धौलपुर के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के गिरौनिया गांव में चोरों ने एक मकान की दीवार तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने कमरे में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और लगभग 70 हजार रुपए की नकदी चुरा ली। घटना के समय परिवार के सदस्य मकान के आंगन में सो रहे थे। परिवार के सदस्यों को बुधवार सुबह करीब 6 बजे चोरी का पता चला, जब उन्होंने मकान की टूटी हुई दीवार और कमरे में बिखरा सामान देखा। जांच करने पर सोने की जंजीर, अंगूठी, मंगलसूत्र, ब्रजवाला और चांदी की पायजेब सहित अन्य जेवरात गायब मिले। इसके अतिरिक्त कमरे में रखी लगभग 70 हजार रुपए की नकदी भी चोरी हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने सरमथुरा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार चोरों ने दीवार तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस टीम आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है और चोरों की तलाश में जुटी है। इस घटना से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
धमतरी शहर के कमल विहार इलाके में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मोटरसाइकिल के अंदर करीब 4 फीट लंबा कोबरा सांप छिपा मिला। जहरीला सांप रातभर बाइक की सीट के नीचे छिपा रहा। सुबह बाइक से फुसफुस की आवाज सुनाई देने पर घरवालों को सांप की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखिये यह तस्वीरें सीट खोलते ही पेट्रोल टंकी के नीचे घुसा कोबरा सांप दिखाई देने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना सर्प मित्र सूर्यकांत साहू को दी। मौके पर पहुंचे सर्प मित्र ने रेस्क्यू शुरू किया। मोटरसाइकिल की सीट खोलने पर कोबरा पेट्रोल टंकी के नीचे जा घुसा। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद टंकी खोलकर सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा सर्प मित्र सूर्यकांत साहू ने बताया कि कमल विहार से करीब चार फीट लंबे कोबरा का रेस्क्यू किया गया है। सांप को किसी तरह की चोट पहुंचाए बिना सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में उसे पास के जंगल में छोड़ दिया गया। कोबरा के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी सर्प मित्र ने बताया कि कोबरा बेहद जहरीला सांप होता है। इसके काटने की स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से सांप दिखाई देने पर खुद उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करने और विशेषज्ञ या सर्प मित्र की मदद लेने की अपील की। छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में एक मोटरसाइकिल के अंदर चार फीट लंबा कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। यह जहरीला सांप रात भर बाइक की सीट के नीचे छिपा रहा, जिसकी जानकारी सुबह फुसफुस की आवाज आने पर हुई। यह घटना धमतरी के कमल विहार इलाके की है। सुबह जब बाइक से फुसफुस की आवाज आने लगी, तो घर वालों ने सांप को देखा। सांप दिखाई देने पर इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर सर्प मित्र सूर्यकांत साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद कोबरा सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान सांप मोटरसाइकिल की सीट खोलने पर पेट्रोल टंकी के नीचे घुस गया था, जिसे बाद में टंकी खोलकर निकाला गया। सर्प मित्र सूर्यकांत साहू ने बताया कि उन्होंने कमल विहार से इस चार फीट लंबे कोबरा सांप का रेस्क्यू किया है। सांप को सुरक्षित निकालने के बाद उसे पास के जंगल में छोड़ दिया गया। साहू ने यह भी बताया कि कोबरा सांप बेहद खतरनाक होता है। इसके काटने के बाद किसी भी व्यक्ति को 15-20 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचना अनिवार्य है, अन्यथा जान का खतरा हो सकता है।
मेरठ में हिंदू युवती को इमाम के बेटे द्वारा लवजेहाद में फंसाकर अगवा करने के मामले में अब स्वामी यशवीर भी सामने आ गए हैं। मुजफ्फरनगर से स्वामी यशवीर ने अपना एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सकुशल हिंदू युवती को समय पर बरामद करके लाए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो आंदोलन करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वो मस्जिद के सामने ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर देंगे। बता दें कि ये पूरी घटना मंगलवार की है। आज बुधवार को स्वामी यशवीर ने अपना वीडियो जारी किया है। आरोप है कि कचहरी मस्जिद के इमाम के बेटे फैज युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। मामले में युवती की बरामदगी की मांग की जा रही है।मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज ने पुलिस से युवती को जल्द बरामद करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवती बरामद नहीं हुई तो कचहरी मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चास में खिड़की तोड़कर चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार:छह आरोपी दबोचे गए, चोरी के मोबाइल और कंगन बरामद
बोकारो के चास थाना क्षेत्र में घरों की खिड़की तोड़कर चोरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी के सात मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के सात कंगन और अन्य सामान बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौतम बाउरी उर्फ मिरीण्डा, राहुल कुमार बाउरी, रवि कुमार पाण्डेय, प्रिंस कुमार उर्फ कृष, अमन राज उर्फ मनीष कुमार और कृष्णा कुमार पॉल शामिल हैं। इनमें से गौतम बाउरी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चास थाना में वर्ष 2021 में चोरी और सेंधमारी से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पांच रुपए के 12 नोट बरामद यह गिरोह चास थाना क्षेत्र में हुई चोरी की तीन घटनाओं में शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के सात कंगन, 3.50 ग्राम पिघली हुई सोने जैसी धातु, एक लोहे का चापड़, एक छोटा तौलने का मशीन और पांच रुपए के 12 नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई, 11 अगस्त और 15 अगस्त की रातों को चास थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने घरों की खिड़कियां तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। इन घटनाओं के संबंध में चास थाना में कांड संख्या 94/2026, 102/2026 और 103/2026 दर्ज किए गए थे। इन घटनाओं के खुलासे के लिए बोकारो के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक, सदर चास के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने मानवीय और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान भी बरामद किया गया।
अलवर नगर निगम में 329 सफाईकर्मियों की भर्ती का विवाद बढ़ता जा रहा है। लंबे वक्त से चल रही खींचतान के बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। इसके बाद गुस्साए अभ्यर्थी बुधवार को नगर निगम के मुख्य गेट पर बैठ गए। गेट पर ताला लगा दिया। विरोध प्रदर्शन किया। फिर बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। दरअसल, अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र न मिलने के विरोध में 12 अगस्त को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा अलवर कलेक्टर के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। करीब 5 घंटे चले हाई-वोल्टेज धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। आनन-फानन में 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। बाकी बचे अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने का भरोसा दिया गया था। अमित शाह के कार्यक्रम में नहीं मिले नियुक्ति पत्र संजय शर्मा के धरने के बाद बाकी बचे अभ्यर्थियों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र बांटने का आश्वासन दिया गया था। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि इस मंच से उनकी महीनों पुरानी मांग पूरी हो जाएगी, लेकिन वहां भी उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा था। निगम का घेराव, सड़क पर लगा जाम लगातार मिल रहे आश्वासनों और 5 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पभ मिलने से नाराज लोगो बुधवार को धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों ने निगम परिसर के बाहर नारेबाजी जताते हुए मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया। यातायात रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी 329 पदों के लिए नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रूस में नौकरी का झांसा देकर 6.86 लाख ठगे:खुद के खर्चे पर भारत लौटे 2 पीड़ितों ने दर्ज कराया मामला
चूरू शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दो युवकों से रूस की एक फूड पैकेजिंग कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुल 6 लाख 86 हजार रुपए ठगे गए। पुलिस ने पीड़ितों की रिपोर्ट पर एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना के एसआई हंसराज गुर्जर ने बताया कि खारिया निवासी 26 वर्षीय पंकज कुमार और 32 वर्षीय शक्ति सिंह ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जून 2025 में उनकी मुलाकात चूरू के नया बास निवासी नोमान खान से हुई थी। नोमान ने उन्हें रूस की एक फूड पैकेजिंग कंपनी में 90 हजार रुपए मासिक वेतन, 8 घंटे की ड्यूटी और अन्य बेहतर सुविधाओं के साथ नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। 1 लाख 4 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर किएआरोपी के झांसे में आकर दोनों युवकों ने अपने पासपोर्ट उसे सौंप दिए। वीजा, इमिग्रेशन और टिकट के नाम पर उन्होंने किश्तों में नोमान को पैसे दिए। रिपोर्ट के अनुसार, पहले 44 हजार और 60 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके बाद फरवरी 2026 में 5 लाख 76 हजार रुपए नकद दिए गए, जबकि शेष 50 हजार रुपए आरोपी के घर पहुंचाए गए। इस प्रकार दोनों युवकों से कुल 6 लाख 86 हजार रुपए वसूले गए। खुद के खर्चे पर रूस से भारत लौटे पीड़ितमार्च 2026 में दोनों युवकों को रूस भेजा गया। हालांकि, वहां पहुंचने पर उन्हें न तो बताई गई कंपनी मिली और न ही तय काम। उन्हें कम वेतन पर दूसरा काम कराया गया, जो वादे के विपरीत था।धोखाधड़ी का एहसास होने पर दोनों युवक अपने खर्चे पर भारत लौट आए। उन्होंने आरोपी नोमान खान से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन वह टालमटोल करता रहा और बाद में पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की।
उदयपुर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र में बुधवार को शिव मंदिर में माताजी की मूर्ति में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। सुबह जब कुछ लोग मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो उन्हें पार्वती माता मूर्ति के दोनों हाथ टूटे मिले। मामले की आसपास के ग्रामीणों को चला तो वे मंदिर पहुंच गए। घटना मनवाखेड़ा गांव स्थित शिव मंदिर में बीती रात की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए घटना के खिलाफ विरोध जताया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का जायजा लिया। जानकारी अनुसार मंदिर आबादी क्षेत्र से दूर है और वहां सीसीटीवी नहीं लगे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच कर घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले ग्रामीणों का कहना था कि मूर्ति को क्यों और किस कारण से तोड़ा गया। पुलिस जल्द इसका पता लगाए। इधर, फिलहाल पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की टीम आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों का पता लगाने में जुट गई है।
वाराणसी कोर्ट ने मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में एक युवक को कुएं में फेंकने के मामले में आरोपी को अदालत ने जमानत दे दी है। सत्र न्यायाधीश, संजीव शुक्ला की अदालत ने ग्राम हरसोस, थाना जंसा निवासी सराफत अली को 18 अगस्त 2026 को सुनवाई के बाद आरोपी का जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए उसे 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो प्रतिभुओं के आधार पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता यशपाल यादव व राजेश यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को लगभग 12:30 बजे शिकायतकर्ता के पुत्र विवेक कुमार पटेल के लहूलुहान हालत में घर पहुंचने की सूचना मिली। आरोप था कि सराफत अली ने विवेक को गमछे से गला कसकर मारने का प्रयास किया और उसके बाद कुएं में फेंक दिया। परिजनों के अनुसार विवेक को होश आने पर वह कुएं में मिला और बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता यशपाल यादव व राजेश यादव द्वारा तर्क दिया गया कि आरोपी को रंजिश के कारण फंसाया गया है और घटना से उसका कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि प्राथमिकी घटना के बाद विलंब से दर्ज कराई गई तथा आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
निवाड़ी जिले के नैगुंवा गांव में बुधवार सुबह वन विभाग ने सागौन की लकड़ी के मामले में कार्रवाई की। टीम ने अभिषेक गुप्ता के घर पर तलाशी लेकर सागौन की लकड़ी से तैयार किए जा रहे तीन पलंग, छह ड्रेसिंग टेबल और दो अधूरे सोफा जब्त किए। मौके से 12 नग सागौन की सिल्लियां भी मिलीं। विभाग के अनुसार, जब्त लकड़ी और फर्नीचर की अनुमानित कीमत 5 से 5.5 लाख रुपए है। घर पर तलाशी में मिला फर्नीचर वन विभाग को नैगुंवा में सागौन की लकड़ी से फर्नीचर बनाए जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने बुधवार सुबह अभिषेक गुप्ता के घर पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान तीन पलंग, छह ड्रेसिंग टेबल और दो अधूरे सोफा मिले। इसके अलावा 12 नग सागौन की सिल्लियां और बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी भी बरामद की गई। वन विभाग के अधिकारियों ने अभिषेक गुप्ता से मौके पर मिली लकड़ी के संबंध में पूछताछ की। विभाग के अनुसार, वह वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद विभाग ने लकड़ी और फर्नीचर को कब्जे में ले लिया। विभाग के अनुसार, अभिषेक सागौन की लकड़ी से फर्नीचर तैयार कर उसे बेचने का काम करता था। लकड़ी कहां से आई, इसकी जांच वन विभाग पता कर रहा है कि इतनी मात्रा में सागौन की लकड़ी अभिषेक के पास कहां से आई। लकड़ी कहां-कहां से लाई गई और इसके संबंध में वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। डीएफओ मनोज सिंह, एसडीओ हरमन त्रिपाठी और राहुल पुरोहित सहित टीम कार्रवाई में शामिल रहे। वन विभाग ने अभिषेक गुप्ता के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है।
अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड क्षेत्र के महुलारा गांव के पूरे मिचकुरही में मुख्य मार्ग पर पिछले दो माह से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। लगभग 60मीटर सड़क बारिश के पानी में डूबी हुई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन कई गांवों के लोग गुजरते हैं,और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाई हो रही है। गांव निवासी सत्यनारायण ने बताया कि इस जलभराव की शिकायत एसडीएम मिल्कीपुर से की गई थी। शिकायत के बाद एसडीएम ने लेखपाल को मौके पर भेजकर पानी की निकासी कराई थी,जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद गांव के ही रत्नेश यादव ने पानी निकासी वाले स्थान पर मिट्टी डालकर उसे बंद कर दिया। इस अवरोध के कारण मार्ग पर दोबारा पानी भर गया और स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की निकासी के लिए कई बार अपने स्तर पर प्रयास किए गए,लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनके अनुसार, 11 अगस्त को तहसील प्रशासन की ओर से भी पानी निकासी की व्यवस्था की गई थी,लेकिन आरोप है कि इसके तुरंत बाद निकासी स्थल को फिर से अवरुद्ध कर दिया गया। सत्यनारायण गुप्ता, कुसुम, राजकुमारी, रामनारायन और रामनेवाज यादव ने 18अगस्त को एसडीएम मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा से दोबारा शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें टीम भेजकर पानी निकलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन का कोई कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पानी की निकासी कराकर मार्ग को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इस संबंध में एसडीएम पवन कुमार शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही टीम भेजकर पानी की निकासी कराई जाएगी।एसडीएम ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा बार-बार पानी की निकासी अवरुद्ध की जा रही है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसका असर जिला प्रशासन में भी दिखाई दे रहा है। 18 अगस्त को हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश के 33 जिलों में से 12 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के हाथों में है। महिला अधिकारियों को कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी देकर सरकार ने प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किया है। तबादला सूची में भी महिलाओं को अहम जिम्मेदारी 18 अगस्त को जारी आईएएस तबादला सूची में कई महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती जिले का कलेक्टर बनाया गया है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर तुलिका प्रजापति को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। खेल-युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की नई कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। 12 जिलों में महिला कलेक्टर प्रदेश के 12 जिलों में महिला आईएएस अधिकारी कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इनमें शामिल हैं- कोरिया- रोक्तिमा यादव प्रशासनिक नेतृत्व में मजबूत होती नारी शक्ति कलेक्टर जिले में शासन की योजनाओं को जमीन पर लागू करने वाली प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होती हैं। विकास कार्यों की निगरानी, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, राजस्व सहित कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कलेक्टर की भूमिका अहम होती है। इन महत्वपूर्ण पदों पर बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। नेतृत्व के अवसरों पर जोर राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ निर्णय लेने तथा नेतृत्व करने के अवसर देने पर भी जोर दे रही है। जिला प्रशासन में महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है। प्रदेश के 33 जिलों में 12 जिलों की कमान महिलाओं के हाथों में होना छत्तीसगढ़ में बदलते प्रशासनिक परिदृश्य की तस्वीर पेश करता है।
रोहतक में आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा के उपप्रधान उमेद शर्मा ने रामपाल दास को चैलेंज करते हुए कहा कि वह शास्त्रार्थ के लिए तैयार है। रामपाल चाहे तो अपने आश्रम में लाइव डिबेट करवा ले, जिसके लिए एक कमेटी बनाई जाए, जो डिबेट का निर्णय करेगी। रामपाल दास के पाखंडवाद के खिलाफ आर्य समाज की अब अंतिम लड़ाई होगी। उमेद शर्मा ने कहा कि पाखंडी लोग कई प्रकार के पाखंडवाद फैला रहे है। आर्य समाज हमेशा से पाखंडवाद के खिलाफ रहा है। रामपाल दास अब भगवान राम व कृष्ण और आर्य समाज के गुरुओं को लेकर आरोप लगा रहा है। इसलिए पूरा आर्य समाज उनके खिलाफ खड़ा हो गया है। जो वैदिक संस्कृति पर अटैक करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पाखंडवाद के खिलाफ बज गया युद्ध का बिगुल उमेद शर्मा ने कहा कि पाखंडवाद फैलाने वाले लोगों के खिलाफ युद्ध का बिगुल बज चुका है। रामपाल को शास्त्रार्थ का खुला चैलेंज है। क्योंकि रामपाल ऐसा माहौल बना रहा है जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। आर्य समाज अब तक 4 कुर्बानी दे चुका है। रामपाल के अनुयायी आर्य समाज से टक्कर लेने की कौशिश ना करे, वरना आर्य समाज लड़ने के लिए तैयार है। सत्यार्थ प्रकाश पर रामपाल ने उठाया सवाल उमेद सिंह ने कहा कि रामपाल दास ने स्वामी दयानंद के सत्यार्थ प्रकाश पर आक्षेप किया है। लेकिन वह चैलेंज करते है कि सत्यार्थ प्रकाश की सभी चीजें प्रमाण के आधार पर लिखी गई है। रामपाल दास के पाखंड को चैलेंज कर रहे है। जो व्यक्ति 12 साल जेल में रहकर आया हो, वो अपने आप को भगवान बनाने का पाखंड रच रहा है। धर्मेंद्र हुड्डा की पाखंडवाद के खिलाफ मुहिम का समर्थन उमेद सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा की पाखंडवाद के खिलाफ शुरू हुई मुहिम का समर्थन करते है। जो भी पाखंड के खिलाफ कार्य होगा, आर्य समाज उनके साथ खड़ा होगा। यह आंदोलन हिंदू समाज, सनातन धर्म को बचाने के लिए है। आर्य समाज शुरू से पाखंड वाद के खिलाफ संघर्ष करता रहा है। पाखंडवाद के खिलाफ होगी अंतिम लड़ाई उमेद सिंह ने कहा कि कोई व्यक्ति हमारे महापुरुष व भगवानों पर प्रश्न चिह्न लगाने का काम करेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। 2006 और 2013-14 में रामपाल के खिलाफ लड़ाई लड़ी, अब रामपाल के पाखंडवाद के खिलाफ अंतिम लड़ाई होगी। जिस प्रकार का माहौल बन रहा है, गृह युद्ध जैसे हालात बन रहे है। शेर शांत है तो गीदड़ अपने आप को राजा समझ बैठाउमेद सिंह ने कहा कि पाखंडवाद के खिलाफ अब लड़ाई अंतिम और निर्णायक होगी। शेर शांत है तो गीदड़ अपने आप को राजा समझ बैठते है। अब इनको इनकी औकात दिखाएंगे। लीगल कार्रवाई भी की जाएगी। सोशल मीडिया जो दुष्प्रचार किया जा रहा है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे।
