साबुत जानवर ला दूंगा। हिरण-चिंकारा जो कहें, मंगवा देंगे। बस दो दिन पहले बता दें। यह कहते हुए जुबैर नाम का युवक मुस्कुराया। उसने कहा, ‘आपने मिलने की जिद की, वरना वॉट्सऐप कॉल पर ही इंतजाम हो जाता।’ वह उस नेटवर्क की कड़ी है, जो भोपाल और आसपास के जंगलों में वन्यजीवों का शिकार कर मांस पार्टियों तक पहुंचाता है। शहर की सीमाओं पर बाघों की मौजूदगी और पर्याप्त शिकार प्रजातियां इस अवैध गतिविधि को बढ़ावा देती हैं। भास्कर की एक महीने से अधिक की पड़ताल में सामने आया कि कोड वर्ड, बिचौलिए और फार्महाउस पार्टियों से यह नेटवर्क सक्रिय है, जबकि जिम्मेदार एजेंसियां अनजान बनी हुई हैं। भास्कर ने यह पड़ताल क्यों शुरू कीदिसंबर 2025 में वन विभाग की एसटीएसएफ ने सागर के राहतगढ़ में काले हिरण के शिकारियों को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह मुनाफे के लिए शिकार कर मांस भोपाल से मुंबई तक सप्लाई करता था, जो “खास” पार्टियों में परोसा जाता था। इस नेटवर्क में डॉक्टर वसीम खान का नाम सामने आया, जिसे शिकार से सप्लाई तक की कड़ी माना गया। इसके बाद भास्कर टीम ने नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके की गहराई से जांच शुरू की। ऐसे उजागर हुआ शिकारियों का नेटवर्करिपोर्टर्स ने खुद को एक उद्योगपति के कर्मचारियों के रूप में पेश किया। गांधी नगर, रायसेन और सीहोर रोड के ढाबों पर मटन ऑर्डर के साथ ‘खास गोश्त’ मांगा गया। रात में पुराने शहर में यह संदेश फैलाया गया कि मुंबई से आने वाली पार्टी के लिए ‘चौपाया’ का मांस चाहिए और कीमत मायने नहीं रखती। लगातार संपर्क और ज्यादा पैसे के लालच में एक व्यक्ति तैयार हुआ, जिसने ‘स्पेशल मांस’ उपलब्ध कराने की बात कही। 4 शिकारियों से संपर्क: 1 पीछे हटा, 3 तैयार पहला शिकारी: शक होने पर बातचीत से पीछे हटामोबाइल पर संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने शुरुआत में बात की, लेकिन शक होते ही उसने कहा, ‘गलत नंबर है… अब संपर्क नहीं होगा।’ उसने पहचान की पुष्टि के लिए दूसरे व्यक्ति से बात कराने की शर्त रखी, लेकिन आखिर में पीछे हट गया। जो तैयार हुए, उनका तरीका चौंकाने वाला था पुराने शहर में आधी रात की मुलाकात में एक ‘कटर’ मिला, जो शिकारियों के साथ जाकर जानवरों को काटने और पैक करता है।उसने कहा, ‘हिरण-चिंकारा जो कहें, सब मंगवा देंगे। पूरा जानवर साबुत मिल जाएगा। हमारे लोग फार्महाउस में ही चूल्हे-देगची पर पकाते हैं।’ उसने बताया कि मांस मोटरसाइकिल से पहुंचाया जाता है और ऑर्डर दो दिन पहले देना होता है। सुरक्षा पर उसने कहा, 'कोई दिक्कत नहीं होगी, हम संभाल लेंगे।' सीहोर रोड पर रातीबड़ के आगे एक डेरे में संपर्क हुआ। व्यक्ति ने बताया कि तीतर नहीं मिलेंगे, लेकिन खरगोश उपलब्ध हैं। उसने 2.5–3 किलो खरगोश की कीमत करीब 2 हजार रुपए बताई। हिरण के बारे में पूछने पर उसने कहा, ‘वह दो नंबर का मामला है, उस पर सख्त पाबंदी है… यह भी मुश्किल से दे रहा हूं।’ कटर की अहम भूमिका पड़ताल में सामने आया कि “कटर” इस नेटवर्क की अहम कड़ी है। जुबैर जैसे कटर सप्लाई चेन के सक्रिय हिस्से हैं, जो जंगल से शहर तक इस अवैध कारोबार को जोड़ते हैं। टाइगर के भोजन पर असर: विशेषज्ञ की राय पूर्व उपवन संरक्षक आर.के. दीक्षित के मुताबिक, ईको सिस्टम में छोटे-बड़े सभी जानवर अहम होते हैं। इसे दीवार की ईंटों से समझा जा सकता है- एक ईंट हटाने पर पूरी संरचना प्रभावित होती है। इसी तरह छोटे जानवरों के शिकार से बड़े जानवरों के भोजन पर असर पड़ता है। उनका कहना है कि जंगल में मानवीय दखल कम होना चाहिए, क्योंकि इससे वनस्पति और वन्यजीवों को नुकसान होता है।
पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के 6 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। इनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, हरभजन सिंह भज्जी, डॉ. संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इनमें से 3 राघव, मित्तल और पाठक BJP में शामिल हो चुके हैं। राज्यसभा का सांसद जनता नहीं चुनती बल्कि जनता के चुने विधायक इनके लिए वोटिंग करते हैं। सांसदों की दलबदली से AAP में बैचेनी साफ नजर आ रही है। डैमेज कंट्रोल के लिए 2 दिन से पंजाब में उनके घरों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्हें पंजाब का गद्दार कहा जा रहा है। वहीं AAP सरकार ने पहले राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी और फिर हरभजन भज्जी की Y सिक्योरिटी वापस ले ली। इन्हें पंजाब पुलिस की सुरक्षा दी गई थी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन 6 सांसदों में सिर्फ राघव चड्ढा डायरेक्ट ग्राउंड पॉलिटिक्स में इनवॉल्व रहे हैं। ऐसे में इस सब घमासान के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इन सांसदों का चुनाव में कितना ग्राउंड इंपैक्ट है?, क्या ये 2027 में वोट बैंक के लिहाज से AAP को नुकसान और BJP को फायदा दिला सकते हैं। AAP इतनी चिंता में क्यों है?… इन सब सवालों के जवाब के लिए हमने 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बातचीत की, जिनका कहना था कि डायरेक्ट पॉलिटिक्स से ज्यादा इन सांसदों का पर्सनल रसूख वोटरों को प्रभावित करेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 1. राघव चड्ढा: मीडिया मैनेजमेंट, कैंपेन से नैरेटिव के काम आएंगेराघव चड्ढा ग्राउंड पॉलिटिक्स में जरूर हैं लेकिन उन्होंने दिल्ली में चुनाव लड़ा, पंजाब में नहीं। हालांकि 2022 में ग्राउंड पर उतरकर उन्होंने AAP के लिए एग्रेसिव कैंपेन की। इस दौरान उन्होंने हर जिले में जाकर AAP के नेताओं से कॉन्टैक्ट किया। कई लोगों को टिकट दिलाया तो कई नेताओं को चेयरमैनी की कुर्सी दिलाने में भी भूमिका निभाई। पॉलिटिकल साइंस के पूर्व प्रोफेसर डॉ. केके रत्तू कहते हैं- चड्ढा भाजपा के लिए बैकएंड और ऑन ग्राउंड दोनों जगह काम आ सकते हैं। चड्ढा पॉलिटिकल मशीनरी और मैनेजमेंट के अच्छे रणनीतिकार हैं। चुनाव के वक्त पार्टी के पक्ष में नैरेटिव कैसे सेट करना है, ये वह बाखूबी जानते हैं। 2022 में 'बदलाव' और 'एक मौका' के जरिए AAP के पक्ष में लहर खड़ी करने में उनका योगदान रहा। इसी चुनाव से उनकी पंजाब की पॉलिटिकल समझ भी बन चुकी है। वह पूरे पंजाब में भाजपा के लिए एग्रेसिव स्ट्रेटजी बनाने और उसे लागू करने में काम आ सकते हैं। 2. अशोक मित्तल: कारोबारी नेटवर्क, 3 जिलों में रसूखअशोक मित्तल लवली ग्रुप के संस्थापक हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर हैं। मित्तल ग्राउंड पॉलिटिशियन नहीं हैं लेकिन उनका पर्सनल रसूख 3 जिलों में माना जाता है। इनमें जालंधर, कपूरथला और होशियारपुर शामिल हैं। यहां विधानसभा की 20 सीटें हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉक्टर कृष्ण कुमार रत्तू कहते हैं- मित्तल भले ही डायरेक्ट पॉलिटिक्स में नहीं लेकिन उनकी छवि सफल कारोबारी की है। शहरी हिंदू वर्ग के साथ व्यापारियों व मिडिल क्लास में उनका अच्छा असर है। बड़े एजुकेशन और कारोबारी नेटवर्क के जरिए वह BJP के काम आएंगे। खासकर, AAP का गद्दार कहना मित्तल की छवि के बिल्कुल उलट है, ऐसे में वह अपने सर्किल में सहानुभूति को भी वोट बैंक में मोड़ने की कोशिश करेंगे। 3. हरभजन सिंह भज्जी: ग्राउंड नेटवर्क नहीं, सेलिब्रिटी स्टाइलइंडियन क्रिकेटर रहे हरभजन सिंह भज्जी पॉलिटिकल ग्राउंड में कभी नजर नहीं आए। उनकी इमेज सेलिब्रिटी क्रिकेटर की है। क्रिकेट छोड़ने के बाद वह कमेंट्री में बिजी हो गए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट विंकलजीत सिंह सरां कहते हैं- भज्जी का कोई पॉलिटिकल ग्रुप नहीं है। न ही वह कहीं ग्राउंड पर कभी नजर आए। हालांकि इतना जरूर है कि वह पंजाब में भाजपा के लिए स्टार कैंपेनर और मजबूत सिख चेहरे के तौर पर काम आ सकते हैं। भज्जी भले ही ट्रेडिशनल पॉलिटिशियन नहीं लेकिन सिख के तौर पर ग्लोबल आइकन हैं। ऐसे में अपनी अचीवमेंट्स से पंजाबियों को प्राउड फील कराने वाले भज्जी चुनाव के दौरान भीड़ जुटाने के काम जरूर आएंगे। 4. विक्रमजीत साहनी: पॉलिटिकल नेटवर्क नहीं, नरमख्याली सिख चेहरे की छविविक्रमजीत साहनी बहुत सुलझे हुए इंसान माने जाते हैं। फर्टिलाइजर फर्म सन ग्रुप के मालिक साहनी का भी ग्राउंड पर कोई पॉलिटिकल नेटवर्क नहीं है। वह अपनी NGO कौशल विकास के जरिए लोगों के बीच समाज सेवी के तौर पर एक्टिव हैं। कोविड के दौरान उन्होंने पंजाबी युवाओं को रोजगार देने का काम किया था। पॉलिटिकल एक्सपर्ट विंकलजीत सरां कहते हैं- साहनी नरमख्याली सिख चेहरा हैं। उनकी टोन एग्रेसिव नहीं है, ऐसे में भाजपा सिखों के बीच अपनी दूरी कम करने का नैरेटिव सेट करने के लिए उनका यूज कर सकती है। हालांकि इससे आप के लिए कोई बड़ा संकट नहीं आने वाला। आप ने ग्राउंड पर कुछ काम ऐसे किए हैं जिनका सीधा असर लोगों के दिलो दीमाग पर है। 5. राजिंदर गुप्ता: एक्टिव पॉलिटिशियन नहीं, मालवा-लुधियाना में रसूख5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी वाले ट्राइडेंट ग्रुप के फाउंडर राजिंदर गुप्ता एक्टिव पॉलिटिशियन नहीं रहे हैं। मगर, उनका पर्सनल सामाजिक रसूख काफी अच्छा है। खासकर, लुधियाना के कार्पोरेट्स के बीच उनकी अच्छी ट्यूनिंग है। वह अपने ग्रुप में पंजाबी युवकों को रोजगार भी दे चुके हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉक्टर रत्तू कहते हैं कि मालवा इलाके के युवाओं को उन्होंने अपनी इंडस्ट्री में नौकरी दी। होमटाउन बरनाला में भी उनका अच्छा रसूख है। एक कामयाब उद्योगपति होने की वजह से बड़े उद्योगपतियों के साथ उनका उठना-बैठना है। ऐसे में BJP उनके जरिए इंडस्ट्री कम्युनिटी के डायरेक्ट डोमिनेंस वाली लुधियाना की 6 सीटों और 117 में से 69 सीटों वाले मालवा क्षेत्र की 20 से 25 सेमी अर्बन सीटों पर प्रभाव डालने की कोशिश करेगी। 6. संदीप पाठक: वोट नहीं दिलाएंगे, उसे पाने के तरीके बताएंगेडॉ. संदीप पाठक मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वह दिल्ली में प्रोफेसर रहे हैं। हालांकि AAP के वह मेन रणनीतिकार माने जाते थे, जो पर्दे के पीछे से माइक्रो मैनेजमेंट करते हैं। उनका पंजाब में बहुत आधार भी नहीं है, यहां तक कि उन्हें राज्यसभा भेजने पर भी बाहरी का ठप्पा लगा था। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रमोद बातिश कहते हैं- पाठक के पास भले ही वोट बैंक नहीं है लेकिन वह उसे पाने में भाजपा की बड़ी मदद कर सकते हैं। उनके पास 2022 का पंजाब का हर बूथ का डेटाबेस, जातीय समीकरणों की इन्फॉर्मेशन और AAP का 2022 का इंटरनल सर्वे भी होगा। वह AAP से मिले एक्सपीरियंस के आधार पर 2027 में BJP के लिए विनिंग पोटेंशियल वाले कैंडिडेट्स की सिलेक्शन के साथ प्रचार का रोडमैप बनाने में मदद करेंगे। पंजाब को लेकर AAP इतनी टेंशन में क्यों?जवाब साफ है, ये AAP के लिए विधानसभा चुनाव से ज्यादा सर्वाइवल की लड़ाई है। दिल्ली में चुनाव हारने के बाद पंजाब इकलौता स्टेट है, जहां AAP की सरकार है। 2027 में यहां चुनाव हारे तो फिर AAP में बिखराव और तेज हो सकता है। ऐसे में पार्टी में टूट बढ़ेगी। वहीं AAP जिस तेजी से पॉलिटिकल सिनेरियो में छाई, उतनी ही जल्दी हट भी सकती है। ये बात AAP और CM भगवंत मान अच्छे से समझते हैं। यही वजह है कि राज्यसभा सांसदों को भले ही पार्टी के विधायकों ने चुना हो और पंजाबियों का उनके सिलेक्शन से लेकर जीतने तक में कोई डायरेक्ट योगदान नहीं, फिर भी उन्हें पंजाब का गद्दार साबित करने का नैरेटिव बनाया जा रहा है। AAP पंजाब में जीत को लेकर क्या कर रही?आम आदमी पार्टी का पूरा जोर अब पंजाब में ही है। AAP को फिलहाल 2022 के 'बदलाव' और 'एक मौका केजरीवाल को' के माहौल से ज्यादा CM भगवंत मान के चेहरे पर ज्यादा भरोसा है। यही वजह है कि पंजाब में अब पहले की तरह दिल्ली के नेता मीडिया के सामने ज्यादा नजर नहीं आते। हर बड़े मुद्दे पर CM मान की कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। वैसे, संगठन के तौर पर AAP ने दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को पंजाब इंचार्ज बनाकर कैंप करवा रखा है। अरविंद केजरीवाल का भी पूरा फोकस पंजाब पर ही है। 6 सांसदों के जाने के बाद AAP के आगे सबसे बड़ी चुनौती क्या है?AAP को पंजाब में विधायकों की टूट रोकनी होगी। अगर राघव चड्ढा और संदीप पाठक के जरिए विधायक टूटे तो फिर AAP के लिए चुनाव से ठीक पहले माहौल संभालना मुश्किल होगा। अगर MLA दूसरी पार्टी में आए तो वह उन बातों को पुख्ता कर सकते हैं, जिनकी चर्चा अक्सर विरोधी करते हैं। जिसमें सबसे अहम आरोप AAP की दिल्ली टीम के हाथ में पूरी कमान का होना है। ************** ये खबरें भी पढ़ें: ये खबरें भी पढ़ें: पंजाब- AAP छोड़ने वाले सांसदों की लग्जरी लाइफस्टाइल:₹60 हजार के जूते, ₹80 हजार का चश्मा, ₹3 लाख का पेन; 6 सांसदों की प्रॉपर्टी-शौक के बारे में जानिए आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पंजाब के 6 में से 5 राज्यसभा सांसद लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं। संदीप पाठक को छोड़ दें तो सभी करोड़पति हैं। इनमें सबसे अमीर ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता है, जिनके पास 5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी है। (पढ़ें पूरी खबर) -----------------AAP की टूट से BJP को पंजाब में क्या फायदा:चड्ढा केजरीवाल के खिलाफ नैरेटिव सेट करेंगे, पाठक स्ट्रैटजी बनाएंगे; जानें 'कैप्टन' कौन होगा पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट हो गई। पंजाब के 6 सांसदों ने अचानक पार्टी छोड़ दी। इनमें से 3 राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा जॉइन कर ली। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि पंजाब में AAP के MLA भी टूटेंगे या नहीं। (पढ़ें पूरी खबर)
परंपरागत फसलों के बीच जब कोई किसान नई राह चुनता है तो खेती का गणित बदल जाता है। खेती में मुनाफा बढ़ाने का सबसे सीधा रास्ता है, खर्च कम करें और आय के कई स्रोत बनाएं। सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के दीवड़िया गांव के प्रगतिशील किसान मुकेश वर्मा ने यही कर दिखाया है। वे मल्टीलेयर फार्मिंग कर रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम करने के बाद खेती की राह चुनी, लेकिन एक अलग सोच के साथ। किसान ने हालियाखेड़ी में अपनी 10 एकड़ जमीन पर लगभग 3000 नीलिया दुबिया और चंदन के 2500 पौधे लगाए हैं। ये पौधे उन्होंने गुजरात और चेन्नई से मंगवाए थे। मुकेश वर्मा ने जून 2024 में करीब एक फीट ऊंचाई के पौधों का रोपण किया था, जो अप्रैल तक लगभग 25 फीट तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने पौधों के बीच लगभग 7 फीट की दूरी रखी है। पहले नीलिया दुबिया और उसके 7 फीट के बाद चंदन का पौधा लगाया है। इस तरह की योजना से न केवल पेड़ों की अच्छी वृद्धि हो रही है, बल्कि पेड़ों के बची जो गैप की जमीन का उपयोग कर रहे हैं। पेड़ों के बीच की खाली जगह का उपयोग करते हुए वे पिछले तीन साल से अलग-अलग फसलों की खेती कर रहे हैं। 10 एकड़ जमीन में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पहले साल उन्होंने मसूर की खेती की, जिससे उन्हें लगभग 45 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ और करीब 3 लाख की आय हुई। दूसरे साल उन्होंने चने की फसल लगाई, जिसमें 35 क्विंटल उत्पादन मिला। वर्तमान में वे इसी मॉडल के तहत हल्दी की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एग्रीकल्चर से पासआउट दो लोगों को काम पर रखा है। सिंचाई के लिए पूरे 10 एकड़ क्षेत्र में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया है। इसके अलावा पानी के लिए खेत में कुआं और बोरवेल भी कराया है, जिससे पेड़ों और फसलों दोनों की नियमित सिंचाई हो रही है। 15 से 20 हजार रुपए किलो बिकता है चंदन मुकेश वर्मा बताते हैं उन्होंने 10 एकड़ में लाल चंदन के 2500 पेड़ लगाए हैं। बड़े होने पर इस पेड़ की हाइट 20 फीट तक जाती है, जो 15 से 20 हजार रुपए किलो बिकता है। पेड़ का वजन 20 से 30 किलो होता है। नीलिया दुबिया के पेड़ से प्लाईवुड बनती है। यह पेड़ 5 से 6 साल में कटने लायक हो जाता है। इसकी हाइट 70 से 80 फीट तक होती है और वजन 10 से 12 क्विंटल होता है। एक पेड़ 10 हजार रुपए में बिकता है। चार लेयर मे रखी पेड़ों की सुरक्षा मुकेश वर्मा ने बताया कि इन पेड़ों की सुरक्षा चार लेयर में रखी है। पहली लेयर में चारों तरफ 6 फीट गहरी नाली बनाई गई। दूसरी लेयर में बांस की बाउंड्री बनाई जाएगी, तीसरी लेयर में तार की फेंसिंग की जाएगी। इसमें सेंसर सिस्टम लगाया जाएगा, टच करते ही अलार्म बजेंगे साथ ही डॉग्स को छोड़ा जाएगा। चौथी लेयर में 25 फीट ऊंची टपरीनुमा बनाई जाएगी, जिस पर पूरे समय एक गनमैन तैनात रहेगा। मुकेश वर्मा बताते हैं कि वर्षों तक सड़क निर्माण और अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए मैंने एक बात गहराई से महसूस की। वह यह कि विकास की इस दौड़ में प्रकृति कहीं पीछे छूट रही है। पेड़ों की कटाई, धूल, प्रदूषण और बढ़ता कार्बन उत्सर्जन उन्हें अंदर ही अंदर परेशान करने लगा। यहीं से उनके मन में एक विचार आया। जिस प्रकृति से लिया है, अब उसे लौटाने का समय है। यह सिर्फ खेती नहीं है, यह एक तरह से मेरे द्वारा किए गए कार्बन उत्सर्जन की भरपाई है। पहले मैं सड़कें बनाता था, अब मैं जंगल उगा रहा हूं और दोनों में फर्क यह है कि अब मैं प्रकृति को वापस दे रहा हूं।
अपहरण-हत्या के मामले में गिरफ्तार सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान अब तिहाड़ जेल में बंद है। 26 साल तक दिल्ली पुलिस को चकमा देने वाले सलीम की हर दिन नई कहानी सामने आ रही है। वह इस कदर शातिर है कि पुलिस से बचने के लिए करीब 8 साल तक मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि साल 2000 में फरार होने के बाद सलीम मुजफ्फरनगर के खालापार स्थित एक मस्जिद में छिप गया। यहां कुछ दिन शरण लेने के बाद एक रिश्तेदार के जरिए मेरठ के लिसाड़ीगेट पहुंचा। फिर यूपी से भागकर हरियाणा चला गया। इसके बाद हरियाणा से गाजियाबाद आ गया और यहीं रहने लगा। वहीं, सलीम की गिरफ्तारी के बाद 26 अप्रैल, 2026 को उस मां का वीडियो सामने आया, जिसके 13 साल के बेटे संदीप का उसने कत्ल किया था। पढ़िए वीडियो में मां ने जो कुछ कहा मां बोली- हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए 20 जनवरी, 1995 को दिल्ली के सीमेंट कारोबारी सीताराम बंसल के 13 साल के बेटे संदीप की हत्या कर दी गई थी। वीडियो में संदीप की मां रेनू बंसल रोते हुए कहती हैं- मैं बता नहीं सकती कि ये 31 साल हमारे परिवार पर कैसे कटे हैं? ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब बेटे की याद न आती हो। 20 जनवरी, 1995 को बेटे संदीप को स्कूल भेजा था। मुझे नहीं पता था कि वह अब कभी आएगा ही नहीं। रात तक जब वह घर नहीं आया, तो हमारा पूरा परिवार बेचैन हो गया। मैंने संदीप के पापा को फोन किया कि वह नहीं आया है। इसके बाद मैंने और संदीप के पापा ने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 21 जनवरी की दोपहर संदीप के पिता सीताराम के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे कब्जे में है। उसके बाद भी इन्होंने (संदीप के पिता) हम लोगों को कुछ नहीं बताया। उन्होंने सीधे पुलिस को सूचना दे दी। जब शाम हो गई तो मुझे बताया गया कि संदीप मिल गया है और वह आ रहा है। लेकिन, मेरा रो-रोकर बुरा हाल था। जब लाश आई, तब मुझे बेटे की हत्या का पता चला संदीप की मां रेनू कहती हैं- पति ने मुझे नहीं बताया था कि संदीप कहां है? उसके साथ क्या हुआ है? रात में अचानक लोगों का मेरे घर आना-जाना शुरू हो गया। रात में ही जब बेटे की लाश आई, तो मैं बेसुध हो गई। मैंने कहा, हे भगवान यह क्या कर दिया? मुझे मेरे बेटे की हत्या का बदला चाहिए। इस सलीम को फांसी ही होनी चाहिए, तभी मुझे शांति मिलेगी। अब पढ़िए सलीम वास्तिक कैसे बचता रहा पहले मुजफ्फरनगर, फिर मेरठ में छिपा संदीप बंसल हत्याकांड के करीब 2 साल बाद 1997 में दिल्ली कोर्ट से सलीम को उम्रकैद की सजा हुई। इसके 3 साल बाद साल- 2000 में सलीम अग्रिम जमानत पर आया और फिर फरार हो गया। सलीम से पूछताछ में दिल्ली पुलिस को पता चला कि भागने के बाद वह मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में एक मस्जिद में रहा, जिससे पुलिस उसे तलाश नहीं कर सके। इसके बाद अपनी रिश्तेदार के जरिए कुछ दिन मेरठ के लिसाड़ीगेट में रुका। 2001 में सलीम यूपी से भागकर हरियाणा पहुंचा। वहां उसने अंबाला और करनाल में कारपेंटर का काम किया। 2010 में वह गाजियाबाद के लोनी में बस गया। इस बीच साल- 2015 तक सलीम ने मोबाइल फोन तक नहीं चलाया। पहले सिर्फ अपनी पत्नी और साले के फोन से ही वह रिश्तेदारों को कॉल करता था। उसके बाद उसने यू-ट्यूब चैनल चलाया। दिल्ली पुलिस ने एक महीने तक रेकी कर पकड़ा 27 फरवरी, 2026 को सलीम पर 2 सगे भाइयों ने जानलेवा हमला किया था। सलीम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती हुआ, उसके बाद उसे मैक्स भेज दिया गया। यहां से उसके फिंगर प्रिंट लिए गए। इसी दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि सलीम खान हमारे यहां से 26 साल पहले फरार हुआ मुजरिम है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गोपनीय ढंग से जांच शुरू की। लोनी स्थित जिस घर में बने ऑफिस में सलीम पर हमला हुआ था, वहां भी पुलिस जांच करती रही। इसी बीच दिल्ली पुलिस को पता चला कि पहले हुई में पिटाई में सलीम का एक पैर टूट गया था। सलीम कभी-कभी खुद भी यह कहता था कि मैंने बहुत बदमाश देखे हैं। इससे सलीम पर पुलिस का शक और भी बढ़ने लगा। सलीम ठीक हुआ, तो पुलिस ने पूरी तरह से निगरानी शुरू कर दी। पत्नी अफसाना को सामने नहीं आने दिया सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान जब दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था, तब भी उसकी पत्नी अफसाना सामने नहीं आई। बेटा भी नहीं आता था। पुलिस ने सलीम से उसकी पत्नी के बारे में कई बार पूछा। हर बार वह यही बताता था कि वह लोनी में है और उसकी तबीयत खराब है। वहां भी पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पत्नी और बेटा नहीं रहते, सलीम अकेला ही रहता है। आखिरकार 25 अप्रैल, 2026 को दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके से सलीम को पकड़ लिया। जानिए कब से आया सुर्खियों में फरवरी में सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे गए थे इस पूरे घटनाक्रम के बाद सलीम वास्तिक अचानक सुर्खियों में आ गया था। दरअसल, सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। फिलहाल वह गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया था। वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा था। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हत्यारे सलीम की कहानी- 'खान' हटाकर नाम में 'वास्तिक' जोड़ा, कारपेंटर बना, महिलाओं के कपड़े बेचे; 26 साल बाद गाजियाबाद से अरेस्ट यूपी के गाजियाबाद में रहने वाला सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान न सिर्फ हत्यारा है, बल्कि उसकी हकीकत भी बेहद डरावनी है। फरवरी में 2 कट्टरपंथी भाइयों ने जब का गला रेता तो उसने काफी सुर्खियां और सहानुभूति बटोरी। सीएम योगी ने एक्शन लिया, एनकाउंटर में दोनों हमलावर मार गिराए गए। पुलिस ने सुरक्षा दी। लेकिन शनिवार को जब दिल्ली पुलिस ने सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया तो उसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। पढ़ें पूरी खबर
