लुधियाना के बहदुरके रोड नजदीक दाना मंडी में मुख्य सब्जी मंडी अब किसानों के लिए अखाड़ा बनती जा रही है। मंडी में सरेआम चल रही गुंडा टैक्स की वसूली और किसानों के साथ हुई मारपीट ने माहौल गरमा दिया है। किसान नेता दिलबाग सिंह की अगुवाई में आज किसानों ने प्रदर्शन करते हुए ठेकेदारों और पार्किंग मुलाजिमों के खिलाफ मोर्चा खोल का दावा कर दिया है। साग लेकर आए किसानों को लहूलुहान किया किसान नेता दिलबाग सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीते कल कुछ किसान भाई मंडी में साग बेचने के लिए लेकर आए थे। पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे मुलाजिमों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज की, बल्कि बेरहमी से मारपीट भी की। उनकी और से बताया गया कि हमारे किसान भाइयों पर कृपाण से हमला किया गया है। वे बुरी तरह घायल हुए हैं जिनका इलाज सिविल अस्पताल में कराया गया है। हमने मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है मंडी में 'पर्ची माफिया' का खेल: साइकिल और पैदल भी नहीं सुरक्षित किसानों का आरोप है कि मंडी में लंबे समय से ओवरचार्जिंग का खेल चल रहा है। हद तो तब हो गई जब साइकिल सवारों और पैदल चलने वाले मजदूरों से भी जबरन पर्ची काट कर पैसे वसूले जा रहे हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब मार्केट कमेटी के चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि किसानों से कोई पार्किंग शुल्क नहीं लिया जा सकता तो फिर ये वसूली भाई किसके दम पर गुंडागर्दी कर रहे हैं? आज होगी सर्जिकल स्ट्राइक सामने आएगा सच मामला बढ़ता देख किसान यूनियन ने आज मंडी में धावा बोलने (रेड करने) का फैसला किया है। किसान नेताओं का कहना है कि वे आज मौके पर जाकर देखेंगे कि ये पर्ची काटने वाले लोग कौन हैं और इन्हें किसका शह मिली हुई है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मेडिकल डिवाइस पार्क प्रोजेक्ट को बड़ी औद्योगिक सफलता मिली है। प्राधिकरण ने सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में शुक्रा फार्मास्युटिकल्स को 10 एकड़ जमीन आवंटित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट में 587 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 900 से अधिक प्रत्यक्ष और करीब 2,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। प्राधिकरण के अनुसार, यूनिट में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और स्किल डेवलपमेंट पर खास जोर रहेगा। इससे न केवल आयात पर निर्भरता घटेगी, बल्कि देश को किफायती और विश्वस्तरीय मेडिकल डिवाइस उपलब्ध हो सकेंगे। YEIDA CEO की मौजूदगी में सौंपा गया LoILoI सौंपे जाने के दौरान YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, शुक्रा फार्मास्युटिकल्स की ओर से ग्रुप सीईओ और ग्लोबल हेड डॉ. मीनाक्षी लाते, सीओओ गौरव शोकीन, वाइस प्रेसिडेंट अनिल कुमार वर्मा और बिजनेस यूनिट हेड कामिनी भारती उपस्थित रहीं। कैंसर के अत्याधुनिक इलाज पर रहेगा फोकसअधिकारियों के मुताबिक, शुक्रा फार्मास्युटिकल्स यहां एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी, जिसमें हाई-एंड और लाइफ-सेविंग मेडिकल टेक्नोलॉजी से संबंधित उपकरणों का निर्माण होगा। इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा बोरॉन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (BNCT) का उत्पादन होगा, जिसे जटिल कैंसर मामलों के इलाज के लिए दुनिया की सबसे उन्नत तकनीकों में गिना जाता है। रेडियोलॉजी से लेकर कार्डियक इम्प्लांट तक उत्पादनप्रस्तावित इकाई में सीटी स्कैनर, एमआरआई सिस्टम, पीईटी स्कैनर, एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड उपकरण जैसे रेडियोलॉजी व इमेजिंग उपकरण बनाए जाएंगे। इसके अलावा एनेस्थीसिया सिस्टम और आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर के लिए जरूरी रेस्पिरेटरी केयर सॉल्यूशंस का भी निर्माण होगा। कार्डियक केयर को मजबूत करने के लिए यहां हार्ट वाल्व, स्टेंट और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD) जैसे अत्याधुनिक कार्डियक इम्प्लांट भी तैयार किए जाएंगे। साथ ही वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का उत्पादन कर देश की रेस्पिरेटरी केयर क्षमता को मजबूती दी जाएगी। मेडिकल रोबोटिक्स और डायग्नोस्टिक में नई पहलपरियोजना में मेडिकल रोबोटिक्स भी बड़ा फोकस एरिया होगा। यहां सॉफ्ट टिश्यू सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, डेंटल और न्यूरो-स्पाइन सर्जरी के लिए रोबोटिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इन-विट्रो डायग्नोस्टिक डिवाइस, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग और एडवांस एनालाइजर भी बनाए जाएंगे।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के अतिरिक्त यातायात और भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए दो नई एक तरफा (वन-वे) स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये ट्रेनें पोरबंदर से जोधपुर और साबरमती से बीकानेर के बीच चलाई जाएंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए इन दोनों ट्रेनों का संचालन जनवरी और फरवरी में निर्धारित तारीखों पर किया जाएगा। पोरबंदर-जोधपुर स्पेशल 1 फरवरी को सीपीआरओ के अनुसार गाड़ी संख्या 09291, पोरबंदर-जोधपुर एक तरफा स्पेशल ट्रेन 1 फरवरी को रवाना होगी। यह ट्रेन पोरबंदर से शाम 19:40 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1 बजे जोधपुर पहुंचेगी। इस दौरान यह ट्रेन वांसजालिया जं., लालपुर जाम, जामनगर, हापा, राजकोट, वांकानेर, सुरेंद्रनगर, विरमगाम, महेसाना, पाटन, भीलडी, धनेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनवाल, जालोर और समदड़ी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। साबरमती-बीकानेर स्पेशल 30 जनवरी को इसी तरह, गाड़ी संख्या 09491, साबरमती-बीकानेर एक तरफा स्पेशल ट्रेन 30 जनवरी को साबरमती से शाम 17:50 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 6:30 बजे बीकानेर पहुंचेगी। रास्ते में यह रेलसेवा महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, मारवाड़ जं., जोधपुर और नागौर स्टेशनों पर रुकेगी। कोच की स्थिति रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पोरबंदर-जोधपुर स्पेशल में 6 द्वितीय शयनयान, 10 साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 18 डिब्बे होंगे। वहीं, साबरमती-बीकानेर स्पेशल ट्रेन में 12 द्वितीय शयनयान, 4 साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 18 डिब्बे लगाए जाएंगे।
राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक मामले में दायर याचिका को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आठ दिन तक चली सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश तृतीय एसीजेएम आलोक वर्मा ने यह फैसला सुनाया। भाजपा के सदस्य एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया था। उन पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जज ने कहा कि पूर्व में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी एक जैसे तथ्य पेश किए गए। वहां से कोई निर्णय नहीं हुआ। इस मामले में फैसला देना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। पूरी खबर पढ़ें... बागपत में ट्रक-बाइक की टक्कर, दो MBA छात्रों की मौत; दिल्ली से देहरादून घूमने गए थे बागपत में यमुना पुल पर बाइक और ट्रक की टक्कर हो गई। हादसे में दो MBA छात्रों की मौत हो गई। ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रही बाइक उससे टकरा गई। बाइक सवार दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने एक छात्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे छात्र को दिल्ली रेफर कर दिया गया। दूसरे छात्र ने भी दिल्ली में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों छात्र मध्य प्रदेश और झारखंड के रहने वाले थे। वो दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। किराए पर बाइक लेकर देहरादून घूमने गए थे। देहरादून से लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। पूरी खबर पढ़ें... एटा में पोस्ट लाइक करने पर छात्र को पीटा, दो शिक्षक बर्खास्त; FIR दर्ज एटा के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 6 के छात्र की टीचरों ने पिटाई कर दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि पिटाई से डरे छात्र ने यूरीन कर दिया। छात्र ने सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट लाइक की थी। इससे नाराज शिक्षकों ने उसे पीट दिया। छात्र ने स्कूल से घर लौटकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। छात्र के चेहरे पर थप्पड़ों के निशान थे। परिजनों ने पहले स्कूल प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। उनके खिलाफ FIR भी दर्ज हुई है। छात्र के पिता ने कहा- मेरे बच्चे को टार्चर किया गया है। हम चाहते हैं कि विद्यालय प्रशासन के खिलाफ जिला प्रशासन एक्शन ले। पढ़ें पूरी खबर...थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री ने कुशीनगर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए, विश्व शांति की कामना की थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री बोर्नवोर्नसाक उवानों ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध कुशीनगर में महापरिनिर्वाण स्थली दौरा किया। उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन किए, चीवर अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण की कामना की। उप प्रधानमंत्री मंगलवार को कुशीनगर पहुंचे थे। बुधवार सुबह उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर में विधिवत पूजा की। पूजा-अनुष्ठान का संचालन थाई के प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु फ्रा सोमदेज के नेतृत्व में किया गया। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिससे मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। दर्शन-पूजन के समय थाई प्रतिनिधिमंडल, बौद्ध भिक्षु और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी के 15 जिलों में मौसम विभाग ने घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। माैसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट आएगी। इसके आलावा दिन में धूप और शाम की सर्द हवाएं चलेंगी। 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभाव डाल सकता है, जिससे आगे मौसम और बिगड़ेगा। बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा - पश्चिमी विक्षोभ का असर अब समाप्त हो गया है। इस कारण अगले 48 घंटे में ठंड का असर देखने को मिलेगा। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम की तस्वीरें देखिए- बारिश, तेज हवा और ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसानकृषि विशेषज्ञों सिध्दार्थ सिंह ने बताया गेहूं की फसल गिरने से दानों का भराव प्रभावित होता है, जिससे उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। गन्ने की फसल भी काफी हद तक गिर गई है, जिससे गन्ने के खराब होने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। सरसों और सब्जियों की फसल को भी इस बारिश ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। खेतों में अधिक पानी भर जाने से सरसों की फलियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे दाना खराब होने का खतरा है। वहीं सब्जियों की फसलों में जलभराव के कारण गलन की समस्या बढ़ गई है। खासतौर पर सब्जी की खेती करने वाले किसानों को इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन जिलों में घने कोहरे का अलर्टकुशीनगर, महाराजगंज, सिध्दार्थ नगर,बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत। अगले 3 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
गोरखपुर का महज 5 साल का अश्विन त्रिपाठी उर्फ श्रीराम इन दिनों चर्चा में हैं। सीएम योगी की तरह ड्रेसिंग और बोलचाल देखकर एक समय के लिए योगी आदित्यनाथ भी हैरत में पड़ गए। एक कार्यक्रम में सीएम योगी से श्रीराम मिला था। वहां भगवा कलर के कपड़े में देखकर योगी ने उसे अपने पास बुलाया था। उससे एक मिनट तक बातचीत की थी। इसके बाद से ही घर बच्चे से मिलने रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ लग गई है। मां-बाप भी बेटे का टैलेंट देखकर गर्व कर रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि यह कोई सामान्य बच्चा नहीं है। श्रीराम के बारे में विस्तार से पढ़ें अश्विन त्रिपाठी उर्फ श्रीराम का घर गोरखनाथ क्षेत्र के महावीरपुरम कालोनी में है। पिता शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर हैं। मां सीमा त्रिपाठी भगवती देवी महाविद्यालय में टीचर हैं। शैलेंद्र के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी श्रेयशी त्रिपाठी और छोटा बेटा अश्विन उर्फ श्रीराम है। पिता शैलेंद्र ने बताया कि गोरखनाथ क्षेत्र के जीएन पब्लिक स्कूल में श्रेयशी त्रिपाठी क्लास 2 में पढ़ती है। जबकि वर्ष 2025 में श्रीराम का नर्सरी में एडिमशन कराया गया है। दो साल से वह सीएम को कर रहा फालो शैलेंद्र ने बताया कि 15 फरवरी 2021 को अश्विन उर्फ श्रीराम का जन्म हुआ था। वह जब 3 साल का था, तभी से टीवी में सीएम योगी को बड़े गौर से देखता था। कहीं भी सीएम का पोस्टर देखकर उन्हें पहचान लेता था। धीरे-धीरे वह सीएम की तरह मिमिक्री करने लगा। घर पर भी वह दिन भर सीएम की तरह हर बात कहता है कि गलत करोगे तो बुलडोजर चलवा दूंगा। स्कूल में भी क्लास में बच्चों से ऐसे ही बात करता है। पढ़ने भी अच्छा है। अयोध्या के श्रीराम की मूरत से मिलता है चेहरा घर पर सभी लोग भगवान श्रीराम में आस्था रखते हैं। बेटे के पैदा होने पर भी इसलिए उसको घर पर श्रीराम कहकर बुलाने लगे। इधर जबसे अयोध्या में भगवान राम की नई मूरत स्थापित हुई है। सभी लोग कहते हैं कि आपके बेटे का चेहरा उस मूरत से काफी मिलता जूलता है। मेरे रिश्तेदार भी यही कहते हैं। यह सब सुनकर बहुत अच्छा लगता है। श्रीराम के नाना शिवपति शुक्ला और नानी पुष्पा देवी प्रतिदिन बच्चे को स्कूल पहुंचाने जाते हैं। वहीं मामी विभा पांडेय का कहना है कि बहुत ही टैलेंटेड बच्चा है। घर पर चचेरे भाई आर्यश के साथ श्रीराम खेलता है। वह खुद धनुष लेकर श्रीराम बनता है, जबकि आर्यश लक्ष्मण बनता है। मां सीमा त्रिपाठी ने बताया कि सीएम से बच्चे की मुलाकात होने के बाद से ही लोग घर पर आ रहे हैं। सभी लोग बच्चे के साथ सेल्फी भी ले रहे हैं। स्कूल में बना था श्रीराम सीमा ने बताया कि बेटे के स्कूल में 14 नवंबर को कार्यक्रम हुआ था। जिसमे बेटा श्रीराम बना था। उसे सवाल जवाब भी किए गए थे। इसके बाद वह कार्यक्रम में अच्छा रोल निभाने के लिए पुरस्कार भी मिला था।
राहुल गांधी और उदित-राज के खिलाफ वाद की सुनवाई आज:बदायूं कोर्ट ने पेशी के लिए जारी किया था नोटिस
बदायूं में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज के खिलाफ दायर वाद में आज कोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत ने दोनों नेताओं को तलब करते हुए नोटिस जारी किया था। 29 जनवरी को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। यह शिकायत 3 मार्च 2025 को बदायूं निवासी अधिवक्ता एवं बसपा नेता जय सिंह सागर द्वारा दायर की गई थी। मायावती के खिलाफ दिया था आपत्तिजनक बयान शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉ. उदित राज ने राहुल गांधी के कहने पर बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। बयान में कथित रूप से कहा गया था कि मायावती का गला घोंटने का वक्त आ गया है। शिकायत में कहा गया है कि इस बयान के जरिए मायावती की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। उनके खिलाफ नफरत फैलाई गई और उनके समर्थकों को उकसाया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इस तरह की टिप्पणी से समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। 9 जनवरी को जारी हुआ था नोटिस मामले को मानहानिकारक, भड़काऊ और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाला बताते हुए शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण में एडीजे व स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम सिंघल की अदालत ने 9 जनवरी को राहुल गांधी और डॉ. उदित राज को नोटिस जारी किया था। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने बताया कि पार्टी की ओर से अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित होकर राहुल गांधी और डॉ. उदित राज का पक्ष रखेंगे।
कानपुर में 500 मीटर की दूरी में तीन जगह सड़क धंस चुकी है। रामबाग चौराहे पर 6 महीने से काम चल रहा है। बृहमनगर चौराहा से 70 मीटर की दूरी पर 6 महीने पहले रामबाग गुरुद्वारा के सामने सड़क धंस गई थी। 22 जनवरी को ईदगाह चौराहे पर 25 फिट गहराई में सड़क धंसी थी। 24 जनवरी 2025 को बृहमनगर चौराहे पर सड़क धंसी थी। रामबाग गुरुद्वारा और ईदगाह चौराहे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं। सड़क धंसने के कारण मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम ने 7 दुकान और घर के बाहर नोटिस चस्पा किए थे। अब इन लोगों को अपने घर छोड़कर रैन बसेरों में रहना होगा। लोगों को क्या-क्या दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं? नगर निगम की कार्यशैली को लेकर लोगों में आक्रोश क्यों है? नगर निगम के अफसर क्या कहते हैं? पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले बात करते हैं रामबाग गुरुद्वारा रोड़ की... बृहमनगर चौराहा से रामबाग गुरुद्वारा की दूरी महज 70 मीटर है। यहां पर 6 महीने पहले नाले की डाट धंस गई थी। जिसके बाद गुरुद्वारा के सामने सड़क धंस गई थी। अब यहां पर 6 महीने के बाद भी काम चल रहा है। इसके बाद हमने यहां स्थानीय लोगों से बात की। 6 महीने से गुरुद्वारा बंद यहां के रहने वाले रिंकू गुप्ता बताते है, इस सड़क पर 6 महीने से काम चल रहा है। इससे पहले कानपुर की एक टीम काम करने के लिए आई थी, उसने 1 महीने काम करने के बाद छोड़ के चली गई थी। अब दिल्ली की टीम आई है, ये टीम काम सही कर रही है। पहले नगर निगम की टीम लगी रही लेकिन वह काम ही नहीं कर पाई। गुरुद्वारा 6 महीने से बंद पड़ा हुआ है। न कोई आ रहा है न कोई जा रहा है। न ही वाहे गुरु की पूजा हो रही है। सुधीर ने बताया- सड़क धंसने से कारोबार चौपट हो गया सुधीर गुप्ता बताते है ये सड़क 7 महीने से बंद पड़ा हुआ है। धीरे धीरे काम में कुछ स्पीड आई है। लेकिन अब उधर (ईदगाह चौराहा) के पास सड़क धंसी है। अब पता नहीं ये काम कब तक चलेगा। काम धंधा सब चौपट हो गया है। 500 मीटर में 3 जगह सड़क धंसी हुई है। अगर सड़क जल्दी से बन जाए तो हमारे कष्ट दूर हो जाएंगे। सतवंत सिंह भाटिया बताते है, इस सड़क को धंसे हुए 6 महीने हो गए है। काम धीरे धीरे चल रहा है, कभी शुरू हो जाता है कभी बंद हो जाता है। अब लोग बताते है कोई दिल्ली की कंपनी काम कर रही है। अब बात ईदगाह चौराहा की नगर निगम प्रशासन ने कहा- सभी लोग रैन बसेरों में शिफ्ट हो जाएं ईदगाह चौराहा पर मंगलवार रात में दोबारा से सड़क धंस गई थी। अभी तक 3 दिनों में 3 बार सड़क धंस चुकी है। लगातार धंस रही सड़क अब आसपास बने घरों को अपने जद में ले सकती है, इससे निपटने के लिए प्रशासन ने आज 7 घरों पर दोबारा से नोटिस चिपकाए है, साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को एनाउंस करके घर खाली करने को कहा गया है। नगर निगम ने माइक एनाउंस के जरिए लोगों से कहा- सड़क लगातार धंस रही है, सुरक्षित रहने के लिए सभी लोग जल्द से जल्द खाली कर दीजिए। सभी लोगों को रहने के लिए जोन 4 हैलट रैनबसेरा, चुन्नीगंज रैनबसेरा, कार्डियोलॉजी रैनबसेरा, परमट रैन बसेरा, भैरवघाट रैनबसेरा, मछलीघाट रैनबसेरा में रह सकते है। प्रशासन बहुत धीमी गति से काम कर रहा है सुधीर शुक्ला ने बताया कि प्रशासन ने काम शुरू किया है, लेकिन जिस तरीके से काम हो रहा है। उससे काम कम नहीं बल्कि बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। अगर ये काम स्पीड में नहीं हुआ तो ये काम कई महीने तक खींच जाएगा। इस नाले पर काम तो हो रहा है। लेकिन अब काम बढ़ने की ज्यादा उम्मीद है। अब प्रशासन को जल्दी से काम करना चाहिए नगर निगम ने हम लोगों से घर खाली करने की बात कही है सनित दिवाकर ने बताया आज बड़े अधिकारी आए थे, सही काम करने के बारे में कह रहे थे। अधिकारियों ने कहा आप लोग मकान खाली करने के लिए सुरक्षित स्थान पर चले जाइए। क्योंकि नाला ऑलरेडी बढ़ता हुआ चला जा रहा है। यहां पर दोनों नाले धंस चुके है। आज करीब 15 लेवर को बढ़ाया गया है। कल दोबारा से मकान खाली करने का नोटिस लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया आप लोग नगर निगम के रैन बसेरे में रह सकते है। पहले 12 फिट गड्डा था, अब 20 फिट हो गया ईदगाह चौराहे के पास रहने वाले सूरज बताते है, बीते 3 दिनों से लगातार सड़क की मिट्टी धंस रही है, पहले एक नाला धंसा था अब दोनों नाले धंस चुके है। नगर निगम ने पहले 12 फिट गहराई की बात नोटिस में लिखी थी, लेकिन अब दूसरे नोटिस में इसकी गहराई 20 फिट बताई है। इसको देखें तो खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हम लोग रैन बसेरों में कैसे रह पाएंगे। नगर निगम के द्वारा 23 तारीख को मकान खाली करने के लिए नोटिस लगाए थे। इस समय नाले की गहराई 12 फिट दिखाई गई थी। लेकिन अब प्रशासन ने आज दोबारा से नोटिस मकान खाली करने के लिए नोटिस लगाए हैं, जिसमें अब नाले की गहराई 20 फिट बताई गई है। आज नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मौके पर पहुंच चल रहे काम का स्थलीय निरीक्षण किया, आसपास के मकानों को खाली करवाने के एनाउंसमेंट करवाया, जिससे घर के अंदर रहने वाले लोग सुरक्षित हो सकें।
कानुपर में मंगलवार रात बारिश हुई। इससे मौसम का मिजाज बदल गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटे में 3.6 डिग्री बढ़कर 13.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक है। बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि यह अभी भी सामान्य से 0.3 डिग्री कम है। सीएसए ने 2.7 मिमी बारिश दर्ज की है। बुधवार को 16 ट्रेनें तय समय से देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। पूरा दिन बादल छाए रहेंगे, तेज हवा से गलन बढ़ेगी मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 घंटों में तेज हवाएं चलेगी व धूप भी निकलने की संभावना है। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर पश्चिमी हवाएं अपना असर दिखाएंगी, जिससे तापमान गिर सकते हैं। तेज हवाएं दिन में भी ठंड का एहसास कराएंगी। कोहरा भी पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की वजह से दिन में तापमान तेजी से नहीं बढ़ सका। पिछले 5 दिनों के तापमान (डिग्री सेल्सियस में) दिनांक - न्यूनतम - अधिकतम 24 जनवरी - 13.0 - 21.8 25 जनवरी - 10.0 - 21.8 26 जनवरी- 8.0 - 22.0 27 जनवरी - 10.0 - 24.0 28 जनवरी - 13.6 - 21.1 (सोर्स - सीएसए मौसम विभाग) ------------------------------------------- 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (डिग्री सेल्सियस) दिनांक - न्यूनतम - अधिकतम 29 जनवरी - 10.0 - 23.0 30 जनवरी - 11.0 - 23.0 31 जनवरी - 12.0 - 24.0 01 फरवरी - 13.0 - 24.0 02 फरवरी - 11.0 - 22.0 (सोर्स - आईएमडी)
'हम 2 घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। मेरी मां की तबियत बिगड़ने लगी। मैं डर गया। रोस्टोरेंट वाले सुन नहीं रहे थे। मैंने 112 नंबर पुलिस को डायल किया। कुछ देर बाद पुलिस आ गई। तब रेस्टोरेंट वाले एक्टिव हुए। पुलिस ने रेस्क्यू कर हम लोगों को बाहर निकाला। हम लोग तो बस खतम थे, ये कहिये दूसरा जीवन मिला है। पुलिस के आने से हमारी जान बच गई। इतना बेकार स्टाफ है। हम लिफ्ट के अन्दर चिल्लाते रहे। लेकिन स्टाफ आवज सुनकर भी जवाब नहीं दे रहा था' ये कहना है हल्दीराम रेस्टोरेंट की लिफ्ट में फंसने वाले रजनीश गुप्ता का। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक रेस्टोरेंट कर्मी हम लोगों से झूठ बोलते रहे। अगर अंदर दम घुटने से हम लोगों की जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? मैंने इतने लापरवाह लोग नहीं देखे। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला रजनीश ने बताया कि रेस्टोरेंट कर्मी लापरवाह हैं आरके नगर में रहने वाले रजनीश ने बताया मेरा कंप्यूटर हार्डवेयर का काम है। मैं मंगलवार शाम को अपनी 67 वर्षीय मां कस्तूरी गुप्ता को लेकर काकादेव स्तिथ एक डाक्टर के पास गए थे। डाक्टर से मिलने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे हल्दीराम के रेस्टोरेंट गए। यहां चाय पी और ढोकला खाया। पेमेंट करने के बाद हम लोग सेकेंड फ्लोर से नाचे आने के लिये लिफ्ट में गए। लिफ्ट के भीतर जाकर जैसे ही बटन दबाया तो अचानक लिफ्ट बंद हो गई। करीब 15 मिनट लिफ्ट रुकी रही। मैंने सोचा शायद लाइट नहीं आ रही होगी, इसलिए रुक गई। 20 मिनट से अधिक समय हो गया। तब भी लिफ्ट रुकी हुई थी। फिर मैंने लिफ्ट के अंदर लिखे नंबर पर फोन किया। फोन उठाने वाले ने कहा कि कुछ देर में खुल जाएगी। ऐसे ही आधे घंटे से ज्यादा का समय हो गया। एक घंटे बाद रेस्टोरेंट वालों ने चाबी मंगवाई इसके बाद मैंने अपने भाई को फोन किया। भाई काकादेव के हल्दीराम पहुंचे। एक घंटा हो गया। भाई ने रेस्टोरेंट वालों से कहा कि लिफ्ट खुलवाइए। रेस्टोरेंट वाले मेरे भाई से बोले कि चाबी मंगवाई है। कुछ देर में ही लिफ्ट खुल जाएगी। इसी बीच का दम घुटने लगा। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उनकी तबियत खराब होने लगी। मां को देखकर मैं डर गया। मैंने पुलिस को फोन कर दिया। करीब 10 मिनट में पुलिस आ गई। जब पुलिस वालों ने एक्शन लिया, तब रेस्टोरेंट वाले एक्टिव हुए। इसके बाद रेस्टोरेंट वालों ने एक लड़कों को चाबी लेने के लिए काकादेव से 7 किलोमीटर दूर बर्रा भेजा। तब पुलिस वालों ने दमकल कर्मियों को बुला लिया था। टीम ने 15 मिनट में रेस्क्यू कर बाहर निकाला सीएफओ दीपक शर्मा, फायर स्टेशन अफसर परमानंद पांडेय समेत टीम पहुंची और करीब 15 मिनट में रेस्क्यू कर टेक्नीशियन की मदद से हम लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। करीब दो घंटे लिफ्ट के भीतर ही मेरी मां और मैं फंसा रहा। मेरी मां की हालत ऐसी हो गई थी। कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। उनको शुगर और किडनी की दिक्कत है। इस वजर से मै और डर रहा था। ये ऊपर वाले की कृपा है, कि मैं और मां बच गए।। अगर मैं पुलिस को न बुलाता तो हम जिंदा बाहर नहीं आते।
कच्चा बादाम फेम गर्ल अंजली अरोड़ा के प्रेमी आकाश संसंवाल को लोग तेजी से सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। मेरठ की परतापुर थाना पुलिस ने आकाश संसंवाल को कार पर एमपी का फर्जी पास लगाने के मामले में पुलिस ने अरेस्ट किया था। अरेस्टिंग के बाद आकाश संसंवाल को कोर्ट ने फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अरेस्टिंग के बाद आकाश संसंवाल को तेजी से लोग ट्रोल कर रहे हैं। यूजर्स ने आकाश के सोशल मीडिया पर काफी बेड कमेंट किए हैं। उसे फर्जी एमपी, फर्जी नेता से लेकर निकल गई हवाबाजी, अब जेल में डांस करना जैसे कमेंट भी लिखे हैं। इस पूरे इंसीडेंट के बाद आकाश के फॉलोअर्स भी बढ़ गए हैं। भाजपा ओबीसी मोर्चा दिल्ली का उपाध्यक्ष है आकाश संसंवाल अंजली अरोड़ा के ब्वॉयफ्रैंड होने के साथ ही भाजपा नेता है। आकाश खुद को ओबीसी मोर्चा महरौली दिल्ली का उपाध्यक्ष बताता है। उसने अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी इसी नाम से बनाया है। जिसमें भाजपा नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें हैं। दक्षिणी दिल्ली के पूर्वसांसद रमेश बिधूड़ी के साथ आकाश संसंवाल की तमाम फोटो, वीडियो हैं। खुद को रमेश बिधूड़ी का पीए बताता है। वहीं रमेश बिधूड़ी के बेटे और के भाजपा दिल्ली लीगल सेल का प्रदेश सहसंयोजक हिमांशु बिधूड़ी के साथ भी आकाश संसंवाल की कई तस्वीरें पोस्ट हैं। खुद को हिमांशू बिधूड़ी से जुड़ा हुआ भी बताता है। आकाश के बढ़े 2K फॉलोअर्सइस पूरे इंसीडेंट के बाद लोगों ने तेजी से आकाश संसंवाल के इंस्टाग्राम अकाउंट को सर्च किया है। आकाश के 2 दिनों में 2K फॉलोअर्स बढ़ गए हैं। आकाश के सोशल मीडिया को लोग तेजी से सर्च कर रहे हैं। इस इंसीडेंट से दो दिन पहले तक आकाश के 79.4K ही फॉलोअर्स थे, जबकि 28 जनवरी को आकाश के 79.6K फॉलोअर्स हो गए हैं। कच्चा बादाम गर्ल के ब्वॉयफ्रैंड हैं आकाश आकाश संसंवाल कच्चा बादाम सांग फेम गर्ल अंजली अरोड़ा के ब्वॉयफ्रैंड, मंगेतर हैं। दोनों ने अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी तमाम तस्वीरें शेयर की हुई हैं। दोनों लोग अक्सर साथ नजर आते हैं। कई धार्मिक स्थलों पर और पारिवारिक आयोजनों में भी दोनों साथ नजर आए हैं। कार पर लगा था सांसद का फर्जी पास आकाश संसंवाल को मेरठ पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर काली स्कार्पियो पर एमपी का फर्जी पास लगा होने पर अरेस्ट किया था। रविवार को पुलिस ने आकाश को अरेस्ट किया था। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को आकाश को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। जहां से एसीजेएम 7 के आदेश पर आकाश को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आकाश के वकीलों ने लगभग 1 घंटे तक आकाश को बचाने के लिए उसके पक्ष में दलीलें दी। लेकिन कोर्ट ने सभी दलीलें अस्वीकार करते हुए उसके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। फिलहाल आकाश जेल में हैं। जेल में 1 घंटे रोते रहे आकाश-अंजलीवरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आकाश संसंवाल को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। मंगलवार को आकाश से मिलने उनकी परिचित अंजली अरोड़ा जेल में आई थीं। दोनों की लगभग 1 घंटे जेल में बातचीत हुई है। इस दौरान अंजली और आकाश काफी देर रोते भी रहे। आरोप है कि आकाश कार पर पूर्व सांसद का फर्जी पास लगाकर घूम रहा था। काशी टोल प्लाजा से हुई थी अरेस्टिंग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे स्थित काशी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसकी गाड़ी रोकी। पिछले तीन दिनों से चेकिंग अभियान चलाकर पुलिस ने अभी तक 52 मुकदमे दर्ज कर 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सभी के पास नकली थे। गणतंत्र दिवस के दृष्टिगत पुलिस पिछले दो दिनों से शहर और टोल प्लाजाओं पर लगातार वाहनों की जांच कर रही है। रविवार को मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर काशी टोल प्लाजा पर दिल्ली से मेरठ की ओर आ रही एक स्कॉर्पियो कार को रोका, जिस पर पूर्व सांसद का पास लगा था। ………………..
