सतना में मकान से 61 लीटर शराब जब्त:एक आरोपी गिरफ्तार; सप्लायर फरार; देशी पाव और विदेशी व्हिस्की जब्त
सतना नागौद थाना पुलिस ने चटाई मोहल्ला स्थित एक मकान पर दबिश देकर 61 लीटर अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से गोपाल साहू उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। वहीं, शराब उपलब्ध कराने का आरोपी आदर्श सिंह निवासी बाबूपुर पाकर फरार है। पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चटाई मोहल्ला निवासी गोपाल साहू अपने घर में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखे हुए है। सूचना पर पुलिस टीम ने उसके मकान में तलाशी ली। कमरे में प्लास्टिक की चार बोरियां और एक झोला मिला। इनमें देशी और अंग्रेजी शराब रखी थी। पुलिस ने 300 पाव प्रिंस देशी प्लेन और 45 पाव गोवा व्हिस्की जब्त की। शराब की कुल मात्रा 61 लीटर है। इसकी अनुमानित कीमत 32 हजार 850 रुपए बताई गई है। गोपाल साहू शराब से जुड़े कोई वैध दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा सका। 11 हजार रुपए में खरीदी थी शराब पूछताछ में गोपाल साहू ने पुलिस को बताया कि उसने यह शराब 24 अगस्त को आदर्श सिंह निवासी बाबूपुर पाकर से 11 हजार रुपए में खरीदी थी। उसके अनुसार, आदर्श सिंह ही शराब उसके घर पहुंचाकर गया था। पुलिस ने गोपाल साहू के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस आदर्श सिंह की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, शराब कहां से लाई गई थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
कानपुर में आज जुलूस-ए-मोहम्मदी के चलते दोपहर 12 बजे से यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। जुलूस मार्ग और आसपास के इलाकों में वाहनों की एंट्री पर रोक के साथ कई प्रमुख चौराहों पर डायवर्जन लागू रहेगा। बड़ा चौराहा, फूलबाग, परेड, मेघदूत तिराहा और जरीब चौकी समेत कई इलाकों में वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। पूर्वी और मध्य जोन में यातायात पुलिस ने जाम से बचने के लिए रूट डायवर्जन की व्यवस्था की है। बुधवार शाम जुलूस समाप्त होने तक वाहन चालकों को प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। यातायात पुलिस ने लोगों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। बड़ा चौराहा-कोतवाली रूट पर भी बदलाव बड़ा चौराहा से कोतवाली की ओर जाने वाले वाहनों को उर्सला कट से यू-टर्न लेना होगा। उर्सला कट से परेड की ओर भी यातायात प्रतिबंधित रहेगा। कोतवाली चौराहा से परेड की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। वहीं, परेड चौराहा से सद्भावना चौराहा की ओर भी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। एमजी कॉलेज की ओर से आने वाले वाहन म्योरमिल तिराहे से बाएं मुड़कर बड़ा चौराहा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। फूलबाग और आसपास के इलाकों में डायवर्जन फूलबाग की ओर से आने वाले वाहन संगम लाल तिराहा की ओर नहीं जा सकेंगे। इन्हें बिरहाना रोड से निकाला जाएगा। नरौना चौराहा की ओर से फूलबाग आने वाले वाहनों को पनचक्की चौराहा और झाड़ीबाबा तिराहा होकर भेजा जाएगा। कमला टावर से संगम लाल तिराहा की ओर जाने वाले वाहनों को भी बिरहाना रोड का रास्ता अपनाना होगा। बिरहाना रोड से फूलबाग की ओर आने वाले वाहन नयागंज चौकी से आगे नहीं जा सकेंगे। मूलगंज चौराहा से नई सड़क होते हुए सद्भावना चौराहा की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। मेघदूत तिराहा से भी रूट बदला मेघदूत तिराहा से आने वाले वाहन फूलबाग और पनचक्की चौराहा की ओर नहीं जा सकेंगे। ऐसे वाहनों को चार्लिस चौराहा, किला तिराहा और झाड़ीबाबा तिराहा होते हुए गंतव्य तक जाना होगा। जरीब चौकी से नमक फैक्टरी तक असर जरीब चौकी की ओर से आने वाले वाहन चंद्रिका देवी मंदिर से बाएं मुड़कर हलीम कॉलेज चौराहा की ओर नहीं जा सकेंगे। इन्हें डिप्टी पड़ाव के रास्ते भेजा जाएगा। अफीम कोठी की ओर से आने वाले वाहन डिप्टी पड़ाव से आगे टुकनियापुरवा चौराहा की ओर नहीं जा सकेंगे। इन्हें सीसामऊ पी-रोड के रास्ते निकाला जाएगा। डिप्टी पड़ाव की ओर से आने वाले वाहनों को बांसमंडी तिराहे से लालता प्रसाद दरियावादी तिराहे की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। इन्हें चाचा नेहरू मार्ग से आगे भेजा जाएगा। जरीब चौकी से आने वाले वाहन भन्नानापुरवा से अजमेरी चौराहा की ओर नहीं जा सकेंगे और डिप्टी पड़ाव के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। भारी वाहनों के लिए भी डायवर्जन विजयनगर चौराहा और दादानगर से आने वाले मध्यम और भारी वाहन नमक फैक्टरी चौराहा की ओर नहीं जा सकेंगे। इन्हें फजलगंज और जरीब चौकी के रास्ते भेजा जाएगा। मसवानपुर से कल्याणपुर जाने वाले मध्यम और भारी वाहनों को जीटी रोड से निकाला जाएगा। शारदानगर क्रॉसिंग से भी नमक फैक्टरी चौराहा की ओर मध्यम और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन्हें गोल चौराहा होकर गंतव्य तक जाना होगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक जुलूस मार्ग और प्रतिबंधित रास्तों से बचें तथा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
कृति सेनन के राखी विज्ञापन के लुक पर विवाद, वीडियो में कंगना रनोट बोलीं- विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है
हरदा में त्योहारी सीजन के बीच हरदा में प्याज और शक्कर के दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्याज के भाव पिछले 15 दिनों में करीब ढाई गुना तक बढ़ गए हैं। फुटकर बाजार में प्याज 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक में इसके भाव 40 से 45 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं। इसी तरह शक्कर भी महंगी हो गई है। फुटकर बाजार में शक्कर 70 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि थोक भाव करीब 65 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। अचानक बढ़े दामों का सीधा असर आम लोगों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। 15 दिन में प्याज के दाम 20 से बढ़कर 50 रुपए किलो व्यापारियों के मुताबिक करीब 15 दिन पहले प्याज लगभग 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा था। अब इसकी कीमत बढ़कर 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी महज दो सप्ताह में प्याज के भाव में करीब 30 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में प्याज की आवक कम होने और बाहर के बाजारों में मांग बढ़ने को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है। मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने से प्याज के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। थोक बाजार में भी प्याज महंगा हरदा के थोक बाजार में भी प्याज की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में थोक भाव करीब 40 से 45 रुपए प्रति किलो है। थोक कीमत बढ़ने के बाद इसका असर फुटकर बाजार में भी दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आवक में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्याज के भाव में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। शक्कर के दाम भी बढ़े प्याज के साथ शक्कर की कीमतों में भी तेजी आई है। करीब 15 दिन पहले शक्कर 40 से 42 रुपए प्रति किलो बिक रही थी। अब फुटकर बाजार में इसका भाव बढ़कर करीब 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं, थोक बाजार में शक्कर करीब 65 रुपए प्रति किलो बिक रही है। कम समय में शक्कर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई की चिंता त्योहारों के दौरान घरों में खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। ऐसे समय प्याज और शक्कर के दाम बढ़ने से परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्याज और शक्कर के अलावा तेल तथा अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी स्थिरता नहीं है। बढ़ती कीमतों के बीच लोगों को त्योहारों की खरीदारी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच बजट संतुलित करना मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों ने बताई प्याज महंगा होने की वजह व्यापारी सादिक खान के मुताबिक देशभर में प्याज की मांग अधिक है, जबकि बाजार में इसकी आपूर्ति कम है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने के कारण प्याज की कीमतों में तेजी आई है। व्यापारियों का कहना है कि आवक सामान्य होने पर कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। जमाखोरी पर कार्रवाई की मांग बढ़ते भाव को लेकर आम लोगों ने सरकार और प्रशासन से बाजार की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्याज और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए जमाखोरी और अनावश्यक मुनाफाखोरी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। त्योहारी सीजन में खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में प्याज और शक्कर के दामों में राहत मिलती है या महंगाई का असर और बढ़ता है।
सीधी जिले में मूसलाधार बारिश के बाद रामपुर नैकिन जनपद के खैरा-डिठौरा मार्ग पर नवनिर्मित सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया। यह सड़क 104 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा थी, जिसका निर्माण हाल ही में हुआ था। सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर बुधवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनामिका सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। पीडब्ल्यूडी की टीम ने मौके पर किया निरीक्षण बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे PWD विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कटे हुए हिस्से का बारीकी से मुआयना किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद, सड़क के कटाव वाले हिस्से को मिट्टी से भरने का काम शुरू कर दिया गया। विभाग का प्रयास है कि बारिश और पानी के तेज बहाव से कटाव और गहरा न हो तथा आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान से बचाया जा सके। कटाव रोकने के लिए शुरू किया भराव का काम तेज बारिश के कारण सड़क का प्रभावित हिस्सा पूरी तरह से टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अब सड़क की मरम्मत में तेजी से जुटे हुए हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत के साथ-साथ पानी की उचित निकासी की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। यह उल्लेखनीय है कि खैरा-डिठौरा मार्ग का निर्माण लगभग छह महीने पहले ही पूरा हुआ था। सड़क, पुल और मुआवजे सहित इस परियोजना की कुल लागत लगभग 104 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पहली ही मूसलाधार बारिश में सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पानी की निकासी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रामपुर नैकिन की दूरी 30 किमी हुई थी कम यह सड़क क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके बनने से रामपुर नैकिन जाने की दूरी लगभग 30 किलोमीटर कम हो गई थी, जिससे लोगों को काफी सुविधा मिली थी। हालांकि, अब मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को फिर से लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि PWD विभाग जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर आवागमन को सामान्य करेगा।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को लेकर कथित बयान पर हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र यादव का जवाब अब चर्चा का विषय बन गया है। झज्जर में कांग्रेस की बैठक के दौरान दैनिक भास्कर डिजिटल ने राव नरेंद्र से इस पूरे विवाद को लेकर सीधा सवाल किया। राव नरेंद्र ने पहले कहा कि दीपेंद्र हुड्डा ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने कहा- अगर ऐसा कहा भी है तो हम माफी मांगते हैं, हमारी भावना गलत नहीं थी। राव नरेंद्र के इस जवाब ने पूरे मामले को और उलझा दिया। एक तरफ प्रदेशाध्यक्ष कथित बयान से इनकार करते नजर आए, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कह दिया कि अगर ऐसा कहा गया है तो कांग्रेस माफी मांगती है। हालांकि, वे यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को लेकर वास्तव में वह टिप्पणी की थी या नहीं। क्यों विवादों में है सज्जन कुमार का नाम? दरअसल, सज्जन कुमार कांग्रेस के पूर्व सांसद और दिल्ली के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। उनका नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सामने आया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में एक मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में 1984 दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में फरवरी 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सज्जन कुमार अगस्त 2026 तक तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। 20 अगस्त 2026 को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया। दीपेंद्र हुड्डा के कथित बयान से शुरू हुआ विवाद सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र हुड्डा की कथित टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार के राजनीतिक योगदान और दिल्ली के विकास का जिक्र किए जाने पर सवाल उठे और विरोध शुरू हुआ। अकाली दल तथा 1984 दंगा पीड़ितों की ओर से भी कांग्रेस से माफी की मांग की गई। इसके बाद कांग्रेस के भीतर भी इस बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसे दीपेंद्र हुड्डा की निजी राय बताया। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर दीपेंद्र हुड्डा को CWC पद से हटाने की मांग की है। राव नरेंद्र के जवाब ने बढ़ाए सवाल इसी विवाद को लेकर जब हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र से सवाल किया तो उनका जवाब दो हिस्सों में सामने आया। पहले उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा ने ऐसा नहीं कहा, लेकिन इसके बाद कहा कि अगर कहा भी है तो हम माफी मांगते हैं। राव नरेंद्र ने यह भी कहा कि कांग्रेस की भावना गलत नहीं थी और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पार्टी का उद्देश्य नहीं था। अब सवाल यह है कि यदि दीपेंद्र हुड्डा ने ऐसा बयान दिया ही नहीं, तो फिर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा भी है तो माफी मांगते हैं क्यों कहा? और यदि बयान दिया गया था तो पहले उससे इनकार क्यों किया गया? राव नरेंद्र के इस दोहरे जवाब के बाद विवाद अब सिर्फ दीपेंद्र हुड्डा के कथित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है।
गोरखपुर में सुबह से छाए बादल:गर्मी से मिली राहत, उमस बरकरार; 90% तक रहेगी ह्युमिडिटी
बुधवार को गोरखपुर का मौसम सुबह से ही सुहाना बना हुआ है। आसमान में बादल छाए रहने और हल्की हवाएं चलने से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। धूप कम होने के बावजूद वातावरण में चिपचिपाहट महसूस हो रही है। दोपहर तक उमस और बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास हो सकता है। सुबह से छाए बादल, चलीं हल्की हवाएं बुधवार सुबह से ही गोरखपुर के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। कई इलाकों में बादल घने दिखाई दिए। इसके साथ ही 10 KM प्रति घंटे की गति से हल्की-हल्की हवाएं भी चलती रहीं। हवाओं के कारण तापमान का असर कुछ कम महसूस हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से उमस बनी रही। दोपहर में उमस कर सकती है परेशान मौसम में बादल होने के बावजूद ह्यूमिडिटी अधिक रहने के कारण दोपहर में लोगों को उमस परेशान कर सकती है। घर से बाहर निकलने वाले लोगों को गर्मी और पसीने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। मौसम में नमी अधिक होने के कारण तापमान कम रहने के बावजूद गर्मी का अहसास ज्यादा हो सकता है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार को गोरखपुर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बादल और हवाओं के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। शाम को बारिश के आसार गोरखपुर में बुधवार शाम को बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडे के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इसका असर गोरखपुर के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। इसी वजह से यहां भी बारिश के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। 70 से 90 प्रतिशत तक रह सकती है ह्यूमिडिटी बुधवार को गोरखपुर में ह्यूमिडिटी करीब 70 से 90 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। यही वजह है कि बादल और हल्की हवा के बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिल रही है। अधिक नमी के कारण मौसम चिपचिपा बना हुआ है। इस महीने औसत से कम बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडे ने बताया कि इस महीने गोरखपुर में औसत की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
इटावा में बुधवार सुबह 7 बजे जश्ने ईद मीलादुन्नबी का जुलूस निकला। नया शहर चौराहा से जुलूसे मुहम्मदी अकीदत और एहतराम के साथ रवाना हुआ। उलेमा-ए-कराम की सरपरस्ती में मौलाना जाहिद रज़ा साहब ने झंडी दिखाकर जुलूस का आगाज किया। बड़ी संख्या में आशिकान-ए-रसूल ने इसमें शामिल होकर अमन, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। इस मौके पर डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल का स्वागत सम्मान किया। मौलाना जाहिद रज़ा ने दिखाई झंडी जुलूस के रवाना होने के दौरान बारिश हो रही थी, इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। उलेमा-ए-कराम की सरपरस्ती में मौलाना जाहिद रज़ा साहब ने झंडी दिखाकर जुलूसे मुहम्मदी को रवाना किया। बड़ी तादाद में लोग जुलूस में शामिल हुए और नात-ए-पाक, दरूद व सलाम की सदाओं के बीच आगे बढ़ते रहे। अंजुमन हुसैनिया के पदाधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर अंजुमन हुसैनिया के सदर जनाब सरफ़राज़ साहब, पूर्व चेयरमैन नगरपालिका फुरकान अहमद समेत कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। जुलूस के आयोजन में कमेटी के पदाधिकारियों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और मोहब्बत का संदेश दिया। डीएम का इमामा पहनाकर स्वागत जुलूस के उद्घाटन के मौके पर जिलाधिकारी इटावा शुभ्रांत कुमार शुक्ल भी पहुंचे। अंजुमन हुसैनिया कमेटी की ओर से जिलाधिकारी का इमामा पहनाकर पुरखुलूस इस्तकबाल किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने जुलूस में शामिल लोगों से मुलाकात की और आयोजन के दौरान मौजूद रहे। बारिश में भी नहीं कम हुआ उत्साह बारिश के बावजूद जुलूसे मुहम्मदी में लोगों की अकीदत और उत्साह देखने को मिला। जुलूस जिस रास्ते से गुजरा, वहां नात-ए-पाक और दरूद व सलाम की सदाएं सुनाई देती रहीं। लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ जुलूस में भाग लिया और पूरे आयोजन के दौरान अमन और भाईचारे का संदेश दिया।
मथुरा में स्कॉर्पियो में लगी आग:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, फायर ब्रिगेड ने आधे घंटे में पाया काबू
