श्रावस्ती में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मवेशी चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में श्रावस्ती के थाना कोतवाली भिनगा और बलरामपुर के थाना ललिया की संयुक्त पुलिस टीम ने की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की गई दो भैंसें, एक पड़िया, घटना में इस्तेमाल किया गया एक पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल और भैंसों की बिक्री से मिले 7,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला 26 मई 2026 को सामने आया, जब ग्राम सहियापुर, मौजा भीखपुर तराई निवासी रामआसरे पुत्र भारत विश्वकर्मा ने थाना कोतवाली भिनगा में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि अज्ञात चोरों ने उनकी और रामसुंदर पुत्र ननकऊ गोस्वामी की तीन भैंसें चुरा ली थीं। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली भिनगा में मुकदमा दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में थाना कोतवाली भिनगा और थाना ललिया, बलरामपुर की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम गोपालपुरवा, लक्ष्मणपुर चौकी क्षेत्र से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने भैंस चोरी की घटना स्वीकार की और पूर्व में दर्ज कई अन्य मामलों में भी अपनी संलिप्तता बताई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अजय कुमार यादव (निवासी कौवापुर दा0 बकवा, थाना कोतवाली भिनगा) जीवनलाल गोस्वामी (निवासी ग्राम सहियापुर दा0 भीखपुर तराई, थाना कोतवाली भिनगा) और मंगलेश्वर यादव (निवासी कौवापुर दा0 बकवा, थाना कोतवाली भिनगा) के रूप में हुई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ अभियान सख्ती से जारी रहेगा।
टीकमगढ़ के देहात थाना क्षेत्र स्थित श्रीनगर गांव के मुड़ापार जंगल में गुरुवार को एक बुजुर्ग का शव मिला। मृतक की पहचान 65 वर्षीय हरचरण रैकवार के रूप में हुई है, जो पिछले कई दिनों से लापता थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे रमेश रैकवार ने बताया कि उनके पिता मंगलवार से लापता थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। गुरुवार को मुड़ापार जंगल में उनका शव मिला। रमेश रैकवार ने दावा किया कि उनके पिता की कनपटी और कमर के पास गोली लगने जैसे निशान हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है। गोली लगने से मौत की आशंका एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इसका खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। जंगल में शव मिलने और गोली जैसे निशानों ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
जिले के रोडावाली गांव में देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना बुधवार रात करीब 11 बजे रोडावाली बस स्टैंड के पास हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। जंक्शन थाना पुलिस को गांव के पूर्व सरपंच ने घटना की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि रोडावाली बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति सड़क पर गंभीर हालत में पड़ा है, जिसे किसी अज्ञात वाहन ने कुचल दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने मृतक की पहचान रोडावाली निवासी परमजीत सिंह (35) के रूप में की। जानकारी के अनुसार परमजीत सिंह रात के समय बस स्टैंड क्षेत्र में मौजूद था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। बुधवार को परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे में शामिल वाहन की पहचान की जा सके। मौके पर पहुंचे एएसआई प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अज्ञात वाहन की टक्कर का सामने आया है। पुलिस विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। वाहन ड्राइवर की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
उन्नाव में मजदूर ने फांसी लगाकर जान दी:सुबह पत्नी ने फंदे से लटका देखा शव, घर वाले नहीं बता सके कारण
उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र के ताजपुर नौबस्ता गांव में गुरुवार सुबह एक मजदूर का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। ताजपुर नौबस्ता गांव निवासी राजेश राजपूत (35) पुत्र स्वर्गीय सदासुर राजपूत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे उनकी पत्नी की आंख खुली तो उन्होंने पति का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका देखा। उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना तत्काल अचलगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच-पड़ताल करने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव जिला अस्पताल मोर्चरी भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की पत्नी ने बताया कि राजेश मजदूरी का काम करते थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। पति की अचानक मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, राजेश सामान्य रूप से घर में रह रहे थे और परिवार को किसी प्रकार की परेशानी की जानकारी नहीं थी। हालांकि, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। गांव में घटना के बाद शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। थाना अचलगंज प्रभारी सुब्रत नारायण ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
मोगा-लुधियाना रोड पर सरकारी रेस्ट हाउस के सामने बुधवार रात एक सड़क हादसे में दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रात करीब 10:30 बजे हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने दोनों पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही समाज सेवा सोसायटी मोगा के सदस्य तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक सहायता प्रदान की और उन्हें संभालने में मदद की। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में एक फरीदकोट रेफर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए, करीब 50 से 55 वर्षीय पुलिसकर्मी जगसीर सिंह निवासी कोकरी कलां को आगे के इलाज के लिए फरीदकोट मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूसरे घायल पुलिसकर्मी का इलाज मोगा के सिविल अस्पताल में जारी है। पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में चिंता का माहौल है।
अजमेर जिले के बोराड़ा में चार लोगों की मौत हादसा नहीं मर्डर है। पुलिस जल्द ही इसका खुलासा करेगी। स्कॉर्पियो में पूर्व सरपंच मां-बेटे सहित 4 लोगों की लाशें मिली थीं। पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता व उसके बेटा-बेटी ने ही पति व सास पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की हत्या की। बाद में शव को गाड़ी में डालकर आग लगा दी। जिससे हादसा लगे। बेटा इस पूरी घटना का मास्टर माइंड था। मां को टॉचर्र करने से दुखी होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। कासीर सरपंच भागचंद चौधरी ने बताया- सुबह 6 बजे सूचना मिली कि श्रीरामपुरा रोड पर एक गाड़ी में आग लगी है। इस पर मौके पर आए और देखा कि एक महिला सुरज्ञानदेवी सड़क के पास खेत में पड़ी थी। उसे एक ट्रक वाले ने बाहर निकाला था। उसे लोगों की मदद से हॉस्पिटल भेजा लेकिन डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। ……….. पूर्व सरपंच मां-बेटे सहित 4 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या:स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर मिली तीन लाश, महिला की बॉडी खेत में पड़ी थी अजमेर में स्कॉर्पियो में पूर्व सरपंच मां-बेटे सहित 4 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी। घटना शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर बोराड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह 5:30 बजे की है। हालांकि पुलिस हादसा या हत्या दोनों एंगल से मामले की जांच में जुटी है। पूरी खबर पढें
यमुनानगर के रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद एक महिला बैंक कर्मचारी की मौत हो गई। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया तथा सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। मृतका की पहचान 28 वर्षीय एकता पत्नी चिराग अरोड़ा निवासी आजाद नगर के रूप में हुई है। एकता दिल्ली में एचडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थी और नौ माह की गर्भवती थी। एक साल पहले ही हुई थी शादी मृतका की मासी सास प्रतिभा ने बताया कि उसके भांजे चिराग अरोड़ा का दिल्ली और यमुनानगर में कार एसेसरीज का कारोबार है। करीब एक वर्ष पहले चिराग और एकता की शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली में रह रहे थे, लेकिन गर्भावस्था के चलते करीब दो माह पहले एकता अपने ससुराल आजाद नगर आकर रहने लगी थी। उसका इलाज रेलवे रोड स्थित जेपी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों के अनुसार बुधवार को डिलीवरी के लिए एकता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उस समय उसकी हालत सामान्य थी और उसे लेबर पेन भी शुरू नहीं हुआ था। आरोप है कि डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद उसे तेज दर्द शुरू हो गया और हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने का फैसला लिया। दोपहर बाद बिगड़ने लगी थी तबीयत परिजनों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस बजे ऑपरेशन हुआ और एकता ने एक बच्ची को जन्म दिया। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने मां और बच्ची दोनों को स्वस्थ बताया था। हालांकि दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टरों ने परिवार को बुलाकर बताया कि एकता का ब्लड प्रेशर लगातार ऊपर-नीचे हो रहा है और अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है। प्रतिभा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में परिचित डॉक्टर से भी फोन पर बात करवाई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने एकता को मोहाली रेफर करने का निर्णय लिया। परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे रेफर करने में करीब डेढ़ घंटे से अधिक का समय लगा दिया। मोहाली ले जाते रास्ते में तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक शाम करीब पांच बजे एकता को एंबुलेंस के जरिए मोहाली स्थित फोर्टिज ले जाया जा रहा था, लेकिन थाना छप्पर के पास पहुंचते ही उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को वापस उसके ससुराल लेकर पहुंचे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज के साथ किसी विशेषज्ञ मेडिकल टीम के बजाय अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी को भेजा था। गुरुवार सुबह जब परिवार के सदस्य इलाज से संबंधित दस्तावेज लेने अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से लापरवाही को लेकर सवाल किए, तो वहां विवाद हो गया। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। विवाद बढ़ने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टर ने कहा ब्लीडिंग और बीपी ज्यादा हो रहा था वहीं इस मामले में अस्पताल की डॉक्टर ममता ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीज को अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे रोकने के लिए अस्पताल की ओर से हर संभव प्रयास किए गए। परिजनों को मरीज की हालत के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही थी। डॉक्टर के अनुसार मरीज की बच्चेदानी काफी ढीली हो चुकी थी, जिसके कारण ब्लीडिंग नियंत्रित नहीं हो पा रही थी। रैफर करने में देरी के आरोपों पर डॉक्टर ममता ने कहा कि मरीज को रेफर करने से पहले उसकी स्थिति को स्थिर करने के लिए जरूरी उपचार दिया गया था, ताकि रास्ते में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि मरीज के साथ आईसीयू एक्सपर्ट भी भेजा गया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए लापरवाही के आरोप निराधार हैं। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की शिकायत ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
उदयपुर के रीको इंडस्ट्रीज एरिया में एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से दो लोगों की मौत हो गई। इसको लेकर शव नहीं उठाने की मांग करते हुए एमबी अस्पताल की मॉर्च्युरी में हंगामा हुआ। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में रीको इंडस्ट्री एरिया में संचालित एक प्लास्टिक दाना फैक्ट्री में बॉयलर फटने से दो जनों की मौत हो गई। इस हादसे में गोगुंदा क्षेत्र के बडूंदिया गांव निवासी भंवर सिंह झाला और माधु लाल गमेती की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गया, जिसके बाद प्रतापनगर थाना पुलिस दोनों घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची। घटना के बाद राजपूत समाज और भील समाज में भारी आक्रोश है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। बताते है कि फैक्ट्री में काम के दौरान अचानक बॉयलर मशीन में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में गोगुंदा माधुलाल गमेती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भंवर सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। एमबी अस्पताल की मॉर्च्युरी में आज करणी सेना सहित विभिन्न समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करणी सेना के अर्जुन सिंह चुंडावत ने बताया कि जब तक दोनों मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।
बुलंदशहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईद की नमाज अदा कर लौट रहे नमाजियों पर पुष्पवर्षा की। जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट के नेतृत्व में यह आयोजन किया और नमाजियों को गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह रोड पर एक शिविर लगाकर सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए नमाजियों के लिए ठंडे पानी की भी व्यवस्था की गई थी। कांग्रेस के इस प्रयास की मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने सराहना की। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि ईद का पर्व त्याग, समर्पण, इंसानियत और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत और विभाजन की राजनीति करने वाली ताकतें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा मोहब्बत, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए खड़ी रहेगी। उन्होंने भाजपा के कई मुख्यमंत्रियों और नेताओं पर दूषित मानसिकता के तहत अनर्गल बयानबाजी कर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया कि त्योहार समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव का संदेश देते हैं, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को मिलकर सामाजिक एकता को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द से है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, नईम मंसूरी, प्रशांत बाल्मिकी, शहर अध्यक्ष रवि वर्मा, आस मोहम्मद कुरैशी, सचिन पंडित, अब्दुल रहमान मंसूरी, मुनीर अकबर, देशदीपक भारद्वाज, सुरेश, शराफत अली, जुबेर अहमद, शाहनवाज खान और साजिद गाजी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रतलाम शहर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व अकीदत, अमन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। लक्कड़पीठा स्थित पुरानी ईदगाह सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में सुबह से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और मुल्क में अमन-चैन व खुशहाली की विशेष दुआ मांगी। त्योहार को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लक्कड़पीठा स्थित पुरानी ईदगाह में मुख्य नमाज शहर काजी अहमद अली की मौजूदगी में अदा की गई। यहां नायब शहर काजी हाजी सैद अफरोज अली ने नमाज पढ़ाई और खुतबा पेश किया। इस दौरान ईदगाह में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने कतारों में खड़े होकर सुकून से अल्लाह की इबादत की। शहर काजी की अपील- हमारी वजह से किसी को तकलीफ न होनमाज के बाद शहर काजी अहमद अली ने मुस्लिम समाज को भाईचारे और साफ-सफाई का सख्त संदेश दिया। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि प्रशासन की गाइडलाइन के अनुरूप पूरी शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं। इस बात का खास ख्याल रखें कि किसी को कोई तकलीफ न हो। कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट को इधर-उधर बिल्कुल न फेंकें। जब नगर पालिका की कचरा गाड़ी आए, तो सारा मटेरियल उसी में डालें। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि रास्तों पर खून न बहाएं, क्योंकि कुर्बानी के खून का एक-एक कतरा अल्लाह ताला की बारगाह में कुबूल होता है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच अफसरों ने दी बधाईत्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। ईदगाह और प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शहर एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार पिंकी साठे, तहसीलदार रामचंद्र पांडेय और प्रभारी सीएसपी अजय सारवान समेत अन्य अधिकारी व पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। नमाज के बाद शहर काजी ने इन सभी अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें भी बकरीद की मुबारकबाद दी। देखें तस्वीरें…
कोरबा में मुंबई के व्यापारी संजय कुमार बाहेती के 10 किलो चांदी के जेवर बस से चोरी हो गए। व्यापारी का आरोप है कि पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है, जबकि चोरी से बची 12.377 किलो चांदी केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में फंसी हुई है। इस मामले में पुलिस और जीएसटी अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। जानकारी के मुताबिक संजय कुमार बाहेती 13 मई को 23 किलो चांदी के जेवर लेकर अंबिकापुर से रायपुर जा रहे थे। रात करीब 1 बजे बांगो थाना क्षेत्र के एक होटल पर बस रुकी। संजय यूरिन के लिए नीचे उतरे और अपने तीन बैग सीट पर ही छोड़ दिए। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि 10 किलो चांदी वाले दो बैग गायब थे। संजय का आरोप है कि बस ड्राइवर ने उन्हें गुमराह किया और किसी से बात नहीं करने दी। जब उन्होंने बांगो थाने में शिकायत की, तो पुलिस ने उन पर ही चोरी का शक जताया। पुलिस ने कथित तौर पर कहा कि उनके पास कोई माल नहीं था, और यदि था भी तो चोरी उन्होंने खुद की है। इसके बाद पुलिस ने चोरी से बचे 12.377 किलो जेवर जब्त कर संबंधित कागजात जीएसटी कार्यालय भेज दिए। जीएसटी कार्यालय में अटकी चांदी, व्यापारी परेशान अब संजय पिछले कई दिनों से जीएसटी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनके अनुसार, सभी आवश्यक कागजात जमा करने के बावजूद अधिकारी जेवर वापस करने के लिए क्लीयरेंस नहीं दे रहे हैं। इस परेशानी के बाद संजय ने कोरबा के स्थानीय व्यापारियों से मदद मांगी। व्यापारियों का विरोध, आंदोलन की चेतावनी संजय की समस्या सुनने के बाद छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जगदीश सोनी, सुभाष अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी बुधवार शाम को जीएसटी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि सभी दस्तावेज जमा करने के बाद भी व्यापारी को परेशान किया जा रहा है, तो यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में निर्भय होकर कारोबार करना संभव नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुंबई के व्यापारी को न्याय नहीं मिला, तो कोरबा के व्यापारी आंदोलन करेंगे। उन्होंने बांगो पुलिस के व्यवहार पर भी खेद व्यक्त किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज करने के बजाय व्यापारी पर ही आरोप लगा दिया।