हमेशा अनुशासन में रहने वाला कक्षा 9 का छात्र हमारे पास अक्सर अन्य बच्चों की समस्याएं लेकर आता था। उसके दोस्तों को भी यदि शिक्षकों तक कोई बात पहुंचानी होती थी, तो वे उसी को आगे करते थे। आज वही छात्र मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री है। ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शिक्षिका कोकिला सेन ने कही। उन्होंने कहा कि ‘मैंने स्कूल के दिनों से ही डॉ. मोहन यादव में नेतृत्व क्षमता देखी थी। न तो वे बदमाशी करते थे और न ही शिक्षकों से बचते थे। पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहते थे और शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखते थे। इन्हीं गुणों ने उन्हें आगे चलकर राज्य की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंचाया।’ बुधवार को राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी शिक्षिका कोकिला सेन का सम्मान किया। सम्मान समारोह के बाद उनकी शिक्षिका कोकिला सेन ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। स्कूल में ही दिखने लगी थी नेतृत्व क्षमता उज्जैन की शासकीय जीवाजीगंज स्कूल में 1979 से 1981 तक शिक्षिका कोकिला सेन ने फिजिक्स पढ़ाया। वह बताती हैं कि कक्षा 9 से 12 तक मोहन यादव पढ़ाई में गंभीर और व्यवहार में जिम्मेदार छात्र रहे। यदि किसी दोस्त को टीचर तक कोई बात पहुंचानी होती, तो बाकी बच्चे उसी को आगे करते थे। शांत, विनम्र और अनुशासित बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ी कोकिला सेन बताती हैं कि मोहन यादव कभी शोरगुल या शरारत नहीं करते थे। क्लास में समय पर बैठना, ध्यानपूर्वक सुनना और टीचर्स का सम्मान करना उनकी आदतों में शामिल था। वे हंसते हुए कहती हैं कि ऐसे बच्चों को शिक्षक बदलते नहीं, बल्कि प्रोत्साहित करते हैं। स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों में भी आगे शिक्षिका के अनुसार, डॉ. मोहन यादव केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि खेल और अन्य गतिविधियों में भी हिस्सेदारी करते थे। वे मैदान में भी सक्रिय थे और लैब में भी। यह संतुलन बहुत कम बच्चों में देखने मिलता है। बायोलॉजी थी पसंदीदा विषय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिजिक्स से ज्यादा रुचि बायोलॉजी में दिखाई। कोकिला सेन बताती हैं कि बायोलॉजी लैब फिजिक्स लैब के बगल में थी, जहां वे अक्सर जाकर मॉडल और प्रैक्टिकल देखते। “फिजिक्स और मैथ्स को बच्चे अकसर ‘डरावना’ विषय मानते हैं, लेकिन मोहन हर विषय को सीखने का प्रयास करते थे।” शिक्षिका ने कहा था- बहुत कुर्सियां इंतजार कर रही हैं कोकिला सेन ने एक रोचक किस्सा बताते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री बने थे, एक कार्यक्रम में मेरी उनसे मुलाकात हुई। उन्होंने कहा मैं शिक्षा मंत्री हूंं। मैंने जवाब दिया कि अभी तो यह शुरुआत है, आगे बहुत कुर्सियां बेटा आपका इंतजार कर रही हैं। आज वह बात सच हो चुकी है। हम लोग बच्चों में जो गुण देखते हैं, वह जीवन भर उनके साथ रहता है। स्कूल के दिनों से लेकर आज तक, शिक्षकों के प्रति सम्मान उनकी आदत का हिस्सा रहा है। कोकिला सेन कहती हैं कि जब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी मुझसे मुलाकात हुई, तो उनका व्यवहार वही था जो स्कूल में था। ये खबर भी पढ़ें… 1984 में ABVP से राजनीति की शुरुआत, जानिए एमपी के सीएम के बारे में… डॉ मोहन यादव ने 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1986 में उन्हें ABVP के विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई। यादव की छवि सड़क पर संघर्ष करने की रही है। मोहन यादव को 2003 में पार्टी ने उज्जैन जिले की बड़नगर सीट से टिकट दिया था, लेकिन वहां कार्यकर्ताओं ने शांतिलाल धबाई को टिकट की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यादव ने संगठन की बात को मानकर तत्काल टिकट लौटा दिया। इससे पार्टी में उनकी अलग छवि बन गई और उनका कद भी बढ़ गया। पूरी खबर पढ़ें…
संभल हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा गोली मारे जाने का आरोप लगाने वाले आलम के पिता की याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने FIR के आदेश दिया था। जिसके खिलाफ संभल पुलिस और ASP अनुज चौधरी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। ASP अनुज चौधरी व संभल पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की है। मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने मामले में आरोपी बनाए गए आलम को 25 फरवरी 2026 तक अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि संभल की चंदौसी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी 2026 को संभल के तत्कालीन सीओ (वर्तमान ASP) अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कुल 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला इस आदेश के कुछ समय बाद ही सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया था। तबादले से नाराज अधिवक्ताओं ने पूर्व बार अध्यक्ष राजेश कुमार यादव एडवोकेट के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी किया था। मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय निवासी आलम पुत्र यामीन से जुड़ा है, जो पापे (रस्क और बिस्कुट) बेचने और तीन पहिया रिक्शा चलाने का काम करता था। आलम के पिता ने 6 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट चंदौसी में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद बनाम श्री हरिहर मंदिर सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के समय आलम मौके पर मौजूद था और पुलिस कर्मियों ने उसे गोली मारी थी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सीजीएम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। वहीं ASP अनुज चौधरी ने भी व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की है। मामले की आगे की सुनवाई हाईकोर्ट में की जाएगी।
गोरखपुर में 13 साल की किशोरी से गैंगरेप की घटना के बाद लगातार एक्शन हो रहा है। पहले गोरखनाथ थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मियों को इस केस में लापरवाही करने पर सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को शहर के स्पा सेंटरों की पुलिस टीम ने जांच पड़ताल की। इस दौरान लाइसेंस न मिलने पर 30 से अधिक स्पा सेंटर बंद करा दिए गए। अब इसकी नियमित निगरानी भी पुलिस करेगी। अब यह अभियान जिले भर के थाना क्षेत्रों में चलेगा। बड़हलगंज में भी होटल मालिकों के साथ पुलिस ने बैठक कर नियमों के पालन की चेतावनी दी है। इसी क्रम में शाहपुर में स्थित गैंगरेप के आरोपी धीरेंद्र सिंह के होटलों के भी बोर्ड हटाए गए हैं। बहुत जल्द होटल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना से पहले किशोरी ने बनाई थी रील सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी को 13 साल की किशोरी लापता हुई थी। इसके बाद जब किशोरी की मां उसे ढूंढने लगी। तब कालोनी के बच्चाें ने बताया था कि दीदी मंदिर के सामने मोबाइल से रील बना रही थीं। तभी एक वैन आई। उसमे बैठकर वो चली गई। इसके बाद मां ने वैन का नंबर भी पूछा था। तब जाकर घटना की पूरी जानकारी गोरखनाथ थाने में दी थी। चार और नाम सामने आएगोरखनाथ थाने में दर्ज केस में किशोरी के बयान के बाद चार और आरोपियों के नाम सामने आए हैं। यह सभी होटल व स्पा से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब पुलिस जांच में इनका नाम बढ़ाने के साथ ही इनकी तलाश शुरू कर दी है। खबर है कि सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस उनके ठिकानों और सगे संबंधितों के घरों पर तलाश तेज कर दी है। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। कुछ नाम सामने आए हैं, जिनकी संलिप्तता की भी जांच जारी है। स्पा मसाज सेंटर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर में 35 सेंटरों को बंद कराया गया है। लक्जरी लाइफ के चक्कर में फंस गई किशोरी गोरखपुर में दरिंदगी की शिकार 13 साल की किशोरी अमीरों की तरह जीना चाहती थी। उसने बड़े-बड़े ख्वाब संजोए थे। हाई-फाई जानकर ही वह इंस्टाग्राम पर सैलून में बार्बर का काम करने वाले 15 साल के लड़के के प्यार में फंस गई। किशोरी ने अपने स्टेटस में लिखा था कि बीएफ माई जान...। मतबल बॉयफ्रेंड को वह जान से भी बढ़कर प्यार करने लगी थी। क्लास 5 के बाद से ही किशोरी ने पढ़ाई बंद कर दी थी। लेकिन इंस्टाग्राम पर लगातार एक्टिव होने की वजह से वह अच्छी इंग्लिश बोलती है। पुलिस से भी बातचीत में वह इंस्टाग्राम पर यूज किए जाने वाले शॉर्ट शब्दों काे बोल रही थी। जैसे बीएफ और जीएफ। घर में पिता ड्राइवर तो मां घरों में साफ-सफाई का काम करती है। जबकि किशोरी को यह जीवन बिल्कुल ही पसंद नहीं था। वह इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी, सोशल मीडिया में दिखने वाले लोगों की तरह हाई-फाई जीवन जीना चाहती थी। इसी चक्कर में बॉयफ्रेंड के एक इशारे पर वह घर छोड़कर भाग गई। जब होटल का बिल चुकाने में बॉयफ्रेंड की हालत खराब होने लगी, तब वह वहां से भाग गया। इसके बाद किशोरी के पास भी घर जाने का मौका मिला था। लेकिन वह अभी भी अपना सपना पूरा करने की चाहत में कुछ भी करने को तैयार थी। उसने अपने बॉयफ्रेंड से कहा कि मैं इसी होटल में काम करूंगी। लेकिन घर नहीं जाउंगी। बॉयफ्रेंड ने मॉल में दिखाई थी फिल्म 1 जनवरी को घर छोड़कर भागी किशोरी जैसे-तैसे होटल में समय बिताई। इस बीच 10 जनवरी को बॉय फ्रेंड एक बार फिर होटल आया था। किशोरी को लेकर वह ओरियन मॉल में फिल्म भी दिखाने ले गया था। उसने यह भी कहा था कि बहुत जल्द सब कुछ ठीक हो जाएगा। इधर किशोरी का शॉट कट अमीर बनने का सपना परेशान करने लगा था। वह किसी भी हाल में घर वापस नहीं जाना चाहती थी। इस दौरान ही वह होटल मालिक, मैनेजर और स्पा सेंटर संचालक उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ हैवानियत किए। शारीरिक संबंध बनाने से पहले किशोरी को नशीली दवाएं भी दी गईं। जिसकी वजह से ही बाद में चलकर उसकी हालत गंभीर हाे गई। तब आरोपियों ने ही उसकी दवा भी कराई थी। शर्म लाज की वजह से अब वह घर वापस नहीं जाना चाहती थी। इसी बीच लगातार परिजनों का दबाव पड़ने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। तब जाकर आरोपियों के चंगुल से किशोरी से आजाद हुई। 6 माह के प्यार ने घर छुड़ाया, जिंदगी बर्बाद हो गई गोरखनाथ पुलिस ने 13 साल की किशोरी का कहना है कि 6 माह के प्यार के चक्कर में विश्वास करके घर छोड़ा। हर जगह धोखा मिला। बाप की उम्र के लोग भी बड़े प्यार से मिले। लेकिन जब नजदीक आए तब उनका असली रूप सामने आया है। सभी ने मेरा शारीरिक शोषण किया। उन्हें मेरी परेशानी नहीं बल्कि शरीर नजर आता था। हर कोई अपनी हवस पूरी करना चाहता था। यह कहते हुए वह रोने लगी। गोरखनाथ पुलिस ने मंगलवार को किशोरी का कोर्ट में बयान करा दिया है। किशोरी ने आरोपियों पर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। पांच अरेस्ट, 3 फरार आरोपियों की तलाश वहीं, इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने अब तक होटल मालिक अभय, होटल मैनेजर आदर्श पांडेय, स्पा मैनेजर अंकित कुमार, किशोरी का सोशल मीडिया दोस्त और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने जांच के दौरान अन्य संलिप्त व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी सक्रिय तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि होटल मालिक अभय का साथी नेपाल नेपाल भाग गया है। इस तरह किशोरी के साथ हुई घटना गोरखनाथ थानाक्षेत्र की रहने वाली किशोरी एक जनवरी को घर से भाग गई थी। घरवालों की तहरीर पर 5 जनवरी को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। उधर किशोरी अपने इंस्टाग्राम दोस्त के साथ करीमनगर के एक होटल में पहुंची। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शारीरिक शोषण करने के बाद होटल मालिक अभय उर्फ धीरेंद्र सिंह ने उसे बेतियाहाता के बिना बोर्ड वाले एक स्पा सेंटर में भेज दिया। तीन दिन वहीं ठहरने के बाद किशोरी को बड़हलगंज भेजा गया। वहां भी उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया। 6 पुलिस कर्मी सस्पेंड किए गए इस मामले में गोरखनाथ इंस्पेक्टर शशिभूषण राय को पहले लाइनहाजिर किया गया था, जिसे अब सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज प्रशांत पाठक, बेतियाहाटा चौकी इंचार्ज अमरेश सिंह, बड़हलगंज कस्बा इंचार्ज राजीव तिवारी, उनवल चौकी इंचार्ज आदित्य उपाध्याय और विकास नगर चौकी इंचार्ज अनूप सिंह को भी सस्पेंड किया गया। उनवल चौकी इंचार्ज आदित्य उपाध्याय पूर्व में बड़हलगंज चौकी इंचार्ज रहे हैं, इस कारण उन पर भी कार्रवाई हुई है। इनके थाना क्षेत्र में किशोरी को रखा गया था। एसएसपी राजकरन नय्यर ने कहा कि इस तरह के मामलों में सभी स्तर पर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। किशोरी की सुरक्षा और दोषियों की पकड़ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस सूत्रों के अनुसार स्पा सेंटर में किशोरी की तबीयत खराब होने के बाद आरोपियों ने उसे गीडा स्थित एक होटल में किशोरी को रखा था। वह होटल अभय के पार्टनर का है। पुलिस ने किशोरी को उसी होटल से बरामद किया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अब तक न तो होटल मालिक को गिरफ्तार कर सकी और न ही होटल पर ही कोई कार्रवाई की है। पुलिस प्रकाश में आए गीडा के होटल मालिक समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई हैं। जिसमें सर्विलांस की टीम भी शामिल है।
झांसी में यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध अब और तेज होता नजर आ रहा है। बुधवार को यह विरोध सीधे झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से सांसद अनुराग शर्मा तक पहुंच गया। जैसे ही सांसद ने संसद के बजट सत्र को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा की, यूजर्स ने उनसे संसद में यूजीसी प्रावधानों का विरोध करने की मांग शुरू कर दी। सांसद के पोस्ट पर कुछ ही देर में सैकड़ों कमेंट आ गए, जिनमें लोगों ने भाजपा और सरकार को घेरते हुए यूजीसी के मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की। कई यूजर्स ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई गई तो आगामी चुनाव में सवर्ण समाज दूरी बना सकता है। गौरतलब है कि झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद अनुराग शर्मा और झांसी सदर विधानसभा से विधायक रवि शर्मा—दोनों ही सवर्ण समाज से आते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ झांसी समेत देशभर में चल रहे विरोध के बीच स्थानीय स्तर पर इन दोनों जनप्रतिनिधियों से सवर्ण समाज ने खुलकर समर्थन की अपेक्षा जताई है। बजट सत्र की जानकारी देने आए, कमेंट बॉक्स में घिरे सांसद सांसद अनुराग शर्मा ने बुधवार को अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए वे बजट सत्र 2026 के लिए दिल्ली प्रवास पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं और विकास की संभावनाओं को सदन के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर रखने के लिए वे पूरी तरह संकल्पित हैं।हालांकि, पोस्ट सामने आते ही कमेंट बॉक्स में यूजीसी को लेकर विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने मांग की कि सांसद संसद में यूजीसी प्रावधानों का विरोध करें और सरकार के सामने सवर्ण समाज की बात मजबूती से रखें। पूर्व शिक्षा मंत्री रविंद्र शुक्ल का भाजपा पर तीखा हमला वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री रविंद्र शुक्ल लगातार यूजीसी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने भाजपा के “बटोगे तो कटोगे” नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश तभी बचेगा जब सनातन बचेगा और सनातन तभी बचेगा जब उसे मानने वाले एकजुट रहेंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यूजीसी के नए प्रावधान लाकर समाज में खाई पैदा कर रही है। रविंद्र शुक्ल ने कहा कि पहले भाजपा खुद “बटोगे तो कटोगे” का नारा देती है और अब उसी नारे पर खुद ही पानी फेर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा राष्ट्रवाद की राजनीति छोड़कर जाति की राजनीति करेगी, तो उसके परिणाम न सिर्फ पार्टी बल्कि पूरे सनातन समाज को भुगतने पड़ेंगे।
नमस्कार, कानपुर में कल (बुधवार) की बड़ी खबरें… यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने सिर मुंड़वाया। सीएसए विश्वविद्यालय में छात्रों ने पैदल मार्च निकला। यूजीसी का पुतला फूंका। बिग बॉस सीजन-19 के विनर गौरव खन्ना बोले- इस सीजन को जीतना आसान नहीं था। लोगों ने मुझे नीचे खींचना चाहा। बुराई की, ताने मारे, अपशब्द भी बोले। जूना अखाड़ा के संरक्षक नारायण गिरी महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पीएम की रेस में हैं। उनके साथ इंटरनेशनल षड़यंत्र भी हो सकता है। प्रयागराज माघ मेले में बटुकों ने भी पुलिस कर्मियों से मारपीट की। उनके बिल्ले नोचे। आरपीएच ओल्ड विद्युत उपकेंद्र में आग लग गई। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1. UGC-एक्ट के विरोध में सिर के बाल मुड़वाए, पुतला फूंका:सीएसए कैंपस से छात्रों ने पैदल मार्च निकाला, जमकर नारेबाजी हुई यूजीसी के नए एक्ट का कानपुर में लगातार दूसरे दिन विरोध जारी है। कल्याणपुर ब्लाक के नारामऊ कछार में सवर्ण समाज के लोगों ने सिर मुड़वाकर अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों की अंतरात्मा मरने के शोक में नौवार किया गया है। इसके अलावा सीएसए विश्वविद्यालय में छात्रों ने पैदल मार्च निकला और यूजीसी का पुतला फूंका। सिर मुड़वाने वाले भरत शुक्ला ने बताया कि यूजीसी का जो काला कानून आया है। हमारे सवर्ण प्रतिनिधि सांसद, विधायक व अधिकारी आने वाली पीढ़ियों के विषय में नहीं सोच रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 2. PCS के भाई बोले- अलंकार 1857 की क्रांति से प्रेरित:कानपुर में कहा- UGC कानून से दुखी थे, मंगल पांडेय जैसा कदम उठाया है कैसा कानून ला रही है ये सरकार, गलत है ये… मेरा भाई 1857 की क्रांति से प्रेरित है। यूजीसी के नए एक्ट से मेरा भाई बहुत आहत है। जातिवाद में देश तो पहले से ही बंटा हुआ है। ऊपर से मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज सभी जगह बच्चों में यह खाई पैदा करने का काम करेगा… इस कानून के लागू होने से समाज में भाईचारा खत्म हो जाएगा।' यह कहना है उस पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के चचेरे भाई राजेश अग्निहोत्री का, जिन्होंने गणतंत्र दिवस वाले दिन बरेली में अपने सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा का ऐलान कर दिया। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर में बिजली सबस्टेशन में भीषण आग:4 घंटे तक 6 मोहल्लों की सप्लाई ठप रही, बुझाने में 1 घंटे लगे कानपुर के आरपीएच ओल्ड विद्युत उपकेंद्र में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थापित पावर परिवर्तक नंबर तीन (क्षमता 10 एमवीए) में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरे विद्युत उपकेंद्र को अपनी चपेट में ले लिया। लपटें उठती देख इलाकाई लोगों ने फायर ब्रिगेड कर्मियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात तेज आंधी और बारिश के कार शार्ट–सर्किट होने से आग लग गई थी। पढ़ें पूरी खबर 4. जूना अखाड़ा के नारायण गिरी महाराज का इंटरव्यू:बोले- बटुकों ने पुलिस के बिल्ले नोचे, UGC दंगे की साजिश; PCS का इस्तीफा निजी स्वार्थ जूना अखाड़ा के संरक्षक और अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज देर रात को परमट स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर कानपुर पहुंचे। नारायण गिरी महाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धर्मगुरु भाई भी हैं। इस दौरान उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ पीएम की रेस में हैं। उनके साथ इंटरनेशनल षड़यंत्र भी हो सकता है। इसके साथ ही बटुकों से अभद्रता पर बोले कि बटुकों ने भी पुलिस कर्मियों से मारपीट और उनके बिल्ले नोचे, गलती दोनों तरफ से हुई है। पढ़ें पूरी खबर 5. 'बिग बॉस सीजन-19 में लोगों ने अपशब्द बोले, खींचना चाहा':कानपुर पहुंचे विनर गौरव खन्ना, बोले- लोगों ने क्या कहा; मुझे फर्क नहीं पड़ा बिग बॉस सीजन-19 के विनर गौरव खन्ना के लिए इस सीजन को जीतना आसान नहीं था। बिग बॉस में लोगों ने उन्हें नीचे खींचना चाहा, बुराई की, ताने मारे, अपशब्द बोले। ये बातें दैनिक भास्कर एप से बातचीत में गौरव खन्ना ने कहीं। गौरव खन्ना बुधवार को सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल में आयोजित अभिनंदन समारोह में पहुंचे थे। वह इसी स्कूल के 2000 बैच के एलुमिनाई हैं। उन्होंने कहा- मैं यही प्रूफ करना चाहता हूं कि जब आप अपने लक्ष्य को दृढ़ संकल्पित होकर पाने की कोशिश कर रहे होते हैं तो लोगों को मुश्किल होता है। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में रात में रुक-रुककर बारिश:सुबह बादल छाए, आज फिर बरसात और ओले पड़ सकते हैं कानपुर में रात में रुक-रुककर बारिश हुई। आज बुधवार सुबह बादल छाए हैं। मौसम विशेषज्ञ बुधवार दोपहर तक बारिश के आसार जता रहे हैं। बारिश के साथ साथ ओले भी पड़ सकते हैं। शाम को मोतीझील, गोल चौराहा, बेनाझाबर, कल्याणपुर, गोविंद नगर, बर्रा समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 घंटे में नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते 28 जनवरी को 8-15 मिमी बारिश की संभावना है। यह बारिश आसपास के जिलों को भी कवर करेगी। कई तरह की हवाएं यूपी में टकरा रही हैं। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर पुलिस की थाने से भागे चोर से मुठभेड़:टॉयलेट के बहाने पुलिस को धक्का देकर भागा था, अब पैर में गोली मारकर दबोचा कानपुर की गुजैनी पुलिस ने थाने से पुलिस कर्मियों को धक्का देकर भागे शातिर चोर विशाल उर्फ कल्लू को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोच लिया। गुजैनी पुलिस ने घेराबंदी की तो शातिर ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे दबोचा। शातिर को प्राथमिक उपचार के लिए हैलट में एडमिट कराया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। डीसीपी साउथ दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने बताया कि 14 दिसंबर 2025 को एक ज्वैलरी शॉप में चोरी की वारदात हुई थी। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर में कारोबारी से 21.37 लाख ठगे:युवती ने मैसेज कर वर्क फ्रॉम होम का झांसा दिया था, डेमो टास्क कराया साइबर ठग ने वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर हरबंश मोहाल के कारोबारी विनय गुप्ता से करीब 21.37 लाख रुपए की ठगी की। घटना का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल में मामले की शिकायत की। हरबंश मोहाल पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू की। पीड़ित विनय गुप्ता के अनुसार बीती 31 अक्टूबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक युवती का मैसेज आया। जिसने वर्क फ्रॉम होम का झांसा दिया। पढ़ें पूरी खबर 9. अब गर्दन की नस खोलेगी दिल का बंद वाॅल्व:कानपुर के कार्डियोलॉजी ने खोजी नई तकनीक, यूपी में कहीं और नहीं यह सुविधा कानपुर का एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट आज देश के चिकित्सा मानचित्र पर नई पहचान बना रहा है। संस्थान के हृदय रोग विशेषज्ञों ने दिल के वाल्व के इलाज की एक ऐसी उन्नत तकनीक विकसित की है, जिसमें बिना बड़े ऑपरेशन और चीर-फाड़ के मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। इस आधुनिक पद्धति को ट्रांसजुगुलर बलून मिट्रल वाल्वुलोटोमी (TBMV) नाम दिया गया है, जिसने पारंपरिक सर्जरी से जुड़े डर, दर्द और जोखिम को काफी हद तक खत्म कर दिया है। आमतौर पर दिल का वाल्व सिकुड़ने पर जांघ की नस के रास्ते बैलून डालकर इलाज किया जाता है। पढ़ें पूरी खबर 10. कानपुर में किन्नरों के बीच वसूली को लेकर मारपीट:किन्नरों के गैंग ने अपहरण किया और फिर सिड मुंडवाया और भौंहें छीली कानपुर में एक-दूसरे के क्षेत्र में वसूली को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच भीषण मारपीट हो गई। एक गुट ने किन्नर को अगवा करके उसे बेरहमी से पीटने के साथ ही सिर मुड़वा दिया और भौंहें छील दी। किन्नर की तहरीर पर बाबूपुरवा पुलिस ने चार किन्नरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी किन्नरों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। फिलहाल आरोपी अपना घर छोड़कर फरार हैं। जूही सफेद कॉलोनी के रहने वाले किन्नर आदित्य उर्फ अंबिका ने बताया कि 26 जनवरी को वह दोपहर 2 बजे बाबूपुरवा से टाटमिल चौराहा की तरफ जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर
कैथल जिले में कुरुक्षेत्र रोड पर नेशनल हाईवे 152 के पास एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। मृतक देवराज की पोती चाहत की पांच फरवरी को शादी होनी थी। परिवार के सदस्य शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक से हुई इस घटना के बाद परिवार की सारी खुशियां मातम में बदल गई। बेटी की शादी को लेकर लड़के को देखना, शादी की मंजूरी देना और परिवार को तैयारियों में लगाना, सब दादा देवराज की देखरेख में हो रहा था। किसी को जरा भी अनुमान नहीं था कि अचानक से यह हादसा हो जाएगा, जो परिवार की खुशियां छीन लेगा। देर शाम को परिजनों ने मृतक देवराज, उनकी धर्मपत्नी उषा और बेटे सचिन को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मृतक दंपत्ति का परिवार शहर की बड़ी सामाजिक संस्था अग्रवाल युवा सभा से जुड़ा हुआ है। मृतक चिरंजीव कॉलोनी के 74 वर्षीय देवराज, उसकी पत्नी 72 वर्षीय उषा के बेटे राजीव गर्ग संस्था के पूर्व महासचिव रहे हैं। वर्ष 2019 में उनका संस्था में यह कार्यकाल रहा। संस्था के साथ जिले के अग्रवाल समाज के हजारों की संख्या में लोग जुड़े हुए हैं, जो समाज के हित में सेवा कार्य करती रहती है। कुरुक्षेत्र रोड पर हुआ हादसा बता दें कि कुरुक्षेत्र रोड पर नेशनल हाईवे 152 के पास एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में चिरंजीव कॉलोनी के 74 वर्षीय देवराज, उसकी पत्नी 72 वर्षीय उषा व 45 वर्षीय बेटा सचिन शामिल हैं। वैगनआर कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें से अमन नामक युवक को चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। खिड़कियों को तोड़कर मृतकों को गाड़ी से बाहर निकाला गया। पशु के कारण हादसा हुआ वे शाहाबाद से कैथल की ओर आ रहे थे। जैसे ही नेशनल हाईवे 152 के नजदीक पहुंचे तो कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में तीनों की मौत हो गई। हादसे का कारण कारण बेसहारा पशु बताया जा रहा। उसी को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और सामने खड़े सफेदे के पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सदर थाना एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि मामले में पुलिस ने इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
सिंगरौली जिले में वन भूमि पर आवंटित धिरौली कोल ब्लॉक में खनन के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मसला तो पहले से सुर्खियों में है। अब इसके कारण जंगली हाथियों का कॉरिडोर भी खत्म होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। दरअसल वन विभाग ने अपने दो डायरेक्ट आईएफएस अफसरों द्वारा 2022 में दी गई रिपोर्ट को नकारते हुए कोल ब्लॉक को हाथी गलियारे से 5 किमी दूर बता दिया है। वर्तमान में मप्र में 100 से अधिक जंगली हाथी मौजूद हैं और मप्र के रीवा और शहडोल संभाग के जंगलों को अपना स्थाई घर बना चुके हैं। सिंगरौली का जंगल ही मप्र में हाथियों का प्रवेशद्वार है, छत्तीसगढ़ और झारखंड से आने वाले हाथी सिंगरौली के जंगलों से होकर ही मप्र में दाखिल होते हैं और वापस भी लौटकर जाते हैं। साल 2022 से पहले तक वन विभाग के रिकॉर्ड में धिरौली वन क्षेत्र को हाथी कॉरिडोर के रूप में चिह्नित था, लेकिन 2023 के बाद के फॉरेस्ट नक्शों में क्षेत्र को हाथी कॉरिडोर में शामिल नहीं दिखाया गया है। वन विभाग के पूर्व अफसर स्वीकारते हैं कि धिरौली कोल ब्लॉक के लिए हाथी कॉरिडोर के नक्शों में हेरफेर की गई है। इसलिए अहम है हाथीवन्यजीव संरक्षण अधि. 1972 में हाथियों को बाघ के समान ही संकटग्रस्ट वन्यप्राणियों में शेड्यूल-1 में रखा है। उसे सर्वोच्च सुरक्षा का प्रावधान है। इनके व्यापार, शिकार या पिंजड़े में रखने पर प्रतिबंध है। यह भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु भी है। 1992 में केंद्र ने प्रोजेक्ट एलीफेंट शुरू किया था। इसका उद्देश्य हाथियों के परिवेश, कॉरिडोर और उनका अस्तित्व बचाए रखने के उपाय करना है। इन दो आईएफएस ने माना- कोल ब्लॉक में प्रभावित क्षेत्र हाथी कॉरिडोर में शामिल 13 अप्रैल 2022... एपीसीसीएफ भू प्रबंध ने अप्रैल 2022 में सिंगरौली के तत्कालीन डीएफओ मधु वी राज से जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में डीएफओ मधु वी राज ने 13 अप्रैल 2022 को जानकारी भेजी। बताया कि धिरौली कोल ब्लॉक के लिए आवंटित वन भूमि से संजय टाइगर रिजर्व की दूरी 10.07 किमी है। बगदरा सेंचुरी की दूरी 58 किमी और सोन घड़ियाल सेंचुरी की दूरी 47 किमी है। वन भूमि कार्य आयोजना (वर्किंग प्लान) में धिरौली कोल ब्लॉक में प्रभावित वन भूमि हाथी कॉरिडोर में सम्मिलित है। इस जानकारी की प्रतिलिपि तत्कालीन रीवा सीसीएफ और वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव देने वाली कंपनी स्ट्राटा टेक मिनरल प्रा. लि. को भी भेजी गई थी। ये दो प्रमोटी आईएफएस, जिन्होंने कोल ब्लॉक से बाहर बताया हाथी कॉरिडोर 25 अप्रैल 2024... सिंगरौली डीएफओ की ओर से 25 अप्रैल 2024 को एपीसीसीएफ (भू-प्रबंध) को एक प्रस्ताव भेजकर 13 अप्रैल 2022 के तत्कालीन डीएफओ के हाथी कॉरिडोर में धिरौली की वन भूमि शामिल होने के अभिमत में संशोधन करने का अनुरोध किया गया। इसमें कहा गया कि अभिताभ अग्निहोत्री द्वारा बनाए वर्किंग प्लान 2009-10 से 2019-20) में धिलौरी कोल ब्लॉक से प्रभावित वन भूमि हाथी कॉरिडोर में शामिल थी, जबकि वर्तमान में प्रचलित राजीव मिश्रा द्वारा बनाई (2019-20 से 2029-30) कार्ययोजना में यह वन भूमि हाथी कॉरिडोर में शामिल नहीं हैं। हाथी कॉरिडोर से कोल ब्लॉक की वन भूमि 5 किलोमीटर दूर है। वर्किंग प्लान से तय होता है वनभूमि का लैंडयूजजिस तरह शहरों में लैंडयूज का निर्धारण मास्टर प्लान से होता है, ठीक उसी तरह जंगल में वन भूमि का लैंड यूज वर्किंग प्लान से तय होता है। 2009-10 से लेकर 2019-20 के लिए बने सिंगरौली जिले का वर्किंग प्लान 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी अभिताभ अग्निहोत्री ने तैयार किया था। अभिताभ अग्निहोत्री नेशनल जूलॉजिकल पार्क दिल्ली के डायरेक्टर और जबलपुर स्टेट स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रह चुके हैं। अभिताभ अग्निहोत्री के वर्किंग प्लान में धिरौली कोल ब्लॉक वाले जंगल के बीच से एलिफेंट कॉरिडोर गुजरना माना था। वर्ष 2022 तक इसी वर्किंग प्लान के आधार पर सिंगरौली जिले में फॉरेस्ट से जुड़े निर्णय हुए। इसके बाद नया वर्किंग प्लान प्रमोटी आईएफएस राजीव मिश्रा ने तैयार किया। जो 2019-20 से 2029-30 तक के लिए है, जो अमल में 2023 से लाया गया। इसमें धिरौली कोल ब्लॉक से हाथी कॉरिडोर से 5 किलोमीटर दूर बता दिया गया। नवंबर 2023 में साइट इंस्पेक्शनरीवा के तत्कालीन सीएफ राजेश कुमार राय ने 9 नवंबर 2023 को धिरौली कोल ब्लॉक के लिए आवंटित वन भूमि का साइट इंस्पेक्शन किया। इसकी डिटेल रिपोर्ट 21 नवंबर 2023 को वन विभाग के जरिए केंद्र सरकार को भेजते हुए कोल ब्लॉक आवंटन की अनुशंसा की गई थी। रिपोर्ट के पॉइंट क्रमांक 24 में लिखा गया कि वर्तमान में प्रचलित वर्किंग प्लान आईएफएस राजीव मिश्रा द्वारा तय 2019-20 से 2028-29 के आलेख भाग-2 के पेज क्रमांक 442 के अनुसार सिर्फ बीट क्रमांक आरएफ-375 की वन भूमि हाथी कॉरिडोर में शामिल है। लेकिन इसके आगे-पीछे और आसपास की बीट को लेकर स्पष्ट नहीं किया गया। सीसीएफ ने कुछ शर्तों के साथ कोल ब्लॉक आवंटन की अनुशंसा कर दी। शर्तें लगाई गई कि हाथी कॉरिडोर में कोई भी ऐसा काम नहीं किया जा सकता, जिससे हाथियों के आवागमन में किसी तरह की बाधा पैदा होती हो। जैसे स्थाई भवन निर्माण, डिपो स्थापना, लेबर कैंप, स्थाई प्रकृति के निर्माण नहीं किए जाएंगे। कॉरिडोर में गैर वानिकी उपयोग नहीं किया जाएगा। भास्कर एक्सपर्ट - पहले जिस जगह पर कॉरिडोर था, अब वहां न मिलना, संदेह पैदा करता है...किसी जंगल में वर्किंग प्लान के मुताबिक पहले हाथी कॉरिडोर था, लेकिन बाद के प्लान में कॉरिडोर नहीं मिला। यह संदेह पैदा करता है। ऐसा सिर्फ तभी संभव है जब जंगल में कोई बड़ा फिजिकल चेंज आया हो। जैसे- वहां कोई बांध या नहर का निर्माण हुआ हो। इस मामले की किसी स्वतंत्र पक्ष से जांच कराई जानी चाहिए कि यह बदलाव फिजिकल चेंज के कारण आया है या किसी दबाव में कॉरिडोर के रूट को बदल दिया गया है। वर्किंग प्लान में एक दशक का अंतराल, इसी आधार पर रिवाइज किया मूवमेंट एरिया सिंगरौली जिले के पिछले वर्किंग प्लान में 2008 तक के डेटा के आधार पर धिरौली वन क्षेत्र को एलिफेंट मूवमेंट एरिया माना गया था, लेकिन नए वर्किंग प्लान में उसके लगभग एक दशक बाद के डेटा को आधार माना गया है। इसी के आधार पर एलिफेंट मूवमेंट एरिया को रिवाइज किया गया है। इस कारण दोनों वर्किंग प्लान में अंतर आया है। -विजय कुमार अंबाड़े, वन बल प्रमुख मप्र
