मुजफ्फरनगर की पॉश कॉलोनी ‘श्री हरि वृंदावन सिटी’ में मकान विवाद और महिलाओं से अभद्रता के आरोपों के बाद भाजपा नेता और भाकियू (चौधरी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्य प्रताप राणा सामने आए हैं। मंगलवार को उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आरोपों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और साजिश का हिस्सा बताया। सूर्य प्रताप राणा ने कहा बच्चन सिंह कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह के साथ उनके मकान का सौदा करीब एक करोड़ 70 लाख रुपये में तय हुआ था। लेकिन अब तक उनकी ओर से केवल 93.5 लाख रुपये ही दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी बड़ी रकम बाकी है और भुगतान पूरा हुए बिना मकान पर कब्जा मांगना पूरी तरह गलत है। राणा ने यह भी बताया कि राजेंद्र सिंह की ओर से दिए गए दो चेक भी बाउंस हो चुके हैं। इनमें एक चेक 15 लाख रुपये और दूसरा 9 लाख रुपये का बताया गया है। उनका कहना है कि जब भुगतान अधूरा है और चेक तक पास नहीं हो रहे, तो ऐसे में मकान का कब्जा देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र सिंह और उनके लोग आधे मकान का बैनामा कराकर पूरे पर कब्जा करने की नीयत से झूठे आरोप लगा रहे हैं। राणा के मुताबिक पहले दबाव बनाकर आधा मकान हड़पने की कोशिश की जा रही है और बाद में बाकी हिस्से को भी औने-पौने दामों में कब्जाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के विवादों में संबंधित पक्ष का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है। सूर्य प्रताप राणा ने बताया कि उन्होंने पहले ही बैनामा निरस्त कराने के लिए कोर्ट में केस दायर कर रखा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को जानबूझकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह पूरी तरह से लेन-देन और संपत्ति विवाद का मामला है। राणा ने महिलाओं से अभद्रता, मारपीट, धक्का-मुक्की और धमकी देने के आरोपों से भी साफ इनकार किया। उनका कहना है कि मौके पर किसी महिला के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं हुआ और न ही किसी को धमकाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने भी उन्होंने पूरा पक्ष रखा है और सभी दस्तावेज जांच के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति तय रकम का बड़ा हिस्सा अभी तक नहीं दे पाया है, तो वह मकान पर कब्जे की मांग किस आधार पर कर रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दावों की जांच कर रही है। वहीं इस हाईप्रोफाइल संपत्ति विवाद को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आपको बता दें कि रविवार को बचनसिंह कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह पक्ष ने सूर्य प्रताप राणा द्वारा सेल किए जा रहे मकान पर पहुंचकर कब्जा लेने की कोशिश करते हुए जमकर हंगामा किया था।
धनबाद मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी जीतन रजवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 27 वर्षीय जीतन गोविंदपुर थाना क्षेत्र के संग्रामडीह का निवासी था और अपनी पत्नी संजोती देवी की हत्या के आरोप में 16 मई से जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, जेल भेजे जाने के दिन ही जीतन की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए धनबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। सोमवार देर रात जीतन रजवार की तबीयत अचानक फिर खराब हो गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की निगरानी के लिए रविन्द्र नाथ ठाकुर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की देखरेख में कराया जाएगा। मजिस्ट्रेट रविन्द्र नाथ ठाकुर और धनबाद थाना के एसआई जेएल शर्मा ने बताया कि मृतक पहले से किसी बीमारी से ग्रसित था। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि 16 मई को जीतन रजवार की पत्नी संजोती देवी का शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। संजोती के पिता नरेश रजवार के बयान पर गोविंदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जीतन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मृतक दंपति का एक चार साल का बेटा भी है।
संभल में ग्राम प्रधान के देवर पर हमला:पंचायत घर में टाइल्स लगाने को लेकर हुई मारपीट, तीन पर केस दर्ज
संभल में पंचायत घर में टाइल्स लगाने को लेकर हुए विवाद में ग्राम प्रधान के देवर पर हमला किया गया। आरोप है कि तीन लोगों ने उनके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा है और तीन नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना संभल जनपद के थाना हयातनगर क्षेत्र के अढ़ोल गांव की है। ग्राम प्रधान पति सतीश यादव ने बताया कि उनके भाई पंचायत घर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने गए थे। इसी दौरान उन पर हमला हुआ। सतीश यादव के अनुसार, योगेंद्र, भगत और दिनेश नामक तीन व्यक्तियों ने उनके भाई को पीटा और गला दबाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि हमलावर सुबह से ही उनके भाई को परेशान कर रहे थे और एक बार पहले भी टाइलें तोड़ चुके थे। हमलावरों ने मजदूरों को काम रोकने का निर्देश दिया था। जब मजदूरों ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान के देवर को दी, तो वह मौके पर पहुंचे। भाई ने हमलावरों से टाइलें तोड़ने के बारे में पूछा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत उन्हें पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान हमलावरों ने उनका गला भी दबाने का प्रयास किया। शोर-शराबा सुनकर गिरीश और कुछ अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिससे ग्राम प्रधान के देवर की जान बच सकी। प्रधान पति ने यह भी आरोप लगाया कि इस हमले की योजना पांच-छह दिन पहले से बनाई जा रही थी। थाना प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर तीनों नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मलिखानपुर गांव के करीब 20 बच्चों की शिकायत पर जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तत्काल कार्रवाई की। बच्चों ने बताया था कि उन्हें स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है। डीएम के हस्तक्षेप के बाद एक घंटे के भीतर 15 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया गया। सोमवार को विकासखंड जागीर के ग्राम मलिखानपुर से ये बच्चे जिलाधिकारी के पास फरियाद लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन संबंधित विद्यालय में उनका नामांकन नहीं किया जा रहा था। कई बार विद्यालय जाने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं मिला। एक छात्रा ने टीसी न मिलने की भी शिकायत की, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। बच्चों की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। इसके तुरंत बाद, डीएम ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता और खंड शिक्षाधिकारी जागीर को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। 1 घंटे में 15 बच्चों को मिला एडमिशनजिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग तुरंत हरकत में आया। महज एक घंटे के भीतर, उन 15 बच्चों का विद्यालय में नामांकन करा दिया गया जिन्हें अब तक प्रवेश नहीं मिल रहा था। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चों और उनके अभिभावकों में खुशी देखी गई। डीएम ने पूरा स्कूल गोद लियामंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस पूरे मामले में एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने स्वयं इस विद्यालय को गोद लिया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले के अन्य अधिकारी भी दो-दो विद्यालय गोद लें, ताकि स्कूलों की व्यवस्थाओं की बेहतर निगरानी हो सके और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। डीएम ने साफ किया कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में बच्चों को विद्यालय से दूर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कहीं भी नामांकन में लापरवाही या बच्चों को परेशान करने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी का बच्चों के प्रति संवेदनशील रवैया और उनकी तत्काल कार्रवाई अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग उनकी कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं।
दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपत्ति के यहां एक केयर टेकर ने देखभाल के नाम पर वृद्ध दंपत्ति के संयुक्त बैंक खाते से बिना अनुमति 40 हजार 85 रुपए निकाल लिए। शिकायत मिलने के बाद नेवई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक 17 मई को पीड़ित परिवार की ओर से नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके वृद्ध माता-पिता की देखभाल के लिए एक महिला को केयर टेकर रखा गया था। महिला को घर और बैंक से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां भी दी गई थीं, ताकि वह बुजुर्ग दंपत्ति की मदद कर सके। इसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला ने बैंक खाते से रकम निकाल ली। परिवार को जब खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कराई। जांच में पता चला कि खाते से 40 हजार 85 रुपए निकाले गए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। बैंक ट्रांजेक्शन से पकड़ायामामले की गंभीरता को देखते हुए नेवई थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी और दस्तावेजी जांच की गई। पुलिस टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य रिकॉर्ड खंगाले। जांच के दौरान आरोपी महिला का पता लगाकर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में महिला ने बैंक खाते से रकम निकालने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी महिला स्मिता बरगटे (44) निवासी रिसाली सेक्टर, थाना नेवई, जिला दुर्ग को 18 मई को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। घर में रहते-रहते पूरी जानकारी जुटाईपुलिस ने बताया कि आरोपी महिला बुजुर्ग दंपत्ति के बैंक खाते और वित्तीय जानकारी तक पहुंच रखती थी। उसने इसी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर पैसे निकाले। मामले में बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है।
कैथल में करंट लगने से सात वर्षीय बच्ची की मौत:21 माह बाद हुई एफआईआर, पंचायत सहित कई विभागों पर आरोप
कैथल के गांव बंदराणा में वाटर कूलर से करंट लगने के कारण एक सात साल की बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने ढांड थाना में लापरवाही का केस दर्ज किया है। हालांकि पिता ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर सरपंच, स्थानीय स्वशासन, पंचायत, बीडीपीओ ढांड, बिजली निगम ढांड, हरियाणा जल विभाग ढांड पर गैर जिम्मेदाराना रवैये के आरोप लगाए हैं, लेकिन पुलिस ने अब अज्ञात के खिलाफ लापरवाही बरतने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामला करीब 21 माह पहले का है, जब बच्ची को चौपाल में वाटर कूलर से करंट लग गया था। पिता ने दी शिकायत गांव बंदराणा निवासी राजेश कुमार ने ढांड थाना में दी शिकायत में बताया कि अगस्त 2024 में उसकी सात वर्षीय बेटी जीविका गांव की चौपाल में चली गई। वहां पर सरकारी वाटर कूलर से उसकी बेटी को करंट लग गया और उसकी मौत हो गई। जब उन्होंने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई कर मामले का रफा दफा कर दिया। इस पर परिवार संतुष्ट नहीं हुआ और घटना के करीब एक माह बाद राजेश ने सीएम विंडो पर शिकायत दी। अब सीएम विंडो की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। इन पर आरोप, लेकिन अज्ञात के खिलाफ केस राजेश ने से भी कहा कि उसकी लड़की की मौत के जिम्मेवार सभी लापरवाह लोग हैं, जिनमें ग्राम पंचायत बन्दराना का सरपंच, स्थानीय स्वशासन, पंचायत, बीडीपीओ ढांड, बिजली निगम ढांड, हरियाणा जल विभाग ढांड इनमें शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि इन गैर जिम्मेवार व्यक्तियों की वजह से उसकी लड़की ने अपनी जान खोई है। पिता बोले-बेटी के लिए न्याय की प्रतीक्षा में हूं उसने पुलिस को यह ब्यान कभी नहीं लिखवाया कि उसकी लड़की की मौत में किसी का कोई कसूर नहीं है और न ही उसने ये लिखवाया कि वह किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चाहता। वह आज भी अपनी लड़की के लिए न्याय की प्रतिक्षा में है और लड़की की मौत के जिम्मेवार लोगों व विभागों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही चाहता है। एसपी कैथल मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि पुलिस ने मामले के अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज में मंगलवार को जिलाधिकारी प्रणय सिंह की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत नगर निकायों में कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जनपद की नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और उपलब्ध धनराशि के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने तथा उनमें पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। डीएम प्रणय सिंह ने सभी नगर पालिकाओं में भूमि चिन्हित कर एचटीपीपी (HTPP) प्लांट स्थापित कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य निकायों में पानी निकासी संबंधी समस्याओं को दूर करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, नई नालियों में जाली लगवाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि कूड़ा पानी की निकासी में बाधा न बने। बैठक में अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अलीगढ़ के बहुचर्चित बाइक शोरूम संचालक अभिषेक गुप्ता हत्याकांड की मुख्य आरोपी पूर्व महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अलीगढ़ के बहुचर्चित बाइक शोरूम संचालक अभिषेक गुप्ता हत्याकांड के बाद उन पर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के मामले में उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच का आदेश आने के बाद उन्हें 16 मई को अलीगढ़ जेल से रिहा किया गया। यहां से उन्हें भड़काऊ भाषण के मामले में दर्ज मुकदमे में वारंट होने पर उन्हें हरिद्वार जेल भेजा भेजा गया, जहां 18 मई को जमानत होने पर उन्हें देर रात रिहा किया गया। 26 सितंबर को हुई थी हत्या हाथरस के सिकंदराराऊ के गांव किचौरा निवासी ऑटोमोबाइल कारोबारी और टीवीएस बाइक शोरूम के संचालक अभिषेक गुप्ता 26 सितंबर 2025 को बस का इंतजार कर रहे थे। रात करीब 9:30 बजे बस में चढ़ते समय बाइक सवार दो शूटरों ने अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। पुलिस जांच में इस हत्याकांड की साजिश रचने के पीछे पूजा शकुन पांडेय और उनके पति का नाम सामने आया। पुलिस का दावा था कि आपसी संबंधों में दरार और व्यापारिक विवाद के चलते 3 लाख रुपए की सुपारी देकर यह हत्या कराई गई थी। इसके बाद थाना रोरावर पुलिस ने उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। केवल एक केस पर गैंगस्टर लगाने का तर्क हाईकोर्ट में पूजा शकुन पांडेय के वकीलों ने दलील दी कि वे एक महिला हैं और गैंगस्टर एक्ट के तहत तैयार चार्ट में केवल एक ही बेस केस (अभिषेक गुप्ता हत्याकांड) का जिक्र है, जिसमें उन्हें पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार कौशिक ने बताया कि पूजा शकुन पांडेय के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है। केवल षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है। मूल मामले और उसके बाद लगे गैंगस्टर एक्ट में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है। हरिद्वार में गलत स्टेटमेंट देने के एक अन्य मामले में भी कल लोअर कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अब मामला ट्रायल पर है, जहां पुलिस के साक्ष्यों में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं बनता है। पूर्व के केस में दोषसिद्ध नहीं होने का तर्क उच्च न्यायालय ने ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य रूप से इन बिंदुओं के आधार पर जमानत मंजूर की। आवेदक एक महिला हैं और इस मामले में कोई पूर्व सिद्धदोष (कनविक्टेड) अपराधी नहीं हैं। गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई केवल एक सोलिटरी बेस केस पर आधारित है, जिसमें उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। न्यायालय ने पर्सनल बॉन्ड और दो स्थानीय प्रतिभूतियों पर रिहाई का आदेश दिया है। साथ ही शर्त रखी है कि यदि आरोपी गवाहों को डराने या सबूतों से छेड़छाड़ करने में लिप्त पाई जाती हैं, तो निचली अदालत को उनकी जमानत तत्काल रद्द करने का अधिकार होगा। हरिद्वार में नहीं मिले जमानती 16 मई को अलीगढ़ जेल से रिहा होते ही उन्हें पुलिस की अभिरक्षा में हरिद्वार जेल भेजा गया। यहां पर उनपर भड़काऊ भाषण देने के मामले में वारंट चल रहे थे, लेकिन अलीगढ़ में सही पते की जानकारी न होने के कारण हरिद्वार पुलिस उनको वारंट तामील नहीं करा सकी थी। हत्याकांड में जेल जाने के बाद वारंट तामील हो सका था। 17 मई को पूजा शकुन पांडेय को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें 30-30 हजार रुपए के दो बेल बॉन्ड के आधार पर जमानत दी गई। यहां पर जमानती न मिलने की दशा में उन्होंने न्यायालय में 30-30 हजार की जमानत राशि जमा की। इसके बाद 18 मई की शाम को उन्हें हरिद्वार जेल से रिहा कर दिया गया।
सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता अनूप संडा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सड़क पर नमाज' और 'जनसंख्या कम' वाले बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंगलवार को शहर के सब्जी मंडी क्षेत्र में आयोजित एक भंडारे के दौरान मीडिया से बात करते हुए संडा ने कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा उनके पद के अनुरूप नहीं है, बल्कि किसी सांप्रदायिक माफिया जैसी है। संडा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री समाज में भेदभाव पैदा करने, एक समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत करने और सांप्रदायिक वैमनस्यता को बढ़ावा देने के लिए जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर ईद और बकरीद पर ऐसे बयान देते हैं, और अगर यह दस साल से चल रहा है तो उन्हें अपने सुशासन पर विचार करना चाहिए। सपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री को उनकी शपथ की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा की शपथ ली है। संडा के अनुसार, यदि मुख्यमंत्री इसकी रक्षा नहीं कर सकते, तो उन्हें खुद को श्रीराम का भक्त कहने का कोई अधिकार नहीं है। संडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपील की और अगले ही दिन विदेश यात्रा पर चले गए, जबकि उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधि 'नाटक' कर रहे हैं। संडा ने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई साइकिल से जा रहा है और उसके पीछे 20-20 गाड़ियों का काफिला चल रहा है। उन्होंने इस सरकार को 'नाटक और नौटंकी की सरकार' बताया और प्रधानमंत्री की विदेश नीति को 'फेल' करार दिया। सपा प्रवक्ता ने सरकार को 'पेपर लीक सरकार' बताते हुए आरोप लगाया कि इसके दो ही काम हैं: घोषणा और जांच। उन्होंने इन दोनों शब्दों के पहले अक्षर को मिलाकर 'घोचू सरकार' शब्द गढ़ा। संडा ने दावा किया कि यह सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन इससे ज्यादा भ्रष्टाचार में डूबी कोई सरकार नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में युवाओं और बेरोजगारों का सबसे अधिक शोषण हुआ है। संडा के अनुसार, लगभग हर परीक्षा में पेपर लीक होता है, जिससे करोड़ों रुपये युवाओं की जेब से निकलकर सरकार की जेब में जाते हैं। यहां पर सपा सांसद रामभुआल निषाद, इसौली से सपा विधायक ताहिर खान, सपा महासचिव सलाउद्दीन, सपा नेता रिजवान अहमद पप्पू, ज्ञान प्रकाश यादव, शकील अहमद, तेजींदर सिंह बग्गा आदि मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र के शाहबाद स्थित गांव चनारथल में करंट लगने से दो बच्चों के पिता की मौत हो गई। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय बलविंदर के रूप में हुई है, जो खेतों में स्प्रे और खाद डालने का काम करता था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार बलविंदर खेतों से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव की गली में लगे ट्रांसफार्मर के पास से गुजरते समय वह एक स्कूल वैन को रास्ता देने लगा। तभी वह करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने जताया रोष, कार्रवाई की मांग घटना के बाद ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीण नरेश कश्यप का कहना है कि गांव में ट्रांसफार्मर और फ्यूज काफी नीचे लगाए गए हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि पिछले करीब एक साल से बिजली व्यवस्था खराब है और कई बार विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात करीब 1 बजे से गांव की बिजली गुल थी। फ्यूज उड़ने के कारण सप्लाई बंद हो गई थी, जबकि एक फेस पिछले करीब एक साल से डायरेक्ट चलाया जा रहा था। लोगों का आरोप है कि रात के समय लाइनमैन को सूचना दी गई, लेकिन उसने सुबह 8 बजे ड्यूटी शुरू होने की बात कहकर आने से मना कर दिया। अधिकारियों पर देरी से आने के आरोप ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हादसे के कई घंटे बाद तक मौके पर बिजली विभाग, प्रशासन या पुलिस का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में और अधिक गुस्सा फैल गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में लगे ट्रांसफार्मर और फ्यूज को सुरक्षित ऊंचाई पर लगाया जाए तथा खुले तारों को तुरंत ठीक किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बागपत के कुरड़ी गांव में प्रशासन ने दो मकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने गलत ठहराया है। उन्होंने बागपत के जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। आशीष वशिष्ठ ने बताया कि गांव में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं थी। एक गड्ढा बना दिया गया था, जिससे लगातार गंदगी फैल रही थी। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीण और उनकी पार्टी के पदाधिकारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। वशिष्ठ के अनुसार, अधिकारियों ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय लोगों पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए मकानों पर बुलडोजर चलाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों मकान मालिकों को पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था। उनका मानना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य धरना प्रदर्शन को समाप्त करना और समस्याओं का समाधान न करना है। आशीष वशिष्ठ ने डीएम से शिकायत करते हुए लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाए जाने की भी मांग की है। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवारों ने भी अधिकारियों पर कार्रवाई और आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