थाना रिफाइनरी क्षेत्र में मंगलवार रात आगरा-दिल्ली हाईवे पर चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। घटना बरारी के पास रात करीब 11 बजे हुई। स्कॉर्पियो मथुरा से आगरा की ओर जा रही थी। आग लगते ही चालक ने गाड़ी सड़क किनारे रोकी और तुरंत बाहर निकल गया। कुछ ही देर में पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई। बोनट से उठीं लपटें, कुछ ही देर में धू-धूकर जली गाड़ी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बरारी के पास पहुंचते ही स्कॉर्पियो के अगले हिस्से से आग की लपटें निकलने लगीं। चालक ने खतरा भांपते हुए तुरंत वाहन रोका और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरी स्कॉर्पियो आग के गोले में बदल गई। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने आग देखकर अपनी रफ्तार धीमी कर दी, जिससे कुछ देर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और दमकल टीम ने संभाला मोर्चा सूचना मिलते ही रिफाइनरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को नियंत्रित किया। पुलिस ने दूसरे वाहनों को सुरक्षित तरीके से आगे निकाला। दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने तक स्कॉर्पियो काफी हद तक जल चुकी थी। पुलिस ने जले हुए वाहन को सड़क किनारे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। चालक की जान बची गनीमत रही कि हादसे के समय स्कॉर्पियो में चालक अकेला था। आग की लपटें उठते ही वह समय रहते बाहर निकल गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस के मुताबिक, वाहन में आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
कानपुर में राज्य कर विभाग (एसजीएसटी) की नौ टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में लोहा और स्क्रैप कारोबार से जुड़ी नौ फर्जी फर्मों पर छापेमारी की। 30 से अधिक अफसरों की टीमों की जांच में कई फर्में मौके पर अस्तित्वहीन मिलीं और कागजों पर ही कारोबार संचालित होता पाया गया। विभाग के मुताबिक, मंगलवार देर शाम जांच में करीब 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई और 72.12 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का खुलासा हुआ है। आठ फर्मों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर ही 1.34 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक की गई। सभी फर्मों ने सेंट्रल जीएसटी का पंजीकरण करा रखा था। इनमें एक फर्म ने महज 25 दिन पहले पंजीकरण कराने के बाद करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला। कई फर्मों का कोई अस्तित्व ही नहीं मिला जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों के घोषित पते पर दूसरी फर्में कारोबार करती मिलीं, जबकि कई फर्मों का मौके पर कोई अस्तित्व ही नहीं था। कुछ ऐसे लोग भी सामने आए, जिन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराया गया है। विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए पंजीकरण और फर्जी आईटीसी के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा 19.14 करोड़ रुपये की आईटीसी जरौली स्थित शैलेष गोस्वामी नामक फर्म द्वारा पास किए जाने की बात सामने आई है। इसी तरह सर्वोदय नगर की मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज ने करीब 76 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन की, जिसमें से विभाग ने करीब 70 करोड़ रुपये की आईटीसी रिवर्स कराई है। फर्मों का डाटा एनालिसिस कर रहे अधिकारी यह कार्रवाई एडीशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा, कार्यवाहक एडीशनल कमिश्नर कुमार आनंद और एडीशनल कमिश्नर (एसआईबी) प्रशांत कुमार के निर्देशन में की गई। विभाग अब इन फर्जी फर्मों से जुड़ी अन्य फर्मों का डाटा एनालिसिस कर रहा है, ताकि फर्जी आईटीसी के क्लेम या पास ऑन किए जाने की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके। फर्जी फर्मों के पंजीकरण निरस्त करने के लिए सीजीएसटी अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया है। अपर आयुक्त सान्या छाबड़ा ने कहा कि आयरन-स्क्रैप कारोबार में फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स अपवंचन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग सिंडिकेट बनाकर संगठित तरीके से टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई करेगा।
बागपत में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर स्थित काठा गांव के टोल प्लाजा पर भाजपा कार्यकर्ताओं और टोल कर्मियों में मारपीट हो गई। पुलिस ने इस मामले में 15 अज्ञात टोल कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह घटना मंगलवार दोपहर की है। जानकारी के अनुसार, सहारनपुर से भाजपा कार्यकर्ता गाड़ियों में सवार होकर दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। टोल कर्मियों का आरोप है कि टोल मांगने पर 20 से अधिक कारों में सवार युवकों ने टोलकर्मियों से बेल्ट और लाठी-डंडों से मारपीट की। टोल बूथ में भी तोड़फोड़ की। घटना में चार टोलकर्मी घायल हो गए। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टोल कर्मचारियों ने कथित तौर पर उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। टोल कर्मचारियों ने भी गाड़ियों में सवार होकर आए लोगों पर मारपीट और टोल पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हैदर चौधरी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर 15 अज्ञात टोल कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर छानबीन शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। यह पहली बार नहीं है, जब इस टोल प्लाजा पर किसी बात को लेकर हंगामा हुआ हो। इससे पहले भी करीब 10 बार टोल पर मारपीट और हंगामे के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे टोल कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
औरैया की जैतापुर ग्राम पंचायत में किसानों को कृषि मशीनरी और सेवाओं की उपलब्धता आसान बनाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें युवा उद्यमी उदय गौतम की ओर से शुरू किए गए एग्री-टेक प्लेटफॉर्म ‘AI कृषि प्राइवेट लिमिटेड’ की जानकारी किसानों को दी गई। टीम ने किसानों को बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खेती के लिए जरूरी मशीनों की जानकारी और उनकी बुकिंग एक ही जगह से की जा सकेगी। किसानों को खेती के अलग-अलग चरणों में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, कंबाइन हार्वेस्टर, स्प्रेयर और रीपर जैसी मशीनों की जरूरत पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर मशीन नहीं मिलना, मशीन मालिकों का संपर्क नंबर तलाशना और किराये की जानकारी अलग-अलग जगह से जुटाना किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता है। ‘AI कृषि’ इसी समस्या को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपने आसपास उपलब्ध कृषि मशीनों और सेवाओं की जानकारी ले सकेंगे। जरूरत के अनुसार मशीन बुक भी की जा सकेगी। इसका उद्देश्य किसानों, कृषि मशीन मालिकों और मशीन ऑपरेटरों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ना है, जिससे मशीनरी की उपलब्धता और उपयोग को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके। एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगी मशीनों की जानकारी कार्यक्रम में ‘AI कृषि’ की टीम ने बताया कि किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध मशीनों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे उन्हें अलग-अलग मशीन मालिकों से संपर्क करने और किराये की जानकारी जुटाने में लगने वाला समय कम होगा। टीम ने किसानों से संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं और मशीनरी की जरूरतों को भी समझा। साथ ही किसानों और मशीन मालिकों को प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए जागरूक किया गया। AI और GPS से और आसान होगी मशीन बुकिंग भविष्य में प्लेटफॉर्म पर AI आधारित मशीन रिकमेंडेशन, GPS आधारित मैचिंग, वॉयस असिस्टेंस और स्मार्ट बुकिंग जैसी सुविधाएं जोड़ने की योजना है। इससे किसान अपनी जरूरत और क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त मशीन तलाश सकेंगे। GPS आधारित व्यवस्था के जरिए किसान के आसपास उपलब्ध मशीनों की पहचान और मशीन मालिकों से संपर्क को आसान बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ‘सिर्फ ऐप नहीं, किसानों की समस्या का समाधान करना लक्ष्य’ युवा उद्यमी उदय गौतम ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ एक ऐप तैयार करना नहीं है। लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिससे किसानों को खेती के लिए जरूरी मशीनें सही समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि ‘AI कृषि’ को संस्कृति विश्वविद्यालय से सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त है। टीम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों और कृषि मशीनरी मालिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। कार्यक्रम में राम कुमार शर्मा, प्रधान प्रतिनिधि अनुज यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
इंदौर में जनता ने दी कर चोरी की सूचना, जीएसटी अधिकारियों ने मारे ट्रांसपोर्टर पर छापे
इंदौर में नागरिकों से मिली सूचना पर स्टेट GST विभाग ने मंगलवार को पहली कार्रवाई की, ट्रांसपोर्ट नगर से पालदा तक विजेता रोडलाइंस के दफ्तर और गोदाम पर छापा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी में ई-रिक्शों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने सरकार को इस समस्या से आंखें न मूंदने और ई-रिक्शों की बिक्री व संचालन को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी नीति बनाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ यातायात व्यवस्था से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायालय को बताया गया कि लखनऊ में लगभग 80 हजार ई-रिक्शे संचालित हैं। पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण चौराहों और प्रमुख सड़कों पर इनके जमावड़े से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि प्रत्येक सड़क की वाहनों को संभालने की एक निश्चित क्षमता होती है। क्षमता से अधिक वाहनों के संचालन से यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। खंडपीठ ने अपर महाधिवक्ता को अपर मुख्य सचिव, परिवहन से सरकार की प्रस्तावित नीति के संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई में जानकारी देने को कहा। न्यायालय ने यातायात पुलिस के लिए एक अलग कैडर बनाने के सुझाव पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। न्यायालय ने कहा कि यातायात प्रबंधन सामान्य पुलिस के कार्य से भिन्न है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक व्यवस्था में लगाने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में सरकार को अलग यातायात पुलिस कैडर पर विचार करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने पॉलीटेक्निक से कमता तिराहा और हाईकोर्ट परिसर के आसपास यातायात सुधार के लिए चिह्नित 153 बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की। नगर निगम और कोर्ट की समिति के प्रस्तावों पर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग न करने पर पुलिस पर नाराजगी जताई है। न्यायालय ने सवाल किया कि जब बीएनएसएस की धारा 105 में पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग अनिवार्य है, तो पुलिस अधिकारी इसका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने यह टिप्पणी सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाने में यूपी गोवध निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एक मुकदमे में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की। न्यायालय ने कहा कि आज के समय में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग एक सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए पुलिस के लिए इसका पालन करना कठिन नहीं होना चाहिए। धारा 105 के तहत, तलाशी और जब्ती की पूरी कार्रवाई, जिसमें गवाहों द्वारा जब्ती सूची पर हस्ताक्षर करना भी शामिल है, की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना और उसे तत्काल संबंधित मजिस्ट्रेट को भेजना अनिवार्य है। आरोपियों की ओर से कहा गया कि एफआईआर में उनके नाम नहीं थे और उन्हें सह-अभियुक्तों के बयानों के आधार पर आरोपी बनाया गया था। बचाव पक्ष ने डीजीपी के 21 जुलाई 2025 के सर्कुलर का भी हवाला दिया, जिसमें तलाशी और बरामदगी की रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। सुनवाई के बाद, न्यायालय ने चारों आरोपियों को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी।
कॉमनवेल्थ गेम्स में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित होने वाले समारोह में आज पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सम्मानित करेंगे। सरकार की ओर से इस कार्यक्रम में करीब साढे 13 करोड़ रुपए के कैश अवॉर्ड वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में करीब 2 हजार युवा खिलाड़ी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम पहले 7 अगस्त को होना था लेकिन पीएम का कार्यक्रम बनने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। हरियाणा के खिलाड़ियों के 7 गोल्डकॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन में हरियाणा की अहम भूमिका रही। देश के खाते में आए 13 स्वर्ण पदकों में से 7 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। इसके अलावा हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश के लिए कुल 10 पदक अपने नाम किए। प्रतिभागी खिलाड़ियों का भी सम्मान सरकार की ओर से सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ही सम्मानित नहीं किया जाएगा, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मान मिलेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा और प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। देवीलाल स्टेडियम में होगा समारोह सम्मान समारोह का आयोजन पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी और खेल जगत से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ उनके प्रदर्शन की सराहना करेंगे।
कड़कड़डूमा पारिवारिक अदालत ने दो नाबालिग बेटियों की अंतरिम कस्टडी की मां की याचिका खारिज की। कोर्ट ने बच्चों की भलाई को जैविक माता-पिता के अधिकार से ऊपर रखा।
जैसलमेर में अग्निवीर का दिल्ली में निधन:दो महीने किया था जॉइन, आज सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
दिल्ली में अग्निवीर की ट्रेनिंग ले रहे 19 वर्षीय गोपाल सिंह भाटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। करीब दो महीने पहले ही अग्निवीर के रूप में सेना ज्वाइन की थी और दिल्ली के राजपूताना राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे। आज उनका पार्थिव शरीर जैसलमेर के पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा थाना इलाके में स्थित पैतृक गांव बोनाड़ा लाया जाएगा, जहां सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। दिल्ली में ट्रेनिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत जैसलमेर के पोकरण में सांकड़ा थाना इलाके के बोनाड़ा गांव निवासी 19 वर्षीय अग्निवीर गोपाल सिंह भाटी की अचानक मौत हो गई। गोपाल सिंह करीब 2 महीने पहले ही देशसेवा के लिए भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वे दिल्ली में ट्रेनिंग ले रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक है। खबर मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे, आज गांव आएगा पार्थिव शरीर गोपाल सिंह के निधन की खबर मिलते ही ओला सरपंच रघुवीर सिंह भाटी सहित परिजन दिल्ली पहुंच गए। आज उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बोनाड़ा लाया जाएगा। यहां सेना के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे और पूरे सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में गांव और आसपास के लोग शामिल होंगे। दो महीने पहले ही हुआ था चयन गोपाल सिंह का अग्निवीर के तौर पर चयन करीब 2 महीने पहले ही हुआ था। वे किसान परिवार से थे और सेना में भर्ती होने वाले होनहार युवा थे। ग्रामीणों के अनुसार, गोपाल सिंह बचपन से ही देश की सेवा करना चाहते थे। उन्होंने कड़ी मेहनत कर सेना में भर्ती होने का सपना पूरा किया था। उनकी अचानक मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी मातम छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर खबर फैली तो जनप्रतिनिधियों ने जताया दुख गोपाल सिंह की मौत की खबर सोशल मीडिया पर आने के बाद जैसलमेर और पूरे मारवाड़ में शोक का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों और राजनीतिक लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है। केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मां भारती के इस वीर सपूत का इतनी कम उम्र में चले जाना बेहद दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की ताकत देने की प्रार्थना की। शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत सिंह हिंगड़ा, पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद और पूर्व विधायक शैतान सिंह ने भी शोक संदेश जारी कर परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।
मथुरा में ईद पर्व की तैयारी:सिटी मजिस्ट्रेट ने शांति व्यवस्था के लिए बुलाई बैठक
मथुरा में ईद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार शाम करीब 6 बजे थाना कोतवाली परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करते हुए सहयोग की अपील की। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने कहा कि ईद के दौरान किसी भी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दी जाए। उन्होंने बताया कि स्थानीय चौकी, थाने या अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर कॉल या मैसेज के जरिए भी जानकारी दी जा सकती है, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। बैठक में मुस्लिम समाज के लोगों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे। उन्होंने बताया कि ईद पर्व पर कई स्थानों पर सजावट की जाती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बिजली के हाई वोल्टेज तार काफी नीचे लटके हुए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। समुदाय ने प्रशासन से मांग की कि ईद से पहले ऐसे स्थानों को चिह्नित कर बिजली के तारों को ठीक कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि पर्व को देखते हुए सुरक्षा, बिजली, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। अधिकारियों ने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह या समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचित करें। बैठक में उपस्थित लोगों ने भी शांतिपूर्ण आयोजन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
मंगली साप्ताहिक बाजार में एक ही दिन छीना-झपटी की दो घटनाओं से हड़कंप मच गया। दोनों मामलों में एक ही महिला का नाम सामने आया है। बाजार में लोगों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जिसके बाद दोनों पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
मणिमहेश यात्रा 2026 बुधवार सुबह चार बजे भरमौर से प्रशासनिक रूप से शुरू हो गई। श्रद्धालुओं के लिए गौरीकुंड तक हेलिकॉप्टर सेवा भी शुरू की गई।