स्कूलों में साफ पानी, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य:लापरवाही पर डीएम करेंगे कार्रवाई
मुरादाबाद में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक हुई। इस दौरान ऑपरेशन कायाकल्प, स्वच्छता, पेयजल, पीएम पोषण योजना, विद्यालयों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, वाटर टैंक के साथ रनिंग वाटर, नियमित सफाई और क्रियाशील शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की। खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और एडीओ पंचायत को इन कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। घटिया कार्य पाए जाने पर संबंधित संस्था से ही उसे ठीक कराने को कहा गया। डीएम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पेंट के उपयोग, स्वच्छता और शुद्ध पेयजल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने को कहा। नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों को प्रभावी बनाने और सभी विद्यालयों को केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने विद्यालयों की रंगाई-पुताई निर्धारित मानकों के अनुसार कराने, किचन में सिंक की सफाई, दरवाजों पर मच्छर व कीट-पतंगों से बचाव के लिए जाली लगाने, बाउंड्रीवाल और विद्युत वायरिंग को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि विद्यालय परिसर में हाईटेंशन लाइन या खुले तार न हों, आवश्यकतानुसार कक्षों में जाली लगाई जाए और प्रत्येक कक्ष में पर्याप्त पंखों की व्यवस्था हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही या खराब गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, अपर जिलाधिकारी नगर अंकुर श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जगराओं के चौक चाक्खड़िया में एक युवक पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। करियाना स्टोर पर सामान लेने जा रहे युवक को बदमाशों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने उसके पेट, बाजू और कान पर कई वार किए। घायल युवक की पहचान सोना निवासी मलिक के रूप में हुई है। उसने बताया कि वह चौक चाक्खड़िया स्थित करियाना स्टोर पर लस्सी खरीदने जा रहा था। इसी दौरान 5-6 बदमाशों ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। पीड़ित बोला- जान से मारने की नीयत से हुआ हमला मलिक के अनुसार, हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से वार किए। उसने यह भी बताया कि हमलावरों का उसके दोस्तों के साथ पहले से कोई विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसे निशाना बनाया गया। घटना के समय आसपास के लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हथियारों से लैस हमलावरों ने उन्हें भी धमकाया। तेजधार हथियारों को देखकर लोग अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हट गए। बाद में भीड़ बढ़ती देख आरोपी मौके से फरार हो गए। रिहायशी इलाके में सरेआम हुए इस हमले के बाद चौक चाक्खड़िया और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फर्रुखाबाद के कम्पिल थाना क्षेत्र के हरकरनपुर गांव में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात चोरों ने दो घरों को निशाना बनाया। एक घर से नकदी और जेवरात चोरी हो गए, जबकि दूसरे घर में सेंध लगाने का प्रयास विफल रहा। पुलिस ने मामले जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। गांव निवासी नीरेश की पत्नी ममता ने बताया कि मंगलवार रात वह परिवार के साथ आंगन में सो रही थीं। देर रात चोर घर के पीछे से दीवार में दो जगह सेंध लगाकर कमरे में घुस गए। चोरों ने अलमारी और बक्से खंगाले और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। बुधवार सुबह करीब पांच बजे परिवार के जागने पर चोरी का पता चला। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। ममता के अनुसार चोर जेवरात के साथ नकदी भी चोरी हुई है। सूचना मिलते ही बुधवार को थाना प्रभारी नितिन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, दीवार में की गई सेंध और कमरों की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है और चोरों की तलाश जारी है। चोरों ने गांव में रमेश चंद्र के मकान को भी निशाना बनाया। रमेश चंद्र ने बताया कि उनके घर के कमरे की नींव ऊंची है और परिवार के सदस्य अंदर सो रहे थे। चोर रात में पीछे की दीवार में आड़ा लगाकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। घर के सदस्यों के जागने और हलचल की आवाज सुनकर चोर घबरा गए और मौके से भाग निकले। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। थानाध्यक्ष नितिन कुमार ने बताया कुछ नकदी और जेवरात चोरी होना बताया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। जांच पड़ताल की जा रही है फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
फतेहाबाद नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 14वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब और अधिक गहरा गया है। बुधवार को फतेहाबाद में उस समय स्थिति हंगामेदार हो गई, जब सफाई कर्मचारियों ने पूर्व विधायक व भाजपा नेता दुड़ा राम तथा कांग्रेस जिला प्रधान अरविंद शर्मा के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को दोनों नेताओं के दफ्तरों के बीचो-बीच मुख्य सड़क पर ही पलट दिया। नगर परिषद के हड़ताली सफाई कर्मचारियों को सूचना मिली थी कि हड़ताल के बावजूद भाजपा नेता दुड़ा राम और कांग्रेस जिला प्रधान अरविंद शर्मा के कार्यालयों के बाहर से ट्राली में कचरे के ढेर उठाए जा रहे हैं। इस बात से नाराज होकर भारी संख्या में सफाई कर्मचारी मौके पर इकट्ठा हो गए। कचरे से भरी ट्रॉली को सड़क पर खाली किया शुरुआत में कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर असमंजस था कि यह क्षेत्र मार्केट कमेटी के अंतर्गत आता है, इसलिए यहां सीधा विरोध प्रदर्शन न किया जाए। हालांकि, जैसे-जैसे मौके पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ती गई, उनका गुस्सा भी फूट पड़ा। देखते ही देखते कर्मचारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और कचरे से भरी ट्रॉली को सड़क पर ही खाली कर दिया। सड़क पर कचरा डालते ही दोनों नेताओं के दफ्तरों के आसपास दुर्गंध फैल गई और यातायात भी बाधित हो गया। प्रदर्शनकारी बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे और शहर में कहीं से भी कूड़ा नहीं उठाने दिया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, पिछले दो हफ्तों से जारी इस हड़ताल के कारण पूरे फतेहाबाद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीती श्याम आई बरसात के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है। गीले कचरे के देर अक्षरद करने लगे हैं और मच्छर भी पनप रहे हैं।
सलेमपुर CHC में कई डॉक्टर गैरहाजिर:देवरिया में स्कूल में शिक्षक भी अनुपस्थित, DM ने मांगा जवाब
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह 8.15 बजे सलेमपुर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी में कई चिकित्सक अनुपस्थित मिले, जबकि कुछ डॉक्टर बिना एप्रन के ड्यूटी करते पाए गए। वहीं, प्राथमिक विद्यालय पिपरा भानुमती में एक शिक्षक गैरहाजिर मिला और विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बिना एप्रन ड्यूटी करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएचसी के एमसीएच विंग का भी जायजा लिया। उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हाल में हुए प्रसव से संबंधित जानकारी लेने के साथ ही नवजात बच्चों और माताओं के टीकाकरण कार्ड भी देखे। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम को निर्देशित किया कि वीएचएसएनडी (VHSND) सत्रों के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने टीकाकरण कार्ड में जांच और टीकाकरण से संबंधित सभी आवश्यक विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने को भी कहा। डीएम ने जोर दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है। नियमित जांच और समय पर टीकाकरण के माध्यम से शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने की दिशा में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस औचक निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बिना एप्रन ड्यूटी करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति रही।
चित्तौड़गढ़ में नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने उदयपुर-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे-48 पर पद्मिनी विहार आवासीय योजना शुरू की है। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यहां पहले से चौड़ी सड़कें, पार्क, खेल मैदान, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाएं, व्यावसायिक क्षेत्र और भविष्य के लिए चिकित्सा सुविधा का प्रावधान रखा गया है। यानी लोगों को सिर्फ प्लॉट नहीं, बल्कि पहले से प्लान किया हुआ आवासीय माहौल मिलेगा। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने योजना का शुभारंभ किया हैं। प्रोजेक्ट के तहत कुल 663 आवासीय भूखंड ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। यूआईटी के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना आने वाले सालों में चित्तौड़गढ़ के शहरी विस्तार का नया केंद्र बन सकती है। हाईवे से सीधे जुड़ा होगा नया आवासीय क्षेत्र पद्मिनी विहार योजना नरपत की खेड़ी में उदयपुर-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे-48 पर विकसित की जा रही है। करीब 40.84 हेक्टेयर (4.08 लाख वर्गमीटर) क्षेत्र में फैलने वाली यह यूआईटी की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक होगी। शहर के बीच जगह कम होने और बाहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते विकास को देखते हुए इस जगह को चुना किया गया है। नेशनल हाईवे से सीधा जुड़ाव होने के कारण यहां से चित्तौड़गढ़, कपासन, भीलवाड़ा और उदयपुर तक पहुंच आसान रहेगी। योजना के आसपास बनने वाले ईएसआईसी अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से फ्यूचर में इस क्षेत्र की उपयोगिता और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले सालों में शहर का विस्तार इसी दिशा में तेजी से होगा। पहले तैयार होगा पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर, फिर बसेंगे लोग यूआईटी ने इस योजना को पारंपरिक कॉलोनी की तरह नहीं बनाया है। आमतौर पर पहले प्लॉट बिकते हैं, मकान बनते हैं और बाद में सड़क, पार्क या दूसरी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन पद्मिनी विहार में शुरुआत से ही पूरी प्लानिंग तैयार की गई है। योजना में 60, 30 और 24 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़कें रहेंगी, जबकि अंदर 30, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएगी। करीब 9 प्रतिशत क्षेत्र सार्वजनिक सुविधाओं और 5 प्रतिशत क्षेत्र पार्कों के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा खेल मैदान, हरित क्षेत्र, पौधारोपण, जलापूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम और व्यावसायिक भूखंड भी योजना का हिस्सा होंगे। इसका उद्देश्य ऐसा आवासीय क्षेत्र तैयार करना है। जहां लोगों को शुरुआत से ही बेहतर सुविधाएं मिल सकें। छोटे प्लॉट से बड़े प्लॉट तक उपलब्ध रहेंगे पद्मिनी विहार योजना में सिर्फ बड़े प्लॉट नहीं हैं। यूआईटी ने अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए पांच श्रेणियों में भूखंड तैयार किए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 45 वर्गमीटर (करीब 484 वर्गफीट) तक के 219 प्लॉट उपलब्ध हैं। अल्प आय वर्ग (LIG) के लिए 45 से 75 वर्गमीटर (करीब 484 से 807 वर्गफीट) तक के 256 प्लॉट रखे गए हैं। मध्यम आय वर्ग-ए (MIG-A) के लिए 75 से 120 वर्गमीटर (करीब 807 से 1,291 वर्गफीट) के 89 प्लॉट, मध्यम आय वर्ग-बी (MIG-B) के लिए 120 से 220 वर्गमीटर (करीब 1,291 से 2,368 वर्गफीट) के 84 प्लॉट और उच्च आय वर्ग (HIG) के लिए 220 वर्गमीटर से बड़े 15 प्लॉट उपलब्ध हैं। यानी छोटा घर बनाने वाले परिवारों से लेकर बड़े मकान की योजना रखने वालों तक सभी के लिए ऑप्शन मौजूद हैं। रियायती दर पर भी होंगे भूखंड योजना की मूल आरक्षित दर 14 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तय की गई है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग को राहत देने के लिए विशेष छूट भी दी गई है। ईडब्ल्यूएस वर्ग को 7 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर और एलआईजी वर्ग को 11,200 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से भूखंड मिलेंगे। एमआईजी-ए के लिए मूल दर लागू रहेगी, जबकि एमआईजी-बी और एचआईजी वर्ग के लिए क्रमशः 105 और 110 प्रतिशत दर तय की गई है। अगर किसी को कॉर्नर प्लॉट मिलता है तो उसे 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि योजना का उद्देश्य कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी अच्छी लोकेशन पर किफायती दर में प्लॉट उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन आवेदन, ई-लॉटरी से होगा आवंटन योजना में आवेदन सिर्फ राजस्थान के मूल निवासी कर सकेंगे और आवेदक की आयु कम से कम 18 साल होना जरूरी होगी। आवेदन शुल्क दो हजार रुपये रखा गया है। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे और एक परिवार सिर्फ एक ही कैटिगरी में आवेदन कर सकेगा। 18 अगस्त से शुरू हो चुका है जो 30 सितंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे, जबकि 18 नवंबर को ई-लॉटरी के जरिए आवंटन किया गया। सफल आवेदकों को तय समय में राशि जमा करनी होगी। भूखंड 99 साल की लीज या नियमानुसार फ्रीहोल्ड पट्टे पर दिए जाएंगे। सात साल के अंदर भवन निर्माण करना जरूरी होगा, जबकि शुरुआती दस सालों तक भूखंड का सामान्य ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। जनप्रतिनिधियों ने बोले- यह सिर्फ योजना नहीं, शहर के भविष्य की तैयारी विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा- चित्तौड़गढ़ तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को योजनाबद्ध आवासीय क्षेत्र की जरूरत महसूस हो रही थी। उन्होंने कहा कि पद्मिनी विहार आम लोगों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराने के साथ शहर के विस्तार को नई दिशा देगा। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि योजना को फ्यूचर की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने और लोगों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अगर योजना तय समय पर विकसित होती है तो आने वाले सालों में पद्मिनी विहार चित्तौड़गढ़ का सबसे व्यवस्थित और आधुनिक आवासीय क्षेत्र बन सकता है।
गयाजी जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बुधवार को एक नवविवाहिता की पेड़ से लटकी लाश मिली है। मृतका की पहचान मनसा गांव के रहने वाले सोनारिक मांझी की बेटी 18 साल की पुतुल कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी चार महीने पहले शादी हुई थी। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र, अपर थानाध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और एसआई इमरान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल भेज दिया। मामला आत्महत्या का है या युवती की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया है। इस बात की पुलिस जांच कर रही है। मृतका का मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल को खंगालने में जुटी है। बरगद के पेड़ से लटकी मिली नवविवाहिता की लाश पुतुल की लाश उसके घर से कुछ दूर एक बरगद के पेड़ से लटकी मिली। ग्रामीणों के अनुसार, पुतुल की शादी करीब चार महीने पहले जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के सिकंदर मांझी से हुई थी। शादी के बाद भी वह अपने मायके आती-जाती थी। सूत्रों की माने तो गांव में उसके एक युवक से प्रेम प्रसंग की चर्चा गांव में जोरो पर भी थी। पुलिस इस बिंदु को भी जांच में शामिल कर रही है। ग्रामीणों का दबी जुबान से कहना है कि प्रेम प्रसंग को लेकर पुतुल परेशान चल रही थी। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शादी से पहले हादसे में हुई थी मां की मौत ग्रामीणों ने बताया कि पुतुल की शादी की तैयारी के दौरान परिवार पर बड़ा दुख टूटा था। बाजार से सामान खरीदने जाने के दौरान सड़क हादसे में उसकी मां शिविया देवी की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी पुतुल पर भी आ गई थी। बताया गया कि परिवार में चार बहन और एक भाई हैं। मां की मौत के बाद पुतुल घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाती थी। ऐसे में उसकी अचानक मौत से परिवार में मातम पसरा है। मामा ने लगाया हत्या का आरोप मृतका के मामा मिंटू मांझी ने पुतुल की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोस के लोगों ने उसकी हत्या की और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया। मामा के आरोप के बाद पुलिस ने इस एंगल से पड़ताल में जुट गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया युवती के गले में दुपट्टा लगा हुआ था और मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। इसके बावजूद पुलिस हत्या सहित अन्य सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मोबाइल खोलेगा मौत का राज पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अब उसके कॉल डिटेल और उससे जुड़े मोबाइल लोकेशन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मौत से पहले पुतुल ने किससे बात की थी। वह कहां-कहां गई थी और उसके संपर्क में कौन लोग थे। घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने की बात कह रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर चर्चा तेज घटना के बाद मनसा गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर चर्चा तेज है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पुतुल बीते कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी। इसी परेशानी में उसने यह कदम उठाया होगा। वहीं, परिजनों की ओर से हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद मामला संदिग्ध हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। इंस्पेक्टर देवराज इंद्र का कहना है कि अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और पुलिस की वैज्ञानिक पड़ताल से ही साफ होगा कि 18 वर्षीय नवविवाहिता की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।
पानीपत स्थित पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने दहेज के लिए एक विवाहिता को प्रताड़ित करने, बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की धमकियां देने के आरोप में पति, सास, ससुर और जेठ-जेठानी समेत कुल 8 ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज किया है। मीडिएशन सेंटर में काउंसलिंग के जरिए विवाह बचाने के प्रयास विफल रहने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। शराब पीकर मारपीट और बाइक की मांग पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता की शादी लगभग 3 साल पहले विशाल नगर, सोनीपत निवासी प्रवीन के साथ हुई थी। पीड़िता के पिता बुजुर्ग हैं और रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने अपनी क्षमता से अधिक दान-दहेज देकर बेटी को विदा किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति रोजाना शराब पीकर घर आता था और पीड़िता के साथ मारपीट व गाली-गलौज करता था। ससुराल पक्ष के अन्य लोग भी उसे लगातार परेशान करने लगे। शादी के एक साल बाद पति ने मायके से बाइक लाने की मांग रखी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद पीड़िता के पिता ने किसी तरह बाइक दिला दी। 1 लाख रुपए नकदी न देने पर किया जानलेवा हमला बाइक मिलने के कुछ समय बाद ससुराल वालों की मांगें और बढ़ गईं। उन्होंने पहले 50,000 रुपए और फिर 1,00,000 रुपए नकद की डिमांड शुरू कर दी। जब पीड़िता के पिता ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो ससुरालियों ने मिलकर पीड़िता पर हमला कर दिया। पीड़िता को लात, थप्पड़ों और घूंसों से बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसके बाएं हाथ पर गंभीर चोटें आईं। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर अपने मायके पानीपत पहुंची और अपना डॉक्टरी इलाज कराया। ससुराल पक्ष के 8 लोगों पर BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज मामले में मीडिएशन सेंटर द्वारा कराए जा रहे समझौते के प्रयास असफल होने पर पुलिस ने पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने धारा 85 (पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता), 115(2) (चोट पहुंचाना), 316(2) (दहेज/अमानत हड़पना), 351(3) (जान से मारने की धमकी) और 3(5) के तहत प्रवीन (पति), नवाब सिंह (ससुर), बाला (सास), सुनील (जेठ), मीनाक्षी (जेठानी), स्वाति (ननद), रणजीत (जेठ), पूनम (जेठानी) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिवपुरी में आदिवासी महिला की मौत:पति ने हत्या का आरोप लगाया, पुलिस ने हार्ट अटैक की आशंका जताई