नमस्कार, अमेरिका के व्हाइट हाउस में एक डिनर पार्टी के दौरान गोलियां चलीं। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उधर, देश के ज्यादातर राज्यों में हीटवेव चल रही है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश हो रही है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा के बारे में बताएंगे। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला; चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई वॉशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में ट्रम्प की डिनर पार्टी में फायरिंग हुई। हमलावर ने होटल के बॉलरूम के बाहर फायरिंग की। डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई लोग मौजूद थे। सुरक्षाबलों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान ट्रम्प गिर भी गए। हमलावर पकड़ा गया: हमलावर 31 साल का कोल टॉमस एलन है, जिसे पकड़ लिया गया है। चश्मदीद ने बताया कि 7 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान सभी गेस्ट को टेबल के नीचे छिपना पड़ा। ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित किया: इस दौरान फॉक्स न्यूज के रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि आखिर ऐसा बार-बार आपके साथ ही क्यों हो रहा है? इस पर ट्रम्प ने कहा कि जिन लोगों का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है, जैसे (अब्राहम लिंकन) उन्हीं को निशाना बनाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें... 2. दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के, यूपी का बांदा सबसे ज्यादा दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के हैं। सबसे ज्यादा तापमान यूपी के बांदा में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के 50 जिलों में लू चल रही है। वहीं, बिहार के 10 जिलों में तेज बारिश हुई। किशनगंज में तेज आंधी और बारिश की वजह कई जगह पेड़ उखड़ गए। तेज गर्मी के चलते MP के इंदौर और ग्वालियर में 8वीं तक के सभी स्कूल 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। देश में बिजली की मांग बढ़ी: गर्मी बढ़ने के साथ देश में बिजली की मांग 252.07 गीगावॉट (GW) तक पहुंच गई, जो अब तक सबसे ज्यादा है। इससे पहले मई 2024 में 250 GW का रिकॉर्ड बना था। जानिए आज का मौसम कैसा रहेगा: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें... 3. बुलंदशहर में बर्थडे बॉय ने 3 दोस्तों को मार डाला, चेहरे पर केक लगाने पर भड़का बुलंदशहर में बर्थडे बॉय ने भाजपा सभासद के भाई, चचेरे भाई और भतीजे की हत्या कर दी। वारदात शनिवार देर रात 12 बजे जिम में हुई, जहां पार्टी चल रही थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सभासद के चचेरे भाई ने बर्थडे बॉय के चेहरे पर केक लगा दिया था। 10 लोगों पर FIR, 4 हिरासत में: भाजपा सभासद ने बताया कि जीतू का शनिवार को बर्थडे था। उसने पार्टी में दोस्तों को बुलाया था। मेरा भाई, चचेरा भाई और भतीजा पार्टी में शामिल होने गए थे। भाई के दोस्त और जिम संचालक रूपेश सैनी ने मुझे फोन कर घटना की सूचना दी। आनन-फानन में मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने 10 लोगों पर FIR दर्ज की है। 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बाकी की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर… 4. PM मोदी बोले- बंगाल में TMC का घमंड टूटा, भाजपा की जीत तय है पश्चिम बंगाल के बनगांव में पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘पहले फेज के मतदान में TMC का घमंड टूट चुका है। दूसरे चरण में भाजपा की जीत तय होती दिख रही है।' PM मोदी ने आगे कहा;- TMC के राज में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं है। ममता के लिए केजरीवाल ने चुनाव प्रचार किया: दिल्ली पूर्व CM अरविंद केजरीवाल ममता बनर्जी के लिए प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोदी ईमानदारी से चुनाव नहीं जीत सकते। उनके तीन यार हैं- ED, CBI और ज्ञानेश कुमार। PM ने पूरे देश से सेना यहां बुला ली है, इसकी क्या जरूरत है? ये बंगाल के लोगों का अपमान है। क्या बंगाल के लोग आतंकवादी हैं? पूरी खबर पढ़ें… 5. ब्रिटिश मौलाना के मदरसे पर चले बुलडोज, संतकबीरनगर में 25-30 कमरे, कीमत-5 करोड़ रुपए संतकबीरनगर में ब्रिटेन मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे पर रविवार को दिनभर बुलडोजर चला। मदरसे की चारदीवारी तोड़ दी गई है। अब पिलरों को गिराने का काम बाकी है। प्रशासन के मुताबिक, शमसुल ने 8 साल पहले सरकारी जमीन पर 640 वर्गमीटर (करीब 7 हजार वर्गफीट) में तीन मंजिला मदरसे का निर्माण कराया था। इसमें कुल 25 कमरे हैं। इसको बनाने में 5 करोड़ रुपए की लागत आई थी। आरोप है कि इसका निर्माण विदेशी फंडिंग के जरिए किया गया था। मदरसा साल-2024 से बंद है। उस समय मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे। ब्रिटेन में रह रहा मौलाना: शमसुल हुदा खान फिलहाल ब्रिटेन में रह रहा है। उसने ब्रिटिश नागरिकता ले रखी है। हालांकि, उसकी पत्नी सकलैन खातून, बेटा तौसीफ रजा, बहू नसरीन खलीलाबाद में रहते हैं। मौलाना 2017 में देश छोड़कर गया था। इसके बावजूद वह 10 साल तक आजमगढ़ के एक मदरसे से वेतन लेता रहा। पढ़ें पूरी खबर… 6. पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सिक्योरिटी छीनी, केंद्र ने घर पर CPRF लगाई, डिंपल ने राघव चड्ढा को गद्दार कहा पंजाब सरकार ने AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Y कैटेगरी सिक्योरिटी वापस ले ली है। जालंधर स्थित उनके घर से पंजाब पुलिस के जवान हटा दिए गए। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह और अशोक मित्तल को CRPF सुरक्षा दे दी। वहीं, राघव चड्ढा को पहले से ही केंद्रीय सुरक्षा मिल चुकी है। सपा सांसद डिंपल यादव ने राघव चड्ढा को गद्दार बताया। उन्होंने कहा, जिस पार्टी की वजह से आप राज्यसभा सांसद बने। आप जनता के बीच तो नहीं गए, आपको लोगों ने चुनकर नहीं भेजा। पार्टी ने आप पर भरोसा किया और आप दूसरी पार्टी में चले गए, मैं समझती हूं कि यह गद्दारी है। जानिए पूरा मामला: 24 अप्रैल को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने AAP छोड़कर BJP ज्वाइन कर ली। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी भाजपा में शामिल हुए। राघव चड्ढा ने बताया कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी भाजपा के साथ हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. दिल्ली एयरपोर्ट में टेकऑफ के दौरान स्विस प्लेन का इंजन फेल, आग लगी; 6 घायल दिल्ली एयरपोर्ट में टेकऑफ के दौरान स्विस प्लेन का इंजन फेल हो गया। स्विट्जरलैंड जाने वाली फ्लाइट शनिवार देर रात 1:08 बजे टेकऑफ करने वाली थी। तभी विमान का एक इंजन फेल होने से आग लग गई। हादसे में 6 यात्री घायल हो गए। रनवे पर इमरजेंसी स्लाइड के जरिए यात्रियों को बाहर निकाला गया। 10 दिन में दूसरी बड़ी घटना: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले 10 दिनों में विमान हादसे की दूसरी बड़ी घटना है। 16 अप्रैल को स्पाइसजेट का विमान लेह से आकर अकासा एयर के खड़े विमान से टकरा गया। टक्कर में दोनों विमानों के पंख क्षतिग्रस्त हुए। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, किसी को चोट नहीं लगी। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… स्पोर्ट्स: युवती ने अभिषेक शर्मा का हाथ पकड़कर खींचा: जयपुर में स्टेडियम जाते वक्त होटल की लॉबी की घटना, सुरक्षाकर्मियों ने छुड़वाया (पूरी खबर पढ़ें) पंजाब: AAP की टूट से BJP को पंजाब में क्या फायदा: चड्ढा केजरीवाल के खिलाफ नैरेटिव सेट करेंगे, पाठक स्ट्रैटजी बनाएंगे; जानें 'कैप्टन' कौन होगा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: मन की बात का 133वां एपिसोड: मोदी बोले- जनगणना दुनिया का सबसे बड़ा अभियान, अब तक 1 करोड़ 20 लाख घरों की लिस्टिंग हुई (पूरी खबर पढ़ें) पंजाब: AAP छोड़ने वाले सांसदों की लग्जरी लाइफस्टाइल: ₹60 हजार के जूते, ₹80 हजार का चश्मा, ₹3 लाख का पेन; 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40 साल बाद भी जानलेवा है चेर्नोबिल संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं: सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए साइबर लिटरेसी- PNG कनेक्शन के नाम पर स्कैम: ये 8 गलतियां न करें, फेक ईमेल, मैसेज को ऐसे पहचानें, बचाव के लिए 11 जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज धनु राशि वालों की फाइनेंस से जुड़ी गतिविधियां बेहतर होंगी। मकर राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
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देशभर में भीषण गर्मी और आसमान साफ रहने से अल्ट्रावायलेट रेडिएशन सीधे धरती पर पहुंच रहा है। यूपी के बांदा, प्रयागराज, लखनऊ जैसे कई शहरों में भी रेडिएशन का लेवल हाई है। यहां 15 मिनट से ज्यादा समय तक धूप में रहने से स्किन झुलस (सनबर्न) सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये हमारे DNA को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि 'अल्ट्रावायलेट रेडिएशन' क्या होता है? यूपी के जिलों में रेडिएशन का स्तर क्या है? इससे होने वाले नुकसान से कैसे बचा जा सकता है? पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल- अल्ट्रावायलेट रेडिएशन क्या होता है? जवाब- अल्ट्रावायलेट (UV) रेडिएशन सूरज से निकलने वाली ऐसी किरणें हैं, जो आंखों से दिखाई नहीं देतीं। लेकिन, ये हमारे बॉडी और स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये रेडिएशन शरीर में विटामिन-डी बनाने के लिए जरूरी होता है। लेकिन, ज्यादा देर तक इसके संपर्क में रहने से सनबर्न (धूप की वजह से स्किन जलना), मोतियाबिंद और स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सवाल- किन शहरों में UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा है? जवाब- पूरे यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। आसमान साफ होने की वजह से सूरज की किरणें बिना रुकावट के सीधे जमीन तक पहुंच रहीं। इस वजह से यूपी के कई जिलों में अल्ट्रावायलेट रेडिएशन खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। वेदर वेबसाइट ‘टूटिएम्पो’ के मुताबिक, यूपी के ज्यादातर जिलों में UV रेडिएशन 8 या उससे ऊपर है। इसका सबसे ज्यादा खतरा बुंदेलखंड के जिलों में है। बांदा, झांसी, ललितपुर, महोबा में UV रेडिएशन 10 तक पहुंच गया है। ये रेडिएशन के बहुत ज्यादा खतरनाक स्तर को दिखाता है। सवाल- कहां UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा है? जवाब- भारत के दक्षिणी और पहाड़ी राज्यों में UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। दक्षिणी राज्य भूमध्य रेखा के करीब हैं। गर्मी के दिनों में यहां सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं। इससे अल्ट्रावायलेट रेडिएशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पहाड़ों पर भी अल्ट्रावायलेट रेडिएशन का खतरा 10 से 12% बढ़ जाता है। पतली हवा और ओजोन की कम डेंसिटी रेडिएशन को नहीं रोक पाती। बर्फ से ढकी चोटियां UV किरणों को आईने की तरह रिफ्लेक्ट करती हैं, जिससे प्रभाव दोगुना हो जाता है। यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और सिक्किम में UV रेडिएशन हाई रहता है। सवाल- क्या ओजोन परत UV रेडिएशन नहीं रोक पाती? जवाब- सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें तीन तरह की होती हैं। इन्हें UV-A, UV-B और UV-C कहते हैं। ओजोन परत UV-A रेडिएशन को रोक नहीं पाती। इसका करीब 100% हिस्सा धरती तक पहुंचता है। ये अन्य दो तरह के UV रेडिएशन से कम खतरनाक होती है। UV-A त्वचा में गहराई तक जाकर समय से पहले बुढ़ापा (झुर्रियां, ढीली त्वचा, सनबर्न) की वजह बन सकती है। वहीं, UV-B रेडिएशन का सिर्फ 5% हिस्सा ही धरती पर आता है, जबकि 95% को ओजोन परत रोक लेती है। इससे स्किन कैंसर और मोतियाबिंद जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ओजोन जानलेवा UV-C रेडिएशन को 100% सोखकर एक भी किरण धरती तक नहीं पहुंचने देती। इसके संपर्क में आने से शरीर की जीवित कोशिकाएं तुरंत नष्ट हो सकती हैं। इस तरह ओजोन पर सूरज से आने वाले करीब 90% रेडिएशन को रोक लेता है। सिर्फ 10% रेडिएशन ही धरती की सतह तक पहुंच पाता है। सवाल- UV रेडिएशन से कैसे बच सकते हैं? जवाब- स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. जांगिड़ बताते हैं- सुबह 10 से शाम 4 बजे तक UV रेडिएशन सबसे ज्यादा रहता है। इस समय सीधी धूप से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सन प्रोटेक्शन फैक्टर (SPF) 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाएं। SPF नंबर बताता है कि सनस्क्रीन कितनी देर तक आपको धूप में बचाएगा? उदाहरण के लिए अगर आप SPF 30 वाला सनस्क्रीन लोशन लगाते हैं, तो 30X10 यानी 300 मिनट तक सेफ रखेगा। इसके अलावा फुल स्लीव कपड़े, टोपी और सनग्लासेस का भी इस्तेमाल करें। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी देश में सबसे गर्म, बांदा 47.4C, मौसम विभाग बोला- दोपहर में बाहर न निकलें; कल से बदलेगा मौसम यूपी भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। सीजन में पहली बार तापमान 47C के पार पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां गर्मी ने पिछले 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां दिन का तापमान 47.4C रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2022 में 30 अप्रैल को यहां पारा 47C के पार गया था। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के नारनौल में बेटी की शादी से पूर्व उसके पिता ने उसको घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। पिता द्वारा बेटी की शादी पर निकाले गए बनवारे की शहर में चर्चा है। बेटी पिता की इकलौती संतान है। जिसके चलते उसको खूब लाड़ प्यार से पाला है। शहर के मोहल्ला नई सराय निवासी तथा हरियाणा पुलिस में होमगार्ड के पद पर तैनात प्रेम कुमार रोहिल्ला ने अपनी बेटी लकिता रोहिल्ला की शादी से पूर्व उसको सफेद घोड़ी पर बैठाकर मोहल्ले में लड़कों की तरह बनवारा निकाला। जिसमें रिश्तेदारों, परिचितों व लोगों ने नाच गाकर खुशियां मनाई। स्नातक है बेटी प्रेम कुमार ने बताया कि लकिता उसकी इकलौती संतान है तथा उसने स्नातक की हुई है। इकलौती संतान होने पर उसने बेटे की शादी में होने वाली तमाम रस्में निभाने के बारे में सोचा। उन्होंने बताया कि उसने बेटी को एक बेटे की तरह पाला है। मां बोली बेटा-बेटी एक समान लड़की की मां पूजा ने बताया कि परिवार में सभी लोगों का कहना था कि उसकी शादी में सभी प्रकार की खुशियां मनाई जाएं। जिसके चलते उन्होंने इस प्रकार का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि आज के समाज में बेटा-बेटी एक समान हैं। सहभोज भी कराया उन्हाेंने बताया कि इस मौके पर रिश्तेदारों, परिचितों व जानकारों को सहभोज भी कराया गया। सहभोज में लोगों ने पूरी, सब्जी व रसगुल्ला आदि मिठाईयां खिलाई गई। जिसके बाद बनवारा निकाला गया। जो मोहल्ले की गलियों में गया। 30 की है शादी लकिता की 30 अप्रैल की शादी है। उसकी बारात बहरोड़ से आएगी। बारात सचिन रोहिल्ला लेकर आएंगे, जो निजी कंपनी में कार्यरत हैं। शादी से पूर्व 30 तक खुशियां मनाई जाएंगी।
‘बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा।’ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने यह बात कही। उसके बाद से वह सदन से लेकर भाषणों तक में इस लाइन को कई बार दोहरा चुके हैं। बार-बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल रहे हैं। सम्राट चौधरी के शुरुआती 11 दिन 'संतुलन' बनाने के दिख रहे हैं। लेकिन क्या वे आने वाले समय में अपनी अलग पहचान बना पाएंगे या 'नीतीश की विरासत' के वाहक बनकर ही रह जाएंगे। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सम्राट सरकार के नीतीश मॉडल पर चलने के 3 संकेत 1. अफसरों की पुरानी लॉबी अक्सर देखा जाता है कि जब भी कोई नया मुख्यमंत्री कार्यभार संभालता है तो वह अपनी पसंद के अधिकारियों की टीम बनाता है। लेकिन सम्राट चौधरी के मामले में तस्वीर अलग है। उनके इर्द-गिर्द आज भी वही अधिकारी हैं, जो पिछले कुछ सालों से नीतीश कुमार के 'कोर ग्रुप' का हिस्सा रहे हैं। 2. नीतीश की पॉलिसी को कॉपी किया सम्राट चौधरी केवल अफसरों के मामले में ही नहीं, बल्कि कार्यशैली में भी नीतीश मॉडल को ही अपना रहे हैं। उनकी पॉलिसी को कॉपी भी कर रहे हैं। जैसे-11 शहरों में नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाने का ऐलान। नीतीश कुमार की 10वीं सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक (25 नवंबर 2025) में टाउनशिप बनाने पर मुहर लगी। उसी एजेंडे को सम्राट चौधरी ने भी अपनी पहली कैबिनेट की बैठक (22 अप्रैल 2026) में मुहर लगाई। मतलब एक ही योजना को दोनों नेताओं ने अपनी पहली कैबिनेट में जगह दी। इसके अलावा जीविका दीदी को पैसा देना हो, 5 साल में एक करोड़ रोजगार का वादा जैसी नीतीश कुमार की योजनाओं को पूरा करने की सम्राट चौधरी तैयारी कर रहे हैं। 3. 10 दिन में 4 बार नीतीश से मिले सम्राट सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नीतीश कुमार से लगातार संपर्क में हैं। बीते 10 दिनों में उन्होंने 4 बार (15, 18, 22 और 25 अप्रैल) नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसमें से एक बार नीतीश कुमार खुद सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे। बाकी 3 बार सम्राट चौधरी उनसे मिलने 1, अणे मार्ग पहुंचे। सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार से बार-बार मिलना और महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा करना यह दर्शाता है कि वे 'नीतीश की छांव' से पूरी तरह बाहर नहीं निकलना चाहते। नीतीश कुमार भले ही मुख्यमंत्री पद से हट गए हों, लेकिन सरकार की चाबी और अनुभवी अफसरों का रिमोट आज भी उनके अनुभव से जुड़ा है। 2 पॉइंट में नीतीश की छांव से क्यों नहीं निकल पा रहे सम्राट 1. नीतीश के वोट बैंक को नाराज नहीं करना है सम्राट के नीतीश की छाया से बाहर नहीं निकलने का सबसे बड़ा कारण उनका वोट बैंक हैं। नीतीश कुमार का मुख्य वोट बैंक कुर्मी (उनकी जाति), महादलित, EBC और कुछ मुस्लिम-दलित समूहों में है। 2. नीतीश कुमार की मजबूत सामाजिक-प्रशासनिक पकड़ नीतीश कुमार के पास 2 दशक का मुख्यमंत्री के रूप में अनुभव और राज्य के प्रशासन पर मजबूत पकड़ है। सम्राट चौधरी राजनीति में अनुभवी हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर वे 12 दिन पहले तक नीतीश के नेतृत्व वाले कैबिनेट का हिस्सा थे। अगर नीतीश की छाया से नहीं निकले तो क्या होगा अगर सम्राट चौधरी इसी पुरानी लॉबी और नीतीश की नीतियों के सहारे चलते रहे, तो सवाल यह उठता है कि भाजपा का 'अपना स्वतंत्र मॉडल' क्या होगा? इसके नफा-नुकसान दोनों हैं। फायदाः नीतीश कुमार की लकीरों पर चलने से सबसे बड़ा फायदा है कि सरकार में स्थिरता बनी रहेगी। काम चलता रहेगा। चूंकि नीतीश कुमार के साथ आने से NDA का राजनीतिक समीकरण ऐसा है कि विपक्ष को सत्ता में आने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। भाजपा को सत्ता के लिए विपक्ष से कड़ी चुनौती मिलने की गुंजाइश कम है। हालांकि, युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं से आगे चलकर यह गणित गड़बड़ा भी सकता है। नुकसानः सम्राट सरकार भी नीतीश मॉडल पर ही चली, कोई बदलाव नहीं हुआ तो भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संदेश जा सकता है कि केवल चेहरा बदला है, चाल-चरित्र और काम करने का तरीका अब भी पुराना ही है। मोटे तौर पर 3 तरह के नुकसान हो सकते हैं… 1. टूट सकता है कोर वोटर 2. तेज तरक्की की उम्मीद लगाए युवा नाराज हो सकते हैं 3. मायूस हो सकता है भाजपा का कैडर