देवरिया में मकान सूचीकरण शुरू:जनगणना 2027 का पहला चरण, प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी
देवरिया में जनगणना 2027 के पहले चरण का मकान सूचीकरण और गणना कार्य शुरू हो गया है। सलेमपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न ब्लॉकों में फील्ड ट्रेनर और सुपरवाइजर अपनी टीमों के साथ यह कार्य कर रहे हैं। इसमें हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) का सीमांकन, नजरी नक्शा तैयार करना और भवनों की क्रमवार नंबरिंग शामिल है। फील्ड ट्रेनर और सुपरवाइजर डॉ. गोविंद मिश्रा, शिशिर राय, अरविंद कश्यप, मयंक पांडेय, जावेद अंसारी, मुकेश यादव और कन्हैया ने प्रगणकों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य का शुभारंभ किया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती तीन दिनों में सीमांकन और नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि आगे का सर्वे व्यवस्थित ढंग से हो सके। 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर 34 बिंदुओं पर आधारित जानकारी जुटाएंगे। यह सभी आंकड़े एचएलओ मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया जा रहा है। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। यहां सुपरवाइजर और प्रगणक अपनी समस्याएं बता सकेंगे, जिनका तुरंत समाधान किया जाएगा। इस बीच, प्रशासन ने जनगणना के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से लोगों को सावधान रहने की अपील की है। लार ब्लॉक के उकिना गांव में फील्ड ट्रेनर एवं सुपरवाइजर शिशिर राय ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि जनगणना के दौरान कोई ओटीपी या फोन पर व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाती है। उन्होंने लोगों से आधार या मोबाइल संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की।
अयोध्या में पत्रकार समेत 11 पर केस दर्ज:अधिशासी अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन मामले में पुलिस जांच जारी
अयोध्या के आदर्श नगर पंचायत मां कामाख्या धाम में अधिशासी अधिकारी और कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी पचड़े में उलझ गया है। कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अधिशासी अधिकारी निखिलेश मिश्रा की तहरीर पर बाबा बाजार थाना पुलिस ने एक पत्रकार समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए गंभीर आरोप लगाए और कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद अधिशासी अधिकारी ने इसे सरकारी कार्य में बाधा बताते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी। थाना बाबा बाजार पुलिस ने तहरीर के आधार पर पत्रकार समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं नामजद किए गए पत्रकार ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि 15 मई को जब सफाई कर्मियों का धरना चल रहा था, तब वह खबर संकलन के लिए मौके पर पहुंचे थे। पत्रकार ने आरोप लगाया कि पूर्व में प्रकाशित खबरों से नाराज होकर उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। पत्रकार ने कहा कि पत्रकारिता के तहत वह घटनाओं की कवरेज करने गए थे, लेकिन इसे अपराध की तरह दर्शाया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासनिक दबाव में पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उधर अधिशासी अधिकारी निखिलेश मिश्रा का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान नगर पंचायत का कार्य प्रभावित हुआ और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हुई, इसलिए विधिक कार्रवाई आवश्यक थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
ग्रेटर नोएडा: दीपिका नागर हत्याकांड: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित जलपुरा गांव में नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। इसी बीच, अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
कटनी में तंबाकू उत्पादों से जुड़े सरकारी नियमों को किनारे कर 'कैलकुलेटर बीड़ी नंबर 20' बेचने का मामला सामने आया है। इस बीड़ी के पैकेटों पर सरकार की ओर से अनिवार्य की गई 85% हिस्से वाली कैंसर की चेतावनी वाली फोटो गायब है। मंगलवार को इस लापरवाही के खिलाफ कटनी के रहने वाले राजू गुप्ता ने जिला कलेक्टर को शिकायत कर सख्त एक्शन लेने की मांग की है। मजदूरों की जान से खिलवाड़ शिकायतकर्ता राजू गुप्ता का कहना है कि भारत सरकार का नियम साफ है कि तंबाकू उत्पाद के पैकेट के 85% हिस्से पर चेतावनी वाली फोटो होनी चाहिए ताकि लोग बीमारियों के प्रति जागरूक रहें। आरोप है कि 'कैलकुलेटर बीड़ी नंबर 20' बनाने वाले छोटे पैकेटों पर जानबूझकर ये बदलाव नहीं कर रहे हैं। भ्रामक लेबल लगाकर सालों से यह बीड़ी बाजार में बेची जा रही है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन और जनता के साथ धोखाधड़ी है। एमपी और छत्तीसगढ़ के बाजारों में फैला नेटवर्क हैरानी की बात यह है कि बिना चेतावनी वाली यह बीड़ी सिर्फ कटनी ही नहीं, बल्कि जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, डिंडोरी और दमोह समेत पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में धड़ल्ले से बिक रही है। पैकेट पर चेतावनी न होने के कारण मजदूर और लोग इसके खतरों को समझे बिना इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे हर साल लाखों लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कॉपीराइट और फर्जीवाड़े का पुराना इतिहास शिकायत में अंजलि ट्रेडिंग कंपनी पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। बताया गया है कि यह कंपनी करीब 25 सालों से फर्जी तरीके से 'कलकत्ता बीड़ी' के नाम से माल बेच रही थी, जबकि वह 'हिन्दुस्तान बीड़ी' के नाम से रजिस्टर्ड थी। इस मामले में पहले जबलपुर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी रोक लगा चुके हैं। आरोप है कि इसके बावजूद पुराने लेबल और फर्जी कागजातों के दम पर यह अवैध व्यापार आज भी जारी है। रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रद्द करने की मांग राजू गुप्ता ने कलेक्टर ऑफिस में सबूत के तौर पर बीड़ी के पैकेट और फोटो भी जमा किए हैं। उन्होंने मांग की है कि नियमों को ताक पर रखने वाली इस कंपनी के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और इनका रजिस्ट्रेशन और जीएसटी नंबर निरस्त किया जाए ताकि लोगों की सेहत के साथ हो रहा यह खिलवाड़ रुक सके।
मैनपुरी में युवती ने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया:एसपी से की शिकायत, मिला आश्वासन
मैनपुरी में एक युवती ने दबंगों पर उसकी जमीन का फर्जी बैनामा कर अवैध कब्जा करने और माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाकर थाने में बंद कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। यह मामला थाना एलाऊ क्षेत्र के ग्राम कटपुर का है। पीड़िता रश्मि पुत्री मुन्नालाल ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के कुछ दबंग लोग उसकी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। रश्मि के अनुसार, आरोपियों ने उसकी जमीन का फर्जी बैनामा तैयार कर उसे हड़पने की साजिश रची है। जब उसने और उसके परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाकर थाना एलाऊ में बंद करा दिया है। उसने यह भी कहा कि आरोपी राजनीतिक पहुंच रखते हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। रश्मि ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर चुके हैं। जब वह अपने माता-पिता को छुड़ाने थाने जा रही थी, तो रास्ते में उसे रोककर अशोभनीय हरकत की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी बैनामे को निरस्त किया जाए, और उसकी भूमि पर अवैध कब्जा करने से आरोपियों को रोका जाए। उसने अपने माता-पिता को झूठे मुकदमे से मुक्त कर न्याय दिलाने की भी अपील की है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर शिकायती पत्र दिया गया है, गणेश प्रसाद शाह नहीं मिले। सिटी एसपी अरुण कुमार सिंह से शिकायत दर्ज कराई और उन्होंने आश्वासन दिया जल्द ही कार्रवाई होगी और न्याय दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 20 और 21 मई को कुशलगढ़ क्षेत्र के चूड़ादा गांव में प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री का 20 तारीख को कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद होगा, ग्राम विकास चौपाल का आयोजन किया जाएगा और मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम भी यहीं रहेगा। इसके लिए कुशलगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत चूड़ादा को चिन्हित किया गया है। चौपाल में समस्याओं का होगा समाधान कलेक्टर ने इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकार का आमजन से सीधा कनेक्ट (संवाद) हो सके। ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जा सके और मौके पर ही उनका उचित निराकरण किया जा सके। प्रशासन जुटा तैयारियों में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कलेक्टर ने बताया कि सभी आवश्यक तैयारियों के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मुस्तैदी से काम कर रही है। जनसंवाद और चौपाल के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आने वाले लाभार्थियों के लिए आवागमन और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। गौरतलब है कि चूड़ादा गांव में हेलीपैड निर्माण, बिजली, सड़क, मंच व्यवस्था और सुरक्षा के तमाम इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस दौरान करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक ग्रामीण क्षेत्र की गलियों में मॉर्निंग वॉक भी कर सकते हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रतापगढ़ में घटिया सड़क निर्माण के करीब 13 साल पुराने मामले में कोटा एसीबी ने तीन रिटायर्ड इंजीनियर व एक ठेकेदार को गिरफ्तार कर प्रतापगढ़ एसीबी कोर्ट में पेश किया है। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा जेल भेज गया। एसीबी के अनुसार आरोपियों ने सरकार को 11.78 लाख रुपए की आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मामले की जांच कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने की थी। एसीबी रेंज कोटा के डीआईजी ओम प्रकाश मीणा ने बताया कि साल 2013 में प्रतापगढ़ जिले की लेवापाड़ा, हीरापाड़ा और जापा कॉलोनी संपर्क सड़कों के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने, अधूरे काम को पूरा दिखाकर बिल पास कराने और बिना निर्माण के भुगतान लेने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद एसीबी चौकी प्रतापगढ़ में मामला दर्ज किया गया। जांच में तत्कालीन अधिशाषी अभियंता सायरमल मीणा, एन.एल. परमार, गिरधारीलाल वर्मा और ठेकेदार विनोद कोडिया की मिलीभगत सामने आई। एसीबी के अनुसार आरोपियों ने सरकार को 11.78 लाख रुपए की आर्थिक हानि पहुंचाई। मामले की जांच कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने की। एसीबी मुख्यालय से अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा यूनिट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तत्कालीन अधिशाषी अभियंताओं और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
लखनऊ में सैलून मैनेजर की आत्महत्या के मामले में बहन ने एक वीडियो जारी करके परिवार पर खतरे की आशंका जताई है। उसका कहना है कि बहन पॉवरफुल लोगों की प्रताड़ना का शिकार हुई है। वहीं मामले में पुलिस अब तक पांच में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी शरद की पत्नी पल्लवी व वैशाली अभी भी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पहले रतना की बहन ने क्या कहा उसे सुनिए… मैं रतना सिंह की बहन प्रिया सिंह उन लड़कियों के लिए बोल रही हूं जो पावरफुल लोगों की प्रताड़ना का शिकार हुई हैं। रतना बहुत मजबूत और जिंदादिल लड़की थी। वो जीना चाहती थी। अपने सपने पूरा करने चाहती थी। बिजनेस चालू करने वाली थी। लेकिन कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान किया कि उसको आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। सच काहू इसको सुसाइड कहना गलत होगा। ये एक प्लांड मेंटल मर्डर है। बहन ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था। जिसमें उसने शरद, पल्लवी, वैशाली, मंगल और प्रशांत का नाम लिया था। उसके लिए मैंने एक वीडियो बनाई थी जिसमें इंस्टाग्राम पर अपलोड किया जिससे घटना ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और जस्टिस मिले। सोमवार रात वो वीडियो इंस्टाग्राम से हटा दी गई। इसके पीछे का रिजन नहीं पता। हम लोगों को बहुत खतरा है, घटना के बाद से मां सुधबुध खोकर रह रही है। उन्होंने 9 महीने तक पेट में पालकर रखा। उसे इस स्थिति में देखने के बाद उन्हें कोई होश नहीं है। पिता सब कुछ छोड़कर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। हम लोग टूट रहे हैं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है। हमें सरकार पर पूरा भरोसा है कि पूरी सच्चाई की जांच होगी। क्या था मामला मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली रतना सिंह (32) लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार विस्ता अपार्टमेंट में रहती थी। लखनऊ के सैलून में मैनेजर के पद पर काम कर रही थी। 12 मई देर रात उसने अपनी एक दोस्त को फोन करके आत्महत्या करने की बात कही। जिस पर उसकी दोस्त ने पुलिस को सूचना दी। रात करीब 3 बजे पुलिस टीम अपार्टमेंट पहुंची। जहां फ्लैट अंदर से बंद मिला। पुलिस ने काफी दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इस पर पुलिस दरवाजा तोड़कर फ्लैट के अंदर गई तो युवती पंखे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। सीएम की फटकार के बाद हुआ था एक्शन रत्ना के पिता सुधीर सिंह ने 5 लोगों पर नामजद FIR कराई थी। कार्रवाई न होती देख 15 मई को सीएम योगी से मुलाकात की। उन्होंने 16 मई को एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है। केस दर्ज करने के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। मैंने सीएम से गुहार लगाई है। उन्होंने न्याय का भरोसा दिया है। सीएम योगी से पीड़ित परिवार की मुलाकात के बाद मामले में ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हुआ। आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। उनकी तलाश के लिए छह टीमें बनाई गईं। इसके बाद शरद सिंह और प्रशांत शर्मा को गिरफ्तार किया गया। वहीं मंगलनाथ यादव को पुलिस पहले पकड़ चुकी थी। मामले में मुख्य आरोपी की पत्नी पल्लवी जोशी और वैशाली अभी भी फरार हैं। जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बोलेरो-ई-रिक्शा टक्कर में दो घायल:हरदिया के समीप हुआ हादसा, स्थानीय लोगों ने अस्पताल में कराया भर्ती
बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित हरदिया के समीप मंगलवार को बोलेरो और ई-रिक्शा के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में करीब 45 वर्षीय एक पुरुष और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। आमने-सामने की टक्कर में ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो और ई-रिक्शा अपने-अपने रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान हरदिया के पास दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती हादसे में ई-रिक्शा पर सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कानपुर के आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कंपोजिट स्कूल में स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। स्कूल तीन नई कक्षाओं का निर्माण कराया गया है। साथ ही बच्चों की आधुनिक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड लगया गया है। दो दिन में विधायक ने दो कंपोजिट विधालयों का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि मेरी विधानसभा में तीन सरकारी कंपोजिट विधालय का काम पूरा हो गया, लेकिन परमट कंपोजिट स्कूल में अभी काम शुरू नही हो सका। हीरामन के पुरवा में विद्यालय आजादी से पहले का बना हुआ था और भवन काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका था। नई कक्षाओं, डिजिटल बोर्ड व अधुनिकता से लैस किया गया है। विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि आर्यनगर विधानसभा में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई थीं और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। उस समय अभिभावक बच्चों की फीस और पढ़ाई की समस्या लेकर उनके पास आते थे। तभी उन्होंने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर सरकारी शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। अमिताभ ने कहा कि एक साथ तीन विद्यालयों की एनओसी स्वीकृत हुई थी, जिनमें कंपोजिट विद्यालय हाता सवाई सिंह, सरकारी विद्यालय हीरामन पुरवा और परमट सरकारी विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दो विद्यालयों का लोकार्पण हो चुका है, लेकिन परमट विद्यालय का कार्य भी अभी तक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की नकारात्मक सोच और बाधाओं के बावजूद शिक्षा के इस अभियान को रुकने नहीं दिया जाएगा।अमिताभ बाजपेई ने बताया कि अब तक क्षेत्र के कई विद्यालयों का आधुनिकीकरण कराया जा चुका है। इनमें कंपोजिट कन्या विद्यालय दालमंडी कराची खाना, सरकारी सदर बाजार विद्यालय हरबंस मोहाल, सरकारी प्राथमिक विद्यालय लाल स्कूल बेकनगंज, कंपोजिट विद्यालय हाता सवाई सिंह और कंपोजिट विद्यालय हीरामन पुरवा शामिल हैं। इस दौरान कुतुबुद्दीन मंसूरी, पार्षद मोहम्मद सरिया, मोहम्मद शारिक, मोहम्मद अली, पार्षद फैजान रहमान, पार्षद रजत बाजपेई, साजिद सर, एहसास बाबी, शादाब शानू, पूर्व पार्षद उमर शरीफ, शकील, चंकी गुप्ता और आकाश यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।
किसान ने सई नदी में कूदकर की आत्महत्या:सीतापुर पुलिस ने बरामद किया शव, घर से बिना बताए निकला था
हरदोई में एक 57 वर्षीय व्यक्ति ने मंगलवार की सुबह सई नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सीतापुर सीमा पर स्थित दधनामऊ पुल पर हुई। सूचना मिलने पर टड़ियावां और सीतापुर जिले की पिसावां पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान टड़ियावां थाने के बर्रा सराय निवासी शंकर पाल पुत्र चैनू के रूप में हुई है। वह खेती-बाड़ी का काम करता था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार की सुबह शंकर पाल चुपचाप घर से निकलकर दधनामऊ पुल पर पहुंचा और नदी में कूद गया। कुछ दूर खड़े लोगों ने उसे नदी में कूदते देखा और मदद के लिए दौड़े, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचते, उसकी मौत हो चुकी थी। शव नदी किनारे पड़ा मिला। यह मामला सीमावर्ती क्षेत्र का होने के कारण टड़ियावां और पिसावां पुलिस दोनों मौके पर पहुंचीं। गहन छानबीन के बाद पिसावां पुलिस ने शव टड़ियावां पुलिस को सौंप दिया। टड़ियावां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल, परिवार के सदस्य आत्महत्या की वजह बताने में असमर्थ हैं। शंकर लाल के आठ भाइयों में से तीन की पहले ही मौत हो चुकी है। शंकर लाल के भाई सूरजपाल ने बताया कि शंकर लाल की शादी नहीं हुई थी।
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों को कैंसर रिसर्च में एक सफलता मिली है। संस्थान के बायोलाजिकल साइंसेज और बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर बुशरा अतीक और उनकी टीम ने शरीर के भीतर एक ऐसे 'विलेन' प्रोटीन की पहचान की है, जो न सिर्फ आंत के कैंसर को तेजी से फैलाता है, बल्कि मरीज पर दवाओं और कीमोथेरेपी का असर भी खत्म कर देता है। मेडिकल साइंस की दुनिया में गेमचेंजर मानी जा रही इस खोज को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित किया गया है। डीकेसी 1 है खतरनाक प्रोटीन प्रो. बुशरा अतीक के शोध में सामने आया है कि इस खतरनाक प्रोटीन का नाम डीकेसी-1 (DKC-1) है। जब शरीर में इस प्रोटीन का स्तर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है, तो कैंसर कोशिकाएं (कैंसर सेल्स) बेहद आक्रामक हो जाती हैं। आसान शब्दों में समझें तो यह प्रोटीन शरीर में मौजूद स्फिंगोलिपिड नामक जरूरी फैट (वसा) को बनने से रोकता है। स्फिंगोलिपिड का काम कोशिकाओं की सही बनावट को बनाए रखना और खराब हो चुकी कोशिकाओं को प्राकृतिक रूप से खत्म करना (अपोप्टोसिस) होता है। अनचाहे लिपिड बनने लगते डीकेसी-1 के बढ़ते ही पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है और शरीर में ऐसे अनचाहे लिपिड बनने लगते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं के चारों तरफ एक सुरक्षा कवच बना देते हैं। यही वजह है कि गंभीर मरीजों को दी जाने वाली कीमोथेरेपी और भारी दवाएं भी इस कवच को भेद नहीं पातीं और बेअसर हो जाती हैं। लैब में प्रोटीन को कम किया शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने देखा कि जिन मरीजों में कैंसर आखिरी या बेहद एडवांस स्टेज में पहुंच चुका था, उनमें डीकेसी-1 प्रोटीन का स्तर बहुत ज्यादा था। इसके बाद वैज्ञानिकों ने लैब के भीतर एक खास तकनीक 'आरएनए इंटरफेरेंस' का इस्तेमाल करके इस प्रोटीन के स्तर को कम किया। ऐसा करते ही इसके बेहद सकारात्मक और चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। कैंसर कोशिकाओं के फैलने की रफ्तार हुई धीमी इस तकनीक से कैंसर कोशिकाओं के फैलने की रफ्तार काफी धीमी हो गई। साथ ही, जो कैंसर सेल्स पहले दवाओं को बेअसर कर रही थीं, वे कीमोथेरेपी और दवाओं के प्रति दोबारा संवेदनशील हो गईं। यानी दवाओं ने कैंसर पर फिर से काम करना शुरू कर दिया। मेटाबालिज्म से जुड़ा है कैंसर का कनेक्शनप्रो. बुशरा अतीक के मुताबिक, कैंसर का सीधा संबंध सिर्फ जीन या कोशिकाओं की खराबी से नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के मेटाबालिज्म (उपापचय) से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। इस खोज का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब डॉक्टर और वैज्ञानिक डीकेसी-1 प्रोटीन और स्फिंगोलिपिड मेटाबालिज्म को सीधे निशाना बनाने वाली सटीक दवाएं तैयार कर सकेंगे। इससे आने वाले समय में आंत के कैंसर का इलाज अधिक सटीक, प्रभावी और कम समय में संभव हो सकेगा। हेडिंग बनाकर दीजिए
