गणपति दर्शन के बाद सलमान खान ने बच्चे से मिलाया हाथ, फुटेज में देंखे बॉडीगार्ड से गलती से लगा था धक्का
नए संभागायुक्त दिलीप कुमार ने शुक्रवार को अपने पन्ना दौरे के दौरान केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापित गांव पटी बजरिया का दौरा किया। ग्राम पंचायत कृष्णा कल्याणपुर के तहत बसे इस गांव में फिलहाल 52 परिवार रह रहे हैं। कमिश्नर ने गांव में घर-घर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से सीधी बात की और उनके पुनर्वास व व्यवस्थापन से जुड़ी समस्याओं को सुना। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बची हुई मुआवजा राशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर हर हाल में कर दिया जाएगा। दो दिन में लगेगा कैंप कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2024 की कट-ऑफ डेट के अनुसार जिन परिवारों के सदस्य 18 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं या जिनका भुगतान बाकी है, उन्हें राशि बांटने के लिए दो दिनों के भीतर गांव में ही विशेष कैंप लगाया जाए। उन्होंने तहसीलदार को बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं को तुरंत सुलझाने और जन्म रजिस्टर में दर्ज जानकारी के आधार पर जरूरी कार्रवाई करने को भी कहा। इन विभागों के अधिकारी भेजने के निर्देश विस्थापितों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संभागायुक्त ने पशुपालन, डेयरी विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों को गांव भेजने के निर्देश दिए। इन अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने वाली योजनाएं तैयार करने को कहा गया है। कमिश्नर ने ग्रामीणों को मौजूदा हालात में डेयरी और पशुपालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। दौरे के दौरान कमिश्नर ने विस्थापितों के बन रहे मकानों, सड़क, बिजली, स्कूल, आंगनवाड़ी और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और पटवारी से काम की प्रगति की जानकारी ली। ग्रामीणों से बातचीत में उन्होंने शादी के बाद पत्नी के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवाने, सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाने और किसी के बहकावे में न आकर पैसे बचाने की सलाह दी। ये भी रहे मौजूद इस अवसर पर पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी, तहसीलदार अखिलेश प्रजापति और जनपद पंचायत सीईओ जयशंकर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
फलोदी नगरपरिषद के सभापति पद के लिए अब भाजपा से मेघराज कल्ला, कांग्रेस से श्रीकांता व्यास और निर्दलीय पन्नालाल व्यास मैदान में है। वहीं कांग्रेस के अशोक व्यास और भाजपा के बागी जेपी जोशी ने अपना नाम वापस ले लिया है। जेपी जोशी के नामांकन वापसी के दौरान उनके साथ भाजपा नेता ओम बोहरा, डॉ. माधुसिंह देवड़ा, गजेंद्र जोशी और सुनील व्यास मौजूद थे। नवनिर्वाचित बोर्ड में भाजपा के 20, कांग्रेस के 13 और 7 निर्दलीय पार्षद हैं। निर्दलीय प्रत्याशी पन्नालाल व्यास के बेटे अजय व्यास भी वार्ड 3 से निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं।
हरबंश मोहाल थानाक्षेत्र में सवारी बनकर ऑटो में बैठे चोर ने बुजुर्ग किराना व्यापारी की जेब से 50 हजार रुपए पार कर दिए। ऑटो से उतरने पर व्यापारी को शक हुआ तो उन्होंने चोर को पकड़ लिया, जिसपर आरोपी दिनदहाड़े सुतरखाना चौकी से महज 50 कदम की दूरी पर व्यापारी को धक्का देकर भाग निकला। घटना की जानकारी पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक व्यापारियों के साथ चौकी पहुंचे। हरकत में आई पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आसपास लगे सीसीटीवी खंगालने शुरू किए। टाटमिल से नयागंज जा रहे थे बुजुर्ग व्यापारी हमीरपुर के छानी गांव निवासी पुरुषोत्तम दास शिवहरे (60) किराना व्यापारी है। पुरुषोत्तम ने बताया कि शुक्रवार को वह व्यापार के सिलसिले में एक लाख रुपए लेकर कानपुर आए थे। टाटमिल पर बस से उतरने के बाद वह नयागंज जाने के लिए ऑटो की पिछली सीट में बैठे, जिसमें एक सवारी बैठी हुई थी। इसके बाद उनके बगल में एक अन्य युवक आकर बैठ गया। वह घंटाघर चौराहे पर बनी सुतरखाना चौकी से 50 कदम पहले उतरे, तो एक जेब में रखे 50 हजार रुपए गायब मिले। खंगालने पर जेब कटी मिली, शक होने पर उन्होंने बगल में बैठे युवक का हाथ पकड़ा, तो वह ऑटो से धक्का देकर टाटमिल पुल की तरफ भाग निकला। पीड़ित ने मामले की जानकारी भाजपा कानपुर–बुंदेलखंड व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक विनोद गुप्ता को दी। जिस पर वह पीड़ित किराना व्यापारी के साथ सुतरखाना चौकी पहुंचे। थाना प्रभारी बोले- CCTV कैमरों की जांच की जा रही है घटना की जानकारी पर चौकी प्रभारी विनीत त्यागी ने पीड़ित के साथ घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि किराना व्यापारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, सीसीटीवी कैमरों की जांच कर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को एक उचित मंच प्रदान करने और उन्हें निखारने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर के ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर 'उमंग—एक पहचान' प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन और बीएसए के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रतियोगिता की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी गतिविधियां कड़ी निगरानी और वीडियोग्राफी के बीच संपन्न कराई गईं। बीएसए ने इस पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की। बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाना है लक्ष्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएसए नवीन कुमार ने कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और परिषदीय स्कूलों के बच्चों में रचनात्मक प्रतिभा का विकास करना है। वहीं, बीईओ दिलीप कुमार ने जोर देते हुए कहा कि 'उमंग—एक पहचान' कार्यक्रम का एकमात्र लक्ष्य उन बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाना है, जिन्हें अक्सर सही अवसर नहीं मिल पाता। विजेताओं का सम्मान और शायराना संचालन कार्यक्रम का शानदार संचालन कर रहे शायर व शिक्षक डॉ. हिलाल बदायूँनी ने अपनी शायरी— यही जुनून यही एक ख़्वाब मेरा है, वहीं चराग़ जला दूँ जहां अंधेरा है... पढ़कर उपस्थित सभी लोगों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देने के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। इस सफल आयोजन में विनेश मिश्रा, धीरज कुमार, इंद्रेश कुमार, एआरपी डॉ. हिलाल अहमद, राजेन्द्र कुमार शर्मा, अनुप कुमार शर्मा उपस्थित रहे। नोडल टीम में अवनीश कुमार, मोहित मिश्रा, मनोज कुमार सहित निर्णायक मंडल के अमित गुप्ता, प्रियंका सिंह, प्रवीण गुप्ता, पूजा, शिवानी व रंगोली टीम की नीरज, रश्मि, निधि और कार्यालय स्टाफ के सुमित पटेल, नरेश, राजेश आदि का विशेष सहयोग रहा।
खोंगसरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत वनग्रामों में सड़क निर्माण का काम कर रहे एक ठेकेदार से 10 हजार रुपए बकाया को लेकर मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार को जबरन एक ढाबे में बैठाकर रखा गया। ठेकेदार ने पहले बेलगहना चौकी में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बिलासपुर पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। ठेकेदार के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को वह खोंगसरा जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में राजकुमार केशरवानी उर्फ मोनू ने उन्हें रोक लिया। बताया गया है कि ठेकेदार पर आरोपी के 10 हजार रुपए बकाया थे। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद मोनू ने ठेकेदार के साथ मारपीट की और उनकी मर्जी के बिना उन्हें ढाबे में बैठाकर रखा। शिकायत में ठेकेदार ने बताया कि आरोपी ने उन्हें दोबारा खोंगसरा आने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी के भाई मोहन केशरवानी पर भी फोन पर धमकी देने का आरोप है। इस मामले में 17 सितंबर को बेलगहना चौकी में शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 296, 351(3), 115(2) और 127(2) के तहत मामला दर्ज किया है। ठेकेदार का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद भी उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इससे उन्हें और उनके साथ काम करने वाले लोगों को सुरक्षा की चिंता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी पहले अमरकंटक और छत्तीसगढ़ में कुछ आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हालांकि, इन पुराने मामलों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी फिलहाल आमागोहन में ढाबा चलाता है। ठेकेदार ने कहा कि इस घटना से सरकारी सड़क निर्माण का काम प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बिलासपुर SP और SDOP कोटा से सुरक्षा देने और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिवार ने पड़ोसियों पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दो दिन पहले हुई मारपीट के कारण युवक की जान गई। हुसैनपुर नौखंडा के मजरा लंगड़पुरा निवासी 30 वर्षीय संदीप की शुक्रवार को मौत हुई। परिवार के लोग उसे गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर आए थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी प्रीति ने लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में बताया कि दो दिन पहले संदीप टहलने गए थे। इस दौरान एक कुत्ता उन पर भौंकने लगा और काटने दौड़ा। संदीप ने कुत्ते को दो लकड़ी मार दी थी। इसके बाद पड़ोस के कुछ लोगों ने संदीप के साथ मारपीट की थी। प्रीति का आरोप है कि इसी मारपीट के कारण संदीप की हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि जिस कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था, उसने युवक को काटा भी था। जांच की जा रही है।
भिंड के उमरी थाना क्षेत्र के पांडरी गांव में गुरुवार शाम भैंस को क्वारी नदी से निकालने के दौरान 35 वर्षीय युवक तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद से युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। सूचना पर पुलिस और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभालते हुए करीब 5 किलोमीटर नदी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भैंस को बचाने नदी में उतरा था युवक जानकारी के मुताबिक अक्षय प्रताप सिंह उर्फ महुआ पुत्र इंद्रजीत सिंह राजावत गुरुवार को गांव से भैंसों को चराने खेतों की ओर ले गए थे। शाम को भैंसों को लेकर वापस लौटते समय एक भैंस क्वारी नदी में चली गई और तेज बहाव में बहने लगी। भैंस को बचाने के लिए अक्षय प्रताप सिंह भी नदी में उतर गए। इसी दौरान वह नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए और बहते हुए गहरे पानी में चले गए। मौके पर मौजूद चरवाहों और ग्रामीणों के मुताबिक युवक कुछ दूरी तक पानी में बहता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद वह पानी में डूब गया और उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस और ग्रामीणों ने शुरू की तलाश घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण नदी किनारे एकत्रित हो गए और अपने स्तर पर युवक की तलाश शुरू की। बाद में उमरी थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने गुरुवार शाम करीब दो घंटे तक नदी में युवक की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। 5 किलोमीटर क्षेत्र में एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम करीब 5 किलोमीटर के नदी क्षेत्र में पानी के अंदर और नदी के किनारों पर युवक की तलाश कर रही है। नदी में तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू टीम को दिक्कत आ रही है। इसके बावजूद टीम लगातार युवक की खोज में जुटी हुई है। फिलहाल अक्षय प्रताप सिंह उर्फ महुआ का कोई सुराग नहीं मिला है। परिजन और ग्रामीण नदी किनारे मौजूद हैं और युवक के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। थाना प्रभारी बोले- लगातार तलाश जारी उमरी थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि युवक की तलाश कराई जा रही है। एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। युवक के संबंध में कोई जानकारी मिलते ही अवगत कराया जाएगा।
नीमच के डॉ. हेडगेवार बस स्टैंड के पीछे यात्री बसों में कृषि उपज की लोडिंग का मामला सामने आया है। हाल ही में जय श्री गणेश ट्रेवल्स की बस में बड़ी मात्रा में धनिया लोड मिला। आरोप है कि बसों में यात्री सामान की जगह कृषि उपज ढोई जा रही है। डिक्की से सीटों के नीचे तक बोरियां बस संचालकों पर आरोप है कि राजस्थान में बसों की छत पर सामान ले जाने पर रोक के बाद अब डिक्की और यात्रियों की सीटों के नीचे कृषि उपज की बोरियां रखी जा रही हैं। इनमें धनिया, मैथी, अजवाइन और जीरा शामिल हैं। लंबी दूरी की बसों में कई बार यात्रियों के साथ बड़ी मात्रा में कृषि उपज भी ले जाई जा रही है। मंडी शुल्क और माल भाड़े से बचने का आरोप आरोप है कि कृषि उपज को यात्री बसों से ले जाने का मकसद मंडी शुल्क और कमर्शियल माल भाड़े से बचना है। ज्यादा वजन होने से बस के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। जय श्री गणेश के अलावा गायत्री और अजय ट्रेवल्स की बसों में भी इस तरह कृषि उपज ले जाने की बात सामने आई है। RTO से संपर्क की कोशिश, जवाब नहीं मिला मामले में परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। पहले कार्रवाई होने के बावजूद बसों में कृषि उपज की लोडिंग जारी रहने का आरोप है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नंदलाल गमण से मामले और कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बरेली। राष्ट्रीय हिंदी दिवस के मौके पर हुई अंतर-महाविद्यालयी प्रतियोगिताओं में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के चारों नामित प्रतिभागियों ने पुरस्कार जीते। खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, बरेली में 18 सितंबर को भाषण और सुविचार लेखन प्रतियोगिताएं हुईं। भाषण प्रतियोगिता में लवी सिंह ने पहला और अभय सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया। सुविचार लेखन प्रतियोगिता में श्रद्धा शर्मा दूसरे और सुनैना सक्सेना तीसरे नंबर पर रहीं। इस तरह सांस्कृतिक केंद्र से भेजे गए सभी चार छात्रों ने पुरस्कार जीते। भाषण प्रतियोगिता का विषय 'अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिंदी: चुनौतियां और समाधान' था। छात्रों ने हिंदी की वैश्विक स्थिति, उसकी संभावनाओं और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। सुविचार लेखन प्रतियोगिता में छात्रों को अपनी पसंद के विषय पर रचनात्मक सुविचार लिखने थे। चारों छात्रों ने अपनी अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और मौलिक सोच का परिचय दिया। कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियों में छात्रों की लगातार सफलताएं विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र छात्रों को अपनी प्रतिभा और कौशल निखारने के लिए लगातार मौके दे रहा है। सांस्कृतिक केंद्र की समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि चार छात्रों को प्रतियोगिताओं के लिए भेजा गया था और सभी ने पुरस्कार जीते। इस उपलब्धि पर कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, डॉ. इंद्रप्रीत कौर, डॉ. रीना पंत, तपन वर्मा, कल्चरल क्लब के सदस्यों के साथ-साथ शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने विजेताओं को बधाई दी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए खेड़ा ने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें हमेशा शांति और संतुष्टि मिलती है। उन्होंने प्रदेश और देश की उन्नति के साथ समाज में शांति की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उज्जैन में हुए दीपोत्सव को लेकर पवन खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं और कांग्रेस इन मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली बातों पर ध्यान नहीं देगी। खेड़ा ने बिहार में बाढ़, दिल्ली में बच्चों की मौत और उज्जैन में दीपोत्सव के दौरान घायल हुए बच्चे का जिक्र किया। उन्होंने जन्मदिन के आयोजन पर करोड़ों रुपए खर्च करने पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा नहीं लगा। उज्जैन में चल रही युवा धर्म संसद और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी को लेकर खेड़ा ने संघ की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धर्म को समझने के लिए वे शंकराचार्य की शरण में जाते हैं। खेड़ा ने आरएसएस पर हिंदू धर्म का स्वयंभू ठेकेदार बनने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के उज्जैन दौरे से जुड़े सवाल पर खेड़ा ने बताया कि फिलहाल उन्हें उनके कार्यक्रम की जानकारी नहीं है।
दो युवाओं को 9-9 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र:दतिया में जनकल्याण शिविर में कलेक्टर ने सुनी समस्याएं
दतिया में सेवा से संकल्प और मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को थरेट में लगाए गए जनकल्याण शिविर में 100 से ज्यादा आवेदन पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों का नियमानुसार जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शिविर के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थरेट का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं, दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं बेहतर करने के साथ नर्स की पदस्थापना के लिए सीएमएचओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दो युवाओं को 9-9 लाख के ऋण स्वीकृति पत्रशिविर में आयोजित उद्यम संवाद के दौरान कलेक्टर ने स्वरोजगार के लिए आकाश शिवहरे और मुकेश चौरसिया को 9-9 लाख रुपए के ऋण स्वीकृति पत्र दिए। दोनों हितग्राहियों ने योजनाओं से मिले लाभ के अनुभव साझा किए और ग्रामीणों से स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनने की अपील की। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। ग्रामीणों को योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देने के साथ उनके आवेदन भी लिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्र की संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। नवरात्र और दिवाली मेले की तैयारियों पर कलेक्टर का फोकसकलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री जन अभियान के तहत खैरागढ़ में जनसुनवाई की गई। इसके बाद महारतनगढ़ माता मंदिर के पास सभी जिला अधिकारियों और सेवड़ा क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में आने वाले नवरात्र और दिवाली पर्व पर लगने वाले मेले की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर रहेगा, ताकि उन्हें आसानी से दर्शन हों और वे सुरक्षित घर लौट सकें।
गाजियाबाद में कांग्रेस ने ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) के विरोध में प्रदर्शन किया। शुक्रवार को जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने गाजियाबाद सांसद अतुल गर्ग के आवास पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रतीकात्मक 'रिटर्न गिफ्ट' सौंपा। इसमें पूजा सामग्री और फल शामिल थे। जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा और महानगर अध्यक्ष वीर सिंह जाटव के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सांसद के आवास पर पहुंचा। उन्होंने करीब ₹2,000 से अधिक मूल्य की पूजा सामग्री और फल सांसद के जरिए प्रधानमंत्री तक भेजे। सांसद अतुल गर्ग की ओर से सुनील ने यह सामग्री कांग्रेस नेताओं से ली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार यूपीआई भुगतान को बढ़ावा दे रही है, लेकिन व्यापारियों पर अतिरिक्त भुगतान-प्रसंस्करण लागत का प्रस्ताव चिंताजनक है। उनका कहना था कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त शुल्क उनके सीमित मुनाफे पर असर डाल सकता है। जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि दीपावली, दशहरा और नवरात्र जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत व्यापारियों की परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने सरकार से व्यापारियों की आपत्तियों और लागत से जुड़ी चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। महानगर अध्यक्ष वीर सिंह जाटव ने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों के बीच यूपीआई भुगतान की लागत और व्यापारिक मार्जिन से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को व्यापारियों से बात करके ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था भी मजबूत रहे और कारोबारियों पर अतिरिक्त दबाव भी न पड़े। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था पर आपत्तियां जताई हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, नया एमडीआर ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना है। इसमें ₹2,000 तक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन और कुछ छोटे व्यापारियों की श्रेणियों को बाहर रखा जाएगा।
गाजीपुर में शुक्रवार शाम करीब 4:45 बजे जर्जर मकान का बारजा टूटने से करीब 40 वर्षीय सायरा बानो की मौत हो गई। वह मकान की ऊपरी मंजिल पर कपड़े डालने गई थीं। कपड़े डालने के बाद पुराने बारजे पर स्टूल लेकर बैठीं, तभी अचानक बारजा टूट गया और वह करीब दो मंजिल की ऊंचाई से नीचे जा गिरीं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मछली बाजार स्थित गुदड़ी का है। कपड़े डालने के बाद बारजे पर बैठीं थीं जानकारी के अनुसार, सायरा बानो घर की ऊपरी मंजिल पर कपड़े डालने गई थीं। इसके बाद वह स्टूल लेकर जर्जर बारजे पर बैठ गईं। इसी दौरान बारजा अचानक टूट गया और वह नीचे गिर गईं। बारजा टूटने और महिला के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। सऊदी अरब में रहते हैं पति सायरा बानो के पति सऊदी अरब में रहते हैं। वह अपने तीन बच्चों—7 वर्षीय बेलाल खान, 6 वर्षीय साइस्ता परवीन और 3 वर्षीय इल्मा परवीन के साथ घर पर रहती थीं। वह गृहिणी थीं। तीनों बच्चे मदरसा दिनिया में पढ़ते हैं। मां की अचानक मौत से बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मोहल्ले के लोग भी घटना से दुखी हैं। जर्जर मकानों की सुरक्षा पर उठे सवाल मछली बाजार की गुदड़ी में पुराने और जर्जर मकान के बारजे के टूटने से हुए हादसे ने कमजोर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने मकानों के जर्जर हिस्सों की समय पर मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
