लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के अंबरगंज में चोरी के शक में दो युवकों को निर्वस्त्र कर डंडे से पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों युवक मंगलवार रात करीब 3 बजे निर्माणाधीन इमारत में चोरी करने घुसे थे। आहट होने पर वहां सो रहे मजदूरों और मिस्त्री ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें बालागंज पुलिस चौकी ले जाया गया। आरोप है कि वहां कार्रवाई न होने पर दोनों युवकों को वापस निर्माणाधीन इमारत में लाया गया और जमकर पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। सआदतगंज पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, हिन्दुस्तान समाचार पत्र वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मोटर, मोबाइल और 10 हजार रुपए चोरी करने का आरोप अंबरगंज चौकी प्रभारी योगेंद्र के मुताबिक, ठाकुरगंज इलाके में कुलदीप गुप्ता की ट्रेडर्स की दुकान है। वह अंबरगंज में एक इमारत का निर्माण करा रहे हैं। निर्माणाधीन इमारत में मिस्त्री और मजदूर ही रात में रुकते हैं। आरोप है कि मंगलवार रात करीब 3 बजे दो युवक निर्माणाधीन इमारत में घुसे। इस दौरान उन्होंने मोटर, एक मजदूर का मोबाइल और मिस्त्री के करीब 10 हजार रुपए चोरी कर लिए। आहट सुनकर मजदूरों और मिस्त्री की नींद खुल गई। उन्होंने दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। चौकी से लौटाकर इमारत में ले गए बताया गया कि कुलदीप गुप्ता और उनके परिचित दोनों युवकों को ठाकुरगंज थाने की बालागंज पुलिस चौकी लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद चोरी गए रुपए और सामान की बरामदगी के लिए दोनों युवकों को वापस निर्माणाधीन इमारत में ले जाया गया। कपड़े उतारकर डंडे से पीटने का आरोप आरोप है कि निर्माणाधीन इमारत में दोनों युवकों के कपड़े उतरवाकर उन्हें डंडे से बुरी तरह पीटा गया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवक हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी हिरासत में, पीड़ितों की तलाश सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष आर्य ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जिन युवकों की पिटाई की गई, उनकी तलाश की जा रही है। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या में बहू शालू को पुलिस ने साजिशकर्ता बनाया है। इस समय वह जेल में है। गुरुवार को शालू के भाई-बहन पहली बार सामने आए। उन्होंने दावा किया कि उनकी बहन निर्दोष है। दोनों ने अपने बहनोई पर शक जताया। ऐसे में बड़ा सवाल है कि हत्यारा कौन है? VIDEO देखिए…
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… ------------ कल का ''बात खरी है'' भी देखें… राहुल के प्रोग्राम में छाए अखिलेश, कांग्रेसी तमतमाए:मंत्री चाचा को लपेटेंगे शिवपाल चच्चू; मदहोश साहब ने लगाए ठुमके हर रोज सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर एप पर बात खरी है देखना न भूलें…
यमुनानगर के मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर 62 वर्षीय हरभजन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। वीरवार शाम पाबनी रोड पर गांव महलावाली के पास पुलिस और आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद उन्हें काबू कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुरुक्षेत्र की कंग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार और हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन के रूप में हुई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इस मामले में कुरुक्षेत्र के डेरा अमीन निवासी विशाल और एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया है। अब पुलिस सभी से पूछताछ कर हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों और मुख्य शूटरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सूचना के बाद पाबनी रोड पर लगाया नाका पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीआईए की टीमों को वीरवार शाम सूचना मिली थी कि हरभजन सिंह हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले राकेश और आर्यन बाइक से पाबनी रोड की तरफ आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों ने गांव महलावाली के नजदीक सड़क पर घेराबंदी कर दी। कुछ समय बाद दोनों आरोपित बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस के अनुसार दोनों ने टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपितों के पैरों में गोलियां लगीं। घायल होने के बाद दोनों को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। शूटरों के लिए होटल में कमरा दिलाने का आरोप प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को राकेश और आर्यन की भूमिका हत्या की साजिश में सहयोग करने वाले लोगों के तौर पर सामने आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने हरभजन सिंह की हत्या करने वाले शूटरों को कुरुक्षेत्र के एक होटल में ठहराने के लिए कमरा दिलाने में मदद की थी। शूटरों तक हथियार पहुंचाने के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए जरूरी दूसरी मदद भी इन दोनों की ओर से किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि दोनों को हत्या की योजना की जानकारी थी और वे वारदात से पहले तथा बाद में साजिश से जुड़े लोगों के संपर्क में थे। हत्या से पहले कार में लगाई गई थी जीपीएस चिप जांच में पुलिस के हाथ हत्याकांड की साजिश से जुड़ी एक अहम कड़ी भी लगी है। पुलिस के मुताबिक, हरभजन सिंह की हत्या से पहले उनकी कार में जीपीएस चिप लगाई गई थी। इसके जरिए उनकी कार की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस के अनुसार कार में जीपीएस लगाने में डेरा अमीन निवासी विशाल और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक की भूमिका सामने आई है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जीपीएस डिवाइस कहां से लाई गई, कार में इसे कब और कहां लगाया गया तथा इससे मिलने वाली लोकेशन किस तरह शूटरों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस को आशंका है कि हरभजन सिंह की नियमित गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। उनकी लोकेशन मिलने के बाद ही शूटरों ने मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। मुख्य शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर दो आरोपितों की गिरफ्तारी और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस का अगला फोकस मुख्य शूटरों तक पहुंचने पर है। पूछताछ में पुलिस शूटरों के नाम, उनके ठिकाने, हथियारों की व्यवस्था और वारदात के बाद उनके फरार होने के रास्ते के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर सामने आने वाले नए नामों की भी भूमिका की जांच की जाएगी।
पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 22 बंडल बिजली के तार, दो पिकअप समेत चोरी का सामान बरामद किया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने 14 मिनट के संबोधन में तराई की सियासत में कई निशाने साधे। उन्होंने सिख और पंजाबी समाज को साधने की कोशिश की और पटना साहिब का उदाहरण देते हुए उत्तराखंड में सिख समाज की एकता की तारीफ की।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ब्रिक्स समिट से जुड़ी है, पुतिन और जिनपिंग दोनों भारत आएंगे। दूसरी खबर अमेरिकी रिपोर्ट की है, दावा किया कि भारत के पास 190 परमाणु बम हैं। हम आपको यह भी बताएंगे कि अखिलेश यादव ने CO को जवाब देने के लिए कैसे एक ताऊ से मूछों पर ताव लगवाया। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। 2. बैंक यूनियन हफ्ते में 5 दिन काम की मांग को लेकर देशभर में हड़ताल करेंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. BRICS में जिनपिंग-पुतिन दोनों आएंगे, चीनी राष्ट्रपति का गलवान झड़प के बाद पहला भारत दौरा BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि की। इससे दो दिन पहले रूस ने भी पुतिन के भारत आने की पुष्टि की थी। 2020 में हुई थी गलवान में झड़प: जिनपिंग का यह 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत का पहला दौरा होगा। 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात मानी थी। दिल्ली में दो दिन चलेगी BRICS समिट: नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS समिट आयोजित होगा। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. अमेरिकी रिपोर्ट में दावा- भारत के पास 190 परमाणु बम, 35 और बनाने लायक प्लूटोनियम भी भारत के पास 190 परमाणु हथियार हैं। अगले कुछ सालों में यह 35 और बना सकता है, इस तरह यह संख्या 225 तक पहुंच सकती है। यह जानकारी अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की नई रिपोर्ट में सामने आई है। 160 परमाणु हथियार मिसाइलों के लिए: इन 190 परमाणु हथियारों में से 160 से ज्यादा मौजूदा मिसाइलों के लिए हैं, बाकी नई मिसाइलों के लिए तैयार रखे गए हैं। FAS का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ सकती है। भारत के पास करीब 730 किलो प्लूटोनियम: रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम हासिल कर लेने का अनुमान है। इतने प्लूटोनियम से 225 तक वॉरहेड बनाए जा सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट खुद साफ करती है कि यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर करती है। पूरी खबर पढ़ें... 3. मायावती भतीजे को फिर पार्टी से निकाला, कहा- आकाश को पार्टी से ज्यादा ससुर प्रिय, डबल माइंड हो गए बसपा प्रमुख मायावती के परिवार में सियासी कलह बढ़ती जा रही है। उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी से निकाल दिया है। मायावती ने गुरुवार सुबह 9 बजे X पर लिखा- आकाश को अपने ससुर से ज्यादा लगाव है। वह डबल माइंड हो गए हैं। 3 सितंबर से उन्होंने मेरी पोस्ट को रिपोस्ट तक नहीं किया। अगर वह पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। इसलिए आज से उन्हें पार्टी से आजाद कर दिया गया है। उनके ससुर ने इस्तीफे में देरी कर दी। मायावती ने शर्त रखी थी- आकाश के ससुर राजनीति से संन्यास लें: मायावती ने बुधवार को आकाश की पार्टी में पद वापस देने के लिए उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास की शर्त रखी थी। मायावती की इस शर्त के करीब 17 घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने गुरुवार सुबह 7 बजे राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 4. अखिलेश ने मूंछों पर ताव दिलवाकर CO को जवाब दिया, ललितपुर के ताऊ को मेंटेनेंस के लिए पैसे दिए अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान वे 75 साल के सपा कार्यकर्ता जगदीश यादव को मंच पर लेकर आए। उनसे मूंछों पर ताव दिलवाया। अखिलेश ने कहा- ऐसी मूंछों पर ताव देना अच्छा लगता है। उन्होंने जगदीश यादव को मूंछों की देखभाल के लिए कुछ रुपए भी दिए। जगदीश ललितपुर में भगोड़ा गांव के रहने वाले हैं। उनकी बड़ी-बड़ी मूंछ और उम्र को लेकर लोग उन्हें 'ताऊजी' कहते हैं। अखिलेश का तंज- उसकी मूछें छोटी थीं: एक दिन पहले अखिलेश ने X पर जगदीश की तस्वीर पोस्ट करके लिखा था- उसकी मूंछें बहुत छोटी थीं। अखिलेश का ये तंज मैनपुरी के डिप्टी एसपी (CO) अशोक सिंह पर था। 31 अगस्त को अशोक सिंह का मूंछों पर ताव देते हुए एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह वीडियो अखिलेश यादव को दे देना। पूरी खबर पढ़ें… 5. IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस- लालू-तेजस्वी समेत 9 पर आरोप तय, 7 आरोपी बरी IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को लालू, तेजस्वी, राबड़ी समेत 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। कोर्ट ने कहा- राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर अपराध से इनकम और पद के गलत इस्तेमाल का मजबूत शक है। दोनों पटना की उस जमीन का फायदा उठा रहे हैं, जिसे कथित तौर पर 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के कहने पर उनके पक्ष में ट्रांसफर किया गया था। तब लालू रेल मंत्री थे। IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस क्या है 2004–09: लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के दो होटलों का ठेका नियमों में हेरफेर कर निजी कंपनी को दिया गया। बदले में जमीन ली: पटना की करीब 3 एकड़ जमीन लालू परिवार से जुड़ी कंपनी को कम कीमत पर मिलने का आरोप है। 2017: CBI ने केस दर्ज किया, बाद में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। लालू परिवार आरोपी: लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपी हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. ट्रम्प बोले- मिडटर्म चुनाव जीता तो हर वोटर को ₹5 लाख, इस पर ₹128 लाख करोड़ खर्च होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5000 डॉलर (करीब 4.76 लाख रुपए) दिए जाएंगे। देश से बाहर नहीं खर्च सकते पैसा: ट्रम्प ने ये भी कहा कि डिविडेंड की रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, भुगतान का दायरा क्या होगा और रकम किस तरह बांटी जाएगी। अमेरिका में करीब 26.98 करोड़ वयस्क हैं: अगर सभी को 5,000 डॉलर दिए जाएं तो कुल खर्च करीब 1.35 ट्रिलियन डॉलर यानी 128.25 लाख करोड़ रुपए होगा। यह रकम दुनिया के करीब 162 देशों की इकोनॉमी से ज्यादा है। मिडटर्म चुनाव क्या होते हैं: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: इंडिगो फ्लाइट की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग: लखनऊ से सऊदी जा रहा था विमान, टॉयलेट में बम की धमकी मिली, 133 यात्री सवार थे (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: लद्दाख मुद्दे पर सोनम वांगचुक की चेतावनी: कहा- सरकार से आश्वासन नहीं मिला तो 19 से 24 सितंबर तक आंदोलन करेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: दिल्ली हॉस्टल हादसे में सुप्रीम कोर्ट बोला-हाईकोर्ट ही सुनवाई करे: हम मौजूदा स्थिति को बदलना नहीं चाहते; बिल्डिंग गिरने से 7 की मौत हुई थी (पूरी खबर पढ़ें) 4. बयान: अमृता फडणवीस बोलीं-मुझे ट्रोल होने वाली पॉलिटिकल वाइफ बना रहे: गरबा में मुस्लिमों की एंट्री की बात दोहराई; कहा- त्योहारों में भेदभाव नहीं होना चाहिए (पूरी खबर पढ़ें) 5. बयान: मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर गडकरी बोले- शर्म आती है: उद्धाटन में नहीं जाऊंगा; 2016 में कम्पलीट होना था, अब तक 94% काम हुआ (पूरी खबर पढ़ें) 6. इंटरनेशनल: चीन में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज में आग: 25 की मौत, शिप की मरम्मत का काम चल रहा था (पूरी खबर पढ़ें) 7. इंटरनेशनल: नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का प्लेन ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा: मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; नॉर्वे किंग के अंतिम संस्कार में जा रहे थे (पूरी खबर पढ़ें) 8. क्रिकेट: 2027 वर्ल्डकप खेलने पर रोहित बोले- टूर्नामेंट अभी बहुत दूर: जब आएगा तब देखेंगे; 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते दिखेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 9. क्रिकेट: भारत-अफगानिस्तान पहला टी-20 13 सितंबर को ही होगा: दिल्ली पुलिस ने BRICS समिट के चलते टालने को कहा था; DDCA बोला- जरूरी इंतजाम हो जाएंगे (पूरी खबर पढ़ें) 10. टेक: आईफोन 18 सीरीज की लॉन्चिंग के बावजूद पुराने मॉडल महंगे: आईफोन एयर ₹65,000 और 17 ₹17,000 तक महंगा; चिप की कमी और लागत बढ़ना वजह (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुनिया की सबसे पतली कार, चौड़ाई 50 सेंटीमीटर इटली के एक मैकेनिक ने ऐसी पतली कार बनाई है जो सामने से देखने पर खिलौने जैसी लगती है। इसकी चौड़ाई सिर्फ 50.20 सेंटीमीटर है। इसमें सिर्फ ड्राइवर के बैठने की जगह है। एंड्यू माराजी ने अपने स्क्रैपयार्ड और वर्कशॉप में इस कार को तैयार किया। उन्होंने 1993 की फिएट पांडा कार के ओरिजिनल हिस्सों का इस्तेमाल किया, लेकिन बॉडी को बेहद पतला कर दिया। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर-1980’s की तस्वीरों का वायरल ट्रेंड देखा? अब इसके पीछे की कहानी जानिए; आप कैसे बना सकते हैं AI फोटो, क्या सेफ है 2. ब्लैकबोर्ड- तू हिजड़े का बच्चा, तेरी मां ताली पीटकर कमाती है: पड़ोसी कहते हैं- तुझे किन्नरों की टोली में शामिल करेंगी, कहानी किन्नर के बच्चों की 3. जरूरत की खबर- क्या आप 'डबल कार्बिंग' कर रहे हैं: इससे बढ़ता मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क, डॉक्टर से जानें हेल्दी मील प्लान 4. पेरेंटिंग- मैं ‘ना’ बोलूं तो पति ‘हां’ बोलते हैं: बच्चा इस बात का फायदा उठाता है, क्या पेरेंटिंग में मतभेद बच्चे के लिए बुरा है 5. आईफोन-18 प्रो सीरीज में अब तक का सबसे पावरफुल प्रोसेसर: कम रोशनी में भी अच्छे फोटो-वीडियो लेगा; पिछली सीरीज से 30 हजार महंगा करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि के लोगों को रुका हुआ पैसा मिल सकता है। सिंह राशि वालों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू शालू के बाद अब बेटे सुब्रत पर भी पुलिस का शक गहरा गया है। जांच में सामने आया है कि सुब्रत ने सुपारी किलर विशाल गौतम से तीन महीने में करीब 309 बार फोन पर बात की थी। हत्या से पहले के 20 दिनों में सुब्रत सुपारी किलर विशाल और पत्नी शालू के साथ तीन बार बाहर गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घर और कारोबार में 20 से ज्यादा कर्मचारी होने के बावजूद सुब्रत विशाल से इतना करीब क्यों था? जिस विशाल ने 12 साल तक उसकी फर्म में काम किया, उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर सुब्रत ने पहली बार में पहचानने से इनकार क्यों कर दिया? इन कड़ियों ने सुब्रत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। पढ़िए 5 पॉइंट्स, जिनसे पुलिस को बेटे पर भी शक हो रहा… 1- तीन हाउस हेल्पर, 17 कर्मचारी, फिर भी विशाल ही क्यों खास? विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने हत्यारोपी विशाल, राजकिशोर और बहू शालू को पहले ही जेल भेज दिया है। सर्विलांस सेल की जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो बेटे को भी कटघरे में खड़ा कर रही हैं। सुब्रत ने सुपारी किलर विशाल गौतम से तीन महीने में 309 बार फोन पर बात की। वो भी तब, जब पिता विनीत उसे नौकरी से निकाल चुके थे। चोरी करते हुए पकड़े जाने के बाद से विनीत उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे। पुलिस की पूछताछ में सुब्रत और शालू ने बताया कि विशाल घरेलू कामों में मदद करता था। जबकि, सुब्रत के घर में मेड समेत 3 नौकर काम करते हैं। उसकी फार्मा ट्रेडर्स में 17 कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सुपारी किलर से सुब्रत का ऐसा कौन-सा याराना था, जिससे सुब्रत हर काम के लिए सिर्फ विशाल को ही बुलाता था। 2- सुब्रत के साथ विशाल 20 दिनों में तीन बार बाहर गया था डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया- हत्या के 20 दिन पहले तक विशाल और शालू के साथ सुब्रत भी कई जगहों पर गया था। फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए शालू, विशाल और सुब्रत गुमटी नंबर-5 साथ गए थे। वहां शालू ने विशाल को 1200 रुपए चाबी बनवाने के लिए दिए थे। इस दौरान सुब्रत कार में ही बैठा रहा था, जबकि शालू और विशाल दुकान पर गए थे। इससे पहले सुब्रत विशाल को परेड में शॉपिंग कराने के लिए भी ले गया था। वहां शालू ने खरीदारी करने में उसकी मदद भी की थी। कुछ दिन पहले विशाल की तबीयत खराब हो गई थी। कई दिनों तक वायरल की चपेट में रहने के दौरान उसके ठीक नहीं होने पर विशाल की मां ने सुब्रत की मदद मांगी थी। तब सुब्रत उसे डॉक्टर के यहां इलाज कराने के लिए भी लेकर गया था। 3- सुब्रत ने 12 साल काम करने वाले नौकर को क्यों नहीं पहचाना 5 सितंबर की रात 11.28 बजे विनीत मिनोचा का मर्डर हुआ। फिर तड़के जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची, तो वहां टीम ने अपार्टमेंट के एंट्री गेट, फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी खंगालने शुरू किए। इसमें विशाल और उसका साथी राजकिशोर फ्लैट में घुसते और बाहर निकलते हुए साफतौर पर कैद हो गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज सुब्रत को दिखाए। इस पर उसने आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। पुलिस के जोर देने पर सुब्रत ने बताया कि फुटेज में दिखने वाला एक युवक उसकी फर्म में काम करने वाला विशाल है। विशाल 2010 से 2022 तक सुब्रत की बिरहाना रोड स्थित दुकान में काम करता था। 2022 में विनीत मिनोचा ने उसे नौकरी से निकाला था। सवाल यह है कि 12 साल तक दुकान में काम करने वाले युवक को आखिर सुब्रत ने क्यों नहीं पहचाना? पिता के निकाले जाने के बावजूद वह विशाल के संपर्क में क्यों था? वहीं, शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान उन्होंने इस बात का जिक्र बहन से किया। शालू भी हैरान थी कि आखिर उसके पति ने विशाल को पहचानने से क्यों इनकार कर दिया? 4- 6 दिन में 25 बार सुब्रत ने सुपारी किलर से बात की हत्याकांड के बाद सुब्रत ने अपने मोबाइल फोन से कॉल रिकॉर्ड मिटाने की कोशिश की। CDR में कुछ ऐसे नंबर मिले है, जो उसके कॉल रिकॉर्ड में नहीं थे। वेस्ट जोन की सर्विलांस टीम की जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के दिन विशाल की शालू से 14 बार फोन पर बात हुई थी। वहीं, विशाल ने 29 अगस्त से घटना के दिन तक सुब्रत से 25 बार वॉट्सएप कॉल पर बात की थी। सुब्रत ने पूछने पर बताया कि फ्लैट में नेटवर्क न आने के कारण वह अक्सर वॉट्सएप कॉल करता था। जांच में खुलासा हुआ कि शालू ने घटना के दिन की कॉल हिस्ट्री और वॉट्सएप मैसेज डिलीट कर दिए थे। वहीं, सुब्रत ने तीन कॉल डिटेल डिलीट की थीं। वहीं, पिता की हत्या में पत्नी के साजिश में शामिल होने की बात पता चलने पर भी सुब्रत के व्यवहार में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला। पुलिस के खुलासे के बाद उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जांच में यह भी सामने आया है कि विनीत मिनोचा बेटे को खर्च के लिए मात्र 40 हजार रुपए महीने सैलरी देते थे। 5- पार्टी ऑर्गनाइज सुब्रत ने की, बिल मेडिकल स्टोर संचालक ने भरा विनीत मिनोचा की हत्या की रात, 5 सितंबर को बेटे सुब्रत और बहू शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में कपल किटी पार्टी में गए थे। यह पार्टी सुब्रत ने ही ऑर्गनाइज की थी। इस बात का खुलासा गुरुवार (10 सितंबर) को शालू के भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने किया। उस कपल पार्टी में 33 लोग शामिल हुए थे, जो दवा कारोबार से जुड़े हैं। बुधवार को पार्टी में डांस करते हुए सुब्रत और शालू का वीडियो भी आया था। रेस्टोरेंट के रिकॉर्ड से सामने आया कि दोनों रात 10:30 बजे ही पार्टी में पहुंच गए थे, जबकि पार्टी रात 11:30 बजे से शुरू होनी थी। इसके साथ ही रात में 3 बजे उनके लाउंज से निकलने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच और लाउंज के रिकॉर्ड में एक बात और सामने आई कि पार्टी में तकरीबन 80 हजार का बिल बना था, जिसका भुगतान एक मेडिकल स्टोर संचालक ने किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि सुब्रत ने किन परिस्थितियों में बिल का भुगतान नहीं किया? पुलिस अब पार्टी में शामिल होने वाले गेस्ट और भुगतान करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। तीन पीढ़ियों का है दवा कारोबार कानपुर दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष और यूपी रिटेल केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (RCDA) के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सैनी ने बताया- कारोबारी विनीत कानपुर के टॉप-5 दवा कारोबारियों में एक थे। विनीत का परिवार तीन पीढ़ियों से दवा कारोबार कर रहा है। पहले विनीत के पिता, फिर विनीत और अब उनका बेटा सुब्रत दवा कारोबार संभाल रहा है। उन्होंने कहा- उनकी 1968 से फार्मा ट्रेडर्स के नाम से बिरहाना रोड दवा मार्केट में शॉप है। उनकी इस तरह से नृशंस हत्या बेहद निंदनीय है। हत्याकांड के बाद से दवा व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर गुस्सा है। --------------------------------------- इससे जुड़ी और खबरें पढ़िए- बहू ने कहा था-ससुर को मार दो, 6 लाख दूंगी, कानपुर में नौकर को गजरा देने के बहाने बुलाया 20 दिन पहले शालू भाभी ने मुझे बुलाया। कहा- मेरे ससुर विनीत मिनोचा की हत्या कर दो या एक्सीडेंट करा दो। बदले में 6 लाख रुपए दूंगी। मैंने मना किया तो बोलीं- डरो नहीं, मैं तुम्हारे साथ हूं। एक्सीडेंट के लिए तैयार नहीं था, तो उन्होंने कहा- सोते समय तकिए से मुंह दबा देना। लोगों को हार्टअटैक से मौत लगेगी। काम के बाद तुम्हें नौकरी पर रख लूंगी। पढ़ें पूरी खबर… बहू ने नौकर से पूछा- स्मार्ट हो, गर्लफ्रेंड तो होगी: कानपुर में 3 महीने में फंसाकर करोड़पति ससुर की हत्या करवाई; चैट से खुलासा तुम यार हो तो स्मार्ट। तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं। अभी तक शादी क्यों नहीं की। यह मैसेज करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की बहू शालू (35) ने अपने नौकर विशाल को वॉट्सऐप पर भेजा था। उसने विशाल से ही अपने ससुर की हत्या कराई थी। पढ़ें पूरी खबर…
