यमुनानगर नगर निगम सदन की साधारण बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे जिमखाना क्लब में मेयर सुमन बहमनी की अध्यक्षता में होगी। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व उपायुक्त कम नगर निगम आयुक्त प्रीति की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में 53 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इनमें अधिकतर प्रस्ताव शहर में होने वाले करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से संबंधित है। बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगने से शहर के विकास की दिशा में अहम कदम होगा। बैठक में नगर निगम सदन की अभी तक हुई सभी साधारण बैठकों में पास किए गए प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई पर अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही नगर निगम क्षेत्र में करवाए जाने वाले सभी विकास कार्यों के शिलान्यास से पहले से जारी किए जाने वाले वर्क ऑर्डर के साथ उस कार्य में लगने वाली सामग्री की गुणवत्ता व उसकी पूरी रिपोर्ट मांगी जाएगी। बैठक में आएंगे ये प्रस्ताव - -नगर निगम क्षेत्र के सभी मुख्य प्रवेश पर सुंदर प्रवेश बोर्ड, डेकोरेटिव पौधें व लाइट लगवाई जाए। -जलभराव के स्थाई समाधान के लिए आईटीआई रुड़की या इसके समानांतर किसी अन्य एक्सपर्ट टीम को बुलाकर शहर का सर्वे करवाया जाए। -वार्ड 22 के संजय विहार स्थित पौंड एवं पार्क का नाम अटल पार्क रखा जाए। - सफाई की समस्या के समाधान के लिए 25 ट्रैक्टर ट्रॉलियां की व्यवस्था कराई जाए। - मार्च माह में नाला सफाई का कार्य शुरू करने के लिए सभी छोटे बड़े नालों की सफाई का टेंडर जल्द लगवाया जाए। - सभी सामुदायिक भवनों, पार्काें में जल संचयन प्रणाली बनाई जाए। - खाली प्लाटों के मालिकों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। - मेयर को नगर निगम के ई-ऑफिस का मास्टर लॉग इन बनाया जाए। - जगाधरी बस स्टैंड के पास बने डा. बीआर अंबेडकर चौक का सौंदर्यीकरण कराया जाए। - शहीद भगत सिंह चौक नवीनीकरण व चौक पर लगाई प्रतिमा की विस्तृत रिपोर्ट सदन में दी जाए। - जिन वार्डाें में 25-25 लाख के मरम्मत कार्य कराए जा चुके है, उनमें फिर से 25-25 लाख के मरम्मत कार्याें के टेंडर जारी किए जाए। - शहर के रिहायशी क्षेत्रों में अवैध रूप से खुली डेयरियों को बाहर शिफ्ट किया जाए। - शहर के मुख्य मार्ग, शैक्षणिक संस्थानों के बाहर व धार्मिक जगहों के आसपास खुली मीट की दुकानों व खोखों को बंद कराया जाए। - बरसाती पानी की निकासी के लिए डाले गए पाइपों की सफाई के लिए 5 जेटिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाए। - नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 1996 व इससे पूर्व में बसी कॉलोनियों को नियमित कराया जाए। - पुरानी गलियों के स्थाई पर नई गलियों का निर्माण करने के दौरान वहां से निकलने वाले कंक्रीट के पत्थरों को बारीक करने के लिए मशीन खरीदी जाए, ताकि इस कंक्रीट को अनाधिकृत क्षेत्र की कच्ची गलियों में डाला जा सके। - नालागढ़ व रटौली गांव में पार्क व श्मशान घाट बनाया जाए। - वार्ड 3 में त्रिकोणी चौक से पास डी-नोटिफाई की गई दादूपुर नलवी नहर के किनारे लोगों द्वारा किए अवैध कब्जों को हटवाकर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए। - सभी वार्डों की विभिन्न कॉलोनियों में गलियों व नालियों का निर्माण कराया जाए।- जो नलकूप बंद हो चुके है। उनके खंडर हालात पड़े कमरों को तोड़कर उस जगह का सौंदर्यीकरण किया जाए। - वार्ड 14 की हरिजन बस्ती में सामुदायिक केंद्र बनवाया जाए और पीने के पानी की समस्या के समाधान के लिए 3 ट्यूबवेल लगवाए जाए। - वार्ड 22 के बसंत विहार, विवेक विहार, गोल्डनपुरी, मोती बाग, विकास नगर और लक्ष्मी नगर में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए ट्यूबवेल लगवाए जाए।
नोएडा एक्सप्रेस वे के दोनों ओर की 45 मीटर चौड़ी रोड एक्सप्रेस वे पर वाहनों का लोड कम करेगी। इसे एक्सप्रेस के बैकअप कारिडोर के रुप में विकसित किया जा रहा है। इसका अधिकांश हिस्सा बना हुआ है। तीन स्थानों पर 74 मीटर, 75 मीटर और 81.5 मीटर के गैप है। इस कारण यह सड़क निरंतर रूप से उपयोग में नहीं है। ये रुकावट सेक्टर 163 और 167 के बीच हैं। इनकी कुल भूमि 2.5 एकड़ है। इन रुकावटों की वजह से सेक्टर 150, 151, 152, 153, 155, 163, 167, 135 और 168 के निवासी इस रोड का एंड टू एंड इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। मजबूरी में एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं, जिससे भीड़ और बढ़ती है। सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी। इन पैच को जल्द समाधान निकालकर जमीन ली जाएगी। ताकि कोरिडोर को पूरा किया जा सके। ये रोड बनेगी एक्सप्रेस वे की लाइफ लाइनअधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस वे पर बढ़ते ट्रैफिक लोड के मद्देनज़र सर्विस लेन और सेक्टर रोड को “प्लान-बी कॉरिडोर” के रूप में तैयार करना जरूरी है। डीएनडी, चिल्ला, कालिंदी कुंज और आंतरिक सड़कों से बढ़ते वॉल्यूम, और एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद आने वाला अतिरिक्त दबाव इन सबके चलते समानांतर मार्ग की आवश्यकता और अधिक अहम हो गई है। ये एक्सप्रेस वे की लाइफ लाइन बनेगी। प्राथमिकता के आधार पर होगी चालूप्राधिकरण के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता 45 मीटर सेक्टर रोड को मजबूत कर लगातार चालू करने की है, ताकि जरूरत पड़ने पर यातायात को यहां मोड़ा जा सके। लंबे समय के लिए पैरेलल एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव अभी भी पाइपलाइन में है, लेकिन यह राज्य और केंद्र की मंजूरी पर निर्भर करेगा। तब तक, यही सेक्टर रोड नोएडा का प्रमुख बैकअप रूट बनेगी। पुश्ता रोड की होगी रि-सर्फेसिंग नोएडा के पुश्ता रोड की रि-सर्फेसिंग की जाएगी। करीब 11.5 किमी लंबी रोड चार लेन की है। यहां से यातायात होता है। ये रोड भी एक्सप्रेस वे का एक प्रकार से बैकअप है। इसके लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सिचाईं विभाग ने इसकी अनुमति दे दी है साथ ही पैसा भी प्राधिकरण के देगा। जिसके बाद प्राधिकरण इस रोड की रि-सर्फेसिंग कराएगी।
लुधियाना में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन कहीं मोबाइल तो कहीं एक्टिवा चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं। ताजा मामला 33 फुटा रोड स्थित जसवंत नगर नजदीक शनि मंदिर का है जहां कल सुबह करीब 8 बजे एक शातिर चोर ने अंडे सप्लाई करने वाले ई-रिक्शा से मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गई है। दुकान पर ऑर्डर लेने उतरा था पीड़ित,पीछे से मोबाइल गायब पीड़ित ई-रिक्शा चालक ने जानकारी देते हुए बताया कि वह रोज की तरह सुबह सप्लाई के लिए निकला था। उसका ओप्पो कंपनी का मोबाइल ई-रिक्शा में ही रखा हुआ था। जब वह जसवंत नगर में एक दुकान के बाहर रुककर ऑर्डर लेने के लिए नीचे उतरा तो पीछे से चोर ने मौका पाकर मोबाइल उठा लिया। जब चालक वापस आया तो फोन गायब देख उसके होश उड़ गए। इसके बाद इलाके के CCTV फुटेज खंगाले गए तो चोर की पहचान हो गई। CCTV में दिखा चोर फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि चोर ने काले रंग का स्वेटर पहना हुआ है और अपने कंधे पर लाल रंग का परना रखा हुआ है। चोर पहले ई-रिक्शा के इर्द-गिर्द घूमता रहा और मोबाइल पर नजर रखी। जैसे ही चालक दूर हुआ उसने फुर्ती से मोबाइल उठाया। पकड़े जाने के डर से उसने मोबाइल को अपने लाल परने में छिपाया और वहां से रफूचक्कर हो गया। इलाका निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए क्योंकि आए दिन हो रही इन चोरियों से आम जनता में दहशत का माहौल है।
‘मेरे पति ईमानदार थे। मगर ऑफिस के ही लोग उनसे फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाना चाहते थे। साइन न करने पर क्लर्क से डिमोशन कर दिया। उनकी ड्यूटी कचरा की गाड़ी गिनने में लगा दी। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और सुसाइड कर लिया। जिन अफसरों ने पति को मरने पर मजबूर किया, उन्हें बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।’ ये कहना है माधुरी गोंड का। जिनके पति दिलीप गोंड (54) ने झांसी में रविवार को फांसी लगाकर जान दे दी। दिलीप मध्य प्रदेश के दतिया नगर पालिका में क्लर्क थे। मरने से पहले एक वीडियो बनाया। जिसमें दतिया CMO और 2 कर्मचारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नराईपुरा मोहल्ला की है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए ऊपर कमरे में जाकर फंदा लगाया दिलीप गोंड प्रेमनगर के नराईपुरा मोहल्ला में रहते थे। वह करीब 30 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के दतिया में नगर पालिका की स्थापना शाखा में क्लर्क के पद पर तैनात थे। दिलीप के बेटे अंश ठाकुर ने बताया- घर में छत पर मरम्मत का काम लगा था। रविवार को सुबह जगे तो पापा दिलीप ने चाय पी। फिर बाजार से सामान लेकर आए। जब मिस्त्री आया तो पापा को बुलाने गया। पापा नजर नहीं आए तो इधर-उधर ढूंढ़ा। जब छत पर बने अपने स्टडी रूम में गया तो पापा पंखे पर रस्सी से फंदा बनाकर लटके हुए थे। चिल्लाने पर मां आ गई। हम दोनों ने उनको उतारा, मगर तब तक मौत हो चुकी थी। मौत से पहले मोबाइल में बनाया वीडियो बेटे अंश ने बताया- जब पापा का मोबाइल देखा तो उसमें एक वीडियो मिला। जो पापा ने मौत से पहले रिकॉर्ड किया था। 3 मिनट 39 सेकंड के वीडियो में दिलीप गोंड कह रहे हैं कि मैं नगर पालिका दतिया की स्थापना शाखा में बाबू के पद पर तैनात था। कुछ साल पहले CMO मकबूल खान इंचार्ज थे। उन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। यह मामला 2017 में लोकायुक्त के पास पहुंचा था और जांच अभी भी जारी है। 2006 की नोटशीट से जुड़े फर्जी दस्तावेजों पर उनसे साइन कराने की कोशिश की गई। साइन करने से मना करने पर उन्हें 50,000 रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई। जब उन्होंने इसे ठुकरा दिया तो CMO नागेंद्र गुर्जर ने उन्हें पद से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा गाड़ियों की गिनती का काम सौंप दिया। ये मेरे लिए बहुत ही दुखद है। मैं एक बाबू होकर कचरे की गाड़ियां गिनू। ये काम बाबू का नहीं है। इसके बाद CMO ने उनके साथ गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। दो अन्य कर्मचारियों ने भी उन्हें परेशान किया, जिससे वह काफी दुखी थे। बाबू ने अपनी मौत के लिए CMO नागेंद्र गुर्जर और दो अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया। वो ऑफिस की बातें घर पर नहीं बताते थे दिलीप की पत्नी माधुरी ने बताया- वो ऑफिस की बातें घर पर नहीं बताते थे। मौत के बाद मोबाइल देखा तो उसमें एक वीडियो मिला। जो सुसाइड से पहले पति ने खुद ही रिकॉर्ड किया था। वीडियो से ही पता चला कि वो भ्रष्ट सिस्टम से परेशान थे। सीएमओ समेत 3 लोग उनको परेशान कर रहे थे। उन्होंने पूरी ईमानदारी से नौकरी की है। लेकिन अफसर बाबू से डिमोशन करके नीचे के पद पर ले आए और कचरा की गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगा दी। उनसे फर्जी फाइल बनवाना चाहते थे। कोई कर्मचारी है, जो 2011 में ड्यूटी पर आया। मगर वो फर्जीवाड़ा करके 2006 से ज्वाइनिंग दिखाना चाहता था। ये काम करने से पति ने मना कर दिया। एक सप्ताह से वह बहुत परेशान थे। परेशानी के बारे में देवर को फोन कर बताया था। देवर ने हमें बताया तो पता चला कि पति परेशान हैं। मुझे काम में उलझाकर फांसी लगाई पत्नी ने आगे बताया- घर में मिस्त्री आया था। पति ने मुझे काम में उलझा दिया, मैं कुछ समझ ही नहीं पाई। वो पता नहीं कब ऊपर चले गए और सुसाइड कर लिया। अब हम न्याय चाहते हैं। वीडियो में पति ने जिनके नाम लिए, उनको नौकरी से हटाकर जेल भेजा जाए। उनको कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमारा आदमी चला गया, बच्चे परेशान हो गए। हम क्या करेंगे? हमारे पास किसी अफसर का फोन नहीं आया। घर में मातम छाया दिलीप की मौत के बाद घर में मातम छाया है। पत्नी माधुरी का रो रोकर बुरा हाल है। दिलीप के दो बच्चे हैं। बेटी आयुषी इंदौर में एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। वहीं, बेटा अंश बीसीए कर रहा है। प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि पंचनामा भरकर दिलीप के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। CMO ने कहा- आरोप बेबुनियाद हैं वहीं मामले पर CMO नागेंद्र गुर्जर ने कहा- दिलीप गोंड मेहनती और लगन से काम करने वाले कर्मचारी थे। वह शुक्रवार को ऑफिस में मौजूद थे। वह छुट्टी पर झांसी गए थे। उन्हें वहां क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो में लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
डकैत अब घोड़े पर नहीं, स्क्रीन के पीछे से आएगा… । साइबर अपराधों से जागरूक करने के लिए कानपुर में बन रही शॉर्ट फिल्म में यह डॉयलॉग दिया है, कलक्टरगंज एसीपी आनंद ओझा ने। कानपुर के कलक्टरगंज एसीपी आनंद ओझा न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभाल रहे हैं, बल्कि बड़े पर्दे पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। हाल ही में साइबर अपराधों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म में उन्होंने एसीपी अंगद वर्मा का किरदार निभाया है। 2010 में मिली थी पहली फिल्म आनंद ओझा एक ऐसे नौकरशाह हैं, जो अपराधियों के दांत खट्टे करने के साथ ही सिनेमा जगत में भी हिट हैं। एसीपी आनंद ओझा माही, हीरोगिरी, लव एक्सप्रेस, रण, कुभ समेत एक दर्जन भोजपुरी फिल्मे कर चुके है। 2010 में उन्हें पहली बार सबसे बड़ा मुजरिम भोजपुरी फिल्म में काम करने के मौका मिला था। एक साल पहले आगरा में तैनाती के दौरान उनकी फिल्म माही रिलीज हुई थी। अभी हाल ही में उन्होंने तिग्मांशु धूलिया, पद्मिनी कोल्हापुर स्टारर फिल्म विहान की शूटिंग पूरी की है। जिसमें वह एक मीडियाकर्मी की भूमिका निभा रहे हैं, जो जल्द ही दर्शकों को देखने को मिलेगी। हीरो बनने के लिए मुंबई चले गए थे ACP आनंद ओझा मूलरूप से बिहार आरा दोघरा के रहने वाले हैं। आनंद ओझा ने बताया कि उनका फैमिली बैकग्राउंड पुलिस का था। उनके मामा बिहार पुलिस थे, जो एडिशनल एसपी पद से रिटायर हुए थे, उनके बाबा भी दरोगा थे। उन्होंने बताया कि बचपन से उनका सपना था कि फिल्मों में काम करूं, फिल्में देखते–देखते मन बना लिया था कि अब एक्टर ही बनूंगा। एसीपी आनंद ने एक्टिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी दैनिक भास्कर एप के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट करने के बाद वह परिवार को बिना बताए हीरो बनने के लिए मुंबई पहुंच गए। वहां उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की और फिल्मों में एक मौका पाने के लिए ऑडिशन देने लगे, लेकिन उन्हें फिल्मों में काम नही मिल सका। कुछ समय बाद उनके पिता भगवान ओझा मुंबई पहुंचे और उन्हें वापस ले आए। इसके बाद आनंद ने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की। साल 2001 में वह दरोगा बने। ट्रेनिंग के बाद की सीएम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनाती मिली। आनंद ने बताया कि नौकरी मिलने के बाद वह खुश तो बहुत थे, लेकिन दिमाग में एक्टिंग के बारे में ख्याल जरूर आता था। वर्ष 2005 में उन्हें एक फिल्म में चांस मिला, फिल्म की शूटिंग भी पूरी हुई, लेकिन वह रिलीज नहीं हुई। वर्ष 2010 में उन्हें सबसे बड़ा मुजरिम भोजपुरी फिल्म में मौका मिला, जिसमें उन्होंने अभिनेता राहुल राय के छोटे भाई का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी सराहा गया, इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। एक दर्जन भोजपुरी फिल्मों में निभा चुके किरदार इसके बाद उन्होंने कुंभ, हीरो एक्सप्रेस, लवगिरी, अजब घर की गजब कहानी, सास बहू की हेरा फेरी समेत करीब 12 फिल्मों में काम किया। एसीपी आनंद ने बताया साइबर अपराधों से बचने के लिए तैयार की जा रही फिल्म में वह एसीपी साइबर क्राइम अंगद वर्मा का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने अपना एक फेमस डॉयलॉग भी बताया कि– अब डकैत घोड़े पर बैठ कर नहीं आते, स्क्रीन के पीछे से आते है और आपका सबकुछ लेकर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड का टैग लाइन है कि– सतर्कता ही बचाव है। क्राइम होने से पहले हम किस तरह से लोगों को बचा सकते है, इसके लिए यह फिल्म बनाई जा रही है। सिनेमा भी एक ऐसा माध्यम है, जो लोगों के दिलों तक बात जाती है। शॉर्ट फिल्म में यह दिखाया गया है, कि साइबर फ्रॉड किस–किस तरीके से हो रहा है, और उससे बचने का उपाय क्या है। पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए किस तरह से काम कर रही है, और किस तरह से लोगों को उससे बचना है। यह सब इस शॉर्ट फिल्म में देखने को मिलेगा। बोले- टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी नौकरी और फिल्मों की शूटिंग के बीच सांमाजस्य बिठाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट में आने के बाद हमेशा ही उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और परिवार का काफी सहयोग मिला, पुलिस विभाग में वर्कलोड तो रहता है, इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है, टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों से अच्छा व्यवहार करने से आप सब हासिल कर लेते है। एसीपी आनंद ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी सुजाता ओझा, बेटी हर्षिता, आकृति, बेटा आनंद निशांत, मां लीलावती है। 22 दिसंबर 2024 को उनके पिता भगवान ओझा का निधन हो गया था।
कानपुर में फरवरी के महीने के अंतिम दिनों में गर्मी रोज नए रिकार्ड बना रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा रहा। इससे पहले साल 2022 में अधिकतम तापमान 30 डिग्री था। साल 2006 में तापमान 29.5 डिग्री गया था। फरवरी महीने में पड़ रही गर्मी ने 23 साल का रिकार्ड तोड़ा है। वहीं न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 2.4 डिग्री कम है। लगातार बढ़ रहे तापमान का असर गेहूं, सरसों, राई और अलसी आदि पर पड़ना तय है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने से उत्पादन 10-15 प्रतिशत घटेगा। प्री मेच्योर होंगी फसलें, तिलहन मे तेल घटेगा सीएसए के डायरेक्टर रिसर्च व कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने बताया कि फरवरी महीने में गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ा रही है। इस समय खेतों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मटर, मसूर, पीली सरसों, तोरिया और लाही खड़ी हुई हैं। तापमान बढ़ने से फसलें प्री मेच्योर होंगी। सबसे बड़ी बात यह है कि उत्पादन 10-15 प्रतिशत तक घटेगा। तापमान .यदि औसत के आसपास नहीं आया तो और भी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा लोबिया और पीली सरसों पकने की अवस्था में हैं, इससे तेल की मात्रा भी कम हो सकती है। दाना भी छोटा होगा। किसानों को इस समय खेतों में सिंचाई करते रहनी चाहिए, जिससे तापमान का असर कम पड़े। गेंहू के लिए 26 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए तापमान गेहूं अभिजनक (वैज्ञानिक) डॉ. विजय यादव ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए इस समय अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। यदि तापमान इससे बढ़ रहा है तो फसल के उत्पादन, दाना आदि के लिए नुकसानदायक है। यह बढ़ा हुआ तापमान यदि लगातार बना रहा तो फसलें प्रभावित होंगी। इस समय अगर हम तापमान की बात करें तो 14 फरवरी से तापमान 26 डिग्री के पार बना हुआ है। 24 घंटे के बाद बढ़ेंगे तापमान मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 घंटों में बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के चलते बादल छा सकते हैं। लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। दिन में बादल छाने से अधिकतम तापमान गिरेंगे। इसके अलावा उत्तर पश्चिमी हवाएं भी तापमान पर नियंत्रण कर सकती है। इसके बाद तापमान लगातार बढ़ेगा।
लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय से जुड़े डिवोर्स मामले में आज सुलह की तारीख है। फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के सामने दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार समझौता कराने की कोशिश होगी। कोर्ट ने पहले ही दोनों पक्षों को मध्यस्थता में सहयोग करने के लिए कहा है। दोनों का यह मामला फैमिली कोर्ट में चला। उसके बाद हाईकोर्ट गया और फिर से केस फैमिली कोर्ट में है। हाईकोर्ट में रिव्यू पीटिशन हो चुका है खारिज पटना हाईकोर्ट में ऐश्वर्या राय का रिव्यू पीटिशन खारिज हो चुका है। कोर्ट कह चुका है कि हम मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और दोनों पक्ष मध्यस्थता में सहयोग करें। इन सब के बीच तेजप्रताप यादव इस वजह से चर्चा में रहे कि अनुष्का ने संतान को जन्म दिया। अनुष्का को लेकर तेजप्रताप यादव के बयान बदलते रहे हैं। तेजप्रताप ने अनुष्का से संबंध को इनकार कर दिया है। राजनीतिक परिवार के चलते मामला हाईप्रोफाइल तेजप्रताप और ऐश्वर्या राय का मामला इसलिए हाईप्रोफाइल है कि तेजप्रताप यादव , पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं और ऐश्वर्या राय बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दारागा प्रसाद राय की पोती। पिता चंद्रिका राय भी कई बार विधायक-मंत्री रह चुके हैं। मध्यस्थता नहीं होने पर कोर्ट क्या फैसला ले सकती है? 24 फरवरी को तेज प्रताप और ऐश्वर्या मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता की फिर से कोशिश होगी। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह के मुताबिक, कोर्ट के सामने अगर साक्ष्य नहीं है तो वह तेज प्रताप यादव के डिवोर्स पीटिशन को डिसमिस कर सकते हैं। जहां तक अनुष्का की बात है तो हिंदू मैरिज एक्ट में दो पत्नी रखने या एक पत्नी के रहते हुए दूसरे के साथ संबंध नाजायज है। यह एक्स्ट्रा मैरेटल रिलेशन का मामला बनता है। कोर्ट इस मामले में ऐश्वर्या को कह सकता है कि आप तेज प्रताप यादव पर FIR कीजिए। तीसरी बात यह कि जब ऐश्वर्या पब्लिक डोमेन में आकर यह सवाल उठा चुकी हैं कि मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की, जब किसी अन्य के साथ 12 साल से तेज प्रताप रिलेशन में थे? इस बात को एफिडेविट (शपथ पत्र या हलफनामा) में भी कहना चाहिए। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह का कहना है कि, ‘इस पूरे मामले में यह साफ लग रहा है कि इस बार भी मध्यस्थता की कोशिश सफल नहीं हो पाएगी।’ साल 2018 में हुई थी शादी तेज प्रताप-ऐश्वर्या की शादी 12 मई 2018 को हुई थी। दोनों परिवारों का घराना राजनीतिक है। तेजप्रताप लालू प्रसाद के बेटे हैं, जबकि ऐश्वर्या, चंद्रिका राय की बेटी है। शादी के बाद 2019 लोकसभा चुनाव में लालू यादव ने समधी चंद्रिका राय को सारण से टिकट दिया, लेकिन वह हार गए। 2019 में ही ऐश्वर्या ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी ने मुझे बाल खींचकर मारा है, राबड़ी आवास में गार्ड ने भी मुझे मारा है। राबड़ी देवी ने मेरा फोन छीन लिया। मां-बाप को जलील कर रहे हैं। इसके बाद चंद्रिका राय,उनकी पत्नी दल-बल के साथ राबड़ी देवी के आवास पहुंच गए थे। उसके बाद से ही मामला बढ़ता गया और डायवोर्स तक पहुंच गया।
सहारनपुर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जिनके जन्म दिवस को गर्व के साथ पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है। जांच के बाद साढ़ौली कदीम में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सोमवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के शाखा नकुड़ अध्यक्ष पंकज तंवर ने नौ अक्टूबर 2025 को महानिदेशक स्कूल शिक्षा को शिकायती पत्र भेजा था। आरोप है कि 15 सितंबर 2025 को बीईओ सोमवीर सिंह के मोबाइल नंबर से प्रधान अध्यापक नकुड़ ब्लॉक के व्हाट्सएप ग्रुप पर डॉ.राधाकृष्णन और ओशो की फोटो के साथ अभद्र टिप्पणी लिखी फेसबुक पोस्ट का लिंक साझा किया गया। इसके बाद ग्रुप में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई। शिकायत में कहा गया कि इससे पहले तीन अगस्त 2025 को सोमवीर के नंबर से इसी ग्रुप में विभिन्न धर्मग्रंथों पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली गई थी। वहीं तीन सितंबर 2025 को नकुड़ ब्लॉक के शिक्षकों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई थी। मामले की जांच मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को सौंपी गई। जांच आख्या में आरोपों की पुष्टि होने पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कामता रामपाल ने सोमवीर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ को उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। सस्पेंशन अवधि में सोमवीर को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इधर, 21 फरवरी को सस्पेंड किए जाने के बावजूद सोमवार को सोमवीर सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय जानीपुर पहुंचे और एक शिक्षक से जुड़े मामले में जांच की। इसके बाद उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय रहणा का निरीक्षण भी किया। सस्पेंड बीईओ द्वारा जांच करने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि सोमवीर का कहना है कि सोमवार सुबह तक उन्हें सस्पेंशन पत्र नहीं मिला था, इसलिए वे एसआईआर ड्यूटी पर निकल गए थे। दोपहर में निरीक्षण से लौटने के बाद ही उन्हें सस्पेंशन पत्र मिला। बीएसए कोमल ने कहना है कि सस्पेंड होने के बाद किसी को भी जांच या निरीक्षण का अधिकार नहीं है और 21 फरवरी को ही उन्हें इसकी सूचना दे दी गई थी।
गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर सोमवार को रेल संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। पटरियों की मरम्मत के कारण कई ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया गया, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। खासतौर पर स्पेशल और लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका ज्यादा असर दिखा। मुंबई से चलकर आने वाली ट्रेन संख्या 01079 स्पेशल करीब 6 घंटे 17 मिनट की देरी से लखनऊ पहुंची। गोरखपुर पहुंचते-पहुंचते इसकी देरी बढ़कर करीब 8 घंटे 30 मिनट हो गई। वहीं वापसी में गोरखपुर से चलने वाली ट्रेन 01080 भी सवा पांच घंटे की देरी से रवाना हुई। अमृत भारत एक्सप्रेस भी पांच घंटे लेट 15078 गोमतीनगर-कामाख्या अमृत भारत एक्सप्रेस भी देरी की चपेट में रही। यह ट्रेन सुबह 10:36 बजे रवाना हुई, लेकिन गोंडा से गोरखपुर के बीच इसे डायवर्ट कर दिया गया। नतीजतन गोरखपुर पहुंचने तक ट्रेन करीब पांच घंटे लेट हो गई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गोंडा-बस्ती-गोरखपुर रेलखंड पर ट्रैक मरम्मत कार्य के चलते ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया, जिससे समय-सारिणी बिगड़ गई। पुणे-गोरखपुर स्पेशल को कानपुर-लखनऊ के बीच लगा साढ़े चार घंटे 01415 पुणे-गोरखपुर स्पेशल भी देरी से लखनऊ पहुंची। ट्रेन कानपुर से सुबह 9:36 बजे रवाना हुई, लेकिन लखनऊ पहुंचने में 4 घंटे 26 मिनट लग गए। यह दोपहर 2:02 बजे स्टेशन पहुंच सकी। सामान्य दिनों में यह दूरी कहीं कम समय में पूरी हो जाती है। करनैलगंज के पास इंजन फेल, तीन घंटे खड़ी रही अरुणाचल एक्सप्रेस 22411 अरुणाचल एक्सप्रेस को भी तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। नाहरलागुन से लखनऊ आ रही इस ट्रेन का इंजन करनैलगंज स्टेशन के पास फेल हो गया। इंजन खराब होने के कारण ट्रेन करीब तीन घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही। बाद में दूसरा इंजन मंगवाकर जोड़ा गया, तब जाकर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। निर्धारित समय सुबह 4 बजे के बजाय ट्रेन 7:25 बजे लखनऊ पहुंची। यात्रियों की बढ़ी परेशानी, रेलवे ने मरम्मत कार्य को बताया वजह लगातार देरी और डायवर्जन से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया। हालांकि, अचानक हुए इंजन फेल जैसी घटनाओं ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हुई डबल डेकर बस कागजों में पूरी तरह फिट पाई गई, लेकिन मौके पर हुई जांच में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी सामने आई। बस में मूल रूप से 16 स्लीपर और 32 सिटिंग सीटों की अनुमति थी, लेकिन अंदरूनी ढांचे में छेड़छाड़ कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गई थीं। वहीं सिटिंग सीटें घटाकर सिर्फ 9 कर दी गईं। इतना ही नहीं, बस में क्षमता से अधिक 90 यात्रियों को बैठाया गया था, जो साफ तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इमरजेंसी गेट तक बंद, छत पर अवैध स्ट्रक्चर जांच में यह भी सामने आया कि बस के इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन निकास पूरी तरह बंद हो गया था। हादसे की स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता ही अवरुद्ध था। बस की छत पर अतिरिक्त लोहे के स्ट्रक्चर लगाए गए थे और लंबाई-चौड़ाई में भी बदलाव किया गया था। यह सभी तथ्य मौके पर पहुंचे उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय और एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की जांच में सामने आए। 1360 किमी सफर के लिए सिर्फ एक ड्राइवर नियमों के मुताबिक लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर होना अनिवार्य है। लेकिन यह बस पंजाब से बिहार तक करीब 1360 किलोमीटर की दूरी सिर्फ एक ड्राइवर के भरोसे तय कर रही थी। मानक कहते हैं कि हर 4.5 घंटे की ड्राइविंग के बाद कम से कम 45 मिनट का ब्रेक जरूरी है और 14 घंटे की ड्यूटी में तीन घंटे का आराम अनिवार्य है। प्राथमिक जांच में इन नियमों का पालन नहीं पाया गया। कागज पूरे, सिस्टम फेल बस हरियाणा के गुरुग्राम में प्रदीप कुमार के नाम पंजीकृत थी। छह साल आठ महीने पुरानी इस बस का पंजीकरण 3 जून 2019 को हुआ था। •फिटनेस: 27 अगस्त 2027 तक वैध •टैक्स: 28 फरवरी तक जमा •इंश्योरेंस: 27 अगस्त तक मान्य •परमिट: 3 जून 2029 तक वैध •पीयूसीसी: 11 फरवरी 2027 तक आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के अनुसार कागजों के आधार पर बस पूरी तरह फिट थी। परमिट, बीमा, टैक्स और प्रदूषण प्रमाणपत्र सभी अद्यतन थे। 67 चालान के बावजूद सड़क पर दौड़ती रही बस डबल डेकर बस पर अब तक 67 चालान दर्ज हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया था। इसके बावजूद बस लगातार सड़क पर चलती रही। यह बस 50 से अधिक आरटीओ और एआरटीओ क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन न पुलिस ने रोका, न ट्रैफिक विभाग ने और न ही परिवहन विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई की। यह लापरवाही सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है। आज होगी तकनीकी जांच बस की विस्तृत तकनीकी जांच मंगलवार को कराई जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के मुताबिक ब्रेक, पहियों, टायर, वायरिंग समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच आरआई टेक्निकल टीम द्वारा की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही बस की वास्तविक तकनीकी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सहारनपुर में गुजरात के अहमदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने यहां स्थित अपनी जमीन का फर्जी बैनामा कराने का आरोप लगाया है। मामले में कई लोगों को नामजद करते हुए कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि दो सगे भाइयों की जमीन थी। सरकारी रिकॉर्ड में भी उनके नाम दर्ज है, लेकिन कुछ लोगों ने साजिश कर फर्जी डॉक्यूमेंट से उनकी जमीन बेच दी है। कोर्ट के आदेश पर थाना बेहट में मुकदमा दर्ज हुआ है। अहमदाबाद के साबरमती निवासी सुनील कुमार शंकर लाल सर्राफ ने प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनके भाई संदीप कुमार ने सहारनपुर के कालूवाला जहानपुर दक्षिणी, परगना मुजफ्फराबाद क्षेत्र में करीब 0.6250 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। राजस्व अभिलेखों में उनका नाम दर्ज है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिसंबर 2025 में एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को लेखपाल बताते हुए जमीन की बिक्री के संबंध में जानकारी मांगी। ऑनलाइन जांच करने पर पता चला कि तहसील बेहट में उनकी जमीन के संबंध में दाखिल-खारिज का वाद लंबित है। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से प्रमाणित प्रति निकलवाने पर जानकारी हुई कि 12 नवंबर 2025 को जमीन का बैनामा दर्शाया गया है और 19 नवंबर 2025 को उसका पंजीकरण हुआ है। आरोप है कि बैनामे में उनके और उनके भाई के स्थान पर अन्य व्यक्तियों के फोटो लगाए गए तथा फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया। जमीन की कीमत कम दर्शाकर बिक्री दिखाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने अमरदीप सिंह, दीपक कुमार, अशरार अहमद, हाजी यासीन मलिक, मोहम्मद तहसीन, मोहम्मद शाहिद समेत दो अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया है। उनका आरोप है कि सभी ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से बैनामा कराया। पीड़ित के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को तहसील बेहट परिसर में उन्हें धमकी भी दी गई। उन्होंने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
स्कूलों में शत प्रतिशत छात्र-छात्राओं के अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) बनाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन वाराणसी में अभी तक 42% छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जो इससे वंचित हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे 2.87 लाख बच्चों की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने वाराणसी समेत BSA व DIOS को पत्र भेजकर जल्द से जल्द इसे शत प्रतिशत फीसदी करने का निर्देश दिया है। दरअसल, वाराणसी में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में करीब 6.78 लाख छात्र-छात्राएं हैं। इसमें बेसिक के 1.78 लाख और करीब 5 लाख माध्यमिक शिक्षा के हैं। इनमें से 2.87 लाख बच्चे अभी भी अपार आईडी से वंचित हैं। अपार आईडी में होगी छात्रों की पूरी डिटेलदरअसल, नई शिक्षा नीति के तहत हर बच्चे की जानकारी अब यू-डाइस में पूरी तरह से डिजिटल सुरक्षित रखी जा रही। अब छात्र की एक ही आईडी होगी जिसमें उसकी पूरी डिटेल होगी। अभी तक तमाम ऐसे मामले आते थे जिसमें एक छात्र 2 स्कूल में प्रवेश करा लेता था। लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। इस आईडी के बन जाने से जहां बच्चों का डेटा रहने से विद्यालयों को तो लाभ मिलेगा ही, बच्चों को भी लाभ मिलेगा। उन्हें सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे अंक, पुरस्कार, आदि सभी जानकारियां एक जगह मिल पाएंगी। इस संबंध में वाराणसी के BSA (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि इसके लिए काम चल रहा है। शीघ्र ही इसे पूरा करा लिया जाएगा।
