पत्नी और दो माह के बच्चे को गला घोंटकर मार डाला, फिर छत से कूदा युवक; जांच में जुटी पलवल पुलिस
पलवल के रजपुरा गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी और दो माह के बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी। नशे का आदी आरोपी सोहिल ने बाद में छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया और अब अस्पताल में भर्ती है।
दिल्ली में आउटर रिंग रोड का बुरा हाल, एयरपोर्ट और DND जाने वालों की बढ़ी परेशानी; अब मिलेगी राहत
दक्षिणी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर निर्माण कार्य, चार्जिंग प्वाइंट और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों से यातायात बिगड़ रहा है। सुबह-शाम भारी जाम लगता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है; ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से राहत मिल सकती है।
मेरठ के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के नटेशपुरम में रहने वाली कविता पत्नी अरविंद उम्र 40 साल की गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या कविता की सौतेली बेटी उन्नति ने अपने प्रेमी आशीष के साथ मिलकर की है। दोनों ने कार में वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद मां की लाश को ले जाकर मेरठ से 100 किमी दूर उत्तराखंड में नहर में फेंक दिया। मंगलवार 18 अगस्त को कविता की लाश रुढ़की, मंगलौर में नहर के पास मिली। उत्तराखंड पुलिस ने 19 अगस्त बुधवार रात हत्या का खुलासा किया। वहीं पुलिस ने अारोपी बेटी उन्नति उसके प्रेमी आशीष निवासी दुल्हेड़ा मेरठ को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। पूरी वारदात उत्तराखंड में हुई है इसलिए वहीं की पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही भी की है।बेटी के अफेयर से नाराज थी मां रुढ़की से एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि अरविंद, कविता मूलरूप से अोली माजरा, बुढ़ाना मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। अरविंद मेरठ में जॉब करता है। कुछ समय से परिवार मेरठ में रह रहा था। 200 सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तफ्तीश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी बेटी, प्रेमी को अरेस्ट कर लिया। वो कार भी बरामद की है जिसमे ंदोनों ने कविता की हत्या की थी। पूछताछ में दोनों ने घटना कारित करना बताया है।पूछताछ में पता चला कि सौतेली मां कविता बेटी उन्नति को उसके प्रेमी आशीष से मिलने से रोकती थी। उसने दोनों की शादी कराने से इंकार कर दिया था। दोनों का मिलना जुलना भी उसे पसंद नहीं था। इसलिए उन्नति ने मां की हत्या का प्लान बनाकर प्रेमी के साथ वारदात को अंजाम दिया। स्कूल से साथ पढ़ते हैं आशीष, उन्नति पूछताछ में सामने आया कि बेटी उन्नति और मेरठ निवासी उसका प्रेमी आशीष दोनों 11वीं क्लास से स्कूल में साथ पढ़ते आ रहे हैं। तभी से दोनों की दोस्ती है। अब दोनों लोग दिल्ली के नर्सिंग कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। लगभग एक महीना पहले आशीष अपना रिश्ता लेकर उन्नति के घर गया था। तब कविता ने इस रिश्ते से इंकार कर दिया। क्योंकि दोनों की बिरादरी अलग है। उसे दोनों का अफेयर भी पसंद नहीं था। बस इसी बात से दोनों कविता से नाराज थे। 20 दिन पहले किया प्लानशादी की बात से इंकार करने पर आशीष, उन्नति समझ गए कि कविता उन्हें कभी एक नहीं होने देगी। इसे रास्ते से हटाना जरूरी है। इसलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या का प्लान बनाया। लगभग 15 दिन पहले उन्नति मेरठ घर आई। 10 दिन पहले आशीष भी मेरठ आ गया। दोनों फोन पर बात करते रहे। 17 अगस्त को आशीष, उन्नति कविता को बरेली मनोनानाथ मंदिर में दर्शन कराने के बहाने सुबह-सुबह घर से लेकर गए। जब शाम तक भी कविता वापस नहीं लौटी तो पति अरविंद ने उसे कॉल किया। उसका फोन बंद था। अरविंद ने बेटी उन्नति को कॉल किया। तो उसने बताया कि मां हमारे साथ है हम उनको मंदिर लेकर जा रहे हैं। पीछे बैठी बेटी ने गला रेतकर मार डाला बरेली जाने के बहाने दोनों ने कविता को कार में बैठाया। आशीष एक दिन पहले ही दिल्ली से अपने दोस्त की कार लेकर मेरठ आया था। इसी कार में तीनों लोग मेरठ से बरेली के लिए निकले। आशीष कार ड्राइव कर रहा था। जबकि कविता, उन्नति पीछे की सीट पर बैठे थे। कंकरखेड़ा-मेरठ से आगे निकलते ही कविता को नींद की हल्की झपकी आ गई। तब पीछे बैठी उन्नति ने धारदार चाकू से मां कविता का गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शॉपिंग मॉल से खरीदे नए कपड़े हत्या के बाद अाशीष कार को रुढ़की, मंगलौर नहर के पास लेकर गया। जहां उसने चाकू से कविता के ऊपर दोबारा वार किए। उसकी लाश को बोरे में भरकर नहर में फेंक दिया। लेकिन लाश नहर में जाने के बजाय बोरा झाड़ियों में अटक गया। लाश ठिकाने लगाकर दोनों लोग हरिद्वार में शॉपिंग मॉल में गए। जहां उन्नति, आशीष ने अपने नए कपड़े खरीदे और खून से सने अपने कपड़ों को चेंज किया। खून से सने कपड़े रास्ते में फेंक दिए। इसके बाद दोनों हाईवे के पास कार में बैठकर समय गुजरने का इंतजार करते रहे। 18 अगस्त की सुबह मिली थी लाश जब 17 अगस्त को रातभर कविता घर नहीं लौटी उससे बात नहीं हो सकी तो पति अरविंद को बेटी, उसके प्रेमी पर शक हुआ। उसने थाने में जाकर पत्नी के बारे में पूछताछ की। वहीं 18 अगस्त की सुबह आते-जाते राहगीरों ने मंगलौर में नहर के पास लाश जैसी बदबू को महसूस किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तलाशी ली तो वहां नहर किनारे बोरे में महिला की लाश निकली। पुलिस ने अज्ञात लाश के फोटो जारी करते हुए यूपी बॉर्डर तक के थानों में भेजे। जहां से गुमशुदगी पता कराई। तब यूपी पुलिस ने फोटो से लाश की शिनाख्त करते हुए बताया कि ये कंकरखेड़ा की कविता है। पुलिस ने परिवार को दी जानकारी पुलिस ने अरविंद को इसकी जानकारी दी। अरविंद रुढ़की जाकर लाश की शिनाख्त करके आया। इस बीच तक बेटी उसका प्रेमी सामने नहीं आए तो अरविंद ने दोनों के खिलाफ मंगलौर में तहरीर भी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हाईवे के पास से अरेस्ट किया, चाकू और कार भी बरामद कर ली। दोनों ने हत्या की पूरी बात बताई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को दिया परिजन शव को लेकर मुजफ्फरनगर अपने पैतृक गांव चले गए।
दुर्ग में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई:3.712 किलो गांजा और 30 पौव्वा शराब जब्त, 4 गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पुरानी भिलाई, नेवई और धमधा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 3.712 किलो गांजा, 30 पौव्वा देशी शराब, दो दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन और नकद राशि जब्त की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुरानी भिलाई पुलिस को 18 अगस्त को सूचना मिली थी कि हथखोज के बंधवा तालाब के पास दो लोग एक्टिवा से गांजा बेच रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और एक्टिवा क्रमांक CG04NK1566 पर सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान खुर्सीपार उड़िया मोहल्ला निवासी दिनेश उर्फ दिनू पाल (47) और दीनदयाल उपाध्याय नगर, चरोदा निवासी चंदन झा (43) के रूप में की। तलाशी में उनके पास से 2.430 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 1.25 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा एक्टिवा, दो मोबाइल फोन और 1,100 रुपए नकद जब्त किए गए। कुल जब्ती की कीमत करीब 1.65 लाख रुपए है। पुरानी भिलाई थाने में अपराध क्रमांक 438/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 27(ए) में मामला दर्ज किया गया है। नेवई डैम के पास गांजा बेच रहा था युवक नेवई पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक काले रंग की स्प्लेंडर बाइक से नेवई डैम के आसपास घूमकर गांजा बेच रहा है। पुलिस ने नाली किनारे, नेवई बस्ती के पास घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान खरीत हरणा उर्फ राहुल (25), निवासी उत्कल नगर, पद्मनाभपुर के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से 1.282 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 63 हजार रुपए है। पुलिस ने बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस बाइक और 250 रुपए नकद भी जब्त किए। कुल जब्ती की कीमत 73,250 रुपए बताई गई है। नेवई थाने में अपराध क्रमांक 555/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 27(ए) में मामला दर्ज किया गया है। झोले में छिपाकर बेच रहा था शराब धमधा पुलिस ने ग्राम करेली के पथर्रा खार में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस बोर मशीन भवन के पास पहुंची और घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान संजय सिवारे (30), निवासी ग्राम करेली, वार्ड नंबर 9 के रूप में हुई। तलाशी में सफेद-लाल झोले के अंदर रखी सफेद बोरी से 30 पौव्वा देशी प्लेन शराब मिली। इसकी कीमत करीब 2,400 रुपए है। पुलिस ने बिक्री के 480 रुपए भी जब्त किए। कुल जब्ती 2,880 रुपए की हुई। बाइक से ग्राहकों की तलाश कर रहे थे आरोपी पुलिस के अनुसार, गांजा बेचने वाले आरोपी दोपहिया वाहनों से आसपास के इलाकों में घूमकर ग्राहकों की तलाश करते थे। वहीं धमधा में आरोपी खार क्षेत्र में शराब छिपाकर बेच रहा था। तीनों थाना क्षेत्रों में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा और तलाशी के बाद कार्रवाई की। जब्त गांजा और शराब को सीलबंद कर सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
पुराने भीलवाड़ा शहर में पिछले दो दिन से जलदाय और सीवरेज विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्रवासी मल- मूत्र मिला गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।गंदे पानी की सप्लाई के चलते स्थानीय निवासियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं लगातार 2 दिन से शिकायत के बाद भी अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं की जा रही है।जलदाय विभाग द्वारा सीवरेज और सीवरेज के कर्मचारी जलदाय विभाग पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं लेकिन समाधान करने वाला कोई नहीं । शिकायत के बाद भी पीने के पानी की जगह जहरीले पानी की सप्लाई आज भी जारी है। सोमावार शाम से पी रहे दूषित पानी पुराने भीलवाड़ा में रहने वाले मुकेश जोशी ने बताया कि सोमवार दोपहर बाद से पेयजल की सप्लाई डिस्टर्ब हो चुकी है, नलों में से गंदा मटमेला और बदबूदार पानी आ रहा है।इस पानी का उपयोग नहाने धोने के साथ ही डेली रूटीन के कामकाज में भी नहीं किया जा सकता है।पीने के पानी की सप्लाई पूरी तरह से गड़बड़ा चुकी है। बिना प्लानिंग से बिछाई सीवरेज से आफत इस क्षेत्र में सीवरेज लाइन गलत तरीके से डाली गई है जिसके चलते पीने के पानी की लाइन और सीवरेज की पानी की लाइन आपस में मिक्स हो जाती है,जिसके चलते शहर के लोगों को गंदा बदबूदार और मल-मूत्र मिला हुआ पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। एक दूसरे विभाग पर आरोप प्रत्यारोप जलदाय विभाग के अधिकारियों को शिकायत की गई तो उन्होंने सीवरेज की लापरवाही बता दिया वहीं जब शिवराज के अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया गया तो उनका कहना है कि हमारी लाइन में कोई समस्या नहीं है।लगातार शिकायत करने के बाद भी आज गुरुवार सुबह भी सप्लाई में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे परेशानियां बढ़ने लगी है। जानलेवा बीमारियों की आशंका पिछले दो दिन से आ रहे गंदे पानी की सप्लाई के बाद अब घरों ने पहले का भरा साफ पानी भी खत्म हो चुका है।ऐसे में क्षेत्रवासियों को अपने रोजमर्रा के काम निपटाने में भी समस्या हो रही है साथ ही मल-मूत्र मिले पानी से जानलेवा बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ गया है।लोगों का आरोप है प्रशासनिक और राजनीतिक मिली भगत के चलते सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही भीलवाड़ा शहर के लिए हर दिन जानलेवा साबित होती जा रही है। निकाय चुनाव में करेंगे विरोध लोगों को कहना है कि चुनाव आते ही वोट मांगने का सिलसिला शुरू हो गया है लेकिन जनप्रतिनिधि कोई काम नहीं करते।अधिकारी ना जनता की सुनते ना जनप्रतिनिधियों की बात मानते है।अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वो आने वाले निकाय चुनाव में जनप्रतिनिधियों का विरोध करेंगे।
नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने कुछ ढांचों को अधिकारियों ने हटा दिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इन ढांचों की जांच में पाया गया कि वे हाई कमीशन के लिए तय और मंजूर सीमा से बाहर बने थे। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने गुरुवार को JCB की मदद से इन ढांचों को तोड़ दिया। कार्रवाई में हाई कमीशन के बाहर सड़क की लेन में लगाए गए बैरिकेड्स, लोहे की फेंसिंग और अन्य अस्थायी ढांचे भी हटाए गए। वीजा सेक्शन के पास लोगों की कतार संभालने के लिए लगाए गए स्ट्रक्चर भी इस कार्रवाई की चपेट में आए। मौके पर बड़ी मात्रा में मलबा दिखाई दिया। वीजा सेक्शन के बाहर बिखरा मलबा कार्रवाई के बाद मौके पर टूटी हुई लोहे की रेलिंग, गेट, धातु के फ्रेम, छत की चादरें, ईंटें और कंक्रीट-प्लास्टर के टुकड़े बिखरे नजर आए। बाहरी हिस्से की सफेद धातु की फेंसिंग और कॉरुगेटेड रूफिंग के कुछ हिस्से पूरी तरह हटा दिए गए। तस्वीरों में वीजा सेक्शन के सर्विस काउंटर भी दिखाई दिए। वहां ‘Window 1’, ‘Pakistani Passport Only’ और ‘Window-5 / Collection of Visa Applications’ जैसे बोर्ड लगे हुए थे। काउंटरों के आसपास टूटी फेंसिंग और निर्माण सामग्री पड़ी दिखाई दी। मुख्य इमारत और गेट सुरक्षित कार्रवाई हाई कमीशन की मुख्य इमारत पर नहीं हुई। परिसर का मुख्य प्रवेश द्वार, सफेद दीवारें, गुंबदनुमा डिजाइन और पाकिस्तानी प्रतीक वाला बड़ा गेट पहले की तरह मौजूद रहा। परिसर की बाहरी सीमा के कुछ हिस्सों में कांटेदार तार भी दिखाई दिए। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई का आधार यह था कि बाहर बने कुछ स्ट्रक्चर हाई कमीशन की स्वीकृत सीमा के बाहर थे। इन्हें हटाने के लिए संबंधित एजेंसियों ने JCB का इस्तेमाल किया। इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर भी हुई थी कार्रवाई दिल्ली में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स और पार्किंग पोल हटा दिए थे। इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने ढांचों को हटाया गया है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली में अधिकारियों ने फिलहाल कार्रवाई की वजह मंजूर सीमा से बाहर बने अनधिकृत ढांचे को बताया है।
रीवा में बुधवार दोपहर से शुरू हुई बारिश ने गुरुवार को शहर के कई इलाकों की हालत खराब कर दी। तेज बारिश के बाद निराला नगर हॉस्टल, नीम चौराहा, बोदाबाग, समान बांध मोहल्ला, लाखोरीबाग, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और अरुण नगर अनंतपुर समेत कई जगहों पर पानी भर गया। कई सड़कों पर इतना पानी जमा हो गया कि वे तालाब जैसी नजर आने लगीं। निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया। लोगों को रातभर घरों से पानी निकालना पड़ा। कई इलाकों में सड़कें डूबीं उपरहटी और तरहटी में सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। संजय नगर और वार्ड नंबर 15 में भी जलभराव के कारण आवाजाही प्रभावित रही। वार्ड नंबर 9 में इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे विभीषण नगर और पांडे किराना स्टोर के पास सड़क पर काफी देर तक पानी जमा रहा। यहां सड़क का पूरा हिस्सा तालाब जैसा दिखाई दे रहा था। नाली नहीं होने से घरों में घुसा पानी अरुण नगर अनंतपुर के शिल्पी उपवन कॉलोनी के दक्षिणी हिस्से में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। यहां नाली नहीं होने के कारण सड़क पर करीब 2 से 3 फीट पानी भर गया। बारिश का पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। रहवासियों ने घरों में रखा सामान सुरक्षित जगह पहुंचाया और रातभर पानी निकालते रहे। लोगों का कहना है कि नाली बनवाने के लिए नगर निगम में कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों ने कहा- हर साल यही परेशानी बोदाबाग निवासी राकेश पटेल ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। उनका कहना है कि अगर बारिश से पहले नालियों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो लोगों को परेशानी नहीं होगी। लाखोरीबाग निवासी संजय तिवारी ने कहा कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है। बारिश से पहले व्यवस्था सुधारने की बात कही जाती है, लेकिन तेज बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। अरुण नगर निवासी विनोद साकेत ने बताया कि उनके इलाके में नाली नहीं होने के कारण पानी घर के अंदर तक पहुंच गया। परिवार को पूरी रात पानी निकालना पड़ा। नगर निगम की टीमें पानी निकालने में जुटीं नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने बताया कि जहां भी जलभराव हुआ है, वहां पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी गई हैं। निचले इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बैकुंठपुर में भी सड़कें जलमग्न लगातार बारिश का असर बैकुंठपुर में भी देखने को मिला। बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, केपी तिराहा, झंडा चौक और हनुमान तिराहा समेत कई जगहों पर पानी भर गया। हरिजन बस्ती और आदिवासी बस्ती में भी जलभराव की स्थिति रही। कई दुकानों और घरों में पानी घुस गया। दुकानदार सामान बचाने में जुटे रहे, जबकि कई परिवारों को रातभर घरों से पानी निकालना पड़ा। बारिश के बाद रीवा से लेकर बैकुंठपुर तक सड़कें और गलियां पानी से लबालब नजर आईं। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश होते ही शहर में फिर वही समस्या सामने आ जाती है।