मुजफ्फरनगर कचहरी परिसर में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे महज 500 रुपये के लेनदेन को लेकर रिश्ते के चाचा-भतीजे के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों के बीच काफी देर तक हाथापाई होती रही और लात-घूंसे चलते रहे। इस दौरान युवक के कपड़े तक फट गए। मौके पर मौजूद लोगों और वकीलों ने दोनों को अलग कराने की कई कोशिशें कीं, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर हमलावर रहे। मारपीट का VIDEO भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि युवक पिछले काफी समय से कचहरी परिसर में चश्मे और गॉगल्स बेचने का काम करता है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे उसके परिवार में रिश्ते में चाचा लगने वाला करीब 65 वर्षीय व्यक्ति कचहरी पहुंचा। युवक की नजर उस पर पड़ी तो उसने उधार दिए गए 500 रुपये वापस मांगे। उधार दिए पैसे मांगने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते गाली-गलौज होने लगी और बुजुर्ग ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद युवक भी आपा खो बैठा और उसने बुजुर्ग पर पलटवार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच कचहरी परिसर में जमकर हाथापाई हुई। दोनों एक-दूसरे के कपड़े खींचते और मारपीट करते रहे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया गया। घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर मौजूद वकीलों और अन्य लोगों ने दोनों को अलग कराने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद दोनों को अलग किया गया और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया। घटना के दौरान किसी पक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई की गई या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
बुरहानपुर में 13 दिन से लापता मजदूर की तलाश:डैम में शव की सूचना पर 3 दिन से SDRF सर्च ऑपरेशन
बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र के नागझिरी गांव का 22 वर्षीय मजदूर माल सिंह 13 दिन से लापता है। आमगांव के नांदुरा डैम में शव होने की सूचना के बाद SDRF की टीम पिछले तीन दिनों से उसकी तलाश कर रही है। अब तक टीम को सफलता नहीं मिली है। माल सिंह 6 सितंबर की शाम करीब 4 बजे बाइक से घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसके पास मोबाइल भी था, लेकिन फोन बंद आ रहा था। परिवार ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां भी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। भाई ने अपहरण की आशंका जताई थी माल सिंह के छोटे भाई दल सिंह ने खकनार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसका बड़ा भाई बिना बताए घर से चला गया और काफी तलाश के बाद भी नहीं मिला। दल सिंह ने आशंका जताई थी कि कोई व्यक्ति माल सिंह को बहला-फुसलाकर ले गया और किसी जगह छिपाकर रखा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 6 सितंबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों से पूछताछ भी शुरू की थी। शव मिलने तक पहचान नहीं होगी खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि तीन दिन पहले नांदुरा डैम में शव होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SDRF की टीम लगातार तलाश कर रही है। मौके पर SDM, तहसीलदार और जल संसाधन विभाग के कर्मचारी भी मौजूद हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि जब तक शव नहीं मिलता और उसकी पहचान नहीं होती, तब तक यह नहीं कहा जा सकता कि डैम में मिला शव माल सिंह का ही है। शव मिलने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
गोंडा में बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशासनिक मनमानी और नियमों की अनदेखी का एक अजीब मामला सामने आया है। विकास खंड झंझरी के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने एफएलएन (निपुण भारत मिशन) शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण खुद करने या किसी योग्य अधिकारी से कराने के बजाय ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) के संविदा सहायक लेखाकार मनीष कुमार शुक्ला से कराया। यह निरीक्षण 16 सितंबर को सुबह 10:30 बजे किया गया। इतना ही नहीं इस निरीक्षण के आधार पर अनुपस्थित पाए गए 6 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया है। दो दिन बाद आज शुक्रवार शाम 5 बजे यह पत्र सामने आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह ने पूरे मामले में खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय झंझरी, गोंडा द्वारा जारी पत्र से यह मामला उजागर हुआ है। पत्र में साफ लिखा है कि खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर 16 सितंबर को सुबह 10:30 बजे सहायक लेखाकार ने नगर स्थित जिगर मेमोरियल इंटर कॉलेज में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। शिक्षा अधिकारी को खुद निरीक्षण करना चाहिए था सहायक लेखाकार की इस अचानक जांच के दौरान प्रशिक्षण से 6 शिक्षक अनुपस्थित मिले। इनमें प्राथमिक विद्यालय पूरे शिवा बख्तावर से हरेंद्र सिंह, प्राथमिक विद्यालय माधवपुर राय से रमा, प्राथमिक विद्यालय मोकलपुर से रंजन सिंह, प्राथमिक विद्यालय झंझरी से प्रतिभा सिंह, प्राथमिक विद्यालय मांदें से रमा शुक्ला और प्राथमिक विद्यालय कुंदरूखा से कमलेश यादव शामिल हैं। बीईओ कार्यालय ने इन सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। यह पत्र सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से शुक्रवार शाम 5 बजे बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि यह लापरवाही है और खंड शिक्षा अधिकारी को खुद निरीक्षण करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को खुद अपना काम करना है किसी कर्मचारी से अगर काम करवा रहे हैं तो गलत है स्पष्टीकरण मिलने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियम यही है कि खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं निरीक्षण करेंगे उसकी रिपोर्ट देंगे कोई कर्मचारी नहीं करेगा।
जयपुर में पुरोहितजी का कटला में आग लगने के बाद दूसरे दिन भी बाजार बंद रहे। कटला के सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को भीषण अग्निकांड में 25 दुकानों में सामान राख हो गया था। इसके बाद मणिहारों का कटला और पुरोहित जी का कटला में शुक्रवार को बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। अग्निकांड से प्रभावित व्यापारी दुकानों के बाहर मायूस खड़े नजर आए। आग में लाखों-करोड़ों रुपए के माल के नुकसान के बाद व्यापारी अब प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं व्यापारियों का हाल जानने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शुक्रवार को सेठी कॉम्प्लेक्स पहुंचे। गहलोत ने व्यापारियों से आग लगने की घटना और नुकसान की जानकारी ली। इस पर पीड़ित व्यापारियों ने गहलोत को परेशानी बताई। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा- व्यापारियों ने घटना में नगर निगम की कमी की बात बताई है। नगर निगम की जिम्मेदारी होती है कि बाजारों और बिल्डिगों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच हो। सरकार बदलने के बाद भी यह देखना जरूरी है कि फायर सेफ्टी के इंतजाम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। गहलोत ने कहा- सरकार की ओर से किसी मंत्री को यहां आकर प्रभावित व्यापारियों की पीड़ा सुननी चाहिए। वहीं गहलोत ने निकाय चुनाव परिणाम के बाद आरोप लगाया कि भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए निकाय बोर्ड बनाने का प्रयास कर रही है। गहलोत बोले- चालू नहीं था फायर फाइटिंग सिस्टम अशोक गहलोत ने कहा- बाजार में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम चालू नहीं था। यही सबसे बड़ी कमी रही। उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए समय पर पहुंची SDRF और फायर ब्रिगेड टीम की तारीफ की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- किसी भी बिल्डिंग या बाजार को फायर सिस्टम की जांच-पड़ताल के बाद NOC जारी की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया- कई बार राजनीतिक दबाव में भी NOC जारी कर दी जाती है। उन्होंने कहा- संबंधित विभाग को मामले में निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। गहलोत ने कहा- मुझे बताया कि पास ही एक बिल्डिंग में कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव के जरिए NOC दिलवाई गई। उन्होंने सरकार से मांग की कि जहां भी दबाव में NOC जारी किए जाने की शिकायतें हैं, उनकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। बोले- बाजार खुला होता तो हो सकती थी बड़ी जनहानि गहलोत ने कहा- जिस समय आग लगी, उस समय बाजार बंद था। अगर बाजार खुला होता तो आग की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आ सकते थे। घटना और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने कहा- सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच करानी चाहिए। 'सरकार के प्रतिनिधि को व्यापारियों के बीच पहुंचना चाहिए' गहलोत ने कहा- मुझे बताया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अभी तक सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अब हरकत में आएगी और सरकार का कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत करेगा। उन्होंने कहा- प्रभावित व्यापारियों को मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाकर भी उनकी समस्याएं सुनी जानी चाहिए। यह देखा जाना चाहिए कि सरकार उनकी किस तरह मदद कर सकती है। गहलोत ने कहा- व्यापारी सरकार को टैक्स देते हैं। बीमा कंपनियां कितना भुगतान करेंगी, यह अलग विषय है। सरकार को यह देखना चाहिए कि प्रभावित व्यापारियों को किस तरह सहायता दी जा सकती है। निकाय चुनाव के बाद भाजपा पर लगाए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप गहलोत ने निकाय चुनाव परिणाम में भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने जोधपुर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के सात पार्षदों को हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए भाजपा का पार्षद बना दिया गया। उन्होंने कहा कि बीकानेर में भी जहां कांग्रेस की मेजॉरिटी है, वहां से इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। गहलोत ने कहा- ऐसी गतिविधियां लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। यदि यही परंपरा बनी रही तो लोकतंत्र कैसे कायम रहेगा। SIR और वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोपों का किया जिक्र अशोक गहलोत ने राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे SIR और 'वोट चोरी' के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा- बड़ी संख्या में वहां सही वोटों को काटे जाने की बात सामने आई है। गहलोत ने कहा- जिस तरह भाजपा काम कर रही है, उसे नकारना आवश्यक है। भाजपा ने अपने फायदे के लिए किया परिसीमन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने फायदे के लिए परिसीमन किया है। उन्होंने कहा- देश को किस दिशा में ले जाया जा रहा है। इस पर सभी को चिंता करनी चाहिए और नई पीढ़ी को भी इस बारे में सोचना चाहिए। कम बारिश पर सरकार को रोजगार और पानी की व्यवस्था की नसीहत कम बारिश के मुद्दे पर गहलोत ने कहा- राजस्थान में पहले भी अकाल पड़ते रहे हैं। ऐसे समय में मनरेगा जैसी योजनाओं ने लोगों को रोजगार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मनरेगा का काम खत्म कर दिया गया है। गहलोत ने कहा- कई क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या है और पशुओं के लिए भी चारे का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि रोजगार, पीने के पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था समय रहते की जानी चाहिए, वरना हालात गंभीर हो सकते हैं। इस मौके पर कांग्रेस विधायक रफीक खान, कांग्रेस जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा भी मौजूद रहे। ये खबरें भी पढ़ें... दिवाली से पहले आग ने बुझाई कारोबारियों की उम्मीदें:नुकसान से व्यापारियों पर संकट; आग बुझाने में पुलिस-दमकलकर्मियों ने जोखिम में डाली जान जयपुर में सेठी कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग ने कई व्यापारियों की आगामी दिवाली की तैयारियों को राख कर दिया। व्यापारियों ने दिवाली के सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद में लाखों रुपए का माल जमा कर लिया था। उनकी आंखों के सामने वही माल आग की लपटों में जलता रहा। (पूरी खबर पढ़ें)जयपुर में 3 मंजिला बिल्डिंग में आग, 25 दुकानें जलीं:धुएं का गुबार छाया, साढ़े 7 घंटे में पाया काबू; अंदर रखे थे 5 सिलेंडर जयपुर में त्रिपोलिया बाजार के मणिहारों का कटला में 3 मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। धीरे-धीरे 25 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। (पूरी खबर पढ़ें)
महराजगंज में शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी पहली बार पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और प्रोटोकॉल की सभी तैयारियां पूरी की गई थीं। न्यायमूर्ति के जनपद पहुंचने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद पुलिस बल ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी। डीएम-एसपी ने फूल भेंट कर किया स्वागत न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी के महराजगंज पहुंचने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उनका स्वागत किया। दोनों अधिकारियों ने फूल भेंट कर न्यायमूर्ति के जिले में पहली बार आगमन पर खुशी जताई। इस दौरान प्रशासन की ओर से स्वागत की औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस बल ने दी गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी स्वागत के बाद प्रोटोकॉल के तहत पुलिस बल की ओर से न्यायमूर्ति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार पुलिसकर्मियों ने सम्मान में सलामी दी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी का स्वागत किया और उनके आगमन से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित जरूरी तैयारियां भी पूरी रखी गई थीं। पहले आगमन को लेकर दिखा उत्साह न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी के महराजगंज में पहली बार आगमन को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में उत्साह दिखाई दिया। अधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए जिले में उनके आगमन को लेकर खुशी जताई। पूरे कार्यक्रम के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया। जिले की व्यवस्था की दी गई जानकारी स्वागत के दौरान अधिकारियों ने न्यायमूर्ति को महराजगंज की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में जिले की व्यवस्थाओं से जुड़े बिंदुओं पर औपचारिक जानकारी साझा की गई। सुरक्षा और प्रोटोकॉल की पूरी व्यवस्था न्यायमूर्ति के आगमन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी की गईं। न्यायमूर्ति के वापस रवाना होने तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी व्यवस्थाओं को लेकर सक्रिय रहे।
हरदा में जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार को ग्राम कड़ोला उबारी में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में मौजूद छात्रों और शिक्षकों से बात की। पढ़ाई और बाकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही जरूरी निर्देश भी दिए। ग्रामीणों से बात करने पर आधार कार्ड से जुड़ी शिकायतें मिलीं। इस पर कलेक्टर ने गांव में आधार शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्वामित्व योजना के शिविरों के बारे में ग्रामीणों को बताने और इसका खूब प्रचार करने को भी कहा। आंगनबाड़ी में पोषण आहार व्यवस्था देखीकलेक्टर ने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पोषण आहार और उसके वितरण की व्यवस्था देखी। उन्होंने जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को जिले की सभी आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण की व्यवस्था पर रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद कलेक्टर ने गांव की उचित मूल्य दुकान का जायजा लिया। उन्होंने दुकान में राशन की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और ग्राहकों को अनाज मिलने की जानकारी ली। राशन वितरण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर सेल्समैन को हटाने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने ग्राम मसनगांव में भी एक उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। शिविर में मिले 310 आवेदनसेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का क्लस्टर स्तरीय संवाद शिविर शुक्रवार को हरदा विकासखंड के ग्राम मसनगांव में आयोजित हुआ। इस शिविर में अलग-अलग योजनाओं के तहत लोगों को लाभ दिए गए। साथ ही आम लोगों की समस्याओं का समाधान भी किया गया। शिविर में कुल 310 आवेदन मिले हैं, जिनका तय समय में समाधान किया जा रहा है। ये अधिकारी रहे मौजूदइस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शनसिंह गेहलोत, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, एसपी शशांक, डीएफओ ज्योति मुड़िया, अपर कलेक्टर अनुपमा चौहान, एएसपी अमित मिश्रा और जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण इवने मौजूद थे। इनके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई विभागों के अधिकारी भी वहां उपस्थित थे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष गेहलोत ने कहा कि हमारी जिंदगी से जुड़ी सभी समस्याएं किसी न किसी विभाग से जुड़ी होती हैं। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत लगे शिविरों में नागरिकों की समस्याओं को हल किया जा रहा है। साथ ही योग्य लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा भी मिल रहा है। उन्होंने आम लोगों से इस अभियान का लाभ उठाने की अपील की।
सीतापुर में आजाद-समाज-पार्टी के राष्ट्रीय-अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद मिश्रिख विधानसभा में शुक्रवार दोपहर 2 बजे आयोजित सामाजिक न्याय यात्रा में शामिल हुए। रैली में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा और सपा पर तंज कसा। अखिलेश यादव द्वारा छात्र सभा के लोगों को नीली ड्रेस पहनाए जाने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि पहले अपने पुराने कर्मों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए,तभी लोग भरोसा करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल रंग बदलने से चरित्र नहीं बदलता। चंद्रशेखर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जिन जिलों और संस्थानों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए थे, उनमें बदलाव किया गया। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने उद्यान का नाम बदलने का भी उन्होंने आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने कहा कि यदि नए नाम से उद्यान बनाना था तो कोई रोक नहीं रहा था, लेकिन पुराने नाम को बदलना उचित नहीं था। उन्होंने संत रविदास, कांशीराम, महामाया, ज्योतिबा फुले और प्रबुद्ध नगर के नाम बदले जाने का भी उल्लेख किया। किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाए चंद्रशेखर ने कहा कि पहले मूर्तियों और स्मारकों पर खर्च को लेकर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन अब विभिन्न समाजों के नाम पर मूर्तियां लगाने की बातें की जा रही हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक जरूरत के अनुसार बदली गई सोच बताया। नाम बदलने की राजनीति पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इसकी शुरुआत की थी, जबकि भाजपा ने इसमें और तेजी ला दी। चंद्रशेखर ने सरकार पर हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को चुनावी माहौल में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने अच्छा काम किया है तो चुनाव के अंतिम महीनों में ही घोषणाएं क्यों की जा रही हैं। उन्होंने किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए। कानून-व्यवस्था पर चंद्रशेखर ने विनोद साहनी और रामलखन मौर्य की हत्या का जिक्र करते हुए सरकार के अपराध नियंत्रण के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने 69,000 शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं तथा पंचायत सहायकों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों और आम जनता के मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कानपुर देहात में शुक्रवार को खेत की नाली में कपड़े में लिपटा नवजात शिशु मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे युवक ने उसे खेत में अकेला पड़ा देखा। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने नवजात को अस्पताल पहुंचाया। उसे वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसकी जांच की जा रही है। मामला गजनेर थाना क्षेत्र के मांगटा गांव का है। बकरियां चराते समय सुनाई दी रोने की आवाज जानकारी के अनुसार, मांगटा गांव निवासी रोशन पुत्र सैफ अली शुक्रवार को अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें खेत की एक नाली से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचने पर उन्होंने कपड़े में लिपटा नवजात शिशु खेत में पड़ा देखा। पत्नी ने गोद में उठाकर संभाला नवजात को अकेला पड़ा देखकर रोशन ने अपनी पत्नी और आसपास मौजूद ग्रामीणों को जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। रोशन की पत्नी ने बच्चे को गोद में उठाकर संभाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलते ही गजनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस नवजात को रोशन की पत्नी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। फिलहाल नवजात की हालत को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। बच्चे को खेत में छोड़ने की जांच गजनेर थाना प्रभारी सनत कुमार ने बताया कि नवजात को अस्पताल ले जाया गया है। बच्चा खेत में कहां से आया और उसे वहां किसने छोड़ा, इसकी जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बेटी के साथ बैंक गई मां,लॉकर से जेवर गायब:बेटी और बहू पर हड़पने का आरोप;दोनों पर थाने में मामला दर्ज
अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र की करीब 80 वर्षीय महिला ने अपनी बेटी और बहू पर बैंक लॉकर से सोने के जेवर निकालकर हड़पने का आरोप लगाया है। महिला पुष्पा गुप्ता ने अदालत में परिवाद पेश कर पुलिस में मामला दर्ज कराया है। परिवाद के अनुसार महिला का बैंक ऑफ इंडिया की काला कुआं शाखा में लॉकर है। इसमें उसका सोने-चांदी का जेवर रखा था। महिला का आरोप है कि 30 जुलाई 2026 को उसकी बेटी सीमा गुप्ता अपना जेवर निकालने के लिए उसके साथ बैंक गई थी। आरोप है कि सीमा ने अपने जेवर के साथ मां के जेवर भी निकाल लिए और अपनी भाभी सुनीता गुप्ता के साथ मिलकर उन्हें दूसरे बैंक लॉकर में रख दिया। महिला ने परिवाद में बताया कि उसके सोने के पेंडेंट, एक जोड़ी कुंडल, तीन अंगूठियां और एक नथ सहित अन्य जेवर लॉकर में नहीं मिले। 14 अगस्त को जब वह लॉकर खोलने पहुंची तो जेवर गायब मिले। उस समय उसका बेटा भी बैंक में मौजूद था। महिला के मुताबिक बाद में बेटी से बात करने पर उसने जेवर अपने पास होने की बात कही और लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन दूसरी बार मांगने पर जेवर लौटाने से इनकार कर दिया। 1.25 लाख रुपए उधार देने का भी जिक्र परिवाद में महिला ने 2019 में अपनी बेटी सीमा और उसके पति को 1.25 लाख रुपए उधार देने का भी उल्लेख किया है। महिला के अनुसार 3 अक्टूबर 2019 को बेटी और उसके पति के कहने पर उसने बैंक खाते से चेक के जरिए यह राशि उनकी बेटी के खाते में भेजी थी। आरोप है कि कई बार मांगने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। 16 अगस्त 2026 को फोन पर रुपए मांगने पर बेटी ने प्लॉट देकर रकम लौटाने की बात कही। महिला ने बातचीत की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में होने की बात भी परिवाद में कही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने जिले में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त नेहा सिंह के निर्देश पर प्रशासन लगातार सख्त अभियान चला रहा है, ताकि शुरुआती दौर में ही ऐसे निर्माणों को तोड़ा जा सके। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसएमडीए की टीम ने गांव सोहटी के राजस्व क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां 6.5 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान 2 डीपीसी, 2 बाउंड्री वॉल और 02 एकड़ में फैले कच्चे रास्तों को तोड़ा गया। तोड़फोड़ की कार्रवाई ड्यूटी मैजिस्ट्रेट बिजली विभाग से एसडीओ रवि खोखर तथा एसएमडीए इंफोरर्समेंट व पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई। अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदने की अपील जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। उन्होंने बताया कि ऐसी कॉलोनियों में सरकार सड़क, पानी, सीवरेज या बिजली जैसी कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं देती। इससे आपकी मेहनत की कमाई खतरे में पड़ सकती है। नीलम शर्मा ने सलाह दी कि प्लॉट खरीदने से पहले यह पक्का कर लें कि संबंधित कॉलोनी नियमों के हिसाब से मंजूर है या नहीं। नियंत्रित क्षेत्र में निर्माण से पहले अनुमति लेना जरूरी : नीलम शर्मा उन्होंने कहा कि नियंत्रित क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण करने से पूर्व एसएमडीए के सीईओ से अनुमति लेना अनिवार्य है अन्यथा एसएमडीए द्वारा अवैध कालोनीध्निर्माण को किसी भी समय नियंत्रित क्षेंत्र अधिनियम के प्रावधान में गिराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक संबंधित जानकारी के लिए सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
बठिंडा की कैनाल कॉलोनी पुलिस ने सांस्कृतिक कलाकार रघुवीर सिंह उर्फ लक्की की हत्या का मामला सुलझा लिया है। रघुवीर की हत्या अर्जुन नगर में उनके किराए के मकान में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव बहिमण निवासी किरनदीप सिंह और गांव बहिमण दीवाना निवासी सोनी सिंह के रूप में हुई है। सोनी सिंह फिलहाल बल्लुआना में रह रहा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी और मृतक का मोबाइल बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर को अर्जुन नगर स्थित किराए के मकान में रघुवीर सिंह की हत्या हुई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन पर गंभीर चोटें की थीं। मृतक की बहन रविंदर कौर, जो बीड़ तालाब की रहने वाली हैं, के बयान पर कैनाल कॉलोनी थाने में FIR नंबर 272 दर्ज की गई थी। यह FIR 13 सितंबर, 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 61(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई थी। मृतक की बहन के बयान पर हुआ मामला दर्ज जांच के दौरान पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिले। 17 सितंबर को मृतक की बहन के अतिरिक्त बयान और पुलिस जांच के तथ्यों के आधार पर किरनदीप सिंह और सोनी सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को 18 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। रंजिश और रिश्ते से जुड़ा विवाद सामने आया पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे रंजिश और रिश्ते से जुड़ा विवाद सामने आया है। बताया गया है कि मृतक रघुवीर सिंह महिलाओं के कपड़े पहनकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। आरोपी सोनी सिंह भी इसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देता था और कटड़ा में भीख मांगने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हत्या से जुड़े अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है।
सीसीएसआई एयरपोर्ट पर H1N1 को लेकर जागरूकता सत्र:कर्मचारियों को बताए बीमारी के लक्षण और बचाव के तरीके
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (सीसीएसआईए) पर H1N1 इन्फ्लुएंजा और मौसम बदलने से होने वाली बीमारियों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (APHO), लखनऊ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों और अलग-अलग एजेंसियों के प्रतिनिधियों को बीमारी से बचने के तरीके बताए गए। हाथों की सफाई और खांसते-छींकते समय सावधानी की सलाह कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सैयद जुल्फेकार अहमद ने H1N1 के लक्षणों और इससे बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई रखने और संक्रमण से बचाव की जरूरी सावधानियां अपनाने पर जोर दिया। सीआईएसएफ और एयरलाइंस के प्रतिनिधि भी हुए शामिल कार्यक्रम में डॉ. निश्चय केसरी, चिकित्सा अधिकारी और डॉ. जय यादव, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सीआईएसएफ, लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, एयरलाइंस, इमिग्रेशन, कस्टम्स और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन समेत एयरपोर्ट से जुड़े कई विभागों के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। सत्र में कर्मचारियों को नियमित रूप से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी गई। साथ ही मौसम बदलने के दौरान होने वाली बीमारियों से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने को कहा गया।
खंडवा स्टेशन के गेट पर दिखा 7 फीट लंबा सांप:युवक ने सुरक्षित रेस्क्यू कर प्लास्टिक की थैली में रखा
खंडवा रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर शुक्रवार को जीआरपी सहायता केंद्र के पास करीब 7 फीट लंबा घोड़ा पछाड़ प्रजाति का सांप दिखाई देने से यात्रियों में खलबली मच गई। सांप कभी टेबल के पीछे तो कभी खुले स्थान पर घूमता नजर आया। भीड़भाड़ वाले स्थान पर अचानक सांप दिखाई देने के बाद यात्री उससे दूरी बनाकर खड़े हो गए। काफी देर तक लोग उसके सुरक्षित रेस्क्यू का इंतजार करते रहे। सांप देखकर मौके पर जमा हुई भीड़ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जीआरपी सहायता केंद्र के पास मौजूद कुछ यात्रियों की नजर अचानक सांप पर पड़ी। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वहां यात्रियों और अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई। सांप के कभी इधर तो कभी उधर जाने से लोग उससे दूर खड़े रहे। कुछ लोग सांप पकड़ने वाले को बुलाने की बात करते नजर आए। युवक ने सावधानी से किया रेस्क्यू सांप के स्टेशन परिसर में घूमने की जानकारी मिलने के बाद काफी देर तक लोगों में डर बना रहा। प्रवेश द्वार पर लगातार यात्रियों की आवाजाही के कारण लोग सांप से बचने के लिए दूर हटते रहे। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने भीड़ को सांप के पास जाने से रोकते हुए सावधानी से उसे काबू किया। काफी मशक्कत के बाद उसने सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे प्लास्टिक की थैली में रख लिया। सांप के काबू में आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। यात्रियों ने साफ-सफाई और निगरानी की जरूरत बताई रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद लोगों ने युवक के साहस और सूझबूझ की सराहना की। यात्रियों का कहना था कि रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सांप किसी यात्री के पास पहुंच जाता या भगदड़ की स्थिति बनती तो परेशानी बढ़ सकती थी। यात्रियों ने स्टेशन परिसर में नियमित साफ-सफाई और निगरानी की जरूरत बताई, ताकि ऐसे जीव-जंतुओं के परिसर में पहुंचने की आशंका को कम किया जा सके।
शहर में नगर निगम की संपत्तियों और सार्वजनिक स्थलों के इस्तेमाल को लेकर शुक्रवार को दो अलग-अलग शिकायतें नगर आयुक्त के पास पहुंचीं। पहली शिकायत ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क के आंबेडकर प्रतिमा गेट पर महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी की फोटो लगाए जाने पर आपत्ति जताई गई है। वहीं रायपुरवा स्थित रामलीला पार्क में कब्जा, निजी कार्यालय चलाने और पार्क की सुविधाओं को किराए पर देने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों मामलों में जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। रामलीला पार्क की शिकायत पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। अंबेडकर गेट से अमित पांडेय की फोटो हटाने की मांग संत शिरोमणि गुरु रविदास जन कल्याण समिति के उपाध्यक्ष रोशन लाल कुरील ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को शिकायती पत्र दिया, जिसमें ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित आंबेडकर प्रतिमा गेट पर लगे बोर्ड की जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि करीब एक साल पहले शासन एवं प्रशासन की ओर से यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और गेट का निर्माण कराया गया था। लेकिन गेट पर लगे बोर्ड में महापौर प्रमिला पांडेय, क्षेत्रीय पार्षद सौरभ देव के साथ महापौर के पुत्र अमित पांडेय उर्फ बंटी की फोटो भी लगाई गई है। रोशन लाल ने बताया कि अमित पांडेय न तो जनप्रतिनिधि हैं और न ही किसी प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में सरकारी स्थल के गेट पर उनकी फोटो लगाए जाने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। उन्होंने फोटो हटाने के साथ मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। रामलीला पार्क में निजी कार्यालय बनाने का आरोप दूसरी शिकायत रायपुरवा थाने के सामने रामलीला पार्क को लेकर श्री गणपति सेवा समिति की ओर से की गई है। क्षेत्रीय निवासी प्रेम मोहन शुक्ला ने पार्षद आकर्ष बाजपेई पर पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्क में एक हॉल की जगह दो कमरे बनाकर निजी कार्यालय बना लिया गया है, जिसे नगर निगम कार्यालय बताया जा रहा है। शिकायत में सरकारी धन से यहां एसी समेत अन्य सुविधाएं लगाए जाने का भी आरोप है। लंबे समय से चालू नहीं हो पा रहा क्रियाघर उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 3-4 साल पहले बनाए गए क्रियाघर को अब तक चालू नहीं किया गया और उसे निजी ठेकेदारों को सामान रखने के लिए किराए पर दिया गया है। इसी तरह पुराने टीन शेड में कमरा और शटर लगाकर इलेक्ट्रिक सामान रखने के लिए किराए पर देने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा पार्क के नाम, बोर्ड पर फोटो, शादी समारोह की बुकिंग में अवैध वसूली और सड़क निर्माण में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी है।
सवाई माधोपुर नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर शुक्रवार को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख थी, लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। ऐसे में अब सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा। नगर परिषद के रिटर्निंग ऑफिसर मांगीलाल ने बताया- सभापति पद के लिए भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 56 की पार्षद मेवा चौधरी ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 6 के पार्षद शैलेंद्र चौधरी ने नामांकन भरा है। नामांकन दाखिल होने के बाद दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच की गई थी। जांच में नामांकन सही पाए जाने के बाद शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। नामांकन वापसी की निर्धारित अवधि समाप्त होने तक किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया। इसके बाद अब दोनों प्रत्याशी सभापति पद के लिए चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। भाजपा के पास पूर्ण बहुमतनगर परिषद के चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा के 33 पार्षद, कांग्रेस के 18 पार्षद और 9 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। इस लिहाज से भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है। हालांकि सभापति चुनाव में पार्षदों के मतदान के बाद ही अंतिम परिणाम सामने आएगा। नामांकन वापसी के बाद दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा के पास बहुमत होने के कारण उसके प्रत्याशी की स्थिति मजबूत है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के सामने अपने पक्ष में पर्याप्त समर्थन जुटाने की चुनौती होगी।
प्रयागराज जिले के 2,832 परिषदीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही, स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की। आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई बैठक में बीएसए और सभी बीईओ/एबीएसए से ब्लॉकवार जानकारी ली गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन 166 स्कूलों में बच्चों को मेन रोड पार करके जाना पड़ता है, वहां शिक्षामित्र बच्चों को गांव से स्कूल तक सुरक्षित लाने और छुट्टी के बाद वापस पहुंचाने की व्यवस्था संभालेंगे। बैठक में बताया गया कि जिले के 24 विकासखंडों में कुल 2,832 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 166 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों को मुख्य सड़क पार करनी पड़ती है। इन सभी स्कूलों में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। जसरा विकासखंड में स्थानीय नागरिक और व्यापारी भी बच्चों की मदद कर रहे हैं। कई जगह व्यापारियों ने लाल झंडे लगाकर बच्चों को सड़क पार कराने में सहयोग शुरू किया है। मंडलायुक्त ने सभी 166 विद्यालयों में इस व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। 31 स्कूलों में अप्रोच रोड नहीं, 11 में जलभराव समीक्षा में सामने आया कि करीब 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड नहीं है। 11 स्कूलों में गड्ढों के कारण स्थायी जलभराव की समस्या है। वहीं करीब 152 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं होने या विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं। मंडलायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। हाल ही में 44 स्कूलों के पास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाए जाने की कार्रवाई पर उन्होंने संतोष जताया। 184 स्कूलों में दिव्यांग शौचालय नहीं दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं की समीक्षा में पता चला कि करीब 184 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। मंडलायुक्त ने ऐसे स्कूलों में जरूरत के अनुसार रैंप और हैंडरेल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। जहां संभव हो, वहां अलग दिव्यांग शौचालय का निर्माण भी जल्द कराने को कहा। सफाई में लापरवाही पर डीपीआरओ और नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही स्कूलों में साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। सफाईकर्मियों द्वारा नियमित सफाई नहीं किए जाने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने डीपीआरओ और संबंधित नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उपस्थिति बढ़ी या नहीं, अगली बैठक में देना होगा हिसाब बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधानों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ बैठक की भी समीक्षा हुई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा से पहले सभी स्कूलों में समितियों की दोबारा बैठक कराई जाए। इसके बाद यह स्पष्ट आकलन किया जाए कि बैठकों के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बीएसए को अगली बैठक में शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त हस्ताक्षर तथा बैठक के फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। नोटिस बोर्ड पर लगेंगे ‘स्टार परफॉर्मर्स’ के नाम विद्यार्थियों में पढ़ाई, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन के लिए मंडलायुक्त ने ‘स्टार परफॉर्मर्स’ की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों के नाम स्कूल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्हें मेडल और बैज देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़े। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के साथ भोजन करने के निर्देश भी दिए। साथ ही स्कूलों में अधिक से अधिक वॉल पेंटिंग कराने और परिसरों को स्वच्छ, सुंदर और बच्चों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। शारदा अभियान से आउट ऑफ स्कूल बच्चों को जोड़ेंगे शारदा अभियान के तहत स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि इन बच्चों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों की होगी पहचान सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। ऐसे बच्चों के परिवारों से एनजीओ के सहयोग से संपर्क स्थापित कर उन्हें भीख मांगने से मुक्त कराने और उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही, सफाई, मूलभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाए। अगली समीक्षा बैठक में कार्रवाई और प्रगति की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
आजमगढ़ जिले के गम्भीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का डिप्टी एसपी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित से 3.20 लाख रुपये की मांग की थी और 90 हजार रुपये नगद ले लिए थे। इस बारे में जिले एसएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी महज पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और पुलिस अधिकारी का रौब दिखाने के लिए वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गम्भीरपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 17 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय नामक व्यक्ति ने खुद को पुलिस का CO अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने के नाम पर 3.20 लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने 30 अगस्त को उससे 90 हजार रुपये नगद भी ले लिए थे। इसके बाद 1 सितंबर को आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल से वीडियो कॉल की और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को विश्वास में लिया। शिकायत के आधार पर गम्भीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस और साइबर सेल की टीम ने आरोपी की लोकेशन के आधार पर 18 सितंबर को रानीपुर रजमों मोड़ के पास से संजय पुत्र स्व. श्रीराम, निवासी मगरावा को गिरफ्तार कर लिया। वर्दी और फर्जी पहचान पत्र बरामदएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का फर्जी आवंटन पत्र, पुलिस वर्दी का एक सेट और मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी CO/डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों को वीडियो कॉल करता था। खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर वह लोगों पर अपना प्रभाव जमाता और शराब का ठेका, नौकरी आदि दिलाने का झांसा देकर रकम मांगता था। फर्जी पहचान पत्र और पुलिस वर्दी के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करता था। आरोपी के खिलाफ गम्भीरपुर थाने में धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 में भी धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज हो चुका है।
मंडला के कोतवाली थाना क्षेत्र के तिंदनी गांव में गुरुवार रात 70 वर्षीय शंकरी यादव की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में पड़ोस में रहने वाली फूलकली यादव (35) को गिरफ्तार किया है। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। समझाने पहुंची थी शंकरी यादव पुलिस के मुताबिक, शंकरी यादव पड़ोस में रहने वाली फूलकली यादव को उसकी कुछ हरकतों को लेकर समझाने गई थीं। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर फूलकली ने शंकरी को जमीन पर पटक दिया और चाकू से हमला कर दिया। पड़ोसी श्यामा बाई ठाकुर ने बताया- रात में आरोपी महिला बुजुर्ग के घर में घुस गई। दोनों के बीच विवाद के बाद हाथापाई होने लगी। आरोपी ने बुजुर्ग के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया और सीने पर बैठकर चाकू से हमला कर दिया। बुजुर्ग बेहोश हो गईं। इसके बाद मेरा बेटा-बहू मौके पर पहुंचे और वहां भीड़ जमा हो गई। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। हालांकि, तब तक शंकरी यादव की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी फूलकली यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। ग्रामीणों ने पहले शिकायत की बात कही घटना के बाद गांव में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी फूलकली की हरकतों को लेकर पुलिस से शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसी बात को लेकर फूलकली उनसे दुश्मनी रखती थी और धमकियां भी देती थी। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