पंजाब सरकार की युद्ध नशा विरुद्ध मुहिम के बावजूद चिट्टा और दूसरे नशा बेचने का धंधा नहीं रुक रहा है। युवा इसके तेजी से शिकार बन रहे हैं। लोगों को नशे से मुक्त करने के लिए अब निहंग सिंहों ने कमान संभालने का निर्णय लिया है। गांवों को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए निहंग सिंहों ने सरकार के पैरलल अपनी मुहिम शुरू करने का ऐलान कर दिया। निहंग सिंहों ने चिट्टा मुक्त गांव या मोहल्ला बनाने के लिए फार्मूला तय किया है। निहंग सिंहों ने साफ कर दिया कि वो कानून के हिसाब से लोगों को चिट्टा बेचने से रोकेंगे, लेकिन नहीं मानें तो फिर अपने हिसाब से काम करेंगे पर चिट्टा बिकने नहीं देंगे। लुधियाना में निहंग सिंहों ने इस मुहिम की शुरुआत कर दी है। निहंग सिंहों ने एक दिन पहले लुधियाना के गांव तलवंडी में रेड की। कुछ नशा तस्कर उन्हें देखकर भाग गए। निहंग सिंह कुलदीप सिंह खालसा ने साफ कर दिया कि वो तब तक अपनी मुहिम जारी रखेंगे जब तक गांवों को चिट्टा मुक्त नहीं बना देंगे। चिट्टा मुक्त बनाने के लिए निहंग सिंहों का फार्मूला क्या है? ऐसे समझिए जानिए--- गांवों को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए कैसे चलाएंगे मुहिम? लुधियाना के तलवंडी से की मुहिम शुरू निहंग सिंहाें ने अपनी इस मुहिम की शुरुआत लाडोवाल के नजदीक तलवंडी गांव से की है। तलवंडी गांव नशा के लिए प्रसिद्ध है और इस गांव में कई युवाओं की मौत भी हो चुकी है। कुलदीप सिंह खालसा ने बताया कि कुछ महिलाओं ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने अपनी मुहिम इसी गांव से शुरू की। उन्होंने बताया कि गांव में जब रेड की तो कुछ लोग भाग गए। उनके पीछे निहंग सिंह भी भागे हैं। उन्हें पूर्व में सूचना मिल गई थी, क्योंकि सभी लोग पहले एकत्रित हुए थे। आगे से रेड सीक्रेट तरीके से करेंगे। कहा कि नशे को किसी भी हाल में नहीं बिकने देंगे। लोगों को इसके साथ जोड़ेंगे।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्र नेता उज्जवल यादव के घर हमला करने के मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आर्थक एक युवक को कमरे में बंद कर डंडे से पीट रहा है। उसके अन्य साथी भी इसमे शामिल हैं। सभी मिलकर पिटाई के बाद युवक के कपड़े फाड़कर उसे न्यूड कर रहे हैं। उधर छात्रनेता के घर ताबड़तोड़ फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को गोला के रहने वाले सक्षम मिश्रा को अरेस्ट किया है। जो घटना के बाद से फरार चल रहा था। दोपहर बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस आर्थक प्रताप सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घटना में शामिल दो अन्य आरोपित महेश चौधरी और सैफ अली की तलाश में छापेमारी चल रही है। शुक्रवार 20 फरवरी की रात करीब 11:20 बजे बेतियाहाता निवासी आर्थक प्रताप सिंह अपने साथियों महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली, विपिन और सक्षम मिश्रा के साथ फार्च्यूनर गाड़ी से आर्यनगर स्थित छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर पहुंचा। आरोपियों ने आते ही तेज आवाज में उज्ज्वल को बुलाना शुरू कर दिया। जब उज्ज्वल की मां संध्या यादव बाहर निकलीं, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और मुंह दबाकर थप्पड़ मारे। उज्ज्वल यादव की मां संध्या यादव ने कोतवाली थाने पहुंचकर पांच नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आर्थक प्रताप सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि सक्षम मिश्रा मूल रुप से गोला के गोपालपुर गांव का रहने वाला है। अपने परिवार के साथ तिवारीपुर के सिधारीपुर में रहता है। सोमवार की सुबह सर्विलांस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। छात्र नेता और आर्थक गहरे दोस्त थे पहले गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र के अलीनगर उत्तरी में छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर शुक्रवार रात हुई फायरिंग के मामले में पुलिस अब घटना की तह तक पहुंचने में जुटी है। साथ ही, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आर्थक और पीड़ित उज्ज्वल के बीच पहले गहरी दोस्ती थी। जो हाल के दिनों दुश्मनी में बदल गई। इसकी वजह युवती से बातचीत करने का विवाद है या कुछ और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हाल ही में यूनिवर्सिटी गेट पर छात्र नेता उज्जवल यादव ने एक विवादित पोस्टर लगाया था। जिसे थोड़ी ही देर बाद नगर निगम प्रशासन ने हटवा दिया था। कई बार उज्जवल पोस्टर की वजह से भी हाइलाइट होता रहा है। वह गोरखपुर यूनिवर्सिटी का बीए थर्ड ईयर का छात्र भी है। यूनिवर्सिटी में कभी आर्थक और उज्जवल एक साथ देखे जाते थे। कई चुनावी जुलूस में साथ में शामिल हुए हैं। शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे आर्थक प्रताप सिंह अपने साथियों महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली और सक्षम शुक्ला के साथ आर्यनगर स्थित उज्ज्वल यादव के घर पहुंचा। आरोपियों ने घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की और उज्ज्वल की मां संध्या यादव से मारपीट भी की। कहां से मिला असलहा, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद मोहल्ले में दहशत फैल गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को असलहा कहां से मिला और किसने उपलब्ध कराया। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है जो हर उस एंगल से जांच कर रही है जहां से असलहा मिलने की संभावना हो सकती है। पुलिस जांच में सामने आया कि बेतियाहाता निवासी आर्थक प्रताप सिंह और सपा से जुड़े छात्रनेता उज्ज्वल यादव के बीच कभी गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ में समय बिताते थे और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भी साथ दिखते थे। लेकिन हाल के दिनों में इनके बीच किसी बात को लेकर मतभेद बढ़ गए। पुलिस की माने तो विवाद की वजह युवती हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच युवती से बातचीत को लेकर कहासुनी हुई थी, जो धीरे-धीरे इतनी बढ़ी कि दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। पुलिस इस एंगल से भी गहनता से जांच कर रही है और युवती से भी पूछताछ की संभावना है। छात्रनेता की मां संध्या देवी की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर आर्थक प्रताप सिंह, देवरिया के रहने वाले विपिन और सूर्यकुंड के अनीश शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके अलावा दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में गोरखपुर के अलावा देवरिया और कुशीनगर जिले में दबिश दे रही है। छात्र नेता की मां को मारे थप्पड़, पुलिस से माफी मांगी गोरखपुर में फॉर्च्यूनर कार से पहुंचे बदमाशों ने सपा छात्र नेता के घर पर फायरिंग की। मां ने विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की। मुंह दबाकर उन्हें थप्पड़ जड़े। आरोपी बार-बार छात्र नेता के बारे में पूछ रहे थे। इसी बीच छात्रा नेता ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोच लिया। वहीं, घर 100 मीटर दूर खड़ी फॉर्च्यूनर से अन्य 3 आरोपी भाग गए। उधर, गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपी पुलिस के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। बोले- हम लोग अच्छे घर के हैं, आगे से गलती नहीं करेंगे। लेकिन, पुलिस ने जब रिकॉर्ड खंगाला, तो तीनों पर पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज मिले। फायरिंग की वजह छात्र नेता और आरोपी आर्थक सिंह का आपसी झगड़ा बताया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। घटना 20 फरवरी को कोतवाली थाना क्षेत्र के अलीनगर उत्तरी मोहल्ले में हुई। इसका सीसीटीवी फुटेज आज (रविवार) सामने आया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला जानिए… अलीनगर उत्तरी मोहल्ले में रहने वाले उज्ज्वल यादव एक छात्र नेता हैं। वह अपनी मां संध्या और पिता के साथ रहते हैं। उज्ज्वल की मां संध्या ने बताया- 20 फरवरी की रात करीब 11 बजे आर्थक सिंह अपने साथियों के मेरे घर पहुंचा। घर के बाहर वह चिल्ला रहा था- उज्ज्वल कहां है, उसे बुलाओ, उसकी हत्या कर देंगे। शोर सुनकर मैं दरवाजे के पास आई। वहां आर्थक सिंह अपने 2 साथियों के साथ तमंचा लेकर खड़ा था। आर्थक ने गालियां देते हुए उज्ज्वल को बुलाने के लिए कहा। मैंने शांत होने के लिए कहा तो मेरा मुंह दबाकर थप्पड़ मारे। संध्या यादव की शिकायत पर आर्थक सिंह, महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली, सक्षम शुक्ला और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जगन्नाथपुर बरही कोठी के रहने वाले आर्थक सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आर्थक सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन छात्र नेता के घर गए, जबकि अन्य 3 लड़के कार में बैठे रहे थे। अब जानिए, सीसीटीवी में क्या दिख रहा…. एक युवक तमंचा लेकर घर के बाहर आता है। वह कुछ देर तक वहां खड़ा रहता है, फिर लौट जाता है। थोड़ी देर बाद वह 2 अन्य युवकों के साथ वापस आता है। इसके बाद दरवाजा खटखटाता है और फायरिंग शुरू कर देता है। गोली की आवाज सुनकर छात्र नेता उज्ज्वल यादव की मां बाहर निकलती हैं। इस पर आरोपी उनके साथ मारपीट करते हैं। गालियां देते हुए वहां से जाने लगते हैं। लेकिन, कुछ कदम दूर जाकर फिर लौट आते हैं। पिस्टल लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। इस दौरान उज्ज्वल की मां उनके पैरों पर गिरकर मिन्नतें करती हैं, लेकिन वे गाली देते रहते हैं। फिर मां को थप्पड़ जड़ देते हैं। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले जाते हैं। अवैध पिस्टल से चलाई थी गोलीपुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अवैध पिस्टल से गोलियां दागी थीं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने पूरी घटना कबूल कर ली। बताया कि वे पूरी साजिश रचकर आए थे। उज्ज्वल यादव के घर से कुछ दूरी पर अपनी लक्जरी गाड़ी खड़ी कर दी थी, जिसमें उनके अन्य साथी बैठे थे। बर्थडे में बनी योजना, दोस्त के लिए चलाई गोलियां19 फरवरी को आर्थक सिंह का जन्मदिन था। इस दौरान आर्थक, अनीश शुक्ला और विपिन ने जमकर शराब पार्टी की थी। इस दौरान अनीश ने उज्ज्वल यादव से अपनी दुश्मनी के बारे में बताया था। इसके बाद एक मत होकर सभी ने उज्ज्वल पर हमला करने की साजिश रची। फिर 20 फरवरी की रात भी आर्थक ने दोस्तों के साथ पार्टी की। इसके बाद सभी एक साथ उज्ज्वल के घर गए और फायरिंग की। आर्थक पर दर्ज हैं 5 मुकदमेआर्थक सिंह के पिता आदित्य सिंह भाजपा से जुड़े हैं। उस पर साल- 2022 में कैंट थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा कैंट में ही मारपीट का केस दर्ज है। खोराबार में गैर इरादत हत्या और मारपीट का केस दर्ज है। कुशीनगर के रामकोला थाना में डांसर के साथ गैंगरेप, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट व 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज है। आर्थक के साथी अनीश शुक्ला पर हत्या की कोशिश, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट समेत 4 मुकदमे दर्ज हैं। विपिन कुमार उर्फ आलोक कुमार सिंह पर देवरिया और गोरखपुर के थानों में कुल 5 मुकदमे दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। कार्यकर्ताओं ने गलती से मिस्टेक कर दीमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर मंच पर अपने विधायक और मंत्रियों के नाम भूल जाते हैं। अब उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हो गया। कार्यकर्ताओं ने उनके लिए 'मोहन सिंह यादव - जिंदाबाद' और 'हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो - मोहन सिंह यादव जैसा हो' के नारे लगा दिए। जबकि सीएम अपने नाम में 'सिंह' नहीं लगाते हैं। लेकिन कार्यकर्ताओं ने उत्साह में गलती से मिस्टेक कर दी। हालांकि फौरन गलती सुधारकर 'मोहन यादव - जिंदाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए। बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव दतिया जिले के सेवढ़ा पहुंचे थे। जहां उन्होंने सिंध नदी पर बने पुल का लोकार्पण किया। ‘अन्नदाता’ पर अटक गए मंत्री राकेश सिंहमंत्री राकेश सिंह अन्नदाता का ही नाम भूल गए। मंत्री जी जबलपुर में राज्य सरकार के बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस बार GYANII (ज्ञानी) थीम पर बजट बनाया है। मंत्री जी ने पढ़कर बताया कि G से गरीब कल्याण, Y से युवा शक्ति, A से अन्नदाता, N से नारी शक्ति, I से इन्फ्रास्ट्रक्चर और I से इंडस्ट्री। इसके बाद मंत्री राकेश सिंह ने बिना कागज के मीडिया से बात करते हुए जब GYANII का फुल फॉर्म बताया, तो वे A पर अटक गए। मतलब A से अन्नदाता नहीं बोल पाए। हालांकि पास में खड़े लोगों ने बता दिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी बात पूरी की। अब लोग कह रहे हैं कि अन्नदाता को नहीं भूलना चाहिए। नाराज हो गए तो गड़बड़ हो जाएगी। कटारे बोले- भाजपा में जाने का सवाल ही नहींविधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दिया, तो उनके भाजपा में जाने की खबरें उड़ने लगीं। कांग्रेस कैंप से इसकी आहट मिलते ही भाजपा के कान खड़े हो गए। भाजपा के कुछ नेताओं ने तो उन्हें न्योता तक दे डाला। जब डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से पूछा गया कि अगर हेमंत कटारे भाजपा में आते हैं, तो क्या आप उनका स्वागत करेंगे, इस पर राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि हम लोग तो दरवाजा खोलकर हमेशा बैठे रहते हैं। हालांकि हेमंत कटारे ने साफ किया कि भाजपा में जाने का उनके मन में विचार भी नहीं आया है। वहीं उन्होंने अपने इस्तीफे की बात भी स्वीकार की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या आपने इस्तीफा वापस ले लिया है, तो उन्होंने कहा कि मैं आगे बढ़कर पीछे नहीं हटता हूं। मैंने इस्तीफा वापस नहीं लिया है। कटारे ने कहा कि उन्होंने पार्टी फोरम पर अपनी बात रख दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे की भले ही अलग-अलग कई वजहें बताई हों, लेकिन लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में जरूर कुछ खटपट हुई है। यह इस्तीफा उसी का नतीजा है। जब जीतू पटवारी ने लगा दिया पिता को फोनमध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान अपने पिता को फोन लगा दिया और उनसे खेती का हाल पूछ लिया। जीतू पटवारी ने अपने पिता से पूछा कि आलू का क्या भाव मिल रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि 8–9 रुपये भाव है। खाद-बीज के पैसे भी नहीं निकल पाए। इस बार गेहूं की फसल भी खराब हो गई। फिर पटवारी ने पूछा कि आमदनी कितनी हुई। इस पर उन्होंने कहा कि सब बराबर रहा। जीतू पटवारी ने कहा कि इसके जरिये उन्होंने खेती-किसानी का हाल बताया। उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी भी किसान हैं और आज भी वे हर रोज सुबह खेत में जाकर फसलों की देखरेख करते हैं। लेकिन भाजपा की किसान-विरोधी नीतियों से वे भी परेशान हैं। जीतू पटवारी ने एक तीर से दो निशाने लगाए। पहला, यह बताया कि वे किसान पुत्र हैं। दूसरा, किसानों की हालत बयां की। अब लोग कह रहे हैं कि राजनीति यूं ही नहीं होती साहब, सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे पब्लिसिटी स्टंट भी करने पड़ते हैं। जब ड्राइवर बन गए पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंहमऊगंज से पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ड्राइवर बन गए। वे खुद बस चलाकर कार्यकर्ताओं को लेकर राहुल गांधी की सभा के लिए भोपाल निकल पड़े। इस दौरान बस में सवार लोगों ने उनके बस चलाने का वीडियो बना लिया। अब लोग कह रहे हैं कि राजनीति है साहब, सुर्खियों में रहने के लिए बस भी चलानी पड़ती है। इनपुट सहयोग - विजय सिंह बघेल (भोपाल), आशीष उरमलिया (जबलपुर) ये भी पढ़ें - मंत्री के लंबे भाषण पर गुस्सा, लोगों ने की हूटिंग: 'पाकिस्तान की जय' कहने वाले ने माफी मांगी मंच, माइक और सामने बैठी पब्लिक मिल जाए, तो नेता भला कहां रुकते हैं। अपना सारा ज्ञान उड़ेल देना जरूरी हो जाता है। सामने बैठे लोग रुचि ले रहे हैं या नहीं, इसकी परवाह किसे है। बस अपनी बात पूरी होनी चाहिए। खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, लेकिन यहां नेता जी का दांव उल्टा पड़ गया। पूरी खबर पढ़ें
राजस्थान विधानसभा में हंगामा – बीकानेर रेप-मर्डर केस पर कांग्रेस का वॉकआउट
बीकानेर में एक नाबालिग लड़की के कथित रेप और मर्डर के मामले को लेकर सोमवार को कांग्रेस के विधायकों ने राजस्थान विधानसभा में ज़ीरो आवर के दौरान वॉकआउट किया
मुरैना के अंबाह में किन्नर के घर हुई डकैती मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वारदात को मामा-भांजे की जोड़ी ने अंजाम दिया था। मामा-भांजे ने जेल में मिले 9 अन्य लोगों को इसमें जोड़ा और पांच दिन में तीन जगह हाथ आजमाया। दो बार बदमाश नाकाम रहे, लेकिन तीसरी बार अंबाह में किन्नर के घर डकैती डालकर फरार हो गए। डकैतों ने बंधक बनाकर अश्लील हरकतें भी की थीं। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए और फरार सभी आरोपी पहले भी मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में वारदातों में शामिल रहे हैं। अब तक भांजा सुनील निषाद सहित 5 बदमाश गिरफ्त में आ चुके हैं। वहीं, मामा सुरेश निषाद समेत 6 आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। मामा-भांजे की जोड़ी ने 11 लोगों का डकैत गिरोह कैसे खड़ा किया, इसको लेकर दैनिक भास्कर टीम ने पुलिस और आरोपियों से बातचीत की। जांच में सामने आया कि गिरोह में शामिल 11 में से 9 आरोपी निषाद समाज से हैं, जबकि एक-एक मुस्लिम और तोमर युवक भी इस गैंग का हिस्सा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पांच दिन, तीन वारदातें: पाली में फेल, कैलारस में खाली हाथ, अंबाह में लूट मामा-भांजे ने बनाई गैंग, 9 लोगों को जोड़ा इस गिरोह की शुरुआत मामा सुरेश निषाद और भांजा सुनील निषाद की जोड़ी से हुई। दोनों सगे रिश्तेदार हैं और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। जेल में बंद रहने के दौरान उनकी पहचान अन्य अपराधियों से हुई। एक ही समाज और जाति से जुड़े होने के साथ-साथ अपराध करने का तरीका समान होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा-भांजे ने संपर्क बनाए रखा और धीरे-धीरे 9 लोगों को जोड़कर गैंग तैयार कर ली। जांच में सामने आया है कि इस डकैती में शामिल सभी 11 आरोपी हार्डकोर अपराधी हैं। इनके खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आपराधिक मामले दर्ज हैं। भिंड जिले के उदी मोड़ क्षेत्र में हुई एक बड़ी डकैती में भी इनकी भूमिका सामने आई है, जिसकी जांच फिलहाल भिंड पुलिस कर रही है। बदमाशों ने कपड़े उतरवाए और अश्लील हरकतें कीं किन्नर राबिया ने पुलिस को बताया कि सोना-चांदी लूटने के बाद बदमाश एक-एक कर सभी चेलों को अलग कमरे में ले गए, कपड़े उतरवाए और अश्लील हरकतें कीं। इस दौरान बदमाश बार-बार पूछते रहे कि घर में कोई पुरुष है या नहीं। बदमाशों में से एक व्यक्ति फारसी भाषा बोल रहा था, जिससे आशंका है कि वारदात के पीछे किसी परिचित किन्नर का हाथ हो सकता है। किन्नर राबिया ने बताया कि बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी है। बदमाशों ने कहा कि उन पर नजर रखी जाएगी। पुलिस में शिकायत की तो जब वे बधाई देने के लिए बाहर जाएंगे, गोली मार दी जाएगी। बदमाशों ने किन्नर के घर से कुछ दूरी पर जाकर लूटे गए मोबाइल मिट्टी में गाड़ दिए थे। मुस्लिम साईं ने की थी किन्नर के घर की मुखबिरी पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस डकैती की जानकारी अंदर से ही गिरोह तक पहुंची। राबिया किन्नर के यहां पूर्व में कार्यक्रमों के दौरान रिया किन्नर के एक मित्र के साथ मुस्लिम साईं का आना-जाना था। मुस्लिम साईं ने किन्नरों को कार्यक्रमों में भारी जेवर पहने और उन्हें सुरक्षित रखते हुए देखा था। उसने यह जानकारी अपने दामाद को दी। दामाद ने यह बात भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र के सिकरौदा गांव निवासी सुनील निषाद को बताई। इसके बाद सुनील निषाद ने अपने मामा सुरेश निषाद को जानकारी दी, जिसने पूरी गैंग को इकट्ठा कर वारदात की योजना बनाई। 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले डकैती के बाद मुरैना पुलिस ने इस मामले को बड़ी चुनौती के रूप में लिया। एसपी ने चार विशेष टीमें गठित की गईं, जो अलग-अलग एंगल से जांच में जुटीं। सीमावर्ती होने के कारण राजस्थान के धौलपुर और उत्तर प्रदेश के आगरा जिलों तक पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। करीब 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। हालांकि, स्निफर डॉग इस मामले में कोई ठोस सुराग नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने पुराने अपराध रिकॉर्ड और मैन-टू-मैन पुलिसिंग पर फोकस किया। इसी दौरान एक मुखबिर पुलिस के संपर्क में आया, जिसने अहम जानकारी दी। मुखबिर ने कुछ बदमाशों को रकम और जेवरों का बंटवारा करते हुए देखा था। 5 गिरफ्तार, 6 अब भी फरार मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश दी। किसी आरोपी को गुजरात से, तो किसी को राजस्थान और उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया। अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं 6 लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तीन राज्यों में लगातार दबिश दे रही है। पूरा माल नहीं हुआ बरामद, जांच जारी अब तक पुलिस आरोपियों से करीब डेढ़ लाख रुपए नकद, डेढ़ किलो चांदी और 6 तोला सोना बरामद कर पाई है। शेष माल और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। घटना के करीब 28 दिन बाद इस पूरे गिरोह का खुलासा हो सका है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित और शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह है, जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और डकैतियों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी एसडीओपी अंबाह रवि भदौरिया ने बताया कि किन्नर के घर हुई डकैती के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चांदी, सोना, नगदी और एसयूवी वाहन बरामद किया गया है। शेष 6 फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। संबंधित खबर पढ़ें… किन्नरों पर कट्टा अड़ाकर 30 लाख की डकैती:22 तोला सोना, 4 किलो चांदी, 4 लाख कैश ले गए बदमाशमुरैना जिले के अंबाह में एक किन्नर के घर डकैती हो गई। किन्नर का आरोप है कि शनिवार रात करीब 2 बजे 8 से 10 हथियारबंद बदमाश घर में घुस आए। बदमाशों ने घर में मौजूद 4 किन्नरों को बांध दिया। इसके बाद 22 तोला सोना, 4 किलो चांदी और लगभग 4 लाख रुपए कैश ले गए। कुल 30 लाख की डकैती हुई। पूरी खबर पढ़ें
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी की मां स्वर्गीय राधा देवी सरावगी के द्वादशा में शामिल होने के लिए 24 फरवरी को वीवीआईपी दरभंगा पहुंचेंगे। कार्यक्रम शास्त्री चौक स्थित सरावगी आवास पर होना है। जहां बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। सीएम नीतीश दोपहर 3 बजे के बाद पहुंचेंगे। राज्यपाल-सीएम और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन पर दरभंगा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पुलिस बल की तैनाती, रूट लाइनिंग और यातायात प्रबंधन की विशेष तैयारी की गई है। सुबह 8 बजे से ट्रैफिक व्यवस्था भी बदली रहेगी। कार्यक्रम खत्म होने तक बदली ट्रैफिक व्यवस्था से ही वाहन चलेंगे। बाकी सड़कों पर सामान्य रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जहां ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई है। उन मार्गों को छोड़कर अन्य सभी रूटों पर वाहनों का परिचालन पहले जैसा ही जारी रहेगा। विशेष परिस्थिति में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके। सीएम नीतीश के लिए जिला प्रशासन ने बनाया हेलीपैड प्रशासन ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। वहीं, सीएम नीतीश के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, रूट लाइनिंग और ट्रैफिक कंट्रोल की विशेष व्यवस्था की है।
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में कशिया हाईवे पर सोमवार रात करीब 11 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां खड़े एक खराब ट्रेलर में पीछे से गेहूं लदे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यह ट्रेलर सोमवार दोपहर 3 बजे से कशिया हाईवे पर खराब खड़ा था। राजस्थान के भेली ताड़ई थाना पुगड़ निवासी चालक भवन सिंह (45) पुत्र मोहन सिंह और खलासी उमेश सिंह (50) पुत्र हरीश चंद्र उसे ठीक करने का प्रयास कर रहे थे। रात करीब 11 बजे जब चालक और खलासी ट्रेलर को बनाने में जुटे थे, तभी एक तेज रफ्तार गेहूं लदा ट्रक पीछे से आकर खड़े ट्रेलर में घुस गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में गेहूं लदे ट्रक के चालक की मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव अभी भी ट्रक की केबिन में फंसा हुआ है। वहीं, ट्रेलर चालक और खलासी दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कोखराज पुलिस मौके पर पहुंची। घायल ट्रेलर चालक और खलासी को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मृत ट्रक चालक के शव को निकालने के लिए क्रेन बुलाई है। फिलहाल, मृत ट्रक चालक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। देखें हादसे की तस्वीरें…
नमस्कार, कानपुर में कल (सोमवार) की बड़ी खबरें… पुलिस ने एयर फोर्स के जवान को 70-80 थप्पड़ मारे। इससे उसके कान का पर्दा फट गया। जब जवान ने कहा कि मैं फौजी हूं। पुलिसकर्मी बोले- फौजी तो चोर होते हैं। वहीं रावतपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्ची की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर हंगामा किया। फर्जी पते पर बोगस कंपनी के नाम पर GST रजिस्ट्रेशन कराकर करोड़ो रुपए का लेन-देन कर टैक्स चोरी के दो मामले सामने आए हैं। दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरें VIDEO में देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें… अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: फौजी तो चोर होते हैं...कहकर एयरफोर्स जवान को पीटा:कानपुर में कहा- पुलिस ने 70 थप्पड़ मारे, कान का पर्दा फटा मैं रात 11 बजे शादी से लौट रहा था, तभी मेरे पास एक सफेद बोलेरो रुकी। उसमें पुलिस वाले थे। पहले मेरा नाम पूछा। फिर कहा तुम्हारे पापा क्या करते हैं। मैंने कहा कि वह नहीं हैं। इस पर कहा बाप का कोई नाम तो होगा। मैंने कहा मैं फौजी हूं, सही से बात कीजिए। तो वह बोले- फौजी तो चोर होते हैं। इतना कहकर मेरा कॉलर पकड़ लिया। मैंने छुड़ाया तो कॉलर फट गया। मैं वीडियो बनाने लगा, तो फोन छीन लिया। दो-चार और लोगों को बुलाकर मुझे गाड़ी में डलवाया और थाना ले आए। रात में बहुत पीटा। कम से कम 70-80 थप्पड़ मारे। पीठ पर मारा। मेरा कान का पर्दा फट गया। फोन लेकर बोल रहे हैं नहीं लिया है। पढ़ें पूरी खबर 2: कानपुर में फोड़े के ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत:झटके लगकर बेहोश होने लगी, मां की गोद में तड़पकर दम तोड़ा कानपुर में पैर के मामूली फोड़े के ऑपरेशन के बाद 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। ऑपरेशन थिएटर से निकलते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे हिचकी आई, फिर झटके लगने लगे। मां की गोद में ही बार-बार झटके लगते और बेहोश हो जाती। परिवार इलाज के लिए गिड़गिड़ाया, तो अस्पताल स्टॉफ ने कहा कि थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी। थोड़ी देर तक ऐसे ही बेहोश होती रही, फिर मां की गोद में ही उसने दम तोड़ दिया। ऑपरेशन के करीब 4 घंटे बाद ही बच्ची की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर 3: कानपुर में दलित का घर फूंकने वाला अरेस्ट:जानलेवा हमला किया, विरोध पर घर जलाया; प्रधान के बेटे को जेल भेजा कानपुर सजेती के मढ़ा गांव में दलित का घर फूंक दिया गया। मामूली विवाद में पूरे परिवार पर जानलेवा हमला हुआ। इस घटना के मुख्य आरोपी प्रधान के दबंग बेटे अभय यादव को पुलिस ने 24 घंटे बाद अरेस्ट कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले की हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम मढ़ा गांव और फिर सरगांव पहुंची। आरोपियों के घर में ताला मिला। गांव में प्रधान के दबंग बेटे और उसके साथी गुंडों की इस कदर दहशत देखने को मिली। पढ़ें पूरी खबर 4: बोगस कंपनियों से करोड़ों की टैक्स चोरी, दो पर FIR:फर्जी दस्तावेजों से कराया था GST रजिस्ट्रेशन, राजस्व की क्षति हुई फर्जी पते पर बोगस कंपनी के नाम पर GST रजिस्ट्रेशन कराकर करोड़ो रुपए का लेन-देन कर टैक्स चोरी के दो मामले सामने आए हैं। घटना की जानकारी होने पर राज्य कर विभाग ने दोनों कारोबारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 एवं उत्तर प्रदेश, केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। नजीराबाद थाने में राज्य कर अधिकारी पंकज रावत की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार मेसर्स पीके ट्रेडर्स के स्वामी पुष्पेंद्र सिंह निवासी गुरैथा मुरादाबाद ने 27 मई 2025 को दर्शनपुरवा में स्थित पते पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था। पढ़ें पूरी खबर 5: कानपुर में तेज आवाज में डीजे बजाना पड़ा महंगा:कोहना, फजलगंज और बजरिया में 5 FIR दर्ज, बोर्ड परीक्षा को लेकर चल रहा अभियान शहर में निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि में डीजे बजाने वालों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट की गाइडलाइन और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के उल्लंघन में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर जनपद में अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की गई। बोर्ड परीक्षा, शासनादेश और न्यायालय के आदेश के मुताबिक रात के समय निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि में डीजे बजाने पर प्रतिबंध है। पढ़ें पूरी खबर 6: कानपुर सांसद बोले- ग्रीन पार्क में जल्द होंगे क्रिकेट मैच:वनडे और IPL मैचों का लुत्फ ले सकेंगे लोग, पहले की सरकारें दुर्दशा की जिम्मेदार ग्रीन पार्क स्टेडियम में जल्द ही वनडे, टी-20 और आईपीएल के मुकाबले होंगे। मैदान में दर्शकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। ग्रीन पार्क को लेकर मैं मुख्यमंत्री से 4 बार मिला। इसके विकास की बात रखी। सरकार ने इसी बजट में 350 करोड़ रुपये खेल विकास के लिए दिए हैं। ग्रीन पार्क के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि आवंटित भी हो गई है। उसी से ग्रीन पार्क स्टेडियम का विकास शुरू होगा। यह दावा कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में किया। उन्होंने कहा कि मेरे शहर की पहचान ग्रीन पार्क मैदान की शान को बरकरार रखा जाएगा। मेरा संकल्प है कि कानपुर को विकसित कानपुर बनाएंगे। पढ़ें पूरी खबर 7: सचेंडी में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:रात में घर से निकला था, वापस नहीं लौटा; परिवार ने हत्या की आशंका जताई कानपुर के सचेंडी में घर से कुछ दूर जंगल में युवक का पेड़ से रस्सी के सहारे सुबह ग्रामीणों ने शव लटकता मिला। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। शव की पहचान कर परिजनों को बताया गया। फ़ोर्स और फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंची। घटना की पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। घटना सचेंडी थाना की है। गज्जू पुरवा गांव निवासी जय प्रताप सिंह हरियाणा में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। परिवार में पत्नी व पांच बेटे हैं। विकास (22) दूसरे नंबर का था। पिता जय प्रताप सिंह ने बताया की रविवा की रात सभी खाना खाकर सो गए थे। रात करीब दस बजे बेटे विकास के फोन पर किसी की कॉल आई। पढ़ें पूरी खबर 8: नान एक्सपायरी के स्टीकर लगाकर बेच रहे खजूर:मुसलमान बोले- सेहत से खिलवाड़, खाद्य विभाग ने पकड़ा था 50 लाख का एक्सपायर खजूर रमजान के महीने में खजूर खाकर रोजा खोलने वाले रोजेदारों की सेहत संग कारोबारी जमकर खिलवाड़ कर रहे हैं। शनिवार को खाद्य विभाग ने मछरिया नौबस्ता स्थित रजनीश ट्रेडर्स में छापा मार कर 50 लाख के एक्सपायरी खजूर पड़े। इनको नए स्टिकर लगाकर बाजार में बेचने की तैयारी थी। खजुआ की टीम के छापे में हुए कुरैशी के बाद दैनिक भास्कर एप शहर में दुकानों का ठेलों में बिक रहे डिब्बा बंद खजूर की हकीकत की पड़ताल की। चौंकाने वाला खुलासा हुआ। शहर के मुस्लिम इलाकों में बिक रहे खजूर के डिब्बो में एक्सपायरी डेट के स्थान पर स्टीकर चिपकाया गया मिला। पढ़ें पूरी खबर 9: लकी होटल का लाइसेंस निरस्त, गंदगी में बनता मिला खाना:रावतपुर स्थित होटल में खाद्य विभाग की टीम ने देर रात छापेमारी की रावतपुर क्षेत्र में कार्डियोलॉजी के पास जीटी रोड में स्थित लकी होटल में रविवार देर रात फूड डिपार्टमेंट की टीम ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान किचन में गंभीर गंदगी और खाद्य मानकों की अनदेखी मिलने पर होटल का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। टीम ने किचन में सब्जी काटने, भोजन तैयार करने और बर्तन साफ करने वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि किचन में साफ-सफाई का अभाव था और कार्यरत कर्मचारी बिना हेड कैप के खाना बना रहे थे, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। पढ़ें पूरी खबर 10: घाटमपुर में हाइवे पर अनियंत्रित ऑटो पलटा, चीख-पुकार मची:एक की मौत और तीन घायल, सामने से आ रहे डंपर से बचने में हादसा हुआ घाटमपुर के पतारा में सामने से ओवरटेक करके आ रहे डंपर से बचने में ऑटो अनियंत्रित होकर हाइवे पर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार चार लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने एनएचआई की एंबुलेंस की मदद से घायलों को पतारा सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार कर महिला समेत तीन को गंभीर हालत में कानपुर जिलास्पताल रेफर कर दिया गया। कानपुर देहात के आलापुर गांव निवासी सुरेश ने बताया कि वह सोमवार सुबह ऑटो लेकर कानपुर जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर
मप्र में दिव्यांग-अनाथ बच्चों और बुजुर्गों की देखरेख के नाम पर चल रहे आश्रमों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। करीब एक साल पहले 10 बच्चों की मौत के बाद इंदौर के युगपुरुष आश्रम को बंद कर दिया गया था। बेहतर देखभाल का हवाला देकर यहां के 86 बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया था। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 86 बच्चों में से 17 बच्चों की जान जा चुकी है। यही नहीं, सबकी मौत का कारण भी एक ही बताया गया- ‘सांस लेने में तकलीफ।’ यह खुलासा उज्जैन जिला अस्पताल और विद्युत शवदाह गृह के रिकॉर्ड की पड़ताल से हुआ है। इससे मप्र के ऐसे आश्रमों में बच्चों की देखभाल, इलाज और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि 25 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार के निर्देश पर इंदौर के युगपुरुष आश्रम को बंद किया गया था। इसकी वजह थी कि जून-जुलाई 2024 में आश्रम में हैजे से 10 बच्चों की मौत हो गई थी। सरकार की जांच में सामने आया था कि आश्रम ने सिर्फ 5 मौतों की सूचना दी, जबकि 5 बच्चों के शव बिना पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिए गए थे। युगपुरुष आश्रम बंद होने के बाद वहां रह रहे 86 विशेष बच्चों (34 लड़के और 52 लड़कियां) को उज्जैन भेजा गया। इनकी उम्र 5 से 23 वर्ष के बीच थी। शिफ्टिंग के एक माह के भीतर ही यानी 23 जनवरी 2025 से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया।उज्जैन के इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के रिकॉर्ड में दर्ज नामों से पुष्टि होती है कि ट्रांसफर किए गए 86 बच्चों में से 17 की मृत्यु हो चुकी है। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद इन बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। बड़ा सवाल: रिकॉर्ड खराब, फिर यहां क्यों भेजे बच्चे?साल 2022 में भी सेवाधाम आश्रम में एक सप्ताह के भीतर 5 बच्चों की मौत हुई थी। इसके बावजूद यहां बच्चों को शिफ्ट करने के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक इस आश्रम में जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 38 लोगों की मौत हो चुकी है। 13 साल का राहुल 18 दिन से गायब … इंदौर के आश्रम से सेवाधाम शिफ्ट हुआ 13 वर्षीय राहुल 18 दिन से गायब है। वह 5 फरवरी 2026 से आश्रम से बिना बताए चला गया है। आश्रम प्रबंधन ने भैरवगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। ऐसा कोई महीना नहीं गुजरा, जब कोई मौत न हुई होनाम मौत की तारीख 1. सुहानी(18) 23 जनवरी 2025 2. कविशा(8) 18 फरवरी 2025 3. विनीता(18) 11 मार्च 2025 4. किरण(19) 13 अप्रैल 2025 5. हिमानी(13) 6 मई 2025 6. बबलू(7) 28 जून 2025 7. संदेश(10) 23 जुलाई 2025 8. ध्वनि पारुल(12) 6 अगस्त 20259. पार्वती(20) 14 सितंबर 2025 10. कार्तिक(7) 16 अक्टूबर 2025 11. कुमकुम(18) 26 अक्टूबर 2025 12. स्वर्णा(12) 11 नवंबर 2025 13. छोटू उर्फ अटल(18) 20 नवंबर 2025 14. कृष्णा साहू(19) 7 दिसंबर 2025 15. निहारिका(19) 24 दिसंबर 2025 16. पवन(16) 27 दिसंबर 202517. खुशी(17) 13 जनवरी 2026 आश्रम संचालक का तर्क- बच्चों की स्थिति पहले से ही खराब थीसेवाधाम आश्रम के संचालक सुधीर गोयल का कहना है कि यहां लाए गए बच्चों की स्थिति पहले से खराब थी। अधिकांश बच्चे बहुदिव्यांग, मिर्गी, टीबी, संक्रमण और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित थे। गोयल का दावा है कि मृत्यु के बाद संबंधित थाने को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया जाता है और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार नहीं होता। कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगेंगे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को दूसरे आश्रमों में शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। कलेक्टर को पत्र लिखकर पूछा जा रहा है कि इन बच्चों की मौत आखिर किन हालात में हुई, इसकी विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। जो बच्चे जीवित हैं, उनका हेल्थ चेकअप करवा रहे हैं।'
नगर विकास मंत्री एके शर्मा के वाराणसी दौरे के बाद नगर निगम सदन की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में महापौर ने सदन की अध्यक्षता करते हुए बारिश में जलभराव की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए होली बाद शहर के सभी छोटे-बड़े सभी नालों की तली झाड़ सफाई कराने का निर्देश दिया। वहीं होली के पहले शहर की सभी स्ट्रीट लाइट की मरम्मत का भी निर्देश दिया है। वहीं आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए भी कवायद शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त ने एक सवाल के जवाब में बताया कीं निगम के अंदर आने वाले 206 कुओं में से 55 कुओं की सफाई करवा ली गयी है। वहीं 151 में कार्य जारी है। हर वार्ड में होगा सरचार्ज माफी का प्रचार मैदागिन स्थित टाउनहॉल भवन में सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित सदन ( साधारण अधिवेशन) की बैठक पूरी तरह जनसमस्याओं के समाधान और विकास के रोडमैप पर केंद्रित रही। इस दौरान पार्षदों ने अपने अपने वार्ड की समस्या गिनाई और इसपर ततकाल प्रभाव से कार्य के लिए सदन में जवाब भी मांगा। जिसपर महापौर के निर्देश पर निगम के अधिकारियों ने सभी को आश्वस्त किया और जवाब दिया। इस दौरान नगर निगम अधिनियम की धारा 91 (2) के तहत उपसभापति नरसिंह दास व पार्षद सुरेश कुमार चौरसिया ने प्रस्ताव पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी का लाभ 24 फरवरी से हर वार्ड में प्रचारित कराने का निर्णय लिया गया। महापौर ने बताया - अधिकारी डोर-टू-डोर जाएंगे और जनता को इसका लाभ बताएंगे और उनका टैक्स जमा करवाएंगे। कर के दायरे से बाहर 1000 से अधिक फ्लैट सदन में बहुमंजिला इमारतों के टैक्स असेसमेंट पर चर्चा के दौरान मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि शहर में कुल 323 बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें 13,997 फ्लैट हैं। इनमें से 12,916 फ्लैट आवंटित हैं, लेकिन 1,081 फ्लैट अब भी कर के दायरे से बाहर हैं। इस पर अध्यक्ष ने सख्त निर्देश दिए कि अगले वित्तीय वर्ष से पहले इन सभी 1,081 भवनों को कर के दायरे में लाकर राजस्व वृद्धि सुनिश्चित की जाए। जिसपर अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 19000 कुत्तों का हुआ बन्ध्याकरण सदन में पशु चिकित्सा विभाग ने आवारा कुत्तों के काटने की समस्या के प्रश्न पर बताया कि निगम क्षेत्र में अब तक 886 पालतू कुत्तों का पंजीकरण और 19000 आवारा कुत्तों का बन्ध्याकरण किया जा चुका है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि आवारा कुत्तों के बन्ध्याकरण के लिए मेदांता से एमओयू हुआ है जो नए वित्तीय वर्ष से बन्ध्याकरण का कार्य शुरू करेगी। पार्षद इंद्रेश कुमार सिंह ने चौक क्षेत्र की घुघरानी गली में स्थित 'जनता कूप' (भवन संख्या CK 40/44) पर हुए अवैध कब्जे का मुद्दा उठाकर उसे तत्काल मुक्त कराने की मांग की। पीपीटी में दिखी काशी के विकास का मॉडल बैठक से पहले नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम में पार्षदों के संग निगम के प्रस्तावित परियोजनाओं को साझा किया । इसमें नगर निगम सदन भवन, सीएम। ग्रिड्स योजना से सड़कों का निर्माण, शहीद उद्यान , म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट्स से डॉ. सम्पूर्णानंद स्टेडियम परिसर में पार्किंग, होटल और मार्केट कॉम्प्लेक्स, लहुराबीर कबीरचौरा रोड पर मार्केट कॉम्प्लेक्स और पार्किंग, सिगरा स्थित निगम पेट्रोल पंप पर मार्केट कॉम्प्लेक्स, डोमरी में 300 बीघा में वन, जलकल परिसर में पार्क सहित अन्य परियोजनाओं के माध्यम से काशी के आधुनिक मॉडल की तस्वीर पेश की गई थी ।
रोडवेज बस ने 11वीं की छात्रा को कुचला:मुरवारा कट के पास की घटना, साइकिल से घर जा रही थी छात्रा
सेवर थाना क्षेत्र के मथुरा बाईपास स्थित मुरवारा कट पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार 11वीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई। अलवर की ओर जा रही लोहागढ़ आगार की रोडवेज बस संख्या आरजे-05-पीए-7073 ने छात्रा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। कुछ समय के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर सेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। जानकारी के अनुसार मोनिका कुमारी पुत्री शिवनारायण प्रजापत निवासी मुरवारा, आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। वह दोपहर के समय साइकिल से जा रही थी, तभी मुरवारा कट के पास बस ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर हालत में परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने बस को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है।
फूट-फूट कर रोती बिलखती यह महिला शिक्षक कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया हैं। पति के मौत के बाद उनका रो- रो कर बुरा हाल है। वहीं 6 साल के मासूम बेटे को समझ नहीं आ रहा है कि उसके पापा कहा चले गए हैं। पत्नी ने बताया- बेटा बार- बार पूछता है पापा कब आएंगे। ऊपर क्यों चले गए। बार- बार उनके नंबर पर कॉल करता है और पूछता है कि फोन क्यों नहीं उठा रहे पापा। उसको कुछ पता नहीं है। उनके फोटो से बाते करता है। कहता है पापा आ जाओ। उसकी बाते सुनकर मेरा दिल और बैठ जाता है। वहीं 8 साल की बेटी को गहरा सदमा लगा है। वह खुलकर रोई भी नहीं। बस सब कुछ चुपचाप देखती है। किसी से बात नहीं कर रही। घर का माहौल उसे पूरी तरह तोड़ दिया है। बिना कुछ बोले फोटो के सामने घंटों खड़ी रहती है। मेरे दोनों बच्चे पिता के बहुत करीब थे। 4 दिन से उन्हें देखा नहीं है। उन्हें पता ही नहीं है कि कभी देख भी नहीं पाएंगे। बच्चों के बारे में सोच कर दिल फटा जाता है। उन्हें क्या बताऊंगी। कैसे समझाऊंगी कि उनकी पापा की जान किसी और के वजह से गई है। फांसी की सजा की मांग की उन्होंने मौत का जिम्मेदार देवरिया बेसिक शिक्षा अधिकारी और बाबू को बताया है। उनका कहना है कि 20 फरवरी को बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी पांडेय ने मेरे पति को देवरिया BSA ऑफिस बुलाया। वहां से उनको एक कमरे में अकेले ले कर गए। पहले उनसे चार लाख रुपया डिमांड किया। पति के इंकार करने पर वे भड़क गए और उन पर फर्जी मुकदमा करवाने की धमकी देने लगे। बोले कि तुम्हारे ऊपर इतना मुकदमा ठोक देंगे कि जेल में सड़ोगे। बच कर निकल नहीं पाओगे। पत्नी गुड़िया ने बताया- जब वे घर लौटे तो बहुत परेशान थे। चुपचाप रहने लगे। मैंने पूछा कि क्या हुआ तो सब बात बताए। उन्हें बहुत समझाया गया कि परेशान मत हो लेकिन वे मायूस थे। रात में खाना भी ठीक से नहीं खाएं। फिर सोने चले गए। पता नहीं कब वह उठ कर दूसरे कमरे में जाकर फंदे से लटक गए। उनके मौत के जिम्मेदार शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह हैं। उन्होंने ही मुझसे मेरा सब कुछ छीना है। मैं कहा जाउंगी। मेरे बच्चों का क्या होगा। दोषियों की फांसी की सजा होनी चाहिए। तभी मेरे मन को शांति मिलेगी। मौत के बदला मौत ही मेरे लिए न्याय होगा। उन लोगों ने पैसों की लालच में मेरे पति को मार दिया। उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए। जानिए क्यों मांगे गए थे रुपए जानकारी के मुताबिक कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। 2023 में गलत तरीके से उनकी और दो अन्य सहायक अध्यापक ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा। फरवरी 2025 में हाई कोर्ट ने तीनों लोगों की नियुक्ति बहाल करने का आदेश दिया। आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह ने नियुक्ति कराने के लिए सभी से 16 लाख रुपए मांगे। तीनों शिक्षकों ने कुल 48 लाख रुपए दे भी दिए। उसके बाद 4 लाख रुपए और मांगे गए। पैसे वापस मांगने पर भड़के अफसर मृतक के बड़े भाई अवधेश सिंह ने बताया- मेरे भाई ने 4 लाख देने से इंकार कर दिया और कहा कि आप लोग मेरे 16 लाख रुपए भी लौटा दीजिए। मैं दुबारा कोर्ट में अप्लाई करूंगा। यह सुनते ही अधिकारियों ने बाकी लोगों को भेज दिया और मेरे भाई को अकेले कमरे में रुकने को कहा। उसके बाद उन्होंने उसे खूब जलील किया और कहा कि क्या लगता ऑफिस में दिया गया पैसा वापस होगा। तुम्हारे ऊपर इतने मुकदमें लाद दिए जाएंगे कि पूरी जिंदगी जेल में रहोगे। मेरा भाई बिना कुछ कहे घर वापस लौट आया। जब मैंने उससे फोन पर बात की सारी बात बताया। मैंने उसे समझाया भी कोई बात नौकरी छोड़ दो परेशान मत रहो। लेकिन अपनी बेज्जती वह सहन नहीं कर पाया और अपनी जान दे दी। जानिए अब तक क्या कार्रवाई हुई बयान लेने के लिए आज देवरिया जाएगी गुलरिहा पुलिस टीम गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद के अनुसार इस मामले में गोरखपुर गुलरिहा थाने की पुलिस मंगलवार को देवरिया जाएगी। BSA शालिनी श्रीवास्तव और निलंबित बाबू संजीव के साथ अन्य दो सहायक शिक्षक का बयान दर्ज किया जाएगा। इन सहायक शिक्षकों में ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी का नाम मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा था। इन लोगों ने भी नियुक्ति बहाल कराने के लिए अधिकारियों को रुपए दिए थे। फोरेंसिक जांच के लिए लैब गया हैंडराइटिंग सैंपलइस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की वास्तविकता का पता लगाने के लिए हैंडराइटिंग की फोरेंसिक जांच की जाएगी। जिसके लिए टीम ने कृष्ण मोहन की हैंड राइटिंग का सैंपल ले लिया है। सैंपल को फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी। आरोपी बाबू परिवार के साथ फरार इस मामले में आरोपी बाबू संजीव सिंह अपने परिवार के साथ फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। हालांकि देवरिया की डीएम के आदेश पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। जबकि शालिनी श्रीवास्तव के सस्पेंशन पर तलवार अटकी है। जांच के कमिटी गठित जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। साथ ही जॉइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा और डीआईओएस शिव नारायण सिंह शामिल किया गया है। जांच कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। CBI जांच की मांग कीवहीं जानकारी मिली है कि मृतक शिक्षक ने चार पन्नों की सुसाइड नोट में इस मामले को लेकर CBI जांच की मांग की है। उसने यह भी बात लिखी है कि दो किश्तों में 16 लाख रुपए दिए थे। पहली किश्त का एक्सीडेंट होने की वजह से 7 लाख रुपए भाई से भिजवाया था। जबकि दूसरी बार 9 लाख खुद देकर आएं। कोर्ट के आदेश का पालन कर नौकरी बहाल करने के लिए पहले उन लोगों ने तीनों से 20- 20 लाख रुपए मांगे थे। फिर 16 लाख पर बात तय हुई। बाद में 4- 4 लाख और की मांग करने की बात कही है। लखनऊ से देवरिया पहुंची टीम जांच के लिए गठित टीम सोमवार को लखनऊ से देवरिया पहुंच कर अपना काम शुरू कर दी है। एक हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिसके बाद दोषियों पर उचित कारवाई होगी।
इको सेंसिटिव जोन में आने वाले बंशी पहाड़पुर को खनन माफिया छलनी करने का कार्य कर रहे हैं, जिससे जिले की जीवनदायिनी बांध बारैठा डैम की जल सुरक्षा भी खतरे में है। 29 फीट गहरे, 1.16 किलोमीटर तक फैले मिट्टी के डैम से सिर्फ 200 मीटर पर कंप्रेशर व ड्रिलिंग मशीन से 1.2 मिमी/सेकंड व 1 किलोमीटर की दूरी पर 0.03 मिमी/सेकेंड का माइक्रो कंपन उत्पन्न कर रही हैं, जो नए सीपेज के रास्ते बनाने से लेकर पुराने सीपेज चैनल को चौड़ा करने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही पाइपिंग की भी संभावना दो से तीन गुना बढ़ा रहे हैं, जो आगे चलकर 160 साल पुराने मिट्टी के डैम के लिए खतरा बन सकता है, जिससे भविष्य में 28 गांव 12 पंचायतों के लिए जल संकट उत्पन्न हो सकता है। रियासतकाल से भरतपुर शहर के लिए पेयजल आपूर्ति का सबसे बड़ा स्रोत बांध बारैठा डैम रहा है। इस से 28 गांव 12 पंचायत सहित केवलादेव पक्षी विहार में भी जलापूर्ति होती है। बंशी पहाड़पुर के सूखा शिला में हथौड़ा व कंप्रेशर-ड्रिलिंग मशीन से खसरा नंबर 122, 205, 4401, 4372 से लगभग 50,000 टन से भी अधिक पत्थरों का खनन हो चुका है। कंपन का प्रभाव और कंपन स्तर संभावित प्रभाव अवैध खनन से 50 फीट गहरे गड्ढे तक बन गए खनन के कारण कई स्थानों पर 30 फीट से लेकर 50 फीट के गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे आसपास के ग्रामीणों और मवेशियों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। वहीं मामले में डीएफओ प्रमोद धाकड़ का कहना है कि जहां माइनिंग होती है, वहां लगातार निगरानी भी की जा रही है। वहां से 1 किमी तक हम दीवार लगाकर क्षेत्र को बंद कर रहे हैं। यदि कहीं अवैध खनन होता पाया गया तो सख्त कार्रवाई करेंगे। भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो होता मिला अवैध खनन इधर, खनन माफिया खुलेआम बंध बारैठा डैम से 2 किलोमीटर दूर बंध बारैठा चौकी के सामने से सुबह 4 बजे से 10 तक ट्रैक्टर से अवैध खनन कर मोर्रम, खंडे व पत्थरों को बेखौफ ले जाते हैं, लेकिन जिस क्षेत्र में एक पत्थर उठना भी कानूनन अपराध है। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ सत्यप्रकाश मेहरा प्रोजेक्ट हेड अरावली ग्रीन वर्ल्ड फॉउंडेशन मशीनों के कंपन से दरक रहीं हैं चट्टानें बारैठा बांध केवल मिट्टी से नहीं बना है, बल्कि इसकी स्थिरता नीचे स्थित चट्टानी आधार पर निर्भर करती है। खनन और मशीनरी से उत्पन्न कंपन समय के साथ चट्टानों के बीच की प्राकृतिक पकड़ कमजोर कर देते हैं। वाइब्रेशन से नींव कमजोर होने से सीपेज या सतह का धंसना बढ़ सकता है। डायनामिक लोड और बांध की नेचुरल फ्रीक्वेंसी के बीच रेजोनेंस इंट्रैक्शन से डिफॉर्मेशन और बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार 10,000 कंपन चक्र मिट्टी की मजबूती में 10–25% कमी आती है। बारैठा बांध के आसपास हो रहे खनन एवं मशीनरी गतिविधियों से उत्पन्न कंपन तत्काल बांध को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह कंपन धीरे-धीरे मिट्टी की मजबूती को कम करते हैं। अगले 5 से 20 वर्षों में बांध में सीपेज, आंतरिक कटाव और गंभीर संरचनात्मक खतरे की संभावना बढ़ सकती है।
जिले की पहली निजी इंटीग्रेटेड टाउनशिप की DPR मंजूर:104 एकड़ में होगी विकसित; मई में होगी लांच
गोरखपुर जिले में निजी क्षेत्र की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिल गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) में इसके लिए आवेदन किया गया था। परीक्षण के बाद प्राधिकरण ने इसे मंजूर कर लिया गया है। यह टाउनशिप ओमेक्स लिमिटेड की ओर से मानीराम के पास ताल जहदा में विकसित की जा रही है। 104 एकड़ जमीन पर बनने वाली इस टाउनशिप में आवासीय, व्यावसायिक, स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं होंगी। यहां अल्पआय वर्ग के लोगों के लिए भी प्लॉट या फ्लैट उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति 2023 के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना को मई 2026 तक लांच करने की तैयारी है। निजी क्षेत्र से पहले GDA की ओर से खोराबार आवासीय योजना एवं राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप की नींव रखी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र की दो और टाउनशिप को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्हें भी लाइसेंस मिल चुका है। इसमें ताल कंदला में ऐश्प्रा समूह की ओर से इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित होगी तो जीत एसोसिट्स की ओर से रामनगर कड़जहां में। ओमेक्स लिमिटेड की फोरलेन रिंग रोड से सटी आधुनिक नगरीय सुविधाओं से सुसज्जित इस परियोजना में रहने वालों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। परियोजना में दुर्बल आय वर्ग (इडब्लूएस), अल्प आय वर्ग (एलआइजी), मध्यम आय वर्ग (एमआइजी) और उच्च आय वर्ग (एचआइजी) के लिए विभिन्न प्रकार के फ्लैट और भूखंड उपलब्ध होंगे। लगभग 350 ईडब्ल्यूएस और एलआइजी आवास बनाए जाएंगे, जिससे निम्न आय वर्ग को भी गुणवत्तापूर्ण आवास का लाभ मिल सके। इसके साथ ही हाई-राइज अपार्टमेंट, आधुनिक विला और सुव्यवस्थित आवासीय ब्लाक विकसित किए जाएंगे। ये होंगी सुविधाएंटाउनशिप में स्कूल, कालेज, अस्पताल, सामुदायिक केंद्र, चौड़ी सड़कें, समुचित जल निकासी व्यवस्था, नियमित विद्युत आपूर्ति और हरित क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। बड़े पार्क और खुले स्थान इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाएंगे। इसके अलावा परिसर में शापिंग काम्प्लेक्स, दुकानें, रेस्टोरेंट, कैफे और कार्यालय भी बनाए जाएंगे। इससे निवासियों को सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दौरान शहर में आवासीय जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उसी दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ‘नया गोरखपुर’ योजना के तहत इसी क्षेत्र में प्राधिकरण की गुरुकुल टाउनशिप के साथ अब निजी क्षेत्र की यह टाउनशिप महानगर के नियोजित और सतत विकास को नई गति देगी। निजी कालोनियों से पूरी होगी आवास की जरूरत GDA के उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन ने कहा कि लोगों की आवासीय जरूरतें पूरी करने के लिए प्राधिकरण के स्तर पर कालोनियां लांच की जा रही हैं। निजी क्षेत्र की कालोनियों के आने से लोगों के घर का सपना और जल्दी पूरा होगा। जल्द ही मानीराम क्षेत्र में GDA की इंटीग्रेटेड गुरुकुल टाउनशिप की शुरूआत हो जाएगी। साथ ही निजी क्षेत्र की ओमेक्स लिमिटेड की इंटीग्रेटेड टाउनशिप भी इसी क्षेत्र में लांच होगी ।प्राधिकरण की ओर से डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है।
हत्या का मामला:आठवीं की छात्रा की हत्या को लेकर संगठनों में आक्रोश, कैंडल और पैदल मार्च निकाला
जिले के बज्जू थानान्तर्गत रणजीतपुरा में आठवीं कक्षा की नाबालिगा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर जहां अब तक ग्रामीण अड़े हैं। वहीं जिला कलक्टर कार्यालय के सामने एबीवीपी की ओर से पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया। उधर गंगाशहर में कैडल मार्च भी निकाला गया। इस दौरान उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि तीन दिनों से पुलिस के हाथ खाली है। उन्होंने हत्यारे को पकड़वाने वाले को दो लाख रूपये देने की घोषणा की। विश्नोई ने कहा कि हत्यारे को पकड़वाने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। पूर्व पार्षद ने कहा कि दो दिनों में इस प्रकरण को अंजाम देने वाले पकड़ में नहीं आए तो बड़ा आन्दोलन कर बंद जैसा कदम उठाने में पीछे नहीं हटेंगे। छात्रा के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की गई। महानगर मंत्री मेहुल शर्मा ने बताया कि परीक्षा देने जा रही छात्रा का अर्धनग्न अवस्था में शव मिलना अत्यंत दुखद एवं मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। परिषद ने प्रशासन से मांग की कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित हो। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा दी जाए। इस दौरान सत्यपाल सिंह बडगूजर, भगीरथ गोदारा, शालू गहलोत, जितेंद्र बिका, आकाश पंडित, तरुण पाण्डे, प्रांत टोली नागेंद्र सिंह, नगर मंत्री पृथ्वी आदि शामिल हुए। ग्रामीणों ने बज्जू बाजार में कैंडल मार्च निकाला घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार रात को बज्जू बाजार में कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मोमबत्ती लेकर पुलिस थाना तक पहुंचे और विरोध प्रकट किया। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री भंवरसिंह भाटी, पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र गहलोत, गणपत राम सीगड़, भागीरथ तेतरवाल, बज्जू ब्लॉक कांग्रेस मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा, गोकुल सरपंच सुजान सिंह सोढ़ा, मौजूद थे।
राजस्थान में दिन में पारा चढ़ने से गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले 48 घंटे में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना जताई है। वहीं, होली तक राज्य के कुछ शहरों का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सोमवार को बाड़मेर में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। 20 से ज्यादा शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज हुआ। जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर में रात में भी सर्दी अब कम हो गई। यहां न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर दर्ज हो रहा है। हल्की बारिश से बदला मौसम पिछले 24 घंटे में राज्य में कुछ शहरों में सोमवार सुबह से हल्के बादल छाए रहे। जयपुर, टोंक के एरिया में कहीं-कहीं हल्की बारिश, बूंदाबांदी हुई। जयपुर, टोंक के अलावा अलवर, सीकर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ के एरिया में आसमान में हल्के बादल छाए रहे। जबकि पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के जिलों में आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। जयपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जबकि कोटा में 30.9, अजमेर में 30.6, पिलानी, नागौर में 30.7, बारां में 30.3 और निवाई (टोंक) में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रात में सर्दी कम, न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री ऊपर दिन में तापमान बढ़ने और गर्मी बढ़ने के साथ अब सुबह-शाम की सर्दी भी कई शहरों में बहुत कम हो गई। जयपुर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
छात्रा की हत्या प्रकरण:55 घंटे बीते, हत्यारे पकड़ से दूर, पोस्टमार्टम नहीं, वार्ता विफल
छात्रा की हत्या के 55 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आक्रोशित लोग गिरफ्तारी से कम पर मानने को तैयार नहीं। सोमवार को कोलायत और नोखा में प्रतीकात्मक बाजार बंद कर ज्ञापन दिया गया। जिला कलेक्टर और एसपी के साथ ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की वार्ता विफल रही। रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में 21 फरवरी को 8वीं बोर्ड परीक्षा देने घर से निकली छात्रा परीक्षा केंद्र नहीं पहुंची। परीक्षा केंद्र पर छात्रा के नहीं पहुंचने पर स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों को सूचना मिलने पर तलाश शुरू की गई, जिसके बाद जंगल में उसका अर्धनग्न शव मिला। इस घटना से पूरा क्षेत्र आक्रोशित है। शव 22 फरवरी से बज्जू के उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा है। घटना के 55 घंटे के बाद सोमवार रात 8 बजे तक पोस्टमार्टम पर सहमति नहीं बनी। वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने एक बार कुछ समय के लिए सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया लेकिन बाद में समझाइश के बाद हटाया। सोमवार को जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने बज्जू के उप जिला अस्पताल के मीटिंग हॉल में 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से पोस्टमार्टम को लेकर वार्ता की। इस प्रतिनिधिमंडल में जैसला धाम के महंत रामाचार्य महाराज, पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया सहित प्रमुख लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपए की सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का पोस्टमार्टम न कराने की मांग रखी। वार्ता के दौरान एसपी कावेंद्र सागर ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की सबसे प्रभावी पुलिस टीमें मामले को सुलझाने में लगी हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने अपील की कि समय बीतने के साथ शव से साक्ष्य मिटने की आशंका रहती है। उन्होंने जोर दिया कि जल्द पोस्टमार्टम होने से आरोपियों को पकड़ने और सजा दिलाने में मदद मिलेगी। लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बनी। इस घटना को लेकर क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। उधर कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राज्य सरकार के गृह मंत्री से मिले व घटना की जानकारी दी गई। इस पर गृह मंत्री ने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि घटना को लेकर जल्द कार्रवाई की जाए।
मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो गया है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीईटी) सोमवार से प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश भर में इसके लिए 10 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें ग्वालियर का 14वीं बटालियन एसएएफ ग्राउंड भी शामिल है। इस केंद्र पर कुल 5600 अभ्यर्थियों को फिजिकल परीक्षा के लिए बुलाया गया है। इस दौरान जो खास बात देखने को मिली कि 12 पास आरक्षक पद के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और टेक्निकल साक्षरता का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी भी पहुंच रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 23 फरवरी से शुरू हुई यह शारीरिक दक्षता परीक्षा 14 मार्च तक चलेगी। तिथि निर्धारित दूसरा मौका नहींग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने बताया कि ग्वालियर केंद्र पर 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सोमवार और मंगलवार को 200-200 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया, जबकि इसके बाद प्रतिदिन 400 अभ्यर्थियों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित तिथि और समय में कोई बदलाव या रियायत नहीं दी जाएगी। समय से चूकने पर दूसरा मौका नहीं मिलेगा। बहन ग्रेजुऐशन कर रही हैफिजिकल परीक्षा में शामिल होने के लिए न केवल ग्वालियर बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। अशोकनगर से आए गिर्राज रघुवंशी अपनी बहन के साथ केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है और अब शारीरिक परीक्षा देने आई है। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। गिर्राज सुबह 5 बजे ही बहन के साथ ग्राउंड पहुंच गए थे और बाहर इंतजार करते नजर आए। यूपीएससी की तैयारी कर रही है बहनइसी तरह गुना से आए अरविंद अपनी बहन के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन बीएससी पास है, एमएससी कर रही है और साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसे ग्वालियर केंद्र पर फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है।भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता 12वीं पास निर्धारित की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में स्नातक और परास्नातक अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यहां आने वाले अधिकांश अभ्यर्थी बीए, बीएससी, एमए और बीटेक जैसे उच्च शिक्षित युवा हैं, जो पुलिस सेवा में करियर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
होली से पहले सुलगने लगे पहाड़:तीन जगह आगजनी, आदिवासी क्षेत्रों में मगरा जलाने की परंपरा से चिंता
होली नजदीक आते ही लेकसिटी में आगजनी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। सोमवार को गोगला मंगरा क्षेत्र में आग लगने की घटना सामने आई। उधर, रात को बेड़वास में आशापुरा मंदिर के पास पहाड़ी पर भी आग लग गई। वहीं, गीतांजली हॉस्पिटल रोड पर भी पहाड़ी भी धधक उठी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने आग बुझाई। वनकर्मियों का कहना था कि आग ज्यादा बड़ी नहीं थी, इसलिए दमकल टीम नहीं बुलाई। बता दें कि हर वर्ष होली के आसपास जिले के आदिवासी क्षेत्रों में ‘मगरा जलाने’ की परंपरा निभाई जाती है। मान्यता के अनुसार मनोकामना पूरी होने पर जंगल या पहाड़ी क्षेत्र में आग लगाई जाती है। इस परंपरा के चलते जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। ...इधर गर्मी ने भी पकड़ा जोर शहर में गर्मी भी जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को दिनभर गर्मी में तेजी रही तो शाम को शुष्क हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार की तुलना में दिन का पारा 0.2 डिग्री ऊपर रहा तो रात का 1.6 डिग्री नीचे चला गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि पश्चिमी भारत में तापमान में बढ़ोतरी बनी हुई है, जो फरवरी माह के औसत तापमान से ज्यादा है। साथ ही मेवाड़ सहित दक्षिणी पूर्वी राजस्थान में दक्षिणी हवाओं के कारण हल्के बादल छाए हुए हैं, जो दो-तीन दिन तक रहने की संभावना है।
कैथल के पूंडरी में पाई रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में आग लगने से हुए करोड़ों रुपए के नुकसान के बाद अब विधायक सतपाल जांबा खुद दुकानदारों के समर्थन में आए हैं। विधायक ने कहा है कि इस घटना में दुकानदारों को करीब दो से तीन करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसे में वे खुद नैतिकता के नाते दुकानदारों की सहायता के लिए उनका स्कैनर जारी करेंगे। जिले के लोग अपनी इच्छा के अनुसार इस पर रुपए भेजकर दुकान के मालिक और उसके पार्टनर की सहायता कर सकते हैं। इस संबंध में विधायक ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। लोगों से भी की अपील विधायक ने कहा कि पूंडरी में 20 फरवरी को एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में आग लग गई थी। उसमें शोरूम के मालिक देशाराज और उसके पार्टनर को भारी नुकसान हुआ है। वे इस संबंध में समाज से अपील कर रहे हैं कि पीड़ित दुकानदारों की सहायता करें। विधायक ने कहा कि वे स्वयं अपने स्तर पर पीड़ित दुकानदारों का स्कैनर भेज देंगे। जिसकी जितनी इच्छा हो, वे सहायता कर सकते हैं। उन्होंने अपील की कि सभी मदद के लिए आगे आएं। इससे लोगों का आपस में विश्वास बनता है। दुख किसी पर भी आ सकता है। सुरक्षा उपकरण न होने से लगी आग विधायक ने यह भी कहा कि शोरूम में दो से तीन करोड़ रुपए का सामान रखा था, लेकिन सुरक्षा को लेकर लापरवाही रही। दुकानदारों ने गर्मियां आने से पहले ही स्टॉक रखा हुआ था। आग बुझाने के उपकरण वहां नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदार सुरक्षा उपकरण अपनी दुकानों में जरूर लगाएं। साथ ही कहा कि वे नैतिकता के नाते दुकानदारों की सहायता कर रहे हैं। दुकानदार देशराज ने बताया कि 20 फरवरी को रात करीब 2 बजे शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया। घटना के समय शोरूम में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। पीड़ित दुकानदार देशराज व विक्रम सिंह ने बताया था कि इस आगजनी में शोरूम का सारा सामान जल गया। दुकान के सभी बही-खाते और जरूरी दस्तावेज नष्ट होने से व्यापार का पूरा रिकॉर्ड खत्म हो गया है। नुकसान की कीमत दो से तीन करोड़ रुपए आंकी गई। अब दुकानदारों को सहायता पहुंचाने के लिए विधायक ने उनका स्कैनर जारी करने की बात कही है।