झारखंड सरकार की ओर से 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त 2,394 अफसरों की सेवाओं पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, परीक्षाएं रद्द करने का फैसला हो चुका है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से इन कर्मचारियों-अधिकारियों को सेवा से हटाने का विधिवत आदेश अभी जारी नहीं किया गया है। यानी फिलहाल ये अधिकारी तकनीकी रूप से सेवा में हैं, लेकिन उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही सेवा समाप्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर सकती है। यदि इन्हें हटाया गया तो कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या अचानक कम हो जाएगी। इसका सीधा असर रोजमर्रा के सरकारी कामकाज, फाइलों के निपटारे और विभागीय काम की गति पर पड़ने की आशंका है। इसका असर सचिवालय में दिखने लगा। सचिवालय सेवा के 854 सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों (ASO), जो पिछले आठ माह से काम कर रहे थे और विभागीय फाइलों के कस्टोडियन थे, उन्हें सचिवालय में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट भवन के सामने प्रदर्शन किया। इन 854 ASO के हटने पर अधिकांश विभाग सहायक प्रशाखा पदाधिकारी विहीन हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में प्रशाखा पदाधिकारियों को ही अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ेगी। पद खाली हुए तो बढ़ेगा काम का दबाव 22 परीक्षाओं के रद्द होने से 11वीं-13वीं सिविल सेवा के प्रोवेशन पर तैनात 342 राजपत्रित अधिकारी भी प्रभावित हुए हैं। इनमें 207 राज्य प्रशासनिक सेवा, 35 पुलिस सेवा, 56 वित्त सेवा और 44 अन्य राजपत्रित सेवा के अधिकारी हैं। इनकी सेवाएं खत्म होने पर संबंधित विभागों में स्वीकृत पदों के मुकाबले काम करने वाले अधिकारियों की संख्या घट सकती है। इसका असर सिर्फ सचिवालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिन विभागों और कार्यालयों में ये अधिकारी तैनात हैं, वहां भी देखने को मिलेगा। खासकर फाइलों की जांच, अग्रसारण, प्रशासनिक निर्णय और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं में देरी की आशंका रहेगी। हालांकि अभी सेवा समाप्ति का औपचारिक आदेश नहीं आया है, इसलिए तत्काल स्थिति को अंतिम नहीं माना जा सकता। लेकिन यदि सरकार जल्द ही इनकी सेवाएं समाप्त करती है तो एक साथ 2,394 पदों पर कार्यरत अफसरों के हटने से सरकारी तंत्र में मैनपावर की कमी पैदा हो सकती है। पहले से अधिकारी कम, अब और पद खाली विभिन्न संवगों में पद पहले से ही खाली थे। अब 2394 अफसरों की सेवा खत्म होने से मैनपावर की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में डिप्टी कलेक्टर के 450 पद खाली हो गए हैं। इससे सरकार के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। आंकड़े के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के सृजित पदों की कुल संख्या लगभग 1450 है। इनमें बेसिक ग्रेड (डिप्टी कलेक्टर) के लगभग 850 पद हैं। इनमें लगभग 250 पद पहले से रिक्त थे। उधर, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 64 पद पर सेवा समाप्त होने से आने वाले दिनों में समाज कल्याण विभाग के काम भी प्रभावित होंगे। इसी तरह फूड सेफ्टी अफसर के 56 और जेएसएससी-सीजीएल के तहत बीएसओ, एलडीसी व अन्य श्रेणी के 1078 पद भी खाली हो जाएंगे। डिप्टी कलेक्टर-डीएसपी के 500 से ज्यादा पद खाली डिप्टी कलेक्टर की ट्रेनिंग ले रहे 207 अधिकारियों ने अक्टूबर 2025 में योगदान दिया था। ज्वाइनिंग के बाद उन्हें एटीआई में ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद मार्च 2026 में फील्ड ट्रेनिंग के लिए विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया गया। उपायुक्तों ने इन्हें प्रखखंड और अंचल की जिम्मेदारी भी दी थी। राज्य में पहले से ही डिप्टी कलेक्टर के करीब 250 पद खाली हैं। ऐसे में इन अफसर के नहीं रहने से प्रशासनिक स्तर पर मैनपावर की कमी और बढ़ेगी। इसी तरह डीएसपी रैंक में पहले से 35 पद खाली हैं। नव नियुक्त राज्य पुलिस सेवा के 35 अधिकारियों की सेवा समाप्त होने की स्थिति में डीएसपी रैंक के करीब 70 पद खाली हो जाएंगे। इससे विधि-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका है।
एमबीबीएस में दाखिले और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ भदोही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के एक वांछित सदस्य को बहराइच से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ज्ञानपुर थाने में 20 सितंबर 2025 को फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच के दौरान गिरोह के सदस्य शुभम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ में गिरोह के सरगना संजय दुबे का नाम सामने आया था। पुलिस ने बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया था। अब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बहराइच के रामगांव थाना क्षेत्र के सोहरवा स्थित नंदा इंस्टीट्यूट गेस्टहाउस से दिनेश कुमार वर्मा (42) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह इस गिरोह का वांछित सदस्य था। फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर दिलाते थे दाखिला और नौकरी पूछताछ में दिनेश वर्मा ने पुलिस को बताया कि गिरोह फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र तैयार करता था। इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल एमबीबीएस में दाखिले के अलावा विभिन्न सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2023 की पुलिस सीधी भर्ती में एक अभ्यर्थी का चयन भी इसी तरह के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर कराया गया था। इससे गिरोह के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों का दायरा और बड़ा होने की बात सामने आई है। सात आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार भदोही पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरोह के सात सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब दिनेश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। एसपी अभिनव त्यागी के निर्देश और एएसपी शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में स्वाट/सर्विलांस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम में स्वाट/सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक राजकुमार पांडेय, हेड कांस्टेबल बृजेश सिंह, कांस्टेबल दीपक कुमार यादव, सुनील पाल और हिमांशु सिंह शामिल रहे। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया। सूचना मिलने के बाद टीम ने बहराइच में दबिश देकर उसे गेस्टहाउस से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ ज्ञानपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 223/25 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों के लिए फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र तैयार किए और इनके जरिए कितने अभ्यर्थियों को मेडिकल दाखिले या सरकारी नौकरी में लाभ पहुंचाया गया। पंचलाइन: फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे दाखिला और नौकरी दिलाने वाले नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, बहराइच से गिरफ्तारी के बाद अब गिरोह के पूरे कनेक्शन की पड़ताल।
धौलपुर जिले में अवैध खनन और अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विभिन्न थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अवैध खनन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और अवैध हथियार रखने के मामलों में 2 बाइक जब्त की हैं। नादनपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने अवैध खनन करते हुए 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। इस कार्रवाई के दौरान ताजपुरा निवासी 21 वर्षीय केसराम पुत्र उदय सिंह को गिरफ्तार किया गया। रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलायादिहौली थाना प्रभारी अशोक सिंह के अनुसार, डीएसटी टीम प्रभारी प्रेम सिंह के साथ पुलिस टीम ने कॉन्स्टेबल भागीरथ की सूचना पर इंद्रावली मोड़ पर नाकाबंदी की। यहां एक बाइक सवार को रोककर तलाशी ली गई। आरोपी की पहचान मनियां के मांगरोल निवासी 26 वर्षीय योगेश पुत्र हाकिम के रूप में हुई, जिसके कब्जे से 315 बोर का अवैध देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक जब्त कर ली। निहालगंज थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि अशोक विहार कॉलोनी में एक युवक के पास अवैध हथियार होने की सूचना मिली थी। सूचना पर निहालगंज चौकी प्रभारी अभिलाख सिंह को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय दीपक पुत्र रघुवीर सिंह को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 315 बोर का देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। अवैध हथियार और खनन के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही, निहालगंज थाना पुलिस ने रात के समय विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया। थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूम रहे लोगों और वाहनों की तलाशी ली। पुलिस ने असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रात में गश्त और चेकिंग बढ़ाने की बात कही है।
प्रयागराज में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर के जॉर्ज टाउन, अल्लापुर,करेली,मेडिकल चौराहा सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई है। घरों में पानी भरने से फर्नीचर व कीमती सामान खराब हो रहे। शहर के हालात पर समाजवादी पार्टी के नेता संदीप यादव ने राज्य सरकार और नगर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। संदीप यादव ने कहा कि जार्ज टाउन जैसे पॉश इलाके में जहां कभी पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहते थे और जिस तरह का जलभराव इस बार देखने को मिला, वह पहले कभी नहीं देखा गया। नालों की सफाई के लिए इस बार मानदेय-आधारित पारदर्शी ठेका पद्धति की जगह 15 करोड़ रुपए के घोटाले के माध्यम से पैसे का गबन हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की ट्रिपल इंजन की सरकार है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और प्रयागराज के महापौर। महाकुंभ में हजारों करोड़ रुपए का बजट आया है। उस बजट में बंदरबांट करने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। पहले वार्ड वाइज नालों की सफाई के ठेके हुआ करते थे। लेकिन इस बार 15 करोड़ रुपए आवंटित होने के बावजूद नालों में सिल्ट निकालने का कोई काम दिखाई नहीं देता। अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर यह पैसा बांटा है, जिसकी कीमत जनता को भुगतनी पड़ रही है। कई जगह चार दिनों से पानी भरा हुआ है और नगर निगम से जुड़े अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौके पर उपस्थित नहीं हैं। कुछ जगहों पर जनरेटर लगाए गए थे। उनमें ईंधन न होने के कारण वे काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चार दिनों से लोगों के घरों में पानी है। फर्नीचर और कीमती सामान खराब हो रहे हैं। ऐसी कौन-सी व्यवस्था है कि तीन-तीन जनरेटर रखे गए हैं पर उनमें डीजल नहीं है। कई लोगों ने बताया कि रोजमर्रा की आवश्यकताएं जैसे सब्जी, आटा-दाल-चावल इत्यादि उपलब्ध कराना और घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
कोटपूतली क्षेत्र में अगस्त माह में अब तक 5 इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई है। भूमिगत जल स्रोतों के डार्क जोन में होने के कारण यहां के किसान खरीफ की फसल के लिए पूरी तरह मानसून पर निर्भर रहते हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। पिछले आठ दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस का दौर जारी है। बारिश के अभाव में खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें मुरझाने लगी हैं, जिससे आमजन भी बेहाल है। किसानों को अब पर्याप्त नमी के लिए अच्छी बारिश का इंतजार है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादलों का जमावड़ा बना हुआ है, जिससे किसानों की उम्मीदें फिर से जगी हैं। उन्हें अच्छी बारिश की आस है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसलों पर इसका सीधा और गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र के चकिया धमौर गांव में गुरुवार सुबह एक व्यक्ति ने पत्नी से विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नंदलाल पटेल पुत्र स्वर्गीय राम आधार पटेल के रूप में हुई है। वह बुधवार दोपहर करीब एक बजे भिवंडी से अपने घर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद नंदलाल का अपनी पत्नी गुड़िया देवी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देर रात वह घर से करीब 300 मीटर दूर नहर किनारे एक खेत में पहुंचे। देखिए तस्वीरें… परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे खेत में उन्होंने अपनी लाल रंग की शर्ट के सहारे जामुन के एक छोटे पेड़ की डाल से फंदा लगा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गुरुवार सुबह सूचना मिलने पर बहरिया पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और घरेलू विवाद के बाद हुई इस मौत को लेकर गांव में चर्चा शुरू हो गई। मृतक नंदलाल पटेल के परिवार में उनकी पत्नी गुड़िया देवी और तीन बच्चे हैं, जिनमें रश्मि (17), आशीष (15) और रोशनी (12) शामिल हैं। घटना के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहरिया थाना प्रभारी मानवेंद्र प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास के लोगों से पूछताछ की और शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हमीरपुर में दो स्कूली बसों की आमने-सामने टक्कर:एक में सवार थे 19 बच्चे, दूसरी खाली, 6 छात्राएं घायल
हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार सुबह दो स्कूल बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में करीब आधा दर्जन छात्राएं घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, किसी भी छात्रा को गंभीर चोट नहीं आई है। यह घटना सेना रोड पर सुबह लगभग आठ बजे हुई। टक्कर आरपी गुरुकुल और पीएसएन इंटर कॉलेज आमगांव की बसों के बीच हुई। बताया गया है कि आरपी गुरुकुल की बस खाली थी, जबकि पीएसएन इंटर कॉलेज की बस में 19 बच्चे सवार थे। सभी घायल छात्राएं पीएसएन इंटर कॉलेज की बस में ही थीं। घायल छात्राओं को बस चालक हरचरण यादव ने एंबुलेंस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक डॉ. माहौर ने बताया कि 15 वर्षीय स्नेहा, 13 वर्षीय मानसी, 12 वर्षीय साक्षी, 12 वर्षीय करिश्मा, 13 वर्षीय रिया और 14 वर्षीय संजोती घायल हुई हैं। सभी का इलाज जारी है और उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। हादसे के बाद घायल छात्रा दीपिका ने जानकारी दी कि सामने से आ रही बस का टायर फट गया था, जिससे वह अनियंत्रित होकर उनकी बस से टकरा गई। छात्रा के मुताबिक, दूसरी बस का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि उनकी बस के चालक ने सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। पीएसएन इंटर कॉलेज बस के चालक हरचरण यादव ने भी आरपी गुरुकुल की बस का टायर फटने को हादसे का कारण बताया। उन्होंने पुष्टि की कि टक्कर के बाद दूसरी बस का चालक मौके से भाग गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश के साथ ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पटना में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को पिछले 24 घंटे में डेंगू के 10 नए मरीज सामने आए, जिससे इस साल कुल मरीजों की संख्या 131 हो गई है। इनमें से 61 मरीज अकेले अगस्त के शुरुआती 19 दिनों में मिले हैं। अगस्त में डेंगू संक्रमण की रफ्तार जुलाई के मुकाबले काफी तेज हो गई है। जुलाई में पूरे महीने में 26 मरीज दर्ज किए गए थे, जबकि अगस्त के केवल 19 दिनों में यह आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। इसी तरह अगस्त में अभी महीना पूरा होने में 11 दिन बाकी हैं, लेकिन मरीजों की संख्या जुलाई के मुकाबले 35 अधिक हो चुकी है। अगस्त में अब तक प्रतिदिन औसतन 3.2 मरीज सामने आए हैं, जबकि जुलाई में यह औसत सिर्फ 0.84 मरीज प्रतिदिन था। अगस्त में अब तक 61 मरीज मिले स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून तक पटना में डेंगू के 44 मामले सामने आए थे। इसके बाद जुलाई में 26 नए मरीज मिले, और फिर अगस्त (1 से 19 तारीख तक) में 61 मरीज दर्ज किए गए। 19 अगस्त को एक ही दिन में 10 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों के सामने मच्छर नियंत्रण की चुनौती बढ़ गई है। मौजूदा आंकड़े दर्शाते हैं कि बारिश के बाद डेंगू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 55% मरीज निजी अस्पतालों और लैब में मिले पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल के मुताबिक, अब तक कुल 131 मामले सामने आए हैं। इनमें 59 मरीजों की पुष्टि सरकारी अस्पतालों और लैब में हुई है, जबकि 72 मरीज निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में जांच के दौरान सामने आए हैं। यानी कुल मरीजों में करीब 55% मामलों की पुष्टि निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हुई है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में सरकारी और निजी दोनों संस्थानों से सामने आने वाले मामलों को शामिल किया जा रहा है। बारिश के बाद बढ़ा मच्छरों के प्रजनन का खतरा बारिश के बाद पटना में कई जगहों पर पानी जमा हो रहा है। यही जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के लिए प्रजनन का अनुकूल माहौल तैयार करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एडीज मच्छर सिर्फ बड़े जलजमाव में ही नहीं, बल्कि घरों और आसपास जमा थोड़ी मात्रा में साफ पानी में भी पनप सकते हैं। घरों में रखे कूलर, गमले, बाल्टी, पुराने बर्तन, छत पर पड़े कबाड़, टायर और आसपास के छोटे गड्ढों में जमा पानी भी मच्छरों के प्रजनन का स्रोत बन सकता है। इसलिए डेंगू की रोकथाम के लिए सिर्फ बड़े जलजमाव वाले स्थानों पर फॉगिंग करना पर्याप्त नहीं है। घरों और आसपास के छोटे-छोटे जलस्रोतों को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। फॉगिंग के साथ एंटी-लार्वा छिड़काव जरूरी डेंगू नियंत्रण में फॉगिंग का उद्देश्य वयस्क मच्छरों को कम करना है, लेकिन इससे मच्छरों के लार्वा खत्म नहीं होते। जहां पानी जमा है, वहां एंटी-लार्वा कार्रवाई भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय की टीमों को ऐसे स्थानों की पहचान कर नियमित निरीक्षण करना होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन स्तरों पर काम जरूरी है। पहला मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करना, दूसरा लार्वा नियंत्रण और तीसरा जरूरत वाले क्षेत्रों में फॉगिंग करना। तेज बुखार को नजरअंदाज न करें डेंगू होने पर अचानक तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, कमजोरी, मितली और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। डेंगू की आशंका में एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराना और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है।
साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन से अधिक पुराने बैंक होल्ड मामलों पर तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की रकम वापस कराई जाए।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
MP News: कुत्ते का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक, आवारा कुत्तों के मुद्दे पर अनोखा प्रदर्शन
कुत्ते की पोशाक पहने युवक नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर के साथ जनसुनवाई में पहुंचा था। चूंकि शिकायत नगर निगम से जुड़ी थी, इसलिए पहले उसे नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजय शुक्ला के सामने ले जाया गया। इस दौरान दीपक मुल्लू राठौर ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर सवाल उठाए।
चौमूं के विजयसिंहपुरा बांसा ग्राम पंचायत में आबादी क्षेत्र के बीच संचालित एक तेजाब फैक्ट्री से हो रहे वायु और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसडीएम अजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। फैक्ट्री के 300 मीटर दायरे में 3 स्कूल संचालितग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले रसायन और धूल के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, त्वचा रोग और दमा जैसी शिकायतें हो रही हैं। ध्वनि प्रदूषण से स्कूली विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, फैक्ट्री के 300 मीटर के दायरे में 3 स्कूल संचालित हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। शिकायत में यह भी बताया गया कि रात्रि के समय फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में केमिकल उड़ाया जाता है, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को राहत दिलाने की मांगग्रामीणों ने प्रशासन से कंपनी के संचालन पर रोक लगाने या फैक्ट्री को आबादी क्षेत्र से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को प्रदूषण से राहत मिल सके। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इस मामले पर कंपनी के एमडी जगदीश प्रसाद ने कहा कि प्लांट का संचालन सभी नियमों का पालन करते हुए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रीको में कन्वर्जन करवाकर ही कार्य किया जा रहा है और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं।
गोंडा में रोडवेज पुलिस चौकी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर एक चाय की दुकान से मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। यह घटना बीते मंगलवार 18 अगस्त देर रात करीब 11 बजे हुई, जो दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि एक युवक मौके का फायदा उठाकर चाय की दुकान के अंदर घुसता है। वह इधर-उधर देखने के बाद जब सुनिश्चित कर लेता है कि उसे कोई नहीं देख रहा, तो काउंटर पर रखी मोबाइल चुराकर फरार हो जाता है। यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। पीड़ित चाय दुकानदार ने मोबाइल चोरी की इस घटना को लेकर रोडवेज चौकी प्रभारी को तहरीर दी है। उसने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। रोडवेज चौकी प्रभारी के साथ-साथ नगर कोतवाली पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाय की दुकान पर अक्सर काफी भीड़ रहती है और कई ग्राहक दुकान के अंदर जाकर चाय-सिगरेट पीते हैं। दुकानदार को लगा कि चोर भी ग्राहक है, इसलिए वह कुछ काम के लिए बगल चला गया था। इसी दौरान चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। गोंडा रोडवेज चौकी प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि यह एक पुराना मामला है। सीसीटीवी फुटेज और मिली तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल चोर की तलाश जारी है और जल्द ही उसे पकड़कर घटना का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने दुकानदारों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि यहां बाहरी ग्राहकों की संख्या अधिक रहती है।
वाराणसी में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्नदबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके चलते तेज बारिश का जो पूर्वानुमान जताया गया था, वह सही साबित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि फिलहाल वाराणसी में तेज बारिश की संभावना कम है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धीमी गति से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ोतरी का क्रम बना हुआ है। हालांकि, अब जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु से करीब डेढ़ मीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से घाटों पर लगातार बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं, जबकि तटवर्ती इलाकों के निचले हिस्सों में भी पानी का दायरा बढ़ रहा है। शीतला मंदिर में पहुंचा बाढ़ का पानी गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर बुधवार को शीतला घाट पर भी देखने को मिला। यहां मां शीतला मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। मंदिर परिसर में पानी आने से पूजन-दर्शन प्रभावित हो गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हुई है। घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की टीमें भी जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा उफनी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर वरुणा नदी पर भी पड़ रहा है। गंगा के पलट प्रवाह के कारण वरुणा का पानी उफान पर है। वरुणा के तटवर्ती शैलपुत्री मोहल्ले और आसपास के दर्जनों घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यहां निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ का पानी शैलपुत्री मंदिर की रोड की ओर भी बढ़ रहा था। इससे आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वरुणा में पानी बढ़ने के कारण कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। नगवा में राहत शिविरों की तैयारी नगवा नाला में लगातार पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। राहत शिविर बनाने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल सपना राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और संभावित शिविर स्थलों का निरीक्षण किया। प्रशासन की योजना के मुताबिक, नगवा नाला के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले बाढ़ प्रभावित परिवारों को नगवा प्राथमिक विद्यालय और नगवा के दो निजी विद्यालयों में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में रखा जाएगा। वहीं, नगवा नाला के उत्तर में रामेश्वर मठ के पीछे रहने वाली बस्ती के परिवारों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर इन परिवारों को अस्सी स्थित गोयनका विद्यालय, गोपीराधा और भदैनी के एक निजी विद्यालय में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा।
कौशांबी के कड़ाधाम कोतवाली क्षेत्र में पति-पत्नी के विवाद के बाद बुधवार देर रात एक महिला ने कुएं में छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर कड़ा धाम पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान दादूपुर गांव निवासी मंजू देवी पत्नी विनोद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे मंजू देवी का अपने पति विनोद से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद उन्होंने कुएं में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। देर रात फायर ब्रिगेड की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद पुलिस ने महिला को परिजनों को सौंप दिया। कुएं में कूदने के कारण मंजू देवी को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस मामले में पति से पूछताछ कर रही है।
पूर्व विधायक रेलूराम हत्याकांड मामले में दोषी सोनिया-संजीव को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वीरवार को सुनवाई होगी।
एक सप्ताह बाद अलवर में बदला मौसम:सुबह से छाए बादल, बारिश की उम्मीद; अब तक 11% कम बारिश
अलवर में करीब एक सप्ताह बाद गुरुवार सुबह मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल छा गए। पिछले 6 से 7 दिनों से लगातार सुबह तेज धूप खिलने के बाद गुरुवार को बादल छाए रहने और हल्की हवा चलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि उमस का असर अभी भी बना हुआ है। बुधवार रात करीब 9 बजे शहर के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद बारिश रुक गई और इसके बाद उमस और बढ़ गई। अब सुबह से बादल छाए रहने के कारण लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद है। गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने 20 अगस्त को अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। साथ ही आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। 21 से 23 अगस्त तक भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इन दिनों अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं 24 और 25 अगस्त को बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश अलवर में अब तक 349 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस तारीख तक औसतन 392.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। ऐसे में जिले में बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे आमजन और किसानों को अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान से उम्मीद बंधी है। अच्छी बारिश होने से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को भी फायदा होगा।
चरखी दादरी के गांव कासनी निवासी सेना के जवान रवि प्रकाश का वीरवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले गांव सांवड से गांव कासनी तक शहीद के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। वे बेंगलुरु में शहीद हो गए। मंगलवार सुबह रवि ग्राउंड में फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे, इस दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। रवि ने 2015 में मद्रास इंजीनियरिंग रेजिमेंट जॉइन की थी। उनकी ड्यूटी कश्मीर में चल रही थी, हालांकि कुछ दिनों से वे ट्रेनिंग के सिलसिले में बेंगलुरु में ही थे। रवि के परिवार में उनकी पत्नी और 8 साल का बेटा है। 2015 में भारतीय सेना में हुआ था चयनरवि प्रकाश 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अब उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि करीब 2 माह पहले रवि घर से ड्यूटी पर गया था। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहा था। आज सुबह पीटी के दौरान हार्ट फेल होने से निधन हो गया। 8 साल का बेटा, पत्नी होममेकररविप्रकाश का बेटा देव 8 साल है। पत्नी सुनीता होममेकर हैं। पिता खेतीबाड़ी करते हैं जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। बड़ा भाई दिनेश भी खेती बाड़ी करता है। इसकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं। VIDEO कॉल पर बात हुई थीपिता का कहना है कि रवि की ट्रेनिंग का मंगलवार को लास्ट दिन था। सोमवार रात उसने वीडियो कॉल पर पत्नी, बेटे से बात की थी। बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि अब हवलदार बन जाऊंगा। हवलदार बनने के बाद वापस घर लौटना है। ट्रेनिंग सेंटर से मैसेज आया है, कागजी कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बुलाया है।
अमृतसर के गेट हकीमा क्षेत्र के बी ब्लॉक में टी-प्वाइंट के पास बुधवार देर रात फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया।
सूरसदन में 22 को होगा नाटक एक लम्हा जिंदगी का मंचन।
आजमगढ़ में गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। मंगलवार दोपहर 1:30 बजते ही जिले के आउटर वाले इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से आम जनता को भीषण गर्मी से निजात मिलती दिख रही है और मौसम भी सुहाना हो गया था। वहीं गुरुवार को भी सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। और जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में जिले में जोरदार बारिश होगी। जून से अब तक जिले में 532 एमएम से ज्यादा बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक 326 एमएम बारिश हुई है। यानी सामान्य से करीब 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश से किसानों को राहत मिली है। खेतों में पानी पहुंचने से धान की रोपाई तेज होने की उम्मीद है। खरीफ की फसलों के लिए भी मौसम अनुकूल बना है। बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से नदी के पास नहीं जाने की अपील की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार-पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रयागराज में लगातार तीन दिन से हो रही बारिश का असर गुरुवार को भी दिखाई दे रहा है। देर रात और भोर में भी बारिश हुई। सुबह से आसमान में बादल छाए हैं। बारिश होने के बाद शहर के कई इलाकों में अब भी जलभराव है। सिविल लाइंस से लेकर करेली तक कई जगह सड़कें पानी में डूबी हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से जनरेटर लगाकर जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का काम कराया जा रहा है। करेली, चकिया, जॉर्ज टाउन, राजापुर, मुंडेरा, नि रंजन डॉट पुल और चौफटका पुल समेत कई इलाकों में लोगों की परेशानी बनी हुई है। कई कॉलोनियों में पानी घरों के आसपास और अंदर तक पहुंच गया है। सड़क किनारे खड़ी कारें और बाइकें भी पानी में डूबी नजर आ रही हैं। जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को घुटनों तक पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। देखें तस्वीरें…… हॉस्टल छोड़कर घर लौटे छात्र जलभराव का असर हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर भी पड़ा है। कई हॉस्टल और आसपास के इलाकों में पानी भरने के बाद छात्र अपना जरूरी सामान लेकर हॉस्टल छोड़कर घर लौट गए। कुछ जगहों पर ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंचने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। 48 घंटे से जलभराव, अब भी नहीं मिली पूरी राहत लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो सकी है। लोग पिछले करीब 48 घंटे से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। नगर निगम की टीमों की ओर से पंप और जनरेटर लगाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद कई इलाकों में सड़कें और गलियां अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। दोपहर बाद फिर तेज बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना है। सुबह से बादल छाए हैं और दोपहर बाद फिर तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में पहले से जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन और नगर निगम के सामने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अजमेर जिले में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने अजमेर सहित जिले के 9 निकाय में प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। अजमेर नगर निगम की जिम्मेदारी जयपुर के मोहनाल गुप्ता को सौंपी गई है। गुप्ता जयपुर के महापौर और किशनपोल निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा संगठन की ओर से दावेदारों से आवेदन मांगे गए हैं। इसमें न केवल आवेदक को 19 पोइंट में अपना पूरा ब्योरा देना होगा, बल्कि तीन ऐसे कैंडिडेट्स के नाम भी बताने होंगे जो प्रत्याशी बनाए जा सकते हो। आवेदन में पुलिस में दर्ज मुकदमें, पार्टी की ओर से की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, वर्तमान या पूर्व के दायित्व के साथ अन्य व्यक्तिगत जानकारी भी मांगी गई है। इनको दी जिम्मेदारी पार्षद के लिए दो चरण में कब कहां वोटिंग 4 लाख वोटर्स मतदान करेंगे इस बार अजमेर शहर की सरकार चुनने के लिए 4 लाख से ज्यादा वोटर्स मतदान कर सकेंगे। भाजपा–कांग्रेस ने फिलहाल पाषदों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। अजमेर में नगर निगम मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। पहले पार्षदों के चुनाव होंगे, इसके बाद मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्षों के चुनाव होंगे। निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू रहेगी। वार्ड 3 में सबसे ज्यादा व वार्ड 12 में सबसे कम वोटर अजमेर नगर निगम के 80 वार्ड में 4 लाख 33 हजार 638 वोटर्स हैं। इसमें मेल वोटर्स की संख्या 2 लाख 15 हजार 387 है। वहीं, महिला वोटर्स 2 लाख 18 हजार 236 है। ट्रांसजेडर्स वोटर्स की संख्या 15 है। सबसे ज्यादा वोटर्स वार्ड संख्या तीन में है, जहां 10 हजार 448 है। सबसे कम वार्ड संख्या 12 में केवल 2 हजार 654 वोटर्स हैं। वर्तमान में नाम जुड़वाने का प्रोसेस जारी है और चुनाव तक इस डेटा में बदलाव संभव है। 35 सालों में 6 बार भाजपा, 1 बार कांग्रेस का मुखिया अजमेर में पिछले चुनावों में अब तक भाजपा का दबदबा रहा है। पिछले 35 सालों में 6 बार भाजपा व 1 बार कांग्रेस का मुखिया बना। खास बात ये है कि इन सालों में हर बार जीतने वाले भाजपा पार्षदों की संख्या ज्यादा रही। कांग्रेस का एक बार मुखिया बना और वो भी साल 2010 में, जब पहली बार जनता ने मुखिया चुनाव, लेकिन बोर्ड में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस पार्षदों की संख्या कम रही। इस बार मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। पढें ये खबर भी… अजमेर जिले में 9 और 11 सितम्बर को वोटिंग:21 सितम्बर को चुनेंगे मेयर, 22 को डिप्टी मेयर; पढ़िए-चुनाव का पूरा कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव ने निकाय चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है।अजमेर जिले में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर को 6 नगरीय निकायों में और 11 सितंबर को 3 नगरीय निकायों में वोटिंग होगी। चुनाव परिणाम 14 सितम्बर को आएगा। वहीं मेयर और नगर पालिका व नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव 21 सितम्बर को होगा। नगरीय निकायों के उपाध्यक्ष और उप महापौर का चुनाव 22 सितंबर को होगा। पूरी खबर पढ़ें
