शहर से 32 किलोमीटर दूर बिशाला के बस स्टैंड पर शनिवार की दोपहर को एक युवती को भगाकर ले जाने से बढ़ी रंजिश के चलते लड़की के परिजनों ने युवक महेशाराम पुत्र जोगाराम पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी से वार किए और घायल युवक को घसीटकर अपने घर ले गए और वहां भी उसके साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार युवक अपने भाई के साथ बाजार में सब्जी लेने निकला था। जैसे ही वे बीच रास्ते पहुंचे, युवती के तीन भाइयों और उनकी मां ने उन्हें घेर लिया और कुल्हाड़ी से युवक पर हमला शुरू कर दिया। घटना के बाद ही पुलिस ने तुरंत तीनों युवक बसीर, रजाक, जमील व महिला को डिटेन कर लिया। इसके साथ ही दिनभर चले विरोध के बाद शाम को प्रशासन ने आरोपियों के मकान पर जेसीबी को चलाकर अतिक्रमण तोड़ा। बाइक पर गांव आया था युवक, 3 युवकों सहित महिला ने किया हमला, 4 को पकड़ा एसपी नरेंद्र मीणा ने बताया कि मामले में चार माह पहले वर्ग विशेष की युवती को महेशाराम भगा कर ले गया था। कुछ समय बाद वह दोनों वापस लौटे और घर पर ही रह रहे थे। बम्बई में लकड़ी का कार्य करने वाला महेशाराम पुत्र जोगाराम होली के पर्व पर अपने गांव आया हुआ था। शनिवार की दोपहर को वह अपने भाई दिनेश के साथ बाइक पर बैठकर गांव से घर की तरफ जा रहा था। तभी बिशाला बस स्टैंड पर घात लगाए बैठे युवकों ने उस पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उसे घायल कर दिया। हमले में घायल हुए युवक को 108 की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार कर उसे जोधपुर रेफर किया। जोधपुर में घायल युवक का उपचार किया जा रहा है। हमलावरों के घर की 100 फीट दीवार हटाई धरने पर बैठे भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह और अन्य जनसमूह द्वारा गांव में असामाजिक तत्वों के बढ़ रहे आतंक का विरोध किया। इस दौरान प्रशासन ने आरोपियों के मकान की दीवार की जांच की तो वह सड़क सीमा के अंदर बनी हुई मिली। ऐसे में प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए तहसीलदार हुक्मीचंद ने माप और पैमाइश के बाद तुरंत जेसीबी बुलाई गई और आरोपियों के मकान की लगभग 100 फीट से अधिक लंबी दीवार को तोड़ा गया आई विटनेस - बाइक रोकी, फिर कुल्हाड़ी से हमला दिनेश बिशाला बस स्टैंड पर शनिवार की दोपहर अचानक हुए जानलेवा हमले का प्रत्यक्षदर्शी था। उसने बताया कि वह महेशाराम के साथ उसकी बाइक पर सवार होकर गांव से घर की तरफ जा रहा था। जैसे ही बिशाला बस स्टैंड के पास पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे बसीर, रजाक, जमील और उसकी मां ने अचानक हमारी बाइक के आगे आकर रास्ता रोक लिया। मुझे धक्का देकर नीचे गिरा दिया और मेरा मोबाइल छीन लिया। महेश पर कुल्हाड़ी से वार शुरू कर दिए।
मप्र के आईएएस अफसरों की वर्ष 2026 के अचल संपत्ति विवरण में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। भोपाल के कोलार क्षेत्र के गुराड़ी घाट गांव में करीब 50 अधिकारियों ने खेती की जमीन में सामूहिक निवेश किया है। चार मौजूदा कलेक्टरों ने अपने संपत्ति विवरण में गुराड़ी घाट में निवेश का उल्लेख किया है। इनमें विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता, बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह, अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय और नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह शामिल हैं। जयति सिंह और रजनी सिंह के विवरण के अनुसार उनके पास अचल संपत्ति के रूप में यही जमीन दर्ज है। संपत्ति विवरण के अनुसार यह जमीन अप्रैल 2022 में खरीदी गई थी। अधिकारियों ने सामूहिक निवेश का उल्लेख तो किया है, लेकिन कुल जमीन का रकबा या कुल निवेश का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। सभी ने केवल अपने-अपने हिस्से की जानकारी दर्ज कराई है। यह जमीन खसरा नंबर 124/1/1 और उसके उप-भागों में स्थित है। इसे 4 अप्रैल 2022 को सावित्री मारन और उनके परिवार से खरीदा गया था। अधिकारियों की ओर से दिए गए खरीद मूल्य के आधार पर इस खसरे की कीमत 6 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। सबकी जानकारी अलग-अलग... पर अनुमान- दो खसरों में 35 एकड़ भूमि 10 से 15 साल की सेवा के बादइंदौर समेत 14 कलेक्टरों ने अपनी संपत्ति ‘निल’ बताई 10 संभागायुक्तों में से एक और 55 जिलों के कलेक्टरों में से 14 ने अपने संपत्ति विवरण में अचल संपत्ति ‘निल’ दर्शाई है। दतिया से कोयंबटूर, विरासत और गिफ्ट में जमीन-मकान मध्यप्रदेश कैडर के कई आईएएस अधिकारियों ने अपने अचल संपत्ति विवरण में बताया है कि उन्हें कुछ संपत्तियां विरासत या उपहार के रूप में मिली हैं। ये संपत्तियां उन्हें परिवार के सदस्यों या रिश्तेदारों से प्राप्त हुई हैं। इनमें दतिया, भोपाल, इंदौर, सोनीपत, रोहतक, बाराबंकी, कैमूर, इरोड और कोयंबटूर जैसी जगहों पर स्थित संपत्तियां शामिल हैं।
राजधानी के कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में अब 20 मार्च से महिलाओं को नि:संतानता (इन्फर्टिलिटी), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, और अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याओं का इलाज मिलेगा। अस्पताल में स्थापित ‘स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनाकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी’ में अब इन सभी स्वास्थ्य सेवाओं का एक ही जगह इलाज होगा। करीब दो करोड़ रुपए की लागत से स्थापित इस हाईटेक सेंटर में जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार सेंटर में मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस, फाइब्रॉइड जैसी स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के लिए परामर्श और उपचार के साथ-साथ इन्फर्टिलिटी के आधुनिक इलाज जैसे आईयूआई की सुविधा भी एक छत के नीचे मिलेगी। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए वीआईए तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। काटूज अस्पताल में खुलने वाला यह सेंटर प्रदेश का पहला इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इसके अलावा एक इन्फर्टिलिटी क्लीनिक एम्स में भी है। हालांकि, एम्स में अब आईवीएफ से भी इलाज शुरू होने वाला है। प्राइवेट में 4 गुना तक महंगा नि:संतानता इलाजसरकारी सेंटर में नि:संतानता का इलाज 40,000 से 80,000 रुपए तक में हो सकता है। निजी अस्पतालों में इसी के लिए 3 लाख रुपए तक का खर्च आता है। भारत में नि:संतानता की दर राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 10-14% होने का अनुमान है, जो खराब जीवनशैली और देर से शादी करने के कारण बढ़ रही है। क्योंकि, इन्हें कैंसर और पीसीओडी का खतरा…
शनिवार सुबह 6 बजे फायरिंग से दहशत:हमलावरों को गार्ड नहीं रोकते तो परिजन-मरीज भी बनते निशाना
हमीदिया अस्पताल में शनिवार सुबह फायरिंग के बाद दहशत फैल गई। बदमाशों ने अस्पताल के मुख्य गेट के पास फायरिंग की थी। गोलियों की आवाज गूंजी तो वेटिंग एरिया में बैठे मरीज और उनके परिजन कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। कई लोग दीवारों और खंभों के पीछे छिप गए। कुछ लोग जल्दी-जल्दी वार्ड की तरफ भागे तो कई लोग अस्पताल के अंदर की ओर दौड़ पड़े। वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजन भी बाहर निकल आए और घबराकर फोन पर अपने परिजनों को घटना की जानकारी देने लगे। कुछ देर तक गेट के आसपास भगदड़ जैसे हालात बने रहे। घटना के समय गेट के पास सुरक्षाकर्मी शीला सिंह, हरि नारायण साहू और सीएमएओ कक्ष के पास प्रशांत पाठक मौजूद थे। गोली की आवाज सुनते ही तीनों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मरीजों के परिजनों को सुरक्षित जगहों की ओर हटाया। उन्होंने मोर्चा संभाला और बदमाशों को अंदर नहीं जाने दिया। सुरक्षाकर्मी गेट पर हमलावरों को नहीं रोकते मो मरीज और उनके परिजन भी निशाना बन सकते थे। सुबह का समय होने से उस वक्त अस्पताल में अपेक्षाकृत कम मरीज और परिजन थे। यदि यही घटना ओपीडी के समय होती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अस्पताल के इस गेट से दिनभर में करीब 500 से ज्यादा लोग आते-जाते हैं और एक समय में 50 से अधिक लोग यहां मौजूद रहते हैं। घटना के बाद भी लंबे समय तक मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बना रहा। कट्टा और छुरी लेकर परिसर में घूमने लगा बदमाश प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली से घायल इमरान नामक युवक के अस्पताल पहुंचते ही उसके परिजन और परिचित भी बड़ी संख्या में वहां आ गए थे। अस्पताल में मौजूद एक सुरक्षाकर्मी ने दैनिक भास्कर को बताया कि युवक को लाने के करीब 10 से 15 मिनट बाद दो बदमाश एक्टिवा से अस्पताल पहुंचे। उनमें से एक लंबा युवक हाथ में कट्टा और छुरी लेकर परिसर में घूमने लगा और लोगों को धमकाने लगा था। जहां पर एंबुलेंस रुकती है, उसी जगह से की फायरिंगप्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, हमलावर ने एंबुलेंस रुकने वाली जगह के पास से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां अस्पताल की खिड़की और दीवार पर जा लगीं। फायरिंग होते ही वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। चश्मदीद ने बताया- गार्ड हरि नारायण ने गेट नहीं छोड़ा और मजबूती से वहीं खड़े रहे, ताकि हमलावर अस्पताल के अंदर न घुस सके। अगर वे पीछे हट जाते तो बदमाश अंदर तक आ सकते थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब 15 मिनट दहशत, बदहवास भागते रहे लोग हालांकि अचानक हुई फायरिंग से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया और मरीज व उनके परिजन सुरक्षित जगहों पर छिपने लगे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बड़ा हादसा हो सकता था।
शहर के जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत के दौरान कई मानवीय पहलू सामने आए। लोक अदालत ने पति-पत्नी के बीच की सात साल की दूरी को चंद मिनटों में ही खत्म कर दिया। 13 साल पहले विवाह के बंधन में बंधा जोड़ा पिछले 7 सालों से विवादों की भेंट चढ़कर अलग रह रहा था। मामला तलाक तक पहुंच चुका था, लेकिन शनिवार को लोक अदालत ने उन्हें एक कर दिया। इस अलगाव की सबसे बड़ी कीमत 12 साल का बेटा और 7 साल की मासूम बेटी चुका रहे थे। माता-पिता के एक होने के फैसले ने इन बच्चों को उनका पूरा परिवार वापस लौटा दिया है। खास बात यह है कि पति-पत्नी दोनों ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। छह बैंचों की तत्परता से मामलों का निस्तारण 6 विशेष बैंचों के माध्यम से न्याय तेजी से मिला कि पक्षकारों के चेहरों पर बरसों बाद मुस्कान लौटी। एमएसीटी कोर्ट के 48 मामलों में 3.70 करोड़ से ज्यादा का हर्जाना मंजूर किया गया। प्री-लिटिगेशन के 4194 मामलों का समाधान कर 99 लाख से अधिक की राहत दी गई। राजस्व मामले में सीमाज्ञान और रास्ते के विवाद जैसे 96,645 ऑनलाइन प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण कर प्रशासन ने मिसाल पेश की। लोक अदालत की सबसे बड़ी खूबी आपसी समझाइश की रही। बिजली विभाग, बैंकों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ मिलकर अधिवक्ताओं ने पक्षकारों के बीच अटके विवादों को सुलझाया। बैंकों के ऋण, चैक बाउंस और घरेलू विवादों को कोर्ट रूम के बाहर ही निपटा दिया गया। 14.85 करोड़ राशि के अवार्ड पारित किए जिला एवं सेशन न्यायाधीश अजिताभ आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 7690 मामलों का निस्तारण किया और कुल 14,85,26,416 रुपए की अवार्ड राशि पारित की। लोक अदालत का आगाज जिला न्यायाधीश अजिताभ आचार्य ने किया। इसमें बाड़मेर मुख्यालय के साथ-साथ चौहटन, गुड़ामालानी, शिव और सेड़वा के लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी यशार्थ शेखर, वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु भगवान चौधरी, भजनलाल गोदारा, किरण मंगल और बिजली विभाग के अधिवक्ता डॉ. अभय सिंह राठौड़ सहित पूरी टीम ने मिशन मोड में काम किया।
भोपाल में गैंगवार:अशोका गार्डन में गोली मारी, इलाज के लिए हमीदिया गए तो वहां भी फायरिंग
गैंग्स ऑफ वासेपुर फिल्म की कहानी भोपाल में हकीकत बन गई। राजधानी में शनिवार तड़के गैंगवार के दौरान जमकर फायरिंग हुई। शातिर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए पहले अशोका गार्डन इलाके में आतंक मचाया। तिरंगा चौराहे पर छह बदमाशों ने एक युवक को घेरकर उस पर फायरिंग कर दी। युवक जान बचाकर घर की ओर भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए वहां तक पहुंच गए। घर की सीढ़ियां चढ़ते समय उसके पैर में गोली लग गई। वह किसी तरह घर के अंदर घुस गया, जिसके बाद बदमाशों ने बाहर से कई राउंड फायरिंग की। घायल को उसका पिता इलाज के लिए हमीदिया लेकर पहुंचा। इसी दौरान दो बदमाश वहां भी पहुंच गए और इमरजेंसी के कांच के गेट पर गोली चला दी। गोली कांच को भेदते हुए अंदर तक पहुंच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं लगी। आरोपी अभी फरार हैं। अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाने में हत्या के प्रयास के दो मामले दर्ज किए गए हैं। इमरान के पैर में लगी गोली... 2 घंटे दहशत, सभी आरोपी फरार अशोका गार्डन में फायरिंग युवक को घेरकर फायरिंग... घर तक पीछा कर 10 राउंड गोलियां चलाईं इमरजेंसी गेट पर फायर... गार्ड्स को धमकाया, अंदर जाने की कोशिश की शादाब ने छोटे भाई पर किए गए हमले का बदला लेने वारदात को अंजाम दिया लल्लू का बेटा इमरान नाबालिग अपराधी है। उसके खिलाफ 8 अपराध दर्ज हैं। 2023 में ऐशबाग क्षेत्र में इमरान ने शादाब के छोटे भाई अनस कुरैशी पर चाकू से हमला किया था, जिसमें उसकी अंगुली कट गईं थी। इधर, शादाब गेट और अल्लू को 2015 में हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जनवरी 2025 में दोनों जेल से रिहा हुए हैं। छोटे भाई पर हुए हमले का बदला लेने के लिए वह इमरान की तलाश कर रहा था। लल्लू रईस का कहना है कि आरोपी शहर में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार करते हैं। वह इसकी सूचना पुलिस को देता है, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई करती है और उनका जुआ-सट्टा बंद हो जाता है। इसी वजह से आरोपी उससे रंजिश रखते हैं। लल्लू के अनुसार, इमरान ने वर्ष 2023 में शादाब के भाई पर चाकू से हमला किया था। तभी से आरोपी उससे बदला लेने की फिराक में थे और उसकी हत्या करना चाहते हैं। शुक्रवार शाम को भी शादाब और उसके साथियों ने इमरान को घेरने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच निकला। शनिवार तड़के इमरान सहरी करने के बाद घर से निकला और तिरंगा चौराहे पर खड़ा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसे घेरकर उस पर हमला कर दिया।
राजस्थान में होंडा का पहला ईवी मॉडल लॉन्च, तापुकरा बनेगा उत्पादन हब
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान होंडा कार्स इंडिया के पहले इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल होंडा अल्फा का अनावरण किया
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इसी के साथ पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में भी ऐसी ही चेतवानी जारी की गई है। विभाग के मुताबिक अगरे 3-4 दिन मौसम ऐसा ही रहने के आसार हैं। इधर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यूपी के पूर्वी क्षेत्र में ओले गिरने के भी आसार हैं। इससे पहले इन राज्यों में हीटवेव के कारण तापमान 40C तक पहुंच गया था। पूर्वोत्तर के राज्यों में भी पिछले कई दिनों से लगातार बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने बताया कि यहां अभी कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी लेकिन कुछ दिनों बाद गर्मी में बढ़ोतरी देखी जाएगी। क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ… पश्चिमी विक्षोभ मौसम की एक ऐसा सिस्टम है जो भारत के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ठंडी हवाएं लेकर आता है। इसे अंग्रेजी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है। यह हवा और बादलों का एक समूह होता है जो पश्चिम दिशा से (यूरोप, भूमध्य सागर क्षेत्र से) चलकर अफगानिस्तान-पाकिस्तान होते हुए भारत तक आता है। जब यह भारत पहुंचता है, तो उत्तर भारत में बारिश और हिमालय में बर्फबारी करवाता है। उदाहरण से समझें… मान लीजिए आसमान में बादलों का एक झुंड पश्चिम से चलता हुआ आता है। जैसे ही यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों से टकराता है, पहाड़ों में बर्फबारी होती है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। कब ज्यादा सक्रिय होता है… अगले 2 दिन मौसम का हाल…
हरियाणा में आज आंधी व बारिश का अलर्ट:40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, 5 दिन रहेगा असर
हरियाणा में शनिवार से मौसम करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बन गई है। मौसम विभाग ने 15 मार्च को कई जिलों में येलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसके बाद 18 से 20 मार्च के बीच बारिश की गतिविधियां और बढ़ने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से जींद, कैथल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल और अंबाला में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, पलवल, गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, यमुनानगर और पंचकूला में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 से 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार 16 मार्च को भी कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि 17 मार्च को मौसम कुछ हद तक शांत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 20 मार्च के बीच फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और इसका दायरा भी ज्यादा जिलों तक फैल सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान खेतों में काम करने से बचें और गेहूं व अन्य रबी फसलों को तेज हवाओं से बचाने के उपाय करें। साथ ही इस दौरान सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से भी बचने की सलाह दी गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर, नूंह सबसे गर्महरियाणा में शनिवार को अधिकतम तापमान में औसतन 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक तापमान 34 डिग्री सेल्सियस नूंह में दर्ज किया गया। हिसार में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 4.7 डिग्री अधिक है। चरखी दादरी में 33.3, भिवानी में 32.6 और महेंद्रगढ़ में 32.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले कुछ दिनों में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव है।
हरियाणा के करनाल में रेप पीड़ित 15 साल की लड़की ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की कमर पर फोड़ा होने के कारण उसे चंडीगढ़ PGI रेफर किया गया है। रेप करने वाला व्यक्ति लड़की का रिश्ते में चाचा लगता है। आरोपी ने 8 महीने पहले घर में लड़की को अकेला देखकर इस घटना को अंजाम दिया था। चाचा की धमकी के कारण लड़की चुप रही। 11 मार्च को पेट में दर्द होने के बाद लड़की ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद लड़की को करनाल के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पता चला कि वह गर्भवती है। उसने 13 मार्च को बच्चे को जन्म दिया। लड़की को बेटी हुई है या बेटा, इसका खुलासा नहीं किया गया। असंध महिला थाना पुलिस ने शिकायत पर आरोपी चाचा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी घटना…. 9वीं कक्षा में पढ़ती है पीड़िता लड़की ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा है। उसके परिवार में तीन भाई-बहन हैं और माता-पिता मजदूरी करते हैं। 8 महीने पहले दोपहर में वह घर पर अकेली थी, तभी उसका चाचा अमर घर आया। उसने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती की। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी आगे बताया कि जब उसने शोर मचाया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ गलत काम किया। जाते समय भी उसने किसी को बताने पर मारने की धमकी दी। कुछ दिन बाद अमर दोबारा उनके घर आया। उस समय भी घर पर कोई नहीं था। उसने फिर रेप किया। इस बार भी जाते हुए जान से मारने की धमकी दी। 11 मार्च को पेट में दर्द शुरू हुआ लड़की ने बताया कि इन धमकियों की वजह से वह किसी को कुछ बता नहीं सकी। 11 मार्च को उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। तब उसने अपनी मां को सारी बात बताई। दर्द बंद नहीं हुआ तो उसकी मां उसे इलाज के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल लेकर आई। अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची। इसके बाद बयान दर्ज किए गए। SHO बोलीं- आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा असंध महिला पुलिस थाना की SHO सुनीता ने बताया कि आरोपी अमर के खिलाफ घर में घुसकर नाबालिग के साथ गलत काम करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप मे मामला दर्ज किया गया है। 14 मार्च को उसे गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नाबालिग ने जिस बच्चे को जन्म दिया है, उसको डॉक्टरों ने करनाल से चंडीगढ़ रेफर किया है।
अशोका गार्डन की घटना:नाबालिग बेटी से पिता ने किया गलत काम, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा
नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने वाले पिता को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनोहरलाल पाटीदार ने 7 साल की सजा सुनाई है। पीड़िता ने बताया था कि जब वह पिता को गलत काम करने से रोकती थी, तो पिता मारपीट करता था। कहता था कि तेरी मां की जगह अब तेरे साथ गलत काम करना है। कोर्ट ने इस मामले में फैसला 10 महीने में सुनाया है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति कुजूर और अजय शंकर प्रजापति ने पैरवी की है। घटना 21 मई 2025 की अशोका गार्डन थाने की है। पीड़िता ने बताया कि वो माता-पिता से अलग बिस्तर पर सोती थी। घटना की रात करीब 12:30 आरोपी पिता उसकी मां के पास से उठाकर उसके पास आकर लेट गया। इसके बाद पीड़िता से गलत काम करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी उसके साथ मारपीट करने लगा। इसके बाद पीड़िता ने शोर मचाया, तो उसकी मां नींद से उठ गई। इसके बाद दोनों ने अशोका गार्डन थाने रिपोर्ट दर्ज कराई। पहले भी कर चुका था गलत काम पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि उसके पिता ने उसके साथ 13 मई 2025 और 19 मई 2025 को भी गलत काम किया था। मां के पहुंचने पर आरोपी ने उसे छोड़ा और पुलिस में शिकायत नहीं करने की बात कही । 21 मई को दोबारा आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ गलत काम करने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अब इस सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी पाया।
लोक अदालत:भरण-पोषण नहीं देने पर 7 महीने जेल में रहा पति, अब 11 साल बाद दंपति फिर साथ रहने को राजी
शनिवार को साल 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस दौरान जिला न्यायालय में लंबित मामलों में से 27 हजार 249 मामलों निपटारा किया गया। इसमें कुल 57 करोड़ 16 लाख 88 हजार 328 रुपए अवार्ड मनी के रूप में प्राप्त की गई। इस दौरान 11 साल से अलग रहे पति-पत्नी को राजीनामा के जरिए एक कराया गया। दरअसल, फैमिली कोर्ट में साल 2015 में अलग रहने और भरण-पोषण की राशि के लिए पत्नी ने आवेदन लगाया। उन्होंने बताया कि उनकी शादी साल 2000 में हुई थी। उनके चार बच्चे हैं। जिसके बाद साल 19 दिसंबर 2016 में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पति द्वारा पत्नी और चार बच्चों को कुल 14 हजार रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। फैसले के 9 साल बीतने के बाद भी पति ने भरण-पोषण की राशि पत्नी को नहीं दी। जिसके बाद 23 अगस्त 2025 को पति को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। लोक अदालत के मौके पर दोनों ने राजीनामा करने का फैसला लिया। जिसके बाद पति को जेल से कोर्ट बुलाया गया और दोनों का राजीनामा कराते हुए दोनों को साथ में रवाना किया गया। सड़क हादसे में मौत पर 72 लाख मुआवजा दिलाया सड़क हादसे में मौत होने पर कोर्ट ने लोक अदालत के जरिए मृतक के परिवार को 72 लाख रुपए मुआवजा राशि दिलाई है। घटना 14 अगस्त 2024 की थी। मृतक की बाइक को कार ने टक्कर मार दी थी। मामले को लोक अदालत में निराकरण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश मयंक कुमार शुक्ला की कोर्ट में रखा गया था। जिसके बाद कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी और मृतक के परिवार के बीच समझौता कराते हुए 72 लाख रुपए का मुआवजा दिलाया। इन मामलों का निराकरण निराकृत मामलों की संख्या 27249। {निराकृत लंबित मामलों की कुल संख्या 3786 {प्री-लिटिगेशन मामलों की कुल संख्या 23463 {चेक बाउंस से संबंधित कुल मामलों की संख्या 526 {मोटर दुर्घटना दावा से निराकृत मामलों की संख्या 458 {आपराधिक राजीनामा मामलों की संख्या 623 {पारिवारिक मामलों की संख्या 113।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मप्र में चल रही शराब दुकानों की नीलामी में आबकारी विभाग की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को हुई आबकारी नीलामी में कुल 11 मदिरा समूहों का आवंटन पूरा हुआ। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इन समूहों से सरकार को कुल 4.36 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। कुल 1149 करोड़ मूल्य की शराब दुकानें इनमें शामिल थीं। भोपाल में बचे 19 समूहों को तोड़कर 5 बड़े समूह बनाए गए हैं। भोपाल, इंदौर और सागर जैसे बड़े जिलों में भी शनिवार की प्रक्रिया में कोई टेंडर नहीं मिले। अब विभाग के पास ठेकों की अवधि खत्म होने में सिर्फ 16 दिन का समय बचा है और अभी भी 11 हजार करोड़ से अधिक का तय राजस्व लक्ष्य हासिल करना है। विभाग को उम्मीद थी कि छोटे समूहों को तोड़कर बड़े समूहों में बदलने से ठेकेदार नीलामी में आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है गाज अब तक जिस तरह से नीलामी प्रक्रिया चली है, उसकी वजह से विभागीय मंत्री में बड़ी नाराजगी है और जानकारी के मुताबिक जल्द कुछ वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मुख्य वजह है कि आबकारी नीति बहुत देरी से बनी और अब कम समय में 50 % से भी अधिक का राजस्व लक्ष्य हासिल करना है। साथ ही विभाग ठेकेदारों को दबाव में लाने के लिए शराब नीति दुकानों में मौजूद भौतिक निरंतरता का नियम भी उपयोग कर सकता है। इसके तहत दूर दूर स्थित शराब दुकानों को एक समूह में लाया जा सकता है ताकि शराब ठेकेदार अपने क्षेत्र में दूसरे ठेकेदार की मौजूदगी से परेशान हों और बड़े समूह जल्द नीलामी में शामिल होकर लेने लगें। भोपाल जैसे बड़े जिलों में ज्यादा दिक्कत भोपाल में 20% रिजर्व मूल्य बढ़ाकर राजस्व लक्ष्य 1432 करोड़ हो चुका है पर अब तक 57 करोड़ मूल्य का एक समूह ही नीलाम हो सका है। जबलपुर में कुल 36 में से कुल 7 समूह ही अब तक नीलाम किए जा सके हैं। मार्च का आधा महीना बीत चुका है और अब तक शहडोल, डिंडोरी आदि कुल 5 जिले ही 100 % नीलामी का लक्ष्य हासिल करने में सफल रहे हैं। हालांकि इंदौर में राजस्व लक्ष्य 70 % से अधिक हासिल किया जा चुका है।
उज्ज्वला...:17,522 करोड़ खर्च, 5 साल में 3.46 करोड़ ने रीफिल नहीं कराया सिलेंडर