शिवपुरी के सेवढ़ा गांव में 50 वर्षीय आदिवासी महिला गुड्डी बाई की अचानक तबीयत बिगड़ गई। महिला को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महिला के पति राधाकिशन ने गांव के मुकेश धाकड़ पर पत्नी को जबरदस्ती खेत पर मजदूरी के लिए ले जाने और बाद में हत्या कर मौत को हादसा दिखाने का आरोप लगाया है। परिजन 19 अगस्त को पोस्टमार्टम से पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुकेश धाकड़ के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की। राधाकिशन के दामाद करन आदिवासी ने बताया कि 18 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे मुकेश धाकड़ उनके घर आया था। उसने गुड्डी बाई को खेत पर काम करने के लिए साथ चलने को कहा। पति-पत्नी के मना करने के बाद भी वह कथित तौर पर गुड्डी बाई को अपने साथ ले गया। पति ने हत्या का आरोप लगायाशाम करीब 5 बजे तक गुड्डी बाई घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आरोप है कि बाद में मुकेश धाकड़ उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा। उसने गुड्डी बाई के नातियों को उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी देकर अस्पताल बुलाया। परिजन अस्पताल पहुंचे तो गुड्डी बाई की मौत हो चुकी थी। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी की हत्या की गई और घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई। सुभाषपुरा थाना प्रभारी अरविंद चौहान ने बताया कि महिला की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। खेत मालिक ही महिला को तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर गया था। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी के अनुसार, महिला के परिजनों को मंगलवार शाम ही घटना की सूचना दे दी गई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि पहली नजर में महिला की मौत हार्ट अटैक से होना लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह सामने आएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत जिले के समालखा में 33 केवी नारायणा सब स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और धमकी देने के विरोध में बुधवार को एएचपीसी वर्कर यूनियन और एचएसईबी वर्कर यूनियन से जुडे़ कर्मचारियों ने समालखा कार्यालय में गेट मीटिंग कर रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ जल्द और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि यह घटना 13 अगस्त की रात को हुई थी। आरोप है कि गांव के कुछ शरारती तत्वों ने 33 केवी नारायणा सब स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और सब स्टेशन इंचार्ज के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। पावर हाउस में आग लगाने की धमकी दी गई कर्मचारियों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें पावर हाउस में आग लगाने की धमकी भी दी गई। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की मोटरसाइकिलों को उठाकर गांव के सुनसान रास्ते पर फेंकने की बात भी कही गई। घटना की रिकॉर्डिंग कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद थाना समालखा में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन करीब पांच दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, 18 अगस्त को दोपहर करीब तीन बजे मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी मामले में आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने जोर देकर कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के साथ मारपीट और जान-माल की धमकी एक गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो दोनों यूनियनें बैठक कर आगामी रणनीति तैयार करेंगी और आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर यूनिट प्रधान कपिल, यूनिट सचिव जोगिंद्र, सब यूनिट प्रधान शेखर (एचएसईबी), सब यूनिट प्रधान प्रवीन (एएचपीसी), सब यूनिट प्रधान बलराज, सचिव अशोक, नीरज, राजेश, रोबिन, कुलदीप, आशीष, मनीष, रविंद्र और बलिंद्र सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
जालौन जिले के माधौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष राजपूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में डॉ. राजपूत एक निजी अस्पताल में मरीजों का उपचार करते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं और सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो में डॉ. मनीष राजपूत मरीजों की जांच और उपचार करते हुए स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में अपनी जिम्मेदारियों के बावजूद, वह निजी अस्पताल में भी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह निजी अस्पताल माधौगढ़ नगर में भाटिया पेट्रोल पंप के पास स्थित बताया जा रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। गौरतलब है कि माधौगढ़ सीएचसी में चिकित्सा अधीक्षक (एमओआईसी) की उपस्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों ने कई बार डॉक्टरों के अस्पताल में अनुपलब्ध रहने और समय पर उपचार न मिलने की शिकायतें की हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारी का निजी अस्पताल में उपचार करते हुए वीडियो सामने आने से यह मामला और भी गंभीर हो गया है। यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाला अधिकारी किस नियम के तहत निजी अस्पताल में मरीजों का उपचार कर रहा है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। माधौगढ़ सीएचसी में इमरजेंसी और प्रसव कक्ष सहित विभिन्न विभागों में मरीजों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। यदि अस्पताल में तैनात जिम्मेदार अधिकारी निजी प्रैक्टिस करते हैं, तो इसका सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, यह जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ हरि नंदन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह जांच एसीएमओ को सौंपी है। सीएमओ ने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने पारिवारिक विवाद और तलाक के केस में अपने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि शादी होने से एक नया परिवार जरूर बनता है, लेकिन यह बुजुर्ग और बीमार माता-पिता के प्रति संतान की नैतिक व कानूनी जिम्मेदारियों को खत्म नहीं करता। अगर कोई पत्नी बिना किसी ठोस और वाजिब वजह के बीमार सास-ससुर को बेसहारा छोड़कर अलग रहने का लगातार दबाव बनाती है, तो उसका यह आचरण पति के प्रति मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा मंजूर किए गए तलाक के आदेश को सही ठहराते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी है। दरअसल, राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ निवासी सिख युवक का विवाह 8 मार्च 2007 को पत्थलगांव निवासी महिला के साथ हुआ था। शादी के महज साल भर बाद से ही पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गया। पति का आरोप था कि उसके पिता दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी तीन बार हार्ट सर्जरी हो चुकी है, इसके बावजूद पत्नी लगातार उन पर माता-पिता को छोड़कर अलग रहने का दबाव बनाती रही। सास-ससुर व बच्चे को छोड़कर चली जाती थी मायकेवहीं, पति के मना करने पर वह सास-ससुर से दुर्व्यवहार करती थी और बिना बताए छोटे बेटे को लेकर मायके चली जाती थी। वर्ष 2018 में दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के बीच हुई सामाजिक सुलह में पत्नी ने लिखित माफीनामा भी दिया था, लेकिन इसके बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में दिया तलाक का आदेश पत्नी की हरकतों से तंग आकर पति ने डोंगरगढ़ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई थी। फैमिली कोर्ट ने 11 नवंबर 2024 को क्रूरता के आधार पर पति के पक्ष में तलाक का फैसला सुनाया। पत्नी ने हाईकोर्ट में की थी अपीलइस फैसले के खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी ने आरोप लगाया कि सास के उकसाने पर पति उसे प्रताड़ित करता था और पेट्रोल पंप खोलने के नाम पर मायके से 50 लाख रुपए की मांग की गई थी। साथ ही उसने माफीनामे पर जबरन हस्ताक्षर कराने की बात कही। हाईकोर्ट ने पत्नी के आरोपों को पाया निराधारहाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद गवाहों और बयानों की पड़ताल के बाद पत्नी के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार पाया। खुद पत्नी के भाई और मामा ने गवाही में स्वीकार किया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के पढ़कर माफीनामे पर दस्तखत किए थे। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि हिंदू समाज में माता-पिता की सेवा और भरण-पोषण करना बेटे का दायित्व है। वैवाहिक संबंध किसी भी जीवनसाथी को अपने पूर्व पारिवारिक कर्तव्यों को पूरी तरह त्यागने के लिए मजबूर करने का असीमित अधिकार नहीं देता। पति द्वारा अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए अलग रहने से मना करना पूरी तरह उचित और स्वाभाविक है। पत्नी द्वारा अलग रहने के लिए बनाया जा रहा लगातार दबाव मानसिक प्रताड़ना है।
रामानुजगंज में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 13 में मंगलवार (18 अगस्त) सुबह एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त घर के अंदर मौजूद दो बेटियां और एक बेटा बाल-बाल बच गए। बच्चों ने मकान गिरने का अंदेशा होते ही समय रहते घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उनके बाहर निकलने के कुछ ही सेकंड बाद पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया। माता-पिता बाहर गए थे, घर में थे तीन बच्चे हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। वार्ड-13 निवासी हुजू भुइयां अपनी पत्नी के साथ किसी काम से घर से बाहर गए थे। इस दौरान उनकी दो बेटियां और एक बेटा घर के अंदर मौजूद थे। अचानक बच्चों को मकान के गिरने का खतरा महसूस हुआ। तीनों तुरंत घर से बाहर निकल आए। बच्चों के निकलते ही भरभराकर गिरा मकान बच्चों के बाहर निकलने के कुछ ही सेकंड बाद पूरा मकान अचानक ढह गया। इससे घर में रखा लगभग पूरा सामान मलबे के नीचे दब गया। गनीमत रही कि बच्चों के समय रहते बाहर निकलने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। बारिश में परिवार के सामने रहने का संकट लगातार बारिश के बीच मकान ढहने से परिवार के सामने अब रहने की समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्र में पहले से ही नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित है। ऐसे में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों पर खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन से राहत और सुरक्षित आश्रय की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत सामग्री और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश को देखते हुए जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
2007 के रोडमैप पर मायावती की बसपा, सतीश मिश्र को सौंपी चुनाव से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां
मायावती ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा दांव खेला है। 2007 की तरह दलित-ब्राह्मण गठजोड़ के जरिए सत्ता में वापसी की रणनीति पर आगे बढ़ते हुए बसपा के वरिष्ठ ब्राह्मण नेता सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव संबंधी सभी जिम्मेदारी सौंप दी है।
सुसनेर में निकली कावड़-कलश यात्रा:जयकारे लगाते चले कावड़िए, महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
आगर-मालवा जिले के सुसनेर शहर में बुधवार को शिवशक्ति कावड़ एवं कलश यात्रा समिति द्वारा भव्य कावड़-कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सिंचाई विभाग स्थित श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई और प्राचीन पांडवकालीन पंचदेवलिया महादेव मंदिर तक करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। यात्रा में पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, दिलीप सकलेचा और मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। बच्चों ने भी कावड़ यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। आकर्षक झांकियां यात्रा का विशेष आकर्षण रहीं। मार्ग में नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और स्वागत कर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कावड़-कलश यात्रा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवान मुस्तैदी से जुटे रहे।
प्रतापगढ़ के सांगीपुर में एक घर में अजगर घुसने से हड़कंप मच गया। श्यामपति चंद्रशेखर मिश्र डिग्री कॉलेज के पास स्थित प्रबंधक अजीत मिश्रा के आवास पर रात के समय यह घटना हुई, जिससे परिवार और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। अजगर को देखकर लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद अजीत मिश्रा ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, जिसमें अंगद तिवारी और अन्य कर्मचारी शामिल थे, मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग की टीम अजगर को अपने साथ ले गई और उसे बाद में एक सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया। बताया गया कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी वजह से सांप और अन्य जंगली जीव सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों और घरों की ओर आ रहे हैं। वन विभाग और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था रखें, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें, तथा रात के समय बाहर निकलते समय सतर्क रहें। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार के जहरीले सांप या अन्य जंगली जीव के दिखाई देने पर उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसके बजाय, तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से कार्रवाई कर सके।
भाजपा खेल प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश संयोजक मान सिंह यादव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बेहद ईमानदारी और भावुकता से अपने अतीत को साझा किया। मान सिंह ने कहा, मैं खुद भी एक खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन बहुत बड़ा खिलाड़ी नहीं बन पाया। मैं एक आधा-अधूरा खिलाड़ी बनकर रह गया और ऐसा सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि मुझे सही संसाधन नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सुविधाएं मिलतीं, तो आज वह भी एक बड़े मुकाम पर होते। अपने इसी अनुभव को ढाल बनाते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि वह अब प्रदेश के किसी भी उभरते खिलाड़ी के भविष्य को संसाधनों की कमी के कारण अधूरा नहीं रहने देंगे। खिलाड़ियों और सरकार के बीच सेतु बनेगा प्रकोष्ठ मान सिंह यादव ने कहा कि खेल प्रकोष्ठ खिलाड़ियों की बुनियादी जरूरतों और समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के साथ सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उन तक पहुंचाने में समन्वयक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार सरकार की नीतियां और सुविधाएं खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पातीं। इसलिए प्रकोष्ठ यह सुनिश्चित करेगा कि प्रतिभाओं के सामने आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई परिचयात्मक बैठक में भी खिलाड़ियों और व्यवस्था के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई है। 29 अगस्त को मुख्यमंत्री हॉकी ट्रॉफी राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर 29 अगस्त को अरेरा कॉलोनी स्थित ध्यानचंद स्टेडियम में मुख्यमंत्री हॉकी ट्रॉफी का आयोजन होगा। सुबह 10 बजे से होने वाली प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की चार सर्वश्रेष्ठ महिला और चार पुरुष हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता का उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरूआ, महामंत्री राहुल कोठारी और राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक आशीष अग्रवाल करेंगे। शाम 5 बजे विजेता टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा। खेल गुरुओं और पुरस्कार विजेताओं का सम्मान खेल दिवस की शाम 6 बजे समन्वय भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रमुख खेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा खिलाड़ियों को तैयार करने वाले उन खेल गुरुओं का भी सम्मान होगा, जिन्हें विश्वामित्र पुरस्कार मिल चुका है। समारोह में मुख्यमंत्री को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। खेल मंत्री विश्वास सारंग खिलाड़ियों और खेल गुरुओं को सम्मानित करेंगे। ओलंपिक 2036 के लिए टैलेंट हंट पर फोकस मान सिंह यादव ने कहा कि खेल प्रकोष्ठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओलंपिक 2036 के विजन को मध्य प्रदेश में आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए टैलेंट हंट शुरू करने की घोषणा की है, ताकि कम उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें जरूरी सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा, ताकि भविष्य में प्रदेश से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकें।
यूसीसी विधेयक के विरोध में मुस्लिम समाज:कलेक्ट्रेट पहुंचे समाज के लोग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
शाजापुर में मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 के विरोध में मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे मुस्लिम समाज की छात्राएं, युवतियां और समाजसेवी कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को यह ज्ञापन सौंपकर विधेयक को वर्तमान स्वरूप में वापस लेने या इस पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का उल्लेख नीति निदेशक तत्व के रूप में किया गया है, जबकि धार्मिक स्वतंत्रता सहित नागरिकों के मौलिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। समाजजनों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधेयक से विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञापन में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और वसीयत से संबंधित प्रावधानों पर विशेष आपत्ति जताई गई। मुस्लिम समाज ने कहा कि विधेयक में एक-विवाह की अनिवार्यता, विवाह पंजीकरण, प्रतिबंधित रिश्तों तथा तलाक की न्यायिक प्रक्रिया जैसे प्रावधानों से मुस्लिम पर्सनल लॉ के कई पहलू प्रभावित होंगे। फर्स्ट कजिन से विवाह को प्रतिबंधित किए जाने वाले प्रावधान को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। समाजजनों ने मांग की कि व्यक्तिगत कानूनों में बदलाव से पहले सभी धार्मिक समुदायों, कानूनी विशेषज्ञों और प्रभावित पक्षों के साथ व्यापक एवं सार्थक चर्चा की जानी चाहिए। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25, 26 और 29 के तहत प्राप्त अधिकारों के संरक्षण की भी मांग की गई। ज्ञापन में यह तर्क भी दिया गया कि यदि अनुसूचित जनजातियों को उनके प्रथागत कानूनों के आधार पर छूट दी जाती है, तो धार्मिक एवं व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े समुदायों के अधिकारों पर भी विचार किया जाना चाहिए। मुस्लिम समाज ने मांग की है कि मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को वर्तमान स्वरूप में वापस लिया जाए। इसके साथ ही, नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए और कानून लागू करने से पहले सभी पक्षों से व्यापक परामर्श किया जाए। इस अवसर पर शहर काज़ी रेहमत उल्ला, अंजुमन सीरत कमेटी के सदर हाजी नईम कुरैशी, काज़ी मोहसिन उल्ला, मोहर्रम कमेटी के सदर इमरान खरखरे, मकसूद अहमद कुरैशी और मुफ़्ती इरशाद सहित समाज के प्रमुख व्यक्ति और युवा मौजूद थे।
पलवल में चाकू से हमला करने का आरोपी अरेस्ट:आठ महीने बाद आया पकड़ में, एक पहले ही पकड़ा जा चुका
पलवल के शहर थाना पुलिस ने चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राम नगर (कैंप थाना क्षेत्र) निवासी अरुण उर्फ अन्नू के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 को सिकंदरपुर गांव निवासी दीपक ने शिकायत दर्ज कराई थी। दीपक ने बताया था कि बस स्टैंड चौक पर दो व्यक्तियों ने उसके साथ मारपीट की थी। माथे पर किया था चाकू से हमला शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने दीपक के माथे पर चाकू से जानलेवा हमला किया था और मौके से फरार हो गए थे। डॉक्टरों की राय में पीड़ित को लगी चोट गंभीर थी। इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी जतिन उर्फ जीतन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब पुलिस ने दूसरे आरोपी अरुण उर्फ अन्नू को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के खेरी गांव स्थित कोलिया खाल डैम में अज्ञात टैंकर से संदिग्ध केमिकल छोड़े जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर डैम से होने वाली जल आपूर्ति तत्काल रोक दी गई है। डैम का पानी आसपास के कई गांवों में उपयोग होता है, ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। डैम में केमिकल छोड़कर टैंकर फरार जानकारी के अनुसार, अज्ञात टैंकर चालक सुनसान इलाके का फायदा उठाकर डैम के पास पहुंचा और कथित तौर पर पानी में केमिकल छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पानी में मौजूद पदार्थ की वास्तविक स्थिति और उसकी प्रकृति का पता लगाने के लिए पानी के सैंपल लैब भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी में कौन-सा पदार्थ छोड़ा गया था और उससे कितना खतरा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात टैंकर की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। टैंकर किस रास्ते से आया और घटना के बाद किस दिशा में गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग डैम के पानी का उपयोग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में होने के कारण लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जल आपूर्ति रोककर पानी की जांच कराई जा रही है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पानी में मिले पदार्थ और घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