यूपी की सियासत में अखिलेश यादव ने नया पैंतरा चला है। अब किसी घटना-दुर्घटना के बाद सपा नेता प्रशासन को बिना बताए पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पीड़ितों का खासतौर पर ध्यान रखा जाएगा। सपा ने इस नई स्ट्रैटजी को ‘गोरिल्ला वॉर’ का नाम दिया है। मुलायम सिंह के दौर में भी सपा इसी तरह की रणनीति पर काम करती थी। तब इसे ‘हल्ला बोल’ कहा जाता था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सपा एक बार फिर से सड़क उतरकर संघर्ष करती दिखेगी? किस तरह की घटनाओं में आक्रामक रुख अपनाया जाएगा? अखिलेश यादव की ये रणनीति कितनी कारगर होगी? इन सब सवालों का जवाब पढ़िए इस रिपोर्ट में… ‘गोरिल्ला वॉर’ की जरूरत क्यों पड़ी गाजीपुर में 15 अप्रैल, 2026 को पिछड़ी जाति की एक लड़की की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। 22 अप्रैल को सपा नेताओं का डेलीगेशन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो उनकी गांववालों के साथ तीखी झड़प हो गई। पत्थरबाजी में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हो गए। सपा ने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय सपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा लिखा गया। इसके बाद ही अखिलेश यादव ने कहा था- अब पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पुलिस-प्रशासन को बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वो हमारे लोगों को रोक देंगे। हम बिना बताए जाएंगे और सरकार की नाकामी उजागर करेंगे। पीड़ित के लिए काम करेंगे, जिससे उन्हें न्याय मिल सके। समय के साथ पुरानी रणनीति पर लौट रही सपा समाजवादी पार्टी लंबे समय से ग्राउंड पर उतरकर लोकल मुद्दों के लिए संघर्ष करने की रणनीति से दूर रही है। बड़े से बड़े मामले में अखिलेश यादव या तो सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हैं या प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं। जबकि, मुलायम सिंह के दौर में सपा का तौर-तरीका इससे बिल्कुल अलग रहता था। पार्टी सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन करने के लिए जानी जाती थी। अब अखिलेश यादव के ‘गोरिल्ला वॉर’ के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि सपा एक बार फिर मुद्दों के लिए सड़क पर नजर आएगी। PDA के खिलाफ होने वाली घटना पर सपा का फोकस सपा प्रवक्ता आजम खान बताते हैं- किसी जिले में कोई घटना-दुर्घटना होती है और पुलिस या कोई अधिकारी किसी दबाव में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करता। पीड़ित को परेशान करता है, तो सपा पीड़ित परिवार की मदद करेगी। इसके लिए डेलिगेशन बिना पूर्व सूचना के पीड़ित परिवार तक पहुंचेगा। कानूनी मदद मुहैया कराएगा। पार्टी का फोकस PDA पर रहेगा। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर खास ध्यान रहेगा। लोकल मुद्दे उठाने से सपा को फायदा होगा सीनियर जर्नलिस्ट और समाजवादी पार्टी की राजनीति को करीब से कवर कर चुके योगेश मिश्रा कहते हैं- गोरिल्ला वॉर राजनीति में नहीं होता। अगर इसका इस्तेमाल राजनीति में हो रहा है, तो मतलब बदल जाएगा। यहां युद्ध नहीं होगा, बल्कि भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग और ग्राउंड पर किसी मुद्दे को भुनाने की होड़ दिखेगी। गोरिल्ला वॉर का मतलब ये भी हो सकता है कि अगर भाजपा का कोई बड़ा नेता सपा के खिलाफ बोलता है या ऐसा बयान देता है जिसका फायदा सपा उठा सके। तो सपा भाजपा के बजाय सीधे उस नेता पर जुबानी हमला करेगी। इसका एक पहलू यह भी है कि अखिलेश यादव अब केंद्र की भाजपा से नहीं, प्रदेश सरकार से निपटने की रणनीति बना रहे हैं। इसके तहत वे ऐसे जमीनी मुद्दों को उठाएंगे, जो आम लोगों को सीधे कनेक्ट करता हो। अगर वे ऐसा करने में कामयाब रहते हैं, तो सपा को फायदा होगा। ‘AI के दौर में गोरिल्ला वॉर नहीं चलेगा’ भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं- यह एआई का दौर है। गोरिल्ला वॉर का जमाना राजनीति में न रहा है, न अब रहेगा। विचारों का जमाना है। सबके साथ मिलकर चलने से ही देश की तरक्की होगी। गोरिल्ला वॉर जैसी बातें करके अखिलेश यादव यूपी को किस दौर में ले जाना चाहते हैं? ऐसा कहकर वे अपने कार्यकर्ताओं को ऐसे दलदल में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, जहां से निकलना मुश्किल होगा। अब हर हाथ में मोबाइल है और हर वर्ग शिक्षित है। उन्हें सही-गलत का फर्क पता है। ऐसे में बिना काम की बात किए किसी को बरगलाना नामुमकिन है। अब जानिए नियमों को लेकर क्या कहते हैं जानकार… ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में विश्वकर्मा लड़की की मौत पर सियासत, राहुल-प्रियंका ने पूछा- बेटियां असुरक्षित क्यों? अखिलेश ने पिता का वीडियो दिखाया गाजीपुर में 16 साल की लड़की की मौत पर सियासत शुरू हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी सांसद बहन प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा है। लड़की के साथ रेप और उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें…
योगी सरकार के 4 साल पूरे होने पर दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। यूपी की सियासत में 4 साल से सुर्खियों में रहे 18 चर्चित विधायकों की सीटों पर लोगों की क्या राय है? इनमें सपा के 4 बागी विधायकों की सीटें भी शामिल हैं। 4 बाहुबलियों की सीटों पर जनता ने किसे कैंडिडेट के रूप में पहली पसंद बताया? मौका-बेमौका अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़े करने वाले विधायकों की सीटों के भी नतीजे सिलसिलेवार देखिए… सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष विधायक के तौर पर दोनों नापसंद सतीश महाना कानपुर की महाराजपुर सीट से 8वीं बार विधायक बने हैं। बजट सत्र के दौरान हंगामा करने वाली भाजपा विधायक केतकी सिंह की बात पर सतीश महाना ने गुस्से में हेडफोन फेंक दिया था। भास्कर सर्वे में लोगों ने विधायक के रूप में दोबारा टिकट देने पर इन्हें ‘ना’ बोला है। हालांकि लोगों ने यहां पार्टी के रूप में भाजपा को पहली पसंद बताया। माता प्रसाद सिद्धार्थनगर जिले की इटवा सीट से 7वीं बार विधायक बने हैं। अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद नेता प्रतिपक्ष बने। कानपुर में सीसामऊ सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि प्रशासन मतदाताओं को रोकने के लिए सड़कों पर गड्ढे खुदवा रहा। भास्कर सर्वे में जनता ने उन्हें बतौर उम्मीदवार ‘ना’ कहा। हालांकि, उनकी सीट पर सपा पहली पसंद है। जिन्होंने अपनी ही सरकार को घेरा था नंद किशोर गुर्जर ने विधानसभा सत्र के दौरान बात रखने का मौका नहीं मिलने पर सदन के फर्श पर बैठकर धरना दिया था। इसके अलावा नंद किशोर ने अपनी ही सरकार को भ्रष्टतम बोला था। कहा था कि मुख्य सचिव ने तंत्र-मंत्र कर महाराजजी का दिमाग बांध दिया है। सर्वे में लोनी सीट पर लोगों ने नंद किशोर गुर्जर को नापसंद किया है। यहां से भाजपा के जिला मंत्री राहुल बैसला पहली पसंद बने हैं। इन्होंने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक लिया था। नाराजगी थी कि नल-जल योजना में खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई। सर्वे में बृजभूषण को जनता ने अगले चुनाव के लिए बतौर उम्मीदवार नकार दिया। यहां सपा को पहली पसंद बताया है। विवादित बयान से सुर्खियों में रहने वाले पल्लवी पटेल 2022 में कौशांबी की सिराथू सीट से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हराकर सुर्खियों में आई थीं। पल्लवी सपा के समर्थन से चुनाव लड़ी थीं। 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कहा था- PDA का मतलब 'पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक' नहीं, 'पल्लवी, डिंपल और जया' है। सर्वे में सामने आया कि लोग पल्लवी को दोबारा कैंडिडेट के रूप में नहीं देखना चाहते। पल्लवी की सीट पर जनता ने भाजपा को पहली पसंद बताया। दिनेश खटिक योगी सरकार में मंत्री हैं। इनका एक बयान ‘हस्तिनापुर सीट श्रापित है’ काफी वायरल हुआ था। उनकी सीट पर पश्चिमी यूपी के युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अमल खटिक जनता की पहली पसंद बने। यहां दिनेश खटिक दूसरी पसंद हैं। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 2025 में कांवड़ यात्रा के दौरान कहा था- भारतीय जनता पार्टी और आतंकवादियों में कोई अंतर नहीं। सर्वे में जनता ने इनकी सीट पर नवीन धवन उर्फ बंटी को पहली पसंद बताया है। धवन 2025 में कुर्ता जलाकर सुर्खियों में आए थे। यहां मेहरोत्रा दूसरी पसंद हैं। पार्टी के तौर पर लोगों ने सपा को नंबर-1 बताया है। अब बाहुबलियों की सीटों का हाल यूपी के सबसे बड़े बाहुबली नेताओं में राजा भैया की गिनती होती है। कभी मायावती की नाराजगी के शिकार बने राजा भैया ने 2018 में खुद की जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) पार्टी बनाई। 2022 में उनकी पार्टी दो सीटों पर जीती थी। पारिवारिक विवाद को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। सर्वे में कुंडा में वे और उनकी पार्टी जनता की पहली पसंद बनी। 2002 में रारी विधानसभा से निर्दलीय विधायक बने थे। लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। कई मुकदमे दर्ज हैं। पत्नी जौनपुर से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। मल्हनी सीट धनंजय के प्रभाव वाली सीट मानी जाती है। यहां से लकी यादव सपा से विधायक हैं। भास्कर सर्वे में लकी को अगले कैंडिडेट के तौर पर लोगों ने पसंद नहीं किया। हालांकि इस सीट पर बतौर पार्टी सपा पहली पसंद है। भाजपा से चौंकाते हुए धनंजय सिंह का नाम बतौर कैंडिडेट सामने आया है। अमनमणि पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं। नौतनवा अमरमणि की पारंपरिक सीट रही है। अभी इस सीट पर निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी विधायक हैं। सर्वे में इस सीट पर रोचक रिजल्ट आया है। भाजपा या सपा पार्टी कोई भी हो, बतौर प्रत्याशी अमनमणि त्रिपाठी को जनता ने पसंद किया है। विनय शंकर तिवारी पूर्वांचल के बाहुबली एवं कद्दावर ब्राह्मण नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं। उनके प्रभाव वाली चिल्लूपार सीट पर भाजपा के राजेश त्रिपाठी विधायक हैं। सर्वे में बतौर विधायक राजेश त्रिपाठी को लोगों ने नापसंद किया है। हालांकि, पार्टी के रूप में भाजपा पहली पसंद है। सपा उम्मीदवारों में विनय शंकर तिवारी पहली पसंद के रूप में सामने आए। सपा से बगावत करने वाले राकेश प्रताप सिंह इस सीट से तीसरी बार के विधायक हैं। सपा ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। अब भाजपा के साथ हैं, लेकिन अभी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं। भास्कर सर्वे में राकेश का नाम सपा विधायक के तौर पर था। जनता ने इन्हें अगले कैंडिडेट के तौर पर ‘ना’ बोला है। हालांकि, इस सीट से सपा ही पहली पसंद बनी। पूजा पाल पूर्व बसपा विधायक राजू पाल की पत्नी हैं। कौशांबी की चायल सीट से 2022 में विधायक चुनी गई थीं। उन्होंने विकसित यूपी-2047 को लेकर विधानसभा में पति के हत्यारे अतीक अहमद के सफाए का क्रेडिट सीएम योगी को दिया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। तब से वो भाजपा के साथ हैं। सर्वे में लोगों ने चायल सीट पर भाजपा को पहली पसंद बताया। हालांकि, पूजा को बतौर विधायक नकार दिया है। लोगों ने सपा से अनवर अहमद खान को बतौर कैंडिडेट पसंद किया है। मनोज पांडेय ऊंचाहार सीट पर 3 बार विधायक बने। 2022 में सपा से विधायक थे। राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को वोट किया। सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। भास्कर सर्वे में ऊंचाहार सीट पर लोगों ने उन्हें बतौर प्रत्याशी पसंद किया। हालांकि, यहां लोगों ने सपा को पार्टी के रूप में अपनी पहली पसंद बताया है। गोसाईंगंज सीट से अभय सिंह दूसरी बार विधायक बने हैं। यूपी के बाहुबली विधायकों में इनकी गिनती होती है। 2022 में सपा से चुनाव जीते थे। इन्होंने भी राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर वोट किया था। सपा से निकाल दिए गए। भास्कर सर्वे में लोगों ने उन्हें बतौर कैंडिडेट नापसंद किया। लेकिन, यहां से सपा पहली पसंद बनी। भाजपा से पूर्व विधायक इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बू’ को लोगों ने पहली पसंद बताया। दलबदलू नेता अदिति सिंह ने 2017 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीता था। विधायक बनने के बाद वह पार्टी के खिलाफ बयान देने लगीं। नवंबर 2021 में भाजपा जॉइन की। फिर 2022 का चुनाव भाजपा के टिकट पर जीता। उनके पिता कद्दावर नेता अखिलेश सिंह हैं। पिता के निधन के बाद उन्होंने राजनीतिक विरासत संभाली। उनकी गिनती तेज-तर्रार महिला नेत्री में होती है। हालांकि, सर्वे रिजल्ट में ये भी जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। लोगों ने इनकी सीट पर सपा को पहली पसंद बताया। रामअचल राजभर को सपा में सुभासपा के ओपी राजभर की काट के रूप में देखा जाता है। वह 38 साल तक बसपा के साथ राजनीति करते रहे। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से मायावती ने उन्हें निष्कासित किया था। सपा जॉइन करके उन्होंने चुनाव लड़ा और अकबरपुर सीट से विधायक बने। भास्कर सर्वे में रामअचल राजभर को लोगोें दोबारा कैंडिडेट के तौर पर नकार दिया। यहां से ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को अगली बार के लिए बेहतर उम्मीदवार बताया। विवाद से चर्चा तक सोमेंद्र यूपी सरकार में मंत्री हैं। वो शांति निकेतन ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। इस ट्रस्ट पर दलित परिवारों की जमीन फर्जी मेडिकल रिपोर्ट लगाकर खरीदने के आरोप लगे। इसमें मंत्री भी घिरे हैं। इसके अलावा अक्टूबर, 2025 में उनके करीबी विकुल चपराना का छात्रों के साथ मारपीट और नाक रगड़वाने का वीडियो वायरल हुआ था। उनकी सीट पर मंडल प्रभारी प्रवीण भड़ाना को जनता ने पहली पसंद बताया। सोमेंद्र यहां दूसरी पसंद हैं। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - 13 मंत्रियों की सीटों पर नए चेहरे बने पहली पसंद: डिप्टी सीएम की सीट पर सपा नंबर वन; यूपी के मंत्रियों की सीटों का हाल दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे के नतीजों में सामने आया है कि यूपी के 40 में से 33 मंत्रियों को जनता दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती। सिर्फ 3 मंत्रियों को दोबारा टिकट देने के लिए ‘हां’ बोला है, जबकि 3 मंत्रियों पर लोग स्पष्ट राय नहीं बना सके। 4 मंत्रियों को जनता ने उनके खराब व्यवहार के कारण पसंद नहीं किया। सर्वे में विधायकों को पसंद करने या नापसंद करने की वजह भी पूछी गई थी। पढ़िए पूरी खबर... यूपी-403 में से 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद, सपा को 135 सीटें; NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर एप के सबसे बड़े सर्वे में फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। यूपी की 403 सीटों में 256 पर भाजपा पहली पसंद बनी। 135 सीटों पर सपा मजबूत दिख रही है। सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा की सहयोगी पार्टियों को होता दिख रहा है। ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा अपनी सभी 6 सीटों पर पिछड़ती दिख रही है। पढ़िए पूरी खबर... भास्कर सर्वे यूपी-403 में से 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद: सपा को 135 सीटें; NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर एप के सबसे बड़े सर्वे में फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। यूपी की 403 सीटों में 256 पर भाजपा पहली पसंद बनी। 135 सीटों पर सपा मजबूत दिख रही है। सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा की सहयोगी पार्टियों को होता दिख रहा है। ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा अपनी सभी 6 सीटों पर पिछड़ती दिख रही है। पढ़िए पूरी खबर…
सरकार ने जो 10 हजार रुपए दिए, उससे बकरी पालन को आगे बढ़ाया है। एक बकरी अंधी हो गई है। पहली किस्त के पैसे खत्म हो गए हैं। अभी दूसरी किस्त की राशि नहीं मिली है। कब मिलेगी, पता नहीं। अपने समूह में पूछती हूं तो कोई जवाब नहीं देता।- सुनीता देवी, मुस्तफापुर, वैशाली मैं पहले से बकरी पाल रही थी, लेकिन उन्हें रखने के लिए जगह नहीं थी। ठंड और बारिश के दिनों में बड़ी परेशानी होती थी। 10 हजार रुपए मिले तो उससे करकट (टीन की चादर) खरीदकर शेड बनवाया। अब बकरियां आराम से उसके नीचे रहती हैं। दूसरी किस्त के पैसे का इंतजार है। कब मिलेंगे पता नहीं। पैसे मिलेंगे तो कुछ और बकरी खरीद लूंगी।- मंजू देवी, मुस्तफापुर, वैशाली यह स्थिति सिर्फ दो जीविका दीदी की नहीं, बल्कि बिहार की 1.81 करोड़ जीविका दीदियों की है। जिन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए मिले हैं। अब उन्हें दूसरी किस्त की 20-20 हजार रुपए का इंतजार है। 34 लाख के आवेदन की जांच हो गई है। 1.4 करोड़ का अभी वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए दस हजारी (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना) की स्थिति क्या है? दूसरी किस्त के पैसे क्यों नहीं मिले? पैसे पाने के लिए क्या करना होगा? पहली किस्त बांटने में खर्च हुए 18 हजार 100 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (जिसे 10 हजारी स्कीम भी कहा जा रहा है) के तहत बिहार सरकार ने राज्य की 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए। अब तक 18 हजार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। योजना के अनुसार महिलाओं को रोजगार करने के लिए सहायता के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाने हैं। दूसरी किस्त में 20-20 हजार रुपए मिलेंगे। शर्त यह है कि पैसे उन महिलाओं को ही मिलेंगे, जिन्होंने पहले मिले पैसे से रोजगार का कोई काम शुरू किया होगा। कोई व्यवसाय शुरू किया होगा। जैसे बकरी, भैंस या गाय पालना। छोटा-मोटा दुकान खोलना। पापड़-अचार बनाना या कोई और काम। शहर में रहने वाली 18 लाख जीविका दीदियों को पहली किस्त का इंतजार 10 हजारी स्कीम की पहली किस्त सभी जीविका दीदियों को नहीं मिली है। शहर में रहने वाली 18 लाख महिलाएं इसके इंतजार में हैं। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी का सर्वे नगर विकास एवं आवास विभाग के हाथों होना है। ग्रामीण विकास विभाग ने जीविका दीदी की सूची सौंपी है। वेरीफाई के बाद शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी को 10 हजार रुपए मिलेंगे। 34 लाख महिलाओं को जल्द मिलेंगे दूसरी किस्त के 20-20 हजार रुपए दूसरे किस्त में 20 हजार रुपए मिलने हैं। इसके लिए आवेदन जारी है। पहली किस्त पा चुकी महिलाओं को जीविका पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना है। अपने रोजगार की जानकारी देनी है। इसकी तस्वीर शेयर करनी है। ग्राम संगठन इसका वेरिफिकेशन करेंगे। ग्राम संगठन के सर्टिफिकेशन के बाद दूसरी किस्त के पैसे मिलेंगे। विभाग के मुताबिक अब तक 34 लाख महिलाओं के रोजगार की जांच की जा चुकी है। ये वे महिलाएं हैं, जिन्हें पहले फेज में 10-10 हजार रुपए मिले थे। इन्होंने आवेदन जमा किया है। हालांकि, दूसरी किस्त के पैसे देने की डेट अभी तय नहीं है। अगर 34 लाख जीविका दीदियों को ही पैसे मिलते हैं तो 6,800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरी किस्त क्यों रोकी गई, 3 वजह 1- पहली किस्त के पैसे की जांच जारी: सरकार ने अब तक 34 लाख महिलाओं को पहली किस्त में मिले 10 हजार रुपए के खर्च की जांच की है। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक महिलाओं के रोजगार की जांच की जा रही है। वेरिफिकेशन चल रहा है। विभाग की माने तो जांच तेज की जाएगी। 2- शहरी महिलाओं को नहीं मिली पहली किस्त की राशि: शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को पहली किस्त की राशि अब तक नहीं दी गई है। 120 नगर पंचायत की 18 लाख से अधिक महिलाओं को इसका इंतजार है। नगर विकास एवं आवास विभाग को लाभुक महिलाओं की योग्यता की जांच का काम मिला है। वह तेजी से काम नहीं कर रहा। 3- सरकार का खजाना खाली: सरकार का खजाना खाली होने के चलते भी जीविका दीदियों को पैसे देने में देर की जा रही है। सम्राट चौधरी की सरकार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है। सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से 12 हजार करोड़ रुपए कर्ज मांगा है। 75 लाख महिलाओं का वेटिंग पीरियड खत्म 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तब के सीएम नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी। पहले चरण में 75 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। विभाग के मुताबिक पहली किस्त के 6 महीने बाद दूसरी किस्त के पैसे देने का प्रावधान है। इसके अनुसार 75 लाख महिलाओं को 6 महीने बाद भी दूसरी किस्त के पैसे नहीं मिले हैं। जीविका दीदियों को पैसे मिलने में हो रही देर के संबंध में बात करने के लिए हमने ग्रामीण विकास मंत्री विजय चौधरी से बात करने की कोशिश की। उनके पर्सनल नंबर पर संपर्क साधा, लेकिन खबर लिखने तक उनसे बात नहीं हो सकी। इधर, जीविका के अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से बयान देने से मना किया है।5 किस्त में मिलेंगे 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 2 लाख रुपए जीविका दीदियों को 5 किस्त में मिलेंगे। यह जरूरी नहीं कि सभी जीविका दीदियों को पूरे 2 लाख रुपए मिलें। यह इस बात से तय होगा कि उन्होंने दिए गए पैसे का इस्तेमाल रोजगार शुरू करने में किया या नहीं। किया भी तो उनका काम कैसा चल रहा है। 5 किस्त में इस तरह मिलेंगे पैसे… क्यों शुरू की गई थी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना? योजना का मकसद महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देना है। राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना का क्रियान्वयन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के माध्यम से किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में योजना को जमीन पर नगर विकास एवं आवास विभाग से सहयोग से उतारा जा रहा है। गांव में रहने वाली महिलाएं कैसे करें आवेदन? शहरी क्षेत्रों की महिलाएं कैसे करें आवेदन?
