आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में काशीराम कॉलोनी में रहने वाले बड़ी संख्या में लोगों ने बिजली काटने के विरोध में सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। कॉलोनी के लोगों द्वारा सड़क जाम करने से स्कूल से आने जाने वाले वाहनों के साथ ही बड़ी संख्या में एंबुलेंस और अन्य वाहन भी जाम में फंस गए थे। जिसके कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली और रोडवेज पुलिस ने काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया पर सड़क जाम कर रहे लोग बिजली जुड़वाने की मांग कर रहे थे। कॉलोनी के लोगों द्वारा की गई हरकत से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस मामले में सब इंस्पेक्टर सूर्यपाल की तहरीर पर केसरी देवी, सोनी, सावित्री, दयाराम, सत्येंद्र सहित 50 लोगों के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। पुलिस कर्मियों से की गई धक्का मुक्कीसब इंस्पेक्टर की तारीफ पर दर्ज मुकदमे में इस मामले में यह भी आरोप लगाया कि सड़क जाम कर रहे लोगों को जब समझाने बुझाने का प्रयास किया तो कॉलोनी के लोगों ने पुलिस को भला बुरा भी कहा। इसके साथ ही धक्का मुक्की भी की। इस पूरे मामले की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है। बताने चले कि काशीराम कॉलोनी में रहने वाले लोग बिजली का बिल नहीं भरा रहे थे। ऐसे में बिजली विभाग ने काशीराम कॉलोनी की बिजली काट दी थी। जिसको लेकर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने सड़क जाम करके प्रदर्शन किया था।
लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में ‘गद्दी गैंग’ काफी सक्रिय है। जो वर्चस्व बनाने के लिए अक्सर लोगों से मारपीट करता है। बुधवार रात अंधे की चौकी स्थित एक चाय की दुकान पर एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने थाना घेरकर नारेबाजी की। छंदुइया निवासी नोमान (22) पुत्र फैय्याज ने बताया कि कुछ दिन पहले भी उन्हीं आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में दुबग्गा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए।बुधवार रात एक बार फिर चाय की दुकान पर युवक पर हमला कर दिया। हमला करने वालों में सलमान गाजी, निजाम गाजी, रेहान गाजी, सिकंदर गाजी, सावेज (गाजीपुर भरा), फैजान गाजी और अमान गाजी (फैजान का भाई) शामिल हैं। मुख्य आरोपी सुफियान गाजी पर पहला हमला किया, फिर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुबग्गा क्षेत्र में यह गैंग लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में उदासीन नजर आ रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि पहले दर्ज मामले में सख्ती बरती जाती तो यह घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों और बाजार के व्यापारियों ने इलाके में थाने का घेराव कर नारेबाजी की। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाय पुलिस ने दो-तीन अन्य लोगों को हिरासत में लेकर मामला शांत कराने की कोशिश की। मामले में इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय का कहना है आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के दुबरा शेखपुरा के रहने वाले रवि यादव 29 पुत्र उमाशंकर यादव कि सोमवार को फरीदाबाद में मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद आजमगढ़ से परिजन फरीदाबाद पहुंचे थे। और डेड बॉडी को लेकर बुधवार को आजमगढ़ पहुंचे। आजमगढ़ पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इसके साथ ही महादेव बेसों नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। फरीदाबाद में कंपनी में नौकरी करके अपनी आजीविका चलाता था। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंच कर संवेदना व्यक्त की। फरीदाबाद में कंपनी में काम करता था युवक आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र का रहने वाला युवा के रवि यादव फरीदाबाद में कंपनी में काम करता था। सोमवार को शाम 5:00 बजे ड्राई बीएमसी मशीन की चपेट में आने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया। कंपनी के लोगों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद इस मामले की सूचना परिजनों को दी गई थी। सूचना मिलने के बाद परिजन फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए थे। और बुधवार को डेड बॉडी लेकर अपने गांव वापस आए। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की गई।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के विभिन्न सत्रों का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में कुल पंजीकृत 419095 अभ्यर्थियों में से ठीक 50 फीसदी यानी 242306 सफल हुए, जबकि बाकी 176789 असफल रहे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने विस्तृत आंकड़े साझा किए। डीएलएड-2017 बैच के थर्ड सेमेस्टर में मात्र 1 अभ्यर्थी पास हुआ। 2018 बैच के प्रथम सेमेस्टर में 11 और थर्ड में 58 सफल हुए। 2019 थर्ड सेमेस्टर में 258, 2021 प्रथम में 470, थर्ड में 3,600, 2022 प्रथम में 4841, थर्ड में 10184, 2023 प्रथम में 34,521, थर्ड में 110264 तथा सबसे ताजा 2024 प्रथम सेमेस्टर में 78125 अभ्यर्थी पास हुए। हाल के सत्रों में पास प्रतिशत बेहतर दिखा, लेकिन पुराने बैचों में निराशाजनक परिणाम रहे। सचिव ने बताया कि रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइटों http://btcexam.in और https://updeledinfo.in पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी रोल नंबर डालकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। फेल अभ्यर्थियों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा या री-एग्जाम की मांग तेज हो रही है।
मधुरम स्वीट्स में बिल से ज्यादा मिला कच्चा माल:एसजीएसटी की टीम ने मारा छापा, कई अनियमितताएं मिली
होली के त्योहार के नजदीक आते ही एसजीएसटी की टीम भी सक्रिय हो गई है। इन दिनों शहर के बड़े मिठाई कारोबारी एसजीएसटी के निशाने पर हैं। बुधवार देर रात कल्याणपुर स्थित मधुरम स्वीट्स में एसजीएसटी की टीम ने छापेमारी की। अधिकारियों को शुरूआती जांच में कई तरह की अनिनिमितयाएं मिली हैं। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने रॉ मटेरियल और पक्के बिलों में अंतर पाया है। छापेमारी करीब तीन घंटे तक चली है। बिल से ज्यादा मिला कच्चा माल मधुरम स्वीट्स में एसजीएसटी के अधिकारियों के आते ही हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान ग्राहकों का आना जाना और खरीद फरोख्त चलती रही। एसजीएसटी के सूत्रों ने बताया कि दुकान पर उपलब्ध कच्चे माल की मात्रा बिलों में दर्शाई गयी खरीद से कहीं अधिक पायी गयी। वहीं, फर्म द्वारा दूसरी संबंधित इकाई को माल सप्लाई किये जाने की बात सामने आयी है, लेकिन मौके पर उस सप्लाई से जुड़े कोई वैध इनवॉइस अधिकारियों को नहीं मिलें। इलेक्ट्रानिक डाटा की हो रही जांच स्वीट हाउस में एसजीएसटी की टीम इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन जांच कर रही है। कंप्यूटर, बिलिंग सॉफ्टवेयर और अन्य डिजिटल अभिलेख खंगाले जा रहे हैं जिससे वास्तविक लेनदेन का पता लगाया जा सके। अधिकारियों द्वारा स्टॉक का मिलान करने के लिए तैयार माल की भी गणना की जा रही है।
आगरा में मिलावटखोरों पर FSDA का चला बुलडोजर:209 किलो मिठाई कराई नष्ट, होली को लेकर अभियान जारी
आगरा में होली के त्यौहार से पहले FSDA मिलावटखोरों पर छापेमारी जारी है। बुधवार को FSDA टीम ने मां कमला फूड्स, गुलाब नगर, भोगीपुरा, शाहगंज, आगरा स्थित प्रतिष्ठान पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से डोडा बर्फी एवं मिल्क केक के दो नमूने लिए गए। जांच के दौरान मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर लगभग 119 किलोग्राम मिल्क केक जिसकी कीमत 33 हजार 90 किलोग्राम डोडा बर्फी जिसकी कीमत 27 हजार इनको नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न स्थानों से बालूशाही, तैयार छोले एवं बर्फी के नमूने भी संग्रहित किए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है तथा अनिल स्वीट्स, धिमश्री, आगरा के यहाँ से 25 किलो बर्फी नष्ट करायी गयी। विभाग द्वारा जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान निरंतर जारी है। आमजन से अपील है कि खाद्य पदार्थ क्रय करते समय गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी रहेगी। महेंद्र सहायक आयुक्त ने बताया-होली पर्व के दृष्टिगत जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विक्रय पर प्रभावी रोकथाम हेतु विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि खाद्य पदार्थ क्रय करते समय गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विभाग को सूचित करें।
ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालकर आखिरकार बरैठा टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाशों अश्वनी भदौरिया, निखिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी भिंड एमपी और दूसरा गाजीपुर यूपी का है। असल में दोनों ही स्टूडेंट हैं और बड़ागांव पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बुलेट बाइक, पिस्टल, कारतूस, गमछा बरामद हो गए हैं।इनको सात नंबर चौराहा मुरार के एक होटल से पकड़ा गया है। एक आरोपी का एक साल पहले अपने पिता के साथ बरैठा टोल से निकलने के दौरान टोल प्लाजा के ऑपरेटर से विवाद हो गया था। जिसको लेकर उसमें आक्रोश था। बदला लेने उसने यह वारदात की, लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने यह ग्वालियर-भिंड हाइवे को सिक्स लेन करने की चिट्ठी फेंक गए थे। ऐसे समझिए पूरा मामलाग्वालियर-भिंड हाइवे के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा है। सोमवार शाम को टोल प्लाजा के बूथ नंबर-07 पर टोल कलेक्टर नहीं था। जिस पर आगरा निवासी कर्मचारी रोहित कुमार वहां बैठा था। इसी समय एक बुलेट बाइक पर 02 अनजान युवक मुंह से गमछा बांधे हुए एवं हेलमेट पहने भिण्ड से ग्वालियर की ओर निकले जो कुछ दूरी पर जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए और पीछे बैठा व्यक्ति पैदल चलकर रोहित कुमार पास बूथ पर आया जिसके हाथ में पिस्टल थी। उसने रोहित को एक हस्त लिखित पेज दिया और बोला कि अपने मैनेजर को बता देना कि हाईवे नहीं बनेगा तो टोल नहीं चलने दूंगा। मैं तुम्हे जान से खत्म कर दूँगा और उस व्यक्ति ने हाथ में लिए पिस्टल से कई राउण्ड फायर किए। जिससे रोहित कुमार कुर्सी से नीचे गिर गया गोलियां कम्प्यूटर में जाकर लगी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ मौके पर गोलियां चलाता हुआ भाग गया। 300 से ज्यादा CCTV कैमरे देखे तो मिला सुरागघटना के बाद मौके पर मिली चिट्ठी में लिखा था कि ग्वालियर-भिंड हाइवे नहीं बनेगा तो ऐसे ही वारदात करेंगे। सरकार अंधी हो गई है। नेताओं के फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन अब हाइवे निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। अब कोई आकाश नहीं मरेगा। इस चिट्ठी से यह फायरिंग की घटना और भी संवेदनशील हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लेकर ग्वालियर शहर की ओर जहां बदमाश भागे थे 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। इसके बाद पुलिस को बदमाश भिंड रोड से डीडी नगर, पिंटो पार्क टंकी तिराहा से होते हुए सात नंबर चौराहा की तरफ आते हुए दिखे थे। पर पूरे रास्ते पर कहीं भी उन्होंने फेस से नकाब नहीं हटाया था। आखिर में पुलिस ने बुलेट बाइक की पहचान कर दो आरोपियों को पकड़ा है। एक साल पुराने झगड़े का बदला लियाटोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले बदमाश छात्र निकले हैं। दोनों की पहचान 22 वर्षीय अश्वनी पुत्र योगेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी वीरेन्द्र नगर सिटी कोतवाली भिण्ड हाल निवास बैंक कॉलोनी बड़ागॉंव मुरार, जबकि दूसरे बदमाश की पहचान 19 वर्षीय निखिल पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम टिल्डा जिला गाजीपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। एक साल पहले अश्वनी अपने पिता के साथ टोल प्लाजा से निकल रहा था। तब उसकी टोल प्लाजा पर बहस हो गई थी। उस घटना के बाद से वह आक्रोशित था। वह बदला लेने का बहाना तलाश रहा था। उसने हाइवे पर गोलियां चलाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाइवे निर्माण का मुद्दा उससे जोड़ दिया। घटना में गोलियां भी अश्वनी भदौरिया ने चलाई थीं। इनकी रही खुलासे में भूमिकासिर्फ 48 घंटे में थाना प्रभारी महाराजपुरा यशवंत गोयल, बरेठा चौकी प्रभारी एसआई सौरभ श्रीवास्तव, रजनी रघुवंशी, मनोज परमार, विश्वीर जाट, देवेन्द्र लोधी, सउनि विनोद छारी, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र राजावत, अशोक माबई, रामबरन लोधी, नरवीर राणा, जितेन्द्र तोमर, आरक्षक रूस्तम सिंह, भानु सिकरवार, अनिल गुर्जर, राघवेन्द्र भदौरिया, दिनेश शर्मा, आनंद यादव, धर्मेन्द्र, शिवराज, प्रदीप, नागेश शर्मा, बृजेन्द्र चौहान, गौरव परमार, ध्रुव गुर्जर, योगेन्द्र गुर्जर, विकास माहौर, सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आकाश पांडेय, सुमित भदौरिया, अरूण कुमार, लोकेन्द्र दादौरिया, आरक्षक चालक हरे मुरारी, हरीओम सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही।एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। दोनों छात्र है। एक साल पहले टोल पर झगड़े का बदला लेने यह हमला किया गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह हाइवे का मुद्दा उसमें डाल दिया।
कन्हैयालाल स्मृति साहित्य सम्मान- 2026 का आयोजन हुआ। समारोह में हिंदी साहित्य- साधकों की कृति पर अलग-अलग विधाओं के पांच साहित्यकार सम्मानित हुए।साहित्यकारों में उपन्यासकार अभिनव सिन्हा, कहानीकार प्रो. रवि कुमार मिश्रा, आलोचक डॉ. जी गणेशन मिश्र, नाट्यकार डॉ. राहुल शुक्ला ‘साहिल', कवि धीरज श्रीवास्तव को संस्था साहित्य सम्मानों से विभूषित हुए।विश्व जनचेतना ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष साकिब सिद्दीकी बादल को भी शाल और माला पहना कर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता शायर अनवार अब्बास ने की। मुख्य अतिथि ऊषा मिश्रा और विशिष्ट अतिथि डॉ. कल्पना वर्मा, उपन्यासकार रंजन पाण्डेय रहे। सम्मानित रचनाकारों ने कृति से संबंधित उस बात को सबसे साझा किया कि कृति लिखने से पूर्व रचनाकार अनुभूतियों के उस संसार में रहता है जहां घर-परिवार, समाज के विचारों की जमीन पर आंसू, हर्ष और विशाद मौजूद रहते हैं। अनवार अब्बास ने कहा कि साहित्य की सभी विद्या साहित्य की वह मजबूत कड़ी है जो पाठकों को उनके अनुसार पठनीय सामग्री प्रदान कराती है। ऊषा मिश्रा ने कहा कि साहित्यिक पुस्तक का सम्मान साहित्य जगत की अति अनिवार्य आवश्यकता है। विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार प्रीत ने कहा कि साहित्यकार पैदाइशी सम्मानित व्यक्ति होते हैं। डॉ प्रदीप चित्रांशी ने आभार व्यक्त किया।
पनकी में रेलवे लाइन के किनारे मिला युवक का शव:परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, ड्यूटी के लिए निकला था
कानपुर के पनकी में फैक्ट्री के लिए घर से निकले युवक का दूसरे दिन रेलवे लाइन किनारे शव मिला। मां से एक बार उसकी फोन पर बात हुई, उसके बाद मोबाइल स्विचऑफ बताने लगा। घरवालों ने युवक की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। चौकी पहुंचने पर पुलिस ने फोटो दिखाकर शव की शिनाख्त कराई तो कोहराम मच गया। युवक का मोबाइल व बाइक का पता नहीं है। परिजनों ने उसकी हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। पनका के बहादुरनगर का रहने वाला कृष्णा (22) पनकी स्थित फैक्ट्री में नौकरी करता था। परिवार में मां सुनीता, भाई रामजी व श्यामजी और एक शादीशुदा बहन कामिनी है। रामजी ने बताया कि कृष्णा सोमवार सुबह बाइक से ड्यूटी के लिए निकला था। देर शाम तक उसके वापस न आने प र रात सवा दस बजे मां ने उसे फोन किया। घर न आने का कारण पूछा। इस पर उसने बताया कि नाइट ड्यूटी कर रहे हैं। जब कृष्णा मंगलवार सुबह तक घर नहीं आया तो मां ने फिर फोन किया। इस पर उसका मोबाइल स्विचऑफ मिला। रामजी के अनुसार मां ने उस समय समझा की मोबाइल डिस्टचार्ज हो गया होगा, इसलिए उसके लौटने का इंतजार करने लगीं और घरों में काम करने चली गई। वापस लौटने पर जब कृष्णा को घर में नहीं पाया तो मां ने उसकी तलाश शुरू कराई। वहीं दोनों भाइयों को जब पता चला कि कृष्णा सोमवार से घर नहीं आया है तो वह भी अपने मित्रों के साथ उसे खोजने निकले। मंगलवार शाम को उसकी तलाश करते हुए एलएमएल चौकी पहुंचे। घटना का पता चलने पर चौकी इंचार्ज ने भाइयों को दादानगर रेलवे लाइन के किनारे मिले शव की फोटो दिखाई तो उन्होंने कृष्णा के रूप में पहचान की। खबर पाकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने रंजिश, विवाद की जानकारी होने से मना किया, लेकिन हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। पनकी पुलिस के अनुसार परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। वही थाना प्रभारी पनकी ने बताया कि मामले कि जाँच पड़ताल कि जा रही।