उमरिया जिले में बारिश का दौर जारी है। कलेक्टर कार्यालय के भू-संसाधन प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में जिले में 61.6 mm (2.42 इंच) बारिश हुई। जोहिला बांध के 3 गेट चार मीटर तक खोले गए। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया। तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक, चंदिया में सबसे ज्यादा 86.2 mm (3.39 इंच) बारिश दर्ज हुई। बांधवगढ़ में 71.8 mm (2.83 इंच), पाली में 68.2 mm (2.69 इंच), नौरोजाबाद में 66.6 mm (2.62 इंच) और करकेली में 65.8 mm (2.59 इंच) बारिश हुई। मानपुर में 37.5 mm (1.48 इंच) और बिलासपुर में 35.1 mm (1.38 इंच) बारिश दर्ज की गई। पिछले साल के मुकाबले 7.73 इंच कम बारिश जून से अब तक उमरिया में औसतन 757.5 mm (29.82 इंच) बारिश हो चुकी है। पिछले साल अब तक 953.7 mm (37.55 इंच) बारिश हुई थी। पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 7.73 इंच कम बारिश हुई है। उमरिया में सालाना औसत बारिश 1215.7 mm (47.86 इंच) होती है। अब तक जिले में करीब 62% बारिश हो चुकी है। संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र से जुड़े जोहिला बांध के 3 गेट चार मीटर तक खोले गए हैं। बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को भी बारिश जारी रही। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया। करकेली जनपद पंचायत के घोरमारा टोला के रास्ते में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उमड़ार, मछड़ार, महानदी, कथली और जोहिला समेत जिले के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार बारिश से किसानों को राहत मिली है।
मेरठ में गर्लफ्रेंड, पति ने मिलकर पत्नी को पीटा:सुपरटेक पामग्रीन सोसाइटी के पास घूमते हुए पकड़े गए
मेरठ में पति ने प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी की पिटाई कर दी। घटना बुधवार सुबह की है। जब पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सुपरटेक के साथ घूम रहा था। अचानक पत्नी वहां पहुंच गई। उसने अपने पति को दूसरी युवती के साथ रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके बाद पत्नी ने चीखना शुरू कर दिया। यह देखकर पति उसकी प्रेमिका ने मिलकर पत्नी को सड़क पर गिराकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पकड़ लियाबताया गया कि बुधवार सुबह एक महिला ने अपने पति को किसी अन्य महिला के साथ देखा। इसके बाद उसने दोनों को रोक लिया और पति से सवाल-जवाब करने लगी। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पति के साथ मौजूद महिला ने पत्नी से मारपीट शुरू कर दी। पति पर भी पत्नी के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है। सड़क पर गिराकर एक-दूसरे को पीटाविवाद बढ़ने के बाद दोनों महिलाओं में जमकर मारपीट हुई। दोनों ने एक-दूसरे को सड़क पर गिराकर पीटा और बाल भी खींचे। कुछ देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। घटना देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। महिला की शिकायत पर जांच में जुटी पुलिसहंगामे की सूचना और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े पक्षों से जानकारी जुटा रही है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात में मुंगीसापुर-सट्टी मार्ग पर मंगलवार शाम सड़क हादसे में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज परिजनों ने बुधवार सुबह शव को घटनास्थल पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। परिजनों ने हादसे को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और मामले की जांच की मांग की। बीबापुर निवासी सरमन का बेटा शिवम उर्फ धीरज मंगलवार शाम आजाद गेस्ट हाउस के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले मुंगीसापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर अकबरपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर ले जाते समय विजयनगर के पास उसकी मौत हो गई। रातभर शव लेकर बैठे रहे परिजन परिजनों के मुताबिक, शिवम की मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए मुंगीसापुर चौकी पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि सरकारी वाहन कुछ दूर जाने के बाद वापस लौट आया और उन्हें शव घर ले जाने की सलाह दी गई। इससे नाराज परिजन शव को घर ले जाने के बजाय घटनास्थल पर ही लेकर पहुंचे और पूरी रात वहीं बैठे रहे। सुबह करीब आठ बजे तक पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन पुलिस के नहीं पहुंचने से नाराज परिजनों ने बुधवार सुबह शिवम का शव मुंगीसापुर-सट्टी मार्ग पर रख दिया। इसके बाद मुख्य मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। परिजन हादसे को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका की जांच कराने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। काफी समझाने के बाद उन्होंने जाम खोल दिया। पुलिस बोली- ट्रैक्टर की चपेट में आया था युवक थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शिवम ट्रैक्टर की चपेट में आने से घायल हुआ था। उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने कुछ समय के लिए जाम लगाया था, जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया। थाना प्रभारी के अनुसार, सूचना के आधार पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद सड़क हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला जिले में मोरनी क्षेत्र के धामन गांव में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया। यशपाल पुत्र संतराम के घर के सामने हुए इस भूस्खलन से उनके परिवार के समक्ष गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भूस्खलन की चपेट में आने से घर के आगे सुरक्षा के लिए बनाया गया डंगा (रिटेनिंग वॉल) भी क्षतिग्रस्त हो गया है। डंगा (रिटेनिंग वॉल) क्षतिग्रस्त होने से मकान की नींव और आसपास की जमीन को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश जारी रही तो मिट्टी खिसकने का सिलसिला और तेज हो सकता है, जिससे मकान को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम करने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से की नुकसान का आकलन करने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि भूस्खलन से परिवार को काफी क्षति हुई है और मकान को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल सुरक्षा कार्य की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाए। साथ ही, प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और मकान की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द आवश्यक बचाव कार्य करवाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
बरी होने के बाद आज लखनऊ पहुंचेंगे बृजभूषण:अमौसी एयरपोर्ट पर समर्थकों की ओर से स्वागत की तैयारी
महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह बुधवार को लखनऊ पहुंचेंगे। सोशल मीडिया पर जारी स्वागत पोस्टर के मुताबिक उनका लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। समर्थकों ने स्वागत की तैयारी की पोस्टर में बृजभूषण शरण सिंह को ‘नेताजी’ संबोधित करते हुए अदालत से बरी होने के बाद उनके लखनऊ आगमन की जानकारी दी गई है। इसमें उन्हें अपना अभिभावक और संरक्षक बताते हुए एयरपोर्ट पर स्वागत की अपील की गई है। हालांकि, यह कार्यक्रम समर्थकों की ओर से जारी पोस्टर पर आधारित है। 3 अगस्त को कोर्ट ने सुनाया था फैसला बृजभूषण शरण सिंह को 3 अगस्त को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों की ओर से दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किया था। अदालत ने पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को भी मामले में बरी किया। फैसले के बाद फिर सक्रियता बढ़ने के संकेत कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह लगातार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं। उनके लखनऊ आगमन को भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, मामले में शिकायतकर्ता पहलवानों ने अदालत के फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
केजरीवाल का गृह मंत्री पर बड़ा आरोप:कहा- अमित शाह के फोन के बाद हुई सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने x पर पोस्ट कर आरोप लगाते हुए कहा कि ACB के एक अधिकारी ने उन्हें बताया था कि सुबह तक ACB का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह जी का सीधे फ़ोन आया कि गिरफ़्तार कर लो। तब गिरफ़्तार किया। उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा की ज़ाहिर है कि अब गिरफ्तारी इस बात से नहीं होती कि किसी ने कोई गुनाह किया है या नहीं बल्कि इस बात से होती है कि वे दोनों किसे गिरफ़्तार करना चाहते हैं।अमित शाह बताए सत्येन्द्र जैन को क्यो गिरफ्तार किया केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा की अमित शाह बतायें कि उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येन्द्र जैन को क्यों गिरफ़्तार करवाया। बता दें कि सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री थे और उन पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज हैं। ACB ने उन्हें कुछ समय पहले गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद से AAP लगातार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहीAAP का कहना है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की है।
कोटा ग्रामीण में कार की टक्कर पिता की मौत हो गई। वहीं बेटा घायल हो गया। दोनों बाइक पर घर लौट रहे थे। वहीं एक युवक घर में चक्कर खाकर गिर गया। परिजन हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों अलग-अलग थाना इलाके के मामले है। चक्कर खाकर गिरा, इलाज के दौरान मौत दीगोद थाना ASI शंकर लाल ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे करीब भोला शंकर (47) बाजार से घर लौटा था। घर में पत्नी और 4 बेटियां थी। कमरे में जाते समय भोला शंकर को अचानक चक्कर आ गए। वह सिर के बल जमीन पर गिर गया। उसके सिर के पिछले हिस्से पर चोट लगी और सूजन आ गई। परिजन उसे इलाज के लिए कोटा लाए लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आए है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण सामने आएगा। वह मजदूरी करता था। कार की टक्कर से पिता की मौत, बेटा घायल सांगोद थाना ASI दुलीचंद ने बताया कि जगदीश नायक (45) मंगलवार को निजी काम से बेटे दीपक के साथ गांव मंडीता से कुंदनपुर गया था। दोनों शाम 4 बजे के करीब बाइक से वापस गांव लौट रहे थे। रास्ते में कार सवार ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के दोनों सड़क पर गिर गए और कार पलटी खा गई। जगदीश के सिर और गर्दन पर चोट लगी। जबकि दीपक के हल्की चोट लगी। गंभीर हालात में जगदीश को परिजन उसे इलाज के लिए कोटा लाए। रात 8 बजे करीब इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जगदीश मजदूरी करता था। उसके तीन बच्चे है परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच की जाएगी।
राजसमंद में बुधवार को मंडावर शिक्षा क्रांति अभियान के तहत प्रतिभा खोज परीक्षा में चयनित होने वाले 45 छात्र-छात्राओं को नाडोल स्थित राजराजेश्वरी श्री आशापुरा माता के पाट स्थान के दर्शन करवाए गए। माता के चरणों में शीश नवाकर विद्यार्थियों ने जीवन में सफलता हासिल करने और सरकारी सेवा में चयन होने तक निरंतर मेहनत करते रहने का संकल्प लिया। इस दौरान आशापुरा माता परिसर में ही प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करवाया अभियान संयोजक जसवंत सिंह चौहान ने बताया- विद्यार्थियों को श्रीआशापुरा माता नाडोल के साथ श्रीरूपनारायण भगवान सेवन्त्री, लक्ष्मण झूला, रोकड़िया हनुमान एवं श्रीचारभुजा नाथ सहित विभिन्न धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करवाया गया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया सरपंच प्यारी कुमारी चौहान ने कहा- चयनित प्रतिभाओं को रोजगार संबंधी मार्गदर्शन, पुस्तक और गाइड तथा कोचिंग सहित हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी सेवा में चयन होने तक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा। समारोह में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। चयनित स्टूडेंट्स को सम्मानित किया चयनित प्रतिभागियों को माता आशापुरा की फोटो, प्रतीक चिन्ह और पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। मण्डावर सरपंच (प्रशासक) प्यारी कुमारी चौहान और अभियान संयोजक जसवंत सिंह चौहान के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में शिक्षाविद् प्रताप सिंह चौहान, मिठू सिंह चौहान और जगदीश चावला विशिष्ट अतिथि रहे।
नवादा के गोविंदपुर में फिर गांव की ओर आया जंगली हाथी, ग्रामीणों ने जंगल की ओर खदेड़ा
19 अगस्त, बुधवार: नवादा के गोविंदपुर में जंगल से भटककर एक जंगली हाथी गांव की ओर पहुंच गया। हाथी को देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने एकजुट होकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
साल 2023 में शादी… तीन महीने पहले प्रेमी से मिलने होटल में पहुंची महिला को परिजन ने पकड़ लिया। इसके बाद मामला पंचायत तक गया। पंचायत के फैसले के मुताबिक, महिला के पति की मौजूदगी में उसकी शादी उसके प्रेमी से करा दी गई। अब तीन महीने बाद महिला को उसके ससुराल में एंट्री नहीं मिल रही है। महिला ससुराल में एंट्री के लिए दरवाजे पर बैठी है, जबकि उसका पति उसे छोड़कर फरार है। घटना मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र की है। सबसे पहले महिला की तीन तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला महिला की पहचान नरसंडा की रहने वाली राधा जबकि उसके दूसरे पति (पहले प्रेमी) की पहचान बरियारपुर के रहने वाले चंदन के रूप में हुई है। राधा के मुताबिक, उसका और चंदन का रिश्ता इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था। बाद में परिजन की मौजूदगी में मंदिर में शादी कराई गई, लेकिन अब राधा को उसके ससुराल में एंट्री नहीं दी जा रही है। वो पिछले 24 घंटे से ससुराल के दरवाजे पर बैठी है। राधा ने बताया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद हम दोनों की बीच बातचीत होने लगी। हम दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। इसकी जानकारी जब मेरे परिवार के लोगों को हुई, तो उन्होंने मेरी शादी दूसरी जगह करा दी। शादी के बाद भी मैं चंदन को नहीं भूल पाई। मैं चंदन से अक्सर मिलती थी। तीन महीने पहले मुझे मिलने के लिए एक होटल में बुलाया था। युवती ने बताया कि जब मैं चंदन के साथ होटल में थी, तो इसकी भनक मेरे पहले ससुरालवालों को हो गई। पति के साथ ससुरालवालों ने मुझे होटल में चंदन के साथ पकड़ लिया। इसके बाद मामला पंचायत में गया और पंचायत के फैसले के मुताबिक, मेरे पहले पति और ससुरालवालों की मौजूदगी में मेरी शादी चंदन से करा दी गई। शादी में गांव के लोग भी शामिल हुए थे। शुरुआत में मैं ससुराल में थी, पति को जाने के बाद मुझे निकाला राधा के अनुसार, शादी के शुरुआती कुछ दिन सब ठीक रहा, मैंं चंदन के साथ उसके घर पर ही थी। कुछ दिनों के बाद मुझे मेरे मायके पहुंचा दिया। मायके जाने के बाद मेरी सास और चंदन से बातचीत होती थी। लेकिन कुछ दिनों से चंदन से बात नहीं हो रही है। मैं मायके से ससुराल आई, लेकिन सास और ननद मुझे घर में एंट्री नहीं दे रही हैं। महादलित होने के कारण भेदभाव का आरोप पीड़िता ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मैं महादलित समुदाय से आती है, इसी वजह से उसके साथ जातीय भेदभाव किया जा रहा है और उसे प्रताड़ित कर बेदखल करने की कोशिश हो रही है। न्याय पाने के लिए वो अपने पति के घर के बाहर ही धरना देकर बैठ गई है और सोशल मीडिया के जरिए अपना वीडियो बनाकर अधिकार मांग रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंदिर में सामाजिक सहमति से शादी हुई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और युवती को उसका हक मिलना चाहिए। फिलहाल कांटी थाना पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई है।
भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित सीएसडी कैंप डिपो में ड्यूटी के दौरान SSB के 35 वर्षीय जवान संदीप खरमटे ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुबह 4 बजे पत्नी को मिली मौत की सूचना मृतक की पत्नी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 4 बजे विभाग की ओर से उन्हें पति की मौत की सूचना दी गई। संदीप से उनकी आखिरी बार मंगलवार रात करीब 10 बजे बातचीत हुई थी। उस समय संदीप ने बताया था कि वह ड्यूटी पर हैं। इसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। सुसाइड नोट का कराया जा रहा अनुवाद पुलिस को संदीप के पास से मराठी भाषा में लिखा सुसाइड नोट मिला है। नोट को अनुवाद के लिए भेजा जा रहा है। कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे के मुताबिक नोट में अब तक जो बातें स्पष्ट हो सकी हैं, उनमें संदीप ने पत्नी से माफी मांगी है। साथ ही निजी कारणों से आत्महत्या करने की बात लिखी है। परिजनों के बयान और जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट का पूरा अनुवाद होने के बाद आत्महत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के विस्तृत बयान अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं। पुलिस जवान के साथियों और विभागीय अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है। शव को हमीदिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया गया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर भी जांच की जा रही है।
दमोह: मडियादो-बर्धा मार्ग पर नाला उफान पर:राहगीरों ने जान जोखिम में डाली, स्कूल नहीं पहुंच पाए टीचर
दमोह जिले में पिछले चार दिनों से जारी भारी बारिश के कारण बुधवार सुबह हटा के मडियादो स्थित जंगली नाले उफान पर आ गए। इससे मडियादो-बर्धा मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। इस दौरान कुछ राहगीरों ने जान जोखिम में डालकर नाला पार किया, वहीं कुछ शिक्षक ई-अटेंडेंस लगाने का प्रयास करते देखे गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हटा ब्लॉक के मडियादो क्षेत्र में मडियादो-बर्धा मार्ग पर स्थित जंगली नाला बुधवार सुबह करीब 11 बजे उफान पर आ गया। नाले का पानी सड़क से लगभग 2 फीट ऊपर बहने लगा, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। उफनते नाले के बावजूद कुछ राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर इसे पार करते देखे गए। वहीं, नाले के दूसरी ओर स्कूल जा रहे कुछ शिक्षक ई-अटेंडेंस लगाने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। स्कूल नहीं पहुंच पाए टीचर मडियादो संकुल के अंतर्गत आने वाले कनकपुरा, मेलवारा और नरगी गांव के स्कूलों में जाने वाले शिक्षक मलवारा तिराहा पर पानी के कारण रुक गए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नाला उफान पर होने की जानकारी दी और स्कूल न पहुंच पाने की बात कही। शिक्षकों ने यहीं से ई-अटेंडेंस लगाने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क न मिलने के कारण अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाई। करीब डेढ़ घंटे बाद, दोपहर लगभग 12:30 बजे जब मडियादो-बर्धा मार्ग पर नाले का पानी कम हुआ, तब ये शिक्षक अपने-अपने स्कूलों की ओर रवाना हुए। अब तक कितनी बारिश अभी तक दमोह जिले में 858 एमएम बारिश हो चुकी है जो औसत बारिश से काफी कम है। पिछले 15 दिनों से बारिश रुक गई थी जिससे उमस और गर्मी से लोग परेशान हो रहे थे, लेकिन अब एक बार फिर बारिश का दौर जारी हुआ है और प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही दमोह जिले में भी जोरदार बारिश हो रही है।
इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
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भिवानी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के आह्वान पर लघु सचिवालय के समक्ष कर्मचारी व पार्टी नेताओं ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए डीसी के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र भेजा। इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पालिका और दमकल कर्मचारियों के साथ 13 मई को हुए समझौते को लागू करने से मुकर रही है। जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन की राह पर जाना पड़ा है। माकपा नेता कॉमरेड ओमप्रकाश ने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। 13 मई को दोनों विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सरकार का समझौता हुआ था और इसे 30 जून तक लागू करने का वादा किया गया था। इस समझौते में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दो कर्मचारियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा व पक्की नौकरी देना 7500 रुपए वर्दी भत्ता 5000 रुपए जोखिम भत्ता तथा कोरोना काल में हटाए गए कर्मचारियों को वापस सेवा में लेना शामिल था। सरकार अब अपने वादों से पीछे हट रही है और एक साजिश के तहत जनता व कर्मचारियों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही है। सरकार डीएससी और ओबीसी के नाम पर समाज को गुमराह करना बंद करे और इस समझौते को तुरंत लागू करे अन्यथा तमाम जनसंगठन कर्मचारियों के समर्थन में उतरेंगे। राज्यपाल को मांगपत्र भेजापार्टी के जिला सचिव मंडल सदस्य सुखदेव सिंह ने कहा कि हमने डीसी के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को मांग पत्र भेजा है। दमकल और नगरपालिका कर्मचारी संघ के आंदोलन का आज 14वां दिन है। कर्मचारियों की जायज मांगों को अनसुना करने के कारण पूरा हरियाणा और भिवानी शहर कचरे का ढेर बन चुका है। सरकार समाज को जातियों और वर्गों में बांटने का काम कर रही है। जिसे माकपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी मेहनतकश जनता के हक और अधिकारों के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगी। सरकार समझौते से मुकर रही महिला नेत्री संतोष देशवाल ने कहा कि सफाई और दमकल कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। सरकार समझौते की बातों से मुकर रही है जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। शहर में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे घरों में बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बन गया है। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ी मानी गई, मांगों को अविलंब पूरा करना चाहिए।