देश में महिला रिजर्वेशन पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है। बिहार में भी नेता एक-दूसरे दलों पर महिलाओं का हक छीनने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि, आंकड़े कहते हैं कि महिला हितैषी पार्टी का दावा कर रही भाजपा और JDU के अंदर निर्णय लेने वालों में महिलाएं गायब हैं। वहीं, हाल RJD-कांग्रेस का भी है। आरक्षण कोटा (33%) के अनुपात में महिलाओं को ना टिकट दिया गया ना संगठन में जगह। किसी पार्टी ने महिला को अब तक प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया है। मंडे स्पेशल में पढ़िए, बिहार की चारों प्रमुख पार्टियों BJP, JDU, RJD और कांग्रेस में महिला नेताओं की हैसियत…। 1. भाजपा: एक भी महिला सांसद नहीं महिला वंदन अधिनियम की बात करने वाली BJP के पास बिहार में एक भी महिला सांसद नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 17 सीटों पर लड़ी थी। एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। फिलहाल बिहार से 5 महिला सांसद हैं। सभी क्षेत्रीय पार्टी की हैं। राज्यसभा में बिहार से 16 सीटें हैं। मौजूदा समय में मात्र 1 महिला (बीजेपी की धर्मशीला गुप्ता) राज्यसभा सांसद हैं। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा की बात करें तो 2025 के चुनाव में भाजपा 101 सीटों पर लड़ी। 13 महिला कैंडिडेट को टिकट दिया। इनमें से 10 जीतने में सफल रही। सक्सेस रेट लगभग 80 फीसदी रहा। भाजपा संगठन में महिलाओं को कितनी हिस्सेदारी? सदन के बाद पार्टी के भीतर पावरफुल पद संगठन का होता है। प्रदेश और राष्ट्रीय कमेटी किसी भी पार्टी की डिसीजन मेकिंग बॉडी होती है। बीजेपी की 35 सदस्यीय प्रदेश कमेटी में 15 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है। बीजेपी ने 31 मई 2025 को प्रदेश पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी। इसके मुताबिक 5 महामंत्री, 14 मंत्री, 13 उपाध्यक्ष, 1 कोषाध्यक्ष और 2 सह कोषाध्यक्ष नियुक्ति किए गए। इसमें महामंत्री का 1, उपाध्यक्ष के 5 और सचिव के 3 पद महिलाओं को दिए गए। BJP की महिला पदाधिकारी 2. जदयू की 2 महिला नेता सांसदजदयू ने लोकसभा चुनाव 2024 में 2 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था। दोनों जीत गईं। 2025 का विधानसभा चुनाव पार्टी 101 सीटों पर लड़ी, सिर्फ 13 महिलाओं को टिकट दिए। इनमें से 10 जीत गई। मतलब 80 फीसदी महिला प्रत्याशियों को सफलता मिली। जदयू ने संगठन के पदों पर महिलाओं को 10 फीसदी से भी कम हिस्सेदारी दी है। 22 अप्रैल 2025 को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। 24 सदस्यों वाली इस कमेटी में केवल 2 महिलाओं को जगह दी गई। 4 अगस्त 2024 को प्रदेश कमेटी का गठन किया गया था। इसमें 115 नेताओं को जगह दी गई। इसमें मात्र 9 महिलाओं को जगह दी गई। जदयू की महिला पदाधिकारी 3. राजद ने महिलाओं को आगे बढ़ाया, लेकिन परिवार पर फोकस लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा RJD ने 23 सीटों में से 6 पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इनमें से सिर्फ एक मीसा भारती जीत सकीं। राजद की महिला नेताओं में ज्यादातर राजनीतिक परिवार से हैं। सबसे प्रमुख नाम मीसा भारती लालू यादव की बेटी हैं। विधानसभा चुनाव में राजद ने 143 सीटों पर प्रत्याशी उतारे। इनमें से 23 महिलाएं थीं। मात्र 3 महिला उम्मीदवार चुनाव जीत सकीं। राजद संगठन में परिवार की महिला को तवज्जो 25 जुलाई 2025 को लालू यादव की तरफ से राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। 28 सदस्यीय इस कमेटी में 5 महिला को जगह दी गई। 25 अप्रैल 2023 को राजद की प्रदेश कार्यकारिणी गठित की गई थी। इनमें प्रदेश महासचिव का एक भी पद महिला को नहीं दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर 3 महिला को जगह दी गई थी। हालांकि राजद में संगठन से लेकर टिकट तक में परिवार की महिला को तवज्जो मिलती रही है। परिवार से राबड़ी देवी, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य एक्टिव रही हैं। राजद की महिला पदाधिकारी 4. बिहार में कांग्रेस से एक भी महिला सांसद, विधायक नहीं कांग्रेस लोकसभा चुनाव 9 सीटों पर लड़ी, एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। वहीं, विधानसभा चुनाव में पार्टी को 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का मौका मिला। इनमें से 5 महिलाएं थीं। कांग्रेस की एक भी महिला प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सकी। वहीं, संगठन की बात करें तो कांग्रेस की प्रदेश इकाई अभी पूरी तरह घोषित नहीं हुई है। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने की वोटिंग, लेकिन प्रतिनिधित्व कम 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले। पुरुषों की तुलना में 9.8% ज्यादा वोटिंग महिलाओं ने की। 2010 से लगातार बिहार में महिला वोटर्स ने अधिक मतदान किया है। 2010 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 3.4% ज्यादा था, जबकि 2015 में यह 7.2% अधिक था। 2020 में पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 5.2% ज्यादा रहा। लेकिन एक आंकड़ा यह भी है कि 1985 से फरवरी 2005 के बीच बिहार विधानसभा के लिए चुने गए सभी विधायकों में महिलाओं की संख्या 6% से भी कम थी। 2005 में यह संख्या 10% रही। इसके बाद से सभी चुनावों में 10% से अधिक महिलाएं बिहार विधानसभा के लिए चुनी गई हैं। 2010 में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 14% था। 2025 में भी यह संख्या 14% से नीचे है।
मौसम विभाग ने आज बिहार के 13 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट किया है। इन जिलों में 50KM/H की रफ्तार से हवा चलेगी। साथ ही बिजली और ओले गिरने की आशंका है। वहीं राज्य के अन्य 25 जिलों में गर्मी लोगों को परेशान करेगी। बीते 24 घंटे में सुपौल, रक्सौल और मधुबनी समेत 10 जिलों में बारिश हुई। सुपौल में शनिवार रात ओले भी गिरे। किशनगंज में तेज आंधी और बारिश की वजह कई जगह पेड़ उखड़ गए। कटिहार में तेज आंधी-बारिश से आम के फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, 43.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ रोहतास का डेहरी सबसे गर्म रहा। जबकि 8 जिलों का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। भोजपुर में गर्मी से एक महिला की मौत हो गई। मौसम में बदलाव की वजह मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज के पीछे कई कारण हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर हवा का कम दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर बिहार में दिख रहा है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती प्रभाव अब इसी सिस्टम में मिल गया है। ऊपर की सतह पर तेज रफ्तार से हवा भी चल रही है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बनी है। यही कारण है कि बिहार के कई हिस्सों में बादल छा रहे हैं, तेज हवा चल रही है और बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। देखें मौसम की कुछ तस्वीरें… तापमान में थोड़ी गिरावट, लेकिन गर्मी अभी बरकरार बारिश और बादल की वजह से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन गर्मी अभी खत्म नहीं हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में बिहार के दक्षिण-पश्चिम हिस्से के कुछ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक है। अगले 3 से 4 दिनों तक दिन के तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा। रात के तापमान में भी कोई खास अंतर नहीं आने की संभावना है। यानी दिन में उमस और गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन बीच-बीच में बारिश राहत देती रहेगी। पटना में आज भी 40 डिग्री रह सकता तापमान पटना में सोमवार को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। दिनभर उमस और गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन शाम या रात में तेज हवा और हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पटना में मौसम फिलहाल अस्थिर बना रहेगा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता रवि चंद्रवंशी को रेप केस में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 7 मई को रवि की शादी होने वाली थी। वह शादी का कार्ड बांट रहा था, पुलिस ने उसे रायपुर से पकड़ा है। उसकी गर्लफ्रेंड ने कवर्धा महिला थाने में दुष्कर्म की शिकायत की थी, FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। मामला कवर्धा थाना क्षेत्र का है। रवि कवर्धा जिला किसान कांग्रेस संघ का अध्यक्ष है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि, वो और रवि 10 साल से रिलेशन में थे। उसने शादी का झांसा देकर कई बार संबंध बनाए और बाद में शादी से मना कर दिया। 26 अप्रैल को पुलिस उसे रायपुर से पकड़कर अपने साथ कवर्धा ले गई। पहले जोगी कांग्रेस में था रवि जानकारी के मुताबिक, रवि चंद्रवंशी पहले जोगी कांग्रेस में था और पंडरिया विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुका है। करीब 2 साल पहले कांग्रेस में वापसी के बाद उसे किसान कांग्रेस संघ में पद मिला था। कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ फोटो वायरल रवि चंद्रवंशी कवर्धा में कांग्रेस पार्टी में सक्रिय नेता है। वह सोशल मीडिया पर अक्सर पार्टी के सीनियर लीडर के साथ फोटो अपलोड किया करता है। मामला सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, PCC चीफ दीपक बैज, सचिन पायलट जैसे तमाम बड़े नेताओं के साथ उसकी फोटो वायरल हो रही है। गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया कवर्धा SDOP आशीष शुक्ला ने कहा कि, पीड़िता ने कल महिला थाने में लिखित शिकायत की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर समुचित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी रवि को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया गया। रायपुर से हमारी टीम रवि कवर्धा लेकर आई है। फिलहाल न्यायालय में पेश कर आगे की करवाई की जा रही है। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… युवती बोली- BJYM अध्यक्ष राहुल ने सेक्स की कोशिश की: कहा- हग-स्मूच किया, प्राइवेट-पार्ट टच कराया; टिकरिहा बोले- आरोप गलत छत्तीसगढ़ भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा पर एक युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती ने कहा कि राहुल टिकरिहा से उसका अफेयर था। एक दिन उसने जबरदस्ती हग-स्मूच किया, प्राइवेट पार्ट टच कराया, फिर सेक्स करने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। रविवार को आंधी-बारिश के दौर के बीच आसमान से जैसे आग भी बरसी। टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में पहली बार तापमान 45 डिग्री पहुंच गया। इंदौर में 6 और भोपाल-जबलपुर में 3 साल में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी। सोमवार को 13 जिलों में लू का अलर्ट है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में वॉर्म नाइट यानी, सबसे गर्म रात का अलर्ट भी है। इसके चलते सोमवार को इंदौर-उज्जैन के दिन-रात दोनों की गर्म रहेंगे। श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक, बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी। प्रदेश में पहली बार पारा 45 डिग्री पर आयारविवार को आंधी-बारिश के दौर के बीच भीषण गर्मी पड़ी। खजुराहो में सीजन में पहली बार पारा 45 डिग्री पहुंच गया। रविवार को पहली बार 9 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक रहा। खजुराहो के बाद नौगांव में पारा 44.6 डिग्री, सागर-नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री, श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम-गुना में 43.6 डिग्री, रीवा-मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में पारा 43 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में तापमान 43 डिग्री पहुंच गया। जबलपुर में सबसे ज्यादा 43.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री रहा। बड़े शहरों में ऐसे टूटा गर्मी का रिकॉर्ड आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… भीषण गर्मी के बीच बारिश का दौरभीषण गर्मी के बीच रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर, विदिशा के गंजबासौदा समेत कई शहरों में कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी हुई। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, रविवार को प्रदेश के बीचोंबीच एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) एक्टिव रहा। इस वजह से बारिश का दौर बना रहा। अगले तीन दिन तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की भी एक्टिविटी प्रदेश में रहेगी। प्रदेश में बारिश की तस्वीरें गर्मी से बचने के लिए एडवायजरीगर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसमइस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मीअप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानीइंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंडजबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मीग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंडउज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।
मेहनत से खरीदा फोन सफर में चोरी हो गया। ट्रेन में किसी पर भरोसा मत करना। अपनी चीजों की जिम्मेदारी खुद लें, वरना पछताना पड़ता है। मेरी गलती आप मत दोहराना, यात्रा के दौरान सतर्क रहें। यह अपील एक रेल यात्री अमोल रमेश धाबर्डे की है। वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद के निवासी हैं। हाल ही में यात्रा के दौरान झांसी और भोपाल के बीच कहीं उनका महंगा फोन चोरी हो गया था। मामला सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने ट्रेनों में चोरी के आंकड़े जुटाए। जीआरपी के ई-एफआईआर पोर्टल के दस्तावेज खंगाले गए। 94 एफआईआर के मिलान के बाद जो आंकड़े सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। भोपाल, बीना, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा और आमला स्टेशन के बीच हर ढाई घंटे में एक चोरी हो रही है। इनमें महिलाएं सबसे ज्यादा 54% शिकार बनी हैं। ट्रेनों के स्लीपर, जनरल और एसी 3 टियर कोच सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दैनिक भास्कर ने कैसे की पड़ताल? मध्य प्रदेश पुलिस की ई-एफआईआर पोर्टल से दैनिक भास्कर ने 8 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 के बीच भोपाल, बीना, ग्वालियर, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा, खंडवा और आमला थानों में दर्ज कुल 94 एफआईआर निकालीं। हमारी टीम ने हर एफआईआर को केस-वार पढ़ा। चोरी की गई हर वस्तु जैसे लैपटॉप, मोबाइल, जेवरात, नकदी की अनुमानित कीमत को एफआईआर में लिखे विवरण के आधार पर जोड़ा। इन 94 मामलों को 8 श्रेणियों थाना वार, समय के अनुसार, कोच के प्रकार, लिंग, उम्र, तरीके (जैसे- जेबतराशी, स्नैचिंग, स्लीपर सेल), चोरी की गई वस्तु के प्रकार (मोबाइल कंपनी, जेवरात का प्रकार) और जीरो एफआईआर पैटर्न में बांटकर गहन विश्लेषण किया। हर ट्रेंड को क्रॉस-चेक किया गया और सभी आंकड़ों को दो बार वेरिफाई किया गया। विश्लेषण में पता चला कि इस रूट पर हर 2.5 घंटे में एक चोरी हो रही है और 5 दिनों में यह चोरियां या लूट हुई हैं। रेल चोरों के टारगेट पर महिलाएं कुल 94 मामलों में से 54% अपराध महिला यात्रियों के साथ हुए हैं। यह पुरुषों की तुलना में 8.5% अधिक है। इसके अलावा, महिलाओं से प्रति मामला औसतन 20% अधिक कीमत का माल चोरी हुआ है। इसमें बड़े मामले रानी कमला पति स्टेशन और बीना स्टेशन पर दर्ज है। ऐसे काम कर रहे हैं चोर, मोडस ऑपरेंडी समझिए सोते समय – 60% मामले भीड़ का हथियार – 25% मामले स्नैचिंग – 15% मामले पाई-पाई जोड़कर लिया था फोन, छीन गया महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी यात्री अमोल रमेश धाबर्डे ने बताया कि मैं संभाजी नगर से आगरा की ओर जा रहा था, तभी झांसी और भोपाल के बीच कहीं मेरा फोन चोरी हो गया। रात में हमने अपने बॉस को बताया, उन्होंने तुरंत हेल्प की। सुबह तक पता चला कि फोन मिल गया है। एक शख्स ने कॉल कर खुद का नाम सोनू बताया। उसने कहा था कि ‘भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन पर आकर फोन ले जाओ। मैं दौड़ता हुआ भोपाल पहुंचा। एक स्टेशन पर गया, दूसरे पर भी गया। लेकिन, वह आदमी फ्रॉड निकला। उसने मेरे फोन का झांसा देकर मुझे इधर-उधर भटकाया। दोस्तों, मैंने यह फोन पाई-पाई जोड़कर लिया था, इसलिए दुख हो रहा है। मैं आपको बता दूं ट्रेन में चार्ज लगाते हो, सो जाते हो, किसी पर भरोसा मत रखो। अपने सामान की जिम्मेदारी खुद की होती है। सगा किसी का कोई नहीं होता। जब चोरी हो जाती है तो अकेले ही भटकते हो। मैंने कंप्लेंट दर्ज करा दी है, लेकिन फोन तो चला गया। तो दोस्तों, मुझसे गलती हुई है, आप मत करना। सतर्क रहो। जय हिंद। जीआरपी एसपी बोले- हमने 8 करोड़ की रिकवरीजीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि पिछले 5 सालों के आंकड़ों से तुलना करने पर असली तस्वीर सामने आती है। मामले ड्रास्टिकली कम हुए हैं। 2024 में डेढ़ करोड़ रुपए और उससे पहले के वर्षों में करीब एक-एक करोड़ रुपए की रिकवरी हुई थी, लेकिन 2025 में यह आंकड़ा 8 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। हाल ही में हर 15 दिन में 30 से 35 लाख रुपए की रिकवरी हो रही है। इतनी सीमित फोर्स में भी 2025 में 8 करोड़ रुपए की रिकवरी हमारी बड़ी उपलब्धि है।
आज मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र मुख्य रूप से 'नारी शक्ति वंदन' विषय पर केंद्रित रहेगा। इसमें महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी।आज के विशेष सत्र में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का संकल्प पारित हो सकता है। वहीं कांग्रेस की मांग है कि केन्द्र सरकार इसे लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षित करे। विशेष सत्र के दौरान दिवंगत गायिका आशा भौंसले समेत कुछ प्रमुख नेताओं को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। सीएम लेकर आएंगे संकल्पविधानसभा में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार देश की संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं में परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश करेंगे। सीएम ने कहा: कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया सत्र को लेकर सीएम ने कहा कि नारी सशक्तिकरण अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस ने आजादी के बाद से आज तक जो नकारात्मक रवैया अपनाया है। इंदिरा गांधी से लेकर राजीव जी, सोनिया जी, राहुल जी और उनकी बहन प्रियंका गांधी पांच पीढ़ी में कांग्रेस ने लगातार बहनों के साथ जो अन्याय किया है वो देश कभी नहीं भूलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बहनों को 33% आरक्षण देकर देश की आधी आबादी को अधिकार दिलाने का निर्णय किया। कांग्रेस और उनके तथाकथित सहयोगियों सपा, टीएमसी, डीएमके ऐसे तमाम विरोधी गठबंधन ने इस अधिनियम को धराशायी करने में जो भूमिका अदा की है। मैं उसकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं। हम सदन में पुन: इस बात के लिए संकल्प पारित करेंगे कि 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए हमारी सरकार समर्थन देती है। मोदी जी का बहुत अच्छा निर्णय था। कांग्रेस और उनके लोगों ने जो हालत की है। जीतू पटवारी बोले- सदन में महिला आरक्षण की मांग करेंगे वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने विधानसभा के विशेष सत्र के एक दिन पहले राजधानी में पैदल मार्च निकाला। इस रैली में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विशेष सत्र में महिला आरक्षण आज की स्थिति में लागू करने की मांग रखेगी। मध्यप्रदेश की विधानसभा की सीटों की स्थिति में सरकार आरक्षण लागू करे कांग्रेस इसका समर्थन करेगी। पटवारी ने कहा है कि हम परिसीमन के साथ इस आरक्षण के खिलाफ हैं। वर्तमान में जितनी सीटें हैं उन पर आरक्षण लागू होना चाहिए। महिला आरक्षण पर यह है पूरा विवाद
हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए विवाद के बाद जननायक जनता पार्टी की तरफ से ‘छात्र हित महापंचायत’ बुलाई गई है। JJP का दावा है कि आज सुबह 10 बजे क्रांतिमान पार्क में ABVP को छोड़कर भी छात्र संगठन जुटेंगे। किसान नेता नरेश टिकैत, बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पंचायत के लिए विशेष आमंत्रित किया गया है। जजपा सुप्रीमो डॉ. अजय चौटाला, पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला भी महापंचायत में भाग लेंगे। विवाद 15 अप्रैल को GJU में प्रदर्शन से शुरू हुआ। JJP नेताओं पर FIR के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला जब गिरफ्तारी देने जाने लगे तो रास्ते में उनका CIA इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया। दुष्यंत ने पवन कुमार पर काफिला रोककर धमकाने के आरोप लगाए थे। उधर, इस मामले को लेकर बनी SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, CIA इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दी गई है। इनसो अध्यक्ष बोले- शांतिपूर्वक अपना कार्यक्रम करेंगे JJP की स्टूडेंट विंग इनसो के स्टेट प्रेसिडेंट दीपक मलिक का कहना है कि चुनाव में ही कार्यक्रम की मंजूरी की इजाजत होती है। यह छात्रों की महापंचायत है और इसके लिए अगर परमिशन नहीं भी दी गई, तब भी कार्यक्रम होगा। SDM को तीन दिन पहले ही लिखकर दे चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि शाम तक प्रशासन की तरफ से कार्यक्रम न करने को लेकर कोई सूचना नहीं आई। वे शांतिपूर्वक अपना कार्यक्रम करेंगे और अगर प्रशासन ने इस कार्यक्रम में कोई कोताही बरती, तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। CIA इंचार्ज सहित 6 पुलिसकर्मी दूरी बनाएंगे सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन किसी भी विवाद से बचने के लिए तैयारी कर रहा है। पार्क के आसपास सामान्य रूप से पुलिस की तैनाती रहेगी। इसके अलावा, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार सहित 6 पुलिसकर्मी महापंचायत से दूरी बनाए रखेंगे। इन 6 पुलिसकर्मियों में पवन कुमार और एसपी सिक्योरिटी इंचार्ज अमरजीत भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ दुष्यंत चौटाला ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। SIT ने जांच पूरी कर रिपोर्ट दी दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोकने, धमकाने और हथियार दिखाने के मामले में गठित SIT ने जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही 30 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब भी दाखिल किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने बरवाला रोड से सब्जीमंडी पुल तक 15 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि CIA इंचार्ज पवन कुमार की गाड़ी ने किसी भी तरह से काफिले के आगे गाड़ी नहीं अड़ाई थी। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट में जवाब दिया जाएगा।
हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में आज हंगामे के आसार हैं। सुबह 11 बजे शुरू होने वाले सत्र में सबसे पहले शोक प्रस्ताव पढ़े जाएंगे। इसके तुरंत बाद सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम (लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने वाला कानून) को लेकर कांग्रेस की भूमिका के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव की संभावना है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे लेकर सुबह साढ़े 9 बजे चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी। इस सत्र में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण पार्टी से सस्पेंड पांच विधायक भी शामिल होंगे। इनमें नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, सढौरा की रेनू बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास, हथीन के मोहम्मद इसराइल और रतिया के विधायक जरनैल सिंह शामिल हैं। पांचों विधायकों को सदन में पार्टी व्हिप का पालन करना होगा। यदि वे इसका पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ पार्टी कार्रवाई कर सकती है। हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश होगा सदन में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश किया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए आवश्यक नियम बनाने पर सहमति बनी थी। कॉमन कैडर के वे ग्रुप-डी कर्मचारी, जिन्होंने पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर ली है, अब क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए पात्र होंगे। इस ड्राफ्ट बिल में क्लर्क पद के लिए ग्रुप-डी से प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़ाकर 30% करने का प्रावधान है। इसके अलावा, नियमों में 5% एक्स-ग्रेशिया पद रखना भी अनिवार्य किया गया है। पिछले 6 वर्षों में चौथा विशेष सत्र पिछले छह वर्षों में यह चौथा मौका है, जब प्रदेश सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इससे पहले 13 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास मत हासिल करने के लिए विशेष सत्र बुलाया था। उससे पहले 5 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ पर हरियाणा के हक को लेकर संकल्प प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था। वहीं, 20 जनवरी 2020 को बुलाए गए विशेष सत्र में संविधान संशोधन (126वां) बिल पारित किया गया था। इस बिल के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को 25 जनवरी 2030 तक बढ़ा दिया गया।
फरीदाबाद में दूसरे की जगह पर हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) एग्जाम देते पकड़े गए युवक ने पूछताछ में खुलासे किए हैं। युवक ने बताया कि वह अपने दोस्त की जगह एग्जाम देने के लिए आया था। वह उसे HCS अधिकारी बनते हुए देखना चाहता है, इसलिए उसने फर्जी एडमिट कार्ड से एग्जाम सेंटर में एंट्री ली। युवक ने यह भी बताया कि वह UPSC एग्जाम दे चुका है, लेकिन अभी उसका रिजल्ट नहीं आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदेश में 102 पदों के लिए HCS प्री-एग्जाम के लिए 8 जिलों में 337 सेंटर बनाए गए थे। इन सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम और जैमर लगाए गए। बायोमेट्रिक के दौरान ही युवक फंस गया। पहले जानिए कौन है मानव और विशाल…. दोनों रोहतक के रहने वाले, साथ में कोचिंग ली पकड़े गए युवक की पहचान रोहतक के करौंथा गांव निवासी मानव (25) के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त, रोहतक के ही मदीना गांव निवासी विशाल कुमार (26) की जगह एग्जाम देने पहुंचा था। दोनों लंबे समय से दोस्त हैं और रोहतक की एक लाइब्रेरी में साथ पढ़ते थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में भी साथ कोचिंग ली। विशाल के भाई ने मानव को जाने नहीं दिया बताया जा रहा है कि विशाल का बड़ा भाई भी इसी सेंटर में परीक्षा देने आया हुआ था। मानव परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाहर से वापस लौटना चाहता था, लेकिन विशाल के भाई ने उसे वापस जाने नहीं दिया और वह फंस गया। मानव के पिता आनंद किसान हैं, जबकि विशाल के पिता बिजेंद्र हरियाणा रोडवेज से रिटायर्ड हैं। दोनों कार से परीक्षा देने के लिए फरीदाबाद पहुंचे थे। अब जानिए मानव कैसे पकड़ा गया…. फर्जी एडमिट कार्ड से एंट्री ली पुलिस जांच में सामने आया कि मानव ने विशाल के नाम पर बनाए गए फर्जी एडमिट कार्ड के जरिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश लिया। केंद्र पर आधार कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान जब उसके फिंगरप्रिंट मैच किए गए, तो वे मेल नहीं खाए। वहां मौजूद टीम ने कई बार प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो सके। पुलिस ने वेरिफिकेशन शुरू की सेंटर सुपरिंटेंडेंट डॉ. कमरुदी ने बताया कि उन्होंने मानव को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी और साथ ही पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद मानव परीक्षा देने चला गया और पुलिस ने उसकी पूरी वेरिफिकेशन शुरू की। फर्जी मिलने पर एग्जाम सेंटर से निकाला पुलिस अधिकारियों ने जांच-पड़ताल में उसे फर्जी पाया। इसके बाद बिना देरी किए उसे रूम से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस पूछताछ में मानव ने पूरी सच्चाई कबूल करते हुए बताया कि वह अपने दोस्त की जगह पेपर देने के लिए यहां आया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया सेक्टर-8 थाना प्रभारी रणधीर ने बताया कि मानव और विशाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जिनको सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