बारां में आयुर्वेद दिवस के मौके पर राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में फ्री चेकअप कैम्प लगाया गया। इस शिविर में कुल 410 मरीजों की जांच की गई। पूर्व वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. राधेश्याम गर्ग ने दीप जलाकर शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने आयुर्वेद के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने और आयुर्वेद दवाओं के महत्व पर जोर दिया।प्रधान चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि शिविर में 110 सामान्य मरीजों की मुफ्त जांच हुई। इसके साथ ही 150 शुगर और 150 ब्लड प्रेशर के मरीजों की भी मुफ्त जांच कर उन्हें सलाह दी गई। आयुर्वेद व्यापार संघ की मदद से 170 बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मुफ्त स्वर्णप्राशन करवाया गया। शिविर में धनवंतरी, गुजरात हर्ब्स, हिमालय और माहेश्वरी कंपनियों ने मुफ्त दवाएं भी बांटीं।इस मौके पर डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. नारायण और डॉ. कमलेश ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर अपने विचार रखे। डॉ. महेंद्र, डॉ. निवेश, डॉ. शिल्पा और डॉ. जसवंत के नेतृत्व में दिनेश, सरोज, लक्ष्मी, कृष्णा, संगीता, मनीषा, निकिता, शिवराज और मनोज ने अपनी सेवाएं दीं।
हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र के रद्दे पुरवा (आजाद नगर) में शुक्रवार सुबह 8:30 बजे एक घटना सामने आई। यहां 35 वर्षीय एक बिजली मिस्त्री ने अपने घर में पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय मृतक की पत्नी अपने मायके गई हुई थी। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतक की पत्नी ने डायलिसिस पर चल रहे ससुर से पति का विवाद होने की आशंका जताई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय मनोज के रूप में हुई है, जो पेशे से बिजली मिस्त्री थे। उनके परिवार में पत्नी संगीता, तीन बेटे आर्यन (12), अंश (9), प्रियांशु (7) और एक 3 वर्षीय बेटी अंजली हैं। मृतक के छोटे भाई धीरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे मनोज उठे थे और कुछ देर बाद अपने कमरे में चले गए। इसके बाद जब धीरेंद्र की पत्नी नंदिनी उन्हें चाय देने कमरे में गईं, तो उन्होंने मनोज का शव पंखे के कुंडे से संगीता की साड़ी के फंदे पर लटका हुआ देखा। तहरीर के आधार पर होगी कार्रवाई मृतक की पत्नी संगीता 12 सितंबर को बच्चों के साथ अपने मायके गई थीं। उनका मायका लखीमपुर जनपद के मोहम्मदी थाना क्षेत्र स्थित मूड़ामाफी गांव में है। घटना की सूचना मिलते ही संगीता बच्चों के साथ ससुराल आ गईं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में दुख छा गया। हालांकि, मृतक के परिजन और ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य इस आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह नहीं बता पा रहा है। किसी ने भी एक-दूसरे पर कोई आरोप नहीं लगाया है। चर्चा रही कि मनोज के पिता मदन मोहन इस समय डायलिसिस पर हैं। हाल ही में घरेलू बातों को लेकर मनोज की उनसे कुछ कहासुनी भी हुई थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में व्यापारियों ने 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत शुल्क पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान पर निर्भरता बढ़ रही है, लेकिन यह नया शुल्क उनके व्यापारिक मुनाफे पर सीधा असर डालेगा। उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल के एक कार्यक्रम में व्यापारियों ने यह बात कही। मंडल अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने बताया कि एक लाख रुपये का ट्रांजेक्शन होने का मतलब एक लाख का मुनाफा नहीं होता। व्यापारियों को पहले माल की लागत, किराया, बिजली और कर्मचारियों का वेतन जैसे कई खर्च निकालने पड़ते हैं। इसके बाद ही सीमित कमाई बचती है। उन्होंने कहा कि शुल्क तय करते समय सिर्फ ट्रांजेक्शन की रकम नहीं, बल्कि असली मुनाफा और कारोबारी लागत भी देखनी चाहिए। व्यापारियों ने सरकार से यह भी साफ करने को कहा कि इस शुल्क से मिली रकम का बंटवारा कैसे होगा। साथ ही, इसका फायदा किन बैंकों, पेमेंट ऐप और सेवा देने वालों को मिलेगा। उन्होंने डिजिटल भुगतान व्यवस्था में कंपनियों और निवेशकों की भूमिका में पारदर्शिता की मांग भी की। महामंत्री दिलीप खुराना ने बताया कि छोटे व्यापारी बहुत कम मुनाफे पर काम करते हैं। ऐसे में यह नया शुल्क उनकी लागत को बढ़ा देगा। चेतन गुजराल ने शुल्क व्यवस्था में और स्पष्टता लाने की मांग की। शिवम सक्सेना ने कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए हर एक रुपया मायने रखता है। मंडल ने ग्राहकों से अपील की है कि जहां मुमकिन हो, छोटे व्यापारियों को नकद भुगतान करें। उन्होंने केंद्र सरकार से इस शुल्क व्यवस्था की पूरी समीक्षा करने और व्यापारी संगठनों से बातचीत करने की मांग भी की। इस कार्यक्रम में अंकित खंडूजा, अमित कंचन, अवधेश कुमार त्रिवेदी, मो. सैफ, शैलेंद्र सिंह, शिशिर श्रीवास्तव और रोबिन जायसवाल भी मौजूद थे।
मोगा पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार:8 हथियार, 8 मैगजीन, 106 जिंदा कारतूस और 2 वाहन भी जब्त
मोगा पुलिस ने निहाल सिंह वाला इलाके में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से 8 हथियार, 8 मैगजीन, 106 जिंदा कारतूस और दो वाहन बरामद किए गए हैं। मोगा के एसएसपी सरताज सिंह चहल ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना थी कि इलाके में मनिंदर सिंह निवासी ढोआ, जिला रूपनगर, गुरविंदर सिंह निवासी जनसूई, जिला पटियाला, गुरप्रीत सिंह उर्फ पीता निवासी लौंगोवाल, जिला संगरूर, अमरिंदर सिंह निवासी जनसूई, जिला पटियाला और सतवंत सिंह उर्फ गिल्ल मानूके निवासी मानूके गिल समेत कुछ अन्य लोगों के बीच पुरानी दुश्मनी चल रही है। पुलिस को आशंका थी कि ये सभी दाना मंडी निहाल सिंह वाला में हथियारों के साथ इकट्ठा होकर एक-दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस जानकारी के आधार पर थाना निहाल सिंह वाला में 16 सितंबर को आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने सूचना के आधार पर नाकाबंदी की और जांच शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पंप एक्शन राइफल, एक .30 राइफल, एक .315 बोर राइफल, दो .32 बोर पिस्तौल और दो .45 बोर पिस्तौल बरामद की हैं। इनके अलावा आठ मैगजीन और कुल 106 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने वाले दो वाहन भी बरामद किए है।
अंबेडकरनगर में अकबरपुर तहसील के एक प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को नक्षत्रशाला लैब का उद्घाटन किया गया। जिला पंचायत निधि से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बनाई गई इस लैब का शुभारंभ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जिला पंचायत के प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा के साथ फीता काटकर किया। ग्रहों और अंतरिक्ष विज्ञान को समझ सकेंगे बच्चे प्रभारी मंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए प्रयास कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि नक्षत्रशाला लैब के माध्यम से बच्चे ग्रहों, नक्षत्रों, खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष विज्ञान को रोचक व सरल तरीके से समझ सकेंगे। टेलीस्कोप समेत उपकरणों की ली जानकारी प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां लगे टेलीस्कोप समेत अन्य उपकरणों के बारे में जानकारी ली। शिक्षकों को निर्देश दिए कि लैब का नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, ताकि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़े। विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों का लाभ लेने के लिए किया प्रेरित मंत्री ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और स्कूल में उपलब्ध आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे साधन बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा देने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेंगे। इस दौरान कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा, सुभासपा जिलाध्यक्ष, स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और ग्रामीण मौजूद रहे।
चतरा जिले में एक सड़क हादसे में नई ऑटो के मालिक राकेश कुमार यादव की मौत हो गई। इस हादसे में 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई, जब परिवार नई ऑटो की पूजा कर भद्रकाली मंदिर से लौट रहा था। राकेश कुमार यादव ने तीन दिन पहले ही यह ऑटो खरीदी थी। खुशी के मौके पर वह अपने रिश्तेदारों के साथ चतरा के इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा के बाद घर लौटते समय राजपुर थाना क्षेत्र के गंधरिया मोड़ के पास एक सरकारी विद्यालय के सामने यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे एक बरगद के पेड़ की टहनी काफी नीचे झुकी हुई थी, जिससे ऑटो टकरा गई। ऑटो में सवार उनके रिश्तेदारों में दो छोटे बच्चों सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान गायत्री देवी, विनय कुमार, शिवानी कुमारी, रुपनी देवी और मुनिया देवी के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
बरेली में बानखाना कांवड़ सेवा समिति ने गणेश महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बानखाने के राजा का 16वां गणेश महोत्सव 19 सितंबर को होगा। इसमें रातभर धार्मिक कार्यक्रम, महाआरती, फूलों की होली और झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। अगले दिन 20 सितंबर को शहर में गणेश प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकलेगी। समिति के संस्थापक और अध्यक्ष सुशील शर्मा (गब्बर) ने बताया कि 19 सितंबर की रात आठ बजे महाआरती से कार्यक्रम शुरू होगा। इसके बाद फूलों की होली और झांकियों के बीच पूरी रात जागरण होगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि होंगे। अनिल सक्सेना एडवोकेट समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। 20 सितंबर को दोपहर 12 बजे गणेश प्रतिमा की विसर्जन यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा बानखाना सद्भावना पुलिस चौकी से कोहाड़ापीर, महादेव पुल, कोतवाली, कुतुबखाना, बड़ा बाजार, किला और चौपला होते हुए रामगंगा पहुंचेगी। यहां विधि-विधान से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, महोत्सव और विसर्जन यात्रा के लिए सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस कार्यक्रम में प्रवेश वर्मा एडवोकेट, सोनी सक्सेना, अनुज कश्यप, अमन शर्मा, आकाश कनौजिया, अभय प्रजापति, विकास, आलोक, विनीत मौर्य और अनमोल समेत समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बहराइच में आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर एक महिला से लाखों रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरगाह शरीफ पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.50 लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, एसी और एलईडी टीवी बरामद किया है। आरोपी के मोबाइल फोन में महिला की आपत्तिजनक फोटो भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर को पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि फत्तेपुरा निवासी हिमांशु तायल उर्फ शमी ने उसकी पत्नी से वजन कम करने की बात कहकर आपत्तिजनक फोटो ले लिए थे। इसके बाद फोटो वायरल करने और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी ने उसकी पत्नी से अलग-अलग समय पर कुल 5.20 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी 10 लाख रुपये और मांग रहा था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर एएसपी नगर आयुष विक्रम सिंह और सीओ नगर नारायण दत्त मिश्र की देखरेख में थानाध्यक्ष अमितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें बनाई गईं। 17 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से हिमांशु तायल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लाख रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस की पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 1.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। साथ ही, वसूले गए पैसों से खरीदी गई एचएफ डीलक्स प्लस बाइक, डैकिन 1.5 टन इन्वर्टर एसी और सैमसंग एलईडी टीवी भी बिल के साथ बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हिमांशु तायल पर साल 2012 के एनडीपीएस एक्ट और चोरी से जुड़े केस भी दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट भेज दिया है।
कैमूर के समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समाज कल्याण, ICDS, सामाजिक सुरक्षा, कल्याण विभाग और महिला हेल्पलाइन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम ने जिले के 1,771 आंगनवाड़ी केंद्रों में पानी, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने भूमि विवाद के कारण रुके निर्माण कार्यों को संबंधित अंचलाधिकारियों से तालमेल बनाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पोषण ट्रैकर पर फेस ऑथेंटिकेशन से टीएचआर वितरण और राष्ट्रीय पोषण माह के अभियानों में भी तेजी लाने को कहा गया। 2 एकड़ जमीन जल्द चिन्हित करने को कहा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने 5,900 लंबित पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही PNB, DBGB और SBI जैसे प्रमुख बैंकों में रुके आधार सीडिंग के काम को प्राथमिकता से हल करने को कहा। कबीर अंत्येष्टि योजना के लंबित डेटा को निपटाने और वृद्धाश्रम के लिए 2 एकड़ जमीन जल्द चिन्हित करने को भी कहा गया। +2 विद्यालयों के कामों की भी समीक्षा कल्याण विभाग के तहत कुदरा, दुर्गावती, रामगढ़ और चैनपुर में बन रहे डॉ. आंबेडकर और बाबू जगजीवन राम छात्रावासों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अधौरा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और मोहनियां-अधौरा के +2 विद्यालयों के कामों की भी समीक्षा हुई। इसके अलावा, भभुआ और रामगढ़ में मौजूद सखी वन स्टॉप सेंटर के जरिए घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को जल्द काउंसलिंग और कानूनी सहायता देने पर जोर दिया गया। डीएम ने चेतावनी दी कि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में शुक्रवार को ITBP जवान नीरज शर्मा का पार्थिव शरीर पहुंचा। ITBP के दल के साथ आए पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा कस्बा भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। देशभक्ति गीतों के बीच जवान को अंतिम विदाई दी गई। ITBP जवानों ने नीरज शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उनके छोटे भाई प्रदीप शर्मा ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, ITBP जवान और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। एक साल से लेह-लद्दाख में थे तैनात भौंती निवासी नीरज शर्मा पिछले करीब एक साल से लेह-लद्दाख में ITBP में तैनात थे। 14 सितंबर को छुट्टी खत्म होने के बाद वे घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। उस समय उनकी तबीयत थोड़ी खराब थी। उन्हें लेह-लद्दाख पहुंचना था, लेकिन उससे पहले दिल्ली स्थित ITBP मुख्यालय में रिपोर्ट करना था। नीरज को दिल्ली तक छोड़ने के लिए उनके पिता सुदामा प्रसाद शर्मा भी साथ गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद नीरज ITBP मुख्यालय में रुक गए, जबकि उनके पिता मथुरा दर्शन के लिए चले गए। परिवार दिल्ली पहुंचता, उससे पहले निधन की सूचना मिली नीरज के छोटे भाई प्रदीप शर्मा ने बताया कि 16 सितंबर को दिल्ली स्थित ITBP मुख्यालय से परिवार के पास फोन आया। नीरज की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही परिवार उसी शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गया। परिवार ने रास्ते में मथुरा से पिता सुदामा प्रसाद शर्मा को भी साथ ले लिया। हालांकि, उनके दिल्ली पहुंचने से पहले ही नीरज के निधन की सूचना मिल गई।
दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की कटासा पंचायत के कटहलिया गांव में विश्वकर्मा पूजा की प्रतिमा विसर्जन को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। करीब तीन घंटे तक जुलूस निकाला गया। कटहलिया से पैगंबरपुर, कटासा होते हुए जुलूस सिंहवाड़ा पहुंचा, जहां प्रतिमा का विसर्जन किया गया। प्रशासन की ओर से निर्धारित रूट पर ही विसर्जन कराया गया। इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। विवाद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शुक्रवार को भारी संख्या में जिला पुलिस बल, क्यूआरटी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहे। 16 मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। एसडीएम कुमार गौरव, एडीएम सलीम अख्तर, एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष सहित कई अधिकारी मौके पर निगरानी करते रहे। ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से भी इलाके की निगरानी की गई। एसडीपीओ बोले- दोनों समुदाय के लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया सदर-टू कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमा विसर्जन संपन्न हो गया। दोनों जुलूस गांव से निकल गए और दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया। जुलूस में डीजे का इस्तेमाल नहीं किया गया। साउंड बॉक्स लगाया गया था और लोग नाचते-गाते हुए विसर्जन के लिए गए। करीब 500 मीटर रास्ते को लेकर था विवाद कटहलिया में विश्वकर्मा प्रतिमा विसर्जन के रास्ते को लेकर पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों के बीच आपत्ति की स्थिति बनी हुई थी। विवाद करीब 500 मीटर रास्ते को लेकर था। एक पक्ष के लोगों ने प्रस्तावित रूट पर आपत्ति जताते हुए डीआईजी, डीएम और एसपी को आवेदन दिया था। आपत्ति जताने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना था कि वर्ष 2012 में प्रशासनिक स्तर पर हुए समझौते के तहत प्रतिमा को मुजफ्फरपुर जिले की ओर से ले जाने की सहमति बनी थी। उनका कहना था कि प्रस्तावित रास्ते में कुछ हिस्सा निजी जमीन से होकर गुजरता है। मुजफ्फरपुर की ओर से जुलूस ले जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन कटासा की ओर से जुलूस आने पर वे आपत्ति जता रहे थे। वहीं हिंदू पक्ष का कहना था कि वर्ष 2012 में हुआ समझौता मुजफ्फरपुर क्षेत्र के लोगों के लिए था। कटहलिया दरभंगा जिले में आता है, इसलिए वह समझौता यहां लागू नहीं होता। पूजा समिति का कहना था कि प्रशासन ने स्थल और रास्ते की जांच के बाद ही विसर्जन रूट निर्धारित किया है। धार्मिक स्थलों के पास से गुजरता है रास्ता विवादित रास्ते के आसपास कब्रिस्तान, मदरसा, ईदगाह और इमामबाड़ा जैसे धार्मिक स्थल होने की बात सामने आई थी। आपत्ति जताने वाले लोगों ने इसी आधार पर जुलूस के लिए रास्ते के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इस रास्ते से पहले प्रतिमा विसर्जन का जुलूस नहीं निकला है। कटासा पंचायत के कटहलिया वार्ड-2 के वार्ड सदस्य मोहम्मद रियाज अहमद ने कहा था कि इस रास्ते से पहले कभी मूर्ति नहीं गई है। उनका कहना था कि मोहर्रम का जुलूस भी दूसरे रास्ते से निकलता है। मोहम्मद जाहूद ने रास्ते को निजी जमीन बताते हुए आपत्ति जताई थी। गजाली इमाम, मोहम्मद मुस्ताक और हसन मुजाहिद ने भी प्रस्तावित रास्ते को लेकर अपनी आपत्ति प्रशासन के सामने रखी थी। 2012 के समझौते और सरस्वती पूजा का भी दिया गया हवाला आपत्ति जताने वाले लोगों ने 10 फरवरी 2012 को सिंहवाड़ा प्रखंड कार्यालय में हुई प्रशासनिक बैठक का हवाला दिया था। उनके अनुसार, बैठक में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सीमावर्ती गांव धनवारा के प्रशासनिक अधिकारियों व स्थानीय लोगों की मौजूदगी में जुलूस के रास्ते को लेकर सहमति बनी थी। जनवरी 2026 में सरस्वती पूजा के दौरान भी इसी रास्ते से जुलूस निकालने को लेकर आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों के आवेदन के बाद शांति समिति की बैठक में पारंपरिक रास्ते से जुलूस निकालने की बात कही गई थी। पहली बार लाइसेंस मिलने की बात,प्रशासन ने जांच के बाद तय किया रूट एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि कटासा में विश्वकर्मा पूजा के लिए पहली बार लाइसेंस जारी किया गया है। पूजा समिति की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन दिया गया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने प्रस्तावित विसर्जन रूट का सत्यापन किया। जांच में किसी तरह की बाधा नहीं मिलने के बाद रूट निर्धारित कर लाइसेंस जारी किया गया। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि प्रशासन ने पुराने रूट को बदलकर नया रूट दिया है। प्रशासन के अनुसार कटहलिया से पैगंबरपुर, कटासा होते हुए सिंहवाड़ा तक जाने वाले रूट का सत्यापन किया गया था। पूजा समिति के अध्यक्ष पवन कुमार के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कटहलिया-पैगंबरपुर-कटासा-सिंहवाड़ा होकर विसर्जन रूट तय किया गया था। उन्होंने कहा था कि पुराने मुजफ्फरपुर वाले विवादित रास्ते का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फ्लैग मार्च के दौरान काली पट्टी बांधकर जताया था विरोध विवाद को देखते हुए गुरुवार को भी पुलिस ने कटहलिया गांव में फ्लैग मार्च निकाला था। सदर-टू कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन के नेतृत्व में कटहलिया से पूजा स्थल तक फ्लैग मार्च किया गया। इसमें सिंहवाड़ा बीडीओ विक्रम भास्कर, थानाध्यक्ष बसंत कुमार, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के अलावा जाले, कमतौल, मोरो, बिशनपुर सहित कई थानों की पुलिस और क्यूआरटी टीम शामिल थी। फ्लैग मार्च के दौरान गांव के एक पक्ष के कुछ लोगों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर प्रस्तावित विसर्जन रूट को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद शुक्रवार को प्रशासन की निगरानी में निर्धारित रूट से जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया। प्रशासन ने दोनों समुदायों के लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी। शुक्रवार होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। अधिकारियों ने पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी। करीब तीन घंटे तक चले जुलूस के बाद सिंहवाड़ा में प्रतिमा विसर्जन के साथ कार्यक्रम संपन्न हो गया।
