जयपुर के विद्याधरनगर थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाते हुए चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार सुंदर सिंह भंडारी नगर निवासी 68 वर्षीय संतोष देवगांवका अपने परिजनों के साथ पांच बत्ती क्षेत्र में पैदल जा रही थीं। इसी दौरान काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पीछे से आए और उनके गले से करीब 20 ग्राम सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। बदमाशों को पकड़ने की कोशिश में घायल हुए महिला के देवर वारदात के दौरान महिला के देवर दिनेश देवगांवका ने बदमाशों का पीछा कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन धक्का लगने से वह सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके सिर में चोटें आईं। पुलिस ने अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सड़क हादसे के बाद मारपीट और मोबाइल लूट का आरोप वहीं शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद मारपीट और मोबाइल लूट का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार दशरथजी नगर निवासी सतीश शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह स्कूटी से पानीपेच तिराहे से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से तेज गति से आई एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। आरोपी बाइक चालक की तलाश में जुटी पुलिस पीड़ित का आरोप है कि दुर्घटना के बाद बाइक चालक ने उनके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गया। शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी जयप्रकाश सिंह की तलाश शुरू कर दी है। दोनों मामलों की जांच जारी है।
जयपुर में जामिया-तुल-हिदायत ट्रस्ट की वक्फ संपत्तियों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में जांच की रफ्तार सवालों के घेरे में है। करीब 80 बीघा वक्फ भूमि में से 3 बीघा 11 बिस्वा जमीन की कथित अवैध बिक्री के मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब एक साल बाद भी 27 नामजद आरोपियों में से केवल एक की गिरफ्तारी हो सकी है। पूर्व ट्रस्टी को किया गया गिरफ्तार मामले में नामजद पूर्व ट्रस्टी मोहम्मद जियाउर्ररहीम को जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने 18 मई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने उसे ज्यूडिशल कस्टडी में जेल भेज दिया। फर्जी दस्तावेजों से वक्फ भूमि बेचने का आरोप इस संबंध में 6 सितंबर 2025 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वक्फ संपत्ति घोषित भूमि के एक हिस्से को फर्जी दस्तावेजों और आपराधिक साजिश के जरिए बेचने का प्रयास किया गया। एफआईआर में मोहम्मद जियाउर्ररहीम, नासिर खान सड़वा, अबरार अहमद हबीबी, मसरूर अहमद, समीर खान सहित 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनामी आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर नामजद आरोपी नासिर खान सड़वा को पुलिस ने फरार घोषित करते हुए उस पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके बावजूद वह अब तक गिरफ्तारी से बचा हुआ है। वहीं, मामले के कथित मुख्य आरोपी बताए जा रहे अबरार अहमद हबीबी भी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। फर्जी स्टांप और दस्तावेज तैयार करने के आरोप शिकायतकर्ता मोहम्मद शोएब और अन्य लोगों का आरोप है कि अबरार अहमद हबीबी ने कथित रूप से फर्जी स्टांप और दस्तावेज तैयार कर वक्फ भूमि के सौदे को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसियां इस आरोप सहित अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। जांच की प्रभावशीलता पर उठ रहे सवाल मामला दर्ज होने के करीब एक वर्ष बाद भी अधिकांश आरोपी फरार हैं। 27 नामजद आरोपियों में से केवल एक गिरफ्तारी होने और इनामी आरोपी नासिर खान सड़वा समेत अन्य प्रमुख आरोपियों के पुलिस गिरफ्त से बाहर रहने के कारण जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। जयसिंहपुरा थाना पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
साइबर ठगी के आरोपी की सशर्त जमानत मंजूर:शामली का मामला, पुलिस तथ्यों पर कोई रिपोर्ट नहीं दे सकी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर अपराध के एक मामले में आरोपी मो. अमन अंसारी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। शामली के साइबर क्राइम थाने में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत एफआईआर दर्ज है। याची अधिवक्ता का तर्क था कि आरोपी के बैंक खाते में कोई राशि स्थानांतरित नहीं हुई। अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर, असमर्थित और अनुमानों पर आधारित है।सभी आरोपित अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष है।आरोपी के कब्जे से कोई बरामदगी नहीं हुई।सह-आभियुक्त सुरभि भार्गवा को ट्रायल कोर्ट पहले ही 23 मार्च 2026 को जमानत दे चुका है।चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, अतः हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं। आरोपी 30 जनवरी 2026 से जेल में बंद है। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया, परंतु तथ्यों पर कोई ठोस आपत्ति नहीं उठा सके। कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों, अपराध की प्रकृति, साक्ष्य, जेलों में भीड़भाड़ और आपराधिक मामलों की भारी लंबितता को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली।
भोपाल के कजलीखेड़ा थाने के ठीक सामने खनन माफिया के गुर्गों ने जमकर हंगामा किया। अवैध गिट्टी-मुरम से भरे डंपरों पर कार्रवाई कर उन्हें कस्टडी में लेने पहुंची खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को थाने के मुख्य गेट पर ही घेर लिया गया। डंपर मालिक और उसके गुर्गों ने थाने के गेट पर गाड़ियां अड़ाकर जमकर गुंडागर्दी की और महिला खनिज अधिकारी को सरेआम धमकाते हुए विवाद किया। आरोप है कि उन्होंने कहा, 'तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे, तुम्हें देख लेंगे।' वाहन खाली कर भागने लगे ड्राइवर विवाद 11 जून की रात करीब 11.33 बजे शुरू हुआ था। हालांकि, घटनाक्रम की जानकारी शुक्रवार देर रात में सामने आई है। खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर अपनी टीम के साथ नीलबड़ चेकपोस्ट की ओर से आ रहे डंपरों की जांच कर रही थीं। बैरागढ़ चीचली के पास टीम ने जैसे ही डंपरों को रोका, चालक पकड़े जाने के डर से वाहन खाली कर भागने का प्रयास करने लगे। माइनिंग अमले ने उन्हें पकड़ लिया और जब्त वाहनों को कस्टडी में लेकर थाने की ओर रवाना हुआ। दबाव नहीं माना तो नौकरी खाने की धमकी दीअसली विवाद तब शुरू हुआ जब जब्त डंपर कजलीखेड़ा थाने के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे। इसी दौरान डंपर मालिक राहुल यादव और ज्ञान सिंह यादव अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने थाने के गेट के सामने अपनी गाड़ियां खड़ी कर माइनिंग टीम का रास्ता रोक दिया और जब्त डंपरों को छुड़ाने का दबाव बनाने लगे। एएसआई महेश मांझी के अनुसार राहुल यादव और ज्ञान सिंह यादव मौके पर मौजूद पुलिस बल के सामने ही खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर से बदसलूकी करने लगे। उन्होंने महिला अधिकारी पर दबाव बनाया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। खनिज अधिकारी की शिकायत पर केस दर्जकजलीखेड़ा थाने के बाहर हुए इस हंगामे के बाद पुलिस ने बिना नंबर के चल रहे डंपरों समेत सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया। खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर की लिखित शिकायत पर कजलीखेड़ा पुलिस ने राहुल यादव, ज्ञान सिंह यादव और उनके साथियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, अवैध उत्खनन-परिवहन तथा डराने-धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को नोटिस जारी कर थाने बुलाया डीसीपी जोन-4 आदर्शकांत शुक्ला का कहना है कि कजलीखेड़ा थाने में खनिज अधिकारी की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अवैध उत्खनन की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में शामिल आरोपियों को नोटिस जारी कर थाने तलब किया जा रहा है। जब्त डंपरों और अन्य वाहनों के आरसी तथा परमिट संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जन्मतिथि को लेकर हाई्कोर्ट का आदेश:हाईस्कूल पास नहीं होने पर सेवा पुस्तिका में दर्ज जन्मतिथि ही सही
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी कर्मचारी ने सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल या समकक्ष परीक्षा पास नहीं की थी, तो उसकी सेवा पुस्तिका ( सर्विस बुक ) में दर्ज जन्मतिथि ही सभी उद्देश्यों के लिए सही मानी जाएगी। जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने उत्तर प्रदेश भर्ती सेवा (जन्मतिथि निर्धारण) नियमावली, 1974 के नियम 2 का हवाला देते हुए कहा कि सेवा में नियुक्ति के समय दर्ज जन्मतिथि को ही सही माना जाएगा और बाद में उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। मामला हरदुआगंज थर्मल पावर प्लांट, अलीगढ़ में कार्यरत एक श्रमिक से जुड़ा था, जिसकी नियुक्ति वर्ष 1988 में हुई थी। मेडिकल परीक्षण के आधार पर उसकी जन्मतिथि 19 अक्टूबर 1967 दर्ज की गई थी, जिसके अनुसार उसकी सेवानिवृत्ति 31 अक्टूबर 2027 को होनी थी। हालांकि बाद में एक जांच और ट्रांसफर सर्टिफिकेट के आधार पर उसकी जन्मतिथि 14 अप्रैल 1966 दर्ज कर दी गई, जिससे उसकी सेवानिवृत्ति की तिथि बदलकर 30 अप्रैल 2026 कर दी गई। अदालत ने पाया कि वर्ष 1966 की जन्मतिथि बाद में व्हाइट इंक का उपयोग कर दर्ज की गई थी और इसके लिए जिस ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर भरोसा किया गया। वह नियमों के तहत मान्य दस्तावेज नहीं था। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी को बिना सुने और उसकी जानकारी के पीछे इस तरह का निर्णय नहीं लिया जा सकता। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने कर्मचारी की सेवानिवृत्ति तिथि बदलने संबंधी आदेशों को रद्द कर दिया और कहा कि सेवा पुस्तिका में मूल रूप से दर्ज जन्मतिथि ही मान्य होगी।
भोपाल एम्स अस्पताल में 3 साल के मासूम की मौत के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चे को गलती से खतरनाक केमिकल फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दो नर्सिंग ऑफिसर्स के खिलाफ 11 जून मामला दर्ज कर लिया है। सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी 3 वर्षीय सार्थक यादव को 15 दिसंबर 2025 को गंभीर बीमारी और बुखार के चलते एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। वह ब्लड कैंसर से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। जांच में सामने आया कि बायोप्सी प्रक्रिया के लिए उपयोग होने वाला खतरनाक रसायन फॉर्मेलिन एक सीरिंज में भरकर वार्ड में ही रखा था। ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती ने इसे सुरक्षित रखने के बजाय मरीज के बेड के पास ही छोड़ दिया, जो नियमों के खिलाफ है। बिना जांच किए लगा दिया इंजेक्शन17 दिसंबर की सुबह बच्चे की आईवी लाइन चोक होने पर ड्यूटी पर मौजूद नर्स मधुबाला शर्मा ने बिना लेबल और दवा की जांच किए उसी सिरिंज को उठाकर बच्चे को फ्लश कर दिया। इस दौरान बच्चे के पिता ने तीन बार चेतावनी दी कि यह सही दवा नहीं है, फिर भी नर्स ने उनकी बात नजरअंदाज कर दी। इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत, मौतफॉर्मेलिन शरीर में जाते ही बच्चा अचेत हो गया। उसे तत्काल पीआईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर समेत तमाम प्रयास किए, लेकिन सुबह 8:45 बजे उसकी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में लापरवाही साबितएम्स अस्पताल की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि बच्चे की मौत का सीधा कारण फॉर्मेलिन का गलत तरीके से इंट्रावीनस इंजेक्शन लगना था। रिपोर्ट में नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। दोनों नर्सों पर आपराधिक मामला दर्जथाना बागसेवनिया पुलिस ने जांच के आधार पर नर्स मधुबाला शर्मा के खिलाफ घोर लापरवाही से मौत कारित करने और नर्स अनुका गुजराती के खिलाफ खतरनाक रसायन को असुरक्षित रखने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 286 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है। फॉर्मेलिन क्या हैफॉर्मेलिन दरअसल फॉर्मल्डिहाइड (Formaldehyde) गैस का पानी में घुला हुआ घोल होता है। आमतौर पर इसमें लगभग 37–40% फॉर्मल्डिहाइड होता है और इसे एक तेज, विषैला रसायन माना जाता है। इसका उपयोग मेडिकल क्षेत्र में बायोप्सी या ऑपरेशन से निकाले गए टिश्यू (ऊतक) को सुरक्षित रखने के लिए होता है। बच्चे को थी बल्ड कैंसर की बीमारीमामले की जांच में यह सामने आया है कि बालक सार्थक यादव बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित था। यह एक प्रकार का ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) होता है, जिसमें असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती हैं। इसी बीमारी के इलाज के लिए उसे एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। यह खतरनाक क्यों है? इस केस में क्या हुआ? एम्स भोपाल के मामले में यही फॉर्मेलिन गलती से बच्चे की नस (IV) में इंजेक्ट हो गया, जबकि इसका इस्तेमाल सिर्फ सैंपल सुरक्षित रखने के लिए होना चाहिए था , यही वजह है कि यह घटना बेहद गंभीर मानी जा रही है। नर्स मधुबाला शर्मा नर्स अनुका गुजराती
प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक अधिवक्ता के ड्राइवर को घर से बुलाकर गोली मार दी गई। गोली कमर में लगने से वह घायल हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।रात 11 बजे घर पहुंचा आरोपीपुलिस के मुताबिक, शाहा और पीपलगांव निवासी अमित शुक्ला (35) एक अधिवक्ता का ड्राइवर है। अमित ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे गेंदालाल नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंचा। उसने उन्हें बाहर बुलाया और बातचीत करते हुए घर से करीब 50 मीटर दूर ले गया।बातचीत के दौरान निकाला असलहाअमित का आरोप है कि बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी बीच गेंदलाल ने असलहा निकालकर उन पर फायर कर दिया। गोली अमित की कमर में लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देख आरोपी वहां से भाग निकला।पुलिस ने पहुंचाया अस्पतालघटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अमित को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। सूचना पर एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की।90 हजार रुपये के लेनदेन का विवादप्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच 90 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया है। एसीपी अजयेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी गेंदलाल का करीब 90 हजार रुपये अमित शुक्ला पर बकाया था। वह इसी रकम की मांग को लेकर रात में उनके घर पहुंचा था। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर उसने गोली चला दी।गिरफ्तारी के लिए दबिशएसीपी का कहना है कि आरोपी घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले में घायल और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।हालत खतरे से बाहरडॉक्टरों के अनुसार गोली लगने से घायल अमित शुक्ला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। उनका अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जाएगी।
यात्रियों और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मल्टी लेवल कार पार्किंग का संचालन शनिवार यानि की 13 जून 2026 से शुरू करने जा रहा है। फिलहाल इस आधुनिक पार्किंग परिसर का ग्राउंड फ्लोर आम जनता के उपयोग के लिए खोला जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इससे स्टेशन परिसर में पार्किंग व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनेगी। रेलवे द्वारा विकसित इस संयुक्त पार्किंग सुविधा में कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर, साइकिल तथा अन्य तीन पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। करीब 2,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित इस पार्किंग में एक समय में लगभग 800 से 1000 मोटरसाइकिलों को खड़ा किया जा सकेगा। दैनिक भास्कर से बात करते हुए स्टेशन डायरेक्टर रतनदीप गुप्ता ने बताया कि- इसका संचालन 13 जून से आम जनता के लिए कर दिया जाएगा, फिलहाल के लिए ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की सुविधा है। बाकी का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद व्यवस्थित रूप से इसे संचालित किया जाएगा। गेट नंबर-6 से होगी वाहनों की एंट्री रेलवे प्रशासन के अनुसार मल्टी लेवल पार्किंग में प्रवेश के लिए वाहनों को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के गेट संख्या-6 का उपयोग करना होगा। इसी मार्ग से वाहन सीधे पार्किंग परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। पार्किंग शुल्क की दरें तय रेलवे प्रशासन ने विभिन्न वाहनों के लिए समयावधि के अनुसार पार्किंग शुल्क निर्धारित किया है। 6 घंटे तक पार्किंग शुल्क साइकिल के लिए 10, मोटरसाइकिल/स्कूटर 20, तीन पहिया वाहन 30 और चार पहिया वाहन 40 रुपया किराया रखा गया है। 6 घंटे से 12 घंटे तक साइकिल 15, मोटरसाइकिल/स्कूटर 30, तीन पहिया वाहन 50, चार पहिया वाहन 70 रुपया किराया रखा गया है। 12 घंटे से 24 घंटे तक साइकिल 20, मोटरसाइकिल/स्कूटर 50, तीन पहिया वाहन 80 और चार पहिया वाहन 120 रुपया किराया रखा गया है। 24 घंटे के बाद आम जनता के लिए मासिक पास की सुविधा जो लोग नियमित रूप से इस पार्किंग का उपयोग करेंगे, उनके लिए मासिक शुल्क भी निर्धारित किया गया है। रेलवे कर्मचारियों को मिलेगी रियायत रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष रियायती मासिक शुल्क रखा गया है। हेलमेट रखने की भी सुविधा पार्किंग परिसर में हेलमेट सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए ₹10 शुल्क निर्धारित किया गया है। पार्किंग व्यवस्था होगी अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित रेल प्रशासन का कहना है कि मल्टी लेवल पार्किंग शुरू होने से स्टेशन परिसर में अनियंत्रित पार्किंग की समस्या कम होगी और यात्रियों को वाहन खड़ा करने के लिए बेहतर एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा। प्रशासन ने सभी यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रवेश मार्ग का उपयोग करें तथा पार्किंग संबंधी नियमों का पालन करते हुए इस नई सुविधा का लाभ उठाएं।
पंजाब: 350 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी की कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 350.84 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब बासमती राइस लिमिटेड और उसके प्रमोटरों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है
राइट टु एजुकेशन (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में होने वाले गरीब बच्चों के फ्री एडमिशन में मुरादाबाद के तत्कालीन जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता (DC) ने जमकर खेल किया। डीसी पर आरोप है कि गरीब बच्चों को अच्छे स्कूल दिलाने की एवज में उसने प्रति छात्र एक-एक लाख रुपये वसूल किए। इसके अलावा कई महंगे और नामी स्कूलों में आरटीई के तहत कम एडमिशन हों, इसके लिए यू डायस मैपिंग में उनकी छात्र संख्या को डीसी ने कम दर्शाया। इसके बदले में भी स्कूलों से बड़े लेनदेन के आरोप लग रहे हैं।बहरहाल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया की अध्यक्षता में हुई आरटीई की बैठक में सार्वजनिक रूप से डीसी पर घूसखोरी के आरोप लगने के बाद डीसी अमित कुमार सिंह के खिलाफ मूंढापांडे थाने में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इसके पहले डीसी अमित सिंह के खिलाफ शिक्षा विभाग की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच भी की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर उसे बीएसए ने निलंबित कर दिया था।अमित कुमार सिंह मूलत: मूंढापांडे ब्लॉक के वीरपुर बरियार प्राथमिक स्कूल का प्राधानाध्यापक है। जिसे पिछले दिनों आरटीई एडमिशन में हुई गड़बड़ियों के बाद निलंबित कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग में उसे डीसी सामुदायिक सहभागिता के पद पर कार्य करने के लिए एक वर्ष के लिए चुना गया था। लेकिन अपनी कार्य अवधि पूरी होने के बाद भी वो दो वर्ष तक सीट पर डटा रहा। हटा दिए जाने के आदेश देने के बाद भी वो हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। अमित कुमार सिंह पर डीसी बनने के बाद से ही आरटीई के एडमिशन में गड़बड़ियां करने के आरोप लगते रहे हैं। अब मूंढापांडे के खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने अमित कुमार सिंह के खिलाफ मूंढापांडे थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।इस एफआईआर में राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि, 15 मई को डीएम की अध्यक्षता में आरटीई की बैठक थी। इस बैठक में मौजूद पीएमस स्कूल, रानी प्रीतम स्कूल, एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी,केसीएम,सेंट मीरा कांशीराम नगर, सेंट मीरा मानसरोवर,टाइनी टाट्स स्कूल,आर्यन इंटरनेशनल स्कूल,गांधी नगर पब्लिक स्कूल,सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने जिलाधिकारी से कहा कि,सीटों की मैपिंग यूडायस पर छात्र संख्या के अनुसार 25 प्रतिशत सीट आवंटित न करते हुए अधिक सीट आवंटित कर दी गई हैं। स्कूलों के प्रिंसिपल ने कहा कि बालिका विद्यालयों में बालकों की सीटों का आवंटन कर दिया गया है। आरोप लगाया कि 70 हजार रुपये से एक लाख रुपए प्रति सीट लेकर अच्छे स्कूलों में मैपिंग वेरिफाई करके सीटें आवंटित कर दी गईं। खंड शिक्षा अधिकारी ने एफआईआर में कहा है कि मैपिंग में सीट वेरिफाई करने का उत्तरदायित्व डीसी अमित कुमार सिंह का ही था। पूर्व में भी दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में इसे प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था। इसके बाद इसे निलंबित कर दिया गया था।
