आगरा में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक मेधावी छात्रा को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाया गया। इस दौरान छात्रा ने बालिका शिक्षा से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा और सुधार के सुझाव दिए। मिशन शक्ति अभियान के छठवें चरण में बृहस्पतिवार को श्री गोपीचंद शिवहरे बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा हर्षिता अवस्थी को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। श्रमिक पिता की बेटी हर्षिता ने जिम्मेदारी संभालते ही राजकीय इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। हर्षिता ने खास तौर पर बालिका विद्यालयों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, निर्धन छात्राओं को आर्थिक सहायता देने, फीस कम करने और अनुशासन सख्त करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने ‘यश आई नो’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर मंडलीय वित्त एवं लेखाधिकारी राजेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी बंसल और आनंद वीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड:243 चावल के दानों पर लिखी हनुमान चालीसा, रायपुर की आरुषि ने बनाया रिकॉर्ड
राजधानी की 18 वर्षीय आरुषि श्रीवास्तव ने 243 चावल के दानों पर पूरी हनुमान चालीसा लिखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। यह आइडिया उन्हें गूगल सर्च के दौरान मिला। अन्य रिकॉर्ड देखकर प्रेरित होकर उन्होंने यह चुनौती ली। खास बात यह है कि उन्होंने दो दिन में सामान्य पेन और पेंट ब्रश से यह काम पूरा किया। विशालनगर निवासी पराग और रीता श्रीवास्तव की बेटी आरुषि को माइक्रो आर्ट में रुचि है। इंटरनेट पर सर्च करते समय उन्होंने देखा कि गुजरात और झांसी में भी इस तरह के रिकॉर्ड बन चुके हैं। इससे प्रेरित होकर उन्होंने खुद यह करने का निर्णय लिया। उन्होंने चावल के छोटे दानों को सावधानी से पकड़कर बेहद महीन अक्षरों में हनुमान चालीसा के दोहा लिखा। इस दौरान हाथ को स्थिर रखना और लगातार फोकस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती रही। उन्होंने किसी हाई-टेक उपकरण के बजाय लाल ऐक्रेलिक पेंट ब्रश से काम किया, जो उनकी नियंत्रण क्षमता को दिखाता है। प्रेरणा से बनी उपलब्धिआरुषि को यह आइडिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में अलग-अलग सर्च के बाद मिला। उन्होंने पहले बने रिकार्ड्स को देखा और उसी से प्रेरणा ली। अलग और चुनौतीपूर्ण काम करने की सोच ने उन्हें यह प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कम समय में रिकॉर्ड बनाना उनकी मेहनत और फोकस को दिखाता है। यह उदाहरण बताता है कि सही दिशा और लगन से युवा नई पहचान बना सकते हैं। आरुषि ने 425 चावल के दानों में किसी अन्य द्वारा लिखी हनुमान चालीसा का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है। आसान नहीं होता माइक्रो आर्ट, इसका रखें ध्यान चावल के छोटे दाने पर लिखना बेहद कठिन काम है। इसमें हाथ का बिल्कुल स्थिर रहना जरूरी होता है। हल्का कंपन भी अक्षर बिगाड़ सकता है। आंखों का तेज फोकस और सही रोशनी जरूरी होती है, वरना अक्षर साफ नहीं बनते। हर दाने को सावधानी से पकड़ना पड़ता है। साथ ही लगातार धैर्य बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी गलती से पूरा काम दोबारा करना पड़ सकता है।
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में गर्मी के साथ ही वन्य प्राणियों की देखभाल भी बढ़ गई है। वन्य प्राणियों को तेज गर्मी से बचाने के लिए उनके पिंजरों के पास कूलर लगाए गए है साथ ही पक्षियों के लिए स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए उनके खाने में भी बदलाव किया गया है। उन्हें स्ट्रेस से बचाने के लिए पानी में भी एंटी स्ट्रेस पाउडर मिलाकर दिया जा रहा है। शहर में गर्मी का असर देखने को मिलने लगा है। एक तरफ जहां सूरज चढ़ते ही गर्मी का अहसास होने लगता है, वहीं दोपहर तक लोग भी गर्मी से बचाव में टोपी, गमछा डालकर रोड पर निकलने लगे है। तापमान बढ़ने के साथ ही इंदौर के चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें गर्मी में राहत मिल सके। चिडियाघर प्रभारी डॉ.उत्तम यादव ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी वन्य प्राणियों को गर्मी से बचाव के लिए व्यवस्था की गई है। टाइगर, लॉयन और लेपर्ड के इन्क्लोजरों में वॉटर बॉडी, शेड ट्री और इनक्लोजर के अंदर पानी की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। जिससे यहां की ग्रीनरी मेनटेन रहती है। हरियाली रहने से जो ठंडा एरिया रहता है, वहां पर इन प्राणियों को आराम करना पसंद होता है, तो ये व्यवस्था भी हमने कर रखी है। रात में चालू कर देते है कूलर डॉ.यादव के मुताबिक रात में जब इन प्राणियों को पिंजरों में खाना खाने के लिए बंद किया जाता है, तो वहां भी कूलर लगा दिए है। लॉयन, लेपर्ड, टाइगर, भालू के पिंजरों में कूलर लगा दिए है, ताकि रात में भी उन्हें गर्मी का अहसास ना हो। ऐसे करीब 6 कूलर यहां पर लगा रखे है। बर्ड हाउस में स्प्रिंकलर की व्यवस्था, शेड भी डाला चिड़ियाघर में बने बर्ड हाउस में भी स्प्रिंकलर लगा रखे है। दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव किया जाता है, ताकि बर्ड हाउस में तापमान मेनटेन रहता है। गर्मी में हिट स्ट्रोक से भी उन्हें राहत मिल जाती है। बर्ड भी गर्मी में नहाना पसंद करते हैं, तो स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी भी उन्हें मिल जाता है। न्यू वल्ड मंकी के इनक्लोजरों के दोनों तरफ भी कूलर लगा दिए है, ताकि भी उन्हें गर्मी ना लगे, क्योंकि ये थोड़े सेनसेटिव एनिमल है। इसके अलावा जैसे सांभर को किचड़ में नहाना अच्छा लगता है गर्मी में। इसलिए उनके इनक्लोचर में जो वॉटर बॉडी बना रखी है जिसमें पानी भरते रहते है। जब भी उन्हें बॉडी का तापमान मेनटेन करना रहता है तो वे उसमें चले जाते है। स्नेक हाउस में भी किंग कोबरा, कॉमन सेंडबोआ, कोबरा, रेट स्नेक के लिए तापमान मेनटेन करने के लिए दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव किया जाता है। हर इनक्लोजर में वॉटर बॉडी बना रखी है, स्नेक भी अपने बॉडी का तापमान मेनटेन करने के लिए इनमें चले जाते है। किंग कोबरा को गर्मी से ज्यादा दिक्कत होती है इसलिए यहां भी कूलर लगा रखा है। खाने में दे रहे रसीले फल इसके अलावा चिड़ियाघर में जो ओपन बर्ड हाउस है उन्हें भी तीन तरफ से ढक दिया है, ताकि उन्हें हिट स्ट्रोक ना हो सके। गर्मी से उन्हें राहत मिले। वन्य प्राणियों और पक्षियों के खाने में भी बदलाव किया है, जो शाकाहारी प्राणी है उनके लिए रसीले फल, जिसमें पानी का कंटेंट ज्यादा हो वो दे रहे है। इसके अलावा पानी में एंटी स्ट्रेस पाउडर डालते है, जिससे वे तनाव में ना आए।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण जयपुर सहित कई जिलों में आज भी सुबह से बरसात हो रही है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 20 मार्च को 17 से ज्यादा शहरों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, गुरुवार को राजस्थान में तूफानी बारिश और ओले गिरने से पारा 11 डिग्री तक लुढ़क गया। बाड़मेर, अलवर में गुरुवार को 10MM से ज्यादा पानी बरसा। जिन शहरों में एक सप्ताह पहले तक गर्मी और हल्की हीटवेव का असर था, वहां गुरुवार दिन में लोगों को हल्की सर्दी महसूस हुई। केंद्र के अनुसार कल से मौसम फिर बदलेगा। जयपुर सुबह 3 बजे से तेज बरसात जयपुर शहर व आसपास के एरिया में सुबह से हो रही तेज बरसात से पारा गिर गया है। बारिश का दौर शुक्रवार अलसुबह 3 बजे शुरू हुआ। बारिश के कारण शहर की कई मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है। वहीं, गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बाड़मेर में पिछले 24 घंटे के दौरान 16.7MM, अलवर में 13.4MM, जैसलमेर में 5.4, बीकानेर में 5.6MM बरसात दर्ज हुई। सीकर, अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ के एरिया में तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरे। बारिश का प्रभाव फसलों पर पड़ा। दो दिन में गर्मी का असर खत्म राज्य में मौसम के इस बदलाव से तापमान में 10 डिग्री तक की गिरावट हुई। कल दिन में सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर, गंगानगर में रहा, जहां का अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर में अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। बदले मौसम के कारण प्रदेश में गर्मी का असर लगभग खत्म हो गया है।
करनाल में एक कारोबारी और उसके परिवार को व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप पूर्व सिक्योरिटी गार्ड पर लगे है। आरोपी ने अपनी आवाज में धमकी देते हुए विदेश भागने और बाद में परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शोरूम मालिक ने दी शिकायत, पहले भी मिल चुकी थी धमकीकरनाल निवासी गुरहरमन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनका करनाल और कुरूक्षेत्र में कार शोरूम है। 29 अगस्त 2024 को उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से जान से मारने की धमकी मिली थी। इस मामले में सिटी थाना करनाल में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें करीब एक साल तक पुलिस सुरक्षा दी गई थी। सिक्योरिटी के लिए रखा, बाद में विवाद बढ़ाशिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस सुरक्षा खत्म होने के बाद 1 दिसंबर 2025 को कुरूक्षेत्र के गांव इशाखपुर निवासी प्रवीन कुमार को सिक्योरिटी के तौर पर रखा गया। बीती 22 जनवरी को शिकायतकर्ता परिवार सहित विदेश चले गए और जाने से पहले आरोपी को शोरूम व घर की देखभाल के लिए डेमो गाड़ी दी। गाड़ी को लेकर हुआ विवाद, मैनेजर से की बदसलूकीबताया गया कि कंपनी के कर्मचारियों ने डेमो गाड़ी वापस लेकर आरोपी को मोटरसाइकिल दे दी। इस बात पर आरोपी ने मैनेजर के साथ गाली-गलौच और बदसलूकी की। इस मामले में बीती 14 मार्च को थाना सिटी करनाल में रपट दर्ज की गई है। बिना बताए नौकरी छोड़ी, कर्मचारियों को भी दी धमकीशिकायतकर्ता ने बताया कि वह बीती 10 फरवरी को विदेश से लौटे तो पता चला कि आरोपी 05 फरवरी के बाद काम पर नहीं आया। कर्मचारियों के माध्यम से पता चला कि आरोपी ने उनके साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और परिवार को धमकी दी। व्हाट्सएप पर दी धमकी, विदेश भागने की कही बात17 मार्च को आरोपी ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता के नंबर पर कॉल कर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि वह डंकी के जरिए अमेरिका या कनाडा भाग जाएगा और वहां से लौटकर बदला लेगा। उसने एक अस्पताल मालिक और उसके ड्राइवर की घटना का जिक्र करते हुए अंजाम भुगतने की बात भी कही। पहले भी दर्ज हैं मामले, हथियार लाइसेंस का दुरुपयोग आरोपशिकायत में बताया गया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 10 अप्रैल 2019 का केस भी शामिल है। आरोपी पर लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग कर लोगों को धमकाने के आरोप हैं। पुलिस ने किया केस दर्ज, जांच शुरूपुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन करनाल में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। इसके कारण गुरुवार को पूरे प्रदेश में बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार आज शुक्रवार को भी पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना बनती दिख रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मार्च के महीने में दिसंबर जैसी ठंड का अनुभव हो रहा है। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 5.7C की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आलम यह है कि प्रदेश का पारा सामान्य से 6.5C नीचे चला गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हुई इस बारिश और ठंडी हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। प्रदेश में सबसे अधिक बदलाव रोहतक में दिखा, जहां तापमान 10.5C लुढ़क कर मात्र 20.7C रह गया। यहां सबसे ज्यादा 5 एमएम बारिश भी दर्ज की गई। गुरुवार को पूरा दिन रूक-रूक बारिश हुईहरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से लगातार कई जिलों में बारिश हुई। हिसार में सुबह करीब 9 बजे से शाम 6 बजे तक रुक- रुककर बारिश हुई। इसके साथ ही सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, पंचकूला के हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। इसके अलावा अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत में 40-50 किमी/घंटा की दर से ठंडी हवा चली। अलग-अलग जिलों में बारिश के PHOTOS…
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के जवान सीताराम राय (40) शहीद हो गए। शहीद जवान सीताराम राय समस्तीपुर जिले के मोरवा के लोदीपुर गावं के रहने वाले थे। गुरुवार की देर रात पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। शुक्रवार को अंतिम संस्कार होगा। बुधवार की सुबह पत्नी सुमन राय से ड्यूटी पर जाने के दौरान वीडियो कॉल पर बात हुई थी। शहीद जवान के दोस्त सर्वेंदु ने कहा कि पत्नी से उन्होंने बताया था कि वो ड्यूटी पर जा रहे हैं। उसके बाद सुबह 11 बजे के करीब पत्नी को आर्मी यूनिट से फोन आया कि उन्हें गोली लग गई है। कुछ देर बाद मोबाइल पर शहीद हो जाने की सूचना आई। सीताराम राय के पिता कोलकाता में ठेला चलाने का काम करते थे। उन्होंने कहा कि, बेटे को ठेला चलाकर सेना में भेजा था। उसी की कमाई से घर चलता था। साल 2002 में उनकी बहाली इंडियन आर्मी में सिपाही के पद पर हुई थी। तब से कई सर्च ऑपरेशन में शामिल हुए। पिता बोले- ठेला चलाकर बेटे को पढ़ाया था शहीद के पिता सूरज राय ने बताया, हमने बहुत गरीबी में बच्चों को पढ़ाया था। मैं कोलकाता में ठेला चलाने का काम करता था। नहीं चाहता था कि बच्चे कभी वो दुख देखें जो मैंने देखा। इसलिए उन्हें हमेशा पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं क्या करता हूं। कैसे पैसे कमाता हूं ये नहीं बताया। सीताराम का गांव के ही सरकारी स्कूल में एडमिशन कराया था। गांव के ही प्राइमरी और हाई स्कूल की पढ़ाई करने के बाद पटौदी कॉलेज से उसने इंटर की पढ़ाई की। इसके बाद उसका सिलेक्शन सेना में हो गया। बाद के दिनों में डिस्टेंस से उसने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। जिसके बाद उसे प्रमोशन मिला था और इन दिनों वह हवलदार बन गया था। भाई बोला- अप्रैल में घर आने वाले थे शहीद जवान के छोटे भाई शिवानंद राय ने बताया कि मुझे फोन से बुधवार रात 11 बजे जानकारी मिली कि भाई शहीद हो गए हैं। वो साढ़ू के बेटे के शादी में आए थे। 15 दिन पहले ही यहां से गए थे। अप्रैल में घर आने वाले थे। उनके आने पर बहुत सारे काम करने थे। भतीजा दोनों पैर से दिव्यांग है। घर भी बनवाना था। पिता भी बीमार रहते हैं। वो बहुत मदद करते थे। अब आगे कैसे करेंगे पता नहीं। दोस्त बोले- हमें उसके ऊपर गर्व है जवान के बचपन के दोस्त सर्वेंदु शरण ने बताया कि वो काफी मिलनसार व्यक्ति थे। परिवार गरीबी से लड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई करके नौकरी ली। सुबह ही उनकी पत्नी से बात हुई थी। कहा था कि मैं ड्यूटी पर जा रहा हूं। बाद में खबर मिली कि उन्हें गोली लगी है। कल रात में हमें मौत की खबर मिली। आज पूरे समाज को उन पर गर्व है। देश के सम्मान की वो हमेशा बात करते थे। बेटा दोनों पैरों से दिव्यांग है ग्रामीण भोला प्रसाद दिवाकर ने कहा कि सीताराम राय मिलनसार थे। सामाजिक काम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। पढ़ने में अच्छे थे। पढ़ाई के बाद नौकरी जॉइन की थी। शहीद को दो बेटा और एक बेटी है। बड़ा बेटा अनुज फिलहाल गांव में है। पिता की शहादत की खबर से दुखी है। वो दोनों पैर से दिव्यांग है। गांव में होगा अंतिम संस्कार परिवार के लोगों का कहना है कि गांव में आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहादत की खबर मिलते ही पंचायत में शोक की लहर छा गई। पत्नी सुमन राय, पिता सूरज राय, माता महारानी देवी, भाई शिवानंद राय का रो-रोकर बुरा हाल है। सीताराम के बचपन के दोस्त सौरवेंदु शरण ने बताया कि शव पहुंचने के बाद शव को उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। जिसके बाद गांव के हाई स्कूल मैदान में श्रद्धाजलि सभा का आयोजन होगा। जहां जिले के डीएम और एसपी भी शामिल होंगे। जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को गंगा तट पर ले जाया जाएगा। सौरवेंदु शरण ने आगे बताया कि दोनों प्राइमरी स्कूल से साथ पढ़े हैं। हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की। पटोरी कॉलेज में इंटर में नामांकन कराया। इंटर पास की। सीमाराम की शुरू से ही उसकी इच्छा सेना में जाने की थी। वह सुबह रोज दौड़ लगाते थे। उन्होंने पुरानी यादे ताजा करते हुए कहा कि गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान अक्सर दो टीमों के बीच झगड़ा हो जाता था, तो वह बीच बचाव कर खेल की भावना से खेल खेलने के लिए लोगों को फिर से मनाते थे। उसका चयन सेना में हो गया। फोन पर उससे बातचीत होती रहती थी। कहा था कि अप्रैल में गांव आएगा। लेकिन देखिए अब उसका शव आ रहा है। गांव के युवाओं के लिए थे रोल मॉडल ग्रामीण भोला प्रसाद दिवाकर बताते हैं कि सीताराम उम्र में उनसे छोटे थे। जिस कारण गांव आने पर प्रणाम से ज्यादा कुछ नहीं होता था। लेकिन वह युवाओं के लिए गांव का रोल मॉडल था। इस गांव में सीताराम ही अकेला युवक था, जिसने सरकारी हासिल की थी। जिस कारण जब वह गांव आता था, तो नए युवा उनसे सेना में जाने के लिए जानकारी लेने के लिए आते थे। दिन भर नए युवकों की भीड़ लगी रहती थी। वो सब को आगे बढ़ने के लिए और पढ़ने के लिए प्रेरित करता था।
पठानकोट में लगातार बढ़ते डॉग बाइट के मामलों पर नगर निगम की नींद टूटी है। आवारा कुत्तों के आतंक से जल्द ही शहरवासियों को राहत मिलेगी। नगर निगम की ओर से लगभग 25 लाख रूपए की लागत से मध्य प्रदेश की लाइफ सेवर कंपनी को कुत्तों की नसबंदी का ठेका दिया गया है। इससे पहले निगम की ओर से 3 बार जारी किए गए टेंडर में किसी भी कंपनी की ओर से दिलचस्पी नहीं दिखाई गई थी। अब लाइफ सेवर कंपनी आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनका स्ट्राइलजेशन (नसबंदी) करेगी। 7-8 दिन तक उनकी देखरेख करने के बाद जिस स्थान से कुत्ता पकड़ा गया था, दोबारा वहीं छोड़ दिया जाएगा। नगर नगम के इस फैसले से आवारा कुत्तों की बेतहाशा बढ़ रही आबादी पर रोक लगेगी। इसके अलावा, मनवाल स्थित डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) की रेनोवेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है। बढ़ते डॉग बाईट के मामलों से लोग खौफजदाबता दें कि, जिलेभर में लगातार डॉग बाईट के मामले बढ़ रहे हैं। जिस कारण शहरवासी खौफजदा हैं। कुछ इलाकों में कुत्तों का आतंक ऐसा है कि बुजुर्गों तथा बच्चों के अकेले घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए ये कुत्ते जानलेवा साबित हो रहे थे। रोजाना 20-25 लोग लगवा रहे एंटी रैबीज इंजेक्शन बता दें कि, सोमवार को तो 20 लोग सिविल अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। यह केवल एक दिन की बात नहीं है, केवल सिविल अस्पताल में ही रोजाना 20-25 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अन्य सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और निजी अस्पतालों में भी कुत्ते के काटने के बाद लोग इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। पहले फेज में 1506 कुत्तों को किया जाएगा स्ट्रालाइज जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से भले ही पहले फेज में 1506 कुत्तों का स्ट्राइलज करने का ठेका दिया है। परंतु वास्तव में शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कई गुणा ज्यादा है। शहरवासियों का कहना है कि भले ही पहले फेज में नसबंदी किए जाने वाले कुत्तों की संख्या कम है। लेकिन, ये एक अच्छी शुरूआत है। निगम को इस टैंडर को बढ़ाया जाना चाहिए। रैबीज्ड कुत्ते का शिकार होकर मां-बेटी बनी मौत का ग्रास बता दें, हड़काए (रैबीज्ड) कुत्ते का शिकार होने के बाद सुजानपुर निवासी एक महिला तथा उसकी नाबालिग बेटी मौत हो गई थी। नसबंदी के बाद 7-8 दिन शेल्टर हाऊस में रखे जाएंगे कुत्ते नगर निगम की ओर से जिस कंपनी को ठेका दिया गया है, उन्हें किसी एक स्थान से अवारा कुत्तों को पकड़ कर उसकी नसबंदी करनी होगी। उसके उपरांत मनवाल स्थित डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) में कुत्तों को 7-8 दिन तक रखना होगा। जैसे ही उनकी स्थिति ठीक होगी, उसके उपरांत जिस जगह से उन्हें उठाया गया है, वहीं वापस छोड़ना होगा। डॉग बाइट के शिकार लोगों को सिविल में मुफ्त टीकाकरण प्रत्येक माह जिले भर में 150 से अधिक मरीज डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। जिनका इलाज सिविल अस्पताल पठानकोट में फ्री किया जाता है। कुत्तों के काटने से पीड़ित मरीजों को अस्पताल में मुफ्त एंटी रैबिज टीके लगाए जाते हैं। डॉ. हिमांशु ने बताया कि आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे लोगों को तुरंत सिविल अस्पताल में पहुंचकर मुफ्त मिलने वाले इलाज का लाभ लेना चाहिए। शहरवासियों को मिलेगी राहत- परमजोत सिंह नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर परमजोत सिंह ने बताया कि, निगम की ओर से मनवाल में डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) बनाया गया है। उसकी रेनोवेशन का काम जारी है। जहां पर कुत्तों की नसबंदी की जाएगी और स्वस्थ होने तक वहीं रखा जाएगा। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि उक्त कुत्तों को उसी जगह पर छोड़ेंगे, जहां से पकड़ कर लाए थे। उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह से ही नसबंदी का काम शुरू हो जाएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भर दिया है। वह पार्टी के एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। यह चौथा मौका होगा, जब वह JDU के सेनापति बनेंगे और पार्टी की कमान अपने पास रखेंगे। नामांकन वापसी की औपचारिकता पूरी होने के बाद वह राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। नई दिल्ली के जंतर-मंतर रोड स्थित पार्टी कार्यालय में यह नामांकन दाखिल किया गया। उनकी ओर से कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े को नामांकन पत्र सौंपा। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए कि आखिर क्यों नीतीश पार्टी की कमान खुद संभाले रखना चाहते हैं। जदयू की रणनीति क्या है। आखिर क्यों नीतीश बिना पार्टी फेसलेस है? पार्टी की मजबूरी क्या है…। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चौथा कार्यकाल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में यह नीतीश कुमार का चौथा कार्यकाल होगा। इससे पहले उन्होंने 2016 में शरद यादव की जगह पार्टी की कमान संभाली थी। इसके बाद 2019 में भी वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। 2020 में उन्होंने अपनी जगह आरसीपी सिंह को अध्यक्ष बनाया था। बाद में उन्होंने ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। साल 2023 में जब ललन सिंह ने पद से इस्तीफा दिया, तो एक बार फिर नीतीश खुद इस पद पर लौटे और तब से अब तक अध्यक्ष बने हुए हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला जदयू की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना में होना है। बैठक को लेकर तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 29 मार्च को पटना में होगी। इस बैठक में देशभर से पार्टी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में संगठनात्मक फैसलों पर विस्तार से चर्चा होगी। नीतीश को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के पीछे क्या है वजह, इन 5 प्वाइंट में समझिए 1. जदयू में बड़े और प्रभावशाली चेहरे की कमी जदयू के अंदर कोई बड़ा चेहरा नहीं है, जो पार्टी को बड़ी पहचान दिला सके। मजबूती से पार्टी को आगे बढ़ा सके। जर्नलिस्ट प्रवीण बागी की मानें तो नीतीश कुमार ने पार्टी के अंदर अपने से बड़ा चेहरा पनपने ही नहीं दिया। इसी वजह से नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। हालांकि, नीतीश के बड़ा चेहरा होने का फायदा जदयू को मिलता रहा है। 2. नीतीश कुमार को है कुर्सी प्रेम नीतीश कुमार कुर्सी के प्रेमी कहे जाते हैं। माना जाता है कि वह बिना कुर्सी के नहीं रह सकते हैं। प्रवीण बागी कहते हैं कि नीतीश कुमार को कुर्सी से लस्ट है। वह सीएम पद से हटने जा रहे हैं। ऐसे में यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष भी नहीं रहेंगे तो उन्हें बड़ा झटका लगेगा। पार्टी के नेता चाहते है कि वह विद्रोह नहीं करें। लिहाजा,उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है। प्रवीण बागी आगे कहते हैं कि वह मानसिक तौर पर सबल नहीं है। बिना कार्यकारी अध्यक्ष वह पार्टी नहीं चला पाएंगे। 3. पार्टी पर पूर्ण नियंत्रण और एकजुटता जदयू के मौजूदा स्थिति में पार्टी के भीतर हलचल है। पार्टी के भीतर गुटबाजी और विद्रोह की खबरें है। नीतीश कुमार के नाम पर पार्टी को बिखरने से बचाया जा सकता है। लिहाजा नीतीश को आगे कर सभी विधायकों और नेताओं को एकजुट रखने का प्रयास किया जा रहा है। 4. राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का विस्तार नीतीश कुमार को अध्यक्ष बनाकर जेडीयू उन्हें एक राष्ट्रीय चेहरे के रूप में पेश करना चाहती है। उनका लक्ष्य बिहार के बाहर भी अन्य राज्यों में पार्टी के आधार को मजबूत करना और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को प्रभावी बनाना है। 5. नीतीश का चेहरा, बीजेपी की चाहत जदयू में भारतीय जनता पार्टी की भी चल रही है। इसके पीछे वोट बैंक की कहानी है। राजनीतिक विश्लेषक कुमार प्रबोध कहते है कि बिहार में नीतीश के साथ 15 फीसदी एकमुश्त वोट जुड़ा है। नीतीश के चेहरे पर यह वोट हर हाल में जदयू के साथ जाता रहा है। अब भाजपा नहीं चाहती है कि यह इस वोट बैंक में बिखराव हो। नीतीश के चेहरा नहीं होने पर वोट बैंक का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय जनता दल की ओर शिफ्ट कर जाएगा। इसलिए भाजपा चाहती है कि जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ही बने रहें। सीएम की कुर्सी तो छोड़ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं होने की स्थिति में जदयू-भाजपा गठबंधन को दोहरी मार पड़ जाएगी। नीतीश कुमार के दलीय स्तर पर बड़े फैसले 1.संजय झा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया नीतीश साल 2024 में राज्यसभा सांसद और अपने करीबी संजय कुमार झा को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी को चौंकाया। दरसअल, नीतीश ने यह फैसला मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए लिया था। 2. नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया साल 2024 में अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद नीतीश ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल किया। पदाधिकारियों की संख्या सीमित की। राष्ट्रीय महासचिवों की संख्या 22 से घटाकर 11 कर दी, ताकि संगठन को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाया जा सके। 3. नई टीम के जरिए जातीय संतुलन सोशल इंजीनियरिंग के माहिर खिलाड़ी रहे नीतीश ने तब नई टीम में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और अल्पसंख्यकों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया था। पार्टी के कोर वोट बैंक को मजबूत किया जा सके। 4. अनुशासनात्मक कार्रवाई नीतीश कुमार कार्रवाई करने से चुकते नहीं हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर गुटबाजी रोकने के लिए कड़े रुख अपनाए हैं। मार्च 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण कुछ सदस्यों की सदस्यता रद्द करने जैसे कठोर कदम भी उठाए गए हैं। 5. पुराने और वफ़ादार को साथ रखना नीतीश पुराने साथियों को साथ रखते रहे हैं। नाराज पुराने साथी को हर हाल में जोड़कर रखते आए हैं। पार्टी के वफ़ादार को अपने आस-पास रखते हैं। उन्हें पार्टी के अंदर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपते हैं।
कनाडा में इमिग्रेशन फ्रॉड के मामले में दोषी पाए गए गुरप्रीत सिंह ने अब सरकार के खिलाफ कोर्ट में केस दायर कर दिया। अदालत ने उन्हें दोषी माना, लेकिन सजा सुनाने से पहले प्रक्रिया में खामी सामने आने पर पूरा केस रोक (स्टे) दिया। CBSA (कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी) के अनुसार, गुरप्रीत सिंह ने फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार कर कई लोगों को कनाडा आने या वहां रहने में मदद की। जांच में ऐसे 30 से अधिक आवेदन सामने आए जो इस फ्रॉड से जुड़े थे। कोर्ट में ट्रायल के दौरान जज ने गुरप्रीत सिंह को दोषी करार दिया था, लेकिन सजा सुनाने से एक दिन पहले जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप से जुड़ा मामला सामने आया। इसके चलते कोर्ट ने केस को स्टे कर दिया। गुरप्रीत सिंह ने जांच पर उठाए सवाल कनेडियन मीडिया के अनुसार 40 वर्षीय पंजाबी मूल के गुरप्रीत सिंह ने, जिसे अदालत ने बड़े इमिग्रेशन घोटाले का दोषी माना था। गुरप्रीत सिंह ने जांच पर सवाल उठाए और अब कनाडा सरकार और बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) पर ही दीवानी मुकदमा दायर कर दिया है और मुआवजे के साथ इमिग्रेशन राहत की मांग की है। 2020 में गुरप्रीत की गिरफ्तारी के वक्त CBSA के आरोप CBSA के अनुसार, 34 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने रजिस्टर्ड चैरिटी संस्थाओं का रूप धारण करते हुए फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार किए और उन्हें मुनाफे के लिए उन लोगों को बेचा, जो कनाडा में प्रवेश पाने या वहां रहने की कोशिश कर रहे थे। ये कथित अपराध 1 जून 2016 से 2 नवंबर 2018 के बीच किए गए। CBSA ने अपनी जांच सितंबर 2018 में शुरू की, जब एक एंट्री पॉइंट पर फर्जी जॉब ऑफर लेटर सामने आया। जांच के दौरान कुल 34 इमिग्रेशन आवेदन ऐसे पाए गए, जो इन फर्जी लेटरों से जुड़े थे। सोशल मीडिया पर हो रहा विरोध दोषी पाए जाने के बावजूद सीबीएसए पर केस दायर करने के बाद कनेडियन मीडिया व सोशल मीडिया में गुरप्रीत सिंह व कनेडियान एजेंसी के खिलाफ लोग खुलकर बोल रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिसके खिलाफ सभी सबूत थे फिर भी उसकी सजा पर स्टे लगा दिया गया। यही नहीं उसने अब सरकार पर ही केस कर दिया। गुरप्रीत सिंह के इमिग्रेशन फ्रॉड व केस की अहम बातें सिलसिलेवार जानिए… 1. भक्ति के नाम पर एंट्री, फिर शुरू किया ठगी का धंधा: गुरप्रीत सिंह 10 साल पहले गुरुद्वारा साहिब के कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने अस्थायी वीजा पर कनाडा आया था। जांच में सामने आया कि उसने शुरुआत से ही अपने दस्तावेजों में झूठ बोला था। कनाडा में रुकने के बाद उसने बिना अनुमति के अवैध रूप से काम करना शुरू किया और 10 साल तक एक भी डॉलर का टैक्स नहीं भरा। 2. चैरिटी के नाम पर बेचे फर्जी जॉब लेटर: CBSA की जांच के अनुसार, गुरप्रीत ने रजिस्टर्ड चैरिटी संस्थाओं के नाम पर फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार किए। उसने इन पत्रों को उन लोगों को भारी मुनाफे में बेचा जो कनाडा में वर्क परमिट पाना चाहते थे। 2018 में जब एक एंट्री पॉइंट पर फर्जी लेटर पकड़ा गया, तब इस रैकेट का खुलासा हुआ। जांच में कुल 34 ऐसे इमिग्रेशन आवेदन मिले जो गुरप्रीत के फर्जीवाड़े से जुड़े थे। 3. 'वेजिटेरियन' कार्ड और जेल में ड्रामा: ट्रायल के दौरान जब गुरप्रीत जेल में था, तो उसने नया विवाद खड़ा किया। उसने आरोप लगाया कि उसे जेल में मांस खाने के लिए मजबूर किया गया, जो उसके धर्म के खिलाफ है। अदालत में उसने अपना सारा दोष अपने एक पुराने रूममेट पर मढ़ने की कोशिश की, जो पहले ही भारत भाग चुका है। 2022 में उसे धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामलों में दोषी करार दे दिया गया। 4. जज ने माना 'दोषी', लेकिन जांच की खामी बनी ढाल: जुलाई 2025 में सस्काटून कोर्ट ऑफ किंग बेंच के जस्टिस नाहिद बरदाई ने एक असाधारण फैसला सुनाया। जज ने स्पष्ट कहा कि वह गुरप्रीत के दोषी होने के प्रति आश्वस्त हैं, लेकिन उन्होंने सजा सुनाने के बजाय मामले पर 'स्टे' (रोक) लगा दी। 5. इसका कारण हैरान करने वाला था: जांच के दौरान एक मुख्य CBSA अधिकारी ने खुद पर लगे आरोपों की जांच स्वयं ही शुरू कर दी थी। जज ने इसे संस्थागत विफलता और समाज की निष्पक्षता के खिलाफ माना। इसी तकनीकी खराबी के कारण गुरप्रीत का कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो सका। 6. PR रिजेक्ट हुआ तो शुरू किया कानूनी लड़ाई: सजा से बचने के बाद गुरप्रीत ने 'मानवीय और सहानुभूति' के आधार पर स्थायी निवास (PR) मांगा, जिसे अक्टूबर 2025 में खारिज कर दिया गया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि उसका परिवार (पत्नी और बेटा) भारत में है और वह वहां शिक्षित और सुरक्षित रह सकता है। 7. मानवाधिकारों के उल्लंघर का आरोप: अब गुरप्रीत ने पलटवार करते हुए कनाडा के अटार्नी जनरल और CBSA पर ‘दुर्भावनापूर्ण अभियोजन’ का मुकदमा किया है। 10 साल कनाडा में रहने के बाद भी वह मीडिया से इंटरप्रेटर के जरिए बात कर रहा है और दावा कर रहा है कि उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। 8. आगे क्या होगा? गुरप्रीत सिंह फिलहाल अपने निर्वासन (Deportation) के खिलाफ संघीय अदालत में अपील कर रहा है। यदि वह यह दीवानी मुकदमा जीत जाता है, तो कनाडा सरकार को उसे भारी हर्जाना देना पड़ सकता है। गुरप्रीत सिंह के केस में कब क्या हुआ, टाइम लाइन के हिसाब से जानिए.. जून 2016 – नवंबर 2018: फर्जी जॉब ऑफर लेटर बनाकर इमिग्रेशन फ्रॉड का आरोप लगा। सितंबर 2018: CBSA ने जांच शुरू की। दिसंबर 2019: गुरप्रीत सिंह के खिलाफ औपचारिक आरोप दर्ज। जनवरी 2020: कोर्ट में पहली पेशी। ट्रायल के दौरान: कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। सजा से एक दिन पहले: जांच में प्रक्रिया संबंधी खामी सामने आई। कोर्ट का फैसला: केस स्टे (रोक) कर दिया गया कोर्ट में मुकदमा दायर: गुरप्रीत सिंह ने सरकार पर मुकदमा किया
छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हो गया है। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हो, तो सजा बढ़ाकर 10 से 20 साल तक की जेल और न्यूनतम 10 लाख जुर्माना देना होगा। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास होगी। कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना लगेगा। गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा पेश किया गया यह नया विधेयक वर्ष 1968 के पुराने कानून की जगह लेगा, जिसे सरकार ने वर्तमान तकनीक और सामाजिक परिस्थितियों के लिहाज से नाकाफी माना है। इस विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए गृहमंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 50 से ज्यादा मैराथन बैठकें की थी। सरकार के अनुसार इस बिल का मकसद बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है। सदन में बिल के पास होते ही BJP विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। वहीं विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया और वॉकआउट कर दिया था। विपक्ष का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के साथ-साथ सभी दलों के विधायकों की राय ली जानी चाहिए। सदन में यह बिल ध्वनि मत से पास हुआ। दोबारा धर्म परिवर्तन कराने वालों को आजीवन कारावास धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के तहत यदि कोई व्यक्ति एक बार धर्म परिवर्तन करवाते हुए पकड़ा जा चुका है और सजा काट चुका है। यदि वहीं व्यक्ति दोबारा किसी व्यक्ति के अवैध धर्मांतरण के मामले में दोषी बनता है, तो उसे आजीवन कारावास के लिए दंडित किया जाएगा। लेकिन न्यायालय किन्हीं भी पर्याप्त या विशेष कारणों से कारावास की अवधि को काम कर सकेगा। मददगारों पर भी एक्शन अवैध धर्मांतरण प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति मददगार बनता है, तो उसे न्यूनतम 6 महीने और अधिकतम 3 साल की सजा और 2 लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया जाएगा। 60 दिन पहले कलेक्टर को देना होगा आवेदन विधेयक के मुताबिक, अब छत्तीसगढ़ में स्वेच्छा से धर्मांतरण करने वाले व्यक्ति को कम से कम 60 दिन पहले कलेक्टर को आवेदन देना होगा। नियम केवल धर्म बदलने वाले पर ही नहीं, बल्कि अनुष्ठान कराने वाले पादरी, मौलवी या पुजारी पर भी लागू होगा। उन्हें भी 2 महीने पहले प्रशासन को सूचित करना होगा। यदि बिना सूचना के धर्मांतरण कराया गया, तो इसे 'अवैध' माना जाएगा और तत्काल गिरफ्तारी होगी। शादी के लिए धर्म परिवर्तन माना जाएगा अवैध विधेयक में 'लव जिहाद' जैसी साजिशों को रोकने के लिए कड़े प्रावधान हैं। यदि कोई विवाह केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया है, तो कोर्ट उसे 'शून्य' घोषित कर देगा। शादी के इच्छुक जोड़ों को 2 महीने पहले अपने धर्म परिवर्तन के इरादे की घोषणा करनी होगी, जिसकी जांच खुद जिला मजिस्ट्रेट करेंगे। विदेशी फंडिंग और संस्थाओं पर शिकंजा धर्मांतरण के खेल में शामिल विदेशी फंडिंग पर सरकार ने पूरी तरह रोक लगा दी है। यदि कोई संस्था प्रलोभन या सामूहिक धर्मांतरण में शामिल पाई गई, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। विशेष अदालतों में होगी सुनवाई विधेयक के तहत हर जिले में विशेष अदालत गठित की जाएगी, जहां ऐसे मामलों की सुनवाई होगी। सरकार का लक्ष्य है कि मामलों का निपटारा 6 महीने के भीतर किया जाए। छत्तीसगढ़ में कानून की जरूरत क्यों पड़ी? छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में खासकर बस्तर, जशपुर, रायगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आदिवासियों को ईसाई धर्म में शामिल करवाया जा रहा है। यह विवाद का विषय बना हुआ है। बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र में तो यह गुटीय संघर्ष में तब्दील हो चुका है। आदिवासी और धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासियों के बीच कई बार गंभीर विवाद हो चुका है। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। इस कारण छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे विवाद को टालने और धर्मांतरण पर एक कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा आबादी OBC वर्ग की इसमें से 2,38,19,789 हिंदू, 5,14,998 मुस्लिम, 4,90,542 ईसाई और 68,979 सिख थे। हालांकि 2021 में छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या 3 करोड़ के करीब आंकी गई थी, जो अब करीब 3 करोड़ 30 लाख पार हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा आबादी OBC वर्ग की है। हालांकि ये आंकड़े अनुमानित हैं। छत्तीसगढ़ में लगभग 900 चर्च छत्तीसगढ़ में लगभग 727 चर्च हैं। हालांकि ग्रामीण अंचलों में छोटे-छोटे चर्चों को मिलाकर इनकी संख्या 900 के पार है। इनमें सबसे पहला चर्च विश्रामपुर में है, जो सिटी ऑफ रेस्ट के नाम से जाना जाता है, जिसे 1868 में बनाया गया था। वहीं जशपुर के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोमन कैथोलिक कैथेड्रल चर्च है, जिसे 1979 में स्थापित किया गया था। यहां प्रार्थना के लिए कई राज्यों से मसीह समाज के लोग आते हैं। साथ ही अलग-अलग समय धर्म प्रचार के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल से अगवा किए गए नवजात बच्चे को पुलिस ने 24 घंटे से भी कम समय में सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला जसप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, 19 मार्च को रानी कौर, जो कि तरनतारन जिले के गांव कसेल पट्टी किल्लेवाली की रहने वाली हैं, ने मजीठा रोड थाना में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि 15 मार्च को उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ था। बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना उस समय हुई जब एक अज्ञात महिला ने चालाकी से नवजात को अस्पताल से अगवा कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई टीमों का गठन किया। सीसीटीवी और तकनीक से आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साधनों की मदद से जांच शुरू की। तेजी से काम करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही आरोपी जसप्रीत कौर, जो गुरदासपुर जिले के लधा मुंडा की रहने वाली है, को गिरफ्तार कर लिया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि 4 दिन के मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। इस घटना ने जहां एक ओर पुलिस की मुस्तैदी को दिखाया है, वहीं परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत में कच्चे तेल की कीमत दोगुनी बढ़ने से रही। दूसरी बड़ी खबर शेयर मार्केट में 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट को लेकर रही। उधर, ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट्स, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. जंग के चलते भारत में कच्चा तेल दोगुना, पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है ईरान के खाड़ी देशो में हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और गैस की कीमतें 30% तेजी आई है। जंग से पहले भारत में कच्चा तेल 73 डॉलर के नीचे था, जो दोगुना होकर 146 डॉलर के पार पहुंच गया है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ सकते हैं। जिसके चलते LPG सिलेंडर और फल और सब्जी चीजें महंगी हो सकती हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, गैस के दाम बढ़ेंगे: अगर कीमतें ऐसे ही रहीं, तो पेट्रोल-डीजल 10–15 रुपए तक महंगे हो सकते हैं। LPG सिलेंडर के दाम भी बढ़ने की आशंका है। कच्चा तेल कई चीजों में इस्तेमाल होता है, इसलिए डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा। इसका असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा और फल, सब्जी, अनाज महंगे हो जाएंगे। इससे आम आदमी का बजट बिगड़ सकता है। ब्रिटेन में गैस की कीमतें 140% तक बढ़ीं: ब्रिटेन में थोक गैस की कीमतें बढ़कर 171.34 पेंस प्रति थर्म ($2.29) पर पहुंच गई हैं। जंग शुरू होने के बाद ये करीब 140% बढ़ी है। युद्ध से पहले इसकी कीमत 71.13 पेंस प्रति थर्म ($1.33) थी। पूरी खबर पढ़ें... 2. ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया, सऊदी की ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिका ने बताया कि मिशन के दौरान एक F-35 जेट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके अलावा ईरान ने सऊदी अरब के यनबू पोर्ट स्थित ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया। UAE और कतर के तेल-गैस प्लांट पर भी ड्रोन अटैक किए। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से ज्यादातर तेल यनबू पोर्ट से भेजा जा रहा है। हमले के बाद सऊदी अरब ने कहा;- हमारे पास ईरान को जवाब देने की पूरी ताकत है। ईरान हमारे सब्र का इम्तिहान न लें। ईरान ने ऐसा क्यों किया: अमेरिका और इजराइल ने 18 मार्च को ईरान की साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार माना जाता है। इसके बाद ईरान ने कहा था कि खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर हमला करके जवाब देंगे। ईरान के तेल से बैन हटा सकता है अमेरिका: अमेरिका ईरान के तेल पर लगे बैन में ढील दे सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से कहा कि ट्रम्प सरकार ईरान से जो तेल पहले से बाहर जा रहा है, उस पर लगी पाबंदियां कुछ समय के लिए हटा सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 3. शेयर बाजार में 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2497 अंक गिरा, निफ्टी 776 अंक टूटा शेयर बाजार में 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। तनाव और जंग की वजह से सेंसेक्स 2497 अंक गिरकर 74,207 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 776 अंक की गिरावट के साथ 23,002 पर आ गया है। सोना-चांदी के दाम भी घटे: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 20 हजार रुपए घटकर 2.30 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 8 हजार रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए पर आ गया है। पूरी खबर पढ़ें... 4. योगी सरकार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया, चपरासी को 10 की जगह 18 हजार मिलेंगे योगी सरकार ने गुरुवार को 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा दिया। 8 से 11 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है। अब चपरासी और चौकीदार को 10 हजार की जगह 18 हजार रुपए मिलेंगे। इसी तरह अनुवादक, कंप्यूटर सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर को 14 हजार की जगह 23 हजार रुपए वेतन मिलेगा। अप्रैल से बढ़कर आएगी सैलरी: कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी अप्रैल महीने से मिलेगी। सैलरी मानदेय के अलावा कर्मचारियों को अब 13 फीसदी ईपीएफ और 3.25 फीसदी ईएसआई भी मिलेगा।विधानसभा में सीएम योगी ने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार ने इस बार विभाग के बजट में 426 करोड़ का इजाफा करते हुए 2223.84 करोड़ रुपए जारी किए थे। पढ़ें पूरी खबर… 5. गंगा में इफ्तार करने वाले कोर्ट में गिड़गिड़ाकर रोए, काशी में जज से रिहाई की भीख मांगी काशी की गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 युवकों को गुरुवार रात 8 बजे कोर्ट में पेश किया गया। घरवालों ने उनकी जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट से आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। सभी को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। आरोपियों की जमानत पर अब अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। इस दौरान 5 आरोपी तो कोर्ट में ही रोने लगे। अब इन सभी की ईद जेल में ही मनेगी। इस दौरान कोर्ट परिसर और आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। वाराणसी पुलिस ने कोर्ट में कहा:- नाव को हाइजैक कर और नाविक का अपहरण कर गंगा नदी में इफ्तार पार्टी की गई थी। पार्टी के फोटो वीडियो बनाकर दिलेरी दिखाई गई थी। कोर्ट में गिड़गिड़ाए आरोपी: सरकारी अधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया- सभी 14 आरोपी कोर्ट में कान पकड़कर माफी मांग रहे थे। जज से रिहा करने की भीख मांग रहे थे। ये लोग नाविकों को जबरदस्ती लेकर गए थे। नाविकों ने मना किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इन लोगों ने मां गंगा और सनातन धर्म का अपमान किया है। कोर्ट ने सही फैसला दिया है। पूरी खबर पढ़ें… 6. असम में भाजपा की 88 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, CM हिमंता 7वीं बार जालुकबारी से लड़ेंगे असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी कीहै। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा समेत 88 उम्मीदवारों के नाम घोषित हुए। हिमंता इस बार भी जालुकबारी से चुनाव लड़ेंगे। वे सातवीं बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर से टिकट मिला है। बंगाल भाजपा की दूसरी लिस्ट जारी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 111 कैंडिडेट्स की दूसरी लिस्ट जारी की। एक्ट्रेस रूपा गांगुली को भी टिकट दिया गया है। पार्टी ने सोमवार को 144 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की थी। पूरी खबर पढ़ें... 7. सरकार बोली- देश में LPG की कमी नहीं, ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% तक पहुंची जंग के हालात के बीच सरकार ने बताया कि देश में LPG सिलेंडर की कमी नहीं है। LPG की स्तिथि चिंताजनक बनी हुई हुई है, लेकिन किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास ड्राईआउट नहीं है। हालांकि, ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% पहुंच गई है। होर्मुज स्ट्रेट के बाहर से तेल लाया जा रहा: सरकार ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है। भारत 70% कच्चा तेल, होर्मुज स्ट्रेट के बाहर से मंगवा रहा है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... नीतीश के प्रोग्राम में आलू-प्याज की लूट बिहार के मुंगेर में नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा खत्म होते ही स्वागत में सजाई गई सब्जियां लूट ली गईं। आलू, प्याज, नींबू और बैंगन पर लोग टूट पड़े और कुछ ही मिनटों में सारी सजावट गायब हो गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: क्या भारत में पकड़ा गया मैथ्यू CIA का एजेंट; मिजोरम से म्यांमार में ड्रोन पहुंचाए, नॉर्थ-ईस्ट में 'ईसाई देश बनाने की साजिश' भास्कर एक्सक्लूसिव: कारोबारी का बेटा बोला-EV से नहीं लगी आग: इंदौर में इलेक्ट्रिक पोल से निकली चिंगारी, बिजली बंद किए बिना पानी डाला; यही मौतों की वजह ब्लैकबोर्ड- सिर्फ पीरियड्स में नहा पाती हैं महिलाएं: कम खाती हैं, ताकि शौच न जाना पड़े; बोलीं- नमक के खेत में ही पैदा हुए, इसी में मर जाएंगे भास्कर एक्सक्लूसिव: एशिया के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट का फर्स्ट लुक: गंगा घाट की तरह एंट्री गेट, हवेली जैसा आर्किटेक्चर, चेहरा स्कैन होते ही एंट्री पेरेंटिंग- 10 साल की बेटी एकदम मुंहफट है: जो मुंह में आए, बोल देती है, ये उसकी साफगोई है या संवेदना की कमी, उसे कैसे समझाएं जरूरत की खबर- नवरात्रि में खाएं टेस्टी और हेल्दी फलाहार: न्यूट्रिशन से भरपूर 12 रेसिपीज, व्रत का खाना हेल्दी बनाने के 8 टिप्स करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है…
कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के विवादित गाने “सरके चुनर तेरी सरके” को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गाने पर डांस करने वाली एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ यूपी के अलीगढ़ से फतवा जारी हुआ है। मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने गाने और दृश्यों को अश्लील बताया है। VIDEO में देखिए फिल्म पर विवाद क्यों है, फतवा क्या होता है, क्यों जारी किया जाता है?
वाराणसी में 14 लड़कों ने गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार पार्टी की। इसकी रील बनाई। फिर सोशल मीडिया में शेयर कर दिया। इसमें वो बिरयानी खाते दिख रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा की शिकायत पर सभी 14 लड़कों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही इस मामले में सियासत शुरू हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और इमरान प्रतापगढ़ी ने मुस्लिम लड़कों का सपोर्ट किया। वाराणसी पुलिस के एक्शन पर सवाल उठा दिए। वहीं, बरेली, वाराणसी, सहारनपुर के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा- इस्लाम में इफ्तार एक शुद्ध धार्मिक कार्य है। कोई सैर या पिकनिक नहीं। लड़कों को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अब सवाल उठता है कि जब धर्मगुरु गंगा में इफ्तार पार्टी के बाद नदी में हडि्डयां फेंकने को गलत ठहरा रहे, तब पॉलिटिकल पार्टियां क्यों समर्थन कर रहीं? इसका जवाब पॉलिटिकल एक्सपर्ट देते हैं- सपा और कांग्रेस को लगता है कि मुस्लिम किसी के साथ न जाएं। राहुल गांधी को क्लियर है कि देश में मुस्लिम वोटबैंक उनके साथ है। ऐसा ही अखिलेश यादव को भी यूपी में मुस्लिमों के साथ लगता है। सारी बयानबाजी इसी गुणा-गणित के लिए हो रही। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले मुस्लिम धर्मगुरुओं की बात मौलाना बोले- गंगा में हड्डियां फेंकना बिल्कुल गलतऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी कहते हैं- इस्लाम सादगी का मजहब है। दिखावा या नुमाइश नहीं करनी चाहिए। अल्लाह कहते हैं कि किसी की मदद करते हैं तो एक हाथ से करिए, दूसरे को खबर न हो। ये नौजवान लड़के दीन (धर्म) से वाकिफ नहीं हैं। इन्हें इस्लाम की भी जानकारी नहीं है। इन्होंने गंगा में इफ्तार किया। फिर बिरयानी खाकर हड्डियां नदी में फेंक दीं। यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा एकदम नहीं होना चाहिए। अब अखिलेश जी को यह इफ्तारी सही लगती है, तो वह मौलाना से ट्यूशन लें। क्योंकि यह सारा कार्य गंगा जी की पवित्रता को नष्ट करने की नीयत से किया गया है। जाहिलों को घरवालों ने क्या सिखाया?वाराणसी में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा- इस्लाम में इस तरह की चीजों की जगह नहीं है। इफ्तार एक शुद्ध धार्मिक कार्य है। कोई सैर या फिर पिकनिक नहीं है। इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज जरूरी है। इन जाहिलों को इनके घरवालों ने क्या सिखाया है? इन लड़कों ने इस्लाम को बदनाम करने का मौका दे दिया। लोगों ने धरना दिया, इसलिए गिरफ्तारी हुई, यह गलतदारुल उलूम स्थित फिरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सूफियान निजामी इस मामले पर अपना अलग मत रखते हैं। कहते हैं- पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह प्रेशर में की है। कुछ लोगों ने विरोध किया, इसलिए लड़कों को गिरफ्तार कर लिया। उसी वाराणसी में लोग क्रूज पर बैठकर शराब पीते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। क्योंकि, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई प्रदर्शन नहीं करता। सूफियान कहते हैं- मैं FIR के पक्ष में नहीं हूं। यह कानून के हिसाब से ठीक भी नहीं है। पुलिस ने प्रेशर में आकर कार्रवाई कर दी। ऐसा ही कुछ संभल में हुआ था। सीओ कुलदीप कुमार ने जो मुस्लिमों के बारे में कहा, वह भी कानून के दायरे में रहकर नहीं बोला। अगर आपके पास पॉवर है, तो इसका यह मतलब नहीं होता कि आप उसका गलत इस्तेमाल करें। अब हिंदू धर्मगुरु की बात सपा-कांग्रेस क्यों समर्थन कर रहे, यह समझ से परेपंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव राम रतन गिरी कहते हैं- इन लड़कों ने गलत किया। गंगा नदी को हम पवित्र और मां मानते हैं। क्या गंगा अब इफ्तार पार्टी के लिए है? क्या उनमें हड्डियां डाली जाएं। आखिर इससे क्या संदेश जाएगा? करोड़ों लोग मां मानकर उसमें डुबकी लगाते हैं। ये जो सपा-कांग्रेस समर्थन कर रहे हैं, ये बहुत गलत कर रहे हैं। इन्हें तो इसके खिलाफ बोलना चाहिए था। सपा-कांग्रेस नेताओं की बात अखिलेश बोले- सरकार को खुश करने के लिए गिरफ्तारी की सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- ये सब हमारे-आपके बीच में दूरियां पैदा करने के लिए किया जा रहा। प्रशासन ऐसी कार्रवाई करके सरकार को खुश कर रहा है। वाराणसी में एक 5 स्टार जहाज चला था। उसमें महंगी-महंगी शराब रखी थी। टॉयलेट का वेस्ट गंगा में जा रहा था। उस जहाज के मालिक पर क्या कार्रवाई हुई, यह बता दीजिए। इमरान बोले-छुटभैये नेता की भावनाएं आहत हो गईं…बसकांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा- युवाओं का एक समूह नाव में बैठकर इफ्तार कर रहा था। बस इतने में किसी छुटभैये नेता की भावना आहत हो गई और 14 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस बनारस में हजारों पर्यटक आते हैं। वहां की पुलिस कितनी उतावली बैठी है, मुस्लिमों के खिलाफ एफआईआर करने के लिए। यूपी पुलिस कानून के दुरुपयोग का कीर्तिमान बनाना चाहती है। अब सवाल है कि जब धर्म गुरु ही इसका विरोध कर रहे हैं तो फिर सपा-कांग्रेस इसका समर्थन क्यों कर रहे हैं? इसे समझने के लिए हमने यूपी की राजनीति में एक्टिव सीनियर जर्नलिस्ट से बात की। पढ़िए, एक्सपर्ट व्यू… पॉलिटिकल पार्टियों को आलोचना करनी चाहिए, मजबूर होंगीयूपी के सीनियर जर्नलिस्ट समीरात्मज मिश्रा कहते हैं- लड़कों ने बिरयानी खाकर हड्डी फेंकी या नहीं, यह तो जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन गंगा नदी पर जो इफ्तार पार्टी हो रही है, उसे कोई भी सही नहीं कहेगा। गंगा तो धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। अब पता नहीं राजनीतिक पार्टियां क्यों इसका समर्थन कर रही हैं? पता नहीं, क्या मजबूरी आ गई? उन्हें तो सामूहिक आलोचना करनी चाहिए थी। समीरात्मज कहते हैं- जो लोग यह तर्क दे रहे हैं कि गंगा में नाला जा रहा, क्रूज चल रहा, उनका यह तर्क ठीक नहीं। वह व्यवस्था का पार्ट है। लेकिन नदी में बैठकर इफ्तार करना और हड्डी फेंकने का काम जानबूझकर किया गया है, इसलिए यह ठीक नहीं। इसके पक्ष में किसी भी व्यक्ति को खड़ा नहीं होना चाहिए। ये मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति हैयूपी की सियासत को लंबे वक्त से कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार आलोक पाठक कहते हैं- जब मुस्लिम धर्मगुरु इसकी खिलाफत कर रहे हैं। फिर पार्टियों का पक्ष लेना समझ से बाहर है। यह एक तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति है। विपक्षी दलों को डर है कि अगर उनके पक्ष में नहीं खड़े होंगे तो वे खिलाफ हो जाएंगे। गंगा में नाला गिरने और हड्डी खाकर फेंकने को एक तरह से नहीं देखा जा सकता। हम तो यह भी कहते हैं कि जिनकी वजह से नाला गिर रहा, उनके खिलाफ भी मुकदमा लिखा जाना चाहिए। मुस्लिम वोट बैंक के लिए यह सब कर रहेवरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन कहते हैं- इस देश में मुसलमान हिंदू विरोधी भावना नहीं रखते। देश में मुस्लिमों की संख्या खूब है। उनका वोट भी चाहिए। वो वोट उन्हें देंगे, जो उनके साथ खड़े दिखेंगे। बस इसी की राजनीति हो रही है। सपा-कांग्रेस को लगता है कि मुसलमान किसी के साथ न जाएं। दोनों के बीच भी संघर्ष है। राहुल गांधी को क्लियर है कि देश में मुस्लिम वोटबैंक उनके साथ है। ऐसा ही अखिलेश यादव को लगता है कि यूपी में मुस्लिम उनके साथ है। अखिलेश यादव का यह कहना कि गंगा में नाले गिर रहे हैं, एक पक्ष है। लेकिन अभी तो सभी यही कहते हैं कि गंगा को साफ करना है। सबको पता है कि गड़बड़ है। ये सब आधुनिक युग की देन है। अस्थि विसर्जन हमारी मान्यता है। लेकिन कोई मौज-मस्ती के लिए गंगा नदी में मांसाहार करे और फिर हड्डियां फेंके, यह ठीक नहीं है। मुस्लिम धर्मगुरु इसलिए इन चीजों के खिलाफ हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यह गलत है। सपा और कांग्रेस इसलिए उनके पक्ष में हैं, क्योंकि उन्हें वोट चाहिए। अब पूरा मामला समझिए इफ्तार के लिए नाव बुक की, बिरयानी खाईवाराणसी के मदनपुरा में ताड़तल्ला इलाका है। यहीं बाबू बीड़ी वाले खानदान से 14 लड़कों ने तय किया कि 16 मार्च को इफ्तार पार्टी गंगा नदी में करेंगे। इसके लिए एक नाव बुक की। अस्सी घाट पर ये लड़के नाव में सवार हुए। यहां से नाव नमो घाट तक गई। इन लड़कों ने इफ्तार करते हुए रील बनाई और उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। इस रील में लड़के चिकन बिरयानी खाते हुए दिखाई दिए। बस यही मुद्दा बन गया। भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने पुलिस में इसकी शिकायत करवाई। आरोप लगाया कि इन लोगों ने चिकन बिरयानी खाने के बाद उसकी हड्डियां गंगा नदी में फेंक दीं। इस मामले पर कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में आरोपी रोए, जमानत याचिका खारिज हुईनाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 युवकों को 19 मार्च की रात करीब 8 बजे कोर्ट में पेश किया गया। काशी पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में कहा- नाव को हाइजैक कर और नाविक का अपहरण कर गंगा नदी में इफ्तार पार्टी की गई थी। पार्टी के फोटो वीडियो बनाकर दिलेरी दिखाई गई थी। घरवालों ने उनकी जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट सुनवाई कर रहा था। कोर्ट से सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। सभी को 14 दिन की जेल के लिए भेज दिया। जमानत पर अब अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। इस दौरान 5 आरोपी तो कोर्ट में ही रोने लगे। अब इन सभी की ईद जेल में ही मनेगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - शंकराचार्य बोले- क्रूज में लोग न जाने क्या-क्या कर रहे, भीड़ ने काशी की पवित्रता खत्म की, नाव पर इफ्तार इसी वजह से हुई ‘गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह तो बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने तो उनको साक्षात बुला लिया। लेकिन उसके बाद से देखिए, काशी 16 नाले गिर रहे थे, अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया है।’ ये बातें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहीं। पढ़िए पूरी खबर…
यूपी को 4 साल बाद स्थायी DGP मिलेगा। कुर्सी पर कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण ही बैठेंगे। 1 अप्रैल से पहले इसका आदेश जारी किया जा सकता है। उनको 31 मई, 2025 को यूपी का कार्यवाहक DGP बनाया गया था। उन्होंने प्रशांत कुमार की जगह ली थी। राजीव कृष्ण यूपी के लगातार 5वें कार्यवाहक DGP हैं। DGP की रेस से सीनियर IPS रेणुका मिश्रा को बाहर कर दिया गया है। योगी सरकार ने उन्हें पुलिस भर्ती का पेपर लीक होने के मामले में जिम्मेदार माना है। 2024 में वह यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चेयरमैन थीं। बोर्ड से हटाए जाने के बाद से वेटिंग में हैं। वो यूपी आईपीएस कॉडर की सबसे सीनियर अफसर हैं। यूपी सरकार ने यूपीएससी को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें राजीव कृष्ण दूसरे नंबर पर हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि राजीव कृष्ण को पहले ही स्थायी DGP क्यों नहीं बना दिया? उनका नंबर कैसे ऊपर आ गया? DGP पैनल में शामिल होने के लिए और कौन से अधिकारी योग्य हैं? DGP की वैकेंसी सरकार ने कब मानी, जिसके आधार पर प्रपोजल भेजा गया? किन अधिकारियों के नाम पर गौर ही नहीं किया गया? इनके जवाब, इस खबर में पढ़िए… राजीव कृष्ण पहले स्थायी DGP क्यों नहीं बने?9 महीने पहले राजीव कृष्ण को 11 अफसरों को सुपरसीड करके कार्यवाहक DGP की कुर्सी पर बैठाया गया था। दरअसल, यूपीएससी के नियमों के अनुसार, ऐसे 3 वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों में से किसी को DGP बनाया जा सकता है, जो बेदाग हों। किसी तरह का कोई दोष साबित न हुआ हो। प्रशांत कुमार के रिटायर होने के बाद राजीव कृष्ण को कार्यवाहक DGP बनाया गया। जिन 11 अफसरों को उन्होंने DGP की रेस में पछाड़ा, उनमें 1989 बैच के अफसर सफी अहसन रिजवी, अशीष गुप्ता, आदित्य मिश्रा, 1990 बैच के संदीप सालुंके, दलजीत चौधरी, रेणुका मिश्रा, बिजय कुमार मौर्य, एमके बशाल, तिलोत्मा वर्मा, 1991 बैच के आलोक शर्मा (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर), पीयूष आनंद (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर) शामिल थे। इनमें रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद और आलोक शर्मा को छोड़कर बाकी सभी रिटायर हो चुके हैं। यूपीएससी DGP के लिए सीनियरिटी और करियर को एग्जामिन करता है। उनमें से टॉप 3 को सिलेक्ट किया जाता है। राजीव कृष्ण लिस्ट में 12वें नंबर पर थे, इसलिए उस वक्त वो स्थायी DGP नहीं बन सके। रेणुका मिश्रा क्यों रेस से बाहर हुईं यूपीएससी को भेजे गए लेटर में यूपी सरकार ने कहा कि रेणुका मिश्रा 14 फरवरी, 2023 से 5 मार्च, 2024 तक पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चेयरमैन थीं। इस दौरान सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। 24 फरवरी को परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसके बाद लिखित परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। जांच में पता चला कि भर्ती बोर्ड ने एक ब्लैक लिस्टेड फर्म को प्रश्नपत्र छापने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। यही लापरवाही रेणुका मिश्रा के लिए भारी साबित हुई और उन्हें बोर्ड से हटा दिया गया। इसके बाद से वह अभी तक वेटिंग लिस्ट में हैं। अब DGP की रेस में उनके नाम के आगे लिखा गया कि पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा सही से नहीं कराई जा सकी। इसकी वजह से वो (रेणुका) पुलिस महानिदेशक के पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं। आलोक शर्मा का नाम क्यों नहीं? केंद्रीय प्रतिनियुक्त पर तैनात DG SPG आलोक शर्मा का नाम भी यूपी सरकार ने DGP की लिस्ट से बाहर रखा है। सूत्रों का कहना है कि यूपी में DGP पद के लिए डेट ऑफ वैकेंसी 5 फरवरी, 2026 मानी गई है। इस दिन सुप्रीम कोर्ट ने स्थायी DGP की नियुक्ति के लिए आदेश जारी किया था। यूपीएससी के नियमों के मुताबिक, स्थाई DGP के लिए उसी अफसर के नाम पर विचार किया जाएगा, जिसकी सेवा अवधि कम से कम 6 महीने बची हो। आलोक शर्मा की सेवा अवधि 6 महीने से कम बची है। इसलिए उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है। पैनल में पीयूष आनंद, राजीव कृष्ण और पीसी मीणा के शामिल होने के आसाररेणुका मिश्रा और आलोक शर्मा के बाहर होने के बाद DGP के लिए यूपीएससी के सामने 3 नाम होंगे। इनमें सबसे ऊपर पीयूष आनंद, दूसरे नंबर पर राजीव कृष्ण और तीसरे नंबर पर पीसी मीणा का नाम शामिल रहेगा। इनके अलावा 1994 बैच तक के सभी अफसरों की सूची यूपीएससी को भेजी गई है। इनमें 1992 बैच के आशुतोष पांडेय, आनंद स्वरूप, 1993 बैच के संजय सिंघल, एसबी शिरडकर, जकी अहमद, केएस प्रताप कुमार, राजीव सब्बरवाल, वितुल कुमार, 1994 बैच के बीके सिंह, अखिल कुमार, राजा श्रीवास्तव, डीके ठाकुर, सुजीत पांडेय, प्रकाश डी और जय नारायण सिंह के नाम शामिल हैं। पुराने प्रारूप में प्रपोजल भेजा, UPSC ने लौटाया मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से संघ लोक सेवा आयोग को स्थाई DGP की नियुक्ति के लिए प्रपोजल भेज दिया गया। हालांकि इसमें कुछ तकनीकी खामी के चलते UPSC ने इसे लौटा दिया है। इसके पीछे की वजह नए प्रारूप में प्रपोजल न भेजना बताया जा रहा है। यूपी सरकार ने जो प्रपोजल भेजा है, वह पुराने प्रारूप में है। यूपी में 4 साल से नहीं है स्थायी DGP यूपी में मुकुल गोयल के बाद से कोई भी स्थाई DGP नहीं बना है। 11 मई, 2022 को यूपी के तत्कालीन पूर्णकालिक डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद देवेंद्र सिंह चौहान को कार्यवाहक DGP बनाया गया था। चौहान का कार्यकाल 31 मार्च, 2023 तक रहा। उसके बाद राजकुमार विश्वकर्मा को कार्यवाहक DGP बनाया गया था। विश्वकर्मा के रिटायरमेंट के बाद विजय कुमार को कार्यवाहक DGP बनाया गया था। 31 जनवरी, 2024 को विजय कुमार के रिटायरमेंट के बाद प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी बने थे। प्रशांत कुमार मई 2025 में रिटायर हुए थे। इसके बाद 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को कार्यवाहक DGP बनाया गया। राजीव कृष्ण का कार्यकाल जून, 2029 तक है। राजीव कृष्ण की छवि टेक्नोक्रेट पुलिस अधिकारी कीबतौर ADG राजीव कृष्ण ने 'ऑपरेशन पहचान' एप तैयार कराया, जिससे अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। महिला बीट और एंटी रोमियो स्क्वॉड की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी इसी प्लेटफॉर्म से जोड़ी गई। ई-मालखाना, मुकदमों का डिजिटल रिकॉर्ड और साइबर अपराधों पर व्यापक अभियान, ये सभी उनकी सोच की देन हैं। बतौर आगरा SSP, बीहड़ में सक्रिय अपहरण गिरोहों के खिलाफ उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की थी। राजीव कृष्ण की छवि एक कड़क, फील्ड में एक्टिव और टेक्नोक्रेट पुलिस अधिकारी की रही है। यहां-यहां तैनात रहे राजीव कृष्ण 1991 में IPS बनने के बाद राजीव कृष्ण की पहली तैनाती प्रशिक्षु IPS के रूप में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुई थी। इसके बाद बरेली, कानपुर, अलीगढ़ में ASP के तौर पर तैनात रहे। 10 मार्च, 1997 को इन्हें पहली बार जिले की कमान सौंपी गई और फिरोजाबाद के SP बने। इसके बाद वह इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, आगरा, लखनऊ, बरेली के SSP रहे। तब यूपी में मुलायम सिंह की सरकार थी। मायावती के शासनकाल में जब बड़े जिलों में SSP के स्थान पर DIG की तैनाती हो रही थी। उस समय इन्हें लखनऊ का DIG बनाया गया था। राजीव कृष्ण मेरठ रेंज के IG भी बने थे। 2012 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। सितंबर, 2017 में लौटे तो पहले पुलिस अकादमी मुरादाबाद में तैनाती दी गई। फिर 5 फरवरी, 2018 को इन्हें लखनऊ जोन का ADG बनाया गया। राजीव कृष्ण आगरा जोन में भी ढाई साल तक ADG जोन रहे थे। राजीव का फैमिली बैकग्राउंड भी मजबूत राजीव कृष्ण के परिवार में दो पीढ़ियों से सिविल सेवाओं (IPS, IAS) और राजनीति में प्रभावशाली उपस्थिति है। पत्नी मीनाक्षी सिंह नोएडा में CBDT में डिप्टी सेक्रेटरी हैं। मौजूदा समय में लखनऊ के सरोजनीनगर से विधायक राजेश्वर सिंह इनके साले हैं। राजेश्वर यूपी पुलिस के 1996 बैच के अफसर रहे हैं। बाद में वे प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय चले गए और उसी कॉडर में मर्ज हो गए। 2022 के चुनाव से ठीक पहले राजेश्वर सिंह ने VRS लेकर राजनीति में कदम रखा। राजेश्वर की पत्नी लक्ष्मी सिंह गौतमबुद्धनगर की पुलिस आयुक्त हैं। इसके अलावा राजीव कृष्ण के ससुर भी DIG रहे हैं। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें- यूपी में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक हो जाएंगे, राजभर बोले- अगली कैबिनेट बैठक में OBC आयोग बनेगा ‘यूपी में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक हो जाएंगे। OBC आयोग अगली कैबिनेट बैठक तक बन जाएगा। कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी।’ यह कहना है, पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर का। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि 2027 में भी विधानसभा चुनाव NDA ही जीतेगा। चुनाव में नाराजगी कोई फैक्टर नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद को योगीजी शंकराचार्य ही नहीं मानते। पढ़िए पूरी खबर…