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पार्टी फंड नहीं देगी। टिकट का दावेदार चुनाव लड़ने में आर्थिक रूप से कितना सक्षम है, अब यह भी देखा जाएगा। टिकट की दावेदारी करने वाले व्यक्ति को अपने खाते में करीब 20 लाख रुपए दिखाने होंगे। पार्टी का मानना है कि जो व्यक्ति अपने चुनाव अभियान की शुरुआत में खुद खर्च करने की स्थिति में नहीं होगा, उसके लिए मजबूती से चुनाव लड़ना भी मुश्किल हो सकता है। पार्टी ने प्रत्याशी चुनने के लिए सिर्फ आर्थिक स्थिति को अहम आधार नहीं बनाया है, बल्कि क्षेत्र में पकड़, सामाजिक समीकरण और संगठन से जुड़ाव को भी अहमियत दी जा रही है। पहले जानिए ‘पार्टी फंड’ बंद करने के पीछे क्या वजह एक कांग्रेस नेता के मुताबिक, पिछले कई विधानसभा चुनावों के अनुभवों को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल, इससे पहले के चुनावों में कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को करीब 40 लाख रुपए का फंड देती थी। यह दो फेज में दिया जाता था। पहले 25 लाख, फिर 15 लाख रुपए। लेकिन, पार्टी की अंदरूनी समीक्षा में यह बात सामने आई कि कई सीटों पर दावेदारों का मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतना या मजबूती से लड़ना नहीं था। उनका ध्यान पार्टी से मिलने वाले फंड पर ज्यादा रहता था। पार्टी की अंदरूनी समीक्षा में 3 बड़े मुद्दे सामने आए- 1. पैसा बचाने की कोशिश : कई उम्मीदवार चुनावी अभियान में पूरी ताकत लगाने के बजाय पार्टी से मिले पैसों का बड़ा हिस्सा बचाने की कोशिश करते थे। 2. धीमी और कमजोर लड़ाई : आर्थिक रूप से पार्टी पर निर्भर रहने वाले उम्मीदवार चुनाव के आखिरी दिनों तक प्रचार में उम्मीद से ज्यादा तेजी नहीं दिखा पाते थे। 3. संगठन को नुकसान : इसका सीधा असर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ा। इससे कई सीटों पर पार्टी की लड़ाई महज औपचारिकता बनकर रह गई। कांग्रेस में अब टिकट की स्क्रीनिंग 3 पैमानों पर होगी सूत्रों के मुताबिक, 2027 के चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने 3 मानक तय किए हैं। अब किसी भी दावेदार को टिकट पाने के लिए इन 3 कसौटियों पर खरा उतरना होगा- 1. आर्थिक क्षमता : दावेदार चुनाव प्रचार, गाड़ियां और कार्यालय के खर्च को अपने स्तर पर उठाने में सक्षम हो। उसके खाते में कम से कम ₹20 लाख की रकम दिखे, जिससे वह शुरुआत में ही आर्थिक परेशानी में न आए। 2. सामाजिक आधार : प्रत्याशी की अपने विधानसभा क्षेत्र में जातीय और सामाजिक पकड़ कैसी है? क्या उसका अपना कोई वोटबैंक है, जो पार्टी के सिंबल के साथ जुड़ सके? 3. राजनीतिक स्वीकार्यता : उम्मीदवार में भाजपा और सपा जैसी मजबूत पार्टियों के सामने मजबूती से खड़े होने और आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ने की क्षमता है या नहीं। यानी पार्टी केवल ‘टिकट मांगने वाले’ व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने के बजाय ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो चुनाव में अपना पैसा, समय और राजनीतिक ताकत लगाने के लिए तैयार हो। पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि इससे टिकट लेने के लिए सिर्फ आर्थिक लाभ की उम्मीद रखने वाले दावेदारों को छांटने में मदद मिलेगी। 125 सीटों पर कांग्रेस का ज्यादा फोकस कांग्रेस की यह नई स्क्रीनिंग व्यवस्था केवल नियम बनाने तक सीमित नहीं है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से करीब 125 चिह्नित सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की बारीकी से जांच चल रही है। इन 125 सीटों पर कांग्रेस अपने पुराने चेहरों के साथ दूसरी पार्टियों, खासकर सपा-बसपा से आने वाले मजबूत या असंतुष्ट नेताओं पर भी नजर रखे है। इसके पीछे पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति है। समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत शुरू होने से पहले अपनी स्थिति मजबूत करना। कांग्रेस सपा के साथ बातचीत शुरू होने से पहले 2 बातें पूरी तरह साफ कर लेना चाहती है। पहला- प्रदेश की किन-किन सीटों पर उसका ठोस और मजबूत दावा बनता है। दूसरी- उन सीटों पर उसके पास चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले कौन-कौन से 'जिताऊ चेहरे' मौजूद हैं। 2017 के फॉर्मूले पर सपा से सीट बंटवारे की तैयारी सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस 2017 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को अपना मुख्य आधार बनाने की तैयारी में है। 2017 के चुनाव से पहले सपा सत्ता में थी। तब सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ था। उस समय कांग्रेस को 106 सीटें दी गई थीं। हालांकि, 8 सीटों पर दोनों दलों के बीच फ्रेंडली फाइट हुई थी। कांग्रेस के अंदर रणनीति बन रही है कि जब 2017 में सत्ता में रहते हुए सपा कांग्रेस को 100 से ज्यादा सीटें दे सकती थी। इसलिए 2027 में जब दोनों दल विपक्ष में हैं और एक-दूसरे के सहयोगी हैं। फिर कांग्रेस 100 से कम सीटों पर समझौता क्यों करे? यूपी में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का मानना है कि सपा को भी उसकी जरूरत है। क्योंकि, कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत जनाधार है। कांग्रेस चाहती है- सपा से बातचीत यूपी नेतृत्व ही करे सीट बंटवारे की बातचीत को लेकर भी दोनों दलों के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। कांग्रेस आलाकमान ने संकेत दिए हैं कि यूपी में सीटों का बंटवारा तय करने की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व वाली राज्य इकाई की होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस अपनी प्रदेश इकाई को ही सीट बंटवारे की बातचीत का अधिकार देती है, तो इससे यह संदेश जाएगा कि पार्टी अपनी राज्य इकाई को स्वतंत्र रूप से फैसले लेने और गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने का पूरा अधिकार दे रही है। संगठन में बड़ा फेरबदल होगा, जिलाध्यक्ष बदले जाएंगे कांग्रेस 2027 के चुनाव की तैयारी में केवल प्रत्याशियों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने पूरे संगठन में बदलाव करने जा रही है। पार्टी जल्द ही उत्तर प्रदेश के सभी 134 जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों को बदलने वाली है। इनकी नियुक्ति मार्च- 2025 में हुई थी। नया संगठन राहुल गांधी की ओर से तय किए गए ‘सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व’ के आधार पर तैयार होगा। नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा जिले के OBC और दलित फॉर्मूले को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें- यूपी में रंगों की राजनीति कितनी असरदार?, क्या जातीय-धार्मिक समीकरण भी प्रभावित होते हैं; पार्टियों ने खुद को रंगों से क्यों जोड़ा अखिलेश यादव लाल की जगह नीले गमछे में नजर आए। इसको दलित वोटर को साधने की रणनीति की तरह देखा गया। सपा ने अपनी छात्र विंग का रंग भी मेहरून से बदलकर नीला कर दिया। यूपी में पार्टियों ने रंगों का इस्तेमाल अपनी विचारधारा को वोटर्स तक पहुंचाने के लिए किया। आखिर रंगों का यह खेल जाति-धर्म के समीकरणों को कैसे प्रभावित करता है? जानिए यूपी एक्सप्लेनर में…
बसपा में चल रहा घमासान अब केवल ससुर-दामाद के संन्यास या निष्कासन तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे पार्टी के अंदर की दो सबसे शक्तिशाली लॉबियों के बीच वर्चस्व की जंग है। एक तरफ पार्टी के इकलौते राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और उनके समर्थक हैं। दूसरी ओर, अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद गुट है। इसमें ससुर-दामाद की जोड़ी फिलहाल पस्त नजर आ रही है। अब देखना यह है कि मायावती चुनाव से पहले आकाश को लेकर कोई नया फॉर्मूला निकालेंगी या नहीं। आखिर इस पूरे 'पॉलिटिकल थ्रिलर' के पीछे चल क्या रहा है? बसपा के इस नए पावर गेम के अंदरूनी सच, रामजी गौतम का मास्टरस्ट्रोक, सतीश चंद्र मिश्र की भूमिका और आकाश आनंद के बागी रुख की पूरी कहानी पढ़िए… जब-जब अशोक का पावर छीना, तब-तब रामजी मजबूत हुए लखीमपुर खीरी से आने वाले रामजी गौतम जमीनी कैडर से उठकर आगे बढ़े हैं। बसपा के इकलौते राज्यसभा सांसद गौतम को पार्टी में लाने और आगे बढ़ाने वाले अशोक सिद्धार्थ ही थे। समय के साथ दोनों नेताओं की गिनती मायावती के करीबी लोगों में होने लगी। यहीं से उनके बीच एक प्रतिस्पर्धा भी उभरी, जो समय के साथ गहराती गई। बसपा के कैडर में यह बात जगजाहिर है कि जब-जब अशोक सिद्धार्थ पार्टी में मजबूत हुए, तब-तब रामजी गौतम के पर काटे गए। उनके प्रभार वाले राज्य छीन लिए गए। लेकिन, जैसे ही अशोक सिद्धार्थ साइडलाइन हुए, रामजी गौतम का कद अचानक बढ़ गया। इस बार भी यही देखने को मिला। अशोक सिद्धार्थ पर गाज गिरते ही रामजी गौतम को 10 राज्यों को मिलाकर बने सेक्टर-1 का प्रभार सौंप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, रामजी गौतम ने 3 सितंबर को ही पार्टी के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों के बीच यह कह दिया था, “आकाश आनंद को अगर बसपा में काम करना है, तो उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति छोड़नी होगी।” 9 सितंबर को मायावती ने अपनी पोस्ट में ठीक इसी लाइन पर मुहर लगाकर साफ कर दिया कि पार्टी का नैरेटिव कौन तय कर रहा था? 'पार्टी पर कब्जे' का डर, कितना सच? अशोक सिद्धार्थ ने अपने संन्यास वाले पत्र में इशारों-इशारों में लिखा कि उनके राजनीतिक विरोधी 'बहनजी' के कान भर रहे हैं। मायावती को यह कहकर सतर्क किया जा रहा था कि अशोक सिद्धार्थ, आकाश आनंद के जरिए पूरी पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं। जबकि निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, बसपा की केंद्रीय इकाई और मुख्य बॉडी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती, उपाध्यक्ष आनंद कुमार, महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, यूपी बसपा अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, मुनकाद अली, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीधर, मेवालाल गौतम और केंद्रीय कार्यालय में सचिव आरके मित्तल जैसे लोग हैं। ये सभी मायावती के बेहद भरोसेमंद लोग हैं। ये किसी भी कीमत पर मायावती के खिलाफ जाकर अशोक और आकाश का साथ नहीं दे सकते। ऐसे में इन पदाधिकारियों के बिना दामाद-ससुर चाहकर भी पार्टी पर कानूनी तौर पर कब्जा नहीं कर सकते। लेकिन, ऐसा कहा जा रहा है कि 'कान भरने की राजनीति' ने इस डर को बसपा सुप्रीमो के दिमाग में बैठा दिया। आकाश पर सतीश चंद्र मिश्र की शिकायत से हुआ एक्शन इस पूरे घटनाक्रम में बसपा के रणनीतिकार सतीश चंद्र मिश्र का रोल भी बेहद निर्णायक बताया जा रहा है। 3 सितंबर को आकाश के पद छीने जाने के बाद दिल्ली के एक यूट्यूबर की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को अशोक सिद्धार्थ ने री-पोस्ट किया था। इस पोस्ट में पार्टी नेतृत्व और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस री-पोस्ट का स्क्रीनशॉट और पूरा ब्योरा मायावती तक सतीश चंद्र मिश्र ने पहुंचाया। मायावती ने इसे अनुशासनहीनता का सबसे बड़ा प्रमाण माना। समझाया गया कि इस तरह माहौल बनाकर दामाद-ससुर की जोड़ी पार्टी में आपके खिलाफ बगावत की आग भड़का रही है। इसके बाद मायावती ने आकाश आनंद की बजाय उनके छोटे भाई ईशान आनंद का कद बढ़ाते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी। अब आकाश आनंद की नाराजगी की वजह जान लें अशोक सिद्धार्थ ने भी अपने राजनीतिक संन्यास वाले पोस्ट में इसी भावनात्मक पहलू को छुआ। उन्होंने आकाश आनंद को लेकर लिखा कि वे मेरे दामाद बाद में बने, उससे पहले वे आपके (मायावती) भतीजे हैं। आपका खून का रिश्ता है। क्या फिर आकाश संभालेंगे कमान? बार-बार आरोप लगाकर पार्टी से निकालना, फिर शामिल करना और फिर कद घटा देना आकाश आनंद को नागवार गुजरा है। उन्हें लगा कि उनके राजनीतिक करियर को खिलौना बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इस बार वे खुद अड़ गए। उन्होंने पार्टी में फिर कोई पद लेने से साफ मना कर दिया। जब उनसे कहा गया कि वे मायावती की पोस्ट को री-पोस्ट कर दें, तो इसे भी उन्होंने मना कर दिया। 3 सितंबर के बाद से उन्होंने मायावती की कोई भी पोस्ट री-पोस्ट करना बंद कर दिया है। आनंद कुमार (आकाश आनंद के पिता) और परिवार के कुछ अन्य सदस्य बीच का रास्ता निकालने और आकाश आनंद को शांत करने की कोशिश में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव सामने हैं। ऐसे में अगर आकाश आनंद पूरी तरह किनारे रहते हैं, तो बसपा के पास युवा दलित चेहरे की शून्यता होगी। जिसे फिलहाल ईशान से तुरंत भरने की उम्मीद नहीं है। इसका फायदा आजाद समाज पार्टी (चंद्रशेखर आजाद) और सपा-कांग्रेस गठबंधन उठा सकते हैं। कांशीराम वर्सेज मायावती का राजनीतिक मॉडल बसपा प्रमुख मायावती ने हर राजनीतिक फैसले, खासकर आकाश को लेकर जो भी निर्णय लिए, उनमें एक बात कॉमन रही कि वे कांशीराम के संकल्पों पर चलकर पार्टी में परिवारवाद को आगे नहीं बढ़ाएंगी। लेकिन, पार्टी में सेकेंड लाइन मजबूत करने में कांशीराम और मायावती के मॉडल में ये फर्क दिखते हैं- वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं कि कांशीराम ने समय रहते एक दूरदर्शी फैसला लेकर मायावती के हाथों में आंदोलन की बागडोर सौंपी थी, जिससे आंदोलन थमा नहीं। लेकिन, मायावती की किसी को भी मजबूत उत्तराधिकारी न बनने देने की नीति ने बसपा के भविष्य को अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें - यूपी पुलिस विभाग सिपाहियों से 8 लाख जमा करवा रहा, परीक्षा देकर दरोगा बने यूपी में पुलिस विभाग के करीब 1700 जवान सिपाही की नौकरी छोड़ना चाहते हैं। इनका सिलेक्शन दरोगा, कंप्यूटर ऑपरेटर के अलावा अन्य भर्तियों में हो चुका है। इनमें से 75% अभ्यर्थियों का सिलेक्शन तो दरोगा के पद पर ही हुआ है। अब पुलिस विभाग इन्हें रिलीविंग लेटर नहीं दे रहा। विभाग की शर्त है कि ट्रेनिंग में हुए खर्च और वेतन की रकम लौटानी होगी। पढ़िए पूरी खबर…
रेवाड़ी में अब पशुओं के हमले नगर परिषद के चेयरपर्सन के घर तक पहुंच गए हैं। विनिता पीपल के घर के सामने गायों के झुंड ने पंजाबी मार्केट के पूर्व प्रधान सरदार बलजीत सिंह की पौत्री और पुत्रवधू पर हमला कर दिया। हमले में मां-बेटी बुरी तरह से घायल हो गई। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इससे पहले पशुओं के हमले में रिटार्यर कैप्टन सहित दो लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग घायल हो चुके है। इससे पहले भी पशुओं के हमले में इसी साल एक बुजुर्ग व्यक्ति और महिला की मौत हो चुकी है। जिससे लोगों में प्रशासन और नगर परिषद की कार्यप्रणाली के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। 5 दिन में हुइ 2 की मौत सेथ्टर-4 निवासी कैप्टन जगराम यादव 5 अगस्त को राजीव नगर (धक्का बस्ती) में नाले के पास लगने वाली मंडी से सब्जी लेकर घर आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सांड और गाय ने स्कूटी पर हमला कर दिया। हमले में घायल कैप्टन की अस्पताल में मौत हो गई। हमले का सीसीटीवी आने के बाद मामला 11 अगस्त को सामने आया। रेवाड़ी में 11 अगस्त की सुबह माता चौक पर गायों के झुंड ने स्थानीय निवासी प्रताप सिंह यादव पर हमला कर दिया था। हमले में घायल प्रताप सिंह को अस्पताल पहुंचाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। कागजी साबित हुए दावे रेवाड़ी में 11 अगस्त को गायों के हमले से दो लोगों की बात सामने आई थी। जिसके बाद प्रशासन ने शहर को पशु मुक्त बनाने के दावे किए थे। जिसके बाद प्रशासन के दावों के अनुसार धरातल पर कार्रवाई होती तो नजर आई, परंतु पशुओं ने एक के बाद तीन लोगों पर हमले कर दिए। जिनमें पंजाबी मार्केट के पूर्व प्रधान की पुत्रवधू और पौत्रवधु भी शामिल है। अब तो लगने लगा है डर सरदार बलजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार को उसकी पुत्रवधू और पौत्री स्कूटी लेकर दुकान पर रोटी देने आई थी। वापस जाते समय नगर परिषद की चेयरपर्सन विनिता पीपल के घर के पास गायों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। जिसमें मां-बेटी बुरी तरह से जख्मी हो गई। आए दिन बढ़ रहे पशुओं के हमलों के कारण अब तो शहर में निकलने से भी डर लगने लगा है। 3 पर केस- 2 ही गिरफ्तार प्रशासन की सख्ती के बाद शहर थाना पुलिस ने 17 अगस्त को 3 पशु पालकों के खिलाफ केस दर्ज किए थे। पशु पकड़ने वाले ठेकेदार महेश ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें माता चौक पर प्रताप सिंह यादव पर हमला करने वाली गायों को पालतू बताया गया था। पुलिस 13 दिन बाद केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई। पशु पालकों के आगे बेदम प्रशासन नगर परिषद ने शहर में 15 अगस्त को एक बार फिर कैटल कैप्चर अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान पशु पालक सरेआम ठेकेदार के कर्मचारियों को धमकी देकर उनके हाथों से पशु छुड़वाकर ले जाते रहे। जिसके अलग-अलग वीडियो भी सामने आए। इसके बावजूद प्रशासन पशु पालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। जानिए क्या बोले थे अफसर कैप्टन सहित 5 दिन में 2 लोगों की मौत के बाद विभिन्न संगठनों ने शहर में प्रदर्शन किया। स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने भी मामले को गंभीर बताते हएु प्रशासन को एक्शन लेने की नसीहत दी। पुलिस को करनी होगी FIR डीसी अभिषेक मीणा ने कहा था कि शहर को पूरी तरह से पशु मुक्त बनाए जाएगा। शहर में आवारा घूमने वाले पशुओं को पकड़कर गोशाला और नंदीशाला में भेजा जाएगा। जो पशुपालक अपने पालतू पशु छोड़ेगा, उनके खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी। मैने एसपी को भी बोल दिया है, पुलिस को एफआईआर करनी ही होगी।
मथुरा में दूषित पनीर की सप्लाई राजस्थान से की जा रही है। इस बात की जानकारी मिलते ही गुरुवार देर रात खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम राजस्थान की तरफ से आने वाले रोड पर पहुंच गई। जहां टीम ने राजस्थान की तरफ से पनीर लेकर आ रही गाड़ी को रुकवा लिया। टीम ने गाड़ी से एक हजार किलो दूषित पनीर को बरामद किया। टीम ने पनीर के सैंपल लेने के बाद उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। कोसी - कामां रोड पर की कार्यवाही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को जानकारी मिली कि गुरुवार की रात मथुरा में राजस्थान से बड़ी मात्रा में दूषित पनीर की सप्लाई की जानी है। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम राजस्थान के कामा से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसी शहर को आने वाले रोड पर पहुंच गई। यहां टीम ने दूषित पनीर की सप्लाई को रोकने के लिए पुलिस की मदद से नाकाबंदी शुरू कर दी। खाद्य सचल दल के लोग पास में ही मौजूद चौकी पर बैठ गए। जिससे दूषित पनीर की सप्लाई करने वालों को शक न हो। मैक्स पिकअप गाड़ी से बरामद हुआ दूषित पनीर देर रात राजस्थान की तरफ से एक मैक्स पिकअप गाड़ी संख्या UP 85 ET 6299 आती दिखाई दी। पुलिस ने बैरियर पर इस गाड़ी को रोका। जिसके बाद खाद्य सचल दल की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने जब गाड़ी में चेक किया तो उसमें पनीर भरा हुआ था। गाड़ी चला रहे अमर सिंह ने बताया कि यह पनीर काना राजस्थान में स्थित डेयरी प्लांट से ला रहे हैं। अमर सिंह ने टीम को बताया कि इसमें एक हजार किलो पनीर है। जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रुपए है। टीम ने लिए 2 सैंपल पनीर की गुणवत्ता पर शक हीने पर टीम ने जब अमर सिंह से पनीर की खरीद फरोख्त के संबंध में वैधानिक कागज मांगे तो वह कुछ भी नहीं दिखा सका। जिसके बाद टीम ने गाड़ी में भरे पनीर के 2 सैंपल ले लिए। इसके बाद टीम ने गंदगी के बीच ले जाए जा रहे दूषित पनीर को जब्त करते हुए उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जतिन कुमार सिंह ने बताया कि लिए गए सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने पर इस मामले में वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। खाद्य सचल दल में जितेंद्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह, धर्मेंद्र आदि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर के रावतपुर में कारों के काफिले के साथ स्टंट का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कई कारें एक के पीछे एक गुजरती दिख रही हैं। कुछ युवक कार की छत पर बैठे हैं। कुछ खुले दरवाजों से बाहर लटककर वीडियो बना रहे हैं। युवकों ने सड़क पर स्टंट कर अपनी और राहगीरों की जान जोखिम में डाल दी। स्टंट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। कारों और युवकों की पहचान की जा रही है। सिलेंडर चौराहे का बताया जा रहा वीडियो वायरल वीडियो रावतपुर थाना क्षेत्र के सिलेंडर चौराहे का बताया जा रहा है। वीडियो बुधवार का है। इसमें कई कारें काफिले में सड़क से गुजरती नजर आ रही हैं। कारों में सवार युवक यातायात नियमों की अनदेखी करते दिख रहे हैं। कुछ युवक कार की छत पर बैठे हैं। कुछ दरवाजे खोलकर बाहर लटके हुए हैं। इसी दौरान वीडियो बनाया गया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। CCTV से कारों की पहचान वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस के मुताबिक, स्टंट में शामिल कारों की पहचान कर ली गई है। अब कारों के नंबर के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस युवकों की पहचान भी कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा एडीसीपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। CCTV फुटेज की मदद से कारों की पहचान की गई है। संबंधित कारों और उनमें सवार युवकों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के अहीरवां स्थित सुरक्षा विहार में गुरुवार रात श्री शिव महापुराण कथा और श्री स्वर्ण भैरव महायज्ञ का आयोजन हुआ। रात 9 बजे 1008 पार्थिव शिवलिंगों का रुद्राभिषेक किया गया। अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन किया और रुद्राभिषेक किया। 3 तस्वीरें देखिए… रुद्राभिषेक श्री आदि गुरु प्रशांत प्रभु जी महाराज के सानिध्य में हुआ। श्रद्धालुओं ने जल, दूध और पूजन सामग्री से पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक किया। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच कथा पंडाल में भक्ति का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारे लगाए। धार्मिक मान्यता के अनुसार पार्थिव शिवलिंग का पूजन और रुद्राभिषेक भगवान शिव की विशेष आराधना माना जाता है। श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की। आयोजन में महेश वर्मा, रजत पांडे, पंकज पांडे, संजय शुक्ला, बृजलाल कुशवाहा, अभय गुप्ता, गुलाब यादव, राजू त्रिपाठी, अनिकेत वर्मा, कुसुम सिंह, प्रभाकर मिश्रा और राज नारायण समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कानपुर के सजेती में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर जबरन शादी कराने और करीब तीन साल तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। 25 हजार रुपए का इनामी आरोपी राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया। गुरुवार शाम उसे कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सजेती थाने में नाबालिग लड़की के अपहरण, जबरन शादी और बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। लंबे समय से गिरफ्तारी न होने पर आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को आरोपी के राजस्थान में होने की जानकारी मिली। इसके बाद सजेती पुलिस ने राजस्थान के कोटा में दबिश देकर आरोपी वीरेंद्र सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे थाने लेकर आई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस का कहना है, कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस टीम ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से उसकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद टीम ने कोटा पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशकर भेजा जेल सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि नाबालिग लड़की के अपहरण, जबरन शादी और बंधक बनाकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी वीरेंद्र सिंह यादव करीब तीन साल से फरार चल रहा था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। राजस्थान के कोटा से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार शाम उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मेरठ की केसरगंज अनाज मंडी में गुरुवार को मस्जिद में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर हंगामा हो गया। निर्माण की सूचना पर बड़ी संख्या में व्यापारी और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काम का विरोध करते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया। सूचना पर रेलवे रोड थाना पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। विरोध कर रहे व्यापारियों का आरोप है कि मस्जिद की इमारत के ऊपरी हिस्से में बिना अनुमति लेंटर डाला जा रहा था। उनका कहना है कि यहां पहले से धार्मिक स्थल है। ऐसे में बिना अनुमति किसी तरह का नया निर्माण विवाद की वजह बन सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन से निर्माण की जांच कर अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। व्यापारियों ने मस्जिद के इतिहास का हवाला दिया मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन बंसल ने बताया कि केसरगंज अनाज मंडी काफी पुरानी है। उनके मुताबिक, अंग्रेजी शासन के समय से यहां मस्जिद मौजूद है। पहले मंडी में काम करने वाले पल्लेदार ही यहां नमाज पढ़ते थे, लेकिन अब आसपास के इलाकों से भी लोग नमाज के लिए पहुंचते हैं। हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही ने भी निर्माण को लेकर आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि ऐसे निर्माण से आसपास रहने वाले हिंदू परिवारों में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण की कानूनी जांच कराने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की। मस्जिद पक्ष बोला- नया निर्माण नहीं, शौचालय की मरम्मत मस्जिद पक्ष ने निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि मस्जिद में कोई नया निर्माण नहीं कराया जा रहा है। लंबे समय से खराब पड़े शौचालय की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी मरम्मत के काम को नया निर्माण बताकर विरोध किया गया। पुलिस तैनात, अनुमति की जांच होगी हंगामे के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और एहतियातन मौके पर पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल शांत रखा जा रहा है। निर्माण की वास्तविक स्थिति और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों के लिए यूजीसी नेट की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी कर दी है।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज वर्मा का शासन ने गुरुवार रात तबादला कर दिया है। पंकज वर्मा को बाराबंकी का सीडीओ बनाकर भेजा गया है।2011 बैच के पीसीएस अधिकारी पंकज वर्मा 30 अक्टूबर 2025 को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिन के पद पर तैनात हुए थे। इस दौरान 25 जून 2026 को उनका प्रमोशन आईएस संवर्ग में हुआ।पंकज वर्मा ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में 10 माह से भी अधिक वक्त तक अपनी सेवाएं प्रदान की। अब उन्हें बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में तैनाती मिली है।