नालंदा में गहरे पानी में डूबने से एक मजदूर की मौत हो गई। पैर फिसलने से हादसा हुआ है। मृतक की पहचान दरोगी मांझी के पुत्र नंदे मांझी(46) के रूप में हुई है। घटना राजगीर थाना क्षेत्र के बख्सू गांव की है। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण पप्पू सिंह और संजय कुमार ने बताया कि नंदे मांझी शौच के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। पानी में डूबने से उनकी जान चली गई। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक नंदे मांझी पेशे से दैनिक मजदूर थे और मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी चांदमुनी भी मजदूरी का काम करती हैं। नंदे मांझी अपने पीछे पत्नी सहित तीन पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के सभी सदस्य मजदूरी पर ही आश्रित हैं। घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर इंतजार सूचना के बाद राजगीर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ स्थित सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घंटों से अस्पताल परिसर में खड़े हैं, लेकिन पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना था कि कागजी और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला देकर उन्हें रोका गया है, जिससे वे रात में मच्छरों के बीच परेशान हो रहे हैं। जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव सौंपने की मांग की है ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत (48) को विदिशा से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा अलग-अलग युवाओं से करीब 29 लाख रुपए वसूलने का खुलासा हुआ है। मामले में एक महिला शिक्षिका राखी वंशकार से भी पूछताछ की जा रही है। घमापुर के सिद्ध बाबा क्षेत्र निवासी B.Ed छात्र अभिनव सेन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि ग्राम खड़ाखेड़ी थाना पथरी जिला विदिशा निवासी गिरजेश सिंह ने उसे शासकीय सेवा में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले उससे 3 लाख 75 हजार रुपए लिए गए और विश्वास में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। बैंक खाते में भी डाले रुपए, ताकि फर्जीवाड़ा असली लगे पुलिस के मुताबिक ठगी को विश्वसनीय दिखाने के लिए आरोपियों ने अभिनव के बैंक खाते में भी रुपए जमा करवाए थे। पीड़ित की पहचान शीतला माई क्षेत्र निवासी शिक्षिका राखी बंसल उर्फ राखी वंशकार (49) से थी। राखी ने ही उसे बताया था कि सुमेरदांगी शासकीय स्कूल में सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह पहले भी लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है और वह कलेक्ट्रेट में नौकरी लगवा सकता है। पैसे देने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली और आरोपी मोबाइल उठाने से बचने लगे तो अभिनव को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। 3 से 5 लाख रुपए तक वसूलते थे गिरजेश की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक से 3 से 5 लाख रुपए तक वसूलता था। इसी तरह कई लोगों से रकम लेने की बात सामने आई, जिससे कुल ठगी करीब 29 लाख रुपए तक पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र समेत कई दस्तावेज, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। महिला शिक्षिका की भूमिका भी सामने आई पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान गिरजेश ने महिला शिक्षिका राखी वंशकार की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे ठगी के शिकार हुए लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड के पीड़ित परिवार के पुनर्वास को लेकर राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। न्यायालय ने सरकार के 22 फरवरी 2025 के आदेश को रद्द करते हुए परिवार को तीन महीने के भीतर गाजियाबाद या नोएडा में बसाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय ने पहले ही परिवार के गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वास पर विचार करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, सरकार ने कासगंज, एटा और अलीगढ़ में से किसी एक स्थान को चुनने का विकल्प देकर मामले का निस्तारण कर दिया, जिसे न्यायालय ने अपने पूर्व आदेश का अनुपालन नहीं माना। न्यायालय ने यह भी कहा कि सरकार के आदेश में गाजियाबाद और नोएडा में पुनर्वास की मांग का उल्लेख तक नहीं है। न्यायालय ने सरकार के रवैये को अनावश्यक प्रतिरोध वाला बताते हुए कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार इस मामले को प्रतिद्वंद्वी मुकदमे की तरह देख रही है। परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा ने बताया कि कासगंज, एटा और अलीगढ़ हाथरस के आसपास के क्षेत्र हैं। परिवार को इन स्थानों पर सुरक्षा संबंधी आशंकाएं हैं और वहां उनके कोई रिश्तेदार भी नहीं रहते। इसके विपरीत, गाजियाबाद और नोएडा में उनके रिश्तेदार हैं, जहां वे सुरक्षित और सामान्य जीवन जी सकते हैं। न्यायालय ने परिवार के पुनर्वास के साथ ही 26 जुलाई 2022 के आदेश के अनुसार उसके एक सदस्य को रोजगार देने का भी निर्देश दिया है। न्यायालय ने अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है।
हिसार में मंगलवार कोमें तीन अलग-अलग जगहों पर हुई फायरिंग की घटनाओं के संबंध में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
टीकमगढ़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान औसत 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण बान सुजारा बांध का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते सोमवार को दो गेट खोलने के बाद आज तीसरा गेट भी खोला जा रहा है। इन गेटों से 198 घन मीटर प्रति सेकंड पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर 4 से 6 फीट तक बढ़ने की संभावना है। पलेरा में ढाई इंच बारिश, कई क्षेत्रों में दो इंच सावन के दूसरे पखवाड़े में जिले में मानसून सक्रिय है और पिछले छह दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में पलेरा तहसील में सर्वाधिक 60 मिलीमीटर (लगभग ढाई इंच) बारिश दर्ज की गई। वहीं, टीकमगढ़, बल्देवगढ़ और खरगापुर में दो-दो इंच बारिश हुई। जिले में अब तक कुल 24.9 इंच औसत बारिश हो चुकी है। हालांकि, पिछले साल इसी अवधि तक 48.2 इंच औसत बारिश रिकॉर्ड की गई थी। किसानों ने बताया है कि लगातार हो रही बारिश से उड़द की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। धसान नदी का जलस्तर 4 से 6 फीट बढ़ने की संभावना बान सुजारा बांध के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) आर.एस. शेजवार ने जानकारी दी कि धसान नदी में पानी की आवक बढ़ने के कारण बांध का जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जा रहा है। बांध की सुरक्षा को देखते हुए आज एक और गेट खोला जा रहा है, जिससे कुल तीन गेट खुले रहेंगे। प्रत्येक गेट को 0.50 मीटर तक खोलकर नदी में लगभग 198 घन मीटर प्रति सेकंड पानी सुरक्षित रूप से छोड़ा जाएगा। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में बान सुजारा बांध 78.88 प्रतिशत भर चुका है। धसान नदी से बांध में पानी की आवक 180 घन मीटर प्रति सेकंड बनी हुई है। पानी की आवक लगातार बढ़ने पर खोले गए गेटों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। आमजन से अनुरोध किया गया है कि वे नदी क्षेत्र से दूर रहें और सावधानी बरतें।
रायबरेली पुलिस ने अभियान चलाकर हत्या के प्रयास के आरोपी समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी ऊंचाहार थाना क्षेत्र से और दूसरा कोतवाली नगर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया है। दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। ऊंचाहार थाना पुलिस ने मकान बंटवारे के विवाद में जानलेवा हमला करने के आरोपी जयप्रकाश को गिरफ्तार किया। जयप्रकाश पुत्र कृष्णकुमार उर्फ रामकिशुन, निवासी कांजी का पुरवा मजरे कमालपुर, थाना ऊंचाहार का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बांस का डंडा भी बरामद किया है। यह घटना 31 जुलाई 2026 को हुई थी, जब पीड़िता के ससुराल में मकान के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान विपक्षीगणों ने लाठी-डंडों से पीड़िता और उसके पति के सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस संबंध में ऊंचाहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी डलमऊ गिरजा शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। टीम में उ0नि0 संजय कुमार शर्मा, मु0आ0 रमेशचन्द्र और मु0आ0 मो0 नाजिम शामिल थे। वहीं, कोतवाली नगर पुलिस टीम ने वर्ष 2013 के एक मामले से संबंधित वांछित वारंटी राजेंद्र को गिरफ्तार किया। राजेंद्र पुत्र गुरु प्रसाद, निवासी लोहानीपुर तकिया, थाना कोतवाली नगर, जनपद रायबरेली का रहने वाला है। उसे भी नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
अलवर में दो दिन से हो रही बारिश के बाद बुधवार को तीसरे दिन भी सुबह से शहर और जिले में घने बादल छाए हुए हैं। इससे एक बार फिर बारिश के आसार बने हुए हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम ठंडा बना हुआ है। लोगों को गर्मी से पूरी तरह राहत मिली है। हालांकि, अलवर जिले को अभी और अच्छी बारिश का इंतजार है। मंगलवार को अलवर शहर में करीब 49 मिमी बारिश, यानी करीब 2 इंच पानी बरसा। इससे शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति खराब होने और नालों के चौक होने के कारण कई कॉलोनियों में पानी भर गया। जलभराव से वाहन चालकों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में इस समय किसानों के खेतों में प्याज की बुवाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन खेतों में अधिक पानी भरने से नई बोई गई फसल को नुकसान की चिंता भी बनी हुई है। आज गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के 7 दिन के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार, 26 अगस्त को अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार आज न्यूनतम तापमान 24 डिग्री और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 27 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके बाद 28 से 31 अगस्त तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश अलवर में मानसून सीजन में अब तक 412.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 430.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी जिले में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से जिले की बारिश की कमी दूर होने की उम्मीद है।
PC: Aaj tak राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ घंटों से बादलों की गरज के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम में आए बदलाव से राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में कई जिलों में खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की ताजा तात्कालिक चेतावनी के अनुसार, दक्षिणी और मध्य राजस्थान के कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना है। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सलूंबर, अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी की भी स्थिति बन सकती है। पूर्वी राजस्थान में येलो अलर्ट पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जयपुर, कोटा, बारां, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर और खैरथल-तिजारा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अचानक तेज बारिश के कारण निचले इलाकों, अंडरपास और सड़कों पर जलभराव हो सकता है। आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उदयपुर संभाग में तेज बारिश का अनुमान उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सलूंबर में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा में भी बदला मौसम अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा में भी बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने से मौसम सुहावना हुआ है, जबकि कुछ जगहों पर सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचने की अपील की है। कोटा, भरतपुर और अलवर में येलो अलर्ट कोटा, बारां, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना है। जयपुर और दौसा के आसपास भी बादल छाए हुए हैं और कई क्षेत्रों में बारिश के आसार बने हुए हैं। बारिश और हवाओं के कारण कुछ इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में फिलहाल किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं है। यहां मौसम मुख्य रूप से शुष्क या सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि, पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गोंडा में बाइक सवार को गोली मारी:कहासुनी के बाद पीछा कर किया हमला, बाएं पैर में लगी बुलेट
गोंडा जिले में मंगलवार देर रात 10 बजे करीब एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। खरगूपुर थाना क्षेत्र के जानकीनगर पोखरा गांव के पास इटियाथोक थाना क्षेत्र के बसंतपुर राजा निवासी 50 वर्षीय आनंद कुमार मिश्रा को बाइक सवारों ने रोका और गोली चला दी। गोली उनके बाएं पैर की जांघ में लगी। उन्हें तत्काल गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गोली मारने से पहले बाइक सवारों और आनंद कुमार मिश्रा के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। आनंद कुमार मिश्रा ने इस घटना के लिए अपने ही सगे रिश्तेदारों पर आरोप लगाया है। खरगूपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आनंद कुमार मिश्रा के मोबाइल कॉल डिटेल की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि आनंद कुमार मिश्रा अपने भाई अरुण कुमार मिश्रा और परिवार के साथ बलरामपुर स्थित अपने ससुराल में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से लौटने के बाद वह अपने गांव बसंतपुर राजा पहुंचे। उन्होंने अपनी चार पहिया गाड़ी वहीं खड़ी कर दी और मोटरसाइकिल से जानकीनगर पोखरा गए थे। जानकीनगर पोखरा से बसंतपुर राजा लौटते समय रास्ते में यह घटना हुई। पीड़ित के भाई अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के समय उनके ससुराल के लोग उनके साथ थे। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे भी उनके ससुराल पक्ष के ही सदस्य हैं। अरुण कुमार मिश्रा ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। खरगूपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि फिलहाल सभी बिंदुओं पर हम लोग जांच कर रहे हैं। गोली को कैसे लगी किसने मारा किन परिस्थितियों में मारा या आपस के ही रिश्तेदारों पर आरोप लगा रहे हैं। वही गोंडा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रकाश भदौरिया सिंह ने बताया कि बसंतपुर राजा गांव के रहने वाले आनंद कुमार मिश्रा है। जिन्हें बाएं पैर की जांघ में गोली लगी है।
श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक का दामूपुरवा गांव पिछले कई वर्षों से सड़क, नाली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या से जूझ रहा है। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्य संतोषजनक तरीके से नहीं हुए हैं। बारिश होते ही अधिकांश गलियां कीचड़ और जलभराव से घिर जाती हैं। इससे लोगों को घर से बाहर निकलने और गांव के भीतर आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी रास्तों पर जमा हो जाता है। कई गलियों की सड़कें पहले से जर्जर हैं और बारिश के बाद इन पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है। बारिश में गलियां बन जाती हैं कीचड़ से भरी ग्रामीणों के मुताबिक, दामूपुरवा में कई जगह सड़क और नाली की व्यवस्था ठीक नहीं है। बारिश का पानी निकलने का रास्ता नहीं मिलने के कारण गलियों में ही जमा रहता है। इसके चलते रास्तों पर कीचड़ हो जाता है और लोगों को इसी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कीचड़ में फिसलने के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों और मरीजों के लिए जर्जर रास्तों से गुजरना जोखिम भरा रहता है। ग्रामीण बोले- प्रधान के घर तक रास्ता ठीक, बाकी गलियां बदहाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में ग्राम प्रधान के घर तक जाने वाला रास्ता अपेक्षाकृत दुरुस्त है, जबकि अन्य गलियों की हालत खराब है। उनका कहना है कि सड़क और नाली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई वर्षों से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बार-बार आश्वासन मिलता रहा, लेकिन बारिश के मौसम में हर साल वही समस्या सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते जल निकासी और सड़क की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो लोगों को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। मंदिर के सामने कूड़ा, मस्जिद के रास्ते में जलभराव बारिश के दौरान गांव के धार्मिक स्थलों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर के सामने कूड़े का ढेर लगा रहता है। वहीं मस्जिद की ओर जाने वाले रास्ते में जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी रहती है। इससे मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं और मस्जिद जाने वाले नमाजियों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने को लेकर भी चिंता ग्रामीणों ने खराब रास्तों को लेकर आपात स्थिति की चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान गलियों में पानी और कीचड़ भरने से बड़े वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस के गांव के भीतर तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नाली की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव के लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण की मांग की मोहम्मद अहमद आफताब सिद्दीकी, बिलाल अहमद समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दामूपुरवा गांव का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने पक्की सड़क, नाली निर्माण, जल निकासी और नियमित सफाई की व्यवस्था कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से समस्या झेलने के बाद अब वे केवल आश्वासन नहीं चाहते। उनका कहना है कि गांव में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम धरातल पर दिखाई देने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को हर साल इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मिर्जापुर में अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण अहरौरा-चकिया मार्ग पर आवागमन मुश्किल हो गया है। बुधवार को मदारपुर गांव के पास गड़ई नदी के पुल पर दो फीट से अधिक पानी बहता रहा। तेज बहाव के बीच राहगीरों को सड़क पार करने में काफी परेशानी हुई। कई लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करते नजर आए। बताया जा रहा है कि अहरौरा बांध के सुलिस गेट का निर्माण कार्य बरसात के बीच कराया जा रहा है। निर्माण के कारण बांध से पानी की निकासी गड़ई नदी के जरिए की जा रही है। सिंचाई विभाग की इस व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी है। बांध में उसकी अधिकतम क्षमता से करीब 11 फीट पानी कम होने के बावजूद करीब 450 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जमालपुर क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है। हुसैनपुर जाने वाले रास्ते पर भी दो फीट से अधिक पानी बह रहा है, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। 349 फीट पहुंचा बांध का जलस्तर बांध के जूनियर इंजीनियर ओमप्रकाश राय ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे बांध का जलस्तर 349 फीट दर्ज किया गया। बांध की कुल क्षमता 360 फीट है। इसके बावजूद सुलिस गेट के निर्माण के चलते पानी की निकासी की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुलिस गेट का निर्माण गर्मी के मौसम में ही पूरा कर लिया जाता तो बरसात के दौरान बांध से पानी छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। पानी बांध में सुरक्षित रहता और किसानों को धान तथा गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलती। तेज बहाव के बीच ग्रामीण करा रहे लोगों को सड़क पार गड़ई नदी के पुल और आसपास के मार्गों पर पानी का बहाव तेज है। इसके बावजूद लोग जरूरी काम से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीण मौके पर मौजूद रहकर राहगीरों की मदद कर उन्हें पानी के बीच से सड़क पार करा रहे हैं। निचले इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
