सचिव के नेतृत्व में अधिकारियों की पूरी टीम काम करती है। किस व्यक्ति ने क्या फरियाद लगाई। उसकी परेशानी किया है। सभी बातों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाता है। इसके बाद उसे संबंधित विभाग को जांच और कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। नीतीश के जनता दरबार और सम्राट के जनता दरबार में अंतर नीतीश के जनता दरबार की खासियत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जनता दरबार पूरी तरह 'सिस्टम' और 'प्रोसेस' पर आधारित था। यह एक औपचारिक राजकीय कार्यक्रम था, जिसमें सभी विभागों के प्रधान सचिव और डीजीपी (DGP) स्तर के अधिकारी मौजूद रहते थे। यहां मुख्यमंत्री के निर्देश का मतलब सीधा सरकारी आदेश होता था। नीतीश कुमार के जनता दरबार में पहुंचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता था। सुरक्षा और अनुशासन बहुत सख्त होता था। हालांकि, वे अधिकारियों को सीधे फोन लगाकर या ऑन-द-स्पॉट निर्देश देने के लिए जाने जाते हैं। सम्राट का जनता दरबार 'पब्लिक कनेक्ट' पर केंद्रित वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जनता दरबार 'डायरेक्ट एक्शन' और 'पब्लिक कनेक्ट' पर ज्यादा केंद्रित है। उनके दरबार में एंट्री लेने के लिए भी औपचारिकताएं कम है। आम लोग अपनी शिकायतों के साथ सीधे पहुंच सकते हैं। जनता दरबार में जो भी लोग आवेदन लेकर जाते हैं वह वहां मौजूद सचिव को अपने आवेदन की जानकारी देते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक-एक करके सभी से मिलकर उनको आश्वासन देते हैं हालांकि मामले पर किस तरीके से कार्रवाई हो रही है वह आने वाले समय में पता चलेगा।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी आज मेरठ की सिवाल खास विधानसभा के गांव ईकड़ी में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने पिछले लगभग 15 दिनों से तैयारी शुरू की गई थी। गठबंधन के बाद पहली जनसभा भाजपा से गठबंधन होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल के सुप्रीमो जयंत चौधरी की यह पहली ऐसी जनसभा है जिसे वह अकेले संबोधित करने पहुंच रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 2027 के चुनाव को लेकर इस जनसभा में क्या फैसला लिए जाते हैं इसके साथ-साथ क्या रूपरेखा तैयार की जाती है। जिला अध्यक्ष के गांव में है जनसभा जब जनसभा के लिए जो स्थान चुना गया है वह सिवालखास विधानसभा क्षेत्र का गांव ईकड़ी है। इसके साथ-साथ वह रालोद के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज का पैतृक गांव भी है। देखना यहां होगा कि यह जनसभा पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या संकेत देती है। कार्यकर्ताओं की लंबे समय से तैयारी इस जनसभा को एक विशाल रूप देने के लिए रालोद कार्यकर्ता लगभग पिछले 15 दिनों से तैयारी में जुटे। हुए हैं लगभग दो हफ्ते पहले कैंप कार्यालय पर की गई मीटिंग के बाद सभी कार्यकर्ताओं को उनके दायित्व समझते हुए जिम्मेदारी दी गई है। इस रैली को सफल बनाने की कार्यकर्ताओं ने हर एक गांव में जाकर अपील भी की है। पहली बार जर्मन हैंगर का प्रयोग राष्ट्रीय लोकदल के कार्यक्रम में पंडाल के लिए पहली बार जर्मन हैंगर का प्रयोग किया गया है। इससे पहले जब जब भी रालोद की जनसभाएं होती थी, चाहे वह स्वर्गीय चौधरी अजीत सिंह की जनसभा क्यों ना हो सभी में सामान्य पंडाल ही लगाए जाते थे। ऐसा पहली बार हो रहा है कि मेरठ में जयंत चौधरी अकेले किसी जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं और उसमें जर्मन हैंगर के पंडाल का प्रयोग किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों तक टली त्रिपुरा जनजातीय परिषद के गठन की प्रक्रिया
त्रिपुरा की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) ने त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के नए गठन को फिलहाल टालने का फैसला किया है
बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को सदन में बहुमत साबित कर दिया है। स्पीकर प्रेम कुमार ने नई सरकार को बधाई दी। विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद सीएम सम्राट चौधरी लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की। बहुमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता है। मैं तो कहता हूं अगर लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं होता तो आज मैं सीएम नहीं होता। नीतीश कुमार की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार का सीएम हो, इससे इनकार नहीं करता हूं। बिहार में 20 सालों से एनडीए की सरकार है। एनडीए की सरकार ने किसानों, महिलाओं की चिंता की, और सबसे अधिक सुशासन स्थापित करने का काम किया गया। हमारे नेता नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार समृद्ध बने।' तेजस्वी बोले- BJP ने नीतीश कुमार को खत्म किया विश्वास मत पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और सम्राट चौधरी पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया। चुनाव में इन लोगों ने नारा लगाया था- ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’। इन लोगों ने नीतीश कुमार को ही 25 से 30 में खत्म कर दिया। किसी भी सरकार को विकास कार्यों के लिए स्टेबिलिटी चाहिए होती है। यहां 5 साल में 5 सरकार बनी, ये सरकार भी रहेगी या फिर नहीं आएगी। 5 साल में इन लोगों ने 5 सरकार बनाई है। आखिर ऐसी नौबत बार-बार क्यों आती है।’ तेजस्वी यादव की स्पीच की 5 बड़ी बातें तेजस्वी को CM सम्राट का जवाब विधानसभा के विशेष सत्र से जुड़ी तस्वीरें… फ्लोर टेस्ट से जुड़े हाईलाइट्स... विधानसभा में विधायकों की स्थिति समझिए… पर्सनल अटैक पर तिलमिलाते दिखे सीएम सम्राट लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया X पर लिखा- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पर हो रहे पर्सनल अटैक पर तिलमिलाते दिखे, लेकिन वे भूल गए कि कैसे उन्होंने एक बेटी के द्वारा अपने पिता को किडनी दिए जाने पर बेहद ही ओछी टिप्पणी की थी। सार्वजनिक जीवन में पर्सनल जैसा कुछ विशेष नहीं होता, सब कुछ पब्लिक के स्कैनर पर होता है और दाखिल हलफनामे के माध्यम से पब्लिक डोमेन में भी होता है, जहां गड़बड़ी होती है, वहां सवाल उठता है और सवाल उठना-उठाना लाजिमी भी है। 20 साल बाद सदन में दो नेता नीतीश और नितिन नहीं दिखे 2005 के बाद ऐसा पहली बार होगा कि बिहार के पूर्व CM नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सदन में नहीं दिखे। 2005 के बाद से दोनों लगातार हर सत्र में मौजूद रहे। नीतीश कुमार और नितिन नवीन राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। राज्यसभा सदस्य बनने से पहले शीतकालीन सत्र में जब नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष बनकर सदन में आए थे तो सभी पार्टी के नेताओं ने उन्हें बधाई दी थी। --------------- इसे भी पढ़ेंः दौड़ते हुए विधानसभा आए,अर्जेस्टमेंट कर के आगे बैठे विजय सिन्हा:नीतीश को याद करते रहे विजय चौधरी; तेजस्वी के बयान पर हंगामा;13 तस्वीरों में फ्लोर टेस्ट नई सरकार के शक्ति परीक्षण से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
एमपी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे होने लगते हैं। दोपहर में तपिश बढ़ जाती है। बावजूद भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित नहीं की गई है। यहां टाइमिंग जरूर घटाई गई, लेकिन बच्चे दोपहर में ही घर पहुंच पाते हैं। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल, ने शनिवार को ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। शनिवार को जिन जिलों में हीट वेव यानी, लू का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। बाकी जिले भी गर्म रहेंगे। यहां पारा 40 डिग्री के ऊपर ही बना रहेगा। वर्तमान में छतरपुर जिला सबसे गर्म है। यहां के दो शहर- खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। खजुराहो में 44 के करीब पहुंचा पारा इससे पहले शुक्रवार को छतरपुर का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.9 डिग्री, नौगांव में 43.5 डिग्री, रतलाम में 43.2 डिग्री, सतना-टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला-रीवा में 42.5 डिग्री, धार, सीधी-रायसेन में 42.4 डिग्री, दतिया-नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री, श्योपुर-शाजापुर में 42.2 डिग्री, मलाजखंड, उमरिया-खरगोन में तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो सबसे गर्म ग्वालियर रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में पारा 41.5 डिग्री दर्ज किया गया। अप्रैल के आखिरी में बारिश के आसार मौसम विभाग की मानें तो अप्रैल के आखिरी में बारिश के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ऐसा होगा। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।
देश के कई हिस्सों में लू का असर तेज होता जा रहा है। देश में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सबसे ज्यादा तापमान 45.2C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के अकोला में पारा 45C, अमरावती में 44.8C रहा। राजस्थान समेत 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44C के पार जा चुका है। यूपी के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे मजदूरों के काम पर रोक है। कानपुर में 45 साल के सुनील कुमार की बाइक पर हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। मौसम विभाग ने 17 जिलों में वार्म नाइट और 60 जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा के 18 शहरों में पारा 40C से ज्यादा दर्ज किया गया। झारसुगुड़ा में तापमान 44.8C रहा। हीटवेव की स्थिति को देखते हुए ओडिशा सरकार ने सोमवार से राज्य के सभी स्कूल बंद करने की घोषणा की है। मध्य प्रदेश के 11 जिलों में लू का अलर्ट है। वहीं नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में हीटवेव चल रही है। यहां ऊना का तापमान 41.1C पहुंच गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को लोगों को सलाह दी कि वे पूरे राज्य में बढ़ते तापमान के बीच सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। CM ने कहा कि लोगों को इस समय को सेल्फ-लॉकडाउन की तरह लेना चाहिए। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 26 अप्रैल: छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। 27 अप्रैल: बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म रातें (वार्म नाइट कंडीशन) रहने की भी आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, गुजरात, गोवा, ओडिशा और तमिलनाडु में बहुत ज्यादा गर्म और उमस भरा मौसम हो सकता है। देशभर से गर्मी की तस्वीरें
उत्तर प्रदेश के मंत्री, जलशक्ति विभाग स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें वृंदावन स्थित घाटों का विस्तार, नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की परियोजना, मथुरा स्थित घाट और वृंदावन स्थित हरगूलाल गूल आदि कार्य परियोजनाओं की समीक्षा की गयी। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी भी ली। NGT ने लगाई थी रोक वृंदावन स्थित नदी घाटों के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण परियोजना की समीक्षा में संज्ञान में आया कि वृन्दावन में केसी घाट से जुगल किशोर घाट तक यमुना के किनारे विभिन्न घाटों के निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना लाई गई थी। यू.पी.पी.सी.एल., मथुरा द्वारा कार्य कराये जाने के दौरान वर्ष 2019 में एन.जी.टी. से प्रतिबंध लग जाने के कारण काम 2019 से 2024 तक की अवधि में बन्द रहा। 14 अगस्त 2024 को एन.जी.टी. ने इस प्रतिबंध को हटा दिया। 2 वर्ष तक लटका रहा काम रोक हटने के बाद पुनः कार्य प्रारम्भ कराया जाना था, लेकिन सिंचाई विभाग और यू.पी. पी.सी.एल. के बीच वर्तमान दरों के सम्बंध में असमंजस की स्थिति बनी रही और लगभग दो वर्ष तक यह परियोजना अधर में लटकी रही। जिसके कारण वृन्दावन में घाटों के निर्माण का कार्य जनवरी 2026 में प्रारम्भ हो सका। विगत दो वर्ष तक परियोजना में अनावश्यक विलम्ब करने पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। बारिश से पहले पूरा हो काम वर्तमान में इस परियोजना के अन्तर्गत सिर्फ एक ही घाट पर काम किया जा रहा है। अप्रैल 2026 तक कार्य की भौतिक प्रगति मात्र 5 प्रतिशत है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गयी और संबंधित अधिकारियों पर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गई कि कार्यदायी संस्था सभी साइट पर अधिकतम श्रमिक व मशीनी उपकरण लगाकर बारिश आने से पहले कार्य को पूरा करे। अधिकारियों पर भड़के मंत्री बैठक में मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर के पास विश्राम घाट पर 700 रनिंग मीटर पुराने घाट की मरम्मत एवं 210 रनिंग मीटर नए घाट के निर्माण कार्य की समीक्षा की गयी। वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति सिर्फ 10 प्रतिशत है। अक्रूर घाट विकास की परियोजना की समीक्षा में पता चला कि परियोजना लागत की धनराशि से स्वीकृत कर रू 317.00 लाख रूपये प्रथम किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को मिल गए है,लेकिन इसके बाबजूद अभी तक टैण्डर प्रकिया भी पूरी नहीं की गई है। परियोजना कार्यों में धीमी प्रगति एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर मंत्री स्वतंत्र देव द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मण्डल आयुक्त को निर्देश दिए कि सभी कामों में बरती जा रही भारी लापरवाही को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर भेजें। वृंदावन माइनर हो पुनर्स्थापित बैठक में कमिश्नर आगरा मंडल नागेन्द्र प्रताप ने बताया कि वृन्दावन में वृन्दावन माइनर और हरगूलाल गूल नाम की सिंचाई चैनल हुआ करती थी, जिससे कि पानी की आपूर्ति बाँके बिहारी बगीची, रंगजी की बगीची और अन्य कुण्डों को हुआ करती थी। लेकिन शहरीकरण के कारण इन गूल,माइनर में पानी आना बन्द हो गया। इनकी पुनस्थापना हेतु उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा द्वारा डी.पी.आर. बनवाई गई परन्तु डी.पी.आर. निरूपण के बाद अग्रिम कार्यवाही नहीं हो सकी। वृन्दावन माइनर और गूल की पुनस्थापना कर वृन्दावन में बगीचिओं और कुण्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इस पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गये कि मथुरा-वृन्दावन में इन पुरानी माइनरों और गूलों को पुर्नस्थपित करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कर परियोजना बनाई जाए।
कर्नाटक के हुबली में मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने की खुदकुशी, पुलिस की सभी माता पिता को दी सलाह
उत्तरी कर्नाटक में हुबली शहर के उदय नगर इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 14 साल के एक लड़के ने अपनी मां द्वारा मोबाइल फोन देने से इनकार करने पर खुदकुशी कर ली।