इंडियन मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) द्वारा पूर्णिया में डॉप्लर वेदर रडार (DWR) स्थापित किया जा रहा है। यह सीमांचल और उत्तर बिहार के लिए मौसम पूर्वानुमान प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। यह बिहार का दूसरा और उत्तर बिहार का पहला डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम होगा, जिससे पूर्णिया स्थित मौसम विभाग स्थानीय स्तर पर मौसम की सटीक निगरानी कर सकेगा। पूर्णिया मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी वीरेंद्र कुमार यूझा ने बताया कि रडार लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे इसी महीने के अंत तक चालू करने की तैयारी है। लगभग 80 फीट ऊंचे इस रडार की मदद से 100 किलोमीटर के दायरे में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। ओलावृष्टि और वज्रपात की पहले से चेतावनी मिल सकेगी इस डॉप्लर रडार से आंधी, तूफान, तेज बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात जैसी घटनाओं की पहले से चेतावनी मिल सकेगी। लोगों को 3 घंटे से लेकर 24 घंटे पहले तक मौसम अलर्ट जारी किया जा सकेगा। सीमांचल क्षेत्र में मौसम विश्लेषण अब पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगा। अब तक मौसम संबंधी प्रमुख जानकारी पटना से जारी होती थी, लेकिन DWR के शुरू होने के बाद पूर्णिया से ही स्थानीय विश्लेषण संभव हो पाएगा। इस डॉप्लर रडार का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने की उम्मीद है। समय पर मौसम पूर्वानुमान मिलने से किसान बुवाई और कटाई की बेहतर योजना बना सकेंगे। वे बारिश और ओलावृष्टि से फसल बचाने की तैयारी कर पाएंगे, साथ ही सिंचाई और खाद प्रबंधन सही समय पर कर सकेंगे। किसानों की आय और उत्पादन में वृद्धि होगी फसल नुकसान कम होने से किसानों की आय और उत्पादन में वृद्धि होगी। डॉप्लर वेदर रडार तकनीक हवा की गति, बादलों की स्थिति, वर्षा की तीव्रता और तूफानी गतिविधियों को वास्तविक समय में ट्रैक करती है, जिससे मौसम विभाग को अधिक सटीक और स्थानीय स्तर की चेतावनी जारी करने में मदद मिलती है।
गुरुग्राम में बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। सदर बाजार, राजीव चौक, जैकबपुरा, सेक्टर-4 सहित कई अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और अमन, शांति व खुशहाली की दुआ मांगी। पुलिस प्रशासन रहा सतर्क त्योहार के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस अधिकारियों ने लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। जरुरतमंदों का सहयोग करने का दिया संदेश बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कुर्बानी की परंपरा निभाई और जरूरतमंदों के बीच मदद व सहयोग का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। बाजारों में भी सुबह से रौनक बनी रही, जिससे पर्व का माहौल जीवंत हो उठा।
कपूरथला में भीषण गर्मी के दौरान देर रात 138 केवी बिजली घर में आग लग गई। एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। इस घटना से जनजीवन प्रभावित हुआ। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। कर्मचारी आपूर्ति सामान्य करने के लिए जुटे शहर में बीती रात से बिजली आपूर्ति बाधित है। हालांकि, सुबह कुछ देर के लिए कुछ क्षेत्रों में बिजली बहाल की गई थी। बिजली विभाग के कर्मचारी आपूर्ति सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी और बिजली पर बढ़े लोड को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित विभाग के एक वरिष्ठ इंजीनियर ने इस समस्या को जल्द हल करने का आश्वासन दिया है। शहरवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती गर्मी में बिजली गुल रहने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के अहिवरनपुर गांव में बुधवार देर रात पारिवारिक विवाद के चलते खूनी संघर्ष हुआ। एक भाई ने अपने ही भाई और भतीजी को गोली मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, अहिवरनपुर निवासी इंद्रेश्वर सिंह (52) ने बताया कि उनके भाई राजेश्वर सिंह (54) ने घर में एक गैर महिला को रखा हुआ था। परिवार के सदस्य लगातार इसका विरोध कर रहे थे। बुधवार, 27 मई की रात करीब 11 बजे इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपी धनेश्वर सिंह (42), देवांश (19) और ब्यूटी सिंह (38) ने जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों और असलहे से हमला किया। उन्होंने राजेश्वर सिंह और उनकी 16 वर्षीय बेटी सीता सिंह पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। गोली लगने से राजेश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी सीता सिंह भी गोली लगने से घायल हो गईं। दोनों घायलों को तत्काल सुल्तानपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही जयसिंहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इंद्रेश्वर सिंह की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की जांच जयसिंहपुर कोतवाली के उपनिरीक्षक प्रेम नारायण राजपूत को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में एक युवक ने कुछ लोगों पर उसके पिता का अपहरण कर मारपीट करने और एक लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया है। साथ ही उसने निजामपुर थाना पुलिस पर भी आरोपियों का पक्ष लेने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर युवक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। गांव ताजीपुर निवासी युवक ने शिकायत में बताया कि उसके पिता 19 मई को एक शोक सभा में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान वह अपने साथ एक लाख रुपये भी लेकर गए थे, जो उन्हें रिश्तेदारी में देने थे। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए। पुलिस को बुलाया आरोपियों ने कथित रूप से उनसे एक लाख रुपये छीन लिए तथा उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने बाकी पांच लाख रुपये देने की भी धमकी दी। परिजनों को जब घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी। छोटे भाई का फोन भी छीना शिकायत के अनुसार पुलिस की मदद से उसके पिता को आरोपियों के कब्जे से छुड़वाया गया। इस दौरान आरोपियों द्वारा उसके छोटे भाई का मोबाइल फोन छीनने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे बाद में पुलिस ने वापस दिलवाया। पिता को ही बैठाया थाने पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने निजामपुर पुलिस थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनके पिता को पूरे दिन थाने में बैठाए रखा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी और थाना स्टाफ ने उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। पुलिस ने पिता को पीटा इतना ही नहीं, युवक ने आरोप लगाया कि उसके पिता के साथ थाने में मारपीट भी की गई, जिससे उनके पैरों में चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करने तथा संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराने की मांग की है। जांच शुरू वहीं पुलिस प्रवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि युवक व उसके परिजनों की ओर से एक शिकायत मिली है। उस शिकायत के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
गुना जिले की कुंभराज तहसील के ग्राम खेजरा रामा में गुरुवार सुबह पारिवारिक अनबन से परेशान एक विवाहिता ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। सुबह-सुबह महिला को टावर पर देखकर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों की कड़ी मशक्कत और समझाइश से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। जानकारी के अनुसार, खेजरा रामा गांव निवासी 23 वर्षीय निकिता की शादी करीब तीन साल पहले कुलदीप मीना से हुई थी। फिलहाल ससुराल में उसका ससुराल वालों के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है। इसी अनबन से नाराज होकर वह गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे गांव में ही स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस-प्रशासन को दी सूचनासुबह जब कुछ ग्रामीण उधर से निकले तो उन्होंने निकिता को इतनी ऊंचाई पर देखा। उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को इकट्ठा किया और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही कुंभराज तहसीलदार कमल मंडेलिया, थाना प्रभारी पंकज त्यागी और पटवारी प्रवीण सिंह राणा अपनी टीमों के साथ दल-बल समेत मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन टीमों को भी तुरंत बुला लिया गया था। बल प्रयोग की जगह अपनाया संवाद का रास्तामहिला काफी गुस्से में थी और किसी भी कीमत पर नीचे आने को तैयार नहीं थी। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्दबाजी या बल प्रयोग करने के बजाय बेहद संवेदनशील रणनीति अपनाई। अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए सीधे संवाद कर महिला से बात की। अधिकारियों ने कहा- तुम्हारी हर समस्या सुनी जाएगीअधिकारियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया और कहा, तुम्हारी हर समस्या सुनी जाएगी, जो तुम चाहती हो प्रशासनिक और कानूनी दायरे में रहकर वही न्याय किया जाएगा, तुम बस सुरक्षित नीचे आ जाओ। प्रशासन के इस ठोस आश्वासन का असर महिला पर हुआ और उसका गुस्सा शांत हो गया। इसके बाद वह धीरे-धीरे टावर से नीचे उतर आई। महिला के सुरक्षित जमीन पर कदम रखते ही वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली। नीचे आने के बाद मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल महिला का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया।
एटा में जहरीली शराब से दो की मौत:एक की हालत गंभीर, पत्नी ने लगाया जबरन शराब पिलाने का आरोप
एटा जिले के अवागढ़ थाना क्षेत्र के मीसा कलां गांव में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मीसा कलां गांव निवासी राकेश (45 वर्ष), नरसिंह पाल (59 वर्ष) और रंजीत (35 वर्ष) ने एक साथ शराब खरीदी और एक प्लॉट पर बैठकर उसका सेवन किया। शराब पीने के कुछ देर बाद ही तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। इनमें से राकेश और नरसिंह पाल मौके पर ही बेहोश हो गए। आनन-फानन में परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए आगरा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने राकेश और नरसिंह पाल को मृत घोषित कर दिया। रंजीत की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक राकेश के भाई मुकेश ने बताया कि सुबह तीनों एक पौआ शराब लेकर आए थे, जिसके सेवन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। उन्होंने शराब खरीदने के स्थान की जानकारी न होने की बात कही। वहीं, मृतक नरसिंह पाल की पत्नी शांति देवी ने आरोप लगाया कि राकेश शराब लेकर आए थे और उन्होंने उनके पति को जबरदस्ती पिलाई थी। सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अवागढ़ थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि शराब पीने से दो लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
ईदगाह में जगह कम पड़ी तो सड़क पर पढ़ी नमाज:मांगी देश की खुशहाली की दुआ, सुरक्षा में तैनात रहा पुलिस बल
सागर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) सादगी से मनाई गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने सुबह ईदगाह और सभी मस्जिदों में पहुंचकर विशेष नमाज अदा कर देश की खुशहाली और अमन चैन की दुआ मांगी। ईदगाह, मस्जिद के अंदर ही नहीं बाहर सड़कों तक पर लोग नमाज अदा करते देखे गए। नमाज पढ़ने के बाद ईदगाह व मस्जिद के बाहर खुशी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां दीं। एक साथ हजारों समाजजन ने पढ़ी नमाज बकरीद पर हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग सुबह से मोतीनगर चौराहे के पास लेहदरा नाका स्थित ईदगाह मैदान पर पहुंचे। यहां ईदगाह मैदान में लोगों के बैठने के लिए जगह कम पड़ गई। जिसके बाद भोपाल रोड पर सड़क पर बैठकर नमाजियों ने ईद की विशेष नमाज अदा की। बकरीद का त्योहार अमन-चैन और भाईचारे से मनाया जाए, इसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। इसी दौरान कटरा जामा मस्जिद पर नमाज अदा की गई है। जिसमें मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाजियों ने नमाज अदा की। इसलिए मनाया जाती है ईद-उल-अजहा ईद उल अजहा का पर्व कुर्बानी से जुड़ा हुआ है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया। जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है।
हरियाणा के गुरुग्राम में 30 वर्षीय युवक अमन की हत्या के मामले में पुलिस ने दिल्ली के नांगलोई इलाके से एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। अमन की 16 मई की रात को गमछा से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए चेहरे को पत्थर मारकर कुचल दिया था और डेडबॉडी को सेक्टर-71 स्थित सिग्नेचर ग्लोबल बिल्डिंग व यूनिटेक बिल्डिंग के बीच रास्ते के पास लोहे के खाली बिजली पोल के अंदर छिपा दिया था। आरोपी की पहचान सौम्य जैन (उम्र-18.5 वर्ष) निवासी गढ़ी हरसरू के रूप में हुई है। पुलिस उसे नांगलोई से पकड़कर लाई है। पूछताछ में पता चला कि मृतक अमन का आरोपी व उसके साथियों के साथ लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश को लेकर आरोपी ने अपने साथी रवि बघेल व अन्य के साथ मिलकर मृतक अमन के साथ मारपीट की तथा गमछा से गला दबाकर हत्या कर दी। बिजली के पोल के होल में मिला था शव 17 मई को बादशाहपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बिजली के पोल के होल में एक युवक का शव मिला है। पुलिस टीम द्वारा मौके को सुरक्षित करते हुए फिंगरप्रिंट टीम, क्राइम टीम व डॉग स्क्वायड से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। बाद में युवक की पहचान अमन निवासी गढ़ी हरसरू, के रूप में की गई। 16 मई को दोस्तों के साथ घर से निकला था मृतक के परिजनों ने शिकायत में बताया था कि 16 मई को वह अपने दोस्तों के साथ घर से गया था। बाद में उसके दोस्तों द्वारा फोन करके बताया गया कि अमन को कुछ व्यक्तियों ने चोट पहुंचाई है। अगले दिन पुलिस ने उसकी हत्या होने की जानकारी दी थी। इस संबंध में पिता ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसके लड़के की गला घोंटकर व सिर पर पत्थरों से वार करके हत्या करने की एफआईआर दर्ज करवाई थी। रिमांड पर लेगी पुलिस पुलिस कमिश्नरेट पीआरओ टीम के एएसआई संदीप कुमार ने बताया कि इस केस में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में आरोपी रवि बघेल निवासी गढ़ी हरसरू को 21 मई को पकड़ा गया था। आरोपी को आज कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मॉडल स्कूल को सबसे शानदार बनाना है। शिशु विद्या मंदिर ऐसा बने कि प्राइवेट और कॉन्वेंट के बच्चे नाम कटाकर मॉडल स्कूल में दाखिला लेंगे। हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोला जाएगा। हर ब्लॉक तक शिक्षा को मजबूती से लागू किया जाएगा। बिहार की विरासत बढ़ाने के लिए हर अधिकारी के 2 दिन गांव में रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सीएम ने कहा कि कुछ लोग अपराध को जाति से जोड़कर देखते हैं। ऐसे लोग सिर्फ जाति से जुड़े रहते है। बिहार को ठीक करने के लिए जाती से बाहर आना होगा। अपराधी किसी भी जाति का हो पुलिस 48 घंटे में जवाब देगी। जो भी भ्रष्टाचार करेगा उसे बेउर जेल में जाना होगा। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात करने जा रहा हूं। तिलका मांझी विश्वविद्यालय में तिलकामांझी की प्रतिमा का अनावरण करने का आग्रह करूंगा। ये बातें सीएम ने बिहार विधान परिषद में कहीं। जहां वीर सावरकर की आज 143वीं जयंती मनाई गई। वीर सावरकर की जीवनी पुस्तक का लोकार्पण किया गया। प्रदेश को समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी कंधे पर है सीएम सम्राट ने कहा कि आज झारखंड और ओड़िसा मिलकर आबादी बिहार में है। ऐसे प्रदेश को समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी कंधे पर है। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास के लिए उधोग से जुड़े लोगों को साथ आना जरूरी है। बिहार के लोगों को बिहार से जुड़ना जरूरी है। वीर सावरकर ने जो राष्ट्रवाद का काम किया है। उनके आदर्शों को बिहार में उतारने का काम करूंगा। मैं इससे सहमत नहीं हूं कि वीर सावरकर जी गुमनाम है। आज देश के किसी भी बच्चे से पूछिएगा की वीर सावरकर कौन हैं तो वो बता देंगे। भारत के आजादी में जिन क्रांतिकारियों ने सहयोग दिया उसको अंग्रेजों ने छिपाने का काम किया। इतिहासकारों और कई लोगों ने सावरकर के जीवन को छुपाया। अंडमान निकोबार जितनी बार गए हो वीर सावरकर का जेल जरूर देखा होगा। जेल में यातना देने का प्रतीक है सेल्युलर जेल। उस दौर में अंग्रेजों ने साढ़े 5 लाख लगाकर जेल बनाया। उस जेल में भारतीयों से मुफ्त में मेहनत कराया जाता था। कांग्रेस ने लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर पीएम मोदी आज देश को गौरवान्वित कर रहे। आपातकाल लगाकर देश के लोकतंत्र को खत्म करने का काम कांग्रेस ने किया। बीजेपी के लिए पहले देश को बचाना है फिर लोगों को बचाना है, फिर पार्टी बचानी है। बीजेपी के लिए नेशन फर्स्ट ही मंत्र है। पीएम मोदी ने देश को विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है। पहले उद्योग धंधे की तरफ कम ध्यान दे पा रहे थे। देश को जोड़ने के लिए हमेशा खड़े रहे वहीं, सांसद शिवेश राम ने कहा कि वीर सावरकर और बाबा आंबेडकर दोनों एक साथ खड़े थे। दोनों देश को जोड़ने के लिए हमेशा खड़े रहे। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि वीर सावरकर ने कहा था एक देश, एक भाषा, एक भाव के साथ सभी खड़े हैं। जब भी युवा क्रांति पैदा करेगा वीर सावरकर को याद करेगा। जब भी देश को शक्ति और चेतना की जरूरत होती है सावरकर याद किए जाते हैं। कार्यक्रम में ये रहे शामिल कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित तमाम भाजपा के नेता शामिल हुए। ‘वीर सावरकर की जीवनी’ किताब को बिहार विधान परिषद के अवर सचिव अजय कुमार सिन्हा और बीएसएनल के प्रधान महासंबंधक संजय कुमार सिन्हा ने लिखा है।
जौनपुर में भाजपा की ‘12 साल विश्वास के’ कार्यशाला:गरीब कल्याण, विकास और जनहित योजनाओं पर मंथन
जौनपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में '12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के' अभियान के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मोदी सरकार की उपलब्धियों पर मंथन करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और पार्टी पदाधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और 'वन्दे मातरम्' गायन भी हुआ। कार्यशाला के स्वागत सत्र में भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने मुख्य अतिथि और जौनपुर जिला प्रभारी अशोक चौरसिया का बुके और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता, अजय सिंह और संदीप तिवारी ने भी मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र पहनाकर और माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रवीन चौहान ने जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने इन 12 वर्षों को सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित बताया। मुख्य अतिथि और जिला प्रभारी अशोक चौरसिया ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सक्रियता से जुट जाएं। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता ने किया। प्रवीन चौहान कार्यक्रम के संयोजक थे। इस कार्यशाला में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिले के सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष और महामंत्री भी विशेष रूप से मौजूद रहे और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
हरियाणा में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सोनीपत में मंगलवार को गर्म लू लगने से एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत होने का दावा किया गया है। परिजनों का कहना है कि व्यक्ति गांव नांगल कलां से टीडीआई कुंडली स्थित बीपीएल फ्लैट पैदल जा रहा था। इसी दौरान तेज गर्मी और लू की चपेट में आने से उसकी हालत बिगड़ गई और घर पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का वीरवार को पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। जिले में गर्मी से मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है। गांव नांगल कला से कुंडली जा रहा था विजय नांगल कलां के नंबरदार सतबीर ने बताया कि मृतक की पहचान 40 वर्षीय विजय के रूप में हुई है। विजय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव काठा का रहने वाला था। वह पिछले करीब 10 वर्षों से कुंडली स्थित बीपीएल फ्लैट में किराए पर रह रहा था और मजदूरी का काम करता था। मंगलवार को विजय गांव नांगल कलां से टीडीआई कुंडली स्थित बीपीएल फ्लैट में जा रहा था। रास्ते में तेज गर्मी और लू की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह वह घर पहुंचा, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान, लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल सोनीपत में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग की ओर से भी लोगों को लू से बचने की सलाह दी गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि परिजन जहां लू से मौत बता रहे हैं और ऐसे में पोस्टमार्टम की रिपोट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा। नंबरदार ने लगाया अस्पताल में देरी का आरोप गांव के नंबरदार सतबीर ने बताया कि विजय की मौत अधिक गर्मी और लू लगने की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर काफी देर से पहुंचे, जिसके कारण परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने की मांग की है। गर्मी से पहली मौत ने बढ़ाई चिंता सोनीपत में गर्मी से हुई इस पहली मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप और लू के दौरान लोगों को बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर के अंदर रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
औरैया में 28 मई 2026, गुरुवार को एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया और श्री भगवान पोरवाल के परिवार द्वारा शरबत वितरण का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री भगवान पोरवाल की धर्मपत्नी स्मृतिशेष प्रभादेवी पोरवाल की पुण्यतिथि पर उनके प्रतिष्ठान श्री भगवान एंड संस, दिबियापुर रोड पर सुबह 11 बजे किया गया। नौतपा की चिलचिलाती गर्मी के बीच ऑटो व ई-रिक्शा चालकों, दुकानदारों, सब्जी-फल विक्रेताओं, दोपहिया वाहन चालकों, महिलाओं, बच्चों और राहगीरों ने शीतल रुह-आफजा का शरबत पीकर राहत महसूस की। लोगों ने इस कार्यक्रम की सराहना की। समिति के संरक्षक श्री भगवान पोरवाल ने बताया कि यह आयोजन दिवंगत बुजुर्गों की प्रेरणा, आशीर्वाद और संस्कारों को संजोने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने सुझाव दिया कि बुजुर्गों की स्मृति में एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल करनी चाहिए। यह उन्हें सदैव स्मरणीय श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), संरक्षक शिवकुमार पुरवार, श्री गोपाल सेवा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष रमन पोरवाल, राकेश गुप्ता, फूलगंज सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष हरगोविंद तिवारी, लक्ष्मी बिश्नोई, बबिता गुप्ता, मनीष पुरवार (हीरु) सहित लगभग आधा सैकड़ा सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र में बिहार पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से बुधवार देर रात कई गांवों में छापेमारी की। इस दौरान चोरी की घटनाओं के संबंध में 14 युवकों को हिरासत में लिया गया और उन्हें बिहार ले जाया गया। यह कार्रवाई बिहार के विजयीपुर थाना क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़ी है। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे बिहार के विजयीपुर थाने की पुलिस सात से अधिक वाहनों के काफिले के साथ घांटी खास, डेमूसा और सिंहपुर सहित कई गांवों में पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और गांवों में रात भर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया। गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों को इस कार्रवाई की जानकारी मिली, तो हिरासत में लिए गए युवकों के परिजनों में बेचैनी फैल गई। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और परिवार के सदस्य अपने बेटों के बारे में जानकारी जुटाने में लगे रहे। जानकारी के अनुसार, बिहार के गोपालगंज जनपद के विजयीपुर थाना क्षेत्र में पिछले चार महीनों के दौरान दस से अधिक चोरी की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे गिरोह का पता चला था, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ युवक शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बिहार पुलिस को तकनीकी जांच में भटनी क्षेत्र के कुछ युवकों की लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर बुधवार देर रात स्थानीय पुलिस की मदद से यह संयुक्त कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए युवकों के नाम और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की है। भटनी के थानेदार मृत्युंजय राय ने बताया कि बिहार पुलिस द्वारा जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई है और स्थानीय पुलिस इसमें आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
मुरादाबाद मंडल के शाहजहांपुर और रोजा रेलवे स्टेशनों के बीच तकनीकी कार्य के कारण 29 मई से 4 जून 2026 तक कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक रखरखाव और पॉइंट क्लैंपिंग कार्य के चलते ट्रेनों के संचालन में बदलाव की घोषणा की है, जिससे हरदोई के यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह तकनीकी कार्य सुरक्षा और बेहतर संचालन व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस दौरान कई ट्रेनों को उनके प्रारंभिक स्टेशन से लगभग चार घंटे (240 मिनट) की देरी से रवाना किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों का संचालन निर्धारित तिथियों पर री-शेड्यूल रहेगा। जारी सूची के मुताबिक, ट्रेन संख्या 15074 टनकपुर–सिंगरौली एक्सप्रेस 29 मई को टनकपुर स्टेशन से चार घंटे विलंब से चलेगी। इसी तरह, 15076 टनकपुर–शक्तिनगर एक्सप्रेस 31 मई और 3 जून को री-शेड्यूल रहेगी। ट्रेन संख्या 13152 जम्मू तवी–कोलकाता एक्सप्रेस 28 मई, 30 मई और 2 जून को जम्मू तवी से चार घंटे देरी से रवाना होगी। इसके अतिरिक्त, ट्रेन संख्या 15910 लालगढ़–डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस भी 28 मई, 30 मई और 2 जून को विलंब से संचालित की जाएगी। रेलवे ने बताया कि टी-369/3बी पर पॉइंट क्लैंपिंग कार्य के कारण 15076 टनकपुर–शक्तिनगर एक्सप्रेस 30 मई और 2 जून को तथा 15074 टनकपुर–सिंगरौली एक्सप्रेस 1 जून और 4 जून को प्रभावित रहेगी। 13152 जम्मू तवी–कोलकाता एक्सप्रेस और 15910 लालगढ़–डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस 29 मई, 31 मई, 1 जून और 3 जून को संचालन संबंधी बदलाव के साथ चलेंगी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक की सुरक्षा और रेल संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की वर्तमान स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित ऊंचा गांव की जामा मस्जिद में ईद-उल- अजहा के मौके पर मुस्लिम समाज की ओर से एक अलग और अनोखी पहल देखने को मिली। ईद की नमाज अदा करने के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में बैनर लेकर बाहर निकले और केंद्र से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। इसके साथ ही देशभर में चल रहे बूचड़खानों को बंद करने की भी अपील की गई। इस दौरान लोगों ने भाईचारा, प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है और सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। लोगों ने कहा कि देश में प्रेम और भाईचारे का माहौल बना रहना जरूरी है और सभी को मिलजुल कर रहना चाहिए। अमन-चैन और शांति की दुआ मांगी ऊंचा गांव जामा मस्जिद के मौलवी जमालुद्दीन ने बताया कि बकरा ईद का त्योहार केवल कुर्बानी का नहीं बल्कि प्रेम, त्याग और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे और सभी ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, देश में अमन-चैन और शांति की दुआ मांगी। मौलवी जमालुद्दीन ने कहा कि लोग बकरा ईद को केवल बकरे की कुर्बानी से जोड़कर देखते हैं, जबकि असली कुर्बानी इंसान को अपने अंदर की बुराइयों, नफरत और गलत सोच की देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए और समाज में भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। बूचड़खानों को बंद किया जाए : मौलवी जमालुद्दीन उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग गायों को पकड़कर बूचड़खानों में ले जाते हैं और उनके साथ बर्बरता करते हैं, जो गलत है। इसी वजह से मुस्लिम समाज की ओर से यह मांग की गई है कि भारत सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे और देशभर के बूचड़खानों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा फैसला लेती है तो ऊंचा गांव के सभी मुस्लिम भाई सबसे पहले भारत सरकार का धन्यवाद करेंगे।
मशहूर पंजाबी सिंगर और अभिनेता जसबीर जस्सी ने देर शाम (बुधवार को) गोल्डन टेंपल का दौरा किया। उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और देश-दुनिया में शांति, खुशहाली तथा मानवता की भलाई के लिए अरदास की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। गोल्डन टेंपल पहुंचने पर श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। जसबीर जस्सी इस मौके पर बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। नशे से दूर रहने की अपील उन्होंने कहा कि गोल्डन टेंपल आकर हमेशा आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। गुरु घर से प्रेम, सेवा और भाईचारे का संदेश मिलता है, जिसे जीवन में अपनाना जरूरी है। जस्सी ने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील भी की और उन्हें समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। हनी सिंह और चुघ की बैठक पर दी थी प्रतिक्रिया उनके दौरे को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जसबीर जस्सी अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तरुण चुघ और यो यो हनी सिंह की नशे के खिलाफ मुहिम को लेकर हुई बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह लोग पंजाब को बचा नहीं रहे, बल्कि चिढ़ा रहे हैं।
मुंगेर में गुरुवार को मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें लोगों ने कौम और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगी। आर एंड डीजे कॉलेज स्थित ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज खानकाह रहमानी के सज्जादानशीं और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव सह बिहार, झारखंड, उड़ीसा के अमीर-ए-शरीयत अहमद वली फैसल रहमानी ने अदा कराई। कुर्बानी के महत्व पर डाला प्रकाश नमाज के बाद मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह त्योहार त्याग और अल्लाह की रजा के लिए सब कुछ कुर्बान करने का संदेश देता है। बकरीद मुख्य रूप से हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल द्वारा दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। मौलाना ने बताया कि इस मौके पर की जाने वाली कुर्बानी से यह सबक मिलता है कि इंसान को अपनी जान, माल और इच्छाओं की कुर्बानी देनी चाहिए। समाज की भलाई के लिए अपनी बुरी आदतों का त्याग करना चाहिए। इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात ईद-उल-अजहा के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। नमाज के दौरान ईदगाह के चारों ओर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही थी। इस दौरान एसडीओ कुमार अभिषेक और एसडीपीओ अभिषेक आनंद सहित कई थानाध्यक्ष मौके पर मौजूद रहे।
लखनऊ और फिरोजाबाद में शांतिपूर्ण तरीके से मनाई जा रही बकरीद, मुख्तार अब्बास नकवी ने भी पढ़ी नमाज
देशभर में बकरीद के मौके पर नमाज अदा की जा रही है। उत्तर प्रदेश में भी ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी जा रही है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
महाराष्ट्र के कल्याण स्थित दुर्गाड़ी किले में बकरीद के दौरान नमाज के समय मंदिर बंद करने के आरोप पर विवाद बढ़ गया। शिवसेना और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
फतेहपुर के किशुनपुर थाना क्षेत्र के सरौली गांव में 16 वर्षीय आदित्य तिवारी का शव बुधवार सुबह यमुना नदी में तैरता मिला। आदित्य मंगलवार शाम अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था। वह उमाशंकर तिवारी का इकलौता बेटा था। पुलिस पूछताछ में आदित्य के साथ गए 17 वर्षीय अनुज ने बताया कि यमुना में नहाने के दौरान अंकित और कुल्लू ने मजाक में आदित्य को पानी में डुबो दिया। नदी में पानी अधिक गहरा होने के कारण आदित्य खुद को संभाल नहीं पाया और डूब गया। दोस्तों ने परिवार को सुनाई झूठी कहानी अनुज के मुताबिक, घटना के बाद अंकित ने आदित्य का मोबाइल छिपा दिया। इसके बाद तीनों दोस्त घर पहुंचे और परिजनों से कहा कि आदित्य दुर्गा माता मंदिर के पास बाइक से उतर गया था। इस जानकारी के आधार पर परिवार पूरी रात उसकी तलाश करता रहा। सुबह नदी में तैरता मिला शव बुधवार सुबह परिजन यमुना किनारे पहुंचे तो आदित्य का शव पानी में तैरता मिला। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोस्तों पर हत्या का आरोप मृतक के पिता उमाशंकर तिवारी ने पुलिस को तहरीर देकर बेटे के दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। किशुनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि अनुज के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अंकित व कुल्लू से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल भी कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेत खनन रोकने पर पुजारी और माफियाओं में विवाद:शिवपुरी पुलिस ने जब्त किया पोकलेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली
शिवपुरी के करेरा थाना क्षेत्र की सुनारी चौकी अंतर्गत खाती बाबा मंदिर के पास बुधवार शाम अवैध रेत खनन को लेकर मंदिर के पुजारी और कथित रेत माफियाओं के बीच विवाद हो गया। सूचना मिलने पर सुनारी चौकी पुलिस और करेरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई करते हुए एक एलएनटी पोकलेन मशीन और सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। जानकारी के अनुसार, दतिया जिले से जुड़े कुछ रेत कारोबारी पहले नदी के रौनेजा घाट से रेत खनन कर रहे थे। आरोप है कि पूर्व में हुई कार्रवाई और विरोध के कारण उन्होंने अब जरगंवा घाट की ओर रुख किया था। यह घाट खाती बाबा मंदिर के नजदीक बताया जा रहा है। मंदिर के महंत ने घाट की ओर बढ़ रहे खनन कार्य का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। महंत ने आरोप लगाया कि उनके विरोध करने पर रेत माफियाओं ने गोली चलाकर डराने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग चुके थे और कोई भी व्यक्ति नहीं मिला। सुनारी चौकी प्रभारी चेतन शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
केदारनाथ धाम से लौटते समय मध्य प्रदेश के एक दंपती लापता हो गए। दोनों पहले सभी यात्रियों के साथ चल रहे थे, लेकिन अचानक दोनों ने खराब मौसम के कारण रास्ता बदल दिया, जिससे वे भटक गए। घटना के बाद साथियों ने इसकी सूचना प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को दी, जिसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई है। दंपती की पहचान रीवा निवासी अखिलेश तिवारी (60) और उनकी पत्नी सत्यवती तिवारी (60) के तौर पर हुई है। वे बुधवार सुबह करीब 9 बजे केदारनाथ धाम से नीचे की ओर रवाना हुए थे। देर शाम तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग ने यात्रा मार्ग पर तैनात सभी सेक्टर अधिकारियों को सतर्क रहने और दंपती की तलाश करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यात्रियों, स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों से भी उनकी तलाश में सहयोग की अपील की है। कोतवाली प्रभारी सोनप्रयाग राकेंद्र सिंह कठेत ने बताया कि बुजुर्ग दंपती की तलाश जारी है। पैदल मार्ग से गौरीकुंड क्षेत्र तक उनकी सघन खोजबीन की जा रही है।