सहारनपुर में वैवाहिक संबंधों को लेकर उपजे लंबे विवाद का खौफनाक अंत करते हुए बहन के ससुर की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। ये फैसला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया। मामले की जानकारी देते हुए डीजीसी सोनवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में थाना गागलहेड़ी में सरस्वती विहार निवासी अर्पित शर्मा पुत्र अनिल शर्मा ने लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार, अर्पित शर्मा की शादी 22 अप्रैल 2016 को हरिद्वार निवासी विशाखा के साथ हुई थी। वर्ष 2018 में विशाखा ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल से ही वो नवजात बेटी को लेकर अपने मायके चली गई। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच रिश्तों में लगातार तनाव बना रहा। वादी के अनुसार, उसके परिवार ने कई बार विशाखा और बेटी को ससुराल वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार विशाखा के परिजन अभद्र व्यवहार करते रहे। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। ये विवाद धीरे-धीरे गंभीर होता चला गया और आखिरकार 16 जून 2022 को हिंसक घटना में तब्दील हो गया। घटना के दिन शाम करीब 6:20 बजे अर्पित शर्मा के पिता अनिल शर्मा, माता आशा शर्मा और बहन यश्वी शर्मा अपनी कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान विशाखा का भाई अर्पित पुत्र अशोक शर्मा, निवासी हरिद्वार, वहां पहुंचा और अचानक अनिल शर्मा पर गोली चला दी। गोली लगने से अनिल शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी ने मौके पर मौजूद उनकी पत्नी और बेटी को भी जान से मारने की धमकी दी। घटना के तुरंत बाद परिजन अनिल शर्मा को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस बरामद किए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि गोली अर्पित पुत्र अशोक शर्मा ने ही चलाई थी और उसी के कारण अनिल शर्मा की मौत हुई। मृतक की पत्नी आशा शर्मा और बेटी यश्वी शर्मा ने भी कोर्ट में घटना के समर्थन में बयान दिए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया गया।
क्रिकेट महाकुंभ बना ग्रामीण प्रतिभाओं का मंच, खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का संकल्प
सागर | सुरखी विधानसभा क्षेत्र में युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में आयोजित क्रिकेट महाकुंभ ग्रामीण युवाओं की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है। बुधवार को युवा शक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत ने सुरखी के चक्र मैदान एवं बिलहरा मैदान पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। बिलहरा मंडल में खेले गए मुकाबलों में याराना इलेवन ने सुपर इलेवन को 39 रन से हराया। धुरंधर क्रिकेट क्लब ने खजुरिया क्रिकेट क्लब पर 9 विकेट से जीत दर्ज की। शिव शक्ति क्रिकेट क्लब ने श्री रामा खुरई को पराजित किया, जबकि राजघाट इलेवन ने सियावर इलेवन को 5 विकेट से हराया। सुरखी मंडल में सुपर किंग क्रिकेट क्लब ने एनके क्रिकेट क्लब को 13 रन से हराया। संस्कार क्रिकेट क्लब ने बालाजी क्रिकेट क्लब पर 1 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। मां हरसिद्धि क्रिकेट क्लब ने चतुर्भटा क्रिकेट क्लब को 3 रन से हराया, वहीं बंसिया ब्लास्ट ने रॉयल सुरखी को 4 रन से पराजित किया। जैसीनगर मंडल में महुआखेड़ा क्रिकेट क्लब, आमोदा क्रिकेट क्लब, यंग स्टार क्रिकेट क्लब एवं बांसा क्रिकेट क्लब ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर आगे की बढ़त बनाई। इस अवसर पर मंत्री प्रतिनिधि मूरत सिंह राजपूत सहित युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जयपुर का सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज दुनिया में सबसे ज्यादा बेड क्षमता वाला मेडिकल संस्थान बनने को तैयार है। एसएमएस से संबद्ध अस्पतालों में 7 प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन प्रोजेक्ट पूरे होते ही SMS और इससे संबद्ध अस्पतालों की कुल बेड क्षमता करीब 9500 हो जाएगी। ये विश्व के किसी भी मेडिकल कॉलेज में सर्वाधिक होगी। राज्य सरकार ने एसएमएस से अटैच अस्पतालों में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पूरे करने की डेडलाइन तय कर दी है। सबसे चर्चित 1200 बैड क्षमता वाला आयुष्मान IPD टावर जनवरी 2027 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा हार्ट, कैंसर, स्किन रोगियों के लिए अलग से बन रहे इंस्टीट्यूट भी अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे। पढ़िए- ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट '10 हजार बेड क्लब' में होगा इकलौता मेडिकल इंस्टीट्यूट एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि एसएमएस से संबद्ध कई हॉस्पिटल में 7 नए प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। एक-एक कर ज्यादातर इसी साल पूरे होने के बाद फंक्शनल हो जाएंगे। सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के पूरा करने की समय सीमा (डेडलाइन) तय कर दी गई है। अभी हमारी बैड क्षमता 6500 के आस-पास है, इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद करीब 9500 बेड की क्षमता हो जाएगी। इसी के साथ ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज दुनिया के सबसे बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूशन में शामिल हो जाएगा। हार्ट के मरीजों को एक ही छत के नीचे मॉडर्न तकनीक से इलाज मिलेगा तो स्किन से जुड़ी बीमारियों का भी हाइटेक मशीनों से इलाज होगा। इसके अलावा महिलाओं से जुड़े अस्पतालों में भी बैड्स की क्षमता बढ़ने वाली है। नए प्रोजेक्ट और उनके शुरू होने की डेडलाइन 1. एसएमएस हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वेस्कुलर साइंसेज एसएमएस अस्पताल में पुरानी इमर्जेंसी के पास इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वैस्कुलर साइंसेस लगभग बनकर तैयार है। इस इंस्टीट्यूट में 212 बैड, 5 कैथ लैब और 5 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। यहां एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी जैसा इलाज मिल पाएगा। 2. एक छत के नीचे होगा स्किन का इलाज एसएमएस अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी बनकर लगभग पुरी तरह तैयार हो गया है। करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस इंस्टीट्यूट में स्किन से जुड़ी समस्याओं का सबसे एडवांस तकनीक से इलाज होगा। इस इंस्टीट्यूट को लेकर दावा है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह का देशभर में पहला इंस्टीट्यूट होगा। कॉस्मेटिक प्रोसीजर से जुड़ी सभी आधुनिक मशीनें यहां होंगी। हेयर ट्रांसप्लांट, झड़ते बालों को दोबारा उगाने, अनचाहे बालों को हटाने समेत कई तरह के स्किन ट्रीटमेंट होंगे। इसके अलावा एक्साइमर लेजर तकनीक से सफेद दाग का इलाज किया जाएगा। इस इंस्टीट्यूट में सेक्सुअल वेल बीइंग क्लिनिक भी शुरू होगा। 3. महिला चिकित्सालय में गर्भवतियों के लिए 'डबल' होगी बेड की संख्या एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच महिला चिकित्सालय में भी सुविधाओं का विस्तार होगा। अभी यहां 504 बैड हैं। यहां 550 बैड और बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा 4 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी शुरू होने वाले हैं। नई बिल्डिंग इसी साल जुलाई तक शुरू होने की संभावना है। 4. जनाना हॉस्पिटल में आईपीडी ब्लॉक एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच राजधानी के चांदपोल स्थित जनाना हॉस्पिटल में सुविधाओं का विस्तार करते हुए 300 नए बैड मिलने जा रहे हैं। यहां 2 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इससे मरीजों का काफी राहत मिलेगी। आईपीडी ब्लॉक इसी साल जुलाई में शुरू होगा। 5. स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट : 520 बेड होंगे, देश का सबसे बड़ा बोनमैरो ट्रांसप्लांट सेंटर भी यहीं कैंसर के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जयपुर के प्रताप नगर में 400 बैड का 6 फ्लोर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बिल्डिंग बनकर लगभग तैयार है। यहां नए 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां 50 बैड का बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट भी स्थापित की जा रही है। ये देश में सबसे बड़ा सेंटर होगा। इसी साल जुलाई में शुरू करने की डेडलाइन तय की है। 6. गणगौरी हॉस्पिटल : 300 बेड का नया ब्लॉक राजधानी जयपुर के परकोटा इलाके में स्थित गणगौरी अस्पताल पुराने शहर के मरीजों के इलाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां 300 एडिशनल बैड का नया ब्लॉक बनाया गया है। इसके इसी साल अगस्त में शुरू करने की डेडलाइन तय की गई है। 7. आयुष्मान आईपीडी टावर में होंगे 1200 बैड अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1200 बैड का आयुष्मान आईपीडी टावर के निर्माण में लगातार देरी हो रही है। लेकिन अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जनवरी 2027 में शुरू करने की डेडलाइन तय कर दी है। यहां 20 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के अलावा 125 कॉटेज वार्ड, 100 रजिस्ट्रेशन सेंटर बन रहे हैं। टावर की रूफ टॉप पर एक हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। इनके अलावा इसी साल एसएमएस में एक डॉक्टर्स कैफेटेरिया, इमरजेंसी ब्लॉक का एक्सटेंशन और इमरजेंसी ब्लॉक के पास एक और कैफेटेरिया शुरू किया जाएगा। SMS मेडिकल कॉलेज के अंडर आते हैं जयपुर के 13 अस्पताल एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एसएमएस हॉस्पिटल समेत कुल 13 अस्पताल (एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुरिया, कांवटिया, जनाना, महिला, स्टेट कैंसर हॉस्पिटल, सुपर स्पेशियलिटी, मनोचिकित्सा केंद्र, जेके लोन, गणगौरी, श्वसन रोग संस्थान, बनीपार्क और सेठी कॉलोनी के सैटेलाइट हॉस्पिटल) अटैच हैं। यहां हर रोज हजारों की संख्या में लोग इलाज लेते हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कुल 44 टीचिंग डिपार्टमेंट हैं। वर्तमान में सभी अटैच अस्पतालों में 6 हजार 579 बैड हैं। अब 7 नए प्रोजेक्ट्स को मिलाकर 2 हजार 962 नए बैड मिलेंगे। ऐसे में SMS मेडिकल कॉलेज में कुल बेड की संख्या 9 हजार 547 हो जाएगी। हर साल करीब 4 लाख मरीज होते हैं भर्ती आंकड़ों के अनुसार एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच सभी 13 अस्पतालों में सालाना 59 लाख 52 हजार 373 से ज्यादा OPD में दिखाते हैं। वहीं सालाना 3 लाख 86 हजार 307 से ज्यादा मरीजों (आईपीडी) को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। सालाना 3 लाख 59 हजार 515 से ज्यादा छोटे-बड़े ऑपरेशन- प्रोसीजर्स किए जाते हैं। इसके अलावा महिलाओं के अस्पतालों में 48 हजार 962 से ज्यादा डिलीवरी होती हैं। मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत फैकल्टी संख्या 731 है, लेकिन 535 फैकल्टी मेंबर ही वर्किंग हैं। इसी तरह 9 हजार 73 से ज्यादा नॉन फैकल्टी स्टाफ स्वीकृत है, लेकिन 6 हजार 853 का स्टाफ ही कार्यरत है। 1700 करोड़ का सालाना बजट SMS मेडिकल कॉलेज का सालाना बजट 1700 करोड़ का है। यहां हर साल 1334 स्टूडेंट्स अलग-अलग कोर्स में प्रवेश लेते हैं। वहीं, 4 हजार 266 स्टूडेंट ऑन रॉल हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि एसएमएस में स्वीकृत बैड्स से ज्यादा बैड्स फंक्शनल हैं। क्योंकि यहां नो रिवर्सल पॉलिसी है, यानी इलाज के लिए आने वाले मरीज को लौटाया नहीं जाता। चीन और भारत में ही हैं सबसे ज्यादा बैड वाले सरकारी हॉस्पिटल दुनिया में सबसे ज्यादा बैड वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में चीन और भारत का ही नाम सामने आता है। चीन के कुछ अस्पतालों जैसे- झेंग्झौ यूनिवर्सिटी से संबद्ध मेडिकल इंस्टीट्यूट में सात हजार से ज्यादा बैड की क्षमता बताई जाती है। इसके अलावा भारत के ही चुनिंदा सरकारी अस्पतालों में बैड्स की संख्या इसके बराबर है। अब नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने के साथ ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज दुनिया के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में शुमार हो जाएगा।
बीएमसी में थैलेसीमिया व सिकलसेल की जांच होगी
सागर| बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अब जिले एवं संभाग के मरीजों को थैलेसीमिया, सिकलसेल एनीमिया एवं अन्य प्रकार के हीमोग्लोबिन विकारों की सटीक जांच हो सकेगी। कॉलेज अधिष्ठाता डॉ. पीएस ठाकुर ने पैथोलॉजी विभाग में हाई परफॉरमेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी मशीन की शुरुआत की है। बाजार में इस जांच का मूल्य 1000 रुपए से 1500 रुपए के बीच है। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमर गंगवानी ने बताया कि इस मशीन द्वारा हीमोग्लोबिन की कमी वाले बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में रक्त विकारों की पहचान हो सकेगी, जिससे उनके बेहतर इलाज में बड़ी सहायता मिलेगी। साथ ही अविवाहित युवक-युवतियों में थैलेसीमिया स्क्रीनिंग और उनकी काउंसलिंग के माध्यम से अगली पीढ़ी में होने वाले थैलेसीमिया रोग की प्रभावी रोकथाम संभव हो सकेगी।
जिले के राजस्व अफसरों के कामों की समीक्षा आज
सागर। संभाग आयुक्त अनिल सुचारी 29 जनवरी को शाम 4 बजे वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सागर जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें राजस्व प्रकरणों तथा राजस्व विभाग से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को वीसी से जुड़ना है। बैठक में समस्त राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा होगी। इसमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, भू-अर्जन एवं राजस्व अभिलेखों में अमल के लिए बाकी न रहने का प्रमाण पत्र की स्थिति की समीक्षा होगी।
छात्रवृत्ति के आवेदन 15 तक करें
सागर| पिछड़ा वर्ग के छात्र सत्र 2025-26 के पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन संस्था के माध्यम से 15 फरवरी तक जमा कर सकते हैं। विद्यार्थी को मप्र का मूल निवासी हो। पिछड़ा वर्ग से होना चाहिए। 10वीं के बाद (11वीं, 12वीं, कॉलेज, तकनीकी कोर्स) की पढ़ाई कर रहा हो।
दो लाइन का सुसाइड नोट लिख इलेक्ट्रीशियन ने फांसी लगाई
जीवाजीगंज थाना क्षेत्र की श्रीकृष्ण कॉलोनी में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन मुकेश पिता नंदकिशोर मकवाना 45 साल ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय पत्नी और बच्चे पड़ोस में सुंदरकांड पाठ सुनने गए थे। वापस लौटे तो मुकेश फंदे पर लटका था। घरवालों ने इलेक्ट्रीशियन को फंदे पर देखा तो तत्काल आसपास के लोगों की मदद से फंदे से उतार अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि दो लाइन का सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें सिर्फ इतना ही लिखा कि अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं। घरवालों से भी उसकी मौत को लेकर बात की, किसी तरह की कोई परेशानी, झगड़ा सामने नहीं आया। पुलिस ने बताया कि परिजन के बयान लेकर जांच की जाएगी। थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया ने बताया अस्पताल से ही मौत की सूचना आई थी और सुसाइड नोट में सिर्फ इतना ही लिखा कि मेरी घरवालों को परेशान न किया जाए, मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं।
आगरा में एचआर मिंकी शर्मा की उसके प्रेमी विनय राजपूत ने बर्बरता से हत्या कर दी। सिर धड़ से अलग कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी विनय के परिजन अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा ऐसा कर सकता है। माता-पिता अभी यकीन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं मोहल्ले के लोगों का कहना है कि लगता नहीं था कि विनय ऐसा जघन्य अपराध कर सकता है। कालिंदी विहार के पार्वती विहार की रहने वाली मिंकी की उसके प्रेमी विनय राजपूत ने संजय प्लेस स्थित आफिस में चाकू से काटकर हत्या कर दी थी। प्रेमी ने सिर काटकर झरना नाले में फेंक दिया। पुलिस ने महज 24 घंटे में घटना का खुलासा कर दिया। आरोपी विनय को उसके ट्रांस यमुना कॉलोनी सी ब्लॉक स्थित घर से पकड़ लिया। हत्या के बाद विनय के मोहल्ले में लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है कि सीधा सा दिखने वाला लड़का इतना जघन्य अपराध कर सकता है। बुधवार को दैनिक भास्कर टीम विनय के घर पर पहुंची। उसके घर का दरवाजा बंद था। पड़ोस में एक दुकान थी। वहां पर तीन लोग खडे़ थे। वो विनय के बारे में बात कर रहे थे। दुकान पर खडे़ मनोज का कहना था कि लगता नहीं था कि वो ऐसा भी कर सकता है। गली मोहल्ले में विनय चुपचाप ही रहता था। दुकानदार प्रिंस ने बताया कि वो दुकान पर केवल अपने पापा के लिए पान मसाला लेने आता था। अगर कोई उससे तेज आवाज में बात भी कर ले तो वो पलटकर नहीं बोलता था। पता नहीं उसमें इतनी हिम्मत कैसे आ गई। माता-पिता का रो-रो कर बुरा हालविनय के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता अनार सिंह बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि उनका बेटा बहुत सीधा है। उन्हें अब भी यकीन नहीं है कि वो ऐसा कर सकता है। मां कहती हैं कि लड़की ने बेटे को अपने जाल में फंसा रखा था। वो उसे ब्लैकमेल करती थी। हम तो शादी के लिए तैयार थे, लेकिन वो ही मना कर रही थी। पुल पर मिली थी सिर कटी लाश24 जनवरी सुबह 4 बजे जवाहर पुल पर पीले रंग के बोरे में युवती की सिर कटी लाश मिली थी। पुलिस ने युवती की शिनाख्त मिंकी शर्मा के रूप में की थी। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी चेक कर आरोपी की पहचान की। नेल पालिश की मदद से मिंकी के शव की शिनाख्त की। पुलिस ने आरोपी को विनय को उसके घर से पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि मिंकी ने उससे शादी का वादा किया था। मगर, वो शादी के लिए आनकानी कर रही थी। वो किसी और के साथ घूमती थी। इसको लेकर ही उसका विवाद हुआ और उसने मिंकी की हत्या कर दी।
अंतरराज्यीय भ्रमणशील कला प्रदर्शनी 31 से
उज्जैन | गैलरी फनकार उज्जैन हैदराबाद आर्ट सोसाइटी के सहयोग से कालिदास अकादमी में 31 जनवरी को कला सेतु प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मध्यप्रदेश-तेलंगाना अंतरराज्यीय भ्रमणशील कला प्रदर्शनी का उद्घाटन शाम 5 बजे होगा। इसके बाद वरिष्ठ कलाकार एवं हैदराबाद आर्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एमवी रमण रेड्डी द्वारा थंब पेंटिंग का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा। 1 फरवरी को दोपहर 3 से 5 बजे तक वरिष्ठ कलाकार अखिलेश वर्मा कला विमर्श करेंगे व एमवी रमण रेड्डी की पुस्तक: पाथ टू आर्टिस्टिक ब्रिलियंस-ए जर्नी अनवील्ड का परिचय देंगे। कला सेतु एक अंतर-राज्य कला प्रदर्शनी है, जो मध्यप्रदेश और तेलंगाना के कलाकारों को एक साझा मंच पर लाती है। प्रदर्शनी में दोनों क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता, रंगों, रूपों और दृष्टि की झलक देखने को मिलेगी।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मीडिया के सवालों से भागे मंत्री इंदर सिंह परमारमंत्री इंदर सिंह परमार जब कटनी पहुंचे तो उन्होंने मीडिया से बात तो की, लेकिन उतना ही बोले जितना उन्हें बताना जरूरी लगा। जैसे ही सवालों की बारी आई, मंत्री जी ने टालमटोल शुरू कर दी। चलो हो गया.. ये मेरा विषय नहीं.. कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इसी बीच मंत्री ने एक ऐसी बात कह दी, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने कहा- ‘कैलाश जी को बुलवा लिया बेचारे को दबाव बनाकर।’ शायद मंत्री जी यह जताना चाह रहे थे कि वे कैलाश विजयवर्गीय नहीं हैं, जिन पर दबाव बनाया जाए और वे कुछ भी बयान दे दें। मंत्री इंदर सिंह ने मीडिया से कहा- मुझे कितना भी उकसा लो, मैं कैलाश विजयवर्गीय की तरह आप लोगों की बातों में फंसने वाला नहीं हूं। बता दें कि हाल ही में इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सवाल पूछे जाने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक पत्रकार पर भड़क गए थे। उन्होंने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिस पर खूब बवाल मचा था। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन भी किए थे। कैलाश विजयवर्गीय के इसी मामले से सबक लेते हुए मंत्री इंदर सिंह परमार ने मीडिया के सवालों से दूरी बना ली। या फिर यह भी हो सकता है कि सत्ताधारी दल भाजपा ने ही अपने मंत्रियों की ज़ुबान पर लगाम कस दी हो। सीएम से बोले खिलाड़ी- विधायक तो सुनते ही नहींसीएम डॉ. मोहन यादव हाल ही में अशोकनगर जिले के मढ़ी महिदपुर गांव पहुंचे थे। यहां गांव के खिलाड़ियों ने उन्हें रोककर स्टेडियम और खेल मैदान बनाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने पास में ही खड़े चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी से कहा कि खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम बनवाया जाए। इसी दौरान बच्चों ने बताया कि वे पहले भी विधायक से यह मांग कर चुके हैं, लेकिन वे सुनते ही नहीं। इस पर मुख्यमंत्री ने विधायक का बचाव करते हुए बच्चों को समझाया कि इस तरह की बात नहीं बोलनी चाहिए। अब लोग कह रहे हैं कि भले ही सीएम ने बात संभाल ली, लेकिन विधायक की फजीहत तो हो ही गई। घोड़े के साउंड से सकते में आ गए सांसद लालवानीइंदौर से भाजपा सांसद शंकर लालवानी एक हॉर्स शो में पहुंचे थे, जहां उन्होंने घुड़सवारी भी की। इस दौरान एक पल ऐसा आया, जब वे सहम से गए। इसका वीडियो अब सामने आया है। सांसद लालवानी हंसते-हंसते घोड़े पर सवार हुए। कुछ कदम चले ही थे कि घोड़ा हिनहिनाने लगा। घोड़े की आवाज सुनते ही सांसद कुछ पल के लिए सकते में आ गए। उनके चेहरे के भाव भी बदल गए और उन्होंने घोड़े को रोकने का इशारा किया। हालांकि इसके बाद वे फिर मुस्कुराते नजर आए और समर्थकों के साथ फोटो भी खिंचवाया। अब लोग कह रहे हैं कि राजनीति है साहब, यहां डर में भी मुस्कुराना पड़ता है और सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे स्टंट भी करने पड़ते हैं। भाजपा सांसद को कबड्डी में जबरदस्ती जितायानर्मदापुरम से भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी रायसेन जिले के उदयपुरा के एक गांव में आयोजित सांसद खेल महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कबड्डी भी खेली। इस दौरान एक रोचक नजारा देखने को मिला। हुआ यूं कि सर्विस देने के लिए सांसद विरोधी टीम के पाले में गए। वहां एक खिलाड़ी ने उन्हें पकड़ लिया। सांसद ने खुद को छुड़ाने के लिए पूरा जोर लगाया और गिरते हुए लाइन को छू लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सांसद ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है, जिस पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि ऐसा लग रहा है जैसे सांसद को जबरदस्ती जिताया गया हो। दरअसल, जब एक खिलाड़ी ने सांसद को पकड़ा, तो बाकी खिलाड़ी देखते रहे। वहीं, जिसने पकड़ा था उसने भी कुछ ही पलों में सांसद को छोड़ दिया। अब नेता जी सांसद जो ठहरे, जिताना तो पड़ेगा ही। इनपुट सहयोग - मोहम्मद एजाज (कटनी), संतोष शितोले (इंदौर), संजीव यादव (अशोकनगर) ये भी पढ़ें - गणतंत्र-दिवस पर भारत माता की जगह लक्ष्मी माता की पूजा: मंत्रियों ने खाया शाही मिड-डे-मील मध्य प्रदेश को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता। यहां आए दिन कुछ न कुछ ऐसा हो ही जाता है, जो चर्चा का विषय बन जाता है। इस बार ऐसा ही एक कारनामा धार जिले के धरमपुरी की पीपल्दागढ़ी पंचायत में देखने को मिला, जहां गणतंत्र दिवस पर भारत माता की जगह लक्ष्मी माता की तस्वीर रखकर पूजा कर दी गई। पूरी खबर पढ़ें
इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस एलएचबी रैक से चलेगी
उज्जैन | यात्रियों की सुविधा एवं संरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन नंबर संख्या 18233/18234 इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस आईसीएफ रैक के स्थान पर एलएचबी रैक से चलाएंगे। पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार ट्रेन नंबर 18233 इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 मार्च 2026 से और ट्रेन नंबर 18234 बिलासपुर-इंदौर एक्सप्रेस 30 मार्च 2026 से एलएचबी रैक से चलेगी। इस ट्रेन में एक फर्स्ट एसी, एक सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, नौ स्लीपर एवं चार सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। ट्रेन के आगमन/प्रस्थान समय, ठहराव आदि में कोई परिवर्तन नहीं किया है।
9वीं व 11वीं के लेटरल एंट्री परीक्षा 7 फरवरी को
उज्जैन/ घट्टिया | घट्टिया, तराना और उज्जैन तहसील की कक्षा 9वीं एवं 11वीं की लेटरल एंट्री परीक्षा सत्र 2026 हेतु प्रवेश परीक्षा 7 फरवरी को पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय घट्टिया में होगी। प्राचार्य किरण महस्के ने बताया कि 11वीं का परीक्षा समय सुबह 11 से 1.30 बजे तथा 9वीं का सुबह 11.45 से 1.45 बजे तक रहेगा।
25 साल बाद बसपा को मिला OBC जिलाध्यक्ष:निषाद नेता पर लगाया दांव; कई सीटों पर पड़ेगा असर
पिछले कई चुनावों से खराब प्रदर्शन कर रही बसपा इस बार सत्ता तक पहुंचने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। 25 साल बाद पार्टी के संगठन में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। गोरखपुर में इस बार OBC जिलाध्यक्ष बनाया गया है। मुख्य मंडल प्रभारी रहे हरिप्रकाश निषाद को बसपा सुप्रीमो ने गोरखपुर का नया जिलाध्यक्ष बनाया है। गोरखपुर की कई सीटों पर निषाद मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है। इसके बहाने पार्टी निषाद वोटरों को साधने के प्रयास में है। हरिप्रकाश निषाद लंबे समय से बसपा की राजनीति कर रहे हैं। वह 1997 में बसपा में आए थे और तबसे लगातार इसी पार्टी के साथ हैं। पिपराइच क्षेत्र से वह जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। पार्टी की स्थिति चाहे जैसी रही हो, वह पार्टी से कभी अलग नहीं हुए। निषाद मतदाताओं में भी उनकी अच्छी पहचान मानी जाती है। आमतौर पर एससी नेता पर भरोसा करती रही हैं मायावतीबसपा सुप्रीमो भले ही सोशल इंजीनियरिंग की बात करती रही हों लेकिन उनका भरोसा संगठन के प्रमुख के तौर पर एससी नेताओं पर ही रहता था। लेकिन इस बार बसपा सुप्रीमो हर हाल में सरकार बनाने की कवायद में जुटी हैं। दलित के साथ मुस्लिम पर भी उनका जोर रहा है। लेकिन इस बार OBC मतदाताओं पर फोकस बढ़ाया गया है। इसी क्रम में गोरखपुर सहित कुछ अन्य जिलों में OBC वर्ग से जिलाध्यक्ष बनाए जा रहे हैं। जानिए गोरखपुर की किन सीटों पर प्रभारी हैं निषाद मतदातानिषाद मतदाताओं की संख्या यूं तो लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में अच्छी-खासी है। लेकिन गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, चौरी चौरा में निषाद मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं। पिपराइच क्षेत्र से ही बसपा के नए जिलाध्यक्ष भी ताल्लुक रखते हैं। बसपा के टिकट पर यहीं से निषाद नेता स्व. यमुना निषाद को जीत मिली थी। अब माना जा रहा है कि निषाद जिलाध्यक्ष बनने के बाद गोरखपुर में पार्टी के प्रदर्शन पर फर्क जरूर नजर आएगा। अब जानिए इससे पहले कब OBC नेता को मिली थी कमानगोरखपुर में बसपा के जिलाध्यक्ष पद पर इससे पहले सन 2000 में OBC नेता को बैठाया गया था। यह नेता निषाद समाज से ही हैं। पार्टी ने रामभुआल निषाद को जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। यह वह दौर था जब बसपा अपने उत्थान पर थी और मायावती दो बार सीएम बन चुकी थीं। पार्टी की नीति में बड़ा बदलावबसपा ने जब 2007 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई तो इसका श्रेय सोशल इंजीनियरिंग को दिया गया। यानी दलितों के साथ सवर्णों का वोट पाने में भी पार्टी सफल रही थी। इसके बावजूद संगठन में महत्वपूर्ण पद पर जल्दी किसी दूसरी जाति के नेता को नहीं बैठाया। वरिष्ठ पत्रकार अजय श्रीवास्तव कहते हैं कि यह रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव है। यह बदलाव करके चार प्रमुख दलों में बसपा इकलौती पार्टी बन गई है। इसका असर चुनाव पर भी देखने को मिलेगा। एक सप्ताह पहले जिलाध्यक्ष बनाए गए घनश्याम राही की जिम्मेदारी बदली लगभग एक सप्ताह पहले ही घनश्या राही को दूसरी बार जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी लेकिन बसपा सुप्रीमो ने उनकी जगह अनुभवी चेहरे को जिम्मेदारी दी है। घनश्याम को मंडल प्रभारी बनाया गया है।