गाजियाबाद के डासना स्थित शिवशक्ति धाम के पीठाधीश्वर और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने बुधवार को फिर विवादित बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर जल्द ही देश का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा। इसके बाद हिंदुओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। नरसिंहानंद ने कहा कि मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने के करीब 20 साल के भीतर सनातन धर्म और हिंदू समाज के विनाश की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। उन्होंने हिंदू धर्मगुरुओं को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उनके शिष्यों का एक समूह देशभर के धर्मगुरुओं से मिलकर भारत को सनातन वैदिक राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने भारत को ऐसा राष्ट्र बनाने की मांग की, जहां मस्जिद, मदरसा, मजार और मुसलमान न हों। इस दौरान महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरि, यति यतींद्रानंद गिरि और छोटे नरसिंहानंद अनिल यादव भी मौजूद रहे। जल्द देश का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा यति नरसिंहानंद ने कहा- भारतवर्ष में जनसंख्या की गणितीय गणनाओं से यह लगभग तय हो चुका है कि बहुत जल्दी भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा। जिसके बाद सनातन धर्मावलंबियों के पास नाम मात्र के लिये भी कोई देश नहीं रह जायेगा। इस्लाम के क्रूरतापूर्ण इतिहास को देखते हुए यह भी तय है कि भविष्य में भारत पर यदि इस्लाम का कब्जा हुआ तो इस्लाम के जिहादी कम से कम लगभग 40 प्रतिशत हिन्दू मर्दों का कत्ल करके लगभग 50 प्रतिशत हिन्दू मर्दों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर देंगे। उसके बाद 10% हिन्दू मर्द जो बचेंगे वो या तो विदेशों में रहेंगे या कहीं शरणार्थी शिविर में रहेंगे।हमारी सारी बहन बेटियों की केवल एक ही गति होगी। इस्लाम के जिहादी उन्हें सामूहिक बलात्कार के बाद उन्हें अपने पास रखेंगे या मंडियो में बेच देंगे। यतिनरसिंहानंद के बारे में जानिए मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने में 20 साल लगेंगे यति ने आगे कहा- हिन्दू समाज और सनातन धर्म के विनाश की यह सम्पूर्ण प्रक्रिया भारत का मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने के केवल लगभग 20 वर्षों में ही पूर्ण हो जाएगी। इस सारे महाविनाश के उत्तरदायी हम अर्थात सनातन के धर्मगुरु होंगे। क्योंकि सर्वाधिक प्राचीन धर्म व संस्कृति के वाहक ही होने के कारण ये हमारा ही दायित्व था कि हम विश्व को इस भयानक खतरे के विषय में बताते और इससे निबटने की भी तैयारी करते पर हमने ये नहीं किया और इसका परिणाम यह हुआ है कि आज सम्पूर्ण विश्व इस महाविनाश के कगार तक पहुँच गया है। इस्लामिक राज के आने पर इस्लाम से शांति की आशा रखने वाले ना केवल मूर्ख बल्कि अपने कुल और धर्म के घाती भी समझे जाने चाहिये। हमारा कोई देश नहीं है। यदि हमारा अपना कोई देश होता तो हमारी ये अभूतपूर्व दुर्गति नहीं हुई होती। धर्म आत्मा होता है तो राष्ट्र उसका शरीर होता है। आज विश्व के ईसाइयों के सर्वाधिक देश हैं। 56 देश मुसलमानों के हैं। बौद्धों के भी अपने देश हैं। यहां तक कि यहूदियों का भी एक देश है। हम 100 करोड़ सनातनियों का दुर्भाग्य है कि हमारा अपना देश कहने के लिए हमारे पास एक इंच भी जगह नहीं है। हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार यति ने कहा कि इसी कारण आज तक दुनिया के इतने हिंदुओं के नरसंहार हुए पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कहीं इनका कोई जिक्र तक नहीं हुआ। हमें अपने धर्म,अपनी संस्कृति और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए एक अपना देश,अपना राष्ट्र चाहिए। हमें ऐसा एक राष्ट्र चाहिए जिसमें एक भी मस्जिद, एक भी मदरसा, एक भी मजार और एक भी मुसलमान न हो। ऐसा राष्ट्र बनाए बिना अब हमारा धर्म,हमारी संस्कृति और हमारा अस्तित्व बहुत दिन तक नहीं बच सकता। यह राष्ट्र सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के अनुरूप होना चाहिए। एक बात हम सबको समझ लेनी चाहिए कि राष्ट्र भीख मांगकर नहीं मिलते, बल्कि राष्ट्र बनाने के लिए बलिदान देने होते हैं।
बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। कुंवरगांव थाना क्षेत्र में चैनल नंबर 175 के पास तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में नेपाल की दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, अर्टिगा कार में चालक समेत कुल नौ लोग सवार थे। चैनल नंबर 175 के पास अचानक एक कुत्ता सड़क पर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार को मोड़ा, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ग्राम बेलवा, जिला डांग, थाना तुलसीपुर, नेपाल निवासी दीपना खात्री (32) पत्नी नेमबहादुर और नेपाल निवासी विपना सुनमगर (32) पत्नी विशाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, लगभग 22 वर्षीय एक अज्ञात युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों में चालक दीपक ओली (28) पुत्र नरेश, पुष्पा (40) पत्नी सुनील, ज्ञान बहादुर मल्ल (22) पुत्र पोखर बहादुर मल्ल, यादव पोडे (22) पुत्र नोवराज, विनोद (2) पुत्र नेमबहादुर और सिमोन (10) पुत्र विशाल शामिल हैं। ये सभी नेपाल से चंडीगढ़ जा रहे थे। मौके की तीन तस्वीरे देखें हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल बदायूं भेजा गया। तीनों मृतकों के शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में रखवाए गए हैं, जहां पुलिस पंचायतनामा की कार्रवाई कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त अर्टिगा कार को एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया में खड़ा करा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और हादसे के कारणों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
बुरहानपुर के नेपानगर स्थित वार्ड नंबर 11 के रहवासी पानी के कम प्रेशर से परेशान हैं। रहवासियों का आरोप है कि निजी कंपनी और नगर पालिका के अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कम दबाव के कारण घरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। एक से डेढ़ फीट तक ही चढ़ रहा पानी रहवासी संतोष कुमार तारापुरे ने बताया कि पानी का दबाव इतना कम है कि सप्लाई का पानी घरों में एक से डेढ़ फीट से ऊपर नहीं चढ़ पा रहा है। उनका कहना है कि इसी सप्लाई का पानी दूर स्थित इलाकों में 40 फीट से अधिक ऊंचाई तक पहुंच रहा है। उन्होंने निजी कंपनी के इंजीनियरों, पार्षद और नगर पालिका अध्यक्ष से भी शिकायत की है। डेढ़ महीने से अनियमित जल आपूर्ति रहवासियों के अनुसार पहले वार्ड में नेपा मिल द्वारा पानी की सप्लाई की जाती थी। नावथा ट्रीटमेंट प्लांट का एक पंप खराब होने के बाद नेपा मिल ने यहां जल आपूर्ति बंद कर दी। वार्ड में ट्यूबवेल या कुआं नहीं होने से लोगों के पास वैकल्पिक जल स्रोत भी नहीं है। टंकी के पास होने के बावजूद परेशानी रहवासियों का कहना है कि उनका वार्ड पानी की टंकी से महज 800 से 900 फीट की दूरी पर है, इसके बावजूद कम प्रेशर की समस्या बनी हुई है। वहीं, करीब 2 किलोमीटर दूर ई-टाइप और सी-टाइप कॉलोनियों में ऐसी समस्या नहीं है। भागा बाई और शोभा महाजन सहित अन्य रहवासियों ने भी जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। निरीक्षण के बाद समाधान का आश्वासन नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने कहा कि निजी कंपनी के इंजीनियर के साथ मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने वार्ड की जल समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जल योजना अभी नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हुई है और पिछले डेढ़ महीने से पानी की आपूर्ति अनियमित है।
रात में घर से बाहर गए युवक पर चाकू से:जांघ में हुए गहरे जख्म, आरोपी मौके से फरार
सिवनी जिले के केवलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुकतरा में मंगलवार देर रात एक युवक पर चाकू से हमला किया गया। हमले में युवक घायल हो गया, जिसे केवलारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी घटना स्थल पर चाकू छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम सुकतरा निवासी विजय झारिया मंगलवार रात लघुशंका के लिए अपने घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमले में विजय घायल होकर जमीन पर गिर गए। विजय के मुताबिक, हमलावर ने चाकू से वार करने के बाद उसे वहीं छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। परिजनों और आसपास के लोगों को जानकारी मिलने पर घायल विजय को तत्काल केवलारी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। युवक के शरीर पर चाकू से चोट के निशान हैं। हालांकि, अस्पताल की ओर से उनकी विस्तृत स्वास्थ्य स्थिति पर कोई जानकारी जारी नहीं की गई है। हमले का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घायल विजय झारिया ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद या कहासुनी नहीं हुई थी। वह सामान्य रूप से घर से बाहर निकले थे, तभी यह हमला हुआ। घटना की सूचना मिलते ही केवलारी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किए गए चाकू को कब्जे में ले लिया है और आरोपी की पहचान के प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल की परिस्थितियों का भी आकलन किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक पर हमला व्यक्तिगत रंजिश के चलते किया गया या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के बाद ही घटना की पूरी वजह सामने आने की संभावना है।
सूरजपुर के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के भुनेश्वरपुर गांव में डायल 112 वाहन से कार की टक्कर के बाद विवाद बढ़ गया। मामले में एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने भी महिला पक्ष पर हुज्जतबाजी, झूमाझटकी और शासकीय कार्य में बाधा डाने की शिकायत दर्ज कराई है। दोनों पक्षों की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कार की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद महिला सकुन सोनवानी के मुताबिक, उनके पति घर के बाहर अल्टो कार खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान कार डायल 112 वाहन से टकरा गई। महिला का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके पति के साथ मारपीट की। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए माफी मांगी, जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके से चले गए। महिला का आरोप- दोबारा पहुंचे पुलिसकर्मी सकुन सोनवानी का कहना है कि कुछ देर बाद करीब 9 पुलिसकर्मी दोबारा मौके पर पहुंचे और उन्हें जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास किया। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के दौरान उनका बेटा बेहोश हो गया। महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के साथ शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की। पुलिस का दावा- नशे में था कार चालक दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि डायल 112 की टीम निर्धारित कार्य के लिए जा रही थी। इसी दौरान सकुन सोनवानी के पति ने तेज रफ्तार में कार रिवर्स करते हुए पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक, कार चालक नशे की हालत में था और विरोध करने पर उसने पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। दोनों पक्षों पर कार्रवाई, जांच के बाद साफ होगी स्थिति पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने पर थाने की टीम को मौके पर बुलाया गया। यहां महिला पक्ष की ओर से हुज्जतबाजी और झूमाझटकी की गई। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान किसी को चोट लगी होगी, लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस की शिकायत पर भी FIR दर्ज की गई है। दोनों पक्षों के आरोपों को देखते हुए राजपत्रित अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
11 साल बाद RJD का कोई राजभवन मार्च, पांच साल बाद सड़क पर पैदल कैसे चल पड़े तेजस्वी?
लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल 11 साल बाद बुधवार को राजभवन (लोकभवन) मार्च कर रही है। उनके बेटे और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव भी 5 साल बाद इस मार्च से सड़क पर पैदल चलकर आंदोलन और संघर्ष कर रहे हैं।
इंदौर में संक्रामक बीमारियों के अलर्ट पर समय रहते कार्रवाई और आउटब्रेक को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाने वाली जिला इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) टीम को राज्य स्तर पर सम्मान मिला है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल मिश्रा और डिस्ट्रिक्ट डाटा मैनेजर सुश्री शारदा राय त्रिपाठी को मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने सम्मानित किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिला IDSP शाखा को संक्रामक बीमारियों से जुड़े 31 अलर्ट मिले थे। जांच के बाद इनमें से 18 मामलों में आउटब्रेक की पुष्टि हुई। टीम ने इन सभी मामलों में तत्काल निगरानी, बीमारी की पहचान, आवश्यक नियंत्रण उपाय और फॉलोअप किया। भागीरथपुरा आउटब्रेक में भी की त्वरित कार्रवाई IDSP टीम ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से जुड़े आउटब्रेक के दौरान भी स्थिति पर लगातार नजर रखी और आवश्यक कार्रवाई की। टीम ने बीमारी के संभावित फैलाव की निगरानी के साथ प्रभावित क्षेत्र में फॉलोअप किया। विभिन्न डिजिटल पोर्टल से मिलने वाले डेटा और बीमारी के ट्रेंड का विश्लेषण कर संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीम का काम केवल आउटब्रेक की पहचान तक सीमित नहीं रहा। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के उपायों के साथ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी परामर्श भी दिया गया। समय पर अलर्ट मिलने और उसके आधार पर त्वरित कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली। पूरे साल बीमारी के ट्रेंड पर नजर जिला IDSP शाखा ने वर्षभर संक्रामक रोगों की निगरानी, मामलों के चिन्हांकन, त्वरित कार्रवाई और फॉलोअप पर काम किया। डिजिटल पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का लगातार विश्लेषण कर संभावित संक्रमण वाले क्षेत्रों की पहचान की गई। इससे बीमारी के मामलों में शुरुआती स्तर पर ही हस्तक्षेप कर संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिली।
रायपुर जिले के 18 से 45 साल के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत यह प्रशिक्षण जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी, जोरा में होगा। युवा अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण लेकर रोजगार के लिए जरूरी स्किल सीख सकेंगे। वर्तमान में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, योगा इंस्ट्रक्टर, होम हेल्थ एड, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव और सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) जैसे पांच पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार कोर्स चुनने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। तकनीकी ज्ञान के साथ कंप्यूटर और कम्युनिकेशन स्किल प्रशिक्षण में संबंधित काम की तकनीकी जानकारी के साथ कंप्यूटर स्किल, कम्युनिकेशन स्किल और व्यक्तित्व विकास की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे युवाओं को नौकरी के लिए जरूरी व्यवहारिक ज्ञान और काम की समझ मिलेगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 8वीं और 10वीं पास युवा कर सकते हैं आवेदन प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं और 10वीं पास निर्धारित की गई है। रायपुर जिले में रहने वाले 18 से 45 साल के युवक-युवतियां इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक युवा अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम का चयन कर सकते हैं। इन नंबरों पर मिलेगी जानकारी इच्छुक युवक-युवतियां प्रशिक्षण और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी, जोरा से संपर्क कर सकते हैं। कार्यालयीन नंबर 0771-2443066 और मोबाइल नंबर 9109321845, 9399791163 पर जानकारी ली जा सकती है।
बठिंडा में युवक की लोहे की रॉड से पिटाई:वीडियो वायरल, पुरानी रंजिश में हमला; पुलिस जांच कर रही है
बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तगराली गांव में एक युवक की लोहे की रॉड से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना पुरानी रंजिश के चलते हुई बताई जा रही है। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और तलवंडी साबो पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित ट्रक ड्राइवर है जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक की पहचान सतवीर सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है। वह तगराली गांव में अपने ट्रक में टाइलें लोड करने गया था। इसी दौरान, पुरानी रंजिश रखने वाले एक व्यक्ति को इसकी सूचना मिली और उसने सतवीर सिंह पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। फिलहाल, सतवीर सिंह बयान देने की स्थिति में नहीं है। तलवंडी साबो के डीएसपी जसजोत सिंह ने बताया कि घायल का बयान दर्ज होने के बाद आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बैतूल से बेंगलुरु के लिए सीधी रेल सुविधा:19 सितंबर से होगा साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन
रेलवे ने बैतूल के यात्रियों को बड़ी सुविधा देते हुए लालकुआ जंक्शन से केएसआर बेंगलुरु सिटी के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में नियमित कर दिया है। ट्रेन संख्या 15302/15301 का नियमित संचालन सितंबर से शुरू होगा। ट्रेन का बैतूल स्टेशन पर महत्वपूर्ण ठहराव रहेगा। 19 सितंबर से शुरू होगी सेवा ट्रेन संख्या 15302 लालकुआ-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस 19 सितंबर से प्रत्येक शनिवार को लालकुआ जंक्शन से शाम 5:45 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन दोपहर 2:30 बजे नागपुर पहुंचेगी और 2:35 बजे आगे के लिए रवाना होगी। सोमवार दोपहर 3:25 बजे ट्रेन केएसआर बेंगलुरु सिटी पहुंचेगी। मंगलवार को बेंगलुरु से वापसी वापसी में ट्रेन संख्या 15301 बेंगलुरु-लालकुआ साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 सितंबर से प्रत्येक मंगलवार को सुबह 7:15 बजे बेंगलुरु से चलेगी। ट्रेन बुधवार सुबह 6:45 बजे नागपुर पहुंचेगी और 6:50 बजे रवाना होकर शुक्रवार सुबह 9:05 बजे लालकुआ पहुंचेगी। बैतूल समेत इन स्टेशनों पर ठहराव नागपुर मंडल में ट्रेन का ठहराव बैतूल के अलावा नागपुर, चंद्रपुर और बल्लारशाह में रहेगा। ट्रेन इटारसी, बैतूल, नागपुर, विजयवाड़ा, रेणिगुंटा, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, बंगारपेट और कृष्णराजपुरम समेत कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। कुछ तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन शुरुआती चरण में कुछ तारीखों पर ट्रेन का संचालन नहीं होगा। लालकुआ से 26 सितंबर, 3 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को तथा बेंगलुरु से 29 सितंबर, 6 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे के इस निर्णय से बैतूल और आसपास के यात्रियों को दक्षिण भारत, खासकर बेंगलुरु के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर इटावा की खराब रैंकिंग:DM ने अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए
इटावा डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बुधवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। कई विभागों की खराब रैंकिंग पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सिर्फ कागजों में प्रगति दिखाने के बजाय वास्तविक काम हो और उसकी जानकारी समय से पोर्टल पर अपडेट की जाए। समीक्षा में एमओयू मॉनिटरिंग में इटावा की जिला रैंकिंग 6/10 और प्रोजेक्ट रैंकिंग 52/75 मिली। मंडी आवक में जिला रैंकिंग 2/10 और प्रोजेक्ट रैंकिंग 70/75 रही। पैमाइश धारा 24 में जिला रैंकिंग 4/10 और प्रोजेक्ट रैंकिंग 69/75 मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर सुधार करने के निर्देश दिए। अच्छी रैंकिंग को बनाए रखें मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में जिले की स्थिति बेहतर मिली। इसमें जिला रैंकिंग 10/10 और प्रोजेक्ट रैंकिंग 1/64 रही। अमृत-2 में जिला रैंकिंग 10/10 होने के बावजूद प्रोजेक्ट रैंकिंग 52/73 मिली। डीएम ने कहा कि जिन योजनाओं में अच्छा प्रदर्शन है, उसे बरकरार रखते हुए कमजोर बिंदुओं पर भी इसी गंभीरता से काम किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में प्रोजेक्ट रैंकिंग 62/75 रही। आईएमएसएस के प्रवर्तन कार्यों में जिला रैंकिंग 6/10 और चेकगेट प्रवर्तन में 3/10 मिली। डीएम ने कहा कि कार्रवाई के बाद उसकी जानकारी मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर समय से दर्ज की जाए। पोर्टल पर अपडेट में देरी से जिले की पूरी रैंकिंग प्रभावित होती है। विभागों को मिलकर कार्रवाई के निर्देश लक्ष्य के सापेक्ष प्रवर्तन कार्रवाई में जिले की रैंकिंग 10/10 रही, जबकि प्रोजेक्ट रैंकिंग 21/64 मिली। डीएम ने परिवहन, खनन और राज्य कर विभाग को आपसी समन्वय से संयुक्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल से प्रवर्तन कार्यों में तेजी आएगी और प्रोजेक्ट रैंकिंग में भी सुधार होगा। अभिलेख त्रुटि सुधार में जिला रैंकिंग 9/10 और प्रोजेक्ट रैंकिंग 46/75 रही। अंश संशोधन में 8/10 और 34/75 तथा पैमाइश धारा 24 में 4/10 और 69/75 रैंक मिली। डीएम ने लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और कार्रवाई की प्रगति पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। हर विभाग बनाए कार्ययोजना डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड सरकार की प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों की प्रगति का महत्वपूर्ण मानक है। इसे औपचारिकता न माना जाए। सभी अधिकारी अपने विभाग के कमजोर संकेतकों की पहचान कर कार्ययोजना बनाएं और उसकी नियमित निगरानी करें। मंडी परिषद, उद्योग, खनन और परिवहन समेत सभी विभागों को रैंकिंग सुधारने पर गंभीरता से काम करने को कहा गया। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक संदीप श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, खनन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सपा के पूर्व MLC समेत 10 हत्या के दोषी करार:औरेया में वकील और सरकारी टीचर बहन की सरेआम हत्या की थी
औरैया में वकील मंजुल चौबे और उनकी टीचर बहन की हत्या के मामले में सपा के पूर्व MLC कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। MP-MLA कोर्ट थोड़ी देर में सभी को सजा सुनाएगी। इसके चलते कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 15 जनवरी 2020 को आरोपियों ने मंजुल और उनकी बहन सुधा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की थी। पिछले 6 साल में मामले में 900 से ज्यादा तारीखें पड़ीं। दोनों पक्षों की ओर से 72 गवाह पेश किए गए। गहरी दोस्ती दुश्मनी में बदली कमलेश पाठक और मंजुल चौबे दोनों ही पहले बहुत अच्छे दोस्त थे। लोग मंजुल को कमलेश पाठक की परछाई और उनका अंगरक्षक तक कहते थे। जब मंजुल चौबे औरैया के तिलक महाविद्यालय से छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए, तब कमलेश पाठक उनके सबसे बड़े मददगार के रूप में साथ खड़े रहे। इस दोस्ती में दरार साल 2006 के नगर पालिका चुनाव के दौरान आई। मंजुल चौबे यह चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें कमलेश पाठक से इसमें सहयोग नहीं मिला। यहीं से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। बाद में मंजुल चौबे भाजपा नेताओं के करीब आ गए। वहीं कमलेश सपा समर्थक थे। यहीं से पुरानी मित्रता धीरे-धीरे वर्चस्व की जंग में बदल गई। कमलेश ने बनवाया था मंजुल का घर जिस पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित एक बीघा जगह को लेकर यह विवाद हुआ था, वहां से कमलेश और मंजुल का घर 500 मीटर से भी कम दूरी पर थे। आसपास के लोग यह भी बताते हैं कि मंजुल का घर कमलेश ने ही बनवाया था। दोनों पहले इसी जमीन पर बैठकर चौपाल लगाया करते थे। लेकिन जब दोनों में दूरियां बढ़ी तो जमीन के वर्चस्व को लेकर दोनों आमने-सामने आ गए। कमलेश के लोग मंजुल पर कमेंट करते। उसके परिवार को बीच में लाते। इन सब चीजों के बाद दुश्मनी और बढ़ती चली गई। भाई-बहन की मौके पर हो गई थी मौत 15 जनवरी 2020 को कमलेश उसी जमीन पर कुर्सी डालकर बैठे हुए थे। तभी मंजुल के पिता उनको बुरा-भला कहते हैं और कुर्सी से नीचे गिरा देते हैं। विवाद होता देख दोनों के घरवाले मौके पर आ जाते हैं। कमलेश का भाई संतोष और गनर भी मौके पर आ जाता है। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ जाता है। कहासुनी के बीच फायरिंग होती है, जिसमें गोली मंजुल और उसकी बहन को लग जाती है। दोनों की मौके पर ही मौत हो जाती है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। 11 लोगों को आरोपी बनाया। इसी मामले में 11 जुलाई 2020 को 10 लोगों पर गैंगस्टर लगाया गया था। एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसे जुबेनाइल कोर्ट में भेज दिया गया। गनर अवनीश प्रताप सिंह को गैंगस्टर से बरी कर दिया गया, लेकिन हत्या का केस जारी है। डबल मर्डर के बाद बीते सालों में प्रशासन ने कमलेश पाठक की 36.15 करोड़, संतोष पाठक की 9.75 करोड़ और रामू पाठक की 7.51 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली। डबल मर्डर में यह बनाए गए थे आरोपी पूर्व मंत्री एमएलसी कमलेश पाठक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ल, शिवम अवस्थी, आशीष दुबे, रविन्द्र चौबे उर्फ लल्ला, गनर अवनीश प्रताप सिंह और लवकुश सविता को आरोपी बनाया गया था। कमलेश पाठक ने रोक दिया था मुलायम सिंह का हेलीकॉप्टर औरैया के भड़ारीपुर गांव के रहने वाले राम औतार पाठक के बेटे कमलेश पाठक सबसे कम उम्र में सपा से विधायक बने थे। उन्होंने जनता दल से विधायकों को तोड़कर मुलायम सिंह की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद से वह मुलायम सिंह के करीबियों में शामिल हो गए थे। उस समय समाजवादी सरकार में लोग उन्हें मिनी मुख्यमंत्री कहने लगे। कमलेश साल 1990 में विधान परिषद सदस्य रहे और 1991 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बने। साल 2002 से डेरापुर से चुनाव लड़कर फिर से विधायक बने।2007 में दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े लेकिन तब वह हार गए। मुलायम के हेलीकॉप्टर पर चलवाई गोलियां साल 2012 में सिकंदरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और इस बार भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद साल 2013 में सपा सरकार ने उन्हें रेशम विभाग का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। समाजवादी पार्टी ने 17 मई 2015 को MLC प्रत्याशियों की सूची में उन्हें शामिल किया और वह MLC चुने गए। इतना ही नहीं कमलेश पाठक ने जिला बचाओ आंदोलन में अपनी ही पार्टी का विरोध किया था। मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह ने औरैया जिला खत्म किया तो कमलेश पाठक बगावत पर उतर आए थे। उन्होंने औरैया में सभा करने आए मुलायम सिंह के हेलीकॉप्टर पर गोलियां चलवा दी थीं। एक घंटे तक हेलीकॉप्टर हवा में उड़ता रहा था और उसे उतरने नहीं दिया था। --------------- यह खबर भी पढ़ें… दामाद ने धमकाया था-पूरे परिवार के लिए कफन तैयार रखना:प्रतापगढ़ में पिता बोले- बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर आया, मेरे सामने बेटे को गोली मार दी ‘दामाद ने धमकी दी थी कि आज पूरे परिवार को कफन में लिटा देंगे। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर बुलेट से आया और गोली चलाई… बेटा सामने आ गया तो उसे मार दिया। मेरी आंखों के सामने बेटा खून से लथपथ पड़ा था।’ ये दर्द है प्रतापगढ़ के गया प्रसाद का, जिनके 48 साल के बेटे देवेंद्र की उसके बहनोई ने मंगलवार को दिनदहाड़े तीन गोली मारकर हत्या कर दी। पढ़िए रिपोर्ट…
फतेहाबाद के रतिया में बुधवार को पावर लिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संदीप बिश्नोई ने नशे के खिलाफ एक अनोखी मुहिम शुरू की। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के लिए 15 घंटे तक लगातार पुशअप लगाने का संकल्प लिया है। यह मुहिम बॉयज स्कूल के सामने शुरू की गई, जहां बड़ी संख्या में लोग उनका हौसला बढ़ाने पहुंचे। बिश्नोई ने बताया कि उनकी मुहिम का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। बिश्नोई के अनुसार, युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करने के लिए खेलों से जोड़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है। रतिया को नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प उन्होंने संकल्प लिया कि रतिया को नशामुक्त बनाने का यह अभियान जारी रहेगा। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें स्वस्थ और मजबूत जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे को त्यागकर खेलों को अपनाएं और अपने भविष्य को बेहतर बनाएं। इस मुहिम के दौरान लायंस क्लब सिटी रतिया के पूर्व अध्यक्ष हरवीर जोड़ा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संदीप बिश्नोई का हौसला बढ़ाया और उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया। जोड़ा ने कहा कि नशे के खिलाफ ऐसे अभियान समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं को केवल नशे से दूर रहने की सलाह देने के बजाय उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की मांग है। समाजसेवी ने की बिश्नोई के प्रयासों की सराहना हरवीर जोड़ा ने संदीप बिश्नोई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शारीरिक सामर्थ्य का उपयोग सामाजिक जागरूकता के लिए करके युवाओं के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से ऐसे अभियानों में सहयोग देने का आग्रह किया। संदीप बिश्नोई द्वारा 15 घंटे तक लगातार पुशअप लगाने के संकल्प को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ इस तरह का अनोखा और प्रेरणादायक प्रयास युवाओं का ध्यान आकर्षित करने में प्रभावी साबित हो सकता है। लोगों ने संदीप बिश्नोई के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यदि युवा खेलों की ओर बढ़ेंगे तो उनका स्वास्थ्य भी बेहतर होगा और वे नशे जैसी बुराइयों से भी दूर रहेंगे। इस अभियान के माध्यम से रतिया के युवाओं को “नशे से दूरी, खेलों से दोस्ती” का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रयागराज के वार्ड नंबर 59 ट्रांसपोर्टनगर के बिछले का पुरवा में बारिश के बाद जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 10 से 15 साल से जलनिकासी की समस्या झेल रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद इलाके में नाले और पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सड़कों पर नाले का गंदा पानी भरने से लोगों को रोज इसी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव का असर घरों और वाहनों पर भी पड़ा है। कई घरों में पानी पहुंच गया है, जबकि सड़क पर खड़े वाहनों के इंजन तक पानी पहुंचने से उनके खराब होने की शिकायत है। गंदे पानी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों को स्कूल जाने और बुजुर्गों व महिलाओं को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। नाले का पानी सड़कों पर, घरों तक पहुंचा स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बारिश होते ही इलाके की सड़कों पर नाले का गंदा पानी जमा हो जाता है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई दिनों तक स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि इस दौरान पैदल निकलना तो मुश्किल होता ही है, वाहनों से आवाजाही में भी परेशानी होती है। जलभराव के कारण कई वाहन पानी में फंसकर खराब हो चुके हैं। कुछ घरों के अंदर भी गंदा पानी पहुंच गया है। इससे लोगों के सामने सफाई के साथ घरेलू कामकाज की समस्या खड़ी हो गई है। 10-15 साल से झेल रहे परेशानी स्थानीय निवासी जॉन्टी यादव ने बताया कि वार्ड 59 में भाजपा के पार्षद हैं और इलाका पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में आता है। उनका आरोप है कि क्षेत्र के लिए बजट आवंटित होने की बात कही जाती है, लेकिन जमीन पर जलनिकासी की समस्या दूर करने के लिए काम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग कई बार अपनी परेशानी जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी अधिकारी के मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने की बात सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि लोग किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते, बल्कि जलभराव का स्थायी समाधान चाहते हैं। महिला बोलीं- घर में पानी, जरूरी काम भी मुश्किल स्थानीय महिला माया तिवारी ने सरकार से पानी निकासी की व्यवस्था कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीवर और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इससे नहाने, खाना बनाने और शौचालय के इस्तेमाल तक में परेशानी हो रही है। माया तिवारी के मुताबिक, बार-बार घरों में पानी भरने से सामान खराब हो रहा है और परिवार को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
हाईवे के रखरखाव का जिम्मा उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी (उपसा) ने एसीपी टोल वेज को सौंपा है। कंपनी तीन स्थानों पर स्थायी बूथ बनाकर वाहनों से टोल वसूलती है।
बेगूसराय में चोरी के आरोपी राहुल की पीट-पीटकर हत्या, घर के पास बगीचे में मिला शव
19 अगस्त, बुधवार: बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में 24 वर्षीय राहुल कुमार की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार राहुल पर चोरी के आरोप लगते रहे थे। उसका शव घर के पास बगीचे में मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चूरू में अवैध पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार:मंगला कॉलोनी में दबिश देकर पकड़ा, जांच में जुटी पुलिस
चूरू में सदर थाना पुलिस ने डीएसटी (जिला विशेष टीम) के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध पिस्टल और मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सदर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगला कॉलोनी में दबिश दी। यहां सिरसला निवासी बजरंगलाल नायक, जो वर्तमान में मंगला कॉलोनी में रहता है, उसके पास से बिना लाइसेंस की .32 बोर की एक पिस्टल और एक मैगजीन बरामद की गई। पुलिस ने बजरंगलाल नायक को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी यह अवैध हथियार कहां से लाया था और वह इसे किसे सप्लाई करने वाला था।इस कार्रवाई में डीएसटी के कॉन्स्टेबल सरजीत सिंह और नवीन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सोहागपुर-कंचनपुर के माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर की आदिवासी छात्राएं बुढ़वार को अचानक छात्रावास से बाहर निकल गईं। वे कलेक्टर कार्यालय की ओर पैदल रवाना हुईं, खेत और सड़क पार करते हुए सीधे कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ी थीं। छात्राओं के इस तरह छात्रावास से निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा और एसडीएम सहित अन्य अधिकारी छात्राओं को रोकने और समझाने के लिए उनके पीछे दौड़े। छात्राओं का कहना था कि वे अपनी समस्याएं किसी अधिकारी या कर्मचारी के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहती हैं। अधिकारियों ने उन्हें रास्ते में रोकने और बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं कलेक्टर से मिलने की अपनी मांग पर अड़ी रहीं। बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब छात्राएं छात्रावास से बाहर निकलकर अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची हैं। इस बार बड़ी संख्या में छात्राओं के एक साथ निकलने के कारण मामला अधिक गंभीर हो गया है। इस घटना ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बिना प्रशासनिक निगरानी के इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं का बाहर निकलना चिंता का विषय है। प्रशासन को यह भी जांच करनी होगी कि छात्राओं की शिकायतों का समय रहते निराकरण क्यों नहीं हो पाया। शिकायत मिलने के बाद जांच का आश्वासनमामले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि कुछ समस्याओं को लेकर छात्राएं बाहर निकली हैं। अभी छात्राओं ने अपनी समस्या स्पष्ट रूप से नहीं बताई है। एसडीएम और सहायक आयुक्त उनसे बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं। अभी उन्हें समझा कर वापस भेज दिया गया है। जल्द टीम जांच के छात्रावास जाएगी। छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध पिस्तौल, 8 किलो 536 ग्राम हेरोइन, 12 लाख 95 हजार रुपये की ड्रग मनी और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। विदेशी हैंडलरों से जुड़े थे आरोपी पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हथियार और नशे की तस्करी से जुड़े आरोपी विदेश में बैठे अपने हैंडलरों के संपर्क में थे। आरोपियों को विदेश से अवैध हथियार और हेरोइन की खेप उपलब्ध करवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी इन खेपों को आगे दूसरे आपराधिक तत्वों तक पहुंचाते थे। 3 एफआईआर दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी पुलिस ने इस कार्रवाई के संबंध में थाना कैंटोनमेंट और थाना छेहरटा में कुल 3 एफआईआर दर्ज की हैं। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, नशे और हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक खंगाल रही पुलिस पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करना और इसके फॉरवर्ड तथा बैकवर्ड लिंक्स को उजागर करना है। साथ ही विदेश में बैठे हैंडलरों और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है।
महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में मंगलवार रात हुए सड़क हादसे चार युवकों की मौत के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर दी।। चार युवकों की मौत से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण NH-730S बरोहिया रोड पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हादसे में चार परिवारों ने अपने जवान बेटे खो दिए हैं। ऐसे में सिर्फ कार्रवाई की बात पर्याप्त नहीं है, पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। परिजन और ग्रामीण सड़क पर जमा हुए तो कुछ ही देर में बरोहिया रोड पर वाहनों की आवाजाही थम गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों में हादसे को लेकर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि चार युवकों की मौत महज एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि चार परिवारों की जिंदगी पर पड़ा बड़ा संकट है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। देखें 3 तस्वीरें… SDM मौके पर पहुंचे, बातचीत से जाम खुलवाने की कोशिश जाम की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की और उनकी मांगों को समझने का प्रयास किया। एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगों की जानकारी ली और सड़क से जाम हटाने की कोशिश की। प्रशासन की ओर से लोगों को समझाया गया कि उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर तत्काल और ठोस आश्वासन चाहते रहे। उनका कहना था कि जब तक मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक जाम समाप्त नहीं किया जाएगा। DM से सीधे बातचीत की मांग, यातायात प्रभावित मृत युवकों के परिजनों की प्रमुख मांग है कि उन्हें जिलाधिकारी से सीधे बातचीत करने का मौका दिया जाए। उनका कहना है कि चारों परिवारों को उचित क्षतिपूर्ति और मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। इधर, सड़क जाम होने के कारण NH-730S बरोहिया रोड पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते रहे। अधिकारियों की कोशिश है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालकर जाम खुलवाया जाए और सड़क पर यातायात सामान्य कराया जा सके। वहीं, परिजन अपनी मांगों पर ठोस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
नौबस्ता में महिला उत्पीड़न की शिकायत पर पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए युवक ने मंगलवार रात नशे की हालत में थाने के अंदर टायलेट क्लीनर पी लिया। घटना के बाद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन पुलिसकर्मी युवक को कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डाक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। युवक को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। विरोध पर जान से मारने की धमकी देता था नौबस्ता थानाप्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि नौबस्ता निवासी एक महिला के ससुर ने सरसौल के महोली गांव निवासी आशीष द्विवेदी के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत की गई थी। ससुर का आरोप है कि आशीष अलग-अलग नंबरों से उनकी बहू को फोन कर परेशान करता था। विरोध पर उसे और परिवार वालों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इसी शिकायत के संबंध में पुलिस ने आशीष को फोन कर थाने बुलाया था। आशीष दिन में थाने नहीं आया। मंगलवार रात करीब 11:30 बजे वह अपने दोस्त सहज सिंह गौतम के साथ नशे की हालत में थाने पहुंचा। वहां वह पुलिसकर्मियों से उलझने लगा। पुलिसकर्मियों ने कई बार समझाकर उसे जाने के लिए कहा, लेकिन वह पूछताछ कराने पर अड़ा रहा। इसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने में बैठा लिया। इस दौरान आरोपी थाने में सिर पटकने लगा। इसके बाद दोनों का मेडिकल कराने की तैयारी की जा रही थी, तभी आशीष ने लघुशंका जाने की बात कही। इस पर सिपाही उसे बाथरूम लेकर गया, जहां पहले से रखा टायलेट क्लीनर उठाकर आशीष ने उसे पी लिया। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों के हाथ–पांव फूल गए, तत्काल उसे कांशीराम ले गए गए, जहां से उसे हैलट रेफर किया गया, फिलहाल अस्पताल के आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन फास्ट-2.0 के तहत साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पटना DTO में हिट एंड रन पीड़ितों के लिए विशेष विंग, घायल और मृतकों के आश्रितों को मिलेगा मुआवजा