प्रदेश भाजपा में पहली बार महिला बनेगी महामंत्री, 6-7 महिलाओं को मिलेंगे पद
झारखंड भाजपा की नई टीम में गीता या नीरा में से एक बन सकती हैं महामंत्री झारखंड भाजपा अपनी नई प्रदेश टीम में इस बार महिलाओं को बड़ा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। पहली बार 6 से 7 महिलाओं को प्रदेश पदाधिकारी बनाया जा सकता है। साथ ही, यह भी संभव है कि पार्टी पहली बार किसी महिला को प्रदेश महामंत्री बनाए। प्रदेश महामंत्री पद के लिए पूर्व सांसद और वर्तमान प्रदेश प्रवक्ता गीता कोड़ा और विधायक नीरा यादव के नाम पर मंथन चल रहा है। चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है और संभावना है कि दोनों में से किसी एक को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि ऐसा होता है, तो इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फैसला माना जाएगा। प्रदेश महामंत्री के कुल तीन पद हैं। ऐसे में संगठन की रणनीति है कि एक पद महिला को दिया जाए, जिससे महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ आदिवासी या ओबीसी वर्ग का भी संतुलन साधा जा सके। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश पदाधिकारियों में एक-तिहाई महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यदि यह पूरी तरह संभव नहीं हो, तो कम से कम 6-7 महिलाओं को प्रमुख पदों पर जगह देने को कहा गया है। वर्तमान प्रदेश कमेटी में केवल दो महिला पदाधिकारी हैं—आरती कुजूर (प्रदेश उपाध्यक्ष) और सुनीता सिंह (प्रदेश मंत्री)। इन्हीं निर्देशों के आधार पर प्रदेश इकाई ने संभावित पदाधिकारियों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। इससे पहले वरिष्ठ नेताओं से भी सुझाव लिए गए हैं। पूर्व राज्यपाल रघुवर दास और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा से प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने चर्चा की है। संसद के बजट सत्र के दौरान भी इस विषय पर मंथन हुआ है। संभावना है कि अगले 20 दिनों में नई टीम की घोषणा हो सकती है। भविष्य की राजनीति को देखते हुए फोकस भाजपा भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं पर विशेष फोकस कर रही है। संभावित परिसीमन और महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट आरक्षण की संभावना को देखते हुए यह रणनीति बनाई जा रही है। एक स्वतंत्र एजेंसी के सर्वे में भी महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन बेहतर बताया गया है। महिला विधायकों के प्रदर्शन का असर विधानसभा में भाजपा की महिला विधायकों का प्रदर्शन भी संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने का आधार बन रहा है। अनुभवी विधायक नीरा यादव के साथ पहली बार की विधायक पूर्णिमा साहू और मंजू कुमारी ने भी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रमुख नाम गीता कोड़ा: पूर्व सांसद, वर्तमान प्रदेश प्रवक्ता नीरा यादव: विधायक, पूर्व मंत्री आरती कुजूर: प्रदेश उपाध्यक्ष आरती सिंह: प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा सुनीता सिंह: प्रदेश मंत्री पूर्णिमा साहू: विधायक, जमशेदपुर पूर्व मंजू कुमारी: विधायक, जमुआ सीमा सिंह: प्रदेश महामंत्री, महिला मोर्चा सीमा शर्मा: पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शोभा यादव: प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
रांची में देर शाम भारी बारिश, आज वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
राज्य में शुक्रवार को मौसम अचानक करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने पूरे झारखंड में गर्जन, वज्रपात, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका जताई है। रांची समेत कई जिलों के लिए 20 मार्च को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, देवघर, जामताड़ा, रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और चतरा में ओलावृष्टि, गर्जन और वज्रपात की आशंका अधिक जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर नहीं निकलने और सतर्क रहने की अपील की है। गुरुवार को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। 18 मार्च के राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन में भी झारखंड के विभिन्न स्थानों पर ओलावृष्टि और 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की जानकारी दी गई थी। रांची में गुरुवार शाम हुई बारिश से उमस से कुछ राहत मिली। 22 मार्च से मौसम साफ होने के आसार 21 मार्च को भी राज्य के कुछ हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना है। 22 मार्च से मौसम साफ होने के आसार हैं। रांची के पूर्वानुमान के अनुसार 21 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है, जबकि 22 मार्च से स्थिति सामान्य होने लगेगी। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी का असर बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और दिन में बढ़ती गर्मी के कारण गर्जन-वज्रपात की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। दिन में गर्मी और शाम के समय बादल छाने की स्थिति इसी मौसम प्रणाली का संकेत है।— अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक
बिहार दिवस : गांधी मैदान सहित कई जगह सजेगी सांस्कृतिक महफिल
बिहार दिवस 2026: राजधानी में तीन दिन कला-संस्कृति का महोत्सव बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान, प्रेमचंद रंगशाला और रवीन्द्र भवन में कला, संस्कृति और रंगमंच का भव्य आयोजन होगा। 22, 23 और 24 मार्च को होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा। सुबह से शाम तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोकगीत, शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी। गांधी मैदान का सांस्कृतिक मंच मुख्य आकर्षण रहेगा, जबकि प्रेमचंद रंगशाला और रवीन्द्र भवन में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कुल 69 स्थानीय कलाकार और संस्थाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। 22 मार्च: लोक संस्कृति और शास्त्रीय गायनउत्सव के पहले दिन सुबह 10 बजे शनिष यादव और नवल किशोर शर्मा के लोकगायन से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर में सुनिधि सुमन, पूजा उपाध्याय और डॉ. निशा परासर लोकगीत प्रस्तुत करेंगी। शाम को डॉ. अमृता का शास्त्रीय गायन और सबेरा कला केंद्र के कलाकारों द्वारा सामूहिक लोकनृत्य होगा। इसी दिन नाटकों का मंचन भी किया जाएगा। 23 मार्च: लोकगायन और शास्त्रीय नृत्यदूसरे दिन की शुरुआत रंगनाद समूह के लोकगायन से होगी, जिसके बाद शास्त्रीय नृत्य की श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। 24 मार्च: मैथिली संस्कृति की झलकअंतिम दिन डॉ. पूनम सिन्हा और अवधेश कुमार के लोकगायन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इस दिन मैथिली संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलेगी।
नीतीश ने जदयू अध्यक्ष के लिए परचा भरा, फिर वही रहेंगे
सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ा है। वे जदयू के सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने वाले नेता होंगे। गुरुवार को उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया। 5वीं बार वही फिर से अध्यक्ष बनेंगे। उनका नामांकन पत्र राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री श्रवण कुमार आदि ने निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े को सौंपा। संजय, मुख्य प्रस्तावक रहे। नीतीश, 10 अप्रैल 2016 को पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 3 अक्टूबर 2016 तक रहे। 4 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2019 (दूसरी बार), 28 अक्टूबर 2019 से 27 दिसंबर 2020 (तीसरी बार) तक अध्यक्ष रहे। फिर 29 दिसंबर 2023 से अब तक अध्यक्ष हैं। यह उनका चौथा टर्म है। 5वां टर्म भी उन्हीं के नाम होगा। जदयू के पहले अध्यक्ष जार्ज फर्नांडीस रहे। 2003 से 2006 तक। इसके बाद कमान शरद यादव के पास आई। वे लगातार 3 टर्म यानी 2006 से 2016 तक अध्यक्ष रहे। आरसीपी सबसे कम 1 साल अध्यक्ष रहे। 2020 से 2021 तक। राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ को दो वर्षों (2021-2023) के लिए यह जिम्मेदारी मिली। 22 तक नामांकन होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 मार्च तक नामांकन है। 23 मार्च को स्क्रूटनी होगी। 24 मार्च को नाम वापसी का आखिरी दिन है। अगर एक से अधिक नामांकन हुए, तो 27 मार्च को चुनाव होगा। नीतीश के नामांकन के बाद चुनाव की गुंजाइश नहीं है।
नीट छात्रा मामले में सीबीआई ने आईओ बदला, डीएसपी विभा कुमारी को मिली जिम्मेदारी
नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच में लापरवाही और पॉक्सो कोर्ट से मिल रही फटकार के कारण केस के आईओ (जांच अधिकारी) को बदल दिया गया है। सीबीआई ने एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव की जगह डीएसपी विभा कुमारी को नया आईओ बनाया है। सीबीआई ने 12 फरवरी को केस हैंडओवर लेने के बाद जांच शुरू की थी। इधर, छात्रा के परिजनों के वकील एसके पांडेय ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत और मुआवजे के लिए आवेदन दिया है। इन दोनों मुद्दों पर 23 मार्च को सुनवाई होगी। आईओ बनने के बाद विभा कुमारी टीम के साथ छात्रा के परिजनों से पूछताछ करने जहानाबाद पहुंचीं, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया। उनका कहना था कि सीबीआई तीन-चार बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पूछताछ के दौरान छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ जाती है और वे बेहोश हो जाती हैं। सीबीआई टीम के साथ शकूराबाद थाना की पुलिस भी मौजूद थी। परिजनों के घर पर दो बार धमकी भरे पत्र फेंके गए थे, जिसकी शिकायत शकूराबाद थाने में दर्ज है, लेकिन स्थानीय पुलिस भी अब तक कुछ खास नहीं कर सकी। बुधवार को सीबीआई टीम हॉस्टल भी गई थी। अब तक टीम चार बार हॉस्टल का दौरा कर चुकी है, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पॉक्सो का केस दर्ज नहीं करने पर फटकार सीबीआई के वकील ने जब केस टेकओवर कर पटना में दर्ज किया, तो प्राथमिकी में पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया, बल्कि हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया। इसी कारण पॉक्सो कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई। जेल में बंद मनीष कुमार रंजन को सीबीआई ने रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी ठीक से जांच नहीं की गई। यह भी स्पष्ट नहीं किया जा सका कि घटना के दिन 5 जनवरी को वह कहां था और किन लोगों से संपर्क में था। परिजनों का कोर्ट में बयान भी अब तक दर्ज नहीं कराया गया है। साथ ही, हॉस्टल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किए गए। छात्रा के दादा बोले—सीबीआई दबाव बना रही है छात्रा के दादा ने आरोप लगाया कि सीबीआई उन पर आत्महत्या मानने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही सभी साक्ष्य दे चुके हैं और अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। सीबीआई टीम छात्रा के घर से लौटने के बाद स्कूल भी पहुंची, जहां छात्रा के पिता के बारे में जानकारी ली गई। स्कूल में मौजूद लोगों ने बताया कि वे कुछ देर पहले ही वहां से निकले थे। इसके बाद टीम शकूराबाद थाना पहुंची और परिजनों को मिली धमकी से जुड़े आवेदन की कॉपी लेकर जानकारी जुटाई। परिजनों के वकील की मांगें छात्रा के परिजनों का कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाए। अब तक की जांच की पूरी रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। पीड़िता के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार में इस वक्त 2 सबसे बड़े सवाल हैं… 1. नीतीश कुमार के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? 2. नीतीश कुमार क्या डिप्टी CM सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? 18 मार्च को जुमई में समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश ने सम्राट चौधरी की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'ये बिहार को देखेंगे और राज्य काफी प्रगति करेगा।' इससे पहले नीतीश कुमार ने सहरसा में भी चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर संकेत किया था। क्या नीतीश कुमार, सम्राट को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। भाजपा का मुख्यमंत्री चेहरा क्या नीतीश कुमार तय करेंगे। क्या बीजेपी नीतीश कुमार की बात मानेगी, इन सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1: नीतीश कुमार के बाद कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री? जवाबः नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे और अगला CM कौन होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अप्रैल के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं और भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा। पटना के सियासी और मीडिया गलियारे में मुख्यमंत्री की रेस में कई नाम चल रहे हैं… हालांकि, इन नामों के अलावा ज्यादा संभव है कि भाजपा RSS बैकग्राउंड के EBC नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है। सवाल-2: समृद्धि यात्रा में सम्राट चौधरी को लेकर नीतीश कुमार ने कब क्या किया? जवाबः मुख्यमंत्री पद छोड़ने के ऐलान के बाद नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर हैं। वह जिलों में जाकर विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान दो दिन ऐसा हुआ, जब नीतीश ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर संकेत किया। सवाल-3: सम्राट चौधरी को क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? जवाबः अब तक NDA में शामिल सभी 5 पार्टियों BJP, JDU, LJP(R), HAM और RLM ने स्पष्ट नहीं किया है कि किस पार्टी का मुख्यमंत्री होगा। नीतीश कुमार ने सीधे तौर पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, समृद्धि यात्रा के दौरान के उनके हाव-भाव को देखकर मीडिया में कई तरह की चर्चा हो रही है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर संबोधित करने के नीतीश के स्टाइल को सियासी संकेत बता रहे हैं। हालांकि, सम्राट को लेकर बढ़ती चर्चा को देखते हुए JDU ने इसे साफ इनकार किया है। सवाल-4: भाजपा का मुख्यमंत्री क्या नीतीश कुमार तय करेंगे? जवाबः नीतीश कुमार के पद छोड़ने के ऐलान के अगले दिन से JDU से लेकर बिहार BJP के लीडर तक बोल रहे हैं कि नीतीश कुमार की मर्जी का मुख्यमंत्री होगा। हालांकि, मोदी-शाह की भाजपा के अब तक के ट्रेंड को देखें तो लगता नहीं है कि नीतीश कुमार की पसंद को भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। इन उदाहरणों से समझिए… सवाल-5: नीतीश कुमार ने अब तक जिनको उत्तराधिकारी घोषित किया, उनका क्या हुआ? जवाबः अब तक नीतीश कुमार ने जिन नेताओं के कंधे पर हाथ रखा, उनको राजगद्दी नहीं मिली। इसे ऐसे समझिए…
UP बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। वाराणसी में चार केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कापियां जांची जा रही हैं। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से स्पष्ट गाइडलाइन जारी किया जा चुका है कि जिनकी ड्यूटी है उन्हें छोड़कर कोई भी व्यक्ति मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं जा सकेगा। इसके बावजूद वाराणसी में इस तरह की शिकायतें आई हैं। एक शिक्षक नेता मूल्यांकन केंद्र पर गलत तरीके से पहुंच गए थे। इसकी शिकायत उच्चाधिकारी तक कर दी गई है। मामला शासन स्तर पर पहुंचा तो बिल्कुल सख्त निर्देश फिर जारी कर दिए गए हैं। यदि कोई भी शिक्षक प्रतिनिधि मूल्यांकन अवधि के दौरान मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचता है उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। यदि कोई शिक्षक नेता मूल्यांकन केंद्र पर पहुंच गया तो इसके लिए उप नियंत्रक को जिम्मेदार होंगे। सभी प्रधानाचार्यों व उप नियंत्रक को निर्देशDIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद के सभी चारों मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्य /उप नियंत्रक को अवगत कराया है कि ‘मूल्यांकन के संबंध में अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी गाइडलाइन के बिंदु संख्या-7 में यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है, कि मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन अवधि में मूल्यांकन के लिए लगे हुए शिक्षक एवं कर्मचारी के अतिरिक्त अन्य किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा’ जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा, मूल्यांकन के समय यदि कोई शिक्षक प्रतिनिधि अथवा अन्य कोई भी शिक्षक मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित होते हैं तो उनको आप बाहर ही स्पष्ट रूप से यह जानकारी दे दें और मूल्यांकन केंद्र के भीतर उन्हें प्रवेश से मना कर दें। खुलेआम मोबाइल चला रहे हैं परीक्षकउत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि मूल्यांकन केंद्रों पर कोई भी परीक्षक मोबाइल लेकर नहीं जाएंगे। लेकिन यहां पर बनाए गए सभी मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षक खुलेआम मोबाइल लेकर जा रहे हैं। इतना ही नहीं मोबाइल से बात भी कर रहे हैं। बोर्ड की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं कि मूल्यांकन अवधि में केंद्र पर चार सशस्त्र पुलिस बल मौजूद रहेंगे। LIU भी सक्रिय रहेगी। मोबाइल या कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण मूल्यांकन कार्य में लगे कार्मिक व शिक्षक नहीं ले जा सकेंगे। परीक्षकों की आनलाइन या बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराएंपरीक्षकों के विलंब से आने की समस्या को दूर करने के लिए आनलाइन या बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था बनाने के निर्देश बोर्ड सचिव ने दिए हैं। इसका सीधा कनेक्शन जिला व राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से अवश्य होना चाहिए, ताकि रियल टाइम मानिटरिंग की जा सके।
पहले यह बयान पढ़िए- ‘हर दल का नेता चाहता है कि उसका नेता मुख्यमंत्री बने, उनका नेतृत्व आगे आए।’- श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री जदयू के सीनियर नेता श्रवण कुमार ने ये बातें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर कही। भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि CM उनका होगा? इस पर श्रवण कुमार बोले, ‘यह सब बड़े स्तर पर तय होगा।’ इस बीच, निशांत कुमार की सियासी पारी शुरू होने के साथ ही उन्हें दायित्व सौंपने पर पॉलिटिकल सर्किल से लेकर चौक-चौराहों तक पर चर्चा है। निशांत ने 8 मार्च को जदयू की सदस्यता ली। इसके बाद से वे काफी सक्रिय हैं। बीते दिनों निशांत अपने पिता नीतीश की तरह अचानक जदयू दफ्तर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से मिले। इससे पहले गुरुद्वार जाकर मत्था टेका, मजार में टोपी पहनकर चादर चढ़ाई और इबादत की, महावीर मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, पार्टी के नेताओं से मिलना हो या आम लोगों के बीच जाना, उनकी बातें सुनना। निशांत किस तरह पिता नीतीश कुमार के नक्शे-कदम पर चलते दिख रहे हैं। निशांत के सियासी स्टेप को इन 6 पॉइंट में समझिए 1. यात्रा पर निकलना, आम लोगों से मिलना पॉलिटिकल करियर शुरू करने के साथ ही निशांत कुमार यात्रा की तैयारी में जुट गए हैं। पूरे बिहार में भ्रमण करेंगे। जदयू ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कई दौर की बैठकें हुई हैं। यात्रा की रूपरेख तैयार की जा रही है। निशांत की यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से हो सकती है। निशांत की यात्रा का नाम क्या रखा जाए, इस पर विचार चल रहा है। नीतीश क्या करते थेः इससे पहले नीतीश कुमार अपनी हर यात्रा की शुरुआत इसी जिले से करते रहे हैं। यह जिला महात्मा गांधी की कर्मभूमि थी। नीतीश कुमार की छवि यात्राओं पर निकलने और इस दौरान आम लोगों से मिलकर उनकी परेशानी जानने वाले नेता की रही है। 2005 में वह पहली बार 'न्याय यात्रा' पर निकले थे। तब विपक्ष में थे। 2. पैतृक गांव कल्याण बिगहा से लगाव जदयू में शामिल होने के बाद निशांत 12 मार्च को कल्याण बीघा पहुंचे। यहां के इंडोर शूटिंग रेंज में निशानेबाजी की। यहां मौजूद राष्ट्रीय स्तर के युवा निशानेबाजों से मुलाकात की, उनका हौलसा बढ़ाया। उन्हें बिहार का नाम देश-दुनिया में रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। निशांत ने कहा कि खिलाड़ियों के जुनून, अनुशासन और समर्पण को देखकर विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि हमारे युवा आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे। इसके बाद निशांत ने अपने गांव पहुंचकर दादा, दादी और माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। नीतीश क्या करते थेः निशांत के पिता नीतीश कुमार का जन्म पटना के बख्तियारपुर के कल्याण बिगहा गांव में हुआ था। उनका भावनात्मक जुड़ाव अपने पैतृक गांव से रहा है। नीतीश कुमार अक्सर अपनी यात्राओं के दौरान या विशेष अवसरों पर कल्याण बिगहा जाते रहे हैं। 2005 की न्याय यात्रा के दौरान वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में गए थे। लोगों से मिले थे, बातचीत की थी। 2005 में नीतीश मुख्यमंत्री बने। इसके बाद इस गांव का कायाकल्प शुरू हुआ। पक्की सड़कें, सौर ऊर्जा और बेहतर बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं यहां के लोगों को मिलीं। 3. अचानक पार्टी ऑफिस पहुंचना, कार्यकर्ताओं से मिलना जदयू जॉइन करने के बाद 11 मार्च को निशांत अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कार्यालय पहुंचकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान संगठन मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं का उत्साह और सक्रियता बढ़ाने को लेकर बात की। इस दौरान आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई थी। निशांत ने कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया था कि हम सब मिलकर बिहार के विकास और संगठन की मजबूती के संकल्प को और आगे बढ़ाएंगे। नीतीश क्या करते थेः सीएम नीतीश कुमार, पार्टी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री चैंबर तक बैठते रहे हैं। वह अचानक पार्टी कार्यालय चले जाते हैं। ऐसा नजारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण मतदान के दौरान भी देखा गया था। मतदान के बीच मुख्यमंत्री जदयू कार्यालय पहुंचे थे। नीतीश कुमार के साथ बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे। सीएम ने इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। चुनाव में कठिन परिश्रम के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया। 4. सीनियर नेताओं से मुलाकात, मार्गदर्शन लेना 10 मार्च को निशांत जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह (दादा) से मिलने उनके घर गए। उनका आशीर्वाद लिया। उनकी सेहत को लेकर जानकारी ली। निशांत का मानना है कि दादा ने वर्षों तक पिताजी के साथ मिलकर संगठन और बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। नीतीश क्या करते थेः नीतीश कुमार सीनियर नेताओं से बात-विचार करते रहे हैं। उन्होंने 2005 में सीएम बनने के पहले एनडीए के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के साथ कई दौर की बैठकें की थी। इन मुलाकातों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जदयू और भाजपा ने सीटों के तालमेल और साझा रणनीति को अंतिम रूप दिया था। चुनाव से पहले और बाद में भी मुलाकात का दौरा जारी रहा था। नीतीश अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं शरद यादव और जॉर्ज फर्नांडीस के साथ बैठकें की। दोनों उस समय पार्टी (समता पार्टी) के प्रमुख चेहरे थे। 5. मंजू सिन्हा स्मृति पार्क पहुंचे, मां को नमन किया जदयू में शामिल होने के बाद निशांत अपनी मां को श्रद्धांजलि देने । निशांत ने मां की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनसे आशीर्वाद लिया था। इसके बाद उन्होंने पटना साहिब गुरुद्वारा जाकर मत्था टेका। फिर महावीर मंदिर में पूजा अर्चना की। सभी धर्मों के प्रति सम्मान और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की अपने पिताजी की समावेशी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हाईकोर्ट मजार जाकर चादरपोशी की। निशांत का कहना है कि पिताजी से यही सीख मिली है कि समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी सम्मान ही सबसे बड़ी ताकत है। नीतीश क्या करते थेः इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने अपने राजकाज के दौरान पत्नी स्व. मंजू सिन्हा की याद में कंकड़बाग पार्क का नामाकरण किया था। बिहार सरकार ने वहां मंजू सिन्हा की प्रतिमा स्थापित की। मंजू सिन्हा की याद में नीतीश यहां कई मौके पर पहुंचते रहे हैं। नीतीश कुमार भी अपनी मां की पुण्यतिथि पर गांव जरूर जाते रहे हैं। नीतीश हर साल अपनी पत्नी की जयंती (24 फरवरी) और पुण्यतिथि (14 मई) पर इस पार्क में आकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मंजू सिन्हा एक शिक्षिका और समाजसेवी थीं, जिनका निधन 2007 में हुआ था। 6. निशांत की इफ्तार पॉलिटिक्स जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। अभी रमजान का महीना चल रहा है, जिसमें निशांत कभी चिराग पासवान के इफ्तार पार्टी में जा रहे हैं, तो कभी जीतन राम मांझी के इफ्तारी में शिरकत कर रहे। इन इफ्तार पार्टियों में निशांत टोपी-गमछा पहनकर रोजेदारों से हाथ भी मिलाते दिखाई दे रहे हैं। सीएम आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में तो निशांत कुमार टोपी-गमछा पहनकर रोजेदारों के साथ सबसे आगे तो नीतीश कुमार पीछे कुर्सी पर बैठकर दोनों हाथ जोड़ हुए देखे गए थे। नीतीश क्या करते थेः सीएम नीतीश कुमार काफी सालों से इफ्तार पार्टी का आयोजन करते रहे हैं। वह सहयोगी नेताओं की इफ्तार पार्टी में भी शामिल होते रहे हैं।
मार्च 2025 के मुकाबले 112 मेगावाट बिजली खपत बढ़ी
मार्च में बढ़ती गर्मी और गैस संकट का असर राजधानी पटना की बिजली पर दिखने लगा है। शहर में पिछले साल के मुकाबले इस साल 112 मेगावाट बिजली की खपत अधिक हुई है। पिछले साल 18 मार्च को 405 मेगावाट बिजली खपत हुई थी, जो इस साल यह बढ़कर 517 मेगावाट तक पहुंच गई है। पेसू के इंजीनियरों के मुताबिक, पिछले साल मार्च के अंत तक 500 मेगावाट से कम बिजली खपत थी। इस साल यह बढ़कर 500 मेगावाट को पार कर गई है। गर्मी के कारण बिजली खपत तेजी से बढ़ रही है। सभी घरों में पंखा, कूलर आैर एसी का उपयोग होने लगा है। साथ ही गैस संकट को लेकर लोग इंडक्शन सहित अन्य उपकरण का उपयोग कर रहे हैं। इससे भी बिजली की खपत बढ़ी है। पटना शहर में पिछले साल अधिकतम 883 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। इस साल यह बढ़कर 1000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसको लेकर बिजली कंपनियां तैयारी कर रही हैं। 31 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का निर्देश : बिजली कंपनी मुख्यालय ने पटना समेत राज्य के सभी जिलों में तैनात इंजीनियरों को 31 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का टास्क दिया है। पिछले दिनों ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने इंजीनियरों को किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा या विद्युत आपूर्ति में अवरोध पर तत्काल कार्रवाई करने, अनावश्यक ट्रिपिंग और फॉल्ट पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। साथ ही बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों का नियमित निरीक्षण, ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार का भी निर्देश दिया था। राज्य में खपत की स्थित : राज्य में वर्तमान में 4900 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। इसमें सबसे अधिक 600 से 650 मेगावाट पटना जिले में खपत है। मुजफ्फरपुर में 210 मेगावाट, गया में 243 मेगावाट, भागलपुर में 80 मेगावाट, पूर्णिया में 128 मेगावाट बिजली की औसत खपत है। बिजली खपत की स्थिति(खपत मेगावाट में)
सैदपुर नाले पर दिसंबर तक सड़क बन जाएगी, 5 लाख लोगों को फायदा
सैदपुर नाले पर 5.7 किमी लंबी सड़क बन रही है। इनमें से 3.2 किमी, सैदपुर से गाय घाट तक, नाले को ढंककर सड़क बनाई जाएगी। इसका काम तेजी से चल रहा है। इस साल दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सड़क के बनने से 13 वार्डों की करीब 5 लाख आबादी को अवागमन की सुविधा िमलेगी। साथ ही उन्हें नाले की दुर्गंध से मुक्ति भी मिलेगी। बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने निर्माण एजेंसी आैर प्रोजेक्ट इंजीनियरों को तय समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है। मानसून से पहले काम में तेजी लाने को कहा है, ताकि बारिश के दौरान स्थानीय लोगों को जलजमाव का सामना न करना पड़े। इस नाले के दोनों तरफ घनी बसाहट है। इसको देखते हुए नाले को ढंककर उसपर सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कारण इसकी डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब इस पर 331.36 करोड़ खर्च होंगे। पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 260 करोड़ थी। इस तरह करीब 70 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई है। सैदपुर नाला : तेजी से चल रहा निर्माण कार्य सैदपुर से गायघाट तक नाले को ढंका जाएगा, 331.36 करोड़ खर्च होंगे 11 बड़े इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है : सैदपुर नाले से करीब 11 इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है। ऐसे में बुडको द्वारा 11.5 किमी में कैचमेंट नाले का निर्माण भी किया जा रहा है। सैदपुर नाले में भिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, मोइनुल हक स्टेडियम, बहादुरपुर, सुल्तानगंज, मुसल्लहपुर हाट, बकरी बाजार, संदलपुर, छोटी पहाड़ी, बड़ी पहाड़ी आैर गुलजार बाग के नालों का पानी आता है। अशोक राजपथ से गंगा पथ तक जुड़ेगा : सैदपुर नाले पर सड़क बनने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इससे राजेंद्र नगर इलाके के साथ ही साइंस सिटी तक पहुंचने में सहूलियत होगी। इसके अलावा अशोक राजपथ से लेकर गंगा पथ तक आवाजाही आसान होगी। गायघाट तक सैदपुर नाले की सड़क जुड़ जाएगी। इससे अशोक राजपथ पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। सफाई के लिए जगह-जगह बॉक्स बनेंगे : अभी सैदपुर नाले की गहराई 2.4 से 4 मीटर तक है। इसे बढ़ाकर 3.5 से 5 मीटर किया जा रहा है। सड़क बनने के बाद भी नाले की सफाई की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कुछ जगहों पर नाले को खुला रखा जाएगा। साथ ही जगह-जगह बॉक्स बनाए जाएंगे।