कार्रवाई...:12वीं पास कर रहा था पाइल्स का इलाज, तीन दिन में 13 क्लीनिक पर कार्रवाई, 12 सील
स्वास्थ्य अमला इन दिनों फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए अभियान चला रहा है। सीएमएचओ की डॉ. उमेश मौर्य और पुरेंद्र राजपूत के नेतृत्व में बुधवार को टीम सिंधिया नगर स्थित बंगाली क्लीनिक पहुंची। यह क्लीनिक तापस गुप्ता संचालित कर रहा था। तापस ने बताया कि वह 12 वीं पास है। तापस गुप्ता पाइल्स, भगंदर के मरीजों का इलाज कर रहा था। यहां बैठे मरीज ने बताया कि यहां एक इंजेक्शन लगाकर पाइल्स,भगंदर का इलाज किया जाता है। इसके बाद टीम देव क्लीनिक पहुंची,जिसे देव नामक युवक संचालित कर रहा था। उनसे अपनी योग्यता कम्युनिटी हेल्थ वर्कर का डिप्लोमा करना बताया है। उसकी क्लीनिक का भी रजिस्ट्रेशन नहीं था और वह बुखार, खांसी के मरीज का इलाज कर रहा था। देव क्लीनिक के पास संचालित जय मां संतोषी क्लीनिक जिसे अनूप संचालित करता है। अनूप बीएससी नर्सिंग किए हुए हैं। क्लीनिक का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। वह एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। 8वीं पास भी कर रहे मरीजों का इलाज3 दिन चली कार्रवाई में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित 12 क्लीनिक सील की गई हैं। मंगलवार को रायरू में संचालित नेहा स्वास्थ्य सदन क्लीनिक, जिसे राजेंद्र सिंह राजपूत संचालित कर रहा था।वह बीएएमएस होने के बाद भी एलोपैथी पद्धति से मरीज का इलाज कर रहे था। इनके पास न तो सीएमएचओ का रजिस्ट्रेशन था और जब टीम ने क्लीनिक सील करने की बात कही तो उनकी टीम के साथ कहासुनी हो गई थी। उन्होंने क्लीनिक सील नहीं करने दी जिसके बाद टीम वापस लौट गई थी। 3 दिन में जो 12 क्लीनिक सील हुई हैं उनमें एक 8 वीं पास और 3 क्लीनिक 12 वीं पास संचालित कर रहे थे।
सतलुज–यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद CM भगवंत मान के बयान से सियासी घमासान मच गया। शिरोमणि अकाली दल ने साफ कर दिया कि वो किसी भी हाल में SYL नहर बनने नहीं देंगे। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरने लगी है। पंजाब कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आप सरकार भाई घन्नैया की शिक्षाओं की आड़ में पंजाब का पानी हरियाणा को देने की तैयारी कर रही है। शिअद ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हए स्पष्ट कर दिया कि वो एसवाईएल नहर को किसी हाल में बनने नहीं देंगे। पंजाब के पास खुद का पानी नहीं है तो वो किसी और को कहां से पानी दे देंगे। CM मान के इस बयान से विपक्षी हुए एग्रेसिव सीएम भगवंत मान ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “हम भाई घन्नैया जी के वारिस हैं। उन्होंने दुश्मनों को भी पानी पिलाया था। हरियाणा हमारा दुश्मन नहीं, हमारा भाई है।”इसी बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुखबीर बादल बोले- SYL किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ कहा कि SYL नहर पंजाब के हितों के खिलाफ है और अकाली दल किसी भी सूरत में इसे बनने नहीं देगा।सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब पहले ही गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। खेती, पीने के पानी और उद्योगों के लिए राज्य के पास पर्याप्त पानी नहीं है। ऐसे में हरियाणा को पानी देने की कोई भी कोशिश पंजाब के किसानों के साथ विश्वासघात होगा। अकाली दल का दावा, सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई अकाली दल नेताओं ने कहा कि SYL के खिलाफ सबसे मजबूत और लगातार संघर्ष अकाली दल ने ही किया है। उनका कहना है कि चाहे धरना-प्रदर्शन हों, विधानसभा में कानून लाना हो या सुप्रीम कोर्ट में पंजाब का पक्ष रखना अकाली दल हमेशा पंजाब के पानी के साथ खड़ा रहा है। अकाली दल ने कैसे वापस दिलाई SYL की जमीन 2016 में अकाली दल सरकार ने विधानसभा से SYL नहर की जमीन वापसी का बिल पास किया। अकाली दल सरकार के तात्कालिक मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने साफ कर दिया था कि जमीन वापस करेंगे ताकि दोबारा इसे बनाने के बारे में सोचा भी न जा सके। कांग्रेस का आरोप, भाई घन्नैया की आड़ में पानी देने की तैयारी कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि भाई घन्नैया जैसे महान सिख व्यक्तित्व का उदाहरण देकर जल विवाद को भावनात्मक रंग दिया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि आप सरकार केंद्र और हरियाणा के दबाव में है और सॉफ्ट भाषा के जरिए रास्ता बना रही है। पुनरसुरजीत अकाली दल ने भी जताया विरोध पुनरसुरजीत अकाली दल के अध्यक्ष व पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को साफ कर देना चाहिए कि हमारे पास पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब को यह शर्त रखनी चाहिए कि जब हमारा हिस्सा पूरा होगा तो ही आगे पानी मिलेगा और उसकी हमें रॉयल्टी दनी होगी। फिर क्यों गरमाया SYL मुद्दा एसवाईएल नहर का माला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और कोर्ट ने दोनों सरकारों को इस मुद्दे को बातचीत के आधार पर हल करने को कहा है। कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने भी इस पर सक्रियता दिखाई है। इसी वजह से दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई और इसे आगे बढ़ाने की बात की गई। बैठकों का दौर शुरू होने से विपक्ष को लगने लगा है कि हरियाणा को पानी दिए बिना इस मुद्दे का हल नहीं निकलेगा। वहीं विपक्ष चाहता है कि पंजाब का पानी हरियाणा को न दिया जाए। SYL विवाद में अब तक कब-कब क्या हुआ, जानिए सतलुज–यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पिछले सात दशकों से पंजाब और हरियाणा के बीच टकराव का बड़ा कारण बना हुआ है। इसकी शुरुआत 1955 में हुई, जब रावी-ब्यास नदियों के पानी के बंटवारे का पहला समझौता हुआ। उस समय हरियाणा अस्तित्व में नहीं था। 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के बाद हरियाणा अलग राज्य बना। इसके बाद केंद्र सरकार ने हरियाणा को भी रावी-ब्यास के पानी में हिस्सा देने का फैसला किया और SYL नहर की परिकल्पना सामने आई। 1981 में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच त्रिपक्षीय जल समझौता हुआ, जिसमें हरियाणा को 3.5 MAF पानी देने पर सहमति बनी। इसके तहत 1982 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने SYL नहर का शिलान्यास किया। हालांकि, पंजाब में विरोध और बाद में आतंकवाद के दौर के कारण 1990 के आसपास नहर निर्माण ठप हो गया। 1985 में राजीव गांधी-लोंगोवाल समझौते के तहत रावी-ब्यास वाटर ट्रिब्यूनल बना, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। 2004 में पंजाब सरकार ने जल समझौते रद्द करने का कानून बनाया, जिसे 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दे दिया। अदालत ने कहा कि पंजाब एकतरफा समझौते खत्म नहीं कर सकता।
बारिश की मार...:मेले में भरा पानी, थाटीपुर में बेसमेंट धंसका, माधौगंज में मकान का छज्जा गिरा
शहर में पिछले 13 घंटे से लगातार हुई बारिश से सारा शहर अस्त व्यस्त हो गया। ग्वालियर व्यापार मेला में जगह-जगह पानी भर गया। वहीं थाटीपुर में धनवाद एन्क्लेव के बगल से अंडरग्राउंड बेसमेंट के निर्माण के दौरान एन्क्लेव की बाउंड्री पिलर सहित गिर गई। वहीं माधौगंज में गोपाल औषधालय के सामने एक मकान का छज्जा बारिश के कारण गिर गया। थाटीपुर में धनवाद एन्क्लेव की बाउंड्री पिलर सहित गिर गई। मल्टी में 8 परिवार रहते हैं। माधौगंज में सोहन दूध डेयरी के पास गौपाल औषधालय के सामने एक मकान का छज्जा गिर गया।
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने के लिए अब फुल एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) प्रमाणित अस्पतालों को ही मान्यता देने का ऐलान कर दिया है। यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका सीधा असर उन छोटे और मझोले अस्पतालों पर पड़ेगा जो अब तक इस योजना के तहत लाखों गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज कर रहे थे। इस आदेश के लागू होने के बाद शहर के 52 छोटे अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर हो जाएंगे। छोटे अस्पताल करते हैं सबसे ज्यादा इलाज: राज्यभर के लगभग 90% निजी अस्पताल अभी एंट्री लेवल एनएबीएच पर ही कार्यरत हैं। ये वही अस्पताल हैं जहां आयुष्मान कार्ड धारकों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इन अस्पतालों पर ग्रामीण और शहरी गरीबों का सीधा भरोसा है। जिले में 20 सरकारी और 71 प्राइवेट हॉस्पिटलों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को इलाज मिल रहा है। इनमें से 39 अस्पताल ही ऐसे हैं जो एनएबीएच प्रमाणित हैं। वर्तमान में 52 अस्पताल एनएबीएच प्रमाणित नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर फुल एनएबीएच वाले अस्पताल ज्यादातर कॉरपोरेट या फाइव स्टार हॉस्पिटल होते हैं, जहां गंभीर या विशेष बीमारियों का इलाज होता है और आमतौर पर वहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज कराना मुश्किल होता है। फुल एनएबीएच की अनिवार्यता 1 अप्रैल 2026 से होगी लागू मरीजों को कैसे मिलेगी मदद? योजना से छोटे अस्पतालों के हटने से जो मरीज आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज ले पा रहे हैं, उन्हें निजी अस्पतालों में मजबूरन पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। सरकारी अस्पतालों की सीमित सुविधा और भीड़ के कारण आम आदमी का स्वास्थ्य सिस्टम से भरोसा उठ सकता है। क्या होता है एनएबीएच?एनएबीएच यानी नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स भारत सरकार की एक संस्था है जो अस्पतालों की गुणवत्ता जांचने और उन्हें प्रमाणित करने का काम करती है। इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है। इसमें दो स्तर होते हैं- सरकार का आदेश तर्क संगत नहीं: नर्सिंगहोम एसोसिएशननर्सिंगहोम एसोसिएशन का कहना है कि जिन प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लिए अनुबंध किया है 1 अप्रैल से फुल एनएबीएच अनिवार्यता का जो आदेश जारी किया है। वह तर्क संगत नहीं है। यह आदेश कुछ अस्पतालों को ही लाभ पहुंचाने के लिए किया जाना प्रतीत होता है। सभी अस्पताल संचालक मार्च तक मान्यता ले लेंसभी हॉस्पिटल संचालक मार्च तक एनएबीएच की मान्यता अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। जिन हॉस्पिटल में अभी आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा है वे भी एनएबीएच की मान्यता जरूरी है।-डॉ. प्रबल प्रताप सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी 2 (आयुष्मान योजना) आयुष्मान: निजी अस्पतालों के लिए NABH सर्टिफिकेट अनिवार्य: कोर्ट मप्र हाई कोर्ट ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने इस अनिवार्यता को लागू नहीं करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे नीतिगत फैसलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में संचालित निजी अस्पतालों को एनएबीएच मानकों का पालन करना होगा। याचिका में तर्क दिया गया था कि इस शर्त से छोटे अस्पताल बंद हो सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने कहा कि यदि किसी अस्पताल को इस अनिवार्यता पर आपत्ति है, तो वह स्वयं पक्षकार बनकर अदालत के समक्ष आ सकता है।
ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा ने निष्कासित कर दिया। 1 साल 3 दिन वो महामंडलेश्वर की भूमिका में दिखीं। इस दौरान उन्होंने 3 बार विवादित बयान दिए। पहला- डॉन दाऊद इब्राहिम। दूसरा- म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान। तीसरा- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। 27 जनवरी को किन्नर अखाड़ा आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ऐलान किया- अब ममता कुलकर्णी से अखाड़े का कोई संबंध नहीं है। वह अखाड़े की अधिकारी या सदस्य नहीं हैं। उनके दिए किसी बयान से हमारा कोई सरोकार नहीं है। इसके बाद मीडिया को दिए बयान में ममता कुलकर्णी ने कहा- मैंने महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दिया है। मैंने देखा है कि सच्चा महंत या महामंडलेश्वर बनने के लिए कई साल तक ध्यान, तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन से गुजरना पड़ता है। इस पूरे मामले की हकीकत क्या है? क्या अचानक ही ममता को अखाड़े से बाहर करने का निर्णय हुआ था? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत... सवाल : ममता कुलकर्णी को निकालने का निर्णय अचानक क्यों लेना पड़ा?जवाब : महाकुंभ में हमने उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी दी थी, ताकि वह सनातन को आगे बढ़ाने का काम करें, लेकिन ऐसा होता दिखा नहीं। वह लगातार उल्टे-सीधे बयान जारी कर रही थीं। यह अखाड़ा सबके लिए है, इसमें महिलाएं, पुरूष और किन्नर सब शामिल हैं, लेकिन किसी को हमने गलत बयान देने का अधिकार नहीं दिया है, ये स्वीकार नहीं है। सवाल : ममता जब लगातार बयानबाजी कर रही थीं, क्या आपने रोका?जवाब : मैं अखाड़े की प्रमुख हूं, मैंने खुद अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन ममता कुलकर्णी ने उल-जलूल बयान दिए। इसके पहले भी कई बार वो ऐसा कर चुकी थीं। हमने कई बार रोका, समझाया…लेकिन वो नहीं समझ सकीं। सवाल : अखाड़े से महामंडलेश्वर को बाहर निकालने की क्या प्रक्रिया होती है?जवाब : हमारे अखाड़े में सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलता है, लेकिन किसी संवेदनशील मामले में कुछ अहम बात करने से बचना होता है। ममता कभी डॉन दाऊद को लेकर तो कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर कुछ न कुछ कह रही थीं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और अन्य शंकराचार्यों को लेकर उन्होंने विवादित बयान दिया था। इसके बाद अखाड़ा के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की गई। सबकी सहमति बनी कि ममता को अखाड़ा से बाहर करने का निर्णय लिया। सवाल : ममता ने दाऊद, एआर रहमान, फिर शंकराचार्य पर बयान दिया?जवाब : किसी को एक या दो बार समझाया जाता है, न कि बार-बार। गोरखपुर में कुछ दिन पहले ही दाऊद को लेकर उन्होंने कहा कि दाऊद इब्राहिम कोई आतंकवादी नहीं है और उसने कोई बम ब्लास्ट नहीं करवाया। इसके बाद भी हमने समझाया था कि ऐसा बोलना गलत है। इसके बावजूद 26 जनवरी को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के लिए कहा कि उन्हें नियुक्त किसने किया? हम ऐसा नहीं पूछ सकते। यही उन्हें समझना चाहिए। सवाल : क्या उन्हें बाहर करने से पहले आपकी ममता से कोई बात हुई थी?जवाब : नहीं, क्योंकि इसके पहले ही हमने उन्हें आगाह किया था, मुझे लगा कि शायद अब ऐसा न हो। इस बार हमने कोई बात नहीं की। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर लगता है कि उन्होंने भी इस निर्णय को स्वीकार किया। सवाल : अविमुक्तेश्वरानंद पर दिए बयान पर बाहर किया, दाउद को सही ठहराने पर क्यों नहीं?जवाब : देखिए, शंकराचार्य पर इतना घटिया बयान देना, यह हमारे संतों का अपमान है। जो इतने सालों से संन्यास लेकर शंकराचार्य बना हो, उस पर भला हम कोई कमेंट कैसे कर सकते हैं? दाऊद को लेकर जब उन्होंने बयान दिया था तब हमने समझाया था लगा कि अब ऐसा नहीं होगा, इसलिए एक्शन नहीं लिया था। अब जानिए ममता कुलकर्णी ने कब और क्या विवादित कहा... ममता महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में रही थीं ममता कुलकर्णी 23 जनवरी, 2025 को अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं। दोपहर में किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलीं। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। फिर दोनों अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से मिलीं। इसके बाद ममता को महामंडलेश्वर बना दिया गया। उनका नाम यामाई ममता नंद गिरि रखा गया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई संतों ने इसका विरोध किया था। रामदेव ने कहा था- कोई एक दिन में संतत्व को प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बाद 10 फरवरी को ममता ने किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया था। हालांकि 2 दिन बाद यानी 12 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया था। अब ममता को फिल्मी करियर भी जानिए विवादों में रहीं ममता, मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट करायाशाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अनिल कपूर जैसे बड़े स्टार्स से साथ स्क्रीन शेयर करने वाली ममता उस वक्त विवादों में आईं जब उन्होंने साल 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया था। वहीं, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने ममता को फिल्म 'चाइना गेट' में बतौर लीड एक्ट्रेस लिया था। शुरुआती अनबन के बाद संतोषी, ममता को फिल्म से बाहर निकालना चाहते थे। खबरों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें फिल्म में रखा गया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप साबित हुई और बाद में ममता ने संतोषी पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप भी लगाया। फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद ममता विक्की गोस्वामी के साथ दुबई, केन्या जाकर रहने लगी थीं। ड्रग माफिया से रचाई शादी, साध्वी बनींममता पर आरोप लगा कि उन्होंने दुबई के रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की थी। हालांकि ममता ने अपनी शादी की खबरों को हमेशा ही अफवाह बताया। ममता का कहना था कि मैंने कभी किसी से शादी नहीं की। यह सही है कि मैं विक्की से प्यार करती हूं, लेकिन उसे भी पता होगा कि अब मेरा पहला प्यार ईश्वर हैं। ममता ने 2013 में अपनी किताब 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी' रिलीज की थी। इस दौरान फिल्मी दुनिया को अलविदा कहने की वजह बताते हुए कहा था, 'कुछ लोग दुनिया के कामों के लिए पैदा होते हैं, जबकि कुछ ईश्वर के लिए पैदा होते हैं। मैं भी ईश्वर के लिए पैदा हुई हूं।' फिल्म करण अर्जुन के सेट पर शाहरुख खान, राकेश रोशन और सलमान खान के साथ ममता कुलकर्णी। तमिल फिल्म से शुरू किया था करियरममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल, 1972 को मुंबई में हुआ था। ममता ने 1991 में अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म 'ननबरगल' से की। साल 1991 में ही उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘मेरा दिल तेरे लिए’ रिलीज हुई। वेबसाइट आईएमडीबी के मुताबिक, एक्ट्रेस ने अपने करियर में कुल 34 फिल्में कीं। ममता को साल 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था। इसके बाद वह 'वक्त हमारा है', 'क्रांतिवीर', 'करण अर्जुन', 'बाजी' जैसी फिल्मों में नजर आईं। उनकी लास्ट फिल्म 'कभी तुम कभी हम' साल 2002 में रिलीज हुई थी। ----------------------- ये भी पढ़ें - अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेला छोड़कर गए:कहा- बिना स्नान दुखी मन से लौट रहा हूं; जिन्होंने अपमान किया, उन्हें औकात दिखानी होगी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है। वह काशी के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- आज मन इतना व्यथित है कि हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। इस दुख की भरपाई पता नहीं कौन सा नेता आएगा कौन सी पार्टी आएगी जो करेगी। प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की धरती रही है। पढ़िए पूरी खबर...
प्राइमरी स्कूलों में एक टीचर के तबादले से पूरे स्कूल के छात्रों की पढ़ाई पर संकट की खबरें आती रही हैं, लेकिन अब खंडवा मेडिकल कॉलेज में भी ऐसा मामला सामने आया है। 120 एमबीबीएस सीटों वाले नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय मेडिकल कॉलेज खंडवा के सर्जरी विभाग के एचओडी और एकमात्र प्रोफेसर डॉ. अजय गंगजी को प्रतिनियुक्ति पर इंदौर भेज दिया गया है। इससे कॉलेज की मान्यता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यही नहीं, इस प्रतिनियुक्ति में नियमों की भी अनदेखी की गई है। इसके पहले भी डॉ. गंगजी को इंदौर भेजने के दो से तीन प्रस्ताव आ चुके थे। तब कॉलेज प्रबंधन ने आपत्ति ली थी, इसलिए प्रतिनियुक्ति नहीं हो सकी थी। लेकिन हाल ही में आपत्ति के बावजूद उनके आदेश जारी हो गए। अब खंडवा में सर्जरी विभाग में केवल एसोसिएट प्रोफेसर बचेखंडवा मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में 4 लोगों की पदस्थापना है, जिसमें एक प्रोफेसर और तीन एसोसिएट प्रोफेसर हैं। डॉ. अजय गंगजी सर्जरी विभाग के एचओडी भी थे और एकमात्र प्रोफेसर भी। जनवरी दूसरे हफ्ते में जारी एक आदेश में डॉ. गंगजी को एमजीएम के पी.एम.आर विभाग में प्रतिनियुक्ति पर 3 साल के लिए लाया गया है। इसमें उन्हें सर्जरी विभाग में प्रोफेसर के रूप में काम करने को कहा है। यानी खंडवा कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी को प्रतिनियुक्ति पर इंदौर में प्रोफेसर सर्जरी के रूप में काम करवाया जाएगा। नियम ताक पर, एक ही प्रोफेसर होने पर भी प्रतिनियुक्ति डॉ. गंगजी के प्रतिनियुक्ति और पदस्थापना को लेकर जो आदेश जारी किया गया है, उसमें शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम 2018 के 10.2 का हवाला दिया गया है। जबकि इस नियम के मुताबिक मेडिकल कॉलेज की कार्यकारिणी समिति की सहमति के बाद ही रिक्त पद भरेगी। दूसरा नियम यह है कि प्रतिनियुक्ति में मूल नियोक्ता की सहमति अनिवार्य है। लेकिन खंडवा मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में एक ही प्रोफेसर होने के बावजूद प्रतिनियुक्ति दे दी गई। इंदौर में 4 प्रोफेसर पहले से, फिर प्रतिनियुक्ति पर क्यों बुलायाएमजीएम के सर्जरी विभाग में 25 लोगों की पदस्थापना है। इसमें 4 प्रोफेसर, 8 एसोसिएट प्रोफेसर, 12 असिस्टेंट प्रोफेसर और डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया खुद सर्जरी विभाग से हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिनियुक्ति पर लाने की क्या जरूरत थी। ऑटोनॉमस कॉलेज में यह गलत प्रैक्टिस है, यूनिट अधूरी रह जाएगी मामले में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. वीपी पांडे का कहना है कि ऑटोनॉमस कॉलेज में इस तरह की प्रैक्टिस गलत है। कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित कहते हैं कि जिस कॉलेज में एक मात्र प्रोफेसर है, वहां से जाने पर उनकी यूनिट अधूरी हो जाएगी। इससे मान्यता पर संकट आ सकता है। हमने तो विरोध किया, आदेश के आगे बेबसहमने उनकी प्रतिनियुक्ति को लेकर कई बार विरोध किया था। अब शासन के आदेश के आगे हम क्या कर सकते हैं। फिर भी विभाग स्तर पर हमने वरिष्ठ लोगों को सूचित किया है। - डॉ. संजय कुमार दादू, डीन खंडवा मेडिकल कॉलेज हाल ही में पद संभाला है, मुझे जानकारी नहींमैंने हाल ही में अपना पदभार संभाला है। इस कारण अभी इस मामले में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी लेने के लिए थोड़ा समय दीजिए, इसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - धनराजू एस, कमिश्नर हेल्थ मामला गंभीर, प्रमुखता से इसे दिखवाएंगेमेरे पास अभी हाल ही में प्रभार आया है। मामला गंभीर है। इसे प्राथमिकता से दिखवाएंगे। पीएस हेल्थ संदीप यादव के छुट्टी से लौटते ही उनके ध्यान में भी मामला लाएंगे। - सुखवीर सिंह, प्रभारी पीएस हेल्थ स्टाफ पहले ही कम, एनएमसी ने जारी किया था नोटिसखंडवा कॉलेज को नेशनल मेडिकल कमिशन(एनएमसी) ने 7 मई 2025 को खामियों को लेकर शोकॉज नोटिस दिया था। इसमें सभी विभागों में फैकल्टी/रेजिडेंट/ट्यूटर की कमी पाई गई थी। एनएमसी ने लिखा था कि इन कमियों के कारण कॉलेज पर एक करोड़ तक का जुर्माना और अन्य कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इससे साफ होता है कि कॉलेज के पास पहले ही स्टाफ की कमी है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का प्रयागराज प्रशासन से टकराव 11 दिन तक चला। 28 जनवरी की सुबह शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सबको चौंका दिया। दैनिक भास्कर की छानबीन में सामने आया कि 27 जनवरी की शाम को प्रशासन की ओर से विवाद को सुलझाने के लिए एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी। इस हाई लेवल मीटिंग में 3 अहम पाॅइंट पर सहमति तो बन गई। लेकिन 2 पॉइंट पर बात अटक गई। पहली- प्रशासन ने कुछ भी लिखकर देने से मना कर दिया। दूसरी- अधिकारी सार्वजनिक माफी मांगने पर सहमत नहीं हुए। इस मीटिंग में हुई बातचीत को रात में ही शंकराचार्य तक पहुंचा दिया गया। चूंकि, प्रशासन पूरे मामले में अपनी गलती मान रहा था, इसलिए शंकराचार्य ने मेला छोड़ने का फैसला किया और 28 जनवरी की सुबह उन्होंने इसका ऐलान कर दिया। ये मीटिंग कहां हुई? इसमें कौन-कौन लोग शामिल हुए? उनके बीच क्या बातचीत हुई? इसे डिटेल में समझने के लिए दैनिक भास्कर ने शंकराचार्य के शिष्य और प्रयागराज प्रशासन के अधिकारियों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 2 तस्वीरों में शंकराचार्य के माघ मेला छोड़ने और आश्रम को हटाने के सीन देखिए- धर्म संघ के शिविर में अधिकारी बैठे, श्रीधरानंद बने शंकराचार्य के प्रतिनिधि शंकराचार्य के शिष्य योगीराज के मुताबिक, मौनी अमावस्या से शुरू हुए स्नान के विवाद को खत्म करने के लिए प्रशासन ने एक हाई लेवल मीटिंग तय की। 27 जनवरी की शाम को धर्म संघ के शिविर में अधिकारी पहुंचे, जो त्रिवेणी मार्ग पर शंकराचार्य के शिविर से कुछ दूरी पर स्थित है। माघ मेला प्रशासन के मेल अधिकारी ऋषि राज, अपर मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद और मेला प्रशासन के अन्य अफसर मीटिंग में मौजूद थे। मगर शंकराचार्य के शिष्य इस मीटिंग में शामिल होने नहीं गए। बल्कि शंकराचार्य की तरफ से बात करने के लिए प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्रीधरानंद ब्रह्मचारी भेजे गए। योगीराज के अनुसार, इस बैठक में प्रशासन ने 3 मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। (इन सभी बिंदुओं को महंत श्रीधरानंद ने स्वीकार किया।) अधिकारियों ने कहा- माफी नहीं, हम खेद प्रकट करेंगे योगीराज ने बताया- मेला प्रशासन की ओर से यह स्वीकार किया गया कि उनसे गलती हुई है। उन्होंने इसके पीछे भीड़ कंट्रोल करने का हवाला दिया। इन स्थितियों में शंकराचार्य स्नान नहीं कर सके। अधिकारियों ने कहा- हमें इसका खेद हैं। तब महंत श्रीधरानंद ने कहा- शंकराचार्य चाहते हैं कि आप माफी मांगें। इसे लेकर अधिकारियों ने कहा कि हम सार्वजनिक माफी नहीं मांग सकते। मगर हम खेद जता सकते हैं। अधिकारियों ने कहा- आप जब चाहे स्नान कर लें, हम पूरी व्यवस्थाएं करेंगे। अब इस मामले पर विराम लगना चाहिए। योगीराज ने कहा- जब अधिकारियों से यही बातें लिखकर देने के लिए कहीं गईं, तो उन्होंने कहा कि ये नहीं हो सकेगा। अब आपके सामने हैं, सारी बातें कह रहे हैं, खेद जता रहे हैं। इसके बाद महंत अड़ गए कि बिना लिखित सहमति के शंकराचार्य क्यों आपको माफ करेंगे। शिष्य कहते हैं- हमारी तरफ से महंत ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन संगम नोज पर जो कुछ हुआ, वो सिर्फ माफी मांगने योग्य ही है। लेकिन, प्रशासन खेद शब्द तक सीमित रखना चाहता था। इसलिए देर रात तक सहमति नहीं बन सकी। सोर्स कहते हैं- माघ मेला 15 फरवरी तक चलना है, कल्पवास करने वाले लोग लौटने भी लगे हैं। मुख्य स्नान भी हो चुके हैं, इसलिए शंकराचार्य ने निर्णय लिया कि अधिकारी पहले ही अपनी गलती स्वीकार करने लगे हैं। ऐसे में अब माघ मेला क्षेत्र से प्रस्थान किया जा सकता है। मेला क्षेत्र से जाने से पहले शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा- आज मन बहुत व्यथित है। हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। इस दुख की भरपाई करने पता नहीं कौन सा नेता आएगा, कौन सी पार्टी आएगी। प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की धरती रही है। श्रद्धा के साथ यहां आया था, लेकिन एक ऐसी घटना हो गई, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी। जिन्होंने सनातनी प्रतीकों का अपमान किया है, उन्हें औकात दिखानी होगी। उन्होंने कहा- कल मुझे माघ मेला प्रशासन की ओर से एक पत्र और प्रस्ताव भेजा गया। इसमें कहा कि मुझे पूरे सम्मान के साथ पालकी से संगम ले जाकर स्नान कराया जाएगा। मुझ पर फूल बरसाए जाएंगे, लेकिन मैंने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जब दिल में दुख और गुस्सा हो, तो पवित्र पानी भी शांति नहीं दे पाता। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- मैं अगर प्रशासन की बातें स्वीकार कर लेता, तब बटुक और शिष्यों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटना का क्या होता? इसलिए अब मेरा मेला क्षेत्र से जाना ही उचित है। इस पूरे मामले में मेला प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन मेला अधिकारी ने कई प्रयास के बाद भी कॉल रिसीव नहीं की। अब 5 पॉइंट में पूरा विवाद समझिए .......... ये खबर भी पढ़ें - ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा ने बाहर निकाला, अविमुक्तेश्वरानंद को फर्जी और 10 में से 9 महामंडलेश्वर को झूठा कहा था किन्नर अखाड़ा से महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी को बाहर कर दिया गया है। इसकी पुष्टि अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो जारी कर किया। उन्होंने कहा- अखाड़े के पदाधिकारी से बैठक करके यह निर्णय लिया है। अब ममता कुलकर्णी से अखाड़े का कोई संबंध नहीं है। वह अखाड़े की अधिकारी या सदस्य नहीं हैं। हमारे अखाड़े में महिला भी हैं, पुरुष भी हैं और किन्नर भी हैं। हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन जिस तरह से बटुक ब्राह्मणों को शिखा पकड़कर पीटा गया, इससे हमारी भी नाराजगी है। पढ़िए पूरी खबर...