आगरा में वाहन खड़े करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इससे गली में रह रहे दो परिवार आमने-सामने आ गए। इसके बाद पुलिस तो आई लेकिन मामला शांत होने की जगह बढ़ता चला गया। दोनों पक्षों में मारपीट के बाद पथराव हुआ। इससे अफरातफरी मच गई। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। मामला थाना एत्माद्दौला का है। वायरल सीसीटीवी में दिख रहा है कि एक पक्ष दूसरे पक्ष की तरफ पुलिस को लेकर जा रहा है। पुलिस दोनों को समझाने की कोशिश करती है। लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं होता है। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से ब्लैक शर्ट पहने हुए लड़का पीली टी-शर्ट पहने व्यक्ति को धक्का देता है। इसके बाद दोनों पक्ष में जमकर लात-घुसे,लाठी-डंडे चलते है। इसके बाद कुछ लोग पथराव करते हुए दिखाई दे रहे है। घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। जिसका 4 मिनट 35 सेंकंड का सीसीटीवी अब आयरल हो रहा है। पूरा मामला जानिएबता दें कि थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के नूनिहाई स्थित दुर्गा नगर में बुधवार सुबह बाइक खड़ी करने को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ, जिसमें चार युवक घायल हो गए। मारपीट की घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कर्मवीर ने आरोप है कि पड़ोसी आए दिन उनके घर के सामने बाइक खड़ी कर देते हैं। कई बार कार खड़ी कर रास्ता भी बंद कर दिया जाता है, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। आरोप है कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे वह घर से निकल रहे थे। तभी पड़ोसी से वाहन हटाने के लिए कहा। इसी बात पर पड़ोसी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। दूसरे पक्ष के अमन का आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर पड़ोसी उनसे रंजिश रखते हैं और इसी वजह से आए दिन झगड़े का बहाना तलाशते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में पहले भी कई बार थाने में शिकायत कर चुके हैं। बुधवार को पड़ोसी ने गाय का बछड़ा खुला छोड़ दिया था। इसकी शिकायत करने पर पड़ोसी पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और पथराव भी किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। मारपीट में अमन, धर्मेंद्र, योगेश और कर्मवीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह का कहना है कि बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गाजियाबाद नगर निगम को हाईकोर्ट ने सही ठहराया:न्यूनतम मासिक किराया दर निर्धारित ठीक, याचिका खारिज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नगर निगम गाजियाबाद के न्यूनतम मासिक किराया दर ( एमएमआरआर) निर्धारण और संपत्ति कर में वृद्धि के निर्णय में कोई त्रुटि नहीं पाते हुए राजेंद्र त्यागी तथा दो अन्य की तरफ से दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर कहा कि एमएमआरआर के नगर निगम के निर्णय में कोई त्रुटि नहीं है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कहा, नगर निगम ने कानूनी प्राविधानों के अनुसार कार्य किया है, इसलिए प्रकरण में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय निकायों को अपने आर्थिक निर्णय लेने में स्वतंत्रता होनी चाहिए, बशर्ते कि वे वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करें। याचीगण जो सभासद है, ने तीन मई 2025 के आदेश पहली अप्रैल 2024 की सूचना और सात मार्च 2025 के उस संकल्प संख्या 139 को रद्द करने की प्रार्थना की थी जिसके द्वारा संपत्ति कर में संशोधन को मंजूरी दी गई है। यह भी कहा गया था कि यूपी नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 174(2)(ए) के तहत संपत्ति कर पर छूट का लाभ देने का निर्देश दिया जाए तथा नगर निगम को 15 फरवरी 2024 के कार्यकारी समिति के निर्णय को लागू करने से रोका जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद कहा कि अकोला नगर निगम के मामले में देखा गया है कि कर दरें लगभग 16 वर्षों तक स्थिर रहीं। जब संबंधित निगम ने दरों के संशोधन के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाई, तब उच्च न्यायालय ने निर्णय में हस्तक्षेप किया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उसके निर्णय को पलटते हुए कहा कि जब निगम की नगरपालिका करों को संशोधित करने की मौलिक अधिकारिता को चुनौती नहीं दी गई। तब उच्च न्यायालय की जांच का दायरा केवल यह देखने तक सीमित था कि क्या वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया है। शिव सेवक सिंह मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले का उल्लेख भी खंडपीठ ने किया। कहा कि न्यायालय ने पाया कि नगर आयुक्त द्वारा अधिसूचित मासिक किराए की दरें वैध थीं और आकलन सूचियां अधिनियम की धारा 212 के तहत अंतिम और निर्णायक मानी गईं। ऐसा ही वर्तमान मामले में भी है। कोर्ट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का अनजुम एम.एच. घासवाला तथा दीपक बाबारिया मामले में दिया गया निर्णय भी याचीगण के पक्ष में नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह से आयकर अधिनियम के संदर्भ में पारित हुआ था, जहां विषय वस्तु सीबीडीटी सर्कुलर के तहत राहत देने के लिए सेटलमेंट कमीशन के अधिकारों से संबंधित थी। कोर्ट ने कहा, हमने नगर आयुक्त द्वारा 'एमएमआरआर' निर्धारण के आधार पर प्रापर्टी टैक्स में संशोधन/वृद्धि के अधिकारों के प्रयोग में कोई दोष या अवैधता नहीं पाई है।
भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्लोलॉजी में IKS यानि इंडियन नॉलेज सिस्टम फेयर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्पायर क्लब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपरा को आधुनिक युग की शिक्षा के साथ जोड़ना था। मुख्य अतिथि चैतन्य चरण प्रभु और पंडित जसराज से के शिष्य पंडित गौतम काले थे, जिन्हें 2019 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इंस्पायर क्लब: अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन की पहलइंस्पायर क्लब MANIT की एक टेक्नो स्पिरिचुअल सोसाइटी है। इसकी स्थापना प्रोफेसर डॉ. साविता दीक्षित ने रैगिंग जैसी समस्याओं को कम करने और छात्रों को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से की थी। क्लब में करीब 200 छात्र जुड़े हुए हैं। इन छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की व्यवस्था है। सदस्य सादा जीवन अपनाते हैं, लहसुन प्याज तक का सेवन नहीं करते और प्रतिदिन सुबह ध्यान, योग, माला जाप और मंदिर में पूजन करते हैं। भारतीय परंपरा का व्यापक स्वरूप है IKSIKS यानी इंडीयन नॉलेज सिस्टम भारतीय ज्ञान परंपरा का व्यापक स्वरूप है। इसमें वेद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, दर्शन और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकार भारतीय पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने पर जोर दे रही है। शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा संस्थाएं इसे पाठ्यक्रम और शोध से जोड़ने का काम कर रही हैं। उद्देश्य यह है कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। फिल्म छावा की नाट्य प्रस्तुति IKS फेयर में छात्रों ने फिल्म छावा के एक चर्चित दृश्य पर नाट्य प्रस्तुति दी। मंचन में दिखाया गया कि शिवाजी महाराज के निधन के बाद औरंगजेब दक्कन पर आक्रमण करता है और कैसे वीर छावा धोके से उसके कब्जे में पहुंचते हैं। संवाद, वेशभूषा और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों को उस ऐतिहासिक दौर की गंभीरता से रूबरू कराया। प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों ने वीरता, संघर्ष और इतिहास से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। ये खबर भी पढ़ें… उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल:मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से एमओयू आज प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान कार्यरत हजारों की संख्या में इन सर्विस डॉक्टर्स (सेवारत चिकित्सक) के लिए सरकार ने एक अहम निर्णय किया है। इस निर्णय के तहत पोस्ट ग्रेजुएट इन मेडिकल (PG), सीनियर रेजीडेंसी (SR) या कोई दूसरी हायर एज्युकेशन कोर्स पूरा होने के बाद इन डॉक्टर्स को एपीओ रहने के दौरान सैलेरी या दूसरे भत्ते नहीं रोके जाएंगे। साथ ही ऐसे डॉक्टर्स का एपीओ का कार्यकाल भी नियमित अलग से नियमित नहीं करवाना पड़ेगा। दरअसल प्रदेश में कई इन सर्विस डॉक्टर्स जिन्हें मेडिकल ऑफिसर (MO) या अन्य पदों पर नियुक्ति मिलती है। उनमें से अधिकांश डॉक्टर्स PG, SR, DM या DNB समेत अन्य कोर्स करने के लिए सरकार छुट्टी देती है। जब इन डॉक्टर्स का कोर्स पूरा हो जाता है तो उन्हें वापस से मेडिकल डिपार्टमेंट में ज्वाइनिंग देनी होती है ताकि सरकार उन्हें पोस्टिंग (पीएचसी, सीएचसी, जिला हॉस्पिटल या अन्य कहीं भी) दे सके। लेकिन अक्सर ऐसे कोर्स पूरा होने के बाद पोस्टिंग नहीं मिलने से APO रहते है। पिछले कई सालों से ऐसा देखा गया है कि कोर्स पूरा होने के बाद सैंकड़ों की संख्या में डॉक्टर्स 2 से 3 या उससे भी ज्यादा लम्बे समय तक पोस्टिंग के इंतजार में APO रहते है। इस दौरान न तो उनको पूरा वेतन मिलता और न ही अन्य दूसरे भत्ते। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. भरत पारीक कहा कि यह निर्णय डॉक्टरों की जीत नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सकारात्मक शासन का उदाहरण है। इससे युवा डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा। अब मिलेगा पूरा वेतन, नहीं करवाना पड़ेगा नियमितिकरण सरकार ने इस मुद्दे पर डॉक्टरों से चर्चा के बाद नया नियम बनाया है। इस नए नियम के तहत अब APO रहने के दौरान डॉक्टर्स को पूरी सैलेरी मिलेगी। साथ ही ये भी कोशिश रहेगी कि कोर्स पूरा होने के एक माह के अंदर डॉक्टर को पोस्टिंग दे दी जाए। इसके अलावा पोस्टिंग देने के बाद जब डॉक्टर वहां ज्वाइनिंग देगा तो उसे APO अवधि को ऑटोमैटिक नियमित माना जाएगा। क्योंकि अभी तक इस APO अवधि का नियमितिकरण करवाने क लिए हर डॉक्टर की अलग से फाइल चलती थी, कई महीने या सालभर का समय लग जाता था, जिससे डॉक्टरों को अनावश्यक निदेशालय और सचिवालय के चक्कर काटने पड़ते थे।
विनीत शर्मा एवं प्रजाक्ता सिंहल कि जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद मथुरा सहित प्रदेश के तमाम जिलों में बंदरों के बढ़ते आतंक एवं मानव-बंदर संघर्ष के गंभीर मुद्दे पर तैयार एस ओ पी के तहत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पवन तिवारी एवं आकाश वशिष्ठ राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व विपक्षी नगर पालिका परिषद मुरादनगर के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी ने पक्ष रखा। राज्य की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया कि रीसस मकाक (बंदर) की संख्या, उनके हॉटस्पॉट क्षेत्रों एवं मानव-बंदर संघर्ष की स्थिति का वैज्ञानिक आंकलन करने हेतु विस्तृत सर्वेक्षण आवश्यक है,। जिसके लिए लगभग एक वर्ष का समय अपेक्षित होगा। साथ ही यह भी बताया गया कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है तथा वर्तमान एस.ओ.पी. के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि वर्तमान एस.ओ.पी. के अंतर्गत जिला स्तर पर अब तक उठाए गए ठोस कदमों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। विशेष रूप से गाजियाबाद एवं मथुरा जनपदों में की गई कार्यवाही के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों मे किये गए उपायों का विस्तृत एक्शन प्लान अगली तिथि से पूर्व न्यायालय के समक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। याचिका की अगली सुनवाई 06.अप्रैल .2026 को होगा। याचिका में बंदरों के बढ़ते आतंक पर नियंत्रण करने की मांग की गई है।
बरेली के थाना बारादरी के गेट पर एक डिलीवरी बॉय द्वारा खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने प्राथमिक जांच के आदेश दिए थे, जिसमें पुलिस की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने थाना बारादरी में तैनात सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।यह पूरी घटना पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ एक पीड़ित अपनी आजीविका (बाइक) के लिए थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई करने के बजाय उसे टरकाया गया। अंततः हताश होकर युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। क्या है पूरा घटनाक्रम: एक हादसे से शुरू हुई परेशानीघटना की जड़ें 23 फरवरी (सोमवार) की रात से जुड़ी हैं। फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले 32 वर्षीय अक्षय कश्यप, जो एक डिलीवरी बॉय हैं, गंगापुर इलाके में ऑर्डर देने गए थे। वहां उन्होंने अपनी बाइक खड़ी की थी, जिसमें चाबी लगी रह गई थी। इसी दौरान विकास सागर नाम का एक युवक उनकी बाइक लेकर भागने लगा और उसने एक अन्य व्यक्ति को टक्कर मार दी।मौके पर पहुंची बारादरी पुलिस ने दुर्घटना के बाद अक्षय की बाइक को कब्जे में लेकर थाने खड़ा करवा दिया। अक्षय के लिए उसकी बाइक सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि उसकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया थी। बाइक न होने से उसका काम ठप हो गया, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया। थाने के तीन चक्कर और पुलिस की अनदेखीएसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर जब एसपी सिटी मानुष पारीक ने इस मामले की जांच शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों ने पुलिस की पोल खोल दी। जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया कि पीड़ित अक्षय 24 फरवरी को एक बार नहीं, बल्कि कुल तीन बार मदद की गुहार लेकर थाना बारादरी गया था।वह बार-बार पुलिसकर्मियों से अपनी बाइक छोड़ने की विनती कर रहा था ताकि वह अपना काम दोबारा शुरू कर सके। लेकिन थाने में मौजूद अधिकारियों ने उसकी पीड़ा को समझने के बजाय उसे अनसुना कर दिया। इसी उपेक्षा से आहत होकर अक्षय ने रात करीब 10:30 बजे थाने के गेट पर ही खुद को आग के हवाले कर दिया। सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार शर्मा पर क्यों गिरी गाज?जांच के दौरान पाया गया कि जिस समय अक्षय थाने पहुंचा, उस वक्त सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार शर्मा 'जन शिकायत हेल्प डेस्क' पर तैनात थे। नियम के मुताबिक, हेल्प डेस्क का काम ही यह है कि वह आने वाले हर फरियादी की बात सुने, उसका प्रार्थना पत्र ले और उसे रजिस्टर में दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करे।एसएसपी की रिपोर्ट के अनुसार, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार शर्मा ने अपने कर्तव्यों के प्रति भारी लापरवाही और उदासीनता बरती। उन्होंने अक्षय के संवेदनशील मामले को न तो गंभीरता से लिया और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसी 'ड्यूटी में लापरवाही' और 'संवेदनहीनता' के कारण एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा को सौंप दी है। अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा अक्षयवर्तमान में अक्षय कश्यप की हालत नाजुक बनी हुई है। आग की लपटों से उसका चेहरा, पेट, पीठ और हाथ बुरी तरह झुलस गए हैं। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।इस घटना ने बरेली पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने संदेश दिया है कि जनसुनवाई में लापरवाही बरतने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने फेन्सिडिल कफ सिरप मामले में दो अभियुक्तों विभोर राणा और विशाल सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायालय ने पूर्व में दोनों को 18 दिसंबर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद दोनों अभियुक्तों को अब आत्मसमर्पण करना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने विभोर राणा और विशाल सिंह की ओर से अलग-अलग दाखिल जमानत याचिकाओं पर पारित किया। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने जमानत का विरोध किया था। अभियोजन के अनुसार, कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि फेन्सिडिल कफ सिरप और अन्य दवाओं का अवैध भंडारण नशे के लिए किया जा रहा है। इन दवाओं को अवैध तरीके से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश भेजा जा रहा था। इस पर शासन ने 12 फरवरी 2024 को एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया। 8 अप्रैल 2024 को एसटीएफ को जानकारी मिली कि एक ट्रक में ट्रांसपोर्ट नगर से भारी मात्रा में कफ सिरप लोड करके कूच बिहार, पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है। सूचना पर एसटीएफ की टीम ने सुल्तानपुर रोड पर उस ट्रक को रोका और 52 गत्ते कफ सिरप बरामद किए। ट्रक से पकड़े गए चालक धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की गई, जिससे एसटीएफ को पता चला कि पूरे मामले में विभोर राणा और विशाल सिंह की संलिप्तता है। इसके बाद एसटीएफ ने 11 नवंबर 2025 को सहारनपुर से विभोर राणा और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।
राजधानी लखनऊ में टी.डब्ल्यू.एस पिक्चर्स एक्टर्स' कर्कहाना ने प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंडुलकर के सामाजिक व्यंग्य नाटक 'जाति ही पूछो साधु की' का सफल मंचन किया। यह प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी में आयोजित की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक का निर्देशन और मंच-परिकल्पना सत्येन्द्र त्रिवेदी ने की। उनकी कुशल प्रस्तुति ने नाटक को जीवंत बनाया। सशक्त संवाद, प्रभावी अभिनय और संतुलित मंच-संयोजन ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।यह नाटक भारतीय समाज में व्याप्त जातिगत पूर्वाग्रहों, सामाजिक विसंगतियों और मानवीय मूल्यों के टकराव पर तीखा व्यंग्य करता है। कहानी हास्य के माध्यम से गंभीर सामाजिक सवाल उठाती है। नाट्य मंचन में सामाजिक विसंगतियों को दिखाया प्रस्तुति के दौरान कई दृश्यों ने दर्शकों को हंसाया और सोचने पर मजबूर किया। यह मंचन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक आत्ममंथन का अवसर भी बना, जिसने दर्शकों को सामाजिक संरचनाओं पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया। संस्था के अनुसार, यह नाट्य प्रस्तुति सामाजिक मुद्दों के प्रति युवा कलाकारों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसे सार्थक और विचारोत्तेजक रंगमंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं । ये कलाकारों ने अभिनय में मुख्य भूमिका निभाई कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। सत्येन्द्र त्रिवेदी ने महिपति की भूमिका निभाई, जबकि तन पांडेय नलिनी बनीं। ईश्वर भाई का किरदार याजुवेन्द्र कमल ने, चेयरमैन का सचिन पांडेय ने और प्रिंसिपल का प्रेम यादव ने निभाया। आकाश भारती अवका के रूप में प्रभावी रहे। अनुराग कुमार ने लॉन्ड्री मैन और छात्र का किरदार निभाया। सालिक सिद्दीकी बबन्या बने, अभिषेक कल्लोल पंडित की भूमिका में दिखे। अजय ने गृहस्थी और यश शुक्ला ने स्टूडेंट/महमूद का किरदार निभाया। अनिल दुबे सरजय राव की भूमिका में थे।
श्री रंग कला सेवा संस्थान ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से दो प्रभावशाली नाटकों ‘गिद्ध’ और ‘फुटपाथ का सम्राट’ का मंचन किया। यह नाट्य प्रस्तुति राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह, कैसरबाग में हुई। रुचिका ने इसका निर्देशन किया। दोनों प्रस्तुतियों ने दर्शकों को समाज की कड़वी सच्चाइयों को दिखाया । विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित पहला नाटक ‘गिद्ध’ उन लोगों की कहानी है जो मानवीय चेहरे के पीछे गिद्ध जैसी मानसिकता रखते हैं। यह एक ऐसे परिवार पर केंद्रित है जहां रमाकांत और उमाकांत अपने पिता की संपत्ति पर नजर गड़ाए हुए हैं, उनकी मृत्यु का इंतजार कर रहे हैं। मंच का संघर्ष दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया धन के लालच में दोनों भाई रिश्तों की गरिमा भूल जाते हैं। नाटक परिवार के भीतर स्वार्थ, लालच और विश्वासघात की परतों को उजागर करता है। मंच पर यह संघर्ष इतना सजीव था कि इसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया।विजय तेंदुलकर का दूसरा चर्चित नाटक ‘फुटपाथ का सम्राट’ उन लोगों के जीवन को दर्शाता है जिनकी पूरी जिंदगी फुटपाथ पर बीतती है। शाहिर और तुक्या जैसे पात्र अपनी दोस्ती, सपनों और संघर्ष के साथ दर्शकों के सामने आते हैं। नाटक फुटपाथ की कठोर सच्चाई, भूख, बेबसी और छोटे-छोटे सपनों को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करता है। यह संदेश देता है कि जीवन में जो कुछ भी मिला है, उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना ही सच्चा साहस है। कलाकारों ने अपने अभिनय से जीत दर्शकों का दिल अभिनय की बात करें तो, ‘गिद्ध’ में उमाकांत की भूमिका आदर्श तिवारी ने और रमाकांत का किरदार राहुल मिश्रा ने निभाया। एकता सिंह ने माणिक और मुस्कान सोनी ने रमा के रूप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ‘फुटपाथ का सम्राट’ में आदर्श शाहिर, एकता सुंदरी और प्रमोद सहाय तुक्या के किरदार में नजर आए। दोनों प्रस्तुतियों ने दर्शकों को समाज की वास्तविकताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया, एक ओर लालच की हकीकत तो दूसरी ओर संघर्ष की सच्चाई को दर्शाते हुए।