श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर, असौड़ा हाउस में गुरुवार को भगवान शांतिनाथ की आराधना हेतु भव्य “शांतिनाथ विधान” श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विश्व शांति, अहिंसा एवं सद्भावना का संदेश दिया। कार्यक्रम पंडित सर्वज्ञ शास्त्री एवं पंडित अक्षांश जैन शास्त्री के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में आगमन शुरू हो गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं आचार्य वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद विधिपूर्वक शांतिनाथ विधान सम्पन्न कराया गया। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंत्रोच्चार एवं भक्ति संगीत से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ विधान में सहभागिता की। मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद जैन ने बताया कि जैन धर्म में शांति विधान को अत्यंत पुण्यदायी एवं कल्याणकारी माना गया है। यह विधान आत्मशुद्धि, मानसिक शांति तथा समस्त जीवों के प्रति दया, मैत्री और सद्भावना का संदेश देता है। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ किया गया विधान व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, संयम एवं करुणा का संचार करता है। श्रमण शिविर में शामिल बच्चों एवं बड़ों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। मंदिर समिति ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर हेमचंद जैन, मनोज जैन, सुरेश जैन, अनिल जैन, अमित जैन, रचित, प्रतीक, तनिष्क, आगम, आभा जैन, पूनम जैन, अनामिका जैन, सारिका जैन, बबिता जैन, दीप जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मुजफ्फरपुर शहर के जर्जर और क्षतिग्रस्त पुलों को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएम ने माड़ीपुर ओवरब्रिज, दादर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाएगी। इनमें ट्रक, बड़े मालवाहक वाहन और बसें भी शामिल है। पथ निर्माण विभाग से अनुमति मिलने के बाद यह आदेश जारी किया गया है। बुधवार को टेक्निकल टीम ने दोनों पुलों का जायजा लिया। दादर पुल के निचले हिस्से में साफ-सफाई के बाद टीम पुल के कमजोर हिस्सो की जांच में जुटी रही। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक से शहर में बढ़ेगा ट्रैफिक सबसे ज्यादा असर माड़ीपुर ओवरब्रिज पर दिखेगा। यहां बसों के परिचालन पर रोक लगने से इसका सीधा दबाव ब्रह्मपुरा, जूरन छपरा और शहर के अंदरूनी हिस्सों की सड़कों पर पड़ेगा। पहले से जाम झेल रहे इलाकों में ट्रैफिक लोड और बढ़ने की आशंका है। इसी तरह की स्थिति दादर पुल पर भारी वाहन का परिचालन रोकने का होगा। पुल के जर्जर होने की स्थिति में सुरक्षा को लेकर यह फैसला प्रशासन को लेना पड़ा है। इन पुलों पर भी भारी वाहनों के परिचालन पर रोक प्रशासन ने जिन पुलों पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई है, उनमें माड़ीपुर ओवरब्रिज, चांदनी चौक-बखरी पथ स्थित दादर पुल, देवरिया-बरूराज पथ का पुल और देवरिया-जाफरपुर-अम्बारा पथ का पुल शामिल है। विभागीय रिपोर्ट में इन पुलों की स्थिति को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई गई थी। इसके बाद एहतियातन यह निर्णय लिया गया। नई ट्रैफिक प्लानिंग प्रशासन को बनानी होगी यातायात विभाग को अब भारी वाहनों और बसों के लिए वैकल्पिक रूट तय करने होंगे। साथ ही प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त ट्रैफिक व्यवस्था करनी पड़ेगी, ताकि शहर में जाम की स्थिति और खराब न हो। बसों और ट्रकों के लिए वैकल्पिक रूट तय होने के बाद दूसरे इलाकों में दबाव बढ़ेगा। खासकर ब्रह्मपुरा, जूरन छपरा और बैरिया इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था चुनौती बन सकती है। दादर पुल के दोनों तरफ बैरियर लगाने का काम शुरू डीएम के आदेश के बाद दादर पुल के दोनों तरफ बैरियर लगाने का काम शुरू कर दिया गया। पुल निर्माण निगम ने दादर पुल के निचले हिस्से में साफ-सफाई कराई, ताकि पुल की वास्तविक स्थिति और डैमेज का सही आकलन किया जा सके। इधर, माड़ीपुर ओवर ब्रिज का भी टीम ने जायजा लिया। हालांकि, दोनों पुल पर अभी भारी वाहनों का परिचालन जारी है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना निदेशक आलोक कुमार के नेतृत्व में टेक्निकल बुधवार दोपहर दादर पुल पहुंची। टीम ने पुल के ऊपर और नीचे जाकर जॉइंट, स्लैब और अन्य स्ट्रक्चर का निरीक्षण किया। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों ने बताया कि निजी एजेंसी से साफ-सफाई कराने के बाद टेक्निकल विंग को यह जिम्मेदारी दी गई है। वह तत्काल यह रिपोर्ट दे कि पुल में कौन-कौन से हिस्सों में तत्काल मेंटेनेंस की जरूरत है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। ये हो सकते हैं वैकल्पिक मार्ग माड़ीपुर ओवर ब्रिज के लिए: इमलीचट्टी से महेश बाबू चौक, ब्रह्मपुरा, बैरिया, चांदनी चौक होते हुए भारी वाहन पटना और समस्तीपुर रूट में प्रवेश करेंगे। दादर पुल के लिए: इमलीचट्टी से जाने के लिए महेश बाबू चौक, ब्रह्मपुरा, बैरिया, चांदनी चौक, सुधा डेयरी मोड़, मेडिकल ओवरब्रिज होते हुए दरभंगा और सीतामढ़ी रूट में जाएंगे। बैरिया बस स्टैंड से बैरिया गोलंबर होते हुए चांदनी चौक, सुधा डेयरी मोड़, मेडिकल ओवरब्रिज होते हुए जाएंगे। सर्वे के बाद मरम्मत का काम होगा डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि माड़ीपुर और दादर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाएगी। फिलहाल पुल निर्माण विभाग की टीम सर्वे कर रही है, इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
'जीवंत पंजाब या डरा हुआ पंजाब', पुलिसकर्मियों पर हमलों को लेकर आम आदमी पार्टी पर भाजपा हमलावर
भाजपा ने गुरुवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी ने पुलिसकर्मियों पर हाल ही में हुए हमलों और उनकी सुरक्षा के लिए जारी की गई एडवाइजरी का हवाला दिया।
अजमेर में मुस्लिम समाज ने गुरुवार को ईद-उल-अजहा पर्व मनाया। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह में जन्नती दरवाजा खुलने के साथ ही अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही दरगाह परिसर और आसपास की मस्जिदों में अकीदतमंदों की ओर से नमाज अदा की गई, जहां लोगों ने देश में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। दरगाह में दिनभर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा और दूर-दूर से पहुंचे जायरीन ने जन्नती दरवाजे के दीदार कर खुद को खुशनसीब माना। नमाज के दौरान लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर देश में भाईचारा कायम रहने, आपसी सौहार्द बढ़ने और हर इंसान की जिंदगी में सुख-समृद्धि आने की प्रार्थना की। पहले देखिए, ईद की कुछ PHOTO'S दरगाह शरीफ में नमाज के बाद विशेष दुआ का आयोजन दरगाह शरीफ में नमाज के बाद विशेष दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें देश की तरक्की, शांति और विश्व में इंसानियत कायम रहने की कामना की गई। ईद की नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। अजमेर दरगाह में ईद पर गुरुवार को जन्नती दरवाजा खोला गया। जन्नती दरवाजे के खुलते ही बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद दरगाह शरीफ पहुंचे और दरवाजे से गुजरकर दुआएं मांगी। सुबह से ही दरगाह परिसर में जायरीन की भारी भीड़ देखने को मिली। देशभर के साथ-साथ विदेशों से आए (श्रद्धालुओं) जायरीनो ने भी जन्नती दरवाजे से गुजरने की ख्वाहिश पूरी की। (वीडियो फोटो -नजीर कादरी)
रायबरेली में रेलिंग विहीन पुल बना हादसों का कारण:PWD की लापरवाही, कई हादसों के बाद प्रशासन सख्त
रायबरेली के हरचंदपुर स्थित प्यारेपुर में एक पुल पर सुरक्षा रेलिंग न होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। यह पुल प्यारेपुर को हरदोई संपर्क मार्ग से जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही से कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, पुल के दोनों ओर 100 मीटर की सुरक्षा रेलिंग होनी चाहिए, लेकिन वह या तो खराब है या पूरी तरह टूटी हुई है। इस सड़क से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पीडब्ल्यूडी ने केवल एक चेतावनी बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पुल पर आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता में आक्रोश है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) सिद्धार्थ वर्मा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल पत्र जारी किया है। उन्होंने पुल पर रेलिंग के निर्माण के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
खरगोन और जिलेभर में मुस्लिम समाज ने ईद उल अजहा (बकरीद) आस्था के साथ मनाया। इस अवसर पर गुरुवार सुबह ईदगाह और विभिन्न मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई। शहर के 15 से अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी। गुरुवार सुबह 7:30 बजे बड़ी और छोटी ईदगाह में मुफ्ती तारिक के नेतृत्व में विशेष नमाज अदा की गई। इसमें 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। नमाज के दौरान देश-दुनिया में अमन-चैन और समाज व देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शहर में तालाब चौक मस्जिद में सुबह 8 बजे और दारुल उलूम में सुबह 8:30 बजे भी विशेष नमाजें हुईं, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। विशेष नमाज के उपरांत अल्लाह की राह में कुर्बानी की रस्म अदा की गई। मुस्लिम समाज के हाफिज चांद ने सभी से कहा कि एक-दूसरे के मददगार बनें। उन्होंने कुर्बानी की सुन्नत के पैगाम को बनाए रखने और समाज व देश के प्रति अपने फर्ज निभाने का आह्वान किया। समाज के लोगों के अनुसार, कुर्बानी का यह सिलसिला अगले तीन दिनों तक जारी रहेगा। संवेदनशील खरगोन शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर निगरानी की गई। इसके अतिरिक्त, साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी गई।
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां सितपुरा गांव में नहाने के दौरान 10 साल की एक मासूम बच्ची की तालाब में डूबने से मौत हो गई। हादसे के वक्त बच्ची की मां भी किनारे पर ही मौजूद थी और कपड़े धो रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची की पहचान सितपुरा निवासी 10 वर्षीय राधिका (पिता करण कोल) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब सवा 10 बजे राधिका अपनी मां सिया कोल के साथ गांव के ही 'मूर्तिहा तालाब' पर गई थी। यह तालाब उनके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। नहाते वक्त गहरे पानी में समाई मासूमहादसे के संबंध में परिजनों ने बताया कि राधिका की मां सिया तालाब किनारे कपड़े धोने में व्यस्त हो गई थी। इसी दौरान राधिका अकेले ही नहाने के लिए तालाब में उतर गई। नहाते-नहाते वह अचानक गहरे पानी की तरफ चली गई और डूबने लगी। कुछ देर बाद जब मां की नजर पड़ी तो बच्ची वहां नजर नहीं आई। घबराई मां ने तुरंत उसे खोजना शुरू किया और मदद के लिए जोर-जोर से शोर मचाया। ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया शवमां की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे और तालाब में बच्ची की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने बच्ची को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद नागौद थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
बक्सर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। पूरे जिले में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा। शहर की बड़ी मस्जिद समेत दर्जनों छोटी-बड़ी मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। नमाज से पहले इमामों ने ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह त्योहार त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है, साथ ही आपसी भाईचारे और मेल-मिलाप को मजबूत करता है। हजरत इब्राहिम की कुर्बानी का जिक्र बड़ी मस्जिद कमेटी के सदस्य मोहम्मद एजाज ने हजरत इब्राहिम की कुर्बानी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अल्लाह के आदेश पर हजरत इब्राहिम ने अपने सबसे प्रिय बेटे की कुर्बानी देने का इरादा किया था। उनकी सच्ची निष्ठा से प्रसन्न होकर अल्लाह ने उनके बेटे की जान बचा ली। इसी घटना की याद में मुस्लिम समाज बकरीद का पर्व मनाता है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दीं। सुबह से ही मुबारकबाद देने का यह सिलसिला जारी रहा, जिससे मुस्लिम बहुल इलाकों में विशेष रौनक देखने को मिली। संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों तैनात पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मस्जिदों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। बड़ी मस्जिद में नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, जिसके तहत मुख्य सड़क को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस अवसर पर एसडीपीओ गौरव पांडेय ने बड़ी मस्जिद पहुंचकर लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पूरे अनुमंडल क्षेत्र में पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।
नूंह जिले में शनिवार को ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण, सादगी और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। लाखों लोगों ने देश, प्रदेश और पूरी दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। जिले के नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, तावडू और पिनगवां सहित अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों व ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का संदेश दिया धार्मिक गुरुओं ने अपने संदेश में आपसी भाईचारा, प्रेम और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समाज में सौहार्द कायम रखने का संदेश भी दिया। ईद पर्व को लेकर जिला प्रशासन और नूंह पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पूरे जिले में लगभग 650 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों, मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रखी गई। जिलाधीश द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहकर कानून व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखे। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की थी। प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से पूरे जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में रविवार देर रात क्लब के बाहर हुए विवाद में अयोध्या निवासी बीजेपी युवा मोर्चा जिला कमेटी सदस्य शिवम सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जलवा क्लब के बाहर सिगरेट पीने को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद शिवम के साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पीड़ित के भाई की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिगरेट पीने को लेकर हुआ विवाद अयोध्या निवासी शिवम सिंह अपने दोस्तों निलेश और जीशान के साथ पार्टी करने लखनऊ आए थे। बताया जा रहा है कि देर रात जलवा क्लब के सामने सिगरेट पीने को लेकर कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने शिवम की बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में गंभीर रूप से घायल शिवम मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े। इलाज के दौरान शिवम की हुई मौत घटना के बाद शिवम के मोबाइल से उनके भाई सौरभ सिंह को सूचना दी गई। सूचना पाकर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेड खाली न होने के कारण उन्हें गोमतीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां इलाज के दौरान शिवम की मौत हो गई। मंगलवार देर शाम पीड़ित भाई सौरभ सिंह ने विभूतिखंड थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर विभूतिखंड के मुताबिक आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोरखपुर में ईद-उल-अजहा पर हाई अलर्ट:नमाज के दौरान सड़कों पर उतरे अफसर, चप्पे-चप्पे पर रही नजर
गोरखपुर में ईद-उल-अजहा के मौके पर गुरुवार को शहर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त नजर आई। त्योहार को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में सम्पन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड में रहा। शहर की प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। नमाज के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी गई। SSP डॉ. कोस्तुभ, ADM सिटी गजेंद्र कुमार और SP सिटी निमिष पाटिल खुद फील्ड में उतरकर लगातार शहर का दौरा करते रहे। अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था देखी। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर रही कड़ी निगरानी नमाज के दौरान मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास पुलिस की खास निगरानी रही। कई जगह बैरिकेडिंग कर रास्तों को व्यवस्थित किया गया, ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो। प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ये पुलिसकर्मी भीड़ के बीच रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। संवेदनशील इलाकों में पीएसी और स्थानीय पुलिस के जवान लगातार गश्त करते रहे। अधिकारियों ने कंट्रोल रूम से भी पूरे शहर की स्थिति पर नजर रखी। अफवाह फैलाने वालों पर रही नजर प्रशासन की तरफ से सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक संदेश पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने कहा कि अगर कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। शहर में ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और भाईचारे का संदेश दिया। बाजारों और मोहल्लों में भी त्योहार को लेकर उत्साह दिखाई दिया। पूरे दिन शहर में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। प्रशासन ने कहा कि पुलिस की सतर्कता और लोगों के सहयोग से त्योहार सकुशल सम्पन्न हुआ। अधिकारियों ने शहरवासियों का सहयोग के लिए आभार जताया और आगे भी इसी तरह शांति बनाए रखने की अपील की। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मऊ में बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से हुई:कड़ी सुरक्षा के बीच डीएम-एसपी ने किया क्षेत्र का दौरा
मऊ जिले में बकरीद का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। जिले के 319 स्थानों पर स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती और ड्रोन कैमरों से निगरानी शामिल थी। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुष्टि की कि जिले में सभी स्थानों पर बकरीद की नमाज सकुशल संपन्न हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर नमाज की प्रक्रिया जारी थी, जहां पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात थे। एसपी ने यह भी कहा कि नमाज के बाद होने वाले कुर्बानी कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसपी ने बताया कि जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। क्षेत्राधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, एडीएम सहित अन्य अधिकारी संवेदनशील इलाकों और कुर्बानी स्थलों पर तैनात हैं। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने जानकारी दी कि पूरे जनपद में 300 से अधिक मस्जिदों और ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की गई। उन्होंने बताया कि सभी तहसील और शहर में नमाज संपन्न हो गई है, और कुछ मस्जिदों में देर से नमाज होने के बावजूद कोई समस्या नहीं आई। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था और पर्व सकुशल संपन्न कराया गया।