भाई बाला जी गुरुद्वारा साहिब में ऐतिहासिक जोड़ मेला पूरे श्रद्धा के साथ मनाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना पक्खोवाल रोड स्थित भाई बाला जी गुरुद्वारा साहिब में हर साल लगने वाला ऐतिहासिक जोड़ मेला इस बार भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में संगत ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और परंपरा के अनुसार पतंग व हवाई जहाज चढ़ाए। पूरा इलाका रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान में छा गया और पक्खोवाल रोड मेले के रूप में तब्दील हो गई।भा ई बाला जी गुरुद्वारा साहिब का यह जोड़ मेला सैकड़ों वर्षों पुरानी परंपरा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि यहां पतंग या हवाई जहाज चढ़ाने से संतान सुख, पारिवारिक खुशहाली और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। खास तौर पर वे परिवार, जिनके बच्चे विदेशों में बस गए हैं या जिनकी शादियां विदेशों में हुई हैं, वे संगत इस पवित्र स्थल पर पतंग चढ़ाने के बाद गोद भराई की रस्म निभाते हैं। भाई बाला जी दरबार। इस साल जोड़ मेले में पक्खोवाल रोड पर करीब 100 पतंगों के स्टॉल लगे हुए थे। सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग पतंगबाजी में जुट गए। मेले में विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और पार्षद युवराज सिंह सिद्धू भी पहुंचे और संगत के साथ पतंगबाजी की। उन्होंने बताया कि वह हर साल यहां लंगर की सेवा करते हैं और परंपरा अनुसार गुड़ी उठाकर पेच लगाते हैं। मेले के दौरान मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर ने भी पहुंचकर लंगर की सेवा की। इसके अलावा भूपिंदर सिंह बसंत, दीपक अरोड़ा सहित कई प्रमुख लोग पतंगबाजी में शामिल हुए। हर ओर सेवा, श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। भाई बाला जी गुरुद्वारा साहिब का यह जोड़ मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि लुधियाना की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखे हुए है। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है, जितनी वर्षों पहले थी-जहां आसमान में उड़ती पतंगों के साथ लोगों की आस्थाएं भी ऊंचाइयों को छूती हैं।
भागीरथपुरा:बोरिंग ही नहीं मिट्टी से भी ड्रेनेज की बदबू, 30% इलाके में ही नलों से सप्लाय शुरू
भागीरथपुरा दूषित जल मामले को लेकर एक माह बीत चुका है, लेकिन अब भी बोरिंगों में आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है। लाइन डालने के खोदी गई मिट्टी में से ड्रेनेज की बदबू आ रही है। क्षेत्र की करीब 500 मीटर लंबी मेन लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अब भी मात्र 30 फीसदी क्षेत्र में ही नलों से पानी सप्लाय किया जा रहा है। साथ ही पानी को पीने में उपयोग नहीं करने के लिए अनाउंसमेंट किया जा रहा है। क्षेत्र में अब भी टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। बुधवार को निगम की टीम ने जांच के लिए पानी के सैंपल लिए। पार्षद कमल वाघेला ने बताया कि क्षेत्र में पहले ही 60 फीसदी पुरानी पाइपलाइन बदली जा चुकी है, जबकि शेष 40 फीसदी लाइनों को बदलने का काम जारी है, जो 7-8 दिन में पूरा हो जाएगा। हर दिन टीम पानी की जांच कर रहीक्षेत्र में फिलहाल मेन चौराहा से शिव रफेल तक की गली में काम चल रहा है। यहां पानी और ड्रेनेज की लाइन डाली जा चुकी है। चैंबर्स के लिए निकाली जा रही मिट्टी में भी सीपेज की गंध आ रही है। शिव रफेल से आगे की गलियों में सड़क की चौड़ाई कम है, इससे दिक्कत आ रही है। जेसीबी भी अंदर नहीं जा पाती है। क्षेत्र में निगम टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहा है। कुछ दिन पहले ही केवल एक-तिहाई क्षेत्र में नलों के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू की गई है, जबकि शेष इलाके में अब भी टैंकरों से पानी दिया जा रहा है। रोज निगम की टीम क्षेत्र में पानी की जांच भी कर रही है। भागीरथपुरा दूषित जल मामला एक नजर में नई टंकी बनाई, लेकिन हौज में भर गया गंदा पानी
बीआरटीएस हटने के बाद एलआईजी से नोलखा चौराहा तक प्रस्तावित 5.5 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर आज महत्वपूर्ण बैठक है। इसमें जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी, सांसद और सभी विधायक शामिल होंगे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कॉरिडोर की पूरी योजना प्रस्तुत करेंगे। यह कॉरिडोर एलआईजी चौराहा, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ, इंदिरा गांधी प्रतिमा होते हुए नौलखा चौराहे तक जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग ने योजना बनाकर इसकी स्वीकृति भी ले ली थी, जिसके आधार पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य एक गुजरात की एजेंसी को सौंपा गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की सारी प्लानिंग हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा और मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक 15 फरवरी से पहले काम शुरू कर देंगे। संबंधित एजेंसी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, 14 दिसंबर को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर विकास को लेकर हुई बैठक में एलिवेटेड कॉरिडोर का मुद्दा सामने आया था। बैठक में मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए निर्देश दिए थे कि जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर कॉरिडोर की लंबाई और स्वरूप तय किया जाए। पूर्व में स्वीकृत योजना के अनुसार यह एलिवेटेड कॉरिडोर छोटी खजरानी से नोलखा चौराहा तक बनाया जाना है। प्रस्तावित मार्ग तीन प्रमुख चौराहों- गीता भवन चौराहा, गीता भवन चौराहा और व्हाइट चर्च चौराहा-से होकर गुजरेगा। आज होने वाली बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहमति से कॉरिडोर की लंबाई और अन्य बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी प्रकार के संशोधन का सुझाव आता है, तो उस पर भी इसी बैठक में चर्चा कर फैसला किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इंदौर उत्थान समिति ने उठाया रोटरी का मुद्दाइंदौर उत्थान समिति ने एबी रोड पर फ्लाईओवर के बजाय रोटरी आधारित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया था। समिति ने अन्य शहरों का दौरा कर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रेजेंटेशन भी दिखाया। समिति के अजित नारंग के अनुसार, एबी रोड पर 5.9 किमी क्षेत्र में लगभग 63 प्रतिशत हिस्से में फ्लाईओवर प्रस्तावित थे। ऐसे में पूरे 100 प्रतिशत हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर चौराहों पर रोटरी और रैम्प (भुजाएं) उतारने से यातायात अधिक सुगम हो सकता है। अगले माह से कॉरिडोर के फाउंडेशन का काम होगाठेकेदार एजेंसी ने साइट पर आरएमसी प्लांट, कैंप और साइट ऑफिस स्थापित कर दिया है। फरवरी 2026 से फाउंडेशन का काम शुरू किया जाएगा। वर्तमान में इस रोड पर 9 प्रमुख इंटरसेक्शन हैं, जहां पीक ऑवर्स में ट्रैफिक दबाव 6500 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) प्रति घंटे तक रहता है। कॉरिडोर पर तीन प्रमुख भुजाएं उतरेंगी। पहले चरण में एलआईजी से शिवाजी वाटिका के बीच काम शुरू होगा।
भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों में उम्र का पेंच फंस गया है। पार्टी 32 से 35 वर्ष की आयु के युवा को ही युवा मोर्चा की कमान सौंपने की तैयारी कर रही है। ऐसे में यूपी में युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के नेताओं की दावेदारी खतरे में पड़ सकती है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महज 45 साल के हैं, ऐसे में संगठन में मंथन चल रहा है कि युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की आयु सीमा भी 32 से 35 साल की जाए। यूपी में युवा मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी 43 साल के हैं। प्रांशु करीब साढ़े चार साल से युवा मोर्चा के अध्यक्ष हैं। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जल्द ही अग्रिम मोर्चों के गठन का संकेत दिया है। प्रदेश में करीब एक दर्जन से अधिक युवा नेता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन दावेदारों में एक भी दावेदार पार्टी की ओर से निर्धारित आयु सीमा के दायरे में नहीं आता है। सभी मोर्चों के अध्यक्ष बदले जाएंगे भाजपा के अग्रिम सभी सात मोर्चों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। युवा मोर्चा के अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी एमएलसी बन गए हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता शाक्य राज्यसभा सदस्य हैं। ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। नरेंद्र कश्यप चार साल से दोनों पदों पर काम कर रहे हैं, जबकि पार्टी में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है। एससी मोर्चा के अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासिल अली और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष संजय गोंड को सरकार में समायोजन का मौका नहीं मिला है। अग्रिम मोर्चों के सभी प्रदेश अध्यक्ष जून, 2021 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने नियुक्त किए थे। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल में अग्रिम मोर्चों में नई टीम का गठन नहीं हुआ। लिहाजा पंकज चौधरी के कार्यकाल में नई टीम गठित होना तय है। युवा ही होना चाहिए अध्यक्षराजनीतिक विश्लेषक आनंद राय मानते हैं, युवा मोर्चा का अध्यक्ष युवा ही होना चाहिए। यूपी में अखिलेश यादव 39 साल की उम्र में सीएम बन गए थे, बसपा सुप्रीमो मायावती भी 40 साल की उम्र में सीएम बन गई थीं। युवा मोर्चा में पहले भी 35 साल की उम्र के नेता अध्यक्ष रहे हैं। 35 साल से अधिक आयु होनी चाहिएवरिष्ठ पत्रकार रतनमणिलाल का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई 25 साल की उम्र तक चलती है। 30 साल की उम्र तक सामाजिक और राजनीतिक अनुभव नहीं हो पाता है, जिससे वह राजनीतिक सुझबुझ से काम कर सकें। युवा मोर्चा युवाओं के बीच काम करने वाली बड़ी विंग है। युवा मोर्चा के पार्टी कार्यकर्ता ही आगे चलकर मूल संगठन में पदाधिकारी बनते हैं। युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष पार्टी का चेहरा भी होता है। पश्चिम कमजोर पड़ासरकार और संगठन में पूर्वांचल का दबदबा बढ़ गया है, पश्चिमांचल हल्का पड़ गया वहीं अवध सबसे कमजोर है। भाजपा के अग्रिम मोर्चों और प्रदेश टीम के गठन के साथ योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में यदि समय रहते क्षेत्रीय संतुलन नहीं बनाया गया तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। ब्राह्मणों और ठाकुरों की दावेदारी प्रबलप्रदेश में ब्राह्मणों की नाराजगी का मुद्दा गर्माया हुआ है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि संगठन, सरकार और शासन में ब्राह्मणों के पास ज्यादा महत्वपूर्ण पद नहीं है। ऐसे में युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए सबसे प्रबल दावेदारी ब्राह्मणों की बताई जा रही है। वहीं यूजीसी का मुद्दा भी भाजपा के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यूजीसी का सबसे ज्यादा विरोध ब्राह्मण, ठाकुर, कायस्थ, वैश्य, भूमिहार कर रहे हैं। ऐसे में युवा मोर्चा अध्यक्ष के लिए ठाकुर नेताओं की दावेदारी भी प्रबल है। दावेदार और उनकी उम्रप्रदेश में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए डेढ़ दर्जन से अधिक दावेदार हैं। दावेदारों में युवा मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी और क्षेत्रीय अध्यक्ष भी शामिल हैं। इनमें से दो-तीन दावेदार ही 32 से 35 साल की उम्र के दायरे में आते हैं। अधिकांश दावेदार 40 वर्ष और इससे अधिक आयु के हैं। ……………. ये खबर भी पढ़ें… सवर्ण युवकों ने पीलीभीत में मुंडन कराया:मेरठ-देवरिया में पुलिस से भिड़े; गाजियाबाद में कफन पहनकर निकले यूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। लखनऊ, देवरिया, पीलीभीत समेत ज्यादातर जिलों में छात्र सड़क पर उतर आए हैं। पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। हाथ में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। देवरिया और मेरठ में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। पढ़िए पूरी खबर…
एमपी के किसी भी प्राइवेट अस्पताल को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड कराना है तो आयुष्मान विभाग के अफसर 10 लाख रुपए लेते हैं। इनमें सभी का हिस्सा बंटा होता है। अफसरों के पास सबसे ज्यादा हिस्सा पहुंचता है। ये खुलासा आयुष्मान के सीईओ योगेश भरसट के पीए छोटेलाल ने भास्कर के खुफिया कैमरे पर किया है। भास्कर रिपोर्टर छोटेलाल से एक प्राइवेट अस्पताल संचालक बनकर मिला। उसे बताया कि राजगढ़ में एक अस्पताल है जिसे आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड करना है। छोटेलाल ने दो बार मीटिंग की। पहली मीटिंग के बाद आयुष्मान के महाप्रबंधक ऑपरेशनल इंद्रजीत सिकरवार से मिलने को कहा। सिकरवार ने भी भरोसा दिया कि अस्पताल इमपेनल्ड हो जाएगा। दूसरी मीटिंग में छोटेलाल बोला कि सीईओ बाहर ट्रेनिंग पर गए है, लौटेंगे तो हाथों हाथ काम हो जाएगा। दरअसल, भास्कर रिपोर्टर ने करीब 15 तक आयुष्मान विभाग की रैकी की और यहां लोगों से मुलाकात कर इसके सिस्टम को समझा। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट 2 में पढ़िए कि किस तरह से प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड कराने के लिए अफसर डील करते हैं… सिलसिलेवार जानिए किससे क्या बात हुई… 1. आयुष्मान मित्र संदीप सिंह बोला- छोटेलाल से मिलोभास्कर रिपोर्टर ने 15 दिन तक आयुष्मान दफ्तर जाकर कई लोगों से मुलाकात की। उन कड़ियों को तलाशा जो प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड करने के लिए डील करते है। इसी सिलसिले में एक कैफे में हमारी मुलाकात आयुष्मान मित्र संदीप सिंह से हुई। 2. आयुष्मान सीईओ का पीए बोला आप 10 की व्यवस्था रखनासंदीप के बताए मुताबिक हम जेपी अस्पताल के आयुष्मान विभाग के फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे और सीईओ योगेश भरसट के पीए छोटेलाल के बारे में पूछा, तो वो मीटिंग में थे। प्यून ने एक घंटे बाद आने के लिए कहा। एक घंटे बाद जब दोबारा पहुंचे, तो प्यून बोला- अस्पताल के लिए आए हो। आप छोटेलाल जी को फोन लगा लीजिए, मैंने उन्हें बता दिया है। भास्कर रिपोर्टर ने छोटेलाल को कॉल किया… छोटेलाल: कहां से आए हैं? रिपोर्टर:हम राजगढ़ से आए है, हमारा नर्सिंगहोम है, इमपेनल नहीं हो पा रहा। छोटेलाल: आप चार इमली के साई मंदिर आ जाइए। छोटेलाल यहां सड़क के दूसरी तरफ खड़ा था। उसने इशारा कर रिपोर्टर को बुलाया। छोटे लाल ने नाम पूछा तो रिपोर्टर ने अपना नाम राजेश वर्मा बताया और आने का मकसद भी बताया। । 3. छोटेलाल ने महाप्रबंधक ऑपरेशन से मिलायाजब भास्कर रिपोर्टर ने आयुष्मान सीईओ के पीए छोटेलाल का भरोसा जीता, तो उसने आयुष्मान के महा प्रबंधक ऑपरेशनल इन्द्रजीत सिकरवार से बात की। सिकरवार ने हमने मिलने की हामी भर दी। छोटेलाल ने कॉल किया कि आयुष्मान के दफ्तर चले जाना, साहब मिल लेंगे। वहां पहुंचकर मुझे फोन लगा देना। छोटेलाल के कहने पर भास्कर रिपोर्टर इंद्रजीत सिकरवार से मिलने पहुंचा। सिकरवार की तरफ से इशारा किए जाने के बाद प्यून हमारे पास आया। उसने एक स्लिप दी जिसे भरने को कहा। इस स्लिप के एक कॉलम में लिखा था किसके द्वार भेजा गया। इसमें छोटेलाल के नाम की एंट्री करने के लिए हमें बुलाया गया। सिकरवार से भास्कर रिपोर्टर की बातचीत हुई… सिकरवार: कहां से आये आप ? रिपोर्टर: माचलपुर, राजगढ़ सिकरवार: माचलपुर कहां है ये ? राजस्थान बॉर्डर लगती है क्या? रिपोर्टर: जी, भोजपुर से आगे बॉर्डर लग जाती है... सिकरवार: अच्छा रिपोर्टर: छोटेलाल जी से बात हुई थी.. सिकरवार: बताए, क्या काम है अपना? रिपोर्टर: राजगढ़ में हमारा नर्सिंगहोम है। बहुत दिनों से उसका आयुष्मान रुका है। सिकरवार: कितने बेड का अस्पताल है ? रिपोर्टर: तीस बेड का है... सिकरवार: स्पेशलिस्ट है क्या? रिपोर्टर: आर्थो और गायनिक है। हर बार में इमपेनल्ड के लिए अप्लाई करते हैं लेकिन हो नहीं रहा। सिकरवार: करवा देंगे, हो जाएगा.. 4. छोटेलाल ने दोबारा बुलाया इस बार बोला- 10 लाख लगेंगेइंद्रजीत सिकरवार से बातचीत के 3 दिन बाद छोटेलाल ने भास्कर रिपोर्टर को कॉल किया और होशंगाबाद रोड स्थित एक कैफे में मीटिंग के लिए बुलाया। इस मीटिंग में छोटेलाल ने रिपोर्टर से सीधे 10 लाख मांगे। ये भी कहा कि इसमें से 6 लाख अफसरों को देना पड़ेगा। पढ़िए बातचीत… छोटेलाल: साहब..से बात हो गई आपकी रिपोर्टर: जी बात हो गई, उन्होंने आपसे मिलने का बोला था। अपना काम हो जाएगा क्या? छोटेलाल: मार्च में हम 200 से ज्यादा हॉस्पिटल को पैनल से हटाएंगे। नए अस्पतालों को इमपेनल्ड करेंगे। सिकरवार साहब सीईओ साहब( योगेश भरसट) को बोल देंगे। अपना काम हो जाएगा। रिपोर्टर: अपना काम सिकरवारजी करेंगे या सीईओ साहब छोटेलाल: सिकरवार सर कर देंगे रिपोर्टर: इमपेनल्ड वाली मीटिंग काफी लंबे समय बाद होती है छोटेलाल: इस बार हुई है सर, 8 महीने हो गए रिपोर्टर: कोई खास कारण पीए: लोगों को मार्केट में ऐसी बन गई है कि इमपेनल पैसों में हो रहा है… इसके बाद छोटेलाल ने कहा कि अब वो जाना चाहता था। उसने भास्कर रिपोर्टर से पूछा कि वापस कब आएंगे। जब रिपोर्टर ने कहा कि अगले हफ्ते आना होगा, तो वह बोला कि शनिवार-रविवार आना सीधे सिकरवार साहब के घर चलेंगे। वो अपने सामने ही सीईओ साहब को फोन लगा देंगे और अपना काम हो जाएगा। भास्कर इन्वेस्टिगेशन पार्ट-1 भी पढ़िए अस्पताल-मरीज-डॉक्टर…सबका सौदा; भास्कर के कैमरे पर खुलासा एमपी में केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना मेडिकल माफिया के कब्जे में है। एक शख्स के नाम पर कई अस्पतालों का संचालन हो रहा है। योजना में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल डॉक्टरों को किराए पर रखते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
बाबा दीप सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर नगर कीर्तन निकाला
लुधियाना | बाबा दीप सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर विशेष नगर कीर्तन गुरु ग्रंथ साहिब व पांच प्यारों की अगुवाई में गुरुद्वारा हरगोबिंद साहिब से निकाला गया। इसमें बैंड बाजा, स्कूली बच्चे, गतका पार्टी, स्त्री सत्संग सभा शामिल हुए। नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से आरंभ हो कर मुस्ताक गंज, डेरा भजनगढ़, गुरुद्वारा श्री चंद साहिब, अमरपुरा, अजीत नगर, किदवई नगर से होते हुए गुरुद्वारा साहिब में आकर सम्पन्न हुआ। संगत शबद गायन करते हुए नगर कीर्तन के साथ चलती रही। नगर कीर्तन के स्वागत में इलाकावासियों की तरफ से लंगर लगाए गए। गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे फूलों की वर्षा की जा रही थी। शाम को गुरुद्वारा साहिब में विशेष गुरमत समागम भी करवाए। नगर कीर्तन में अमरजीत सिंह, प्रधान रछपाल सिंह, राजिंदर सिंह दुआ, परमजीत सिंह परम, रणजीत सिंह, सरबजीत सिंह, अमरजीत सिंह, कंवलप्रीत सिंह, परमजीत पम्मा, मिंटू, रिंकू, शामिल हुए।
हमारे साथ भी भेदभाव होता है। हमें ‘चुरकी वाला’ कहकर चिढ़ाया जाता है। हमारी जाति देखकर बयानबाजी होती है, हमारे खिलाफ साजिशें रची जाती हैं…तो फिर नियम सिर्फ OBC और बाकी समुदायों के लिए ही क्यों? जनरल कैटेगरी के लिए क्यों नहीं? ये कहना है लखनऊ यूनिवर्सिटी के जनरल कैटेगरी के MA फर्स्ट ईयर के छात्र हर्ष मिश्रा का। जबसे UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में असमानता और भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से UGC नियम 2026 लागू किए हैं, तभी से जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़क से लेकर यूनिवर्सिटी तक छात्र हों या शिक्षक, कैंपस हो या राजनीतिक गलियारे हर जगह इसे लेकर घमासान मचा हुआ है। एक तरह से माहौल मंडल आयोग लागू होने के बाद जैसा बन रहा है। वहीं OBC छात्रों का कहना है कि रोहित वेमुला जैसे मामले आते रहते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह नियम लाया गया। हालांकि गरीब सवर्ण छात्रों को भी इस दायरे में लाना चाहिए। जबकि प्रोफेसरों का कहना है कि यह विरोध सामाजिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक है। दैनिक भास्कर की टीम लखनऊ यूनिवर्सिटी पहुंची और जनरल छात्रों से उनके मुद्दा और समस्या, OBC से विवाद पर उनका नजरिया और प्रोफेसरों से उनकी चिंता पर बात की। पढ़िए रिपोर्ट… सवर्ण छात्रों को पहले से ही बॉर्न विलेन मानते हैंभास्कर टीम जब यूनिवर्सिटी पहुंची, तो वहां UGC के खिलाफ नारेबाजी चल रही थी। करीब 100 स्टूडेंट थे। ये सभी जनरल कैटेगरी के थे। वहां छात्र नेता जतिन शुक्ला से हमने पूछा- UGC से क्या दिक्कत है? इस पर वो कहते हैं- यूजीसी ने जिन नियमों के तहत अलग-अलग वर्गों को कैटेगराइज किया है और जिस तरह इसके लिए कमेटी गठित की है, उसका ऐतिहासिक संदर्भ देखा जाए तो यह प्रक्रिया पहले हैदराबाद यूनिवर्सिटी के एक मामले से भी जुड़ती है। यूजीसी ने छात्रों से सर्वे किए बगैर और शिक्षकों से बातचीत किए बिना, ये नियम सीधे थोप दिए हैं। सवर्ण छात्रों को पहले से ही ‘बॉर्न विलेन’ (जन्म से विलेन) घोषित कर दिया है। हम विश्वविद्यालय में पढ़ने आते हैं। यहां हमारे माता-पिता नहीं होते, लेकिन यही हमारा दूसरा परिवार होता है। हम एक ही क्लास में बैठते हैं, एक ही हॉस्टल में रहते हैं और एक ही थाली में खाना खाते हैं, लेकिन OBC, SC-ST और EWS को अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर हमें आपस में बांट दिया है। जतिन ने कहा कि जब छात्र एक साथ रहते और खाते हैं, तब उनके दिमाग में यह नहीं होता कि कौन, किस जाति का है। विश्वविद्यालय से निकले विचारों को छात्र अपने गांव और समाज तक ले जाते हैं और बताते हैं कि यहां सभी जातियों के लोग साथ रहते हैं, सब बराबर होते हैं। “यहां कोई पंडित, बनिया या ठाकुर नहीं होता।” इसमें सवर्ण छात्र क्यों नहीं?