मेरठ के सदर बाजार इलाके में इनकम टैक्स की रेड पड़ी है। यह रेड एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर पर है जो हरियाणा की किसी बड़ी कंपनी में है। सुब से यह टीम यहां मौजूद हैं लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। फिलहाल चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर में रहकर इनकम टैक्स की टीम छानबीन कर रही है। किसी को बाहर से अंदर और अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं है। पहले जानते हैं क्या है मामलाअभी तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार यह चार्टर्ड अकाउंटेंट हरियाणा की किसी बड़ी फर्म से जुड़े हैं। सुबह करीब 6 बजे हरियाणा नंबर की तीन से चार गाड़ियां भरकर यहां सदर के दुर्गाबाड़ी इलाके में पहुंची थी। टीम ने यहां बने कुछ नए फ्लैट का रुख किया और फिर एक फ्लैट में पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। लगभग 15 घंटे से चल रही कार्रवाई कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। कुछ लोगों ने बताया की सुबह लगभग 6 बजे जब वह सोकर घर से बाहर निकले तो हरियाणा नंबर की कुछ गाड़ियां वहां देखी गई। रात होते-होते केवल हरियाणा नंबर की एक टैक्सी यहां रह गई जिसमें चालक भी सो रहा है। जिस फ्लैट की बात की जा रही है, उसके दरवाजे भी अंदर से बंद है। मौके पर सिविल लाइन थाने की पुलिस जिस टीम के द्वारा यह कार्रवाई की गई है, वह इस मामले में पुलिस के अफसरों से मिली थी। इसके बाद कुछ थानों से फोर्स टीम को उपलब्ध करा दिया गया। करवाई सदर बाजार थाना क्षेत्र में चल रही है लेकिन यहां ड्यूटी पर सिविल लाइन थाने की पुलिस भी मौजूद है। फिलहाल देर रात तक कार्रवाई जारी है। सदर बाजार इंस्पेक्टर पहुंचे मौके परसुबह से इनकम टैक्स की टीम कार्रवाई कर रही थी लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। यहां तक की टीम के साथ दूसरे थाने की पुलिस को भेजा गया था। रात करीब 12:15 बजे सदर बाजार इंस्पेक्टर इंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंचे और मौजूद पुलिसकर्मियों से कार्रवाई के बारे में जाना। बताया जाता है कि इनकम टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है।
लखनऊ व्यापार मंडल की बैठक में एकजुटता का संदेश:दो वरिष्ठ व्यापारियों ने की संगठन में वापसी
लखनऊ व्यापार भवन, लाटूश रोड पर लखनऊ व्यापार मंडल की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती और एकजुटता पर चर्चा हुईं । इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की। बैठक का मुख्य बिंदु दो वरिष्ठ व्यापारियों, सुहैल हैदर अल्वी और मनीष वर्मा की संगठन में वापसी रही। दोनों ने दोबारा सक्रिय भूमिका निभाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि लखनऊ व्यापार मंडल उनका परिवार है और मैं इसी परिवार का हिस्सा रहूंगा। व्यापारियों के हितों की रक्षा प्रमुख लक्ष्य अल्वी और वर्मा ने बताया कि कुछ परिस्थितियों के कारण वे संगठन से दूर हो गए थे। हालांकि, अब वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने व्यापारियों के हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत करने को अपना प्रमुख लक्ष्य बताया। बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति, व्यापारियों की समस्याओं और आगामी कार्यक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में व्यापारियों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए। संगठन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। मिश्र ने व्यापारियों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष और सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।इस बैठक में राजेंद्र कुमार अग्रवाल, अशोक अमरनाथ मिश्र, देवेंद्र गुप्ता, उमेश शर्मा, जितेंद्र सिंह चौहान, सतीश अग्रवाल, रविंद्र गुप्ता (युवा अध्यक्ष) और मनीष गुप्ता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
ऐशबाग रोड स्थित होटल स्काई हाई में स्वदेशी जागरण मंच और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सहयोग से आयोजित स्वदेशी व्यापारी जुटान भव्यता के साथ संपन्न हुई। शहर और प्रदेश के सैकड़ों व्यापारी एक मंच पर जुटे और स्वदेशी व्यापार को मजबूती देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सहसंगठक सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी के बल पर ही भारत फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है। उन्होंने व्यापारियों से बड़ी सोच अपनाने और निर्यात बढ़ाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि स्वदेशी उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देकर ही भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में स्वदेशी उद्योगों की भूमिका अहम है। समस्याओं का समाधान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक स्वदेशी व्यापार की बाधाएं दूर नहीं होंगी, तब तक अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाएगी। खुदरा व्यापारियों और लघु उद्यमियों की समस्याओं का समाधान ही इस जुटान का मुख्य उद्देश्य है। देशभर में इसी तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापारियों को संगठित किया जा रहा है। वहीं अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि खुदरा व्यापार को मजबूत किए बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता। बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर प्रभावी नीति बनाने और खुदरा व्यापार की बाधाएं दूर करने की जरूरत है। उन्होंने इंस्पेक्टर राज खत्म करने, अंग्रेजों के समय के पुराने कानून समाप्त करने और व्यापारियों को स्वतंत्र व विश्वासपूर्ण वातावरण देने की मांग उठाई। भ्रष्टाचार पर सख्ती भी जरूरी बताई। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश संयोजक अनुपम श्रीवास्तव, अवध प्रांत संयोजक अमित सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रिपन कंसल, महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी सहित कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे। जुटान में स्वदेशी को बढ़ावा देने और व्यापार को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।
ललितपुर में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या:परिजनों ने पत्नी पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, जांच जारी
ललितपुर के जाखलौन थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय युवक की विषाक्त पदार्थ खाने से मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने पत्नी पर प्रताड़ना और आर्थिक दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। मृतक की पहचान रामप्रसाद (27) पुत्र रामदीन निवासी ग्राम मदौन, थाना जाखलौन के रूप में हुई है। बताया गया कि बुधवार शाम उसने किसी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को सूचना दी। पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि रामप्रसाद ने वैवाहिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया। उसके अनुसार, विवाह के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। भाई ने बताया कि पत्नी ने न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर किया था, जिसके आदेश पर रामप्रसाद नियमित रूप से भरण-पोषण दे रहा था। आरोप है कि इसके बावजूद पत्नी 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही थी और फोन पर धमकी दे रही थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
शहर की कंफेक्शनरी कंपनी में करोड़ों रुपए की कथित अंदरूनी साजिश का मामला उलझता जा रहा है। जीआरवी कंपनी के पूर्व डायरेक्टर संजय कलवानी से पूछताछ के लिए बाणगंगा पुलिस को तीसरी बार रिमांड लेना पड़ा है। पुलिस का कहना है कि कलवानी पूछताछ में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं और अहम जानकारियां छिपा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक कलवानी ने अब तक अपना मोबाइल फोन और कंपनी से तैयार बिस्कुट व चॉकलेट के स्टॉक से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। जांच में मोबाइल को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। मामले में रशियन नागरिक गोरव अहलावत और विजय पांचाल का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश तेज कर दी है। 19 फरवरी को कंपनी के शेयर होल्डर दिनेश मिश्रा ने बाणगंगा थाने में संजय कलवानी के खिलाफ धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं का केस दर्ज कराया था। शिकायत में करोड़ों रुपए के लेन-देन और गबन के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान कलवानी ने कथित तौर पर गोरव अहलावत के जरिए अपने खाते में बड़ी रकम आने की बात स्वीकार की है। साथ ही कंपनी के जीएसटी नंबर को अहलावत और विजय पांचाल के माध्यम से सस्पेंड कराने की बात भी सामने आई है। कंपनी प्रबंधन ने तैयार माल के कार्टन चोरी कर ले जाने और फैक्ट्री में अवैध गतिविधियों के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है और यह भी जांच कर रही है कि कंपनी के तैयार बिस्कुट और चॉकलेट किन लोगों को बेचे गए। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल और बैंक लेन-देन की जांच के बाद पूरे प्रकरण में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी गो-तस्कर घायल:तमंचा, कारतूस, बाइक व 50 नकद बरामद; साथी फरार
मिर्जापुर में राजगढ़ थाना और एसओजी सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी गो-तस्कर मेहंदी हसन को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। मौके से एक अवैध तमंचा, कारतूस, मोटरसाइकिल और 50,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी देहात कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर चौसा गांव का निवासी है, जबकि उसका एक साथी फरार होने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार, मेहंदी हसन उर्फ लल्लू नट राजगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। बुधवार को पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी संतनगर क्षेत्र से गोवंश की खरीद-फरोख्त कर मोटरसाइकिल से सक्तेशगढ़ की ओर जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तलेर जंगल सेमरी के पास घेराबंदी की। पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में मेहंदी हसन के बाएं पैर में गोली लगी। उसे तत्काल पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। उसका दूसरा साथी अंधेरे और भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। मुठभेड़ स्थल से 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा, दो जिंदा कारतूस, एक टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल और 50,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त मेहंदी हसन के खिलाफ विभिन्न थानों में गोवध निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में राजगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश पांडेय और एसओजी/सर्विलांस टीम के निरीक्षक राजीव कुमार सिंह शामिल रहे। पुलिस ने मुठभेड़ के संबंध में स्थानीय थाने में अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ के गोसाईगंज टोल प्लाजा के पास सोमवार शाम हुए बस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में नाराजगी है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शासन स्तर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली। साथ ही मृतकों के मोबाइल फोन और नकदी भी अब तक वापस नहीं किए गए हैं। बुधवार को पुलिस ने दो शवों का पोस्टमॉर्टम कर अंतिम संस्कार कराया। सोमवार शाम हरियाणा से बिहार जा रही सवारियों से भरी बस गोसाईगंज टोल प्लाजा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में तीन बच्चों समेत दो युवकों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली लालो देवी ने बताया कि उनका बेटा विरेंद्र राऊत हरियाणा में मजदूरी करता था। सोमवार सुबह ही उसकी पत्नी रिंकू से मोबाइल पर बात हुई थी। विरेंद्र के चार बेटियां और दो बेटे हैं। पीड़ित मां का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने विरेंद्र का मोबाइल फोन और उसके पास मौजूद करीब 25 हजार रुपये अब तक नहीं लौटाए। वहीं नेपाल निवासी मृतक विगन के भाई महेश और अवधेश का कहना है कि विगन के पास दो मोबाइल फोन और करीब 30 हजार रुपये थे, जो उन्हें नहीं मिले हैं। थाना प्रभारी केडी सिंह ने बताया कि हादसे में घायल और मृतकों के परिजनों की शिनाख्त कर सामान वापस किया जा रहा है। प्रक्रिया जारी है। निजी संस्था ने कराया अंतिम संस्कार परिजनों का यह भी आरोप है कि शासन स्तर से कोई मदद नहीं मिली। शवों का अंतिम संस्कार निजी संस्था “एक कोशिश” की ओर से कराया गया है।
बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने बुधवार देर शाम उरई जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकाला। मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय के नेतृत्व में यह जुलूस टाउन हॉल से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरा और गांधी चबूतरे पर समाप्त हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य गठन की मांग दोहराई। जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। मोर्चा का कहना है कि बुंदेलखंड के विकास और समृद्धि के लिए अलग राज्य का गठन आवश्यक है। मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने बताया कि 16 फरवरी से आंदोलन के पहले चरण के तहत 'बनवासी राम से राजा राम तक' मशाल यात्रा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम ने वनवास में कठिन जीवन बिताया, उसी तरह आज बुंदेलखंड के गांव भी बदहाल हैं। उनका तर्क था कि जैसे रामराज्य में जनता खुशहाल थी, वैसे ही बुंदेलखंड को भी समृद्ध बनाने के लिए अलग राज्य जरूरी है। सहाय ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से बुंदेलखंड के विकास और राज्य गठन के नाम पर केवल वोट लिए गए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने दावा किया कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र के संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रुकेगा। मोर्चा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले चरण में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, गंगाजल उठाकर संकल्प लिया जाएगा और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन सहित अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रहेगा। इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में मोर्चा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। पुलिस प्रशासन ने एहतियाती तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
कुशीनगर के कसया थानाक्षेत्र से 46 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सूट-बूट पहने एक युवक मंच पर डांस कर रही नर्तकियों के बीच ठुमके लगाता नजर आ रहा है। उसके एक हाथ में बंदूक जैसी वस्तु और दूसरे हाथ में पैसों की गड्डी दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मंच पर लहराई बंदूकनुमा वस्तु वायरल वीडियो में युवक नर्तकियों के साथ डांस करते हुए उन पर पैसे उड़ाता दिख रहा है। इसी दौरान वह कथित तौर पर असलहा लहराते हुए भी नजर आता है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। कसया थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में है। जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रहा युवक सपहा गांव का निवासी है और पान का स्टॉल लगाता है। पुलिस के अनुसार, 19 फरवरी को सपहा गांव से एक बारात गई थी। मांगलिक कार्यक्रम के दौरान ही यह वीडियो बनाया गया। कार्यक्रम स्थल पर लगे पान स्टॉल पर एक नकली बंदूक रखी थी, जिसे युवक ने हाथ में लेकर डांस करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही बंदूक असली नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह हथियारनुमा वस्तु लहराना, चाहे वह नकली ही क्यों न हो, गलत संदेश देता है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और आवश्यक कार्रवाई की बात कह रही है।
अयोध्या की प्रसिद्ध पीठ तपस्वी छावनी के महंत जगतगुरु परमहंसाचार्य ने गोहत्या के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने यह पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित करते हुए गो हत्या पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। परमहंसाचार्य ने इस मामले में सभी सांसदों की राय सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। उन्होंने पूछा है कि कितने सांसद गो हत्या के विरोध में हैं और कितने पक्ष में। संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला देते हुए उन्होंने हर हाल में गोवंश संरक्षण की बात कही गई है। उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 48 में दुधारू और उपयोगी पशुओं की हत्या रोकने का निर्देश राज्य को दिया गया है। इसके बावजूद देश में गौ हत्या पूरी तरह नहीं रुकने पर चिंता जताई गई है। परमहंसाचार्य ने कहा है कि गो वंश की रक्षा आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है।उन्होंने संसद से इस मुद्दे पर ठोस और प्रभावी पहल करने की मांग की।उन्होंने कहा कि गाय सनातन की आधार है।वेदों में भी गाय और पंचगंव्य के प्रभाव का वर्णन है।
बिधनू थाना क्षेत्र के ओरियारा गांव में एक युवक ने बहन के घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में वह अकेला था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य शादी समारोह में गए थे। देर रात शव फंदे से लटका देख परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूलरूप से देवघर के रहने वाले 20 वर्षीय गणेश यादव पिछले एक वर्ष से बिधनू के ओरियारा में अपनी बहन पम्मी के घर रह रहा था। वह एक रंग फैक्ट्री में काम करता था। उसके पिता पूरण यादव और बड़ा भाई मुकेश देवघर में ही रहते हैं। पम्मी के देवर रोशन यादव ने बताया कि परिवार में भतीजी की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए सभी लोग गए थे। शाम को गणेश से कहा गया कि वह बहन को गेस्ट हाउस छोड़ आए, लेकिन उसने निमंत्रण न होने की बात कहकर जाने से मना कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग शादी में चले गए और गणेश घर पर अकेला रह गया। रात करीब सवा दस बजे रोशन जब उसके लिए खाना लेकर घर पहुंचे तो गणेश का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी भी पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बिधनू थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चकेरी में बीमारी से परेशान इलेक्ट्रीशियन ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान चकेरी थाना क्षेत्र के मंगलाविहार निवासी 54 वर्षीय अखिलेश कुमार शुक्ला इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। परिवार में पत्नी पुष्पा और दो बेटे अभिषेक व अनिकेत हैं। परिजनों के अनुसार अखिलेश पिछले करीब छह माह से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें खांसी में राहत नहीं मिल रही थी, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगे थे। देर शाम वह घर से निकले और रेलवे लाइन पर पहुंचकर ट्रेन के आगे कूद गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रायबरेली में तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार नहर किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना भदोखर थाना क्षेत्र के फतेहपुर मोहलिया के पास की है। जानकारी के अनुसार, कार रायबरेली से जगतपुर की ओर जा रही थी। फतेहपुर मोहलिया के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसे में धनंजय सिंह (32) पुत्र अशोक सिंह निवासी दौलतपुर, आशुतोष मौर्या (35) पुत्र चंद्रभान निवासी अलीगंज डिहवा और संदीप सिंह (35) पुत्र तेजभान सिंह निवासी प्रहरी की मौत हो गई। मृतक धनंजय सिंह पुत्र अशोक सिंह निवासी दौलतपुर थाना जगतपुर के मूल निवासी हैं। पेशे से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगतपुर ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर लाईक अहमद ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
