मुरैना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गोलियां और लाठियां चलने लगीं। गोलीबारी में एक राहगीर युवक घायल हो गया, जबकि लाठीबाजी में दो अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, श्याम बिहार कॉलोनी निवासी भोला गुर्जर और संजू गुर्जर के बीच पैसों का लेन-देन था। इसी बात को लेकर रात करीब 8 बजे दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान भोला गुर्जर ने गोली चला दी, जो वहां से गुजर रहे विवेक वर्मा को जा लगी। गोली विवेक के हाथ और सीने में लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। गोलीबारी के बाद दोनों पक्षों के बीच लाठियां भी चलीं, जिसमें भोला गुर्जर और संजू गुर्जर घायल हो गए। दोनों का उपचार भी जिला अस्पताल में किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि गोली लगने से एक राहगीर घायल हुआ है, जबकि अन्य लोग लाठीबाजी में चोटिल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है। पुलिस घायलों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रयागराज में सरकारी डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को संगम सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करना नियमों के खिलाफ है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में सरकारी डॉक्टर प्रैक्टिस करते हुए मिले, तो संबंधित अस्पताल और नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा। प्रशासन की ओर से जल्द ही औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और सभी सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को निर्देश दिए कि ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, जो सरकारी नौकरी के साथ निजी प्रैक्टिस भी कर रहे हैं। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारियों और अपर नगर मजिस्ट्रेटों को भी औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एलआईयू को भी जांच कर ऐसे सरकारी चिकित्सकों की जानकारी जुटाने और सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। डीएम ने साफ कहा कि सरकारी नौकरी और प्राइवेट प्रैक्टिस दोनों एक साथ नहीं चल सकते। यदि कोई डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करना चाहता है, तो उसे पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी सहयोग करने और इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा न देने की अपील की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वी.के. पांडेय, तेज बहादुर सप्रू अस्पताल के सीएमएस सहित कई सरकारी अस्पतालों के अधिकारी और मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र के 35 साल के युवक की आर्मेनिया में मौत हो गई। युवक रोजगार की तलाश में विदेश गया था। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। अब परिवार बेटे का शव भारत लाने के लिए सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है। मृतक की पहचान नगला गांव के रहने वाले प्रवीन कुमार के रूप में हुई है। प्रवीन करीब दो साल पहले अगस्त 2024 में आर्मेनिया गया था। परिवार को प्रवीन के आर्मेनिया जाने से घर की आर्थिक हालत में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्रवीन के पिता वेद प्रकाश दिव्यांग है। गैस पाइप लाइन में हुआ धमाका परिवार के मुताबिक, प्रवीन अर्मेनिया में किराए के कमरे में रहता था। यहां प्रवीन कमरे में अपने लिए खाना बना रहा था। इसी दौरान रसोई गैस पाइप में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। आग से प्रवीन बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार को नहीं हुआ यकीन आज घटना की सूचना जैसे ही परिवार को मिली, घर में मातम छा गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अब भी भरोसा नहीं हो रहा कि जिस बेटे को बेहतर भविष्य के लिए विदेश भेजा था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। परिवार ने प्रवीन को विदेश भेजने के लिए उन्होंने कर्ज लिया था। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर पिता वेद प्रकाश ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, लेकिन बेटे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में उन्होंने उधार लेकर उसे विदेश भेजा था। घर के हालात सुधारने के लिए प्रवीन दिन-रात मेहनत कर रहा था। प्रवीन के सहारे ही घर और परिवार का गुजारा चल रहा था। बेटे की मौत से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। शव भारत लाने की उम्मीद परिवार के सामने सबसे बड़ी परेशानी प्रवीन का शव भारत लाने की है। प्रवीन का शव भारत लाने के लिए 6 से 7 लाख रुपए का खर्च आएगा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है। रिश्तेदार और गांव के लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता वाली संस्था हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में हुए भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा कि हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान जिसके अध्यक्ष खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, संस्था में करोड़ों रुपए का भारी भ्रष्टाचार हुआ है। दस्तावेजों के साथ गंभीर आरोप लगे हैं, शिकायतें सामने हैं, फिर भाजपा सरकार जांच और कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? क्या शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने संरक्षण में हुए इस पूरे घोटाले पर जवाब देंगे? क्योंकि जिस संस्था के वो स्वयं अध्यक्ष हैं उसमें करोड़ों का घोटाला हुआ। क्या उनकी जानकारी और मिलीभगत के बिना ये संभव है? डोटासरा ने कहा- हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान संस्था में करोड़ों रुपए के गबन, फर्जी बिल-वाउचर, फर्जी हस्ताक्षर से निजी खातों में पैसे ट्रांसफर, भर्ती में पद देने और अवैध वसूली के सबूत हैं। संस्था के जिला ऑर्गेनाइजर अजय कुमावत ने पूरे भ्रष्टाचार और गबन को सबूतों के साथ सरकार से शिकायत की है। डोटासरा जयपुर कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- बिना सक्षम स्वीकृति के शिविरों में मनमानी शुल्क निर्धारित करके निजी बैंक खातों में अवैध वसूली की गई है। इस संस्था ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ऐसे कैंप दिखाए गए हैं जो हुए ही नहीं, लेकिन उनके नाम पर जमकर पैसा उठाया गया। हर प्रतिभागी से 300 रुपए शुल्क लेना अनिवार्य, लेकिन संस्था के खाते में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ। फिर वो पैसा गया कहां ? ये पैसा संस्था के राज्य सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर गबन करने का आरोप है। 13 हजार छात्रों से फीस लेकर 39 लाख रुपए निजी खातों में किए ट्रांसफर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा- डीएलएड के छात्रों को स्काउट का प्रशिक्षण अनिवार्य है। करीब 13 हजार छात्रों से 300 रुपए वार्षिक शुल्क के नाम पर करीब 39 लाख रुपए निजी खातों में वसूले गए। इन्हें प्रशिक्षण तक नहीं कराया गया और फर्जी सर्टिफिकेट बांट दिए गए। जयपुर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जो मई 2024 में रिटायर हो चुके हैं, उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके बिल पास कराए और अपने निजी खातों में पैसे ट्रांफसर करवा लिए गए। पद देने के नाम पर 30- 30 हजार की वसूली की गई डोटासरा ने कहा- CSR फंड के 60 लाख रुपए सरकारी अनुदान में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर गबन किए गए। RTI में जानकारी तक नहीं दी गई। स्काउट गाइड दर्पण पत्रिका की कॉपियां बांटने के नाम पर 7.5 लाख रुपए, स्टीकर वितरण के नाम पर हर साल 1 लाख रुपए लिए गए। पद देने के लिए बिना विज्ञप्ति पक्षपातपूर्ण भर्ती करके निजी खातों में 30-30 हजार रुपए की अैधव वसूली की गई। संगठित लूट के तहत संस्था के जिला कार्यालयों को 30 से 40% कमीशन पर बजट आवंटन किया गया। संस्था के सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों ने करीब 23 लाख रुपए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। शिकायतकर्ता मनोज कुमावत ने 6 लाख 94 हजार रुपए सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के खातों में दिए। संगठित लूट का सबूत है डोटासरा ने कहा- मदन दिलावर और भाजपा की तरह ये केवल अनर्गल आरोप नहीं हैं, बल्कि दस्तावेजों, बिल वाउचरों, बैंक खातों में हुए ट्रांसफर के पैसों और तथ्यों के साथ संगठित लूट का सबूत है।
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव शुक्रवार को विभागीय अमले के साथ सड़क पर उतर गए। अतिक्रमण पर उनका मुख्य फोकस रहा। जाते ही उन्होंने अतिक्रमण करने वालों को हड़काना शुरु कर दिया। सामान हटवाते हुए उन्होंने नोटिस थमा दिए और कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। उन्होंने थानेदारों और चौकी इंचार्जों की अतिक्रमण पर जवाबदेही तय कर दी। कई बुलेट बाइक भी उन्होंने सीज करा दीं। एसपी के रुख से बाजार में खलबली मची रही। शहर में बदतर हुई ट्रैफिक व्यवस्था शहर की ट्रैफिक व्यवस्था हर दिन बदतर हो रही है। हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते जा रहे हैं। सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अभियान की कमान खुद संभाल ली। उन्होंने हापुड़ अड्डे से अभियान शुरु किया, जिसके बाद खलबली मच गई। तीन अलग रूटों पर चला अभियान ट्रेफिक का अमला शुक्रवार को हापुड़ अड्डा चौराहा पहुंचा। यहां की व्यवस्था देख एसपी ट्रैफिक नाराज हो गए। उन्होंने हापुड़ अड्डे से गांधी आश्रम चौराहे तक अभियान शुरु करा दिया। जगह जगह सड़कों पर अव्यवस्था देख एसपी भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर सड़कों पर अतिक्रमण होगा तो वाहन कहां चलेंगे। इसके बाद वह हापुड़ अड्डा चौराहे पर काफी देर रुके और अतक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर खलबली मचा दी। आबूलेन पर दुकान के बाहर से सामान हटवायाएसपी ट्रैफिक करीब दो घंटे सड़क पर रहे। सबसे आखिर में वह बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे और वहां से आबूलेन का रुख किया। यहां भी दुकानों के बाहर दूर दूर तक सामान फैला था जो जाम की वजह बन रहा था। कई जगह अव्यवस्थित वाहन खड़े मिले, जिन्हें व्यवस्थित करा दिया गया। नोटिस देकर कार्रवाई को चेताया तीनों ही रूटों पर एसपी की सख्ती दिखाई दी। उन्होंने दुकानदारों के साथ ही ठेला लगाने वालों को भी नहीं छोड़ा। फटकार लगाते हुए सड़क से हटाया और फिर चेतावनी का नोटिस थमा दिया। एसपी ने साफ कहा कि अभी सामान हटवा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय थानेदार व चौकी इंचार्ज की भी जिम्मेदारी तय कर दी। शाम होते ही फिर बिगड़े हालातदो घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खुला दिखाई दिया लेकिन जैसे ही शाम होती गई, वैसे वैसे हालात फिर बेकार हो गए। हापुड़ अड्डे से गांधी आश्रम तक भीषण जाम लगने लगा। इसी तरह की स्थिति हापुड़ अड्डा चौराहे की थी। यहां भी कुछ देर बाद यातायात व्यवस्था चौपट दिखाई दी। एसपी बोले- सख्ती के साथ चलेगा अभियान एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बेहतर यातायात व्यवस्था देने के उद्देश्य से यह अभियान शुरु किया गया है। अतिक्रमण प्रमुख वजह यातायात बिगड़ने की दिखी है, जिसमें नोटिस की कार्रवाई शुरु की गई है। अब अभियान में सामान जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले सबसे लंबे एक्सप्रेस वे, गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बसाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कॉरिडोर के लिए जो जमीन पहले अधिग्रहित हुई उस पर यूपीडा की टीम ने सीमांकन का काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को यूपीडा की टीम गंगा एक्सप्रेसवे के स्टार्टिंग प्वाइंट मेरठ के बिजौली गांव पहुंची। वहां अधिग्रहित जमीन का सीमांकन किया गया। बता दें कि इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए पहले चरण में 823 किसानों की 214 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी। शुक्रवार को पहुंची यूपीडा यानि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की टीम ने पहले चरण में अधिग्रहित की गई जमीन पर सीमांकन का काम किया। खरखौदा थानाक्षेत्र में टीम ने जेसीबी की सहायता से भूमि पर कब्जा लेने का का शुरू किया। हालांकि अधिग्रहित भूमि पर कुछ किसानों ने फसल की बुवाई कर रखी थी, लेकिन सीमांकन के दौरान किसी भी किसान ने विरोध नहीं किया। पहले चरण में 214 हेक्टेयर भूमि खरीदी गईप्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए पहले चरण में गांव बिजौली और खरखौदा के 823 किसानों की करीब 214 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी। यह भूमि वर्ष 2024 में खरीदी गई थी और अधिकतर किसानों को इसका भुगतान भी किया जा चुका है। सीमांकन के बाद होगी चारदीवारीअधिग्रहित भूमि की सुरक्षा के लिए चारदीवारी कराई जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम गांव बिजौली खड़खड़ी की सीमा पर पहुंची और बिजौली निवासी किसान सोनू शर्मा व मीनू खां की भूमि पर जेसीबी चलाकर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। खड़ी फसल पर भी चला दिया जेसीबीप्राधिकरण की टीम के अनुसार खरीदी गई जमीन पर कई किसानों ने चारे की फसल बो रखी थी। टीम ने सीमांकन के दौरान खड़ी फसल पर भी जेसीबी चला दी। अधिकारियों का कहना है कि करीब दो माह पहले गांव में घोषणा कराकर और अन्य माध्यमों से किसानों को सूचित कर दिया गया था कि अधिग्रहित भूमि पर कोई फसल न बोई जाए। इसके बावजूद कुछ किसानों ने चारे की फसल बो दी थी। हालांकि शुक्रवार को सीमांकन और कब्जा लेने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी किसान ने विरोध नहीं किया।
गौरैया संस्थान की लोक संगीत कार्यशाला का आठवां दिन:रंजना मिश्रा ने सिखाए भक्ति और पारंपरिक लोक गीत
लखनऊ में गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से आयोजित लोक संगीत कार्यशाला का आठवां दिन भक्ति और लोक परंपरा को समर्पित रहा। इस दिन लोक गायिका रंजना मिश्रा ने प्रतिभागियों को राम और हनुमान भक्ति से जुड़े पारंपरिक भजन सिखाए। मिश्रा ने 'श्री राम जय राम', 'रामहि ही राम रटन लागी जिभिया' जैसे भजन और जेठ के मंगल के अवसर पर गाए जाने वाले हनुमान भजन का अभ्यास कराया। इसके अतिरिक्त, विवाह गीत 'बेरिया की बेरि तुही बरजेहु बाबा' और पचरा गीत 'सुमिरिला सरदा भवानी पत राखा महारानी' भी सिखाए गए।कार्यशाला का उद्देश्य लोक भजनों और पारंपरिक गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और लोक विरासत से जोड़ना है। भजन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा संस्थान ने बताया कि इस कार्यशाला में विवाह गीत, बधाई गीत, दादरा, पचरा, सोहर, नकटा, सरिया और लोक भजन जैसी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यशाला ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित हो रही है, जिससे दूर-दराज के लोग भी इससे जुड़ पा रहे हैं। ये मौजूद रही कार्यशाला में सुनीता चौरसिया, रीना सिंह, कुमकुम मिश्रा, अल्पना श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा रस्तोगी, रंजना सिंह, रमा सिंह, आशा तिवारी, सुषमा सक्सेना, नवनीता जफा, अनुराधा गुप्ता, अमिता द्विवेदी, भावना शुक्ला, आभा मिश्रा, आभा शुक्ला, सुनीता निगम और रेनुका त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भाग ले रही हैं।
बालाघाट में 6 मई को हुई तरुण लिल्हारे की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते रची गई हत्या की साजिश का निकला। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हत्या के बाद इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक तरुण लिल्हारे और सविता लिल्हारे के बीच पिछले पांच-छह वर्षों से प्रेम संबंध थे। 5 मई को सविता की शादी थी। उसने तरुण को इंस्टाग्राम वीडियो कॉल कर मिलने बुलाया और कहा कि यदि वह आएगा, तो वह यह शादी तोड़कर उससे विवाह कर लेगी। जैसे ही तरुण मिलने पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सविता के भाइयों ने उसे दबोच लिया। नहर के पास मारपीट और हत्या तरुण को पकड़ने के बाद सविता के भाई वेदप्रकाश और हरिप्रकाश उसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों—दिलीप लिल्हारे, कमलकिशोर लिल्हारे और योगेश वरकड़े के साथ पास की एक नहर के पास ले गए। वहां इन पांचों ने मिलकर तरुण के साथ लाठी-डंडों, लात-घूसों से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की शक्ल देने की नाकाम कोशिश हत्या के बाद अपनी साजिश को छिपाने के लिए आरोपियों ने तरुण के शव को उसकी अपनी ही बाइक पर लादा और गर्राबोड़ी क्षेत्र में ले जाकर इस तरह फेंक दिया जिससे लगे कि उसकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। हालांकि, पुलिस को मौके की जांच में संदेह हुआ और जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपियों की पोल खोल दी। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी रामपायली पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच करते हुए सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में परिवार के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। यदि किसी और का नाम सामने आता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में बस स्टैंड बना शराबियों का अड्डा:दुकानदारों के वीडियो बनते ही बोतलें छोड़कर भागे युवक
मुज़फ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित जट मुझेड़ा गांव का बस स्टैंड इन दिनों शराबियों का अड्डा बना हुआ है। सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब पीने और बोतलें फेंकने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान दुकानदारों ने शराबियों की हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड पर रोज शाम होते ही नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। युवक बेंचों पर बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं। मौके पर पानी की बोतलें, नमकीन और शराब के पव्वे इस तरह रखे जाते हैं, मानो वहां कोई पार्टी चल रही हो। शराब की खाली बोतलें और टेट्रा पैक इधर-उधर पड़े रहने से इलाके का माहौल भी खराब हो रहा है। बस स्टैंड की बेंच पर बैठकर युवक पीते रहे शराब बताया गया कि शुक्रवार को भी कुछ युवक दिनदहाड़े बस स्टैंड की बेंच पर बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान एक दुकानदार ने मोबाइल से उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कैमरा देखते ही शराबियों में हड़कंप मच गया और कुछ युवक शराब की बोतलें मौके पर छोड़कर भाग निकले। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। लोगों ने बताया कि बस स्टैंड पर महिलाओं, बच्चों और यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नशेड़ियों की वजह से लोग असहज महसूस करते हैं। अब वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से बस स्टैंड पर शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गुरुग्राम जिले के सोहना के वार्ड 19 खटीक वाड़ा क्षेत्र में एक हिंदू युवती और एक मुस्लिम युवती के समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने पर युवतियों के परिजनों ने पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दोनों युवतियां मूल रूप से दिल्ली की निवासी हैं और पिछले कुछ समय से सोहना के इसी वार्ड में रह रही थीं। पुलिस टीम के साथ परिजन उस स्थान पर पहुंचे जहां एक युवती अपनी बहन के घर रह रही थी। पुलिस और परिजनों के पहुंचने की खबर फैलते ही मोहल्ले में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में गहमागहमी का माहौल बन गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे लंबे समय से अपनी बेटी की तलाश कर रहे थे। वहीं, दोनों युवतियों ने पुलिस के सामने बयान दिया कि वे लंबे समय से एक-दूसरे की सहेलियां हैं और अब साथ रहना चाहती हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक मंदिर में विवाह कर लिया है। युवतियों ने प्रशासन और सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने परिजनों से जान का खतरा है और सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद युवतियों के बयान दर्ज किए। चूंकि दोनों युवतियां बालिग हैं, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें जाने दिया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिक्की फ्लो लखनऊ ने किया 'मैनिफेस्टेशन' सेशन:सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की शक्ति पर हुई चर्चा