टीकमगढ़ में गुरुवार को आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। अस्पताल चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता अमित शाह का पुतला लेकर पहुंचे थे, जिसे रैली के दौरान पुलिस ने छीन लिया। आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल आदिवासी ने बताया कि 24 मई को दिल्ली में आयोजित जनजातीय संस्कृत समागम कार्यक्रम में गृहमंत्री शाह ने आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर संबोधित किया था। उन्होंने अपने संबोधन में एक बार भी 'आदिवासी' शब्द का प्रयोग नहीं किया। मुन्नालाल आदिवासी के अनुसार, गृहमंत्री के संबोधन से ऐसा प्रतीत हुआ कि देश में 'आदिवासी' समुदाय का अस्तित्व ही नहीं है, बल्कि सभी 'वनवासी' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह आदिवासियों की विशिष्ट संस्कृति और सभ्यता को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान है, जिसे किसी अन्य शब्द से परिभाषित नहीं किया जा सकता। 'वनवासी' शब्द का प्रयोग आदिवासी अस्मिता और सम्मान को कमजोर करने का प्रयास है। प्रदर्शन को देखते हुए अस्पताल चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वाटर कैनन के लिए फायर ब्रिगेड भी मौजूद थी, हालांकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी। इस दौरान आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल आदिवासी, सचिव मालती आदिवासी, उपाध्यक्ष श्रीराम आदिवासी, बल्देवगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल आदिवासी, खरगापुर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र आदिवासी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। पुलिस की ओर से एसडीओपी राहुल कटरे, कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक और तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
पेंड्रा में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की लूट के दौरान गोली मारकर हत्या के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को पीसीसी चीफ दीपक बैज पेंड्रा पहुंचे और मुक्तिधाम में दिवंगत व्यापारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रिश्तेदारों से मुलाकात कर सांत्वना दी। दीपक बैज ने घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार समेत पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब शांत कहे जाने वाले पेंड्रा इलाके में भी सरेआम गोलियां चल रही हैं। पीसीसी चीफ ने कहा कि ऐसे में बस्तर और इस शांत क्षेत्र में अब क्या अंतर रह गया है। साय सरकार “सुशासन त्योहार” मनाने में व्यस्त है, जबकि छत्तीसगढ़ की जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। प्रदीप सोनी की बहादुरी का किया जिक्र दीपक बैज ने दिवंगत सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की बहादुरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे लुटेरों से डटकर लड़े, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। इस वारदात से स्थानीय लोग और व्यापारी वर्ग सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों को दी चेतावनी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों का समर्थन करते हुए दीपक बैज ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आम जनता ने उन्हें वर्दी दी है, इसलिए अधिकारी किसी की गुलामी न करें और जनता की सुरक्षा पर ध्यान दें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर नाराजगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई को लेकर बैज ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर उनके कार्यकर्ताओं पर आर्म्स एक्ट लगाया जा रहा है, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उनहोंने कहा कि क्या विपक्ष को कानून और न्याय पाने का अधिकार नहीं है और क्या कानून सिर्फ भाजपा के लिए काम कर रहा है। प्रदेश में दो तरह का कानून और यह जंगलराज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाजार बंद करते समय व्यापारी को गोली मारकर लूट बता दें कि मंगलवार को कोटमी साप्ताहिक बाजार में प्रदीप सोनी ने दुकान लगाई थी। जब वे दुकान बंद कर रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाश आए और उनसे सोने-चांदी का बैग छीन लिया। व्यापारी ने इसका विरोध किया तो सीने पर गोली मार दी और भाग निकले। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस 60 लाख की लूट का अनुमान लगाया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही। इस मामले में बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। वारदात में कट्टे का इस्तेमाल किया गया है। आसपास के जिलों की पुलिस टीमें भी तलाश में जुटी हुई हैं। साथ ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मधुबनी स्टेशन पर जयनगर-उधना एक्सप्रेस में आग:एक बोगी जलकर राख, DRM ने जांच समिति बनाई
मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर गुरुवार तड़के जयनगर-उधना एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लग गई। घटना सुबह करीब 3 बजकर 40 मिनट की है। आग लगने से ट्रेन का एक जनरल कोच पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि, कोच खाली होने के कारण किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खड़ी ट्रेन के जनरल कोच से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ ने अग्निशमन विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बोगी पूरी तरह जल चुकी थी। गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन - DRM घटना की सूचना मिलते ही समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा मधुबनी स्टेशन पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुजफ्फरपुर रेलवे एसपी और समस्तीपुर रेलवे डीएसपी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं। डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि घटना की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में संरक्षा, विद्युत, यांत्रिक, परिचालन और सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। अंतर-विभागीय टीम आग लगने के कारणों की हर पहलू से जांच करेगी। लगातार दूसरी बार स्टेशन परिसर में ट्रेन में आग डीआरएम ने यह भी बताया कि चार वर्ष पूर्व इसी प्लेटफॉर्म पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में लगी आग की घटना को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा। लगातार दूसरी बार स्टेशन परिसर में ट्रेन में आग लगने की घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर के विजयनगर इलाके में रहने वाले एक युवक ने बुधवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विशाल वर्मा (28) निवासी अंबिका नगर के रूप में हुई है। विजयनगर पुलिस के अनुसार विशाल ने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ऑटो की किश्तें नहीं भर पाने से था परेशान मृतक के भाई शुभम ने बताया कि विशाल ऑटो रिक्शा चलाता था। उसने बजाज फाइनेंस से पांच साल के लिए लोन लिया था और तीन साल से किश्तें भर रहा था। पिछले दो महीनों से वह किश्तें जमा नहीं कर पा रहा था, जिससे वह तनाव में था। परिवार का कहना है कि फाइनेंस कंपनी की ओर से लगातार कॉल आ रहे थे। परिजनों ने बताया कि विशाल परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक छोटी बेटी हैं। छोटी ग्वालटोली में भी लगाई फांसी बुधवार रात ही छोटी ग्वालटोली इलाके स्थित बजरंग होटल में पवन (25) पुत्र राम निवासी ग्वालियर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे उसका दोस्त विपिन एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा था। विपिन ने बताया कि दोनों बुधवार को बड़वानी से इंदौर आए थे। वे बड़वानी में एक शराब दुकान पर काम करने गए थे। आरोप है कि दुकान के मैनेजर मोरे ने एक महीने का भुगतान नहीं किया और दोनों के साथ मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद पवन तनाव में था। चचेरे भाई को किया था कॉल रात में पवन ने विपिन को कमरे से बाहर भेज दिया। इसके बाद उसने अपने चचेरे भाई विकास को कॉल कर आत्महत्या करने की बात कही। विकास ने विपिन को सूचना दी। जब वे होटल पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा खोला गया तो पवन फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बालोतरा शहर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों में त्योहार को लेकर सुबह से ही उत्साह देखा गया। मुगड़ा रोड स्थित मोमडन ग्राउंड में सामूहिक ईद नमाज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। अमन-चैन की दआएं मांगी नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, प्रदेश में अच्छी बारिश और शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जहां वे नए कपड़े पहनकर खुशियां मनाते दिखे।ईद-उल-अजहा के अवसर पर मुस्लिम परिवारों ने अपने घरों में कुर्बानी की रस्म भी अदा की। दिनभर रिश्तेदारों और परिचितों का घरों में आना-जाना लगा रहा। त्योहार के दौरान शहर में सामाजिक एकता और भाईचारे का सुंदर माहौल देखने को मिला। हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। यह पर्व बालोतरा में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक बना।
बांकीपुर से प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की संभावना पर बोले रामकृपाल, वहां उनको कौन जानता है
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने बांकीपुर विधानसभा सीट से प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की संभावना पर कहा कि भाजपा यहां से जीतती रही है और जीतती रहेगी। वहां प्रशांत किशोर को कौन जानता है? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वहां बहुत काम किया है।
जालौन में बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना पर अस्पताल पहुंचे पिता और उसके मित्र के साथ लौटते समय हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो दोस्तों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद डंपर चालक मृतक को करीब 200 मीटर तक बोनट में फंसाकर घसीटता रहा और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के ग्राम लहरा निवासी चंद्रपाल की विवाहित पुत्री ने बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। परिजन उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा लेकर पहुंचे थे। बेटी की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही चंद्रपाल अपने मित्र शिशुपाल सिंह (55) पुत्र स्वर्गीय हनुमान सिंह निवासी लहरा के साथ बाइक से कदौरा सीएचसी पहुंचे थे। अस्पताल में बेटी का हाल जानने के बाद दोनों देर रात करीब 11 बजे वापस गांव लौट रहे थे। बताया गया कि जैसे ही उनकी बाइक चतेला रोड पर पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि चंद्रपाल सड़क किनारे दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बाइक चला रहे शिशुपाल सिंह डंपर के बोनट में फंस गए। हादसे के बाद भी डंपर चालक ने वाहन नहीं रोका और शिशुपाल को बोनट में फंसाकर करीब 200 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। रात के अंधेरे में सड़क पर चीख-पुकार मच गई। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो शोर मचाकर डंपर चालक को रोकने का प्रयास किया। चालक ने जैसे ही ब्रेक लगाया, शिशुपाल सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद चालक डंपर समेत मौके से फरार हो गया।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर चल रही जोरदार अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'कावेरी' में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ नाश्ता किया किया।
शाजापुर में गुलमोहर का पेड़ गिरा:मोती मस्जिद के पास घंटों बाधित रही बिजली आपूर्ति
शाजापुर शहर के हारायपुरा क्षेत्र में बीती रात मोती मस्जिद के पास एक बड़ा गुलमोहर का पेड़ गिर गया। इस घटना के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया। बेरछा रोड स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय में पदस्थ जेई रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि पेड़ गिरने से दो विद्युत पोल तिरछे हो गए और बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके तुरंत बाद पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। लगभग 5 से 6 घंटे तक बिजली बाधित रहने से रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रातभर लोग गर्मी और अंधेरे से जूझते रहे। घटना की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तुरंत सुधार कार्य शुरू किया। कर्मचारियों ने गिरे हुए पेड़ को हटाया और क्षतिग्रस्त लाइन व पोल को दुरुस्त किया। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद विद्युत व्यवस्था बहाल हो सकी, जिसके बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हुई। गनीमत रही कि यह घटना देर रात हुई, जिससे कोई जनहानि या बड़ा हादसा नहीं हुआ।
रेवाड़ी शहर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। राजीव नगर स्थित पीर बाबा वाली मस्जिद में सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने नमाज अदा कर देश और प्रदेश में सुख-शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। नमाज के बाद, सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की कामना करते हुए समाज को प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डाला पीर बाबा मस्जिद के इमाम इस्माइल खान ने ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का संदेश देता है। इमाम खान ने लोगों से प्रेम, भाईचारे और समाज में एकता बनाए रखने की अपील की। मुस्लिम सभा रेवाड़ी के प्रधान मुबिन खान ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें आपसी भाईचारे, गरीबों की मदद और मानवता की सेवा की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश दिया। पुलिस ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जिला प्रशासन ने ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए थे। मस्जिद परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात रहा, जिससे नमाज शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बच्चों और युवाओं में भी इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। यहां देखें फोटो…
कन्नौज के छिबरामऊ में 3 दिन पहले घर में घुसकर ज्वेलर्स की पत्नी की हत्या आरोपी का पुलिस ने ऑफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लग गई। जिससे वह घायल होकर गिर गया। आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 30 हजार रुपये उधार न देने पर उसने हत्या कर दी। छिबरामऊ कोतवाली के मोहल्ला बनवारी नगर में रहने वाले सराफा कारोबारी राजीव वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा (55) की 25 मई की दोपहर घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। महिला के जेवर भी लूट लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर हत्यारोपी की पहचान छिबरामऊ के ही जेरकिला मोहल्ला निवासी शालू उर्फ शल्लू (37) पुत्र फुंदन के रूप में की। जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी बिनोद कुमार ने छिबरामऊ कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम को लगाय था। गुरुवार तड़के पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारोपी कहीं जाने की फिराक में है। ऐसे में टीम ने फर्रुखाबाद रोड पर इंडियन पेट्रोल पंप के पास शालू को घेर लिया। बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। जिसमें एक गोली उसके पैर में जा लगी। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और छिबरामऊ के 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती करवा दिया। पुलिस ने उसके पास से लुटे हुए जेवर, चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। हाफ एनकाउंटर में पकड़े गए शालू ने बताया कि वह मूल रूप से अलीगढ़ का निवासी है और छिबरामऊ के जेरकिला मोहल्ला स्थित अपनी ननिहाल में रहता है। उसने लोगों से करीब 6 लाख का कर्जा ले रखा था, जिसे चुकाने का प्रेशर था उस पर। ऐसे में वह ज्वेलर्स राजीव वर्मा के घर पहुंचा और उनसे बातचीत के दौरान 30 हजार रुपए उधार मांगे। जिसे देने से मंजू वर्मा ने इनकार कर दिया। इस बात से आग बबूला हो गया और उन पर हमला कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई और फिर उनके पहने हुए जेवर लूटकर भाग गया।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला स्थित कृष्णा टॉकीज परिसर के पास एक जंगली भालू देखा गया। रिहायशी इलाके में भालू के पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग को जानकारी दी। यह भालू गौरेला पुलिस थाना के पास होटल टेंपल ट्री से सटी रिहायशी कॉलोनी में देखा गया। निवासियों ने इसकी सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों से भालू पर नजर रखने का अनुरोध किया गया है। जान जोखिम में डाल कर वीडियो बनाते रहे लोग भालू के दिखने की खबर तेजी से फैल गई, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों की भीड़ उसे देखने के लिए इकट्ठा हो गई। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर भालू का वीडियो बनाने की कोशिश करते दिखे। वन विभाग रेस्क्यू में लगा बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिससे भालू के हिंसक होने का खतरा बढ़ गया। वन विभाग की टीम भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस जंगल में छोड़ने का प्रयास कर रही है।
गयाजी में ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई। शहर से लेकर गांव तक सभी ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने आपसी प्रेम और एकता का संदेश दिया। जिले के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज शुरू होने से पहले ही पूरा मैदान नमाजियों से भर गया था। नमाजियों ने केवल अपने परिवार और समाज की खुशहाली के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में शांति कायम रहने की भी दुआ की। लोगों से अमन-चैन और शांति की अपील स्थानीय ताबिश पटेल ने कहा कि बकरीद त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व है। इस त्योहार का संदेश लोगों को एक-दूसरे के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता है। नमाज के दौरान देश की तरक्की, समाज की खुशहाली और लोगों की बेहतर जिंदगी के लिए दुआएं मांगी गईं, साथ ही दुनिया में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की भी अपील की गई। फैसल रहमानी ने कहा कि बकरीद केवल जानवर की कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसान को अपने अंदर के अहंकार, नफरत और बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। समाज में प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारा सबसे जरूरी है। लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की नफरत फैलाने वाली बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। समाज में शांति बनाए रखने में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गांधी मैदान के अलावा गया जामा मस्जिद, कर्बला में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। इस मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सभी जगहों पर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। पूरे शहर में बकरीद का त्योहार उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर त्योहार की खुशियां बांटी।