वाराणसी में 8 से 10 जून तक पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 6 शिक्षकों को DIOS भाेलेंद्र प्रताप सिंह ने नोटिस जारी किया है। जून महीने का वेतन रोकने का आदेश दिया है। DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 6 शिक्षकों ने अवकाश अथवा मुख्यालय से बाहर जाने की अनुमति लिए बिना निर्धारित परीक्षा ड्यूटी नहीं की। इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना माना गया है। लिखित में DIOS ने मांगा है स्पष्टीकरण नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा में ड्यूटी न करने के कारण संबंधित शिक्षकों का जून 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के संबंध में अपना लिखित स्पष्टीकरण तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है उनमें गुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापक मृदुला राय, मृदुला नौटियाल और राहुल गोस्वामी, श्री अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापक संध्या, नवयुग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक सर्वेश पांडेय और जिला पंचायत कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक हेमा का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
जबलपुर नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को शिकायत मिली थी कि शहर के सबसे पॉश इलाके में करोड़ों रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। यहां लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जाता है, लेकिन न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शिक्षक। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि कॉलेज परिसर में अधिकांश समय ताला लगा रहता है। इसके बाद कमिश्नर के निर्देश पर शुक्रवार को जोन अधिकारी और संपदा शाखा की टीम ने कार्रवाई कर करोड़ों रुपए की जमीन को कब्जा मुक्त कराया। बताया जा रहा है कि मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। अब इस भूमि का उपयोग आम लोगों के हित में किया जाएगा। जमीनों पर कब्जों की लगातार कर रहे जांच संभाग क्रमांक-13 के संभागीय अधिकारी सागर बोरकर ने बताया कि निगम कमिश्नर के निर्देश पर संपदा विभाग के साथ मिलकर शासकीय जमीनों पर कब्जों की लगातार जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल क्षेत्र में नगर निगम स्वामित्व की लगभग 10 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि पर लॉ कॉलेज के नाम पर कब्जा कर रखा गया था। न तो शिक्षक नजर आते हैं और न ही छात्र जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिस परिसर में लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जा रहा है, उसके समीप शासकीय कस्तूरबा स्कूल संचालित होता है। इसी स्कूल की कुछ भूमि पर कब्जा किया गया था। परिसर में कमरे बने हुए हैं, लेकिन वहां न तो शिक्षक नजर आते हैं और न ही छात्र। सागर बोरकर ने बताया कि राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल पानी की टंकी के पास डायवर्सन प्लॉट नंबर-440, डायवर्सन शीट नंबर-152-सी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम के स्वामित्व में दर्ज है। इस परिसर में पहले कस्तूरबा स्कूल संचालित होता था, लेकिन पिछले कुछ समय से नियमों की अनदेखी कर इस बहुमूल्य सरकारी संपत्ति पर लॉ कॉलेज के नाम से अवैध कब्जा कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि सरकारी संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। इसके बाद नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को अपने कब्जे में लिया और मुख्य द्वारों पर ताला लगा दिया।
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 में 7 जून को हुए विवाद और बवाल के मामले में आरोपी बनाए गए विधायक मालिनी गौड़ के करीबी सौरभ उर्फ शानू दिघे ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए उसे निरस्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दिघे ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की, जबकि उनकी पत्नी द्वारा दिए गए आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत और निष्पक्ष जांच नहीं करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। याचिका में कहा गया है कि घटना के दौरान कुछ प्रभावशाली लोग उनके घर में जबरन घुस आए थे। इनमें परमवीर राठौर, सुयश आगर, धीरज वर्मा, कृष्णाराव, नितेश और सौरभ मराठा के नाम शामिल किए गए हैं। दिघे का आरोप है कि इन लोगों ने उनकी पत्नी का मंगलसूत्र तोड़ दिया, उनकी मां के साथ धक्का-मुक्की की, घर और वाहन में तोड़फोड़ की तथा आग लगाने की धमकी भी दी। साथ ही करीब 20 से 25 ग्राम सोने की चेन ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। दिघे का कहना है कि इन आरोपों के बावजूद संबंधित लोगों पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया, जबकि राजनीतिक दबाव में उन्हें और उनके साथियों को आरोपी बना दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद समझौता हो गया था, लेकिन इसके बावजूद बाद में एफआईआर दर्ज कर ली गई। गौरतलब है कि अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने रविवार शाम दर्ज एफआईआर में सौरभ उर्फ शानू दिघे, वीरेंद्र शेंडेगे, विधायक के पीए प्रणय चित्तौड़ा, मनीष ईमोलिया, अमित कोकाटे, प्रशांत सोनी और गिरीश शेंडेगे को आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन घर में घुसने और संगठित अपराध सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते संभावित है।
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में बीते दो दिनों से कुलपति के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का धरना जारी है। एबीवीपी कार्यकर्ता कुलपति के इस्तीफे और विश्वविद्यालय में धारा-52 लागू करने की मांग कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी न तो किसी जिम्मेदार अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और न ही कुलपति सामने आए। विरोध के दौरान छात्रों ने कुलपति लापता हैं लिखे पोस्टर भी प्रदर्शित किए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, प्रशासनिक और आर्थिक अनियमितताओं का अंबार है। विश्वविद्यालय केवल 34 शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है। कुलपति के निरीक्षण में कई महाविद्यालय बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। यहां तक की विश्वविद्यालय का नाम भी जल्दबाजी में बदला जा रहा है। बिना भवन के चल रहे महाविद्यालय, जांच की मांग एबीवीपी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालय ऐसे हैं, जो कागजों पर संचालित हो रहे हैं। संगठन ने हाल ही में सामने आए श्रीराम कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि जांच समिति को कॉलेज अपने निर्धारित पते पर ही नहीं मिला। इसके बावजूद वर्षों से उसे संबद्धता और निरंतरता मिलती रही। परिषद का दावा है कि कई कॉलेज स्वीकृत पते के बजाय दूसरी जगह संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण ऐसे संस्थानों को लगातार मान्यता मिल रही है। एबीवीपी ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बिना पर्याप्त चर्चा के बदला जा रहा नाम केतन चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में बदला जा रहा है। इसके लिए कार्य परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक का एजेंडा पहले से सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि संभवतः कार्य परिषद के सदस्यों को बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के इतिहास और इससे जुड़े तथ्यों की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए यह प्रस्ताव पारित किया गया। उनका कहना है कि यदि बैठक से पहले प्री-एजेंडा जारी किया जाता और इस विषय पर विस्तृत चर्चा होती, तो अधिक संतुलित और बेहतर निर्णय लिया जा सकता था। देखें प्रदर्शन का कुछ तस्वीरें परीक्षा परिणाम, प्रवेश प्रक्रिया और भर्ती पर सवाल परिषद ने आरोप लगाया कि एमबीए प्रथम और तृतीय सेमेस्टर सहित कई परीक्षाओं के परिणाम महीनों से लंबित हैं। पुनर्मूल्यांकन के परिणाम भी एक-एक वर्ष तक जारी नहीं हो रहे। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में स्पष्ट नीति नहीं होने से छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते प्रवेश में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। वर्तमान में केवल 34 शिक्षकों के भरोसे विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। टेंडर, डिजिलॉकर और सुरक्षा व्यवस्था पर भी आरोप एबीवीपी ने विश्वविद्यालय में आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं। संगठन का दावा है कि सुरक्षा एजेंसी और उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़े टेंडर नियमों को दरकिनार कर जारी किए गए। इसके अलावा डिजिलॉकर में उपलब्ध डिग्री और अंकसूची में त्रुटि सुधार की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। परिषद ने छात्रावासों में पेयजल, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था को भी चिंताजनक बताया। आरोप है कि रात के समय विश्वविद्यालय परिसर असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन जाता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। एबीवीपी की 10 प्रमुख मांगें उग्र आंदोलन की चेतावनी एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आंदोलन चरण बद्ध तरीके से चलेगा सभी महाविद्यालय के छात्र भी इसमें उतरेंगे। हम सड़के जाम करेंगे। संगठन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और छात्र, कर्मचारी तथा शोधार्थी सभी इससे प्रभावित हो रहे हैं। परिषद ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप कर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।
गोरखपुर के नौका विहार पर हुड़दंग मचाने और नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया। शुक्रवार की देर रात उधर से गुजरने वाली गाड़ियों पर नजर रखकर तगड़ी चेकिंग ड्राइव चलाई। इस दौरान सड़कों पर आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और बिना नंबर प्लेट के घूम रहे वाहनों पर कार्रवाई हुई। चेकिंग करते हुए नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 8 बुलेट मोटरसाइकिलों का चालान काटा। इसके साथ ही, बिना नंबर प्लेट के दौड़ रही 3 बुलेट को मौके पर ही सीज कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जिससे शहर में शांति व्यवस्था बनी है। और लोग सख्ती से ट्रैफिक नियमों का पालन करें। देखिए तस्वीरें… हुड़दंगियों पर कड़ा एक्शननौकायन पर अक्सर देर रात कुछ युवा मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बाइकों से तेज आवाज निकालकर माहौल खराब करते हैं, जिससे वहां टहलने आने वाले लोगों और परिवारों को काफी परेशानी होती है। पुलिस को लगातार इसकी शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद यह एक्शन लिया गया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। स्टंटबाजी करने वालों, बिना नंबर प्लेट के घूमने वालों और मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे। यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा है, वहीं नौकायन आने वाले आम नागरिकों ने पुलिस के इस कदम की तारीफ की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार रात भोपाल पहुंचे। भोपाल एयरपोर्ट पर दैनिक भास्कर ने प्रधान से पूछा कि नीट पेपरलीक मामले में लगातार आपके इस्तीफे की मांग हो रही है। इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- नीट की परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी। मैं सभी नीट के सभी परीक्षार्थियों से अपील करता हूं आप भरोसा करके पढ़ाई में मन लगाइए। 21 जून को बहुत व्यवस्थित तरीके से नीट की परीक्षा की जाएगी। मैं आपके माध्यम से अपील करता हूं सभी समाज का सहयोग चाहिए। एनटीए ने परीक्षार्थियों को 15 मिनट का और एक्स्ट्रा टाइम देने का तय किया है। प्रधान बोले- टीएमसी कोई पार्टी नहींपश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस में लगातार हो रही टूट पर धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा- वो तो उनका अंदरुनी मामला है वो कह पाएंगे क्या हो रहा है वहां तो बंगाल की जनता ने बीजेपी को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा जताया। हमारे नए मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लोगों का दिल जीत रहे हैं बंगाल की भूमि को एक बार फिर नई ऊंचाई तक ले जाने का काम कर रहे हैं। तृणमूल तो कोई पार्टी नहीं दो परिवार की एक व्यवस्था थी उनके बारे में वो जानें। नीट यूजी का एग्जाम का टाइम 15 मिनट बढ़ा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET UG रीएग्जाम में कुछ बदलाव किए हैं। नए नोटिस के तहत, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है। NEET UG 2026 इस साल पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया गया था। रीएग्जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाना है जिसे लेकर नए बदलाव किए गए हैं। NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा होगी। लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर्स एग्जाम होने तक पेपर सेटर्स को कड़े प्रतिबंध का पालन करना होगा। उन्हें 21 जून तक लॉकडाउन में रखा जाएगा ताकि पेपर लीक होने की आशंका न रहे। एग्जाम आयोजन के लिए देश भर के 551 शहर और विदेशों में 14 शहरों को चुना गया है। पेपर ले जाने के लिए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल अधिकारियों के अनुसार एग्जाम से संबंधित सभी काम जैसे प्रश्नों की सेटिंग, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रिब्यूशन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार द्वारा क्वेश्चन पेपर से संबंधित सभी सामान ले जाने के लिए इंडियन एयरफोर्स एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। डिजिटल क्षेत्र में अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग पर नजर जमाए हुए हैं ताकि फेक क्वेश्चन पेपर, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को एग्जाम से दूर रखा जा सके। एक्सपर्ट को खुद पता नहीं होगा कि किस एग्जाम के पेपर बना रहे हैं NTA ऐसा नया सिस्टम बनाने पर काम कर रही है, जिसमें सवाल तैयार करने वाले एक्पर्ट्स को भी पता नहीं होगा कि वह किस एग्जाम के क्वेश्चन पेपर बना रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नई योजना के तहत अलग-अलग सब्जेक्ट के एक्सपर्ट्स सिर्फ प्रश्न तैयार करेंगे। इन प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल बैंक में रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें करीब 10 हजार प्रश्न हो सकते हैं। बाद में टेक्निक की मदद से इन प्रश्नों से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार होगा। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।
मानसून का आगमन जल्द हो जाएगा। इससे पहले शहर के निर्माणाधीन नालों ने नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। मेयर हों, पार्षद हों या अधिकारी, कर्मचारी, सभी संभावित जलभराव को लेकर चिंतित हैं। शुक्रवार को महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा हुई। पार्षदों ने अपनी चिंता जाहिर की तो नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। जलभराव रोकने का जिम्मा भी नालों का काम करा रही फर्मों का होगा। नालों का निर्माण करा रहे कार्यदायी संस्थाओं को इसके लिए नगर निगम की ओर से पत्र लिखा जाएगा।पार्षद ऋषिमोहन वर्मा ने विरासत गलियारा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नाले का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। लेकिन एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक तक बन रही सड़क के किनारे नाला अधूरा है। यहां जलभराव की समस्या हो सकती है। कार्यकारिणी के सदस्यों ने गोड़धोइया नाला निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाला से आसपास के मोहल्लों का नाला कनेक्ट न करने से समस्या हो सकती है। इसको लेकर उन्होंने अपनी चिंता जाहिर की। नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि शहर के बड़े हिस्से में सड़क के साथ नाला का निर्माण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्थाओं के टेंडर में मोहल्लों के पानी के डायवर्जन के इंतजाम की व्यवस्था की गई है। उन्हें ही पंपसेट से मोहल्लों में भरने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, जल निगम से लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है। कार्यकारिणी सदस्य हाल के दिनों में खुले नालों में गिरने से हुई लोगों की मौत पर चिंता जताई। इसपर नगर आयुक्त ने कहा कि खुले नालों पर स्लैब रखने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सबकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है। शहीद बंधू सिंह पार्क में बनी दुकानों के आवंटन को लेकर कार्यकारिणी ने अपनी सहमति दे दी। बैठक में तय किया गया कि मोहर्रम के रूट पर अस्थाई लाइटें लगाई जाएंगी। जुलूस के सभी रूटों पर रात्रिकालीन सफाई होगी। सदस्य रंजुला रावत ने सड़कों पर गंदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि घर के सामने कूड़ा रखने, बिल्डिंग मटेरिसल रखने के साथ डेयरी वालों की तरफ से नाले में गोबर बहाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। 30 जून तक पार्षदों को देना होगा वरीयता के कार्यों का प्रस्तावबैठक में पार्षदों ने पार्षद वरीयता से होने वाले कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 70 लाख रुपये के इन कार्यों के टेंडर में देरी की जा रही है। पार्षद जियाउल इस्लाम ने कहा कि वरीयता के 193 कार्यों में से 120 जलभराव से राहत को लेकर हैं। देर हुई तो बरसात में लोगों को दिक्कत होगी। उन्होंने 35-35 लाख रुपये के कार्यों का टेंडर निकालने को कहा। उन्होंने कहा कि नवंबर में आचार संहिता लागू हो सकती है, ऐसे में टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करना जरूरी है। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी पार्षद 30 जून तक प्रस्ताव दे दें। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में देरी पर नाराजगीजन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी को लेकर सदस्यों की तरफ से नाराजगी जताई गई। पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने एक प्रकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि महीने भर पहले के आवेदन को लेकर सुपरवाइजर ने शुक्रवार को पूछने पर बताया कि आज एसडीएम दफ्तर को पत्रावली भेज दूंगा। सदस्यों ने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के मामलों में कोई पेंच नहीं है, उन्हें भी सुपरवाइजर कई दिनों तक लटका रहे हैं। सुपरवाइजर 15 दिन में भी रिपोर्ट लगा दें तो सहूलियत होगी। जिसपर नगर आयुक्त अजय जैन ने भरोसा दिया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र एक निश्चित समय में तैयार हो और कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो इसके लिए जल्द गाइड लाइन जारी होगी। बाहरी वार्डों में बढ़ेंगे 5-5 सफाई कर्मचारीनगर निगम में शामिल हुए 9 नए वार्डों में बेहतर सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। उप सभापति पवन त्रिपाठी ने बाहरी 9 वार्ड क्रमशः रानीडिहा, खोराबार, बडगो, संझाई, गुलहरिया, हरसेवकपुर, भरवलिया गायघाट, देवीप्रसाद नगर में 5-5 सफाई कर्मचारियों को बढ़ाये जाने का प्रस्ताव दिया। जिसे मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही महर्षि दधीचि नगर में 3 सफाई कर्मचारियों को बढ़ाये जाने की स्वीकृति दी गई। पार्कों, मोहल्लों, सड़कों को मिली पहचान नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में विचार-विमर्श के बाद शहर की 5 सड़कों, एक पार्क और एक मुहल्ले के नामकरण को स्वीकृति दी गई । हरसेवकपुर नंबर-1 में अर्बन लान से दुर्गा मंदिर तक की सड़क का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रमाशंकर चौधरी के नाम से जानी जाएगी। इसी तरह राप्तीनगर द्वितीय कालोनी में अजय द्विवेदी के मकान से डा. एके अस्थाना के मकान तक की सड़क का नामकरण स्वर्गीय अशोक कुमार वर्मा मार्ग और रेल विहार-1 स्थित पार्क का नाम “अनुभव पार्क” रखने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। वहीं वार्ड संख्या-2 में मोगलहां मोड़ से राजी सेमरा तक सड़क का नामकरण पूर्व विधायक स्वर्गीय ओम प्रकाश पासवान मार्ग तथा वार्ड संख्या-54 में झुंगिया गेट से फर्टिलाइजर पश्चिमी गेट तक सड़क का नामकरण समाजसेवी स्वर्गीय हरद्वार सिंह मार्ग करने की संस्तुति की गई।इसके अलावा वार्ड संख्या-68 के बहरामपुर क्षेत्र के एक टोले का नाम “सतीगढ़ मुहल्ला” रखने तथा सोनौली मुख्य मार्ग से शिव मंदिर, पुराना गोरखपुर तक सड़क का नामकरण लेखक, समाजसेवी एवं पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय सतीश चंद्र त्रिपाठी मार्ग किए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
महंगे और लग्जरी घरों की बढ़ी मांग,:एल्डेको ट्रिनिटी में लॉन्च किया नया 26 मंजिला टावर