मिर्जापुर में घर से निकले दर्जनों सांप:सांप मित्र ने 30 से ज्यादा सांप पकड़े, जंगल में छोड़ा
मिर्जापुर जनपद के लोहन्दी खुर्द गांव में सिंचाई विभाग कर्मी योगेश कुमार के मकान से दर्जनों सांप निकलने से ग्रामीणों में कौतूहल और चिंता फैल गई। मंगलवार को एक के बाद एक सांपों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। यह घटना देहात कोतवाली क्षेत्र की है। मकान के एक हिस्से में पहले कुछ सांप दिखाई दिए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने लालगंज निवासी सांप मित्र सूरज बिंद को बुलाया। सूरज बिंद ने जब रेस्क्यू अभियान शुरू किया, तो वह भी हैरान रह गए। लगातार सांप निकलते रहे और देखते ही देखते उनकी संख्या 30 से 35 तक पहुंच गई। देखें, 2 तस्वीरें… सांप मित्र सूरज बिंद ने मंगलवार को घंटों सावधानीपूर्वक इन सभी सांपों को पकड़ा। इतनी बड़ी संख्या में सांपों के निकलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीण दूर खड़े होकर इस पूरे रेस्क्यू अभियान को देखते रहे। रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर पास के जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद योगेश कुमार का परिवार अभी भी सहमा हुआ है। वहीं, ग्रामीणों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में सांप मकान के अंदर कैसे पहुंच गए थे।
गाजीपुर जिला कारागार में जेठ माह के तीसरे मंगलवार को बंदियों से मिलने आए मुलाकातियों के लिए एक विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जेल प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए आगंतुकों को ठंडा शरबत और चने की घूघनी वितरित की। इस व्यवस्था का लाभ कुल 133 मुलाकातियों ने उठाया, जिनमें 56 महिलाएं, 68 पुरुष और 9 बच्चे शामिल थे। यह पहल कारागार आने वाले लोगों को गर्मी से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के बीच कारागार आने वाले लोगों को राहत प्रदान करना तथा मानवीय संवेदनाओं के साथ सकारात्मक वातावरण बनाए रखना था। यह सेवा कार्यक्रम जेल अधीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे के निर्देश पर व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। इस दौरान जेलर शेषनाथ यादव, उपकारापाल राजेश कुमार, रविंद्र सिंह, शिक्षा अध्यापक धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अभय मौर्या सहित चीफ जेल वार्डर और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजन सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। ये कारागार परिसर में आने वाले लोगों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी देते हैं।
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश जारी होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले में नर्सिंग अधिकारी दिलीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने खुद ही अपना तबादला सिरोही से कोटपुतली-बहरोड़ करवाने के लिए फर्जी आदेश तैयार किए। आरोपी ने निदेशक जन स्वास्थ्य राजस्थान डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के नाम से फर्जी ट्रांसफर आदेश जारी किए। दस्तावेजों में विभागीय प्रक्रिया और अधिकृत हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर आदेश को वास्तविक दिखाने का प्रयास किया गया। जारी लेटर 24 अप्रैल 2026 को जारी किया गया। फर्जी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि विधायक हंसराज पटेल, कोटपूतली की अनुशंसा और विभागीय आवश्यकता के आधार पर स्थानांतरण किया जा रहा है। आदेश में निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान, जयपुर डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के नाम और हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया गया। दस्तावेज में संबंधित अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजने का उल्लेख करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए गए थे। आदेश पूरी तरह विभागीय प्रारूप में तैयार किया गया था, जिससे प्रथम दृष्टया यह वास्तविक प्रतीत हो रहा था। मामले का खुलासा होने पर निदेशक जन स्वास्थ्य ने जयपुर के अशोक नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और विभाग को गुमराह करने के आरोप लगाए गए हैं। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फर्जी आदेश तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या विभागीय कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ट्रांसफर प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में मंगलवार को सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने 5 एमवीए ट्रांसफार्मर का शुभारंभ किया। इस नए ट्रांसफार्मर की स्थापना ठंडी सड़क स्थित विद्युत केंद्र पर की गई है, जिससे शहर के सात मोहल्लों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। फर्रुखाबाद शहर में गर्मियों के दौरान बिजली की समस्या गंभीर हो जाती है। फाल्ट, बंच केबल का जलना और ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर खराब होना आम बात है। इसी समस्या के समाधान के लिए सदर विधायक ने यह पहल की थी। इस पहल के तहत नए फीडरों का निर्माण भी किया गया है। नए कोल्ड फीडर के बनने से देवरामपुर, स्टेशन रोड, शिव नगर कॉलोनी और घेर शामू खां मोहल्लों को बिजली मिलेगी। इसी प्रकार, नया डिग्गी ताल फीडर तलैया फजल इमाम मोहल्ले को आपूर्ति देगा। इसके अतिरिक्त, नया महावीर गंज फीडर काली देवी, इस्माईलगंज, मदर वादी, महावीर गंज, सुनहरी मस्जिद और नितगंजा जैसे मोहल्लों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। मंगलवार को विद्युत केंद्र पर आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम में सदर विधायक ने नारियल फोड़कर ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता (शहरी) सहित अन्य विद्युत विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
किशनगंज रेलवे ने आधुनिक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को आज से लागू कर दिया है। इस नई तकनीक से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित, तेज और समयबद्ध हो सकेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था विशेष रूप से पांजीपाड़ा से सूर्यकमल सेक्शन के बीच लागू की गई है, जिससे पूरे रूट की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। रेलवे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नव स्थापित ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सेक्शन में कुल पांच स्टेशन शामिल हैं। इनमें से तीन स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) और दो स्टेशनों पर पैनल इंटरलॉकिंग (PI) प्रणाली कार्यरत है। ट्रेनों के सुगम आवागमन और परिचालन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरे सेक्शन में चार विशेष ऑटो सिग्नल हट भी स्थापित किए गए हैं। पांजीपाड़ा और सूर्यकमल के बीच कुल 14 रेलवे फाटकरेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि पांजीपाड़ा और सूर्यकमल के बीच कुल 14 रेलवे फाटक हैं। इनमें से छह व्यस्त लेवल क्रॉसिंग गेटों को आधुनिक स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली से इंटरलॉक किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय त्रुटि की संभावना कम होगी। इसके अलावा, ट्रेनों की सटीक लोकेशन की निगरानी के लिए 196 मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC) डिटेक्शन प्वाइंट और 40 नए ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए गए हैं। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद, एक ही ट्रैक पर सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए एक के पीछे दूसरी ट्रेन को अधिक दक्षता के साथ चलाया जा सकेगा। दुर्घटनाओं की आशंका को कम करेगाइससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और समयपालन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह उन्नयन रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा और दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम करेगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संरक्षा और सिग्नलिंग उन्नयन के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के सफल संचालन के बाद भविष्य में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का विस्तार गुवाहाटी तक करने की योजना है, जिससे पूरे नॉर्थ-ईस्ट रेलवे नेटवर्क को अत्याधुनिक बनाया जा सकेगा।
देवरिया में बड़े मंगल के अवसर पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। इन स्थानों पर सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारी, कर्मचारी और आमजन शामिल हुए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को मजबूत करते हैं। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी धार्मिक आयोजन हुए। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर की उपस्थिति में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इसके उपरांत भंडारे में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। एसपी अभिजीत आर शंकर ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में भाईचारे, सहयोग और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने पुलिस विभाग की सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सहयोग की भावना पर जोर दिया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर सुंदरकांड पाठ, हनुमान पूजा और भंडारे आयोजित किए गए। दिनभर इन आयोजनों में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही बनी रही और लोगों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर पूरे देश में बुधवार को दवा की दुकानें बंद रहेंगी। इस बंदी का समर्थन वाराणसी दवा विक्रेता समिति ने भी किया है। ऐसे में वाराणसी के थोक और रिटेल की करीब 6000 दुकानें बुधवार को यानी 20 मई को बंद रहेंगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। यह बंदी ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में की गई है। वाराणसी दवा विक्रेता समिति के महमंत्री और सप्तसागर दवा मंडी के दवा विक्रेता संजय सिंह ने बताया - ऑनलाइन दवा की मार्केट युवाओं को नशे का आदि बना रही है क्योंकि बिना पर्चे के कोई भी दवाएं आसानी से वहां से मंगाई जा सकती है। ऐसे में इसे सरकार को बंद करना होगा। ऑनलाइन फार्मेसियों को नहीं खोलने दिया था आउटलेटदवा का व्यापार करते हैं और सदियों से हमारा परिवार इस व्यापार से जुड़ा हुआ है। पूरे देश में करीब 15 लाख केमिस्ट और वाराणसी में करीब 6 हजार से ऊपर केमिस्ट इस व्यापार से जुड़े हुए हैं। कुछ दिन पहले हमने GSR 217-E का हम लोगों ने विरोद किया था। जिसमें फार्मेसी एक्ट लागू होना था। जिससे हमारे बाजार में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों की दुकानें खुल जाती। उस समय हम लोगों ने एकजुट होकर विरोध किया था। जिससे वह एक्ट रोक दिया गया था और कोई भी ऑनलाइन फार्मेसी अपना रिटेल आउटलेट नहीं खोल पायी थी। कोरोना काल का उठाया फायदासंजय सिंह ने बताया - कोरोना काल में जब सभी लोग घरों में कैद थे उस समय दवाएं कैसे बीमारों को मिले इसे लेकर मंथन चल रहा था। ड्रग एक्ट में डोर-टू-डोर सप्लाई का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार ने सुविधा के लिए ड्रग एक्ट में संशोधन करते हुए GSR 220-E लाया गया। ताकि दवाओं की सप्लाई डोर-टू-डोर की जा सके। हमने कोरोना काल में दवाएं घर तक पहुंचाई और लोगों को इसका लाभ मिला। हम लोगों ने बहुत सेवा की और घर तक सेवा दी उस वक़्त ऑनलाइन नहीं था हम लोग ही जा रहे थे घर थे। कोरोना खत्म हुआ पर यह एक्ट नहीं खत्म हुआ और मल्टीनेशनल कंपनियों ने इसे अपना हथियार बना लिया और अपने बड़े-बड़े वेयर हॉउस खोलकर ऑनलाइन दवाएं घर तक पहुंचा रही है। युवा पीढ़ी हो रही खराबसंजय सिंह ने बताया - इस ऑनलाइन मार्केट से हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। नशे की दवाएं आसानी से ऑनलाइन मंगाई जा रही है। क्योंकि दुकान से लेने पर किसी को भी डॉक्टर का लिखा हुआ पर्चा दिखाना पड़ेगा तभी उसे दवाई मिलेगी पर ऑनलाइन बाजार में कोई पर्चा नहीं दिखाना है और दवा आसानी से कम समय में उपलब्ध भी हो जा रही है। ये धड़ल्ले से मार्केट में इन दवाओं का फ्लो कर रहे हैं। ऑनलाइन ड्रग का कोई ऑडिट नहीं होतावाराणसी में कल की बंदी में 6 हजार से अधिक रिटेल और होलसेल के दूकानदार इसमें हिस्सा ले रहे हैं। एक दिन की बंदी से कुछ हासिल नहीं होता है। लेकिन एक दिन की बंदी से बड़ा संदेश जाएगा। और इस एक्ट का दुरुपयोग बंद हो जाएगा। संजय सिंह ने कहा - हम लोग डीएम से मिले थे उन्होंने कहा - की आप का तो सर्वे ड्रग विभाग कर रहा है लेकिन ऑनलाइन वालों की कोई ऑडिट नहीं होती है और वो लोग पता नहीं कौन सी दवाएं बेच रहे हैं। इमरजेंसी में हर वक्त तैयार रहेंगे दवा विक्रेतादवा की दुकानों के बंद रहने के दौरान इमरजेंसी की क्या व्यवस्था रहेगी के सवाल पर संजय सिंह ने कहा - सभी लोग आश्वस्त रहें। इस बंदी का असर किसीभी इमरजेंसी की दुकानों और अस्पतालों और नर्सिंग होम की दुकानें खुली रहेंगी। इसके आलावा यदि दवा नहीं मिलती तो आज रात 12 बजे से कल रात 12 बजे तक मेरा मोबाइल नंबर - 09336656716 पर काल करके दवा ले सकता है।
उज्जैन में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्रों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्र कोठी रोड स्थित शासकीय संभागीय एवं पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास की बदहाल स्थिति को लेकर आक्रोशित थे। छात्रों का आरोप है कि करीब 44 साल पुराना यह छात्रावास भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे यहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा खतरे में है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन से 1000 सीट क्षमता वाले एक नए और आधुनिक छात्रावास के निर्माण की मांग की। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास का निर्माण वर्ष 1980 में किया गया था। उस समय उज्जैन संभाग की आबादी और छात्र संख्या को देखते हुए इसमें 100 सीटों की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, समय के साथ छात्र संख्या में लगातार वृद्धि हुई, लेकिन छात्रावास की क्षमता और संसाधनों में कोई विस्तार नहीं किया गया। छात्रों ने बताया कि भवन की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और इसके कई हिस्से कमजोर हो गए हैं। इस जर्जर स्थिति के कारण छात्रों को हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। छात्र नेता अजय सिसोदिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1980 में उज्जैन संभाग की आबादी लगभग 5 से 7 लाख थी, जो अब बढ़कर 17 से 18 लाख तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद छात्रावास में आज भी केवल 100 सीटें ही उपलब्ध हैं, जो वर्तमान आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त हैं। इस मामले पर उज्जैन के एसडीएम एल एन गर्ग ने बताया कि मैंने कलेक्टर से बात की है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान परिसर की जमीन का परीक्षण कराया जाएगा। यदि वहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध होती है, तो उसी स्थान पर नए छात्रावास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, यह निर्णय भूमि की उपलब्धता की जांच के बाद ही लिया जाएगा।
भागलपुर शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से डिक्शन मोड़ स्थित प्राइवेट बस स्टैंड को बाईपास थाना क्षेत्र के रिक्शाडीह में शिफ्ट किया गया। प्रशासन की ओर से वहां बस संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही थीं। लेकिन आज अचानक कुछ बस एजेंटों की ओर से बसों को फिर से डिक्शन मोड़ और कोयला डिपो की ओर ले जाने के बाद विवाद हो गया। बस स्टैंड से जुड़े दुकानदारों, एजेंटों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि रिक्शाडीह में बस स्टैंड के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहां स्थायी बस स्टैंड विकसित किया जा रहा था। इसके बावजूद कुछ दबंग एजेंटों और कथित माफिया तत्वों ने मनमाने तरीके से बसों का संचालन फिर से पुराने स्थान की ओर शुरू करा दिया। विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। लोगों का कहना है कि रिक्शाडीह बस स्टैंड में कई दुकानदारों ने भारी पूंजी लगाकर दुकानें खोली हैं और रोजी-रोटी का साधन तैयार किया है। ऐसे में अचानक बसों के हट जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय दुकानदार रोशन दुबे ने कहा, “कुछ दबंग और माफिया तत्व अपनी मनमर्जी से यहां से बसों को हटाकर गोट्टा चौक और कोयला डिपो ले गए हैं। हम लोगों ने यहां काफी पूंजी लगाई है। अब हमारा क्या होगा? हम जिलाधिकारी से मांग करते हैं कि गरीब लोगों के हित में फैसला लिया जाए। अगर रोजगार ही छिन जाएगा, तो हम लोग क्या करेंगे? हम मेहनत-मजदूरी कर अपना परिवार चलाने वाले लोग हैं।” यात्रियों और कर्मचारियों के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद उन्होंने कहा कि रिक्शाडीह में स्थायी बस स्टैंड बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यहां यात्रियों और कर्मचारियों के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। बाथरूम और टॉयलेट का निर्माण कराया जा रहा है और प्लास्टर का काम भी शुरू होने वाला है। उनके अनुसार यह काम जिलाधिकारी के निर्देश पर कराया जा रहा था, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने मिलकर जबरन बसों को वहां से हटवा दिया। रोशन दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि बसों को कोयला डिपो भेजने के पीछे पैसे का खेल हुआ है। उन्होंने कहा कि संभवतः थाना स्तर पर पैसे देकर इसकी अनुमति ली गई है। इससे बस स्टैंड से जुड़े करीब एक हजार लोगों की रोजी-रोटी पर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि गरीब लोग किसी दबंग से लड़ाई नहीं कर सकते, इसलिए प्रशासन को हस्तक्षेप कर बस स्टैंड को फिर से रिक्शाडीह में संचालित कराना चाहिए। विरोध कर रहे लोगों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड अंतर्गत अथरी पंचायत में मंगलवार को आयोजित आमसभा में बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पदाधिकारी द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई या मामलों को लंबित रखा गया, तो ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर निलंबन तक किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी विभागों के अधिकारी पंचायत स्तर पर पहुंचकर 30 दिनों के भीतर मामलों का निष्पादन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। शिकायत मिलने पर जिला स्तर पर ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि सीतामढ़ी मां जानकी की पावन भूमि है और इस जिले का प्रभारी मंत्री बनाया जाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसके लिए पार्टी नेतृत्व और बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है, जहां प्रधानमंत्री विकसित भारत और मुख्यमंत्री समृद्ध बिहार के निर्माण के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में प्रभारी जिलाधिकारी संजीव कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन, एमएलसी रेखा गुप्ता, परिहार विधायक गायत्री देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता, जदयू जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुशवाहा, पूर्व विधायक राम नरेश यादव समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भी भागीदारी रही।