लखनऊ के होटल सेंट्रम में फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने 'सीक्रेट्स ऑफ मैनिफेस्टेशन' सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, ज्योतिषी और लाइफस्टाइल कोच डॉ. जय मदान ने सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की शक्ति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लोगों को मैनिफेस्टेशन के सिद्धांतों से अवगत कराया। डॉ. जय मदान ने बताया कि व्यक्ति जिस चीज़ पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित करता है, वह धीरे-धीरे उसके जीवन की वास्तविकता बन जाती है। उनके अनुसार, मैनिफेस्टेशन केवल इच्छाएं व्यक्त करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह विचारों, भावनाओं और ऊर्जा को सही दिशा देने की एक कला है। उन्होंने जोर दिया कि सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य सफलता के मार्ग खोलते हैं। उदाहरण के माध्यम से मैनिफेस्टेशन के सिद्धांत को समझाया सेशन के दौरान, डॉ. मदान ने एक सरल उदाहरण के माध्यम से मैनिफेस्टेशन के सिद्धांत को समझाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से 5 सेकंड में अपने आसपास कोई नीली चीज़ खोजने को कहा जाए, तो उसका पूरा ध्यान उसी रंग पर केंद्रित हो जाता है। बाद में जब उससे हरी चीज़ों के बारे में पूछा जाता है, तो वह उन्हें याद नहीं कर पाता, क्योंकि उसका मस्तिष्क केवल नीले रंग पर केंद्रित था। उन्होंने आगे कहा कि मानव मस्तिष्क अपनी मान्यताओं को सही साबित करने में लगातार लगा रहता है। यदि कोई व्यक्ति यह मान ले कि उसके जीवन में अच्छी चीज़ें हो रही हैं और आगे भी होंगी, तो उसका व्यवहार और ऊर्जा भी उसी प्रकार की सकारात्मक परिस्थितियों को आकर्षित करने लगती है। हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखें डॉ. जय मदान ने उपस्थित लोगों को सलाह दी कि वे अपने लक्ष्यों को लेकर स्पष्ट रहें, हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखें और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन ने इस अवसर पर बताया कि पिछले एक महीने में चैप्टर से कई नए सदस्य जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्था की बढ़ती लोकप्रियता और महिलाओं के बीच इसके मजबूत प्रभाव को दर्शाता है।
स्वायत्त शासन विभाग के स्वच्छ भारत मिशन शहर 2.0 के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। नगर निगम सहित जिले की सभी नगर निकायों की स्वच्छ भारत मिशन शहर अभियान की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में जोधपुर आयुक्त राहुल जैन और जोधपुर (शहर) भाजपा विधायक अतुल भंसाली शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए राइजिंग राजस्थान अभियान ने राजस्थान को निवेश, उद्योग, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। विकसित राजस्थान के लिए प्रदेश स्वच्छ होना जरूरी गुप्ता ने कहा- विकसित राजस्थान का सपना तब तक अधूरा है, जब तक पूरा प्रदेश स्वच्छ नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़े भवनों, चौड़ी सड़कों और औद्योगिक निवेश से नहीं मापा जा सकता, बल्कि किसी भी राज्य की वास्तविक पहचान उसकी स्वच्छता, नागरिक अनुशासन और जनजागरूकता से होती है। एक स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है और स्वस्थ समाज ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनता है। यदि शहरों और गांवों में गंदगी बनी रहेगी तो विकास की गति भी प्रभावित होगी। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ राजस्थान ही विकसित राजस्थान की पहचान बनेगा। यदि जनता और प्रशासन मिलकर ईमानदारी से प्रयास करें तो राजस्थान आने वाले वर्षों में देश का सबसे स्वच्छ और विकसित राज्य बन सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्वच्छता की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं कहीं जा सकती। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का रखें ध्यान बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। सरकार की भी मंशा है कि जनता को अच्छी सुविधा दी जाए। बैठक में उपस्थित पेयजल विभाग, बिजली विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति और बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता यह ध्यान रखें कि शहर की सड़क टूटी हुई नहीं रहे और आवश्यकता होने पर तुरंत ही मरम्मत पेचवर्क किया जाए। शहर के 100 वार्ड को 8 जोन में विभाजित किया जोधपुर नगर निगम के तहत शहर 100 वार्ड में विस्तारित है जिसे स्वच्छता अभियान के तहत विभिन्न 8 जोन में विभाजित करते हुए संबंधित आयुक्त को जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही प्रत्येक जोन के लिए प्रभारी और सह प्रभारी बनाए जाएंगे और उन्हें भी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा, वहीं प्रत्येक वार्ड स्तर पर स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर मनोनीत किए जाएंगे। जयपुर नगर निगम जैसा स्वच्छता मैराथन अभियान चलाया जाएगा गुप्ता ने बताया- पिछले दिनों जयपुर नगर निगम के कमिश्नर ओम कसेरा के सानिध्य में स्वच्छता मैराथन अभियान चलाया गया था, जिसके तहत लगभग 6 हजार टन कचरा एक दिन में ही निस्तारित किया गया। इसी प्रकार का एक स्वच्छता अभियान जोधपुर निगम क्षेत्र में भी चलाया जाएगा जिसके तहत एक दिन कचरा निस्तारण तथा अगले दिन प्लास्टिक उन्मूलन अभियान अगले दिन गाय पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में जोधपुर नगर निगम कमिश्नर राहुल जैन को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रतिदिन प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को धरातल पर लागू करने के लिए मापदंड स्वच्छ भारत मिशन शहर के अंतर्गत अति महत्वपूर्ण होते हैं। नगर क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण वाहन द्वारा प्रतिदिन समयबद्धता के साथ में होना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाए और कचरा याद पर ले जाकर वैज्ञानिक पद्धति से सेग्रीगेशन कार्य होना चाहिए। एक कचरा संग्रहण वाहन से 500 घरों से ही कचरा उठेगा, जिसका समय प्रातः 6:30 बजे से 10:30 बजे तक ही होना चाहिए तथा वाहन की जीपीएस ट्रैकिंग आवश्यक रूप से होनी चाहिए। रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था जोधपुर शहर में भी मुख्य सड़क मार्ग और कमर्शियल एरिया में भी रात के समय सफाई की जाएगी। सफाई कर्मी के लिए रेडियम जैकेट अनिवार्य होंगे। शहर के सभी सार्वजनिक शौचालय में दिन में तीन बार सफाई नगर निगम सहित रोडवेज बस स्टैंड और चिकित्सालय आदि सार्वजनिक स्थान के शौचालय और मूत्रालय की सफाई का कार्य सुलभ शौचालय संस्थान को दिया गया। सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ किए जाने चाहिए और प्रत्येक बार जियो टैग फोटोग्राफ स्वच्छ भारत मिशन के आधिकारिक ग्रुप में शेयर करना अनिवार्य रहेगा। खाली प्लॉट गंदगी का अड्डा, प्लॉट मालिक स्वयं सफाई करें अन्यथा होंगे सीज शहर में खाली प्लाट्स कचरा और गंदगी का अड्डा बन जाते हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद किया जाए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इस संबंध में आज ही सार्वजनिक सूचना, विज्ञप्ति नगर निगम द्वारा जारी की जा रही है।
सोनू हत्याकांड में आरोपी को आजीवन कारावास:बड़ागांव में हत्या के दोषी पर 40 हजार का अर्थदंड लगा
बागपत के बड़ागांव में सोनू हत्याकांड के आरोपी राजू पुत्र दयानंद को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला सभी गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। यह घटना खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव में 18 नवंबर 2016 को हुई थी। आरोपी राजू ने शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद सोनू को गांव के ही एक मकान में ले जाकर उसके सिर पर लकड़ी के डंडे से वार कर हत्या कर दी थी। आजीवन कारावास की सजा सुनाई पुलिस ने मृतक राजू के भाई बिट्टू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) गगन गौड़ ने बताया कि न्यायालय ने सभी गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बाइक सवार ने खड़े युवक को मारी टक्कर:200मीटर तक रगड़ते हुए गई बाइक, फलासिया थाना क्षेत्र का मामला
उदयपुर में फलासिया थाना क्षेत्र के कोल्यारी बाईपास पर शराब की दुकान के बाहर खड़े युवक को एक तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक करीब 200 फीट दूर तक रगड़ते हुए गई। हादसे में मगवास निवासी केशुलाल वडेरा गंभीर घायल हो गया। वहीं, उसकी बहन प्रियंका को भी मामूली चोटें आई है। हादसा देर शाम करीब 6:30 बजे हुआ। इस दौरान घटनास्थल पर ही खड़े भारतसिंह ने अपनी कार से घायलों को कोल्यारी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। हैरानी वाली बात ये थी कि हॉस्पिटल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। इससे नाराज हुए ग्रामीणों ने जब झाड़ोल बीसीएमओ को फोन किया। तब स्टाफ हॉस्पिटल पहुंचा और घायल का प्राथमिक उपचार कर उदयपुर रेफर किया गया। ग्रामीणों ने बताया गया कि कोल्यारी पीएचसी पर चार बजे बाद स्टाफ नदारद रहता है और अक्सर ताला लगा रहता है। इमरजेंसी की स्थिति में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। वहीं पिछले एक साल से भवन जर्जर होने के कारण रात को हॉस्पिटल बंद ही रहता है। कई बार इसकी शिकायतें हो चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर शुभम बुटालिया आए दिन छुट्टी पर रहते है। जिस वजह से चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ रही है।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल जूनियर शाखा में शुक्रवार को मातृ दिवस उत्साह और भावनाओं के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगी सजावट और मां के प्रति प्रेम से सराबोर नजर आया। इस मौके पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की भावनात्मक प्रस्तुतियों से हुई। छात्र-छात्राओं ने मां के महत्व पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों का उत्साह देखने लायक था। उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं मातृ दिवस को खास बनाने के लिए विद्यालय में कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने अपनी माताओं के लिए सुंदर और आकर्षक शुभकामना कार्ड तैयार किए। रंगों और कलात्मक सजावट से बने इन कार्डों में बच्चों की मासूम भावनाएं साफ झलक रही थीं। कार्यक्रम की सबसे खास गतिविधि ‘जार एक्टिविटी’ रही। इसमें बच्चों ने जार को रंग-बिरंगे सजावटी सामान से सजाया और उसमें अपनी मां के लिए प्यार भरे संदेश डाले। किसी ने मां को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया तो किसी ने उन्हें अपनी प्रेरणा कहा। इस गतिविधि ने बच्चों को अपनी भावनाएं रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर दिया। मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च विद्यालय की प्रधानाचार्या वरिंदर कौर ने कहा कि मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। इस दौरान विद्यालय का माहौल स्नेह, उल्लास और भावनाओं से भरा रहा। मातृ दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।
उदयपुर शहर में शनिवार के दिन शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं होगी। उदयपुर शहर के सरकारी एमबी अस्पताल में 11 मई से इवनिंग ओपीडी शुरू की जा रही है। जलदाय विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण जलदाय विभाग के नगर उपखंड सप्तम में शनिवार को प्रताप नगर टंकी से होने वाली सप्लाई एक दिन आगे बढ़ाई गई है। अभियंता किरण ने बताया कि इससे शहर के बेडवास, एनबी नगर, जज कॉलोनी, एफ ब्लॉक, इ क्लास आदि क्षेत्रों में शनिवार को होने वाली सप्लाई अब रविवार को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 में आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। खंडपीठ ने फिलहाल नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने विवेक यादव सहित अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर विशेष अपील पर यह आदेश पारित किया। अपीलकर्ताओं ने एकल पीठ के 1 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने न्यायालय को बताया कि सभी अपीलकर्ता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थी हैं। उनका दावा है कि प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें सामान्य वर्ग से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कम से कम 25 अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त हुए थे। इसके भी उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने न्यायालय को सूचित किया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत अधिकांश चयनित अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर बेगूसराय जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कंकौल स्थित आर्ट गैलरी प्रेक्षा भवन में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 50 थैलेसीमिया मरीज, आमजन, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, विधान पार्षद सर्वेश सिंह, डीएम श्रीकांत शास्त्री सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान थैलेसीमिया विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। जिसमें डॉ. प्राची, डॉ. भाव्या, डॉ. निशांत, डॉ. मृत्युंजय, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. प्रभात और डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने थैलेसीमिया की रोकथाम, पहचान, इलाज व जागरूकता की जानकारी दी। शरीर में एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त रोग है, जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला वह प्रोटीन है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर में एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती है। माता और पिता दोनों थैलेसीमिया माइनर हों तो बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम में थैलेसीमिया के प्रमुख लक्षण अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण, त्वचा का पीला पड़ना, बच्चों में शारीरिक वृद्धि का धीमा होना, सांस फूलना और तिल्ली बढ़ने जैसी समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही CBC, Hb Electrophoresis/HPLC, Serum Ferritin और Prenatal Screening जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने विवाह पूर्व जांच, गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग, जन-जागरूकता और Genetic Counselling को थैलेसीमिया रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय बताया। उपचार के तहत नियमित Blood Transfusion, Iron Chelation Therapy, फोलिक एसिड दवा और कुछ मामलों में Bone Marrow Transplant की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय से थैलेसीमिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। इस दिशा में जो भी सहयोग आवश्यक होगा, उसके लिए सरकार से हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने समाज में एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों पर भी चर्चा की। 700 से अधिक बच्चों को बोन मेरो ट्रांसपलांट भारत में 5037 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हैं। जबकि 700 से अधिक बच्चों को बोन मेरो ट्रांसपलांट किया जा चुका है। जिले के सभी सरकारी अस्पताल खासकर उप स्वास्थ्य केंद्र पर अन्य जांच के साथ थैलेसीमिया की जांच अनिवार्य हो। इससे प्रारंभिक स्तर में ही थैलेसीमिया मरीजों की पहचान हो सकेगी। पहचान के बाद उसका इलाज संभव हो पाएगा। इससे बेगूसराय जिला थैलेसीमिया रोग मुक्त बनेगा। गिरिराज सिंह ने लोगों से अपने आसपास के परिवारों और पड़ोसियों को एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की अपील की। जिससे प्रत्येक बच्ची को एचपीवी वैक्सीन का लाभ मिल सके। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एके राय ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
धामनोद स्थित खलघाट टोल टैक्स के समीप 7 मई को किसानों की मांगों को लेकर किए गए चक्काजाम मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस आंदोलन में शामिल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कांतिलाल भूरिया सहित 10 वर्तमान और 3 पूर्व विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कुल 25 से अधिक कांग्रेस नेताओं को नामजद किया गया है। इन प्रमुख नेताओं पर दर्ज हुआ मामला एफआईआर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, बाला बच्चन, हनी बघेल, प्रताप ग्रेवाल, कांतिलाल भूरिया, सचिन यादव, हीरालाल अलावा, झूमा सोलंकी, केदार डावर और मोंटू सोलंकी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व विधायक विजयलक्ष्मी साधौ, पंचीलाल मेडा और नवीन जोशी सहित जिलाध्यक्ष स्वतंत्र जोशी पर भी प्रकरण दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत कार्रवाई धामनोद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 220/2026 के तहत बीएनएस की धारा 126(2), 191(2) और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 8(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना अनुमति यातायात बाधित करने के चलते यह कानूनी कदम उठाया गया है। फसल बीमा और बिजली कटौती पर था प्रदर्शन कांग्रेस का यह आंदोलन फसल बीमा राशि, खाद-बीज की किल्लत और अघोषित बिजली कटौती जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे का यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया था। कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद खत्म हुआ धरना चक्काजाम के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। दोपहर 3 बजे धार कलेक्टर ने स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन सौंपने के बाद नेताओं ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
राजसमंद में देवगढ़ थाना पुलिस ने 26 साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 02 अभियान के तहत की गई। पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव व पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार- 3 जून 2000 को कामलीघाट चौराहे से पुलिस को सूचना मिली थी कि ढाण की बावड़ी स्थित एनएच-08 पुलिया के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में दो आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में आरोपी मेहरूदीन(55) पुत्र पीरूखां निवासी कानियाखेड़ा, भीम की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। आरोपी घटना के बाद गांव छोड़कर दुबई चला गया था और करीब 15 साल तक वहीं रहा। वर्ष 2016 में भारत लौटने के बाद वह पाली, फालना, सिरोही, गुजरात और मध्यप्रदेश में किराये के मकानों में रहकर ट्रक चलाने का काम करता रहा। देवगढ़ पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और लगातार निगरानी के जरिए आरोपी के परिवार के ब्यावर में शिफ्ट होने की जानकारी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने ब्यावर पहुंचकर आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया।
बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की संध्या तरीमंझगांय गांव में अपराधियों ने एक महिला को गोली मारकर नगदी और जेवरात छीन लिए। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। घायल महिला को पहले संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। जख्मी महिला की पहचान तरीमंझगांय गांव निवासी निर्मला देवी, पति वीरेंद्र दास, के रूप में हुई है। घटना के समय उनकी पुत्री सोनी कुमारी भी साथ थी। पीड़िता और उसकी पुत्री ने बताया कि वे दोनों संग्रामपुर स्थित एसबीआई बैंक से 50 हजार रुपये नगद निकालकर लौट रही थीं। साथ ही करीब 80 हजार रुपये मूल्य के जेवरात भी बंधक से छुड़ाकर अपने घर वापस जा रही थीं। दोनों मां-बेटी टोटो से घर लौट रही थीं। बाजार से ही एक युवक ई-रिक्शा में साथ बैठ गया था पीड़िता ने बताया कि बाजार से ही एक युवक टोटो में उनके साथ बैठ गया था,जबकि दूसरा युवक काले रंग की पल्सर बाइक से पीछे-पीछे चल रहा था। रास्ते में टोटो में बैठे युवक ने बातचीत शुरू करते हुए पूछा कि टोटो कहां जाएगा।इस पर महिला ने बताया कि टोटो बघोनियां जा रहा है।युवक ने खुद को पसिया गांव जाने की बात कही।इसी दौरान जब टोटो लालूनगर बजरंगबली मंदिर के पास सुनसान स्थान पर पहुंचा, तभी टोटो में बैठे अपराधी ने चालक से गाली-गलौज करते हुए टोटो रुकवा दिया। इसके बाद अपराधी महिला के झोले में रखे 50 हजार रुपये नगद और जेवरात छीनने लगा।जब मां-बेटी ने विरोध किया तो अपराधी ने हथियार निकालकर गोली चला दी।गोली निर्मला देवी के दाहिने पैर के घुटने में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद अपराधी महिला का झोला छीनकर पीछे से आ रहे अपने साथी की बाइक पर बैठकर बघोनियां नहर की ओर फरार हो गया। मां को इलाज के लिए संग्रामपुर अस्पताल पहुंचाया घटना के बाद घायल महिला की पुत्री ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी मां को इलाज के लिए संग्रामपुर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। पीड़ित महिला और उसकी पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल था। जेवरात छुड़ाकर वापस लौट रही थीं पीड़िता ने बताया कि उनकी पुत्री की शादी खड़गपुर थाना क्षेत्र के परसंडो गांव में हुई है। किसी जरूरी काम के कारण उन्होंने अपनी पुत्री और स्वयं के कुछ जेवरात संग्रामपुर में बंधक रखे थे। पैसे की व्यवस्था होने पर शुक्रवार को वे जेवरात छुड़ाकर वापस लौट रही थीं। शनिवार को पुत्री की विदागरी होनी थी, जिसके लिए बैंक से नगद राशि भी निकाली गई थी। इसी दौरान अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना पर बेलहर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला को गोली मारकर घायल किया गया है तथा नगदी और जेवरात की छिनतई हुई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) परिसर स्थित स्विमिंग पूल में 11 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र आरसीएफ कर्मचारी सत्य प्रकाश मीणा का बेटा था। परिवार ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया है और बच्चे का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। यह वारदात गुरुवार को हुई। इस घटना के बाद आरसीएफ एम्प्लॉई यूनियन नेताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यूनियन का आरोप है कि हादसे के बाद आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस को बुलाया गया, लेकिन वह समय पर स्टार्ट नहीं हुई। बेसुध बच्चे को बाइक पर आरसीएफ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टाइम से नहीं पहुंची एम्बुलेंस, बच्चे ने तोड़ा दम जानकारी के अनुसार, छात्र पहली बार स्विमिंग सीखने के लिए पूल में गया था। इसी दौरान वह पानी में डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया और एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने के कारण बच्चे को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। घटना के बाद आरसीएफ एम्प्लॉई यूनियन नेताओं ने आरसीएफ के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। यूनियन ने स्विमिंग पूल पर प्रशिक्षित लाइफ सेविंग गार्ड और स्विमिंग ट्रेनर की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने दिए जांच के आदेश इस संबंध में सीपीआरओ अमन कुमार ने बताया कि एम्बुलेंस से संबंधित मामले में प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, घटना के संबंध में भी जांच करवाई जाएगी। डीएसपी शीतल सिंह ने भी पुष्टि की है कि पीड़ित परिवार ने कोई भी कानूनी कार्रवाई न करवाने की बात कही है।
रायपुर के महोबा बाजार इलाके में स्थित सीपीएस स्कूल परिसर की दीवाल गिरने से तीन मासूम घायल हो गए। घायल मासूमों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में एक नाबालिग का पैर टूटा है और दो को चोट आई है। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ घायल बच्चों के पिता ने कार्रवाई की मांग की है। हादसे में घायल हुए बच्चों का नाम हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर बताया जा रहा है। जिस स्कूल की दीवार से हादसा हुआ स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल का संचालन राकेश चतुर्वेदी द्वारा किया जाता है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला महोबा बाजार इलाके में सीपीएस स्कूल है। स्कूल प्रबंधन शुक्रवार की शाम को गार्डन में मिट्टी लेबल जेसीबी मशीन से करवा रहा था। शाम पांच बजे जेसीबी की टक्कर से स्कूल परिसर की दीवाल गिर गई। दीवाल गिरने के कारण वहां खेल रही हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद बच्चों का उपचार जारी है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की अनदेखी परिजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। जिस जगह तोड़फोड़ की जा रही थी, वहां बच्चों की आवाजाही बनी हुई थी। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना भी नहीं दी गई। घायल बच्चियों को आनन-फानन में इलाज के लिए उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया। बच्चियों के पिता ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही की वजह से बच्चों की जान खतरे में पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब पढ़े बच्ची के पिता ने क्या कहा हादसे में घायल हुए हिमांशी मेहर और रोशनी मेहर के पिता ने संजीव कुमार ने बताया, कि दीवाल गिरने से मेरी दो बेटियों सहित तीन बच्चे घायल है। मैं मुंगेली का रहने वाला हूं। ठेकेदार दयाराम साहू के साथ राजमिस्त्री का काम करता हूं। मेरे बच्चों को चोट आई है, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई चाहता हूं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जमुई जिले के झाझा विधायक दामोदर रावत और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने मंत्री पद का कार्यभार संभाल लिया है। दोनों नेताओं को मंत्री बनाए जाने से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह है। पटना में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने शुक्रवार को उद्योग विभाग का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने उनका स्वागत किया और विभाग की विभिन्न योजनाओं, निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक विकास तथा आधारभूत संरचना से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जमुई भाजपा जिला इकाई ने प्रसन्नता व्यक्त की पदभार संभालने के बाद श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में उद्योगों का विकास, रोजगार सृजन और निवेशकों के लिए पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करना उनकी प्रमुख प्राथमिकता होगी। दूसरी ओर, दामोदर रावत ने भी परिवहन विभाग का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। मंत्रिमंडल में उन्हें शामिल किए जाने पर जमुई भाजपा जिला इकाई ने प्रसन्नता व्यक्त की है। बिहार के हर व्यक्ति तक विकास और सुशासन का लाभ पहुंचे - दामोदर रावत पदभार ग्रहण करने के बाद दामोदर रावत ने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास रहेगा कि बिहार के हर व्यक्ति तक विकास और सुशासन का लाभ पहुंचे। जमुई से दो मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केसरी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं। दुर्गा प्रसाद केसरी ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है, और जमुई को दो मंत्री मिलने से जिले के विकास को नई गति मिलेगी। भाजपा जिला महामंत्री बृजनंदन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि श्रेयसी सिंह को उद्योग विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने से जमुई जैसे पिछड़े क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस दौरान एनडीए गठबंधन के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
कानपुर के फीलखाना थानाक्षेत्र के सवई सिंह के हाते में होजरी दुकानदार का मर्डर कर दिया गया। इलाकाई लोगों ने दुकानदार को खून से लथपथ पड़ा देख पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाकाई लोगों के मुताबिक दुकानदार को आखिरी बार शिवाले में एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ देखा गया था। शिवाला निवासी बालकृष्ण चौरसिया के 35 वर्षीय बेटे विजय चौरसिया की शिवाला में ही होजरी की दुकान है। पिता बालकृष्ण ने बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार को विशाल दुकान पर पहुंचा था, शाम करीब 7 बजे विशाल फीलखाना थानाक्षेत्र स्थित सवई सिंह का हाते में लहुलूहान हालत में एक गली में पड़ा मिला। इलाकाई लोगों की सूचना पर फीलखाना और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विशाल के सिर से खून बह रहा था। हाते के लोगों ने बताया कि आखिरी बार वह शिवाला स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ घर के पास देखा गया था। घटना की जानकारी परिजनों में कोहराम मच गया, पिता बालकृष्ण चौरसिया ने रेस्टोरेंट संचालक के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।
आनंद विहार जाने वाली स्पेशल ट्रेनों का समय बदला:15 और 19 मई से लागू, यात्रियों को मिलेगा लाभ
सुपौल सहित कोसी और सीमांचल क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्व मध्य रेलवे ने पूर्णिया कोर्ट एवं सहरसा से आनंद विहार तक चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी में संशोधन किया है। नई समय सारणी लागू होने के बाद यात्रियों का सफर पहले की तुलना में कम समय में पूरा होगा। रेलवे के अनुसार पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन के यात्रा समय में 2 घंटे 30 मिनट की कमी की गई है, जबकि सहरसा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन अब एक घंटा कम समय में दिल्ली पहुंचेगी। स्पेशल ट्रेन एक घंटा पहले पहुंचेगी दिल्ली मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह संशोधित समय सारणी पूर्णिया कोर्ट से चलने वाली ट्रेन के लिए 15 से तथा सहरसा से चलने वाली ट्रेन के लिए 19 मई 2026 से प्रभावी होगी। रेलवे के इस फैसले से सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, निर्मली, झंझारपुर, सीतामढ़ी और रक्सौल सहित कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल अब प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को पूर्णिया कोर्ट से शाम 4:30 बजे के बजाय शाम 7:00 बजे खुलेगी। अब सफर 30 घंटे में पूरा हो जाएगा यह ट्रेन बनमनखी, मुरलीगंज, दौरम मधेपुरा, सहरसा, गढ़ बरुआरी, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, सकरी, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज और बगहा सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 1:05 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। पहले इस ट्रेन को आनंद विहार पहुंचने में 32 घंटे 30 मिनट लगते थे, लेकिन अब यह सफर 30 घंटे में पूरा हो जाएगा।वापसी में गाड़ी संख्या 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 17 मई 2026 से प्रत्येक रविवार और मंगलवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे खुलेगी। सहरसा से रात 8:00 बजे खुलेगी संशोधित समयानुसार यह ट्रेन विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए पूर्णिया कोर्ट 1:45 बजे के बजाय सुबह 11:30 बजे ही पहुंच जाएगी। इससे यात्रियों को लगभग ढाई घंटे का समय लाभ मिलेगा। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल 19 मई 2026 से प्रत्येक मंगलवार को सहरसा से रात 9:00 बजे के बजाय रात 8:00 बजे खुलेगी। यह ट्रेन सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, सकरी, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज और बगहा सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 1:05 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। पहले यह यात्रा 29 घंटे में पूरी होती थी, लेकिन अब यात्रियों को सिर्फ 28 घंटे में दिल्ली पहुंचने की सुविधा मिलेगी। आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे खुलेगी वापसी में गाड़ी संख्या 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल 21 मई 2026 से प्रत्येक गुरुवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे खुलेगी। संशोधित समय के अनुसार यह ट्रेन अगले दिन सुबह 9:05 बजे सहरसा पहुंचेगी, जबकि पहले इसका आगमन समय 10:30 बजे था। यानी यात्रियों को करीब एक घंटा पहले गंतव्य तक पहुंचने का लाभ मिलेगा।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और यात्रा समय को कम करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। खासकर दिल्ली आने-जाने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। सुपौल और आसपास के जिलों के यात्रियों में नई समय सारणी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर 8 मई 2026 को कैसरबाग स्थित स्टार पैलेस बैंक्वेट में स्वर्गीय मालती देवी सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृत्व, नारी सम्मान और संघर्षशील महिलाओं के योगदान को केंद्र में रखकर कविताएं, शायरी और सम्मान समारोह आयोजित हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जूही सिंह रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में फखरुल हसन चांद, दीपक रंजन, मीनाक्षी अग्रवाल और सरोज यादव मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी नेता रविदास मेहरोत्रा ने किया, जबकि आयोजन एवं संचालन सुमैया राना द्वारा किया गया। मां, ममता और संघर्ष को मिलेगी शायरी की आवाज कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित कवि और शायर अपनी रचनाओं के माध्यम से मां, ममता, महिलाओं के संघर्ष और सम्मान को स्वर देंगे। मंच पर प्रस्तुति देने वाले प्रमुख कवि एवं शायरों में बिलाल सहारनपुरी, रुख़सार बलरामपुरी, प्रतिभा यादव, अरमान रजा बलरामपुरी, इकबाल यूसुफ, तस्लीम सरवर और फराह नाज शामिल हैं। संघर्षशील महिलाओं को मिलेगा ‘मालती देवी सम्मान’ इस अवसर पर समाज की प्रेरणादायी और संघर्षशील महिलाओं को “मालती देवी सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं में कुलसुम तलहा, साहिबा सिद्दीकी, शांति देवी, सबा, रेशमा और सीता कुमारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।आयोजन समिति ने साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इससे संबंधित सभी अभिलेख पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कार्मिक विभाग के विशेष सचिव या उनसे वरिष्ठ अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने दिवाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं सेवा विभाग में तैनात संयुक्त निदेशक सुनील कुमार वर्मा न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि वर्ष 2019 में पारित आदेश के अनुपालन में 10 मई 2020 को निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर नई नियमावली तैयार की गई। हालांकि, न्यायालय में उपस्थित अधिकारी नियमावली के गठन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके। वहीं, सरकारी पक्ष यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि नियम बनाते समय किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर कार्मिक विभाग का विशेष सचिव स्तर का अधिकारी सभी संबंधित रिकॉर्ड के साथ अदालत में मौजूद रहे।
मुजफ्फरपुर पहुंचे एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमाम ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दबाव की राजनीति कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है। साथ ही सरैया थाना क्षेत्र में बच्ची की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। चुनाव ने लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए मुजफ्फरपुर में विभिन्न नेताओं और पार्टी प्रतिनिधियों के साथ पहुंचे अख्तरूल इमाम ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव ने लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश में कई चुनाव देखे हैं, लेकिन “अपनी जिंदगी में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा।” उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा को समर्थन दिया और सरकार बनी, इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन चुनाव के दौरान जिस तरह का माहौल बनाया गया, वह चिंताजनक है। उनका आरोप था कि भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए हर स्तर पर दबाव बनाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव सबसे अहम अख्तरूल इमाम ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव सबसे अहम होता है, लेकिन बंगाल चुनाव के दौरान जो परिस्थितियां बनीं, वह देश के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इस तरह की राजनीति का जवाब देगी। वहीं, मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र में मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर भी एआईएमआईएम प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया। अख्तरूल इमाम ने कहा कि बच्ची की मौत बेहद दुखद और शर्मनाक घटना है, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की जांच कर रहे पुलिस पदाधिकारी पर भी कार्रवाई की मांग की और कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
छतरपुर जिले के हरपालपुर के चर्चित दहेज मौत मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया। पत्नी की मौत के करीब एक साल चार महीने बाद आए फैसले में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामला हरपालपुर थाना क्षेत्र का है। 7 दिसंबर 2024 को जयदेवी अनुरागी पत्नी सोनू अनुरागी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। पति पर दर्ज हुआ था मामला शिकायत के आधार पर हरपालपुर थाना पुलिस ने पति सोनू अनुरागी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद अपराध क्रमांक 0235/2024 के तहत मामला न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश कर आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट बोली- ठोस साक्ष्य नहीं मिले मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र देशवाल की अदालत में हुई। अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ आरोप ठोस रूप से सिद्ध नहीं हो सके। इसके बाद अदालत ने आरोपी सोनू अनुरागी को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेर सिंह तोमर ने पैरवी की। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में दिनभर मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
अनुमंडल पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शनी ने मोहनिया शहर के महत्वपूर्ण चौराहे पटना मोड़ के पास एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित जलजमाव की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पाया कि कई स्थानों पर नाले कूड़े और मलबे से भरे हुए थे, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही थी। इसके अतिरिक्त, कई प्रमुख नालियां भी जाम स्थिति में मिलीं। इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को संयुक्त रूप से काम करने का निर्देश दिया। एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को त्वरित गति से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पटना मोड़ के आसपास ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए, ताकि बारिश के समय शहरवासियों और यात्रियों को जलजमाव की समस्या का सामना न करना पड़े। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी गई।
चंडीगढ़ के मलोया पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर और कांस्टेबल प्रवीण को शुक्रवार देर शाम सीनियर अधिकारियों ने लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि दोनों के खिलाफ कार्रवाई किस वजह से की गई, इसका आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच और वेरिफिकेशन के बाद यह कार्रवाई की गई। बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज वहीं इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज सौंप दिया गया है। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही इंस्पेक्टर बलदेव कुमार की तैनाती ऑपरेशन सेल में की गई थी। चंडीगढ़ पुलिस के DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किए थे कि यदि किसी थाना क्षेत्र में नशा तस्करी होती है, पुलिस की मिलीभगत सामने आती है या कोई पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार इसी मुद्दे को लेकर गुलाब चंद कटारिया भी कई बार कह चुके हैं कि संबंधित थाना प्रभारी अपने इलाके की कानून व्यवस्था और अपराध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होगा। अब मलोया थाना में हुई कार्रवाई को उसी सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
गोंडा में मनकापुर-अयोध्या रेलवे ट्रैक पर गुरुवार रात करीब 9.10 बजे डिप्रेशन से परेशान होकर युवक ने सुसाइड किया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्मार्टम के लिए भेजा था। शुक्रवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक की पहचान पंचम निवासी कनकपुर गांव नवाबगंज थाना क्षेत्र के रूप में हुई थी। कनकपुर गांव के प्रधान विपिन सिंह ने बताया- मृतक पंचम अविवाहित था। उसके माता-पिता और दो बड़े भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपने बाकी दो भाइयों से अलग रहता था। दो महीने पहले एक दुर्घटना में पंचम का पैर टूट गया था, जिसके इलाज के लिए गांव वालों ने चंदा इकट्ठा किया था। पंचम इन दिनों डिप्रेशन में रहता था, इस वजह से उसने यह कदम उठाया था। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन के पायलट ने स्टेशन पर सूचना दी थी कि रात 9:10 बजे एक युवक रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे लेट गया, जिससे उसकी कटकर मौत हो गई। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… युवक ने वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 9.10 बजे एक युवक ने वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। पढ़िए पूरी खबर...
