राज्य सरकार द्वारा जारी बीस सूत्री कार्यक्रम की नवीनतम रैंकिंग में जयपुर जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के प्रभावी निर्देशन, सतत मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय के चलते जिले की समग्र रैंकिंग में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो विभागीय कार्यकुशलता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पम्पसेट ऊर्जीकरण में राज्य स्तर से निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 200 प्रतिशत तक प्रगति दर्ज की गई है। इससे किसानों को सिंचाई सुविधाओं में मजबूती मिली है और कृषि क्षेत्र को बड़ा संबल प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जयपुर ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थागत प्रसव के मामले में जयपुर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाता है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान करने में भी जयपुर ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिससे शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिला है। वन विभाग द्वारा संचालित पौधारोपण अभियान में जिले को ‘ए ग्रेड’ प्राप्त हुआ है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा शहरी क्षेत्रों में कमजोर वर्गों को आवास उपलब्ध कराने में भी जयपुर ने राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शेष संकेतकों में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बीस सूत्री कार्यक्रम केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर में सुधार का माध्यम है। चुनौती अब इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने की जयपुर जिले की यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रभावी नेतृत्व, नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर समन्वय से विकास कार्यों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। संस्थागत प्रसव, छात्रवृत्ति और पम्पसेट ऊर्जीकरण जैसे क्षेत्रों में अग्रणी रहना सीधे तौर पर आमजन के जीवन स्तर में सुधार का संकेत है। खासकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य और शिक्षा में प्रगति समाज के भविष्य को मजबूत बनाती है। हालांकि, चुनौती अब इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने की है। यदि इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहा, तो जयपुर न केवल राज्य बल्कि देश में भी विकास का मॉडल बन सकता है।
कुंदन नगर के प्राज्ञ भवन में श्री प्राज्ञ जैन नवयुवक मंडल का अधिवेशन संपन्न हुआ। संघ के वरिष्ठ प्रमुखों की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष मनीष मेहता ने की। अधिवेशन का शुभारंभ नवकार महामंत्र के स्मरण के साथ हुआ। अधिवेशन के दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें समाजसेवी गौतम हिंगड़ को अगले 2 साल के लिए मंडल का अध्यक्ष चुना गया। हिंगड़ वर्तमान में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद भी संभाल रहे हैं। नई टीम में रतनलाल भंसाली को संरक्षक, त्रिलोकचंद रांका को महामंत्री और अमित संचेती को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कार्यक्रम का संचालन महावीर लुणावत ने किया।अधिवेशन में युवाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। निवर्तमान कोषाध्यक्ष नवीन नाहटा ने आय-व्यय का लेखा-जोखा पेश किया, जबकि महामंत्री कमलेश सिंघवी ने पिछले दो वर्षों की गतिविधियों का विवरण दिया और सभी का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद गौतम हिंगड़ ने कहा कि उन्हें संघ सेवा का यह अवसर गुरु कृपा से मिला है। उन्होंने संगठन को नए आयाम देने और मानवहित के रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। हिंगड़ ने आगामी चातुर्मास को धर्म, सेवा और साधना के माध्यम से ऐतिहासिक बनाने की बात भी कही।इससे पहले, श्री नाकोड़ा बटुक भैरव परिवार ने फाग महोत्सव और भक्ति कार्यक्रम के दौरान गौतम हिंगड़ का स्वागत किया। समाजसेवी प्रकाश जैन के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों ने उन्हें मोतियों की माला पहनाई, जबकि सज्जन सिंह जैन ने राजस्थानी साफा पहनाकर सम्मानित किया। उपस्थित सदस्यों ने हिंगड़ को शुभकामनाएं दीं।
औरैया समाधान दिवस में 48 शिकायतें मिलीं:6 का मौके पर निस्तारण, DM ने दिए जरूरी निर्देश
औरैया में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती की अध्यक्षता में सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 48 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त आवेदन पत्रों को गंभीरता से लें, स्थलीय सत्यापन करें और संबंधित पक्षों से बातचीत कर नियमानुसार संतुष्टिपूर्ण समाधान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान दिवस में भीखमपुर निवासी ज्ञानवती पत्नी स्व. वासुदेव ने एक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके पति ने वर्ष 1972 में ग्राम इकानपुर में भूमि खरीदी थी, जिसका बैनामा उनके पास है। वर्तमान में दीपे सिंह और कुछ अन्य लोगों ने इस भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। ज्ञानवती के अनुसार, जब वह अपनी जमीन पर जाती हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। ज्ञानवती ने अपनी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने का निवेदन किया। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए कि वे पैमाइश आदि कराते हुए मिशन समाधान के तहत नियमानुसार कार्रवाई कर मामले का निस्तारण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार, तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी, नायब तहसीलदार सदर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रोटावेटर की चपेट में आने से मासूम की मौत:मैनपुरी के नगला अनी गांव में हुआ हादसा, परिवार में मातम
मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र के नगला अनी गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। खेत में काम के दौरान रोटावेटर की चपेट में आने से आशिक पुत्र धीर सिंह की मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में मातम पसरा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के खेत में ट्रैक्टर से रोटावेटर चलाया जा रहा था। इसी दौरान आशिक खेलते-खेलते या किसी कारणवश रोटावेटर के पास पहुंच गया। ट्रैक्टर चालक को इस बात का अंदाजा नहीं लग सका कि बालक कब मशीन की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही बच्चे की चीख-पुकार सुनाई दी, चालक ने तुरंत ट्रैक्टर रोका, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रोटावेटर में फंसने से बालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। मासूम बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
हांसी जिले के पेटवाड़ गांव निवासी लेफ्टिनेंट आकाश दुहन को सोमवार को सतरोल खाप ने सम्मानित किया। भारतीय सेना में अधिकारी बनने पर गांव में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान खाप प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और सम्मान चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। सतरोल खाप के प्रधान एडवोकेट संदीप खर्ब ने इस अवसर पर कहा कि आकाश दुहन ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे होनहार युवाओं को सम्मानित करना समाज का कर्तव्य है। इससे अन्य युवा भी देश सेवा के लिए प्रेरित होते हैं। पिता भारतीय सेना से रिटायर्ड आकाश दुहन के उनके पिता किस्मत दुहन भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं, जबकि माता सुनीता दुहन आंगनवाड़ी सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से पूरी की। बाद में सैनिक स्कूल कुंजपुरा में दाखिला लिया, जहां से उन्हें अनुशासन और देशभक्ति की भावना मिली। सीडीएस में 104वी रैंक मिली उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सीडीएस परीक्षा में उन्होंने देशभर में 104वां स्थान हासिल किया और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए। पेरेंट्स और शिक्षकों को दिया श्रेय सम्मान समारोह के दौरान लेफ्टिनेंट आकाश दुहन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि सतरोल खाप द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके लिए गर्व की बात है और इससे उन्हें देश सेवा के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी। कई लोग रहे मौजूद इस मौके पर उप प्रधान सुशील उर्फ सिली, सरपंच सतबीर पेटवाड़, सरपंच रामकेश माजरा, मास्टर फुलकुमार, सत्यवान दुहन, रामफल पाली, रामनिवास लोहान, बारूराम, शीशपाल, रमेश माजरा, शमशेर नंबरदार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रीवा में फायर सेफ्टी पर सख्ती:24 घंटे अलर्ट रहेगी फायर ब्रिगेड, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
रीवा में गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने फायर सेफ्टी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नगर निगम रीवा की फायर ब्रिगेड टीम 24 घंटे पूरी तरह तैनात रहेगी और किसी भी आगजनी की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचना अनिवार्य होगा, चाहे घटना शहरी क्षेत्र की हो या ग्रामीण इलाके की। कलेक्टर बोलीं- टीमें अलर्ट रहें, लापरवाही की तो होगी कार्रवाईकलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय एवं निजी भवनों, संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बड़े परिसरों में फायर सेफ्टी के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पूर्व में एक समय-सीमा निर्धारित की गई थी, जिसके भीतर सभी को अपने फायर सेफ्टी प्लान और सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तय समय सीमा के बाद यदि किसी भी भवन में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने आमजन से भी अपील की है कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतें, खुले में आग न जलाएं और किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उस पर काबू पाया जा सके।
दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर ईद के मद्देनजर रुकी कार्रवाई सोमवार से शुरू हो गई। सोमवार को PWD के कर्मचारियों ने दालमंडी में मुनादी कराई। 18 मकानों की मुनादी के दौरान पुलिस और पीडब्ल्यूडी के कर्मी मौजूद रहे। इन सभी मकानों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 27 मार्च को की जाएगी। सभी से मकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। दोपहर बाद हुई इस मुनादी से एक बार फिर दालमंडी के व्यापारियों में मार्केट में रूकावट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। 18 मकानों की हुई दालमंडी में मुनादी पीडब्ल्यूडी विभाग ने ईद के बाद के बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अमली जमा पहनाना शुरू कर दिया है। दालमंडी में सोमवार को दोपहर बाद पीडब्ल्यूडी की टीम पहुंची और 18 मकानों की ध्वस्तीकरण की मुनादी कराई गई।सभी मकान में रहने वाले लोगों को इस बात की जानकारी दी गई कि मकान की रजिस्ट्री करा ली गई है।अतः इसे खाली कर दिया जाए। 27 मार्च को होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पीडब्ल्यूडी के जेई ने बताया - दालमंडी गली को 17.05 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसे लेकर दालमंडी के 181 मकान चिह्नित किए गए हैं। अभी तक कुल 46 मकानों की रजिस्ट्री की जा चुकी है। ईद को लेकर कार्रवाई को रोका गया था। लेकिन अब ईद के बीतने के बाद एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। 18 मकानों की आज मुनादी कराई गई है। इन सभी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 27 मार्च को की जाएगी। दुकानदार चिंतित मुनादी होने के बाद दालमंडी के दुकानदार एक बार फिर मार्केट में कस्टमर न आने से चिंतित दिखाई दिए। दुकानदारों ने कैमरे के सामने आये बिना बताया कि - ईद के दौरान कुछ दिनों के लिए मार्केट गुलजार हुआ था। लेकिन अब एक बार फिर ध्वस्तीकरण शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इ बार फिर दुकानदारी ठप्प हो जाएगी। इन मकानों की हुई मुनादी पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया - आज जिन 18 मकानों की मुनादी की गयी है उनमे सीके 39/71A, सीके 40/68,39,70, सीके 40/76, सीके 40/78, सीके 42/ 106, 107, 108, सीके 42/ 196(1-3), सीके 43/181, सीके 43/151, सीके 43/168, 169, सीके 43/150A, सीके 69/2, सीके 69/5, सीके 69/1A, डी 50/219, सीके 67/25A, सीके 69/24, 24A, सीके 68/35 और सीके 67/23A की रजिस्ट्री करवा ली गई है। सभी को खाली करने की मोहलत दी गई है।
नागौर जिले के प्रसिद्ध गोठ-मांगलोद माताजी मंदिर में पुजारियों पर श्रद्धालुओं और समाज के पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट के आरोप लगे हैं। इस मामले में अखिल भारतवर्षीय दायमा (दाधीच) ब्राह्मण महासभा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। महासभा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र दाधीच ने बताया कि मंदिर परिसर में पुजारियों की तानाशाही बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 मार्च को समाज के ‘देवी भागवत’ कार्यक्रम के दौरान पुजारियों ने महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण दाधीच के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। इस घटना में उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुजारी श्रद्धालुओं से जबरन धन वसूली करते हैं और महिला श्रद्धालुओं के साथ अशोभनीय व्यवहार करते हैं। समाज ने बताया कि पूर्व में भी मंदिर परिसर में पिस्तौल लहराकर लोगों को डराने-धमकाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे श्रद्धालुओं में भय और असुरक्षा का माहौल है। दाधीच समाज ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाज चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मंदिर की पवित्रता तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।ज्ञापन सौंपते समय समाज के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज आगामी रणनीति तय कर आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष राजेंद्र दाधीच, लक्ष्मी नारायण शर्मा, बनवारी लाल कड़ा, रामावतार दाधीच, किशन प्रसाद भाभड़ा, राकेश भाभड़ा, मुरलीधर रिणवा, महावीर प्रसाद रतावा, अमरचंद काकड़ा, उमाशंकर मिश्रा सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।
सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र में ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगे हैं। खातेदारों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत की है कि ग्राम प्रधान तालाब के भीटे पर स्थित पेड़ों की नीलामी की आड़ में उनकी निजी जमीन पर लगे पेड़ों को अवैध रूप से कटवाकर बेच रहे हैं। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं ने जनहित में नीलामी प्रक्रिया स्थगित करने और अवैध कटान रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान ने ग्राम सभा के तालाबों (गाटा संख्या 20, 312) के भीटे पर स्थित पेड़ों को बेचने के लिए गलत तरीके से नीलामी का प्रस्ताव भेजा। सेवतरी ग्राम निवासी भानुप्रताप सिंह, अशोक वर्मा और देवेंद्र सिंह सहित अन्य खातेदारों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इस नीलामी की आड़ में प्रधान ठेकेदार के माध्यम से खातेदारों की निजी जमीन, जिसमें गाटा संख्या 313, 311, 18, 21, 22, 29 शामिल हैं, पर लगे पेड़ों की कटान करवा रहे हैं। मामले में ठोस कार्रवाई न होने पर सह-खातेदारों विकास सिंह और देवेंद्र कुमार सिंह ने सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुनः गाटा संख्या 311, 1821 पर लगे पेड़ों की कटान को तालाब (गाटा संख्या 312, 20) के भीटे की आड़ में कराए जाने का आरोप लगाया। उपजिलाधिकारी प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है और जांच कराई जा रही है। एसडीएम के निर्देश पर बीते बुधवार सुबह जयसिंहपुर के सहायक चकबंदी अधिकारी, तृतीय द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि काटे जा रहे पेड़ खातेदारों के नाम दर्ज हैं।
पूर्व प्रधान की हत्या का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार:अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग के कारण हुई थी हत्या
प्रतापगढ़ के मान्धाता थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले की मुख्य आरोपी सुमन देवी को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड में सुमन देवी के साथ अतुल गौतम और अरुण गौतम भी आरोपी हैं। पुलिस के मुताबिक, ग्राम मिसिरपुर मुस्तर्का निवासी पूर्व प्रधान गुलशन उर्फ मुन्ना 18 मार्च 2026 को प्रयागराज जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने 20 मार्च को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान 22 मार्च को शारदा सहायक नहर से एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गुलशन उर्फ मुन्ना के रूप में की। पुलिस जांच में सामने आया कि सुमन देवी ने अपने भाई अतुल और उसके साथी अरुण के साथ मिलकर गुलशन की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि सुमन और मृतक के बीच अवैध संबंध थे। बाद में मृतक कथित तौर पर सुमन को ब्लैकमेल करने लगा और धमकियां देने लगा, जिससे उनके बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस पूछताछ में सुमन देवी ने बताया कि उसने 18 मार्च की रात गुलशन को अपने मायके बगियापुर लेहरा (थाना जेठवारा) बुलाया था। खाना खाने के बाद जब गुलशन सो गया, तब सुमन ने अपने भाई के साथ मिलकर लोहे की पाइप से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, आरोपियों ने शव को रस्सी से बांधकर एक बोरे में भरा। इसके बाद वे बाइक से शव को उमरिया बादल गेंदा के पास शारदा सहायक नहर में फेंक आए। उन्होंने मृतक का मोबाइल फोन और हेलमेट भी नहर में डाल दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए सुमन देवी ने अपना मोबाइल और सिम भी नष्ट कर दिया था। पुलिस ने आरोपी सुमन देवी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की पाइप, कपड़ा और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शहर के एमबीएस अस्पताल में एक बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद लापरवाही के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर इलाज और स्ट्रेचर नहीं मिलने से मरीज की जान गई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। लाडपुरा निवासी गौरव सिंह ने बताया कि उनके पिता बसंत सिंह सोलंकी (70) पिछले 15–20 दिनों से बीमार चल रहे थे। वे डायबिटीज के मरीज थे और उनके पैर में घाव था, साथ ही गैस्ट्रिक और यूरिन संबंधी समस्याएं भी थीं। गौरव के अनुसार, सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी वाहन से अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद वे स्ट्रेचर लेने अंदर गए, लेकिन उन्हें वहां कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं मिला। काउंटर पर पूछने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड में मौजूद स्टाफ से मदद मांगी गई, लेकिन कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि स्ट्रेचर नहीं है, जहां शिकायत करनी है कर दो। मजबूरी में परिजन बुजुर्ग को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। बिना पर्ची डॉक्टर ने देखने से किया इंकारगौरव ने बताया कि पिता को इमरजेंसी बेड पर लिटाने के बाद भी डॉक्टरों ने तुरंत जांच नहीं की। गौरव सिंह के मुताबिक, डॉक्टरों ने पहले पर्ची बनवाने की बात कही और बिना पर्ची के इलाज से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि बार-बार स्थिति की गंभीरता बताने के बावजूद डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू नहीं किया। पर्ची बनवाकर लौटने के बाद ही जांच की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। जबकि अस्पताल के अंदर तक लाए जाने तक वे बात कर रहे थे। अस्पताल प्रशासन ने कहा- आरोप गलतअस्पताल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने परिजनों के सभी आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि जब मरीज को अस्पताल लाया गया, तब वह ब्रॉट डेड स्थिति में था। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लाने पर मरीज की ईसीजी की गई, जो पूरी तरह फ्लैट थी। स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप को भी उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि परिजन मरीज को सीधे इमरजेंसी में लेकर आए थे। इधर, घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।