ग्रेटर नोएडा में 26 फरवरी से 1 मार्च तक चार दिनों के लिए फूलों की रंगीन दुनिया सजने जा रही है। सम्राट मिहिर भोज पार्क (सिटी पार्क) में आयोजित होने वाली भव्य पुष्प प्रदर्शनी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
छत्तीसगढ़: राजिम के गरीबों को मिला पीएम आवास योजना का लाभ, बोले- पक्के मकान का सपना हुआ साकार
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित राजिम नगर पालिका क्षेत्र में बेघर और कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है
दिल्ली ब्लास्ट मामला: एनआईए की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों के दो और सहयोगी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम विस्फोट मामले में दो और आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है
झारखंड हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के बेटे सूर्य सोनल सिंह, पत्नी मधु सिंह, पुत्री अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह की क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज कर दी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने बुधवार को मधुबनी सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर महिला एवं प्रसव संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान टीम को मॉडल अस्पताल और प्रसव कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। टीम ने मॉडल अस्पताल, प्रसव कक्ष, प्रसूति वार्ड, मातृ एवं शिशु कक्ष सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने मॉडल अस्पताल और प्रसव कक्ष में लगाई गई सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री का अवलोकन किया। सदस्यों ने दवाओं के रखरखाव, प्रदर्शन और मरीजों को दी जा रही दवाइयों की उपलब्धता की भी जांच की। टीम ने पाया कि अस्पताल में आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मरीजों से खानपान व्यवस्था और सेवा व्यवहार पर फीडबैक लिया गया। टीम ने मरीजों से यह भी पूछा कि क्या अस्पताल में किसी प्रकार का अनधिकृत लेनदेन या पैसे की मांग की जाती है। मरीजों ने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की। प्रसव कक्ष से लेकर भंडार कक्ष तक की सभी व्यवस्थाएं टीम को संतोषजनक मिलीं। राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिनिधि ममता कुमारी ने मरीजों से व्यक्तिगत रूप से बात की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में महिला स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं की स्थिति अच्छी है। प्रसव कक्ष में नवजात शिशु देखभाल, स्तनपान और मातृ स्वास्थ्य पर दी जा रही जानकारी को टीम ने सराहना की। इस अवसर पर ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. कुणाल कौशल ने जानकारी दी कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। टीम ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, पेयजल, प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की, जिन्हें संतोषजनक पाया गया। निरीक्षण के अंत में टीम ने कहा कि मधुबनी सदर अस्पताल अपने सुव्यवस्थित प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण राज्य के अन्य अस्पतालों के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है। इस अवसर पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुणाल कौशल, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, पिरामल के महेंद्र सिंह सोलंकी, क्लर्क संतोष चौरसिया, जीविका के सुपरवाइजर रमाशंकर सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
बिलासपुर जोन से गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित:27 अप्रैल से 5 जून तक परिचालन रहेगा प्रभावित
दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बल्लि मंडल में ट्रैक रिन्यूअल कार्य के कारण 27 अप्रैल से 5 जून तक कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए रेल प्रशासन ने खेद व्यक्त किया है। रेलवे प्रशासन संरक्षा और ट्रैक अनुरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। इसी क्रम में, हुब्बल्लि मंडल के कैसलरॉक–कुलें घाट सेक्शन में लाइन ब्लॉक लेकर बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (BCM) के माध्यम से ट्रैक अनुरक्षण और रिन्यूअल का कार्य किया जाएगा। प्रभावित होने वाली ट्रेनों में गाड़ी संख्या 17322 जसीडीह – वास्को द गामा एक्सप्रेस शामिल है। यह ट्रेन 27 अप्रैल, 04, 11, 18 व 25 मई तथा 01 जून को जसीडीह से चलने पर हुब्बल्लि जंक्शन स्टेशन पर समाप्त होगी। यह हुब्बल्लि जंक्शन से वास्को द गामा स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 17321 वास्को द गामा - जसीडीह एक्सप्रेस 01, 08, 15, 22 व 29 मई तथा 05 जून को वास्को द गामा के बजाय हुब्बल्लि जंक्शन स्टेशन से प्रारंभ होगी। यह ट्रेन वास्को द गामा से हुब्बल्लि जंक्शन स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी।
बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क का डामरीकरण एक साथ किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें सड़क के डामरीकरण के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से डिवाइडर और रेलिंग को भी ऊंचा किया जाएगा। यह कार्य जूना बिलासपुर के व्यापारियों और नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शुरू हुआ है। पिछले महीने जर्जर और गड्ढों से भरी इस सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने चक्का जाम भी किया था। सड़क निर्माण का काम शुरू नागरिकों की मांग पर उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़क निर्माण के लिए बजट मंजूर किया था। इसके बाद तोरवा से काम शुरू हो गया है और अब शहर के अंदर जूना बिलासपुर और पं. देवकीनंदन दीक्षित चौक पर सड़क निर्माण का काम जारी है। सड़क का डामरीकरण 10 साल बाद पूरे रास्ते में शुरू यह सड़क पहले एनएच 200 और एनएच 49 का हिस्सा थी, लेकिन शहर के अंदरूनी हिस्से से गुजरने के कारण इसे एनएच से हटाकर पीडब्ल्यूडी को दे दिया गया था। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सीएस विंध्यराज के अनुसार, इस सड़क पर पहले भी कई बार डामरीकरण का काम हुआ है, लेकिन पूरे रास्ते का डामरीकरण लगभग 10 साल बाद एक साथ किया जा रहा है। चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम जारी लोक निर्माण विभाग के एसडीओ आदित्य ग्रोवर ने बताया कि इस परियोजना के तहत सड़क का डामरीकरण, चौड़ीकरण और आवश्यक स्थानों पर मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लाल खदान और हटरी चौक में नाली निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है। यातायात के दबाव को कम करने के लिए लालखदान के आगे सड़क का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। तोरवा से काम शुरू हो चुका उन्होंने बताया कि कार्य की शुरुआत मंगलवार को तोरवा पावर हाउस चौक से की गई है। निर्माण कार्य के दौरान यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्माण अवधि में सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। नई स्ट्रीट लाइटें निगम लगाएगा: मिश्रा नगर निगम के प्रभारी चीफ इंजीनियर आरके मिश्रा ने बताया कि शहर के 20 स्थानों पर नगर निगम द्वारा बिजली के पुराने खंभों को बदला जा रहा है। इसके अंतर्गत नेहरू चौक से तोरवा तक नगर निगम एरिया के अंदर स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य नगर निगम द्वारा कराया जाएगा।
पश्चिम उत्तर प्रदेश सब एरिया हॉर्टिकल्चर ऑर्गेनाइजेशन की ओर से 8 मार्च 2026 को ऐतिहासिक गाँधी बाघ में ‘वसंत उत्सव पुष्प प्रदर्शनी 2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य पुष्पकृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण व इको-प्रिजर्वेशन के लिए प्रेरित करना है। खास बात यह है कि इस आयोजन में सेना के साथ आम नागरिक भी भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन 8 मार्च को सुबह 11:30 बजे होगा। उद्घाटन से पहले निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों की रैंकिंग तय की जाएगी। समापन समारोह शाम 3:45 बजे आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। 7 श्रेणियों में 61 सेक्शनइस प्रदर्शनी में 7 अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत कुल 61 सेक्शन रखे गए हैं। पहली श्रेणी की प्रतियोगिता 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी, जिसमें विभिन्न सैन्य संस्थानों और घरों के उद्यानों का निरीक्षण किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ बगीचे और परिसर (छोटी-बड़ी इकाइयों) को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। श्रेणी 2 से 7 की प्रतियोगिताएं 8 मार्च को गाँधी बाग में होंगी। इनमें बाहरमासी, पत्तेदार और सजावटी पौधों की प्रदर्शनी, गमलों में वार्षिक फूलों की एग्जिबिशन शामिल है। लेडीज क्लब सहित सभी के लिए फ्लावर डिस्प्ले की अलग-अलग क्लास रखी गई है। खास तौर पर मालियों के लिए भी अलग वर्ग रखा गया है, ताकि सालभर की उनकी मेहनत को मंच मिल सके। डॉग शो और सैन्य बैंड होंगे आकर्षणकार्यक्रम में आर.वी.की. सेंटर और कॉलेज की डॉग डेमो टीम द्वारा शानदार डॉग शो प्रस्तुत किया जाएगा। समापन पर छावनी की विभिन्न इकाइयों के बैंडों द्वारा सामूहिक सैन्य संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी, जो आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। कार्यक्रम का विस्तृत विवरण और प्रवेश प्रपत्र सीएमवीएल, मेरठ छावनी से प्राप्त किए जा सकते
भोपाल के मिसरोद इलाके में कार को ओवरटेक करने की बात पर कुछ युवकों ने साध्वी रंजना के साथ अभद्रता की। इसकी जानकारी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिलने के बाद थाना में मिसरोद के बाहर प्रदर्शन किया गया और वहीं धरना दिया गया। हिंदू संगठन तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डटे हुए हैं। वहीं पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है FIR दर्ज की जा रही है। जानकारी के मुताबिक आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी नर्मदापुरम रोड से गुजर रही थी। तभी एक कार चालक ने उनकी कर को ओवरटेक किया और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। जब साध्वी रंजना ने इसका विरोध किया तो आरोपी कार चालक ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और झूम झटकी तक कर दी।इसके बाद साध्वी रंजना थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के तमाम कार्यकर्ता थाने के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 थाना क्षेत्र स्थित भगत सिंह हॉस्टल में मंगलवार को एक बीटेक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद परिजन उसे अपने पैतृक गांव ले गए। मृतक की पहचान गौरव के रूप में हुई है, जो मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के जाटू थाना क्षेत्र का निवासी था। वह ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया विश्वविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके तीन दोस्त छुट्टी पर थे, इसलिए वह हॉस्टल में अकेला था। छात्रों के अनुसार, गौरव पढ़ाई में मेहनती था। बीटा 2 कोतवाली प्रभारी के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले युवक ने एक युवती को फोन पर संदेश भेजा था। संदेश की सामग्री की जांच की जा रही है। यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। घटना के बाद छात्र के परिजनों को सूचित किया गया। परिजन ग्रेटर नोएडा पहुंचे और शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव ले गए। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है और उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
बागपत में देवर ने भाभी की ईंट मारकर हत्या की:आरोपी छत से कूदकर की आत्महत्या का प्रयास, हालत गंभीर
बागपत में बुधवार शाम पारिवारिक विवाद में युवक ने अपनी भाभी की ईंट मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने मकान की छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के सांकरौद गांव का है। घर में अकेली थीं महिला मृतका की पहचान चंचल के रूप में हुई है। जिनकी शादी नवीन से हुई थी। घटना के समय नवीन अपनी वेल्डिंग की दुकान पर थे। घर में चंचल और उनकी चार माह की बेटी मौजूद थीं। आरोप है कि देवर साहिल, जो शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। घर पहुंचा और किसी बात को लेकर भाभी से झगड़ा करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने ईंट उठाकर चंचल के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। छत से कूदकर जान देने की कोशिश भाभी की हत्या के बाद आरोपी साहिल मकान की छत पर चढ़ गया और वहां से नीचे कूद गया। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दरोगा कपिल कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
धमतरी में पहली बार महिला कार रैली:इनरव्हील क्लब ने किया आयोजन, महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पहली बार महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए एक अनूठी कार रैली का आयोजन किया गया। इनरव्हील क्लब द्वारा आयोजित इस रैली में 50 से अधिक महिलाओं ने अपनी कारों का संचालन किया। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले महिलाओं के सम्मान में किया गया। रैली में शामिल महिलाओं ने न केवल कारें चलाई, बल्कि उनके हाथों में महिला सशक्तिकरण का संदेश लिखी तख्तियां भी थी। इनरव्हील क्लब की सदस्यों ने बताया कि महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनमें घर, कार और देश चलाने का जज्बा है। आयोजन से पहले, क्लब सदस्यों ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी और सुरक्षित रैली में शामिल होने का आग्रह किया। पहले देखिए तस्वीरें रंजना साहू ने फीता काटा और हरी झंडी दिखाई भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और धमतरी की पूर्व विधायक रंजना साहू ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर इस महिला कार रैली को रवाना किया। यह रैली शहर के एकलव्य खेल मैदान से शुरू होकर लक्ष्मी निवास चौक, अंबेडकर चौक, मकई चौक से गुजरी और रायपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। इनरव्हील क्लब धमतरी की अध्यक्ष सुधा अग्रवाल ने बताया कि आगामी महिला दिवस के उपलक्ष्य में शहर में 'नारी शक्ति, नारी सम्मान' और सुरक्षा का संदेश प्रसारित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धमतरी में पहले कभी नहीं हुआ था, और इसे शक्ति प्रदर्शन के साथ कुछ अलग करने के उद्देश्य से किया गया है। अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण संदेश है, जहां हर वाहन को एक महिला ने चलाया और महिलाओं ने ही दिशा व रफ्तार तय की। कार रैली महिलाओं की शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश इनर व्हील क्लब की श्रुति अग्रवाल ने बताया कि कार रैली का उद्देश्य महिलाओं की शक्ति और क्षमता दिखाना था। वे कहना चाहती हैं कि महिलाएं घर के काम ही नहीं, गाड़ी या स्कूटर जैसी चीजें भी समान रूप से संभाल सकती हैं। हर महिला को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए और किसी भी क्षेत्र में रोक नहीं लगनी चाहिए, चाहे वह कार हो या प्लेन चलाना। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू ने कहा कि महिलाएं किसी भी काम में पीछे नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर वे गाड़ी चला सकती हैं और घर को संभालने के साथ दुनिया भी चला सकती हैं। उन्होंने कहा कि इनर व्हील क्लब की महिलाएं यह संदेश धमतरी, पूरे देश और विदेशों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने इनर व्हील क्लब की आयोजन टीम को इस पहल के लिए बधाई दी।
सिवनी जिले के डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे एक चलते मैजिक वाहन में अचानक आग लग गई। साहू कबाड़ा गोदाम के पास हुई इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। धू-धू कर जला वाहन, धमाके से दहशत प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मैजिक वाहन सड़क पर चल रहा था तभी अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वाहन रोका और बाहर कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान वाहन में एक धमाका भी हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। गनीमत रही कि वाहन खाली था और कोई जनहानि नहीं हुई। दमकल विभाग ने पाया काबू सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। घटना के दौरान सड़क पर यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारू करवाया। डूंडा सिवनी थाना प्रभारी चेन सिंह उइके ने बताया- प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच जारी है, हादसे में वाहन जलकर खाक हो गया।
प्रयागराज में बारातियों से झगड़े के बाद दबंगों ने सरेआम फायरिंग कर दहशत फैला दी। एक के बाद एक कई गोलियां दागीं और इसके बाद धमकाते हुए भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। रसगुल्ले को लेकर शुरू हुआ विवादझूंसी के नैका महीन गांव में मंगलवार को सैदाबाद के प्रवीण कुशवाहा की बारात आई थी। बाराती खाना खा रहे थे। इस दौरान वहां कुछ स्थानीय युवक भी दुल्हन पक्ष की ओर से आए थे। इसी बीच बारात में शामिल एक युवक से रसगुल्ला लेने को लेकर उनमें से एक युवक का विवाद हो गया। दोनों पक्षों में तनातनी हुई और एक-दूसरे का कॉलर पकड़ लिया। मारपीट होती, इससे पहले ही अन्य बारातियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। इसके बाद दुल्हन पक्ष की ओर से आया युवक वहां से चला गया। रात में साथियों के साथ दोबारा पहुंचा युवकदूल्हे के भाई पिंकू कुशवाहा ने बताया कि रात करीब 12 बजे वही युवक अपने चार-पांच साथियों के साथ तीन बाइकों पर सवार होकर दोबारा आया। इनमें से एक युवक के पास असलहा था। युवकों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। वे बारातियों से उस युवक के बारे में पूछने लगे, जिससे रसगुल्ले को लेकर विवाद हुआ था। विवाद न बढ़े, इसके लिए बारातियों ने जानकारी होने से इनकार किया तो उन्हें ही गालियां देने लगे। हवाई फायरिंग से मची अफरा-तफरीइसके बाद एक युवक ने असलहा निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। उसने हवा में एक के बाद एक कई गोलियां दागीं, जिससे बाराती दहशत में आ गए। डायल 112 पहुंची, फिर दोबारा लौटे आरोपीइसी दौरान किसी ने कॉल किया तो डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर फायरिंग करने वाले युवक भाग निकले। फायरिंग की घटना का बारातियों ने वीडियो बना लिया था और इसे पुलिस को दिखाया। डायल 112 की पुलिस जांच-पड़ताल कर वापस चली गई तो वही युवक दोबारा आ गए। थाने से पहुंची पुलिस, रातभर सहमे रहे बारातीइस पर झूसी थाने में सूचना दी गई, जिसके बाद वहां से एक दरोगा और एक सिपाही पहुंचे। उन्हें देखकर युवक फिर भाग निकले। पिंकू ने बताया कि फायरिंग करने वाले युवक तो वहां से चले गए, लेकिन बाराती रात भर दहशत में रहे। एसीपी बोले- आरोपियों की पहचान हो चुकी हैइस मामले में एसीपी झूंसी विमल किशोर मिश्रा ने बताया कि फायरिंग करने वालों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं।