कोविड के बाद लखनऊ समेत प्रदेश के बड़े शहरों में लग्जरी और प्रीमियम आवासों की मांग तेजी से बढ़ी है। बड़े आकार के घर, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर लाइफस्टाइल की चाह रखने वाले खरीदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी मांग को देखते हुए एल्डेको हाउसिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गोमती नगर विस्तार स्थित अपनी आवासीय परियोजना एल्डेको ट्रिनिटी में नया 26 मंजिला टावर लॉन्च किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी एस.के. जग्गी ने बताया कि वर्तमान समय में खरीदार केवल मकान नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली की तलाश कर रहे हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए परियोजना को विकसित किया गया है। कंपनी ने यहां एक मॉडल फ्लैट भी शुरू किया है, जहां ग्राहक परियोजना और सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव ले सकेंगे। नए टावर में तीन और चार बीएचके के विशाल फ्लैट बनाए गए हैं। इनमें 11 फीट ऊंची छत, बड़ी बालकनियां, खुला व हवादार डिजाइन, हरियाली से भरपूर वातावरण और नदी का आकर्षक दृश्य प्रमुख विशेषताएं हैं। कंपनी का दावा है कि इन सुविधाओं से निवासियों को अधिक आरामदायक और प्रीमियम जीवनशैली मिलेगी। परियोजना में स्विमिंग पूल, जिम, मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कोर्ट, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, योग एवं मेडिटेशन सेंटर, मिनी थिएटर, लाइब्रेरी, कैफेटेरिया और डे-केयर सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वहीं फ्लैट्स में मॉड्यूलर किचन, डिजिटल डोर लॉक, प्रीमियम फ्लोरिंग, आधुनिक कूलिंग सिस्टम और विशाल बालकनियों की व्यवस्था की गई है। गोमती नगर विस्तार में शहीद पथ के निकट स्थित यह परियोजना एयरपोर्ट, प्रमुख शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक केंद्रों और शॉपिंग डेस्टिनेशन से बेहतर कनेक्टिविटी रखती है। कंपनी का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं, बेहतर लोकेशन और शांत वातावरण का यह संयोजन इसे शहर के प्रीमियम आवासीय विकल्पों में शामिल करता है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को ठाकुरगंज में अभियान चलाकर 1 अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। वहीं, गोमती नगर व गोमती नगर विस्तार में 6 अवैध निर्माण सील किये गये। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 एवं जोन-7 की टीम ने यह कार्रवाई की। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि गोमती नगर व गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में अभियान चलाया गया। इस दौरान संतोष सिंह, बालमुकुंद सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, सुनील कुमार जायसवाल, रामानंद वर्मा, सुधा सिंह, नीतू के द्वारा अवैध रूप से निर्मित किये जा रहे बहुमंजिला भवनों को सील किया गया। प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि वैभव चन्द्र के द्वारा ठाकुरगंज के सराय माली खां मोहल्ले में लगभग 1900 वर्गफिट के भूखण्ड पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा था। एलडीए से नक्शा कराये बिना किये जा रहे निर्माण कार्य के विरूद्ध न्यायलय ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिये थे। जिसके पालन में प्रवर्तन टीम ने स्थल पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, फर्जी जानकारी पोस्ट करने का मामला तूल पकड़ गया है। इसे लेकर प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन के साथ ही मामला कोर्ट तक पहुंचा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा उनके परिवार के विरुद्ध सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही अश्लील, अभद्र एवं मानहानिकारक सामग्री के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विनीत विक्रम अधिवक्ता को सुनकर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है। मामले पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए सीजेएम न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली है। न्यायालय द्वारा मांगी गई रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें एफआईआर दर्ज कराने और विवेचना के संबंध में आगे का निर्णय लिया जा सकता है। जानिये क्या है मामला यह प्रार्थना-पत्र समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष, योगेश चन्द्र यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(4) के तहत सीजेएम न्यायालय में प्रस्तुत कर मांग की गई है कि संबंधित थाना अथवा साइबर क्राइम इकाई को एफआईआर दर्ज कर विधिवत विवेचना करने का निर्देश दिया जाए। कहा गया है कि 9 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का अवलोकन करने के दौरान यह पाया गया कि अनेक सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा अखिलेश यादव, उनके परिवार तथा उनकी पुत्री के संबंध में तथ्यहीन, अश्लील, अपमानजनक एवं मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की जा रही है। आरोप है कि उक्त पोस्टों का उद्देश्य उनकी सामाजिक, व्यक्तिगत एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना तथा जनमानस में उनकी छवि धूमिल करना है। विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि एक छात्रा हैं और उनके संबंध में प्रसारित की जा रही सामग्री का किसी राजनीतिक विमर्श अथवा जनहित के मुद्दे से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत, अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे उनकी गरिमा, प्रतिष्ठा और निजता प्रभावित हो रही है। कई सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया कई पोस्टों की प्रकृति और भाषा लगभग समान है तथा अनेक अकाउंट्स द्वारा उन्हें बार-बार साझा किया जा रहा है इससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि यह किसी एक व्यक्ति की अलग-अलग गतिविधि न होकर एक सुनियोजित एवं समन्वित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हो सकता है यह भी कहा गया है कि कई फर्जी एवं अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा एआई से निर्मित चित्रों तथा अन्य डिजिटल सामग्री का भी प्रसारण किया जा रहा है, जिसकी तकनीकी जांच आवश्यक है। कहा गया है कि मामले की प्रकृति पूरी तरह साइबर एवं डिजिटल है,संबंधित अकाउंट्स के वास्तविक संचालकों, आईपी एड्रेस, लॉगिन इतिहास, ई-मेल, मोबाइल नंबर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का पता केवल पुलिस एवं साइबर विशेषज्ञ एजेंसियों की जांच से ही लगाया जा सकता है यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित लोग पोस्ट और डिजिटल रिकॉर्ड हटाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट कर सकते हैं,भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 79, 294, 352, 353(2), 356 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66-ई, 67 और 67-ए के तहत अपराध का मामला बनना बताया गया है, स्क्रीनशॉट, सोशल मीडिया यूआरएल और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
आगरा में यमुना पुल से नदी में प्रेमिका का हाथ पकड़कर छलांग लगाने वाले प्रेमी को पुलिस ने रेप के आरोप में जेल भेज दिया है। युवती के परिजनों ने ट्रांस यमुना थाने में बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। गुरुवार शाम शाम करीब 6 बजे एक युवक-युवती जवाहर पुल पर आए। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। लोगों ने बताया कि दोनों ने पुल से यमुना में छलांग लगा दी। पुल से गुजर रहे लोगों ने शोर मचाया। युवक-युवती पानी में छटपटाने लगे। शोर सुनकर यमुना किनारे मौजूद गोताखारे उनको बचाने के लिए कूद पडे़। दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। पता चला कि युवक सादाबाद का रहने वाला विनोद है। वो एक दिन पहले युवती को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उसने जबरन गलत काम किया। युवती के परिजनों ने ट्रांस यमुना थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। युवती के बयान के बाद आरोपी युवक को पुलिस ने रेप के आरोप में जेल भेज दिया।
KGMU में भर्ती रेप का बंदी फरार:सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल और बंदी रक्षक के खिलाफ FIR
लखनऊ में पुलिस अभिरक्षा में इलाज करा रहा रेप के आरोप में जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी शुक्रवार को केजीएमयू से फरार हो गया। बंदी की निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को उसके भागने की भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन की तहरीर पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया था सरोजनीनगर क्षेत्र के एक दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार ओडिशा के बालासोर निवासी हैदर अली जिला कारागार में निरुद्ध था। तबीयत बिगड़ने पर उसे 31 मई को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर 4 जून को पहले बलरामपुर अस्पताल और बाद में केजीएमयू रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। बंदी की निगरानी की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और बंदी रक्षक धर्मेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। शुक्रवार सुबह चेकिंग के दौरान बंदीरक्षक को पता चला कि हैदर अस्पताल से गायब है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जेलर ने दर्ज कराया मुकदमा जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की तहरीर पर चौक कोतवाली में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार बंदी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अभिरक्षा से बंदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष शराफत अली का एक कथित स्टिंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। वीडियो में उन पर पार्टी की दो वरिष्ठ महिला नेताओं और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि शराफत अली कुछ लोगों के साथ अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी तथा उनके परिवार के बारे में कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां किए जाने का दावा किया जा रहा है। अखिलेश यादव से शिकायत की तैयारी मामले को गंभीर बताते हुए पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिकायत करने की बात कही है। दोनों नेताओं ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। राजेश्वरी देवी बोलीं- फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड़ते हैं पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने कहा कि जिलाध्यक्ष ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड़ दिया गया है। ऊषा वर्मा ने जताई नाराजगी पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने कहा कि यदि महिलाओं के प्रति किसी नेता की सोच ऐसी है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता यदि महिलाओं के प्रति ऐसी मानसिकता रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिले की राजनीति में प्रभावशाली रहा है परिवार यह विवाद इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ऊषा वर्मा और राजेश्वरी देवी का परिवार हरदोई की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। राजेश्वरी देवी वर्ष 2007 में बावन-हरियावां और 2012 में सांडी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक रह चुकी हैं। वहीं ऊषा वर्मा हरदोई लोकसभा सीट से 1998, 2004 और 2009 में सांसद चुनी गई थीं। सपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर नजर राजनीतिक हलकों में अब सबकी नजर समाजवादी पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी है। वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद जिले में सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के कोंहवलिया गांव में शुक्रवार रात हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर हुए विवाद में चाकूबाजी हो गई। घटना में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कोंहवलिया गांव निवासी बल्ली निषाद (30) के परिवार की एक महिला रात करीब नौ बजे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। इसी दौरान हैंडपंप में शराब और तबांकू डालने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान बल्ली निषाद के बड़े भाई और उसके पुत्रों ने लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया। हमले में बल्ली निषाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे बचाने पहुंचे उसके छोटे भाई नागेंद्र निषाद (28) पर भी चाकू से वार किया गया, जिससे वह भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तरकुलवा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
भीषण गर्मी के बाद विदिशा में बारिश:कई इलाकों में जलभराव, लटेरी अस्पताल में पानी घुसा
विदिशा में शुक्रवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद तेज हवा चलीं और देर रात बूंदाबांदी ने बारिश का रूप ले लिया। इससे शहर के तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर परेशानी भी हुई। शहर की कई निचली सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें आईं। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ा। जिले के लटेरी क्षेत्र में तेज बारिश का असर अस्पताल परिसर में भी दिखा। अस्पताल में पानी भरने से वार्डों तक जलभराव हो गया, जिससे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। विभाग ने शनिवार को भी जिले में बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान जताया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और एक अन्य ट्रफ सिस्टम सक्रिय है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और 17 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है।
पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर गांव में खाना बनाते समय प्रेशर कुकर फटने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का इलाज मोतिहारी के एक अस्पताल में चल रहा है। एक ही परिवार के चार लोग घायलजानकारी के अनुसार, यह घटना दीनानाथ पटेल के घर में हुई। हादसे में उनकी पत्नी त्रिरेखा देवी (30 वर्ष) और तीन पुत्र शिवम कुमार (10), मनप्रीत कुमार (7) और आयुष कुमार (5) गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज धमाके से फैली दहशतप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खाना बनाते समय अचानक प्रेशर कुकर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे निकली गर्म भाप और उबलता भोजन रसोई में मौजूद सभी लोगों पर गिर गया। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पतालधमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी रेफर किया गया। स्थिति गंभीर, इलाज जारीपरिजनों के अनुसार, घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आर्थिक स्थिति कमजोरग्रामीणों ने बताया कि दीनानाथ पटेल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक साथ पत्नी और तीन बच्चों के घायल होने से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशासन को सूचना, जांच शुरूसीओ नाजनी अकरम ने बताया कि घटना की जानकारी मिल चुकी है और मामले की जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
जौनपुर में सड़क हादसा, भाई की मौत:सिटी रेलवे ब्रिज के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से शिक्षिका बहन घायल
जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना सिटी रेलवे ब्रिज के पास हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान ओमप्रकाश शर्मा (48) पुत्र रामाधार शर्मा के रूप में हुई है, जो रसूलाबाद, संक्रमण मंडी, थाना कोतवाली के निवासी थे। हादसे में घायल उनकी बहन प्रीति कश्यप, पत्नी रविंद्र कुमार, केराकत क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। वह भी रसूलाबाद की निवासी हैं और उनका मूल निवास मछलीशहर क्षेत्र का सारनाथ गांव है। जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश शर्मा और प्रीति कश्यप किसी निजी कार्य से भदोही गए थे। शुक्रवार रात करीब नौ बजे वे जौनपुर लौट रहे थे। सिटी रेलवे ब्रिज शुरू होने से ठीक पहले एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ओमप्रकाश शर्मा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि प्रीति कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही लाइन बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल प्रीति कश्यप को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनके दाहिने पैर में गंभीर चोट को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल वाहन की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
संभल में एक युवक ने घरेलू विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पुलिस कार्रवाई के बिना ही शव घर ले गए। मृतक की पहचान अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील के बहादुरपुर गांव निवासी सोनू (22) पुत्र धर्मपाल के रूप में हुई है। पिता के अनुसार, सोनू ने पांच दिन पहले 60-60 हजार रुपए का बंटवारा किया था। वह काम पर जाने के बजाय घर लौट आया, जहां उसकी पत्नी पूनम से सुबह से ही किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। उनकी बेटी सपना ने दोनों को झगड़ा न करने के लिए टोका। इसके बाद सोनू घर के अंदर गया और चौखट से अंगोछे का फंदा बनाकर गले में लगा लिया। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर संभल शहर के एक निजी अस्पताल हसीना बेगम में भर्ती कराया गया। पिता के मुताबिक, सोनू का पांच दिन से वहीं इलाज चल रहा था और शुक्रवार दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने शाम को मौत होने की बात बताई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर संभल कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिजनों और अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली और उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि युवक के परिजनों ने पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वे शव को अपने साथ घर ले गए। गौरतलब है कि छह महीने पहले सोनू की मां की बीमारी के कारण मौत हो चुकी थी और पंद्रह दिन पहले ही उसकी बेटी का जन्म हुआ था।
डबरा सिटी थाने में पदस्थ एक आरक्षक ने शुक्रवार देर रात अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की खबर मिलते ही एसडीओपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल फॉरेंसिक टीम और ग्वालियर से सीनियर अफसरों के आने का इंतजार किया जा रहा है। डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार ने सुसाइड की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे उसका शव फांसी पर लटका मिला है। ग्वालियर से फॉरेंसिक टीम मौके पर बुलाई गई है। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। भाई के फोन न उठाने पर खुला राज मृतक आरक्षक की पहचान मुरैना जिले के पोरसा के रहने वाले राघवेंद्र तोमर के रूप में हुई है। वे मध्य प्रदेश पुलिस में सिपाही थे और पिछले करीब एक साल से डबरा के सिटी थाने में तैनात थे। वे थाना बिल्डिंग के ठीक पीछे बने सरकारी क्वार्टर में रह रहे थे। यह घटना देर रात तब सामने आई जब राघवेंद्र के भाई मोनू ने उन्हें फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद मोनू ने डबरा थाने में ही तैनात दूसरे आरक्षक मिंटू परिहार को फोन कर भाई से बात न हो पाने की बात कही। मिंटू परिहार जब सरकारी क्वार्टर पहुंचे, तो उन्होंने राघवेंद्र को फांसी के फंदे पर लटका देखा। दरवाजे के कुंदे से बनाया फंदा इसकी जानकारी तुरंत एसडीओपी सौरभ कुमार को दी गई, जो फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। आरक्षक ने सरकारी मकान के गेट के ऊपर लगे कुंदे से रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी की थी। इस मामले की सूचना पुलिस कप्तान को भी दे दी गई है। अनुकंपा नियुक्ति पर भर्ती हुए थे आरक्षक फिलहाल ग्वालियर से बड़े अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है। आरक्षक के परिवार वालों को भी मौके पर बुला लिया गया है। इन सभी के पहुंचने के बाद ही शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि राघवेंद्र तोमर को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी और उनके दो बच्चे भी हैं। एसडीओपी सौरभ कुमार ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और फॉरेंसिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने क्रॉस-वोटिंग में हार के डर से गलत भरा फॉर्म, अब कर रही ड्रामा: विश्वास सारंग
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज किए जाने का स्वागत किया
सीकर में डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश:राधाकिशनपुरा अंडरपास में 8 फीट पानी भरा, बस डिपो भी लबालब
सीकर में पिछले करीब चार-पांच दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बाद राहत मिली है। सीकर में शुक्रवार रात को करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश होने के साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। इस बारिश के चलते सीकर में जगह-जगह भारी जलभराव हो गया। सीकर के राधाकिशनपुरा रेलवे अंडरपास में 8 फीट तक जलभराव हो गया। ऐसे में राधाकिशनपुरा का शहर से सीधा संपर्क टूट गया। इसके अलावा सीकर के रोडवेज बस डिपो परिसर में भी 3 फीट तक पानी आ गया, जिसके चलते लोग काफी परेशान हुए। इसके अलावा सीकर के बजाज रोड, लोहारू बस स्टैंड पर भी 2 से 3 फीट तक जलभराव हुआ। इससे पहले आज सीकर में तेज गर्मी रही। सीकर में आज का अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री दर्ज किया गया था। सीकर में आज शाम 5:30 बजे के बाद से ही आसमान में बादल छाना शुरू हो गए थे। इसके बाद करीब 8:45 बजे बारिश का दौर शुरू हुआ, जो रात 10:15 बजे तक चला। फिलहाल सीकर में अगले तीन से चार दिन तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सीकर में कल 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त 14 से 16 जून तक सीकर में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट है। मौसम से जुड़ी PHOTOS…