मौजूदा समय में जब पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से एलपीजी संकट चरम पर है, केंद्र से आरटीआई में उज्जवला योजना के बारे में मिले जवाब में चौकाने वाली जानकारी आई है। सरकारी तेल कंपनी इंडियन आयल कॉरपोरेशन और पेट्रोलियम मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में उज्ज्वला योजना पर 17,522 करोड़ से अधिक खर्च किए हुए। 5 साल में 3.46 करोड़ लोगों ने योजना में मिले एलपीजी सिलिंडर रिफिल नहीं कराए, इनमें से मप्र में लाभार्थियों की संख्या 38 लाख रही। आरटीआई से मिले जवाब में सामने आया कि उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में करोड़ों गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए गए, ताकि उन्हें धुएँ वाले चूल्हों से मुक्ति मिल सके। लेकिन वास्तविक उपयोग के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि बड़ी संख्या में लाभार्थी सिलेंडर रिफिल नहीं करा पा रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. विवेक पांडे ने कहा कि इन 5 वर्षों में रिफिल न कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी का असर अब मंदिरों की रसोई पर भी दिखने लगा है। अयोध्या और वाराणसी में कई मंदिरों और रसोईयों की भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई है। कहीं संतों-विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन चूल्हों पर पकाया जा रहा है, तो कहीं गैस खत्म होने से रसोई अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। 35 साल में पहली बार ऐसा है कि वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई सूनी है। सिलेंडर की कमी से अयोध्या में गुरुकुल तक बंद करने पड़े हैं। दैनिक भास्कर ने अयोध्या और वाराणसी के कई मंदिरों का हाल जाना, पढ़िए रिपोर्ट… पहले अयोध्या के मंदिरों का हाल जानिएअयोध्या में मंदिरों की भोग व्यवस्था और हजारों संतों-विद्यार्थियों का भोजन गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित होने लगा है। हनुमानगढ़ी, श्रीरामवल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सियाराम किला आदि मंदिरों में चूल्हों पर मंदिरों का भोजन पक रहा है। अमावा मंदिर स्थित सीता रसोई में भोजन पूरी तरह चूल्हें पर निर्भर है। अमावा राज मंदिर में सीता रसोई इस समय पूरी तरह से चूल्हे पर निर्भर है। राममंदिर से सटे अमावा मंदिर के विशाल मैदान में परंपरागत चूल्हे बनाकर करीब 8 से 10 हजार रामलला के दर्शनार्थयों को दो समय भोजन और नाश्ता दिया जा रहा है। सीता रसोई से जुड़े अमावा मंदिर के प्रबंधक पंकज के अनुसार संस्था पूरी तरह से चूल्हे पर निर्भर हो गई है। लोगों को भरपूर प्रसाद दिया जा रहा है। गैस की समस्या तक चूल्हे पर उनकी निर्भरता बनी रहेगी। भोजन का क्वालिटी पर असर नहींहालांकि प्रसिद्ध मंदिरों के भोजन की गुणवत्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी रमेश दास के अनुसार, हनुमानगढ़ी का भोग और भोजन प्रसाद 2 दिनों से चूल्हे पर बन रहा है। हनुमान जी को पहले की तरह भोग लगाया जा रहा है। भोग व्यवस्था में कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। वरिष्ठ पुजारी रमेश दास ने बताया कि हनुमान जी को दही, रबड़ी और इमरती के भोग पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। रामलला का भोजन गैस सिलेंडर पर बन रहा है। यहां भोग प्रसाद पहले की तरह बन रहा है। सिलेंडर की कमी का यहां पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पुजारी संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि यहां सब कुछ पूरी तरह से ठीकठाक चल रहा है। गुरुकुल वेद पाठशाला में भोजन संकटप्रभु श्री राम कृपा गुरुकुल वेद पाठशाला गैस सिलेंडर के अभाव में बंद कर दी गई है। इस पाठशाला में नए प्रवेश शुरू होने वाले हैं। लेकिन गैस सिलेंडर न मिलने से अभी पढ़ रहे 20 विद्यार्थियों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। संस्था के प्रधानाध्यापक आचार्य अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि गैस सिलेंडर का अभाव है। न फोन उठ रहा है न सिलेंडर मिल रहा है। श्रीवशिष्ठ गुरुकुल में चूल्हे पर बन रहा खानाश्रीवशिष्ठ गुरुकुल में दर्शन नगर के 110 वैदिकों (छात्रों) का भोजन चूल्हे पर बन रहा है। अयोध्या धाम के वासुदेवघाट में इसकी मुख्य शाखा के 60 वैदिकों का भोजन गैस का जुगाड़ करके बन रहा है। समस्या आने पर वैदिक श्रीरामवल्लभाकुज आश्रम में भोजन करने पहुंच रहे हैं। या फिर उनका काम मंदिर में होने वाले भंडारे से चल पा रहा है। श्रीवशिष्ठ गुरुकुल के निदेशक डॉ. दिलीप सिंह के अनुसार गैस सिलेंडर की कमी है। विभाग से फोन आ रहे हैं। पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति अब तक नहीं हो सकी है। श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि गैस सिलेंडर की समस्या है। इसको देखते हुए परंपरागत रसोई, जिसमें भगवान का भोग और संतों का रोज का प्रसाद तैयार करने के लिए चूल्हे का इस्तेमाल तेज कर दिया गया है। श्री राम जन्मभूमि धर्मार्थ चिकित्सालय के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि कोरोना कल के बाद पहली बार इस तरह गैस सिलेंडर की कमी से अयोध्या जूझ रही है। अब वाराणसी की अन्नपूर्णा रसोई का हाल जानिए अन्नपूर्णा रसोई पर ताला, भक्तों को बिना प्रसाद लौटना पड़ावाराणसी में भी एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी का असर धार्मिक रसोइयों पर दिखने लगा है। शनिवार को मां अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई में चूल्हा नहीं जला। जिसके कारण अन्नक्षेत्र पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रसाद या भोजन नहीं मिल सका। गैस खत्म होने के कारण बांसफाटक स्थित काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की दूसरी शाखा में भोजन निर्माण का कार्य बंद करना पड़ा। यह काशी का पहला मंदिर माना जा रहा है, जहां गैस सिलेंडर की कमी के चलते श्रद्धालुओं के लिए संचालित रसोई को बंद करना पड़ा है। सुबह माता के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में भक्त अन्नक्षेत्र पहुंचे, लेकिन भोजन तैयार न होने के कारण कई लोगों को बिना प्रसाद ही लौटना पड़ा। अन्नक्षेत्र में बाद में भोजन की तैयारी की कोशिश की गई, लेकिन रसोइयों के अनुसार प्रसाद और भोजन निर्माण के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध नहीं था। 35 साल में पहली बार आई ऐसी स्थितिमहंत शंकर पुरी के अनुसार, करीब 35 साल से चल रही अन्नपूर्णा रसोई पहली बार इतने बड़े संकट से जूझ रही है। अन्नक्षेत्र प्रबंधन का कहना है कि भोजन बनाने के लिए एलपीजी गैस उपलब्ध न होने के कारण यह स्थिति आई है। समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द भोजन सेवा दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जा रही है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… सिलेंडर के लिए बुजुर्ग फूट-फूटकर रोए, VIDEO:बोले- दिल का मरीज, 3 दिन से चक्कर काट रहा यूपी में रसोई गैस सिलेंडर का संकट बढ़ता जा रहा है। कानपुर, गोरखपुर और कुशीनगर समेत कई जिलों में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं। सिद्धार्थनगर में लोग रात से ही सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर बैठ गए। कानपुर में गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा हुआ। यहां सिलेंडर के लिए लाइन में लगी एक युवती ने एजेंसी कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर
पाली में शनिवार देर रात एक जनरल स्टोर में लगी आगे ऊपर कमरे तक पहुंच गई। जहां सो रहे 65 वर्षीय रिटायर्ड टीचर की जिंदा जलने से मौत हो गई। मृतक की बॉडी पुलिस ने हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाई। कोतवाली थाने के Asi शंकरलाल ने बताया कि रात करीब सवा दो बजे होमगार्ड जवान ने सूचना दी कि भैरूघाट स्थित अमित जनरल स्टोर में आग लग गई। इस पर दमकल को मौके पर भेजा। उन्होंने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में शॉप के ऊपर बने कमरे में सो रहे 65 वर्षीय सेवानिवृत टीचर राजेंद्र कुमार शर्मा पुत्र जीवनदास की मौत हो गई। शॉप में लगी आग कमरे तक पहुंची प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अज्ञात कारण से शॉप में लगी आग शॉप के ऊपर बने कमरे तक पहुंच गई। जिससे वहां सो रहे 65 वर्षीय राजेंद्र कुमार आग के धुएं से बेहोश हो गए और आग पलंग पर ही सोते रह गए। जिससे बाद में आग से बुरी तरह झुलस गए। दमकलकर्मियों ने जब तक आग बुझा कर रेस्क्यू तब तक वृद्ध की मौत हो चुकी थी। आग लगने के चलते एरिया की लाइट भी बंद करवाई गई थी। दूसरे कमरे में सोने से बच गए परिवार के अन्य सदस्य इस आग में मृतक का बेटा अमित भी झुलसा गया। घटना के वक्त वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ दूसरे कमरे में सो रहा था। ऐसे में वहां तक आग नहीं पहुंची।ओर वे समय रहते बाहर आ गए। आग से शॉप ओर कमरे का सामान जला आग से शॉप में रखा सामान, कमरे में रखी अलमारी, बेड सहित अन्य सामान जल गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
कटनी में कृषि महोत्सव:सीएम ने दी एक हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में आयोजित कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र के लिए कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने यहां करीब 1000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें बरही-विजयपुर उद्वहन सिंचाई योजना समेत कई परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे किसानों की हजारों एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। विधायक संजय पाठक ने कहा कि कृषि महोत्सव में उमड़ा जनसमूह क्षेत्र के विकास के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।
हादसे में आंख में घुस गईं थीं 3 लकड़ियां:एक घंटे चले ऑपरेशन में डॉक्टरों ने बचाई युवक की दृष्टि
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने एक जटिल और जोखिम भरा ऑपरेशन कर युवक की आंख की रोशनी बचा ली। सड़क हादसे में घायल युवक की बांयी आंख में घुसे लकड़ी के टुकड़ों को करीब एक घंटे की सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार 13 मार्च को ग्राम भरौली निवासी करू कुशवाह (18) सड़क हादसे में घायल हो गया था। हादसे के दौरान उसकी बांयी आंख में लकड़ी के कुछ टुकड़े घुस गए थे। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रविकांत जैन ने जांच के बाद उसे नेत्र विभाग में भर्ती कर उपचार शुरू कराया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे डॉ. जैन ने नेत्र चिकित्सा सहायक अवधेश शर्मा, नरेंद्र मिश्रा, विनोद उदय और नर्सिंग ऑफिसर उर्वशी पाल के साथ मिलकर ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे चली सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मरीज की आंख में फंसे लकड़ी के तीन छोटे-छोटे टुकड़े सावधानीपूर्वक बाहर निकाले। ऑपरेशन नहीं होता तो संक्रमण का खतरा जिला अस्पताल में इस तरह का ऑपरेशन पहली बार किया गया है। लकड़ी के टुकड़े बांयी आंख की पलक के कंजक्टाइवा और ऑर्बिट में फंसे हुए थे, जिन्हें सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।डॉ. जैन ने बताया कि यदि समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता तो आंख में गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा था और मरीज की दृष्टि भी प्रभावित हो सकती थी। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू होने को लेकर है। वहीं होर्मुज से दो भारतीय जहाज भारत निकल चुके हैं। वहीं, दूसरी खबर यूपी में दरोगा भर्ती के एग्जाम में पूछे गए सवाल पर है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. 5 दिन बाद कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू, सरकार बोली- घबराकर बुकिंग न करें सरकार ने 5 दिन बाद कॉमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कॉमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। सरकार ने 9 मार्च को कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। सरकार बोली- कचरे से गैस बनाएं: पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि अब दिल्ली-NCR की इंडस्ट्रीज, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी संस्थाओं को एक महीने के लिए नेचुरल गैस की जगह बायोमास से बने पेलेट्स, खासकर रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) पेलेट्स के अस्थायी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। यूपी में भी कानपुर, गोरखपुर और कुशीनगर समेत कई जिलों में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं। कानपुर में लाइन में लगे 73 साल के बुजुर्ग विष्णु कुमार मिश्रा फफक कर रोने लगे। सिर पकड़कर बोले- सुबह 6 बजे से लाइन में लगा हूं। दिल का मरीज हूं। काशी में मां अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई में शनिवार को चूल्हा नहीं जला। मंदिर की एक रसोई ठप हो गई। पूरी खबर पढ़ें... 2. LPG ला रहे 2 भारतीय जहाजों ने होर्मुज पार किया, ईरान ने कल गुजरने की इजाजत दी थी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग को 15 दिन हो गए हैं। खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए हैं। ईरान ने एक दिन पहले इन जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी और अब ये भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं। दो दिन में भारत पहुंचेंगे दोनों जहाज: भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी ने शनिवार होर्मुज स्ट्रेट पार किया। दोनों जहाज कुल 92,700 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे हैं और इनके अगले 2–3 दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी दरोगा भर्ती में सवाल- अवसरवादी कौन, ऑप्शन में पंडित, डिप्टी CM बोले- ये स्वीकार नहीं यूपी पुलिस की दरोगा भर्ती में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सवाल था- अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को आप क्या कहेंगे? इसे लेकर चार ऑप्शन दिए गए- पहला- सदाचारी, दूसरा- पंडित, तीसरा- अवसरवादी और चौथा- निष्कपट लिखा था। यह सवाल सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र में 31 नंबर पर पूछा गया। ब्रजेश पाठक बोले- ये स्वीकार नहीं भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने पत्र लिखकर सीएम योगी से शिकायत की। उन्होंने कहा कि ये विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। वहीं, दरोगा भर्ती को लेकर एक फेक पेपर भी वायरल हुआ था, जिसे लेकर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 13 और 14 मार्च को कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं। पूरी खबर पढ़ें… 4. मोदी की रैली से पहले भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प, मंत्री बोलीं- मुझे ईंट मारी गई पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ है। गिरीश पार्क एरिया में दोनों ग्रुप ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा। पश्चिम बंगाल में मंत्री शशि पंजा ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उन्हें ईंट मारी गई। पीएम बोले- जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू: कोलकाता में अपने संबोधन कि दौरान पीएम ने कहा कि जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ये निर्मम वाली सरकार का अंत करीब आ गया है। पूरी खबर पढ़ें... 5. बिहार में CM नीतीश की सुरक्षा में चूक, हेलीपैड में घुसा बैल, पुलिस वालों को दौड़ाया बिहार CM नीतीश कुमार शनिवार को बेगूसराय पहुंचे थे। हालांकि उनके पहुंचने से पहले सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली। समृद्धि यात्रा के तहत CM जिस हेलीपैड पर उतरने वाले थे वहां एक बैल घुस गया। बैल ने वहां मौजूद पुलिस वालों को दौड़ा दिया। बचने के लिए एक पुलिसकर्मी फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ गया। CM बोले- पूरा भाषण सुनकर जाइए, भागो मत: नीतीश के संबोधन के दौरान कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अरे कहांं भाग रहे हो हम बंद कर दें। कोई पीछे से भाग रहा है, कोई आगे से भाग रहा है। बैठिए अभी। हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं। अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो। बैठिए और चुपचाप सुनिए।’ पूरी खबर पढ़ें... 6. सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, 170 दिन बाद जोधपुर जेल से रिहा केंद्र ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। लेह हिंसा का आरोप लगा था: दरअसल, सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। सोनम 170 दिन से जोधपुर जेल में थे। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: मोदी बोले- कांग्रेस ने असम के युवाओं को गुमराह किया: उन्हें आतंकवाद के रास्ते पर धकेला, BJP ने सरकारी नौकरियों के रास्ते खोले (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: तेलंगाना में 100 आवारा कुत्तों की जहरीले इंजेक्शन देकर हत्या: जनवरी से अबतक कुल 1200 कुत्ते मारे गए; पंचायत चुनाव में इसका वादा किया गया था (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: दिल्ली में उबर राइडर ने लड़की से छेड़छाड़ की: पीड़ित बोली- शोर मचाने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी, छोड़कर भागा (पढ़ें पूरी खबर) 4. बिजनेस: मेटा में 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी: ये कुल वर्कफोर्स का 20% हिस्सा; AI पर निवेश और स्टार्टअप्स की खरीदारी बनी वजह (पढ़ें पूरी खबर) 5. बिजनेस: एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा (पढ़ें पूरी खबर) 6. क्रिकेट: सूर्या-गंभीर वर्ल्डकप ट्रॉफी लेकर सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे: अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए; हनुमान मंदिर जाने पर कीर्ति आजाद ने सवाल उठाया था (पढ़ें पूरी खबर) 7. बॉलीवुड: रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' की एडवांस बुकिंग शुरू: स्पाई एक्शन थ्रिलर 19 मार्च रिलीज, ट्रेड को रिकॉर्ड ओपनिंग और भारी वीकेंड कलेक्शन की उम्मीद (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मच्छर वाली अगरबत्ती से जिंदा जला व्यक्ति मध्यप्रदेश में जबलपुर के सिहोरा में टाटा सूमो के अंदर मच्छर भगाने के लिए जलाई गई अगरबत्ती से गाड़ी में सो रहा एक व्यक्ति जिंदा जल गया है। वाहन काफी पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं…1. आज का एक्सप्लेनर- ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे की तैयारी, बमबारी के बाद 2500 अमेरिकी कमांडो पहुंच रहे, क्या तेल सप्लाई 100% रुक जाएगी 2. भारत के पास कितनी रसोई गैस बची: रोजाना 75 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी 50 लाख; आगे के लिए सरकार ने क्या इंतजाम किए 3. आमिर खान @61, शूटिंग के समय घड़ी नहीं देखते: मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया, तकनीक से ज्यादा काम पर फोकस 4. जिन्हें कपड़े उतारकर घुमाया, वो मणिपुरी लड़कियां कहां गईं: 3 साल से सुनवाई जारी, विक्टिम बोलीं- जिंदा हूं, पर दुनिया मुझे भूल गई 5. जरूरत की खबर- बीन्स खाने से लंबी होती है उम्र: सॉल्यूबल फाइबर कोलेस्ट्रॉल कम करे, हार्ट को रखे हेल्दी, जानें किसे नहीं खाना चाहिए 6. आपका पैसा- जरूरत पर लें इमरजेंसी लोन: जानें कहां और कैसे करें अप्लाई, लोन लेने की पूरी प्रोसेस, फ्रॉड लोन एप्स से बचाव के टिप्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मेष राशि के लोगों को रुका हुआ पैसा मिल सकता है, धनु राशि वालों को धन लाभ के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से उत्तर प्रदेश में होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित है। यूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन आरके सेठी का दावा है कि प्रदेश में करीब 80% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। कानपुर में करीब 60% कारोबार ठप पड़ गया है। शनिवार देर शाम कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई दोबारा शुरू करने का आदेश आया। हालांकि अभी ये कहना मुश्किल है कि हालात कब तक सामान्य होंगे। यूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन आरके सेठी का कहना है कि कॉमर्शियल गैस न मिलने के कारण होटल इंडस्ट्री लगभग ठहर गई है। कई जगह लकड़ी और कोयले से खाना बनाने की कोशिश की जा रही है। यूपी में लगभग 14 हजार होटल और 20 हजार रेस्टोरेंट हैं। गैस सिलेंडर न मिलने से इनमें से ज्यादातर का कामकाज प्रभावित हो गया है। कानपुर में सेठी ग्रुप के 8 होटल हैं, जिनमें से 7 पिछले चार दिनों से बंद पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि जो गेस्ट होटल में ठहरे हैं, उन्हें चाय तक नहीं पिला पा रहे हैं। रोजाना लाखों का नुकसानसेठी ने बताया कि उनके 8 होटलों में ही हर दिन करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि कानपुर में करीब 200 होटल और 250 बैंक्वेट हॉल हैं। गैस संकट के कारण पहले से बुक कार्यक्रमों में भी बदलाव करना पड़ रहा है। मेन्यू तक बदलने की नौबत आ गई है। मन मुताबिक खाना भी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे होटल मालिकों को नुकसान हो रहा है। शादी में इमरती-जलेबी की जगह लड्डू से चला कामयूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन ने बताया कि गैस न मिलने का असर समारोहों पर भी पड़ा है। शुक्रवार को एक होटल में 700 लोगों की शादी की दावत थी। मेन्यू में इमरती और जलेबी शामिल थी, लेकिन गैस न होने के कारण मिठाई नहीं बन सकी। आखिर में बूंदी के लड्डू मंगवाकर कार्यक्रम पूरा कराया गया। इसी तरह एक इफ्तार पार्टी में बालूशाही देने की तैयारी थी, लेकिन वह भी नहीं बन सकी। बाद में लड्डू परोसकर इफ्तार कराया गया, जिस पर आयोजक ने कहा कि पहली बार इफ्तार में लड्डू खिलाए गए। होटल कारोबारियों का कहना है कि बाजार में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए तक में बिकने की जानकारी मिल रही है। कर्मचारियों का खाना बंद, लेकिन सैलरी देंगेआरके सेठी ने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कर्मचारियों को मिलने वाला दो वक्त का खाना भी देना बंद करना पड़ सकता है। हालांकि होटल बंद रहने के बावजूद कर्मचारियों को पूरी सैलरी दी जाएगी। उन्होंने सरकार से अपील की है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति जल्द शुरू कराई जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री दोबारा पटरी पर लौट सके। कानपुर का फेमस पंडित रेस्टोरेंट बंदकानपुर में लगभग 350 से 400 होटल और करीब 700 रेस्टोरेंट हैं। इनके भी हालात ऐसे ही हैं। शहर के प्रतिष्ठित पंडित रेस्टोरेंट में लंच और डिनर बंद कर दिया गया है। पिछले चार दिनों से रेस्टोरेंट बंद है। इसके अलावा कानपुर के कई बड़े रेस्टोरेंट भी गैस न मिल पाने के कारण बंद हैं। पंडित रेस्टोरेंट के संचालक प्रणव पांडेय ने बताया कि उनके दो रेस्टोरेंट हैं, लेकिन गैस नहीं मिल पाने की वजह से उन्हें बंद करना पड़ा है। खाने का पूरा सेगमेंट फिलहाल बंद कर दिया गया है। वे लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, क्योंकि पर्यावरण का भी ध्यान रखना जरूरी है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… सिलेंडर के लिए बुजुर्ग फूट-फूटकर रोए, VIDEO:बोले- दिल का मरीज, 3 दिन से चक्कर काट रहा यूपी में रसोई गैस सिलेंडर का संकट बढ़ता जा रहा है। कानपुर, गोरखपुर और कुशीनगर समेत कई जिलों में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं। सिद्धार्थनगर में लोग रात से ही सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर बैठ गए। कानपुर में गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा हुआ। यहां सिलेंडर के लिए लाइन में लगी एक युवती ने एजेंसी कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर
यूपी में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कहीं कोई रो रहा है, तो कहीं गाड़ी के आगे लेट जा रहा है। लाइन में लगे लोग आपस में झगड़ भी रहे हैं। कई इलाकों में लोग मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने लगे हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी-लंबी कतारें लग जा रही हैं। सिलेंडर पाने की उम्मीद में लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। VIDEO में देखिए गैस नहीं मिलने से लोगों का दर्द…
6 मार्च को यूपीएससी का रिजल्ट आया। 7 ऐसे कैंडिडेट ने सिलेक्ट होने का दावा किया, जो हकीकत में सफल हुए नहीं थे। इनके घरों में विधायक से लेकर बड़े अधिकारी बधाई देने पहुंचे। इंटरव्यू देते हुए इन कैंडिडेट ने रात-रातभर पढ़ाई करने का दावा किया। लेकिन, 24 घंटे के अंदर सच्चाई सामने आ गई। चौंकाने वाला फैक्ट यह है कि इनमें 6 कैंडिडेट ने प्री एग्जाम भी पास नहीं किया था। दावा करने वालों में एक लड़की GST इंस्पेक्टर है, दूसरी RBI में जॉब कर रही है। ऐसा पहली बार है, जब इतने लोगों ने IAS बनने का फर्जी दावा किया। सवाल है कि इन लोगों ने ऐसा दावा क्यों किया? क्या इनके मन में ये था कि दावा करने से नौकरी मिल सकती है? गलत तरीके से दावा करने वालों पर क्या यूपीएससी कोई एक्शन लेता है? आज की संडे बिग स्टोरी में हम ऐसे ही सवालों के जवाब जानेंगे… पहले यूपी के कैंडिडेट के फर्जी दावे पढ़िए… शिखा ने कहा- मैं IAS बन गई, हकीकत में सिर्फ प्री पास कियादावा. बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने दावा किया कि उन्हें यूपीएससी में 113वीं रैंक मिली है। शिखा के दादा एक इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। वे कैमरे के आगे भावुक होकर रोने लगे। यही क्लिप वायरल हो गई। हैडिंग बनी- चपरासी की पोती ने यूपीएससी क्रैक किया…। शिखा इंटरव्यू में सक्सेस की कहानियां बताती रहीं। हकीकत कैसे सामने आई- दिल्ली की शिखा ने यूपीएससी को मेल किया कि बुलंदशहर की एक और शिखा IAS सिलेक्शन का दावा कर रही हैं। इसको स्पष्ट कर दीजिए। इसके बाद यूपीएससी ने बुलंदशहर की डीएम श्रुति से जांच करने को कहा। डीएम ने एसडीएम सदर दिनेश चंद्र से रिपोर्ट मांगी। जांच में पता चला कि बुलंदशहर की शिखा का पूरा नाम शिखा रानी है। ये मेंस परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं। 113वीं रैंक पर जिस शिखा का सिलेक्शन हुआ, वो दिल्ली की हैं। रोहतक के सांपला में बतौर BDPO काम कर रही हैं। इसके बाद शिखा रानी ने माफी मांगी। कहा- मैंने सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं। पिता प्रेमचंद ने कहा- बेटी रिजल्ट के बाद भावुक हो गई थी, इसलिए उसने नाम देखने के तुरंत बाद ही परिवार को बता दिया, यही उसकी गलती है। GST इंस्पेक्टर का झूठ- मैं IAS अधिकारी बन गईदावा- गाजीपुर जिले की प्रियंका चौधरी ने रिजल्ट आने के बाद अपने पिता नीरा राम को फोन किया। कहा- पापा मेरा यूपीएससी क्लियर हो गया है। 79वीं रैंक मिली है। हो सकता है IAS मिल जाए। इस फोन के बाद नीरा राम भावुक हो गए। पूरे जखनियां के गौराखास गांव उत्साह से भर गया। प्रियंका इस वक्त प्रयागराज में GST इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। ये नौकरी भी उन्हें 3 महीने पहले ही मिली है। 15 दिसंबर, 2025 को उन्होंने जॉइन किया था। हकीकत कैसे सामने आई- 24 घंटे के अंदर पता चला कि प्रियंका चौधरी ने झूठ बोला है। असली प्रियंका चौधरी राजस्थान के बीकानेर की हैं। उनके पति मुकेश रेप्सवाल 2015 बैच के IAS अफसर हैं। इस वक्त हिमाचल के चंबा जिले में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। प्रियंका उन्हीं के साथ रहकर तैयारी कर रही थीं। उन्हें यह सफलता चौथे प्रयास में मिली। GST इंस्पेक्टर प्रियंका चौधरी ने कहा- मेरी ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया था। मेरे पिता भावुक हो गए थे, जिस वजह से गलतफहमी हुई। असल में प्रियंका चौधरी यूपीएससी की प्री परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थीं। दिव्या की सक्सेज स्टोरी अखबारों में छपीदावा- यूपीएससी में 182वीं रैंक पर भी फर्जीवाड़ा हुआ। बागपत जिले की दिव्या तंवर ने सिलेक्शन का दावा किया। परिवार में जश्न मनाया जाने लगा। दिव्या जिस वनस्थली पब्लिक स्कूल में पढ़ती थीं, उसके प्रिंसिपल रणवीर सिंह ने कहा कि दिव्या बचपन से ही मेहनती थीं। हम उनका सम्मान करेंगे। दिव्या के पिता रविंद्र कुमार CISF में हैं और दिल्ली में रहते हैं। अगले दिन दिव्या की सक्सेज स्टोरी अखबारों में भी छपीं। हकीकत कैसे सामने आई- 24 घंटे के अंदर खुलासा हुआ कि 182वीं रैंक पर हरियाणा के रोहतक जिले की दिव्या गहलावत का सिलेक्शन हुआ है। वह रोहतक के सेक्टर-3 में रहती हैं। इस वक्त वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं। इसके बाद बागपत की दिव्या अंडरग्राउंड हो गईं। न दिव्या ने और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने इस मामले पर बात की। इतना जरूर सामने आया कि दिव्या तंवर प्री परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। यूपी में IAS बने कैंडिडेट के नाम पर दूसरे स्टेट में हुए फर्जी दावे यूपी का यशवर्धन सिलेक्ट, दावा एमपी के यशवर्धन ने कियादावा- लिस्ट में 212वीं रैंक पर यशवर्धन सिंह का नाम आया। सतना के नागौद इलाके में रहने वाले यशवर्धन ने दावा किया कि वे सफल हो गए। उनके पिता नरेंद्र सिंह परिहार और मां संगीता को बधाई देने के लिए लोग इकट्ठा हो गए। मीडिया में इंटरव्यू होने लगे। यशवर्धन ने कहा- इस सफलता से कुछ हद तक ही संतुष्ट हूं। यूपीएससी में आगे और बेहतर रैंक लेकर आऊंगा। हकीकत कैसे सामने आई- सतना के यशवर्धन का झूठ रिजल्ट के वक्त ही पकड़ गया। क्योंकि जिस यशवर्धन का सिलेक्शन हुआ था, वो ओबीसी वर्ग के थे। जबकि सतना के यशवर्धन जनरल कैटेगरी में आते हैं। हकीकत में उनका प्री भी क्वॉलिफाई नहीं हुआ था। यूपी के हमीरपुर जिले के राठ इलाके के यशवर्धन सिंह सिलेक्ट हुए थे। वे स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र सिंह के बेटे हैं। इसके पहले उनकी 728वीं और 571वीं रैंक आ चुकी है। यशवर्धन ने लखनऊ के केजीएमयू से एमबीबीएस किया है। 4 बार सिविल सर्विस का इंटरव्यू तक पहुंच चुके हैं। रिजल्ट आते ही आकांक्षा सिंह ने कहा- मैं IAS बनी दावा- बिहार के भोजपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने अपने सिलेक्शन की बात कही। उनके घर मिठाई बंटने लगी। लोग बधाई देने पहुंचने लगे। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी तक ने बधाई दे दी। आकांक्षा रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। हकीकत कैसे सामने आई- गाजीपुर की आकांक्षा ने अपने डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। कहा कि 301वीं रैंक मेरी है। मेरा रोल नंबर 0856794 है। बिहार की आकांक्षा ने भी कहा कि ये रोल नंबर उनका है। लेकिन, एडमिट कार्ड स्कैन करने पर उनका रोल नंबर 085659 आ रहा था। पीआईबी ने क्लियर किया कि गाजीपुर की आकांक्षा ही असली हैं। सामने आया कि बिहार की आकांक्षा ने प्री परीक्षा भी पास नहीं की थी। अब दूसरे स्टेट में हुए फर्जी दावों को समझते हैं… परीक्षा ही नहीं दी, कहा- IAS बन गया दावा- बिहार के शेखपुरा जिले के रंजीत कुमार यादव ने दावा किया कि मेरी 440वीं रैंक आई है। मैं IAS बन गया हूं। राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट समर्थकों के साथ पहुंचे। माला पहनाई, एक ब्रीफकेस दिया। महुली के थाना प्रभारी राम प्रवेश भारती ने भी मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। रंजीत के कई वीडियो सामने आए, जिसमें वह बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है। बगल में खड़े बुजुर्ग भावुक होकर सुन रहे हैं। हकीकत कैसे सामने आई- 2 दिन बाद मामला खुला कि 440वीं रैंक पर कर्नाटक के रंजीथ कुमार का सिलेक्शन हुआ है। वे चिकवलापुरम जिले के हैं। दूसरी तरफ, बिहार के रंजीत को पुलिस ने फोन करके थाने बुलाया। रंजीत फोन ऑफ करके दिल्ली भाग गया। जिन लोगों ने बधाई वाले पोस्ट किए थे, उन्होंने हटा दिया। रंजीत के बारे में पता चला कि वह पहले भी 2-3 बार नौकरी पाने की बात कर चुका है। इस बार तो उसने प्री परीक्षा भी नहीं दी थी। वह दिल्ली में रहकर छोटा-मोटा काम करता है। दस्तावेज एडिट किए, ट्रक ड्राइवर की बेटी का IAS बनने का दावा दावा- फैरूज फातिमा ने सिविल सेवा परीक्षा में 708वां स्थान पाने का दावा किया। रोजा चल रहा था, इसलिए दिन के बजाय रात में जश्न मना। फैरूज सनरूफ वाली कार में खड़ी होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार रही थी। हकीकत कैसे सामने आई- सिर्फ 24 घंटे के अंदर हकीकत सामने आ गई। पता चला कि असली फैरूज फातिमा केरल की हैं। उन्होंने जिस कोचिंग से पढ़ाई की, उसने पोस्टर जारी किया। 36 घंटे बाद यूपीएससी ने भी 708वीं रैंक पर केरल की फैरूज फातिमा का सिलेक्शन बता दिया। फैरूज के बारे में और पड़ताल की तो पता चला कि इन्होंने प्री परीक्षा भी पास नहीं की थी। एडमिट कार्ड के रोल नंबर को भी एडिट कर दिया। यूपीएससी ऑफिस के बाहर खड़े होकर जो फोटो खिंचती है, उसे भी एडिट करके बना लिया। फैरूज इस वक्त RBI में डिप्टी मैनेजर हैं। अब RBI जॉब में लगे उनके दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। क्या इन कैंडिडेट ने भूलवश ऐसा किया? ये सवाल हमने कई IAS अफसरों से ही पूछे, पढ़िए वो क्या कहते हैं… मुरादाबाद के सीडीओ IAS दिव्यांशु पटेल कहते हैं- सिविल सेवा में हर साल ऐसे केस आते हैं। मुझे लगता है कि कैंडिडेट 3 वजहों से ऐसा करते हैं। 1. ऐसे कैंडिडेट परीक्षा पास करने के बाद मिलने वाले ग्लैमर से प्रभावित होते हैं। 2. ऐसे कैंडिडेट बहुत गंभीरता से तैयारी नहीं करते हैं, ये छोटे फायदे की कोशिश में होते हैं। 3. इन्हें लगता है कि यूपीएससी क्लियर होने का दावा करने की बात सिर्फ आसपास तक ही रहेगी। इसका फायदा शादी-विवाह और सामाजिक प्रतिष्ठा में कर पाएंगे। लेकिन जब यूपीएससी का रिजल्ट आता है, तब पूरे देश में चर्चा होती है। इसलिए इन लोगों का मामला खुल जाता है। पूर्व IAS राकेश वर्मा कहते हैं- ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। जो व्यक्ति प्रारंभिक परीक्षा नहीं पास कर सका है, वह रिजल्ट देखकर कैसे दावा कर सकता है कि उसका सिलेक्शन हुआ है। अगर दो एक जैसे नाम वाले अभ्यर्थी प्री-मेंस परीक्षा पास करके इंटरव्यू तक पहुंचे, तब वह रिजल्ट में अपना नाम देखकर थोड़े वक्त के लिए कंफ्यूज हो सकते हैं। लेकिन दोनों फैक्ट अलग-अलग होंगे। पहला- उनके रोल नंबर अलग होंगे।दूसरा- उनकी कैटगरी भी अलग-अलग होगी। इस तरह से पहचान हो जाती है। यूपीएससी जैसी संस्था में एक ही रोल नंबर पर एक ही नाम के दो लोगों का सिलेक्शन कभी नहीं हुआ। पूर्व IAS राकेश वर्मा कहते हैं- इस तरह के फर्जीवाड़े पर पुलिस इंतजार करती है कि कोई शिकायत करे। जिसके नाम पर ये सब दावा हो रहा होता है, उसे इससे कोई मतलब नहीं होता। पुलिस अपने आप एक्शन लेकर कार्रवाई कर सकती है, लेकिन वह भी बचती है। मनोवैज्ञानिक क्या कहते हैं… कैंडिडेट अधूरेपन, हार के डर से ऐसा करते हैंमेरठ की प्रोफेसर डॉ. अनिता मोरल कहती हैं- IAS होने के फर्जी दावे करने वाले कैंडिडेट 4 वजह से ऐसा करते हैं- IAS बनने के और फर्जी दावे भी जानिए ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु दी, नई जिंदगी देने पहुंचे बाबा, बोले- मेरी जड़ी-बूटी ठीक कर देगी मैं राजस्थान से आया हूं। मेरी बनाई देसी दवा की पुड़िया से आपके बेटे को नई जिंदगी मिल सकती है। आप चाहें तो इसे एम्स के डॉक्टर से दिलवा दें। एक बाबा का ये दावा सुन गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा भावुक हो गए। बोले- शब्दों में बयां नहीं कर सकता 13 साल से बेटे को जिंदा लाश की तरह देखना कितना दर्दनाक रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ नहीं। पढ़िए पूरी खबर…