गोमतीनगर के नेहरू एन्क्लेव में आवारा पशुओं के लगातार आने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने एलडीए को बाउंड्रीवाल बनाने की मांग पर चार सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया है। इसके लिए स्थानीय निवासियों को पहले एलडीए के सामने आवेदन देने को कहा गया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की बेंच ने शिव सिंह चौहान समेत 12 निवासियों की याचिका पर यह आदेश दिया। याचियों ने कोर्ट को बताया कि एलडीए की योजना के ब्रोशर में आवासीय परिसर के आसपास बाउंड्रीवाल बनाने का भरोसा दिलाया गया था। इसके बावजूद अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बनाई गई है। खुले परिसर में आवारा पशुओं के आने से खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। फेंसिंग का क्षेत्र निश्चित नहीं, इसलिए रोक लगाई याचियों ने अपने स्तर पर फेंसिंग कराने की इजाजत भी मांगी थी। इसका विरोध करते हुए एलडीए समेत दूसरे पक्षों ने कहा कि जिस जगह पर फेंसिंग की मांग की गई है, वह साझा जगह है। इसका इस्तेमाल अलग-अलग मंजिलों पर रहने वाले सभी लोग करते हैं। ऐसे में कुछ निवासियों को फेंसिंग की इजाजत देने से दूसरे लोगों के साझा क्षेत्र के इस्तेमाल के अधिकार पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि याची यह साफ नहीं कर सके कि प्रस्तावित फेंसिंग केवल उनके आवंटित क्षेत्र तक ही रहेगी। ऐसे में इस स्तर पर व्यक्तिगत रूप से फेंसिंग करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने आवारा पशुओं से होने वाले खतरे को अनदेखा नहीं किया। कोर्ट ने माना कि बाउंड्रीवाल न होने से आवारा पशुओं का परिसर में आना बच्चों और बुजुर्गों के लिए असली खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए सभी निवासियों को एलडीए के सामने बाउंड्रीवाल बनाने का मुद्दा उठाने की छूट दी गई। कोर्ट ने कहा कि चार से छह फ्लैट वाले हर आवासीय परिसर में बाउंड्रीवाल बनाने का प्रस्ताव तभी आगे बढ़ेगा, जब संबंधित सभी लोगों की सहमति हो।
अच्छी बारिश के बाद बिलासपुर संभाग के ज्यादातर बड़े, मध्यम और छोटे जलाशय पर्याप्त पानी से भर गए हैं। इसका असर खेती पर भी नजर आ रहा है। धान की फसलें अच्छी स्थिति में हैं और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। संभाग आयुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में सोमवार को संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक हुई, जिसमें जलाशयों के जलस्तर, फसलों की स्थिति और खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा की गई। खारंग और मनियारी जलाशय में 104% पानी बैठक में बताया गया कि संभाग के बड़े, मध्यम और छोटे जलाशयों में रोजमर्रा की जरूरत और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना में 95 प्रतिशत, जबकि खारंग और मनियारी जलाशय में 104-104 प्रतिशत पानी भरा है। वहीं अरपा-भैंसाझार निर्माणाधीन बैराज में 26% और केलो निर्माणाधीन परियोजना में 44.58 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। मध्यम परियोजनाओं में घोंघा जलाशय में 102 प्रतिशत, केदार में 101 प्रतिशत, पुटका में 100 प्रतिशत, किंकारी में 101 प्रतिशत और खम्हार पाकुट में 101 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। 8 जिलों में 751043 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता संभाग में 5 बड़ी, 6 मध्यम, 768 छोटी और 10 नलकूप योजनाएं हैं। इन सभी योजनाओं से कुल 751043 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की गई है। बैठक में रबी सिंचाई वर्ष 2025-26 की उपलब्धि और खरीफ सिंचाई वर्ष 2026-27 के लक्ष्य की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त बारिश के कारण खरीफ की खेती सुचारु रूप से चल रही है। कहीं से पानी छोड़ने की मांग नहीं आई संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जलाशयों में पर्याप्त पानी है। बैठक के दौरान कहीं से भी अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग नहीं आई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. स्मृति तिवारी और हरिशंकर चौहान समेत संभाग के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने गांववार बनेगी योजना संभाग आयुक्त सुनील जैन ने दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए बड़ी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की स्थानीय जरूरत और कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने किसानों के बीच दलहन-तिलहन की खेती के फायदे को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए, ताकि सिंचाई के बेहतर उपयोग के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता तथा किसानों तक इनके वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
महोबा में फसल सर्वे के नाम पर कथित अवैध वसूली से नाराज किसानों ने दो सर्वेयरों के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान का सर्वे करने पहुंचे दोनों सर्वेयरों पर किसानों ने पैसे मांगने का आरोप लगाया। महिलाओं ने दोनों को चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाया, लाली-बिंदी लगाई और गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया। किसानों का आरोप है कि दोनों सर्वेयरों ने 200 से ज्यादा किसानों से करीब 2 लाख रुपए की अवैध वसूली की। ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान चरखारी विधायक प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। 90% फसल बर्बाद होने के बाद सर्वे का इंतजार कर रहे थे किसान मामला चरखारी विधानसभा क्षेत्र के नटर्रा गांव का है। पिछले 20 दिनों से हुई भारी बारिश के कारण गांव में उड़द, तिली और मूंगफली की करीब 90% फसल बर्बाद होने का दावा किया जा रहा है। किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान का मुआवजा मिलने की उम्मीद कर रहे थे। इसी बीच बीमा कंपनी इफको टोक्यो से जुड़ी निजी एजेंसी ग्लोबल अर्क के दो सर्वेयर गांव में पहुंचे। दोनों मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले बताए गए हैं। ज्यादा बीमा राशि दिलाने का झांसा देने का आरोप किसानों का आरोप है कि दोनों सर्वेयर पिछले एक सप्ताह से गांव में जाकर फसल नुकसान का ज्यादा सर्वे दर्ज करने और ज्यादा बीमा राशि दिलाने का लालच दे रहे थे। इसके बदले वे किसानों से 1 हजार से 5 हजार रुपए तक की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर सर्वेयर बीमा का लाभ नहीं मिलने की धमकी देते थे। किसानों के मुताबिक, इस तरह करीब 2 लाख रुपए नकद और ऑनलाइन माध्यम से लिए गए। ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ा मामले की जानकारी होने पर जागरूक ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविन्द्र राजपूत ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पूछताछ की तो आरोप है कि दोनों ने किसानों से पैसे लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को सूचना दी गई। विधायक के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि सूरज पांडे समर्थकों के साथ गांव पहुंचे। महिलाओं ने चूड़ी-बिंदी लगाकर गांव में निकाला जुलूस विधायक प्रतिनिधि और ग्रामीणों की मौजूदगी में महिला किसानों ने दोनों सर्वेयरों का विरोध किया। महिलाओं ने उन्हें चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाया। इसके बाद लाली-बिंदी लगाकर गले में जूतों की माला डाली और दोनों को पूरे गांव में घुमाया। महिलाओं का कहना था कि मुसीबत में फंसे किसानों से पैसे लेकर उन्होंने बेहद गलत काम किया है। इसी वजह से महिलाओं ने इस तरह विरोध जताया। कृषि अधिकारी मौके पर पहुंचे, पुलिस हिरासत में दोनों सर्वेयर हंगामे की सूचना मिलने पर कृषि अधिकारी राम सजीवन भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने नामजद तहरीर देकर दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और किसानों से लिए गए पैसे वापस कराने की मांग की। कृषि अधिकारी ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को देने और निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल दोनों सर्वेयर पुलिस हिरासत में हैं।
दयालपुर में एक सील किए गए पांच मंजिला मकान की सील तोड़कर 20 फ्लैट अवैध रूप से बेच दिए गए थे, जिस पर दैनिक जागरण की खबर के बाद निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
मेरठ में हिंदू रक्षा दल के नेता अंकुर शर्मा का गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में वह एक होटल में खड़े दिखाई दे रहे हैं। अंकुर शर्मा ने नेशनल हाईवे-58 स्थित होटलों में पुलिस की शह पर अनैतिक गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूर्व में उनके द्वारा की गई कार्रवाई से इन गतिविधियों की स्थिति सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद होटलों का संचालन नहीं रुक रहा है। अंकुर शर्मा ने दावा किया कि गुरुवार को एक सूचना के आधार पर उन्होंने कंकरखेड़ा क्षेत्र के एक होटल में पहुंचकर कार्रवाई की, जहां उनके अनुसार अनैतिक गतिविधियां संचालित मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल में एक हजार से 1200 रुपये तक लेकर इस तरह की गतिविधियां कराई जा रही थीं। अंकुर का कहना है कि उन्होंने मामले की सूचना देने के लिए चौकी प्रभारी को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद थाना पुलिस से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। पुलिस संरक्षण का लगाया आरोपअंकुर शर्मा ने आरोप लगाया कि हाईवे-58 के आसपास स्थित कुछ होटलों में अनैतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने एजी इन नाम के होटल को बंद भी कराया। उनका दावा है कि जिस तरह से यह गतिविधियां चल रही हैं, उससे क्षेत्रीय थाना पुलिस के संरक्षण की आशंका पैदा होती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शोषण नहीं किया जाएगा बर्दाश्तअंकुर शर्मा ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर ऐसे होटलों का संचालन नहीं होने देंगे और हिंदू समाज की युवतियों के शोषण का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। जल्द ही वह पूरे मामले को लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और पुलिस की भूमिका के संबंध में अपनी शिकायत से अवगत कराएंगे।वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
न्यू अशोक नगर में फिर सीलिंग का खतरा, 50 से अधिक दुकानों को नोटिस
न्यू अशोक नगर में 50 से अधिक दुकानों पर फिर सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है, डीडीए ने सात दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया है। व्यापारी 15-20 साल से कारोबार कर रहे हैं और विधायक रविकांत उज्जैनवाल ने अन्याय न होने देने का आश्वासन दिया है।
सजा के खिलाफ पुनर्विचार में देरी माफ होगी:यूपी पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधीनस्थ रैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत दे दी। कोर्ट ने कहा कि विभागीय सजा के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने में हुई देरी को माफ किया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों के अधीनस्थ रैंक के दंड एवं अपील नियम, 1991 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 के तहत देरी माफ करने की शक्ति को समाप्त करता हो। जानिये कोर्ट ने क्या कहा जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की पीठ ने कहा कि नियमों में न तो पुनर्विचार प्राधिकारी की देरी माफ करने की शक्ति को स्पष्ट रूप से खत्म किया गया और न ही देरी माफ करने के लिए कोई अधिकतम सीमा तय की गई है। इसलिए नियम 23(1) में पुनरीक्षण के लिए तय तीन महीने की अवधि को पूर्ण और कठोर समय सीमा नहीं माना जा सकता। मामला कांस्टेबल से जुड़ा है मामला एक कांस्टेबल से जुड़ा है, जिस पर बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगा। विभागीय कार्रवाई के बाद उसे 30 नवंबर 2004 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसकी वैधानिक अपील भी खारिज हो गई। इसके बाद उसने उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों के अधीनस्थ रैंक के दंड एवं अपील नियम, 1991 के नियम 23 के तहत मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष 6 जुलाई 2006 को पुनरीक्षण दाखिल किया। पुनरीक्षण दाखिल करने में करीब डेढ़ साल की देरी हुई थी। पुलिस महानिरीक्षक ने इसे समय सीमा से बाहर बताते हुए खारिज कर दिया। सिंगल बेंच से याचिका खारिज हुई थी कांस्टेबल विजय कुमार ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की, लेकिन एकल पीठ ने 8 मई 2026 को याचिका खारिज कर दिया। एकल पीठ का मानना था कि पुनरीक्षण तीन महीने की निर्धारित अवधि के बाद दाखिल किया गया और संबंधित प्राधिकारी के पास देरी माफ करने की शक्ति नहीं थी। इसके बाद कांस्टेबल ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की। डिवीजन बेंच ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि राज्य की ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं बताया गया, जिसमें नियमों के तहत परिसीमा अधिनियम को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया हो। अदालत ने कहा कि नियम 23 या नियमों के किसी अन्य प्रावधान में देरी माफ करने पर रोक नहीं लगाई गई और न ही ऐसी कोई अंतिम सीमा तय की गई, जिसके बाद देरी किसी भी परिस्थिति में माफ न की जा सके। कोर्ट ने दलीलों को माना अदालत ने नियम 23(1) के पहले प्रावधान को भी महत्वपूर्ण माना। इस प्रावधान के तहत यदि किसी अपीलीय आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण दाखिल नहीं किया गया है तो पुनरीक्षण प्राधिकारी स्वयं उस आदेश का रिकॉर्ड मंगा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि नियम में इस्तेमाल किए गए शब्दों से स्पष्ट है कि पुनरीक्षण प्राधिकारी की यह स्वतः संज्ञान वाली शक्ति तीन महीने की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद ही इस्तेमाल की जा सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि तीन महीने की अवधि को पूर्ण और अपरिवर्तनीय समय सीमा नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि परिसीमा अधिनियम की धारा 29(2) के तहत किसी विशेष या स्थानीय कानून में निर्धारित समयसीमा पर परिसीमा अधिनियम की धाराएं 4 से 24 लागू होती हैं, जब तक संबंधित कानून ने उन्हें स्पष्ट रूप से बाहर न किया हो। इनमें धारा 5 भी शामिल है, जो पर्याप्त कारण होने पर देरी माफ करने की अनुमति देती है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, देहर पावर हाउस सर्किल बनाम एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर मामले में दिए गए सिद्धांत का भी उल्लेख किया। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि उस फैसले का आधार मौजूदा मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि वह सिद्धांत उन कानूनों पर लागू होता है जो न केवल समय सीमा तय करते हैं बल्कि देरी माफ करने की शक्ति पर स्पष्ट रूप से पूर्ण या सशर्त रोक भी लगाते हैं। आदेश को भी रद्द कर दिया कोर्ट ने कहा कि आम तौर पर इस तरह के प्रावधान आधुनिक कर कानूनों में देखने को मिलते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा नियमों में ऐसी कोई रोक नहीं है। इसलिए केवल तीन महीने की समय सीमा तय होने के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि उसके बाद दाखिल पुनरीक्षण में देरी किसी भी स्थिति में माफ नहीं की जा सकती। पीठ ने एकल पीठ के फैसले में कानून के सिद्धांत से जुड़ी स्पष्ट गलती पाई और विशेष अपील तथा मूल रिट याचिका दोनों को मंजूर कर लिया। अदालत ने 8 मई 2026 के एकल पीठ के आदेश के साथ-साथ 22 अगस्त 2006 को पारित उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसके जरिए कांस्टेबल का पुनरीक्षण समय सीमा के आधार पर खारिज किया गया था। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि पुनरीक्षण दाखिल किए जाने के बाद करीब 20 साल बीत चुके हैं और राज्य की ओर से देरी माफ किए जाने का विरोध करने के लिए कोई विशेष परिस्थिति नहीं बताई गई। ऐसे में मामले को केवल देरी के सवाल पर फिर से पुनरीक्षण प्राधिकारी के पास भेजने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। हाईकोर्ट ने देरी को माफ मानते हुए संबंधित पुनरीक्षण प्राधिकारी को निर्देश दिया कि वह अब कांस्टेबल की पुनरीक्षण याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर फैसला करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि फैसला कारणयुक्त और स्पष्ट आदेश के जरिए किया जाना चाहिए। इस फैसले से उन पुलिसकर्मियों को राहत मिल सकती है, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के बाद पुनरीक्षण दाखिल करने में निर्धारित तीन महीने की अवधि से देरी हो गई है। हालांकि, देरी माफ होना स्वतः अधिकार नहीं है और प्रत्येक मामले में देरी के कारण तथा परिस्थितियों के आधार पर संबंधित प्राधिकारी को निर्णय लेना होगा।
कानपुर के घाटमपुर में नशे की हालत में दो लोगों के बीच लाइसेंसी पिस्टल को लेकर हुई छीना-झपटी में अचानक गोली चल गई। गोली सड़क से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक के पैर को छूते हुए निकल गई। चालक देवी प्रसाद (32) मामूली रूप से घायल हो गए। हादसे में वह बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को पकड़ा था। इनमें रिटायर्ड फौजी जितेंद्र को गुरुवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना घाटमपुर कस्बे के जैतीपुर रोड स्थित बंबा के पास की है। पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र अपने साथी के साथ वहां नशे की हालत में था। इसी दौरान दोनों के बीच लाइसेंसी पिस्टल को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पिस्टल को लेकर छीना-झपटी करने लगे। इसी दौरान पिस्टल से फायर हो गया। गोली वहां से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक देवी प्रसाद, पुत्र गोपीचंद सैनी, निवासी वसंत विहार, के पैर को छूकर निकल गई। इससे उनके पैर में मामूली चोट आई। गोली शरीर के किसी संवेदनशील हिस्से में नहीं लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने पिस्टल कब्जे में ली फायरिंग की सूचना मिलते ही घाटमपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में ले ली। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। रिटायर्ड फौजी को भेजा जेल पुलिस ने आरोपी जितेंद्र को गुरुवार दोपहर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, दूसरे आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर ने बताया- छीना-झपटी में चला फायर घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि जितेंद्र रिटायर्ड आर्मी मैन है। वह अपने साथी के साथ नशे की हालत में था। पिस्टल को लेकर दोनों में विवाद हुआ और छीना-झपटी के दौरान फायर हो गया। गोली वहां से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक के पैर को छूते हुए निकल गई। जितेंद्र को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
फर्रुखाबाद से कायमगंज जाने वाला रास्ता जसमई पुलिया पर काम शुरू होने के कारण गुरुवार शाम से बंद हो गया है। अब निगम की बसें जो कायमगंज होकर दिल्ली, एटा और आगरा जाती थीं, वे फर्रुखाबाद से मोहम्मदाबाद और नवाबगंज होकर जाएंगी। एटा-कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग राज्य मार्ग संख्या 121 है। जसमई तिराहे के पास अंडरपास पुलिया खराब हो गई थी और यह अब सुरक्षित नहीं थी। इसी वजह से गुरुवार शाम को पुलिया पर काम शुरू किया गया। देखें, 2 तस्वीरें… पुलिया के हिस्सों को तोड़ने का काम शुरू हो गया है, जिससे कायमगंज जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। अब गाड़ियों को नवाबगंज और मोहम्मदाबाद होकर कायमगंज जाना पड़ेगा। निगम की बसों को करीब 20 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना होगा। इससे यात्रियों का एक घंटा ज्यादा लगेगा। पीडब्ल्यूडी यह पुलिया बनवा रहा है। गुरुवार शाम को काम शुरू होते ही बैरिकेडिंग लगाकर बैनर भी लगा दिया गया है, जिसमें रास्ते के बंद होने की जानकारी दी गई है। हरदोई और शाहजहांपुर से दिल्ली जाने वाली बसें भी इसी रास्ते से निकलती हैं। उन्हें भी अब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ेगा। मालूम कि गुरुवार की शाम को कार्य शुरू होने के बाद वहां जाम की स्थिति भी बन गई। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन, सचिव और प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी अधिकारी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि कानपुर नगर के गंगापुर, मौजा देहली सुजानपुर स्थित नेहरू स्मारक सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड की कालोनी यदि अवैध है, तो वह बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के कैसे बन गई। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण को बिना रोक-टोक कैसे और किन परिस्थितियों में होने दिया गया। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ रवि कुमार व एक अन्य की दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अवैध कालोनियों को बसाने वालों के नाम दें कोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश दिया कि जिस अवधि में यह कथित अवैध कॉलोनी विकसित हुई, उस दौरान पद पर रहे सभी वाइस चेयरमैन और सचिवों के नाम भी उजागर किए जाएं। वाइस चेयरमैन, सचिव और प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी अधिकारी को 29 सितंबर, 2026 तक अपने व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई भी 29 सितंबर, 2026 को नियत की गई है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को निर्देश दिया कि यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक भेजा जाए।
बलिया में पैर से दिव्यांग 7 साल की रागिनी ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रागिनी बांसडीह विधायक केतकी सिंह और अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंची। रागिनी के मां-बाप ने मुख्यमंत्री को बेटी की स्थिति और पढ़ाई में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने रागिनी से भी बात की। उसे आशीर्वाद दिया। इलाज को लेकर परिवार से 10 मिनट तक चर्चा की। रागिनी को आवास योजना के तहत घर दिया जाएगा। गांव में रोड भी बनेगी। उसका नाम रागिनी के नाम पर रखने का विधायक ने प्रस्ताव दिया। अब जानिए पूरा मामला… रागिनी मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा गांव के रानीपुर की रहने वाली है। उसके माता-पिता देवेंद्र राजभर और बबिता राजभर हैं। रागिनी पैर से दिव्यांग है। इससे उसे स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। उसने वीडियो बनाकर डीएम से मदद की गुहार लगाई थी। वीडियो सामने आने पर डीएम मंगला प्रसाद सिंह रानीपुर गांव पहुंचे थे। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपी, किताब दी थी। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 26 हजार रुपए की मदद की थी। फिजिक्स वाला के अखिल सर ने 10 लाख रुपए की मदद की थी। रागिनी का जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ ने रागिनी का चेकअप किया था। बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर जाने की सलाह दी थी। सीएम योगी ने दिए आवास और सड़क बनाने के निर्देश रागिनी की मां ने मुख्यमंत्री को बताया- परिवार के पास अपना घर नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने आवास देने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में सड़क बनवाने के लिए भी कहा। विधायक केतकी सिंह ने बताया कि इस सड़क का नाम ‘रागिनी की सड़क’ रखा जाएगा। बेहतर शिक्षा के लिए भी दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने रागिनी की पढ़ाई को लेकर भी निर्देश दिए। विधायक के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज और शिक्षा में हर संभव मदद का पहले भी आश्वासन दिया था। इस मुलाकात में उन्होंने रागिनी के पैर का इलाज कैसे बेहतर तरीके से कराया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की। बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराया गया दाखिला सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू ने रागिनी की केजी से पीजी तक की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। उन्होंने उसका दाखिला बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराया है। गुरुवार को रागिनी विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और अपने माता-पिता के साथ लखनऊ पहुंची थी।