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में शुक्रवार रात एक सुनार से लाखों रुपये की लूट हो गई। बदमाशों ने सुनार की आंखों में लाल मिर्च झोंककर सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस घटना से सर्राफा कारोबारियों में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, शिकोहाबाद थाना क्षेत्र का एक सुनार प्रतिदिन की तरह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था। उसके पास एक बैग था, जिसमें सोने-चांदी के आभूषणों के साथ करीब 1.35 लाख रुपये नकद रखे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोका। इससे पहले कि सुनार कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उसकी आंखों में लाल मिर्च झोंक दी। अचानक हुए इस हमले से सुनार घबरा गया और उसकी आंखों में तेज जलन होने लगी। इसी दौरान बदमाश उसके हाथ से बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बदमाश काफी दूर निकल चुके थे। स्थानीय पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और जानकारी जुटाई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी आदित्य लांग्हे और एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं। व्यापारियों ने शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और नव नियुक्त प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह शुक्रवार देर रात पहली बार झांसी पहुंचे। सर्किट हाउस में उनका भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा- वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की धरती झांसी का पर्यटन विकास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में कथित दान चोरी के मामले पर उन्होंने कहा- जांच के लिए समिति गठित हो चुकी है और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मंत्रिमंडल में हुए बदलाव के बाद प्रभारी बनाया देर रात सर्किट हाउस पहुंचे मंत्री जयवीर सिंह के स्वागत के लिए जिलाधिकारी गौरांग राठी और एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति भी पहुंचे। भाजपा के सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह परीछा, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे मंत्री ने सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों और भाजपा नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में हुए बदलाव के बाद उन्हें झांसी का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। शनिवार को वह अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही लंबित और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी लेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक होगी, जिसमें संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। रानी लक्ष्मीबाई की धरती का होगा पर्यटन विकास जयवीर सिंह ने कहा- झांसी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की भूमि है, जिसका गौरव पूरी दुनिया में गाया जाता है। उन्होंने कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध पंक्तियां “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” दोहराते हुए कहा- झांसी का किला, रानी महल और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें प्रदेश की महत्वपूर्ण पर्यटन संपदा हैं। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राम मंदिर मामले पर बोले- दोषी होगा तो कार्रवाई होगी अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में कथित दान चोरी के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा- मामले की जांच के लिए समिति गठित की जा चुकी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जबकि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने से पहले इस विषय पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं है और सभी को रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मैनपुरी में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, किसानों की समस्याओं, स्मार्ट मीटर, जमीन कब्जों, लोकतंत्र और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति का संकेत दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे चाय, अंडा और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है। किसानों को खाद के लिए करना पड़ रहा संघर्ष सपा अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि खाद लेने के लिए किसानों से तरह-तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं। कई जगहों पर उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। स्मार्ट मीटर को लेकर साधा निशाना स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की इस व्यवस्था का व्यापक विरोध हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आम लोग और किसान स्मार्ट मीटर से परेशान हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। मंत्री का विभाग हटने पर कसा तंज भाजपा सरकार के एक मंत्री का विभाग हटाए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, अभी तो उनका मंत्री पद आधा हुआ है, आने वाले समय में जनता कई नेताओं की राजनीति भी साफ कर देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनता के बीच जाने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं। लोकतंत्र और एजेंसियों के इस्तेमाल पर सवाल बहराइच से ओबीसी अभियान शुरू करने के सवाल पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोकप्रिय नेताओं पर मुकदमे दर्ज करना खतरनाक परंपरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर उन्होंने कहा कि यदि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा तो समाजवादी पार्टी उसका लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगी। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर कही यह बात इंडिया गठबंधन और कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता भाजपा को चुनौती देने के लिए जरूरी है। कांग्रेस द्वारा 403 सीटों पर तैयारी के दावे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे विपक्ष की डबल तैयारी बताया। जमीन कब्जों के आरोपों का उठाया मुद्दा प्रदेश में जमीन कब्जों की शिकायतों का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोग जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों का जवाब चुनाव में देगी। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा मर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं जो लोकतांत्रिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है। किसानों के लिए उद्योग लगाने का वादा किसानों की आय बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी सरकार बनने पर आलू, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा और उपज खराब होने की समस्या भी कम होगी।
मुंशी हसदा ने स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को हराया:जिला फुटबॉल लीग में 4-0 से एकतरफा जीत दर्ज की
पूर्णिया जिला फुटबॉल लीग टूर्नामेंट में आज मुंशी हसदा और स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में मुंशी हसदा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को 4-0 से एकतरफा मात दी। मैच की शुरुआत से ही मुंशी हसदा की टीम आक्रामक नजर आई। खेल के दूसरे मिनट में जर्सी नंबर 11 के खिलाड़ी वीरेंद्र ने पहला गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 15वें और 27वें मिनट में जर्सी नंबर 12 के राजीव ने लगातार दो गोल कर बढ़त को 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भी मुंशी हसदा का दबदबा कायम रहा। जर्सी नंबर 10 के खिलाड़ी ने चौथा गोल कर टीम की बढ़त को 4-0 तक पहुंचाया। अंततः मुंशी हसदा ने यह मुकाबला 4-0 से अपने नाम कर लिया। मैच के मुख्य निर्णायक राम सेवक, रमन, रजनीश कुमार और बबलू कुमार थे। अपने उत्कृष्ट खेल के लिए जर्सी नंबर 12 के राजीव कुमार को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस अवसर पर डीएसए अध्यक्ष गौतम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ एथलेटिक संघ के सचिव एम.एच. रहमान, क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गौतम चौधरी, फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, रमन सिंह, आलोक लोहिया, पूर्व फुटबॉलर मनीष कुमार, फरद आलम, राजू सिंह और अंबुज सिंह भी मौजूद थे। टूर्नामेंट के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में आगे भी कई रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।
अमेठी में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दरवाजा तोड़कर युवक को फंदे से नीचे उतारा और उसकी जान बचाई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के सरेसर गांव में हुई। जानकारी के अनुसार, सरेसर गांव निवासी पवन कुमार पुत्र गंगाराम ने देर शाम अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रोशनदान में गमछे से फांसी लगा ली। परिजनों ने जब यह देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी 5344 की टीम मौके पर पहुंची। इसमें तैनात कांस्टेबल कौशिक और हेड कांस्टेबल हरिओम उपाध्याय समेत अन्य कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर कमरे के अंदर प्रवेश किया। उन्होंने दरवाजा तोड़कर युवक को फंदे से नीचे उतारा। युवक को तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और उसकी जान बच सकी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि पीआरवी जवानों की सक्रियता से युवक की जान बचाई जा सकी। एसपी सरवणन टी ने पुलिसकर्मियों के बहादुरी की प्रसंशा करते हुए टीम को 10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चलती कार में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हालांकि, समय रहते परिवार ने बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली और सभी सुरक्षित हैं। जानकारी के मुताबिक, सुकमा निवासी मनोज चांडक अपने परिवार के साथ भद्राचलम मंदिर दर्शन के बाद घर लौट रहे थे। उनकी टाटा हैरियर कार (CG 26 E 4837) में पत्नी, बच्चे और मां भी सवार थे। दरभा गुड़ा के पास अचानक कार में तकनीकी खराबी आ गई। कुछ ही देर में शॉर्ट सर्किट हुआ और गाड़ी रुकते ही उसमें आग लग गई। परिवार ने तुरंत बाहर निकलकर जान बचाई, जिसके बाद कार देखते ही देखते पूरी तरह जल गई। मनोज चांडक ने बताया कि वे करीब 80 की स्पीड से गाड़ी चला रहे थे, तभी अचानक गाड़ी का सिस्टम फेल हो गया और ब्रेक भी काम नहीं कर रहा था। उन्होंने किसी तरह गाड़ी को साइड लगाया। इसी दौरान बोनट से धुआं निकलने लगा। उन्होंने बताया कि बोनट खोलने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिवार को बाहर निकाला और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए।
इंदौर में चलती ब्रेजा कार में लगी आग:लवकुश चौराहे के पास हादसा; दमकल ने पाया आग पर काबू
इंदौर के लवकुश चौराहे के पास शुक्रवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर ब्रिगेड से मिली जानकारी के अनुसार, घटना लवकुश चौराहे और एमआर-11 के बीच की है। यहां सड़क पर चल रही एक ब्रेजा कार में अचानक आग भड़क उठी। कार से धुआं निकलता देख चालक तुरंत वाहन से बाहर निकल गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, कार मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग से कार पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई।
नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र के डूंगरपुरिया नई बावल गांव में जमीन के विवाद को लेकर भारी बवाल हो गया। शुक्रवार को यहां खेत की जुताई करने पहुंचे किसान बाबूलाल धाकड़ के परिवार और उनके साथियों पर 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों और तलवारों से हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में किसान के साथी प्रवीण के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें पहले जिला अस्पताल नीमच ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया। बातचीत के बहाने रोका, फिर पीछे से किया हमला पीड़ित किसान ईश्वर धाकड़ ने बताया कि दो दिन पहले भी जब वे खेत जोत रहे थे, तब कुछ लोगों ने ट्रैक्टर को घेरकर उनके साथ मारपीट की थी। तीन दिन पहले इसकी शिकायत जावद थाने में भी की गई थी। धाकड़ का आरोप है कि पुलिस में मामला दर्ज होने के बावजूद शुक्रवार को जब वे दोबारा खेत जोतने पहुंचे, तो हमलावरों ने पहले उन्हें बातचीत के बहाने रोके रखा। इसी बीच पीछे से 100 से अधिक लोगों की भीड़ घातक हथियारों के साथ आई और उन पर टूट पड़ी। रिकॉर्डिंग कर रहा ड्रोन तोड़ा, वीडियो आया सामने पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब हमला हो रहा था, तब वे घटना की रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल कर रहे थे। हमलावरों ने उस ड्रोन कैमरे को भी नीचे गिरा दिया और लाठी-डंडों व लातों से कुचलकर तोड़ डाला। हालांकि, ड्रोन के पूरी तरह टूटने से पहले तक की सारी रिकॉर्डिंग सुरक्षित बच गई है। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है। पांच नामजद आरोपियों पर केस दर्ज पुलिस ने इस हिंसक झड़प के मामले में कार्रवाई करते हुए नेता बंजारा, मुकेश बंजारा, दिलीप बंजारा, गोपी बंजारा और विजय बंजारा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296(ए), 115(2), 351(3), 125 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिहार सरकार की मंत्री और धमदाहा विधानसभा सीट से जदयू विधायक लेशी सिंह ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके कार्यालय कक्ष में हुई, जहां उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र धमदाहा और पूर्णिया प्रमंडल में स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मंत्री लेशी सिंह ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें नगर पंचायत मीरगंज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरसी के भवन और चारदीवारी का निर्माण, स्वास्थ्य उपकेंद्र चंदवा को क्रियाशील बनाने के लिए भवन निर्माण शामिल हैं। उन्होंने दमैली और विशनपुर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक और नर्सों की प्रतिनियुक्ति तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अमारी में चिकित्सक की तैनाती की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंगपुरा के निर्माण की मांग भी की गई। मंत्री लेशी सिंह ने बताया कि धमदाहा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे पूर्णिया प्रमंडल के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र की जनता के विश्वास और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेंगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंत्री लेशी सिंह द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने तत्काल विभागीय पदाधिकारियों को इन मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री के त्वरित निर्देश पर मंत्री लेशी सिंह ने उनका आभार व्यक्त किया।
मैहर पुलिस ने शुक्रवार को शहर के मुख्य मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियम तोड़ने वाले 13 वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए मौके पर ही 7,600 रुपए का जुर्माना वसूला। बिना हेलमेट-सीट बेल्ट और काली फिल्म वालों पर कार्रवाई यातायात प्रभारी विक्रम पाठक के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने उन चालकों को विशेष रूप से रोका जो बिना हेलमेट पहने बाइक चला रहे थे या कार में सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। इसके अलावा गाड़ियों पर काली फिल्म लगाने, एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने और बाइक पर तीन सवारी बैठाकर फर्राटा भरने वाले चालकों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने चेकिंग के दौरान उन ट्रैक्टरों पर खास सख्ती दिखाई, जिन पर खतरनाक तरीके से लोहे के सरिए (छड़) बाहर निकाल कर ले जाए जा रहे थे। साथ ही, माल ढोने वाली गाड़ियों में जोखिम उठाकर सवारी बैठाने वाले चालकों के भी चालान काटे गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों को समझाया कि इस तरह लापरवाही से सरिया ढोना या मालवाहक में सवारी बैठाना किसी बड़े और जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है। चालान के साथ दी समझाइश चेकिंग के दौरान चालकों को रोककर यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की जान की सलामती के लिए गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें।
जोधपुर पुलिस कमिश्नर रेट में अब बिना अनुमति के रैली, धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। विभिन्न संगठनों और आमजन द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बिना अनुमति सार्वजनिक स्थलों और मार्गों पर रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन एवं सभाओं के आयोजन से कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। बिना अनुमति नहीं निकाल सकेंगे रैली पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय एवं यातायात) शहीन सी. द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जोधपुर के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, प्रदर्शन और सभा आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि विवाह समारोह, बारात और शवयात्रा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। शर्तों का करना होगा पालन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रैली, जुलूस, प्रदर्शन अथवा सभा आयोजित करने के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों की समीक्षा के बाद आवश्यक शर्तों के साथ अनुमति प्रदान कर सकेंगे तथा आयोजकों और इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों को निर्धारित शर्तों की अक्षरशः पालना करनी होगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज करने पर होगी कार्रवाई इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप और यूट्यूब आदि के माध्यम से भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाले संदेश प्रसारित करने अथवा उन्हें आगे फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगाई गई है। किसी भी व्यक्ति द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने वाली अफवाह फैलाने या ऐसे कृत्यों को प्रोत्साहित करने पर कार्रवाई की जाएगी। 14 जून से 12 अगस्त तक लागू होंगे आदेश आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति, समूह या संस्था के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 14 जून 2026 से 12 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा अथवा इससे पूर्व वापस लिए जाने तक लागू माना जाएगा।
KGMU में असाध्य योजना में संकट:नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन ठप, पुराने मरीज भी बेहाल
KGMU में दवा घोटाले का खामियाजा अब गरीब और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। असाध्य योजना के तहत नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन में टालमटोल किया जा रहा है। वहीं नवीनीकरण भी अटका है। नतीजतन बड़ी संख्या में गरीब मरीजों का इलाज फंस गया है। इसमें कैंसर जैसी दूसरी गंभीर बीमारी से पीड़ित शामिल हैं। असाध्य योजना के तहत गरीब मरीजों के मुफ्त इलाज का प्रावधान है। इस योजना में सेंधमारी कर करीब ढ़ाई करोड़ रुपये की दवा घोटालेबाज हजम कर गए हैं। यूरोलॉजी विभाग में योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया है। तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। जबकि एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है। मुकदमा भी दर्ज कराया गया हैं। वहीं मैंन पावर एजेंसी से वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दवा घोटाले से योजना पर असर घोटाले की वजह से डॉक्टर और कर्मचारी असाध्य योजना के तहत नए मरीजों का पंजीकरण करने से कतरा रहे हैं। मरीजों को टरका रहे हैं। वहीं पुराने मरीजों के कार्ड का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। नतीजतन गरीब मरीज धक्के खा रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड से लेकर मुख्य पीआरओ भवन के बीच मरीज भटक रहे हैं। लगातार बढ़ रही मरीजों की परेशानी लखनऊ के सदर क्षेत्र निवासी दुआ खान के परिजनों का कहना है कि मार्च 2025 में बना असाध्य कार्ड होने के बावजूद वे कई दिनों से कार्ड में धनराशि डलवाने के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं। वहीं, उन्नाव निवासी रामचंद्र का क्लीनिकल हीमैटोलॉजी विभाग में रक्त संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार दवा के लिए राशि स्वीकृत कराने पहुंचे तो कर्मचारियों ने कार्ड के नवीनीकरण की बात कही। जबकि उनका कार्ड अक्टूबर 2025 में बना था और इसकी वैधता तीन वर्ष बताई गई थी। इसके बावजूद नवीनीकरण का पेंच फंसाकर प्रक्रिया रोक दी गई है। ये भी परेशानइसके अलावा उन्नाव निवासी रामचंद्र का क्लीनिकल हीमैटोलॉजी विभाग में रक्त संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार दवा के लिए राशि स्वीकृत कराने पहुंचे तो कर्मचारियों ने कार्ड के नवीनीकरण की बात कही। जबकि उनका कार्ड अक्टूबर 2025 में बना था और इसकी वैधता तीन वर्ष बताई गई थी। इसके बावजूद नवीनीकरण का पेंच फंसाकर प्रक्रिया रोक दी गई है। सीतापुर के महौली निवासी आयुषी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और KGMU में उपचाराधीन हैं। उनका असाध्य कार्ड मार्च 2026 में बना था, लेकिन कार्ड में राशि स्वीकृत न होने से इलाज प्रभावित हो रहा है।
ग्वालियर के मालनपुर स्थित वर्जर पेंट कंपनी के 52 वर्षीय मैनेजर मनोज कृष्णा पाटिल अपने घर के कमरे में मृत अवस्था में मिले हैं। शुक्रवार को जब वे रोजाना की तरह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल पर लगातार कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, तो कंपनी के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। दोपहर करीब 12 बजे कंपनी का स्टाफ विंडसर हिल स्थित उनके निवास पर पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह गहराने पर कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर मैनेजर मनोज पाटिल कमरे में मृत अवस्था में पड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। परिजन महाराष्ट्र गए थे बताया गया है कि महाराष्ट्र के ठाणे निवासी मनोज कृष्णा पाटिल परिवार के साथ ग्वालियर के विंडसर हिल में रह रहे थे। उनके परिजन कुछ दिन पहले महाराष्ट्र गए हुए थे और पाटिल घर में अकेले रह रहे थे। परिजन शव लेकर ठाणे महाराष्ट्र हुए रवाना सूचना मिलने के बाद परिजन भी ग्वालियर पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर ठाणे महाराष्ट्र रवाना हो गए। नहीं मिले मैनेजर के शरीर पर चोट के निशान प्रारंभिक जांच में पुलिस हार्ट अटैक से मौत की आशंका जता रही है। मनोज पाटिल की पहले बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मृतक के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस कर रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत हार्ट अटैक से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को जिला पंचायत में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने की। बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत प्रकरणों और ऋण वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने सभी बैंकों को स्वयं स्रोत (सेल्फ-सोर्स्ड) आवेदनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं और हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करें। समीक्षा के दौरान सीएसईबी अधिकारियों को भी योजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर हितग्राहियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। बैठक में सभी विभागों और बैंक प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय के साथ योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया गया। इस दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक मोहम्मद मोफिज, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और घर-घर स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने की दिशा में तेजी से कार्य करने पर सहमति बनी।
किशनगंज जिले में एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब महिला अपने परिवार के साथ पहले हुए एक सड़क हादसे के मृतक के परिजनों को सांत्वना देने जा रही थी। शुक्रवार शाम को किशनगंज के बहादुगंज थाना क्षेत्र के नसीमगंज चौक के पास यह हादसा हुआ। बाइक सवार लोग नसीमगंज हादसे में मारे गए अंकित के परिजनों को सांत्वना देने जा रहे थे। जनता हाट के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। संजय कुमार सिन्हा भी गंभीर रूप से घायल हो गयाइस दुर्घटना में बाइक पर सवार मृतक अंकित की नानी सुधा रानी की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहा संजय कुमार सिन्हा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। संजय कुमार सिन्हा और उनकी मां सुधा रानी कदमटोली, तुलसीया के निवासी थे और देवोत्तर बिरनिया स्थित अंकित के घर जा रहे थे। जनता हाट के समीप अचानक एक कुत्ता सड़क के बीच आ गया। तेज रफ्तार बाइक के चालक ने कुत्ते को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाया, जिससे मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। दो मौतों की खबर से इलाके में शोक का माहौलहादसे में सुधा रानी सिर के बल सड़क पर गिरीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल संजय कुमार सिन्हा को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। एक ही परिवार से जुड़ी लगातार दो मौतों की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