डीएम ने कहा:गैस का पर्याप्त स्टॉक, परेशान न हों लाइन लगाने की जरूरत नहीं
जिले में रसोई गैस की किल्लत की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद तय समय में सिलेंडर मिल रहे हैं। जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में गैस एजेंसियों पर भीड़ या लाइन लगाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। शनिवार को जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण कर गैस आपूर्ति और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रसोई संचालकों ने बताया कि उन्हें अब तक रसोई गैस की कोई समस्या नहीं आई है और प्राथमिकता के आधार पर समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। सिर्फ अपनी ही गैस लेने जाएं उपभोक्ता जिला रसद ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अपनी ही गैस लेने गैस एजेंसी पर पहुंचे और किसी अन्य उपभोक्ता के नाम का सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए गैस एजेंसियों पर पुलिस तैनात की गई है। यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति किसी दूसरे उपभोक्ता के नाम का सिलेंडर लेते पाया गया तो उसका सिलेंडर मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस वितरण को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है ताकि सभी को समय पर सिलेंडर मिल सके। सिलेंडरों की आवक अब होने लगी सामान्य जिले में रसोई गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। एजेंसियों के अनुसार 10 से 13 मार्च के बीच 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडरों की नियमित आवक और वितरण हुआ। 10 मार्च को 7359 सिलेंडर के शुरुआती स्टॉक में 6464 सिलेंडर आए और 6306 वितरित किए गए। 11 मार्च को 2561 सिलेंडर पहुंचे और 4458 का वितरण हुआ। 12 मार्च को 5834 सिलेंडर की सप्लाई के साथ 4930 सिलेंडर लोंगो को दिए गए। 13 मार्च को रिकॉर्ड 6646 सिलेंडरों का वितरण हुआ, जबकि दिन के अंत में 6538 सिलेंडर का स्टॉक शेष रहा।
जीत यूनिवर्स में शनिवार को नेशनल लेवल के हैकथॉन 'रेकॉन 7.0' की शुरुआत हुई। डेवलपर्स स्टूडेंट क्लब द्वारा आयोजित किया जा रहा 24 घंटे के इस आयोजन में देशभर के विभिन्न कॉलेजों के लगभग 400 स्टूडेंट्स व डेवलपर्स 100 टीमों के जरिए दैनिक जीवन की विविध समस्याओं के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर आधारित समाधान तलाश रहे हैं। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इसका का उद्घाटन हुआ। इनमें मैटेलियो के सह-संस्थापक व सीओओ पुनीत राव; जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया; आनंद राठी प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट राहुल माथुर के साथ-साथ मेजबान जीत यूनिवर्स के डायरेक्टर डॉ. अवनीश बोड़ा व टीपीओ इंजीनियर संजय भंडारी शामिल रहे। टीमों को अलग-अलग टास्क हैकथॉन के प्रतिभागियों को एआई, मशीन लर्निंग, फिनटेक, आईओटी, ब्लॉकचेन, हेल्थकेयर, सस्टेनेबिलिटी और गेमिंग थीम पर टास्क दी गई। मेंटरिंग सेशन में संबंधित क्षेत्र के इंडस्ट्री विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को कुछ सुझाव दिए गए। इनके आधार पर सभी डेवलपर्स और डिजाइनर, इंडस्ट्री मेंटर्स के मार्गदर्शन में अपने आइडिया के प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं, जो रविवार सुबह तक लगातार जारी रहेगा। 30 से अधिक इंडस्ट्री विशेषज्ञ शामिल हैकथॉन के समन्वयक डॉ संजय भंडारी ने बताया कि 30 से अधिक इंडस्ट्री विशेषज्ञों द्वारा आइडिया वेलिडेशन, फिजिबिलिटी और बिजनेस मॉडल स्केलिंग जैसे पैमानों के आधार पर इन समाधानों को गहन मूल्यांकन किया जाएगा और अंतिम चयनित विजेताओं को कुल एक लाख रुपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। देशभर के युवा इनोवेटर्स को एक मंच पर लाकर असल दुनिया की चुनौतियों के टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान विकसित करना इस हैकथॉन के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उभरते हुए टेक्नोलॉजी क्षेत्रों पर केंद्रित हैकथॉन के जरिए इनोवेशन और सामाजिक प्रभाव को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ये संस्थान ले रहे भाग इसमें आईआईटी बीएचयू वाराणसी, पुणे यूनिवर्सिटी व एमिटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर, एसआरएम यूनिवर्सिटी मंगलगिरि, पूर्णिमा यूनिवर्सिटी जयपुर, उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी देहरादून, चेन्नई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एनआईटी हमीरपुर, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर, सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी पुणे, सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई, पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नोएडा और भगवान परशुराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी इसे और भी खास बना रही है।
गांव में हड़कंप:शादी में भोजन के बाद 150 से अधिक लोग बीमार
जिला मुख्यालय से 21 किमी दूर ग्राम देवला बिहार में शुक्रवार को वैवाहिक समारोह के भोज के बाद 150 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। ग्राम निवासी घनश्याम, पिता मांगीलाल सौराष्ट्रीय, की बेटी की शादी में करीब 600-700 लोगों के लिए दाल-बाफले, लड्डू और चावल बनाए गए थे। सुबह 11 बजे भोजन शुरू हुआ और करीब एक घंटे बाद लोगों को उल्टी-दस्त व बेचैनी की शिकायत होने लगी। बीमारों को निजी वाहनों से जिला अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गांव में अस्थायी कैंप लगाकर प्राथमिक उपचार शुरू किया। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है। फूड सेफ्टी ऑफिसर एम.के. वर्मा के अनुसार प्रारंभिक जांच में मावा खराब होने की आशंका है। ग्रामीणों के मुताबिक मावा गुरुवार रात गांव पहुंचा था और हलवाई ने रात 2 बजे पैकिंग खोलकर उपयोग किया। दाल-बाफले, लड्डू और चावल के सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे गए हैं। मावा कहां से खरीदा गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
नेशनल हाईवे पर हादसा:बिजासन घाट में डिवाइडर पर चढ़ा ट्रेलर, चार किमी जाम
बिजासन घाट नेशनल हाईवे-52 पर बिजासन घाट क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे सेंधवा की ओर आने वाली लेन में यातायात बाधित हो गया और वाहन धीमी गति से निकलने लगे। कुछ ही देर में वाहनों की कतार करीब चार किमी तक पहुंच गई। ट्रेलर (सीजी 10बी 4914) महाराष्ट्र से सीमेंट खाली कर लौट रहा था। सूचना मिलते ही बिजासन चौकी प्रभारी रोहित पाटीदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से करीब एक घंटे में ट्रेलर हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो गया। क्रेन बुलाकर हटवाया ट्रेलर जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। क्रेन की मदद से ट्रेलर को डिवाइडर से हटाया गया। इस दौरान प्रधान आरक्षक मकसूद खान, मुकेश यादव, आरक्षक नारायण पाटीदार, राकेश सिलोजे और हाईवे पेट्रोलिंग के दिनेश चौहान व दिलीप साहू मौजूद रहे।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
‘पूरे बिहार में यही पुकार निशांत कुमार.. निशांत कुमार।’ यह नारा जदयू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बात सिर्फ नारे बाजी और छवि चमकाने की नहीं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार का अगला सीएम कौन होगा? इसकी घोषणा नहीं हुई है। जदयू की कोशिश है कि सीएम पद उसके पास रहे। इसके लिए निशांत कुमार को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा रहा है। निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जदयू में किस तरह की तैयारी है? युवा विधायकों की खास टीम क्या कर रही है? विधायक दल की बैठक में क्या होगा? पढ़िए खास रिपोर्ट…। नीतीश के सामने लगे निशांत को सीएम बनाने के नारे सीएम नीतीश कुमार शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। उनके साथ डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी थे। हेलीपैड पर बड़ी संख्या में लोग नीतीश का स्वागत करने आए थे। विजय सिन्हा CM से चंद कदम आगे चल रहे थे। वहीं, सम्राट चौधरी साथ थे। नीतीश पास आए तो कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे 'बिहार का सीएम कैसा हो.., निशांत कुमार जैसा हो..' के नारे लगाने लगे। नीतीश ने नारे लगा रहे लोगों को देखा और हाथ जोड़ लिए। उनके चेहरे पर लंबी मुस्कान नजर आई। नीतीश हाथ जोड़ हुए नारेबाजी कर रहे लोगों के सामने से गुजरे। जदयू में ‘टीम निशांत’ एक्टिव, तैयार की सीएम चेहरा बनाने की रणनीतिजदयू में निशांत कुमार की एंट्री के साथ ही 24 से अधिक विधायकों की ‘टीम निशांत’ की गुप्त बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत को सीएम चेहरा बनाने की रणनीति बनी। तय हुआ कि जदयू विधायक दल की बैठक में उनका नाम प्रस्तावित किया जाएगा। साथ ही निशांत कहां जाएंगे, क्या-क्या मुद्दा उठाएंगे और किन जिलों से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे, यह सब इन विधायकों ने मिलकर तय किया। जदयू में बढ़ी राजनीतिक हलचल निशांत कुमार के पार्टी में सक्रिय होने के बाद जदयू के अंदर नई राजनीतिक हलचल दिख रही है। कई विधायक खुले तौर पर उन्हें पार्टी और बिहार सरकार का नेतृत्व सौंपने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में हुई इस बैठक में विधायकों ने न सिर्फ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की, बल्कि संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किया। चेतन आनंद बोले- पूरी लीडरशिप निशांत को मिले विधायक चेतन आनंद ने कहा, ‘हम लोग चाहते हैं कि पार्टी की पूरी लीडरशिप निशांत कुमार के हाथ में आए। बिहार की भी पूरी लीडरशिप निशांत को मिले। वह मुख्यमंत्री बनें। तमाम युवाओं की यह मांग है।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी बात है कि 20 साल से सत्ता उनके पिता और हमारे गार्जियन नीतीश कुमार के पास है। इसके बाद भी उनपर एक भी दाग नहीं है। हम लोग चाहते हैं कि ऐसे व्यक्ति ही अब बिहार का नेतृत्व करें।’ परिवारवाद के आरोप पर दिया जवाब विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों पर आनंद ने कहा, ‘परिवारवाद क्या होता है कि जब कोई व्यक्ति राजनीति में रहते हुए अपने बेटे को जनता के ऊपर थोप दे। अपने पिता के काम और उनकी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए निशांत आगे आए हैं। इसलिए यह परिवारवाद नहीं, बल्कि संघर्षवाद है।’ विधायक दल की बैठक में सीएम के लिए नाम प्रस्तावित होगा विधायक विशाल कुमार ने कहा, ‘विधायक दल की बैठक में हम लोग मुख्यमंत्री के रूप में निशांत कुमार का नाम प्रपोज करेंगे। उनके पार्टी में आने से जदयू के कार्यकर्ता उत्साहित हैं। आने वाले 25 से 30 साल में निशांत मुख्यमंत्री के काम को संभालें और विकास की उसी गति को आगे बढ़ाएं, जिसकी शुरुआत नीतीश कुमार ने की है।’ शुभानंद मुकेश बोले- निशांत के आने से नई ऊर्जाजदयू विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से हम लोग नाराज नहीं थे। हमारे अभिभावक नए रोल में जा रहे हैं। इससे दुख तो है, लेकिन अब निशांत के पार्टी में आने से हमें फिर से नई ऊर्जा मिली है। आने वाले दिनों में निशांत पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।’ रूहेल रंजन बोले- पार्टी को मिलेगी नई दिशा इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन ने कहा, ‘निशांत के आने से पार्टी मजबूत होगी। हमें नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा मिलेगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उनके आने को लेकर काफी उत्साह है।’ ‘नीतीश कुमार 2.0’ की जरूरत: ऋतुराज कुमार विधायक ऋतुराज कुमार ने कहा, ‘जब निशांत यात्रा पर निकलेंगे तो उनकी रणनीति यही होगी कि वह कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, लोगों से मिलेंगे और जनता की समस्याओं को सुनेंगे। जो काम काफी समय से रुके हुए हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘नीतीश ने बिहार में पिछले 20 सालों में काफी काम किया है। उनके बाद वही व्यक्ति नेतृत्व कर सकता है जिसे उनका मार्गदर्शन लंबे समय से मिला हो, इसलिए हमें नीतीश कुमार 2.0 (मतलब निशांत कुमार) चाहिए। विधायकों से क्षेत्र की समस्याएं भी जानीं जदयू विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा, ‘निशांत ने हम विधायकों के साथ मीटिंग की है। उन्होंने जाना है कि हम जिन क्षेत्रों से आते हैं। वहां की जनता की क्या समस्याएं हैं। उन्हें किन-किन चीजों की जरूरत है।’ आप में ही दिखती है नीतीश कुमार की परछाई बैठक में मौजूद एक अन्य विधायक ने कहा कि निशांत राजनीति में आने के लिए थोड़ा समय लेना चाहते थे, लेकिन हम लोगों ने उनसे कहा कि अभी ही उनके आने का सही समय है। आप में ही नीतीश कुमार की परछाई दिखाई देती है। बिहार का जो सपना विकसित राज्य बनने का है, उसे आप ही आगे बढ़ाकर पूरा कर सकते हैं। निशांत ने पार्टी जॉइन कर कहा- पिताजी का काम आगे बढ़ाऊंगा निशांत कुमार ने 8 मार्च को JDU की सदस्यता ली। कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। ललन सिंह ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाया। कार्यक्रम में नीतीश शामिल नहीं थे। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छुए थे। निशांत ने कहा, ‘मैं पार्टी के लिए मेहनत से काम करूंगा। मेरे पिताजी ने 20 साल में जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाऊंगा। राज्यसभा जाने का फैसला मेरे पिताजी का है। बिहार की जनता और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें।’ इससे पहले निशांत में अपने पिता नीतीश की स्टाइल में हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। वे सफेद कुर्ता और क्रॉक्स चप्पल में पहुंचे। इस दौरान नीतीश कुमार और निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे। बिहार की CM कैसा हो निशांत कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता ललन सिंह जिंदाबाद के नारे लगाने लगे थे।
NEET की छात्रा से रेप हुआ? हां। किसने किया? पता नहीं। छात्रा के कपड़े से स्पर्म मिला। किसका है? पता नहीं। छात्रा ने कमरे से दवा के कितने खाली रैपर मिले? 1, 5 या 6. यह सार SIT की कोर्ट में जमा की गई 1200 से अधिक पन्नों की केस डायरी का है। छात्रा 6 जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल के अपने कमरे में बेहोश मिली। 11 जनवरी को उसकी मौत हुई। 62 दिन बाद भी पुलिस, SIT और CBI के हाथ खाली हैं। CBI की जांच शुरू हुए 30 दिन हो गए। एजेंसी अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं जुटा पाई है। पटना से जहानाबाद तक माहौल जरूर खूब बना है। पॉक्सो कोर्ट में SIT और CBI की पोल खुल गई। जांच अधिकारियों के पास कोर्ट के सवालों के जवाब नहीं थे। हमने SIT की केस डायरी की पड़ताल की। इसमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन और प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर सतीश से किए गए सवाल और उनके जवाब हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, मनीष रंजन ने SIT की पूछताछ में क्या कहा। छात्रा का इलाज करने वाले डॉक्टर ने SIT को क्या बताया। जांच में कौन सी 3 बड़ी लापरवाही हुई। सबसे पहले, मनीष ने SIT के 25 सवालों के क्या जवाब दिए सवाल 1. आपका नाम, पिता, ग्राम, थाना एवं जिला? जवाब : नाम - मनीष कुमार रंजन, पिता - उदल प्रसाद, गांव- रूकनपुर, थाना- फतुहा, जिला - पटना। सवाल 2. आप वर्तमान में कहां रह रहे थे? जवाब : शंम्भू गर्ल्स हॉस्टल के ऊपर, मुन्नाचक, डॉ. शहजानंद गली, थाना- चित्रगुप्त नगर, पटना। सवाल 3. किसी और जगह आपने घर बनाया था? जवाब: गांव- खरका, थाना- मखदुमपुर, जिला- जहानाबाद। यहां करीब 10 साल पहले गांव के एक आदमी से 1000 स्क्वायर फीट जमीन 1 लाख रुपए में खरीदी। इस पर 2 रूम, किचन, बरामदा और बाथरूम वाला घर बनाया था। सवाल 4. मखदुमपुर, जहानाबाद वाले घर पर कब-कब जाते थे? जवाब: 2018-19 से हर 2-3 महीने में घर जाता था। कुछ दिन रहता था फिर वापस आ जाता था। सवाल 5. मखदुमपुर, जहानाबाद वाले घर किसके साथ जाते थे? जवाब : ज्यादातर ड्राइवर के साथ जाता था। सवाल 6. आपके कितने बच्चे हैं? जवाब : 2 बेटी और 1 बेटा है। बड़ी बेटी देहरादून NIFT से इंटर्नशीप कर रही है। दूसरी बेटी पावापुरी मेडिकल कॉलेज में 3rd इयर की स्टूडेंट है। बेटा इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है। सवाल 7. दिनांक 05/01/26 और 06/01/26 को आप कहां थे? जवाब : 05/01/26 और 06/01/26 को शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में था। सवाल 8. आपके साथ 5 और 6 जनवरी 2026 को कौन-कौन थे? जवाब : मेरे साथ मेरी पत्नी संगीता रंजन और बेटा आकाश रंजन थे। सवाल 9. घटना के बारे में आपको कब पता चला? जवाब : घटना के बारे में सबसे पहले 7 जनवरी 2026 को पता चला। सवाल 10. घटना के बारे में किससे और क्या पता चला? जवाब: हॉस्टल संचालिका 'नीलम देवी' ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के पास रो रही थी। पूछने पर बताई कि हॉस्टल में एक बच्ची ने दवा खा लिया है। वह बीमार है। सवाल 11. घटनाक्रम के बारे में बताएं? जवाब: मुझे डेट स्पष्ट याद नहीं है। नीलम देवी (संचालिका), वार्डन (जिनका नाम साफ याद नहीं है) और अमरेंद्र (गार्ड) को पूछताछ के लिए पुलिस ले गई थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा। 14 जनवरी को पुलिस मुझे ले आई। सवाल 12. क्या आपने पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी थी? जवाब : नहीं। सवाल 13. शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में आप कहां रहते थे? जवाब : 5th फ्लोर पर रहता था। मैं आने-जाने के लिए लिफ्ट का प्रयोग करता था। सवाल 14. क्या गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियां भी लिफ्ट इस्तेमाल करती थीं? जवाब : नहीं, वे सभी सीढ़ियों का प्रयोग करती थीं। सवाल 15. क्या आप कभी पीड़िता को देखे या मिले थे? जवाब : नहीं, पीड़िता से हम कभी नहीं मिले। सवाल 16. क्या आपने पीड़िता के परिजन को सूचना दी थी? जवाब: नहीं। सवाल 17. क्या आप पीड़िता को देखने अस्पताल गए थे? जवाब : नहीं। सवाल 18. आपका व्यवसाय क्या है? जवाब : मेरा एक बुद्धा विहार नाम का अस्पताल है। यहां मैं डायरेक्टर के पोस्ट पर हूं। बुद्धा विहार मल्टी स्पेशलिस्ट इमरजेंसी हॉस्पिटल है। 8-8 घंटे की शिफ्ट में डॉक्टर आते हैं। मेरे अलावा अस्पताल में 2 और डायरेक्टर सुधीर और ब्रजेश हैं। मेरी एक ऑक्सीजन सप्लाई की दुकान है। सवाल 19. बुद्धा विहार अस्पताल कितने साल पुराना है? जवाब : लगभग 4 साल पुराना है। सवाल 20. क्या आपकी 5वीं मंजिल पर CCTV कैमरा लगा है? जवाब : नहीं, CCTV कैमरे ग्राउंड फ्लोर से लेकर 4th फ्लोर तक हैं। इन्हें हॉस्टल संचालिका ने लगवाया था। सवाल 21. आप आखिरी बार जहानाबाद कब गए थे? जवाब : लगभग 2 माह पहले। सवाल 22. घटना से पहले आप कहां थे? जवाब : मैं अपनी पत्नी संगीता रंजन और ड्राइवर छोटू कुमार के साथ 23 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 7:30 बजे अपनी गाड़ी से पहले दिल्ली गया। इसके बाद दिल्ली से चंडीगढ़ अपनी बेटी के पास गया था। वहां से बेटी को लेकर देहरादून गया। इंटर्नशीप के लिए बेटी को वहां छोड़कर दिल्ली आया। 1 जनवरी को खाटू श्याम दर्शन करते हुए 2 जनवरी को वापस पटना आया। सवाल 23. आप पटना से बाहर थे तब उस समय घर पर कौन था? जवाब : बेटा आकाश और दूसरी बेटी घर पर थी। सवाल 24. क्या आपका एग्रीमेंट पेपर उपलब्ध है? जवाब : हॉस्टल संचालिका नीलम देवी के साथ एग्रीमेंट किया गया है। मैंने 4th फ्लोर का हॉल दिया है। सवाल 25. क्या आप कुछ उल्लेखनीय बात बताना चाहेंगे? जवाब : नहीं। अब जानिए, छात्रा का इलाज करने वाले प्रभात मेमोरियल के डॉक्टर सतीश ने SIT को क्या बताया सवाल 1. घटना के संदर्भ में क्या कहना है? जवाब: मैं इमरजेंसी क्रिटिकल केयर ड्रामा का चीफ कंसल्टेंट हूं। 6 जनवरी को शाम 7:28 बजे 18 साल की लड़की दो लड़के और एक औरत के साथ इमरजेंसी में आई थी। उसका ब्लड प्रेशर 90 था। शरीर ठंडा पड़ गया था। ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी। हमने उसके सेंट्रल लाइन में कैनुला (पतली नली जिसे नस में डाला जाता है) लगाया। BP कंट्रोल किया। इसके बाद उसकी सांस की नली को प्रोटेक्ट किया। उनकी नाक के रास्ते एनजी ट्यूब डाला था। सवाल 2. सेंट्रल लाइन क्या है?जवाब : सेंट्रल लाइन बड़ी नस है, जिसके सहारे हम मरीज के शरीर में दवा और तरल डालते हैं। मरीज मुंह से भोजन करने की स्थिति में नहीं हो तो उसे इसी तरह पोषक तत्वों वाला तरल दिया जाता है। सवाल 3. इसके बाद आपने क्या किया? जवाब: हमने मरीज के खून का सैंपल जांच के लिए भेजा। मरीज शॉक में थी। उसके हाथ-पैर ठंडे थे। उसके लक्षण देखकर हमने पाया कि यह ड्रग ओवरडोज, उसमें भी ओपिओइड पॉइजनिंग हो सकता है। (मतलब दर्द से राहत देने वाली दवा का ओवरडोज) प्रोटोकॉल के अनुसार हमने मरीज का यूपीटी टेस्ट कराया। (UPT यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट है। इससे पता चलता है कि मरीज गर्भवती है या नहीं।) कोई भी यंग फीमेल अचेत हालत और शॉक में आती है तो यह टेस्ट कराया जाता है। हमें शक हुआ कि जहर से मरीज की हालत खराब हुई है। इसलिए उसके यूरिन को टेस्ट के लिए भेजा। इस टेस्ट को यूरिन टॉक्सिकोलॉजी बोलते हैं। इससे पता चलता है कि मरीज के शरीर में किस तरह का जहर है। सवाल 4. यूरिन टॉक्सिकोलॉजी और यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट की रिपोर्ट में क्या आया? जवाब : प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव था। यूरिन टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में बेंजोडाईजेपिन्स और ओपॉयड्स स्क्रीनिंग पॉजिटिव आया था। (बेंजोडाईजेपिन्स नींद की दवा है। वहीं, ओपॉयड्स दर्द की दवा में होता है) सवाल 5. इलाज के दौरान क्या कोई महिला गायनेकोलॉजिस्ट ने मरीज को देखा था? जवाब: हां। हमने अल्ट्रासाउंड कराया था। इसमें इंटरनल इंजरी का पता नहीं चला था। गायनी कंसल्टेशन के जो कमेंट है, वह हमने आपको दिया है। मैं उस पर ज्यादा कमेंट नहीं करूंगा। सवाल 6. इसके बाद और क्या-क्या ट्रीटमेंट किया गया? जवाब : हमने मरीज के ब्रेन का सीटी स्कैन कराया था। पता चला कि उसके पूरे ब्रेन पर प्रेशर पड़ा है। थोड़ा खून भी बहा था। इसका इलाज किया था। सवाल 7. आपके हॉस्पिटल में किन-किन डॉक्टरों ने छात्रा का इलाज किया? जवाब : मैं प्राइमरी कंसलटेंट था। डॉक्टर राजेश पराजनी कंसलटेंट थे। डॉक्टर अभिषेक, अमन और अभिनव भी टीम में थे। सवाल 8. छात्रा के परिजनों ने आप लोगों को क्या बताया था? जवाब : परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी ठीक-ठाक थी। 5 जनवरी की शाम 5 बजे पटना स्टेशन पर उतरी। हॉस्टल गई। हॉस्टल वार्डन का फोन आया कि आपकी बेटी जब से आई है तब से खाना नहीं खाया है। छात्रा हमारे पास आई तब उसके साथ वार्डन और दो लोग थे जो खुद को छात्रा के मामा बता रहे थे। उन्होंने बताया कि छात्रा 6 घंटे से बेहोश है। सवाल 9. क्या परिजनों ने छात्रा के साथ किसी घटना की आशंका आपके सामने व्यक्त की थी? जवाब : नहीं। हमने बार-बार पूछा था कि आपको कोई शक है तो बताएं। जैसे किसी ने जहर दे दिया या फिर कोई और बात हुई है। हमारे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है कि हमने क्या-क्या पूछा। उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका जाहिर नहीं की थी। किसी तरह की मारपीट या दूसरी घटना को लेकर आशंका नहीं जताई थी। सवाल 10. कितने तारीख को पेशेंट को डिस्चार्ज किया गया था? जवाब : पेशेंट को डिस्चार्ज नहीं किया गया था। पेशेंट को यहां से वे लोग दूसरे हॉस्पिटल लेकर गए थे। हमने पुलिस को बताया था कि छात्रा के परिजन बहुत परेशान कर रहे हैं। दूसरी जगह ले जाना चाहते हैं। मैंने कॉल कर पुलिस को बुलाया था। पुलिस के सामने सारी फॉर्मेलिटी पूरी की गई। इसके बाद हमने बच्ची को दूसरे अस्पताल ले जाने दिया। पुलिस, SIT और CBI की जांच में अब तक क्या 3 बड़ी लापरवाही हुई? 1- मनीष को गिरफ्तार किया, लेकिन रिमांड पर नहीं लिया पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन अभी तक न SIT और न CBI ने रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की है। SIT ने बेऊर जेल जाकर मनीष से पूछताछ की। कोर्ट में उसने बयान बदल दिया। SIT ने कोर्ट को बताया कि 5 और 6 जनवरी को मनीष शम्भू गर्ल्स हॉस्टल के ऊपर स्थित अपने घर में था। हॉस्टल की संचालिका नीलम अग्रवाल ने बताया था कि उसने घटना की जानकारी मनीष को नहीं दी। उसे वार्डन ने बताया होगा। मनीष ने कोर्ट में कहा कि 5 जनवरी की सुबह 10 बजे वो बेटी को लेकर पावापुरी के मेडिकल कॉलेज गया था। उसी दिन रात के 8 बजे वापस लौटा। 6 जनवरी की सुबह 10:30 बजे अपने ऑफिस के लिए निकल गया। 7 जनवरी की सुबह उसे हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल ने घटना की जानकारी दी थी। शातिर है मनीष, बार-बार बदल रहा बयान पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय ने कहा, ‘मनीष रंजन बेहद शातिर है। वह बार-बार अपना बयान बदल रहा है। छात्रा की मौत मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी तो 14 जनवरी को घर से बाहर क्यों गया? उसे गिरफ्तार करने ASP सदर अपनी टीम के साथ उसके घर पहुंचे तो वह वहां नहीं था। उन्होंने कहा, ‘मनीष की पत्नी ने पुलिस को बताया कि वह कार से बाहर गए हैं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे पटना के भागवत नगर में पकड़ा। पुलिस ने भी केस डायरी में लिखा है कि वह प्रभावशाली व्यक्ति है। जांच प्रभावित कर सकता है। इसलिए उसे गिरफ्तार किया।’ ऐसे में सवाल है कि किसके दबाव में मनीष को पुलिस ने बचाया? मनीष को कौन बचा रहा है? वह किसका करीबी है? ड्राइवर से हॉस्पिटल का डायरेक्टर बन गया मनीषवकील एसके पांडेय ने दावा किया, ‘मनीष कुछ साल पहले तक जहानाबद के एक पूर्व सांसद का ड्राइवर था। अब बुद्धा विहार नाम से एक मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल का डायरेक्टर है। करोड़ों रुपए की संपत्ति का मालिक है।’ वकील ने आरोप लगाया, ‘मनीष हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाता है। वह लड़कियों को मजबूर कर गलत धंधे में लाता है। इसकी जांच होनी चाहिए।’ SIT और CBI जांच करे, क्यों बयान बदल रहा मनीष वकील एसके पांडेय ने कहा, ‘पोस्टमार्टम और FSL की रिपोर्ट रेप और हत्या की तरफ इशारा करती है, लेकिन यहां पर जांच एजेंसी झूठी और मनगढ़ंत कहानी तैयार करती है। इसी वजह से कोर्ट में सुनवाई के दौरान SIT और CBI के बयान मैच नहीं कर रहे।’ 2- छात्रा के साथ रेप हुआ, कपड़े से स्पर्म मिला, किसका है पता नहीं 6 जनवरी को छात्रा बेहोश मिली। 11 जनवरी को उसकी मौत हुई। 16 जनवरी को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई। 9 जनवरी को पटना पुलिस ने चित्रगुप्त नगर थाना में FIR दर्ज किया। तत्कालीन थानेदार व सब इंस्पेक्टर रौशनी कुमारी ने 9 से 17 जनवरी तक केस की जांच की। 18 जनवरी से 13 फरवरी तक पटना पुलिस की SIT ने केस की जांच की। 14 फरवरी से लेकर अब तक CBI केस की जांच कर रही है। SIT ने माना कि रेप हुआ था। कपड़े पर मिला स्पर्म किसका है, यह पता लगाने के लिए कई लोगों के सैंपलों की जांच हुई, लेकिन न बिहार पुलिस और न CBI अब तक पता लगा पाई है कि रेप किसने किया और वह स्पर्म किसका था। अब तक ये सवाल बरकरार है कि छात्रा की मौत हुई कैसे? 3- छात्रा के कमरे से नींद की कितनी दवा के कितने खाली पत्ते मिले, अलग-अलग बयान SIT की केस डायरी में बताया गया है कि 10 जनवरी की दोपहर 1 बजे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल से पुलिस ने मेडिसिन का एक खाली पत्ता जब्त किया था। यह छात्रा के मामा के पास था। दूसरी तरफ वकील एसके पांडेय ने बताया कि CBI ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान उन्हें दवा के 6 खाली पत्ते मिले थे। वहीं, SIT को दिए बयान में हॉस्टल की वार्डन चंचल ने कहा कि उसने छात्रा के कमरे में बेड के नीचे से दवा के 5 रैपर बरामद किए थे। दवा के पत्तों को लेकर तीन तरह की बातें सामने आने के बाद कोर्ट ने सवाल खड़ा किया है।
तमिलनाडु चुनाव: सीट बंटवारे पर स्टालिन-थिरुमावलवन की अहम बैठक