गंजेपन के इलाज का दावा: स्वास्थय विभाग ने सैलून पर दी दबिश, हेयर पैक-शैंपू और तेल के सैंपल भरे
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने खन्ना में जीटीबी मार्केट स्थित एक सैलून पर छापा मारा।
लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमांत क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और समसामयिक परिस्थितियों पर केंद्रित पुस्तक ‘भारत-नेपाल सीमांत परिप्रेक्ष्य एवं परिदृश्य’ का विमोचन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री कौशल जी ने पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में नेपाल से आए गणमान्य नागरिकों के साथ सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे। पुस्तक के लेखक नीरज कुमार सिंह ने विमोचन के दौरान कृति की विषयवस्तु, उद्देश्य और लेखन की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुस्तक केवल भारत-नेपाल सीमा के भौगोलिक या प्रशासनिक पक्षों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों से चले आ रहे सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आत्मीय संबंधों को भी सामने रखने का प्रयास करती है। सीमांत क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर फोकस लेखक के अनुसार, पुस्तक में भारत-नेपाल सीमांत क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों, चुनौतियों, संभावनाओं और दोनों देशों के संबंधों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। सीमावर्ती इलाकों की जमीनी परिस्थितियों के साथ वहां रहने वाले लोगों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है। पुस्तक में सीमांत क्षेत्रों से जुड़े विषयों को अलग-अलग आयामों में प्रस्तुत किया गया है। इसमें सीमावर्ती समाज के सामने आने वाली चुनौतियों के साथ भविष्य की संभावनाओं और समाधान की दिशा पर भी विचार रखा गया है। थारू समाज और सीमांत जीवन का विशेष उल्लेख पुस्तक में सीमांत क्षेत्र में रहने वाले थारू समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर विशेष फोकस किया गया है। थारू समाज के उत्थान, संरक्षण और विकास में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों और उनके कार्यों की जानकारी भी इसमें संकलित की गई है। लेखक का कहना है कि सीमांत क्षेत्र को समझने के लिए वहां की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक विरासत को समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुस्तक में थारू समाज और सीमांत जीवन के विभिन्न पहलुओं को जगह दी गई है। RSS के सेवा और सामाजिक समरसता के कार्यों का भी जिक्र पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें संपर्क, सेवा, जागरूकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने से जुड़े प्रयासों को शामिल किया गया है। पुस्तक के लेखक ने बताया कि सीमांत क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों और वहां की जमीनी परिस्थितियों को समझने के लिए इन कार्यों का भी अध्ययन किया गया है। श्री कौशल जी बोले- भारत-नेपाल संबंधों को समझने में मदद करेगी पुस्तक विमोचन के अवसर पर RSS अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री कौशल जी ने पुस्तक को भारत-नेपाल संबंधों और सीमांत क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण कृति बताया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल राजनीतिक या प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और आत्मीय संबंध हैं। ऐसे में सीमांत क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और चुनौतियों को सामने लाने वाली यह पुस्तक दोनों देशों के संबंधों को सकारात्मक दिशा देने में प्रेरणादायी साबित हो सकती है। उन्होंने पुस्तक में सीमांत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों और समस्याओं के साथ उनके संभावित समाधान तथा भविष्य की दिशा पर किए गए प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का शुभाशीष इस पुस्तक को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का शुभाशीष भी प्राप्त हो चुका है। लेखक ने इसे पुस्तक के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बताया। लेखक नीरज कुमार सिंह ने श्री कौशल जी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन और शुभाशीष पुस्तक लेखन के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उनके हाथों पुस्तक का विमोचन होना उनके लिए गौरव का विषय है। नेपाल से आए अतिथियों की भी रही सहभागिता कार्यक्रम में नेपाल से आए गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष आत्मीयता प्रदान की। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, पुस्तक का विमोचन भारत-नेपाल के बीच मौजूद सदियों पुराने सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को समझने और उन्हें और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर रहा। इसमें सीमांत क्षेत्र के समाज, संस्कृति, चुनौतियों और संभावनाओं को व्यापक दृष्टिकोण से सामने रखने का प्रयास किया गया है।
कैथल में ट्रेन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत:गांव पबनावा के पास हादसा हुआ, नहीं हो पाई पहचान
कैथल में ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा ढांड क्षेत्र के गांव पबनावा के पास हुआ, जब जयपुर चंडीगढ़ इंटरसिटी ट्रेन रात को करीब 1:00 बजे चंडीगढ़ की ओर जा रही थी। ट्रेन के ड्राइवर ने इसकी सूचना तुरंत जीआरपी पुलिस कैथल चौकी में दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस उसकी पहचान का प्रयास कर रही है। ट्रेन ड्राइवर ने सूचना दी जीआरपी चौकी इंचार्ज करण सिंह ने बताया कि उनके पास रात को करीब 12 से एक बजे कॉल आई थी कि अज्ञात व्यक्ति गांव पबनावा के पास ट्रेन की चपेट में आ गया है। ट्रेन ड्राइवर की सूचना पर रात को ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। वहां देखा तो पाया कि अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ था। ट्रेन का पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया। नहीं मिला कोई दस्तावेज जब व्यक्ति के जांच पड़ताल की गई तो उसके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान की जा सके। जीआरपी की टीम ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया है। आज उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक अस्पताल के शवगृह में रखा जाएगा। अगर पहचान होती है तो शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, नहीं तो सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इसका संस्कार कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। मृतक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन के लिए विश्व विख्यात नालंदा जिला अब पर्यावरण और रोमांचक पर्यटन (इको-टूरिज्म) का भी सबसे प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। राजगीर की पंच पहाड़ियों और मनोरम वादियों के बीच स्थित 'नेचर सफारी' पर्यटकों को खूब लुभा रही है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजगीर नेचर सफारी में आने वाले सैलानियों की संख्या में पिछले दो वर्षों के दौरान दोगुना उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2022-23 में जहां 1.59 लाख पर्यटक यहां पहुंचे थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर करीब तीन लाख के पार पहुंच गई है। प्रकृति और रोमांच का अनोखा संगम राजगीर नेचर सफारी में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आधुनिक एडवेंचर स्पोर्ट्स का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। यहां का सबसे बड़ा मुख्य आकर्षण अत्याधुनिक ‘ग्लास स्काईवॉक’ है, जहां खड़े होकर गहरी खाई और हरियाली को निहारना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो रहा है। इसके अलावा हवा में तैरती जिपलाइन, स्काई साइकिलिंग और झूलता सस्पेंशन ब्रिज युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। बच्चों और पारिवारिक पर्यटकों के लिए तीरंदाजी, राइफल शूटिंग, ट्रैंपोलिन और वॉल क्लाइंबिंग जैसी रोमांचक सुविधाएं भी मौजूद हैं, जो इसे पूरे परिवार के लिए एक संपूर्ण हॉलिडे डेस्टिनेशन बनाती हैं। बिहार भर में 36 फीसदी बढ़े इको-पर्यटक राजगीर की इस कामयाबी का सीधा असर पूरे सूबे के पर्यटन पर पड़ा है। बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्रों पर पिछले दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या में 36 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022-23 में पूरे राज्य में 55.20 लाख पर्यटक पहुंचे थे, जो 2024-25 में बढ़कर 74.90 लाख हो गए। यानी महज दो साल के भीतर 20 लाख से अधिक नए पर्यटक राज्य के प्राकृतिक स्थलों से जुड़े हैं। राजगीर के साथ-साथ कैमूर के करमचट डैम में पर्यटकों की संख्या तीन गुना (46 हजार से बढ़कर 1.49 लाख) और मुंगेर के भीमबांध में ढाई गुना (35 हजार से 85 हजार) हो गई है। वहीं, बांका का मंदार हिल और जमुई की नागी-नकटी बर्ड सेंचुरी भी सैलानियों के पसंदीदा ठिकाने बन चुके हैं। पीपीपी मॉडल पर संवरेंगे 276 नए पर्यटन केंद्र राज्य सरकार अब इको-टूरिज्म के दायरे को और अधिक विस्तार देने की योजना पर काम कर रही है। पर्यटन विभाग ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत 276 नई परियोजनाओं को चिन्हित किया है, जिनमें 29 बड़े जलाशय तथा 247 तालाब, झीलें और आर्द्रभूमियां शामिल हैं। इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए निजी निवेशकों को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा। इससे राज्य में पर्यटन का बुनियादी ढांचा तो मजबूत होगा ही, साथ ही स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के परसदा-केराझर वाटरफॉल में आखिरकार आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। 6 अगस्त को दैनिक भास्कर डिजिटल ने इस वाटरफॉल की खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि युवक 25-30 फीट ऊंचाई से छलांग लगा रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने यहां आम लोगों के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही वाटरफॉल में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिले में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती लापरवाही और हादसों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के क्षेत्र में आम लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर तुरंत रोक लगा दी है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह आदेश अगले आदेश तक लागू रहेगा। प्रशासन को जानकारी मिली है कि परसदा-केराझर वाटरफॉल में कुछ युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। करीब 30 फीट ऊंचे झरने की फिसलन वाली चट्टानों से पानी में छलांग लगाने जैसे खतरनाक स्टंट किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने वाटरफॉल क्षेत्र को खतरनाक क्षेत्र मानते हुए यह आदेश जारी किया है। वाटरफॉल और पहुंच के रास्ते ‘नो गो जोन’ जारी आदेश के अनुसार परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों में आम लोगों, पर्यटकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों और वन क्षेत्र की पगडंडियों को ‘नो गो जोन’ घोषित किया गया है। पिकनिक, रील या वीडियो बनाने, सेल्फी लेने और किसी भी तरह के स्टंट के लिए भी इस क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित रहेगा। बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश कलेक्टर ने पुलिस विभाग को वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छुट्टी के दिनों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को जाने से रोका जा सके। लगाए जाएंगे ‘नो एंट्री’ और ‘खतरा’ बोर्ड राजस्व, वन और पंचायत विभाग को वाटरफॉल के खतरनाक हिस्सों और पहुंच के रास्तों पर बड़े और साफ ‘प्रवेश निषेध’ और ‘खतरा’ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदार और संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव को आसपास के क्षेत्रों और गांवों में लगातार मुनादी और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को प्रतिबंध की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश तोड़ने पर होगी कार्रवाई कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन कर वाटरफॉल क्षेत्र में जाने, लोगों को वहां जाने के लिए उकसाने और प्रशासन की कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया है कि मौजूदा स्थिति की गंभीरता और आपात स्थिति को देखते हुए यह आदेश एकतरफा जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परसदा-केराझर वाटरफॉल क्षेत्र में न जाएं और प्रशासन के प्रतिबंध का पालन करें। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रील बनाने 30 फीट ऊंचाई से लगा रहे छलांग, VIDEO:रायगढ़ के वाटरफॉल में जानलेवा स्टंट, पुलिस बोली- स्टंट करने वालों पर होगी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बारिश के साथ वाटरफॉल पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता के बीच कुछ युवक जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। परसदा-केराझर वाटरफॉल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें युवक फिसलन भरी चट्टानों पर चढ़कर 25 से 30 फीट ऊंचाई से पानी में छलांग लगाते नजर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी में श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त कोबाबा विश्वनाथ का पारंपरिक झूलनोत्सव श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर करीब छह घंटे तक काशीवासियों और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इसके लिए महंत आवास, टेढ़ीनीम में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बाबा के झूले की साफ-सफाई के साथ ही आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या 27 अगस्त को बाबा विश्वनाथ की पंचवदन चल रजत प्रतिमा का महंत आवास में पारंपरिक रूप से विशेष हरियाली श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी। श्रावण पूर्णिमा के दिन बाबा का राजसी श्रृंगार कर चल प्रतिमा को नगर भ्रमण के लिए निकाला जाएगा। गाजे-बाजे के साथ निकलेगी शोभायात्रा संयोजक वाचस्पति तिवारी ने बताया कि 28 अगस्त को शाम के समय बाबा की पंचवदन चल रजत प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ महंत आवास से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। टेढ़ीनीम से निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन होंगे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, डमरू वादन और धार्मिक जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय होगा। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा के बाद बाबा की सपरिवार चल प्रतिमा को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया जाएगा। वहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद बाबा का झूलनोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सप्तऋषि आरती से पहले शुरू होगा झूलनोत्सव श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभूशरण ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सप्तऋषि आरती से पहले बाबा की चल रजत प्रतिमा का झूलनोत्सव कराया जाएगा। बाबा सपरिवार झूले पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। यह दर्शन शयन आरती तक जारी रहेगा। इसके बाद बाबा की चल प्रतिमा को वापस महंत आवास ले जाया जाएगा।
जोधपुर के विवेक विहार थाना पुलिस ने जोजरी नदी में प्रदूषण के मामले में JPNT से जुड़े 4 उद्यमियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। बता दें की एक दिन पहले ही जोजरी सहित अन्य नदियों में प्रदूषण के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किए थे। इधर जोधपुर में भी इस मामले को लेकर जांच चल रही है और कोर्ट समय-समय पर जांच में ढिलाई बरतने पर पुलिस को फटकार भी लगा चुका है। और दिशा निर्देश भी दे चुका है। इससे पहले 5 उद्यमियों को गिरफ्तार किया था जोजरी नदी समेत अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने इस मामले में SIT के गठन के निर्देश दिए थे। SIT की ओर से नदी में प्रदूषण फैलाने के आरोपों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। इसी मामले में 29 मई को JPNT के तत्कालीन 18 पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इससे पहले 2 अगस्त को पुलिस ने पांच उद्यमियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी।
ऑन्को और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने हासिल की बड़ी उपलब्धि।
बीकानेर में चल रही 70वीं तहसील स्तरीय 17 और 19 वर्ष छात्र क्रिकेट प्रतियोगिता में मंगलवार को खिलाड़ियों ने मैदान पर दम दिखाया। अलग-अलग मैदानों पर दोनों आयु वर्ग के कुल 10 मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रदर्शन किया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आईजीएनपी कॉलोनी में 6 और सादुल स्पोर्ट्स स्कूल मैदान पर 4 मैच हुए। प्रतियोगिता में आज तीसरे राउंड के मुकाबले खेले जाएंगे। 19 वर्ष वर्ग में दक्षिण विस्तार, आरके पब्लिक और ब्लॉसम जीते राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आईजीएनपी कॉलोनी में हुए मुकाबलों में 19 वर्ष छात्र वर्ग के पहले मैच में दक्षिण विस्तार ने राउमावि आईजीएनपी कॉलोनी को हराया। दूसरे मुकाबले में आरके पब्लिक स्कूल ने शास्त्री बाल विद्यालय को पराजित किया। तीसरे मैच में ब्लॉसम इंटरनेशनल स्कूल ने आरएसवी उमावि को हराकर जीत दर्ज की। 17 वर्ष वर्ग में सेठ तोलाराम बाफना, चैतन्य और एलएनसी विजेता 17 वर्ष छात्र वर्ग के पहले मुकाबले में सेठ तोलाराम बाफना स्कूल ने बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल को हराया। दूसरे मैच में चैतन्य टेक्नो स्कूल ने बीबीएस स्कूल को पराजित किया। तीसरे मुकाबले में एलएनसी एकेडमी ने राउमावि चोपड़ा को हराकर जीत दर्ज की। बीकानेर पश्चिम में भी 4 मुकाबले तहसील स्तर बीकानेर पश्चिम के तहत सादुल स्पोर्ट्स स्कूल मैदान पर 19 वर्ष छात्र वर्ग के 4 मुकाबले खेले गए। पहले मैच में स्टेपिंग स्टोन स्कूल ने विंग्स इंटरनेशनल स्कूल को हराया। दूसरे मुकाबले में रमेश इंग्लिश स्कूल ने राउमावि जस्सूसर गेट को पराजित किया। तीसरे मैच में जैन पब्लिक स्कूल ने नालंदा पब्लिक स्कूल को हराया। चौथे मुकाबले में राजकीय एमएम स्कूल ने आर्यन पब्लिक स्कूल को शिकस्त दी। प्रतियोगिता में निर्णायक की मुख्य भूमिका रोहित बिश्नोई, गौरव पुरोहित और गोवर्धन बारूपाल ने निभाई। बीकानेर पश्चिम की प्रतियोगिता संयोजक विद्यालय राउमावि जस्सूसर गेट के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