बोरानाड थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं लूणी थाना पुलिस ने एक तस्कर के मकान पर दबिश देकर उसके कब्जे से एक किलोग्राम से ज्यादा अफीम बरामद की है। थाना बोरानाडा पर दर्ज केस में चोरी एक ट्रेक्टर और मोटरसाईकल की तलाश के प्रयास के दौरे सहायक उप निरीक्षक भगाराम मय जाब्ता व डीएसटी टीम जोधपुर पश्चिम ने तीन संदिग्धों से पुछताछ की। इस दौरान पुलिस थाना मथानिया में हुई चोरी को स्वीकारा जिस पर उक्त तीनो को में गिरफ्तार किया गया। दरअसल, थानाधिकारी बोरानाडा डॉ. हनवन्तसिह के नेतृत्व में शहर में बढ़ती वाहन चोरियों को मध्यनजर रखते हुए एवं उक्त अपराधों पर लगाम कसने के लिए थाना स्तर पर टीमें और डीएसटी टीम जोधपुर पश्चिम द्धारा संयुक्त रूप स एक ट्रेक्टर व मोटरसाईकल की तलाश शुरू की गई। संदिग्धों ने पुछताछ के दौरान 15-20 दिन पूर्व पुलिस थाना मथानिया क्षेत्र से चोरी करने को स्वीकारा जिस पर उक्त टीवीएस रेडान मोटरसाईकिल बिना नम्बरी को जब्त कर सुरक्षार्थ थाना परिसर में खड़ा करवाया गया। थानाधिकारी पुलिस थाना मथानिया से सूचना दी गई। तीनो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनको किया गिरफ्तार 1 साबिर खान (21) पुत्र वल्ली खान निवासी इन्द्रा कॉलोनी पटेलों का वास झंवर पुलिस थाना झंवर जिला जोधपुर पश्चिम 2. बाबुराम(27) पुत्र गिरधारीराम निवासी जाटावास झंवर, पुलिस थाना झंवर जिला जोधपुर पश्चिम। 3 पूर्णसिंह (27) पुत्र समन्दर सिंह रावणा राजपूत निवासी पटेलों का वास। 1 किलो से ज्यादा अफीम का दूध बरामद लूणी पुलिस थाना द्वारा अवैध मादक पदार्थ के तस्कर के विरूध करवाई करते हुए 1 किलो 293 ग्राम अफीम दुध जब्त कर तस्कर पेमाराम को किया। जब्त की गई अफीम की अनुमानित बाजार मूल्य 6 लाख 46 हजार 500 रूपये है। अवैध मादक पदार्थ रख होने की सूचना पर लूणी थानाधिकारी हमीरसिंह भाटी मय टीम द्वारा तस्कर पेमाराम के मकान पर दबिश दी। घर के अन्दर छिपाकर रखे अफीम दुध को बरामद कर मौके से मुल्जिम पेमाराम, निवासी मंगरो की ढाणिया उतेसर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की हैं।
छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजनांदगांव जिले की महक नरवासे को भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम का टी-20 और वनडे दोनों प्रारूपों के लिए उपकप्तान चुना गया है। इस ऐतिहासिक चयन के बाद पूरे प्रदेश सहित उनके गृह जिले में उत्सव का माहौल है। महक ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। इस उपलब्धि पर जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान महक ने अपनी इस यात्रा और भविष्य के लक्ष्यों को साझा किया। महक नरवासे ने अपने चयन की प्रक्रिया के बारे में बताया कि बेंगलुरु में विशेष प्रशिक्षण कैंप आयोजित किए गए थे। इसके बाद डोमेस्टिक मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले देश भर के खिलाड़ियों के बीच मुकाबले हुए। उन्होंने बताया कि कुल छह टीमें बनाई गई थीं, जिनमें आपस में मैच खेले गए। इस कड़े प्रदर्शन और चयन प्रक्रिया के बाद यह भारतीय टीम घोषित की गई है। महक ने आगे कहा कि इस मुकाम तक पहुंचकर वे बेहद खुश हैं, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। वे इस बेहतरीन प्रदर्शन और अनुभव को आगे भी जारी रखना चाहती हैं। अपनी भविष्य की योजनाओं और इच्छाओं को साझा करते हुए महक के हौसले बुलंद नजर आए। उन्होंने कहा, “आगे अब अंडर-19 वर्ल्ड कप आ रहा है, उसमें देश के लिए खेलना और बेहतरीन प्रदर्शन करना मेरा मुख्य लक्ष्य है।” देश के लिए खेलने का महक का लक्ष्य महक ने यह भी बताया कि उनकी बड़ी इच्छा है कि वे आगे चलकर भारत की सीनियर महिला इंटरनेशनल टीम का हिस्सा बनें और सीनियर खिलाड़ियों के साथ देश का प्रतिनिधित्व करें। महक की इस गौरवशाली उपलब्धि पर कलेक्टर जितेंद्र यादव एवं अन्य अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर गुलदस्ता भेंट किया। उन्होंने दोनों ही प्रारूपों में उपकप्तान जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर महक को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम में पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने अधिकारियों पर जमकर नाराजगी व्यक्त की। यह हंगामा भूमिपूजन और लोकार्पण के शिलालेखों से उनके नाम हटाए जाने को लेकर हुआ। सभापति ने इंजीनियरों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन पर 'राजनीति' करने का आरोप लगाया। दरअसल, सभापति मोटवानी ने आरोप लगाया कि विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और शिलान्यास से एक दिन पहले शिलालेखों पर उनका नाम मौजूद रहता है। हालांकि, जिस दिन भूमिपूजन या लोकार्पण होता है, उसी रात को उनका नाम शिलालेख से हटा दिया जाता है। उन्होंने इस कृत्य के लिए नगर निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। महापौर चेंबर के बाहर इंजीनियरों को चेतावनी मोटवानी ने कहा कि उनका विभाग शहर के विकास परियोजनाओं से जुड़ा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने आयुक्त पर भी आरोप लगाया कि उनके निर्देश पर ही रात में नाम हटाए जाते हैं। महापौर के चेंबर के बाहर उन्होंने इंजीनियरों को 'नेतागिरी न करने' की चेतावनी दी। इस मामले को महापौर रामू रोहरा ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने बताया कि सभापति ने आपत्ति दर्ज कराई है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रभारी होने के बावजूद भूमिपूजन स्थलों से उनका नाम हटा दिया गया। महापौर ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया क्षेत्र में प्रेम विवाह करने पर एक परिवार ने अपनी 19 साल की बेटी को सामाजिक रूप से मृत मान लिया। परिवार वालों ने गुस्से और नाराजगी में बेटी का जीते-जी तर्पण और पिंडदान कर दिया। मोहन बड़ोदिया की रहने वाली यह युवती कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा है। वह 2 जून को अचानक अपने घर से लापता हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट परिजनों ने मोहन बड़ोदिया थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब 6 जून को लड़की को ढूंढा, तब पता चला कि उसने अपनी मर्जी से दूसरे समाज के एक युवक से शादी कर ली है। पुलिस जांच में लड़की बालिग निकली और उसने अपनी मर्जी से लड़के के साथ रहने की बात कही। भाई ने नदी में बहाए अवशेष युवती के इस कदम से उसका परिवार और समाज के लोग काफी नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए बेटी से हमेशा के लिए नाता तोड़ने का फैसला किया। शुक्रवार को युवती के भाई ने बहन की तस्वीर के सामने बैठकर बकायदा तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान की रस्में पूरी कीं। इसके बाद पूजा की सामग्री और प्रतीकात्मक अवशेषों को चौमा में लखुंदर नदी में बहा दिया गया। सालों से चल रहा था प्रेम प्रसंग आसपास के लोगों और परिजनों के मुताबिक, लड़की और लड़के के बीच पिछले एक-दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों आपस में लगातार बातचीत करते थे और कई बार मिल भी चुके थे, लेकिन परिवार को इस रिश्ते की भनक नहीं थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने समाज की मर्यादा को ध्यान में रखकर बेटी का जीते-जी श्राद्ध करने का यह कड़ा फैसला लिया है। इलाके में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।
नर्मदापुरम जिला चिकित्सालय में एक गंभीर घायल मरीज को रेफर करने में लापरवाही बरती गई। अस्पताल की सिविल सर्जन डॉक्टर सुनीता कामले मरीज को समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं दिला पाईं। एसपीएम से डोनेट एंबुलेंस होने के बावजूद सिविल सर्जन ने सीएमएचओ डॉक्टर नरसिंह गहलोत को यह कहकर मना कर दिया कि यह एंबुलेंस वीवीआईपी ड्यूटी के लिए है। मरीजों के परिवहन के लिए नहीं है। इतना ही नहीं सिविल सर्जन पर “डीजल की व्यवस्था कौन करेगा?” कहने का भी आरोप है। मामले में शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गहलोत ने सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले को नोटिस जारी किया है। पत्र में उल्लेख किया कि सिविल सर्जन ने शासकीय एबुलेंस होने के बावजूद अमानवीय रवैया अपनाते हुए मरीज को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई। कहा गया कि एंबुलेंस वीवीआईपी ड्यूटी के लिए है। उन्होंने लिखा कि आप महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद मरीजों के हितों का ध्यान नहीं रखते हुए काम में दायित्वों में लापरवाही बरत रही है। जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर उपस्थित होकर जवाब मांगा है। यह है मामला…सिवनीमालवा ब्लॉक के ग्राम खारदा निवासी 40 वर्षीय सुरेन्द्र चौहान को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद गुरुवार को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें भोपाल रेफर कर दिया। आरोप है कि मरीज के परिजनों द्वारा भोपाल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस की मांग की गई, लेकिन जिला मुख्यालय पर तत्काल कोई वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मरीज के परिजन अस्पताल परिसर में भटकते रहे और मरीज की हालत लगातार गंभीर बनी रही। वीवीआईपी ड्यूटी के लिए एंबुलेंस होना बतायाकलेक्टर और सीएचएमओ से परिजनों ने मदद की गुहार लगाई। सीएमएचओ ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की नवीन एम्बुलेंस से मरीज को भेजा जाए। बावजूद वीवीआईपी ड्यूटी के लिए एंबुलेंस होना बताया। मरीजों के परिवहन के लिए उपयोग नहीं किया जाता। सीएमएचओ ने इसे गंभीर लापरवाही और अमानवीय रवैया बताते हुए कहा है कि यदि शासकीय एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को सुविधा नहीं दी गई, तो यह मरीज हितों की उपेक्षा तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। पत्र में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1), 3(2) एवं 3(3) के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया है। सिविल सर्जन ने आरोप को नकाराजिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले ने इन आरोपों को लेकर कहा कि 108 एंबुलेंस नहीं होने पर सरकारी एंबुलेस मैंने खड़ी करवाई। वीवीआईपी ड्यूटी के लिए एम्बूलेंस कहने वाली बात से उन्होंने साफ इनकार किया।
भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी नौशीन नाज का सिवनी लौटने पर स्वागत और सम्मान किया गया। शुक्रवार रात हॉकी ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में सिवनी SP कृष्ण लाल चंदानी ने एशिया कप की कांस्य पदक विजेता नौशीन को सम्मानित किया। इस दौरान ग्राउंड खेल प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों और नन्हे खिलाड़ियों की तालियों से गूंज उठा। एसपी ने थमाई नई हॉकी स्टिक, हर संभव मदद का भरोसा दिया सम्मान समारोह के दौरान एसपी कृष्ण लाल चंदानी ने नौशीन नाज़ को शाल, श्रीफल, शील्ड और एक नई हॉकी स्टिक भेंट की। एसपी ने नौशीन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम चमकाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नौशीन को आगे की तैयारियों और बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद और सुविधाएं दी जाएंगी। एसपी ने वहां मौजूद बाकी बच्चों को भी नौशीन की कड़ी मेहनत से सीख लेने की सलाह दी। एशिया कप 2026 में दिखाया था दमखम, बेटियों के लिए बनीं मिसाल नौशीन नाज़ ने एशिया कप 2026 में भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम की तरफ से खेलते हुए दमदार प्रदर्शन किया था। टीम को ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जिताने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। एसपी ने कहा कि नौशीन की यह सफलता जिले की अन्य बेटियों और युवाओं को खेल की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। सिवनी की खेल प्रतिभा का सामूहिक उत्सव समारोह के दौरान जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अधिकारी मनु धुर्वे भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं है, बल्कि यह सिवनी की खेल प्रतिभा और हमारी बेटियों की मेहनत का सामूहिक उत्सव है। एशिया कप जैसी बड़ी लीग में मेडल जीतकर लौटीं नौशीन अब पूरे जिले के लिए गौरव बन चुकी हैं और यह शाम सिवनी के खेल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है।
कोंडागांव में धान खरीदी फड़ पर एक व्यापारी से मारपीट कर 2 हजार रुपए लूटने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की धमकी दी थी। विश्रामपुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, ग्राम कौन्दकेरा निवासी सकरूराम नाग 7 जून को सलना आश्रित ग्राम उड़िदगांव बांध के पास धान और मक्का खरीदी का फड़ लगाए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे, सफेद रंग की कार (क्रमांक CG-27 K-2722) से ज्ञानदास कोर्राम, राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम, दौनूराम पटेल, फुलसिंग कोर्राम और रोहित राम पाण्डे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सकरूराम पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने का आरोप लगाया। आरोप है कि पांचों आरोपियों ने पहले सकरूराम से गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने हाथ-मुक्कों और थप्पड़ों से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपियों ने सकरूराम के पास रखे 2 हजार रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर विश्रामपुरी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन और थाना प्रभारी शंकरलाल ध्रुव के नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पूछताछ के दौरान, सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने ग्राम कौन्दकेरा निवासी ज्ञानदास कोर्राम (49), राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम (19), दौनूराम पटेल (64), फुलसिंग कोर्राम (46) और रोहित राम पाण्डे (46) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की नेक्सन कार (क्रमांक CG-27 K-2722) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और उनके विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पटना समाहरणालय में आज डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेरा बिहार, जिला प्रशासन और नगर निकायों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रेरा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं के सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। रेरा नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेरा के प्रावधान रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। बिल्डर, डेवलपर, प्रोमोटर, नगर निकायों के अधिकारी और आम नागरिक सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना तेजी से विकसित हो रहा है, इसलिए लोगों को रेरा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को मिला अहम संदेश जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी आवासीय परियोजना जिसमें 8 से अधिक फ्लैट हों या जिसकी जमीन 500 वर्गमीटर से अधिक हो, उसका रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है। इसी तरह 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित प्लॉटिंग परियोजनाओं का भी रेरा पंजीकरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर जरूर जांचें। बिना पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट में निवेश करने पर खरीदारों का पैसा फंस सकता है और ऐसे प्लॉटों के दाखिल-खारिज तथा निबंधन पर भी रोक लग सकती है। धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों को जेल तक हो सकती है जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई बिल्डर या डेवलपर बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉट या फ्लैट बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है। जनता दरबार में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोगों के साथ जमीन और फ्लैट खरीदने में धोखाधड़ी की गई होती है। सैटेलाइट तकनीक से हो रही निगरानी बैठक में बताया गया कि रेरा बिहार और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सैटेलाइट इमेजरी आधारित निरीक्षण (Imagery Based Inspection-IBI) अभियान चला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ऐसे निर्माण परियोजनाओं की पहचान की जाती है, जो रेरा नियमों का उल्लंघन कर रही होती हैं। पटना में दानापुर-शिवाला-कन्हौली रोड, मीठापुर एलिवेटेड बाईपास से पुनपुन होते हुए सम्पतचक और एम्स से नौबतपुर तक के क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच दलों को समय पर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। लोगों को जागरूक करने के लिए चलेंगे अभियान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को रेरा कानून की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जानकारी होना जरूरी है। रेरा जांच आयुक्त ने मांगा जिला प्रशासन का सहयोग बैठक में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि रेरा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला प्रशासन और नगर निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग के बिना नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना संभव नहीं है। बिहार के कई जिलों में कार्रवाई, पटना में 29 संदिग्ध प्रोजेक्ट चिन्हित रेरा बिहार के अनुसार, सैटेलाइट आधारित जांच अभियान के तहत सारण में 18, भागलपुर में 9, पूर्णिया में 5, दरभंगा में 19 और मुजफ्फरपुर में 11 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पटना में अब तक 29 ऐसे बिल्डरों और परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिन पर रेरा नियमों के उल्लंघन का संदेह है। अब रेरा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें इन परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर के थोक मार्केट व्यापार विहार में दोपहर करीब 3 बजे दो नकाबपोश बाइक सवार लुटेरों ने एक व्यापारी से 3 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। घटना के बाद तारबाहर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में नकाबपोश बाइक सवार लुटेरे नजर आए, जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर बाइक सवार लोगों की जांच शुरू की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। देखिए तस्वीरें जानिए पूरा मामला लूट का शिकार हुए व्यापारी जांजगीर जिले के नवागढ़ क्षेत्र के निवासी हैं। उनके बेटे उमेश कुमार साहू ने बताया कि वे अपने पिता के साथ सामान खरीदने के लिए व्यापार विहार थोक मंडी पहुंचे थे। उमेश साहू के अनुसार, वे लोग लहसुन, मिर्च, आलू सहित अन्य कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त करते हैं। उमेश ने बताया कि वे बड़ी रकम लेकर सामान खरीदने बाजार आए थे। खरीदारी के बाद जब वे आगे का सामान लेने जा रहे थे, तभी अंडा चौक के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। लुटेरों ने व्यापारी के हाथ से रुपयों से भरा बैग झपट लिया और बाइक पर बैठकर तेज रफ्तार में फरार हो गए। यह वारदात इतनी तेजी से हुई कि व्यापारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। घटना के बाद व्यापारी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैग में करीब 3 लाख रुपए नकद थे, जो सामान खरीदने के लिए लाए गए थे। लूट की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
गाय को बचाने में ट्रक डिवाइडर से टकराया:आगे का हिस्सा टूटा, शाजापुर में ड्राइवर को मामूली चोटें आईं
शाजापुर नेशनल हाईवे-52 पर शुक्रवार शाम 6 से 7 बजे के बीच टुकराना जोड़ के पास नई कारें लेकर जा रहा एक ट्रक डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। यह हादसा सड़क पर अचानक आई एक गाय को बचाने के चक्कर में हुआ। पुलिस के मुताबिक, ट्रक ड्राइवर मनिन्दर (पिता वैधपाल सिंह, निवासी सीसर खरबड़ा, हरियाणा) गुजरात के अहमदाबाद से नई कारें लादकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ की तरफ जा रहा था। तभी हाईवे पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने ट्रक को तेजी से मोड़ा, जिससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर पर चढ़ गई। ड्राइवर को आई मामूली चोटें, कारें सुरक्षित हादसे की खबर मिलते ही हाईवे पर तैनात यातायात पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। इस भीषण टक्कर में ट्रक ड्राइवर मनिन्दर को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए शाजापुर के जिला अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद बताया कि उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। राहत की बात यह रही कि ट्रक के अंदर लोड की गई नई कारों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। पुलिस ने मौके पर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की और क्रेन की मदद से ट्रक को रास्ते से हटाकर ठप पड़े यातायात को दोबारा चालू करवाया।
पूर्णिया में गणित विषय में रुचि रखने वाले और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए विद्या विहार करियर प्लस (वीवीसीपी) द्वारा निःशुल्क आईओक्यूएम-2026 बूट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप 15 जून से 20 जून 2026 तक चलेगा। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं (पीसीएम) के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। IOQM परीक्षा पर विशेष फोकस संस्थान के निदेशक प्रशांत शंकर ने बताया कि इंडियन ओलंपियाड क्वालिफायर इन मैथमेटिक्स (IOQM) देश की प्रतिष्ठित गणितीय प्रतियोगिताओं में से एक है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड तक पहुंचने का अवसर मिलता है। ओलंपियाड स्तर की तैयारी बूट कैंप में विद्यार्थियों को ओलंपियाड स्तर के प्रश्नों का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच, समस्या समाधान तकनीक और समय प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी शिक्षकों द्वारा व्याख्यान, अभ्यास सत्र और शंका समाधान कक्षाएं भी आयोजित होंगी। पंजीकरण की प्रक्रिया संस्थान के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) आशीष झा ने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी और अभिभावक पंजीकरण के लिए वीवीसीपी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। संस्थान का पिछला प्रदर्शन उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में संस्थान के 16 विद्यार्थियों का चयन रीजनल मैथमेटिकल ओलंपियाड (RMO) के लिए हुआ था, जो दक्षिण बिहार में किसी एक संस्थान से सर्वाधिक चयन था। उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद संस्थान को विश्वास है कि इस बूट कैंप से बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभान्वित होंगे और IOQM-2026 में बेहतर प्रदर्शन कर पूर्णिया और सीमांचल का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