विदिशा के एसएटीआई इंजीनियरिंग कॉलेज में ग्रांट और एरियर्स भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता चेतन सिंह राजपूत ने वित्त विभाग को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि करीब 39 करोड़ रुपए के इस मामले में नियमों की अनदेखी की गई। अपात्र लोगों को लाभ देने और पात्र कर्मचारियों को बाहर रखने की कोशिश की गई है। शिकायत में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और लोकधन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। साथ ही जांच पूरी होने तक भुगतान रोकने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। सूची में पात्रता की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं सोमवार को राजधानी के एमपी नगर के पास मौजूद एक रेस्टोरेंट में प्रेसवार्ता के दौरान चेतन सिंह ने कहा कि कॉलेज द्वारा तैयार की गई ग्रांट और एरियर्स की सूची में पात्रता तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। आरोप है कि कई ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए, जो नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे। वहीं, कई पात्र कर्मचारियों को सूची से बाहर रखा गया। इससे चयन प्रक्रिया पर पक्षपात और मनमानी के आरोप लगे हैं। इस मामले में डॉ. वाईके जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है। नियमों के खिलाफ एरियर्स का लाभ देने का आरोप आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर दावा किया है कि कुछ कर्मचारियों को नियमों के विरुद्ध एरियर्स का लाभ दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, जिनकी सेवा अवधि कम थी या जो तय तारीख के बाद नियुक्त हुए, उन्हें भी लाभ देने की बात सामने आई है। वहीं कई पात्र कर्मचारियों के एरियर्स तैयार ही नहीं किए गए, जिससे उनके अधिकार प्रभावित हुए हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि प्रबंधन समिति द्वारा स्वीकृत पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को शासन द्वारा स्वीकृत पदों पर कार्यरत दिखाकर अनुदान लेने का प्रयास किया गया। इसे भ्रामक जानकारी देकर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश बताया गया है। मामले में कॉलेज के संचालक डॉ. वाईके जैन और उनके सहयोगियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा है कि उन्हें पहले सेवा से अलग किया गया था, लेकिन बाद में दोबारा नियुक्त कर दिया गया। आरोप है कि एरियर्स की गणना में उस अवधि का वेतन भी जोड़ दिया गया, जब वे सेवा में नहीं थे। इसे हितों के टकराव और नियमों के उल्लंघन का मामला बताया गया है। जांच तक भुगतान रोकने की मांग शिकायतकर्ता ने वित्त विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक ग्रांट और एरियर्स का भुगतान रोक दिया जाए, ताकि किसी भी तरह के वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। अन्य कर्मचारियों ने भी जताई चिंता बताया गया है कि इस मामले को लेकर कई सेवानिवृत्त और वर्तमान कर्मचारी भी अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हो सकती है। प्रशासन से पारदर्शिता की मांग शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है और आरटीआई के तहत सभी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
राजगढ़ जिले के माचलपुर स्थित अग्रवाल शाला में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान सोमवार को संपन्न हुआ। यह शिविर केवल पारंपरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं को बदलते राजनीतिक दौर के अनुरूप ‘ग्राउंड + डिजिटल’ मॉडल पर तैयार करने का प्रयास भी दिखा। 22 से 23 मार्च तक चले इस प्रशिक्षण में 8 सत्रों के जरिए कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति, विचारधारा और तकनीकी दक्षता का मिश्रित प्रशिक्षण दिया गया। विधायक हजारीलाल दांगी ने सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने को प्राथमिकता बताया। बनवारी सोनी ने बूथ प्रबंधन को जीत का आधार बताते हुए हर कार्यकर्ता की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया, वहीं मोहन गुप्ता ने विचारधारा को संगठन की असली ताकत बताया। दूसरे दिन प्रशिक्षण का फोकस स्पष्ट रूप से डिजिटल राजनीति पर रहा। लोकेंद्र गुर्जर ने सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नमो ऐप के उपयोग को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि अब कार्यकर्ता को मोबाइल स्क्रीन पर भी उतना ही सक्रिय रहना होगा, जितना मैदान में। नीलम सोनी ने योजनाओं की जमीनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि देवीसिंह सोंधिया और मनोज हाड़ा ने संगठन विस्तार और टीम मैनेजमेंट के व्यावहारिक पहलुओं को साझा किया। समापन सत्र में जिला अध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर ने कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास से जोड़ते हुए समर्पण और निरंतर सक्रियता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनारायण विश्वकर्मा ने की। पूरे शिविर में अनुशासन, संवाद और सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यह प्रशिक्षण महाअभियान एक तरह से संगठन के ‘नए वर्किंग मॉडल’ की झलक भी रहा, जहां बूथ स्तर की मजबूती के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पकड़ को भी उतनी ही अहमियत दी जा रही है।
बुरहानपुर सायबर सेल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में सोमवार को पीड़ित को ₹1,28,940 वापस दिलाए हैं। पीड़ित से निवेश के नाम पर कुल ₹3,90,400 की ठगी की गई थी। गणपतिनाका थाना क्षेत्र की न्यू शिव कॉलोनी निवासी ऋषभ कुवाडे को ट्रेडिंग में निवेश का एक प्रस्ताव मिला था, जिसमें अत्यधिक रिटर्न का वादा किया गया था। उन्होंने IMPS ट्रांजैक्शन के माध्यम से अनावेदक के बैंक खाते में कुल ₹3,90,400 जमा किए थे। जब ऋषभ ने अपनी निवेशित राशि वापस लेने का प्रयास किया, तो उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिला। धोखाधड़ी का संदेह होने पर, पीड़ित ने तत्काल 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई। सायबर सेल की तत्परता रंग लाईपुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर, गणपतिनाका थाने में सायबर हेल्प डेस्क के आरक्षक गोलु ब्राह्मणे ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तत्काल नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की। सायबर सेल टीम, जिसमें आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर और सायबर हेल्प डेस्क के आरक्षक गोलु ब्राह्मणे शामिल थे, ने विभिन्न बैंकों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। टीम के त्वरित और प्रभावी प्रयासों के कारण, धोखाधड़ी की गई राशि में से ₹1,28,940 को सफलतापूर्वक होल्ड कर लिया गया। विधिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, यह राशि पीड़ित ऋषभ कुवाडे के बैंक खाते में सुरक्षित रूप से वापस कर दी गई। पुलिस ने जनता से अपील की कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जिला बुरहानपुर के सभी थानों पर सायबर हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है।
सीतापुर में जनता की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को सभी सात तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान डीएम राजागणपति आर और एसपी अंकुर अग्रवाल की अध्यक्षता में तहसील मिश्रिख में आयोजित कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिससे साफ संकेत मिला कि जहां जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहते हैं, वहां फरियादियों की संख्या अधिक रहती है। तहसील मिश्रिख में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 55 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश के साथ भेजा गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक-एक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि पात्र लोगों को समय से योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया तथा अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। अन्य तहसीलों की बात करें तो सदर में 32 में से 4, बिसवां में 16 में से 4, सिधौली में 40 में से 7, महमूदाबाद में 15 में से 3, महोली में 14 में से 2 और लहरपुर में 14 में से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उपजिलाधिकारी अभिनव कुमार, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कासगंज एसपी ने महिला स्कूटी दस्ते को हरी झंडी दिखाई:मिशन शक्ति अभियान के तहत सुरक्षा का संदेश फैलाया
कासगंज में नवरात्रि पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिला स्कूटी दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दस्ते का उद्देश्य महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। यह रैली पुलिस लाइन कासगंज से प्रारंभ हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें राजकोंड चौराहा, पिंक बूथ चौकी सोरों गेट, बस स्टैंड और बारह द्वारी जैसे स्थान शामिल थे, जहां से गुजरते हुए दस्ते ने जागरूकता फैलाई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों का एक प्रमुख कारण अशिक्षा है। उन्होंने बेटियों को हर हाल में शिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। एसपी ने यह भी कहा कि महिलाओं को और अधिक स्वावलंबी बनाने के लिए उनमें नेतृत्व की भावना जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। इससे वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होकर आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा पाएंगी। 'मिशन शक्ति 5.0' के तहत शासन द्वारा विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वाले अपराधियों को त्वरित एवं कठोर सजा दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी करना शामिल है। अन्य निर्देशों में महिला बीट पुलिसिंग को मजबूत करते हुए सभी महिलाओं तक पुलिस की सीधी पहुँच सुनिश्चित करना, एंटी रोमियो स्क्वॉड का प्रभावी संचालन और सभी थानों पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क द्वारा समस्याओं का तत्काल निस्तारण करना शामिल है। नवरात्रि पर्व एवं अन्य आयोजनों के दौरान महिला सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। महिला सुरक्षा संबंधी समस्त पुलिस सेवाओं को एकीकृत करते हुए प्रत्येक थाने पर महिला सुरक्षा केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र महिला हेल्प डेस्क, बीट पुलिसिंग, एंटी रोमियो स्क्वॉड, 1090, 181, 112 जैसी हेल्पलाइन सेवाओं से समन्वय स्थापित करेगा। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लक्ष्य शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना और पुलिस की पहुँच सीधे तौर पर प्रत्येक महिला तक स्थापित करना है।
राजधानी के केंद्रीय गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को उ.प्र. माटी कला बोर्ड द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला, सेमिनार एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए प्रजापति समाज और माटी कला से जुड़े कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माटी कला बोर्ड की योजनाओं, लोन प्रक्रिया और सब्सिडी से संबंधित जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने कारीगरों को बताया कि किस प्रकार वे बोर्ड के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकते हैं और उसके बाद सब्सिडी के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है। कारीगरों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर कार्यशाला में अधिकारियों ने कहा कि माटी कला से जुड़े कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत उन्हें आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। साथ ही यह भी बताया गया कि कई बार सब्सिडी लेने में तकनीकी या दस्तावेजी दिक्कतें आती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विभाग द्वारा विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सब्सिडी प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के दौरान कारीगरों को यह समझाया गया कि लोन लेने के बाद किस प्रकार ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन किया जाता है। अधिकारियों ने चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया बताई, ताकि कारीगरों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रदेश भर से पहुंचे कारीगर इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रजापति समाज के लोग और माटी कला से जुड़े कारीगर शामिल हुए। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुझाव भी दिए। पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह कार्यक्रम के अंत में माटी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को सम्मानित भी किया गया। इससे कारीगरों का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
झांसी में एक महिला ने सुसाइड कर लिया। वह दोपहर से स्कूल से घर लौटी और कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद बहू बुलाने गई तो सास फंदे पर पंखे के कुंडी पर फंदा बनाकर लटकी हुई थी। यह देख उसकी चीख निकल गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजन सुसाइड के कारणों की जानकारी नहीं दे पाए। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के उन्नाव गेट बाहर मोहल्ले का है। स्कूल में काम करती थी महिला मृतका का नाम मंजू अहिरवार (55) पत्नी हरिराम अहिरवार था। वह उन्नाव गेट बाहर मोहल्ले की रहने वाली थी। मृतका के बेटे धर्मेंद्र ने बताया कि मेरी मां मंजू प्राइवेट स्कूल में काम करती थी। रविवार को वह स्कूल गई थी। दोपहर में वह घर लौटकर आई। इसके बाद वह कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद उनकी बहू बुलाने गई तो कमरा अंदर से बंद था। देखा तो वह पंखे की कुंडी पर दुपट़़्टा से फंदा बनाकर लटकी थी। बहू के रोने चिल्लाने पर आसपास के लोग आ गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच की जांच शुरू कर दी है। मंजू के दो बेटे धर्मेंद्र और दीपक व एक बेटी प्रीति है। तीनों की शादी हो चुकी है। पति हरिराम अहिरवार राजमिस्त्री हैं।
बांसवाड़ा के टीएडी भवन में आग से मचा हड़कंप:सायरन बजाती पहुंचीं गाड़ियां, छत से उतारकर बचाए ‘फंसे लोग’
बांसवाड़ा के टीएडी भवन में सोमवार दोपहर आग लगने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में सायरन बजाती फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को छत से उतारकर बचाया गया। बाद में सामने आया कि यह आपदा प्रबंधन विभाग की मॉक ड्रिल थी, जिसके जरिए प्रशासन ने आपात स्थिति में अपनी तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम को परखा। आग की सूचना से मचा हड़कंप सोमवार दोपहर शहर के टीएडी भवन में अचानक आग लगने की सूचना फैली, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग स्थिति को लेकर घबराने लगे, लेकिन कुछ ही समय में स्पष्ट हो गया कि यह एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल थी। मिनटों में पहुंचा पूरा अमला सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और कोतवाली पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गईं। इस दौरान भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन का किया प्रदर्शन मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन टीम ने आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का भी प्रदर्शन किया। भवन की छत से लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने का अभ्यास किया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई की तैयारी परखी जा सके। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई निगरानी इस पूरे अभ्यास की निगरानी अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजीव द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने की। एएसपी नरपत सिंह और एसडीएम सोनू कुमारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय और उनकी कार्यशैली का आकलन किया। आपदा में नुकसान कम करने का प्रयास प्रशासन का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। इससे यह भी समझ आता है कि किस विभाग की प्रतिक्रिया कितनी तेज है और संसाधनों की स्थिति क्या है।
पंजाब के संगरूर जिले में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (PWC) के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड मामले पर राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बयान दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार से जांच के नतीजे आने तक इंतजार करने की अपील की है। चीमा ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने परिवार से जांच के अंतिम परिणामों की प्रतीक्षा करने का आग्रह किया। मंत्री चीमा ने बताया कि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम मामले की चल रही जांच पर कोई असर न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री ने दोहराया कि भुल्लर ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
शाजापुर जिले में सहकारिता समितियों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरुआत की है। सैकड़ों कर्मचारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह चरमरा गया है। नियुक्ति आदेशों में भेदभाव का आरोप हड़ताल का मुख्य कारण सहायक समिति प्रबंधकों की पदोन्नति और नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी है। संघ के जिलाध्यक्ष लखन कुंभकार ने बताया कि प्रबंधकों की नियुक्ति प्रक्रिया अक्टूबर 2025 तक पूर्ण होनी थी। हैरानी की बात यह है कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे पड़ोसी जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन शाजापुर में पात्रता सूची जारी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश अटकाए गए हैं। किसानों पर दोहरी मार: न खाद-बीज मिल रहा, न ऋण हड़ताल के कारण जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोसायटियों से होने वाला खाद और बीज का वितरण बंद हो गया है, वहीं ऋण वितरण की प्रक्रिया भी पूरी तरह ठप है। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों को अब निजी साहूकारों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 1 अप्रैल से गेहूं उपार्जन पर संकट इस हड़ताल का सबसे गंभीर असर समर्थन मूल्य पर होने वाली गेहूं खरीदी पर पड़ने वाला है। जिले के सभी 64 उपार्जन केंद्रों का संचालन इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे है। यदि 1 अप्रैल से पहले हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो गेहूं खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे हजारों किसानों का भुगतान और अनाज भंडारण प्रभावित होगा। जिला सहकारी बैंक के सीईओ कोमल डहाके ने कहा है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास जारी हैं। हालांकि, कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं होते, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
चित्रकूट में संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा स्थापित श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय का मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास ने भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का अवलोकन किया। ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर महाराज का स्वागत किया। महाराज को सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय और जानकी कुंड चिकित्सालय के बाह्य रोगी विभाग, नेत्र रोगी वार्ड और ट्रस्ट के मॉडल सहित अन्य प्रकल्पों का अवलोकन कराया गया। चित्रकूट जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इतनी बड़ी नेत्र चिकित्सा सुविधा देखकर महाराज ने इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सालय दूर-दराज से आने वाले नेत्र रोगियों के लिए वरदान है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। चिकित्सालय के सभी विभागों का अवलोकन करने के बाद, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज ने परिसर स्थित पद्मश्री डॉ. बीके जैन के आवास पर जाकर उनके परिवारजनों से भेंट की। उन्होंने पद्मश्री डॉ. बीके जैन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराज श्री ने डॉ. बीके जैन को याद करते हुए कहा कि वे वास्तव में मानव सेवा के लिए समर्पण और त्याग की मिसाल थे। उन्होंने लोगों को ऐसे कर्मयोगी से सेवा भाव सीखने की प्रेरणा दी। डॉ. जैन की मेहनत, त्याग, सेवा और समर्पण के कारण ही सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय ने आज विश्वव्यापी ख्याति प्राप्त की है। महाराज श्री ने कहा कि डॉ. जैन सद्गुरु भगवान के चरणों की सेवा में समाहित हो गए। इस अवसर पर सद्गुरु देव भगवान की शिष्याएं रमा बेन और दमयंती बेन, ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन और उनकी पत्नी मौसम जैन व उनके दोनों पुत्र, डॉ. बीके जैन की पत्नी ऊषा जैन, उनके भाई-बंधु सहित परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न कोनों से आए गुरु भाई-बहन, मीडिया प्रभारी वीरेंद्र शुक्ला और सद्गुरु परिवार के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में श्रीजी मेला भूमि को लेकर अब विरोध खुलकर सामने आ गया है। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस जमीन पर जनपद भवन के निर्माण और कथित कब्जों को लेकर सकल हिन्दू समाज ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को नगर बंद का ऐलान कर दिया गया है, जिससे प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। आंदोलन की रणनीति के तहत कल सुबह 10 बजे नगर के लोग इमली स्टैंड पर जुटेंगे। यहां से बड़ी संख्या में नागरिक रैली के रूप में वाहनों से राजगढ़ कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखेंगे। इस बंद को सफल बनाने के लिए पिछले दो दिनों से नगर में माहौल बनाया जा रहा है। रविवार और सोमवार को पंपलेट बांटकर दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे दोपहर 2 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। इससे साफ है कि आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा मंडल अध्यक्ष बद्री दांगी ने सीधे आरोप लगाए हैं कि श्रीजी मेला भूमि, जो वर्षों से नगर की आस्था और परंपरा का केंद्र रही है, अब धीरे-धीरे खत्म की जा रही है। यहां हर साल मेला लगता है, पिछले दो साल से कैवल्य योग आश्रम द्वारा सनातन मेला भी आयोजित हो रहा है और बड़े धार्मिक आयोजन इसी स्थल पर होते हैं। उन्होंने कहा कि अब इसी जमीन पर जनपद भवन का निर्माण किया जा रहा है और गीता भवन बनाए जाने की भी चर्चा है। साथ ही कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से अपने नाम करवा कर कब्जा करने की बात भी सामने आई है, जिससे मेला भूमि लगातार सिमटती जा रही है। सकल हिन्दू समाज ने साफ मांग रखी है कि जनपद भवन का निर्माण तत्काल रोका जाए और इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही मेला भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर सीमांकन कराया जाए, ताकि भविष्य में यह जमीन सुरक्षित रह सके। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि कल होने वाले नगर बंद और विरोध के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है या यह मामला और बड़ा रूप लेता है।