श्रवण बाधित होने के बावजूद धमतरी की 3 बेटियों ने पैरा योगासन में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तीनों ने पदक जीते और अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित होकर अपनी प्रतिभा का दम दिखाने को तैयार हैं।
मिलादुन्नबी के मौके पर भोपाल में आज दो जुलूस निकलेंगे। मंगलवारा क्षेत्र का जुलूस भारत टॉकीज से शुरू होकर इमामी गेट पहुंचेगा, जबकि अशोका गार्डन का जुलूस जिंसी चौराहे पर समाप्त होगा।
दोनों पैर कटने के बाद भी साथी रेलकर्मी को फोन कर दी हादसे की जानकारी, एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर तोड़ा दम।
सुल्तानपुर पुलिस प्रशासन ने आगामी 26 अगस्त बुधवार आज मनाए जाने वाले बारह रबीउल अव्वल पर्व के मद्देनजर विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। इसका उद्देश्य शहर में सुगम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। जारी योजना के अनुसार, पयागीपुर, भुलकी चौराहा और सौरमऊ अंडरपास की ओर से शहर के अंदर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, स्थानीय निवासी अपना पहचान पत्र (आईडी) दिखाकर अपने घरों तक जा सकेंगे। प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर और वाराणसी से आने-जाने वाली उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों के लिए भी मार्ग निर्धारित किया गया है। ये बसें अमहट होते हुए रोडवेज बस अड्डे तक पहुंचेंगी। शहर के भीतर कई प्रमुख क्षेत्रों को 'नो-व्हीकल जोन' घोषित किया गया है। इनमें कलेक्ट्रेट तिराहे से डाकखाने चौराहे की ओर, लाल डिग्गी चौराहे से डाकखाना चौराहे की ओर, एलआईसी तिराहा (ईदगाह) से राहुल चौराहे की तरफ और इंडिया एटीएम (गराहा) से राहुल चौराहे की तरफ के मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दरियापुर तिराहे से बादमंडी की तरफ, सूरज टॉकीज से अन्नू चौराहे की तरफ, पंचरस्ता से बादमंडी एवं चौक की तरफ, सब्जी मंडी तिराहे से चौक की तरफ, जिला अस्पताल गेट के सामने से आगरा स्वीट हाउस की तरफ और मिश्रा भोजनालय (गल्ला मंडी) से आगरा स्वीट हाउस की तरफ भी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पर्व के दौरान सड़कों पर लाइट, स्टेज और विभिन्न सजावटों के कारण भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। उन्होंने जनपदवासियों से शांतिपूर्ण और सकुशल पर्व संपन्न कराने के लिए यातायात नियमों व डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है।
जयपुर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता अब देर रात भी नजर आने लगी है। जिला कलेक्टर संदेश नायक मंगलवार देर रात अचानक शहर की सड़कों पर सफाई व्यवस्था का जायजा लेने निकल पड़े। खास बात यह रही कि कलेक्टर सरकारी गाड़ी के बजाय स्कूटी पर सवार होकर परकोटे में निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर संदेश नायक ने अजमेरी गेट से स्कूटी पर बैठकर चारदीवारी क्षेत्र का दौरा शुरू किया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ईस्ट) नरेंद्र कुमार वर्मा उनके सारथी बने। एडीएम नरेंद्र कुमार वर्मा खुद स्कूटी चला रहे थे, जबकि कलेक्टर पीछे बैठकर शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेते रहे। अजमेरी गेट से परकोटे तक सफाई का जायजा देर रात हुए इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परकोटे के अलग-अलग हिस्सों में सफाई व्यवस्था देखी। किन इलाकों में सफाई हुई है और कहां अभी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है, इसे लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई। कलेक्टर का फोकस सिर्फ सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। निकाय चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता की स्थिति और उससे जुड़े अपडेट भी अधिकारियों से लिए गए। निगम ने शुरू किया सघन सफाई अभियान दरअसल, जयपुर शहर में बुधवार से सघन सफाई अभियान की शुरुआत की गई है। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने पर फोकस किया जा रहा है। निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने सांगानेर और मानसरोवर क्षेत्र का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अभियान के तहत चल रहे सफाई कार्यों और मौके की स्थिति को देखा। वहीं, जिला कलेक्टर संदेश नायक ने चारदीवारी क्षेत्र का मोर्चा संभाला और देर रात खुद मौके पर पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। पहले भी साथ कर चुके हैं शहर का निरीक्षण कलेक्टर संदेश नायक और निगम कमिश्नर ओम कसेरा इससे पहले भी संयुक्त रूप से जयपुर शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर चुके हैं। अब सघन सफाई अभियान की शुरुआत के साथ प्रशासन और निगम के अधिकारी लगातार फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
प्रेमी की मौत की खबर से सदमे में नाबालिग प्रेमिका, फंदा लगाकर जान दी, 8 महीने पहले हुई थी दोस्ती
यूपी में प्रेमी की मौत की खबर से सदमे में आई नाबालिग प्रेमिका ने भी फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। लड़की ने हल्द्वानी में सुसाइड किया।
मोहाली की एक निजी यूनिवर्सिटी की महिला असिस्टेंट प्रोफेसर को परेशान करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व छात्र ने पहले उन्हें लव लेटर दिया और बाद में तेजाब डालने की धमकी दी। मामला यहीं नहीं रुका, आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी ईमेल भेजे और प्रोफेसर की अश्लील तस्वीरें व वीडियो वायरल कर दिए। पुलिस ने रजित के खिलाफ बुधवार को आईटी एक्ट की धारा 67A और 66E तथा धारा 78(1), 75, 351(2) व 304 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल जांच जारी है। अब पढ़ें महिला प्रोफेसर की जुबानी पूरी कहानी:-
जुलाई माह में रेवाड़ी की नई आबादी के डिपो में राशन बरसाती पानी में भिगने का मामला सामने आया था। जिसकी जांच में अब बड़ा खुलासा हुआ है। डिपो की जांच के दौरान डिपो के स्टॉक में 3644 किलोग्राम गेहूं और चावल अतिरिक्त मिला है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने डिपो संचालक को 11 अगस्त को नोटिस जारी किया था। डिपो होल्डर को नोटिस मिलने पर 5 दिन में इसका जवाब देना है। ऐसा नहीं करने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी है। जुलाई माह में डिपो में 5450 किलोग्राम राशन बरसाती पानी में भीग गया था। जिसका वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की थी। पहले ही 3 डिपो की सप्लाई सस्पेंड कर चुके विभाग के अगले कदम पर लगी हुई है। जानिए क्या था पूरा मामला 7 जुलाई को हुई बरसात में नई आबादी के डिपो में रखी गेहूं और चीनी भीग गए थे। बरसात में भीगी गेहूं को सूखाते समय बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत खाद्य आपूर्ति विभाग से की थी। जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। जिसके बाद विभाग ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जिसकी जांच में सामने आया था कि बरसात से डिपो में 3600 किलोग्राम गेहूं और 900 किलोग्राम चीनी भीग गए थे। विभागीय जांच में डिपो होल्डर के स्टॉक में 3497.09 किलो गेहूं, 149 किलो चीनी और 84 लीटर सरसो का तेल अतिरिक्त मिला था। वार्ड-1 निवासी इंद्रजीत सिंह और रिया ने डिपो धारक राजकुमार पर दो केवल लीटर सरसो का तेल देने और गेहूं- चीनी नहीं देने के आरोप जांच कमेटी के सामने लगाए थे। इसके अलावा जांच में बोर्ड पर स्टॉक की एंट्री नहीं करने, अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर भी नहीं लिखा मिला था। डिपो होल्डर निगरानी कमेटी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया था। विभाग द्वारा अब तक लिया एक्शन बरसाती पानी में राशन भिगने का मामला सामने आने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने नई आबादी के साथ अटैच दो अन्य डिपो सहित 3 डिपो की सप्लाई सस्पेंड कर दी थी। पानी में भिगे राशन की रिकवरी भी की जा चुकी है। विभाग ने जांच में मिली अनियमितताओं के साथ स्टॉक में मिले अतिरिक्त राशन के मामले में भेजे नोटिस पर डिपो होल्डर के जवाब का इंतजार है। भीगे राशन की हो चुकी रिकवरी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नितेश सिंगला ने कहा कि डिपो होल्डर से राशन की रिकवरी की जा चुकी है। डिपो की सप्लाई अभी सस्पेंड चल रही है और राशन वितरण के लिए उन्हें दूसरे डिपो के साथ अटैच किया गया है। अतिरिक्त राशन मिलने और अन्य खामियों में कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्रोसेस पूरा होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बस्तर के जंगलों में वन विभाग और ग्रामीणों के तालमेल से दो तेंदुआ शावकों का रेस्क्यू किया गया। उन्हें उनकी मां से मिलाने का सफल अभियान पूरा हुआ। करीब 48 घंटे तक चले इस मिशन में वन अमले ने शावकों की लगातार निगरानी की। सोमवार को ट्रैप कैमरे में मादा तेंदुआ दोनों शावकों के पास पहुंची और उन्हें सुरक्षित अपने साथ घने जंगल में ले गई। मामला चित्रकोट रेंज के पहाड़ी वन क्षेत्र का है। 22 अगस्त को ग्रामीण बच्चों ने तेंदुए का एक छोटा शावक उठा लिया था। जिसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और रात करीब 11.20 बजे शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया गया। पहले प्रयास में मां नहीं पहुंची वन विभाग ने शावक को उसकी मां से मिलाने के लिए तड़के करीब 4 बजे उसे जंगल में चिन्हित सुरक्षित स्थान पर छोड़ा। उम्मीद थी कि मादा तेंदुआ अपने बच्चे की गंध पहचानकर उसे लेने पहुंच जाएगी। हालांकि, अगली सुबह निगरानी के दौरान मां के शावक तक नहीं पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से आसपास के जंगल में दूसरे शावक की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान दूसरा शावक भी मिल गया। दोनों शावकों को सुरक्षित स्थान पर रखकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आसपास हाई-रिजोल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए। कैमरे में कैद हुआ मां का इंतजार खत्म होने का पल वन विभाग की टीम ने करीब 48 घंटे तक लगातार निगरानी की। सोमवार रात ट्रैप कैमरे में मादा तेंदुआ दोनों शावकों के पास पहुंचती दिखाई दी। उसने दोनों बच्चों को अपने साथ लिया और घने जंगल की ओर चली गई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शावकों को मां से मिलाने के लिए पूरे अभियान में उनकी सुरक्षा और मादा तेंदुए के प्राकृतिक व्यवहार को प्राथमिकता दी गई। इस दौरान ग्रामीणों ने भी वन विभाग का सहयोग किया। विभाग का कहना है कि यह अभियान वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व का उदाहरण है। ग्रामीणों की सजगता से समय पर सूचना मिलने और वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण दोनों शावकों को सुरक्षित उनकी मां तक पहुंचाया जा सका।
युवक ने प्रेमिका के साथ मिलकर हयातुन निशा को लगाया था ठिकाने, एक ही मकान में किराए पर रहते थे सभी।
पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के रिश्तों को लेकर नया मोड़ आ गया है।
राजसमंद नगर परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने 45 वार्डों से टिकट के दावेदारों को आवेदन के लिए बुलाया, जहां सभी दावेदारों ने चुनाव प्रभारी दीपक व्यास को अपने आवेदन सौंपे। वार्डवार बातचीत में दावेदारों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं, स्थानीय मुद्दे और चुनावी समीकरण बताए। सभापति का पद अनारक्षित होने से इस बार पार्टी के सामने 45 वार्डों में मजबूत प्रत्याशी चुनने के साथ सभापति पद के लिए भी जिताऊ चेहरे के चयन की चुनौती है। 45 वार्डों से दावेदार पहुंचे नगर परिषद के सभी 45 वार्डों से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार पहुंचे और अपने आवेदन चुनाव प्रभारी दीपक व्यास को सौंपे। प्रभारी ने सभी वार्डों के दावेदारों को एक-एक करके बुलाया और उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। वार्ड की समस्याएं और चुनावी समीकरण बताए वार्डवार चर्चा के दौरान दावेदारों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों की जानकारी दी। उन्होंने विकास से जुड़े सुझाव भी रखे। इसके साथ ही अपने वार्ड में कांग्रेस की स्थिति और चुनावी समीकरण को लेकर भी अपनी बात चुनाव प्रभारी के सामने रखी। सभापति पद के लिए भी बढ़ सकती है दावेदारी राजसमंद नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं और पहले यहां कांग्रेस का बोर्ड रह चुका है। इस बार सभापति का पद अनारक्षित है। ऐसे में सभापति पद के लिए दावेदारी करने वालों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस के सामने सभी वार्डों में मजबूत प्रत्याशी चुनने के साथ सभापति पद के लिए उपयुक्त चेहरे का चयन करने की चुनौती भी रहेगी। फीडबैक के बाद घोषित होंगे प्रत्याशी चुनाव प्रभारी दीपक व्यास ने बताया कि सभी दावेदारों से बातचीत के बाद उनका फीडबैक पार्टी के पदाधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसके बाद पार्टी स्तर पर चर्चा और मंथन होगा। इसी प्रक्रिया के बाद नगर परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।
Ambedkar statue controversy: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थानीय स्तर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर दो पक्षों और पुलिस-प्रशासन के बीच हुए विवाद पर मायावती ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
बारावफात के जुलूस मार्गों पर रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के लिए अलर्ट जारी।
24 घंटे में माफी मांगें जयराम महतो, वरना कार्य बहिष्कार; JLKM चीफ पर क्यों भड़का पुलिस एसोसिएशन
झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) प्रमुख जयराम महतो के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
वाराणसी में पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर रेवड़ी तालाब से उठे जुलूस इस बार केवल 150 गाड़ियों को प्रशासन ने परमिशन दी है। उसके बावजूद कई गाड़ियों के फर्जी तरीके से जुलूस में शामिल होने की सूचना पर एसीपी भेलूपुर के नेतृत्व में होटल ब्रॉडवे के पास चेकिंग शुरू की गयी। इस चेकिंग में कई गाड़ियां ऐसी मिली जिनका नाम लिस्ट में नहीं था फिर भी वो जुलूस में लगाईं गई थीं। इन सभी गाड़ियों को रोक लिया गया। चेकिंग लगातार जारी है। देखें तस्वीरें… सिर्फ 150 गाड़ियों को अनुमति ACP गौरव कुमार ने बताया - बारावफात के रेवड़ी तालाब से उठने वाले जुलूस में इस वर्ष सिर्फ 150 गाड़ियों को ही अनुमति दी गयी है। उन्हें एक विशेष पास भी दिया गया है। ऐसे में ज्यादा गाड़ियों के जुलूस में शामिल होने की सूचना पर होटल ब्रॉडवे के पास चेकिंग की गई। इस दौरान कई गाड़ियां ऐसी मिलीं जिनकी अनुमति नहीं थी। उन्हें लिस्ट से मिलाया गया तो उसमें उनका नंबर नहीं था। ऐसे में उन गाड़ियों को रोक दिया गया और उनपर से लोगों को उतारकर उन्हें पैदल जाने को कहा गया। ब्रॉड वे होटल पर हो रही चेकिंग होटल ब्रॉडवे से होकर जुलूस आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस कर्मी यहीं गाड़ियों की लिस्ट लेकर खड़े हैं और उन्हें चेक कर आगे जाने दे रहे हैं। जिन गाड़ियों का नंबर लिस्ट में नहीं है। उन्हें वही रोक दिया जा रहा है और उनपर बैठे लोगों को वहां से पैदल जाने दिया जा रहा है। 1500 से अधिक गाड़ियों से निकलता था जुलूस रेवड़ी तालाब से उठने वाला मदहे सहाबा का जुलूस वाराणसी का सबसे बड़ा जुलूस है। इस जुलूस में हर वर्ष 1500 से अधिक चार पहिया वाहन लगाए जाते थे। जिनपर बैठकर बच्चे इस्लामिक झंडों को नातिया कलाम के साथ लेकर बेनियाबाग पहुंचते थे और पैगंबर साहब की पैदाइश का जश्न मनाते थे। यह जुलूस श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के सामने से निकलता है और सावन माह होने की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ भी धाम में ज्यादा है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसलिए गाड़ियों की परमिशन कम की गयी है।
गाजियाबाद में बारिश का अलर्ट:रुक-रुक कर हवा बह रही,आसमान में बादल, टेम्प्रेचर 33°C
गाजियाबाद में बुधवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में बादल छाए हैं और रुक-रुक हवा बह रही है। इससे तापमान में कमी आई है तापमान में गिरावट होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। मौसम विभाग ने शाम को बारिश होने की संभावना जताई है। 2 तस्वीरें देखिए… लगातार तीसरे दिन बारिश के आसार गाजियाबाद में पिछले दो दिनों से बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। रविवार शाम और सोमवार रात हल्की बारिश हुई थी। सोमवार और मंगलवार को भी कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में भी मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। धान और गन्ने की फसल को फायदा लगातार हो रही बारिश से किसानों को राहत मिली है। इस समय धान और गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की सिंचाई की जरूरत कम होगी। जुलाई में 196 मिमी बारिश रिकॉर्ड गाजियाबाद में जुलाई महीने में कुल 196 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
Indian Railway News: सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर ट्रैक दोहरीकरण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। डीएम ने अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उचित प्रतिकर, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति का गठन किया है।
शामली के ऊन क्षेत्र के गंगारामपुर निवासी एक वृद्ध मल सिंह ने फर्जी तरीके से पंजीकृत कराए गए दान पत्र को निरस्त कराने के लिए निःशुल्क कानूनी मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और चलने-फिरने में असमर्थता का हवाला देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शामली एट कैराना से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की थी। मल सिंह पुत्र गेंदा ने प्राधिकरण को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है। उनकी ग्राम गंगारामपुर स्थित भूमि खाता संख्या-85, खसरा संख्या-13, कुल रकबा 0.8280 हेक्टेयर में 0.2070 हेक्टेयर हिस्सेदारी है। आरोप है कि शौकीन्द्र पुत्र केहर सिंह निवासी गंगारामपुर ने खुद को उनका पौत्र बताते हुए धोखाधड़ी से उनकी भूमि के संबंध में एक दान पत्र पंजीकृत करा लिया। यह दान पत्र 26 जून 2025 को पंजीकृत हुआ बताया गया है, जिसका विवरण बही संख्या-01, जिल्द संख्या-985, पृष्ठ 331 से 338 तथा क्रमांक 4942 पर दर्ज है। वृद्ध मल सिंह इस दान पत्र को निरस्त कराने के लिए कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण निजी अधिवक्ता की फीस देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने प्राधिकरण को शपथ पत्र भी प्रस्तुत करते हुए पूरे मामले में निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की थी। प्राधिकरण ने उनके प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता अजय शर्मा को नियुक्त किया है, जो अब मल सिंह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे हैं। शामली जिले में जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के ऐसे मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