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं
राजधानी रायपुर के प्रमुख तिराहों और चौराहों से सभी दिशाओं में 50-50 मीटर सड़क को नो वेंडिंग जोन और नो पार्किंग एरिया बनाने का फैसला अभी तक जमीन पर लागू नहीं हो सका है। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद 16 फरवरी की बैठक में ट्रैफिक सुधार के लिए दो महीने की विशेष कार्ययोजना बनाई गई थी, लेकिन प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो, ठेले और सड़क किनारे पार्क वाहनों के कारण यातायात अब भी प्रभावित हो रहा है। दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की गाड़ियां और सवारी भरते ऑटो आधी सड़क घेर लेते हैं, जिससे बाकी हिस्से से ही वाहनों को गुजरना पड़ता है। यही हाल पचपेड़ी नाका, फाफाडीह चौक, रायपुरा चौक सहित अन्य चौराहों का रहता है। ऐसी बनी थी योजना| 16 फरवरी को पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में राजधानी के ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित पार्किंग से राहत के लिए दो माह की विशेष कार्ययोजना लागू करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत प्रमुख तिराहा-चौराहों से सभी दिशाओं में 50-50 मीटर तक सड़क को नो वेंडिंग और नो पार्किंग जोन घोषित करने की योजना बनी। इस दायरे में ठेला-गुमटी, अवैध वेंडिंग और सड़क किनारे पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। दो महीने पहले बनी कार्ययोजना, लेकिन चौराहों का हाल बुरा पचपेड़ी नाका: बस-ऑटो के खड़े होने से लगता है जामधमतरी की ओर से आने वाली बसें साहू समाज भवन के सामने रुकती हैं। इसी जगह को ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने अस्थायी स्टैंड बना लिया है। बस 10-15 मिनट तक सवारी उतारती-चढ़ाती है, तब तक ऑटो भी सड़क घेर लेते हैं। फल-सब्जी दुकानों के सामने ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी होने से सड़क और संकरी हो जाती है। लोगों का दर्द कमल विहार के केसी साहू बताते हैं कि रोज पचपेड़ी नाका से गुजरता हूं। बस व ऑटो के स्टॉपेज बड़ी परेशानी होती है। हर बार 15-20 मिनट के लिए जाम लगती है। फाफाडीह चौक: दुकान व ऑटो के चलते लगता है जामभनपुरी की ओर मुड़ते ही सड़क किनारे कई दुकानें हैं। जूस दुकानदारों ने गन्ने के बंडल तक सड़क पर रख दिए हैं। ग्राहकों की गाड़ियां यहीं पार्क हो जाती हैं। इसी दिशा में बड़ी संख्या में ऑटो सवारी के इंतजार में खड़े रहते हैं। इससे चौक से गुजरते समय सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है। लोगों का दर्द गुढ़ियारी निवासी आयुष सिंह ने बताया कि रोज मैं काम से फाफाडीह चौक से भनपुरी की ओर जाता हूं। यहां हमेशा ऑटो व दुकानों के ग्राहकों के चक्कर में जाम लगता है। रायपुरा चौक: ठेले-रॉन्ग साइड गाड़ियां बनीं परेशानीमहादेव घाट की दिशा में सड़क किनारे फल के ठेले और ऑटो की लाइन लगी रहती है। लाखे नगर की ओर जाने वाले मार्ग में भी ठेले और अस्थायी दुकानें सड़क घेर लेती हैं। अंडरब्रिज के पास रोज जाम लगता है। कई वाहन चालक रॉन्ग साइड से भी घुस जाते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। कई बार तो लोग आपस में ही विवाद करने लग जाते हैं। लोगों का दर्द महादेव घाट निवासी आनंद शर्मा के मुताबिक रायपुरा अंडरब्रिज क्रॉस करके आना-जाना पड़ता है। यहां ठेले और ऑटो-रिक्शा के चलते यातायात प्रभावित रहती है। जिम्मेदारों का तर्क - धीरे-धीरे कार्ययोजनाओं को कर रहे लागू, अभियान चलता रहेगा फ्री यातायात के लिए कार्ययोजनाओं को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। यातायात के संबंध में लोगों को जागरूक करते हुए सुधार लाने का प्रयास है। बिहेवियर चेंज लाने में थोड़ा समय लगेगा। इसके लिए कर्मचारी चौराहों पर लगातार तैनात भी रहते हैं। शहर को फ्री वेंडिंग जोन, लेफ्ट फ्री, नो पार्किंग के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। - विकास कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात शहर में सड़क किनारे के अवैध ठेले की जब्ती, गुमटियों और शेड को तोड़ने की कार्रवाई सभी जोन क्षेत्र में चल रहा है। ट्रैफिक सुधार के लिए योजना बनाई गई है। इसके लिए सभी चौराहों में अभियान चल रहा है और आगे भी पुलिस के साथ मिलकर चलाएंगे। -विश्वदीप, आयुक्त, रायपुर नगर निगम
नागौर और मेड़ता कोर्ट को जिस व्यक्ति ने बम से उड़ाने की धमकियों भरे ई-मेल भेजे थे उसी के नाम से मिलते-जुलते आरोपी को गुजरात पुलिस ने कई दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। रोचक बात यह है कि इसके बावजूद धमकियां आती रही। कार्रवाई 4 मार्च को की गई थी, जिसमें गुजरात क्राइम ब्रांच और अहमदाबाद साइबर क्राइम यूनिट ने पश्चिम बंगाल से 28 साल के सौरव बिस्वास को गिरफ्तार किया। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि जिस ईमेल एड्रेस से धमकी भरे मेल आ रहे थे, उसे आरोपी ने हैक करके अपनी बहन के जरिए बांग्लादेश में 3 से 5 डॉलर में बेच दिया था। इसलिए गुजरात पुलिस का कहना है कि धमकी देने के लिए इसी ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल किया गया था। बिस्वास ऐसे ईमेल एड्रेस हैक कर रहा था जो लंबे समय से बंद थे। जो ई-मेल भेजे गए थे उनमें तमिलनाडु की राजनीति, ड्रग माफिया और आतंकी संगठनों का हवाला दिया गया। डेटा हैक करके बांग्लादेश में अपनी बहन के जरीए ही बेचता था आरोपी गिरफ्तार सौरव उर्फ माइकल सूर्या बिस्वास के पास से 200 से ज़्यादा हैक ईमेल आईडी और पासवर्ड मिले हैं। उसने माना कि उसने यह डेटा इंटरनेट और डार्क वेब पर लीक हुए डेटा या हैकिंग से हासिल किया था। पुलिस ने उससे 3 फोन, 5 हार्ड डिस्क, 3 सीपीयू को एफएसएल को भेजा है। साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने बताया कि अक्सर ये मेल प्रोटॉन मेल जैसी एंड-टू- एंड एन्क्रिप्टेड सेवाओं से भेजे जाते हैं। धमकी भरे ई-मेल के पीछे वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का हाथ होता है, जो भेजने वाले के असली आईपी एड्रेस छिपाकर उसे विदेशी सर्वर से जोड़ देता है। आईपी एड्रेस विदेशी सर्वर से जोड़ मेल भेजते हैं। सीधी बात -मृदुल कच्छावा, एसपी नागौर ई-मेल की लोकेशन को छुपाने का प्रयास किया Q. कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी केस में जांच कहां पहुंची ?A. आउटलुक का ईमेल आईडी था। सर्विस प्रोवाइडर माइक्रोसॉफ्ट से त्राचार किया है। उसमें समय लग रहा है।Q. ई-मेल ट्रेस हुआ है क्या?A. जांच जारी है। वीपीएन व डार्क ब्राउजर का उपयोग किया था। इसमें लोकेशन छुप जाती है।Q. बांग्लादेशी या कोई अन्य विदेशी कनेक्शन है क्या?A. ऐसा नहीं है। किसी लोकल के ही होने की आशंका है।Q. एक आरोपी को गुजरात पुलिस ने पकड़ा है, कितना सही है?A. हमारी जांच अलग से चल रही है। किसी एजेंसी ने हमसे कोई भी जानकारी साझा नहीं की है।
बिहार में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विज्ञान ने उत्तर-पूर्वी बिहार के 22 जिलों में बारिश-बिजली गिरने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान इन जिलों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस सीवान जिले के जीरादेई में दर्ज किया गया। वहीं, 37.3 डिग्री सेल्सियस के साथ कैमूर सबसे गर्म रहा। राज्य के पश्चिमी और मध्य क्षेत्र में सामान्य रहेगा मौसम वहीं, राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के जिलों में फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इनमें गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल शामिल हैं। दूसरी तरफ मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज, जबकि पूर्वी बिहार के कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, बांका और जमुई में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। खराब मौसम में खुले में नही जाने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि गरज-चमक हो या बिजली गिरे तो खुली जगहों में जाने से बचे। पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचों या टिन शेड से दूरी बनाकर रखें। किसानों और आम लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
2014 के बाद कल यानी 16 मार्च को बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर वोटिंग होनी है। इसके लिए 6 कैंडिडेट मैदान में हैं। 5 NDA और 1 महागठबंधन के। दोनों गठबंधन जीत के अपने-अपने दावे कर रहे हैं। इसके अपने समीकरण हैं। NDA जहां डिनर के बहाने रोज विधायकों की हाजिरी लगवा रहा है तो महागठबंधन का आखिरी फैसला इफ्तार पार्टी के बाद होगा। 15 मार्च यानी आज AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है। इसमें तेजस्वी यादव के अलावा दूसरे नेता भी आमंत्रित हैं। यहां दोनों के बीच फाइनल डील होगी। इससे पहले 11 मार्च को दोनों के बीच एक राउंड की बात हो चुकी है। तब दोनों ने कहा था कि पॉजिटिव बातचीत हुई है। स्पेशल रिपोर्ट में समझिए क्या है NDA की रणनीति। तेजस्वी किस फॉर्मूले के आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं। NDA क्या तरकीब अपना सकती है। किस पार्टी के विधायक आखिरी समय में पूरा समीकरण बिगाड़ सकते हैं। सबसे पहले NDA की रणनीति समझिए आज विधायकों को बताया जाएगा कि किन्हें वोट करना है, मॉक वोटिंग भी होगी वोटिंग से दो दिन पहले NDA ने अपने विधायकों को पटना बुला लिया है। भास्कर ने NDA के 10 से ज्यादा विधायकों से बात की। उनसे समझा कि किस तरह की रणनीति तैयार की जा रही है। सभी विधायकों ने दो बातें बताई। 15 मार्च को JDU नेता और मंत्री विजय चौधरी के आवास पर डिनर पार्टी होगी। यहीं पर सभी विधायक से मॉक वोटिंग कराई जाएगी। ताकि, सभी विधायकों को वोटिंग की सही जानकारी मिले और वोट कैंसिल होने की संभावना खत्म हो। इसका एक बड़ा कारण यह है कि NDA के लगभग 100 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक एक बार भी राज्यसभा के लिए वोटिंग नहीं की है। इससे पहले 14 मार्च को उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और 12 मार्च को डिप्टी CM सम्राट चौधरी के आवास पर NDA के विधायकों के लिए डिनर परोसा गया था। BJP के विधायक उपेंद्र कुशवाहा के लिए करेंगे वोट, सहयोगी BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जिताएंगे BJP सूत्रों की मानें तो NDA में एक स्ट्रैटजी के तहत उपेंद्र कुशवाहा को अपना चौथा कैंडिडेट बनाया गया है। BJP के महामंत्री शिवेश राम को 5वां कैंडिडेट बनाया गया है। BJP के विधायक उपेंद्र कुशवाहा को वोट करेंगे और छोटे सहयोगी दल HAM और LJP(R) के विधायक BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को वोट करेंगे। इसके 2 कारण बताए जा रहे हैं। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी कर रहे थे उपेंद्र कुशवाहा का विरोध कुशवाहा के नाम की घोषणा के बाद भी जब चिराग पासवान से इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम केवल BJP कैंडिडेट को जानते हैं, बाकी के बारे में जानकारी नहीं है।’ दूसरी तरफ हम प्रमुख जीतन राम मांझी भी लगातार उपेंद्र कुशवाहा के नाम का विरोध कर रहे थे। उनका तर्क था कि विधानसभा में उपेंद्र कुशवाहा की संख्या उनसे कम है। मांझी भी लगातार राज्यसभा की एक सीट के लिए दावेदारी कर रहे थे। ऐसे में इस बात का खतरा सता रहा था कि NDA के विधायक ही कहीं उपेंद्र कुशवाहा के नाम पर क्रॉस वोटिंग न कर दें। उपेंद्र कुशवाहा की जीत तय करने के लिए BJP ने अपने उम्मीदवार को 5वां कैंडिडेट तय कर दिया। 5वां कैंडिडेट मांझी और चिराग के समाज से यानी दलित है। इससे उनके नाराज होने की संभावना खत्म हो जाती है। 3 वोट के लिए 3 स्ट्रेटजी पर काम चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायक की जरूरत है। NDA के पास 202 विधायक हैं। इस लिहाज से 4 सीटें जीत के लिए NDA के 164 विधायक लगेंगे। इसके बाद NDA के पास 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों का समर्थन चाहिए। इसके लिए BJP 3 फॉर्मूले पर काम कर रही है… अब महागठबंधन की स्ट्रेटजी समझिए AIMIM की डिमांड, महागठबंधन में शामिल करें लालू यादव और तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव में AIMIM के लिए महागठबंधन का दरवाजा नहीं खोला था। अब जब राज्यसभा चुनाव में वोट चाहिए तो AIMIM ने भी महागठबंधन में शामिल करने की मांग रख दी है। AIMIM को नजदीक लाना तेजस्वी यादव का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। तेजस्वी ने एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश की है। सीमांचल से जुड़ी भाजपा की रणनीति की वजह से दोनों पार्टियां आईं साथ अमित शाह कई बार सीमांचल का दौरा कर चुके हैं। यह क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश के नजदीक है। इलाका देश की सुरक्षा से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने इलाके की चौकसी बढ़ाई है। एसएसबी का बेस कैंप यहां बनाया जा रहा ताकि घुसपैठियों पर नकेल कसी जा सके। सीमांचल में पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार आते हैं। यहां मुसलमानों की बड़ी आबादी है। केंद्र सरकार ने जब बिहार में सेना के रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को नया राज्यपाल बनाया तो यह चर्चा उठी कि सरकार सीमांचल के इलाकों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित राज्य बनाना चाहती है। इससे मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियों के माथे पर शिकन आना स्वाभाविक है। ये एक बड़ी वजह है कि आरजेडी और एआईएमआईएम नजदीक आए हैं। AIMIM और RJD के विचार एक, एनडीए में दिख रही बेचैनी आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, ‘राजद के उम्मीदवार को विपक्ष के 41 विधायकों का समर्थन है। एनडीए में बेचैनी दिख रही है। हमारी सोच यह है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत और नफरत वाली शक्तियों को समाप्त करेंगे।’ मुस्लिम वोट के बंटने और असमंजस की स्थिति दूर होगी वरिष्ठ पत्रकार ईशार्दल हक ने कहा, ‘तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव 2025 के समय की अपनी रणनीति बदली है। राजद और एआईएमआईएम की नजदीकी बढ़ी है। यह समय की मांग भी है।’ उन्होंने कहा, ‘तेजस्वी को यह काम विधानसभा चुनाव के वक्त करना चाहिए था। उपमुख्यमंत्री के चेहरा के लिए भी किसी मुस्लिम चेहरे की घोषणा उनको करनी चाहिए थी। तेजस्वी भूल सुधार वाली स्थिति में हैं। इससे मुस्लिम वोटरों के बंटने और असमंजस की स्थिति दूर होगी। फायदा दोनों पार्टियों को होगा।'
शहर में पहले भी कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की नींद अब तक नहीं टूटी है। राजधानी के कई इलाकों में निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं। बारिश या रिसाव से इनमें पानी भर गया है और ये अब ‘मौत के तालाब’ बन चुके हैं। पिछले साल ऐसे ही एक खुले गड्ढे में डूबने से तीन मासूमों की जान जा चुकी है। हर हादसे के बाद जांच और सख्ती के दावे किए जाते हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। हादसे के बाद महापौर ने सभी जोन में ऐसे प्रोजेक्ट्स को ढंकने या सुरक्षा गार्ड लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीनी हालात अब भी नहीं बदले हैं। भाठागांव में एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के लिए खोदा गया विशाल गड्ढा बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुला पड़ा है, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। न चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेडसुरक्षा के नाम पर यहां कुछ भी नजर नहीं आता है। न चेतावनी बोर्ड लगाया गया है, न रेडियम टेप या बैरिकेड। न ही मजबूत बाउंड्री और न कोई सुरक्षा गार्ड हैं। कार्रवाई की जाएगीमहापौर मीनल चौबे ने कहा कि यदि ऐसा मामला सामने आया है तो उसे तुरंत दिखाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट बढ़ता जा रहा है। छह दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल, इंदौर के कई होटल-रेस्टोरेंट में गैस खत्म हो गई है। इसलिए वहां मेन्यू बदला है। कई रेहड़ी भी बंद हो गई है। इधर, घरेलू सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में मारामारी है। कमर्शियल के साथ घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। छोटे बच्चे हो या बुजुर्ग, सब घंटों लाइन में लग रहे हैं। भोपाल में ऐसी तस्वीरें आम हो गई है। शनिवार को 8 घंटे तेज धूप में खड़े होने के बाद सिलेंडर नसीब हुआ। रविवार को भी किल्लत बनी रहेगी। 6 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को एक भी सिलेंडर नहीं मिलाएमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि 6 दिन से किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। अब तक जैसे-तैसे व्यवस्था बनाकर रखी, लेकिन शनिवार से कई होटल और रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने लगा है। जिन जगहों पर गैस बची है, वहां पर मेन्यू बदल दिया गया है। खासकर गैस पर ही पकने वाले व्यंजन को मेन्यु से हटा दिया है। गैस की बचत के लिए सुझाव भी दिए हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि गैस की सप्लाई ठप होने से वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। इंडक्शन और डीजल भट्टी पर भोजन बना रहे हैं। राजधानी में अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल या फ्रायर, इलेक्ट्रिक कुकर और स्टीमर आदि का उपयोग भी कर रहे हैं। भोपाल में बंद हो गई रेहड़ी6 नंबर स्थित हॉकर्स जोन में खाने-पीने के 25 से ज्यादा स्टॉल हैं। दो से तीन स्टॉल पिछले 2 दिन से बंद हैं। शाहपुरा स्थित 10 से ज्यादा रेहड़ी बंद कर दी गई है। शैक्षणिक संस्थाओं को भी गैस नहींकमर्शियल सिलेंडर को लेकर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन, पुलिस व सेना की कैंटिंग को छूट दी गई है, लेकिन भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। यहां के 16 हॉस्टल मेस और मरीजों के सेंट्रलाइज्ड किचन में स्टॉक महज एक दिन का बचा है। बुकिंग पर 25 दिन की वेटिंग मिल रही है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ेगी। ग्वालियर में इंडक्शन-कोयले की मांग बढ़ीग्वालियर में शादी में डीजल भट्ठियों, लकड़ी और कोयले के दम पर खाना पक रहा है। बाजार में इंडक्शन और कोयले की मांग 20% तक बढ़ गई है। छिंदवाड़ा के इंडियन कॉफी हाउस में कमर्शियल गैस न मिलने के कारण अब पारंपरिक चूल्हों पर नाश्ता तैयार हो रहा है। ये खबरें भी पढ़ें… लकड़ी के चूल्हों पर लौटा MP…गैस इमरजेंसी की 20 तस्वीरें मध्य प्रदेश में पिछले 6 दिनों से गैस इमरजेंसी है। सिलेंडरों की किल्लत के कारण भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित कई शहरों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कहीं गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लगी हैं, तो कहीं लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली सिलेंडर लेकर लौट रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें
इंदौर से जलगांव और हैदराबाद के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही एयरलाइन फ्लाई 91 मई से इंदौर-गोवा के बीच भी सीधी फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लिए एयरलाइन ने डीजीसीए में आवेदन भी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर स्टार एयर इंदौर को बेलगाम और कोल्हापुर से जोड़ने की तैयारी पूरी कर चुकी है। इन उड़ानों का संचालन 30 मार्च से शुरू होगा। दोनों उड़ानें मुंबई के रास्ते संचालित होंगी और यात्री बिना विमान बदले अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि स्टार एयर पहले भी इंदौर से बेलगाम के लिए फ्लाइट संचालित कर चुकी है। हाल ही में इंदौर में फ्लाई 91 की मैनेजमेंट टीम और ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टाफी) मध्यप्रदेश चैप्टर के पदाधिकारियों के साथ एक कॉफी मीट आयोजित की गई। इसमें इंदौर से प्रस्तावित उड़ानों, संभावित रूट और भविष्य में नेटवर्क विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। टाफी के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि नई एयरलाइन के संचालन से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और शहर का अन्य प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क भी मजबूत होगा। खासतौर पर गोवा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। बैठक में फ्लाई 91 की टीम ने कंपनी की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी साझा की। एयरलाइन के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चाको ने संदेश में बताया कि फ्लाई 91 फिलहाल गोवा, नांदेड़, सोलापुर, जलगांव, सिंधुदुर्ग, पुणे, अगत्ती, हैदराबाद और कोच्चि सहित नौ शहरों के लिए उड़ान सेवाएं संचालित कर रही है। इंदौर सहित छह नए शहरों को जोड़ने की तैयारी कटारिया ने बताया कि कंपनी मौजूदा तिमाही में चरणबद्ध विस्तार करते हुए इंदौर सहित छह नए शहरों को अपने नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रही है। इसके बाद एयरलाइन का नेटवर्क बढ़कर करीब 15 स्टेशनों तक पहुंच जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूती मिलेगी। सप्ताह में तीन दिन होंगी बेलगाम-कोल्हापुर उड़ानें स्टार एयर पहले इंदौर से गोंदिया और हैदराबाद के लिए उड़ानें संचालित करती थी। 15 जनवरी से कंपनी ने इसमें बदलाव करते हुए गोंदिया और मुंबई के लिए उड़ानों की शुरुआत की है। अब समर शेड्यूल में कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी रामस्वरूप यादव ने बताया कि 30 मार्च से इंदौर-मुंबई फ्लाइट को आगे बढ़ाते हुए जाते समय बेलगाम और लौटते समय कोल्हापुर को जोड़ा जाएगा। इन उड़ानों का संचालन सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगा। पहले भी बेलगाम के लिए उड़ान चला चुकी है स्टार एयर स्टार एयर ने 2019 में इंदौर से बेलगाम और राजस्थान के किशनगढ़ के लिए सीधी उड़ान शुरू की थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान उड़ानें बंद होने के बाद इन्हें दोबारा शुरू नहीं किया गया। करीब एक वर्ष पहले कंपनी ने इंदौर से गोंदिया और अहमदाबाद के लिए उड़ानें शुरू की थीं। बाद में अहमदाबाद की जगह पहले हैदराबाद और फिर मुंबई फ्लाइट संचालित की जाने लगी। अब मुंबई फ्लाइट के माध्यम से बेलगाम और कोल्हापुर का कनेक्शन मिलने से यात्रियों को सुविधा होगी। यह रहेगा उड़ानों का शेड्यूल
लोक अदालत:15 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा, 104 करोड़ का पैसा सेटल
रायपुर समेत पूरे प्रदेश में शनिवार को इस वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 15 लाख से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत इस बार हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई, जिसमें पक्षकारों की भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी मामलों का समाधान किया गया। इसमें सिविल, राजस्व, पारिवारिक, बैंक ऋण, प्री-लिटिगेशन, नगर निगम, श्रम और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े राजीनामा योग्य मामलों का निपटारा हुआ। राजस्व न्यायालयों में 12.16 लाख, कुटुंब न्यायालय में 59 और अन्य न्यायालयों में 28,205 मामलों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 104.47 करोड़ रुपए का सेटलमेंट हुआ। जिले में इसके लिए 56 बेंच गठित की गई थीं। वहीं, राज्य उपभोक्ता फोरम में 57 प्रकरणों का निराकरण, 2.46 करोड़ का अवार्ड हुआ है।
छत्तीसगढ़ में लगातार अफीम के खेत मिल रहे हैं। यहां अफीम किसके इशारे पर लगाई जा रही है और कहां जाने वाली है, इनका जवाब खोजने भास्कर टीम दो दिन तक छत्तीसगढ़ से झारखंड तक गई। तब सामने आया छत्तीसगढ़ सीमा से 200 किमी दूर झारखंड का चतरा जिला। यह अफीम का गढ़ है और इसका मुख्य सरगना है पिंटू दांगी। पांच साल पहले पिंटू को 1.5 किलो अफीम के साथ पकड़ा गया था। उसे जेल भेज दिया गया। उसके इशारे पर चतरा के भूपेंद्र उरांव ने अपने साथियों के साथ छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती करने जमीन तलाशना शुरू किया। इन्हें बलरामपुर बार्डर पर कई जगह ऐसी मिली जहां दोनों तरफ से पहाड़ है। वहां खेत काटकर इन्होंने दिवाली के बाद अफीम बोयी। तीन किमी तक यहां कोई सड़क नहीं है, इसलिए न तो पुलिस आती है और ना ही प्रशासन। यहां से 50 मीटर की दूरी पर झारखंड है। भूपेंद्र ने रखवाली के लिए खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहना शुरू कर दिया। भास्कर को पता चला कि 50% अफीम की खेप तो चतरा भेजी जा चुकी है। दुर्ग में जब कार्रवाई हुई तो भूपेंद्र वहां से भाग निकला। झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रोसेसिंग यूनिट झारखंड और बिहार में है। इसका सप्लाई नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान तक है। यह इंटर स्टेट अफीम नेटवर्क 30 सालों से ऑपरेट हो रहा है, जिसे नक्सलियों ने संरक्षण दिया। लेकिन पिछले 10 सालों से अफीम की खेती और तस्करी लोकल नेटवर्क के द्वारा बड़े पैमाने पर हो रही है। इंवेस्टिगेशन में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ में जिन लोगों की जमीन पर खेती हो रही है, उन्हें भी झारखंड में अफीम की खेती की ट्रेनिंग मिली है। भास्कर ने चतरा एसपी समित कुमार से बात की, तो उन्होंने कहा- अफीम तस्करों और खेती करने वालों पर कार्रवाई लगातार जारी है। गुलाबी अफीम की कीमत 3 गुना ज्यादाअफीम की कीमत उसकी क्वालिटी पर निर्भर करती है। अच्छी क्वालिटी वाली अफीम 4 से 5 लाख रु. प्रति किलो तक बिकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 लाख रु. तक है। अवैध बाजार में 1 ग्राम अफीम 1000 रु. तक बिकती है। अफीम के पौधे की हर चीज का बाजार भाव है। बलरामपुर के तुर्रीपानी में सफेद फूल वाली अफीम की खेती हुई, जबकि त्रिपुरी में सफेद और गुलाबी फूल वाली मिक्स खेती। गुलाबी अफीम का बाजार भाव सफेद से 3 गुना तक अधिक है। किसान वाकिफ थापहली प्राथमिकता उन मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की है जिन्होंने खेती करवाई। उसके बाद कड़ियां जुड़ेंगी। जिनके खेत में खेती हो रही थी, वे इस फसल से पूरी तरह से वाकिफ थे। बिल्कुल, यह अंतरराज्यीय नेटवर्क है। -वैभव बैंकर, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर रास्ता नहीं, पगडंडी से पहुंची भास्कर टीम पहाड़ पर बसा तुर्रीपानी छत्तीसगढ़ सीमा का आखिरी गांव है। यहां से 2 किमी नीचे कच्चे रास्ते से पैदल होते हुए हम अफीम के खेत तक पहुंचे। यहां 1.47 एकड़ में खेती हो रही थी। यहां से झारखंड की सीमा 50 मीटर दूर है। आरोपी भूपेंद्र उरांव हमेशा जंगल से आना-जाना करता था। गिरफ्तार खेत मालिक बहादुर के भतीजे ने खुलासा किया कि चाचा ने उसे कार्रवाई के एक दिन पहले ही फोन किया और बताया कि भूपेंद्र 8 दिन के लिए गांव जा रहा है। भूपेंद्र को दुर्ग में अफीम को लेकर हो रही कार्रवाई की सूचना मिल चुकी थी, वो भागने में सफल रहा। गिरदावरी में- अक्टूबर में हुए सर्वे में यहां खेती होना नहीं बताया। अफीम के पौधे गिरदावरी के बाद लगाए गए। जंगल के रास्ते खेत तक आते थे दुर्ग के समोदा के बाद त्रिपुरी में अफीम की खेती का खुलासा हुआ। त्रिपुरी से 3 किमी अंदर पैदल पगडंडी पर चलकर खेतिहर जमीन तक पहुंचा। इस क्षेत्र में खेती करवाने वाला मुख्य आरोपी पैरू उर्फ राजेश सिंह गया (बिहार) का बताया जा रहा है, जो फरार है। इस मामले में भी चतरा और गया के आरोपी पकड़े गए हैं। गांववालों ने बताया कि आरोपी जंगल के रास्ते ही खेत तक आते थे और खेत के आस-पास कभी भी किसी को आने नहीं दिया जाता था। अच्छी अफीम को जंगल के रास्ते ही झारखंड ले जाया गया था। गिरदावरी में- अक्टूबर में हुए सर्वे में यहां कटी हुई फसल दिखाई गई थी। बाद में अफीम के पौधे लगाए गए। अफीम की खेती और तस्करी के 70% केस झारखंड के चतरा जिले मेंअफीम की खेती और तस्करी के 70% केस में झारखंड के चतरा जिले का नाम सामने आया है। इसमें भी पिंटू दांगी और उसकी गैंग का नाम उजागर हुआ है। इसके अलावा लातेहार, पलामू, हजारीबाग जिले भी इसमें प्रमुखता से शामिल हैं। साल 2024-25 में झारखंड पुलिस ने 27,000 एकड़ की फसल नष्ट करवाई। हर महीने इन जिलों में कहीं न कहीं अफीम की खेती या तस्कर पकड़ा रहे हैं। चतरा में फरवरी और मार्च 2026 में 137 एकड़ अफीम की खेती नष्ट करवाई गई। जुलाई 2025 में 23.40 किलो, अगस्त 2025 में 40.1 किलो, नवंबर 2025 में 5.47 किलो, दिसंबर 2025 में 3 किलो बरामद की गई। वहीं 11 मार्च 2026 को सरकारी जमीन पर 25.5 एकड़ अफीम की खेती नष्ट की गई। दुर्ग: 7.88 करोड़ की अफीम के पौधों को पुलिस करेगी नष्टजेवरा सिरसा पुलिस 7.88 करोड़ कीमत के 14 लाख अफीम के पौधों को नष्ट करने के लिए कोर्ट के बाद केंद्रीय एक्साइज और अफीम बोर्ड की अनुमति का इंतजार कर रही है। आदेश के बाद पुलिस डीडीसी (ड्रग डिस्पोजल कमेटी) के सामने अफीम के पौधों को नष्ट करेगी। विनष्टीकरण के पहले पुलिस को कमेटी के समक्ष एफआईआर की कॉपी, जब्ती, गिरफ्तारी, एफएसएल और मजिस्ट्रियल सैंपल रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। सभी रिपोर्ट के आधार पर राजपत्रित अधिकारी अफीम के पौधों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद कमेटी औद्योगिक प्लांट में पौधों का विनष्टीकरण करने का आदेश जारी करेगी। पुलिस ने अफीम के खेत से जब्त फसल का कुछ हिस्सा जेवरा चौकी में रखा है। बाकी की फसल को पुलिस लाइन स्थित केंद्रीय ड्रग्स मालखाने में रखकर सील कर दी गई है। विनष्टीकरण की तारीख तय होने के बाद डीडीसी की अनुमति के बाद मालखाने से अफीम की फसल निकालकर नष्ट किया जाएगा। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पदस्थ एक टीआई का मानना है कि विनष्टीकरण मौके पर एनडीपीएस की धारा 48 के तहत नष्ट किया जा सकता है। वहीं गीली फसल पर रोटा वेटर चलाकर भी नष्ट किया जा सकता है। विनष्टीकरण के बाद नियम 25 के तहत विनष्टीकरण का प्रमाण पत्र जारी होता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नष्टीकरण की प्रक्रिया जल्दी ही पूरी कर ली जाएगी। वहीं प्रकरण में फरार आरोपी श्रवण विश्नोई और आचला राम जाट की तलाश की जा रही है। अब तक उक्त मामले में पुलिस बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार,विकास विश्नोई, मनीष ठाकुर और छोटू राम को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। जांच में पता चला है कि विनायक और उसके बाकी आरोपियों के बीच सामान्य ट्रांजेक्शन मिला है। इससे शंका है कि अफीम तस्करी के पैसों का लेनदेन कैश में किया गया होगा।