रतलाम में 4 साल पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया है। मृतक की खोपड़ी से मिले सुराग से कोर्ट ने दो आरोपियों को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवान कारावास और अर्थदंड की सजा दी है। साथ ही 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया 4 नवंबर 2022 को ग्राम कालाखेत निवासी राजू उर्फ राजपाल को कुछ व्यक्तियों द्वारा जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर ले गए थे। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला। तब परिजनों ने 21 नवंबर 2022 को शिवगढ़ थाना पर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी। 10 दिसंबर 2022 को गुमशुदा राजू उर्फ राजपाल के मामा नाथू सिंह को कमल खराडी के द्वारा बताए जाने पर जामण पाटली तलाई में एक खोपड़ी पड़ी मिली है। डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा मौके से खोपड़ी बरामद की। अन्य मानव अवषेश भी मिलेजांच के दौरान जामण पाटली की तलाई के समीप से मानव अवशेष (हड्डी) बरामद हुए। जिनका विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) इंदौर से जांच कराई। डीएनए टेस्ट के माध्यम से यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हुआ कि बरामद अवशेष मृतक राजू उर्फ राजपाल के ही हैं। इस तरह कोर्ट में चला केसडीएनए टेस्ट से प्रमाणित होने के बाद पुलिस फिर से जांच में जुटी। साक्षियों के आधार पर मृतक के साथ आखरी बार 4 नवंबर 2022 को आरोपी कालू, बंटी और अन्य के साथ देखा गया था। बचाव पक्ष द्वारा इसके बाद राजू के जीवित होने का कोई साक्ष्य या खंडन प्रस्तुत नहीं किया गया। नाबालिग से जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच एवं रिकवरी से प्राप्त वीडियो में आरोपियों द्वारा मृतक को ले जाने और उसके साथ मारपीट करने के साक्ष्य भी मिले। जिसमें आरोपी कालू और बंटी व अन्य विधिविरुद्ध बालकों की पहचान हुई। घटनास्थल से मिली मानव हड्डी का डीएनए मिलान मृतक के पिता मांगू उर्फ मांगीलाल से मिला। न्यायालय का यह रहा निष्कर्षन्यायालय ने अपने निर्णय में यह माना कि आरोपी कालू और बंटी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से राजू उर्फ राजपाल का अपहरण किया। उसके साथ मारपीट कर उसकी हत्या की। वैधानिक दंड से बचने के लिए शव को गड्ढे में छिपा दिया। यह कृत्य हत्या की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने आरोपी कालू पिता कांतिलाल अमलियार और बंटी उर्फ कमलेश पिता उदयराम सोलंकी को अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के गंभीर अपराधों में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव चौहान ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अभाव में भी यदि वैज्ञानिक साक्ष्यों, डीएनए रिपोर्ट, डिजिटल/वीडियो साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य कड़ियों को मजबूती से प्रस्तुत किया जाए, तो न्याय की शत-प्रतिशत प्राप्ति होती है।
पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू और सोशल वर्कर अनमोल क्वात्रा के बीच चल रही कंट्रोवर्सी सोशल मीडिया पर आ गई। गुलाब सिद्धू ने कार ड्राइव करते हुए एक वीडियो पोस्ट की जिसमें अनमोल क्वात्रा का नाम लिए बगैर उस पर पॉडकास्ट के बदले दो-तीन लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए। गुलाब सिद्धू के वीडियो के बाद अनमोल क्वात्रा सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे। अनमोल क्वात्रा ने पहले इस मामले में चुप्पी साधे रखी लेकिन जब ज्यादा ट्रोल होने लगा तो उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की और कहा कि गुलाब सिद्धू की बातों का जवाब अगले संडे को दूंगा। अनमोल क्वात्रा ने कहा कि गुलाब सिद्धू मेरा भाई है और मरते दम तक रहेगा। गुलाब सिद़्धू ने चाहे मेरे साथ रिश्ता खत्म करने की बात कह दी लेकिन मेरा रिश्ता उसके साथ हमेशा रहेगा। मैं आज भी फिल्म इंडस्ट्री में उसे सबसे अच्छा कलाकार मानता हूं। अब देखना होगा कि अगले रविवार को अनोमल क्वात्रा गुलाब सिद्धू पर क्या खुलासा करते हैं? गुलाब सिद्धू द्वारा गाड़ी वाले वीडियो में कही गई अहम बातें… भरोसा टूटने का दुख: गुलाब सिद्धू ने अपने साथियों से कहा कि एक तरफ तो लोग बिना स्वार्थ मदद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जो खुद को भाई मानता था और तू मेरी जान है कहता था, उसी बंदे ने आगे से पॉडकास्ट के पैसे मांग लिए। रिश्ता खत्म करने का ऐलान: गुलाब सिद्धू ने अपने वीडियो में कहा कि जिस इंसान के साथ उसने मिलकर काम किया है। उन्होंने साफ कहा कि अब उस बंदे के साथ उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म हो चुका है। पैसे से ज्यादा जज्बात का नुकसान: उन्होंने कहा कि 2-3 लाख रुपये कोई बहुत बड़ी बात नहीं होती, लेकिन जिस तरह से अंदर से उनका दिल दुखा (हर्ट हुए) है, उस बंदे ने उनका मान और भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। अनमोल क्वात्रा ने लाइव होकर दिया जवाब, कही ये बातें.. भाईचारे पर बयान: अनमोल ने कहा कि गुलाब उनका भाई था, है और मरते दम तक रहेगा। भले ही गुलाब की तरफ से रिश्ता खत्म हो गया हो, लेकिन उनका रिश्ता गुलाब के साथ हमेशा रहेगा और वे आज भी उसे अपना भाई मानते हैं। संडे को सच बताने का वादा: उन्होंने घोषणा की कि आने वाले रविवार शाम 5 बजे वे सबूतों के साथ एक डिटेल वीडियो लेकर आएंगे, जिसमें बताएंगे कि पैसे मांगे गए थे या नहीं और इसके पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। फिल्म का समर्थन करने की अपील: 21 अगस्त को आ रही गुलाब सिद्धू की पहली फिल्म को परिवार के साथ थिएटर में देखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही लोग उन्हें गालियां दे लें या रील्स बना लें, लेकिन किसी की मेहनत और फिल्म का नुकसान नहीं होना चाहिए। सोशल मीडिया पर नाराजगी: अनमोल ने कहा कि सोशल मीडिया पेजों ने दो दोस्तों की बात का तमाशा बना दिया है। वे बिना किसी ड्रामे या सिंपथी के केवल सच सामने रखेंगे।।
मॉर्निंग वाक पर जा रहे दो लोगों को लावारिश कुत्ते नें काटा। अब तक तीन दिनों में 11 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इ
पंचायत के बीच पहुंचा तेंदुआ, मची भगदड़, यूपी के इस जिले में अब लाठी लेकर रात भर पहरा दे रहे लोग
यूपी के मुरादाबाद में हो रही पंचायत के बीच ही तेंदुआ घुस गया। इससे भगदड़ मच गई। हालांकि तेंदुआ किसी पर हमला नहीं कर सका और लोगों ने लाठी-डंडा लेकर उसे खदेड़ दिया।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) गोरखपुर दक्षिणी की योजना बैठक तारामंडल स्थित अशोक ऐश्वर्यम में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी दौरान संगठनात्मक जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई। बैठक में संतोष गिरी को विश्व हिंदू परिषद के गोरखपुर जिला का प्रचार-प्रसार प्रमुख बनाए जाने की घोषणा की गई। इसके अलावा दीपक चंद्र को कोषाध्यक्ष तथा निखिल को गोरखपुर दक्षिणी का प्रचार-प्रसार प्रमुख दायित्व सौंपा गया। नई जिम्मेदारी मिलने पर विहिप के मंत्री संजीत श्रीवास्तव एवं विभाग मंत्री शीतल ने संतोष गिरी सहित अन्य पदाधिकारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। पदाधिकारियों को संगठन के विस्तार और प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर विहिप के उपाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, पंडित सुरेश दुबे, पंडित आशुतोष, अभिषेक चतुर्वेदी, समाज सेवी मंजीत श्रीवास्तव सहित बजरंग दल के पदाधिकारी एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा समाज के बीच संगठन के विचार एवं सेवा कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
डीयू-जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में सीजेपी की एंट्री की तैयारी, बिना उम्मीदवार उतारे बदलेगी सियासी तस्वीर
सीजेपी का कहना है कि वह छात्रसंघ चुनाव में सीधे अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इसके बजाय संगठन छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना घोषणा पत्र जारी करेगा और उन छात्र संगठनों या उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील कर सकता है, जो उसके एजेंडे और शर्तों को स्वीकार करेंगे।
सवाई माधोपुर में मानटाउन थाना पुलिस ने 19 अगस्त को साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया और एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया। पुलिस ने ज्योति नर्सिंग होम के पास कार्रवाई कर आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई बोलेरो और दो एंड्रॉइड स्मार्टफोन जब्त किए। आरोपी सोशल मीडिया और अन्य एप्लीकेशन पर फर्जी चैनल बनाकर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देते थे। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी करीब 2.30 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। ज्योति नर्सिंग होम के पास दोनों को पकड़ा एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि एएसपी विजय, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह के सुपरविजन और मानटाउन थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। 19 अगस्त को पुलिस टीम ने ज्योति नर्सिंग होम के पास मनमोहन उर्फ मोनू मीणा (20) निवासी रईथा कलां, थाना कुंडेरा और एक विधि से संघर्षरत बालक को डिटेन किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने मनमोहन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बोलेरो वाहन RJ25 TA 3491 और दो एंड्रॉइड स्मार्टफोन जब्त किए। मामले में प्रकरण संख्या 276/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। फर्जी चैनल और आईडी बनाकर लोगों को फंसाते पुलिस के अनुसार आरोपी 'प्लस' एप्लीकेशन, व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए फर्जी चैनल और आईडी संचालित करते थे। इन फर्जी चैनल और आईडी में PANKAJ BHARDWAJ, PRANJAL TRADING COMPANY, MEHTA IS BACK, BALAJI MATKA SATKA और RAJ GOLDEN जैसे नामों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी लोगों को कम समय में रकम दोगुनी और कई गुना करने का लालच देते थे। इसके लिए अलग-अलग रकम जमा करने पर ज्यादा रकम वापस देने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों की ओर से 499 रुपए जमा करने पर 12 हजार रुपए, 1,000 रुपए जमा करने पर 11 हजार रुपए और 50 हजार रुपए जमा करने पर 45 मिनट में 3.45 लाख रुपए तक वापस देने का झांसा दिया जाता था। फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट भेजकर बनाते विश्वास लोगों को विश्वास में लेने के लिए आरोपी 'VYAPAR' एप्लीकेशन के कूटरचित पेमेंट स्क्रीनशॉट भेजते थे। पुलिस के अनुसार जब पीड़ित इनके झांसे में आकर पैसे जमा कर देता था तो आरोपी GST, विड्रॉल और कमीशन चार्ज के नाम पर उससे अतिरिक्त रकम मांगते थे। अतिरिक्त रकम मिलने के बाद आरोपी पीड़ित को ब्लॉक कर देते थे। करीब 2.30 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अब तक करीब 2.30 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। आरोपी अपने साथियों अकरम और असलम निवासी दोबड़ा तथा मानसिंह निवासी जोला के माध्यम से फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के अनुसार ये फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खाते कोटा और अन्य स्थानों से उपलब्ध कराए जाते थे। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही पुलिस पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए दो एंड्रॉइड स्मार्टफोन और ठगी की रकम से खरीदी गई बोलेरो गाड़ी जब्त की है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र के जहदा खुर्द निवासी शिखा मिश्रा ने अपने पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उससे चार पहिया वाहन और थार गाड़ी की मांग की जा रही थी। इस मामले में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट, गाली-गलौज और स्त्रीधन छीनने का आरोप है। महिला की शिकायत पर महिला थाना सिद्धार्थनगर में 19 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया। नामजद आरोपियों में पति नीरज मिश्रा, ससुर जौसला मिश्रा, सास चंद्रावती और ननद नेहा मिश्रा शामिल हैं। शिखा मिश्रा की शादी 24 नवंबर 2025 को महाराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1, नगर पालिका बृजमनगंज निवासी नीरज मिश्रा पुत्र जौसला मिश्रा के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के तीन दिन बाद 27 नवंबर 2025 को शिखा विदा होकर अपने पति के साथ ससुराल चली गई थी। शिकायत में शिखा ने बताया कि उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में करीब तीन तोले की सोने की चेन, तीन तोले की सोने की अंगूठी, सात लाख रुपये नकद, मोटरसाइकिल, टीवीएस राइडर और अन्य स्त्रीधन दिया था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद पति नीरज मिश्रा, ससुर जौसला मिश्रा, सास चंद्रावती और ननद नेहा मिश्रा ने चार पहिया वाहन और थार गाड़ी की मांग को लेकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। शिखा के मुताबिक, उसने ससुराल पक्ष की मांग की जानकारी अपने पिता को फोन पर दी। इसके बाद उसके पिता कुछ लोगों के साथ ससुराल पहुंचे और परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया। शिकायत में आरोप है कि इसके बावजूद नीरज मिश्रा, जौसला मिश्रा, चंद्रावती और नेहा मिश्रा समेत ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके पिता के सामने ही गाली-गलौज की और शिखा के साथ मारपीट की। आरोप है कि उससे कहा गया कि यदि उसके पिता चार पहिया वाहन की मांग पूरी नहीं कर सकते तो उसे ससुराल में नहीं रहने दिया जाएगा। 9 मार्च को कमरे में घुसकर मारपीट का आरोपशिकायत के अनुसार, 9 मार्च 2026 को सुबह करीब छह बजे शिखा अपने कमरे में थी। इसी दौरान ससुराल पक्ष के लोग कमरे में पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए लात-मुक्कों से मारपीट करने लगे। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसका पूरा स्त्रीधन छीन लिया गया। इसके बाद उसे उसके मायके ग्राम जहदा खुर्द, थाना लोटन, जिला सिद्धार्थनगर के सीवान में छोड़ दिया गया। आरोप है कि वहां भी उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा दोबारा ससुराल आने पर जान से मारने की धमकी दी गई।इसके बाद शिखा ने सामाजिक लोक-लाज को देखते हुए पंचायत के प्रतिष्ठित लोगों और रिश्तेदारों के माध्यम से ससुराल लौटने और विवाद सुलझाने का प्रयास किया। शिकायत में आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग बार-बार उसे ले जाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन बाद में साथ रखने से मना कर दिया। इसके बाद शिखा ने पुलिस की शरण ली और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।19 अगस्त को महिला थाने में केस दर्जमहिला थाना सिद्धार्थनगर में शिखा मिश्रा की शिकायत पर 19 अगस्त 2026 को दोपहर 3:26 बजे मामला दर्ज किया गया। केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 351(3) और 352 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना निरीक्षक भाग्यवती पांडेय को सौंपी गई है।एफआईआर में आरोपी नीरज मिश्रा, जौसला मिश्रा, चंद्रावती और नेहा मिश्रा के पते के रूप में वार्ड नंबर-1, नगर पालिका बृजमनगंज, बृजमनगंज, जनपद महाराजगंज दर्ज हैं। वहीं शिकायतकर्ता शिखा मिश्रा का वर्तमान पता जहदा खुर्द, थाना लोटन, जनपद सिद्धार्थनगर और स्थायी पता वार्ड नंबर-1, नगर पालिका बृजमनगंज, जनपद महाराजगंज दर्ज है। महिला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में लगाए गए दहेज मांग, मारपीट, स्त्रीधन छीनने और धमकी देने के आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि “Homemaker” (गृह निर्माता) शब्द केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। अदालत के मुताबिक, जो भी व्यक्ति अपने परिवार की देखभाल करता है और घर की जिम्मेदारियां निभाता है, उसे गृह निर्माता माना जा सकता है। इसमें पुरुष, नौकरीपेशा लोग, पेशेवर और परिवार का खर्च […] The post Karnataka High Court का बड़ा फैसला: ‘Homemaker’ सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, पुरुष और नौकरीपेशा लोग भी हो सकते हैं appeared first on https://rajsattaexpress.com .