बदायूं में नेताओं के साथ तस्वीरें, सोशल मीडिया पर रसूख का प्रदर्शन और इसी आभासी पहचान के सहारे लोगों पर दबाव बनाने का आरोप। अमन मयंक शर्मा की बनाई हुई यह छवि अब उसके लिए मुसीबत बन गई है। सीओ सिटी राहुल पांडेय के नाम पर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 1.40 लाख रुपए वसूलने के आरोप में जेल भेजे गए अमन की फेसबुक प्रोफाइल खंगालने पर भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आई हैं। अमन ने खुद सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना समेत कई नेताओं के साथ फोटो साझा की थीं। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य और भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक के साथ तस्वीरें भी उसकी प्रोफाइल पर मौजूद हैं। नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ फोटो, सोशल मीडिया पर दिखाता था प्रभाव अमन की फेसबुक प्रोफाइल पर राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कई तस्वीरें दिखाई देती हैं। उसने कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक के साथ भी तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों के जरिए वह सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच और प्रभाव का प्रदर्शन करता था। हालांकि, इन तस्वीरों का इस्तेमाल वह वास्तव में किस तरह करता था, यह जांच का विषय है। लेकिन उसके खिलाफ दर्ज मामलों और मौजूदा मुकदमे के आरोपों से इतना सामने आता है कि नेताओं और पुलिस अधिकारियों से नजदीकी दिखाकर प्रभाव जमाने की कोशिश उसकी कार्यशैली का हिस्सा थी। CO के नाम का इस्तेमाल कर 1.40 लाख वसूलने का आरोप अमन के खिलाफ मौजूदा मामला सीओ सिटी राहुल पांडेय के नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल करने से जुड़ा है। आरोप है कि उसने एक व्यक्ति को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और पुलिस अधिकारी के नाम का हवाला देकर उससे 1.40 लाख रुपए वसूल लिए। मामला पुलिस की जानकारी में आने के बाद जांच की गई। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने अमन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यानी जिस पुलिसिया पहुंच और रसूख का प्रदर्शन वह सोशल मीडिया पर करता था, उसी पुलिस अधिकारी के नाम का कथित इस्तेमाल कर सौदेबाजी करना आखिरकार उसके लिए भारी पड़ गया। पहले भी वसूली से जुड़ा मुकदमा दर्ज मौजूदा मुकदमा सामने आने के बाद अमन का पुराना रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गया है। उसके खिलाफ सदर कोतवाली में भी एक मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि एक अधिवक्ता का मकान किरायेदार से खाली कराने के नाम पर उसने लाखों रुपए की वसूली की थी। इस तरह उस पर दबाव बनाकर वसूली करने के आरोप का यह पहला मामला नहीं है। पुलिस अब मौजूदा प्रकरण के साथ उसके खिलाफ पहले दर्ज मुकदमे और उसकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। भाजपा बोली- अमन का पार्टी से कोई संबंध नहीं मामला सामने आने के बाद भाजपा ने अमन से दूरी बना ली है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि अमन का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। संगठन की ओर से उसे कोई दायित्व भी नहीं दिया गया था। इसके बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर अमन पार्टी का पदाधिकारी या अधिकृत कार्यकर्ता नहीं था तो इतने बड़े नेताओं तक उसकी पहुंच कैसे बनी? वह लगातार नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाकर उन्हें सोशल मीडिया पर क्यों साझा करता था? फोटो से बन रही थी ‘पहुंच’ की छवि किसी राजनीतिक दल से औपचारिक संबंध होना अलग बात है और नेताओं के साथ लगातार सार्वजनिक रूप से नजदीकी दिखाना अलग। अमन के मामले में यही तस्वीरें अब सवाल खड़े कर रही हैं। सोशल मीडिया प्रोफाइल देखने वाले आम व्यक्ति के सामने उसकी जो छवि बनती थी, उसमें वह बड़े राजनीतिक चेहरों और पुलिस अधिकारियों तक पहुंच रखने वाला व्यक्ति दिखाई देता था। खुद को ‘ब्राह्मण शिरोमणि’ बताकर पोस्ट करने से लेकर बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करने तक, उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां इसी बनाई हुई छवि को मजबूत करती थीं। अब पुलिस जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इन कथित संपर्कों का इस्तेमाल उसने केवल सोशल मीडिया पर प्रभाव दिखाने के लिए किया था या लोगों पर दबाव बनाने और वसूली में भी इसका सहारा लिया था। फिलहाल, अमन जेल में है और पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों तथा मौजूदा प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जरूर हैं, लेकिन इन तस्वीरों से किसी राजनीतिक दल या नेता के साथ उसके आधिकारिक संबंध साबित नहीं होते।
लखनऊ में 12 रबी-उल-अव्वल के मौके पर ईद मिलादुन्नबी मनाई जा रही है। चौक स्थित दरगाह शाहमीना शाह से जुलूस-ए-मोहम्मदी और अमीनाबाद के झंडे वाले पार्क से जुलूस-ए-मदहे सहाबा निकाला जा रहा है। दोनों जुलूस करीब 6 किलोमीटर लंबे होंगे। इनमें एक लाख से ज्यादा अकीदतमंदों के शामिल होने की उम्मीद है। पैगंबर मोहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी में निकाले जा रहे जुलूस में धार्मिक झंडों के साथ भारतीय तिरंगा भी लहराया जा रहा है। शहर में इन दो प्रमुख जुलूसों के अलावा करीब 150 छोटे जुलूस भी निकाले जा रहे हैं। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह सबील और लंगर की व्यवस्था की गई है। अकीदतमंदों के स्वागत के साथ देश में अमन और शांति की दुआएं भी मांगी जा रही हैं। भीड़ को देखते हुए जुलूस मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने भी जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए डायवर्जन लागू किया है।
प्रतापगढ़ जिले के बाजारों में रक्षाबंधन पर्व को लेकर राखियों की दुकानें सज गई हैं। शहर से लेकर तहसील क्षेत्रों तक अस्थायी काउंटर और दुकानें लगाकर राखियों की बिक्री शुरू हो गई है। इस बार अयोध्या और मथुरा से आईं डिजाइनर राखियां लोगों की विशेष पसंद बनी हुई हैं, जिनकी कीमत 10 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक है। बाजार में श्रीराम और लड्डू गोपाल की थीम पर आधारित राखियों की मांग सबसे अधिक है। इनके अलावा, रुद्राक्ष, रंगीन धागों और कपड़े की कढ़ाई वाली राखियां भी उपलब्ध हैं। जरी और स्टोन से सजी राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों के लिए मिकी माउस, स्पाइडर मैन जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां, साथ ही लाइट वाली और कृष्ण-मोर डिजाइन की राखियां भी बाजार में आई हैं। भाई-भाभी के लिए लुंबा राखी के जोड़े की भी अच्छी मांग है। ये राखियां अयोध्या, मथुरा, कोलकाता, अहमदाबाद, वाराणसी और प्रयागराज की उत्पादन इकाइयों से तैयार होकर प्रतापगढ़ पहुंची हैं। राखी विक्रेता संजीव गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष मथुरा की लड्डू गोपाल और अयोध्या की श्रीराम राखियों की विशेष मांग है। उन्होंने बताया कि जरी की राखियां कोलकाता से और स्टोन वाली इंस्टाग्राम-ट्विटर थीम की राखियां अहमदाबाद से मंगाई गई हैं। बच्चों की कार्टून और लाइट वाली राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। दूसरे राज्यों और बड़े शहरों में नौकरी करने वाले भाइयों को डाक से राखी भेजने के लिए बहनों ने खरीदारी शुरू कर दी है। शाम होते ही राखी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है। दुकानदारों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन तक बिक्री में और तेजी आएगी।
आगरा के कमला नगर में मंगलवार देर रात लूट की वारदात हुई। रात करीब एक बजे घर लौट रहे व्यापारी को बाइक सवार दो बदमाशों ने रोक लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने तमंचा तान दिया और 2.50 लाख रुपये से भरा बैग, दो मोबाइल और एक टैबलेट लूटकर फरार हो गए। पीड़ित नंदन गुप्ता कमला नगर के जी-ब्लॉक के रहने वाले हैं। उनकी मनकामेश्वर मंदिर के पास रावतपाड़ा में पोशाक और पूजन सामग्री की दुकान है। मंगलवार रात वे दुकान बंद कर कर्मचारी के साथ स्कूटर से घर आ रहे थे। रास्ते में कर्मचारी अपने घर उतर गया। इसके बाद नंदन अकेले घर की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही वे जी-ब्लॉक के पास पहुंचे, पीछे से बाइक पर आए दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से बैग छीनने की कोशिश की। नंदन ने विरोध किया तो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और बैग लेकर फरार हो गए। बैग में दिनभर की बिक्री के 2 से 2.50 लाख रुपये, दो मोबाइल फोन और एक टैबलेट रखा था। घटना की सूचना पर कमला नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि फुटेज में दो बदमाश नजर आए हैं। आगे बैठे बदमाश ने मास्क लगा रखा था, जबकि पीछे बैठे बदमाश ने टोपी पहनी थी। दोनों व्यापारी की दुकान से ही पीछा कर रहे थे और सुनसान रास्ते पर वारदात को अंजाम दिया।वहीं, पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार के बल पर लूट की वायरल खबर का खंडन किया है। एसीपी ने बताया कि तमंचा दिखाने की बात न तो पीड़ित की तहरीर में है और न ही अभी तक की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर दो टीमों का गठन किया गया है और बदमाशों की तलाश की जा रही है।
आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।
हरियाणा के फतेहाबाद में मंगलवार देर रात सड़क हादसे में एक सीनियर एडवोकेट की मौत हो गई। वह कार से अपने पेट्रोल पंप पर जा रहे थे। इसी दौरान मोड़ पर उनकी कार की स्कॉर्पियो से टक्कर हो गई। हादसे के बाद स्कॉर्पियो सवार मौके से फरार हो गया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल एडवोकेट को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। रात साढ़े 9 बजे घर से निकले मृतक की पहचान धांगड़ा गांव निवासी एडवोकेट हरनाम सिंह भादू (70) के रूप में हुई। वह कई साल से शहर के हुडा सेक्टर में रह रहे थे। उनका एक पेट्रोल पंप भी है और वह पर्यावरण प्रेमी के तौर पर जाने जाते थे। मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे वह किसी काम से अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में निकले थे। भूना रोड पर मुड़ते ही एक्सीडेंट जैसे ही उनकी कार सेक्टर रोड से निकलकर भूना रोड जाने वाली मेन रोड पर चढ़ी, तभी भूना रोड की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी कार की ड्राइवर साइड में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद भादू की कार सड़क पर घूम गई। स्कॉर्पियो चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। हादसा इतना भीषण था कि जोरदार धमाके की आवाज सुनकर हुडा सेक्टर के आसपास के निवासी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने परिजनों को घटना की सूचना दी और गंभीर रूप से घायल हरनाम सिंह भादू को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही हुडा चौकी पुलिस की टीम अस्पताल में पहुंची। उन्होंने हरनाम सिंह भादू का शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में भिजवा दिया। बुधवार को उनका पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस आरोपी स्कॉर्पियो ड्राइवर की तलाश कर रही है। भतीजा बोला- पेट्रोल पंप पर जा रहे थे भादू के भतीजे ने बताया कि चाचा अपनी पत्नी, बेटी विशाल, पुत्रवधु और पोता-पोती के साथ रहते थे। दोपहर में वह वकालत करते थे। रात को वह अपने धांगड़ गांव स्थित पेट्रोल पंप पर जाते थे। रात को भी वह पेट्रोल पंप पर जाने के लिए घर से निकले थे।
झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। जानकारी सामने आई है कि अबान की कार हादसे से पहले करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी।
मध्य प्रदेश से एक पवित्र संकल्प लेकर निकले महाराज शिवनाथ त्रिपाठी का कानपुर के पनकी इलाके में जोरदार स्वागत किया गया। महाराज जी मध्य प्रदेश की पुण्य सलिला नर्मदा नदी से प्राप्त साक्षात शिव स्वरूप 'नर्मदेश्वर शिवलिंग' लेकर बाराबंकी स्थित अपने पैतृक गांव जा रहे हैं। जब उनकी यह शिव यात्रा कानपुर से होकर गुजरी, तो स्थानीय शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पनकी में महाराज जी के आगमन पर भारतीय गौ रक्षा संघ के जिला उपाध्यक्ष ज्वाला सिंह, सनातन गौ रक्षा सेवा के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण समाज के लोगों ने उनका फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गुंजायमान हो गया और माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। पैतृक गांव में होगी प्राण-प्रतिष्ठा महाराज जी ने बताया कि इस पवित्र नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना वे बाराबंकी स्थित अपने ग्राम में करेंगे। धार्मिक ग्रंथों में मान्यता है कि नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना और नियमित पूजा-अर्चना से पूरे क्षेत्र में असीम सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। स्वागत के पश्चात स्थानीय लोगों ने महाराज जी से आशीर्वाद लिया और उनकी आगे की यात्रा के लिए मंगलकामनाएं दीं।
महिलाओं के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कैबिनेट बैठक में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, रक्षाबंधन पर्व पर सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार ने 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना' के तहत यह सुविधा प्रदान की है। इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। यात्रा के लिए आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र मान्य होगा। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर 27 अगस्त की सुबह 06:00 बजे से 29 अगस्त की रात 12:00 बजे तक परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस दौरान महिलाएं अपने साथ एक सहचर को भी यात्रा में ले जा सकेंगी। कैबिनेट ने 250 इलेक्ट्रिक बसों (42 सीटर एवं 52 सीटर) की खरीद को भी मंजूरी दी है। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने इन निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे महिलाओं को यात्रा करने में काफी सुविधा मिलेगी, खासकर उन महिलाओं को जिन्हें पहले पैसों का इंतजाम करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के प्रति जन-जन को जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
ईद मुलादुन्नबी पर निकला मदहे सहाबा का जुलूस:गूंजा - ‘सरकार की आमद मरहबा’, 150 गाड़ियों से जुलूस रवाना
पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) की यौमे पैदाईश ईद मिलादुन्नबी पर बुधवार को शहर के रेवड़ी तालाब स्थित मदरसे से मदहे सहाबा का जिले का सबसे बड़ा जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में इस बार प्रशासन और कमेटी की सहमति के बाद 1500 की जगह महज 150 गाड़ियां शामिल की गई हैं। जिसमें इस्लामिक परिधानों में सजे बच्चे आकर्षक का केंद्र हैं। कई गाड़ियों पर नबी की शान में नात चलाई जा रही है। जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होता हुआ 10 बजे के बाद बेनियाबाग के मैदान में खत्म होगा। देखें तीन तस्वीरें… नबी की आमद पर जश्न का माहौल मुसलमानों के आखरी नबी हजरत पैगंबर साहब की यौमे पैदाइश पर बुधवार को मुस्लिम बहुल इलाकों में जश्न का माहौल है। इसी क्रम में देर रात से शुरू हुआ जश्न और नातिया कलाम का सिलसिला अभी भी जारी है। इस समय रेवड़ी तालाब से जिले का सबसे बड़ा मदहे सहाबा का जुलूस उठाया गया। जिसमें नबी की शान में नातिया कलाम पेश किए जा रहे हैं। 150 गाड़ियों पर अंजुमनों के लोग इस्लामिक झंडों के साथ मौजूद हैं और जुलूस धीरे धीरे अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहा है। एक हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन से निगरानी जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने जुलूस के पूरे रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गौरव कुमार ने बताया - जुलूस के रस्ते में करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। इन रास्तों से होकर गुजरेगा जुलूस मदहे सहाबा का सबसे बड़ा जुलूस रेवड़ी तालाब से उठकर भेलूपुर, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा, पियरी होता हुआ बेनियाबाग पहुंचेगा। जहां जलसे का आयोजन किया गया है। इस जलसे में शहर के नामचीन लोग अपना वक्तव्य नबी की जिन्दगी पर पेश करेंगे। दालमंडी समेत कई इलाकों में सजावट ईद मिलादुन्नबी को लेकर दालमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैयां, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब और पीलीकोठी समेत कई इलाकों में भव्य सजावट की गई है। नई सड़क पर रंग-बिरंगी झालरों से आकर्षक सजावट की गई है। मरकजी यौमुन्नबी कमेटी का जुलूस देर रात बारिश रुकने के बाद निकाला गया।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से उन्नाव के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी का पानी अब नए क्षेत्रों में भी प्रवेश करने लगा है। बुधवार सुबह गंगा का जलस्तर 112.74 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 113 मीटर से महज 26 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और प्रमुख बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। कानपुर स्थित गंगा बैराज के सभी गेट खोले जाने के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका असर उन्नाव में भी दिखाई दे रहा है। सोमवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.57 मीटर था, जो मंगलवार शाम बढ़कर 112.66 मीटर हो गया। बुधवार सुबह यह 112.74 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। देखें, 3 तस्वीरें… गंगा का पानी श्रीनगर इलाके तक पहुंच गया है। कई घरों के आसपास पानी भरने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त नावों की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा तक पहुंचा पानी बाढ़ का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जलभराव के कारण ग्रामीणों के आवागमन के रास्ते प्रभावित हो गए हैं। लोगों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अन्य निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने की आशंका है। पोनी रोड पर बहने लगा बाढ़ का पानी श्रीनगर और मालवीय नगर में पानी बढ़ने के साथ पोनी रोड के नाले से पानी का बहाव रुक गया है। इसके बाद बाढ़ का पानी नाले के रास्ते निकलने के बजाय एबी पब्लिक स्कूल के सामने से पोनी रोड पर बहने लगा है। इससे सड़क पर भी जलभराव की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आसपास के प्लॉटों में पानी भरने के बाद यही पानी पोनी रोड पर और अधिक एकत्र हो सकता है। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। लोगों ने जलभराव से निपटने के लिए प्रभावी इंतजाम और प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त नावें उपलब्ध कराने की मांग की है। खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे गंगा बुधवार सुबह गंगा का जलस्तर 112.74 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 113 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से महज 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि और केंद्रीय जल आयोग की चेतावनी के बाद तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार राहत व बचाव के इंतजाम करने की जरूरत है।