प्रदेश के पॉवर प्लांट्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए अब तक सरकारी कंपनियों से ही बीमा कराया गया। हर साल बिजली उत्पादन कंपनी आतंकी हमलों के नुकसान से बचने के लिए टेरिरिज्म कवर पॉलिसी भी अलग से लेती है। अब प्लांट्स के 41,852 करोड़ के बीमा में पहली बार निजी कंपनियों को भी शामिल कर लिया गया है। इस काम में प्राइवेट ब्रोकर को भी इन्वॉल्व किया जाएगा। राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में ब्रोकरों की सक्रियता से तय बताया जा रहा है कि जिस कंपनी को इसकी जिम्मेदारी मिलेगी वह पहले से तय है। पूरे टेंडर प्रोसेस को निरस्त कर बदल दिया गया है। बीमा और भविष्य में क्लेम के लिए पॉवर प्लांट्स की संवेदनशील जानकारी बीमा कंपनी और ब्रोकर के साथ भी साझा करनी पड़ेगी। यह डेटा कितना सुरक्षित रहेगा इस पर भी सवाल खड़े हैं। अमरीका-ईरान युद्ध में अमरीका ने ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दी। इससे किसी भी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा में पावर प्लांट्स के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। बड़ा सवाल... 4 बार एक्सटेंड कर टेंडर बदल दिया, किसके लिए, बीमा कंपनियां या फिर ब्रोकर? हर साल कोटा, कालीसिंध, रामगढ़, धौलपुर, गिरल के एक-एक, सूरतगढ़ और छ़बड़ा के दो-दो सरकारी पावर प्लॉटों का बीमा कराया जाता है। साल 2026-27 के लिए हमेशा की तरह लिमिटेड टेंडर 20 नवंबर 2025 को निकला था। शर्त थी कि सरकारी बीमा कंपनियां ही शामिल हो सकती हैं। टेंडर की आखरी तारीख 23 दिसंबर थी। जिसे बाद में चार बार में 4 फरवरी 2026 तक बढ़ाया गया। फिर 2 फरवरी को अचानक पूरी प्रक्रिया ही निरस्त कर दी गई। ठीक अगले दिन 3 फरवरी को ओपन टेंडर निकाला गया। जिसमें निजी कंपनियां भी शामिल हुई। टेक्निकल बिड में सरकारी के साथ छह अन्य निजी कंपनियां भी योग्य मानी गई हैं। पिछली सरकार ने खारिज कर दिया था निजी कंपनियों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव 2020-21 में भी चला था। जिसे प्लांट्स के रणनीतिक महत्व और सुरक्षा के मद्देनजर पिछली सरकार में खारिज कर दिया गया। हर साल एंटी टेरेरिज्म कवर अलग से जो काम पहले खुद करते थे, उसके लिए ब्रोकर को देंगे मोटी रकम पहली बार बीमा प्रोसेस में ब्रोकर की एंट्री हो रही है। बीमा और क्लेम की प्रक्रिया को पूरा कराना ब्रोकर के जिम्मे होगा। अब तक यह काम बिजली और बीमा कंपनी के अधिकारी ही किया करते आए हैं। इन प्लांट्स का न्यू इंडिया से 2021-22 में 42.82 करोड़ रु. में बीमा हुआ। जिसका 176.72 करोड़ रु. का क्लेम सरकारी अधिकारियों ने ही प्रोसेस किया था। नेशनल इंश्योरेंस से 2022-23 में 61.77 करोड़ रु. में बीमा के तहत 18.94 करोड़ रु. का क्लेम हुआ। 2025-26 में 63.47 करोड़ रु. बीमा के तहत 176.58 करोड़ रु. का क्लेम किया गया। आरआरवीयूएनएल ने 4 फरवरी को पहली बार इंश्योरेंस ब्रोकर के लिए भी निविदा निकाली। अमेरिकी कंपनी मार्श ने सीएमडी को रिप्रजेंटेशन दिया था। एक अन्य अमेरिकी कंपनी गैलाघर और भारतीय कंपनी सालासर ने भी रिप्रजेंटेशन दिए। भास्कर एक्सपर्ट- पी.एन. सिंघल, भूतपूर्व सीएमडी, आरवीयूएनएल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण इसीलिए सीआईएसएफ और बॉर्डर होमगार्ड के पास है पॉवर प्लांट्स की सिक्योरिटी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से हो पावर प्लांट्स बेहद महत्वपूर्ण है। इसी वजह से प्लांट की सुरक्षा सीआईएसएफ और बार्डर होमगार्ड के जिम्मे है। बीमा भी सरकारी कंपनियों से बिना ब्रोकर ही कराया जाता रहा है। गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट इंश्योरेंस होने पर प्रीमियम और क्लेम की राशि को लेकर किसी को भी अनावश्यक आपत्ति नहीं होती। निजी कंपनियों से क्लेम लेना काफी मुश्किल भरा हो सकता है। सीएमडी ने कहा- निजी कंपनियों के रिप्रजेंटेशन के चलते पहले एक्सटेंड, फिर निरस्त किया “लिमिटेड टेंडर के बाद निजी कंपनियां रिप्रजेंटेशन दे रही थी, इसलिए एक्सटेंड करते रहे। कई अन्य राज्यों में भी किया जा चुका है। ज्यादा प्रतियोगी प्रीमियम के लिए ओपन रखने का निर्णय किया। ओपन टेंडर करने के कारण टीम को मजबूत करने के लिए ब्रोकर भी रख रहे हैं।”-देवेन्द्र शृंगी, सीएमडी, आरवीयूएनएल
मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। श्रेयांश का कहना है कि उन्हें नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करना चाहते थे। श्रेयांश ने कहा कि जब मैने जॉब छोड़ने का सोचा तो मेरी स्थिति अंग्रेजी की कहावत “आई वास इन टू माइंड” की तरह थी। एक तरफ सोच रहा था कि जो चल रहा है बढ़िया है, जीवन में एक कंफर्ट है। लेकिन दूसरी तरफ अंदर से मन को संतुष्टि नहीं थी। मैं चाहता हूं कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखूं तो यह लगे कि हां, मैं अपने समाज और देश के लिए कुछ बेहतर कर सका हूं। आईआईटी से बीटेक के बाद शुरू की आईटी नौकरीश्रेयांश ने वर्ष 2018 में आईआईटी मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य करने लगे। नौकरी के दौरान ही उनके मन में सिविल सर्विस में जाने का विचार आने लगा। उनके कई मित्र सिविल सर्विसेस में थे, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का निर्णय लिया। अगस्त 2024 में छोड़ी नौकरी, शुरू की तैयारीश्रेयांश ने बताया कि छह साल की नौकरी के दौरान कई बार उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह अमल में नहीं आ पाई। आखिरकार साल 2024 में उन्होंने अपने मन की सुनी और परिवार को जानकारी देने के बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अगस्त 2024 में नौकरी छोड़ने के बाद वे मुंबई में रहकर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। पहले प्रयास में ही मिली सफलताश्रेयांश ने मई 2025 में यूपीएससी का प्रीलिम्स दिया, जिसे उन्होंने पास कर लिया। इसके बाद अगस्त 2025 में मेंस परीक्षा दी और जनवरी 2026 में इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की तैयारी में उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी को पहले ही प्रयास में पास कर लिया। कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का फैसलाश्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में काम करते हुए उन्हें एक कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन वहां उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही थी। उन्हें बार-बार लगता था कि उनके अंदर और भी क्षमताएं हैं, जिनका उपयोग समाज के लिए किया जा सकता है। उनका मानना है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में करना चाहते हैं कामश्रेयांश का कहना है कि भविष्य में वे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए काम करना चाहते हैं। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिसे दूर करना जरूरी है। बच्चों की अच्छी शिक्षा से ही समाज का भविष्य मजबूत बन सकता है। इसके अलावा वे स्वास्थ्य क्षेत्र में “आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर” को कम करने पर भी काम करना चाहते हैं, ताकि लोगों को इलाज के लिए अपनी जेब से ज्यादा पैसा खर्च न करना पड़े। परिवार मुंबई में रहता हैश्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और मेहर गढ़वाल समाज के अध्यक्ष भी रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2023 में उनके पिता विधायक पद के लिए प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ चुके हैं। परिवार में माता-पिता, भाई और भतीजा शामिल हैं। परिणाम घोषित होने के बाद परिवार श्रेयांश के साथ मध्यप्रदेश लौटे। उन्होंने भोपाल में अपने रिलेटिव से मुलाकात की और इसके बाद अपने गृह जिले लौट गए। ये खबर भी पढ़ें… UPSC 2025 रिजल्ट...टॉप 10 में MP के 2 कैंडिडेट UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 के फाइनल रिजल्ट जारी कर दिए हैं। 958 कैंडिडेट अलग-अलग सर्विस के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल-इंडिया एग्जाम में टॉप किया। वहीं टॉप 5 रैंक भोपाल के ईशान भटनागर को मिलीं, जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की।पूरी खबर पढ़ें
मोहाली के खरड़ हाईवे पर स्थित फ्लाईओवर पर निहंग भेष में आए तीन युवकों ने तलवार के दम पर पहले मोटरसाइकिल सवार युवक और उसकी गर्लफ्रेंड को रोका। इसके बाद उन्होंने लड़की से उसकी सोने चांदी की ज्वेलरी व फोन छीन लिया। आरोपियों ने लड़की से बदतमीजी भी की। जब उसके साथी युवक ने आरोपियों को ऐसा करने से रोका तो आरोपी उसे फ्लाईओवर से नीचे फेंक फरार हो गए। लड़के की रीढ़ की हड्डी में गहरी चोट आई है। गंभीर हालत में उसे जीएमसीएच में भर्ती करवाया गया है। पीड़ित के मुताबिक आरोपी उसकी दोस्त का मोबाइल फोन ले गए थे, जिसकी लोकेशन मोरिंडा की आ रही थी। उसने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब सारे मामले को तीन प्वाइंटो में जानिए - बाइक रुकवाकर, सामान सौंपने को कहा चंडीगढ़ के सेक्टर-41 निवासी अंकित ने बताया कि घटना गुरुवार देर रात दो बजे की है। वह अपनी दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर सीयू रोड से खरड़ की तरफ जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर हाथ में तलवार लिए तीन युवक आ गए। वे निहंग वेशभूषा में थे और उनके हाथों में तलवारें थीं। उन्होंने बाइक रोकने का इशारा किया। जैसे ही उसने बाइक रोकी तो आरोपियों ने उससे कहा कि वह अपना मोबाइल फोन और जेब में जो कुछ भी है, उन्हें सौंप दे। 35 फुट फ्लाईओवर से नीचे फैंका अंकित ने बताया कि इस दौरान वह समझ गया कि आरोपी ठीक नहीं है। ऐसे में उसने बाइक की चाबी दूर फेंक दी, ताकि वे बाइक लेकर भाग न सकें। फिर आरोपियों ने उसकी दोस्त को घेर लिया और उसका मोबाइल फोन, चांदी की चेन छीन ली। इतना ही नहीं, सोने की नाक का कोका भी निकलवा लिया। जब उसकी दोस्त ने आरोपियों से ऐसा न करने को कहा, तो उन्होंने उससे बदतमीजी शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों से भिड़ने की कोशिश करने पर वे तीनों एक साथ आए और उसे फ्लाईओवर से नीचे फेंक दिया। करीब 35 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। खुद एंबुलेंस को फोन कर बुलाया घायल हालत में अंकित ने किसी तरह एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस वाले उसे इलाज के लिए पहले खरड़ अस्पताल लेकर गए और बाद में फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि उसकी रीढ़ की हड्डी के स्पाइनल कॉर्ड का एल-4 हिस्सा फ्रैक्चर हो गया है। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया है, जहां उसकी सर्जरी की तैयारी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के पदक विजेता खिलाड़ी वर्षों से उस सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, जिसका वादा उनकी उपलब्धियों के बाद किया गया था। राज्य के 200 से अधिक खिलाड़ी पिछले 13-14 सालों से ‘उत्कृष्ट खिलाड़ी’ घोषित होने की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। उम्मीद थी कि सरकार उन्हें सम्मान और करियर सुरक्षा देगी, लेकिन वर्षों से केवल फाइलों में ही प्रक्रिया अटकी हुई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि सरकारें बदलीं और अधिकारी भी बदले गए, लेकिन उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। दूसरी ओर विधानसभा में भी लगातार यह मामला उठाया जा रहा है। 450 आवेदन पहले ही अपात्रखेल विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018–19 और 2019–20 में उत्कृष्ट खिलाड़ी के लिए कुल 783 आवेदन मिले थे। इनमें 2018–19 में 344 और 2019–20 में 439 आवेदन शामिल थे। जांच में सामने आया कि करीब 125 खिलाड़ियों ने दो बार और 2–3 खिलाड़ियों ने तीन बार आवेदन किया था। छंटनी के बाद 650 आवेदनों की स्क्रूटनी की गई, जिसमें करीब 200 खिलाड़ी पुराने नियमों के अनुसार पात्र पाए गए, जबकि 450 आवेदन अपात्र कर दिए गए। उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित होने के बाद खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता भी खुल जाता है। राज्य के सभी विभागों में 2 प्रतिशत पद उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित हैं। लेकिन घोषणा नहीं होने के कारण ये पद खाली पड़े हैं और खिलाड़ी नौकरी के अवसर से भी वंचित हैं। गौरतलब है कि 2015 तक राज्य में 100 से ज्यादा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया जा चुका है, जिनमें से कई को सरकारी नौकरी भी मिल चुकी है। कब क्या हुआ 2015 तक 100 से ज्यादा खिलाड़ी उत्कृष्ट घोषित2018-20 783 आवेदन प्राप्तस्क्रूटनी के बाद200 खिलाड़ी पात्रअब तक - घोषणा लंबित खिलाड़ियों की नाराजगीखिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने मेडल जीतने के लिए वर्षों तक मेहनत की और राज्य का नाम रोशन किया। लेकिन सम्मान और नौकरी दोनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य हैं, जहां खिलाड़ियों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। अप्रैल में होगी बैठक, फिर फैसला संभवखेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ी को लेकर बैठक होना बाकी है। संभवत; मार्च में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद अप्रैल महीने में बैठक के बाद दोनों की तारीख मिल जाएगी। - तनुजा सलाम संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
बठिंडा के एक भंगड़ा ग्रुप का पुलिस की वर्दी में भंगड़ा सुर्खियों में है। इस पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्य गुरविंदर ने सवाल उठाया है। गुरविंदर ने वीडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड कर पुलिस से रोक की मांग की है। गुरविंदर ने कहा कि सैकड़ों लोगों की भीड़ में भंगड़े और एक्ट की आड़ में पुलिस की वर्दी के सम्मान को कम किया जा रहा है। इसके जवाब में भंगड़ा ग्रुप चलाने वाले विपन ने कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। वह पंजाबी फिल्मों पर एक्ट करते हैं। इसमें नकली सामान को यूज किया जाता। हथियारों को दिखाने की बात है तो ये भी नकली होते हैं। गुरविंदर ने कुछ फोटो टैग कर सवाल पूछा कि क्या यह पंजाब पुलिस की वर्दी का अपमान नहीं है? आमतौर पर, अगर कोई छोटा बच्चा नकली हथियार के साथ या कोई युवक एयर गन के साथ रील बनाता है, तो पंजाब पुलिस केस दर्ज कर देती है। क्या यह सरेआम लोगों की भीड़ के सामने हथियारों का प्रदर्शन नहीं है? पुलिस की वर्दी, लोगो और बैच आदि लगाकर पूरी वर्दी में स्टेज पर नाचना, क्या यह वर्दी और पुलिस के सम्मान को कम नहीं कर रहा है? पुलिस वर्दी, हथियार और अश्लील डांस बठिंडा का ब्लैक पैंथर डांस ग्रुप शादियों से लेकर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम बुक करता है। इन कार्यक्रमों की रील्स को भी ग्रुप अपने फेसबुक, इंस्टा और यूट्यूब पर शेयर करता है। ग्रुप की कई रील्स पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्य गुरविंदर ने आपत्ति जताई है। खासकर वर्दी वाली रीलों पर। गुरविंदर का कहना है कि उन्होंने बठिंडा पुलिस अधाकिरियों को भी ये रील्स टैग की हैं। डांस से उनको प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन सिक्योरिटी फोर्सेज की वर्दी का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भंगड़ा ग्रुप मालिक बोला- दिलजीत भी वर्दी पहनते हैं इस संबंध में भंगड़ा ग्रुप के मालिक विपन से बात की गई तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे फिल्मी गीतों पर एक्ट करते हैं। ये जो वर्दी वाली रील है ये दिलजीत दोसांझ की जट्ट एंड जूलियट का एक्ट है। हमने वर्दी नकली डाल रखी है। विपन ने कहा कि दिलजीत ने भी तो फिल्म में वर्दी डाल रखी है। अकेले दिलजीत ही नहीं सभी फिल्मी एक्टर वर्दी डालते हैं। गन का भी इस्तेमाल करते हैं। हमने जो गन इस्तेमाल की हैं वो लाइटर गन हैं। एक्ट के लिए ये करना पड़ता है। इसका उद्देश्य किसी को डराना या हथियार कल्चर को बढ़ावा देना नहीं है। छोटे कपड़ों में रशियन डांस पंजाबी शादियों में भंगड़ा ग्रुप की तरफ से रशियन डांसर भी पेश की जाती हैं जो छोटे कपड़ों में ठुमके लगाती हुई नजर आती हैं। भंगड़ा, गिद्दा, डांस से लेकर केब्रे डांस तक करवाए जाते हैं। इस पर भी भंगड़ा ग्रुप के मालिक का कहना है कि लोगों की डिमांड के अनुसार ही सब कुछ पेश किया जाता है। अपनी तरफ से कुछ नहीं किया जाता। अपने कार्यक्रम के लिए जो जैसी डिमांड करता है, उसके अनुसार ही पेशगी की जाती है। दिलजीत, गुरदासमान, बब्बू मान, अल्लू अर्जुन तक के एक्ट बठिंडा के ब्लैक पैंथर भंगड़ा ग्रुप की सोशल मीडिया पर अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। यूट्यूब पर इनके 3 लाख 56 हजार, फेसबुक पर 38 हजार फॉलोअर्स हैं। दोनों ही प्लेटफॉर्म पर हजारों वीडियो हैं। इनमें पंजाबी सिंगर गुरदासमान से लेकर दिलजीत दोसांझ, बब्बू मान और अल्लू अर्जुन तक के एक्ट शामिल हैं। अल्लू अर्जुन के पुष्पा फिल्म के गीतों को तो भंगड़ा कलाकार पंजाबी में डब करके चला रहे हैं।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज के बाद जिंदगी सामान्य और खुशहाल चल रही थी, लेकिन दो साल बाद भी संतान न होने पर जब उन्होंने इलाज शुरू कराया तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह एक्सएक्स क्रोमोजोम नहीं बल्कि पुरुषों वाले एक्सवाई क्रोमोजोम मौजूद हैं। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष मौजूद थे। इस स्थिति से दंपती को गहरा सदमा लगा। बाद में उन्होंने एम्स भोपाल में विशेषज्ञों से इलाज कराया, जहां दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का साथ नहीं छोड़ा और उनके साथ जीवनभर रहने का फैसला लिया। संतान न होने पर शुरू हुआ इलाजमैरिज के समय पत्नी की उम्र करीब 20 वर्ष थी। शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा था और परिवार के बीच उनका रिश्ता भी मजबूत होता जा रहा था। हालांकि, शादी के दो साल बाद भी जब संतान नहीं हुई तो दंपती चिंतित होने लगे। परिवार को इस बारे में बताए बिना उन्होंने निजी तौर पर इलाज कराने का फैसला किया और भोपाल के एक बड़े निजी अस्पताल में परामर्श लिया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि महिला के शरीर में महिलाओं की तरह एक्सएक्स नहीं बल्कि पुरुषों वाले एक्सवाई क्रोमोजोम मौजूद हैं। यह जानकारी सुनकर दंपती पूरी तरह टूट गए और करीब डेढ़ महीने तक इस सदमे से बाहर नहीं निकल सके। बाद में डिफेंस अधिकारी ने हिम्मत दिखाई और स्थिति को स्वीकार करते हुए बेहतर इलाज के लिए एम्स भोपाल जाने का निर्णय लिया। एमआरआई जांच में सामने आई असामान्यताएम्स में विस्तृत जांच और एमआरआई कराने पर पता चला कि महिला के पेट के निचले हिस्से में, जहां सामान्य रूप से ओवरी होती है, वहां कम विकसित अंडकोष मौजूद हैं। ये अंडकोष लगभग निष्क्रिय थे, जिसके कारण शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत कम था। इसी वजह से रक्त जांच सामान्य दिखाई देती थी और समस्या का पता पहले नहीं चल पाया। कभी नहीं आए पीरियड्समहिला को कभी मासिक धर्म नहीं आया था। जागरूकता की कमी के कारण परिवार और स्वयं महिला यह मानते रहे कि उम्र बढ़ने के साथ पीरियड्स शुरू हो जाएंगे। शुरुआती समय में इस समस्या को लेकर कुछ इलाज भी कराया गया, लेकिन दवाओं का कोई असर नहीं हुआ क्योंकि शरीर में ओवरी मौजूद ही नहीं थीं। एम्स की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने किया इलाजमहिला का इलाज एम्स के यूरोलॉजी, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सहित कई विभागों की संयुक्त टीम ने किया। महिला सबसे पहले एम्स के ट्रांसजेंडर क्लीनिक पहुंची थी, जहां विशेषज्ञों ने विस्तृत जांच की। डॉक्टरों को जांच में यह भी पता चला कि महिला के निजी अंगों के भीतर अविकसित पुरुष अंग भी मौजूद था। पति-पत्नी की सहमति से डॉक्टरों ने दो चरणों में सर्जरी करने का निर्णय लिया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक के जरिए विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। इस प्रक्रिया में केवल उसका ऊपरी हिस्सा और उससे जुड़ी नसों को सुरक्षित रखा गया, ताकि भविष्य में संवेदनशीलता बनी रहे। दूसरे चरण में पेट के अंदर मौजूद अविकसित अंडकोष को भी सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया गया। पति ने नहीं छोड़ा साथइस पूरे मामले की सबसे खास बात यह रही कि डिफेंस अधिकारी ने अपनी पत्नी का हर परिस्थिति में साथ दिया। उन्होंने न केवल पत्नी को इलाज के लिए मानसिक रूप से तैयार किया बल्कि इस कठिन समय में उन्हें टूटने या अवसाद में जाने से भी बचाया। अधिकारी ने अपनी पत्नी को उसी रूप में स्वीकार किया जैसा वे हैं और दोनों ने जीवनभर पति-पत्नी के रूप में साथ रहने का निर्णय लिया। डॉक्टरों के अनुसार इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। सर्जरी करने वाले डॉक्टर ने बताया कि दंपती ने भविष्य में बच्चा गोद लेने का फैसला किया है। उनके अनुसार यह मामला केवल चिकित्सा विज्ञान से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह समझदारी, संवेदनशीलता और रिश्तों की मजबूती का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। हर महीने हो रही 10 से ज्यादा सर्जरी एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह के अनुसार ऐसे मामलों के लिए यहां विशेष ट्रांसजेंडर क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। हर महीने बड़ी संख्या में मरीज यहां परामर्श के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इनमें से लगभग 10 से 12 मरीजों की ही सर्जरी हो पाती है। ऐसे मामलों में करीब 60 प्रतिशत केस मेल से फीमेल और लगभग 40 प्रतिशत फीमेल से मेल परिवर्तन के होते हैं। यह अनुपात समय के साथ बदल भी सकता है। एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण लोगों में बढ़ती जागरूकता और एम्स भोपाल के प्रति भरोसा है।डॉ. अभिनव ने बताया कि निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी बेहद महंगी होती है। एम्स में यह कम खर्च में उपलब्ध है। सर्जरी के साथ काउंसलिंग भी जरूरीएम्स भोपाल में केवल सर्जरी ही नहीं की जाती, बल्कि मरीजों और उनके परिवार की विस्तृत काउंसलिंग भी की जाती है। डॉक्टर उन्हें अपनी स्थिति को समझने और स्वीकार करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हार्मोन थेरेपी के जरिए शरीर को अंदर से चुनी गई पहचान के अनुरूप विकसित किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर जांच, उपचार और सामाजिक समर्थन मिलने से ऐसे मरीज सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… जिसे 15 साल बेटी समझा, वो बेटा निकला मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में आदिवासी परिवार में जन्मी एक बच्ची को परिवार ने 15 साल तक बेटी की तरह पाला-पोसा। वह पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे रही और प्रतिभा के दम पर 2023 के एशियन गेम्स तक पहुंच गई, लेकिन वहां हुए एक ब्लड टेस्ट ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी।पूरी खबर पढ़ें
पंजाब-चंडीगढ़ में गैस के लिए मारामारी:कहीं रेड, कहीं अफरातफरी; पुलिस निगरानी में सिलेंडर दिए जा रहे
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के कारण पंजाब-चंडीगढ़ में गैस संकट बरकरार है। पंजाब में शनिवार को भी हालात बेकाबू रहे। इस बीच लुधियाना के ग्यासपुरा सुआ रोड पर कैले गैस एजेंसी में फूड सिविल सप्लाई की टीम ने रेड की। इस दौरान वहां से मैनेजर गुरप्रीत सिंह भाग गया। दरअसल, विभाग को मैनेजर की लोगों के साथ बदतमीजी करने की कई शिकायतें मिली थीं। इसी पर टीम एजेंसी पहुंची। इस दौरान जब टीम ने एजेंसी के कर्मचारी कमलप्रीत सिंह से पूछा कि कितने सिलेंडर एजेंसी में पड़े हैं तो वह कुछ बता नहीं सका। जिसके बाद उसे अधिकारियों ने अपने बयान लिखकर देने के लिए कहा। मौके पर DFSC और फूड सिविल सप्लाई के इंस्पेक्टर भी पहुंचे। वही, संगरूर में गैस एजेंसी के सामने लोग सुबह साढ़े 4 बजे ही लाइन में लग गए। यहां के भवानीगढ़ में लोग भूखे-प्यासे दिखे। इसे देखते हुए वहां चाय-समोसे का लंगर शुरू कर दिया गया। वहीं, अमृतसर में अफरातफरी का माहौल रहा। जालंधर में भी एजेंसियों के बाहर भीड़ दिखी। उधर, चंडीगढ़ में पुलिस की निगरानी में सिलेंडर दिए गए।
हरियाणा में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच अचानक अब डीजल की डिमांड बढ़ गई है। पेट्रोल पंपों पर डीजल की सेल रूटीन से ज्यादा हो रही है। उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा डीजल स्टॉक कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने लेटर जारी कर सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें और किसी भी उपभोक्ता को जरूरत से ज्यादा तेल न दें। पत्र में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में उपभोक्ताओं द्वारा अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण किया जा रहा है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इसलिए पेट्रोल पंप संचालक यह सुनिश्चित करें कि तेल केवल सामान्य जरूरत के अनुसार ही दिया जाए। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के हिसार जिला प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि प्रशासन ने उनको स्टॉक पूरा रखने को कहा है। तेल की कोई कमी नहीं है। डीजल के उपभोक्ता कुछ दिनों में बढ़ गए हैं। स्टॉक पर प्रशासन की नजर लेटर में यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई उपभोक्ता स्टॉक करने के उद्देश्य से अधिक मात्रा में पेट्रोल या डीजल लेता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। गैस की कमी के चलते ढाबों और छोटे होटलों ने डीजल से चलने वाली भट्ठियां जलानी शुरू कर दी हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री बढ़ गई है। इसके अलावा आगामी फसल को लेकर भी किसान व जमींदार डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। गैस का स्टॉक 20% रखने के आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग ने ऑर्डर जारी कर कहा है कि अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों जैसी जरूरी जगहों पर LPG गैस की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सरकार ने हर जिले के DC की अगुआई में एक कमेटी बनाई है। कमेटी में जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) और डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) भी होंगे। डिस्ट्रिक्ट फूड सप्लाई कंट्रोलर (DFSC) इस कमेटी के सेक्रेटरी होंगे। यह कमेटी जिले में मौजूद कॉमर्शियल LPG गैस की उपलब्धता देखकर यह तय करेगी कि किसे प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जाए। DFSC रोजाना ये भी देखेंगे कि तेल कंपनियां ठीक से गैस पहुंचा रही है या नहीं, ताकि जिले में हमेशा 20% गैस का स्टॉक रहे। अगर किसी के घर में शादी है तो उन्हें जरूरत के हिसाब से सिलेंडर मिलेंगे। खासकर बेटियों की शादी होने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के लिए सिर्फ एक दिन बचा है। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू होगी। कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों की शिमला एरिया के गलू में बाड़ाबंदी कर रखी है। पार्टी की योजना थी कि वोटिंग के लिए ही विधायकों को लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इसी बीच मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है। अब संडे (15 मार्च) को ही इन विधायकों को गलू से परवाणु के होटलों में शिफ्ट किया जाएगा। परवाणु हिमाचल में है और चंडीगढ़ से सिर्फ 34 किलोमीटर दूर है। असल में मौसम विभाग ने 15 मार्च को उत्तर हरियाणा व हिमाचल में बारिश व ओलावृष्टि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 16 मार्च के लिए यलो अलर्ट है। ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात का भी अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम में सफर करना रिस्की होता है, इसी वजह से कांग्रेस ने विधायकों को शिफ्ट करने का फैसला किया। बाड़ेबंदी में शामिल कांग्रेस के एक सीनियर MLA ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि संडे को दोपहर बाद ही शिमला को छोड़कर परवाणु के लिए रवाना हो जाएंगे। इन 2 संभावनाओं को देखते हुए बदली रणनीति... खराब मौसम में एयर लिफ्ट में भी दिक्कत खराब मौसम के कारण फ्लाइट या सड़क मार्ग से यात्रा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अगर विधायकों को आखिरी समय में शिफ्ट करना पड़े तो दिक्कत हो सकती है। एयर लिफ्ट में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए कांग्रेस पहले ही उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाकर पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहती है। क्रॉस वोटिंग की आशंका कम करना राज्यसभा चुनाव में अक्सर आखिरी समय में राजनीतिक संपर्क और दबाव बढ़ जाता है। खराब मौसम का हवाला देकर विधायकों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से पार्टी उन्हें अपने कंट्रोल में रख सकती है और संभावित क्रॉस वोटिंग या तोड़फोड़ की कोशिशों से बचा सकती है। इन 6 स्थितियों में रद्द हो सकते हैं वोट 1. गलत तरीके से वोट डालना: राज्यसभा चुनाव में विधायक को बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नामों के सामने 1, 2, 3 वरीयता लिखनी होती है। जैसे 3 प्रत्याशी हैं तो एक से तीन तक वरियता रहेगी। अगर विधायक ने सही वरीयता नहीं लिखी या एक से ज्यादा उम्मीदवारों के सामने एक ही नंबर लिख दिया तो वोट कैंसिल हो सकता है। 2. अधिकृत पेन का इस्तेमाल न करना: चुनाव आयोग द्वारा दिया गया खास पेन इस्तेमाल करना अनिवार्य होता है। अगर विधायक अपने पेन या अलग रंग की स्याही वाले पेन से वोट डाल देता है तो वोट रद्द हो सकता है। जैसे 2016 में स्याही कांड हुआ और 14 वोट अमान्य हुए थे। 3. पार्टी एजेंट को बैलेट न दिखाना: अगर कोई विधायक किसी पार्टी से है तो उसे वोट डालने के बाद अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को बैलेट दिखाना पड़ता है। अगर विधायक बैलेट नहीं दिखाता, तो उसका वोट रिजेक्ट कर दिया जाता है। 4. गलत व्यक्ति को बैलेट दिखाना: अगर विधायक अपनी पार्टी के एजेंट की बजाय किसी और को बैलेट दिखा देता है, तो भी वोट अमान्य हो सकता है। 5. बैलेट पेपर खराब करना: बैलेट पेपर पर साइन करना, कोई निशान/टिप्पणी लिखना, या बैलेट को फाड़ देना ऐसी स्थिति में भी वोट अमान्य हो जाता है। 6. पहली वरीयता स्पष्ट न होना: राज्यसभा चुनाव में पहली वरीयता (1) बहुत जरूरी होती है। अगर विधायक ने 1 नहीं लिखा या अस्पष्ट लिखा, तो पूरा वोट अमान्य माना जाता है।