बीजेपी किसान मोर्चा के जैविक खेती पर हुए किसान सम्मेलन में राजस्थान और गुजरात के राज्यपालों की मौजूदगी और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की गैर मौजूदगी पर सियासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजनीतिक कार्यक्रम में दो राज्यपालों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, उन्होंने बीजेपी के किसानों के कार्यक्रम से कृषि मंत्री की दूरी पर भी तंज कसा है। डोटासरा ने सीएम भजनलाल को जवाब देते हुए एक्स (X) पर लिखा- भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की मौजूदगी संवैधानिक मर्यादा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्यपाल संविधान के निष्पक्ष प्रहरी होते हैं, किसी राजनीतिक दल के प्रचारक नहीं। भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम में संवैधानिक पदों का इस तरह इस्तेमाल लोकतंत्र की हत्या है। क्या भ्रष्टाचार सामने आने के बाद सरकार ने कृषि मंत्री से दूरी बना ली है डोटासरा ने डॉ. किरोड़ी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए लिखा- विडंबना देखिए, किसानों के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री शामिल क्यों नहीं हुए? सरकार को ये भी बताना चाहिए अगर किसानों के हितों पर इतनी ही गंभीरता थी तो कृषि मंत्री को कार्यक्रम से दूर क्यों रखा गया? क्या छापेमारी की आड़ में करोड़ों का भ्रष्टाचार सामने आने के बाद सरकार ने कृषि मंत्री से दूरी बना ली है? कृषि मंत्री की गैर-मौजूदगी पर सियासी हलकों में चर्चाएं बीजेपी किसान मोर्चा के जैविक खेती को लेकर किए गए किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री सहित सरकार के प्रमुख मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे, लेकिन कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा नहीं थे। डॉ. किरोड़ी का नाम कार्यक्रम के किसी बैनर-पोस्टर में भी नहीं था। कृषि मंत्री की गैर-मौजूदगी पर अब कांग्रेस को सवाल उठाने का मौका मिल गया है। सत्ताधारी पार्टी के किसानों के कार्यक्रम से कृषि मंत्री की गैर-मौजूदगी के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
महिला VDO ने किया सुसाइड:2 ग्राम पंचायत का था चार्ज; रूम पार्टनर के साथ किराए के मकान में रहती थी
बाड़मेर में महिला ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ने अपने किराए के मकान में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के समय महिला कमरे में अकेली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वीडीओ के रूम पार्टनर और रिश्तेदार की मौजूदगी में शव को नीचे उतारकर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। घटना जिले के सेड़वा थाना इलाके में सेड़वा मार्केट के पास शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे हुई, जिसका पता पुलिस को शाम साढ़े 7 बजे लगा। ग्राम विकास अधिकारी के पास 2 ग्राम पंचायतों का चार्ज था। मूल पोस्टिंग जिले के कुंदरपुरा में थी। फिलहाल पुलिस सुसाइड के कारणों का पता लगाने में जुटी है। किराए के घर में रूम पार्टनर के साथ रह रही थीडीएसपी जेठाराम ने बताया- सीकर के नीमका थाना निवासी उजला वर्मा सेड़वा पंचायत समिति की कुंदनपुरा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी(VDO) के पद पर कार्यरत थी। सेड़वा उपखंड मुख्याल पर किराए पर मकान लेकर अपने रूम पार्टनर के साथ रहती थी। रूम पार्टनर पोस्टऑफिस में कार्यरत है। शुक्रवार को दोपहर करीब 4 बजे वह अपने घर में अकेली थी। इस दौरान उसने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। रूम पार्टनर कमरे पर पहुंची तो रूम अंदर से बंद था। उसे आवाज दी, लेकिन रूम नहीं खोलने पर पुलिस को सूचना दी गई। गेट खोलने पर देखा तो फंदे से लटकी हुई थी। इस पर पुलिस ने उसके रूम पार्टनर और रिश्तेदारों की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा। फिलहाल शव को सेड़वा हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। साथ ही परिजनों को भी सूचना दी गई है। डीएसपी ने बताया कि परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।
बिलासपुर में पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की खुदकुशी के मामले में उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया गया है। छात्रा ने अपने बॉयफ्रेंड के किसी अन्य युवती से बात करने से नाराज होकर फांसी लगा ली थी। यह घटना जरहाभाठा स्थित एक किराए के मकान में हुई। पुलिस के अनुसार, मृतक छात्रा की पहचान जांजगीर जिले के मुलमुला सोनसरी निवासी आयुषी उर्फ खुशी कुर्रे के रूप में हुई है। वह जरहाभाठा में किराए के मकान में रहती थी और पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 20 मार्च 2026 को आयुषी का शव उसके किराए के मकान में फांसी पर लटका मिला था। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आयुषी का मुलमुला सोनसरी निवासी दीपक खाण्डे से अफेयर था। घटना वाले दिन शाम करीब 6 बजे दीपक खाण्डे आयुषी के कमरे से बाहर निकला था। कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला कि आयुषी ने दीपक को कई बार फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि दीपक खाण्डे आयुषी के अलावा एक अन्य लड़की से भी बातचीत करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। बताया जाता है कि दीपक के दूसरी लड़की से बातचीत करने से दुखी होकर आयुषी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सिविल लाइन पुलिस ने जांच के बाद आरोपी दीपक कुमार खाण्डे को बीएनएस की धारा 108 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कोशी-सीमांचल क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सदस्य अनिल चौधरी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान नए एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। नए एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव सांसद ने राजमहल (झारखंड) से बहादुरगंज तक एक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव रखा। यह मार्ग कटिहार, प्राणपुर, डगरुआ और बायसी से होकर गुजरेगा तथा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे सीमांचल, पूर्वोत्तर भारत, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। अन्य परियोजनाओं पर सुझाव उन्होंने कोढ़ा-कटिहार-मालदा राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की भी मांग की। साथ ही पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को मुरलीगंज से जोड़ने का सुझाव दिया। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को सिमराही से बाबा सिंहेश्वर स्थान तक विस्तारित करने और राजमहल-बहादुरगंज एक्सप्रेसवे को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात भी रखी गई। धार्मिक और पर्यटन महत्व पर जोर पप्पू यादव ने कहा कि बाबा सिंहेश्वर स्थान पूर्वी भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ना क्षेत्रीय पर्यटन और आस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। विकास और रोजगार पर प्रभाव सांसद ने कहा कि मजबूत कनेक्टिविटी विकास की आधारशिला है। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, उद्योग, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ओवरब्रिज और अन्य परियोजनाएं उन्होंने जानकारी दी कि कुर्सेला, नवगछिया, नवलाल चौक, हरदा और कोढ़ा में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा पूर्णिया, डगरुआ और बायसी को जोड़ने वाले नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में भी सकारात्मक प्रगति हुई है।
पूर्णिया में 18 जून से लगेगा UDID शिविर:दिव्यांगजनों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाए जाएंगे
पूर्णिया जिला पदाधिकारी ने घोषणा की है कि जिले के शत-प्रतिशत दिव्यांगजनों को विशिष्ट पहचान पत्र (UDID) कार्ड से आच्छादित किया जाएगा। इसके लिए 18 जून से एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 26,780 लंबित लाभार्थियों के UDID कार्ड बनाना है। बिहार सरकार के निर्देशानुसार, जनगणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर राज्य के सभी दिव्यांगजनों को UDID कार्ड का लाभ प्रदान किया जाना है। इसी क्रम में पूर्णिया जिले के सभी प्रखंडों में एक महीने का विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। UDID कार्ड केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए एक एकल दस्तावेज के रूप में मान्य है। यह दिव्यांगजनों को सरकारी सुविधाओं तक पहुँचने में मदद करेगा। यह विशेष शिविर 18 जून 2026 से 18 जुलाई 2026 तक सभी कार्य दिवसों में आयोजित होगा। शिविर का समय पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। जिले के सभी 14 प्रखंडों में शिविर स्थल निर्धारित किए गए हैं। इनमें धमदाहा में अनुमंडलीय अस्पताल, भवानीपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बड़हरा कोठी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रूपौली में रेफरल अस्पताल शामिल हैं। अन्य प्रखंडों जैसे बनमनखी, बायसी, डगरूआ, अमौर, बैसा, श्रीनगर, के० नगर, कसबा, जलालगढ़ और पूर्णिया पूर्व में भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाए जाएंगे। लाभार्थियों को शिविर में अपने पुराने ऑफलाइन दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का डिजिटल सत्यापन करवाना होगा और मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए उन्हें पूर्व से निर्गत ऑफलाइन दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र की छाया प्रति (जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या बैंक पासबुक) और पासपोर्ट आकार की फोटो साथ लानी होगी। दिव्यांगता के मूल्यांकन के लिए सिविल सर्जन द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों का रोस्टर लगाया जाएगा। साथ ही, UDID पोर्टल पर तुरंत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कार्ड जारी करने के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर और कार्यपालक सहायक भी तैनात रहेंगे।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा कि देश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। बैठक में सहयोगी दलों की ओर से कांग्रेस पर की जाने वाली आलोचनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव के विषपान वाले प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वह खुद सहयोगी दलों की हर आलोचना को मुस्कुराकर स्वीकार करेंगे। राहुल ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठकों में अक्सर निराशा का माहौल दिखाई देता है, लेकिन उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि अगर सभी दल साथ रहें तो भाजपा को हराना आसान है। INDIA ब्लॉक की सोमवार को बैठक हुई थी। शुक्रवार को राहुल ने 9 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी। उस चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। राहुल का आरोप- चुनावी संस्थाएं भाजपा के कंट्रोल में उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले बहुत कम लोगों को भरोसा था कि भाजपा को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया। राहुल ने नेताओं से आग्रह किया कि वे जीत का विश्वास रखें और एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राज्य की कई संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा का कंट्रोल है, जिसके कारण विपक्ष को पहले जैसी समान राजनीतिक परिस्थितियां नहीं मिल रहीं। राहुल ने दावा किया कि उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा है। कई विपक्षी नेता अब यह मानने लगे हैं कि उनके चुनावी नतीजों पर असर पड़ा। मीडिया को मौका न देने की सलाह राहुल ने कहा कि कुछ राजनीतिक घटनाओं, जैसे सहयोगी दलों के ब्लॉक छोड़ने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे आपसी लड़ाई से बचें और ऐसे बयान न दें, जिनसे विपक्ष की एकता पर सवाल उठें। कि भाजपा लगातार यह धारणा बनाने की कोशिश करती है कि विपक्ष बिखरा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा कि अगर सभी दल साथ खड़े रहें और विरोध की राजनीति करें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है। राहुल ने NEET, CBSE, भारत जोड़ो यात्रा और अन्य मुद्दों को जनता के बीच संघर्ष के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को हर दिन यह सोचना चाहिए कि जनता के मुद्दों पर सरकार का विरोध कैसे किया जाए। INDIA ब्लॉक की बैठक में क्या हुआ सोमवार को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में सभी दलों ने एकमत से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग NEET और CBSE से जुड़े विवादों को लेकर की गई। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट लूट के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का भी फैसला किया गया। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… खड़गे बोले- SIR में करोड़ों वोटर के नाम काटे, इसके खिलाफ INDIA ब्लॉक CJI को लेटर लिखेगा INDIA ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। पूरी खबर पढ़ें…
रायसेन में उमस भरी गर्मी के बीच बारिश:आंधी से कई इलाकों में बिजली गुल; मौसम में घुली ठंडक
रायसेन में शुक्रवार रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। यह बारिश पिछले तीन दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश का सिलसिला रात 7:30 बजे शुरू हुआ और रुक-रुक कर रात 9:30 बजे तक जारी रहा। तेज हवाओं के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। हालांकि, बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि रायसेन में 12 दिन बाद गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान एक बार फिर 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आसमान में बादल छाने के बावजूद उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल थे। रात का तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही थी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मध्य प्रदेश में 20 जून से मानसून के प्रवेश की संभावना है। इससे पहले प्री-मानसून की बारिश रुक-रुक कर जारी रहेगी।
आलीराजपुर जिले के सोरवा क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर चल रहे एक संगठित अवैध रेत खनन के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। मुखबिर की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने अचानक छापा मारकर मौके से एक करोड़ रुपए के पोकलैंड, जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर जब्त किए हैं। रेत माफिया ने करीब 10 एकड़ जमीन पर फैले एक खेत को ही अवैध रूप से रेत बनाने की फैक्ट्री में तब्दील कर दिया था। मिट्टी को पानी में धोकर तैयार की जा रही थी रेत जांच के दौरान पता चला है कि स्थानीय जमीन मालिक पिछले कई महीनों से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। इस सुनियोजित खेल में पहले बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जाती थी, फिर उसे पानी से भरे गड्ढों में डाला जाता था। इसके बाद जेसीबी की मदद से मिट्टी को धोकर रेत तैयार होती थी, जिसे ट्रैक्टरों के जरिए बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। एसडीएम और खनिज अधिकारी की मौजूदगी में छापा इस बड़ी कार्रवाई के दौरान एसडीएम निधि मिश्रा, खनिज अधिकारी तपिश पांडे, तहसीलदार और सोरवा थाना प्रभारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों की टीम ने पूरे 10 एकड़ क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया और अवैध काम में लगी सभी गाड़ियों और मशीनों को सील कर दिया। बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच में जुटा प्रशासन जंगल के बीच इतने बड़े स्तर पर महीनों से चल रही इस अवैध फैक्ट्री ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह अवैध खनन कब से चालू था और इस खेल के पीछे कौन-कौन से रसूखदार लोग या बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जब्त मशीनों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सीकर के खाटूश्यामजी में 26 मई को युवक करण कुमावत पर हुए हमले के मामले में आज पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज शाम को धरने पर बैठे लोगों ने मशाल जुलूस निकाला। जो कलेक्ट्रेट के बाहर धरना स्थल से रवाना होकर कल्याण सर्किल,तापड़िया बगीची होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचा। मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस में शामिल शिवभगवान ने बताया कि 26 मई को युवक करण कुमावत पर जालनेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद हमने एसपी को ज्ञापन दिया और 1 जून को खाटूश्यामजी में 3 घंटे तक सांकेतिक भी दिया। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के चलते 5 दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू किया। लेकिन पुलिस अभी तक मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आज हमारे प्रतिनिधि मंडल के द्वारा प्रदेश के गृहमंत्री जवाहर सिंह से भी मुलाकात की गई। तब उन्होंने भी आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारकर लिया जाएगा। जब भी मामले को लेकर सीकर एसपी प्रवीण नायक से बात करते हैं तो वह एक ही जवाब देते हैं कि चार टीम लगी हुई है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन कई आरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में अब हमें पुलिस पर भरोसा रहा ही नहीं है। जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक धरना जारी रहेगा। आरोपी को सपोर्ट करने वाले को पकड़ा हालांकि आज सीकर की खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने युवक करण कुमावत से मारपीट के मामले में फरार चल रहे आरोपी राकेश जांगिड़ को सपोर्ट करने वाले आरोपी सुभाष बिदावत को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी सुभाष घटना के मुख्य आरोपी राकेश जांगिड़ को अपनी बाइक से गोविंदगढ़ तक छोड़कर आया और अपने मोबाइल से उसकी परिचित लोगों से बात करवाई। इसके अलावा अपने फोन पे पर पैसे मंगवा कर राकेश को दिए। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में भी बताया।
मिर्जापुर में 16 जून से बंद होंगे पांच पान्टून पुल:लोक निर्माण विभाग ने जारी की सूचना
मिर्जापुर। गंगा नदी पर बने पांच पान्टून पुलों का संचालन 15 जून तक ही किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) मिर्जापुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है। विभाग की व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मानसून और नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए 15 जून के बाद इन पुलों को हटा दिया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 16 जून से जनपद के सभी पांच पान्टून पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि गंगा नदी पर बने इन पान्टून पुलों से हजारों लोग आवागमन करते हैं। हालांकि, बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें हटाना आवश्यक होता है। जिन पान्टून पुलों का संचालन 16 जून से बंद किया जाएगा, उनमें मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पान्टून पुल, गौरा परमानपुर एवं सेमराधनाथ धाम के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल, चील्ह-गोपीगंज मार्ग से हरसिंहपुर घाट होते हुए मां विंध्यवासिनी धाम को जोड़ने वाला पान्टून सेतु, कम्पनी घाट से कोल्हुआ के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल और मिर्जापुर-भटौली-जमुनहिया-नेवढ़िया घाट मार्ग पर स्थित नेवढ़िया घाट पान्टून सेतु शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने आम जनता से अपील की है कि 16 जून के बाद इन पुलों का उपयोग न करें और आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। विभाग द्वारा निर्धारित तिथि के बाद पान्टून पुलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से छानबे और मझवां विधानसभा क्षेत्रों के उन ग्रामीणों को प्रभावित करेगी, जो रोजमर्रा के आवागमन के लिए इन अस्थायी पुलों का उपयोग करते हैं। विभाग ने नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा की है।
बाराबंकी के विकासखंड सिरौलीगौसपुर की ग्राम पंचायत महमूदाबाद में शुक्रवार को ग्राम रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कंपोजिट विद्यालय महमूदाबाद के सामने आयोजित चौपाल में राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने छोटे बच्चों को अन्नप्राशन कराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ चौपाल के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ वितरित किया गया। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत चयनित किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नए पक्के मकानों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी गईं। लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों को वितरित किए गए धान के बीज आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को उन्नत प्रजाति के धान के बीज भी वितरित किए गए। मंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि संबंधी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। विभागीय स्टॉल पर दी गई योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रयास ग्राम रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को लाभकारी बताया।
उन्नाव में कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में डायल 112 पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मदद की। यह घटना शुक्रवार रात उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के नरी के पास शेखपुरा नदी के आगे अंश धर्म कांटे के निकट हुई। जानकारी के अनुसार, गदन खेड़ा बाईपास निवासी शिवम पाल (पुत्र हरि प्रसाद) अपने पिता को खाना देने के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर उनकी तेज रफ्तार बुलेट बाइक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे एक कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार शिवम पाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबुलेंस को सूचना देने के बावजूद वह करीब 40 मिनट तक मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे घायल युवक सड़क पर पड़ा रहा। घायल युवक की गंभीर हालत और एंबुलेंस की देरी को देखते हुए, डायल 112 के पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। इस त्वरित कार्रवाई से शिवम को समय पर उपचार मिल सका। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल शिवम पाल का उपचार शुरू किया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई है। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस के इस मानवीय और त्वरित कदम की सराहना की है, जिससे घायल युवक को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल पाई। पुलिस अधिकारियों ने भी अपने कर्मियों को आपात स्थितियों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