हाईवा की टक्कर से 2 युवक गंभीर घायल:जमुई में नाराज ग्रामीणों ने 2 घंटे सड़क जाम की
जमुई के गिद्धौर-मौरा बाईपास पर शुक्रवार को एक बालू लदे हाईवा ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर यातायात बाधित रखा। पुलिस ने हाईवा ट्रक जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा मौरा निजुआरा बालू घाट से बालू लादकर जा रहे हाईवा ट्रक संख्या WB-65-G-0507 द्वारा धोबघट गांव जाने वाले मोड़ के समीप हुआ। हाईवा ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मारी, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया घायलों की पहचान बरहट प्रखंड के भंदरा गांव निवासी माणिक यादव के पुत्र दिलीप कुमार और अनिल यादव के पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दिलीप कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया, जहां से उन्हें पटना भेजा गया। अभिषेक कुमार का इलाज अभी जारी है। नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया हादसे से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। गिद्धौर पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर हाईवा ट्रक को जब्त कर लिया और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राशि मलिक के निर्देश पर अवर निरीक्षक पंकज कुमार सिंह एवं रंजीत राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए हाईवा चालक को हिरासत में लिया और वाहन को कब्जे में कर लिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
BEO ने 5 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया:साफ-सफाई, पठन-पाठन और अतिक्रमण की स्थिति का लिया जायजा
वीरपुर (बेगूसराय)। प्रखंड प्रभारी बीईओ राम उदय महतो ने शुक्रवार को पांच विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में साफ-सफाई, पठन-पाठन की गुणवत्ता और विद्यालय भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में बीईओ ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी हेडमास्टरों (एचएम) को यह भी निर्देश दिया कि यदि विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण है, तो उसकी संबंधित रिपोर्ट और आवश्यक कागजात जल्द से जल्द जमा करें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। बीईओ महतो ने जिन विद्यालयों का निरीक्षण किया, उनमें राजकीयकृत मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर, प्राथमिक विद्यालय सरौंजा पूर्वी भाग, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पकड़ी मुनीचक, राजकीयकृत मध्य विद्यालय नौलागढ़ और उच्च विद्यालय नौलागढ़ शामिल हैं।
रामपुर में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े मामलों में कानूनी दबाव बढ़ता जा रहा है। अदालतों में इन मामलों की सुनवाई तेज हो गई है। इनमें अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपील और आजम खां से जुड़ा क्वालिटी बार प्रकरण प्रमुख है। दो पासपोर्ट मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 5 दिसंबर 2023 को अब्दुल्ला आजम को सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने का दोषी माना था। आरोप था कि उन्होंने अलग-अलग जन्मतिथि दिखाकर दो पासपोर्ट बनवाए और उनका उपयोग विदेश यात्राओं में किया। इस मामले में आकाश सक्सेना ने वर्ष 2019 में सिविल लाइंस कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब राज्य सरकार ने अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की मांग करते हुए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है। निचली अदालत का रिकॉर्ड पेश किया जा चुका है और अभियोजन पक्ष की बहस 12 मई को निर्धारित की गई है। वहीं तजीन फात्मा से जुड़े क्वालिटी बार प्रकरण में शुक्रवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। आरोप है कि मंत्री रहते हुए आजम खां ने जिला सहकारी संघ की जमीन पर स्थित क्वालिटी बार की जगह को अपनी पत्नी तजीन फात्मा के नाम बेहद कम किराए पर आवंटित कराया था। बाद में अब्दुल्ला आजम को भी सह-किरायेदार के रूप में दर्शाया गया। मुकदमे की अग्रिम विवेचना के दौरान आजम खां पर धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने जैसी धाराएं भी बढ़ाई गईं। अदालतों में चल रहे इन मामलों को आजम परिवार के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।
मेरठ में शुक्रवार को जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित केसरगंज चौकी के सामने बनी अवैध दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। जिला पंचायत की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया गया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानों का संचालन किया जा रहा था। जिला पंचायत की ओर से कब्जाधारकों को दो बार नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की।ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल जिला पंचायत और प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमाफिया और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। लोगों ने किया विरोध जहां कब्जा हटाने की कार्रवाई की वहां दुकान चलाने वाले फिरोज राणा ने बताया कि पंचायत द्वारा ही यहां दुकानें दी गई थी, जिसमें मेरा नाम आया। मैंने दुकान का शुल्क और एक साल का एडवांस किराया भी जमा है। अधिकारियों द्वारा मुझे नोटिस दिया गया जिसके बाद मैंने कोर्ट से इस मामले पर स्टे लिया। इसके बाद भी जिला पंचायत ने यहां कार्रवाई कर दी। इस ध्वस्तीकरण की हमे पहले से कोई जानकारी नहीं थी। वहीं जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने बताया कि दुकान किराए पर दी गई थी लेकिन फिरोज के द्वारा बिना मानचित्र के वहां अवैध निर्माण कराया गया। इसके संबंध में उनको दो बार नोटिस भी दिया गया था जिसकेबाद आज यह कार्रवाई की गई।
किशनगंज में 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मानव सेवा, आपदा राहत और सामाजिक सहयोग में रेड क्रॉस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। स्कूली बच्चों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। रेड क्रॉस द्वारा बच्चों के लिए चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। इन प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, मानव सेवा, आपदा राहत और सामाजिक सहयोग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को भी पुरस्कृत किया गया। जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया है, और सामाजिक सहयोग करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। स्कूलों के बच्चों को जागरूक किया गया पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज बच्चों के साथ संवाद किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों को ड्रग एब्यूज, साइबर फ्रॉड और यातायात नियमों जैसे तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे जागरूक हों और धोखाधड़ी करने वालों के जाल में न फंसें। रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. इच्छित भारत ने जानकारी दी कि विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस द्वारा आयोजित चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
फरीदाबाद के डबुआ स्थित एयरफोर्स स्टेशन में सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने बाहरी दीवार फांदकर परिसर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट निवासी इरफान अली के रूप में हुई है। घटना 3 मई की बताई जा रही है। एयरफोर्स स्टेशन के सुरक्षा अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रविंदर छापारिया की शिकायत पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को किया सूचित सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 10-10 रुपए के दो सिक्के और तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को डबुआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रारंभिक शिकायत में कुछ तकनीकी विसंगतियां होने के कारण पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद 4 मई को संशोधित शिकायत दी गई। ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट में केस दर्ज डबुआ थाना इंचार्ज संग्राम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
भभुआ नगर परिषद ने शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुगम करने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर के मुख्य मार्गों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत सड़कों पर अवैध रूप से बालू, गिट्टी और ईंट जैसी निर्माण सामग्री गिराकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। 5000 तक का आर्थिक दंड लगाना शुरू किया कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि कई बार नोटिस देने और समझाने के बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर रहे थे। अब प्रशासन ने नरमी छोड़ते हुए अधिकतम ₹5000 तक का आर्थिक दंड लगाना शुरू किया है। इसके साथ ही, सड़कों पर पड़ी निर्माण सामग्री को जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान कैमूर स्तंभ, बजरंग सेंटर और भगवानपुर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों पर अतिक्रमण पाया गया, जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया। संबंधित व्यक्तियों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जाएगा अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि जुर्माना देने में कोताही बरती गई, तो संबंधित व्यक्तियों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही, धारा 133 सीआरपीसी के तहत भी कार्रवाई हेतु अनुमंडल कार्यालय को मामले भेजे गए हैं। नगर प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे स्वयं ही सड़कों से अपना अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन की कार्रवाई के साथ दंड भुगतने के लिए तैयार रहें।
समस्तीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के देखरेख में आज उभयलिंगी व्यक्तियों का एकीकरण पुनर्वासन और न्याय तक पहुंच योजना -2023 के तहत सितारा सप्ताह उत्सव कार्यक्रम का आयोजन कोर्ट परिसर में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह -अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार समीर कुमार व डीएम रोशन कुशवाहा ने संयुक्त रूप से दीप जला कर किया। इस मौके पर सरकार की अलग-अलग योजनाओं से जुड़ा स्टाल भी लगाया गया। जिसमें आधार कार्ड पंजीकरण केंद्र , श्रम कार्डपंजीकरण केंद्र ,रोजगार कार्ड पंजीकरण केंद्र, कौशल विकास केंद्र ,जिला उद्योग केंद्र, आयुष्मान कार्ड केंद्र मतदाता पहचान पत्र केंद्र, उभयलिंगी पहचान पत्र केंद्र के माध्यम से किन्नरों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश समीर कुमार ने कहा कि एक समय था जब महिलाएं कम ही घर से निकल रही थी। आज महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। अब समय दूर नहीं जब किन्नर समाज भी आम लोगों की तरह विभिन्न सेक्टरों में काम करती हुई दिखेंगी। अभी न्यायिक सेवा मे दो किन्नर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। पुलिस में भी इनकी इंटरी हो चुकी है। उन्होने कहा कि इस कैंप के माध्यम से किन्नर समाज के लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। उनका निबंधन कराया गया। मौके पर अधिकारियों की ओर से उभयलिंगी के उत्थान पुनर्वास और सर्वांगीण विकास के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। साथ ही साथ अनेक अधिकारियों और कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए पूर्ण जानकारी दी गई । मौके पर जिला विधि सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के सचिव मनोज कुमार की ओर से धन्यावाद ज्ञापन किया गया। मौके पर जज व डीएम के अलावा डीएसपी मुख्यालय, जेल अधीक्षक आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में किन्नर समाज के लोगों की उपस्थिति भी खुब देखी गई।
गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत इसरी बाजार में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर अफरातफरी मचा दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर चल रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित होकर विरोध करने लगे।ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लियाइसी दौरान ट्रक चालक वाहन लेकर भागने लगा। भागने के क्रम में ट्रक ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। पहले देखिए घटना से संबंधित चार तस्वीरें ट्रक की टक्कर से दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इधर, घटना की सूचना मिलते ही डुमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। आरोपी ट्रक ड्राइवर गिरफ्तारमामले को लेकर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार ने बताया कि ट्रक ने पहले एक कार को टक्कर मारी थी। इसके बाद लोगों के विरोध और हंगामे के बीच चालक वाहन लेकर भागने लगा, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है तथा ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।इधर, घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव डुमरी पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान डीसी ने घायलों और उनके परिजनों को हर संभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
कानपुर के जरीब चौकी ओवरब्रिज परियोजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि बिना स्थानीय लोगों से बातचीत और सहमति बनाए परियोजना को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे “जबरदस्ती श्रेय लेने की राजनीति” बताया। पवन गुप्ता ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की जद में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें एक ऐसा प्राचीन मंदिर भी शामिल है, जहां वर्ष 1934 में महात्मा गांधी आए थे और जनसभा की थी। मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि मंदिर को तोड़ने से पहले उसे उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि परियोजना के कारण करीब 250 दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। ऐसे में प्रशासन को व्यापारियों के पुनर्वास और उनके हितों का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ आम लोगों की भावनाओं और आजीविका की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता , पूर्व अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, इकबाल अहमद, सुरेश बक्शी, पदम मोहन मिश्रा, राकेश साहू, अजय श्रीवास्तव शीलू, विवेक पाल, विनोद अवस्थी, अमित अग्निहोत्री और हाशिम मदारी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने हरदोई के सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधीक्षक पर अनाधिकृत निजी अस्पतालों पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कछौना क्षेत्र में करीब 12 निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, डॉ. मनोज सिंह लेवल-1 के चिकित्सा अधिकारी हैं, जिनका ग्रेड पे 5400 है। वह बहेंदर और अहिरोरी में चिकित्सा अधीक्षक रह चुके हैं और वर्तमान में 30 नवंबर 2024 से सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनात हैं। उनके पास पीसीपीएनडीटी और एफआरयू का अतिरिक्त कार्यभार भी है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने में उन्होंने लापरवाही बरती। डॉ. मनोज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. मनोज सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी भवनाथ पांडेय से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि जिले में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (लेवल-3, ग्रेड पे 7600) उपलब्ध होने के बावजूद लेवल-1 अधिकारी को चिकित्सा अधीक्षक का कार्यभार क्यों सौंपा गया। चार सदस्यीय जांच समिति गठित निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. अरविंद सचान को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि डॉ. हेमंत राजपूत, डॉ. अखिलेश बाजपेई और डॉ. मनोज सिंह को सदस्य बनाया गया है। उपमुख्यमंत्री के आदेश के बाद डॉ. अरविंद सचान और टीम ने कछौना क्षेत्र में अभियान चलाया। जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर करीब एक दर्जन निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। अस्पताल संचालकों को तीन दिन के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीएचसी कछौना भेजा गया है।
मोहाली जिले के जीरकपुर में पुलिस ने शहर की वीआईपी रोड स्थित एक स्पा सेंटर पर छापा मारा है। इस कार्रवाई में कथित अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ हुआ और चार युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्पा सेंटर की प्रबंधक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। जिनसे पूछताछ जारी है। बता दें कि, पुलिस को सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में अवैध धंधा चलाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।प्रारंभिक जांच में संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने युवतियों को रेस्क्यू किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। शहर में लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर कई अन्य स्पा सेंटर भी पुलिस की निगरानी में आ गए हैं।यह पहली बार नहीं है जब क्षेत्र में स्पा सेंटरों पर इस तरह की कार्रवाई हुई है। जीरकपुर में पहले भी कई स्पा सेंटरों पर छापेमारी की जा चुकी है, जहां अवैध गतिविधियां सामने आई थीं। पूर्व में भी कई संचालकों के खिलाफ मामले दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों के कारण अब पुलिस ने अपनी सख्ती बढ़ा दी है। एसपी बोलीं- अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं एसपी गजलप्रीत कौर ने इस संबंध में कहा कि शहर में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और जहां भी शिकायत मिलेगी, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यदि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी कर जेवरात-नकदी हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार:मथुरा में 4.26 लाख रुपए नकद और आभूषण बरामद
मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और धमकाकर लोगों से नकदी व आभूषण हड़पने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार दोपहर थाना कोतवाली क्षेत्र के नए बस स्टैंड के सामने से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कोमल शर्मा पुत्र बहोरन शर्मा के रूप में हुई है, जो नगला भैसारा, थाना राया, जनपद मथुरा का निवासी है। आरोपी पर लोगों को झांसे में लेकर और धमकाकर उनसे नकदी व कीमती सामान हड़पने का आरोप है। आरोपी के पास से बरामद आभूषणों में तीन हार, एक हसली, दो चूड़ी, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी झालर, दो जोड़ी ईयर रिंग्स, एक जोड़ी टॉप्स और सात अंगूठियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आभूषण सोने के हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के कब्जे से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी की शिकायतें मिली थीं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धाराओं को बढ़ाया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन लोगों को ठगा है और क्या इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं। थाना कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
घर के आंगन से 3 साल के बच्चे का अपहरण:बदमाश कार में ले गए, दमोह में परिजन ने थाने पर दिया आवेदन
दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर घर के आंगन में खेल रहे 3 वर्षीय बालक का अचानक अपहरण कर लिया गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लापता बालक का नाम अनुरोध सिंह है। उसके पिता माखन सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को अनुरोध घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान कोई अनजान व्यक्ति उसे उठा ले गया। जब काफी देर तक बच्चा दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। सफेद कार में अपहरण का संदेह माखन सिंह के अनुसार, गांव के कुछ बड़े बच्चों ने एक सफेद रंग की कार को घर के नजदीक स्कूल के पास खड़ा देखा था। आरोप है कि इसी कार में सवार अज्ञात लोग बच्चे को लेकर फरार हुए हैं। इसके साथ ही पिता ने बताया कि घटना के समय गांव में एक बाइक सवार व्यक्ति बच्चों को चिप्स बेचने आया था, जिससे मामले में संदेह और बढ़ गया है। पुलिस ने शुरू की तलाश परिजन के आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। तेजगढ़ थाना पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए आसपास के सभी थाना क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है ताकि बालक को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके।