इटावा में अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर इटावा में धनगरवंशी समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा और जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों से निकली शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे और जयकारों के बीच श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल शामिल हुए, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब गुरुवार दोपहर को इटावा में आयोजित शोभायात्रा में धनगरवंशी समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल का समाज के लोगों और कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से स्वागत किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में मंदिरों का निर्माण कराया और धार्मिक स्थलों के संरक्षण का काम किया। साथ ही भारतीय संस्कृति, वेद, पुराण और आध्यात्मिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूतियों की जयंती समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि इटावा के लोगों ने उनकी 301वीं जयंती को भव्य रूप से मनाकर सराहनीय कार्य किया है। राजनीतिक सवालों पर भी दिया जवाब कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कई राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही ढाई-ढाई साल के समझौते की बात कही जा रही थी। उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है। पश्चिम बंगाल में बकरीद के दौरान कुछ पशुओं की कुर्बानी पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी का निषेध पहले से ही है। उन्होंने कहा कि जिन पशुओं की पारंपरिक रूप से कुर्बानी नहीं होती है, उन पर रोक लगाई गई है। समाजवादी पार्टी द्वारा पीडीए आरक्षण घोटाले को लेकर लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई रौनक कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। शोभायात्रा में शामिल झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
लखीसराय जिले के पुरानी बाजार स्थित ईदगाह में गुरुवार को ईद-उल-जुहा (बकरीद) का पर्व उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह परिसर में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। नए और पारंपरिक परिधानों में पहुंचे लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की। इस दौरान देश में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश पूरे इलाके में सौहार्द और आपसी प्रेम का माहौल देखने को मिला। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह था। इस अवसर पर उलेमाओं ने ईद-उल-जुहा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला पर्व बताया। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। वरीय अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का जायजा लिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। परंपरा के अनुसार लोगों ने कुर्बानी की रस्म भी अदा की। दिनभर शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर बकरीद की बधाई दी और आपसी रिश्तों को मजबूत किया।
बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के नौला , गारा, खरमौली, जगदर, मुजफ्फरा, करीचक और सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा 60 किसानों की मिट्टी की उर्वरता की जांच की गई। यह अभियान इफको के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर पांच प्रमुख तत्वों का परीक्षण किया गया। जांच के परिणामों के आधार पर किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक स्थिति और फसल के अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इससे किसानों को खेत में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता को समझने में मदद मिली। मृदा विश्लेषक सोनू कुमार ने बताया कि मिट्टी की जांच से अनावश्यक रासायनिक खाद के उपयोग पर अंकुश लगता है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर लैब अटेंडेंट परशुराम कुमार के साथ अमरनाथ सिंह, रविशंकर कुमार, कन्हैया कुमार, रामानंद तिवारी, अर्चना कुमारी, कैलाश सिंह, बैजनाथ सिंह, राम विनोद सिंह और राम विजय सिंह सहित कई किसान उपस्थित थे। किसानों ने इस मृदा जांच अभियान को खेती के लिए लाभकारी बताया और कहा कि इससे उन्हें सही फसल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी।
सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड में लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में गन्ना विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। समिति के स्थायी लिपिक रोहित कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद यह फैसला लिया गया, साथ ही गबन की धनराशि की वसूली आरोपी कर्मचारी के देयकों से करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आने पर लिपिक रोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर से जांच अधिकारी नियुक्त कर विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान बैंक खातों के स्टेटमेंट, भुगतान अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया गया। इसमें स्पष्ट रूप से सिद्ध हुआ कि आरोपी कर्मचारी ने समिति के गन्ना मूल्य खाते से कूटरचित तरीके से धनराशि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। इतना ही नहीं, विभागीय अधिकारियों से बचने के लिए उसने समिति के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट के लिए अपना निजी मोबाइल नंबर दर्ज करा रखा था। इससे वित्तीय लेनदेन की जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचती थी। जांच रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोप पूर्ण रूप से सिद्ध पाए गए। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने अपने पदीय दायित्वों का उल्लंघन करते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना सेवा नियमावली 1975 के प्रावधानों की अनदेखी की। इससे समिति को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंची और विभाग की छवि धूमिल हुई। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरण के निर्णय के क्रम में रोहित कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र के गांधी नगर वार्ड नंबर-5 में शनिवार देर रात एक युवक ने कुएं में छलांग लगा दी। कई घंटों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक का शव कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांधी नगर वार्ड निवासी प्रेमचंद जाटव के 24 वर्षीय पुत्र शिवा जाटव ने शनिवार रात करीब 10 बजे मोहल्ले में स्थित एक पुराने कुएं में कूद गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे कुएं में गिरते देख शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल रस्सियों और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से युवक को बचाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, काफी देर तक चले प्रयासों के बावजूद युवक को कुएं से बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक रजत कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। युवक को निकालने में सफलता न मिलने पर दमकल विभाग की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक शिवा जाटव का शव कुएं से बाहर निकाला गया। इसके बाद उपनिरीक्षक जगदीश दुबे ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज उरई भेज दिया। मृतक शिवा जाटव अविवाहित था और अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसका छोटा भाई नानू 20 वर्ष का है, जबकि बहन पायल की शादी हो चुकी है। युवक द्वारा कुएं में कूदने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। थाना प्रभारी निरीक्षक रजत कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके।
गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित एक पांच मंजिला इमारत में बुधवार रात आग लग गई। इस घटना में इमारत की ऊपरी मंजिलों पर फंसी चार महिलाओं को फायर कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कार्यालय में रात करीब 10:15 बजे अचानक आग लगी। भूतल पर आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग घबरा गए। इमारत के बेसमेंट में एक क्लीनिक संचालित हो रहा था। फायर ब्रिगेड की टीम ने पाया आग पर काबू आग की सूचना मिलते ही सेक्टर-29 फायर स्टेशन से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और धुएं के बीच फंसी चारों महिलाओं को निकालकर उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। फायर कर्मी सुधीर ने बताया कि टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
नारनौल में महिला 2 लाख कैश लेकर फरार:सोने-चांदी के जेवर भी साथ ले गई, MP का रहने वाला परिवार
महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र से एक विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। महिला अपने साथ करीब दो लाख रुपए नकद और गहने भी ले गई। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति ने बताया कि वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है और पिछले करीब सात वर्षों से गांव तलोट में परिवार सहित रह रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी पत्नी 23 मई की दोपहर से घर से लापता है। काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। सोने-चांदी के गहने ले गई शिकायत में बताया गया कि महिला घर से जाते समय करीब दो लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के गहने भी अपने साथ ले गई। महिला की लंबाई लगभग पांच फुट बताई गई है तथा वह घर से जाते समय काले रंग का सूट पहने हुए थी। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना थाना निजामपुर पुलिस को दी गई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ महिला की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटा रही है और मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिवहर जिले में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाले इस पर्व पर सुबह से ही जिले की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगीं। जिले के लचकापुल, इस्लामपुर टोला, गढ़वा, गड़हियां, परसौनी तैयब, खोर्ठा, बेलाही दुल्ल, रामबन, हिरौता, हिरम्मा, रामपुरकेशो, मेसौढ़ा, हता, चमनपुर, धनकौल, मीनापुर बलहा, बसहिया शेख, नयागांव, रामपुर यदु और फुलकाहां सहित विभिन्न क्षेत्रों की मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समय पर ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी नमाज के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश फैला। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने परंपरागत तरीके से कुर्बानी भी दी, जो त्याग, समर्पण और इंसानियत का प्रतीक है। कुर्बानी के बाद जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया गया, जिसने सामाजिक सद्भाव और मानवता की मिसाल पेश की। पर्व के अवसर पर कई स्थानों पर मेलों का भी आयोजन हुआ, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने चाट, पकौड़े और आइसक्रीम का लुत्फ उठाते हुए पर्व की खुशियां बांटी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था पर्व के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने स्वयं जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के सौ से अधिक स्थानों पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। लचकापुल स्थित ईदगाह पर एसडीओ अविनाश कुणाल, एसडीपीओ अनुशील कुमार, नगर सभापति राजन नंदन सिंह, सीओ पल्लवी ठाकुर, सदर थानाध्यक्ष रणधीर कुमार सिंह और महिला थानाध्यक्ष कल्याणी कुमारी पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे। पूरे जिले में भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और एकता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जिसने बकरीद के वास्तविक संदेश को और अधिक सशक्त किया।
गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने हावड़ा और नई दिल्ली के बीच दो जोड़ी समर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का ठहराव झाझा स्टेशन पर होगा, जिससे जमुई जिले के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दिल्ली और हावड़ा जाने वाले यात्रियों को अब अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। ट्रेन संख्या 04048 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल 28 मई 2026 को नई दिल्ली से शाम 6:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 11:40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन संख्या 04047 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 30 मई 2026 को हावड़ा से रात 1:40 बजे खुलेगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में झाझा-जसीडीह रुकेगी यह ट्रेन दोनों दिशाओं में पटना, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल और दुर्गापुर सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। झाझा स्टेशन पर ठहराव से जमुई जिले के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 04050 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल 30 मई 2026 को नई दिल्ली से रवाना होगी, जबकि ट्रेन संख्या 04049 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 1 जून 2026 को हावड़ा से चलेगी। इस ट्रेन का भी ठहराव झाझा, किऊल, पटना, जसीडीह, मधुपुर, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। वातानुकूलित कोच की सुविधा उपलब्ध रेलवे ने बताया कि दोनों समर स्पेशल ट्रेनों में सामान्य द्वितीय श्रेणी, शयनयान श्रेणी और वातानुकूलित कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन विशेष ट्रेनों के परिचालन से जमुई और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ को स्वच्छ और आधुनिक बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक और बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और मेयर सुषमा खर्कवाल ने जोन-4 के भैंसोरा में बने FCTS प्लांट का उद्घाटन किया। करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बने इस प्लांट में रोजाना 150 टन कूड़े का निस्तारण किया जा सकेगा। इसके साथ ही यहां पर इलेक्ट्रिक कूड़ा गाड़ियां भी चार्ज होंगी। 3 तस्वीरें देखिए… बोले शहर को स्वच्छ बनाने के लिए हो रहा काम मंत्री एके शर्मा ने कहा कि लखनऊ को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने के लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर नजर न आएं और रोजाना कचरे का सही निस्तारण हो। शहर में पानी निकासी, नाली और जलभराव की समस्याओं को दूर करने के लिए भी तेजी से काम हो रहा है। फैजुल्लागंज में लंबे समय से लंबित नाले का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि किला मोहम्मदी नाले का काम जल्द शुरू होगा। वहीं, मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि शहर को इस बार स्वच्छता रैंकिंग में और बेहतर करना है। इसके लिए हम सब काम कर रहे हैं। इसमें नगर निगम के सफाई कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों की भी सराहनीय भूमिका है। खुले में कूड़ा इक्कठा होने से मिलेगा छुटकारा नगर निगम की ओर से शहर के 8 जोन में कुल 51 जगहों पर PCTS और FCTS प्लांट बनाए जा रहे हैं। इनमें 24 जगहों पर काम पूरा हो चुका है, 15 स्थानों पर निर्माण जारी है और बाकी 12 जगहों पर जल्द काम शुरू होगा। भैंसोरा प्लांट शुरू होने से भरवारा, मल्हौर, खरगापुर और गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था और बेहतर होगी। इससे आसपास के गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स भी खत्म किए जा सकेंगे। 150 इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग की व्यवस्था लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में बनाए गए परिसर में 150 वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था की गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त परिसर में हरियाली एवं ग्रीन बेल्ट के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यहां अब तक लगभग 4000 पौधों का रोपण किया जा चुका है।
डिमिया बांध पर डिसिल्टिंग कार्य का शुभारंभ:जल पूजन से हुआ आगाज, पानी बचाने की लोगों को दिलाई शपथ
डूंगरपुर जिले में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत डिमिया बांध पर डिसिल्टिंग कार्य का शुभारंभ किया गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जल संकट से निपटने और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से यह पहल की है। इस दौरान जल पूजन कर आमजन को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से जल पूजन के साथ हुई। विभाग ने बांध की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 'डिसिल्टिंग' (गाद हटाने) का कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत बांध से गाद हटाने का काम लगातार जारी रहेगा, ताकि आगामी मानसून में अधिक से अधिक पानी का संचय किया जा सके। पानी को व्यर्थ नहीं बहाने और संरक्षण की शपथ दिलाईइस अवसर पर कलेक्टर देशल दान सहित अन्य अधिकारियों ने जल संरक्षण में आम जनता की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आम नागरिकों और ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूंद का महत्व समझाया और उन्हें जल को व्यर्थ नहीं बहाने तथा उसके संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सरपंच ने क्षेत्र की कुछ प्रमुख समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। उन्होंने बांध के समीप पानी रोकने के लिए नए 'एनीकट' बनाने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए नई सड़क निर्माण की मांग की। कलेक्टर ने इस संबंध में जल्द ही उचित विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, सभी स्थानीय विभागों को जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को अभियान के रूप में लेकर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
ईद उल अजहा पर मौलाना मुमताज अहमद कासमी और सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने दिया भाईचारे का संदेश
ईद उल अजहा (बकरीद) के अवसर पर प्रमुख धार्मिक नेताओं ने इंसानियत, त्याग, भाईचारे और शांति का संदेश दिया। मौलाना मुमताज अहमद कासमी ने कहा कि इस्लाम का सबसे बड़ा संदेश 'तौहीद' है,
मऊगंज में गोवंश बचाने के प्रयास में बाइक फिसली:चालक सहित तीन घायल, सीएचसी नईगढ़ी में एडमिट