आगर मालवा में जिला न्यायालय परिसर स्थित मिडिएशन हॉल में सोमवार को ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस चौहान, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मारू सहित अन्य न्यायाधीश, जिला विधिक सहायता अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालयीन कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आपसी अभिवादन और शुभकामनाओं से हुई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मारू ने सभी को ईद की बधाई दी। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में संयम और उपवास के बाद मनाया जाने वाला ईद का त्योहार आपसी गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस चौहान ने भी अपने संबोधन में सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि ईद का पर्व आपसी प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह के आयोजन न्यायालयीन परिवार के बीच बेहतर तालमेल और सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक होते हैं। समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों को स्वल्पाहार कराया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता और सौहार्द का वातावरण बना रहा, जिसने एकता और भाईचारे के ईद के वास्तविक संदेश को साकार किया।
आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) ने अभिव्यक्ति 2026 का सफल आयोजन किया। यह दो दिवसीय डीप-टेक सम्मेलन था, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, निवेशक और वैज्ञानिक शामिल हुए। उन्नत शोध को वैश्विक समाधानों में बदलना विषय पर आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया। ये स्टार्टअप्स एआई. एमएल, मेडटेक, क्लीनटेक, रक्षा एवं एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, आईओटी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। शोध और बाजार की दूरी को कम करने पर ध्यान कार्यक्रम का उद्घाटन कानपुर मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडियन और सीएसजेएमयू के वीसी विनय कुमार पाठक ने की। अभिव्यक्ति 2026 में “वैली ऑफ डेथ” यानी शोध और बाजार के बीच की दूरी को कम करने पर खास ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने शुरुआती तकनीकों के जोखिम को कम करने, फंडिंग बढ़ाने और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मेडटेक में नियमों से जुड़ी चुनौतियां, शोध को उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया और CSR के माध्यम से फंडिंग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। डीपटेक की भूमिका को किया उजागर अभिव्यक्ति में नए बैच लॉन्च, एमओयू साइनिंग और वर्कशॉप्स आयोजित की गईं। स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं द्वारा संचालित एक विशेष पैनल ने डीप-टेक में उनकी भूमिका और भागीदारी को भी उजागर किया। एथ्रोन एयरोस्पेस का पहला स्थान अभिव्यक्ति 2026 की मुख्य आकर्षणों में से एक पिच बैटल रहा, जिसमें स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों को एक प्रतिष्ठित जूरी के सामने प्रस्तुत किया। एथ्रोन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, इसके बाद गोफ्लोट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सिमैक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। औपचारिक सत्रों के अलावा, इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी और नेटवर्किंग के जरिए स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच सीधी बातचीत हुई। इससे फंडिंग, साझेदारी और मार्गदर्शन के नए अवसर बने।
दतिया में पंडोखर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डकैती की योजना बना रहे तीन शातिर बदमाशों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो 315 बोर के कट्टे, चार जिंदा कारतूस और एक लोहे की सब्बल बरामद हुई है। वहीं दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पूरे मामले का खुलसा पुलिस सोमवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया। पुलिस के मुताबिक, 22-23 मार्च की दरम्यानी रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बड़ेरा सोपान में कुछ बदमाश एक घर में डकैती डालने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान बदमाश भागने लगे।लेकिन पुलिस ने पीछा कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। भिंड और ग्वालियर के रहने वाले हैं आरोपीपकड़े गए आरोपी भिंड और ग्वालियर जिले के रहने वाले हैं और इन पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और नकबजनी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पंडोखर, इंदरगढ़ और सेवड़ा क्षेत्र में चोरी और डकैती की कई वारदातें करना कबूला है। साथ ही सेवड़ा इलाके से एक राइफल चोरी की घटना भी स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू शाक्य उर्फ कन्हई (32), अमन पांडे उर्फ अभिषेक (23) और बलराम शाक्य उर्फ बबलू शामिल हैं। वहीं राजा राठौर (निवासी खिरिया) और राजकुमार नागर (भिंड) फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर चोरी गए माल और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ करेगी।
बदायूं नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद मामला:अगली सुनवाई 8 अप्रैल को, मुस्लिम पक्ष की बहस बाकी
बदायूं में नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। यह मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन है। फिलहाल मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी होनी है। इंतजामिया कमेटी की ओर से सुनवाई रोकने की पैरवी की जा रही है। इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है। नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद का यह मामला साल 2022 से चल रहा है। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल इस मुकदमे के मुख्य वादी हैं। उनके साथ कई अन्य अधिवक्ता और हिंदूवादी नेता भी मुकदमे में वादी बने हैं। मुकदमे में दावा किया गया है कि जामा मस्जिद स्थल पर पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था, जिसे बाद में आक्रांताओं ने मस्जिद में बदल दिया। यह भी कहा गया है कि वहां मौजूद शिवलिंग अब भी शहर के दरीबा मंदिर में है। इस प्रकरण में पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जा चुकी है। मुस्लिम पक्ष की बहस जारी है। इंतजामिया कमेटी का दावा है कि स्थल पर हमेशा मस्जिद ही थी और मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था। उनका यह भी तर्क है कि यह मामला सुनवाई के योग्य नहीं है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में ऐसा कोई जिक्र नहीं है कि इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकती। वर्तमान में बहस का मुख्य मुद्दा यही है कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं।
नेपाल के कपिलवस्तु जिले में हुई हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इसका असर सोनौली सीमा पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां रविवार को पर्यटक वाहनों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई। सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 500 पर्यटक वाहन नेपाल की ओर जाते थे, लेकिन घटना के बाद यह संख्या घटकर करीब 200 रह गई। बड़ी संख्या में पर्यटक कपिलवस्तु की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बीच रास्ते से ही लौट गए। उन्हें आशंका है कि हिंसा का असर नेपाल के अन्य जिलों तक भी फैल सकता है। घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल जाने वाले वाहनों को कस्टम गेट तक ही सीमित रखा गया है और सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सोनौली बाजार में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में कमी आई, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ है। होटल और ट्रैवल व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट से उनका कामकाज प्रभावित हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि कपिलवस्तु के बरगदवा क्षेत्र में धार्मिक विवाद के बाद दूसरे दिन भी तनाव बना हुआ है। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और बड़ी संख्या में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार इस हिंसा में कुल 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पुलिस और सशस्त्र बल के जवान भी शामिल हैं। चार लोगों को गोली लगी है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
होशियारपुर के तलवाड़ा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में ड्यूटी के दौरान सुरक्षाकर्मी गुरमेल सिंह अपनी डबल बैरल बंदूक से अचानक गोली चलने से गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना आज हुई। घटना के बाद घायल सुरक्षाकर्मी गुरमेल सिंह को तुरंत बीबीएमबी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए जालंधर रेफर कर दिया गया है, फिलहाल उनका उपचार जारी है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही तलवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षाकर्मी की बंदूक को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच में जुटी पुलिस डीएसपी बलविंदर सिंह जोड़ा के अनुसार, घायल सुरक्षाकर्मी गुरमेल सिंह से गोली कैसे चली, यह जांच का विषय है। पुलिस गुरमेल सिंह के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी और मामला दर्ज किया जाएगा।
संभल में एक संविदा लाइनमैन की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह शुक्रवार शाम को दांत दर्द की दवा लेकर घर लौट रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। घायल अवस्था में वह करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे पड़ा रहा। यह घटना जनपद संभल की चंदौसी तहसील के थाना बहजोई क्षेत्र में शहीद भगत सिंह पुलिस चौकी के निकट हुई। मृतक की पहचान मोहम्मद आमिर उर्फ नूरी (42) पुत्र अब्दुल सलाम के रूप में हुई है, जो गांव मझोला का निवासी था। अलविदा जुमे की नमाज के बाद आमिर बहजोई कस्बे में दांत दर्द की दवा लेने गया था। अस्पताल से घर लौटते समय चौकी से लगभग 10 कदम दूर एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। करीब आधे घंटे तक घायल आमिर सड़क किनारे खंदी में पड़ा रहा। उधर से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी और परिजनों को हादसे के बारे में बताया। परिवार के लोग आमिर को इलाज के लिए संभल, चंदौसी और फिर मुरादाबाद ले गए। रविवार रात को उसकी मौत हो गई। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के भाई तालिब ने बताया कि आमिर को एंबुलेंस से पहले चंदौसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया और फिर अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मुरादाबाद ले जाया गया। मुरादाबाद में उनका ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन सात दिन के इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मोहम्मद आमिर अपने पीछे पत्नी मेहराज बेगम और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। बच्चों के नाम रिदा (9), हिरा (7), मननान (5) और तय्याबा (2.5) हैं।
लखीमपुर खीरी में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाले इस अभियान की शुरुआत जिला महिला चिकित्सालय से हुई। अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, विधायक योगेश वर्मा, बीजेपी जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता, मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता और सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस अवसर पर कहा कि एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को समय पर टीका लगवाने की अपील की। यह वैक्सीन 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के लिए पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। टीकाकरण के लिए अभिभावक U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि बेटियां समाज की शक्ति हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव अब संभव है, जिसके लिए सरकार ने निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन की सुविधा प्रदान की है। बीजेपी जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि देश के नेतृत्व ने बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सभी से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। जिला महिला अस्पताल से शुरू हुए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत जिले को 12 हजार किशोरियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। CMO डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि टीकाकरण जिला महिला अस्पताल एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को निःशुल्क वैक्सीन लगाई जाएगी। अभिभावक U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कर आसानी से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र एवं राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह सोमवार को दतिया पहुंचे। यहां उन्होंने देश के प्रसिद्ध शक्ति पीठ पीतांबरा पीठ में मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। दर्शन के पीठ प्रांगण में स्थित शिवालय पहुंचे जहां जयवर्धन सिंह ने वनखंडेश्वर महादेव का विधि-विधान से अभिषेक किया। नवरात्र के पावन अवसर पर उनके इस धार्मिक दौरे को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। मीडिया से चर्चा के दौरान जयवर्धन सिंह ने बताया कि वे सेवढ़ा में आयोजित सेवादल के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सेवादल कार्यकर्ताओं को दक्ष बनाने हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जयवर्धन सिंह का यह दौरा जहां एक ओर आस्था से जुड़ा रहा, वहीं दूसरी ओर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने का संकेत भी देता नजर आया।
डूंगरपुर में युवती ने होने वाले ससुराल में किया सुसाइड:फंदा लगाकर दी जान, कारणों का नहीं हुआ खुलासा
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवती ने अपने होने वाले ससुराल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि सुसाइड के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। चौरासी थाने के हेड कॉन्स्टेबल हजारीलाल गुर्जर ने बताया कि युवती की जिस गांव में हुई थी, वहां वो अपने होने वाले ससुराल में मेहमान के तौर पर आई हुई थी। परिजनों के अनुसार रात को सब कुछ सामान्य था और वो खुशी-खुशी सोई थी। सुबह जब घर के लोग जागे, तो उन्होंने युवती को घर के कमरे में मफलर का फंदा लगाकर लटका हुआ पाया।परिजन और आसपास के लोग आनन-फानन में उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सपा ने मनाई लोहिया जयंती, भाजपा सरकार पर साधा निशाना:कन्नौज में लोहिया पार्क की दुर्दशा पर उठाए सवाल
कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती मनाई। इस अवसर पर उन्होंने लोहिया पार्क की दुर्दशा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा। पूर्व विधायक सहित कई पार्टी नेता लोहिया पार्क पहुंचे और प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। जयंती समारोह की शुरुआत सपा के जिला कार्यालय से हुई, जहां पार्टी नेता एकत्र हुए। इसके बाद वे तिर्वा क्रासिंग पहुंचे और वहां स्थापित लोहिया प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नारेबाजी की। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सपा कार्यालय पर एक गोष्ठी भी हुई। इसमें लोहिया के विचारों पर प्रकाश डाला गया। पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे ने कहा कि डॉ. लोहिया का सपना था कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे और सभी को रोजगार मिले। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लोहिया के आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर सपा नेता पीपी सिंह बघेल, हसीब हसन, इंद्रेश यादव, अंशू पाल, रजनीकांत यादव, कमलेश कटियार, आनंद बाबू यादव, चंद्रभान दोहरे, आशीष यादव, विवेक पाल, नितिन यादव, तुफैल अहमद, सौरभ कुशवाहा, अमन खान, आदिल परवेज़, नितिन पाल, बंटी यादव, हारून खान कल्लू, भोला यादव, कामरान खान, आदिल खान, रजनीकांत पाल सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा कार्यालय से निकलने के बाद पार्टी नेता मानपुर स्थित लोहिया पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने लोहिया प्रतिमा के आसपास सफाई की। सपाइयों ने पार्क की खराब स्थिति को लेकर वीडियो बनाए और सरकार पर पार्क की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सपा नेता हसीब हसन ने आरोप लगाया कि कन्नौज प्रशासन पार्क के रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि पार्क के मुख्य गेट पर लगा बोर्ड टूट चुका है, बैठने की सीटें भी क्षतिग्रस्त हैं और पार्क में नियमित साफ-सफाई नहीं होती है।
केंद्र सरकार ने राजस्थान सहित देशभर के किसानों का कर्ज माफ करने से इनकार कर दिया है। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के किसान कर्ज माफी के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जवाब में बताया कि किसानों की पूर्ण कर्ज माफी के लिए योजना तैयार करने संबंधी कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। राजस्थान के किसानों पर 31 दिसंबर 2025 तक कुल 1 लाख 92 हजार 293 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया था। राजस्थान में किसानों पर कॉमर्शियल बैंकों का 1 लाख 44 हजार 192 करोड़ रुपए, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का 30,069 करोड़ और सहकारी बैंकों का 18,032 करोड़ रुपए बकाया है। सबसे ज्यादा कर्ज कॉमर्शियल बैंकों का बकाया है। पिछले तीन साल से किसानों का कर्ज सालाना 15 फीसदी की दर से बढ़ा है। पूरे देश में किसानों पर 31.34 लाख करोड़ कर्ज, राजस्थान का हिस्सा 6 फीसदी पूरे देश में किसानों पर 31.34 लाख करोड़ का कर्ज बकाया है। राजस्थान के किसानों पर देश के सभी राज्यों के कुल किसान कर्ज का करीब 6% के आसपास हिस्सा है। कृषि के अलावा सहायक एक्टिविटी के लिए किसानों को दिए जाने वाले कम अवधि के कर्ज की सीमा 1.60 लाख से बढ़ाकर 2.00 लाख की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के माध्यम से फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के माध्यम से जमीन धारक किसानों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाता है। किसानों पर बकाया कर्ज में राजस्थान देश में छठे नंबर पर किसानों पर बकाया कर्ज के मामले में राजस्थन देशभर में छठे नंबर पर है। देश में सबसे ज्यादा कर्ज तमिलनाडू के किसानों पर बकाया है, तमिलनाडू देश में पहले स्थान पर जबकि आंध्र प्रदेश दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे, कर्नाटक चौथे, यूपी पांचवें स्थान पर है। तमिलनाडु के किसानों पर कुल 5.06 लाख करोड़ कर्ज बकाया है। आंध्र प्रदेश के किसानों पर 3.75 लाख करोड़, महाराष्ट्र के किसानों पर 3.07 लाख करोड़, कर्नाटक के किसानों पर 2.10 लाख करोड़ और राजस्थान के किसानों पर 1.92 लाख करोड़ का कर्ज बकाया है। राजस्थान के बाद तेलंगाना का नंबर है जिसाके किसानों पर 1.75 लाख करोड़ का कर्ज बकाया है। हर साल कर्ज बांटने का आंकड़ा बढ़ रहा, सालाना 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने जवाब में बताया- किसानों को कर्ज बांटने का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। 2022-23 से किसानों को कर्ज बांटने में सालाना 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान में साल 2022-23 में किसानों को 1,41,612 करोड़, 2023-24 में 1,53,593 करोड़ और 2024-25 में 1,68,545 करोड़ के कर्ज बांटे गए। ये भी पढ़ें… राजस्थान में बारिश-ओलावृष्टि से फसल बर्बाद:जीरा काला पड़ा, खेतों में सड़ने लगा गेहूं; कृषि मंत्री किरोड़ीलाल बोले- मुआवजा मिलेगा राजस्थान में आसमान से आफत बरसी है। मार्च की सुनहरी धूप में पककर तैयार खड़ी रबी की फसलें अब काली पड़ चुकी हैं। कहीं ओलों ने बालियां झड़ा दीं, तो कहीं बेमौसम बारिश ने खेतों को तालाब बना दिया। अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और अलवर सहित प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में किसानों की महीनों की मेहनत चंद घंटों में मिट्टी में मिल गई। (पूरी खबर पढ़ें)