पंचकूला नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई। भाजपा और कांग्रेस के मेयर प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र के अनुसार दोनों के पास करोड़ों की चल-अचल संपति है। कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के शपथ पत्र अनुसार, उनके पास करीब 2.49 लाख रुपए कैश मौजूद हैं। 7 अलग-अलग बैंक खातों में भी दपंती का 11 लाख रुपए जमा है। वहीं, भारद्वाज दपंती ने 7 लोगों को भी लाखों रुपए का कर्ज दे रखा है। इतना ही नहीं सुधा के पास 495 ग्राम सोना तथा उनके पति संजीव भारद्वाज के पास 103 ग्राम सोना व 32 बोर रिवॉल्वर और 12 बोर दोनाली बंदूक भी हैं। सुधा भारद्वाज के पास केवल स्कूटी है लेकिन उनके पति के पास फोर्ड इंडेवर कार है। 7 लोगों को दिया लोन, पति ने भी दिया कर्ज BJP प्रत्याशी श्याम लाल बंसल: जमीन में करोड़ों का निवेश भाजपा प्रत्याशी श्याम लाल बंसल के शपथ पत्र में सबसे बड़ी संपत्ति जमीन के रूप में सामने आई है। उनके पास करीब ₹12.20 करोड़ की कृषि भूमि है, जबकि उनकी पत्नी के नाम ₹45.70 करोड़ की जमीन दर्ज है। बंसल परिवार की अंबाला व पंचकूला में खेती योग्य जमीनें हैं। बंसल के पास 3 प्रापॅर्टी तथा उनकी पत्नी के पास 5 प्रापॅर्टी हैं। वहीं, बंसल के खातों में भी करीब 33 लाख रुपए तथा उनकी पत्नी के खातों में 9 करोड़ रुपए जमा हैं। प्रॉपर्टी-कैश, जमीन तथा गोल्ड सहित हर मामले में बंसल की पत्नी उनसे अमीर हैं। बंसल के पास एक 2015 मॉडल की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी है। जिसकी कीमत करीब ₹15.86 लाख दर्शाई गई है। बंसल दंपति के पास आभूषण
हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में प्रदर्शन के बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) के छह नेताओं की गिरफ्तारी का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। जमानत पर बाहर आए तीन नेताओं ने भी CIA के खिलाफ अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है। इन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारी सिविल ड्रेस में उनके घर में जबरन घुसे, हथियार दिखाकर डराया और DVR चोरी कर ले गए। यह कार्रवाई गैर कानूनी है। पुलिस के पास कोई वारंट नहीं था। इन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इन्हीं नेताओं की गिरफ्तारी के बाद 17 अप्रैल को पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला हिसार में गिरफ्तारी देने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि CIA इंचार्ज ने काफिला रोककर वैपन दिखाया और कुचलने की कोशिश की। दुष्यंत भी CIA इंचार्ज के खिलाफ शिकायत दे चुके हैं। वहीं CIA इंचार्ज ने भी दुष्यंत के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस प्रवक्ता मदनलाल ने बताया कि जजपा नेताओं की तरफ से शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। जानिए किस नेता ने कौन से थाने में शिकायत दी… हाईकोर्ट में दुष्यंत चौटाला की याचिका मंजूर सब्जी मंडी पुल पर CIA इंचार्ज पवन कुमार से हुए विवाद के मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट ने हिसार एसपी को एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 30 अप्रैल को होगी। दुष्यंत चौटाला ने 23 अप्रैल को याचिका दायर की थी। इसमें हिसार पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने समेत कई आरोप लगाए। दुष्यंत का कहना है कि वह एसपी को चार बार कॉल कर चुके हैं, लेकिन उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। उनका यह भी आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में डीएसपी खुद दोषी हैं, फिर भी जांच उन्हीं को सौंपी गई है। ----------------------------- इस विवाद से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें :- हिसार में CIA इंचार्ज के ससुर ने JJP छोड़ी:बोले- ताउम्र चौटाला परिवार के साथ रहा, दामाद इंस्पेक्टर की कोई गलती नहीं दुष्यंत चौटाला का दावा- उनके पास पुलिस की 8 क्लिप:एक VIDEO में अफसर माफी मांग रहे, जल्द जारी करेंगे; 2 DGP से हो चुका विवाद दुष्यंत चौटाला-पुलिस विवाद में नया VIDEO:विधानसभा चुनाव लड़ चुके JJP नेता बोले- मेरे घर पिस्टल लेकर घुसा CIA इंचार्ज, लगा एनकाउंटर करेगा दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा पुलिस से विवाद में महापंचायत बुलाई:बोले-DGP ने मेरा नंबर ब्लॉक किया; सरकार से डरेंगे नहीं, 27 को हिसार में दिखाएंगे ताकत दुष्यंत-CIA इंचार्ज विवाद में पुलिस ने CCTV जारी की:DSP बोले- पायलट रखने की मंजूरी नहीं, गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की
हरियाणा के भिवानी में दूल्हे के मौसेरे भाई की हत्या के मामले में कुछ वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में आरोपी हाथों में लाठियां लिए दिखाई दे रहे हैं, जबकि राजेश जमीन पर पड़ा है और एक महिला उसे संभाल रही है। कुछ लोग युवकों को धक्का भी दे रहे हैं। पीछे महिलाओं के चिल्लाने की आवाज भी आ रही है। दूसरी फुटेज CCTV की है। मृतक राकेश के बेटे रितिक का कहना है कि पिता पर हमला करने से पहले युवक घर के बाहर रेकी करके गए थे। विवाद 21 अप्रैल को शुरू हुआ था। राजस्थान गई बारात में पड़ोस के कुछ युवकों ने युवतियों से छेड़छाड़ की थी। उस समय राकेश ने उन्हें रोका था। शादी के बाद सभी भिवानी लौट आए। 22 अप्रैल को आरोपी युवक घर में घुस आए और राकेश की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिसके बाद वे फरार हो गए। रुड़की का रहने वाला, 17 को भिवानी आया मृतक की पहचान उत्तराखंड के रुड़की निवासी राकेश कुमार (41) के रूप में हुई है। वह एक ट्रैवल एजेंसी में नौकरी करता था। राकेश की मौसी भिवानी के बलियाली गांव में रहती है। 17 अप्रैल को राकेश अपने परिवार के साथ मौसेरे भाई रोहित की शादी में शामिल होने के लिए बलियाली आया था। अब जानिए कैसे ही राकेश की हत्या…. 21 अप्रैल को बारात में झगड़ा हुआ राकेश के बेटे रितिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल को रोहित की बारात राजस्थान के सिंघाणा गई थी। वहां कुछ युवकों ने युवतियों के साथ बदतमीजी की, जिस पर हंगामा हो गया। राकेश और अन्य लोगों ने उन युवकों को रोक लिया, जिसके बाद मामला शांत हो गया। शादी के बाद बारात में शामिल सभी लोग घर लौट आए। 22 को घर में घुसकर हमला किया रितिक ने आगे बताया कि बुधवार (22 अप्रैल) को रोहित अपनी पत्नी के साथ गांव में पूजा के लिए गया हुआ था और परिवार के अन्य सदस्य भी साथ थे। इसी दौरान वही अमित, अजय उर्फ विक्की व अन्य घर में घुस आए। उस समय राकेश, परिवार के सदस्य दिनेश उर्फ लाला और रिश्ते में चाचा लगने वाला अमन घर पर आराम कर रहे थे। आरोपियों ने लाठी-डंडों के साथ-साथ लात-घूंसे से भी हमला किया। धमकी देते हुए भागे हमलावर रितिक के अनुसार, आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल राकेश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, लाला को भी चोटें आईं, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। SHO बोले- 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया बवानीखेड़ा थाना SHO सुरेश कुमार ने बताया कि मृतक राकेश के बेटे रितिक के बयान पर गांव बलियाली निवासी विक्की, अमित, गौत्तम, सूरज, सुरेंद्र व साहिल सहित अन्य के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
'पंकज शाम 7 बजे मेरे घर आया। मेरी शादी के लिए रखे 4 लाख रुपए मुझसे मांगने लगा। जब मैंने पैसे देने से इनकार किया, तो पंकज ने मुझपर गोली चला दी। पहली गोली मेरे बांह के पास से निकल गई, जिससे मैं बच गई। इसके बाद पंकज ने दूसरी गोली चलाई, जो मेरी पीठ में लग गई। गोली लगते ही मैं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद क्या हुआ, मुझे जानकारी नहीं है।' ये कहना है वैशाली में प्रेमी की फायरिंग से घायल हुई गंगा कुमारी का, जिसका जिले के सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल, पुलिस ने युवती के बयान पर FIR दर्ज कर ली है। दरअसल, वैशाली में एक युवक ने घर में घुसकर पहले युवती को गोली मारी, फिर खुद को शूट कर लिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवती घायल है। मृतक की पहचान पंकज सहनी (24) के रूप में हुई है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… दोनों के बीच कब से चल रहा था अफेयर? लड़के ने वारदात को क्यों और कैसे अंजाम दिया? गांववालों का क्या कहना है? पुलिस इसे हत्या या आत्महत्या क्या मान रही? पढ़िए पूरी रिपोर्ट अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… 5 साल से चल रहा था अफेयर पुलिस के अनुसार, भगवानपुर थाना क्षेत्र के इमादपुर गांव निवासी पंकज सहनी और गंगा कुमारी के बीच पिछले करीब 5 सालों से लव अफेयर चल रहा था। दोनों का घर एक-दूसरे से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। पंकज और गंगा की पहली मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हुई थी। वहीं दोनों के बीच मैसेज के जरिए बातचीत शुरू हुई। शुरुआत सामान्य बातचीत से हुई, लेकिन धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आते गए। कुछ समय बाद दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर एक्सचेंज किया, जिसके बाद फोन पर घंटों बातचीत होने लगी। रात में देर तक बातें करना और दिनभर मैसेज के जरिए संपर्क में रहना उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया था। 2 साल बाद लड़की के परिवार वालों को मिली जानकारी पुलिस की जांच में सामने आया, शुरुआती 2 सालों तक दोनों का रिश्ता बिना किसी विवाद के चलता रहा। दोनों परिवारों को इसकी भनक नहीं थी, इसलिए वे आसानी से संपर्क में रहते थे। जब परिवार वालों को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। दोनों को एक-दूसरे से मिलने से मना किया। इसके बाद भी पंकज उससे बात करता था। कई बार जबरन वो लड़की के घर में घुसने की कोशिश करता था। इस बात को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। लड़की के पिता ने पंकज को पकड़कर फटकार भी लगाई थी। हालांकि, गांववालों का तो ये भी कहना है कि उस दिन लड़के की पिटाई भी की गई थी। इस बात से वो काफी खुन्नस रखता था। लड़की के पिता को धमकी भी दी थी। लड़की की शादी तय होने के बाद बढ़ा विवाद ग्रामीणों ने बताया, परिजन के विरोध के बाद दोनों ने कुछ समय के लिए मिलना-जुलना बंद कर दिया था। करीब 6 महीने तक दोनों आमने-सामने होने पर भी सीधे बात नहीं करते थे। हालांकि, इस बीच लड़के ने कई बार अपने परिवार से बात कर के लड़की से शादी करने की जिद की थी। लेकिन लड़की के परिवार वाले किसी भी हालत में राजी नहीं हुए। लड़के के लगातार दबाव को देखते हुए लड़की वालों ने उसके लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया। 2026 के फरवरी में गंगा के पिता ने उसकी शादी वैशाली के ही रहने वाले उमेश से फिक्स कर दी थी। दोनों का छेका हो गया था। मई में शादी होने वाली थी। शादी तय होने के बाद पंकज कई बार लड़की के घर गया और शादी न करने की धमकी दी। परिवार वालों ने तो पुलिस को यह भी बताया कि उसने धमकाया था कि अगर लड़की की शादी कहीं और करोगे तो उसे जान से मार दूंगा। लेकिन हमने उसे गंभीरता से नहीं लिया और बेटी की शादी की तैयारियों में लगे रहे। अब जानिए घटना कैसे हुई, जो लड़की ने बताया घर में अकेले थी लड़की, तभी घुसा पंकज गंगा ने बताया, गुरुवार को मैं अपनी छोटी बहन के साथ घर पर थी। मेरे पिता उपेंद्र सहनी किसी काम से बाहर गए हुए थे। वहीं, मां अपने मायके में थी। इसी दौरान पंकज को अपने ही गांव के कुछ लड़कों से इस बात की जानकारी मिल गई कि मैं और बहन घर पर अकेले हैं। गुरुवार शाम करीब 7 बजे पंकज मेरे घर में घुसा और मेरा नाम चिल्लाना शुरू कर दिया। जब मैं उसके पास गई तो उसने मुझे बंदूक दिखाते हुए कहा, तुम्हारे घर में जो 4 लाख रुपए हैं वो मुझे निकाल कर दो। जब मैंने पैसे देने से मना किया तो पंकज ने फायरिंग कर दी। पहली गोली मेरे बांह के पास से निकल गई। इसके बाद पंकज ने दूसरी गोली चलाई, जो मेरी पीठ के पीछे जाकर लग गई। गोली लगते ही मैं मौके पर गिर गई और बेहोश हो गई। लड़की के पिता बोले- 4 लाख रुपए लूटने पहुंचा था लड़की के पिता उपेंद्र सहनी ने पुलिस को बताया कि घर में शादी के लिए करीब चार लाख रुपए रखे थे, जिसकी जानकारी पंकज को थी। पंकज रुपए लूटने के इरादे से घर में घुसा था। बेटी ने विरोध किया तो पंकज ने उसे गोली मार दी। पिता ने प्रेम प्रसंग की बात से इनकार करते हुए कहा कि पंकज आपराधिक प्रवृत्ति का था। वो लूट-चोरी के मामले में कई बार जेल जा चुका था। वह हाल ही में जेल से बाहर आया था। मृतक के पिता का आरोप- बेटे को घर बुलाकर मारी गोली मृतक पंकज के पिता फेकन सहनी ने बताया, उपेंद्र सहनी ने अपनी बेटी के जरिए मेरे बेटे को घर पर बुलाया। मेरा बेटा उसके घर पर पहुंचा तो उपेंद्र ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हम खेत में काम कर रहे थे। कुछ देर बाद लोगों ने शोरगुल मचाया। पूछने पर पता चला कि उपेंद्र सहनी ने गोली मारकर मेरे बेटे की हत्या कर दी। इसके बाद हम घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी ने कहा- प्रेम प्रसंग के मामले में गोली चली है SP विक्रम सिहाग ने बताया कि लड़के ने पहले लड़की को गोली मारी। इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्रेम प्रसंग का मामला है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। मौके पर से FSL की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। लड़की को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। लड़के का अपराधिक इतिहास सामने आया है। पूरे मामले की जांच पड़ताल करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की थ्योरी पर उठते सवाल घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि पंकज ने पहले गंगा कुमारी को गोली मारी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, तो आखिर हथियार घटनास्थल से गायब कैसे हो गया? पुलिस को मौके से पिस्टल नहीं मिली। वहीं जहां गोली चलने की बात कही जा रही है, वहां से खाली खोखा मिलने के बजाय एक जिंदा कारतूस बरामद होने की चर्चा है। जिस कमरे में गंगा को गोली लगने की बात सामने आई, वहां भी कोई खोखा नहीं मिला।
जम्मू-कश्मीर के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब जम्मू तवी तक चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस
जम्मू-कश्मीर के यात्रियों और पर्यटकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक और बड़ी सौगात दी गई है। मोदी सरकार ने श्रीनगर से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को अब जम्मू तवी तक विस्तारित करने का फैसला किया है। यह नई व्यवस्था 30 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा शनिवार यानी आज से सहारनपुर में 24 सेंटरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। एग्जाम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और पूरे सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ये एग्जाम 27 अप्रैल तक लगातार चार दिनों तक प्रतिदिन दो पालियों में होगी। जिसमें कुल 59,040 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार पहले से कहीं ज्यादा सख्त इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हर केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और सहायक केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती की गई है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से पूरी निगरानी रखी जा रही है। धारा 163 के तहत 100 मीटर के दायरे में केवल परीक्षार्थी, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही परीक्षा अवधि में केंद्र से एक किलोमीटर के दायरे में फोटो कॉपी और स्कैनर की दुकानों को बंद रखा जाएगा। परीक्षा को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें राजपत्रित अधिकारी 5, इंस्पेक्टर 32, सब इंस्पेक्टर 185, हेड कांस्टेबल 227, कांस्टेबल 209 शामिल है। एसएसपी अभिनंदन सिंह के अनुसार, सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले गेट पर सघन चेकिंग से गुजरना होगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ये बनाए गए सेंटर
एसआईआर के बाद बंपर वोटिंग का ट्रेंड, क्या टूट रहे सियासत के पुराने मिथक?