एलयू के छात्र आकर्ष मिश्रा का कहना है कि यूजीसी की नई गाइडलाइंस समाज और छात्रों के बीच जातीय संघर्ष और वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से लाई हैं। इन दिशा-निर्देशों में सवर्ण छात्रों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव का उल्लेख नहीं किया है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है। कमेटी और स्क्वाड के गठन में भी सवर्णों की भागीदारी को लेकर कहीं कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। गाइडलाइंस में एससी-एसटी, महिलाओं और अन्य वर्गों की बात तो की है, लेकिन सवर्ण छात्रों का जिक्र नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी भी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ है। विश्वविद्यालय को शिक्षा का मंदिर माना जाता है, जहां 24 घंटे पढ़ाई की बात होती है, लेकिन हकीकत यह है कि 24 घंटे लाइब्रेरी खोलने की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि 24 घंटे हेल्पलाइन चालू रखने की बात की जा रही है। इन गाइडलाइंस के जरिए शैक्षणिक नहीं बल्कि राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। एससी-एसटी के लिए नियम पहले से मौजूदपीएचडी स्कॉलर पीयूष डोगरियाल का कहना है कि एससी-एसटी से जुड़े नियम पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन अब सरकार यूजीसी के माध्यम से इन्हें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जमीनी स्तर पर लागू करने की कोशिश कर रही है। यूजीसी की ओर से जो ड्राफ्ट लाया है, उसमें विभिन्न कमेटियों के गठन का प्रावधान है। अब OBC छात्रों की बात… ओबीसी स्टूडेंट बोले- रोहित वेमुला जैसे मामले रुकेंगेओबीसी छात्र शैलेन्द्र यादव का कहना है कि ‘एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है’ इसी सोच के तहत इस बिल को देखा जाना चाहिए। उन्होंने रोहित वेमुला प्रकरण को याद करते हुए कहा कि सवर्णों के कथित अत्याचारों से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया था। इस तरह के मामले हर साल सामने आते हैं और इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह नियम लाया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसा नहीं है कि गरीब सवर्ण छात्रों या ठाकुरों का मजाक नहीं उड़ाया जाता या उनके साथ भेदभाव नहीं होता। उनका कहना है कि ऐसे सवर्ण छात्रों को भी इस दायरे में शामिल किया जाना चाहिए था। शैलेन्द्र यादव ने कहा कि भले ही कई लोग इस बिल के दुरुपयोग की आशंका जता रहे हों, लेकिन अगर ऐसा होता है तो उससे संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन कुल मिलाकर वे इस बिल के समर्थन में हैं। कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन उसका समर्थन हैएक अन्य ओबीसी छात्र अमितेश पाल का कहना है कि पहले भी एससी-एसटी छात्रों के लिए कई कानून और प्रावधान मौजूद रहे हैं। विश्वविद्यालयों में पहले से ही विभिन्न आयोग और कमेटियां काम कर रही हैं। हालांकि, शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले भेदभाव के मामलों को देखते हुए यह नया नियम लाया है। अमितेश पाल का कहना है कि कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन कुल मिलाकर वे इस नियम के समर्थन में हैं और इसे जरुरी मानते हैं। एक अन्य छात्र का कहना है कि पहले देश को धर्म के नाम पर बांटा गया, फिर क्षेत्र, जाति और मजहब के आधार पर विभाजन किया और यह क्रम आज भी थमा नहीं है। छात्र के अनुसार, अब यूजीसी के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में विभाजन किया जा रहा है। उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर काम करने के बजाय, नीतियों के जरिए छात्रों को आपस में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे कदम शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के बजाय सामाजिक तनाव को और गहरा करते हैं। कुछ छात्रों को पता ही नहीं क्या हैं नियम, बस मचा रहे हो-हल्लाकैंपस में विरोध और समर्थन के बीच एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे यूजीसी-2026 के नियमों की वास्तविक जानकारी ही नहीं है। चाहे ओबीसी छात्र हों या सवर्ण वर्ग के, कई छात्रों को यह तक स्पष्ट नहीं है कि नए दिशा-निर्देशों में क्या प्रावधान किए हैं। कुछ छात्रों ने तो यह भी स्वीकार किया कि उन्हें यूजीसी क्या है, इसकी भी पूरी जानकारी नहीं है। छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति यह है कि कुछ का मानना है कि नया नियम इसलिए लाया है, क्योंकि सवर्ण छात्रों द्वारा अत्याचार किया जाता है। जबकि अन्य छात्रों का कहना है कि यह नियम छात्रों के ऊपर हो रहे उत्पीड़न को देखते हुए बनाया है। जानकारी के अभाव में कैंपस में चर्चा और हंगामा बढ़ता जा रहा है, लेकिन नियमों की वास्तविक समझ अब भी सीमित है। अब पढ़िए प्रोसेसरों की बात… प्रोफेसर सुरेश बहादुर का कहना है कि सरकार ने यह नियम कई केस स्टडी और अनुभवों के आधार पर तैयार किए हैं, ताकि विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव चाहे वह शिक्षक स्तर पर हो या छात्र स्तर पर रोका जा सके। इस नियम के लागू होने के बाद कुछ सकारात्मक सुधार जरूर देखने को मिलेंगे, हालांकि बहुत कुछ लोगों की मानसिकता पर निर्भर करता है। प्रोफेसर सुरेश ने विरोध पर कहा- यह विरोध सामाजिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक है। इस मुद्दे को सामाजिक चिंता के बजाय राजनीतिक बहस का रूप दे दिया है। प्रोफेसर आनित्य गौरव का कहना है कि जो लोग इस नियम का विरोध कर रहे हैं, चाहे वे शिक्षक हों या छात्र, शायद उन्हें वास्तव में यह पता ही नहीं है कि नियमों में क्या प्रावधान किए हैं। अधिकतर लोगों ने यूजीसी का ड्राफ्ट पढ़ा ही नहीं है, फिर भी विरोध किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के संरक्षण के उद्देश्य से लाए गए हैं। यह सभी वर्गों की महिलाओं पर लागू होते हैं और इनमें किसी जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है। सरकार को लगा कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन्हें अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है, इसी सोच के तहत यह नियम लाए हैं ताकि समानता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्या हैं UGC के नए इक्विटी नियम? UGC ने इस साल इक्विटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशंस 2026 लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों व कर्मचारियों को समान अवसर देना है। इन नियमों के तहत हर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट को Equal Opportunity Centre (समान अवसर केंद्र) बनाना होगा। भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के लिए विशेष समितियां गठित करनी होंगी और 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा भी शुरू करनी होगी। इसके अलावा, तय समय सीमा में शिकायतों पर कार्रवाई भी करनी होगी और अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो UGC उस पर कार्रवाई या जुर्माना भी लगा सकता है। UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन, 2026।' इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। यूपी में नए यूजीसी के नियमों को लेकर विरोध तेजयूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। लखनऊ, वाराणसी समेत कई शहरों में सवर्ण समाज के लोग और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया। इसके बाद 6 से ज्यादा भाजपा नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया। अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने पीएम मोदी को लेटर लिखकर नए नियमों को अन्यायपूर्ण बताते हुए इच्छामृत्यु की मांग की। …………. ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्यों में सबसे कम सुरक्षा मिली:उनके गुरु को मिली थी Y+, सेफ्टी के मामले में पुरी गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य नंबर-1 'प्रशासन के जिम्मे पूरा मेला है। अगर इस तरह की कोई घटना होती है, तो वही जिम्मेदार होगा। हमारी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। हम भगवान भरोसे बैठे हैं।' यह बात प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही। वो 10 दिन से धरने पर बैठे हैं। शिविर में हंगामे के बाद अब शंकराचार्य की ओर से कल्पवासी थाना अध्यक्ष को एक तहरीर दी गई है। इसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की बात कही है। सुरक्षा के लिए 12 सीसीटीवी लगाए गए हैं। पढ़िए पूरी खबर…
इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट:8.6 किमी की टनल, तीन महीने में 150 मीटर हिस्से में काम पूरा
इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में रेलवे ने सबसे चुनौतीपूर्ण और सबसे बड़ी 8.6 किमी टनल का काम शुरू कर दिया है। बागली तहसील में कमलापुर गांव के पास बन रही इस टनल (टनल-2) में तीन महीने से ज्यादा समय में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने करीब 150 मीटर हिस्से में काम कर लिया है। अगले तीन सालों में इस टनल का काम पूरा करने का टारगेट है। टनल के साथ ही बाकी हिस्से में भी काम होगा, ताकि तय समय में प्रोजेक्ट पूरा किया जा सके। आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार महज दो महीने में टनल के 100 मीटर हिस्से में काम कर लिया था। अब 150 मीटर तक काम हो चुका है, यह बड़ी उपलब्धि है। तेजी से काम किया जा रहा है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में 1.24 किमी की एक टनल और है जिसका काम रेलवे आने वाले दिनों में करेगा। सिर्फ टनल के प्रोजेक्ट की लागत 1 हजार करोड़ रुपए है। इधर, टनल के साथ ही रेलवे ने करीब 100 किमी हिस्से में अलग-अलग सेक्शन में काम शुरू कर दिया है। अंडरपास, ब्रिज का काम रेलवे कर रहा है। 2030 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का टारगेट रखा गया है। फायदा- 68 किमी तक कम हो जाएगी जबलपुर की दूरी इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट रेलवे पैसेंजर एमीनिटीज कमेटी के पूर्व सदस्य नागेश नामजोशी ने कहा कि इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन यात्री और रेलवे दोनों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है। इस लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किमी तक कम हो जाएगी। फिलहाल भोपाल, इटारसी होते हुए ट्रेन जाती है। अभी करीब 554 किमी दूरी है, जो नई लाइन से 486 किमी तक रह जाएगी। करीब एक घंटे तक का समय भी बचेगा। इसके अलावा उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों को भी फायदा होगा। मालगाड़ी, यात्री ट्रेनों के लिए नया रूट तैयार हो जाएगा। इधर, जमीन अधिग्रहण को लेकर कई हिस्सों में किसानों का विरोध भी इधर, इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन को लेकर कई स्थानों पर किसानों का विरोध भी चल रहा है। किसानों का कहना है कि रेल लाइन के लिए उनकी उपजाऊ जमीन जा रही है। इसके अलावा प्रशासन नियमों के हिसाब से मुआवजा नहीं दे रहा है। मुआवजे की राशि भी काफी कम है। किसानों ने कहा कि उन्हें बाजार भाव से मुआवजा दिया जाए या जो जमीन जा रही है, उसके बदले दूसरी खेती योग्य जमीन दी जाए। इंदौर से जुड़े रेल प्रोजेक्ट की यह दूसरी टनल इंदौर से जुड़े रेल प्रोजेक्ट में यह दूसरी टनल है, जिसका काम शुरू किया है। फिलहाल इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में रेलवे टीही के आगे टनल बना रहा है, यह पहली टनल थी। 2020 से करीब 3 किमी लंबी टनल पर काम कर रहा है। अब इंदौर-बुधनी रेल लाइन पर दूसरी टनल का काम शुरू हुआ है।
बालाजी सेवा संघ व बालाजी सेवा परिवार की ओर से विशाल भजन संध्या आयोजित की
भास्कर न्यूज | लुधियाना स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शास्त्री नगर स्थित जंज घर भक्ति के रंग में सराबोर हो उठा। बालाजी सेवा संघ एवं बालाजी सेवा परिवार की ओर से आयोजित विशाल भजन संध्या में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबा संत राम जिंदल ने की, जिन्होंने विधि-विधान से ज्योति प्रचंड कर और बालाजी महाराज को माल्यार्पण कर चौकी का शुभारंभ किया। इस दौरान तिरंगे के रंगों और फूलों से सजा बाबा का दरबार आकर्षण का केंद्र बना रहा। भक्तों को संबोधित करते हुए बाबा संत राम जिंदल ने अध्यात्म और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा संगम पेश किया। उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से बालाजी का नाम जपता है, उसके संकट स्वयं हनुमान जी हर लेते हैं। कहा कि दुनिया में माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धाम नहीं है। उनके चरणों को स्पर्श करने मात्र से चारों धाम की यात्रा का पुण्य मिल जाता है। इसके साथ ही उन्होंने जीव दया के लिए गाय को रोटी और पक्षियों को दाना डालने का आह्वान किया। भजन गायक महंत सुनील रावत ने अपनी मधुर आवाज से पूरे पंडाल को भक्तिमय कर दिया। ऐबे बंसी ना बुल्ला उते रख अड़िया, गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है जैसे भजनों से संगत निहाल हो उठी। वहीं कोमल बलीचा और शीनम पटियाला की टीम द्वारा प्रस्तुत रासलीला ने साक्षात वृंदावन का दृश्य साकार कर दिया। देशभक्ति और भक्ति के इस समागम में लहर-लहर लहराए झंडा बजरंग बली का के जयघोष के साथ बाबा का ध्वज फहराया गया। आनंद जैन परिवार की ओर से बालाजी महाराज को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर प्रधान राकेश सिंगला, सौरभ सिंघानिया, अरुण गुप्ता, शिव नारायण गुप्ता, अशोक सिंघानिया गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। चौकी के दौरान गणतंत्र दिवस की ख़ुशी मनाते संत व अन्य श्रद्धालु।
नाटक के जरिए पेश की देशभक्ति की झलक
लुधियाना| राम लाल भसीन पब्लिक स्कूल में गणतंत्र दिवस के मौके पर स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल एक्टिविटीज करवाई गई। इसमें छोटे बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चे स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों, महात्मा गांधी, रानी लक्ष्मीबाई, भारत माता और राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे देशभक्ति और प्रेरणा देने वाले किरदारों के रूप में तैयार होकर आए। बच्चों नें देशभक्ति और एकता को दिखाते हुए नाटक प्रस्तुत किए। स्कूल के प्रेसिडेंट बलराज भसीन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। वहीं प्रिंसिपल जिनी तलवार ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कम उम्र से ही आत्मविश्वास, अनुशासन और देशभक्ति के मूल्यों को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय त्योहारों के महत्व पर जोर दिया।
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राजस्थान में बारिश-ओलावृष्टि के बाद बदले मौसम से सर्दी के फिर से तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में आज भी 10 जिलों में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की शीतलहर का असर रहने की संभावना जताते हुए तापमान में गिरावट की संभावना जताई है। वहीं, 31 जनवरी से मौसम फिर बदलेगा। केंद्र ने आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को राज्य में कोहरा, धुंध रही और सर्द हवां से तापमान में गिरावट हुई। इससे सुबह-शाम के साथ दिन में भी सर्दी तेज रही। सबसे ज्यादा ठंडा एरिया बुधवार को पाली रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। कई जिलों में छाया कोहरा राज्य में पिछले 24 घंटे में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अलवर के एरिया में कोहरे का असर देखा गया। इन जिलों के अलावा बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, जोधपुर, नागौर बेल्ट में भी हल्का कोहरा और धुंध रही। इस कारण बुधवार को अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। 31 जनवरी को फिर से शुरू होगा बारिश का दौर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में 29 और 30 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। हालांकि उत्तर-पूर्वी जिलों (बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया) में सुबह कोहरे का असर रहेगा। सर्द हवा चल सकती है। 31 जनवरी से एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होगा, जिसके कारण जयपुर, बीकानेर, भरतपुर संभाग के एरिया के बादल छाएंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ ओले गिर सकते है। इस सिस्टम का असर 1 फरवरी को भी पूर्वी राजस्थान के भरतपुर संभाग के एरिया में रह सकता है।
रेवाड़ी जिले के रामगढ़-भगवानपुरा में अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर जुलाई 2025 से धरना चल रहा है। जिसकी कमान अब महिलाएं अपने हाथों में लेने लगी हैं। महिलाओं ने मंगलवार को एक गीत से केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर तंज कसा। गीत में प्रदेश सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह से भी अपील की गई। गांव भगवानपुरा की 85 वर्षीय रामगिरी ने महिलाओं के साथ मंगलवार को धरना स्थल पर गीत गाकर राव इंद्रजीत सिंह पर तंज कसा। अस्पताल संघर्ष समिति राव इंद्रजीत सिंह पर जलघर के लिए 10 किला जमीन देने पर गांव में अस्पताल बनाने का वादा करने का आरोप लगाती रही है। राव इंद्रजीत सिंह न केवल इससे इनकार करते रहे हैं, बल्कि गांव में चल रहे धरने को विरोधियों की साजिश भी करार दे चुके हैं। उनके साथ कमलेश, सुमन, रमेश, कृष्णा आशा समेत अन्य महिलाएं शामिल रही। 85 साल की रामगिरी ने गाया गीत 'इंद्रजीत ने भात भरा था, हॉस्पिटल बनवावागां,10 किला नाम करादै, त्हारै 200 बेड घलवावागांनरबीर सुनौ ना म्हारी, म्हारा हॉस्पिटल बनवा दो ना।ये रेवाड़ी जिला मै तीन नेता, तीनों का रौब बना सै10 किला नाम कराया, यो हॉस्पिटल नै नाट गयानरबीर सुनौ ना म्हारी, म्हारा हॉस्पिटल बनावा दो ना।इंद्र तै मिलन गया था, म्हारै धक्का मार भगायाउन्हैं बात सुनीं ना म्हारी, उन्हैं जनता घणी सताईनरबीर सुनो ना म्हारी, म्हारा हॉस्पिटल बनवा दो नासीएम जी सुनौ ना म्हारी, म्हारा हॉस्पिटल बनवा दो नै। आरती राव के नाम सौंपा था ज्ञापनपिछले सप्ताह भगवानगढ़-रामपुरा की महिलाएं रामपुरा हाउस पहुंची थी। महिलाओं ने रामपुरा हाउस में स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें अस्पताल निर्माण के लिए अस्पताल संघर्ष समिति को मिलने का समय देने की मांग की थी। महिलाओं के रामपुरा पहुंचने की सूचना पर आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई थी। 11 नवंबर को सीएम से मिलेअस्पताल संघर्ष समिति ने गत वर्ष 12 नवंबर को चंडीगढ़ में सीएम आवास पर मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की थी। जिसके बाद संघर्ष समिति ने 12 नवंबर को क्रमिक अनशन खत्म कर दिया था। हालांकि मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया था। सीएम से मिलने वालों में अनिल कुमार सरपंच प्रतिनिधि भगवानपुर, सूबेदार सतीश यादव , बीरेंद्र सिंह फौजी, भूतपूर्व सैनिक, अभय सिंह फिदेड़ी, कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, शेर सिंह मीरपुर और उत्तम यादव शामिल थे। 17 जून को शुरू हुआ था धरनामुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गत वर्ष 15 जून को रेवाड़ी आए थे। जिसके बाद भगवानगढ़ रामपुरा के लोगों को पता चला कि गांव में सरकार ने अस्पताल बनाने का निर्णय वापस ले लिया है। जिसके बाद ग्रामीण 16 जून को राव इंद्रजीत सिंह से मिलने पहुंचे। राव इंद्रजीत का समर्थन न मिलने के बाद ग्रामीणों ने 17 जून से धरना शुरू कर दिया था। धरना शुरू होने के बाद अस्पताल संघर्ष समिति का गठन किया गया और अब इसका संचालक समिति ही कर रही है।
हरियाणा में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला-बदला नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आज राज्य के अधिकांश जिलों में कोहरे के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह में घने कोहरा छा सकता है वहीं हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और चरखीदादरी में हल्की धुंध और शीतलहर चल सकती है। वहीं तापमान की बात करें तो बारिश और ओलावृष्टि का असर अधिकतम तापमान में साफ देखा जा सकता है। नारनौल में दूसरे दिन भी तापमान सामान्य से 8.5 डिग्री कम दर्ज किया गया है। आईएमडी के अनुसार राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। 31 जनवरी से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन मौसम शुष्क रहेगा। सुबह और शाम के समय ठंड और बढ़ेगी वहीं दिन के समय धूप निकलेगी। मगर 31 जनवरी को दक्षिणी हरियाणा के कुछ जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल में छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। 1 फरवरी को पूरे राज्य में मौसम सक्रिय होगा और अधिकतर इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इस दौरान उत्तर-पूर्वी जिलों अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर में ज्यादातर स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। वहीं मध्य व दक्षिणी हरियाणा में कई जगह बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज चौथे एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 45, जहां से पार्षद हैं कांग्रेस की सोनीला मिमरोट भाटिया। क्या काम पूरे हुए?, क्या बाकी हैं? और जनता 10 में से कितने नंबर देती है। आज के टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद सोनीला मिमरोट भाटिया ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या ड्रेनेज लाइन की है। कर्मचारी कम है और ड्रेनेज की समस्या ज्यादा है। ठेकेदारों को समय पर पेमेंट भी नहीं मिल रहा है इसलिए काम में देरी हो रही है। पढ़िए, भास्कर के सवाल, पार्षद के जवाब… सवाल: वार्ड में आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है?जवाब: पानी और ड्रेनेज पर हमने सबसे अधिक काम किया है। हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वार्ड के लाला का बगीचा क्षेत्र में नर्मदा लाइन डाली गई है। इसके अलावा देवनगर और पांचू कुमार की चाल में भी नर्मदा की लाइन डाली गई है। लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है। वार्ड के सभी प्रमुख कुओं को भी हमने पुनर्जीवित किया है। यह भी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि नर्मदा पाइपलाइन के साथ-साथ पानी के प्राकृतिक स्रोतों का संरक्षण और उनका पुनर्जीवन बेहद जरूरी है। सवाल: जनता की आम शिकायतें क्या आती हैं?जवाब: सबसे ज्यादा शिकायतें ड्रेनेज की समस्या को लेकर आती हैं। ड्रेनेज की सफाई तो हो जाती है, लेकिन गाद उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पूरे जोन-9 में पांच वार्ड हैं, जबकि गाद उठाने के लिए सिर्फ चार कर्मचारी हैं। वे भी हमें शाम तीन बजे के बाद ही उपलब्ध हो पाते हैं। कर्मचारियों पर काम का दबाव अधिक है और संसाधन कम हैं। निगम की व्यवस्था कुछ हद तक असंगठित है। कर्मचारियों की संख्या कम है और ड्रेनेज की समस्या ज्यादा है, क्योंकि इस पर पहले कभी समुचित काम नहीं हुआ। अब जाकर इस दिशा में काम शुरू हुआ है। सवाल: वार्ड में क्या नया प्रयोग किया और उससे क्या बदलाव हुआ?जवाब: मैंने मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। जल और ड्रेनेज की व्यवस्था को सुचारू बनाना मेरी प्राथमिकता रही है। मैं बच्चों की शिक्षा को लेकर भी काफी चिंतित रहती हूं, क्योंकि हमारे वार्ड का आधा हिस्सा स्लम क्षेत्र में आता है। लाला का बगीचा, पांचू कुमार की चाल और देवनगर में आंगनबाड़ी जर्जर अवस्था में थीं। न आंगनबाड़ी ठीक थीं और न ही स्कूल। हमने वहां नई आंगनबाड़ी का निर्माण कराया है। छोटे बच्चों के लिए बेहतर वातावरण देने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा एक स्कूल भी स्वीकृत कराया गया है, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। मेरा उद्देश्य बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखकर शिक्षा की ओर प्रेरित करना है। इस दिशा में हमारा प्रयास सफल रहा है और यह काम लगातार जारी है। सवाल: वार्ड के कौन-से इलाके रह गए हैं, जहां काम नहीं हो पाया है?जवाब: कुछ काम प्रस्तावित हैं और कुछ स्वीकृत भी हो चुके हैं। जैसे, पांचू कुमार की चाल में नर्मदा लाइन डालना अभी बाकी है और देवनगर में ड्रेनेज लाइन डालनी है। ये दोनों काम हमारे लिए बेहद जरूरी हैं और जल्द पूरे किए जाएंगे। पूरे अंबेडकर नगर में पानी की समस्या अधिक है। वहां नर्मदा की पुरानी लाइनें बदलनी हैं, जिसे प्राथमिकता पर किया जाएगा। एमआईजी क्षेत्र ए, बी, डी और ई सेक्टर में भी नर्मदा लाइन डालनी है।अब जो डेढ़ वर्ष का समय बचा है, उसमें कितना काम हो पाएगा, यह निगम के सहयोग पर निर्भर करेगा। हमारी मंशा लोगों के लिए काम करने की पूरी है। अगर अधिकारी सहयोग करें, तो काम तेजी से हो सकता है। सवाल: क्या आपके यहां पानी की शिकायतें आती हैं?जवाब: पानी की समस्या पूरे इंदौर में गंभीर है। जितना काम हम कर पाए हैं, उसके बावजूद अभी और प्रयास की जरूरत है। पार्षद बनने के बाद से मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता पानी और ड्रेनेज की समस्या दूर करना रही है। कुछ जगहों पर काम में देरी के कारण समस्याएं बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में पानी और ड्रेनेज की लाइनें पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें बदला जाना जरूरी है।हमारी कोशिश रहती है कि कोई भी समस्या या फोन आने पर तुरंत समाधान किया जाए। ------------------ये खबरें भी पढ़ें… वार्ड-75 में गंदा पानी और ड्रेनेज बड़ी समस्या इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है?। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर के वार्ड-64 में कितना हुआ विकास, कितना बाकी वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद मनीष शर्मा 'मामा' ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में छोटी-छोटी मूलभूत समस्या हैं। जैसे कि पानी नही आता, ड्रेनेज की समस्या है, किसी की पेंशन नहीं शुरू हुई। पढ़िए पूरी खबर... वार्ड टॉक में आज वार्ड 49 की पड़ताल उदावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। हमने वार्ड में ग्रीन बेल्ट का उपयोग करते हुए वॉकिंग ट्रैक बनवाया है। पढ़िए पूरी खबर...