पहले सोचा कि जहर दे देंगे, लेकिन जहर खरीदने के लिए मेरा बॉयफ्रेंड तैयार नहीं हुआ, फिर हमने नींद की गोली देकर मारने की प्लानिंग की। पिछले एक साल से मुझे अमित बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा था। वह अब मेरी जरूरतों को पूरी नहीं कर पा रहा था। जो भी हुआ, अच्छा ही हुआ। बेतिया में अपने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति की हत्या करने वाली महिला ने लौरिया थाने में पुलिस के सामने यह बात कबूली है। शनिवार की रात गोबरौरा पंचायत में पुलिस को घर में लाश होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ जांच की। जिसमें मृतक के प्राइवेट पार्ट में चोट के साथ गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। जिसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार किया। बॉयफ्रेंड अब भी फरार है। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखें… 13 साल पहले अमित और नीलम ने की थी लव मैरिज बेतिया के लौरिया थाने की गोबरौरा पंचायत की 33 साल की नीलम अपने दो बच्चों और पति के साथ जेठ-गोतनी से अलग होकर खुद के मकान में रह रही थी। नीलम की शादी अमित से 13 साल पहले हुई। दोनों ने लव मैरिज की थी। उस समय अमित बेरोजगार था। शादी के बाद वह मिस्त्री का काम करके घर चलाने लगा। शादी के तीन साल बाद अमित को एक बेटा हुआ, वहीं 8 साल बाद एक बेटी हुई। परिवार छोटा था, घर में मोटरसाइकिल, मोबाइल जैसी जरूरत की चीजें उपलब्ध थी। पत्नी दिनभर के काम के बाद फेसबुक पर टाइम स्पेंट करती थी। सोशल मीडिया से बॉयफ्रेंड सोनू से मिली नीलम नीलम ने बताया कि उसका फेसबुक अकाउंट उसके भांजे ने बनाया था। फेसबुक के जरिए बहुत सारे लोगों को उसमें जोड़ा गया। इसी में एक नाम सोनू था। जिससे वह बात करने लगी। नीलम के मुताबिक, सोनू उसे रोज मैसेज करता और किसी न किसी बात से उसे हंसाता रहता। उसकी केयर करता। खाने को लेकर पूछता, तबीयत की जानकारी लेता था। जिससे सोनू अब गैर नहीं, करीबी लगने लगा। करीबी दो सालों तक हमारी इसी तरह से बातचीत हुई। ठीक एक साल पहले होली के बाद सोनू ने कहा कि नीलम अब मिलने का मन कर रहा है। मैंने भी उसे और ज्यादा करीब से जानने के लिए उसकी बात मान ली। हम करीब दो सालों तक फेसबुक से बातचीत करने के बाद जब एक दूसरे पर भरोसा बन गया तो पास के लौरिया बाजार में हम मिले थे। उस समय हम एक मिठाई की दुकान में आधे घंटे तक रहे। काफी अच्छा लगा। तब से हमने सोच लिया कि ये आदमी अच्छा है। फिर हम लगातार मिलने लगे। करीब 6 महीने पहले उसने मुझे एक गिफ्ट भी दिया था और कहा कि अब बहुत हो गया, साथ में ही रहने की कोई तैयारी करो। मैंने उस समय सोनू को कोई जवाब नहीं दिया। तीसरी मुलाकात में अमित को मारने की प्लानिंग की नीलम ने पुलिस को बताया कि, पति अमित शुरू से ही आंखों की बीमारी से परेशान रहता था। पिछले कुछ सालों से उसकी यह दिक्कत बढ़ गई। जिससे वह काम सही से नहीं कर पा रहा था। घर में आमदनी कम हो गई। दो-दो बच्चे को पालना मुश्किल हो रहा था। कई बार तो मैंने बॉयफ्रेंड से पैसे लेकर घर खर्च चलाए हैं। मुझे अब उसकी जरूरत नहीं लग रही थी। फिर मैंने बॉयफ्रेंड की बात मान ली। बॉयफ्रेंड से जब तीसरी बार मिली थी कि तो उसने मुझे कुछ पैसे और गिफ्ट दिए, जिसकी मुझे जरूरत थी। इसी दौरान उसने मुझे कहा, अब मेरे साथ ही रहो, लेकिन मुझे घर छोड़ना नहीं था, इसलिए हम दोनों ने मिलकर अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पहले तय हुआ कि जहर देकर मारेंगे। लेकिन दो दिन बाद ही सोनू जहर खरीदने से मुकर गया। फिर मैं नींद की दवा मडिकल शॉप से खरीद कर घर ले आई। शनिवार को अमित काम से जल्दी लौट आया और सो गया। मैंने सोचा यही मौका है। मैंने उसके खाने में नींद की दवा मिला थी और उसे उठाकर खिलाया। खाने के बाद वह सो गया। फिर मैंने अमित को फोन किया ओर अपने घर बुलाया। अमित के आने पर हम दोनों ने मिलकर उसके प्राइवेट पार्ट में चोट पहुंचा और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। नीलम ने जेठ से कहा- ‘आप लोग जल्दी आइए’ घटना के बाद बॉयफ्रेंड फरार हो गया। नीलम ने खुद फोन कर अपने जेठ और पति के बड़े भाई से कहा कि आप लोग जल्दी आइए, इनकी तबियत बिगड़ गई है। मृतक के पिता अमूल मजूमदार के मुताबिक, नीलम उस समय पुलिस को बुलाने के बजाय डॉक्टर के पास चलने के लिए कह रही थी। लेकिन हमलोगों ने देखा कि अमित की मौत हो चुकी है, तो हमने सीधा पुलिस को बुलाया। इसके बाद पुलिस FSL टीम के साथ मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने नीलम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसने शुरू में कहा- घर में पैसों को लेकर विवाद हुआ तो मैंने उसे लात मारी, जिससे वह गिर गया। बाद में पुलिस ने जब उसे सख्ती से पूछताछ की तो नीलम ने एक के बाद एक खुलासे किए। थानाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि घटनास्थल पर घटना के समय सिर्फ पत्नी ही मौजूद थी, जिस कारण उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या में शामिल महिला के बॉयफ्रेंड की तलाश की जा रही है।
झुंझुनूं के गुढ़ा गौड़जी इलाके में जहां 1000 फीट की गहराई पर भी ट्यूबवेल सूख जाते हैं, वहां श्रीसरदारपुरा के श्रीराम काजला वैज्ञानिक तरीके से खेती कर लाभ कमा रहे हैं। पहले वे ई-मित्र कियोस्क संचालक थे, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना के चलते इसे बंद करना पड़ गया। तब श्रीराम काजला ने अपनी पुश्तैनी खेती संभाली। खरीफ में बाजरा, मूंग,ग्वार तथा रबी में गेहूं, सरसों व मसूर उगाने लगे। मगर इससे परिवार का गुजारा मुश्किल था। इसके बाद बारिश का पानी इकट्ठा करना शुरू किया। अब वे फार्म पॉन्ड, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और नेट हाउस तकनीक अपनाकर महज 0.6 हेक्टेयर जमीन से सालाना 8 से 10 लाख रुपए की आमदनी कर रहे हैं। दरअसल वे परंपरागत फसलों के बजाय बागवानी से लाभ कमाने में सफल रहे हैं। श्रीराम के साथ उनकी पत्नी भी खेती में सहयोग कर रही हैं। अब वे आसपास के किसानों को निशुल्क बीज और तकनीकी जानकारी भी दे रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी पहुंच रहे हैं नवाचार देखने जिले के कृषि वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी भी इनके इस नवाचार को देखने श्रीसरदारपुरा पहुंच रहे हैं। श्रीराम काजला ने बताया कि पहले लगता था कि कम पानी में कुछ नहीं होगा, लेकिन फार्म पॉन्ड और ड्रिप सिस्टम से बूंद-बूंद सिंचाई शुरू की तो यही जमीन सोना उगलने लगी। पारंपरिक गेहूं व बाजरा की खेती से मुश्किल से परिवार का गुजारा हो पाता था। ऐसे में राज्य सरकार की मदद से 30+30 का फार्म पॉन्ड बनवाया और बारिश का पानी सहेजना शुरू किया। इसके बाद ड्रिप सिस्टम पद्धति अपनाकर पानी की 40% बचत की। नेट हाउस तैयार कर 2200 वर्ग मीटर में आधुनिक खेती शुरू की। रासायनिक खादों को छोड़ वर्मी कंपोस्ट और डीकंपोजर को अपनाया। परंपरागत फसलों को छोड़कर खीरा, तरबूज, प्याज, मिर्ची की खेती शुरू की। 200 पेड़ पपीता और नींबू के भी लगए। अब नेट हाउस में साल में दो बार खीरा की फसल ले रहे हैं। इससे पांच लाख रुपए की आय हो रही है। 200 नींबू के पेड़ों से साल में डेढ़ से दो लाख रुपए की कमाई हो रही है। साथ ही इनके बीच तरबूज, मिर्च, पपीता की खेती कर रहे हैं। इस मिश्रित खेती से दो से तीन लाख रुपए की आमदनी हो रही है। पिछले साल जून-जुलाई में करीब दस लाख रुपए में नेटहाउस लगवाया था। अगस्त में पहली बार इसमें खीरे की फसल की। फिर दूसरी बार मार्च में की है। पहली बार वाली फसल से करीब पांच-छह लाख रुपए की बिक्री हुई। बीस किमी दूर सिंघाना मंडी में हर दूसरे दिन आठ क्विंटल तक खीरा बेचते हैं।
आगरा में हुआ इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट का आयोजन, आगरा का विश्व की शू कैपिटल के रूप में हुआ लांच, निर्यात और निवेश के नए युग की शुरुआतभारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।
चिलचिलाती गर्मी में बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से शहरवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रविवार को केबल फाल्ट, ट्रांसफार्मर फुंकने और एबीसी जलने सहित कई इलाकों में सुबह से शाम तक घंटों बिजली गुल रही। रायबरेली रोड, कानपुर रोड सहित कई क्षेत्रों में लोग रातभर सो नहीं सकें। इससे लोगों का गुस्सा उपकेंद्रों पर फूट पड़ा। राजाजीपुरम, चिनहट में बिजली संकट से त्रस्त लोगों ने आधी रात हंगामा किया। इस दौरान उग्र भीड़ ने जमकर नारेबाजी की। वहीं चौपाटिया में भी बिजली न आने पर लोग उपकेंद्र पहुंच गये। इसके अलावा रायबरेली रोड स्थित न्यू डिफेंस कॉलोनी में एबीसी तार में आग लग गई। बीकेटी के कुम्हरावां गांव में बिजली गुल होने पर पूर्व विधायक ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। देर रात बिजली गुल होने पर नाराज हुए लोग राजाजीपुरम के पाल तिराहा उपकेंद्र में रात 12.30 बजे बिजली गुल हो गई। आधी रात बिजली गुल होने पर लोग भड़क गये और रात करीब 2.30 बजे उपकेंद्र पर हंगामा किया। इस दौरान उग्र भीड़ ने जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक भीड़ उपकेंद्र पर जमा रही लेकिन कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी ऋषभ गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में रोजाना अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से परेशान है। करीब चार बजे बिजली चालू हुई। आलमबाग नटखेड़ा रोड के गोविंद गली में दिन में कई घर व दुकानों की बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को काफी दिक्कत हुई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने बताया बिजली न आने से कारोबार ठप रहा। अंडर ग्राउंड केबल में हुआ फॉल्ट चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र में रात 12.30 बजे अंडरग्राउंड में धमाका हो गया। इससे हिमसिटी, देवा रोड, अमराई गांव, नंदपुर सहित कई इलाकों में अंधेरा छा गया। परेशान लोगों ने उपकेंद्र से लेकर अधिकारियों तक सम्पर्क साधा। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज लोगों ने उपकेंद्र पर धावा बोल दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जूनियर इंजीनियर मौके पर पहुंचे। इस दौरान उग्र भीड़ को शांत कराया। इसके बाद कर्मचारियों ने फाल्ट दुरुस्त करने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने बस कप्लर से हिमसिटी फीडर की सप्लाई चालू कर दी, लेकिन पूरी बिजली चालू होने पर सुबह करीब 4.30 बजे गया। इसके अलावा पुरनिया, अलीगंज, जानकीपुरम, कल्याणपुर, फैजुल्लागंज, दाउद नगर सहित कई इलाकों में बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। बिजली न आने पर पूर्व विधायक भड़के बीकेटी के कुम्हरावां गांव में बिजली गुल हो गई। इससे परेशान लोगों ने पूर्व विधायक अविनाश त्रिवेदी के पास पहुंच गये। जिस पर पूर्व विधायक ने एक्सईएन अरूण भारती को फोन किया, लेकिन एक्सईएन ने समस्या सुनने की बजाए जूनियर इंजीनियर का नंबर दे दिया। जिस पर पूर्व विधायक भड़क गये। उन्होंने मुख्य अभियंता वीपी सिंह को फोन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
तेज रफ्तार कार की टक्कर से जीजा-साले की मौत:बाइक से बाराबंकी लौट रहे थे, सीसीटीवी से तलाश जारी
लखनऊ के अयोध्या रोड पर शनिवार देर रात तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार जीजा-साले को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी चालक की तलाश कर रही है। बाराबंकी के शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी श्रवण कुमार (38) अपने साले राजेश कुमार (33) के साथ किसी काम से लखनऊ आए थे। शनिवार रात करीब 12:30 बजे दोनों बाइक से वापस बाराबंकी लौट रहे थे। बीबीडी थाना क्षेत्र में अयोध्या रोड स्थित अनौरा कला गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। बीबीडी थाना प्रभारी राम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर कार चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरियाणा में करनाल के गांव गोंदर में हुए सूरज हत्याकांड में तीसरे आरोपी और सीआईए-2 टीम के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी की टांग में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यह घटना घरौंडा एरिया के फुरलक-उपली रोड पर हुई। घटना के बाद एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। इस बीच एनकाउंटर की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। एनकाउंटर की खबर से रात में जुटा समाजएनकाउंटर से पहले ही समाज के लोगों को आशंका थी कि एनकाउंटर हो सकता है। जिसके बाद ही एससी समाज करनाल के अंबेडकर चौक पर एकत्रित हो गया। उसके बाद मुठभेड़ की सूचना आग की तरह पूरे करनाल में फैल गई। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मैसेज वायरल होने लगे। इसके बाद एससी समाज के लोग सरकारी अस्पताल में पहुंच गए। जहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि गोविंद का एनकाउंटर हो सकता है। सरेंडर को लेकर बना संशयइस पूरे मामले में यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि आरोपी गोविंद ने खुद सरेंडर किया था या पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। यही बात विवाद का मुख्य कारण बनती नजर आ रही है। एनकाउंटर से पहले वायरल हुए मैसेज...व्हाट्सएप मैसेज से बढ़ा विवादघरौंडा निवासी मलखान नंबरदार ने व्हाट्सएप पर एक मैसेज शेयर कर दावा किया कि 26 अप्रैल की दोपहर करीब 12 बजे गोविंद को मधुबन थाना में सरेंडर करवाया गया था। इसके बाद सीआईए-2 की टीम वहां पहुंची और उसे अपने साथ ले गई। मलखान नंबरदार ने बताया कि सीआईए-2 के इंचार्ज ने उन्हें भरोसा दिया था कि आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। लेकिन बाद में सूचना मिली कि आरोपी को कहीं और ले जाया गया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपी के साथ कोई गलत होता है या एनकाउंटर किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सजा देने का अधिकार केवल कोर्ट को है, पुलिस को नहीं। एसपी पर लगाए गंभीर आरोपमलखान नंबरदार ने अपने मैसेज में करनाल एसपी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसपी का रवैया एससी समाज के खिलाफ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण पहले भी कई अफसरों ने आत्महत्या की है। साथ ही प्रशासन से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश भी वायरलसोशल मीडिया पर रिंकू कोहंड ने भी वीडियो जारी कर कहा कि इस मामले में दो आरोपी पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। तीसरे आरोपी गोविंद ने मधुबन थाना में सरेंडर किया था और उस समय वह पूरी तरह ठीक था। उन्होंने कहा कि अब उसके एनकाउंटर की आशंका जताई जा रही है, जो गलत है। प्रशासन को किसी के साथ इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। समाज के लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील कीअंबेडकर चौक पर मौजूद शमशेर सिंह, राजीव गोंदर और अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें भी एनकाउंटर की सूचना मिली थी। लेकिन प्रशासन से बातचीत के बाद स्पष्ट हुआ कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के कोई भी वीडियो या मैसेज शेयर न करें और शांति बनाए रखें। क्या था पूरा मामला ...18 अप्रैल को हुई थी वारदातगांव गोंदर में 18 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे सूरज राणा बाइक पर किसी काम से निकला था। इसी दौरान गांव में लाला सुमेर चंद की दुकान के पास उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर गांव डाचर की ओर फरार हो गए थे। शुभम ने शिकायत में बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते गुरप्रीत, कुलदीप, अनुराग, विक्रम और मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजहपरिजनों के अनुसार वर्ष 2019 में गांव में हुए झगड़े में कपिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें सूरज का नाम सामने आया था। इस मामले में सूरज सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। करीब 8 महीने पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था। इसी रंजिश को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। घटना के बाद लगाया गया था जामघटना के बाद परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे थे। अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीण और परिजन ट्रैक्टरों में सवार होकर निसिंग पहुंचे और कैथल रोड पर गुरुद्वारा चौक के पास जाम लगा दिया था। सूचना मिलने पर निसिंग थाना पुलिस और डीएसपी गोरखपाल राणा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। रेकी कर बनाई गई थी साजिशपुलिस जांच में सामने आया कि कुलदीप ने अपने भाई कपिल की हत्या का बदला लेने के लिए सूरज की हत्या की साजिश रची थी। उसने करीब एक महीने तक सूरज की गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान उसने राहुल और गोविंदा को अपने साथ मिलाया और तीनों ने मिलकर पूरी योजना तैयार की। वारदात से पहले साथ रह रहा था गोविंदाजांच में यह भी सामने आया कि गोविंद करीब एक सप्ताह से कुलदीप के घर पर रह रहा था। दोनों मिलकर सूरज की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और सही मौके का इंतजार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश से खरीदे गए थे हथियारपुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने के लिए अवैध हथियार उत्तर प्रदेश से खरीदे थे। वारदात वाले दिन मौका मिलते ही उन्होंने सूरज पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार हो गए। सरेंडर की योजना भी बनाई थीघटना के बाद तीनों आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बनाई थी। कुलदीप वकील के पास पहुंचा, लेकिन राहुल और गोविंदा वहां से बाइक लेकर फरार हो गए। बाद में उन्होंने हथियार आसपास के क्षेत्र में छिपा दिए, जिन्हें पुलिस ने कुलदीप की निशानदेही पर बरामद कर लिया। रिमांड में मिले अहम सुरागपुलिस ने कुलदीप को 20 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चार दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर राहुल को गिरफ्तार किया गया। राहुल के खिलाफ पहले मारपीट का एक मामला दर्ज है, जबकि गोविंदा पर कई आपराधिक मामले बताए जा रहे हैं। वहीं कुलदीप का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया। आरोपी ने किए थे दो फायर घरौंडा थाना में एएसआई रोहताश ने बताया कि गोंदर गांव के सूरज हत्याकांड में एक आरोपी गोविंदा वांटेड था। इसके पीछे सीआईए-2 करनाल लगी हुई थी। यहां उपली रोड पर पुलिस और आरोपी के बीच आपस में फायरिंग हुई। पहले आरोपी की तरफ से दो फायर किए गए थे, एक गोली पुलिस की गाड़ी पर लगी है, लेकिन सभी पुलिसकर्मी सुरक्षित है, आरोपी को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से भी तीन फायर किए गए थे, जिसमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी। जिसको अस्पताल में भेज दिया है। आरोपी मोटरसाईकिल पर सवार था। अब आरोपी का इलाज करवाया जाएगा और उसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी कि वह कहां से पिस्टल लेकर आया था और इस वारदात को क्यों अंजाम दिया था। आरोपी के पास से अवैध देसी पिस्टल मिली है।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक मकान में भीषण आग लगने के बाद सनसनी फैल गई। आग के बाद अंदर फंसे परिवार को लोगों ने सकुशल बाहर निकाला और राहत की सांस ली। करीब दो घंटे में केवल दो ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच सकीं। उधर, सदर में भी देर रात लकड़ी के गोदाम में भीषण आग लग गई। तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर हादसे पर सरधना बिनौली रोड पर शैलेंद्र परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर दुकान बना रखी है और प्रथम तल पर पूरे परिवार के साथ रहते हैं। रविवार रात परिवार घर में सोया हुआ था कि अचानक आग आग का शोर सुनकर सभी बाहर की तरफ भागे। परिवार ने देखा मकान के ग्राउंड फ्लोर पर आग भड़की है। लोगों ने परिवार को सकुशल बाहर निकाला जिस मकान में आग लगी थी, उसमें तीन परिवार रहते हैं। शैलेंद्र ने शोर मचाया और अंदर मौजूद परिवार के सदस्यों को सकुशल बाहर निकाल लिया। बताया जाता है कि शैलेंद्र के दो बेटे हैं, जो अपने परिवार के साथ अंदर ही मौजूद थे। डेढ़ घंटे में पहुंची एक ही फायर ब्रिगेड आग लगने के बाद करीब आधा घंटे में दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। आग इतनी भीषण थी कि उस पानी का जरा भी असर नहं पड़ा और वह फैलता चली गई। देखते ही देखते लोगों में सनसनी फैल गई। लोगों की भीड़ जमा होती चली गई। पेट्रोल पंप होने से अटकी सांसें शैलेंद्र के मकान से दो मकान छोड़कर इंडियन ऑयल कंपनी का पेट्रोल पंप है। आग जैसे जैसे फैलती जा रही थी, वैसे वैसे लोगों की दिल की धड़कन भी बढ़ गई थी। लोगों को डर था कि कहीं आग पेट्रोल पंप तक ना पहुंच जाए। अगर ऐसा हुआ तो नुकसान होने से कोई नहीं रोक पाएगा। डेढ़ घंटे में पहुंची दूसरी गाड़ी दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और महज 15 मिनट में खाली हो गई। चौकाने वाली बात यह थी कि आग पर फिर भी काबू नहीं पाया गया। देखते ही देखे कैंटर खाली हो गया और लोग दूसरे कैंटर के आने का इंतजार करते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद यह कैंटर पहुंचा लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी। लकड़ी के गोदाम में लगी आग रविवार रात सदर स्थित लकड़ी के गोदाम में भीषण आग लग गई। यह गोदाम शील कुंज निवासी गौरव का बताया जा रहा है। देर रात गोदाम से धुआ उठता देख लोगों ने शोर मचा दिया। देखते ही देखते धुआ आग में तब्दील हो गया। लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर दमकल की एक गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने में जुट गई। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था।
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित छीपी टैंक पर एक युवती का फंदे पर झूलता शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवती आगरा के बैंक में मैनेजर बताई जा रही है। तीन दिन बाद ही उसके भाई की शादी होनी थी। उससे पहले ही यह हादसा हो गया। पुलिस ने शव मोर्चरी भिजवा दिया है। पहले एक नजर वारदात पर छीपी टैंक प्रभात वाली गली में सत्येंद्र कुमार गुप्ता का परिवार रहता है। वह पुलिस विभाग से रिटायर हैं। एक बेटा ग्रामीण बैंक में मैनेजर है तो बेटी आगरा के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात है। फंदे पर लटका मिला शव रविवार को परिवार ने देखा कि 42 वर्षीय शिल्पी के कमरे में कोई हलचल नहीं हो रही है। वह परेशान होकर कमरे पर पहुंचे तो पाया कि वह अंदर से बंद है। झाककर देखा तो शिल्पी का शव फंदे के सहारे लटका हुआ था। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस को बुला लिया गया। आगरा के बैंक में मैनेजर थी शिल्पी परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि शिल्पी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया संजय पैलेस आगरा ब्रांच में सीनियर मैनेजर (स्केल तीन) के पद पर तैनात है। वह हाल ही में भाई की शादी के चलते छुट्टी पर आई थी लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। भाई भी है सरकारी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर एसएचओ सौरभ तिवारी ने बताया कि शिल्पी बैंक में जॉब करती थी। छानबीन में सामने आया है कि उसका भाई आशीष गुप्ता भी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट पद पर तैनात है। 30 तारीख को आशीष की बारात जानी है लेकिन उससे पहले ही बहन के साथ यह हादसा हो गया। पिता रिटायर्ड दरोगा, मां गृहणी एसएचओ ने बताया कि शिल्पी के पिता सत्येंद्र कुमार गुप्ता पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद से रिटायर हैं। शिल्पी की मां का नाम आभा गुप्ता है जो एक गृहणी है। परिवार का कोई भी शख्स यह बता नहीं पा रहा है कि इस सुसाइड की वजह क्या है। पोस्टमार्टम से स्थिति होगी स्पष्ट सीओ सिविल लाइन (प्रभार) शुचिता सिंह ने बताया कि शिल्पी के शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इससे पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
पाली में रविवार रात को सड़क हादसे में दो युवकों को मौत हो गई वही एक युवक गंभीर घायल हो गया। बॉडी पुलिस ने बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाई और घायल का इलाज जारी है। उधर से गुजर रहे मंत्री जोराराम रुके और घायलों को एंबुलेंस में शिफ्ट करवाने में मदद की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक युवक पैदल चल रहा था। जिससे बाइक सवार दो युवक टकराए। पुलिस के अनुसार पाली जिले के सांडेराव थाना एरिया के केनपुरा के पास रविवार रात को हादसा हुआ। जिसमें एमपी के वाजना रतलाम निवासी 35 साल के पारस पुत्र वाजीया और जालोर जिले के छिपरवाड़ा (आहोर) निवासी रमेश पुत्र नेनाराम मीणा की मौत हो गई। वही जालोर जिले के सरली निवासी 28 साल का नेमाराम पुत्र पोकरराम घायल हो गए। मृतकों की बॉडी बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाई। वही घायल का इलाज जारी है।
होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा में दूसरे दिन भी सख्ती देखने को मिली। दूसरे दिन 40129 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे, जिनमें से 9651 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। परीक्षा के बाद जाम की समस्या का फिर एक बार सामना करना पड़ा। पहले एक नजर परीक्षा पर होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए मेरठ में 43 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। दो पालियों में परीक्षा संपन्न होनी है, जिसको देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। आसान पेपर देख खिले चेहरे परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यर्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए। इसकी वजह आसान प्रश्न पत्र रहा। परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न घुमाकर दिए गए थे, जिनका हल ढूंढने में कुछ अतिरिक्त समय लगा। हालांकि सभी प्रश्न आसान थे। अर्द्धकुंभ मेला कितने वर्ष में लगता है जैसे प्रश्नों को देखकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। दूसरे दिन 9651 ने छोड़ी परीक्षा परीक्षा में दूसरे दिन प्रथम व द्वितीय पाली मिलाकर 40129 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। प्रथम पाली में 20065 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4904 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। 15160 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। दूसरी पाली में पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या 20064 रही, जिसमें 4747 अभ्यर्थी अनुपस्थित मिले। इस लिहाज से 15318 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। दोनों पालियों में 9651 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सहायक नोडल अधिकारी के रूप में एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव तैनात रहे, जिनके निर्देशन में सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी एक्टिव दिखाई दिए। खुफिया एजेंसी भी एक्टिव दिखीं। यहां तक की एसटीएफ की निगरानी भी रही।
इंदौर के हीरानगर में शनिवार रात बजरंग दल के जिला संयोजक के भतीजे की बारात में जमकर हंगामा हो गया। एसीपी की गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर वह बिफर गईं। सड़क पर ही बहस करने लगीं। इसके चलते वहां ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। बाद में टीआई मौके पर पहुंचे और मामले को शांत किया। मामला गौरी नगर के पास एक्सिस बैंक के पास का है। यहां बजरंग दल के जिला संयोजक जयेश मौर्य की बारात निकल रही थी। इस दौरान व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए बाउंसर भी लगाए गए थे। तभी वहां से महिला एसीपी रूबिना मिजवानी अपनी जीप से गुजर रही थीं। सड़क पर जाम से नाराज हो गईं सड़क पर जाम की स्थिति होने के चलते महिला एसीपी गुस्सा हो गईं। उन्होंने कुछ युवकों को धक्का दे दिया। इस दौरान कुछ हिंदूवादियों ने महिला एसीपी से कह दिया कि वह पाकिस्तान जाकर बारात निकालें। महिला एसीपी का कहना था कि बारात के चलते सड़क पर जाम लग रहा है। उन्होंने यहां करीब आधे घंटे तक बारात को नहीं निकलने दिया। टीआई ने खुलवाया जाम जानकारी मिलने के बाद टीआई सुशील पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों को समझाया और बारात को मौके से रवाना किया। बताया जा रहा है कि हिंदूवादियों ने साफ तौर पर कहा कि अगर शादी नहीं होती तो वे बताते। हालांकि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों तक एसीपी के व्यवहार को लेकर शिकायत करने की बात कही। बाणगंगा में भी हो चुका है विवाद इससे पहले भी महिला एसीपी से चेकिंग के दौरान एक कार में सवार महिला ने भी बदतमीजी की थी। तब भी महिला एसीपी ने मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि सोशल मीडिया पर इसका मैसेज वायरल हुआ था। ऑफिस शिफ्ट होने के बाद होती है दिक्कत हीरानगर एसीपी रूबिना मिजवानी का ऑफिस पहले गौरी नगर सब्जी मंडी में था, लेकिन 6 माह से वह हीरानगर थाने के ऊपर बैठने लगी हैं। इसके चलते अफसरों ने उन्हें कुछ दिन पहले नया ऑफिस ढूंढने के लिए कहा था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उन्हें इस ऑफिस में आने-जाने के दौरान कई बार जाम में फंसना पड़ता है।