आरक्षण पर लड़ रहे चिराग पासवान और मांझी इस मुद्दे पर एकमत, HAM के प्रस्ताव पर लोजपा का समर्थन
लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने जीतनराम मांझी के बेटे एवं हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष मांझी की मांग का समर्थन किया है। हम और लोजपा-आर दोनों ही पार्टियों में एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर तकरार चल रही है।
बाहुबली उमाकांत यादव को हाईकोर्ट से जमानत:उम्रकैद की सजा थी, 6 साल से जेल में, हाईकोर्ट दी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि फर्जीवाड़े के मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में बंद 74 वर्षीय बाहुबली उमाकांत यादव को सशर्त जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकलपीठ ने यह आदेश पारित किया। जौनपुर के लाइन बाजार थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज आपराधिक मामले में उमाकांत यादव पर मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि उन्होंने चकबंदी अधिकारी के साथ मिलीभगत कर ग्राम नटौली की जमीन (गाटा संख्या 525 व 534) से जुड़े राजस्व अभिलेखों (सीएच-23) में फर्जी प्रविष्टि करवाई और 26 अक्टूबर 1994 के कथित फर्जी आदेश के आधार पर अपने नाम म्यूटेशन कराया। यह उनकी दूसरी जमानत याचिका थी। उम्रकैद तक की सजा थी कोर्ट ने पाया कि यह विवाद मूलत 1975 के एक बैनामे और चकबंदी अभिलेखों से जुड़ा सिविल प्रकृति का मामला है, जो पहले से ही एक याचिका हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है। कोर्ट ने कहा कि धारा 467 (जाली दस्तावेज बनाना, जिसमें उम्रकैद तक की सजा है) चकबंदी अभिलेखों पर लागू नहीं होती, क्योंकि ये मूल्यवान प्रतिभूति या वसीयत जैसे दस्तावेज नहीं हैं। इसलिए अधिकतम सात साल सजा वाली धाराओं के तहत ही मामला बनता है, और आवेदक पहले ही 6 साल 5 महीने जेल में बिता चुके हैं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि सह-अभियुक्त सरकारी अधिकारियों की पुनरीक्षण याचिकाओं पर 2023 से रोक लगी होने के कारण ट्रायल कोर्ट में करीब 30 तारीखें बीत जाने के बावजूद आज तक आरोप तय नहीं हो पाए हैं, जो अनुच्छेद 21 के तहत शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। यूपी सरकार ने आपराधिक इतिहासर बताया राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने 77 मुकदमों के आपराधिक इतिहास का हवाला देकर जमानत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि पुराना आपराधिक इतिहास अकेले जमानत रोकने का आधार नहीं बन सकता, जब तक गवाहों को डराने-धमकाने या सबूत से छेड़छाड़ की कोई ठोस आशंका न दिखाई जाए। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि आवेदक को दो अन्य दोषसिद्धि वाले मामलों में भी पूर्व में जमानत मिल चुकी है।
मिर्जापुर में प्रयागराज मार्ग पर अष्टभुजा टोल प्लाजा के पास गुरुवार रात करीब 9 बजे कार की टक्कर से एक व्यक्ति घायल हो गया। क्षेत्रीय भ्रमण पर निकले नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र की नजर हादसे पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और घायल की मदद के लिए पहुंचे। विधायक ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर घायल को अस्पताल भिजवाया। बेहतर इलाज के लिए उन्होंने डॉक्टर सुनील सिंह से भी बात की। अस्पताल में इलाज शुरू किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण घायल की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक की पहचान के लिए फोटो सोशल मीडिया पर शेयर व्यक्ति की मौत की जानकारी मिलने के बाद नगर विधायक ने मृतक का फोटो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति मृतक को पहचानता है तो उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाएं। विधायक ने कहा कि इससे मृतक की पहचान करने और आगे की जरूरी कार्रवाई पूरी करने में मदद मिलेगी। 20 मिनट पहले नीलगाय की चपेट में आया युवक भी मिला इस घटना से करीब 20 मिनट पहले छानबे ब्लॉक में कर्णावती नदी के पास भी विधायक पं. रत्नाकर मिश्र को सड़क हादसे में एक युवक घायल मिला था। युवक नीलगाय की चपेट में आने से घायल हुआ था।विधायक ने तत्काल उसकी भी मदद की और उसे उपचार के लिए भेजने की व्यवस्था कराई। लगातार दो हादसों में मदद के लिए पहुंचे विधायक लगातार दो सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आने पर स्थानीय लोगों ने विधायक के प्रयासों की सराहना की। लोगों का कहना था कि सड़क हादसे के बाद कई लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहते हैं, लेकिन विधायक ने घायलों को देखकर रुकना और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी समझा। अष्टभुजा टोल प्लाजा के पास घायल व्यक्ति की मौत ने एक बार फिर सड़क हादसों में समय पर मदद और मानवीय संवेदना की जरूरत को सामने ला दिया है।
लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्थित मारुति नंदन श्री कृष्ण लीला मैदान ट्रस्ट की ओर से श्री कृष्ण जन्मोत्सव के आठवें दिवस गुरुवार को भगवान खाटू श्याम के भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भजनों पर जयकारे लगाए और भक्ति में डूबे नजर आए। कार्यक्रम में क्षेत्र के स्थानीय बाल कलाकारों ने भी प्रतिभाग किया। आशी शर्मा, अंजलि शर्मा, माही गुप्ता, अन्विका शर्मा और अद्विक समेत अन्य कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों को श्रद्धालुओं ने सराहा। युवाओं को अपनी परंपरा से जुड़ने का अवसर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक डॉ. नीरज बोरा शामिल हुए । उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों से समाज में भक्ति, संस्कार और एकजुटता का भाव मजबूत होता है। ट्रस्ट के संरक्षक प्रदीप शुक्ल टिंकू ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और श्रद्धालुओं का आभार जताया। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी ने कहा कि जन्मोत्सव के दौरान लगातार धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। क्षेत्र के लोगों का लगातार सहयोग मिल रहा उपाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि कार्यक्रमों में क्षेत्र के लोगों का लगातार सहयोग मिल रहा है। स्थानीय बाल कलाकारों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, संगठन प्रचार मंत्री विपिन गुप्ता, व्यवस्थापक दयाराम रावत, आशीष पाण्डे, राजेंद्र लोधी, अमन मिश्र के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
लखनऊ के मैथिलीशरण गुप्त वार्ड में बरसात से पहले नाला सफाई को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा नेता व पूर्व पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बनना स्वाभाविक है। उन्होंने चौड़े और भूमिगत नालों की सफाई का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। दिलीप श्रीवास्तव के मुताबिक वार्ड में नियमित और संविदा के करीब 85 सफाई कर्मचारी और कार्यदायी संस्था के 23 कर्मचारी तैनात हैं।इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाली छोटी नालियों की भी सफाई नहीं कराई गई।उन्होंने मौके पर निरीक्षण कर स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री, महापौर, मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निष्पक्ष स्थलीय जांच की मांग की है।उनका कहना है कि जांच के बाद संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होनी चाहिए। इन नालों की सफाई पर सवाल कलेवा चौराहा डी ब्लॉक से शिवाजी मार्केट, आम्रपाली चौराहा होते हुए बैरल नंबर-7 तक चौड़े और भूमिगत नाले की सफाई की जांच की मांग की गई है। द्वारिकापुरी मोड़ से कलेवा चौराहा और एसबीडी चौराहा से अग्रवाल प्लाजा, लेखराज नगीना होते हुए शेखर अस्पताल तक नाले की स्थिति का भी सत्यापन कराने को कहा गया है।सरकारी महिला अस्पताल से थाना गाजीपुर होते हुए एचएएल परिसर तक नाले की सफाई की जांच की मांग है। जिम्मेदारी तय करने की मांग लेखराज डॉलर से आवास विकास कार्यालय, भूतनाथ बेबीयन रेस्टोरेंट होते हुए भूतनाथ मंदिर तक दोनों पटरियों के नालों और निर्माणाधीन नाली में सड़क का पानी जाने के लिए बने होल की व्यवस्था की जांच की मांग की गई है। अरावली मार्ग से विधायक आवास के आगे, सब्जी मंडी होते हुए लेखराज डॉलर तक चौड़े नाले की सफाई और भूतनाथ मंदिर के सामने नाली की जिम्मेदारी भी तय करने को कहा गया है। दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जानी चाहिए। उन्होंने GPS लोकेशन, सफाई के समय की फोटो-वीडियो, माप पुस्तिका, कार्य सत्यापन रिकॉर्ड, अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी और ठेकेदार के कार्य रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की।
मिर्जापुर से दिल्ली जा रहे एक परिवार की 9 साल की बच्ची प्रयागराज रेलवे स्टेशन से लापता हो गई। आरोप है कि एक अजनबी व्यक्ति बच्ची को कुरकुरे दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया और फिर वापस नहीं लौटा। बच्ची की मां आशा देवी की तहरीर पर जीआरपी प्रयागराज ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिर्जापुर स्टेशन पर हुई थी अजनबी से मुलाकात घटना 8 सितंबर 2026 की है। संतनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली आशा देवी अपनी 9 साल की बेटी और मुंहबोले भाई अनुज के साथ दिल्ली जा रही थीं। मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर उनकी मुलाकात एक अजनबी व्यक्ति से हुई। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को दिल्ली जाने वाला बताया। एक ही दिशा में यात्रा होने के कारण परिवार उससे बातचीत करने लगा। मां के मुताबिक, उस व्यक्ति ने परिवार के साथ ही टिकट लिया। ट्रेन में परिवार के साथ बैठकर करता रहा बातचीत शाम करीब 6 बजे सभी लोग ट्रेन से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। सफर के दौरान वह व्यक्ति परिवार के साथ सामान्य यात्री की तरह बातचीत करता रहा। इस वजह से परिवार को उस पर किसी तरह का शक नहीं हुआ। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद शाम करीब 7:30 बजे उस व्यक्ति ने बच्ची से कहा कि वह उसे कुरकुरे दिलाकर लाता है। मां को लगा कि वह कुछ खाने का सामान दिलाकर थोड़ी देर में वापस आ जाएगा, इसलिए उन्होंने बच्ची को उसके साथ जाने दिया। कुछ मिनट बाद दोनों नहीं लौटे काफी देर तक बच्ची और वह व्यक्ति वापस नहीं आए तो परिवार ने प्लेटफॉर्म और आसपास की दुकानों में तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बाद भी दोनों का पता नहीं चला। इसके बाद परिजन जीआरपी प्रयागराज पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। मां की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। CCTV फुटेज से संदिग्ध की तलाश घटना रेलवे स्टेशन पर होने के कारण पुलिस ने वहां लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्ची को अपने साथ ले जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। बच्ची की सकुशल बरामदगी और संदिग्ध की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
चंदौली में चकिया कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को सिकंदरपुर मोड़ के पास नाबालिग किशोरी के अपहरण के आरोपी विकास कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने किशोरी से एकतरफा प्यार करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, उसने मौका पाकर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। 13 अगस्त को घर से लापता हुई थी किशोरी चकिया कोतवाली क्षेत्र के एक परिवार की नाबालिग किशोरी 13 अगस्त को घर से बिना बताए चली गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद किशोरी के पिता ने 14 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दर्ज किया था अपहरण का केस पिता की शिकायत पर पुलिस ने नाबालिग के अपहरण का केस दर्ज किया। जांच के दौरान विकास कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने मुकदमे में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराएं भी बढ़ाईं। सिकंदरपुर मोड़ से आरोपी पकड़ा गया गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी के अपहरण का आरोपी सिकंदरपुर मोड़ के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के जलीलपुर निवासी विकास कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद किया पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ किशोरी को भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में विकास ने एकतरफा प्यार की बात बताई और किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने की बात स्वीकार की। कार्रवाई करने वाली टीम में चकिया कोतवाल संजय कुमार सिंह, इंद्रमणि यादव और उद्देश्य सिंह शामिल रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के कोलार स्थित दृष्टि प्लाजा में फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक प्रसंगों पर आधारित इस फिल्म को टैक्स फ्री करने पर सरकार विचार कर रही है। फिल्म में मध्यप्रदेश के कलाकारों और प्रतिभाओं ने भी काम किया है। सीएम ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष रविन्द्र यती, महापौर मालती राय और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखी। फिल्म देखने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ में प्रदेश के कई कलाकारों और प्रतिभाओं ने अपनी कला का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में नीम करोली बाबा का जीवन दर्शन दिखाया गया है। सीएम बोले-फिल्म में एक-दूसरे की मदद का संदेश सीएम ने कहा कि फिल्म के माध्यम से धर्म और अध्यात्म की गहरी जड़ों को समझा जा सकता है। उन्होंने नीम करोली बाबा को आस्था के आधार पर भगवान हनुमान जी का अंश माने जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि फिल्म का संदेश एक-दूसरे के काम आने और गरीबों की मदद करने का भी है। सागर के दिव्यांग गायक ने गाया बुंदेली भजन फिल्म में सागर जिले के दिव्यांग गायक सुनील लोधी ने बुंदेली भजन गाया है। सुनील की प्रतिभा की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री निवास बुलाया था। सीएम ने सुनील को 1 लाख रुपए की सम्मान निधि देकर सम्मानित किया था। साथ ही उनकी आंखों की रोशनी लौटाने के लिए उपचार में मदद का आश्वासन दिया था। फिल्म के बाल कलाकार से भी मिले CM नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ में सुनील लोधी की आवाज में भजन शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री से फिल्म के 8 वर्षीय बाल कलाकार मास्टर सात्विक शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की।
दिल्ली में एमसीडी का बड़ा एक्शन: 41 इमारतें ध्वस्त, 61 सील, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
एमसीडी ने दिल्ली में जर्जर और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। इस दौरान 41 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और 61 संपत्तियों को सील कर दिया गया, साथ ही पीजी भवनों का सर्वेक्षण भी जारी है।
झांसी नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का ट्रांसफर:बाराबंकी के CDO बी.सूदन होंगे नगर निगम के आयुक्त
झांसी नगर निगम की नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का गुरुवार को स्थानांतरण कर दिया गया। उत्तर प्रदेश शासन ने आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी करते हुए उन्हें आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का विशेष सचिव बनाया है। उनकी जगह बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी बी. सूदन को झांसी का नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। आकांक्षा राणा के कार्यकाल में नगर निगम की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की गई। कई जगहों पर कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति भी बनी। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के बीच उनकी पहचान सख्त और ईमानदारी से काम करने वाली अधिकारी के रूप में रही।नगर आयुक्त के रूप में आकांक्षा राणा ने शहर की व्यवस्थाओं को लेकर कई मामलों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कराई। अतिक्रमण, सफाई और नगर निगम की व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में अधिकारियों को मौके पर जाकर काम करने के निर्देश दिए जाते रहे। उनके कार्यकाल में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शहर में नगर निगम की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रही। अब झांसी नगर निगम की जिम्मेदारी बी. सूदन संभालेंगे। वह फिलहाल बाराबंकी में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। शासन के आदेश के बाद उनके झांसी आने और कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
उज्जैन नगर निगम के वर्कशॉप विभाग द्वारा 31 वाहनों को नीलामी के जरिए बेचने की तैयारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. रवि राय के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने गुरुवार शाम निगम आयुक्त के नाम अपर आयुक्त संतोष टैगोर को ज्ञापन सौंपकर वाहनों की बिक्री तुरंत रोकने और पूरे मामले की जांच की मांग की। ज्ञापन के अनुसार, निगम वर्कशॉप विभाग के प्रभारी अधिकारी कार्यपालन इंजीनियर जगदीश मालवीय और सहायक इंजीनियर कृष्णा भूरिया ने 31 वाहनों का मूल्यांकन कराने के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान को पत्र भेजा था। मूल्यांकन के बाद इन 31 वाहनों की कुल नीलामी कीमत 9 लाख 40 हजार 103 रुपए तय की गई है। कांग्रेस का कहना है कि इन वाहनों में से 13 वाहन अभी भी चालू हालत में हैं। इनका उपयोग निगम के विभिन्न जोन कार्यालयों, उद्यान विभाग, ट्रेंचिंग ग्राउंड, कपिला गौशाला, पुल वाहन, अतिक्रमण गैंग और एमआर-5 कचरा प्लांट में किया जा रहा है। डॉ. रवि राय ने आरोप लगाया कि चालू हालत की जेसीबी, जिसकी नई कीमत करीब 40 से 42 लाख रुपए है, उसका मूल्यांकन सिर्फ 1 लाख रुपए किया गया है। इसी तरह सड़कों पर चल रही महिंद्रा स्कॉर्पियो की कीमत 30 हजार रुपए तय की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की बोली 10 हजार रुपए से शुरू करने की बात है। सूची में आयशर व टाटा के डंपर, हाइड्रोलिक क्रेन, क्वालिस और जीपें भी शामिल हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इन वाहनों को बेचने का निर्णय किसके कहने पर लिया गया और क्या इसके लिए परिषद या एमआईसी से मंजूरी ली गई है। ज्ञापन में मूल्यांकन करने वाले प्रौद्योगिकी संस्थान के अधिकारियों डॉ. केआर अहिरवाल और डॉ. रवि द्विवेदी के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए गए हैं। डॉ. राय ने 2022 के कबाड़ मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी मूल्यांकन को लेकर जांच कमेटी बनी थी। कांग्रेस का आरोप है कि अब फिर उसी तरह वाहनों का कम मूल्यांकन कर निगम को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। कांग्रेस ने बिक्री प्रक्रिया रोकने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं रुकी तो मामला लोकायुक्त के पास ले जाया जाएगा।
कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी को भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की भी सिफारिश की।
लखनऊ में ट्रैफिक पुलिस से हाथापाई:ऑटो पीछे करने को लेकर चालक ने की गाली-गलौज, वर्दी का बटन तोड़ा
लखनऊ के महानगर शुसीला चौक पर ट्रैफिक संचालन के दौरान तीन पहिया वाहन चालक ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही से अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी। आरोप है कि चालक ने सिपाही की वर्दी पकड़कर फाड़ने की कोशिश की और थप्पड़ भी मारा। इस दौरान वर्दी का बटन टूट गया। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। रजनीश गोंड़ ट्रैफिक पुलिस में सिपाही पद पर तैनात है। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को सुबह करीब 10:40 बजे वह शुसीला चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान वायरलेस सेट से मिले आदेश के अनुसार ओमेगा की ओर यातायात संचालित कराया जा रहा था। सेंट्रल एकेडमी की तरफ से आने वाले वाहनों को रोका गया था और सभी वाहन रुक चुके थे। इसी बीच UP 32 ST 9051 नंबर के तीन पहिया सवारी वाहन के चालक ने वाहन आगे बढ़ाकर बीच सड़क पर रोक दिया। सिपाही रजनीश ने चालक से वाहन पीछे करने के लिए कहा, लेकिन उसने वाहन पीछे नहीं किया। आरोप है कि इसके बाद चालक गाली-गलौज करने लगा और सिपाही से हाथापाई शुरू कर दी। सिपाही का आरोप है कि चालक ने उसकी वर्दी पकड़कर फाड़ने की कोशिश की, जिससे वर्दी का बटन टूट गया। इसके साथ ही चालक ने थप्पड़ भी मारा। घटना ड्यूटी के दौरान होने के कारण पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में इंस्पेक्टर महानगर का कहना है मुकदमा दर्ज करके चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिससे शुक्रवार से रविवार तक कई लोकल ईएमयू ट्रेनें रद रहेंगी। यात्रा से पहले ट्रेनों का शेड्यूल जांच लें।
सुकमा जिले में पुलिस और प्रशासन ने तंबाकू की अवैध बिक्री और सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू खाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। कोटपा एक्ट के तहत जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 197 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान लोगों से जुर्माना भी वसूला गया। यह कार्रवाई एसपी मयंक गुर्जर के निर्देश पर एएसपी रोहित शाह और मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में की गई। थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग इलाकों में जांच की। थानावार कार्रवाई में कोंटा में सबसे ज्यादा 63 मामले दर्ज हुए। सुकमा में 51, छिंदगढ़ में 21, गादीरास में 19, तोंगपाल में 20, दोरनापाल में 20 और चिंतागुफा में 3 मामलों में कार्रवाई हुई। सुकमा में स्कूल-कॉलेज के आसपास भी जांच की गई। यहां तंबाकू बेचने वाली दुकानों और ठेलों की जांच हुई। 6 दुकानों और ठेलों से करीब 25 हजार रुपए के तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। सुकमा थाना क्षेत्र में दर्ज 51 मामलों में 5,100 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने दुकानदारों और लोगों से स्कूल-कॉलेज के पास तंबाकू न बेचने और सार्वजनिक जगहों पर इसका सेवन नहीं करने की अपील की। युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील साथ ही सुकमा पुलिस ने लोगों से तंबाकू और दूसरे नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने में समाज की भी बड़ी भूमिका है। स्कूल-कॉलेज के आसपास तंबाकू की बिक्री या कोटपा एक्ट का उल्लंघन दिखे तो इसकी जानकारी पुलिस या प्रशासन को दें। पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई और जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ग्वालियर के गिजौर्रा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गिजौर्रा में बुधवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर तड़के 3:33 बजे एक अज्ञात नकाबपोश बदमाश ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बदमाश ने पेट्रोल-डीजल वितरण मशीनों और ऑफिस के शटर को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि घटना के वक्त पेट्रोल पंप बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फायरिंग से गोलियां मशीनों के आर-पार निकल गईं, जिससे उनकी अंदरूनी वायरिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने मौके से दो खाली कारतूस बरामद किए हैं। पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश हमलावर के खिलाफ पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत और CCTV पुटेज के आधार पर गुरुवार को मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई है। रात 10 बजे बंद हुआ था पंप, सुबह कर्मचारियों ने देखे गोली के निशान पेट्रोल पंप मैनेजर शिव कुमार उपाध्याय (निवासी ग्राम शुक्लहारी) ने बताया कि 8 सितंबर की रात कर्मचारी राहुल बघेल पंप को लॉक करके गया था। सुबह करीब 6 बजे जब राहुल वापस आया, तो उसने मशीनों और शटर पर गोली के निशान देखे। उसने तुरंत इसकी सूचना मैनेजर और पंप मालिक गजेन्द्र सिंह गुर्जर को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। जांच में दोनों मशीनों पर दो-दो गोलियों के निशान और शटर पर भी छेद मिले हैं। CCTV में दिखा नकाबपोश शूटर CCTV फुटेज की जांच करने पर पता चला कि तड़के 3:33 बजे एक नकाबपोश बदमाश पेट्रोल पंप के बोर्ड के पास खड़ा हुआ और उसने सीधे मशीनों व शटर की तरफ फायरिंग शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। जानकारी देते हुए बिजोरा थाना प्रभारी उपेन्द्र सिंह धाकड़ ने बताया कि एक पेट्रोल पंप पर अज्ञात बदमाश ने फायरिंग की है। दो मशीनों व ऑफिस में गोली लगी है। पूरी वारदात CCTV में कैद है। मामला दर्ज कर आरोपी की पहचान शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