भारतीय राजनीति में चुनाव दर चुनाव कई मिथक बनते और टूटते हैं, लेकिन साल 2026 के विधानसभा चुनावों ने राजनीतिक विश्लेषकों को अपने पुराने फॉर्मूले किनारे रखने पर मजबूर कर दिया है
चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत के इस फैसले के बाद जांच एजेंसी को मामले में आगे कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध सीबीआई की ओर से दायर इस अर्जी का दोनों आरोपियों की तरफ से जोरदार विरोध किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने-अपने अलग-अलग जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सीबीआई की यह अर्जी कानूनी रूप से सही नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह अर्जी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करती, इसलिए इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी बिना उचित आधार के कार्रवाई करना चाहती है और इस तरह की अनुमति देने से आरोपियों के अधिकारों का हनन हो सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सीबीआई की इस अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त जांच की अनुमति न दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि मामले में नए और अहम सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। एजेंसी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया और अंततः सीबीआई की अर्जी को मंजूरी दे दी। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करने और मामले की गहराई से जांच करने का अधिकार मिल गया है। CFSL रिपोर्ट अदालत में पेश सुनवाई के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई, जिसे इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह रिपोर्ट उन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के आधार पर तैयार की गई है, जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और कथित बिचौलिए के बीच हुई बातचीत की ऑडियो सीडी या उससे संबंधित विश्लेषण शामिल हो सकता है। फॉरेंसिक जांच के जरिए इन ऑडियो क्लिप्स की सत्यता, एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना, और आवाज की पहचान जैसे पहलुओं की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बातचीत असली है या नहीं। यदि रिपोर्ट में बातचीत प्रमाणित होती है, तो यह मामले में एक मजबूत साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित रूप से किस तरह रिश्वत की मांग या बातचीत की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसी कारण CFSL रिपोर्ट को इस केस में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की सुनवाई और जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और नकदी जब्त करने की मांगी अनुमति सीबीआई ने मार्च में दायर अपनी प्रारंभिक जांच (पीई) अर्जी में अदालत से आरोपियों के मोबाइल फोन, मूल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संबंधित वस्तुएं व नकदी अपने कब्जे में लेने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोबाइल फोन, चैट्स, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसलिए इन सभी चीजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराना जरूरी बताया गया है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली... DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। जिसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्नु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। जिसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्नु अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन, नीतू समरा बनीं अंतरिम सीईओ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में नेतृत्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने घोषणा करते हुए बताया कि नीतू समरा को तत्काल प्रभाव से अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है।
ब्रेक फेल होने से डिवाइडर पर चढ़ी रोडवेज बस:चालक की सूझबूझ से टली बड़ी घटना, सभी यात्री सुरक्षित
लखनऊ के पीजीआई इलाके में शुक्रवार शाम हैदरगढ़ डिपो की एक रोडवेज बस का ब्रेक फेल गया। ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। आलमबाग बस डिपो से मोरावा जा रही बस कालिंदी पार्क मोड़ के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। गनीमत रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने बताया बस UP 33 T 8641 को चालक प्रेम प्रकाश चला रहे थे। साथ में परिचालक रामकुमार ड्यूटी पर थे। शाम करीब 6 बजे अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। जिससे चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हालांकि चालक ने बिना घबराए सूझबूझ दिखाते हुए बस डिवाइडर पर चढ़ा दी। जिससे डिवाइडर तोड़ते हुए बस रुक गई। बस में कुल सात यात्री सवार थे। हादसे के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी को भी चोट नहीं आई और सभी यात्री बाद में अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंच गई। दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई और कुछ ही देर में बस को सड़क से हटवा दिया गया। हादसे के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी लेकिन ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस ने स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया। मौके पर जाम जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी।
घंटाघर में एक बार फिर पुलिस फोर्स पर हमला करने की कोशिश की गई। चालान से नाराज टेंपो चालक ने अपने गुर्गे के साथ मिलकर पुलिस बूथ पर पथराव कर इलाके में दहशत फैला दी। इतना ही नहीं दबंगों ने दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मियों से गाली-गलौज कर अंजाम भुगतने की धमकी दी। डंडा लेकर पुलिसकर्मियों के खदेड़ने पर आरोपी भाग निकले। पीड़िता दरोगा ने हरबंश मोहाल थाने में टेंपो चालक श्याम पांडेय उर्फ अतुल व राहुल कुशवाहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरोगा ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल की रात करीब 3 बजे घंटाघर चौराहे पर मय फोर्स ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान रेलवे स्टेशन की ओर से आ रहे एक टेंपों का लापरवाही से वाहन चलाने पर चालान किया। उस समय बर्रा गुजैनी निवासी चालक श्याम पाण्डेय उर्फ अतुल व उसका साथी राहुल कुशवाह चले गए। फिर 20 मिनट बाद वापस दोनों आए पुलिस बूथ पर पथराव कर दिया। यही नहीं आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मुरादाबाद की सीमा में शुक्रवार देर रात एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बस में 100 से अधिक यात्री सवार थे। डबल डेकर प्राइवेट बस सीतापुर से सवारियां लेकर दिल्ली जा रही थी। हादसा मूंढापांडे थाना क्षेत्र में मूंढापांडे में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने हुआ। दिल्ली की तरफ जा रही डबल डेकर बस रात्रि करीब 11 बजे अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बस में फंसे यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला। हादसे में घायल हुए यात्रियों को तुरंत मूंढापांडे पीएचसी भेजा गया। जहां से उन्हें मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सिटी रण विजय सिंह सतेम तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। SSP सतवपााल अंतिल ने राहत और बचाव कार्यों के लिए तुरंत आसपास के थानों की फोर्स भी मौके पर रवाना कर दी। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सीधा कराया और घायल यात्रियों को प्राथमिम उपचार शुरू कराने के साथ ही उनके परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी है। देखिए हादसे की तस्वीरें
अवैध शिक्षक बहाली पर लखनऊ हाईकोर्ट सख्त:डीआईओएस के तबादले और STF जांच के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बाराबंकी के सिटी इंटर कॉलेज में एक शिक्षक की अवैध पुनर्नियुक्ति के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच डीजी एसटीएफ को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित शिक्षक को अवैध रूप से दिए गए वेतन की वसूली का भी आदेश दिया है। इसके साथ ही, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), प्रधानाचार्य और शिक्षक की भूमिका की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने पाया कि डीआईओएस ने रिकॉर्ड में हेरफेर करने और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती थी। इसे गंभीरता से लेते हुए, कोर्ट ने उनके तत्काल तबादले का आदेश दिया। अयोध्या मंडल के तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने मामले में अनुपालन रिपोर्ट तलब की है और अगली सुनवाई 28 मई 2026 को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि शिक्षक अभय कुमार को प्रबंध समिति की अनुमति के बिना दोबारा कॉलेज में कार्यभार ग्रहण कराया गया था। अभय कुमार 2018 में सहायक शिक्षक नियुक्त हुए थे और जून 2024 में छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रवक्ता पद पर नियुक्त हो चुके थे। प्रबंध समिति से अनुमति न मिलने और लियन (सेवा में बने रहने का अधिकार) अस्वीकृत होने के बावजूद, सितंबर 2025 में अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें फिर से कॉलेज में कार्यभार दे दिया गया और अक्टूबर का वेतन भी जारी कर दिया गया। कोर्ट ने इस बहाली को नियमों के पूरी तरह विपरीत बताते हुए कहा कि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसके अतिरिक्त, अदालत ने शिक्षा विभाग में आदेशों के संप्रेषण में लापरवाही पर चिंता व्यक्त की। मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में आदेश ईमेल और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से भी भेजे जाएं, ताकि विवाद की स्थितियों से बचा जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने डीएलएड् (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। खंडपीठ ने इन अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 परीक्षा में अस्थायी (प्रोविजनल) आधार पर शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। राज्य सरकार को इस मामले में जवाबी शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने शुभम कुमार शुक्ला सहित 36 याचियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचियों ने मांग की थी कि डीएलएड (ओडीएल) अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 के आवेदन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने तर्क दिया कि पात्रता 2019 के नियमों के अनुसार तय की जाती है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी सरकारी स्कूलों सहित अन्य संस्थानों में नियुक्ति के योग्य हैं। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को टीईटी में बैठने से रोकना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 10 अगस्त 2017 या उससे पहले से कार्यरत और 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 में प्रोविजनल रूप से शामिल किया जाए। हालांकि, उनका अंतिम परिणाम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बस कंडक्टर की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए कहा है कि बिना टिकट यात्रियों को ले जाना गंभीर कदाचार है और ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कंडक्टर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पूरी प्रक्रिया के अनुसार की गई और उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। इसलिए अदालत हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं देखती। फैजाबाद-अकबरपुर के बीच की बस मामले के अनुसार याचिकाकर्ता फैजाबाद से अकबरपुर के बीच चलने वाली बस में कंडक्टर था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बस में 59 यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। इसके बाद उसे कारण बताओ नोटिस और आरोपपत्र दिया गया और अंततः सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, एक स्तर पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले को पुनर्विचार के लिए वापस भेजा था लेकिन दोबारा विभागीय जांच के बाद फिर से बर्खास्तगी का आदेश पारित किया गया। अपील भी खारिज होने के बाद कंडक्टर ने हाइकोर्ट का रुख किया। अदालत ने कहा कि बस को प्रारंभिक स्थान से लगभग 12 किलोमीटर दूर जांचा गया, जिससे स्पष्ट है कि कंडक्टर के पास यात्रियों को टिकट देने के लिए पर्याप्त समय था। फिर भी उसने ऐसा नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवालाहाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना टिकट यात्रियों को ले जाना या कम किराए पर टिकट देना बेईमानी या घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इससे निगम को आर्थिक नुकसान होता है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, “बिना टिकट यात्रियों को ले जाना गंभीर कदाचार है और याचिकाकर्ता यह बताने में असफल रहा कि किन परिस्थितियों में उसने यात्रियों को टिकट जारी नहीं किया।” इन तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और बर्खास्तगी का आदेश बरकरार रखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा कि पुलिस स्वेच्छा से शादी करने वाले युवा जोड़ों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके और उनका पीछा करके बहुत बड़ा नुकसान कर रही है। अन्य अपराधों की जांच करने के बजाय पुलिस द्वारा सहमति से हुए विवाहों के मामलों में एफआईआर दर्ज करने और जांच करने की 'चिंताजनक प्रवृत्ति' को रेखांकित करते हुए, न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एफआईआर को रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट ने इस निर्देश के साथ याचिकाकर्ता दंपति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह किसी बालिग व्यक्ति को बताए कि वह कहां रहेगा या किसके साथ रहेगा, शादी करेगा या अपना जीवन व्यतीत करेगा। न्यायालय ने आगे कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अब यह संदेश दिया जाना चाहिए कि वयस्कता की आयु का सम्मान किया जाना चाहिए और साथ ही संवैधानिक संस्कृति का भी। मामले के अनुसार एक युवा दंपति ने लड़की के पिता द्वारा लड़के के खिलाफ धारा 87 बीएनएस के तहत दर्ज कराई गई एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लड़की ने अपनी मर्जी से लड़के से शादी की है। हालांकि, पिता के लापता होने की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और दंपति की तलाश शुरू कर दी। मामले के तथ्यों के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी और याचिका के साथ दायर किए गए विवाह प्रमाण पत्र पर ध्यान देते हुए, पीठ ने टिप्पणी की कि गुमशुदगी की शिकायत के लिए पुलिस को एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी। लड़की से बातचीत करने के बाद, जिसने संकेत दिया कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, खंडपीठ ने एफआईआर को दोनों याचिकाकर्ताओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर अतिक्रमण करार दिया। पिता के साथ जनता को भी कोर्ट ने संदेश दिया पिता के साथ-साथ आम जनता को भी कड़ा संदेश देते हुए, न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान किसी भी वयस्क को, चाहे रिश्ता कैसा भी हो, कानून के तहत बालिग माने जाने वाले दूसरे वयस्क की इच्छा पर हावी होने या शासन करने की अनुमति नहीं देता है। इसी प्रकार के मामलों में पुलिस की भूमिका पर आपत्ति जताते हुए, पीठ ने कड़े शब्दों में टिप्पणी की और कहा : बेशक, नाबालिग बच्चे का मामला अलग है। पुलिस इस तरह की एफआईआर दर्ज करके और उससे भी बढ़कर, युवा जोड़े का पीछा करके, कभी-कभी उन्हें जबरन अलग करने और दुल्हन को उसके माता-पिता या परिवार के पास वापस भेजने के गुप्त इरादे से, घोर अन्याय कर रही है। ये सभी कार्य पूरी तरह से गैरकानूनी हैं और इनमें से कुछ अपराध हैं। हाईकोर्ट ने इसी के साथ डीजीपी को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए और एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने लड़की के पिता सहित प्रतिवादियों को याचिकाकर्ताओं के वैवाहिक घर में प्रवेश न करने या किसी भी तरह से उनके शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन को बाधित न करने का आदेश जारी किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि एससीएसटी एक्ट के तहत अपराध की एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश देने की मांग में दाखिल धारा 173(4)बी एन एस एस की अर्जी पर मजिस्ट्रेट द्वारा कंप्लेंट केस कायम करने के आदेश में कोई अवैधानिकता नहीं है। कोर्ट ने कहा यह मजिस्ट्रेट का विवेकाधिकार है कि वह अर्जी पर एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश दे या स्वयं कंप्लेंट केस कायम कर साक्ष्य पेश करने का आदेश दे। कोर्ट ने यह भी कहा हालांकि मजिस्ट्रेट को कंप्लेंट केस की सुनवाई के दौरान पुलिस विवेचना का आदेश देने का भी अधिकार है। गोरखपुर मामले में याचिका खारिज कर दी कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश न देकर कंप्लेंट केस कायम करने के विशेष जज गोरखपुर के 29जुलाई 25के आदेश की वैधता की चुनौती में दाखिल शिकायतकर्ता की अपील खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकलपीठ ने एम्स गोरखपुर में एम बी बी एस के छात्र जितेन्द्र भाटी की अपील को खारिज करते हुए दिया है। क्या है मामला अपीलार्थी का कहना था कि छात्र अभिषेक रंजन, उसके भाई राहुल रंजन ने साथियों के साथ उसे मारा पीटा और जातिसूचक गालियां दी और कई दिन जान से मारने की धमकी दी।घटना एम्स में वार्षिक समारोह की है जब अपीलार्थी 27नवंबर 24को स्टेज पर आ गया जहां गायक गाना गा रहे थे,तो उसके साथ अभद्रता की गई।तीन दिन बाद 30नवंबर 24को क्लासमेट ने गालियां दी,जिसकी जानकारी डीन व हास्टल वार्डन को दी।कहा गार्ड से सुरक्षा के लिए कहेंगे।पी जी ब्वायज हास्टल में उसे उन्ही छात्रों ने मारा-पीटा। पुलिस को जानकारी दी किन्तु कोई कार्रवाई नहीं की गई।तो अदालत में अर्जी दी जिसपर मजिस्ट्रेट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बजाय कंप्लेंट केस कायम कर लिया।जो कानून के खिलाफ पीड़ित के मूल अधिकारों का हनन है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हवाले से कहा मजिस्ट्रेट का आदेश विधि विरुद्ध नहीं है।यह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं है।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर भोपाल कोर्ट में सरगर्मी तेज है। शुक्रवार को कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ और वकीलों के बीच झूमाझटकी तक की नौबत आ गई। एक पक्ष का आरोप है कि कार्यकारिणी ने पहले बहुमत से 19 वोटों के साथ जगमोहन शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था, लेकिन बाद में अचानक अध्यक्ष की सहमति से इंद्रजीत राजपूत को मुख्य चुनाव अधिकारी बना दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार शाम को भी वकीलों ने हंगामा किया था। तय हुआ था कि शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी के चयन को लेकर आमसभा बुलाई जाएगी। हालांकि, शुक्रवार को आयोजित आमसभा में भी विवाद हो गया और वकीलों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन महीने पहले ही समाप्त हो चुका है। लंबे विरोध के बाद आमसभा को निरस्त कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खरे ने बताया कि आम सभा बुलाई गई थी, लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। चुनाव अधिकारी की घोषणा कर दी गई है और अब चुनाव की तारीख तय की जा रही है, जिसे जल्द घोषित किया जाएगा।