ग्वालियर शहर में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तावित ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। 4 मई को शीतला माता मंदिर, शिवपुरी लिंक रोड पर आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं, मंच व्यवस्था, वीआईपी प्रोटोकॉल, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और आमजन की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर, एसडीएम अतुल सिंह, एसडीएम नरेन्द्र बाबू यादव, अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार, अपर संचालक उच्च शिक्षा डॉ. रत्नम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विश्वविद्यालय से जुड़े पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के 'जल संचय भागीदारी' (JSJB) अभियान के तहत मध्यप्रदेश अब पूरे देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। बीते 5 मार्च तक मध्यप्रदेश इस सूची में छठे स्थान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की निरंतर समीक्षा और जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के परिणामस्वरूप प्रदेश ने रैंकिंग में यह लंबी छलांग लगाई है। डिंडौरी नेशनल रैंकिंग में पहले नंबर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल प्रबंधन के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश के सामने एक श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है । इस अभियान की सफलता में जिलों का योगदान भी सराहनीय रहा है, जहां राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में डिंडौरी जिला पहले और खंडवा जिला दूसरे स्थान पर रहा है। प्रदेश में इस महाअभियान के तहत 16 सरकारी विभागों की 82 प्रमुख गतिविधियों को चिन्हित किया गया है, जिसके माध्यम से जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और नए जल स्रोतों के निर्माण पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के तहत न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी बडे़ स्तर पर काम किए जा रहे हैं। वन भूमि पर होने वाले जल संरक्षण कार्यों को गति देने के लिए एक विशेष 'ऑनलाइन ऐप' भी विकसित किया गया है, जिससे अनुमति की प्रक्रिया सुगम और पारदर्शी हो गई है। अभियान से जुड़े आंकड़े फॉर्म पॉन्ड, अमृत सरोवर बनाए जा रहे पूरे अभियान के लिए 6,630 करोड़ रुपए का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत खंडवा जिला प्रदेश में पहले, खरगोन दूसरे और डिंडौरी तीसरे स्थान पर है।अभियान में फार्म पॉन्ड, अमृत सरोवर और पुराने मनरेगा कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'(AI) से नाबालिग छात्रा का अश्लील वीडियो जनरेट कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। मनचला, नाबालिग छात्रा के पिता की दुकान का कर्मचारी है। वह रोज छात्रा का पीछा करता था। रास्ते में कई बार छेड़छाड़ की। 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' से बनाए गंदे वीडियो को दिखाकर छात्रा को ब्लैकमेल किया और उसकी मां के गहने ऐंठ लिए। घटना उपनगर मुरार में 5 फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच की है। अब जब गहनों की पड़ताल हुई तो छात्रा के साथ हो रही हरकत का खुलासा हुआ है। छात्रा परिजन के साथ मुरार थाना पहुंची और मामले की शिकायत की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।मुरार में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी जो 12वीं की छात्रा है। छात्रा ने रविवार को मुरार थाना पहुंचकर शिकायत की है कि उसके पिता की सदर बाजार में दुकान है। दुकान पर हर्ष ठाकुर नामक युवक काम करता है। छात्रा बारादरी पर कोचिंग पढ़ने जाती है। फरवरी माह से हर्ष ठाकुर उसका पीछा करने लगा। छात्रा ने मना किया तो उसने प्यार का इजहार किया, जिस पर छात्रा ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद उसके एआई से वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर 15 हजार रुपए की मांग की। उसके पास इतने रुपए नहीं थे तो उसने इसकी शिकायत पिता से की। जिस पर पिता ने हर्ष ठाकुर को समझाया तो उसने परेशान न करने का वादा किया। कुछ दिन शांत रहा फिर दी धमकीकुछ दिन तक तो हर्ष ठाकुर शांत रहा और फिर से उसकी कोचिंग पर आकर फिर से 15 हजार रुपए की मांग कर उसे धमकाने लगा और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी दी। धमकी से घबराई छात्रा ने मां के अलमारी में रखे दो मंगलसूत्र, एक जोड़ी कड़े निकाल कर हर्ष ठाकुर को दे दिए। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग, रविंद्र जायसवाल ने सर्किट हाउस सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जनपद की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल समस्या पर गंभीरता दिखाते हुए कहा कि जनपद में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए, साथ ही नगर पालिका और अन्य क्षेत्रों में वाटर कूलर लगाने की व्यवस्था की जाए। मंत्री ने गेहूं खरीद केंद्रों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों से समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। बैठक में माननीय विधायक सदर भूपेश चौबे, माननीय विधायक घोरावल डॉ. अनिल कुमार मौर्य, जिलाधिकारी चर्चित गोंड, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागीय कार्यों में तेजी लाने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
कानपुर में दहेज ना मिलने से टूटी शादी:7 लाख कैश, बाइक की डिमांड; एक दिन पहले बारात लौटी
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में शादी से ठीक एक दिन पहले दूल्हे ने सात लाख रुपये नकद और स्पोर्ट्स बाइक की मांग पूरी न होने पर बरात लाने से इनकार कर दिया। अचानक रिश्ता टूटने से दुल्हन पक्ष में कोहराम मच गया और शादी की सारी तैयारियां धरी रह गईं। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने दूल्हे समेत परिजनों पर दहेज निषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कल्याणपुर आवास विकास-1 के सत्यम बिहार निवासी युवती की शादी घर से कुछ ही दूरी पर रहने वाले सौरभ सिंह से तय हुई थी। रविवार को बरात आनी थी। घर में मेहमानों का आना-जाना शुरू हो चुका था, हलवाई से लेकर टेंट तक की बुकिंग हो चुकी थी। पीड़ित परिवार के मुताबिक शनिवार शाम को अचानक सौरभ के घर से फोन आया। फोन पर दूल्हे के परिजनों ने साफ कहा कि शादी तभी होगी जब सात लाख रुपये कैश और एक स्पोर्ट्स बाइक अलग से दी जाए। पिता ने पहले से तय दहेज का हवाला देते हुए अतिरिक्त मांग पूरी करने में असमर्थता जताई। इसके बाद लड़के पक्ष ने बरात लाने से साफ इनकार कर दिया। घटना के बाद दोनों परिवारों के रिश्तेदारों और मोहल्ले के संभ्रांत लोगों ने कई बार बैठकर बात सुलझाने की कोशिश की। घंटों मान-मनौव्वल के बाद भी सौरभ और उसके परिजन अपनी जिद पर अड़े रहे। दूल्हा पक्ष ने कहा कि बिना नकदी और बाइक के वह शादी नहीं करेंगे। लगातार इनकार के बाद रविवार को पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और हंगामा किया। मामला बढ़ता देख एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की ताकि रिश्ता बच सके, लेकिन कोई हल नहीं निकला। एसीपी के निर्देश पर पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी दूल्हा सौरभ सिंह, उसके भाई गौरव और अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज निषेध अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया, हमने दोनों पक्षों को समझाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन दूल्हा पक्ष शादी के लिए राजी नहीं हुआ और लड़की पक्ष कार्रवाई चाहता था। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है, साक्ष्य मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
पॉश कानून पूरा, अलग से नहीं बनाई जा सकती जांच कमेटी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगे तो नियोक्ता (संस्था) उसे सस्पेंड कर सकती है, लेकिन विश्वविद्यालय और कॉलेज इस मामले में कानून से अलग अपनी अलग जांच कमेटी नहीं बना सकते
बोकारो: विवाहिता से दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
बोकारो जिले अंतर्गत बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के जारंगडीह प्रेम नगर में महिला के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म के प्रयास की सनसनीखेज वारदात सामने आई है
जोधपुर कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार, हवाई हमले (एयर रेड) और ब्लैक आउट की स्थिति को लेक मॉक ड्रिल की गई। इसके जरिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की परख की गई। मॉक ड्रिल के दौरान लगभग ढाई से तीन मिनट तक कलेक्ट्रेट परिसर में सायरन बजाकर हवाई हमले की चेतावनी दी गई। इसके बाद शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बनाकर बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया, जिससे आपातकालीन स्थिति में विद्युत विभाग और अन्य एजेंसियों की प्रतिक्रिया की टेस्टिंग हुई। इसकी जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने मॉनिटरिंग की। इस दौरान वायुसेना और नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष के बीच समन्वय स्थापित करते हुए हवाई हमले की चेतावनी प्रक्रिया, फाइबर हॉटलाइन और एयर रेड सायरनों की सक्रियता का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इससे आपातकाल में सूचना की गति और दायरे की प्रभावशीलता की जांच हुई।
यमुनोत्री-गंगोत्री यात्रा सुचारू, श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव श्री यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा इस वर्ष जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के बीच सुचारू रूप से संचालित हो रही है
बस्ती में बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर:दो की मौत, मनौरी ओवरब्रिज के पास हुआ हादसा
बस्ती में पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के मनौरी मोड़ के पास एक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई। यह दुर्घटना ओवरब्रिज पर चढ़ने से लगभग 50 मीटर पहले हुई, जब एक बोलेरो ने बाइक को टक्कर मार दी। घटनास्थल पर ही दोनों बाइक सवारों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मृतकों की शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक कोतवाली बस्ती के बैरियहवा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना पर वाल्टरगंज के एसओ सूर्य प्रकाश सिंह, मनौरी चौकी प्रभारी उपेंद्र शर्मा और पुरानी बस्ती के थाना प्रभारी जयदीप दूबे मौके पर पहुंचे। थानेदार सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और मृतकों की पहचान तथा विधिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना के बाद मौके पर जाम की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर बहाल कराया।
राजधानी लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस की भव्य दीक्षांत परेड में 60,244 नए आरक्षियों ने औपचारिक रूप से सेवा में कदम रखा। योगी आदित्यनाथ ने परेड की सलामी लेकर जवानों का उत्साहवर्धन किया। वहीं समारोह से जुड़ा हैशटैग #UPPolice सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विश्व स्तर पर नंबर-1 ट्रेंड बन गया। लखनऊ में भव्य दीक्षांत परेड, सीएम ने ली सलामीलखनऊ पुलिस लाइंस में रविवार को आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 आरक्षी शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी लेते हुए जवानों का मनोबल बढ़ाया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित भी किया गया। #UPPolice बना दुनिया का नंबर-1 ट्रेंडदीक्षांत परेड से जुड़ी गतिविधियों को प्रदेशभर के पुलिस विभागों ने सोशल मीडिया पर साझा किया। #UPPolice हैशटैग के साथ जैसे ही पोस्ट किए गए, कुछ ही समय में यह वैश्विक स्तर पर ट्रेंड करने लगा। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह ट्रेंड देखते ही देखते दुनिया के टॉप ट्रेंडिंग में पहले स्थान पर पहुंच गया और करीब चार घंटे तक शीर्ष पर बना रहा। सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड एंगेजमेंटइस दौरान #UPPolice हैशटैग पर 64 हजार से अधिक ट्वीट किए गए। इन पोस्ट्स को लगभग 64 मिलियन लोगों तक पहुंच मिली, जबकि 5 लाख 58 हजार से अधिक व्यूज दर्ज किए गए। कुल मिलाकर इस ट्रेंड को 1.13 बिलियन इंप्रेशन प्राप्त हुए, जो यूपी पुलिस की डिजिटल पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। नई ऊर्जा के साथ सेवा में उतरे जवानदीक्षांत परेड के साथ ही हजारों नए आरक्षी अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तैयार हो गए हैं। समारोह में अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना की झलक साफ दिखाई दी। अधिकारियों का कहना है कि इन नए जवानों से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। डिजिटल और फील्ड, दोनों मोर्चों पर दमदार उपस्थितिएक ओर जहां परेड के जरिए यूपी पुलिस की ताकत और अनुशासन का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर #UPPolice के ट्रेंड ने यह दिखा दिया कि विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रभावी उपस्थिति बनाए हुए है।
लखनऊ में भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। साथ ही रामायण के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर ब्राह्मण और ठाकुर समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। मड़ियांव निवासी अमित त्रिपाठी भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शनिवार रात 12 बजे से 2 बजे के बीच दीपमणि यादव नामक व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर कॉल किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने उन्हें जानमाल की धमकी दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने देश के शीर्ष नेताओं के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करते हुए जातिगत टिप्पणी की। अमित त्रिपाठी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
रश्मिरथी पर्व का समापन:लखनऊ में सांस्कृतिक संगम, तिलक और अटल के विचारों से गूंजा प्रतिष्ठान
राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का रविवार को भव्य समापन हुआ। रविवार को अंतिम दिन लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और योगदान पर केंद्रित कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। तिलक और अटल के विचारों से गूंजा परिसरसमापन दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्रनायकों के जीवन, विचार और योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। लोकमान्य तिलक के स्वराज, स्वाभिमान और राष्ट्र चेतना के संदेश को नाट्य मंचन के माध्यम से जीवंत किया गया। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं पर आधारित ‘अटल स्वरांजलि’ ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान “भारत माता की जय” के नारों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान गूंजता रहा। युवाओं में दिखा खास उत्साहकार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, साहित्य प्रेमी और बुद्धिजीवी शामिल हुए। युवाओं ने न केवल कार्यक्रमों को देखा बल्कि राष्ट्रनिर्माण और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े विचारों को आत्मसात भी किया। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। नेताओं ने विरासत संरक्षण पर दिया जोरइस मौके पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जिन महापुरुषों पर यह आयोजन केंद्रित है, उनके योगदान को समझना और आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया।वहीं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नई दिशा दी है। विरासत और विकास का संतुलित समन्वयप्रदेश सरकार की नीति में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी समान महत्व दिया जा रहा है। जहां एक ओर एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज और निवेश जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रनायकों, संतों और साहित्यकारों की स्मृतियों को सहेजने के लिए ऐसे आयोजनों का विस्तार किया जा रहा है। तीन दिन तक चला सांस्कृतिक और वैचारिक उत्सव24 से 26 अप्रैल तक चले इस रश्मिरथी पर्व में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिला। अलग-अलग सत्रों में देश के महान व्यक्तित्वों के जीवन और योगदान पर चर्चा हुई, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को जीवंत बनाए रखा। समापन के साथ छोड़ा प्रेरणा का संदेशरश्मिरथी पर्व का समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं बल्कि एक संदेश के साथ हुआ कि विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और राष्ट्रनायकों के विचारों को संजोना भी उतना ही आवश्यक है। यह आयोजन युवाओं को प्रेरणा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सफल रहा।
गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र में एक युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कथित भ्रामक और तथ्यहीन टिप्पणियां करने का आरोप है, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 अप्रैल 2026 का है, जब जमानियां क्षेत्र के धरम्मरपुर पुल के पास एक युवती की चप्पल, मोबाइल फोन और गमछा बरामद हुआ था। बाद में युवती का शव नदी से मिला। परिजनों की लिखित सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पिता सियाराम की तहरीर पर 19 अप्रैल 2026 को करंडा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पाण्डेय (पुत्र सुभाष पाण्डेय, निवासी ग्राम कटरिया) को बड़सरा बाईपास, आरीपुर-पहाड़पुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस घटना को लेकर कांग्रेस (@INDIndia) और समाजवादी पार्टी मीडिया सेल (@mediacellsp) के आधिकारिक 'X' हैंडल से की गई पोस्ट्स को पुलिस ने भ्रामक और गलत बताया है। पुलिस का आरोप है कि इन पोस्ट्स के जरिए समाज में अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने की कोशिश की गई। करंडा थाना पुलिस ने कांग्रेस के खिलाफ मुकदमा संख्या 60/2026 और समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के खिलाफ मुकदमा संख्या 61/2026, दोनों भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) के तहत दर्ज किए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने घुटना प्रत्यारोपण (कम्प्लीट नी रिप्लेसमेंट) की जरूरत वाले कई मरीजों का इलाज अब “पार्शियल नी सर्जरी” के जरिए सफलतापूर्वक करना शुरू कर दिया है। इस तकनीक से मरीजों को पूरा घुटना बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ रही और वे जल्दी ठीक होकर सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। KGMU आर्थोपेडिक विभाग प्रोफेसर शैलेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी डॉक्टरों को इस तकनीक के बारे में सिखाने के लिए रविवार को आंशिक घुटना प्रत्यारोपण पर आधारित वर्कशॉप आयोजित किया गया। 100% सफलता की दर कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के घुटने का केवल एक हिस्सा खराब होता है, उनमें पूरी सर्जरी की बजाय आंशिक सर्जरी बेहतर विकल्प साबित हो रही है। KGMU के प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र यादव ने बताया कि अब तक करीब 20 पार्शियल नी सर्जरी की जा चुकी हैं और सभी मरीजों में 100% सफलता मिली है। इन मरीजों को मिली राहत मऊ की 62 वर्षीय मीनू राय पिछले चार साल से दोनों घुटनों के दर्द और चलने में परेशानी से जूझ रही थीं। कई अस्पतालों में उन्हें घुटना बदलवाने की सलाह दी गई थी, लेकिन KGMU में पार्शियल सर्जरी से उनका इलाज किया गया और अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी तरह सुल्तानपुर की 52 वर्षीय जदावती और 58 वर्षीय रामलक्ष्मी को भी घुटना प्रत्यारोपण की सलाह मिली थी, लेकिन यहां आंशिक सर्जरी के बाद उनकी परेशानी दूर हो गई। पार्शियल नी सर्जरी क्या है? यह एक आधुनिक सर्जरी तकनीक है, जिसमें घुटने के केवल खराब हिस्से को ही बदला जाता है, जबकि बाकी स्वस्थ हिस्सा सुरक्षित रखा जाता है। इससे ऑपरेशन छोटा होता है, दर्द कम होता है, रिकवरी जल्दी होती है और मरीज जल्द ही सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकता है।
लखनऊ में 'बेस्ट का अवार्ड सीजन-4' का फिनाले:गीता शर्मा, रितिका सिंह समेत कई कलाकारों ने जीते खिताब
लखनऊ के कैफे आजमी अकादमी में 'बेस्ट का अवार्ड सीजन-4' का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया गया। 'बीट्स ऑफ अवध-4' थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में सिंगिंग, डांस और राइजिंग स्टार कैटेगरी के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता अजय सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। अजय सिंह वेब सीरीज 'आश्रम' में सीएम के सचिव के किरदार से लोकप्रिय हुए हैं। वह जल्द ही प्रकाश झा और अनुराग कश्यप के आगामी प्रोजेक्ट्स में भी नजर आएंगे। डांस कैटेगरी में रितिका सिंह विजेता बनीं प्रतियोगिता में सिंगिंग कैटेगरी में गीता शर्मा ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि विवेक रावत पहले रनरअप और मयंक श्रीवास्तव दूसरे रनरअप रहे। डांस कैटेगरी में रितिका सिंह विजेता बनीं।गोल्डन कैटेगरी में कीर्तिका श्रीवास्तव ने जीत हासिल की, क्षितिज श्रीवास्तव पहले रनरअप और नमिता अग्रवाल दूसरे रनरअप रहीं। राइजिंग स्टार कैटेगरी में जेएन राघव राव और अदिति राव ने अपनी पहचान बनाई। बच्चों और युवाओं की छिपी प्रतिभा को सामने लाना है कार्यक्रम के दौरान नम्रता द्वारा तैयार 'बोफा' टाइटल सॉन्ग भी लॉन्च किया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।आयोजक अनिल कश्यप ने बताया कि इस मंच का उद्देश्य शहर के बच्चों और युवाओं की छिपी प्रतिभा को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कलाकारों को पहचान और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
लखनऊ में कॉरपोरेट जगत के अहम मुद्दों पर बड़ा मंथन देखने को मिला। द इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के लखनऊ चैप्टर की ओर से आयोजित सेमिनार में बोर्डरूम के बदलते कानूनी माहौल, कॉरपोरेट गवर्नेंस और कंपनियों में बढ़ती विधिक जटिलताओं पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि आईसीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन जी. चंडक ने साफ कहा कि मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस ही किसी भी कंपनी की स्थिरता और भरोसे की असली नींव है। उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी पेशे को युवाओं के लिए बेहतरीन करियर विकल्प बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बड़े अवसर मिलते हैं और सीधे निदेशक मंडल के साथ काम करने का मौका मिलता है। जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि ज्यादा युवा जुड़ सकें उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में आईसीएसआई के 4,845 सदस्य हैं, जबकि 20,411 से ज्यादा छात्र इस कोर्स से जुड़े हुए हैं। वहीं लखनऊ में ही 3,309 छात्र कंपनी सेक्रेटरी की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि इस प्रोफेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि ज्यादा युवा इससे जुड़ सकें। धारा 185 पर विस्तार से चर्चा की सेमिनार के तकनीकी सत्र में पूर्व कंपनी सेक्रेटरी एवं अनुपालन प्रमुख सीएस कालीदास रामास्वामी ने अधिनियम 2013 की धारा 185 पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निदेशकों को ऋण देने से जुड़े नियम, कानूनी पेचीदगियां और संभावित जोखिमों को आसान भाषा में समझाया। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी कंपनियों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।कार्यक्रम के सफल आयोजन में नेतृत्व टीम की अहम भूमिका रही। पूर्व अध्यक्ष सीएस अभिषेक सिन्हा, सीएस शोभित रस्तोगी और सीएस हिमांद्री वर्मा ने अपने अनुभव से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया। ये रहे मौजूद इस मौके पर सीएस धनंजय शुक्ला, सीएस मनोज पूर्बे, सीएस सुरेश पांडेय और लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष सीएस मोहित चंद्र शर्मा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। अंत में मोहित चंद्र शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पेशेवरों को नए कानूनी बदलावों से अपडेट रखने में बेहद जरूरी हैं।
लखनऊ में रविवार को 'इंडिया लहराएगा हुनर का परचम-4' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वृंदावन योजना स्थित वृंदावन रेस्टोरेंट में हुए इस रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जे.पी.एस स्टार 11 के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में कला, संगीत और कॉमेडी का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय माहौल में हुई। नित्या यादव, प्रत्यक्ष कौर, रुद्र गुप्ता, अनुष्का गुप्ता और मीनाक्षी ने 'जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी' पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को देवी भक्ति में सराबोर कर दिया। गायन प्रस्तुतियों पर दर्शकों का उत्साह दिखा इसके बाद मंच पर संगीत का जादू बिखरा। कोमल कुमारी ने 'चुरा लिया है' गीत गाया, जबकि हर्षिता ने 'वादा न तोड़' गीत प्रस्तुत किया। इन गायन प्रस्तुतियों पर दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।कार्यक्रम में हास्य का तड़का भी लगा। जूनियर राजू श्रीवास्तव के नाम से मशहूर जय प्रकाश तिवारी ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति ने पूरे माहौल को मनोरंजक बना दिया। समारोह के अंत में कई प्रतिभाशाली और विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। फिल्मकार प्रदीप श्रीवास्तव, महेश प्रताप, अंकित गौतम, एकांकी शर्मा, मिहिर सचान, हर्षिता चतुर्वेदी और नेहा वर्मा शामिल हुईं।
पन्ना जिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने एक युवक पर एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई भाजपा की जिला उपाध्यक्ष की शिकायत के बाद की गई है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष पूनम यादव ने रविवार, 26 अप्रैल को कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि ‘एक्स’ पर 'सचिन मौर्य' (@Sachinsamrat89) नाम के हैंडल से गृह मंत्री अमित शाह के लिए अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। शिकायत के मुताबिक, इस पोस्ट में एक महिला की तस्वीर का उपयोग कर छवि खराब करने की कोशिश भी की गई, जिससे कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। दर्ज की गई धाराएं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सचिन मौर्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है- धारा 352: सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाना। धारा 353(2): अफवाह फैलाना। धारा 356(1): मानहानि। धारा 196(1): विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना। जांच और पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की साइबर सेल टीम आरोपी की लोकेशन ट्रैक करने और उसकी पहचान पुख्ता करने में जुटी है, ताकि जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जा सके। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियों के जरिए समाज में वैमनस्य फैलाने की साजिश की जा रही है।
अयोध्या जिले के मिल्कीपुर सीट पर भाजपा विधायक चंद्रभानु पासवान को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 49% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा है। 72 % लोग चाहते हैं कि भाजपा उम्मीदवार जीते। दूसरे नंबर पर समाजवार्दी पार्टी है। 25% लोग चाहते हैं सपा जीते। तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद चंद्रभानु पासवान हैं। उन्हें 52% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा हैं, गोरखनाथ को 35% लोगों ने पसंद किया है। जबकि तीसरे नंबर पर राधेश्याम त्यागी हैं, उन्हें 6% ने पसंद किया है। इस सीट पर सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम सुरेंद्र कुमार रावत का है, जिन्हें 4% लोगों ने पसंद किया है। सपा में पहली पसंद अजीत प्रसाद हैं। इन्हें 48% लोगों ने पसंद किया है। देवकीनंदन कनौजिया को 27%, विद्याभूषण पासी को 11%, लोगों ने पसंद किया है।बसपा में पहली पसंद रामगोपाल कोरी हैं। इन्हें 68% लोगों ने पसंद किया है। कृष्ण कुमार पासी को 16%, लोगों ने पसंद किया है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए क्लिक करें।
5 दिन से लापता क्लर्क का शव तालाब में मिला:जांजगीर-चांपा पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
जांजगीर-चांपा जिले के नरियरा नगर पंचायत में एक शासकीय स्कूल क्लर्क का शव तालाब से बरामद किया गया है। भिलौनी शासकीय स्कूल में पदस्थ 55 वर्षीय रामकुमार निर्मलकर पिछले पांच दिनों से लापता थे। उनका शव रविवार सुबह स्थानीय किराही तालाब में मिला। जानकारी के अनुसार, रामकुमार निर्मलकर 13 अप्रैल की सुबह लगभग 5 बजे घर से तालाब जाने की बात कहकर निकले थे। जब वे काफी समय तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर मुलमुला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने उन्हें खोजने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की थी। नहाने पहुंचे ग्रामीणों ने तालाब में देखा शव तैरता हुआ रविवार सुबह कुछ ग्रामीण किराही तालाब में नहाने पहुंचे, जहां उन्होंने पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। ग्रामीणों ने तत्काल वार्ड पार्षद और पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची मुलमुला पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से शव को तालाब से बाहर निकलवाया। शव कई दिनों तक पानी में रहने के कारण क्षत-विक्षत हो चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर शव की पहचान रामकुमार निर्मलकर के रूप में की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें दुर्घटना, आत्महत्या या अन्य किसी कारण की संभावना भी शामिल है।
कोरबा, 26 तारीख को कटघोरा पुलिस ने नेशनल हाईवे पर संचालित कंचन ढाबा को सील कर दिया। यह कार्रवाई अवैध शराबखोरी की लगातार मिल रही शिकायतों और पुलिस निर्देशों की अनदेखी के बाद राजस्व विभाग के निर्देश पर की गई। दो दिन पहले ही इस ढाबे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त की गई थी। कटघोरा थाना क्षेत्र के तानाखार स्थित नेशनल हाईवे-130 पर कंचन ढाबा में लंबे समय से अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने कई बार पुलिस को सूचित किया था कि ढाबे में खुलेआम शराब पिलाई जा रही है, जिससे हाईवे पर अक्सर विवाद और हंगामे की स्थिति बनती थी। शिकायतों के बाद ढाबे पर छापा, भारी मात्रा में शराब जब्त इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, कटघोरा पुलिस ने दो दिन पहले ढाबे पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान, ढाबे से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बावजूद, ढाबा संचालक द्वारा पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। राजस्व विभाग के आदेश पर कार्रवाई नियमों की लगातार अवहेलना और अवैध गतिविधियों को देखते हुए, पुलिस ने राजस्व विभाग को एक रिपोर्ट भेजी। राजस्व विभाग के निर्देश पर, शनिवार को कटघोरा पुलिस ने ढाबे को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान, भूमि स्वामी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस की मौजूदगी में स्वयं ढाबे पर ताला लगाया। कटघोरा थाना प्रभारी ने बताया कि जिले में सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत अवैध शराब बिक्री और शराबखोरी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईवे पर संचालित होटल-ढाबों की नियमित जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी ढाबा संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराबखोरी कराने वाले अन्य ढाबा संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हाईवे पर होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