टीकमगढ़ में मंगलवार को कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी नगर पालिका अध्यक्ष अंजली शर्मा ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों और सफाई अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत 2 महेंद्र सागर तालाब और लंका रोड पर चल रहे पेचिंग कार्य का जायजा लिया। इसके अलावा वार्ड 21 की बड़ी मजार पर लगाए गए पेवर्स और वार्ड 5 में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास बन रही सीसी रोड का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ठेकेदारों को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। टीम ने वार्ड 12 में टचिंग ग्राउंड की ओर बनाई जा रही सीसी रोड का भी अवलोकन किया। कई वार्डों में चला सफाई अभियान नगर में नाली सफाई अभियान भी चलाया गया। अवस्थी चौराहे से मुकेश लॉज तक करीब 200 मीटर नाली की सफाई कराई गई। वार्ड 15, शनि कॉलोनी और कटरा बाजार क्षेत्र में भी नालियों की सफाई और कचरा उठाने का काम किया गया। मच्छरों से बचाव के लिए दवा छिड़काव मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सेल सागर चौराहे से डॉ. खान की गली तक कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया। शहर के कई वार्डों में सफाई और कचरा उठाने का अभियान जारी रहा। निरीक्षण के दौरान उपयंत्री अजय दीक्षित, दीपक विश्वकर्मा, शुभम वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना रामपुर जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। डिजिटल आजीविका रजिस्टर (डीएआर) की चौथी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के छह ब्लॉकों में 29,441 संभावित लखपति दीदी महिलाओं को चिह्नित कर मंजूरी दी गई है। योजना के तहत अब तक 28,165 अद्वितीय आजीविका प्रविष्टियां दर्ज की जा चुकी हैं। जनवरी से मार्च की चौथी तिमाही में 3,490 नई डिजिटल एंट्री दर्ज की गईं, जिनमें से 3,349 को विभागीय स्वीकृति मिली। यह कुल प्रविष्टियों का 95.96 प्रतिशत है। स्वार ब्लॉक ने 99.90 प्रतिशत स्वीकृति दर के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जहां 976 प्रविष्टियों में से 975 को मंजूरी मिली। शाहबाद ब्लॉक में सर्वाधिक 5,907 महिलाओं को संभावित लखपति दीदी के रूप में चिह्नित किया गया। स्वार में 5,607 और मिलक में 5,546 महिलाओं को भी स्वीकृति मिली है। हालांकि, बिलासपुर ब्लॉक का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां 204 में से केवल 147 प्रविष्टियों को मंजूरी मिल सकी। आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य योजना की सफलता में आजीविका सखियों (सीआरपी) की अहम भूमिका रही है। जिले में अब तक 567 सीआरपी ऑनबोर्ड की जा चुकी हैं, जिनमें मिलक में 129, शाहबाद में 112 और बिलासपुर में 110 सीआरपी कार्यरत हैं। विभाग के सामने अभी भी लगभग 25,951 महिलाओं का विस्तृत डेटा डिजिटल रजिस्टर में पूरी तरह दर्ज करने की चुनौती बनी हुई है। लखपति दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए महिलाओं को कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
गुरुग्राम के मानेसर एरिया में 24 साल के युवक ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के झर कुआं गांव निवासी सुनील पाठक के रूप में हुई है। सुनील नाहरपुर गांव में किराए के मकान में रहता था और मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में काम करता था। बताया जा रहा है कि सुनील अविवाहित था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने परिजनों को भी सूचना भिजवा दी है। पुलिस सुसाइड के कारणों का पता लगाने के लिए उसके परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
अजमेर में अपराध की तीन अलग-अलग मामले सामने आए है। गंज थाना क्षेत्र में सूडान के चार युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जबकि हरिभाऊ उपाध्याय नगर में महिला से दिनदहाड़े मंगलसूत्र लूट लिया गया। वहीं सोशल मीडिया पर नकली पिस्टल के साथ रील बनाकर वायरल करने वाले युवक पर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। तीनों मामलों में पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। विदेशी युवकों से मारपीट, गंज थाने में मामला दर्ज अजमेर के गंज थाना क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सूडान निवासी चार युवक 17 मई की रात कार से पार्किंग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक रॉयल एनफील्ड बाइक सवार ने अचानक उनकी कार के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर युवक ने गाड़ी से उतरकर अभद्रता शुरू कर दी और हमला कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई और उन्होंने भी विदेशी युवकों के साथ मारपीट की। घटना में मुसाब ईसा आदम और उनके साथी मोंजर अब्दलमहामौद के सिर में चोटें आईं। वहीं कार में मौजूद इब्राहिम इब्राहिम और मोहम्मद अब्देल वहाब भी हमले का शिकार हुए। पीड़ित मुसाब ईसा आदम ने गंज थाने में रिपोर्ट देकर पुलिस से सीसीटीवी फुटेज जांचने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। रास्ता पूछने के बहाने महिला से मंगलसूत्र लूटा अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े महिला से मंगलसूत्र लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार दो बदमाश रास्ता पूछने के बहाने महिला के पास रुके और झपट्टा मारकर उसका सोने का मंगलसूत्र तोड़कर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार हरिभाऊ उपाध्याय नगर विस्तार निवासी सुरेश भाटी ने थाने में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 16 मई की शाम करीब 5 बजे उनकी पत्नी रोशनी अपनी बेटी को ट्यूशन छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे और रास्ता पूछने लगे। बातचीत के दौरान बदमाशों ने महिला के गले से करीब 10 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र तोड़ लिया और फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रभुलाल सउनि को सौंपी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। नकली पिस्टल के साथ रील बनाने वाला दुकानदार पर पुलिस कार्रवाई शुरू अजमेर में सोशल मीडिया पर खिलौनानुमा पिस्टल के साथ रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। युवक ने इंस्टाग्राम पर हाथ में नकली पिस्टल लेकर वीडियो अपलोड किया था, जिससे आमजन में भय और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में चलाए जा रहे सोशल मीडिया मॉनिटरिंग अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगीड़ और उप अधीक्षक शिवम जोशी के सुपरविजन में पुलिस ने वायरल रील की जांच की। जांच में सामने आया कि अहाता मोहल्ला स्थित महाशक्ति वॉच की दुकान पर एक युवक हाथ में पिस्टलनुमा वस्तु लहराते हुए वीडियो बना रहा था। थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की पहचान राजकुमार भागवानी निवासी फॉयसागर रोड के रूप में की। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने अपनी इंस्टाग्राम आईडी “वॉचस फॉर एम.एस” पर दुकान के प्रमोशन के लिए खिलौनानुमा पिस्टल के साथ वीडियो अपलोड किया था। हालांकि पुलिस ने माना कि इस तरह की रील से आमजन में दहशत फैल सकती है और युवाओं पर विपरीत असर पड़ सकता है। पुलिस युवक को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियां नहीं करने के लिए पाबंद कर रही है। उसके खिलाफ कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष इस्तगासा पेश कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा जिले में बिजली विभाग के एक कैंप के दौरान टेंट न लगाए जाने को लेकर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और एक बड़े बाबू के बीच तीखी बहस हो गई। इस विवाद का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। यह घटना आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित एक कैंप के दौरान हुई। करनैलगंज के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने आर्यनगर उपकेंद्र में तैनात कार्यकारी सहायक दिग्विजय सिंह को टेंट न लगाने पर फटकार लगाई। आरोप है कि एक्सईएन ने दिग्विजय सिंह से फोन पर धमकी भरे लहजे में बात की और अपशब्दों का भी प्रयोग किया। दोनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोंडा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस जांच कमेटी में गोंडा विद्युत कार्य मंडल के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उपमुख्य लेखाधिकारी बासु ब्रह्म महेंद्र को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह द्वारा कैंप में टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह नाराज हो गए थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने कथित तौर पर असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। पढ़िए बातचीत के अंश… एक्सईएन: क्या दिग्विजय?दिग्विजय: जी सर, नमस्ते।एक्सईएन: सात दिन के लिए कैंप का काम कर लीजिएगा, तब भी तुम लोग ऐसे ही खुले में बैठे हो। टेंट क्यों नहीं लगवाया?दिग्विजय: टेंट सर... अब यह तो एसडीओ साहब...एक्सईएन: कितनी देर तक धूप में बैठ पाओगे? अभी थोड़ी देर में धूप निकल आएगी, वहां से भाग लोगे।दिग्विजय: हम तो दुकान के अंदर बैठे हैं। एक्सईएन: कोई काम कायदे से करना आता है कि नहीं? तुम्हारा ही कैंप एमडी को दिखाऊंगा, फिर जाना बरेली-बदायूं घूमने। मैं ही रिकमेंड करवा दूंगा। तुम लोगों का पूरा दिमाग खराब हो रखा है।दिग्विजय: सर, इसमें हमारी क्या गलती है? बता दीजिए सर।एक्सईएन: क्यों गलती नहीं है तुम्हारी? जिम्मेदारी किसकी है? डिवीजन और सब-डिवीजन में बैठकर ज्यादा तेजी मत दिखाना। समझ में आया? क्यों नहीं किया कि टेंट लगना है? किससे कहा तुमने? जेई से, एसडीओ से या किसी और से? जल्दी बताओ।दिग्विजय: सर, आज से पहले जितने भी कैंप लगे हैं, वो जेई साहब और एसडीओ साहब ने ही लगवाए हैं।एक्सईएन: तो आज क्यों नहीं कहा कि कैंप में टेंट लगना चाहिए?दिग्विजय: आज का कैंप गलत नहीं लग रहा है सर। जेई साहब छुट्टी पर हैं।एक्सईएन: जब मैंने कहा था कि सभी लोग कायदे से कैंप लगाएं, तो तुमने टेंट क्यों नहीं लगवाया?दिग्विजय: सर, अगर सबसे कहा था तो कैंप में टेंट लगवाने का काम आज तक हमने नहीं किया। यह काम जेई साहब ही कराते हैं।एक्सईएन: मैंने बैनर बनवाकर दिया था, क्या उसे पिछवाड़े डालने के लिए दिया था? समझ में नहीं आ रहा कि क्या होना है? वहां बड़े-बड़े बाबू बने बैठे हो। सारी बाबूगिरी दो मिनट में निकल जाएगी। यहां से चार आदमी भेज देंगे। अब जेई-एसडीओ का नाम मत लो। टेंट लगवाकर दिखाओ मुझे। नहीं लगा है तो उसे यहां बुलाओ। यहीं बैठेगा। दूसरे दिन लगवा देंगे। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि करनैलगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह द्वारा उनके कार्यालय में तैनात कार्यकारी सहायक अक्षय राठौर के फोन से आर्यनगर विद्युत वितरण उपखंड के कार्यकारी सहायक दिग्विजय सिंह से अमर्यादित ढंग से बातचीत की गई और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता इस व्यवहार से आहत और व्यथित हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को अमर्यादित ढंग से बातचीत करने या असंसदीय भाषा के प्रयोग की अनुमति नहीं है।
रिठोरा पुलिस के द्वारा अवैध शराब परिवहन करते हुए एक बोलेरो गाड़ी से 45 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। पकड़ी गई शराब के साथ साथ एक आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है वहीं बोलेरो को पुलिस ने जब्त कर लिया है।आरोपी से अवैध शराब कहां से लाए गई और कहां जानी है इसकी पूछताछ में जुट गई है । पकड़ी गए कुल मशरूका की कीमत 6.80 लाख रुपए बताई है। एक लाख 80 हजार कीमत की शराब रिठोरा थाना पुलिस के द्वारा शनि मंदिर रोड पुराना रिठोरा रेलवे स्टेशन के पास चैकिंग लगाकर वाहनों की तलाशी ली जा रही थी तभी एक सफेद बुलेरो क्रमांक MP 32-C- 0645 वहां से गुजरी तो चालक के द्वारा पुलिस को देख भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसमें अंग्रेजी शराब की 45 पटरियां मिली। पुलिस ने जब दस्तावेज मांगे तो चालक उन्हें उपलब्ध नहीं करा सका। पुलिस ने वाहन,शराब जब्त कर आरोपी चालक पर मामला दर्ज कर लिया। पूछताछ कर रही पुलिस रिठौरा थाना प्रभारी एसआई संतोष बाबू गौतम के अनुसार चेंकिंग कर रही पुलिस को बुलेरो से 45 पेटी अंग्रेजी शराब मिली है। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी चालक को गिरफ्तार किया गया है।
दमोह जिले के हटा नगर पालिका में मंगलवार दोपहर एक महिला ने पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महिला कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिसके बाद महिला वहां से चली गई। महिला अपने ससुर के मकान की रजिस्ट्री रुकवाने की मांग को लेकर नगर पालिका पहुंची थी। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, महिला काफी समय से उन्हें परेशान कर रही है। महिला की पहचान हटा के सरस्वती वार्ड निवासी सरस्वती पति राजेंद्र हिंगवासिया के रूप में हुई है। पीड़िता ने हटा नगर पालिका में दिए अपने आवेदन में बताया है कि वह संजय वार्ड के मकान नंबर 85 में रहती है। उसके ससुर जय प्रकाश हिंगवासिया उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। महिला के अनुसार, वह जिस मकान में रहती है उसका क्षेत्रफल 440 वर्गफुट है। ज्ञान प्रकाश और गोविंद हिंगवासिया के बंटवारे में दानी महाराज को हिस्सा मिला था। दानी महाराज ने अपना यह हिस्सा आपत्तिकर्ता महिला को दे दिया था। महिला का आरोप है कि उसके ससुर इस हिस्से को नगर पालिका के रिकॉर्ड नक्शे में जोड़कर अपने नाम से दर्ज कराना चाहते हैं, जबकि उनका इस पर कोई अधिकार नहीं है। महिला पिछले करीब एक वर्ष से नगर पालिका की नामांतरण शाखा में आपत्ति दर्ज करा रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी से आक्रोशित होकर वह पेट्रोल लेकर नगर पालिका कार्यालय में आत्मदाह करने पहुंची थी।
यमुनानगर जिले के गांव बाल छप्पर में 11 मई की सुबह हुई सतनाम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या छह साल पुरानी खूनी रंजिश का बदला थी। पुलिस के अनुसार, पूर्व सरपंच के बेटे युवराज ने विदेश में बैठकर इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी। अपराध शाखा-2 की टीम ने इस मामले में पंजाब के एसएसएस नगर के झुझारनगर निवासी अशोक कुमार और गांव सारन निवासी इंद्रपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने शूटर को हथियार उपलब्ध करवाने, बाइक की व्यवस्था करने, पैसे पहुंचाने और वारदात के बाद फरार करवाने में मदद की थी। मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। जमीन विवाद से शुरू हुई खूनी रंजिश पुलिस जांच और गांव के लोगों के अनुसार यह पूरा विवाद करीब छह साल पहले गांव बाल छप्पर में दो कनाल जमीन को लेकर शुरू हुआ था। इस जमीन पर अवैध कब्जा था और प्रशासन ने सोलर पैनल लगाने के लिए जमीन को चिन्हित किया था। इसके बाद तत्कालीन सरपंच सतनाम कौर के पति रिछपाल सिंह की पहल पर जमीन से अवैध कब्जा हटवाया गया था। इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोग रिछपाल सिंह से रंजिश रखने लगे थे। बताया जाता है कि कब्जा हटवाने के बाद रिछपाल सिंह के घर पर दो बार फायरिंग भी हुई थी और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। 2020 में हुई थी रिछपाल सिंह की हत्या 22 मई 2020 को रिछपाल सिंह अपनी कार में पाबनी रोड स्थित खेतों की ओर गए थे। जैसे ही वह कार से नीचे उतरे, एक्टिवा पर आए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। रिछपाल सिंह को छाती और पेट में नौ गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उस मामले में आरोप लगा था कि सतनाम सिंह के बेटे वीरेंद्र ने अन्य लोगों के साथ मिलकर रिछपाल सिंह की हत्या की थी। वारदात के बाद वीरेंद्र फरार हो गया और बाद में विदेश चला गया। तभी से दोनों परिवारों के बीच खूनी दुश्मनी लगातार बढ़ती चली गई। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए रची साजिश पुलिस के अनुसार रिछपाल सिंह के बेटे युवराज ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए सतनाम सिंह की हत्या की साजिश रची। युवराज करीब डेढ़ साल से विदेश में रह रहा है और वहीं से उसने पूरे नेटवर्क को संचालित किया। जांच में सामने आया है कि युवराज ने अशोक कुमार और इंद्रपाल सिंह की मदद से करीब एक लाख रुपए में शूटर हायर किया था। शूटर को विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था। सैर के दौरान मारी गई गोलियां 11 मई की सुबह करीब 5:30 बजे 55 वर्षीय सतनाम सिंह रोजाना की तरह गांव के बाहरी क्षेत्र में सैर के लिए निकला था। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां सीधे उसके सीने में लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। मूक-बधिर थे सतनाम, अकेले गुजार रहे थे जिंदगी सतनाम सिंह बोलने और सुनने में असमर्थ थे। परिवार के अनुसार, पुरानी रंजिश और लगातार मिल रही धमकियों के चलते उनकी पत्नी प्रवीण कौर उर्फ बीना गांव छोड़कर अलग-अलग जगहों पर किराये के मकानों में रह रही थी। वह केवल महीने-दो महीने में ही गांव आकर अपने पति से मिलती थी। वहीं उनका इकलौता बेटा वीरेंद्र 2020 के हत्या मामले के बाद से फरार है। ऐसे में सतनाम सिंह गांव में लगभग अकेले ही रह रहे थे। पत्नी कौर ने पुलिस को बताया कि 17 अप्रैल को उनके घर और परिवार की गतिविधियों की रेकी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने गांव के युवक अंकित को गिरफ्तार भी किया था। महिला का आरोप है कि यह रेकी हरिंदर उर्फ राजीव सिंह उर्फ बब्बू के कहने पर करवाई गई थी। अब पुलिस को शक है कि अप्रैल में की गई रेकी ही सतनाम सिंह की हत्या की तैयारी का हिस्सा थी। जां पुलिस कर रही मुख्य शूटर की तलाश अपराध शाखा-2 के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अशोक कुमार और इंद्रपाल सिंह से गहन पूछताछ की जा रही है। दोनों ने शूटर को आर्थिक सहायता और अन्य संसाधन उपलब्ध करवाए थे। पुलिस अब मुख्य शूटर और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए कार्रवाई कर रही है।
बलरामपुर जिले में वन विभाग ने तेंदूपत्ता के अवैध संग्रहण और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अभियान चलाकर धमनी और रघुनाथनगर वन परिक्षेत्रों से कुल 19 बाइक्स जब्त की गई हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध तेंदूपत्ता परिवहन में किया जा रहा था। वन विभाग ने दोनों वन परिक्षेत्रों में अस्थायी बैरियर लगाकर सघन जांच अभियान चलाया। गुप्त सूचना के आधार पर वन अमले ने रात में गश्त के दौरान कार्रवाई की। जांच में 19 बाइक्स पकड़ी गई जांच में वन परिक्षेत्र धमनी से 11 और रघुनाथनगर से 8 बाइक पकड़ी गईं। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लोग दूसरे राज्यों से अवैध रूप से तेंदूपत्ता लाकर छत्तीसगढ़ में बेचने की तैयारी में थे। अधिनियम का उल्लंघन वन विभाग ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1964 का सीधा उल्लंघन है। जब्त तेंदूपत्ता और वाहनों का पंचनामा तैयार कर उन्हें विभागीय अभिरक्षा में रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अभियान यह पूरी कार्रवाई वनमण्डलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेई के निर्देशन और उप वनमण्डलाधिकारी प्रेमचंद मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारियों की टीम ने अभियान को अंजाम दिया। वन विभाग की चेतावनी वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेंदूपत्ता का संग्रहण और परिवहन केवल तय नियमों के तहत ही किया जा सकता है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध वन उपज परिवहन की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पिस्टलनुमा लाइटर से रील बनाने वाला युवक गिरफ्तार:आमजन में भय का माहौल बनाने का है आरोप
झालावाड़ में पिस्टलनुमा लाइटर के साथ रील बनाकर शेयर करने वाले एक युवक को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। युवक पर आमजन में भय का माहौल बनाने और सोशल मीडिया पर अपना रुतबा दिखाने का आरोप है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक युवक पिस्टलनुमा हथियार के साथ वीडियो शूट करता दिखाई दे रहा था। पुलिस को शिकायतें मिली थी कि युवक अवैध हथियार का प्रदर्शन कर रहा है और उसके फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे है। शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कियाइस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने जांच शुरू की। थानाधिकारी कोतवाली और उनकी टीम ने वीडियो से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान की। कार्रवाई करते हुए युवक अनुराग नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि युवक ने जिस वस्तु का उपयोग किया था, वह वास्तव में एक पिस्टलनुमा लाइटर था। पुलिस के अनुसार, युवक सोशल मीडिया पर अपना प्रभाव और रुतबा दिखाने के उद्देश्य से यह रील बनाकर शेयर कर रहा था, जिससे आमजन में भय का वातावरण उत्पन्न हो सकता था। पुलिस ने युवक को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की है।
बस्ती के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत:परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, जमकर किया हंगामा