मेरठ के दो अलग अलग थाना क्षेत्रों से बरामद हुए विस्फोटक के मामले में गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कुल दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक में गौरव मोहन और दूसरे में उनके भाई वैभव मोहन को नामजद किया गया है। फिलहाल दोनों भाई पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश कर सकती है। उधर, गोदामों से बरामद विस्फोटकों के नमूने लैब भेज दिए गए हैं। अफसरों का कहना है कि बरामद मिश्रण कितना हानिकारक है, इसका पता रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल सारा माल सील कर दिया गया है। गौरव मोहन के लाइसेंसों की भी जांच कराई जा रही है। मेरठ में बुधवार को एक सूचना के बाद पुलिस ने देहलीगेट थाना क्षेत्र के लाला का बाजार स्थित गोदाम पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में पटाखों में प्रयुक्त होने वाली मिश्रित सामग्री बरामद की थी। यह माल ग्रीन क्रैकर्स बेचने वाले गौरव मोहन का बताया गया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद ही पुलिस ने एक और कार्रवाई रेलवे रोड थाना क्षेत्र के केसरगंज दाल मंडी स्थित गोदाम पर की जो गौरव मोहन के भाई वैभव मोहन का बताया गया। पुलिस ने वैभव को भी हिरासत में ले लिया और नमूने जांच के लिए जुटवाते हुए माल सील कर दिया। कई हजार किलोग्राम विस्फोटक बरामद पुलिस की 10 टीमों ने रातभर शहर से देहात तक ताबड़तोड़ कार्रवाई की। देहलीगेट और रेलवे रोड के बाद पुलिस ने रात में रोहटा क्षेत्र के एक गोदाम पर भी छापा मारा। यह गौरव मोहन का ही गोदाम था। पुलिस को बड़ी मात्रा में तैयार पटाखों का जखीरा बरामद हुआ। जिस तरह का विस्फोटक बरामद किया गया है, वह केवल सामान्य पटाखे तैयार करने में प्रयुक्त होता है। इससे साफ हो गया कि इस बार जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की तैयारी थी। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोकएनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद वर्ष 2018 में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री और भण्डारण पर पूरी तरह रोक लग गई। मेरठ जनपद के 42 पटाखा लाइसेंस रद्द कर दिए गए। इसके बावजूद हर वर्ष अवैध रूप से पटाखे यहां पकड़े जा रहे हैं। ऐन मौके पर पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन तब तक काफी माल बाजार में उतर चुका होता है। इस बार पुलिस ने पहले ही सतर्कता बढ़ाई, जिसके बाद यह जखीरा पकड़ा गया है। पूरी चेन तलाशने में पुलिस जुटी है। गोदामों से यह बरामद हुआ सामान जिन दो स्थानों पर छापेमारी की गई है, वहां से पुलिस को फ्यूज वायर, एल्यूमीनियम फ्लैक, बीटा ब्लू, एल्यूमिनियम पाउडर, मैग्नीशियम पाउडर, बेरियम कार्बोनेट, टाइटेनियम पाउडर, चारकोल के बड़े बड़े ड्रम व बोरे बरामद किए गए हैं। बेहद ज्वलंतशील यह मिश्रिण बताया जा रहा है। इन सभी के नमूने पुलिस की फोरेंसिक टीम के द्वारा जुटाए गए हैं, जिन्हें लैब में भेजा जा रहा है। गुरुवार को भी टीम ने काफी नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए। गौरव-वैभव पर मुकदमा हुआ दर्जगुरुवार को पुलिस की तरफ से इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत एक मुकदमा देहलीगेट थाने में और दूसरा रेलवे रोड थाने में दर्ज किया गया है। देहलीगेट वाली कार्रवाई को पुलिस गौरव मोहन से जोड़ रही है जबकि रेलवे रोड वाले गोदाम का संचालक वैभव मोहन को मानकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि माल कहां से यहां तक पहुंचा। इसका क्या होने वाला था। हालांकि दीपावली नजदीक होने के कारण पुलिस का सीधा शक अवैध रूप से पटाखे तैयार करने पर है। एसपी सिटी बोले- कोर्ट में करेंगे पेश एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि गौरव व वैभव मोहन के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें कुछ बिंदुओं पर छानबीन कर रही हैं। शुक्रवार को दोनों को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी।
किशनगंज में एसएसबी के नाम पर ठगी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह नकली मैसेज भेजकर दुकानदारों को लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। जानकारी और ऑडियो क्लिप के अनुसार, संजय सिंह नाम से पहचान बताने वाला एक जालसाज स्थानीय व्यवसायियों, खासकर राशन दुकानदारों और ईंट-भट्ठा मालिकों को अपना शिकार बना रहा है। यह जालसाज खुद को नजदीकी एसएसबी कैंप का अधिकारी बताता है और सामान आपूर्ति के बहाने ठगी कर रहा है। ठगी का तरीका यह है कि ठग सबसे पहले राशन दुकानों या ईंट-भट्ठा मालिकों से संपर्क करता है। वह खुद को एसएसबी कैंप का प्रतिनिधि बताता है और भारी मात्रा में सामान का ऑर्डर देता है। तुरंत वापस ट्रांसफर करने का बनाता है दबाव इसके बाद वह दुकानदारों से सामान की लिस्ट और कुल बिल राशि के साथ बैंक अकाउंट डिटेल्स मांगता है, ताकि वह ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर सके। असली खेल इसके बाद शुरू होता है। यदि सामान का कुल बिल 20,000 रुपये बनता है, तो जालसाज दुकानदार के मोबाइल पर 50,000 रुपये का एक नकली ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का एसएमएस भेज देता है। फर्जी मैसेज भेजने के तुरंत बाद ठग दुकानदार से कहता है कि गलती से 30,000 रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। वह इसे सरकारी पैसा बताकर तुरंत वापस ट्रांसफर करने का दबाव बनाता है। जब दुकानदार पैसे वापस भेज देता है, तो ठग दोबारा यह दावा करता है कि उसके पास पैसे नहीं पहुंचे हैं। ठगी की घटनाओं को दिया अंजाम वह दुकानदार को डराता-धमकाता है और इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए कहता है कि अगर पैसा वापस नहीं मिला तो उसकी नौकरी चली जाएगी। इस तरह वह एक ही पीड़ित से बार-बार पैसे ऐंठ लेता है। जानकारी के अनुसार, इस ठग द्वारा इस्तेमाल की जा रही फर्जी आईडी और पहचान पत्र पहले भी कई जगहों पर सर्कुलेट हो चुके हैं। इसने भारत-नेपाल के अन्य क्षेत्रों में भी एसएसबी के नाम पर इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। यह गिरोह विशेष रूप से उन्हीं इलाकों को निशाना बना रहा है जहां एसएसबी के कैंप पहले से स्थापित हैं।
मुरादाबाद में दहेज हत्या के दोषी पति को उम्रकैद:24 हजार रुपए जुर्माना लगाया, 6 साल बाद आया फैसला
मुरादाबाद की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में गुरुवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने सबूतों के आधार पर आरोपी पति नेकपाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामला 2019 का है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 19 मार्च 2019 को बिलारी थाना क्षेत्र के आरीखेड़ा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतका के पिता रामपाल निवासी नगालिया शाहपुर, संभल की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति नेकपाल पुत्र मूलचन्द के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दहेज की मांग को लेकर परेशान करने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप था कि शादी के बाद से ही नेकपाल उसकी बेटी को दहेज की मांग को लेकर लगातार परेशान करता था। घटना वाले दिन भी आरोपी ने मृतका के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। बिलारी पुलिस ने मुकदमा संख्या 102/2019 में आईपीसी की धारा 498ए, 304बी, 323, 504, 506 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया था। तत्कालीन डिप्टी एसपी महेंद्र कुमार शुक्ल ने मामले की जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषी अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील ब्रजराज सिंह और पैरवीकार हेड कांस्टेबल दलवीर ने मामले की पैरवी की। अभियोजन की ओर से पेश गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने नेकपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 24 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
विश्व प्रसिद्ध गयाजी पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कई नई व्यवस्थाएं की हैं। डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार मेले को व्यवस्थित, स्वच्छ और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। बच्चों को पहनाया जाएगा QR कोड वाला बैंड भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने QR कोड वाला सुरक्षा बैंड तैयार कराया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले बच्चों को यह बैंड पहनाया जाएगा। QR कोड में बच्चे के माता-पिता का विवरण और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। बच्चा भीड़ में बिछड़ने पर पुलिसकर्मी, वॉलिंटियर या कोई अन्य व्यक्ति मोबाइल से QR कोड स्कैन कर परिजनों से संपर्क कर सकेगा। बच्चों ने तैयार किया मेले का लोगो गयाजी शहर को नया रूप देने के लिए स्थानीय बच्चों की प्रतिभा का भी इस्तेमाल किया गया है। बच्चों के बीच प्रतियोगिता कराकर पितृपक्ष मेले का आधिकारिक लोगो चुना गया है। मुख्य लोगो के अलावा चयनित किए गए 9 अन्य लोगो का भी प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल किया जाएगा। ‘पेंट द सिटी’ अभियान के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये बच्चे शहर की दीवारों, घाटों और चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गयाजी के माहात्म्य से जुड़ी पौराणिक कहानियों की पेंटिंग बना रहे हैं। 70 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था डीएम ने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन करीब 70 हजार लोगों की आवासन क्षमता तैयार कर रहा है। इसके तहत गांधी मैदान में 2,500 बेड की टेंट सिटी बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं को शुद्ध और सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदी की रसोई की व्यवस्था भी रहेगी। यहां 25 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन मिलेगा। 5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया नगर क्षेत्र सफाई व्यवस्था के लिए पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है। मेले के दौरान 364 स्थायी शौचालय और 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम की व्यवस्था होगी। सड़क और पथ मरम्मत का काम भी चल रहा है। नगर निगम की ओर से 53 पथों और पथ निर्माण विभाग की ओर से 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। पानी और स्वास्थ्य की भी व्यवस्था मेला क्षेत्र में 280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वॉटर टैंकर और 2 वॉटर एटीएम तैनात रहेंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 73 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे। 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा निशुल्क श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को स्काउट-गाइड, NSS और NCC के वॉलिंटियर व्हीलचेयर की मदद से पिंडवेदी तक पहुंचाएंगे। डाक विभाग की ओर से विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी किया जाएगा। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में डाककर्मी माइक्रो-एटीएम लेकर मौजूद रहेंगे, जिससे श्रद्धालु जरूरत के अनुसार नकद निकासी कर सकेंगे। घाटों पर SDRF, 24 घंटे कंट्रोल रूम सुरक्षा के लिए SDRF की टीम सभी तालाबों और घाटों पर तैनात रहेगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की मदद के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम भी काम करेगा।
सुकमा जिले के बुडदी में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस मंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन को बूथ और गांव स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आने वाली राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान भाजपा के 18 और CPI के एक कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नए सदस्यों का स्वागत किया और उन्हें संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। बूथ और गांव स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर बैठक में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से बूथ और गांव स्तर पर नियमित रूप से सक्रिय रहने, लोगों से संपर्क बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को संगठन के सामने लाने की बात कही गई। जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ता ही पार्टी की नीतियों और विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा। महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना बैठक में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। नेताओं ने सरकार की नीतियों को लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों की नाराजगी का भी दावा किया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि इन मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और आम लोगों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई जाए। नए सदस्यों से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती की उम्मीद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा और अन्य दलों से कांग्रेस में शामिल हो रहे कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। नए सदस्यों से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की गई। हरीश कवासी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आम लोगों और ग्रामीणों के मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रही है। संगठन की मजबूती के साथ जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर उन्हें सरकार तक पहुंचाया जाएगा। बैठक के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
पटना में एक महिला आयकर अधिकारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए CBI ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक NGO को 12ए और 80जी प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 75 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में हुई है। CBI ने विभाग की एक क्लर्क को भी पकड़ा है, जिसने रिश्वत लेने में अधिकारी की मदद की थी। यह मामला श्रवण ज्योति विवेकानंद संस्थान से जुड़ा है। संस्थान ने आयकर विभाग में 12ए और 80जी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए महिला आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार ने संस्थान के प्रतिनिधि से 75 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। संस्थान के प्रतिनिधि ने की थी शिकायत संस्थान के प्रतिनिधि ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत CBI से की थी। शिकायत मिलने के बाद CBI की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) टीम ने आरोपों की जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई गई। पटना ACB की टीम ने DSP रुबी चौधरी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता आयकर गोलंबर स्थित आयकर कार्यालय पहुंचा। उसने महिला अधिकारी को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपए दिए। आरोप है कि महिला आयकर अधिकारी ने रिश्वत की रकम खुद नहीं ली। उसने विभागीय क्लर्क के माध्यम से यह रकम स्वीकार की। जैसे ही पैसों का लेन-देन हुआ, वहां पहले से मौजूद CBI की टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पहले भी रिश्वत लेने के मामलों की जांच CBI टीम ने कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए CBI अपने साथ ले गई है। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि 12ए और 80जी प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का यह अकेला मामला है या इससे पहले भी इस तरह के लेन-देन हुए हैं। इसके लिए आयकर कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
नर्मदापुरम के एक सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका को ‘I love you’ मैसेज भेजने के मामले में निलंबित प्रभारी प्राचार्य सुरेश श्रीवास्तव को बहाल करने के आदेश दिए गए हैं। विभागीय जांच में शिक्षिका को अनुचित तरीके से ‘I love you’ कहने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद उन्हें सजा के तौर पर एक साल की वेतन बढ़ोतरी रोकने का आदेश दिया गया है। अब उन्हें हाईस्कूल सिंगानामा का प्राचार्य बनाया गया है। महिला शिक्षिका की शिकायत पर सितंबर 2025 से मामले की जांच चल रही थी। जांच पूरी होने में करीब एक साल लगा। जांच में प्रभारी प्राचार्य द्वारा शिक्षिका को अनुचित रूप से ‘I love you’ कहने का आरोप सही पाया गया। संभाग आयुक्त ने सुरेश श्रीवास्तव को एक साल की वेतन बढ़ोतरी रोकने और उन्हें बहाल करने के आदेश दिए हैं। सिंगानामा स्कूल का प्रभार मिला संभाग आयुक्त के आदेश के बाद बीईओ पिपरिया ने सुरेश श्रीवास्तव को हाईस्कूल सिंगानामा के प्राचार्य के लिए कार्यमुक्त करने की कार्रवाई की। डीईओ एलएन प्रजापति ने बताया कि एक साल की वेतन बढ़ोतरी रोकने का आदेश संभाग आयुक्त ने दिया है। आदेश में सुरेश श्रीवास्तव को हाईस्कूल सिंगानामा भेजने का भी उल्लेख है। इसके आधार पर बीईओ ने उन्हें मौजूदा पद से कार्यमुक्त कर दिया। शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई महिला शिक्षिका की शिकायत के बाद मामले की विभागीय जांच शुरू हुई थी। जांच पूरी होने के बाद सुरेश श्रीवास्तव को बहाल करने और एक साल की वेतन बढ़ोतरी रोकने का निर्णय लिया गया। -------------- यह खबर भी पढ़ें… 'फूल तुम्हें भेजा है खत में' मैसेज वाले प्रिंसिपल सस्पेंड नर्मदापुरम में अधेड़ प्राचार्य ने महिला टीचर को I Love You मैसेज भेजा। उसने हिंदी फिल्म का गाना- 'फूल तुम्हें भेजा है खत में' लिखकर महिला टीचर से जवाब हां या नहीं में मांगा था। किसी को नहीं बताने की कसम भी दी। पूरी खबर पढ़ें…
रामदेवरा मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें और शुरू करने का फैसला किया है। 11 सितंबर से भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच दो जोड़ी और 12 सितंबर से श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलेगी। तीनों जोड़ी ट्रेनें 15-15 ट्रिप करेंगी। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार- ट्रेन संख्या 04863/04864 और 04865/04866 भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच 11 से 25 सितंबर तक संचालित होंगी। वहीं ट्रेन संख्या 04863 भगत की कोठी से सुबह 6:15 बजे रवाना होकर 10:30 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में 04864 रामदेवरा से सुबह 11 बजे रवाना होकर दोपहर 3 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। इसी तरह 04865 भगत की कोठी से शाम 4 बजे रवाना होकर रात 9:20 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में 04866 रामदेवरा से रात 10 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 2 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। वर्तमान में एक जोड़ी मेला स्पेशल का जोधपुर-रामदेवरा स्टेशनों के बीच संचालन किया जा रहा है। दोनों जोड़ी ट्रेनों का ठहराव जोधपुर, राईका बाग, महामंदिर, मंडोर, मारवाड़ मथानिया, तिंवरी, ओसियां, मारवाड़ लोहावट और फलोदी सहित प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। श्रीगंगानगर से फलोदी के रास्ते पोकरण भी सीधी ट्रेन रामदेवरा मेले के मद्देनजर ट्रेन संख्या 04741/04742 श्रीगंगानगर-पोकरण मेला स्पेशल 12 से 26 सितंबर तक चलेगी। श्रीगंगानगर से सुबह 10.15 बजे रवाना होकर शाम 7.50 बजे पोकरण पहुंचेगी। ट्रेन फलोदी स्टेशन पर शाम 6:35 बजे आकर 6:40 बजे प्रस्थान करेगी। वापसी में पोकरण से रात 8.45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7.50 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। ट्रेन फलोदी स्टेशन पर रात 10 बजे आकर 10.05 बजे रवाना होगी। ट्रेन में 15 साधारण और दो गार्ड डिब्बों सहित कुल 17 कोच होंगे। रेलवे के अनुसार- इन स्पेशल ट्रेनों से नियमित ट्रेनों पर यात्री दबाव कम होगा और रामदेवरा मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा। रामदेवरा मेले के लिए वाया फलोदी दो जोड़ी और स्पेशल ट्रेनें और चलेंगी रेलवे ने लालगढ़ से फलोदी होकर रामदेवरा के लिए दो जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। दोनों जोड़ी ट्रेनें 19 से 22 सितंबर को प्रतिदिन एक-एक ट्रिप, यानी कुल चार-चार ट्रिप संचालित होंगी। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया- जातरुओं की सुविधा के लिए ट्रेन संख्या 04751 लालगढ़-रामदेवरा मेला स्पेशल 19, 20, 21 और 22 सितंबर को लालगढ़ से सुबह 4 बजे रवाना होकर फलोदी 6.35 बजे पहुंचेगी और 6.40 बजे रवाना होकर सुबह 7.20 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04752 रामदेवरा-लालगढ़ मेला स्पेशल इन्हीं चारों तारीखों को रामदेवरा से सुबह 7.35 बजे रवाना होकर फलोदी 8.10 बजे पहुंचेगी और 8.15 बजे रवाना होकर सुबह 11 बजे लालगढ़ पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04753 लालगढ़-रामदेवरा मेला स्पेशल 19, 20, 21 और 22 सितंबर को लालगढ़ से दोपहर 1.30 बजे रवाना होकर फलोदी शाम 4.10 बजे पहुंचेगी और 4.15 बजे रवाना होकर शाम 4.50 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04754 रामदेवरा-लालगढ़ मेला स्पेशल इन्हीं चारों तारीखों को रामदेवरा से शाम 5.10 बजे रवाना होकर फलोदी 5.45 बजे पहुंचेगी और 5.50 बजे रवाना होकर रात 8.45 बजे लालगढ़ पहुंचेगी। दोनों जोड़ी ट्रेनें मार्ग में कोलायत और फलोदी स्टेशनों पर ठहरेंगी।
गया शहर के सर्किट हाउस में बीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी दी गई। राज्यसभा सदस्य भीम सिंह चंद्रवंशी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीजेपी की ओर से 12 अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितंबर को रक्तदान और ‘आशीर्वाद का दीप’ राज्यसभा सांसद भीम सिंह चंद्रवंशी ने बताया कि बीजेपी के निर्देश पर एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत देशभर में करोड़ों लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार में भी बड़ी संख्या में लोगों को अभियान से जोड़ने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसी दिन अभियान की शुरुआत होगी। पहले दिन रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शाम को ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने का कार्यक्रम होगा। बीजेपी ने कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से भी अपील की है कि 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दें। गया में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। पीएम मोदी का जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती विशेष संयोग बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा की जयंती एक ही दिन पड़ना विशेष संयोग है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से शुरू होने वाला सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक पूरे देश में चलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार के लोगों से भी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को अपने घरों में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद दें और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें। कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के पूर्वी जिला अध्यक्ष विजय मांझी, गुरुआ विधायक उपेंद्र प्रसाद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बीजेपी का कहना है कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए सेवा, सामाजिक सहभागिता और जनसंपर्क को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
झाबुआ जिले के ग्राम भेरुपाड़ा में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर एक महिला से मारपीट मामला सामने आया है। धार जिले से इलाज कराने आई 52 वर्षीय महिला को झाड़-फूंक करने वाले बाबा और उसके साथियों ने प्रताड़ित किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को पकड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 8 सितंबर को गजानंद अपनी पत्नी प्रेमबाई (52) को इलाज के लिए बाबा लक्ष्मण निनामा के पास लाए थे। आरोपी और उसके साथियों ने महिला पर चुड़ैल का साया होने का झूठा दावा किया और उसे कमरे में बंद कर दिया। आरोपियों ने महिला की थप्पड़, मुक्कों और लोहे की सांकल से पिटाई की, साथ ही हाथ पर जलता हुआ कंडा रखकर उसकी हथेली जला दी। जीरो एफआईआर के बाद जांच शुरू पीड़िता का इलाज सीएचसी धामनोद (धार) में कराया गया, जहां धामनोद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला झाबुआ जिले के रायपुरिया थाने ट्रांसफर किया। रायपुरिया पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार पुलिस ने लक्ष्मण निनामा, कमलेश निनामा, बहादुर निनामा और दिनेश भाबर को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी लक्ष्मण ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आम जनता से बीमारी के इलाज के लिए अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं से दूर रहने की अपील की है।