19 अगस्त, बुधवार: पटना जिला परिवहन कार्यालय में हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों और उनके आश्रितों के लिए विशेष विंग शुरू किया गया है। टीम घायल और मृतकों के परिवारों से संपर्क कर मुआवजा प्रक्रिया में मदद कर रही है।
हादसे में घायल टेलर की 8 दिन बाद मौत:यमुनानगर में गाड़ी ने मारी थी टक्कर; दो बच्चों के पिता
यमुनानगर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र के गांव खिजरी के जंगल के पास कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए टेलर की आठ दिन बाद पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद कार ड्राइवर ने घायल के इलाज का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली थी, जिसके चलते परिवार ने उस समय पुलिस में शिकायत नहीं दी। आरोप है कि बाद में आरोपी चालक ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया। घायल जरनैल सिंह की मौत के बाद उसके चाचा ने पुलिस को बयान देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सामने से बाइक के साथ हुई टक्कर गांव खिजरी के रामजी लाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका भतीजा जरनैल सिंह गांव में ही टेलर का काम करता था और उसके दो लड़के हैं। आठ दिन पहले जरनैल अपनी बाइक से खिजराबाद बाजार में मिला था। वह भी अपनी बाइक से उसके पीछे-पीछे गांव खिजरी की तरफ जा रहा था। रामजी लाल के अनुसार, जब जरनैल सिंह गांव खिजरी के जंगल के पास पहुंचा, तो सामने से एक कार तेज रफ्तार और लापरवाही से आई और उसकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जरनैल सिंह सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। कार ड्राइवर कुछ समय के लिए मौके पर रुका। इलाज का खर्च उठाने की ली थी जिम्मेदारी हादसे के बाद परिवार जरनैल सिंह को इलाज के लिए जिंदल अस्पताल यमुनानगर लेकर गया। रामजी लाल के अनुसार, कार ड्राइवर अमरजीत सिंह निवासी गांव उधमगढ़ ने जरनैल सिंह के इलाज का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली थी। इसी वजह से परिवार ने उस समय पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। जिंदल अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने 12 अगस्त को जरनैल सिंह को PGI सेक्टर-12 चंडीगढ़ रेफर कर दिया। परिवार उसे इलाज के लिए PGI लेकर पहुंचा। इस दौरान कार ड्राइवर अमरजीत सिंह के साथ परिवार की बातचीत चलती रही, लेकिन बाद में उसने जरनैल सिंह के इलाज का खर्च उठाने से मना कर दिया। वहीं जरनैल ने ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस को PGI से मिली मौत की सूचना सूचना मिलते ही ASI रमेश कुमार पुलिस टीम के साथ PGI पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बयान और अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर कार चालक अमरजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
उन्नाव में सफीपुर थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करने, मारपीट करने और गर्भावस्था के दौरान घर से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता मंतशा (पत्नी निजाम) ने बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। मंतशा के अनुसार, उनका निकाह 15 मार्च 2023 को निजाम (पुत्र रज्जब अली, निवासी लोकनगर, नई बस्ती, थाना कोतवाली सदर) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के समय ससुराल पक्ष की मांग पर उनके पिता ने लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर अपाचे बाइक, जेवर, कपड़े और घर-गृहस्थी का सामान दिया था। चार लाख रुपये अतिरिक्त दहेज लाने की मांग आरोप है कि इसके बावजूद शादी के बाद से ही पति और ससुराल के अन्य लोग कम दहेज लाने का ताना देकर गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। पीड़िता ने बताया कि पति निजाम, ससुर रज्जब अली, सास शहनाज, देवर शहजादे, जेठ ताज व चांद, ननद कुरैशा और ननदोई रियाजुल उनसे मायके से चार लाख रुपये अतिरिक्त दहेज लाने की मांग करते थे। पिता को जानकारी दी मांग पूरी न होने पर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परेशान होकर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिसके बाद पिता ने निजाम को एक लाख 85 हजार रुपये दिए। कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में फिर से दहेज की मांग शुरू हो गई। मंतशा के मुताबिक, 25 जून 2026 को गर्भावस्था के दौरान पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उनका स्त्रीधन छीनकर घर से निकाल दिया। आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई कि बाकी दहेज की रकम लेकर ही वापस आएं, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा और निजाम का दूसरा निकाह कर दिया जाएगा। पीड़िता किसी तरह अपने मायके पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोतवाली और सफीपुर थाने में कई प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 दिसंबर 2023 को उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया।
हाथरस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर इस कार्यकारिणी का ऐलान किया है। नई कार्यकारिणी में बृजेश सिंह चौहान, संध्या आर्य, संजय सक्सेना, डॉ. भूपेंद्र सिंह, सुनीता सिंह, मथुरा प्रसाद गौतम, मुकेश चौहान और रजत चौधरी को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेश सिंह और राजेंद्र कुमार माहेश्वरी को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। हालांकि, एक जिला महामंत्री का पद अभी भी रिक्त है। पिंकी पल्हावत, विष्णु बघेल, विपिन लवानिया, विपुल लुहाड़िया, अनुराग अग्निहोत्री, पवन रावत, योगेंद्र राजपूत और योगेश परमार को जिला मंत्री बनाया गया है। गिरीश मोहन गुप्ता को जिला कोषाध्यक्ष का पदभार दिया गया है, जबकि जितेंद्र कुमार प्रधान और विशाल गुप्ता को जिला सह कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नीरेश कुमार सिंह को जिला कार्यालय मंत्री बनाया गया है। गजेंद्र सिंह राणा और जितेंद्र वाष्र्णेय प्रधान को जिला कार्यालय सह मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। सुनील वर्मा एडवोकेट को जिला मीडिया प्रभारी बनाया गया है। नरेश प्रधान और शेखर कुशवाहा को जिला मीडिया सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। एशियाड कुलश्रेष्ठ को जिला सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। रवि कुशवाहा और प्रवीण कुमार को जिला सोशल मीडिया सह संयोजक बनाया गया है। कुछ पुराने पदाधिकारियों को नहीं मिला स्थान... रॉकी चौहान को जिला आईटी संयोजक का पदभार मिला है, जबकि शिवम कुलश्रेष्ठ और विवेक वाष्र्णेय को जिला सह आईटी संयोजक बनाया गया है। इस बार की भाजपा जिला कार्यकारिणी में कुछ पूर्व पदाधिकारियों को पदोन्नत किया गया है, वहीं कुछ पुराने पदाधिकारियों को स्थान नहीं मिल पाया है।
श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भिनगा और इकौना तहसील क्षेत्रों में बड़े मूल्य की भू-संपत्तियों के बैनामों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। विभाग ने बुधवार को 12:00 बजे बताया कि डीएम ने मौके पर पहुंचकर बैनामे में दर्ज भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया और अभिलेखों से उसका मिलान कराया। जिलाधिकारी ने तहसील भिनगा के मौजा भिनगा देहात में क्रेता रेवा श्रीवास्तव और तहसील इकौना के मौजा बागवानी में क्रेता सुमन देवी के नाम पंजीकृत बड़े मूल्य के बैनामों की जमीनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उप निबंधक कार्यालय में दर्ज दस्तावेजों में अंकित भूमि की जानकारी को मौके पर मौजूद वास्तविक भूमि से मिलाया। निरीक्षण के दौरान खसरा-खतौनी, चौहद्दी और जमीन के वास्तविक स्वरूप की जांच की गई। जिलाधिकारी ने यह भी देखा कि संबंधित भूमि पर किसका कब्जा है और मौके की स्थिति बैनामे में दर्ज विवरण के अनुरूप है या नहीं। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित पक्षों से भी संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़ी जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े मूल्य की जमीनों के बैनामों पर विशेष निगरानी रखी जाए। ऐसे मामलों में पंजीकरण से पहले अथवा तत्काल बाद अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन कराया जाए, ताकि भूमि के वास्तविक मूल्य, स्थिति और अभिलेखों में किसी प्रकार की विसंगति की समय रहते जांच हो सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्टाम्प शुल्क में किसी भी प्रकार की अनियमितता, तथ्य छिपाने या राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कोटा में पहले चरण में अभी तक 48 ई-बस पहुंच चुकी हैं। दस बसों का संचालन शुरू किया गया है। अब कोटा में यह कोशिश की जा रही है कि यात्रियों को हर 5 से 10 मिनट के अंतराल में बस की सुविधा मिल सके। बसों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद वे सड़कों पर उतरेंगी। कोटा बस सर्विस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक पीयूष समारिया ने बताया कि कोटा को 100 पीएम ई-बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से 48 बसें कोटा पहुंच चुकी हैं, जबकि 52 बसें भी जल्द आएंगी। निगम अधिकारियों के अनुसार हर यात्री को 5 से 10 मिनट के अंतराल में बस की सुविधा उपलब्ध हो ये कोशिश की जा रही है। ई-बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर बस में 7 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो बस में प्रवेश करने और उतरने वाले यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इन कैमरों को सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक सीट के नीचे पैनिक बटन की सुविधा दी गई है। किसी यात्री को परेशानी होने अथवा तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर वह पैनिक बटन के माध्यम से मदद मांग सकेगा। जानिए किन बीस रूट पर चलेंगी ये बसें
थांदला से टीमरवानी के बीच 80.45 Km लंबा फोरलेन मार्ग बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। मामले में मुआवजे की राशि को लेकर किसान नाराज है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि उनकी जमीन का दाम गलत तय किया गया है। वे चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 3,839 करोड़ रुपए की इस परियोजना में मुआवजा वितरण आखरी चरण में है। यह परियोजना 50 से ज्यादा गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 32 आरा जमीन का मुआवजा 7 लाख रुपए तय परियोजना से प्रभावित टेमरिया गांव के किसान लक्ष्मण भेरूलाल खराण की मुख्य मार्ग पर 32 आरा जमीन है। सरकार ने इसका मुआवजा 7 लाख रुपए तय किया है। लक्ष्मण के मुताबिक, उनके खेत से लगी उनके भाई की जमीन 300 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से करोड़ों रुपए में बिकी है। इसी वजह से वे जमीन के मूल्यांकन पर सवाल उठा रहे हैं। लक्ष्मण के बताया- 72 आरा जमीन में से बाकी 40 बीघा जमीन सड़क के दोनों ओर अलग-अलग हिस्सों में बंट गई है। इससे खेती प्रभावित हो रही है। फोरलेन के चपेट में 20 बीघा जमीन की सिंचाई करने वाला कुआं किसान रणछोड़ गोबाजी आंजना की कुल 33.5 आरा जमीन का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। फोरलेन उनकी जमीन के बीच से गुजर रहा है। इसके कारण उनका पुराना कुआं भी परियोजना की जद में आ गया है। रणछोड़ के मुताबिक- इस कुएं से करीब 20 बीघा जमीन की सिंचाई होती थी। कुएं के लिए 8 लाख रुपए का मुआवजा तय किया गया है। रणछोड़ का कहना है कि कुआं अधिग्रहण में जाने से उनकी बची जमीन की सिंचाई प्रभावित होगी। इससे खेती करना मुश्किल हो जाएगा। 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण फोरलेन परियोजना 50 से अधिक गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। प्रभावित किसान मुआवजे की राशि को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से तय मुआवजा काफी नहीं है। किसानों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया है। मुआवजे को लेकर असंतुष्ट किसानों ने विरोध तेज करने की बात कही है। किसानों की मांग है की जमीन के मूल्यांकन की समीक्षा की जाए और उन्हें चार गुना मुआवजा मिले।
सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत क्षमता का चार्जर देने और शिकायत के बाद भी उसे नहीं बदलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी और डीलर को परिवादी को 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर देने के साथ सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए देने का आदेश दिया है। मामला सागर निवासी दुर्गेश पिता मुकेश जड़िया से जुड़ा है। उन्होंने टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक कार्यालय चेन्नई और बड़ेकुल मोटर्स, तुलसीनगर वार्ड, भोपाल रोड सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया था। 2.19 लाख रुपए में खरीदी थी ई-स्कूटी परिवादी के अनुसार, उन्होंने 16 जनवरी 2025 को टीवीएस कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटर 1 लाख 97 हजार 519 रुपए में खरीदी थी। बीमा, आरटीओ, एसेसरीज और अन्य खर्च जोड़कर इसकी कुल कीमत 2 लाख 19 हजार 300 रुपए थी। वाहन पर कंपनी की ओर से 5 साल की वारंटी/गारंटी दी गई थी। स्कूटर घर लाने के बाद जब उन्होंने बैटरी चार्ज की तो रातभर चार्ज करने के बावजूद बैटरी फुल चार्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीलर से शिकायत की। डिब्बे पर 950 वॉट, अंदर 650 वॉट का चार्जर डीलर द्वारा वाहन और बैटरी की जांच करने पर बताया गया कि इस स्कूटर में 950 वॉट का चार्जर लगना चाहिए। हालांकि कंपनी की ओर से 950 वॉट के डिब्बे में गलती से 650 वॉट का चार्जर दे दिया गया था। परिवादी को बताया गया कि कंपनी को ई-मेल के माध्यम से इसकी जानकारी दे दी गई है और ओरिजनल चार्जर आने पर उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बावजूद कई बार डीलर के चक्कर लगाने के बाद भी चार्जर नहीं मिला। आयोग ने एक महीने की समय सीमा दी परेशान होकर दुर्गेश ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने विपक्षीगण को आदेश दिया कि एक महीने के भीतर 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर परिवादी को उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए का भुगतान भी एक महीने के भीतर करने के आदेश दिए गए हैं।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र में एक किशोर ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना मंगलवार रात को हुई, जब किशोर अपने चाचा के पेट्रोल पंप परिसर में बने एक कमरे में पंखे से लटकता मिला। बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिलने पर शव को नीचे उतारा गया और मामले की जांच शुरू की गई। मृतक की पहचान गांव गढ़ैया किराचन निवासी आदेश यादव के पुत्र भूपेंद्र (15) के रूप में हुई है। बताया गया है कि भूपेंद्र मंगलवार रात को अपने चाचा दलवीर के पेट्रोल पंप पर गया था। वहीं, पेट्रोल पंप परिसर में बने एक कमरे में उसने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। बुधवार सुबह परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की। भूपेंद्र अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी एक बहन भी है। उसके पिता खेती करते हैं। उप निरीक्षक कल्लू सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है जिससे कारणों का पता चल सके।
डूंगरपुर के सदर थाना क्षेत्र के देवल स्थित कांडुला मोड़ के पास अज्ञात बदमाशों ने चलती कार पर पथराव किया। इस हमले में कार के शीशे टूट गए, हालांकि कार में सवार परिवार बाल-बाल बच गया। डूंगरपुर शहर के हाउसिंग बोर्ड निवासी हेमेंद्र सिंह चौहान अपने बुआ के लड़के राजेंद्र सिंह गहलोत और उनकी पत्नी के साथ कानोड़-भींडर क्षेत्र में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। देर रात करीब 1:15 बजे जब वे वापस डूंगरपुर लौट रहे थे, तभी कांडुला मोड़ के पास अज्ञात बदमाशों ने उनकी स्विफ्ट कार पर अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में कार का विंडशील्ड और साइड ग्लास पूरी तरह से टूट गए। ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए कार की रफ्तार बढ़ाई और परिवार को सुरक्षित मौके से निकाल लिया। डूंगरपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार ने राहत महसूस की। घटना के बाद पीड़ित हेमेंद्र सिंह चौहान ने सदर थाने में मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। रात में हुई इस तरह की घटना से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण केन और चंद्रावल नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मध्य प्रदेश से होकर बांदा पहुंचने वाली केन नदी में पिछले 48 घंटों में करीब 2 मीटर पानी बढ़ा है। चंद्रावल नदी में उफान के कारण दो संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। केन नदी का जलस्तर 16 अगस्त को 94.02 मीटर था, जो 17 अगस्त को बढ़कर 96 मीटर और मंगलवार को 96.21 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि, नदी अभी चेतावनी बिंदु 103 मीटर से 6.79 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। केन नदी में पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर 104 मीटर यानी खतरे के निशान पर पहुंचने पर बाढ़ का संकट खड़ा हो सकता है। कनवारा क्षेत्र के ब्रह्माडेरा, छावनी डेरा सहित 10 से अधिक मजरे बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इन क्षेत्रों में नदी के बाहर की ओर कटान भी शुरू होने की आशंका है। लुक्तरा, मरौली और अमारा जैसे बड़े क्षेत्रों की आबादी भी प्रभावित हो सकती है। केन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ नियंत्रण कक्ष से लगातार निगरानी की जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और अधिकारी नदी के जलस्तर तथा आसपास के हालात का जायजा ले रहे हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सुरक्षित स्थानों को चिह्नित कर शेल्टर होम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। पंचायत भवनों और सरकारी स्कूलों को भी आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित ठिकाने के रूप में चिह्नित किया गया है। केन नदी के साथ-साथ चंद्रावल नदी में भी पानी बढ़ने से स्थिति प्रभावित हुई है। चंद्रावल नदी में उफान के कारण पड़ोहरा-नांदादेव संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इसी तरह, गौरी कलां-अभारा संपर्क मार्ग पर भी पानी भर जाने से इन रास्तों पर आवागमन ठप हो गया है। पैलानी एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने सिंघनकलां के तुरीं नाला पहुंचकर केन नदी के बढ़े जलस्तर और आसपास के हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को नदी और आसपास के इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। तहसील प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए निगरानी और तेज कर दी है। तेज बहाव में नाव संचालन पर रोक एसडीएम ने बताया कि केन, चंद्रावल और यमुना नदी में तेज बहाव, ऊंची लहरें, अधिक बारिश या तेज हवा होने पर नावों का संचालन रोकने के स्पष्ट निर्देश नाविकों को दिए गए हैं। खप्टिहा कलां के नाविक भूरा निषाद और शंकर निषाद ने बताया कि तेज बहाव, लहर, बारिश और हवा के दौरान नाव चलाना जोखिम भरा रहता है। तहसील प्रशासन के निर्देश पर ऐसे मौसम में नाव संचालन रोक दिया जाता है। मंगलवार को भी तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को नाव से आगे भेजने के बजाय वापस घर भेज दिया गया। 17 बाढ़ चौकियां सक्रिय, तीन सेक्टर में बांटा क्षेत्र संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा है। जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, जिलाधिकारी अमित आसेरी और पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल पूर्व में शंकरपुरवा में चौपाल लगाकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दे चुके हैं। तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पहले ही मॉक ड्रिल कराई गई है। गांव-गांव चौपाल लगाकर प्रधानों और ग्रामीणों से संवाद भी किया गया है। तहसील क्षेत्र को 17 बाढ़ चौकियों और तीन सेक्टर में बांटा गया है। यमुना में भी बढ़ रहा पानी केन के साथ यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। मंगलवार को यमुना का जलस्तर 90.84 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले दो दिनों में करीब 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। केन यमुना की सहायक नदी है, ऐसे में केन में बाढ़ की स्थिति बनने पर यमुना के जलस्तर पर भी असर पड़ सकता है। वर्ष 1978 में यमुना का जलस्तर 105.16 मीटर तक पहुंचा था, जो अब तक का सर्वाधिक दर्ज जलस्तर बताया गया है।केन में बढ़ते पानी का असर उसकी ओर आने वाले नालों और सहायक नदियों में भी दिखाई देने लगा है। कई जगह पानी का बहाव उल्टा होने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचने की अपील की है।