चूरू की विशेष पॉक्सो कोर्ट प्रथम ने 4 वर्षीय मासूम से रेप के आरोपी 25 वर्षीय युवक को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को आदतन अपराधी मानते हुए यह फैसला सुनाया। यह मामला जिले के एक थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक राकेश कुमार सहारण ने बताया कि यह मामला 26 फरवरी को दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने घर के बाहर खेल रही 4 साल की मासूम को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर रेप किया था। पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया।आरोपी वर्तमान में बीकानेर जेल में बंद है। उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में करवाई गई थी। 7 साल की बच्ची से रेप मामले में काट रहा था सजामामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान और 41 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। जमानत पर बाहर आया और फिर रेप कियाआरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी कोर्ट के फैसले में महत्वपूर्ण रहा। इसी विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष 2025 में 7 साल की बालिका से रेप के एक अन्य मामले में उसे 28 मई 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने यह नया अपराध किया। लगातार गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि के कारण अदालत ने आरोपी को आदतन अपराधी मानते हुए उसे अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले से बालिकाओं के खिलाफ अपराधों में कठोर न्यायिक कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया गया है।
नालंदा के इतिहास, शिक्षा और विरासत पर 25 अगस्त को दिल्ली में विशेष चर्चा होगी। यूनेस्को हाउस, चाणक्यपुरी में होने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा, कूटनीति और शोध क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्राचीन नालंदा के बौद्धिक योगदान और आज के समय में उसकी विरासत को आगे बढ़ाने पर अपने विचार साझा करेंगे। इस विशेष विमर्श में मुख्य वक्ता के रूप में नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी और अजरबैजान में भारत के राजदूत तथा 'नालंदा: हाउ इट चेंज्ड द वर्ल्ड' पुस्तक के लेखक एच.ई. अभय के. उपस्थित रहेंगे। दोनों विशेषज्ञ नालंदा महाविहार के उस ऐतिहासिक योगदान की पड़ताल करेंगे, जिसने सदियों तक पूरे एशिया के बौद्धिक परिदृश्य को आकार दिया। सत्र के दौरान इस बात पर गहन चर्चा होगी कि प्राचीन काल में दर्शन, गणित, तर्कशास्त्र और खगोल विज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरे नालंदा के विचार आज के सूचना युग में कितने प्रासंगिक हैं। सत्र में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य विशेषज्ञों का मानना है कि नालंदा केवल ईंट-पत्थरों से बना विश्वविद्यालय नहीं था, बल्कि यह मुक्त विचार, गहन विमर्श और समावेशी अध्ययन की एक अनूठी वैश्विक परंपरा थी। इस परिचर्चा के केंद्र में नालंदा की उसी जीवंत परंपरा को फिर से स्थापित करने के आधुनिक प्रयासों को रेखांकित करना होगा। साथ ही यह भी विश्लेषण किया जाएगा कि किस तरह नालंदा की परंपराएं आज के जटिल भू-राजनीतिक परिवेश में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक ज्ञान संवाद को नई दिशा दे सकती हैं। बिहार स्थित नालंदा महाविहार के पुरातात्विक स्थल को वर्ष 2016 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था, जिसके बाद से इसके वैश्विक पुनरुद्धार को लगातार गति मिल रही है। विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के सहयोग से आयोजित हो रहे इस संवाद सत्र में आम जनता और शोधार्थियों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है। जिसके लिए डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। सभागार में स्थान 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
हाथरस के बागला इंटर कॉलेज की जीव विज्ञान प्रयोगशाला में छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बागला जिला अस्पताल की STI/RTI परामर्शदाता रजनी शर्मा ने विद्यार्थियों को एचआईवी, एड्स, सिफलिस और गोनोरिया जैसे गंभीर यौन जनित संक्रमणों के कारण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया। 'रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है वायरस' कार्यक्रम में रजनी शर्मा ने बच्चों को विस्तार से समझाया कि एचआईवी एक वायरस है, जो सीधे तौर पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। यदि समय पर इसकी सही जांच और इलाज न मिले, तो यह संक्रमण गंभीर होकर एड्स (AIDS) का रूप ले लेता है। उन्होंने किशोर-किशोरियों के बीच इन बीमारियों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया और किसी भी स्वास्थ्य समस्या में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी इस अहम आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सही और वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार शुक्ल, जीव विज्ञान प्रवक्ता चंद्रगुप्त मौर्य, रसायन विज्ञान प्रवक्ता डॉ. मनोज शर्मा, अंग्रेजी प्रवक्ता डॉ. गोपाल चौधरी, सहायक अध्यापक सुरेंद्र कुमार और ज्ञानेंद्र सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। हालांकि इस बार वजह उनका कोई तीखा राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि पीएम मोदी के प्रति दिखाई दिया अपेक्षाकृत नरम रुख है। खास बात यह है कि इमरान मसूद वही नेता हैं, जिनका 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया ‘बोटी-बोटी’ वाला बयान राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बना था। हालिया बयान में इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े 15 अगस्त के वायरल वीडियो में तिरंगे को कथित तौर पर उल्टा दिखाए जाने के सवाल पर इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी इंसान हैं और उनसे भी भूल हो सकती है। हर गलती जानबूझकर नहीं की जाती, इसलिए छोटी-छोटी बातों को राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। बोटी-बोटी बयान के बाद बदला नजरिया? इमरान मसूद की राजनीति में 2014 का बोटी-बोटी बयान लंबे समय तक उनकी पहचान से जुड़ा रहा। लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए इस बयान पर भारी विवाद हुआ था। उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ और मामला अदालत तक पहुंचा। बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी भी मांगी। अक्टूबर 2024 में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। ऐसे में अब प्रधानमंत्री से जुड़े विवादित वीडियो को लेकर उनका नरम बयान राजनीतिक तौर पर खासा अहम माना जा रहा है। इमरान मसूद का कहना है कि राजनीतिक विरोध बड़े मुद्दों और नीतियों को लेकर होना चाहिए। किसी छोटी घटना या मानवीय भूल को लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। वंदे मातरम् पर भी साफ किया रुख वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर इमरान मसूद ने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वंदे मातरम् का सम्मान करती है और इसके गायन के दौरान किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति की आस्था और उपासना का तरीका अलग हो सकता है। दूसरे व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं और पूजा-पद्धति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को अपनी प्राथमिकता बताया। जाति-धर्म नहीं, बच्चों का भविष्य खतरे में बाबा रामदेव के जाति-धर्म खतरे में नहीं, बच्चों का भविष्य खतरे में है, वाले बयान पर भी इमरान मसूद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में असली चिंता बच्चों की शिक्षा और रोजगार को लेकर होनी चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार नहीं मिलने पर परिवार आर्थिक दबाव में आ जाता है। उनके मुताबिक शिक्षा और रोजगार युवाओं से जुड़े सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हैं। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार पर निशाना प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नरम रुख के बावजूद इमरान मसूद ने सरकार की नीतियों को लेकर अपने तेवर बरकरार रखे। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के मामले पर उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान को तबाह करना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान को लेकर नियमों से जुड़ी कोई समस्या है तो उसे नियमों के तहत ठीक करने का रास्ता तलाशना चाहिए। किसी शिक्षण संस्थान की कार्रवाई का असर वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। आजम खान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी मसूद ने सवाल उठाए और इसे राजनीतिक बदले की भावना से जोड़कर देखने की जरूरत बताई। खाताखेड़ी रोड को लेकर जताई चिंता सहारनपुर के खाताखेड़ी क्षेत्र की खराब सड़क को लेकर भी सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह इलाका सहारनपुर के काष्ठ नक्काशी उद्योग की पहचान से जुड़ा है और सड़क की खराब हालत शहर की छवि को प्रभावित कर रही है। मसूद के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए वह करीब दो साल से प्रयास कर रहे हैं। पहले विकास प्राधिकरण का टेंडर निरस्त हुआ और बाद में स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी काम आगे नहीं बढ़ सका। अब इसे सीएम ग्रिड योजना में भेजे जाने की बात सामने आई है। तब तक उपलब्ध संसाधनों से सड़क की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। सहारनपुर में हो सकती है छात्रों की गूंज राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े अभियान छात्रों की गूंज को सहारनपुर में आयोजित किए जाने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि यह अभियान कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में आवाज उठाई जाएगी और सहारनपुर में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
अमेठी में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की विभिन्न शाखाओं से करीब 6.40 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी कर्मचारियों के नाम पर नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और फॉर्म-16 तैयार कर बैंक में लगाए गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एक्सप्रेस क्रेडिट लोन स्वीकृत करा लिए गए। मामले में एसबीआई अमेठी शाखा के मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह की तहरीर पर 12 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह के अनुसार, बैंक में 64 ऋण खातों की जांच के दौरान करीब 6.40 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इनमें 11 ऋण खाते एसबीआई की अमेठी शाखा से जुड़े बताए गए हैं। आरोप है कि राजीव गांधी पॉलीटेक्निक एवं ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, मुसाफिरखाना से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इनमें नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और फॉर्म-16 शामिल थे। इन दस्तावेजों में संबंधित लोगों को संस्थान का कर्मचारी दिखाया गया और बैंक में जमा कराकर उनके नाम पर एक्सप्रेस क्रेडिट लोन स्वीकृत कराया गया। पहले जमा की ईएमआई, बाद में खाते हुए एनपीए बैंक के मुताबिक, लोन स्वीकृत होने के बाद कुछ समय तक संबंधित खातों में ईएमआई जमा की गई। इसके बाद ऋण खातों में भुगतान बंद हो गया और वे एनपीए हो गए। एनपीए खातों की आंतरिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बैंक अधिकारियों को गड़बड़ी का पता चला। जांच में ऋण के लिए जमा किए गए नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और अन्य दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए। संस्थान से जुड़े 12 लोगों पर मुकदमा मामले में मुख्य प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में राजीव गांधी पॉलीटेक्निक के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, निदेशक, कार्यालय सहायक और सहायक समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किस स्तर पर तैयार किए गए और इनके आधार पर कितने लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत कराया गया। कई शाखाओं से धोखाधड़ी की जांच पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बैंक की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और ऋण खातों की गहनता से जांच की जा रही है। एसपी के मुताबिक, यह भी जांच की जा रही है कि कथित धोखाधड़ी एसबीआई की किन-किन शाखाओं से हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। ऋण खातों, बैंक रिकॉर्ड और जमा किए गए दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल करीब 6.40 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय धोखाधड़ी और 64 ऋण खातों से जुड़े इस मामले की पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही धोखाधड़ी की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।
कानपुर में बच्चों को बचपन से ही एक जिम्मेदार नागरिक बनाने और उनमें सामाजिक शिष्टाचार (Social Etiquettes) विकसित करने के लिए 'यंग इंडियंस (Yi) कानपुर' की मासूम टीम ने एक बेहतरीन पहल की है। संस्था की ओर से चलाए गए एक सप्ताह के विशेष जागरूकता अभियान के तहत शहर के 6 प्रमुख स्कूलों के लगभग 5,700 बच्चों को प्रशिक्षित किया गया। वर्कशॉप में सिखाए गए अच्छे नागरिक बनने के गुर इस पहल के तहत हडडर्ड हाई स्कूल, यूपी किराना सेवा समिति सहित कई अन्य विद्यालयों में विशेष वर्कशॉप आयोजित की गईं। इन वर्कशॉप के जरिए बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार, साफ-सफाई, अनुशासन, सिविक सेंस और एक आदर्श व संवेदनशील नागरिक बनने के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। विधायक और पूर्व ACS को सौंपी गई रिपोर्ट इस सफल अभियान की विस्तृत रिपोर्ट उन्नाव के विधायक पवन सिंह और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) महेश कुमार गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत की गई। दोनों ही गणमान्य लोगों ने संस्था के इस सकारात्मक कदम की भरपूर सराहना की और जोर देते हुए कहा कि बच्चों के बीच इस प्रकार के व्यावहारिक और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की आज के समय में सख्त जरूरत है। इनकी रही अहम भूमिका इस पूरे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में Young Indians Kanpur की मासूम टीम की उत्कर्षा, प्रीति, मालविका और सुगंध की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है, और यह अभियान उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।
उत्तराखंड SIR में नया बवाल, कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के नाम पर लगा दी आपत्ति; कोर्ट जाएंगे
उत्तराखंड एसआईआर में नए प्रकरण से प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है।आरोप है कि कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम ही मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करा दी गई।
भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में किए गए अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान बुलडोजर से वीजा काउंटर और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नगर निकाय आम चुनाव-2026 की घोषणा के बाद नागौर जिले के 9 नगरीय क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की गई है। जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार ने शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र और धारदार हथियार लेकर चलने या इनके साथ प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। इन क्षेत्रों में रहने वाले लाइसेंसी हथियारधारकों को 21 अगस्त 2026 से पहले हथियार नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराने होंगे। 9 नगरीय क्षेत्रों में लागू रहेगी निषेधाज्ञा निषेधाज्ञा नागौर, मूंडवा, कुचेरा, मेड़ता सिटी, डेगाना, बासनी, जायल, रियांबड़ी और मेड़ता रोड नगरीय क्षेत्रों में लागू रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार ने यह आदेश नगर निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण तथा भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए जारी किया है। हथियार लेकर चलने और प्रदर्शन पर रोक निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र या धारदार हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इन हथियारों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी। पोस्टर-बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू नगर निकाय चुनाव-2026 की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद प्रशासन की टीमों ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगे पोस्टर और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के पोस्टर-बैनर हटाए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रचार सामग्री को हटाने में जुटी हैं। 21 अगस्त से पहले थाने में जमा कराने होंगे हथियार आयुध अधिनियम, 1959 के तहत इन 9 नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले सभी लाइसेंसधारी हथियारधारकों को अपने हथियार 21 अगस्त 2026 से पहले नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराने होंगे। पुलिस प्रशासन की ओर से भी लाइसेंसी हथियार जमा कराने की प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोगों को नियमानुसार छूट आदेश में निशक्तजन, बीमार व्यक्ति, सिख समुदाय और पुलिस थानों में शस्त्र लेकर जाने वाले संबंधित लोगों को नियमानुसार छूट दी गई है। इसके अलावा आत्मरक्षा या अन्य उचित कारणों से हथियार अपने पास रखना जरूरी होने वाले लोग संबंधित थाना प्रभारी के माध्यम से जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के सामने छूट के लिए आवेदन कर सकेंगे। भयमुक्त मतदान के लिए पालना के निर्देश प्रशासन ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराने के लिए निषेधाज्ञा की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व मंत्री आजम खां और उनकी जौहर ट्रस्ट पर ईडी की कार्रवाई की वजह यूनिवर्सिटी के भवनों के निर्माण में सरकारी विभागों के धन का दुरुपयोग, फर्जी दानदाता, डमी ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के निर्माण में बड़े पैमाने पर काले धन का इस्तेमाल का आरोप है।
चंदौली में चकरघट्टा थाना क्षेत्र के भरदुआ गांव के पास सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वन रक्षक भोलानाथ की तहरीर पर नौगढ़ थाने में 20 नामजद और 50 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ 11 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। बुधवार को वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम भरदुआ गांव के पास जंगल की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। टीम ने जब जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू की तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और धनुष से टीम पर हमला कर दिया। मारपीट में दो वन दरोगा, एक लेखपाल समेत 12 लोगों को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही सात थानों की पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। एसपी आकाश पटेल भी घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण से खाली कराया। स्थिति को नियंत्रित करने और कुछ लोगों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। वन रक्षक की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा वन रक्षक भोलानाथ की तहरीर पर पुलिस ने सोनभद्र के नरोखर निवासी गुलाब बियार, विशेषरपुर के लालता गोंड, रामकेश, गंगापाल, चंदन गोंड, सूरज गोंड और भरदुआ के सुखदेव गोंड, संतोष हरिजन, रामदेव गोंड, जितेंद्र यादव, विपिन यादव, विनीत उर्फ रामभवन, सूर्यकांत राम, अमरावती गोंड, फूलमती गोंड, शिवकुमारी गोंड, अनीता गोंड, फूलवंती, लालती गोंड और मझगांवा के रामअधार गोंड को नामजद किया है। इनके अलावा 50 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ 11 धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस दर्ज होते ही गांव में सन्नाटा, आरोपी फरार मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कई आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गए। भरदुआ और विशेषरपुर गांवों में घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। सीओ नौगढ़ देवेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पंचलाइन: सरकारी जमीन खाली कराने पहुंची टीम से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंचा, अब मुकदमे के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का शिकंजा कस रहा है।
पटना के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए यहां लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में घर से निकल कर जाने लगे हैं। यहां गंगा नदी उफान पर है।
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को सड़क के कुछ हिस्सों में धंसाव की सूचना मिलने के बाद निर्माण एजेंसी की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का काम शुरू कराया। बुधवार तक प्रभावित हिस्सों की मरम्मत पूरी कर ली गई, जिसके बाद गुरुवार से एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर कुछ स्थानों पर सड़क धंसने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद निर्माण कार्य से जुड़ी टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित हिस्सों की जांच की। सड़क के धंसे हिस्सों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू किया गया और बुधवार तक इसे पूरा कर लिया गया। पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट में भी आई दरार एक्सप्रेसवे पर एक पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट में भी दरार सामने आई है। इसे ठीक करने के लिए ओवरलैपिंग का काम कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की टीम प्रभावित हिस्सों की निगरानी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जहां-जहां सड़क धंसी थी, वहां मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। नई सड़क धंसने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल हाल ही में तैयार किए गए गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सड़क की परतों, मिट्टी की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री और जल निकासी व्यवस्था की मजबूती को लेकर तकनीकी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। बारिश के मौसम में सड़क के धंसने की घटना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि जल निकासी व्यवस्था में किसी तरह की कमी है या सड़क के नीचे की मिट्टी और बेस लेयर में समस्या है, तो भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति सामने आ सकती है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी उठ चुके हैं सवाल यह पहली बार नहीं है जब किसी एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी सड़क की सतह खराब होने और मरम्मत की जरूरत सामने आ चुकी है। गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में इसके निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की मजबूती महत्वपूर्ण है। सड़क धंसने की वजह और इसकी स्थायी रोकथाम के लिए तकनीकी स्तर पर जांच जरूरी मानी जा रही है। ओवरलैपिंग से एक्सपेंशन ज्वाइंट की दरार ठीक करने का काम उन्नाव में पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट में आई दरार को ठीक करने के लिए ओवरलैपिंग का काम कराया जा रहा है। प्रभावित हिस्सों की निगरानी भी की जा रही है। मरम्मत पूरी होने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। हालांकि, सड़क धंसने और एक्सपेंशन ज्वाइंट में दरार की घटनाओं के कारण एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का स्थायी जवाब तकनीकी जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यातायात शुरू होने से राहगीरों को राहत मिली है, लेकिन निगाह इस बात पर है कि मरम्मत के बाद सड़क की स्थिति कितने समय तक सामान्य रहती है।
औरैया जिले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित सभी आरोपी कठघरे में खड़े किए गए। न्यायाधीश ने दोष सिद्ध किया। इसके बाद से वह 10 मिनट भी ठीक तरह से खड़ा नहीं हो सका। सजा सुनाए जाने से पहले सभी आरोपी पसीना-पसीना नजर आए।
गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है। गुरुवार सुबह 8 बजे नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सुबह करीब 3.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार सुबह से दोबारा बढ़ोतरी शुरू हो गई। इसके चलते तरबगंज और कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के 12 गांवों की करीब 10 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इन 12 गांवों में पांच गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। यहां कई घरों के अंदर तक पानी भर गया है। ग्रामीणों को घरों के अंदर तख्त लगाकर उसके ऊपर खाना बनाने और रहने की मजबूरी है। कई परिवार पानी बढ़ने के बाद घरों की छतों पर चले गए हैं। वहीं, सात अन्य गांव चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं। घरों में पानी, तख्त पर चूल्हा जलाकर खाना बना रहे ग्रामीण बाढ़ के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। घरों और गांवों में पानी भरा होने के कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। परिवारों को खाना बनाने में भी परेशानी हो रही है। कई जगह मिट्टी के चूल्हे और गृहस्थी का सामान पानी में डूब गया है। तरबगंज तहसील का ऐली परसौली गांव सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। यहां ग्रामीण लंच पैकेट के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। जिन घरों में किसी तरह खाना बन पा रहा है, वहां तख्त के ऊपर चूल्हा रखकर भोजन तैयार किया जा रहा है। मवेशियों के चारे का संकट, लोग सुरक्षित जगहों पर जा रहे बाढ़ के पानी के कारण मवेशियों के लिए चारे का संकट भी बढ़ गया है। पशुपालक अपने पशुओं को लेकर चिंतित हैं। कई परिवार बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर चुके हैं, जबकि कुछ परिवार पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं और कई अन्य पलायन की तैयारी में हैं। घाघरा की कटान से किसानों को भी भारी नुकसान हो रहा है। नदी की धारा में अब तक सैकड़ों बीघा फसल समा चुकी है। खेतों के कटने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 70 से ज्यादा नावें लगाईं, लंच पैकेट और दवाओं का वितरण बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की आवाजाही के लिए जिला प्रशासन ने 70 से अधिक नावें लगाई हैं। इन नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से हनुमान रथ के माध्यम से लंच पैकेट और दवाओं का वितरण भी लगातार किया जा रहा है। अधिकारी बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेकर ग्रामीणों को जरूरी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और कटान के कारण प्रशासन के साथ ग्रामीणों की चिंता भी बनी हुई है। फिलहाल 12 गांवों में करीब 10 हजार लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