ग्वालियरवासियों को फैशन और बेहतर लाइफस्टाइल से अपडेट करने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से तीन दिवसीय प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ सिटी सेंटर स्थित होटल रेडिसन में हो गया है। 26 अप्रैल तक चलने वाली इस एग्जीबिशन में ग्वालियर के साथ-साथ देश के प्रमुख फैशन हाउस और डिजाइनर अपने स्टॉल लेकर आए हैं। शुक्रवार को महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के मुख्य आतिथ्य में एग्जीबिशन का भव्य शुभारंभ हुआ। महापौर ने फीता काटकर उद्घाटन किया और स्टॉल का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। महापौर बोलीं- हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं इस मौके पर महापौर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एग्जीबिशन में अधिकांश स्टॉल महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने दैनिक भास्कर के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण के बाद यूनिट हेड हरिशंकर व्यास ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मोनास आर्ट की डायरेक्टर मोना शर्मा भी उपस्थित रहीं। पहले ही दिन उमड़ी भीड़, ग्राहकों ने की जमकर खरीदारी एग्जीबिशन को पहले ही दिन शानदार प्रतिक्रिया मिली। हर स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई और लोगों ने देशभर के डिजाइनर्स के लेटेस्ट कलेक्शन की खरीदारी की। यहां साड़ी, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस, फुटवियर, ज्वेलरी, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट, वेलनेस प्रोडक्ट्स और स्टेशनरी सहित कई कैटेगरी के स्टॉल लगे हैं। प्रदेश के चर्चित फैशन हाउस आवतराम एंड संस और मन शोरूम ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं।
इंदौर में शुक्रवार को एमवाय अस्पताल परिसर में वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल को तोड़ने पहुंची टीम के सामने विवाद की स्थिति बन गई। करीब पौन घंटे तक विरोध चला, जिसके बाद टीम को लौटना पड़ा। दरअसल, वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल के पास एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है, जिसके चलते इसे खाली कराकर तोड़ा जाना है। यहां रहने वाले 15 नर्सिंग स्टाफ को एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने पहले भी नोटिस दिए थे, लेकिन वे लगातार समय मांग रहे थे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की टीम पुलिस बल, बाउंसर और मजदूरों के साथ पहुंची और हथौड़ों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर नर्सिंग स्टाफ ने विरोध किया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। महिला स्टाफ का कहना था कि वे पहले ही आवेदन देकर छह माह का समय मांग चुकी हैं। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला ने भी उन्हें आश्वस्त किया था, लेकिन बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। आईडीए की बिल्डिंग का किराया ही 9 हजार स्टाफ का कहना है कि हॉस्टल के पीछे बने पुराने स्टाफ क्वार्टरों को 6 माह का समय दिया है। इसी तरह केईएच कम्पाउंड और दवा बाजार के सामने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को भी 6 माह का समय मिला है, लेकिन उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विकल्प के रूप में आईडीए की निरंजनपुर बिल्डिंग में शिफ्ट होने को कहा गया है, जहां किराया 9 हजार रुपए है, जिसे वे वहन नहीं कर सकते। इस दौरान मजदूरों ने हॉस्टल के जर्जर हिस्से के एक कमरे को तोड़ना शुरू किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। महिलाओं ने कहा कि ऊपर स्टाफ रह रहा है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। काफी विरोध के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। स्टाफ का कहना है कि वे हॉस्टल खाली करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें छह माह का समय दिया जाए। 773 करोड़ की लागत से बननी है बिल्डिंग एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है। इसकी लागत 773 करोड़ रुपए है। यह नौ मंजिला होगी और इसमें 1700 बेड होंगे। 81.5 एकड़ में बनने वाले इस प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में 34 ऑपरेशन थिएटर, 320 ICU बेड और 500 बिस्तरों का नर्सिंग हॉस्टल होगा। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युवली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूटराउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। MP Metro एप प वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचतमेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप्प MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप्प के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR
इंदौर में 13 साल की नाबालिग का विवाह 42 साल के युवक से कराए जाने का मामला सामने आया है। शादी 25 अप्रैल को तय थी, लेकिन सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान परिजनों ने उम्र छिपाने के लिए फर्जी अंकसूची पेश कर दी, लेकिन वेरिफिकेशन में सच्चाई सामने आ गई और समय रहते विवाह रुकवा दिया गया। प्रशासनिक टीम ने दस्तावेजों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से कराई, जिसमें पता चला कि प्रस्तुत अंकसूचियां संबंधित स्कूलों द्वारा जारी ही नहीं की गई थीं। जांच में बालिका की उम्र 13 वर्ष और उसके भाई की उम्र 19 वर्ष पाई गई, जबकि परिवार की ओर से अधिक उम्र बताई जा रही थी। इसके बाद दोनों बालक-बालिकाओं के विवाह निरस्त कर दिए गए। मामले में सामने आया कि ‘बेटी दो-बेटी लो’ जैसी सामाजिक प्रथा के तहत एक बुजुर्ग ने अपने पोते की शादी कराने के लिए 13 वर्षीय पोती का रिश्ता 42 वर्षीय व्यक्ति से तय कर दिया था। प्रशासनिक दल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और परिजनों को समझाइश दी कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और बेटी का विवाह निर्धारित उम्र में ही किया जाना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद ग्राम रंगवासा में जांच की गई थी। प्रारंभिक जांच में परिवार ने मार्कशीट दिखाकर उम्र सही बताने की कोशिश की, लेकिन संदेह होने पर गहन जांच कराई गई, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया। स्कूल ने बताया- हमारे यहां नहीं की पढ़ाई इंदौर की अंकसूची को संबंधित स्कूल ने फर्जी बताया। स्कूल ने स्पष्ट किया कि यह अंकसूची उनके यहां से जारी नहीं हुई है और न ही संबंधित बालक-बालिका वहां पढ़े हैं। होशंगाबाद की अंकसूची के अनुसार बालिका की उम्र 13 वर्ष और बालक की उम्र 19 वर्ष पाई गई। अंकसूचियों के सत्यापन के बाद टीम तत्काल बाल विवाह रोकने के लिए रवाना हुई। मौके पर परिवार से मूल दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके पास केवल मोबाइल में फोटो ही थे। असली दस्तावेज किसी के पास नहीं थे। कार्रवाई के डर से परिजनों ने समधी के पास कागज होने की बात कही, लेकिन वे भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कानून की जानकारी देने पर परिवार विवाह निरस्त करने को तैयार हो गया। इंदौर से उज्जैन तक निगरानी विवाह उज्जैन की चंद्रवंशी बागरी समाज धर्मशाला में होना था। सूचना उज्जैन प्रशासन को भी दी गई, ताकि वहां भी निगरानी रखी जा सके। सांवेर तहसील के ग्राम दयाखेड़ा में होने वाले विवाह को भी तहसीलदार पूनम तोमर के माध्यम से रुकवाया गया। मौके से हटवाया टेंट और साउंड सिस्टम रंगवासा में विवाह के लिए मंडप सज चुका था और साउंड सिस्टम चल रहा था। उम्र कम पाए जाने पर तुरंत टेंट और साउंड वालों को कानून की जानकारी देकर सामग्री हटवाई गई। कुछ ही देर में पूरा सामान हटा दिया गया। विवाह पत्रिका छापने वाले को भी चेतावनी दी गई, जिसके बाद उसने लिखित में माफी मांगी।
इंदौर के लालाराम नगर क्षेत्र में गुरुवार देर शाम नैतिक (9) और सम्राट (11) के अपहरण के मामले में पुलिस ने महज 7 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। अपहरण की साजिश बेरोजगारी और जल्दी पैसा कमाने की चाह में पड़ोसियों ने ही रची थी। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साजिश के मास्टरमाइंड तिलक नगर एक्सटेंशन निवासी विनीत (22) और उसकी बहन राधिका प्रजापति (19) हैं। उन्होंने अपने दोस्त ललित सेन (21) और उसकी पत्नी तनीषा (20) के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने गार्डन में खेलने आने वाले बच्चों को निशाना बनाया और फिरौती वसूलने के लिए कई दिनों तक रेकी की। हालांकि, राधिका ने रेकी के बाद तनीषा को गार्डन के सामने रहने वाले एक बड़े परिवार के दो बच्चों को उठाने के लिए कहा था, लेकिन वह धोखे में दूसरे परिवार के बच्चों का अपहरण कर अपने साथ ले गई। आरोपी अपहरण के बाद भी बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा सके। पूरे मामले का खुलासा नैतिक उर्फ डग्गू के चचेरे भाई ध्रुव की सतर्कता से हुआ। उसकी होशियारी से समय रहते परिवार और पुलिस सक्रिय हो गई और दोनों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। गार्डन में वापस लौटा तो नैतिक नहीं मिला पलासिया इलाके के तिरुपति बगीचे के पास रहने वाले नैतिक के चचेरे भाई ध्रुव ने बताया कि वह करीब 10 मिनट पहले तक बगीचे में ही खेल रहा था। इसी दौरान उसने पेट दर्द होने की बात कहकर घर जाने की बात कही। उसने नैतिक से भी साथ चलने को कहा, लेकिन नैतिक ने 10 मिनट बाद आने की बात कही। जब वह वापस नहीं आया तो ध्रुव दोबारा बगीचे पहुंचा। वहां उसे एक दोस्त बाहर आता मिला। उससे नैतिक के बारे में पूछने पर उसने बताया कि पिछले दो दिनों से बगीचे में आ रही एक महिला नैतिक को अपने साथ ले गई है और सम्राट भी उसके साथ गया है। इसके बाद ध्रुव घर पहुंचा और अपने पिता राहुल सोनकर को जानकारी दी। फिर वह चाची के पास बुटीक पर गया और पूरी घटना से अवगत कराया। पड़ोसी के कैमरे में कैद हुए आरोपी नैतिक की मां पूजा ने बताया कि जब ध्रुव ने उन्हें घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने पहले आसपास तलाश शुरू की। पास ही कशिश मैडम का घर है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे देखने पर नैतिक और सम्राट एक महिला के साथ जाते हुए नजर आए। इसके बाद परिवार को अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पूजा ने बताया कि बेटे नैतिक को उनका मोबाइल नंबर याद था। उसने अपहरणकर्ताओं को नंबर दे दिया, जिसके बाद उनके पास फिरौती के लिए कॉल आया। सम्राट के परिवार को नहीं थी जानकारी सम्राट का घर गार्डन से कुछ दूरी पर है, इसलिए उसकी मां उर्मिला को शुरुआत में इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा लापता है। बाद में नैतिक के परिवार से उन्हें पता चला कि सम्राट का भी अपहरण हो गया है। उर्मिला ने बताया कि करीब रात 9 बजे उनके पास कॉल आया, जिसके बाद वह घबरा गईं और बेटे को ढूंढने के लिए लोगों से मदद मांगने लगीं। बाद में पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सम्राट उनका इकलौता बेटा है, जो छठी कक्षा में पढ़ता है। बेड पर बैठाया, सेवइयां खिलाईं, डराया भी नैतिक ने बताया कि तनीषा उसे कार में अपने साथ ले गई थी। वहां एक कमरे में ले जाकर उसे सोफे पर बैठा दिया। इस दौरान वह जानवर दिलाने की बात करती रही। जब उसे भूख लगी तो सेवइयां बनाकर खिलाईं। मोबाइल पर गेम भी खेलने दिया। नैतिक के मुताबिक, रात में आरोपियों ने कहा कि उनके पिता से बात हो चुकी है और वे लेने आ रहे हैं। यह भी कहा कि उन्हें जानवर देकर घर भेज दिया जाएगा, लेकिन जब काफी देर हो गई तो दोनों बच्चे घर जाने की जिद करने लगे। इस पर राधिका और तनीषा ने उन्हें डराया कि अगर पैसे नहीं मिले तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा। जब पुलिस पहुंची तो राधिका ने बच्चों को यह कहकर छिपा दिया कि “गुंडे आ गए हैं, चादर ओढ़कर छिप जाओ और कुछ मत बोलना।” डर के कारण दोनों बच्चे गैलरी में छिपे रहे। शॉर्ट एनकाउंटर के थे निर्देश सीपी संतोष सिंह पूरी रात अपने ऑफिस में मौजूद रहे और पल-पल की मूवमेंट की जानकारी लेते रहे। मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद सबसे पहले द्वारकापुरी पुलिस से संपर्क किया गया। इसके बाद दत्त नगर की लोकेशन सामने आई, जो राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आती है। तुरंत एक टीम वहां रवाना की गई। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी करते रहे। जैसे ही सही संकेत मिला, अधिकारियों के साथ मौके पर दबिश दी गई। सीपी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शॉर्ट एनकाउंटर तक के निर्देश दिए थे। यदि आरोपी रेत मंडी इलाके में फिरौती लेने आते तो पुलिस उन्हें मौके पर ही गोली मार सकती थी। नौकरी छूटने के बाद पैसों के लिए ढूंढा रास्ता मास्टरमाइंड आरोपी विनीत जिस कंपनी में काम करता था, वह फर्जी निकली और उसे वेतन नहीं मिला। वह 6 महीनों से बेरोजगार था। उस पर डेढ़ साल का मकान किराया भी बकाया था। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया। उसकी बहन राधिका टेलीकॉलिंग का काम करती थी। पहले वह राधिका के साथ एक ही कमरे में रहता था, लेकिन ललित से शादी के बाद उसने अलग कमरा ले लिया। ललित पेशे से ड्राइवर है, लेकिन पिछले छह महीनों से बेरोजगार था, जिसके चलते उसे पैसों की जरूरत थी। तनीषा भी पहले फ्लिपकार्ट कंपनी में काम करती थी, लेकिन कुछ समय से वह कपड़ों की दुकान पर सेल्समैन का काम कर रही थी। वहां भी उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। ज्वेलरी शॉप लूटने का भी बना चुके थे प्लान चारों आरोपी आपस में पहले से परिचित थे। ये आरोपी 8 दिन पहले एक ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बना चुके थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने बच्चों के अपहरण का प्लान बनाया। सहेली से पूछा था शॉर्टकट का रास्ता पुलिस के अनुसार, राधिका और तनीषा आपस में अच्छी दोस्त हैं। तनीषा ने राधिका से जल्दी पैसा कमाने का शॉर्टकट तरीका पूछा था। इस पर राधिका ने बताया कि जिस इलाके में वह रहती है, वहां आसपास के गार्डनों में अच्छे घरों के बच्चे खेलने आते हैं। इसके बाद दोनों ने बच्चों का अपहरण कर फिरौती वसूलने की साजिश बनाई। हालांकि, वे नैतिक और सम्राट के परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा पाईं और यह नहीं जान सकीं कि दोनों ही मजदूर वर्ग से जुड़े परिवारों के बच्चे हैं। पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने ले गई थी लड़की नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं, जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “आरोपी लड़की बच्चों को पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने ले गई थी। सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।” पुलिस को संदेह तब हुआ, जब एक फ्लैट की लाइट बार-बार जल-बुझ रही थी और अंदर से हलचल दिख रही थी। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फ्लैट में छापा मारा और चारों आरोपियों को पकड़ लिया। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… इंदौर पुलिस ने सात घंटे में अगवा बच्चों को ढूंढा इंदौर पुलिस ने तिरुपति गार्डन से अगवा दोनों बच्चों को गुरुवार देर रात करीब दो बजे सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में एक दंपती, एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। युवक-युवती आपस में भाई-बहन हैं। पढ़ें पूरी खबर...