फर्जी डिग्री और मार्कशीट मामले में पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगालने के लिए जुटी SIT की टीमें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज समेत अलीगढ़, हापुड़, मेरठ, शिकोहाबाद जांच करने रवाना हो गईं। सोमवार को एसीपी अनवरगंज अभिषेक राहुल की अगुवाई में एक टीम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय जांच करने पहुंची, जहां पुलिस अधिकारी सबसे पहले प्रशासनिक भवन गई। इस दौरान करीब एक घंटे से प्रपत्रों की जांच पड़ताल करने के बाद पुलिस टीम रवाना हो गई। तीन बिंदुओं पर जांच करेगी SIT इसके साथ ही SIT की टीमें मेरठ स्थित स्वामी विवेकानंद सुभरती विश्वविद्यालय, अलीगढ़ स्थित जामिया ऊर्दू विश्वविद्यालय, नोएडा स्थित मंगलायतन विश्वविद्यालय और हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय जांच के लिए रवाना हो गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हेडक्वार्टर संकल्प शर्मा ने बताया कि मामले में प्रारंभिक जांच का पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। टीमें तीन बिंदुओं पर जांच करेगी, सबसे पहले यह जांच की जाएगी कि आरोपियों के पास मिले मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, विश्वविद्यालय की सील, मोहर उन तक कैसे पहुंचे, कहीं विश्वविद्यालय सिस्टम में लीक पोल तो नहीं ? इसके लिए विश्वविद्यालय के प्रशासिक अधिकारियों ने भी बातचीत की जाएगी। जांच में सामने आया है कि कई प्राइवेट विश्वविद्यालयों में सीटें खाली रहती है, जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन सीटे भरने के लिए कोचिंग संचालकों से संपर्क करता है, जिसके चलते कई विश्वविद्यालयों से शैलेंद्र और उसके गिरोह के सदस्यों की भी सांठ–गांठ थी। जांच में विश्वविद्यालय प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी। दूसरा जांच का पहलू यह होगा कि आरोपियों ने जो डिग्रियां बांटी हैं, वो विश्वविद्यालय के डॉक्यूमेंट में रजिस्टर्ड हैं या नही। इसके साथ ही गिरोह ऑनलाइन डिग्री अपलोड कैसे कराता था, इसकी भी तह तक टीमें पहुंचेगी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ में जिनके नाम सामने आए हैं, उनको सत्यापित किया जाएगा, क्या वो विश्वविद्यालयों में कार्यरत है ? इसकी भी जांच पड़ताल टीमें कर रही है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ करने के लिए उन्हें रिमांड में लेने की तैयारी की जा रही है, 26 फरवरी तक कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल की जा सकती है। अब जानिए पूरा मामला… 18 फरवरी को किदवई नगर पुलिस ने जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन कार्यालय में दबिश देकर मूलरूप से रायबरेली के ऊंचाहार और वर्तमान में साकेत नगर का रहने वाला शैलेंद्र कुमार, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र व शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था। मैथ से MSC करने वाला शैलेंद्र गिरोह का सरगना है। वहीं, पुलिस को इसी गिरोह के पांच सदस्य की तलाश है। इनमें छतरपुर का मयंक भारद्वाज, हैदराबाद का मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद का विनीत, भोपाल का शेखू और कानपुर का शुभम दुबे शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 900 मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद किए थे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले की विस्तृत जांच के लिए 14 सदस्यीय SIT का गठन किया था।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वीडियो जारी करने को लेकर रही। उन्होंने कहा कि PM मोदी को शर्म आना चाहिए कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। वहीं, दूसरी खबर यूपी में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर हुए बस हादसे को लेकर है, जिसमें 5 की मौत समेत 45 लोग घायल हो गए। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. राहुल ने मोदी से कहा- एपस्टीन फाइल्स में आपका नाम आया, आपने देश को बेचा, शर्म आनी चाहिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने PM मोदी से कहा कि आपका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है। आपको शर्म आनी चाहिए। आपने अमेरिका से ट्रेड डील करके देश को ट्रम्प के हाथों बेच दिया। इसके लिए भी शर्म आनी चाहिए। उन्होंने आगे PM मोदी से कहा;- एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना। ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ना। ये शर्म की बात है। मोदी ने कहा था- कांग्रेसी पहले से ही नंगे: PM मोदी रविवारको AI समिट में कपड़े उतारकर प्रदर्शन करने को लेकर कांग्रेस पर भड़क गए थे। मेरठ में उन्होंने कहा था कि मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं कि देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो। फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी? पढ़ें पूरी खबर… 2. NCP विधायक बोले- अजित पवार का राजीव गांधी जैसा मर्डर, पूछा- क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे NCP विधायक अमोल मिटकरी ने अजित पवार की मौत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- क्या पवार का मर्डर उसी तरह हुआ जैसे LTTE ने राजीव गांधी का मर्डर किया था? क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे? उन्होंने पायलट की पत्नी के बयान का हवाला देते हुए पूछा कि क्या सुमित कपूर सच में जिंदा हैं। प्लेन क्रैश में पवार का निधन: पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को अजित पवार का विमान क्रैश हुआ था। इस हादसे में अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत हुई थी। हादसे पर तभी से लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। अजित की पत्नी और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने CBI जांच की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर… 3. लखनऊ में डबल डेकर बस की खिड़की से गिरीं लाशें, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पलटी; 5 की मौत, 45 घायल लखनऊ में सोमवार को डबल डेकर बस पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हो गए। 28 घायलों को SGPGI के अपेक्स ट्रामा सेंटर भेजा गया है। इनमें 7 बच्चे, 12 पुरुष और 9 महिलाएं हैं। हादसे के बाद ड्राइवर और क्लीनर बस छोड़कर भाग गए। मरने वालों में बीरेंद्र (30), अंजली (8), प्रियांशु (15) के अलावा एक 6 साल का बच्चा और 30 साल का युवक है। हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। यह क्रेन से बस को सीधा करते समय का है। इसमें दिख रहा है कि बस को जैसे सीधा किया गया उसकी खिड़कियों से लाशें सड़क पर गिर गईं। चारों तरफ खून ही खून फैल गया।पढ़ें पूरी खबर… 4. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- मैं भाग नहीं रहा, रोती महिला भक्त को समझाया- गुरु गड़बड़ निकलें तब रोना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस की एक टीम ने हरदोई में पीड़ित के परिवार का बयान लिया है। दूसरी टीम सोमवार दोपहर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची। सोमवार सुबह शंकराचार्य ने वाराणसी के आश्रम में वकीलों के साथ बैठक की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- मैं भाग नहीं रहा। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं है। यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। उस राज्य की पुलिस से जांच कराएं, जहां भाजपा की सरकार नहीं। वहीं, एक महिला सुबह अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने पहुंची। वह शंकराचार्य पर लगे आरोपों से भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। शंकराचार्य ने उसे समझाया। कहा- रोना तब, जब गुरु गड़बड़ निकलें। पढ़ें पूरी खबर… 5. राजस्थान में BJP नेता ने मुस्लिमों को बांटे कंबल वापस लिए, जौनापुरिया बोले- ये लोग मोदी को गाली देते हैं राजस्थान के टोंक में पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया कंबल बांट रहे थे। तभी एक महिला से उसका नाम पूछा। सकुरान खान सुनते ही वो भड़क गए और कहा- हट एक तरफ, कंबल यहीं छोड़ दो। भाजपा नेता ने कहा कि जो मोदी को गाली देता है, उसे ये कंबल लेने का हक ही नहीं है। वहीं जौनापुरिया ने कहा-यह मेरा पर्सनल कार्यक्रम था, सरकारी स्कीम नहीं थी। पढ़ें पूरी खबर… 6. HAL का दावा- तेजस एयरक्राफ्ट क्रैश नहीं हुआ, मामूली खराबी थी; पहले खबर थी कि फाइटर जेट का ब्रेक फेल हुआ हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने दावा किया कि फाइटर जेट तेजस के क्रैश की खबरें गलत हैं। कंपनी ने कहा कि ग्राउंड पर एयरक्राफ्ट में मामूली तकनीकी गड़बड़ी हुई थी। हवा में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ है। हम एयरफोर्स के साथ मिलकर गड़बड़ी की जांच कर रहे हैं। तेजस रनवे से आगे निकला: न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 7 फरवरी को लैंडिंग के दौरान तेजस का ब्रेक फेल हो गया था। इसके कारण एयरक्राफ्ट रनवे से आगे निकल गया। हादसे से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर… 6. शादी के लिए रश्मिका और विजय उदयपुर पहुंचे, 26 फरवरी को मैरिज होगी एक्टर विजय देवरकोंडा और एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना शादी के लिए उदयपुर पहुंच गए हैं। 26 फरवरी को दोनों कैलाशपुरी में ITC मोमेंटोज होटल में सात फेरे लेंगे। शादी में करीब 230 गेस्ट शमिल होंगे। मेहमान 24 फरवरी को होटल में चेक-इन करेंगे। वहीं, 3-4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन होगा। शादी में नो फोन पॉलिसी होगी: सोशल मीडिया पर शादी का कार्ड वायरल है। इसमें लिखा है कि शादी में नो फोन पॉलिसी होगी, जिससे इनसाइड तस्वीरें लीक न हों। इसके अलावा शादी के लिए बड़ी सिक्योरिटी एजेंसी हायर किए जाने की भी खबर है। दोनों ने 3 अक्टूबर को हैदराबाद में सगाई की थी। ये एक प्राइवेट सेरेमनी थी। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... छत्तीसगढ़ में शादी में जूता छिपाने पर रोक छत्तीसगढ़ में सेन समाज ने शादी में ‘जूता छिपाने’ की रस्म पर रोक लगा दी है। शादी तक दूल्हा-दुल्हन फोन पर बात भी नहीं कर सकेंगे। ऐसा फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि सगाई के बाद रिश्ते टूटने के मामले बढ़े रहे हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि के लोगों को धन लाभ होगा। तुला राशि वालों की इनकम के सोर्स बनेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
बरसाना के श्रीजी मंदिर में होली के गीत गूंज रहे हैं। छत पर गोस्वामी समाज के युवक बड़ी-बड़ी कढ़ाईयों में टेसू के फूलों का रंग तैयार कर रहे हैं। ये 25 फरवरी को होने वाली लट्ठमार होली की तैयारी है। जब नंदगांव के हुरियारे श्रीजी मंदिर में होली खेलने से पहले अनुमति लेने पहुंचते हैं। वो कहते हैं- राधाजी…आप हमें अनुमति दीजिए, ताकि हम कान्हा के ग्वाल आपकी सखियों के साथ होली खेल सकें। चांदी की पिचकारी से राधाजी पर रंग डालकर त्योहार की शुरुआत करते हैं। इसके बाद शुरू होती है विश्व विख्यात ब्रज की होली। इसको देखने के लिए 7 दिन में 15 लाख टूरिस्ट मथुरा-वृंदावन पहुंचेंगे। हुरियारों पर डालने के लिए टेसू के फूलों से ही रंग क्यों तैयार हो रहे हैं? इसको तैयार करने का खास तरीका क्या है? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ऐप टीम बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत पर बने श्रीजी मंदिर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… रंग तैयार करते गोस्वामी युवक गा रहे ब्रज के गीत कढ़ाही में गरम करके चटक रंग बनाते हैं…श्रीजी मंदिर की छत की सीढ़ियों को चढ़ते हुए हमारे कानों में वो गीत सुनाई देने लगे, जिन्हें गोस्वामी युवक गाते हुए झूम रहे थे। ये होली के गीत कुछ ऐसे थे- वृंदावन बानिक बनो, भंवर करे गुंजार दुल्हन प्यारी राधिका, तूने नंदकुमार बजाए रहियो रहे…बंसिया छोटो सा कन्हैया, जिनके बड़े-बड़े नैन बरसाने की कुंज गलियों में ठाड़े हमारे सैन खास रंगों को तैयार कैसे करते हैं? इसको समझने के लिए हमनें तैयारियों को देखा। नीले रंग के बड़े-बड़े ड्रम में टेसू के फूल भिग रहे थे। वहीं, चूल्हे पर बड़ी कढ़ाई में टेसू के फूलों को पानी में मिलाकर गर्म किया जा रहा है, इससे यह चटक रंग दे सकें। गोस्वामी युवक कढ़ाई में तैयार कर रहे रंग को लगातार लकड़ी की मदद से चलाते रहते हैं, ताकि फूल पूरा रंग छोड़ दें। इसके बाद इन्हें छान लिया जाता है। 3 स्टेट से आते हैं 1 हजार क्विंटल टेसू के फूल यहां गोस्वामी राकेश ब्रजवासी कहते हैं- प्राकृतिक रंगों को केवड़ा, टेसू के फूल, चंदन, इत्र और गुलाब के फूलों से तैयार होता है। इसकी शुरुआत 1 महीने पहले करते हैं। करीब 1 हजार क्विंटल फूल मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से मंगवाए जाते हैं। पहले उन्हें पानी में भिगने दिया जाता है। फिर उन्हें कढ़ाही में गरम किया जाता है। गरम होने के बाद सफेदी डाली जाती है, जब ये रंग छोड़ देते हैं, फिर हम इन्हें छान लेते हैं। इसी रंग का इस्तेमाल सभी ग्वाले करते हैं। अब बात उन लड्डुओं की, जो श्रीजी मंदिर से फेंके जाएंगेबरसाना में लट्ठमार होली से एक दिन पहले लड्डू होली खेली जाती है। ये होली 24 फरवरी को है, इसमें प्रसाद स्वरूप लड्डू लुटाए जाते हैं। एक-दूसरे पर लड्डू लुटाने से इसका नाम लड्डू होली पड़ गया। सिर्फ इस होली को देखने और इसमें शामिल होने के लिए 8 से 10 लाख टूरिस्ट मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं। इस बार 10 हजार किलोग्राम लड्डू होली के दौरान लुटाए जाने की तैयारी है। बूंदी के ये लड्डू कैसे तैयार होते हैं, इसको समझने के लिए हम बरसाना के मुख्य बाजार पहुंचे। हमारी सबसे पहले मुलाकात हलवाई रामबाबू से हुई। वह कहते हैं- ये राधाजी का काम है, इसका हम प्रचार नहीं करवा सकते, इसलिए कैमरे पर बात नहीं करेंगे। हमने कहा- ठीक है…आप ये बता दो कि इन्हें तैयार कैसे करते हैं। खुद से तैयार करते हैं बेसन, ताकि क्वालिटी बनी रहे हलवाई रामबाबू कहते हैं- लड्डू में सबसे अहम बेसन की क्वालिटी होती है, लड्डू के लिए बेसन हम लोग खुद ही तैयार करवाते हैं। फिर सही अनुपात में उसका घोल तैयार करते हैं। गर्म घी में छलनी के जरिए बूंदी बनाकर छाना जाता है। इसको 10 से 15 मिनट तक सेंकते हैं। फिर बूंदी को शक्कर के घोल (चाशनी) में डाल दिया जाता है। 30 मिनट तक रखने के बाद मीठी हो चुकी बूंदी को निकालकर इसके लड्डू तैयार किए जाते हैं। राधाजी के चरणों तक लड्डू पहुंचे, इतना काफीउन्होंने बताया कि हमारी तरह करीब 18 दुकानों पर 10 हजार किलोग्राम लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। ये सब होली से पहले श्रीजी मंदिर पहुंच जाएंगे। इन लड्डुओं की कीमत कैसे तय होती है? ये पूछने पर उन्होंने कहा- मैंने पहले ही कहा कि ये राधाजी का काम है, इसमें हम मुनाफा नहीं देखते। सिर्फ उनके चरणों तक लड्डू पहुंच जाए, इतना काफी है। लड्डू होली की मान्यता पढ़िए… ब्रज के लोग लड्डू होली के पीछे की कहानी सुनाते हैं- द्वापर युग में राधारानी की सखियां भगवान श्रीकृष्ण को होली खेलने का निमंत्रण देने नंदगांव गई। राधाजी का संदेश सुनने के बाद श्रीकृष्ण और उनके सखाओं ने कहा- हम बरसाना में होली खेलने कल आएंगे। सखियों ने लौटकर ये बात बरसाना में बताई। बरसाना के लोग खुश होकर एक-दूसरे पर रंग उड़ाते हुए लड्डू फेंकने लगे। उस वक्त से ही लड्डू होली की शुरुआत हो गई। (आज भी ये परंपरा जारी है। नंदगांव से होली का संदेश बरसाना पहुंचने के बाद लड्डू होली खेली जाती है।) बांके बिहारी मंदिर की होली गोस्वामी बोले- 4 दिन अद्भुत रंग से सराबोर होंगे भक्तअब हम वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। यहां मालूम हुआ कि कश्मीरी केसर, कन्नौज के इत्र, कर्नाटक के चंदन और हाथरस के गुलाल को भक्तों पर बतौर प्रसाद उड़ाया जाएगा। मंदिर के पुजारी और सेवायत परिवार होली के रसिया गीत गाते हुए इन रंगों को तैयार कर रहे हैं। बांके बिहारी मंदिर में गोपी गोस्वामी कहते हैं- मंदिर में 4 दिन तक ये अद्भुत रंग भक्तों पर लुटाया जाएगा। पूरे विश्व से लोग इस रंग को प्रसाद की तरह खेलने आते हैं। इसकी तैयारी हम कई हफ्ते पहले से शुरू करते हैं। टेसू के फूलों के रंग और इक्रो फ्रेंडली सुंगधित गुलाल पूरे वातावरण को अद्भुत बना देता है। होली कक्ष की स्पेशल भट्ठी पर उबाले जा रहे फूलबांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी कहते हैं- बिहारीजी मंदिर में रंगोत्सव 27 फरवरी की रंगभरी एकादशी से शुरू हो जाएगा, जो 2 मार्च की चतुर्दशी की रात तक लगातार चलेगा। इस रसीले महोत्सव में ठाकुरजी रंग-गुलाल से होली खेलते हुए अद्भुत आनंद उठाएंगे। उत्सव में भक्तों पर टेसू के फूलों से बना रंग डाला जाएगा। मंदिर के परिक्रमा मार्ग स्थित प्राचीन होली कक्ष में इसके लिए स्पेशल भट्ठी बनाई गई है। यहां लोहे की बड़ी-बड़ी कढ़ाहियों में टेसू के फूल को उबालकर गुनगुना रंग तैयार किया जा रहा है। ये रंग भक्तों पर पड़ने के बाद माना जाता है कि स्किन से संबंधित रोग ठीक हो जाते हैं। धुलहेड़ी पर कान्हा खाएंगे चाट, जलेबीप्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया- 3 मार्च को मंदिर में डोलोत्सव (धुलैडी पर्व) मनाया जाएगा। उस दिन भगवान खुद होली नहीं खेलेंगे, सिर्फ भक्तों को धुलैड़ी (रंग खेलना) मनाते हुए निहारेंगे। 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण इस बार डोलोत्सव के दर्शन सीमित समय तक ही होंगे। होली महोत्सव के बीच ठाकुरजी को चाट, जलेबी और पकवानों का खास भोग लगाया जाएगा। सेवायत के मुताबिक, भोग की चाट में दही बड़ा, दही पकौड़ी, सोंठबड़ा, सोंठ पकौड़ी, आटा- सूजी की टिकिया, पानी पूरी, समोसा, पकोड़े, गुजिया, पापड़ी, खाजा, लठोर व्यंजन शामिल होते हैं। इस मौके पर काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट, पोस्त, खरबूजा के बीज, किसमिस, मुनक्का, गुलकंद, दूध-मलाई युक्त ठंडाई और आलू एवं मैदा की स्वादिष्ट जलेबियां भी ठाकुरजी को अर्पित की जाएंगी। आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी बताते हैं- पर्व के दौरान बांके बिहारी जगमोहन में चांदी सिंहासन पर विराजमान होकर दर्शन देंगे। इस बार दो से तीन हजार किलोग्राम गुलाल और करीब 25 हजार लीटर पानी में बना टेसू के फूलों के रंग की भक्तों पर बौछार की जाएगी चंद्रग्रहण से दर्शन की बदली टाइमिंग भी जानिए3 मार्च को पड़ने वाले चंद्रग्रहण के चलते भगवान बांके बिहारी के दर्शन की टाइमिंग बदल दी गई है। उस दिन मंदिर में श्रद्धालुओं को सुबह 6:15 बजे से ठाकुरजी के दर्शन होंगे। सेवायत 5:15 बजे में मंदिर में प्रवेश करेंगे और सुबह 6:25 बजे श्रृंगार आरती होगी। फिर 6:30 बजे राजभोग सेवा प्रारंभ होगी। राजभोग आरती 8:30 बजे होगी और 9 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। सेवायत 9 बजे बाहर आ जाएंगे। फिर शाम 7 बजे से मंदिर खुलेगा और रात 10 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। --------------------- ये पढ़े - बरसाना की महिलाएं लाठियों में तेल लगा रहीं: हुरियारे बनवा रहे ढाल; मथुरा में लट्ठमार होली की तैयारी देखिए नंदगांव और बरसाना लट्ठमार होली के लिए तैयार है। नंदगांव यानी जहां श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया। प्रभु के सखा स्वरूप में ग्वाले 8 Km दूर बरसाना पहुंचेंगे। बरसाना यानी जहां राधाजी रहती थीं। यहां राधा रानी की सखियों के स्वरूप में हुरियारने उन पर लाठियां बरसाएंगी। 25 फरवरी की दोपहर 12 बजे नंदगांव के हुरियारे बरसाना के पीली पोखर पहुंचेंगे। यहां पगड़ी बांधेंगे, श्रृंगार के बाद वह लाडलीजी के दर्शन करेंगे। इसके बाद करीब 3km के दायरे में फैली कुंज गलियों से वह गुजरेंगे। पढ़िए पूरी खबर…
गोरखपुर के मानसी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर ने 16 फरवरी को FIR दर्ज कराई। आरोप लगाया कि मुझसे हिस्ट्रीशीटर 15 लाख की रंगदारी मांग रहा है। सिर्फ 24 घंटे के अंदर एक ऑडियो सामने आने से पूरे मामले ने यूटर्न ले लिया। इसमें 2 तरह की सेटिंग खुलकर सामने आई। पहली- मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कराना। दूसरा- बिहार बॉर्डर के मरीजों को गोरखपुर के हॉस्पिटल तक लाने के बदले कमीशन देने का। डील भी लाखों में होती हैं। ऑडियो में एक तरफ डॉक्टर, दूसरी तरफ बिहार का मरीज माफिया भैइयाजी हिस्ट्रीशीटर। कमीशन के बदले मरीजों को लेकर आने वाले एंबुलेंस सर्विस के मालिक को भलाबुरा कर रहे हैं। कहते हैं- बिट्टू खान को 20 लाख दिए हैं, ऐसे थोड़े छोड़ देंगे। जब पुलिस ने हॉस्पिटल के बंद कमरे में डॉ. पंकज कुमार दीक्षित को ये ऑडियो सुनाया। तब उन्होंने कबूल किया कि ऑडियो में एक आवाज उनकी है। अब कैंट थाने की पुलिस बिहार के मरीज माफिया की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने कहा- डॉक्टर की मेडिकल डिग्री की छानबीन की जा रही है। उनके बैंक अकाउंट की भी जांच हो रही है। पहले ऑडियो की बातचीत पढ़िए… (पुलिस ने इस ऑडियो को बंद कमरे में डॉक्टर को सुनाया। इसके बाद डॉक्टर ने स्वीकार किया कि उनकी आवाज है, हालांकि अधिकारियों ने अभी सार्वजनिक रूप से इसको स्वीकार नहीं किया है। ) ऑडियो में 3 किरदार कौन? अब कहानी शुरू से जानिए 12 फरवरी : रात में डॉक्टर को धमकी डॉ. पंकज कुमार दीक्षित सहबाजगंज शिवपुर के जंगल सालिकराम के रहने वाले हैं। मौजूदा वक्त में छात्रसंघ चौक पर मानसी हॉस्पिटल चलाते हैं। 16 फरवरी को डॉक्टर ने SSP को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें लिखा- 12 फरवरी की रात 10:46 बजे मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राहुल शर्मा बताया। उसने बोला कि मैं हिस्ट्रीशीटर हूं। 15 लाख रुपए नहीं दिए तो छात्रसंघ चौराहा और पादरी बाजार में चलने वाले हॉस्पिटल को बंद करा दूंगा। तुम और तुम्हारे पूरे परिवार को मार डालेंगे। डॉक्टर ने आगे लिखा- इस धमकी के बाद मैं डर गया, इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी। दो दिन बाद 14 फरवरी की रात 11:32 बजे दोबारा उसी नंबर से काल आया। इस बार हिस्ट्रीशीटर ने और आक्रामक लहजे में धमकी दी। कहा- अगर रुपए देने में आनाकानी की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। डॉक्टर ने अधिकारी से कहा- लगातार मिल रही धमकियों से मेरा परिवार डरा हुआ है। देर रात फोन आते हैं। वो लोग गालियां देते हैं। हम लोग डरे हुए हैं। कैंट थाने में राहुल शर्मा को नामजद करते हुए FIR लिखी गई। रंगदारी केस का यूटर्न राहुल और मोबाइल को ट्रेस करने में ऑडियो मिलाअब कैंट थाने की पुलिस मोबाइल नंबर और राहुल शर्मा को ट्रेस करने लगी। इस छानबीन में पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस को एक ऑडियो मिला। इसमें डॉक्टर का मरीज माफिया से कनेक्शन सामने आया। इस ऑडियो को सुनने के बाद पुलिस समझ गई कि ये मामला गोरखपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल्स के बीच की प्रतिस्पर्धा और बाहर से मरीजों को रेफरल सिस्टम में भिजवाने के एवज में वसूली जाने वाली रकम का है। बिट्टू खान कमीशन पर लाता है मरीज डॉक्टर ने बात नहीं कीगोरखपुर के मेडिकल सेक्टर के बड़े रैकेट की कड़ियां पुलिस भले ही जोड़ रही हो, मगर उससे पहले हमने डॉ. पंकज से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। हॉस्पिटल में उनके स्टाफ ने कहा कि डॉक्टर नहीं हैं। इसके बाद शाम को 4.20 बजे, फिर 8.16 बजे डॉक्टर को कॉल की गई। उन्होंने दोनों बार कॉल नहीं उठाई। पुलिस को भईयाजी की तलाश SP सिटी बोले- भइयाजी को जल्द सामने लाएंगे इस पूरे मामले में SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- ऑडियो में डॉक्टर ने अपनी आवाज को लेकर बहुत साफ कुछ नहीं बताया है। इसलिए हो सकता है कि हम वॉयस सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। दूसरी तरफ, जो व्यक्ति बात कर रहा है। उसके बारे में पता कर लिया गया है। उसका बयान लिया जाएगा। इसके बाद सामने आएगा कि डॉक्टर सच बोल रहे हैं या झूठ। डॉक्टर की मेडिकल डिग्री की भी जांच की जा रही है। आगे जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। …………. ये पढ़ें - स्कूली बच्ची पर चढ़ा ट्रक, सिर धड़ से अलग:बैग कंधे पर टंगा रहा; प्रयागराज में मामा के साथ बाइक से जा रही थी प्रयागराज में स्कूल जा रही 10 साल की बच्ची के ऊपर से ट्रक गुजर गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा इतना भीषण था कि सिर सड़क पर ही चिपक गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। बच्ची के कंधे पर स्कूली बैग टंगा रहा। सोमवार सुबह बच्ची मामा और भाई के साथ बाइक से स्कूल जा रही थी, तभी सामने से रॉन्ग साइड में आ रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। पढ़िए पूरी खबर...
यूपी की राजनीति में 2027 से पहले एक नई पार्टी RAM उतर गई है। वृंदावन की धरती से सस्पेंडेड PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी नई पार्टी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा यानी RAM का ऐलान कर दिया है। समर्थकों की मौजूदगी में पार्टी का नाम, झंडा और चुनावी प्रतीक जारी किया। झंडे में भगवान श्रीराम का धनुष और भगवान कृष्ण की बांसुरी दिखाकर संदेश दिया गया कि पार्टी सांस्कृतिक और सिद्धांतों पर आधारित राजनीति के रास्ते पर चलेगी। VIDEO देखिए…
बहराइच के बौंडी इलाके में 19 फरवरी को प्रसव पीड़ा बर्दाश्त न होने पर एक गर्भवती महिला (ननकई) ने अपना पेट ब्लेड से काट दिया। पड़ोसियों ने समय रहते ननकई को एंबुलेंस से फखरपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी कराई गई और उसने बेटी को जन्म दिया। फिलहाल महिला की हालत नाजुक बनी है। सवाल उठता है कि महिला ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया? क्या प्रसव के दौरान होने वाला असहनीय दर्द इंसान से ऐसा फैसला करवा सकता है? क्या तेज दर्द की स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है? इन्हीं सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में जानिए… सबसे पहले 2025 का यह मामला जानिएमार्च- 2025 में यूपी के वृंदावन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था। राजाबाबू नाम के युवक को लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत थी। डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद जब दर्द में राहत नहीं मिली, तो उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर खुद ही अपने पेट का ऑपरेशन करने की कोशिश कर डाली। इसके लिए उसने बाजार से उपकरण भी जुटाए। ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। तब उसने यह बात अपने भतीजे को बताई। भतीजा उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां उसकी हरकत से डॉक्टर भी हैरान रह गए। क्या होता है लेबर पेन और कितना तेज होता है? लेबर पेन वह दर्द होता है, जो डिलीवरी से पहले गर्भाशय (बच्चेदानी) के सिकुड़ने से शुरू होता है। इसकी मदद से बच्चा जन्म के लिए नीचे की ओर आता है। यह दर्द सामान्य पेट दर्द से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा होता है। डॉक्टर बताते हैं- लेबर पेन शरीर का सबसे तेज दर्द माना जाता है। हर महिला में इसकी तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। लेकिन, कई मामलों में यह दर्द महिला के मानसिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। एक अध्ययन में लेबर पेन को दर्द की तीव्रता के पैमाने पर करीब 7.2/10 के स्तर तक बताया गया। यह इसे हड्डी टूटने या किडनी स्टोन जैसे दर्दों के काफी पास या ऊपर महसूस करवाता है। हालांकि, यह सबके लिए समान नहीं होता है। महिला ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया? ननकई ने अस्पताल में बताया कि पेट में बच्चा था, इसलिए मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था। दर्द से छुटकारा पाने के लिए मैंने चाकू से अपना पेट फाड़ लिया। दर्द के कारण ननकई बेहोश हो गई। गोरखपुर जिला अस्पताल के गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर गुप्ता बताते हैं- लेबर पेन के दौरान होने वाला दर्द कई बार असहनीय लेवल तक पहुंच जाता है। यह दर्द सामान्य पेट दर्द नहीं होता, बल्कि लगातार और बेहद तीव्र होता है। इससे महिला के सहने की क्षमता टूट सकती है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, जब दर्द बहुत तेज होता है और महिला को तुरंत मेडिकल मदद नहीं मिलती, तो वह घबराहट और मानसिक दबाव में यह सोच सकती है कि किसी तरह दर्द से राहत मिल जाएगी। इसी गलतफहमी और मानसिक असंतुलन की स्थिति में महिला ने ऐसा कदम उठाया होगा। मेडिकल साइंस में इसे Extreme Pain-Induced Crisis माना जाता है, जहां व्यक्ति सामान्य निर्णय लेने की स्थिति में नहीं रहता। क्या तेज दर्द की स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है? गोरखपुर जिला अस्पताल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित शाही के मुताबिक, तेज और असहनीय दर्द की स्थिति में व्यक्ति का मानसिक संतुलन अस्थायी रूप से बिगड़ सकता है। अत्यधिक दर्द और तनाव के कारण डर, घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे समय में व्यक्ति सही-गलत का फैसला नहीं कर पाता। पल-भर के लिए खुद पर नियंत्रण खो सकता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मानसिक आपात स्थिति (Psychiatric Emergency) माना जाता है, न कि कोई सोची-समझी हरकत। कैसा होता है ये दर्द? डॉ. सुधीर कहते हैं- यह दर्द गर्भाशय के लगातार और तेज संकुचन से होता है, जो सामान्य दर्द से बिल्कुल अलग और कहीं अधिक ज्यादा होता है। इस दर्द को दुनिया के सबसे तेज दर्दों में गिना जाता है। महिला का शरीर हार्मोनल और जैविक रूप से इस दर्द को झेलने के लिए तैयार होता है, फिर भी यह आसान नहीं होता। खुद से पेट पर चाकू मारना कितना खतरनाक? एक्सपर्ट के मुताबिक, जिस तरह से महिला ने पेट पर खुद से चाकू मारा, वह बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति थी। पेट में लगे ऐसे घाव से कुछ ही मिनटों में बहुत ज्यादा खून बह सकता है। अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इस तरह की चोट से आंतें बाहर आ जाना, संक्रमण फैलना, शॉक आना और गर्भाशय को नुकसान जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिला के मामले में यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की जान पर सीधा खतरा बन जाता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रसव पीड़ा बर्दाश्त नहीं हुई तो चाकू से पेट फाड़ा, अंतड़ियां भी बाहर आईं बहराइच में एक प्रेग्नेंट महिला प्रसव पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पाई, तो उसने खुद ही ब्लेड से अपना पेट फाड़ डाला। इससे उसकी अंतड़ियां तक बाहर आ गईं। बाद में दर्द की वजह से महिला चीखने-चिल्लाने लगी, तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। देखा तो महिला खून से लथपथ तड़प रही थी। पढ़िए पूरी खबर…
लुधियाना के जगराओं में ठाठ नानकसर कलेरां के प्रमुख संत बाबा घाला सिंह की पंजाब सरकार ने सुरक्षा वापस ले ली। संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा वापस लेने पर राजनीतिक बवाल शुरू हो गया। संत बाबा घाला सिंह ने 19 फरवरी को हॉर्स शो के कार्यक्रम में माइक पकड़कर संगत को इस बार शिरोमणि अकाली दल का साथ देने के लिए कहा। उस कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम व शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल भी मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद पंजाब सरकार ने संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाने के निर्देश जारी किए। सोमवार देर रात को उनके साथ सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को वापस लौटने के आदेश भी मिल गए। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार पर बदले की राजनीतिक का आरोप लगा दिया। सुखबीर बादल ने इसे सरकार की छोटी सोच बताया और कहा कि संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाना सीधे तौर पर बदले की राजनीति है। एक एसआई और तीन कर्मी थे तैनात संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा में करीब 20 साल से एक एएसआई व तीन सुरक्षा कर्मी तैनात थे। नानकसर कलेरां के प्रतिनिधियों के अनुसार सरकार ने अब सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस ले लिया और और संत बाबा घाला सिंह के पास कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है। हॉर्स शो में करवाए थे बाबा ने शिअद के पक्ष में हाथ खड़े शिरोमणि अकाली दल के जगराओं हलके के इंचार्ज व पूर्व विधायक एसआर कलेर ने कहा कि 19 फरवरी को हुए हॉर्स शो में संत बाबा घाला सिंह मुख्य अतिथि थे और उसी कार्यक्रम में शिअद प्रधान सुखबीर बादल अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। उसी कार्यक्रम में उन्होंने संगत से हाथ खड़े करके शिअद को वोट देने के लिए कहा था। कलेर का आरोप है कि सरकार ने इसी बात से नाराज होकर उनकी सुरक्षा हटा दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी सुरक्षा बहाल नहीं की तो शिअद धरने प्रदर्शन करेगा। ठाठ नानकसर कलेरां बिगाड़ सकता है सरकार का चुनावी गणित ठाठ नानकसर कलेरां को मानने वाली संगत लाखों में है। लुधियाना व मोगा की एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर उनका सीधा असर है जबकि पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में नानकसर कलेरां की संगत है। संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाने से विधानसभा चुनाव 2027 में सरकार का चुनावी गणित बिगड़ सकता है। जत्थेदार ज्ञानी गढ़गज ने सुरक्षा हटाने की निंदा की श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गढ़गज ने कहा कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर के हालात ठीक नहीं हैं। संत बाबा घाला सिंह सिख धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिए इधर-उधर जाते हैं। उनको कई सालों से सुरक्षा मिली हुई थी। उन्होंने साफ किया कि अगर बाबा घाला सिंह को कुछ भी हाेता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।वहीं एसजीपीसी सदस्य ज्ञानी गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने इसे “बदले की राजनीति” करार देते हुए संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा पर पुनर्विचार की मांग की। सुखबी बादल बोले, सरकार की छोटी सोचअकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संत की सुरक्षा वापस लेने को सरकार की “छोटी सोच” बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को तुरंत संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा बहाल करनी चाहिए। उन्होंने इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की।
संघ को सता रही यूजीसी से बंटवारे की चिंता:2027 चुनाव से पहले यूपी में भागवत का बड़ा संदेश क्या?