बुलंदशहर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। साल 2026 में अब तक पुलिस ने गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में कार्रवाई की है। अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने और जिला बदर करने के साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 401 अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं, 94 अपराधियों को जिला बदर किया गया है। लगातार अपराध में सक्रिय पाए गए 134 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है। गैंगस्टर में 61 मुकदमे, एनडीपीएस में 123 FIR अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी पुलिस का शिकंजा कसा जा रहा है। बुलंदशहर पुलिस ने अब तक गैंगस्टर एक्ट के तहत 61 मुकदमे दर्ज किए हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 123 मुकदमे दर्ज किए हैं। वहीं, अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत 1218 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। अपराध से अर्जित 9.24 करोड़ की संपत्ति कुर्क पुलिस ने अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। धारा 14(1) के तहत अब तक 9 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों की ऐसी संपत्तियों को चिह्नित करने का काम जारी है, जिनके बारे में अपराध से अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आती है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन में 985 मुकदमों में 1405 को सजा बुलंदशहर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज करने तक सीमित नहीं है। अपराधियों को अदालत से सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत भी पुलिस ने बड़ी संख्या में मामलों में पैरवी की है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 985 मुकदमों में 1405 आरोपियों को जिला न्यायालय से सजा दिलाई जा चुकी है। पुलिस का जोर प्रभावी पैरवी के जरिए मामलों का निस्तारण कराने और दोषियों को न्यायालय से दंडित कराने पर है। एसएसपी के नेतृत्व में कार्रवाई जारी बुलंदशहर के एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों को भी चिह्नित कर कुर्क किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अपराध में संलिप्त पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गुंडा एक्ट से कुर्की तक कार्रवाई 2026 के आंकड़ों में बुलंदशहर पुलिस की कार्रवाई कई स्तरों पर दिखाई दे रही है। गुंडा एक्ट के तहत 401 कार्रवाई, 94 जिला बदर, 134 हिस्ट्रीशीट, गैंगस्टर एक्ट में 61 मुकदमे, एनडीपीएस एक्ट में 123 मुकदमे और आबकारी अधिनियम में 1218 मुकदमों के साथ अपराध से अर्जित संपत्तियों की कुर्की की गई है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर कार्रवाई का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के साथ जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
सीहोर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्रांश डेयरी से 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया है। यह कार्रवाई पचामा गांव स्थित डेयरी पर की गई, जहां एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार प्रतिबंधित पनीर पकड़ा गया है। प्रदेश सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। संभागीय उड़नदस्ता भोपाल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सीहोर की संयुक्त टीम ने रुद्रांश फैक्ट्री पर छापा मारा। उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य आयुक्त को सीहोर में नकली और एनालॉग पनीर बनाए जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पैकेट पर लेबलिंग भी गलत थीजांच के दौरान फैक्ट्री में नमक और शक्कर मिली। संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी ने बताया कि पनीर निर्माण में कई खामियां पाई गईं। पैकेट पर कंपनी और उत्पाद का नाम नहीं था, साथ ही लेबलिंग भी गलत थी। जब्त किए गए 25 क्विंटल पनीर को सील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पचामा गांव स्थित रुद्रांश फैक्ट्री में लंबे समय से अमानक पनीर तैयार किया जा रहा था। मध्य प्रदेश में 12 अगस्त को एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी यहां इसका उत्पादन जारी था। इससे पहले भी, सूचना मिलने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सीहोर की टीम ने इसी फैक्ट्री पर छापा मारकर 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया था। उस कार्रवाई के बावजूद फैक्ट्री में एनालॉग पनीर का निर्माण नहीं रुका और लगातार बड़ी मात्रा में अमानक पनीर बनाया जा रहा था।
दी बार एसोसिएशन चौमूं की महिला अधिवक्ताओं ने एक होटल में 'लहरिया 2026' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महिला अधिवक्ताओं ने लहरिया परिधान में राजस्थानी संस्कृति और देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। महिला अधिवक्ताओं ने पारंपरिक लहरिया परिधान पहनकर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लहरिया को समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक बतायाइस कार्यक्रम में अधिवक्ता बीनू शर्मा, इंदिरा भदाला, गायत्री वर्मा, आशा शर्मा, हंसा सैनी, ममता कुमावत, सीमा यादव, चांदनी कश्यप, कंचन सैनी, पूजा शर्मा, कुसुम वर्मा, निधि शर्मा, पूजा जाट, हिना न्यारीया और पायल शर्मा सहित कई महिला अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बार अध्यक्ष चरण सिंह जाट ने लहरिया को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने न्याय के क्षेत्र में महिला अधिवक्ताओं के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना भी की। कार्यक्रम के समापन पर महासचिव मुकेश कुमार अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इसके बाद, बार अध्यक्ष चरण सिंह जाट, वेलफेयर समिति अध्यक्ष विनोद शर्मा, महासचिव मुकेश कुमार अग्रवाल और संयुक्त सचिव राजेश फड़ोलिया ने महिला अधिवक्ताओं को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की जानकारी सांस्कृतिक सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक प्रियंका यादव ने दी।
पाली के शहर के सुभाष सर्कल के आगे SBI चौराहे के पास हुए बुधवार रात को तेज रफ्तार से आ रही निजी बस ने आगे चल रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक तरफ गिरकर घायल हो गया लेकिन उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। ऐसे में मौके पर जाम लग गया। लोगों ने शहर क्षेत्र से तेज स्पीड से गुजर रही बसों को लेकर विरोध जताया। बोले कि सवारियों के चक्कर में यह तेज स्पीड से गुजरते है जिससे हादसे हो रहे है। इन पर लगाम लगनी चाहिए। अर्जुनसिंह भाटी ने का कहना है कि शाम करीब 6 बजे के बाद रात तक इस मार्ग से गुजरने वाली निजी बसों की गति पर प्रशासन और पुलिस की प्रभावी निगरानी नहीं होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्टेशन क्षेत्र में रात के समय मजदूरों सहित बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार बसों के कारण राहगीरों और बाइक सवारों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। हादसे के समय उधर से गुजर रहे मासूम अली मेव ने कहा कि दुर्घटना होने के बाद भी कई बार बस चालक मौके से निकल जाते हैं और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। रात के समय निजी बसों की गति पर निगरानी बढ़ाई जाए, यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गंभीर हादसों को रोका जा सके।
श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर्व के पावन अवसर पर शहर के जैन मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। हलवाई खाना स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर और नयाबांस स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूरे श्रद्धाभाव और भक्ति के साथ भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। 23 किलो का लाडू सिर पर रखकर निकले श्रद्धालु इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 23वें तीर्थंकर श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर चढ़ाया गया 23 किलो का भव्य निर्वाण लाडू रहा। इस विशेष लाडू को नयागंज स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से तैयार कर लाया गया था। यहाँ भारी संख्या में एकत्रित हुए श्रद्धालुओं ने 23 किलो के इस निर्वाण लाडू को सिर पर विराजमान किया और गाजे-बाजे के साथ एक भव्य शोभायात्रा के रूप में हलवाई खाना स्थित बड़ा मंदिर पहुंचे। समाज के लोगों ने बताया कि इस तरह की भव्य लाडू यात्रा का आयोजन पहली बार किया गया है, जिसकी सभी ने खूब सराहना की। बोलियों के माध्यम से अर्पित किया गया लाडू हलवाई खाना मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की मुख्य वेदी सहित अन्य 6 वेदियों पर निर्वाण लाडू अर्पित किए। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु नयाबांस स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे, जहां विशेष बोली की प्रक्रिया के माध्यम से तीन वेदियों पर निर्वाण लाडू चढ़ाए गए और भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना की गई।
पटना में बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दबिश दी है। आय से 90 प्रतिशत ज्यादा 3.43 करोड़ प्रॉपर्टी बनाने के मामले में EOU ने उनके पटना और बेगूसराय स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की है। EOU की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह 8: 30 खाजपुरा के आकाशवाणी रोड स्थित चंद्रतारा भवन पहुंची और छानबीन में जुट गई है। उनके ऑफिस के साथ-साथ बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी रेड है। सूत्रों के मुताबिक डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह घर पर ही मौजूद हैं, पूरे हाउस को सर्च किया जा रहा है। बेसमेंट और पार्किंग में भी आर्थिक अपराध की टीम सर्च कर रही है। रेड से जुड़ी तस्वीरें… आय से 3.43 करोड़ अधिक संपत्ति का मामला जांच के दौरान EOU को अजय कुमार सिंह के खिलाफ कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसके आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 19/26, दिनांक 19 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी EOU के मुताबिक, फिलहाल तीनों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज, संपत्ति से संबंधित कागजात या अन्य सामान बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
इटावा की बैजल कॉलोनी में बुधवार शाम ट्रेवल्स एजेंसी संचालक के 28 वर्षीय बेटे ने आत्महत्या कर ली। युवक का शव घर की दूसरी मंजिल स्थित कमरे में प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक, युवक करीब एक साल से मानसिक बीमारी से पीड़ित था और दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बैजल कॉलोनी निवासी राकेश कुमार गुप्ता ट्रेवल्स एजेंसी चलाते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बड़ा बेटा अमन गुप्ता बाहर नौकरी करता है। छोटा बेटा आकाश गुप्ता बीटेक करने के बाद घर पर रहकर नक्शानवीसी का काम देखता था। नौकरी नहीं मिलने के कारण वह घर से ही काम कर रहा था। कुत्ते को टहलाने के बाद कमरे में गया पिता राकेश कुमार के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4 बजे आकाश कुत्ते को टहलाकर घर लौटा था। इसके बाद वह घर की दूसरी मंजिल स्थित अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद बड़े बेटे का फोन आया। इसी दौरान आकाश की मां सीता गुप्ता सामान लेने के लिए उसे बुलाने कमरे में पहुंचीं। कमरे में पहुंचते ही उन्होंने आकाश को प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटका देखा। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने परिवार के अन्य लोगों को सूचना दी। अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन तत्काल आकाश को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के ईएमओ श्याम मोहन यादव ने बताया कि युवक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। एक साल से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था परिजनों ने बताया कि आकाश करीब एक साल से सिजोफ्रेनिया नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित था। उसका दिल्ली के अपोलो अस्पताल से इलाज चल रहा था। परिवार के मुताबिक उसका उपचार लगातार कराया जा रहा था। अचानक हुई घटना से परिवार के लोग स्तब्ध हैं। मां सीता गुप्ता समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सिविल लाइंस थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में डॉक्टर और छात्रों के बीच में बहस हुई थी पहले डॉक्टर ने खुद को बंधक बनाने का आरोप लगाया था लेकिन अब छात्रों ने इस पूरे मामले को लेकर प्राक्टोरियल बोर्ड ऑफिस का घेराव किया छात्रों ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाए क्योंकि डॉक्टर द्वारा झूठा आरोप लगाकर छात्रों को बदनाम किया जा रहा है। अब जानिए छात्रों ने क्या कहा छात्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब एक बजे एक छात्र अपने परिजन को चिकित्सकीय परामर्श दिलाने के लिए जनरल मेडिसिन विभाग के कमरा नंबर-4 में पहुंचा था। वहां लगे टोकन डिस्प्ले पर 66 नंबर प्रदर्शित हो रहा था। छात्र का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह अपने परिजन को दिखाने के लिए कमरे में गया था। छात्र का आरोप है कि डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया छात्रों का आरोप है कि वहां मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धीरज किशोर ने छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे बाहर जाने के लिए कहा। छात्र के मुताबिक, डॉक्टर ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर छात्र ने उनसे नाम पूछा और कहा कि यदि तबीयत खराब थी तो पहले ही अवकाश लिया जा सकता था। आरोप है कि इसके बाद चिकित्सक ने छात्र से उसका नाम, विभाग और विभागाध्यक्ष समेत अन्य जानकारी पूछी। छात्रों के अनुसार, छात्र ने जानकारी देने में कोई आपत्ति नहीं जताई। आरोप है कि इसी दौरान चिकित्सक ने छात्र की तस्वीर मोबाइल फोन से खींचकर किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर भेज दी। छात्र ने जब पूछा कि फोटो किसे भेजी जा रही है तो उसे जवाब दिया गया कि कुछ समय बाद पता चल जाएगा। इसके बाद छात्र ने अपने साथियों को मौके पर बुलाया। छात्रों और चिकित्सक के बीच हुई बातचीत का कुछ हिस्सा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए जाने की बात सामने आई है। छात्रों का आरोप है कि बाद में वीडियो के कुछ हिस्सों को काटकर वायरल किया गया। सीसीटीवी और पूरी वीडियो फुटेज की जांच की मांग छात्रों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, उपलब्ध पूरी वीडियो फुटेज और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर जांच की जाए। उनका कहना है कि किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने से पहले पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस पूरे मामले में छात्रों ने चीफ प्राक्टर और लंका पुलिस के नाम पत्र लिखा है।
बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे युवक की पहचान हो गई है। मृतक 16 वर्षीय युवराज नेपाल के रोलपा जिले के नुआ थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गांव का रहने वाला था। वह हादसे में जान गंवाने वाली विपिना का भतीजा था। युवराज अपनी बुआ गीता के साथ ब्रेन में ब्लड क्लॉट का इलाज कराने जा रहा था। युवराज परिवार का इकलौता बेटा था। करीब छह साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक युवराज की मां और उस पर थी। उसकी एक छोटी बहन भी है। परिजनों को उम्मीद थी कि इलाज के बाद युवराज स्वस्थ होकर अपनी पढ़ाई पूरी करेगा और आगे चलकर परिवार का सहारा बनेगा। इलाज कराने के लिए निकला था, हादसे ने छीन ली जिंदगी परिजनों के अनुसार, युवराज के ब्रेन में ब्लड क्लॉट था। इसी के इलाज के लिए वह अपनी बुआ गीता के साथ भारत आ रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि बेहतर इलाज मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार होगा। इलाज के बाद वह दोबारा पढ़ाई शुरू कर सकेगा, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया। हादसे में घायल पुष्पा ने बताया कि अर्टिगा कार में सवार लगभग सभी यात्री सो रहे थे। सिर्फ चालक जाग रहा था। अचानक तेज धमाके की आवाज से उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि कार सड़क पर फिसल रही थी। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। नेपाल से पहुंचे परिजनों ने की पहचान हादसे के बाद एक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। बुधवार रात नेपाल से पहुंचे विपिना के परिजनों ने शव को देखकर उसकी पहचान युवराज के रूप में की। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे युवक की पहचान भी स्पष्ट हो गई। इस हादसे में युवराज के परिवार पर दोहरा दुख टूटा है। एक तरफ इलाज की उम्मीद लेकर निकले 16 वर्षीय युवराज की मौत हो गई, वहीं परिवार ने पहले ही उसके पिता को खो दिया था। इकलौते बेटे की मौत से उसकी मां और छोटी बहन का सहारा भी छिन गया है। परिजनों का कहना है कि युवराज से परिवार को काफी उम्मीदें थीं। छोटी बहन की पढ़ाई और भविष्य के साथ परिवार की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद भी उसी से थी। इलाज के बाद उसके स्वस्थ होकर लौटने का इंतजार कर रहा परिवार अब उसके शव के साथ घर लौटेगा।
कौशांबी में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को भी कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बुधवार शाम इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के तहत परिषदीय, माध्यमिक, सहायता प्राप्त और सभी बोर्डों से संचालित हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। प्रशासन ने यह निर्णय बारिश के बीच बच्चों के स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी और जलभराव से संभावित खतरे को देखते हुए लिया है। चार दिन से बारिश, कई इलाकों में पानी भरा जिले में लगातार हो रही बारिश से जिला अस्पताल समेत कई गांवों और नगर पालिका मंझनपुर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के पानी की निकासी के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम गठित की है। पंपिंग सेट और जेसीबी की मदद से जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का काम कराया जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अगले तीन दिन भी खराब रह सकता है मौसम BSA डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि लगातार बारिश और जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अवकाश घोषित किया गया है। आदेश सभी संबंधित विद्यालयों पर लागू होगा। मौसम विभाग के अनुसार, कौशांबी में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की नजर जलभराव वाले इलाकों के साथ ही स्कूलों और प्रमुख मार्गों पर भी बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर दबिश दी है। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के सिहावा रोड स्थित घर पर ED की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई कथित शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ED की टीम सुबह करीब 7 बजे दो अलग-अलग गाड़ियों से रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। टीम में सुरक्षा बल के जवानों समेत कुल आठ सदस्य शामिल हैं। घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारी घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। ED की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़ी जांच का हिस्सा है। फिलहाल टीम की जांच जारी है। देखिए पहले ये तस्वीरें- 3 साल से गायब थे कांग्रेस कोषाध्यक्ष जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल करीब 3 साल से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इस दौरान उनके देश और विदेश में होने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले इन मामलों में कांग्रेस संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। अब पढ़िए क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक मामलों में से एक माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपए का अवैध घोटाला हुआ। मामले में कई आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच तथा अदालती प्रक्रिया जारी है। पढ़ें क्या है छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला? छत्तीसगढ़ का कथित कोल लेवी घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबार में अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन तय राशि अवैध रूप से वसूली गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए की अवैध लेवी वसूली गई। मामले में कई आईएएस अधिकारियों, कारोबारियों, बिचौलियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, सभी आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच और सुनवाई जारी है। पढ़िए क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला? छत्तीसगढ़ का कथित कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला धान की मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और उसके भुगतान में नियमों का उल्लंघन कर चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 127 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। मामले में तत्कालीन अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… शराब घोटाला, आरोपी रामगोपाल अग्रवाल से मिले भूपेश बघेल: रायपुर कोर्ट में जेल जाने से पहले की मुलाकात; घोटाले का पैसा ठिकाने लगाने का आरोप छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
प्रतापगढ़ में उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड की 12वीं परीक्षा में प्रदेश में टॉप करने वाले छात्र रजनीश यादव की पूर्व की शैक्षिक डिग्रियां निरस्त कर दी गई हैं। आसपुर देवसरा क्षेत्र के बैजलपुर निवासी रजनीश पर फर्जी शैक्षिक अभिलेखों का इस्तेमाल करने और जन्मतिथि व नाम में बदलाव करने के आरोप लगे थे। शिकायत के बाद हुई जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर विभाग ने यह कार्रवाई की है। रजनीश यादव ने संस्कृत बोर्ड की 12वीं परीक्षा में प्रदेश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया था। टॉपर बनने पर सरकार की ओर से उन्हें एक लाख रुपये की सम्मान राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया था। अब विभाग ने इन पुरस्कारों और सम्मान राशि को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। पड़ोसी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच मामले की शिकायत रजनीश के पड़ोसी जगत प्रसाद ने की थी। शिकायत में रजनीश के शैक्षिक अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान उनके पुराने शैक्षिक रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। जांच में उनकी जन्मतिथि के साथ नाम में भी बदलाव किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया। विभागीय स्तर पर हुई जांच में भी आरोप सही पाए गए। पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के रिकॉर्ड निरस्त विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने रजनीश यादव के पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के शैक्षिक अभिलेखों को निरस्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश के बाद इन अभिलेखों के आधार पर हासिल की गई शैक्षिक योग्यता भी निरस्त मानी जाएगी। विभाग ने संबंधित रिकॉर्ड में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एक लाख रुपये की सम्मान राशि भी होगी वसूल टॉपर बनने पर रजनीश को सरकार की ओर से मिली एक लाख रुपये की सम्मान राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्तिपत्र को भी वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में सम्मान राशि को राजस्व की तरह वसूल किए जाने की बात कही गई है। फर्जी शैक्षिक अभिलेखों से जुड़े मामले में विभागीय कार्रवाई के बाद अब रजनीश यादव को मिले सम्मान और शैक्षिक रिकॉर्ड दोनों पर कार्रवाई हुई है।
Bihar News: पहले बेरहमी से पीटा, फिर झाड़ियों में फेंका शव... 13 साल के दिलशाद की हत्या से सनसनी
बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र में बुधवार रात 13 वर्षीय किशोर मो. दिलशाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। न्यू अजीत पत्रकार रोड, बरौनी तारीखाना के पास उसका शव सड़क किनारे झाड़ियों में मिला।
मेरठ में मानसून सक्रिय है। गुरुवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार को तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। बारिश होने पर दिन के तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन बारिश थमने के बाद नमी बढ़ने से उमस परेशान कर सकती है। रात में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार दिन के अलावा रात में भी मौसम साफ रहने की संभावना कम है। बादल छाए रहेंगे और देर रात गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अगले पांच दिनों में तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। 22 से 25 अगस्त तक अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 23 अगस्त को एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है। इसके बाद भी कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। 1 जून से अब तक 73% ज्यादा बारिश मेरठ में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से 73 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर रहा है, जिसका असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। जुलाई में हुई बारिश ने 24 साल का रिकॉर्ड तोड़ा था। अब अगस्त में भी बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बादल और बारिश के कारण तापमान में बड़ी बढ़ोतरी नहीं हो रही है।
बुलंदशहर में भ्रष्टाचार, कदाचार और अनुशासनहीनता की शिकायतों पर पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह ने सिकंदराबाद थाना क्षेत्र की जोखाबाद पुलिस चौकी से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी समेत एक अन्य उपनिरीक्षक और एक सिपाही शामिल हैं। निलंबित होने वालों में जोखाबाद चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार और आरक्षी अखिलेश कुमार शामिल हैं। पुलिस विभाग के अनुसार, तीनों के खिलाफ लगातार कदाचार और अनुशासनहीनता से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद प्राथमिक जांच, फिर निलंबन पुलिस विभाग के मुताबिक, शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने मामले की प्राथमिक जांच कराई। जांच के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों में तीनों पुलिसकर्मियों पर किस तरह के विशेष आरोप लगाए गए थे। विभागीय स्तर पर मामले की जांच आगे जारी है। ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं एसएसपी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में इसे सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। बुलंदशहर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान भ्रष्टाचार, लापरवाही, कदाचार या अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चीन-नेपाल सीमा पर मजबूत होगा भारत का किला, मोदी सरकार के नए नियम से दूर होगी बड़ी बाधा
केंद्र की मोदी सरकार चीन-नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती इलाकों में वन कानून से छूट देगी। इससे सामरिक महत्व की परियोजनाएं तेजी से पूरी हो सकेंगी।
रसोई पर महंगाई की दोहरी मार, प्याज-भिंडी से लेकर लौकी तक के दाम बढ़े; क्या वजह?