मेहगांव-गोरमी रोड पर हीरापुरा गांव के पास सड़क पर अचानक आई गाय से बाइक टकराने से युवक घायल हो गया। हादसे के बाद सड़क किनारे घायल युवक पर मेहगांव एसडीओपी संजय कोच्छा की नजर पड़ी। उन्होंने वाहन रुकवाकर एंबुलेंस को सूचना दी। घायल को अस्पताल भिजवाने में मदद की। जानकारी के अनुसार, अशोक राठौड़ बाइक से मेहगांव-गोरमी मार्ग से गुजर रहे थे। हीरापुरा गांव के पास अचानक सड़क पर गाय आ गई, जिससे उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में अशोक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एसडीओपी संजय कोच्छा ने उन्हें सड़क किनारे देखा। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से अस्पताल भेजा एंबुलेंस की मदद से घायल अशोक राठौड़ को मेहगांव प्राथमिक चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रारंभिक जानकारी में सड़क पर अचानक गाय आने को हादसे की वजह बताया गया है। पुलिस घटना की जानकारी जुटा रही है। ग्रामीणों ने मवेशियों की समस्या उठाई स्थानीय लोगों ने घायल की मदद के लिए एसडीओपी द्वारा की गई पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। पुलिस ने वाहन चालकों से ग्रामीण मार्गों पर सावधानी से वाहन चलाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना शुरू होगी। जिसमें आबादी की भूमि पर काबिज लोगों को सरकार की ओर से मुफ्त रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को फायदा होगा। इसके साथ ही 17 सितम्बर को शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाएं जाएंगे। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी के साथ दोनों ही अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों की मीटिंग में कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधिगण, समाज और आमजन को इनसे जोड़ा जाए। जन-जन तक अभियान की जानकारी पहुंचाएं, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। अधिकाधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे इन दोनों अभियान के लिए अगले दो दिन में माइक्रो प्लानिंग पूर्ण कर लें। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करें। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं। 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्वामित्व अधिकार निष्पादन अभिलेख, पंजीयन अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर टारगेटेड भूमि स्वामियों के अधिकार अभिलेखों का राज्य सरकार नि:शुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराने के अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस अभियान में प्रदेश भर के 41 हजार 568 गांवों के 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे किया जा चुका है और 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर, अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के दौरान पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए जिले - आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोक नगर और रायसेन के कलेक्टरों से स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि स्वामित्व योजना से संबंधित मोबाइल एप यूजर फ्रेंडली है। पटवारियों की ट्रेनिंग भी तेजी करवाई जा रही है। बताया गया यह अभियान तीन चरणों में 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर 3 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। हर रजिस्ट्री अधिकारी को प्रतिदिन 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर लगाएं और प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत निष्पादित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए किए वे स्वामित्व अभिलेख अभियान की बेहतर प्लानिंग और शैड्यूलिंग कर प्रति दिन प्रगति रिपोर्ट तैयार कर सबमिट करें। मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा कि किसी प्रकार की समस्या आने पर मुख्यमंत्री सहायता हेल्प लाइन पर सम्पर्क करें। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी होंगे और पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेवा संकल्प अभियान पर भोपाल में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर को राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस कार्यक्रम में सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। 58 लाख दीये जलाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुल 13 गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जनसंकल्प अभियान की शुरुआत 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम के साथ होगी। इस दिन शाम 7 बजे एक साथ प्रदेश भर के लाभार्थी परिवारों और चयनित 10 से अधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातत्विक महत्व के स्थानों पर 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए वे अपने जिले के पुरातात्विक स्थानों को चिन्हित करें। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी जिले में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर पर सभी विभागों के विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को अभियान से जोड़ा जाएगा। उज्जैन के महाकाल लोक में जलेंगे 25 लाख से अधिक दीये बैठक में उज्जैन कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद का दीपक कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा महाकाल के महालोक में 25 लाख से अधिक दीपक जलाने की तैयारी है। जिसमें सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के 50 लाख से अधिक हितग्राही भी इस दीपोत्सव में सहभागिता करेंगे।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साल की चिरान से भरा एक टाटा योद्धा वाहन जब्त किया है। रात्रि गश्त के दौरान पकड़े गए वाहन से 80 नग साल की चौखट बरामद हुई हैं। वन विभाग ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। जब्त टाटा योद्धा वाहन की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपए और बरामद वनोपज की कीमत करीब 80 हजार रुपए बताई गई है। यानी कुल जब्ती करीब 6.80 लाख रुपए की है। ऑकरा-धौरपुर-करदोनी मार्ग पर रोका वाहन वन विभाग के अनुसार, वन मंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक वाजपेयी के निर्देश पर वन परिक्षेत्रों में रात्रि गश्त की जा रही है। इसी क्रम में उप वनमंडलाधिकारी राजपुर के मार्गदर्शन और वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। 9 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे टीम राजपुर से ऑकरा-धौरपुर-करदोनी मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान टाटा योद्धा वाहन क्रमांक UPT 64 BT 3521 को रोककर तलाशी ली गई। जांच में वाहन के अंदर 80 नग साल की चौखट अवैध रूप से परिवहन करते मिलीं। इसके बाद वन विभाग ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर लिया। 400 रुपए में खरीदकर 600 रुपए में बेचने की तैयारी वन विभाग के मुताबिक, मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अंजय टोप्पो, पिता जयमल टोप्पो, निवासी करदोनी, जिला सरगुजा से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने करीब 15 लोगों से 400 रुपए प्रति नग की दर से 80 चौखट खरीदी थीं। इन्हें करदोनी ले जाया जा रहा था। आरोपी के अनुसार, इन चौखटों को आसपास के गांवों में करीब 600 रुपए प्रति नग की दर से बेचने की योजना थी। वन विभाग का कहना है कि पूछताछ में लकड़ी तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। कई वन कानूनों के तहत दर्ज हुआ प्रकरण वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22026/02 दर्ज कर कार्रवाई की है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की धारा 3(क), 16 और 22, मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5, भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(च) और 33(1)(क) तथा मध्यप्रदेश काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम 1984 की धारा 5(ग) के तहत कार्रवाई की गई है। वन विभाग ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान हुई इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा समेत टीम के अन्य कर्मचारी शामिल रहे। विभाग ने वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ निगरानी आगे भी जारी रखने की बात कही है।
शाजापुर के फूलखेड़ी इलाके में शिवम टोल कांटे के सामने स्कूल बस और कार की टक्कर हो गई। घटना के बाद कार मालिक ने बस चालक पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मामले का CCTV फुटेज भी सामने आया है। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता दीपक कुमार राजपूत के मुताबिक, 7 सितंबर को दोपहर करीब 3:05 बजे वे कार से मंडी जा रहे थे। जाम के कारण उन्होंने कार सड़क पर खड़ी की थी। इसी दौरान आगे खड़ी स्कूल बस को चालक ने पीछे किया और बस का पिछला हिस्सा कार के अगले हिस्से से टकरा गया। CCTV में दोनों वाहन पीछे जाते दिखे CCTV फुटेज में बस चालक बस को पीछे करता और कार चालक भी अपनी कार पीछे लेता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान दोनों वाहन टकरा गए। टक्कर से कार का बोनट, बंपर और हेडलाइट क्षतिग्रस्त हो गई। बस ने कार को कुछ दूर तक घसीटा दीपक राजपूत ने पुलिस को बताया कि टक्कर के बाद उन्होंने कार में बैठे-बैठे बस चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। आरोप है कि बस चालक कार को कुछ दूरी तक घसीटते हुए आगे ले गया। आसपास मौजूद लोगों ने बस को रुकवाया। घटना के बाद चालक से विवाद का आरोप दीपक के अनुसार, बस चालक के पास पहुंचकर उन्होंने टक्कर के बारे में बात की तो वह विवाद करने लगा। आरोप है कि चालक ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह बस लेकर वहां से चला गया। दीपक ने यह भी शिकायत की कि स्कूल बस पर वाहन नंबर नहीं लिखा था और चालक ने लापरवाही से बस पीछे की, जिससे कार क्षतिग्रस्त हुई। BNS की दो धाराओं में केस कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर बस चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 296(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस CCTV फुटेज और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
भोपाल रेलवे पार्सल में अवैध वसूली और दलाली का खुलासा: अधिक पैसे ऐंठने के आरोप, रेलवे ने बैठाई जांच
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राजस्थान में जियो कंपनी के 6.89 करोड़ मोबाइल ग्राहक:10 साल में कस्टमर बढ़े, 41.3% हुए हिस्सेदारी
राजस्थान में रिलायंस जियो के कॉमर्शियल लॉन्च को 10 साल पूरे हो चुके हैं। एक दशक में प्रदेश में कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 2.85 करोड़ हो गई है। इस तरह अब राजस्थान के 6.89 करोड़ मोबाइल ग्राहकों में 41.3% हिस्सेदारी अकेले जियो की है। होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी अब जियो के 15.13 लाख ग्राहक हैं। ट्राई के अनुसार- अगस्त 2016 में जियो की शुरुआत के बाद पहले महीने में ही कंपनी ने प्रदेश में 9.6 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़ लिए थे। इसके बाद जून 2019 में मोबाइल ग्राहकों की संख्या के मामले में कंपनी ने प्रदेश में पहली बार नंबर-1 स्थान हासिल किया और तब से शीर्ष पर बरकरार है। वहीं देशभर में जुलाई 2026 तक जियो के लगभग 53.62 करोड़ ग्राहक हो चुके हैं।
आर्य वीर दल जोधपुर के तत्वावधान आर्य समाज मंडोर में विशाल श्रावणी उपाक्रम पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन द्वारा समाज उत्थान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को आर्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक शिव प्रकाश सोनी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, भारत के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने सभा को सम्बोधित किया। आर्यवेश ने सभा को करते हुए कहा कि वर्तमान में वैदिक मान्यताओं को व मूल्यों को अपनाने की सख्त आवश्यकता हैं। इन विचारों को अपनाकर ही स्वस्थ राष्ट्र की स्थापना संभव हैं। राष्ट्र की आज़ादी के आंदोलन में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं। क्रांतिकारियों ने एक सुन्दर,जातिवाद मुक्त राष्ट्र की कल्पना की थी। स्वामी दयानन्द द्वारा प्रतिपादित स्वदेशी राष्ट्र की कल्पना के अनुमोदक थे। राष्ट्र तभी विश्वगुरु बनेगा जब चरित्र महान होगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया संबोधित सभा को सम्बोधित करते हुए केद्रीय आर्य युवक परिषद के प्रधान स्वामी आदित्यवेश ने आर्य समाज के कार्यकर्ताओं का क्रांतिकारियों का आजादी के आंदोलन में योगदान का जिक्र करते हुए भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव राम प्रसाद बिस्मिल आदि क्रांतिकारियों के जीवन से परिचित करवाया। कार्यक्रम मे संगठन द्वारा समाज उत्थान मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को आर्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इस कड़ी में 136 बार रक्तदान करने वाले नरेंद्र सिंह राठौड़,अध्यक्ष वन्दे भारत रक्तदान संस्थान और सूर्यनगरी जोधपुर के जलाशयों को पुनर्जीवित, साफ करने वाले स्वच्छता के लिए पूर्णतया समर्पित जीवराज श्रीमाली को स्मृति चिन्ह, दुप्पट्टा पहनाकर व स्वामी दयानन्द द्वारा रचित सत्यार्थ प्रकाश भेंटकर सम्मानित किया गया। ये रहे उपस्थितकार्यक्रम में नारायण सिंह आर्य उपप्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान, चाँदमल आर्य संरक्षक,आर्य वीर दल राजस्थान, भँवरलाल आर्य अध्यक्ष प्रांतीय आर्य वीर दल राजस्थान,समाजसेवी किशन सिंह गहलोत, मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के पूर्व सचिव मोहम्मद अतीक, जितेन्द्र सिंह, जिला मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह भाटी, हरि सिंह आर्य अध्यक्ष आर्य वीर दल जोधपुर, कोषाध्यक्ष मदन गोपाल आर्य, विनोद गहलोत, गजे सिंह भाटी, जिला वुशू संघ के सचिव विनोद आचार्य, समाज सेवी राज गहलोत, साहसी कॉलोनी आर्यसमाज के प्रधान राजेश देवड़ा,पाबूपुरा आर्य समाज के प्रधान रोशन लाल आर्य, वीरेंद्र मेहता, द्वारका दास, विक्रम सिंह आर्य, अभिषेक गहलोत उपसंचालक, वीनूसा, श्रवनजी आर्य,गोपाल आर्य आदि गणमान्य आर्य जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ देवयज्ञ का आयोजन कर किया गया, यज्ञ का संचालन पुरोहित चैनाराम आर्य ने किया। कार्यक्रम का संचालन दल के संचालक डॉ लक्ष्मण सिंह आर्य ने किया। अंत में अध्यक्ष हरिसिंह आर्य ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों के विरोध में टीकमगढ़ में गुरुवार रात मौन जुलूस निकाला गया। गांधी चौराहे पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव समेत लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक ने कहा कि मामले की जांच सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अगर इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। पूर्व विधायक बोले- जिम्मेदारों की भूमिका भी जांचें केके श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से घटना के सभी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस इलाके में अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, वहां तैनात अधिकारी, पुलिसकर्मी, पटवारी, सरपंच और सचिव को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को अवैध शराब के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अवैध शराब का नेटवर्क किसके संरक्षण में चला, जांच की मांग पूर्व विधायक ने कहा कि जांच में यह भी सामने आना चाहिए कि अवैध शराब के कारोबार को कौन संरक्षण दे रहा था। उन्होंने मांग की कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों ने शराब से दूर रहने की अपील की गांधी चौराहे पर मौजूद लोगों ने जहरीली शराब से हुई मौतों पर नाराजगी जताई। प्रदीप खरे ने कहा कि शराब की वजह से परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शराब पीने वालों से इसे छोड़ने और परिवार व समाज को सुरक्षित रखने की अपील की।
समस्तीपुर जिले के घटहो थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व संदिग्ध स्थिति में हुई मिथुन गिरी की मौत के मामले में गुरुवार को जमकर बवाल हुआ। ग्रामीणों ने एक महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर घटहो थाना पहुंच गए। लोगों ने नारेबाजी करते हुए थाना परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। इस दौरान आगजनी भी की गई। महिला को छोड़ने के बाद भड़का आक्रोश ग्रामीणों का कहना था कि मिथुन गिरी की मौत के मामले में उक्त महिला और उसके पति की भूमिका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला ने अपने पति के साथ मिलकर साजिश के तहत मिथुन की हत्या कराई है। लोगों का यह भी आरोप था कि पुलिस ने अवैध राशि लेकर महिला को छोड़ दिया। महिला को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस उसे थाने लेकर आई और पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या के मामले में महिला की संलिप्तता से जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। महिला के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। पड़ोसी के घर आने-जाने की बात सामने आई घटहो थाना क्षेत्र के घाटों मठ गांव निवासी मिथुन गिरी की दो दिन पूर्व संदिग्ध स्थिति में मौत हुई थी। बताया जाता है कि पड़ोसी अवधेश गिरी और उसकी पत्नी कामिनी गिरी से मिथुन के अच्छे संबंध थे और उसका उनके घर आना-जाना था। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच पहले विवाद होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवधेश गिरी ने साजिश के तहत मिथुन को अपने घर बुलाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बलान नदी के किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने दो दिन पूर्व नदी किनारे से मिथुन का शव बरामद किया था। शव के पास से जहरीले पदार्थ की पुड़िया मिलने की बात भी सामने आई थी। पोस्टमार्टम में जहरीला पदार्थ खाने की बात दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मिथुन गिरी की मौत संदिग्ध स्थिति में हुई थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पहली नजर में जहरीला पदार्थ खाने से मौत होने की बात सामने आई है। शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मामले की जांच के लिए फोरेंसिक विभाग की टीम भी काम कर रही है और उसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। महिला से पूछताछ के बाद परिजनों को सौंपा डीएसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मिथुन गिरी की पड़ोसी एक महिला को ग्रामीण पीट रहे हैं और उसके पति पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। महिला के पति के फरार होने की बात भी सामने आई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला से पूछताछ की गई, लेकिन हत्या के एंगल से कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। इसके बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। महिला के मोबाइल फोन का सीडीआर भी निकाला जा रहा है। जांच में यदि उसकी संलिप्तता सामने आती है तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हंगामे और तोड़फोड़ में 4 गिरफ्तार महिला को छोड़े जाने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में घटहो थाना पहुंच गए। लोगों ने थाना परिसर में नारेबाजी की और कुछ लोगों ने अंदर घुसकर तोड़फोड़ की। इस दौरान आगजनी भी की गई। हंगामे की सूचना पर दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने थाना परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। डीएसपी ने कहा कि मिथुन गिरी की मौत के मामले में सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के घांघरी गांव में गुरुवार शाम पुलिस ने दो लोगों को नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा है। उनसे थाने में पूछताछ की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों और भगवती मानव कल्याण संगठन से मिली सूचना के बाद नोहटा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लिया। नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि पुलिस ने घांघरी से स्मैक पाउडर और एविल इंजेक्शन के साथ दो आरोपियों को पकड़ा है। इनमें से एक आरोपी का नाम हुक्म सिंह बताया गया है। पुलिस सामग्री की मात्रा और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। इससे पहले शराब पकड़ी थी नोहटा क्षेत्र में नशे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। कुछ दिन पहले पटी बेड़िया में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब पकड़ी गई थी। अब घांघरी में नशीले पदार्थ और इंजेक्शन के साथ दो लोगों के पकड़े जाने से क्षेत्र में नशे की गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन के संभागीय अध्यक्ष सुजान सिंह का कहना है कि नोहटा क्षेत्र में नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही सामग्री की सही मात्रा, उसके स्रोत और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका साफ हो पाएगी।
बक्सर के राजगोला क्षेत्र में नकली सरसों तेल बनाए जाने की शिकायत पर गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने आधा दर्जन से अधिक किराना दुकानों पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई की खबर फैलते ही बाजार में हड़कंप मच गया। टीम ने दुकानों से सरसों तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। दुकानों पर अचानक पहुंची प्रशासनिक टीम छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों से खाद्य सामग्री की खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात और रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके स्रोत को लेकर विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सैंपल जांच के बाद सामने आएगी हकीकत प्रशासन ने सरसों तेल, मसाले समेत दूसरी खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का मुख्य फोकस बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। कागजात और स्टॉक रिकॉर्ड खंगाले गए छापेमारी के दौरान कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के कागजात और स्टॉक रिकॉर्ड दुरुस्त करते नजर आए। प्रशासनिक कार्रवाई के चलते काफी देर तक बाजार में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। अधिकारियों ने दुकानदारों को खरीद-बिक्री और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा। चीनी कारोबारियों को भी सख्त निर्देश प्रशासन ने चीनी कारोबारियों को भी स्टॉक की निर्धारित सीमा और रिकॉर्ड को लेकर निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार कारोबारी 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकते। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर को लगातार अपडेट रखना अनिवार्य है। ज्यादा स्टॉक मिला तो होगी कार्रवाई अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक या रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कारोबारियों से नियमों का पालन करने और स्टॉक का सही हिसाब रखने को कहा है। आगे भी जारी रहेगी जांच एसडीएम के निर्देश पर शुरू हुआ यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बाजार में बिकने वाले सरसों तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की जांच का दायरा आगे और बढ़ाया जा सकता है। मिलावटखोरी पर प्रशासन की नजर प्रशासन का कहना है कि मिलावटखोरी रोकने के लिए दुकानों की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और खाद्य सामग्री के नमूने लेने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वी दिल्ली के यमुनापार में बिल्डर धड़ल्ले से पांच-छह मंजिला अवैध इमारतें बनाकर फ्लैट बेच रहे हैं, जिससे खरीदार फंस रहे हैं। अधिकारियों पर सील तोड़ने और अवैध निर्माण में संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं, जिससे लोगों की जान और मेहनत की कमाई दोनों खतरे में है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश साउथ कैंपस से सटे सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) पूरी तरह हरकत में आ गया है। बेसमेंट की खुदाई और अवैध रूप से खड़े किए जा रहे खतरनाक निर्माण के ढहने से हुए जान-माल के नुकसान के बाद निगम प्रशासन ने शहर भर में अनधिकृत निर्माणों (Unauthorized Constructions) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) शुरू कर दिया है।MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट और विजिलेंस विंग की संयुक्त टीमों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में साउथ जोन, नजफगढ़, करोल बाग और वेस्ट जोन के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। निगम द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस महा-अभियान के दौरान 41 अवैध इमारतों को बुलडोजर और हथौड़ों से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जबकि नियमों का खुला उल्लंघन कर बनाई जा रहीं 61 अन्य संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।ग्राउंड जीरो पर कार्रवाई: साउथ जोन और घनी आबादी वाले इलाके रडार परसत्य निकेतन क्षेत्र चूंकि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के छात्रों के लिए प्रमुख आवासीय और पीजी (PG) हब है, इसलिए यहां बिल्डरों द्वारा संकरी गलियों में नियमों को ताक पर रखकर 4 से 5 मंजिला इमारतें खड़ी करने की होड़ मची हुई थी।MCD की ताजा कार्रवाई का मुख्य केंद्र वे संपत्तियां रहीं जहां:बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान (Sanctioned Plan) के निर्माण कार्य चल रहा था।तय फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) और ऊंचाई की सीमा का खुला उल्लंघन किया गया था।संकरी गलियों में बिना रिटेनिंग वॉल या सुरक्षा मानकों के खतरनाक तरीके से बेसमेंट खोदे जा रहे थे।आवासीय भूखंडों पर अवैध रूप से भारी-भरकम व्यावसायिक गतिविधियां और अनधिकृत पीजी संचालित किए जा रहे थे।निगम के बुलडोजरों ने छतों, अतिरिक्त मंजिलों, अवैध बालकनियों और अनधिकृत पिलरों को काटकर गिरा दिया ताकि इन इमारतों का दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके।हादसे से लिया सबक: कमजोर ढांचों पर 'रेड क्रॉस' का निशानसत्य निकेतन में जब जर्जर इमारत का नवीनीकरण (Renovation) और अवैध विस्तार किया जा रहा था, तब पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया था, जिसमें दबकर कई मजदूरों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी से सबक लेते हुए एमसीडी ने अब एक विशेष 'स्ट्रक्चरल सेफ्टी सेल' का गठन किया है।निगम के इंजीनियरों की टीमें गली-गली जाकर पुरानी इमारतों के लोड-बेयरिंग पिलर्स और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी की जांच कर रही हैं।जो इमारतें रहने लायक नहीं हैं या जिन पर अवैध मंजिलों का अतिरिक्त भार डाल दिया गया है, उन्हें 'खतरनाक घोषित' कर खाली कराने के नोटिस चिपकाए जा रहे हैं।सील की गई 61 संपत्तियों के मुख्य द्वारों पर निगम की आधिकारिक सील लगाने के साथ-साथ स्थानीय थानों को भी पत्र भेज दिया गया है ताकि कोई भी बिल्डर सील तोड़कर काम दोबारा शुरू न कर सके।दोषी बिल्डरों और लापरवाह अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजाMCD के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों और शहरी गांवों में पनपे 'बिल्डर माफिया' के खिलाफ एक निरंतर अभियान है।बिजली-पानी काटने के निर्देश: सील और ध्वस्त की गई सभी 41 और 61 संपत्तियों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के लिए डिस्कॉम (BSES/TPDDL) और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को आधिकारिक पत्र भेज दिए गए हैं।इलाकाई इंजीनियरों पर विभागीय जांच: निगम प्रशासन यह भी जांच रहा है कि जब इन इमारतों की नींव खोदी जा रही थी और ईंटें रखी जा रही थीं, तब संबंधित वार्ड के जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) ने समय रहते चालान या सीलिंग की कार्रवाई क्यों नहीं की। दोषी पाए जाने वाले फील्ड स्टाफ के खिलाफ भी निलंबन और विभागीय चार्जशीट की तैयारी की जा रही है।MCD ने दिल्ली के नागरिकों और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी मकान या पीजी में शिफ्ट होने से पहले उसकी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच अवश्य कर लें, तथा अपने आसपास चल रहे किसी भी अवैध या खतरनाक निर्माण की शिकायत तुरंत निगम के 311 मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।