बस्ती शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मंझरिया निवासी बृजेश चौधरी की 25 वर्षीय पत्नी अल्का वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को बस्ती शहर स्थित केडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार दोपहर डॉक्टरों ने ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया, जिसमें अल्का ने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। हालांकि, सोमवार शाम करीब छह बजे अल्का की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन ने उसे तत्काल कृष्णा मिशन अस्पताल रेफर कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा परिजन एंबुलेंस से अल्का को कृष्णा मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। देर रात बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार केडी हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से नवजात बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया है, जिससे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक तस्कर की एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को फ्रीज किया है। तस्कर पर प्रदेश के विभिन्न थानों में मादक पदार्थों की तस्करी और आर्म्स एक्ट से संबंधित आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। 17 कट्टों में भरा 343 किलो अफीम डोडाचूरा पकड़ा था एसपी बी. आदित्य ने बताया कि पांच साल पहले 30 सितंबर को छोटी सादड़ी थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी से 17 कट्टों में भरा 343 किलो अफीम डोडा चूरा बरामद किया था। उस समय वाहन में सवार निंबाहेड़ा निवासी तस्कर वीरेंद्र आंजना फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसमें सामने आया कि वीरेंद्र आंजना को यह अफीम डोडा चूरा बसेड़ा निवासी ललित आंजना द्वारा सप्लाई किया गया था। कई जिलों में फैला हुआ नेटवर्क ललित आंजना इलाके का एक कुख्यात तस्कर है, जिसका नेटवर्क जोधपुर, जालोर, पाली, सिरोही और बाड़मेर तक फैला हुआ है। उस पर प्रदेश के विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी के छह मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। एक साल पहले किया था गिरफ्तार एक साल पहले 25 अप्रैल 2025 को मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि ललित ने मादक पदार्थ तस्करी के काले कारोबार से कई चल-अचल संपत्तियां खरीदी हैं। इस पर पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने उसके वित्तीय लेनदेन और स्रोतों की जांच की। बसेड़ा गांव में खरीदी थी जमीन जांच में सामने आया कि ललित ने बसेड़ा गांव में 1 करोड़ 5 लाख रुपए की साढ़े तीन बीघा कृषि भूमि खरीदी थी। छोटी सादड़ी थानाधिकारी प्रवीण टांक ने इस जमीन को फ्रीज करने के लिए कॉम्पिटेंट अथॉरिटी, नई दिल्ली के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने पेट्रोलियम बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने अपने आवास से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक करीब एक किमी पैदल चलकर अधिकारियों और कर्मचारियों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। यह पहल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण, पेट्रोलियम बचत और पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी आह्वान के क्रम में की गई है। जनपद सोनभद्र प्रशासन ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी गौड़ ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों की बचत के लिए आपसी समन्वय स्थापित करें। उन्होंने संयुक्त रूप से क्षेत्र भ्रमण, बैठकें, संपूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस, किसान दिवस और मासिक समीक्षा बैठकों में भाग लेने का सुझाव दिया, ताकि अनावश्यक ईंधन की खपत कम हो सके। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से सप्ताह में कम से कम दो दिन ऐसे निर्धारित करने को कहा, जब फील्ड भ्रमण न हो। इन दिनों कार्यालय आने-जाने के लिए बस, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। साथ ही, विभागीय बैठकों को अधिकतम ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने पर भी बल दिया गया, जिससे समय, संसाधन और पेट्रोलियम की बचत सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रहित में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोलियम उत्पाद सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, इसलिए छोटी दूरी के लिए पैदल चलना, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत विकसित करनी चाहिए। ईंधन की बचत केवल आर्थिक मजबूती ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा विषय है।
रोहतक में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन देने वाले डोर टू डोर के 46 कर्मचारियों को ठेकेदार ने हटा दिया है। ऐसे में निगम कर्मचारियों ने प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर नहीं रखा तो निगम कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर चले जाएंगे। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने 1 मई को हड़ताल शुरू की थी, जिनके समर्थन में डोर टू डोर कचरा उठाने वाले ठेकेदार के 46 कर्मचारियों ने अपना समर्थन दिया था। हड़ताल के दौरान घरों से कचरा ना उठाने के कारण प्रशासन के निर्देश पर ठेकेदार ने उन 46 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है, जिसका नगर निगम कर्मचारियों ने विरोध किया। ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों पर कार्रवाई करना गलतनगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू टांक ने कहा कि नगर निगम की तरफ से जिस ठेकेदार को सफाई का ठेका दे रखा है, उसके साथ 46 कर्मचारियों पर कार्रवाई करना गलत है। इन कर्मचारियों ने नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दिया था, जिसके चलते कचरा नहीं उठाया। निगम कर्मचारी उनके साथ अन्याय होने नहीं देंगे। मेयर व ज्वाइंट कमिश्नर को दिया नोटिसप्रधान शंभू टांक ने कहा कि डोर टू डोर कर्मचारियों ने उनकी हड़ताल को समर्थन दिया था। प्रदेश में अन्य जगह भी समर्थन दिया था, जिन्हें बाद में नौकरी पर रखा गया है। केवल रोहतक में ही कर्मचारियों को हटाया गया है। आज मेयर व ज्वाइंट कमिश्नर को नोटिस देते हुए 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा तो दोबारा हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों की मांग पर कर रहे कार्रवाई मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि कर्मचारियों की तरफ से उन्हें एक ज्ञापन दिया गया है। वह इस मामले में ठेकेदार के साथ बातचीत करेंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय होने नहीं दिया जाएगा। कर्मचारियों को भी आश्वासन दिया है। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों और सीएमआईएस पोर्टल पर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग वाले विभागों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 में श्रावस्ती जनपद की विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंक 26 रही। मार्च 2026 में कुल 85 कार्यक्रमों में से 48 कार्यक्रम 'ए' श्रेणी में, 1 'बी', 6 'सी' और 2 'डी' श्रेणी में दर्ज किए गए, जबकि 28 कार्यक्रम 'एनए' श्रेणी में रहे। जल संसाधन विभागों ने 'ए' ग्रेड प्राप्त किया अतिरिक्त ऊर्जा, अल्पसंख्यक कल्याण, कृषि, ऊर्जा, ग्रामीण अभियंत्रण, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, प्राथमिक शिक्षा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पशुधन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, श्रम एवं सेवायोजन, सहकारिता तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभागों ने 'ए' ग्रेड प्राप्त किया। दूसरी ओर, ग्राम्य विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, पर्यटन, समाज कल्याण, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा लोक शिकायत (निर्माण कार्य) विभागों के कार्यक्रम 'बी', 'सी' और 'डी' श्रेणी में रहे। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में जनपद प्रदेश के अंतिम पांच जिलों में शामिल रहा। हालांकि, नई सड़कों का निर्माण और अनुसूचित जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना प्रदेश के शीर्ष पांच में रहीं। सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को तत्काल हैंडओवर कराने और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का आदेश दिया।
खरगोन में 20 मई को 11 केवी सराफा फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक शहर के 25 से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सराफा फीडर से जुड़े सराफा बाजार, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस चौराहा, रामेश्वर टॉकीज क्षेत्र, एमजी मार्ग, शिवशक्ति नगर, सब्जी मंडी क्षेत्र, वेयरहाउस एरिया, नगर पालिका क्षेत्र और हाई सेकेंडरी स्कूल सहित कई इलाकों में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। मेंटेनेंस के चलते लिया जाएगा शटडाउन पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खरगोन शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीया ने बताया कि लाइन मेंटेनेंस और सुधार कार्य के लिए शटडाउन लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली कटौती की समयावधि घटाई या बढ़ाई भी जा सकती है।
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी, अमृतसर की ओर से बच्चों और अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक बच्चे 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यह पुरस्कार देश के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने कम उम्र में अपने साहस, प्रतिभा और समाज सेवा से विशेष पहचान बनाई है। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी तरनजीत सिंह ने बताया कि भारत के ऐसे बच्चे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है, वे निर्धारित योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट awards.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को दिया जाता है। इनमें बहादुरी, खेल, विज्ञान एवं तकनीक, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे बच्चे जो दूसरों की मदद के लिए प्रेरणादायक कार्य करते हैं और समाज के लिए रोल मॉडल बनते हैं, उन्हें इस सम्मान से नवाजा जाता है। प्रतिभाशाली बच्चों को आगे लाने की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास के प्रतिभाशाली और साहसी बच्चों की जानकारी आगे लाएं तथा अधिक से अधिक योग्य बच्चों का आवेदन करवाएं, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिल सके। 31 जुलाई तक करें आवेदन यदि आपके परिवार या क्षेत्र में कोई बच्चा विशेष उपलब्धि हासिल कर चुका है, तो यह उसके लिए सुनहरा अवसर है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है, इसलिए समय रहते ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें।
प्रदेश के अभियोजन निदेशक ललित मुदगल ने जनपद मऊ स्थित जिला अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण किया। अभियोजन निदेशक का पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका मऊ जनपद का पहला दौरा था। जिला अभियोजन कार्यालय पहुंचने पर अपर निदेशक अभियोजन आज़मगढ़ मंडल भानुप्रताप पाण्डेय ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अभियोजन निदेशक ने कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन अधिकारियों, सहायक अभियोजन अधिकारियों, जिला शासकीय अधिवक्ताओं और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान अभियोजन निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की भयमुक्त समाज की संकल्पना को साकार करने के लिए गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए। मुदगल ने जोर दिया कि अभियोजन कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय अत्यंत आवश्यक है, जिससे न्यायालय में एक मजबूत पक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने शासकीय एवं सहायक शासकीय अधिवक्ताओं से भी संवाद किया और लंबित तथा संवेदनशील मामलों में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक सी.के. राय, एसपीओ लक्ष्मीराज सिंह, अभियोजन अधिकारी अभिनव शुक्ला, अभियोजन अधिकारी प्रिया सिंह, प्रभारी डीजीसी अजय कुमार सिंह, एडीजीसी (पॉक्सो) प्रवीण मिश्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन एवं प्रबंधन अभियोजन अधिकारी अभिनव शुक्ला द्वारा किया गया।
आगर मालवा के बड़ौद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। यह आंदोलन मंगलवार दोपहर को छात्र हितों और जनसमस्याओं को लेकर शुरू हुआ था। परिषद कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय की भूमि से अतिक्रमण हटाने, बाउंड्री वॉल निर्माण, खेल मैदान उपलब्ध कराने, निजी विद्यालयों की जांच तथा सांदीपनि विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू कराने सहित कई प्रमुख मांगें उठाई थीं। धरना स्थल पर परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि कॉलेज परिसर में अतिक्रमण के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा, नगर में खेल मैदान न होने से युवाओं और खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। परिषद ने निजी विद्यालयों में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की। आंदोलन के दौरान नगर मंत्री विजय परिहार, महाविद्यालय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और पंकज व्यास भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इनके समर्थन में सुरेश सिंह परिहार, लखन सिंह, रविंद्र शर्मा, जसपाल सिंह, विजयपाल सिंह, कृष्ण पाल सिंह और विशाल सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी सौरभ जैन और तहसीलदार रामकृष्ण अहिरवार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिषद पदाधिकारियों से चर्चा की और उनकी मांगों पर आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय के लिए जल्द ही स्थान का चयन किया जाएगा और तब तक यह वर्तमान स्थान पर ही संचालित होता रहेगा। तहसीलदार ने शासकीय महाविद्यालय में अतिक्रमण की समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही, अशासकीय विद्यालयों में कथित धांधलियों की जांच कराने की बात भी कही गई। प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सौरभ जैन ने भूख हड़ताल पर बैठे परिषद पदाधिकारियों को ज्यूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। परिषद कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे भविष्य में फिर से आंदोलन करेंगे।
लोजपा का नारा, क्यों मांगे उधार, जब अपना नेता तैयार:2027 चुनाव पर फोकस, सपा पर हत्याओं के गंभीर आरोप
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने बताया कि पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर रही है। प्रदेशभर में कार्यकर्ता सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं। पार्टी ने 'क्यों मांगे उधार, जब अपना नेता तैयार' नारे के साथ पोस्टर अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पासी-पासवान समाज को एकजुट करना है। राजीव पासवान के अनुसार, पासी और पासवान समाज को अब किसी अन्य राजनीतिक दल की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े हैं। पासवान ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से लगभग 105 सीटों पर पासी-पासवान समाज चुनाव में जीत-हार तय करने की स्थिति में है। इसी रणनीति के तहत पार्टी 2027 का चुनाव मजबूती से लड़ने की तैयारी कर रही है। इस बीच, राजीव पासवान ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'पीडीए' का नारा देने वाली समाजवादी पार्टी के समर्थकों और 'गुंडों' ने हाल के दिनों में पासी समाज के लोगों की लगातार हत्याएं की हैं। पासवान ने जैशलाल सरोज, हिमांशु सरोज और कौशांबी के किरण पाल हत्याकांड का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों ने लिखित रूप में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के यूपी प्रभारी सांसद अरुण भारती बुधवार को प्रयागराज पहुंचेंगे। वह कौशांबी जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान करेंगे। राजीव पासवान ने मांग की है कि पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाला समय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का होगा और 2027 में जनता समाजवादी पार्टी को जवाब देगी।
सिंगरौली कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कार्यालयों में अनुशासन सुधारने के लिए मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने अचानक कलेक्ट्रेट पहुंचकर कई शाखाओं की उपस्थिति पंजी की जांच की। सुबह 10:45 बजे तक 41 अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। इनमें से कई के हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे और न ही उन्होंने कोई पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति ली थी। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल सभी 41 अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई की जद में कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी भी आए। कलेक्टर कोर्ट के दो कर्मचारियों और एक स्टेनो का वेतन काटा गया, जबकि लोक सेवा केंद्र शाखा के चार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई। कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी सुबह 11 बजे तक कार्यालय पहुंचते हैं, जो अस्वीकार्य है। कार्यालय समय का पालन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई कर्मचारी देर से आता है या बिना सूचना के अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों का यह व्यवहार मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने, कई शहरों तक पीछा करने और 25 टीमों की लगातार मेहनत के बाद दुर्ग पुलिस ने मेरठ के अंतरराज्यीय चोर गिरोह को पकड़ लिया। आरोपी इतने शातिर थे कि चादर बेचने के बहाने कॉलोनियों में घूमते, सुनसान मकानों की रेकी करते और फिर कुछ ही मिनटों में चोरी कर फरार हो जाते थे। सुपेला थाना क्षेत्र के नेहरू नगर में इन्होंने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में हासीम खान (24) निवासी शालीमार गार्डन, मेरठ और सलीम खान (28) निवासी शिवालकास, मेरठ शामिल हैं। सलीम ज्वेलर्स का संचालन करता था और चोरी का सोना खरीदता था। पुलिस ने बताया कि चोरी का सोना गलाकर बिस्किट बना दिया गया था। इस मामले में अभी एक आरोपी फरार है जिसकी तलाश में टीम लगी हुई है। सीसीटीवी के जरिए रायपुर,बिलासपुर, भोपाल और मेरठ पहुंची पुलिसपुलिस के मुताबिक शुरुआत में चोरी की वारदातों में कोई बड़ा सुराग नहीं मिल रहा था। इसके बाद अलग-अलग इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। नेहरू नगर, कोसा नाला, पावर हाउस, चरोदा और कुम्हारी टोल प्लाजा से लेकर रायपुर के जय स्तंभ चौक और मौदहापारा तक संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। लगातार फुटेज जोड़ने के बाद पुलिस को दो संदिग्धों की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कड़ियां जोड़ी और बिलासपुर से लेकर भोपाल और उसके बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ में इन चोरों तक पहुंची। मेरठ में भी सीसीटीवी फुटेज चेक करने के बाद आरोपी की जानकारी मिली। वारदात से चार दिन पहले ही आए थे रायपुरजांच में पता चला कि आरोपी रायपुर के मौदहापारा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। मकान मालिक को उन्होंने खुद को चादर बेचने वाला व्यापारी बताया था। यहीं से पुलिस को बड़ा लिंक मिला। बताया जा रहा है कि भिलाई में वारदात से चार दिन पहले ही ये रायपुर आकर किराए के मकान में रूके थे। चादर बेचने के बात बताकर ये अन्य शहरों में जाकर रेकी करते थे और दोपहर में ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। एक साथी जो अभी फरार है वो बाहर पहरा देता था। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई पुलिसदुर्ग पुलिस ने आरोपियों को मेरठ में यूपी पुलिस की मदद से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई है। भोपाल पुलिस ने सबसे ज्यादा मदद की जानकारी देने में। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। इनमें एक चोरी करने वाला आरोपी है, जबकि दूसरा चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स संचालक बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 400 ग्राम सोना और नगद रकम बरामद की है। बताया जा रहा है कि चोरी का सोना गलाकर बिस्किट बना दिया गया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। फिलहाल आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। आदतन चोर हैं ये आरोपीपुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मेरठ के रहने वाले हैं और पहले भी चोरी के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने बिलासपुर, नया रायपुर और जबलपुर में भी चोरी की वारदातें करना कबूल किया है। खास बात यह है कि ये सभी चोरियां दिन में की गईं। आरोपी ऐसे मकानों को निशाना बनाते थे, जिनमें बाहर से ताला लगा रहता था। चोरी का तरीका भी बेहद प्रोफेशनल था। आरोपी अपने बैग में कटर लेकर चलते थे। एक आरोपी बाहर खड़ा होकर नजर रखता था, जबकि दूसरा ताला काटकर घर के अंदर घुस जाता था। 30 से 35 मिनट के भीतर वे पूरी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते थे। घटना के तुरंत बाद दोनों अपने मोबाइल बंद कर देते थे, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। 25 टीमें लगी थी तलाश मेंएसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ट्रेन से मेरठ से छत्तीसगढ़ आते थे। यहां आने के बाद उन्होंने एक्टिवा और मोटरसाइकिल की व्यवस्था की थी। पुलिस अब उस व्यक्ति की भी भूमिका जांच रही है, जिसने उन्हें वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि उसे भी कई बातों की जानकारी थी, इसलिए आगे उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। पूरे ऑपरेशन में 25 टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कुछ टीमें सिर्फ सीसीटीवी फुटेज देखने में लगी थीं, जबकि कुछ लोकेशन ट्रेस कर रही थीं। कई टीमें ह्यूमन इंटेलिजेंस पर काम कर रही थीं। राजनांदगांव और रायपुर की तरफ भी पुलिस ने अलग टीमें लगाई थीं। भिलाई, रायपुर, भोपाल, बिलासपुर और मेरठ तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब जाकर पूरी कड़ियां जुड़ सकीं।
भागलपुर. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर आज से शुरू हुए “सहयोग शिविर” के पहले दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। जिले के 38 पंचायतों में आयोजित शिविरों में ग्रामीण अपनी सालों पुरानी समस्याओं को लेकर पहुंचे। सबौर प्रखंड के ममलखा हाई स्कूल परिसर में आयोजित शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सह भागलपुर प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी, सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह, नाथनगर विधायक मिथुन यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन जमा किए। DM ने बताया कि केवल ममलखा पंचायत शिविर में करीब 200 आवेदन हासिल हुए। इनमें सबसे अधिक शिकायतें गंगा कटाव, भूमि विवाद, आवास योजना, राशन कार्ड और पेंशन से जुड़ी रहीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि वे महीनों से प्रखंड और जिला कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। गंगा किनारे होने वाले कटाव को लेकर चिंता जताई कटाव प्रभावित ग्रामीणों ने गंगा किनारे होने वाले कटाव को लेकर चिंता जताई। लोगों ने आवेदन देकर तटबंध निर्माण और कटावरोधी कार्य तेज कराने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी और विधायक मिथुन यादव ने आश्वासन दिया कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जल्द तेजी से काम कराया जाएगा। अधिकारियों ने फरियादियों से आवेदन लेकर जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि किसी भी मामले का मौके पर निष्पादन नहीं हो सका। शिविर में पहुंची महिला जूली देवी ने कहा कि पहले उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन गांव में शिविर लगने से उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा। कई लोगों को आवेदन जमा करने की रसीद भी दी गई और बताया गया कि संबंधित विभागों के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को निराश होकर लौटना पड़ा वहीं, सहयोग शिविर के पहले दिन जिला प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई। मंत्री नीतीश मिश्रा के कार्यक्रम स्थल से निकलते ही अधिकांश विभागीय स्टॉल बंद होने लगे, जबकि शिविर को कार्यालय अवधि तक संचालित करने का निर्देश था। इससे कई ग्रामीणों को निराश होकर लौटना पड़ा। इस संबंध में स्थानीय मुखिया प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रखंड कार्यालय में भी आवेदन लिए जाएंगे और समस्याओं का समाधान किया जाएगा। प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो, ताकि उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि महीने के दूसरे और तीसरे मंगलवार को ऐसे शिविर लगातार लगाए जाएंगे और यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लोगों की समस्याएं कम नहीं हो जातीं।