यूजीसी नियमों से बढ़ी अगड़ा-पिछड़ा-दलित खाई और 2027 चुनाव से पहले संभावित राजनीतिक असर ने संघ की चिंता बढ़ा दी है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष में संघ प्रमुख मोहन भागवत के यूपी दौरे में इसकी झलक दिखी। गोरखपुर से लखनऊ और मेरठ तक भागवत ने सामाजिक सद्भाव बैठकें और प्रबुद्धजन सम्मेलन किए। इनमें सनातनियों से जातियों में बंटने की जगह राष्ट्र और धर्म के नाम पर एक होने का आह्वान किया। क्या यूजीसी मुद्दे के बाद वाकई संघ की चिंता बढ़ी है? मोहन भागवत के यूपी दौरे को राजनीतिक विश्लेषक कैसे देखते हैं? पढ़िए यह खास खबर… शताब्दी वर्ष में संघ प्रमुख मोहन भागवत सभी प्रांतों में दो से तीन दिन का प्रवास कर रहे। काशी, बृज और कानपुर प्रांत में उनका प्रवास पहले हो चुका था। संघ प्रमुख ने इस बार गोरखपुर, लखनऊ और पश्चिम में मेरठ प्रांत में प्रवास किया। उन्होंने समाज से जातियों का भेद मिटाने के लिए सामाजिक सद्भाव बैठकें लीं। इनमें समाज की विभिन्न जातियों के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भागवत संघ और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों और उनके परिजनों से भी कुटुंब मिलन में मिले। युवा और प्रबुद्धजन सम्मेलन के जरिए युवाओं और समाज के प्रबुद्ध और प्रभावशाली वर्ग तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। यूजीसी कानून पर संघ की चिंता को इन 2 बयानों से समझेंयूजीसी कानून पर संघ की चिंता को मोहन भागवत के दो अलग-अलग बयानों से समझा जा सकता है। भागवत ने लखनऊ प्रवास के दौरान पहले दिन यूजीसी पर जो बयान दिया, उसको लेकर सोशल मीडिया पर सवर्णों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए भागवत ने अगले दिन लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए प्रबुद्ध जन सम्मेलन में मामले को सुप्रीम कोर्ट में पाले में डाल दिया। कानून सभी को मानना चाहिए। अगर कानून गलत है, तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिएं। समाज में अपनेपन का भाव होगा, तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर और दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए। सद्भाव नहीं रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते एक हैं। समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई, जिसे दूर करना होगा। सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है। (17 फरवरी को लखनऊ स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में सामाजिक सद्भाव बैठक में कहा।) सुप्रीम कोर्ट में मामला है। जो अभी हुआ नहीं, उस पर अभी क्या विचार देना? अभी से उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान रहे कि अपना पूरा समाज एक समाज रहे। समाज में विभाजन नहीं हो। (18 फरवरी को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्ध जन सम्मेलन में कहा।) भागवत ने प्रबुद्धजन सम्मेलन में किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना जाति की राजनीति करने वाले दलों पर हमला भी बोला। भागवत ने कहा कि हिंदू धर्म ही सच्चा मानव धर्म है। संघ का काम देश के लिए है। इसलिए अनेक जाति-पंथ की बजाय अपनी पहचान हिंदू मानें। जाति-भाषा से ऊपर उठकर ‘हम हिंदू हैं’ का भाव रखना होगा। संघ में जाति नहीं पूछी जाती, सब हिंदू सहोदर हैं। समाज से जाति मिटाने के लिए उसे भुलाना होगा। जिस दिन जाति-पाति को महत्व नहीं मिलेगा, उस दिन जाति पर राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि संघ प्रमुख का इशारा सीधे तौर पर यूपी में भाजपा के विरोधी राजनीतिक दल सपा पर था। सपा ही 2024 से पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की राजनीति कर रही है। सपा के पीडीए कार्ड का भाजपा को 2024 में बड़ा नुकसान भी हुआ था। इधर, यूजीसी नियमों से युवा वर्ग में अगड़े और पिछड़े-दलित वर्ग के बीच जो दूरी बनी, उसका भाजपा को नुकसान और विपक्षी दलों को फायदा हो सकता है। ऐसे में संघ प्रमुख ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग को हर एंगल से समझाने की कोशिश की है कि यूपी में हिंदू जाति के स्थान पर धर्म के नाम पर एकजुट हों। संघ इसलिए भी चिंतितशताब्दी वर्ष में संघ विजयदशमी तक हर न्याय पंचायत में शाखा स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रहा। लेकिन, यूजीसी और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जैसे मुद्दों से सामाजिक समरसता का अभियान प्रभावित होने की चिंता है। वर्षों में बनी सभी जातियों में पकड़ पर असर न पड़े, इसे लेकर संघ सतर्क है। वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र नाथ भट्ट मानते हैं- आरएसएस और मोदी सरकार ने बीते 12 साल से जाति को राजनीति का केंद्र नहीं बनने दिया। पीएम मोदी ने कहा कि देश में केवल युवा, किसान, महिला और गरीब 4 ही जातियां हैं। जाति की जगह उन्होंने राष्ट्रवाद के संकल्पों को पूरा करने, विरासत का संरक्षण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीकों के सम्मान को मुद्दा बनाया। लेकिन, 2024 में भाजपा की रणनीतिक चूक से यूपी में फिर से जाति मुद्दा बन गई। अब यूजीसी के नए नियमों ने जातियों के बीच गहरी खाई खोद दी है। हालत यह है कि भाजपा का कोर वोटबैंक ही नाराज हो गया है। वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश बाजपेयी मानते हैं- संघ शुरू से ही हिंदू एकता पर बात करता है। संघ का मानना है कि हिंदू एक महान शक्ति है। बंटवारे से शक्ति और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद कमजोर होगा। यही वजह है कि यूपी प्रवास में सर संघचालक ने राष्ट्र की मजबूती और हिंदू एकता पर जोर देते हुए जाति और यूजीसी के नाम पर हो रहे बंटवारे से ऊपर उठने की बात कही। संघ भले भाजपा से अलग होने की बात करे, लेकिन भाजपा उसका वैचारिक मंच है। संघ को चिंता है कि मुश्किल से खत्म हुई जाति की राजनीति फिर न लौटे। जबकि भाजपा सरकार में अनुच्छेद 370, श्रीराम मंदिर और 3 तलाक जैसे संकल्प पूरे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि संघ प्रमुख की चिंता केवल जातियों के टकराव से संघ को होने वाले नुकसान तक नहीं है। संघ जानता है कि इसका यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी देखने को मिलेगा। सरकार भी डैमेज कंट्रोल में जुटीराजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यूजीसी मुद्दे से नुकसान की आशंका को देखते हुए योगी सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी है। बजट सत्र में 1,42,928 शिक्षामित्रों और 24,417 अनुदेशकों का मानदेय लगभग दोगुना किया गया, महिलाओं को 10 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण और स्टेट डाटा सेंटर अथॉरिटी जैसी घोषणाएं की गईं। माना जा रहा है कि यूजीसी से संभावित नुकसान की भरपाई के लिए सरकार आगे भी महिलाओं, किसानों, युवाओं और कर्मचारियों के लिए नई घोषणाएं कर सकती है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य पर रविंद्र पुरी बोले-अगर आरोप सही तो दंड मिले, योगेश्वरी ने कहा- छवि खराब करने की कोशिश प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश 2 नाबालिग बच्चों के गंभीर आरोपों के आधार पर है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मामला कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले पर संत समाज की क्या प्रतिक्रिया है? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ने कई संतों से बात की। पढ़िए पूरी खबर
फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन राजस्थान:माइनर खनिज पर मेजर खनन के नियम, 1 हजार खदानों पर संकट
मार्बल और ग्रेनाइट के बाद सबसे अधिक खनन वाले क्वार्ट्ज और फेल्सपार को केंद्र सरकार की ओर से माइनर से मेजर मिनरल घोषित किए जाने का असर उदयपुर-राजसमंद की खदानों पर दिखने लगा है। सोना-चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों पर लागू सख्त नियम अब इन खनिजों पर भी लागू हो गए हैं, जबकि बाजार में इनकी कीमत 200 से 250 रुपए प्रति टन है। सरकार ने वर्ष 2027 तक खदानों को संचालित करने की अनुमति दे रखी है, इसके बाद सभी खदानों के माइनिंग प्लान को इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस (आईबीएम) से अनुमोदित कराना होगा। फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन राजस्थान के सदस्य नाना लाल शार्दूल के अनुसार, आईबीएम नियम लागू होने से प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपए बैंक डिपॉजिट जमा कराने पड़ रहे हैं। 4 हेक्टेयर की लीज के लिए 20 लाख रुपए तक खर्च आ रहा है। हर माह रिटर्न रिपोर्ट देनी अनिवार्य है, जिसमें लेबर, स्टॉक, प्रॉफिट आदि का विवरण देना पड़ता है। प्रत्येक माइंस का ड्रोन सर्वे भी अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि खान विभाग ने पूर्व में फीते से मापकर लीज जारी की थीं। नए नियमों से उदयपुर संभाग की 1000 से अधिक खदानें प्रभावित हो रही हैं और करीब 50 हजार लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। इधर प्रदेश सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र राज्य सरकार ने इन खनिजों को माइनर से मेजर मिनरल घोषित किए जाने के बाद 20 जनवरी को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर राहत मांगी है। संयुक्त शासन सचिव अरविंद सारस्वत ने खान मंत्रालय को भेजे पत्र में 5 हेक्टेयर तक के पट्टों के माइनिंग प्लान अनुमोदन का अधिकार राज्य को देने, अतिरिक्त वित्तीय आश्वासन से छूट, लंबित पट्टों की अवधि 31 मार्च 2040 तक बढ़ाने और रॉयल्टी प्रति टन तय करने का अनुरोध किया है। साथ ही छोटे पट्टाधारकों को क्लस्टर में एक ही खनि अभियंता रखने की अनुमति देने की मांग की है। भास्कर एक्सपर्ट- पीआर आमेटा, रि. अतिरिक्त खान निदेशक मेजर मिनरल्स के लिए 4 हेक्टेयर क्षेत्र जरूरी मेजर मिनरल्स में लीज के लिए न्यूनतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र आवश्यक है, जबकि माइनर में 1 हेक्टेयर में भी लीज बन जाती थी। फेल्सपार सहित अन्य खनिज छोटे-छोटे पॉकेट में पाए जाते हैं। उदयपुर में कई स्थानों पर एक-दो बीघा जैसे छोटे हिस्सों में यह खनिज उपलब्ध है। पहले माइनर में लीज प्रक्रिया सरल और कम खर्चीली थी, अब फाइल लगाने के बाद नीलामी अनिवार्य है। बोलीदाता जमीन मालिक की सहमति के बाद ही खनन कर सकता है। इससे कई लोग लीज नहीं ले पा रहे या अवैध खनन की ओर बढ़ रहे हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रयागराज पुलिस ने केस में जांच तेज कर दी है तो प्रयागराज से एक टीम ने काशी में डेरा डाला है। टीम आज शंकराचार्य के मठ जाकर उनका बयान दर्ज कर सकती है। जरूरत पड़ने पर शंकराचार्य से पूछताछ गिरफ्तार भी कर सकती है। टीम ने सोमवार की रात भेलूपुर थाने पर पहुंचकर शंकराचार्य के बारे में जानकारी ली। उनके मठ का नक्शा भी तैयार किया और उनके करीबियों के बारे में भ जानकारी जुटाई। शंकराचार्य केस की विवेचना के तमाम पहलुओं पर इंस्पेक्टर भेलूपुर से संवाद किया। शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि मैं कहीं भाग नहीं रहा। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। जहां भाजपा सरकार नहीं, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, शाहजहांपुर से आज मेरे पास एक परिवार आया जिन्होंने बताया कि आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति ने उन्हें कहा कि अपनी नाबालिग बच्चियों का नाम लेकर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दीजिए। जब उन्होंने मना कर दिया तब धमकी दी गई। इस तरह लोगों को प्रलोभन देकर या धमकाकर हमारे खिलाफ खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं और वकीलों का जमघट इधर, शंकराचार्य के आश्रम पर ऑल इंडिया बार काउंसिल के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी समेत कई वकीलों का जमावड़ा है। हर कोई उसके पक्ष में केस लड़ना चाहता है। वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं का लगातार आवागमन बना हुआ है। यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आज शंकराचार्य से मिलने आ सकते हैं। हालांकि इससे पहले सोमवार को यूपी कांग्रेस ने मामले में प्रधानमंत्री मोदी को पर लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज 'पॉक्सो केस' से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे। रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया। दरअसल, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद 8 फरवरी को उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में केस दायर किया। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR हुई। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में एक अनियंत्रित एक्टिवा सवार लड़की ने सड़क किनारे जलेबी की रेडी में सीधी टक्कर मार दी। इस जोरदार टक्कर के कारण कड़ाही में उबलता हुआ गर्म तेल रेडी मालिक के ऊपर जा गिरा, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया है। यह घटना जालंधर के व्यस्त इलाके भार्गव कैंप की है, जहां एक गरीब व्यक्ति अपनी जलेबी और समोसे की रेडी लगाकर अपना गुजारा कर रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, एक एक्टिवा सवार लड़की ने संतुलन खो दिया और तेज रफ्तार स्कूटर सीधे रेडी में दे मारा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेडी पर रखी गर्म तेल की कड़ाही पूरी तरह पलट गई। तेल से झुलसा रेडी मालिक जैसे ही एक्टिवा रेडी से टकराई, कड़ाही में उबल रहा खौलता हुआ तेल सीधे वहां काम कर रहे युवक के ऊपर गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक का चेहरा और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलस गया है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि तेल इतना गर्म था कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह दर्द से कराहने लगा। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। घायल युवक की हालत को देखते हुए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष देखा गया। पीड़ित युवक उस समय रेडी पर अकेला ही काम कर रहा था। एक्टिवा सवार और पुलिस कार्रवाईघटनास्थल पर सफेद रंग की एक्टिवा (नंबर PB 08 AD 01) खड़ी पाई गई, जिससे टक्कर हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्टिवा सवार लड़की का संतुलन बिगड़ने की वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस को इस मामले की सूचना दे दी गई है। इस हादसे में रेडी मालिक का सारा सामान और कीमती तेल बर्बाद हो गया है, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
जोधपुर में बदले कमिश्नर और रेंज IG:शरत कविराज होंगे नए CP, मीणा की जगह सत्येंद्र सिंह को IG की कमान
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट सोमवार देर रात जारी हुई। ट्रांसफर लिस्ट में एक चौंकाने वाला ट्रांसफर जोधपुर पुलिस कमिश्नर को लेकर हुआ। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश को जोधपुर कमिश्नर से जयपुर में विशेष ऑपरेशन के कमिश्नर के तौर पर लगाया गया है। जबकि महानिरीक्षक पुलिस SOG शरद कविराज अब जोधपुर के नए कमिश्नर होंगे। कविराज पूर्व में जोधपुर ग्रामीण के SP भी रह चुके हैं। वही रेंज IG राजेश मीणा को भी जोधपुर से जयपुर लगाया गया है। उनकी जगह सत्येंद्र सिंह को CID CB के IG से जोधपुर पुलिस महानिरीक्षक (IG) पद पर लगाया गया है। वहीं IG राजेश मीणा को महानिरीक्षक पुलिस गृह रक्षा जयपुर लगाया गया है। इसके अलावा हरेंद्र कुमार महावार को पुलिस उप महानिरीक्षक S.S.B. जोधपुर से महानिरीक्षक पुलिस CID CB लगाया गया है। बता दें कि जब लिस्ट जारी हुई उस समय कमिश्नर ओमप्रकाश भीतरी शहर के दौरे पर थे। उन्होंने शहर में हथाई कल्चर को डेवलप किया था। जहां स्मार्ट और पीपुल फ्रेंडली पुलिसिंग के तहत उन्होंने कई नवाचार किए। इसके अलावा AI के जरिए ओर यहां आने वाले टूरिस्ट के लिए पोर्टल लॉन्च करने सहित रात के समय बाइक राइड की भी शुरुआत की।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में नागदा को मध्य प्रदेश के मालवा में स्थित ‘एक छोटा सा गांव’ कह दिया। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एपिसोड में ‘फोर्स फॉर गुड स्टोरीज’ सेगमेंट के तहत नागदा में ग्रेसिम इंडस्ट्रीज के सीएसआर कार्यों का उल्लेख किया गया। इसी दौरान नागदा को छोटा गांव बताते हुए पानी की समस्या से जूझता क्षेत्र कहा गया। बयान के प्रसारण के बाद नागदा में विरोध शुरू हो गया। कोर्ट में परिवाद दायर हुआ, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में शिकायत की गई है और केबीसी की टीम और अमिताभ बच्चन को लीगल नोटिस भी भेजा गया है। दैनिक भास्कर ने नागदा पहुंचकर ऐसे लोगों से बात की जिन्होंने अमिताभ के बयान पर आपत्ति जताई है। साथ ही ये जानने की कोशिश की कि उज्जैन जिले के नागदा को गांव कहने से यहां लोगों में इतनी नाराजगी क्यों है। इस पूरी कंट्रोवर्सी के बीच ग्रेसिम का क्या रोल है, जिसकी तारीफ अमिताभ ने की। पूरा विवाद केबीसी के एपिसोड से शुरू शो में अमिताभ ने ये कहा था- मध्य प्रदेश के मालवा में स्थित एक छोटा सा गांव है, जिसका नाम है नागदा। गिरते हुए ग्राउंड वाटर लेवल और अनिश्चित बारिश के कारण इस गांव के लोग सालों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन वे डट कर खड़े हुए हैं। नागदावासियों को इस समस्या से जूझने में सहायता के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी ग्रेसिम इंडस्ट्रीज ने पिछले कुछ सालों से नए बांध, रिजर्वायर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नए आरओ सिस्टम्स बनाए, ताकि गांव वालों को सालों से चली आ रही इस समस्या से कुछ राहत मिल सके। इसका परिणाम यह हुआ कि नागदा में खेतों को पूरे साल पानी मिलने लगा और जिसके कारण आज 5,000 हेक्टेयर जमीन पर फसल जमकर होती है। लगभग 9,000 परिवारों यानी कि 3 लाख लोगों को नियमित आय और नियमित पानी मिलने लगा। बहुत-बहुत बधाई! और इसी के साथ ग्रेसिम जन सेवा ट्रस्ट द्वारा नागदा में एक अस्पताल भी स्थापित किया गया है, जहां हर साल 1.4 लाख (1,40,000) मरीजों की चिकित्सा की जाती है। देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप की हम सराहना करते हैं। यह है सही मायने में- ‘अ फोर्स फॉर गुड।’ बिड़ला की सराहना में नागदा को छोटा क्यों कह गए अमिताभ? इस सवाल का जवाब छिपा है केबीसी के कॉन्सेप्ट में। केबीसी के हर एपिसोड में एक सकारात्मक पहल से जुड़ी बात बताई जाती है। इसे ‘फोर्स फॉर गुड स्टोरीज’ का नाम दिया गया है। इसी के तहत 23 दिसम्बर 2025 को प्रसारित हुए एपिसोड में नागदा में आदित्य बिड़ला ग्रुप की ग्रेसिम इंडस्ट्री के सीएसआर कार्यों का बखान कर रहे थे। दरअसल शो के दौरान अमिताभ वही कहते हैं जो स्क्रिप्ट में लिखा होता है। ये स्क्रिप्ट उन्हें शो के आयोजकों द्वारा दी जाती है। यानी अमिताभ ने जो कहा वो उनके निजी विचार नहीं थे, लेकिन वो स्क्रिप्ट में सुधार करा सकते थे। इसी बात काे लेकर नागदावासियों के मन में काफी नाराजगी है। अमिताभ बच्चन के बयान की शिकायत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में करने वाले व्हिसलब्लोअर अभय चोपड़ा से भास्कर ने बात की। उन्होंने नागदा को छोटा गांव कहने के पीछे साजिश की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि नागदा उज्जैन जिले का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जिसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक है। यह जल्द जिला बनने वाला है, क्योंकि गजट अधिसूचना जारी हो चुकी है। व्हिसलब्लोअर ने अपनी बात 4 पॉइंट्स में रखी… 1. उद्योगों का अवैध संचालन उन्होंने कहा ये लोग नागदा को जिला बनाने के खिलाफ हैं, क्योंकि इससे उनके अवैध उद्योग प्रभावित होंगे। सेंटर पॉल्यूशन बोर्ड गंभीर प्रदूषण वाले केमिकल उद्योगों को नगरीय क्षेत्रों में लाइसेंस नहीं देता। नागदा के सभी केमिकल उद्योग नगर पालिका क्षेत्र में हैं, इसलिए वे बिना एनओसी के लाइसेंस लेते हैं-पते पर 'पोस्ट ऑफिस बिड़ला ग्राम, नागदा' लिखवाते हैं और प्लॉट नंबर गायब रखते हैं। जिला बनने पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ेगी, जो उनकी अनियमितताओं को रोक देगी। 2. पेयजल व्यवस्था और अस्पताल चोपड़ा ने कहा कि नागदा चंबल नदी के किनारे बसा शहर है, जहां मध्य प्रदेश सरकार और स्वायत्त संस्थाएं पेयजल आपूर्ति करती हैं, लेकिन इन उद्योगों ने चंबल को प्रदूषित कर दिया है-न इंसानों के लिए और न पशुओं के लिए ये पीने लायक पानी बचा है। 3. पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहेचोपड़ा का दावा है कि मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पास एक फैक्ट्री ने करीब एक लाख टन राख का पहाड़ बना दिया है। नदी के किनारे होने से राख का पानी जमीन में रिसकर ग्राउंडवाटर प्रदूषित हो गया। इससे 14 गांवों की खेती बर्बाद हो गई और बच्चे गंभीर बीमारियों (भैंगा, विकलांगता) के साथ जन्म ले रहे हैं। 18 साल की लड़कियां 35 साल की दिखती हैं। नागदा के अन्य क्षेत्रों में ऐसी समस्या नहीं है, इसका एकमात्र कारण फैक्ट्री की राख है। 4. शिकायत और नगर पालिका की मिलीभगत अभय चोपड़ा ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को शिकायती पत्र लिखा कि नगर पालिका भ्रामक जानकारी फैला रही है। उन्होंने कार्रवाई, पेनल्टी और माफी की मांग की है। उनका आरोप है कि नगर पालिका उद्योगों से मिली हुई है। विधानसभा जवाब के अनुसार, उसके पास न इंजीनियर है, न केमिस्ट। पानी की जांच बिना लैब के ही हो रही है। सेटलर टैंक न होने से फिल्टर से पहले कचरा नहीं जमता। लोगों की उम्र तेजी से घट रही है, बुजुर्गों की संख्या बहुत कम है। नगर पालिका पर लग रहे आरोपों और अमिताभ बच्चन के बयान के बारे में पूछताछ करने भास्कर टीम नगरपालिका दफ्तर पहुंची। हम चंबल किनारे, हमें कोई पानी कैसे पिलाएगा- जल सभापति नागदा नगर पालिका के जल सभापति प्रकाश जैन ने कहा, मुझे लगता है कि अमिताभ जी को जिन लोगों ने ब्रीफ किया, उन्होंने आधी-अधूरी बातें ही बताईं। नागदा अपने आप में एक समृद्ध शहर है। मध्य प्रदेश के जितने भी जिले हैं, उनके आधे जिला मुख्यालयों की जनसंख्या नागदा की शहरी जनसंख्या से भी आधी है। यहां आज करीब 1.5 लाख से ज्यादा आबादी रहती है। अलिराजपुर, झाबुआ, शाजापुर जैसे जिलों में 60-70 हजार की जनसंख्या है, जबकि ये जिला मुख्यालय हैं और नागदा केवल एक तहसील। नागदा की साक्षरता दर भी बहुत से जिला मुख्यालयों से ज्यादा है। अमिताभ जी कह रहे हैं कि बिड़ला जी ने काफी दूर से नागदा में पानी पहुंचाया। मेरा सवाल है कि हम तो चंबल के किनारे बसे हैं, हमारा इलाका पहले से जल समृद्ध है, हमें कोई कैसे पानी पिला सकता है? बिड़ला ब्रदर्स का सरकार से त्रिपक्षीय समझौता हुआ नागदा नगर पालिका के जल सभापति ने कहा कि बिड़ला ब्रदर्स जब यहां आए और उद्योग स्थापित करने लगे, तो उन्हें जमीन और पानी दोनों की जरूरत थी। उस समय उनका सरकार से त्रिपक्षीय समझौता हुआ। सरकार ने डैम बनाने की सशर्त अनुमति दी। शर्त थी कि उद्योग चलाएं, लेकिन नागदा शहर, खाचरोद और रेलवे को पानी पिलाने की जिम्मेदारी आपकी होगी। इसलिए अमिताभ जी को किसी ने अधूरी जानकारी दे दी। नगर पालिका वर्तमान में पूरे नागदा शहर में नल के जरिए पानी सप्लाई कर रही है- वह भी दिन में दो बार। यह डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार होता है। अभी 16 एमएलडी (मिलियन लिटर पर डे) का फिल्टर प्लांट है और 6 एमएलडी का एक और प्लांट बनाने की तैयारी चल रही है। इससे साफ है कि हमारे पास भरपूर पानी है। हम समृद्ध शहर हैं। अमिताभ बच्चन का बयान तथ्यात्मक रूप से झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। उनके बयान से नागदा की प्रगति बाधित हुई अमिताभ जी देश की जानी मानी हस्ती हैं। कल्पना कीजिए, जो उद्योगपति यहां निवेश की योजना बना रहे हों, जो मॉल, फैक्ट्री या शैक्षणिक संस्थान खोलने का विचार कर रहे हों, उनके मन में क्या संदेश गया होगा? उनके कर्मचारियों ने भी सोचा होगा कि यदि यह गांव है और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो यहां रहकर जीवन-यापन कैसे होगा? बच्चों की शिक्षा और उपचार की व्यवस्था कैसी होगी? इस तरह के बयान से नागदा की प्रगति प्रभावित हो सकती है। संभव है कि कुछ निवेशकों ने ऐसी बातों को सच मानकर अपने फैसले पर पुनर्विचार किया हो। इसलिए इस मामले में आपत्ति दर्ज कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी सेलिब्रिटी सार्वजनिक मंच पर तथ्य पेश करने से पहले उनका वेरिफिकेशन जरूर करे। यह कदम केवल आपत्ति नहीं, बल्कि नागदा की वास्तविक पहचान और सम्मान की रक्षा का प्रयास है। नागदा गांव नहीं, बल्कि एक विकसित और संभावनाओं से भरा नगर है। मैं अमिताभ बच्चन पर दर्ज किए गए केस के पक्ष में हूं। नागदा को पानी ग्रेसिम नहीं हम दे रहे- सांसद प्रतिनिधी भाजपा नेता और सांसद प्रतिनिधी ओपी गेहलोत का कहना है कि नागदा को गांव बताने वाली बात का पूरी तरह से खंडन करता हूं। नागदा एक छोटा सा गांव नहीं शहर है और इसे तहसील के रूप में जाना जाता है। इस शहर में लगभग 6 से 7 बड़े- बड़े उद्योग हैं। यहां नगर पालिका परिषद, एसडीएम और सीएसपी जैसे अधिकारी कार्यरत हैं, दो पुलिस चौकियां हैं, शासकिय कॉलेज है, जो एक बड़े शहर में ही होते हैं। इसे गांव बोलना शहरवासियों के साथ छलावा है। पूरे देश के लोग यहां आकर रोजगार कर रहे हैं। यहां 36 वार्ड हैं और और वार्ड में करीब 2500 से 3000 लोग रहते हैं। हमारी विधानसभा का नाम ही नागदा-खाचरोद है। कभी किसी गांव के नाम पर विधानसभा का नाम होता है क्या? अमिताभ बच्चन अपनी जानकारी दुरुस्त करें नगरपालिका अध्यक्ष ओपी गेहलोत ने कहा कि पूरे शहर में पानी की आपूर्ति नगर पालिका द्वारा की जाती है। ग्रेसिम प्रबंधन केवल उन दो वार्डों में पानी की व्यवस्था देखता है, जहां उसकी फैक्ट्री के कर्मचारी और मजदूर निवास करते हैं। इसके अलावा शहर के सभी वार्डों में प्रतिदिन दो समय नियमित जलापूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि शहर में पानी की 12 टंकियां संचालित हैं और रासायनिक प्रक्रिया से शुद्ध किया गया पेयजल नागरिकों को उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में जल आपूर्ति का पूरा श्रेय किसी एक निजी कंपनी या उद्योग समूह को देना तथ्यात्मक रूप से गलत है। गेहलोत ने कहा कि अमिताभ जैसे वरिष्ठ कलाकार को सार्वजनिक मंच से कोई भी जानकारी साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। नागदा को लेकर दिया गया बयान वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। उन्होंने यह भी कहा कि चंबल मैया की कृपा से शहर में पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं और केंद्र व राज्य सरकार से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए प्राप्त हो रहे हैं। ग्रेसिम जिम्मेदारी से बच रही, प्रॉपर्टी निवेशकों में भी संशय अमिताभ के बयान से प्रॉपर्टी और औद्योगिक निवेश को लेकर अनावश्यक संशय की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि नागदा एक विकसित औद्योगिक नगर है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। गलत तथ्यों के आधार पर बनाई गई धारणा से शहर की छवि प्रभावित होती है। जितनी औद्योगिक इकाइयां हैं वे उस क्षेत्र में अपने सीएसआर फंड से विकास कार्य करवाती हैं लेकिन ग्रेसिम ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है। उसके द्वारा स्थापित अस्पताल में ग्रेसिम द्वारा किए गए गंदे पानी से बीमार लोगों का निशुल्क ईलाज होना चाहिए और जान गंवाने वाले लोगों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। अमिताभ बच्चन को कठोर दंड से दंडित किया जाए एडवोकेट एस.के. साहूू का कहना है अमिताभ बच्चन की बात को समझें तो वे कहना चाह रहे हैं कि नागदा में जो कुछ अच्छा हुआ वह ग्रेसिम और बिड़ला ने किया है। इसके बाद आरके ठाकुर और एलएन लोहरवार ने मेरे माध्यम से अमिताभ बच्चन को एक लीगल नोटिस उनके घर पर भेजा। हमारी मांग थी कि नोटिस प्राप्त होते ही नागदा को गांव कहने वाली बात का खंडन करें। फिर मेरे पक्षकार के द्वारा परिवाद कोर्ट में लगी है। 13 मार्च को इसमें बयान होने है। इसी बीच हमारे लीगल नोटिस को उन्होंने रिफ्यूज कर दिया, जिसे भी हमने कोर्ट में लगाया है। जनसेवा ट्रस्ट के अस्पताल में हजारों रुपए वसूलते हैं एडवोकेट साहू ने कहा, मैं ऐसा मानता हूं कि ग्रेसिम में हजारों लोग काम कर रहे हैं लेकिन यहां पानी, स्वास्थ्य सब ग्रेसिम की देन है, ऐसा कहना गलत है। ये जनसेवा ट्रस्ट के नाम से अस्पताल चलाते हैं, उसमें हर चीज का बहुत पैसा लेते हैं। ट्रस्ट से मतलब होता है कि मिनिमम चार्ज में सारा काम हो पाए लेकिन 100 रुपए का तो कार्ड बनता है। नागदा में बहुत बड़ी तादाद फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों की है। इनसे अस्पताल में उपचार के नाम पर हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं। जो सेवा के लिए बना था अब वो लाभ कमाने के उद्देश्य से काम कर रहा है। बच्चन का बयान नागदा के लिए दुर्भाग्य- व्यापारी संघ किराना व्यापारी संघ के संरक्षक मनोज राठी कहते हैं, मेरा तेल का होलसेल का बिजनेस है। हर साल 50 करोड़ रुपए का टर्नओवर है। नागदा में 29 सालों से व्यापार कर रहा हूं। नागदा कोई आज का शहर नहीं है। यह राजा जन्मेजय की नगरी है, बहुत पुरानी नगरी है। घनश्याम दास जी बिड़ला की फैक्ट्री के बाद यहां बहुत विकास हुआ है। 129 गांवों का व्यापार यहां से चलता है, लेकिन अमिताभ बच्चन का नागदा को छोटा गांव कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। चंबल किनारे के गांवों की जमीनी हकीकत…चंबल नदी कभी इन गांवों की जीवनरेखा थी, लेकिन अब यही पानी अभिशाप बन गया है। डाउनस्ट्रीम में बसे 14 गांव उद्योगों के प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योगों की जरूरतें पूरी करने के बाद चंबल का दूषित पानी उनके गांवों तक पहुंचता है। ग्रामीणों का आरोप है कि नागदा की फैक्ट्रियों का अपशिष्ट चंबल में मिल रहा है। कई बार विरोध के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। ईश्वर दास बताते हैं कि पीने का पानी नल-जल से मिल जाता है, लेकिन खेती और पशुओं के लिए बोरिंग का पानी ही इस्तेमाल करना पड़ता है। बोरिंग का पानी हाथ में लो तो तेल जैसा लगता है। जमीन और चंबल का पानी जहर बन गया है। खेतों की मिट्टी सख्त हो चुकी है, फसल पर सफेद केमिकल की परत जम जाती है और उत्पादन 20 प्रतिशत तक सिमट गया है।
गुरुग्राम में सामान और फूड डिलीवरी के काम में अब ड्रोन के साथ-साथ एआई आधारित रोबोट का प्रयोग होगा। देश के पहले पूरी तरह से ऑटोमैटिक 'फिजिकल AI' डिलीवरी नेटवर्क लॉन्च कर दिया है। यह सिर्फ सॉफ्टवेयर का कमाल नहीं, बल्कि असली दुनिया में काम करने वाला एक ऐसा सिस्टम है जो शहरों में सामान की डिलीवरी का तरीका बदल देगा। दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' में पहली बार सामने आए इस सिस्टम को गुरुग्राम में लॉन्च किया गया है। सोमवार से इस नेटवर्क ने अपना कमर्शियल काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहां ड्रोन और रोबोट सामान पहुंचा रहे हैं। ऐसे काम करेगा कामसेक्टर 102 में 4 आधुनिक AI सिस्टम स्काई पोर्ट, स्काई शिप, अराइव पॉइंट और ऑटोनामी के ‘ऑटोबॉट्स’ एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस नेटवर्क की सबसे खास बात यह है कि इसमें सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं पड़ती। इस नेटवर्क में 4 चीजें शामिल स्काई पोर्ट: यहां से ड्रोन उड़ान भरते हैंस्काई शिप: ये ड्रोन हवा के रास्ते सामान को 'डेस्टिनेशन' तक ले जाते हैंअराइव पॉइंट: यह एक स्मार्ट मेलबॉक्स (तिजोरी जैसा बॉक्स) है, जो ड्रोन से सामान रिसीव करता हैऑटोबॉट्स: ये छोटे रोबोट इस स्मार्ट बॉक्स से सामान लेकर सीधे ग्राहक के घर के दरवाजे तक पहुंचाते हैं गुरुग्राम में फिजिकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत स्काई एयर मोबिलिटी के CEO अंकित कुमार ने बताया कि यह सिर्फ ड्रोन की क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह शहर के स्तर पर फिजिकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत है। भारत हमेशा से सॉफ्टवेयर में आगे रहा है, लेकिन आज अपनी ताकत से दिखा दिया कि भारत असली दुनिया में सामान पहुंचाने वाली AI तकनीक में भी लीडर हैं। सुरक्षित और बिना रूकावट के काम अराइव एआई के सीईओ डैन ओटोल ने बताया कि अराइव पॉइंट्स हवा और जमीन के बीच एक पुल का काम करते हैं। ये स्मार्ट मेलबॉक्स सुनिश्चित करते हैं कि ड्रोन और रोबोट के बीच सामान का लेन-देन सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के हो। अंदर और बाहर आसानी से चलेंगे रोबोट ओटोनोमी इंक के सीईओ रितुकर विजय ने बताया कि ये ऑटोबॉट्स घरों के अंदर और बाहर दोनों जगह आसानी से चल सकते हैं। स्काई एयर और अराइव के साथ मिलकर हम दुनिया को दिखा रहे हैं कि भविष्य की लॉजिस्टिक्स कितनी आसान होगी। पर्यावरण के लिए भी वरदानयह प्रोजेक्ट केवल तकनीक तक सीमित नहीं है। इस नेटवर्क को लॉन्च करने वाली स्काई एयर के मुताबिक पिछले 2 सालों में उन्होंने 36 लाख से ज्यादा ऑटोनॉमस डिलीवरी की हैं, जिससे करीब एक हजार टन कार्बन उत्सर्जन (CO2) कम हुआ है। यह सिस्टम ट्रैफिक जाम को कम करने और सड़कों पर गाड़ियों का बोझ घटाने में भी मदद करेगा।अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में पूरी दुनिया के शहरों में डिलीवरी का यही तरीका अपनाया जा सकता है।
चंडीगढ़ पुलिस से झड़प के मामले में बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को चंडीगढ़ जिला अदालत ने आज पेश होने के आदेश दिए हैं। बिक्रम मजीठिया की सोमवार को कोर्ट में पेशी थी, लेकिन वह पेश नहीं हुए और उनकी ओर से अर्जी दायर की गई थी, जिसमें पार्टी की अहम बैठक का हवाला दिया गया। इस पर अदालत ने एक दिन की छूट देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि वे मंगलवार को हर हाल में अदालत में पेश हों। हालांकि, पूर्व कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा और महेशइंदर सिंह ग्रेवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। ऐसे में अब मजीठिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ ही केस चलेगा। मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान हुई थी झड़प पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 में अकाली दल के कई नेता पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के मुद्दे पर चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए, सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया और पुलिस कार्य में बाधा डाली। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। अब हाईकोर्ट की रोक हटने के बाद जिला अदालत में मुकदमे की कार्रवाई तेज होगी। हाईकोर्ट ने हटाई डेढ़ साल पुरानी रोक वर्ष 2021 में मजीठिया समेत अकाली दल के 20 से अधिक नेताओं के खिलाफ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। डाॅ. दलजीत सिंह चीमा और महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 29 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने चीमा और ग्रेवाल की याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इसी के साथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चल रहे मामले पर लगी रोक भी हट गई।
25 फरवरी से शुरू हो रही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए रेवाड़ी में 54 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 10वीं के 8 हजार 351 और 12वीं के 8 हजार 68 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। बोर्ड परीक्षाएं शांतिपूर्ण और नकल रहित करवाने के लिए जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लगा दी है। जो एक अप्रैल को परीक्षा खत्म होने तक लागू रहेगी। डीसी एवं जिलाधीश अभिषेक मीणा ने यह आदेश जारी किए। शिक्षा विभाग ने सभी 54 परीक्षा केंद्रों पर केंद्र अधिक्षक नियुक्त कर उन्हें सामग्री सौंप दी हैं। पहले दिन 12वीं कक्षा का अंग्रेजी का पेपर होगा। परीक्षा केंद्रों पर चलेगा पता डीईओ बिजेंद्र हुड्डा ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक नियुक्त कर उन्हें सामग्री सौंप दी है। बाकी स्टाफ की ड्यूटी बोर्ड द्वारा लगाई गई हैं। परीक्षा केंद्र अधीक्षक जब परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद अपना थैला खोलेंगे तभी इसका पता चल पाएगा कि किस केंद्र पर किसकी और कितने कर्मचारियों की ड्यूटी है। वास्तविक छात्र संख्या की जानकारी भी परीक्षा केंद्रों से पता चलेगी। पहली दिन 12वीं अंग्रेजी का पेपर होगा और परीक्षाएं दोपहर 12.30 से 3.30 तक चलेंगी। परीक्षाएं शांतिपूर्ण और पारदर्शी करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नकल करने और करवाने पर होगी कार्रवाई डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि परीक्षा के समय केंद्र की 200 मीटर की परिधि में अनावश्यक घूमने पर प्रतिबंध रहेगा। इस दायरे में सभी फोटो स्टेट की दुकानें, जीरोक्स की दुकानें बंद रहेंगी। अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास घूमने और नकल करने और करवाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। केवल परीक्षा अधीक्षक को फोन की अनुमति डीसी ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में केवल परीक्षा अधीक्षक को फोन ले जाने की अनुमति होगी। अन्य कोई भी परीक्षा केंद्र में फोन नहीं रख पाएगा। परीक्षा केन्द्र पर सभी पर्यवेक्षकों और सहायक स्टाफ के लिए बोर्ड द्वारा जारी पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने इस बार परीक्षार्थियों को अंक सुधार के लिए दूसरी बार परीक्षा देने का मौका दिया है। कोई पेपर ठीक नहीं होने पर 15 दिन में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। एक परीक्षार्थी अधिकतम दो पेपर ही दे सकेगा।
करनाल के नीलोखेड़ी में जीटी रोड पर सैर के लिए निकली करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला की तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से मौत हो गई। महिला सड़क पार कर रही थी, तभी एक अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए टक्कर मार दी। परिजनों को राहगीरों से सूचना मिली। अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेटे ने बेटे के साथ मिलकर तलाशागांव लाठरो निवासी हाल हैफेड कॉलोनी नीलोखेड़ी के शमशेर सिंह पुत्र तारा चंद (उम्र 61 वर्ष) ने पुलिस चौकी नीलोखेड़ी में बयान दिया। उन्होंने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करते हैं। उनकी माता ओमपति पत्नी तारा चंद उनके साथ रहती थीं, जिनकी उम्र लगभग 90 वर्ष थी। 23 फरवरी की शाम को ओमपति घर से जीटी रोड पर सैर के लिए निकली थीं। काफी देर तक वापस न आने पर शमशेर सिंह अपने बेटे कृष्ण के साथ उन्हें ढूंढने निकले। राहगीरों से मिली दुर्घटना की जानकारीरास्ते में राहगीरों ने बताया कि जीटी रोड पार करते समय एक बुजुर्ग महिला का एक्सीडेंट हो गया है। शमशेर सिंह मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनकी माता को किसी नाम-पता नामालूम वाहन चालक ने तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए टक्कर मारी है। हादसे में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। अस्पताल से मिली डाक्टरी सूचनानीलोखेड़ी के सरकारी अस्पताल से डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज स्थित मोर्च्युरी हाउस भेज दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है।
ग्वालियर में नवंबर 2022 में बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी का लाइव शो 'मधोश अदनामी शामी' होना था, लेकिन वह कैंसिल हो गया था। पूरे शो की डील 33 लाख रुपए में हुई थी। इस मामले में आयोजक की ओर से कोर्ट में परिवाद दायर किया था। जिसमें कहा था कि बॉलीवुड सिंगर ने 17.62 लाख रुपए एडवांस लेने के बाद भी शो नहीं किया। मामले में सोमवार 23 फरवरी को सिंगरर अदनान सामी का जवाब आया है। जिसमें कहा है कि आयोजकों की ओर से बार-बार तारीख बदलीं, फिर भी तैयारी नहीं की। इसी के चलते कुछ घंटे पहले शो कैंसिल कर दिया गया। यह आयोजकों का फॉल्ट था, जबकि कलाकार पर पूरा दोष डालकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। कोर्ट में पेश किए रिकॉर्ड और दस्तावेज जिला कोर्ट में पेश किए गए रिकॉर्ड व दस्तावेजों के आधार पर पता लगा है कि ग्वालियर में 27 सितंबर 2022 को बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी का एक लाइव शो होस्ट किया था। सिंगर की फीस 40 लाख रुपए बताई गई थी। बातचीत के बाद 33 लाख रुपए में बात फाइनल हुई थी। लाइव शो के आयोजकों ने बतौर एडवांस 17.62 लाख रुपए सिंगर के मैनेजर को दिए थे। आयोजकों के निवेदन पर लाइव शो की डेट 27 सितंबर 2022 के स्थान पर 13 नवंबर 2022 का रखी गई थी, जबकि भुगतान और लॉजिस्टिक्स समय पर पूरा करना पहले से निर्धारित था। कोर्ट में बताया गया है कि सिंगर अदनाम सामी की टीम ने यात्रा टिकट, होटल कन्फर्मेशन, स्टेज और वेन्यू लेआउट, लोकन ट्रांसपोर्टेशन, प्रोडक्शन टीम और एयरपोर्ट वीआईपी सर्विस जैसे विवरण मांगे, लेकिन आयोजक ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। चीफ गेस्ट को कोविड, शो कैंसिल किया जवाब में यह भी कहा है कि लाइव शो के एक दिन पहले 12 नवंबर 2022 को आयोजकों ने चीफ गेस्ट के कोविड संक्रमित होने का हवाला देकर शो न करने की सूचना दी गई। जबकि टिकट बिक्री जारी थी। कलाकार ने कार्यक्रम से इनकार नहीं किया, बल्कि आयोजक के आग्रह पर तारीख बदली। अब आरोप है कि पूरी कहानी झूठी है। आयोजक अपने फॉल्ट को छिपाने के लिए सिंगर को ब्लैकमेल कर रहे हैं। शर्तें स्पष्ट थीं कि भुगतान नॉन-रिफंडेबल था और कैंसिलेशन का अधिकार आयोजक के पास नहीं था। साथ ही अदनान सामी ने वकीलों की नियुक्ति संबंधी सहमति पत्र भी प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने अपने अधिवक्ताओं को अधिकृत किया है। एडवांस लेने के बाद शो नहीं किया आयोजक की ओर से लावन्या सक्सेना ने जिला कोर्ट में अदनान सामी के खिलाफ परिवाद दायर किया है। परिवादी के वकील अवधेश तोमर ने बताया कि सिंगर अदनान सामी ने लाइव शो करने के लिए 17.62 लाख रुपए एडवांस लिए थे। फिर भी शो नहीं किया। जब एडवांस वापस देने के लिए सूचना दी गई, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। इसी के चलते पुलिस थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। ऐसे में कोर्ट में परिवाद दायर किया है।
इंदौर के गांधी भवन के सामने शनिवार को भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई पत्थरबाजी के मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। थाना प्रभारी ने खुद फरियादी बनकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, जबकि एक अधिकारी को धक्का देने का वीडियो भी सामने आने के बाद सरकारी काम में बाधा का केस बनाया है। पुलिस फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है। दो दिन पहले गांधी भवन (कांग्रेस कार्यालय) के सामने भाजयुमो के प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। पत्थर, टमाटर, संतरे और पानी की बोतलें फेंकी गईं। पुलिस को वाटर कैनन चलाना पड़ा। इस दौरान सब-इंस्पेक्टर एसएस बघेल (द्वारकापुरी थाना) घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान उन पर पत्थर मारा गया। थानेदार ने सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज कराया है। इधर, वायरल वीडियो में भाजपा नेता अखिलेश राय पत्थर फेंकते दिख रहे हैं। साथ ही एडीसीपी दिशेष अग्रवाल के साथ बदसलूकी और धक्का देने का फुटेज भी सामने आया है। एक युवक ने पीछे से एडीसीपी को धक्का देकर गिरा दिया। हालांकि, अधिकारी ने खुद रिपोर्ट नहीं लिखाई, लेकिन थाने से कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस अब कैमरों और ड्रोन फुटेज से आरोपियों को पकड़ने की तैयारी में है। टमाटर विवाद और आरोप-प्रत्यारोप झड़प के दौरान टमाटर फेंके जाने को लेकर विवाद हुआ। कांग्रेस पर आरोप लगा कि उन्होंने चोइथराम मंडी से टमाटर के कैरेट मंगवाए। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मंडी सचिव को फोन कर सीसीटीवी चेक करने को कहा, लेकिन कैमरों में कोई कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, टमाटर का इंतजाम भाजपा नेताओं ने ही किया था। कांग्रेस की सूची में कई बड़े नाम कांग्रेस ने पुलिस को पत्थरबाजी करने वालों की सूची सौंपी है, जिसमें भाजपा के कई पदाधिकारी शामिल हैं। सूची में ये प्रमुख नाम शामिल हैं.. 34 नामों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग घायल हुई बिंदु चौहान सहित कुल 34 नामों पर केस दर्ज करने की मांग की गई है। पुलिस दोनों पक्षों के फुटेज की जांच कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां होने की संभावना है। घटना के बाद इंदौर की सियासत गरमा गई है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमले की योजना बनाने का आरोप लगा रही हैं। यह खबर भी पढ़ें… एमपी में भाजयुमो–कांग्रेसी भिड़े, पथराव में SI समेत कई घायल दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में शनिवार को मध्यप्रदेश के कई शहरों में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया। इंदौर में यह प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। इंदौर में भाजयुमो कार्यकर्ता जब कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) की ओर बढ़े तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के बीच पत्थर, बोतलें, टमाटर और संतरे फेंके गए। पूरी खबर यहां पढ़ें...