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शुक्रवार को अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। BDA की प्रवर्तन टीम ने थाना बिथरी चैनपुर के अंतर्गत ग्राम बिचपुरी में लगभग 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से विकसित की जा रही एक कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। चिन्हांकन और बाउंड्रीवाल पर चला बुलडोजरBDA के मुताबिक, मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद वजरूद्दीन द्वारा ग्राम बिचपुरी में बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और मानचित्र पास कराए अवैध कॉलोनी का विकास किया जा रहा था। यहाँ भूखंडों (प्लॉटिंग) का चिन्हांकन कर नाली, सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य चल रहा था। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के तहत नोटिस के बाद शुक्रवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाईध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई प्राधिकरण के संयुक्त सचिव दीपक कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। मौके पर सहायक अभियंता विनोद कुमार, अवर अभियंता सीताराम और बीडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रही। टीम ने बुलडोजर चलाकर कॉलोनी के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह साफ कर दिया। खरीदारों के लिए प्राधिकरण की सलाहबरेली विकास प्राधिकरण ने आम जनता और निवेशकों के लिए चेतावनी जारी की है। संयुक्त सचिव ने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग करने से पूर्व प्राधिकरण से ले-आउट और मानचित्र स्वीकृत कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। नागरिक कोई भी भवन या भूखंड खरीदने से पहले उसके मानचित्र की स्वीकृति की पुष्टि प्राधिकरण कार्यालय से जरूर कर लें। अवैध कॉलोनी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बिना स्वीकृति के किए गए निर्माण को किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है।
सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मरकज दरगाह आला हजरत से जुड़े मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के आठवें दो रोजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आगाज शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ हुआ। बाद नमाज-ए-असर परचम कुशाई की रस्म अदा की गई, जिससे पूरा शहर बस्ती बस्ती करिया करिया, ताजुश्शरिया ताजुश्शरिया के नारों से सराबोर हो गया। उर्स की तमाम रस्में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में संपन्न हो रही हैं। शानदार जुलूस और दस्तारबंदीशाम को जमात रजा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की कयादत में दो भव्य परचमी जुलूस निकाले गए। पहला जुलूस शाहबाद और दूसरा आजमनगर से रवाना हुआ। रास्तों में अकीदतमंदों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का इस्तकबाल किया। कुतुबखाना और बिहारीपुर ढाल होते हुए जुलूस दरगाह आला हजरत पहुंचा, जहां हाजिरी देने के बाद दरगाह ताजुश्शरिया पर सज्जादानशीन मुफ्ती असजद मियां ने अपने मुबारक हाथों से परचम कुशाई की रस्म अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। धार्मिक महफिल और मुफ्ती-ए-आजम हिंद का कुलउर्स के पहले दिन सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रजा में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां देश-विदेश से आए उलेमा-ए-किराम, जिनमें मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा और अन्य सज्जादागान शामिल रहे, उन्होंने ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। रात 01:40 बजे सरकार मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल की रस्म अदा की जाएगी। फातिहा और शिजरा ख्वानी के बाद मुफ्ती असजद मियां ने विशेष दुआ फरमाएंगे। मस्जिदों में जिक्र-ए-ताजुश्शरिया और ऑनलाइन प्रसारणजुम्मे की नमाज के मौके पर बरेली शहर और देहात की मस्जिदों में इमामों ने हुजूर ताजुश्शरिया की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया। वहीं, जो जायरीन बरेली नहीं पहुंच सके, उनके लिए आईटी सेल प्रभारी अतीक अहमद ने बताया कि उर्स की कार्यवाही का यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। कल होगा उर्स का समापनउर्स के दूसरे और अंतिम दिन यानी शनिवार को सुबह 07:10 बजे मुफस्सिर-ए-आजम हिंद के कुल की रस्म होगी। इसके बाद दोपहर में जामियातुर रजा में उलेमा के संबोधन होंगे। शाम को 07:14 मिनट पर मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के आठवें कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। व्यवस्थाओं में सलमान मियां, समरान खान और जमात रजा की पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है।
मध्य प्रदेश: 34 दिन बाद कब्र से निकाला गया बुजुर्ग का शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम बदौराकला में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है
आगरा में पत्नी की मौत, लखनऊ में पति का सुसाइड:मायके वालों ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया
आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र निवासी शिक्षक दंपति ने सुसाइड कर लिया। दो दिन पहले पत्नी की संदिग्ध हालत में मौत हुई। इसके एक दिन बाद गुरुवार को पति ने लखनऊ के एक होटल में सुसाइड कर लिया। शुक्रवार रात को जितेंद्र का शव आगरा पहुंचा। परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने बताया कि अवधपुरी में जितेंद्र गोयल अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी पिंकी सिंघल है। दोनों बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर हैं। जितेंद्र बहराइच में तो पत्नी पिंकी श्राबस्ती में तैनात थीं। वर्ष 2020 में इनकी शादी हुई थी। पिंकी का मायका अर्जुन नगर में है। कुछ दिन पहले पिंकी अपनी ससुराल अवधपुरी आई थी। बताया गया है कि बुधवार को पिंकी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिंकी के घरवालों ने पति जितेंद्र गोयल, ससुर और सास पर दहेज हत्या की मुकदमा दर्ज कराया। गुरुवार को पति ने किया सुसाइडपत्नी की मौत के बाद पति जितेंद्र गोयल ने भी लखनऊ के होटल में सुसाइड कर लिया। जितेंद्र गुरुवार को होटल में पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी कि जितेंद्र का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार रात करीब 9 बजे जितेंद्र का शव आगरा आया। बेटे का शव देखकर मां बेसुध हो गई।
भोपाल: 20.59 करोड़ की अवैध कमाई का मामला, ईडी ने सुनील त्रिपाठी को किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने 20.59 करोड़ की अवैध कमाई के मामले में आरोपी सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गोरखपुर के सांसद रविकिशन भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने उतर चुके हैं। चंदननगर एवं चौंसी विधानसभा क्षेत्रों में उन्होंने भोजपुरी में प्रचार किया। वहां उनका रोड शो भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। रविकिशन ने घुसपैठ को लेकर आक्रामक तेवर भी दिखाए। रविकिशन ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। शुक्रवार को रविकिशन सबसे पहले चंदननगर विधानसभा पहुंचे। यहां उनका रोडशो प्रस्तावित था। रविकिशन के स्वागत में सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रोड शो में लोगों की भीड़ नजर आयी। जगह-जगह रविकिशन का जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा के पक्ष में खूब नारे लगाए गए। रविकिशन इसके बाद चौंसी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में पहुंचे। मंच पर उनका इंतजार हो रहा था। जनता के बीच से होते हुए वह मंच की ओर बढ़ रहे थे और लोग उनके नाम का नारा लगा रहे थे। इस जनसभा में रविकिशन ने गाना भी गाया। रवि किशन ने अलग-अलग मुद्दों के साथ जय श्रीराम का नारा भी लगाया। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से विकास ठप रहा है और जनता अब इस स्थिति को बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब बंगाल एक नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़े। अपने संबोधन में उन्होंने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कानून व्यवस्था मजबूत होगी, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी और राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। रवि किशन ने “घुसपैठ” के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि भाजपा का स्पष्ट संकल्प है कि बंगाल को घुसपैठ मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सख्त नीतियों के जरिए इस पर नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और भाजपा के पक्ष में मतदान कर एक मजबूत और स्थिर सरकार के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उनके भाषण के दौरान भीड़ की प्रतिक्रिया और समर्थन ने यह संकेत दिया कि चुनावी माहौल तेजी से भाजपा के पक्ष में झुकता हुआ दिख रहा है।
पंजाब राजस्व विभाग में नौकरी का अवसर, 9 पदों पर 15 मई तक करें आवेदन
पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग ने नक्शा योजना के अंतर्गत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (एसपीएसयू) के लिए संविदा के आधार पर विभिन्न 9 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
बिहार: गोपालगंज में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, लोगों ने दो लुटेरों को पकड़ा
गोपालगंज में दिनदहाड़े हुई लूट और हत्या की एक चौंकाने वाली घटना ने तनाव पैदा कर दिया है। यहां एक आभूषण की दुकान में लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधियों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।
ललितपुर में शुक्रवार शाम झांसी से आई एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए एक महिला वनरक्षक और एक वाचर को गिरफ्तार किया है। इन पर छूट प्रजाति की लकड़ियों से भरे ट्रक को पास कराने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद टीम दोनों आरोपियों को लखनऊ ले जाने की तैयारी कर रही है। यह मामला महरौनी कोतवाली के ग्राम मिदरवाहा निवासी ठेकेदार उदयपाल सिंह पुत्र तेज सिंह से जुड़ा है। उदयपाल सिंह ने किसानों से छूट प्रजाति की लकड़ियां खरीदी थीं, जिन्हें वह मंडी ले जाकर बेचना चाहते थे। छपरट रेंज से ट्रक निकालने के लिए वनरक्षक प्रिया कुमारी और वाचर जाहर सिंह ने उनसे 7000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। जब ठेकेदार उदयपाल सिंह ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो बात 5000 रुपये पर तय हुई। पीड़ित ठेकेदार ने इसकी शिकायत झांसी रेंज की वन संरक्षक टीम से की, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम को इसकी जानकारी दी गई। एंटी करप्शन टीम शुक्रवार शाम महरौनी पहुंची। शाम करीब सात बजे महिला वनरक्षक प्रिया कुमारी ने ठेकेदार को पांच हजार रुपये लेने के लिए कार्यालय के बाहर छपरट रोड पर बुलाया। जब ठेकेदार ने प्रिया कुमारी को पैसे दिए, तो उसने वाचर जाहर सिंह को पैसे देने के लिए कहा। ठेकेदार ने जैसे ही वाचर जाहर को पैसे दिए, उसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोतवाली ललितपुर लाया गया, जहां उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रिया कुमारी मूलरूप से हाथरस जिले की निवासी हैं और वर्तमान में छपरट वन कार्यालय परिसर में सरकारी आवास में रह रही थीं। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक उदयराज निषाद, निरीक्षक कल्पना गौतम, इरशाद खान, राहुल कुशवाहा, ओमकार सिंह, महेंद्र कुमार, शिवम कुमार द्विवेदी, जितेंद्र सिंह, रोहिताश्व लहारिया, दयाशंकर और वसीम शामिल थे।
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने संतों के आरोपों का जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने कहा- महाराज जी, मैं अभी उज्जैन में हूं। इससे पहले मैं 2019 से उत्तराखंड में थी। क्या आपको पता है मैं वहां क्या कर रही थी? अपना काम छोड़कर वहां क्यों थी? मैं कौन सी साधना, कौन सी तपस्या और किस गुरु के सानिध्य में कर रही थी? कौन कितने साल तपस्या करके यहां संत बना है। किसी को कुछ नहीं पता है, महाराज जी। लेकिन कुछ लोगों के जब रिकॉर्ड निकलते हैं, तो वो रिकॉर्ड काफी डरावने होते हैं। अब यह मत कह दीजिएगा कि हर्षा रिझारिया ने संतों का अपमान किया। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। बता दें कि महाकुंभ 2024 से सुर्खियों में आई हर्षा रिछारिया ने हाल ही में सन्यास लिया है वह अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी। वे आधिकारिक रूप से संन्यास ले चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। हालांकि, उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज जताया था। यूनिवर्सिटी के एक संत भाग रहे थे तब महाराज जी कहां थे शुक्रवार को सामने आए वीडियो में उन्होंने कहा कि हर्षा रिझारिया लेंस लगाए। हर्षा रिझारिया मेकअप कर ले। हर्षा रिझारिया नजर का चश्मा लगाए, जो डॉक्टर ने दिया है और जो धूप में काला हो जाता है, क्योंकि मुझे दिन की रोशनी से आंखों में दिक्कत हो रही है। हर्षा रिझारिया ने फैशनेबल चश्मा लगा लिया है, मतलब हर्षा रिझारिया अपनी सेहत का ख़याल आपकी सोच के हिसाब से करे, है न पूजनीय महाराज जी? अगर इस लड़की ने सन्यास लिया है तो इसे 10 वर्ष तक हिमालय पर तपस्या करनी पड़ेगी। महाराज जी मैंने तब विरोध किया, जब अशोक खेराज जैसे लोग अरेस्ट हुए। उनके वीडियो सामने आए। आपने तब हंगामा किया, जब किसी यूनिवर्सिटी के एक संत भागते-भागते फिर रहे थे। यौन शोषण के मामले में जब लड़कियां थाने तक पहुंच गई थीं। तब आपने विरोध किया था क्या? मुझे याद नहीं आ रहा महाराज जी। महाराज जी बताएं, मैंने कहां अपनी सीमाएं लांघीं? आज आप एक लड़की का विरोध कर रहे हैं कि ये संत कैसे बन गई। संत मैं अपने जीवन में बनी हूं। अपने जीवन का मैंने यहां पिंडदान किया है। आपको कुछ गलतफहमी हुई है। मेरा विरोध करने से पहले मेरे बारे में जानिए तो। मैंने कब कहा कि मैं सन्यासी हूं, मैं साध्वी हूं? प्रयागराज कुंभ से पहले या बाद में, मैंने तो मीडिया के जरिये पचासों बार इससे इनकार किया है। मुझे लगता है कि एक समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है, जो किसी पर आरोप लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करता है। आप बार-बार कह रहे हैं कि मैंने प्रयागराज कुंभ को खराब किया। मैंने जाकर किसका अपमान किया? मैंने किसका विरोध किया? किसे अपमानित किया? कहां अपनी सीमाएं लांघीं? कहां अपने संस्कारों से हटी? मैं सनातन धर्म में मैं पैदा हुई हूं महाराज जी। ब्राह्मण परिवार, वशिष्ठ गोत्र में मेरा जन्म हुआ। अब मेरा गोत्र अच्युत है। जो सच्चा साधु-संत का होता है। फॉरेन फंडिंग को साबित करें, मैं मीडिया के सामने बैंक डिटेल्स रखूंगी जहां तक फॉरेन फंडिंग की बात है। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के लिए। मैं अपनी पूरी बैंक डिटेल्स, प्रयागराज महाकुंभ से अब तक की सारी जानकारी, मीडिया और देश के सामने रखने को तैयार हूं। अगर यह साबित हो जाता है कि मुझे विदेश से या देश के भीतर से भी लाखों-करोड़ों की कोई बड़ी फंडिंग मिली है। तो मैं अपनी पूरी संपत्ति आपके चरणों में अर्पित कर दूंगी। लेकिन अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। आरोप गलत हुए तो मुझे एक करोड़ रुपए दें क्योंकि अपमान आपने जरूरत से ज्यादा किया है। पहला आरोप, मैंने दो बार सन्यास लिया, जो पूरी तरह गलत है। दूसरा आरोप आपने नचनिया-कुदनिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो एक लड़की के लिए अपमानजनक है। तीसरा फॉरेन फंडिंग का झूठा आरोप लगया और चौथा कि मैं महाकुंभ को खराब करने आई हूं। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही हूं। आप ऐसे आरोप लगाकर उन लोगों के मन में भी भ्रम और नफरत पैदा कर रहे हैं, जो संतों में ईश्वर को देखते हैं। अब आप बताइए, मैं कब मीडिया के सामने अपनी बैंक डिटेल्स रखूं? कब पूरी सच्चाई बताऊं? ये खबर भी पढ़ें अनिलानंद ने कहा-900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकतीं महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यहां पढ़ें पूरी खबर…
वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम बागपत में एक बॉक्सिंग एकेडमी खोलने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने शुक्रवार को बागपत का दौरा किया। अधिकारियों से बात की। इस एकेडमी के बनने से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा। मैरीकॉम ने एकेडमी के लिए प्रस्तावित खेल ग्राउंड का भी निरीक्षण किया। उनके इस कदम से स्थानीय युवा खिलाड़ियों में काफी उत्साह है, जो इस एकेडमी के जल्द तैयार होने का इंतजार कर रहे हैं। मैरीकॉम ने बताया कि बागपत के खिलाड़ियों ने पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और पेशेवर प्रशिक्षण मिले, तो वे और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रस्तावित एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच प्रशिक्षण देंगे। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे यहीं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने खेल को निखार सकेंगे और आगे बढ़ सकेंगे। जिला प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आते हैं, लेकिन पर्याप्त अभ्यास सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मैरीकॉम ने इससे पहले बागपत के मवीकला गांव स्थित एक रिसॉर्ट में 'नन्ही कली' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। तभी उन्होंने यहां एकेडमी खोलने और युवाओं के भविष्य को संवारने का मन बनाया था। इस एकेडमी के शुरू होने का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र में एक किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर अपहरण करने के आरोप में दो सगे भाइयों और उनके पिता समेत चार लोगों पर शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। महिला के अनुसार, उनके गांव का निवासी विष्णु ने 22 अप्रैल की शाम को पाली थाना क्षेत्र के ग्राम परलिया निवासी हेतराम और उसके बेटों साजन व गोपाल को अपने गांव बुलाया था। महिला ने आरोप लगाया है कि उसी दिन देर शाम साजन, गोपाल, हेतराम और विष्णु उनकी 14 वर्षीय बेटी को गांव के बाहर खेत की ओर ले गए। वहां आरोपियों ने उनकी बेटी को कुछ खिलाया और फिर उसे अपने साथ ले गए। परिजनों ने बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि शादी का झांसा देकर अपहरण करने की धाराओं में चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस किशोरी और सभी नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है।