10 मई को आयुर्वेद और स्वदेशी समागम:मोतिहारी में योग और स्वस्थ जीवनशैली पर होगी चर्चा
मोतिहारी में 10 मई को आयुर्वेद एवं स्वदेशी समागम का आयोजन किया जाएगा। यह समागम भारत स्वाभिमान के तत्वावधान में मोतिहारी ऑडिटोरियम में प्रातः 11 बजे से होगा। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध योग एवं स्वदेशी विचारक तथा संगठन के केंद्रीय प्रभारी राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजक मंडल की ओर से डॉ. अजीत कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि समागम में योग, प्राकृतिक स्वास्थ्य, भारतीय शिक्षा, स्वदेशी अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। योग और आयुर्वेद ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि योग और आयुर्वेद ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वदेशी अभियान आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव साबित हो रहा है। महिला जिला प्रभारी किरण ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी भारत के निर्माण की शुरुआत हर घर से हो चुकी है। प्रेस वार्ता में कोषाध्यक्ष विनोद कुमार, युवा प्रभारी शशि कुमार, संदीप कुमार सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा:28 हजार जुर्माना लगा, साल 2024 की है घटना
जौनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो उमेश कुमार की अदालत ने सिकरारा थाना क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व नौ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 28,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के कथानक के अनुसार, सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि 25 मार्च 2024 को शाम 6:30 बजे उसकी नौ वर्षीय पुत्री दुकान पर फ्रूटी खरीदने गई थी। तभी गांव का रहने वाला युवक उसका मुंह बंद कर उसे पास के एक विद्यालय में उठा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय और कमलेश राय द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने आरोपी युवक को दोषी पाया और उसे उपरोक्त दंड सुनाया।
समालखा में महिला के गले से तोड़ी सोने की चेन:भापरा से दूध ला रही थी, स्विफ्ट कार में स्नैचर फरार
पानीपत जिले के समालखा की संगम कॉलोनी में भापरा गांव से दूध लेकर लौट रही एक महिला के गले से सोने की चेन झपट ली गई। यह घटना शाम करीब 6:07 बजे कॉलोनी गेट के पास हुई। बदमाश सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। पीड़ित महिला पूजा ने बताया कि वह अपनी बहन मंजू और एक पड़ोसन के साथ रोजाना की तरह शाम 5:25 बजे भापरा गांव दूध लेने गई थी। वहां से करीब 6 बजे लौटते समय कॉलोनी गेट से कुछ ही दूरी पर उनके पीछे एक युवक पैदल चल रहा था। उसने अचानक पूजा के गले से लगभग 14 ग्राम की सोने की चेन छीन ली। महिला के चिल्लाने पर लोग दौड़े पूजा के चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन युवक पहले से खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर भाग गया। कार की नंबर प्लेट पर टेप चिपका हुआ था। पूजा की बहन मंजू ने भी लगभग 20 ग्राम की चेन पहनी हुई थी, लेकिन चोर ने केवल पूजा को निशाना बनाया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और लोग इकट्ठा हो गए। 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस थाना प्रभारी दीपक कुमार, चौकी इंचार्ज वीरेंद्र, सीआईए वन और एएनसी टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, पूछताछ की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर संभव कोण से जांच कर रही है। उन्होंने जल्द ही चोर को पकड़ने का आश्वासन दिया।
लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय और हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से कीबोर्ड वितरण एवं डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि कुलपति प्रो. संजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय लगातार दिव्यांगजन हितैषी और तकनीकी रूप से समावेशी वातावरण विकसित करने पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। शैक्षणिक ऐप्स के इस्तेमाल की जानकारी शामिल इस दौरान विद्यार्थियों को कीबोर्ड वितरित किए गए। आगामी चरण में उन्हें विशेष डिजिटल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में कंप्यूटर संचालन, टाइपिंग, इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन कक्षाओं में सहभागिता और मोबाइल आधारित शैक्षणिक ऐप्स के इस्तेमाल की जानकारी शामिल होगी। प्रशिक्षण में स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर और ऐप्स जैसे एनवीडीए (NVDA), टॉकबैक (TalkBack) और जॉव्स (JAWS) के संचालन पर विशेष जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि इन तकनीकों की मदद से दृष्टिबाधित विद्यार्थी अपनी अध्ययन सामग्री स्वयं तैयार कर सकते हैं और ऑनलाइन संसाधनों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं। डिजिटल संसाधनों से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता कुलसचिव रोहित सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगी। एमओयू समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में धीरज, आकाश, रिजवान सहित कई विद्यार्थी उपस्थित रहे।
DM के जनता दरबार में 68 मामलों की सुनवाई:अररिया में ऑफिसर्स को तुरंत निपटारे के निर्देश दिए गए
अररिया में “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत जनता दरबार का आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में यह दरबार लगा। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना गया और कुल 68 मामलों की सुनवाई की गई। जनता दरबार के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त न करने की बात कही। जमीन निबंधन से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं जनता दरबार में फसल क्षति, नल-जल योजना के ऑपरेटरों का लंबित मासिक भुगतान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना, शिक्षा विभाग में कथित फर्जी बहाली, आंगनबाड़ी सेविका चयन, वासगीत पर्चा की जमीन पर कब्जा और जमीन निबंधन से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। भरगामा प्रखंड निवासी कृष्ण चंद दास ने जेबीसी नहर बिंदु-74 से संबंधित राजस्व मामले में अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई। रानीगंज निवासी आदित्य कुमार ने चिकित्सकीय लापरवाही के कारण अपनी बहू की मृत्यु का मामला उठाया। जोकीहाट निवासी मो० फिरोज आलम ने शिक्षा विभाग में फर्जी बहाली से संबंधित शिकायत की। जमीन निबंधन की रोक सूची हटाने की मांग की नरपतगंज निवासी मो० शहीद आलम ने जमीन निबंधन की रोक सूची हटाने की मांग की। अररिया निवासी शमीम अख्तर ने नल-जल योजना के अंतर्गत ऑपरेटरों के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। रानीगंज निवासी उग्रानंद झा ने मक्का फसल क्षति से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, जबकि सिकटी प्रखंड से आए जगलाल मंडल ने वासगीत पर्चा की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दोहराया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है और सभी मामलों की नियमित निगरानी की जाएगी।
ग्वालियर शहर के गोशपुरा नंबर-1 में पार्किंग विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। यहां रहने वाले वृजेन्द्र सिंह तोमर और उनके परिवार पर पड़ोस में रहने वाले पप्पू सिंह तोमर और उसके परिजनों ने हमला कर दिया। विवाद की वजह दरवाजे के सामने गाड़ी खड़ी करना और मकान निर्माण में बाधा डालना बताई जा रही है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। फरियादी ने ग्वालियर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस वीडियो की जांच कर रही है। वहीं, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। दरवाजे पर कार खड़ी करने को लेकर विवाद पीड़ित वृजेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि विवाद काफी समय से चल रहा है। उनके अनुसार, पप्पू तोमर अपनी क्रेटा कार उनके दरवाजे के सामने खड़ी कर देता है, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। इस समय उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा है और दरवाजे के बाहर ईंट, पत्थर व रेत रखी थी। इसी बात को लेकर पड़ोसी ने नगर निगम में शिकायत कर दी। वृजेन्द्र का आरोप है कि 8 मई की शाम पप्पू के भाई वीरेन्द्र ने उन्हें बातचीत के बहाने बुलाया और सीसीटीवी कैमरे की नजर से दूर ले जाने की कोशिश की। जब उन्होंने बाहर ही बात करने की बात कही, तभी पप्पू और उसके भतीजे सनी व मनु वहां पहुंच गए। आरोप है कि तीनों ने उनके साथ लात-घूसों से मारपीट की, जिससे उनके पैर के अंगूठे का नाखून निकल गया और वे घायल हो गए। पत्नी और बच्चों से भी मारपीट वृजेन्द्र के अनुसार, शोर सुनकर उनकी पत्नी, बेटा और बेटी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस दौरान गालियां देते हुए धमकी दी गई कि गाड़ी वहीं खड़ी होगी और जो करना हो कर लें। घर के बाहर दी धमकी पीड़ित का आरोप है कि घटना के कुछ देर बाद पप्पू के भतीजे ने 6-7 युवकों को उनके घर भेजा। इन लोगों ने घर के गेट पर लातें मारीं और बाहर निकलने की धमकी दी। इसके बाद से परिवार दहशत में है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल वृजेन्द्र सिंह का कहना है कि उन्होंने 29 अप्रैल 2026 को भी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। अब परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पीड़ित बोला- जान का खतरा पीड़ित वृजेन्द्र ने कहा, “हमें घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। पहले कैमरे से बचाकर मारपीट की गई और अब घर पर लोग भेजकर धमकाया जा रहा है। पूरा परिवार दहशत में है।” उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
संभल जिलाधिकारी न्यायालय में जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। यह मामला तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा इमाम आफताब हुसैन वारसी एवं उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाने के आरोप से संबंधित है। तहसीलदार कोर्ट ने इस मामले में बेदखली के आदेश दिए थे, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह विवाद संभल जनपद के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव की गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, यह भूमि चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी और 1972 में इसे ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया गया। यह भूमि कभी भी किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं रही। गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई उन्होंने बताया कि आफताब और महताब नाम के व्यक्तियों ने इस भूमि पर कब्जा करके आवास, मस्जिद और दरगाह जैसी संरचनाएं बना रखी हैं। करीब छह महीने पहले लेखपाल ने इसके विरुद्ध धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी, जिस पर लगभग छह महीने सुनवाई चली। इस सरकारी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताया जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता माधव मिश्रा ने तहसीलदार की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने जांच ठीक से नहीं की और गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई। मिश्रा ने साक्ष्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि मस्जिद 20 साल पहले नहीं, बल्कि ब्रिटिश काल से, सन् 1947 से पहले की बनी हुई है। माधव मिश्रा ने यह भी बताया कि आज न्यायालय में काम नहीं हो सका क्योंकि जिलाधिकारी नए आए हैं और आज उनका पहला कार्य दिवस था। वे अन्य कार्यों में व्यस्त रहे, जिसके बाद चैंबर में वकीलों के साथ एक औपचारिक वार्ता हुई और डीएम ने आज के मुकदमों में नई तारीखें दीं।
भागलपुर. व्यवहार न्यायालय भागलपुर समेत नवगछिया और कहलगांव कोर्ट परिसर में 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत में अलग-अलग लंबित मामलों का निष्पादन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट के लिए विशेष व्यवस्था जिला स्कूल में की गई है। यहां सुबह 10 बजे से ट्रैफिक चालान मामलों की सुनवाई शुरू होगी। जिला विधिक संघ के सचिव संगीता कुमारी ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक लंबित ट्रैफिक चालान मामलों में गाड़ी मालिकों को बड़ी राहत दी जाएगी। चालान सेटलमेंट के दौरान पेनल्टी राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा विलंब शुल्क (लेट फी) और अतिरिक्त अर्थदंड से भी राहत प्रदान की जाएगी। अदालत में मामलों का निष्पादन होगा आगे कहा कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा सरल और प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। गाड़ी मालिकों को अपने गाड़ी से संबंधित अद्यतन और स्पष्ट अभिलेख साथ लेकर आने को कहा गया है। सेटलमेंट राशि नगद रूप में भी जमा की जा सकेगी। ऐसे गाड़ी मालिक, जिनके खिलाफ ट्रैफिक चालान के मामले लंबित हैं, वे 9 मई को जिला स्कूल पहुंचकर अपने मामलों का निपटारा करा सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत के माध्यम से कम समय और कम खर्च में मामलों का समाधान संभव हो सकेगा।
मथुरा में ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मथुरा जंक्शन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। उन्हें ट्रेनों पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। जीआरपी प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरपीएफ और जीआरपी की टीम लगातार ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चला रही है, जहां से ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी क्रम में टीम बाद गांव पहुंची और ग्रामीणों, युवाओं तथा बच्चों से संवाद किया। उन्हें समझाया गया कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि इससे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि अक्सर ट्रेन में सफर कर रहे यात्री पत्थर लगने से घायल हो जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे होने की आशंका बनी रहती है। कई बार छोटे बच्चे या शरारती तत्व अनजाने में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। इसलिए समाज के सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने में सहयोग करें। अभियान के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक के आसपास संदिग्ध गतिविधि करता दिखाई दे या पत्थरबाजी की कोशिश करे तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को दें। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे, ताकि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
अररिया में दो बाइकों की भिड़ंत, अधेड़ की मौत:पूर्णिया के नर्सिंग होम कर्मी घर लौट रहे थे
अररिया जिले के कोसकापुर में शुक्रवार को दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक अधेड़ व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान अररिया जिले के पेड़वाखोरी निवासी रविंद राय उर्फ भोला के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविंद राय पूर्णिया के रोटा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में कार्यरत थे। घटना के दिन वह अपनी मां का इलाज कराने अररिया आए हुए थे। बाइक से पेड़वाखोरी स्थित अपने घर लौट रहे थे इलाज पूरा होने के बाद उन्होंने अपनी मां को अन्य साधनों से घर भेज दिया था और स्वयं बाइक से पेड़वाखोरी स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोसकापुर के समीप दूसरी बाइक से उनकी तेज टक्कर हो गई। हादसे में रविंद राय गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल को तुरंत अररिया सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। सड़क की खराब स्थिति और तेज रफ्तार पर चिंता जताई परिवार के अनुसार, रविंद राय की पत्नी का निधन लगभग एक वर्ष पहले हो चुका था। उनके दो पुत्र हैं। स्थानीय लोगों ने इस हादसे को लेकर सड़क की खराब स्थिति और तेज रफ्तार पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और दुर्घटना संभावित सड़कों पर सुधार कार्य कराने की मांग की है।
मुरादाबाद में हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मझोला थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो सका। पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 जनवरी 2024 को हुई थी। पंचमुखी मंदिर रोड, मानपुर नारायणपुर निवासी शिवओम सिंह ने मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी शिवकुमार ने कन्हैया को जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया था। इस हमले में कन्हैया गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना वादी के घर पर हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कमल किशोर ने की, जबकि अदालत में हैडकांस्टेबल अमरपाल ने लगातार पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रदीप कुमार सिंह ने न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद, एडीजे-09 श्री अरुण कुमार की अदालत ने आरोपी शिवकुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 326 (खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया। अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को जनपद में चलाए जा रहे कन्विक्शन (दोषसिद्ध) अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है।
पवित्र नगरी अमरकंटक में शुक्रवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। यहां गरज-चमक के साथ करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। जहां अमरकंटक में तेज बौछारें पड़ीं, वहीं जिला मुख्यालय सहित अनूपपुर के अन्य हिस्सों में दिन भर धूप खिली रही। अमरकंटक के तापमान में आई कमी तेज बारिश के बाद अमरकंटक का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पर्यटन नगरी में मौसम सुहावना होने से यहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जिले के बाकी हिस्सों में धूप का असर अमरकंटक के विपरीत जिला मुख्यालय अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा और बिजुरी में बादलों की आवाजाही के बीच तेज धूप रही। अनूपपुर में दोपहर के समय मामूली बूंदाबांदी हुई, लेकिन कुछ ही देर में आसमान साफ हो गया। पूरे जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। फसलों पर बारिश का मिश्रित प्रभाव भू-अधीक्षक प्रदीप कुमार मोगरे के अनुसार, रबी फसल की कटाई पूर्ण होने के कारण इस बारिश से नुकसान की कोई आशंका नहीं है। हालांकि, यह वर्षा जायद की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी स्थानीय स्तर पर ऐसे ही बदलाव की संभावना जताई है। एक सप्ताह से जारी है मौसम में उतार-चढ़ाव अनूपपुर जिले में पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है। दोपहर के बाद अचानक बादल छाने और हल्की बारिश होने का सिलसिला जारी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ अल्पकालिक बारिश की स्थिति अभी बनी रह सकती है।