बिहार में गर्मी के बीच अब मौसम सुहावना हो जाएगा। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 38 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिसमें 10 जिलों में तेज बारिश के साथ ही 60KM/H की स्पीड से हवा चलने की संभावना है। वहीं, पटना सहित 28 जिलों में हल्की बारिश के साथ हवा चलने को लेकर यलो अलर्ट है। हल्की बारिश और बादल छाए रहने से पटना में आज 3 डिग्री तक तापमान गिर सकता है। विभाग की माने तो अगले कुछ दिनों में तेज हवा के साथ मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। बीते 24 घंटे में करीब 37 डिग्री तापमान के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। वहीं, पटना में भी तेज धूप निकली। मौसम बदलने का कारण मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक सक्रिय ट्रफ लाइन है। इसके साथ ही दिन में बढ़ती गर्मी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है, जिससे आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। तेज हवा से पेड़ गिरने की आशंका मौसम विभाग के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ों की टहनियां टूटने, होर्डिंग गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पटना में भी हल्की बारिश होने की संभावना पटना में आज मौसम बदला रहेगा। दिन के समय में बादल छाए रहेंगे और शाम या रात में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान 33 से 35 के बीच रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी, हालांकि उमस बनी रह सकती है।
इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट में पीथमपुर से धार के बीच रेलवे काम पूरा कर अब 38 किमी हिस्से में ट्रायल रन करेगा। 23 से 26 मार्च के बीच ट्रैक पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन (टॉवर वैगन) चलाया जाएगा। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब इंजन धार तक पहुंचेगा। रेलवे ने ट्रायल रन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, पीथमपुर से धार तक का काम रेलवे ने पूरा कर लिया है। अब इस हिस्से में टॉवर वैगन से निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे ने आम लोगों से कहा है कि सुबह 9 से रात 9 बजे के बीच स्पीड ट्रायल रन होगा। पीथमपुर से धार के स्टेशनों के बीच कोई भी करीब न जाए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। अधूरा काम:टनल बनी बड़ी चुनौतीटिही के आगे टनल का काम अभी भी अधूरा है। इसमें दो-तीन महीने का समय और लगेगा। ऐसे में रेलवे फिलहाल टनल के हिस्से को छोड़कर पीथमपुर से धार तक का बाकी काम पूरा कर रहा है। इस हिस्से में ट्रॉली और ट्रायल किया जाएगा। बड़ा सवाल अब भी, ट्रेन कब से चलेंगी?टिही से धार तक ट्रेन कब से चलेंगी, यह बड़ा सवाल है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी टनल का काम अधूरा है। मई-जून तक उसे पूरा करने का टारगेट है। टनल का काम पूरा होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। हालांकि मई-जून तक भी टनल का काम पूरा होगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है। रेलवे अधिकारियों का कहना है, टनल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इसमें समय लग रहा है। डेडलाइन फरवरी में ही पूरी हो गईटिही से धार तक के प्रोजेक्ट की डेडलाइन फरवरी में ही पूरी हो गई है। फरवरी 2026 तक का काम रेलवे को पूरा करना था। हालांकि काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। अब रेलवे ने एक बार फिर इसकी टाइमलाइन बढ़ाई है। देरी का खमियाजा : प्रोजेक्ट की लागत 678 करोड़ से बढ़कर 1800 करोड़ रुपए हो गई
दस्तावेज मांगने वाली याचिका खारिज:उल्टी गंगा बहाने जैसा काम न करें लालू-राबड़ी : कोर्ट
लैंड फॉर जॉब मामले में राजद सुप्रीम लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को बड़ा झटका लगा। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने दोनों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ‘अनरिलायड’ दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की याचिकाएं मुकदमे को अनावश्यक रूप से जटिल बनाने और देरी करने की कोशिश हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 1,600 से अधिक दस्तावेज एक साथ उपलब्ध कराने की मांग न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर सकती है और उन्होंने इसे “उल्टी गंगा बहाने” जैसा भी बताया। अदालत ने यह भी कहा कि इन याचिकाओं का उद्देश्य ‘’मुकदमे को शुरुआत में ही पेचीदगियों की भूलभुलैया में धकेलना’’ है। इस तरह की मांगों से मुकदमे की कार्यवाही लंबी खिंच सकती है, इसलिए इन्हें स्वीकार करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपितों आरके महाजन और महीप कपूर की इसी तरह की याचिकाएं भी खारिज कर दीं। क्या है पूरा मामला सीबीआई के अनुसार, यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई और ये संपत्तियां उनके परिवार या करीबी लोगों के नाम पर ली गईं।
'इंसान की हडि्डयां चिता पर जलकर कोयला हो जाती हैं। राख देखकर आप हड्डी नहीं पहचान पाएंगे। कोयला छोटा हो या बड़ा कुछ भी नहीं बचता है। श्मशान में सब कुछ बिक जाता है। बड़ा कोयला होटलों में और छोटा अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में भेज दिया जाता है। बिस्किट की फैक्ट्रियों में भी इसी कोयला से सब तैयार हो रहा है। एक, दो नहीं बिहार में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां भी इसी कोयले से माल तैयार कर रही हैं। इसी कोयले से बनी अगरबत्ती कई राज्यों में जा रही है। गुलाब, केवड़ा, चंदन से लेकर जो भी फ्लेवर हो, लेकिन अंदर तो हमारा दिया बुरादा होता है।' श्मशानों का कोयला होटल और फैक्ट्रियों में सप्लाई करने वाले एजेंट्स का खुलासा हैरान करने वाला है। एजेंट्स सेहत के साथ आस्था से भी खेल रहे हैं। देश में अगरबत्ती का 10 से 12 हजार करोड़ का कारोबार है। इसमें अकेले बिहार में 800 से 1500 करोड़ का कोराबर है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के ऑपरेशन कोयला पार्ट- 2 में पढ़िए और देखिए श्मशान के कोयले से तैयार हो रही अगरबत्तियाें की 5 राज्यों में कैसे हो रही सप्लाई.. गैस क्राइसिस में बढ़ी डिमांड के बाद खुलासा भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को इनपुट मिला कि गैस क्राइसिस के बीच बिहार के होटलों और रेस्टोरेंट के साथ स्ट्रीट फूड के वेंडरों तक श्मशान के कोयले की सप्लाई हो रही है। नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमारी टीम ने होटल संचालक और फैक्ट्री मालिक बनकर डील की। हम पटना, गया, नालंदा, वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत 12 जिलों में गए। बड़े पैमाने पर होटलों में श्मशान के कोयले की सप्लाई चेन के साथ अगरबत्ती फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ। श्मशान से कोयला सप्लाई करने वाला पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है। कोयला सप्लाई के लिए एजेंट्स ने अलग-अलग गाड़ियां भी लगा रखी हैं। पटना के बांस घाट में जब हम होटल संचालक बनकर पहुंचे तो यहां एजेंट बिट्टू से मुलाकात हुई। होटलों में श्मशान के कोयले की सप्लाई की डील के दौरान ही बिट्टू ने अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में कोयला सप्लाई करने का खुलासा किया। बिट्टू ने बताया कि कोयले से अगरबत्ती बनाई जाती है। यहां से कोयला दूर-दूर तक जाता है। कोयले का कुछ भी नहीं बचता है। बड़ा कोयला होटल में जाता है, छोटा राख के साथ अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में चला जाता है। रिपोर्टर - कैसा कोयला दीजिएगा? बिट्टू - सब कुछ मिक्स मिलेगा, छोटा-बड़ा दोनों मिलेगा। रिपोर्टर - क्या-क्या होता है इस कोयले से? बिट्टू - खाना बनाने के अलावा अगरबत्ती भी इसी कोयले से बनती है। रिपोर्टर - अच्छा, यह तो नहीं पता था। बिट्टू - हम कोयला मिक्स देंगे, आपको छोटा-बड़ा अलग कर देना होगा। रिपोर्टर - हड्डी होगा तो क्या होगा? बिट्टू - सब छांट लीजिएगा, चूरा में तो हड्डी-वड्डी सब मिक्स हो जाती है। रिपोर्टर - लेकिन लोग डरते हैं हड्डी-वड्डी से भाई? बिट्टू - अगरबत्ती तो हर घर में जाती है। यहां से दूर-दूर तक जा रही है। रिपोर्टर - शव का कोयला है तो बदबू करेगा? बिट्टू - नहीं करेगा, उसमें हड्डी होती ही नहीं। रिपोर्टर - अगरबत्ती वाला बढ़िया आइटम मिलेगा ना? बिट्टू - हां मिलेगा, हाल फिलहाल में बहुत लोग ले गए हैं। रिपोर्टर - कितना जाता है एक दिन में? बिट्टू - रोज तो जाता है, जितना निकलता है सब तो वहीं जाता है। रिपोर्टर - कितना मिल जाएगा अभी? बिट्टू - जितना कहिए उतना मिल जाएगा, एडवांस कर दीजिए। उसी हीसाब से पैकिंग होगी। रिपोर्टर - आपके पास दो तरह का है, हमें कौन सा देंगे? बिट्टू - आपको दोनों मिक्स मिलेगा। रिपोर्टर - मतलब कोयला हमको ही छंटवाना पड़ेगा? बिट्टू - अलग नहीं करेंगे तो भी काम चल जाएगा। रिपोर्टर - फिर अगरबत्ती के लिए बुरादा कैसे तैयार होगा? बिट्टू - मशीन से कोयले को पीसेंगे तो हड्डी-वड्डी सब चूरा हो जाएगी। रिपोर्टर - अच्छा, तब तो पता भी नहीं चलेगा। बिट्टू - सेंट क्यों मिलाया जाता है, कोई पता नहीं लगा पाएगा। रिपोर्टर - अच्छा समझ गया, हो जाएगा। बिट्टू - आप तो ऐसे बात कर रहे हैं जैसे पहली बार कोयला खरीद रहे हैं। बिट्टू से बातचीत में रामजीवन का इनपुट मिला। रामजीवन भी होटलों और फैक्ट्रियों में श्मशान से कोयले की सप्लाई करता है। बिट्टू ने ही भास्कर रिपोर्टर की मुलाकात रामजीवन से कराई, जिसने गयाजी में घर-घर श्मशान के कोयले से अगरबत्ती बनाने का खुलासा किया। पटना के बांसघट के रहने वाले रामजीवन ठाकुर ने खुलासा किया कि बिहार में ही नहीं कई राज्यों में श्मशान का कोयला जाता है। श्मशान के कोयले से अगरबत्ती बन रही है, जिसकी सप्लाई बिहार से लेकर यूपी तक हो रही है। पटना से कोयला गयाजी तक जाता है। गयाजी में भी लकड़ी पर अधिक लाश जलती है, इसलिए वहां भी बड़े पैमाने पर अगरबत्तियां बनती हैं। रिपोर्टर - कोयले की जरूरत है, मिल नहीं रहा है। रामजीवन - जितना चाहिए मिल जाएगा। रिपोर्टर - गयाजी में बहुत सारी अगरबत्ती की फैक्ट्री हैं? रामजीवन - हां, वहां तो बहुत अधिक फैक्ट्री है, दूर-दूर तक अगरबत्ती सप्लाई की जाती है। रिपोर्टर - अगरबत्ती के लिए वहां भी इसी कोयले का इस्तेमाल होता है क्या? रामजीवन - हां, इसी कोयले से बनता है, यह काफी सस्ता पड़ता है। रिपोर्टर - शव वाले कोयले से बन जाता है ना? रामजीवन - हां, यही कोयला जाता है और मशीन में पीसा जाता है, फिर पाउडर बनाया जाता है। रिपोर्टर - गंध नहीं आती है कोयले से? रामजीवन - इसमें केमिकल पड़ता है, परफ्यूम के लिए। वहां जाइए, बहुत सारी अगरबत्ती फैक्ट्रियां मिल जाएंगी। रामजीवन ठाकुर से बातचीत के दौरान कई इनपुट मिले। इसमें हमें अखिलेश का इनपुट भी मिला। हम गयाजी के विष्णुपद मंदिर के पास फल्गु नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट पहुंचे। यहां पर कुछ लोग शव बुझाने के बाद बचे हुए कोयले को अलग कर रहे थे। यहीं हमारी मुलाकात अखिलेश से हो गई। जैसे ही हमने अखिलेश से बात की, वह समझ गया और हमें इशारे से घाट से बाहर जाने के लिए इशारा किया। आगे रिपोर्टर पहुंचा, पीछे से अखिलेश भी आया और पूरी डील की। रिपोर्टर - कोयला मिल जाएगा? अखिलेश - कितना लेना है? रिपोर्टर - अगरबत्ती इसी से बनती है ना? अखिलेश - हां, मशीन पर पीसने के बाद ही बनती है, यहां से कितना माल ले जाइएगा? रिपोर्टर - कैसे मिलेगा और कैसे जाएगा? अखिलेश - पहले पैसे दे दीजिए, फिर जितना कहिए उतना मिल जाएगा। रिपोर्टर - हम नई फैक्ट्री खोल रहे हैं, इसलिए बहुत जानकारी नहीं है। अखिलेश - इसी कोयले से अगरबत्ती बनती है, मशीन से कोयले को पीस दिया जाता है। रिपोर्टर - मशीन से तो हड्डी भी पिस जाएगी, अगर कोयले में कुछ रह गई तो? अखिलेश - हां, उसमें सब पाउडर बन जाता है, पाउडर से ही अगरबत्ती बन पाती है। रिपोर्टर - हमें तो बहुत ज्यादा चाहिए क्योंकि अभी पूरा माल इसी से तैयार करना है। अखिलेश - पहले ऑर्डर देना होगा, 2-3 दिन में पूरा कर देंगे। रिपोर्टर - आप कितना कोयला दे दीजिएगा? अखिलेश - जितना चाहिए, मिल जाएगा। फोन कीजिएगा, यहां सामान रेडी रहेगा। 12 लोगों के साथ अखिलेश का धंधा अखिलेश से कोयले की डील में पता चला कि वह अकेला नहीं है, उसके साथ 12 लोगाें की टीम है। ये लोग श्मशान के कोयले को निकालते हैं और फिर उसकी सप्लाई करते हैं। अखिलेश ने बताया कि 6 से 7 लोगों की टीम तो सिर्फ कोयला निकालने और हडि्डयों को अलग करने के लिए लगी रहती है। चिता से कोयला निकालने और शव की लकड़ियों को बुझाने में बड़ी मेहनत है। इसलिए पूरी टीम लगी रहती है। एक टीम कोयला निकालती है दूसरी टीम इसकी सप्लाई करती है। रिपोर्टर - अगरबत्ती बनाने के लिए लोग ले जाते हैं ना? अखिलेश - हां, बुहत लोग ले जाते हैं। रिपोर्टर - पहले बता दिया जाता होगा? अखिलेश - हां, जिस काम के लिए चाहिए, उसी हिसाब से कोयला तैयार करना पड़ता है। रिपोर्टर - कोयला तो छांट कर दीजिएगा ना? अखिलेश - हां, हड्डी-वगैरह सब निकाल देंगे, कुछ रहेगा तो मशीन में पाउडर बन जाएगा। रिपोर्टर - मतलब पता नहीं चलेगा कि कोयला यहां का है? अखिलेश - बिल्कुल पता नहीं चलेगा, साफ करके दिया जाता है। रिपोर्टर - कोयले का सैंपल तो पहले दिखाना होगा ना? अखिलेश - हां, हां, आप भी एक बार देख लीजिएगा। रिपोर्टर - मशीन में हड्डी दिख तो नहीं जाएगी? अखिलेश - मशीन आपकी रहेगी, आप अपनी मशीन में पिसवाइएगा, हम सिर्फ कोयला देंगे। रिपोर्टर - यहां से कोयला ले जाने में कोई दिक्कत तो नहीं है? अखिलेश - कोई दिक्कत नहीं है ऑटो से आराम से ले जाइएगा। रिपोर्टर - जितना चाहे उतना मिल जाएगा ना? अखिलेश - हां, मिल जाएगा, लेकिन अचानक गाड़ी मांगेंगे तो नहीं मिलेगी। पहले से बताना होगा। रिपोर्टर - एक बार बात हो जाएगी फिर फोन से काम होता रहेगा ना? अखिलेश - हां, हो जाएगा, पतला और मोटा दोनों दे दिया करेंगे। रिपोर्टर - हड्डी वाला ध्यान दीजिएगा? अखिलेश - कोशिश रहेगी, हड्डी वगैरह कुछ भी ना हो। रिपोर्टर - तब ठीक है, जो रेट कहिएगा दे देंगे। अखिलेश - बहुत मेहनत का काम है, शव के साथ आए परिजन जब चले जाते हैं, तब निकाला जाता है। रिपोर्टर - सामने दिक्कत होती है क्या? अखिलेश - सामने निकालेंगे तो बड़ी गड़बड़ हो जाती है। रिपोर्टर - तब कैसे होता है? अखिलेश - शव जब ठंडा हो जाता है, तब यह काम किया जाता है। रिपोर्टर - आप कब से काम कर रहे हैं श्मशान के कोयले का? अखिलेश - हम तो बचपन से यही काम कर रहे हैं। एजेंट्स से डील करने के बाद रिपोर्टर इसकी पड़ताल के लिए अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में भी पहुंचे। इसी दौरान गयाजी से लगभग 50 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुर में ही अगरबत्ती की फैक्ट्री चलाने वाले तेजामुल से मुलाकात हुई। रिपोर्टर ने नई फैक्ट्री डालने की बात कहकर तेजामुल से रॉ मेटेरियल को लेकर पूरी डील की। अखिलेश ने बताया था कि गयाजी में अगरबत्ती बनाने की बहुत सारी फैक्ट्रियां हैं। हर गांव में तीन-चार फैक्ट्रियां मिल जाएंगी। सबसे ज्यादा लक्ष्मीपुर में अगरबत्ती बनाने का काम होता है। इनपुट सही निकला और हमने तेजामुल के साथ कई फैक्ट्रियों में डील की। रिपोर्टर - अगरबत्ती वाली फैक्ट्री यही है क्या? तेजामुल - हां, यही है, कहां से आए हैं, क्या काम है? रिपोर्टर - हमें नई फैक्ट्री डालनी है, रॉ मटेरियल लेना है। तेजामुल - लीजिए, अगरबत्ती देख लीजिए, यही अगरबत्ती है और इसी का रॉ मटेरियल मिल जाएगा। रिपोर्टर - आप कैसे बनवाते हैं, हाथ से या मशीन से? तेजामुल - हमारे यहां मशीन से बनती है। रिपोर्टर - बनने की ट्रेनिंग दे दीजिएगा। तेजामुल - हां, सब कुछ मिल जाएगा, आप रॉ मटेरियल लीजिएगा, सब कुछ बताया जाएगा। रिपोर्टर - अगरबत्ती में क्या-क्या लगता है? तेजामुल - सबसे पहले तो बांस की काठी लगती है, जो चाइना से आती है। यह किलो के रेट से मिलती है। रिपोर्टर - अगरबत्ती के ऊपर जो काला पार्ट होता है, वह कहां से आता है? तेजामुल - वह यहीं से आता है। रिपोर्टर - वह लोकल का होता है क्या? तेजामुल - हां, यहीं का होता है, यहीं से मंगाते हैं। रिपोर्टर - वह कोयला होता है या कुछ और है? तेजामुल - हां, कोयला होता है, और भी उसमें लकड़ी का बुरादा के साथ कुछ आइटम डाला जाता है। रिपोर्टर - मेरे जानने वाले काम करते थे, कोयले में हड्डी निकल गई थी। तेजामुल - वैसा नहीं होगा, यहां एकदम फ्रेश मिलेगा। रिपोर्टर - कोई दिक्क्त तो नहीं होगी ना? तेजामुल - आपने देखा ना, कितना फ्रेश माल है मेरा। चलनी से बिल्कुल छना रहता है। रिपोर्टर - कहीं से कोई हड्डी या कुछ मिला तो धंधा चौपट हो जाएगा। तेजामुल - एकदम लेकर जाइए, कोई दिक्कत नहीं है, जरा सा भी इसमें कुछ रहेगा तो मशीन में फंस जाएगा। रिपोर्टर - कोई समस्या नहीं आए इसका ध्यान रखिएगा। तेजामुल - एकदम बारीक चलनी से छान लिया जाता है। रिपोर्टर - लगता है, कहीं से छिटककर आ गया था। तेजामुल - हां, हो सकता है कि चला गया हो, मशीन में पीसने के बाद कभी-कभी इधर-उधर चला ही जाता है। रिपोर्टर - अच्छा, हो सकता है। तेजामुल - मशीन में पीसने के बाद हम लोग खरीदते हैं, फिर अपने से भी हम लोग छानते हैं। रिपोर्टर - अच्छा, गलती से उसमें आ गया होगा। तेजामुल - हां, हो सकता है। श्मशान के कोयले के लिए क्राशर मशीन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि अगरबत्ती की फैक्ट्रियों को कोयले का पाउडर सप्लाई करने वालों ने क्रशर मशीन लगाई है। यहां श्मशान का कोयला आता है और उसे क्रशर से बारीक कर दिया जाता है। क्रशर से पिसाई के बाद पाउडर को बेंच दिया जाता है। कोयले और लकड़ी का पाउडर मिलाकर सप्लायर 17 रुपए किलो बेचते हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि क्रशर में इतना प्रेशर होता है कि श्मशान के कोयले और उसमें आई हडि्डयों को भी पूरी तरह से पाउडर बना दिया जाता है।
कौन सीएम बनेगा, ये अभी तय नहीं:बिहार में बदलाव जल्द...30 मार्च के पहले शपथ ले सकती है नई सरकार
बिहार में 30 मार्च के पहले ही नई सरकार बनने के आसार हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 मार्च से ही राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हो गए हैं। उन्हें 14 दिनों के अंदर किसी एक सदन की सदस्यता छोड़ने की कानूनी बाध्यता है। संविधान के अनुच्छेद 101(2) के तहत प्रॉहिबिशन ऑफ सायमल्टेनियस मेंबरशिप रुल्स 1950 ( दो सदनों की एक साथ सदस्यता निषेध नियम) के कारण कोई व्यक्ति एक ही समय में दोनों सदनों का सदस्य नहीं हो सकता है। ये नियम संसद और राज्य विधानमंडल दोनों के लिए निर्वाचित किसी भी व्यक्ति पर लागू होता है। ऐसी स्थिति में राज्यसभा चुने जाने वाली अधिसूचना के 14 दिनों के भीतर बिहार विधान परिषद की अपनी सीट से नीतीश कुुमार को इस्तीफा देना है। उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा कर दिया तो राज्यसभा की सदस्यता रह जाएगी। ऐसा नहीं करने पर उनकी राज्यसभा सीट स्वतः रिक्त हो जाएगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हिन्दू रीति रिवाज की परम्पराओं के तहत दशहरा (28 मार्च) के दिन नई सरकार शपथ ले सकती है। 14 दिनों में नीतीश विधान परिषद से इस्तीफा देंगे... तभी राज्यसभा जाएंगे बिहार में कौन सीएम बनेगा यह तो भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व ही तय करेगा। पर ये भी तय है कि अगला सीएम तय करने में नीतीश की पसंद को तरजीह मिलेगी। दरअसल नीतीश केंद्र की राजनीति में 21 साल बाद लौट रहे हैं। पर पहली बार राज्यसभा जा रहे हैं। उनके दिल्ली जाने से बिहार में पहली बार भाजपाई सीएम बनने की उम्मीद है। जदयू की भविष्य की राजनीति को देखते हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत को भी नई सरकार में मह्त्वपूर्ण दायित्व मिलना तय है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ के एक्टिव होने से एमपी में 2 दिन से ओले-बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं ओले गिरे तो कहीं बारिश हुई। शुक्रवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक और ट्रफ एमपी के बीचोंबीच में सक्रिय है। अगले 24 घंटे के दौरान सिवनी, मंडला, बालाघाट, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में ओले गिर सकते हैं। वहीं, बाकी 28 जिलों में कहीं आकाशीय बिजली गिरने, गरज-चमक, आंधी और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल में बादल छाए रह सकते हैं। आंधी की रफ्तार 30 से 50Km प्रतिघंटा तक शुक्रवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, वहां आंधी की रफ्तार भी तेज रहेगी। बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी जिलों में यह रफ्तार 30 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। 22 मार्च से फिर नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 22 मार्च से एक्टिव होगा। यह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह मौजूदा सिस्टम जितना स्ट्रॉन्ग नहीं रहेगा। अगले 1-2 दिन में तस्वीर साफ हो सकती है। ओले के साथ तेज आंधी, बारिश का दौर भी इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। खरगोन, सिवनी, छिंदवाड़ा में ओले गिरने की जानकारी है। वहीं, पांढुर्णा, बैतूल, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, खंडवा, हरदा, देवास, बुरहानपुर समेत कई जिलों में बारिश, तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने या चमकने का दौर बना रहा। बदले मौसम की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में पहली बार ऐसा हुआ इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। जिसका असर अगले 2 दिन और रहेगा। इस दौरान मार्च में पहली बार ओले भी गिर रहे हैं। 22 मार्च के बाद फिर से तेज गर्मी पड़ेगी सिस्टम गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी पड़ेगी। यानी, मार्च का आखिरी सप्ताह तेज गर्मी वाला रह सकता है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
दो वयस्क महिला-पुरुष यदि अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं और आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर यदि महिला रेप की शिकायत दर्ज कराती है, तो यह उचित नहीं है। यह कहते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने रेप केस में फंसे कटनी के कपड़ा व्यापारी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला 17 मार्च को सुनाया। मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है, जिनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और तलवार की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पत्नी से हुआ विवाद, फिर युवती आई जिंदगी में कटनी के माधव नगर निवासी मुकेश ठाकुरानी (35) कपड़ा व्यवसायी हैं। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ था और उनके दो बच्चे हैं। 5 मई 2019 को किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ दहेज व भरण-पोषण का केस दर्ज कर दिया। इसी बीच 10 मई 2019 को कोर्ट के काम के दौरान मुकेश की मुलाकात कटनी में रहने वाली 24 वर्षीय से हुई। वह भी अपने पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट आती थी। कोर्ट में दोनों की अक्सर बातचीत होने लगी। युवती ने बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है, जिसके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के वैवाहिक विवाद की जानकारी मिलने पर वह उसके और करीब आ गई और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। युवती का कहना था कि अब सरकार भी लिव-इन रिलेशन को मान्यता देती है, इसलिए वे साथ रह सकते हैं। आगे चलकर दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों से तलाक लेकर शादी कर सकते हैं। इसके बाद दोनों गोवा, भेड़ाघाट और मैहर घूमने भी गए। लिव-इन की शुरुआत ठीक, फिर बढ़ा विवाद और बिगड़े रिश्ते मुकेश युवती के साथ लिव-इन में रहने को तैयार हो गया। 1 सितंबर 2019 को युवती अपनी मां और दो साल की बेटी के साथ मुकेश के घर आकर रहने लगी। शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन समय बीतने के साथ दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर से लगातार नकदी और जेवरात गायब होने लगे। इस बारे में पूछने पर मुकेश और युवती के बीच विवाद बढ़ने लगा। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर से करीब 15 लाख रुपए कैश और सोना गायब हो गया था। जब इस संबंध में युवती से पूछताछ की गई, तो उसने विवाद करना शुरू कर दिया और मार्च 2020 में यह कहते हुए मुकेश का घर छोड़ दिया कि अब वह उसे जेल भिजवाएगी। एफआईआर के बाद अगले ही दिन गिरफ्तारी, जेल भेजा गया मुकेश का घर छोड़कर युवती अपने पति के घर लौट गई। 25 जुलाई 2020 को उसने कटनी के महिला थाने में मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n), 377, 294 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। युवती ने आरोप लगाया कि मुकेश ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी कहा कि शादी का झांसा देकर मुकेश ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही, उसकी नाबालिग बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ जबरन यौन और अप्राकृतिक कृत्य किए गए। पुलिस ने अगले दिन 26 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से मुकेश को जेल भेज दिया गया। 20 अगस्त 2020 को 25 दिन तक कटनी जेल में रहने के बाद मुकेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लिव-इन के बाद दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट में दी चुनौती मर्जी से लिव-इन रिलेशन में रहने के बावजूद युवती ने कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे चुनौती देते हुए व्यापारी ने हाईकोर्ट में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस जांच में भी सामने आया कि मुकेश के मोबाइल में ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला, जिसके आधार पर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा हो। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान भी कोई तलवार बरामद नहीं हुई। सीनियर वकील बोले- संबंध सहमति से, आरोप निराधार याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से भली-भांति अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह दूसरा विवाह नहीं कर सकती, जैसा कि उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान से स्पष्ट है। आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में साइबर सेल को कोई भी सबूत नहीं मिला, जो पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र से भी स्पष्ट है। इसलिए युवती का यह आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे आश्वासन पर उसे रिश्ते में फंसाया गया, असत्य है। डेढ़ साल तक रहे शारीरिक संबंध, दोनों थे विवाहित याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि युवती और उसके पति ने समाज में अपनी छवि बचाने के लिए दोबारा साथ आकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। विशेष रूप से यह तथ्य सामने आया कि पहले से विवाहित दो व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे, जिनमें समय के साथ दरार आ गई और वे स्वतः समाप्त हो गए। यह स्थिति याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकती। विवाह का आश्वासन अवास्तविक, आरोप निराधार कोर्ट को बताया गया कि विवाह के आश्वासन का आरोप भी निराधार है, क्योंकि युवती पहले से विवाहित थी और उसका एक बच्चा भी था, इसलिए ऐसा वादा स्वाभाविक रूप से अवास्तविक था। साथ ही, भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत जबरदस्ती या चोट पहुंचाने की धमकी के संबंध में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पाया-आरोप सही नहीं, एफआईआर रद्द सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने बताया कि जस्टिस बी.पी. शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। यदि कोई महिला अपनी मर्जी से किसी के साथ रहती है और बाद में उसी व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराती है, तो यह उचित नहीं है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया।
टीआरई-4 में मेरिट पर ही जिलों का आवंटन होगा, रिक्तियां अब जिलावार ही आएंगी
टीआरई 4 शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव होगा। इस बार 46,595 पदों पर नियुक्ति होगी। बड़ी बात ये है कि रिक्तियां अब जिलावार निकाली जाएंगी। अब मेरिट के आधार पर जिला आवंटन होगा और कैटेगरी भी जिलावार रहेगी। फॉर्म भरने के दौरान अभ्यर्थी जिलों का ऑप्शन नहीं भरेंगे। फॉर्म में अभ्यर्थियों को अब तीन जिलों का विकल्प नहीं बल्कि बिहार के सभी 38 जिलों में से चुनना होगा। परीक्षा में मिले नंबर के आधार पर उनकी मेरिट तैयार होगी। मेरिट के आधार पर काउंसिलिंग होगी। इसके आधार पर ही जिला आवंटित किया जाएगा। परीक्षा में जिस अभ्यर्थी का नंबर अधिक होगा, उन्हें मनपसंद जगह मिलेगा। मेरिट आधारित आवंटन को मिलेगी प्राथमिकता अभ्यर्थियों को अब पूरे 38 जिलों का विकल्प होने से यह सुनिश्चित होगा कि टॉप रैंकर्स को उनकी पहली प्राथमिकता वाला जिला मिले। अब आरक्षण का लाभ राज्य स्तर के बजाय जिला स्तर की सीटों पर मिलेगा।
अब ‘तारीख-पर-तारीख’ नहीं... हाईटेक मशीन से घूसखोरों को मिलेगी सीधी सजा, साक्ष्य भी सुरक्षित
200 घूसखोर अफसरों की कुंडली तैयार, होगा स्पीडी ट्रायलराज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अब ‘डिजिटल कवच’ मिल गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने घूसखोर अफसरों और कर्मियों को सजा दिलाने के लिए फुलप्रूफ प्लानिंग कर ली है। अब अदालतों में ‘तारीख पर तारीख’ का खेल खत्म होगा, क्योंकि ब्यूरो ने 7 लाख रुपये की हाईटेक ‘ओपन टेक्स्ट फॉरेंसिक इमेजर’ मशीन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह मशीन जब्त किए गए पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का हूबहू ‘डिजिटल क्लोन’ तैयार करती है। एक बार डेटा मशीन में जाने के बाद न तो कोई तारीख बदली जा सकती है और न ही सबूतों को डैमेज किया जा सकता है। निगरानी ने करीब 200 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों की पूरी कुंडली इस मशीन के जरिए तैयार कर ली है। इस हाईटेक सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए विशेषज्ञों और टेक्नीशियंस की एक विशेष टीम तैनात की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पीडी ट्रायल कराने के लिए एसपी के नेतृत्व में टीम बनाई है। इसमें डीएसपी, इंस्पेक्टर तक के करीब 10 अधिकारियों को शामिल किया गया है। कोर्ट को 200 घूसखोर अफसरों की लिस्ट दी गई, 2025 में सबसे अधिक घूसखोर अफसरों को हुई सजा पिछले 25 साल में पहली बार 2025 में सबसे अधिक 29 घूसखोर अफसरों आैर कर्मियों को सजा सुनाई गई। इसकी वजह है कि गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय, अभियोजन निदेशालय और निगरानी की ओर से केस की मॉनिटरिंग की गई। गवाहों की समय से पेशी की गई। स्पेशल पीपी आैर पीपी ने वैज्ञानिक साक्ष्य के साथ कोर्ट में दलील रखी थी।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। ध्यानाकर्षण- ये लोकतंत्र में सबसे ज्यादा पापुलर शब्दों में से एक है। इसका सीधा सा मतलब है, लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचना। इसके तरीके भी अलग-अलग हैं। जनता से लेकर नेता और अधिकारी तक, हर कोई इसे अपने-अपने ढंग से अपनाता है। ‘बात खरी है’ में आज बात ऐसी ही कुछ तस्वीरों की। भैंस पर ‘प्रशासन’ लिखकर सौंपा ज्ञापनखंडवा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता भैंस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। भैंस पर ‘प्रशासन’ लिखे पोस्टर चस्पा कर भैंस को ही ‘साहब’ बना दिया। इसी दौरान संयोग से कलेक्टर ऋषभ गुप्ता वहां पहुंच गए। वे भैंस लाकर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को देखकर चौंक गए। लेकिन बिना कुछ कहे किनारे से निकल लिए। फिर क्या था, छात्र नेताओं ने भैंस को ही ज्ञापन सौंप दिया। दरअसल, वे एक कॉलेज से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई, इसलिए ध्यान आकर्षित करने के लिए यह तरीका अपनाना पड़ा। खरी बात यह है कि भैंस एक बेहद इत्मीनान से रहने वाला जीव है और कई बार प्रशासन का रवैया भी कुछ ऐसा ही नजर आता है। ऐसे में भैंस को ज्ञापन सौंपने के बाद सुनवाई कब होगी, होगी भी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं। सुपरवाइजर के चेहरे पर पोत दी कालिखभोपाल में कांग्रेस पार्षद के प्रतिनिधि ने एक ठेकेदार के सुपरवाइजर के चेहरे पर कालिख पोत दी। सबके सामने उसका मुंह काला कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके में पानी की पाइपलाइन डालने के नाम पर खुदाई तो कर दी गई, लेकिन दो साल बाद भी काम अधूरा है। इससे जनता परेशान हो रही है। अब जब जनता परेशान हो रही है तो फिर पार्षद प्रतिनिधि ने जनता और जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ये तरीका अपनाया। आरोप लगाया कि ठेकेदार पिछले दो साल से सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन काम पूरा करने की कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। सीएम के स्वागत में लगाई तालियों की झड़ीहरदा में पूर्व मंत्री कमल पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत में मंच से तालियों की झड़ी लगवा दी। लयबद्ध तालियों के साथ नारे भी लगवाए- स्वागत है भाई, स्वागत है, मुख्यमंत्री जी का स्वागत है। पिछला चुनाव हार चुके कमल पटेल अब अगले चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में ध्यान आकर्षित करना भी जरूरी है। इसलिए इसके लिए यह तरीका अपनाया गया। सीएम डॉ. मोहन यादव और जनता की नजरों में बने रहने के लिए ऐसे ‘उपाय’ तो करने ही पड़ते हैं। साड़ी में कबड्डी खेलने मैदान में उतरीं मंत्रीडॉ. मोहन यादव सरकार की मंत्री संपतिया उइके साड़ी में ही कबड्डी के मैदान में उतर गईं। उन्होंने फुर्ती भी दिखाई और सामने मौजूद महिला अधिकारियों की टीम को अच्छा-खासा चकमा दिया। दरअसल, वे अपने क्षेत्र में आयोजित महिला कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन करने पहुंची थीं। मैदान तैयार देखा तो खुद भी खेल में उतर गईं। यानी एक पंथ, दो काज हो गए। उद्घाटन भी हो गया और लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया। प्रशिक्षण शिविर में नेताओं का डिस्को डांसइंदौर में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के समापन पर नेताओं का अलग ही रंग देखने को मिला। अनुशासन और राजनीतिक चर्चा के माहौल के बाद आखिर में म्यूजिक और डांस शुरू हो गया। वीडियो में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा और विधायक गोलू शुक्ला फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आए। खास बात यह रही कि वीडियो खुद सोशल मीडिया पर साझा किया गया। खरी बात ये है कि ध्यान आकर्षित करने के तरीके भले अलग-अलग हों, लेकिन मकसद एक ही होता है। जनता के जहन में बने रहना। अब जो याद रहेगा, वही आगे भी नजर आएगा। इनपुट सहयोग - सावन राजपूत (खंडवा), ईश्वर सिंह परमार (भोपाल), संदेश पारे (हरदा), विवेक अग्निहोत्री (मंडला), अभिषेक दुबे (इंदौर) ये भी पढ़ें - संसद में विदाई भाषण में भावुक हो गए दिग्विजय सिंह; सीएम के मंच पर कांग्रेस विधायक ने जबरदस्ती दिया भाषण राज्यसभा सांसद के रूप में दिग्विजय सिंह का कार्यकाल अब पूरा होने जा रहा है। इससे पहले संसद में उनका विदाई भाषण हुआ, जिसमें वे भावुक दिखे। उन्होंने अटल जी की बात याद करते हुए कहा कि वे न तो टायर्ड हैं और न ही रिटायर्ड। उन्होंने साफ किया कि आगे भी वे सक्रिय रहेंगे और काम करते रहेंगे। पूरी खबर पढ़ें