राजसमंद में केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से माय भारत पोर्टल के जरिए ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका मकसद युवाओं को विकसित भारत के निर्माण, नीति निर्धारण और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखने का मौका देना है। 30 सितंबर तक होगी चैलेंज क्विज ‘विकसित भारत चैलेंज क्विज’ का पहला चरण 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक माय भारत पोर्टल पर चल रहा है। इसमें 15 से 29 साल की उम्र के युवा डिजिटल माध्यम से हिस्सा ले सकते हैं। अधिकतम 4 लाख प्रतिभागियों में से टॉप 10 प्रतिशत प्रतिभागियों का चयन अगले चरण के लिए किया जाएगा। चयनित युवाओं को विकसित भारत के तय 10 विषयों में से संबंधित विषय पर 500 शब्दों का निबंध लिखना होगा। 5 से 19 अक्टूबर तक निबंध प्रतियोगिता निबंध प्रतियोगिता 5 से 19 अक्टूबर तक होगी। इसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता 10 से 16 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक जिले से 50 सर्वश्रेष्ठ निबंधों का चयन PPT राउंड के लिए किया जाएगा। इनमें से शीर्ष दो प्रस्तोताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। जिला युवा अधिकारी हेमंत कुमार मथुरिया ने युवाओं से इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिस्सा लेने की अपील की है।
बलरामपुर जिले के राजपुर वन क्षेत्र में बकरी चराने गए एक युवक पर जंगली भालू ने हमला कर दिया। हमले में सेवारी गांव निवासी आनंद मिंज (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर, हाथ, पैर और पीठ में चोटें आई हैं। शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया। जंगल में अचानक भालू से हुआ सामना घटना गुरुवार 10 सितंबर को दोपहर करीब 1:50 बजे की है। आनंद मिंज अपनी बकरियां चराने राजपुर रेंज के सेवारी बीट के जंगल में गए थे। इसी दौरान कक्ष क्रमांक पी-2812 के पास अचानक उनका सामना जंगली भालू से हो गया। युवक कुछ समझ पाता, उससे पहले भालू ने उस पर हमला कर दिया। हमले में वह घायल होकर गिर पड़े। बाद में परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें राजपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत में अंबिकापुर रेफर राजपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने आनंद मिंज की स्थिति को देखते हुए उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया। हालांकि, रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस उपलब्ध होने में करीब डेढ़ घंटे का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान घायल युवक और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें अंबिकापुर ले जाया गया। वन विभाग ने दी तत्काल सहायता घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी सक्रिय हुई। राजपुर वन रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि घायल युवक के परिवार को तत्काल 1 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई है। यह राशि परिक्षेत्र सहायक और राजपुर सर्किल प्रभारी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। रेंजर ने बताया कि वन विभाग को घायल आनंद मिंज को अंबिकापुर रेफर किए जाने की जानकारी भी मिली है। वन विभाग की टीम इलाके में स्थिति पर नजर रख रही है।
कटनी के विजयराघवगढ़ में स्कूली वैन से गिरकर 10 साल के छात्र की मौत के बाद पुलिस ने स्कूली वाहनों की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम बरही थाना पुलिस ने स्कूल बसों और वैन की चेकिंग की। इस दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले चार वाहनों के चालान काटकर 25 हजार रुपए समन शुल्क वसूला गया। थाना प्रभारी अरविंद चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा और चालकों के लाइसेंस समेत जरूरी दस्तावेजों की जांच की। पुलिस ने वाहन संचालकों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की हिदायत दी। स्कूल बस और वैन के दस्तावेज जांचे बरही थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों में चलने वाले वाहनों को रोककर उनकी जांच की गई। पुलिस ने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा और चालकों के लाइसेंस समेत जरूरी कागजात देखे। चार वाहनों में मिले नियमों के उल्लंघन चेकिंग के दौरान चार स्कूली वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं मिले। पुलिस के अनुसार इन वाहनों के पास फिटनेस, परमिट या बीमा से जुड़े जरूरी कागजात नहीं थे। इसके बाद चारों वाहन चालकों के चालान काटे गए और कुल 25 हजार रुपए समन शुल्क वसूला गया। थाना प्रभारी बोले- बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं थाना प्रभारी अरविंद चौबे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने और स्कूली वाहनों के लिए तय सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में स्कूली वाहनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा नगर पंचायत क्षेत्र से महिला नेताओं के बीच सरेराह भिड़ंत का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कस्बे के वार्ड नंबर 9 में जलभराव की समस्या को लेकर चल रहे नाली निर्माण और बुलडोजर से की गई तोड़फोड़ को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के बीच देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद कस्बे में राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव फैल गया है।क्या है पूरा मामला? नाली निर्माण और घर की रेलिंग तोड़े जाने से भड़का विवादस्थानीय सूत्रों और घटनाक्रम के अनुसार, विवाद की शुरुआत कुरारा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9 में नाली निर्माण की दिशा और कथित अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई:जलभराव से निपटने के लिए पहुंची थीं वर्तमान चेयरमैन: बीजेपी समर्थित वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर नगर पंचायत के कर्मचारियों और बुलडोजर (जेसीबी) के साथ मौके पर पहुंची थीं। उनका कहना था कि बारिश के मौसम में मोहल्ले में भारी जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिसकी शिकायत स्थानीय निवासियों ने की थी। जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कार्य कराया जा रहा था।पूर्व चेयरमैन के आवास के पास बुलडोजर का इस्तेमाल: निर्माण कार्य के दौरान नाली के दायरे में आ रहे पक्के ढांचों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया, जिससे पूर्व चेयरमैन के मकान के सामने बनी संरचनाएं प्रभावित हुईं।सपा की पूर्व चेयरमैन का आरोप: 'रंजिश में घर पर चलवाया बुलडोजर'सपा की पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि ने वर्तमान चेयरमैन पर राजनीतिक विद्वेष और बदले की भावना से कार्रवाई करने का सीधा आरोप लगाया है:माया वाल्मीकि का आरोप है कि वर्तमान चेयरमैन आशा रानी जानबूझकर बुलडोजर लेकर उनके घर के बाहर पहुंचीं और मकान के नीचे बनी सुरक्षा रेलिंग को तुड़वा दिया, जिससे उनका मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।उन्होंने आरोप लगाया कि इस तोड़फोड़ के चलते बारिश का गंदा पानी उनके घर के भीतर घुसने लगा।पूर्व चेयरमैन का दावा है कि जब उन्होंने नगर पंचायत के जूनियर इंजीनियर (JE) और चेयरमैन द्वारा की जा रही मनमानी तोड़फोड़ का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो वर्तमान चेयरमैन और उनके समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।वर्तमान चेयरमैन का पलटवार: 'चुनावी रंजिश के चलते विकास कार्यों में डाल रहीं बाधा'वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी की वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर ने पूर्व चेयरमैन के सभी आरोपों को मनगढ़ंत और तथ्यहीन बताया है:आशा रानी का कहना है कि वे स्थानीय लोगों के बुलाने पर जनता की सुविधा के लिए नाली निर्माण का निरीक्षण करने गई थीं।उनका आरोप है कि जब सरकारी काम चल रहा था, तभी पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि अपने परिजनों व समर्थकों के साथ मौके पर आ धमकीं और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते हुए सरकारी काम रुकवाने की कोशिश की।वर्तमान चेयरमैन ने दावा किया कि जब उन्होंने समझाने का प्रयास किया, तो पूर्व चेयरमैन ने आक्रामक होकर उन पर हमला कर दिया और हाथापाई शुरू कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि निकाय चुनाव हारने के बाद से ही पूर्व चेयरमैन कस्बे के विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने और रंजिश निकालने की कोशिश कर रही हैं।प्रशासन और पुलिस अलर्ट, वीडियो फुटेज की हो रही जांचसरेराह दो प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़ी महिला जनप्रतिनिधियों के बीच हुई इस हाथापाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। हालांकि घटना के तुरंत बाद दोनों ही पक्षों की ओर से थाने में कोई औपचारिक लिखित तहरीर नहीं दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस का कहना है कि कस्बे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यदि कोई भी पक्ष कानून हाथ में लेता है या शिकायत दर्ज कराता है, तो साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रोहतास प्रखंड के अकबरपुर में गुरुवार शाम आत्मबल जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आम सभा हुई। इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, जीविका दीदियां, कैडर और परियोजना कर्मियों ने हिस्सा लिया। आम सभा में पिछले वित्तीय वर्ष की वित्तीय रिपोर्ट, लाभ-हानि खाते और ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा की गई। सदस्यों ने इन सभी को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। अगले वित्तीय वर्ष के लिए आजीविका बढ़ाने, वित्तीय समावेशन और संस्थाओं को मजबूत करने की कार्ययोजना भी पेश की गई, जिसे सदस्यों ने मान लिया। कार्यक्रम में नए जीविका कर्मियों को आम सभा की प्रक्रिया समझाई गई। उन्हें संकुल संघ की बनावट, स्व-शासन, प्रबंधन, नियम और काम करने के तरीके के बारे में भी बताया गया। अच्छा काम करने वाले कैडरों और सक्रिय सदस्यों को सम्मानित किया गया। सभा में बताया गया कि आत्मबल संकुल संघ ने 100 प्रतिशत ऋण चुका दिया है। पिछले एक साल में ब्याज से 17,15,247 रुपये का लाभ भी मिला है। इस कार्यक्रम में जिला आईबीसीबी मैनेजर उत्पल कांत, प्रशिक्षण अधिकारी अखिलेश कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक अमित सिंह के साथ बोर्ड सदस्य और सैकड़ों जीविका दीदियां मौजूद थीं।
एक सेकंड की देरी और... वैशाली पुल हादसे में कूदकर जान बचाने वाले रंजन ने बताया कैसे गिरा लॉन्चर
वैशाली जिले के लालगंज में निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरने से गुरुवार को 7 मजदूर घायल हो गए। रंजन नाम के मजदूर ने बताया कि लॉन्चर गिरता देख उसने तुरंत ऊपर से छलांग लगा दी। अगर एक सेकंड की देरी होती तो उसकी जान चली जाती।
दमोह जिले के पथरिया थाने से लूट का एक आरोपी पुलिस कस्टडी से भाग गया। गुरुवार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी आनंद कलादगी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी को लाइन अटैच किया गया है। बुधवार सुबह लूट के आरोपी भोला आदिवासी के फरार होने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें भेजी गईं। ड्रोन की मदद भी ली गई, लेकिन भोला आदिवासी को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। एसपी ने की कार्रवाई एसपी आनंद कलादगी ने पथरिया थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा, एसआई संजू सैयाम और दो पुलिसकर्मी कुलदीप जैन व संदीप कुशवाह को निलंबित किया गया है। ये तीनों पुलिसकर्मी ही आरोपी को लेकर जा रहे थे। भोला आदिवासी ने तीन दिन पहले लूट की एक घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने मंगलवार को उसे दो नाबालिगों के साथ पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी भोला आदिवासी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक नई कहानी गढ़ी। उसने बताया कि उन्होंने एक बिजली कर्मचारी का बैग भी छीना है, जिसे मॉडल स्कूल के पास छिपाया गया है। जब पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर मॉडल स्कूल के पास पहुंची, तभी भोला आदिवासी मौका देखकर फरार हो गया। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि यह गंभीर लापरवाही है। इसी वजह से थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया गया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसआई सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
मऊगंज के वार्ड-8 में गुरुवार दोपहर बुलेट सवार एक व्यक्ति ने खुद को पटवारी बताकर निजी स्कूल के शिक्षक से 9500 रुपए छीन लिए। आरोपी ने पहले शिक्षक को प्रणाम किया और बातचीत के दौरान उनके पास रखे रुपए ले लिए। इसके बाद वह बुलेट से फरार हो गया। पीड़ित शिक्षक देवेंद्रमणि द्विवेदी लौर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के रहने वाले हैं और मऊगंज के मां गायत्री पब्लिक स्कूल में पढ़ाते हैं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे शिक्षक देवेंद्रमणि द्विवेदी ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद वे घर लौट रहे थे। करीब 3:30 बजे वार्ड-8 में राजभान कुशवाहा की दुकान के पास बुलेट सवार व्यक्ति ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपी ने उन्हें प्रणाम किया और खुद को पटवारी बताया। बातचीत के दौरान उसने शिक्षक के पास रखे 9500 रुपए छीन लिए और तुरंत बुलेट से वहां से निकल गया। काले कपड़े और हेलमेट में था आरोपी शिक्षक के अनुसार आरोपी ने काले रंग के कपड़े पहने थे और हेलमेट लगाया हुआ था। हेलमेट की वजह से उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे सका। पुलिस आरोपी के हुलिए और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। पहले भी पटवारी बनकर ठगी की शिकायतें मऊगंज में इससे पहले भी बुलेट सवार व्यक्ति द्वारा खुद को पटवारी बताकर लोगों को निशाना बनाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। पुलिस ने इन घटनाओं के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। हालांकि, ताजा घटना में पकड़े गए आरोपी का पहले सामने आए मामलों से संबंध है या नहीं, इसकी पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आरोपी की पहचान और पुराने मामलों से उसके संबंध की स्थिति साफ होगी।
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार, कारतूस और बाइक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितिक मिश्रा उर्फ किट्टु और सुजित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों मधुबन गांव स्थित एक आटा चक्की के पास हथियार के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि मधुबन गांव में आटा चक्की के पास कुछ संदिग्ध युवक हथियार के साथ जमा हैं। सूचना मिलते ही कांटी थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही दोनों युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पिस्टल और 3 कारतूस बरामद तलाशी लेने पर दोनों के पास से एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, इसी बाइक का इस्तेमाल दोनों संदिग्ध गतिविधियों के लिए कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। जांच में दोनों के शराब पीने की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार, यह बिहार में लागू शराबबंदी कानून का उल्लंघन है। रितिक पर चोरी से हत्या तक के केस पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रितिक मिश्रा उर्फ किट्टु आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ कांटी, मीनापुर और मोतीपुर थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, एनडीपीएस एक्ट, हत्या, आर्म्स एक्ट, अवैध शराब और डकैती से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच कर रही है। हथियार कहां से आया, पुलिस कर रही जांच डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में कांटी थाने में नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार आरोपियों के पास कहां से आया था और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
लगातार दो या तीन कार्यकालों तक सत्ता में रहने के बाद किसी भी राजनीतिक दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं की स्वाभाविक थकान और स्थानीय स्तर पर पनपने वाली 'एंटी-इनकंबेंसी' (सत्ता विरोधी लहर) होती है। स्थानीय विधायकों के प्रति नाराजगी, नौकरशाही की मनमानी और अधूरे वादे अक्सर चुनाव में सत्ताधारी दल का गणित बिगाड़ देते हैं। इस राजनीतिक खतरे को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष रणनीतिकारों ने एक नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है।पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि बड़े राष्ट्रीय मुद्दों, विचारधारा और हाई-वोल्टेज प्रचार के साथ-साथ इस बार का सबसे धारदार हथियार होगा—'सड़क, बिजली और पानी' (Roti, Sadak, Bijli, Pani Model)। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आम मतदाता की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे छूने वाले इन तीन बुनियादी पैमानों पर यदि शत-प्रतिशत संतुष्टि हासिल कर ली जाए, तो स्थानीय विधायकों के खिलाफ बने असंतोष को काफी हद तक बेअसर किया जा सकता है।बुनियादी ढांचा और लास्ट-माइल डिलीवरी: जमीन पर उतरने की 4 सूत्रीय कार्ययोजनाबीजेपी की केंद्रीय और प्रांतीय इकाइयों ने सरकार और संगठन के समन्वय से इस अभियान को धरातल पर उतारने की तैयारी की है:1. ग्रामीण और शहरी सड़कों का सघन ऑडिट (Road Connectivity):पार्टी ने राज्य सरकारों और लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिया है कि मुख्य राजमार्गों के साथ-साथ गांवों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों और कस्बों की खस्ताहाल गलियों का युद्धस्तर पर जीर्णोद्धार किया जाए। गड्ढामुक्त सड़कों के लक्ष्य को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए स्थानीय विधायकों को खुद सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है।2. 24x7 निर्बाध बिजली और लो-वोल्टेज संकट का खात्मा:गर्मियों और बुआई के मौसम में किसानों व आम जनता को होने वाली बिजली कटौती सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनती है। पार्टी का फोकस ट्रांसफार्मर जलने पर 24 से 48 घंटे के भीतर बदले जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति और सोलर रूफटॉप (पीएम सूर्य घर योजना) को घर-घर पहुंचाकर बिजली बिलों को शून्य या न्यूनतम करने पर है।3. 'हर घर जल' मिशन की गति में तेजी:जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइनों और पानी की टंकियों के निर्माण कार्य को चुनाव से पहले पूर्ण रूप से चालू करने का लक्ष्य है। जहां पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोदी गई थीं, उन्हें तत्काल री-पेव (मरम्मत) करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता में ठेकेदारों की लापरवाही को लेकर उपजा गुस्सा शांत हो सके।4. स्थानीय विधायकों का 'परफॉर्मेंस कार्ड' और टिकट बंटवारा:पार्टी आंतरिक सर्वे के जरिए यह आंकलन कर रही है कि किन विधायकों ने अपने क्षेत्र में सड़क, बिजली और पेयजल की योजनाओं को जमीन पर उतारा है और किनके खिलाफ जनता में गहरा रोष है। भारी एंटी-इनकंबेंसी वाले क्षेत्रों में नए और बेदाग चेहरों को मौका देकर सत्ता विरोधी माहौल की धार कुंद की जाएगी।बड़े भावनात्मक मुद्दों के साथ 'माइक्रो-गवर्नेंस' का संतुलनराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की चुनावी मशीनरी हमेशा दो मोर्चों पर एक साथ काम करती है:एक तरफ शीर्ष नेतृत्व का राष्ट्रीय विजन, राष्ट्रवाद और कल्याणकारी योजनाओं (फ्री राशन, आवास, किसान सम्मान निधि) का बड़ा कैनवास होता है।दूसरी तरफ जमीन पर बूथ स्तर तक 'माइक्रो-गवर्नेंस' यानी नल से पानी आ रहा है या नहीं, ट्रांसफार्मर समय पर बदला गया या नहीं और गली की सड़क पक्की बनी या नहीं—इन तीन सवालों के इर्द-गिर्द मतदाताओं को सरकार के काम का सीधा अहसास कराना।जब मतदाता को यह दिखता है कि उसके घर के बाहर का खंभा जल रहा है, दरवाजे तक पक्की सड़क है और पीने का साफ पानी नियमित मिल रहा है, तो राजनीतिक दलों के लिए जातिगत या विरोधी नैरेटिव बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।'विकास रथ' और मंत्रियों के सीधे दौरेइस पूरी योजना को केवल कागजों तक सीमित न रखने के लिए पार्टी ने मंत्रियों, सांसदों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के जिलेवार रात्रि प्रवास और औचक निरीक्षण (Surprise Inspections) का शेड्यूल तैयार किया है। सरकारी मशीनरी की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ यह संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी सत्ता में रहकर भी विपक्ष जैसी सक्रियता के साथ जनसमस्याओं को लेकर सजग है।
अनूपपुर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम पुलिस ने झीमर नाला के पास छापा मारा। पुलिस ने अवैध शराब बनाने की तैयारी में जंगल में छिपाकर रखे 24 डिब्बों से 72 किलो महुआ लाहन और शराब बनाने का सामान जब्त किया। जब्त किए गए सामान को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि झीमर नाला के पास एक व्यक्ति प्लास्टिक के डिब्बों में अवैध महुआ लाहन रखकर शराब बनाने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और छापा मारा। एक आरोपी को पकड़ा कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यक्ति की पहचान इंद्रानगर रामनगर निवासी 29 साल के अजय कुमार सिंह गोंड के रूप में हुई। तलाशी लेने पर मौके से 24 प्लास्टिक के डिब्बों में भरा करीब 72 किलोग्राम अवैध महुआ लाहन मिला, जिसकी कीमत लगभग 10,000 रुपए बताई गई है। साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के डिब्बे और दूसरी सामग्री भी जब्त की गई। जब्त किए गए 24 डिब्बों में भरे अवैध महुआ लाहन और शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री को नष्ट कर दिया गया, ताकि इनका दोबारा इस्तेमाल न हो सके। पुलिस के अनुसार, घने जंगल के अंदर नाले के पास शराब बनाने की तैयारी की सूचना पर 8 पुलिसकर्मियों का दल मुख्य सड़क पर पहुंचा। वहां गाड़ी छोड़कर करीब 500 मीटर पैदल चलकर नाले की तरफ गए। पुलिस को पैदल आता देख आरोपी भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और छिपाए गए डिब्बों को बाहर निकलवाया। अलग-अलग जगहों से कुल 24 डिब्बे निकाले गए। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी संपतिया मरावी ने बताया कि अनूपपुर, राजनगर, कोतमा और राजेंद्रग्राम आबकारी क्षेत्रों में छापेमारी कर पिछले एक हफ्ते में 13 मामले दर्ज किए गए हैं। इन कार्रवाइयों में 57 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 8 हजार 550 रुपए बताई गई है। यह छापेमारी अनूपपुर, लखनपुर, दुधमनिया, कासा, राजेंद्रग्राम, धीरूटोला, कोतमा, जमुना बस्ती, बदरा और श्रमिक नगर जैसे इलाकों में की गई।
'2027 बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों का विवरण सावधानी से भरें', सीबीएसई का स्कूलों को निर्देश
सीबीएसई ने वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूलों को छात्रों का विवरण सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने नौवीं-ग्यारहवीं के पंजीकरण और दसवीं-बारहवीं की परीक्षार्थी सूची (एलओसी) जमा करने से पहले सभी जानकारी सही रखने को कहा है ताकि भविष्य में कोई समस्या न हो।
शाजापुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत सभागृह में विधानसभा स्तर की कार्यशाला हुई। इसमें अभियान की गतिविधियों, उनके समय पर क्रियान्वयन और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर जानकारी दी गई। कार्यशाला में शाजापुर विधायक अरुण भीमावद ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने और अभियान की सभी गतिविधियां तय समय में पूरी करने को कहा। अभियान में होंगी ये प्रमुख गतिविधियां कार्यशाला में आशीर्वाद का दीया, 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत, नमो सेवा गाथा, आंगन का उत्सव, कहानी बदलाव की, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार और रंगोली राष्ट्र थीम जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई। लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर विधायक अरुण भीमावद ने कहा कि अभियान की गतिविधियों में आम लोगों की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत तय की गई गतिविधियों को समय पर पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन, डॉ. रवि पाण्डे, नरेंद्र यादव, आशीष नागर, शीतल भावसार और हरिओम गोठी मौजूद रहे। इसके अलावा एसडीएम मनीषा वास्कले, जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ जितेंद्र सिंह सेंगर, जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से छात्राओं की सुरक्षा और निजता (Privacy) को तार-तार कर देने वाला एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर के एक प्रमुख निजी गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम की छत (टिनशेड) में छुपाकर रखा गया एक स्मार्टफोन ऑन हालत में मिला, जिसका वीडियो कैमरा सीधे बाथरूम के अंदरूनी हिस्से की ओर फोकस था।छात्राओं द्वारा इस गुप्त कैमरे को पकड़े जाने के बाद हॉस्टल परिसर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। मामला तब और ज्यादा भड़क गया जब हॉस्टल की महिला वार्डेन ने अपनी सफाई में बेहद अजीबोगरीब और बेतुका तर्क देते हुए कहा कि कैमरा उसने खुद यह देखने के लिए लगाया था कि छात्राएं इस्तेमाल किए गए 'सैनिटरी पैड' डस्टबिन में फेंकती हैं या नहीं। वार्डेन की इस दलील ने छात्राओं और उनके परिजनों के गुस्से को और भड़का दिया।कैसे खुला गुप्त कैमरे का राज?हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज की पढ़ाई करने वाली छात्राओं के अनुसार, यह घटना तब उजागर हुई जब एक छात्रा सुबह स्नान करने बाथरूम में गई:नहाते समय छात्रा की नजर अचानक ऊपर टिनशेड और दीवार के बीच बने एक संकरे गैप पर पड़ी, जहां प्लास्टिक और कपड़े के बीच कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया।जब उसने गौर से देखा तो पाया कि वहां एक चालू स्मार्टफोन टिकाकर रखा गया था, जिसकी स्क्रीन ऑन थी और बैक कैमरा सीधे नीचे की तरफ वीडियो रिकॉर्डिंग मोड में एक्टिव था।छात्रा ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद हॉस्टल की अन्य लड़कियां वहां इकट्ठा हो गईं। छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए उस मोबाइल फोन को नीचे उतारा और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित करते हुए तुरंत वार्डन से जवाब मांगा।वार्डेन का अजीब तर्क: 'सैनिटरी पैड चेक करने के लिए लगाया था फोन'जब छात्राओं ने रंगे हाथों पकड़े गए फोन को लेकर हॉस्टल वार्डेन को घेरा, तो उसके दिए गए जवाब ने सभी को स्तब्ध कर दिया:वार्डेन ने कैमरे की बात स्वीकार करते हुए सफाई दी कि हॉस्टल के वॉशरूम में छात्राएं सैनिटरी पैड सही तरीके से डिस्पोज नहीं करती थीं और पाइपलाइन चोक हो जाती थी, इसलिए वह केवल यह 'निगरानी' रखना चाहती थी कि कौन सी छात्रा गंदगी फैला रही है।छात्राओं ने इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए सवाल उठाया कि किसी भी स्थिति में महिलाओं के निजी बाथरूम के भीतर कैमरा लगाना पूरी तरह गैरकानूनी, अनैतिक और घिनौना कृत्य है। छात्राओं को आशंका है कि यह कोई निगरानी नहीं, बल्कि आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करके उन्हें ब्लैकमेल करने या किसी ऑनलाइन नेटवर्क पर लीक करने की सोची-समझी साजिश हो सकती है।सड़क पर उतरीं छात्राएं, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमाघटना के बाद हॉस्टल की दर्जनों छात्राएं सड़क पर उतर आईं और हॉस्टल प्रबंधन व वार्डेन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी और महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचे।मोबाइल जब्त, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा: पुलिस ने मौके से टिनशेड में मिले मोबाइल फोन को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है।डेटा रिकवरी और क्लाउड बैकअप की जांच: पुलिस की साइबर क्राइम टीम फोन की जांच कर रही है कि उसमें अब तक कितने वीडियो रिकॉर्ड किए गए, क्या कोई वीडियो किसी व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल या क्लाउड स्टोरेज पर अपलोड किया गया है, और क्या पहले से कोई फुटेज डिलीट की गई है।मुकदमा दर्ज: पुलिस ने छात्राओं की तहरीर के आधार पर आरोपी वार्डेन और हॉस्टल संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं (ताक-झांक/Voyeurism और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने) तथा आईटी एक्ट (IT Act) की संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।अभिभावकों में भारी आक्रोश, हॉस्टलों के ऑडिट की मांगइस घटना ने शहर के तमाम हॉस्टलों और पीजी (PG) में अपनी बेटियों को रखकर पढ़ाने वाले अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि जहां बेटियां खुद को सबसे सुरक्षित समझती हैं, वहीं अगर इस तरह की घिनौनी हरकतें होंगी, तो बच्चियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय सामाजिक संगठनों और छात्र संघों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी निजी गर्ल्स हॉस्टल्स और लॉज का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाए और वहां सुरक्षा मानकों व कैमरों की स्थिति का कड़ा ऑडिट कराया जाए।
सिरसा के डबवाली में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलवंत सिंह की करीब 1.29 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी है। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के किलियांवाली गांव निवासी कुलवंत सिंह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 13 मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 मामले नशा तस्करी से जुड़े हैं। डबवाली पुलिस जिले के गठन के बाद नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्ति पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान सिर्फ गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगा। नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी कानून के तहत निशाना बनाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मचा है। इन संपत्ति को किया फ्रीज पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनंद कुमार के अनुसार, फ्रीज की गई संपत्ति में गांव शेरगढ़ की 4 कनाल 9 मरला कृषि भूमि, जिसकी कीमत 9 लाख रुपए से अधिक है, और 12 कनाल 11 मरला जमीन, जिसकी कीमत करीब 25.30 लाख रुपए है, शामिल है। इसके अलावा किलियांवाली में करीब 23.60 लाख रुपए कीमत का आवासीय मकान, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर दुकान भी है, और मंडी डबवाली के गुरु जंभेश्वर नगर स्थित करीब 9.29 लाख रुपए का मकान भी फ्रीज किया गया है। कार्रवाई के तहत आरोपी के 6 बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं, जिनमें करीब 10.60 लाख रुपए जमा थे। इसके साथ ही 4 वाहन भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनमें 15 लाख रुपए से अधिक कीमत की हुंडई क्रेटा, 6.12 लाख रुपए की टोयोटा फॉर्च्यूनर, 5.95 लाख रुपए की महिंद्रा बोलेरो और 22.65 लाख रुपए कीमत का अशोक लेलैंड मालवाहक ट्रक शामिल है। 10 अगस्त को फ्रीजिंग ऑर्डर जारी हुए कुलवंत सिंह के खिलाफ थाना शहर डबवाली में 9 फरवरी 2023 को 97 किलो पोस्त चूरा डोडा बरामद होने पर NDPS एक्ट की धारा 15C/61 के तहत केस दर्ज हुआ था। उसे 16 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। वित्तीय जांच के आधार पर NDPS एक्ट की धारा 68-F(1) के तहत 10 अगस्त 2026 को फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किया गया। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी से 7 सितंबर को मंजूरी मिलने पर संपत्तियों को नियमानुसार फ्रीज किया गया। आरोपी पर कुल 13 मामले दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी पर कुल 13 मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 नशा तस्करी से संबंधित हैं। इनमें 6 कमर्शियल और 3 इंटरमीडिएट मात्रा के मामले हैं। साल 2010 के एक मामले में 160 किलो पोस्त चूरा डोडा बरामद हुआ था और आरोपी को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सैकड़ों किलो पोस्त की बरामदगी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। एसपी जसलीन कौर ने कहा कि नशे के कारोबार को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और तस्करों को संरक्षण या वित्तीय मदद देने वालों की भूमिका की भी जांच होगी।
सहरसा में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर गुरुवार शाम सहरसा पहुंचे। आगामी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उन्होंने जिला परिषद परिसर स्थित पूजा बैंक्वेट हॉल में सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और सुपौल के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रत्याशी चयन, चुनावी तैयारियों और अभियान की रणनीति पर चर्चा हुई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… लोकतांत्रिक तरीके से होगा प्रत्याशी का चयन बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि कोशिश ऐसे प्रत्याशी को चुनने की है, जो चुनाव जीतने के बाद बिहार की बेहतरी, शिक्षा और रोजगार के लिए काम कर सके। सम्राट चौधरी के 'बेचारे' बयान पर पलटवार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'बेचारे' वाले बयान पर प्रशांत किशोर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शायद मुख्यमंत्री को किसी ने 'बेचारा' शब्द का मतलब नहीं समझाया है। उनके अनुसार, बेचारा वह होता है जिसके पास कोई चारा नहीं होता। प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार को सुधारने के संकल्प के सामने हमारे पास कोई चारा नहीं है। हम सम्राट चौधरी जैसे अनपढ़ और अपराधी के हाथ में बिहार को छोड़कर नहीं जा सकते। इस नजरिए से हम बेचारे ही हैं। 80 साल पुरानी बाढ़ की समस्या पर सरकार से सवाल बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ की समस्या नई नहीं है और कोसी क्षेत्र के लोग इसके दर्द को सबसे ज्यादा समझते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार करीब 80 वर्षों से बाढ़ की समस्या झेल रहा है, लेकिन 20 साल से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पाई। उन्होंने नरेंद्र मोदी और सम्राट चौधरी से सवाल किया कि बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत कब मिलेगी। 'बाढ़ सत्ता में बैठे लोगों की कमाई का जरिया' प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ सत्ता में बैठे लोगों की कमाई का बड़ा जरिया बन गई है। उन्होंने कहा कि बांध बनाने, बांध टूटने के बाद उसकी मरम्मत और बाढ़ राहत के कार्यों में भ्रष्टाचार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग बाढ़ की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहते, क्योंकि समस्या खत्म होने के साथ इन कामों से होने वाली कमाई के अवसर भी खत्म हो जाएंगे। जल संसाधन विभाग को लेकर नीतीश पर निशाना प्रशांत किशोर ने जल संसाधन विभाग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकारों में विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान होती रहती है, लेकिन जल संसाधन विभाग ऐसा विभाग है, जिसे सत्तासीन दल छोड़ना नहीं चाहता। नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने कई विभागों का बंटवारा किया और उपमुख्यमंत्री का पद भी दूसरे नेताओं को दिया, लेकिन जल संसाधन विभाग अपने पास रखा। प्रशांत किशोर ने इसे कमाई का आसान जरिया बताया। चार जिलों के पदाधिकारी बैठक में हुए शामिल बैठक में प्रदेश स्तर से सरवर अली, सुभाष कुशवाहा, किशोर कुमार और ललन यादव मौजूद रहे। इसके अलावा रजनीश रंजन, डॉ. विमला कुमारी, जिला अध्यक्ष कुमार अमृत राज, गजेंद्र यादव, अनिल सिंह, गजेंद्र निषाद, सुरेंद्र कुमार यादव और नवल किशोर समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कनाडा के ओटावा के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में बुधवार तड़के दो वाहनों के बीच हुई टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना फेलोफील्ड रोड पर ओल्ड रिचमंड रोड के पास हुई। मृतक की पहचान होशियारपुर के टांडा निवासी ब्रह्मजोत सिंह के रूप में हुई है। वह गुरप्रीत सोढ़ी का बेटा था। ब्रह्मजोत की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह दो साल पहले कनाडा गया था। उसका परिवार कनाडा में ही रहता है। ओटावा फायर सर्विसेज के प्रवक्ता निक डीफैज़ियो ने बताया कि किआ सोरेंटो और होंडा सी.आर.वी. के बीच टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। हादसे के बाद दोनों गाड़ियां एक-दूसरे से करीब 25 मीटर की दूरी पर जल रही थीं। हादसे के समय खुद वाहन चला रहा था युवक उन्होंने यह भी बताया कि होंडा सी.आर.वी. पूरी तरह आग की चपेट में थी, जिसके कारण उसकी तुरंत जांच नहीं हो पाई। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मजोत सिंह हादसे के समय खुद वाहन चला रहा था। ब्रह्मजोत सिंह की दादी टांडा में रहती हैं। इस खबर से उनके परिवार और इलाके में दुख का माहौल है।
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किसान की करंट लगने से मौत:उमरिया में घर से खेत काम करने गया था, इंदवार थाना क्षेत्र में हादसा
उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के बटुराबाह महुआहार गांव में खेत में करंट लगने से 35 साल के एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुरेश प्रजापति पिता लल्ली प्रजापति के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को सुरेश प्रजापति खेती के काम से खेत गए थे। इसी दौरान वे खेत में फैले करंट की चपेट में आ गए। घटना की खबर मिलते ही इंदवार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा बनाया और जरूरी कार्रवाई शुरू की। बताया गया कि मृतक खेती करके अपने परिवार का गुजारा करता था। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि खेत में करंट वाला तार कहां से आया और उसे किसने लगाया था। इंदवार थाना प्रभारी एनएल घुर्वे ने बताया कि करंट कहां से आया और तार किसने लगाया, इसकी जांच चल रही है।
नागरिकों को बिना औपचारिक गिरफ्तारी या विधिक प्रक्रिया के थानों में गैरकानूनी रूप से बैठाए रखने (Illegal Custody) और फिर अदालत में बचाव के लिए कैमरों की खराबी का तर्क देने की प्रवृत्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद तीखी टिप्पणी की है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अतुल श्रीधरन की पीठ के समक्ष जब पुलिस विभाग की ओर से यह दलील दी गई कि थाने के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे '12 अप्रैल से ही खराब पड़े हैं', तो अदालत ने इसे पुलिसिया जवाबदेही से बचने का एक सुविधाजनक और अस्वीकार्य हथकंडा करार दिया। अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा थानों में कैमरों की अनिवार्यता को लेकर जारी किए गए ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों का इस तरह मखौल उड़ाया जाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।क्या है पूरा मामला? अवैध हिरासत और बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकामामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, एक नागरिक को पुलिस द्वारा बिना किसी विधिवत एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो या 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए बिना कई दिनों तक थाने में गैरकानूनी तरीके से बैठाए रखने का आरोप लगा था।पीड़ित पक्ष के परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई और मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) दाखिल की थी।याचिका में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि संबंधित व्यक्ति को थाने की चारदीवारी के भीतर अवैध कस्टडी में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है।अदालत ने जब मामले की निष्पक्षता और आरोपों की सच्चाई परखने के लिए थाने की घटना दिनांक की सीसीटीवी फुटेज तलब की, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि थाने का सीसीटीवी सिस्टम 12 अप्रैल से ही तकनीकी खराबी के चलते काम नहीं कर रहा है।'12 अप्रैल से अब तक कैमरे ठीक क्यों नहीं हुए?': जस्टिस अतुल श्रीधरन की सख्त टिप्पणीसुनवाई के दौरान जब पुलिस ने महीनों से कैमरे बंद होने की बात कही, तो जस्टिस अतुल श्रीधरन ने पुलिस अधिकारियों की मंशा और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए:अदालत ने टिप्पणी की कि जब भी थानों में अवैध हिरासत, हिरासत में मारपीट (Custodial Violence) या अधिकारों के हनन का मामला अदालत तक पहुंचता है, तो पुलिस का सबसे पहला और तयशुदा जवाब यही होता है कि संबंधित समय पर सीसीटीवी बंद था या खराब था।बेंच ने सवाल किया कि यदि 12 अप्रैल से कैमरा खराब था, तो इतने लंबे समय तक सक्षम अधिकारियों या संबंधित एजेंसी को इसकी मरम्मत के लिए सूचित क्यों नहीं किया गया? क्या सिस्टम को जानबूझकर बंद रखा गया ताकि थाने के भीतर की जाने वाली गैरकानूनी गतिविधियों का कोई डिजिटल रिकॉर्ड न बन सके?अदालत ने कहा कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कोई विलासिता (Luxury) नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) और पुलिस जवाबदेही की रक्षा के लिए अनिवार्य सुरक्षा कवच है।सुप्रीम कोर्ट के 'परमवीर सिंह सैनी' फैसले की याद दिलाईइलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान देश की सर्वोच्च अदालत के ऐतिहासिक परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020) मामले के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया:हर कोने में कैमरा अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त आदेश दिया था कि हर पुलिस स्टेशन के प्रवेश द्वार, निकास द्वार, लॉकअप, गलियारे, इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर के कमरे और रिसेप्शन समेत सभी प्रमुख स्थानों पर नाइट विजन और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग युक्त कैमरे लगाए जाएं।18 महीने का बैकअप: दिशा-निर्देशों के अनुसार, फुटेज का कम से कम एक साल (12 से 18 महीने) का डेटा सुरक्षित (Backup) रखना अनिवार्य है।कैमरा खराब होने पर तुरंत रिपोर्टिंग: यदि किसी थाने का कोई भी कैमरा खराब होता है, तो स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) का यह कानूनी दायित्व है कि वह उसी दिन इसकी सूचना जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLC) और उच्चाधिकारियों को दे तथा समयबद्ध तरीके से उसे ठीक कराए।पुलिस अधिकारियों पर तय होगी व्यक्तिगत जवाबदेहीहाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'सीसीटीवी खराब होने' की आड़ में मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के हनन की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस बात की विस्तृत रिपोर्ट पेश करें कि कैमरा खराब होने की आधिकारिक शिकायत कब दर्ज कराई गई थी और इसे इतने दिनों तक दुरुस्त क्यों नहीं कराया गया। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से जानबूझकर साक्ष्य छिपाने या अवैध हिरासत को ढकने की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना (Contempt) और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कटिहार के पोठिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केला के खेत की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। सतबेहरी चांदपुर बहियार में महंथ बाबा स्थान के पास झोपड़ी बनाकर अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कटिहार सदर अनुमंडल पदाधिकारी विशाल आनंद के अनुसार, पोठिया थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि केला के खेत के बीच बनी झोपड़ी में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही भागने लगे तीनों आरोपी छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को देखते ही झोपड़ी में मौजूद तीन लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. रफीक आलम (30), मो. फिरोज (35) और मो. बजीर (44) के रूप में हुई है। झोपड़ी से हथियारों का जखीरा बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल, एक आधी बनी पिस्टल, एक बैरल और दो मैगजीन बरामद कीं। इसके अलावा 7.65 एमएम की छह जिंदा गोलियां भी मिली हैं। पुलिस को दो आधी बनी मैगजीन भी मिलीं। हथियार बनाने के कई उपकरण मिले पुलिस ने मौके से दो गैस कटिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। इनमें रेती, सुआ, लोहे के टुकड़े, स्प्रिंग समेत अन्य सामान शामिल हैं। तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। नेटवर्क और हथियारों की बिक्री की जांच पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि मिनी गन फैक्ट्री में कितने समय से हथियार बनाए जा रहे थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तैयार हथियार किन लोगों को और कहां सप्लाई किए जाते थे। पोठिया थाने में केस दर्ज एसडीपीओ ने बताया कि मामले में पोठिया थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अवैध हथियार निर्माण के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
सहारनपुर और मुरादाबाद में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर मेरठ की शाही जामा मस्जिद को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मेरठ के कोतवाली क्षेत्र स्थित सदियों पुरानी इस ऐतिहासिक मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ, विहार अथवा मौर्यकालीन पुरातात्विक अवशेष दबे होने का दावा किया गया है।मेरठ जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने मेरठ मंडल के कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और जिलाधिकारी को औपचारिक प्रार्थना-पत्र सौंपकर पूरे परिसर की वैज्ञानिक जांच और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने की मांग उठाई है। ज्ञापन की प्रति उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण को भी भेजी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।1904 का गजेटियर और चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत का दिया हवालाअधिवक्ता की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन में अपने दावों की पुष्टि के लिए कई ऐतिहासिक दस्तावेजों और साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है:मेरठ जिला गजेटियर (1904): ब्रिटिश काल के आधिकारिक गजेटियर में दर्ज ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए बताया गया है कि मेरठ प्राचीन काल से ही बौद्ध और मौर्य कालीन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।ह्वेनसांग का यात्रा वृत्तांत: 7वीं शताब्दी में भारत आए प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु व यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) के विवरणों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इस क्षेत्र में सम्राट अशोक के काल के कई बौद्ध स्तूप और मठ मौजूद थे।इतिहासकार प्रो. केडी शर्मा के शोध का उल्लेख: ज्ञापन में वरिष्ठ इतिहासकार प्रोफेसर के. डी. शर्मा के दावों का भी हवाला दिया गया है, जिन्होंने मस्जिद की आंतरिक संरचना में कथित तौर पर ऐसे अलंकृत प्रस्तर स्तंभों (Stone Pillars) की मौजूदगी की बात कही थी, जो प्राचीन मौर्य अथवा बौद्ध कालीन स्थापत्य शैली से मेल खाते हैं।निष्पक्ष वैज्ञानिक जांच और विशेषज्ञ समिति की मांगदावा करने वाले पक्ष का कहना है कि यह मांग किसी धर्म, समुदाय या पूजा पद्धति के खिलाफ नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल ऐतिहासिक तथ्यों की सत्यता की वैज्ञानिक जांच कराना और संभावित प्राचीन धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि:भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), राज्य पुरातत्व विभाग, भू-वैज्ञानिकों, बौद्ध अध्ययन के जानकारों और जिला प्रशासन की एक उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित की जाए।आधुनिक ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) और अन्य गैर-आक्रामक वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए परिसर की जांच कराई जाए, ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।अधिवक्ता ने कहा है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होती है, तो वे साक्ष्यों के आधार पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।प्रशासन का रुख: दस्तावेजों की समीक्षा के बाद होगा निर्णयप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह केवल एक पक्ष द्वारा सौंपा गया ज्ञापन और दावा है। अभी तक पुरातात्विक या आधिकारिक रूप से किसी प्राचीन बौद्ध संरचना की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अब उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, वक्फ दस्तावेजों और ऐतिहासिक साक्ष्यों का परीक्षण कर रहा है। शहर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।