दैनिक भास्कर की वस्त्रदान मुहिम को मिला स्कूलों का समर्थन
लुधियाना| दैनिक भास्कर की ओर से शुरू की गई वस्त्रदान मुहिम को शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों ने भी अपना सहयोग दिया। गुरु नानक पब्लिक स्कूल मॉडल टाउन एक्सटेंशन, गुरु नानक इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल मॉडल टाउन और राजिंदरा मॉडल स्कूल हैबोवाल ने इस सामाजिक पहल में सक्रिय भागीदारी निभाई। स्कूल प्रबंधन, स्टाफ और छात्रों ने मिलकर जरूरतमंदों के लिए कपड़े एकत्र किए और मुहिम को सफल बनाने में योगदान दिया। स्कूलों में विशेष रूप से छात्रों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने पर जोर दिया गया। टीचरों ने बच्चों को बताया कि उनके द्वारा दिया गया एक छोटा सा सहयोग किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकता है। छात्रों ने भी पूरे उत्साह के साथ गर्म कपड़े लाकर जमा करवाए। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि दैनिक भास्कर की यह मुहिम समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुंचाने का सशक्त माध्यम है और ऐसे प्रयासों से बच्चों में संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक सरोकार विकसित होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह की जनहित मुहिमों में सहयोग जारी रखने की बात कही। वस्त्रदान मुहिम के माध्यम से जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के इस प्रयास ने शहर में सकारात्मक संदेश दिया।
लुधियाना में 30 जनवरी से 1 फरवरी तक इंडिया एग्री एक्सपो 2026
लुधियाना| कृषि एवं उससे जुड़े सहायक क्षेत्रों की उन्नति को समर्पित इंडिया एग्री एक्सपो 2026 का आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी तक लुधियाना एग्जीबिशन सेंटर, साहनेवाल में किया जा रहा है। इस दो दिवसीय प्रदर्शनी में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रमुख ब्रांडों की भागीदारी रहेगी। इंडिया एग्री एक्सपो 2026 को कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी एवं गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी का तकनीकी एवं अकादमिक सहयोग प्राप्त है। इसके साथ ही PSAIMA (Punjab Small Industries Machinery Manufacturers Association) और AMMA (Agricultural Machinery Manufacturers Association) भी इस प्रदर्शनी को पूर्ण समर्थन प्रदान कर रही हैं। प्रदर्शनी में कृषि मशीनरी एवं उपकरण, ट्रैक्टर एवं इम्प्लीमेंट्स, पराली प्रबंधन के आधुनिक समाधान, सिंचाई एवं जल प्रबंधन प्रणालियां, बीज, उर्वरक एवं फसल संरक्षण उत्पाद, एग्रो-प्रोसेसिंग एवं पोस्ट-हार्वेस्ट तकनीक, डेयरी एवं पोल्ट्री सेक्टर, उद्यानिकी उपकरण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्मार्ट फार्मिंग समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। एक्सपो के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी सेमिनार, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा कृषि क्षेत्र को आधुनिक एवं टिकाऊ बनाना है। आयोजकों के अनुसार, इंडिया एग्री एक्सपो 2026 कृषि क्षेत्र में तकनीक, व्यापार और ज्ञान साझा करने का एक बड़ा एवं प्रभावशाली मंच सिद्ध होगा।
चांदपुर पुलिस ने एक पिकअप से साढ़े तीन लाख रुपए से ज्यादा की अवैध शराब जब्त की है। तस्करों ने वाहन की बॉडी में बेहद सफाई से वेल्डिंग कर गुप्त बॉक्स तैयार किया था, जिसे बाहर से पहचानना मुश्किल था। बॉक्स के ऊपर हरी सब्जियां रखी थीं, जबकि नीचे अंग्रेजी शराब की 50 पेटियां भरी थीं, ताकि शराब की गंध दब जाए। यह शराब गुजरात भेजी जा रही थी। 28 जनवरी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आलीराजपुर की ओर से आ रही सफेद पिकअप (GJ-34-T-3646) को रोका। चालक गमजी पिता चुनिया वास्कले ने सब्जियां होने की बात कही, लेकिन संदेह पर वाहन थाने लाया गया। तलाशी में गुप्त बॉक्स मिला। शराब की कीमत 3.63 लाख और सब्जियों की कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। आरोपी के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इधर, टांडा में 80 लाख की शराब पकड़ी : टांडा में पुलिस ने इंदौर से आलीराजपुर ले जाई जा रही करीब 80 लाख रुपए की अवैध शराब पकड़ी है। दो ट्रकों में भरी शराब देवगुराड़िया वेयरहाउस से निकली थी। चालक मांगीलाल चौहान को गिरफ्तार किया गया, जबकि अजय चौहान फरार हो गया। दोनों ट्रक, जिनकी कीमत करीब 40 लाख है, थाने में खड़े करवाए गए हैं। इस तरह रची गई तस्करी की चाल : पिकअप की बॉडी में वेल्डिंग कर विशेष गुप्त बॉक्स बनाया गया था। ऊपर सब्जियां रखी गई थीं, ताकि शराब की गंध बाहर न आए। सामान्य जांच में वाहन पूरी तरह सब्जी से भरा प्रतीत हो रहा था, जिससे पुलिस को चकमा देने की पूरी तैयारी थी। बारिकी से जांच के बाद ही पूरा खुलासा हो सका। पुलिस को चकमा देने के लिए सब्जियों के नीचे गुप्त बॉक्स में शराब छिपाकर गुजरात ले जाई जा रही थी। वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शराब किसकी है और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच की जा रही है।' -दिलीप चंदेल, थाना प्रभारी, चांदपुर
लुधियाना | गणतंत्र दिवस के अवसर पर पीएसएन ग्रुप ऑफ स्कूल की ओर से ध्वजारोहण व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में सानी मलिक मौजूद रहे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बच्चों ने देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्यातिथि सानी मलिक ने बच्चों को प्रेरित करते हुए शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
लाला लाजपत राय को दी श्रद्धांजलि
लुधियाना| स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के पराक्रम और विजय को दोबारा स्मरण करते हुए भारतीय विद्यालय मंदिर किचलू नगर ने लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। स्वदेशी आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार लाला की विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके अद्भुत साहस को दर्शाता एक वृत्तचित्र प्रदर्शित किया गया।
मूक-बधिर बच्चों के साथ मनाया गणतंत्र दिवस
लुधियाना| मिशन स्माइल एनजीओ की प्रेसिडेंट सोनिया छाबड़ा और वाइस प्रेसिडेंट मंजू सेठी के नेतृत्व में रेड क्रॉस सोसाइटी के मूक-बधिर बच्चों के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। बच्चों की टीचर संतोष ने बताया कि ये बच्चे केवल सांकेतिक भाषा के माध्यम से ही अपनी भावनाएं और बातों को व्यक्त करते हैं। मिशन स्माइल की टीम ने बच्चों को देशभक्ति की भावना से जोड़ने के लिए उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के रूप में तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जैकेट भेंट की गईं और उनके लिए खान-पान की व्यवस्था भी की गई। मूक-बधिर बच्चों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर नृत्य प्रस्तुति दी।
13 से 15 फरवरी तक आयोजित होंगे रुरल मिनी ओलंपिक्स
लुधियाना| माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट गांव जरखड़ की तरफ से आयोजित 40वें मॉडर्न रूरल मिनी ओलंपिक्स जरखड़ गेम्स 13, 14 और 15 फरवरी को आयोजित किए जा रहे हैं। जरखड़ स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई मीटिंग के बाद चेयरमैन नरिंदर पाल सिंह सिद्धू, पूर्व एआईजी, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जगरूप सिंह जरखड़ ने बताया कि इन गेम्स का मुख्य आकर्षण महेंद्र प्रताप सिंह ग्रेवाल हॉकी गोल्ड कप और नायब सिंह ग्रेवाल जोधा कबड्डी कप गेम्स होंगे। उन्होंने बताया कि लड़के-लड़कियों की हॉकी, 17 साल से कम उम्र के लड़कों की हॉकी, कबड्डी ओपन, बुजुर्गों की कबड्डी, अमरजीत ग्रेवाल की याद में राज्य स्तरीय वॉलीबाल चैंपियनशिप होगी। जिसमें 23 जिलों से लड़के-लड़कियों की टीमें, फुटबॉल 60 किलो लड़कों और 19 साल से कम उम्र की लड़कियों के मुकाबले, प्राइमरी स्कूल के बच्चों के अलग-अलग खेल, रस्साकशी, दौड़, प्राइमरी स्कूल की कबड्डी आदि करवाए जाएंगे। जरखड़ खेलों का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज बनाना होगा। उन्होंने बताया कि इस मौके पर टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह बहुत भव्य होगा।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर मंगलवार को जल सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। भोपाल के सभी 85 वार्डों में भी 2 घंटे तक जल सुनवाई की जाती है, लेकिन सैंपलिंग के नाम पर ‘छल’ हो रहा है। वार्डों में मौजूद कर्मचारी केवल 10 मिलीलीटर पानी में 3 बूंद क्लोरीन मिलाकर जांच कर रहे हैं, जबकि आदेश के अनुसार 11 पैमानों पर पानी की जांच करनी है। इस बीच, नाली के पानी को ‘शुद्ध’ बताने पर विपक्ष ने 'शहर सरकार' को जमकर घेरा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि वार्डों में न तो पानी का टीडीएस (टोटल डिसोल्वड सोलिड्स) और न ही रंग-स्वाद को लेकर कोई जांच हो रही है। कर्मचारी पानी को शुद्ध बताते हुए लोगों को रवाना कर देते हैं। दूसरी ओर, शहर के 20 से ज्यादा इलाकों में अभी भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। समझा जा सकता है कि नगर निगम प्रशासन पानी को लेकर कितना गंभीर है। इस मंगलवार को जल सुनवाई के रियलिटी चेक में कर्मचारी ने 15 सेकंड में ही नाली के पानी को ही 'शुद्ध' बता दिया था। इसके बाद बुधवार को निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने जिम्मेदार अफसरों को प्रशिक्षित कर्मचारी के जरिए ही जांच करने और लैब में टेस्टिंग के आदेश दिए हैं। उन्होंने भास्कर की खबर के बाद सभी अफसरों से कहा है कि बाकी पैरामीटर पर भी जांच करें। ताकि, कहीं गंदा पानी आ रहा है तो सैंपल लेकर जांच हो सके। अब जानिए, 3 जल सुनवाई में क्या हुआ? भोपाल में पहली जल सुनवाई 13 जनवरी, दूसरी 20 जनवरी और तीसरी 27 जनवरी को हुई। इनमें 2585 जगहों से कुल 6519 सैंपल लिए गए। दावा है कि इन सैंपल की जांच 8 लैब में कराई गई। ज्यादातर में पानी को 'शुद्ध' ही बताया गया। दूसरी ओर, वार्ड ऑफिस में सैंपलिंग के नाम पर 'छल' ही हो रहा है, क्योंकि 11 में से सिर्फ 1 क्लोरिन की जांच ही की जा रही है। जबकि भोपाल में 20 से ज्यादा ऐसे इलाके हैं, जहां पर गंदा पानी सप्लाई हो रही है। खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के ग्राउंड वाटर के 4 सैंपल फेल हो चुके हैं। यहां के पानी में 'ई-कोलाई' बैक्टीरिया मिला था। बाद में इस पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में मिला था। गंदा पानी और निगम का साफ झूठ…ये पढ़िए प्रेम नगर के बुजुर्ग रामचंद्र तिवारी ने बताया कि 8 दिन से गंदा पानी पीने को मजबूर है। नई लाइन अब तक चालू नहीं की है। निगम पुरानी लाइन से ही पानी की सप्लाई कर रहा है। कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। ऐसे तो बीमार हो जाएंगे। ऐशबाग के सैयद अलमास अली ने बताया कि ऐशबाग, जनता क्वार्टर समेत कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। इसे लेकर कई बार निगम को जानकारी दे चुके हैं, लेकिन लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। यदि वार्ड में पानी की जांच नहीं तो महापौर हेल्प लाइन पर शिकायत करेंयदि वार्ड में आपके पानी की जांच नहीं की जा रही है तो महापौर हेल्प लाइन में शिकायत करें। महापौर हेल्प लाइन का नंबर-155304 है। इसके अलावा सीएम हेल्प लाइन में भी शिकायत की जा रही है। ऐसा करने से जिम्मेदारों को तय समय सीमा में जांच करना पड़ेगी और कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। INC ने कहा- एमपी के पानी को क्लीन चिटभोपाल में नाली के पानी को भी शुद्ध बताने की खबर के बाद नेशनल कांग्रेस ने ट्विट किया। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश में अब नाले के पानी को भी 'क्लीन चिट' मिलने लगी है। चौंकिए मत! यही इस सरकार की हकीकत है। सरकारी कर्मचारियों ने टेस्टिंग के नाम पर नाले के पानी को 'साफ' घोषित कर दिया। जिस प्रदेश में गंदा पानी पीने से लोगों की मौत हो चुकी हो, वहां ऐसी आपराधिक लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने लिखाभोपाल में नाली का गंदा एवं बदबूदार पानी भी जांच में पीने योग्य घोषित। 15 सेकंड के क्लोरीन टेस्ट से गंदे पानी को क्लीन चिट, ये सिर्फ घोर लापरवाही नहीं, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ है। इंदौर के भागीरथपुरा में 28 मौतों के बाद भी सरकार नहीं चेती, जल सुनवाई सिर्फ दिखावा बन चुकी है। जब सरकारी रिपोर्ट में पानी पीने साबित हो गया तो मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों पानी पीना चाहिए। क्या ट्रिपल इंजन की सरकार अगली त्रासदी का इंतजार में है? ये खबर भी पढ़ें… नाली के पानी को निगम ने बताया ‘शुद्ध’...पीने लायक! भोपाल में नाली का पानी भी पीने लायक है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि नगर निगम के अमले ने जल सुनवाई के दौरान वाटर टेस्टिंग के बाद इसे माना है। जी हां, नाली के पानी को वार्ड ऑफिस में महज 15 सेकंड में हुए टेस्ट में 'शुद्ध' बता दिया गया। इससे समझा जा सकता है कि भोपाल के किसी भी वार्ड में इंदौर के भागीरथपुरा जैसे हालात कभी भी बन सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नमस्कार, कल की बड़ी खबर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन को लेकर रही। वहीं, दूसरी खबर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के माघ मेला छोड़ने से जुड़ी है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन, आज अंतिम संस्कार होगा महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन हो गया है। बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। वे 66 साल के थे। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान गई। कैसे हुआ हादसा: केंद्रीय एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने बताया कि पायलट ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह प्लेन को वापस ऊंचाई पर ले गया। दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से पहले ही गिर गया और उसमें आग लग गई। चाचा शरद बोले- यह सिर्फ हादसा: एनसीपी (शरद) नेता और अजित के चाचा शरद पवार ने कहा कि यह हादसा है। इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। महाराष्ट्र ने एक काबिल इंसान खो दिया है। उसके पास फैसले लेने की ताकत थी। विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं थी: विमानन कंपनी VSR वेंचर्स ने कहा है कि पायलट को 16 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। विमान की को-पायलट के पास 1500 घंटे का एक्सपीरियंस था। कंपनी ने दावा किया कि एयरक्राफ्ट में कोई तकनीकी खामी नहीं थी। पूरी खबर पढ़ें... 2. अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेला छोड़कर गए, कहा- जिन्होंने अपमान किया, उन्हें औकात दिखानी होगी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है। उन्होंने कहा- मैं श्रद्धा के साथ यहां आया था, लेकिन एक ऐसी घटना हो गई, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी। जिन्होंने सनातनी प्रतीकों का अपमान किया है, उन्हें औकात दिखानी होगी। माघ मेला में अभी 2 स्नान बाकी हैं: 15 फरवरी तक चलेगा। अभी 2 स्नान बचे हैं। माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)। यानी विवाद के कारण शंकराचार्य ने माघ मेला 18 दिन पहले ही छोड़ दिया। जानिए कहां से शुरू हुआ था विवाद: 18 जनवरी को माघ मेले में स्नान के लिए जा रहे अविमुक्तेश्वरानंद की पुलिस ने पालकी रोकी। विरोध पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई, शिखा पकड़कर घसीटने का आरोप लगा। इसके बाद शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। पूरी खबर पढ़ें... 3. अपर्णा को तलाक नहीं देंगे अखिलेश के सौतेले भाई, इंस्टाग्राम पर लिखा- सब अच्छा है सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच सुलह हो गई है। अब प्रतीक पत्नी अपर्णा यादव को तलाक नहीं देंगे। 10 दिन पहले प्रतीक ने अपर्णा यादव को स्वार्थी महिला और बुरी आत्मा कहा था। इंस्टाग्राम पर 8 घंटे में तलाक को लेकर 2 पोस्ट किए थे। प्रतीक यादव ने बुधवार दोपहर खुद एक पोस्ट की। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘All is Good यानी सब अच्छा है। चैंपियन वो होते हैं जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम चैंपियंस का परिवार हैं।’ प्रतीक यादव ने बुधवार दोपहर इंस्टाग्राम पर सुलह वाली पोस्ट लिखी। पत्नी अपर्णा के साथ फोटो भी अपलोड की है।पढ़ें पूरी खबर… 4. संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, 45 मिनट स्पीच दी: VB- जी राम जी कानून पर विपक्ष का हंगामा 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला हिस्सा बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा की जॉइंट मीटिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार देश में आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है। राष्ट्रपति ने 45 मिनट की स्पीच दी: अपनी स्पीच में राष्ट्रपति ने VB- जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया और कानून वापस लो के नारे लगाए। उधर, एनडीए सांसदों ने समर्थन में नारेबाजी की। पीएम मोदी और अमित शाह भी मेज थपथपाते नजर आए। बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा: यह दो हिस्सों में होगा। पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें... 5. चांदी दो दिन में ₹40,562 बढ़ी, ₹3.58 लाख/kg पहुंची; 28 दिन में ₹1.29 लाख महंगी हुई दो दिन में चांदी की कीमत 40,562 रुपए महंगी हुई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत ₹3,17,705 रुपए किलो थी। इस साल अब तक सिर्फ 28 दिन में ही ये 1.29 लाख रुपए महंगी हो चुकी है। दो दिन में सोना 10,335 महंगा हुआ है: 23 जनवरी को सोने का भाव 1,54,310 रुपए/10g था। 28 जनवरी को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 5,734 रुपए बढ़कर 1,64,635 रुपए पर पहुंच गया है। दो दिन में सोना 10,335 महंगा हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मुंबई का अनोखा फ्लाईओवर, 4 लेन से टू लेन का हुआ मुंबई में एक अनोखा डबल डेकर फ्लाई ओवर बना है। जिसकी शुरुआत 4 लेन से होती है, लेकिन आगे चलकर यह अचानक 2 लेन बन जाता है। 100 करोड़ की लागत से बने इस फ्लाई ओवर की इंजीनियरिंग पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि BJP सरकार में ऐसे जानलेवा चमत्कार आम बात है। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: अजित पवार के बाद क्या होगा; सुनेत्रा बनेंगी डिप्टी सीएम या NCP टूटेगी, क्या शरद गुट में विलय भी हो सकता है 2. जब वॉशरूम में एक कॉल से बदला पाला: अजित पवार के किस्से, जिन्होंने 6 बार डिप्टी सीएम की शपथ ली; आज प्लेन क्रैश में निधन 3. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स- डेडबॉडी के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, खून के धब्बे छिपाने के लिए पुताई करवाई 4. गैंग्स ऑफ म्यावड्डी; 1 लाख सैलरी-बंगले का ऑफर, मिली गुलामी:16 भारतीय फंसे, 18 घंटे काम नहीं तो रॉड से पिटाई; बोले- बचा लो 5. रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड की जिंदगी में बहुत केऑस है: उसका कमरा कबाड़खाना है, एक सामान जगह पर नहीं रखता, परेशान हूं, क्या करूं 6. जरूरत की खबर- विराट ने बीच मैच पिया पिकल जूस: क्या है ये ड्रिंक, क्या हैं इसके फायदे, डॉक्टर से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए 7. कैमरे में फर्जी डॉक्टर, ऑपरेशन के बाद महिला की मौत: गिरफ्तारी हुई, फिर भी मरीजों की जिंदगी से खेलने के लिए खोल लिए क्लीनिक-हॉस्पिटल करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
बिजनेस में रुपयों के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली
भास्कर न्यूज |लुधियाना 23 जनवरी को लुधियाना में एमबीए छात्र की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मृतक और आरोपी न सिर्फ अच्छे दोस्त थे, बल्कि दोनों मिलकर कारोबार शुरू करने की तैयारी भी कर रहे थे। पैसों के लेन-देन को लेकर चल रहा विवाद देखते ही देखते खूनखराबे में बदल गया। मृतक की पहचान राजवीर सिंह खैहरा के रूप में हुई है, जो पंजाब यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर, एक्सटेंशन लाइब्रेरी, लुधियाना से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। वहीं आरोपी जुगाद सिंह सेखों भी उसी संस्थान का एमबीए छात्र है। दोनों की मुलाकात एडमिशन के बाद हुई थी और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों जल्द ही स्पेयर पार्ट्स का कारोबार शुरू करने वाले थे। इसी दौरान पैसों को लेकर उनके बीच तनाव चल रहा था। हत्या वाले दिन दोनों एक ही कार में कहीं जा रहे थे। रास्ते में लेन-देन को लेकर बहस हुई, जो अचानक झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान आरोपी जुगाद सिंह ने अपनी पिस्तौल निकालकर राजवीर सिंह पर गोली चला दी। गोली लगते ही राजवीर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के पिता जसवीर सिंह (58) निवासी जगजीत नगर, थरीके रोड ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले जुगाद सिंह उनके घर आया था और उस समय उसके पास हथियार भी था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और वह लाइसेंसी था या अवैध। पीएयू थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की विशेष रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों और अदालत में भेज दी गई है।
लोकल स्तर पर होंगे 2 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट पास, 5-10 दिन में मिलेगी मंजूरी
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने शहरी इलाकों, खासकर लुधियाना जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में विकास कार्यों को तेज करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत नगर निगमों में विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति से जुड़े अधिकारों को स्पष्ट और समयबद्ध कर दिया गया है। इसका सीधा असर लुधियाना शहर में रुके या धीमी रफ्तार से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा। अभी तक जहां सिर्फ एक करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्टों को चंडीगढ़ स्तर पर ही मंजूरी दी जाती थी। लेकिन अब सरकार ने इन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 2 करोड़ रुपए तक के एस्टीमेट लोकल स्तर पर ही मंजूर करने की पावर सुपरिंटेंडेंट इंजीनियरों को सौंप दी है। इस संबंध में सरकार ने बुधवार को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। लुधियाना में यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2027 के चुनाव से पहले सरकार शहर में सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, कूड़ा प्रबंधन और औद्योगिक इलाकों की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने पर फोकस कर रही है। चुनावी साल से पहले विकास कार्य जमीन पर दिखें, इसके लिए फाइलों की लेटलतीफी खत्म करना जरूरी माना जा रहा है। इसके साथ ही तकनीकी मूल्यांकन और लागत अनुमान की जांच की प्रक्रिया भी आसान की गई है। तय किया गया है कि सभी मामलों में तकनीकी जांच और कंपरेटिव स्टेटमेंट की वेरीफिकेशन 10 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। इससे टेंडर प्रक्रिया और काम शुरू होने में लगने वाला समय घटेगा। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि नगर परिषदों और इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों के नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से लुधियाना जैसे शहरों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और इसका राजनीतिक असर भी 2027 के चुनाव में देखने को मिल सकता है। नगर निगम के काम होंगे तेज : नगर निगम लुधियाना ने हाल ही में 50 साल ब्याज मुक्त कर्ज लेकर 150 करोड रुपए के विकास कार्य शहर के हलकों में करने है और प्रति हल्का विकास कार्य का टेंडर एक करोड रुपए से ज्यादा का है और ऐसे में इन प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए चंडीगढ़ चक्कर लगाने पड़ रहे हैं । इसी तहत सरकार ने यह फैसला लिया है कि ऐसे प्रोजेक्ट हर जिले में शुरू होने हैं । इसलिए लोकल स्तर पर चीफ इंजीनियर की बजाए 1 करोड़ से लेकर 2 करोड रुपए तक के प्रोजेक्ट के एस्टीमेट सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ही मंजूर करेंगे। अब तक लुधियाना नगर निगम में सड़कों की मरम्मत, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सिटी से जुड़े कई काम चंडीगढ़ में तकनीकी स्वीकृति में देरी के कारण अटके रहते थे। लेकिन नई व्यवस्था के तहत 2 लाख तक के कार्यों को जूनियर इंजीनियर, 2 से 25 लाख रुपये तक के कामों को असिस्टेंट कॉरपोरेशन इंजीनियर, जबकि 25 से 50 लाख रुपये तक के विकास कार्यों को कॉरपोरेशन इंजीनियर तकनीकी मंजूरी दे सकेंगे। इसी तरह 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक के कामों को सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और 2 से 10 करोड़ रुपये तक के बड़े प्रोजेक्ट्स को चीफ इंजीनियर स्वीकृति देंगे। 10 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को चीफ इंजीनियर्स की कमेटी से हरी झंडी मिलेगी। सरकार ने हर स्तर पर फाइल निपटाने की समय सीमा भी तय कर दी है, जिससे काम अधिकतम 5 से 10 दिनों में आगे बढ़ सके।
ठगी का मामला:टीसीएस की इंजीनियर 4 दिन डिजिटल अरेस्ट, 6 लाख ठगे
टीसीएस में कार्यरत इंजीनियर युवती और उसके सास-ससुर को साइबर ठगों ने टेररिस्ट फंडिंग का डर दिखाकर चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 6 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने युवती को करियर बर्बाद करने की धमकी देकर रकम ट्रांसफर कराई। कल्याण संपत, गांधी नगर निवासी युवती ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के अनुसार 20 जनवरी को अज्ञात कॉल आया, जिसमें खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर मुंबई ब्लास्ट से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में नाम आने की बात कही गई। गिरफ्तारी और घर पर टीम भेजने की धमकी दी गई। डर के कारण सास-ससुर को भी मानसिक दबाव में रखा गया। युवती के ससुर ने 1 जान-पहचान वालों से उधार लेकर रकम ट्रांसफर की। भतीजे विजय के दोस्त विशाल तिवारी को डिजिटल अरेस्ट का शक हुआ। सूचना पर टीआई अनिल यादव टीम के साथ पहुंचे और ठगी का खुलासा हुआ। क्राइम ब्रांच ने ठगों के खाते फ्रीज कर दिए हैं। ऐसे बनाया मानसिक कैद ठगों ने ऑफिस जाने, खाना बनाने तक का समय तय किया। मोबाइल लाउडस्पीकर पर बात करवाई जाती थी। किसी को बताने पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती थी। सादी वर्दी में लोगों के घर के आसपास घूमने का डर दिखाकर परिवार को पूरी तरह मानसिक रूप से नियंत्रित रखा गया।
पालतू कुत्ते को कार से कुचलकर मार डाला, 50 मीटर तक घसीटता फरार
भास्कर न्यूज |लुधियाना थाना सलेम टाबरी इलाके में पालतू कुत्ते को कार से कुचलकर मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कार चालक ने कुत्ते को टक्कर मारने के बाद वाहन रोकने के बजाय उसे करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। शिकायतकर्ता हरबंस, निवासी वरिंदर नगर ने बताया कि 23 जनवरी की शाम उनके घर एक रिश्तेदार शादी का कार्ड देने आया था। इसी दौरान घर का मुख्य गेट कुछ देर के लिए खुला रह गया, जिससे उनका पालतू कुत्ता बाहर गली में निकल गया। कुछ ही सेकंड में कुत्ता सड़क पर पहुंचा और तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक सफेद रंग की कार गली से गुजरती है। कार के अगले हिस्से के नीचे कुत्ता आ जाता है, लेकिन चालक ने न तो गाड़ी रोकी और न ही ब्रेक लगाए। इसके उलट, आरोपी चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और कुत्ते को करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। घटना के बाद घर की एक महिला और आसपास के लोग बाहर निकले। कुत्ते को तुरंत एक्टिवा पर बैठाकर पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुत्ते के मालिक हरबंस ने आरोप लगाया है कि कार उनका ही पड़ोसी चला रहा था और दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि पड़ोसी ने जानबूझकर उनके कुत्ते को निशाना बनाया और वाहन नहीं रोका। पीड़ित ने घटना की शिकायत थाना सलेम टाबरी की पुलिस को दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) ने भारतीय सेना के लिए टी-72 टैंकों का पायलट ओवरहॉल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह पहली बार है जब टैंकों को मरम्मत के लिए चेन्नई स्थित हेवी व्हीकल फैक्ट्री अवाडी भेजने के बजाय सीधे जबलपुर लाया गया। बुधवार को मरम्मत के बाद दोनों टैंकों को सेना के हवाले किया गया। इन टैंकों की एमओआर यानी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल का कार्य सीमित संसाधनों के बीच वीएफजे में ही किया गया। आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) ने सेना की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वर्ष 2025 में वीएफजे को पायलट ओवरहॉल की अनुमति दी थी। निर्धारित तकनीकी मानकों पर खरे उतरने के बाद अब वीएफजे को आगे और टैंक मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार 2026-27 तक 20 टैंक और बाद के वर्षों में लगभग 80 टैंकों की मरम्मत जबलपुर में प्रस्तावित है। हाल ही में गन कैरिज फैक्ट्री द्वारा दो सारंग तोप भी सेना को सौंपी गई थीं। क्यों खास है टी-72 टैंक : टी-72 टैंक का विकास सोवियत संघ में 1967 के आसपास हुआ और 1971 में इसे सेना में शामिल किया गया। इसमें 125 मिमी स्मूदबोर गन, ऑटो-लोडर सिस्टम और शक्तिशाली डीजल इंजन है। स्टील व कंपोजिट आर्मर से लैस यह टैंक रेगिस्तान, मैदानी और कठिन इलाकों में दिन-रात, हर मौसम में युद्धक क्षमता बनाए रखता है।
ऑल इंडिया सर्विसेज:रिटायर्ड अफसरों की पेंशन का पैसा अब केंद्र से लेगा मप्र
ऑल इंडिया सर्विसेज (अखिल भारतीय सेवा या एआईएस) के रिटायर्ड अफसरों की पेंशन खर्च का पैसा मध्यप्रदेश अब केंद्र सरकार से क्लेम के रूप में वापस लेगा। इसमें रिटायरमेंट के बाद मप्र में रहने वाले अधिकारी की पेंशन, ग्रेज्युटी व अर्नलीव शामिल रहेगी और जो लोग मप्र से बाहर रह रहे हैं, उनकी ग्रेज्युटी व अर्नलीव क्लेम होगी। वित्त विभाग के स्तर पर राशि का आंकलन शुरू हो गया, जिसे केंद्र सरकार से क्लेम किया जाना है। प्रारंभिक अनुमान है कि यह 350 करोड़ करीब संभावित है। मप्र को केंद्र से करीब 350 करोड़ रुपए मिल सकेंगे वित्त विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि क्लेम राशि के आंकलन का काम पेंशन डायरेक्टोरेट को दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (डीओपीटी) ने 2008 में एआईएस (डेथ कम रिटायरमेंट बेनीफिट रूल्स) के लिए पेंशन रूल्स को रिवाइज कर दिया था। इसमें कहा गया था कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की पेंशन खर्च की जिम्मेदारी भारत सरकार अपने हाथ में लेगी। तब मप्र ने इस पर ध्यान नहीं दिया। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जाकर इसका लाभ लेने की तैयारी की है। साफ है कि 2008 के बाद रिटायर होने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के पेंशन का भार मप्र से हट जाएगा। मप्र 2008 से लेकर अभी तक के पेंशन खर्च की राशि एकमुश्त क्लेम करने वाला है। 10 साल का डाटा जुटाया जा रहा: जिन अफसरों का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है, उसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन 2008 से लेकर तकरीबन 10 साल का डाटा जुटाया जा रहा है। अखिल भारतीय सेवा के रिटायर अफसरों के मामले में आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इस राशि का क्लेम भारत सरकार से करेंगे। राशि अभी स्पष्ट नहीं है कि वह कितनी होगी।’ - मनीष रस्तोगी, एसीएस, वित्त पांच लाख की पेंशन अब सीधे एसबीआई में जाएगी सरकार ने पेंशन के मामले में सुरक्षित ट्रांजेक्शन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को एग्रीगेटर बैंक नियुक्त कर दिया है। यानी, मप्र के करीब पांच लाख रिटायर अधिकारी-कर्मचारियों की पेंशन सीधे एसबीआई में जाएगी। अधिकारी-कर्मचारी यदि किसी दूसरे बैंक में पैसा चाहते हैं तो एसबीआई से पैसा उस संबंधित बैंक में जाएगा। स्पष्ट है कि एसबीआई मध्यस्थ बैंक की भी भूमिका में रहेगा। वर्तमान में करीब एक दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंक राज्य सरकार की सूची में हैं। अब एसबीआई प्रमुख हो जाएगा। वित्त के सूत्रों का कहना है कि बाकी बैंकों का डाटा लिया जा रहा है। एक-दो माह में नई व्यवस्था से काम होने लगेगा।
युवक का प्राइवेट पार्ट काटने के मामले में 10 महंतों पर केस दर्ज
लुधियाना| ख्वाजा कोठी चौक निवासी मनप्रीत सिंह (21) का कुछ किन्नरों द्वारा अपहरण कर प्राइवेट पार्ट काट दिया था। इस मामले में 10 महंतो रवीना, सुहाना, मोन्ना, सिमी, कनिका, रहिमत, शिवकुमार, दिलावर, हिफाजत, पूजा पर थाना डिवीजन-3 में केस दर्ज हुआ है। जांच अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के घर पर रेड की, लेकिन सभी आरोपी फरार हो चुके हैं। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की लोकेशन का पता किया जा रहा है। बता दें कि 20 जनवरी को गांव खानपुर में एक शादी समारोह में बधाई लेने के लिए दो पक्षों में लड़ाई होने के बाद उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया गया था। फिलहाल युवक की हालत नाजुक होने से पीजीआई में उसका उपचार चल रहा है।
बाबा दीप सिंह जी मेरे अंग संग साही रहना जी....जप तप समागम में किया सिमरन
लुधियाना| अमर शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा साहिब में जप तप समागम का आयोजन किया गया इस अवसर पर बीबी चरणजीत कौर बाबू बहनजी ने समागम की शुरुआत श्री जप जी साहिब के पाठ के साथ की उपरांत बाद श्री सुखमणि साहिब और श्री चौपाई साहिब के पाठ संगती रूप में किए इस अवसर पर सभी संगत ने मिलकर धन धन बाबा दीप सिंह जी तेरी जय होवे सिमरन किया वही बाबा दीप सिंह जी मेरे अंग संग साही रहना जी का सिमरन किया इस समागम में छोटे बच्चो से लेकर युवा और बुजर्गों ने मिलकर जोड़े खाने और लंगर हाल में सेवा की किसी ने बर्तन धोने में सेवा की तो किसी ने संगत को जल पिलाने की सेवा निभाई इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य सुरिंदर पाल सिंह बिंद्रा ,सुखविंदर पाल सिंह सरना ,हरप्रीत सिंह राजधानी ,नवप्रीत सिंह बिंद्रा ने आई हुई संगत का धन्यवाद किया और स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों को सिरोपा डाल कर सम्मानित किया इस अवसर पर अमरजीत सिंह टिक्का ने बताया कि इस जप तप समागम में सिर्फ इस शहर की संगत ही नहीं दूसरे राज्यों से भी संगत शामिल होती है उन्होंने बताया की इस समागम में विशेष तौर पर कड़ी चावल का लंगर संगत के लिए तैयार किया जाता है