स्टेज पर सिख चेहरे… भीड़ में पगड़ी पहने सपोर्टर, जुबान पर ड्रग्स, करप्शन, क्राइम और धर्म परिवर्तन, BJP ने पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। चुनाव में करीब एक साल का टाइम बचा है। मगर, BJP के पॉलिटिकल चाणक्य कहे जाते गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी स्ट्रेटजी अभी क्लियर कर दी है। 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) की स्टाइल में शाह ने भी बदलाव और एक मौका मांगा है। शनिवार को मोगा रैली में शाह ने साफ कर दिया कि पंजाब में BJP को उसके हालात पर नहीं छोड़ा जाएगा। अब BJP की पंजाब पॉलिटिक्स केंद्र से ड्राइव होगी। शाह जानते हैं कि सिखों के लिए किए काम गिनाना आसान है लेकिन सिख वाकई में BJP को स्वीकार कर रहे हैं, यह दिखाना ज्यादा जरूरी है। यही वजह है कि BJP की बदलाव रैली में स्टेज पर 33% सिख चेहरे दिखे। जिनको पूरी तरजीह भी दी गई। खासकर, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू से शाह ने ज्यादा नजदीकी दिखाई। जिससे साफ है कि BJP पंजाब चुनाव में पूर्व CM बेअंत सिंह की लिगेसी को भी भुनाने से पीछे नहीं हटेगी। वहीं भीड़ में भी करीब 20% पगड़ी पहने हुए सपोर्टर नजर आए। यहां शाह ने BJP का गणित भी बताया कि जिस राज्य में उनकी पार्टी को 19% वोट मिलती है, वहां भाजपा की सरकार बनती है। वहीं अकाली दल के साथ गठबंधन से किनारा कर यह भी जता दिया कि पंजाब चुनाव में कोई पार्टी BJP हलके में नहीं ले पाएगी। पंजाब में पैठ कैसे बना रही BJP पंजाब में सिखों से नजदीकी क्यों जरूरी शाह ने रैली में पंजाबियों को कैसे रिझाया… शाह का 19% का गणित क्यों, यहां जानिएरैली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि जहां हमारा वोट शेयर बढ़ना शुरू होता है, वहां हम निश्चित तौर पर सरकार बनाते हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा का वोट शेयर 6.60 प्रतिशत था जो लोकसभा चुनाव 2024 में बढ़कर 19 फीसदी से ज्यादा हो गया। उन्होंने कहा कि भाजपा का ट्रैक रिकार्ड है जहां उनका वोट शेयर बढ़ने लगता है वहां वो अगले चुनाव में निश्चित तौर पर सरकार बनाते हैं। अमित शाह ने उड़ीसा, त्रिपुरा व असम का उदाहरण दिया। उड़ीसा में 2009 में भाजपा को 15 फीसदी वोट मिले जो 2014 में बढ़कर 18 फीसदी हुए। 2019 में वोट प्रतिशत बढ़कर 32.50 फसदी हुआ और 2024 में उन्होंने सरकार बना दी। असम में भी भाजपा का वोट प्रतिशत 2011 में 11.47 प्रतिशत था और 2016 में 29.5 प्रतिशत वोट लेकर सरकार बनाई। उसके बाद फिर 2021 में 33 फीसदी वोट लेकर सरकार बनाई। त्रिपुरा में 2013 में 1.54 फीसदी वोट शेयर था और 2018 में 43.59 फीसदी वोट हासिल कर सरकार बनाई। तब से त्रिपुरा में लगातार भाजपा की सरकार है। शाह बढ़ते वोट बैंक को विनिंग मार्जिन में बदलने के अच्छे रणनीतिकार माने जाते हैं। --------- ये खबर भी पढ़ें… शाह बोले- पंजाब को कॉमेडी CM नहीं चाहिए:BJP होती तो करतारपुर साहिब PAK में न होता, अकेले चुनाव लड़ेंगे गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में 2027 का चुनावी बिगुल फूंक दिया है। मोगा में बदलाव रैली में पहुंचे गृह मंत्री ने केसरी रंग की पगड़ी पहनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पगड़ी देश पर गुरुघर के कर्ज का प्रतीक है। शाह ने यह भी कहा कि 2027 में भाजपा पंजाब में सरकार बनाएगी। (पढ़ें पूरी खबर)
‘मेरे भाई की हत्या शिवम और तुषार ने मिलकर की है। मैंने अपनी आंखों के सामने अपने भाई को मरते देखा है। उसके शरीर से खून बह रहा था, लेकिन मैं उसे बचा नहीं पाया।’ यह कहना है सहरसा में गोली मारकर हत्या किए गए सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा के बड़े भाई आशीष कुमार का। दरअसल, शुक्रवार रात सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश झा पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बदमाशों ने करीब 20 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से करीब 10 गोलियां सतीश को लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को शुक्रवार रात ही पोस्टमॉर्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया था। लेकिन पूरी रात और अगले दिन शाम तक शव अस्पताल में रखने के बावजूद पोस्टमॉर्टम के दौरान केवल दो गोलियां ही निकाली जा सकीं। इसके बाद डॉक्टरों ने शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 10 में से सिर्फ 2 गोलियां निकलीं, 8 का पता नहीं डॉक्टरों के अनुसार सतीश के शरीर में करीब 10 गोलियां लगी थीं। लेकिन पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों को केवल दो गोलियां ही बरामद हुईं। बाकी आठ गोलियां नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने शव को आगे की जांच के लिए भागलपुर रेफर कर दिया है। यह जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भड़क उठे। उनका कहना है कि पूरा दिन शव अस्पताल में रखने के बावजूद डॉक्टर सही तरीके से पोस्टमॉर्टम नहीं कर पाए। अब जब शव को कई जगह से चीर दिया गया है, तो उसे दूसरे शहर भेजने का क्या मतलब है। हम बॉडी कैसे लेकर जाएंगे। परिवार ने शव को भागलपुर ले जाने से साफ इनकार कर दिया है। घटना सहरसा के सदर थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… गोलू यादव ने पहले भी दी थी हत्या की धमकी मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने बताया कि घटना के समय वह किसी काम से उसी रास्ते से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि शिवम और तुषार उनके भाई की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। इस पूरी साजिश के पीछे गोलू यादव का हाथ है और उसी ने इस घटना के लिए फंडिंग की है। आशीष कुमार के अनुसार, 15 अगस्त को भी इन लोगों ने उनके भाई के साथ मारपीट की थी और उसे अधमरा कर दिया था। उन्होंने बताया कि जब वे सतीश को अस्पताल लेकर पहुंचे थे, तब भी गोलू यादव वहां पहुंच गया था और मारपीट करने की कोशिश की थी। उस समय किसी तरह उन्होंने अपने भाई को बचाया था। पुलिस के पास है CCTV फुटेज आशीष कुमार का कहना है कि उस घटना की पूरी जानकारी प्रशासन को पहले से थी। उस दिन की घटना का CCTV फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद गोलू यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। करण टाइगर का भाई तुषार और शिवम खुलेआम कहते थे कि वे उनके भाई की हत्या कर देंगे। आज उन्होंने वही कर दिया। 2019 में घर के सामने हुई थी करण टाइगर की हत्या दरअसल, 5 अगस्त 2019 में विद्यापति नगर में हुए चर्चित गोलीकांड में करण टाइगर की हत्या हुई थी। इसमें छोटू मिश्रा का नाम भी सामने आया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस घटना में लाइनर सहित चार-पांच बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। बताया जाता है कि घटना के समय करण टाइगर अपने घर के सामने टहल रहा था। इसी दौरान बदमाश वहां पहुंचे और बेहद करीब से उस पर फायरिंग कर दी। उसके शरीर में छह गोलियां लगी थीं, जो सिर, पेट, फेफड़ा, सीना और पैर में धंसी थीं। गोली लगने के बाद परिजन करण को शहर के गंज चौकी स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया था। पटना में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हालांकि करण टाइगर का भी आपराधिक इतिहास रहा था और वह कई आपराधिक घटनाओं की साजिशों में शामिल बताया जाता था। भाई के बयान पर दर्ज हुआ था केस करण टाइगर हत्याकांड में उसके भाई शिवम के बयान पर सहरसा सदर थाना में चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिवम ने अपने बयान में बताया था कि 5 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे वह अपने कुत्ते को सड़क पर टहला रहा था। उसी दौरान तीन बाइक पर सवार सात बदमाश वहां पहुंचे। इन बदमाशों में सतीष भी शामिल था। आरोप था कि इस गोलीबारी में सहरसा के छोटू मिश्रा उर्फ सतीश झा, रोशन यादव, विशाल कुमार सिंह और बाबुल कुमार समेत अन्य लोग शामिल थे। फायरिंग में करण टाइगर को पांच गोलियां लगी थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। करण के भाइयों ने अपने भाई की हत्या का लिया बदला मृतक सतीश के भाई आशीष ने दैनिक भास्कर को बताया, इसी हत्याकांड का बदला लेने के लिए करण के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या कर दी है। सतीश को ठीक उसी तरह से मारा गया है, जैसे करण की हत्या की गई थी। फर्क सिर्फ इतना है कि मेरे भाई को उससे 6 गोलियां ज्यादा मारी गईं हैं। बता दें कि भाई 5 सालों से जेल में बंद था, इसी वजह से वो लोग अभी तक सतीश को नहीं मार पाए थे। घटनास्थल पर पुलिस साक्ष्य जुटाकर जांच कर रही सहरसा सदर के SDPO आलोक कुमार ने बताया, शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे सदर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हमने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शहर के विद्यापति नगर निवासी योगेश्वर झा के बेटे सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा को अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। घटनास्थल से 12 खोखे बरामद एसडीपीओ ने बताया कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। इसके अलावा डीआईयू टीम आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को घटनास्थल से 12 खोखे भी बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य लोगों को गोली लगी है या नहीं तथा उनके दोस्तों की भी तलाश की जा रही है।
“मेरी पत्नी और रवि मोहन कुमार के बीच करीब ढाई साल से नाजायज संबंध थे। 26 फरवरी को बहन की शादी के दिन भी मैंने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसी समय मैंने रवि मोहन को मारने का फैसला कर लिया था।” यह कहना है बिहारीगंज थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी विक्रम ऋषिदेव का। मोहनपुर में शनिवार (14 मार्च) की रात रवि मोहन की चाकू और गड़ासा से हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने विक्रम ऋषिदेव और उसके चचेरे भाई सतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में विक्रम ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। आरोपी ने पुलिस को क्या-क्या बताया, पूरा मामला क्या है?, घटना पर परिजनों का क्या कहना है और पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है, विस्तार से पढ़िए.. पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… पूरा मामला 3 पॉइंट में समझिए… पहले 12 बदमाशों के हमले की बात कही गई मधेपुरा के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में गुरुवार रात 21 वर्षीय रवि मोहन कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में बताया गया कि रवि मोहन अपने दो दोस्त विक्रम ऋषिदेव और सतीश कुमार के साथ घर से करीब 100 मीटर दूर ड्रेनेज किनारे टहल रहा था। तभी 6 बाइक पर सवार करीब 10-12 बदमाशों ने तीनों को घेर लिया। बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी, फिर चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान दोनों साथी खेत में छिपकर बच गए, जबकि रवि मोहन को मक्का के खेत में ले जाकर बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने आशंका जताई थी कि एक दिन पहले गांव में हुई बारात के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर हुए विवाद के कारण यह घटना हुई। पुलिस जांच में कहानी संदिग्ध लगी घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घायल बताए जा रहे युवकों के बयान में कई विरोधाभास मिले। साथ ही उनके कपड़ों पर खून के धब्बे भी पाए गए, जबकि उनके शरीर पर गंभीर चोट नहीं थी। इससे पुलिस का शक गहरा गया। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की और सख्ती बरतने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आने लगी। पत्नी से अवैध संबंध के शक में रची रवि मोहन की हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विक्रम ऋषिदेव को शक था कि उसकी पत्नी और रवि मोहन के बीच करीब ढाई साल से नाजायज संबंध थे। उसने कई बार दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखा था। 26 फरवरी को अपनी बहन की शादी के दिन भी उसने दोनों को साथ देख लिया था, जिसके बाद उसने हत्या की योजना बना ली। 11 मार्च को गांव में पड़ोसी की बेटी की शादी के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर हुए विवाद को उसने बहाना बना लिया। विक्रम ने अपने चचेरे भाई सतीश कुमार के साथ मिलकर पहले से हथियार छिपा दिए और गुरुवार रात फोन कर रवि मोहन को बुलाया। इसके बाद ड्रेनेज के पास मक्का के खेत में ले जाकर चाकू और गड़ासा से उसकी हत्या कर दी। बाद में घटना को दूसरी दिशा देने के लिए 12 बदमाशों के हमले की झूठी कहानी फैलाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल हथियार और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। अब पढ़िए, आरोपी का कबूलनामा पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते देखा पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विक्रम ने कहा कि रवि मोहन को जब मेरी पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते देखा तो मैंने उसकी हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी। मैंने होली से पहले अपनी पत्नी को मायके भेज दिया, ताकि घटना के समय वह गांव में मौजूद न रहे। इसके बाद मैं मौके की तलाश में था। 11 मार्च को गांव में पड़ोसी चंद्रमोहन मेहता की बेटी की शादी थी। उसी दिन बारात में पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें रवि मोहन भी शामिल था। मैंने उसी घटना को बहाना बनाकर अपने चचेरे भाई सतीश कुमार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। हम लोगों ने दिन में ही हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियार घटनास्थल के पास छिपा दिए थे। फोन कर बहाने से बुलाया रात में मैंने रवि मोहन को फोन कर बहाने से अपने पास बुला लिया और ड्रेनेज के किनारे मक्का के खेत में ले गया। वहां मैंने और सतीश ने चाकू और गड़ासा से उस पर हमला कर दिया। वह विरोध करने लगा, इसी दौरान मुझे भी हल्की चोट लग गई। हम लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हमने हथियार ड्रेनेज के किनारे छिपा दिए और रवि मोहन का मोबाइल फोन मक्का के खेत में एक पेड़ के नीचे जमीन में गाड़ दिया। इसके बाद मैं गांव लौट आया और लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाह फैला दी कि बारात पक्ष के 10-12 लोगों ने छह बाइक से आकर हमला किया और रवि मोहन की हत्या कर दी। पुलिस बोली- 10 घंटे में हत्या की जांच पूरी की एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि रवि मोहन की हत्या धारदार हथियार से की गई है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। जांच और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों ने ही मिलकर हत्या की है। करीब 10 घंटे के अंदर पूरे मामले की जांच कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आरोपी विक्रम की पत्नी के साथ रवि मोहन के अवैध संबंध का मामला सामने आया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा ली जा रही बोर्ड परीक्षाओं (10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाओं) में कुल 220 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े जा चुके हैं। हालांकि शिक्षा बोर्ड ने नकल रहित परीक्षा करवाने के लिए दावा किया गया था। इसके अलावा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 43 कर्मचारियों को कार्यभार मुक्त भी किया जा चुका है। बता दें कि सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में करीब 1431 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं। जिसमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के व 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। 10वीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 20 मार्च को व 12वीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 1 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। वहीं 16 मार्च को संचालित होने वाली सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) सामाजिक विज्ञान तथा डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में 2 लाख 89 हजार 264 परीक्षार्थी/छात्र-अध्यापक शामिल होंगे। ये हुए पेपर और पकड़े नकलची25 फरवरी : 12वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में नकल के 17 मामले पकड़े गए हैं तथा 2 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।26 फरवरी : 10वीं की गणित विषय की परीक्षा में अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। जिला चरखी दादरी के रानीला परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ। जिसे करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।27 फरवरी : 12वीं एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 36 मामले दर्ज किए गए तथा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 4 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।28 फरवरी : 10वीं हिंदी एवं डीएलएड प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 14 अनुचित साधन के केस दर्ज किए गए तथा 4 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया।2 मार्च : 12वीं भौतिक विज्ञान व अर्थशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में नकल के कुल 28 मामले दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण 1 केंद्र अधीक्षक, 2 पर्यवेक्षकों व 2 लिपिकों को कार्यभार मुक्त किया।3 मार्च : 12वीं शारीरिक शिक्षा विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 11 मामले दर्ज हुए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल है। इसके अतिरिक्त 1 केंद्र अधीक्षक, 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षक परीक्षा डयूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किए गए।5 मार्च : 10वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 25 केस दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया। 6 मार्च : 12वीं तथा डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 30 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण 7 पर्यवेक्षक कार्यभार मुक्त किए गए।7 मार्च : 10वीं ऐच्छिक एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षाएं में अनुचित साधन प्रयोग के कुल 2 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल हैं। वहीं 1 केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने पर कार्यभार मुक्त किया गया।9 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) रसायन विज्ञान, लेखांकन व लोक प्रशासन विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में नकल के 16 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को रिलीव किया गया। 11 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कंप्यूटर विज्ञान व आईटी एवं आईटीईएस विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 2 मामले दर्ज हुए। अध्यक्ष विशेष आरएएफ उड़नदस्ता द्वारा जिला चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाढड़ा-03 पर छापेमारी के दौरान मोबाइल मिलने व केंद्र पर अनियमितताएं पाए जाने पर 1 पर्यवेक्षक, 1 लिपिक एवं 1 सेवादार को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया।12 मार्च : सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विज्ञान व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कृषि व दर्शनशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में उड़नदस्तों द्वारा निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन के कुल 16 मामले दर्ज किए। जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल हैं। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 8 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया। 13 मार्च : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की समाजशास्त्र व उद्यमिता एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 13 मामले दर्ज किए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया गया।
बदलाव की सुगबुगाहट:छग में बदल सकते हैं संगठन महामंत्री पवन साय को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
पानीपत में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में आज अंतिम दिन बड़े निर्णय हो सकते हैं। इसमें छत्तीसगढ़ को लेकर भी बड़े बदलाव का फैसला हो सकता है। संगठन महामंत्री पवन साय की जगह आसपास राज्य के किसी पूर्णकालिक प्रचारक को जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जा सकता है। सूत्रों की मानें तो बैठक में यह तय हुआ है कि पूर्णकालिक प्रचारकों को भाजपा में अब कम भेजा जाएगा। क्योंकि इनकी संख्या कम होती जा रही है। प्रचारकों को संघ परिवार के 50 अनुषांगिक संगठनों में ही बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी के तहत मप्र के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को अभी डेढ़ महीने पहले मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। तब से जामवाल ही संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं। अब वहां भी इस पद पर नियुक्ति हो जाएगी। दोनों राज्यों में जो संगठन महामंत्री बनेंगे वे तीन साल तक रहेंगे। यानी अगला चुनाव उनके नेतृत्व में ही होगा। इस हिसाब से यह नियुक्ति बड़ी मानी जा रही है। ... प्रतिनिधि सभा महत्वपूर्ण क्यों है? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह हर साल (आमतौर पर मार्च में) आयोजित होती है। इसमें देशभर से आए प्रतिनिधि पिछले साल की समीक्षा, सामाजिक-राष्ट्रीय विषयों पर प्रस्ताव पारित करने और भविष्य की नीति-रणनीति (जैसे सरकार्यवाह का चुनाव, हर 3 साल में) तय करते हैं। इसमें सरसंघचालक, सरकार्यवाह, प्रांतों के पदाधिकारी और विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। बैठक में शाखा की समीक्षा भी की जाती है। सभी प्रांतों की वर्तमान स्थिति और चुनौती पर अलग-अलग चर्चा होती है। संघ अपने आने वाले एजेंडे को भी इसी सभा में तय करता है। अब आगे भाजपा में राष्ट्रीय टीम की तैयारी संघ में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव होने की संभावना है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश को भी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके बाद भाजपा की राष्ट्रीय टीम भी नई बनेगी। चूंकि नितिन नबीन पहले प्रदेश के प्रभारी रहे हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ से कुछ नेताओं को राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। चर्चा है कि राष्ट्रीय महामंत्री के लिए भी यहां के किसी नेता का चयन हो सकता है। संगठन में बदलाव का यह होगा असरपवन साय 10 साल से छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री के पद पर हैं। उनके नेतृत्व में ही दो बार विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव के पहले संगठन में सिर्फ वही अकेले पुराने पदाधिकारी थे। प्रभारी ओम माथुर के साथ उन्होंने जो रणनीति बनाई उसने ही भाजपा को 15 से 54 सीटों तक पहुंचा दिया। बताया जा रहा है कि इसका इनाम पवन साय को मिल सकता है। अनुषांगिक संगठनों में भी बदलाव होना तय बैठक के बाद संघ के 50 से अधिक अनुषांगिक संगठनों में भी बदलाव होगा। संघ का राजनीति संगठन भाजपा है। इसी तरह छात्र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, धार्मिक में विश्व हिंदू परिषद, शिक्षा में विद्या भारती, महिला में राष्ट्रीय सेविका समिति, सेवा भारती, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ और वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठन है। इनके प्रमुख भी संघ के पूर्णकालिक प्रचारक ही होते हैं।
छत्तीसगढ़ में हाथियों के संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधा दर्जन योजनाएं चला रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। पिछले छह वर्षों में राज्य में 70 हाथियों की मौत हो चुकी है। सबसे चिंताजनक स्थिति वर्ष 2025 में रही, जब अकेले 16 हाथियों की मौत दर्ज की गई। इनमें 7 शावक हाथियों की मौत नदी-तालाबों में डूबने से होना बताया गया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हाथियों की मौत के अधिकतर मामले खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए गए करंट वाले तारों की चपेट में आने से जुड़े हैं। वर्ष 2020 में 3, 2021 में 4, 2022 में 9 जबकि 2023 से जनवरी 2026 के बीच 14 हाथियों की करंट लगने से मौत हुई। इसे मानव-हाथी संघर्ष का नतीजा माना जाता है। विभाग इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने और करंट वाले तार लगाने वालों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की कार्रवाई करता है। हालांकि दूसरी तरफ तालाबों और नदियों में डूबने से हो रही मौतों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। वर्ष 2025 में ही सात शावक हाथियों की मौत तालाबों और दलदली जलाशयों में डूबने से हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में बार-बार हाथियों के डूबने की घटनाएं हो रही हैं, तो वहां के जलाशयों और दलदली क्षेत्रों को चिन्हित कर सुरक्षा घेरा बनाने के साथ निगरानी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। रायगढ़ वन मंडल में सबसे ज्यादा मौतेंसबसे ज्यादा हाथियों की मौत रायगढ़ वन मंडल में दर्ज की गई है। यहां सात में से पांच शावक हाथियों की मौत तालाबों में डूबने या दलदल में फंसने से हुई है। क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से जोखिम बना हुआ है। प्रदेश में हाथियों की संख्या और उनके मूवमेंट को देखते हुए सरकार ने कई संरक्षण परियोजनाएं शुरू की हैं, लेकिन मौतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हाथियों की निगरानी, कॉरिडोर संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करना है। इसके बावजूद लगातार हो रही मौतें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या संरक्षण योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या जमीनी स्तर पर उनकी निगरानी और क्रियान्वयन में गंभीर कमी है। प्रदेश में चल रहे हाथी संरक्षण प्रोजेक्ट हाथियों की मौत में बीमारी एक बड़ा कारणहां, इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, जिसमें हाथी के बच्चे तालाब और कीचड़ में डूबकर मर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि तालाबों को अब मानक ढाल के साथ नहीं बल्कि गहरा गड्ढानुमा खोदा जा रहा है। फिर भी हम इसकी निगरानी कर रहे हैं। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। हाथियों की मौत के पीछे बीमारियां भी एक बड़े कारण हैं।- अरुण कुमार पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वाइल्ड लाइफ छत्तीसगढ़
बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों और सरकार के बीच तनातनी बढ़ गई है। राज्य के 537 अंचलों के सीओ, आरओ, कई बंदोबस्त व राजस्व अधिकारियों ने रविवार को पटना में महाजुटान का निर्णय लिया है। बिरसा एवं बिरसा यूनाइटेड संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले संघर्ष को बढ़ाते हुए महाधरना/महाआंदोलन के कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने कहा कि सरकार के राजस्व सेवा के अधिकारियों के खिलाफ काम करने से राजस्व सेवा के संवर्गीय अधिकारों, सेवा संरचना की निरंतरता तथा राजस्व प्रशासन की संस्थागत व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है। 2 मार्च को राज्यव्यापी काला बिल्ला लगा “पेन-डाउन” आंदोलन किया गया। सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो 9 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल (सामूहिक अवकाश) शुरू की गई। मोर्चा के जितेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि हम राजस्व प्रशासन की दक्षता, सेवा संरचना की तार्किक निरंतरता तथा संवर्गीय अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से हड़ताल पर हैं। रजनीकांत ने कहा कि यह आंदोलन टकराव नहीं न्यायसंगत मांगों के सम्मानजनक समाधान के लिए किया जा रहा है। संघ ने कहा कि 5 फरवरी को मिले आश्वासनों पर विश्वास जतते हुए संघ ने तब आंदोलन को सशर्त स्थगित किया था। पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अब तक इन विषयों पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं किया गया है। दूसरी तरफ विभिन्न स्तरों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव, स्पष्टीकरण तथा जांच जैसी कार्रवाइयों कर राजस्व अधिकारियों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस कारण ही एकजुटता का मैसेज देने के लिए महाजुटान कार्यक्रम बनाया गया है। हड़ताली अफसरों की मुख्य मांगें... डीसीएलआर पद पर राजस्व सेवा के अधिकारियों की वरीयता के आधार पर पोस्टिंग एसडीएम, अपर समाहर्ता (आपदा) तथा लोक शिकायत निवारण पदों में पोस्टिंग कैबिनेट के निर्णय संख्या 23 व 30 को वापस करना राजस्व से संबंधित प्रमुख पदों का संवर्गीय संरक्षण सेवा शर्तों, पदोन्नति, वित्तीय अधिकार, मानव संसाधन एवं प्रशासनिक स्वतंत्रता से संबंधित लंबित मुद्दों का समाधान
कृषि आकर्षक बनेगी, तभी नई पीढ़ी इससे जुड़ पाएगी
पटना| जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और कृषि के समक्ष चुनौतियों पर एमिटी यूनिवर्सिटी में बिहार-झारखंड रीजनल पॉलिसी डायलॉग एंड अवॉर्ड-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सस्टेनेबिलिटी मैटर्स, इंडीएग्री और एनजीओ एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि कृषि को आकर्षक बनाने की जरूरत है, ताकि नौजवान पीढ़ी कृषि की ओर अग्रसर हो। दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने से बेहतर है कि वे बिहार में ही कृषि के क्षेत्र में काम करें। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि वर्ष 2019 में बिहार देश का पहला राज्य बना, जहां जल-जीवन-हरियाली के अंतर्गत सतत कृषि की अवधारणा को मूर्त रूप देने का प्रयास किया गया। पिछले 20 वर्षों में चार कृषि रोडमैप के जरिए बिहार के कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। क्लाइमेट चेंज बड़ी समस्या है। बिहार में कहीं अत्यधिक सूखा पड़ता है तो कहीं अत्यधिक बाढ़ आती है। सस्टेनेबिलिटी मैटर्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. नवनीत आनंद ने कहा कि जलवायु परिवर्तन गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है और इसका सीधा असर कृषि पर पड़ रहा है। पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत और किसानों को मिलकर काम करना होगा।