रायपुर के कटोरा तालाब इलाके में वाहन चोरों ने एक ही रात में करीब 10 गाड़ियों को निशाना बनाया। चोर अलग-अलग जगहों से वाहन चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। कुछ स्थानों के CCTV फुटेज में चोर वाहन चोरी करते नजर आए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सिविल लाइन थाने में चोरी की FIR दर्ज हुई है। FIR के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे से 16 अगस्त की सुबह 7 बजे के बीच हुई। कटोरा तालाब के पास रहने वाले वाय गणेश ने अपनी रॉयल एनफील्ड 350 इलेक्ट्रा (CG04PA5207) घर के बाहर खड़ी की थी। सुबह करीब 7 बजे बाइक गायब मिली। घर के सामने से बाइक चोरी शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बाइक 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे तक घर के बाहर खड़ी थी। अगले दिन सुबह सफाई के दौरान बाइक वहां नहीं मिली। आसपास तलाश करने के बाद भी बाइक का पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। चोरी हुई रॉयल एनफील्ड 350 इलेक्ट्रा काले रंग की है। FIR में बाइक की कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर CG04PA5207 है। अज्ञात चोरों के खिलाफ FIR सिविल लाइन पुलिस ने 16 अगस्त को दोपहर 3:28 बजे FIR दर्ज की। मामले में BNS की धारा 303(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान में जुटी है। एक ही रात में कई वाहन चोरी होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
पट्टी में पॉलिटेक्निक में दाखिले के लिए जा रहे एक छात्र ने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची और पिता से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा कर दिया, जिसमें पता चला कि अपहरण की बात पूरी तरह मनगढ़ंत थी। शेखपुरा आधारगंज के बहाउद्दीनपुर निवासी ऋषभ यादव मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे कोहड़ौर में पॉलिटेक्निक में दाखिले के लिए जा रहा था। इसी दौरान उसने अपने मोबाइल से पिता के व्हाट्सएप पर खुद के अपहरण की जानकारी दी और उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की बात कही। सोनभद्र में मौजूद पिता राजू यादव को जब बेटे के अपहरण का संदेश मिला, तो उन्होंने तत्काल घरवालों को सूचना दी। स्वजनों ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की सक्रियता के चलते दोपहर करीब तीन बजे मामले का राजफाश हो गया। जनपद मुख्यालय से स्वजन छात्र को लेकर घर जा रहे थे, तभी सीओ प्रदीप कुमार सिंह ने छात्र को कोतवाली बुलाकर स्वजनों के साथ पूछताछ की। पूछताछ में अपहरण की पूरी कहानी झूठी निकली। पिता ने पुलिस को बताया कि उनका पुत्र काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था और उसका उपचार भी चल रहा था। करीब दो माह पहले चिकित्सक ने उसकी दवा बंद कर दी थी, जिसके बाद उसने इस तरह की घटना को अंजाम दिया। सीओ प्रदीप कुमार सिंह ने पुष्टि की कि छात्र ने अपने मोबाइल से ही पिता के व्हाट्सएप पर अपहरण और पांच लाख रुपये की फिरौती से संबंधित संदेश भेजा था। उन्होंने बताया कि जांच में अपहरण की बात झूठी पाई गई और मामले का पटाक्षेप कर दिया गया है।
फसलों की ऑनलाइन एंट्री से वंचित रह गए किसानों की समस्या को लेकर उकलाना विधायक नरेश सेलवाल ने सरकार के समक्ष आवाज उठाई है। विधायक ने मांग की है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए फसल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल को कुछ दिनों के लिए दोबारा खोला जाए, ताकि जिन किसानों की कपास, धान, बाजरा एवं पछेती फसलों की एंट्री अभी तक नहीं हो पाई है, वे अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करवा सकें। विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की फसलों की ऑनलाइन एंट्री की प्रक्रिया अभी लंबित है। पोर्टल बंद होने के कारण किसान अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। इससे किसानों में चिंता बनी हुई है और उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं एवं फसल संबंधी प्रक्रियाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फसल पंजीकरण महत्वपूर्ण प्रक्रिया, पोर्टल बंद होने से परेशानी : सेलवाल उन्होंने कहा कि ऑनलाइन फसल पंजीकरण किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसलिए केवल पोर्टल बंद होने या तकनीकी कारणों से किसी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार को किसानों के हित में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पोर्टल को दोबारा खोलने का निर्णय लेना चाहिए। सेलवाल ने कहा कि यदि पोर्टल को कुछ दिनों के लिए फिर से खोला जाता है तो वंचित किसान अपनी फसलों की एंट्री समय पर करवा सकेंगे। इससे किसानों को राहत मिलेगी और फसल संबंधी सरकारी रिकॉर्ड भी दुरुस्त हो सकेगा। पोर्टल को दोबारा से खोलने की मांग विधायक ने सरकार एवं संबंधित विभाग से आग्रह किया कि किसानों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी किसान फसल की ऑनलाइन एंट्री से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
मेरठ में आवास एवं विकास परिषद ने आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में तेज कर दी है। शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम समेत आवासीय योजनाओं में सर्वे कराया जा रहा है। इसी क्रम में नगर योजना संख्या-3 यानी शास्त्रीनगर में आवासीय भूखंडों पर संचालित 21 अस्पतालों और नर्सिंग होम को नोटिस जारी किए गए हैं। परिषद ने इन अस्पताल संचालकों को एक सप्ताह के भीतर मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट कर भवन खाली करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर अस्पतालों को सील करने की चेतावनी दी गई है। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संबंधित अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त करने की पैरवी भी की गई है। नोटिस मिलने के बाद मंगलवार को कई अस्पताल संचालक आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पहुंचे और विरोध जताया। संचालकों ने अधिकारियों के सामने सवाल उठाया कि अस्पताल बंद होने की स्थिति में भर्ती मरीजों को अचानक कहां ले जाया जाएगा। उनका कहना था कि गंभीर मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में नर्सिंग होम, अस्पताल, बैंक, स्कूल समेत व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने अल्प एवं दुर्बल आय वर्ग के भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। इसी आदेश के अनुपालन में परिषद ने 13 अगस्त को 21 अस्पतालों पर नोटिस चस्पा किए थे। मामले में अगली सुनवाई सितंबर में होनी है। शास्त्रीनगर में सबसे ज्यादा अस्पताल शास्त्रीनगर में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हैं। एल-ब्लॉक क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे अधिक है। हापुड़ चुंगी से एल-ब्लॉक की ओर जाने वाले मार्ग पर ही 12 से अधिक नर्सिंग होम और अस्पताल संचालित बताए जा रहे हैं। परिषद के अनुसार, कई भवनों में आवासीय भूखंडों को जोड़कर बड़े निर्माण किए गए हैं। परिषद लंबे समय से आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नोटिस जारी करती रही है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बावजूद कई संपत्तियों में गतिविधियां जारी रहीं, जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही है। इन अस्पतालों को नोटिस अर्जुन हॉस्पिटल, अर्जुन मेमोरियल एंड मल्टी स्पेशियलिटी, जीवन ज्योति नर्सिंग होम, कैपिटल हॉस्पिटल, विकास गर्ग नर्सिंग होम, सुनीता नर्सिंग होम, जगदंबा हॉस्पिटल, संतोष हॉस्पिटल, एमसीसी हॉस्पिटल, डॉ. यूनूस नर्सिंग होम, सुशील नर्सिंग होम, ब्लासम नर्सिंग होम, एसएम हॉस्पिटल, वेदांत हॉस्पिटल, अग्रवाल नर्सिंग होम, शिवम नर्सिंग होम, उपाध्याय नर्सिंग होम, आनंदित नर्सिंग होम, अंबे नर्सिंग होम और प्रेम नर्सिंग होम समेत 21 अस्पताल शामिल हैं।
लुधियाना में बाइक सवार की मौत:दो बैलों की लड़ाई में मोटरसाइकिल का बिगड़ा संतुलन,मौके पर दम तोड़ा
लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर बुधवार सुबह आवारा पशुओं के कारण हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना ITBP बड्ढोवाल के पास हुई। मृतक की पहचान मुल्लांपुर दाखा निवासी सतवंत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सतवंत सिंह अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल पर मुल्लांपुर दाखा से लुधियाना की ओर जा रहे थे। जब वे ITBP बद्दोवाल के पास पहुंचे, तो सड़क पर दो बैल आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान, लड़ते हुए बैलों की चपेट में सतवंत सिंह की मोटरसाइकिल आ गई। बैलों की जोरदार टक्कर से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और सतवंत सिंह सड़क पर गिर गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं और सिर सड़क से टकराने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया हादसे की सूचना मिलते ही थाना मुल्लांपुर दाखा की पुलिस मौके पर पहुंची। ड्यूटी ऑफिसर एसआई सुखवीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या को उजागर किया है। सड़क पर आवारा पशुओं के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन जुए में लाखों रुपए गंवाने के बाद 36 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। गौरा गांव निवासी शशि कुमार वर्मा का शव मंगलवार को हरिजनपुर गांव के पास सड़क किनारे आम के पेड़ से लटका मिला। वह सोमवार शाम घर से पैसे वसूलने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। मंगलवार को उसकी बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली और करीब 25 मीटर दूर आम के पेड़ पर उसका शव मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में शशि के कर्ज से परेशान होने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि वह एविएटर ऐप पर ऑनलाइन जुआ खेलता था और इसमें बड़ी रकम हार चुका था। पिता धनीराम वर्मा के मुताबिक, बेटे पर लगातार कर्ज बढ़ रहा था। परिवार ने करीब 8 लाख रुपए का कर्ज चुकाया भी था। उनका दावा है कि ऑनलाइन जुए में करीब 25 लाख रुपए का नुकसान होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। चार साल पहले शुरू की थी खाद-निर्माण सामग्री की दुकान बुधवार सुबह दैनिक भास्कर की टीम मृतक के घर पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। मां रामरती समेत परिवार की महिलाएं रो रही थीं, जबकि पिता धनीराम वर्मा ग्रामीणों के साथ बैठे थे। पूर्व ग्राम प्रधान धनीराम ने बताया कि करीब चार साल पहले उन्होंने बेटे के लिए गांव में खाद और मकान निर्माण सामग्री की दुकान खुलवाई थी। शुरुआत में दुकान का काम अच्छा चल रहा था। पिता के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले जब कर्जदार घर और दुकान पर पैसे मांगने आने लगे, तब परिवार को शशि के ऑनलाइन जुआ खेलने की जानकारी हुई। उन्हें पता चला कि करीब एक साल पहले 25 मई को हरिजनपुर गांव के एक युवक ने शशि को एविएटर ऐप से जोड़ा था। पिता बोले- ऐप पर 15 लाख गंवाए, बाद में 25 लाख तक पहुंचा नुकसान धनीराम वर्मा ने बताया कि बेटे ने उन्हें बताया था कि वह ऐप पर करीब 15 लाख रुपए हार चुका है। इसके बाद कर्जदारों के पैसे मांगने के लिए आने का सिलसिला शुरू हुआ। शशि ने परिवार को 8 लोगों की सूची दी थी, जिनसे उसने पैसे लिए थे। पिता के मुताबिक, बड़े बेटे ऋषि कुमार, जो बीएसएनएल में एसडीओ हैं और लखनऊ में रहते हुए बाराबंकी में तैनात हैं, तथा बहू आरती वर्मा, जो सरकारी शिक्षिका हैं, ने परिवार के साथ मिलकर करीब 8 लाख रुपए का कर्ज चुकाया। इसके बाद भी कई देनदारियां बाकी थीं। दुकान का कारोबार ठीक था, फिर कर्ज बढ़ता गया धनीराम के अनुसार, जय राजे ट्रेडर्स माझुपुर के करीब 1.17 लाख रुपए, गौरव अमौली के करीब 1.22 लाख रुपए, डीजल के 42 हजार रुपए और गिट्टी के करीब 20 हजार रुपए की देनदारी बाकी थी। उनका कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक घर की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा भी बेटे के ऑनलाइन जुए में चला गया। परिवार को यह भी जानकारी मिली कि करीब एक महीने पहले शशि ने पड़ोसी गांव भड्डपुर निवासी मनीष के पास स्विफ्ट डिजायर कार एक लाख रुपए में गिरवी रखी थी। पिता ने कहा कि ऑनलाइन जुए की वजह से उनका परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। 6 साल की बेटी और 4 साल का बेटा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ शशि के परिवार में 6 वर्षीय बेटी उर्वशी और 4 वर्षीय बेटा उत्कर्ष है। उर्वशी बीजीवी विद्यालय न्योरी जलालपुर में पढ़ती है, जबकि उत्कर्ष गांव के विद्यालय में पढ़ रहा है। पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कर्ज से परेशान होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
सीहोर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुआवजा और राहत दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने विशाल पदयात्रा निकाली। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में निकली पदयात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। अहमदपुर से शुरू हुई पदयात्रा पदयात्रा अहमदपुर से शुरू होकर वानखेड़ा और चरनाल होते हुए श्यामपुर की ओर निकली। रास्ते में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने पदयात्रा का स्वागत किया और कांग्रेस नेताओं को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने मुआवजा और क्षतिग्रस्त सुविधाओं की मरम्मत की मांग रखी। मुआवजे और राहत पैकेज की मांग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ितों के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की। साथ ही नुकसान का निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराकर पूरा मुआवजा देने की मांग की गई। सड़क, पुल और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग ज्ञापन में बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों, पुल-पुलियाओं और बिजली व्यवस्था की तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी रखी गई। प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्यान्न और आवश्यक सहायता सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई। मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अहमदपुर, देवीपुरा, श्यामपुर, दोराहा और सीहोर के आयोजकों ने कहा कि जब तक बाढ़ पीड़ितों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा। पदयात्रा में जिलेभर के कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए।
पठानकोट के घरथौली मोहल्ले में सोमवार की रात बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद इलाके में दहशत और रोष का माहौल है। इसी बीच पठानकोट कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष एवं पूर्व मेयर पन्ना लाल भाटिया के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसियों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पठानकोट शहर और मोहल्लों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। नशा इस कदर फैल चुका है कि लोग अब अपने घरों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आशीष विज ने कहा कि नशा हर मोहल्ले में बिक रहा है और यही कारण है कि शहर में क्राइम का ग्राफ भी लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार नशा मुक्त पंजाब की बात करती है। विज ने कहा कि जमीनी हालात ये हैं कि आए दिन चेन स्नैचिंग, चोरी और लूट की वारदातें हो रहीं हैं। लेकिन, अधिकतर मामलों में पुलिस के हाथ खाली रहते हैं। ऐसे में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बता दें, इससे पहले भाजपा पार्षद रामपाल विक्की भी शहर में लगातार बढ़ते नशे और क्राइम को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवक देर रात तक मोहल्लों में घूमते रहते हैं और बंद घरों तथा अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घरों की रेकी करते हैं। विक्की ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि नशे के आरोप में पकड़े गए लोग जल्द ही छूटकर वापस आ जाते हैं। उन्होंने पुलिस से नशे और आपराधिक गतिविधियों पर सख्ती से लगाम लगाने की मांग की। 3 प्वाइंट्स में समझें पूरी घटना और उठ रहे सवाल: 1. पड़ोसी ने ही घर में घुसकर की बेरहमी से हत्या: मृतका आशा के पति सुभाष और बेटे वरुण ने बताया कि उनके ही पड़ोस में रहने वाले युवक ने धोखे से घर के अंदर घुसकर बुजुर्ग माता जी पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 2. घर-घर बिक रहा नशा, मां-बहन की पहचान भूला समाज: कांग्रेस नेताओं और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि घरथौली मोहल्ले समेत पूरे शहर में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है। बाहरी और अज्ञात लोग शाम होते ही मोहल्लों में घूमने लगते हैं। नशा करने वाले इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें किसी पुलिस या प्रशासन का कोई खौफ नहीं रहा। 3. बंद हुई PCR गश्त, अपराधियों में खत्म हुआ खौफ: नेताओं ने एसएसपी पठानकोट से मांग की कि पिछले कुछ महीनों से बंद पड़ी पुलिस और पीसीआर की मोटरसाइकिलों पर गश्त प्रणाली को तुरंत फिर से शुरू किया जाए। गश्त बंद होने से अपराधियों के दिल से पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। कांग्रेस की प्रशासन और सरकार से प्रमुख मांगें: पठानकोट के पूर्व मेयर पन्ना लाल भाटिया, आशीष विज, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर अजय कुमार, हैपी, पार्षद अश्वनी कुमार सहित अन्यों ने प्रशासन और सरकार से मांग करते कहा कि : आरोपी को सख्त से सख्त सजा: हत्या में शामिल पड़ोसी और यदि उसके साथ कोई अन्य सहयोगी भी है, तो उसे कड़ी से कड़ी कानूनी सजा दिलाई जाए। शाम की पीसीआर गश्त बहाल हो: शहर के हर मोहल्ले, गली और इलाके में शाम के समय पुलिस गश्त अनिवार्य की जाए। नशा तस्करों पर कड़ा एक्शन: सरकार द्वारा 'नशा मुक्त पंजाब' के दावों के विपरीत धरातल पर स्थिति बेहद बिगड़ रही है। नशे की आपूर्ति करने वालों और नशेडियों पर तुरंत लगाम कसी जाए। आशीष विज ने दुख जताते हुए कहा कि मां से बड़ी दुनिया में कोई चीज नहीं है। आज अगर हम अपने ही घर के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे शहर के लिए बेहद चिंता और दुख की बात है। प्रशासन को इस घटना को चेतावनी मानकर तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए।
डोईवाला टोल प्लाजा पर के पास बड़ी सड़क दुर्घटना हो गई।हादसे में दोलोगों की मौत हो गई है। जबकि पांच घायल हैं।
सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र के साधुवापुर गांव में मंगलवार देर रात सोलर पैनल के तार चोरी करने पहुंचे दो चोरों को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पेड़ से बांध दिया और उनकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों को ग्रामीणों के कब्जे से लेकर थाने ले गई। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव में देर रात दो युवक सोलर पैनल के तार काट रहे थे। इसी दौरान आसपास के ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों युवक काफी समय से इलाके में बिजली और सोलर पैनल के तार चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों ने पकड़े गए दोनों युवकों को पेड़ से बांध दिया और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद मामले की सूचना मानपुर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से लेकर थाने पहुंची। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवकों की पहचान नीरज और अंकित के रूप में हुई है। दोनों कोतवाली देहात क्षेत्र के सहसापुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के मानपुर क्षेत्र में तार चोरी करने के लिए पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने इससे पहले इलाके में कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है और चोरी के तार कहां खपाए जाते थे। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कपूरथला में कनाडा भेजने के नाम पर 27.69 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। चंडीगढ़ स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी के चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। यह शिकायत सैनिक स्कूल के एक अध्यापक ने दर्ज कराई है, जिनके बेटे को कनाडा में स्थायी करने का झांसा दिया गया था। सैनिक स्कूल के अध्यापक मनोहरलाल चंदेल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने बेटे प्रज्वल चंदेल को कनाडा में स्थायी करने के लिए 'सन कास्ट इमीग्रेशन सर्विस' के संचालक अरविंदर सिंह और उसके तीन साथियों से संपर्क किया था। आरोप है कि आरोपियों ने कनाडा में सेटल करवाने का भरोसा दिलाकर उनसे कुल 27 लाख 69 हजार 515 रुपए की राशि ली। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम लेने के बाद भी आरोपियों ने न तो उनके बेटे को कनाडा में स्थायी करवाया और न ही पैसे वापस किए। जब चंदेल ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। ASI बलदेव सिंह बोले- आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज एएसआई बलदेव सिंह, जो मामले की जांच कर रहे हैं, ने बताया कि मनोहरलाल चंदेल के बयान के आधार पर 'सन कास्ट इमीग्रेशन सर्विस' के मालिक अरविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, बाघा पुराना निवासी डेविड अरोड़ा (पुत्र केवल कुमार) और चंडीगढ़ निवासी बलजिंदर सिंह (पुत्र मदनलाल) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है और आरोपियों से संबंधित दस्तावेजों तथा पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि विदेश भेजने और कनाडा में स्थायी करने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि किसी भी इमीग्रेशन एजेंट को रकम देने से पहले उसके लाइसेंस, पंजीकरण और दावों की पूरी तरह जांच कर लें।