बिहार पुलिस ने राज्य में बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर सभी जिलों के थानों को अलर्ट कर दिया है। पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन ने कहा कि बच्चा चोरी की कोई भी सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और कानून को अपने हाथ में न लें। बुधवार को सरदार पटेल भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एडीजी अमित कुमार जैन ने बताया कि पिछले दो दिनों में बच्चा चोरी की पांच शिकायतें सामने आई थीं। इनमें जमुई, पूर्णिया, नालंदा और मुजफ्फरपुर जिलों से मामले शामिल थे। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा कराई गई जांच में ये सभी शिकायतें अफवाह साबित हुईं। एडीजी ने चेतावनी दी कि बच्चा चोरी की अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे भीड़ जुट जाती है और कई बार यह स्थिति मॉब लिंचिंग में बदल जाती है। इसमें निर्दोष लोग भीड़ का शिकार बन जाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत डायल 112 या स्थानीय थाने को सूचना दें। अमित कुमार जैन ने वर्ष 2025 के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 14,699 गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 12,526 बालिकाएं और 2,173 बालक शामिल हैं। पुलिस ने जांच के बाद 7,772 बच्चों को बरामद कर लिया है, जबकि 6,927 बच्चे अभी भी गुमशुदा हैं। एडीजी ने स्वीकार किया कि बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि हुई है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई जारी है। जिलों के एसपी को सख्त निर्देश, तत्काल ले संज्ञान अमित कुमार जैन ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सूचना मिलते ही तत्काल जांच शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई बच्चा 24 घंटे तक लापता रहता है तो संबंधित थाने में केस दर्ज करना अनिवार्य है। यदि बच्चा चार महीने तक बरामद नहीं होता है तो मामला एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह यूनिट राज्य के सभी जिलों में सक्रिय है और ऐसे मामलों की विशेष निगरानी करती है। गिरोहों पर कार्रवाई, कई बच्चे बरामद एडीजी ने बताया कि बच्चा चोरी और मानव तस्करी के मामलों में कई गिरोहों को गिरफ्तार किया गया है और कई बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा गया है। बिहार पुलिस निर्धारित एस.ओ.पी के तहत कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के ‘वात्सल्य पोर्टल’ से सभी राज्यों के थाने जुड़े हुए हैं। यदि बिहार से गुम हुआ बच्चा किसी अन्य राज्य में बरामद होता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित थाने को मिल जाती है। इसके बाद पुलिस टीम भेजकर बच्चे को वापस लाकर परिवार को सौंप दिया जाता है।पुलिस की अपील अमित कुमार जैन ने दोहराया कि बच्चा चोरी जैसी संवेदनशील घटनाओं में अफवाह फैलाना या उस पर विश्वास करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा की कानून को हाथ में न लें। किसी भी तरह की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जागरूक नागरिक बनें और अफवाहों से बचें। ताकि ऐसी घटना अफवाह न बने और सही तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सके।
बागपत में अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:समीर की जान गई, पुलिस वाहन ड्राइवर की तलाश जारी
उत्तर प्रदेश के बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार की देर शाम एक अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक समीर (19) की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। नेथला गांव निवासी समीर बागपत से अपने गांव लौट रहा था। गांव के ही एक युवक सौरभ ने मोड़ पर उसे घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा देखा। सौरभ ने तुरंत डायल 112 और 108 पर कॉल कर पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया। घायल समीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के परिजनों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल अज्ञात वाहन चालक की तलाश कर रही है।
बाराबंकी के भैरमपुर बाजार में बुधवार देर शाम एक कार और खड़ी बाइक की टक्कर के बाद दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडे चले और मौके पर तनाव फैल गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भैरमपुर बाजार में एक कार अनियंत्रित होकर खड़ी बाइक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार चालक और बाइक मालिक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान एक पक्ष के कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए, जिससे हंगामा बढ़ गया। आरोप है कि भीड़ में शामिल एक युवक हाथ में धारदार हथियार 'बाका' लहराता दिखा, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख कार चालक अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर जान बचाने के लिए भागा। वह किसी तरह अपने घर पहुंचकर सुरक्षित हुआ। स्थानीय निवासी रिजवान ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। रामनगर थाना क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन वायरल वीडियो की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
श्रावस्ती में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा बीते 18 फरवरी 2026 से आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं श्रावस्ती जनपद के 41 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और तीसरी आंख की निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही हैं। बुधवार को आयोजित इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 624 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दरअसल जनपद में इस वर्ष कुल 23,275 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। बुधवार को इंटरमीडिएट द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान और समाजशास्त्र विषय की परीक्षा आयोजित की गई।वहीं निर्धारित 7,840 परीक्षार्थियों में से 7,216 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 624 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षाओं के निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जनपद में पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट और 41 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सभी उपजिलाधिकारी जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी कर रहे हैं। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षाएं पूरी सख्ती, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
रोहतक में 2 अस्पतालों में IT की रेड:दोपहर को अस्पताल में खंगाले दस्तावेज, देर रात घर पहुंची टीम
रोहतक में इनकम टैक्स की 2 अस्पतालों में रेड पड़ी। अस्पताल में पहुंचते ही इनकम टैक्स विभाग की टीम ने दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया और अस्पताल के अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी। वहीं, बाहर से आने वाले लोगों को भी रोक दिया। इनकम टैक्स विभाग की टीम दोपहर को पावर हाउस चौक स्थित एडवांटा अस्पताल में पहुंची और वहां मौजूद अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी। साथ ही अस्पताल के दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया और टैक्स चोरी से संबंधित कागजों को जांचना शुरू कर दिया। इनकम टैक्स विभाग की एक टीम मॉडल टाउन स्थित नवजीवन अस्पताल पहुंची, जहां भी विभाग की टीम ने रेड मारते हुए टैक्स चोरी से संबंधित कागजों को अपने कब्जे में लेते हुए जांच शुरू कर दी। वहीं, अधिकारियों से पूछताछ भी शुरू कर दी। देर रात अस्पताल के मालिक के घर पहुंची टीम देर रात को इनकम टैक्स विभाग की टीम एडवांटा अस्पताल के मालिक के घर पहुंची। घर पर टीम ने पहुंचते ही लोगों को अंदर ही रोक लिया। रेड के दौरान घर के अंदर कोई नहीं गया और ना ही कोई घर से बाहर आया। पुलिस की टीम इनकम टैक्स विभाग की रेड के दौरान मौके पर मौजूद रही।
सुलतानगंज गोलीकांड के दो आरोपी गिरफ्तार:पुरानी रंजिश में हुई थी घटना, देसी कट्टा बरामद
भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुई गोलीबारी की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। 11 फरवरी को हुई थी घटना यह घटना 11 फरवरी को हुई थी। जानकारी के अनुसार, नासोपुर के समीप निवासी विजय यादव अपनी पुत्री को इंटरमीडिएट की परीक्षा दिलाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे अनीश मंडल और पप्पू मंडल ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। विजय यादव हुए थे घायल गोली लगने से विजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल विजय यादव को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने किया गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही सुलतानगंज थाना पुलिस सक्रिय हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया। सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों आरोपियों, अनीश मंडल और पप्पू मंडल, को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अनीश मंडल की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुरानी रंजिश है कारण प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पुरानी आपसी रंजिश सामने आ रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
हरदोई की राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही बगावत अचानक समाप्त हो गई है। हरियावाँ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम सिंह, जो पहले अग्रवाल परिवार के विरोधियों के साथ खड़े थे, उन्होंने अब पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के लखनऊ स्थित आवास पर हुई एक मुलाकात के बाद सामने आई। मुलाकात के बाद प्रेम सिंह ने एक लिखित माफीनामा जारी किया, जिससे जिले के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। पूर्व प्रमुख प्रेम सिंह ने अपने आधिकारिक लेटर पैड पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें उन्होंने अग्रवाल परिवार के प्रति अपनी पुरानी निष्ठा दोहराई और घोषणा की कि भविष्य में उनके परिवार का कोई भी सदस्य ब्लॉक प्रमुख का चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और उनके परिवार के राजनीतिक भविष्य का फैसला अब केवल नरेश अग्रवाल और मंत्री नितिन अग्रवाल ही करेंगे। राजनीतिक हलकों में इस अचानक आए बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह वाकई हृदय परिवर्तन है या फिर अवैध संपत्तियों पर संभावित जांच के डर का परिणाम। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में प्रेम सिंह अपने बेटे और भाई के साथ मंत्री के सामने अनुशासित मुद्रा में बैठे दिखे, जिसने सत्ता के प्रभाव को उजागर किया। हरदोई की राजनीतिक बिसात पर नरेश अग्रवाल और नितिन अग्रवाल के दबदबे को फिर से साबित कर दिया है। पिछले दो महीनों से चल रही बगावत की चर्चाएं एक झटके में शांत हो गई हैं। अब देखना यह है कि यह लिखित समर्पण प्रेम सिंह के राजनीतिक अस्तित्व को कितना प्रभावित करता है और हरियावाँ की राजनीति आगे क्या मोड़ लेती है।
संभल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत बिगड़ी और उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उक्त घटना संभल कोतवाली क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम 4 से 6 बजे के बीच हुई। थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव बराही निवासी मतीन अहमद की पत्नी गुलशन जहां को प्रसव के लिए सीएचसी संभल में भर्ती कराया गया था। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली और जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतका के पति मतीन अहमद ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को इसी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उनके पहले भी तीन-चार बच्चे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को कई इंजेक्शन लगाए, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मतीन के अनुसार, उनसे 3500 रुपये भी लिए गए। आशा कार्यकर्ता ममता ने बताया कि मरीज के परिजनों से तीन किस्तों में 3500 रुपये लिए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'बिना टंडन' नाम की एक महिला प्रसव करा रही थी, तभी मरीज की हालत बिगड़ी। वहीं, लेबर इंचार्ज ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की गलती के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्चे का सिर सामने आ गया था और उन्होंने परिजनों से थोड़ी देर इंतजार करने को कहा था ताकि सामान्य प्रसव हो सके, लेकिन वे नहीं माने। लेबर इंचार्ज के अनुसार, परिजन आशा की बात मानकर महिला को बिना रेफर कराए अपनी मर्जी से अस्पताल से ले गए थे और अस्पताल में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
शाहजहांपुर में भाजपा विधायक और उनके बेटों पर एक मकान को जेसीबी से जबरन गिराने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने विधायक और उनके बेटों पर यह आरोप लगाते हुए न्याय न मिलने पर परिवार सहित जान देने की धमकी दी है। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पीड़ित बलविंदर ने दावा किया है कि उनके पास मकान की रजिस्ट्री है, जबकि विधायक के बेटों ने कथित तौर पर फर्जी कागजात बनवा लिए हैं। बलविंदर ने खुद एक वीडियो बनाकर विधायक और उनके बेटों पर जबरन मकान गिराने का आरोप लगाया है। पुलिस से बहसबाजी के भी वीडियो सामने आए हैं। बंडा थाना क्षेत्र के निवासी बलविंदर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पत्नी और भाई के नाम पर तीन आवासीय प्लॉट है, जिसकी रजिस्ट्री उनके पास है। बुधवार को जब वह और उनके भाई काम से बाहर गए थे, तब उनकी पत्नी ने फोन कर बताया कि कुछ लोग जेसीबी लेकर उनके भाई के मकान पर तोड़फोड़ कर रहे हैं। उस मकान में सामान भरा था और ताला लगा हुआ था। पत्नी ने यह भी बताया कि वे लोग बलविंदर के भाई जसपाल सिंह की जमीन पर भी तोड़फोड़ कर रहे थे। बलविंदर ने तुरंत अपने भाई जसपाल को सूचना दी, जिसके बाद जसपाल ने डायल 112 पर कॉल किया। जब बलविंदर मौके पर पहुंचे, तब तक जेसीबी से मकान पूरी तरह तोड़ दिया गया था। मकान में रखा करीब दो लाख रुपये का सामान भी तहस-नहस हो गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि यह जमीन विधायक की है। इसके बाद बलविंदर ने विधायक चेतराम को फोन कर पूरी घटना बताई। विधायक ने कथित तौर पर बलविंदर से कहा कि यह उनकी जमीन है और उन्होंने इसका बैनामा भी कराया है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ करने वालों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बलविंदर ने पूरे मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं एक वीडियो सामने आया है। इसमे पीड़ित और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो रही है। वीडियो में आवाज आ रही है कि विधायक ने सत्ता के जोर से मकान तुड़वाए हैं। ये सब अवैध रूप से कर रहे हैं, जबकि इसकी रजिस्ट्री हम सबके नाम है। कहा हम अपनी जान दे देंगे लेकिन जायदाद नही जाने देंगे। हालांकि जान देने की धमकी देने वाले व्यक्ति का चेहरा वीडियो में नही दिख रहा है। वहीं बंडा थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को जमीन की नाप हुई थी। बुधवार को जेसीबी से कुछ तोड़फोड़ हुई थी। जब पुलिस पहुंची तो तोड़फोड़ हो चुकी थी। जमीन विधायक के बेटे अपनी बता रहे हैं। वहीं जमीन पर दावा करने वाले दूसरे पक्ष ने गुरुवार को कागज दिखाने की बात की है। उनकी तरफ से कोई शिकायती पत्र नहीं आया है। मामले में भाजपा विधायक और एसडीएम पुवायां से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने काॅल रिसीव नही की।
बुधवार शाम भवानीपुर थाना क्षेत्र के श्रीपुर मिलिक पंचायत के मोतीचक वार्ड संख्या 14 में पुराने जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति की फरसा से काटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय बुद्धन मंडल के रूप में हुई है, जो मोतीचक निवासी कृत नारायण मंडल के पुत्र थे। गोतिया से था जमीन विवाद मृतक के भतीजे एडवोकेट राजकुमार ने बताया कि उनका गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुभाष मंडल, भूषण मंडल, राजेश मंडल और शेखर मंडल अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर बुधवार सुबह से ही बुद्धन मंडल को मारने की योजना बना रहे थे। डायल 112 को दी थी सूचना राजकुमार ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना डायल 112 पर भी दी थी। दोपहर लगभग ढाई बजे डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन कुछ देर बाद वहां से वापस लौट गई। हमलावरों ने दरवाजे पर आकर किया हमला इसके बाद एडवोकेट राजकुमार अपने भाइयों और चाचा बुद्धन मंडल के साथ अपने दरवाजे पर बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे अचानक शेखर मंडल, सुभाष मंडल, भूषण मंडल, राजेश मंडल, दिलीप मंडल, विकास मंडल और उनके अन्य सहयोगी फरसा, तलवार, दबिया और लोहे के रॉड से लैस होकर उनके दरवाजे पर आ धमके। मौके पर ही हुई मौत हमलावरों ने मिलकर बुद्धन मंडल पर फरसा से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में एडवोकेट राजकुमार और अंकित कुमार उर्फ छोटू सहित अन्य लोग भी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया आसपास के लोगों की मदद से घायलों को रेफरल अस्पताल रुपौली पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने बुद्धन मंडल को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही भवानीपुर थानाध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर राजकुमार चौधरी मामले की जांच में जुट गए। उन्होंने बताया कि यह हत्या जमीन विवाद को लेकर हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध हथियार के साथ दो युवक अरेस्ट:जयनगर पुलिस ने वाहन चेकिंग में पकड़ा,कट्टा और एक मोबाइल बरामद
मधुबनी जिले के जयनगर थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान दो युवकों को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों के पास से एक देशी कट्टा, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई जयनगर थाना क्षेत्र के वाटर वेज चौक के पास की। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम द्वारा वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्तियों का पीछा किया और घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान बाबूबरही थाना क्षेत्र के औरही वार्ड तीन निवासी शंकर कुमार और चंदन कुमार के रूप में बताई। विधिवत तलाशी लेने पर उनके पास से एक देशी कट्टा और एक मोबाइल बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद अवैध हथियार, मोबाइल और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। इस मामले में बुधवार शाम को थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ राघव दयाल ने जानकारी दी। इस दौरान थानाध्यक्ष अमित कुमार भी मौजूद थे। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास और संभावित गिरोह के नेटवर्क का पता लगा रही है। इसके साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें यह अवैध हथियार कहां से मिला और इसका उपयोग किस घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्र में पर्व-त्योहारों और विधि व्यवस्था की शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए सघन वाहन चेकिंग अभियान जारी है।