बठिंडा के गोनियाना मंडी के गांव गंगा अबलू में पाइपलाइन बिछाने में बरती गई लापरवाही के कारण एक मकान की दीवार गिर गई। इस हादसे में 9 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रुप से घायल हो गई। घायल महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में ठेकेदार, जेई और सुपरवाइजर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना नहरी पानी के निकास के लिए 8 फुट गहरी पाइपलाइन डालने के दौरान हुई। जेसीबी मशीन से खुदाई का काम चल रहा था, तभी गांव निवासी बिशन सिंह के मकान की नींव हिल गई और कुछ ही पलों में मकान की दीवार ढह गई। दीवार गिरने से घर में खेल रहा बच्चा वतनदीप सिंह और महिला गुरप्रीत कौर मलबे के नीचे दब गई। दीवार गिरते ही मची चीख-पुकार हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्य गुल्ली ठाकुर और संदीप गिल ने घायलों को गोनियाना मंडी के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने वतनदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि गुरप्रीत कौर पत्नी जगसीर सिंह का उपचार जारी है। बाद में सहारा टीम ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए बठिंडा अस्पताल पहुंचाया। पाइपलाइन डालने के लिए खोदी जमीन मृतक बच्चे के पिता बिशन सिंह ने पुलिस को बताया कि भूमि रक्षा विभाग की ओर से सुपरवाइजर संदीप सिंह, ठेकेदार भूपिंदर सिंह और जेई लखविंदर सिंह की निगरानी में पाइपलाइन डाली जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खुदाई के दौरान न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए और न ही आसपास के घर वालों को इसकी सूचना दी गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। चार कमरे, बरामदा और बाथरूम गिरा उन्होंने बताया कि अत्यधिक गहराई में खुदाई होने के कारण साथ लगते मकान की नींव खिसक गई और चमकौर सिंह के मकान के चार कमरे, पशुओं वाला बरामदा, और बाथरूम गिर गए जिसके मलवे के नीचे आने से मेरा बेटा वतनदीप व वीरपाल कौर दब गए। वीरपाल कौर को मिल्ट्री अस्पताल में दाखिल करवाया गया जबकि मेरे बेटे को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नहियांवाला पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुपरवाइजर संदीप सिंह, ठेकेदार भूपिंदर सिंह और जेई लखविंदर सिंह के खिलाफ धारा 106, 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेड कर रही है।
सहारनपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी कलीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कलीम पुत्र फुरकान उर्फ काला निवासी इस्लाम नगर, थाना रामपुर मनिहारान को शुक्रवार को कल्सिया रोड स्थित कब्रिस्तान के पास से पकड़ा गया। वह डेढ़ महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 16 मार्च 2026 को थाना सदर बाजार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को आरोपी कलीम और उसके परिवार के सदस्यों ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी पहले भी कई बार लड़की को अपने कब्जे में ले चुका था और शादी का झांसा देकर उसे घर से दूर रखता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सदर बाजार में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी के निर्देश पर एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने 18 मार्च को नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, मुख्य आरोपी कलीम तब से फरार चल रहा था। लगभग डेढ़ महीने की तलाश के बाद, शुक्रवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बताई। पुलिस अब इस मामले में आरोपी के अन्य साथियों और परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी कलीम का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2022 में थाना नकुड़ में चोरी और चोरी का माल रखने का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें वह पहले भी जेल जा चुका है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कपिल देव, उपनिरीक्षक विपिन कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल विजय सिंह और सचिन कुमार शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कैमूर जिले में चल रही विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) की बैठक हुई। यह बैठक समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए - जिलाधिकारी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर तकनीकी बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। बैठक में लंबित परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता और प्रशासनिक अड़चनों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी अभियंताओं को कार्यस्थल की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन, फैजाबाद शाखा ने 1974 की रेलवे हड़ताल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एम एन मिश्र ने की। संचालन हीरालाल ने किया। सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखा। 1974 की हड़ताल 8 घंटे काम, बोनस और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई थी। सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखा। 1974 की हड़ताल 8 घंटे काम, बोनस और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई थी। हीरालाल ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट रहने की अपील की। रेलवे कर्मचारियों ने 8 घंटे कार्य दिवस, बोनस, वेतन वृद्धि और अन्य श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन किया था। ‘संघर्ष और एकता की मिसाल थी 1974 की हड़ताल’ सभा को संबोधित करते हुए शाखा मंत्री हीरालाल ने कहा कि 1974 की रेलवे हड़ताल कर्मचारियों के संघर्ष, त्याग और एकता की मिसाल थी। उस आंदोलन ने देशभर के रेल कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने की ताकत दी। उन्होंने कहा कि आज भी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाता रहा है और भविष्य में भी संगठन के नेतृत्व के आह्वान पर रेल कर्मचारी हर संघर्ष के लिए तैयार रहेंगे। सभा में कर्मचारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
जमुई में BJP नेता पर पारिवारिक विवाद में हमला:खपड़ैल मकान की मरम्मत को लेकर टांगी से वार कर सिर फोड़ा
जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र में एक खपड़ैल मकान की मरम्मत को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा के सिमुलतला मंडल उपाध्यक्ष उत्तम सिंह पर उनके ही रिश्तेदारों ने जानलेवा हमला करने का आरोप है। घायल उत्तम सिंह का झाझा रेफरल अस्पताल में इलाज कराया गया। उत्तम सिंह ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी विश्वजीत दयाल को लिखित आवेदन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 3 मई को वे अपने पुराने खपड़ैल मकान की मरम्मत करवा रहे थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई लाला सिंह उर्फ गोविंद सिंह, सुनीता देवी, डोली सिंह और अंकित कुमार वहां पहुंचे और काम रोकने को लेकर गाली-गलौज करने लगे। ईंट, पत्थर, लाठी और लोहे की रॉड से हमला किया विरोध करने पर विवाद अचानक हिंसक हो गया। उत्तम सिंह का आरोप है कि लाला सिंह उर्फ गोविंद सिंह ने टांगी से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया और वे जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद अन्य आरोपियों ने ईंट, पत्थर, लाठी और लोहे की रॉड से उन पर हमला किया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उन्हें बचाने पहुंची उनकी गर्भवती बहू के साथ भी मारपीट की गई, जिसके बाद वह भयभीत होकर कमरे में बंद हो गई। पीड़ित उत्तम सिंह को इस हमले में दोनों कंधों, हाथ की अंगुली, आंख के नीचे और सीने में गंभीर चोटें आईं। कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन दिया गया था घटना की सूचना मिलने पर उनके बड़े पुत्र विभूति आनंद मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए झाझा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित ने बताया कि घटना के दिन ही सिमुलतला थाना में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन दिया गया था। इस मामले में थाना कांड संख्या 34/26 दर्ज किया गया है। उत्तम सिंह ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने एक आरोपी को पकड़ने के बाद बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि आरोपी के थाने से बाहर जाने का वीडियो भी उनके पास मौजूद है, जिसे उन्होंने एसपी को सौंप दिया है।
बिहार के बेतिया जिले के पिपरासी और सेमरा दियारा से लेकर उत्तर प्रदेश के रिहायशी इलाकों में करीब 4 माह से दहशत फैला रहे तेंदुए को आखिरकार शुक्रवार को सीमावर्ती कुशीनगर जिले के जटहा बाजार थाना क्षेत्र के पूर्नहा मिश्र गांव से वन विभाग और गोरखपुर जू की एक्सपर्ट टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ लिया। लगभग 20 घंटे चले संयुक्त अभियान के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइजर डार्ट से बेहोश कर सुरक्षित पिंजरे में बंद किया गया और बाद में गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद यूपी और बिहार के सीमावर्ती गांवों में ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई हमलों से फैली थी दहशत गुरुवार को तेंदुए ने सबसे पहले सिसहन चिरईहवा (यूपी-बिहार सीमा) के पास मंझरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक सुनील गुप्ता पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद उसने पिपरासी पंचायत के मनिया छापर गांव की चिरई देवी को भी घायल कर दिया। यूपी सीमा में पहुंचने के बाद तेंदुए ने धूमनगर गांव के पत्रकार उमेश गिरी पर हमला किया, जबकि रात में कठीछपरा गांव में खेत की रखवाली कर रहे रहीम अंसारी भी हमले में घायल हो गए। शुक्रवार भोर में तेंदुए ने पूर्नहा मिश्र गांव में ललिता देवी, रजली देवी और डुमरा गांव के मनोज उर्फ टून्ना तिवारी को घायल कर दिया। इस दौरान उसने रामाधार सिंह की गाय और सूरज कुशवाहा की भैंस पर भी हमला किया। पुलिया में फंसा तेंदुआ, फिर हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार हमलों के बाद तेंदुआ एक मकान और फिर गन्ने के खेत से होते हुए पुलिया में जा छिपा। सूचना मिलते ही हजारों ग्रामीण मौके पर जुट गए। भीड़ और शोर के बीच तेंदुआ वहीं फंस गया, जिसके बाद वन विभाग ने पुलिया के दोनों छोर को जाल लगाकर बंद कर दिया। इसके बाद कुशीनगर डीएफओ वरुण सिंह के नेतृत्व में यूपी और बिहार वन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। गोरखपुर से आई ट्रैंकुलाइजर विशेषज्ञ टीम ने तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा हुआ ऑपरेशन रेस्क्यू अभियान के दौरान एसडीओ जितेंद्र कुमार, रेंजर अशोक कुमार यादव, डिप्टी रेंजर अमित तिवारी, वन दरोगा दिवाकर यादव, फॉरेस्ट गार्ड चंद्र प्रकाश, संदीप पटेल और जटहा बाजार थानाध्यक्ष अभिनव मिश्रा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। तेंदुए के पकड़े जाने से लंबे समय से दहशत में जी रहे सीमावर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
2 आरोपी अरेस्ट, पिघलाया सोना बरामद:गोपालगंज में पुलिस ने डकैती कांड का किया खुलासा; 24 मार्च की घटना
गोपालगंज पुलिस ने सिधवलिया थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में पिछले महीने हुई डकैती का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से पिघला हुआ सोना बरामद किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान माधोपुर थाना क्षेत्र के महम्मदपुर निलामी गांव निवासी मुकेश उर्फ भूटी नट और सीवान जिले के जामो बाजार गांव निवासी विजय कुमार सोनी के रूप में हुई है। अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज यह घटना 24 मार्च की रात करीब 2:10 बजे जलालपुर कला में रामाकांत प्रसाद के घर में हुई थी। 5 से 6 हथियारबंद अज्ञात अपराधियों ने घर से 64,500 रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए थे। इस संबंध में सिधवलिया थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 और थानाध्यक्ष सिधवलिया के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पूछताछ में डकैती में संलिप्तता स्वीकार की जांच के दौरान, टीम ने मुकेश उर्फ भूटी नट को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि उसने लूटा हुआ सोना विजय कुमार सोनी को बेच दिया था। मुकेश की निशानदेही पर विजय कुमार सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से पिघले हुए आभूषण बरामद किए गए। एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना को अंजाम देने में उसी गांव के कुछ व्यक्तियों का हाथ है, और आगे की जांच जारी है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी उन्होंने बताया कि पिघलाया हुआ गोलाकार एवं चपटा पदार्थ विधिवत जब्त किया गया है।नगद रूपये एवं सोने-चांदी के आभुषणो की बरामदगी तथा अन्य संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
मथुरा में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। समिति के सभापति अशोक अग्रवाल की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न विकास कार्यों और लंबित याचिकाओं की समीक्षा की गई। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, नाली, पुलिया, पंचायत घर और पानी निकासी सहित अन्य विकास कार्यों पर चर्चा हुई। नंदगांव, नौहझील, मॉट, छाता और राया जैसे विभिन्न क्षेत्रों की लंबित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त, यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और कचरा निस्तारण के मुद्दे पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। सभापति अशोक अग्रवाल ने अधिकारियों से सभी कार्यों के टेंडर, वर्क ऑर्डर, लागत, निर्माण की स्थिति, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि सहित स्थलीय निरीक्षण की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को पूर्ण दिखाया गया है, उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। इसके लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को शामिल करते हुए एक तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। यह समिति एक सप्ताह के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि जिन विकास कार्यों को अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है, उन्हें जिला पंचायत और लोक निर्माण विभाग के प्रस्तावों में शामिल कर प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष गोल्डी शर्मा के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। गोल्डी शर्मा ने इस संबंध में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) फिरोजपुर झिरका को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बैंक मैनेजर और अकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में गोल्डी शर्मा ने बताया कि वह अपने स्वयं सहायता समूह का संयुक्त खाता खुलवाने के लिए पिछले लगभग छह महीनों से बैंक के चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि हर बार बैंक प्रबंधन द्वारा अलग-अलग बहाने बनाकर टाला जा रहा था। आरोप है कि शुक्रवार को भी वह अपनी समूह की अन्य महिलाओं के साथ बैंक पहुंची। उन्हें सुबह से शाम तक इंतजार कराया गया। अधिकारियों ने नहीं खोला खाता महिलाओं का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी बैंक अधिकारियों ने न तो खाता खोला और न ही दस्तावेजों की जांच की। जब उन्होंने इस लापरवाही पर सवाल उठाते हुए शिकायत करने की बात कही, तो बैंक मैनेजर और अकाउंटेंट कथित तौर पर भड़क गए। आरोप है कि दोनों ने महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें बैंक से बाहर जाने को कहा। बैंक कर्मियों के व्यवहार के जांच की मांग घटना के बाद महिलाओं में रोष देखा गया। गोली शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक कर्मचारियों के व्यवहार की निष्पक्ष जांच की जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका उद्देश्य है कि भविष्य में किसी महिला या आम नागरिक के साथ ऐसा व्यवहार न हो। जनता को समय पर मिलनी चाहिए सुविधाएं यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी बैंकों में आम जनता को सम्मानजनक व्यवहार और समय पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। यदि महिलाओं के साथ इस तरह का रवैया अपनाया जाता है, तो यह चिंताजनक है।
मध्य प्रदेश के रीवा में जनवरी 2026 के अतीक अहमद शेख हत्याकांड के 3 मुख्य आरोपियों को सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश पुलिस से बचने के लिए सूरत भाग गए थे। वहां मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। सूरत पुलिस को सूचना मिली थी कि रीवा के पनवार थाने में दर्ज दंगा और हत्या के आरोपी अडाजण इलाके में छिपे हैं। पुलिस ने निगरानी कर आकाश सिंह उर्फ सौरभ सिंह राजपूत, सत्यम सिंह राजपूत और अजीत सिंह राजपूत को पकड़ लिया। तीनों आरोपी ओलपाड के मासमा गांव में रह रहे थे। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… मेले में चंदन लगाने को लेकर हुआ था विवाद पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 1 जनवरी 2026 को रीवा जिले के शिवपुर इलाके में धार्मिक मेले का आयोजन हुआ था। यहां लोगों के माथे पर स्वागत के तौर पर चंदन लगाया जा रहा था। अतीक अहमद शेख अपने दोस्तों के साथ मेले में पहुंचा था। इस दौरान अतीक ने माथे पर चंदन लगाने का विरोध किया। इससे मेले में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। मेले में हुए विवाद की रंजिश में आरोपियों ने अतीक को सबक सिखाने की योजना बनाई। आरोपियों ने अतीक को मरते दम तक पीटा 27 जनवरी 2026 को अतीक टेंपो से जा रहा था, तभी आरोपियों ने रास्ते में उसे रोक लिया। तीनों आरोपियों और उनके साथियों ने अतीक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वायरल VIDEO में दिखी बेरहमी वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर लगातार डंडों से पीट रहे हैं। हमले में घायल को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई। हमलावर घायल को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। वीडियो से आरोपियों की पहचान हई। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। चंपागढ़ के 5 युवकों पर था आरोप पीड़ित पक्ष ने ग्राम चंपागढ़ (थाना पनवार) निवासी 5 लोगों पर नामजद आरोप लगाए थे। इनमें शिवम सिंह ठाकुर, अजीत सिंह ठाकुर, सौरभ सिंह ठाकुर, सत्यम सिंह ठाकुर और शक्ति सिंह ठाकुर शामिल हैं। 100 पुलिसकर्मियों की SIT कर रही थी तलाश मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने SIT गठित की थी। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में जुटे थे। लगातार छापेमारी के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे थे, लेकिन आखिरकार सूरत SOG ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के बाद मध्यप्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया है। करीब चार महीने तक आरोपी सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर काम करते रहे और पुलिस को चकमा देते रहे। …………………………………….. यह खबर भी पढ़ें रीवा में 3 मिनट में 40 लाठियां मारी रीवा जिले के पनवार थाना अंतर्गत शिवपुर क्षेत्र में कबाड़ व्यापारी और उनके भाई पर हुए जानलेवा हमले का वीडियो रविवार को सामने आया है। वीडियो में 5 हमलावर एक व्यक्ति को जमीन पर लिटाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। बदमाशों ने 3 मिनट में युवक को 100 लाठियां मारी। पढ़ें पूरी खबर…
सहारनपुर में अवैध पशु कटान का आरोपी गिरफ्तार:50 किलो मीट, स्कूटी और अवैध छुरा बरामद