महिलाओं के 44.82 लाख पर खेल:सोनभद्र में बैंक मैनेजर, कर्मचारियों और बैंक सखी पर गबन का मुकदमा
सोनभद्र में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए स्वीकृत लाखों रुपए की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शासन से बैंक क्रेडिट लिंकेज के तहत मिली 44 लाख 82 हजार 500 रुपए की धनराशि के गबन के आरोप में इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा के तत्कालीन बैंक मैनेजर, बैंक कर्मचारियों और एक बैंक सखी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी के निर्देश पर पहले जांच कराई गई। जांच समिति की रिपोर्ट में संबंधित लोगों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की चतरा ब्लॉक मिशन प्रबंधक की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया। अब पुलिस साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। महिलाओं के समूहों को मिलनी थी रकम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बैंक क्रेडिट लिंकेज की सुविधा दी जाती है। इसके तहत समूहों को व्यवसाय और आजीविका से जुड़े कामों के लिए बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। आरोप है कि चतरा ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों को शासन से प्राप्त बैंक क्रेडिट लिंकेज की कुल 44,82,500 रुपए की धनराशि में गबन किया गया। मामले में आरोप है कि इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा के तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों और बैंक सखी ने आपसी मिलीभगत कर इस रकम का गबन किया। जब धनराशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया तो प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच शुरू कराई गई। सीडीओ के निर्देश पर बनी जांच समिति लाखों रुपए के कथित गबन के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। मामले की जांच के लिए अलग-अलग विभागों और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को समिति में शामिल किया गया। जांच समिति में वरिष्ठ कोषाधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार और अग्रणी जिला प्रबंधक यानी लीड बैंक के अधिकारी शामिल थे। समिति ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़े बैंक क्रेडिट लिंकेज, धनराशि के लेन-देन और संबंधित बैंक शाखा की भूमिका की जांच की। जांच के दौरान इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पंकज धीर, संबंधित बैंक कर्मचारियों और बैंक सखी किरण देवी की भूमिका की भी पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट में इनकी भूमिका को लेकर अनियमितताएं मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की संस्तुति की गई। ब्लॉक मिशन प्रबंधक की तहरीर पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की चतरा ब्लॉक मिशन प्रबंधक ममता ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और बैंक सखी ने मिलकर स्वयं सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज के तहत मिली 44.82 लाख रुपए से अधिक की धनराशि का गबन किया। इसके आधार पर पुलिस ने इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, संबंधित बैंक कर्मचारियों और बैंक सखी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े इस मामले ने जिले में हलचल पैदा कर दी है। अब पुलिस जांच में खुलेगा पूरा खेल मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि स्वयं सहायता समूहों के लिए स्वीकृत धनराशि किस प्रक्रिया के तहत जारी हुई और इसके बाद रकम कहां गई। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस जांच से यह साफ होगा कि 44.82 लाख रुपए की धनराशि के कथित गबन में किसकी क्या भूमिका रही और रकम के लेन-देन में किस स्तर पर अनियमितता हुई। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर में कल रात हुई बारिश से मौसम में ठंडक है। शहर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। जिले में सुबह साढ़े आठ बजे तक 22.6 एमएम बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने व मेघगर्जन की संभावना है। बीते 24 घंटे में तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री था, जो बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री रहा। बरसात की बात करें तो अब तक 419 एमएम हो चुकी है, जो औसत से 12 प्रतिशत ज्यादा है। देर रात हुई बारिश से सड़कों पर पानी भरा अजमेर में 14 दिन बाद बादलों ने चुप्पी तोड़ी। मंगलवार शाम करीब छह बजे रिमझिम बरसात व रात नौ बजे करीब आधे घंटे तक तेज बरसात हुई। तेज बारिश से कई मुख्य मार्गों पर पानी भरने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई सड़कों पर कचरा पसरा, जिसने निगम के सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। मंगलवार को दिन का पारा 34.8 डिग्री से उछलकर 35.6 डिग्री पर पहुंच गया। तपन और उसम ने लोगों को पसीने से तरबतर - किया। रात में हुई बरसात से लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर बिजली गुल की समस्या भी आई। अगस्त में गर्मी और ठंड, दोनों के अनोखे रिकॉर्ड अजमेर में अगस्त ने सिर्फ बारिश ही नहीं, तापमान के भी कई अनोखे रिकॉर्ड बनाए हैं। 19 अगस्त 1987 को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 19 अगस्त 1973 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह तापमान अगस्त में दिसंबर जैसी ठंड का एहसास कराने वाला रिकॉर्ड माना जाता है।
Ram Temple Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चल रही एसआईटी की जांच अब बैंक लॉकरों के फोरेंसिक सत्यापन तक पहुंच गई है।
यूपी की बड़ी खबरें:27वीं मंजिल से कूदकर PhD छात्र ने सुसाइड किया, गाजियाबाद में बुआ के घर रहता था
गाजियाबाद में मंगलवार आधी रात पीएचडी के एक छात्र ने 27वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। सोसायटी परिसर में तेज आवाज के साथ युवक के गिरते ही गार्ड और स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। युवक के सिर और मुंह से खून बह रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। छात्र ने सुसाइड क्यों किया, इसके कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस मृतक के परिजनों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने प्रयास कर रही है। मृतक के फोन को कब्जे में लेकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है। छात्र जोधपुर का रहने वाला था। गाजियाबाद में अपनी बुआ के घर पर रहकर पढ़ाई कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर… महोबा में मकान ढहने से बुजुर्ग पति-पत्नी की मौत, मूसलाधार बारिश के बाद हादसा महोबा में मूसलाधार बारिश की वजह से मंगलवार देर रात एक पक्का मकान ढह गया। हादसे में बुजुर्ग चतुर्भुज (70) और उनकी पत्नी मन्नी देवी (68) की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसा श्रीनगर थाना क्षेत्र के सिजहरी गांव में हुआ। हादसे में उनकी 5 साल की नातिन भी घायल हो गई है। उसका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिनहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, जिले में लगातार 12 घंटे तक हुई तेज बारिश की वजह से हादसा हुआ। सिजहरी गांव निवासी चतुर्भुज मकान में परिवार के साथ रहते थे। हादसे के वक्त बुजुर्ग दंपति मकान के एक हिस्से में सो रहे थे। पढ़ें पूरी खबर… शाहजहांपुर में ईंट का पिलर गिरा, 5 साल की बच्ची की मौत; घर के बाहर खेल रही थी शाहजहांपुर के मंगलवार रात घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। उसके ऊपर ईंट का पुराना पिलर गिर गया था। हादसा रात करीब 10 बजे कलान थाना क्षेत्र में हुआ। बच्ची की पहचान मोहिनी के रूप में हुई है। वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक पिलर भरभराकर गिर गया। वह मलबे के नीचे दब गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। बच्ची को मलबे से निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोहिनी छह भाई-बहनों में चौथे नंबर पर थी। उसके पिता ओमकार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन से जुड़े रिश्वत के दो मामलों में लखनऊ की CBI अदालत ने दो बैंक अधिकारियों समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। दोनों प्रकरणों में CBI ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपियों को रिश्वत लेते पकड़ा था। अदालत ने 25 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपियों को चार से पांच साल की कठोर कारावास की सजा और जुर्माना लगाया। पहला मामला: 6 हजार की रिश्वत पहला मामला सुल्तानपुर के हरिहरपुर स्थित बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा का है। तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राकेश चंद्र ठाकुर पर 4.25 लाख रुपए के KCC लोन की पहली किस्त जारी करने के बदले किसान से 6 हजार रुपए मांगने का आरोप था। शिकायत के आधार पर CBI ने 12 मार्च 2018 को केस दर्ज किया। ट्रैप के दौरान ठाकुर को 6 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। जांच के बाद 10 मई 2018 को चार्जशीट दाखिल हुई। 21 दिसंबर 2020 को आरोप तय किए गए। सुनवाई पूरी होने पर स्पेशल जज, एंटी करप्शन, CBI कोर्ट नंबर-6, लखनऊ ने उन्हें 5 साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दूसरा मामला: 15 हजार मांगे, 10 हजार लेते पकड़े गए दूसरा मामला महाराजगंज के परतावल बाजार स्थित पूर्वांचल बैंक की शाखा का है। तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर रवि कुमार गुप्ता पर KCC लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले 15 हजार रुपए मांगने का आरोप था। CBI ने शिकायत पर 11 अगस्त 2016 को केस दर्ज किया। आरोप था कि गुप्ता ने रकम अपने लिए निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहब के जरिए मांगी। ट्रैप के दौरान दोनों ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए स्वीकार किए और CBI ने उन्हें मौके पर पकड़ लिया। जांच के बाद 30 सितंबर 2016 को चार्जशीट दाखिल हुई और 27 मार्च 2019 को आरोप तय किए गए। 25 अगस्त 2026 को स्पेशल जज, CBI (वेस्ट), लखनऊ की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 4-4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
हरदा में रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए राखी बाजार क्षेत्र में 26 से 28 अगस्त 2026 तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। बाजार में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने कुछ प्रमुख हिस्सों को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया है। जामा मस्जिद से नार्मदेव धर्मशाला और शिवाजी चौक से घंटाघर चौक तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खंडवा की ओर से हरदा आने-जाने वाले भारी और बाहरी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। खंडवा की ओर से आने वाले वाहन खेड़ीपुराना नाका से बाईपास मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। वहीं, नर्मदापुरम की ओर से खंडवा जाने वाले वाहन चांडक चौक से बाईपास चौराहा होते हुए खंडवा बाईपास मार्ग से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। छोटे वाहनों के लिए भी रूट तय बाजार क्षेत्र में आने वाले छोटे वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है। ऐसे वाहन नार्मदेव धर्मशाला से शनि मंदिर, जतरापड़ाव होते हुए जामा मस्जिद मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इन स्थानों पर होगी पार्किंग बाजार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए शनि मंदिर के पास स्थित खाली स्थान और नार्मदेव धर्मशाला के पास का खाली स्थान पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। पुलिस प्रमुख चौराहों और मार्गों पर बैरिकेडिंग करने के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात करेगी। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नो व्हीकल जोन में वाहन लेकर प्रवेश न करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
पिकअप की टक्कर से साइकिल सवार की मौत:मोतिहारी में खेत देखने जाने के दौरान हादसा, चालक फरार
मोतिहारी में बुधवार सुबह तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से साइकिल सवार की मौत हो गई। घटना सुगौली थाना क्षेत्र में छपवा-तुरकौलिया पथ पर फार्म चौक के पास हुई। मृतक की पहचान दक्षिणी सुगांव पंचायत के बढ़ई टोला निवासी जवाहर शर्मा(66) के रूप में हुई है। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने जब्त कर लिया। परिजनों के अनुसार, वह मंगलवार की अहले सुबह साइकिल से अपने खेत देखने के लिए घर से निकले थे। फार्म चौक के पास तुरकौलिया की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जवाहर शर्मा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना सुगौली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायल जवाहर शर्मा को तत्काल इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने पीछा कर पिकअप चालक को पकड़ा दुर्घटना के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया। लोगों के दबाव के कारण चालक छपवा चौक के समीप पिकअप वाहन छोड़कर फरार हो गया। सुगौली पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। सुगौली थानाध्यक्ष अनिष कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना के बाद मृतक जवाहर शर्मा के घर में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते परिचालन पर चिंता व्यक्त की है और वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाने की अपील की है।
कोटा में महिला के गले से चेन तोड़कर फरार होने वाले 2 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले उद्योग नगर इलाके से बाइक चोरी की थी, उसके बाद नई सिम खरीदकर कोटड़ी में चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने कोटा में महिला की चेन तोड़कर उसे सूरत में बेच दिया। पहले बाइक चोरी की फिर चेन तोड़कर आरोपी फरार गुमानपुरा सीआई एसके सिंह ने बताया कि घटना 12 अगस्त शाम करीब 5 बजे कोटड़ी इलाके की है। छावनी रोड के पास बाइक सवार 2 बदमाशों ने बच्ची के साथ पैदल जा रही महिला के गले से चेन तोड़ ली थी। महिला ने शिकायत में बाइक नंबर भी बताया। शिकायत के बाद पुलिस ने गुमानपुरा, छावनी, नयापुरा और कुन्हाड़ी इलाके के CCTV कैमरे खंगाले। अगले दिन कुन्हाड़ी पुलिया के नीचे वही बाइक लावारिस मिली। जांच में पता चला कि बाइक उसी दिन उद्योग नगर से चोरी की गई थी। सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध चोर पुलिस को सीसीटीवी में 2 संदिग्ध युवक ऑटो में बैठते नजर आए। दोनों ने छोटी पगड़ी पहन रखी थी। आसपास पूछताछ करने पर एक चाय की दुकान पर दोनों ने चाय भी पी। पुलिस ने चायवाले के मोबाइल पर हुए ऑनलाइन पेमेंट से नंबर हासिल किया। CDR जांच में सामने आया कि सिम वारदात से दो दिन पहले नयापुरा से दीप सिंह के नाम पर खरीदी गई थी।पुलिस टीम ने सूरत पहुंचकर मध्यप्रदेश निवासी दीप सिंह उर्फ दीप सेंधवा को पकड़ा। पूछताछ में उसने साथी दीपाल सिंह का नाम बताया। दीपाल मूलतः बांसवाड़ा का रहने वाला है और वड़ोदरा में रह रहा था। दोनों रिश्तेदार हैं। पुलिस के अनुसार दोनों बड़े शहरों में जाकर चेन स्नैचिंग करते और फरार हो जाते थे। पूछताछ में जोधपुर समेत अन्य शहरों में भी वारदात करना कबूला है। पुलिस दोनों को सूरत ले गई है, जहां चोरी की चेन बरामद करने की कार्रवाई की जा रही है।
नालंदा जिले की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया। जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत बढ़ौना गांव की रहने वाली जीविका दीदी ललिता देवी को पटना सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित विशेष समारोह के दौरान सीएम ने सुधा बिक्री केंद्र की चाबी और कॉम्फेड की ओर से निर्गत आधिकारिक लाइसेंस सौंपा। इस शुरुआत के साथ ही नालंदा जिले में कुल 225 सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना के बड़े अभियान का विधिवत आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री के हाथों यह सम्मान और जिम्मेदारी पाकर ललिता देवी जिले की सैकड़ों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं। दुकान की चाबी सौंपी गई ललिता देवी के इस नए सुधा बिक्री केंद्र के माध्यम से नालंदा डेयरी उत्पादित दूध, दही, पेड़ा, पनीर, घी और अन्य तमाम गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद अब सीधे स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्ध होंगे। यह बिक्री केंद्र न केवल गांव और आसपास के लोगों को शुद्ध उत्पाद मुहैया कराएगा, बल्कि ललिता देवी के परिवार के लिए नियमित, सम्मानजनक और स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया भी साबित होगा। जिला प्रशासन और जीविका परियोजना की देखरेख में अब जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में चरणबद्ध तरीके से 225 ऐसे आधुनिक बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संपूर्ण संचालन पूरी तरह प्रशिक्षित जीविका दीदियों के हाथों में ही रहेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) और जीविका के आपसी अभिसरण से इस व्यापक योजना को जमीन पर उतारा गया है। इस संयुक्त पहल के तहत चयनित महिलाओं को सिर्फ दुकान की चाबी ही नहीं दी जा रही है, बल्कि केंद्रों पर डेयरी उत्पादों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए डीप फ्रीजर, आधुनिक रेफ्रिजरेशन उपकरण और सुचारु संचालन से जुड़े सभी आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं को खुदरा कारोबार, डिजिटल भुगतान, स्टॉक प्रबंधन और ग्राहक सेवा का बुनियादी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना व्यवसाय चला सके। जिले के लिए गौरव की बात पटना में आयोजित इस राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेश भर से चयनित पांच प्रमुख महिला उद्यमियों को यह दायित्व सौंपा गया, जिसमें नालंदा की ललिता देवी का चयन पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बना हुआ है। जीविका की मजबूत सामुदायिक शक्ति और कॉम्फेड के विशाल व्यावसायिक डेयरी नेटवर्क का यह मेल नालंदा के ग्रामीण अंचल में महिलाओं के नेतृत्व वाले एक नए आर्थिक मॉडल को जन्म दे रहा है। ललिता देवी की यह सफलता आने वाले दिनों में जिले की अन्य जीविका दीदियों के भीतर उद्यमिता का नया विश्वास जगाएगी। यह पहल साबित करती है कि यदि सही संस्थागत सहयोग, वित्तीय अवसर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण महिलाएं चूल्हा-चौका संभालते हुए भी सफल कारोबारी बनकर समाज और परिवार की आर्थिक दशा को पूरी तरह बदल सकती हैं।
उत्तराखंड में भी H1N1 को लेकर अलर्ट, अकेले देहरादून में 49 केस; 5 मौतें