जिले में होली के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सघन अभियान कई दिनों से चल रहा है।आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का सचल दल लगातार कार्रवाई कर रहा हैं। इस अभियान के तहत अब तक 13.26 लाख रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। विभाग ने कुल 32 नमूने एकत्र कर जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे हैं। अभियान के दौरान निर्माण इकाइयों, रिलेबलर, पैकर, कोल्ड स्टोरेज, भंडारण इकाइयों, अस्थायी भट्टियों और संबंधित मंडियों का निरीक्षण किया जा रहा है। विशेष रूप से खोया, खाद्य तेल, वनस्पति घी, गुझिया, नमकीन, रंगीन मिठाइयां, कचरी, दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। सहायक आयुक्त (खाद्य) मानिक चंद्र सिंह के नेतृत्व में बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार सोनी और नंद कुमार यादव की टीम ने मेसर्स बृज मोहन हेमंत कुमार प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। यहां से 1230 किलोग्राम रुचि गोल्ड पामोलिन ऑयल (2,22,268 रुपये मूल्य) और 310 किलोग्राम प्योर मस्टर्ड ऑयल (77,500 रुपये मूल्य) जब्त कर उनके नमूने जांच के लिए लिए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पी.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में भी कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुमित चौधरी ने मेसर्स मधुर स्वीट्स एंड बेकर्स से खोया का एक नमूना लिया, जबकि संतोष कुमार साहू ने लौकी के लड्डू का नमूना संग्रहित किया। इस अभियान के तहत अब तक कुल 32 नमूने एकत्र कर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। विभाग ने 80 किलोग्राम पनीर और खोया (41,400 रुपये मूल्य) को नष्ट भी कराया है। कुल मिलाकर, 13,26,418 रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान होली तक जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
सलूंबर में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 से पहले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अवधेश मीणा ने बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक जिला कलेक्टर कक्ष में हुई, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन, प्राप्त दावे-आपत्तियों और अंतिम प्रकाशन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रारूप प्रकाशन 29 जनवरी 2026 को किया गया था निर्वाचन कार्यक्रम के तहत, पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के लिए निर्वाचक नामावलियों का प्रारूप प्रकाशन 29 जनवरी 2026 को किया गया था। उस समय सलूंबर जिले की सात पंचायत समितियों में कुल 4,67,573 मतदाता दर्ज थे, जिनमें 2,37,700 पुरुष और 2,28,873 महिलाएं शामिल थीं। 13,850 दावे और 4,992 आपत्तियां मिलीं दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि तक कुल 13,850 दावे और 4,992 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें से 13,621 दावे स्वीकृत किए गए और 229 खारिज हुए। हटाने संबंधी 4,780 आपत्तियों में से 4,769 स्वीकार की गईं, जबकि 11 निरस्त हुईं। संशोधन के लिए मिली 212 आपत्तियों में से 191 को मंजूरी मिली और 21 खारिज की गईं। 25 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। प्रारूप प्रकाशन (29 जनवरी) से लेकर अंतिम प्रकाशन तक जिले में कुल 8,842 नए मतदाता जुड़े हैं। अब सलूंबर जिले में कुल 4,76,415 मतदाता हो गए हैं, जिनमें 2,42,154 पुरुष और 2,34,261 महिलाएं शामिल हैं। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला और जनसंपर्क अधिकारी पुष्पक मीणा सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीणा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इसमें सहयोग की अपेक्षा की। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही पंचायती राज चुनाव-2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं, और चुनावी गतिविधियों ने भी गति पकड़ ली है।
गाजियाबाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग होली के मद्देनजर विशेष जांच अभियान चला रहा है। इसी क्रम में विभाग ने 25 फरवरी 2026 को किराना मंडी, रामनगर में छापा मारकर लगभग 1000 किलोग्राम रंगीन कचरी जब्त की। सहायक आयुक्त (खाद्य) आशुतोष राय के नेतृत्व में सचल टीम ने मेसर्स बंसल ट्रेडर और मेसर्स गर्ग ब्रदर्स के गोदामों की जांच की। जांच के दौरान यह रंगीन कचरी बरामद हुई, जिस पर मिलावट या असुरक्षित होने का संदेह था। जब्त की गई रंगीन कचरी के दो नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान के तहत जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी जांच की गई। टीमों ने सरसों का तेल (पंसारी ब्रांड), नमकीन, रसगुल्ले, गुझिया, बेसन और गुलाब जामुन सहित कुल 10 विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं। इन सभी नमूनों को भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि होली के त्योहार तक यह विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोका जा सके।
ग्वालियर व्यापार मेले में 3000 करोड़ से अधिक का व्यापार:औपचारिक समापन हुआ, पिछले साल के रिकॉर्ड टूटे
ग्वालियर व्यापार मेले का औपचारिक समापन हो गया है। बुधवार शाम एक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें मेला सचिव सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसी दौरान मेले के समापन की औपचारिक घोषणा की गई। मेला सचिव सुनील त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 3000 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में कई रिकॉर्ड टूटे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में हुए व्यापार के सटीक आंकड़े दो से तीन दिनों में उपलब्ध हो पाएंगे। फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर वाहनों की बिक्री का डेटा आरटीओ द्वारा एक दिन बाद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीएसटी विभाग से भी विभिन्न सेक्टरों के व्यापारिक आंकड़े लिए जाएंगे। त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सामान्य दिनों में रोजाना 50,000 से अधिक सैलानी मेले में पहुंचे। वहीं, छुट्टियों के दिनों में यह संख्या 75,000 से बढ़कर 1 लाख व्यक्तियों तक भी पहुंची। मेला सचिव ने कहा कि इस बार का मेला काफी सफल रहा। हालांकि, व्यापारी संघ और अन्य लोगों से कई सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को अगली बार बेहतर सेवाओं और व्यवस्थाओं में लागू किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनका पहला अनुभव था और भविष्य में कमियों को सुधारा जाएगा। रोजाना आए 50 हजार सैलानीसचिन ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले में सामान्य आंकड़े की बात की जाए तो रोजाना लगभग 50000 से अधिक सैलानी ग्वालियर व्यापार मिले का लुक लेने के लिए मेले में पहुंचे हैं। इसके अलावा छुट्टी के दिनों में यह संख्या 75000 से एक लाख व्यक्तियों तक भी पहुंची है। अगली बार और बेहतर होगी व्यवस्थाएंमेला सचिव ने बताया कि इस बार वॉलपेपर मेल काफी अच्छा रहा लेकिन हमारे व्यापारी संघ और अन्य जनों से भी कई सारे सुझाव मिले हैं जो हमें अगली बार और बेहतर सेवाओं और व्यवस्थाओं में सहयोगी साबित होंगे। इस बार मेरा मेल का यह पहला अनुभव था जो भी कमियां रही है उन्हें अगली बार सुधार किया जाएगा। 28 को विद्युत व्यवस्था अवरुद्धआपको बता दे की औपचारिक समापन के बाद ग्वालियर व्यापार मेले की विद्युत व्यवस्था 28 फरवरी को अवरोध कर दी जाएगी इसके बाद भी कई दिनों तक मिला सड़क पर नजर आता है। ठीक-ठाक रहा व्यापार वहीं मेले में व्यापार कर रहे व्यापारियों की माने तो इस बार मेला ठीक-ठाक रहा है और व्यापार भी ठीक-ठाक ही हुआ है। लगभग लागत ही निकल पाई है। मुनाफा कम नजर आ रहा है। जिसकी एक वजह मौसम भी माना जा सकता है। मेले में व्यापार करने के लिए चंदेरी से आई हेमा चौहान ने बताया कि काफी अच्छा अनुभव रहा और व्यापार भी ठीक-ठाक ही हुआ है। मेले की व्यवस्थाएं भी अच्छी रही कुछ छोटी-मोटी कमियां हैं, उन्हें छोड़ दिया जाए तो बाकी सब कुछ ठीक रहा। वहीं कश्मीर से आए कपड़े के व्यापारी शाह जी ने बताया कि मेला काफी अच्छा रहा और खूब चला लेकिन लास्ट आते-आते गर्मी पड़ने लगी बाकी सब कुछ ठीक रहा।
गाजियाबाद में जमानत पर रिहा हुए एक आरोपी ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। आरोपी ने एक वीडियो जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला गाजियाबाद के शहीद नगर स्थित कल्लन चौक और मसूरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, अजहर नामक यह आरोपी गाड़ियों की चोरी के मामलों में नामजद है। वह हाल ही में गाजियाबाद जिला कारागार से जमानत पर बाहर आया है। जेल से रिहा होने के कुछ ही दिनों बाद अजहर का यह वीडियो सामने आया। इसमें वह खुद को शेर बताते हुए पुलिस को लोमड़ियों बचके रहना जैसे शब्दों से चुनौती देता दिख रहा है। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो की सत्यता और इसके पीछे की मंशा की पड़ताल की जा रही है।
रेशम निदेशालय की बिल्डिंग में लगी आग:अंदर रखे दस्तावेज जले, 3 गाड़ियां आग बुझाने में लगी
लखनऊ के गोमती नगर थाना क्षेत्र नेहरू एन्क्लेव स्थित रेशम निदेशालय की बिल्डिंग में आग लग गई। घटना बुधवार रात हुई। बिल्डिंग में दो ऑफिस बने हैं। मौके से कोई भी मौजूद नहीं था। अंदर रखे दस्तावेज जलकर राख हो गए। मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं।
बुलंदशहर में सिलेंडर लीकेज से घर में लगी आग:खाना बनाते समय हादसा, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
बुलंदशहर के मौहल्ला फैसलाबाद में खाना बनाते समय एक घरेलू सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से पूरे मौहल्ले में हड़कंप मच गया। यह मामला बुलंदशहर सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। आग लगने के कारण घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए गुस्साए मौहल्ले वासियों ने कर्मियों को मौके से भगा दिया। निवासियों का कहना था कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, जिससे नुकसान बढ़ गया।
सहरसा के बनगांव थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि घटना के बाद से ससुराल पक्ष के सभी लोग फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पति चार महीने पहले ही दिल्ली लौटा था गांव मृतका की पहचान बनगांव थाना क्षेत्र के चैनपुर वार्ड संख्या-13, भागवत टोला निवासी सोनू कुमार झा की 32 वर्षीय पत्नी पूजा कुमारी उर्फ सोनी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मृतका के पति सोनू कुमार दिल्ली में एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं और घटना के समय वहीं मौजूद थे। वे चार महीने पहले ही गांव से दिल्ली लौटे थे। पूजा के माता-पिता का कई वर्ष पहले ही निधन हो चुका है। मृतका के भाई बोला-फोन पर मिली मौत की सूचना मृतका के भाई सोनू कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर फोन पर बहन की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल बनगांव थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। वहीं, मृतका के चाचा संजय कुमार झा ने बताया कि प्रारंभ में गांव में पूजा द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन जब वे घर पहुंचे तो ससुराल के सभी सदस्य फरार मिले, जिससे संदेह और गहरा गया। थानाध्यक्ष ने कहा-युवती का शव घर से बरामद, कार्रवाई जारी बनगांव थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवती की हत्या कर शव का जल्दबाजी में दाह संस्कार करने की तैयारी की जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो युवती का शव घर में ही मिला, जबकि ससुराल पक्ष के लोग वहां से फरार थे। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य संकलित किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
बिल्हौर में कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर बुधवार रात एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह हादसा चंडाली गांव के सामने स्थित ओवरब्रिज पर हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान शाहमपुर कोट के रहने वाले संजू राठौर (45) के रूप में हुई है। वह खेती-किसानी के साथ शटरिंग का काम भी करते थे। वर्तमान में संजू बिल्हौर के मानस विहार में अपने परिवार के साथ रहते थे। जिसमें उनकी पत्नी सीमा, बेटा हर्षित (13) और बेटी श्रद्धा (9) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, संजू बुधवार रात बिल्हौर से अपने गांव शाहमपुर कोट जा रहे थे। ओवरब्रिज पर उल्टा दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और संजू गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हाईवे एंबुलेंस की मदद से संजू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें संजू की मौत की खबर मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन व उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा में चार दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी:26 फरवरी से 1 मार्च तक सिटी पार्क में लगेगी
ग्रेटर नोएडा के सम्राट मिहिर भोज पार्क (सिटी पार्क) में 26 फरवरी से 1 मार्च तक चार दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर यह प्रदर्शनी आयोजित हो रही है, जिसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा। इस पुष्प प्रदर्शनी में फूलों से निर्मित 'ऑपरेशन सिंदूर' (भारत माता के माथे पर तिलक लगाते हुए), राष्ट्रीय पक्षी मोर, शेर और हार्ट शेप जैसी आकृतियां मुख्य आकर्षण होंगी। प्रदर्शनी में एक लाख से अधिक मौसमी फूल प्रदर्शित किए जाएंगे। पुष्प प्रदर्शनी का थीम फ्लावर कैलेंडुला है। इस वर्ष पुष्प प्रदर्शनी में पहली बार ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा, जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीक की झलक भी देखने को मिलेगी। शहर के छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा, जहां नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और कबाड़ के पुनर्चक्रण का संदेश दिया जाएगा। प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, संगीत, कविता और नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। आगंतुकों के लिए खाने के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। सिटी पार्क को सजाने का काम जारी है। जिसमें फव्वारों को दुरुस्त किया जा रहा है और विभिन्न आकृतियों के स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने 40 गोलचक्करों, 45 हरित क्षेत्रों और 17 सेंट्रल वर्ज को एडॉप्शन पर देकर उन पर भी कैलेंडुला के पौधे लगाए हैं।
शहडोल के कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में रहने वाले एक शख्स ने ऑनलाइन गेम की लत और कर्ज से परेशान होकर अपनी पत्नी और बेटी को जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिला दी और फिर खुद भी पी ली। घटना 24 फरवरी की रात की है। 25 फरवरी की सुबह बेटी की जान चली गई, वहीं शाम 6 बेज पिता ने भी दम तोड़ दिया, जबकि मां अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, 40 वर्षीय शंकर लाल गुप्ता को 'बीडीजी' नाम के ऑनलाइन गेम की बुरी लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से वह काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। पत्नी-बेटी को पिलाया जहर, बेटा बाहर होने से बचा मंगलवार रात शंकर ने अपनी पत्नी राजकुमारी और 16 साल की बेटी स्वाति को धोखे से कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया और खुद भी जहर निगल लिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान पहले बेटी स्वाति की मौत हो गई। गमगीन परिवार अभी बेटी का अंतिम संस्कार कर लौटा ही था कि शंकर ने भी दम तोड़ दिया। खुशकिस्मती से शंकर का 15 साल का बेटा उस वक्त घर पर नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस कर रही है मामले की जांच उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह ऑनलाइन गेमिंग में हुआ भारी नुकसान और आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल घायल पत्नी का इलाज मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में चल रहा है।
यमुनानगर में गोकशी के शक में तीन युवक गिरफ्तार:जंगल से डेढ़ क्विंटल मांस बरामद, हथियार भी बरामद
यमुनानगर जिले के प्रताप नगर के गांव आम्बवाली के जंगल में गोकशी का मामला सामने आया है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी की और मौके से करीब डेढ़ क्विंटल मांस बरामद किया। साथ ही तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने पकड़े गए मांस को गोवंश का होने की आशंका जताई है। थाना प्रताप नगर के SHO गुरदयाल सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आम्बवाली गांव के जंगल में गोकशी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया। टीम में एएसआई रमेश चंद, हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार, डायल-112 के इंचार्ज रमेश चंद और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जंगल में चल रही थी पैकिंग टीम ने जंगल में पहुंचकर छापा मारा। वहां गोकशी के बाद गौ मांस के टुकड़ों को पैक करने का काम चल रहा था। पुलिस ने मौके से गौ मांस के बड़े पैमाने पर टुकड़े, गोकशी में इस्तेमाल होने वाले हथियार और अन्य सामान जब्त कर लिया। मौके से नागल पट्टी निवासी आमिर हुसैन को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा उसके दो बेटे मुस्तकीम और उस्मान को भी काबू किया। जांच के लिए भेजा मांस पुलिस ने मौके पर पशु डॉक्टरों को बुलाकर मांस की जांच करवाई। डॉ. प्रशांत तिवारी और डॉ. नरेंद्र दलाल ने बताया कि अवशेषों को देखकर लगता है कि यह गाय का मांस है। फिर भी पुख्ता जांच के लिए मांस के सैंपल को लैब भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने में लगभग 15 दिन लग सकते हैं।
कोटपूतली पंचायत समिति में 79,960 मतदाता:पावटा में 88,302 वोटर, अंतिम मतदाता सूची जारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने कोटपूतली पंचायत समिति में ग्राम पंचायतवार मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन बुधवार शाम को कर दिया गया है। उपखंड अधिकारी रामावतार मीना ने बताया कि कोटपूतली पंचायत समिति में कुल 79,960 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 42,298 पुरुष और 37,662 महिला मतदाता शामिल हैं। ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या शून्य है। वहीं, पावटा पंचायत समिति की मतदाता सूची भी जारी की गई है। पावटा की उपखंड अधिकारी साधना शर्मा ने जानकारी दी कि पावटा पंचायत समिति में कुल 88,302 मतदाता हैं। इनमें 47,049 पुरुष और 41,253 महिला मतदाता शामिल हैं।