भोपाल में धर्म परिवर्तन गिरोह की सरगना निकली दो सगी बहनों की चौंकाने वाली करतूत सामने आई है। उनका काम अमीर युवकों को लड़कियां सप्लाई और धर्मांतरण कराना था। इसी काली कमाई के बूते वे अब्बास नगर की झुग्गी बस्ती से निकलकर आशिमा मॉल के पास स्थित सागर रॉयल विला में आलीशान घर तक पहुंचीं। अमरीन और आफरीन नाम की ये बहनें लग्जरी लाइफ स्टाइल जीती थीं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब रविवार रात को भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां राजधानी के बाग सेवनिया थाने पहुंच गईं। दोनों ने थाने में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। 21 और 32 साल की दोनों पीड़िताओं की आपसी पहचान इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। सोमवार को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू और यासिर की तलाश की जा रही है। अमरीन और आफरीन ने पुलिस को बताया कि वे गरीब घरों की लड़कियों को टारगेट करती थीं। पहले मदद के नाम पर घरेलू काम के लिए रखती थीं, फिर हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल का सपना दिखाकर बड़ी पार्टीज में ले जाती थी। वहां उन्हें अमीरजादों के आगे परोस दिया करती थीं। शराब और ड्रग्स लेने के लिए दबाव डालती थीं पीड़िताओं ने FIR में बताया है कि चंदन यादव, सागर रॉयल विला में अमरीन-आफरीन के साथ रहता है। वह दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद इस्लाम अपना चुका है। अमरीन और आफरीन दोनों पीड़िताओं को गुजरात और मुंबई ले गई थीं। वहां भी उन्होंने अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं। अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वाट्सऐप ग्रुप मिले पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वाट्सऐप ग्रुप मिले हैं। कई युवतियों के फोटो भी हैं। पुलिस को अमरीन और आफरीन के देह व्यापार गिरोह से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। उनके गिरोह में चंदन यादव के अलावा बिलाल और यासिर भी काम करते थे। दोनों पीड़िताओं से तीनों युवक कई बार रेप कर चुके हैं। वे किसी को भी वारदात के बारे में बताने पर बदनाम करने की धमकी देते थे। चंदन ने कहा- मुस्लिम बनो, अच्छी जगह शादी कराऊंगा भोपाल की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया- मैं अमरीन के घर काम करती थी। एक दिन चंदन और अमरीन के बीच विवाद हो गया था। चंदन नाराज होकर कहीं चला गया। अमरीन ने मुझे कहा कि चंदन को तलाशने चलना है। मैं उसके साथ चली गई। हम दोनों नारायण नगर में रहने वाली चंदन की बहन के घर पहुंचे। वहां चंदन मिल गया, कुछ देर बाद अमरीन कहीं चली गई। इस दौरान चंदन ने पहली बार मेरे साथ रेप किया। किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बदनामी का डर भी दिखाया। चंदन ने कहा- मैं इस्लाम अपना चुका हूं, तुम भी मुस्लिम बन जाओ। तुम्हारी शादी अच्छी जगह करा दूंगा। चंदन की बातों में आकर मैं मुस्लिम बन गई। इसके बाद अमरीन ने मुझे बुरका पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। युवतियों को 10 हजार महीना देती थी बहनें छत्तीसगढ़ में मुंगेली जिले में रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया- अमरीन काम के बहाने मुझे गुजरात के अहमदाबाद भी ले गई। वहां यासिर नाम के उसके रिश्तेदार ने भी मेरे साथ रेप किया। इसी तरह अलग-अलग समय में अमरीन के भाई बिलाल और चानू ने भी मेरे साथ रेप किया। सभी के पास अमरीन किसी बहाने से मुझे लेकर पहुंची और अकेला छोड़कर चली गई थी। दोनों ही पीड़िताओं ने पुलिस को यह भी बताया कि अमरीन-आफरीन दोनों को अपने घर में रखती थीं। उन्हें 10 हजार रुपए महीना में घरेलू काम करने होते थे। खाना, घूमना और पबिंग-क्लबिंग फ्री में करने को मिलती थी। शिकायत करने पर हत्या की धमकी मिली पीड़िताओं ने बताया कि जब हमने अमरीन के पास से काम छोड़ने की बात कही तो उसने धमकी दी कि किसी को हमारे संबंध में कुछ मत बताना। कभी मुंह खोलने की हिमाकत मत करना। हमारे संबंध कई बड़े लोगों से हैं। हमारे खिलाफ कभी भी कोई बात सुनने को मिली तो जान से हाथ तक धोना पड़ सकता है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्यूटीशियन से नशा देकर रेप, धर्म बदलने का दबाव बनाया छत्तीसगढ़ की 21 वर्षीय ब्यूटीशियन ने भोपाल में 3 लोगों के खिलाफ रेप और एक महिला पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने की एफआईआर कराई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, उसकी छोटी बहन आफरीन और उसके दोस्त चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर...
भारतीय सेना ने दर्जनों तोपें एक साथ गरज उठीं। अपाचे हेलीकॉप्टर और ड्रॉन से भीषण बमबारी कर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर दिया। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान की खड़गा कोर ने पहली बार महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चक्रव्यूह रचकर दुश्मन को ढेर करने की रणनीति का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही युद्धाभ्यास ‘खड़ग शक्ति 2026’ का समापन हो गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पश्चिमी कमान की अब तक की सबसे बड़ी हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट ड्रिल माना जा रही है, जिसमें तकनीक-आधारित युद्ध, ड्रोन ऑपरेशन्स, एयरबोर्न क्षमता और इंटीग्रेटेड फायरपावर का व्यापक प्रदर्शन किया गया। खड़ग शक्ति 2026 में ड्रोन टेक्नोलॉजी को केंद्रीय स्थान दिया गया। स्वार्म ड्रोन, ‘खड्गा’ ड्रोन और भारतीय सेना द्वारा विकसित ‘ऐरावत’ ड्रोन के साथ टेथर्ड ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। ड्रोन के झुंड ने समन्वित हमले की रणनीति, लक्ष्य पहचान, निगरानी और प्रहार क्षमता आधुनिक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई।
आंध्र प्रदेश के दो पुलिस अधिकारी 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए
आंध्र प्रदेश के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को वाईएसआर कडप्पा जिले के एक पुलिस स्टेशन में दो पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
शिरोमणि अकाली दल बादल की नेता कंचनप्रीत कौर सोमवार शाम तरनतारन सिटी थाने पहुंचीं। वह कोर्ट के आदेश पर दर्ज मामलों की पुलिस जांच में शामिल होने आई थीं। हालांकि, आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका और उन्हें 25 फरवरी तक का समय दिया गया है। कंचनप्रीत कौर, जो तरनतारन उपचुनाव के दौरान अकाली दल की उम्मीदवार बीबी सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, उनके खिलाफ सिटी तरनतारन थाने में दो मामले (केस नंबर 240 और 261) दर्ज किए गए थे। ये मामले सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार करने और पुलिस के साथ कथित छेड़छाड़ से संबंधित हैं। पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश कोर्ट ने कंचनप्रीत कौर को पासपोर्ट से संबंधित मजीठा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में जमानत दे दी है। इसके अतिरिक्त, उन्हें झबाल पुलिस स्टेशन और सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों में भी जमानत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें इन मामलों की पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में पेश हुईं कंचनप्रीत कौर अपने अकाली दल के साथियों और मौजूदा पार्षदों के साथ सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में पेश हुईं। उनके वकील ने सिटी हेड इंस्पेक्टर नवदीप भट्टी से लगभग आधे घंटे तक बातचीत की, जिसके बाद कंचनप्रीत कौर वापस लौट गईं। 25 फरवरी तक का समय मिला कंचनप्रीत कौर ने बताया कि जांच अधिकारी के थाने में मौजूद न होने के कारण पुलिस जांच पूरी नहीं हो पाई। उन्हें 24 फरवरी को फिर से पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन अब 25 फरवरी तक का समय मिला है। उन्होंने पंजाब सरकार पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया, साथ ही कोर्ट पर पूरा भरोसा जताया। 25 फरवरी को दस्तावेज पेश करने को कहा गया थाना सिटी तरनतारन के प्रमुख नवदीप भट्टी ने जानकारी दी कि कंचनप्रीत कौर से कुछ दस्तावेज पेश करने को कहा गया था, जो वह साथ नहीं लाई थीं। इसी कारण उन्हें 25 फरवरी तक का समय दिया गया है, ताकि वह अपने दस्तावेज पेश कर सकें।
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वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लीलता के आरोपी को सजा सुनाई। साक्ष्य, गवाहों और पुलिस चार्जशीट के आधार पर आरोपी को दोषी माना। इसके बाद उसे 20 साल कठोर कारावास का दंड दिया। दुष्कर्मी पर 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट में अभियोजन ने बताया कि वर्ष 2020 में आदमपुर थाने में मुकीमगंज निवासी विजय कुमार यादव दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और पीड़िता का मेडिकल कराया। इसके बाद विवेचना शुरू हुई तो कई साक्ष्य मिले। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने पहले भी इसका प्रयास किया था। इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की और ट्रायल शुरू हो गया। अभियोजन ने पीड़िता और परिजनों के अलावा भी कई गवाह पेश किए। जिसके साथ मेडिकल रिपोर्ट समेत कई साक्ष्य भी केस की मजबूती बने। पॉक्सो एक्ट केस में न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने अभियुक्त विजय कुमार यादव को 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 55 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। लोक अभियोजक मधुकर उपाध्याय ने दलीलें पेश की और केस के तमाम पहलुओं को रखा।
‘हम लोग गरीब परिवार से हैं। पिता बूढ़े हैं, भाई ज्यादा मतलब नहीं रखता है। वो अपनी पत्नी के साथ अलग रहता है। घर चलाने और हम लोगों की शादी के लिए पैसों की जरूरत थी। एक दिन बाजार में मेरी और चचेरी बहन की रेखा नाम की लड़की से मुलाकात हुई। रेखा ने हम लोगों को कंपनी में जॉब का लालच दिया और फिर ऑर्केस्ट्रा के दलदल में धकेल दिया। ऑर्केस्ट्रा में हम लोगों का काम करने का मन नहीं था। नालंदा आने के बाद जब हम लोगों ने काम करने से मना किया तो हमारे साथ मारपीट की गई। हमारा मोबाइल भी छीन लिया गया। जिसने भी भागने की कोशिश की गई, उसके साथ गंदा काम करते। पप्पू ने वहां रह रही सभी लड़कियों से साथ गलत किया।’ उत्तर प्रदेश के एक जिले की एक नाबालिग ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। नाबालिग ने बताया कि 8 से 10 दिन पहले मैं अपनी चचेरी बहन के साथ नालंदा से भागी थी और घर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 लड़कियों का रेस्क्यू किया। दरअसल, नालंदा के सरमेरा इलाके में 22 फरवरी को नालंदा पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की ओर से एक किराए के मकान में छापेमारी की गई। चेरो रोड स्थित मकान के अलग-अलग कमरों से 7 नाबालिग और 6 बालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया। लड़कियों के रेस्क्यू की पूरी कहानी क्या है, 13 लड़कियां कहां से और कैसे लाई गई थी, 13 लड़कियां यहां कब से फंसी थी, क्या लड़कियों से देहव्यापार कराया जा रहा था? इन सवालों के जवाब नाबालिग लड़कियों ने दैनिक भास्कर से शेयर की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए नाबालिग ने क्या बताया यूपी की रहने वाली 16 साल की अंजलि (काल्पनिक नाम) ने बताया कि मैं और मेरी छोटी चचेरी बहन छत्तीसगढ़ की रहने वाली रेखा नाम की लड़की के संपर्क में आए थे। करीब 3 महीने पहले मेरी बहन और मैं मार्केट में सामान लेने गए थे। इसी दौरान रेखा की बातचीत मेरी छोटी बहन से हुई। रेखा ने उससे कहा कि नालंदा में एक कंपनी में काम है, पैसे भी अच्छे मिलेंगे, क्या तुम काम करने चलोगी। अंजलि ने बताया कि मेरी बहन ने तत्काल मुझसे इस बारे में पूछा। घर की आर्थिक स्थिति देखकर मैंने हां कर दी। इसके बाद मैंने अपनी मां को भी बताया था। मां ने पूछा था कि कैसी कंपनी है, मुझे या मेरी चचेरी बहन को ज्यादा कुछ नहीं पता था, इसलिए हम लोग इस बारे में कुछ नहीं बता पाए। मां से कहा कि वहां पहुंचने के बाद आपको कॉल करूंगी। 3 महीने से नालंदा में रह रही थी, 10 दिन पहले भागी अंजलि ने बताया, '3 महीने पहले मैं अपनी छोटी बहन के साथ रेखा के कहने पर नालंदा आ गई। नालंदा आने के बाद पता चला कि हम लोगों को ऑर्केस्ट्रा में काम करना है, इसलिए मैंने मना कर दिया। जब काम करने से मना किया तो हम लोगों के साथ मारपीट की गई। मेरा मोबाइल भी छीन लिया गया। पप्पू नाम के एक आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर ऑर्केस्ट्रा में काम नहीं करोगी तो तुम लोगों के साथ गलत काम करूंगा। ऑर्केस्ट्रा में जितनी भी लड़कियां थी, उनसे पहले डांस कराया जाता था, फिर गलत काम में धकेल दिया जाता था।' नाबालिग ने बताया, 'जो भी लड़की घर से पैसा लेकर आती थी, उससे पैसा भी ले लिया जाता था। मैंने 500 रुपए छिपाकर रखा था। एक दिन कपड़ा सुखाने छत पर बहन के साथ गई और इसी दौरान छत से कूदकर भाग निकली। 3 महीने तक मैं नालंदा में रही थी। हम लोगों को कही आने जाने नहीं दिया जाता था। छत पर भी नहीं जाने दिया जाता था। डांस करने के लिए कही जाना होता था तो एक दो लड़कों को साथ भेजा जाता था, जो हम लोगों पर निगरानी रखता था।' मोबाइल मांगते थे तो मारपीट की जाती थी अंजलि ने बताया, 'जब हम लोगों को घर पर बात करनी होती थी तो साथ में मौजूद लड़कों से मोबाइल मांगते थे। बात तो नहीं कराता था, वापस आने पर पप्पू को बता देता था, जिसके बाद पप्पू हम लोगों के साथ मारपीट करता था। हम लोगों के साथ करीब 15 लड़कियां ऑर्केस्ट्रा में काम करती थी। किसी भी लड़की को दूसरी लड़की से बात करने की इजाजत नहीं थी। सभी को अलग-अलग कमरों में रखा जाता था।' एक दिन का 1000-1500 रुपए देते थे अंजलि ने बताया, 'डांस करने के लिए बाहर जाने पर हम लोगों को 1000, 1200 से 1500 रुपए दिए जाते थे, लेकिन आज तक ये पैसे न हम लोगों के हाथ में दिए गए और न ही अकाउंट में जमा कराए गए। जिन लड़कियों पर भरोसा हो जाता था, उन्हें घर जाने दिया जाता था। अगर उन्हें लगता था कि लड़की जाने के बाद नहीं आएगी या पुलिस के पास चली जाएगी। ऐसी लड़कियों को न तो किसी से बात करने दिया जाता था, न घर भेजा जाता था।' दो महिला, एक पुरुष गुर्गों के साथ चला रहे थे रैकेट जानकारी के मुताबिक, ऑर्केस्ट्रा की आड़ में काजल नाम की सरगना, बिचौलिया रेखा अपने पति पप्पू और उसके गुर्गों की मदद से देहव्यापार का धंधा चला रही थी। रेखा अलग-अलग जगहों से लड़कियों की तलाश करती थी, जिन्हें पैसों की जरूरत होती थी। रेखा कुछ-कुछ जगहों पर जाकर दो से चार दिन तक होटल में रहती थी और मार्केट, रेलवे स्टेशन समेत अन्य जगहों पर लड़कियों को अपना शिकार बनाती थी। ऐसी लड़कियों के सामने 'कंपनी' का झूठा ताना-बाना बुनती थी और वादा करती थी कि उन्हें एक दिन के काम में 1000, 1200 से लेकर 1500 रुपए तक की कमाई होगी। साथ ही उन्हें इन्सेंटिव का भी लालच देती थी। अब जानिए, देहव्यापार के इस रैकेट का खुलासा कैसे हुआ? देह व्यापार के चंगुल से भागने वाली अंजलि और उसकी चचेरी बहन किसी परिचित के जरिए 'मिशन मुक्ति फाउंडेशन' तक पहुंची। अंजलि ने अपनी और देह व्यापार के दलदल में फंसी साथी लड़कियों की दर्दनाक कहानी बताई। सूचना मिलते ही 'मिशन मुक्ति फाउंडेशन' के सहयोगी पार्टनर 'प्रयास' ने गुप्त तरीके से पूरे मामले की जमीनी तफ्तीश की। इसकी पुष्टि हो गई कि सरमेरा में देह व्यापार का रैकेट चलाया जा रहा है तो उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) नई दिल्ली और और पटना में कमजोर वर्ग के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) डॉक्टर अमित जैन से शिकायत की। इसके बाद नालंदा पुलिस की ओर कार्रवाई की गई।
राज्य सरकार ने देर रात 21 आईपीएस अफसरों के तबादले किए हैं। ज्यादातर अफसरों के प्रमोशन के बाद ट्रांसफर किए गए हैं। जोधपुर के पुलिस कमिश्नर और जयपुर के स्पेशल पुलिस कमिश्नर बदले गए हैं। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और कोटा के रेंज आईजी के तबादले किए गए हैं। एसओजी आईजी शरत कविराज जोधपुर के नए पुलिस कमिश्नर होंगे। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश का तबादला जयपुर के स्पेशल कमिश्नर के पद पर किया गया है। जयपुर के स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश का तबादला जयपुर रेंज आईजी के पद पर किया है। प्रमोशन के बाद कहां भेजे गए सीनियर IPS? एडीजी क्राइम ब्रांच हवा सिंह घुमरिया को एडीजी मुख्यालय, विपिन कुमार पांडे को एडीजी पुलिस भर्ती और पदोन्नति बोर्ड, मुख्यालय से एडीजी क्राइम ब्रांच, राजस्थान के पद पर किया है। प्रफुल्ल कुमार को आईजी इंटेलीजेंस से एडीजी, इंटेलिजेंस के पद पर प्रमोट किया है। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुवासा को प्रमोशन के बाद एडीजी, ट्रेनिंग के पद पर तबादला किया है। जोधपुर रेंज की आईजी राजेश मीणा का तबादला आईजी होमगार्ड जयपुर के पद पर किया है। एस परिमल का आईजी कार्मिक पुलिस मुख्यालय से आईजी एसीबी के पद पर तबादला किया है। विकास कुमार से वापस ली एटीएस की जिम्मेदारी अब तक आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार को अब आईजी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का जिम्मा दिया गया है। उनसे एटीएस का जिम्मा वापस ले लिया है। राहुल प्रकाश जयपुर रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह को आईजी (सीआईडी सीबी) से आईजी (जोधपुर) रेंज, राहुल प्रकाश को स्पेशल पुलिस कमिश्नर जयपुर से आईजी जयपुर रेंज, ओम प्रकाश- 2 का तबादला पुलिस आर्म्ड बटालियन से आईजी बीकानेर रेंज के पद पर किया है। बीकानेर रेंज आईजी हेमंत कुमार शर्मा का तबादला आईजी SCRB जयपुर के पद पर किया है। अजय पाल लांबा का आईजी SCRB से आईजी एसओजी जयपुर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। सत्येंद्र कुमार होंगे RITI सीईओ सत्येंद्र कुमार को आईजी, एससीआरबी जयपुर से सीईओ राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसपोर्टेशन एंड इनोवेशन (RITI)जयपुर के पद पर लगाया है। आईपीएस को आईएएस वाली प्रशासनिक पोस्ट दी गई है। जेडीए डीआईजी राहुल कोटकी का तबादला प्रीति चंद्र को डीआईजी आर्म्ड बटालियन फर्स्ट जयपुर से आईजी लॉ एंड आर्डर प्रशासन जयपुर, हरेंद्र कुमार महावर को डीआईजी एसएसबी,जोधपुर से आईजी, सीआईडी सीबी जयपुर के पद पर लगाया है। जेडीए जयपुर में डीआईजी राहुल कोटकी की का तबादला आईजी कार्मिक पुलिस मुख्यालय के पद पर किया है। राजेश सिंह को एसीबी, डीआईजी थर्ड से आईजी एटीएस जयपुर के पद पर लगाया है। कालूराम रावत को डीआईजी पुलिस हाउसिंग से आईजी पुलिस सिविल राइट्स एंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग जयपुर के पद पर लगाया है। अब यहां देखिए- IPS ट्रांसफर की पूरी लिस्ट
'मेरे परिवार और गोतिया (रिश्तेदार) से पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जमीन 6 एकड़ 56 डिसमिल है। इसको लेकर पिछले 40 साल से कोर्ट में मामला चल रहा था। 5 महीने पहले कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद भी हमने अपने गोतिया को 3 एकड़ 28 डिसमिल यानी आधी जमीन देने की पेशकश की। लेकिन वो लेने को तैयार नहीं थे। कृष्णा राय और प्रेम शंकर राय पूरी जमीन हड़पना चाहते थे, क्योंकि इसकी कीमत करोड़ों में है। इस जमीन की वजह से ही मेरे दोनों बेटों की हत्या कर दी गई।' ये कहना है मृतक भाइयों के पिता राज किशोर राय का। सोमवार को भास्कर रिपोर्टर मृतक भाइयों के घर पहुंचे। मरने वाले बड़े भाई मनीष की पत्नी पिंकी बेसुध थीं, वो बार-बार पति-देवर के हत्यारे के लिए फांसी की मांग कर रही थीं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए क्या है मामला पटना के गोपालपुर में रविवार की रात करीब 8:30 से 9 के बीच रिसेप्शन पार्टी थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल से करीब 12 अपराधी मौके पर पहुंचे। सभी अपराधी हाथ में हथियार लेकर मनीष और मनजीत कुमार के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थें। जैसे ही दोनों पार्टी से बाहर निकले, वैसे ही ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगी। मनीष और मनजीत कुमार को 6 गोलियां लगी, जिससे दोनों की मौत हो गई। दोनों के पिता राज किशोर राय ने गोपालपुर थाने में 12 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की 4 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, आरोपी परिवार के साथ फरार है। पंडाल से खींचकर छोटे भाई को बाहर ले गए बदमाश मृतक के भाई रजनीश ने बताया कि 20-22 की संख्या में बदमाश पंडाल के पास पहुंचे। इसके बाद मेरे छोटे भाई को पंडाल से खींचकर बाहर ले गए। फिर उसपर गोलियां चलाईं। उसका सिर फट गया था। इसी दौरान मेरे बड़े भाई वहां पहंचे तो उनपर भी गोलियां चला दी। दोनों भाइयों को सिर, सीने और शरीर के ऊपरी हिस्से में 5-6 गोलियां मारी गईं। गोली लगने से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। गोली चलाने वालों के साथ हमारे गोतिया कृष्णा प्रसाद की पूरी फैमिली थी। पार्टी में विवाद बढ़ने पर की फायरिंग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे दोनों भाई गांव के ही दौलत राय के बेटे विक्की की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। खेत में पंडाल लगाकर भोज का आयोजन किया गया था, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। भोज के दौरान अचानक 10-12 हमलावरों आ धमके और उन्हें घेर लिया। इसके बाद किसी बात को लेकर विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। घटना के दौरान 24 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। इससे समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों भाईयों के सिर और सीने में गोली मारी गई। मनीष की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल मंजीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। घटनास्थल की कुछ तस्वीरें… तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। गोपालपुर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सिटी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, दौलत राय के बेटे की रिसेप्शन पार्टी चल रही थी। इसी दौरान गोली चलने की सूचना मिली, जिसमें दो भाइयों को गोली लगी। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'
बजट का टोटा:बेरोजगारों के 300 करोड़ रुपए अटके, पांच महीने से नहीं मिला भत्ता
प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगारों को 5 महीने से बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि उन्हें अगस्त के बाद भत्ता नहीं मिला। हर माह भत्ते के रूप में 60 करोड़ रुपए का भुगतान होता है। 5 माह से भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों के करीब 300 करोड़ रुपए अटके हैं। विभाग का दावा है कि दिसंबर तक के बिल बनाकर वित्त विभाग में भेज दिए गए हैं। अब वहां से बजट स्वीकृत होने पर ही भत्ते का भुगतान संभव है। भत्ता नहीं मिलने से परेशान युवाओं ने सोशल मीडिया पर बेरोजगार भत्ता ईसीएस करो अभियान चलाया है। भत्ते के अभाव में परेशान एक युवा रामकिशोर शर्मा का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान इस भत्ते से कई खर्चे पूरे हो जाते हैं। राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि बेरोजगारों के 5 महीने का भत्ता बकाया होना बड़ी बात है। सरकार को भत्ता जल्दी जारी करना चाहिए, ताकि राहत मिल सके। हर माह देते हैं 4,000 रुपए मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपए, ट्रांसजेंडर, महिला और दिव्यांग को 4,500 रुपए प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में योजना में करीब 1.9 लाख युवाओं को हर माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। “अगस्त तक का भुगतान हो चुका। दिसंबर तक के भत्ते के बिल वित्त विभाग को भिजवा दिए गए हैं। अब जल्दी जारी हो जाएगा।” - विवेक भारद्वाज, असिस्टेंट डायरेक्टर (ट्रेनिंग) रोजगार निदेशालय
तारीख- 25 नवंबर 2025 बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक लेटर निकाला। जिसमें लिखा था- विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड बंगला अलॉट किया जाता है। इस लेटर के सामने आते ही बिहार की राजनीति में खलबली मच गई। कहा गया- राबड़ी देवी को 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करना होगा। इस नोटिस को निकले आज 90 दिन हो गए हैं। राबड़ी देवी अब भी उसी बंगले में आराम से हैं। सूचना है कि ना वह खाली करेंगी और ना सरकार उसे खाली कराना चाहती है। राबड़ी देवी लेटर निकलने के बाद भी आवास क्यों खाली नहीं करेंगी। सरकार ने कैसे अपने फैसले को बदलने का मन बनाया है। जानिए, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…। भाजपा के बड़े नेता के दवाब में निकला था आदेश सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी आवास को खाली कराने का प्लान भाजपा के एक बड़े मंत्री का था। नई सरकार में ताकत मिलने के बाद उन्होंने तुरंत इसे अप्लाई करना शुरू किया। उन्होंने एक अफसर को ऐसा करने को कहा। सरकारी भवनों की रखवाली करने की जिम्मेदारी वाला भवन निर्माण विभाग JDU कोटे के मंत्री विजय चौधरी के पास है। चौधरी को नीतीश कुमार का खास माना जाता है। भाजपा के बड़े नेता ने जिस अफसर को ऐसा करने को कहा था वह भी मुख्यमंत्री के खास अफसरों में से है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता ने जब ऐसा करने को कहा तो मंत्री और अफसर ने उनकी बात मान ली। क्योंकि पहली बार गृह मंत्रालय छोड़ने के फैसले ने मंत्री और अफसरों में नीतीश कुमार के कमजोर होने की छवि को मजबूत कर दिया था। हालांकि, मंत्री और अफसर ने यहां थोड़ी चालाकी कर दी थी, राबड़ी देवी को नया आवास को अलॉट कर दिया लेकिन ना खाली करने का नोटिस दिया और ना ही 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को किसी और मंत्री को अलॉट किया। मीडिया में खबर आने पर नीतीश हुए एक्टिव बताया जाता है कि नीतीश कुमार को राबड़ी देवी के नए आवास के बारे में जानकारी नहीं थी। मीडिया में जब घर खाली करने की खबरें चलने लगी तो उन्होंने अफसर से बुलाकर पूछा। अफसर ने पूरी बात बताई। इसके बाद उन्होंने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर नीतीश कुमार ने भाजपा नेता से बात की और फटकार तक लगाई। साथ ही आगे से दूसरे के विभाग में दखल नहीं देने की हिदायत दी। अब जानिए, क्या है 39 हार्डिंग रोड वाले बंगला की हालत? राबड़ी देवी को अलॉट नए कोठी की मरम्मत कराई जा रही है। इसमें रंग-रोगन से लेकर अन्य तरह की बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। मरम्मत से जुड़े काम को पूरा कर लिया गया है। बिजली, प्लंबर आदि के काम हो गए हैं। पेड़-पौधों की छटाई कर ली गई है। साफ है नई कोठी राबड़ी देवी के इंतजार में है। राबड़ी के लिए नए घर में रहना मुश्किल 39 हार्डिंग रोड बंगला की सुविधाओं के बारे में हमने यहां रह चुके पूर्व मंत्री रामसूरत राय से बात की। उन्होंने बताया कि यह आवास एक परिवार के रहने के लिए काफी बड़ा है। हालांकि राबड़ी देवी अगर अपने दोनों बेटों, सभी बेटियों और उनके बच्चों के साथ रहना चाहें तो मुश्किल होगी। इसके लिए उन्हें दूसरा आशियाना देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह घर इतना बड़ा जरूर है कि राबड़ी देवी और लालू यादव रह सकें। बंगले की मुख्य इमारत दो मंजिला है। इसमें ऊपर 3 और नीचे 3 बड़े बेडरूम हैं। इसके अलावा ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम, एक बड़ा हॉल है। मुख्य बिल्डिंग से अलग स्टाफ के लिए अलग-अलग क्वार्टर हैं। सिक्योरिटी गार्ड के लिए क्वार्टर बने हैं। पूर्व मंत्री ने बताया कि 39 हार्डिंग रोड में बड़ा गार्डन है। यहां राबड़ी देवी के लिए मॉर्निंग वॉक करना आसान होगा। गार्डन में एक बड़ा फ्रंट लॉन है। यहां से विजिटर्स एंट्री करते हैं। पूरे गार्डन एरिया में नीम, पीपल, अमलतास, अशोक, आम, जामुन, गुलमोहर और कनेर जैसे पेड़ हैं। बगीचे में मौसमी और सजावटी फूल (जैसे- गुलाब, गेंदा, डहलिया, हरसिंगार, बेला, मोगरा) लगाए गए हैं। किचन गार्डन भी बनाया गया है। इसमें गोभी, बैंगन, धनिया, मेथी, पालक आदि उगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बंगले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑफिस है। यहां के सभी कमरे, ऑफिस और वेटिंग हॉल में अटैच बाथरूम है। स्टाफ के बैठने की जगह, स्टोर रूम और किचन के साथ सर्वेंट एरिया भी है। आवास में जानवरों को रखने के लिए भी पर्याप्त जगह है। कैसे होता है आवास का आवंटन? मंत्री को उनकी कैटेगरी के अनुसार आवास मिलता है। राबड़ी देवी को 39 नंबर हार्डिंग रोड विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के आधार पर मिला है। विधायक और एमएलसी के आवास क्षेत्र‑वार तय किए गए हैं। अब किसी सीट से चुने गए विधायक के लिए संबंधित मकान पहले से तय रहेगा।
सहायक आचार्यों की नौकरी पर संकट:विद्या संबल योजना को बंद करने की तैयारी, 2500 अध्यापक हटेंगे
पांच साल से प्रदेश के 600 कॉलेजों में विद्या संबल योजना के तहत लगे करीब ढाई हजार सहायक आचार्यों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने टीचिंग एसोसिएट के पदों पर संविदा भर्ती की तैयारी की है। भर्ती कर्मचारी चयन बोर्ड के जरिए होगी। ऐसे में उनको लग रहा है कि विद्या संबल योजना को खत्म करने की तैयारी है। इससे वे बेरोजगार हो जाएंगे। सोमवार को प्रदेशभर के सहायक आचार्य शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए। सहायक आचार्य डॉ. रामसिंह सामोता ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 के मानकों के अनुरूप चयन कर अस्थाई सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति दी गई थी। इसके तहत 100 अंकों का एपीआई स्कोर तैयार होता है, जिनमें पीएचडी, नेट, सेट, जेआरएफ, 6 अंक का रिसर्च पेपर, 10 अंकों का अनुभव, यूजी- पीजी प्राप्तांक, राज्य स्तरीय- राष्ट्रीय स्तरीय पुरस्कार आधार बनते हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र सिंह यादव का कहना है कि नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार हमें हटाकर 5 वर्ष के लिए अस्थाई भर्ती कर रही है। विद्या संबल के तहत लगे आचार्यों को हटाकर बेरोजगार कर दिया जाएगा। प्रदेश महामंत्री डॉ. उपदेश शर्मा का कहना है कि राजस्थान पहला राज्य होगा जहां मेहनत करने वालों को इस तरह से बेइज्जत किया जा रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े स्टेट कैंसर संस्थान प्रताप नगर में एआई इनेबल मेमोग्राम मशीन इंस्टाल की है। इससे महज 10 मिनट में शरीर में होने वाले बदलाव, ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग, माइक्रोकैल्सिफिकेशन (कैल्शियम जमाव) की बायोप्सी की निशुल्क जांच हो सकेगी। विश्व स्तरीय जांच सुविधा से तकनीक पर आधारित मशीन से जांच के जरिए फॉल्स पॉजिटिव में कमी आएगी। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी का कहना है कि सरकारी स्तर पर पहली मशीन है। आगामी दिनों में कैंसर का विश्व स्तरीय इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सरकारी अस्पतालों में पहले इलाज, फिर कागजी कार्रवाई दिल का दौरा आने, ब्रेन स्ट्रॉक, झुलसे मरीज, सांप या किसी जानवर के काटने, प्रसव, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मामले में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों को गोल्डन आवर में इलाज मिलेगा। प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन रक्षा का पहला दायित्व है। सरकारी अस्पताल में आने पर रजिस्ट्रेशन, पहचान पत्र जैसी औपचारिकता की बजाय पहले मरीज के जीवन को बचाने की अनूठी पहल प्रारंभ की है। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ.संदीप जसूजा, अधीक्षक, एससीआई जयपुर एससीआई जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इनेबल मेमोग्राम मशीन से प्रारंभिक अवस्था में ही कैंसर का पता करना आसान है। साथ ही आधुनिक मशीन से कम समय में सटीक परिणाम मिलने से मरीज को बचाया जा सकता है। स्टेट कैंसर संस्थान में प्रदेशवासियों को निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध है। जबकि निजी डायग्नोस्टिक सेन्टरों पर 1500 से 2 हजार में जांच होती है। मरीजों को राहत के निर्देश
अमृतसर में गोलगप्पे की कांजी (पानी के डिब्बे) से चूहा निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो की सच्चाई जानने के लिए दैनिक भास्कर एप की टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। इस दौरान हमारी टीम ने करीब 12 रेहड़ी मालिक से पूछताछ की। इसके बाद हम उस रेहड़ी मालिक के पास पहुंचे, जिसकी रेहड़ी से यह वीडियो जुड़ा बताया जा रहा था। वह मध्यप्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है और 18 साल से गोलगप्पे का काम कर रहा है। पिछले 2 साल से सुल्तान विंड अमृतसर में रेहड़ी लगा रहा है। रेहड़ी मालिक जय श्रीराम ने दावा किया कि 8 फरवरी को तीन लोग उसकी रेहड़ी पर वीडियो बनाने आए थे, उनमें से एक ने चूहा छोड़ दिया। हम रोज दिन में तीन बार सफाई करते हैं और अगर फिर भी कोई कमी रह गई हो तो लोगों से माफी मांगता हूं। हालांकि ब्लॉगर ने वीडियो में कहा था कि अगर चूहा पानी से बाहर नहीं निकलता तो हमारे पेट में होता। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट… पहले जानिए वीडियो में क्या था… बीते दिनों इंस्टाग्राम पर ‘करण धंजू26’ नाम के अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया गया था, जो 8 फरवरी का बताया गया। इसके साथ कैप्शन में लिखा- 'रैट इन पानी पुरी।' वीडियो में ब्लॉगर और उसका दोस्त गोलगप्पों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक कांजी में हलचल देखी। कुछ ही देर बाद मसाले से सना हुआ चूहा दिखाई दिया। इसके बाद रेहड़ी मालिक चूहे को निकालने की कोशिश करता है। कुछ ही सेकंड में चूहा कांजी से कूदकर पास के नाले में भाग जाता है। वीडियो में ब्लॉगर पहले तेज आवाज में कहता है कि गोलगप्पे में निकला चूहा, फिर कहता है कि हम लोगा अपनी नॉर्मल चैलेंज वीडियो शूट कर रहे थे, लेकिन एकदम से आवाज आई और देखा तो पानी में चूहा था। उसको जल्दी से बाहर निकाला और बाद में हमने पानी भी फिकवा दिया। लेकिन शायद हम ना देखते, तो ये पानी हमारे पेट में होता, आप लोग भी सवाधान रहें। वीडियो वायरल होने के बाद हमने इंस्टाग्राम पर ब्लॉगर से इस बारे में संपर्क किया था। लेकिन उस समय उसने रेहड़ी मालिक की लोकेशन बताने से साफ इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि वह जानकारी साझा नहीं कर सकता है। इसके बाद उसका कोई बयान सामने नहीं आया है। अब जानिए रेहड़ी मालिक ने क्या कहा… सवाल: वीडियो कब की है और क्या सच्चाई है?जवाब: ये वीडियो 8 फरवरी की है। तीन लोग आए थे, उन्होंने मुझसे कहा कि वीडियो बनानी है और गोलगप्पे खाने हैं। खाते-खाते वो तीनों मेरे अगल-बगल खड़े हो गए। तीसरे बंदे ने रेहड़ी पर चूहा छोड़ दिया। सवाल: उन लोगों ने किसी चैनल का नाम बताया था?जवाब: नहीं, मुझे कोई नाम नहीं बताया। बस मुझसे कहा कि वीडियो बनाकर कहूंगा, और मैंने उन्हें खिला दिए। सवाल: आपने कहा कि उसने चूहा छोड़ा है? आपको कैसे पता चला कि उसने चूहा छोड़ा?जवाब: वो साथ खड़ा था, उसी ने चूहा छोड़ा है। सवाल: आपने उसे चूहा छोड़ते हुए देखा?जवाब: ये नहीं कह सकता मैं, क्योंकि मैंने देखा नहीं। मगर उनके अलावा वहां कोई था भी नहीं। मैं अपनी रेहड़ी की सफाई दिन में तीन बार करता हूं। मैं सारा सामान चेक करता हूं, दुकान लगाते समय भी सब कुछ जांचता हूं। सवाल: ये बड़ा इल्जाम है, जो आप ब्लॉगर्स पर लगा रहे हो? इसे कन्फर्म कीजिए।जवाब: साफ तौर पर क्या बताऊं, भगवान जाने। मैं तो दिन में तीन बार सफाई करता हूं। सुबह चटनी बनती है, जिंदा चूहा कैसे रह जाएगा? सवाल: लोगों के मन में जो दुविधा है, उसके बारे में क्या कहना चाहेंगे?जवाब: मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि गलती हो गई है, आगे से नहीं होगी। अगर फिर भी किसी तरह की कमी रह गई हो तो मैं लोगों से माफी मांगता हूं। अब जानिए क्या कार्रवाई हुई गोलगप्पे की कांजी (पानी के डिब्बे) से चूहा निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने जांच की बात कही थी। हालांकि अभी इस संबंध में विभाग की तरफ से कार्रवाई करने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। *************** ये खबर भी पढ़ें:अमृतसर में गोलगप्पे के पानी में निकले चूहे का VIDEO: कूदकर पास के नाले में भागा; ब्लॉगर बोला- देखते ना तो हमारे पेट में होता अमृतसर में गोलगप्पे की कांजी (पानी के लिए तैयार मसाले के मिश्रण) के डिब्बे से चूहा निकला। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके साथ कैप्शन में लिखा- 'रैट इन पानी पुरी।' वीडियो में दिख रहा है कि ब्लॉगर और उसका दोस्त गोलगप्पों का आनंद ले रहे थे, इसी दौरान अचानक कांजी में हलचल देखी। (पढ़ें पूरी खबर)
लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और दो टर्फ के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को 10 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा, जबकि मंगलवार को बालाघाट-डिंडौरी समेत 5 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। वहीं, दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में 2 टर्फ सक्रिय है। इनके असर से प्रदेश में फरवरी महीने में चौथीं बार बारिश का दौर शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी रहेगा। अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है। दिन में धूप, शाम को बदल गया मौसम सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदली। जबलपुर, रीवा, सीधी में बारिश हुई। वहीं, रात में भी मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिली। फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसमबता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़काबारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, लेकिन रात में पारा बढ़ा हुआ है। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया गया। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ आज भोपाल में कांग्रेस की किसान महाचौपाल है। भोपाल के जवाहर चौक पर होने वाली इस चौपाल को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। भोपाल के जवाहर चौक के मुख्य चौराहे पर मंच बनाया गया है। इसके सामने अटल पथ के दोनों तरफ की सड़कों पर बड़ा डोम लगाया गया है। कांग्रेस का दावा है कि करीब 50 हजार लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से होगा। महाचौपाल की तैयारियां पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भास्कर से कहा कि ये ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रंप की तलवार पर रख दी गई है। PM नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेनी पड़ेगी। राहुल-खड़गे के साथ मंच पर 250 नेता बैठेंगेकिसान महाचौपाल के लिए बनाए गए मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 250 नेता बैठेंगे। इनमें एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमेन पवन खेड़ा मंच पर मौजूद रहेंगे। साथ ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एमपी के सभी कांग्रेस विधायक, तीनों राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के मेंबर और सभी 71 जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैठेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सीईसी मेंबर भी शामिल होंगे। तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग जुटेंगे: पटवारीमध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भास्कर से कहा- देश के हर किसान को चाहे वह भाजपा की विचारधारा को एक्सेप्ट करता हो, लेकिन जो किसान खेती से जुड़ा हुआ है। उसको ये अहसास हो गया है कि नरेन्द्र मोदी ने दबाव में आकर ट्रेड डील की है। उसी का असर है कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग भोपाल आ रहे हैं। 21 फरवरी को यह तय हुआ कि 24 को भोपाल में महाचौपाल होगी। उसमें लाखों की तादाद में लोग आएंगे। भोपाल की सड़कें पट जाएंगी। ये अपने आप में मैसेज है कि ये ट्रेड डील देश विरोधी किसान विरोधी है। नरेन्द्र मोदी दबे हुए हैं उन्होंने कॉम्प्रोमाइज किया है। दुनिया भर में चल रही सेक्स फाइल का भी इस डील पर असर पड़ा है। यह कोई इल्जाम नहीं है। ट्रंप ने एक बार कहा था, कि मैं नरेंद्र मोदी का पॉलिटिकल करियर खत्म नहीं करना चाहता। यह हमारे देश की बेइज्जती है। PM का अपमान होगा तो हर भारतवासी को गुस्सा आएगा जीतू पटवारी ने कहा- आखिर नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस तरह की बात करता है। भारत के हर नागरिक को गुस्सा आएगा, लेकिन सवाल ये है कि इसपर नरेन्द्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। ये ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रंप की तलवार पर रख दी गई है। ट्रेड डील से एमपी के 70% किसान प्रभावितजीतू पटवारी ने कहा- राहुल जी और खड़गे जी को धन्यवाद। इस ट्रेड डील से सबसे ज्यादा किसान अगर कहीं प्रभावित हुए हैं तो मप्र में हुए हैं। सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा हमारे यहां के हैं। हम सोया स्टेट थे। कपास, मक्का सबसे ज्यादा यहां पैदा होते हैं। 70% किसान इससे प्रभावित हैं। तो उन्होंने मप्र को सबसे पहले चुना। मेरी और उनकी आपस में बात हुई। पार्टी ने निर्णय लिया और अब हम किसान की लड़ाई लड़ेंगे। शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से करेंगे लड़ाई की शुरुआतजीतू पटवारी ने कहा- यहां के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, देश के कृषि मंत्री हैं। उन्होंने जब अमेरिका के कृषि मंत्री का बयान आया तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी को बहुत साधुवाद वो विश्व के ऐसे नेता हैं कि जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारत के किसानों को बचा लिया। क्या भारत के किसानों की कोई गर्दन पकड़कर हत्या कर रहा था? अगर बचा लिया तो जीरो प्रतिशत टैरिफ के एग्रीकल्चर प्रोडक्शन आएगा। 18% टैरिफ पर यहां से अमेरिका जाएंगे। हम विदिशा, बुधनी से यह किसान संवाद यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश का हर नेता कार्यकर्ता इसे आगे लेकर जाएंगे। जैसे नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेनी पड़ेगी। पार्किंग और डायवर्जन प्लान जारी यातायात पुलिस ने व्यापक पार्किंग और डायवर्जन प्लान जारी किया है। मंच पर बैठने वाले करीब 200 विशिष्ट अतिथियों के वाहन रंगमहल चौराहा से यादव मेडिकल तिराहा, काटजू तिराहा और राजस्थान स्वीट्स तिराहा होते हुए मॉडल स्कूल के पास ड्रॉप किए जाएंगे। इसके बाद वाहन निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। रूट प्लान इंदौर, उज्जैन, आष्टा, सीहोर की ओर से आने वाले वाहनसीहोर बायपास से बिल्किसगंज-झागरिया, रातीबड़, भदभदा, डिपो चौराहा होते हुए लाड़ली लक्ष्मी पार्क (अटल पथ) पर पार्किंग कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। नर्मदापुरम मार्ग से आने वाले वाहनआरआरएल ओवरब्रिज, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, मानसरोवर, लिंक रोड-2, माता मंदिर, प्लेटिनम प्लाजा होते हुए लाड़ली लक्ष्मी पार्क (अटल पथ) में पार्किंग करेंगे। रायसेन, सागर रोड की ओर सेपटेल नगर, आईटीआई तिराहा, प्रभात चौराहा, सुभाष ओवरब्रिज, बोर्ड ऑफिस, लिंक रोड-1, अपैक्स तिराहा, जैन मंदिर होते हुए टीटी नगर स्टेडियम के बायीं ओर पार्किंग रहेगी। राजगढ़ (ब्यावरा), गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, विदिशा की ओर सेमुबारकपुर, गांधीनगर, लालघाटी, वीआईपी रोड, रेतघाट, पॉलिटेक्निक चौराहा, बाणगंगा होते हुए टीटी नगर दशहरा मैदान में वाहन पार्क कर पैदल कार्यक्रम स्थल पहुंचना होगा। ये रहेंगे प्रमुख डायवर्जन
साइबर अलर्ट:फ्री ट्रायल व 1 रुपए में सब्सक्रिप्शन का झांसा, हर माह खाते से ऑटो कट
मोबाइल एप पर 3 से 7 दिन का फ्री ट्रायल या मात्र 1 रुपए में सर्विस का ऑफर देखकर ‘आई एग्री’ पर क्लिक करना कई लोगों को भारी पड़ रहा है। शहर में हजारों लोग ऐसे सब्सक्रिप्शन ट्रैप का शिकार हो रहे हैं, जहां एक बार अनुमति देने के बाद हर महीने बैंक खाते से पैसे कटने लगते हैं। लोगों को लगता है कि एप डिलीट कर देने से समस्या खत्म हो जाएगी, जबकि असल में सब्सक्रिप्शन बैंक, प्ले-स्टोर या पेमेंट प्लेटफॉर्म के स्तर पर सक्रिय रहता है। पीड़ित जब बैंक पहुंचते हैं तो इसे अधिकृत ट्रांजेक्शन बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। साइबर थाने में भी कई मामलों को तकनीकी चूक मानकर गंभीरता से नहीं लिया जाता। लालच में फंस रहे पढ़े-लिखेफेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर एप स्टोर पर 1 से 7 दिन का फ्री ट्रायल या नाममात्र शुल्क का लालच दिया जाता है। अधिकांश लोग शर्तें पूरी तरह पढ़े बिना ‘आई एग्री’ पर क्लिक कर देते हैं। इसी अनुमति के साथ कंपनियां रेकरिंग पेमेंट या ऑटो-डेबिट एक्टिवेट कर लेती हैं। इसके बाद हर महीने बिना अलग से सूचना दिए राशि कटती रहती है। तीन दिन फ्री, फिर हर माह 899 रुपए काटना शुरू केस 1 - शास्त्री नगर निवासी राहुल ने एक फोटो एडिटिंग एप का 3 दिन का फ्री ट्रायल लिया। ट्रायल खत्म होने के बाद बिना किसी ओटीपी या मैसेज के उनके खाते से हर महीने 899 रुपए कटने लगे। एप डिलीट करने के बाद भी कटौती जारी रही। केस 2 - निजी कंपनी में कार्यरत प्रिया ने एक योगा एप पर 1 रुपए का ऑफर देखा। कार्ड डिटेल दर्ज करते ही सातवें दिन ‘एनुअल मेंबरशिप’ के नाम पर 4500 रुपए खाते से कट गए। बैंक और साइबर थाने के चक्कर लगाने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली। भास्कर एक्सपर्ट - मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट एप डिलीट करना समाधान नहीं, ये तरीके आजमाए
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से करोड़ों की ज्वेलरी लूटकांड के खुलासे के बाद नया मोड़ सामने आया है। इन्हीं आरोपियों को जमीन विवाद के चलते बीजेपी पार्षद बंधु मौर्य की हत्या के लिए 25 लाख की सुपारी दी गई थी। पार्षद पर हमला हुआ, लेकिन वो बच निकले थे। इसके बाद आरोपियों ने महालक्ष्मी ज्वेलर्स से लूटपाट की थी। BJP अनुसूचित जाति मोर्चा का मंडल अध्यक्ष और नारियल व्यापारी राजू सोनकर ने लोकल हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास की मदद से उत्तर प्रदेश से शूटर बुलवाया था। एसएसपी रजनेश सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि, हथौड़े से हमला कर जेवर लूटने वाले आरोपी शहर के कई सराफा कारोबारियों की रैकी कर चुके थे। शनिवार को चारों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से बिलासपुर लाया गया। जिसके बाद उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। उन्हें यहां कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भी लिया गया था। आरोपियों से पूछताछ में स्थानीय युवकों के लिंक और सुपारी लेकर BJP पार्षद की हत्या की साजिश रचने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने नारद श्रीवास समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सोना, कैश और हथियार बरामद किए गए हैं। हिस्ट्रीशीटर से जेल में हुई थी दोस्ती लूटकांड का आरोपी विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति मध्यप्रदेश के अनूपपुर का रहने वाला है, वो गांजा तस्करी भी करता था। जब वो बिलासपुर जेल में बंद था, तब उसकी पहचान हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास से हुई थी। जिसके बाद उनकी दोस्ती हो गई। लूट से पहले BJP नेता की हत्या की ली थी सुपारी पुलिस के मुताबिक, लोकल हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास ने विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति के साथ मिलकर BJP पार्षद बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी ली थी। टिकरापारा निवासी राजू सोनकर नारियल व्यापारी है, उसका बंधु मौर्य से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। बंधु मौर्य से परेशान होकर राजू ने उसकी हत्या की साजिश रची थी। नारद ने विनोद के साथ मिलकर 25 लाख रुपए में सौदा तय किया था। जिसमें 6 लाख रुपए एडवांस भी दिया गया था। BJP नेता पर किया था अटैक इसके बाद 18 दिसंबर की रात बदमाशों ने पार्षद की कार रोककर गोली मारने की साजिश रची। एक पिस्टल भी मंगवाई गई थी। सौदे की पूरी प्लानिंग हिस्ट्रीशीटर और बाहरी शूटरों के बीच कराई गई थी। हालांकि, हमले के दौरान बंधु मौर्य ने कार रोकने के बजाए तेजी से आगे बढ़ा दी थी। जिसके चलते उस रात वारदात टल गई थी। समोसा कारोबारी को लूटने की भी कोशिश हत्या की साजिश फेल होने के बाद आरोपियों ने लखन देवांगन उर्फ निट्टी समोसा वाले को लूटने की साजिश रची। सुबह उसके घर से निकलने के दौरान वारदात की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान एक आरोपी पकड़ा गया, बाकी भाग निकले। महालक्ष्मी ज्वेलर्स को बनाया निशाना फरवरी 2026 में आरोपियों ने फिर साजिश रची। महालक्ष्मी ज्वेलर्स की रेकी की गई। 17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे ज्वेलर्स संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर सोने के जेवर कार (CG 10 AH 7701) में रखकर घर जा रहे थे। अंधा मोड़ के पास आरोपियों ने ईको कार से उनकी गाड़ी को टक्कर मारी। बाहर निकलते ही पिस्टल तानकर मारपीट की और कार में रखे 4 बैग लूट लिए। जिसमें करीब 2 किलो सोना, 200 ग्राम तैयार जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और 3.50 लाख कैश था। आरोपी क्विड कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए। यूपी भागे आरोपी, घेराबंदी कर गिरफ्तारी पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बनारस रोड की ओर भागे हैं। टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई। थाना अहरौरा (मिर्जापुर) पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर विजय लांबा, विनोद उर्फ बिन्नू प्रजापति, करीम खान और मोनू उर्फ राहुल उर्फ गुडवा को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 2 आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर भी हुआ था। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया शत-प्रतिशत मशरूका और हथियार बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति (33) – अनूपपुर (म.प्र.)करीम खान (32) – बरेली (उ.प्र.)विजय लाम्बा (52) – नई दिल्लीमोनू उर्फ राहुल उर्फ गुडवा (32) – गौतम बुद्ध नगर, नोएडा (उ.प्र.)इरफान अली (32) – बिलासपुर (छ.ग.)नारद उर्फ सुमित श्रीवास (42) – बिलासपुर (छ.ग.)राजू सोनकर (38) – बिलासपुर (छ.ग.) ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… लूट के आरोपियों का UP में शॉर्ट एनकाउंटर: 5 करोड़ का सोना जब्त, बिलासपुर सराफा व्यापारी से की थी लूट; सभी आरोपी गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से लूट के सभी आरोपी पकड़े गए हैं। वारदात के बाद 4 बदमाश यूपी भाग गए थे। जहां पुलिस ने उनका शॉर्ट एनकाउंटर किया। पैर में गोली लगते ही चारों बदमाश पकड़े गए। उनके कब्जे से साढ़े 5 करोड़ का सोना, डेढ़ लाख कैश और पिस्टल बरामद हुआ है। वहीं पांचवा आरोपी बिलासपुर से पकड़ाया है। पढ़ें पूरी खबर…
चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित पार्क में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। उसने उसे बहाने से पार्क में बुलाया और फिर चाकू मार दिया। पुलिस की जांच में पता चला है कि युवक और युवती करीब 6 साल से अधिक समय से एक-दूसरे को जानते थे। युवक युवती से शादी करना चाहता था। लेकिन उसके नशे करने और अन्य गंदी आदतों की वजह से युवती के घरवालों ने उसका रिश्ता कुछ समय पहले किसी दूसरे युवक से तय कर दिया। इस बात को आरोपी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। ऐसे में उसने पूरी प्लानिंग से युवती को रविवार (22 फरवरी) को मिलने बुलाया था। वह वारदात से एक दिन पहले भी युवती से मिला था। उसे मनाने के लिए उसके पांव तक पड़ गया था। पुलिस ने अब आरोपी को रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई और राज खुलने की उम्मीद है। वहीं मृतका की मां कहना है कि मुझे इंसाफ चाहिए। मेरी बेटी ही मेरा बेटा था। आरोपी को फांसी दी जानी चाहिए। अब पढ़िए क्यों और कैसे की हत्या… हत्या से एक दिन पहले भी मिला था युवती सेपुलिस के मुताबिक जब से युवती की शादी दूसरी जगह तय हुई थी, उसके बाद से विनय आहत हो गया था। पुलिस जांच में पता चला है कि वह शनिवार को भी युवती से मिला था। इस दौरान उसने युवती को बहुत समझाया कि वह दूसरी जगह शादी न करे। लेकिन युवती उसकी एक बात सुनने को तैयार नहीं थी। युवती का साफ कहना था कि अगर वह रिश्ता तोड़ेगी तो उसके पेरेंट्स की बेइज्जती हो जाएगी। इस दौरान वह युवती के पांव तक पड़ा था और भरोसा दिला रहा था कि वह अच्छा बनकर दिखाएगा। रेहड़ी या फूड कॉर्नर वाला था चाकूपुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जो हत्या में चाकू प्रयोग किया है, वह फूड स्टॉल और रेहड़ियों पर प्रयोग होता है। अब पुलिस उससे यह पूछ रही है कि आखिर उसने यह कहां से खरीदा है, साथ ही इस वारदात को अंजाम देने का आइडिया कहां से आया है। युवती की मां ने क्या कहा, 5 पॉइंट में जानिए… मिठाई की दुकान में काम करता था आरोपीसुहानी का परिवार मूल रूप से यूपी के गोंडा जिले में जटवापुर गांव का रहने वाला है। लेकिन सालों से वह सेक्टर-35 में रह रहा था। जबकि, आरोपी युवक विनय भी इनके घर के पास ही एक मिठाई की दुकान पर काम करता है। वह मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। वह तीसरी क्लास तक पड़ा। पुलिस ने उसे बुड़ैल से गिरफ्तार कर लिया है।
शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल केरवा डैम स्थित केरवा नर्सरी में प्रवेश से पहले आधार कार्ड जांच और कथित रूप से बजरंग दल के डर से अलग-अलग धर्म के युवक-युवती को एंट्री नहीं देने का मामला सामने आया है। यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन अब गेट पर पहचान पत्र की जांच के नाम पर नई व्यवस्था लागू की गई है। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया। रिपोर्टर युवक-युवती बनकर पहुंचे। युवक मुस्लिम और युवती हिंदू थी। प्रवेश द्वार पर टेबल-कुर्सी लगाकर बैठा कर्मचारी टिकट काट रहा था। आगे जो बातचीत हुई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। स्टिंग ऑपरेशन: कर्मचारी से बातचीत 1. टिकट से पहले आधार की मांगरिपोर्टर: “कितने का टिकट?” कर्मचारी: दो लोगों का…60 रुपए का, पहले आधार कार्ड दो। मोबाइल में आधार दिखाने पर उसने कहा– “मोबाइल में दिखा दो… आधार ही लगता है। 2. पहचान देखते ही एंट्री से इनकारदोनों के आधार कार्ड देखने के बाद कर्मचारी ने कहा “अलाउड नहीं है… आपको नहीं भेज सकेंगे। कारण पूछने पर जवाब मिला “बजरंग दल वाले आ जाएंगे, परेशान करेंगे आपको। वो रोज आते हैं। रिपोर्टर ने कहा– “वो हम डील कर लेंगे। इस पर कर्मचारी ने दोबारा दोहराया कि अलाउड ही नहीं है। 3. पुलिस और विभाग का हवालाकर्मचारी ने आगे कहा कि यह जो आप कार्ड दिखा रहे हैं… पुलिस स्टाफ ने मना कर रखा है। ऊपर से आदेश है… वन विभाग से है, थाने से है। उसने दावा किया कि जनवरी की एक तारीख को बड़ा हंगामा हुआ था।“हिंदू परिषद, रातीबड़ थाना… सब आए थे। 30-40 लोगों को पकड़कर ले गए थे। 4. ‘1 जनवरी से लागू है नियम’रिपोर्टर ने कहा– “हम तो पहले भी आए हैं। कर्मचारी बोला– “यह 1 जनवरी से चालू हुआ है। उसने खुद को वन विभाग का बताते हुए कहा मैं यहां वनपाल हूं। 5. आदेश लेकर आने की सलाह कर्मचारी ने कहा कि एंट्री नहीं है… आदेश है ऊपर से। “थाने में चले जाइए, बोल दीजिए कि हम घूमने आए हैं, हमें आदेश दे दीजिए। वो लोग इंक्वायरी के लिए आते हैं, अगर कोई सिविल ड्रेस में गया हो तो। हालांकि वह बार-बार कहता रहा “मैं आपको मना नहीं कर रहा हूं, जो आदेश हैं वो फॉलो कर रहा हूं। “सबके आधार चेक होते हैं… एक भी बिना आधार का नहीं जाता। विश्व हिंदू परिषद बोला- हमने आधार कार्ड की मांग की थीमामले में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री जितेंद्र चौहान ने कहा कि हाल ही में वहां कुछ नाबालिगों के साथ घटनाएं हुई थीं, जिनमें एक धर्म विशेष के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। उनके मुताबिक, “उसके बाद हमने विभाग और पुलिस से इस बारे में चर्चा की थी। हमारे लोग वहां आते-जाते रहते हैं। हमने आधार कार्ड देखने की मांग की थी, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या इसके लिए कोई आधिकारिक आदेश जारी हुआ है। पुलिस ने कहा मामले में रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा से बात की गई। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है। उनके अनुसार, “पुलिस किसी पर्यटन स्थल पर धर्म के आधार पर एंट्री रोकने या आधार कार्ड जांच का निर्देश नहीं देती। यह जानकारी गलत है। विभाग ने कहा एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एल कृष्ण मूर्ति ने कहा कि इस तरह से हम डिस्क्रिमिनेशन नहीं करते हैं, हमें इस मामले की जानकारी नहीं हैं, इस बारे में पता करते हैं। क्या है नियमफिलहाल यहां प्रवेश के लिए कोई विशेष प्रतिबंधित नियम लागू नहीं है। सामान्य तौर पर कोई भी व्यक्ति टिकट लेकर प्रवेश कर सकता है। प्रति व्यक्ति 20 रुपए और 10 रुपए का शुल्क लिया जाता है, जो तीन से पांच घंटे की अवधि के लिए मान्य होता है। इसके अलावा फोटोग्राफी के लिए कैमरे का अलग से 500 रुपए शुल्क निर्धारित है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में ढाबे बने अवैध बार, खुलेआम परोस रहे शराब अहातों में बैठकर शराब पिलाने से कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर साल 2023 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने अहाते बंद कर दिए थे, लेकिन यह फैसला राजधानी में अवैध शराब कारोबार के लिए रास्ता खोल गया। आपदा में अवसर तलाशने वाले शराब माफिया ने इस फैसले का फायदा उठाते हुए भोपाल में एक पूरा नाइट लाइफ नेटवर्क खड़ा कर दिया।पूरी खबर पढ़ें
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भोपाल दौरे के चलते विधानसभा में आज कांग्रेस सदन के बजाय सड़क पर हमलावर रहेगी। विधानसभा में आज प्रश्नोत्तर काल के बाद आगामी बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। ध्यानाकर्षण में उठेगा जमीन बंदोबस्त और नहर सीमेंटीकरण का मामलाविधानसभा में आज खरगोन जिले के भीकनगांव और झिरण्या क्षेत्र के अंतर्गत जमीन का बंदोबस्त कार्य न कराए जाने से राजस्व संबंधी व्यवहारिक कठिनाइयों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा। विधायक झूमा सोलंकी द्वारा लाए जाने वाले प्रस्ताव पर राजस्व मंत्री जवाब देंगे। इसके अलावा एक अन्य ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिनेश राय मुनमुन, रजनीश सिंह की ओर से लाया जाएगा जिसमें सिवनी और केवलारी विधानसभा क्षेत्र की नहर निर्माण और सीमेंटीकरण का काम पूरा नहीं होने पर किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने का मामला उठाया जाएगा। इस पर जल संसाधन मंत्री जवाब देंगे। नगरीय विकास, जनजातीय कार्य, स्कूल, शिक्षा, परिवहन, उच्च शिक्षा पर होगी चर्चा प्रश्नोत्तर काल, शून्यकाल, याचिकाओं की प्रस्तुति और पत्रों को पटल पर रखने के बाद विधानसभा में पौने आठ घंटे का समय विभाग वार अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए तय किया गया है। नगरीय विकास और आवास विभाग, राज्य विधानमंडल पर सोमवार को चर्चा नहीं हो पाई है। इसलिए सबसे पहले इसी पर विधायकों से अभिमत लिया जाएगा।इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल गैस त्रासदी, राहत और पुनर्वास तथा लोक परिसंपत्ति विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। फिर अनुसूचित जाति कल्याण, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास और रोजगार विभाग की अनुदान मांगों पर पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी राय रखेंगे। लाड़ली बहना योजना को लेकर हुआ था हंगामा लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर भी सोमवार को सदन में जोरदार हंगामा हुआ था। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया कि योजना के तहत पात्र नई बहनों का पंजीयन कब शुरू होगा, इस बारे में सरकार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री तो सही जवाब दे रहे हैं, लेकिन पहले यह बताया जाए कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी बहनों से क्या कह रहे हैं? AI समिट और प्रदर्शन को लेकर हंगामा बजट पर संबोधन के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सदन में हंगामे की स्थिति बन चुकी है। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालयों पर हमले हुए हैं और भोपाल व इंदौर में इसे लेकर प्रदर्शन भी हुए। शेखावत ने दावा किया कि भाजपा ने कांग्रेस कार्यालयों पर हमला किया। ये खबर भी पढ़ें… सरसों पर भी भावांतर देगी MP सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।पूरी खबर पढ़ें
न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन रोकने के बाद ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों और खासकर पंजाबियों का विरोध शुरू हो गया है। ऑस्ट्रेलिया के कट्टरपंथी नेता थॉमस सेवेल ने उन्हें देश छोड़ने की धमकी दी है। सेवेल ने कल (23 फरवरी) कहा कि हम नहीं चाहते कि ऑस्ट्रेलिया भारत और सूडान बने। सेवेल ने कहा कि इंडियंस को यह देश छोड़कर चले जाना चाहिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया केवल गोरों का है। उसने भारतीयों को नीच बताते हुए उनको निकालने की मांग की। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सेवेल के बयान को खारिज करते हुए ऑस्ट्रेलिया में रह रहे 2 लाख से अधिक पंजाबी सिखों और 10 लाख भारतीयों को सुरक्षा का भरोसा दिया है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने साफ किया है कि नफरत फैलाने वालों पर नए हेट स्पीच कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि थॉमस सेवेल ऑस्ट्रेलिया में नस्लवाद और कट्टरपंथ का चेहरा है। मेलबर्न कोर्ट के बाहर सेवेल ने भारतीयों को पीआर देने का विरोध किया। उसने खुलेआम कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया को तीसरी दुनिया बनने से रोकना चाहता है और 10 लाख के करीब भारतीयों को वापस भेजने के हक में है। बता दें कि सेवेल के संगठन नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क को ऑस्ट्रेलिया की सरकार बैन कर चुकी है। बावजूद इसके सेवेल नस्लीय बयान देता है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया की पहचान उसकी डायवर्सिटी है और नफरत फैलाने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार नए हेट स्पीच कानून लागू कर रही है। 5 पॉइंट में जानें थॉमस सेवेल ने क्या कहा… जानें थॉमस सेवेल के बयान पर कौन क्या बोला… जानें कौन है थॉमस सेवेल और उससे जुड़े विवाद
हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती में अब ट्रांसजेंडर भी हिस्सा ले सकेंगे। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने अब लिंग चुनने वाले कॉलम में ट्रांसजेंडर के लिए भी विकल्प कर दिया है। आयोग के द्वारा 23 फरवरी को इसके लिए एक घंटे साइट बंद रखी गई थी। इस दौरान ट्रांसजेंडर विकल्प का ऑप्शन अपडेट किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद अब ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी हरियाणा सिविल सेवा (HCS) और अन्य सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। कोर्ट ने सरकारी नौकरियों के आवेदन फॉर्म में तीसरे लिंग (ट्रांसजेंडर) का कॉलम शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार और आयोगों को निर्देश दिया है, जिससे उन्हें समान रोजगार अवसर मिल सकें। चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान के रूप में ट्रांसजेंडर श्रेणी का चयन करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। चार पॉइंट में समझिए चंडीगढ़ के ट्रांसजेंडर का केस… हरियाणा में 102 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया हरियाणा में HCS एलाइड भर्ती का विज्ञापन हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) ने जारी कर दिया है। अफसर बनने के लिए युवा इन पदों के लिए 2 फरवरी से आवेदन कर सकेंगे। विज्ञापन में सबसे ज्यादा 13 पोस्टें डीएससी के लिए रिजर्व की गई हैं। HPSC द्वारा जनवरी 2026 में HCS (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) और अलाइड सर्विसेज के लिए 102 पदों का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया है। 26 अप्रैल 2026 को प्रारंभिक परीक्षा और 27-29 जून 2026 को मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित की जा चुकी है। योग्य उम्मीदवार HPSC की वेबसाइट hpsc.gov.in पर आवेदन कर सकेंगे।ये है एग्जाम शेड्यूल HCS भर्ती परीक्षा का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। जारी कार्यक्रम के अनुसार HCS प्रीलिम्स परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इसके बाद 27 से 29 जून तक मुख्य परीक्षा (मेंस) कराई जाएगी। हालांकि, आयोग की ओर से अभी HCS भर्ती को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, लेकिन परीक्षा का शेड्यूल पहले ही घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही आयोग ने इंटरव्यू के लिए भी अनुमानित समय तय किया है। HPSC के अनुसार अगस्त-सितंबर के दौरान उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए जाएंगे। हरियाणा में बदल चुका है पैटर्न और सिलेबस हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा (HCS 2026) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। राज्य सरकार ने HCS परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। अब प्रीलिम्स का पेपर 400 अंकों का होगा, जिसमें दो पेपर शामिल होंगे। इसके साथ ही मेंस परीक्षा में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं, जो उम्मीदवार हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अब नए पैटर्न के अनुसार ही पढ़ाई करनी होगी। हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का नया पैटर्न हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा अब 400 अंकों की होगी, जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के 4 पेपर होंगे और कुछ वर्णात्मक प्रश्नपत्र भी शामिल किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र की अवधि 3 घंटे और 100 अंक तय किए गए हैं। उम्मीदवारों को अब नए पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
हरियाणा में बल्लभगढ़ से भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई के फरीदाबाद स्थित रिसॉर्ट के वॉशरूम में छत्रपति शिवाजी और रानी पद्मावती की फोटो लगाए जाने का दावा किया गया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर वीडियो सामने आया। इसे महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता अतुल लोंधे पाटिल ने अपने X अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का कहना है कि मेल और फीमेल वॉशरूम में ये फोटो लगाए गए थे। हालांकि बाद में ये हटवा दिए गए। जब इस मामले में भाजपा विधायक के भाई और रिसॉर्ट के मालिक टिपरचंद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह वीडियो उनके रिसॉर्ट का नहीं है। जिसने भी इस वीडियो को उनका बताकर वायरल किया है उसकी पहचान कर पुलिस को शिकायत दी जाएगी। इस विवाद के बीच होटल के वॉशरूम के फोटो भी सामने आए हैं, जिसमें मेल और फीमेल सेक्शन में अब घोड़ों की फोटो लगी हुई दिखाई दे रही है। पहले जानिए वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने क्या कहा…. 20 फरवरी का वीडियो दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब इस वायरल वीडियो की पड़ताल की, तो पता चला कि यह वीडियो 20 फरवरी का है। वीडियो में दिख रहे शख्स संदीप गोयल ने बताया कि वे अपने एक पारिवारिक प्रोग्राम में नेशनल हाईवे 19 स्थित मिलन रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट हॉल में गए हुए थे। वहां पर वाशरूम के मेल और फीमेल एरिया को चिन्हित करने के लिए छत्रपति शिवाजी और रानी पद्मावती की फोटो लगाई हुई थी। इसी दौरान एक शख्स ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मालिक से बात करके फोटो हटवाए संदीप ने आगे बताया कि उन्होंने उसी समय रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट के मालिक से बात करके इन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने दोनों की तस्वीरों को वहां से हटा दिया। इसके अलावा, अंबाला के एक होटल के बाहर भी छत्रपति शिवाजी की तस्वीर लगाई गई थी, जिसे कॉल करके हटवाया गया है। अब जानिए BJP विधायक के भाई ने क्या कहा… ये उनके रिसॉर्ट का वीडियो नहीं इस पूरे विवाद के बीच, भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा के भाई टिपरचंद ने कहा कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह उनके रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट हॉल का नहीं है। इस इलाके के अवैध बैंक्वेट पर प्रशासन इन दिनों कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त कर रहा है। इससे गुस्साए किसी शख्स ने उनके बैंक्वेट का नाम विवाद में घसीट दिया, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। पुलिस में शिकायत दी जाएगी शर्मा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने इस तरह का वीडियो बनाकर वायरल किया है, उनकी पहचान की जा रही है और जल्द ही पहचान करके पुलिस में शिकायत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो उनके यहां का नहीं है। उनके नाम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। डेढ़ साल पहले हुआ था उद्घाटन यह मिलन रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट हॉल नेशनल हाईवे पर सीकरी गांव के पास बना हुआ है, जिसका परिसर कई एकड़ में फैला हुआ है। करीब डेढ़ साल पहले इसका उद्घाटन हुआ था। इसे बल्लभगढ़ से भाजपा के विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई टिपरचंद शर्मा चलाते हैं। इसके अलावा, शहर के कई अन्य हिस्सों में भी मिलन स्वीट्स के नाम से इनके रेस्टोरेंट हैं। रिसॉर्ट से गिरकर मजदूर की हो चुकी है मौत 3 जनवरी को इसी रिसॉर्ट में काम कर रहे लोकेश नामक मजदूर की मौत हो गई थी। वह पिछले एक साल से इस रिसॉर्ट में काम कर रहा था। वह रिसॉर्ट की दूसरी मंजिल पर बाहर की तरफ से वेल्डिंग का काम कर रहा था। काम करते हुए अचानक से उसका पैर फिसल गया और वह नीचे आकर गिर गया। लोकेश के नीचे गिरने की आवाज सुनकर दूसरे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में आग लग चुकी 21 दिसंबर को सेक्टर-2 में बने मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट के ग्राउंड फ्लोर पर बने किचन में चिमनी मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई थी। किचन में जमा चिकनाई के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और चिमनी के पाइप के रास्ते ऊपर की मंजिल तक फैल गई। हालांकि, इसमें किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई थी। रेस्टोरेंट में खाना खा रहे सभी लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव दताल और आसपास के क्षेत्रों में दूसरी बार तेंदुआ देखे जाने के बाद वन्य जीव विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। एक नए वीडियो में तेंदुआ सड़क पार कर खेतों की मेड़ लांघते हुए पहाड़ी क्षेत्र की ओर जाता दिखाई दिया। वीडियो की पुष्टि होने के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं गांव के सरपंच ने इसकी वीडियो फेसबुक पर लगाई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, जहां जमीन पर स्पष्ट पगमार्क मिले। अधिकारियों ने पगमार्क की पुष्टि तेंदुए के रूप में की। पगमार्क का पीछा करते हुए टीम बूस्टिंग स्टेशन तक पहुंची, जहां तेंदुए के बैठने और घूमने के निशान भी मिले। पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया इसके बाद विभाग ने बूस्टिंग स्टेशन के पास झाड़ियों में पिंजरा लगाकर उसमें मांस के टुकड़े रखे हैं, ताकि तेंदुए को पकड़ने में आसानी हो सके। कर्मचारियों की ड्यूटी भी मौके पर लगा दी गई है। 21 दिन पहले भी दिया था दिखाई ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले 30 जनवरी को भी पहाड़ी क्षेत्र में तेंदुए की मूवमेंट का वीडियो सामने आया था, लेकिन पथरीली जमीन होने के कारण उस समय पगमार्क नहीं मिल पाए थे और सर्च अभियान सफल नहीं हो सका था। अब दूसरी बार स्पष्ट मूवमेंट मिलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों में बना भय ग्रामीणों ने बताया कि सरसों की कटाई का समय शुरू होने वाला है, ऐसे में किसानों को खेतों में देर तक रहना पड़ता है, जिससे खतरा बढ़ सकता है। तलाशी के दौरान सरसों के खेतों में कुत्तों के कंकाल भी मिले हैं, जिससे तेंदुए की मौजूदगी की आशंका और मजबूत हुई है। अकेले बाहर न निकलें वन विभाग के रेंज अधिकारी रजनीश यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात में बाहर न निकलें, बच्चों को अकेले खेतों में न भेजें और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। विभाग ने तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए अभियान जारी रखा है। जल्द आ जाएगा पकड़ में वहीं वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर चरण सिंह ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ ने पिंजरा लगा दिया है। उन्होंने बताया कि गांव में एक पिंजरा लगाया गया है। जिसमें मांस के टुकड़े डाले गए हैं। अगर वहां तेंदुआ होगा तो वह जल्द पकड़ में आ जाएगा।