झारखंड पुलिस के जवान सुरक्षा संग खेलों में भी दिखा रहे दमखम : सीएम
शरीर को फिट रखने के लिए खेलें, 17वीं पुलिस खेल प्रतियोगितामुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को जैप-1 मैदान में आयोजित ‘17वीं झारखंड पुलिस राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2025-26’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड पुलिस के जवान न केवल राज्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, बल्कि खेलों में भी अपना परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि हमारे पुलिस बल के कई जवानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और राज्य का मान बढ़ाया है। समापन समारोह के दौरान गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा व अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित कई वरीय पुलिस पदाधिकारी व राज्यभर से आए प्रतिभागी जवान मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड पुलिस द्वारा प्रतिवर्ष ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन करना एक प्रशंसनीय कदम है। शरीर को फिट और स्वस्थ रखने के लिए हर किसी को खेलों से जुड़ना अनिवार्य है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि खेलों में हार-जीत से बढ़कर हिस्सा लेना महत्वपूर्ण है। जो खिलाड़ी इस बार चूक गए, वे निरंतर प्रयास से भविष्य में निश्चित ही सफल होंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि एक खिलाड़ी के रूप में ये जवान आगे भी अपना परचम लहराएंगे और झारखंड पुलिस का मान-सम्मान बढ़ाएंगे।
हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती के पीएमटी और पीएसटी की डेट हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) अप्रैल के प्रथम सप्ताह की निश्चित कर सकता है। HSSC अब पीएमटी और पीएसटी की तैयारियों में जुटा हुआ है। HSSC ने खेल विभाग निदेशक से पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम बॉस्केटबाल और वॉलीबाल हॉल की डिमांड कर दी है। वहीं लंबे टेस्ट शेड्यूल के लिए ड्यूटी देने को खेल विभाग से कोच भी मांगे हैं। हालांकि अभी तक खेल विभाग ने तय नहीं किया है कि इसके लिए वह HSSC को कितने कोच उपलब्ध करवाएगा। वहीं तीन दिन पहले खेल विभाग के जॉइंट डायरेक्टर अश्विनी मलिक के साथ HSSC चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने कार्यालय में बैठक भी की है। जिसमें पंचकूला स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की एक टीम ने खेल स्टेडियम में पहुंचकर तैयारियों का जायजा भी लिया। मशीनें मंगवा रहा कमीशन हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए आयोग अलग-अलग कंपनियों से टाइअप करने में जुटा हुआ है। अभी कमीशन और कंपनियों के बीच रेट को लेकर इश्यू चल रहा है। छाती और हाइट मापने वाली मशीनें जल्द ही आयोग के पास पहुंच सकती हैं। वहीं भर्ती कैंडिडेट को गर्मी के मौसम में बाहर ठहरने के लिए टैंट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। 2.70 लाख युवाओं ने किया अप्लाई हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस भर्ती में करीब 2.70 लाख अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म को कंप्लीट सबमिट किया है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के पास 31 जनवरी 2026 रात 11.59 बजे तक का समय था। हरियाणा सरकार ने हाल ही में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती निकाली है।
चंडीगढ़ में जिम के बाहर 18 मार्च को दिनदहाड़े मारे गए मोहाली में कुब्बाहेड़ी के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह के शूटरों को पंजाब पुलिस ने हरियाणा में पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के रहने वाले राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह के रूप में हुई है। कैथल में एनकाउंटर के दौरान ये दोनों घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि चमनप्रीत को मारने के लिए गैंगस्टर गौरव पटियाल ने राजन को हायर किया था। 15 जनवरी को वह विशेष रूप से मलेशिया से भारत आया। इस दौरान उसने चंडीगढ़, कैथल (हरियाणा) और मोहाली में रहकर रेकी की। हत्या को अंजाम देने के बाद वह कैथल में ही जाकर छिपा था, जहां उसका एनकाउंटर हुआ। इधर, मृतक चमनप्रीत सिंह का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। इस बारे में आज परिवार फैसला लेगा। 2 दिन बीत जाने के बाद भी मृतक की मां को इस बारे में नहीं बताया गया, क्योंकि वह बीमार रहती हैं। ऐसे में घरवाले किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। प्रॉपर्टी डीलर की रेकी और हत्या की पूरी कहानी… साहिल ने किया था ठहराने का इंतजाम आरोपियों के लोकेट होते ही एजीटीएफ ने एक्शन से पहले हरियाणा पुलिस की एसटीएफ से संपर्क किया। एसटीएफ और एजीटीएफ ने संयुक्त रूप से आरोपियों को घेर लिया। जब उन्हें सरेंडर करने को कहा गया तो उन्होंने फायरिंग कर दी, जिसके बाद उन्हें काबू किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा के कैथल का ही रहने वाला उनका एक साथी साहिल है, जिससे उनकी मुलाकात मलेशिया में हुई थी। उसी ने उनके ठहरने का इंतजाम किया था। हालांकि, सूत्र यह भी बताते हैं कि साहिल को यह नहीं पता था कि आरोपी हत्या कर भागे हैं। घटना के बाद के PHOTOS… बेटे की हत्या के बारे में मां को अब तक नहीं पता कुब्बाहेड़ी गांव के सरपंच हरिंदर सिंह ने बताया कि मां और बेटे में बहुत ज्यादा प्यार था। चमनप्रीत की मां काफी समय से बीमार है। दिन में उसे कई बार फोन करती थी। फिलहाल, उससे बेटे की हत्या की बात छिपाई जा रही है। वीरवार सुबह अखबार घर के बाहर डाला गया था, लेकिन किसी बहाने से उसे तुरंत हटा लिया गया, ताकि इस घटना का पता न चल सके। उन्होंने बताया कि पूरे गांव को घटना की जानकारी है, लेकिन परिवार ने मां की हालत को देखते हुए सच्चाई छिपा रखी है। पोस्टमॉर्टम में आगे की रणनीति को लेकर शुक्रवार सुबह 10 बजे बैठक में फैसला लिया जाएगा। गैंगस्टर से पुरानी जान-पहचान मृतक के दोस्त बलकार सिंह ने बताया कि पहले चमनप्रीत की गैंगस्टर लक्की पटियाल के साथ जान-पहचान थी, लेकिन लंबे समय से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं थी। लक्की पटियाल पास के गांव खुड्डा लाहौरा का रहने वाला है। पुलिस गोल्फ में मस्त, दिनदहाड़े मर्डर बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सेक्टर-9 में चरणप्रीत पर फायरिंग की गई। आरोपी करीब 5 से 7 मिनट तक गोलियां चलाते रहे और फिर मौके से भाग हो गए। पुलिस को कुछ ही समय में सूचना मिल गई थी कि बाइक सवार 2 आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग निकले हैं। आरोपी सेक्टर-52/53 की लाइट पार करते हुए दिखाई दिए और इसके बाद मोहाली की तरफ निकल गए। हैरानी की बात यह है कि सूचना मिलने के बावजूद शहर के मुख्य मार्गों पर कहीं भी उन्हें नहीं रोका गया। आरोप है कि न तो PCR और न ही अन्य पुलिस टीमों ने रास्ते में उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे वे आसानी से चंडीगढ़ से बाहर निकल गए। इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि हत्या के समय चंडीगढ़ में अखिल भारतीय पुलिस गोल्फ टूर्नामेंट चल रहा था और अधिकारी वहां व्यस्त थे। सारे अधिकारी बड़े लोग वहां पर जुटे थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद आ रहे है। यहां बारुण प्रखंड अंतर्गत मुंशी बिगहा गांव पहुंचेंगे। इस दौरान वे जिले को विकास की कई महत्वपूर्ण सौगात देंगे और विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। गया के टनकुप्पा में जनसंवाद कार्यक्रम संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री 12:35 बजे औरंगाबाद के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 1:00 बजे उनका हेलीकॉप्टर बारुण स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में बने हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से वे सड़क मार्ग से सोन नदी के एनीकट घाट पहुंचेंगे, जहां जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे। 24,935 परिवारों को पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल मिलेगा योजना के माध्यम से औरंगाबाद और रोहतास के कुल 24,935 परिवारों को पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जो क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे और उनके क्रियान्वयन की प्रगति का जायजा लेंगे। इसके पश्चात वे मुंशी बिगहा स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे और दोपहर करीब 1:30 बजे वहां पहुंचेंगे। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री रिमोट के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वे विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे और जनसंवाद कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 3:15 बजे मुंशी बिगहा से पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। 55,506.7784 लाख रुपये के योजनाओं का करेंगे शिलान्यास जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री इस दौरे के दौरान कुल 120 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जिनकी प्राक्कलित लागत 55,506.7784 लाख रुपये है। 142 योजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 12,318.5076 लाख रुपये है। 12,318.5076 लाख रुपए की योजनाओं का होगा उद्घाटन उद्घाटन होने वाली योजनाओं में लघु जल संसाधन विभाग की 86 योजनाएं (6,422.6070 लाख रुपये), भवन निर्माण निगम की 2 योजनाएं (1,184.9700 लाख रुपये), स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन व योजना और विकास विभाग की 2 योजनाएं (495.1700 लाख रुपये), ग्रामीण विकास विभाग की 29 योजनाएं, नगर विकास विभाग की 7 योजनाएं (763.2675 लाख रुपये), पंचायती राज विभाग की 11 योजनाएं (1,379.3600 लाख रुपये) तथा बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की 3 योजनाएं (696.7310 लाख रुपये) शामिल हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा मुख्यमंत्री का आगमन मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा के व्यापक और बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से ही राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो, स्पेशल ब्रांच, जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश के लिए कई स्तरों पर जांच की व्यवस्था की गई है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक के पूरे रूट को पूरी तरह सील कर दिया गया है। मार्ग में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है और ट्रैफिक व्यवस्था को भी विशेष रूप से नियंत्रित किया गया है। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों द्वारा कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों की पहले ही जांच की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
हरियाणा के नारनौल में आईटीआई संस्थान का भवन बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुका है। जिससे यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। संस्थान में विभिन्न 26 ट्रेड संचालित हैं, जिनमें करीब 1200 से लेकर 1300 तक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ब्याइज आईटीआई के छात्रों का आरोप है कि प्लंबर, डीएमसी, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, पेंटर और आरएसी जैसे ट्रेडों की कक्षाएं जर्जर भवन में लगाई जा रही हैं। पूरी बिल्डिंग को लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कंडम घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद यहां नियमित रूप से कक्षाएं चल रही हैं। 1962 में बना छात्रों के अनुसार यह भवन वर्ष 1962 में बना था और अब इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई पिलर कमजोर हो चुके हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी उठाई आवाज छात्रों ने अपनी समस्या को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी वायरल किया है, ताकि प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि भवन के पास बनाए गए बाथरूम भी उनसे ही बनवाए गए हैं। इसमें सिमेंट और रोड़ी लगाने का काम भी छात्रों से करवाया गया, जो नियमों के खिलाफ है। डर का माहौल छात्रों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रबंधन द्वारा भवन की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे उनमें डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नई बिल्डिंग बनेगी वहीं, संस्थान के प्रिंसिपल विनोद कुमार खनगवाल ने बताया कि सरकार को नई बिल्डिंग निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब पुराने भवन की मरम्मत नहीं करवाई जाएगी, बल्कि नई बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा।
पानीपत जिला एवं सत्र न्यायालय की विभिन्न अदालतों ने चेक बाउंस और अन्य आपराधिक शिकायतों की सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों में आरोपियों के अदालत में पेश न होने पर उन्हें उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही SHO को आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत FIR दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट के निर्देशों पर सिटी थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। केस 1- भरत सिंह कंधोल बनाम लीला धारी यादव JMIC की अदालत में भरत सिंह कंधोल बनाम लीला धारी यादव मामले की सुनवाई हुई। आरोपी लीला धारी यादव निवासी गांव परढाना, इसराना के खिलाफ उद्घोषणा की कार्यवाही 19 नवंबर 2025 को शुरू की गई थी। 22 जनवरी 2026 को पुलिस कर्मी के बयान भी दर्ज किए गए, लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ। अदालत ने शाम 3:30 बजे तक आरोपी का इंतजार किया और अंततः उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। चूंकि यह मामला एक्शन प्लान के तहत आता है, इसलिए अदालत ने SHO को आदेश दिया कि अगली तारीख तक आरोपी के खिलाफ धारा 209 (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी प्रति अदालत में पेश करें। केस 2- लैबोरेट फार्मास्युटिकल बनाम राज मेडिकल एक अन्य मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया। लैबोरेट फार्मास्युटिकल द्वारा पश्चिम बंगाल स्थित राज मेडिकल एजेंसी के प्रोपराइटर मोहम्मद जियाउर रहमान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 (अब बीएनएसएस की धारा 84) के तहत उद्घोषणा उचित रूप से प्रकाशित की गई थी और अनिवार्य 30 दिनों की अवधि भी बीत चुकी थी। दोपहर 2:45 बजे तक इंतजार करने के बाद, अदालत ने मोहम्मद जियाउर रहमान को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जिसमें आरोपी की संपत्तियों की सूची और धारा 299 के तहत सबूत पेश किए जाएंगे। केस 3- फ्रेंड्स रियल एस्टेट्स बनाम आरके गौतम एंटरप्राइजेज तीसरा मामला अदालत में फ्रेंड्स रियल एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम आरके गौतम एंटरप्राइजेज का था। इस मामले में आरोपी राजीव कुमार गौतम को भगोड़ा घोषित किया गया है। 29 सितंबर 2025 को तामील करने वाले सिपाही के बयान दर्ज होने के बावजूद आरोपी फरार रहा। वहीं, इसी मामले के दूसरे आरोपी राजकुमार, जो वर्तमान में जमानत पर हैं, पर आरोप तय किए जाने थे। हालांकि, उनके वकील ने पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए समय मांगा। अदालत ने इस मामले को अब 2 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। क्या कहती है कानूनी धारा? कानूनी जानकारों के अनुसार, जब किसी आरोपी को अदालत द्वारा भगोड़ा या उद्घोषित अपराधी घोषित किया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत अलग से मुकदमा दर्ज होता है। इसमें आरोपी को कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है, साथ ही उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
हरियाणा में बिश्नोई सभा के पोस्टर से पूर्व मंत्री कुलदीप बिश्नोई का नाम गायब होने से एक बार बिश्नोई परिवार को झटका लगा है। पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में स्थापना दिवस पर कुलदीप को निमंत्रण नहीं दिया गया है। साथ ही प्रोग्राम के पोस्टर से उनका फोटो तक गायब है। प्रोग्राम में पूर्व CM चौधरी भजनलाल की मूर्ती का भी अनावरण किया जाएगा। पहले इसकी अध्यक्षता खुद कुलदीप करने वाले थे, लेकिन सीएम नायब सैनी के प्रोग्राम में न आने के कारण यह कार्यक्रम रद्द हो गया था। अब 22 मार्च को होने वाले इस प्रोग्राम में कुमारी सैलजा को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। हालांकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अब उनके बड़े भाई विधायक चंद्रमोहन करते नजर आएंगे। इस पोस्टर को खुद पंचकूला बिश्नोई मंदिर की ओर से जारी किया गया है। पहले 3 जून को होना था प्रोग्राम इससे पहले ये प्रोग्राम 3 जून 2025 को पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल की 14वीं पुण्यतिथि पर होना था, मगर अचानक सीएम सैनी का दौरा रद्द होने के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और बेटे पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई सहित पूरा परिवार तैयारी में लगा था। लोगों को निमंत्रण भी दिए जा चुके थे। कुलदीप ने खुद इसकी कमान संभाल रखी थी। अब पढ़िए…कुलदीप को कब-कब नजरअंदाज किया गया 5 जगह लग चुकी पूर्व CM की प्रतिमा बिश्नोई परिवार पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में भजनलाल की प्रतिमा स्थापित करके और मुख्यमंत्री से उद्घाटन करवाकर पूरे हरियाणा में मैसेज देने का प्रयास कर रहा था। मगर सीएम का दौरा रद्द होने के बाद कुलदीप को भी बिश्नोई सभा ने नजरअंदाज कर दिया। अब पंचकूला में पूर्व सीएम भजनलाल की छठीं प्रतिमा का अनावरण होगा। इससे पहले आदमपुर, राजस्थान के मुक्ति धाम मुकाम, जांभा, बिश्नोई मंदिर हिसार और गुरुग्राम स्मृति सदन में उनकी प्रतिमाएं लगाई जा चुकी हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम में शादी के चार माह बाद ही प्राइवेट अस्पताल की स्टाफ नर्स काजल की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। परिजनों का दावा है कि उसके पति अरुण शर्मा को कुछ दिन पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। वह स्मैक का नशा करने का आदी था। नशा करने के लिए वह काजल से रुपयों की डिमांड करता था, नहीं देने पर कई बार मारपीट भी की। होली पर भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ तो वह अपने मायके गढ़ी हरसरू आ गई थी। इसके बाद अरुण भी काजल के साथ उसके मायके में रहने लगा। यहां अरुण ने घर से रुपए भी चोरी किए थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि अरुण ने काजल को पर्सनल बात करने के लिए बुलाया और इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्हें बाथरूम से एक इंजेक्शन की सीरिंज मिली है। फिलहाल, आरोपी घटना के बाद से ही फरार है। पुलिस उसे हर संभावित जगहों पर तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस अब ये भी जांच कर रही कि अरुण ने काजल को कौन सा इंजेक्शन लगाया था। उधर, काजल के परिवार का कहना है कि दोनों ने प्रेम प्रसंग के बाद घरवालों को मनाकर अरेंज मैरिज की थी। मगर, चार माह में ही अरुण ने उनकी बेटी की जान ले ली। सात जन्म साथ निभाने का वादा किया था काजल के परिजनों का कहना है कि शादी से पहले अरुण ने बड़े-बड़े वादे किए थे। वह काजल से कहता था कि सात जन्म तक साथ निभाऊंगा, कभी अलग नहीं होने दूंगा। काजल ने भरोसे से उसे अपना जीवन सौंप दिया, लेकिन वह चार महीने भी साथ नहीं निभा सका। सात जन्मों का वादा काजल के लिए जहर बन गया। अपने से ज्यादा विश्वास करती थी काजल परिजनों के मुताबिक, साथ काम करते समय काजल को अरूण पर अपने से ज्यादा विश्वास था। इसीलिए वह अरूण के कहने पर तुरंत शादी के लिए मान गई। परिजनों ने एक बार तो उसे समझाया था, लेकिन वह अरूण से ही शादी करना चाहती थी। इसके बाद परिवारवाले उनकी शादी को तैयार हो गए। परिजनों के बयान से समझे काजल की मौत की कहानी… डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए भेजा बृहस्पतिवार को काजल के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का कहना है कि विसरा जांच के लिए लैब भेजा गया था। विसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि काजल को कौनसा इंजेक्शन लगाया गया था। मौत की सही वजह भी तभी सामने आ पाएगी। जांच अधिकारी बोले- पुलिस जांच कर रही जांच अधिकारी एएसआई जगदीश चंद्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। अभी मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। मृतका के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें... गुरुग्राम में विवाहिता की संदिग्ध मौत:पति पर जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या का आरोप, 4 महीने पहले की थी लव मैरिज गुरुग्राम जिले के गढ़ी हरसरू में एक 23 साल की विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार देर रात को उसकी तबियत खराब हो गई थी। जिसके बाद उसका पति उसे अस्पताल लेकर गया। जहां उसकी इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस में कलह के बीच बादली विधायक कुलदीप वत्स के बागी तेवर अपना लिए हैं। वत्स ने यहां तक कह दिया कि कई बड़े नेता कांग्रेस को बेच रहे हैं। पार्टी में बहुत ‘जयचंद’ बैठे हैं। ऐसे नेताओं पर राहुल गांधी तुरंत कार्रवाई करें। वत्स राज्यसभा के नतीजे आने के बाद से किसी के संपर्क में नहीं थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह के साथ अपनी फोटो भी हटा दी। राज्यसभा की वोटिंग के दिन दोनों के बीच तीखी बहस की खबरें भी आईं। जिसके बाद उनके कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने की चर्चा तेज हो गई। इन सारी सियासी चर्चाओं के बीत विधायक कुलदीप वत्स ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत की। उन्होंने माना कि वे भाजपा के केंद्रीय नेता मनोहर लाल खट्टर और सीएम नायब सैनी के संपर्क में हैं, क्योंकि हलके के काम कराने को सीएम के पास तो जाना ही पड़ता है। दीपेंद्र या अन्य किसी नेता से विवाद के सवाल पर बोले-मेरे नेता बस भूपेंद्र हुड्डा हैं। पार्टी छोड़ने के सवाल पर कहा-5 मई को बड़ा फैसला लेंगे। पहले समझिये…10 दिन में वत्स की कांग्रेस से दूरी कैसे बढ़ी अब पढ़िए…दैनिक भास्कर एप से बातचीत में वत्स ने क्या अहम बातें कही सवाल: राज्यसभा चुनाव के पूरे विवाद को कैसे देख रहे हैं?जवाब : भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव एजेंट थे, जिन 5 विधायकों ने पार्टी के खिलाफ वोट डाले उनके वोट भी हुड्डा साहब ने देखे। दुख इस बात का है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो। जिनकी वजह से हताश हुआ। सवाल: हुड्डा ने खुद सफाई दी कि आपने पार्टी को वोट दिया, क्या इससे संतुष्ट हैं?जवाब : हुड्डा साहब से तो संतुष्ट हूं, वो मेरे पिता समान हैं। बात ये है कि कांग्रेस में जो बड़े लीडर बैठे हैं, जो हर बार कांग्रेस की फजीहत कराते हैं और बदनाम होते हैं जो सच्चाई से साथ रहते हैं। ऐसे बड़े नेता दिल्ली में भी बैठे हैं, पार्टी ने उन्हें दुनिया भर की पद-प्रतिष्ठा भी दे रखी है। ये कांग्रेत को बेचते हैं।पार्टी को तुरंत उन 5 विधायकों को पार्टी से बाहर करना चाहिए था। इनमें से कुछ विधायक ऐसे हैं जो पैसे में नहीं बिक सकते। मुझे पता है, इनमें पीछे कोई न कोई बड़ा नाम है, जिस वजह से सारा हुआ है। सवाल: पार्टी ने 4 विधायकों को नोटिस दिया, पांचवें का नाम क्यों सामने नहीं आया?जवाब : पांचों विधायकों का हुड्डा साहब को पता है। पांचवें के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। सवाल: सियासी चर्चा है कि सत्ता पक्ष का आपके ऊपर दबाव था, क्या रेड का डर दिखाया?जवाब : मेरे ऊपर किसी किस्म का दबाव नहीं था, न किसी का दबाव मानता। वो नोट भी नहीं बना जो मुझे खरीद सके। मैं कसम खाकर कह सकता हूं, मैंने ज़मीर को नहीं बेचा। सवाल: राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले CM आपके घर आए, भाजपा में जाने की चर्चाएं हैं?जवाब : हलके के कामों के लिए मैं सीएम के पास ही जाऊंगा। सीएम राजा होता है। मैंने उन्हें भतीजों की शादी का कार्ड दिया। सीएम आए, उनका बड़प्पन है। उनका कर्ज रहेगा मुझ पर। मनोहरलाल खट्टर दो बार प्रदेश के सीएम रहे, उनसे भी मिलता था, उनके भी संपर्क में हूं। सवाल: कांग्रेस में किससे नाराजगी है, किस नेता से?जवाब : मुझे कांग्रेस के सिस्टम से नाराजगी है। जो मठाधीश बने बैठे हैं। मैं डरता नहीं हूं, जल्दी ही नाम भी सामने आगा। दिल्ली में भी बैठे हैं बड़े-बड़े पद लेकर। सवाल: आपकी दीपेंद्र हुड्डा से नाराजगी की चर्चाएं हैं? जवाब : भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पिता की तरह मानता हूं, वे मेरे नेता भी हैं, बस। सबकुछ भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं। वो मुझे अच्छी तरह जानते हैं। मैं सिस्टम से दुखी हूं। कुछ अपने आदमियों से भी दुखी हूं। राहुल गांधी से मांग की है कि छोटे नेताओं पर कार्रवाई तो दुनिया करती है, बड़े नेताओं पर कार्रवाई करें। जिन्होंने कांग्रेस को बेचा है। पार्टी में बहुत जयचंद बैठे हैं। सवाल: क्या आप पार्टी छोड़ने जा रहे हैं, अगला कदम क्या है? जवाब : आज तो कांग्रेस में हूं। अपने जन्मदिन पर 5 मई को बड़ा फैसला लूंगा। पूरे प्रदेश का भ्रमण करूंगा। अभी इंतजार करूंगा कि पार्टी सिस्टम खराब करने वाले नेताओं पर क्या कार्रवाई करती है।--------------------- क्रॉस वोटिंग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सैलजा की करीबी MLA का हुड्डा पर हमला:बोलीं-इनके कारण हरियाणा में सत्ता से चूके; कांग्रेस की बजाय खुद की सरकार चाहते थे हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में यमुनानगर के सढौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला ने सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। (पूरी खबर पढ़ें) हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद MLA कुलदीप के बदले तेवर:फेसबुक पर हुड्डा के साथ फोटो हटाई, मोबाइल स्विच ऑफ; कांग्रेस से जता चुके नाराजगी हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद झज्जर के बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के तेवर बदल गए हैं। उन्होंने फेसबुक एकाउंट से रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ लगी फोटो हटा दी है। मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। चुनाव के तुरंत बाद उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में काम की कद्र नहीं। (पूरी खबर पढ़ें)
टाटा स्टील ने लुधियाना में अपना अत्याधुनिक इको फ्रेंडली ग्रीन स्टील प्लांट स्थापित कर दिया है। टाटा स्टील ने प्लांट पर 3200 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं और इसमें 2500 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। टाटा स्टील का देश में यह दूसरा रिसाइकिल बेस्ड ग्रीन स्टील प्लांट है। टाटा स्टील इस तरह की स्क्रैप आधारित तकनीक को भारत और विदेशों में भी बढ़ावा दे रही है। हरियाणा के रोहतक में स्क्रैप प्रोसेसिंग यूनिट और यूरोप में डिकार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट्स इसी दिशा में कदम हैं। वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार को भी इस प्लांट से सालाना 200 से 300 करोड़ रुपए का राजस्व अलग-अलग टैक्सों के माध्यम से मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज इस प्लांट का उद्घाटन करने जा रहे हैं। लुधियाना के हाइटेक वैली में करीब 115 एकड़ जमीन पर यह प्लांट स्थापित किया गया है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन (MTPA) होगी। यहां मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए टीएमटी बार और अन्य स्टील उत्पाद तैयार किए जाएंगे। टाटा ग्रीन स्टील प्लांट से पंजाब को क्या फायदा टाटा स्टील के लुधियाना ग्रीन स्टील प्लांट की बड़ी विशेषताएं टाटा स्टील के भारत में 5 सबसे बड़े प्लांट टाटा स्टील के ग्रीन टेक्नोलॉजी प्लांट
कनाडा में एक युवक के फर्जी पंजाबी नाम से लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस युवक को दिसंबर महीने में अरेस्ट किया था। मगर, वह सुर्खियों में तब आया, जब उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोल किया जाने लगा। कनाडा की पील रीजनल पुलिस के मुताबिक आरोपी प्राइवेट पार्ट में बीमारी के बहाने अस्पताल में जाता। वहां लेडी डॉक्टर से मिलता और क्लिनिक जाकर सारे कपड़े उतार देता। फिर लेडी डॉक्टर को प्राइवेट पार्ट छूने को कहता। जिससे पता चलता कि उसे कोई बीमारी नहीं है। पोल खुलते ही वह वहां से भाग जाता। ऐसा एक-दो नहीं लेकिन उसने कई लेडी डॉक्टरों के साथ किया। तब किसी लेडी डॉक्टर ने उसकी शिकायत कर दी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब वैभव से आकाशदीप सिंह बने आरोपी युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस लेडी डॉक्टरों से सामने आने की अपील कर रही है। कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने भी 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर डॉक्टरों से सामने आने की अपील की है। 5 पाइंट में जानें युवक के क्राइम की पूरी कहानी… गिरफ्तारी के बाद युवक पर क्या कार्रवाई हुईपील रीजनल पुलिस के मुताबिक युवक वैभव 36 साल का है। वह मूल रूप से इंडिया का रहने वाला है। मगर, उसे कनाडा की नागरिकता मिली हुई है। वह अभी ब्रैम्पटन का स्थायी नागरिक (PR) है। पुलिस जांच में पता चला कि उसने मिसिसॉगा की कई लेडी डॉक्टर्स के साथ अश्लील हरकतें की है। पुलिस का कहना है कि एक डॉक्टर ने उसकी हरकत पर शक होने के चलते पुलिस को शिकायत कर दी। युवक के खिलाफ 3 महीने से स्थानीय कोर्ट में ट्रायल भी चला। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में कनाडा पुलिस ने क्या कहाकनाडा की पील रीजनल पुलिस के पब्लिक रिलेशन अफसर (PRO) ने मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वैभव के खिलाफ जानबूझकर लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने की शिकायतें आईं। जांच में पता चला कि वैभव ने पंजाबी ओरिजन के युवक का फेक नाम लेकर मिलने का चार्ज लगाया है। युवक ने कई महीनों तक मिसिसॉगा के विभिन्न मेडिकल क्लिनिक्स में फर्जी बीमारियां बताकर महिला डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने उस पर 4 गंभीर आरोप लगाए हैं। केस अभी ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में चल रहा है। पुलिस ने कहा कि कोर्ट में केस होने के चलते आरोपी का इंडियन एड्रेस, डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल की प्रक्रिया लंबी चलती है। डॉक्टरों के कोर्ट में बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस की तरफ से युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। चूकी वह कनाडाई नागरिक बन चुका है, इसलिए प्रक्रिया में वक्त लग सकता है।
मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मैं चाहती हूं कि दोषी को मौत की सजा मिले, लेकिन अब जब अदालत ने वार्डन को उम्र कैद की सजा सुनाई है, तो हमें लगता है कि न्याय मिला है।” ये कहना 11 साल की बच्ची संध्या की मां समता का है। जिसकी लाश स्कूल में मिली थी। दरभंगा के बहेड़ी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्रा संध्या (11) की हत्या हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने वार्डन रेखा सिन्हा को मंगलवार को दोषी करार दिया और उम्र कैद की सजा सुनाई है। वार्डन पर छात्रा की गला दबाकर हत्या करने का आरोप सिद्ध हुआ है। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। शव को फांसी के फंदे से लटका दिया गया था। करीब डेढ़ साल के अंदर ही फैसला आया है। जानिए क्या है पूरा मामला… घटना 15 सितंबर 2024 की है, जब कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बहेड़ी में रह रही सातवीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई थी। मृत छात्रा बहेड़ी थाना क्षेत्र के श्रीरामपिपरा गांव की रहने वाली थी। मृतका के पिता ने बहेड़ी थाना में दर्ज कराए गए प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि हॉस्टल वार्डेन के पर्स से एक हजार रुपये गायब हो गए थे, जो छात्रा के पास से बरामद हुए। इसी बात से नाराज होकर वार्डेन रेखा सिन्हा ने पूछताछ के दौरान छात्रा का गला दबाकर हत्या कर दी। फैसले के बाद भास्कर की टीम मृतका के घर पहुंची, तो वहां का माहौल गमगीन दिखा। उस दिन की घटना को याद कर परिजनों की आंखें नम हो गईं। मृतक की मां समता देवी ने कहा कि “मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मैं चाहती हूं कि दोषी को मौत की सजा मिले, लेकिन अब जब अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, तो हमें लगता है कि न्याय मिला है।” मां ने बताया कि घटना के समय प्रशासन की ओर से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। हालांकि, उन्हें 4.50 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। इस मामले में लगातार संघर्ष किया और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा। “हमने सिस्टम से लड़ाई लड़ी और आज उसका परिणाम सामने है।”मामला न केवल एक जघन्य अपराध का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सतत प्रयास और कानूनी प्रक्रिया के जरिए पीड़ित परिवार न्याय पा सकता है। कोर्ट के फैसले से परिवार संतुष्ट बच्ची की दादी राधा देवी ने बताया कि कोर्ट के फैसले से उनका परिवार संतुष्ट है, लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि दोषी वार्डन रेखा सिन्हा को फांसी की सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अगर फांसी की सजा होती तो उनके दिल को और ज्यादा सुकून मिलता। दादी ने बताया कि वो 15 सितंबर की तारीख थी। शाम के समय उनके मोबाइल पर कॉल आया, जिसमें सामने से खुद को रेखा सिन्हा बताते हुए कहा गया कि उनकी पोती संध्या ने रुपये चोरी किए हैं। इस पर परिवार ने साफ कहा कि उन्होंने कोई पैसे नहीं दिए थे। इसके बाद फोन कट गया। फिर कुछ देर बाद दोबारा कॉल आया, जिसमें बताया गया कि बच्ची की तबीयत गंभीर है और तुरंत आने को कहा गया। राधा देवी ने बताया कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद वे और उनका बेटा भीगते हुए स्कूल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बहेड़ी थाना पुलिस ने बच्ची को एक कमरे में बंद कर रखा था और उन्हें देखने नहीं दिया जा रहा था। मुखिया के हस्तक्षेप से कमरे का ताला खुला काफी विनती और रोने-बिलखने के बाद स्थानीय मुखिया के हस्तक्षेप से कमरे का ताला खुलवाया गया। जब उन्होंने अपनी पोती को देखा तो उसके शरीर पर काले निशान थे और गले पर भी चोट के स्पष्ट चिन्ह थे, जिससे यह साफ प्रतीत हो रहा था कि उसकी पिटाई की गई थी। इसके बाद उन्हें फिर बाहर कर दिया गया। रात करीब 9 बजे बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया। परिवार को रात में वापस भेज दिया गया और सुबह 3 बजे फिर बुलाया गया। अगले दिन दोपहर करीब 1 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंपा गया। पोती की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि बच्ची के साथ पढ़ने वाली दो छात्राओं ने भी कोर्ट में गवाही दी, जिससे सच्चाई सामने आई। घटना के बाद उन्होंने अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया था और न्याय की मांग पर अड़े रहे। पूरे समाज का उन्हें समर्थन मिला। बाद में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समझाने पर बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से समाज में गलत काम करने वालों पर अंकुश लगेगा और लोग कानून से डरेंगे। साथ ही आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास भी मजबूत हुआ है। कस्तूरबा विद्यालय हत्याकांड में अब उसी स्कूल में पढ़ने वाली एक और छात्रा राजनंदनी कुमारी का बयान सामने आया है। राजनंदनी कुमारी ने बताया कि वार्डन का व्यवहार बेहद खराब था और वह अक्सर छात्राओं के साथ मारपीट करती थी। पढ़ाई या अन्य छोटी-छोटी बातों को लेकर भी उन्हें सजा दी जाती थी। “हम लोग अपने घर और माता-पिता से दूर रहते थे, कई बार रोते थे, तो उसी बात पर भी हमें पीटा जाता था। राजनंदनी ने यह भी बताया कि वह खुद भी कई बार वार्डन की मारपीट का शिकार हो चुकी है। तीन बार मुझे भी मारा गया था।
सीबीएसई व सीआईएससीई स्कूलों में कक्षाएं शुरू, कई स्कूलों में मार्च अंत या अप्रैल से नया सत्र
रांची राजधानी के सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के कुछ स्कूलों में सोमवार से नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। संत फ्रांसिस स्कूल हरमू में सोमवार से नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। वहीं, डीएवी हेहल और संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा में 10वीं और 12वीं नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। बाकी की कक्षाएं आने वाले दिनों में शुरू होंगी। इसके अलावा बाकी सभी स्कूलों में मार्च अंतिम सप्ताह और अप्रैल के पहले सप्ताह तक नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अप्रैल में गर्मी को देखते हुए नए सत्र 2026-27 में स्कूल मॉर्निंग शिफ्ट में ही चलेंगी। ज्यादातर स्कूल पहले से तय समय में ही स्कूल शुरू करेंगे। ज्यादातर स्कूलों में सेकेंडरी क्लास की कक्षाएं 7-8 बजे के बीच शुरू होती है, जो गर्मी बढ़ने के साथ सुबह 6.30 बजे से शुरू होगी। वहीं प्राइमरी की कक्षाएं भी तय समय से जल्दी शुरू हो जाएंगी। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार समय तय करेंगे। इधर सरकारी स्कूलों में भी 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाएगा। मौसम के अनुसार गर्मी की छुट्टी राजधानी के सीबीएसई स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर मई के तीसरे या चौथे सप्ताह से शुरू होकर जून के पहले या दूसरे सप्ताह तक चलती हैं। हालांकि, कुछ निजी स्कूल भीषण गर्मी के आधार पर तारीखों में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। सीआईसीएसई स्कूलों में भी गर्मी बढ़ने के अनुसार छुट्टी की तारीख घोषित की जाएगी। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि मौसम को देखते हुए छुट्टी दी जाएगी।
पीजी जियोलॉजी... 1 साल से बेकार पड़ा है 1 करोड़ का माइक्रोस्कोप
एचओडी बोले- ट्रेनिंग के लिए विवि को कहा, इसके बाद भी नहीं दिया ध्यानउच्च शिक्षा और शोध को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से खरीदी गई एक करोड़ से अधिक रुपए की अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप रांची विश्वविद्यालय के पीजी जियोलॉजी विभाग में पिछले करीब एक साल से बेकार पड़ी है। जिस उपकरण को विभाग के शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का माध्यम बताया गया था, उसका उपयोग आज तक शुरू नहीं हो सका है। चौंकाने वाली बात यह है कि मशीन की खरीद होने तक यूनिवर्सिटी प्रशासन का पूरा ध्यान था। लेकिन क्रय होने के बाद विवि प्रशासन का एक बार भी ध्यान नहीं गया कि माइक्रोस्कोप जिस उद्देश्य से खरीदी गई है, उसकी पूर्ति हो रही है या नहीं। इस पूरे मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना, प्राथमिकता और जवाबदेही पर एक साथ कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मशीन क्यों बंद है, बल्कि यह भी है कि जब उपयोग की तैयारी ही नहीं थी, तो आखिर बड़ी राशि खर्च कर इसे खरीदा क्यों गया? खरीद को लेकर उठ रहे कई सवाल जब उपयोग नहीं, तो खरीद क्यों? क्या खरीद से पहले उपयोग की योजना बनाई गई थी? क्या प्रशिक्षण और संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी? क्या केवल खर्च करने के लिए उपकरण खरीदा गया? विभाग से आकलन लिया था? इसलिए उपकरण का उपयोग नहीं हो सका विभाग के शिक्षक और रिसर्च स्कॉलर बताते हैं कि उपकरण के उपयोग के लिए अब तक कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि माइक्रोस्कोप की खरीद के साथ ही कुछ दिनों के प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि भारी-भरकम राशि से खरीदे गए इस उपकरण का उपयोग हो पाता। पिछले वर्ष मई में खरीदी गई यह माइक्रोस्कोप आज भी उपयोग का इंतजार कर रही है, विभाग अब तक प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञ की राह देख रहा है। प्रशासनिक मॉनिटरिंग सिस्टम फेल माइक्रोस्कोप करीब एक साल तक बेकार पड़े रहने से यह साफ हो गया है कि विवि की प्रशासनिक मॉनिटरिंग सिस्टम फेल है। यदि यह सिस्टम प्रभावी होता, तो छात्रों और शोधार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल रहा होता। वरीय शिक्षकों का कहना है कि किसी ने समीक्षा क्यों नहीं की।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा शुक्रवार को 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की परीक्षाएं होंगी। इधर, नकल की रोकथाम के लिए 320 फ्लाइंग टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमें लगातार सेंटरों पर छापेमारी करके नकलचियों पर नकल कसने का प्रयास कर रही है। प्रदेशभर में 20 मार्च को संचालित होने वाली सेकेंडरी (शैक्षिक) की राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के विभिन्न विषयों की तथा सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) सैनिक विज्ञान/नृत्य/मनोविज्ञान, संस्कृत व्याकरण भाग-1 (आर्ष पद्धति गुरूकुल/परंपरागत संस्कृत विद्यापीठ) व डीएलएड रि-अपीयर विषय की परीक्षा होगी। जिसमें 1181 परीक्षा केंद्रों पर 48027 परीक्षार्थी /छात्र-अध्यापक एग्जाम देंगे। वीरवार को पकड़े 8 नकलचीइससे पहले हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा वीरवार को 12वीं एवं डीएलएड की परीक्षा आयोजित की गई। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया था कि वीरवार को संचालित हुई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) गृह विज्ञान एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में प्रदेशभर में परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन प्रयोग के 8 मामले दर्ज किए। वहीं 1 पर्यवेक्षक व 1 लिपिक को ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किए गए। परीक्षा केंद्र बदलाइसके अतिरिक्त बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केंद्र सीआर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कासनी-02 केंद्र को सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के लिए नए परीक्षा केंद्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झज्जर-05 (बी-02) पर शिफ्ट कर दिया है। 19 मार्च की परीक्षा के बाद नियुक्त स्टाफ को भी कार्यभार मुक्त कर दिया गया है। अब 19 मार्च की परीक्षा के बाद परीक्षा केंद्र सीआर व.मा.वि. कासनी-02 की आगामी परीक्षाएं नए परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि. झज्जर-05 (बी-02) पर संचालित होंगी। जिला शिक्षा अधिकारी झज्जर को निर्देशित किया कि वह नए परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि. झज्जर-05 (बी-02) पर नया स्टाफ (केंद्र अधीक्षक, उप-केंद्र अधीक्षक, पर्यवेक्षक अमला, लिपिक) की नियुक्ति करना सुनिश्चित करें।
कंपनियों ने बंद की क्रेडिट सुविधा; राज्य के पेट्रोल पंपों को अब उधार नहीं मिलेगा तेल
तेल कंपनियों ने झारखंड के पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा पूरी तरह बंद कर दी है। अब पंप संचालकों को कैश देकर तेल खरीदना होगा। जरूरत से ज्यादा तेल स्टॉक रखने की अनुमति भी नहीं होगी। झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अनुसार, पहले कंपनियां पंपों को उनकी बिक्री के आधार पर 4 से 5 दिन का उधार देती थीं। यह क्रेडिट लिमिट औसतन 12 लाख से 60 लाख रुपए तक होती थी। एसोसिएशन के महासचिव प्रमोद कुमार ने कहा कि क्रेडिट सुविधा बंद होने से पंप संचालकों पर फंड मैनेजमेंट का दबाव बढ़ गया है। अब वे उधार तेल देने की स्थिति में नहीं रहेंगे। हालांकि आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी रहेगी। सरकार से बकाया 80 करोड़ भुगतान की मांग एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि झारखंड के पेट्रोल पंपों का सरकारी विभागों में करीब 80 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें रांची के पंपों का हिस्सा लगभग 12 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग अक्सर उधार में पेट्रोल-डीजल लेते हैं, लेकिन भुगतान की कोई तय समय सीमा नहीं होती। इससे पंप संचालकों को नकद में तेल खरीदना पड़ रहा है और वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से बकाया राशि के जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही सरकारी विभागों के लिए साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। इस मुद्दे को लेकर जल्द ही प्रतिनिधिमंडल राज्य के वित्त मंत्री से मुलाकात करेगा।
गैस के लिए सड़क पर उतरी जनता, धुर्वा क्षेत्र में एजेंसी पर मनमानी का आरोप
रांची में घरेलू गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। मिडिल ईस्ट में युद्ध और गैस कीमतों में उछाल के बाद पैनिक बुकिंग ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले अब भी करीब 50 प्रतिशत ज्यादा बुकिंग हो रही है। शहर के कई इलाकों में लोग सिलेंडर के लिए सुबह से कतार में लगने को मजबूर हैं। गुरुवार को पुंदाग रोड स्थित आनंद गैस गोदाम के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह पांच बजे से ही वहां लाइन लगनी शुरू हो गई थी। करीब 400 खाली सिलेंडर के साथ लोग गैस गाड़ी का इंतजार करते रहे, लेकिन गाड़ी नहीं पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा और जाम हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उपभोक्ता दीपेश कुमार ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से गैस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। निरंजन कुमार ने कहा कि वह सुबह सात बजे से लाइन में खड़े होकर गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर एजेंसी का कहना है कि उसे घर-घर डिलीवरी करने का निर्देश दिया गया है और उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाई जा रही है। एजेंसी ने लोगों से एक जगह भीड़ नहीं लगाने की अपील करते हुए कहा कि सभी को गैस मिलेगी। इसके बावजूद पुंदाग में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। धुर्वा क्षेत्र में एजेंसियों पर मनमानी का आरोप धुर्वा में एलपीजी गैस संकट को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। घरेलू गैस की भारी किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं ने 19 मार्च को धुर्वा बस स्टैंड स्थित अंबेडकर पार्क में रांची नागरिक परिषद की बैठक की। परिषद के संयोजक कैलाश यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में लोगों ने वैष्णवी, भारत, हिनू और शाही गैस एजेंसियों पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि नियमित बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी ओर कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है। नागरिक परिषद ने प्रशासन को 72 घंटे की मोहलत देते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि गैस संकट दूर नहीं हुआ तो 23 मार्च को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा और इसके बाद जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। कोयला भी हुआ महंगा, रेस्टोरेंट का मेन्यू घटा कॉमर्शियल गैस नहीं मिलने से होटल-रेस्टोरेंट की स्थिति खराब हो रही है। कई जगहों पर मेन्यू आधा कर दिया गया है। इंडक्शन चूल्हे और कोयले का उपयोग किया जा रहा है। कोयले की कीमत भी बढ़ गई है। पहले कोयला 15-20 रुपए किलो मिलता था, जो अब 25-30 रुपए किलो हो गया है। रांची क्लब में भी सिलेंडर नहीं मिलने के कारण मेन्यू में कटौती की गई है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद करने की तैयारी में हैं। रिम्स के होस्टलों में भी सीमित सिलेंडर मिलने के कारण खाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में लंबी कतारें गुरुवार को कांके रोड, बड़ा तालाब और धुर्वा समेत कई इलाकों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखी गईं। रांची की अधिकांश इंडेन एजेंसियों ने होम डिलीवरी शुरू तो कर दी है, लेकिन सर्वर खराबी और पैनिक बुकिंग के दबाव में व्यवस्था लड़खड़ा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद भी सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहा। सीमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दबाव में एजेंसी संचालक की तबीयत बिगड़ी घरेलू गैस संकट के बीच उपभोक्ताओं का दबाव अब एजेंसी संचालकों पर भी भारी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ती भीड़ और तनाव के बीच गैस एजेंसियां दिन-रात काम करने को मजबूर हैं। इसी दबाव में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे लालपुर स्थित जयंत गैस एजेंसी के संचालक जयंत कुमार चौहान (78) अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें पास के केसी राय मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। गैस पर संकट... गुरुवार को रांची में 15 हजार गैस सिलेंडर प्लांट से पहुंचे। रोजाना 5 से 6 हजार नई बुकिंग एजेंसियों में दर्ज हो रही है। रांची में फिलहाल 45 हजार उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग लंबित है। अब तक क्या... इंडेन की 23 एजेंसियों में से करीब 70% ने होम डिलीवरी शुरू कर दी है, लेकिन गाड़ी मोहल्ले में पहुंचते ही लोग घेर लेते हैं, जिससे समस्या बढ़ रही है। कई एजेंसियों ने सर्वर जाम होने की बात कही है। बुकिंग में गड़बड़ी हो रही है—कई जगह बुकिंग नहीं हुई, लेकिन डिलीवरी का मैसेज चला गया। एजेंसियों के अनुसार उपायुक्त रांची ने सभी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को होम डिलीवरी का निर्देश दिया है और ज्यादातर एजेंसियां इसका पालन कर रही हैं।
हैलो, आपको ये फूटने की आवाज आ रही है? धमाके सुनिए…लेकिन बात पूरी होने से पहले ही फोन कट गया। हताशा में वह व्यक्ति चिल्लाया- रख दिया फोन उसने, बोला 15 मिनट लगेंगे। ये बातचीत इंदौर की स्वर्ण बाग कॉलोनी के रहवासी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी के बीच की है। इस बातचीत का वीडियो अब वायरल है, जिसे सुनकर साफ पता चलता है कि 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात का अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की भी कहानी है, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड आग लगने की घटना के डेढ़ घंटे बाद पहुंची थी, तबतक सबकुछ खत्म हो गया था। यदि फायर ब्रिगेड 15 मिनट में पहुंचती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी परिजन ने कहा कि फायर ब्रिगेड देरी से आई थी और कर्मचारियों का बर्ताव बेहद संवेदनहीन रहा है। बता दें कि 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात स्वर्ण बाग कॉलोनी में रहने वाले रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन मंजिला मकान में आग लगी। आग लगने की वजह पहले ईवी कार के चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट बताया गया लेकिन परिवार का कहना है कि उन्होंने कार को चार्ज पर लगाया ही नहीं था। ये हादसा बिजली के पोल में स्पार्किंग की वजह से हुआ। इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? आग कैसे लगी? इसकी जांच के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है। जो ये भी बताएगी कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए क्या एहतियात बरते जा सकते हैं। पढ़िए, रिपोर्ट… फायर ब्रिगेड कर्मचारी बोला- 15 मिनट लगेंगे इस हादसे का दिल दहला देने वाला सबूत एक वीडियो क्लिप है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस क्लिप में केवल आग की लपटों से घिरा मकान और उसके भीतर से फूटते सिलेंडरों की आवाज ही नहीं बल्कि उस वक्त आसपास के लोगों की हताशा और बेबसी भी सुनाई और दिखाई देती है। वीडियो में एक प्रत्यक्षदर्शी कांपती हुई आवाज में फायर ब्रिगेड को फोन पर घटना की भयावहता समझाने की कोशिश कर रहा है। घर के अंदर से गैस सिलेंडर या किसी अन्य उपकरण के फटने की कान फाड़ देने वाली आवाजें आ रही हैं। आग की लपटें तीन मंजिला इमारत को अपनी आगोश में लेकर आसमान छूने को बेताब दिख रही हैं। फोन के दूसरी तरफ मौजूद फायर ब्रिगेड कर्मचारी को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा दिलाने के लिए प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘हैलो... आपको ये फूटने की आवाज आ रही है? धमाके सुनिए…’ लेकिन उसकी बात पूरी होने से पहले ही फोन कट गया। करंट लगने के डर से कोई पास नहीं गया इसके बाद वहां खड़े लोग चीखने लगते हैं, ‘पानी डालो, कोई तो कुछ करो।’ मगर, घर के पास मौजूद बिजली के तारों और ट्रांसफॉर्मर के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। उन्हें डर था कि पानी डालने पर करंट फैल सकता है, जिससे बचाव कार्य और भी खतरनाक हो सकता है। वे बस इंतजार करते रहे, 15 मिनट में फायर ब्रिगेड के पहुंचने का। वो 15 मिनट कब डेढ़ घंटे में बदल गए, किसी को पता नहीं चला और जब तक मदद पहुंची, तब तक आठ जिंदगियां जलकर खाक हो चुकी थीं। बेटा सीएम से बोला- बिजली के खंभे में हुआ शॉर्ट सर्किट 19 मार्च को जब मुख्यमंत्री मोहन यादव पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, तो मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर, रुंधे गले से जो बताया, वह किसी भी संवेदनशील इंसान को अंदर तक हिला देने के लिए काफी है। सौरभ ने सबसे पहले आग लगने की वजह पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा- साहब, आग गाड़ी की चार्जिंग से नहीं, पास के बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी थी। पहले एक कार ने आग पकड़ी। फिर वहां खड़ी बाइक और फिर हमारे घर में फैली। इसके बाद सौरभ ने उस रात की प्रशासनिक विफलता की परतें खोलनी शुरू कीं। टैंकर खाली थे, फायरकर्मी बोला- खुद बुझा लो आग सौरभ ने बताया कि फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटा लेट आई। उनके टैंकरों में पानी नहीं था। एक ड्राइवर को गली का पता नहीं था, वह कहीं और घुस गया। उनके पास न तो ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली सीढ़ी थी और न ही लोगों को बचाने की नीयत। मैंने उनसे कहा कि आपके पास फायर सेफ्टी जैकेट है, वह मुझे दे दो। मुझे पता है कि मेरे परिवार के लोग कहां फंसे हो सकते हैं, मैं उन्हें बाहर निकाल लाऊंगा। इस गुहार पर एक फायरकर्मी ने जो जवाब दिया, वह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उसने झिड़कते हुए कहा, ज्यादा पता है तो तुम खुद ही पानी डाल लो। मनोज पुगलिया के आखिरी शब्द- वक्त सबकुछ छीन सकता है कारोबारी मनोज पुगलिया एक जिंदादिल इंसान थे और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। कौन जानता था कि मौत से कुछ घंटे पहले उन्होंने जो वॉट्सएप स्टेटस लगाए थे, वो ही उनकी जिंदगी के आखिरी शब्द बन जाएंगे। परिजन ने उनके ये स्टेटस सहेजकर रखे हैं। इन्हें पढ़कर लगता है कि जैसे मनोज को अपनी विदाई का पूर्वाभास हो गया था। मनोज पुगलिया एक धार्मिक व्यक्ति थे। उन्होंने हनुमान चालीसा की पंक्तियां और खाटू श्याम जी की कृपा का भी स्टेटस लगाया था। कौन है इस 'सामूहिक हत्या' का जिम्मेदार? यह अग्निकांड इंदौर के फायर सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर कई गंभीर और सुलगते सवाल खड़े कर गया है… मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कारोबारी के बेटे का दावा- EV से नहीं लगी आग इंदौर में हुए EV हादसे ने एक खुशहाल परिवार को कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया। हादसे से बचकर निकले कारोबारी मनोज पुगलिया के बेटे सौमिल ने कहा- जब इलेक्ट्रिक कार में चार्जर ही कनेक्ट नहीं था, तो शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता है? हादसे के वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इलेक्ट्रिक पोल के ऊपर शॉर्ट सर्किट से चिंगारियां उठ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
दिव्यांग बच्चों के लिए हर प्रमंडल में खुलेगा सेंटर, इलाज-शिक्षा फ्री
झारखंड में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और मल्टीपल डिसेबिलिटी से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य के सभी प्रमंडलों में विशेष आवासीय सह डे-केयर पुनर्वास केंद्र खोलने की तैयारी है। इसे अप्रैल से शुरू करने की योजना है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इन केंद्रों का संचालन अनुभवी गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य में फिलहाल करीब 1.35 लाख बच्चे विकासात्मक दिव्यांगता से प्रभावित हैं। इनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम और बहु-दिव्यांगता के मामले अधिक हैं। नई व्यवस्था के तहत इन बच्चों को नि:शुल्क इलाज, प्रशिक्षण, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। हर प्रमंडल में एक केंद्र स्थापित होगा। इस पर सालाना करीब 4.5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अभी ऐसी समेकित सुविधाओं की कमी के कारण परिजनों को काफी परेशानी होती है, जिसे यह योजना दूर करेगी। भोजन और आवासीय सुविधा के साथ विशेषज्ञों की टीम भी रहेगीयहां भोजन के साथ 24 घंटे देखभाल की व्यवस्था होगी। टीम में प्रधानाचार्य, विशेष शिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, नर्स, आया और सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। 18 साल के बाद भी एडल्ट होम की सुविधाकेंद्रों में 18 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर चुके दिव्यांगों के लिए भी एडल्ट होम की व्यवस्था होगी। यहां उनके लिए अलग से विशेष चिकित्सीय देखभाल की जाएगी। माता-पिता को भी मिलेगा प्रशिक्षणविशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती वर्षों में दिव्यांगता की पहचान और हस्तक्षेप से इसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। इस योजना के तहत अर्ली इंटरवेंशन पर जोर दिया जाएगा, जिससे बच्चों को समय रहते उपचार मिल सके और वे समावेशी शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। माता-पिता को भी प्राथमिक देखभालकर्ता के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। वह सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है जानिए...किन्हें मिलेगा लाभ:इस योजना के तहत ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी से पीड़ित बच्चों और युवाओं को लाभ मिलेगा। ऐसे बच्चों को विशेष देखभाल, थेरेपी और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए ये केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
शहर की सरकार का गठन... भाजपा समर्थित नीरज कुमार बने डिप्टी मेयर
प्रतिद्वंद्वी परमजीत सिंह को 23 वोटों से हरायाभाजपा समर्थित नीरज कुमार रांची नगर निगम के डिप्टी मेयर चुन लिए गए हैं। इसके साथ ही शहर की सरकार का गठन गुरुवार को पूरा हो गया। समाहरणालय भवन में डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने मेयर रोशनी खलखो और 53 पार्षदों को शपथ दिलाई। इसके बाद डिप्टी मेयर के लिए चुनाव हुआ। इसमें वार्ड 31 के पार्षद नीरज कुमार ने 38 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वार्ड 44 के पार्षद परमजीत सिंह को 15 वोट मिले। इसके बाद मेयर ने डिप्टी मेयर को शपथ दिलाई। इसके साथ ही मेयर और डिप्टी मेयर, दोनों पदों पर भाजपा का कब्जा हो गया है। शपथ ग्रहण के बाद सभी जनप्रतिनिधि रांची नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। मेयर और डिप्टी मेयर ने अपना-अपना प्रभार संभाला। निगम प्रशासक सुशांत गौरव और अन्य अधिकारियों ने भी प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। निगम बोर्ड में भाजपा का दबदबा, फैसले पास कराने में आसानी होगी रांची नगर निगम के 53 पार्षदों वाले बोर्ड में डिप्टी मेयर का चुनाव बहुमत से हुआ, जिसमें भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने 23 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह अंतर सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि निगम की सत्ता संरचना में स्पष्ट राजनीतिक बढ़त का संकेत है। अब बोर्ड में भाजपा की मजबूत स्थिति नीतिगत फैसलों और बजट पारित कराने की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। पहले जहां बहुमत के अभाव में अड़चन की आशंका रहती थी, वहीं अब स्थिरता और तेज निर्णय लेने की उम्मीद बढ़ी है। प्राथमिकता डिप्टी मेयर: सफाई व्यवस्था को मजबूत करना, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाना और कचरा निपटान के आधुनिक तरीकों को लागू करेंगे। — नीरज कुमार, डिप्टी मेयर मेयर: शहर में पानी और ड्रेनेज की समस्या सबसे बड़ी है। इन दोनों पर पहले काम होगा। सीवरेज का आधा काम हो चुका है, उसे आगे बढ़ाएंगे। — रोशनी खलखो, मेयर जीत के मायने... डिप्टी मेयर चुनाव में कांग्रेस के पास संख्या होने के बावजूद बाजी हाथ से निकल गई। कांग्रेस खेमे में प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सुबोधकांत सहाय, बंधु तिर्की सहित शीर्ष नेताओं ने कई दौर की बैठकों में नाम तय करने की कोशिश की। 6 मार्च की बैठक में पांच नाम सामने आए, पर सहमति नहीं बन सकी। 18 मार्च तक भी प्रत्याशी तय नहीं हो पाया। दूसरी ओर भाजपा ने चुप्पी साधे रखी और पर्दे के पीछे रणनीति बनाती रही। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और अन्य नेताओं ने समन्वय साधते हुए पार्षदों को अपने पक्ष में किया। कई पार्षदों को रांची से बाहर रखने की रणनीति भी अपनाई गई। भाजपा ने अंत तक नीरज कुमार के नाम का खुलासा नहीं किया और मतदान के समय एकजुटता के साथ जीत दर्ज कर ली।
मेडिकल परीक्षा में 70% सवाल आउट ऑफ सिलेबस, हुआ हंगामा
रिम्स के एक्सपर्ट डॉ. देवेश ने हंगामा कर रहे छात्रों को समझाया, तब हुई परीक्षा रांची यूनिवर्सिटी का परीक्षा विभाग लंबे समय से सेशन लेट, समय पर परीक्षा आयोजित नहीं करने और रिजल्ट जारी करने में देरी को लेकर सुर्खियों में है। गुरुवार को एमबीबीएस थर्ड प्रोफेशनल फर्स्ट पार्ट की परीक्षा में प्रश्न पत्र सेट करने में लापरवाही का मामला सामने आया। डोरंडा कॉलेज केंद्र पर जैसे ही दोपहर 1 बजे छात्रों को प्रश्न पत्र मिला, परीक्षा हॉल में अचानक शोरगुल शुरू हो गया। मेडिकल छात्रों का आरोप था कि प्रश्न पत्र में सवाल निर्धारित सिलेबस से बाहर थे। परीक्षार्थियों के हंगामे के कारण परीक्षा करीब 30 मिनट तक बाधित रही। हंगामे के बीच छात्रों को यह समझाकर परीक्षा जारी कराई गई कि बहिष्कार करने पर उनका एक साल बर्बाद हो जाएगा। इस परीक्षा में 150 से अधिक छात्र शामिल हुए। परीक्षा के बाद मेडिकल छात्रों ने बातचीत में कहा कि पेपर का बड़ा हिस्सा सिलेबस से बाहर था। लगभग 70 प्रतिशत सवालों का स्तर और पढ़ाए गए कोर्स में मेल नहीं था, इसलिए यह पेपर अच्छा नहीं गया। इस पर विवि प्रशासन को गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए, ताकि छात्रों का करियर प्रभावित न हो। कंट्रोलर से संपर्क नहीं, बढ़ीं मुश्किलें ड्यूटी कर रहे परीक्षकों ने बताया कि केंद्र अधीक्षक डॉ. राजकुमार शर्मा ने परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उस समय उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। इस कारण संपर्क नहीं हो सका और केंद्र की मुश्किलें बढ़ गईं, क्योंकि स्टूडेंट्स हंगामा कर रहे थे। इसके बाद केंद्र अधीक्षक ने रिम्स प्रबंधन से संपर्क किया और जानकारी दी। रिम्स प्रबंधन ने तत्काल विषय विशेषज्ञ को भेजा। घटनाक्रम