गोरखपुर में 11वीं ऑल इंडिया 20-20 लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता में बुधवार को 2 पूल-B मैच खेले गए। मुकाबलों में इंडियन एयरफोर्स और फरीदाबाद हरियाणा की टीमों ने अपने-अपने मैच जीतकर दो-दो अंक अर्जित किए। दोनों टीमों ने जीत के साथ दो-दो अंक हासिल कर प्रतियोगिता में मजबूत शुरुआत की। प्रतियोगिता का आयोजन लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा किया जा रहा है, जो मंडल क्रिकेट संघ से सम्बद्ध और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ से मान्यता प्राप्त है। जानिए मैच का पूरा हाल… पहले मैच में इंडियन एयरफोर्स ने राजस्थान को हरायापहले मुकाबले में राजस्थान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन इंडियन एयरफोर्स के बल्लेबाजों ने सधी हुई पारी खेलते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 168 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। विनीत धनकाड़ ने शानदार 69 रन बनाए जबकि अरुण ने 28 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम दबाव में नजर आई और पूरी टीम 20 ओवर में 110 रन पर सिमट गई। शाश्वत पांडेय ने 61 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। इंडियन एयरफोर्स के विकास यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और मैन ऑफ द मैच बने। दूसरे मैच में हरियाणा ने दिल्ली को हरायादूसरे मुकाबले में हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। तक्षित (44), धनंजय (43) और दिवांश (33) ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में उतरी पिछले वर्ष की विजेता दिल्ली की टीम 19.2 ओवर में 135 रन पर ऑल आउट हो गई। हर्षित (27), सुल्तान (26) और अंकित (22) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। हरियाणा के आयुष ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच चुने गए। सांसद रवि किशन ने खिलाड़ियों से किया परिचयपूल-B मुकाबलों का शुभारंभ सदर सांसद रवि किशन शुक्ला ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रतियोगिता के सफल संचालन की कामना की। कल ये टीमें होंगी आमने-सामनेप्रतियोगिता में गुरुवार को पहला मुकाबला इंडियन एयरफोर्स और हरियाणा के बीच सुबह 9 बजे से तथा दूसरा मुकाबला दिल्ली और राजस्थान के बीच दोपहर 12 बजे से रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा।
आगरा-ग्वालियर हाईवे पर डंपर ने बाइक को मारी टक्कर:हादसे में पति-पत्नी की गई जान, तीन बच्चे हुए अनाथ
आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति की मौत हो गई। यह घटना थाना मलपुरा क्षेत्र के नगला माकरौल के पास शाम करीब 5:45 बजे हुई। एक तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी, जिससे दंपति गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मुरैना जिले के थाना बसैया अंतर्गत ग्राम जिगनी निवासी 40 वर्षीय मुकेश यादव और उनकी पत्नी सीमा के रूप में हुई है। दंपति बमरौली अहीर गांव में एक रिश्तेदार के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डंपर और बाइक को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगला माकरौल के पास सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। इस वजह से अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। मृतक दंपति अपने पीछे 15, 12 और 10 वर्ष के तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। इस घटना से परिवार और गांव में गहरा दुख है। थाना मलपुरा के अपराध निरीक्षक सचिन जावला ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है। पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक और विधिक अधिकारों का टकराव बढ़ने लगा है। 'हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी' ने 24 फरवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चौथी बैठक की। इसमें लिए गए फैसलों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बार काउंसिल का पूरा नियंत्रण विशेष समिति के हाथों में होगा। कमेटी ने निवर्तमान चेयरमैन द्वारा जारी नोटिसों को अवैध घोषित करते हुए प्रशासनिक मशीनरी को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत गठित कमेटी के कार्यों में हस्तक्षेप करने पर उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने की चेतावनी भी दी गई है। बैठक की अध्यक्षता और सुप्रीम कोर्ट का हवाला हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जे.आर. मिढ़ा ने बैठक में स्पष्ट किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 18 नवंबर 2025 के अपने आदेश में पूरी चुनाव प्रक्रिया को इस कमेटी की प्रत्यक्ष निगरानी में रखने का निर्देश दिया है। कमेटी ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उसकी वैधानिक जिम्मेदारी है। इसमें नामांकन से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है। चेयरमैन के आदेशों को ठहराया अवैध बैठक के दौरान कमेटी ने पाया कि बार काउंसिल के चेयरमैन ने 23 फरवरी 2026 को कार्यवाहक सचिव विकास ढाका को एक मौखिक निर्देश और कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने भी एक नोटिस जारी किया था। कमेटी ने इन दोनों ही नोटिसों और पत्रों को पूरी तरह से 'अमान्य' और 'अवैध' करार दिया। कमेटी ने निर्देश दिया कि कार्यवाहक सचिव ढाका को इन नोटिसों का जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है। कमेटी का मानना है कि चूंकि वर्तमान अध्यक्ष और कई सदस्य खुद चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उनका प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप करना चुनाव की शुचिता को प्रभावित करता है। विशेष समिति का गठन और कार्यभार अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 8A के तहत, कमेटी ने एक 'विशेष समिति' को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। यह समिति तब तक कार्य करेगी जब तक नई निर्वाचित बॉडी कार्यभार नहीं संभाल लेती। समिति के सदस्य: राजेंद्र प्रसाद (महाधिवक्ता, राजस्थान): अध्यक्ष जगमाल सिंह चौधरी (वरिष्ठ अधिवक्ता): सदस्य अशोक मेहता (वरिष्ठ अधिवक्ता): सदस्य विशेष समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने 25 फरवरी को जोधपुर स्थित कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चेतावनी सूत्रों के अनुसार, कमेटी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई भी सदस्य या पदाधिकारी कमेटी के निर्देशों या मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करता है, तो उसे चुनाव से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। यह चेतावनी उन लोगों पर भी लागू होगी, जो किसी प्रत्याशी के प्रस्तावक या समर्थक बनते हैं। कमेटी ने स्पष्ट किया कि 19 फरवरी 2026 से प्रभावी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्टाफ के लिए 'जीरो टॉलरेंस' कमेटी ने बार काउंसिल के सभी कर्मचारियों को लिखित निर्देश दिए हैं कि वे अब केवल नई गठित विशेष समिति के आदेशों का ही पालन करेंगे। यदि कोई कर्मचारी किसी अन्य बाहरी निर्देश का पालन करता है, तो उसे गंभीर 'दुराचार' माना जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक लेन-देन के लिए स्पष्ट किया गया कि सभी चेक विशेष समिति की पूर्व स्वीकृति के बाद ही तैयार किए जाएंगे। विवाद का मुख्य कारण: अधिकारों की व्याख्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अधिकारों की जंग मुख्य वजह है। एक ओर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया का दावा है कि विशेष समिति गठित करने का अधिकार उसके पास है, वहीं हाई-पावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और अधिवक्ता अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए अपने फैसले को विधिक रूप से सही ठहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानूनी रस्साकशी आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है, क्योंकि वर्तमान परिषद के अधिकारों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया है। फिलहाल, बार काउंसिल के गलियारों में सन्नाटा है और सभी की नजरें अब महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद की अगुवाई वाली विशेष समिति के अगले कदमों पर टिकी हैं।
मेरठ महानगर की तीन विधानसभाओं में भाजपा के चार मंडल अध्यक्ष और चार जिला प्रतिनिधि घोषित किए गए हैं। जिनमें से दो मंडल अध्यक्ष शहर विधानसभा से हैं एक कैंट विधानसभा और एक दक्षिण विधानसभा से है। मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होते ही महानगर के भाजपा नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं। चारों मंडल अध्यक्ष लंबे समय से पार्टी से जुडे रहे हैं। ये हुए नियुक्त जनप्रतिनिधियों ने दी बधाईमहानगर में नए पदाधिकारियों की घोषणा होते ही जनप्रतिनिधियों ने नए दायित्व के लिए बधाई दी। पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मनोज गुप्ता को मिठाई खिलाकर बघाई दी तो महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने विवेक रस्तोगी को शॉल और पुष्प गुच्छ देकर उनको बधाई दी।
इटावा में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शामिल हुए, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में विश्वविद्यालय के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं लिया। प्रोफाइल फिल्म में भी उनकी तस्वीर नहीं दिखाई गई। साथ ही स्थानीय सांसद डिंपल यादव और विधायक शिवपाल सिंह यादव को निमंत्रण न देने पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। स्थापना दिवस पर बढ़ा सियासी विवाद इटावा के सैफई स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कई लोगों का जिक्र किया, लेकिन समाजवादी पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले मुलायम सिंह यादव का नाम तक नहीं लिया गया। इसी बात को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। संस्थापक को नजरअंदाज करने का आरोप कार्यक्रम में एक प्रोफाइल फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताई गईं। समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि उस फिल्म में भी मुलायम सिंह यादव की एक भी तस्वीर नहीं दिखाई गई। उनका कहना है कि जिस नेता ने इस संस्थान की नींव रखी, उसी को कार्यक्रम से अलग रखना गलत संदेश देता है। निमंत्रण सूची पर भी उठे सवाल सपा नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े सभी प्रमुख लोगों को बुलाया गया, लेकिन स्थानीय सांसद डिंपल यादव और विधायक शिवपाल सिंह यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। इसे लेकर पार्टी ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। सपा का बयान और जनता की नाराजगी समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे कदम से किसी नेता का सम्मान कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। सपा का दावा है कि इस घटना से इटावा और प्रदेश के लोगों में नाराजगी है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में फोटोग्राफर ने कमरे में रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। परिवार ने फोटोग्राफर की गर्लफ्रेंड और उसके पुराने बॉयफ्रेंड पर आरोप लगाया है। पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान करनाल के पावर कॉलोनी के रहने विकास कुमार (24) के रूप में हुई। विकास ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से ग्राफिक एंड एनीमेशन में B.sc किया था। विकास यहां सुभाष मंडी में किराए के कमरे पर रहता था। कुछ समय पहले उसने किसी के पास फोटोग्राफरी का काम स्टार्ट किया था। गर्लफ्रेंड को भेजी फोटो- सुलतान सिंह पिता सुलतान के पुलिस को बताया कि विकास ने सुसाइड करने से पहले अपनी गर्लफ्रेंड को फंदे की फोटो भेजी थी, क्योंकि उसकी गर्लफ्रेंड अपने पुराने बॉयफ्रेंड के साथ दोबारा रहने लगी थी। इससे उसका बेटा विकास काफी आहत था। इसी को लेकर दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई थी। पड़ोसी की छत से आई गर्लफैंड पिता के मुताबिक, बेटे की गर्लफ्रेंड ने फोटो देखी, तो कुछ समय बाद दूसरे युवक के साथ पड़ोसी की छत से विकास के कमरे पर पहुंची थी। दोनों करीब आधा घंटा वहां रुके रहे। विकास को फंदे पर लटका दोनों ने मामले की जानकारी अन्य लोगों को दी। आरोप लगाया कि दोनों विकास को नीचे उतारकर फिर पुलिस को सूचना दी। आरोप लगाया कि उन्होंने विकास की हत्या के बाद उसे पंखे से लटकाया है। पुलिस कर रही मामले की जांच- बलजीत सिंह कृष्णा गेट थाना के SHO बलजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में विकास के सुसाइड करने की आशंका है। डॉक्टरों ने भी सुसाइड करने की पुष्टि की है। फिर भी पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। विसरा रिपोर्ट या डिजिटल साक्ष्य से कोई नई बात सामने आती है, तो उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश निर्वाचन विभाग ने पंचायती राज चुनावों के लिए मतदाता सूची जारी कर दी है। इसके आधार पर ही गांव-ढाणी स्तर पर वोटिंग होगी। जोधपुर जिले में कुल 13 लाख 41 हजार 855 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसमें सबसे ज्यादा मंडोर में मतदाता, वहीं सबसे कम सामराऊ पंचायत समिति में 28 हजार 665 मतदाता है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 23 पंचायत समितियों में 7 लाख 1 हजार 807 पुरुष और 6 लाख 40 हजार 43 महिलाएं वोट डालेंगी। खास बात यह है कि 5 ट्रांसजेंडर मतदाता भी इसमें शामिल हैं। चुनावी मैदान में 43 जिला परिषद वार्ड, 351 पंचायत समिति वार्ड, 649 ग्राम पंचायतें और 5229 ग्राम पंचायत वार्ड हैं। वोटिंग के लिए 1614 मतदान केंद्र तैयार किए जाएंगे। जोधपुर में पंचायत समितिवार आंकड़े आगोलाई : 32 हजार 517 आसोप: 57 हजार 56 बालेसर: 56 हजार 41 बावड़ी: 73 हजार 417 भोपालगढ़: 53 हजार 104 बिलाड़ा: 73 हजार 932 चाबा: 39404 धवा: 45 हजार 534 हतूंडी: 35 हजार 989 झवर: 89 हजार 523 कापरड़ा: 70 हजार 369 केरू: 63 हजार 324 लूणी: 83 हजार 463 मंडोर: 85 हजार 843 ओसियां: 69 हजार 39 पीपाड़ शहर: 64 हजार 804 सालवा खुर्द: 65 हजार 522 सामराऊ: 28 हजार 665 सेखाला: 42 हजार 105 शेरगढ़: 41 हजार 999 तिवरी: 69 हजार 10 उम्मेद नगर : 40 हजार 254
जयपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (JCTSL) की ओर से इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन गुरुवार से शुरू किया जाएगा। यह ट्रायल अग्रवाल फार्म क्षेत्र से शुरू होगा और तीन दिन तक चलेगा। इस ट्रायल में दो अलग-अलग साइज की इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। इनमें एक बस 12 मीटर लंबी होगी, जबकि दूसरी बस 9 मीटर की होगी। ट्रायल के दौरान बसों में यात्रियों की जगह वजन रखकर उन्हें चलाया जाएगा, ताकि बसों की लोड क्षमता, बैटरी परफॉर्मेंस और चार्जिंग क्षमता की सटीक जांच की जा सके। JCTSL के अधिकारियों के अनुसार- इस दौरान बसों के संचालन, बैटरी बैकअप, चार्जिंग टाइम और शहर की सड़कों पर उनकी परफॉर्मेंस को बारीकी से परखा जाएगा। ट्रायल के परिणामों के आधार पर ही बसों का अंतिम मॉडल, डिजाइन और कलर तय किया जाएगा। बता दें कि ई-बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण कम करने के साथ ही यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलने की उम्मीद है। अगर ट्रायल सफल रहता है तो जल्द ही जयपुर की सड़कों पर नई इलेक्ट्रिक बसें नियमित रूप से दौड़ती नजर आएंगी।
देवरिया में लेखपाल निलंबित, खतौनी संशोधन में लापरवाही:जनता दर्शन में शिकायत के बाद धन मांगने का आरोप
देवरिया में खतौनी में अंश सुधार और नाम संशोधन के मामले में लापरवाही बरतने तथा अनधिकृत धन की मांग करने के आरोप में एक क्षेत्रीय लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम चांदपलिया, पोस्ट इटहुआ निवासी अंगद यादव ने खतौनी में अंश सुधार और नाम संशोधन के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित लेखपाल द्वारा उनके आवेदन पर कार्रवाई में जानबूझकर देरी की जा रही थी और कार्य के बदले अवैध धन की मांग की जा रही थी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच कराई। जांच में क्षेत्रीय लेखपाल राजीव यादव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। जांच रिपोर्ट में धन उगाही के आरोप की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई। उप जिलाधिकारी सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव ने आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए भटनी के नायब तहसीलदार हरि प्रसाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें पूरे मामले की गहन जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामलों में प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति अपना रहा है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध मांग की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सहरसा के सदर अस्पताल में ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का संचालन उद्घाटन के दो माह बाद भी प्रभावी नहीं हो पा रहा है। 26 दिसंबर को अत्याधुनिक C-Arm मशीन का शुभारंभ किया गया था, लेकिन बुनियादी संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑर्थोपेडिक ओटी में आवश्यक मॉनिटर और एनेस्थीसिया से जुड़े उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। अस्पताल में केवल एक एनेस्थेटिक डॉक्टर पदस्थापित हैं, जिन्हें जनरल ओटी, मेटरनिटी ओटी और ऑर्थो ओटी तीनों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। इस स्थिति के कारण हड्डी रोग से संबंधित ऑपरेशन नियमित रूप से नहीं हो पा रहे हैं। मरीजों को ऑपरेशन के लिए लगातार नई तारीखें दी जा रही हैं। गोली लगने जैसे मामलों का सटीक इलाज संभवमरीजों का कहना है कि उन्हें ऑपरेशन के लिए आज-कल कहकर टाल दिया जाता है। इस मजबूरी में कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां एक फ्रैक्चर ऑपरेशन पर 25 से 30 हजार रुपए तक का खर्च आता है। आरण निवासी फुरती लाल यादव ने बताया कि हाथ टूटने के बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए सदर अस्पताल में परेशानी हो रही है। उन्हें ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन के कुर्मी रोज आजकल की तारीख दे रहे हैं। गौरतलब है कि C-Arm मशीन की मदद से मामूली से लेकर जटिल फ्रैक्चर, सड़क दुर्घटना में घायल और गोली लगने जैसे मामलों का सटीक इलाज संभव है। यह तकनीक कम चीरा लगाकर स्क्रीन पर हड्डियों की स्थिति देखकर ऑपरेशन करने में सहायक है, जिससे समय की बचत होती है और सफलता दर बढ़ती है। पांच-छह ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन ही हो सकेइन आधुनिक सुविधाओं के बावजूद, पिछले दो माह में सदर अस्पताल में महज पांच-छह ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन ही हो सके हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एनेस्थीसिया डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए और ओटी में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो जिले के मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सहरसा सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद ने कहा कि मामले में जल्द ही व्यवस्था को ठीक किया जाएगा।
छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीरसोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीदहैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मासमाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।