गाजियाबाद में यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद अब हिंसक हो गया है। निर्वाचित जिला अध्यक्ष आसिफ सैफी पर रात में जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसिफ सैफी अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी संजय नगर स्थित एलटी चौक पर तीन गाड़ियों में सवार होकर आए हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने बेसबॉल बैट और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। अचानक हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल आसिफ सैफी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने जिला अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया है। इस हमले के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यह हमला सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है। सख्त कार्रवाई की मांगकार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि सभी हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
महाराष्ट्र सपा के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी शुक्रवार रात 10 बजे सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने शहर स्थित सपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू के आवास पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा, असम के मुख्यमंत्री और स्मार्ट मीटर जैसे विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। आजमी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के भाजपा के दावों को शेख चिल्ली के सपने बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता जागरूक है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम से संतुष्ट है। उन्होंने भाजपा पर महिला मुख्यमंत्री को बर्दाश्त न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसका करारा जवाब देगी। असम के मुख्यमंत्री के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी से एक किलो ज्यादा मांस खाने की बात कही थी, आजमी ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि असम के मुख्यमंत्री किस चीज का मांस खा सकते हैं, और यहां तक कि आशंका जताई कि कहीं इंसान का मांस न खा लें। भाजपा नेताओं मनोज तिवारी और अनुराग ठाकुर के मछली खाने के मामले पर टिप्पणी करते हुए आजमी ने कहा कि भाजपा के लोग दिखाने में कुछ और हैं और असलियत में कुछ और। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी पोल खुल जाए तो वे मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे। सपा अध्यक्ष ने 2027 में पार्टी की 101 प्रतिशत जीत का दावा करते हुए कहा कि उनका उत्साह चरम पर है। उन्होंने अखिलेश यादव के 300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे का भी समर्थन किया। आजमी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव के वादे जुमले नहीं होते, बल्कि उन्हें पूरा किया जाता है। स्मार्ट मीटर को लेकर अखिलेश यादव के पीड़ादायक मीटर वाले बयान से आजमी ने पूरी तरह सहमति जताई। उन्होंने कहा कि ये मीटर पूरे देश में लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं और इनके जरिए कंपनियों को ज्यादा फायदा पहुंचाया जा रहा है। यहां पर सपा जिलाअध्यक्ष रघुवीर यादव, महासचिव सलाउद्दीन, पूर्व विधायक भगेलू राम, मौलाना उस्मान कासमी, मौलाना मतारुस्सलाम, मौलाना कसीम कासमी आदि मौजूद रहे।
रायपुर नगर निगम की प्रस्तावित विशेष सामान्य सभा की वैधता को लेकर पूर्व महापौर एजाज ढ़ेबर ने सवाल उठाए हैं। ढेबर ने कहा कि नगर निगम की विशेष सामान्य सभा आमतौर पर आपात परिस्थितियों—जैसे आपदा, जल संकट या स्वच्छता से जुड़े गंभीर मामलों—में ही बुलाई जाती है। मौजूदा समय में ऐसी कोई स्थिति नहीं है, फिर भी विशेष बैठक बुलाना समझ से परे है। उन्होंने संबंधित मंत्री, अधिकारियों और महापौर से पूछा कि क्या यह बैठक नियमों के तहत बुलाई गई है। ढेबर ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी विशेष सामान्य सभा बुलाकर “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा कराई गई थी, जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ढेबर का कहना है कि निगम की बैठकों में शहर के विकास और स्थानीय मुद्दों पर फोकस होना चाहिए, न कि राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर। 27 अप्रैल को विशेष सामान्य सभानगर निगम की विशेष सामान्य सभा 27 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित होगी। सभापति सूर्यकांत राठौड़ के निर्देश पर नगर निगम सचिवालय ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बैठक नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के चौथे तल स्थित सभागार में होगी। इसमें मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण को लेकर अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी। 9 अप्रैल को हुई थी पिछली बैठकनगर निगम की पिछली सामान्य सभा 9 अप्रैल को हुई थी, जिसमें 14 एजेंडों पर चर्चा हुई। सिटी कोतवाली चौक का नाम “जैन स्तंभ” करने के प्रस्ताव पर जमकर बहस हुई, लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद इसे निरस्त कर दिया गया। अन्य एजेंडे बहुमत से पारित किए गए, जबकि किरण बिल्डिंग परिसर में दुकानों के व्यवस्थापन से जुड़े एक मुद्दे पर शासन से मार्गदर्शन लेने का फैसला लिया गया।
भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रात 12:00 बजे तक सभी पब और बार पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर जूम एप के माध्यम से एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ग्रुप बनाकर सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें रोज रात 12 बजे तक बंद होने की फोटो पुलिस को भेजनी होगी। इससे समय-समय पर निर्देश दिए जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय के बाद पब और बार खुले पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि SIR के बाद आने वाले चुनावों में मतदान अच्छा होगा। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में मतदान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी बंगाल में 93 प्रतिशत, तमिलनाडु में 85 प्रतिशत मतदान हुआ है। यह SIR की देन है। इससे भाजपा को नहीं, लेकिन मतदान का फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं को निकाले जाने के बाद वास्तविक मतदाताओं में उत्साह है। लोकतंत्र की पवित्रता स्थापित हुई है। लोकतंत्र राजनैतिक धर्म होता है। उसको लोगों ने दूषित कर दिया था। नैतिकता खत्म हो गई थी। SIR ने नैतिकता स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु उसका उदाहरण है। सरकार हमारी बनेगी, यह अलग बात है , लेकिन जनमत से बनेगी। आजादी के बाद 93 प्रतिशत मतदान कभी नहीं हुई। चुनाव आयोग ने कड़ी मेहनत से काम कराया है, अब जो प्रांत बचे है, वहां भी वे इसी तरह कराएंगें। दरअसल, 27 अप्रैल को टोंक जिला मुख्यालय पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आएंगें। इसी दौरे की तैयारियों को लेकर बीजेपी के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन ने शुक्रवार को टोंक पहुंचे और मीडिया से भी बातचीत की। पश्चिमी बंगाल चुनाव में हिंसा को लेकर राधा मोहन ने कहा कि ये तो होना ही था। वहां अपराधियों की सरकार है। अब चुनाव के बाद अब जितने भी अपराधी होंगे, वे जेल में होंगे, इसकी घोषणा गृहमंत्री ने कर दी है। 4 मई के बाद बंगाल का कोई भी राजनीतिक अपराधी बंगाल की सड़कों पर घूम नहीं पाएगा। महिला आरक्षण पर राधा मोहन ने कहा कि महिला आरक्षण होना ही चाहिए। महिलाएं 50 प्रतिशत है। उन्हें ये अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस महिला आरक्षण विरोधी है। SIR में एक समुदाय के वोट ज्यादा कटने में मामले में राधा मोहन ने कहा कि ये गलत है, जो नहीं रहता है, उसके उस जगह से नाम कटे है। यूपी में हमारी पार्टी की सरकार है, वहां SIR के बाद अब वास्तविक मतदाता बचे है। टोंक में ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरे के मामले को लेकर कहा कि सचिन पायलट को हराने के लिए हमारे जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष ही काफी है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते शनिवार को कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में दो घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। शहर के 33/11 केवी कमला नेहरू नगर सब-स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में शनिवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। रखरखाव कार्य के चलते यह शटडाउन लिया जाएगा। बिजली विभाग के अनुसार 11 केवी रखाबेरा फीडर से गुजरने वाले क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में शुभम हॉस्पिटल क्षेत्र, महिला पीजी कॉलेज क्षेत्र, ऐश्वर्या कॉलेज क्षेत्र, शिव लाल माथुर नगर, अरिहंत नगर, गोकुल विहार, गोपी कृष्णा विहार, गुरु का तालाब सहित आसपास के संबंधित इलाके शामिल हैं।
बदायूं में इंटर की छात्रा ने जहर पीकर जान दी:कम नंबर आने से परेशान थी, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
बदायूं में इंटरमीडिएट परीक्षा में कम अंक आने से क्षुब्ध एक छात्रा ने कथित तौर पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। छात्रा बिनावर थाना क्षेत्र के पुठी सराय गांव की निवासी थी। इलाज के दौरान बरेली के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, छात्रा शहर के मीराजी चौकी इलाके में स्थित श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। गुरुवार को इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें उसे 65 प्रतिशत अंक मिले थे। बताया गया है कि गणित विषय में उसके अंक कम आए थे, जिससे वह मायूस हो गई थी। गुरुवार शाम करीब छह बजे छात्रा ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिजन शव को घर ले आए और गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है। बिनावर थाना एसएचओ अरिहंत सिद्धार्थ ने बताया कि उन्हें गांव में एक किशोरी की मौत की सूचना मिली है। हालांकि, परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोपी को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सचिन तिवारी (21) पुत्र वेदप्रकाश तिवारी, निवासी लुकटपुर पोस्ट कैथोली, थाना किशनी, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। पीड़िता ने 23 अप्रैल को बिठूर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सचिन तिवारी ने उसे शादी का झांसा दिया और इसी बहाने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपीमामला दर्ज होते ही बिठूर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महाराणा प्रताप कॉलेज के सामने परगही अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 24 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि शादी का झांसा देकर यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपी को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जहानाबाद में शुक्रवार देर शाम पटना-गया रेलखंड पर सेवनन हॉल्ट के पास एक अवैध रेलवे क्रॉसिंग पर गया-पटना मेमू पैसेंजर ट्रेन और एक ऑटो के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, गया से पटना जा रही मेमू पैसेंजर ट्रेन (संख्या 63251) जब सेवनन हॉल्ट के पास से गुजर रही थी, तभी एक ऑटो अचानक अवैध क्रॉसिंग पार करने लगा और ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो लगभग 10 फीट दूर एक गड्ढे में जा गिरा और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और न ही किसी प्रकार की जान-माल की हानि हुई। घटना के बाद भी रेल परिचालन सामान्य बना रहा, जिससे बड़ी बाधा उत्पन्न नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त ऑटो को जब्त कर लिया। टक्कर के बाद ऑटो चालक घटनास्थल से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह दुर्घटना अवैध क्रॉसिंग से ट्रैक पार करने के प्रयास के कारण हुई। आरपीएफ ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे केवल निर्धारित रेलवे फाटकों का ही उपयोग करें। अवैध तरीके से रेलवे ट्रैक पार करना खतरनाक हो सकता है और इससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
जोधपुर नगर निगम आयुक्त ने शुक्रवार को सुबह नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 46 कर्मचारी अनुपस्थिति मिले। आयुक्त राहुल जैन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नगर निगम आयुक्त ने कहा- कार्य में लापरवाही और समयपालन में ढिलाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलक्टर एवं नगर निगम प्रशासक आलोक रंजन ने नगर निगम के सभाकक्ष में सिविल कार्यों की प्रगति, स्वच्छता व्यवस्था तथा वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नगर निगम आयुक्त राहुल जैन सहित निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। अमृत 2.0 एवं मास्टर प्लान 2031 पर चर्चा बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों, विशेषकर सीवरेज प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही मास्टर प्लान 2031 के तहत शहर के दीर्घकालीन विकास के विभिन्न आयामों पर भी चर्चा हुई। जल निकायों के पुनर्जीवन एवं पर्यावरणीय योजनाएं आलोक रंजन ने जल निकायों के पुनर्जीवन (Rejuvenation of Water Bodies), एनआरसीपी (NRCP) कार्यों एवं नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सड़क, सीवरेज एवं जलभराव की समस्याओं पर फोकस बैठक में शहर की सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य, जलभराव की समस्याओं, सीवरेज लाइन, इंटरलॉकिंग, प्लांटेशन एवं शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। रंजन ने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम से पूर्व सभी सड़क एवं संबंधित कार्यों को टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण किया जाए। वेस्ट मैनेजमेंट एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग आलोक रंजन ने मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन, केरू स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट प्लांट तथा वेस्ट टू वेल्थ आर्टिफैक्ट्स की स्थापना जैसे नवाचारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। शहर की आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण बैठक में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, जोजरी नदी से संबंधित कार्यों, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स तथा शहर में प्रस्तावित हॉप-ऑन हॉप-ऑफ बस सेवा के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। स्वच्छता कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश नगर निगम प्रशासक एवं जिला कलक्टर ने सफाई व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शहर में स्वच्छता कार्यों को नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए तथा अधिकाधिक स्वच्छता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए। पार्कों की देखरेख एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर बैठक में पार्कों की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निगम के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में उगाही न देने पर ट्रक ड्राइवर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बीते दिनों बिठूर के सिंहपुर स्थित सुखधाम अपार्टमेंट निवासी अभिषेक चतुर्वेदी ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि गंगा बैराज हाईवे पर गंभीरपुर गांव के पास उनके ट्रक ड्राइवर को रोककर कुछ लोगों ने गुंडा टैक्स के नाम पर पैसे मांगे। ड्राइवर द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने तमंचे से जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। किसी तरह ड्राइवर जान बचाकर मौके से भाग निकला और पूरी घटना की जानकारी मालिक और पुलिस को दी। आरोपी पर घोषित था 25 हजार का इनाममामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। शुक्रवार को बिठूर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश यादव को नौरंगाबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपी ने ट्रक ड्राइवर से रंगदारी मांगी थी और इनकार करने पर उस पर फायरिंग की थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।उन्होंने बताया कि अब आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
डूंगरपुर शहर में शुक्रवार देर शाम गृह मंत्रालय के निर्देशों पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में गेपसागर की पाल पर एयर स्ट्राइक के बाद आग लगने और घायलों के बचाव का दृश्य बनाया गया। अधिकारियों ने राहत कार्यों का जायजा लिया। रात 8 बजकर 8 मिनट पर शहर के गेपसागर की पाल पर एयर स्ट्राइक का संदेश प्रसारित किया गया। इसके तुरंत बाद आग लगने और कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली, जिस पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया, जबकि स्वास्थ्यकर्मी और स्काउट गाइड की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में जुट गईं। घायलों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। जिला कलेक्टर देशलदान और एसपी मनीष कुमार की मौजूदगी में यह मॉक ड्रिल हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रत्येक विभाग की गतिविधि और उनके प्रतिक्रिया समय को बारीकी से नोट किया। इस दौरान शहर में करीब 10 मिनट के लिए बिजली गुल कर दी गई, जिससे सड़कों और कॉलोनियों में अंधेरा छा गया। नागरिकों ने भी ब्लैकआउट के तहत अपने घरों की बिजली बंद रखी। कलेक्टर और एसपी ने बताया कि यह मॉक ड्रिल किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आयोजित की गई थी।
खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक ने सड़क किनारे चल रही महिला को टक्कर मार दी, जिसके बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया। मृतका की पहचान बेलदौर नगर पंचायत के गिरजापुर निवासी शकुनी देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शकुनी देवी अपने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए आई थीं। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। महिला उछलकर दूर जा गिरीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शकुनी देवी अपने घर की ओर जा रही थीं और सड़क किनारे चल रही थीं। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला उछलकर दूर जा गिरीं और गंभीर चोटों के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाइक चालक नशे की हालत में था और अत्यधिक तेज गति से वाहन चला रहा था। इसी कारण वह बाइक पर से नियंत्रण खो बैठा और यह हादसा हो गया। घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक बाइक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। डायल 112 पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके से बाइक को जब्त कर लिया है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, शकुनी देवी कुछ ही दिन पहले दूसरे प्रदेश से अपने बेटे की शादी में शामिल होने गांव आई थीं। घर में शादी की खुशियां चल रही थीं, लेकिन इस अचानक हुई घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जहां कुछ दिन पहले घर में जश्न का माहौल था, वहीं अब चीख-पुकार और मातम का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची मृतका अपने पीछे एक पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गई हैं। परिजनों का कहना है कि एक लापरवाह चालक की वजह से उनका पूरा परिवार बिखर गया। पुलिस का बयान: थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बाइक को जब्त कर लिया गया है और फरार आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों में आक्रोश: घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के कड़े उपाय करने की मांग की है।