मप्र में सबसे ज्यादा 785 बाघ हैं और उनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऋचिंता यह है कि उनका ‘घर’ यानी जंगल सिमट रहा है। पिछले वर्षों में जंगल का दायरा और गुणवत्ता दोनों घटी हैं- कारण हैं विकास कार्य, वन भूमि में बदलाव और कब्जे। बढ़ती आबादी के साथ बाघ अपने रहवास का दायरा बढ़ा रहे हैं और नए प्राकृतिक आवास की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। यही वजह मानी जा रही है कि पिछले पांच साल में हुई 220 बाघ मौतों में से 92 (42%) टाइगर रिजर्व के बाहर हुईं। इसके अलावा, गर्मी का मौसम बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए सबसे कठिन साबित हो रहा है। मार्च से जून के बीच जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगते हैं, जिससे पानी और शिकार की तलाश में बाघ अक्सर अपने क्षेत्र से बाहर निकलकर खेतों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इस दौरान वे संघर्ष, करंट और खेतों में लगाए फंदों जैसे कई खतरों में फंस जाते हैं। कई बार क्षेत्र और भोजन को लेकर बाघों के बीच घातक संघर्ष भी हो जाता है। इन सब के बीच कई बार बाघों की मौत भी हो जाती है। जिन केसों में बाघ की मौत की सूचना देर से मिलती है। ऐसे अधिकांश केसों में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाता। क्योंकि मौत के बाद शवों में कीड़े पड़ जाते हैं। शव सड़ गल जाते हैं। जिससे पहचान होना कठिन है। जंगल में नियमित निगरानी सुनिश्चित होनी चाहिए। ताकि बाघों की मृत्यु का पता जल्द चल सके। जंगलों में बारहमासी जलस्त्रोत, बेहतर पर्यावास विकास और सख्त निगरानी व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। ताकि बाघों की अप्राकृतिक मौतें रोकी जा सकें। सीधी बात: सुभरंजन सेन, पीसीसीएफ सवाल: बाघ टाइगर रिजर्व क्यों छोड़ रहे हैं?जवाब: बाघ टाइगर रिजर्व से बाहर नहीं निकलते। लगभग 30% बाघ रिजर्व के बाहर प्राकृतिक रूप से रहते हैं, इसलिए रिजर्व के बाहर बाघों की मृत्यु होना स्वाभाविक है। सवाल: जंगल का दायरा क्यों घट रहा है?जवाब: हम इंसान बाघों के घर यानी जंगल में घुस रहे हैं। इससे जंगल सिमट रहा है। सवाल: बाघों की मौत के बाद पहचान में देरी क्यों होती है?जवाब: कुछ मामलों में प्रयोगशाला रिपोर्ट में समय लगता है। साथ ही, बाघ के शरीर के अंगों को जब्त करने पर जांच की प्रकृति के कारण इसमें समय लग सकता है। 21 फीसदी शावकों की हुई मौत नोट- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नियमों के तहत हर बाघ की मौत को शुरुआत में शिकार मानकर जांच की जाती है, बाद में पोस्टमार्टम व फोरेंसिक से कारण तय होता है। अब तक 72.6% मामलों की जांच बंद हो चुकी है, जबकि 27.4% मामले अभी लंबित हैं। देश में सर्वाधिक बाघों की मौत मप्र में, 96 की पहचान नहीं, क्योंकि शव पुराना थाराष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अनुसार 2021 से 2025 के बीच देश में 729 बाघों की मौत हुई, जिनमें सर्वाधिक 220 मध्यप्रदेश में दर्ज की गईं। चिंताजनक तथ्य यह है कि 96 बाघों की पहचान तक नहीं हो सकी। न उम्र पता चली, न यह कि वे नर थे या मादा। सवाल है कि मौत के बाद पूरा रिकॉर्ड क्यों नहीं बन पाया। दो दिन से अधिक पुराने शवों की पहचान कठिन हो जाती है, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। जंगलों में नियमित मॉनिटरिंग, बारहमासी जलस्रोत, बेहतर पर्यावास विकास और सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि अप्राकृतिक मौतें रोकी जा सकें। 60% बाघ ही टाइगर रिजर्व में रह रहे हर साल 16 हजार मवेशियों का शिकारटाइगर रिजर्व के बाहर या बफर क्षेत्र में बाघ द्वारा मवेशियों के शिकार के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। जो बातें हैं कि बाघ टाइगर रिजर्व के बाहर अपनी गतिविधि बढ़ा रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2022 से 2025 के बीच बाघों ने हर साल औसतन 16 हजार मवेशियों का शिकार किया है। मवेशी मालिकों को मुआवजा दिया। वन्यजीवों के हमले में औसतन हर साल 700 लोग घायल हुए इन्हें भी मुआवजा दिया जाता है।
यह दिल्ली का उत्तम नगर नहीं है और तुम हिंदू हो… हाथ में कलावा और कड़ा देख कर यह बाते कहते हुए कार सवार विशेष समुदाय दबंगो ने स्कूटी सवार दोस्तों की लाठी–डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसमें युवक की आंख में गंभीर रूप से चोट लग गई। इसके बाद दंबगों ने ईंट–पत्थर चलाए। शोर-शराबा सुन राहगीरों के आने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकले। विवाद का कारण स्कूटी से कार में टक्कर लगना बताया जा रहा है। वहीं अराजक तत्वों ने दो समुदाय के बीच विवाद की सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की, गनीमत रही कि पुलिस फोर्स ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। फिलहाल, किदवई नगर पुलिस 3 नामजद समेत एक अन्य महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। गाड़ी में टक्कर लगने से शुरू हुआ झगड़ा जूही लाल कॉलोनी निवासी राहुल कुमार शर्मा ने बताया कि बुधवार रात वह स्कूटी से अपने दोस्त आकाश के साथ किसी काम से किदवई नगर की तरफ जा रहे थे। तभी विश्वास गार्डन के सामने स्कूटी मोड़ने के दौरान एक कार में टक्कर हो गई। कार सवार दबंग शमशाद, नौशाद, सरताज व एक अन्य महिला कार से उतरी और गाली–गलौज करने लगी। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों ने हाथ में कलावा व कड़ा देख तो बोले कि तुम हिंदू हो तुमको और मारेंगे… फिर सभी ने लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं बचाने आए दोस्त आकाश सचान से भी मारपीट की। हमलावरों के ईंट-पत्थर भी चलाए, इसके बाद डंडों से उसकी पिटाई की, जिससे उसके आंख व नाक से खून आ गया। वहीं कुछ ही देर में विवाद की सूचना में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। माहौल बिगड़ने से पहले पुलिस फोर्स पहुंची और हालातों को संभालाने के साथ लोगों को शांत कराया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर मामले की जांच की जा रही है।
2 फरवरी... पचमढ़ी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 6-7 झुलसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं मिले। सबको पिपरिया रेफर कर दिया। 15 मार्च... लीवर सिरोसिस का मरीज तड़पता हुआ यहां लाया गया। इस बार भी रेफर करना पड़ा। यह तस्वीर प्रदेश के अकेले हिल स्टेशन पचमढ़ी की है। यहां अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर एक भी नहीं। जो एक डॉक्टर यहां आए भी थे, उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे अपस्ताल में अटैच कर दिया गया। प्रदेश के 43 सामुदायिक और 445 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां मरीज पहुंचते हैं... लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते। मप्र में डॉक्टरों के अटैचमेंट और गैर-चिकित्सीय कार्य लेने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं हैं। प्रदेश में 158 डॉक्टरों को जिलों और ब्लॉक अस्पतालों से हटाकर बड़े शहरों में अटैच कर दिया गया जबकि प्रोबेशन में अटैचमेंट का प्रावधान नहीं है। पचमढ़ी के अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं, सिर्फ एक नर्स 12 हजार की आबादी वाले पचमढ़ी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। सभी के अटैचमेंट हो चुके हैं। सिर्फ एक स्टॉफ नर्स अशोका वर्मा हैं। वे सिर्फ रेफर करती हैं। वे कहती हैं- डॉक्टर नहीं है, इसलिए न ओपीडी पर्ची बनेंगी और ना दवाएं दी जाएंगी। छतरपुर के बारीगढ़ में बस पैरामेडिकल स्टाफ छतरपुर के 30 पलंग वाले बारीगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं बचा। यहां पदस्थ डॉ. ललिता यादव को अटैच कर राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगा दिया है। अब मरीज आते हैं तो उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ देखता है और छतरपुर रेफर कर देता है। “अभी हमारे यहां चिकित्सकों की भर्ती होने वाली है, उसमें पूर्ति की जाएगी। अटैचमेंट को लेकर भी जानकारी मंगाई जा रही है। यदि ऐसी स्थिति है तो कार्रवाई की जाएगी।” - एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य
नयागंज में दो दुकानों से 27 लाख की नकदी चोरी करने वाले तीन आरोपियों की गुरुवार देर रात कलक्टरगंज पुलिस से मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दो साथी फरार हो गए। पुलिस ने मौके से तमंचा, कारतूस, 70 हजार रुपए, चापड़, कटर समेत चोरी के उपकरण बरामद किए। एक मार्च को सेंधमारी कर की थी 25 लाख की चोरी लालबंगला के शिवकटरा निवासी सज्जन गुप्ता की नयागंज में किराना और मेवे की दुकान में चोरों ने एक मार्च की देर रात पीछे पड़े खाली प्लाट से दीवार में सेंधमारी कर लगभग 25 लाख रुपए पार कर दिए। वहीं तीन दुकान छोड़कर नवाबगंज निवासी दिनेश प्रसाद की दुकान से भी लगभग दो लाख रुपए समेत सामान ले गए थे। कलक्टरगंज पुलिस ने सज्जन गुप्ता की तहरीर पर मुकदमा लिखकर जांच शुरू की। हालांकि कुछ दिन बाद सज्जन गुप्ता, व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा के साथ पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मिले। सज्जन ने बताया कि नकदी के साथ उनकी दुकान में रखे सोने-चांदी के लगभग 15 लाख के सिक्के भी चोरी हुए हैं। मामले में कलक्टरगंज थाना पुलिस ने नयागंज व आसपास की बाजार में लगे लगभग 700 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि गुरुवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में चोरी करने के इरादे से चार-पांच चोर सीपीसी माल गोदाम के पास खड़े हैं। इस पर उनकी टीम ने घेराबंदी की तो सभी भागने लगे। उनमें से एक ने भागने के दौरान पुलिस पर फायर झोंक दिया। जवाब में पुलिस ने फायर किया तो उसके पैर में गोली लगी और गिर पड़ा। उसे और दो अन्य साथियों को पुलिस टीम ने दबोच लिया, जिसके पैर में गोली लगी। उसने अपना नाम अनवरगंज निवासी अशद, फीलखाना निवासी सूरज बताया और शुक्लागंज निवासी पुष्पा बताया, जबकि उनके दो साथी फरार है। उनकी तलाश में टीम दबिश दे रही है।
जमीन फर्जीवाड़ा:150 करोड़ की सरकारी जमीन निजी की; नायब तहसीलदार, पटवारी-बाबू पर केस
फोरलेन हाइवे किनारे की 150 करोड़ से ज्यादा कीमत की सरकारी जमीन नायब तहसीलदार, बाबू और पटवारियों ने खुर्दबुर्द कर दी। करैरा तहसील के जरगवां गांव में दो जमीनों के फर्जीवाड़े में नायब तहसीलदार सहित 4 बाबू और दो पटवारियों के खिलाफ तहसीलदार ने जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, बाबू जीवनलाल तिवारी (सेवानिवृत), बाबू प्रताप पुरी (तत्कालीन शिवपुरी रिकॉर्ड शाखा प्रभारी), नायब तहसीलदार के रीडर बाबू लोकेंद्र श्रीवास्तव, बाबू लालाराम वर्मा (मृत), हल्का पटवारी बृजेश यादव, पटवारी मुकेश चौधरी (मृत) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। करैरा तहसील में दिनारा वृत्त के जरगवां अव्वल गांव में सरकारी सर्वे नंबर 247 की जमीन के बटे (हिस्से) कर नए नंबर जनरेट कर दिए। यह सरकारी जमीन लोगों के नाम दर्ज कर निजी कर दी। वहीं खसरा नंबर 101 में पट्टे की जमीन के रिकॉर्ड से विक्रय वर्जित ही हटा दिया। इससे पूर्व बीएमओ की पत्नी ने जमीन खरीद ली। यह जमीन दूसरे को बेची। फिर विक्रय से वर्जित बताकर क्रेता का नामांतरण बदल दिया। कलेक्टर ने इसकी जांच कराई थी। करैरा के जरगवां गांव में दो जमीनों में ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा पहला केस - राजस्व रिकॉर्ड से ‘विक्रय से वर्जित’ टीप हटाई जरगवां में जमीन पूर्व बीएमओ की पत्नी श्वेता शर्मा ने खरीद ली। नकल शाखा से प्रमाणित प्रति में जमीन विक्रय से वर्जित नहीं थी। श्वेता ने यही जमीन उमेश गुप्ता को बेच दी। फिर विक्रय से वर्जित जमीन बताकर नए आदेश से उमेश का नाम हटाकर श्वेता का नाम दर्ज कर दिया गया। ऐसे में उमेश ने एफआईआर करा दी। दूसरा केस - सरकारी जमीन के बटे कर नए सर्वे नंबर दिए जरगवां का सर्वे नंबर 247 पुराने राजस्व रिकॉर्ड में पूरा सरकारी दर्ज था। इसमें फर्जी आदेशों से प्रविष्टियां दर्ज कर दी गईं। जिन प्रकरण नंबरों से हेराफेरी की गई, दायरा पंजियों के आधार पर वे प्रकरण दूसरी जमीनों के निकले। साल 2023-24 में उक्त सरकारी सर्वे नंबर के बटे कर दिए। जानिए... जमीन फर्जीवाड़े में किसकी क्या भूमिका अशोक श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार इन्होंने जरगवां में विक्रय से वर्जित जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण कर दिया। दूसरी रजिस्ट्री पर भी नामांतरण किया। फिर बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के क्रेता का नाम हटा दिया। फर्जी आदेश से सरकारी सर्वे नंबर 247 के बटे कर निजी लोगों के नाम जमीन दर्ज कर दी। जीवनलाल तिवारी, बाबू (सहायक ग्रेड-2) करैरा तहसील में तत्कालीन ऑफिस कानूनगो रहे। रिकॉर्ड शाखा का भी प्रभार रहा है। साल 2012 से 2014 के बीच राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी के लिए जिम्मेदार हैं। करीब 7 साल पहले रिटायर हो गए। करैरा में ही रहते हैं। प्रताप पुरी, बाबू (सहायक ग्रेड-3) रिकॉर्ड शाखा शिवपुरी के तत्कालीन प्रभारी रहे। करैरा से आया साल 2014 का रिकॉर्ड जमा हुआ। उस दौरान रिकॉर्ड का मिलान नहीं किया। उस रिकॉर्ड में पेज फटे हुए थे। वर्तमान में जावक शाखा में पदस्थ हैं। मुकेश चौधरी, पटवारी इनका निधन हो चुका है। जरगवां हल्के के तत्कालीन पटवारी रहे। इन्हीं के समय साल 2012-2014 में पट्टे की जमीन से विक्रय वर्जित एंट्री विलोपित हुई। फर्जी प्रकरण बने। एंट्री भी की गईं। “जांच रिपोर्ट के आधार पर करैरा तहसीलदार को भेजकर दिनारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जिले में कहीं से भी फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आती है तो जांच कराएंगे। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।” - रवींद्र कुमार चौधरी, कलेक्टर, शिवपुरी
तेजस्वी के कार्यक्रम में शामिल होंगे कार्यकर्ता
लातेहार| राजद जिला कार्यालय में गुरुवार को जिलाध्यक्ष रामप्रवेश यादव की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आगामी 5 अप्रैल को रांची स्थित होटल कार्निवल में नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के आगमन पर आयोजित सम्मान समारोह की तैयारी पर भी चर्चा की गई। मौके पर प्रदेश सचिव मोहर सिंह यादव, रंजीत यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुरेश राम, जिला संरक्षक बली यादव, उपाध्यक्ष भोला सिंह, जितेंद्र यादव, कमलेश प्रसाद, दीपक कुमार, प्रीतलाल यादव, दामोदर यादव, संतोष यादव, आदित्य कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। चंदवा|लातेहार एसपी कुमार गौरव के निर्देशन में चंदवा पुलिस की टीम ने विशेष छापामारी अभियान चलाकर चंदवा थाना कांड संख्या 50/26 के अभियुक्त महमूद मियां पिता शमसुद्दीन मियां (चकला चंदवा) को गिरफ्तार कर मंडल कारा भेज दिया। पुलिस ने बताया कि बिराटोली कोल साइडिंग संचालक से अमन श्रीवास्तव गैंग के नाम से रंगदारी मांगी गई थी, उक्त मामले में महमूद मियां के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था, जिसमें कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि महमूद मियां के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। लातेहार | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर, धर्मपुर एवं बाजकुम (रेलवे स्टेशन) के भैया-बहनों द्वारा गुरुवार को हिंदू नव वर्ष के स्वागत में भव्य पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान “नव वर्ष मंगलमय हो” के जयकारों से पूरा बाजार क्षेत्र गूंज उठा। पथ संचलन में विद्यालय के घोष दल के साथ छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा षष्ठ से नवम तक की बहनों ने अपने हाथों से बनाए शुभकामना पत्र भी लोगों के बीच वितरित किए, जिसे लोगों ने सराहा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव राजीव रंजन पांडेय ने सभी भैया-बहनों, आचार्य एवं दीदीजी तथा कर्मचारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने भी विक्रम संवत 2083 के आगमन पर सभी को मंगलकामनाएं दीं। पथ संचलन विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर मेन रोड होते हुए थाना चौक तक गया और पुनः विद्यालय प्रांगण में आकर संपन्न हुआ। घोष दल का नेतृत्व आचार्य सलमान होजाईसा ने किया।
भूसा लदे ट्रक से 1 करोड़ का गांजा बरामद, तस्कर फरार
भास्कर न्यूज | लातेहार लातेहार थाना क्षेत्र अंतर्गत किनामाड़ स्थित एक रेस्टोरेंट के पास से पुलिस ने ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। इसकी कीमत एक करोड़ रुपए है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए छापेमारी अभियान में यह सफलता मिली। जानकारी के अनुसार, यूपी 26टी 7820 नंबर का ट्रक रांची से पलामू की ओर जा रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त ट्रक के माध्यम से अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। अंचल अधिकारी नंदकुमार राम तथा एसआई राहुल सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई। रेस्टोरेंट के पास खड़ी ट्रक की जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें भूसे के अंदर बड़ी चालाकी से गांजा छिपाकर रखा गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रक में करीब 200 पेटियों में गांजा पैक किया गया था। प्रत्येक पेटी में लगभग 5 किलो गांजा रखा गया था, जिसके आधार पर कुल करीब 10 टन गांजा बरामद होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बरामद गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जिससे यह मामला बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे या पहले ही ट्रक को छोड़कर भाग निकले, इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया जा रहा था और इसे किस स्थान तक पहुंचाने की योजना थी। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
नेतरहाट इलाके के होटल, लॉज व होम-स्टे के निबंधन व शुल्क के िलए कमेटी बनेगी
लातेहार| लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिले में पर्यटन और खेल गतिविधियों को नई ऊंचाई देने के लिए गुरुवार को बैठक की। इसमें जिले की प्राकृतिक संपदा को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक में पर्यटन विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं खेल गतिविधियों के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान नेतरहाट क्षेत्र अंतर्गत सभी होटल, लॉज एवं होम-स्टे के निबंधन एवं उपयोगिता शुल्क निर्धारण हेतु समिति गठन का निर्णय लिया गया। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वही नेतरहाट क्षेत्र में पार्किंग स्थलों को चिन्हित करते हुए उन्हें व्यवस्थित रूप से संचालित करने एवं यातायात नियंत्रण को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। वही पर्यटन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जेएपीआईटी के माध्यम से एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसमें ईको-टूरिज्म और लेखा विशेषज्ञों की टीम काम करेगी। इसके अलावे नेतरहाट स्थित शैले हाउस में कार्यालय संचालन के लिए जरुरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, नेतरहाट पर्यटन विकास प्राधिकरण अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए जरुरी व्यय स्वीकृत करने की बात कही। जिसमें होमगार्ड के मानदेय भुगतान, सीसीटीवी कैमरा स्थापना, कार्यालय संचालन हेतु आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था, पर्यटन स्थलों पर आयरन डस्टबिन की उपलब्धता, कचरा प्रबंधन एवं आवश्यक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था शामिल हैं। बैठक में लमटिया डैम में नौका संचालन को सुव्यवस्थित करने एवं संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण करने का भी निर्देश दिया गया, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। इसे लेकर उपायुक्त ने जिला खेल सह पर्यटन पदाधिकारी अविनेश कुमार त्रिपाठी को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने सहित कई निर्देश दिए।
बालूमाथ में शेरेगड़ा में 24000 गायत्री मंत्र जाप करने का संकल्प
मनिका | प्रखंड मुख्यालय में सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किया है। इसे लेकर गुरुवार को अंचल अधिकारी अमन कुमार एवं थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने संयुक्त रूप से बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया और दुकानदारों को सड़क से पीछे हटकर दुकान लगाने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि आगामी रामनवमी और सरहुल पूजा के दौरान निकलने वाले जुलूस को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सड़क पर भीड़भाड़ और जाम की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि सड़क खाली रहने से जुलूस शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकेगा। प्रशासन ने साफ किया कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बालूमाथ : गुरूवार को हिंदू नव वर्ष 2083 के शुभ अवसर पर ग्राम शेरेगड़ा में प्रभात फेरी के साथ धूमधाम से नव वर्ष मनाया गया। साथ ही कलश स्थापना करके चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ किया गया जिसमें शिव मंदिर प्रांगण बाजारटांड़ शेरेगडा़ में नवरात्रि प्रारंभ किया गया। जिसमें संदीप गुप्ता, हरिहर यादव, आशीष राणा, लोचन यादव, सुनील राणा,रविंद्र ठाकुर, जयनंदन यादव, अरुण गुप्ता, रविंद्र ठाकुर ,ईश्वर लाल, अस्मिता देवी,ईशा कुमारी, ,बोधन राणा, बैजन्ती गुप्ता, गीता देवी ,राजो देवी, मनीषा देवी, पल्लवी कुमारी आदि मौजूद रहे। साथ ही गायत्री परिवार के सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने इस लघु अनुष्ठान पर 24000 गायत्री मंत्र जाप करने का संकल्प लिया। महुआडांड़ | नेतरहाट थाना क्षेत्र के दौना गांव में वृद्ध को ‘डायन’ बताकर मैला पिलाने के मामले में छह पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पहले इस घटना को महज चुनावी विवाद बताने वाली पुलिस ने अब आधिकारिक तौर पर नेतरहाट थाना कांड संख्या 06/26 दर्ज कर लिया है। पीड़ित परिवार की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी में छतना मुंडा, धनेश्वर मुंडा, कृष्णा मुंडा समेत 6 नामजद और 15 अज्ञात आरोपी कुल 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उन सभी चेहरों की पहचान करने में जुटी है जो उस विवादित बैठक में शामिल थे और जिन्होंने इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। केस दर्ज होने के बाद नेतरहाट पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस की टीम चश्मदीदों और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले और अंधविश्वास के नाम पर किसी के सम्मान से खेलने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है िक मंगलवार को दौना गांव में एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पीड़ित वृद्ध फुदन मुंडा पर डायन होने का आरोप लगाते हुए उन्हें जबरन मलमूत्र पिलाने का मामला सामने आया था। आरोपियों का मानना था कि गांव में हुई एक सड़क दुर्घटना के पीछे वृद्ध का जादू-टोना था। इस दौरान बीच-बचाव करने वाली जलसहिया हिना देवी के साथ भी मारपीट की गई थी। शुरुआत में पुलिस द्वारा मामले को बैगा चुनाव का विवाद बताए जाने से पीड़ित परिवार निराश था।
एक बाइक पर 3 सवार युवकों की दूसरी बाइक से टक्कर, 2 की मौत
भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के नावाजयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत घोरीघाट से नावाजयपुर मुख्य सड़क पर बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक का इलाज रांची में चल रहा है। मृतकों की पहचान नावाखास निवासी 20 वर्षीय आशीष कुमार (पिता- सीताराम राम) तथा पकरिया निवासी 16 वर्षीय सचिन कुमार शर्मा (पिता- सुरेंद्र शर्मा) के रूप में की गई है। दोनों युवक अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। आशीष तीन बहनों का अकेला भाई था, जबकि सचिन दो बहनों का इकलौता भाई था। इस हृदयविदारक घटना से दोनों परिवारों का सहारा छिन गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। टोले-मुहल्ले में मातम पसरा हुआ है। सूचना मिलते ही नावाजयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल मेदिनीनगर सदर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो का इलाज जारी है। मोहम्मदगंज | मोहम्मदगंज के स्वर्ण व्यवसायी सूरज सोनी (30 वर्ष) की बाइक की टक्कर से मौत हो गई। इससे पूरे इलाके में शोक की लहर है। वह बैटरी दुकान व्यवसायी बिनोद सोनी के इकलौते पुत्र थे। गुरुवार को मेदिनीनगर में पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही उनके घर पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय कोयल नदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पिता बिनोद सोनी ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।बताया जाता है कि सूरज सोनी की शादी एक वर्ष पहले लेस्लीगंज निवासी नंदकिशोर सोनी की पुत्री से हुई थी। वह बुधवार को ससुराल आए थे। बुधवार की ही शाम प्रखंड कार्यालय के पास एक रिश्तेदार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान पेशाब करने के क्रम में एक बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि एक बाइक पर तीन युवक सवार होकर घोरीघाट बाजार से अपने घर लौट रहे थे, जबकि दूसरी बाइक पर दो युवक नावाजयपुर से बाजार जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण दोनों बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक स्प्लेंडर प्लस बाइक में आग लग गई। दोनों बाइक पर कुल पांच युवक सवार थे। नावाखास पंचायत के मुखिया मनोज कुमार ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शवों के पोस्टमार्टम में सहयोग किया तथा परिजनों को आपदा प्रबंधन कोष से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं ग्रामीणों और मुखिया ने थाना क्षेत्र के बाजारों में खुलेआम बिक रहे शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजारों में बिक रहे शराब के चलते सड़क दुर्घटना में इजाफा हुआ है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
लातेहार में रसोई गैस की कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई : उपायुक्त
भास्कर न्यूज | लातेहार लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने गुरुवार को जिले के सभी गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को अपने लाइसेंस अद्यतन, स्टॉक और रेट लिस्ट कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ई-केवाईसी और उपभोक्ता सेवा पर जोर देते हुए ई-केवाईसी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करने, उपभोक्ताओं का सत्यापन व लिस्ट संधारित करने व गैस बुकिंग नंबरों को निरंतर सक्रिय रखने के निर्देश दिए, ताकि बुकिंग में किसी को कोई असुविधा न हो। वही गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतों पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि वितरण में कोई अनियमितता या कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एजेंसी के प्रतिनिधियों से निर्धारित नियमों के दायरे में रहकर पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने सहित कई निर्देश दिए। बैठक में सदर एसडीओ अजय कुमार रजक, महुआडांड़ एसडीओ बिपिन कुमार दुबे, डीएसओ श्रवण राम समेत संबंधित पदाधिकारी एवं सभी गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इधर, दस्तावेज नहीं देने पर एजेंसी का कार्यालय सील : उपायुक्त के निर्देश पर गुरुवार को शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित साक्षी भारत गैस एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया गया। डीएसओ श्रवण राम ने बताया कि एजेंसी से गैस उपभोक्ताओं की सूची, संख्या समेत अन्य वांछित दस्तावेजों मांग की गई थी। जिसे एजेंसी समय पर उपलब्ध नहीं करा सकी। उन्होंने बताया कि जिले में कार्मशियल गैस कनेक्शनों के साथ-साथ घरेलु गैस सिलिंडर इस्तेमाल करने वाले होटल व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। जिले में पर्याप्त रसोई गैस है, इसे लेकर उपभोक्ताओं को पैनिक होने की जरुरत नहीं है।
रामनवमी शोभायात्रा पुनः शुरू करने की मांग को लेकर धरना
भास्कर न्यूज | हजारीबाग बड़कागांव प्रखंड के महुदी गांव में रामनवमी शोभायात्रा को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर झारखंड विधानसभा के बाहर बुधवार को विधायक रोशन लाल चौधरी, प्रदीप प्रसाद तथा निर्मल महतो ने संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि महुदी गांव में वर्षों से निकलने वाली रामनवमी शोभायात्रा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है। इसे बंद किया जाना स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल करते हुए शोभायात्रा को पुनः प्रारंभ करने की अनुमति दी जाए। आगे विधायक चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की आस्था और परंपरा का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है तथा आगे भी जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। आगे उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पुष्टिकरण की राजनीति कर रही है हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हिंदुस्तान में हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं प्रदीप प्रसाद और निर्मल महतो ने कहा कि धार्मिक आयोजनों पर किसी प्रकार की अनावश्यक रोक उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। धरना-प्रदर्शन के दौरान समर्थकों और स्थानीय लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मांग का समर्थन किया।
प्रखंड के 4 गांव में प्रतिमा स्थापित कर कलश स्थापना के साथ चैती दुर्गा पूजा, नवरात्र शुरू
बड़कागांव | झारखंड विधानसभा में बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से हजारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी व रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड को पृथक अनुमंडल (सब-डिवीजन) के रूप में अधिसूचित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र प्रशासनिक, भौगोलिक और जनसंख्या की दृष्टि से अनुमंडल गठन की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करते हैं। संकल्प में बताया गया कि बड़कागांव प्रखंड में 23 पंचायत और लगभग 1.50 लाख की आबादी है, जबकि केरेडारी प्रखंड में 16 पंचायतों के साथ करीब 90 हजार की जनसंख्या निवास करती है। वहीं रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में 46 पंचायत और लगभग 2.30 लाख की आबादी है, जो औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। विधायक रोशन लाल चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि बड़कागांव एवं पतरातू दोनों स्थानों पर पहले से ही पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी का कार्यालय संचालित है, जो इन क्षेत्रों की प्रशासनिक महत्ता को दर्शाता है। इसके बावजूद एसडीओ कार्यालय का अभाव आम जनता के लिए कठिनाई का कारण बना हुआ है। बड़कागांव | बड़कागांव प्रखंड में रामनवमी चैती दुर्गा पूजा नवरात्र गुरुवार से कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया। प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा की गई। प्रखंड के सभी चौक चौराहे बाजार भगवा ध्वज से सजना शुरू हो गया। चार गांव बड़कागांव दैनिक बाजार बाजार, सीकरी, बादम व चेपापकला के चैती दुर्गा मंदिर में प्रतिमा स्थापित कर नवरात्र शुरू हो गया। पूजा में पूजा समितियां के द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लिया जा रहा है। जिसमें पूजा समितियां में बड़कागांव दैनिक बाजार से अध्यक्ष अरविंद वर्मा, सचिव सरोज सोनी व कोषाध्यक्ष महेश सोनी की देखरेख में पूजा की जा रही है, वहीं बादम में अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे, प्रभारी अध्यक्ष नरेश साव, सचिव गौतम बर्मा एवं कोषाध्यक्ष संजय लाल गुप्ता की अगवाई में पूजन कार्य किया जा रहा है। बरही| बरही थाना क्षेत्र के विजैया गांव में घर के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन की चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित रवि कुमार मोदी ने अज्ञात चोर के खिलाफ बरही थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन में भुक्तभोगी ने बताया कि चोरी हुई गाड़ी नंबर जेएच 12 एल 8231 अपने परिचित रंजीत कुमार वर्णवाल से एग्रीमेंट के तहत ली थी और उसे भाड़े पर चलाकर जीविकोपार्जन करते थे। बीते 15 मार्च की शाम करीब 7 बजे उन्होंने रोज की तरह वाहन को अपने घर के बाहर खड़ा किया था। रात में खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए। अगली सुबह 16 मार्च को करीब 6 बजे जब बाहर निकले तो गाड़ी गायब थी। यह देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। जांच के दौरान गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सौरभ ट्रेडर्स के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। फुटेज में रात 12:33 बजे एक अज्ञात व्यक्ति वाहन को ले जाते हुए साफ दिखाई दिया है। इसके बावजूद अब तक गाड़ी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद पीड़ित ने बरही थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है और जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांड संख्या 99/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हजारीबाग | मटवारी स्थित परफेक्ट स्माइल डेंटल क्लीनिक में 17 से 19 मार्च तक निशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 334 मरीजों का निशुल्क इलाज हुआ। दंत चिकित्सा शिविर में दांतों की सफाई, दांतों को भरना,एक्स-रे, दांत निकलना व दवा वितरण बिल्कुल निशुल्क किया गया। शिविर में बगोदर निवासी 45 वर्षीय शकीला खातून का दांत निकाला गया । उन्होंने कहा कि दांत निकलते वक्त उन्हें जरा भी दर्द महसूस नहीं हुआ। वही चतरा निवासी 70 वर्षीय बलदेव महतो ने बताया कि उन्हें काफी समय से दांतों की समस्या थी और डॉ आशीष ने उनके दांतों को भरकर उनकी समस्या का निवारण किया। शिवपुरी निवासी 35 वर्षीय ममता देवी ने अपनी दांतों की सफाई कराई जिससे कि वो बहुत संतुष्ट थी। सारे ही मरीज इस शिविर से काफी खुश नजर आए। डॉ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि वह पिछले 21 सालों से समय-समय पर निशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। निर्देशिका निधि रानी ने बताया कि इस तरह के शिविर से ग्रामीण इलाकों के लोगों को काफी लाभ मिलता है। इस शिविर के सफल आयोजन में सान्वी श्रीवास्तव, आर्यन श्रीवास्तव, राजेश कुमार, अमर मिश्रा, पीयूष सिन्हा, अनुभव मिश्रा, महेंद्र राणा, उषा सिंह और चंदन सिंह का योगदान रहा। कटकमदाग | प्रखंड अंतर्गत सलगावां पैक्स से जुड़ी करीब 30 महिलाओं का एक जत्था तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रांची रवाना हुआ। प्रशिक्षण झामकोफेड, रांची द्वारा आयोजित किया जा रहा है। झामकोफेड के पूर्व निदेशक सदानंद ओझा ने बताया कि इस प्रशिक्षण में महिलाओं को वनोपज के संग्रहण, संरक्षण एवं उसके बेहतर उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही वन औषधीय पौधों की पहचान, उनके संग्रहण के वैज्ञानिक तरीके तथा उनसे होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देना है। इससे महिलाएं न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगी, बल्कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग भी कर पाएंगी।बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपने क्षेत्र में अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगी, जिससे पूरे क्षेत्र के बेरोजगार महिलाएं लाभान्वित होगी। प्रशिक्षण में पैक्स प्रबंधक रविन्द्र कुमार दास, विकास कुमार, गणेश प्रसाद व महेश साव शामिल होंगे।