लखनऊ में लगातार बारिश से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। प्याज के दाम तीन दिन में 10 रुपये बढ़कर 55-60 रुपये किलो हो गए। भिंडी, लौकी, तोरई और शिमला मिर्च भी महंगी हुई हैं।
कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में दुकानदार से 75 से 80 हजार रुपए से भरा बैग लेकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बाइक और रुपए बरामद करने के लिए पूछताछ शुरू कर दी है। कार में बैठते ही आरोपी बैग लेकर फरार हो गए गुमानपुरा थाना अधिकारी एसके सिंह के अनुसार, यह वारदात शॉपिंग सेंटर स्थित सुदर्शन लिविंग दुकान के सामने 18 अगस्त की रात करीब 8:25 बजे हुई। दुकानदार सुधीर मुंदड़ा अपनी कार की ड्राइवर सीट पर बैठकर सीट बेल्ट लगा रहे थे। इसी दौरान उनकी दुकान का पूर्व कर्मचारी शैलेष उर्फ शैलू गुर्जर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोपियों ने कार का पिछला दरवाजा खोला और सीट पर रखा रुपयों से भरा बैग उठाकर भाग गए। बैग में करीब 75 से 80 हजार रुपए नकद थे। वारदात के बाद तीनों आरोपी काले रंग की पल्सर बाइक से डिस्पेंसरी वाली गली की ओर भाग निकले। सीसीटीवी और आसपास की जानकारी से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा गुमानपुरा थाना पुलिस ने दुकानदार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर घटनास्थल के सीसीटीवी और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाकर आरोपियों की तलाश की। कार्रवाई में पुलिस ने शैलेष गोचर उर्फ शैलू गुर्जर (24), निवासी छावनी रामचंद्रपुरा और श्याम मेघवाल (22), निवासी दुर्गानगर कच्ची बस्ती को गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी पुलिस के मुताबिक मामले में तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर छीने गए रुपयों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौत्तम के निर्देशन में की गई। पुलिस कार्रवाई में कॉन्स्टेबल सुभाषचंद, सुखवीर सिंह, प्रधान , छत्रसाल सिंह , खुशीराम, मुनेश और दिलीप शामिल रहे।
रायसेन जिले में पिछले आठ दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे नदी-नाले फिर से खाली हो गए हैं। इस साल 19 अगस्त तक जिले में औसत 654.63 मिलीमीटर (25.77 इंच) बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुई 1150 मिलीमीटर (45.28 इंच) बारिश से 495 मिलीमीटर (19.51 इंच) कम है। अगस्त माह में अब तक औसत बारिश की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत ही वर्षा हुई है। कम बारिश के कारण जिले के बांध और तालाब अपनी पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं। इस सीजन में जलाशयों के गेट एक बार भी नहीं खोले गए हैं। पिछले दिनों हुई तेज बारिश से नदी-नालों में पानी आया था, लेकिन बारिश का दौर थमने के बाद जलस्तर फिर से नीचे जाने लगा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए रायसेन में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। जिले में वर्षाकाल की सामान्य औसत बारिश 1197.1 मिलीमीटर (47.13 इंच) मानी जाती है। ऐसे में किसानों और जलस्रोतों को अब एक और अच्छी बारिश का इंतजार है। जानिए जिले में कहां कितनी बारिश हो चुकीरायसेन में 579.8 मिमी (22.83 इंच), गैरतगंज में 775.8 मिमी (30.54 इंच), बेगमगंज में 782.1 मिमी (30.79 इंच), सिलवानी में 505 मिमी (19.88 इंच), गौहरगंज में 595.7 मिमी (23.45 इंच), बरेली में 492.2 मिमी (19.38 इंच), उदयपुरा में 844 मिमी (33.23 इंच), बाड़ी में 627 मिमी (24.69 इंच), सुल्तानपुर में 686.8 मिमी (27.04 इंच) और देवरी में 657.9 मिमी (25.90 इंच) बारिश दर्ज की गई है।
चित्रकूट में लगातार बारिश के बाद गुरुवार को मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर करीब 1.5 से 2 मीटर बढ़ने के बाद खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। अचानक बढ़े पानी से रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। रामघाट का पूरा प्लेटफॉर्म पानी में डूब गया, जबकि 100 से अधिक दुकानें भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गईं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही रामघाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात कर दिया। दोनों रास्तों से आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। मंदाकिनी के उफान का असर चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। कई मार्ग पानी में डूबने के कारण श्रद्धालुओं को मंदिरों और घाटों तक जाने से रोक दिया गया है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट करते हुए नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। रामघाट का प्लेटफॉर्म डूबा, 100 से ज्यादा दुकानें पानी में मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद रामघाट का प्लेटफॉर्म पूरी तरह जलमग्न हो गया। घाट के आसपास स्थित 100 से अधिक दुकानों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे दुकानदारों को सामान के नुकसान की चिंता सताने लगी है। नदी का पानी बढ़ने के कारण घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है। पुलिसकर्मी बैरिकेडिंग वाले स्थानों पर तैनात होकर लोगों को आगे जाने से रोक रहे हैं। आरोग्यधाम मार्ग पर 5 फीट पानी, रपटा 6 फीट डूबा बाढ़ के कारण रामघाट जाने वाले प्रमुख रास्ते भी बंद हो गए हैं। आरोग्यधाम मार्ग पर करीब पांच फीट से अधिक पानी बह रहा है। वहीं भरतघाट-रामघाट को जोड़ने वाला रपटा छह फीट से अधिक पानी में डूब गया है। ऐसे में दोनों मार्गों से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सती अनुसुइया जाने वाला मार्ग भी बंद है। गुप्त गोदावरी में पानी भरने के कारण दर्शन रोक दिए गए हैं। जानकी चरण चिन्ह स्थल भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। प्रशासन और पुलिस श्रद्धालुओं को इन स्थानों की ओर जाने से रोक रही है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से तिरहार में भी चिंता मंदाकिनी के साथ तिरहार क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखने के साथ पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घाटों पर आवाजाही पूरी तरह रोककर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंदाकिनी के उफान से स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
लखनऊ के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से बोरा फाउंडेशन और सेवा हॉस्पिटल की ओर से अलीगंज के सेक्टर सी स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के पास 'सेहत साथी सेवा शिविर' का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों की टीम ने 197 मरीजों का फ्री चेकअप कर उन्हें निशुल्क दवाएं वितरित कीं। बांटे गए मुफ्त चश्मे, बीपी-शुगर की हुई जांच कैंप में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आंखों की भी जांच की गई। इस दौरान 5 लोगों का नेत्र परीक्षण कर उन्हें मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा सामान्य रूटीन चेकअप के तहत 17 लोगों का ब्लड प्रेशर (BP) और 14 लोगों की शुगर की भी निशुल्क जांच की गई। शिविर में स्वास्थ्य लाभ लेने वालों में 112 पुरुष और 85 महिलाएं शामिल रहीं। मौसमी बीमारियों का दिखा ज्यादा असर चिकित्सकों ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में सबसे अधिक मरीज मौसमी बीमारियों की चपेट में मिले। इनमें खांसी, जुकाम, वायरल बुखार के अलावा जोड़ों, पैरों और कंधे के दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इसके साथ ही, शिविर में पहुंचे लोगों के आयुष्मान कार्ड भी चेक किए गए और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए जरूरी डॉक्टरी परामर्श दिया गया।
बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाना क्षेत्र में 19 अगस्त 2026 को पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की।थानाधिकारी जयेश पाटीदार के नेतृत्व में अनास चौकी के सामने नाकाबंदी के दौरान बजरी से भरे दो डंपर पकड़े गए।एक डंपर के चालक निर्मल, निवासी सामला सेर (सज्जनगढ़), से बजरी परिवहन की रॉयल्टी और वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह पेश नहीं कर सका।पुलिस ने दोनों डंपर जब्त किए और निर्मल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग से संपर्क किया गया है। अनास चौकी के सामने की गई नाकाबंदी पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह के निर्देशन में सल्लोपाट थाना पुलिस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी कड़ी में 19 अगस्त 2026 को थानाधिकारी जयेश पाटीदार के नेतृत्व में अनास चौकी के सामने सघन नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने बजरी परिवहन कर रहे वाहनों की जांच शुरू की। रॉयल्टी और वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया चालक नाकाबंदी के दौरान पुलिस को बजरी से भरा एक डंपर आता दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर को रुकवाकर चालक से बजरी परिवहन से संबंधित रॉयल्टी और अन्य वैध दस्तावेज मांगे। डंपर चालक निर्मल, निवासी सामला सेर (सज्जनगढ़), पुलिस को ये दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने डंपर को जब्त कर लिया और चालक निर्मल को गिरफ्तार कर लिया। दूसरा ओवरलोड डंपर भी जब्त इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक अन्य ओवरलोड डंपर को भी पकड़ा। पुलिस ने उसे अवैध परिवहन के आरोप में जब्त किया है। इस तरह नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने कुल दो डंपर जब्त किए। माइनिंग विभाग से संपर्क, आगे की कार्रवाई जारी थानाधिकारी जयेश पाटीदार ने बताया कि जब्त किए गए डंपरों को लेकर माइनिंग विभाग से संपर्क किया गया है। माइनिंग विभाग से संपर्क कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान टीम में ASI रामसिंह, हेड कॉन्स्टेबल कैलाशचन्द्र, कॉन्स्टेबल रविन्द्र सिंह, बलदेव सिंह और ड्राइवर देवेन्द्र सिंह शामिल रहे।
उत्तराखंड और बिजनौर के मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद जिले की कई नदियां उफान पर हैं। गंगा, मालन और खो नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जलीलपुर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर मालन नदी का पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। रावली-शहजादपुर रपटे पर भी पानी भर गया है। यहां ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। चांदपुर से हस्तिनापुर जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगहों पर पानी भरने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पानी ज्यादा था, पैदल नहीं पहुंच सकीं डीएम; ट्रैक्टर पर बैठकर गांव पहुंचीं बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर नगीना तहसील क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में पहुंचीं। ग्राम मुरादबख्शपुर उर्फ मतवाली और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव इतना अधिक था कि पैदल या सामान्य सरकारी वाहन से पहुंचना मुश्किल था। ग्रामीणों की स्थिति जानने के लिए डीएम ने ट्रैक्टर पर बैठकर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। ट्रैक्टर नगीना सीओ राजेश सिंह सोलंकी चला रहे थे। इस दौरान एसडीएम प्रिंस कुमार, नायब तहसीलदार पंकज सिंह राणा समेत राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने मौके पर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर डीएम जसजीत कौर ने वीडियो बाइट जारी कर बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण बिजनौर जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ा है। खो नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हुआ और उनका संपर्क प्रभावित हुआ। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों की सूची तैयार की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके। प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश डीएम ने बताया कि चांदपुर और बिजनौर तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों से भी जलभराव की शिकायतें मिली हैं। इसे देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशांत किशोर ने विधायकों और अधिकारियों पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग
प्रशांत किशोर ने विधायकों और अधिकारियों पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग
लखनऊ नगर निगम ने पारा इलाके में अवैध रूप से चलाई जा रही डेयरियों पर फिर एक्शन लिया है। गुरुवार सुबह मोहान रोड के पास, काकोरी मोड़ आदि के मोहल्लों में 3 थानों की पुलिस, एक कंपनी पीएसी बल और ईटीएफ (एन्क्रोचमेंट टास्क फोर्स) के साथ नगर निगम की कैटल कैचर टीम पहुंची। हेलमेट, डंडे और बुलेट प्रूफ जैकेट में तैनात जवानों ने डेयरियों का घेराव किया और निगम टीम ने भैंसें उठवानी शुरू कर दीं। इससे पहले टीम ने मंगलवार को ऐसा ही एक्शन लिया था। उस दिन नगर निगम ने 200 से ज्यादा भैंसें उठवाकर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस में भेज दिया था। नगर निगम और पुलिस टीम यह सख्ती 16 अगस्त को हुए हमले के बाद की है। उस दिन अवैध रूप से डेयरी चलाने वाले लोगों ने टीम पर ईंट-पत्थर और भैंस बांधने वाली लोहे की मोटी चेन से हमला कर दिया था। एक दरोगा को बुरी तरह से पीटा गया, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। 4 तस्वीरें देखिए- लोगों ने अपनी भैंसें ट्रकों में भरकर बाहर भिजवाईं ठाकुरगंज, पारा और सआदतगंज थाना सहित नगर निगम के ईटीएफ बल के करीब 100 जवान मौजूद हैं। पारा पिंक सिटी, बुद्धेश्वर विहार, गद्दियाना में अभियान चलाया गया। उसके बाद काकोरी मोड़ के पास स्थित नरौना गांव और महाम सिटी में अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अधिकतर लोग अपनी भैंसें लेकर भाग गए हैं। पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि मंगलवार को कार्रवाई होने से अवैध डेयरियों के संचालकों ने ट्रकों में भरकर पशुओं को हटा दिया है। सुबह 6 बजे से अभियान चल रहा है। 8:30 बजे तक सिर्फ 10 भैंस मिली हैं। भैंसों को एकांत इलाके के तालाब में छिपाया नगर निगम की टीम के इलाके में आने की सूचना पाते ही लोगों ने भैंसों को छिपाना शुरू कर दिया। कई मोहल्लों में लोगों ने भैंसों को बाहर से घरों के अंदर ले जाकर बांध दिया। कहीं-कहीं लोगों ने एकांत वाली जगहों पर भैंसों को बांध दिया। सलेमपुर पतोरा गांव में तो लोगों ने भैंसों को जलकुंभी वाले तालाब में हांक दिया। इस तालाब की तरफ कीचड़ ज्यादा होने से लोग आते नहीं हैं। हालांकि, निगम की टीम को यह बात पता चल गई और वहां पहुंचकर तालाब से भैंसें बाहर निकलवा लीं। खबर अपडेट की जा रही है… ----------------------------------- तब तक यह खबर पढ़िए… लखनऊ में पीएसी तैनात कर 200 भैंसें उठवाईं : लोगों ने टीम पर हमला किया था, मेयर बोलीं- पूरा इलाका साफ कर देंगे लखनऊ के पारा में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमले के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को नगर निगम की टीम के साथ 3 थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी बल पहुंचा। सभी जवान हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निगम की टीम ने 4 मोहल्लों से करीब 200 भैंसें उठवा लीं। टीमों के बाद मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी पहुंचे। यहां मेयर ने कहा… (पूरी खबर पढ़िए)
Congress Party : इंदिरा भवन में जो सार्वजनिक रूप से हुआ, उसके बारे में सभी को पता है। लेकिन, कुछ बातें अलग से भी हुईं। यह बता रहा है कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त को भूली नहीं। नौ महीने के मंथन का परिणाम बाहर आएगा?