संभल में शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 18 लोग घायल हो गए। मृतकों में दो सगे भाई-बहन के साथ उनकी चाची और दादी शामिल हैं। यह घटना मुरादाबाद-संभल मार्ग पर मैनाठेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुई। ट्रैक्टल-ट्रॉली को डंपर ने टक्कर मारी थी। मरने वाले सभी संभल के रहने वाले थे। शाम को सभी का संभल में अंतिम संस्कार किया गया। सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मुरादाबाद जिले के बिलारी तहसील स्थित गुरेर गांव गए थे। वे संभल के नखासा थाना क्षेत्र के भटोला गांव निवासी नरेश की बेटी स्वाति (20) की शादी का भात न्योतने गए थे। स्वाति की शादी 30 अप्रैल को होनी है, जिसके लिए 29 अप्रैल को लगन आएगी। गुरुवार शाम 5 बजे नरेश अपने परिवार के साथ भात न्योतने के लिए निकले थे और शुक्रवार सुबह घर लौट रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस हादसे में दुल्हन स्वाति की दादी शांति (65), चाची सुमन (40), चचेरा भाई अजीत (13) और चचेरी बहन सृष्टि (8) की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव शुक्रवार शाम करीब 6:20 बजे एंबुलेंस से गांव भटोला पहुंचे। गांव में शोक का माहौल था। इसके बाद शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे सास-बहू और भाई-बहन की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश सैनी और संभल के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव पहुंचे। दुल्हन स्वाति ने बताया कि उसकी 30 अप्रैल को बारात आनी है और 29 अप्रैल को लगन आएगी। पूरा परिवार शादी की तैयारी में लगा था और कल शाम 05 बजे मेरी ननिहाल गांव गुरेर में भात न्योतने के लिए गए थे। आज एक्सीडेंट की सूचना मिली है। आपको बता दे कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वामी बार-बार मोबाइल चलाती रही, जिससे कि उसे पल-पल की अपडेट मिलती रहे।
दुर्ग में शुक्रवार को ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम छत्तीसगढ़ के बैनर तले सैकड़ों बौद्ध समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए धार्मिक अधिकार, संविधान और सामाजिक अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार क्षमा यदु को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और बिहार सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की प्रमुख मांग बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के नियंत्रण से संबंधित थी। फोरम ने बी.टी.एम.सी. एक्ट 1949 को रद्द करने और महाबोधि मंदिर का नियंत्रण बौद्धों को सौंपने की मांग की। भिलाई की अनामिका उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग संगठन का आरोप है कि जिस स्थान पर सिद्धार्थ गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, वहां बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुरूप पूजा नहीं हो रही है और 'गैर-बौद्ध हस्तक्षेप' बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने इसे करोड़ों बौद्धों की आस्था का प्रश्न बताया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि बीटीएमसी एक्ट संविधान के अनुच्छेद 13 के विरुद्ध है। प्रदर्शन का दूसरा प्रमुख मुद्दा भिलाई की अनामिका उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग था। संगठन से जुड़े शैलेश कुमार ने आरोप लगाया कि अनामिका उपाध्याय ने डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान और आरक्षण व्यवस्था के संबंध में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने अन्य धर्मों पर भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं। शैलेश कुमार ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां सामाजिक और धार्मिक तनाव भड़का सकती हैं, इसलिए अनामिका उपाध्याय पर धारा 152 के तहत राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इन मांगों ने प्रदर्शन को धार्मिक अधिकारों के साथ-साथ राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में ला दिया। ‘देशद्रोह का मामला बनता है’, IG से भी शिकायत की तैयारी फोरम ने सिर्फ ज्ञापन देकर रुकने के संकेत नहीं दिए। संगठन ने साफ कहा कि वे पुलिस महानिरीक्षक से भी मुलाकात कर राष्ट्रद्रोह की धारा लगाने की मांग करेंगे। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत बयानबाजी नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है, इसलिए कठोर कार्रवाई जरूरी है। अरविंद चौधरी और सविता बौद्ध बोले- ‘आस्था से समझौता नहीं’ संगठन से जुड़े अरविंद चौधरी और सविता बौद्ध ने कहा कि बौद्ध समाज अब अपने धार्मिक अधिकारों और सम्मान के मुद्दों पर चुप नहीं रहेगा। उनका कहना था- महाबोधि मंदिर पर बौद्धों का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। बीटीएमसी एक्ट 1949 खत्म किया जाए। विवादित बयान देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात 8 बजे बहोड़ापुर स्थित पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस के तहत ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, ब्लैकआउट प्रक्रिया, आपातकालीन निकासी और सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आम नागरिक पूरी तरह तैयार रह सकें। खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील मॉकड्रिल में अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल सहित प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। ड्रिल के दौरान बहोड़ापुर और पुलिस लाइन क्षेत्र में बिजली बंद कराई गई। इससे पहले उद्घोषणा कर नागरिकों से रात 8 से 8:30 बजे के बीच घरों की लाइट बंद रखने और खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील की गई थी। शुरुआत में कुछ लोग असमंजस में रहे, लेकिन आसपास अंधेरा होने पर सभी ने सहयोग किया। प्रशासन ने लगातार लोगों को समझाया कि यह केवल अभ्यास है, कोई वास्तविक खतरा नहीं। अचानक जारी हुई सूचना से हलचल शाम को अचानक जारी सूचना के बाद क्षेत्र में हलचल रही और कुछ लोगों में ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर आशंका भी बनी, जिसे अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुए दूर किया। मॉकड्रिल के दौरान अंधेरे में घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने का भी अभ्यास किया है। प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बांदा के बबेरू कस्बे में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद परिजनों और व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने समझाकर शांत कराया। पुलिस हत्या की वजह तलाश रही है। आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। कस्बा निवासी 45 साल के तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू सोनी सोने-चांदी का काम करते थे। शुक्रवार शाम लगभग 9 बजे बबेरू कस्बे के दूल थोक स्थित पुनी बापू चक्की के पास सराफा बाजार में मौजूद थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल तेज प्रकाश सोनी को तुरंत सीएचसी बबेरू ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने परिजनों को सूचित किए बिना ही शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने सीएचसी के सामने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पत्नी स्नेहा ने बताया, हमलावर शुक्रवार सुबह भी दो बार उनके घर आए थे। शाम को फोन कर पति को बुलाया था। वह सब्जी लाने की बात कहकर घर से निलले थे। स्नेहा ने आशंका जताई है कि यह हत्या रंजिश में की गई है। तेज प्रकाश सोनी के दो बेटे हैं। एसपी पलाश बंसल ने बताया- फॉरेंसिक टीम ने घटना से सबूत जुटाए हैं। मौके से बीयर की बोतल बरामद की गई है। वारदात की वजह पता की जा रही है। SOG समेत 5 टीमों को आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया गया है।
लखीसराय में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग:कुख्यात अपराधी टीटू धमाका ने दिया घटना को अंजाम
लखीसराय जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र में रंगदारी न देने पर कुख्यात अपराधी टीटू धमाका ने फायरिंग की। यह घटना पहाड़पुर गांव के समीप एनएच-80 पर हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, पहाड़पुर निवासी दुकानदार गोलू कुमार से टीटू धमाका फोन पर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रकम न मिलने पर आरोपी अपने गिरोह के सदस्यों के साथ दुकान पर पहुंचा। वहां पहले मारपीट की गई और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। कई लोग बाल-बाल बच गए इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कई लोग बाल-बाल बच गए। सूचना मिलते ही एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में बड़हिया थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए हैं। साथ ही, खेत में खड़ी एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस बड़हिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर, खुटहा, पिपरिया और जयदपुर इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। आरोपी टीटू धमाका हाल ही में बेउर जेल से छूटकर आया बताया जा रहा है कि आरोपी टीटू धमाका हाल ही में बेउर जेल से छूटकर आया है। वह क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए त्वरित कार्रवाई और छापेमारी जारी है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति व्यवस्था बहाल करने का भरोसा दिलाया है।
ब्यावर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के संगठन ने अपनी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने हाल ही में बजट में 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के बजट में सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के रूप में एकमुश्त राशि देने की घोषणा की गई थी। हालांकि, लंबे समय के बाद भी इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस घोषणा को जल्द लागू करने की मांग की। ज्ञापन में सेवानिवृत्ति के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 10 हजार रुपए पेंशन देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त, कई जिलों में सेवानिवृत्ति पर देय बीमा राशि का भुगतान लंबित होने पर संगठन ने नाराजगी व्यक्त की और इसके शीघ्र भुगतान के निर्देश जारी करने की मांग की। संगठन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने बढ़ते ऑनलाइन कार्य को देखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले टैबलेट या 5G मोबाइल उपलब्ध कराने की भी अपील की। चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 13,500 रुपए और सहायिकाओं का 6,500 रुपए करने के आदेश शीघ्र जारी करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में एकीकृत बाल विकास और उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
झुंझुनूं शहर में रात 10 बजे ब्लैकआउट रहा। 10 बजते ही शहर के कलेक्ट्रेट, नेतराम मघराज कॉलेज और डाइट (DIET) परिसर में लगे नागरिक सुरक्षा के सायरन तेज आवाज के साथ गूंज उठे। इसके बाद 10:15 बजे तक लाइट गुल रही। करीब 15 मिनट तक शहर अंधेरे में रहा, लेकिन पूरा जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की टीम सड़कों पर अलर्ट मोड में एक्टिव रही। दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में दिन में मॉकड्रिल और रात में ब्लैक आउट के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। इस दौरान घर और दुकान संचालकों से भी अपील की गई, जिसके बाद उन्होंने भी स्वेच्छा से लाइटें बंद कर दी। सड़कों पर चल रही गाड़ियों ने भी हेडलाइट्स बंद कर दी और गाड़ियों को साइड में खड़ा कर दिया। हालांकि 15 मिनट बाद लाइट आने के बाद सभी सुचारु हो गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कीं। मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नागरिक सुरक्षा दल के बीच तालमेल को जांचना था। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि यह मॉक ड्रिल हमारी सुरक्षा तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। जिस तरह से शहरवासियों ने शांति और अनुशासन के साथ सहयोग किया, वह सराहनीय है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारा मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। देखिए- ब्लैकआउट की तस्वीरें
भभुआ सदर अस्पताल परिसर में शुक्रवार को ऑक्सीजन प्लांट के ठीक पीछे झाड़ियों और कूड़े के ढेर में भीषण आग लग गई। आग की लपटें तेजी से अस्पताल की बाउंड्री तक फैल गईं, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अग्निशमन विभाग की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। आग की भयावहता को देखते हुए अस्पताल कर्मियों और मरीजों के परिजनों में हड़कंप मच गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे ऑक्सीजन प्लांट के बेहद करीब पहुँच चुकी थीं। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुँची मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटनास्थल पर मौजूद अग्निशमन निरीक्षक संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आग अस्पताल के पीछे फैले कचरे और पास की बसवारी में लगी थी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो ऑक्सीजन प्लांट इसकी चपेट में आ सकता था, जिससे एक बड़ा विस्फोट या जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में अग्निशमन विभाग ने आम जनमानस से अपील की है कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए कहीं भी जलती हुई तीली, बीड़ी-सिगरेट या चिंगारी न फेंकें। फिलहाल, टीम की सक्रियता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
बांदा में बबेरू कस्बे के दूल थोक मोहल्ले में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। यह घटना रात करीब 8:00 बजे हुई, जब किसी अज्ञात व्यक्ति ने तेज प्रकाश सोनी के सीने में गोली मार दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यवसायी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तेज प्रकाश सोनी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और सर्राफा व्यापारियों ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में धरना दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने गोली मारने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी है। मामले की जांच जारी है।
सीतापुर में बार एसोसिएशन के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव के परिणाम शुक्रवार देर शाम को घोषित कर दिए गए,जिसमें अध्यक्ष पद पर अक्षय सहाय ने जीत दर्ज कर नई कार्यकारिणी का नेतृत्व अपने हाथ में लिया। महामंत्री पद पर सुधीर कुमार शर्मा विजयी घोषित हुए, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर विमल मोहन मिश्र ने अपने प्रतिद्वंदी को पराजित कर जीत हासिल की। गौरतलब है कि इस चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से अधिवक्ताओं के बीच काफी उत्साह और गहमागहमी बनी हुई थी। 23 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था, जिसके बाद 24 अप्रैल को मतगणना कराई गई और परिणामों की घोषणा की गई। अन्य पदों पर भी कई प्रमुख नामों ने जीत दर्ज की। ज्येष्ठ उपाध्यक्ष पद पर रोहित मेहरोत्रा और अनुराग श्रीवास्तव विजयी रहे। कोषाध्यक्ष पद पर शिवनाथ मिश्र ने बाजी मारी। वहीं उपाध्यक्ष (10 वर्ष से कम) के दो पदों पर आदित्य कुमार वर्मा और शोभित दीक्षित निर्वाचित हुए। इसके अलावा संयुक्त सचिव लाइब्रेरी पद पर कौशलेंद्र कुमार सिंह एडवोकेट विजयी घोषित किए गए। संयुक्त सचिव प्रकाशन पद पर अजीत कुमार तथा संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर अनुज कुमार पाल ने जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्यों में भी कई अधिवक्ताओं को सफलता मिली है। वरिष्ठ कार्यकारिणी में अलंकार सिंह, मिथलेश वर्मा, अंजुल पांडेय, धीरेन्द्र यादव, अनिल बाजपेयी और अरविंद मिश्रा विजयी रहे। वहीं कनिष्ठ कार्यकारिणी में सरिता देवी, शुभम मिश्रा, दिलीप, पवन प्रताप सिंह, नितिन कुमार सिंह और अनूप को चुना गया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही विजेताओं के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और बार परिसर में जश्न का माहौल देखने को मिला। नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और सक्रिय कार्यशैली की उम्मीद है।
मैनपुरी में टेंट हाउस में सिलेंडर फटने से आग:मेन बाजार में लाखों का सामान खाक, 3 दमकल गाड़ियां जुटीं
मैनपुरी के करहल रोड स्थित पुलिस चौकी के पास स्थित भदौरिया टेंट हाउस में सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के करहल रोड पर शाम करीब 7:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दुकान से धुआं निकलता देखा गया, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ। बताया जा रहा है कि यह धमाका 19 लीटर के सिलेंडर में हुआ था। गनीमत रही कि आसपास के मकान आग की चपेट में आने से बच गए। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करहल, बेवर और मैनपुरी सदर से बुलाई गई दमकल कर्मियों ने दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तीन मंजिला इमारत में संचालित इस टेंट हाउस का सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया। टेंट हाउस संचालिका मंजू भदौरिया ने बताया कि आग लगने का कारण सिलेंडर फटना था, जिसकी सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई। अग्निशमन उप निरीक्षक अनुज कुमार ने पुष्टि की कि उन्हें टोल फ्री नंबर पर घटना की जानकारी मिली थी। करहल रोड पर चौकी के सामने हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग बुझाने के दौरान सड़क को दोनों ओर से बंद कर दिया गया था। मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिसने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