9 सूत्री मांग पत्र सीसीएल प्रबंधन को सौंपा गया
केरेडारी| चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र के विस्थापितों की समस्याओं को लेकर चंद्रगुप्त विस्थापित प्रभावित समिति, पचड़ा (केरेडारी) ने सीसीएल प्रबंधन (जीएम) संजीव कुमार को 9 सुत्री मांग पत्र सौंपा है। समिति ने पत्र के माध्यम से स्थानीय विस्थापितों के अधिकार, रोजगार, मुआवजा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई अहम मांगें रखी हैं। चंद्रगुप्त कोल परियोजना में ट्रांसपोर्टिंग कार्य में 50 प्रतिशत भागीदारी स्थानीय विस्थापितों को दी जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही परियोजना से प्रभावित लोगों की मूलभूत समस्याओं की ओर प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। मांग पत्र में गैर मजरुआ जमीन का सत्यापन कर प्रभावितों को नौकरी अथवा मुआवजा दिया जाए।
शिक्षकों को दूसरे यूनिवर्सिटी से सीखने का मिलेगा अवसर
भास्कर न्यूज | हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय तथा झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय के बीच एक उच्च स्तरीय एमओयू पर बुधवार को रांची के नेपाल हाउस में अवस्थित उच्च शिक्षा निदेशालय में हस्ताक्षर किया गया। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ प्रणिता ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर दस्तावेज की प्रति एक दूसरे को हस्तांतरित किया। कुलसचिव डॉ प्रणिता ने बताया कि कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने उक्त एमओयू पर विमर्श करने तथा हस्ताक्षर करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से एक उच्च स्तरीय दल का गठन किया था। दल में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ विकास कुमार, सीसी-डीसी प्रो मिथिलेश कुमार सिंह तथा कुलसचिव डॉ प्रणिता को शामिल किया गया था। दल ने बुधवार को रांची में उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा से विमर्श किया। इसमें दोनों ही पक्ष के अधिकार व दायित्व को स्पष्ट रूप से समझा गया। एमओयू का उद्देश्य शिक्षकों को सशक्त बनाना, शिक्षण संस्थानों को रूपांतरित करना तथा उच्च शिक्षा को समृद्ध करना है। शिक्षकेतर कर्मचारी तथा उच्च शिक्षा से संबंधित अन्य हित धारकों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट अकेडमी (जेएसएफडीए) की स्थापना की गई है। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग का यह एक अग्रणी पहल है। यह झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद से मार्गदर्शन प्राप्त करेगा तथा नई शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि को लागू करने के उद्देश्य से एक नोडल संस्थान के रूप में कार्य करेगा। इस एमओयू का उद्देश्य न सिर्फ विनोबा भावे विश्वविद्यालय को एक सेंटर आफ एकेडमिक एक्सीलेंस बनाना है बल्कि नैतिकता, समानुभूति, नवाचार तथा समावेशी विकास के संस्था के रूप में स्थापित करना है। ज्ञात हो कि इस अभियान में श्री श्री रविशंकर का द आर्ट ऑफ लिविंग, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी रांची, सरला बिरला यूनिवर्सिटी रांची, इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा।
भैया-बहनों ने प्रस्तुत की झांकियां व स्वच्छता और एकता का संदेश दिया
भास्कर न्यूज | हजारीबाग कुम्हारटोली, हजारीबाग स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नव वर्ष के अवसर पर एक भव्य व आकर्षक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधन समिति के सदस्य, प्रधानाचार्य, आचार्य, भैया-बहन व अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण से हुआ, जिसमें विद्यार्थियों की सहभागिता भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व सामाजिक एकता के संदेशों को प्रदर्शित किया। यात्रा के दौरान भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत झांकियां व नारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मार्ग में स्थानीय लोगों ने भी इस शोभायात्रा का स्वागत किया और भैया-बहन का उत्साहवर्धन किया। इस शोभा यात्रा में विद्यालय के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, सचिव जयप्रकाश आनंद, प्रधानाचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू, स्थानीय अभिभावक तथा हजारों की संख्या में भैया-बहन उपस्थित थे। विद्यालय के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन व सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। वहीं कोषाध्यक्ष ने नव वर्ष की मंगल कामना देते हुए कहा कि इस प्रकार के विशेष आयोजन से ही हम भारतीय संस्कृति और पपरम्परा का प्रवाह समाज में कर सकते हैं। सचिव जयप्रकाश आनंद ने इस आयोजन भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि नव वर्ष को समाज में प्रसारित करने की योजना आज सफल होते हुए दिख रही है। वहीं प्राचार्य शर्मेन्द्र कुमार साहू ने भैया-बहनों के उत्साह को देखते हुए कहा कि नवांकुरों में भारतीय संस्कृति का प्रवाह हो ऐसी कामना है। शोभा यात्रा विद्यालय प्रांगण से आरंभ होकर विष्णुपूरी, रामनगर, महावीर स्थान, संकटमोचन मंदिर, पीपल चौक होते हुए विद्यालय प्रांगण पहुंचा। कार्यक्रम का समापन विद्यालय परिसर में हुआ। इस आयोजन ने नव वर्ष के आगमन को हर्षोल्लास व सकारात्मक ऊर्जा के साथ मनाने का संदेश दिया।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखेंेगे समिति के सदस्य
भास्कर न्यूज | हजारीबाग चैत्र रामनवमी पर्व पर महासमिति के स्तर से आयोजित होनेवाली गतिविधियों के संचालन के लिए बड़ा अखाड़ा चौक हजारीबाग में रामनवमी महासमिति कार्यालय का उद्घाटन किया गया। निर्मल स्कूल के सामने तैयार कार्यालय का विधिवत उद्घाटन बुजुर्ग छवि गोप और वकील महतो ने गोपूजन के साथ किया। उपस्थित रामभक्तों ने गौ माता को गुड और फल खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। बड़ा अखाड़ा के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बजरंग बली का पूजन संपन्न करायास। पूजा के दौरान समिति के लोग महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखेंेगे। रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण, अनुशासित व भव्य तरीके से संपन्न कराना महासमिति की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यह नया कार्यालय आयोजन से जुड़ी सभी गतिविधियों का मुख्य केंद्र होगा, जहां से जुलूस की व्यवस्था, सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय व अन्य तैयारियों का संचालन किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में महासमिति के पूर्व अध्यक्ष कुणाल यादव, डॉ अमरदीप यादव, विजय वर्मा, सुनील केशरी, बसंत यादव, शशि केसरी, अनमोल साव, पवन गुप्ता, राजकुमार यादव, इंद्र गोप, राजकुमार यादव, रंजन सहाय, वीरेंद्र कुमार वीरू, वकील महतो, राजेश यादव, राजेश गोप एवं सहित विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति थी। तीन दिनों में भगवामय हो जाएगा हजारीबाग महासमिति के अध्यक्ष लड्डू यादव ने कहा कि बताया कि तीन दिनों के भीतर शहर को भगवामय कर दिया जाएगा। मैं जिला प्रशासन से संपर्क कर जुलूस के दौरान चोटिल होनेवाले लोगों के इलाज के लिए हर चौक पर प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था कराने का प्रयास कर रहा हूं। जुलूस देखने आनेवाली महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है।
ओमान में सड़क हादसे में विष्णुगढ़ के युवक की मौत, गांव में मातम
भास्कर न्यूज | विष्णुगढ़ झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बार फिर रोजी-रोटी के लिए सात समंदर पार गए प्रवासी मजदूर की मौत की दुखद खबर सामने आई है। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के जोबर पंचायत के बंदखारो गांव निवासी प्रदीप कुमार महतो (24 वर्ष) की ओमान में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के गांव में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, प्रदीप कुमार महतो ओमान की ज़ावावी पॉवरटेक इंजीनियरिंग कंपनी में कार्यरत था। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। बुधवार को वह अपना इलाज कराकर वापस अपने कमरे की ओर लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पार करते समय वह एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप अपने परिवार का सहारा था और घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पिता पुषण महतो और अन्य परिजनों का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार से शव को जल्द से जल्द स्वदेश लाने और उचित मुआवजे की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर पलायन की विभीषिका को उजागर कर दिया है। हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा बेहतर भविष्य की तलाश में देशों का रुख करते हैं। प्रवासी मजदूरों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। गिरिडीह और हजारीबाग के मजदूर अक्सर विदेशों में हादसों या बीमारी का शिकार होते रहते हैं।
चहारदीवारी निर्माण कार्य में लगे मजदूर के ऊपर गिरी 20 फीट लंबी दिवार, हुई मौत
विष्णुगढ़ | प्रखंड के बेड़ाहरियारा पंचायत अंतर्गत रमुआ स्थित परियोजना विद्यालय में चल रहा विद्यालय उन्नयन कार्य गुरुवार को एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया। यहां पुरानी चारदीवारी गिरने से उसकी चपेट में आकर एक 54 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश है और सरकारी कार्यों में बरती जा रही अनियमितता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अचलजामो (तेली मुहल्ला) निवासी भागीरथ साव (पिता- एतवारी साव) विद्यालय में चारदीवारी निर्माण कार्य में लगे थे। इसी दौरान अचानक करीब 20 फीट लंबी और 7 फीट ऊंची पुरानी दीवार भरभरा कर उनके ऊपर गिर गई। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में उन्हें मलबे से बाहर निकाला और हजारीबाग स्थित आरोग्यम अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुफस्सिल थाने को 77 साल बाद मिली जमीन, कई थाने अभी भी तिरपाल के नीचे
सुबोध मिश्रा| हजारीबाग हजारीबाग शहर का मुफस्सिल थाना को 77 साल बाद अपना भवन मिलेगा। अब तक यह थाना किराए के मकान में संचालित हो रहा था। जब 5 साल पूर्व मकान खाली कराया गया तो पंचायत भवन में वर्तमान में संचालित है। इसके अतिरिक्त उन थानों को भी नया भवन मिलने जा रहा है जो पुलिस विभाग के पुराने जर्जर भवन में संचालित हैं। इनमें पुराने एसपी ऑफिस में संचालित महिला थाना, साइबर थाना, एसटीएससी थाना है। इसके अतिरिक्त पुराने एसपी ऑफिस भवन में ही संचालित सदर एसडीपीओ कार्यालय को भी नया भवन मिलेगा। उक्त सभी थाना और कार्यालय एक ही परिसर में होंगे। यह सफलता वर्तमान एसपी अंजनी अंजन के प्रयास से हजारीबाग पुलिस विभाग को मिली। उक्त सभी थाना के लिए फोरलेन बाईपास के किनारे साढे तीन एकड़ सरकारी भूखंड का चयन किया गया। उसमें बनने वाले भवन का टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हुई। उक्त सारे भवन 18 करोड़ की लागत से बनेंगे। अब इसका काम भी शुरू होने जा रहा है। सारे भवन 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। झारखंड में पहला यह एक बड़ा परिसर होगा जहां एक कैंपस में चार चार थाना और सदर एसडीपीओ कार्यालय संचालित होगा। बड़ी बात है कि इतने लंबे अरसे के बाद हजारीबाग मुफ्फसिल थाना को अपना भवन होगा। पुलिसकर्मियों के रहने की भी होगी व्यवस्था हजारीबाग में साढ़े तीन एकड़ भूभाग में बनाए जा रहे मुफस्सिल साइबर महिला और एसटीएससी थाना के लिए वहां पद स्थापित पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों के रहने के लिए आवासीय व्यवस्था भी होगी। इसके लिए उस परिसर में क्वार्टर और बैरक का भी निर्माण किया जाएगा। साथ ही अब तक छोटे परिसर में संचालित थानो के कारण सीजर वाहन मोटरसाइकिल इत्यादि के रखरखाव में परेशानी होती थी और जैसे तैसे रखे जाने के कारण उक्त सामग्री की स्थिति खराब हो जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। इतने बड़े भूभाग में सीजर वाहन मोटरसाइकिल व अन्य सामग्री का बेहतर तरीके से रखरखाव भी होगा। अभी भी शहर के तीन थानों को अपने भवन की जरूरत हजारीबाग शहरी क्षेत्र में संचालित चार थाना में सदर थाना को छोड़ बाकी तीन थाना को अपने भवन की जरूरत है। उक्त तीनों थाना में एक लोहसिंघना थाना तालाब के मेढ के किनारे टीन कंटेनर में संचालित है। बरसात में जब तालाब भरता है तो लोहसिंघना थाना में हर साल पानी घुस जाता है। जबकि गर्मी में टीन का कंटेनर तप जाने के बाद लोग अंदर बैठने के बजाय बाहर टहलना पसंद करते हैं। जबकि कोर्रा थाना डीवीसी के रिजेक्ट खपड़ैल घर में संचालित है ।जहां बारिश के पानी से बचने के लिए छप्पर के ऊपर प्लास्टिक ढका गया है। वही बड़ा बाजार ओपी थाना भले ही अपने जमीन में संचालित है लेकिन यह थाना प्री फैब्रिकेटेड घर में चल रहा है। इनमें कोर्रा और लोहसिंघना थाना को अपने भवन की नितांत आवश्यकता है।
ईद और सरहुल भाईचारे के साथ मनाने की अपील की
कुड़ू|सरहुल, ईद व नवरात्र पर्व को ध्यान में रखते हुए सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया, जो थाना परिसर से प्रारंभ होकर बस पड़ाव, बाई पास रोड, ब्लॉक चौक, इंदिरा गांधी चौक, नीचे स्टैंड, होकर वापस कुड़ू थाना परिसर में संपन्न हुआ। फ्लैग मार्च के दौरान कस्बे के मुख्य स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीओ और थाना प्रभारी ने लोगों से बातचीत कर ईद, सरहुल पर्व को आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। मौके पर लाल गुड्डू नाथ शाहदेव सहित अन्य मौजूद थे।
जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर लिया गया संकल्प
भास्कर न्यूज|लोहरदगा जल महोत्सव पखवाड़ा 8 मार्च से 22 मार्च 2026 के अंतर्गत जल अर्पण दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम शुक्रवार को सेन्हा प्रखंड के बूटी पंचायत में निर्मित बहुद्देशीय ग्रामीण जलापूर्ति योजना एमवीएस परिसर में आयोजित किया गया। उपायुक्त लोहरदगा के निर्देश के आलोक में जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में पेयजल आपूर्ति योजनाओं के बेहतर संचालन व रखरखाव को सुनिश्चित करते हुए 14 गांवों की योजनाओं का हस्तांतरण संबंधित ग्राम जल और स्वच्छता समिति को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव व विशिष्ट अतिथियों में जिला परिषद सदस्य राधा तिर्की, सेन्हा प्रमुख फुलझड़ी उरांव, अंचल अधिकारी सेन्हा, बूटी पंचायत की मुखिया पार्वती कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जलसहिया व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत कार्यपालक अभियंता अनूप कुमार हांसदा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा जल संकल्प सूत्र का पाठ किया गया व वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण कर उन्हें विधिवत ग्राम जल और स्वच्छता समिति को हस्तांतरित किया गया। संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जल संरक्षण, पेयजल की गुणवत्ता, उसके सतत प्रबंधन व ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी लोगों से जल के संरक्षण और सही उपयोग के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि बूटी पंचायत की मुखिया को 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर उपस्थित सभी लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। जल महोत्सव पखवाड़ा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जल संरक्षण, स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल के प्रति जनजागरूकता को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में पेसा कानून व पड़हा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
भास्कर न्यूज|लोहरदगा 12 पड़हा अकाशी भंडरा, लोहरदगा की महत्वपूर्ण बैठक अकाशी झखरा बगिचा में जिला कोटवार डोमना उरांव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से जिला राजी वेल लक्ष्मी नारायण भगत, भंडारी गोसाई भगत, प्रभारी नारायण उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न गांवों- अकाशी, बाघी, भटखीजरी, खंडा, नरौली, गुड़ी खवास, आम्बवा आदि से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में पेसा कानून, विशू शिकार, पड़हा व्यवस्था व ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए लक्ष्मी नारायण भगत ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ राजनीतिक दलालों के माध्यम से पारंपरिक पड़हा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक विधि-विधान व परंपराओं से समाज को भटकाया जा रहा है, जिसके कारण गांवों में सामाजिक और धार्मिक विवाद बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पड़हा व्यवस्था को नजरअंदाज करने से धर्मांतरण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं और समाज में असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में सभी लोगों को एकजुट होकर पड़हा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि पेसा कानून, ग्राम सभा व सामाजिक-धार्मिक सुरक्षा को मजबूती मिल सके। बैठक में गोसाई भगत नारायण उरांव, अनमोल सुकरा, वुदेश्वर, चौठी, राजमुनी (उप प्रमुख), बिरसा, निरंजन सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और सामाजिक एकता व परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निरंजन उरांव को 12 पड़हा अकाशी वेल व सुकरा उरांव को कोटवार चुना गया। साथ ही आगामी मई माह में आयोजित होने वाले विशू शिकार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त यह निर्णय लिया गया कि आगामी 20 मार्च 2026 को लोहरदगा के झखरा कुम्बा में जिला राजी पड़हा व सरहूल बैठक आयोजित की जाएगी।
पेंशन और मंईयां सम्मान योजना की राशि जारी, लाभुकों को बड़ी राहत
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिले में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लगातार आमजन तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में सर्वजन पेंशन योजना के अंतर्गत फरवरी 2026 माह की पेंशन राशि जिले के सभी लाभुकों के बैंक खातों में भेज दी गई है। लाभुक अब अपने-अपने बैंक खातों से राशि की निकासी कर सकते हैं। वहीं, ईद एवं सरहुल पर्व के अवसर पर सरकार ने महिलाओं को विशेष तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत मार्च 2026 की सम्मान राशि भी जारी कर दी है। इस योजना के अंतर्गत जिले की कुल 93,062 महिलाओं के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 23 करोड़ 26 लाख 55 हजार रुपए की राशि आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभुकों के खातों में भेजी गई है। इससे जिले की बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली है और उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है।जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र में लाभुकों की संख्या है। जिसमें भंडरा-13,075, कैरो- 8,083, पेशरार -4,120, सेन्हा- 14,840, कूडू- 17,670, किस्को- 11,465, लोहरदगा प्रखंड- 11,540, लोहरदगा शहरी क्षेत्र-12,269 शामिल है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, लोहरदगा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य सभी पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम व मां दुर्गा का अवतरण धर्म की स्थापना के िलए हुआ : नप अध्यक्ष
भास्कर न्यूज|कैरो प्रखंड मुख्यालय कैरो महावीर मंडल के तत्वाधान में गुरुवार को हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 वर्ष प्रतिपदा भव्य कलश यात्रा निकली गई। मौके पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अहले सुबह दुर्गाबाड़ी भवन के पास से कलश लेकर थाना मोड़ होकर जय माता दी, जय श्री राम का जयकारा लगाते हुए सीधे नंदनी नदी पहुंचे, नदी में गंगा यमुना गोदावरी तीनों प्रमुख नदी का ध्यान कर पूजा-अर्चना कर जल में पुष्प अर्पित किया। आचार्य कौशल कांत त्रिपाठी जी के द्वारा संकल्पित जल लेकर नगर भ्रमण करते हुए देवी मंदिर, हनुमान मंदिर में जल समर्पित कर श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं को पूजा-अर्चना कर नमन करते हुए क्षेत्र के सुख, शांति, समृद्धि की कामना की। वासंतिक नवरात्र के प्रारंभ होते ही अनेक श्रद्धालुओं के द्वारा चैत्र नवरात्र पाठ भी दुर्गा वाड़ी भवन पर की जा रही है। मौके पर विशेश्वर प्रसाद दीन, सूरज मोहन साहू, सतीश कुमार पांडेय, मुखिया वीरेंद्र महली, उप मुखिया रवि प्रजापति, अनिल कुमार पांडेय, कैलाश महतो, शंभू सोनी, बजरंग साहू, अमित कुमार के अलावा महावीर मंडल अध्यक्ष विवेक प्रजापति, शैलेश कुमार, ब्रजेश कुमार, सुमन सोनी, शशि ठाकुर, जितबाहन महतो, अनमोल कुमार, अंतोष साहू, छोटू महतो, राधेश्याम साहू, राहुल सोनी, अंकित, आकाश, मयंक ने कलश यात्रा को सफल बनाया। कैरो थाना प्रभारी कुंदन कुमार रवानी के निर्देश पर थाना के एएसआई रंजन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ कलश यात्रा में ड्यूटी पर मुस्तैद थे। लोहरदगा|लोहरदगा, हिन्दू नववर्ष संवत्सर 2083 एवं चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर स्थानीय वीर शिवाजी चौक स्थित सिद्धि दात्री दुर्गा मंदिर में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य रामोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवा ध्वज पूजन, भारत माता आरती व सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुई। मंदिर के पुजारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन कराया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह आयोजन नौ दिनों तक चलने वाले रामोत्सव का प्रारंभिक दिन रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व मां दुर्गा का अवतरण धरती पर पापियों के विनाश और धर्म व मर्यादाओं की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा ने दुष्ट शक्तियों का संहार कर धर्म की रक्षा की, वहीं भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के आदर्शों से समाज को सत्य, त्याग, समर्पण और समानता का संदेश दिया। उन्होंने श्रीराम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिता के वचन पालन के िलए वनवास स्वीकार करना, माता सीता के प्रति अटूट समर्पण, शबरी के प्रेम को स्वीकार करना व सभी वर्गों को साथ लेकर रावण पर विजय प्राप्त करना हमें सामाजिक समरसता और मर्यादा का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज हिन्दू धर्म की अखंडता और गौरव का प्रतीक है, जिसे देखकर प्रत्येक सनातनी का हृदय गर्व से भर उठता है। इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु, विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष रीतेश कुमार, केंद्रीय महावीर मंडल अध्यक्ष विपुल तामेड़ा, भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बाल्मीकि कुमार, बजरंग दल जिला संयोजक पवन कुमार प्रजापति, नगर संयोजक राजकुमार साहू, जिला सह संयोजक निशांत कुमार वर्मा, नीरज साहू, नगर सह संयोजक अनुभव कुमार, विवेक कुमार, सुरक्षा प्रमुख प्रद्युमन पाठक, गौ रक्षा प्रमुख विकास यादव सहित अनेक गणमान्य लोग व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया।
कांग्रेस के संगठन संवाद में जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को दी सक्रियता की नसीहत
भास्कर न्यूज|गुमला बसिया प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से पंचायत कमिटी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं बीएलए-2 के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का फोकस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना रहा। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि सह जिला अध्यक्ष सह दिशा सदस्य राजनील तिग्गा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मनरेगा और पेसा कानून को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राजनील तिग्गा ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों को मिला कानूनी अधिकार है, जिसे कांग्रेस सरकार ने लागू कर देश के ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी। यह कानून आज भी लाखों परिवारों के जीवन का सहारा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्वरूप को बदलकर तथाकथित “जी राम जी” जैसी नई व्यवस्थाओं की बात की जा रही है, जो मूल अधिकार आधारित व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को इस बदलाव के प्रभाव के बारे में जागरूक करें और मनरेगा जैसे अधिकार आधारित कानून को बचाने के लिए आवाज उठाएं। साथ ही पेसा कानून की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएं, ताकि आदिवासी समाज अपने अधिकारों को समझकर मजबूत बन सके। वहीं मास्टर ट्रेनर अनिरुद्ध चौबे ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर बीएलए-2 और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। रोशन बरवा ने पेसा कानून की उपयोगिता पर संक्षेप में जानकारी दी, जबकि प्रखंड अध्यक्ष विकास साहू और पूर्व अध्यक्ष अभय चौधरी ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर बल दिया। रफी अली, गौरी चौधरी, मंडल अध्यक्ष घूरण साहू सहित अन्य नेताओं ने भी संक्षिप्त रूप से अपने विचार रखे।
नगर के विकास के लिए मिलकर करें काम : निवर्तमान उपाध्यक्ष
गुमला|नगर परिषद गुमला के निवर्तमान उपाध्यक्ष कलीम अख्तर ने चुनाव में जीत दर्ज करने वाले सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नगर के विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। कलीम अख्तर ने एक बयान जारी कर कहा कि चुनाव के दौरान वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन अब समय आ गया है कि उन कड़वाहटों को भुला दिया जाए। उन्होंने आशा जताई कि सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधि आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एक टीम भावना के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर का सर्वांगीण विकास तभी संभव है। जब सभी जनप्रतिनिधि एक मंच पर आकर जनहित में निर्णय लें। निवर्तमान उपाध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि उनके पिछले कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए जो विकास कार्य किन्हीं कारणों से अधूरे रह गए थे। अब वे तेजी से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से अपील की कि वे जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दें और उनके द्वारा जताए गए भरोसे पर खरा उतरें।
हिन्दू नव वर्ष व डॉ. हेडगेवार जयंती धूमधाम से मनाई गई
लोहरदगा|मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज एवं शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर के भैया-बहनों द्वारा हिन्दू नव वर्ष के शुभ अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आकर्षक पद संचलन निकाला गया, जिसके माध्यम से समाज को नव वर्ष की मंगलकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य बिपिन कुमार दास, आचार्यों व छात्र-छात्राओं द्वारा डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुई। इसके पश्चात डॉ. हेडगेवार की जयंती श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता हिन्दू तन मन हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय का सामूहिक गायन किया गया, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। हिन्दू नव वर्ष के उपलक्ष्य में शुभकामना पत्र निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें भैया-बहनों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक व सृजनात्मक कार्ड तैयार किए। इसके साथ ही महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य बिपिन कुमार दास ने कहा कि हिन्दू नव वर्ष भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह नव संवत्सर (विक्रम संवत) का प्रारंभ है, जो नई ऊर्जा, आशा और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। इस दिन से प्रकृति में नव चेतना का संचार होता है और लोग नए संकल्प के साथ जीवन की शुरुआत करते हैं। कार्यक्रम में नीतू कुमारी, रेणु कुमारी, रश्मि साहु, ऋद्धि मिश्रा, कविता कुमारी, सनोज कुमार साहू, रितेश कुमार पाठक, आरती भगत, शिखा राय, रोहित कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
छात्रों ने नववर्ष मंगलमय हो के उद्घोष के साथ पथ संचलन किया
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, लोहरदगा में हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) का उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों के साथ प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य, प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास, आचार्य-दीदी एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पारंपरिक एवं प्रेरणादायक ढंग से नववर्ष का स्वागत किया। प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने विद्यार्थियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए घरों में रंगोली, दीप प्रज्वलन, मिष्ठान वितरण एवं भगवा ध्वज लगाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन में “नववर्ष मंगलमय हो” के उद्घोष के साथ भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभाव का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित जनसमूह प्रभावित हुआ। कार्यक्रम का संचालन जया मिश्रा ने किया, जबकि अतिथियों का परिचय मधुमिता शर्मा ने कराया। हिंदी आचार्य प्रमेंद्र सिंह ने हिंदू नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विशेषताओं की जानकारी दी। अंत में मुकेश सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह आयोजन न केवल नववर्ष का स्वागत था, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रेरणादायक प्रयास भी साबित हुआ।
स्कूटी सवार दंपति को कार ने मारी टक्कर, दोनों घायल
गुमला| बसिया थाना क्षेत्र के भागीडेरा खटंगा टोली निवासी 35 वर्षीय अरुणा देवी और उनके पति 40 वर्षीय घूरन इंदवार बुधवार को स्कूटी से कुम्हारी बाजार गए थे। वापस लौटने के दौरान शाम करीब 5 बजे बसिया हाई स्कूल के समीप पीछे से आ रही एक मारुति कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दुर्घटना में अरुणा देवी के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि घुरन इंदवार के दाहिने हाथ में चोट आई है। घटना के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार के चालक द्वारा ही दोनों घायलों को तत्काल रेफरल अस्पताल बसिया पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों की जांच के बाद अरुणा देवी को सीटी स्कैन के लिए भेजा दिया।