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दूसरी कक्षा के 7 साल का छात्र की 30 फीट ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। स्कूल जाने से पहले वह दोस्तों के साथ पतंग उड़ा रहा था, इसी दौरान यह हादसा हो गया। घटना बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम नेवारीकला की है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे हर्ष कुमार साहू (7 वर्ष) अपने घर से स्कूल जाने के लिए तैयार होकर निकला और पड़ोस के वासुदेव के घर की दूसरी मंजिल की छत पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि बच्चे छत पर पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान बाउंड्री वाल नहीं होने के कारण हर्ष का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे करीब 30 फीट नीचे गिर गया। गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन बच्चे को निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दो बहनों का इकलौता भाई था हर्ष पुलिस के अनुसार, हर्ष कुमार साहू अपने परिवार में दो बहनों के बीच सबसे छोटा और इकलौता भाई था। उसके पिता संजय कुमार साहू बालोद शहर के एक गैरेज में काम करते हैं और घटना के समय काम पर ही थे। बताया जा रहा है कि काम पर जाने से पहले हर्ष ने अपने पिता से स्कूल जाने के लिए पैसे भी लिए थे। जिसे याद कर पिता बिलखते रहे। हादसे के बाद अस्पताल में मां की हालत भी बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। वहीं दादा, चाचा समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जिन्हें ग्रामीण ढांढस बंधाते रहे। नवरात्र के बीच गांव में पसरा मातम गांव में नवरात्र के उत्सव के बीच इस हादसे ने पूरे माहौल को गम में बदल दिया। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि घटना सुबह की है। जिसके बाद दोपहर में पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। शाम करीब 4 बजे गांव में अंतिम संस्कार किया गया। प्रारंभिक तौर पर इसे लापरवाही का मामला माना जा रहा है, जहां खुले छत पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई।
देवास जिले में ई-टोकन प्रणाली प्रशिक्षण के दौरान कृषि विकास अधिकारी पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद पंचायत सचिवों और सहायक सचिवों ने प्रशिक्षण का बहिष्कार कर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्योति शर्मा को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। मप्र पंचायत सचिव संगठन के जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ठाकुर ने बताया कि जनपद पंचायत के निर्देश पर 23 मार्च 2026 को देवास के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सचिवों और सहायक सचिवों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। यह प्रशिक्षण किसानों की लंबित फार्मर आईडी से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित था। आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान जब डीडीओ गोपेश पाठक से इस विषय पर बात की गई, तो वे नाराज हो गए। उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कर्मचारियों को प्रशिक्षण से बाहर जाने को कहा। जब सचिवों और सहायक सचिवों ने अन्य विभागों के कर्मचारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया, तो डीडीओ ने इस पर भी असंतोष व्यक्त किया और कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हुए प्रशिक्षण से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। जांच और उचित कार्रवाई की मांग इस घटना के बाद, मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन, देवास ने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय भगवान सिंह चौधरी, सिकंदर पटेल, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, रमेश मंडलोई, विश्वास बघेल, सहायक सचिव ब्लॉक अध्यक्ष संजय ठाकुर, सोहन सिंह गौड़, राहुल दुबे, राकेश गौड़, महेंद्र सिंह, देवेंद्र चौहान, राहुल सिलोटिया, संतोष गुर्जर सहित देवास जनपद के बड़ी संख्या में सचिव और सहायक सचिव उपस्थित रहे।
चित्रकूट में बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में पाठा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर कर्वी स्थित शहीद स्मारक पार्क, एलआईसी तिराहा पर क्रमिक अनशन सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे घर वापस नहीं लौटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने आंधी, बारिश और तूफान के बीच भी डटे रहने का संकल्प दोहराया और आमजन से इस आंदोलन में सहयोग की अपील की। उनका कहना है कि पाठा क्षेत्र लंबे समय से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, खेल, परिवहन और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। आंदोलनकारियों के अनुसार कई गांवों में आज भी लोग खराब सड़कों, लो वोल्टेज, अधूरी जल योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। अब क्षेत्रीय जनता ने इन समस्याओं के समाधान के लिए निर्णायक लड़ाई का मन बना लिया है। प्रमुख मांगों में देवांगना घाटी से ददरी-मारकुंडी संपर्क मार्ग का चौड़ीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुकमा खुर्द में एंबुलेंस व स्टाफ की तैनाती और रुकमा बुजुर्ग में बनी लाइब्रेरी का संचालन शामिल है। इसके अलावा अन्य ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय निर्माण की भी मांग उठाई गई है। मोर्चा ने रुकमा खुर्द, मारकुंडी और सरैंया में खेलो इंडिया के तहत स्टेडियम, डिग्री कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और बालिका इंटर कॉलेज खोलने की मांग की है। साथ ही पशु अस्पताल रुखमा बुजुर्ग में पेयजल, रास्ता व डॉक्टरों की तैनाती, पूरे पाठा क्षेत्र में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या खत्म करने तथा हर घर जल योजना को जल्द पूरा करने की मांग भी की गई है। अन्य मांगों में मडैयन-बहिलपुरवा मार्ग की मरम्मत, कर्वी से ददरी माफी होते हुए मारकुंडी तक सरकारी बस सेवा शुरू करना, माडो बांध के गेट की मरम्मत और नहर की खुदाई शामिल है। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत में श्मशान घाट, ददरी माफी में पुलिस चौकी, रेलवे अंडरपास व फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। आंदोलनकारियों ने पलायन रोकने के लिए क्षेत्र में फैक्ट्रियां और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने, स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा बढ़ाने और कर्वी में ऑटो रिक्शा स्टैंड बनाने की भी मांग की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष क्षेत्र के विकास और आमजन के अधिकारों की लड़ाई है, जिसे किसी भी हाल में रोका नहीं जा सकता।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा मित्र योजना के तहत लखनऊ में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस योजना के अंतर्गत युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘माई भारत’ पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे स्वयंसेवक के रूप में काम करते हुए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा अभियान को मजबूत कर सकें। ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित हुआ प्रशिक्षण सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित फिटनेस सेंटर में 39 युवा स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय ने की। अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) राधा रमण सिंह सहित कई अधिकारियों ने युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात प्रबंधन और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सड़क सुरक्षा किट का भी हुआ वितरण प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा किट भी वितरित की गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि वे समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
टीकमगढ़ में सोमवार को नरसिंह मंदिर परिसर में एक घायल मोर मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने वनरक्षक दीपेश प्रजापति को मौके पर भेजा, जिन्होंने मोर का रेस्क्यू कर उसे पशु अस्पताल पहुंचाया। वनरक्षक दीपेश प्रजापति ने बताया कि मोर के पैर में चोट लगी थी, जिसके कारण वह उड़ नहीं पा रहा था। रेस्क्यू के बाद पशु अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। फिलहाल मोर को निगरानी में रखा गया है। यह अकेला रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था। इससे पहले रविवार रात करीब 11 बजे, शहर से सटे डुमरऊ गांव में एक मकान में सांप होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर दीपेश प्रजापति ने देखा कि पार्वती रैकवार के मकान में डिब्बों के पीछे एक कोबरा छिपा हुआ था। मोहल्ले के लोग उसे मारने के लिए इकट्ठा हो गए थे। वनरक्षक ने लोगों को समझाया और स्टिक की मदद से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। देर रात उसे वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सर्प मित्र को पहले सूचना दें दीपेश प्रजापति ने बताया कि कोबरा सांप सबसे जहरीला होता है और अक्सर रात के समय हमला करता है, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय सर्प मित्र को सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके और जंगल में छोड़ा जा सके।
आगरा नगर निगम सदन में हुई पार्षदों की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा-बसपा पार्षदों के बीच नोकझोंक हुई लेकिन बैठक में नगर निगम अधिकारियों के न आने पर दोनों दलों के पार्षद एकजुट दिखाई दिए। बैठक में नगर निगम का कर्मचारी तक उपस्थित नहीं था। इस पर भाजपा पार्षद शरद चौहान चाय न मिलने पर भड़क गए। सदन के बीच में बैठक शरद चौहान उठकर खड़े हो गए। बोले…ये पार्षदों का अपमान है। मेयर सहित सभी पार्षद मौजूद हैं लेकिन नगर निगम में कोई चाय तक पूछने वाला नहीं है। विस्तार से पढ़िये क्या था मामला… मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच चल रही खींचतान के बीच सोमवार को मेयर ने नगर निगम सदन में पार्षदों की बैठक बुलाई। इसमें नगर निगम के अधिकारी नहीं पहुंचे। इसको लेकर पार्षदों में रोष था। वे मेयर का समर्थन करते हुए अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश में थे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल तो दूर नगर निगम का कर्मचारी तक बैठक में नहीं पहुंचा। इसको लेकर पार्षदों के आक्रोश का पारा सातवें आसमान पर था। पार्षद का फूटा आक्रोश बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। दोपहर लगभग 1 बजे तक अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर चर्चा होती रही। इस बीच भाजपा पार्षद शरद चौहान उठे और माइक संभालते हुए बोले-इससे ज्यादा अपमान नहीं हो सकता कि अधिकारी तो दूर कर्मचारी तक कुछ पूछने नहीं आया। जबकि बैठक में मेयर मौजूद हैं। उन्होंने कहा-किसी ने चाय तक नहीं पूछी। इस बीच वे काफी आक्रोश में दिखे। बाद में दूसरे पार्षदों ने उन्हें शांत कराया। मेयर ने भी पार्षदों के सामने रखी व्यथा बैठक की शुरुआत में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अपनी व्यथा रखी। पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा-3 साल से समय पर न सदन की कार्यवाही हो रही है और न ही कार्यकारिणी की बैठक। इससे क्षेत्र की जनसमस्याओं पर चर्चा ही नहीं हो पा रही। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के पास जब भी सदन के संबंध में कोई लेटर जाता है तो वे एक तो सूचना देर करते हैं। या फिर अब तक ऐसा होता है कि जिस दिन सदन या कार्यकारणी होती है, उससे एक दिन पहले शाम को आते हैं और मना करके जाते हैं। अभी ये सदन नहीं है, क्योंकि जब यहां अधिकारी ही नहीं है तो ये सदन चल ही नहीं सकता। इसलिए नहीं पहुंचे अधिकारी बताया गया कि नगर निगम की ओर से सदन की बैठक नहीं है। नगर निगम के अधिकारी उस शासनादेश का हवाला देते हुए कह रहे हैं, जिसमें लोकसभा या विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नगर निगम सदन आयोजित न करने की बात कही गई है। सोमवार को आगरा में उत्तर प्रदेश विधानमंडल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति (2025-26) की बैठक प्रस्तावित है। इस उच्चस्तरीय बैठक में जनपद के कई अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। इसके चलते बैठक नहीं रखी गई।
नवा रायपुर, राजधानी परियसर के वेलफेयर ब्लॉक में करोड़ों रुपये खर्च कर 10 बिस्तर का हॉस्पिटल गवर्नमेंट ने बना रखा है। इस अस्पताल में सरकार ने ईसीजी मशीन, एक्सरे कक्ष, माइनर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और पैथोलॉजी लैब जैसी सारी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। बस इलाज करने वाला डॉक्टर उपलब्ध नहीं करा पाई। ओपीडी टाइम पर सुबह 15-20 मरीज पर रोज आते हैं। इसके बाद अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहता है। दरअसल, अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक डॉक्टर बॉन्ड पर तैनात है। उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे के बाद इंद्रावती भवन में लगा दी जाती है। उसके बाद अस्पताल पूरी तरह डॉक्टर-विहीन हो जाता है। नर्सें ही ब्लड प्रेशर, शुगर जांच कर दवा दे रही हैं। फार्मासिस्ट की भी तैनाती नहीं है। गंभीर केस आने पर मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है। मरीजों को 5 किलोमीटर रेफर करना पड़ता है। नतीजा इसके बाद कोई मरीज आ जाए तो उन्हें 5 किमी दूर राखी अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। नर्सें ही ब्लड प्रेशर, शुगर जांच कर दवा दे रही हैं। फार्मासिस्ट की भी तैनाती नहीं है। डॉक्टर नहीं होने से मरीजों की संख्या हो गई आधी, सारी मशीनें बंद हैं भास्कर टीम की पड़ताल में सामने आया कि कुछ समय पहले यहां रोजाना 40 से 50 मरीज आते थे। अब सुबह 15 से 20 मरीज ही ओपीडी में दिखते हैं। दोपहर बाद अस्पताल लगभग खाली रहता है। जब हम मौके पर पहुंचे ओपीडी कक्ष खुला था, लेकिन एक भी मरीज नहीं था। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक कर्मचारी अकेला बैठा था। वार्ड में 10 बिस्तर साफ-सुथरे लगे, चादरें बिछी हुईं, लेकिन एक भी मरीज भर्ती नहीं। ईसीजी मशीन कोने में कपड़े से ढकी पड़ी। एक्सरे कक्ष का दरवाजा बंद था। माइनर ओटी पूरी तरह तैयार, उपकरण व्यवस्थित, लेकिन महीनों से कोई बड़ी सर्जरी नहीं हुई। लैब में टेक्नीशियन मौजूद, लेकिन डॉक्टर न होने से रिपोर्ट देखकर इलाज नहीं मिल पा रहा। देखिए तस्वीरें.. अन्य दूसरे पद भी खाली अस्पताल के लिए स्टाफ नर्स, एनएम, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट सहित कई पद स्वीकृत हैं, लेकिन ज्यादातर पद खाली या अटैचमेंट पर हैं। पड़ताल के दौरान केवल एक स्टाफ नर्स, एक एनएम, एक आया और एक टेक्नीशियन ही ड्यूटी पर मिले। सीएमएचओ का आश्वासन समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा, “अस्पताल में बॉन्ड पर एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।” जल्द डॉक्टर नियुक्त करने की मांग स्वीकृत तीन पदों में से सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद। बाकी दो पद खाली। डॉक्टर की ड्यूटी दूसरे स्थान पर लगाने के कारण दोपहर बाद पूरा अस्पताल बिना चिकित्सक के हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तो तैयार, लेकिन मानव संसाधन की कमी से करोड़ों का निवेश बेकार जा रहा है। नवा रायपुर के इस अस्पताल को जल्द डॉक्टर मिल जाएं, यही स्थानीय लोगों की मांग है।
उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने देश में होने वाली जनगणना को लेकर संसद में एक बड़ी मांग उठाई है। रावत ने कहा कि साल 2026-27 में होने वाली जनगणना में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के कॉलम में केवल उन्हीं लोगों के नाम दर्ज किए जाने चाहिए, जो आज भी अपनी मूल पहचान, पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों को मान रहे हैं। रावत का मानना है कि जब तक पात्र लोगों की सही पहचान नहीं होगी, तब तक समाज का असली विकास संभव नहीं है। संसद में सोमवार को नियम 377 के तहत अपनी बात रखते हुए सांसद रावत ने तर्क दिया कि किसी भी समाज की तरक्की उसकी पहचान यानी 'अस्मिता' पर टिकी होती है। अगर पहचान को लेकर ही भ्रम रहेगा, तो सरकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा जो वास्तव में इसके हकदार हैं। उन्होंने आदिवासी समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान में पहचान को लेकर जो अस्पष्टता है, उससे विकास की पूरी प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ रहा है। डॉ. रावत ने कानूनी पेचिदगियों का जिक्र करते हुए बताया कि 1955 के एक कानून के मुताबिक आदिवासियों को हिंदू माना गया है, लेकिन शादी-ब्याह और जमीन-जायदाद के उत्तराधिकार जैसे मामलों में नियमों की साफ जानकारी न होने और अदालतों के अलग-अलग फैसलों ने इस मामले को उलझा दिया है। उन्होंने रांची के कैथोलिक चर्च और झारखंड विधानसभा के पुराने प्रस्तावों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी मांगों से विवाद और ज्यादा बढ़ गया है। इस दौरान सांसद ने एक खास सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो पहली जनगणना 1951 में हुई थी, उसके पारिवारिक रिकॉर्ड को ही एसटी सर्टिफिकेट या पात्रता का आधार माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर हम 1951 के दस्तावेजों को बेस बनाएंगे, तो ही देश के 720 अलग-अलग जनजाति समुदायों का सही विकास हो पाएगा। सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के सपने को पूरा करने और आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के संकल्प में आदिवासियों की सही पहचान ही सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी। रावत ने यह भी कहा कि संसद द्वारा वर्ष 1955 में पारित द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स एक्ट की धारा 3 के अनुसार आदिवासी हिंदू हैं, लेकिन विवाह एवं उत्तराधिकार संबंधी विधानों की अस्पष्टता तथा न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों ने भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दी है। ऐसे में द कैथोलिक चर्च ऑफ रांची के आदिवासी धर्मकोड की मांग पर झारखंड विधानसभा के एक संकल्प ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
मेरठ के शास्त्री नगर एल ब्लॉक में डॉक्टर क्लीनिक की आड़ में सेक्स रैकेट चल रहा था। डॉक्टर दंपति ने इस तरह से पूरा नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। क्लीनिक में एंट्री करते ही ओपीडी से पर्चा बन जाता था ताकि बचाव किया जा सके। इसके बाद घंटे के हिसाब से कमरा बुक हो जाता था। तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर पूरी घटना परलोहिया नगर थाना क्षेत्र के एल ब्लॉक में अनिल गोयल का मकान है। मकान का निचला हिस्सा डॉक्टर दंपति केके गुप्ता और हेमा गुप्ता को किराए पर दिया हुआ था जबकि प्रथम तल पर शिक्षिका रह रही थी। शनिवार दोपहर कॉलोनी के लोगों ने मकान स्वामी को बुलाया और मकान के निकले हिस्से में पहुंच गए। उन्हें शक था कि यहां गलत गतिविधियां चल रही हैं। अंदर जो कुछ उन्हें मिला, उसने लोगों द्वारा किए जा रहे शक पर मोहर लगा दी। तीन महिला और दो युवक दबोचे कॉलोनी के लोगों के मकान में घुसते ही खलबली मच गई। दंपति से लोगों की नोकझोंक होने लगी। लोगों ने कमरे में जमीन पर मौजूद गद्दे के बारे में पूछा तो दंपति बिगड़ गए। तभी लोहियानगर थाने की पुलिस भी पहुंच गई। कमरे से लोगों ने आपत्तिजनक सामान बरामद किया, जिनमें कुछ पाउच व शक्तिवर्धक टेबलेट मौजूद थी। इसके बाद दंपति किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। कमरे में बंद मिली तीन युवतियां दरअसल लोगों ने तीन युवतियों को मकान में जाते देखा था लेकिन युवतियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद पुलिस लोगों के कहने पर तीसरे कमरे पर पहुंची जो अंदर से बंद था। दरवाजा खुला तो अंदर तीन युवतियां मौजूद थी। लोगों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद पुलिस डॉक्टर दंपति, दो युवक और तीनों युवतियों को लेकर थाने आ गई। हालांकि युवतियों को परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया। दिसंबर में किराए पर लिया था फ्लैटइस घटना ने कॉलोनी के लोगों को हैरान किया है। मकान स्वामी अनिल गोयल ने बताया कि दिसंबर में बुजुर्ग डॉक्टर दंपति ने 17 हजार रूपए में किराए पर फ्लैट लिया था। फ्लैट लेते ही उन्होंने अपना बोर्ड लगा दिया। लोगों को भी डॉक्टर का क्लिनिक खुलने से राहत महसूस हुई लेकिन किसी को नहीं पता था की क्लीनिक मात्र दिखावा है। यहां तो धंधा ही कुछ और चलाया जाना था। एक घंटे का करते थे 600 रूपए चार्जकहने को यह सेक्सोलॉजिस्ट का क्लीनिक था लेकिन यहां सेक्स रैकेट ही चलता था। दीपक और मोहसिन इस काम को संभाल रहे थे। 600 रूपए घंटे के हिसाब से कस्टमर लाया करते थे। अंदर ही अय्याशी की सारी सुविधा उपलब्ध होती थी। पुलिस की माने तो ग्राहक के आते ही युवतियों को सामने खड़ा कर दिया जाता था। अपनी पसंद के अनुसार ग्राहक युवती को कमरे में ले जाता था। सौदा पटते ही बन जाता था प्रिसक्रिप्शनयुवक और युवतियां कभी एक साथ अंदर नहीं जाते थे। दोनों के प्रवेश करने में समय का अंतर होता था। जाते ही डॉक्टर दंपति दोनों पक्ष का प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर थमा देते थे, जिस पर उनके पार्टनर का नाम होता था। कमरे में पहुंच कर दोनों पर्चा बदल लेते। पकड़े जाने के बाद इन युवतियों ने यह प्रिस्क्रिप्शन ही पुलिस को दिखाया था कि वह ट्रीटमेंट के लिए आए हैं। डॉक्टर दंपति की हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस इस घटना ने डॉक्टरी पेशे को शर्मसार करने का काम किया है। सबसे बड़ी बात दोनों ही उम्र दराज हैं। हर किसी के जहन में यही सवाल है कि आखिर उन्हें इस काम को करने की जरूरत क्या पड़ी थी? पुलिस अब डॉक्टर दंपति को सलाखों के पीछे भेजने के बाद उनकी हिस्ट्री खंगालने में जुट गई है। दीपक और मोहसिन का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