सहारनपुर में अवैध पशु कटान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली मंडी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से पशु कटान कर मीट सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लगभग 50 किलोग्राम भैंस के कटड़े का मीट, मृत पशु के अवशेष, एक स्कूटी और एक अवैध छुरा बरामद किया गया है। एसएसपी के निर्देश पर जनपद में अपराधों की रोकथाम और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को थाना कोतवाली मंडी पुलिस चौकी निर्यात क्षेत्र में गश्त और सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अवैध पशु कटान कर मीट को कट्टे में भरकर सप्लाई के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतपाल सिंह भाटी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने कमेला रोड स्थित पशु पैठ से आगे खाली पड़े कमरों के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सलमान पुत्र इकबाल निवासी झूले वाली गली, अख्तर मस्जिद के पास, एकता कॉलोनी, थाना कुतुबशेर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 50 किलो भैंस के कटड़े का मीट, एक मृत कटड़े के अवशेष, लाल रंग की एक्टिवा डिलक्स स्कूटी और एक अवैध छुरा बरामद किया। पुलिस ने मौके पर ही सभी बरामद सामान को कब्जे में ले लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी सलमान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बरामद स्कूटी को भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शहरोज आलम खान, हेड कांस्टेबल विकल सोम, अरुण तोर और कांस्टेबल मनोज आर्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जालौन के कदौरा में एक युवक द्वारा आत्महत्या की आशंका जताते हुए वीडियो वायरल करने के बाद हड़कंप मच गया है। युवक के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं। जानकारी के अनुसार, कदौरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी युवक के खिलाफ नगर की एक महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला की तहरीर पर पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया था। गुरुवार शाम युवक जमानत पर रिहा होकर घर पहुंचा। परिजनों के मुताबिक, कुछ देर घर में रुकने के बाद वह कालपी की ओर चला गया और उसके बाद से लापता है। तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं इसी दौरान युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवक ने आरोप लगाया कि महिला ने उसके साथ मारपीट की थी। उसने यह भी कहा कि जब वह अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसकी बात सुने बिना महिला की छेड़खानी की तहरीर पर उसका चालान कर दिया। युवक ने खुद को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए आत्महत्या करने की बात कही। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल युवक की तलाश के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन कर रही है और उसके मोबाइल की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। कदौरा के प्रभारी निरीक्षक परमेंद्र कुमार ने बताया कि युवक की सकुशल बरामदगी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित लखनऊ जोन की अंतर्जनपदीय कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2026 शुक्रवार को संपन्न हो गई। इस प्रतियोगिता में खीरी जनपद की टीमों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिन्होंने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में खिताब जीते। समापन अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया। यह प्रतियोगिता 06 मई को शुरू हुई थी, जिसमें महिला और पुरुष वर्ग की कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक और फेसिंग स्पर्धाएं शामिल थीं। पुरुष कबड्डी के फाइनल मुकाबले में खीरी टीम ने रायबरेली को 52-18 के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसी तरह, महिला वर्ग में भी खीरी ने रायबरेली को 19-12 से मात देकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में खीरी जनपद का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। खीरी की टीमों ने खो-खो महिला वर्ग, कबड्डी महिला वर्ग, खो-खो पुरुष वर्ग और कबड्डी पुरुष वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए चल वैजयन्ती प्राप्त की। अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार राय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन समारोह में प्रतिसार निरीक्षक पवन कुमार भाटी, उपनिरीक्षक चंद्रभूषण साहनी, विभिन्न जनपदों के टीम मैनेजर, खिलाड़ी, बेसिक शिक्षा विभाग और स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्णायक मंडल के सदस्य सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार के गृह विभाग (ग्रुप-1) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में 16 पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर और पदस्थापन आदेश जारी किए। यह आदेश राजस्थान सिविल सेवा नियम-2011 के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। विभाग के शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार- कई नवनियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को एक इकाई से दूसरी इकाई में ट्रांसफर किया गया है। झाबरमल को एसीबी टोंक से ट्रांसफर कर एसीबी एसआईडब्ल्यू जयपुर में लगाया गया है। वहीं ज्ञान सिंह चौधरी को एसीबी मुख्यालय जयपुर से दौसा भेजा गया है। ऋषिकेश मीणा को बांसवाड़ा से टोंक में पदस्थापित किया गया है। इसके अलावा गोपाल स्वरूप मेवाड़ा को चित्तौड़गढ़, रामेश्वर परिहार को सवाई माधोपुर, राजवीर सिंह चंपावत को ब्यावर, भूपेंद्र सिंह को फलोदी और सतपाल सिंह को डीडवाना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी के रूप में लगाया गया है। नवनियुक्त अधिकारियों में प्रशांत कौशिक को जयपुर एसयू प्रथम लगाया नवनियुक्त अधिकारियों में प्रशांत कौशिक को जयपुर एसयू प्रथम, महावीर सिंह को खैरथल-तिजारा, राजेंद्र सिंह जैन को डूंगरपुर और सुनील झाझड़िया कुमार को विभागीय जांच शाखा जयपुर में नियुक्ति दी गई है। इसी तरह मनोज कुमार गुप्ता को जयपुर शहर चतुर्थ, महेंद्र कुमार गुप्ता को जयपुर शहर द्वितीय, सुरेश शर्मा को श्रीगंगानगर तथा देरावर सिंह को अजमेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी पद पर लगाया गया है। गृह विभाग की ओर से संयुक्त शासन सचिव (पुलिस) मुनीष सौवल ने आदेश जारी किए हैं।
लुधियाना के फोकल प्वाइंट इलाके में शुक्रवार देर शाम सड़क हादसा हो गया। ढंडारी पुल के नजदीक एक लोडिड ट्राले ने एक्टिवा सवार दो लोगों को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि ट्राले के पिछले टायर दोनों युवकों के सिर के ऊपर से गुजर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने ट्राले के ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया और उसे जीवन नगर पुलिस चौकी के हवाले कर दिया। खून से लथपथ सड़क पर पड़े मिले दोनों व्यक्तियों के शवमृतकों के शव सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। मृतकों में से एक की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है। आनंद एक्टिवा चला रहा था, जबकि उसके पीछे बैठा दूसरा व्यक्ति अभी तक अज्ञात है। दोनों मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ढंडारी यार्ड में करता था मृतक कामजानकारी के अनुसार आनंद कुमार सूरज साइकिल इंडस्ट्री फोकल पुवाइंट फेस-5 में काम करता था। बताया जा रहा है कि उसकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी से उसके 2 बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी से भी 2 बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त एक्टिवा को भी कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच कर रहे ASI रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों युवक एक्टिवा पर सवार थे और ट्राले की चपेट में आने से उनके चेहरे बुरी तरह कुचल गए। एक्टिवा के नंबर के आधार पर पुलिस ने आनंद कुमार की पहचान की है। उन्होंने कहा कि आनंद के साथ बैठे दूसरे व्यक्ति की पहचान की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर आरोपी ट्राला चालक के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
हरियाणा के फरीदाबाद शहर की डबुआ कॉलोनी में शुक्रवार देर शाम किराए पर रहने वाले एक 40 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। व्यक्ति का शव घर के अंदर जमीन पर पड़ा मिला। पड़ोसियों ने जब उसे घर के अंदर जमीन पर गिरा हुआ देखा और आवाज देने के बावजूद वह नहीं उठा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया। सभी सदस्य काम पर गए हुए थे जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान पुष्पेंद्र (40) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का रहने वाला था और फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी के ए-ब्लॉक में किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि पुष्पेंद्र दिहाड़ी मजदूरी करता था और तीन भाइयों में से बीच का भाई था। वह शादीशुदा था और उसकी पत्नी भी एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। परिजनों के अनुसार, घटना के समय घर के सभी सदस्य अपने-अपने काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों ने परिजनों को दी सूचना पुष्पेंद्र भी सुबह एक हलवाई के साथ काम पर गया था, लेकिन दोपहर करीब दो बजे वह वापस घर लौट आया था। इसके बाद वह घर के अंदर ही था। शाम के समय जब परिवार के लोग अपने काम से वापस लौट रहे थे, तभी पड़ोसियों का फोन आया कि पुष्पेंद्र घर के अंदर जमीन पर गिरा पड़ा है और उठ नहीं रहा है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग तुरंत घर पहुंचे। जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा, तो पुष्पेंद्र जमीन पर पड़ा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। शराब पीने का आदी था परिजनों का कहना है कि पुष्पेंद्र शराब पीने का आदी था। उन्हें आशंका है कि संभवतः उसने ज्यादा शराब पी ली होगी, जिसके कारण उसकी मौत हो सकती है। हालांकि अभी तक मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है और यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। फॉरेंसिंक टीम ने जुटाए साक्ष्य थाना प्रभारी संग्राम दहिया ने बताया कि डबुआ कॉलोनी के ए-ब्लॉक में किराए पर रहने वाले पुष्पेंद्र नामक व्यक्ति का शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम से जांच करवाई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही व्यक्ति की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सलूम्बर में जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की स्वीकृति के बाद जिला अध्यक्ष परमानंद मेहता ने अपनी नई टीम का ऐलान किया। पदभार संभालने के करीब छह महीने बाद जारी की गई इस सूची को संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने सार्वजनिक किया। गणेश मेहता को संगठन महासचिव की जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी में गणेश मेहता को संगठन महासचिव बनाया गया है, जबकि प्रद्युम्न कोड़िया को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा गजानंद मेहता को जिला प्रवक्ता और खुज़ेमा भबराना को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है। नई टीम में युवाओं और अनुभवी नेताओं को जगह कांग्रेस संगठन ने नई कार्यकारिणी में अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं को भी मौका दिया है। संगठन विस्तार को ध्यान में रखते हुए 5 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव और 15 सचिव नियुक्त किए गए हैं। उपाध्यक्ष पद पर जगदीश भंडारी, रूपलाल सालवी और अनार सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं महासचिव पद पर चेतना मीणा, अब्दुल रऊफ, मोहनलाल औदिच्य और गीता डांगी सहित अन्य नेताओं को शामिल किया गया है। आगामी चुनावों को लेकर संगठन सक्रिय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। नई कार्यकारिणी में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और संगठन स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 मई को कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों को खुले जंगल की सैर पर भेजेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री 10 मई की शाम को ही कूनो पहुंच जाएंगे और रात वहीं रुकने के बाद अगले दिन सुबह 8 बजे कूनो नदी के पास स्थित साइट से इन चीतों को आजाद करेंगे। बताया जा रहा है कि बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों ने अपनी क्वारंटीन की अवधि पूरी कर ली है, जिसके बाद उन्हें छोटे बाड़े में रखा गया था। अब इनमें से दो चीतों को पूरी तरह खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी है। इस खास मौके के लिए कलेक्टर शीला दाहिमा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने शुक्रवार को कूनो पहुंचकर हेलीपैड और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। राजस्थान से वापस लाया गया चीता 'KAP12' कूनो से जुड़ी एक और खबर यह है कि राजस्थान के सवाई माधोपुर पहुंच गए नर चीते 'KAP12' का सफल रेस्क्यू कर लिया गया है। कूनो प्रबंधन ने बताया कि 8 मई को इसे सुरक्षित वापस लाया गया। दरअसल, यह चीता भटकते हुए आबादी वाले इलाके के करीब पहुंच गया था, जिससे इंसानों और चीते दोनों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। KAP12 को पिछले साल फरवरी में कूनो के जंगल में छोड़ा गया था। इसके फिर से आबादी की ओर जाने पर वन विभाग ने सतर्कता दिखाई और इसे वापस कूनो के सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया है। अफसरों ने परखीं तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कूनो में प्रशासनिक हलचल तेज है। निरीक्षण के दौरान डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ और एसडीएम समेत तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि चीतों को जंगल में छोड़ने के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी भी तरह की कमी न रहे।
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से आम लोगों की सुविधा के लिए निशुल्क नाव सेवा चलाई जा रही है। इसी बीच नवगछिया इलाके से सब्जी और दूध बेचने के लिए भागलपुर आने वाले किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसानों की समस्या को देखते हुए जिला पदाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने विशेष व्यवस्था करने की घोषणा की है। किसानों के लिए दो बड़ी नाव चलाई जाएगी जिलाधिकारी ने बताया कि सुबह के समय किसानों के लिए दो बड़ी नाव चलाई जाएगी, जिससे किसान आसानी से अपनी सब्जी और दूध लेकर भागलपुर आ सकें। खास बात यह है कि यह नाव सेवा पूरी तरह निशुल्क रहेगी। जिला प्रशासन की इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय किसानों ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि इससे उनकी रोजमर्रा की परेशानी काफी हद तक कम होगी सरकार की ओर से विशेष व्यवस्था की गई डीएम नवल किशोर चौधरी ने बताया कि नौका परिचालन को लेकर सरकार की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। नवगछिया से भागलपुर आने वाले सब्जी, दूध और केला कारोबारियों के लिए फ्री नाव सेवा शुरू की गई है, ताकि किसान आसानी से अपने उत्पाद भागलपुर बाजार तक पहुंचा सकें और बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सुबह अलग-अलग समय पर कम से कम दो बड़ी नावों का परिचालन कराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर से भी नावों की व्यवस्था की गई है, ताकि नवगछिया बाजार में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे। डीएम ने बताया कि क्रूज ऑपरेटर्स को भी परिचालन की अनुमति दी गई है। इसके लिए प्रति यात्री ₹50 किराया तय किया गया है। बाइक और साइकिल के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सुरक्षा और सुविधा को लेकर सभी घाटों पर एम्बुलेंस, पीने का पानी, टॉयलेट, साफ-सफाई और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि शाम 5 बजे के बाद नौका परिचालन पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य यह है कि यदि बीच नदी में कोई नाव खराब हो जाए, तो सूर्यास्त से पहले सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। डीएम ने दावा किया कि फिलहाल सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और आने वाले एक माह में स्थिति और बेहतर होगी।
मुंबई के जेजे मार्ग इलाके में तरबूत खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ऐसा ही मामला बिहार के बक्सर जिले से सामने आया है। यहां तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि तरबूत खाने के थोड़ी देर बाद से सभी सदस्यों को उल्टी, दस्त, बुखार शुरू हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। इसमें एक प्रेग्नेंट महिला भी शामिल हैं, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया है। मामला सोनवर्षा गांव की है। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि इंद्रासन साह बाजार से तरबूज खरीदकर घर पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर तरबूज खाया। लेकिन कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर को इंद्रासन साह तरबूत खरीद कर लाए। परिवार के साथ मिलकर तरबूत खाया। इसके बाद लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, तेज सिरदर्द और बुखार की शिकायत होने लगी। इससे घर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में बीमार लोगों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। रिंकी देवी चार महीने की गर्भवती, रेफर डॉक्टरों के मुताबिक, रिंकी देवी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। रिंकी देवी चार माह की गर्भवती हैं, इसलिए डॉक्टर उनकी स्थिति पर विशेष नजर रख रहे हैं। अस्पताल में भर्ती इंद्रासन शाह ने बताया कि शुरुआत में उनका तरबूज खाने का मन नहीं था, लेकिन पोते के कहने पर उन्होंने भी एक टुकड़ा खा लिया। इसके कुछ देर बाद ही शरीर में दर्द, बेचैनी और बुखार महसूस होने लगा। धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ते चले गए। अधिकांश लोगों की स्थिति अब सामान्य वहीं, परिजनों का इलाज करा रहे कर्मवीर साहू ने बताया कि तरबूज खाने के बाद परिवार के कुल आठ लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों की स्थिति अब सामान्य है, लेकिन एक महिला को गंभीर हालत में रेफर करना पड़ा है। किसी को उल्टी-दस्त, किसी को तेज सिरदर्द तो किसी को बुखार की शिकायत हुई। डॉक्टर ने कहा- कटे फलों में संक्रमण का खतरा इस मामले में सदर अस्पताल के डॉ. सरस्वती चंद्र ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही फल को अधिक लाल और आकर्षक दिखाने के लिए रसायनों के इस्तेमाल की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों ने सलाह दी कि लोग ताजा और साफ-सुथरे फलों का ही सेवन करें। लंबे समय तक कटे हुए तरबूज खाने से बचें और खुले में रखे फलों का उपयोग सावधानी से करें। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जानकारी जुटा रहे मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में जब थानाध्यक्ष सुरेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने बताया कि वे अपने स्तर से मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई आवेदन प्राप्त होता है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गुजैनी में पिकअप सीज होने से परेशान चल रहे ड्राइवर ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसका शव मकान की पहली मंजिल में पंखे से अंगौछे से सहारे लटका मिला। पत्नी खाने के लिए बुलाने पहुंची तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच-पड़ताल का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बर्रा-आठ निवासी 40 वर्षीय कृष्णकांत शुक्ला खुद की पिकअप चलाता था। परिवार में पिता महेश चंद्र, पत्नी प्रतिभा व दो बच्चे हैं। पिता ने बताया कि तीन साल पहले सड़क हादसे में कृष्णकांत को गंभीर चोट आई थी, जिसमें उसका एक हाथ कुछ टेढ़ा हो गया था। स्वस्थ होने के बाद वह फिर से पिकअप चलाने लगा था। करीब दो महीने पहले आरटीओ ने चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर हाथ टेढ़ा देखकर उसे ड्राइविंग के लिए अनफिट पाया, इस पर उसका पिकअप सीज कर दिया था। तब से वह घर पर ही था। आर्थिक तंगी के कारण वह उन पर नया पिकअप दिलाने दबाव बना रहा था। उनके मना करने पर ही था। इसी तनाव में वह उसने यह कदम उठा लिया। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि पिता के नया पिकअप दिलाने से इंकार पर करने पर युवक ने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