फिरोजाबाद में पूर्व जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रेमचंद शास्त्री की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कांग्रेस में वापसी हो गई है। उनके कांग्रेस में लौटने से पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार शाम 4 बजे उनका स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन की समझ और जनसेवा का अनुभव पार्टी के काम आएगा। कांग्रेस में लौटने पर प्रेमचंद शास्त्री ने कहा कि कांग्रेस से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। पार्टी की विचारधारा के प्रति उनकी आस्था हमेशा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लौटकर वे संगठन को मजबूत करने के साथ ही जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए सक्रिय रहेंगे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि वरिष्ठ और अनुभवी नेता के पार्टी में वापस आने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। उनकी वापसी से पुराने साथियों में भी उत्साह बढ़ा है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अपने पुराने साथियों के लिए हमेशा खुला मंच रही है और अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन संगठन की अहम पूंजी है। इस दौरान शहर अध्यक्ष शफात खान राजू, निवर्तमान प्रदेश सचिव प्रकाश निधि गर्ग, चांद कुरैशी, गुलाम जिलानी, नसीर अहमद, आशीष तिवारी, वकार खालिक, नुरूल हूदा लाला राईन, मोहम्मद सलीम, मुजीब अंसारी, मजहर बेग, राजीव शर्मा, अमित पचौरी, सौरभ शर्मा और विजय उपाध्याय समेत कई नेता मौजूद रहे।
सीहोर के मंडी क्षेत्र के वार्डों में चल रही सीवेज लाइन की खुदाई से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इंदिरा कॉलोनी में खुदाई के दौरान पानी की बड़ी लाइन टूट गई, जिससे फ्रीगंज क्षेत्र में पिछले चार दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। बारिश के मौसम में भी लोगों को पानी के लिए कुओं, हैंडपंप और निजी बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण पाइपलाइन टूटने के बाद उसे समय पर नहीं जोड़ा गया। चार दिन से नल बंद, टैंकर से चला रहे काम फ्रीगंज निवासी राजू सूर्यवंशी ने बताया कि उनके क्षेत्र में चार दिनों से नल नहीं आए हैं। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिना सूचना खुदाई, सड़कें भी बदहाल मंडी क्षेत्र के कई वार्डों में कई महीनों से सीवेज लाइन बिछाने का काम चल रहा है। रहवासियों का कहना है कि कई जगह बिना पहले से जानकारी दिए खुदाई शुरू कर दी जाती है। सड़क खोदने के बाद पाइप और दूसरी लाइनों को ठीक से नहीं जोड़ा जाता और खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत भी नहीं की जाती। इससे जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे हादसों का खतरा बना रहता है। खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन टूटने पर भी उसे कई दिनों तक नहीं जोड़ा जाता। इससे एक तरफ पानी की बर्बादी होती है, वहीं दूसरी ओर संबंधित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित रहती है। बारिश में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी परेशानी सीवेज ठेकेदार द्वारा सड़कों को खोदकर छोड़ दिए जाने के कारण बारिश में कई जगह कीचड़ और मिट्टी फैल रही है। सड़कें टूटी होने के कारण सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। फ्रीगंज निवासी विमला बाई ने बताया कि घर के सामने कीचड़ और गंदगी रहती है। नलों में पानी आने के दौरान स्थिति और ज्यादा परेशानी वाली हो जाती है। इंजीनियरों के निरीक्षण पर भी उठे सवाल रहवासियों का आरोप है कि सीवेज निर्माण के दौरान ठेकेदार मनमाने तरीके से खुदाई कर रहा है। उनका कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदार इंजीनियर नियमित रूप से मौके का निरीक्षण नहीं करते, जिससे ठेकेदार की लापरवाही पर रोक नहीं लग पा रही है। लोगों का कहना है कि वे लगातार परेशान हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। सीएमओ बोले- सुधार का काम चल रहा नगरपालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि पानी की लाइन में सुधार का काम चल रहा है। जल्द ही पानी की सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी।
बलरामपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकास खंड उतरौला की ग्राम पंचायत बरमभारी में शुक्रवार दोपहर 2 बजे ग्राम चौपाल लगाई। उन्होंने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। डीएम ने सिर्फ कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय ग्रामीणों के बीच बैठकर सीधा फीडबैक लिया और योजनाओं को लागू करने का सत्यापन किया। ग्राम पंचायत सचिवालय में बने नए डिजिटल लाइब्रेरी का फीता काटकर डीएम ने शुभारंभ किया। उन्होंने वहां पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से बात की। डीएम ने उनकी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उपलब्ध पढ़ाई के साधनों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी पढ़ाई का एक अच्छा जरिया बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और आसपास के छात्रों को लाइब्रेरी से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। इसके बाद ग्राम चौपाल में डीएम ने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की स्थिति पूछी। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि सरकारी योजनाओं का फायदा सही लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। बिजली सप्लाई को लेकर भी ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, आशा कार्यकर्ता के नियमित दौरे और गर्भवती महिलाओं, बच्चों व अन्य लाभार्थियों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी ली गई। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई, उनकी हाजिरी, पढ़ाई की गुणवत्ता और मिड-डे-मील की स्थिति जानी। आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और बच्चों व लाभार्थियों को मिलने वाले पोषाहार की भी जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम पंचायत निधि से कराए गए विकास कार्य भी डीएम की जांच के दायरे में रहे। रिकॉर्ड में दर्ज प्रगति के साथ ग्रामीणों से बात करके कार्यों का सत्यापन किया गया। डीएम ने ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पक्की करने के निर्देश दिए। ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें भी जिलाधिकारी के सामने रखीं। डीएम ने गंभीरतापूर्वक शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि ग्राम चौपाल का मकसद सिर्फ सरकारी योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर सभी योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए योजनाओं और सरकारी सेवाओं को पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के साथ ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम स्तरीय कार्मिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली और दो अवसर देने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी है। इस दौरान धरना स्थल पर करीब 200 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने यदि पुरानी नियमावली के तहत दो अवसर दे दिए जाएं तो आंदोलन वापस लिया जाएगा, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो वे अपर निदेशक को शिक्षा निदेशालय में बैठने भी नहीं देंगे। घेराव और वार्ता का सिलसिलाछात्र नेता आशुतोष पांडे ने कहा कि बताया कि गुरूवार को प्रतियोगी छात्रों का बड़ा समूह सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल से शिक्षा निदेशालय पहुंचा और वहां नारेबाजी करते हुए अपर निदेशक कामता राम पाल को ज्ञापन सौंपा। छात्रों के कड़े रुख और भारी संख्या को देखते हुए अपर निदेशक ने उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों और शासन को अवगत कराने का आश्वासन दिया और इस संबंध में एक पत्र भी भेजा। आत्मदाह की चेतावनी और आंदोलन का स्वरूपआंदोलन के दौरान आमरण अनशनकारियों ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय के आसपास सुरक्षा घेरा कस दिया गया है। छात्रों का कहना है कि वे तब तक लड़ेंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जातीं। वहीं छात्र नेता सुशील कुमार यादव ने कहा कि यह आंदोलन अनिश्चित काल तक चलता रहेगा जब तक पुरानी नियमावली बहाल नहीं की जाती, माइनस मार्किंग हटाई नहीं जाती और अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं। उन्होंने सरकार पर 10 वर्षों से सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा न करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि पूरा उत्तर प्रदेश का छात्र सड़कों पर आ गया तो सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा। छात्रों की प्रमुख मांग
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को कुत्ते ने काटा:हाथ- पैर नोचे; स्कूल से लौट रही मासूम पर भी किया हमला
पाली शहर में शुक्रवार को इंद्रा कॉलोनी में एक ही मोहल्ले के तीन बच्चों को कुत्ते ने काट लिया। इनमें दो बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे, जबकि एक 13 साल की छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। तीनों बच्चों को परिजन इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज किया गया। जानकारी के अनुसार, इंद्रा कॉलोनी में पुरानी मस्जिद के पास गली में 3 साल की आदीबा पुत्री शेर खान सिलावट और 8 साल का सरफराज घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक कुत्ते ने दोनों पर हमला कर दिया। कुत्ते ने आदीबा के पैर और सरफराज के हाथ पर काट लिया। इसके बाद कुत्ता वहां से भागा और स्कूल से घर लौट रही 13 साल की चारूल पुत्री शेरसिंह पर हमला कर उसे भी काट लिया। घटना के बाद तीनों बच्चों के परिजन उन्हें तत्काल बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज किया गया। परिजन बोले- गलियों में कुत्ते घूम रहे, कार्रवाई होनी चाहिएआदीबा के पिता शेर खान ने बताया कि शहर की कई गलियों में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर लगता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनकी गली में कई बच्चों पर कुत्ते हमला कर चुके हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने की प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। शेरसिंह ने बताया कि इसी मोहल्ले की एक 10 साल की बच्ची पर भी कुत्ते ने हमला करने की कोशिश की। गनीमत रही कि मोहल्ले के अशोक सैन की नजर पड़ गई और उन्होंने कुत्ते को भगा दिया। उन्होंने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
एटा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी मुकेश पुत्र ब्रजबासी, हीरालाल पुत्र तेज सिंह और योगेश पुत्र खेमकरण उर्फ झंडू को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 30 अगस्त को कमलेंद्र पुत्र महाराज सिंह ने कोतवाली देहात में लिखित शिकायत दी थी कि वह और उसके परिजन घर पर बैठे थे, तभी आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया था. इस मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के 8 लोग घायल हुए थे। इस मारपीट में श्यामपाल (36) की मौत हो गई थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को ककेहरा बाईपास पुल के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. तभी से आरोपी फरार चल रहे थे। अब पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 के तहत मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर युवाओं को जोड़ा जा रहा है। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले दो वर्षों में इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की सहभागिता सबसे अधिक रही है। इस वर्ष अब तक प्रदेश के 3 लाख 86 हजार से अधिक युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। पंजीयन का आंकड़ा 6 लाख तक पहुंचने की संभावना है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले कई वर्षों से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश की युवा शक्ति को एकजुट कर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि युवा हमेशा से बदलाव और क्रांति के प्रतीक रहे हैं। युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ उन्हें हर क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। MP के लिए तीन प्रमुख थीम मध्यप्रदेश में इस बार युवाओं की सहभागिता के लिए ट्राइबल लीडरशिप, नेचुरल रिसोर्सेस और इन्क्लूसिव डेवलपमेंट को प्रमुख थीम बनाया गया है। इसके अलावा युवा यूथ पार्लियामेंट, सांस्कृतिक गतिविधियों और इनोवेट फॉर भारत सहित विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे। आइडिया से दिल्ली तक पहुंचेगा युवा कार्यक्रम में चरणबद्ध तरीके से युवाओं का चयन किया जाएगा। युवाओं के विचारों और सुझावों को प्रस्तुति के माध्यम से सामने लाया जाएगा। अंतिम चरण में चयनित युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपने विचार और आइडिया प्रस्तुत करेंगे। सारंग ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में छिपे हर आइडिया को सामने लाने का अवसर देना है। विकसित भारत के निर्माण में टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है और युवाओं की ऊर्जा व नए विचारों को इसी दिशा में उपयोग किया जाएगा। स्वामी विवेकानंद जयंती पर दिल्ली में समापन मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम का अंतिम आयोजन स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर दिल्ली में होगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें सहभागिता करने की अपील की। उनका कहना था कि प्रदेश के युवा पहले भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं और इस बार भी उनकी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य है।
दतिया के हाड़ा पहाड़ इलाके में 30 वर्षीय महिला ने पड़ोसी युवक प्रवीण कुमार पर छेड़छाड़ और धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, 14 सितंबर को मार्केट से घर लौटते समय प्रवीण ने रास्ते में उसकी कलाई पकड़कर मरोड़ दी। विरोध करने पर उसने किसी को बताने पर पति और बच्चों को जान से खत्म करने की धमकी दी। दो दिन बाद पति को बताई घटना महिला ने पुलिस को बताया कि डर के कारण उसने घटना की जानकारी दो दिन तक किसी को नहीं दी। 17 सितंबर को उसने पति को पूरी बात बताई। इसके बाद पति प्रवीण को समझाने पहुंचे। महिला के मुताबिक, इस दौरान प्रवीण ने गाली-गलौज करते हुए उसके पति से थप्पड़ों से मारपीट कर दी। बीच-बचाव करने पर महिला ने पति को बचाया। मारपीट में पति के दाहिने गाल पर चोट आई है। पुलिस के अनुसार, महिला वर्तमान में हाड़ा पहाड़ इलाके में रह रही है। महिला की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
कासगंज कोर्ट में जीजा ने साले वकील को पीटा:दहेज और गहने चोरी के विवाद में हुआ झगड़ा, आरोपी गिरफ्तार
कासगंज कोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक व्यक्ति ने अपने साले वकील के साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह मारपीट दहेज और गहने चोरी से जुड़े पारिवारिक विवाद के कारण हुई बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कासगंज की आवास विकास कॉलोनी निवासी अखिलेश यादव (26) पुत्र सुरेश चंद्र यादव के रूप में हुई है। अखिलेश का अपनी पत्नी अंजू के साथ दहेज और भरण-पोषण का मामला कोर्ट में चल रहा है। इसके अलावा, अखिलेश ने अपनी पत्नी अंजू, ससुर नेम सिंह, साले अनिल और साली राखी के खिलाफ गहने चोरी का मामला भी दर्ज कराया है। अखिलेश का साला अनिल, नेम सिंह का बेटा है और गौसपुर भोपालगढ़ी का रहने वाला है। वह कासगंज कोर्ट में वकील है। अखिलेश यादव ने आज अपने साले अनिल के साथ लात मारकर हाथापाई की। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में करीब 200 वकील जमा हो गए। इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र राजपूत ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। अखिलेश यादव को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और कोई अप्रिय स्थिति नहीं है।
फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव के दौरान शुक्रवार को शहर और देहात क्षेत्र में स्थापित गणेश प्रतिमाओं की धूमधाम से शोभायात्राएं निकाली गईं। दोपहर करीब 2 बजे से शुरू हुई यात्राएं पांचाल घाट पहुंचीं। यहां गंगा तट पर प्रशासन की ओर से जेसीबी से खोदे गए गड्ढों में पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया गया। पुलिस के मुताबिक, शाम 3:30 बजे तक 8 प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। 10 फीट ऊंची मटकी फोड़ी शहर के मोहल्ला कटरा में स्थापित गणेश प्रतिमा की शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी हुआ। करीब 10 फीट की ऊंचाई पर बांधी गई मटकी को युवाओं की टोली ने फोड़ा। शोभायात्रा में काली अखाड़े के सदस्यों ने करतब दिखाए। सबसे आगे डीजे पर युवा डांस करते चल रहे थे। इसके पीछे काली अखाड़ा और बैंड-बाजे के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान थी। रास्ते में प्रसाद बांटा गया। 200 से ज्यादा लोग यात्रा में शामिल रहे और जगह-जगह फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा शाम करीब 5 बजे पांचाल घाट पहुंची। गणेश उत्सव की 5 तस्वीरें देखिए… ई-रिक्शा पर विराजमान कर निकाली प्रतिमा बजरिया में स्थापित गणेश प्रतिमा को ई-रिक्शा पर विराजमान कर ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें युवतियां डांस करती नजर आईं। तलैया फजल, रेलवे स्टेशन के पास स्थापित प्रतिमाओं के साथ ही मोहल्ला छत्ता दलपत राय में स्थापित गणेश प्रतिमा का भी विसर्जन किया गया। शोभायात्राओं में लोग डांस करते हुए अबीर-गुलाल उड़ा रहे थे और प्रसाद बांट रहे थे। पूरे रास्ते भगवान गणेश के जयकारे लगाए गए। श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। गंगा तट पर गड्ढों में किया गया भू-विसर्जन पांचाल घाट पर प्रशासन ने गंगा तट के पास जेसीबी से बड़े गड्ढे खुदवाए थे। शोभायात्रा के साथ पहुंची प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के बाद इन्हीं गड्ढों में भू-विसर्जन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।
अलीगढ़ की राजनीति में पूर्व मंत्री और चार बार विधायक रहे ठाकुर दलवीर सिंह के परिवार से जुड़ा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। उनके दोनों नाती अजय सिंह और विजय सिंह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। दोनों भाइयों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। अजय सिंह ने शुक्रवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने पोस्ट में अपने बाबा ठाकुर दलवीर सिंह, छोटे भाई विजय सिंह और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ की तस्वीरें भी साझा की हैं। बताया जा रहा है कि दोनों भाई फिलहाल अपने बाबा ठाकुर दलवीर सिंह के साथ लखनऊ में हैं। उनके सपा में शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद अलीगढ़ की राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है। अजय सिंह से फोन पर संपर्क कर सपा में शामिल होने को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। बताया गया है कि दोनों भाई लखनऊ से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत करेंगे और पार्टी में शामिल होने की वजह और आगे की रणनीति पर अपनी बात रखेंगे। दोनों भाइयों के सपा में शामिल होने के बाद अब अलीगढ़ की राजनीति में दलवीर सिंह परिवार की आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गणपति बप्पा की विदाई में शुक्रवार को काशी का नजारा देखते ही बना। गणेशोत्सव के पांचवें दिन काशी मराठा समाज की ओर से आसभैरो स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित अनुष्ठान का समापन हुआ। इसके बाद निकली लालबाग के राजा की भव्य शोभायात्रा में भक्ति, उत्साह और महाराष्ट्र की संस्कृति का रंग देखने को मिला। विभिन्न रंगों के फूलों से सजे भव्य रथ पर लालबाग के राजा को विराजमान कराया गया। जैसे ही शोभायात्रा आगे बढ़ी, सड़कें ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर गणेशजी का स्वागत किया। शोभायात्रा में महाराष्ट्र से आया 80 सदस्यीय ढोल-ताशा दल खास आकर्षण रहा। ढोल-ताशों की जोरदार थाप पर दल के सदस्यों ने पारंपरिक कलाओं और प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि राहगीर भी ठहरकर देखने लगे। ढोल की गूंज के साथ श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते नजर आए। भक्तों ने अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देते हुए ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का जयघोष किया। वीडियो देखने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें…
संभल पुलिस ने 2 किलो 576 ग्राम चरस बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद चरस की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई गई है। शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे एएसपी (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत ने बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया। मामला रजपुरा थाना क्षेत्र के लहरारतू गांव की पुलिया के पास का है। तीनों आरोपी सिंघौला दौलत सिंह के निवासी एएसपी मनोज कुमार रावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेजवीर पुत्र वीर सिंह, अजय वाल्मीकि पुत्र किशनलाल और अजय उर्फ कुंवर पुत्र लीलाधर के रूप में हुई है। तीनों सिंघौला दौलत सिंह गांव के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से कुल 2 किलो 576 ग्राम चरस, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 1,550 रुपये नकद बरामद हुए हैं। रजपुरा थाने में उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक लाभ के लिए आसपास के गांवों के लोगों से सस्ती चरस खरीदते थे और इसे बड़े कस्बों में महंगे दामों पर बेचते थे। आरोपियों से अलग-अलग बरामदगी पुलिस के मुताबिक, तेजवीर के पास से 1 किलो 142 ग्राम चरस, एक मोबाइल और 1,050 रुपये मिले। अजय वाल्मीकि से 1 किलो 44 ग्राम चरस, एक मोबाइल और 500 रुपये बरामद हुए। वहीं, अजय उर्फ कुंवर के पास से 390 ग्राम चरस, एक मोबाइल, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे और एक मोटरसाइकिल मिली। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
खरवार समाज को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग:डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