हरियाणा के पूर्व जेजेपी नेता रमेश गोदारा को चंडीगढ़ कोर्ट से बुधवार को राहत मिली है। यहां की स्थानीय अदालत ने जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के पूर्व हिसार जिला अध्यक्ष रमेश गोदारा के खिलाफ 2021 के बलात्कार मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दायर रद्द करने की रिपोर्ट स्वीकार कर ली। अदालत ने पाया कि गोदारा के खिलाफ आरोप रिकॉर्ड में साबित नहीं हुए हैं। यह एफआईआर चंडीगढ़ के सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में हिसार के पास एक गांव की 33 वर्षीय महिला की शिकायत पर दर्ज की गई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि गोदारा, जो उसका रिश्तेदार है, उसे इलाज के बहाने चंडीगढ़ ले गया और सेक्टर 3 स्थित विधायक छात्रावास में उसके साथ बलात्कार किया, साथ ही आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी बनाए और उसे शहर में दो अन्य व्यक्तियों के घरों में भी ले गया। पुलिस ने हिसार में पहले दर्ज की गई शून्य एफआईआर के बाद धारा 376(2)(एन), 376(2)(एफ) और 506 (धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। रमेश गोदारा जजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। युवती के आरोपों की पुष्टि नहींचंडीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने पाया कि शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि किसी भी सबूत से नहीं हुई है, जिसमें विधायक छात्रावास के अधिकारियों की रिपोर्ट और कालका और हिसार के डॉक्टरों के बयान शामिल हैं। शिकायतकर्ता और गोदारा के बीच कथित चैट भी आरोपों का समर्थन नहीं करती हैं। अदालत ने आगे कहा कि प्रथम दृष्टया कोई मामला रिकॉर्ड पर स्थापित नहीं किया जा सकता है। 33 वर्षीय युवती ने लगाए थे आरोप हिसार के नजदीकी गांव की 33 वर्षीय युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि शादी से पहले उसे अकसर सिर में दर्द रहता था। 2017 में वह सिरदर्द की दवाई लेने कुरुक्षेत्र के गुरुकुल गई। जब वह गुरुकुल पहुंची तो उसके पास रिश्तेदारी में दादा लगने वाले रमेश गोदारा का फोन आया। रमेश गोदारा उसको दवा दिलाने के बहाने चंडीगढ़ MLA हॉस्टल में ले गया। वहां रात में रमेश गोदारा ने नशीला पदार्थ देकर उससे दुष्कर्म किया और अगले दिन घर छोड़ दिया। इस घटना के बाद रमेश ने कई बार उससे दुष्कर्म किया। उसकी शादी हो जाने के बाद भी रमेश गोदारा ने पीछा नहीं छोड़ा और कई बार खुद को पारिवारिक सदस्य बताकर उसके ससुराल पहुंच गया। रमेश गोदारा की हरकतों के कारण उसकी शादीशुदा जिंदगी खराब हो गई है। हिसार पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर केस दर्ज करके जांच के लिए मामला चंडीगढ़ पुलिस को भेज दिया था।
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए भोपाल रेल मंडल ने रेलवे बजट 2026-27 के लिए 214 करोड़ के अहम प्रस्ताव भेजे हैं। इनमें भोपाल के आसपास स्थित मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, सूखी सेवनिया, सलामतपुर सहित कुल 53 रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त कवर शेड बनाने का प्रस्ताव प्रमुख है। इसके लिए 42 करोड़ रुपए की राशि रेलवे बजट में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस योजना के लागू होने से यात्रियों को धूप, बारिश और तेज गर्मी से राहत मिलेगी। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि मंडल स्तर से जो विकास प्रस्ताव भेजे गए हैं, उनका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। रेलवे का उद्देश्य है कि छोटे और मध्यम स्टेशनों पर भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रियों को स्टेशनों पर प्रतीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़ नियंत्रण और यात्री प्रबंधन में भी मदद मिलेगी भोपाल रेल मंडल के 53 एनएसजी-6 श्रेणी के स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त कवर शेड लगाए जाएंगे। फिलहाल इन स्टेशनों पर शेड की व्यवस्था अपर्याप्त है, जिससे यात्रियों को मौसम की मार झेलनी पड़ती है। योजना है कि प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर तक कवर शेड का विस्तार किया जाए, ताकि अनारक्षित डिब्बों में सफर करने वाले यात्री भी अपने कोच के संभावित स्थान पर आराम से खड़े होकर ट्रेन का इंतजार कर सकें। इससे भीड़ नियंत्रण और यात्री प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। 35 फुट ओवरब्रिज पर रैंप... भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर 35 फुट ओवर ब्रिज पर रैंप बनाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। 70 करोड़ रुपए की इस योजना से दिव्यांगजन, बुजुर्ग को बड़ी सुविधा मिलेगी। अन्य प्रस्ताव भी भेजे हैं... रेल अधिकारियों के अनुसार, कवर शेड के अलावा अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भी बजट में भेजे गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने से भोपाल रेल मंडल में यात्री सुविधाओं का स्तर और बेहतर होगा। रेलवे का मानना है कि लगातार बुनियादी ढांचे के विकास से यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा व रेल यात्रा सुविधाजनक बनेगी। 41 प्लेटफॉर्म होंगे हाई लेवल: बीना-गुना और ग्वालियर-मक्सी रेल सेक्शनों के स्टेशनों पर कुल 41 प्लेटफॉर्म को हाई लेवल तक उठाने का प्रस्ताव है। इस पर लगभग 102 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे यात्रियों होगी।
सिर चढ़ा नशा...:ऑटो, फिर कार को बनाया निशाना
मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात करीब 2 बजे रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार बलेनो कार ने एक ऑटो और स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। इसमें 5 लोग घायल हो गए। घटना बजरिया थाने के सामने जीबी कॉन्वेंट स्कूल के पास भारत टॉकीज ब्रिज पर हुई है। बलेनो कार को नशे की हालत में एक छात्र चला रहा था। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो पूरी तरह और स्विफ्ट कार आगे की ओर से क्षतिग्रस्त हुई है। पुलिस ने बताया कि हादसे में कोई भी जनहानि नहीं हुई है। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बजरिया थाना पुलिस ने बताया कि बलेनो चालक मोहित पाटीदार (25) राजहंस कॉलोनी ललिता नगर कोलार का रहने वाला है। मोहित मंगलवारा की ओर से अपने जीजा को लेने के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर जा रहा था। इससे पहले उसने अपने साथियों के साथ पार्टी की थी। मोहित ने ब्रिज पर रॉन्ग साइड अपनी कार चढ़ाई थी। पहले ऑटो को टक्कर मारा, फिर स्विफ्ट में जा घुसी कार पुलिस ने बताया कि मोहित ने रॉन्ग साइड गाड़ी चलाते हुए पहले ऑटो को टक्कर मारी। इसके बाद टक्कर लगने से गाड़ी असंतुलित हुई और घूमकर पीछे से आ रही स्विफ्ट कार में जा घुसी। मोहित नशे की हालत में था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि पीछे से आ रही स्विफ्ट कार में टक्कर नहीं लगती तो बलेनो ब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे चली जाती। ऑटो में 4 लोग सवार थे पुलिस ने बताया कि ऑटो में चार लोग सवार थे। एक्सीडेंट में चारों को गंभीर चोटें आई थी, जिनका एमएलसी कराया गया है। वहीं, स्विफ्ट में सिर्फ चालक था। हादसे में उनको भी काफी चोटें आई थीं। जिसके बाद पुलिस ने उनका भी मेडिकल कराया था। बलेनो चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (CDLU) की 22 वर्षीय छात्रा मिनाक्षी के सुसाइड मामले में यूनिवर्सिटी के छात्रों व स्टाफ ने शौक जाहिर किया है। उसके साथ रहने वाली लड़कियां (रूम मेट) और सहेलियां भी इसे भांप नहीं पाई कि मिनाक्षी ऐसा कदम उठाएगी। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने पिता के बयान पर कार्रवाई की है। पुलिस को दिए बयान में पिता बलिन्द्र सिंह ने बताया है कि मिनाक्षी स्टडी को लेकर तनाव में रहती थी। ऐसे में उसने ये कदम उठा लिया। जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई की है। पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। डॉक्टरों ने भी शव से विसरा जांच के लिए भिजवाए जाएंगे। परिजन शव लेकर पंजाब रवाना हुए। आज वीरवार को मृतका के शव का पंजाब स्थित पैतृक गांव में किया जाएगा। वहीं, पुलिस उस पीजी की भी जांच करेगी, जहां पर छात्रा रहती थी। बरनाला रोड स्थित साई पीजी में काफी भीड़-भाड़ वाली जगह है और प्रथम फ्लोर पर 5 कमरों में 11 लड़कियां रखा हुआ है। एक कमरे में तीन-तीन लड़कियां रहती थी। अब पीजी के लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों के बारे में पुलिस छानबीन करेगी। यह पीजी एक घर में बनाई हुई है और उसमें नीचे फैमिली रहती है और ऊपर पीजी चल रहा है। बाकी लड़कियों के साथ अच्छा लगाव था छात्रा मिनाक्षी पीजी से यूनिवर्सिटी आने-जाने के लिए मेन गेट से होते हुए मेन रोड या गेट नंबर दो से गलियों से होते हुए इन दो ही रास्तों से आती-जाती थी। गली में काफी लोग उनको जानते थे और पीजी में भी उसका बाकी लड़कियों के साथ अच्छी जान-पहचान थी। जैसे ही बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे मिनाक्षी के सुसाइड करने की सूचना मिली। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। साथ रहने वाली लड़कियों को भी नहीं हुआ शक मिनाक्षी सिरसा के सीमावर्ती इलाके पंजाब के मानसा जिले के गांव खैरा की रहने वाली थी। वह सीडीएलयू में बीएससी फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी। पिछले एक साल से वह पीजी में रह रही थी। उसके साथ कमरे में दो अन्य लड़कियां भी रहती थी। घटना वाले दिन उनके समक्ष कोई बात साझा नहीं की और न ही उनको शक हुआ। मिनाक्षी बुधवार सुबह करीब 9 बजे पीजी से नास्ता करके यूनिवर्सिटी जाने की कहकर निकली थी। कुछ देर बाद ही वह यूनिवर्सिटी से वापस पीजी में लौट आई। आते ही कमरे का गेट बंद अंदर चली गई। कुछ देर बाद कुक कमरे की तरफ गई तो वह गेट बंद था। तभी उनको शक हुआ और पुलिस व परिजनों को सूचना दी। जब अंदर जाकर देखा तो मिनाक्षी पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर लटकीं मिली। इसके बाद शव को नीचे उतारा और सिविल अस्पताल में पहुंचाया। छात्रा के पिता सिरसा सिविल लाइन थाने में एसपीओ हैं।
पोस्टरों के जरिए दिया बालिका शक्ति का संदेश
लुधियाना। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ललित कला विभाग ने महिला विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमेन, गुजरखां कैंपस, मॉडल टाउन में पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में 32 छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने रचनात्मक रूप से बालिका के महत्व, शक्ति और क्षमता को उजागर किया। पोस्टरों का मूल्यांकन पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कीर्ति धवन और गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती शिखा कालरा ने किया। प्रिंसिपल डॉ. मनीता काहलों ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें सशक्तिकरण और समग्र विकास के साधन के रूप में शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
लाला लाजपत राय की जयंती पर श्रद्धांजलि दी
लुधियाना| आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में, गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमन, गुजरखां कैंपस, मॉडल टाउन के इतिहास विभाग ने एक भारत श्रेष्ठ भारत के सहयोग से परिसर में लाला लाजपत राय जी की 161वीं जयंती मनाई। पंजाब का शेर और पंजाब केसरी के नाम से प्रसिद्ध लाला लाजपत राय भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रख्यात नेता थे। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष संदीप कौर ने छात्रों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वे लाल-बाल-पाल तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे और असहयोग आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रिंसिपल डॉ. मनीता काहलों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से शोभा बढ़ाई और अपने प्रेरणादायक भाषण से छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश भर के लोग लाला लाजपत राय के सर्वोच्च बलिदानों को याद करते हुए और देशभक्ति, न्याय और समानता के उनके सिद्धांतों को कायम रखते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
आंगनवाड़ी कर्मियों का मांगों को ले 12 फरवरी को प्रदर्शन का ऐलान
लुधियाना| आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन (सीटू) पंजाब, जिला लुधियाना ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों और हेल्परों की लंबित मांगों को लेकर 12 फरवरी को बड़ा धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियन के जिला प्रधान सुभाष रानी, सचिव सुरजीत कौर और वित्त सचिव सतपाल संधू ने बताया कि आंगनवाड़ी मुलाजिम लंबे समय से सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार आंगनवाड़ी सेवाओं के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों से लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उनके मानदेय में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं की गई। इसके अलावा रिटायरमेंट लाभ, पेंशन, नियमित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों और हेल्परों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। यूनियन ने बताया कि 50 साल की उम्र पार कर चुकी आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को जबरन हटाने की नीति का भी विरोध किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाला धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो संघर्ष को राज्य स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।
वेद विद्या के प्रचार में योगदान देने वालों को मिलेगा सम्मान
लुधियाना| सनातन सेवा समिति पंजाब एवं वेद प्रचार मंडल (रजि.) पंजाब की ओर से संयुक्त रूप से 31 जनवरी को प्रात: 11.00 बजे बीसीएम स्कूल सेक्टर 32, चंडीगढ़ रोड, लुधियाना में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। मंडल के प्रांतीय महासचिव रोशन लाल आर्य ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया करेंगे, जबकि पंजाब के शिक्षा मंत्री, हरजोत सिंह बैंस मुख्य अतिथि होंगे। वर्ष 2025-26 में 296 विद्यालयों ने भाग लिया और लगभग 60 महाविद्यालय फरवरी में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेंगे। समारोह में लुधियाना से रजनीश आहूजा (होटल आगाज) विपन जैन, (श्रमण जैन स्वीट्स) डीपी गुलेरिया, प्रिंसिपल (बीसीएम स्कूल, चंडीगढ़ रोड), जसविंदर कौर सिद्धू, प्रिंसिपल, (डीएवी पब्लिक स्कूल, भाई रणधीर सिंह नगर), डॉ.अनु वर्मा, प्रिंसिपल (पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल) डॉ. वंदना शाही, प्रिंसिपल (बीसीएम स्कूल, बसंत एवेन्यू) डॉ. अजीत कौर, प्रिंसिपल (रामगढ़िया गर्ल्स कॉलेज) रंजू मंगल, प्रिंसिपल ( बीवीएम , किचलू नगर), डॉ. सतवंत कौर भुल्लर, प्रिंसिपल (डीएवी पब्लिक स्कूल, पक्खोवाल रोड), उपासना मोदगिल, प्रिंसिपल ( बीवीएम चंडीगढ़ रोड), मनीषा मदान, प्रिंसिपल, ( बीवीएम दुगरी) सीए अमरजीत कंबोज, ( दास खन्ना एंड कंपनी) आर्किटेक्ट संजय गोयल, (डिज़ाइनएक्स आर्किटेक्ट्स) निधि जैन प्रिंसिपल, (बीसीएम स्कूल बसंत सिटी) डॉ. मनुदीप कौशल, निर्देशक, (गुरु तेग बहादुर इंस्टिट्यूट, दाखा) मनीता काहलों (प्रिंसिपल खालसा कॉलेज फॉर वुमन) जगप्रीत कौर, प्रिंसिपल (खालसा गर्ल्स सीसे स्कूल), डॉ. हरप्रीत कौर,डायरेक्टर, (खालसा इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी) डॉ. किरण दीप कौर, प्रिंसिपल (मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन), नीरू कौड़ा, प्रिंसिपल (बीसीएम स्कूल, फोकल पॉइंट) आदि को युवा वर्ग में वेद विद्या के प्रचार तथा प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए वैदिक गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
कोटरा निवासी पुलिसकर्मी माधव प्रसाद जोशी, दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के वोटर हैं। पिछले दिनों उनके नाम और मोबाइल नंबर के जरिये अज्ञात व्यक्ति ने फॉर्म-7 भर दिया। इसमें कमला नगर निवासी फिरोज खान का नाम काटने का आवेदन दिया गया। कहा गया कि फिरोज यहां नहीं रहते। जांच के दौरान माधव को एसडीएम कार्यालय में बुलाया गया तो उन्होंने साफ किया कि उन्होंने न तो कोई फार्म भरा और न ही किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति की है। फार्म पर मौजूद साइन भी उनके नहीं थे। इसके बाद उनके नाम से दर्ज आपत्ति खारिज कर दी गई। इसी तरह जितेंद्र माझी के नाम से एसडीएम कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई गई। इसमें नया बसेरा निवासी अनीस खान का नाम हटाने का आवेदन दिया गया। जांच में पता चला कि जितेंद्र मजदूरी करते हैं। उन्होंने कोई फॉर्म नहीं भरा है। जितेंद्र और अनीस एक-दूसरे को जानते तक नहीं हैं। यह सिर्फ दो मामले नहीं हैं। राजधानी में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी आपत्तियों के मामले सामने आए हैं। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 9,037 फार्म-7 जमा किए जा चुके हैं। फार्म-7 वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए कोई आपत्ति लगा सकता है। सबसे गंभीर स्थिति नरेला विधानसभा में है, जहां अकेले 4,882 फार्म-7 दाखिल हुए हैं। यानी जितने नाम हटाने के आवेदन हैं, उनमें से दूसरा यहीं का है। कौन कटवाना चाह रहा वोट... कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश जितेंद्र माझी के नाम से अनीस खान का नाम कटवाने के लिए भरा गया फॉर्म-7। सवाल ये है कि जितेंद्र कभी एसडीएम कार्यालय ही नहीं गए, तो उन्होंने फॉर्म कैसे भरा। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश... मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए सुनियोजित साजिश के तौर पर फार्म-7 का इस्तेमाल किया जा रहा है। चिंता की बात यह है कि यदि आपत्ति स्वीकार हो जाती है तो मतदाता का नाम सूची से हट सकता है और कई बार उन्हें इसकी जानकारी मतदान के दिन मिलती है। सभी आपत्तियां एक ही पैटर्न पर, यानी- यह सोची-समझी साजिशअब तक की जांच में सामने आया है कि सभी आपित्तयों में लगभग एक जैसा पैटर्न है। 9 हजार आपत्तिकर्ताओं में से दैनिक भास्कर ने 20 लोगों से बात की, तो उन्होंने किसी भी वोटर के नाम पर आपत्ति लगाने की बात से नकार कर दिया। सभी का कहना है कि उनका नाम और मोबाइल नंबर गलत तरीके से इस्तेमाल कर यह किया गया है। आपत्ति लगाने वालों ने जिस पर आपत्ति की गई है, उन्हें जानने तक से इनकार किया है। हर आपत्ति की जांच करा रहे हैं, वेरिफिकेशन और सुनवाई के बाद ही नाम काटे जाएंगेभोपाल में फार्म 7 की जो भी आपत्ति विभिन्न एसडीएम के यहां पर आई हैं। उनकी जांच की जिम्मेदारी बीएलओ को सौंपी गई है। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद संबंधित वोटर को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। उसका पक्ष सुनने और जांच के बाद ही उसका नाम हटाया जाना है या नहीं इस पर फैसला लिया जाएगा। -भुवन गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
क्विज कंपीटिशन में टीम क्रोमा विजेता रही
लुधियाना| कॉलेज के कंप्यूटर साइंस के पीजी विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बीसीए विभाग के कुल 55 छात्रों ने प्री-क्वालिफाइंग राउंड में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्री-क्वालिफाइंग राउंड के बाद क्विज के फाइनल राउंड के लिए तीन-तीन छात्रों की चार टीमें बनाई गईं। कड़े मुकाबले के बाद टीम क्रोमा विनर बनी। टीम क्रोमा में अमन, निशिका और आभास शामिल थे। दूसरे स्थान पर टीम ओपेरा रही, जिसमें यश, आदित्य और रक्षित शामिल थे। वहीं, टीम फायरफॉक्स कृष्णा, सोनी और अनुभव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर एसीएमसी के सेक्रेटरी डॉ. एसएम शर्मा ने छात्रों और टीचरों के प्रयासों की सराहना की। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सूक्ष्म आहलूवालिया ने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास और भविष्य के करियर के लिए अत्यंत उपयोगी होती हैं। उन्होंने विजेताओं को ट्रॉफियां प्रदान कीं।
गणतंत्र दिवस पर छात्रों ने दिखाया जोश
लुधियाना| एवरशाइन पब्लिक हाई स्कूल में गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दी। इसमें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक आकर्षण का केंद्र रहा। नाटक के जरिए छात्रों ने लोकतंत्र, समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी आहूजा ने छात्रों से कहा कि नागरिकों के अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये राष्ट्र की प्रगति और एकता के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ हुआ। इस मौके पर अचला, रश्मि, ज्योति, मनप्रीत कौर, गुरप्रीत कौर, प्रियंका, कुसुम, रजनी, अलका, महिमा व अन्य मौजूद रहे।
गणतंत्र दिवस पर छात्रों ने नृत्य प्रस्तुत किए
लुधियाना| वीनस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर एक विशेष सभा आयोजित की गई, जहां छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें छात्रों ने कईं नृत्य प्रस्तुत किए। छात्रों की जागरूकता बढ़ाने के लिए, सभा के दौरान गणतंत्र दिवस से संबंधित प्रश्न पूछे गए, और छात्रों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिए। कक्षा 10 की एक छात्रा ने गणतंत्र दिवस, भारत के संविधान और जिम्मेदार नागरिकों के कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक भाषण दिया। कक्षा 1, 2 और 3 के छात्रों ने भी देशभक्तिपूर्ण नृत्य प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर प्रिंसिपल सुरेश ने सभा को संबोधित किया और छात्रों को समानता, अनुशासन और राष्ट्रीय अखंडता जैसे संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रोजी, गुंजन, रजनी, ममता व अन्य मौजूद रहे।
गैर-कानूनी तरीके से निकाले गए मुलाजिम का 10वें दिन धरना जारी
लुधियाना| श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज के बाहर दिन-रात चल रहा धरना 10वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे सीनियर असिस्टेंट कुल भूषण शर्मा ने बताया कि लगातार बारिश और तेज आंधी के कारण टेंट को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद धरना जारी रखा गया। कुल भूषण शर्मा ने बताया कि इस मुश्किल समय में गांव के लोगों ने भरपूर सहयोग दिया। गुरुद्वारा साहिब की ओर से लगातार मदद मिल रही है। पास के गांव मज़्हफागुवाल के लोगों ने भी सहयोग करते हुए लंगर, चाय और बिस्कुट की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय और ईमानदारी की लड़ाई है। धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और युवाओं ने बताया कि उनके गांव के कई बच्चे इसी कॉलेज से पढ़कर निकले हैं और कुल भूषण शर्मा ने हमेशा ईमानदारी और वफादारी से काम किया। कुल भूषण शर्मा ने दावा किया कि कॉलेज के अयोग्य प्रिंसिपल द्वारा उन्हें और अन्य कर्मचारियों को बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाला गया। उन्होंने बताया कि पहले निकाले गए कर्मचारी देविंदर सिंह, परमजीत कौर, सोनिका लखनपाल, सुरिंदर पाल, रणजीत सिंह, शिव पाल और आंचल ग्रोवर भी उनके संपर्क में हैं और जल्द ही धरने में शामिल होंगे। धरने को समर्थन देने के लिए किसान जत्थेबंदियों, कुल भूषण शर्मा के पुराने मित्रों और समाजसेवियों ने भी शिरकत की। धरने में अजीत गिरी, दलजीत सिंह, वानी, ऋद्धि शर्मा, सतीश कांबोज, रवि, राकेश तिवारी, नरेंद्र बंसल, अनिल बंसल, ओम प्रकाश, गौरव विर्मानी, हिमांशु खन्ना, बबलू, टोनी, मोहित, जशनदीप और रोहित समेत कई लोग मौजूद रहे।
ऑनलाइन डीएल बना मुसीबत, लोग एक माह से दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) विभाग की सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने और सेवा केंद्रों में लागू करने का दावा अब आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। लुधियाना में एक हजार से अधिक लोगों ने घर बैठे ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस या लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया और 520 की सरकारी फीस भी ऑनलाइन जमा करवाई, लेकिन अब न तो उनकी सुनवाई सेवा केंद्रों में हो रही है और न ही आरटीए विभाग में। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ित आवेदक बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने दिसंबर में लर्निंग लाइसेंस के लिए खुद ऑनलाइन आवेदन किया था और पूरी फीस भी जमा की, लेकिन जब वह सेवा केंद्र पहुंचे तो वहां उन्हें जवाब मिला कि ऑनलाइन आवेदन उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और आरटीए विभाग से संपर्क करें। वहीं, आरटीए कार्यालय में कर्मचारियों ने उन्हें सेवा केंद्र भेज दिया। पिछले एक महीने से वे लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिल रहा। इसी तरह अर्चना सिंह ने भी बताया कि उन्होंने ऑनलाइन लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें भी कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रही है, दूसरी तरफ ऑनलाइन आवेदन करने वाले लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। हजारों लोगों ने सरकारी फीस जमा कर दी है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी बर्बादी हो रही है। उन्होंने बताया कि एक कर्मचारी ने तो यह तक कह दिया कि दोबारा सेवा केंद्र में जाकर फीस जमा करनी पड़ेगी। पब्लिक कैंप मोड सिलेक्ट कर रही जो गलत है इस मामले में एआरटीए दीपक ठाकुर ने बताया कि सेवा केंद्रों के माध्यम से ही ये सेवा उपलब्ध थी, लेकिन कई लोगों ने अपने घर से ही ऑनलाइन फीस जमा कर दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जमा की गई फीस की फाइल आरटीए विभाग की साइड पर खुलती ही नहीं है, जिससे उसे अप्रूव करना संभव नहीं है। इसका समाधान केवल पंजाब सरकार ही निकाल सकती है, अन्यथा लोगों को दोबारा सेवा केंद्र में जाकर फीस जमा करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि ऑनलइन फॉर्म भरते समय दो ऑप्शन आते हैं एक कैंप मोड और दूसरा आरटीए। पब्लिक कैंप मोड सिलेक्ट कर रही है जो गलत है जिस वजह से यह समस्या आ रही है। डीएल केवल सेवा केंद्रों में ही अप्लाई करें- वहीं, सेवा केंद्र प्रतिनिधि मुकुल ने बताया कि सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी है कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल सेवा केंद्रों में ही अप्लाई किए जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पर उनका कोई अधिकार नहीं है। सरकार ने जिन लोगों से ऑनलाइन फीस ली है, उनके नामों की सूची सेवा केंद्रों को देकर लाइसेंस जारी करवाने चाहिए। ऑनलाइन आवेदन में सेवा केंद्र की फीस शामिल नहीं होती, इसलिए वहां के कर्मचारी ऐसी फाइलों को नहीं उठाते, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पंजाब सरकार को या तो जनता की जमा फीस वापस करनी चाहिए या फिर सेवा केंद्रों के माध्यम से उन्हें पूरी सुविधा देनी चाहिए।
अवैध रूप से कंटेनर में भरकर 11 मवेशी को स्लॉटरिंग के लिए परिवहन करने वाले 3 आरोपियों को बैरसिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 2 आरोपी फरार हैं। आरोपी कंटेनर में 6 भैंस, 4 पाड़े और एक पड़िया को बैरसिया से भोपाल बेचने ले जा रहे थे। 5 आरोपियों में एक कंटेनर का मालिक भोपाल निवासी शाहरुख कुरैशी है, जबकि, ड्राइवर इरशाद और हेल्पर जाहिद हैं। दो आरोपी पप्पू और खालिद बैरसिया के रहने वाले हैं। इन्होंने इन मवेशियों को इकट्ठा कर कंटेनर में लोड कराया था। बैरसिया थाना पुलिस ने बताया की घटना मंगलवार रात करीब 2:00 बजे की है। कंटेनर पकड़ने के बाद आरोपियों से मवेशियों के परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए। लेकिन, आरोपी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। पुलिस का कहना है की बंद कंटेनर में मवेशियों का परिवहन करना प्रतिबंधित है। आरोपियों ने मवेशियों को पहले बैरसिया में इकट्ठा किया। इसके बाद रात के समय उनको लोड कर भोपाल ले जा रहे थे। जिनको पुलिस ने पकड़ लिया। भोपाल मंडी में बेचने के लिए ला रहे थे पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मवेशियों को बेचने के भोपाल मंडी लेकर आ रहे थे। आरोपियों के पास से मवेशियों को खरीदने के संबंध में भी कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। 17-18 दिसंबर की रात राजधानी के स्लॉटर हाउस के ट्रक में गोमांस मिलने के बाद स्लॉटर हाउस सील कर दिया गया था। ऐसे में सवाल ये भी है क्या आरोपी अवैध स्लॉटरिंग के लिए मवेशियों को भोपाल लेकर आ रहे थे। पुलिस आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पतली गली में कंटेनर देख पुलिस को सूचना दी पुलिस ने बताया कि कंटेनर को बैरसिया कार्यालय के पास से पकड़ा है। रास्ता संकरा है। ऐसे में गली में बड़ा कंटेनर जाता देख रहवासियों को शक हुआ। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की तलाशी लेने पर कंटेनर के अंदर 11 मवेशी मिले। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डबरा शहर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक मेंटनेंस, कई इलाके होंगे प्रभावित
डबरा में गुरुवार, 29 जनवरी को 5 घंटे बिजली गुल रहेगी। बिजली कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी। बिजली कंपनी ने इसे जरूरी मेंटेनेंस (मरम्मत) का काम बताया है। बिजली कंपनी के मुताबिक 11 केवी बुजुर्ग फीडर पर तारों को बदलने और सुधारने का काम होगा। इसकी वजह से बुजुर्ग गांव, शुक्ला डेयरी, शिक्षक कॉलोनी का कुछ हिस्सा और दुर्गेश कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में बिजली नहीं आएगी। काम के हिसाब से बदल सकता है समय कंपनी ने जानकारी दी है कि बिजली लाइन को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए यह शटडाउन लिया जा रहा है। काम की जरूरत को देखते हुए बिजली कटौती का समय घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। लोगों से इस दौरान सहयोग करने को कहा गया है।
प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0: भीख मांगते मिले बच्चों में से कोई भी तस्करी का शिकार नहीं
भास्कर न्यूज | लुधियाना प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 के तहत पिछले साल जुलाई में भीख मांगते हुए रेस्क्यू किए गए 18 बच्चों को लेकर जिला बाल संरक्षण इकाई ने अहम खुलासा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, विस्तृत जांच के बाद इनमें से किसी भी बच्चे को मानव तस्करी का शिकार नहीं पाया गया है। रेस्क्यू किए गए 18 बच्चों में से 16 को उनके साथ मौजूद अभिभावकों को वापस सौंप दिया गया है। बच्चों को सौंपने से पहले उनके अभिभावकों से संबंध की पुष्टि की गई। छह बच्चों और उनके साथ मौजूद वयस्कों का डीएनए टेस्ट कराया गया, जबकि बाकी बच्चों के पास रिश्ते साबित करने वाले वैध दस्तावेज मौजूद थे। दो बच्चे अब भी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की निगरानी में हैं। प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 को बाल तस्करी और शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। ड्राफ्ट गाइडलाइन के अनुसार, यदि रेस्क्यू के समय साथ मौजूद वयस्क बच्चों के माता-पिता साबित होते हैं, तो बच्चे को परिवार को वापस सौंपा जा सकता है।
श्री गुरुद्वारा शीश गंज साहिब के मुख्य सेवादार अमरजीत सिंह पिंकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वो कजरारे-कजरारे तेरे कारे-कारे नैना गाने पर ठुमके लगाते हुए दिख रहे हैं। एक मिनट के इस वीडियो में वो बीच में डांस करते हुए दिख रहे हैं और उनके आसापास उनके परिवार के सदस्य व रिश्तेदार खड़े होकर तालियां बजा रहे हैं। वीडियो को देखते ही सिख संगत ने नाराजगी जाहिर की। सिख समुदाय के कई लोगों ने उनसे सीधा संपर्क साधना शुरू कर दिया। लोगों का गुस्सा देख उन्होंने भी बिना देरी किए माफीनामे का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर जारी किया। वीडियो में क्या दिख रहा… वीडियो में दिल्ली के श्री गुरुद्वारा शीश गंज साहिब के मुख्य सेवादार अमरजीत सिंह पिंकी घर के एक फंक्शन में डांस करते दिख रहे हैं। मेरा चैन-वैन सब उजड़ा, कजरारे-कजरारे गाने पर वो परिवार के लोगों के साथ ठुमके लगाते हैं। परिवार की कई महिलाओं और बुजुर्गों के साथ वो डांस कर रहे हैं। परिवार में लोहड़ी के फंक्शन का है वीडियो अमरजीत सिंह पिंकी के डांस का यह वीडियो उनके घर में एक लोहड़ी फंक्शन का है। उनके कजन के बेटे की पहली लोहड़ी थी। उसी फंक्शन में परिवार व रिश्तेदारों के साथ उन्होंने डांस किया था और घर के लोगों ने ही वीडियो बनाया था। माफी मांगते हुए वीडियो में क्या कहा?
सितंबर में जापान में हाेने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए मप्र खेल विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत शूटिंग, घुड़सवारी, वॉटर स्पोर्ट्स, बॉक्सिंग और फेंसिंग में विदेशी कोच रखने के लिए प्रक्रिया चल रही है। विदेशी कोच को 5 लाख या उससे अधिक मासिक मानदेय दिया जाएगा। आवास, यात्रा, चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग का मानना है कि उच्च स्तरीय कोचिंग के बिना अंतरराष्ट्रीय पदक संभव नहीं है। संभावित पदक विजेता खिलाड़ियों और उनके कोच से वन-टू-वन इंटरव्यू किए जाएंगे। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के मद्देनजर उनकी तकनीकी जरूरत को समझना है। अनुभव... पोल वॉल्ट और वॉटर स्पोर्ट्स में विदेशी कोच से फायदा हुआ पोल वॉल्ट में विदेशी कोच एंजेल गैरसिया के आने के बाद 5.32 मीटर से 5.40 यानी आठ सेमी की बढ़ोतरी हुई है। अंडर 18 से सीनियर तक रिकॉर्ड मप्र के नाम रहे हैं। वहीं वॉटर स्पोर्ट्स में रोमानिया के कोच पीटर कांडर्ड एक साल रहे । उनके रहते हुए मप्र ने अप्रैल 2025 में भोपाल में जूनियर व सब-जूनियर नेशनल कैनो स्प्रिंट में 30 स्वर्ण जीते। कोच के लिए योग्यता: कोच स्वयं नेशनल–इंटरनेशनल प्लेयर हो और मेडल विजेता रहा हो। इसी के साथ उनके खिलाड़ियों ने भी नेशनल–इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीते हों। अगर कोच ओलंपियन है या इसी के समकक्ष प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हो तो उसे प्राथमिकता दी जाती है। अचीवमेंट देखने के बाद अनुबंध होता है। इन खिलाड़ियों पर फोकस पोल वाल्ट: देव मीणा, कुलदीप कुमार, नीतिका आकरे शूटिंग: ऐश्वर्य सिंह तोमर थ्रोअर: समरदीप कयाकिंग: डाॅली विश्वकर्मा, निहारिका सिंह कैनोइंग: दीपिका ढीमर हॉकी: विवेक सागर, इशिका चौधरी (इन सभी ने राष्ट्रीय स्पर्धाओं में मेडल जीते हैं, 100 खिलाड़ियों की सूची बनी है।) खिलाड़ियों की जरूरत पता करेंगे खेलों में विदेशी कोच रखने के साथ हम खिलाड़ियों और स्थानीय कोच के वन टू वन इंटरव्यू भी करेंगे, जिससे पता चले कि उन्हें किस तरह की सुविधाएं चाहिए ताकि वे और बेहतर परिणाम दे सकें। ऐसा पहली बार होने जा रहा है। –विश्वास सारंग, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री