ललितपुर जिले में शुक्रवार शाम मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी और हवा के साथ लगभग 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान ग्राम गौना में एक बड़ा आम का पेड़ गिरने से सात वर्षीय किशोर घायल हो गया, जबकि एक गाय पेड़ के नीचे दब गई। यह घटना शाम करीब पांच बजे की है। ग्राम गौना निवासी सागर (7) पुत्र दशरथ अपने घर के बाहर लगे आम के पेड़ के नीचे गिरे आम बीन रहा था। तभी तेज आंधी के कारण विशालकाय पेड़ उस पर गिर गया। सागर की कमर में गंभीर चोट आई है। पास खड़ी एक गाय भी पेड़ के नीचे दब गई। ग्रामीणों ने तत्काल घायल सागर को पेड़ के नीचे से निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) बिरधा भेजा। वहां से उसे ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां काटकर दबी हुई गाय को भी बाहर निकाला। तेज बारिश के कारण ललितपुर शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों पर मिट्टी फैलने से दलदल जैसी स्थिति बन गई। जखौरा, पाली, बिरधा, महरौनी, मड़ावरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश का असर देखा गया। आंधी और बारिश के चलते जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
बहराइच जिले के नानपारा तहसील स्थित इंडियन बैंक की गुरघुट्टा शाखा में सीबीआई लखनऊ की टीम ने शुक्रवार को छापा मारा। टीम ने किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए बैंक प्रबंधक और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए बैंक प्रबंधक की पहचान ललित मोहन के रूप में हुई है। उनके इशारे पर रिश्वत की रकम ले रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मनोज को भी सीबीआई टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। नानपारा निवासी एक किसान ने लखनऊ स्थित सीबीआई टीम से शिकायत की थी। किसान के अनुसार, इंडियन बैंक की गुरघुट्टा शाखा के प्रबंधक ललित मोहन और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मनोज ने किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान की शिकायत के आधार पर, सीबीआई टीम ने शुक्रवार को बहराइच पहुंचकर दोनों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता किसान ने कार्ड बनाने के लिए 5,000 रुपये की अग्रिम राशि दी, टीम ने दोनों को रिश्वत के पैसों के साथ मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर लखनऊ रवाना हो गई। छापेमारी के दौरान, सीबीआई टीम ने बैंक के अंदर किसी को भी आने की अनुमति नहीं दी, जिससे कार्रवाई गोपनीय बनी रही।
बांदा में आरा मशीन से घायल मजदूर की जान बची:रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 4 घंटे चली जटिल सर्जरी
बांदा में एक भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर की जान रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने बचा ली है। चार घंटे तक चली एक जटिल सर्जरी के बाद मजदूर की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में मजदूर के सीने की तीन पसलियां, खाने की थैली (पेट का हिस्सा), तिल्ली और बड़ी आंत सहित कई आंतरिक अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जानकारी के अनुसार, बबेरू तहसील के ग्राम भदेहदू निवासी 49 वर्षीय कल्लू प्रजापति 2 जून को अपने गांव में एक पेड़ काट रहे थे। इसी दौरान पेड़ की एक भारी डाल उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह हाथ से चलने वाली आरा मशीन सहित नीचे गिर पड़े। गिरने के दौरान आरा मशीन की चपेट में आने से उनके सीने और पेट के कई हिस्से गंभीर रूप से कट गए। परिजन और ग्रामीण कल्लू प्रजापति को तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बांदा लेकर पहुंचे। यहां सर्जरी विभाग के डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक लगातार ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, मरीज सामान्य रूप से भोजन, जूस और पानी भी ले रहा है। डॉ. आर.सी. अरुण ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से सर्जरी कर रहे हैं, लेकिन यह उनके करियर की सबसे जटिल सर्जरी में से एक थी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इसी प्रकार का ऑपरेशन किसी बड़े महानगर के निजी अस्पताल में कराया जाता तो लाखों रुपये खर्च हो सकते थे, जबकि मेडिकल कॉलेज में यह उपचार सरकारी शुल्क पर उपलब्ध कराया गया। इस चार घंटे लंबी सर्जरी में डॉ. आर.सी. अरुण के साथ डॉ. तन्मय अग्रवाल (एसआर), डॉ. यशराज छिल्लर (जेआर), डॉ. पुष्पम, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. पंकज, डॉ. विनीत और डॉ. अजीत सहित पैरामेडिकल एवं ओटी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैतूल स्थित भैंसदेही तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रंभा अंतर्गत रिंग ढाना में शुक्रवार शाम भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 25 मकानों वाले इस ढाने में 8 मकान जलकर खाक हो गए हैं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे लगभग 15 मकानों तक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, आग शाम करीब 8:15 बजे लगी। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। घटना के समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को विकराल रूप लेने में मदद की। कई घरों में रखा अनाज और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन संसाधनों के अभाव में आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर नगर परिषद भैंसदेही से फायर ब्रिगेड रवाना की गई। हालांकि, रिंग ढाना घटनास्थल से लगभग 35 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण रात 9 बजे तक दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका था। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। राजस्व अमला मौके पर पहुंचाएसडीएम अजीत मरावी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर 8 मकानों के जलने की सूचना मिली है। राजस्व विभाग का अमला, तहसीलदार और अन्य अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन स्पष्ट हो पाएगा। गौरतलब है कि करीब एक पखवाड़े पहले भैंसदेही क्षेत्र के बर्रा ढाना में भी ऐसी ही भीषण आग लगी थी, जिसमें पूरा मोहल्ला जलकर खाक हो गया था। उस घटना से प्रभावित परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि क्षेत्र में आग की यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है।
रामपुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुकदमों में शुक्रवार को सुनवाई टल गई। इनमें एक मामला गवाह को धमकाने से संबंधित है, जबकि दूसरा नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी से जुड़ा है। दोनों मामलों में अब अगली सुनवाई अलग-अलग तारीखों पर होगी। गवाह को धमकाने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में होनी थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है। यह मुकदमा शहर के मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे ने 17 अगस्त 2022 को दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डूंगरपुर प्रकरण में आजम खां के खिलाफ गवाही देने के कारण कुछ लोगों ने उनके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आजम खां सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी प्रकरण में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर सोमवार को आरोप तय होने थे। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में नगर पालिका की चोरी हुई सफाई मशीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर से बरामद की गई थी। आरोप है कि मशीन को काटकर उसके टुकड़े गड्ढे में दबा दिए गए थे। विवेचना के उपरांत इस मामले में भी आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है, और यह मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में विचाराधीन है।
लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क में भीषड़ गर्मी में खिल रहे हैं गुलाब। जून का महीना और तापमान 40 डिग्री के पार। इसके बाद भी गुलाब के फूल खिलखिला रहे हैं। जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डेन में ये खूबसूरत नजारा देखें को मिल रहा है । 12 जून को राष्ट्रीय लाल गुलाब दिवस के रूप में मनाया जा जाता है। इस अवसर पर रोज गार्डेन में जुटे पर्यावरण प्रेमियों ने एलडीए के हॉर्टीकल्चर वर्क की जमकर तारीफ किया। लखनऊ विकास प्राधिकरण रोज गार्डेन में ‘द रेड रिवाइवल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें युवाओं, रचनाकारों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई। इस दौरान लोगों ने गुलाब की विभिन्न प्रजातियों की खूबसूरती को कैमरे में कैद किया। इस चिल्लाती हुई गर्मी में लोगों ने गुलाब के साथ वक्त गुजर कर सुकून की सांस लिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित यह रोज गार्डन देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन है। यहां 15 एकड़ क्षेत्रफल में गुलाब की 2200 से अधिक प्रजातियां और 10 हजार से अधिक पौधे रोपित किये गये हैं। विशेष बात यह है कि वैज्ञानिक सिंचाई और उद्यान प्रबंधन तकनीक की सहायता से भीषण गर्मी के मौसम में भी गुलाब की सुंदरता और गुणवत्ता को बनाए रखा गया है। कार्यक्रम में एलडीए के उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती ने लोगों को पौधरोपण व सिंचाई की आधुनिक तकनीकी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य है रोज गार्डेन का संरक्षण। साथ ही विभाग की ओर से पर्यावरण को बचाने की महिम भी चलाई जा रही है।
कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के कमासिन चौराहे पर शुक्रवार रात एक महिला ने चाट विक्रेता को चाकू मार दिया। महिला ने फुल्की खाने के बाद पैसे मांगने पर इस घटना को अंजाम दिया। हमले में चाट विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल विक्रेता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहीं, आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कमासिन निवासी 20 वर्षीय अनिल प्रतिदिन कमासिन चौराहे पर चाट का ठेला लगाता है। शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे एक महिला कुछ बच्चों और पुरुषों के साथ अनिल के ठेले पर पहुंची और फुल्की खाई। फुल्की खाने के बाद जब अनिल ने महिला से पैसे मांगे, तो महिला ने अपने झोले से चाकू निकालकर अनिल के पेट में वार कर दिया। इस हमले से अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अनिल को एम्बुलेंस से सिराथू सीएचसी अस्पताल भिजवाया। भीड़ ने आरोपी महिला और उसके साथ मौजूद लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला नशे की हालत में पाई गई। उसकी पहचान जालौन जिले की निवासी संगीता पत्नी अर्जुन के रूप में हुई है। पुलिस संगीता और उसके साथियों को थाने ले जाकर आगे की पूछताछ कर रही है। शाम के समय हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जिले के लालपुर गांव में जमीन के सीमाज्ञान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मौके पर पैमाइश करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम और पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामा इस कदर बढ़ा कि विरोध प्रदर्शन कर रही एक महिला मौके पर ही बेहोश हो गई। वहीं, पुलिस और विरोधी पक्ष के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो भी सामने आया है। बढ़ते तनाव और कम पुलिस बल को देखते हुए राजस्व टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे थे तहसीलदार जानकारी के अनुसार, लालपुर गांव में एक जमीन की सीमा तय करने के लिए तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीम के साथ पुलिस का जाब्ता भी तैनात था। लेकिन जैसे ही टीम ने जमीन नापने की प्रक्रिया शुरू की, दूसरे पक्ष के लोग वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने कार्रवाई का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। बहसबाजी के बीच महिला हुई बेहोश, टला बड़ा हादसा कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों में जमकर तीखी बहस हुई। इसी गहमा-गहमी और हंगामे के बीच विरोध जता रही एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के बेहोश होते ही वहां हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगा है। वीडियो पुलिस बहस करते नजर आ रहे है। पुलिस महिला बेहोश हुई महिला को हॉस्पिटल ले जाने बात कह रही लेकिन लोग पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विरोधी पक्ष और पुलिसकर्मियों के बीच हुई आमने-सामने की बहस का किसी ने वीडियो बना लिया। जिसमें दोनों पक्षों के बीच हो रही तीखी नोकझोंक को साफ देखा जा सकता है। क्यों अधूरी छोड़नी पड़ी कार्रवाई मौके पर मौजूद तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों की संख्या काफी अधिक थी और उस तुलना में पुलिस जाब्ता सीमित था। माहौल को बिगड़ता देख और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीमाज्ञान की प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित करने का फैसला लिया गया, जिसके बाद पूरी टीम बैरंग वापस लौट आई। क्या है जमीन का असली विवाद तहसीलदार महेंद्र मूंड के मुताबिक, यह विवाद दो भाइयों की पैतृक जमीन से जुड़ा है। दोनों भाइयों के बीच वर्षों पहले ही आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा और खाता विभाजन हो चुका था। इसके बाद एक भाई ने अपने हिस्से की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी थी। बाद में उस जमीन को कुछ और खरीदारों ने खरीद लिया। अब वर्तमान खरीदार ने अपनी जमीन की सही सीमा तय करवाने (सीमाज्ञान) के लिए प्रशासन के पास आवेदन किया था। इसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने जब टीम पहुंची, तो दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए हंगामा कर दिया।
उदयपुर शहर के अंदर और गांवों में आज ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन ग्रामीण क्षेत्र में शहर के पास चीरवा में ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार कर दिया लेकिन बड़गांव एसडीएम ने गांव वालों की कुछ समस्याओं को उनकी सुनवाई में ही समाधान किया तो उसके बाद शिविर चला। इधर, नगर निगम में कमिश्नर ने शिविर में लापरवाही बरतने वाले दो कार्मिकों को सस्पेंड कर दिया तो यूडीए में पहले दिन 57 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बड़गांव क्षेत्र के चीरवा में ग्रामीण सेवा शिविर का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिविर की सूचना समय पर नहीं दी गई और शिविर को तैयारी के साथ आयोजित किया जाए न कि औपचारिकताएं की जाए। विरोध की स्थिति के बीच एसडीएम मनसुख डामोर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सुना। डामोर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिविर में उनकी समस्याओं का हाथों हाथ निस्तारण किया जाएगा। इस बीच उन्होंने सफाई का विषय था हाथों हाथ डिस्पोजल करा दिया। ग्रामीणों ने बाहर हाइवे पर एक्सीडेंटल जोन को लेकर समस्याएं बताई तो एसडीएम ने नेशनल हाइवे की टीम बुलाई। टीम ने ग्रामीणों की बात सुनी और वे जो चाह रहे थे उसके अनुसार काम भी शुरू कर दिया। अन्य समस्याओं को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया। इसके बाद शिविर में कई राजस्व के काम निपटाए गए। एक खातेदार का नक्शा शुद्धिकरण का कार्य हाथों हाथ होने से चीरवा निवासी राजेश मेनारिया को राहत मिली। यूडीए पहुंचे प्रभारी मंत्रीउदयपुर जिले के प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा ने शुक्रवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) परिसर में संचालित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा शिविर में पहुंचे लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर, भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, निवर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव नागर ने शिविर को लेकर मंत्री को पूरी जानकारी दी। नगर निगम में पहले दिन सैकड़ो प्रकरण आएनगर निगम उदयपुर द्वारा शुक्रवार से शहरी सेवा शिविर का आगाज किया गया जिसमें पहले ही दिन सैकड़ो की संख्या में शहर वासी पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लिया।नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि शहरी सेवा शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को शहर में 156 स्थान पर कई समय से रोशनी नहीं होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी, शिकायत मिलने की तुरंत पश्चात ही विद्युत शाखा द्वारा 149 स्थान पर रोशनी उपलब्ध करवाई है। शिविर में नामांतरण के 10 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी के साथ शिविर में 153 जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 129 आवेदन में दस्तावेज पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र जारी किए गए। शहर में स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था से संबंधित कुल 64 शिकायत दर्ज की गई जिसमें से 60 शिकायत का तुरंत निस्तारण करवाया गया। आयुक्त के अनुसार यह सभी कार्य त्वरित गति से किए गए हैं।15 जुलाई तक अनवरत आयोजित होगा शिविरनिगम आयुक्त खन्ना के अनुसार नगर निगम दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राजकीय अवकाश को छोड़कर अन्य दिनों में 15 जुलाई तक प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक अनवरत शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शहरवासी अपने वंचित कार्य हेतु सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ शिविर में उपस्थित होवे जिससे उनके वंचित कार्य बिना किसी समस्या के संपन्न किए जा सके। लापरवाही पर 2 कार्मिकों को लिया निलम्बितआयुक्त अभिषेक खन्ना के निरीक्षण के दौरान पूछताछ केंद्र पर नियुक्त किए गए दो कार्मिक नदारद मिले जिस पर निगम आयुक्त खन्ना ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर दोनों कार्मिक यूडीसी पूजा माथुर और एलडीसी मोहम्मद जक्की को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दरभंगा कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (बीस सूत्री) की बैठक पथ निर्माण विभाग के मंत्री सह प्रभारी मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विकास कार्यों, विभिन्न योजनाओं की प्रगति, संभावित बाढ़ की तैयारियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत जिलाधिकारी कौशल कुमार की ओर से प्रभारी मंत्री को पाग, चादर और पौधा भेंट कर मिथिला परंपरा के अनुसार सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि 20 सूत्री की बैठक जिले के विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और दरभंगा को बिहार का नंबर-1 जिला बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक को विभागवार जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित करने, सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और अभियंताओं को नियमित फील्ड निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वरीय पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ को थाना स्तर पर औचक निरीक्षण करने, साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने को कहा। जिलाधिकारी कौशल कुमार को दरभंगा के समग्र विकास का रोडमैप तैयार कर उसे धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया। पंचायत भवन, मनरेगा और कृषि फीडर पर विशेष जोर बैठक में मनरेगा योजनाओं की समीक्षा करते हुए पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह संचालित करने, कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और सभी पंचायत भवनों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया गया। संबंधित कर्मियों के नाम पंचायत भवनों की दीवारों पर अंकित कराने को भी कहा गया। पेयजल, स्वास्थ्य और सड़कों के मुद्दे उठे पीएचईडी विभाग को ईटावा, शिवनगर, पोहदी, महीनाम और पड़री समेत विभिन्न क्षेत्रों में जलमीनारों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जहां बोरिंग का काम पूरा हो चुका है वहां शीघ्र वायरिंग और जलापूर्ति शुरू करने का निर्देश दिया गया। विधायक जीवेश कुमार ने कृषि फीडर को 10 दिनों के भीतर चालू कराने और पावर ग्रिड व सिंहवाड़ा उत्तरी उच्च विद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने का प्रस्ताव रखा। विधायक विनय कुमार चौधरी ने अंटौर क्षेत्र की जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। महापौर अंजुम आरा ने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने का सुझाव दिया। सांसदों ने रखे विकास से जुड़े अहम मुद्दे मधुबनी सांसद अशोक कुमार यादव ने मनरेगा के माध्यम से पारंपरिक पोखरों के संरक्षण, जल संचयन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अभियंताओं को क्षेत्र भ्रमण कर पुल और नाला निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने की सलाह दी। दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के कारण दरभंगा तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने दरभंगा एम्स निर्माण में तेजी लाने, डीएमसीएच सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इंडोर सेवा शुरू करने, डीएमसीएच परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने का आग्रह किया। मंत्री मदन सहनी ने लंबित सड़क परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और बोरिंग पूर्ण हो चुके क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को आम जनता और निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने संभावित बाढ़ वर्ष 2026 की कार्ययोजना संबंधी पुस्तकाकार निर्देशिका का विमोचन किया। उन्होंने प्रत्येक अंचल में 500 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। नाव हादसे में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि बैठक के दौरान हाल ही में नदी में डूबने से मृत दो व्यक्तियों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान चेक भी प्रदान किया गया।