महराजगंज में खरवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रादेशिक खरवार संघ ने आवाज उठाई। संघ के कोषाध्यक्ष आरत प्रसाद खरवार जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए खरवार समाज के पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की। साथ ही सभी संबंधित तहसीलों में स्पष्ट आदेश जारी कर उसका पालन सुनिश्चित कराने की अपील की। डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन प्रादेशिक खरवार संघ के कोषाध्यक्ष आरत प्रसाद खरवार ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि खरवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों को दूर किया जाना जरूरी है। इसके लिए शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने की मांग की गई। संविधान और न्यायालय के आदेश का दिया हवाला आरत प्रसाद खरवार ने ज्ञापन में कहा कि भारतीय संविधान लागू होने के बाद अनुच्छेद 338ए और 338 में संशोधन किए गए। उन्होंने बताया कि इन प्रावधानों की व्याख्या इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2021 के आदेश में की गई थी। संघ की ओर से इसी कानूनी और प्रशासनिक संदर्भ को आधार बनाकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग रखी गई है। 2021 और 2025 के शासन निर्देशों का उल्लेख उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 28 सितंबर 2021 को और शासन की ओर से 16 जून 2025 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। उनका कहना है कि इन निर्देशों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को खरवार समाज के पात्र लोगों के जाति प्रमाण पत्र के मामलों में कार्रवाई करनी चाहिए। जाति प्रमाण पत्र जारी करने से जुड़े सरकारी प्रावधानों के लिए महराजगंज जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी प्रमाणपत्र सेवाएं उपलब्ध हैं। भारत प्रसाद खरवार की रिपोर्ट का भी हवाला ज्ञापन में भारत प्रसाद खरवार के मामले का भी उल्लेख किया गया है। आरत प्रसाद खरवार के अनुसार तहसील सदर के तहसीलदार की ओर से इस मामले में एक रिपोर्ट भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को भी आधार बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पात्र लोगों के जाति प्रमाण पत्र जारी होने का रास्ता साफ हो सके। सभी तहसीलों में आदेश लागू कराने की मांग आरत प्रसाद खरवार ने जिलाधिकारी से मांग की कि इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किया जाए और जिले की सभी संबंधित तहसीलों में उसका पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने आदेश की एक प्रति संघ को भी उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि इससे खरवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आसानी होगी और उन्हें अलग-अलग स्तर पर अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फांसी के फंदे पर लटका मिला युवक का शव:छतरपुर में बिना बताए बॉडी लेकर आए परिजन; गांव पहुंची पुलिस
छतरपुर के चंदला थाना क्षेत्र के हिरोडाबारी गांव के 22 वर्षीय जितेंद्र अहिरवार ने गुरुवार दोपहर गुड़गांव स्थित किराए के मकान में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पत्नी ने जितेंद्र के बड़े भाई को सूचना दी। भाई मौके पर पहुंचा और पत्नी की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा। परिजनों ने गुड़गांव पुलिस को सूचना नहीं दी और शव को चार पहिया वाहन से छतरपुर ले आए। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर चंदला पुलिस गांव पहुंची। शव को अस्पताल लाकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। पत्नी ने जेठ को दी सूचना, भाई मौके पर पहुंचाजितेंद्र अहिरवार हिरोडाबारी गांव का रहने वाला था। शादी दिसंबर 2023 में हुई थी। शादी के बाद वह पत्नी के साथ गुड़गांव में रहकर काम कर रहा था। गुरुवार दोपहर उसने किराए के मकान में फांसी लगा ली। घटना के बाद उसकी पत्नी ने अपने जेठ और जितेंद्र के बड़े भाई को जानकारी दी। भाई गुड़गांव में ही दूसरी जगह रहता था। वह मौके पर पहुंचा। जितेंद्र के भाई ने पत्नी की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस को सूचना दिए बिना शव छतरपुर लाएघटना के बाद परिजनों ने गुड़गांव पुलिस को सूचना नहीं दी। वे शव को चार पहिया वाहन से गुड़गांव से छतरपुर ले आए। गुरुवार-शुक्रवार की रात शव हिरोडाबारी गांव पहुंचा। सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने चंदला थाना पुलिस को सूचना दी। चंदला अस्पताल में पोस्टमार्टम की कार्रवाईसूचना मिलते ही चंदला थाना पुलिस गांव पहुंची। पुलिस शव को चंदला अस्पताल लेकर आई। यहां पंचनामा बनाने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चला है। मामले की जांच की जा रही है। जीरो पर केस दर्ज कर गुड़गांव भेजी जाएगी केस डायरीचंदला थाना पुलिस के मुताबिक, पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद जीरो पर केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद केस डायरी गुड़गांव के संबंधित थाने भेजी जाएगी। घटना गुड़गांव में हुई है। इसलिए आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई गुड़गांव पुलिस करेगी।
हरियाणा के सोनीपत सिविल अस्पताल में शुक्रवार को महिला मरीज का फोन चोरी कर भाग रहा युवक तीसरी मंजिल से कूद गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। महिला के शोर मचाने पर अस्पताल स्टाफ युवक का पीछा कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। अभी युवक की पहचान नहीं हो पाई है। युवक की उम्र 30 से 35 साल के बीच है। शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला के साइड वाले बेड पर आकर लेटा मेडिकल वार्ड में भर्ती प्रीति ने बताया कि तबीयत खराब होने की वजह से वह आज ही अस्पताल में भर्ती हुई थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे एक युवक वार्ड में घूम रहा था। उन्हें लगा कि वह किसी मरीज के साथ आया है। इसके बाद वह उनके साइड वाले खाली बेड पर आकर लेट गया। दर्द की वजह से उनकी भी आंख लग गई। महिला की आंख लगी तो फोन उठाकर भागा प्रीति ने बताया कि उनके सोने के बाद युवक ने बेड से उनका फोन उठा लिया और भागने लगा। चादर हिलने की वजह से उनकी आंख खुल गई। उन्होंने तुरंत स्टाफ को सूचना दी कि युवक उनका फोन लेकर भाग रहा है। इसके बाद स्टाफ उसके पीछे भागा। प्रीति के मुताबिक, डर की वजह से युवक तीसरी मंजिल से कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई। युवक की उम्र करीब 30 से 35 साल थी। इस घटना में उनका फोन भी टूट गया। CMO बोलीं- गार्ड्स संदिग्धों से करेंगे पूछताछ सिविल अस्पताल की चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. अलंकृता गेरा ने कहा कि हमने हर वार्ड के बाहर लोहे के गेट लगवा दिए हैं। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। मेडिकल वार्ड में आने वाले लोगों पर गार्ड नजर रखेंगे और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाएगी।
इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार पर घेरा और कहा, सरकार की लापरवाही और कमजोर तैयारियों के कारण प्रदेश में लगभग 7600 गायें लंपी वायरस की चपेट में आ चुकी हैं और 70 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप से पशुपालकों में दहशत का माहौल है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।अभय चौटाला ने सिरसा मीडिया को जारी बयान में कहा, पशुपालकों की आजीविका पशुधन पर निर्भर है, लेकिन भाजपा सरकार उनकी इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। सरकार के पास बीमारी की रोकथाम के लिए समय था, संसाधन थे और इनेलो ने समय रहते सरकार को संभावित खतरे से आगाह भी किया था, लेकिन सरकार ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। आज सरकार की इसी लापरवाही का खामियाजा प्रदेश के पशुपालकों को अपने पशुधन की कीमत चुकाकर भुगतना पड़ रहा है। इससे पहले भी लंपी के कारण कई गोवंश की जान चुकी है। इसलिए सरकार एवं पशुपालन विभाग टीकाकरण कर उचित कदम उठाए। इनेलो ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा अभय चौटाला बोले, विधानसभा के मानसून सत्र में इनेलो पार्टी की तरफ से लंपी बीमारी की रोकथाम और उपचार को लेकर सरकार से सवाल किया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सरकार ने 19 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, जबकि उस समय तक केवल 13 लाख 42 हजार पशुओं का ही टीकाकरण हो पाया था। ये मांग की इनेलो की मांग की कि सरकार युद्धस्तर पर टीकाकरण और उपचार अभियान चलाए, प्रत्येक गांव में पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाए तथा लंपी बीमारी से पशु गंवाने वाले पशुपालकों को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि सरकार को अब भी चेत जाना चाहिए, क्योंकि पशुपालकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सिरसा में अभी प्रकोप कम हुआ हालांकि, सिरसा जिले की बात करे तो अभी लम्पी का प्रकोप पहले से कम हुआ है। पहले काफी पशुओं में लम्पी के लक्षण देखने को मिले हैं। इस बारिश के बाद लम्पी के केस बढ़ सकते हैं। कुछ जिलों में बारिश हुई है तो वहां लम्पी के केस बढ़ गए और कुछ पशुओं की मौत हो गई।
जौनपुर में समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर शुक्रवार को वरिष्ठ नेता शिवदयाल चौरसिया की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सदर चुंगी, अल्फस्टीनगंज स्थित कार्यालय में हुआ। जिला उपाध्यक्ष श्याम बहादुर पाल के नेतृत्व में यह आयोजन सादगी से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम बहादुर पाल ने की। मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शिवदयाल चौरसिया के चित्र पर फूल चढ़ाए। सभी ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद किया। पिछड़े वर्गों की आवाज बुलंद की थी इस मौके पर एक गोष्ठी भी हुई। इसे संबोधित करते हुए श्याम बहादुर पाल ने कहा कि शिवदयाल चौरसिया ने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों की आवाज बुलंद की थी। पाल ने आगे कहा कि उनके विचार और संघर्ष समाजवादियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। गोष्ठी का संचालन जिला महासचिव आरिफ हबीब ने किया। इस कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र सदर के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव, अंकुश मौर्य, संदीप बिंद और सतीश विश्वकर्मा समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
इंदौर शहर में गणेशोत्सव के बाद प्रतिमाओं के सम्मानपूर्वक और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन के लिए इंदौर नगर निगम ने कमर कस ली है। इस वर्ष धार रोड स्थित जवाहर टेकरी गिट्टी खदान में जमा बारिश के पानी में 25 और 26 सितंबर को पूर्ण विधि-विधान के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। निगम द्वारा तैयार की गई विशेष 'हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक' के जरिए प्रतिमाओं को विसर्जित किया जाएगा। शुक्रवार को प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर, नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जवाहर टेकरी स्थल का मौका मुआयना किया और सुरक्षा, स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर निगम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए 100 से ज्यादा श्री गणेश प्रतिमा एकत्रीकरण केंद्रों से एकत्रित की जा रही श्री गणेश प्रतिमाओं का धार रोड जवाहर टेकरी स्थित गिट्टी खदान में बारिश के दौरान जमा बारिश के पानी विधि-विधान और पूरे सम्मान के साथ विसर्जन किया जाएगा। 25 सितंबर से प्रतिमाओं के पूजन-अर्चन के बाद विसर्जन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो 26 सितंबर तक जारी रहेगी। प्रभारी महापौर और निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न स्थानों से एकत्रित श्री गणेश प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर पूर्ण सम्मान के साथ विसर्जन किया जाए। विसर्जन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा है। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से होगा ससम्मान विसर्जन नगर निगम ने जनता की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शहरभर में श्री गणेश प्रतिमाओं के एकत्रीकरण की व्यवस्था की गई है। विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए पर्यावरण हितैषी कुंडों में भी लोगों द्वारा माटी के श्री गणेश का विसर्जन किया जा सकेगा। वहीं प्रतिमाओं को ससम्मान एकत्रित कर उसी भावना के साथ सम्मानपूर्वक विसर्जित किया जाएगा। इसी उद्देश्य से वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे के निर्देशन में निगम वर्कशॉप के इंजीनियरों एवं कर्मचारियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस तकनीक के माध्यम से श्री गणेश प्रतिमाओं को बिना हाथ से पानी में उतारे सुरक्षित एवं सम्मानजनक तरीके से विसर्जित किया जाएगा। नगर निगम वर्कशॉप ने पिछले साल भी नई तकनीक पर आधारित हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैयार किया गया था। विसर्जन प्रक्रिया के दौरान एकत्रित श्री गणेश प्रतिमाओं को सर्वप्रथम हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। इसके बाद मशीन की सहायता से प्लेटफॉर्म को धीरे-धीरे एकत्रित बारिश के पानी में उतारा जाएगा। जल की सतह के भीतर निर्धारित स्तर तक पहुंचने के बाद कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का निचला हिस्सा खुलेगा, जिससे प्लेटफॉर्म पर रखी गणेश प्रतिमाएं स्वतः पानी में विसर्जित हो जाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया में प्रतिमाओं को हाथ से पानी में विसर्जित नहीं किया जाएगा।
बड़वानी में परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव शुक्रवार को एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देश में बढ़ते आंदोलनों और अग्निवीर योजना पर अपनी राय रखी। कैप्टन यादव ने अग्निवीर योजना को लेकर कहा- यह न राष्ट्रहित में है और न ही सेना के हित में। अस्थायी तौर पर किसी को कहीं भेजा जाए तो वह पूर्ण शक्ति, विश्वास और निष्ठा के साथ काम नहीं करेगा, क्योंकि यह मानवीय स्वभाव है। उसको सुरक्षा चाहिए, स्थायित्व चाहिए। सेना इस राष्ट्र का विश्वास है, राष्ट्र की सुरक्षा की अंतिम पंक्ति का अंतिम स्तंभ है, इसके बाद कुछ नहीं है। उन्होंने युवाओं को देश की ताकत और ऊर्जा बताया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र के साथ जोड़ना चाहिए, न कि राष्ट्र से दूर करना चाहिए। ‘युवाओं को ‘जेन-जी’ बुलाना पश्चिमी देशों की साजिश’ उन्होंने युवाओं को ‘जेन-जी’ या 'जेन-अल्फा' जैसे नामों से बुलाने को गलत बताया। कैप्टन यादव के मुताबिक यह युवाओं को देश से दूर करने की पश्चिमी देशों की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश जानते हैं कि युवा भारत की असली शक्ति हैं। कैप्टन यादव ने कहा कि अगर यह युवा शक्ति देश के साथ जुड़ गई, तो भारत 2047 की जगह 2037 में ही एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। उन्होंने अपील की कि युवाओं को 'जेन-जी' जैसे शब्दों से संबोधित न किया जाए, ताकि उनमें भारत के युवा होने का भाव बना रहे। कैप्टन यादव बोले- जब भ्रांति खत्म होती है, तो क्रांति आती है उन्होंने यह भी बताया कि यह पहला मौका है जब किसी संस्था का उद्घाटन फौजियों ने किया है, जबकि आमतौर पर ऐसे उद्घाटन बड़े नेता करते हैं। देश में बढ़ते आंदोलनों पर कैप्टन यादव ने कहा कि जब भी कहीं कमियां होती हैं, तो आंदोलन होते हैं। उन्होंने कहा कि जब भ्रांति खत्म होती है, तो क्रांति आती है। कैप्टन यादव ने जोर देकर कहा कि किसी को भी ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सकता। सबका मान-सम्मान होना चाहिए और सबको आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।जब देश विकासशील होता है तो हर क्षेत्र में एक साथ तरक्की नहीं होती, कुछ न कुछ छूट जाता है। छूटे हुए लोगों को इग्नोर नहीं करना चाहिए, उनको भी समझना और आगे बढ़ाना चाहिए।
यूपी के गोंडा-बहराइच समेत 4 जिलों के 11 लाख बिजली उपभोक्ता रडार पर, 263 टीमें घर-घर जाएंगी
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन जोन के गोंडा और बहराइच समेत चार जिलों के 11 लाख बिजली उपभोक्ता विभाग के रडार पर हैं। बिजली ऐक्शन मोड में है। मुख्य अभियंता के निर्देश पर 263 टीमों ने घर-घर जाकर नोटिस बांटना शुरू कर दिया है।
कौशांबीके 263 माध्यमिक विद्यालयों में शुक्रवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मकसद विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मक सोच और विकसित भारत के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों में भाषण और क्विज प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इन प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपने विचारों व ज्ञान का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत की कल्पना, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और देश के विकास से जुड़े अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखे। वहीं, क्विज प्रतियोगिता में छात्रों से सामान्य ज्ञान, भारतीय इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, संविधान, मौजूदा मामलों और राष्ट्र के विकास से संबंधित सवाल पूछे गए। छात्र-छात्राओं ने जोश के साथ सवालों के जवाब देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विकास यात्रा से जोड़ना था। इसका लक्ष्य उनमें रचनात्मकता, ज्ञान बढ़ाना, प्रतिस्पर्धा की भावना और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी पैदा करना भी था। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने छात्रों को प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। सेवा संकल्प अभियान की इन प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को 'मेरे सपनों का भारत' की कल्पना से जोड़ा गया। उन्हें विकसित और सशक्त भारत बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
बरेली में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर देश में चल रही बहस के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने इसके प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय यूसीसी को शरीयत में हस्तक्षेप करने वाला कानून मानता है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी कानून लागू करने से पहले अलग-अलग समुदायों की सामाजिक, धार्मिक और कानूनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। मौलाना ने बताया कि अलग-अलग राज्यों में सामाजिक और धार्मिक हालात एक जैसे नहीं हैं। ऐसे में किसी एक राज्य में बने यूसीसी मॉडल को पूरे देश में लागू करना ठीक नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि पूर्वोत्तर राज्यों में नागा और मिजो समेत कई आदिवासी समुदायों की अपनी पारंपरिक सामाजिक और कानूनी व्यवस्थाएं हैं। इन व्यवस्थाओं को संविधान से सुरक्षा मिली हुई है। इसलिए यूसीसी लागू करते समय इन खास प्रावधानों का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक आजादी का अधिकार देता है। मुस्लिम समुदाय का मानना है कि यूसीसी से उनकी धार्मिक और शरीयत पर आधारित व्यक्तिगत व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से संगठन यूसीसी लागू न करने की मांग कर रहा है। मौलाना ने आगे कहा कि यूसीसी के विरोध में लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना नागरिकों का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने मुस्लिम संगठनों और प्रदर्शनकारियों से गुजारिश की कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहें। किसी भी तरह की हिंसा, उकसावे या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान लोगों को शांति बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाए। सभी गतिविधियां कानून के दायरे में रहकर ही की जाएं। संगठन ने साफ किया कि यूसीसी को लेकर अपनी आपत्ति लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से ही बताई जाएगी।
रामपुर में बारिश और तेज हवाओं से धान, गन्ना, उड़द और मूंग की फसल को हुए नुकसान के बाद किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे आंदोलन की रणनीति बनाई। भारतीय किसान यूनियन के कार्यालय पर किसानों की बैठक हुई। इसमें मौसम से खराब हुई फसलों का मुद्दा उठाया गया। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। गन्ने की फसल भी तेज हवाओं से प्रभावित हुई है। उड़द और मूंग की फसल को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में उनकी मेहनत और लागत लगी है। ऐसे में मौसम की मार से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने कहा कि बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत खराब कर दी है। धान, गन्ना, उड़द और मूंग की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में टीम भेजकर खेतों का मौके पर सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान प्रत्येक फसल के नुकसान का सही आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। किसानों ने बैठक में कहा कि प्रशासन को बिना देरी किए फसल नुकसान का सर्वे शुरू कराना चाहिए। बैठक में किसानों ने आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि यदि प्रशासन की ओर से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो संगठन आंदोलन करेगा। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। अब उन्हें प्रशासन से राहत की उम्मीद है। किसानों ने मांग की कि संबंधित विभागों की टीमें खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लें और रिपोर्ट तैयार करें, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके।
बालोतरा जिले की नई बनी धोरीमन्ना नगर पालिका में जेन जी कीर्ति गोसाईवाल पहली अध्यक्ष निर्विरोध बनी हैं। अध्यक्ष पद के लिए इसके अलावा किसी पार्षद ने नामांकन दाखिल नहीं किया। आज एसडीएम ने निर्विरोध निर्वाचित कर दिया। वहीं अध्यक्ष पद का प्रमाण-पत्र सौंप दिया। धोरीमन्ना नगर पालिका की पहली अध्यक्ष बनी हैं। इनकी उम्र 21 साल 47 दिन है। कीर्ति के पिता घेवर सिंह राजस्थान पुलिस ने सीआई पद से वीआरएस विधानसभा चुनाव से पहले लिया था। तब बिलाड़ा से खुद टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिली। इसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर एक्टिव हैं। कीर्ति गोसाईवाल ने बताया- मेरा सपना सिविल सर्विस में जाने का था। लेकिन पॉलिटिक्स में मुझे रूचि थी। मुझे धोरीमन्ना की जनता ने मुझे मौका दिया। पहले पार्षद बन गई। फिर हम उन्होंने मुझे नगर पालिका अध्यक्ष बना दिया। मैं मंत्री के.के. विश्नोई और पूरी भाजपा टीम को आभार व्यक्त करती हूं। मेरी प्राथमिकता रहेगी कि धोरीमन्ना की जनता के हर दुख सुख में भाग लूं। उनकी हर समस्या का जितना जल्दी हो सके समाधान करूं। धोरीमन्ना की कमान जेन जी के हाथ में दरअसल, बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में 20 वार्ड है। इसमें भाजपा ने 14 सीटें जीती। वहीं कांग्रेस 3 सीट पर ही सिमट गई। 3 निर्दलीय पार्षद बनें। 16 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल भाजपा से कीर्ति गोसाईवाल ने किया। वहीं कांग्रेस और निर्दलीय से किसी ने कोई नामांकन दाखिल नहीं किया। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पत्र की जांच और नाम वापसी के बाद कीर्ति को निर्विरोध निर्वाचित किया। शुक्रवार को एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई ने प्रमाण-पत्र सौंपा। अब धोरीमन्ना नगर पालिका की कमान 21 साल की बेटी के हाथ में है। वार्ड 7 से लड़ा चुनाव धोरीमन्ना नगर पालिका पहली जेन जी अध्यक्ष कीर्ति गोसाईवाल इसी साल बीए की थी। इस साल एमए की तैयारी कर रही है। इनके पिता जोधपुर में रहते हैं। इनके चाचा और पूरा परिवार धोरीमन्ना रहता है। धोरीमन्ना में यह आते-जाते रहते हैं। कीर्ति गोसाईवाल ने नगरपालिका चुनाव में वार्ड संख्या 7 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 9 वोट के अंतर से हराकर पार्षद का चुनाव जीता। इसके बाद भाजपा ने उन्हे अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के दौरान कांग्रेस व निर्दलीय पक्ष की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। पहली अध्यक्ष बेटी बनी धोरीमन्ना नगर पालिका बनने के बाद पहली बार चुनाव हुए। इस चुनाव में पहली बार पार्षद चुने गए। अब पहली बार अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। ऐसे में 21 साल गोसाईवाल का निर्विरोध अध्यक्ष बनना धोरीमन्ना के नगर पालिका इतिहास में पहली राजनीतिक घटना बन गया है।