विदिशा में अवैध कॉलोनियों का मामला अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। शहर की गोकुलधाम फेस-1 कॉलोनी के रहवासी एक बार फिर अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कॉलोनाइजर पर वादाखिलाफी और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सड़क, पानी और बिजली के वादे अधूरे रहवासियों का कहना है कि प्लॉट बेचते समय सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सालों बाद भी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। लोग आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान हो रहे हैं। गोकुलधाम फेस-1 कॉलोनी के रहवासी पिछले पांच मंगलवार से लगातार जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत कर रहे हैं। कॉलोनाइजर पर लगाए गंभीर आरोप रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइजर उमाशंकर दुबे ने कॉलोनी विकसित करते समय सभी जरूरी सुविधाएं देने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को परेशान रहवासी कॉलोनाइजर के कार्यालय भी पहुंचे और नाराजगी जताई। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। मामले की जांच के लिए तहसीलदार कॉलोनी पहुंचे और रहवासियों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि कॉलोनी में सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी है। कॉलोनाइजर पर एफआईआर की तैयारी रहवासी मंगलवार को फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां से उन्हें कोतवाली भेजा गया। जानकारी के मुताबिक कॉलोनाइजर उमाशंकर दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है। दरअसल, विदिशा शहर और आसपास के इलाकों में अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैल रहा है। लोगों को बड़े विज्ञापन और सुनहरे सपने दिखाकर प्लॉट बेचे जाते हैं, लेकिन बाद में सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। राजनीतिक संरक्षण के आरोप लोगों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं। यही वजह है कि कई कॉलोनाइजर बेखौफ होकर अवैध कॉलोनियां काट देते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं करते। जब तक प्रशासन सक्रिय होता है, तब तक लोग अपनी जिंदगीभर की कमाई लगाकर मकान बना चुके होते हैं और फिर समस्याओं में फंस जाते हैं।
डूंगरपुर के लक्ष्मण मैदान में मंगलवार से अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी का आगाज हुआ। पहले मुकाबले में राज सिंह इलेवन ने करूणेश जोशी इलेवन को 4 रन से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। यह मैच आखिरी विकेट तक चला, जिसमें युवा खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन ने बताया कि यह ट्रॉफी राजस्थान क्रिकेट संघ की अंडर-19 क्रिकेट शील्ड प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों के चयन के लिए आयोजित की जा रही है। जिलेभर से करीब 150 खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया था, जिनमें से 30 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को 6 टीमों में बांटा गया है। राज सिंह इलेवन ने 114 रन बनाएपहले बल्लेबाजी करते हुए राज सिंह इलेवन ने 27 ओवर में 114 रन बनाए। टीम की ओर से आरुष शर्मा ने 36 रन और अथर्व ने 24 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरी करूणेश जोशी इलेवन की टीम 22 ओवर में 110 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से अपूर्व चौबीसा ने 18 रन बनाए, जबकि मानस बी चौहान, शोभन खान और मितांशु जोशी ने 17-17 रन का योगदान दिया। कल होगा दूसरा मुकाबलाराज सिंह इलेवन की ओर से आरिफ पठान और कृष ने 3-3 विकेट लिए। आरिफ पठान को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।सुशील जैन ने बताया कि प्रतियोगिता का दूसरा मुकाबला बुधवार सुबह 7 बजे अशोक जोशी इलेवन और लक्ष्मण सिंह इलेवन के बीच खेला जाएगा।
राजगढ़ जिले की कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी के तीन मामलों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल की गई एक अन्य बाइक सहित करीब 1 लाख 10 हजार रुपए का सामान बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देश पर चलाए जा रहे वाहन चोरी विरोधी अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे और एसडीओपी अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखेनिया के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। अलग-अलग जगहों से चोरी हुई थीं बाइक शराब ठेके, कलेक्ट्रेट और कॉलोनी से वाहन गायब हुए थे पहला मामला 10 मई 2026 का है, जब ग्राम करनपुरा निवासी सुल्तानसिंह सौंधिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी होंडा शाइन बाइक ग्राम करेड़ी स्थित शराब ठेके के सामने से चोरी हो गई। इसी तरह ग्राम कांसी निवासी राधेश्याम तंवर ने कलेक्ट्रेट के सामने से बाइक चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं हेडगेवार कॉलोनी निवासी हरिशंकर शर्मा की बाइक उनके किराए के मकान के सामने से चोरी हो गई थी। तीनों मामलों में कोतवाली थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने ग्राम दलेलपुरा निवासी 21 वर्षीय सुनील वर्मा और 30 वर्षीय सुरेश तंवर को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने तीनों बाइक चोरी की वारदातें करना स्वीकार कर लिया। चोरी की बाइक और इस्तेमाल की गई गाड़ी जब्त साइबर शाखा का तकनीकी सहयोग भी अहम रहा आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की तीनों मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल की गई बजाज सीटी-100 बाइक बरामद कर ली। पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक सुभाष द्विवेदी, प्रधान आरक्षक मानसिंह भिलाला, सतीश भिलाला, धर्मेंद्र खींची सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। वहीं साइबर शाखा के प्रधान आरक्षक कुलदीप कुंभकार का तकनीकी सहयोग जांच में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
शाजापुर में खाद्य विभाग की चेकिंग:सम्राट लस्सी सहित अन्य दुकानों से लिए आइसक्रीम के सैंपल
शाजापुर में खाद्य विभाग ने मंगलवार दोपहर शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार गौरव पोरवाल, खाद्य विभाग की टीम और संबंधित पटवारी मौजूद रहे। टीम ने शहर की विभिन्न खान-पान की दुकानों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और रख-रखाव की जांच की। जांच अभियान के तहत अधिकारियों ने सम्राट लस्सी सेंटर और नई सड़क स्थित अमूल दूध पार्लर सहित कई प्रतिष्ठानों का दौरा किया। सम्राट लस्सी से मटका कुल्फी और वडीला आइसक्रीम के नमूने लिए गए। अमूल दूध पार्लर से भी आइसक्रीम और लस्सी के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए। नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा खाद्य अधिकारी एमके वर्मा ने बताया कि सभी एकत्र किए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रख रहा है और आमजन के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुसार संग्रहित करने और एक्सपायरी डेट वाले उत्पादों का विक्रय न करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग की इस औचक कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
ग्वालियर-बरौनी ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन का होगा संचालन:19 मई से चलेगी, बलिया-सुरेमनपुर होकर गुजरेगी
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-बरौनी-ग्वालियर ग्रीष्मकालीन द्विसाप्ताहिक विशेष ट्रेन (गाड़ी संख्या 04137/04138) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 19 मई से 15 जुलाई, 2026 तक कुल 17 फेरों में संचालित की जाएगी। गाड़ी संख्या 04137 ग्वालियर-बरौनी विशेष ट्रेन 19 मई से 14 जुलाई, 2026 तक प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को ग्वालियर से दोपहर 02:15 बजे प्रस्थान करेगी। यह शनीचरा, मालनपुर, गोहद रोड, भिंड, इटावा, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी कैंट, औड़िहार, गाजीपुर सिटी, बलिया, रेवती, सुरेमनपुर, छपरा, सोनपुर और हाजीपुर होते हुए अगले दिन दोपहर 12:15 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 04138 बरौनी-ग्वालियर विशेष ट्रेन 20 मई से 15 जुलाई, 2026 तक प्रत्येक रविवार और बुधवार को बरौनी से दोपहर 01:45 बजे रवाना होगी। यह शाहपुर पटोरी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा, सुरेमनपुर, रेवती, बलिया, गाजीपुर सिटी, औड़िहार, वाराणसी कैंट, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज जंक्शन, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, भिंड, सोनी, गोहद रोड, मालनपुर और शनीचरा होते हुए अगले दिन दोपहर 12:20 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। इस विशेष ट्रेन में कुल 20 कोच होंगे। इनमें 02 एसएलआर/डी, 06 साधारण द्वितीय श्रेणी, 04 द्वितीय श्रेणी कुर्सीयान, 06 शयनयान श्रेणी, 01 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच शामिल हैं।
भदोही में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष नामांकन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर में आयोजित इस अभियान में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के 260 बच्चों का नामांकन कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया। इस कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश उपस्थित रहे। विभिन्न बस्तियों से 250 अभिभावकों के साथ बच्चों को बसों द्वारा नामांकन स्थल तक लाया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं आकांक्षा, मनीषा और विशाल नामक तीन बच्चों का प्रवेश पंजिका में अंकन किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को विद्यालयों से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना था कि 'कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे'। जिलाधिकारी ने मुसहर समाज और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का निर्देश दिया। भदोही जनपद बच्चों के नामांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, भदोही ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के बच्चों की पहचान कर विशेष प्रयासों से उन्हें नामांकित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) और अन्य शैक्षिक सुविधाएं डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को ईंट भट्ठों, मुसहर बस्तियों और अन्य वंचित क्षेत्रों में लगातार संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक भविष्य प्रदान कर सकती है।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री बनने के बाद डॉ. सोमेंद्र तोमर मेरठ पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपनी यात्रा के लिए पार्टी के छात्र संगठन, युवा मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें सिखाया है कि देश पर संकट आने पर बाकी सब बाद में आता है, क्योंकि हमारी पार्टी में 'पार्टी सेकंड और हम लास्ट' की विचारधारा है। मंत्री तोमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि पूरे विश्व में सबसे सुरक्षित देश यदि कोई है तो वह भारत है। यह मोदी जी के अच्छे नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने देश के लिए कार्यकर्ताओं के 'गिलहरी' जैसे सहयोग का भी जिक्र किया। विपक्ष का काम केवल आलोचना करना, जनता सबक सिखाएगीविपक्ष पर निशाना साधते हुए डॉ. तोमर ने कहा कि विपक्ष का काम केवल आलोचना करना है। उन्होंने इसे दुखद बताया कि देश में ऐसा विपक्ष है जो संकट के समय भी दूसरे देशों की प्रशंसा करता है। उन्होंने महिला आरक्षण का विरोध करने वाले विपक्ष की भी कड़ी आलोचना की। मंत्री ने कहा कि पूरा देश ऐसे विपक्ष को देख रहा है, और महिलाओं ने लोकसभा में महिला आरक्षण का विरोध करने वालों की तस्वीरें देखी हैं। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के संदर्भ में बताया कि मंत्रिमंडल में 60 सदस्य होने चाहिए थे, जिनमें से छह पद खाली थे। सेंट्रल मार्केट प्रकरण: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिएशास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर सोमेंद्र तोमर ने कहा यह विषय सर्वोच्च न्यायालय का है। कुछ लोग वहां जाकर गलत भाषण दे रहे हैं। वर्ष 2015 में जब व्यापारी कोर्ट गए थे। उस समय किसकी सरकार थी। जब हाई कोर्ट में सेंट्रल मार्केट के विरोध में निर्णय आया तो केवल एक ही विकल्प बचा था सर्वोच्च न्यायालय का, उन्होंने इस प्रकरण को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा हैं। उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया है कि धैर्य बनाए रखें व्यापारियों के हित में विकल्प ढूंढा जा रहा है।
शाजापुर में घर में लगी आग, घरेलू सामान जलकर राख:दमकल और लोगों की मदद से पाया काबू
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया के वार्ड क्रमांक 17 में मंगलवार दोपहर एक घर में आग लग गई। आग इक़बाल पिता लाल मोहम्मद के घर में लगी, जिसने कुछ ही देर में तेज रूप ले लिया। घर से उठती आग की लपटें और धुआं देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पहुंची दमकल घटना की जानकारी वार्ड सदस्य मोहित सोनी ने दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने भी बाल्टियों और पानी के अन्य साधनों से आग बुझाने में मदद की। घरेलू सामान हुआ क्षतिग्रस्त करीब दोपहर 1:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग लगने से घर में रखा घरेलू सामान जल गया। हालांकि समय रहते आग बुझा लेने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
गया के मानपुर प्रखंड में मंगलवार को 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इसके अलावा बेलागंज प्रखंड में भी शिविर लगा। लखनपुर और चाकन्द में हुए इन शिविरों में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आम जनता की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस, प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास स्थापित करना था। लखनपुर, मानपुर में आयोजित शिविर में मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राशन, पेंशन, पुलिस शिकायतें और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मामले उठाए गए। जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन शुरू कर दिया गया, जबकि अन्य के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाकन्द में आयोजित 'सहयोग शिविर' में भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यहां भी आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण गया मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीधे संवाद स्थापित कर लोगों की परेशानियां सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम होना अत्यंत आवश्यक है, और 'सहयोग शिविर' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को छिपाने के बजाय प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आम जनता को काफी राहत मिलती है और अधिकारियों तक सीधे पहुंच बनती है। शिविर में अधिकतर लोगों ने भूमि विवाद की मामले से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपे है और कई दर्जनों मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया। दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने डीसीएलआर को जांच के निर्देशि दिए है। इसके अलावा जमीन खरीद बिक्री पर लगे रोक पर का भी मामले आए। वहीं, सामाजिक कल्याण योजना, पेंशन, राशन कार्ड, थाने से संबंधित मामले औऱ सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले को लेकर आवेदन सौंपा गया।
करौली जिले में पांचना बांध पर चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अचानक तबीयत बिगड़ने पर 2 महिलाओं और 1 व्यक्ति की मदद की। ये तीनों बाइक से एक गांव की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर प्राथमिक सहायता दी और उनके परिजनों को सूचित किया। जानकारी के अनुसार, परिता क्षेत्र से मीणा समाज की 2 महिलाएं और 1 व्यक्ति बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। पांचना बांध के ऊपर पहुंचते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। धरने पर मौजूद किसानों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें जमीन पर लिटाया, पानी पिलाया और उनकी हालत सामान्य करने का प्रयास किया। परिजनों को फोन पर दी सूचनाइस दौरान रांडोली निवासी गजराज बैंसला और पीपलपुरा निवासी कैप्टन हरकेश बैंसला सहित अन्य किसानों ने सहयोग किया। किसानों ने प्रभावित लोगों के परिजनों को फोन पर स्थिति की जानकारी दी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें करौली अस्पताल ले जाने की तैयारी भी की। कुछ देर बाद तीनों की हालत में सुधार हुआ, जिससे उन्हें राहत मिली। किसानों ने इस घटना पर कहा कि सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग ही समाज की असली ताकत है। उन्होंने जोर दिया कि हर परिस्थिति में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
अशोकनगर पुलिस ने अवैध जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 हजार 700 रुपए नकद, 9 मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी और ताश की गड्डियां जब्त की हैं। कार्रवाई जिले के पिपरई थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर की गई। मुखबिर की सूचना पर पिपरई थाना पुलिस ने बरोला रोड स्थित पिंटू यादव के ढाबे के पीछे खेत में दबिश दी। यहां कई लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाते मिले। पुलिस ने जैद खान, पिंटू यादव, अरविंद कटारिया, अंकेश कटारिया, चंद्रपाल यादव, अजमेरी, निखिल अहिरवार, कमरजीत यादव, शहजाद, लल्लू यादव, रामू यादव और कल्लू राठौर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 52 पत्तों की ताश की गड्डी, 5 हजार 200 रुपए नकद, 6 मोटरसाइकिलें और एक स्कूटी जब्त की। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 4.40 लाख रुपए बताई गई है। 10 हजार से ज्यादा नकद और 3 बाइक जब्त इसी कड़ी में पुलिस ने ग्राम तारई में भी दबिश देकर जुआ खेल रहे आरोपियों को पकड़ा। यहां मनोज रजक, हर्ष राय, रविंद्र राय, राजकुमार राय, अन्ना राय, अभिषेक लोधी, ऋषि राय, राजू राय, लालू यादव, अजय यादव और मोती नायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके से 10 हजार 500 रुपए नकद, 3 मोटरसाइकिलें और ताश की गड्डी जब्त की। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 1.70 लाख रुपए है। फरार आरोपियों पर इनाम घोषित पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कल्लू राठौर, जैद खान, शहबाज, चंद्रपाल यादव, अंकेश कटारिया, लल्लू उर्फ लक्ष्मण सिंह यादव, मोतीलाल बंजारा, मनोज रजक और हर्ष राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों पर 100-100 रुपए का इनाम घोषित किया है।