प्रदेश की राजधानी भोपाल से मंदसौर तक बनने वाले नए 4-लेन एक्सप्रेस-वे से नीमच जिले को बाहर कर दिया गया है। इस बात का खुलासा होते ही जिले की सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी कागज दिखाते हुए बीजेपी के सांसद और विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाहेती ने इसे नीमच के साथ एक 'ऐतिहासिक धोखा' करार दिया है। पहले बॉर्डर तक बनना था रोड, अब मंदसौर में ही थमा दिया तरुण बाहेती ने बताया कि यह नया फोरलेन रोड पहले भोपाल से शुरू होकर नीमच के नयागांव बॉर्डर तक जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे केवल मंदसौर तक ही सीमित कर दिया गया है। उन्होंने सीधे तौर पर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता पर 'मंदसौर प्रेम' दिखाने और नीमच की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जिले के तीनों बीजेपी विधायकों दिलीप सिंह परिहार (नीमच), माधव मारू (मनासा) और ओमप्रकाश सकलेचा (जावद) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन नेताओं की चुप्पी और नाकामी की वजह से ही नीमच के हाथ से इतनी बड़ी विकास योजना निकल गई। 6 करोड़ का ठेका भी हो गया, सोते रहे नेता कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के 26 मई 2026 के एक ऑफिशियल लेटर (अनुबंध संख्या 1100/2026) का हवाला देते हुए बताया कि इस 258 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने के लिए भोपाल की एक कंपनी को ठेका भी दे दिया गया है। सरकार इस काम पर करीब 6 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बाहेती ने तंज कसा कि जब ये पूरी कागजी कार्रवाई चल रही थी, तब क्षेत्र के बीजेपी नेता गहरी नींद में सोए हुए थे। अब आर-पार की लड़ाई, नेताओं के घरों का होगा घेराव बाहेती ने नीमच के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे इस फैसले के खिलाफ एकजुट हों और 'मेडिकल कॉलेज जैसी आर-पार की लड़ाई' के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने रूट में बदलाव कर इस एक्सप्रेस-वे को नीमच सीमा से नहीं जोड़ा, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। इसके साथ ही सांसद और तीनों विधायकों का सामूहिक बहिष्कार कर उनके घरों का घेराव किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता नहीं मिली है। आयोग ने सभी कॉलेजों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं। इसमें कवर्धा का सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। इसे लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार की लापरवाही की वजह से यह प्रोजेक्ट हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय कवर्धा में मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर खुद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को प्रस्ताव भेजा था। राज्य सरकार से मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर मंजूरी मिली थी। 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने खुद ही कॉलेज खुलवाने का वादा किया था।
सीतामढ़ी में 2 अकाउंटेंट सस्पेंड:प्रशिक्षु सिपाहियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने पर SP का एक्शन
सीतामढ़ी पुलिस विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसपी अमित रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षु सिपाहियों के आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में पुलिस केंद्र के दो मुंशी (अकाउंटेंट) अवधेश पासवान और गुड्डू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला हाल ही में प्रशिक्षु सिपाहियों के अभिलेखों और चरित्र सत्यापन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं, जिसमें पाया गया कि दो प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में ठीक से दर्ज नहीं की गई थी। सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई आरोप है कि संबंधित जानकारी को जानबूझकर छिपाया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी अमित रंजन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्होंने पुलिस केंद्र के दोनों मुंशियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में नियुक्ति और प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तथ्यों को छिपाना गंभीर अपराध है, जो विभाग की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
नवादा में सिपाही भर्ती परीक्षा:14 और 17 जून 2026 को 18 केंद्रों पर कैंडिडेट देंगे एग्जाम
नवादा में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मद्य निषेध सिपाही, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग (कारा) में कक्षपाल एवं परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के पद पर चयन के लिए लिखित परीक्षा 14 जून 2026 (रविवार) एवं 17 जून 2026 (बुधवार) को नवादा जिले के 18 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पन्न होगी। परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के द्वारा आज डीआरडीए सभागार में केन्द्राधीक्षकों, दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई।ब्रीफिंग में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के कदाचार, अनुचित साधनों के प्रयोग या सुरक्षा मानकों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केन्द्राधीक्षकों एवं दण्डाधिकारियों को परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्रवेश समय और प्रतिबंध प्रथम पाली में परीक्षा कक्ष में प्रवेश सुबह 8 बजे से शुरू होगा और 9 बजे तक सभी अभ्यर्थी अपना स्थान ग्रहण कर लेंगे। द्वितीय पाली में प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक पूरा होना चाहिए। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्रीय चयन पर्षद के निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, लिखित सामग्री ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों को ई-प्रवेश पत्र एवं वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाएगी। सख्त निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था जिला पदाधिकारी ने सभी दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा केन्द्रों पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया। परीक्षा केन्द्रों की छतों से भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा के एक दिन पूर्व एवं परीक्षा शुरू होने के 2 घंटे पहले पूरे परिसर की सघन जांच की जाएगी। केवल प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी परीक्षार्थी को केन्द्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम 30 मिनट में शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में जाने वाले अभ्यर्थियों की तलाशी एवं निगरानी अनिवार्य होगी। पुलिस की भूमिका पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने निर्देश दिया कि परीक्षा केन्द्रों एवं आसपास अनावश्यक आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सभी पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर ही रहेंगे। एक दिन पहले सभी दण्डाधिकारी एवं वीक्षक परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर लेंगे।सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी, मोबाइल जैमर, फोटोग्राफी, पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक वाहनों की व्यवस्था की गई है। नियंत्रण कक्ष सक्रिय परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए समाहरणालय नवादा में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06324-212261 है। उप विकास आयुक्त नीलिमा साहु एवं पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार सिंहा इसके वरीय प्रभारी रहेंगे।अग्निशमन, चिकित्सा, ट्रैफिक व्यवस्था, बज्रवाहन, अश्रु गैस आदि की भी पूरी तैयारी की गई है। जिले में कुल 18 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केन्द्र पर दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। उड़नदस्ता, जोनल दण्डाधिकारी एवं समन्वय प्रेक्षक भी तैनात रहेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी नवादा सदर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवादा सदर-1 को परीक्षा अवधि में सतत गश्ती कर विधि-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित एक भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस विकास प्रदर्शनी में कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, पर्यटन, पंचायती राज, मत्स्य, खादी व ग्रामोद्योग समेत शासन के तमाम प्रमुख विभागों ने अपनी लोक-कल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं के स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री ने यहाँ आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को खुद अपने हाथों से चेक, चाबियां और स्वीकृति पत्र सौंपे। फूड कार्ट लॉन्च, बनारसी व्यंजनों की लगी प्रदर्शनी इस विशेष आयोजन में सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत वाराणसी के प्रसिद्ध पारंपरिक स्वादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बनारसी लस्सी, ऐतिहासिक तिरंगा बर्फी, बनारसी लौंगलता और बनारसी पान के स्टॉल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'एक जनपद-एक व्यंजन' के अंतर्गत आधुनिक फूड कार्ट का फीता काटकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट और आम जनता को मिठाइयां भी बांटीं। स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे सीएम, लाभार्थियों को दिए 5 लाख तक के चेक सांस्कृतिक संकुल परिसर में आम जनता के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे स्थानीय लोगों के पास जाकर उनसे बातचीत की और उनके इलाज व सुविधाओं का हालचाल जाना। इसके बाद आयोजित मुख्य मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों कई लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान आई, जिन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत सीधे आर्थिक मदद और प्रमाण पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिले चेक, कार्ड और सिलाई मशीनें योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित लाभार्थियों को मंच से सम्मानित किया: प्रमिला देवी, राजू और दीपक बरनवाल (स्ट्रीट वेंडर): इन तीनों पथ विक्रेताओं को मुख्यमंत्री ने आधिकारिक 'पथ विक्रय प्रमाण पत्र' सौंपा, जिससे वे सम्मान के साथ अपना रोजगार चला सकें। बेबी मौर्या (पीएम स्वनिधि योजना): व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने इन्हें 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। कन्हैया (पीएम स्वनिधि योजना): इन्हें डिजिटल लेनदेन और वित्तीय मजबूती के लिए क्रेडिट कार्ड सौंपा गया। रोशनी कुमारी (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): नए स्टार्टअप और उद्योग के लिए इन्हें 5 लाख रुपये का बड़ा चेक दिया गया। याशिका सिंह (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्हें 2.50 लाख रुपये का चेक मिला। ललिता और खुशबू जायसवाल (विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना): इन दोनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सिलाई मशीन और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र सौंपे।
कटनी जिले के हीरापुर कौड़िया मार्ग पर चाकू की नोंक पर हुई लूट का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू बरामद कर लिया गया है। कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वेयरहाउस मोड़ के पास रास्ता रोककर की थी लूट एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार शाम को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम हीरापुर कौड़िया निवासी अभिषेक रजक ने 11 जून की रात थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभिषेक अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी नर्मदा वेयरहाउस मोड़ के पास मुंह पर सफेद गमछा बांधे तीन अज्ञात बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने अभिषेक को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया, उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल और बाइक छीनकर फरार हो गए थे। साइबर सेल की मदद से पकड़ाया मुख्य आरोपी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मुखबिरों को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही गुलशन चौधरी (निवासी गाताखेड़ा) को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर गुलशन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपने दो अन्य साथियों करन रैकवार और दीपांशु सेन के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। 1.12 लाख का मशरूका और हथियार जब्त पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में गया सारा सामान बरामद कर लिया है। गुलशन चौधरी: इसके कब्जे से फरियादी से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।दीपांशु सेन: इसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई उसकी खुद की बाइक और फरियादी से लूटा गया वीवो कंपनी का मोबाइल मिला।करन रैकवार: इसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू जब्त किया गया। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपए है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कटनी क में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।
बिजनौर में शुक्रवार दोपहर गंगा में नहाते समय एक युवा लैब टेक्नीशियन की डूबने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ रावली क्षेत्र के पास गंगा स्नान के लिए गया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान मंडावर थाना क्षेत्र के मोहड़िया गांव निवासी 23 वर्षीय आशुतोष के रूप में हुई है। वह जिला अस्पताल बिजनौर में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, आशुतोष अपने पांच दोस्तों के साथ गंगा में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह सबसे आगे निकल गया और अचानक गहरे पानी में चला गया। तैरना नहीं आता था बताया गया है कि आशुतोष को तैरना नहीं आता था। गहरे पानी में जाने के बाद वह डूबने लगा और मदद के लिए आवाज लगाने लगा। उसके साथ मौजूद दोस्तों को भी तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे उसे बचाने के लिए नदी में नहीं उतर सके। दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद आशुतोष को बाहर निकाला। हालांकि, जब तक उसे नदी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही मंडावर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंडावर थाना प्रभारी संजय तोमर ने घटना की पुष्टि की है। आशुतोष की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता राजपाल और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आशुतोष मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के विजय दिवस के अवसर पर गुरुवार को आगरा किले स्थित जहांगीर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और सुशासन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पर्यटन विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा सूरजमल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, महाराजा सूरजमल के वंशज नेम सिंह फौजदार, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि महाराजा सूरजमल का जीवन साहस, सुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है तथा उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि महाराजा सूरजमल का अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रभक्ति भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और वीर परंपराओं से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महाराजा सूरजमल के जीवन और संघर्षों को भी दर्शाया गया। इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, चौधरी उदयभान सिंह, हेमेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, पुरुषोत्तम फौजदार, विवेक धर्मेश, शिविर जैन, राजेंद्र सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, सत्यपाल अत्री, दलवीर सिंह रावत, राजवीर भगोर, यादराम वर्मा, हरिओम चौधरी, विकास भारद्वाज, बजरंगी चौधरी, नंदी महाजन, कुंवर शैलराज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संभल के दो चचेरे भाइयों की गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों मलिहाबाद से दशहरी आम लेकर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में दो अन्य युवक घायल भी हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव घर पहुंच गए हैं। मृतक युवक संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला बरेली सराय के बंटी (28) पुत्र हरिशंकर और मुरादाबाद के पकवाड़ा थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर के राहुल (22) पुत्र मुरारी थे। बंटी अपने चचेरे भाई राहुल, पिकअप चालक अमर सिंह पुत्र हरिशंकर, अजय पुत्र विजय और एक अन्य युवक के साथ दो दिन पहले लखनऊ के मलिहाबाद दशहरी आम खरीदने गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे घर लौटते समय जनपद बदायूं के थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव बजमैरी में गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी पिकअप गाड़ी आगे चल रहे एक वाहन से टकरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बंटी और राहुल को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार शाम 6:30 बजे दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद संभल कोतवाली क्षेत्र के बरेली सराय स्थित उनके घर पहुंचे। मृतक बंटी के भाई नीरज ने बताया कि दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे संभल के श्मशान घाट पर एक साथ किया जाएगा। बंटी परिवार में सबसे बड़ा था। उसकी पत्नी अमरवती और तीन वर्षीय बेटी माहिर व एक वर्षीय बेटे विनायक की परवरिश का जिम्मा अब परिवार पर आ गया है।
गाजीपुर में चर्चित विनीत राय हत्याकांड के आरोपी शंकर पांडेय को अवैध निर्माण मामले में एसडीएम कोर्ट से 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने विनीत राय हत्याकांड के नामजद आरोपी शंकर पांडेय और मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद के खिलाफ अवैध निर्माण के मामले में कार्रवाई शुरू की थी। जांच में सामने आया कि दोनों के मकान बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए हैं। 12 जून तक मांगा गया था जवाब मामले में एसडीएम सदर की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 12 जून तक आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। शुक्रवार को निर्धारित तिथि पर संजय बिंद की ओर से उनके अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होकर आपत्ति दाखिल कर दी। शंकर पांडेय की ओर से नहीं पहुंचा कोई वहीं, फरार चल रहे आरोपी शंकर पांडेय की ओर से न तो कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया। इसे देखते हुए कोर्ट ने उन्हें अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत दी है। जवाब नहीं मिला तो होगी अगली कार्रवाई एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जून तक शंकर पांडेय की ओर से नोटिस का कोई जवाब या आपत्ति प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बढ़ा प्रशासनिक दबाव प्रशासन की इस कार्रवाई को विनीत राय हत्याकांड के आरोपियों पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें 15 जून पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि आरोपी की ओर से कोई जवाब दाखिल किया जाता है या फिर प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कार्रवाई करता है।
गयाजी के अंचल ऑफिस में EOU की रेड:6 घंटे तक CO से की पूछताछ; जमीन से जुड़े दस्तावेज खंगाले
गयाजी के मानपुर अंचल कार्यालय में राजस्व विभाग की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने रेड की। कार्रवाई की भनक लगते ही कई कर्मचारी देखते ही देखते दफ्तर से धीरे निकल गए। तकरीबन छह घंटे तक चली इस जांच ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच टीम ने अंचलाधिकारी (CO) सुबोध कुमार को घेरे में लेकर लंबी पूछताछ की और दाखिल-खारिज से जुड़े कई अहम दस्तावेजों को खंगाला। जब आपस में भिड़े लोग, बुलानी पड़ी पुलिस जांच के दौरान अंचल कार्यालय परिसर में उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब कथित विधायक प्रतिनिधि और सिकहर गांव के कुछ लोगों के बीच तीखी बहस और विवाद शुरू हो गया। माहौल को बिगड़ता और तनावपूर्ण होता देख स्थानीय थाना को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। रिश्वत की शिकायत पर DSP के नेतृत्व में बिछा जाल सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई दाखिल-खारिज के एक मामले में मोटी अवैध राशि मांगे जाने की शिकायत के बाद की गई। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने डीएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया। डीएसपी ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। स्थानीय गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि इस पूरे हाई-प्रोफाइल छापे की मुख्य वजह 14 कट्ठे जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़ा एक विवाद है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यह मामला क्षेत्र के एक रसूखदार जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, जिसे अटकाने या पास कराने के खेल में यह विवाद शुरू हुआ और ईडी तक पहुंच गया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों से बात की गई, तो मामले की गंभीरता और गोपनीयता की बात कही गई। वहीं जब जांच का नेतृत्व कर रहे डीएसपी राकेश कुमार से इस छापेमारी के नतीजों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जांच की गोपनीयता का हवाला देते हुए कुछ भी साफ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि यह राजस्व विभाग की ओर से गठित आर्थिक अपराध इकाई की टीम की कार्रवाई है। आवेदन में वर्णित तथ्यों और अन्य चीजों की जांच सीओ सुबोध कुमार की मौजूदगी में की गई है। जांच पूरी तरह गोपनीय है। इसलिए अभी ज्यादा विवरण साझा नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, अंचलाधिकारी सुबोध कुमार ने खुद को पाक-साफ बताते हुए कहा कि जांच टीम मुख्य रूप से चार मामलों की स्क्रूटनी कर रही थी। टीम की ओर से जांच के दौरान जो भी दस्तावेज और फाइलें मांगीं गईं। वे उन्हें तुरंत उपलब्ध करा दी गईं। हमारी तरफ से जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। पूरे मामले का खुलासा EOU की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।