मक्का समझौते पर मौलाना कल्बे जवाद ने उठाए सवाल:कहा- मुस्लिम देशों को मतभेद छोड़कर सहयोग बढ़ाना चाहिए
मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद नकवी ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने समझौते की प्रभावशीलता और इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए। मौलाना ने कहा कि किसी भी समझौते की वास्तविक अहमियत उसके प्रभावी क्रियान्वयन से होती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि भविष्य में इजराइल की ओर से पाकिस्तान या तुर्किये पर हमला होता है तो समझौते के तहत सऊदी अरब की क्या भूमिका होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता बाहरी दबाव में हुआ है और इसकी व्यावहारिकता को लेकर सवाल बने हुए हैं। मौलाना ने सऊदी अरब पर हुए हमले के बाद सामने आए कुछ बयानों का हवाला देते हुए समझौते की गंभीरता पर भी सवाल उठाए। मौलाना ने क्षेत्र में ड्रोन घटना और उससे जुड़ी चर्चाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को लेकर स्पष्ट और निष्पक्ष जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि किसी समुदाय या देश के प्रति गलत धारणा न बने। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उन्होंने प्रस्तुत नहीं की। उन्होंने अमेरिका, इजराइल और अरब देशों की नीतियों पर भी अपनी राय व्यक्त की और कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मुस्लिम देशों के बीच आपसी सहयोग और एकता की आवश्यकता है। उन्होंने ईरान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके अनुसार ईरान ने दबाव के बावजूद अपनी नीतियों पर कायम रहने का रुख अपनाया है। मौलाना ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आपसी मतभेदों को बढ़ाने के बजाय एकता और सहयोग पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से एकता बनाए रखने और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर सतर्क नजर रखने की अपील की।
ललितपुर में शुक्रवार दोपहर 2 बजे नाराहट थाना क्षेत्र के दिगवार गांव के 25 से ज्यादा किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने बारिश से खराब हुई फसलों का बीमा क्लेम दिलाने की मांग की है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि नाराहट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ने उन्हें जानकारी दी है। बैंक के मुताबिक, दिगवार गांव बीमा के पोर्टल पर नोटिफाइड नहीं हो रहा है। इस वजह से बीमा की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है और गांव के किसानों को बीमा की रकम नहीं मिल पाएगी। बीमा प्रीमियम की रकम काटी जा रही किसानों का कहना है कि पिछले पांच साल से उनके खातों से बीमा प्रीमियम की रकम काटी जा रही है। इसके बावजूद बीमा की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है, जिससे वे बहुत परेशान हैं। इससे पहले साल 2025 में भी किसानों को कोई बीमा रकम नहीं मिली थी। किसानों ने मांग की है कि फसल बीमा के पोर्टल पर दिगवार गांव को नोटिफाइड किया जाए। साथ ही, बीमा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए ताकि उन्हें उनका हक मिल सके। ज्ञापन देते समय बाबी राजा, कल्ला, रामलाल, हरदास, राघवेंद्र सिंह, रामेश्वर, रामपाल और रामचंद्र बख्श समेत कई किसान मौजूद थे।
पंचकूला पुलिस युवाओं को नशे के बुरे प्रभाव के बारे में जागरूक करने और छात्रों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी लाने के लिए लगातार स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। पुलिस छात्रों को नशे से दूर रहने, अपने साथियों को भी नशे के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में सुरजपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक की टीम पिंजौर के मढ़ावाला इलाके में स्थित सरकारी स्कूल पहुंची थी। यहां पुलिस कर्मचारियों ने छात्रों से बातचीत करके उन्हें यातायात नियमों की जानकारी दी थी। एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र सिंह के मुताबिक, छात्रों को सड़क पर सुरक्षित यात्रा, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तय स्पीड में गाड़ी चलाने, ट्रैफिक सिग्नल मानने और नाबालिगों को गाड़ी न चलाने के बारे में जागरूक किया गया था। नशे से दूर रहने का दिया संदेश इस दौरान पुलिस टीम ने छात्रों को नशे के बुरे असर के बारे में भी जागरूक किया और नशे से दूर रहने का संदेश दिया था। पुलिस कर्मचारियों ने छात्रों को बताया था कि नशा किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर बुरा असर डाल सकता है। छात्रों को अपने आसपास नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और नशे से जुड़े कई सवाल पुलिस टीम से पूछे। पुलिस कर्मचारियों ने छात्रों के सवालों के सरल और सही जवाब देकर उनके सभी भ्रम दूर किए।
इंदौर में तेज रफ्तार कार ने मां-बेटी को मारी टक्कर:60 फीट रोड का CCTV सामने आया, दोनों घायल
इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने मां-बेटी को टक्कर मार दी। हादसा 60 फीट रोड पर हुआ। आसपास के रहवासियों और राहगीरों ने दोनों को निजी अस्पताल पहुंचाया। एरोड्रम इलाके के 60 फीट रोड पर हुए हादसे का शुक्रवार को सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इसमें तेज रफ्तार कार मां-बेटी को टक्कर मारती दिखाई दे रही है। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के रहवासी और राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला और बच्ची को संभाला और इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल पहुंचाया। हादसे में कान्यकुब्ज नगर निवासी श्वेता के शरीर और सिर में चोटें आई हैं। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उनके घावों पर टांके लगाए। बच्ची को भी मामूली चोटें आई हैं। इधर, मामले में एरोड्रम पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस ने हादसे की जानकारी होने से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आसपास के अस्पतालों में मां-बेटी के बारे में जानकारी जुटा रही है।
गया में पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गया रेलवे जंक्शन पर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, सदर एसडीओ, एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी समेत कई अधिकारियों ने जंक्शन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने, पीने के पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने शौचालय, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी तैयारियों को बारीकी से परखा। पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गया आते हैं। गया जंक्शन उनके आने-जाने का मुख्य केंद्र होता है। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर व्यवस्थाएं कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम के व्यवस्थाएं देखी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम की व्यवस्था देखी। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और इंतजार करने की सुविधा परखी गई। वेटिंग रूम के साथ ही शौचालयों की साफ-सफाई और उनके रखरखाव की भी समीक्षा हुई। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए लगाए जाने वाले टेंट का भी जायजा लिया गया। ट्रेन और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले और अनाउंसमेंट से मिलेगी, इसकी व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों ने पीने के पानी और मेडिकल सुविधा की भी समीक्षा की। किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत इलाज मिल सके, इस पर जोर दिया गया। भीड़ और यात्रियों की समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी देखी गई। गया जंक्शन पर संकरे फुटओवर ब्रिज पर खास नजर रखी जाएगी। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यहां भीड़ का दबाव न बढ़े, इसके लिए विशेष पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। भीड़ की स्थिति के अनुसार यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाएगा। अब डिस्प्ले बताएगा किस ट्रेन का कौन सा प्लेटफॉर्म रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। स्टेशन पर जिन स्थानों पर श्रद्धालु ठहरेंगे या ट्रेनों का इंतजार करेंगे, वहां ट्रेन के नाम/नंबर और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ट्रेनों के प्लेटफॉर्म और आवागमन से संबंधित जानकारी का अनाउंसमेंट भी लगातार किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को ट्रेन पकड़ने के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाओं को संचालित करने पर जोर दिया। पितृपक्ष मेले में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुरक्षित आवागमन और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन पर सुरक्षा से लेकर सुविधा तक हर मोर्चे पर तैयारी की जा रही है। पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों के लिए गांधी मैदान में 2500 क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण गया शहर के गांधी मैदान में 2500 तीर्थयात्रियों की क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों को निशुल्क ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और सीनियर एसपी सुशील कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर निर्माणाधीन टेंट सिटी का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने टेंट सिटी के ले-आउट, नक्शा, डायग्राम एवं डी-मार्किंग का जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टेंट सिटी का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह पूरी तरह हवादार एवं सुरक्षित रहे। उन्होंने टेंट के नीचे कम-से-कम 4 इंच ऊंचाई का वुडेन फ्रेम तैयार कराने का निर्देश दिया, ताकि बारिश अथवा जमीन पर पानी रहने की स्थिति में भी टेंट में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। टेंट सिटी में उपलब्ध रहेंगी व्यापक सुविधाएं टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। यहां 24 घंटे पावर बैकअप, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए आरओ वाटर, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात होंगे सिक्योरिटी गार्ड यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर साइनेज लगाए जाएंगे। टेंट सिटी परिसर में सीसीटीवी कैमरे, वीआईपी लाउंज, टॉयलेट, रिसेप्शन एरिया, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सेल्फी प्वाइंट एवं एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की पालियों में सिक्योरिटी गार्ड की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। सामान की सुरक्षा के लिए बनेगा सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तीर्थयात्रियों के सामान की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री तर्पण एवं पिंडदान के लिए जाते समय अपना सामान टेंट सिटी में ही छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में सामान की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टेंट सिटी में सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर की व्यवस्था करने तथा टोकन सिस्टम के माध्यम से यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, ताकि तीर्थयात्री निश्चिंत होकर अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर एवं यात्री रजिस्टर की होगी व्यवस्था जिलाधिकारी ने टेंट सिटी के समीप ‘मे आई हेल्प यू’ (May I Help You) काउंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। इस काउंटर के माध्यम से बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने टेंट सिटी में ठहरने वाले यात्रियों का रजिस्टर में संधारण करने का भी निर्देश दिया, जिसमें यात्रियों की आवश्यक जानकारी एवं उनके ठहरने की अवधि दर्ज की जाए। इससे यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि कौन-कौन से तीर्थयात्री टेंट सिटी में कितने दिनों तक ठहरे हैं।
धौलपुर जिले को जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) से 33 नए टेक्नीशियन-III (प्रोबेशन ट्रेनी) मिले हैं। इन्हें जिले के अलग-अलग OM उपखंडों में तैनात किया गया है। फील्ड में बिजली संबंधी जिम्मेदारी संभालने से पहले सभी टेक्नीशियनों को 14 दिन का बेसिक प्रैक्टिकल इंडक्शन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी जानकारी के साथ सुरक्षित तरीके से काम करने और बिजली दुर्घटनाओं से बचाव के जरूरी तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शुक्रवार को सभी 33 टेक्नीशियनों को सर्टिफिकेट दिए गए। शटडाउन और अर्थिंग का कराया अभ्यास प्रशिक्षण में टेक्नीशियनों को बिजली लाइनों और सिस्टम पर काम करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। बिजली का काम शुरू करने से पहले शटडाउन लेने, अर्थिंग करने और सुरक्षा उपकरणों का सही इस्तेमाल करने का प्रैक्टिकल अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही तय सुरक्षा नियमों का पालन करने और बिजली दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड की समस्याओं पर भी हुई चर्चा ट्रेनिंग के दौरान नए टेक्नीशियनों से बातचीत कर फील्ड में काम करते समय सामने आने वाली दिक्कतों और समस्याओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने समस्याओं का समाधान करने और सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए जरूरी सलाह दी। प्रशिक्षण का उद्देश्य तकनीकी कर्मचारियों को वास्तविक फील्ड परिस्थितियों के लिए तैयार करना भी रहा। अधिकारियों के निर्देश पर हुआ प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण कार्यक्रम JVVNL के मुख्य कार्मिक अधिकारी हरिभूषण भाटिया के निर्देश पर आयोजित किया गया। इसका संचालन धौलपुर जिले के कार्मिक अधिकारी अंकित फेलिक्स मार्टिन की देखरेख में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी कार्यों के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर रहा। सर्टिफिकेट देकर दी शुभकामनाएं 14 दिन का प्रशिक्षण पूरा होने पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में सभी 33 टेक्नीशियन-III को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस दौरान कार्मिक अधिकारी अंकित फेलिक्स मार्टिन ने प्रशिक्षणार्थियों को अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली तकनीकी जानकारी और सुरक्षा संबंधी सीख को फील्ड में प्रभावी ढंग से लागू करें। बिजली के काम के दौरान सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देते हुए निर्धारित नियमों का पालन करें। अब OM उपखंडों में संभालेंगे जिम्मेदारी प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब सभी 33 टेक्नीशियन-III अपने-अपने OM उपखंडों में फील्ड का काम संभालेंगे। इससे उन्हें बिजली व्यवस्था से जुड़े तकनीकी कार्यों में सीधे जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलेगा।
सतना जिले के चित्रकूट नगर परिषद क्षेत्र के थरपहाड़ गांव में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को 28 वर्षीय गोरे सिंह की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन और ग्रामीण उन्हें झोली और टाट में बांधकर कंधे पर टांगकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक ले गए। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। घटना का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उल्टी-दस्त से कमजोर हुए गोरे सिंह जानकारी के मुताबिक, गोरे सिंह को लगातार उल्टी-दस्त हो रहे थे। इससे उनकी हालत कमजोर हो गई थी। गांव तक पक्का रास्ता नहीं होने के कारण परिजन उन्हें सीधे वाहन से अस्पताल नहीं ले जा सके। इसके बाद ग्रामीणों ने मरीज को झोली और टाट में बांधा और कंधे पर टांगकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार और दवा देने के बाद उन्हें वापस घर लाया गया। घर लौटते समय भी ग्रामीणों को गोरे सिंह को कंधे पर लेकर करीब डेढ़ किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ा। मरीज, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को उठाकर ले जाना मजबूरी ग्रामीणों का कहना है कि थरपहाड़ में यह पहली घटना नहीं है। गांव में जब भी किसी मरीज, बुजुर्ग या गर्भवती महिला की तबीयत खराब होती है, तो उन्हें इसी तरह कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बारिश के दिनों में कच्चे और खराब रास्ते की स्थिति और बिगड़ जाती है। टेंडर की बात, मौके पर अब तक काम शुरू नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण को लेकर अधिकारी लंबे समय से काम शुरू होने की बात कह रहे हैं। टेंडर होने की जानकारी भी दी जाती है, लेकिन मौके पर अब तक न ठेकेदार पहुंचा और न ही काम शुरू हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार लोगों से सड़क निर्माण को लेकर सवाल करने पर भोपाल स्तर पर मंजूरी अटकी होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांव के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल सकी है।
चूरू जिले के राजलदेसर थाना क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। यह हादसा रेलवे अंडरब्रिज के पास हुआ। राजलदेसर थानाधिकारी बेगाराम ने बताया कि बीकानेर से दिल्ली जा रही ट्रेन की चपेट में आने से यह घटना हुई। मृतक की पहचान राजलदेसर के वार्ड दो निवासी हरिराम जाट (30) के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद राजलदेसर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को राजकीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर शव अंतिम संस्कार के लिए उन्हें सौंप दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत:पांच घंटे बाद हुई पहचान, लखीसराय का रहने वाला था मृतक
शेखपुरा में दानापुर रेल मंडल के किऊल-गया रेलखंड पर एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को कुरौता-पतनेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर हुई। करीब पांच घंटे बाद मृतक की पहचान लखीसराय निवासी इंद्रजीत कुमार के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय रेल प्रशासन ने कुरौता स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर एक युवक का शव पड़े होने की जानकारी दी थी। तीन-चार साल पहले पत्नी से हुआ था तलाक सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से खबर फैलने के बाद परिजन शेखपुरा पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान इंद्रजीत कुमार के रूप में की। इंद्रजीत लखीसराय में समरसेबल का सर्विस सेंटर चलाते थे। बताया गया कि इंद्रजीत किसी काम से गयाजी शहर गए थे। देर रात वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। हालांकि, वह ट्रेन से किस तरह गिरे, इसकी साफ जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। परिजनों के अनुसार, इंद्रजीत का करीब तीन-चार साल पहले पत्नी से तलाक हो गया था। उनकी एक बच्ची है जो अपनी मां के साथ रहती है। बड़े भाई और भाभी के साथ रहता था उनके पिता धनबाद में नौकरी करते थे और करीब दो साल पहले माता-पिता दोनों का निधन हो गया था। इसके बाद वह अपने बड़े भाई और भाभी के साथ रहते थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जीआरपी थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने आशंका जताई है कि युवक ने आत्महत्या की है। पुलिस घटना के कारणों और युवक के ट्रेन से गिरने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। छानबीन के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा।
सीएम धामी ने भी माना ‘Gen-Z’ का लोहा, मगर दे दिया नया नाम ‘इन-जी', मतलब भी बताया
मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को स्टूडेंट्स से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे जेन-जी को इन-जी कहते हैं। सीएम ने कार्यक्रम के दौरान वे जेन-जी को इन-जी क्यों कहते हैं इसके बारे में बताया।
बारां में माय भारत केंद्र की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की दूसरी बैठक शुक्रवार को हुई। यह बैठक अतिरिक्त जिला कलेक्टर भंवरलाल जनागल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य मकसद विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग क्विज में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी तय करना था। साथ ही, माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। शुरुआत में जिला युवा अधिकारी कुमार मधुकर ने अतिथियों का स्वागत किया और एजेंडा पेश किया। उन्होंने पहली बैठक के बाद पोर्टल पर हुए पंजीकरण की प्रगति रिपोर्ट रखी और क्विज के बारे में पूरी जानकारी दी। इस बैठक में सीईओ जिला परिषद, लीड बैंक मैनेजर, जिला प्रबंधक आरएससीबी, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जिला उद्योग केंद्र, सीओ स्काउट, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को बताया गया कि माय भारत पोर्टल युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार का एक खास मंच है। यह ग्रामीण युवाओं को घर बैठे कई मौकों से जोड़ता है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण कराएं। उन्होंने पंचायत समिति स्तर के शिविरों में माय भारत स्वयंसेवकों द्वारा क्विज के लिए भी पंजीकरण करवाने को कहा।