हरियाणा विधानसभा बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11.00 बजे से शुरू होगी। तीसरे दिन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ होगी। इस दौरान कांग्रेस और सत्तापक्ष बीजेपी के 20 विधायकों ने सवाल लगाए हैं। सेशन में सरकार की ओर से दी जाने वाली 13 कैटेगरी की पेंशन का मुद्दा गूंजेगा। कांग्रेस की ओर से पेंशनरों की संख्या को पूछा गया है। इसके अलावा पूर्व रेसलर और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने भी सदन में खिलाड़ियों को लेकर सवाल लगाया है। इसके अलावा रियाणा कांग्रेस तीसरे दिन पैदल मार्च निकालेगी। विधायक अशोक अरोड़ा ने बताया कि एमएलए हॉस्टल से सभी कांग्रेस विधायक सुबह दस बजे विधानसभा तक पैदल मार्च निकालेंगे। इस मार्च का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे। चौथे दिन कांग्रेसी विधायक सांकेतिक रूप से विधानसभा का घेराव करेंगे। बता दें बजट सेशन का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा था। कांग्रेस ने जहां आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सहित तीन घोटालों का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा था। नारेबाजी करते वॉकआउट ओर वेल तक नारेबाजी की थी। सीएम सैनी की ओर से सत्र की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फेंस करके बैंक घोटाले में सफाई दी गई थी। यहां पढ़िए किस विधायक के क्या प्रश्न लगाए… यहां पढ़िए बजट सत्र की दूसरे दिन की कार्यवाही में क्या हुआ... एचपीएससी को लेकर कांग्रेस का प्रस्ताव सदन में खारिज करीब तीन बजे प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद कांग्रेस की ओर से एचपीएससी को लेकर दिए गए प्रस्ताव को सदन में खारिज कर दिया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल उठाए। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और स्पीकर हरविंद्र कल्याण के बीच नोंक-झोंक हुई। स्पीकर ने नियम पढ़कर सुनाया। स्पीकर ने कहा कि सदन नियमों से चलेगा। राजनीतिक भाषण नहीं होंगे। इसके बाद हंगामा किसी तरह शांत हुआ। IDFC फर्स्ट बैंक पर हंगामा, कांग्रेसियों का वॉकआउट इसके बाद IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपए के घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। इसके जवाब में सीएम सैनी ने कहा कि सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस को केस ट्रांसफर कर दिया है। सरकार का पूरा पैसा सुरक्षित है। हुड्डा ने तुरंत सवाल दागा कि सरकार को सब पता है कि कसूरवार कौन है। इसे लेकर भी कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने कहा कि सीएम ने जवाब दे दिया है, अब आप लोग शांत हो जाओ। इस पर कांग्रेसियों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में कांग्रेस विधायक वापस लौट आए। सोशल मीडिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव स्वीकार बीजेपी के पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में पुलिस सिक्योरिटी ड्यूटी लगाने को लेकर वायरल वीडियो का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ये साजिश है, जिसको प्रायोजित तरीके से किया जा रहा है। इस पर कांग्रेसी विधायकों ने सवाल खड़े किए। बीजेपी विधायक ने कहा कि मुझे तो लग रहा है कि ये आपने तो नहीं किया। इस पर स्पीकर ने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के खिलाफ सदन में विशेषाधिकार हनन लाया जा रहा है। स्पीकर के अनुरोध पर प्रमोद विज ने प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। प्रस्ताव को विशेषाधिकार समिति को भेजा गया, जिसको 1 मार्च तक रिपोर्ट देनी होगी। गौतम ने वोट चोरी के लिए गांधी और हुड्डा परिवार को घेरासत्र की कार्यवाही खत्म होने से ठीक पहले सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम और नेता प्रतिपक्ष दीपेंद्र हुड्डा में भी बहस हो गई। गौतम ने वोट चोरी का जिक्र करते हुए गांधी परिवार और हुड्डा परिवार पर सीधा हमला बोला। इस पर कांग्रेसियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हुड्डा के हस्तक्षेप के बाद स्पीकर ने कहा ये शब्द कार्यवाही से हटा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा-दादा (गौतम) शब्दों का सही चयन करें। आपत्तिजनक शब्द कार्यवाही से हटाए गए। इस पर हुड्डा ने खड़े होकर कहा-ये (गौतम) बुड्ढा हो गया है, माफ करो। हालांकि हुड्डा के तंज के बाद दादा गौतम ने कहा, मैं ये नहीं कहता कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने काम नहीं किए। ये बहुत प्यारा आदमी है। लेकिन किनके काम किए, वो बात अलग है। गवर्नर एड्रेस पर चर्चा के दौरान जमकर हुआ हंगामा… विपक्ष की ओर से अरोड़ा ने संभाली कमान करीब पांच बजे गवर्नर एड्रेस पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि जब मैंने इसको पढ़ा तो मुझे बड़ी हैरानी हुई कि पहली बार हेल्थ, प्रदूषण, पशु पालन, ट्रांसपोर्ट का कोई भी जिक्र नहीं है। सूबे में पांच हजार करोड़ का धान घोटाला हुआ, उसका भी कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा श्रम विभाग में 1500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ, लेकिन उसका भी कोई जिक्र नहीं है। आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस, कर्मचारी सुसाइड, सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई, उसकी चर्चा होनी चाहिए थी। मगर, इनके मंत्री कहते है कि ये तो भगवान की मर्जी है। ये अपनी जिम्मेदारी भी भगवान के भरोसे छोड़कर रख रहे हैं। HKRN को लेकर अरोड़ा और मंत्री बेदी में हुई बहस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) बंद होना चाहिए। ये युवाओं से बड़ा अन्याय है। एक ही जगह दो कर्मी काम कर रहे हैं। मगर, उनके वेतन में भारी अंतर होता है। ये न्याय नहीं। सरकार बेवजह बिना पर्ची-खर्ची की बात कर रही है, ये बेमायने है। इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने गिरेबां में झांके। कांग्रेस सरकार में इलाकावाद तो छोड़ों गोत्र के आधार पर नौकरी मिलती थी। कांग्रेस इसे एक बार स्वीकार कर ले। इसी बीच पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा खड़े हुए। बोले-अध्यक्ष महोदय सदन में दो लोगों को बोलना बंद कराएं। अशोक अरोड़ा ने घोटालों पर सरकार को घेरा अशोक अरोड़ा ने सदन में एक और घोटाले का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा टेलीकॉम रोहतक के नाम से 2019 में हरियाणा में एक कंपनी बनी, जो आर्थिक संकट के कारण बंद हो गई। इस पर 96 हजार करोड़ का कर्जा था, जिसमें 87 करोड़ सरकार का कर्ज था। इसके लिए ई-ऑक्शन निकाली गई, देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति ने विड भरी। 25 करोड़ में उसने कंपनी खरीद ली। चार करोड़ रुपए ही वह भर पाया। इसके बाद एक ऐसी कंपनी से 21 करोड़ भरवा दिए, जिसने विड भी नहीं भरी थी। इस कंपनी में सत्ताधारी के लोग जुड़े हुए थे। सरकार ने जब इसकी वैल्यू लगवाई तो आज के दिन करीब 300 करोड़ रुपए है। ये मामला बहुत गंभीर है, इसको सीबीआई में देना चाहिए। धान घोटाले की जांच CBI से करवाई जाए अशोक अरोड़ा ने आगे कहा-हरियाणा में बहुत बड़ा धान घोटाला हुआ है। करनाल व यमुनानगर में कुछ अधिकारी गिरफ्तार भी हुए हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब में धान घोटाले की जांच के आदेश दे दिए। कहा कि 10 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, जांच हो। हरियाणा के साथ दोहरा मानदंड अपनाया गया। यहां जांच क्यों नहीं। यहां भी धान घोटाले की जांच CBI से करवानी चाहिए। यह ऐसा घोटाला है, जिसमें राजनेता भी शामिल हैं। बिहार से चावल आ रहा है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा में फर्जी रजिस्ट्रेशन हो रहा है। जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।
किलों और हवेलियों के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाले राजस्थान की 10 प्रमुख ऐतिहासिक और वैश्विक धरोहरों को 2025 में 1.52 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटकों ने देखा। यह संख्या 2024 के 1.36 करोड़ के मुकाबले 11.78% अधिक है। पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में घरेलू पर्यटकों की औसत वृद्धि 9-10% रही, जबकि इन शीर्ष 10 स्थलों पर वृद्धि इससे अधिक दर्ज हुई। आंकड़े बताते हैं कि जयपुर आने वाला हर 8वां पर्यटक हवामहल और आमेर फोर्ट देखने गया, जबकि हर 12वां नाहरगढ़ फोर्ट और जंतर-मंतर पहुंचा। जैसलमेर में हर 5वें पर्यटक ने जैसलमेर किला देखा। उदयपुर में हर 8वां सिटी पैलेस पहुंचा। जोधपुर में हर तीसरा पर्यटक मेहरानगढ़ किले और हर 5वां उम्मेद भवन पैलेस तक गया। चित्तौड़गढ़ में हर 25वां पर्यटक किले तक पहुंचा, जबकि अजमेर में हर 50वां अकबर किला देखने गया। चित्तौड़गढ़ किले में 51.01% और हवामहल में 24.34%पर्यटक बढ़े पिछले एक साल में रैंकिंग में सबसे बड़ा बदलाव चित्तौड़गढ़ किले का रहा, जिसने 51.01% वृद्धि के साथ तीन पायदान की छलांग लगाकर आठवें से पांचवें स्थान पर जगह बनाई। जैसलमेर किला 5.09% गिरावट के बावजूद पहले स्थान पर बना रहा। हवामहल 24.34% वृद्धि के साथ दूसरे, आमेर फोर्ट 13.15% वृद्धि के साथ तीसरे और उदयपुर का सिटी पैलेस 15.69% वृद्धि के साथ चौथे स्थान पर रहा। भास्कर एक्सपर्ट- नीलम शर्मा, होटल एंड टूरिज्म एक्सपर्ट प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र 12 से 15 प्रतिशत तक योगदान देता है। कृषि और वस्त्र उद्योग के बाद यह तीसरा बड़ा रोजगार क्षेत्र है। पर्यटकों द्वारा खर्च हर रुपया लगभग 13 हाथों से होकर गुजरता है। जयपुर और जोधपुर में पर्यटन बढ़ने से हस्तशिल्प, आभूषण और टेक्सटाइल की मांग तथा होटल-रिजॉर्ट निवेश बढ़ा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण:100 सीटों में जीत के अंतर से दो से पांच गुना तक वोटर कम हुए
प्रदेश में 100 से अधिक विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर 2023 के विधानसभा चुनाव परिणाम के मार्जिन की तुलना में दो से पांच गुना अधिक मतदाताओं के नाम एसआईआर में कट गए हैं। प्रदेश में कुल 31.36 लाख से अधिक (5.74 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। 2023 के चुनाव परिणाम में बीजेपी का मार्जिन कांग्रेस से सवा दो प्रतिशत के आसपास रहा था। बीजेपी को 1.65 करोड़ से अधिक यानी 41.69 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे और कांग्रेस को 1.58 करोड़ से अधिक यानी 39.55 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। बीजेपी 6,44,786 अधिक वोट हासिल करके सत्ता में आई थी। इस मार्जिन की तुलना में एसआईआर में चार गुना वोटरों के नाम कट गए हैं। ऐसे समझें गणित... 2023 के चुनाव में 28 सीटें ऐसी थीं, जहां जीत का अंतर 2,000 वोटों से कम था। इन सीटों पर औसत कटौती 15,000 से 30,000 के बीच हुई। 3 हजार से कम अंतर वाली 35 सीटों पर सात गुना तक नाम कटे प्रदेश में लगभग 35 ऐसी विधानसभा सीटें चिह्नित की गई हैं, जहां 2023 के चुनावों में जीत का अंतर 3,000 से भी कम था। अब एसआईआर में वहां औसतन 22,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ऐसे में जीत के मार्जिन की तुलना में सात गुना का अंतर एक बड़े चुनावी उलटफेर के रूप में माना जा रहा है। नाम हटने के मामलों में टॉप 3 जिलों में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर भी एसआईआर वोटर लिस्ट में नाम हटने के मामलों में प्रदेश भर में टॉप 3 जिलों में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर हैं। गौरतलब है कि जयपुर में 5.36 लाख, जोधपुर में 2 लाख से अधिक और उदयपुर में 1.58 लाख नाम हटाए गए हैं। सरदारपुरा में 19.98 फीसदी मतदाताओं के नाम कटे, ये प्रदेश में सबसे अधिक सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक नाम कटे हैं। भजनलाल शर्मा के क्षेत्र में यह आंकड़ा 61 हजार से अधिक है, जो 16 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं पूर्व सीएम गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में भले ही 51 हजार से अधिक नाम कटे हैं, लेकिन यह आंकड़ा 19.98 है, जिसे प्रतिशत की तुलना में सर्वाधिक माना गया है। सर्वाधिक नाम जोड़ने वाली 5 सीटों में से चार सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीते हैं सबसे अधिक नाम जोड़ने वाली पांच सीटों में एक भी कांग्रेस की नहीं है। जिनमें शहरीकरण और नए आवासीय क्षेत्रों के कारण सबसे अधिक नए नाम जोड़े गए हैं। ऐसी सीटों में नंबर वन पर झोटवाड़ा, सांगानेर, विद्याधर नगर, बाड़मेर, फलौदी आदि शामिल हैं।
लकवा भी 60 वर्षीय मदन चौबे को वोट करने से नहीं रोक पाया
रांची|गांधी नगर निवासी 60 वर्षीय मदन चौबे को पिछले तीन साल से लकवा से ग्रसित हैं। वे बिना सहारे के एक कदम भी नहीं बढ़ा सकते हैं। लेकिन, लकवा भी वोट देने से नहीं रोक पाया। वह दो लोगों के सहारे वार्ड संख्या 2 के अंतर्गत आने वाले ज्ञानोदय मध्य विद्यालय गांधीनगर के बूथ संख्या 10 पर मतदान करने पहुंचे आैर मतदान किया। पूछने पर मदन चौबे ने बताया कि वे चाहते हैं कि ऐसे प्रत्याशी की जीत हो जो रांची नगर क्षेत्र के साथ ही उनके वार्ड के विकास पर भी गंभीर होकर बेहतर काम करे।
भाजपा, झामुमो व कांग्रेस ने किए समर्थित प्रत्याशियों की जीत के दावे
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया है कि नगर निकाय चुनाव में वोटर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के साथ खड़े रहे। अधिकतर सीटें जीतेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि, कार्यकर्ताओं से मिली रिपोर्ट के अनुसार, जनता का रुझान पूरी तरह भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में दिखाई दिया है। सोमवार को प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि मतगणना को प्रभावित करने की कोशिश हुई, तो भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित कराए। प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी थे। रांची में कांग्रेस पहले नंबर पर : कमलेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निकाय चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में मेयर के चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रमा खलखो पहले नंबर पर हैं। इसके अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी लड़ाई में मौजूद हैं। अधिकांश जगहों पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की ही जीत होगी। बोगस वोटिंग कराने का भी आरोप आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में बोगस मतदान की सूचनाएं मिली हैं। मेदिनीनगर के वार्ड नंबर 6 के बूथ 3 व 4, वार्ड नंबर 5 के बूथ 2 और 3 पर बोगस वोटिंग कराई गई। गढ़वा के वार्ड नंबर 20 में भाजपा समर्थक वोटरों को भगाया गया। 9 निगम में से दो तिहाई पर जीतेंगे : सुप्रियो नगर निकाय चुनाव में छिटपुट घटना को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान पर झामुमो ने राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य प्रशासन एवं झारखंड पुलिस का आभार प्रकट किया। पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि गांव के बाद अब शहर में भी भाजपा का सफाया हो गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के नौ नगर निगम में एक से दो तिहाई पर झामुमो समर्थित उम्मीदवारों का कब्जा होगा। ट्रिपल टेस्ट और ओबीसी आरक्षण के बाद जिस तेजी से राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारी की, वह सराहनीय है। अव्वल देशों में भी बैलेट से चुनाव उन्होंने भाजपा एवं उनके केंद्रीय मंत्री के द्वारा बैलेट पेपर चुनाव पर की गयी टिप्पणी पर भी पलटवार किया। कहा कि ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए कि जापान, कोरिया, अमेरिका जैसे टेक्नोलॉजी में अव्वल देशों में भी बैलेट पेपर से चुनाव हो रहे हैं।
रांची में चुनाव के बीच नजारा ... झड़प, हंगामा, नारेबाजी, मारपीट और लाठीचार्ज
नगर निगम चुनाव के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में सोमवार को दिनभर अलग-अलग नजारे देखने को मिले। विभिन्न मतदान केंद्रों पर ड्यूटी में तैनात पुलिस सक्रिय दिखी। इसके बावजूद कहीं झड़प तो कहीं जोरदार हंगामा हुआ। पुलिस की मौजूदगी में ही कई बूथों के अंदर और बाहर प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने हो गए। विवाद बढ़ने पर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और सख्ती करते हुए सभी को वहां से खदेड़ दिया। बूथ के बाहर जमा कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए शक्ति प्रदर्शन भी किया। एक बूथ पर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। उपद्रवियों ने कुछ युवकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। वार्ड नंबर 40 : दो प्रत्याशियों के समर्थकों में धक्का-मुक्की, मामला थाने पहुंचा धुर्वा थाना क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित डीएवी स्कूल में बने बूथ के बाहर प्रत्याशी सुचिता रानी और राहुल यादव के समर्थक आपस में भिड़ गए। उनके बीच धक्का-मुक्की हुई। एक महिला समर्थक को धक्का देकर गिरा दिया गया, जिससे वह घायल हो गई। महिला ने देर शाम धुर्वा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। वार्ड नंबर 18 : पैसे का प्रलोभन देने का आरोप, समर्थक आपस में उलझे थड़पखना स्थित छोटानागपुर गर्ल्स हाई स्कूल में सुबह करीब 8 बजे दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में उलझ गए। पार्षद प्रत्याशी आशा गुप्ता के समर्थकों का आरोप था कि दूसरे प्रत्याशी सोमवित माजी लगातार मतदान केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं और वोटरों को पैसे का प्रलोभन दे रहे हैं। हालांकि, सोमवित माजी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। वार्ड नंबर 25 : बोगस वोटिंग का आरोप, दो गुटों में हंगामा डीएवी कपिलदेव में वार्ड 25 का बूथ बनाया गया था। दोपहर 3 बजे एक व्यक्ति वोट देने के लिए गेट के अंदर प्रवेश किया। वहां मौजूद लोगों ने उसे फर्जी वोटर बताकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया गया कि एक प्रत्याशी द्वारा बोगस वोटिंग कराई जा रही है। इस दौरान दोनों पक्ष भिड़ गए और जमकर हंगामा हुआ। वार्ड नंबर 16 : बोगस वोटिंग का आरोप, लाठी-डंडे तक निकले लोअर बाजार थाना क्षेत्र के कर्बला चौक के पास वार्ड कार्यालय में बने बूथ पर प्रत्याशी नाजिमा रजा और सल्लाउद्दीन उर्फ संजू के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते एक-दूसरे पर हमला करने के लिए लाठी-डंडे तक निकाल लिए गए। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर सभी को वहां से खदेड़ दिया। वार्ड नंबर 23 : दो प्रत्याशियों के समर्थकों में मारपीट, बेल्ट और लात-घूंसे चले हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र स्थित इदरीसिया तंजीम में बने बूथ पर कड़ी सुरक्षा के बीच दिनभर मतदान हुआ। शाम करीब 4 बजे एक प्रत्याशी के समर्थकों ने आरोप लगाया कि दूसरा प्रत्याशी और उसके समर्थक बूथ के अंदर जमा हैं। इसे लेकर हंगामा शुरू हो गया। दूसरा पक्ष भी बूथ के गेट पर पहुंच गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट शुरू हो गई। लोगों ने एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। बेल्ट और लात-घूंसे चले। मौके पर अफरातफरी मच गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कतारें गायब, मतदान सुस्त... शहर के बड़े वार्डों में मतदाताओं में नहीं दिखा उत्साह
रांची नगर निगम चुनाव को लेकर शहर के कई वार्डों में मतदान सुस्त रहा। इन केंद्रों में सुबह से दोपहर 11 बजे तक मतदान केंद्रों पर सीमित आवाजाही दिखी, जबकि 11 बजे से 2 बजे के बीच कुछ समय के लिए मतदाताओं की उपस्थिति बढ़ी। इसके बाद फिर से मतदान की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई बूथों पर कतार तक नहीं लगी। कई केंद्रों पर प्रत्याशियों के समर्थक सक्रिय रहे और मतदाताओं को केंद्र तक लाने की कोशिशें भी हुईं, लेकिन इसका असर सीमित रहा। व्यवसायिक क्षेत्र अपर बाजार के प्रमुख बूथ मारवाड़ी वीमेंस कॉलेज, शिवनारायण कन्या पाठशाला और बालकृष्ण स्कूल में सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक मतदाताओं की मौजूदगी बेहद कम रही। इन इलाकों में मतदान दिवस पर भी बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। इसके विपरीत हिंदपीढ़ी, मधुकम, किशोरगंज और आसपास के इलाकों में मतदान को लेकर उत्साह नजर आया। सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो शाम पांच बजे तक बनी रहीं। इन क्षेत्रों में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। कई बूथों पर मतदान कर्मियों को भीड़ संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। वार्ड-27 : 11 से अधिक बूथों पर वोटरों की रही भीड़ वार्ड 27 के एलपी पब्लिक स्कूल, स्कॉट इंटरनेशनल स्कूल किशोर गंज के करीब 11 से अधिक बूथों पर भारी भीड़ देखी गई। इन बूथों पर सुबह 11 बजे तक करीब 12 से 18 प्रतिशत तक वोटिंग हो चुकी थी। वार्ड 26 : संत कुलदीप स्कूल में 12 बूथ, पर वोटिंग कम वार्ड-26 के संत कुलदीप हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर 12 बूथ बनाए गए थे और प्रत्येक बूथ पर वोटरों की संख्या पर्याप्त थी। इसके बावजूद दोपहर तक मतदान प्रतिशत कम ही रहा। वार्ड 23, 24 : हिंदपीढ़ी के बूथों पर उत्साह और लंबी-लंबी कतारें हिंदपीढ़ी के गुरुनानक स्कूल, इदरसिया हाई स्कूल आदि के वार्ड नंबर- 23, 24 बूथों पर सुबह से मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें रहीं। दिन के 12 बजे तक हिंदपीढ़ी के कई बूथों पर 25 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका था। शाम 4 बजे तक मतदाता वोट देने आते रहे। वार्ड 03 : मतदान केंद्र पर सन्नाटा, बाहर प्रत्याशी समर्थकों की हलचल वार्ड-3 के रेड क्रॉस मतदान केंद्र पर मतदाताओं से अधिक प्रत्याशियों के समर्थकों की मौजूदगी देखी गई। मतदान केंद्र के भीतर किसी भी बूथ पर कतार नहीं लगी। मतदाता आते गए और बिना प्रतीक्षा के मतदान कर लौटते रहे। सीमित भीड़ ने कम सहभागिता की तस्वीर स्पष्ट की। वार्ड 20 व 21 : मतदाताओं ने नहीं दिखाई वोटिंग को लेकर दिलचस्पी वार्ड 20, 21 के बूथ शिवनारायण कन्या पाठशाला, विमेंस कॉलेज, बालकृष्ण स्कूल आदि करीब 12 से अधिक बूथों पर वोटरों की भीड़ काफी कम देखी गई। दिन के 12 बजे तक 10 से 12 प्रतिशत ही मतदान हुआ। ये सारे बूथ अपर बाजार के वोटरों के हैं। हिंदपीढ़ी के इदरसिया तंजीम हाई स्कूल में मतदाताओं की भीड़।
बारिश के बीच मतपेटी जमा कराने के लिए जमे रहे मतदानकर्मी
रांची | शहर के विभिन्न वार्डों में नगर निगम का वोटिंग प्रक्रिया सोमवार की शाम 5 बजे खत्म हो गई। इसके बाद सभी मतदानकर्मी कड़ी सुरक्षा के बीच मतपेटी लेकर कांके रोड के अलावा पिस्का मोड़ व बोड़ेया रोड होते हुए सुकुरहुट्टू के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मतगणना स्थल के लिए रवाना हो गए। मतगणना स्थल पर देर रात तक मतपेटी जमा कराने का सिलसिला जारी रहा। जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जो लगातार मतपेटी की निगरानी कर रहे थे। मतपेटी जमा कराते समय पूरी सावधानी बरती जा रही थी। अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे जहां सभी कागजात के साथ मतदानकर्मी मतपेटी जमा करने के लिए लाइन में खड़े थे। शाम 6 बजे के बाद ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचने लगे थे मतदान कर्मी, देर रात तक जुटे रहे इससे पहले शाम 6 बजे के बाद मतदानकर्मियों का ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचना शुरू हो गया था। मतपेटी जैसे ही जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। मतदानकर्मी खुद को पानी से बचाने के साथ-साथ मतपेटी को भी बचाने के लिए परेशान रहे। थोड़ी देर के लिए सभी मतपेटी लेकर शेड में बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। विभिन्न मतदान केंद्रों से मतपेटी लेकर मतगणना स्थल तक पहुंचाने का कार्य देर रात तक चलता रहा।
एडीजी ने संवेदनशील बूथों में खुद सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
नगर निकाय चुनाव के दौरान शहर में विभिन्न बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। थानेदार खुद अपने-अपने इलाके में भ्रमणशील रहते हुए लोगों पर नजर रख रहे थे। पीसीआर व पेट्रोलिंग गाड़ी भी सक्रिय थी। पूरी सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद एडीजी मनोज कौशिक कर रहे थे। वे एसएसपी राकेश रंजन समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ विभिन्न वार्डों में स्थित संवेदनशील बूथों पर पहुंचे। वहां तैनात पुलिस पदाधिकारियों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। इस क्रम में एडीजी अचानक एक बूथ पर वोटर से पहचान पत्र मांगा और उसके चेहरे का मिलान किया। बाद में एसएसपी से भी मिलान कराया। सड़क पर ही खड़ी कर दी गाड़ी, दिनभर जाम, राहगीर हुए परेशान रातू रोड, मेट्रो गली, हरमू रोड, कर्बला चौक, थड़पखना, संत अन्ना गली, प्लाजा चौक, कोकर-लालपुर रोड आैर करमटोली मध्य विद्यालय समेत अन्य जगहों पर वोटिंग के लिए बनाए गए बूथ के बाहर ही सड़क किनारे लोगों ने गाड़ी खड़ी कर दी थी। प्रत्याशियों के समर्थक भी सड़क किनारे ही टेबल-कुर्सी लगाकर पर्ची बांटने के लिए दिनभर बैठे रहे। ऐसे में वहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस कारण सड़क पर आने-जाने वाले वाहन सवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मतदान कर वापस लौट रहे लोग भी जाम से फंसे रहे।
हरमू, अशोकनगर के मतदाता घरों में सोए रहे, नामकुम ने 50% का बनाया रिकॉर्ड
रांची नगर निगम के चुनाव में एक बार फिर कोर शहर के मतदाताओं ने निराश किया। प्रशासन के जागरूकता अभियान और प्रत्याशियों के धुआंधार प्रचार के बावजूद शहर के बीच के इलाकों में मतदान प्रतिशत बेहद कम रहा। अपर बाजार, महावीर चौक, अशोक नगर, अशोक विहार, हरमू हाउसिंग कॉलोनी और कडरू जैसे क्षेत्रों में मतदान के दिन बड़ी संख्या में मतदाता घरों से बाहर नहीं निकले। 53 वार्डों वाले नगर निगम में सबसे कम मतदान वार्ड नंबर 43 में हुआ। यहां 19,597 मतदाताओं में से सिर्फ 6,205 ने वोट डाला, यानी मात्र 31.66%। दूसरे स्थान पर वार्ड 9 रहा, जहां 23,000 मतदाताओं में से 7,844 ने मतदान किया (34.10%)।इसके बाद वार्ड 26 (35.26%), वार्ड 41 (36.04%) और वार्ड 20 (36.31%) का स्थान रहा। कम साक्षरता वाले इलाकों ने दिखाई जागरूकता इसके उलट सामलौंग, डोरंडा, डीबडीह, पुंदाग और हटिया जैसे क्षेत्रों में मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। सबसे अधिक मतदान वार्ड 12 में 53.24% दर्ज किया गया। यहां 12,760 मतदाताओं में से 6,793 ने वोट डाला।दूसरे स्थान पर वार्ड 48 (53.11%), तीसरे पर वार्ड 38 (51.09%), चौथे पर वार्ड 53 (50.85%) और पांचवें पर वार्ड 45 (50.27%) रहा। कुल मतदान 43.39% पर सिमटा नगर निगम के 53 वार्डों में कुल 10,27,723 मतदाता थे। इनमें से 4,45,922 ने मतदान किया, यानी कुल मतदान प्रतिशत 43.39% रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राजधानी के शहरी और अपेक्षाकृत जागरूक माने जाने वाले इलाकों में लोकतांत्रिक भागीदारी कमजोर रही, जबकि बाहरी और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मतदान का उत्साह ज्यादा दिखा। टॉप 5 और बॉटम 5 वार्ड (मतदान प्रतिशत) सबसे कम मतदान वाले वार्ड वार्ड 43 – 31.66% वार्ड 9 – 34.10% वार्ड 26 – 35.26% वार्ड 41 – 36.04% वार्ड 20 – 36.31% सबसे अधिक मतदान वाले वार्ड वार्ड 12 – 53.24% वार्ड 48 – 53.11% वार्ड 38 – 51.09% वार्ड 53 – 50.85% वार्ड 45 – 50.27%
रांची में 43.35% मतदान, बूथ अव्यवस्था पर डीसी को शोकॉज
झारखंड के कई नगर निकायों में अव्यवस्थाओं के बीच मतदान संपन्न हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार रात 11 बजे तक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को मिलाकर औसतन 62% मतदान दर्ज किया गया। अंतिम प्रतिशत बढ़ सकता है। विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को जारी की जाएगी। मतदाता पर्ची वितरण में गड़बड़ी, बूथ परिवर्तन और मतदाता सूची से नाम गायब रहने की शिकायतें कई जिलों से मिलीं। सर्वाधिक शिकायत रांची से आई है। राज्य चुनाव आयुक्त अलका तिवारी ने स्वीकार किया कि रांची को लेकर शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि रांची डीसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। रांची में सबसे कम मतदान नगर निगमों में इस बार सबसे अधिक मतदान गिरिडीह में 59.29% हुआ, जबकि पिछली बार यहां 61.47% मतदान हुआ था। सबसे कम मतदान रांची में 43.35% दर्ज किया गया, जो 2018 के 49.30% से कम है। नगर परिषद में सबसे अधिक मतदान चतरा में 68.88% और सबसे कम चाईबासा व कपाली में 57.29% रहा। नगर पंचायतों में सर्वाधिक मतदान सरायकेला में 74.86% और सबसे कम डोमचांच में 54.16% दर्ज किया गया। अब सभी की निगाहें 27 फरवरी को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। आयोग से सवाल-जवाब सवाल: लोग बूथ बदलने और नाम गायब होने से वोट नहीं दे पाए, दोषी कौन?जवाब (अलका तिवारी): रांची के बारे में सूचना मिली है। अन्य जिलों से ऐसी शिकायत नहीं आई है। सवाल: क्या कार्रवाई होगी?जवाब: रांची डीसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई होगी। सवाल: प्रेस वार्ता क्यों नहीं हुई?जवाब: छुपाने के लिए कुछ नहीं है। सवाल: मतदानकर्मियों को पोस्टल बैलेट नहीं मिले?जवाब: एक्ट में ऐसा प्रावधान नहीं है, लेकिन उन्हें वोट से वंचित नहीं होना चाहिए था। सवाल: बूथों पर सीसीटीवी क्यों नहीं?जवाब: अन्य राज्यों में भी निकाय चुनाव में सीसीटीवी अनिवार्य नहीं है। सवाल: कहीं पुनर्मतदान होगा?जवाब: अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। रांचीः बरियातू स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बूथ पर सुबह सन्नाटा रहा। कई मतदाता नाम नहीं मिलने पर बिना वोट डाले लौट गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ हरमू स्थित संत कुलदीप उच्च विद्यालय (वार्ड 26, बूथ 7) में मतदान किया। इस बार उनका मतदान केंद्र बदला गया था। गिरिडीहः वार्ड 18 में प्रत्याशी समर्थकों के बीच झड़प के बाद पथराव और फायरिंग हुई। शमीम अंसारी (55) और शेरू अंसारी (26) घायल हो गए। घटना के बाद लोगों ने भंडारीडीह से स्वर्ण चित्र मंदिर तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। धनबादः झरिया के बूथ संख्या 8 पर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थकों के बीच मारपीट में तीन लोग घायल हुए। वार्ड 22 में दो महिला पार्षद समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। चासनाला के बूथ 52 पर भी प्रत्याशी समर्थकों में झड़प हुई। चासःवार्ड 32 के बूथ पर हंगामे के दौरान एसडीपीओ प्रवीण सिंह पर हमला हुआ। उनकी नाक में चोट लगी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जमशेदपुरः जुगसलाई में बोगस मतदान के आरोप पर समर्थकों में हंगामा हुआ। सेंट जॉन स्कूल केंद्र पर करीब एक घंटे तक मतदान रुका रहा। गुरुद्वारा के पास भी मारपीट की घटना हुई। मानगो के उलीडीह स्थित बूथ पर समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कोडरमाः झुमरी तिलैया के बूथ संख्या 147 पर मतपेटी की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ। डोमचांच नगर पंचायत में वार्ड 5 में सिर्फ 3 और वार्ड 11 में 49 वोट पड़े। कई जिलों में झड़प और हिंसा पर्ची वितरण में लापरवाही पर नाराजगीमतदान के दौरान कई स्थानों पर विवाद और हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। जमशेदपुर समेत कई स्थानों पर मतदाताओं ने आरोप लगाया कि घर-घर पर्ची नहीं बांटी गई। बूथ और क्रमांक की जानकारी नहीं मिलने से लोग इधर-उधर भटकते रहे। कुछ जगहों पर बीएलओ को घेरकर जवाब मांगा गया। यह चुनाव स्थानीय निकायों की सत्ता तय करने के साथ ही शहरी विकास की दिशा भी निर्धारित करेगा।
इस फोटो में जो अंगूठों के क्लोन दिख रहे हैं, ये उन अभ्यर्थियों के हैं जिन्होंने कौशल विकास और शहरी आजीविका योजना में प्रवेश लिया। एनजीओ के पदाधिकारियों ने फर्जी तरीके से प्रवेश के वक्त ही क्लोन बनवा लिए और बाद में फर्जी उपस्थिति लगाते रहे। इनके बदले सरकार से एक करोड़ रुपए उठा लिए। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ के एनजीओ वूमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट सेक्टर स्किल एवं चंद्रा ऑर्गेनाइजेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोशल एम्पावरमेंट (कोड) ने ट्रेनिंग से पहले ही 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों के अंगूठों के क्लोन बनवा लिए। बाद में उन्हें अलग-अलग कोर्स में दिखाकर फर्जी हाजिरी लगाई। ट्रेनर व सदस्यों के नाम से ही फर्जी दस्तावेज बना लिए। इन संस्थाओं के बिलों को नगर परिषद निम्बाहेड़ा व चित्तौड़गढ़ ने भी बिना वेरिफाई पास कर दिया। यह संस्था कई शहरों में ट्रेनिंग दिलाने का काम कर रही है। एनजीओ का कौशल... ट्रेनिंग किए बिना अभ्यर्थियों की हाजिरी दिखाई वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट सेक्टर स्किल काउंसिल ने भारत सरकार की समर्थ योजना के तहत एमएसएमई मेरठ के माध्यम से महिला अभ्यर्थियों को सिलाई ट्रेनिंग देकर रोजगार दिलाने का एमओयू किया। जरूरी खानापूर्ति बताकर अभ्यर्थियों के अंगूठों के क्लोन बना लिए। उन्हीं से उपस्थिति लगाते रहे। इससे भी पैसा उठा लिया। दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया। एनजीओ के पदाधिकारियों ने सरकार से विभिन्न प्रोजेक्ट लेकर सिलाई के अलावा कंप्यूटर, फायर फाइटर, सोलर आदि कोर्स में भी प्रशिक्षण दिया। इसमें एनजीओ के नाम बदलने के साथ ही सदस्यों को भी बदलते रहे। पोल्ट्री फार्म के खाते में डलवाए एनजीओ के इन पदाधिकारियों ने विभिन्न ट्रेनिंग कोर्स के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए का भुगतान उठाया है। यह पैसा भी अलग-अलग खातों में गया। इसमें से कुछ पैसा तो इन्होंने चित्तौड़ पोल्ट्री फार्म के नाम से भी लिया। निकाय ने भी भुगतान कर दिया। गए बिना हाजिरी : अभ्यर्थी सिलाई ट्रेनिंग करने के लिए अलग-अलग बैच की करीब सौ से ज्यादा अभ्यर्थी हैं, जिनके क्लोन बनाए गए। भास्कर के पास 13 अभ्यर्थियों की बातचीत है, जिनमें उन्होंने स्वीकारा है कि वे कभी-कभी जाती थीं, लेकिन उनकी उपस्थिति जरूर लग जाती थी। “हमारा काम कब का बंद हो गया। जो क्लोन बने हैं, उसका दुरुपयोग भी हमने नहीं किया, करने वाले कोई और ही हैं।”— अमित शर्मा, एनजीओ संचालक, कोड “मुझे कब अध्यक्ष बनाया और कब इस तरह की ट्रेनिंग दी गई, ये पता ही नहीं है। दस्तावेज फर्जी थे, मैंने एफआईआर कराई है।”— तेज सिंह, अध्यक्ष, WCDSS
चतरा में प्लेन हादसा:सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित कसियातू जंगल में दुर्घटनाग्रस्त, सात लोगों की मौत
रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज प्रा. लि. की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित कसियातू जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एयर एंबुलेंस ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता एटीसी से संपर्क टूट गया। रात 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर सक्रिय किया गया। देर रात तक सभी शव बरामद कर लिए गए। बारिश, अंधेरा और जोरदार धमाका प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को हल्की बारिश हो रही थी और बीच-बीच में बिजली चमक रही थी। अधिकतर लोग घरों में थे। शाम करीब 7:45 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। कुछ सेकेंड के लिए आसमान में तेज उजाला फैल गया। ग्रामीण पथलपनिया जंगल की ओर दौड़े। बारिश और अंधेरे के बीच खोजबीन शुरू हुई। करीब दो घंटे बाद जंगल में विमान का मलबा बिखरा मिला। टॉर्च की रोशनी में दूर-दूर तक टुकड़े दिखाई दिए। कुछ शव मलबे में फंसे थे, जबकि कुछ दूर गिरे मिले। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और इलाके को घेरकर सर्च अभियान चलाया। विमान में कौन-कौन थे सवार विमान में सात लोग सवार थे: चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने सभी के शव बरामद होने की पुष्टि की। छह दिन पहले 65% तक झुलस गए थे संजय चंदवा निवासी व्यवसायी संजय कुमार छह दिन पहले अपने लाइन होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 65% तक झुलस गए थे। पैर फिसलने से वे आग की चपेट में आ गए थे। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर दिल्ली रेफर किया गया था। संजय कुमार के दो बेटे हैं— शुभम (17) और शिवम (13)। 8 लाख पहले दिए, 2.50 लाख बाद में चुकाए परिजनों के अनुसार, एयर एंबुलेंस कंपनी को पहले ही 8 लाख रुपए दिए जा चुके थे। तय किराये के अनुसार 2.50 लाख रुपए और बकाया थे। आरोप है कि शेष राशि नहीं मिलने पर कंपनी ने उड़ान भरने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन चंदवा लौटे और पैसे की व्यवस्था कर दोबारा रांची पहुंचे। शेष 2.50 लाख रुपए देने के बाद ही विमान ने उड़ान भरी। हादसे के तीन संभावित कारण प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब मौसम को संभावित कारण माना जा रहा है। सोमवार शाम अचानक तेज हवा और झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। विमान अपने निर्धारित रूट से दाईं ओर डायवर्ट हो गया था। विशेषज्ञों के अनुसार संभावित कारण हो सकते हैं: तकनीकी खराबी – इंजन फेल या सिस्टम में गड़बड़ी। खराब मौसम – तेज हवा, कम दृश्यता या तूफानी हालात। मानवीय त्रुटि – निर्णय लेने में चूक या कंट्रोल में गलती। जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।