बूंदी शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार देर शाम हवाई हमले की एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। यह ड्रिल प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए की गई थी। शाम करीब 6 बजे बस स्टैंड परिसर में हवाई हमले जैसे हालात बनाए गए। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे बस स्टैंड को चारों ओर से घेर लिया। दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आधुनिक उपकरणों की सहायता से 'आग' पर काबू पाया। राहत और बचाव कार्य के दौरान सिविल डिफेंस की टीम ने मलबे और 'हमले' वाली जगह से 'घायलों' को बाहर निकाला। मॉक ड्रिल में कुल 20 'घायलों' को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 5 गंभीर 'घायलों' को आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया। यह सब वास्तविक स्थिति का अभ्यास था। कार्यवाहक जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के 'रिस्पॉन्स टाइम' को जांचना और उसे बेहतर बनाना था। उन्होंने जोर दिया कि प्राकृतिक आपदा या हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थितियों में समय का महत्व सबसे अधिक होता है। मीणा ने आगे कहा कि इस अभ्यास में सभी विभागों ने बेहतर तालमेल के साथ काम किया, जिससे आपातकालीन तैयारियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बरेली में समीक्षा बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर आए, उसका समयबद्ध समाधान किया जाए और यदि किसी कारण काम संभव नहीं है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए। डिप्टी सीएम ने कहा कि तहसील, थाना और विकास खंड को मॉडल इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थानों पर आने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और बैठने के लिए उचित व्यवस्था, कुर्सियां आदि उपलब्ध हों। ‘औपचारिकता नहीं, समाधान चाहिए’उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तहसील दिवस, थाना दिवस और ग्राम चौपाल को केवल औपचारिक कार्यक्रम न समझा जाए। इन्हें जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान का माध्यम बनाया जाए। लोगों को लखनऊ न आना पड़ेडिप्टी सीएम ने कहा कि प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि आम जनता को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार लखनऊ के चक्कर न लगाने पड़ें। स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का निस्तारण किया जाए, जिससे जनता को राहत मिल सके। अधिकारियों से डिप्टी सीएम बोले- संगठन सरकार से बड़ा होता हैकेशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर हमारा कोई कार्यकर्ता यहां तक कि बूथ अध्यक्ष भी अधिकारियों के पास जाए तो उसे डिप्टी सीएम से कम न समझे। उसका जो भी जायज काम हो उसे जरूर करे। समस्या का निस्तारण समयसीमा के अंदर करे। दरअसल मीटिंग के दौरान मंत्री, विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों का दर्द छलक उठा। जनप्रतिनिधियों ने मीटिंग में मुद्दा उठाया कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं है। जिस पर केशव प्रसाद नाराज हुए और अधिकारियों की क्लास ली। पिछली बैठकों का डेटा तैयार होगा और आज जो निर्देश दिए गए है उनका समयबद्ध निस्तारण कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा मै एक महीने बाद फिर से आऊंगा और देखूंगा कितना पालन किया गया है। गन्ना भुगतान और गेहूं खरीद पर निर्देशकेशव प्रसाद मौर्य ने नवाबगंज और बहेड़ी के गन्ना किसानों के बकाये की जानकारी ली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि नवाबगंज चीनी मिल की नीलामी हो चुकी है और बहेड़ी मिल की नीलामी 29 अप्रैल को है। इस पर डिप्टी सीएम ने जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गेहूं खरीद में बिचौलियों के दखल को पूरी तरह खत्म करने और केंद्रों पर अवैध वसूली पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को कहा ताकि समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके। अवैध निर्माण और बीडीए पर चाबुकडिप्टी सीएम ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जांच के निर्देश दिए कि शहर में जो भी अवैध निर्माण हुए हैं, वे किस अधिकारी के कार्यकाल में हुए। उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने साफ किया कि अवैध खनन के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा और भू-माफियाओं को मिलने वाला संरक्षण तत्काल खत्म होना चाहिए। सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचाबैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माणाधीन हाईवे की कार्यदायी संस्थाएं भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त होने वाली आसपास की ग्रामीण सड़कों की मरम्मत तय समय में कराएं। देवहा नदी के पास जरपा मोहनपुर की क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक करने और अभयपुर रिठौरा की सड़क को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएम ने बदायूं में अधूरे ओवरब्रिज और बदायूं-कासगंज मार्ग के निर्माण में तेजी लाने की बात कही। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हुए 121 गांवों के कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। भ्रष्टाचार और पुलिसिंग पर प्रहारपुलिस विभाग को निर्देशित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि निलंबित सिपाही सुकेश द्वारा महिलाओं के जरिए फर्जी मुकदमे लगाकर की जा रही वसूली पर कठोरतम कार्रवाई हो। चालान की कार्रवाई में भेदभाव न बरतने की नसीहत दी गई। वहीं, परिवहन कार्यालय के ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में पास-फेल के नाम पर हो रही 10 से 15 हजार की वसूली की शिकायतों पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों में शौचालय सुधारने और प्राइवेट स्कूलों के पाठ्यक्रम के नाम पर होने वाली 'अवैध कमाई' की जांच के लिए कमेटी बनाने को कहा। शादी-ब्याह में गैस और बिजली की सुविधाशादियों के सीजन को देखते हुए निर्देश दिए गए कि गैस आपूर्ति में बाधा न आए। जिलाधिकारी ने बताया कि विवाह का कार्ड दिखाने पर छह सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की शिकायतों पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब स्मार्ट मीटर की कोई बाध्यता नहीं है, इसलिए जनता को परेशान न किया जाए। मुख्य अभियंता ने बताया कि काटे गए 86 हजार कनेक्शन दोबारा जोड़ दिए गए हैं। साथ ही चकमार्ग, खलियान और चारागाहों से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूदसमीक्षा बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, संजीव अग्रवाल मौजूद रहे। संगठन की ओर से क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा दुर्विजय सिंह शाक्य, जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आदेश प्रताप सिंह और अधीर सक्सेना उपस्थित रहे। प्रशासनिक अमले में अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी, पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, एसएसपी अनुराग आर्य, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, वीसी बीडीए मणिकंदन ए, एडीएम पूर्णिमा सिंह, संतोष बहादुर सिंह और सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
धौलपुर जिला अस्पताल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह ड्रिल ब्लास्ट और आग लगने की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी, जिसका आयोजन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर किया गया। अस्पताल परिसर में ब्लास्ट और आग ड्रिल के दौरान, अस्पताल परिसर में अचानक ब्लास्ट और आग लगने की एक काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। इसके तुरंत बाद, राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। घटना की सूचना मिलते ही धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिकरवार भी इस दौरान मौजूद थे। आपातकालीन स्थिति के अनुरूप, सभी अधिकारी अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर तैनात रहे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की निगरानी की। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। दमकल की गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी हालांकि, मॉक ड्रिल के दौरान दमकल की गाड़ी के देरी से पहुंचने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभाग को भविष्य में समय पर प्रतिक्रिया देने के सख्त निर्देश दिए। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि आपदा की स्थिति में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। खामियों को चिन्हित किया प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं में पाई गई खामियों को चिन्हित किया है। इन कमियों को जल्द से जल्द सुधारने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मोतिहारी में 2 गांवों के बीच तनाव:पुरानी रंजिश में मारपीट के बाद बढ़ा विवाद
मोतिहारी के सुगौली थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दो गांवों छपरा बहास और सपहां के बीच पुरानी रंजिश को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया। पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। जानकारी के अनुसार, छपरा बहास गांव निवासी तमन्ना नामक युवक को सपहां गांव में कुछ लोगों ने घेरकर मारपीट की। इस घटना में वह घायल हो गया। जब तमन्ना अपने गांव लौटा और लोगों को घटना की जानकारी दी, तो दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस को सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार गश्त भी की जा रही है। पुलिस की मौजूदगी से फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मामला दो परिवारों के बीच की पुरानी रंजिश से जुड़ा सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि यह मामला दो परिवारों के बीच की पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जिसके कारण मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घायल युवक का इलाज जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चोरी के शक में युवक को गांव वालों ने सजा दी है। युवक का आधा सिर मुंडवा कर उसके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई। इसके बाद मारपीट करते हुए उसे उसकी पत्नी के साथ पूरे गांव में घुमाया गया। पत्नी का कहना है कि उससे भी मारपीट की गई और रेप कर जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में सरपंच पति भी शामिल है। यह रामानुजनगर थाना क्षेत्र के पस्ता गांव की है। युवक पर पस्ता गांव के ग्रामीणों ने सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पस्ता गांव के सरपंच पति और ग्रामीणों ने युवक को अपने गांव में समझौते के लिए बुलाया था। लेकिन पंचायत में उसे पकड़ लिया गया और गांव में घुमाया। युवक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने सरपंच पति समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का जुलूस भी निकाला गया। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, कल्याणपुर निवासी मोहम्मद रहमान ताज (32) पर पस्ता गांव में सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी का आरोप लगा था। इसी शक के आधार पर उसे गांव के सरपंच पति और कुछ ग्रामीणों ने बुलाया। जब युवक अपनी पत्नी के साथ गांव पहुंचा, तो वहां ग्रामीणों ने मोहम्मद रहमान को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने गुस्से में आकर उसका आधा सिर मुंडवा दिया और गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट करते हुए पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान भीड़ ने युवक की पत्नी को भी नहीं छोड़ा। उसे भी साथ में घुमाया गया। युवक की पत्नी ने कहा कि सरपंच ने फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद हम लोग पंचायत में गए। हम लोग से भी मारपीट किए। पति को भी मार रहे थे। जान से मारने की धमकी भी दी। पिता बोले- झूठे आरोपों के आधार पर सजा दी घटना के बाद मोहम्मद रहमान के पिता थाने पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पिता का कहना है कि बेटे को झूठे आरोपों के आधार पर सजा दी गई, जो पूरी तरह गलत है। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि युवक पर चोरी की नीयत से गांव आने का शक था। ग्रामीणों ने उसे पहले देखा था, लेकिन वह भाग गया था। दूसरे दिन वह अपने परिजनों के साथ गांव लौटा, जिसके बाद यह घटना हुई। इधर, सरपंच पति ने सफाई देते हुए कहा है कि ग्रामीणों में गुस्सा था और उसी के चलते यह घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। गिरफ्तार आरोपी में ये शामिल विश्वनाथ सिंह उम्र 42 वर्ष गोलचंद राजवाड़े उम्र 33 वर्ष पूरन राम प्रजापति उम्र 42 वर्ष रामसाय सिंह उम्र 54 वर्ष कलेश्वर राम उम्र 45 वर्ष बालसाय राजवाड़े उम्र 59 वर्ष भज्जू सिंह उम्र 76 वर्ष हीरासाय राजवाड़े उम्र 35 वर्ष हरवंश राजवाड़े उम्र 37 वर्ष
झालावाड़ जिले में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) के अलर्ट के मद्देनजर, जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ ने स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जारी आदेशों के अनुसार, 25 अप्रैल से अगले आदेशों तक जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों को छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उन्हें गर्मी के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था केवल छात्र-छात्राओं पर लागू होगी; स्कूल का शेष स्टाफ (शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक) अपने निर्धारित समय पर कार्य करेगा। गौरतलब है कि जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है और गर्म हवाएं चल रही हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि इस अत्यधिक गर्मी का स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, जिसके चलते यह समय परिवर्तन किया गया है।
ग्वालियर की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी और उनकी मैनेजमेंट टीम को नोटिस जारी किया है, जिसमें शो बुक करने के बाद उसे नहीं करने पर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत एफआईआर दर्ज कराने संबंधी आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। दरअसल, नवंबर 2022 में लाइव शो ‘मधोश अदनान सामी’ होना था, लेकिन वह रद्द हो गया था। पूरे शो की डील 33 लाख रुपए में हुई थी। इस मामले में आयोजक की ओर से कोर्ट में परिवाद दायर किया था, जिसमें कहा है कि सिंगर ने 17.62 लाख रुपए एडवांस लेने के बाद भी शो नहीं किया। 33 लाख रुपए में हुई थी डील कोर्ट में पेश किए गए रिकॉर्ड और दस्तावेजों के अनुसार 27 सितंबर 2022 को सिंगर अदनान सामी का एक लाइव शो होना था। सिंगर की फीस 40 लाख रुपए बताई गई थी। बातचीत के बाद 33 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। लाइव शो के आयोजकों ने बतौर एडवांस 17.62 लाख रुपए सिंगर के मैनेजर को दिए थे। बाद में आयोजकों के कहने पर लाइव शो की तारीख 27 सितंबर 2022 के स्थान पर 13 नवंबर 2022 कर दी गई थी, फिर भी शो नहीं हुआ। एडवांस वापस करने के लिए सूचना दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके चलते पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद फरियादी को कोर्ट का विकल्प चुनना पड़ा। याचिकाकर्ता की ओर से यह दिया तर्क याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि कई बार एडवांस लौटाने का आश्वासन देने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। अब स्थिति यह हो गई है कि आवेदनकर्ता के फोन और ई-मेल का जवाब भी देना बंद कर दिया है। इसके बाद पुलिस थाने से लेकर एसपी और आईजी स्तर तक शिकायतें की गईं, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। आवेदनकर्ता ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला बताते हुए कोर्ट से निचली अदालत का आदेश निरस्त कर FIR दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सहरसा और पूर्णिया कोर्ट से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के लिए स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों के चलने से खासकर कोशी, सीमांचल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इसको लेकर रेलवे शुक्रवार की शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को जानकारी दी गयी। पहली स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 05575/05576 सहरसा-आनंद विहार-सहरसा स्पेशल है। यह ट्रेन 28 अप्रैल 2026 से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक मंगलवार को सहरसा से रात 8 बजे रवाना होगी। यह सुपौल, झंझारपुर, सकरी, जनकपुर रोड, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए गुरुवार को 01:05 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 30 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे चलकर शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे सहरसा पहुंचेगी। 05579/05580 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल दूसरी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 05579/05580 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल है। यह ट्रेन 26 अप्रैल से 12 जुलाई 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को पूर्णिया कोर्ट से शाम 4:30 बजे खुलेगी। यह सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, सकरी, जनकपुर रोड, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज के रास्ते तीसरे दिन आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 28 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक रविवार और मंगलवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1:45 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी। दोनों स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए 8 थर्ड एसी इकोनॉमी, 10 स्लीपर और 2 जनरल कोच लगाए गए हैं। रेलवे के इस निर्णय से गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।
ईसीएचएस में नर्स असिस्टेंट सहित कई पदों पर आवेदन जारी, 8 मई तक मौका
पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस-पणजी) ने संविदा आधार पर पैरामेडिकल स्टाफ और नॉन-मेडिकल स्टाफ के अलग-अलग 4 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं
बलरामपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती:₹10,000 तक जुर्माना, रात में भी पुलिस ने की चेकिंग
बलरामपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान शुरू किया है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और पेट्रोल पंपों पर सघन चेकिंग कर रही है। यह अभियान उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे दोपहिया वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें अवैध या तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर यान अधिनियम के तहत ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। ऑटो पार्ट्स की दुकानों और वर्कशॉप्स पर भी छापेमारी की जा रही है, ताकि अवैध साइलेंसर बेचने और लगाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।वीर विनय चौराहे सहित शहर के कई क्षेत्रों में रात के समय भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान तेज आवाज वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) बृजेश और यातायात प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह ने किया। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग और 'बुलेट की पटाखेबाजी' महंगा पड़ेगा।