गांधी भवन परिसर में सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत दो दिवसीय 'सरस मेला' का शुभारंभ हुआ। इस मेले में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। विभिन्न स्टॉलों पर हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, सिलाई-कढ़ाई से संबंधित सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आबकारी राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए 1500 सिलाई मशीनों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके हुनर के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त करना है। इन सिलाई मशीनों से महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मेले में प्रत्येक विकास खंड से चयनित स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया गया है। स्टॉल आवंटन की प्रक्रिया सरस मेला पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, ब्लॉक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने व धर्मेंद्र सिंह, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रवि प्रकाश सिंह और डॉ. रामप्रकाश सहित कई अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सरस मेला 24 मार्च तक चलेगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) दुर्ग ने ट्रेन नंबर 12851 बिलासपुर–चेन्नई एक्सप्रेस में कार्रवाई करते हुए 12 किन्नरों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर रविवार 22 मार्च को की गई। यात्रियों ने बताया था कि कुछ किन्नर ट्रेन में चढ़कर अवैध वसूली कर रहे थे और पैसे नहीं देने पर यात्रियों को परेशान कर रहे थे। ट्रेन रायपुर से दुर्ग की ओर आ रही थी। इसी दौरान आरपीएफ को सूचना मिली कि कुछ किन्नर ट्रेन के अलग-अलग कोच में जाकर यात्रियों से जबरन पैसे मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद आरपीएफ दुर्ग की टीम ने ट्रेन के दुर्ग पहुंचते ही कार्रवाई की और सभी 12 किन्नरों को हिरासत में ले लिया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए आरपीएफ ने की कार्रवाईआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है। कई यात्रियों ने लिखित और मौखिक शिकायत दी थी कि उनसे जबरदस्ती पैसे मांगे जा रहे थे और मना करने पर बहस और दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आरोप सही पाए जाने पर सभी को पकड़ लिया गया। हो रही कानूनी कार्रवाईआरपीएफ ने सभी के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की है। पूछताछ के बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर मामले को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित न्यायालय में भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में यात्रियों को परेशान करने और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा।
पलवल जिले में बेमौसम बारिश और आंधी के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस संबंध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक जाट धर्मशाला में की। बैठक में किसानों ने सरकार से प्रभावित फसलों के लिए मुआवजे की मांग की। किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि बेमौसम बारिश से लाखों एकड़ जमीन में फसलें खराब हुई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले खरीफ फसल में भी भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के कारण लाखों एकड़ फसल नष्ट हो गई थी। हजारों एकड़ जमीन में रबी फसल की बुवाई भी नहीं हो पाई थी। किसान नेताओं ने सरकार पर लगाया आरोप नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद सरकार ने प्रभावित किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया, जो किसानों के साथ अन्याय है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाए। फसल खरीद नियमों पर चिंता व्यक्त की मोर्चा ने हरियाणा सरकार द्वारा रबी फसल की खरीद के लिए बनाए गए नए नियमों पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इन नियमों से किसानों में असमंजस है और अनपढ़ किसान इन औपचारिकताओं को पूरा नहीं कर सकते। इन सभी मांगों को लेकर किसान मोर्चा 26 मार्च को पलवल के डीसी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगा और डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपेगा।
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ, जिला शाखा सिरोही ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत 23 मार्च 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला अध्यक्ष जोगेश टेलर ने बताया कि पिछले छह वर्षों से ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की पदोन्नतियां नहीं हुई हैं और कैडर स्ट्रेंथ का अभाव है। इस कारण कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। जिला मुख्यालय पर धरने और प्रदर्शन के दौरान एक सभा का भी आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष जोगेश टेलर ने कहा कि यदि राज्य सरकार ग्राम विकास अधिकारी संघ की वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के प्रदेश प्रतिनिधि ललित मीणा ने चेतावनी दी कि यदि 11 सूत्रीय मांगें नहीं मानी गईं, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। ज्ञापन में राज्य सरकार से अति शीघ्र पदोन्नति करने, ग्रेड पे 3600 करने और डीआरडीए कार्मिकों को स्थायी करने सहित कुल 11 सूत्रीय मांगें प्रस्तुत की गईं। संघ का कहना है कि बार-बार आग्रह के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिसके चलते ग्राम सभाओं का आयोजन भी नहीं किया जा सका है। ग्राम विकास अधिकारी संघ ने आगामी 8 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम रखा है, जिसमें सिरोही जिले के समस्त ग्राम विकास अधिकारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष सुरेश पुरोहित, हड़मतसिंह, जिला प्रतिनिधि भेकाराम, आईटी मंत्री रंजीत मीणा, जिला कोषाध्यक्ष चंदूलाल, सिरोही ब्लॉक अध्यक्ष नारायण राणा, पिंडवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष दलपत लोहार, रेवदर ब्लॉक अध्यक्ष बनवारी खटाना सहित कई ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पीलीभीत में ट्रक की टक्कर से पति की मौत:उत्तराखंड जाते समय हुआ हादसा, पत्नी गंभीर रूप से घायल
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा बड़ेपुरा धर्म कांटा के पास हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। ग्राम नवदिया निवासी रणजीत सिंह (40) अपनी पत्नी मनजीत कौर के साथ मोटरसाइकिल से उत्तराखंड के सितारगंज जा रहे थे। बड़ेपुरा धर्म कांटा के पास सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रणजीत सिंह ट्रक के नीचे आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मनजीत कौर बाइक से छिटक कर सड़क पर गिर गईं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल मनजीत कौर को एंबुलेंस से सितारगंज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने रणजीत सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) नताशा गोयल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “अमरिया थाना क्षेत्र में ट्रक और मोटरसाइकिल की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और एक महिला घायल है। पुलिस ने संबंधित ट्रक को कब्जे में ले लिया है और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। फरार चालक की तलाश जारी है।”
रीवा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर की कई कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी और ढाबे बंद होने लगे हैं। इस संकट का सीधा असर कारोबारियों की आय पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीनेभर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकानें बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार होने लगे हैं। गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई रेस्टोरेंट्स के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि सिलेंडर की कमी के चलते संस्थान अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी, जो आमतौर पर 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि हालात लॉकडाउन से भी बदतर होते जा रहे हैं। कुछ संचालक कोयले भट्टी का ले रहे सहाराकुछ रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में गैस के विकल्प के रूप में कोयले और लकड़ी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इससे लागत बढ़ रही है और धुएं के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फिलहाल कारोबार को किसी तरह बचाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कलेक्टर बोलीं- आपूर्ती को सामान्य करने की कोशिश कर रहेरीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि कमर्शियल और एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन और रेस्टोरेंट में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। अब देखना होगा कि गैस आपूर्ति कब तक पूरी तरह सामान्य होती है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट पाता है।
औरैया में पुलिसिंग को आधुनिक बनाने और जन-सुनवाई को सुलभ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कई नई सुविधाओं का लोकार्पण किया गया। कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। सुबह 11:30 बजे थाना कोतवाली औरैया में आयोजित एक कार्यक्रम में ADG और DIG ने नव निर्मित 'मिशन शक्ति केंद्र', 'साइबर हेल्प डेस्क' और आधुनिक 'मैस' का उद्घाटन किया। 'मिशन शक्ति केंद्र' का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। बढ़ते डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए 'साइबर हेल्प डेस्क' की स्थापना की गई है, जहाँ आम नागरिक साइबर विशेषज्ञों से सीधे मदद ले सकेंगे। पुलिसकर्मियों के खान-पान और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 'मैस' का भी लोकार्पण किया गया। दोपहर 1:00 बजे गेल गांव दिबियापुर स्थित सरगम ऑडिटोरियम में एक साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। ADG और DIG कानपुर की उपस्थिति में, साइबर विशेषज्ञों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग और डेटा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस का तकनीकी रूप से दक्ष होना और जनता का साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
देवरिया के सोनाड़ी मार्ग पर एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसकी पत्नी और मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। बरहज थाना क्षेत्र के सोनाड़ी (बंगरौली) निवासी 36 वर्षीय सतेंद्र यादव रविवार शाम अपनी ससुराल गए थे। वहां से वह सोमवार को अपनी पत्नी गुड्डी और बेटे के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। सोनाड़ी के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सतेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी और बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पहले भी सड़क हादसे का दर्द झेल चुका है। मृतक के पिता रमाशंकर यादव अपने छोटे बेटे को पहले ही एक सड़क दुर्घटना में खो चुके थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
'त्योहारों के बीच में बिहार वासियों के साथ छलावा हुआ है। नीतीश कुमार को भाजपा और जीडीयू के कुछ लोगों ने हाईजैक कर लिया है। भाजपा ने बस रस्म अदा की है, नीतीश कुमार का चेहरा दिखाया और चुनाव जीता है।' यह बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कही। वहीं, बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि LPG क्राइसिस को लेकर कल कांग्रेस पूरे बिहार में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने आगे कहा कि त्योहारों के बीच में बिहार वासियों के साथ छलावा हुआ है। नीतीश कुमार को भाजपा और जीडीयू के कुछ लोगों ने हाईजैक कर लिया है। भाजपा ने बस रस्म अदा की है, नीतीश कुमार का चेहरा दिखाया और चुनाव जीता है। यह बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कही। वहीं, बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि LPG क्राइसिस को लेकर कल कांग्रेस पूरे बिहार में प्रदर्शन करेगी। 18 प्रांतों में नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम की प्रक्रिया पूरी नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम को लेकर अभय दुबे ने कहा कि कांग्रेस की मुखर आवाज बनने के लिए हमने एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए इस टैलेंट हंट प्रोग्राम की शुरुआत की थी। अभी 18 प्रांतों में हमारी यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, जैसे प्रांत शामिल है। 4 अप्रैल को पटना में टैलेंट हंट होगा आयोजित इस टैलेंट हंट प्रोग्राम के लिए हमने बिहार को चार हिस्सों में बांटा था। कई प्रतिभागियों ने हमें कॉल करके सूचित किया कि किसी कारणवश वह इसमें हिस्सा नहीं ले पाए थे और बीच में कई त्यौहार भी थे। बहुत से लोगों ने समय पर फॉर्म भी नहीं भरा था। इस कारण हम टैलेंट हंट प्रोग्राम की तारीख को आगे बढ़ा रहे हैं। 4 अप्रैल को रिजनल लेवल पर पटना में यह टैलेंट हंट आयोजित होगा और 9 अप्रैल को इसका समापन किया जाएगा। बचे हुए प्रतिभागी और जिन्होंने फार्म नहीं भर रहा है, उनके लिए विंडो फिर से ओपन किया जा रहा है। 31 मार्च तक फॉर्म भरने का समय दिया जा रहा है। तीनों विधायकों पर उचित कार्रवाई होगी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायक वोट करने के लिए नहीं पहुंचे थे इस पर अभय दुबे ने कहा कि तीनों विधायकों पर उचित कार्रवाई पार्टी की ओर से की जाएगी। इसके लिए जांच चल रही है। तीनों की बातें कहना और हमारा सुनना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने तो प्रजातंत्र को ही दांव पर लगा दिया है। जब SIR हुई थी तभी हमने कह दिया था कि बिहार में चुनाव चुरा लिया गया है। तीन पदों पर हो रही टैलेंट हंट में खोज इस पहल के अंतर्गत कांग्रेस पार्टी तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिभाओं की खोज कर रही है। पहला मीडिया प्रवक्ता-पैनलिस्ट जो टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्टता, विश्वसनीयता और अनुशासन के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें। दूसरा रिसर्च को-ऑर्डिनेटर जो तथ्य-आधारित, शोध-आधारित सामग्री, नीतिगत विश्लेषण और मुद्दा-ब्रीफ तैयार कर पार्टी के संदेश को मजबूती दें। तीसरा पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर जो सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप नेटवर्क, स्थानीय मीडिया और ज़मीनी स्तर पर पार्टी का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाए।
रोहतक में जयहिंद सेना के अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे अश्लील कंटेंट को लेकर घंटा बजाओ गंद हटाओ अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही सीएम से सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट चलाने वालों के खिलाफ कानून बनाने की मांग की। नवीन जयहिंद ने कहा कि सिंगर बादशाह ने अपने गाने में अश्लील कंटेंट चलाया, जिसे काफी विरोध के बाद हटाया गया। ऐसे ही अनेक गानों में अश्लील कंटेंट चलाए जा रहे है, जिन्हें भी हटाने की जरूरत है। इसके लिए न केवल सीएम, बल्कि विपक्ष के नेता, हरियाणा के सेलीब्रिटी, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन व लोगों को भी आवाज उठानी चाहिए। घंटा बजाने से भगवान भी जाग जाते हैं, सरकार भी जागे नवीन जयहिंद ने कहा कि मंदिर में घंटा बजाने से भूत प्रेत भाग जाते हैं और भगवान जागते हैं। ऐसे ही सरकार को भी जागना चाहिए। जिस प्रकार से सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट डाले जा रहे हैं, उसका असर युवा पीढ़ी पर अधिक पड़ रहा है। इसे रोकने वाला भी कोई नहीं है। गलत कंटेंट डालने से रोकने की जरूरत नवीन जयहिंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत कंटेंट डालने वालों को रोकने की जरूरत है। जो मुहिम नवरात्रों में शुरू की गई है, उसके लिए एक नंबर 7027822822 जारी किया है, जिस पर फोन करके लोग इस अभियान से जुड़ सकते हैं। सीएम सोशल मीडिया को लेकर बनाए कानून नवीन जयहिंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो गलत कंटेंट डाले जा रहे है, उसको लेकर कानून बनना चाहिए। गन कल्चर को लेकर तो कानून बना दिया, लेकिन गंद कल्चर को लेकर भी कानून बनना चाहिए। अगर सीएम कानून बनाते हैं तो उनकी प्रशंसा करेंगे, नहीं तो सीएम के साथ सीधी लड़ाई रहेगी।
भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा- 2018 में कांग्रेस पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का नाम लेकर सत्ता में आई थी। कांग्रेस ने किसान जातियों को गुमराह करके भ्रम फैलाया था। सचिन पायलट को ही अपनी सरकार के खिलाफ पदयात्रा अजमेर से जयपुर करनी पड़ी। अपनी मांगों के लिए अपने ही विधायकों को लेकर मानेसर बैठना पड़ा। मुझे लगता है कि सचिन पायलट की कांग्रेस में ही अपने ही नेताओं से लड़ाई है। वो कहां तक पहुंच पाएंगे ये तो कांग्रेस पार्टी ही तय कर पाएगी। गोरा ने कहा- नेता-प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा में भी नहीं बन रही। गोरा ने गत दिनों टोंक शहर में हुई पथराव की घटना को लेकर कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे बदमाशों के लिए राजस्थान सरकार का बुलडोजर तैयार हैं। गोरा बोले- कांग्रेस संकट में लेकिन उनके लिए अभी भी कांग्रेस में संकट है। क्योंकि अन्य नेता है उनमें और आपस में पटरी बैठ नहीं पाती है। आगे पायलट का क्या होगा मुझे पता नहीं। पिछली बार पायलट के साथ जो हुआ उसे राजस्थान की जनता भूली नहीं है। जनता समझ चुकी है, सचिन पायलट भी कुछ नहीं कर पा रहे और कांग्रेस सरकार भी कुछ नहीं कर पा रही। बोले- परीक्षाओं में पारदर्शिता आई टोंक में बीजेपी के संवाद कार्यक्रम में सोमवार को आए भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष गोरा ने मीडिया से बातचीत में कहा- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इस साल में अलग-अलग विभागों में युवाओं के लिए एक लाख से अधिक सरकारी भर्ती निकालकर कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। राजस्थान में मजबूत सरकार ताकि निर्धारित समय पर परीक्षा हो तथा भर्ती प्रक्रिया पूरी होकर पात्र युवाओं को रोजगार मिले। गोरा ने कहा कि आज राजस्थान में कोई भी परीक्षा का आयोजन होता है तो इंटरनेट बंद नहीं किया जाता है क्योंकि आज राजस्थान में मजबूत सरकार है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बार बार पेपर आउट हो जाता था। गोरा ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कहा- जूली-डोटासरा में कलह शंकर गोरा ने कहा- पंचायत चुनाव में युवाओं और महिलाओं की अच्छी भागीदारी रहेगी। 45 साल के नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर कर पार्टी ने यह साबित कर दिया है बीजेपी युवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है। गोरा ने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष में कलह है। ये हाईलाइट होने और मीडिया में छाए रहने के लिए सरकार और बीजेपी पर अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं। जनता के हित में तो कुछ करते नहीं है। गोरा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां रोजगार, शिक्षा और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने भी कहा कि सरकार गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं समेत सभी वर्गों के लिए बेहतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला महामंत्री विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया,नरेश बंसल, जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी, रामचंद्र गुर्जर, बबलू टैंकर, युवा मोर्चा अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, जिला मंत्री तरुण टिक्किवाल, राधेश्याम चांवला, बीना छामुनिया, रामकिशन गुर्जर, नीलिमा आमेरा, हरिराम यादव, प्रकोष्ठ प्रभारी राजेश मंगल, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिरोठा, प्रवक्ता रामावतार धाभाई, जुली शर्मा, दशरथ सिंह, मीडिया प्रभारी कमलेश यादव, सोशल मीडिया संयोजक गणेश सैनी आदि मौजूद थे।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित उत्तर प्रदेश भू-स्थानिक निदेशालय में सोमवार को 'ऑपरेशन द्रोणागिरी' को पूरे प्रदेश में लागू करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक भारत सरकार की भू-स्थानिक नीति 2022 के तहत गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक थी, जिसमें परियोजना के विस्तार पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव ने की। निदेशक डीएन पाठक ने परियोजना की पृष्ठभूमि, महत्व और प्रदेश में इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग कर लोगों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करना है। बैठक में वाराणसी से प्राप्त अनुभवों और लाभों पर चर्चा अधिकारियों ने जानकारी दी कि 'ऑपरेशन द्रोणागिरी' का पायलट प्रोजेक्ट वाराणसी जिले में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। बैठक में वाराणसी से प्राप्त अनुभवों और लाभों पर चर्चा की गई, जिसके आधार पर इसे अन्य जिलों में लागू करने की रणनीति बनाई गई।आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. गोपाल दीक्षित ने वाराणसी में किए गए कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक कृषि, आजीविका और लॉजिस्टिक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती है। परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बैठक में आईआईटी कानपुर, जीडीआई बेंगलुरु, रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, सिंचाई, कृषि, परिवहन और राजस्व विभाग सहित कई संस्थानों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।'ऑपरेशन द्रोणागिरी' भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य भू-स्थानिक डेटा और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