जहानाबाद जिले के पाली थाना क्षेत्र के सैदाबाद परसाईं गांव में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने की। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। राशन कार्ड, भूमि विवाद सहित कई मामलों पर सुनवाई सबका सम्मान, जीवन आसान के मंत्र पर आधारित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, भूमि विवाद, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। मौके पर कई मामलों का निस्तारण अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देते हुए कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया। अन्य आवेदनों को शीघ्र कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने ग्रामीणों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की। प्रशासन ने नागरिकों से पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविरों में अधिक से अधिक भाग लेने का आग्रह किया।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाया, एक करोड़ मांगे इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था।पूरी खबर पढ़ें 2. 16 वर्षीय किशोर में 27 MM का दिल का छेद आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक किसान परिवार के लिए उस समय उम्मीद की नई किरण जगी जब डॉक्टरों ने 16 वर्षीय किशोर के दिल में मौजूद 27 एमएम के बड़े छेद का सफल इलाज कर उसे नया जीवन दिया। खास बात यह कि आधुनिक तकनीक से मात्र 20 मिनट में की गई इस जटिल सर्जरी के बाद अब किशोर की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।पूरी खबर पढ़ें 3. 12 बजे कार में सोई, 3 बजे बेसुध मिली बच्ची जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की नंदनवन कॉलोनी में चार साल की मासूम बच्ची की कार में दम घुटने से मौत हो गई। मामले में अब पुलिस कार की मैकेनिकल जांच कराएगी। वहीं, घटना के बाद परिवार के लोग बच्ची की मां को संभालने के साथ उनकी काउंसलिंग भी कर रहे हैं। जूनी इंदौर टीआई अनिल गुप्ता के मुताबिक, नंदनवन कॉलोनी निवासी हसन नूर की चार वर्षीय बेटी हाजरा की रविवार को मौत हो गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।पूरी खबर पढ़ें 4. बच्चों के विवाद में भिड़ गए पड़ोसी इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में सोमवार रात को बच्चों के विवाद में दो पक्ष भिड़ गए। इसके बाद विवाद बढ़ गया और एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर गोली चला दी, गोली एक युवक के पैर में लगी और वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। इधर, पुलिस ने गोली चलाने वाले युवक को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की जा रही है।पूरी खबर पढ़ें 5. घंटों डॉ.अमन के रूम में कारण तलाशते रहे परिजन इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रविवार देर रात पीजी डॉक्टर अमन पटेल की पांचवीं मंजिल से गिरने से मौत के मामले में शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। पुलिस को अब तक रैगिंग या किसी विवाद जैसे ठोस कारण नहीं मिले हैं, जबकि घटनास्थल से मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और कुछ इनपुट के आधार पर प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी पुलिस काम कर रही है।पूरी खबर पढ़ें 6. सड़क हादसे में दो कारें भिड़ीं, एक की मौत इंदौर के तेजाजी नगर इलाके में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। हादसा एबी रोड बायपास स्थित तेजाजी नगर ब्रिज के पास हुआ, जहां दो कारें आपस में टकरा गईं।पुलिस के मुताबिक घटना रात करीब 1 बजे की है। सूचना मिलते ही तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया।पूरी खबर पढ़ें 7. इंदौर में पारा 44.3 डिग्री पहुंचा इंदौर में इन दिनों झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा है। सुबह 11 बजे से शाम तक तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में भी गर्म हवाओं का असर बना रहा।पूरी खबर पढ़ें 8. MP के मेडिकल स्टोर्स कल बंद रहेंगे मध्य प्रदेश में कल यानी 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल रहेगी। भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में यह बंद बुलाया है। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि जिले के सभी रिटेल और थोक दवा व्यवसायी इस बंद का समर्थन करेंगे और 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखेंगे।पूरी खबर पढ़ें 9. पीथमपुर में रास्ता बंद होने पर महिलाओं का प्रदर्शन पीथमपुर के नूतन नगर गली नंबर-4 में पिछले कई वर्षों से उपयोग हो रहे एक रास्ते को बंद किए जाने पर मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रास्ता बंद होने से नाराज महिलाएं 42 डिग्री की गर्मी में सड़क पर उतर आईं और विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने रास्ते में बनाई गई दीवार को आंशिक रूप से तोड़ दिया।पूरी खबर पढ़ें 10. महू में ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल, रोज हो रही दुर्घटनाएं महू में ड्रीमलैंड चौराहा से डीएसओआई चौराहे तक शहनाई गार्डन के पास स्थित चौराहे पर यातायात व्यवस्था बदहाल हो गई है। यहां वाहनों के एक साथ क्रॉसिंग करने के कारण प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से महू, पीथमपुर और मानपुर की ओर जाने वाली बसें, बड़े ट्रक, टाटा मैजिक सहित अन्य भारी वाहन बड़ी संख्या में गुजरते हैं।पूरी खबर पढ़ें
गोरखपुर के नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि नाले पर जहां स्लैब के कारण पोकलेन से सफाई नहीं हो पा रही है, वहां स्लैब को तोड़कर सफाई कराई जाए। मंगलवार को उन्होंने रेती चौक से साहबगंज किराना मंडी होते हुए मिर्जापुर पंपिंग स्टेशन से हनुमानगढ़ी मंदिर के पीछे होते हुए तकियाघाट में मिलने वाले बड़े नाले की सफाई का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त सबसे पहले गीता प्रेस के उत्तरी गेट के पास नाला सफाई का निरीक्षण करने पहुंचे। गीता प्रेस के आगे किराना मंडी में नगर निगम की दुकानों के पास नाला पूरी तरह से कूड़े व सिल्ट से भरा मिला। जोनल अधिकारी ने बताया कि यहां नाले के ऊपर पक्के स्लैब बने हुए हैं। नाले की सफाई के लिए छोटे-छोटे चैंबर बने हैं। यहां पोकलेन या जेसीबी से नाले की सफाई संभव नहीं हो पाती। मैनुअल ही सफाई कर्मियों के माध्यम से नाले की सफाई कराई जाती है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि किराना मंडी में नाले के ऊपर बने पक्के स्लैब को तोड़कर तुरंत सफाई कार्य शुरू कराया जाए। नाले के ऊपर 2-2 फीट चौड़ाई के स्लैब रखे जाएं, जिससे भविष्य में भी नाले की सफाई आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि पूरे नाले की बैरिकेडिंग कराई जाए एवं स्लैब से ढका जाए। इसके लिए उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया। जलकुंभी और सिल्ट से भरा था कच्चा नालानगर आयुक्त हनुमानगढ़ी मंदिर के पीछे तकियाघाट में जाकर मिलने वाले कच्चे नाले का भी निरीक्षण किया। वहां पानी रुका हुआ था। पूरा नाला जलकुंभी एवं सिल्ट से भरा था। नगर आयुक्त ने कहा कि हर जोन से 1-1 बड़ी पोकलेन मंगाकर इस नाले के एंड प्वाइंट तकियाघाट से ही विधिवत सफाई कराई जाए। यह काम तुरंत शुरू करने को कहा। नगर आयुक्त ने तकियाघाट से राप्ती नदी तक नगर निगम की ओर से फाइटो रेमेडिएशन विधि से कराए जा रहे नाले के शोधन कार्य का भी निरीक्षण किया। नाले में जगह-जगह जमा हुए सिल्ट एवं पानी को साफ करने के लिए बने बोल्डर के बांध की सफाई कराते हुए इसे मेंटेन कराते रहने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियंता अशोक भाटी आदि उपस्थित रहे।
खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने मंगलवार को किशनगढ़बास पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जगता बसई का दौरा किया। उन्होंने उद्यान विभाग द्वारा अनुदानित पॉलीहाउस का निरीक्षण किया और वहां की जा रही आधुनिक खेती तथा सब्जी उत्पादन की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर खेती में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। किसानों को योजनाओं की जानकारी दी निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने किसानों से पॉलीहाउस योजना से मिलने वाले लाभ, उत्पादन क्षमता और बाजार उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के माध्यम से कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर किसान आधुनिक तकनीकों से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। पात्र किसानाें को मिले योजनाओं की जानकारी- कलेक्टर कलेक्टर ने किसानों से ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस, फलदार पौधारोपण और जैविक खेती जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए और आवेदन तथा स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। जिला कलक्टर ने यह भी कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं। इस अवसर पर सहायक निदेशक उद्यान विभाग गोपाल मीणा, उद्यान विभाग के कर्मचारी और कई किसान उपस्थित थे।
खाड़ी देशों में जारी ईरान-इराक युद्ध का असर अब बिहार के अररिया जिले में भी दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण जिले के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की भीड़ काफी कम हो गई है। लोग अब महंगे ईंधन से बचने के लिए पैदल चलने या बस, ट्रेन और ऑटो जैसे सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं।शहर के गोढ़ी चौक स्थित एक प्रमुख पेट्रोल पंप के मैनेजर अश्विनी कुमार सिन्हा ने बताया कि ऊपर से सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अब किसी भी ग्राहक को 3 से 4 हजार रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नए ग्राहकों को डब्बे या कैन में ईंधन देने से भी मना किया जा रहा है। मैनेजर सिन्हा ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन युद्ध के कारण आपूर्ति में देरी हो रही है। प्रति यूनिट लगभग 20 रुपये का घाटा उठाना पड़ रहाइस स्थिति के कारण सरकार को प्रति यूनिट लगभग 20 रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। इसलिए, आम लोगों से ईंधन की अनावश्यक बचत करने की अपील की जा रही है।जिले के कई पेट्रोल पंप मालिकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में 25-30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। खासकर दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिक अब केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही पंप पर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पहले से ही ईंधन की महंगाई से परेशान थे, अब युद्ध की खबरों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय निवासी कमल कुमार ने बताया, “पहले हम 500-600 रुपये का तेल भरवाते थे, लेकिन अब 300 रुपये से ज्यादा नहीं भरवा रहे हैं। परिवहन लागत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गईबाकी काम बस या ऑटो से निपटा रहे हैं।” बाजार में सब्जी-फल विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों पर भी इसका असर दिख रहा है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी में तनाव लंबा खिंचा तो देशभर में ईंधन संकट गहरा सकता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। अररिया जैसे छोटे जिले में भी इसका प्रभाव दिखना चेतावनी का संकेत है। लोगों से अपील की जा रही है कि ईंधन का जरूरत पड़ने पर उपयोग करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
बालोतरा में गर्मी से आमजन बेहाल:41 डिग्री तक पहुंचा तापमान, दो दिन बाद हीटवेव का अलर्ट
बालोतरा में गर्मी से आमजन का जीवन मुश्किल हो गया है। मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह से ही तेज गर्मी महसूस की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों बाद क्षेत्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सोमवार को बालोतरा का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मंगलवार सुबह सूरज निकलते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो गया। दिनभर रुक-रुककर चलने वाली लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिन में बाजारों में पसरा सन्नाटा भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग केवल आवश्यक काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। अधिकांश लोग धूप से बचने के लिए अपने चेहरे और शरीर को कपड़े से ढके हुए दिखाई दिए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग लगातार पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, जिससे जूस और शिकंजी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में अस्थायी गिरावट मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मई महीने में उत्तर भारत में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण कभी धूलभरी हवाएं चलती हैं तो कभी हल्के बादल छा जाते हैं, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट आती है। पिछले दिनों बालोतरा में भी बादलों और ठंडी हवाओं से कुछ राहत मिली थी। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र से आने वाली गर्म हवाएं सीधे राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में प्रवेश करती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है और हीटवेव जैसे हालात बन जाते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।
पर्चे रद्द के विरोध में बरनाला कल रहेगा बंद:भाजपा, कांग्रेस, अकाली दल और व्यापार मंडल ने खोला मोर्चा
बरनाला शहर कल पूरी तरह बंद रहेगा। वार्ड नंबर 31 में भाजपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन पत्र रद्द होने के विरोध में यह फैसला लिया गया है। इस बंद को सभी राजनीतिक दलों, व्यापार मंडलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इस बंद का आधिकारिक ऐलान व्यापार मंडल के प्रधान अनिल बंसल नाना ने किया। उन्होंने कहा कि यह बंद कथित सरकारी कार्रवाई के विरोध में जनता की प्रतिक्रिया है। महापंचायत में बोलते हुए अनिल बंसल नाना ने 26 मई को होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि उसकी कथित अनुचित कार्रवाई चुनाव में सफल होगी। उन्होंने बताया कि एक वार्ड में नामांकन रद्द किए गए हैं, जबकि अन्य वार्डों में भी उम्मीदवारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इस लोकतांत्रिक मुद्दे पर विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), व्यापार मंडल, व्यापार महासंघ और शहर के कई सामाजिक संगठनों ने बरनाला बंद को अपना खुला समर्थन दिया है। दिग्गज नेताओं ने संभाला मोर्चा मंच पर एकजुटता की तस्वीर: अग्रवाल धर्मशाला में जुटी भारी भीड़ के बीच राज्य और स्थानीय स्तर के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। इनमें पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री व भाजपा नेता विजय सांपला, बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, गुरदीप सिंह बाठ, महेश कुमार लोटा, मक्खन शर्मा, प्रेम प्रीतम जिंदल और गुरदर्शन सरपंच जैसे दिग्गज नेताओं ने शामिल होकर इस संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया। यह पूरा विवाद वार्ड नंबर 31 से भाजपा प्रत्याशी रजनी रानी और आजाद प्रत्याशी स्वीटी के नॉमिनेशन पेपर (नामांकन पत्र) रद्द होने के बाद शुरू हुआ। जनता और नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने पहले कागज स्वीकार किए और फिर देर रात दबाव में आकर उन्हें रद्द कर दिया। इसी राजनीतिक हेरफेर और रोष के चलते अब समूचे बरनाला शहर ने कल पूरी तरह से कामकाज ठप रखने (पूर्ण बंद) का फैसला किया है।
शिवपुरी में आईपीएल सट्टे और स्मैक के बढ़ते कारोबार के खिलाफ मंगलवार को कांग्रेस नेताओं, भीम आर्मी, सामाजिक संगठनों और रावत समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रैली निकालकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आईपीएल सट्टे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और स्मैक कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिले में तेजी से बढ़ रहे नशे और सट्टे के कारोबार से सामाजिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान सट्टे का कारोबार तेजी से बढ़ा है, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में बदरवास निवासी संदीप सोनी, ग्राम सिंहनिवास निवासी रूपसिंह रावत और दिनारा निवासी अमन भार्गव के मामलों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि सट्टे के दबाव में कई लोग आत्महत्या या संदिग्ध मौतों का शिकार हुए हैं। साथ ही जिले में स्मैक के बढ़ते कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए कहा गया कि नशे की गिरफ्त में आकर युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से आईपीएल सट्टा और नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर जारी करने का सुझाव भी दिया। विधायक बोले- बड़े संचालकों तक पहुंचे पुलिस प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि पुलिस छोटे स्तर के लोगों को पकड़ लेती है, लेकिन बड़े संचालकों तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने चेन सिस्टम के जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुंचकर कार्रवाई करने की बात कही। रावत समाज की ओर से यशपाल रावत ने कहा कि समाज के कुछ युवा स्मैक बेचने के काम में शामिल हैं। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज ऐसे युवाओं की सूची बनाकर पुलिस को सौंपेगा, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि सट्टा और नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में आमजन और सामाजिक संगठनों का सहयोग भी जरूरी होगा।
मऊगंज में रीवा जा रहे दंपती से दिनदहाड़े लूट:बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीना, मोबाइल-जेवर ले गए
मऊगंज जिले में दिनदहाड़े लूट की एक घटना सामने आई है। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पलिया मोड़ के पास रीवा जा रहे एक दंपति से बाइक सवार तीन बदमाशों ने झपट्टा मारकर पर्स छीन लिया। ग्राम पाड़र निवासी अशोक कुमार विश्वकर्मा अपनी पत्नी राजकली विश्वकर्मा के साथ बाइक से रीवा जा रहे थे। दोपहर लगभग 2 बजे जब वे पलिया मोड़ के पास पहुंचे, तो पीछे से काले रंग की बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोका। इन युवकों ने अपने चेहरे कपड़े से ढंके हुए थे। बदमाशों ने चलते वाहन से ही राजकली के कंधे में टंगा पर्स झपट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वे रीवा की दिशा में फरार हो गए। अशोक कुमार ने बदमाशों का कुछ दूर तक पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। छीने गए पर्स में वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन, 5400 रुपये नकद, एक जोड़ी पायल, सोने का लॉकेट और महिलाओं के मेकअप का सामान शामिल था। कुल मिलाकर लगभग 20 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। पीड़ित दंपति ने इस मामले की शिकायत लौर थाना पुलिस में दर्ज कराई है। त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित मंगलवार दोपहर 3 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने साइबर प्रभारी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साइबर प्रभारी भावेश द्विवेदी ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
करौली जिले के खेड़ी हैवत स्थित जीवन ज्योति फाउंडेशन कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने इसके पोस्टर और बैनर का विमोचन किया। यह शिविर जीवन ज्योति फाउंडेशन की ओर से आयोजित होगा। यह रक्तदान शिविर ट्रॉमा सेंटर के लिए रक्त संग्रह को समर्पित रहेगा। शिविर का समय सुबह 8:15 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक निर्धारित किया गया है।शिविर को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान रक्तदान के महत्व पर चर्चा की गई और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया गया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के दौरान रक्त की आवश्यकता को देखते हुए यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में रक्तदाताओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। फाउंडेशन ने क्षेत्र के युवाओं, सामाजिक संगठनों और आमजन से रक्तदान कर मानव सेवा में भागीदारी निभाने की अपील की है।
फतेहाबाद जिले की टोहाना शहर पुलिस ने चोरी के मामले में भिवानी जिले के निवासी आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी की पहचान भिवानी जिले के गांव राजपुरा खरकड़ी निवासी विकास के रूप में हुई है। विकास के खिलाफ पहले से ही हिसार और भिवानी जिले में चोरी, सेंधमारी और मारपीट के 10 मामले दर्ज हैं। 12 मई की रात को की थी चोरी टाेहाना शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि यह मामला टोहाना के किला मोहल्ला वार्ड-8 निवासी हरीश कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। हरीश का स्टूडियो चंडीगढ़ रोड पर हिसार कैंची के पास आरएमसी के सामने अनंतम लैब के ऊपर स्थित है। 12 मई की रात चोरों ने स्टूडियो का ताला तोड़ दिया था। चोर स्टूडियो से लगभग दो तोले सोना, चार तोले चांदी और 30 हजार रुपये नकद चुरा ले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने स्टूडियो का सारा सामान भी बिखेर दिया था। हरीश की शिकायत पर बीएनएस की धारा 305 और 331(4) के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी विकास को पकड़ा। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने उसके पास से चोरी का सारा माल बरामद कर लिया। जानिए… किस जिले में कौन सा केस दर्ज - भिवानी जिले के सदर थाने में 20 जून 2016 को आईपीसी की धारा 457 व 380 के तहत केस दर्ज हुआ। - भिवानी जिले के सदर थाने में 22 जून 2016 को आईपीसी की धारा 323, 452, 457, 380, 511, 325 व 34 के तहत केस दर्ज हुआ। - हिसार जिले के शहर थाने में 10 मार्च 2017 को आईपीसी की धारा 457 व 380 के तहत मामला दर्ज हुआ। - हिसार जिले के सदर थाने में 16 मई 2017 को आईपीसी की धारा 457 व 380 के तहत मामला दर्ज किया गया। - भिवानी जिले के सिविल लाइन थाने में 20 मई 2017 को आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज हुआ। - भिवानी जिले के शहर थाने में 5 मार्च 2020 को आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया गया। - भिवानी जिले के सदर थाने में 3 अक्टूबर 2020 को आईपीसी की धारा 454, 380 व 411 के तहत मामला दर्ज हुआ। - भिवानी जिले के सदर थाने में 24 मार्च 2023 को आईपीसी की धारा 174-ए के तहत मामला दर्ज किया गया। - भिवानी जिले के सदर थाने में 29 जुलाई 2023 को आईपीसी की धारा 380 व 201 के तहत मामला दर्ज हुआ। - भिवानी जिले के बवानी खेड़ा थाने में 15 सितंबर 2024 को बीएनएस की धारा 303 व 317(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। डोटासरा ने कहा- पेट्रोल-डीजल की किल्लत है, रोज दाम बढ़ रहे हैं, महंगाई चरम पर है। उद्योग बंद हो चुके हैं। आने वाले दिनों में ही हालात ऐसे ही रहे तो 10-15 दिन के अंदर पूरी तरीके से लॉकडाउन लगने के हालात हो जाएंगे। डोटासरा ने कहा- क्या देश में फिर लॉकडाउन लगने जा रहा है? क्योंकि देश की बिगड़ती स्थिति पीएम मोदी के हाथ से निकलती जा रही है। फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने की कैप, उद्योग धंधों पर ताला, रुपए में ऐतिहासिक गिरावट, चरम पर महंगाई और मंदी की आहट, हालात भयावह होते जा रहे हैं। डोटासरा ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पर्ची जल्द बदलने वाली है। पीएम को दिखाने के लिए फ्यूल बचाने की नौटंकी कर रहे मंत्री डोटासरा ने कहा- पीएम मोदी को राजी करने के लिए राजस्थान में नौटंकी की जा रही है। परिवहन मंत्री खाली बस मंगवा कर जा रहे हैं। अगर आप अपनी-अपनी गाड़ी में जाते तो 12 से 14 किलोमीटर प्रति लीटर का एवरेज देती, आप तीन का एवरेज देने वाली बस को बुलाकर और कार्यकर्ताओं को चढ़ा कर दिखा रहे हो। कोई मंत्री स्कूटी में जा रहा है, कोई रेल की टिकट करवा कर जा रहा है। सब इवेंट मैनेजमेंट और दिखावे का खेल कर रहे हैं। अपनी पसंद का RAS अफसर नहीं लगाने से रूठे हैं स्वास्थ्य मंत्री डोटासरा ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री को अब एक्टिव मोड में आ जाना चाहिए। खींवसर तो अपने मनपसंद अफसर को अपना एसए लगवाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने मंजूरी नहीं दी। मनपसंद एसए नहीं लगने की वजह से खींवसर तो रूठ कर बैठे हैं, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का काम लगभग छोड़ रखा है। एक आरएएस अफसर के लिए रूठकर नहीं बैठना चाहिए। चिरंजीवी योजना को इन्होंने खत्म सा कर दिया है। स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान में बेपटरी हो चुकी हैं। ब्यूरोक्रेसी पूरी तरह हावी है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। राहुल गांधी ने जो कहा वहीं हुआ डोटासरा ने कहा- राहुल गांधी ने कहा था कि बंगाल चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाएंगे, मंदी का दौर शुरू होगा और डॉलर 100 रुपए पहुंच जाएगा, आज वहीं हो रहा है। गैस आधारित जितने भी उद्योग हैं वे सभी बंद हो चुके हैं, उनमें हजारों कर्मचारी,मजदूर काम कर रहे थे। किसी भी व्यक्ति को 1000 रुपए से ज्यादा का पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा। जिसके उद्योग धंधे हैं, उन्हें दो लाख से ज्यादा का पेट्रोल-डीजल नहीं दे रहे।
धौलपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के खनपुरा गांव में मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान पथराव और फायरिंग की घटना सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार यह विवाद जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था। मंगलवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। घटना के दौरान फायरिंग की भी खबरें सामने आईं, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सदर थाना प्रभारी महेश मीणा ने बताया कि फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस फायरिंग करने वाले आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक ममता शर्मा के साथ प्रेसवार्ता कर बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे पर्यटन के माध्यम से नई पहचान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में विरासत स्थलों और पर्यटन स्थलों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि ऐतिहासिक धरोहरों को न केवल संरक्षित किया जाए, बल्कि आमजन को उनके महत्व से भी परिचित कराया जाए। ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ अभियान के तहत आयोजनडॉ. शर्मा ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस 2024 के अवसर पर पहली बार हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया था, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला। इसी कड़ी में अब 30 मई 2026 (शनिवार) को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दूसरी हेरिटेज एंड सिटी वॉक आयोजित की जाएगी।इस बार प्रदेश के छह प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को चुना गया है, जहां विशेषज्ञ गाइड पर्यटकों को स्थलों का इतिहास और महत्व विस्तार से बताएंगे।इन 6 स्थानों पर होगी हेरिटेज वॉक पिंजौर में यादविंद्रा गार्डन, गुरुद्वारा मंजी साहिब, भीमा देवी मंदिर स्थल संग्रहालय, धारामंडल पिंजौर, प्राकृतिक बावड़ी का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, मोरनी किला के भ्रमण के दौरान मोरनी हिल्स के ऐतिहासिक किले का भ्रमण कराया जाएगा। कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ, विराट स्वरूप, महाभारत अनुभव केंद्र, सूरजकुंड भ्रमण में असोला-भाटी वन्यजीव अभ्यारण्य तक भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, रेवाड़ी में सैंडपाइपर टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, बड़ा तालाब, वल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह महल, रानी की छतरी का भ्रमण कराया जाएगा। 500 रुपये शुल्क, मिलेंगी कई सुविधाएंकैबिनेट मंत्री ने बताया, हेरिटेज एंड सिटी वॉक में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में प्रतिभागियों को पेयजल, चाय/कॉफी, टोपी, रिफ्रेशमेंटउपलब्ध कराए जाएंगे। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को अपने आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ना है। इससे न केवल लोगों में अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि राज्य में पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
बैतूल जिले के मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो जाने पर मंगलवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला का शव एंबुलेंस में रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जांच और कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच का आश्वासन दिया। जानकारी के मुताबिक पारस ठानी गांव निवासी 30 वर्षीय रोशनी पवार, पति कमलनाथ पवार, को सोमवार को प्रसूति के लिए मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। रोशनी के पति कमलनाथ पवार पांढुर्णा की एक निजी कंपनी में एचआर पद पर कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी और उसके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर भी सामान्य बताए गए थे। सामान्य डिलीवरी के बाद शुरू हुई ब्लीडिंग मंगलवार सुबह करीब 7:45 बजे रोशनी की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद महिला को लगातार ब्लीडिंग शुरू हो गई, जो सुबह 10 बजे तक जारी रही। परिवार का कहना है कि हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं मिला और रेफर करने में भी देरी की गई। महिला के पति कमलनाथ पवार ने आरोप लगाया कि जब स्थिति गंभीर हो गई, तब अस्पताल प्रबंधन ने रोशनी को रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि नवजात बच्चे को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कमलनाथ ने कहा, “हमने इलाज में कोई देरी नहीं की। मैं अपनी पत्नी को सुरक्षित रखना चाहता था, लेकिन अस्पताल में लापरवाही हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” शव लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट, जांच का आश्वासन घटना के बाद परिजन शव को शव वाहन में रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे और आरएमओ डॉ. रानू वर्मा पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद शव को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपा श्रीवास्तव और डॉ. देव प्रकाश तिवारी के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। परिजनों बोले- हीमोग्लोबिन सामान्य था परिजनों के मुताबिक महिला के दस्तावेजों में हीमोग्लोबिन स्तर 10 दर्ज था और उसे खून की कोई कमी नहीं थी। यह उसकी दूसरी डिलीवरी थी। इससे पहले भी उसका सामान्य प्रसव हो चुका था। परिवार का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव और उसके बाद उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण रोशनी पवार की मौत हुई।
सीकर में पिपराली रोड स्थित तंदूरी नाइट होटल से चार बालश्रमिकों को मुक्त करवाया गया। सीकर की मानव तस्करी यूनिट, उद्योग नगर पुलिस और गायत्री सेवा संस्थान ने मंगलवार को यह संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान नाबालिग लड़कों के हाथ भी कई जगह से जले हुए मिले। नाबालिगों से होटल में रोजाना 14 से 15 घंटे काम करवाया जाता था। फिलहाल चारों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करके कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है। गायत्री सेवा संस्थान, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के फील्ड कोऑर्डिनेटर अभिषेक बगड़िया ने बताया- ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए सूचना मिली थी कि सीकर के पिपराली रोड स्थित तंदूरी नाइट होटल में नाबालिग लड़कों से बाल श्रम करवाया जा रहा है। इस सूचना को कंफर्म किया गया। होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा सीकर मानव तस्करी यूनिट की इंचार्ज सुनीता बायल के निर्देशन में उद्योग नगर पुलिस, गायत्री सेवा संस्थान और मानव तस्करी यूनिट की टीम जब होटल पहुंच कर कार्रवाई की। सभी नाबालिग बच्चे दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। नाबालिगों से यहां रोजाना 14 से 15 घंटे काम करवाया जाता था। सुबह 9 से लेकर रात 11-12 बजे तक काम करवाया जाता। इन्हें रहने के लिए भी प्रॉपर सुविधा नहीं दी जाती थी। होटल के ऊपर वाले एरिया में इन्हें रखा जाता था। होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल नाबालिग लड़कों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करके कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवा दिया गया है।
डूंगरपुर नगर परिषद ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इस पहल से एक ओर जहां आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, वहीं दूसरी ओर टीकाकरण से शहरवासी अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि यह अभियान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और निदेशालय स्तर से प्राप्त आदेशों के तहत शुरू किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पशु क्रूरता निवारण नियमों और सरकारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जा रहा है। विशेष रूप से, दूध पीते छोटे पिल्लों और उनकी माताओं को इस प्रक्रिया से दूर रखा गया है। कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम लाया जा रहाअभियान के तहत, शहर के विभिन्न इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम लाया जा रहा है। कुत्तों की सर्जरी से एक दिन पहले उन्हें भोजन देना बंद कर दिया जाता है। सर्जरी के बाद, नर कुत्तों की 'स्प्रेइंग' और मादा कुत्तों की 'ओवेरियोहिस्टेरेक्टॉमी' की जाती है। सर्जरी के बाद, कुत्तों को लगभग तीन दिनों तक 'पोस्ट-ऑपरेटिव केयर' में रखा जाता है, जहाँ उनकी पूरी देखभाल की जाती है। जब कुत्ते पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं, तो उन्हें वापस उनके स्थान पर छोड़ दिया जाता है। शेल्टर होम में विशेष इंतजाम किएपशुओं की सुविधा के लिए शेल्टर होम में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां कुत्तों के लिए अलग-अलग केबिन बनाए गए हैं, जिनमें पंखों की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा, कुत्तों को दिन में दो बार भोजन और भीषण गर्मी में परेशानी से बचाने के लिए तीन से चार बार पानी दिया जाता है।
मैहर जिले के अमरपाटन अनुभाग अंतर्गत ताला थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवती का शव जंगल में पेड़ से लटका मिला। घटना आमझर जंगल क्षेत्र की है। मृतका की पहचान आमझर निवासी निधि देवी पाव (20) पिता रामाधीन सिंह पाव के रूप में हुई है। बड़ी मम्मी के साथ गई थी जंगल परिजनों के अनुसार निधि सुबह अपनी बड़ी मम्मी के साथ तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई और वापस घर नहीं लौटी। काफी देर तक तलाश करने के बाद करीब 3 से 4 घंटे बाद जंगल के अंदर एक पेड़ पर उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही ताला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। ख्याति मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
धार की भोजशाला को लेकर मंगलवार को भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने प्रेस वार्ता आयोजित कर संपूर्ण हिंदू समाज से शुक्रवार को धान मंडी में एकत्र होने का आह्वान किया। यहां से मां सरस्वती का तेल चित्र लेकर विशाल जुलूस भोजशाला तक निकाला जाएगा। वहां दोपहर 1 बजे महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार होगा आयोजन हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। कोर्ट ने पूर्व में लागू उस व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया, जिसमें शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी जाती थी। पहले शुक्रवार को मुस्लिम समाज करता था नमाज भोजशाला में वर्षों से तय व्यवस्था के तहत हिंदू समाज को मंगलवार को पूजा करने की अनुमति थी, जबकि शुक्रवार को मुस्लिम समाज नमाज अदा करता था। बसंत पंचमी जैसे विशेष अवसरों पर पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद की स्थिति भी बनती रही है। मुस्लिम समाज ने फैसले पर जताई नाराजगी हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समाज ने असंतोष जताया है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। इसी बीच शुक्रवार को होने वाले आयोजन को लेकर प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। शुक्रवार को स्थिति पर रहेगी नजर अशोक जैन ने कहा कि 721 वर्षों बाद हिंदू समाज को शुक्रवार के दिन भोजशाला में पूजा का अधिकार मिला है, इसलिए इस दिन को ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा। अब शुक्रवार को धार में किस तरह की स्थिति बनती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
ग्वालियर नगर निगम जनसुनवाई में अधिकारी नदारद:40 आवेदनों पर मिला सिर्फ आश्वासन, लोग परेशान
ग्वालियर में नगर निगम की जनसुनवाई अब महज औपचारिकता बनकर रह गई है। एक तरफ जहां लोग अपनी समस्याओं के आवेदन लेकर पहुंचते हैं, वहीं दूसरी तरफ खाली कुर्सियां देखकर उनका मन पहले ही हताश हो जाता है। जनसुनवाई में अधिकांश विभागों के अधिकारी लंबे समय से नदारद नजर आ रहे हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। मंगलवार को भी नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में यही नजारा देखने को मिला। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को करीब 40 आवेदन आए, जिनमें शहरवासियों ने अपने आसपास की समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। सफाईकर्मियों के समय में बदलाव की मांगगर्मी के बढ़ते तेवर को देखते हुए ग्वालियर में सफाई का काम करने वाले सफाईकर्मियों के समय में बदलाव के लिए भी आवेदन दिया गया। इसमें प्रचंड गर्मी के कारण काम करने में आ रही परेशानी को देखते हुए कार्य का समय सुबह 5 बजे से 11 बजे तक करने की मांग की गई। इस पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही गई। 30 साल से नहीं बनी सड़कग्वालियर के वार्ड18 स्थित शिक्षक आदित्यपुरम कॉलोनी से आए लोगों का कहना था कि उनकी कॉलोनी को बसे हुए लगभग 30 साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई। इसकी वजह से रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है। सड़क पर पानी भरने से गहरे गड्ढे हो जाते हैं, जिससे लोग गिरकर घायल होते रहते हैं। सड़क पर भैंसें बांधकर रास्ता बंदजनसुनवाई में मुरार के संकट मोचन नगर के एक रहवासी ने शिकायत की कि कुछ लोगों ने आठ-दस भैंसें बांधकर रास्ता बंद कर दिया है। साथ ही गंदगी भी फैलाई जा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गोबर की वजह से नाली और सीवर चोक होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई बार समझाने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। रहवासियों ने समस्या को देखते हुए भैंसों को हटवाने की मांग की।
आगरा में प्रधानमंत्री मोदी की “पेट्रोल बचाने” की अपील ट्रैफिक जाम के आगे बेअसर नजर आ रही है। शहर की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम की वजह से वाहन चालक चाहकर भी ईंधन की बचत नहीं कर पा रहे हैं। सैकड़ों लीटर फ्यूल बर्बाद हो रहा है। एमजी रोड, नेशनल हाईवे और शहर के अंदरूनी इलाकों की सड़कें दिनभर वाहनों से भरी रहती हैं, जहां लोग घंटों रेंग-रेंग कर सफर करने को मजबूर हैं। आगरा में अब सिर्फ सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दोपहर के समय भी कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रहती है। एमजी रोड, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, वाटरवर्क्स और हाईवे किनारे के इलाकों में दिनभर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई चौराहों पर 60 सेकेंड की ट्रैफिक लाइट के दौरान ही वाहनों की लाइन इतनी लंबी हो जाती है कि सिग्नल खुलने के बाद भी जाम खत्म नहीं हो पाता। शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम के कारण वाहन चालक न तो गाड़ियां बंद कर पाते हैं और न ही जल्दी निकल पाते हैं। ऐसे में लगातार इंजन चालू रहने से पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ रही है। सड़क पर दोपहिया और चारपहिया वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते नजर आते हैं। भीषण गर्मी में खासकर दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। हेलमेट और गर्म हवाओं के बीच लोग लंबे समय तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में ट्रैफिक पुलिस की कमी और कई जगह चल रहे मेट्रो कार्य की बैरिकेडिंग जाम की बड़ी वजह बन रही है। सड़कों का दायरा कम होने से वाहनों की रफ्तार थम जाती है और घंटों तक यातायात प्रभावित रहता है। वाहन चालकों का कहना है कि एक तरफ पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जाम में फंसने से ईंधन की अतिरिक्त खपत हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो जाए और जाम कम लगे, तो काफी हद तक ईंधन की बचत हो सकती है।
समस्तीपुर में शादी की फोटोग्राफी को लेकर हुए झगड़े में एक कैमरामैन और उसकी मां पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि शादी में फोटो खींचने न पहुंचने से नाराज लड़के के परिजनों ने इस घटना को अंजाम दिया। हमले में मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज समस्तीपुर सदर अस्पताल में जारी है। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के रहमतपुर वार्ड संख्या-2 की है। घायल युवक की पहचान 17 साल के रितेश कुमार के रूप में हुई है, जो रमेश कुमार कर्ण के बेटे हैं। घायल महिला उनकी मां अनीता देवी हैं। फोटोग्राफी के लिए उनसे संपर्क किया था घायल रितेश कुमार ने बताया कि गांव के एक युवक की शादी 23 अप्रैल को होनी थी। इस शादी समारोह में फोटोग्राफी के लिए उनसे संपर्क किया गया था और लड़के के परिजनों ने उन्हें 4200 रुपये एडवांस भी दिए थे। हालांकि, शादी से पहले 18 अप्रैल को रितेश एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। चोट लगने के कारण वह शादी में फोटोग्राफी के लिए नहीं पहुंच पाए। रितेश के अनुसार, उन्होंने लड़के के परिजनों को अपनी चोट की जानकारी दी थी और कुछ दिनों बाद एडवांस राशि लौटाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद, मंगलवार को लड़के के कई परिजन अचानक उनके घर पहुंचे और पैसे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। मोबाइल फोन गिरवी रखने की पेशकश की घायल युवक ने बताया कि विवाद शांत करने के लिए उन्होंने अपना एक मोबाइल फोन गिरवी रखने की पेशकश की। आरोप है कि हमलावरों ने उनका आईफोन भी छीन लिया। जब रितेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें घर से घसीटकर सड़क पर ले गए और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा। इसी दौरान जब उसकी मां अनीता देवी बेटे को बचाने पहुंचीं तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना में मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तैनात डॉक्टर दशरथ कुमार सिंह की देखरेख में दोनों घायलों का इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर ने बताया कि रितेश के दोनों हाथों और पैरों में गंभीर जख्म हैं, जबकि उसकी मां अनीता देवी को भी शरीर में अंदरूनी चोटें आई हैं। दोनों का सीटी स्कैन और एक्स-रे कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे का इलाज किया जाएगा। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नगर थाना पुलिस को सूचना दे दी है। नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को अस्पताल भेजा गया है। घायल पक्ष का बयान दर्ज किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बूंदी जिले की हिंडौली नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) ने स्थानीय विधायक अशोक चांदना के खिलाफ हिंडौली थाने में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने विधायक पर धमकाने का आरोप लगाया है। यह धमकी अतिक्रमण और पट्टों से संबंधित एक जांच के सिलसिले में दी गई थी। हिंडौली CO अजित मेघवंशी ने बताया- EO जितेंद्र कुमार मीणा ने सोमवार शाम को हिंडौली थाने में मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया- वे 15 जनवरी 2025 से हिंडौली नगर पालिका में कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:35 बजे उन्हें विधायक चांदना के पीए रामधन के मोबाइल नंबर से लगातार कॉल आए। कॉल नहीं उठा पाने पर एक संदेश भी आया, जिसमें पूर्व मंत्री अशोक चांदना से बात करने को कहा गया था। EO द्वारा फोन उठाने पर विधायक चांदना ने कहा, 'सुनो, मेरे कार्यकर्ता का अब एक भी पत्थर गिरा तो आपकी जड़ें खोद दूंगा। यह याद रखना, आप तड़पोगे और आप इसके पैर पकड़ोगे तब माफ करूंगा।' कांग्रेस कार्यकर्ता को परेशान करने वालों को दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगा EO ने बताया कि वे विधायक को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और उच्च स्तरीय शिकायत का जवाब दे रहे थे। इस पर विधायक चांदना ने कहा, 'शिकायत का जवाब दीजिए आप। अब आप समझ लेना, इनकी दीवार गिरी तो एक न एक दिन आपके ऊपर ही गिरेगी। मैं छोडूंगा नहीं, जो मेरे कांग्रेस के कार्यकर्ता को परेशान करेगा। इस राज में उसको दौड़ा-दौड़ा कर मैं मारूंगा और जो कांग्रेस वालों को नाजायज परेशान करेगा, उसकी जड़ें खोद दूंगा।' पट्टों और अतिक्रमण की चल रही है जांच यह पूरा मामला ओमप्रकाश सुवालका पुत्र सत्यनारायण सुवालका द्वारा खसरा संख्या 6326/2867 पर बने पट्टों और अतिक्रमण की चल रही जांच से संबंधित है। EO ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि ओमप्रकाश सुवालका पहले भी कार्यालय आकर उन्हें धमकी दे चुके थे। मामला एक महीने पुराना, वीडियो सामने आने पर गर्माया मामला अधिशासी अधिकारी (EO) को धमकाने का मामला एक महीने पुराना है, लेकिन 3 दिन पहले इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला गर्मा गया। इसके बाद अधिशासी अधिकारी ने सोमवार शाम को हिंडौली थोन में मामला दर्ज कराया है। मेघवंशी ने बताया- एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच जयपुर द्वारा की जाएगी।