राज्य के किसानों को गन्ना मूल्य का 91 फीसदी भुगतान हुआ
पेराई सत्र समाप्त होने के पूर्व ही चीनी मिल संचालकों ने किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य की 91 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया है। शेष बकाया का शीघ्र भुगतान करने का आदेश गन्ना उद्योग विभाग ने मिल संचालकों को दिया है। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 शुरू होने के साथ ही राज्य में चीनी मिलों ने गन्ने की खरीद शुरू कर दी। राज्य के किसानों से करीब 211080.32 लाख की लागत से 567.20 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया। इसके एवज में चीनी मिल संचालकों ने 12 मार्च तक करीब 191823.99 लाख रुपए का भुगतान किसानों को किया है। हरिनगर चीनी मिल ने सबसे अधिक गन्ना खरीदा है। दूसरे स्थान पर नरकटियागंज और तीसरे स्थान पर बगहा चीनी मिल है। विभागीय आकडों के अनुसार हरिनगर चीनी मिल ने 127.80 लाख क्विंटल, बगहा ने 81.08 लाख क्विंटल, नरकटियागंज ने 99.78 लाख क्विंटल, मझौलिया ने 53.79 लाख क्विंटल, हसनपुर ने 44.95 लाख क्विंटल, सिधवलिया ने 44.51 लाख क्विंटल, गोपालगंज ने 33.82 लाख क्विंटल, लौरिया ने 32.47 लाख क्विंटल, सुगौली ने 27.98 लाख क्विंटल, रीगा चीनी मिल ने 17.48 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। प्रतापपुर चीनी मिल ने सीवान के किसानों से 3.58 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। इसके एवज में चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 91 फीसदी से अधिक राशि भुगतान कर दिया है। ईखायुक्त ने बताया कि सभी मिलों को आदेश दिया गया है कि गन्ना किसानों का जो बकाया राशि है उसे शीघ्र भुगतान किया जाए।
पटना|पटना हाई कोर्ट में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में 280 मामले सुनवाई के लिए लिये गए। इनमें से 189 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों के समाधान से कुल 2,11,31,425 रुपए की समझौता राशि तय हुई। आंकड़ों के अनुसार, मोटर दुर्घटना दावा मामलों में सबसे अधिक आर्थिक समझौता हुआ। इस श्रेणी के 98 मामलों को लिया गया, जिनमें से 28 मामलों का निपटारा कर लगभग 2.11 करोड़ रुपए का सेटलमेंट कराया गया। इसके अलावा अवमानना से जुड़े एमजेसी के 158 मामलों को सूचीबद्ध किया गया, जिनमें से 146 मामलों का निष्पादन किया गया। वहीं सेवा मामलों (वेतन, भत्ते व सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित) के 22 मामलों में से 15 मामलों का भी निपटारा हुआ। पटना|राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के आह्वान पर पटना न्याय मंडल में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 7033 मुकदमे निपटाए गए। पटना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव पल्लवी आनंद ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह पटना के प्रधान जिला जज रूपेश देव की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में 3782 मुकदमों का निपटारा समझौते के आधार पर किया गया। वहीं 3251 वैसे मामलों का निपटारा किया गया, जो अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुए थे। इन मुकदमों में 20 करोड़ 18 लाख 45 हजार 321 रुपए का समझौता हुआ। मुख्य रूप से ट्रैफिक, बिजली बिल, संधि योग्य आपराधिक मामले एवं चेक बाउंस से संबंधित मुकदमों का निपटारा हुआ। पटना हाई कोर्ट के निर्देश पर इस बार ट्रैफिक चालान से संबंधित 2200 मुकदमों की सुनवाई हुई, जिनमें से 1816 मुकदमों का निपटारा किया गया। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सह राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य संरक्षक मुख्य न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने स्वयं पटना सिविल कोर्ट में आयोजित लोक अदालत का निरीक्षण किया। उनके साथ पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक प्रदीप कुमार मल्लिक भी उपस्थित थे। पटना न्याय मंडल में पटना सदर सिविल कोर्ट, दानापुर, बाढ़, मसौड़ी, पटना सिटी और पालीगंज के अनुमंडलीय सिविल कोर्ट शामिल हैं।
उपभोक्ता आयोग का फैसला, वेटिंग टिकट खो गया तो भी रिफंड मिलेगा
पटना| आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस है। इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को खोए हुए वेटिंग टिकट का भी रिफंड देने का आदेश दिया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि यदि किसी यात्री का वेटिंग लिस्ट टिकट कन्फर्म नहीं होता और वह यात्रा नहीं करता है तो केवल टिकट खो जाने के आधार पर उसका रिफंड रोकना उचित नहीं है। आयोग ने इसे रेलवे की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने दिया। दरअसल, कंकड़बाग निवासी शंभू नाथ ने दिल्ली से पटना के लिए रेलवे काउंटर से टिकट खरीदा था, जो वेटिंग लिस्ट में था और कन्फर्म नहीं हुआ। यात्री ने यात्रा नहीं की, लेकिन इस दौरान उसका मूल टिकट खो गया। जब उन्होंने टिकट के रिफंड के लिए रेलवे से संपर्क किया तो रेलवे ने मूल टिकट प्रस्तुत नहीं होने का हवाला देकर भुगतान से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसके दुबे ने आयोग के समक्ष दलील दी कि यात्री ने टिकट खरीदा था और यात्रा नहीं की, इसलिए रेलवे को राशि वापस करनी चाहिए। वहीं रेलवे की ओर से अधिवक्ता आलोक कुमार शरण और कुमार सत्यकृति ने पक्ष रखा। आयोग ने रेलवे को शिकायतकर्ता को 2,398 रुपए टिकट सहित 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ (28 मार्च 2014 से) लौटाने का निर्देश दिया है। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 5,000 रुपये मुआवजा, 5000 रुपए मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया गया है। 120 दिनों के भीतर आदेश लागू नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने के लिए 26 हजार बीपीएल परिवारों ने दी सहमति
पटना| राज्य में मुफ्त ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने के लिए 26 हजार बीपीएल परिवारों ने सहमति दी है। ये सभी उपभोक्ता कुटीर ज्योति श्रेणी में है। चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 2.5 लाख बीपीएल परिवारों के घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य है। इसकी समीक्षा शनिवार को गई। सोलर सिस्टम लगाने के लिए 18 मार्च को एजेंसी का चयन होना है। एक एजेंसी को अधिकतम तीन सर्किल में सोलर सिस्टम लगाना होगा। राज्य में कुल 18 सर्किल हैं। बिजली कंपनी मुख्यालय ने फील्ड में तैनात इंजीनियरों को ज्यादा से ज्यादा कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं से सहमति लेने को कहा है। पहले चरण में 2.5 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं के छत पर नि:शुल्क सोलर सिस्टम लगेगा। इन उपभोक्ताओं से पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत यूएलए (यूटिलिटी-लीड एग्रीगेशन) मोड से सहमति ली जा रही है। 2.5 लाख परिवारों की छतों पर 1.1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने के बाद 250 यूनिट बिजली मुफ्त होगी। बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार 125 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है। 1.1 किलोवाट सोलर सिस्टम से 1 महीने में 125 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। साथ ही राज्य में 275 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ेगा। ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने की पहली शर्त छत छायादार नहीं होनी चाहिए। सहमति देने वाले उपभोक्ताओं के घरों की जांच के लिए बिजली कंपनी की टीम जाएगी। जिन कुटीर ज्योति उपभोक्ता के घर पर छाया रहित छत होगी, वहां सोलर पैनल नि:शुल्क लगाए जाएंगे। बिजली वितरण कंपनियां 5 वर्षों तक रखरखाव करेगी।
बीएन कॉलेज में हंगामा, प्राचार्य और छात्रसंघ प्रतिनिधि ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
बीएन कॉलेज में शनिवार को छात्र नेताओं के हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्राचार्य प्रो. राजकिशोर प्रसाद और पीयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार ने एक-दूसरे पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। डॉ. प्रसाद ने पीरबहोर थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर अभिषेक और पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत की है। प्राचार्य का आरोप है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में छात्र जबरन घुसे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जबरन किसी छात्र का सेंटअप कराने का दबाव बनाया। वहीं, अभिषेक ने कहा कि छात्र को कोई समस्या होगी तो प्राचार्य के पास लेकर जाना हमारा काम है। उन्होंने भी गलत भाषा का प्रयोग किया। जानबूझ कर एक छात्र का सेंटअप रोका गया है। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जिनकी 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं है। अगर ऐसा है तो सबका सेंटअप क्यों नहीं रोका गया। उन्होंने छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उधर, प्राचार्य ने थाने को दिए आवेदन में कहा है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में अभिषेक कुमार अपने कुछ साथियों और अज्ञात लोगों के साथ जबरन घुस आए। वे अनुत्तीर्ण या नॉट सेंटअप छात्रों को परीक्षा में शामिल कराने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान अमर्यादित व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। बैठक स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की दूसरी घटना परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान हुई। प्राचार्य के मुताबिक कॉलेज के पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी ने बाहरी तत्वों के साथ परीक्षा कक्ष में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। शिक्षकों को धमकाया। इन दोनों घटनाओं को प्राचार्य डॉ. राजकिशोर ने शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश बताया है। सुरक्षा की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि पटना विवि के कुलपति और कुलानुशासक को भी भेजी है।
सरकारी भवनों में फास्ट टैग पार्किंग होगी, सुरक्षा उपकरण परखे जाएंगे
हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट के बाद बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। पटना सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने पटना के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को बैठक की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संस्थानों में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही वहां लगे सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाए। हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट, विधानसभा, सचिवालय सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में लगे सुरक्षा उपकरणों की जांच एसआई रैंक के अधिकारी करेंगे। सुरक्षा में तैनात पदाधिकारी अपने कर्मियों को समय-समय पर ब्रीफिंग देंगे। आईजी ने कहा कि महत्वपूर्ण संस्थानों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) युक्त स्टिकर लगे वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो, ताकि केवल वैध गाड़ियों की ही पार्किंग हो सके। विस गेट पर आईडी जांच के बाद ही प्रवेश मिले : प्रेम क्या है फास्ट टैग पार्किंग रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन पार्किंग सिस्टम में आरएफआईडी टैग का इस्तेमाल होता है। इसे वाहन की विंडशील्ड या नंबर प्लेट पर चिपकाया जाता है, जबकि गेट पर रीडर लगा होता है। वाहन आने पर रीडर टैग को स्कैन कर गेट खोल देता है। ऐसी सुविधा होने पर वही वाहन महत्वपूर्ण भवनों में जा सकेंगे, जिन पर स्टिकर लगा होगा। अज्ञात वाहनों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख सकेंगी। धमकी की हो रही जांच विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मेल आउटलुक डॉट कॉम से आया है। इससे पहले हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट को भी आउटलुक डॉट कॉम से ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। देश के अन्य शहरों में भी प्रमुख संस्थानों को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बिहार विधानसभा परिसर और विधायकों के आवास की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया कि विधानसभा के मुख्य गेट पर व्यक्तियों की आईडी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाए। विधान मंडल परिसर और अन्य गेटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर सख्त निगरानी रखी जाए। बीच-बीच में मॉक ड्रिल कराई जाए। वरीय अधिकारी खुद आकर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। विस अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों के वीरचंद पटेल पथ और आर ब्लॉक स्थित आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए। बैठक में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी मौजूद रहे। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर शुभकामनाएं दीं।
मई माह से शुरू होगी पीयू शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया, कुलपति ने दिया भरोसा
पटना पटना विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय में शेष बचे शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया आगामी मई महीने से विधिवत शुरू कर दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी पटना यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के एक प्रतिनिधिमंडल की कुलपति प्रो. नमिता सिंह के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आई है। पुटा के महासचिव सह मीडिया प्रभारी डॉ. विभाष रंजन ने बताया कि कुलपति के साथ हुई इस चर्चा में प्रमोशन सहित शिक्षकों की अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। बैठक के दौरान कुलपति ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर लेवल-10 से लेवल-11 और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति की कार्यवाही 1 मई से प्रारंभ कर दी जाएगी, जिसे संभवतः 20 मई तक हर हाल में पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। सर्विस कन्फर्मेशन का प्रावधान सिंडिकेट से पहले ही पारित: महासचिव डॉ. विभाष रंजन ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि एक वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद शिक्षकों के सर्विस कन्फर्मेशन का प्रावधान विश्वविद्यालय सिंडिकेट से पहले ही पारित हो चुका है। कुलपति ने इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया है, जिससे लंबे समय से सेवा स्थायीकरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस सकारात्मक वार्ता के बाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल में उत्साह देखा जा रहा है। प्रोन्नति के साथ-साथ शिक्षकों से जुड़े कई अन्य संवेदनशील और जायज मुद्दों पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने नरम रुख अपनाया है। कुलपति ने चाइल्ड केयर लीव, छह महीने का मातृत्व अवकाश, एक वर्ष के प्रोबेशन काल के बाद सर्विस कन्फर्मेशन और एरियर भुगतान जैसे विषयों पर जल्द ही ठोस और सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया है। यह शिक्षकों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति द्वारा प्रोबेशन अवधि के दौरान ही शिक्षकों को रिसर्च स्कॉलर आवंटित करने के निर्णय की सराहना करते हुए उनके प्रति विशेष आभार प्रकट किया।
मां को राज्यपाल और बेटे को हीरो बनाने का झांसा दे 10 लाख ठगे
राजीव नगर की अनीता मिश्रा से जालसाज ने 10 लाख की ठगी कर ली। जालसाज ने उनको राज्यपाल बना देने का झांसा दिया। बताया कि उनके बेटे को हीरो बना देंगे। वह अपना नाम युवराज प्रताप सिंह बता रहा था। उसने अनीता से कहा कि वह शिमला में जमीन, एसके पुरी में मकान और दिल्ली में फ्लैट भी दिलवा देगा। उसकी सीधी बात एक पार्टी के अध्यक्ष से होती है। महिला ने कहा कि युवराज ने अशोक और शहनवाज नाम के युवक को फोन लगाया। उनसे उक्त बड़े नेता से बात कराने को कहा। महिला के मुताबिक उसकी भी एक व्यक्ति से बात कराई, जिसकी आवाज उक्त बड़े नेता की तरह थी। इसी झांसे में आकर वह दो बार में शातिर को 10 लाख दे दिए। राजीव नगर थाना पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है। युवक ने महिला से कहा कि आपका कागज राष्ट्रपति के पास चला गया है। जल्द ही साइन हो जाएगा और आप राज्यपाल बन जाएंगी। युवक उन्हीं के पैसे से उनको शिमला ले जाकर जमीन दिखाई। महिला ने पुलिस को बताया कि उनके मकान के नीचे एक पार्लर किराए पर चलता है। उसी पार्लर में उनकी मुलाकात युवक से हुई थी। मीटर अपडेट के नाम पर 8.45 लाख ऐंठे पटना|साइबर अपराधियों ने नौ लोगों से ठगी की है। बोरिंग रोड के अरुण अग्रवाल को शातिर ने फोन कर कहा कि आपका बिजली मीटर अपडेट नहीं है। इसके लिए एक लिंक भेजा। लिंक गलती से क्लिक हो गया आैर खाते से 3.91 लाख निकल गए। पाटलिपुत्र कॉलोनी के हेलाल अख्तर को पंकज नाम के शख्स ने बिजली कर्मी बनकर फोन किया कि आपका बिजली मीटर अपडेट नहीं है। कनेक्शन कट जाएगा। उन्हें एक लिंक भेजकर 100 रुपए रिचार्ज करने को कहा। उन्होंने जैसे ही ऐसा किया उनके खाते से दो बार में 2.61 लाख निकल गए। इसी तरह फ्रेजर रोड के कृष्णकांत झा से 1.93 लाख रुपया ठग लिये। मोकामा के वार्ड पार्षद महेश कुमार से 83 हजार की ठगी हो गई। शेयर मार्केट में पैसे लगाने के नाम पर ठगी मसौढ़ी की पूजा के पति पशुपतिनाथ त्रिपाठी से 1.47 लाख की ठगी हो गई। पूजा ने पुलिस को बताया कि एक शातिर ने उनके पति को फोन पर शेयर मार्केट में पैसे लगाने का झांसा दिया। पशुपति ने झांसे में आकर 1.47 लाख निवेश कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। उधर, जक्क्नपुर के शिवांश भारद्वाज के क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट का झांसा देकर 1.45 लाख की निकासी कर ली। मोबाइल गुम के बाद भी 1.96 लाख निकाले शैलेंद्र कुमार कंकड़बाग के हैं। सिविल कोर्ट के आसपास उनका मोबाइल गुम हो गया। उन्होंने इसकी शिकायत पीरबहोर थाने में की। इसके बाद उन्होंने नया मोबाइल और सिम लिया। चालू करने पर पता चला कि उनके खाता से 1.96 लाख रुपए की निकासी हो गई है। बंगाली टोला के प्रियांशु का पेटीएम हैक कर एक लाख की निकासी कर ली।
जल संरक्षण पर निबंध प्रतियोगिता हुई
निवाड़ी | शासकीय हाई स्कूल बहेरा में गंगाजल संवर्धन अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता हुई। उद्देश्य जल संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाना रहा। जल स्रोतों के महत्व की जानकारी दी। प्रतियोगिता में छात्रों ने जल संरक्षण के अलग-अलग पहलुओं पर अपने विचार लिखे। छात्रों को जल स्रोत बचाने प्रेरित किया। गंगाजल संवर्धन अभियान मप्र सरकार का अभियान है।
स्कूल में सिंगल यूज प्लास्टिक पर जागरूकता सेमिनार किया
छतरपुर | सामाजिक संस्था संगम सेवालय द्वारा एंजिल पब्लिक स्कूल में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभाव विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों से ईकोब्रिक (इको-ब्रिक) भी बनवाई गई, जिसमें प्लास्टिक कचरे को बोतलों में भरकर उसे उपयोगी बनाया जाता है। संस्था की ओर से अंजू अवस्थी, कल्पना चौरसिया और दिनेश सोनी ने बच्चों को बताया कि, यदि हम सभी सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कम करें और उसके उचित प्रबंधन पर ध्यान दें, तो पर्यावरण को काफी हद तक प्रदूषण से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संदेश दिया।
विपक्ष के बाद अब वेस्ट यूपी से BJP के एक महापौर ने योगी सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल उठाए हैं। मुरादाबाद के भाजपा महापौर विनोद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को एक पत्र भी भेजा है। दरअसल, मुरादाबाद में 3 दिन पहले प्रशासन ने हाईवे किनारे की करीब 20 बीघा भूमि पर बनी बाउंड्री को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। मेयर का कहना है कि इसमें से करीब 10 बीघा भूमि उनकी थी। जबकि जिला प्रशासन के मुताबिक ये भूमि सरकारी है और इसे ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय’ के लिए आरक्षित किया गया है। अपने खिलाफ हुए बुलडोजर एक्शन से भाजपा महापौर विनोद अग्रवाल बुरी तरह तिलमिलाए हैं। पहले उन्होंने स्थानीय अफसरों से इस एक्शन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुआवजे की डिमांड की। चेतावनी दी कि यदि उनकी बाउंड्री तुरंत नहीं बनाई गई तो अफसरों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लेकिन जब बात नहीं बनी तो मुद्दा शासन तक ले गए हैं। महापौर विनोद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर को भी चिट्ठी लिखकर कहा है कि, उनके खिलाफ हुआ एक्शन बुलडोजर कार्यवाही के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। 12 मार्च को प्रशासन ने CM कंपोजिट स्कूल की जमीन कब्जामुक्त कराईमुरादाबाद सदर तहसील प्रशासन की टीम ने 12 मार्च को नेशनल हाईवे बाईपास के किनारे धीमरी गांव के रकबे में स्थित करीब 20 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराया। प्रशासन के मुताबिक यहां करीब 5 एकड़ भूमि ‘CM मॉडल कंपोजिट विद्यालय’ के लिए आरक्षित की गई है। जिसे बनाने का जिम्मा सरकार ने UPPCL (उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर अपनी टीम के साथ जब चिन्हित की गई भूमि पर पहुंचे तो वहां पहले से बाउंड्री हो रखी थी। इसकी सूचना पर प्रशासन ने मौके पर पैमाइश कराकर 12 मार्च को संबंधित भूमि पर बनी बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया था और भूमि प्रोजेक्ट के लिए कब्जामुक्त करा ली गई थी। BJP महापौर और भाजपा नेता के भाई की थीं बाउंड्रीहाईवे किनारे की इस बेशकीमती जमीन पर बुलडोजर चलते ही शहर में सियासी बवंडर खड़ा हो गया। क्योंकि जो बाउंड्री बुलडोजर से ध्वस्त की गई थीं उनमें भाजपा के मुरादाबाद महापौर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता ऋषिपाल चौधरी के छोटे भाई अमित चौधरी की बाउंड्री भी शामिल थी। मामले में रात में ही अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए गए।बुलडोजर एक्शन पर आगबबूला हुए महापौर विनोद अग्रवाल ने मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक तमाम अधिकारियों और सत्ताधारी दल के मंत्रियों के फोन खटखटा दिए। नतीजा ये हुआ कि प्रशासन ने जमीन की दोबारा पैमाइश का डिसीजन लिया। अगले दिन यानी 13 मार्च को दिन निकलते ही डीएम अनुज सिंह खुद 2-2 एसडीएम और दो तहसीलों की टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर से मेयर भी अपनी एक प्राइवेट टीम लेकर मौके पर पहुंचे। पिछले तीन दिन से टीमें जमीन की नापजोख में जुटी हैं। इसी बीच महापौर ने एक लेटर शासन को लिख भेजा है। पढ़िए क्या लिखा है मुरादाबाद महापौर विनोद अग्रवाल ने ACS को भेजे अपने लेटर में ‘मैं 15 साल से मेयर, मेरी बाउंड्री पर बुलडोजर चला दिया’ मेयर विनोद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है-‘मैं पिछले करीब 15 वर्षों से मुरादाबाद नगर निगम के महापौर पद पर पदस्थ हूं। मैंने धीमरी गांव में करीब साढ़े नौ बीघा भूमि 12 जुलाई 2017 को क्रय की थी। इसके बाद सदर तहसील में राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया और भूमि पर दाखिल व काबिज हो गया। इसके बाद मैंने उक्त भूमि की बाउंड्रीवॉल बना ली। 12 मार्च को उपजिलाधिकारी (सदर) मुरादाबाद राममोहन मीणा (आईएएस) ने मुझे कोई नोटिस दिए बगैर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत सुनवाई का अवसर दिए बिना मेरी उक्त भूमि पर बनी करीब 55 मीटर की बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया गया। जिससे मेरा करीब 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। मेरे साथ ही भाजपा नेता अमित चौधरी की भूमि भी मेरी भूमि के पास ही है। उनकी भी बाउंड्रीवॉल को अवैध रूप से बिनना विधिक प्रक्रिया को पूर्ण किए ध्वस्त कर दिया गया।’ मुरादाबाद के अफसरों पर यकीन नहीं, दूसरे जिले से कराएं पैमाइश मेयर ने अपने शिकायती पत्र में कहा है- आईएएस राममोहन मीणा का कृत्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवैध बुलडोजर कार्यवाही के संबंध में दिए गए आज्ञापक दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश उत्तर प्रदेश शासन ने अनुपालन के लिए सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित किया है। अतिक्रमण हटाने के लिए न्यूनतम 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। इस नोटिस की प्रति जिलाधिकारी द्वारा इस कार्य हेतु बनाई गई ई-मेल आईडी पर भेजने के भी निर्देश हैं। ACS संजय प्रसाद को भेजे खत में मेयर विनोद अग्रवाल आगे लिखते हैं- श्रीमान जी मेरी भूमि की पैमाइश किसी अन्य जिले के उपजिलाधिकारी द्वारा कराई जाए ताकि जांच निष्पक्ष एवं सही हो सके। मुझे मुरादाबाद सदर के उप जिलाधिकारी एवं लेखपाल के कार्यों पर संदेह है और इनसे उचित न्याय की अपेक्षा नहीं है। कृपया विषय की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें। इनके द्वारा महानगर के निर्वाचित प्रथम नागरिक महापौर की छवि को धूमिल करने की नियत से ये गलत कृत्य किया गया है। आगे भी गलत करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष से गुहार-मेरे सम्मान की रक्षा करें अपर मुख्य सचिव और कमिश्नर मुरादाबाद को पत्र भेजने के साथ ही मेयर विनोद अग्रवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी एक खत भेजा है। इसमें खुद को 40 साल पुराना भाजपा व संघ का कार्यकर्ता बताते हुए मेयर ने खुद को एक कार्यकर्ता बताते हुए सम्मान की रक्षा की गुहार लगाई है। मेयर ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। यही हाल रहा तो किस मुंह से विधानसभा चुनाव 2027 में वोट मांगने निकलेंगे। आजाद समाज पार्टी के नेता से खरीदी थी मेयर ने ये जमीन मेयर विनोद अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने ये जमीन आजाद समाज पार्टी के टिकट पर कुंदरकी उपचुनाव लड़े हाजी चांद बाबू से खरीदी थी। चांद बाबू ने कहा कि उन्होंने ये जमीन मेयर विनोद अग्रवाल और उनके पार्टनर संजय रस्तोगी को भेजी थी। बाद में संजय रस्तोगी ने अपना हिस्सा अमित चौधरी को दे दिया। बता दें कि अमित चौधरी बिलारी के भाजपा नेता ऋषिपाल चौधरी के भाई हैं। वहीं, चांद बाबू विवादित जमीनों के सौदों के लिए बदनाम हैं। चांदबाबू पर मौजूदा वक्त में भी नेशनल हाईवे बाईपास पर कुछ ग्रामीणो ने अपनी और सरकारी जमीन कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। मामले में चकबंदी से जुड़े कुछ लेखपालों की भी शिकायत की गई है। पब्लिक नाली-खड़ंजें को तरसी, नेताओं की खाली जमीन तक बनी चमचमाती सड़क शहर में कई हिस्सों में लोग नाली-खड़ंजे को भी तरसे हैं। लाइनपार की बड़ी आबादी मामूली बारिश में भी जलभराव झेलने को मजबूर है। लेकिन दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेताओं की जंगल में खाली पड़ी जमीन तक भी 12 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क बना दी गई। जबकि यहां अभी दूर तक कोई नहीं रहता है। सरकारी खजाने से यहां चमचमाती सड़क तैयार कर दी गई। मेयर विनोद अग्रवाल का कहना है कि सड़क जिला पंचायत ने बनवाई थी। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.शैफाली सिंह चौहान ने दैनिक भास्कर से कहा कि उन्होंने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड चेक करा लिया है। यह सड़क जिला पंचायत द्वारा नहीं बनवाई गई है। ऐसे में सड़क या तो नगर निगम की ओर से बनाई गई है या फिर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने इसे बनवाया है। मेयर यहां नगर निगम से म्यूजिकल पार्क बनवाना चाहते थे नगर निगम के सोर्सेज का कहना है कि, जहां मेयर की बाउंड्री पर बुलडोजर चला है, वहां मेयर की योजना नगर निगम से म्यूजिकल पार्क बनवाने की थी। मेयर विनोद अग्रवाल ने भी इसकी पुष्टि की है। दरअसल पिछले कुछ समय में सत्ताधारी दल के नेताओं पर ये आरोप लगे हैं कि वे विकास की योजनाओं को अपनी जमीनों के आसपास ले जाकर अपनी जमीनों के रेट बढ़ाने की कवायद में जुटे हैं। इसके अलावा योजनाओं के आसपास की जमीनें खरीदकर उन्हें योजना के लिए अधिग्रहीत कराने का खेल भी बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है।इस मामले में एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा पूरी तरह चुप्पी साधे हैं। अलबत्ता मीडिया को दिए स्टेटमेंट में डीएम अनुज सिंह ने कहा है कि सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए रिजर्व भूमि को खाली कराया गया है। महापौर की आपत्ति मिलने के बाद दोबारा से पैमाइश कराई जा रही है। जहां प्रशासन ने बाउंड्री तोड़ी वहां बड़े पैमाने पर सरकारी लैंड का घोटाला मुरादाबाद में हाईवे से सटे धीमरी गांव में सरकारी भूमि को अपनी पत्नी के नाम पर कराने वाले लेखपाल तेहर सिंह को डीएम अनुज सिंह ने सस्पेंड कर दिया है। ये वही धीमरी गांव है जहां स्कूल के रिजर्व भूमि पर मेयर विनोद अग्रवाल और एक अन्य भाजपा नेता ने अपनी बाउंड्री बना ली थीं। जिसे प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। इस गांव में बेशकीमती सरकारी जमीन को बड़े स्तर पर ठिकाने लगाए जाने की खबरें हैं। मामले में डीएम ने जांच शुरू करा दी है। इसी क्रम में एक लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। मुरादाबाद सदर के तहसीलदार ने 13 बीघा सरकारी भूमि को प्राइवेट लोगों के नाम पर अंकित कर दिया था। बाद में इसे एक लेखपाल ने अपनी पत्नी प्रियंका सिंह के नाम पर करा लिया था। आसपास के इलाके में कुछ और सरकारी भूमि को इसी तर्ज पर हड़पे जाने के मामले भी सामने आ सकते हैं।
संकल्प से समाधान अभियान का तृतीय चरण कल से शुरू