भागलपुर में जहर खाकर दो बच्चों की मां ने आत्महत्या कर ली। मामला नाथनगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव का है। मृतका की पहचान रोशन कुमार दास की पत्नी मुन्नी कुमारी के रूप में हुई है। पति बाहर रहकर मजदूरी करता है और दो दिन पहले ही घर लौटा था। हालांकि, महिला ने जहर खाकर आत्महत्या क्यों की, इसकी जानकारी पति को भी नहीं है। आज मुन्नी कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह उल्टी करने लगी। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति रोशन कुमार दास ने बताया कि वह बाहर रहकर मजदूरी करता है और सोमवार को ही घर वापस आया था। उन्होंने कहा कि घर में किसी तरह का विवाद या झगड़ा नहीं हुआ था। पत्नी ने जहर क्यों खाया, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। जानकारी के अनुसार, मुन्नी कुमारी की शादी साल 2019 में रोशन कुमार दास के साथ हुई थी। दोनों के दो छोटे बच्चे भी हैं। घटना के बाद से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा इधर, सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजीव रंजन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवी लाल की प्रतिमा पर कीचड़ फेंके जाने से पिपली स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही जननायक जनता पार्टी (JJP) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा पर फेंका गया कीचड़ साफ किया और घटना पर कड़ा विरोध जताया। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे JJP के नेताओं को घटना की सूचना मिली। पार्टी के नेताओं का कहना है कि शरारती तत्वों ने देवी लाल पार्क में लगी चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर कीचड़ और गारे के लोथड़े फेंक दिए। हालांकि, उन्होंने कीचड़ को प्रतिमा से साफ कर दिया, लेकिन घटना को लेकर कल शनिवार को मीटिंग बुलाई गई है। हरकत बहुत ही निंदनीय- योगेश शर्मा सूचना पाकर थानेसर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके योगेश शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया। साथ ही कहा कि यह सिर्फ एक प्रतिमा का अपमान नहीं, बल्कि हरियाणा की उस सोच और विरासत का अपमान है, जिसे लोग जननायक के नाम से जानते हैं। चौधरी देवीलाल को जनता ने सम्मान दिया। इस तरह की हरकत बेहद निंदनीय है। शाम करीब 7 बजे मिली सूचना योगेश शर्मा ने कहा कि शाम करीब 7 बजे उन्हें किसी बुजुर्ग व्यक्ति का फोन आया था, जिसने पार्क में प्रतिमा पर कीचड़ फेंके जाने की जानकारी दी। इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो प्रतिमा पर गारे एवं कीचड़ के लोथड़े पड़े हुए थे। सबसे पहले उन्होंने प्रतिमा की सफाई की। चेहरे और पगड़ी तक फेंका शरारती तत्वों ने प्रतिमा के चेहरे को पगड़ी तक को निशाना बनाया। बताते चलें कि करीब ढाई दशक पहले पिपली में ताऊ देवी लाल पार्क का निर्माण किया गया था। उस समय पार्क में पूर्व उप-प्रधानमंत्री की प्रतिमा लगाई गइ थी। आरोपी पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, यह जांच का विषय है, लेकिन जिसने भी यह हरकत की है उसकी मानसिकता बेहद घटिया है। प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग रखी। ताऊ देवी लाल जीटी रोड पर स्थित है। दिन दिहाड़े इस तरह की हरकत से प्रशासन की नीयत पर सवाल उठता है। सुबह करेंगे मीटिंग योगेश शर्मा ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई इस तरह समाज में माहौल खराब करने की कोशिश न करे। कल शनिवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। उस मीटिंग के बाद कोई सख्त फैसला लिया जाएगा। प्रतिमा स्थल पर दोबारा सफाई अभियान चलाया जाएगा।
भागलपुर में “निश्चय-3 से बढ़ेगा अपना बिहार” अभियान के तहत आयोजित सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम में आज आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। समीक्षा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 70 लोगों ने अपनी शिकायतें और आवेदन प्रशासन के समक्ष रखे। इनमें मुख्य रूप से लंबित पेंशन, जमीन विवाद और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों की शिकायतें शामिल थीं। कार्यक्रम में नवल किशोर चौधरी ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ सभी एडीएम, प्रखंड, अंचल और थाना स्तर के अधिकारियों को भी अपने-अपने कार्यालयों में आम लोगों की शिकायतों की सुनवाई करने का निर्देश दिया गया था। अलग-अलग विभागों में पहुंचे लोगों की समस्याओं का पंजीकरण किया गया और उन्हें प्राप्ति रसीद भी उपलब्ध कराई गई। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। साथ ही शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जनता दरबार में काफी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी टीम, सभी एडीएम और अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता दरबार में आने वाला हर व्यक्ति संतुष्ट होकर लौटे और उसकी समस्याओं के समाधान का हर संभव प्रयास किया जाए। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को उचित सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी समस्या का तत्काल समाधान संभव नहीं हो पाता है तो संबंधित व्यक्ति को उचित मार्गदर्शन भी दिया जाता है, ताकि उसे आगे की प्रक्रिया में किसी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। आगे भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं का निपटारा पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सके। प्रशासन की ओर से भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के अनुसार धौलपुर शहर में 9 मई 2026 को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती 33/11 केवी सब-स्टेशन जीटीआर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक की जाएगी। इन क्षेत्रों में पुराना शहर, बस स्टैंड क्षेत्र, आईटीआई, पुरानी सराय, राधा बिहारी, वाटर वर्क्स, सागरपाड़ा, गंज, महात्मा नंद की बगीची, टाउन चौकी, विजयनगर, अशोक विहार कॉलोनी, न्यू हाउसिंग बोर्ड, आरईसीएल, गुरुद्वारा कॉलोनी, जाटव बस्ती, डॉ. रामविलास हॉस्पिटल क्षेत्र, पेट्रोल पंप क्षेत्र, 100 फीट रोड, सना रेस्टोरेंट के आसपास का इलाका, अचलेश्वर महादेव, मुक्तिधाम और रामनगर शामिल हैं। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं से इस अवधि के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करने और सहयोग की अपील की है।
राजस्थान में सूरज की तपिश और बढ़ते पारे ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। इस भीषण गर्मी के बीच आमजन को सबसे ज्यादा उम्मीद बिजली विभाग से होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोधपुर डिस्कॉम ने जैसलमेर जिले के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। शुक्रवार को जोधपुर डिस्कॉम (बाड़मेर जोन) के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) एन के जोशी ने जैसलमेर क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े बिजली अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के किसी भी कोने में बिजली की सप्लाई न रुके और लोगों को गर्मी में परेशान न होना पड़े। इंजीनियरों को सख्त आदेश: फोन बंद किया तो खैर नहीं बैठक में मुख्य अभियंता ने कड़े शब्दों में कहा कि जैसलमेर खंड के सभी अधिशाषी अभियंता (XEN), सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) अब अलर्ट मोड पर रहेंगे। इन सभी अधिकारियों को अपना मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर कोई उपभोक्ता अपनी समस्या लेकर फोन करता है, तो उसे संतोषजनक जवाब देना होगा। फोन बंद मिलने या शिकायत पर ध्यान न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए तकनीकी रास्तों का इस्तेमाल अधीक्षण अभियंता (SE) इंजि. भैराराम चौधरी ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग ने कई ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम खोल दिए हैं। अब बिजली कटने या वोल्टेज की समस्या होने पर उपभोक्ता केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं। वे टोल फ्री नंबर 1800-180-6045 और 1912 पर कॉल करने के अलावा व्हाट्सएप नंबर 9413359064 पर भी अपनी बात लिख कर भेज सकते हैं। इसके साथ ही 'विद्युत साथी ऐप' और विभाग के फेसबुक पेज 'Jodhpur Discom' के जरिए भी शिकायतें ली जा रही हैं। ईमेल के लिए cccjdvvnl@gmail.com की सुविधा भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। जोखिम में जान डालकर काम करते हैं कर्मचारी अधिकारियों ने कहा है कि जब भी कहीं कोई बड़ा फॉल्ट आता है, तो बिजली कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर तपती धूप में खंभों और लाइनों पर काम करते हैं। ऐसे में आमजन से निवेदन है कि वे धैर्य रखें। अक्सर देखा गया है कि एक ही घर से अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए एक ही शिकायत के लिए बार-बार कॉल किए जाते हैं। इससे फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों का ध्यान भटकता है और काम में देरी होती है। विभाग ने अपील की है कि सिस्टम को सहयोग दें ताकि खराबी जल्दी ठीक हो सके। क्षेत्रवार संपर्क नंबर (सुबह 9:30 से शाम 6:00 तक): जैसलमेर शहर: 9257031345 जैसलमेर ग्रामीण: 0267031346 पोकरण: 9267031350 फतेहगढ़: 9267031347 भणियाणा: 9257031351
अनुसूचित जाति कल्याण एवं जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान शुक्रवार को आगर-मालवा दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जल जीवन मिशन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। पाइपलाइन के बाद खुदी सड़कों की होगी मरम्मत मंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने एलएनटी कंपनी द्वारा सड़क सुधार कार्य में देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बारिश से पहले अनिवार्य रूप से मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। किसानों की तुलाई और भुगतान प्राथमिकता गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों की उपज की समय पर तुलाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में पेयजल, विद्युत योजनाओं और हैंडपंप सुधार कार्यों की भी प्रगति जांची गई। संगठन की मजबूती और बूथ सक्रियता पर चर्चा प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में भाजपा कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और आगामी प्रशिक्षण वर्ग के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने दी विकास कार्यों की जानकारी समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर प्रीति यादव ने जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक मधु गेहलोत और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
भिवानी जिले के लोहारू में ग्रामीण बैंक के पास स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान से शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े लाखों रुपए के आभूषण चोरी हो गए। दो अज्ञात युवक करीब 50 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपए बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:20 बजे दो युवक ग्राहक बनकर लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सिर पर टोपी पहन रखी थी। दोनों ने दुकान में रखे विभिन्न प्रकार के आभूषण काफी देर तक देखे और पसंद करने का नाटक करते रहे। इसी दौरान मौका पाकर वे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषणों में एक सोने की चेन, एक जोड़ी गोल बाला, दो जोड़ी टोप्स, दो महिलाओं की अंगूठियां, एक पुरुष की अंगूठी और एक पतड़ी शामिल हैं। कुल मिलाकर, लगभग 50 ग्राम सोने के आभूषण चोरी हुए हैं। बहन संग आकर करेंगे बाकी भुगतान दुकान मालिक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों युवकों ने एक चांदी की चेन, एक बाली और एक नोजपिन पसंद की थी, जिनकी कीमत करीब 7 हजार रुपए थी। आरोपियों ने एक हजार रुपए एडवांस भी दिए और कहा कि वे शाम करीब पांच बजे अपनी बहन के साथ आकर बाकी भुगतान कर सामान ले जाएंगे। जांच में आभूषण मिले कम सुरेश कुमार सोनी के अनुसार, बातचीत के बाद वह किसी काम से घर चले गए और पीछे दुकान पर उनका बेटा दीपक सोनी बैठा हुआ था। कुछ देर बाद जब सामान की जांच की, तो दुकान से कई कीमती आभूषण गायब मिले। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस ने दुकान का किया निरीक्षण सूचना मिलते ही लोहारू डीएसपी संजीव, थाना प्रभारी मुरारी लाल और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया और दुकान मालिक से घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। सीसीटीवी खंगालने में जुटी टीम- डीएसपी लोहारू डीएसपी संजीव ने बताया कि ज्वेलरी शॉप से आभूषण चोरी होने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है तथा आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। ग्राहक बनकर आए थे आरोपी- प्रभारी थाना प्रभारी मुरारी लाल ने बताया कि दुकान मालिक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्राहक बनकर दुकान में आए थे। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है तथा जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
उदयपुर में पत्नी ने अपने पति पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया। पति को मरा समझकर फिर खुद ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले पति के बड़े भाई (जेठ) को ऑडियो भेजा। ऑडियो में महिला ने कहा- मैं मरूंगी और मारूंगी, दादा अलविदा। मेरी मौत के बाद किसी को परेशान मत करना। पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना गोगुंदा थाना क्षेत्र के मजावड़ी गांव में गुरुवार रात की है। भजन संध्या से लौटने के बाद हुआ विवाद गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया- उमेश गमेती (24) और उसकी पत्नी दुर्गा गमेती (21) गुरुवार रात एक भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दुर्गा ने कुल्हाड़ी उठाकर पति उमेश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में उमेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके कपड़े खून से लथपथ हो गए। पति को मृत समझकर पत्नी ने लगाया फंदा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमले के बाद दुर्गा ने उमेश को मृत समझ लिया और आवेश में आकर कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार दोपहर तक घर से किसी के बाहर नहीं निकलने पर जब पड़ोसियों ने अंदर देखा, तो महिला फंदे पर लटकी मिली और उमेश लहूलुहान हालत में पड़ा था। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर घायल उमेश गमेती को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पुलिस ने महिला के शव को फंदे से नीचे उतरवाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। शनिवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। जेठ को भेजा ऑडियो, कहा-मैं मरूंगी और मारूंगीगोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने कहा- दुर्गा गमेती ने अपने पति के बड़े भाई (जेठ) को एक ऑडियो भेजा था। इसमें दुर्गा गमेती ने कहा- मैं मरूंगी और मारूंगी, दादा अलविदा। मेरी मौत के बाद किसी को परेशान मत करना। पुलिस ने इस ऑडियो को कब्जे में ले लिया है। अब इस सुसाइड मैसेज के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। इनपुट- गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
दतिया शहर में रिकवरी एजेंट के अपहरण, मारपीट और धमकी मामले में पुलिस ने फरार आरोपी जीतेंद्र कोरी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि वारदात में शामिल शिवपुरी जिले के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी अब भी फरार है। कोतवाली पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। शुक्रवार शाम पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया था। घटना के समय आरोपी आरक्षक राजपाल मांझी दिनारा थाने में पदस्थ था। मामले के बाद तत्कालीन एसपी अमन सिंह राठौर ने उसे निलंबित कर दिया था। बाइक जब्ती को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार दतिया निवासी विजय रावत (21) एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट है। उसे 6 अप्रैल को एक बाइक जब्त करने का टास्क मिला था। बाइक बद्री बाथम के नाम फाइनेंस थी, लेकिन किस्तें जमा नहीं होने पर विजय ने सेंवढ़ा चुंगी क्षेत्र से बाइक जब्त कर जिला अस्पताल के सामने स्थित कार्यालय में जमा करा दी थी। इसी बात को लेकर आरोपियों और विजय के बीच विवाद शुरू हुआ। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विजय रावत राधेश्याम एमपी ऑनलाइन सेंटर पर बैठा था। तभी सफेद बोलेरो में सवार छह लोग वहां पहुंचे। इनमें भाजपा नेता छोटू रायकवार उर्फ छोटू मांझी, उसका भाई और दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी, बंटी मुसलमान समेत अन्य आरोपी शामिल थे। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए विजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए एमपी ऑनलाइन संचालक हिमांशु यादव को भी पीटा गया। इसके बाद दुकान में तोड़फोड़ कर कंप्यूटर, सीपीयू और लैपटॉप क्षतिग्रस्त कर दिए गए। कट्टा अड़ाकर बाइक वापस मांगते रहे आरोपियों ने विजय को जबरन बोलेरो में बैठाकर अगवा कर लिया। रास्ते में उसकी कनपटी पर कट्टा अड़ाकर जब्त बाइक वापस मंगाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी विजय को करीब 7 किलोमीटर दूर उनाव रोड स्थित हमीरपुर तिराहे पर ले गए। इसी दौरान विजय का दोस्त आशु यादव वहां पहुंचा और उसे छुड़ाने की कोशिश की। आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की और कट्टा तानकर धमकाया। आशु यादव ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी बोलेरो लेकर भाग निकले। पीछा करते हुए पुलिस भेड़पुरा होते हुए भांडेरी फाटक स्थित पंडा की नरिया तक पहुंची, जहां बोलेरो फंस गई। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। मौके का फायदा उठाकर विजय पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने मौके से छोटू और उसके साथी बंटी को पकड़ लिया था, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे। अपहरण से पहले महिला पर फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया है कि अपहरण की घटना से करीब दो घंटे पहले छोटू मांझी, बंटी मुसलमान और जीतेंद्र कोरी ने मोहल्ले की एक महिला गिरजा देवी पर फायरिंग भी की थी। बताया जा रहा है कि पुलिस उस मामले में सक्रिय होती, उससे पहले आरोपियों ने रिकवरी एजेंट के अपहरण की दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। दिनारा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि आरक्षक राजपाल मांझी गुरुवार सुबह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ था। उसका व्यवहार पहले से संदिग्ध बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आबंटित केते एक्सटेंशन माइंस की स्वीकृति के लिए पूर्व केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति की बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि नई खदान की स्वीकृति से 7 लाख पेड़ कटेंगे। समृद्ध और जैव विविधता वाले हसदेव जंगल के कटने से हसदेव नदी और बांगो जलाशय का विनाश होगा। इससे छत्तीसगढ़ रेगिस्तान में तब्दील होगा। फारेस्ट एडवायजरी कमेटी (FAC) की शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक के पहले पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कमेटी से जुड़े सदस्यों से फोन कॉल पर बात की तथा ईमेल व वाट्सएप से कई दस्तावेज भेज कर ऐतिहासिक स्थल रामगढ़ के संरक्षण एवं संवर्धन पर खतरे को लेकर भी ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने केते एक्सटेंशन कोल माइंस के लिए क्लीयरेंस नहीं देने की मांग रखी। 7 लाख पेड़ कटेंगे, रामगढ़ का विनाश तय सिंहदेव ने कहा कि केते एक्सटेंशन माइंस में 1,742 हेक्टेयर जंगल की जमीन ली जानी है, जिसमें 7 लाख पेड़ कटेंगे। खदान सीमा से ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ की दूरी 8 किलोमीटर है, जिसे गलत तरीके से 10 किलोमीटर से ज्यादा दूर बताया गया है। रामगढ़ की प्राचीन पहाड़ी, गुफाएँ और मंदिर भी नए खदान से नष्ट हो जाएँगे। नो-गो एरिया घोषित करने की मांग टीएस सिंहदेव ने डब्लूआईआई देहरादून की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे नो गो एरिया में शामिल करने की मांग की है। 26 जुलाई, 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा के हसदेव अरंड कोयला क्षेत्र में कोयला खनन के खिलाफ और नई कोयला खदानों को रद् करने के खिलाफ एकमत से प्रस्ताव पारित किया गया। वर्तमान में चल रहे खदानों में अगले 20 सालांे का कोयला शेष होना रिपोर्ट में बताया गया है, इसलिए नए माइंस की जरूरत नहीं है। हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने भी दर्ज कराई आपत्ति केते एक्सटेंशन खदान को लेकर हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने भी फारेस्ट एडवाजरी कमेटी के समझ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। राज्य अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि नई खदान का 99 प्रतिशत एरिया डेंस फारेस्ट है। इसमें 7 लाख पेड़ काटे जाएंगे। इससे भारत का फेफड़ा कहे जाने वाले इलाके के जंगल का विनाश तय है। हसदेव बचाओ समिति ने केते एक्सटेंशन को स्वीकृति न देने की मांग करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। हसदेव बचाओ समिति ने कहा कि इस खदान को स्वीकृति मिली तो छत्तीसगढ़ रेगिस्तान बन जाएगा। बड़े इलाके में पेड़ों की कटाई के कारण पर्यावरण का विनाश तय है। यह सिर्फ प्रभावितों की लड़ाई नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यावारण को बचाने की लड़ाई है।