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक सड़क हादसे में तीन लोग घायल हो गए। सुमेदा गांव के पास एक तेज रफ्तार बाइक आवारा गोवंश को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों की पहचान खैरागढ़ निवासी प्रमोद साकेत (21 वर्ष), पहाड़ी निवासी मनोज साकेत (30 वर्ष) और करह उर्फ खैरागढ़ निवासी अनीता साकेत (30 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों बाइक से दुवहा गांव इलाज कराने गए थे और वापस लौट रहे थे। वापसी के दौरान सुमेदा गांव के पास अचानक सड़क पर गोवंश आ गया। गोवंश को बचाने की कोशिश में बाइक चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे बाइक फिसल गई। इस हादसे में तीनों घायलों को सिर, कंधे और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और अन्य साधनों की मदद से घायलों को नईगढ़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर आर.के. पाठक ने बताया कि तीनों घायलों का उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को श्रीगंगानगर में भीषण गर्मी ने नया रिकॉर्ड बना दिया। जिले का अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके बाद श्रीगंगानगर दुनिया के सबसे गर्म शहरों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। पाकिस्तान के जैकोकाबाद में 49 डिग्री तापमान के साथ पहला स्थान रहा। सुबह 10 बजे ही तापमान 40 डिग्री पार पहुंच गया और दोपहर तक शहर की सड़कें और बाजार लगभग खाली नजर आने लगे। सुबह से शुरू हो गई तेज गर्मी गुरुवार सुबह से ही गर्म हवाओं का असर शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। दोपहर में सड़कें और बाजार सुनसान नजर आए और लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। भीषण गर्मी के बीच कई लोग राहत के लिए नहरों में नहाने पहुंचे। फायर ब्रिगेड से कराया जा रहा पानी का छिड़काव नगर परिषद की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्सों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात की गई हैं। ये गाड़ियां लगातार सड़कों पर पानी का छिड़काव कर रही हैं ताकि लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार बढ़ा तापमान मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री दर्ज हुआ था। इससे पहले मंगलवार को न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 47 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। थार और बहावलपुर से आ रही गर्म हवाएं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार श्रीगंगानगर भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। इसके आसपास थार मरुस्थल और पाकिस्तान का बहावलपुर क्षेत्र होने के कारण मई-जून में जमीन तेजी से गर्म हो जाती है। विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाएं थार और बहावलपुर के रेतीले इलाकों से सूखी और तेज गर्मी लेकर आती हैं। इन्हीं हवाओं के कारण दोपहर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। पानी और बिजली संकट भी बढ़ा भीषण गर्मी के कारण जिले में पानी और बिजली संकट भी बढ़ गया है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली कटौती का दौर भी लगातार जारी है। कई इलाकों में रात के समय 10 से 15 बार बिजली गुल होने की शिकायत सामने आई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ईद-उल-अजहा पर गुरुवार सुबह शहरभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। इसी कड़ी में ताजमहल परिसर स्थित मस्जिद में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 8:45 बजे नमाज अदा हुई। ताज के साए में हजारों नमाजियों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। खास बात यह रही कि ईद के मौके पर ताजमहल को तीन घंटे के लिए निशुल्क रखा गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग परिसर तक पहुंचे। नमाज के दौरान एएसआई की टीम ने ताजमहल के मुख्य मकबरे के पास से सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। 10 हजार लोग पहुंचे, एक साथ पढ़ी नमाज भीषण गर्मी का असर इस बार नमाजियों की संख्या पर भी देखने को मिला। जहां ईद-उल-मिलाद के दौरान ताजमहल परिसर में 8 से 10 हजार तक लोग पहुंचे थे। बच्चों में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने भी नमाज अदा की। वहीं नाइजीरिया से आए पर्यटकों ने भी ताजमहल परिसर में ईद मनाई और नमाज अदा की। मस्जिद ताजमहल कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहिम उस्ताद जैदी ने बताया कि गर्मी ज्यादा होने की वजह से संख्या कम रही, हालांकि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। बकरे की तस्वीर वाला केक काटकर मनाया त्योहार ताजमहल के पूर्वी गेट के बाहर भी ईद की रौनक देखने को मिली। यहां विशेष सजावट की गई थी और कई स्टॉल्स पर लोगों ने खरीदारी की। सुबह से ही ताजमहल परिसर और उसके आसपास उत्सवी माहौल बना रहा। वहीं बकरीद से पहले शाहगंज क्षेत्र में एक अनोखी पहल भी चर्चा का विषय बनी रही। तिरंगा मंजिल शेरवानी मार्ग पर एडवोकेट गुल चमन शेरवानी ने बकरे की तस्वीर वाला केक काटकर जीव हत्या रोकने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि असली कुर्बानी अपने अंदर की बुराइयों को छोड़ना है। शेरवानी ने कहा कि अल्लाह को दिखावा नहीं, इंसान की नियत पसंद है। उन्होंने यह भी कहा कि अमीर लोग कुर्बानी नहीं, बल्कि दौलत की नुमाइश कर रहे हैं, जबकि भीख मांगकर खाने वाला इंसान भी अपनी नियत से असली कुर्बानी दे सकता है। शेरवानी परिवार की इस पहल की हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम में गोपाल चाहर, रवि दिवाकर, रमन गोला समेत कई लोगों ने पहुंचकर शुभकामनाएं दीं और इसे सामाजिक संदेश देने वाली पहल बताया।
जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बागोड़ा थाना पुलिस ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने गावड़ी गांव में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और बारूद बरामद किया गया। यह कार्रवाई मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। घर के पास बने कमरे से मिला हथियारों का जखीरा जानकारी के अनुसार ANTF टीम को सूचना मिली थी कि बागोड़ा थाना क्षेत्र के गावड़ी गांव में मोहब्बत सिंह नाम का व्यक्ति अवैध हथियार छिपाए हुए है। सूचना के बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बागोड़ा थाना पुलिस को भी साथ लिया गया। संयुक्त टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी, जहां तलाशी के दौरान घर के पास बने पतरों के कमरे से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया। बरामद हुआ अवैध सामान पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से 2 देशी टोपीदार एक नाली बंदूक, 1 देशी 12 बोर कट्टा (पिस्टलनुमा), 1 जिंदा कारतूस तथा 35 परकैप्शनकैप (आघात टोपी) और बारूद बरामद किया गया। बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी मौके से गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी मोहब्बत सिंह (42) पुत्र मोड सिंह, जाति राजपूत, निवासी गावड़ी थाना बागोड़ा, जिला जालोर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई में ANTF टीम और बागोड़ा थाना पुलिस की विशेष भूमिका रही। सफल कार्रवाई पर टीम को मिलेगा सम्मान ANTF राजस्थान (जयपुर) के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीमों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को एक्टिव दिखे। वो सुबह-सुबह डिप्टी सीएम विजय चौधरी के आवास पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने विजय चौधरी से कहा कि, शाम में घर आइए और एक-एक चीज बताइए क्या हो रहा है। दरअसल, विजय चौधरी से मुलाकात के नीतीश कुमार अपनी गाड़ी की बढ़ने लगे। अचानक उन्होंने अपनी सुरक्षाकर्मियों को रुकने का इशारा किया। नीतीश कुमार भी अपनी गाड़ी के पास जाकर रुक गए। विजय चौधरी भी नीतीश कुमार के पास पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच खड़े होकर बात हुई। उसके बाद नीतीश कुमार गाड़ी में बैठने लगे। गाड़ी में बैठते हुए नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से कहा कि, आप शाम में आइए और एक-एक चीज बताइए कि क्या हो रहा है और क्या नहीं। अचानक जदयू दफ्तर पहुंचे, गायब मिले तीनों मंत्री डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम अचानक जदयू दफ्तर पहुंच गए। जदयू दफ्तर में रोजाना 3 मंत्रियों के जनसुनवाई का कार्यक्रम होता है। आज मंत्री अशोक चौधरी,मदन सहनी और मंत्री श्वेता गुप्ता को जनसुनवाई में पहुंचना था, लेकिन जब नीतीश कुमार जदयू दफ्तर पहुंचे तीनों मंत्री में से कोई भी मंत्री मौजूद नहीं थे। भागे-भागे पार्टी दफ्तर पहुंचे अशोक चौधरी नीतीश कुमार के जदयू दफ्तर से निकलने से कुछ वक्त पहले अशोक चौधरी भागे-भागे पार्टी कार्यालय आए। वो नीतीश कुमार की गाड़ी के पास गए और पूर्व सीएम से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि जब नीतीश कुमार का काफिला पार्टी कार्यालय से बाहर निकल रहा था तब अशोक चौधरी उनकी गाड़ी के पास पहुंचे और हाथ जोड़कर अभिवादन किया। हालांकि नीतीश कुमार की गाड़ी लगातार आगे बढ़ती रही। कार्यकर्ताओं से बोले- चिंता मत कीजिए करीब 10 मिनट तक पार्टी कार्यालय में रुकने के दौरान नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चिंता मत कीजिए काम करते रहिए सब कुछ ठीक हो रहा है।
झुंझुनूं उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम भुगतान नहीं करने के मामले में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की है। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनियों का वैधानिक और नैतिक दायित्व है कि वे उपभोक्ताओं को पॉलिसी की शर्तें सरल और स्पष्ट भाषा में समझाएं। आयोग ने कंपनी और एसबीआई लुहारू शाखा को सेवा में कमी और उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना का दोषी मानते हुए क्लेम राशि, ब्याज, हर्जाना और कानूनी खर्च देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने दिए भुगतान के आदेश यह फैसला आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील और सदस्य प्रमेन्द्र कुमार सैनी की पीठ ने सुनाया। आयोग ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी और एसबीआई की लुहारू शाखा को संयुक्त रूप से आदेश दिया कि पीड़ित को इलाज पर खर्च हुए 3 लाख 94 हजार 194 रुपए का भुगतान किया जाए। यह राशि 20 फरवरी 2018 से वास्तविक भुगतान की तारीख तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के एवज में 45 हजार रुपए हर्जाना तथा 5 हजार 500 रुपए कानूनी खर्च के रूप में देने के आदेश दिए गए। सूरजगढ़ निवासी ने किया था परिवाद सूरजगढ़ तहसील के गांव पीपली निवासी प्रदीप कुमार ने जिला आयोग में परिवाद पेश किया था। प्रदीप कुमार का खाता भारतीय स्टेट बैंक की लुहारू शाखा में था। बैंक के माध्यम से उन्होंने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की समूह स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 10 दिसंबर 2016 से 9 दिसंबर 2017 तक प्रभावी थी, जिसके लिए उन्होंने 3 हजार 600 रुपए प्रीमियम जमा कराया था। बीमारी के बाद हुआ ऑपरेशन बीमा अवधि के दौरान जुलाई 2017 में प्रदीप कुमार को हार्ट की बीमारी हो गई। गंभीर हालत में उन्हें जयपुर के फोर्टिस एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन और वाल्व ट्रांसप्लांट किया गया। इलाज, दवाइयों और हॉस्पिटल खर्च सहित कुल 3 लाख 94 हजार 194 रुपए खर्च हुए। कंपनी ने खारिज कर दिया क्लेम इलाज के बाद प्रदीप कुमार ने सभी बिल और जरूरी डाक्यूमेंट्स बीमा कंपनी को सौंपकर क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने क्लेम पास नहीं किया। बाद में कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि जरूरी डाक्यूमेंट्स प्राप्त नहीं हुए। मामला आयोग पहुंचने पर कंपनी ने क्षेत्राधिकार और अन्य तकनीकी आपत्तियां भी उठाईं। आयोग ने तकनीकी आपत्तियां खारिज कीं आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बीमा कंपनी की आपत्तियों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत परिवादी अपने निवास क्षेत्र वाले आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है। चूंकि प्रदीप कुमार झुंझुनूं जिले के निवासी हैं और पॉलिसी में भी यही पता दर्ज है, इसलिए झुंझुनूं आयोग को मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। आयोग ने रिकॉर्ड की जांच के बाद माना कि उपभोक्ता ने हॉस्पिटल के सभी मूल बिल और रसीदें समय पर जमा कराई थीं। कंपनी के पास क्लेम रोकने का कोई ठोस आधार नहीं था। आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कानूनी मुद्दों पर निर्णय होने के बाद भी बार-बार तकनीकी आपत्तियां उठाना न्याय प्रक्रिया को लंबा खींचने जैसा है। उपभोक्ता कानून का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।
कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच विवादास्पद वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है। इसकी वजह से केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी टी. वीणा पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के एक युवक की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। युवक ट्रक ड्राइवर था। हादसे के दौरान उसका ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं और इसके लिए फंड भी जुटाया जा रहा है। गांव बालरागड़ान निवासी गौरव कुमार अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए उसके पिता रामफल ने जमीन तक बेच दी और कर्ज भी लिया। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। गौरव डंकी रूट से कई महीनों में अमेरिका पहुंचा था। काम बदलने के बाद दोबारा ट्रक चलाना शुरू किया अमेरिका पहुंचने के बाद गौरव ने शुरुआत में करीब छह महीने तक ट्रक चलाया। बाद में वह एक स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन वहां इनकम कम होने के कारण उसने फिर से ट्रक चलाने का फैसला लिया। परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक हालत सुधरेगी। 26 मई को आखिरी बार घर किया था कॉल जानकारी के अनुसार, 26 मई को गौरव ट्रक लेकर निकला था। रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका और उसने घर फोन कर बताया कि वह ट्रक चला रहा है और कुछ देर बाद फिर बात करेगा। यह कॉल उसकी जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत रेस्टोरेंट से निकलने के बाद वह कुछ ही दूरी चला था कि अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 27 मई को दोपहर करीब ढाई बजे परिवार को फोन आया, जिसमें पुलिस ने हादसे और मौत की जानकारी दी। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता रामफल ने बताया कि गौरव हर सुबह करीब 8 बजे घर फोन करता था और परिवार के सभी सदस्यों से बात करता था, लेकिन 26 मई की कॉल आखिरी साबित हुई। शव को भारत लाने के लिए फंड जुटा रहा परिवार गौरव का पार्थिव शरीर अभी अमेरिका में ही है। परिवार उसे भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके। इसके लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है और सरकार से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।
शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने इलाज के दौरान डॉक्टर पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति के साथ पहुंची थानेमहिला थाना पुलिस के अनुसार पीड़िता अपने पति के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि 21 मई 2026 को सुबह करीब 11 बजे उसके पेट में दर्द हुआ था। इसके बाद पति गांव के रहने वाले डॉक्टर जितेंद्र को इलाज के लिए घर लेकर आए थे। छेड़छाड़ और धमकी का आरोपमहिला का आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने उसके पति को गर्म पानी लाने के लिए रसोई में भेज दिया। इसी दौरान डॉक्टर ने उसके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की और गले लगाने की कोशिश की। शोर मचाने पर पति मौके पर पहुंच गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जाते समय डॉक्टर ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। थाने में दर्ज हुआ मामलामहिला ने बताया कि घटना के समय उसके सास-ससुर गांव से बाहर थे। उनके लौटने के बाद पूरी घटना बताई गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। महिला थाना प्रभारी आशा सोलंकी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
बकरीद को लेकर बड़ी ईदगाह पहुंचे 1000 लोग:मोतिहारी में नमाज अदा के बाद अब कुर्बानी शुरू
मोतिहारी में त्याग और बलिदान का पर्व बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। शहर की बड़ी ईदगाह सहित जिले के विभिन्न ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में नमाज अदा की। नमाज के बाद कुर्बानी की प्रक्रिया शुरू हुई। बड़ी ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। नमाज के दौरान लोगों ने देश और समाज में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती पर्व के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात स्वयं कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। बड़ी ईदगाह सहित जिले के सभी प्रमुख स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। बकरीद त्याग और बलिदान का पर्व - DM और SP डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से बताया कि बकरीद त्याग और बलिदान का पर्व है, जिसे शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि पर्व से पहले जिले में फ्लैग मार्च और क्षेत्र भ्रमण किया गया था। असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी थी, जिससे सुरक्षा का माहौल बना रहा। प्रशासन की सख्ती और जिले के लोगों के सहयोग से पूरे जिले में बकरीद का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने जिलेवासियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी आपसी भाईचारे को बनाए रखने की अपील की।
राजस्थान हाईकोर्ट में आज से समर वैकेशन की शुरुआत हो गई हैं। ऐसे में अब करीब 32 दिन हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जोधपुर और जयपुर बैंच में नियमित सुनवाई नहीं होगी। अब हाईकोर्ट 29 जून को खुलेंगे। हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार- हाईकोर्ट में 1 से 28 जून तक समर-वैकेशन रहेगा। 28 मई को आज बकरा ईद का अवकाश है। 30 और 31 मई को शनिवार-रविवार के चलते हाईकोर्ट बंद रहेंगे। वहीं 29 मई को हाईकोर्ट प्रशासन ने छुट्टी घोषित की हैं। ऐसे में आज से ही हाईकोर्ट में समर वैकेशन की शुरुआत मानी जा रही हैं। समर वैकेशन के दौरान हाईकोर्ट में केवल अर्जेंट नेचर के केस ही लगेंगे। इनकी सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में वैकेशन बैंचों का गठन किया गया हैं। जयपुर पीठ में 3 और जोधपुर में 2 बैंच करेगी सुनवाई हाईकोर्ट प्रशासन की अधिसूचना के अनुसार- मुख्य पीठ जोधपुर में एक सिंगल और एक डिवीजन बैंच अर्जेंट नेचर के कैसेज की सुनवाई करेगी। वहीं जयपुर पीठ में 2 सिंगल और एक डिवीजन बैंच का गठन जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए किया गया हैं। जयपुर पीठ में वैकेशन बैंच सिंगल बैंच डिवीजन बैंच जोधपुर पीठ में वैकेशन बैंच सिंगल बैंच डिवीजन बैंच