H1N1 Alert: उत्तराखंड के अस्पतालों में भी एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। अकेले देहरादून में 49 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 5 की मौत हो चुकी है।
गुरुजी क्रेडिट कार्ड से लोन में अब मार्जिन मनी खत्म, कैबिनेट की बैठक में हेमंत सोरेन का फैसला
झारखंड सरकार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में संशोधन कर आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करने को 15 लाख तक के सभी ऋण पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी को समाप्त कर दिया है।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर अल सुबह करीब साढ़े चार बजे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। एक्सप्रेसवे पर बजघेड़ा एग्जिट के पास एक चलते हुए ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा ट्रक आग का गोला बन गया। गनीमत यह रही कि ट्रक ड्राइवर ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और चलती गाड़ी को रोककर नीचे कूद गया, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। ट्रक दिल्ली की ओर से जा रहा था। जैसे ही वह द्वारका एक्सप्रेसवे पर बजघेड़ा एग्जिट के नजदीक पहुंचा, उसके केबिन से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही इंजन से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा आग की लपटें देखकर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी की रफ्तार धीमी की और उसे सड़क के किनारे सुरक्षित लगाने का प्रयास किया। जैसे ही ट्रक रुका, चालक दरवाजा खोलकर बाहर कूद गया। इस हादसे में चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन वह इस भयानक मंजर को देखकर बेहद सहम गया। अगर चालक समय रहते ट्रक से बाहर नहीं निकलता, तो केबिन के भीतर ही फंसने से एक बड़ा हादसा हो सकता था। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य वाहन ड्राइवरों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और फायर विभाग को दी। सूचना मिलते ही बजघेड़ा थाना पुलिस और फायर विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पानी की बौछारें कर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक ट्रक और उसमें रखा सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो चुका था। एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम चलती गाड़ी में आग लगने और फायर विभाग की गाड़ियों के मौके पर पहुंचने के कारण द्वारका एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर देर रात वाहनों की कतारें लग गईं। सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक को कुछ समय के लिए सर्विसलेन से निकाला। आग पूरी तरह बुझने और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क के किनारे हटाने के बाद ही यातायात को दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सका। बताया जा रहा है कि आग लगने का मुख्य कारण ट्रक के इंजन में हुआ शॉर्ट सर्किट था। एक्सप्रेसवे पर सन्नाटा होने और तेज हवा चलने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया।
सतना में बारिश के मौसम के साथ सतना जिले में मच्छरजनित और वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। जनवरी से अगस्त तक जिले में डेंगू के 44 और मलेरिया के 40 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मामले बारिश के सीजन में सामने आए हैं। अकेले अगस्त में अब तक डेंगू के 2 और मलेरिया के 7 नए मरीज मिले हैं। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से जमा पानी में मच्छरों के लार्वा पनपने की आशंका है। दूसरी ओर जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में भी बुखार और वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अगस्त में डेंगू के 2, मलेरिया के 7 मरीज मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त तक मिले 44 डेंगू मरीजों में 29 सतना और 15 मैहर क्षेत्र से हैं। वहीं जिले में सामने आए 40 मलेरिया मरीजों में 37 सतना और 3 मैहर क्षेत्र से संबंधित हैं। अगस्त में अब तक डेंगू के 2 और मलेरिया के 7 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। सतना और मैहर में मरीजों की स्थिति मुंबई से लौटे युवक में मिला मलेरिया हाल ही में उचेहरा ब्लॉक के पोंडी अंतर्गत वीरपुर गांव निवासी 26 वर्षीय डेविड कुमार दहायत मलेरिया पीवी पॉजिटिव पाए गए हैं। बुखार की शिकायत के बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे थे। जांच में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद डेविड को जिला अस्पताल के पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। बताया गया कि डेविड हाल ही में मुंबई से लौटे थे। शहर की बस्तियों और खाली प्लॉटों में जमा पानी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी जमा है। धवारी, केशव नगर, टिकुरिया टोला, बजरहा टोला, राजेंद्रनगर और सिंधी कैंप सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पानी लंबे समय से जमा है। ऐसे स्थान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल बन सकते हैं। रहवासियों ने जलभराव वाले इलाकों में लार्वा विनिष्टीकरण, कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग बढ़ाने की मांग की है। रोज 250 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल बारिश के साथ जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। अस्पताल में रोजाना 250 से अधिक मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, लक्षण और स्थिति के आधार पर मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है। कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिलने पर उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। 100 में करीब 50 मरीज वायरल इंफेक्शन से पीड़ित डॉ. बद्री विशाल सिंह, एमडी मेडिसिन के मुताबिक, मेडिसिन ओपीडी में वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि करीब 200 मरीजों में औसतन 100 मरीज वायरल इंफेक्शन से प्रभावित मिल रहे हैं। इनमें से करीब 20 से 30 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है, जबकि लगभग 5 मरीजों की स्थिति ऐसी होती है कि उन्हें आईसीयू में रखना पड़ता है। वायरल के साथ ब्रोंकाइटिस और निमोनिया के केस भी डॉ. अखिलेश सिंह, मेडिसिन स्पेशलिस्ट ने बताया कि निजी क्लीनिकों में भी वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ी है। एक्यूट वायरल के साथ ब्रोंकाइटिस और निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय जांच कराएं और बिना डॉक्टर की सलाह के घर पर खुद से इलाज शुरू न करें। जमा पानी बना चिंता का कारण बारिश के बाद शहर में कई जगह पानी जमा होने और उसकी पर्याप्त निकासी नहीं होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने की चुनौती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के मौसम में बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे केवल सामान्य वायरल मानकर इलाज नहीं करना चाहिए। डेंगू-मलेरिया की आशंका होने पर समय पर जांच कराना जरूरी है।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने पंजाब में सरकार बनने पर दो उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया है।
विद्याधर नगर इलाके में बुधवार देर रात साड़ी की दुकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयानक थी की करीब 2 किलोमीटर तक आग और धूआं दिखाई दिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत और बचाव कार्य शुरू किया। 5 घंटे में पाया आग पर काबू आग इतनी विकराल थी कि इसे बुझाने के लिए सात दमकल की गाड़ियां मौके पर लगाई गईं। दमकलकर्मियों ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
राम मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी की बातें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के तुरंत बाद FIR इसलिए नहीं कराई, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि पुलिस जांच शुरू होने के बाद मामला लंबा खिंच सकता है। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। कहा- उन्होंने मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में चढ़ावा चोरी को डकैती करार दिया। इससे समाज में गलत संदेश गया। इसलिए एक संत ने मुझे नृपेंद्र मिश्र को खलनायक कहा था। डायरे में लिखा है कि नृपेंद्र मिश्र जैसे अनुभवी व्यक्ति ने चार दिनों में 14 चैनलों से बातचीत क्यों की और किसकी प्रेरणा से की। उन्होंने पिछले 6 सालों में मंदिर निर्माण समिति की बैठकों के दौरान मंदिर की दूसरी व्यवस्थाओं या हिसाब-किताब पर कभी चर्चा नहीं की, तो अब इन व्यवस्थाओं पर बोलने का उनका क्या अधिकार है। चंपत राय ने लिखा कि अखिलेश यादव तक यह बात किस माध्यम से और किसने पहुंचाई। असली कौन भेदिया है? मेरे सामने प्रश्न खड़ा हो गया है। इसका पता लगना चाहिए। चंपत ने लिखा- नृपेंद्र मिश्रा को बताई थी पूरी बात डायरी के अनुसार, 7 जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के अगले दिन 8 जून को मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NBCC) के पूर्व चेयरमैन अनूप कुमार अयोध्या पहुंचे थे। करीब 2 घंटे तक बातचीत हुई। मैंने, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव ने घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी। नृपेंद्र मिश्र ने पूछा कि पुलिस में FIR क्यों नहीं कराई गई। इस पर मैंने उनसे कहा कि अगर पुलिस को मामला सौंप दिया जाता तो पूछताछ और कार्रवाई के सभी अधिकार पुलिस के पास चले जाते। उसका क्या परिणाम होगा, यह कहना मुश्किल था। संतों को भी दी गई मामले की जानकारी बैठक के बाद मैंने कई संतों से फोन पर बात की। उन्हें चढ़ावा चोरी के बारे में जानकारी दी। संतों को अयोध्या भी बुलाया। कुछ संत अयोध्या से बाहर थे, जबकि मंदिर परिसर के शेषावतार मंदिर में उनके साथ बैठक की। संतों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने खबरों को निराधार बताते हुए संतों से उन पर ध्यान नहीं देने की अपील की। संतों ने उनकी बात स्वीकार की। हालांकि, बैठक में कौन-कौन से संत शामिल हुए थे, इसका जिक्र नहीं है। चंपत राय ने लिखा कि मामला सामने आने के बाद 3 दिनों तक 11-11 घंटे बैठकर चढ़ावा चोरी का काफी हिस्सा मैंने वापस प्राप्त किया। तबीयत खराब होने के बाद भी भैयाजी जोशी से मिलने लखनऊ पहुंचाडायरी के अनुसार, 9 जून को मेरी तबीयत खराब थी। इसके बावजूद मैं 10 घंटे मंदिर परिसर के पीएफसी भवन में बैठा रहा। 10 जून को मैं बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था। उसी रात गोपाल राव को भैयाजी जोशी का फोन आया। मुझे, अनिल और गोपाल को 11 जून की शाम तक लखनऊ पहुंचने के लिए कहा गया। गोपाल राव ने मेरी तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर मैंने कहा कि वह भी लखनऊ जाएंगे, ताकि मामले से जुड़ी सभी बातें सही रूप में सामने आ सकें। तीनों लोग लखनऊ गए थे। यहां भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी। नृपेंद्र मिश्रा ने अचानक अयोध्या का टिकट क्यों कैंसिल कियाचंपत राय ने लिखा कि नृपेंद्र मिश्र को 6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक के लिए अयोध्या आना था। प्लेन का टिकट भी बन चुका था। उन्हें रिसीव करने के लिए ड्राइवर राधेश्याम को भी सूचना दी गई थी, लेकिन 4 जुलाई को अचानक उनकी यात्रा रद्द होने का संदेश आया। वह बैठक में नहीं पहुंचे। चंपत राय ने लिखा कि नृपेंद्र क्यों नहीं आए, यह भी सवाल है। नृपेंद्र मिश्रा के बयानों में बदलाव क्यों आया डायरी में चंपत राय ने नृपेंद्र मिश्र के मीडिया में दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने दिल्ली में चार दिनों में 14 टेलीविजन चैनलों से बातचीत की। शुरुआत में उन्होंने कहा- उनका दायित्व मंदिर निर्माण तक सीमित है, लेकिन बाद में उनके बयानों में बदलाव आया। 23 जून के बाद नृपेंद्र मिश्र के बयान अचानक आना बंद हो गए। डायरी में उन्होंने लिखा कि इसका कारण तलाशना होगा। 14 जुलाई को मैंने अनूप मित्तल से 2 घंटे तक मुलाकात की। मैंने उनसे कहा कि संत मुझसे पूछ रहे थे कि क्या नृपेंद्र मिश्र खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं। संत के सवाल का मेरे पास कोई जवाब नहीं था। इसलिए मैं आपको मामले की जानकारी दे रहा हूं। ----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में Gen-Z को रोजगार देगी सरकार:400 करोड़ से इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी; कैबिनेट में 19 से अधिक प्रस्ताव पास होंगे यूपी सरकार Gen-Z को रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराएगी। युवाओं को वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक विकास योजना (SVPEIZ) से जोड़ा जाएगा। यह प्रस्ताव मंगलवार को योगी कैबिनेट की मीटिंग में मंजूर हो सकता है। प्रदेश में 7.5 करोड़ Gen-Z हैं। 400 करोड़ रुपए से नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इन बसों को परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
DFO ऑफिस से टेंडर के 3.37 लाख लेकर LDC गायब:रसीद बनाने के बाद सरकारी खाते में राशि जमा नहीं कराई
झुंझुनूं में वन विभाग के DFO कार्यालय में टेंडर की धरोहर राशि (EMD) राशि के 3.37 लाख रुपए लेने के बाद कनिष्ठ लिपिक के लापता होने से वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि लिपिक ने 18 अगस्त को शारदा इंटरप्राइजेज से पूरी रकम नकद ली और विभाग की GA-55 रसीद भी जारी कर दी, लेकिन 7 दिन बाद 25 अगस्त तक राशि सरकारी खाते में जमा नहीं हुई। शिकायत के बाद रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई तो संबंधित कर्मचारी ने कार्यालय आना बंद कर दिया। DFO ने मामले की जांच ACF को सौंपी है। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर विभागीय कार्रवाई के साथ FIR दर्ज कराने की तैयारी है। पढ़िए … क्या है पूरा मामला 18 अगस्त को लिए 3.37 लाख रुपए, 25 अगस्त तक सरकारी खाते में जमा नहीं जानकारी के अनुसार, फतेहपुर की शारदा इंटरप्राइजेज ने वन विभाग के विकास कार्यों से जुड़े एक टेंडर के लिए 3 लाख 37 हजार रुपए धरोहर राशि (EMD) के तौर पर जमा कराए थे। आरोप है कि वन विभाग की स्टोर शाखा में काम करने वाले कनिष्ठ लिपिक प्रहलाद ने पूरी रकम नकद ले ली और इसकी GA-55 रसीद भी दे दी। लेकिन 18 अगस्त को ली गई यह रकम 25 अगस्त तक सरकारी बैंक खाते में जमा नहीं हुई। नियमों के मुताबिक सरकारी कार्यालय में मिलने वाली रकम को तय प्रक्रिया के तहत खाते में जमा करना और उसका हिसाब दर्ज करना जरूरी होता है। शिकायत के बाद कर्मचारी कार्यालय नहीं आया सूत्रों के अनुसार करीब दो दिन पहले जब फर्म की ओर से शिकायत विभाग तक पहुंची और रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई, उसके बाद से संबंधित कनिष्ठ लिपिक कार्यालय नहीं आ रहा है। इससे मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया है। DFO ने ACF को सौंपी जांच DFO काविया बी. ने मामले की जांच ACF प्राची चौधरी को सौंपी है। DFO ने बताया कि संबंधित ठेकेदार की ओर से नकद रकम जमा कराने की शिकायत मिली है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि GA-55 रसीद कार्यालय से ही जारी की गई थी। अब पूरे रिकॉर्ड की जांच और मिलान कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जांच में अगर वित्तीय गड़बड़ी या सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारी को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 (CCA) के तहत नोटिस दिया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। चार रिकॉर्ड की होगी जांच विभाग इस मामले में चार प्रमुख रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। इनमें GA-55 रसीद सही तरीके से जारी हुई या नहीं और उसमें क्या जानकारी दर्ज है, कैश बुक में रकम की एंट्री हुई या नहीं, सरकारी बैंक खाते में रकम जमा हुई या नहीं और संबंधित टेंडर की EMD से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इन सभी रिकॉर्ड को मिलाने के बाद ही साफ होगा कि 3.37 लाख रुपए कार्यालय में ही रखे रहे या रकम को लेकर कोई वित्तीय गड़बड़ी हुई। 500 रुपए से ज्यादा नकद लेने पर सामान्य तौर पर रोक राजस्थान सरकार के GFAR के Rule-42 के मुताबिक सामान्य स्थिति में एक मामले में 500 रुपए से ज्यादा नकद नहीं लिया जा सकता। इसके लिए सक्षम अधिकारी से विशेष अनुमति जरूरी होती है। बड़ी रकम आमतौर पर चेक, बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्स चेक या ऑनलाइन माध्यम से जमा कराई जाती है। सरकारी कार्यालय में मिलने वाली हर रकम का कैश बुक में हिसाब दर्ज करना और उसे समय पर सरकारी खाते में जमा करना जरूरी है, ताकि सरकारी पैसे का पूरा रिकॉर्ड बना रहे और व्यवस्था में पारदर्शिता रहे। फर्म ने की शिकायत, गड़बड़ी मिली तो होगी FIR DFO काविया बी. ने कहा कि संबंधित फर्म की ओर से शिकायत मिली है। कार्यालय से रसीद जारी होने की पुष्टि हुई है। मामले की जांच ACF को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और पुलिस में भी मामला दर्ज कराया जाएगा।
इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को पीड़ित का दोस्त धर्मेंद्र जाट बताकर कॉल किया और उसकी मां को CHL अस्पताल में भर्ती होने की बात कही। इसके बाद डॉक्टर बनकर अलग नंबर से बात की और इलाज के नाम पर रुपए मांगे। झांसे में आए बिल्डर मटेरियल सप्लायर संजय ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 1.5 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में दोस्त से बात करने पर ठगी का पता चला। संजय की शिकायत पर परदेशीपुरा पुलिस ने मंगलवार को धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है। पहले दोस्त बनकर कॉल, फिर डॉक्टर बनकर मांगे रुपए संजय ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त की शाम करीब 6 बजे उसके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दोस्त धर्मेंद्र जाट बताते हुए कहा कि वह CHL अपोलो अस्पताल में है और उसकी मां को हार्ट अटैक आया है। बातचीत के दौरान एक व्यक्ति को उसका बेटा बताकर भी बात कराई गई। जल्दबाजी में संजय आवाज पहचान नहीं सका। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर उमंग सिंह बताया। उसने इलाज के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए की जरूरत बताकर एक नंबर दिया और उस पर रुपए भेजने को कहा। पहले 15 हजार, फिर बढ़ती गई रकम संजय ने कहा कि उसके पास डेढ़ लाख रुपए नहीं हैं। इस पर आरोपी ने जितने रुपए उपलब्ध हों, उतने भेजने को कहा। संजय ने पहले करीब 15 हजार रुपए फोन-पे कर दिए। इसके बाद लगातार कॉल कर इमरजेंसी का हवाला देते हुए और रुपए मांगे गए। संजय ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन में करीब 96 हजार रुपए और इसके बाद 40 हजार रुपए और भेज दिए। कुछ देर बाद उसे शक हुआ कि उसके साथ ठगी हो रही है। दोस्त को फोन किया तो खुला पूरा राज संजय ने जब अपने दोस्त धर्मेंद्र के असली नंबर पर कॉल किया तो उसने अस्पताल में होने या मां की तबीयत खराब होने से साफ इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह घर पर है। इसके बाद संजय को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। परदेशीपुरा पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कॉल करने वाले आरोपियों और रुपए ट्रांसफर किए गए खातों की जानकारी जुटा रही है।