गोरखपुर में संजय निषाद ने फूलन देवी का जिक्र कर सपा-कांग्रेस पर वादा नहीं निभाने का आरोप लगाया
18 सितंबर, शुक्रवार: गोरखपुर में मंत्री संजय निषाद ने फूलन देवी का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फूलन देवी एक आइकन थीं और दावा किया कि निषाद समुदाय से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने वादे पूरे नहीं किए।
इंदौर के भारत जोड़ो मैदान में होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजकों ने युवाओं और छात्रों की एंट्री से लेकर सुरक्षा तक के लिए कई नियम जारी किए हैं। ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वालों को फोटो पहचान पत्र साथ लाना होगा और एंट्री गेट पर अपना रजिस्ट्रेशन लिंक दिखाना होगा। राहुल गांधी ने पूछा- क्या खिला रहे हो इंदौर? राहुल गांधी ने इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “कल क्या खिला रहे हैं, इंदौर? पोहा, जलेबी या कुछ और।” इस पोस्ट पर इंदौर के लोगों ने अलग-अलग कमेंट कर जवाब दिए। किसी ने दाल-बाटी तो किसी ने इंदौरी सेव और सेव-मिक्सचर का नाम लिखा। एक यूजर ने लिखा कि इंदौर में क्या खिला रहे हो, यह पूछना सबसे खतरनाक है, क्योंकि यहां खाने की लिस्ट खत्म नहीं होती। डोम और मंच तैयार, एंट्री गेट बनाने का काम जारी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए डोम लगाया जा चुका है और मंच पूरी तरह तैयार है। मैदान में पोस्टर लगाए गए हैं। 250 कांग्रेस नेताओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की गई है। मंच पर साउंड की टेस्टिंग भी हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन के लिए बाहर काउंटर बनाया गया है, जबकि एंट्री गेट बनाने का काम जारी है। राहुल गांधी का संभावित कार्यक्रम राहुल गांधी दोपहर 1:30 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे होटल रेडिसन पहुंचेंगे। शाम 6 बजे होटल से रवाना होंगे और शाम 6:45 बजे रीजनल पार्क स्थित सभा स्थल पहुंचेंगे। रात 8 बजे कार्यक्रम स्थल से रवाना होने का संभावित कार्यक्रम है। मंच पर लगे पोस्टरों में फीस और रोजगार का मुद्दा मंच के मुख्य पोस्टर पर ‘घोटालों का घेरा है, तभी भविष्य अंधेरा है’ लिखा गया है। इसके अलावा मंच के दोनों ओर छात्रों की समस्याओं से जुड़े बैनर लगाए गए हैं। इनमें ‘फीस बढ़ी, मुश्किल हुई पढ़ाई, छात्र पूछें कब होगी सुनवाई?’ और ‘स्कूल है पर पढ़ाई नहीं, डिग्री है पर कमाई नहीं’ जैसे स्लोगन लिखे गए हैं। छात्र-छात्राओं के बैठने की अलग व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर कुल 7 एंट्री गेट बनाए गए हैं। रीजनल पार्क के सामने से VIP के लिए 2 और VVIP के लिए 1 अलग गेट रहेगा। छात्रों और छात्राओं के लिए भी अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। मुख्य डोम में मंच के सामने दाईं तरफ छात्रों और बाईं तरफ छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। राहुल गांधी और कार्यक्रम में शामिल होने वाले कलाकारों के लिए पीछे की तरफ से अलग रास्ता रखा गया है। ओपन ग्राउंड तैयार, 120 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात मुख्य डोम के अलावा Gen-Z और अन्य प्रतिभागियों के लिए ओपन ग्राउंड भी तैयार किया गया है। सुविधा के लिए 30 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 15 पुरुष गार्ड, 15 महिला गार्ड, 30 महिला बाउंसर, 50 पुरुष बाउंसर और 18 ट्रैफिक मार्शल तैनात रहेंगे। इन सामानों के साथ नहीं मिलेगी एंट्री कार्यक्रम स्थल पर पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, बैग, लैपटॉप, हेलमेट, ड्रोन, इंजेक्शन, सिगरेट, लाइटर और चाकू जैसे सामान ले जाने पर रोक है। सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित सामानों की सूची के बैनर जगह-जगह लगाए गए हैं।
जयपुर। एमजेआरपी यूनिवर्सिटी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की ओर से ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘कलर्स ऑफ बायोटेक्नोलॉजी’ रखी गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रस्तुतियों और विषय आधारित गतिविधियों के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग को समझाया और प्रस्तुत किया। आयोजन में विज्ञान के साथ रचनात्मकता और गुरु-शिष्य संबंधों का समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम में बायोटेक्नोलॉजी के विभिन्न उपयोगों को तीन प्रमुख रंगों, ग्रीन, रेड और येलो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने इन रंगों के जरिए बताया कि जैव प्रौद्योगिकी का दायरा केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य, खाद्य उत्पादन और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों से है। ग्रीन बायोटेक्नोलॉजी के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास और टिकाऊ भविष्य में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका को सामने रखा। उन्होंने बताया कि आधुनिक जैव तकनीक का उपयोग प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ सतत विकास को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। कृषि क्षेत्र में इसके संभावित उपयोगों को भी विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समझाया। रेड बायोटेक्नोलॉजी को स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र से जोड़ा गया। विद्यार्थियों ने चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में जैव प्रौद्योगिकी की उपयोगिता को सरल तरीके से प्रस्तुत किया। बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के लिए जैव तकनीक किस तरह उपयोगी हो सकती है, इसे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। वहीं येलो बायोटेक्नोलॉजी के तहत खाद्य उत्पादन, ऊर्जा और स्वस्थ जीवन से जुड़े पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विषयों को आकर्षक और आसानी से समझ आने वाले तरीके से प्रस्तुत करते हुए बताया कि रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कई क्षेत्रों में बायोटेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ज्ञान, परंपरा और विज्ञान का संगम कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से ज्ञान और मार्गदर्शन के महत्व को समझाना रहा। ‘लर्निंग द पास्ट, इंस्पायरिंग द फ्यूचर’ की भावना के साथ विद्यार्थियों को बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मौजूद नई संभावनाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विषय को केवल सैद्धांतिक रूप में प्रस्तुत करने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों के जरिए समझने और समझाने का प्रयास किया। इससे विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को व्यावहारिक और रोचक तरीके से सामने लाने का अवसर मिला। आयोजन ने गुरु-शिष्य परंपरा, वैज्ञानिक सोच और भविष्य की संभावनाओं के बीच संबंध को भी रेखांकित किया।
मुजफ्फरपुर में चार साल पहले जिस युवक की हत्या का मामला दर्ज हुआ था, वो अचानक थाने पहुंच गया। पुलिस को बताया कि अपने अफेयर को छिपाने और परिवार से दूर रहने के लिए मैंने अपनी ही हत्या की झूठी साजिश रची थी। मामला मुजफ्फरपुर जिले के देवरिया थाना क्षेत्र का है। मामला 6 नवंबर 2022 को शुरू हुआ था। गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र का रहने वाला सोनू कुमार दुकान का सामान खरीदने के लिए 50 हजार रुपए नकद लेकर पटना जाने के लिए निकला था। लेकिन वह घर नहीं लौटा। तीन दिन बाद 9 नवंबर 2022 को सोनू के भाई धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। सोनू के मोबाइल से परिवार के व्हाट्सएप पर ऑडियो, सिर से खून बहती फोटो मिली इसी बीच सोनू के मोबाइल से परिवार के व्हाट्सएप पर एक ऑडियो और सिर से खून बहती हुई फोटो भेजी गई। ऑडियो में कहा गया था कि कुछ बदमाशों ने पैसे छीनकर उसकी हत्या कर दी है। इसके बाद मुजफ्फरपुर के देवरिया थाने में कांड संख्या 25/23 के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया। एसडीपीओ सरैया के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) भी बनाई गई। इस केस में असली मोड़ तब आया जब पुलिस थावे थाने में दर्ज एक युवती के अपहरण (कांड संख्या 324/22) के मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने जब दोनों मामलों की जांच की, तो खुलासा हुआ कि सोनू ने अपनी मौत का झूठा ड्रामा रचा था। वह उसी युवती को लेकर दूसरे राज्य भाग गया था। पुलिस के ढ़ते दबाव के कारण सोनू गुरुवार को देवरिया थाना पहुंचा पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण सोनू कुमार 17 सितंबर 2026 को आखिरकार खुद देवरिया थाने पहुंचा। उसने अपनी पूरी साजिश का खुलासा किया। एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर ने बताया कि सोनू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस अब फर्जी कहानी रचकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। एसडीपीओ बोलीं- पुलिस को गुमराह करने पर होगी कार्रवाई सरैया एसडीपीओ अभिजीत कौर ने कहा कि सोनू ने पूछताछ में खुद की हत्या की झूठी अफवाह फैलाने की बात स्वीकार की है। अब उसके खिलाफ मामला दर्ज मामले में और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोनू के परिजन के मोबाइल पर उसके घायल होने और मौत की सूचना के बाद खुलासे के लिए एक टीम बनाई गई थी। बाद में प्रेम प्रसंग से जुड़े एक युवती के अपहरण के मामले की जांच के दौरान दोनों मामलों के बीच कनेक्शन सामने आया था।
शिवपुरी जिला अस्पताल के बाहर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने मासूम बच्चे को लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गई। महिला काफी देर तक सड़क पर बैठी रही। इस दौरान उसने किसी से भी अपनी परेशानी साझा करने से इनकार कर दिया। महिला के सड़क पर बैठने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं। पुलिस ने पार्क ले जाकर की बातचीतमहिला के सड़क पर धरने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल के बाहर से हटाया और निर्भया पुलिस की मदद से तात्याटोपे पार्क ले गई। यहां बातचीत के दौरान महिला ने अपना नाम सीमा कुशवाह बताया। पति पर दूसरी महिला के साथ रहने का आरोपसीमा ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति शीतल कुशवाह से परेशान है। महिला का आरोप है कि उसका पति किसी दूसरी महिला के साथ रहता है। इसी वजह से वह परेशान होकर सड़क पर धरने पर बैठी थी। सीमा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने मामले को लेकर फिजिकल थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी जुटाने पर पता चला कि सीमा कुशवाह मूल रूप से गुना जिले की रहने वाली है। वह फिलहाल फिजिकल थाना क्षेत्र के करौंदी में अपने पति शीतल कुशवाह के साथ रह रही थी। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस बोली- आवेदन की जानकारी नहींफिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि थाने में महिला के संबंध में कोई आवेदन मिलने की जानकारी नहीं है। पुलिस महिला के बारे में जानकारी जुटा रही है। जानकारी मिलने के बाद उसे थाने बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानसा जिले के गांव हीरके में जमीन विवाद को लेकर किसानों ने झुनीर पुलिस थाने के बाहर धरना दिया। इसके बाद उन्होंने अर्धनगन होकर मार्च निकाला और मानसा-सिरसा रोड जाम कर दिया। किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। सरदूलगढ़ के कस्बा झुनीर में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि गांव हीरके में पंचायती जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। वह लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेताओं के कहने पर पुलिस ने पिछले दिनों 8 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये किसान इंसाफ की मांग को लेकर धरने और प्रदर्शन कर रहे थे। गांव हीरके में पंचायती जमीन से जुड़ा है मामला किसान नेता मलूक सिंह हीरके ने बताया कि गांव हीरके में पंचायती जमीन का मामला है। उनके अनुसार, पंचायत करीब 2 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर खेती कर रही है। किसानों ने इस जमीन की पैमाइश करवाने के लिए जिला प्रशासन, बीडीपीओ, एसएसपी कार्यालय और झुनीर थाने में शिकायत की थी। किसानों का आरोप है कि राजनीतिक दखल के कारण उन्हें जमीन पर उनका हक नहीं मिल रहा है। मलूक सिंह ने कहा कि जब तक किसानों को इंसाफ नहीं मिलता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नेता के कहने पर मामला दर्ज नहीं किया: एसएचओ वहीं, झुनीर थाने के एसएचओ भूपिंदरजीत सिंह ने बताया कि गांव हीरके में जमीन विवाद को लेकर पुलिस ने कानून के हिसाब से आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसएचओ ने साफ किया कि किसी भी राजनीतिक नेता के कहने पर मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस ने कानून के अनुसार ही कार्रवाई की है। विधायक ने आरोपों से किया इनकार उधर, सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न ही उन्होंने किसी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। किसानों के प्रदर्शन की PHOTOS
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 को बंद कराने और 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को दी जा रही ₹1500 की मासिक किस्त पर रोक लगाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी किया है। सरकार को 4 हफ्ते में जवाब देना होगा। याचिका ग्वालियर के थाटीपुर स्थित नेहरू कॉलोनी निवासी और वार्ड-22 की कांग्रेस की पूर्व पार्षद सुधा दुबे ने अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा के माध्यम से दायर की है। इसमें मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग और वित्त विभाग के प्रमुख सचिवों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने योजना को असंवैधानिक बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने और महिलाओं को नकद राशि देने पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। याचिकाकर्ता बोलीं- रोजगार दें, रुपए बांटना स्थायी समाधान नहीं सुधा दुबे का कहना है कि महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने के बजाय उन्हें रोजगार और उनके बच्चों को नौकरी के अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि वह महिला कल्याण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना कौशल विकास, वोकेशनल ट्रेनिंग या स्वरोजगार के सीधे नकद राशि देना स्थायी समाधान नहीं है। उनका तर्क है कि इससे महिलाओं में सरकारी सहायता पर निर्भरता बढ़ सकती है और उनकी प्रतिभा का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि योजना के जरिए राशि बांटना वोट की राजनीति का हिस्सा है। योजना पर सालाना खर्च ₹22,500 करोड़ से ज्यादा याचिका में बताया गया है कि वर्तमान में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को हर महीने ₹1500 की सहायता दी जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार पर हर माह करीब ₹1878 करोड़ और सालाना ₹22,500 करोड़ से अधिक का वित्तीय भार पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,882 करोड़ का प्रावधान किया गया है। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि सरकार कर्ज लेकर योजना चला रही है तो इससे महिलाओं के कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता की स्थिति में कितना बदलाव आया है। सरकार ने कहा- सवा करोड़ लाभार्थियों को पक्षकार नहीं बनाया सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आपत्ति उठाई गई कि योजना का लाभ लेने वाली सवा करोड़ महिलाओं को याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि लाभार्थियों की संख्या सवा करोड़ से अधिक है, इसलिए शासन खुद लाभार्थियों की सूची अदालत में पेश करे। साथ ही याचिका की कॉपी शासन के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। अब सरकार के जवाब के बाद आगे की सुनवाई ग्वालियर खंडपीठ ने महिला एवं बाल विकास विभाग को 4 सप्ताह में विस्तृत जवाब पेश करने का समय दिया है। इसके बाद कोर्ट योजना पर अंतरिम रोक की मांग और याचिका में उठाए गए अन्य मुद्दों पर आगे सुनवाई करेगा।
लुधियाना में एक दुकानदार ने अपनी गर्लफ्रेंड से परेशान होकर कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिस कारण उसकी मौत हो गई। मरने से पहले उस व्यक्ति ने 9 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा। सुसाइट नोट में उसका अपनी गर्लफ्रेंड का नाम लिखा और लिखा-तुमने मेरे साथ अच्छी नहीं की। 3 साल मेरे साथ रही अभी किसी और के साथ हो गई। सुसाइड नोट में मृतक ने करीब 3 से 4 लाख रुपए और लैपटॉप आदि का भी जिक्र किया है। मृतक की पहचान मनप्रीत सिंह (35) के रूप में हुई है। गुरप्रीत सिंह निवासी सुनेत बक्साइड दुर्गा माता मंदिर, बीआरएस नगर, सराभा नगर ने पुलिस को बताया कि उसका भाई मनप्रीत सिंह 16 सितंबर को शाम करीब 4 बजे अपनी दुकान न्यू करियाना स्टोर पर गए थे। वहां उसने कोई जहरीली चीज निगल ली। अस्पताल में तोड़ा दम हालत बिगड़ने पर मनप्रीत को रघुनाथ अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, दुकान में उसके भाई की कॉपी से आरोपी के खिलाफ सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्नी की हो चुकी मौत इस मामले में जांच कर रहे ASI महिन्द्रपाल ने कहा कि मनप्रीत की पत्नी की पहले मौत हो चुकी है। मनप्रीत की मनदीप कौर नाम की महिला के साथ फ्रेंडशिप पिछले 3 साल से थी। दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। मनप्रीत की किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी दोस्ती हो गई। इसी कारण इनकी आपस में बहस होती थी। 3 से 4 लाख रुपए, लैपटाप आदि भी दावा मरने से पहले मनप्रीत ने सुसाइड नोट में मनदीप का नाम लिखा और यह भी लिखा-तुमने मेरे साथ अच्छा नहीं किया। 3 साल मेरे साथ रही अब किसी और के साथ। मनप्रीत से 3 से 4 लाख रुपए, लैपटाप आदि भी मनदीप कौर को देने का दावा सुसाइड नोट में किया। मनदीप की गिरफ्तारी के बाद मामला पूरी क्लियर होगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी मनदीप कौर के खिलाफ धारा U/S 108, 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
लव मैरिज के तीन महीने बाद सुसाइड:महिला का शव फंदे पर मिला; पिता का आरोप- हत्या कर लटका दिया
अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र में 19 साल की एक नवविवाहिता के फंदे पर लटकने की घटना सामने आई है। घटना गोविंदा कॉलरी की आमाडांड कॉलोनी स्थित एक डबल स्टोरी क्वार्टर में हुई। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है। घटना गुरुवार की है, जिसकी जानकारी शुक्रवार को मिली है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे फांसी लगाकर खुदकुशी का मामला मान रही है। हालांकि, परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ दिनों से पति के साथ विवाद चल रहा था मृतक नेहा चौहान अपने पति पवन चौहान और उसके परिवार के साथ आमाडांड कॉलोनी में रहती थी। नेहा ने तीन महीने पहले ही लव मैरिज की थी। परिजनों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। यह मामला पहले थाने तक भी पहुंचा था, जहां पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर उन्हें वापस भेजा था। मायके वालों से बोली- ससुराल नहीं जाना घटना से पहले हरतालिका तीज पर नेहा अपने मायके गई थी। अगले दिन पवन उसे वापस ससुराल ले आया। नेहा अपने परिवार से ससुराल न जाने की बात कह रही थी, लेकिन परिजनों ने उसे समझाकर वापस भेज दिया था। नेहा की मौत के बाद माता-पिता और मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि नेहा को लगातार परेशान किया जा रहा था और धमकियां भी मिल रही थीं। मायके वालों ने शक जताया है कि नेहा की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया गया है। गुरुवार रात CHC में रखा शव, जांच जारी गुरुवार शाम नेहा के पिता को ससुराल पक्ष से फोन आया कि नेहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। रात होने के कारण शव का पंचनामा तैयार कर उसे कोतमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के शवगृह में रखवा दिया गया। शुक्रवार सुबह से पुलिस फिर से मामले की जांच में जुट गई है। मामले में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया- मामले की जांच जारी है। मामला गंभीर है, सिर पर चोट के निशान है, परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोतमा एसडीओपी आरती शाक्य ने बताया कि पीएम कराया जा रहा है। परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए डेटा और सॉफ्टवेयर की मदद से फैसले लेने पर जोर दिया जा रहा है। इसे लेकर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) में IIT बॉम्बे की ओर से PAVITRA सॉफ्टवेयर पर वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों को बताया गया कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि किसी इलाके में प्रदूषण किन कारणों से बढ़ रहा है। उसे कम करने के लिए कौन-से उपाय ज्यादा असरदार हो सकते हैं। ट्रांसपोर्ट, उद्योग और पराली का असर भी पता चलेगा PAVITRA में अलग-अलग जगहों से मिलने वाले प्रदूषण के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे परिवहन, उद्योग, घरों में ईंधन के इस्तेमाल, कृषि अवशेष जलाने जैसे स्रोतों से होने वाले प्रदूषण का आकलन किया जा सकता है। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि किसी एक स्रोत पर नियंत्रण करने से हवा में PM-2.5 जैसे प्रदूषक कितने कम हो सकते हैं। अधिकारियों को डैशबोर्ड चलाकर समझाया वर्कशॉप में PAVITRA के डैशबोर्ड का इस्तेमाल करके अधिकारियों को उदाहरण के जरिए समझाया गया। इसमें बताया गया कि अगर किसी क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाया जाए, घरों में बिजली का उपयोग बढ़े या कृषि अवशेष जलाने में कमी आए तो प्रदूषण पर कितना असर पड़ सकता है।RSPCB अधिकारियों ने मंडल की ओर से प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी दी। IIT बॉम्बे की टीम ने सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और आंकड़ों को समझने की ट्रेनिंग दी। वर्कशॉप में PAVITRA परियोजना के प्रधान अन्वेषक प्रो. चंद्र वेंकटरामन सहित परियोजना की टीम मौजूद रही।
मुजफ्फरपुर के मकान में मजदूर की बेरहमी से हत्या, दोनों आंखें फोड़ीं; पत्नी और बच्चे गायब
मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित एक किराये के मकान में शुक्रवार को एक मजदूर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गईं। उसकी पत्नी और दो बच्चे गायब हैं।