सीतापुर के रामपुरकला थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके पति और जेठानी ने उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। मारपीट में महिला के सिर में गंभीर चोट आई है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मदारपुर गांव निवासी अमित कुमार की पत्नी ममता देवी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उसका पति अमित कुमार और जेठानी अंजू देवी दहेज की मांग को लेकर आए दिन उससे विवाद करते थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके सिर में चोट लग गई। इसके बाद ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। मायके पहुंचकर परिजनों को बताई घटना पीड़िता के मुताबिक, वह किसी तरह अपने मायके पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति अमित कुमार और जेठानी अंजू देवी के खिलाफ मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल में कराया मेडिकल मारपीट में घायल ममता देवी का बुधवार को सीतापुर जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार कराया गया। डॉक्टरों ने जांच और प्राथमिक उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया। पुलिस के अनुसार, मामले में मेडिकल रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने जौनपुर और गाजीपुर के 104 महाविद्यालयों में नए सत्र के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों में उन विषयों और पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लिया जाएगा, जिनकी संबद्धता 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। रोक के दायरे में जौनपुर के 34 और गाजीपुर के 70 महाविद्यालय शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित महाविद्यालयों की संबद्धता विस्तार की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद कॉलेजों की ओर से संबद्धता विस्तार के लिए आवश्यक प्रस्ताव या अभिलेख विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे पहले भी संबंधित कॉलेजों को संबद्धता विस्तार से जुड़े प्रस्ताव और दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए थे। 30 जून को खत्म हो चुकी संबद्धता, 2026-27 में प्रवेश पर रोक विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, जिन विषयों और पाठ्यक्रमों की संबद्धता 30 जून 2026 को समाप्त हो गई है, उनमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम वर्ष यानी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश नहीं लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय के इस फैसले से इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। आदेश में विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी महाविद्यालय के पास संबद्धता विस्तार से संबंधित कोई प्रस्ताव या आवश्यक अभिलेख उपलब्ध हैं, तो उन्हें दो दिन के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। दस्तावेज मिलने के बाद विश्वविद्यालय स्तर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना संबद्धता प्रवेश लिया तो कॉलेज प्रशासन जिम्मेदार विश्वविद्यालय ने संबंधित महाविद्यालयों को चेतावनी दी है कि समाप्त हो चुकी संबद्धता वाले विषयों या पाठ्यक्रमों में यदि विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रशासन की होगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबद्धता विस्तार के बिना ऐसे पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले के बाद जौनपुर और गाजीपुर के संबंधित 104 महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से पहले संबंधित कॉलेज की संबद्धता की स्थिति की पुष्टि कर लें।
रायबरेली पुलिस ने साइबर अपराधों और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार के आदेशानुसार एवं निर्देशन में आयोजित किया गया। अभियान के तहत, साइबर क्राइम पुलिस थाना रायबरेली की टीम ने भदोखर थाना क्षेत्र के दरियापुर स्थित कृपालु इंस्टीट्यूट में छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, साइबर क्राइम पुलिस टीम ने छात्रों को पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड, साइबर ठगी और वर्तमान समय में प्रचलित विभिन्न ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के आवश्यक उपाय समझाते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। रायबरेली पुलिस द्वारा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से बचाव हेतु लगातार जागरूकता अभियान चलाकर आमजन, छात्र-छात्राओं और विभिन्न वर्गों को सजग व सतर्क किया जा रहा है।
दिल्ली जल बोर्ड के करीब ₹1,946 करोड़ के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं मामले के एक अन्य आरोपी अंकित […] The post Delhi Jal Board Case: सत्येंद्र जैन समेत 5 आरोपी 3 सितंबर तक जेल, ₹1,946 करोड़ टेंडर मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश appeared first on https://rajsattaexpress.com .
हाथरस में एक विवाहिता ने अपने जेठ पर दुष्कर्म के प्रयास और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला ने महिला थाने में शिकायत देकर पति, जेठ, सास, ससुर और जिठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि बच्चे न होने और दहेज कम मिलने की बात को लेकर ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता हसायन कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी शादी 20 जून 2021 को आगरा के बरहन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। महिला के पिता का कहना है कि शादी में करीब 9 लाख रुपए खर्च किए गए थे। आरोप है कि शादी के करीब छह महीने बाद ही पति, जेठ, सास, ससुर और जिठानी ने कम दहेज मिलने की बात कहकर विवाहिता को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद बच्चे नहीं होने को लेकर उसका पति भी उसे प्रताड़ित करता था। वह उस पर तलाक लेने का दबाव बनाता और उसकी अनदेखी करता था। इसी दौरान उसके जेठ की उस पर बुरी नजर होने का आरोप है। ससुरालीजन बाहर गए तो जेठ ने किया रेप का प्रयास विवाहिता ने पुलिस को बताया कि एक दिन उसके ससुरालीजन खरीदारी करने के लिए आगरा गए थे। घर में उसे अकेला पाकर जेठ ने कथित तौर पर उसे पकड़ लिया और बिस्तर पर गिरा दिया। आरोप है कि जेठ ने उसकी साड़ी खींचकर जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर जेठ वहां से भाग गया। महिला ने ससुरालीजनों के वापस लौटने पर अपनी सास को पूरी घटना बताई। आरोप है कि सास ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही अपशब्द कहे और बच्चे न होने को लेकर ताना दिया। विरोध करने पर मारपीट, साड़ी के फंदे से गला घोंटने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि जब उसने सास की बात का विरोध किया तो पति, सास समेत अन्य ससुरालीजनों ने उसके साथ मारपीट की। उसने लात-घूंसों से पीटने और साड़ी के फंदे से गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इसके बाद ससुरालीजन उसे गाड़ी से उसके मायके गांव लेकर आए और वहां छोड़ दिया। आरोप है कि जाते समय उन्होंने कहा कि अगर वह 2 लाख रुपए लेकर आएगी, तभी उसे ससुराल में रखा जाएगा, अन्यथा तलाक ले ले। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने पति, जेठ, सास, ससुर और जिठानी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि के लिए पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नियमों को दरकिनार कर जिला अस्पताल में 17 स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की भर्ती के मामले में शासन ने सख्ती शुरू कर दी है। भर्ती के दौरान तैनात रहीं दो महिला सीएमएस से 50 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी की जाएगी। जिला प्रशासन को शासन की ओर से रिकवरी के साथ ही पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भर्ती से जुड़े दस्तावेज और तत्कालीन अधिकारियों से जानकारी मांगी है। क्या था मामला इसे समझेजिला अस्पताल में साल 2023 के अगस्त और साल 2025 के अलग-अलग महीनों में 15 स्टाफ नर्स और दो लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई थी। जबकि एनएचएम मुख्यालय पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि मानव संसाधन से जुड़ी भर्तियां स्थानीय स्तर पर नहीं की जा सकती हैं। इसके बावजूद जिला अस्पताल में नियुक्तियां की गईं। इन कर्मचारियों को साल 2023 से इस साल जून तक एनएचएम से वेतन भी मिलता रहा। तत्कालीन सीएमएस को नोटिसअब प्रशासन भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं, जिम्मेदारी और कर्मचारियों को दिए गए वेतन समेत पूरे मामले की जांच कर रहा है। इसी आधार पर दोनों तत्कालीन सीएमएस से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान सीएमएस डॉ.अशोक कुमार झा ने बताया कि प्रशासन ने 17 कर्मियों की भर्ती से संबंधित जानकारी मांगी है। भर्ती के दौरान तैनात रहीं दोनों सीएमएस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र में स्थित रामपुर पाठा के नीलकंठ मंदिर और पटिहट के सत्यमाता मंदिर में हुई चोरी के आरोपी कटनी में पकड़े गए हैं। कटनी पुलिस ने विजयराघवगढ़ के मां शारदा मंदिर में चोरी के आरोप में एक दंपती को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पूछताछ में सतना के इन दोनों मंदिरों में चोरी की बात कबूल की है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह चार सदस्यीय गिरोह सतना सहित कई जिलों में मंदिरों और सूने मकानों को निशाना बनाता था। कटनी पुलिस की एसआईटी ने शारदा माता मंदिर चोरी की जांच के दौरान एक संदिग्ध कार का सुराग मिलने पर पडख़ुरी के पास घेराबंदी कर राजा उर्फ मोहन साहू (42) और उसकी पत्नी राजनंदनी साहू (40) को गिरफ्तार किया। ये दोनों कटनी के प्रेमनगर, एनकेजे के निवासी हैं। दंपती ने कटनी के अलावा सतना, सिवनी और दमोह में 14 से अधिक चोरी की वारदातें स्वीकार की हैं। आरोपियों ने बताया कि वे पहले कार से घूमकर मंदिर या सूने मकान की रेकी करते थे। वारदात के समय दो सदस्य बाहर निगरानी करते थे, जबकि दो अंदर घुसकर चोरी करते थे। पूछताछ में दंपती ने कबूली वारदातेंदंपती ने पूछताछ में उचेहरा थाना क्षेत्र के रामपुर पाठा स्थित नीलकंठ आश्रम और पटिहट के सत्यमाता मंदिर में हुई चोरी की बात भी स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर चांदी के चार मुकुट, दो क्षत्र, कमरबंद, पायल, बिछिया, सोने के लॉकेट सहित लगभग 12 लाख रुपए का चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई कार जब्त की गई है। कटनी पुलिस ने इस खुलासे की जानकारी उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा को दी। इसके बाद परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे को कटनी भेजा गया, जहां उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों ने उचेहरा क्षेत्र की वारदातों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उचेहरा पुलिस अब इन आरोपियों को प्रोटेक्शन वारंट पर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अब उचेहरा पुलिस कोर्ट से प्रोटेक्शन वारंट हासिल कर दंपती को रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान सतना में हुई मंदिर चोरियों से जुड़े अन्य मामलों और गिरोह के बाकी सदस्यों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा में एक युवती ने इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई दोस्ती के बाद प्रेम संबंध और राम जानकी मंदिर में शादी करने का दावा किया है।
पटना के IGIMS अस्पताल के पास 14 अगस्त को फायरिंग हुई। दवा दुकान में घुसकर 5-7 बदमाशों ने पहले मारपीट की, फिर गोलियां चलाईं। IGIMS के गेट नंबर 3 स्थित न्यू अंशिका मेडिको को टारगेट कर फायरिंग हुई है। दुकान में मौजूद कर्मियों को पहले बदमाशों ने धमकी दी। फिर गोली चलानी शुरू कर दी। दुकान संचालक के मुताबिक, बदमाशों ने कहा, “तुम IGIMS में काम करते हो तो मुझे भी करने दो, नहीं तो तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी।” इस वारदात में किसी को गोली नहीं लगी, लेकिन इलाके में दहशत है। शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच में IGIMS के मरीजों के पुर्जे और दवा दुकानों से जुड़े विवाद के बाद मामला बढ़ने की बात सामने आई है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… फायरिंग की 3 तस्वीरें… पहले दुकान के स्टाफ से मारपीट, फिर पिस्टल निकालकर फायरिंग न्यू अंशिका मेडिको के ऑनर के बेटे राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे कुछ युवक IGIMS गेट नंबर-3 के पास बैठकर गांजा और शराब पी रहे थे। राजेश के अनुसार, दुकान के स्टाफ अमित कुमार ने उन्हें वहां बैठकर नशा करने से मना किया। उसने कहा कि इस रास्ते से डॉक्टर और नर्स आते-जाते हैं। इसके बाद युवक गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए। आरोप है कि करीब 1:30 बजे 7-8 की संख्या में युवक दोबारा दुकान पर पहुंचे। इनमें सुधांशु सिंह, चीकू कुमार, पंकज कुमार चौधरी, सोनू कुमार समेत अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने दुकान में घुसकर स्टाफ से पूछा कि उनके आदमी को वहां से क्यों भगाया। राजेश का आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी और सुधांशु सिंह ने कमर से पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए। IGIMS में काम करते हो, मुझे भी करने दो… दुकान संचालक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि करीब 6-7 लोग दुकान पर आए थे। उन्होंने उनके स्टाफ के साथ मारपीट की और धमकी दी। उनके मुताबिक, बदमाशों ने कहा, “तुम IGIMS में काम करते हो, मुझे भी करने दो, नहीं तो तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी।” इसके बाद दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग करते हुए आरोपी वहां से भाग निकले। हत्या की नीयत से फायरिंग का आरोप दुकान के ऑनर प्रमोद कुमार सिंह म्यूजिक, मेडिकल समेत दो-तीन तरह के कारोबार से जुड़े हैं। उनके साथ पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई। उन्हें आशंका है कि बदमाशों ने उनकी हत्या की नीयत से फायरिंग की थी। घटना के बाद से वह काफी परेशान और डरे हुए हैं। बाहर निकलने में भी परेशानी हो रही है। समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा- प्रमोद कुमार सिंह दुकान के ऑनर का आरोप है कि उन पर समझौता करने का दबाव भी बनाया जा रहा है और उनसे संपर्क किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी हालत में समझौता नहीं करेंगे। SSP बोले- एक आरोपी गिरफ्तार, सभी की पहचान हुई प्रारंभिक जांच में अंशिका मेडिकल और मां मेडिको के बीच विवाद की बात सामने आई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा, ‘अगर दुकान के दस्तावेजों या कारोबार में कोई गड़बड़ी मिली तो दुकान को सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।’ IGIMS के आसपास दवा कारोबार को लेकर किसी तरह का सिंडिकेट चलने और मरीजों को खास दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायतों की भी जांच की जा रही है।' मरीजों के परिजनों से दवा खरीदने को लेकर विवाद पुलिस के मुताबिक, IGIMS के आसपास मरीजों को दवा खरीदने के लिए बाहर निकलने पर कुछ लोग कथित तौर पर उनका पुर्जा लेकर अपनी-अपनी दुकानों की ओर ले जाने की कोशिश करते हैं। इसी को लेकर अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच के साथ ही IGIMS के आसपास सक्रिय ऐसे लोगों और दवा दुकानों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गोलीबारी में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। मौके पर पहुंचे दारोगा अभय कुमार ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिली है। जांच हो रही है। CCTV से जुटाए जा रहे साक्ष्य मौके पर पहुंचे दारोगा अभय कुमार ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिली थी और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में राप्ती नदी में नहाने गए 10वीं के छात्र के लापता होने के बाद बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने छात्र के साथ गए दो दोस्तों पर हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। छात्र की तलाश में एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें जुटी हैं। घटना के विरोध में नाराज लोगों ने दोपहर करीब 3 बजे ट्रांसपोर्ट नगर के पास मुख्य सड़क जाम कर दी। करीब छह घंटे तक चले हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। अधिकारियों के समझाने के बाद रात करीब 9 बजे जाम खुलवाया जा सका। पुलिस ने छात्र की मां की तहरीर पर दोनों दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। नदी किनारे छात्र की चप्पल, कपड़े और मोबाइल मिले हैं, जबकि बुधवार रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था छात्र रामगढ़ताल क्षेत्र के सेमरा देवी प्रसाद छोटका पथरा निवासी सत्यपाल निषाद का 16 वर्षीय बेटा प्रिंस एमजी इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था। मंगलवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद शाम करीब 3:30 बजे राजघाट क्षेत्र के चकरा दोयम निवासी उसके दो दोस्त स्कूटी से घर पहुंचे। दोनों उसे अपने साथ राप्ती नदी ले गए। दोस्तों ने परिजनों को बताया कि नहाते समय प्रिंस गहरे पानी में चला गया और डूब गया। इसके बाद वे उसके कपड़े और मोबाइल लेकर घर पहुंचे और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाश शुरू की। तीन महीने पहले विवाद हुआ था पुलिस की तलाश के दौरान नदी किनारे प्रिंस की चप्पल मिली। अमरूतानी के पास उसके कपड़े और मोबाइल भी बरामद हुए। बुधवार रात तक नदी में तलाश के बावजूद छात्र का पता नहीं चल सका। परिजनों ने बताया कि प्रिंस और दोनों युवकों के बीच करीब तीन महीने पहले विवाद हुआ था। घटना से तीन दिन पहले और मंगलवार को भी उनके बीच विवाद होने की बात सामने आई। इसी आधार पर परिवार ने दोनों पर हत्या कर शव नदी में फेंकने की आशंका जताई है। छह घंटे तक सड़क पर चला हंगामा छात्र के लापता होने और हत्या की आशंका से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे ट्रांसपोर्ट नगर के पास मुख्य सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर एसडीएम सदर, सीओ कैंट और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और छात्र की तलाश का भरोसा दिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे जाम समाप्त हुआ। दोनों आरोपियों पर FIR, जांच जारी एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्र की मां सुभावती देवी की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें नदी में लगातार तलाश कर रही हैं। पुलिस छात्र के दोस्तों से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