हनुमानगढ़ के डबलीराठान में ग्रामीणों ने घरेलू बिजली कनेक्शन में देरी और खराब मीटरों को लेकर सोमवार को जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता (ग्रामीण) कार्यालय पर धरना दिया। यह प्रदर्शन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और जनवादी नौजवान सभा के बैनर तले आयोजित किया गया। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पहले अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) कार्यालय गए थे। अधिकारी के नहीं मिलने पर वे आक्रोशित हो गए और माकपा नेता रघुवीर वर्मा के नेतृत्व में सहायक अभियंता (एईएन) के चैंबर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने वहां नारेबाजी भी की। करीब एक घंटे बाद एईएन के मौके पर पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी शिकायतें उनके सामने रखीं। 'खराब बिजली मीटर नहीं बदले जा रहे'जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) के तहसील अध्यक्ष वेद मक्कासर ने बताया कि ग्रामीणों ने 3 महीने पहले ही घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क जमा करा दिया था, लेकिन उन्हें अब तक कनेक्शन नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई उपभोक्ताओं के बिजली मीटर खराब पड़े हैं, जिन्हें बदला नहीं जा रहा है। इसके कारण उपभोक्ताओं को अनुमानित रीडिंग के आधार पर भारी-भरकम बिजली बिल दिए जा रहे हैं। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनीग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी उनके फोन कॉल भी नहीं उठाते, जिससे आमजन की परेशानियां और बढ़ रही हैं। उन्होंने विभाग से तत्काल खराब मीटर बदलने और लंबित बिजली कनेक्शन जारी करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
चैत्र शुक्ल अष्टमी, दुर्गाष्टमी और रामनवमी का दुर्लभ संयोग 26 मार्च 2026 को बन रहा है। इस दिन अशोकाष्टमी भी मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव 26 मार्च को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चैत्र शुक्ल अष्टमी गुरुवार, 26 मार्च 2026 को सुबह 11:49 बजे तक रहेगी। इसके बाद दोपहर 11:50 बजे से नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को सुबह 10:07 बजे तक मान्य रहेगी। ज्योतिष एवं वास्तुविद आचार्य प्रदीप दवे ने गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के बालकांड का उल्लेख किया। इसके अनुसार, प्रभु श्रीराम का जन्म नौमी तिथि मधु मास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता, मध्य दिवस अति सीत न धामा, पावन काल लोक बिश्रामा में हुआ था। इसका अर्थ है कि श्रीराम का जन्म चैत्र (मधु) मास, शुक्लपक्ष, नवमी तिथि और अभिजित मुहूर्त में हुआ था, जब मौसम न अधिक गर्म था और न अधिक ठंडा। इस वर्ष 26 मार्च 2026 को दोपहर 12:15 बजे अभिजित मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए इसी समय उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वह पूरे दिन मान्य रहती है। इस सिद्धांत से नवमी तिथि 27 मार्च को सुबह 10:07 बजे तक है, लेकिन इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं आता है। अतः, नवमी तिथि और अभिजित मुहूर्त दोनों 26 मार्च 2026 को ही होने के कारण रामनवमी इसी दिन मान्य रहेगी और मनाई जाएगी।
मेदांता हॉस्पिटल में एक 47 साल के सुमित त्यागी का एक कॉम्प्लेक्स किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया। त्यागी पहले सड़क दुर्घटना में अपना दायां पैर खो चुके थे, जिसके कारण यह सर्जरी और भी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उनकी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परिस्थितियों को देखते हुए यह ट्रांसप्लांट बेहद कॉम्प्लेक्स था। वर्तमान में त्यागी पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और क्रॉनिक किडनी डिजीज की समस्याओं से मुक्त हैं। डॉ. दुष्यंत नाडार, डायरेक्टर, यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट व डॉ. मनोज कुमार सिंघल, डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट की टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया। सुमित ने बताया कि उनका जीवन 2003 में एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद बदल गया। जिसमें उनका दायां पैर ऐम्प्युटेट करना पड़ा। इस शारीरिक और मानसिक चुनौती के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सामान्य जीवन जीने का प्रयास जारी रखा। हालांकि पिछले 4-5 सालों में उन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज का पता चला, जो धीरे-धीरे गंभीर होती गई। जब स्थिति और बिगड़ी तो डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट को ही एकमात्र विकल्प बताया। 62 साल की मां ने डोनेट की किडनीऐसे में उनकी 62 साल की मां ने अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। डॉ. दुष्यंत नाडार, डायरेक्टर, यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट ने कहा, “यह ट्रांसप्लांट बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज का पहले ही गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद एक पैर काटा जा चुका था। सामान्यतः डोनर किडनी को दाईं ओर निचले पेट में ट्रांसप्लांट किया जाता है और इसे दाएं पैर की ब्लड वेसल्स से जोड़ा जाता है। लेकिन इस मामले में ऐसा संभव नहीं था। हमें बाईं ओर सर्जरी की योजना बनानी पड़ी और यह सुनिश्चित करना था कि किडनी को उस पैर की ब्लड वेसल्स से जोड़ा जाए जो उनके शरीर में एकमात्र कार्यशील पैर है। इस तरह के मामलों में बेहद सूक्ष्म योजना और सटीक सर्जरी की आवश्यकता होती है। कम नहीं थी चुनौती ट्रांसप्लांट के लिए सभी कम्पैटिबिलिटी पैरामीटर्स मेल खा रहे थे, लेकिन सर्जरी की कॉम्प्लीकेशन यहीं खत्म नहीं हुई। डोनर किडनी में डबल रीनल आर्टरी और डबल यूरेटर्स होने के कारण सर्जरी और चुनौतीपूर्ण हो गई। इस स्थिति में सर्जिकल टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. मनोज कुमार सिंघल के साथ डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. अभिनव वीरवाल ने आर्टरीज को सटीक रूप से जोड़ते हुए ब्लड फ्लो सुनिश्चित किया। दोनों यूरेटर्स को सावधानीपूर्वक यूरिनरी ब्लैडर से जोड़ा, ताकि ट्रांसप्लांट की गई किडनी सही तरीके से कार्य कर सके। तेजी से हो रही रिकवरीसर्जरी के बाद मरीज ने तेजी से रिकवरी की और अब वह बिना किडनी रोग के बोझ के सामान्य जीवन जी रहे हैं। यह केस न केवल ट्रांसप्लांट सर्जरी में हो रही प्रगति को दर्शाता है, बल्कि कॉम्प्लेक्स और हाई-रिस्क मामलों को सफलतापूर्वक संभालने में मेडिकल टीम की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
अश्लील गीत पर हिन्दू युवा वाहिनी का विरोध:बस्ती में नोरा फतेही के गाने पर FIR दर्ज करने की मांग
बस्ती में एक फिल्मी गीत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिन्दू युवा वाहिनी ने अभिनेत्री नोरा फतेही पर फिल्माए गए एक गीत को अश्लील बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। संगठन के जिला पदाधिकारी विनय सिंह ने जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उक्त गीत के बोल अश्लीलता और फूहड़ता की सभी सीमाओं को पार कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि ऐसे गीतों के माध्यम से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है और सामाजिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की सामग्री से मां, बहन, बेटियों और महिलाओं का अपमान हो रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारी ने संबंधित गीत के लिरिक्स, गायक और संगीतकार का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक प्रतीत होती है। यह भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों का उल्लंघन करती है। उन्होंने महिला आयोग से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। विनय सिंह ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि प्रकरण की जांच कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा पंजीकृत कराया जाए। उनका कहना है कि इससे भविष्य में इस प्रकार की सामग्री पर रोक लगाई जा सकेगी।
खरगोन के स्टेडियम मैदान में चल रही संभागीय अंडर-13 क्रिकेट स्पर्धा में सोमवार को बड़वानी ने बुरहानपुर को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब सेमीफाइनल में बड़वानी का मुकाबला मेजबान खरगोन से होगा। इस मैच की विजेता टीम फाइनल में खंडवा से भिड़ेगी। सोमवार को खेले गए ग्रुप बी के इस मुकाबले में बुरहानपुर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम 29 ओवर में 82 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। बुरहानपुर की ओर से रोहित प्रजापति ने सर्वाधिक 21 रन बनाए। बड़वानी के पार्थ पिपलिया, देवांश गोयल और सौरभ मालवीय ने 3-3 विकेट लिए। जवाब में, बड़वानी की टीम ने 83 रनों का लक्ष्य केवल 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। काव्यांश मालवीय ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 45 रन बनाए। बुरहानपुर के प्रियांश बोरसे और संजय सिंघानिया को 1-1 विकेट मिला। सोमवार को हुए इस मैच के दौरान स्पर्धा के ऑब्जर्वर जयंत वानखेड़े, अंपायर सार्थक कुलकर्णी और कार्तिक अय्यर, तथा स्कोरर विक्की निषाद मौजूद थे। दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला मंगलवार, 24 मार्च को खरगोन और बड़वानी के बीच खेला जाएगा। इससे पहले, ग्रुप ए में खंडवा की टीम धार को हराकर पहले ही फाइनल में अपनी जगह बना चुकी है।
आजमगढ़ में सपा ने मनाया शहादत दिवस:भाजपा पर साधा निशाना किसानो की कमर तोड़ने का काम कर रही है भाजपा
आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी ने समाजवादी विचारक चिंतक डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की जयंती के साथ-साथ महान क्रांतिकारी शहीद ए आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में वीर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इस उपलक्ष्य में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव विधायक ने कहा कि डॉ लोहिया के समाजवादी विचारों की प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है। साम्राज्यवादी मुल्क अमेरिका व उनके सहयोगी देश दुनिया की पूरी अर्थव्यवस्था अपने हाथ में लेकर जनता को गरीब बना रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड डील कर किसानों की कमर तोड़ दिया। विधायक डॉ संग्राम यादव, अखिलेश यादव ने कहा कि जिन मूल्यों और सिद्धांतों को लेकर देश को आजाद करने के लिए शहीद ए आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु ने फांसी का फंदा चूमकर शहादत देकर अंग्रेजी दास्तान से देश को आजाद कराया था। आज मोदी सरकार ने उन लोगों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। शहीदों का सपना था देश आजाद होगा हमारी सत्ता होगी सबको समानता का अधिकार मिलेगा। लेकिन वर्तमान सरकार ने भाई-भाई में नफरत पैदा कर पूंजी पतियों को लूटने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। जिला अध्यक्ष बोले भगत सिंह के सिद्धांतों और मूल्यों को जनता को बताएंसपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि स.पा. के नेता व कार्यकर्ता डॉ लोहिया व शहीद ए आजम भगत सिंह के आदर्शो व सिद्धांतों को जनता को बताएं और जागरूक करें। समाजवाद ही ऐसा सिद्धांत है जिसमें गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी अन्य सभी समस्याओं का समाधान होगा। पूंजीवाद देश की जनता को गरीब बनाएगा आज दुनिया में अमेरिका व अन्य साम्राज्यवादी देश पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था अपने हाथ में लेकर भारत को आर्थिक गुलाम बना रहे हैं। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव, सपा विधायक अखिलेश यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर आज झुंझुनूं शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंडावा मोड़ स्थित शहीद भगत सिंह पार्क में आयोजित एक विशेष श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न संगठनों और शहरवासियों ने एकत्रित होकर वीर सपूतों को नमन किया। शहीद विचार मंच और सर्वहारा एकता मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने 'शहीद भगत सिंह अमर रहे' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के गगनभेदी नारों के साथ माहौल को ओजपूर्ण बना दिया। पार्क में मौजूद हर आंख अपने नायकों की वीरता को याद कर नम और गर्व से भरी नजर आई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीदों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज के लिए बलिदान दिया था जहां शोषण न हो और हर नागरिक को न्याय मिले। एडवोकेट बजरंग लाल (सर्वहारा एकता मंच) ने कहा कि शहीदों ने एक न्यायपूर्ण समाज की कल्पना की थी। आज उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्तों पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करें। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। विजय गोपाल (संयोजक, शहीद विचार मंच) ने कहा कि भगत सिंह के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने आजादी की लड़ाई के समय थे। युवाओं को उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए ताकि एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हो सके।
मंदसौर सुशासन भवन स्थित सभागृह में सोमवार को कलेक्टर अदिती गर्ग की अध्यक्षता में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए प्रतिदिन विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। घर-घर जागरूकता और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोरकलेक्टर ने आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। वहीं नगर पालिका सीएमओ को अभियान में सक्रिय समन्वय करने को कहा गया। साथ ही पार्षदों के साथ बैठक आयोजित कर बच्चों एवं उनके अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें एचपीवी वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। जिला आपूर्ति अधिकारी को एलपीजी गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा भूमि आवंटन के मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नगरीय निकाय किसी भी विभाग की भूमि से मार्ग निकालने से पूर्व संबंधित विभाग की अनिवार्य अनुमति प्राप्त करें। राजस्व वसूली और कृषि विषयों की समीक्षाबैठक में राजस्व वसूली की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त अलसी डंठल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने किसानों की पहचान कर रेशा निर्माण की दिशा में कृषि विभाग को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कलेक्ट्रेट सभागार में 'नव निर्माण के 9 वर्ष' थीम पर एक नौ दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियों और जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस जनोन्मुखी कार्यक्रम के दौरान उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। उपस्थित उद्यमियों, आमजन और लाभार्थियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को आर्थिक सहायता और उपकरण प्रदान कर सशक्त बनाया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत संध्या को ब्यूटी पार्लर स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये का डेमो चेक दिया गया। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत विपुल वर्मा को प्रिंटिंग प्रेस के लिए 10 लाख रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (ट्रेड-दर्जी) के अंतर्गत पूजा, सीमा, शांति देवी, शिप्रा साहू और सुमन गुप्ता सहित अन्य लाभार्थियों को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। बढ़ई ट्रेड के लाभार्थियों को टूल किट प्रदान कर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। राज्य कर विभाग ने तीन उद्यमियों/व्यापारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। श्रम विभाग की कन्या विवाह सहायता योजना और मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को स्वीकृति/प्रमाण पत्र दिए गए। इसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा और संबल प्रदान करना है। सूचना विभाग ने सभी प्रतिभागियों को 'नव निर्माण के 9 वर्ष' विषयक पुस्तिका, कैलेंडर और पंपलेट वितरित कर सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया। कार्यक्रम में सहायक उपायुक्त उद्योग, अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक, अपर जिला सूचना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लाभार्थियों, उद्यमियों, व्यापारियों और आमजन की सक्रिय सहभागिता देखी गई।
मध्य प्रदेश में नदियों से अवैध रेत खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब यह मुद्दा लोकसभा में भी उठाया गया। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान भिंड से बीजेपी सांसद संध्या राय ने सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत खनन का मामला उठाया। संध्या राय ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र के भिंड और दतिया जिले सिंध नदी से जुड़े हैं, और नदी के किनारे का बड़ा हिस्सा वन विभाग के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि सरकार वन और नदियों के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन कुछ आपराधिक तत्व वन क्षेत्र के जरिए अवैध रेत खनन कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने सरकार से इस पर ठोस कदम उठाने की मांग की। इस पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने माना कि संबंधित क्षेत्र में नदी किनारे जंगलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह गंभीर विषय है और ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, जिनके जरिए रेत और वन माफियाओं पर कार्रवाई की जा सकती है। वीडी शर्मा ने पूछा- NIT जैसे संस्थान की मांग खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बुंदेलखंड में उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपने संसदीय क्षेत्र सहित बुंदेलखंड के युवाओं के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के विस्तार को लेकर सवाल किया। उन्होंने ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT)’ जैसे संस्थान की स्थापना के संबंध में केंद्र सरकार की योजना के बारे में जानकारी मांगी। सतना सांसद ने स्कूलों के बजट का मुद्दा उठाया लोकसभा में प्रश्नकाल में ही सतना सांसद गणेश सिंह ने स्कूलों के बजट का मामला उठाया। मप्र में सतना संसदीय क्षेत्र में समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों के नए भवन और बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जब मंत्री से जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कि बजट के आवंटन की कमी है। क्या मंत्री जी राज्य के साथ बैठकर कोई इस तरह की समीक्षा करेंगे? मंत्री ने कहा- जो निवेश हो सकता था, शायद नहीं हो पाया शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा- सांसद जी ने कहा है कि बजट की कमी के कारण आधारभूत संरचना में जो निवेश मध्य प्रदेश में हो सकता था वो शायद नहीं हो पाया। ऐसी जानकारी की मैं सदन में पुष्टि नहीं कर सकता। समग्र शिक्षा में जो भी प्रस्ताव होते हैं वो राज्य सरकार अपनी प्राथमिकता के अनुरुप यूडाइस प्लस में जो जहां गैप दिखता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में जो कमी यूडाइस पर दिखती है केंद्र सरकार आंकडे़ देखकर पीएबी प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड में राज्य की सुनवाई होती है और समन्वय बनाकर बातचीत करके तय करते हैं और उसी के हिसाब से बजट आवंटन होता है।
नेपानगर में 98.50 लाख के कार्यों का भूमिपूजन:सीसी रोड और पुलिया बनेंगी, पंचायत भवन का होगा सुधार
बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में सोमवार को विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने करीब 98.50 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सीसी रोड, पुलिया निर्माण और अटल सेवा सदन (पंचायत भवन) का सुदृढ़ीकरण शामिल है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक मंजू दादू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुलिया और पंचायत भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विकास कार्य लगातार जारी हैं और हर गांव तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सड़कों और पुलियों के निर्माण से गांवों में आवागमन आसान होगा, खासकर बारिश के समय होने वाली परेशानियां कम होंगी। इससे छात्रों को स्कूल, मरीजों को अस्पताल और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। पंचायत भवन से मिलेगी सुविधाअटल सेवा सदन के सुदृढ़ीकरण से पंचायत स्तर के काम तेजी से होंगे और लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। मजगांव में 10 लाख की सीसी रोड, केरपानी में 10 लाख की सीसी रोड, गोलखेड़ा में 11 लाख की पुलिया, अमुल्लाखुर्द डांगुरला में 10 लाख की सीसी रोड, अमुल्लाकलां में 10 लाख की पुलिया, अटल सेवा सदन के लिए 37.50 लाख और तेलियाथड़ में 10 लाख की पुलिया का निर्माण किया जाएगा। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, मंडल अध्यक्ष क्षितिज महाजन, किशन धांडे, रमेश महाजन, युवराज पाटील, संतोष चौधरी, गजानन यादव, सुरेश पवार, कमलेश कीर, गुड्डू कीर, प्रेम सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोनीपत पुलिस ने घर बैठे कमाई का लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (आईपीएस, एडीजीपी) के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने राजस्थान के विभिन्न जिलों से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन ठगों ने एक महिला को होटल रेटिंग के नाम पर झांसे में लेकर करीब ₹3.73 लाख की ठगी की थी। साइबर थाना सोनीपत की टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन के आधार पर छापेमारी कर आरोपियों को राजस्थान के कोटा और झालावाड़ से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रिंस, मयंक और सुझल (सभी निवासी कोटा) तथा विजय कुमार सुमन और चंचल (दोनों निवासी झालावाड़) के रूप में हुई है। टेलीग्राम पर दिया गया था फर्जी ऑफर यह मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब सोनीपत की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। उसे टेलीग्राम पर ‘प्राइवेट बिजनेस’ का ऑफर मिला था, जिसमें बताया गया कि होटलों और रेस्टोरेंट्स को ऑनलाइन लाइक करने पर पॉइंट्स मिलेंगे, जिन्हें बाद में नकद में बदला जा सकेगा। ठगों ने शुरुआत में महिला के खाते में ₹1040, ₹1350 और ₹25000 जैसी छोटी रकम भेजकर भरोसा जीत लिया। अकाउंट फ्रीज का बहाना बनाकर ठगे लाखों रुपये भरोसा जमने के बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर महिला से कुल ₹3,73,000 ट्रांसफर करवा लिए। जब उसने पैसे वापस मांगे, तो उसे बताया गया कि उसका ‘बिजनेस अकाउंट फ्रीज’ हो गया है और इसे खोलने के लिए ₹3.50 लाख और देने होंगे। शक होने पर महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने बरामद की ठगी की राशि थाना प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ₹2,03,060 की राशि बैंक खातों में फ्रीज करवाई, साथ ही ₹6,500 नकद, एक मोबाइल फोन, दो डेबिट कार्ड और एक बैंक पासबुक बरामद की। आरोपियों को भेजा गया जेल सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की जांच जारी है। सोनीपत पुलिस की अपील: 'सावधान रहें, सुरक्षित रहें' पुलिस उपायुक्त (साइबर) कुशल पाल सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें: अंजान लिंक से बचें: टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी संदिग्ध बिजनेस लिंक पर क्लिक न करें। सत्यता जांचें: भारी मुनाफे या ट्रेडिंग के झांसे में आने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें। तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
कन्नौज जिले में बिजली विभाग का एक अजीब मामला सामने आया है। यहां खम्बे लगे और तार भी बिछे हैं, लेकिन बिजली की आपूर्ति नहीं दी जा रही। इसके बाबजूद ग्रामीणों को बिल थमा दिए गए। शिकायत करने पर केस दर्ज करवाने की धमकी दी जा रही। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंच कर एसडीएम से मामले की शिकायत की है। ये प्रकरण जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रुदौली के मंगलीपुरवा गांव का है। यहां खम्बे लगाकर वर्ष 2019 में बिजली लाइन पहुंचा दी गई, लेकिन बिजली आपूर्ति अब तक नहीं दी गई। कई बार ग्रामीणों ने मामले की शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि बिजली आपूर्ति न मिलने का बावजूद ग्रामीणों को विभाग के द्वारा बिल थमा दिए गए और वसूली के लिए एफआईआर दर्ज कराने की धमकी भी दी जा रही। इस मामले को लेकर सोमवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य नेमसिंह यादव की अगुवाई में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने अतिरिक्त एसडीएम से मुलाकात कर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई।
संभल में नगर हिंदू सभा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। नरेश चंद्र शुक्ला (एडवोकेट) को अध्यक्ष और गगन वाष्णेय (सभासद) को महामंत्री चुना गया है। यह निर्णय समाज के वरिष्ठ नागरिकों की एक विशेष बैठक में लिया गया। यह बैठक मोहल्ला ठेर स्थित समाज के वयोवृद्ध संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी के निवास पर संपन्न हुई। इसका मुख्य उद्देश्य नगर हिंदू सभा के आगामी कार्यकाल हेतु सुझावों पर विचार करना और नए सदस्यों का चयन करना था। उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने संगठन की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए नई कार्यकारिणी के गठन का आग्रह किया। संरक्षकगण ने उपयुक्त नामों के प्रस्ताव आमंत्रित किए, जिसके बाद वरिष्ठता, अनुभव और समाज सेवा के आधार पर नामों का चयन किया गया। सर्वसम्मति से नरेश चंद्र शुक्ला को अध्यक्ष और सम्भल नगर पालिका परिषद के सभासद गगन वाष्णेय को महामंत्री चुना गया। संरक्षकगण ने नव-निर्वाचित अध्यक्ष को 15 दिनों के भीतर पूर्ण कार्यकारिणी का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य नगर हिंदू सभा को समाज कल्याण और सांस्कृतिक गतिविधियों में और अधिक मजबूती से सक्रिय करना है। बैठक की अध्यक्षता विष्णु शरण रस्तोगी ने की, जबकि संचालन अशोक गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर समाज के सभी सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे और उन्होंने संगठन की आगामी गतिविधियों के प्रति अपना सहयोग व्यक्त किया। वरिष्ठ नागरिकों ने पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना करते हुए आगामी कार्यकाल में संगठन के विकास, समाज कल्याण और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष नरेश चंद्र शुक्ला ने सभी सदस्यों और संरक्षकगण का धन्यवाद करते हुए शीघ्र ही पूर्ण कार्यकारिणी गठन का आश्वासन दिया। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने इस बैठक को एक संघटनात्मक और सकारात्मक पहल बताया।
डिंडौरी में सोमवार को आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सीएम हेल्पलाइन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 अधिकारियों को सम्मानित किया। वहीं, शिकायतों का निराकरण न करने वाले 15 अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। दूसरी ओर 34 बस संचालकों के खिलाफ लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए का टैक्स जमा न करने पर प्रभारी आरटीओ से नोटिस जारी करवाए गए हैं। इनका किया सम्मानित सम्मानित होने वाले अधिकारियों में बजाग तहसीलदार भारत सिंह बट्टे, नायब तहसीलदार आशुतोष मिश्रा, तेजलाल धुर्वे, शशांक शिंडे, सुंदर लाल यादव शामिल हैं। इनके अलावा, जनपद सीईओ मेहदवानी, शहपुरा, प्रमोद ओझा, आबकारी अधिकारी संहर सिंह धुर्वे, योजना सांख्यिकी अभिषेक बंसल, रवि शंकर, जूनियर इंजीनियर बिजली विभाग राहुल श्रीवास, श्रीकांत सिद्ध, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी नितिन जायसवाल, जयंत असाटी, शमीम खान और शहपुरा परियोजना अधिकारी विपिन डहेरिया को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इन पर हुई जुर्माने की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, उनमें एमके श्रीवास्तव, रवि गौतम, उमेश कचेर, अभिनेंद्र, नायब तहसीलदार सुकमन कुलेश, सीडीपीओ पुष्पलता मरावी, त्रिलोक भवेदी, राजन गोयल, राजकुमार मंडल, सीएमओ नपा अमित तिवारी, पंकज जैन, फूड इंस्पेक्टर प्रभा टेकाम, उप संचालक एचपी शुक्ला और उनमेश जैन शामिल हैं। बैठक में अपर कलेक्टर जेपी यादव और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने शहीद दिवस के मौके पर अनोखा और भावनात्मक विरोध प्रदर्शन किया। सिलावट गांव में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने सांकेतिक फांसी लगाकर अपने खून से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखे और अपनी पीड़ा जाहिर की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलन के प्रमुख अमित भटनागर ने बताया कि इस परियोजना के तहत उनके गांव, घर और पूरी जिंदगी प्रभावित हो रही है, लेकिन इसके बदले उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि न जमीन का सही मुआवजा मिल रहा है, न पेड़ों और कुओं का, बल्कि किसानों की जमीन बिना भुगतान के ही अधिग्रहित कर ली जा रही है। कहा- हक मांगने पर मिलती है धमकी अमित भटनागर के अनुसार, जब भी ग्रामीण अपने अधिकारों की मांग करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। कई लोगों पर फर्जी केस दर्ज किए गए हैं और लाठी-डंडों के बल पर आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पिछले चार वर्षों से सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन में शामिल छात्रा ममता कुशवाहा ने बताया कि नैगुवां लघु सिंचाई परियोजना के तहत बांध निर्माण के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन न तो उचित मुआवजा दिया जा रहा है और न ही पुनर्वास पैकेज। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शहीद दिवस पर किए गए इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन और सरकार का ध्यान एक बार फिर इस मुद्दे की ओर खींचा है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में तहसील सरधना में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 41 शिकायतें-प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 2 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के समय सीमा के भीतर समाधान के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से चकरोड पर अवैध कब्जा हटाने, भूमि की पैमाइश कराने, पेंशन संबंधी मांगें और पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, विकास तथा चकबंदी जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित मामले शामिल थे। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने जोर देकर कहा कि आमजन की शिकायतों का निस्तारण प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, एसपी देहात अभिजीत कुमार, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर सहित जनपद और तहसील स्तर के अधिकारी, कर्मचारी तथा आमजन उपस्थित रहे। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से चकरोड पर अवैध कब्जा हटाने, भूमि की पैमाइश कराने, पेंशन संबंधी मांगें और पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, विकास तथा चकबंदी जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित मामले शामिल थे। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने जोर देकर कहा कि आमजन की शिकायतों का निस्तारण प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, एसपी देहात अभिजीत कुमार, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर सहित जनपद और तहसील स्तर के अधिकारी, कर्मचारी तथा आमजन उपस्थित रहे।
मेरठ में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जयंती की शोभायात्रा की अनुमति के लिए दो अलग-अलग संगठनों ने आवेदन किया है, जिससे दोनों गुट आमने-सामने आ गए हैं। सर्व समाज ने भाजपा संगठन से जुड़े कुछ लोगों पर शोभायात्रा का स्वरूप छोटा करने का आरोप लगाया है। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति, जो लगभग 1989 से भैंसाली मैदान से निकलने वाली जयंती मनाती आ रही है, इस विवाद के केंद्र में है। समिति के सदस्यों का कहना है कि कुछ भाजपा से जुड़े लोग जयंती को विवादास्पद बनाना चाहते हैं और इसके स्वरूप को छोटा करना चाहते हैं। समिति ने 16 तारीख को सर्वसम्मति से प्रमोद खड़ोली को अध्यक्ष चुना था। प्रमोद खड़ोली पूर्व पार्षद और पहले भी जयंती समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। जिसमें शहर के गणमान्य लोग मौजूद थे। महेंद्र भारती ने भी उस समय इस निर्णय को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, आरोप है कि भाजपा के कुछ लोग जयंती को विवादों में घसीटना चाहते हैं। इस साजिश के तहत महेंद्र भारती ने कथित तौर पर उनकी कठपुतली बनकर काम किया। उन्होंने समाज को बिना बताए, दो दिन बाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के ही बैनर पर एक अलग अनुमति आवेदन डाल दिया। आरोप लगाने वालों का कहना है कि कमल दत्त शर्मा, एक भाजपा विधायक जैसे कुछ लोग बाबासाहेब के नाम को छोटा करने और उनकी जयंती के स्वरूप को बिगाड़ने के लिए लगातार अलग-अलग तरीकों से हमला कर रहे हैं। उनका उद्देश्य जयंती का भगवाकरण करना है। यह भी बताया गया कि महेंद्र भारती की बुलाई गई बैठक में ही प्रमोद खड़ोली को अध्यक्ष चुना गया था और महेंद्र भारती ने इसे स्वीकार भी किया था। लेकिन बाद में, एक बंद कमरे में चरण सिंह लिसाड़ी और महेंद्र भारती ने मिलकर प्रमोद खड़ोली की जयंती की अनुमति को रद्द कराकर अपनी जयंती की अनुमति लेने की साजिश रची। इसे गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक बताया जा रहा है, जिसका मकसद बाबासाहेब की जयंती के स्वरूप को छोटा करना है।
बालाघाट जिले के चिचोली में रविवार देर रात एक भतीजे ने अपने सगे चाचा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 66 वर्षीय वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित टेकचंद झोड़े ने बताया कि 22 मार्च की रात जब वह अपनी खाट पर लेटकर टीवी देख रहे थे, तभी उनके भाई का बेटा कृष्णा झोड़े शराब के नशे में वहां पहुंचा। आरोपी ने अचानक धारदार हथियार से टेकचंद के गले पर वार कर दिया। हमले में उनकी गर्दन पर गहरा घाव हुआ है। परिजन ने बचाई जान टेकचंद के अनुसार, पहले वार के बाद जब आरोपी दूसरा हमला करने वाला था, तब उन्होंने उसका हाथ पकड़ लिया। इसी दौरान परिवार के अन्य सदस्य शोर सुनकर मौके पर पहुंच गए और बीच-बचाव किया, जिससे उनकी जान बच सकी। घायल को पहले खैरलांजी और फिर गंभीर स्थिति के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी घटना की सूचना मिलते ही खैरलांजी पुलिस ने आरोपी कृष्णा झोड़े को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 331(2) के तहत हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेवाड़ी में ट्रैफिक पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर और एक Scorpio गाड़ी का चालान काटा। फॉर्च्यूनर कार चालक सायरन लगाकर सरकुलर रोड पर जा रहा था। जिसे पुलिस ने पकड़कर 25500 रुपए का चालान काटा। रेलवे रोड की तरफ जा रहे Scorpio कार लाल-नीली बत्ती के साथ मिली। पुलिस ने दोनों का चालान काटा। शहर ट्रैफिक पुलिस प्रभारी बलवंत सिंह ने अपनी टीम के साथ दोनों कार चालकों के चालान किए। मसानी का रहने वाला है मनीष सरकुलर रोड रोड पर एक फॉर्च्यूनर कार चालक सायरन बजाते हुए जा रहा था। सूचना के बाद ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और कार को रोका। जांच करने पर कार चालक ने अपनी पहचान मसाीन नवासी मनीष कुमार के रूप में बताई। ट्रैफिक पुलिस ने कार चालक का 25500 रुपए का चालान काट दिया। कार में रखी थी लाल-नीली बत्ती ट्रैफिक पुलिस को रेलवे रोड पर एक लाल-नीली बत्ती लगी गाड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को रोका और तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर लाल-नीली बत्ती मिली। कार चालक ने अपनी पहचान यादव नगर निवासी राहुल के रूप में बताई। लाल-नीली बत्ती मिलने के बाद पुलिस ने नियमानुसार कार का चालान काट दिया। नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई शहर ट्रैफिक इंजार्च बलवंत सिंह ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक नियमों की पालना के लिए नियमित रूप से अभियान चलाया जाता है। वाहन चालक सड़क से चलते समय नियमों का पालन करें।
'मछली एवं वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार' का छठा संस्करण जयपुर स्थित आईटीसी राजपुताना होटल में आयोजित किया गया। प्रभा खेतान फाउंडेशन (पीकेएफ) एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया द्वारा प्रस्तुत यह वार्षिक पुरस्कार उन व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए प्रदान किया गया, जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 'मछली पुरस्कार' उदयपुर वाईल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम सीताराम मीणा, अजीत सिंह राणावत, जितेंद्र सिंह, द्वारका प्रसाद शर्मा और अशोक नारायण जोशी को दिया गया, इन्हें यह अवॉर्ड बड़ी संख्या में जानवरों को सफलतापूर्वक बचाने और उन्हें सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने के लिए प्रदान किया गया। बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की फॉरेस्ट गार्ड सरोज कंवर ने स्थानीय समुदायों से जुड़ने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को सुलझाने में एक अहम कड़ी के तौर पर काम किया है। शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की फॉरेस्ट गार्ड अनीता कुमारी ने 450 से ज्यादा जंगली जानवरों को सफलतापूर्वक बचाया।कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के तकनीशियन/वृक्ष रक्षक रामलाल गुर्जर जोखिम भरे इलाकों पर लगातार नजर रख रहे हैं, जिससे जानवरों के अवैध शिकार और जंगल की अवैध कटाई में काफी मी आई है। मछली पुरस्कार में कुल 2.5 लाख रुपए की इनामी राशि दी गई है, जिसे चारों विजेताओं के उत्कृष्ट योगदान के लिए उनके बीच बराबर-बराबर बांटा गया। प्रत्येक विजेता को प्रशंसा-पत्र प्राप्त हुआ। 'वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार', जो मानव-वन्यजीव संघर्ष के बेहतरीन प्रबंधन को मान्यता देता है, इस बार उदयपुर के लेक्चरर और कंजर्वेशनिस्ट दर्शन कुमार मेनारिया को प्रदान किया गया। उन्होंने अन्य स्थानीय लोगों के साथ मिलकर, हानिकारक प्रथाओं को रोकने के लिए सामुदायिक प्रयासों का नेतृत्व करते हुए 'मेनार' को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त 'बर्ड विलेज' में बदल दिया। हनुमानगढ़ टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के अनिल कुमार बिश्नोई ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए 35 सालों से अधिक समय समर्पित किया है। व्यक्तिगत रूप से 10,000 से अधिक जंगली जानवरों को बचाया है। वन्यजीव संरक्षक पीरा राम धायल, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए एक त्वरित-प्रतिक्रिया प्रणाली का संचालन करते हैं; वे उच्च-जोखिम वाली स्थितियों में हस्तक्षेप कर, भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा और बदले की भावना से की जाने वाली हत्याओं को रोकते हैं। 'वन्य प्राणी मित्र पुरस्कार' के तहत कुल 1.5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई, जिसे तीनों विजेताओं के बीच बराबर बांटा गया। प्रत्येक विजेता को एक प्रशंसा-पत्र भी प्रदान किया गया। पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया गया है, जिसमें आईएफएस (सेवानिवृत्त), राहुल भटनागर, राज्य वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य, राजपाल सिंह और वाइल्डलाइफ एवं हैबिटेट प्रोग्राम, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, निदेशक, यश सेठिया शामिल रहे। इस अवसर पर आईएफएस पवन कुमार उपाध्याय ने कहा- हम हर क्षण चुनौतियों के साथ जीते हैं। प्रभा खेतान फाउंडेशन और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया जैसी संस्थाएं फ्रंट लाइन स्टॉफ के प्रयासों को सराहने और उत्साहवर्धन के लिए एक मंच प्रदान करती है। उन्होंने इस साल राज्य सरकार द्वारा बजट में एक्सक्लूसिव वाईल्ड लाइफ प्रोजेक्ट को शामिल करने पर भी प्रकाश डाला और कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों की आजीविका के संवर्धन और उनके समावेश को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, जैव विविधता संरक्षण, वरिष्ठ निदेशक, डॉ. दीपांकर घोष ने कहा कि ये पुरस्कार उन चैंपियनों का सम्मान करते हैं। जो राजस्थान राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए उत्कृष्ट भूमिका निभा रहे हैं। हम इन पुरस्कारों में साझेदारी के लिए प्रभा खेतान फाउंडेशन के प्रति अपनी हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। यह सम्मान राजस्थान वन विभाग के फील्ड स्टाफ और स्थानीय समुदाय के सदस्यों को राज्य के वन्यजीवों और उनके आवासों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा। इससे पूर्व पीकेएफ की नेशनल एडवाइजर, विन्नी कक्कड़ ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रभा खेतान फाउंडेशन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तियों और समूहों को सम्मानित करने, तथा मनुष्यों और प्रकृति के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के साथ फाउंडेशन के सहयोगात्मक प्रयासों को भी रेखांकित किया। ऑनरेरी कन्वीनर, राजस्थान एंड सेंट्रल इंडिया, पीकेएफ अपरा कुच्छल ने प्रभा खेतान फाउंडेशन और 'एहसास वूमन' के निरंतर कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे फाउंडेशन की पहलों ने पिछले कई वर्षों से लगातार महिलाओं को सशक्त बनाया है और भारत के साहित्यिक व सांस्कृतिक परिदृश्य को मजबूत किया है।