मधेपुरा में चार साल पुराने दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने एक वृद्ध को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से संबंधित है। घटना 11 फरवरी 2023 की शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब पीड़िता अपनी छोटी बहन और अन्य बच्चों के साथ गांव के मिडिल स्कूल के पास खेल रही थी। बहला-फुसलाकर बच्ची के साथ किया था दुष्कर्म इसी दौरान गांव का 60 वर्षीय दिनेश यादव उर्फ दीनाभद्री यादव वहां पहुंचा। आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर स्कूल के पीछे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची स्कूल के पीछे बेसुध और गंभीर हालत में मिली। 10 रुपये देकर चुप रहने और न बताने का दिया था लालच होश में आने पर बच्ची ने अपनी मां को बताया कि दीनाभद्री बाबा ने उसके साथ गलत काम किया था। आरोपी ने अपनी करतूत छिपाने के लिए बच्ची को 10 रुपये देकर चुप रहने और किसी को न बताने का लालच भी दिया था। घटना के बाद बच्ची बेहोश हो गई थी। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और बच्ची का इलाज कराया, जिसके बाद मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर सजा अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद एडीजे-6 अमित कुमार पांडेय की अदालत ने दिनेश यादव को दोषी करार दिया। स्पेशल पीपी विजय कुमार मेहता ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कलंक हैं और इनमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी का केस भले ही जेजे बोर्ड में ट्रांसफर हो गया हो लेकिन उम्र से जुड़ी अड़चन अभी इस मामले से खत्म नहीं हुई है। वादी पक्ष ने यहां भी आरोपी की उम्र तय करने के लिए प्राइमरी के दस्तावेज तलब कराये जाने का मुद्दा उठा दिया है। बुधवार को प्रतिवादी पक्ष ने इसका अपोज किया। बोर्ड ने अब इस मामले में 6 मार्च की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित की है। आइए पहले जानें कपसाड़ कांड मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। यहां 8 जनवरी को खेत पर काम कर रही युवती रूबी का अपहरण कर लिया गया। आरोप गांव के ही युवक पर लगे, जिसने विरोध करने पर युवती की मां सुनीता को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जहां बाद में उपचार के दौराल सुनीता की मौत हो गई। पुलिस ने अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिगआरोपी के जेल जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह वारदात के वक्त नाबालिग था। तीन एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा के पैनल ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। एक माह में मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर 10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्ष ने अपनी बात रखी। प्रतिवादी पक्ष की पैरवी मजबूत रही, जिसके बाद मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। 18 फरवरी को बोर्ड की प्रक्रिया शुरु कपसाड़ मामले की सुनवाई के लिए बोर्ड ने पहली तिथि 18 फरवरी निर्धारित की। उस दिन आरोपी के पिता के बयान दर्ज हुए। हालांकि वादी पक्ष ने उसी दिन आरोपी की उम्र का मुद्दा उठा दिया और प्राइमरी के दस्तावेज से उम्र का मिलान कराए जाने की पैरवी की। क्योंकि एससी-एसटी कोर्ट के समक्ष यह मामला लंबित चल रहा था, इसलिए जेजे बोर्ड द्वारा इसे कंसीडर किया गया। बुधवार को प्रतिवादी ने दर्ज कराई आपत्ति 25 फरवरी यानि बुधवार को बोर्ड के समक्ष फिर सुनवाई हुई। इस बार प्रतिवादी पक्ष के एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी कोर्ट में वह सुप्रीम कोर्ट के रूलिंग के साथ उम्र का दस्तावेज उपलब्ध करा चुके हैं। हाईस्कूल की मार्कशीट इसमें पर्याप्त है, इसलिए आरोपी को जुबेनाइल मानते हुए केस की सुनवाई को हाईस्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। 6 मार्च की तिथि की गई निर्धारित वादी पक्ष के उम्र का मुद्दा उठाए जाने के बाद आरोपी की उम्र से जुड़ा मामला एक बार फिर गर्म हो गया है। क्योंकि इसको लेकर एससी-एसटी कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी, इसलिए जेजे बोर्ड ने अब इस पर 6 मार्च की तिथि निर्धारित की है। पुलिस ने भी अभी चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ऐसे में माना जा रहा है कि तब तक चार्जशीट भी दाखिल कर दी जाएगी, जिससे मामले की स्थिति और ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी। सरधना का कपसाड़ कांड एक नजर में : - 8 जनवरी को आरोपी ने मां की हत्या कर युवती को अगवा किया। - 9 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लिया। - 10 जनवरी को आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। - 14 जनवरी को तीन एडवोकेट ने हाईस्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ आरोपी की तरफ से याचिका दायर की। - 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए। - 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया। - 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं करा पाया। कोर्ट ने 4 फरवरी तारीख दी। - 4 फरवरी को वादी ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी आरोपी की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही मिली। - 7 फरवरी को कक्षा चार का सर्टिफिकेट लाने की मांग की लेकिन ला नहीं पाए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। - 9 फरवरी को कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया।- 18 फरवरी को जेजे बोर्ड में सुनवाई शुरु। वादी पक्ष ने उम्र का मुद्दा उठाया। - 25 फरवरी को बोर्ड के समक्ष प्रतिवादी पक्ष ने अपोज किया।
मानसा में 20 वर्षीय मजदूर युवक की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जहां परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मानसा के तीन कोनी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। बता दे कि मृतक की पहचान मानसा जिले के गांव दलेल सिंह वाला निवासी गुरजंट सिंह (20) के रूप में हुई है। गुरजंट ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और सरकारी गोदामों से गेहूं की ढुलाई का काम करता था। परिजनों, जिनमें पूर्व सरपंच अमरीक सिंह, सरपंच हरदीप सिंह और रॉबिन जगसीर सिंह शामिल हैं। उन्होंने ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की मिलीभगत से गेहूं को गांवों में भेजने के बजाय मानसा की एक फैक्ट्री में उतरवाया गया। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप परिजनों दावा है कि इसी दौरान ट्रैक्टर के नीचे आने से गुरजंट सिंह की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि इस घटना को हादसा बताने का प्रयास किया गया। परिजनों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें दुर्घटना के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि युवक की मौत फैक्ट्री परिसर के भीतर हुई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस परिवार ने यह भी बताया कि उन्हें फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। परिजनों ने मानसा पुलिस से तत्काल मामला दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच शुरू करने की अपील की है। इस संबंध में, मानसा थाना सिटी 2 के इंचार्ज गुरतेज सिंह ने बताया कि पुलिस परिवार के बयानों के आधार पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
बाबा आनंदेश्वर मंदिर में बुधवार को भव्य श्रृंगार दर्शन और विशेष पूजन का आयोजन हुआ। छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में पूर्व विधायक व भाजपा नेता अजय कपूर ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। बाबा आनंदेश्वर का फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सांसद और गणमान्य जनों ने की सुख-समृद्धि की कामना श्रृंगार दर्शन के अवसर पर सांसद रमेश अवस्थी और कोऑपरेटिव इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से बाबा का अभिषेक किया। पूजन के बाद सांसद रमेश अवस्थी और अजय कपूर ने संयुक्त रूप से समस्त कानपुरवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की तथा जनसेवा के संकल्प को दोहराया। यह आयोजन आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष रहा। जूना अखाड़ा के गुरु मूर्ति इच्छा गिरी जी महाराज और गुरु मूर्ति हितेश गिरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंदिर के पुजारी अजय पुजारी ने सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। संतों ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए सनातन परंपरा और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। बाबा आनंदेश्वर की कृपा समस्त क्षेत्रवासियों पर सदैव बनी रहे कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। अजय कपूर ने इस आयोजन को श्रद्धा और आस्था का महापर्व बताते हुए कहा- बाबा आनंदेश्वर की कृपा समस्त क्षेत्रवासियों पर सदैव बनी रहे, यही उनका एकमात्र लक्ष्य है। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम रहे, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुगमता हुई।
फाजिल्का जिले के गांव चक्क सड़ियां के रहने वाले 22 वर्षीय युवक कि उस वक्त मौत हो गई जब वह खेल मैदान में दौड़ लगा रहा था। बताया जा रहा है कि बलदेव सिंह बीएसएफ और पंजाब पुलिस में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। रोजाना की तरह वह गांव रोड़ावाली के खेल मैदान में दौड़ लगाने के लिए जाता था और अब जब दौड़ लगाने गया तो अचानक उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया और चक्कर आने से गिर गया। जब उसे नजदीकी क्लीनिक पर लेजाया गया तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया । सेना भर्ती की कर रहा था तैयारी मृतक के चाचा सिकंदर सिंह ने बताया कि मृतक बलदेव सिंह रोजाना मंडी रोड़ावाली में दौड़ लगाने के लिए जाता था। जो सरकारी नौकरी में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। क्योंकि बलदेव के पिता की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है। भाई फौज में है, इसलिए अपनी मां के साथ गांव में घर में रहता था। दौड़ते वक्त चक्कर खा कर गिरा सिकंदर ने बताया कि बलदेव नशों से बहुत दूर था और खेलों से जुड़ा हुआ था। मृतक के दोस्त लखविंदर सिंह ने बताया कि जब वह खेल मैदान में दौड़ लगाने गया तो अपने दोस्त को फोन किया। जब तक उसका दोस्त आता बलविंदर ने दौड़ लगानी शुरू कर दी। अभी दो राउंड ही लगाए थे कि अचानक उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया और चक्कर खा के गिर गया। डॉक्टर ने मृत घोषित किया मौके पर पहुंचे उसके दोस्त ने मैदान में गिरा देख उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी क्लीनिक में पहुंचाया। लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बलदेव की मौत के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिससे बाकी युवाओं को भी उसकी मौत से झटका लगा है कि आखिरकार युवा उमर में शारीरिक तौर पर फिट रहते नौजवान की मौत कैसे हो गई।
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के भीतभेरवा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में दो महिलाओं सहित कुल चार लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को परिजनों की सहायता से मॉडल अस्पताल गोपालगंज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में स्वर्गीय अजमल हुसैन के बेटे मजरूल हक, उनके बेटे मुमताज और मजरूल हक की पत्नी अम्बेया खातून शामिल हैं। एक अन्य घायल की पहचान अभी नहीं हो पाई है। जमीन पर पड़ोसी ने जबरन रख दी थी लकड़ी पीड़ित मजरूल हक ने बताया कि उनके घर के पीछे रहने के लिए छोड़ी गई जमीन पर पड़ोसी ने जबरन लकड़ी रख दी थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें घायल कर दिया। इस दौरान उनके करकटनुमा मकान को भी तोड़ दिया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है। मामले में 10 लोगों के खिलाफ मिले आवेदन दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और प्राप्त आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ आवेदन प्राप्त हुआ है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर के गोला का मंदिर क्षेत्र में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अमित जैरवार को गिरफ्तार कर लिया है। युवती ने मंगलवार को थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय युवती की दोस्ती आरोपी अमित जैरवार (निवासी नदी पार टाल) से लगभग दो साल पहले हुई थी। आरोपी ने युवती को शादी का झांसा दिया और इस दौरान उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी युवती शादी की बात करती, अमित उसे टाल देता था। लगातार टालमटोल से युवती को शक हुआ। उसने जानकारी जुटाई तो पता चला कि अमित जैरवार पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। इस सच्चाई का पता चलने पर युवती हैरान रह गई। मंगलवार को अमित जैरवार एक बार फिर युवती के घर पहुंचा और उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। युवती ने विरोध किया और जब आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की, तो वह सीधे थाने पहुंची और पूरी घटना पुलिस को बताई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि शादी का झांस देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश संगठन चुनाव 2024-25 के तहत कानपुर देहात के लिए मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की घोषणा की है। यह घोषणा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति पर की गई। विधानसभा रसूलाबाद (सु.) रसूलाबाद मंडल: अध्यक्ष – अटल बाजपेयी, जिला प्रतिनिधि – ओमशंकर सिंह कहिंजरी मंडल: अध्यक्ष – राजेश सिंह, जिला प्रतिनिधि – दीपक सोनी विधानसभा रानियां-अकबरपुर रानियां मंडल: अध्यक्ष – धर्मेंद्र कुशवाहा, जिला प्रतिनिधि – सुनील शर्मा मैथा मंडल: अध्यक्ष – पवन राजपूत, जिला प्रतिनिधि – मनीष सैनी अकबरपुर मंडल: अध्यक्ष – आशीष दीक्षित, जिला प्रतिनिधि – शिव विलास मिश्रा विधानसभा सिकंदरा सिकंदरा मंडल: अध्यक्ष – विवेक शुक्ला, जिला प्रतिनिधि – अवधेश कमल विधानसभा भोगनीपुर गजनेर मंडल: अध्यक्ष – जय सिंह, जिला प्रतिनिधि – शुभम सिंह चौहान पुखरायां मंडल: अध्यक्ष – मुकुल पाण्डेय घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों को संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस घोषणा पत्र पर क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के हस्ताक्षर हैं।
कटनी जिले के माधव नगर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता को 14 दिनों तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बच्चों की सुरक्षा का डर दिखाकर अगवा किया पीड़िता ने बताया कि घटना 11 फरवरी 2026 की है। आरोपी दशरथ कोल महिला के घर पहुंचा और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर उसे जबरन अपने साथ ले गया। बच्चों की सुरक्षा के डर से महिला विरोध नहीं कर सकी। आरोपी उसे कचरा प्लांट के पास एक सुनसान कमरे में ले गया, जहां उसे कैद कर लिया गया। 14 दिनों तक कैद रही महिला महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 14 दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई, जिससे उसके शरीर पर चोट के निशान आए हैं। बुधवार को महिला का पति उसे तलाशते हुए उस इलाके में पहुंचा। पत्नी की आवाज सुनकर पति ने स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खोला और उसे मुक्त कराया। आरोपी गिरफ्तार मुक्ति मिलने के बाद महिला ने पति के साथ माधव नगर थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी दशरथ कोल को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
गोरखपुर में माह-ए-रमजान का सातवां रोजा पूरी अकीदत और रूहानी माहौल के बीच गुजरा। रोजेदार रोजा और नमाज के जरिए अल्लाह की इबादत में जुटे रहे। मस्जिदों और घरों में कुरआन-ए-पाक की तिलावत और दुरूद-ओ-सलाम पढ़ा गया, जबकि तरावीह की नमाज का सिलसिला जारी है। इफ्तार और सहरी के समय घरों में दस्तरख्वान सजे नजर आए और बाजारों में भी अच्छी खासी रौनक रही। रहमत का अशरा जारी है और दस रोजे पूरे होने के बाद मगफिरत का अशरा शुरू होगा। सेहत के लिए फायदेमंद है रोजामदरसा दारुल उलूम हुसैनिया, दीवान बाजार के प्रधानाचार्य हाफिज नजरे आलम कादरी ने बताया कि रोजा रखने से इंसान तंदुरुस्त रहता है। हदीस शरीफ में भी रोजा रखने को सेहत के लिए फायदेमंद बताया गया है। उन्होंने कहा कि रोजा रखने से पाचन क्रिया और आमाशय को आराम मिलता है, जिससे शरीर की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और शरीर के भीतर जमा फालतू तत्व खत्म होते हैं। उन्होंने बताया कि खजूर से रोजा खोलना पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है और खजूर शरीर को ताकत देने के साथ थकान दूर करने में भी मदद करता है। इबादत से मिलती है रूहानी ताकतजिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कार्यरत मोहम्मद फैजान ने बताया कि इस्लाम में रोजे का सिलसिला पहले की उम्मतों से जुड़ा है। रमजान के महीने में की गई इबादत का खास महत्व होता है। इस दौरान व्यक्ति खान-पान और अन्य आदतों पर संयम रखता है और नमाज व तरावीह के जरिए अल्लाह का जिक्र करता है, जिससे इंसान की रूह पाक-साफ होती है और आत्मिक मजबूती मिलती है। सदका-ए-फित्र की मिकदार 75 रुपये तयरमजान हेल्पलाइन पर उलमा द्वारा लोगों के सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने बताया कि गोरखपुर में गेहूं की कीमत के हिसाब से सदका-ए-फित्र की मिकदार एक व्यक्ति की तरफ से 75 रुपये तय की गई है। उन्होंने बताया कि हर मालिके निसाब पर अपनी तरफ से और अपनी नाबालिग औलाद की तरफ से सदका-ए-फित्र देना वाजिब है।
फतेहपुर में भारतीय वायुसेना के जवान का सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान जान चली गई। वह जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मंगलपुर टकौली के निवासी थे। 22 फरवरी 2026 की शाम घाटमपुर से ऑटो में बैठकर जहानाबाद की ओर आ रहे थे। इसी दौरान वो हादसे का शिकार हो गए। मंगलवार रात कानपुर के सेवन एयर फोर्स हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। देखिए अंतिम संस्कार से जुड़ी तीन तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… फतेहपुर के जहानाबाद क्षेत्र में एक वायुसेना जवान दुर्घटना के शिकार हो गए। जवान की पहचान विवेक सचान (30) पुत्र चंद्रशेखर सचान ग्राम मंगलपुर टकौली के रुप में हुई है। रविवार की शाम ऑटो में बैठकर जहानाबाद की ओर आ रहे थे तभी कुआं खेड़ा थाना सजेती क्षेत्र के समीप एक कार और ऑटो की आमने-सामने की भिड़ंत में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत घाटमपुर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया था। बागडोगरा में एयर एयरक्राफ्ट पद पर थे तैनात वह वर्ष 2013 में भारतीय वायुसेना में चयनित हुए थे। इनके परिवार में मां प्रभादेवी सचान पत्नी शिल्पी सचान और उनका एक तीन वर्षीय पुत्र सात्विक है। वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा में एयर एयरक्राफ्ट पद पर कार्यरत थे। घाटमपुर में ही इनका आवास भी था। जवान विवेक सचान का अंतिम संस्कार बुधवार शाम लगभग 6 बजे उनके पैतृक गांव मंगलपुर टकौली में पूरे सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान दार्जिलिंग से एयरक्राफ्ट बटालियन की एक टुकड़ी के सैनिकों ने सम्मानपूर्वक सलामी दी और फायरिंग की। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