पन्ना| शासन के निर्देशानुसार 12 जनवरी से चार चरणों में संचालित संकल्प से समाधान अभियान का तृतीय चरण 16 से 26 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शिविर आयोजन के लिए संबंधित एसडीएम को नोडल अधिकारी तथा तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि जनपद पंचायत के सीईओ को शिविर प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर ऊषा परमार ने सभी अधिकारियों को शिविर स्थल पर उपस्थित रहकर अभियान को सफल बनाने और प्राप्त आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 मार्च को जनपद पंचायत अजयगढ़, 18 मार्च को पन्ना, 23 मार्च को गुनौर, 24 मार्च को पवई और 25 मार्च को शाहनगर में शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर उनकी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
27 मार्च को रामनवमी पर मनाया जाएगा प्राकट्य पर्व
पन्ना | संस्कृति विभाग द्वारा आगामी 27 मार्च को रामनवमी पर जिला मुख्यालय स्थित श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण में प्राकट्य पर्व कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर अन्य विभागीय अधिकारियों को भी आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं। श्रीराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर कलाकारों के दल द्वारा भगवान श्रीराम केन्द्रित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
गिरिडीह | जिले में स्वास्थ्य आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों और निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कई स्थानों पर भूमि उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और समन्वय की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी मिली। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आ रही है, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने अंचल अधिकारियों को भूमि से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को गति देने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यकारी एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त अनुदान राशि का सही और प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है, ताकि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां आम लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं।
पर्व पर असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखें : एसपी
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में शनिवार को मासिक अपराध गोष्ठी की गई। अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने की। बैठक में जिले के सभी एसडीपीओ, थाना निरीक्षक, थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी उपस्थित थे। एसपी डॉ. कुमार ने जिले के थानों में लंबित अपराध मामलों की समीक्षा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का त्वरित िनपटारा किया जाए। वॉरंट और कुर्की का समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए, पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन प्रक्रिया को पूरा किया जाए और न्यायालय तथा विभिन्न आयोग से प्राप्त पत्रों का समय पर निपटारा किया जाए। साथ ही आम जनता से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के साथ समाधान करने पर विशेष जोर दिया गया। एसपी ने आगामी त्योहारों ईद, सरहुल और रामनवमी के अवसर पर विधि व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आदेश दिया कि जेल से रिहा हुए अपराधियों पर विशेष निगाह रखी जाए। बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में अभियान एएसपी सुजीत कुमार, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद, सरीया एवं बगोदर एसडीपीओ धनंजय कुमार राम, खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद, साइबर डीएसपी आबिद खान, हेडक्वार्टर डीएसपी नीरज कुमार सिंह, हेडक्वार्टर टू डीएसपी कौसर अली, डीएसपी कैलाश महतो, डीएसपी मंटू कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार, बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेन्द्र प्रसाद सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी शामिल थे। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराध मामलों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से किया जाए और आगामी त्योहारों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाए।
सबलाडीह में नावाअहार मैया प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में भक्ति जागरण
खोरीमहुआ | धनवार प्रखंड क्षेत्र के डोरंडा सबलाडीह में शुक्रवार रात नावा अहार मैया प्राण प्रतिष्ठा सह श्री श्री 1008 शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति के मौके पर भक्ति जागरण का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ खोरीमहुआ अनुमंडल के भूमि सुधार उप समाहर्ता सुनील कुमार प्रजापति और यज्ञ समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। एलआरडीसी सुनील कुमार प्रजापति ने श्रीराम जन्म स्तुति भय प्रगट कृपाला, दीन दयाला का गायन कर पंडाल को भक्तिमय माहौल से भर दिया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद आसपास के लगभग दस गांवों से हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। दर्शक पूरी रात भक्ति गीतों पर झूमते रहे। यज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि 13 मार्च की रात आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायिका पल्लवी झा और राजू हलचल की टीम ने शानदार भजन प्रस्तुत किए, जबकि उद्घोषक और हास्य कलाकार लखन शर्मा ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करते हुए रातभर श्रोताओं को बांधे रखा। मौके पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष जीतलाल मिस्त्री, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजू पांडेय, प्रदुम्न कुमार वर्मा, मंजीत पांडेय, कमलेश वर्मा, रंजीत सिंह गुड्डू, राहुल सिंह, संजय पांडेय, संतोष वर्मा, सुधीर वर्मा, सौरभ विश्वकर्मा, महानंद राणा, जयदेव यादव, विशाल विश्वकर्मा, राम प्रसाद वर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, अजय कुमार वर्मा, विशाल पांडेय, गोविंद उपस्थित थे। गिरिडीह | रमजान के अवसर पर शहर के रोजेदारों के लिए झामुमो जिला समिति ने शनिवार को नगर भवन, गिरिडीह में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। पार्टी में झारखंड के नगर विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी और खेलकूद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ईद मुस्लिम समुदाय का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें एक माह रोजा रखकर लोग ईश्वर से देश और समाज में अमन-शांति की कामना करते हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी रोजेदारों ने संयुक्त रूप से नमाज पढ़कर रोजा खोला और इफ्तार किया। पार्टी में झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह, महा सचिव महालाल सोरेन, अजीत कुमार पप्पू, कृष्ण मुरारी शर्मा, मो. शहनवाज अंसारी, मो. इरशाद अहमद, फरदीन अहमद, मो. चांद रशिद, मो. चामो समेत सभी जिला समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
कन्यादान योजना के तहत संस्था ने विवाह में किया सहयोग
गिरिडीह| (बुढ़ियाडीह) निवासी प्रेमदास की पुत्री मनीषा कुमारी के विवाह पर सामाजिक संस्था सुकन्या लक्ष्मी जन सहयोग फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने कन्यादान योजना के तहत शनिवार को सहयोग िदया। संस्था की ओर से विवाह सामग्री के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में एक चेक भी दिया गया। संस्था की संस्थापिका शिल्पा कुमारी ने कहा कि समाज में बेटियों को सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।
सरिया में 19 मार्च को विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारी
बड़की सरिया|आगामी 19 मार्च को सरिया प्रखंड क्षेत्र की बंधखारो पंचायत स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में सर्व हिंदू समाज की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। भाजपा नेता परमेश्वर मोदी ने बताया कि चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर इस विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत मुख्य रूप से कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा बंधखारो, कुसमाडीह, नावाडीह, कानादिह, चीरवा, कपिलो, गोविंदपुर, हाकपोक, बलियारी, करम्बा, चिचाकी, पिपराडीह, खुटा और लोवाबार सहित आसपास के गांवों का भ्रमण करेगी। हिंदू समाज के लोगों से एकजुट होकर भाग लेने की अपील की गई है, एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत किया जा सके।इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और आरएसएस के कार्यकर्ता भी शामिल रहेंगे। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
रसोई गैस के िलए महिलाएं लगा रहीं एजेंसी के चक्कर, एक ही जवाब- कल मिलेगी
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले में रसोई गैस की आपूर्ति में अनियमितता के कारण लोग परेशान हैं। झारखंड इंडेन गैस, सिहोडीह और बरमसिया गोदामों की चक्कर लगाकर भी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है। लोग सुबह 9 बजे से लेकर दो-तीन किलोमीटर दूर स्थित गोदामों पर गैस लेने के लिए टेंपो या स्कूटी से जाते हैं, लेकिन गैस नहीं मिलने पर शाम को निराश होकर घर लौटते हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। मुस्लिम महिलाएं रोजा के साथ अन्य घरेलू काम में कठिनाई महसूस कर रही हैं। शहर की मुन्नी देवी, चैताडीह की सकिना खातून और जुलैखा खातून ने बताया कि 13 मार्च को मोबाइल पर गैस मिलने का मैसेज आया, लेकिन जब वे गोदाम पहुंचीं तो संचालक ने कहा कि गैस अभी नहीं आई है और अगले दिन आएगी। 14 मार्च को भी कई उपभोक्ताओं ने सुबह गोदाम का रुख किया, लेकिन गैस गोदाम पर नहीं पहुंची। वहीं,झारखंड इंडेन गैस सिहोडीह के संचालक इंद्र नारायण वर्मा का कहना है कि एजेंसी से जुड़े 16 हजार उपभोक्ता हैं और प्रतिदिन केवल एक ट्रक गैस सिलेंडर की खपत हो रही है। गोदाम में दो दिन में एक ही ट्रक गैस सिलेंडर आती है, इसलिए वितरण में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें गैस नहीं मिलेगी, तब तक उपभोक्ताओं को वितरण करना संभव नहीं है। संचालक ने उपभोक्ताओं के आरोपों को असत्य बताया और कहा कि गोदाम में गैस उपलब्ध होते ही वितरण किया जाएगा। इस बीच जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी गोदाम का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने इंडेन गैस संचालक को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं को सरकार के निर्देशानुसार समय पर गैस वितरण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेताया कि अगर कोई एजेंसी संचालक गैस का काला बाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गिरिडीह वन क्षेत्र में पहुंची हथिनी और उसका बच्चा,धनबाद के जंगल में भेजा
भास्कर न्यूज |गिरिडीह पूर्वी वन प्रमण्डल के गिरिडीह वन प्रक्षेत्र में शुक्रवार रात डुमरी वन क्षेत्र से एक हथिनी अपने छोटे बच्चे के साथ पहुंच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत सक्रिय हो गया। पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार तिवारी के निर्देश पर रेंज ऑफिसर एसके रवि के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर घटनास्थल जान्गो गांव पर भेजा गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात स्थानीय लोगों ने हथिनी और उसके बच्चे को जंगल के पास देखा। हाथियों की मौजूदगी से जान्गो और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का आकलन करते हुए हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर ले जाने की कार्रवाई शुरू की। वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत और सतर्कता के साथ देर रात तक अभियान चलाया। विशेषज्ञ एलीफेंट ड्राइव टीम की मदद से हथिनी और उसके बच्चे को सुरक्षित रूप से धनबाद क्षेत्र के जंगल की ओर ड्राइव कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो हाथियों को कोई नुकसान पहुंचे और न ही आसपास के ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी हो। इस अभियान में एसबीओ सिकंदर पासवान और बीओ अमर विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके साथ एक्सपर्ट एलीफेंट ड्राइव टीम भी लगातार सक्रिय रही और पूरी रणनीति के साथ हाथियों को सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया गया।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड या अकेले हाथियों का एक वन क्षेत्र से दूसरे वन क्षेत्र में आना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन आबादी वाले इलाकों के पास पहुंचने पर सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। ऐसे मामलों में वन विभाग तुरंत कार्रवाई कर हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ने का प्रयास करता है। रेंज ऑफिसर एस के रवि ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं हाथियों की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें और स्वयं उनके पास जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें। समय पर सूचना मिलने से विभाग को त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा होती है और किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सकता है।
आरटीई प्रवेश 28 मार्च तक, कई लोग अनजान
संवाददाता भास्कर| पवई मध्यप्रदेश शासन ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 फीसदी सीटों पर निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की है। योजना का मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। जमीनी स्तर पर जानकारी की कमी के कारण कई पात्र परिवार इस मौके से दूर रह जाते हैं। शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए आरटीई के तहत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 13 मार्च से शुरू कर दी है। आवेदन 28 मार्च तक भरे जा सकेंगे। इसके बाद भी कई ग्रामीण इलाकों और शहरी गरीब बस्तियों में रहने वाले अभिभावकों तक प्रक्रिया की जानकारी नहीं पहुंच सकी है। आशंका है कि जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में पात्र बच्चे निजी स्कूलों में प्रवेश से वंचित रह सकते हैं। नगर के अलग-अलग वार्डों में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि शासन की कई योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। कुछ महिलाओं ने कहा कि उनके बच्चे वर्षों से निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। हर साल फीस जमा करनी पड़ती है। आरटीई में नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान है, यह बात उन्हें अब तक पता नहीं थी।
हाथी के हमले से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल,ग्रामीणों में भय
भास्कर न्यूज | बगोदर बगोदर प्रखंड के मुंडरो पंचायत अंतर्गत ग्राम गम्हरिया में शनिवार को जंगल में हाथी के हमले से रौशन मंडल (62) गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, रौशन मंडल जंगल में बकरी चराने गए थे, तभी जंगल में भटक आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने रौशन मंडल को तुरंत बगोदर ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जिप सदस्य दुर्गेश कुमार की पहल पर उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। इलाज के दौरान उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ समय से जंगल में एक बिछड़ा हुआ हाथी घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इस घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिप सदस्य दुर्गेश कुमार ने वन विभाग से अपील की है कि अविलंब कार्रवाई कर हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल क्षेत्र से हटाया जाए। उन्होंने घायल रौशन मंडल के बेहतर इलाज और वन विभाग की ओर से मुआवजे की भी मांग की है। घटना के बाद लोग सतर्क घटना ने ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ा दी है और वन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को हाथी के नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी की संभावना कम हो सके।
(रेट प्रति 10 ग्राम में, जीएसटी एक्स्ट्रा) (-730) (-800) .भजन-कीर्तन कार्यक्रम कहां: पचंबा राणी सती मंदिर , श्ाम 07 बजे से . सदर अस्पताल ओपीडी : सुबह 9.00 बजे से अपराह्न के 1.00 बजे तक डा. अरुण कुमार सिंह अपराह्न के 1.00 बजे से रात्रि के 9.00 बजे तक डॉ एहसान उत तौहीद रात्रि के 9.00 बजे से सुबह के 9.00 बजे तक डॉ एहसान उत तौहीद दिन 340 अधिकतम | रात 200 न्यूनतम तापमान में बदलाव संभव । (-3000) सरिया|सरिया स्थित हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन समेत पूरे धनबाद मंडल में शनिवार को टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। यह जानकारी धनबाद मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं वरीय जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद इकबाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। बताया िक एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों के साथ-साथ धनबाद, गोमो, चन्द्रपुरा, कोडरमा,हजारीबाग रोड, डाल्टनगंज, चोपन, बरकाकाना, सिंगरौली स्टेशनों में भी टिकट चेकिंग की गई। इस जांच अभियान के दौरान कुल 737 यात्रियों को पकड़ा गया। पकडे गए लोगों में बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्री, बिना उचित प्राधिकार के यात्रा करने वाले यात्री, बिना बुक किये गए सामान के साथ यात्रा कर रहे यात्री शामिल थे ,जिनसे 4 लाख 15 हज़ार 690 रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए व उन्हें कड़ी हिदायत दी गई । चेकिंग टीम ने स्टेशनों व विभिन्न मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों में भी अभियान चलाया। गिरिडीह|गिरिडीह जिले में विधि व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार से 32 नई बोलेरो वाहन एसपी को शनिवार को सौंपे गए। यह जानकारी सार्जेंट मेजर सन्नी कुमार ने दी। बताया कि जिले में कुल 26 थाना और 6 ओपी हैं। एसपी द्वारा जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारी को आवश्यकता अनुसार ये वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। रांची से ये 32 बोलेरो वाहन 13 मार्च की देर शाम गिरिडीह पहुंच चुके हैं। एसपी वाहन की स्थिति और जांच करने के बाद प्रत्येक थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी को वाहन वितरण का समय तय करेंगे। मेजर सन्नी कुमार ने कहा कि नए वाहनों के मिलने से जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, यह थानों के बीच गश्ती और आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाएगा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक
भास्कर न्यूज | गिरिडीह जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रामनिवास यादव ने कार्यालय में आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल संचालन को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अपडेट और अधिक सटीक बनाना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक योग्य नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जिले के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इसमें नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और मतदाता विवरण में आवश्यक संशोधन करना शामिल है। उपायुक्त ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बूथ स्तर के एजेंट को सक्रिय रखें ताकि वे मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन कर पुनरीक्षण कार्य में सहयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर हाउस नंबर आवंटित कर रहे हैं, जिससे हर घर और उसमें रहने वाले मतदाताओं की सटीक पहचान सुनिश्चित हो सके। इस प्रक्रिया से मृत, स्थानांतरित या दोहराव वाले नामों की पहचान करने में भी सुविधा होगी। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए कि बूथ स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए और नए मतदाताओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे बीएलओ का सहयोग करें और आवश्यक जानकारी प्रदान कर मतदाता सूची को सटीक बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
पवई लोक अदालत में 72 केस निपटे
भास्कर संवाददाता | पवई न्यायालय परिसर पवई में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। शुभारंभ जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोम पाण्डेय ने किया। लोक अदालत में आपसी सहमति, सुलह-समझौते से लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। पक्षकारों को जल्दी न्याय दिलाने का प्रयास रहा। न्यायधीश सोम पांडेय की अदालत में 96 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए। इनमें कुल 18 प्रकरणों का निराकरण हुआ। व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड अमित शर्मा की अदालत में 54 प्रकरण रखे गए। कुल 24 मामलों का निपटारा हुआ। व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड हिमांशी ठाकुर की अदालत में 74 प्रकरण रखे गए। इनमें 9 आपराधिक, 3 एससीएनआई, 17 एमजेसी, 1 सिविल प्रकरण रहा। कुल 30 प्रकरणों का निराकरण हुआ। पवई न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में कुल 72 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन स्तर पर भी बड़ी संख्या में प्रकरण निपटे। विद्युत विभाग के 2705 प्रकरण रखे गए। 298 मामलों का निराकरण हुआ। 31 लाख 12 हजार रुपए की विद्युत बिल राशि वसूल हुई। नगर परिषद पवई के नल-जल कनेक्शन से जुड़े 67 प्रकरण रखे गए। 22 मामलों का निराकरण हुआ। 1 लाख 83 हजार 431 रुपए की वसूली हुई। भारतीय स्टेट बैंक और मध्यांचल बैंक के 257 प्रकरण रखे गए। 22 मामलों का निराकरण हुआ। 20 लाख 70 हजार 216 रुपए की राशि वसूल की गई। आयोजन अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश नगायच, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों की मौजूदगी में हुआ।
सरकारी जमीन पर कब्जा , अवैध खनन का आरोप
भास्कर संवाददाता | छतरपुर बारीगढ़ तहसील के तहत बारीगढ़ मौजा में खसरा क्रमांक 1963 रकबा 0.445 और खसरा क्रमांक 1966 रकबा 0.780 पर जबरन कब्जा कर अवैध तरीके से मुरुम का खनन होने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता आलोक सिंह ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि इन खसरों की सरकारी जमीन पर दिग्विजय सिंह, रतन सिंह, रणमत सिंह ने अवैध कब्जा किया है। कुछ हिस्से में मकान बना दिए गए हैं। कुछ हिस्से में मुरम का अवैध खनन कर बिक्री की जा रही है। इससे लाखों रुपए की वसूली हो चुकी है। आवेदन में कहा गया है कि अवैध खनन से शासन को लाखों रुपए की आर्थिक क्षति पहुंची है। आलोक सिंह ने कलेक्टर से अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कम्प्यूटर ऑपरेटरों को वेतन नहीं मिला
छतरपुर| जिले के शिक्षा विभाग के शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में काम कर रहे कम्प्यूटर ऑपरेटरों को पिछले 8 माह से वेतन नहीं मिला है। इसी वजह से शुक्रवार को ऑपरेटर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। भुगतान की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जिले के अलग-अलग स्कूलों में डाटा एंट्री ऑपरेटर नियमित काम कर रहे हैं। इसके बाद भी 8 माह से वेतन नहीं मिला। इससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के जिला अध्यक्ष जीतू चौधरी ने कहा कि बजट उपलब्ध है। इसके बाद भी आज दिनांक तक वेतन जारी नहीं हुआ। इस मुद्दे पर कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को बताया गया। समाधान नहीं निकला। ऑपरेटरों ने मांग की कि लंबित 8 माह का वेतन जल्द जारी कराया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।
छतरपुर| पिपट थाना क्षेत्र के रगोली गांव में डिलीवरी सहायता राशि को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर बैट से हमला कर दिया। इस हमले में घायल मनोज विश्वकर्मा को गंभीर चोटें आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार को गांव के आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान मनोज अपनी पत्नी उमा विश्वकर्मा के साथ वहां मौजूद था। तभी गांव का हरि राजपूत वहां पहुंचा और डिलीवरी के रुपए को लेकर उमा से गाली-गलौज करने लगा। डिलीवरी सहायता राशि खाते में न पहुंचने की बात कहने पर विवाद बढ़ गया। जब मनोज ने बीच-बचाव किया तो आरोपी ने बैट से हमला कर दिया। जिससे उसके सिर और हाथ में चोटें आईं।
अनियंत्रित बाइक से गिरा युवक, मौत
पन्ना| शाहनगर थाना क्षेत्र के मरहा मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहनगर ले जाया गया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सर्वेश लोधी ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
झमटुली में प्रस्फुटन समितियों का क्षमतावर्धन प्रशिक्षण हुआ
भास्कर संवाददाता | झमटुली राजनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत झमटुली के पंचायत भवन में नवांकुर संस्था डुंगरिया ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के तत्वावधान में प्रस्फुटन समितियों का त्रैमासिक क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। शुरुआत मां भारती की पूजा-अर्चना के बाद दीप प्रज्वलन से की गई। पहले सत्र में परामर्शदाता जीतेन्द्र सिंह ने स्वैच्छिक संस्थाओं के गठन पर जानकारी दी। प्रबंधन के तरीके बताए। दूसरे सत्र में परामर्शदाता अनुपम गुप्ता ने ग्राम विकास की अवधारणा समझाई। ग्राम विकास के अलग-अलग चरणों पर मार्गदर्शन दिया। तीसरे सत्र में नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि मनीष खटीक ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की योजनाओं पर बात रखी। योजनाओं के उद्देश्य बताए। अल्पाहार के बाद नवांकुर प्रतिनिधि ग्यासी लाल रजक ने कार्यालयीन दस्तावेजीकरण पर प्रशिक्षण दिया। रजिस्टर संधारण की प्रक्रिया बताई। काम को व्यवस्थित तरीके से चलाने के तरीके समझाए। समापन सत्र में राजनगर विकासखंड के समन्वयक मनीष शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने प्रतिभागियों से ग्राम विकास में सक्रिय भागीदारी की बात कही। सामूहिक प्रयास बढ़ाने पर जोर दिया। “हमारा प्रयास–ग्राम का विकास” जैसे संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन डुंगरिया ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष जगन्नाथ पटेल और ब्लॉक समन्वयक मनीष शर्मा ने किया। प्रशिक्षण में अलग-अलग गांवों से आए प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने भाग लिया। ग्राम विकास से जुड़े विषयों की जानकारी ली।
ब्रिगेड सभा में जा रहे भाजपा कर्मियों के बस पर हमला, तृणमूल पर आरोप
खड़गपुर| पश्चिमी मिदनापुर के बेलदा थाने के पाटली इलाके में ब्रिगेड रैली में जा रहे भाजपा समर्थकों की एक बस पर हमला होने के बाद इलाके का माहौल उग्र हो गया। आरोप है कि इस घटना में बस की कई खिड़कियां टूट गयी। मालूम हो कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक निजी बस भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लेकर ब्रिगेड रैली के लिए निकली थी। बस अहरमुंडा इलाके की ओर जा रही थी। आरोप है कि उसी समय कुछ युवक बाइक पर आए और बस का रास्ता रोक लिया। पहले उन्होंने बस के चालक से पूछा कि बस कहाँ जा रही है। जिसके बाद बस में तोड़ फोड़ की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ने बस के शीशे तोड़ दिए ।
जीआरपी ने सोलह किलो गांजा के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
खड़गपुर| खड़गपुर रेल राजकीय पुलिस ने अभियान के दौरान एक व्यक्ति के पास से करीबन सोलह किलो गांजा बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम मामोन मियां है। वह त्रिपुरा राज्य के विशालगड़ थाना के नबीनगर इलाके का निवासी है। मालूम हो कि शालीमार रेल राजकीय पुलिस रूटीन अभियान चला रही थी, इस दौरान पुलिसकर्मियों की नजर मामोन पर पड़ी। संदिग्ध होने के संदेह में रेल राजकीय पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से करीबन सोलह किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद गांजा को जब्त करते हुए उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह दक्षिण भारत की ओर जाने के फिराक में था। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
धालभूमगढ़ में रक्तदान व यातायात जागरूकता शिविर का आयोजन आज
धालभूमगढ़| धालभूमगढ़ के रघुनाथडीह स्थित जूनबनी पंचायत भवन में 15 मार्च को युवा रक्तदान वीर समिति और कुड़मी संस्कृति विकास समिति की ओर से रक्तदान एवं यातायात जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर को सफल बनाने के लिए आयोजक समिति द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। आयोजकों ने हरिनधुकड़ी, बागुला, खुलीडीह, रघुनाथडीह, तेंतुलडांगा सहित अन्य गांवों में घूम-घूम कर लोगों को रक्तदान के महत्व और यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों को शिविर में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिविर की तैयारियों और जागरूकता अभियान में समिति के कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल हैं। इस अवसर पर स्वपन कुमार महतो, ओमप्रकाश मुण्डा, शिवराज महतो, आशीष शिकदार, अभिषेक गाएन, राजा मंडल, विशाल विश्वास, गोलोक मंडल, शक्ति सरकार, दीपा दास और रंजन मंडल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। आयोजक समिति ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में उपस्थित होकर रक्तदान करें और यातायात नियमों का पालन करने की शिक्षा ग्रहण करें, ताकि समाज में स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
माहवारी पर स्वच्छता कार्यशाला हुई
धालभूमगढ़ । धालभूमगढ़ नरसिंहगढ़ स्थित जीएनएम हॉस्टल में स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ की ओर से स्वास्थ्य माहवारी के दौरान स्वच्छता को लेकर स्वास्थ्य सहियाओं के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी बबली कुमारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोपीनाथ माहली ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर किया। इस अवसर पर माहवारी के दौरान स्वच्छता और पौष्टिक आहार को लेकर विशेष जानकारी चलचित्र के माध्यम से दी गई। कार्यशाला में प्रखंड लेखा प्रबंधक गोपी नाथ दास, चुना राम मान्ना, अमिता माहली, सोनली मंडल, प्रियंका महतो, पिंकी गोप, कल्पना महतो और अनीता पाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