जफराबाद में 1.18 करोड़ का बॉक्स कल्वर्ट स्वीकृत:हरिपुर भड़ेहरी से पाली के बीच नाले पर बनेगा लघु सेतु
जौनपुर के जफराबाद विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना को मंजूरी मिली है। ग्राम हरिपुर भड़ेहरी से पाली के बीच नाले पर बॉक्स कल्वर्ट (लघु सेतु) के निर्माण के लिए 1 करोड़ 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना में पहुंच मार्ग और अतिरिक्त मार्ग का निर्माण भी शामिल है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस निर्माण कार्य को जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह लघु सेतु जफराबाद विधानसभा क्षेत्र को केराकत विधानसभा से जोड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जफराबाद के विधायक और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय ने बताया कि क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन संबंधी कठिनाइयां दूर होंगी। स्थानीय निवासियों ने इस परियोजना की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार भी जताया है।
जालंधर के गोराया नेशनल हाईवे पर एक बस और कार की जोरदार टक्कर हो गई। बता दे कि इस हादसे में कार में सवार एक परिवार के दो लोग घायल हो गए, जबकि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर के बाद सड़क पर जाम लग गया, जिसे लोगों ने काफी मशक्कत के बाद खुलवाया। गांव अट्टी निवासी कार मालिक हरदीप सिंह ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ जालंधर दवाई लेने जा रहे थे। गोराया के पास गांव अट्टा नहर के पीछे उनकी कार खड़ी थी, तभी लुधियाना की ओर से आ रही एक निजी बस ने उनकी खड़ी कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उन्हें चोटें आईं, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। तेज रफ्तार में थी बस बस में सवार यात्रियों ने बताया कि बस काफी तेज गति में थी। उन्होंने कई बार ड्राइवर को बस धीमी करने के लिए कहा था, लेकिन सवारियां उठाने के चक्कर में बस की रफ्तार कम नहीं की गई। यात्रियों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी बस एक अन्य कार को मुश्किल से बचा पाई थी। बस ड्राइवर ने दी सफाई वहीं, बस ड्राइवर सरबजीत सिंह का कहना है कि वह लुधियाना से गोराया सर्विस लेन पर उतर रहा था। तभी एक कार गलत दिशा से यू-टर्न लेकर हाईवे पर चढ़ने लगी, जिसे उसने बचाया। इसके बाद दूसरी कार भी गलत साइड से हाईवे पर चढ़ने लगी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। मामले की जांच में जुटी पुलिस मौके पर पहुंचे थाना गोराया के एएसआई सुरिंदर मोहन ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और इसके बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में विभिन्न संगठनों ने शहीद दिवस मनाया। ब्रज कला केंद्र के तत्वावधान में अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 95वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद पार्क में स्थापित तीनों क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया। यह कार्यक्रम आशु कवि अनिल बोहरे की अध्यक्षता एवं चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के संयोजन व संचालन में आयोजित हुआ। संस्था के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने काव्य पाठ के माध्यम से शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा, “जिनके साहस से आज़ादी का सूरज मुस्काया है, उन वीरों का बलिदान हर युग ने शीश झुकाया है।” कार्यक्रम में उपस्थित अन्य साहित्यकारों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। श्याम बाबू चिंतन ने कहा, “आज शहीद दिवस पर शहीदों को नमन करें, उनके बनाये रास्ते पर अनुगमन करें।” पूरन सागर ने पढ़ा, “वतन की आबरू को जो हंसकर फांसी झूल गये, अपनी खुशी सपने देश की खातिर भूल गये।” रोशनलाल वर्मा ने कहा, “है हिमालय से ऊंचा शहीदों आपका सर, भेजता हूं मैं मरुध से ऐ जवानों नीर का स्वर।” प्रभू दयाल दीक्षित ‘प्रभू’ ने पढ़ा, “वीर शहीदों ने दिया प्राणों का बलिदान, शत-शत नमन उनको कहता रहेगा हिन्दुस्तान।” वीना गुप्ता एडवोकेट ने कहा, “शहीदों की बदौलत चमन है, वतन को शत-शत नमन है।” श्रद्धांजलि देने वाले वक्ताओं में गिर्राज सिंह गहलोत, देवेंद्र शर्मा एवं आमना बेगम शामिल थे। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान से ही आज हम गर्व से जीवन जी रहे हैं। इस अवसर पर जयशंकर पारासर, पंडित ऋषि कुमार कौशिक, हरीशंकर वर्मा, कपिल नरूला, पीयूष अग्निहोत्री, संतोष उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी दी श्रद्धांजलि... इसके अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों ने भी आगरा रोड स्थित शहीद पार्क पहुंचकर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्य रूप से जिला सचिव विनोद करौतिया, उदय सिंह गौतम, आरडी आर्य, ओम कुमार पाथरे, उमेश चंद, शिवकुमार, किशोर, कुनाल, बीके पुष्कर और विकास मौजूद थे।
विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने एटा कलेक्ट्रेट पहुंचकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने जिले के प्रत्येक चौराहे को 'वंदे मातरम चौराहा' घोषित करने की मांग उठाई है। यह मांग शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर की गई। यह ज्ञापन संगठन के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह जादौन के नेतृत्व में सौंपा गया। इसे जिलाधिकारी कार्यालय में अतिरिक्त एसडीएम राजकुमार मौर्य को दिया गया। ज्ञापन में जिले के सभी चौराहों को 'वंदे मातरम चौराहा' नाम देने की अपील की गई है। जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह जादौन ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी थी। आज उनका 95वां शहादत दिवस है, जिसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' से देश भावना जागृत होती है, इसलिए चौराहों को यह नाम दिया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में अनिल कुमार, साहब की तस्वीर सिंह राजपूत, निशांत गौरव सिंह सिकरवार, कमलेश सिंह, अजय शर्मा, विवेक कुमार, अमन, बृजेश बर्थडे, आकाश कश्यप, जितेंद्र, विवेक गुप्ता, अजय गुप्ता और अनुराग कुमार सहित दर्जनों संगठन कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अलवर में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें और अंतिम दिन कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि मनुष्य वास्तव में उतनी ही देर जीवित रहता है, जितनी देर वह ठाकुर जी के सत्संग में रहता है। इसके अलावा का जीवन मृतप्राय व्यक्ति जैसा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी के अलावा जो जीवन हम जी रहे हैं, वह पशु के समान है। उन्होंने समझाया कि पशुओं की जो दिनचर्या होती है, वो हमारी भी है। खाना-पीना, सोना और परिवार बढ़ाना। यही काम पशु भी करते हैं लेकिन मनुष्य की विशेषता यह है कि वह कथा सुन सकता है, सत्संग कर सकता है। गुरु के आश्रय में रहकर भगवान का नाम जप सकता है, जो पशु नहीं कर सकते हैं। यह शरीर केवल एक वस्त्र और साधन है उपाध्याय ने कहा कि “आहार, निद्रा, भय और मैथुन” ये सब काम पशु और मनुष्य दोनों करते हैं। इंसान भी सुबह से अपने आहार के लिए निकल जाता है। कोई दुकान, कोई ऑफिस तो कोई अन्य काम में लग जाता है। उसी तरह पशु भी भोजन की तलाश में निकलते हैं। इसके बाद दोनों ही विश्राम करते हैं और दोनों में भय भी समान रूप से होता है। उन्होंने परिवार वृद्धि पर कहा कि एक से अनेक होना मनुष्य और पशु दोनों में समान है, बल्कि कई बार पशु इस मामले में आगे होते हैं। यदि पशुओं को भी शिक्षा दे दी जाए तो वे भी मनुष्य जैसे ही बन सकते हैं। उपाध्याय ने कहा कि यह शरीर केवल एक वस्त्र और साधन है, यह एक गाड़ी की तरह है। इसमें ही उलझे नहीं रहना चाहिए और न ही इसे सजाने-संवारने में ही जीवन बिताना चाहिए, बल्कि इसे साधन बनाकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी के चरणों तक पहुंचने का एकमात्र माध्यम यही शरीर है। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरा पंडाल भक्ति में डूबा नजर आया।
हाथरस में आज खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले समा चावल, अजंता ब्रांड खाद्य रंग, घी और पनीर सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए गए। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य रणधीर सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई। छापेमारी से दुकानदारों में खलबली मच गई। हाथरस शहर के सासनी गेट स्थित अग्रवाल प्रोविजन स्टोर, गोविंद किराना स्टोर, पथरिया ट्रेडर्स, प्रशांत ट्रेडर्स और राहुल प्रोविजन एंड जनरल स्टोर का निरीक्षण किया गया। अग्रवाल प्रोविजन स्टोर से समा चावल और गोविंद किराना स्टोर से अजंता ब्रांड खाद्य रंग के नमूने लिए गए। नमूने जांच को प्रयोगशाला भेजे... इसके अतिरिक्त, सासनी तहसील के विजाहरी रोड स्थित सलीम डेरी से घी और पनीर के नमूने भी जांच हेतु संग्रहित किए गए। सभी नमूने खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पारुल सिंह, करतार सिंह और ओमकार कुशवाहा भी शामिल थे। विभाग ने बताया कि निरीक्षण और छापामार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मिशन शक्ति अभियान-5 का दूसरा चरण शुरू:छात्राओं को अधिकारों, सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
जनपद में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से 23 मार्च, सोमवार को पीपुल्स इंटर कॉलेज डुमरियागंज में मिशन शक्ति अभियान-5 (द्वितीय चरण) का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस दौरान इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अतिथियों का स्वागत किया और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकार, सुरक्षा और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत महिलाओं को साइबर सुरक्षा, विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। जिलाधिकारी ने कन्या सुमंगला योजना का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं तकनीकी शिक्षा के लिए स्मार्टफोन व टैबलेट भी दिए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में वन स्टॉप सेंटर और सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित हैं, जहां महिलाएं सहायता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत नवरात्रि के अवसर पर की गई थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों एवं साइबर सुरक्षा के प्रति सजग किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि जनपद के सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र एवं साइबर सेल स्थापित हैं, जहां महिलाएं अपनी समस्याओं का समाधान पा सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उच्च पदों पर आसीन होकर समाज को दिशा दे रही हैं, इसलिए छात्राओं को भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। महिला थाना प्रभारी भाग्यवती पांडेय ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत छात्राओं को विस्तार से जानकारी देते हुए 1090, 181, 1076, 1098, 112, 102, 108 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है और किसी भी प्रकार के अत्याचार के खिलाफ चुप न रहकर आवाज उठानी चाहिए, ताकि समय रहते घटनाओं को रोका जा सके। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने विचार प्रस्तुत कर अन्य छात्राओं को भी जागरूक किया। अंत में बालिकाओं को प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
बूंदी की दौलाडा पंचायत में हर घर जल:विश्व जल दिवस 2026 पर योजना का संचालन समिति को सौंपा
बूंदी की दौलाडा ग्राम पंचायत को विश्व जल दिवस 2026 के अवसर पर भारत सरकार द्वारा चयनित किया गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत पंचायत के प्रत्येक घर को पाइपलाइन कनेक्शन से जोड़कर 55 एलपीसीडी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा की है। दौलाडा में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में इस वृहद पेयजल योजना के संचालन का जिम्मा विधिवत रूप से ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंप दिया गया। पंचायत भवन में हुए इस कार्यक्रम में योजना का आधिकारिक हैंडओवर किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों और समिति के सदस्यों ने जल संरक्षण तथा योजना के सुचारु संचालन की शपथ ली। कार्यक्रम में 'जल बंधन' रस्म भी निभाई गई, जो जल और जन के बीच के अटूट रिश्ते को दर्शाती है। विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में गांव के सरकारी स्कूल के बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों के बीच जल संरक्षण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, गांव के मुख्य मार्गों से एक विशाल रैली निकाली गई और आकर्षक रंगोलियां सजाकर ग्रामीणों को पानी की हर बूंद बचाने का संदेश दिया गया। पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए स्रोत क्षेत्र और उच्च जलाशय के आस-पास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों ने श्रमदान कर आसपास के इलाके को प्लास्टिक और कचरा मुक्त बनाया। दौलाडा ग्राम पंचायत की सरपंच सोना कुमारी ने कहा कि गांव में स्वच्छ पेयजल पहुंचना गर्व की बात है और अब इसके रखरखाव की जिम्मेदारी सभी ग्रामीणों की है। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सहायक अभियंता भारती, कनिष्ठ अभियंता हेमलता और वाटर एंड सैनिटेशन सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन की एचआरडी कंसल्टेंट लेखा शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को योजना के तकनीकी पहलुओं और जल गुणवत्ता के बारे में भी जागरूक किया गया।
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के बलिदान को किया याद:देश के लिए समर्पित रहने का युवाओं से किया आह्वान
हनुमानगढ़ में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर सोमवार को विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की। इन कार्यक्रमों में वक्ताओं ने युवाओं से शहीदों के विचारों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जंक्शन स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर सीटू (CITU) ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बहादुर सिंह चौहान और शेर सिंह शाक्य सहित अन्य लोगों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने 23 मार्च को भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण दिन बताया, जब इन तीनों क्रांतिकारियों ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। SFI ने भी दी श्रद्धांजलि वहीं टाउन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल महाविद्यालय में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई, जिसके बाद 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान 'शहीदों अमर रहो' के नारे लगाए गए। एसएफआई के तहसील अध्यक्ष मोहित कुमार ने कहा कि शहीदों का बलिदान देश के इतिहास में अमिट है। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। मोहित कुमार ने युवाओं से शिक्षा, सामाजिक एकता और नशे से दूर रहकर देश को मजबूत बनाने की अपील की। कार्यक्रम में महेंद्र कारगवाल, योगेश, किरण और जयपाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
बरनाला पुलिस ने नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से पैसे वसूलते थे। एसएसपी बरनाला मुहम्मद सरफराज आलम के निर्देशों पर एंटी-सोशल एलिमेंट्स के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धनौला थाने की पुलिस पार्टी को यह सफलता मिली। धनौला थाने के एएसआई सेवा सिंह ने बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस पार्टी ने रेड की और एक इनोवा कार में वर्दी पहने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (पुत्र अजय कुमार, निवासी चक महंता वाला, फिरोजपुर), अजय (पुत्र अशोक कुमार, निवासी मुनके उत्ताड, फिरोजपुर) और गुरप्रीत सिंह (पुत्र बलकार सिंह, निवासी मुनके उताड, फिरोजपुर) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पंजाब पुलिस की नकली वर्दी और नकली आईडी कार्ड का इस्तेमाल कर विभिन्न जिलों में लोगों को धमकाकर पैसे वसूलते थे। पुलिस ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक इनोवा कार, पुलिस की वर्दी, पगड़ी और खाकी बूट बरामद किए गए हैं। धनौला पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्हें माननीय कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसएसपी आलम ने कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के धोखेबाजों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सहरसा में भारत मुक्ति मोर्चा का विरोध प्रदर्शन:जाति जनगणना, रोहित एक्ट और शिक्षकों को राहत की मांग
भारत मुक्ति मोर्चा ने सोमवार को सहरसा में विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और रैली निकाली। यह राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। रैली अंबेडकर पुस्तकालय, सहरसा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित जनगणना कराने और ओबीसी वर्ग के साथ कथित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार पर ओबीसी समाज के साथ धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया। केंद्र पर ओबीसी समाज के साथ धोखाधड़ी का आरोप नेताओं ने शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारण छात्र मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला का जिक्र करते हुए 'रोहित एक्ट' लागू करने की मांग की गई, ताकि देशभर के शिक्षण संस्थानों में समानता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आंदोलनकारियों ने 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने की भी मांग दोहराई। उनका तर्क था कि यह नियम पुराने शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण है और उन्हें इससे राहत मिलनी चाहिए। इस प्रदर्शन में भारत मुक्ति मोर्चा के प्रमंडल उप प्रभारी महेंद्र कुमार, मुन्ना राम, सनोज कुमार, गौरव कुमार, आजाद, आदर्श कुमार, अमित कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे संघर्ष और भी व्यापक रूप लेगा।
कोटा शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आज (सोमवार) सुबह नेहरू गार्डन क्षेत्र में जहां मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में करीब 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। घटना सुबह की है, जब लोग रोज की तरह नेहरू गार्डन के पास टहलने निकले थे। तभी एक आक्रामक कुत्ता अचानक लोगों की ओर दौड़ा और एक-एक कर कई लोगों को काट लिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे। सुबह एक साथ आए 5 से 6 डॉग बाइट के केस एमबीएस अस्पताल के एंटी रेबीज क्लीनिक में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि सुबह के समय 5 से 6 डॉग बाइट के केस एक साथ आए। घायलों के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई जगह काटने के निशान थे। कुछ लोगों को ज्यादा चोटें आई हैं, जिनकी ड्रेसिंग कर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। शिकायत के बाद भी निगम प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई घायल रामवतार ने कहा कि यह कुत्ता पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा था और पहले भी लोगों के पीछे दौड़ता था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि आवारा और हिंसक कुत्तों को जल्द पकड़ा जाए, क्योंकि नेहरू गार्डन क्षेत्र में सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं और बच्चे भी खेलते हैं। ये खबर भी पढ़िए… कोटा में कुत्तों ने नायब तहसीलदार समेत 22 को काटा:5 साल की बच्ची और महिला को भी शिकार बनाया; हाथ-पैर, चेहरे पर गहरे जख्म कोटा के अलग-अलग इलाकों में कुत्तों ने नायब तहसीलदार सहित 22 लोगों को लहूलुहान कर दिया। इसमें 5 साल की बच्ची भी शामिल है। आवारा कुत्ते (स्ट्रीट डॉग) ने नायब तहसीलदार पर कलेक्ट्रेट आफिस में हमला बोला था। पीबीएम सहित अन्य हॉस्पिटल में इन लोगों को 'एंटी रैबीज' के इंजेक्शन लगाए गए।(पूरी खबर पढ़ें)
गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत असनी पंचायत के नदी टोली में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय किशोर की नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान नदी टोली निवासी खपई उरांव (14), पिता सोमा उरांव के रूप में हुई है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि खपई को मिर्गी की बीमारी थी। वह अक्सर अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने जाया करता था। हालांकि सोमवार को वह अकेले ही नदी की ओर निकल गया था। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान परिजन नदी किनारे पहुंचे, जहां खपई पानी में डूबा हुआ मिला। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टर ने किया मृत घोषित घटना के बाद परिजनों ने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से किशोर को ऑटो के माध्यम से सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक असीम मिंज ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि खपई सरल स्वभाव का था और घर के कामों में अपने माता-पिता का हाथ बंटाता था। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि खपई चार भाई-बहनों में बीच का था। उसने चौथी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और घर के कामकाज में अपने परिवार की मदद करता था। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