गोरखपुर में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन 89 नगरीय व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। आयोजित आरोग्य मेले में 1237 पुरुष, 1341 महिलाएं और 270 बच्चों सहित कुल 2848 लोगों की जांच व उपचार किया गया। साथ ही 3 लोगों के आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। विभिन्न बीमारियों के मरीजों की जांचमेले के दौरान 33 लीवर रोगी, 328 स्किन रोगी, 11 टीबी मरीज और 1 कैंसर मरीज की पहचान कर उनका इलाज किया गया। इसके अलावा 122 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और 978 अन्य मरीजों को भी चिकित्सा सुविधा दी गई। कोविड-19 हेल्प डेस्क पर 160 लोगों की जांच की गई, जिसमें 1 व्यक्ति का एंटीजन टेस्ट किया गया। राहत की बात यह रही कि कोई भी मरीज कोविड पॉजिटिव नहीं मिला। गंभीर मरीजों को किया गया रेफरमेले में जांच के दौरान 5 मरीजों को गंभीर स्थिति के चलते जिला चिकित्सालय व बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर किया गया। आरोग्य मेले में 113 चिकित्सकों और 291 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने भाग लिया। साथ ही आईएमए और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी सेवाएं देकर मेले को सफल बनाया।
बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल सचिवालय, सामान्य प्रशासन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और जिला प्रशासन में नई तैनातियां की गई हैं। इस बदलाव के तहत रॉबर्ट एल. चोंग्थु, गोपाल मीणा, मो. सोहेल और शैलेन्द्र कुमार जैसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय और प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉबर्ट एल. चोंग्थु को मिली नई जिम्मेदारी 1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रॉबर्ट एल. चोंग्थु को राज्यपाल के प्रधान सचिव पद से हटाकर अब प्रधान सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बनाया गया है। यह विभाग राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का संचालन करता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। गोपाल मीणा बने राज्यपाल के सचिव 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से स्थानांतरित कर राज्यपाल के सचिव पद पर तैनात किया गया है। साथ ही उन्हें जांच आयुक्त (GAD) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सरकार ने उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए यह अहम दायित्व सौंपा है। मो. सोहेल को सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी मो. सोहेल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से हटाकर अब सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके साथ वे जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे में यह विभाग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। शैलेन्द्र कुमार बने लखीसराय के डीएम 2013 बैच के आईएएस अधिकारी शैलेन्द्र कुमार को कृषि विभाग से स्थानांतरित कर लखीसराय के जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने में उनकी भूमिका अहम होगी।
भोपाल के खेत में मिले गाय के अवशेष:किसान बोला- घर के पास खुले में बंधी थी, सुबह खाल और पैर मिला
भोपाल के सुखी सेवनिया इलाके में गाय के अवशेष मिले हैं। घटना के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है और किसान की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रात के अंधेरे में अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। घटना से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है और हर एंगल से पड़ताल की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जा सके। टीआई रामबाबू चौधरी के मुताबिक, फरियादी कालू राम मीना ग्राम मुगलिया कोट के निवासी हैं और खेती-किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे वह अपनी गाय और बछिया को घर से लगभग 200 मीटर दूर बांधकर सो गए थे। रविवार सुबह उठने पर दोनों पशु वहां नहीं मिले। आसपास तलाश करने पर पास के खेत में उनकी सींग, खाल और अन्य अवशेष पड़े मिले। किसान ने तुरंत थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गौकशी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
बिलासपुर में मंडी उपनिरीक्षक के 200 पदों के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा में 9144 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। भीषण गर्मी के कारण परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से बदलकर 10 बजे कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई केंद्रों पर असमंजस की स्थिति बनी रही। तिलक नगर के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी सुबह 8:30 बजे तक गेट के बाहर प्रवेश का इंतजार करते रहे। परीक्षा प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गवेल ने बताया कि फ्रिस्किंग टीम के देर से पहुंचने के कारण गेट खोलने में देरी हुई। बिना फ्रिस्किंग के किसी भी परीक्षार्थी को कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जा सकता था। व्यापमं के तहत बिलासपुर में कुल 119 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों के लिए 34396 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से केवल 25252 परीक्षार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। इस प्रकार, कुल 9144 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। राजेंद्र नगर स्कूल के परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान कुछ परीक्षार्थियों को गले के ताबीज और कान की बालियां तक उतारनी पड़ीं। परीक्षकों ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा। परीक्षा में गणित के प्रश्न जटिल बताए गए, जबकि कंप्यूटर, सामान्य ज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न अपेक्षाकृत सहज थे। फुल शर्ट पहने परीक्षार्थी को ‘नेकी की दीवार’ का सहारा.. राजेंद्र नगर स्कूल परीक्षा केंद्र में एक परीक्षार्थी को गेट से इसलिए बाहर कर दिया गया, क्योंकि उसने फुल शर्ट पहन रखा था। नियमों के अनुसार हल्के रंग का हाफ शर्ट पहनना जरूरी था। इस स्थिति में परीक्षार्थी ने नेहरू चौक स्थित ‘नेकी की दीवार’ से लोगों द्वारा छोड़ा गया हाफ शर्ट ढूंढकर पहना, जिसके बाद उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल सका। ट्रिग्नोमेट्री और ‘काली मिर्च’ में कौन सा समास, जैसे प्रश्नों ने घुमाया परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि ट्रिग्नोमेट्री के सवाल काफी कठिन और समय लेने वाले थे। इसके बाद ‘काली मिर्च’ में कौन सा समास है जैसे आसान सवालों ने भी उन्हें थोड़ी उलझन में डाल दिया। हालांकि सामान्य ज्ञान के प्रश्न, खासकर छत्तीसगढ़ के भूगोल, संस्कृति और अन्य विषयों से जुड़े सवाल काफी सरल थे। अभ्यारण्य, जलप्रपात, महिला कबड्डी में छग की संजू देवी छत्तीसगढ़ से जुड़े सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में भैंसादरहा मगरमच्छ अभ्यारण्य, राज्य के जलप्रपात, और शबरी नदी पर जल परिवहन जैसी जानकारी पूछी गई। साथ ही महिला कबड्डी विश्व कप 2025 में छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी संजू देवी को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने जाने जैसे सवाल भी शामिल थे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की पहली सौर ऊर्जा से संचालित कोयला खदान (दीपका ओपन कास्ट खदान), मुगल काल में छत्तीसगढ़ का नाम (दक्षिण कौशल/चेदिशगढ़), परलकोट विद्रोह के नेता गेंदसिंह जैसे आसान सवाल भी पूछे गए। आरंग के ताम्रपत्र, विधानसभा अध्यक्षों का क्रम पूछा गया जनरल नॉलेज के प्रश्नों में दक्षिण कोशल पर शासन करने वाले राजर्षितुल्य कुल की जानकारी किस स्रोत से मिलती है- आरंग के ताम्रपत्र से, यह पूछा गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में किस ऊर्जा संसाधन की अधिकता है-कोयला, छत्तीसगढ़ का पाणिनि किसे कहा जाता है-हीरालाल काव्योपाध्याय, और राज्य के राजकीय वृक्ष का वैज्ञानिक नाम-शोरिया रोबस्टा जैसे सवाल भी शामिल थे। साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्षों के नाम क्रमवार लिखने के लिए कहा गया, जैसे- राजेंद्र शुक्ल, प्रेमप्रकाश पांडेय, धरमलाल कौशिक, गौरीशंकर अग्रवाल और चरणदास महंत। इसी प्रकार कंप्यूटर से जुड़े प्रश्नों में इंकजेट प्रिंटर (जो छोटे नोजल से तरल स्याही छिड़ककर प्रिंट करता है), सीपीयू के मुख्य भाग जैसे एएलयू, कंट्रोल यूनिट और रजिस्टर, तथा कंप्रेस्ड ऑडियो फाइलों के लिए उपयोग होने वाले फाइल फॉर्मेट जैसे आसान सवाल पूछे गए। परीक्षा के दौरान भारी वाहनों की एंट्री पर लगाई गई रोक व्यापम की परीक्षा के दौरान 119 परीक्षा केंद्रों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आने-जाने से ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाई थी। एडिशनल एसपी ट्रैफिक ने बताया कि सुबह 8 से 10 बजे और दोपहर 12 से 2 बजे तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री बंद रखी गई। साथ ही प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई ताकि जरूरत पड़ने पर यातायात को दूसरे मार्गों से मोड़ा जा सके। पुल, ओवरब्रिज, संकीर्ण सड़कें, चौक, शॉपिंग मॉल और शहर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर भी खास निगरानी रखी गई। लोगों से अपील की गई कि भीड़ वाले समय में वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
आगरा के जीआईसी मैदान में चेटीचंड महोत्सव के तहत आयोजित दो दिवसीय 6वें अंतरराष्ट्रीय सिंधी झूलेलाल मेले का शुभारंभ धूमधाम से हुआ। मेले में सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान का अनोखा संगम देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। मेले का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने फीता काटकर किया, जबकि संतों और अतिथियों ने भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रवेश द्वार पर भगवान झूलेलाल की प्रतिमा के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने ईको-फ्रेंडली माता वैष्णो देवी गुफा, देव लोक झांकी और कैलाश पर्वत के दर्शन किए, जो आकर्षण का केंद्र रहे। मेला परिसर में सिंधी व्यंजनों जैसे छोला-डबल, साई भाजी-चावल और सीरा मालपुआ की खुशबू छाई रही। साथ ही पारंपरिक परिधानों और हस्तशिल्प की स्टॉल्स भी लोगों को आकर्षित करती रहीं। बच्चों और युवाओं ने झूलों, ऊंट-घोड़े की सवारी का आनंद लिया, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डांस और कविता प्रस्तुतियां हुईं। संगीत कार्यक्रम में मुंबई से आए गायक कमलेश कपूर ने सिंधी भजनों और गीतों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। दर्शक उनके गीतों पर झूमते नजर आए। वहीं जूनियर अमिताभ की प्रस्तुति ने भी लोगों को खूब मनोरंजन किया। मेले में समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने 85% से अधिक अंक लाने वाले और प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने वाले छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। आयोजन समिति के अनुसार, मेले का उद्देश्य सिंधी संस्कृति को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है।
अमरोहा में निकली भगवान परशुराम शोभायात्रा:पूर्व विधायक संजय मिश्रा और राजीव तरारा रहे मौजूद
अमरोहा के मंडी धनौरा में भगवान परशुराम की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। यह शोभायात्रा नगर धनौरा स्थित भगवान परशुराम धाम से शुरू हुई। इस अवसर पर पूर्व शिक्षक विधायक संजय कुमार मिश्रा और राजीव तरारा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा और राजीव तरारा ने नारियल फोड़कर किया। इस दौरान उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। सभी अतिथियों ने अपने विचार साझा करते हुए भगवान परशुराम के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज को एकजुट करने और देश को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया। इस कार्यक्रम में राजीव दीक्षित (अध्यक्ष), हरिओम त्रिवेदी, मुकेश शर्मा, श्रीपति शर्मा, सुदीप शर्मा, हेमन्त सरस्वत, अंकित शर्मा, गौरव शर्मा, अजेय, संजीव, ज्ञानेश शर्मा, शगुन शर्मा, विवेक त्यागी, प्रशंक त्यागी, देवसुम कौशिक, राकेश शर्मा, रजनी शर्मा, नेहा दीक्षित और हर्षमणि शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने विभिन्न चार पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इन पदों पर आवेदन करने की आखिरी तिथि 9 मई निर्धारित की है। इसके लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू हो गई है। ऐसे में यह एनसीआरटीसी में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक शानदार मौका है।
दोस्त ने चाकू मारकर मैकेनिक को किया घायल:शराब पीने के दौरान पानी लाने को लेकर दोस्त से हुआ विवाद
हरदोई में शराब पीने के दौरान पानी लाने को लेकर हुए विवाद में एक दोस्त ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में बिजली मिस्त्री सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गया। यह घटना रविवार देर शाम सांडी चुंगी के पास हुई। शहर कोतवाली क्षेत्र के चित्तर पुरवा निवासी 50 वर्षीय सुरेश अपने दोस्त राम प्रताप और एक तीसरे साथी के साथ शराब पी रहे थे। आरोपी राम प्रताप सांडी चुंगी के पास सब्जी का ठेला लगाता है। सुरेश के छोटे भाई कल्लू ने बताया कि शराब पीने के दौरान राम प्रताप ने सुरेश से गिलास में पानी लाने को कहा था। सुरेश ने पानी लाने से मना कर दिया, जिससे राम प्रताप नाराज हो गया और गाली-गलौज करने लगा। कल्लू के अनुसार, गुस्से में राम प्रताप ने पहले सुरेश के सिर पर लाठी से वार किया। इसके बाद उसने चाकू से सुरेश के पेट पर हमला कर दिया, जिससे सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गए।आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल सुरेश को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। कुल्हाड़ी से वार कर युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद युवक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के बाड़ों और घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया। हालात पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया। एसपी सुधीर जोशी भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा कि मामले पर पैनी नजर रखी जा रही है। एसडीएम मनसुख डामोर ने कहा- घटना मोटा गांव थाना क्षेत्र में रात 8 बजे की है। दो पक्षों में मारपीट की जानकारी मिली थी। मारपीट के दौरान युवक की मौत हो गई। आरोपी पक्ष के घर पर बात करने गया था युवकएसपी सुधीर जोशी ने बताया- किसी मामले को लेकर युवक आरोपी पक्ष के घर पर बात करने गया था। इस दौरान वहां कहासुनी हो गई और विवाद बढ़ गया। आरोपी पक्ष के हमले में युवक की मौत हो गई। युवक की हत्या के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और आगजनी की घटना हुई। फिलहाल मौके पर शांति है और भारी पुलिस फोर्स तैनात है। थानाधिकारी बोले- पुलिस पर पथराव हुआथानाधिकारी रमेश पाटीदार ने कहा- पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ था। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक गोविंद की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद हालात बिगड़ गए और मृतक युवक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के बाड़ों और घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की टीम पर भी पथराव किया गया और उन्हें घेरने का प्रयास किया। जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर भेजा गया, जिसने हालात काबू में किए। फिलहाल गांव में हालात नियंत्रण में है।
सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के सपटियाही में एक सेवानिवृत्त बीएसएफ सब इंस्पेक्टर के सूने घर से लगभग 10.5 लाख रुपये के सोने के आभूषणों की चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित गृहस्वामी ने रविवार शाम सहरसा सदर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सहरसा नगर निगम के सपटियाही वार्ड 06 निवासी संजय कुमार सुमन उर्फ संजय भगत ने बताया कि बीएसएफ से सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त होने के तीन साल बाद उन्होंने शहर में अपना घर बनाया था। वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ यहीं रहते हैं। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को उनकी पत्नी की भतीजी की शादी झारखंड के रांची शहर में होनी थी, जिसके लिए वे 17 अप्रैल को अपना मकान बंद कर ट्रेन से रांची के लिए रवाना हो गए थे। संजय कुमार सुमन ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को उनके छोटे भाई हीरा कुमार हिमांशु उर्फ हीरा भगत ने 18 अप्रैल की रात 9 बजे मुख्य द्वार से हटा दिया था। इस आधार पर पीड़ित ने अपने भाई और उनकी पत्नी पर चोरी की आशंका जताई है और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि आज शादी का सालगिरह था जिसको लेकर जेवर निकालने के लिए गोदरेज खोले तो गायब था। इसके बाद ही रविवार को सहरसा सदर थाने में शिकायत किया। प्रभारी थानाध्यक्ष बोले- कार्रवाई की जाएगी उन्होंने बताया कि चोरी हुए आभूषणों में गोदरेज में रखे तीन भर सोने की चेन, एक भर सोने के झुमके, आठ आने की अंगूठी और ढाई भर का सोने का हार शामिल है। कुल मिलाकर, लगभग 72 ग्राम सोना चोरी हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत 10.5 लाख रुपये आंकी गई है। सहरसा सदर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष शोएब अख्तर ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और जांच के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अग्निवीर सोहित चौहान अरुणाचल में शहीद:बर्फीले तूफान की चपेट में आए, कल बागपत पहुंचेगा शव
बागपत जनपद के ग्राम लूम्ब निवासी अग्निवीर सोहित चौहान (22 वर्ष) अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। वह भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर रेजीमेंट में तैनात थे। बताया गया कि तेज बर्फीले तूफान की चपेट में आने और एक पेड़ गिरने से यह हादसा हुआ। सोहित चौहान अपने पीछे परिवार में दो भाइयों को छोड़ गए हैं। एक दुखद संयोग यह रहा कि उनके बड़े भाई मोहित की उसी दिन बिजनौर में यूपी पुलिस की पासिंग आउट परेड भी थी। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर तक उनके पैतृक गांव लूम्ब पहुंचने की संभावना है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और पूर्व विधायक सहेन्द्र सिंह चौहान ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
शादी में लगा टेंट उखड़कर हाईवे पर पहुंचा:धार में दिन भर गर्मी के बाद आंधी, बारिश; मौसम में आई ठंडक
धार में घटाबिल्लौद में दिन भर की गर्मी के बाद आंधी और बारिश हो गई। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक शादी समारोह का टेंट उड़कर हाईवे पर आ गिरा। घटना के समय वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में टेंट का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर पड़ा देखा जा सकता है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टेंट किस स्थान से उड़कर हाईवे तक पहुंचा था। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद आए इस मौसम बदलाव से लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को भी प्रभावित किया है।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य काले हिरणों के संरक्षण में एक बड़ी सफलता के रूप में उभरा है। एक समय था जब यहां से काले हिरण लगभग विलुप्त हो गए थे, लेकिन आज यह अभयारण्य लगभग 200 ब्लैकबक का घर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 133वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के ब्लैकबक संरक्षण प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक यानी काले हिरण फिर से दिखाई देने लगे हैं। एक समय इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी, लेकिन लगातार प्रयास हुए और संरक्षण बढ़ाया गया। आज ये फिर से खुले मैदान में दौड़ते नजर आते हैं। यह हमारी खोती विरासत की वापसी है। प्रधानमंत्री के इस संबोधन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। वन विभाग के अधिकारियों से लेकर स्थानीय ग्रामीणों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय तक बारनवापारा से विलुप्त रहे कृष्णमृग बारनवापारा के लिए 1970 का दशक चुनौतीपूर्ण रहा। अतिक्रमण और आवास विनाश के कारण यहां से कृष्णमृग लगभग गायब हो गए थे। करीब पांच दशकों तक यह प्रजाति स्थानीय रूप से विलुप्त रही। अप्रैल 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 9वीं बैठक में पुनरुद्धार योजना को मंजूरी मिली। योजनाबद्ध तरीके से काले हिरणों को वापस बारनवापारा लाया गया। वैज्ञानिक विधियों, संरक्षित आवास और कड़ी निगरानी के बाद आज यहां इनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि धैर्य, वैज्ञानिक देखभाल और गहरी पारिस्थितिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। खोती विरासत की लौटी बहार स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह गर्व का क्षण है। एक ओर जहां देश के कई अभयारण्य संकटों से जूझ रहे हैं, वहीं बारनवापारा ने साबित किया कि सही मंशा और प्रयासों से विलुप्तप्राय प्रजातियों को भी वापस लाया जा सकता है। स्थानीय ग्रामीण भी संरक्षण में सहयोग कर रहे हैं, जिससे वन्यजीव और मानव सह-अस्तित्व की मिसाल पेश हो रही है। बारनवापारा की यह सफलता अब पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है। प्रधानमंत्री के 'मन की बात' में आने के बाद इस अभयारण्य की ओर पूरे देश का ध्यान आकर्षित हुआ है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यहां और भी बेहतर संरक्षण प्रयास होंगे और काला हिरणों की संख्या में और इजाफा होगा। यह वास्तव में हमारी खोती विरासत की अद्भुत वापसी है।
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने संभल में एक निजी कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण बिल और पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी पर टिप्पणी की। रविवार को संभल के थाना हयातनगर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी भी मौजूद थे। सांसद जावेद अली खान ने महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए कहा कि पिछले सत्र में संसद में इस नाम का कोई बिल पेश नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 लोकसभा में 20 सितंबर को और राज्यसभा में 21 सितंबर को पारित हुआ था, जिसमें सभी दलों और सांसदों ने एकमत से समर्थन दिया था। जावेद अली खान ने सवाल उठाया कि जब 2023 में बिल पारित हो गया था, तो अब तक महिला आरक्षण लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर 'दोबारा ड्रामा' करने का आरोप लगाया। सांसद ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 16 तारीख की रात को 2023 में पारित हुए बिल की अधिसूचना जारी कर दी है, तो अब उसे लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी ने भी सरकार को इसे लागू करने से नहीं रोका है। जावेद अली खान ने विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो बीजेपी का 'दिमागी संतुलन खराब हो गया है' या वे 'लोगों को मूर्ख समझते हैं'। गाज़ीपुर में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव की घटना पर भी जावेद अली खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। सांसद ने टिप्पणी की कि राज्य में पथराव जैसी घटनाएं आम हैं और दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक बीजेपी की सरकार रहेगी, ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर कहा कि वहां की जनता ने पहले चरण में ऐतिहासिक मतदान किया है और भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक हार होगी।
आगरा के न्यू दक्षिणी बाईपास पर रविवार को दोपहर एक दर्दनाक हादसे में पिता और उसकी तीन वर्षीय पुत्री की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जानकारी के अनुसार, फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के गांव सोनोटी निवासी 28 वर्षीय सतपाल बघेल पुत्र साहब सिंह की ससुराल मलपुरा के गांव कबूलपुर में है, रविवार दोपहर करीब 12 बजे सतपाल अपनी तीन वर्षीय मासूम पुत्री कनक को बाइक पर बैठाकर ससुराल जा रहे थे। उन्होंने मासूम कनक को अपने सामने बैठाया हुआ था और सुरक्षा के लिए गमछे से बांध रखा था। बताया जाता है कि जैसे ही वे गांव मुड़हेरा के समीप न्यू दक्षिणी बाईपास पर पहुंचे, इसी बीच पीछे से आए एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए, उसके बाद दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद पिता-पुत्री बुरी तरह लहूलुहान हो गए और सड़क पर ही तड़पते रहे। हादसा देख राहगीर तुरंत रुक गए और आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने दोनों को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी, दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे पिता पुत्री। कबूलपुर गांव के रहने वाले केशव सिंह ने बताया कि उनके दामाद सतपाल और देवती कनक दोनों गांव कबूलपुर हमारे भतीजे सुखबीर की लगुन-सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे थे। घर में शादी का माहौल मातम में बदल गया, सतपाल की पत्नी मीना अपने नौ माह के पुत्र को लेकर चार दिन पहले ही मायके आ चुकी थीं, सतपाल अपनी पुत्री कनक को लेकर उसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया, जिससे खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। ग्रामीण लोगों ने भारी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने की मांग की है। पुलिस वाहन की कर रही है तलाश। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ ने बताया कि हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि वाहन की पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके।
अररिया में मादक पदार्थों का बड़ा डीलर अरेस्ट:लंबे समय से फरार था, कई राज्यों में दर्ज थे मामले
अररिया पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के एक प्रमुख डीलर हेदर को गिरफ्तार किया है। 24 वर्षीय हेदर अररिया के इस्माटोला वार्ड संख्या-04 का निवासी है। पुलिस अधीक्षक ने इस गिरफ्तारी को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस के अनुसार, हेदर जिले में सक्रिय एक बड़े मादक पदार्थ कारोबारी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज थे। अररिया थाना सहित अन्य थानों में उस पर एनडीपीएस एक्ट, मारपीट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमे लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के इंग्लिश बाजार थाना में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज है, जिसमें वह वांछित था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और वह न केवल अररिया बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। डीआईयू के सहयोग से छापेमारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने डीआईयू के सहयोग से छापेमारी कर हेदर को गिरफ्तार किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर आरोपी के छिपे होने की जगह का पता चला। जांच में पता चला है कि हेदर एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जो जिले में स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके। नशा विरोधी अभियान चला रही पुलिस पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से जिले में मादक पदार्थों के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। अररिया पुलिस लगातार नशा विरोधी अभियान चला रही है, जिसके तहत हाल के महीनों में कई ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नशे के कारोबार के खिलाफ जानकारी दें, ताकि जिला पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके। यह गिरफ्तारी स्थानीय स्तर पर राहत की खबर है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने और समाज में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है। आगे की जांच जारी है और अतिरिक्त गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज ऑफ सुप्रीम कोर्ट एंड हाईकोर्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर जस्टिस जेके रांका निर्वाचित हुए है। आज जयपुर में एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव मीटिंग और एनुअल जनरल मीटिंग आयोजित की गई। जिसमें चुनाव सम्पन्न हुए और नई टीम को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष के पद पर जस्टिस कुमार सक्सेना, जस्टिस राजेश टंडन, जस्टिस प्रह्लाद राव, सचिव के पद पर विजय कुमार व्यास, जस्टिस आईएस श्रीवास्तव का निर्वाचन हुआ हैं। इसके साथ ही एसोसिएशन के एग्जिक्यूटिव कमेटी के 10 में से 9 पदों पर भी रिटायर्ड जजों का निर्वाचन हुआ। नेशनल कांफ्रेंस में आए थे सीजेआईइससे पहले एसोसिएशन की जयपुर में शनिवार को नेशनल कांफ्रेंस भी आयोजित हुई। इस एक दिवसीय कांफ्रेंस का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किया। 'द बेंच बियॉड रिटायरमेंट: रोल ऑफ रिटायर्ड जजेज इन एडवांसमेंट ऑफ एडीआर एंड लीगल अवेयरनेस अमंग कॉमन मासेस' विषय पर आयोजित हुई इस कांफ्रेंस में बड़ी संख्या में देशभर से आए रिटायर्ड न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट के सभी सीटिंग जजेज ने शिरकत की।
करनाल के विकास नगर इलाके में हाईटेंशन टावर लाइन की चपेट में आए युवक की पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे ललित खाना खाने के बाद अपने घर की छत पर गया था। इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और उसे तेज करंट लगा। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के समय जोरदार धमाका भी हुआ, जिससे घर के बिजली उपकरण जल गए। परिजन तुरंत उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। रोहतक पीजीआई में तोड़ा दम गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने ललित को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर घर पहुंची, पूरे परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ललित तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। इससे पहले एक हादसे में उसके सबसे छोटे भाई की भी मौत हो चुकी है। अब परिवार में केवल बीच वाला बेटा ही बचा है। परिवार पहले कर्ण विहार में रहता था और करीब पांच महीने पहले ही विकास नगर में यह मकान खरीदा था। हाईटेंशन लाइन से पहले भी हो चुके हादसे स्थानीय निवासी सुरेश, प्रमोद, त्रिलोक, साहिल व अन्य का कहना है कि इस हाईटेंशन लाइन के कारण पहले भी तीन-चार बार ऐसे हादसे हो चुके हैं। कई बार विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि तार इतने खतरनाक हैं कि पास जाने वाले को दूर से ही खींच लेते हैं। दीवारों में भी कई बार करंट महसूस होता है और बारिश के समय खतरा और बढ़ जाता है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत सत्कार जारी है। इसी क्रम में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महामंत्री संजय अरोरा का पूर्व प्रदेश महामंत्री कमल चौहान के निवास पर भव्य स्वागत किया गया। फूलमालाओं से किया गया स्वागतइस अवसर पर पूर्व प्रदेश महामंत्री कमल चौहान, पूर्व पार्षद देवव्रत यादव, रवि चौहान, शराफत शेख, महेश पटेल, कमल चौधरी, निर्भय सिंह परमार, वीरेंद्र दरबार और मुकेश चित्तौड़ा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। सभी ने नवनियुक्त महामंत्री को पुष्पमाला पहनाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं। शीर्ष नेतृत्व का आभार मानाअपनी नियुक्ति और सम्मान पर नवनियुक्त महामंत्री संजय अरोरा ने शीर्ष नेतृत्व का आभार माना। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधायक एवं जिला अध्यक्ष महेश परमार, शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।कार्यक्रम का संचालन और उक्त जानकारी पूर्व जिला महामंत्री विक्की चौहान ने दी।