औरंगाबाद में 13 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी पिता और सतौली मां पर है। शव घर से 7 किलोमीटर दूर नदी किनारे दफना दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पिता राजेश चौधरी उर्फ मुंगड़ी चौधरी और सौतेली मां मंजू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान खेसरिया कुमार(13) के तौर पर हुई है। घटना उपहारा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने बुधवार की रात अरवल जिले के बंशी थाना क्षेत्र स्थित पुनपुन नदी के बालू घाट से किशोर का शव बरामद किया। ग्रामीणों की सूचना पर अरवल प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में दंडाधिकारी के समक्ष शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि शव को नदी तक पहुंचाने में बाइक का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही एक स्कॉर्पियो के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। पुलिस दोनों वाहनों की तलाश में जुटी हुई है। झगड़े के बाद मारपीट की बात आई सामने थानाध्यक्ष आकाश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह घरेलू विवाद और सौतेली मां से झगड़ा सामने आया है। खेसरिया का अपनी सौतेली मां मंजू देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। रिश्ते में मंजू देवी बच्चे की मौसी भी लगती है। झगड़े की शिकायत अपने पति मुंगड़ी चौधरी से की थी। इसके बाद पिता ने बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट के बाद धूप में छोड़ दिया ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक आरोपी पिता ने कड़ी धूप में बच्चे को लाठी और डंडों से पीटा। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि किशोर गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वह लगातार अपनी जान की भीख मांगता रहा, लेकिन पिता का दिल नहीं पसीजा। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई। आरोप है कि घायल बच्चे का इलाज कराने के बजाय उसे धूप में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती चली गई। शव को छिपाने की साजिश रची गई और उसे पुनपुन नदी किनारे बालू में दफना दिया गया। हालांकि ग्रामीणों को शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद मामला उजागर हुआ। दादी ने बताया आत्महत्या का मामला परिवार के अंदर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। मृतक की दादी सोनमटिया देवी ने दावा किया है कि किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। घर में एक ताला नहीं मिलने को लेकर पहले मां और बेटे के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मंजू देवी ने इसकी शिकायत अपने पति से की। शिकायत सुनने के बाद मुंगड़ी चौधरी ने खेसरिया की पिटाई की। उसके हाथ-पैर बांधकर गर्म बालू पर सुला दिया। दादी के अनुसार कुछ देर बाद सौतेली मां मंजू देवी वहां पहुंची और उसने भी किशोर की पिटाई की। बाद में खेसरिया किसी तरह अपने हाथ खोलकर भूसा घर में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की भी जांच कर रही है। बहन का आरोप- बेरहमी से मारा गया है वहीं, मृतक की बहन मुन्नी कुमारी ने माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि वह अपने ननिहाल खैरा गांव में रहती है। भाई की मौत की सूचना मिलने के बाद घर पहुंची। मुन्नी के अनुसार उसके माता-पिता अक्सर खेसरिया के साथ मारपीट करते थे। घटना वाले दिन भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। पहली पत्नी की हत्या का भी आरोप ग्रामीणों के बीच आरोपी मुंगड़ी चौधरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि उसने अपनी पहली पत्नी की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मौत के बाद उसने अपनी साली मंजू देवी से दूसरी शादी कर ली थी। हालांकि उस समय किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ चल रही है, जल्द ही सच सामने आएगा। फिलहाल चौकीदार महबूब आलम के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस हत्या, आत्महत्या और शव छिपाने सहित सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस एसडीपीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। फिलहाल सौतेली मां और पिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
सहरसा में इबोला वायरस को लेकर हाई अलर्ट:अस्पतालों में आइसोलेशन बेड तैयार, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे घातक इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। इसके बाद सहरसा जिला स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने संक्रमण की रोकथाम और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत आइसोलेट करने के लिए सदर अस्पताल में पांच बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो आइसोलेशन बेड तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। संपर्क में आने वाले लोगों की भी निगरानी की जाएगी इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण नियंत्रण, पीपीई किट के इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग अफ्रीकी देशों जैसे कांगो, युगांडा, केन्या, रवांडा, तंजानिया और नाइजीरिया से लौटने वाले लोगों पर विशेष नजर रख रहा है। उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भी निगरानी की जाएगी। अंगों के फेल होने का खतरा भी विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी-दस्त के साथ रक्तस्राव शामिल हैं। गंभीर स्थिति में शरीर के अंदर और बाहर रक्तस्राव तथा अंगों के फेल होने का खतरा भी रहता है। घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील सिविल सर्जन ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वायरस हवा से नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने, भीड़भाड़ से बचने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत नजदीकी अस्पताल को सूचना देने की सलाह दी गई है।
चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड (SCCL) के 116 करोड़ रुपए के फंड घोटाले मामले में सीबीआई जांच तेज हो गई है। सीबीआई कोर्ट ने पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक के हस्ताक्षर और हैंडराइटिंग सैंपल लेने की सीबीआई की अर्जी मंजूर कर ली है। नलिनी मलिक फिलहाल इस मामले में सीबीआई रिमांड पर हैं। यह मामला पहले सेक्टर-17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसे बाद में यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की सिफारिश पर सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने अदालत में कहा कि आगे की जांच के लिए आरोपी के हस्ताक्षर और हैंडराइटिंग सैंपल जरूरी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सीबीआई जज ने कहा कि आरोपी ने अपने सैंपल देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। इस संबंध में उनका बयान अलग से दर्ज किया गया। बैंक खातों से जुड़ी फाइलों से होगा मिलान जांच एजेंसी अब सभी आरोपियों की हैंडराइटिंग और हस्ताक्षरों का मिलान मूल नोटशीट, फाइलों और बैंक दस्तावेजों से कर रही है। इनमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, अन्य बैंकों में खोले गए खातों के संचालन और बंद किए जाने से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। सीबीआई का मानना है कि इन दस्तावेजों के मिलान से घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। नलिनी की सीबीआई कोर्ट में अर्जी गिरफ्तार पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक अब सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। बुड़ैल जेल में बंद नलिनी ने वार्डर के जरिए सीबीआई कोर्ट को अर्जी भेजकर जांच में शामिल होने की इच्छा जताई। अर्जी में नलिनी ने कहा है कि यदि उसे सरकारी गवाह बनाया जाता है तो वह स्मार्ट सिटी घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वह नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कई बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी जानकारी देने को तैयार है। सीबीआई कोर्ट ने इस अर्जी पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। अब देखना होगा कि नलिनी मलिक को सरकारी गवाह बनाने पर सहमत होती है या नहीं। जानिए क्या है पूरा स्कैम प्रोजेक्ट के पैसे शेल कंपनियों से निवेश किएः जांच के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद बैंक खाते में जमा रकम नगर निगम के खाते में ट्रांसफर होनी थी। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने रकम निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश कर दिया। नगर निगम को लगाई चपतः जहां नगर निगम के खाते में करोड़ों रुपए आने थे, वहां केवल 81.20 रुपए ही ट्रांसफर हुए। बाकी रकम कथित तौर पर आरोपियों ने आपस में बांट ली। नलिनी मलिक ने फर्जी एफडी तैयार कीः सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि नलिनी मलिक समेत अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मियों ने मिलकर 11 फर्जी एफडी तैयार की थीं, ताकि किसी को गड़बड़ी का शक न हो। बाद में इन्हीं एफडी के जरिए रकम को अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया गया।
मैहर शहर के वार्ड क्रमांक 15 में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर के बाथरूम की नाली से नाग के बच्चे निकलते दिखाई दिए। घटना भाजपा खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक पारसनाथ तिवारी के निवास पर हुई। परिवार के एक सदस्य के बाथरूम जाने पर नाली के पास एक सपोला दिखा, जिसके बाद शोर मच गया। मौके पर जांच करने पर पता चला कि नाली के भीतर बड़ी संख्या में नाग के बच्चे मौजूद थे। कुल 15 सपोले वहां पाए गए। सर्प मित्र ने किया रेस्क्यूघटना की जानकारी मिलने पर सर्प मित्र गफ्फार खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक सभी सपोलों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में सभी नाग के बच्चों को डिब्बे में रखकर जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। नाली और पाइपलाइन से पहुंचने की आशंकापारसनाथ तिवारी ने बताया कि घर के बाहर लगा वॉशबेसिन पहले चोक हो गया था। उससे जुड़ी पाइपलाइन खुली रह गई थी, जिसे बाद में बंद करना भूल गए। आशंका है कि इसी रास्ते से नाग के बच्चे बाथरूम तक पहुंच गए।
जयपुर स्थित गुप्त वृंदावन धाम में आयोजित भव्य 108 माला महाजप यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। करीब 400 भक्तों ने लगातार 14 घंटे तक अखंड हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करते हुए 7.46 करोड़ से अधिक मंत्रोच्चार पूरे किए। दरअसल, जयपुर में 8 साल बाद ज्येष्ठ मास में आए विशेष अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 108 माला हरे कृष्ण महामंत्र महाजप यज्ञ आयोजित हुआ। गुप्त वृंदावन धाम में चल रही माहव्यापी कथा और आध्यात्मिक आयोजनों के अंतर्गत पद्मिनी एकादशी परलगभग 3 वर्षों बाद आई इस दुर्लभ पद्मिनी एकादशी के कारण आयोजन का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया। इस विशेष आयोजन में ग्लोबल हरे कृष्ण मूवमेंट और अक्षय पात्र फाउंडेशन के चेयरमैन परम पूज्य मधु पंडित प्रभुजी ने भक्तों को “सोलफुल जप” अर्थात ध्यानपूर्वक और भावपूर्ण हरिनाम जप का अभ्यास करवाया और सभी साधकों को 108 माला जप के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन गुप्त वृंदावन धाम में पूरे पुरुषोत्तम मास के दौरान चल रही कथा श्रृंखला और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के अंतर्गत सम्पन्न हुआ। आयोजन इस्कॉन बेंगलुरु मंदिर समूह के चेयरमैन मधु पंडित प्रभुजी के मार्गदर्शन और ओमप्रकाश मोदी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पुरुषोत्तम मास में रोजाना कथा, हरिनाम संकीर्तन, जप, आरती और कई वैदिक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 7.46 करोड़ से ज्यादा हरिनामों का हुआ सामूहिक जप पद्मिनी एकादशी के इस विशेष महाजप यज्ञ में देश-विदेश से 400 से अधिक भक्तों ने सहभागिता की। वहीं जयपुर शहर से भी बड़ी संख्या में साधक मौजूद रहे। भक्तों ने सुबह करीब 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक लगातार 14 घंटे से ज्यादा समय तक बैठकर अखंड हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया। हर साधक ने 108 माला जप का संकल्प लिया। एक माला में 108 महामंत्र होते हैं। इस प्रकार 108 माला जप करने पर प्रत्येक साधक ने 11,664 महामंत्रों का जप किया। एक महामंत्र में भगवान के 16 पवित्र नाम होने से प्रत्येक साधक ने कुल 1,86,624 हरिनामों का जप किया। सामूहिक रूप से 400 से अधिक साधकों द्वारा लगभग 7.46 करोड़ से अधिक हरिनामों का जप किया गया। पूरे दिन गुप्त वृंदावन धाम परिसर हरिनाम संकीर्तन और महामंत्र जप की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान रहा। हरिनाम जप मानसिक शांति का सरल उपाय अपने संदेश में मधु पंडित प्रभुजी ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, अशांति एवं भौतिक व्यस्तताओं से मुक्ति पाने का सबसे सरल और प्रभावशाली उपाय भगवान के पवित्र नामों का जप है। उन्होंने कहा कि ध्यानपूर्वक हरे कृष्ण महामंत्र का जप व्यक्ति के हृदय को शुद्ध कर जीवन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान मंगल आरती, श्रील प्रभुपाद वचनों का पाठ, दर्शन आरती, गुरु पूजा और सामूहिक जप सत्र भी आयोजित किए गए। कई भक्त जूम और यूट्यूब लाइव के माध्यम से भी इस महाजप यज्ञ से जुड़े। गुप्त वृंदावन धाम अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह विशेष महाजप यज्ञ समाज में आध्यात्मिक जागृति, हरिनाम संकीर्तन एवं वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
किशनगंज जिले के सभी सातों प्रखंडों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इस दौरान जिले भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला प्रशासन और पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक बंदोबस्त किए थे। अफवाहों पर रोक लगाने और शांति सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी गई। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाले पर्व से पहले ठाकुरगंज, कोचाधामन, बहादुरगंज, पोठिया और पहाड़कट्टा सहित जिले के विभिन्न थानों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में लोगों से सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाले। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार हजरत इब्राहिम द्वारा दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर लोगों ने अल्लाह की राह में बकरे की कुर्बानी दी और उसका गोश्त गरीबों व जरूरतमंदों में बांटा। बकरियों की खरीद-बिक्री के लिए भारी भीड़ पर्व से पहले जिले के सभी स्थानीय बाजारों में मवेशियों, विशेषकर बकरियों की खरीद-बिक्री के लिए भारी भीड़ देखी गई, जिससे व्यवसाय में भी काफी इजाफा हुआ। इस अवसर पर ठाकुरगंज में पूर्व मंत्री सह उर्दू परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष नौशाद आलम ने अपने पैतृक गांव पहुंचकर क्षेत्रवासियों के साथ ईद की नमाज अदा की। उन्होंने अमन, भाईचारा और खुशहाली की दुआ मांगी। नौशाद आलम ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व है, जो समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है। श्री आलम ने सभी क्षेत्रवासियों से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। इस दौरान गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सिंचाई (यांत्रिक) विभाग में जूनियर इंजीनियरों के स्थानांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। विभागीय अधिकारियों पर स्थानांतरण नीति की अनदेखी, मनमाने तरीके से तबादले करने और गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों की मांगों को दरकिनार करने के आरोप लगे हैं। लखनऊ के संगठन कार्यालय में बैठक कर जूनियर इंजीनियर संघ ने इसे मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता नीति के खिलाफ बताया है। बीमार कर्मचारियों की मांगें भी अनसुनी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. गजेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से गंभीर बीमारी से पीड़ित जूनियर इंजीनियर और उनके आश्रित स्थानांतरण के लिए अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। वहीं ऐसे कर्मचारियों को भी ट्रांसफर सूची में शामिल किया गया है जिनकी सेवानिवृत्ति में दो साल से कम समय बचा है। संघ का कहना है कि मंडल और जनपद स्तर के पदाधिकारियों को स्थानांतरण नीति के तहत संरक्षण मिलना चाहिए था, लेकिन विभाग उन्हें भी तबादले की सूची में शामिल कर रहा है। इसे नीति के प्रावधानों का खुला उल्लंघन बताया गया है। काउंसलिंग सूची जारी करने में देरी पर नाराजगी कार्यकारी अध्यक्ष इं. राजकुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग हर बार की तरह इस बार भी काउंसलिंग सूची बेहद देर से जारी कर रहा है। केवल 36 घंटे पहले सूची जारी होने से दूरदराज जिलों में तैनात इंजीनियर समय पर पहुंचने में असमर्थ हैं। संघ ने आरोप लगाया कि पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर एक ही जनपद में तैनाती संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया। वहीं आकांक्षी जिलों में निर्धारित अवधि पूरी कर चुके इंजीनियरों के अनुरोधों को भी दरकिनार कर दिया गया। रिक्त पदों और ट्रांसफर आधार की जानकारी नहीं महासचिव इं. गोपी कृष्ण ने कहा कि विभाग ने काउंसलिंग सूची में स्थानांतरण का आधार तक स्पष्ट नहीं किया। रिक्त पदों की सूची भी समय से सार्वजनिक नहीं की गई। उनका आरोप है कि विभाग शासन और मंत्री स्तर से तथ्य छिपाकर स्थानांतरण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। संघ का कहना है कि ट्रांसफर सूची सार्वजनिक न करना और नियमों की अनदेखी करना पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। इंजीनियरों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई है।
खंडवा में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर की मुख्य ईदगाह समेत 40 मस्जिदों में मुस्लिम समाज ने सामूहिक नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस मौके पर शहर काजी सैयद निसार अली ने बड़ा बयान देते हुए देश में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए नमाजियों को पौधे भी बांटे गए। काजी बोले- गोवंश की आड़ में हिंसा करने वालों पर हो एक्शनशहर काजी सैयद निसार अली ने अपने बयान में कहा, पश्चिम बंगाल सरकार ने गोवंश की कुर्बानी पर रोक लगाई है। वहां के मुसलमानों ने एक कदम आगे बढ़कर कुर्बानी के लिए गोवंश की खरीदी ही बंद कर दी है। हमारे खंडवा में भी हिंदू भाइयों की भावनाओं के मद्देनजर सालों से यह बंद है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गोवंश का व्यापार करने वालों, इसकी आड़ में भीड़ द्वारा हिंसा (मॉब लिंचिंग) करने वालों और गाय को बेचने वालों पर भी सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए। देश में गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। गले मिलकर दी मुबारकबाद, घरों में दी गई कुर्बानीगुरुवार सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए लिबास पहनकर ईदगाह पहुंचने लगे थे। नमाज के बाद नमाज संदेश में आपसी सौहार्द, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद करने का आह्वान किया गया। लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में सुन्नत के अनुसार कुर्बानी की रस्म अदा की गई। पर्व को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया, वहीं बाजारों में भी सुबह से रौनक रही। ‘एक पेड़, वतन के नाम’, ईदगाह पर बांटे गए पौधेइस बार ईदगाह में एक अनोखी और सकारात्मक पहल भी देखने को मिली। नमाज खत्म होने के बाद लोगों को 'एक पेड़, वतन के नाम' के संदेश के साथ पौधे वितरित किए गए। इसका उद्देश्य शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस, मौजूद रहे आला अफसरत्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात के विशेष इंतजाम किए थे। नगर निगम ने भी ईदगाह और मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था की थी। इस दौरान अपर कलेक्टर काशीराम बड़ौले, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर, प्रशिक्षु आईपीएस अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, सीएसपी अभिनव बारंगे और नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर सचिन सिटोले मौके पर मौजूद रहे।