बीकानेर मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर दुधवाखारा, हड़याल, डोकवा व सादुलपुर स्टेशनों के बीच डबल ट्रैक बनाने के चलते रेलवे ने ऑटोमेटिक सिग्नलिंग ब्लॉक लिया है। इस कारण 27 व 28 अप्रैल को रेल यातायात प्रभावित रहेगा और कई प्रमुख ट्रेनों को दूसरे रूट से चलाया जाएगा। इस दौरान 4 ट्रेनें जोधपुर मंडल से होकर गुजरेंगी और मेड़ता बाइपास मार्ग का उपयोग करेंगी। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार- यह कार्य ट्रेनों की गति बढ़ाने, लाइन क्षमता में सुधार और सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से किया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की अपडेटेड स्थिति जरूर जांच लें, क्योंकि रूट परिवर्तन के कारण समय में बदलाव संभव है। इन ट्रेनों के मार्ग बदले पूर्वी भारत की ट्रेनें भी प्रभावित अन्य प्रभावित ट्रेनें
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग के लिए वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के 750 नई पोस्ट की घोषणा की। साथ ही पदोन्नति के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल का राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले अभिनंदन समारोह रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के 41 जिलों से सैकड़ों ग्राम विकास अधिकारी रविवार सुबह शामिल होने पहुंचे। मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा- गांव की तरक्की के ‘सारथी’ ग्राम विकास अधिकारी बने हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- ग्राम विकास अधिकारी ग्राम विकास की मुख्य धुरी हैं। वे कर्मयोगी की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा- वे खुद भी सरपंच रह चुके हैं, इसलिए ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका और महत्व को भली-भांति समझते हैं। ये अधिकारी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- जिस राज्य के कर्मचारी संतुष्ट होते हैं, वह राज्य तेजी से विकास करता है। सरकार कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने पदोन्नति से जुड़े न्यायिक व्यवधानों को दूर करने के प्रयासों की भी जानकारी दी। संघ ने जताया आभार संघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने 750 नई पोस्ट बनाने, 850 रिक्त पदों पर भर्ती, 3467 नए पदों के सृजन और पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों का नेतृत्व करता है और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान से कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। प्रदेशभर से पहुंचे अधिकारी संघ के प्रदेश महामंत्री शिवराज चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी पहुंचे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और संघ के पदाधिकारी मुकेश दाधीच, जोगाराम, रमेश खटोटिया, प्रहलाद जाट, कृष्ण कुमार तोमर, बाबूलाल धाबाई, नेम सिंह मीणा, ओमप्रकाश भाकर, अशोक सुथार सहित ग्राम विकास संघ के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
गिरिडीह सदर प्रखंड के बजटो-कुम्हरगढ़िया गांव में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। जहां गोलगप्पा और छोला खाने के बाद एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे और अन्य लोग बीमार पड़ गए। मृतक की पहचान रंजन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम गांव में एक ठेला विक्रेता गोलगप्पा और छोला बेचने आया था, जिसे बच्चों सहित कई लोगों ने खाया। रात तक सभी सामान्य थे, लेकिन रविवार सुबह अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सभी को सदर अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही डीसी रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत बिस्पुते, सिविल सर्जन बच्चा सिंह और एसडीपीओ जीतवाहन उरांव समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तत्काल गांव में मेडिकल टीम और एंबुलेंस भेजी है, ताकि अन्य प्रभावित लोगों को भी अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ इलाज करने का निर्देश दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद खुलासा, जांच के दिए आदेश डीसी रामनिवास यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चाट-छोला खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सभी बीमारों का इलाज जारी है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, सिविल सर्जन बच्चा सिंह ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। कहा कि मृतक बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बीमारों में शिवम कुमार, दिवाकर कुमार, मनिता कुमारी, अनुराधा कुमारी, प्रिंस कुमार, सुजीत कुमार, रानी कुमारी, रिया कुमारी, प्रतीक कुमार, मधु कुमारी, जागृति देवी, रिंकी देवी, बलराम प्रसाद वर्मा और रेखा देवी सहित अन्य शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा कि शाम लगभग 7 बजे प्रशासन को सूचना मिली। जिसके बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समन्वय बनाकर बीमार 18 बच्चों एवं अन्य लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जहां सभी का इलाज चल रहा है।
‘विजय पर्व’ में गुरुग्राम पहुंचे CM धामी:युवाओं को दी 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनने की सलाह
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी आज हरियाणा के गुरुग्राम में एशियन वर्ल्ड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (AWPL) के “विजय पर्व” कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग का मॉडल लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रहा है और लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाव ला रहा है। इस दौरान मंच पर उनके साथ हरियाणा से सीएम नायब सैनी भी मौजूद रहे। धामी ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने परिश्रम से सफलता हासिल की है। उन्होंने आयोजन के लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव कुमार और उनकी टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल के जरिए उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सामान मिलता है और लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। डायरेक्ट सेलिंग से लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाव सीएम धामी ने मंच से कहा कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल आज लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम के नेतृत्व में युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और यह मॉडल उसी दिशा में काम कर रहा है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, परिवार की आय मजबूत हो रही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। सरकार के नियमों से बढ़ी पारदर्शिता और भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र के लिए स्पष्ट नियम लागू किए। उन्होंने कहा कि इन नियमों से इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ी है और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। डायरेक्ट सेलिंग तेजी से बढ़ रही, अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के दृष्टिकोण से निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में व्यापक बदलाव हुए हैं और भारत को विकास और अवसरों की भूमि के रूप में देखा जा रहा है। स्टार्टअप और निवेश में उछाल, उत्तराखंड में भी तेजी मुख्यमंत्री ने “स्टार्टअप इंडिया”, “मेक इन इंडिया”, “स्किल इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2023 के ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। अर्थव्यवस्था मजबूत, उद्योग-पर्यटन और आय में बढ़ोतरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट 60 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, 20 हजार से ज्यादा नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन तीन गुना से अधिक बढ़ा है और पर्यटन क्षेत्र में होटल उद्योग में लगभग 25 प्रतिशत तथा होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार और लोकल उत्पादों को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है और कारोबार व स्टार्टअप रैंकिंग में भी अग्रणी श्रेणी में है। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” को बढ़ावा देने के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड शुरू किया गया है, जिससे स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
पटलावदा में सड़क हादसा, मामा-भांजे की मौत:देवास से लौटते समय अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मारी
देवास जिले के पटलावदा क्षेत्र में जवाईखेड़ी मोड़ पर रविवार शाम एक सड़क हादसे में मामा-भांजे की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक सात वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। तीनों एक बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान बगाना निवासी 38 वर्षीय राजेश पिता रामचंद्र और जैतपुरा निवासी 50 वर्षीय पूंजराज परमार के रूप में हुई है। घायल बच्चे का नाम 7 वर्षीय शिवम सोलंकी है। ये तीनों देवास में एक रिश्तेदार महिला का हालचाल जानने के बाद वापस लौट रहे थे। शाम को लौटते समय पटलावदा के पास जवाईखेड़ी मोड़ पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजेश और पूंजराज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल शिवम को तत्काल देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश शासन ने सिंहस्थ महापर्व 2028 की व्यापक तैयारियों के मद्देनजर उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की नई टीम नियुक्त की है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश के अनुसार, रविन्द्र (रवि) सोलंकी को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्तियां लगभग ढाई साल बाद की गई हैं। शासन ने भविष्य की बड़ी योजनाओं को देखते हुए इस बार बोर्ड में दो उपाध्यक्षों की तैनाती की है। मुकेश यादव और रवि वर्मा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, बोर्ड में पांच सदस्यों को भी जगह मिली है, जिनमें विजय अग्रवाल, अमित श्रीवास्तव, रामचंद्र शर्मा (रामागुरु), सुशीला जाटवा और दुर्गा बिलोटिया शामिल हैं। लंबित प्रोजेक्ट को मिलेगी गति नवनियुक्त टीम पर सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे, नई कॉलोनियों और सड़कों के विकास को समय पर पूरा करने का महत्वपूर्ण जिम्मा होगा। प्राधिकरण के लंबित प्रोजेक्ट्स और मास्टर प्लान की फाइलों को गति मिलने की उम्मीद है। सिंहस्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और घाटों के विस्तारीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स अब इसी नई कार्यकारिणी की देखरेख में आगे बढ़ेंगे। नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत की गई ये नियुक्तियां अस्थाई तौर पर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी। उज्जैन के नियोजित विस्तार में यूडीए की अहम भूमिका है, और सरकार का मुख्य फोकस 2028 से पहले शहर के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर है। नई कार्यकारिणी में अनुभवी चेहरों और महिला प्रतिनिधियों को शामिल कर प्रशासन ने विकास कार्यों में गति लाने का संकेत दिया है। अब इस टीम के सामने 2028 तक उज्जैन को सिंहस्थ के अनुकूल तैयार करने की चुनौती होगी।
लखनऊ में मोमिन अन्सार सभा का 16वां राष्ट्रीय 'पसमान्दा समाजी सियासी वक़ार बचाओ' सम्मेलन हुआ। चारबाग स्थित रविद्रालय में मोमिन अन्सार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अकरम अंसारी की अध्यक्षता मे कार्यक्रम हुआ। अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में यूपी के अलावा उत्तराखण्ड , मध्य प्रदेश , झारखण्ड, दिल्ली से पदाधिकारी और सदस्यों ने हिस्सा लिया । संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अकरम अन्सारी ने कहा सभी पदाधिकारियो और सदस्यो की मेहनत से संगठन लगातार आगे बढ़ रहा है। सेवा भाव के लिए संगठन पूरे भारत में प्रसिद्ध है। हमारे सदस्यों की मेहनत है की संगठन पसमान्दा मुसलमानो का देश में सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है । साल 2010 से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है जिसमे देश भर से प्रतिनिधि और सदस्य बड़ी संख्या मे शामिल होकर पसमान्दा समाज की समस्या और उसके समाधान पर चर्चा करते हैं। सम्मेलन में पसमांदा समाज के सामाजिक , राजनीतिक और आर्थिक समेत सभी पहलुओं पर मंथन हुआ। अकरम अंसारी ने कहा कि राजनैतिक रूप से सभी पार्टियां पसमान्दा मुसलमानो की बात तो कर रही है मगर हिस्सेदारी नहीं देना चाहती। राजनीति में जब प्रतिनिधित्व देने की बात आती है तो सब पीछे हट जाते हैं। हिस्सेदारी के नाम पर पसमानदा मुसलमानों के साथ हमेशा धोखा हुआ है। पसमानदा समाज का नेतृत्व करने वाले कुछ लोग दूसरी पार्टियों में सिर्फ चापलूसी कर रहे हैं। इकराम अंसारी ने कहा कि पसमानदा वर्ग के उत्थान लिए है आज देश के कामगार वर्ग और मध्यम वर्ग को सहारा चाहिए । खुद को लोहियावादी अम्बेडकरवादी, गांधीवादी कहलाने वाली पार्टियों ने अपनी विचारधारा को बदल दिया वो सिर्फ सत्तावादी विचारधारा तक सीमित होकर पूँजीवादी राजनीती कर रही हैँ। हम राष्ट्रवादी लोग हैँ सामाजिक न्याय स्थापित करना हमारा लक्ष्य है। 2027 में हम अपनी शक्तियों का एहसास करा देंगे और अब पसमांदा समाज सत्ता के शीर्ष तक उसी को पहुंचाएगा जो हमें हमारा हक देगा।
धर्मकोट पुलिस ने गांव ढोलेवाला के खेतों में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 युवकों को जनेर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया, जबकि 5 युवक मौके से भागने में सफल रहे। डीएसपी धर्मकोट सुखविंद्र सिंह बराड़ ने बताया कि थाना धर्मकोट के प्रभारी इंस्पेक्टर लछमन सिंह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि ढोलेवाला के खेतों में एक गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तहसीलदार और डॉक्टरों की एक टीम के साथ मौके पर छापा मारा। पुलिस बल ने केंद्र को चारों ओर से घेरकर वहां मौजूद युवकों को बाहर निकाला। जांच में सामने आई सच्चाई जांच में सामने आया कि यह केंद्र मोगा निवासी कुलजीत सिंह और धर्मकोट निवासी रिक्की टंडन द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के चलाया जा रहा था। केंद्र में रखे गए युवकों के साथ उचित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि मौके से भागे युवकों की तलाश जारी है। वहीं, पकड़े गए युवकों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें जनेर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने केंद्र संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
तवानगर के जंगल में आग, 1.5 किमी में फैली:वन्यप्राणी जान बचाकर भागते दिखे; शरारती तत्वों पर संदेह
नर्मदापुरम जिले के तवानगर के जंगल में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते करीब 1 से 1.5 किलोमीटर के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर इटारसी रेंज का वन अमला मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6 बजे इटारसी से तवानगर मार्ग पर गुजर रहे लोगों ने जंगल से धुआं उठता देखा। कुछ ही देर में आग विकराल रूप ले गई और बंजारा माई क्षेत्र से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की पानी की टंकी तक फैल गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे नियंत्रण में कठिनाई आई। रात करीब 8 बजे राहगीरों ने हिरण, सांभर सहित अन्य वन्यजीवों को आग से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते देखा। इटारसी रेंजर अभिषेक शर्मा ने बताया कि आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाई गई हो सकती है। उन्होंने बताया कि वन विभाग का स्टाफ मौके पर तैनात है और अधिकांश हिस्से की आग पर काबू पा लिया गया है। वन विभाग द्वारा आग बुझाने का कार्य जारी है और पूरी तरह नियंत्रण के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
विद्यालयीय प्रवेश परीक्षा SET-2026 के अंतर्गत कक्षा नौवीं के अभ्यर्थियों के लिए रविवार को परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा विश्वविद्यालय परिसर और नगर के कुल 24 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के लिए 13,350 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 11,256 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। कक्षा 9 में महिला उम्मीदवारों के लिए कोई सीट उपलब्ध नहीं थी तथा एडमिशन ब्रोशर में यह बात स्पष्ट तौर पर बताई गई थी। इसलिए, ऑनलाइन एडमिशन फ़ॉर्म में डिफ़ॉल्ट जेंडर के तौर पर 'पुरुष' (MALE) दिया गया था। इसके बावजूद कुछ महिला उम्मीदवारों ने एडमिशन फ़ॉर्म भर दिया था। ऐसे कुल 09 मामले सामने आये उनमें से 08 छात्राओं के एडमिट कार्ड पर जेंडर कैटेगरी में साफ़ तौर पर 'पुरुष' (MALE) लिखा हुआ था। ऐसी सभी छात्राओं की काउंसलिंग की गई और उन्हें बताया गया कि उन्होंने फ़ॉर्म गलत भरा था। इन 9 छात्राओं में से एक छात्रा का मामला ऐसा भी सामने आया जिसमें छात्रा के एडमिट कार्ड पर जेंडर के तौर पर 'महिला' (FEMALE) लिखा हुआ था। जब डेटाबेस से इसकी जांच की गई तो पाया गया कि इसमें एडमिट कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस मसले को जांच के लिए परीक्षा नियंत्रण कार्यालय को दिया गया है। इन सभी 9 छात्राओं को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई।
LU के कॉमर्स फैकल्टी में UG अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसके तहत अप्रेंटिसशिप को डिग्री में क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे यह कोर्स नियमित पाठ्यक्रम के समान मान्यता प्राप्त करेगा। प्रवेश प्रक्रिया भी सामान्य UG पाठ्यक्रमों की तरह ही होगी। प्रत्येक छात्र के लिए विश्वविद्यालय, उद्योग और छात्र के बीच त्रिपक्षीय समझौता अनिवार्य होगा। प्रैक्टिकल स्किल्स को अपग्रेड करने पर होगा फोकस UGC से मंजूरी प्राप्त यह कार्यक्रम, शिक्षा को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने पर केंद्रित होगा। इस कार्यक्रम का मकसद छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें पढ़ाई के साथ ही व्यावहारिक अनुभव देना है। इसके साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय इस मॉडल को अपनाने वाले अग्रणी संस्थानों में शामिल हो जाएगा। चार वर्षीय बीकॉम में होंगे आठ सेमेस्टर कॉमर्स फैकल्टी में बीकॉम (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा), बीकॉम रिटेल मैनेजमेंट और बीकॉम ई-कॉमर्स में 75-75 सीटें निर्धारित की गई हैं। सभी पाठ्यक्रम चार वर्ष यानी आठ सेमेस्टर के होंगे और प्रति सेमेस्टर शुल्क 27,880 रुपये तय किया गया है। एक्सपर्ट प्रोफेशनल तैयार करने में होंगे सफल LU कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने बताया कि ये मॉडल बड़ा बदलाव लेकर आएगा। सबसे अहम बात ये हैं कि जॉब के चांस तो बढ़ेंगे ही साथ ही कोर डोमेन में काम करने का एक्सपोजर भी मिलेगा।कुल मिलाकर ये कहा जा सकता हैं कि इस पढ़ाई से हम एक्सपर्ट प्रोफेशनल तैयार कर सकेंगे।
फतेहगढ़ साहिब में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 8 श्रद्धालुओं की अंतिम अरदास रविवार को की गई। यह हादसा बैसाखी के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब से लौटते समय गांव हिम्मतपुरा के पास हुआ था। गांव मैनमाजरी में आठ मृतकों इकबाल सिंह, रणजीत कौर, प्रदीप कौर, जगविंदर सिंह, लखबीर सिंह, हरबीर सिंह, दलजीत कौर और रणजीत कौर के लिए श्री सहज पाठ के भोग डाले गए। इस दौरान रागी जत्थों ने कीर्तन किया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए अरदास की गई। वहीं, गांव कज्जल माजरा में मृतक कुलविंदर सिंह की अंतिम अरदास संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूर्व सीएम ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अंतिम अरदास में शामिल होकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा सड़क की खराब हालत के कारण हुआ। चन्नी ने पंजाब सरकार द्वारा घोषित 2-2 लाख रुपये की मुआवजा राशि को कम बताया और इसे बढ़ाने की मांग की, क्योंकि उनके अनुसार, हादसा सरकार की लापरवाही के कारण हुआ है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। SGPC की ओर से प्रत्येक मृतक के वारिस को 1-1 लाख रुपए दिए जाएंगे। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ ने इस हादसे को 'बहुत दुखदाई' बताया। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब सरकार ने इस हादसे में मारे गए 9 लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायल हुए 34 लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।
बक्सर जिला प्रशासन ने एलपीजी आपूर्ति के संबंध में नवीनतम आंकड़े जारी किए हैं। जिले में शादी और श्राद्ध जैसे आयोजनों के लिए अब तक कुल 643 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें बक्सर अनुमंडल से 337 और डुमरांव अनुमंडल से 306 आवेदन शामिल हैं। इन आवेदनों के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिले में 27 गैस एजेंसियां संचालित जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, जिले में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल की कुल 27 गैस एजेंसियां संचालित हैं। 25 अप्रैल तक इन एजेंसियों के पास 6562 गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध था। 13 मार्च से 25 अप्रैल के बीच कुल 2,04,846 सिलेंडरों का वितरण किया गया है। जिले में प्रतिदिन औसतन 6419 सिलेंडरों की मांग है, जबकि आपूर्ति प्रतिदिन 5535 सिलेंडरों की हो रही है। इस अंतर के कारण, 23,209 रिफिल बुकिंग लंबित हैं और लगभग 4.1 दिन का बैकलॉग बना हुआ है। शहरी में 25 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन पर बुकिंग प्रशासन ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग नियमों को स्पष्ट किया है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही नए सिलेंडर की बुकिंग की अनुमति है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। कालाबाजारी के मामलों में अब तक दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है; 25 अप्रैल को 10 गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया गया। नियंत्रण कक्ष को अब तक 1245 शिकायतें मिली वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक गैस की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों को शादी का कार्ड और आवश्यक विवरण के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना अनिवार्य है, जिसके आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की है। गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (06183-223333) पर संपर्क किया जा सकता है। नियंत्रण कक्ष को अब तक 1245 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1205 का निपटारा किया जा चुका है।
गाजियाबाद पुलिस ने 603 लोगों को हिरासत में लिया:सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर हुई कार्रवाई
गाजियाबाद पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 603 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह अभियान शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी थाना क्षेत्रों में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों पर कार्रवाई करना था जो सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या शराब के ठेकों के बाहर खुले में शराब पीकर आम लोगों को परेशानी पहुंचाते हैं। पुलिस ने कुल 188 स्थानों पर चेकिंग की और 2686 लोगों की जांच की। जांच के दौरान, 603 लोग खुलेआम सड़क या सार्वजनिक जगहों पर शराब पीते हुए पाए गए। इन सभी को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया और उनका मेडिकल करवाया गया। इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, कुछ लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। जोन के अनुसार, नगर जोन में 37 जगहों पर चेकिंग हुई, जिसमें 886 लोगों की जांच की गई और 100 लोगों पर कार्रवाई हुई। ट्रांस हिंडन जोन में 53 स्थानों पर 755 लोगों की जांच हुई और 184 लोगों को हिरासत में लिया गया। ग्रामीण जोन में सर्वाधिक 98 स्थानों पर चेकिंग की गई, जहां 1045 लोगों की जांच हुई और 319 लोगों पर कार्रवाई की गई। इस पूरे अभियान में सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद शहर में अनुशासन बनाए रखना और लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। गाजियाबाद पुलिस भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखेगी ताकि शहर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
घाटमपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला, जहां ट्रक की टक्कर से साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के रार पतारी गांव निवासी 50 वर्षीय रमेश सविता की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। रमेश सविता रोजमर्रा की तरह किसी काम से साइकिल से नौरंगा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह चंदनपुर मोड़ हाईवे पर जहानाबाद रोड के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी, कि रमेश सविता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही घाटमपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंच गए। रमेश की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पत्नी उषा समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि रमेश सविता गांव में ही बाल काटने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी उषा, दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज के पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के शीतलपुर मोड़ पर हुए सड़क हादसे के बाद उत्पन्न तनाव के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए रविवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर सड़क जाम करने, आगजनी करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज पुलिस के अनुसार, पहाड़कट्टा थाना कांड संख्या 84/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरफ्तार आरोपियों में कदमगाछी निवासी साबीर (35), साकिल (28), ग्रहण खोदा निवासी फैयाज (22), मो. जाहिद (22), गुलाम नवी तथा शीतलपुर निवासी जकी अनवर (40) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी ने न केवल सड़क जाम और आगजनी में हिस्सा लिया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल के साथ दुर्व्यवहार और हिंसक व्यवहार भी किया। छापेमारी कर आरोपियों को ठिकानों से उठाया घटना के बाद पहाड़कट्टा थानाध्यक्ष फुलेन्द्र कुमार और छत्तरगाछ कैंप प्रभारी राम बहादुर शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने भारी पुलिस बल के साथ लगातार छापेमारी कर आरोपियों को उनके अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया। सरकारी कार्य में बाधा डालने पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी घटना के विरोध में शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके अपनाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि हिंसा या सरकारी कार्य में बाधा डालने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
उदयपुर में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान द्वारा 'महाराणा सम्मानरक्षा महाबैठक' चित्रकूट नगर स्थित मीरा मेदपाट भवन में हुई। विद्या प्रचारिणी सभा द्वारा हाईकोर्ट में पूर्व राजपरिवार सदस्य और नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ को प्रतिवादी बनाए जाना मुख्य विषय था। वक्ताओं ने प्रतिवादी बनाए जाने को मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और मान-सम्मान पर सीधा आघात बताया। इस पर गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में समाज प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा कि महाराणा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मेवाड़ की शताब्दियों पुरानी अस्मिता और परंपरा के प्रतीक हैं, जिनके सम्मान से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान अपने सभी सदस्यों एवं विभिन्न शाखाओं के साथ मिलकर जल्द ही विद्या प्रचारिणी सभा कार्यालय पहुंचेगी। वहां लगे ताले खुलवा कर संस्थान के मूल उद्देश्य को वापस स्थापित करेगी। मेवाड़ के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा बैठक में चर्चा हुई कि किसी भी परिस्थिति में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा अपने संरक्षक विश्वराजसिंह मेवाड़ के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। समाज के प्रत्येक स्तर पर जनजागरण चलाकर इस विषय की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया। बैठक में अध्यक्ष बालू सिंह कानावत, शहर अध्यक्ष डॉ. पृथ्वी राज सिंह चौहान, तेज सिंह बांसी, प्रताप सिंह तलावदा, चंद्रगुप्त सिंह चौहान, युवराज सिंह झाला, लक्ष्मण सिंह झाला, प्रेम सिंह मदारा, विश्वबंधु सिंह आदि मौजूद थे।

